जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने मंगलवार को जैसलमेर के एक निजी कॉलेज श्री करणी कॉलेज में सामूहिक नकल का मामला पकड़ा था। बुधवार को विश्वविद्यालय ने इस पर एक्शन लेते हुए श्री करणी कॉलेज, कजोई (फलसुण्ड) का परीक्षा केन्द्र निरस्त कर दिया है। वहीं कॉलेज की अनियमितता की जांच को लेकर समिति का गठन किया गया है। विश्विविद्यालय ने वहां के सभी परीक्षार्थियों को राजकीय महाविद्यालय, फलसूण्ड के परीक्षा केन्द्र पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इस उक्त परीक्षा केन्द्र के सभी शेष परीक्षाएं राजकीय महाविद्यालय, फलसूण्ड में आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही कॉलेज की संबद्धता शर्तों एवं परीक्षा संचालन संबंधी अनियमितताओं कही समुचित जांच के लिए कुलगुरु द्वारा समिति का गठन किया गया है। ये था मामला गौरतलब है कि जैसलमेर के एक श्री करणी कॉलेज कजोई में बीए सेकेंड ईयर के हिंदी साहित्य के पेपर में नकल करवाने का मामला सामने आया था। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) ही स्टूडेंट्स को सवालों के आंसर लिखवा रहे थे। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) जय करण और ओम प्रकाश स्टूडेंट्स को सामूहिक रूप से सवालों के जवाब लिखवाते मिले। कॉपियों की जांच में सभी के उत्तर लगभग समान पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी लेक्चरर की ओर से परीक्षार्थियों को उत्तर डिक्टेट कर (बोल- बोलकर) नकल करवाने की पुष्टि हुई। इसके बाद फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने सभी 93 कॉपी सील कर दी और सामूहिक नकल का मामला दर्ज किया। देचू में प्रैक्टिकल के दौरान नकल का वीडियो वायरल वहीं, देचू के कॉलेज में प्रैक्टिकल एग्जाम में नकल करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में स्टूडेंट मोबाइल से नकल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच करवाने की बात कही है। दरअसल, देचू के गवर्मेंट कॉलेज का भूगोल के प्रैक्टिकल आर्दश कॉलेज में चल रहा था। इस दौरान एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन लेकर छात्र नकल कर रहे थे। इसका वहां किसी ने वीडियो बना लिया। इसके बाद इसे सर्कुलेट कर दिया। भूगोल का प्रैक्टिकल एग्जाम 8 जुलाई को था लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर जेएनवीयू कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा ने कहा मामला हाल ही में संज्ञान में आया है,जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट कॉलेज का मामला है तो सरकार को भी कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा। वहीं देचू कॉलेज के नोडल ऑफिसर रमेश कुमार ने बताया कि वीडियो प्रेक्टिकल के पहले का है। छात्र भूगोल की फाइल तैयार कर रहे थे और प्रैक्टिकल के दौरान कोई नकल नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब मान्यता के लिए भूमि के मानकों को आसान कर दिया। अब ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे वर्ष खुले रहेंगे। 30 वर्ष की लीज पर मिली जमीन के एवज में भी अब स्कूलों की मान्यता दी जा सकेगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिषद के विनियम (अध्याय-7) में संशोधन कर मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और सरल बनाया है। शहर और गांव के लिए नए भूमि मानक शहरी क्षेत्र में विद्यालय के लिए न्यूनतम 3,000 वर्गमीटर भूमि जरूरी होगी। इसमें 1,000 वर्गमीटर का खेल मैदान शामिल होगा। खेल मैदान विद्यालय परिसर से 200 मीटर की दूर भी बनाए जा सकेंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 6,000 वर्गमीटर भूमि अनिवार्य होगी। इसमें 2,000 वर्गमीटर खेल मैदान के लिए होगा। सालभर खुला रहेगा आवेदन पोर्टल अब वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इससे संस्थाएं अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय आवेदन कर सकेंगी। पहले केवल पंजीकृत समिति, ट्रस्ट या 'नॉट फॉर प्रॉफिट' कंपनियां ही मान्यता के लिए आवेदन कर सकती थीं। अब इसमें भी संशोधन कर दिया गया है। ये भी स्कूल मान्यता के लिए आवेदन दे सकेंगे। 30 साल की लीज वाली जमीन पर भी मिलेगी मान्यता नए नियमों के तहत अब 30 वर्ष की पंजीकृत लीज डीड के आधार पर भी विद्यालयों को मान्यता दी जा सकेगी। इससे उन संस्थाओं को राहत मिलेगी, जिनके पास जमीन का स्वामित्व नहीं है, लेकिन 30 वर्ष या इससे अधिक वर्षों का लीज है। आवेदन प्रक्रिया को भी बनाया सरल परिषद ने आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब बिना विलंब शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई होगी। विलंब शुल्क के साथ भी निर्धारित अवधि तक आवेदन किए जा सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को अपनी आख्या और संस्तुति 20 अगस्त तक भेजनी होगी। पहले लागू 20 हजार रुपए का विलंब शुल्क समाप्त कर दिया गया है। पुराने स्कूलों को बड़ी राहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उन संस्थाओं के लिए किया गया है, जिन्हें 26 दिसंबर 2022 से पहले मान्यता मिल चुकी है। ऐसे विद्यालयों के लिए जमीन का क्षेत्रफल उसी मानक के अनुसार माना जाएगा, जो 26 दिसंबर 2022 से पहले लागू था। इंटरमीडिएट स्तर पर नए वर्ग या अतिरिक्त विषय शुरू करने के लिए अब केवल अतिरिक्त कक्षा-कक्ष और प्रयोगशाला की उपलब्धता ही पर्याप्त होगी। नए सिरे से भूमि मानक लागू नहीं होंगे। परिषद सचिव बोले, शिक्षा के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि संशोधित विनियम उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 की धारा 16(2) के तहत लागू किए गए हैं। सभी संबंधित संस्थाएं परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित नियमों और विस्तृत दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर सकती हैं।
जोधपुर में कपड़ों के शोरूम में लगी आग:शॉर्ट सर्किट की वजह से उठने लगा धुआं, एसी तक पिघल गया
जोधपुर के पॉश इलाके सरदारपुरा में बुधवार शाम को एक कपड़ों के शोरूम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण शोरूम में आग भड़की थी। आग की तपन इतनी तेज थी कि वहां लगा एसी (AC) तक पिघल गया। यह हादसा शाम करीब 6:30 बजे सरदारपुरा स्थित 'विदेशी' शोरूम में हुआ, जिसे शाम 7 बजे तक पूरी तरह बुझा दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। फोटो में देखें आग से कितना हुआ नुकसान… एसी में लगी थी आग, धुंआ शोरूम में फैला चीफ फायर ऑफिसर जलज घासिया ने बताया कि वीदेसी नाम के कपड़े के शोरूम में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि आग एसी में लगी थी। इस आग से एसी तक पिघल गया। धुंआ भी शोरूम में फैल गया था। धुंआ उठता देख फायर सेफ्टी सिस्टम एक्टिव हो गया था, जिसकी वजह से आग नहीं फैल पाई। इस दौरान स्टाफ भी दौड़ा और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वहां रखे कुछ कपड़े और इलेक्ट्रीक सामान को नुकसान जरूर पहुंचा है। स्टाफ ने जिन कपड़ों में धुंआ उठ रहा था, उन्हें भी बुझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही आग की वजह से शीशे भी टूट गए थे।
करनाल में खेतों से केबल चोरी करने वाला काबू:11.70 किलो तार बरामद किया, कोर्ट में पेश करके भेजा जेल
करनाल जिले में पुलिस ने खेतों में लगे ट्यूबवेलों से मोटरों की केबल चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना निसिंग पुलिस की टीम ने यह सफलता हासिल की है और आरोपी के कब्जे से 11.700 किलोग्राम चोरीशुदा केबल तार भी बरामद किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है। पुलिस के अनुसार गांव बरास निवासी संदीप कुमार पुत्र गुलाब चंद सहित अन्य किसानों ने बीती 21 जुलाई को थाना निसिंग में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि बीती 14 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने उनके खेतों में लगे ट्यूबवेलों से समर्सिबल मोटरों की केबल चोरी कर ली थी। काफी तलाश के बावजूद जब चोरी की केबल का कोई सुराग नहीं लगा तो किसानों ने पुलिस से मदद मांगी। जांच के दौरान आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की जांच के दौरान थाना निसिंग की पुलिस टीम ने मुख्य सिपाही राजेश के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी राहुल पुत्र भजन लाला निवासी गांव बरास, जिला करनाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल की और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 11.700 किलोग्राम केबल तार बरामद किया। आरोपी को भेजा न्यायिक हिरासत में पुलिस ने आरोपी को नियमानुसार कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को लखनऊ की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन आयोजित किए। इनमें प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक, एमएलसी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने और सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का संदेश दिया। बूथ जीतने को चुनाव जीतने की पहली शर्त बताया कैंट विधानसभा में आयोजित सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि भाजपा का बूथ कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मंत्र है, बूथ जीता तो चुनाव जीता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर नियमित जनसंपर्क बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की अपील की। प्रदेश महामंत्री संजय राय ने कहा कि चुनावी सफलता की असली नींव बूथ होता है। उन्होंने पन्ना प्रमुख, बूथ समितियों और शक्ति केंद्रों को पूरी सक्रियता से काम करने का आह्वान किया। सरकार की योजनाएं घर-घर पहुंचाने पर जोर भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि संगठन का हर अभियान बूथ से शुरू होता है और वहीं सफल होता है। उन्होंने सदस्यता अभियान, जनसंपर्क और सरकार की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उत्तर विधानसभा के सम्मेलन में अवध क्षेत्र अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक बूथ को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाना संगठन की प्राथमिकता है। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कार्यकर्ताओं से जनता और संगठन के बीच मजबूत कड़ी बनकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। विकास और संगठन को लेकर नेताओं ने दिया संदेश मध्य विधानसभा के सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि भाजपा विकास और सुशासन की राजनीति करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने और बूथ संगठन को और मजबूत बनाने की बात कही। पूरब विधानसभा में विधायक पंकज सिंह ने घर-घर संपर्क अभियान तेज करने और नए मतदाताओं से जुड़ने का आह्वान किया। विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि सक्रिय बूथ समितियां ही मजबूत संगठन की पहचान हैं। सरोजनीनगर सम्मेलन में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे पश्चिम विधानसभा के सम्मेलन में विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता ने कहा कि भाजपा को जनता का विश्वास उसके सेवा कार्यों के कारण मिला है और इसे बूथ स्तर तक और मजबूत करने की जरूरत है। वहीं सरोजनीनगर विधानसभा के सम्मेलन में एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल, विधायक राजेश्वर सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिला अध्यक्ष विजय मौर्य समेत बड़ी संख्या में बूथ अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। गोविंद नारायण शुक्ल ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत करना तथा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना है।
नहरों में दो सप्ताह तक नियमित पानी की आपूर्ति सहित विभिन्न किसान हितैषी मांगों को लेकर 27 जुलाई को हिसार लघु सचिवालय पर प्रस्तावित किसान महापड़ाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में बुधवार को पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति, हरियाणा के पदाधिकारियों ने विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर किसानों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। जिला सचिव गोपाल ओड नंगथला और अग्रोहा ब्लॉक प्रधान अमित ढाका के नेतृत्व में समिति के कार्यकर्ताओं ने श्यामसुख, किरोड़ी, संदोल, किराड़ा सहित कई गांवों का दौरा कर किसानों से संवाद किया। इस दौरान किसानों को आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराया गया और 27 जुलाई को हिसार लघु सचिवालय पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया। नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे खरीफ फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि किसानों को कम से कम 2 हफ्ते तक नियमित नहरी पानी उपलब्ध कराया जाए, नहरों और रजवाहों की समयबद्ध सफाई कराई जाए ताकि पानी बिना बाधा के टेल तक पहुंच सके। इसके अलावा नेताओं ने डीएपी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कृत्रिम किल्लत पर रोक लगाने तथा हाई टेंशन (एचटी) बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई। मांगों के समर्थन में डेरा डालेंगे किसान गोपाल ओड नंगथला और अमित ढाका ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान लंबे समय से लंबित है। यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो किसान आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 27 जुलाई को हिसार लघु सचिवालय पर जिलेभर से हजारों किसान पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में डेरा डालेंगे।
नीमच जिले के मोरवन क्षेत्र के ग्राम भोजपुरा में बुधवार को खेत में काम करते समय 32 वर्षीय मजदूर राजू पिता भेरुलाल भील की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। राजू बारा जी का खेड़ा (कंझार्ड़ा, थाना मनासा) का रहने वाला था और अपने ससुराल भोजपुरा में अपने ससुर गोटू भील के साथ रह रहा था। मृतक के ससुर गोटू भील और खेत मालिक रामस्वरूप जाट ने बताया कि राजू बुधवार को रामस्वरूप जाट के खेत में खाद छिड़कने का काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा और घबराहट होने लगी। उसने तुरंत खेत मालिक और साथ काम कर रहे मजदूरों को इसके बारे में बताया। अस्पताल ले जाते समय हुई मौत तबीयत बिगड़ते ही खेत मालिक और साथी मजदूर उसे फौरन मोरवन के अस्पताल ले गए। रास्ते में उसे दो बार उल्टियां भी हुईं। मोरवन में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे नीमच जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजू अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसका 12 साल का बड़ा बेटा दिमाग से जुड़ी बीमारी से पीड़ित है। परिजनों ने बताया कि राजू और खेत मालिक महज 17 दिन पहले ही बेटे का इलाज अहमदाबाद से करवाकर लौटे थे। राजू की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बीमार बच्चे की देखभाल को लेकर भी संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की खबर मिलते ही पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर बुधवार शाम को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर मौत की सही वजहों की जांच की जा रही है।
रीवा जिले में एक ओर पुलिस नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान चलाकर युवाओं को नशा छोड़ने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर अमहिया थाने का एक वीडियो इस अभियान पर सवाल खड़े कर रहा है। थाने में पदस्थ मुंशी अच्छेलाल सिंह का नशे की हालत में घंटों हंगामा करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह खुद दो बोतल शराब पीने की बात स्वीकार करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। थाने के भीतर घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामाघटना बुधवार शाम की बताई जा रही है। अमहिया थाने में पदस्थ मुंशी अच्छेलाल सिंह नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए थाने के भीतर हंगामा करते दिखाई दिए। पूरे घटनाक्रम के तीन वीडियो सामने आए हैं, जिनमें उनका व्यवहार और बातचीत साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में खुद कबूली शराब पीने की बातवीडियो में मुंशी कहते सुनाई दे रहे हैं, मैंने आज दो बोतल शराब पी है... एक सफेद वाली पौआ और एक विदेशी वाली नंबर-1। अब पी है तो पी है। इसके बाद भी वह लगातार ऊंची आवाज में बोलते रहे और थाने में मौजूद लोगों के सामने हंगामा करते रहे। खुद को बताया पूर्व एएसपी का असिस्टेंटनशे की हालत में मुंशी ने कई और बयान भी दिए। उन्होंने कहा कि वह रीवा की पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के असिस्टेंट रह चुके हैं और पूर्व एसपी चौहान साहब के भक्त हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद को पुलिस लाइन का गुंडा बताते हुए कहा कि वह सूबेदार दिलीप तिवारी के अधीन काम कर रहे हैं। पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामलायह पहली बार नहीं है जब रीवा में किसी पुलिसकर्मी का थाने के भीतर नशे की हालत में वीडियो सामने आया हो। इससे पहले समान थाना क्षेत्र में भी एक मुंशी का ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था। उस मामले में विभागीय कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया गया था। अभियान पर उठे सवालरीवा पुलिस पिछले चार दिनों से नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही है। ऐसे समय में थाने के भीतर एक पुलिसकर्मी का शराब के नशे में हंगामा करना और स्वयं शराब पीने की बात स्वीकार करना विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। एसपी ने दिए जांच के आदेशरीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:परिजनों ने कहा- पत्नी के मायके जाने के बाद से था परेशान
ललितपुर के कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला जुगपुरा में बुधवार शाम एक युवक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक ने पत्नी के मायके चले जाने से क्षुब्ध होकर यह कदम उठाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली सदर क्षेत्र के सिवनी जुगपुरा निवासी शिवम राजपूत (22) पुत्र ऊदल सिंह बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे परिजनों के साथ बैठे थे। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए और तेज आवाज में टीवी चला दी। लगभग आधे घंटे बाद जब उनकी मां ने आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने अन्य परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो शिवम छत के कुंदे से तौलिए के फंदे पर लटका मिला। जिंदा होने की उम्मीद में परिजन उसे तुरंत फंदे से उतारकर शाम 4:40 बजे मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चाचा ने बताया कि शिवम की शादी तीन साल पहले सीमा राजपूत से हुई थी और उनकी एक साल की बेटी है। करीब 15 दिन पहले सीमा अपने मायके चली गई थी। शिवम उसे मायके से वापस बुलाने के लिए अड़ा हुआ था। परिजनों ने आशंका जताई है कि पत्नी के मायके से न आने के कारण क्षुब्ध होकर उसने यह कदम उठाया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सदर अनुराग अवस्थी ने बताया कि युवक के शव को कब्जे में ले लिया गया है। मामले में पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है।
महोबा शहर में सुभाष पुलिस चौकी के पास बुधवार को छात्राओं के बीच सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया। कोचिंग से लौटते समय मामूली कहासुनी के बाद चार छात्राओं ने एक छात्रा के साथ मारपीट कर दी। हैरानी की बात यह रही कि घटना पुलिस चौकी से महज 20 कदम की दूरी पर हुई, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुभाष चौकी के पास कोचिंग से घर लौट रही छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि चार छात्राओं ने एक छात्रा के बाल पकड़कर उसे सड़क पर गिरा दिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। दिनदहाड़े सड़क पर हुई इस घटना को देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। अधिकांश लोग हस्तक्षेप करने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। मारपीट के चलते व्यस्त सड़क पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बन गई, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर छात्राओं को अलग कराया, तब जाकर विवाद शांत हुआ। हालांकि, पूरी घटना के दौरान पास में स्थित पुलिस चौकी से कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वन-वे प्वाइंट पर सामान्य दिनों में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन घटना के समय उनकी अनुपस्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
सोनभद्र में चोपन थाना क्षेत्र के गुरमुरा स्थित घसिया बस्ती में बुधवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। दोनों बारिश से बचने के लिए एक घर के बारजे के नीचे खड़े थे, तभी बिजली गिरने से बारजा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कुछ दूरी पर एक कच्चे मकान पर बिजली गिरने से दो बकरियों की भी मौत हो गई। बारिश के दौरान हुआ हादसा बुधवार शाम करीब चार बजे तेज गरज के साथ बारिश शुरू हुई। इसी दौरान 35 वर्षीय नेपाल पुत्र बसंत और 37 वर्षीय राजेश पुत्र हरिबंस एक घर के बाहर बने बारजे के नीचे खड़े थे। अचानक आकाशीय बिजली बारजे पर गिरी, जिससे वह ढह गया और दोनों उसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही चली गई दोनों की जान बिजली गिरने के बाद दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। इसी दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक कच्चे मकान पर भी बिजली गिरी, जिससे गुड्डी पत्नी बबलू की दो बकरियों की मौत हो गई। मुआवजे की जानकारी के बाद पोस्टमार्टम को हुए तैयार हल्का दरोगा विनोद यादव ने बताया कि दोनों युवकों की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई है। शुरुआत में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। बाद में चोपन थाना प्रभारी गोपाल जी गुप्ता ने उन्हें बताया कि आकाशीय बिजली से मौत के मामलों में सरकारी मुआवजा मिलता है। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गए। राजस्व टीम ने किया मौके का निरीक्षण घटना की सूचना पर कोटा ग्राम प्रधान प्रहलाद चेरो, ओबरा तहसीलदार नरेंद्र राव और हल्का लेखपाल संदीप दत्ता भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की और उच्चाधिकारियों को भेज दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम पंचायत भैंसड़ाखुर्द ने राजस्व ग्राम में बिलानाम और कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग का आरोप लगाया है। पंचायत ने इस संबंध में एक प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट के अनुसार, भू-माफिया ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना बिलानाम और कृषि भूमि पर प्लॉटिंग का कार्य कर रहे हैं। पंचायत का दावा है कि इस गतिविधि की जानकारी किसी सक्षम अधिकारी को नहीं है और नियमों की अनदेखी की जा रही है। पंचायत ने बताया कि प्लॉटिंग के लिए बड़ी संख्या में पेड़-पौधों की कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभागों से जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इसका उद्देश्य अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाना और सरकारी तथा कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत स्टेक होल्डर्स के साथ मीटिंग की और स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स से ऑनलाइन संवाद किया। एसपी ने स्टूडेंट्स को कहा कि जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की पहचान है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। एसपी ने पॉक्सो एक्ट, गुड और बैड टच के बारे में जानकारी दी। साथ ही महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा देने वाले पोश एक्ट के बारे में भी बताया। एसपी ने कहा- स्टूडेंट्स को राजकॉप एप, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन का नंबर पता होना चाहिए। ताकि वे अपने साथ होने वाले अपराध के बारे में तुरंत शिकायत कर सके। एसपी ने स्टूडेंट्स को कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला बीट अधिकारी योजना, सेल्फ डिफेंस और छात्राओं के लिए महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के बारे में भी जानकारी दी। महिला कल्याण की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने की रणनीति बनाई एसपी ने कलेक्ट्रेट में स्टेक होल्डर्स के साथ मीटिंग की। बैठक में अंतर विभागीय तालमेल बैठाकर महिला कल्याण की योजनाओं को जल्द आमजन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। एसपी ने कहा- महिला सुरक्षा हर विभागी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल से पीड़ित महिलाओं को तुरंत राहत पहुंचाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। बैठक में एडीजे राहुल चौधरी, एएसपी लखमन राय, एएसपी अंजना सुखवाल, एएसपी चेतना भाटी और डीएसपी नीतू सिंह सहित 15 विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इंदौर शहर में बढ़ते ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने प्रशासनिक अधिकारियों के जवाब पर नाराजगी जताई है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंट ने स्पष्ट कहा कि केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन को शपथपत्र के साथ यह बताना होगा कि अब तक कितने मामलों में कार्रवाई हुई, किस कानून के तहत हुई और उसका क्या परिणाम निकला। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अमिताभ उपाध्याय और अन्य की ओर से एडवोकेट अभिनव पी. धनोड़कर ने तर्क रखा कि शहर में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। इस पर हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर खजराना जोन के एसीपी आशीष पटेल, मल्हारगंज जोन के एसीपी एएस जादौन और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सतीश चौकसे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए। राज्य शासन की ओर से एडवोकेट प्रद्युम्न किबे और एक प्रतिवादी की ओर से एडवोकेट श्रेय राज सक्सेना ने पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा सिर्फ दावा नहीं, कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दें अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बेंच इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि मौखिक दावे पर्याप्त नहीं हैं। अधिकारियों को विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत कर यह बताना होगा कि किन व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई, कार्रवाई की वर्तमान स्थिति क्या है और भविष्य में प्रदूषण रोकने के लिए कौन-कौन से प्रभावी कदम प्रस्तावित हैं। कोलाहल नियंत्रण कानून के पालन पर भी मांगी रिपोर्ट कोर्ट ने सरकारी एडवोकेट को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक यह जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए कि मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा-18 के तहत जिला दंडाधिकारी द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। ध्वनि प्रदूषण नागरिकों के जीवन के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ध्वनि एवं पर्यावरण प्रदूषण केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, शांतिपूर्ण जीवन और संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार से सीधे जुड़ा हुआ मामला है। ऐसे मामलों में औपचारिक जवाब देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। प्रशासन को यह साबित करना होगा कि कानून का वास्तविक और प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त तीसरे हफ्ते में निर्धारित की है। ये खबर भी पढ़ें… 'गर्भ रखना या नहीं, महिला को निर्णय लेने का अधिकार' मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 13 सप्ताह की गर्भवती विवाहित महिला को गर्भपात की अनुमति दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि कानून द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर गर्भावस्था है तो महिला खुद तय कर सकती है कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं। उसे गर्भपात के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है।पूरी खबर पढ़ें
जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के ऑपरेशन शंखनाद के तहत सोमवार को तपकरा थाना और मनोरा चौकी क्षेत्र में दो बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। तपकरा में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि मनोरा में पुलिस को देखकर तस्कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। तपकरा में 28 गौवंश के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, 21 जुलाई की सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि सड़वा जंगल के रास्ते 28 गौवंशों को झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और सभी गौवंश को सुरक्षित छुड़ा लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान जगन्नाथ खड़िया (41), गणेश राणा (30), रमेश बेहरा (29), कह रु बेहरा (35), मनोरंजन बेहरा (51) निवासी ग्राम चांपा डांड, थाना कुरडेग, जिला सिमडेगा (झारखंड), मोहन यादव (33) निवासी गहिरा दोहर, चौकी दोकड़ा, जिला जशपुर तथा मग दुम खान (25) निवासी उलूडीह, तलसरा, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) के रूप में बताई। पशुओं के परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मनोरा में 9 गौवंश और 7 भैंस छुड़ाई इसी दिन सुबह मनोरा चौकी पुलिस ने ग्राम इंदा घाट जंगल में दबिश देकर 9 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। हालांकि पुलिस टीम को देखते ही तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है। एसएसपी बोले- तस्करों पर लगातार होगी कार्रवाई एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि तपकरा से 28 गौवंश के साथ 7 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मनोरा से 9 गौवंश और 7 भैंसों को सुरक्षित छुड़ाया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कानपुर देहात में समाजवादी पार्टी ने छात्र हितों, पेपर लीक और हाल की छात्र घटनाओं के विरोध में बुधवार को पुखरायां और अकबरपुर समेत विभिन्न स्थानों पर कैंडल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। छात्र हितों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी ने बुधवार को जिले में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। पुखरायां और जिला मुख्यालय अकबरपुर समेत विभिन्न स्थानों पर सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान हाल की घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। पुखरायां में आयोजित कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'हक की लड़ाई जारी रहेगी', 'संविधान का सम्मान करो' और 'बच्चों का अधिकार सुनिश्चित करो' जैसे संदेश लिखे पोस्टर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। वहीं जिला मुख्यालय अकबरपुर में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर तथा छात्र-छात्राओं की तस्वीरों वाले बैनर के साथ कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और सरकार से छात्रों की सुरक्षा व भविष्य को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की गई। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण यादव उर्फ बबलू राजा ने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर पूरे देश में छात्र और नौजवान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि हाल की घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिलता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।
मंदसौर शहर में एक युवती से वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में आरोपी का मोबाइल भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि अभिनंदन कॉलोनी निवासी एक युवती की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। शहर के नरसिंहपुरा निवासी संदीप पिता दिनेश कुमावत के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी ने उसका वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी संदीप कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वीडियो अपने मोबाइल से डिलीट कर दिया था। हालांकि, यह भी पता चला है कि उसने वीडियो अन्य लोगों को फॉरवर्ड किए थे। इसी कारण आरोपी का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या वीडियो किसी अन्य व्यक्ति को भेजा गया था। मामले में आगे की जांच जारी है।
संभल में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट:5 जोन, 16 सेक्टर में बंटा जिला; 85 मजिस्ट्रेट तैनात
संभल जिला प्रशासन सावन माह में निकलने वाली पारंपरिक कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा और निगरानी के लिए जिले को 5 जोन और 16 सेक्टर में बांटा गया है। करीब 40 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के लिए 85 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बुधवार को बताया कि कांवड़ यात्रा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित संचालन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए प्रमुख मंदिरों के पुजारियों, धार्मिक प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठकें कर उनकी राय ली गई है। डीएम के अनुसार, कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, सड़क मरम्मत, मोबाइल टॉयलेट और कांवड़ शिविरों जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यात्रा के दौरान डीजे और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। जिले के थाना, सर्कल और तहसील स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाते हुए इस बार भी व्यापक इंतजाम कर रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। ईओ, बीडीओ और कार्यदायी संस्थाओं को भी कांवड़ यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुधवार को गुन्नौर सीओ अंकित मिश्रा और एसडीएम अवधेश कुमार ने कांवड़ यात्रा के दौरान जल लेने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
सैयदराजा में 50 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार:कोयला लदे ट्रक लूट मामले में दो साल से था फरार
चंदौली जिले के सैयदराजा थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने बुधवार शाम को दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां सैयदराजा कस्बे में काले शाह मजार के पास से की गईं। पुलिस ने एक ट्रक भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी शहजाद अली है, जबकि दूसरे की पहचान मसीद के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने शहजाद अली के पास से एक अवैध असलहा भी बरामद किया है। शहजाद अली पिछले दो साल से एक ट्रक लूट के मामले में फरार चल रहा था और पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। यह मामला 27 नवंबर, 2023 को सैयदराजा थाने में दर्ज किया गया था। पीड़ित ने शिकायत में बताया था कि सैयदराजा थानाक्षेत्र के बगही के पास से कोयला लदा एक ट्रक कुछ लोग लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने एक साल पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी शहजाद अली पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। बुधवार शाम को सर्विलांस और सैयदराजा पुलिस को सूचना मिली कि एक ट्रक काले शाह मजार के पास खड़ी है और उसमें सवार दो संदिग्ध व्यक्ति किसी योजना पर काम कर रहे हैं। सूचना मिलते ही संयुक्त टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया और ट्रक को जब्त कर लिया। हिरासत में लिए गए आरोपी प्रतापगढ़ जनपद के शहजाद अली (50 हजार रुपये का इनामी) और मसीद हैं। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में सैयदराजा थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र, सर्विलांस टीम प्रभारी आशीष मिश्रा, धर्मदेव प्रसाद, प्रेम प्रकाश, अजीत सिंह, आकाश पाण्डेय, अमरेन्द्र पटेल और मनीष कुमार शामिल थे।
प्रयागराज में भूजल सप्ताह अभियान का समापन:जल संरक्षण और भूगर्भ जल रिचार्ज का लिया गया संकल्प
प्रयागराज में पिछले एक सप्ताह से चल रहा भूजल संरक्षण अभियान बुधवार को संगम सभागार में संपन्न हो गया। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस गोष्ठी में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया। अभियान के समापन पर जल कलश भरकर भूगर्भ जल रिचार्ज का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। इस दौरान भूजल स्तर में आ रही गिरावट को रोकने के लिए छतों और खुले मैदानों के वर्षा जल को सहेजने पर जोर दिया गया। जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए प्रभावी तकनीकों तथा उपायों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया गया। जन-जागृति और जनभागीदारी के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया, ताकि यह केवल एक सरकारी अभियान न रहकर हर नागरिक की आदत बने। इस दौरान जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा भी की गई। अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में चित्रकला, निबंध, क्विज और स्लोगन जैसी जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। समापन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भूजल संरक्षण कोई एक सप्ताह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मेरठ में 8 जुलाई को कलेक्ट्रेट के बाहर धरने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए आठ प्रदर्शनकारियों में से चार बुधवार को जमानत पर रिहा हो गए। शेष चार के परवाने समय पर नहीं पहुंच सके जो अब गुरुवार सुबह छोड़े जाएंगे। इस दौरान जेल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा रहा। रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव की 20 वर्षीय ललिता गौतम बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। वर्तमान में वह परिवार के साथ टीपी नगर थाना क्षेत्र के गगन एनक्लेव में किराए पर रह रही थी। 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की मगर उनका कोई पता नहीं चला। 16 मई को परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी परिजनों ने 16 मई को थाना टीपी नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में ललिता गांव कल्याणपुर निवासी अंकुश चौधरी नाम के युवक के साथ दिखाई दी। अंकुश चौधरी को किया गया गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी अंकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने ललिता की हत्या का राज उगल दिया। पुलिस ने बताया कि अंकुश और ललिता के बीच दोस्ती थी। घटना वाले दिन दोनों साथ थे। इसी दौरान आरोपी ने ललिता के मोबाइल फोन में कुछ फोटो और चैट देखीं, जिसके बाद उसे शक हुआ। इसी शक के चलते आरोपी ने ललिता की हत्या कर दी और शव को मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया में गन्ने के खेत में फेंक दिया और पुलिस ने शव बरामद कर लिया। लाठी भांजी, आठ किए गिरफ्तार इस मामले में अंकुश के भाई पीएसी में तैनात अंकित समेत दो लोगों की गिरफ्तारी की आवाज उठने लगी। 8 जुलाई को छात्रा की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग कमिश्नरी और फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रवेश ना मिलने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर जाम लगा दिया। तभी एसएसपी अविनाश पांडेय वहां पहुंच गए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारते हुए दौड़ा लिया। आठ लोगों रवि कुमार गौतम, दिग्विजय भाटी, रितिक, लवी उर्फ शुभम, अरविंद कुमार, अंकित कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ और नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया। बाद में सभी को कोर्ट ने जेल भेज दिया। अलग अलग जेल में शिफ्ट हुए सभीमामला तूल पकड़ रहा था। इसको देखते हुए 10 जुलाई को आठों प्रदर्शनकारियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट कर दिया गया। रवि कुमार गौतम व लवी उर्फ शुभम को जिला कारागार मुजफ्फरनगर, दिग्विजय भाटी और हिमांशु सिद्धार्थ को जिला कारागार बागपत, अंकित कुमार व रितिक को जिला कारागार बिजनौर, नवनीत कुमार और अरविंद कुमार को जिला कारागार गाजियाबाद शिफ्ट कर दिया गया। धारा हटते ही जमानत का रास्ता खुलापुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ 14 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। फरार आठ आरोपियों की तलाश शुरु की। इसी बीच मामला तूल पकड़ गया। शासन स्तर से भी संज्ञान लिया गया। अंकित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस भी बैकफुट पर दिखी। एफआईआर को चैलेंज किया गया। पुलिस के पास गंभीर धाराओं से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे, जिसके बाद गंभीर धाराओं को हटाने के आदेश जारी हो गए और सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई का रास्ता खुलता चला गया। इन चार को मिली जमानत बुधवार को परवाना पहुंचने के बाद शाम करीब साढ़े आठ बजे हिमांशु सिद्धार्थ पुत्र मुकेश सिद्धार्थ और दिग्विजय भाटी पुत्र रघुराज सिंह भाटी को जिला कारागार बागपत, अंकित कुमार पुत्र नंद किशोर व रितिक पुत्र प्रमोद को जिला कारागार बिजनौर से रिहा कर दिया गया। चार अन्य के परवाने समय पर जेल नहीं पहुंच सके। जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद रवि कुमार गौतम पुत्र सत्यपाल व लवी उर्फ शुभम पुत्र ओमदत्त, जिला कारागार गाजियाबाद में बंद नवनीत कुमार पुत्र चंदा सिंह व अरविंद कुमार पुत्र लख्मीचंद को गुरुवार सुबह जेल से रिहा करने की बात सामने आयी है।
गाजियाबाद के विकास भवन सभागार में बुधवार को पंचायत विकास योजना (पीडीपी) विषय पर जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। मेरठ मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) के मार्गदर्शन में हुई कार्यशाला में अधिकारियों को ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को 15 अगस्त तक योजनाएं तैयार करने का लक्ष्य देते हुए बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। जीपीडीपी को प्रभावी बनाने पर दिया गया प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक और जिला पंचायत राज अधिकारी ने किया। इसमें जनपद स्तरीय अधिकारियों, क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति के सदस्यों, सभी खंड विकास अधिकारियों और सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत विकास योजना को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से तैयार करना था। प्रतिभागियों को पंचायत विकास योजना (पीडीपी) की प्रक्रिया, विभागीय पोर्टल के उपयोग और योजना निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। डीपीआरसी मेरठ के वरिष्ठ फैकल्टी एवं सह-प्रबंधक ने विभिन्न विभागों के समन्वय, ग्राम पंचायतों की जरूरतों के आकलन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में प्रशिक्षण दिया। 15 अगस्त तक योजना तैयार करने का लक्ष्य मुख्य विकास अधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से अपने-अपने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों की वास्तविक आवश्यकताओं के आधार पर बनाई जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिल सके और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम सभाओं की नियमित बैठकें कराने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को ग्राम सभाओं की नियमित बैठकें आयोजित करने, कार्यवाही रजिस्टर का सही संधारण करने और ग्राम पंचायत विकास योजना का समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीपीडीपी तैयार करने में पंचायत सहायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही ग्राम पंचायत सचिवों और सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए निर्धारित समय सीमा में योजना तैयार करने के निर्देश दिए। कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद कार्यशाला में उपनिदेशक कृषि, परियोजना निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी, एडीओ (पंचायत), डीपीआरसी मेरठ के वरिष्ठ फैकल्टी और डीपीएम गाजियाबाद मौजूद रहे। अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की।
अनूपपुर के छीरापटपर गांव में बुधवार दोपहर जमीन के सीमांकन को लेकर एक किसान आम के पेड़ पर चढ़ गया और फांसी लगाने की धमकी देने लगा। खबर मिलते ही राजस्व विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत और तुरंत सीमांकन करने के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा गया। यह घटना कोतवाली थाने से करीब 13 किलोमीटर दूर छीरापटपर गांव की है। कोतवाली थाना प्रभारी सविता लाकड़ा के मुताबिक, डोंगरीटोला सकरा निवासी किसान भगवान दास गोंड की करीब 4 एकड़ जमीन छीरापटपर में है। इस जमीन को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा है और मामला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। किसान चाह रहा था कि दूसरा पक्ष उसकी जमीन पर खेती न करे और इसी का विरोध करते हुए उसने यह खतरनाक कदम उठाया। जनसुनवाई में भी दी थी चेतावनी किसान भगवान दास अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए काफी समय से अधिकारियों पर दबाव बना रहा था। उसने मंगलवार को जनसुनवाई में भी आवेदन देकर चेतावनी दी थी कि अगर सीमांकन नहीं हुआ तो वह जान दे देगा। हालांकि, मामला कोर्ट में होने की वजह से अधिकारियों ने उस समय उसे समझा-बुझाकर घर भेज दिया था। दो घंटे तक चला ड्रामा, सीमांकन के बाद उतरा किसान बुधवार दोपहर किसान फिर अपनी जमीन पर पहुंचा और सीधे आम के पेड़ पर चढ़कर खुदकुशी की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही एसडीएम प्राशी अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार वेद प्रकाश सिंह, नायब तहसीलदार गणेश पनिका और कोतवाली पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह तुरंत सीमांकन कराने की जिद पर अड़ा रहा। आखिरकार उसकी जिद के आगे राजस्व टीम को मौके पर ही जमीन का सीमांकन करना पड़ा, जिसके बाद ही किसान पेड़ से नीचे उतरा और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र के जैलगांव चौक स्थित एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र (चॉइस सेंटर) में देर रात चोरी की वारदात हुई। चोर शटर का ताला तोड़कर अंदर घुसा और लॉकर तोड़कर करीब 35 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। संचालक अनूप दास दीवान ने बताया कि मंगलवार (21 जुलाई) रात करीब 9 बजे वह रोज की तरह सेंटर बंद कर घर चले गए थे। बुधवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो शटर का ताला टूटा मिला। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और लॉकर का ताला भी टूटा हुआ था। जांच करने पर उसमें रखे करीब 35 हजार रुपये गायब मिले, जबकि अन्य सामान सुरक्षित था। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। सीसीटीवी फुटेज में एक युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर पहले शटर का ताला तोड़ता है, फिर कुंडी तोड़कर दुकान में प्रवेश करता है और चोरी की वारदात को अंजाम देता दिखाई दे रहा है। मुख्य सड़क पर वारदात, फिर भी नहीं लगा सुराग बताया जा रहा है कि चॉइस सेंटर मुख्य मार्ग पर स्थित है। वारदात के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी जारी थी, लेकिन चोर ने शातिराना अंदाज में चोरी कर फरार हो गया। पुलिस ने शुरू की जांच दर्री पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
मिर्जापुर में आधे घंटे की बारिश से मिली राहत:तापमान में आई गिरावट, धान की रोपाई शुरू हुई
मिर्जापुर में बुधवार शाम करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दिलाई। अचानक बदले मौसम के साथ चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लंबे समय बाद मौसम खुशनुमा हो गया। बारिश से थमी रफ्तार, सड़कों पर छाया सन्नाटा बारिश शुरू होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। राहगीरों ने दुकानों और छज्जों के नीचे शरण ली, जबकि कई बाइक सवार भीगते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। बारिश के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। धान की रोपाई में आई तेजी बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त पानी भर जाने से किसानों के चेहरे खिल उठे। कई दिनों से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसान अब धान की रोपाई में तेजी से जुट गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में किसानों और मजदूरों की चहल-पहल बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से धान की फसल को लाभ मिलेगा और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा। सांप और विषैले जीवों से सतर्क रहने की सलाह बारिश के बाद बिलों में रहने वाले सांप और अन्य जीव-जंतु बाहर निकलने लगे हैं। इसे देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। एक सप्ताह तक बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले करीब एक सप्ताह तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने और आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
फलोदी में मानसून की दस्तक:आधे घंटे की तेज बारिश से मौसम सुहाना, किसानों को मिली राहत
फलोदी जिले में बुधवार को मानसून ने दस्तक दे दी। दोपहर बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली। वहीं खेतों में नमी बढ़ने से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे और उमस बनी हुई थी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। तेज बरसात के कारण शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया। अंबेडकर सर्कल पर राहगीरों को बारिश से बचने के लिए अंडरब्रिज के नीचे रुकना पड़ा। खरीफ फसलों को मिलेगा फायदा बारिश से जिले में बाजरा, मूंग और मोठ सहित खरीफ फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है। बुआई के बाद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही थी। वहीं कई किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे, ताकि बुआई शुरू की जा सके। बुधवार की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। इससे खड़ी फसलों की बढ़वार में मदद मिलेगी और जिन किसानों ने अभी तक बुआई नहीं की है, वे भी अब खेतों में काम शुरू कर सकेंगे। शाम करीब 5 बजे एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिले में दो बार बारिश हो चुकी है, जिसमें एक बार 55.8 एमएम और उससे पहले 20.2 एमएम वर्षा दर्ज की गई थी।
लखनऊ में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग जारी कर वाहनों को गलत नंबर से चलाकर टोल टैक्स की चोरी कराने वाले गिरोह के दो वांछित सदस्यों को एसटीएफ ने बुधवार दोपहर पॉलीटेक्निक चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ सरोजिनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।अपर पुलिस अधीक्षक सत्यसेन के निर्देशन में इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार वर्मा की टीम ने मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान खैराबाद सीतापुर निवासी अनंत राम राठौर और नकीब खान के रूप में हुई। ऐसे किया जाता था फर्जीवाड़ा एसटीएफ की जांच में सामने आया कि वाहन मालिक रियाज और उसके भाई सिराज ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी वाहन नंबर पर फास्टैग बनवाया। साल 2024 में एक वाहन पर फर्जी नंबर का फास्टैग इस्तेमाल किया गया। दुर्घटना के बाद उसी फास्टैग को दूसरे वाहन पर भी इस्तेमाल किया जाने लगा। जांच में पता चला कि सिराज ने अपने परिचितों के माध्यम से खैराबाद टोल प्लाजा (सीतापुर) के पास इंडसइंड बैंक के चैनल पार्टनर अनंत राम राठौर और उसके एजेंट नकीब खान को ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर और फर्जी आरसी उपलब्ध कराई। इसके आधार पर बैंक के पोर्टल से फर्जी वाहन नंबर का फास्टैग जारी कराया गया। 5 हजार रुपए लेकर बनाता था फर्जी फास्टैग पूछताछ में आरोपी नकीब खान ने बताया कि उसकी पंचर की दुकान खैराबाद टोल प्लाजा के पास है। साल 2022 में अनंत राम राठौर ने उसे इंडसइंड बैंक का एजेंट बनाया और फास्टैग बनाने की ट्रेनिंग दी। नकीब के मुताबिक, जून 2024 में सिराज ने अधिक पैसे का लालच देकर फर्जी नंबर का फास्टैग बनवाने को कहा। अनंत राम के बताए तरीके से उसने बैंक के पोर्टल पर फर्जी वाहन नंबर दर्ज कर फास्टैग जारी कर दिया। इसके बदले उसे 5 हजार रुपए मिले। बाद में इसी तरह कई अन्य वाहनों के भी फर्जी नंबर पर फास्टैग बनाए गए और मिलने वाली रकम दोनों आपस में बांट लेते थे। आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से फर्जी फास्टैग बनाने का काम बंद हो गया है और इंडसइंड बैंक का संबंधित फास्टैग पोर्टल भी काम नहीं कर रहा है। एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी फास्टैग के जरिए हुए टोल टैक्स नुकसान की भी जांच कर रही है।
कानपुर में नौबस्ता चौराहे पर सड़क किनारे ऑटो खड़ी कर वृद्धा को सड़क पार कराना ऑटो ड्राइवर को महंगा पड़ गया। चौराहे पर तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने बीच सड़क पर ऑटो खड़ी करने का आरोप लगाते हुए ड्राइवर को ऑटो से घसीटकर उसकी डंडे से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो बुधवार शाम करीब 5 बजे सामने आया। पीड़ित ड्राइवर का आरोप है कि पुलिसवालों ने उसे घसीट कर जीप में बिठा लिया, फिर एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़े, जिससे उसके हाथ व पैर में काफी चोट आई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ड्राइवर से जबरन मारपीट न करने की बात लिखवाकर उसे भगा दिया। ड्राइवर बोला- वृद्धा को सड़क पार कराने जा रहा था बर्रा चार निवासी सत्येंद्र अवस्थी ने बताया कि वह यशोदा नगर निवासी राघव यादव की ऑटो किराए पर चलाता था। सत्येंद्र के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब 2 बजे वह ऑटो में एक वृद्धा को बिठाकर नौबस्ता चौराहे पर छोड़ने गए थे, जिसपर उन्होंने सड़क पार कराने की बात कही थी, जिस पर वह ऑटो किनारे खड़े कर सड़क पार कराने जा रहे थे। तभी चौराहे पर तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा गुस्से में आए और गाली–गलौज कर ऑटो से घसीटने लगे, ऑटो से न उतरने पर डंडा मार दिया। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए चौराहे की नीचे खड़ी पुलिस जीप में बिठा लिया। आरोप है कि इस दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसवालों ने उनपर कई थप्पड़ बरसाए। इसके बाद जबरन मारपीट न करने की बात लिखवायी। DCP ट्रैफिक ने मंगलवार को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार ने मंगलवार को कानपुर-सागर हाइवे पर जाम को लेकर निरीक्षण किया था, जिसमें उन्होंने नौबस्ता बाईपास चौराहे से 100 मीटर के दायरे में ई-रिक्शा और आटो खड़े कर सवारी भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टीआई राजेश मिश्रा ने बताया कि लगातार लाउडस्पीकर से चालकों को चेतावनी देते रहे कि चौराहे के 100 मीटर के दायरे में वाहन न खड़ा करें। इसके बावजूद कई चालक मनमाने ढंग से हाइवे पर वाहन रोककर सवारी भरते रहे। नौबस्ता बाईपास कानपुर-सागर हाइवे का सबसे व्यस्त चौराहा है, जहां से प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। इसके बावजूद ई-रिक्शा और आटो चालक हाइवे पर ही वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं और मरीजों व उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ACP बोले- वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही आरोप लगाया कि प्रार्थना पत्र लिखने से मना करने पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने ऑटो सीज करने की धमकी दी। जिसके बाद उन्होंने मजबूरीवश प्रार्थना पत्र में मारपीट न करने की बात लिखी। पीड़ित ने बताया कि मारपीट के कारण उसके हाथ व पैरों में सूजन आ गई। वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। एसीपी ट्रैफिक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर प्रकरण की जांचच की जा रही है, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर। विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को धार देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को जिले की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित किए। इन सम्मेलनों के जरिए पार्टी ने चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने का संदेश दिया। जिले के कुल 3013 बूथ अध्यक्षों ने सम्मेलनों में भाग लेकर सातों विधानसभा सीटों पर दोबारा जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने बूथ अध्यक्षों को संगठन की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि भाजपा की चुनावी सफलता का आधार उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि बूथ अध्यक्षों की सक्रियता और मेहनत के दम पर ही पार्टी लगातार जनसमर्थन हासिल कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। जिले की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित सम्मेलनों में वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। खड्डा विधानसभा में वरिष्ठ नेता संतराज यादव और विधायक विवेकानंद पांडेय, पडरौना में क्षेत्रीय महामंत्री सुनील गुप्ता और विधायक मनीष जायसवाल, जबकि तमकुहीराज में देवरिया के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तथा विधायक डॉ. असीम कुमार राय ने कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति से अवगत कराया। फाजिलनगर विधानसभा में पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मारकंडे शाही, विधायक सुरेंद्र कुशवाहा और पूर्व विधायक गंगा सिंह कुशवाहा मौजूद रहे। वहीं कुशीनगर विधानसभा के सम्मेलन में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विश्वजीतांशु सिंह 'आशु' और विधायक पी.एन. पाठक ने बूथ समितियों से नियमित रूप से 'मन की बात' कार्यक्रम सुनने, मतदाता सूची का लगातार परीक्षण करने और नए मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। हाटा विधानसभा में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह और विधायक मोहन वर्मा, जबकि रामकोला विधानसभा में महराजगंज के पूर्व जिलाध्यक्ष परदेसी रविदास और विधायक विनय गोंड़ ने कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारी में पूरी ताकत के साथ जुट जाने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब अधिक समय नहीं बचा है। ऐसे में प्रत्येक बूथ समिति को सक्रिय रखते हुए घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाना, मतदाता सूची का सत्यापन करना, नए मतदाताओं को जोड़ना और केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सम्मेलनों के दौरान नेताओं ने भरोसा जताया कि मजबूत बूथ प्रबंधन, अनुशासित संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं के दम पर भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कुशीनगर की सभी सात विधानसभा सीटों पर एक बार फिर जीत का परचम लहराएगी।
चित्तौड़गढ़ जिले में बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाली 32 स्कूल बसें ऐसी मिली हैं, जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने इन बसों का पूरा रिकॉर्ड निकालकर संबंधित स्कूलों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को भेज दी है। जिला परिवहन अधिकारी दयाशंकर गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 350 स्कूल बसें पंजीकृत हैं, जिनमें 32 बसों की फिटनेस खत्म हो चुकी है। संबंधित स्कूलों से इन बसों की फिटनेस जल्द कराने और तब तक उनका संचालन नहीं करने के लिए सूची भेजी गई है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं हो। पोर्टल से निकाली सूची, स्कूलों तक पहुंचेगी जानकारी जिला परिवहन अधिकारी दयाशंकर गुप्ता ने बताया कि विभाग ने परिवहन पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उन सभी स्कूल बसों की सूची तैयार की है, जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। यह सूची जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई है, ताकि संबंधित स्कूलों तक इसकी जानकारी पहुंच सके। इसके अलावा सूची जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव को भी भेजी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य किसी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बिना फिटनेस वाली कोई भी बस बच्चों को लेकर सड़क पर नहीं चले। फिटनेस प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही बसों का संचालन किया जाए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना की आशंका कम हो और बच्चों की सुरक्षा बनी रहे। इन स्कूलों की बसें सूची में शामिल परिवहन विभाग की सूची में विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी इंग्लिश स्कूल, मिलेनियम पब्लिक स्कूल, टैलेंट एजुकेशन सोसाइटी निकुंभ, दिव्यांश शिक्षण समिति, पटेल शिक्षा सेवा समिति, बिरला शिक्षा केंद्र, हैप्पी पब्लिक स्कूल, नवकार पब्लिक स्कूल, श्री दयाल शिक्षण सेवा संस्थान, विवेकानंद अकैडमी, न्यू मां सरस्वती बाल विद्या मंदिर, गीता शिक्षण संस्थान, जय शिव शक्ति विद्या मंदिर, गुरुनानक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मां शारदे शिक्षण संस्थान, हैप्पी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, न्यू कस्तूरबा शिक्षण संस्थान, द आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल, विद्या निकेतन सेकेंडरी स्कूल, महाराजा पब्लिक सेकेंडरी स्कूल, सरस्वती विद्या विहार, विवेकानंद शिक्षा प्रसार समिति, लक्ष्य एकेडमी अपर प्राइमरी स्कूल, जीनियस पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और शिवम पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। कुछ स्कूलों की दो-दो बसों की फिटनेस भी समाप्त परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 32 बसों की सूची में कुछ स्कूलों की एक से ज्यादा बसें भी शामिल हैं। इनमें बिरला शिक्षा केंद्र, गुरुनानक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विवेकानंद अकैडमी, श्री दयाल शिक्षण सेवा संस्थान, न्यू कस्तूरबा शिक्षण संस्थान और विद्या निकेतन सेकेंडरी स्कूल की दो-दो बसों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। परिवहन विभाग ने संबंधित स्कूलों से जल्द फिटनेस कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि स्कूल बसों की नियमित फिटनेस केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा से जुड़ा जरूरी विषय है। इसलिए सभी स्कूल समय पर अपनी बसों की फिटनेस करवाएं, ताकि बच्चों के आवागमन में किसी तरह का जोखिम नहीं रहे।
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र की परम कॉलोनी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही नौगांव पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान राकेश यादव (43) पुत्र कमल यादव के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कुलपहाड़ थाना क्षेत्र के रावतपुरा खुर्द गांव के निवासी थे। वर्तमान में परिवार के साथ नौगांव की परम कॉलोनी में रह रहे थे। राकेश सीआरपीएफ में जवान थे और दिल्ली की तिहाड़ जेल में पदस्थ थे। 12 जुलाई को छुट्टी पर आए थे घर जानकारी के अनुसार, राकेश यादव 12 जुलाई को अवकाश पर घर आए थे। 13 जुलाई को उनकी बेटी की सगाई हुई थी। उन्हें 27 जुलाई को ड्यूटी के लिए रवाना होना था और 28 जुलाई को तिहाड़ जेल में दोबारा ज्वाइन करना था। इसी बीच मंगलवार रात उन्होंने गमछे के सहारे पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी सुमन यादव रावतपुरा खुर्द ग्राम पंचायत की वर्तमान ग्राम प्रधान हैं। परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र और एक पुत्री हैं। सुसाइड नोट नहीं मिला, जांच जारी घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फर्रुखाबाद में बुधवार शाम समाजवादी पार्टी (सपा) सैनिक प्रकोष्ठ ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से लोहिया मूर्ति तक आयोजित किया गया। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे आवास विकास स्थित पार्टी कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव सर्वेश अंबेडकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने काली पट्टी बांधी और गले में तख्तियां डालकर हाथों में मोमबत्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। तख्तियों पर 'नीट पेपर लीक होने पर 20 से अधिक छात्रों को विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा था। लोहिया तिराहा स्थित लोहिया मूर्ति पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई धांधली और नौकरी की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। यादव ने आगे कहा कि नीट पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। एडवोकेट पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि नीट परीक्षा के पेपर लीक में प्रभावित हुए छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए सैनिक प्रकोष्ठ के साथ समाजवादी पार्टी के अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा, हम उन छात्रों को नमन करते हैं जो नीट परीक्षा के दौरान 'शहीद' हो गए।
राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का तीन दिवसीय मेरठ दौरा समाप्त हुआ। 20 जुलाई को उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने छात्रों को जीवन में देश प्रथम का मंत्र दिया। साथ ही स्कूटी योजना, छात्रावासों की व्यवस्था और छात्राओं की सुविधाओं पर भी चर्चा की। दौरे के दूसरे दिन 21 जुलाई को राज्यपाल ने मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों, छात्रावास, खेल सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया। अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 22 जुलाई को राज्यपाल चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। यहां उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक और अन्य सम्मान प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अनुशासित जीवन अपनाने और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। 10 तस्वीरों में देखिए राज्यपाल का दौरा -
पाली में जुआ खेलते 5 युवक गिरफ्तार:14 हजार रुपए जब्त, कोतवाली पुलिस ने नहर पुलिया के पास से दबोचा
पाली की कोतवाली थाना पुलिस ने ताश के पत्तों पर जुआ खेलते हुए पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 हजार 60 रुपए नकद भी जब्त किए हैं। कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। नहर पुलिया के पास खेल रहे थे जुआ कोतवाली थाना प्रभारी रविन्द्रसिंह खिंची ने बताया - सूचना मिलने पर पुलिस टीम नहर पुलिया से अंबेडकर सर्किल की ओर पहुंची। वहां पांच युवक ताश के पत्तों पर रुपए का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। पुलिस ने मौके पर सभी को पकड़ लिया और उनकी तलाशी ली। 14 हजार रुपए जब्त, पांचों आरोपी गिरफ्तार तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 14 हजार 60 रुपए नकद मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने शिवाजी नगर निवासी सुरेंद्र पुत्र बंशीलाल, बापूनगर निवासी ताराचंद पुत्र केसाराम, प्रताप नगर निवासी अजय पुत्र मदनलाल, सूरजपोल क्षेत्र निवासी ओमप्रकाश पुत्र पुसाराम और प्रताप नगर निवासी भूपेंद्र पुत्र गोपाल को गिरफ्तार कर जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
जमीन विवाद में मारपीट, पिता-पुत्र घायल:दोनों पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे, चार आरोपियों पर मुकदमा
गोंडा के कोतवाली देहात क्षेत्र के बैरिया मधईपुर गांव में बुधवार देर शाम जमीनी विवाद को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हुई मारपीट में पिता विजय मिश्रा और उनके पुत्र मोती लाल मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर देहात पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। दोनों पिता-पुत्र का इलाज जारी है। विजय मिश्रा की तहरीर पर देहात कोतवाली पुलिस ने हीरालाल उर्फ दीपक, शिवराज और हरिशंकर के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दरअसल, बैरिया गांव निवासी विजय मिश्रा पुत्र राम धीरज मिश्रा का पड़ोसी शिवराज मिश्रा से जमीनी विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते यह घटना हुई। बुधवार देर शाम करीब 7 बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने गुट बनाकर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे विजय मिश्रा और मोती लाल मिश्रा गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कराया, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महोबा में अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो होमगार्ड समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच में खनिज जांच चौकी का दो घंटे का सीसीटीवी फुटेज गायब मिला, जिसके बाद अधिकारियों ने होमगार्ड और कथित लोकेटर गिरोह की मिलीभगत का आरोप लगाया है। पुलिस अब आरोपियों और उनके वाहनों की तलाश में दबिश दे रही है। अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कबरई खनिज जांच चौकी से जुड़े कथित लोकेटर गिरोह पर शिकंजा कस दिया है। खान निरीक्षक की तहरीर पर दो होमगार्ड समेत 19 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। बिना रॉयल्टी खनन वाहन निकालते यह कार्रवाई 21 जुलाई की सुबह कबरई थाना क्षेत्र स्थित कानपुर रोड खनिज परिपत्र संग्रह कार्यालय (खनिज जांच चौकी) से बिना रॉयल्टी खनन वाहन निकालने और इस दौरान दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर की गई। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। 22 जुलाई की रात उपजिलाधिकारी सदर शिवध्यान पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़, खान निरीक्षक और कबरई थाना प्रभारी की संयुक्त टीम ने जांच चौकी पर छापा मारा। अधिकारियों ने जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो सुबह चार से छह बजे के बीच का रिकॉर्ड गायब मिला। होमगार्डों और लोकेटर गिरोह की मिलीभगत पुलिस क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों और लोकेटर गिरोह की मिलीभगत सामने आई है। आरोप है कि दोनों मिलकर बिना रॉयल्टी खनिज वाहनों को पास कराकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे। जांच में ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड देवीदीन और तुलसीदास की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने अंकित परमार, शैलेन्द्र सिंह, पंकज महाराज, अरविंद महाराज, प्रदीप सिंह, भानू धुरिया, अंकित द्विवेदी, पिंटू पाठक, अमित साहू, रोहित तिवारी, ब्रजेश गौतम, सरमन पटेल, प्रहलाद सिंह, रतनेश सिंह, राजकुमार बुधौलिया, वीरू तिवारी और अजय यादव समेत अन्य अज्ञात लोकेटरों को नामजद किया है। आरोप है कि ये लोग एक्सयूवी-300, एक्सयूवी-500, काली थार समेत अन्य लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर अवैध खनिज परिवहन कराने में सक्रिय थे। आरोपियों के साथ-साथ अवैध परिवहन खान निरीक्षक जितेश कुमार की तहरीर पर थाना कबरई में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 4 और 21 के अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(3) तथा संगठित अपराध से संबंधित धारा 111(2)(बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों के साथ-साथ अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहनों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में प्रशासनिक फैसलों को लेकर कुलपति और कुलसचिव के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। कुलसचिव की ओर से जारी एक और प्रशासनिक आदेश को कुलपति ने निरस्त कर दिया है। लगातार दूसरी बार ऐसा होने से विश्वविद्यालय के डिसीजन मेकिंग और प्रशासनिक कॉर्डिनेशन पर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले कुलसचिव अर्चना गहरवार की ओर से जारी उस आदेश को कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद ने निरस्त कर दिया था, जिसमें डिप्टी रजिस्ट्रार की शक्तियां सीज करने का निर्णय लिया गया था। कुलपति के हस्तक्षेप के बाद वह आदेश प्रभावहीन हो गया था। अब नया मामला फार्माकोलॉजी विभाग की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शिखा त्रिपाठी के तबादले से जुड़ा है। कुलसचिव ने 4 जुलाई को उनका दूसरे विभाग में स्थानांतरण किया था, लेकिन कुलपति ने 20 जुलाई को आदेश जारी कर इस तबादले को भी निरस्त कर दिया। लगातार दूसरे आदेश के रद्द होने से दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच खींचतान और तेज हो गई है। अपर मुख्य सचिव को भेजा पत्र मामले को गंभीर बताते हुए कुलसचिव ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष को विस्तृत पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। पत्र में हाल ही में निरस्त किए गए आदेश के साथ-साथ पहले रद्द किए गए आदेशों का भी उल्लेख किया गया है। कुलसचिव ने कहा है कि उनके स्तर से जारी प्रशासनिक आदेशों को लगातार निरस्त किए जाने से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पहले वित्त अधिकारी भी उठा चुके हैं सवाल विश्वविद्यालय परिसर में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर जारी आदेश बार-बार निरस्त होते रहे तो निर्णय प्रक्रिया, जवाबदेही और प्रशासनिक व्यवस्था पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इस पूरे विवाद के बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि पूर्व वित्त अधिकारी विनय कुमार राय ने भी 7 मई 2025 को शासन को पत्र लिखकर कुलपति द्वारा वित्त संबंधी आदेशों को निरस्त किए जाने का उल्लेख किया था। अब कुलसचिव का पत्र सामने आने के बाद यह मामला शासन स्तर पर भी पहुंच गया है। प्रवक्ता बोले- कुलपति ने पहले ही नहीं दी थी मंजूरी KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के प्रस्तावित स्थानांतरण का प्रस्ताव कुलसचिव की ओर से 26 मई को कुलपति के अनुमोदन के लिए भेजा गया था। इस प्रस्ताव पर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद 4 जुलाई को कुलसचिव कार्यालय की ओर से उसी कर्मचारी का उसी स्थान पर स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया। मामला संज्ञान में आने पर कुलपति ने 20 जुलाई को कुलसचिव कार्यालय का स्थानांतरण आदेश निरस्त करने के आवश्यक निर्देश दिए। इसलिए स्थानांतरण आदेश को निरस्त किया गया।
बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया थाना क्षेत्र के ग्राम गुवारा में बुधवार (22 जुलाई) सुबह खेत में काम करने गई एक महिला की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। खेत में नमी के कारण पैर फिसलने पर वह पास से गुजर रहे खुले बिजली के सर्विस वायर की चपेट में आ गई। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान मनीषा यादव (33 वर्ष), पति सीताराम यादव, निवासी ग्राम गुवारा के रूप में हुई है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे वह कृषि कार्य के लिए खेत गई थी। इसी दौरान खेत में फिसलने से वह नीचे झुके बिजली के सर्विस तार के संपर्क में आ गई और करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गई। अस्पताल में नहीं बच सकी जान घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मनीषा यादव अपने पीछे पांच बच्चों को छोड़ गई है। उसकी असमय मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। बुधवार शाम परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
कलेक्टर बाइक पर सवार होकर गांव पहुंचे:जलभराव और सड़क की हकीकत का किया निरीक्षण
बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बुधवार को प्रभातपट्टन विकासखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठकें करने के बजाय, ग्रामीण समस्याओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक ग्रामीण की बाइक पर बैठकर गांव की गलियों का निरीक्षण किया। उनका यह अनूठा तरीका ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कलेक्टर ने दिनभर रगड़गांव, गेहूंबारसा और सालबर्डी गांवों का भ्रमण किया। सालबर्डी में ग्रामीणों ने उन्हें नाली, सड़क और जल निकासी से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद, कलेक्टर ने ग्रामीण युवक रोहित ताम्बूलकर की बाइक पर बैठकर उन क्षेत्रों का जायजा लिया, जहां जलभराव और खराब सड़कों की शिकायतें थीं। निरीक्षण के दौरान, कई स्थानों पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर कीचड़ और पानी भरा पाया गया। कलेक्टर ने मौके पर ही ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानियों को देखा। उन्होंने पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों से चर्चा कर प्राथमिकता के आधार पर नाली और सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाए और जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए। दौरे के समय, कलेक्टर ने सालबर्डी को प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने पंचायत को यह भी निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले दुकानदारों और व्यवसायियों से नियमानुसार कर वसूली की व्यवस्था की जाए, जिससे पंचायत की आय बढ़े और उस राशि का उपयोग गांव की आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जा सके। ग्रामीणों ने कलेक्टर के इस जमीनी निरीक्षण और समस्याओं को करीब से देखने के तरीके की सराहना की। उनका कहना था कि पहली बार किसी कलेक्टर ने गांव की गलियों में पहुंचकर समस्याओं को इतने करीब से देखा और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजीव कहार और तहसीलदार यशवंत गिन्नारे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
बिजनौर शहर में बुधवार को दो अलग-अलग स्थानों पर जहरीले सांप निकलने से हड़कंप मच गया। शिवाजी नगर में भाजपा नेत्री मंजू चौधरी के आवास के सामने रसल वाइपर दिखाई दिया, जबकि पुलिस लाइन परिसर में टॉयलेट के पास कोबरा निकल आया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब आधे-आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों सांपों का सफल रेस्क्यू कर लिया। भाजपा नेत्री के घर के सामने दिखा रसल वाइपर पहली घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के शिवाजी नगर की है। बुधवार शाम करीब चार बजे भाजपा नेत्री मंजू चौधरी के आवास के सामने जहरीला रसल वाइपर दिखाई दिया। सांप दिखते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और मौके पर भीड़ जमा हो गई। मंजू चौधरी ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद रसल वाइपर को सुरक्षित पकड़ लिया। पुलिस लाइन में निकला कोबरा दूसरी घटना बुधवार शाम करीब पांच बजे पुलिस लाइन परिसर में हुई। यहां टॉयलेट के पास करीब एक मीटर लंबा कोबरा दिखाई दिया। सांप को देखकर पुलिसकर्मी और अन्य लोग सतर्क हो गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लगभग आधे घंटे के प्रयास के बाद कोबरा का भी सफल रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि शिवाजी नगर और पुलिस लाइन से सांप निकलने की सूचना मिलने पर टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर उसे मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें। दोनों सांपों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
राजधानी जयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने कई बड़े फैसले लिए हैं। बुधवार को विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में आयोजित 96वीं ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ खाली कराने, एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग, फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग और एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान (ATMP) लागू करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। 1. फुटपाथों से हटेंगे अवैध डेयरी बूथ और अतिक्रमण बैठक में सबसे अधिक जोर पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर दिया गया। तय किया गया कि शहर के फुटपाथ केवल पैदल चलने वालों के लिए ही रहेंगे। फुटपाथों पर बने अवैध डेयरी बूथ, दुकानों के अतिक्रमण, रैंप, सीढ़ियां और अन्य निर्माणों को हटाने के लिए जेडीए की प्रवर्तन शाखा विशेष अभियान चलाएगी। 2. लागू होगा एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान (ATMP) शहर में पहली बार ATMP लागू किया जाएगा। इसके तहत पूरे क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन होगा। प्रमुख मार्गों पर बाधारहित फुटपाथ विकसित होंगे, सड़क और फुटपाथ के बीच ग्रीन मेश फेंस (जालियां) लगाई जाएंगी और रात में सुरक्षा के लिए लो-लेवल लाइटिंग होगी। साथ ही साइकिल ट्रैक, ओपन जिम और बैठने की जगह भी विकसित की जाएगी। 3. आंतरिक सड़कें होंगी सिग्नल-फ्री, मॉल्स के बेसमेंट में केवल पार्किंग सिग्नल-फ्री सड़कें: प्रमुख चौराहों पर आधुनिक राउंड अबाउट (रोटरी) विकसित किए जाएंगे, जिससे बिना ट्रैफिक सिग्नल के वाहन आसानी से निकल सकें। मॉल पार्किंग पर सख्ती: प्रमुख मॉल्स की बेसमेंट पार्किंग में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को हटाकर उन्हें केवल पार्किंग के लिए आरक्षित किया जाएगा। होटलों और अस्पतालों के अवैध रैंप भी हटाए जाएंगे। फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग: फ्लाईओवर के नीचे खाली जगहों को व्यवस्थित पार्किंग के रूप में विकसित करने के साथ हेरिटेज थीम पर उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। 4. ई-रिक्शा के लिए 7 जोन और महिलाओं के लिए SOS अलर्टशहर के करीब 50 हजार ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए जयपुर को सात जोनों में बांटा जाएगा। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक ई-रिक्शा के क्यूआर कोड में 'SOS अलर्ट' सुविधा जोड़ी जाएगी, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। 5. हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम: स्क्रीन पर दिखेगा पेंडिंग चालान यातायात प्रबंधन को हाईटेक बनाने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान होगी। साथ ही प्रमुख चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर वाहनों के लंबित (पेंडिंग) चालानों की जानकारी दिखाई जाएगी। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए वॉशरूम की सुविधा वाले नए हेरिटेज डिजाइन के पुलिस बूथ बनाए जाएंगे। बैठक में ये रहे मौजूद: बैठक में राजस्थान आवासन मंडल के आयुक्त अरविंद पोसवाल, जेडीए सचिव गौरव सैनी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा, उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा सहित नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
शिवपुरी के माधव चौक पर बुधवार को छात्र आंदोलन के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान हंगामा हो गया। भाजपा नेता और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा था। युवा पिछले दो दिनों से माधव चौक पर सांकेतिक प्रदर्शन कर रहे हैं। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। छात्रों ने प्रदर्शन के लिए कलेक्टर से अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वे प्रतिदिन कुछ घंटों के लिए एकत्रित होकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कुछ मीडियाकर्मी कवरेज के लिए पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने गोदी मीडिया के नारे लगाए, जिस पर मीडियाकर्मियों ने आपत्ति जताई। इसी बीच, भाजपा नेता आशुतोष शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। भाजपा नेता आशुतोष शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में कुछ युवा आजादी से जुड़े नारे लगा रहे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया। शर्मा के अनुसार, विरोध करने पर उनके साथ झूमाझटकी की गई। वहीं, प्रदर्शन में शामिल युवाओं का आरोप है कि भाजपा नेता ने बिना किसी कारण उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच पहुंचकर माहौल खराब करने की कोशिश की और अनावश्यक विवाद खड़ा किया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर समझाया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। घटना के बाद कुछ देर तक माधव चौक पर तनाव बना रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट दीपनारायण तिवारी ने सरायलखंसी थाना क्षेत्र के एक दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी रामकिशुन को महिला का अपहरण कर दुष्कर्म करने और धमकी देने का दोषी ठहराया। उसे कुल 10 वर्ष के कारावास और 14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दिया गया। अभियोजन के अनुसार, यह घटना 15 अगस्त 2013 को हुई थी। आरोपी ने वादी मुकदमा की पत्नी को कथित तौर पर बेहोश कर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें (ब्लू प्रिंट) बना ली थीं। इन तस्वीरों का इस्तेमाल बाद में महिला को ब्लैकमेल करने के लिए किया गया। इसके बाद, 19 मई 2014 को आरोपी ने ब्लैकमेल कर वादी की पत्नी को भगा लिया और उसके साथ फिर से दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की और विवेचना के बाद सलाहाबाद गांव निवासी रामकिशुन, रामजीत और सिकंदर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से एडीजीसी फौजदारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कुल पांच गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, एडीजे ने रामजीत और सिकंदर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। हालांकि, आरोपी रामकिशुन को शादी के आशय से महिला को भगाने, दुष्कर्म करने और धमकी देने का दोषी पाया गया। कोर्ट ने दुष्कर्म के लिए 10 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड, शादी के आशय से भगाने के लिए 5 वर्ष की सजा और 3 हजार रुपये का अर्थदंड, तथा धमकी देने के लिए 1 वर्ष की सजा और 1 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
बैतूल में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस बुधवार को पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। श्री-श्री ज्ञान मंदिर परिसर में सैकड़ों बच्चों, समाजसेवियों, पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों ने तिरंगे के आकार का केक काटकर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर तिरंगे के तीनों रंग उकेरे गए और देशभक्ति गीत गाए गए। कार्यक्रम का आयोजन बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा राष्ट्र रक्षा मिशन-2026 के शुभारंभ के साथ किया गया। इसमें एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे, जिला सैनिक एवं कल्याण अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह, डीएसपी दुर्गेश आर्मो, गंज थाना प्रभारी नीरज पाल, महिला थाना प्रभारी कविता नागवंशी, श्री-श्री ज्ञान मंदिर की प्राचार्य जयश्री शाह और समिति अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बच्चों ने रिमझिम बारिश के बीच देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, वहीं शिक्षिका कमलती चौहान ने भी देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इस अवसर पर एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाता है और युवाओं से देशभक्त बनने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। जिला सैनिक एवं कल्याण अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह ने समिति के राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बैतूल की बेटियों का वर्षों से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर जाकर जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाना जिले के लिए गर्व की बात है। समिति अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुआ राष्ट्र रक्षा मिशन इस वर्ष 27वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस बार 25 सदस्यीय दल भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों के बीच पहुंचकर रक्षाबंधन का पर्व मनाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय ध्वज अंगीकार दिवस भी जिले में लगातार 14वें वर्ष मनाया जा रहा है। इस अवसर पर नशामुक्ति विषय पर रचनाएं लिखने वाली सात साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में गुंजन खंडेलवाल, मीरा अंथोनी, डॉ. सुषमा सोनी, डॉ. माधवी ठाकुर, अनुराधा देशमुख, एडवोकेट सुनीता अंबुलकर और अरुणा पाटनकर शामिल थीं।
बांसवाड़ा रिजर्व पुलिस लाइन के शौर्य सदन सभागार में बुधवार को पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की अध्यक्षता में क्राइम मीटिंग हुई। बैठक में लंबित मामलों, थानों की पेंडेंसी और गंभीर अपराधों की समीक्षा के दौरान कई मामलों में देरी पर चिंता जताई गई। एसपी ने सभी थानाधिकारियों को लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने, अपराधियों की गिरफ्तारी तेज करने और आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही चोरी, लूट, नकबजनी और अन्य गंभीर मामलों का जल्द खुलासा करने को कहा। POCSO, दुष्कर्म और सड़क हादसों की समीक्षा बैठक में वर्ष 2024, 2025 और जुलाई 2026 तक दर्ज अपराधों की तुलना की गई। एक साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों, धारा 173(8) सीआरपीसी/193(9) बीएनएसएस के तहत लंबित जांच, थानों की पेंडेंसी और निस्तारण प्रतिशत पर चर्चा हुई। POCSO, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के 60 दिन से ज्यादा लंबित मामलों, सड़क दुर्घटनाओं, मोटर वाहन अधिनियम के चालान, वाहन चोरी और बरामदगी की भी समीक्षा की गई। तस्करी, अवैध खनन और असामाजिक तत्वों पर सख्ती के निर्देश एसपी ने अवैध मादक पदार्थों और अवैध खनन के परिवहन व तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सड़क हादसे कम करने के लिए यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने और लोगों को जागरूक करने को कहा। बारिश के मौसम में थाना स्तर पर विशेष निगरानी रखने, गश्त बढ़ाने, नाकाबंदी करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। वांछित अपराधियों, ऑनलाइन सिस्टम और विशेष अभियानों की समीक्षा बैठक में टॉप-10 वांछित अपराधी, इनामी अपराधी, उद्घोषित अपराधी, भगोड़े और स्थायी वारंटियों की स्थिति की समीक्षा की गई। आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून-व्यवस्था, ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2, ऑपरेशन त्रिनेत्र, महिला सुरक्षा संकल्प अभियान, CCTNS, कोर्ट केस, ई-साक्ष्य, ऑनलाइन एफआईआर और अन्य तकनीकी मॉड्यूल के साथ 60 और 90 दिन में निस्तारित होने वाले मामलों, लंबित मर्ग, एमपीआर और मालखाना पेंडेंसी की भी समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह, सभी वृत्ताधिकारी (CO), जिले के सभी थानाधिकारी और पुलिस की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।
अगर किसी विमान में उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ जाए, इंजन फेल हो जाए या ईंधन गंभीर रूप से कम हो जाए, तो ऐसी आपात स्थिति में एयरपोर्ट और बचाव एजेंसियां कितनी तेजी और समन्वय के साथ काम कर सकती हैं। इसे परखने के लिए बुधवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फुल-स्केल एयरोड्रोम इमरजेंसी एक्सरसाइज (FSAEE-2026) आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान विमान की इमरजेंसी लैंडिंग और उसके बाद दुर्घटना जैसी स्थिति का वास्तविक माहौल तैयार किया गया। इस मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीमों और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चलाकर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। विमान की लैंडिंग के दौरान तकनीकी समस्या पर हादसे की आशंका दरअसल, बुधवार शाम जयपुर एयरपोर्ट पर ड्रिल के तहत काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें विमान की लैंडिंग के दौरान तकनीकी समस्या के कारण हादसा होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने इमरजेंसी घोषित की और एयरक्राफ्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF) की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद CISF, SDRF, राजस्थान पुलिस, शहर की फायर सर्विस, एंबुलेंस और मेडिकल रेस्पॉन्स टीमों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इन एजेंसियों ने देखी व्यवस्थाएं इस फुल-स्केल एक्सरसाइज में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (JIAL) के अलावा जिला प्रशासन, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), राजस्थान पुलिस, शहर की फायर सर्विस, विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि, सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और अन्य राज्य और केंद्रीय एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचना के आदान-प्रदान और तुरंत प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता को इस अभ्यास के जरिए परखा गया। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार फुल-स्केल एयरोड्रोम इमरजेंसी ड्रिल का उद्देश्य केवल विमान दुर्घटना से निपटने की तैयारी का परीक्षण करना नहीं होता, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी होता है कि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियां बिना किसी भ्रम के एकजुट होकर तेजी से कार्रवाई कर सकें। इस तरह की ड्रिल अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा मानकों के अनुरूप समय-समय पर आयोजित की जाती है। यात्रियोंं का रखा ध्यान इस दौरान पैसेंजर्स को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूरी एक्सरसाइज NOTAM (Notice to Airmen) अवधि के दौरान कराई गई। इस दौरान एयरपोर्ट का नियमित संचालन प्रभावित नहीं हुआ और उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने बताया- यात्रियों और सभी स्टेकहोल्डर्स की सुरक्षा एयरपोर्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फुल-स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की वास्तविक परिस्थितियों में जांच की जाती है। ऐसे नियमित अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी, सुरक्षित और त्वरित तरीके से सामना किया जा सके।
शामली में भाजपा बूथ अध्यक्ष सम्मेलन:संगठन की मजबूती पर चर्चा की, डिजिटल अभियान भी चला
शामली के देव गार्डन में बुधवार को भाजपा का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों पर जोर दिया गया। प्रदेश मंत्री प्रमेन्द्र कुमार जांगड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रदेश मंत्री जांगड़ा ने बूथ अध्यक्षों को संगठन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने उनसे मतदाता सूची का गहन अध्ययन करने, घर-घर संपर्क स्थापित करने और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामजी लाल कश्यप ने की। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की आधारशिला है। कश्यप ने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की अपील की। सम्मेलन से पहले भाजपा आईटी सेल ने परिसर में एक डिजिटल सहायता काउंटर स्थापित किया। यहां बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को 'सरल ऐप' डाउनलोड कराया गया और डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम (डीएलपी) पूरा कराया गया। इस अभियान का संचालन आईटी सेल एवं मीडिया प्रभारी विनीत शर्मा, आईटी सेल संयोजक दीपक चौहान और जिला मंत्री अनिल उपाध्याय के नेतृत्व में हुआ। कार्यकर्ताओं को संगठन के डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। अपने संबोधन में प्रदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और निःशुल्क राशन जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लाभार्थियों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। जांगड़ा ने विश्वास व्यक्त किया कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन के दम पर भाजपा आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। सम्मेलन में जिला उपाध्यक्ष पुनीत द्विवेदी, रूबी चौधरी, प्रतिभा (सिमरन), अरविंद सिंघल, जिला मंत्री बबीता चौहान, मीनू संगल, पीयूष, रीना कश्यप, सौरभ चौधरी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अशोकनगर की एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 80 हजार रुपए कीमत के चार चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा सके। पुलिस के अनुसार, शांतिनाथ मंदिर के पास रहने वाले सफल जैन ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात सूचना मिली कि दुकान का ताला तोड़कर चोरी कर ली गई है। चोर एक लावा मोबाइल, एक सैमसंग मोबाइल, दो आईफोन और गल्ले में रखे करीब पांच हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। बीना रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा आरोपी जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन बीना क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस ने बीना रेलवे स्टेशन के पास से सेमरी टंकी, थाना पिपरई निवासी संदीप उर्फ संजीव यादव (19) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी हुए चारों मोबाइल बरामद कर जब्त कर लिए गए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कहीं और भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र स्थित धीरज नगर निवासी 25 वर्षीय इरफान बुधवार सुबह आवारा कुत्तों से बचने के प्रयास में सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास से गुजर रहे लोगों ने मानवता दिखाते हुए उसे तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। फिलहाल उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। घायल युवक इरफान ने बताया कि वह सुबह करीब 4 बजे बाइक से घर के लिए दूध लेने निकला था। वह अपने घर से करीब एक किलोमीटर ही आगे पहुंचा था कि अचानक पीछे से कुछ आवारा कुत्ते भौंकते हुए उसके पीछे दौड़ने लगे। कुत्तों को देखकर वह घबरा गया और उनसे बचने के लिए उसने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। अचानक ब्रेक लगाने से बिगड़ा संतुलन इसी दौरान सामने की तरफ भी कुछ आवारा कुत्ते आ गए। उन्हें बचाने के लिए उसने अचानक ब्रेक लगा दिए। तेज ब्रेक लगते ही बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क पर फिसल गई। हादसे में वह सड़क पर गिर पड़ा और उसके चेहरे, दोनों हाथों तथा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। चोट लगने के बाद वह मौके पर ही बेहोश हो गया। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले कुछ लोगों की नजर सड़क किनारे गिरे युवक पर पड़ी। लोगों ने तुरंत उसे उठाया और बिना देर किए इलाज के लिए फरीदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचाया। होश आने पर युवक ने दी परिजनों को जानकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान जब युवक को होश आया तो उसने अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। युवक ने बताया कि वह धीरज नगर में अपने परिवार के साथ रहता है, एक निजी कंपनी में नौकरी करता है और अभी अविवाहित है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर यामीन ने बताया कि सुबह एक युवक सड़क हादसे में घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसके चेहरे और दोनों हाथों में चोटें थीं। अस्पताल की ओर से तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टर ने बताया कि युवक ने बताया है कि उसकी बाइक के सामने अचानक आवारा कुत्ता आ गया था, जिससे बचने के प्रयास में बाइक फिसल गई। फिलहाल युवक की हालत स्थिर है और उसका इलाज जारी है।
रामपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में चल रहे धरना-प्रदर्शन को प्रशासन ने मंगलवार रात संयुक्त कार्रवाई कर समाप्त करा दिया। इस मामले में चार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बुधवार को उन्हें एसडीएम सदर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत मिल गई। भविष्य में बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने पार्क के मुख्य द्वार पर ताला भी लगवा दिया है। जमीन से कब्जा हटाने की मांग को लेकर शुरू हुआ था धरना धरना रविवार 20 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ था। जमीन मालिक नारायणदास सैनी के समर्थन में राष्ट्रीय हिंदू संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेद प्रकाश योगी, जिलाध्यक्ष महेश कुमार सैनी, सोनू सैनी, अजय सैनी समेत आठ-नौ लोग अपनी तीन बीघा जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। धारा-163 के बावजूद जारी रहा प्रदर्शन सोमवार 21 जुलाई को जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जनपद में धारा-163 लागू करते हुए सार्वजनिक धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। रात में पहुंचा प्रशासन, हटवाया टेंट मंगलवार रात करीब 10 बजे एसडीएम सदर, सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन ने धरना समाप्त कराते हुए वेद प्रकाश योगी, महेश कुमार सैनी, सोनू सैनी और अजय सैनी को हिरासत में ले लिया। नगर पालिका की टीम ने टेंट, कुर्सियां और अन्य सामान भी हटवा दिया। चार के खिलाफ मुकदमा, कोर्ट से मिली जमानत बुधवार दोपहर थाना सिविल लाइंस में चारों के खिलाफ बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सरकारी बिजली लाइन से कटिया डालकर बिजली चोरी करने के आरोप में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद शाम करीब चार बजे चारों को एसडीएम सदर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पार्क के मुख्य गेट पर लगाया ताला प्रशासन ने भविष्य में बिना अनुमति किसी भी धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। मामले में पुलिस की विधिक कार्रवाई जारी है।
कासगंज के सोरों गेट स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का धरना-प्रदर्शन बुधवार शाम को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। यह धरना आज़ाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष विशाल कुमार के नेतृत्व में चल रहा था। पुलिस प्रशासन की निगरानी में धरना समाप्त कराने की प्रक्रिया सकुशल संपन्न हुई। धरना स्थल पर स्थानीय पुलिस लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए थी। कोतवाली कासगंज के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे समय मौके पर तैनात रहा, जिससे कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित किया, जिसके बाद आपसी सहमति से धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक स्थल से चले गए। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, विवाद या अव्यवस्था की कोई सूचना नहीं मिली। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। कोतवाली कासगंज पुलिस ने बताया कि धरना-प्रदर्शन सकुशल समाप्त हो गया है और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पुलिस ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।
जयपुर में बेटी द्वारा मां नीरज शर्मा (45) की हत्या करने के चर्चित हत्याकांड प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने बेटी आयुषी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जयपुर महानगर प्रथम की एडीजे-6 कोर्ट की जज श्वेता दाधीच ने बुधवार को कहा- अब तक की हुई जांच और तथ्यों को देखकर प्रथमदृष्ट्या ऐसा नहीं लगता है कि मामले में अभियुक्ता को फंसाया गया है। अदालत ने आदेश में कहा- मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि आयुषी का मां से मनमुटाव चल रहा था। वहीं इस मामले में आरोपी और आयुषी के ताऊ का लड़का बलराम उर्फ रवि फरार चल रहा है। ऐसे में अभी जांच बाकी है और अगर इस स्टेज पर आरोपी को जमानत दी जाती है तो जांच के प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। आयुषी ने कहा- भाई उस पर आश्रित मामले में आयुषी की ओर से बहस करते हुए उनके अधिवक्ता निशांत शर्मा, अधिवक्ता केतन धाभाई और अधिवक्ता कामिल हुसैन ने अदालत को बताया कि मामले में मृतका के परिजनों के दबाव में उसे फंसाया गया हैं। उससे न तो कोई बरामदगी हुई है, न ही कोई बरामदगी बाकी है। मामले के अन्य आरोपियों से भी उसका कोई संबंध नहीं है। उसके परिवार में अब वो और उसका भाई ही बचा है, जो पूरी तरह से उस पर आश्रित है। आयुषी का भाई गंभीर बीमारी से पीड़ित है और सामाजिक व्यवहार करने में सक्षम नहीं है। उसकी घटनास्थल पर मौजूदगी भी नहीं है, न ही उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड हैं। मामले के ट्रायल में लंबा समय लगेगा। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए। संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति के लिए हत्या की मामले में पुलिस और परिवादी के एडवोकेट ने जमानत का विरोध करते हुए कहा- अभियुक्ता ने अपनी संपत्ति हड़पने और अनुकंपा नियुक्ति पाने की नीयत से अपनी मां की हत्या की है। ऐसे गंभीर मामले में उसे जमानत पर नहीं छोड़ा जाए। साथ ही इस मामले का अन्य आरोपी अभी फरार है। ऐसे में उसके पकड़े जाने के बाद भी जांच पूरी होगी। यह था पूरा मामला पुलिस के अनुसार- प्रताप नगर के रविंद्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति का एक साल पहले निधन हो गया था। वे कोर्ट में एलडीसी थे। 8 महीने पहले पति की जगह नीरज की LDC की पोस्ट पर नौकरी लगी थी। नीरज 16 साल के बेटे के साथ रहती थी। 3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे नीरज अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थी। इस दौरान ओवर स्पीड स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। करीब 130 KM की स्पीड से टक्कर लगने से महिला उछलकर 100 फीट दूर गिरी। नीरज की मौके पर मौत होने के बाद स्कॉर्पियो को लेकर ड्राइवर फरार हो गया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद बताया कि नीरज की हत्या के लिए बेटी आयुषी ने अपने ताऊ के बेटे बलराम उर्फ रवि, मोहन स्वरूप के साथ मिलकर अन्य आरोपी हेमंत के दोस्त आकाश और अरविंद से 7 लाख में सौदा किया था। इस मामले में पुलिस ने महिला की बेटी और जेठ समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया था और स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली थी। ये खबरें भी पढ़ें... सरकारी नौकरी-प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या,VIDEO:ताऊ और चचेरे भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार मां की हत्या-कराने वाली बोली-नहीं चाहती थी भाई चोटिल हो:राइट साइड में चलती कार ने लेफ्ट में जाकर टक्कर मारी, इसी से हुआ शक जयपुर- बेटी ने पहले टोना-टोटका करवाया, फिर मां का मर्डर,VIDEO:घर में काली गुड़िया में आग लगाई, तंत्र-मंत्र कर नारियल रखा, फिर जलाया
सावन के महीने में बाबा सोमनाथ और द्वारकाधीश के दर्शन की योजना बना रहे कानपुर के श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने प्रयागराज-वेरावल-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन (04173/04174) चलाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि यह ट्रेन कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन पर भी रुकेगी, जिससे शहर और आसपास के यात्रियों को सीधे गुजरात जाने की सुविधा मिलेगी। यह विशेष ट्रेन 6 अगस्त से 24 सितंबर तक हर गुरुवार को प्रयागराज से वेरावल के लिए चलेगी, जबकि वापसी में 7 अगस्त से 25 सितंबर तक हर शुक्रवार को वेरावल से प्रयागराज आएगी। कुल 8-8 फेरे लगाए जाएंगे। प्रयागराज से चलने वाली यह ट्रेन दोपहर 12:50 बजे गोविंदपुरी स्टेशन पहुंचेगी और 12:55 बजे रवाना होगी। वहीं वापसी में वेरावल से आने वाली यह ट्रेन रात 1:55 बजे गोविंदपुरी पहुंचेगी और 2:00 बजे प्रयागराज के लिए रवाना होगी। अजमेर, माउंट आबू जाने वालों के लिए भी राहत रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह ट्रेन सिर्फ सोमनाथ मंदिर तक ही नहीं, बल्कि गुजरात और राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी जोड़ेगी। ट्रेन का ठहराव आगरा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, आबू रोड, पालनपुर, राजकोट, जूनागढ़ और वेरावल समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा। इससे सोमनाथ और द्वारका जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ माउंट आबू, अजमेर शरीफ और गुजरात घूमने वाले पर्यटकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। 20 कोच वाली होगी स्पेशल ट्रेन यात्रियों की संख्या को देखते हुए ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 7 सामान्य, 10 स्लीपर, 1 एसी थर्ड कोच और 2 एसएलआर/डी कोच शामिल होंगे। रेलवे का कहना है कि सावन और धार्मिक यात्रा सीजन में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, ताकि कानपुर मंडल के यात्रियों को भी सुविधाजनक और सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो सके।
पीलीभीत में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की एक युवती ने आरोप लगाया है कि बीसलपुर के एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे विवाह किया। शादी के बाद युवक की असली पहचान सामने आने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बीसलपुर थाना क्षेत्र में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे प्रेम संबंध बनाए और शादी कर ली। विवाह के बाद जब उसे युवक की वास्तविक पहचान का पता चला तो विरोध करने पर कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे ससुराल से निकाल दिया गया। पीड़िता बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है और दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई। युवती का आरोप है कि युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाते हुए हिंदू नाम बताया और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। युवक उसे छोड़कर चला गया पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद आरोपी उसे अपने गांव, थाना बीसलपुर क्षेत्र, लेकर पहुंचा। यहां आने पर उसे युवक की वास्तविक धार्मिक पहचान की जानकारी हुई। खुद को धोखे का शिकार महसूस करने पर उसने इसका विरोध किया और अपने परिजनों को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद युवक उसे छोड़कर चला गया। परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत युवती का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की, प्रताड़ित किया और घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने बीसलपुर थाने पहुंचकर आरोपी युवक और उसके परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। बीसलपुर के थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और राजनीतिक दलों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर बुधवार को उदयपुर ग्रामीण विधानसभा के गिर्वा और हिरणमंगरी ब्लॉक कांग्रेस के बैनर तले बलीचा चौराहे पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और ढुलमुल रवैये पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा- नीट पेपर लीक जैसी गंभीर घटना ने देश के लाखों मेहनती छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इतनी बड़ी धांधली के बावजूद केंद्र सरकार मुख्य दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस ने मांग की कि इस खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। पुलिस ने डॉ. विवेक कटारा सहित कई नेताओं को किया गिरफ्तार इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और राष्ट्रीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. विवेक कटारा कर रहे थे। बलीचा चौराहे पर चक्काजाम की स्थिति और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। माहौल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने डॉ. विवेक कटारा सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक असली गुनाहगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन सड़कों पर जारी रहेगा। इस दौरान पूर्व विधायक सज्जन कटारा, गिर्वा ब्लॉक अध्यक्ष ओनार सिंह सिसोदिया, हिरणमंगरी ब्लॉक अध्यक्ष कमल डांगी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से जुड़े मामले में पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया है। इसी क्रम में बुधवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और छात्र नेता रवि चौधरी समेत दो लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। दोनों दोपहर करीब 2 बजे राजेंद्र नगर थाना पहुंचे, जहां एसीपी कार्यालय में उनसे लगातार छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। देर रात तक दोनों पुलिस अधिकारियों के सामने मौजूद रहे। हालांकि पुलिस ने पूछताछ में क्या सवाल किए और क्या जानकारी मिली, इसका खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ एसीपी निधि सक्सेना और जांच टीम के एसआई प्रदीप ने की। इस दौरान मीडिया भी थाने पहुंची, लेकिन दोनों को अलग कमरे में बैठाकर पूछताछ की गई। पुलिस इससे पहले इस मामले में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री समेत कई अन्य लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। नाना पटवारी को भी दो बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है। पहली बार वह मीडिया के सामने आए थे, लेकिन दूसरी बार की पूछताछ के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जानकारी के अनुसार अब तक पुलिस इस पूरे मामले में दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसियां एमडी ड्रग्स प्रकरण और क्रिकेट सट्टे से जुड़े पहलुओं के बीच संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही हैं। रवि चौधरी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर होने के साथ छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी चर्चित रहते हैं। हाल ही में उन्हें महाकाल मंदिर में भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और अभिनेता संजय दत्त के साथ वीआईपी दर्शन करते हुए भी देखा गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। ये खबरें भी पढ़ें… 1. नाना पटवारी के साथियों ने कबूला एमडी ड्रग्स के मामले में आरोपी नाना पटवारी और उसके साथी सुमित मंत्री से बुधवार देर रात तक राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि नाना के साथी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे के कमीशन एजेंट थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें प्रत्येक लेनदेन पर कमीशन मिलता था।पूरी खबर पढ़ें 2.जीतू पटवारी का भाई बोला-3 साल पहले ड्रग्स लेता था कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। पार्टी इसे सियासी एंगल देने के मूड में है। शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। इस दौरान नाना पटवारी ने स्वीकार किया कि वे 3 साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में दो व्यक्तियों की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामलों की जांच शुरू कर दी है। पहली घटना मंगलवार देर रात चक्कर चौराहे बाईपास पर हुई। यहां एक तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार नीरज कुमार (35) को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव झिलमिला निवासी ओमकार अपनी बाइक से हिर्लस अस्पताल में ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी हादसा हुआ। दूसरी घटना बुधवार दोपहर करीब एक बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर बकली में सामने आई। यहां एक ट्यूबवेल के हौज में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। ग्रामीणों के अनुसार, रामपुर बकली निवासी संजीव उर्फ मिल्लू (36) नशे के आदी थे। बुधवार को भी वह नशे की हालत में ट्यूबवेल पर बैठे देखा गया था। उसकी मौत हौज में डूबने से हुई प्रतीत हो रही है। शहर कोतवाली प्रभारी अवनीत मान ने पुष्टि की कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इन दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।
गरियाबंद जिले में बुधवार (22 जुलाई) को मैनपुर-धुर्वागुड़ी मुख्य मार्ग (NH-130) पर हुए भीषण सड़क हादसे में देवभोग वन विभाग के फॉरेस्ट रेंजर अश्विनी दास मिर्चुलिया की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में वन विभाग की बोलेरो और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें बोलेरो सवार 8 अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, देवभोग वन विभाग की बोलेरो में फॉरेस्ट रेंजर अश्विनी दास मिर्चुलिया, वाहन चालक महेंद्र निर्मलकर, वन रक्षक उमेश ध्रुव समेत कुल 9 लोग मैनपुर से लौट रहे थे। मैनपुर से लौट रही थी वन विभाग की टीम बुढ़गेलटप्पा के तीखे मोड़ पर सामने से आ रहे ट्रक से बोलेरो की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और वाहन ट्रक में फंस गया। मौके पर 1 मौत, 8 घायलों का इलाज जारी हादसे की सूचना मिलते ही इंदागांव पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल देवभोग अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं फॉरेस्ट रेंजर अश्विनी दास मिर्चुलिया के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सड़क निर्माण की लापरवाही पर उठे सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क किनारे मुरम की जगह चिकनी मिट्टी डाल दी गई है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में भी यह मिट्टी बेहद फिसलन भरी हो जाती है और यही हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है। जांच के बाद सामने आएगी वजह फिलहाल पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वाहन की रफ्तार, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना से वन विभाग और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
चोरी के वाहन काटने पर 6 थानों की रेड:50 कबाड़ियों को नोटिस; कबाड़ बाजार में कई दुकानें बंद कर भागे
टोंक के धन्नातलाई कबाड़ बाजार में चोरी के वाहनों को काटकर उनके पुर्जे बेचने की सूचना पर छह थानों की पुलिस और परिवहन विभाग ने बुधवार को 8 घंटे तक सर्च अभियान चलाया। पुलिस की गाड़ियां पहुंचते ही कई कबाड़ी दुकान और गोदाम बंद कर भाग निकले। जांच के दौरान संदिग्ध वाहन और पार्ट्स मिलने पर करीब 50 कबाड़ियों को नोटिस जारी कर उनके पास रखे वाहनों और पुर्जों का रिकॉर्ड मांगा गया है। पुलिस का कहना है कि चोरी के वाहन या उनके पार्ट्स मिलने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संदिग्ध वाहन पार्ट्स मिले, 50 कबाड़ियों को नोटिस तलाशी के दौरान पुलिस को कई ऐसे वाहन और पार्ट्स मिले, जो संदिग्ध लगे। आशंका है कि ये चोरी के वाहनों के हो सकते हैं। पुलिस ने करीब 50 कबाड़ियों को नोटिस जारी कर उनके पास रखे खराब वाहनों और वाहन पार्ट्स की पूरी जानकारी मांगी है। टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि जांच जारी रहेगी और जिनके पास चोरी के वाहन या उनके पार्ट्स मिलने की पुष्टि होगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इंजन-चेसिस नंबर और दस्तावेजों की भी जांच कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गोदामों में रखे वाहन, इंजन, चेसिस और अन्य पार्ट्स की बारीकी से जांच की। साथ ही वाहनों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, आरटीओ रिकॉर्ड, टैक्स और फाइनेंस से जुड़े दस्तावेज भी जांचे गए। अधिकारियों ने इंजन और चेसिस नंबरों का मिलान कर वाहनों की वैधता की पुष्टि की। दूसरे राज्यों से चोरी के वाहन लाकर काटने की आशंका पुलिस को शक है कि इस कबाड़ बाजार में राजस्थान समेत दूसरे राज्यों से चोरी किए गए दोपहिया और अन्य वाहनों को लाकर काटा जाता है। बाद में उनके पुर्जे अलग-अलग जगहों पर बेच दिए जाते हैं। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है। 6 थानों की पुलिस रही मौजूद, आगे भी चलेगा अभियान यह कार्रवाई टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा की निगरानी में हुई। इसमें कोतवाली, पुरानी टोंक, सदर, मेहंदवास, बरौनी और पीपलू थानों की पुलिस, डीएसटी टीम, पुलिस लाइन के जवान और परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। मौके पर जिला परिवहन अधिकारी संपत वर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी भंवरलाल वैष्णव और बरौनी थाना प्रभारी जयमल सिंह भी मौजूद रहे। डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि वैध कारोबार करने वालों को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन चोरी का माल खरीदने, छिपाने या बेचने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। चोरी का सामान मिलने पर गोदाम सीज किए जाएंगे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
देवास में 11 दिनों के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को जिले में मानसून फिर सक्रिय हो गया। शहर में शाम को करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं, किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। सुबह से शहर में गर्मी और उमस का असर बना हुआ था। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शाम करीब 5:30 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक झमाझम बारिश होती रही, जिसके बाद कुछ देर तक रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर चला। बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहाना हो गया। किसानों के लिए राहत की बारिश पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी कम हो रही थी। इससे खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ने लगी थी। बुधवार की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। इसे सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। तेज बारिश के कारण सुतारबाखल और मक्सी रोड क्षेत्र सहित शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। एमजी रोड पर भी सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों को सावधानी से वाहन निकालने पड़े।
गोरखपुर में 32 दिव्यांगों की हुई श्रवण जांच:जल्द मिलेंगे हियरिंग एड, रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी मदद
गोरखपुर के ब्रह्मपुर विकास खंड में पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति (PGSS) और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त प्रयास से दो दिवसीय श्रवण जांच शिविर आयोजित किया गया। समृद्धि परियोजना के तहत 21 और 22 जुलाई देर शाम 7:00 बजे तक लगे इस शिविर में सुनने में परेशानी वाले दिव्यांगजनों की मुफ्त जांच की गई। शिविर में ब्रह्मपुर विकास खंड की 25 ग्राम पंचायतों से आए 32 दिव्यांगजनों की सुनने की क्षमता की जांच की गई। अधिकतर बच्चे अपने माता-पिता के साथ पहुंचे थे। जांच के बाद सभी की रिपोर्ट तैयार की गई, जिससे आगे उनका इलाज और जरूरी सहायता मिल सके। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ ने किया परीक्षण श्रवण जांच बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के वरिष्ठ ऑडियोलॉजिस्ट ओम प्रकाश ने की। उन्होंने सभी लाभार्थियों की सुनने की क्षमता का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की, ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें सही इलाज और उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें। रिपोर्ट के आधार पर मिलेंगे हियरिंग एड समृद्धि परियोजना के प्रबंधक आनंद शंकर पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पात्र दिव्यांगजनों को जल्द ही हियरिंग एड (श्रवण यंत्र) दिए जाएंगे। जिन बच्चों को इलाज की जरूरत होगी, उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को बेहतर सुनने की सुविधा देकर उन्हें पढ़ाई और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। लोगों ने सराहा प्रयास शिविर के दौरान बच्चों के अभिभावकों को भी विशेषज्ञों ने जरूरी जानकारी और सलाह दी। आयोजन को सफल बनाने में अशोक, युवराज, सरिता, रामजी, वंदना, राधेश्याम, शिशुपाल, सुशीला, उषा और विवेकानंद सहित पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था ने कहा कि आगे भी ऐसे शिविर लगाकर दिव्यांगजनों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
बालाघाट कलेक्ट्रेट परिसर में सुजल मेश्राम नाम के युवक ने पटाखा फोड़कर हंगामा किया। युवक ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और दिल्ली में सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई के विरोध में मोदी सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर हो रहा है। वारासिवनी के रहने वाले सुजल मेश्राम ने कलेक्ट्रेट में पांच मिनट के अंदर दो रस्सी बम फोड़े। उसने 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'भ्रष्टाचार मुर्दाबाद' के नारे लगाए। वीडियो पोस्ट होने के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। बहन के कम नंबर आने से था परेशान सुजल मेश्राम ने बताया कि उसकी बहन ने नीट परीक्षा दी थी, जिसमें उसे 400 से ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी। हालांकि, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा में कम नंबर आने की वजह से उसकी बहन तनाव में चली गई थी। इसके अलावा, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे साथियों के साथ हुई मारपीट से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया था। पुलिस के सामने मांगी माफी पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सुजल ने लिखित में माफी मांगी और एक वीडियो जारी कर अपनी इस हरकत पर दुख जताया। उसने कहा कि वह किसी काम से कलेक्ट्रेट आया था और जेब में रखा पटाखा गलती से गिरकर फूट गया। उसने सभी से कानून और संविधान के दायरे में रहकर काम करने की अपील की। इस पूरी घटना ने कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
धार जिले में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दो दिनों तक डेयरियों और दूध कारोबारियों की जांच की। इस दौरान 14 खाद्य नमूने लिए गए। वहीं, धार शहर में बिना खाद्य पंजीयन और अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालित एक डेयरी को सील कर उसका संचालन बंद करा दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 21 और 22 जुलाई को धार और कुक्षी क्षेत्र में निरीक्षण किया। धार शहर में राजवाड़ा स्थित सोमानी डेयरी, त्रिमूर्ति चौराहा की शारदा डेयरी, इंदौर-अहमदाबाद रोड स्थित सोलंकी इंटरप्राइजेज, नालछा दरवाजा स्थित सिद्धेश्वर ट्रेडर्स और निहाल नगर की माय डेयरी से दूध, पनीर, मावा, दही और घी के नमूने लिए गए। बिना पंजीयन चल रही डेयरी पर कार्रवाई निरीक्षण के दौरान निहाल नगर स्थित माय डेयरी बिना खाद्य पंजीयन के संचालित मिली। उत्पादन और भंडारण की व्यवस्था भी अस्वच्छ पाई गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने डेयरी का संचालन बंद कर परिसर को सील कर दिया। कुक्षी क्षेत्र में ग्वाला डेयरी उत्पाद, शिवाय स्वीट्स एंड दूध डेयरी, श्री कृपा स्वीट्स एंड डेयरी, मथुरा दूध डेयरी और कृष्ण स्वीट्स एंड डेयरी से खुले दूध और पनीर के नमूने एकत्र किए गए। अभियान के दौरान लिए गए सभी 14 नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सकलडीहा क्षेत्र में बुधवार को बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। तहसील उपकेंद्र और ग्रामीण उपकेंद्र से जुड़े फीडरों पर करीब आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। सुबह 10 बजे से शुरू हुई कटौती का असर कस्बे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दिखाई दिया। बिजली नहीं रहने से हजारों उपभोक्ताओं की दिनचर्या प्रभावित हुई। पेड़ों की छंटाई के दौरान बंद हुई थी बिजली आपूर्ति बिजली विभाग की ओर से बुधवार सुबह तहसील मार्ग पर लटक रहे पेड़ों की डालियों की छंटाई के लिए आपूर्ति बंद की गई थी। इसी दौरान बारिश के कारण धानापुर से आने वाली मुख्य बिजली लाइन में ब्रेकडाउन हो गया। लाइन में खराबी आने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी और उपभोक्ताओं को लंबी कटौती झेलनी पड़ी। मुख्य लाइन ठीक होने के बाद पैनल में आई खराबी बताया गया कि दोपहर करीब ढाई बजे धानापुर से आने वाली मुख्य लाइन की खराबी को ठीक कर लिया गया था। इसके बाद सकलडीहा तहसील फीडर के पैनल में तकनीकी समस्या आ गई। इस वजह से बिजली आपूर्ति दोबारा बाधित हो गई और शाम तक समस्या बनी रही। विभागीय कर्मचारी फाल्ट दूर करने में जुटे रहे। कई गांवों में हजारों लोग रहे परेशान लंबे समय तक बिजली नहीं आने से सकलडीहा कस्बा सहित ताजपुर, तेंदुई, दुर्गापुर, नागेपुर और सिरोहुपुर समेत कई गांवों के उपभोक्ता परेशान रहे। बारिश और उमस भरे मौसम में बिजली कटौती से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, घरों में पानी की आपूर्ति और अन्य जरूरी काम भी प्रभावित हुए। तहसील से लेकर अस्पताल तक प्रभावित रहा कामकाज बिजली आपूर्ति ठप होने का असर सरकारी कार्यालयों पर भी पड़ा। सकलडीहा तहसील, कोतवाली, सीओ कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), डायट, सकलडीहा पीजी कॉलेज, इंटर कॉलेज और कई राष्ट्रीयकृत बैंकों में पूरे दिन बिजली संकट बना रहा। कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ और कर्मचारियों व लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरम्मत में जुटा रहा बिजली विभाग बिजली संकट की सूचना मिलने के बाद विभागीय कर्मचारी खराबी तलाशने और उसे ठीक करने में जुट गए। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी समस्या के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। अवर अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि फीडर में आई खराबी को दूर करने का कार्य लगातार जारी है। उन्होंने देर शाम तक आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जताई। बारिश के मौसम में बढ़ रही तकनीकी समस्याएं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में बिजली लाइनों में खराबी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने विभाग से जर्जर लाइनों और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिल सके।
अजमेर जिले के किशनगढ़ में 4 बदमाशों ने मार्बल व्यापारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो में आए बदमाशों ने गोदाम में बैठे व्यापारी के सिर पर लाठी मारी। व्यापारी ने भी हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों का सामना किया। इसके बाद अकेले पड़े व्यापारी को बदमाशों ने घेर कर पीटा। गोदाम में नीचे गिरा कर ताबड़तोड़ लाठियां मारीं। मामला गांधीनगर थाना इलाके स्थित मार्बल एरिया का बुधवार सुबह 8 बजकर 20 मिनट का है। घटना गोदाम में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। अब देखिए तस्वीरों में पूरी घटना… पीड़ित व्यापारी ने दी रिपोर्ट SHO अनिल शर्मा ने बताया- मार्बल व्यापारी गोवर्धन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दी है। सीसीटीवी के आधार पर बदमाशों की पहचान कर तलाश की जा रही है। भाई के साथ गोदाम पर बैठा था पीड़ित मार्बल व्यापारी गोवर्धन ने बताया- बुधवार की सुबह 8 बजे वह अपने मार्बल गोदाम पर भाई के साथ बातचीत कर रहे थे। इस दौरान सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर एक स्कॉर्पियो गोदाम के बाहर आकर रूकी। जिसमें से चार युवक नीचे उतरे और गेट में घुसते ही डंडे से चार बार ताबड़तोड़ हमला किया। इसके बाद बदमाश गोदाम के अंदर घुस आए और जमीन पर पटककर उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद बदमाश मौके से भाग निकले। सिर और हाथ पर आई चोट पुलिस ने बताया- हमले में गंभीर रूप से घायल व्यापारी को फौरन किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। व्यापारी के सिर और हाथ में चोट आई हैं। बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस थाना अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया-पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। … यह खबर भी पढ़े जयपुर में बिजनेसमैन की पत्नी से दिनदहाड़े लूट; VIDEO:चाकू दिखाकर धमकाया, फिर चेन छीन ले गया बदमाश; मंदिर जा रही थी महिला जयपुर में दिन-दहाड़े बिजनेसमैन की पत्नी से लूट का मामला सामने आया है। बदमाश चाकू दिखाकर बिजनेसमैन की पत्नी से चेन छीन ले गया। (पढ़ें पूरी खबर)
डूंगरपुर शहर में बुधवार दोपहर हुई हल्की बारिश के बाद बिजली कटौती से नाराज लोगों ने रतनपुर मार्ग स्थित डिस्कॉम के एईएन ऑफिस पर विरोध प्रदर्शन किया। पुराने शहर के कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रहने और अधिकारियों से संतोषजनक जवाब न मिलने पर आक्रोशित शहरवासी देर शाम कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वे बिजली व्यवस्था को सुचारु करने की मांग कर रहे थे। पुराने शहर के भाटीवाड़ा और पातेला स्थित नर्सरी फीडर से जुड़े भोईवाड़ा, पातेला, दर्जीवाड़ा, सलटवाड़ा, मोची बाजार और कोतवाली क्षेत्र में बारिश शुरू होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश कुछ ही मिनटों में थम गई, लेकिन कई इलाकों में देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान लोगों को भीषण गर्मी, पेयजल आपूर्ति और घरेलू कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या भी बनी रही। बिजली गुल होने के बाद उन्होंने कई बार डिस्कॉम अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे नाराज होकर बड़ी संख्या में लोग डिस्कॉम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुराने शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की मांग की। भोईवाड़ा निवासी दिनेशचंद्र भोई और पातेला निवासी आबिद अली ने बताया कि हल्की बारिश में ही यदि बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है तो मानसून के दौरान लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
लखनऊ में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर विभिन्न विभागों में लंबित 70 मामलों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, यूटिलिटी डक्ट, सड़क चौड़ीकरण और ड्रेनेज जैसी समस्याओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने और उद्योगों से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एलडीए समेत कई विभागों में 70 मामले तय समय से ज्यादा लंबित बैठक में निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा के दौरान सामने आया कि एलडीए, आवास विकास, फिल्म बंधु, चिकित्सा, कृषि, विद्युत, आबकारी, खाद्य, यूपीसीडा और अन्य विभागों के 70 मामले तय समय सीमा के बाद भी लंबित हैं। पर जिलाधिकारी (नगर) ने सभी विभागों को हर सप्ताह समीक्षा कर इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और उसकी प्रगति पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश से जुड़े किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। 24 करोड़ की यूटिलिटी डक्ट परियोजना पर आगे बढ़ेगा काम अमौसी-नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर-1 और 4 पर अंडरग्राउंड बिजली केबल शिफ्ट कर यूटिलिटी डक्ट बनाने की योजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 24.09 करोड़ रुपए है। यूपीसीडा ने बताया कि प्रस्ताव सैद्धांतिक मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जा चुका है। बैठक में यह भी तय हुआ कि यूपीपीसीएल और यूपीसीडा की संयुक्त तकनीकी टीम एंड-टू-एंड केबल ट्रेंच की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि आगे की कार्रवाई जल्द शुरू हो सके। NHAI के एलिवेटेड रोड से बिगड़ी जल निकासी, सीएंडडीएस तैयार करेगा प्लान सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में एनएचएआई के निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड की वजह से जल निकासी प्रभावित होने का मुद्दा भी बैठक में उठा। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम, सिंचाई विभाग, जलकल, एलडीए, यूपीसीडा, एनएचएआई और सीएंडडीएस के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। अब सीएंडडीएस विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा, जिसके आधार पर स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू होगा। व हीं अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव दूर करने के लिए 700 मीटर नाले के निर्माण का 1.05 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए भेजा गया है। 5.7 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण का काम तेज करने के निर्देश बैठक में नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी (नगर) ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को परियोजना की स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े बुनियादी ढांचे के काम में देरी नहीं होनी चाहिए और अगली बैठक में सभी विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में उपायुक्त उद्योग, जिला सूचना अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, उप नगर आयुक्त, यूपीसीडा, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, एलडीए, आवास विकास, जल निगम तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आईटीआई कोटपूतली प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी:अभ्यर्थी अब 28 जुलाई तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), कोटपूतली में शैक्षणिक सत्र 2026-27/28 के लिए प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 28 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया विभाग द्वारा निर्धारित ई-मित्र के माध्यम से पूरी की जा सकती है। सहायक निदेशक प्रशिक्षण कुंतल कुमार सैनी ने जानकारी दी कि संस्थान में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, मैकेनिक डीजल, कोपा (COPA) और एफटी एंड आईएसएम (FTISM) जैसे तकनीकी व्यवसायों में प्रवेश दिया जाएगा। छात्राओं के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। इसके अतिरिक्त, कोपा व्यवसाय की एक यूनिट विशेष रूप से छात्राओं के लिए आरक्षित की गई है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 3 अगस्त से 6 अगस्त तक सैनी ने बताया कि आईएमसी (IMC) सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संस्थान स्तर पर 30 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज सत्यापन और प्रशिक्षण शुल्क जमा कराने की प्रक्रिया 3 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक चलेगी। सहायक निदेशक ने तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर बैठे मतदान की व्यवस्था कारगर साबित हो रही है। जिले में इस सुविधा के लिए चिन्हित 86 मतदाताओं में से बुधवार तक 85 मतदाता डाक मतपत्र के माध्यम से अपने घर से ही मतदान कर चुके हैं। अब केवल एक मतदाता का मतदान शेष है। निर्वाचन दल तय कार्यक्रम के अनुसार मतदाताओं के घर पहुंचा और डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान कराया। पूरी प्रक्रिया माइक्रो ऑब्जर्वर और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुई, ताकि मतदान की गोपनीयता और निष्पक्षता बनी रहे। देखिए मतदान की तीन तस्वीरें… इन मतदाताओं ने किया घर से मतदान बुधवार को भाग संख्या-160 के विजय किशोर गोस्वामी तथा भाग संख्या-163 की कमला देवी, रामरती नीखरा और रामकुमार श्रीवास्तव ने घर बैठे अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस व्यवस्था से उन बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को बड़ी राहत मिली, जिनके लिए मतदान केंद्र तक पहुंचना कठिन था। घर बैठे मतदान की सुविधा के चलते लगभग सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सके हैं।
छतरपुर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने नौगांव रोड स्थित रीजेंसी होटल के सामने एक ई-रिक्शा से अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। पुलिस ने मौके से ई-रिक्शा चालक हीरा लाल को गिरफ्तार कर शराब और वाहन जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा (क्रमांक MP 16 ZB 0867) की सीटों के नीचे अंग्रेजी शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शराब नौगांव से छतरपुर लेकर आ रहा था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शराब किसके कहने पर लाई जा रही थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। नए ठेकों के बाद बढ़े अवैध कारोबार के आरोप जानकारी के अनुसार, जिले में शराब दुकानों के नए ठेके और दोबारा बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवैध शराब तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। आरोप है कि कुछ ठेकेदार बिक्री बढ़ाने के लिए दूसरे ठेका क्षेत्रों में भी अवैध रूप से शराब की आपूर्ति करा रहे हैं, जिससे आबकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है। उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों के कारण भी जिले में शराब तस्करी पुलिस और आबकारी विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। कम कीमत का फायदा उठाकर तस्कर सीमावर्ती इलाकों से शराब लाकर छतरपुर और आसपास के क्षेत्रों में बेच रहे हैं। पुलिस ने आरोपी, ई-रिक्शा और बरामद शराब को जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा- देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के साथ जिस तरह हिंसक व्यवहार किया गया, उसे पूरे देश ने देखा है। सोशल मीडिया और यूट्यूब का दौर है, इसलिए सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। कई छात्र अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि उनका कसूर सिर्फ अपनी बात सरकार तक पहुंचाना था। जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित अंबेडकर हॉस्टल में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पायलट ने पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ यह कहा। छात्रों से संवाद करते हुए पायलट ने कहा- सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। अगर छात्र अपनी मांगों को लेकर राजधानी पहुंचे थे तो सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए था, लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया गया। मंत्री को बर्खास्त करे सरकार, छात्रों पर दर्ज FIR वापस ले सचिन पायलट ने कहा- सरकार को संबंधित मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए और उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए। साथ ही प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर भी वापस ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा- संसद में इस मुद्दे पर केवल औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली बहस होनी चाहिए और दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। पेपरलीक नौजवानों के लिए कैंसर बन चुका पायलट ने कहा- पिछले 10 साल में करीब 150 पेपर लीक हो चुके हैं। पेपर लीक अब ऐसा कैंसर बन गया है, जिसने युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। लगातार हो रही घटनाओं से नौजवानों का व्यवस्था पर भरोसा टूट रहा है और उनके भीतर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा- कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और यह किसी राजनीतिक लाभ का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों की मदद करे सरकार उन्होंने कहा- पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से परेशान होकर कई छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या तक कर ली। इससे बड़ा दुख किसी समाज के लिए नहीं हो सकता। सरकार को ऐसे परिवारों की हरसंभव आर्थिक मदद करनी चाहिए और अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। राम मंदिर के चंदे का पैसा पीड़ित परिवारों को दे सरकार सचिन पायलट ने कहा- जो मासूम बच्चे दुख और डिप्रेशन में जान दे चुके हैं, उससे बड़ा दुख किसी समाज के लिए नहीं हो सकता। मैं तो चाहता हूं कि सरकार अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का जो पैसा पड़ा है। वह उन परिवारों को दे दे, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। सरकार को अपने प्रायश्चित के लिए और अपने पाप धोने के लिए यह काम करना चाहिए। इन सबसे पहले सरकार युवाओं की बात तो सुने। आज देशभर में केवल हमारी पार्टी ही नहीं, बल्कि हर दल, हर संगठन और हर वह व्यक्ति, जो सरकार से सहमत नहीं है, अपनी बात रख रहा है। नौजवानों के हितों के लिए हम संघर्ष करते रहेंगे। विदेशी साजिश बताना सरकार का बहाना सचिन पायलट ने कहा- छात्रों के आंदोलन को विदेशी ताकतों या विदेशी फंडिंग से जोड़ना बेहद निम्न स्तर का बहाना है। हकीकत यह है कि वर्षों से युवाओं में व्यवस्था के प्रति निराशा बढ़ रही है। हर घर का कोई न कोई बच्चा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है और हर परिवार इस पीड़ा को समझता है। सरकार को अहंकार छोड़कर युवाओं की बात सुननी चाहिए। जंतर-मंतर प्रदर्शन पर छात्र ने पूछा सवाल कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर सचिन पायलट से सवाल किया कि छात्रों को न्याय कौन दिलाएगा और उनकी आवाज कौन सुनेगा। इस पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस लगातार युवाओं के साथ खड़ी है और पेपर लीक का मुद्दा वह कई सालों से उठाते रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे। सचिन पायलट ने मंच से छात्रों के सवाल सुने, उनसे संवाद किया और शिक्षा, रोजगार तथा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
बाड़मेर में जमीन की डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 5 से 45 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अलग-अलग इलाकों की बाजार कीमतों और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर नई दरें तय करने पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 5 से 45 फीसदी तक बढ़ोतरी के सुझाव दिए। विधायकों ने बाजार भाव के हिसाब से दरें बढ़ाने की मांग की बायतु विधायक ने बैठक में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विकास कार्यों, औद्योगिक विस्तार और विभिन्न परियोजनाओं के कारण जमीन की बाजार कीमतों में बड़ा बदलाव आया है। इसलिए कृषि, आवासीय और कॉमर्शियल जमीन की डीएलसी दरें भी मौजूदा बाजार भाव के मुताबिक तय होनी चाहिए। चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने भी कहा कि कई इलाकों में जमीन की कीमतें काफी बढ़ी हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तय करने और शहर के आसपास के इलाकों में आवासीय व कॉमर्शियल जमीन की डीएलसी दरें बढ़ाने का सुझाव दिया। कलेक्टर बोलीं- न ज्यादा कम, न जरूरत से ज्यादा ज्यादा जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों के सुझाव सुने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार सर्वे, पुराने रिकॉर्ड, आसपास के क्षेत्रों की दरों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई डीएलसी दरें तय की जाएं। उन्होंने कहा कि दरें न तो बहुत कम हों और न ही जरूरत से ज्यादा बढ़ाई जाएं, बल्कि वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप तय की जाएं। हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी उठा बायतु विधायक ने बैठक में कहा कि जिले में बड़ी संख्या में किसानों की जमीन पर हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के टावर और पोल लगाए जा रहे हैं। इससे किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है, लेकिन कम डीएलसी दरों के कारण उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यायसंगत मुआवजा दिलाने के लिए डीएलसी दरों का वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार होना जरूरी है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लागू होंगी नई दरें एडीएम रवीन्द्र कुमार ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव और बैठक में हुई चर्चा के आधार पर नई डीएलसी दरों का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। राज्य स्तर से मंजूरी मिलने के बाद नई दरें लागू होंगी। इसके बाद इन्हें राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। यही दरें जमीन की रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, सरकारी भूमि अधिग्रहण, बैंक लोन और अन्य राजस्व संबंधी कामों में आधार बनेंगी। बैठक में यूआईटी सचिव विवेक व्यास, बाड़मेर एसडीएम यशार्थ शेखर, गडरारोड़ एसडीएम सुरेश कुमार सहित विभिन्न तहसीलों के अधिकारी और राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
विदिशा जिले के पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और सरपंचों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण के नाम पर अधिकारियों द्वारा दबाव और प्रताड़ना का आरोप लगाया। तीनों संगठनों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए घोघरा ग्राम पंचायत के सचिव की सड़क दुर्घटना में हुई मौत की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घोघरा ग्राम पंचायत के सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की मौत अधिकारियों के दबाव का परिणाम है। उनका कहना है कि सचिव सीएम हेल्पलाइन शिकायत के निराकरण के लिए शिकायतकर्ता के घर गए थे। शिकायत का निराकरण कर अधिकारियों को सूचना देने के बाद लौटते समय सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। 'हर हाल में शिकायत बंद कराने का दबाव' संगठनों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को हर हाल में संतुष्टिपूर्वक बंद कराने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों को दिन-रात शिकायतकर्ताओं के घर भेजा जाता है और शिकायत बंद नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। इससे पंचायत कर्मचारी लगातार मानसिक तनाव में काम कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत सीईओ ओमप्रकाश सनोडिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों में मांग आधारित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को 'फोर्स क्लोज' किया जाता है, लेकिन विदिशा में ऐसा नहीं होने से कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा है। अन्य विभागों का काम भी पंचायत कर्मचारियों पर संगठनों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों से अन्य विभागों की योजनाओं का काम भी कराया जाता है। जबकि उन योजनाओं के लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार हैं, लेकिन जवाबदेही पंचायत कर्मचारियों पर तय कर दी जाती है। प्रदर्शनकारियों ने मृतक सचिव के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता देने, मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में तहसील और अनाज मंडी के पास स्थित 172 कनाल 12 मरला जमीन में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने खरीद से अधिक जमीन बेच दी और कॉलोनी के लिए छोड़ी गई रास्तों की जमीन भी प्लॉट के रूप में बेचकर अवैध कॉलोनी विकसित कर दी। फर्रुखनगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध कब्जे सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को गुरुग्राम सेक्टर-5 निवासी धर्मेंद्र कुमार तथा फर्रुखनगर निवासी सुरेश और दिनेश ने शिकायत दी है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि संबंधित भूमि खेवट नंबर 82/85-86, किला नंबर 29 में दर्ज है। वर्ष 2001में 44 कनाल जमीन बेची गई थी, जबकि शेष128 कनाल में वर्ष 2013-14 के दौरान कई रजिस्ट्रियां की गईं। 2420 वर्ग गज जमीन खरीदी थी, लेकिन 2707 वर्ग गज बेच दी शिकायत के अनुसार, गाजियाबाद निवासी महेश ने 2420 वर्ग गज जमीन खरीदी थी, लेकिन आगे 2707 वर्ग गज बेच दी, जो 287 वर्ग गज अधिक है। इसी प्रकार, महेश अग्रवाल पर 3630 वर्ग गज खरीदने के बावजूद 3820 वर्ग गज बेचने का आरोप है, जिससे190 वर्ग गज अतिरिक्त जमीन बेची गई। कुल मिलाकर, शिकायत में खरीद से 477 वर्ग गज अधिक जमीन बेचने की बात कही गई है। शिकायत में सुरेंद्र गुप्ता पर सबसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि आरोपी ने अपनी पत्नी सरोज, साले राकेश और बेटी काजल के नाम जमीन कराकर कमला नगर कॉलोनी विकसित की। इस कॉलोनी में रास्तों के लिए छोड़ी गई 575 वर्ग गज और 447 वर्ग गज जमीन को भी अलग-अलग लोगों के नाम बेच दिया गया। विरोध करने पर शिकायतकर्ता को धमकाकर भगाया धर्मेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि लगभग 15 दिन पहले जब वह अपनी जमीन देखने पहुंचे, तो करीब 12 कनाल भूमि पर निर्माण कार्य चल रहा था। विरोध करने पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें धमकाकर भगा दिया। फर्रुखनगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि भूमि के दस्तावेजों, रजिस्ट्रियों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बेमेतरा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट समेत छात्र मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को बेमेतरा में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने सिग्नल चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर नारेबाजी की। इसके बाद युवा कांग्रेस ने गांधी भवन में आयोजित कार्यक्रम के बाहर काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया। सिग्नल चौक पर पुतला दहन, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि छात्र अपने भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी को रोकने का भी लगाया आरोप युवा कांग्रेस नेता प्रांजल तिवारी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने से रोकना और हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से संवाद करना चाहिए, दमनात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। गांधी भवन कार्यक्रम के बाहर काले झंडे दिखाए पुतला दहन के बाद युवा कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी भवन स्थित बेसिक स्कूल मैदान पहुंचे, जहां नगर पालिका परिषद के एल्डरमैन शपथ ग्रहण, भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन था। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के विरोध में कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। कुछ देर तनावपूर्ण रहा माहौल कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस ने जारी रखने की कही बात जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि छात्रों, युवाओं, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। पार्टी ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया।
बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र को 29.40 करोड़ रुपए की दो प्रमुख ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणाओं के अनुरूप इन परियोजनाओं को प्रदेश सरकार के अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और आवागमन आसान बनेगा। स्वीकृत परियोजनाओं में खामनी-दहीहांडी-बड़सिंगी-मैथा मार्ग शामिल है। इसकी लंबाई 8.50 किलोमीटर है और इस पर 11.90 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं शाहपुर-सुखपुरी मार्ग 5.10 किलोमीटर लंबा होगा, जिस पर 17.50 करोड़ रुपए की लागत आएगी। ग्रामीणों और किसानों को मिलेगा लाभ विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। इन सड़कों से गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों और जिला मुख्यालय से बेहतर होगा। विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, जबकि किसानों को कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। अर्चना चिटनिस ने सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आगे भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क परियोजनाओं की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे बुरहानपुर विधानसभा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने विधायक अर्चना चिटनिस के प्रयासों की सराहना की।
उदयपुर में ब्लू डार्ट कंपनी का कर्मचारी बताकर पार्सल डिलीवरी के नाम पर ठगी करने के कॉल लोगों के पास आ रहे हैं। उदयपुर की एक महिला से दो दिन पहले 4250 रुपए की ठगी हुई। उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर-11 निवासी राकेश मूंदड़ा ने बताया- मेरी पत्नी मंजू के पास कॉल आया कि ब्लू डार्ट से बोल रहे हैं। आपका कूरियर है, ओटीपी बताइए। इस पर मंजू ने सोचा कि मैंने ऑनलाइन शॉपिंग कर रखी है और पेमेंट का मोड कैश ऑन डिलीवरी है। मंजू के पास जब कॉल आया, तब वह घर नहीं थी और बाजार में थी। उन्होंने पेमेंट कर दिया। इसके बाद सोमवार को अलग-अलग टाइम में पत्नी के पास तीन बार कॉल आया और उन्होंने ओटीपी बताया और पेमेंट कट गया। ऐसे करके उनके खाते से 4238 कट गए। बाद में पता चला कि उनका वो पार्सल तो आया ही नहीं। फोन पर पत्नी को गुमराह कर खाते से फ्रॉड हो गया। भाजपा नेता के साथ भी ठगी का प्रयास भाजपा आपदा राहत विभाग राजस्थान के प्रदेश संयोजक डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने बताया- बुधवार को मेरे मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ब्लू डार्ट कूरियर का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि आपका पार्सल आया है, लेकिन डिलीवरी बॉय का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद कॉल करने वाले ने मैसेज में भेजे गए कोड को डायल करने के लिए कहा। डॉ. शास्त्री को कॉल संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसकी सूचना उदयपुर साइबर क्राइम अधिकारी योगेंद्र चौधरी को सूचना दी। डॉ. शास्त्री ने बताया- कॉल बिहार से आने की जानकारी मुझे लगी तो मैंने बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार को फोन करते हुए वह नंबर दिया। साथ ही जांच कर कार्रवाई का आग्रह किया। उन्होंने बताया- इसी प्रकार के संदिग्ध कॉल उदयपुर के अन्य लोगों, जिनमें धरणेन्द्र जैन, संजय जैन और प्रकाश अग्रवाल के पास भी आया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने भी संबंधित उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और पार्सल डिलीवरी के नाम पर होने वाले कॉल से सतर्क रहें।
महू के बड़गोंदा क्षेत्र में बुधवार शाम प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रही दो शराब दुकानों को सील कर दिया। एसडीएम राकेश परमार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मौके से अवैध रूप से रखी गई शराब और बीयर जब्त की गई है। दो आरोपी गिरफ्तार, आबकारी एक्ट में केस मामले में बड़गोंदा थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रंजीत (पिता मांगीलाल) और किशोरीलाल के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों पर हुई कार्रवाई एसडीएम राकेश परमार ने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से शराब बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों की पुष्टि के बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरआई राधावल्लभ धाकड़, शंकर डावर, शंकर बघेल, पटवारी विजय भावसार और पटवारी पलक तिवारी सहित अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगा अभियान एसडीएम ने बताया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना लाइसेंस चल रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी कड़ाई से जारी रहेगा।
हांसी पुलिस के नारनौंद सीआईए ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 4 हजार रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई है। यह गिरफ्तारी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में की गई है। जांच अधिकारी, उप निरीक्षक धर्मवीर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। थाना शहर हांसी में 31 मई 2026 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पहले पकड़े जा चुके दो आरोपी इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे करीब 7 ग्राम हेरोइन बरामद की जा चुकी है। जांच के दौरान हांसी निवासी रोशनी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट से गिरफ्तारी की अनुमति ली। इसके बाद अदालत के आदेश पर महिला आरोपी रोशनी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर 4 हजार रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई। पुलिस ने इसे जब्त कर मामले में शामिल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। नशा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए हैं। उनकी रिहाई के बाद जेल के बाहर समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी कर खुशी जताई। जेल से रिहा होने के बाद अमित बघेल सबसे पहले महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर हाथ में लेकर जेल परिसर से बाहर कदम रखा। अमित बघेल ने कहा कि 2028 में छत्तीसगढ़ियावादी सरकार बनेगी। जानिए क्या है मामला ? बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। आरोप है कि वहां छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उग्र कर दिया। इसके बाद हिंसक हुई भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सैकड़ों वाहनों में आग लगा दी गई और कलेक्टोरेट भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान बीच-बचाव कर रहे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। देखिए तस्वीरें- अमित बघेल की रिहाई से जुड़ी अपटे्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाएं…
हिसार के महावीर स्टेडियम में हाल ही में बनाए गए सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट का सिंथेटिक फर्श इंस्टॉलेशन के महज एक सप्ताह के भीतर कई जगहों से उखड़ने लगा है। मामले को गंभीर मानते हुए हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन (HOA) ने हरियाणा सरकार के खेल विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया (IAS) को पत्र लिखकर तत्काल तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल और महासचिव कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से विकसित खेल अवसंरचना का इतनी जल्दी खराब होना बेहद चिंताजनक है। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, बल्कि तकनीकी मानकों के पालन पर भी संदेह पैदा होता है। खिलाड़ियों की सुरक्षा का भी मुद्दा हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि खिलाड़ियों को सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। खराब गुणवत्ता वाला कोर्ट खिलाड़ियों के प्रदर्शन और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए मामले में तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है। इन अधिकारियों को भी भेजी गई प्रति एसोसिएशन ने इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, खेल राज्य मंत्री, खेल विभाग के निदेशक और हिसार के उपायुक्त को भी भेजी है, ताकि मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
दौसा में मकान में चल रहा था सेक्स रैकेट:5 महिलाएं डिटेन, दो युवक गिरफ्तार, पुलिस से बचकर सरगना फरार
दौसा कोतवाली थाना क्षेत्र के मकान में सेक्स रैकेट चल रहा था। पुलिस ने रेड मारकर दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच महिलाओं को डिटेन किया गया है। गिरोह का सरगना और उसके कुछ साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने मौके से एक कार, एक बाइक, दो मोबाइल और 30 हजार 690 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार 21 जुलाई को सूचना मिली थी कि एनएच-21 स्थित पटेल विहार कॉलोनी के एक मकान में लंबे समय से देह व्यापार कराया जा रहा है। इसके बाद डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पहले मकान पर नजर रखी और फिर छापा मार दिया। दो युवक पकड़े, पांच महिलाएं मिलीं छापे के दौरान पुलिस ने हरिपुरा निवासी मुकेश कुमार और झाझवाड़ (बस्सी) निवासी हरिसिंह को गिरफ्तार कर लिया। मौके से पांच महिलाओं को डिटेन किया गया। वहीं गिरोह का सरगना पृथ्वीरत्न शर्मा और उसके कुछ साथी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। कार, बाइक, मोबाइल और नकदी मिली कोतवाली थाना प्रभारी भगवान सहाय ने बताया - मौके से एक कार, एक बाइक, दो मोबाइल और 30 हजार 690 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनसान जगह पर बने मकान में महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार कराते थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना पृथ्वीरत्न शर्मा के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार अलग-अलग जगह दबिश दे रही हैं।
उकलाना थाना क्षेत्र के गांव बिठमड़ा में खेत से ट्रैक्टर लेकर लौट रहे पिता-पुत्र के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान आत्मरक्षा में एक व्यक्ति द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हवाई फायर किए जाने की भी बात सामने आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में गांव बिठमड़ा निवासी पवन कुमार ने बताया कि 21 जुलाई को वह कलौदा रोड स्थित अपने खेत में ट्रैक्टर से बुवाई का कार्य कर रहा था। शाम करीब साढ़े छह बजे उसका बेटा आलोक ट्रैक्टर-ट्रॉली में ज्वार लेकर घर लौट रहा था। जान बचाकर भागा व्यक्ति आरोप है कि रास्ते में गांव के सत्ता, विक्रम सहित अन्य लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। किसी तरह आलोक वहां से निकलकर अपने पिता के पास पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, सूचना मिलने पर पवन कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद जब आलोक दोबारा ट्रैक्टर लेकर घर जाने लगा तो आरोपियों ने ट्रैक्टर के आगे बाइक खड़ी कर रास्ता रोक लिया। आरोप है कि सत्ता और उसके पुत्र जगबीर ने पवन कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान मोहित, भान और रामकुमार भी मौके पर पहुंच गए और डंडों से हमला कर दिया, जिससे पिता-पुत्र घायल हो गए। आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्टल से किया फायर पवन कुमार ने आरोप लगाया कि हमले से बचने और आत्मरक्षा के लिए उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हवाई फायर किया। इसी दौरान आरोपित जगबीर द्वारा डंडा मारने से उनका हाथ बहक गया और एक गोली पास में खड़ी एक स्कूटी में जा लगी। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल पिता-पुत्र को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल हिसार ले जाया गया। पुलिस के अनुसार मेडिकल जांच में आलोक के शरीर पर पांच तथा पवन कुमार के शरीर पर दस कुंद (ब्लंट) चोटों की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों द्वारा दोनों को बयान देने के लिए फिट घोषित किए जाने के बाद उनके बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी उकलाना थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 115, 126, 351(3) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बुरहानपुर जिले की पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने के अभियान के तहत बुधवार को ग्राम लिमपड़ाव की पहाड़ी पर 35 हजार पलाश के बीजों का बीजारोपण किया गया। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित इस अभियान में अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में श्रमवीरों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बीजारोपण अभियान का नेतृत्व डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार ने किया। अभियान में करीब 150 श्रमवीरों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पहाड़ी पर पलाश के बीज बोए। जिला प्रशासन द्वारा पहाड़ियों को हराभरा बनाने के लिए यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान में सरस्वती शिशु मंदिर और एटीएम पब्लिक स्कूल, बोदरली के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बीजारोपण किया। देखिए चार तस्वीरें… दिलाया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पलाश के वृक्ष पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और जल संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज बोया गया प्रत्येक बीज आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ वातावरण और बेहतर भविष्य की नींव बनेगा। कार्यक्रम के अंत में गायत्री परिवार के मनोज तिवारी ने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। पर्यावरण मित्र संजय राठौड़ ने बताया कि अभियान के अगले चरण में झिरी की पहाड़ी पर भी बड़े स्तर पर पलाश के बीजों का बीजारोपण किया जाएगा। अभियान में प्रमोद मोदी, मनीष कुवादे, डी.एफ. चव्हाण, विजय सोलंकी, मनोज तिवारी, संजय राठौड़, सुधीर गुप्ता, विजय पाटिल, घनश्याम पवार, संतोष जाधव, चंपालाल जाधव, दिनकर प्रजापति, प्राचार्य प्रीति तोमर सहित कई पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ललितपुर में झमाझम बारिश, गर्मी से राहत:कई इलाकों में जलभराव, किसानों को फसल के लिए लाभ
ललितपुर जिले में बुधवार शाम करीब छह बजे आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं शहर के कई इलाकों में जलभराव भी देखने को मिला। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। शाम 7 बजे तापमान 27 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था। शहर के अलावा, कस्बा बार में भी शाम चार बजे 20 मिनट तक बारिश हुई। ललितपुर शहर में एसडीएस विद्यालय जाने वाले मार्ग और सिद्धन रोड पर स्थित एसडीएस स्कूल के सामने सड़क पर जलभराव हो गया, जिससे आवागमन में परेशानी हुई। कई मोहल्लों की नालियां भी उफान पर आ गईं। चांदमारी मोहल्ले के एक युवक ने बताया कि इस सड़क पर अक्सर बरसात के मौसम में जलभराव हो जाता है। जिन गांवों में बारिश हुई, वहां के किसानों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह बारिश फसल बुवाई के बाद काफी लाभदायक मानी जा रही है।
सीकर में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत नवलगढ़ रोड स्थित ग्रामीण शिक्षण संस्थान में बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में 700 से 800 छात्राएं मौजूद रहीं। वहीं 5200 स्कूली स्टूडेंट्स वर्चुअल रूप से जुड़े। कार्यक्रम में सीकर पुलिस की कालिका टीम ने सेल्फ डिफेंस के तरीके भी सिखाए। एसपी ने की छात्राओं से बातचीत कार्यक्रम के दौरान सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने कई छात्राओं से बातचीत की। एक छात्रा ने कहा- सोसायटी लड़कों के रात को घर से बाहर आने-जाने पर किसी तरह की रोक नहीं लगाती। वहीं लड़कियों पर इस तरह के बाउंडेशन लगाए जाते हैं कि रात को घर से बाहर मत जाओ, ये मत करो-वो मत करो। एसपी प्रवीण नायक ने कहा- आप बाउंडेशन से फाइट करना सीखो। जब आप लगातार फाइट करोगे तो सोसायटी भी आपको सपोर्ट करना शुरू कर देगी। फिर आप सपोर्ट से वह सब कुछ हासिल करो, जो आप करना चाहते हो। साइबर सिक्योरिटी की दी जानकारी एसपी प्रवीण नायक ने कहा- आज के कार्यक्रम में महिला अपराध, साइबर सिक्योरिटी, सेल्फ डिफेंस की जानकारी दी गई। इस दौरान स्टूडेंट्स से उनकी प्रॉब्लम के बारे में भी पूछा गया। एसपी ने कहा- सेल्फ डिफेंस सीखने के लिए हमारे पास काफी रिक्वेस्ट आती है। उसके आधार पर सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग भी दी जाती है। कार्यक्रम में एडिशनल एसपी डॉ तेजपाल सिंह, किशोरीलाल, DYSP जीवणलाल, पूनम, उद्योग नगर SHO राजेश कुमार बुडानिया, महिला थाना SHO मुनेशी कुमारी सहित पुलिस विभाग के कई कर्मचारी मौजूद रहे।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि कोर्ट के 14 जुलाई के अंतरिम आदेश का केवल औपचारिक नहीं, बल्कि उसकी मूल भावना के अनुरूप अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए भोजशाला परिसर के बिलकुल करीब ही अस्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाए। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर शुक्रवार (24 जुलाई) को अगली सुनवाई करेगा, जिसमें प्रशासन द्वारा की गई नई व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। नमाज स्थल की दूरी को लेकर कोर्ट में घमासान सुनवाई के दौरान नमाज स्थल की दूरी को लेकर मुस्लिम पक्ष और सरकार की ओर से अलग-अलग दावे पेश किए गए। मुस्लिम पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा- जिला प्रशासन ने जो जगह तय की है, वह भोजशाला से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। यह कोर्ट के आदेश की मूल भावना के खिलाफ है। सरकार और प्रशासन की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- तय स्थान 2 किलोमीटर नहीं, बल्कि महज 900 मीटर की दूरी पर है। फिर भी अधिकारी अधिक उपयुक्त जगह की तलाश कर रहे हैं। पहले 'चालीस पीर दरगाह' के पास हुई थी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के बाद धार जिला प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह के पास खाली जमीन को समतल कर जुमे की नमाज के लिए अस्थायी इंतजाम किए थे। सदर अब्दुल समद ने इस व्यवस्था को भोजशाला से काफी दूर बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। कहा था कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नहीं है। इसी आपत्ति के बाद मुस्लिम पक्ष ने दोबारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत यह देखेगी कि प्रशासन ने भोजशाला के पास कौन सा नया और उपयुक्त स्थान तय किया है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इन ताजा निर्देशों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। …………………… यह खबर भी पढ़ें भोजशाला से 2KM दूर चालीस-पीर परिसर में नमाज की अनुमति:फैसले से मुस्लिम पक्ष नाराज मध्यप्रदेश के धार में भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जुमे की नमाज के लिए भोजशाला से करीब 2 किलोमीटर दूर मालीवाड़ा स्थित चालीस पीर परिसर तय कर दिया है। हालांकि, मुस्लिम समाज ने इस व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के विपरीत बताते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर
करनाल जिला के इंद्री क्षेत्र के गांव राजेपुर में एक मजदूर द्वारा चोरी करने का मामला सामने आया है। राजमिस्त्री के काम के लिए बुलाया गया व्यक्ति रात में घर पर ठहरा और सुबह होने से पहले ही मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव राजेपुर निवासी शिकायतकर्ता श्रीचंद ने इंद्री पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव के ही कृष्ण मलिक के यहां राजमिस्त्री का काम कर रहा था। 19 जुलाई को वह सूबे सिंह और पुनीत के साथ लाडवा लेबर चौक से एक मजदूर सुनील कुमार निवासी गांव नाचरोन को काम के लिए लेकर आया था। दिनभर काम करने के बाद उक्त मजदूर को अगले दिन भी काम पर लगना था, इसलिए उसे रात में अपने घर पर ही ठहरा लिया। रात में चोरी कर हुआ फरार पीड़ित के अनुसार, रात के समय मौका पाकर मजदूर सुनील कुमार कश्यप उसकी बाइक, मोबाइल फोन और जेब से 600 रुपए निकालकर फरार हो गया। सुबह उठने पर घटना का पता चला, जिसके बाद आसपास तलाश की गई लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले में थाना इंद्री में 21 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया जाएगा।
दमोह में युवक के सिर पर चाकू मारा:गला रेतने का भी प्रयास किया, जटाशंकर कॉलोनी का आरोपी फरार
दमोह के कोतवाली थाना क्षेत्र की जटाशंकर कॉलोनी में बुधवार शाम एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया। पुराने विवाद को लेकर हुए इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी ने युवक का गला रेतने की भी कोशिश की। घटना बुधवार शाम करीब 4:30 बजे की है। घायल युवक की पहचान जटाशंकर कॉलोनी के रहने वाले 40 साल के किशोरी ठाकुर के रूप में हुई है। किशोरी ठाकुर ने बताया कि वह अपने घर के पास खड़ा था, तभी आरोपी ने अचानक उसके सिर पर चाकू से वार कर दिया। हमले से वह तुरंत जमीन पर गिर पड़ा। दो दिन पुराने विवाद में किया हमला घायल के मुताबिक, हमला करने वाला शख्स जटाशंकर कॉलोनी का ही रहने वाला दिलावर मुड़ा है। किशोरी का दिलावर से दो दिन पहले मामूली विवाद हुआ था। हमले के बाद आरोपी ने चाकू से उसका गला रेतने की कोशिश भी की, लेकिन किशोरी के जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपी वहां से भाग निकला। जिला अस्पताल में भर्ती, आरोपी की तलाश में पुलिस किशोरी के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। वे तुरंत उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए और कोतवाली पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि आरोपी आदतन अपराधी है, पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

