गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेघा रूपम ने गुरुवार को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर भुगतान ग्रैच्युटी अधिनियम के तहत जारी वसूली नोटिस का पालन न होने और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के लिए बिना शर्त माफी मांगी। साथ ही कोर्ट को आश्वस्त किया कि नियत प्रक्रिया का पालन करते हुए नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड के नाम पर नया वसूली नोटिस जारी किया जाता है तो प्रशासन उक्त राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। कोर्ट ने प्रशासन की ओर से मिले पुख्ता आश्वासन और परिस्थितियों को देखते हुए सभी याचिकाओं को आवश्यक दिशानिर्देशों के साथ निस्तारित कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की ने महेंद्र दत्त शर्मा सहित चार अन्य की याचिकाओं पर उनके अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी और अपर महाधिवक्ता अशोक मेहता व मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को सुनकर दिया। क्या है मामला जानिये मामले के तथ्यों के अनुसार मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स के खिलाफ ग्रैच्युटी भुगतान प्राधिकरण ने लगभग सात लाख रुपये और उस पर ब्याज की वसूली के लिए 13 जून 2024 को वसूली नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना था कि दिए गए पते पर उक्त कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला। जांच में यह सामने आया कि मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स को पहले ही एक नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड को बेचा जा चुका है। वसूली नोटिस नई कंपनी के नाम पर नहीं था इसलिए प्रशासन इसे निष्पादित करने में असमर्थ रहा।
कानोता थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी सलमान खान उर्फ सलमान गद्दी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सलमान के कब्जे से एक देसी कट्टा भी बरामद किया है, जबकि अन्य आरोपियों से लाठी-डंडे जब्त किए गए हैं। आरोपी मारपीट और हथियारों से हमला करने के मामले में नामजद थें। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 11 जून को पीड़ित ने कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून को आरोपियों ने उसे और उसके भाई को धमकाया था। इसके बाद 10 जून की रात करीब 8 बजे सलमान गद्दी, शाहरुख गद्दी, सोहेल गद्दी, रफीक गद्दी, आसिफ गद्दी सहित 15-20 अन्य लोगों ने लाठी-डंडों, सरियों और पिस्टल के साथ हमला कर गंभीर मारपीट की। इस संबंध में कानोता थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपियों का पता लगाया। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी सलमान खान उर्फ सलमान गद्दी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने इस कार्रवाई में रफीक खान, शाहरुख खान, नासिर खान और धनराज बैरवा उर्फ छोटू को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में सोहेल खान और आसिफ खान को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई संगीन मामलों में आरोपी है सलमान कानोता थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह ने बताया कि सलमान गद्दी गंगापुर सिटी के उदेई मोड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वह गंगापुर सिटी के एक अन्य गंभीर मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
बेटे की हत्या के दोषी सौतेले पिता की सजा बरकरार:हाईकोर्ट ने उम्रकैद के खिलाफ अपील खारिज कर दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने गोरखपुर के प्रदीप उर्फ अमन चौरसिया की आपराधिक अपील खारिज करते हुए उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। गोरखपुर के चिलुवाताल थाना क्षेत्र में 28 अक्टूबर 2015 को दो साल के मासूम अभिमन्यु की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। बच्चे की मां मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि उसका दूसरा पति प्रदीप, अभिमन्यु से (जो उसके पहले पति से था) नफरत करता था और अक्सर उसे पीटता था। घटना के दिन मुन्नी देवी बर्तन धो रही थी, तभी बच्चे की चीख सुनकर वह कमरे में पहुंची और प्रदीप को बेटे को पीटते देखा। प्रदीप मौके से फरार हो गया और बाद में पता चला कि बच्चे की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर चोट के निशान और हड्डी टूटी हुई पाई गई, जिससे दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। ट्रायल कोर्ट ने 27 मई 2022 को प्रदीप को आईपीसी धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट में दलील काम न आई बचाव पक्ष ने एफआईआर दर्ज करने में देरी, गवाहों के मुकर जाने और तहरीर दरोगा के कहने पर लिखे जाने जैसी दलीलें दीं। लेकिन कोर्ट ने पाया कि एफआईआर सिर्फ सवा घंटे में दर्ज हो गई थी, इसलिए देरी का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि पांच में से चार गवाह मुकर गए, लेकिन कोर्ट ने माना कि मां मुन्नी देवी घटना की इकलौती व चश्मदीद गवाह थी और उसकी गवाही पूरी तरह विश्वसनीय है। कोर्ट ने कहा कि एक मां अपने बेटे की हत्या के असली दोषी को बचाकर अपने ही पति को झूठा नहीं फंसाएगी, खासकर जब उसने उसके लिए अपना पहला पति तक छोड़ दिया हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि रिश्तेदार होना गवाह को 'हितबद्ध नहीं बनाता। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई खामी न पाते हुए सजा के खिलाफ अपील खारिज कर दी। अभियुक्त 31 अक्टूबर 2015 से जेल में बंद है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के समीप सड़क चौड़ीकरण और सुंदरीकरण परियोजना के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को जनहित और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किसी भी भूमि या धार्मिक संपत्ति का अधिग्रहण करने का संप्रभु अधिकार प्राप्त है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने सैयद रशीद अली व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी, एडिशनल सीएससी सुरेश सिंह, नगर निगम वाराणसी के अधिवक्ता विनीत संकल्प और वीडीए के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। जानिये क्या है मामला दालमंडी मार्केट के छह दुकानदारों, जो किराएदार हैं ने याचिका में दालमंडी स्थित उनकी दुकानों और भवनों से मनमाने ढंग से बेदखल न करने, प्रशासन द्वारा बलपूर्वक बेदखली या पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जरिए किसी भी तरह का उत्पीड़न रोकने और क्षेत्र में स्थित छह प्राचीन मस्जिदों (अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद, मस्जिद रंगीले शाह, मस्जिद अली रज़ा खान, मस्जिद करीमुल्लाह बेग, मस्जिद निसारन और मस्जिद संगमरमर) को ढहाने या उनका स्वरूप बदलने से रोकने की मांग की थ। याचियों का तर्क था कि दालमंडी मुस्लिम बहुल और बेहद पुराना व्यस्त बाजार है। चौड़ीकरण के लोक निर्माण विभाग के 21,588.24 लाख के बजट वाले प्रोजेक्ट से हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी। साथ ही उन्होंने 'पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 का हवाला देकर मस्जिदों के अधिग्रहण को अवैध बताया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता केवल किराएदार हैं और उनके पास रेंट एग्रीमेंट या बिजली बिल जैसी सीमित चीजें हैं। लंबे समय से व्यापार करने मात्र से उनका अधिकार मालिकाना हक में नहीं बदल जाता। भूमि अधिग्रहण कानून (अधिनियम 2013) के तहत मुख्य रूप से संपत्ति के वास्तविक मालिक को ही आपत्ति जताने या मुआवजे की बातचीत करने का अधिकार होता है। संपत्ति मालिकों ने इस परियोजना पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। धार्मिक स्थल को लेकर दलीलें याचिकाकर्ताओं के सबसे बड़े तर्क को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि 1991 का अधिनियम राज्य सरकार के भूमि अधिग्रहण के अधिकार को नहीं रोकता। इस अधिनियम का एकमात्र उद्देश्य किसी सार्वजनिक पूजा स्थल को एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित होने से रोकना है। यह अधिनियम धर्मनिरपेक्ष और सार्वजनिक उद्देश्यों जैसे सड़क चौड़ीकरण या बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य द्वारा किए जाने वाले वैध अधिग्रहण के खिलाफ कोई सुरक्षा कवच या ढाल नहीं है। ऐतिहासिक फैसलें का जिक्र हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ द्वारा डॉ एम इस्माइल फारूकी बनाम भारत संघ (1994) मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले का संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद सहित कोई भी अचल संपत्ति राज्य द्वारा अधिग्रहित की जा सकती है। मस्जिद को अन्य धर्मों के पूजा स्थलों से अलग कोई विशेष संवैधानिक छूट प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संशोधित वक्फ अधिनियम की धारा 51 और 91 भी जनहित में वक्फ बोर्ड की सलाह से भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत संपत्तियों के अधिग्रहण की अनुमति देती है। मस्जिदों के प्रबंधन (मुतवल्ली) या वक्फ बोर्ड ने सीधे तौर पर इस पर आपत्ति नहीं जताई है इसलिए दुकानदारों द्वारा इस मुद्दे को उठाना प्रासंगिक नहीं है। सरकारी वकील ने पक्ष रखा सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता महेश चंद्र चतुर्वेदी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि प्रशासन किसी को अवैध रूप से बेदखल नहीं कर रहा है। आपसी सहमति के आधार पर सेल डीड निष्पादित कर जमीनें ली जा रही हैं, और जो लोग सहमत नहीं हैं उनके लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत धारा 11 की अधिसूचना जारी कर उचित मुआवजे और पुनर्वास की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वहीं, जर्जर भवनों पर नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण अपने नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में एक फल विक्रेता का शव गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे फंदे के सहारे लटका मिलने के बाद सनसनी फैल गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। इसके बाद शव को नीचे उतारकर पंचनामे की कार्रवाई करते हुए मोर्चरी भिजवा दिया। चर्चा है कि युवक कर्ज से परेशान था। नौचंदी थाना क्षेत्र के जयदेवी नगर में फल विक्रेता 31 वर्षीय मनोज अपने परिवार के साथ रहता चला आ रहा था। गुरुवार को मनोज की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके गई हुई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे इसी घर में रहने वाला एक बच्चा मनोज के कमरे पर पहुंचा तो अचानक जोर जोर से चिल्लाने लगा। शोर सुनकर लोग पहुंचे तो पाया मनोज का शव फंदे के सहारे लटका हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। दिन में पत्नी-बच्चों से की थी मारपीट भाई हरिकिशन ने बताया कि सुबह मनोज का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। इसी विवाद में मनोज ने पत्नी व बच्चों से मारपीट कर दी। मनोज की पत्नी नौचंदी थाने चली गई और वहां से पुलिस वालों को बुलाकर ले आई। पुलिस वाले समझाकर लौट गए। उन्होंने सलाह दी कि पत्नी को मायके भेज दो, जब गुस्सा शांत हो जाएगा तो लेकर आ जाना। इसके बाद पत्नी घर चली गई और रात में मनोज ने अपने कमरे में सुसाइड कर लिया। नौचंदी पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया सुसाइड की सूचना पाकर नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे की अच्छी तरह छानबीन की। सुसाइड नोट की संभावनाओं को भी तलाशा लेकिन कुछ नहीं मिला। कुछ ही देर में फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। फोरेंसिक टीम ने शव फंदे से नीचे उतारा और जांच की। इसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया। कर्ज से परेशान चल रहा था मनोज शुरुआती छानबीन में सामने आया कि मनोज कर्ज से काफी समय से परेशान चल रहा था। उस पर तीन से चार लाख रुपये का कर्ज था। धीरे धीरे वह इतना परेशान रहने लगा कि उसने शराब तक पीनी शुरु कर दी। इसको लेकर आए दिन घर में भी विवाद शुरु हो गया। मनोज देर रात तक शराब पीता था। पत्नी विरोध करती तो वह मारपीट करता था। पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज एसएचओ नौचंदी अनूप सिंह ने बताया कि मनोज कर्ज से परेशान था, जिस कारण उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की स्पष्ट वजह पता चल सकेगी। सुबह पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के 1982 के एक बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी बसंत सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात द्वारा 28 अप्रैल 1988 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। जानिये क्या है मामला 15 अक्टूबर 1982 की रात मंगलपुर थाना क्षेत्र में रामाधार त्यागी के पुत्र कृष्णाधार उर्फ छोटे की उनके ट्यूबवेल पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी। घटना के करीब चार महीने बाद, फरवरी 1983 में, त्यागी ने दूसरी लिखित रिपोर्ट देकर उदय कुमार चौबे पर शक जताया। बाद में पुलिस ने उदय कुमार, धर्मराज, बसंत सिंह और राजाराम सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या, गैरकानूनी जमावड़े व साजिश की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल कोर्ट ने सभी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपील की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ताओं में से उदय कुमार, धर्मराज और राजाराम की मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए उनके मामले निष्प्रभावी घोषित कर दिए गए। सुनवाई केवल बसंत सिंह तक सीमित रही। कोर्ट ने कहा सबूत ठोस नहीं हाईकोर्ट ने पाया कि पहली एफआईआर में किसी का नाम नहीं था और चार महीने बाद दी गई दूसरी रिपोर्ट भी केवल शक पर आधारित थी। अभियोजन के सभी गवाह प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे, और उनकी गवाही में भारी विरोधाभास पाए गए ।कई गवाहों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश या आरोपियों को घटनास्थल की ओर जाते देखने की बात कही, लेकिन यह जानकारी उन्होंने महीनों तक किसी को नहीं बताई, न परिवार को, न पुलिस को। जांच अधिकारी ने भी इन गवाहों के बयान घटना के तीन-चार महीने बाद दर्ज किए। कोर्ट ने कहा कि घटनास्थल से हथियार या कोई ठोस सुबूत बरामद नहीं हुआ, और ट्रायल कोर्ट ने केवल पुरानी रंजिश व गांव की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के आधार पर, बिना ठोस प्रमाण के, दोषसिद्धि कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए खंडपीठ ने कहा कि रंजिश दोधारी तलवार है। यह अपराध का मकसद भी हो सकती है और झूठी फंसाने की वजह भी। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि शक चाहे कितना भी गहरा हो, वह सबूत की जगह नहीं ले सकता, और गंभीर अपराध में सबूत का स्तर उतना ही मजबूत होना चाहिए। कोर्ट ने इसे कोई सुबूत नहीं वाला मामला बताते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया, आरोपी बसंत सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया और उसकी जमानत बांड रद्द करते हुए आत्मसमर्पण की आवश्यकता समाप्त कर दी।
खुद को पत्रकार बताने वाले एक तथाकथित पत्रकार के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर सीतापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला लखनऊ कमिश्नरेट के हसनगंज थाने को स्थानांतरित कर दिया है, क्योंकि कथित घटना लखनऊ में हुई बताई गई है। अब मामले की विवेचना हसनगंज पुलिस करेगी। रिश्तेदारी का फायदा उठाकर वारदात का आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी रंजीत सिंह राठौर जो खुद को पत्रकार बताता है, परिचित होने के कारण लखनऊ स्थित रिश्तेदार के घर पहुंचा। आरोप है कि वह अपने साथ आम का शेक लेकर आया, जिसमें पहले से नशीला पदार्थ मिलाया गया था। शेक पीने के बाद नाबालिग और घर में मौजूद एक महिला बेहोश हो गईं। बेहोशी का फायदा उठाकर दुष्कर्म करने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों के अचेत होने के बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गया। कुछ समय बाद परिजनों के पहुंचने पर दोनों बेसुध हालत में मिले, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना पूरी तरह सुनियोजित थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज, जांच लखनऊ पुलिस को सौंपी गई पीड़ित पक्ष की शिकायत पर सीतापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जांच में सामने आया कि कथित घटना लखनऊ के हसनगंज थाना क्षेत्र की है। इसके बाद विधिक प्रक्रिया के तहत विवेचना लखनऊ कमिश्नरेट के हसनगंज थाने को स्थानांतरित कर दी गई है। हसनगंज पुलिस अब मामले में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल से जुड़े प्रमाण और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के दौसा के पास हंस ट्रेवल्स की बस की ट्रेलर से टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 से अधिक यात्री घायल हुए थे। इस हादसे में इंदौर की इंजीनियरिंग छात्रा भूमि भोरे और अन्नपूर्णा क्षेत्र निवासी निर्मला गुप्ता की भी जान चली गई थी। गुरुवार को डीएनए जांच के जरिए दोनों शवों की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजन को सौंप दिए गए। परिजन गुरुवार शाम शव लेकर राजस्थान से इंदौर के लिए रवाना हो गए। दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा। दरअसल, मंगलवार को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। भूमि भोरे, सुखलिया निवासी थीं। वह अपनी दो रिश्तेदार युवतियों लीजा और दिशा तथा तीन अन्य युवकों के साथ मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा पर गई थीं। वहीं, निर्मला गुप्ता अपने पति चंद्रप्रकाश गुप्ता के साथ चारधाम यात्रा से लौट रही थीं। दोनों इंदौर लौटने के लिए हंस ट्रेवल्स की बस में सवार थीं, तभी दौसा के पास यह भीषण हादसा हो गया। भूमि के परिजनों में उनके बड़े पिता, पिता और अन्य रिश्तेदार शव लेने राजस्थान पहुंचे थे। वहीं, निर्मला गुप्ता के परिवार की ओर से उनकी बेटी, दामाद और अन्य परिजन वहां पहुंचे। हादसे के बाद से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रेलर से टकराई, 8 मौतें राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। पढ़िए पूरी खबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 1986 के एक बहुचर्चित अपहरण और जालसाजी के मामले में सत्र न्यायालय, एटा द्वारा आरोपियों को दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द करते हुए राम किशोर, राम भरोसे, भूदेव और दिनेश सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया । जानिये क्या है मामला थाना जैथरा, जिला एटा में दर्ज मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता फूलश्री ने आरोप लगाया था कि उसके भाई राम दुलारे को 8 मार्च 1986 को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को राम दुलारे के स्थान पर खड़ा कर उसकी जमीन का फर्जी बैनामा दिनेश के नाम करा लिया और बाद में राम दुलारे को गायब कर दिया। इस मामले में आईपीसी की धारा 364, 420, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। सत्र न्यायालय, एटा ने 9 अक्टूबर 1990 को सभी चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा 364 में आजीवन कारावास, धारा 420 में पांच वर्ष और धारा 468 में सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। बयानों में विरोधाभास हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तीनों प्रत्यक्षदर्शी गवाहों कृपाल सिंह, फूलश्री और महावीर के बयानों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए पाया कि इनके बयानों में परस्पर विरोधाभास हैं और अंतिम बार साथ देखे जाने के सिद्धांत को समर्थन देने वाला कोई ठोस पुष्ट साक्ष्य मौजूद नहीं है। कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि उसकी पुष्टि करने वाला अन्य सुसंगत साक्ष्य न हो। लास्ट सीन टुगेदर सिद्धांत स्वयं में अपराध सिद्ध नहीं इसके अलावा, पीठ ने ट्रायल कोर्ट की इस टिप्पणी को भी गलत ठहराया कि विवादित बिक्री-पत्र फर्जी था, क्योंकि यह निर्णय किसी सक्षम सिविल न्यायालय द्वारा साक्ष्यों की जांच के बाद नहीं दिया गया था। हाईकोर्ट के अनुसार, कोई भी आपराधिक अदालत बिना सिविल कोर्ट के निर्णायक निष्कर्ष के किसी दस्तावेज़ को फर्जी घोषित कर धोखाधड़ी और जालसाजी का दोषी नहीं ठहरा सकती। रिपोर्ट दर्ज कराने में हुई करीब एक महीने की देरी को भी अदालत ने संदेहास्पद माना, जिसका अभियोजन पक्ष कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इन तमाम कमियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को साक्ष्यों के विपरीत और विधि के स्थापित सिद्धांतों के प्रतिकूल मानते हुए रद्द कर दिया और सभी चारों अपीलकर्ताओं को दोषमुक्त करार दिया। चूंकि आरोपी पहले से जमानत पर थे, अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण से छूट देते हुए उनकी जमानत बॉन्ड रद्द कर दी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर की पांच बड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) से वित्तीय सहायता मांगी है। गुरुवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने दिल्ली से आई यूसीएफ टीम के साथ बैठक कर सभी परियोजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, मुख्य अभियंता महेश वर्मा, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सहित यूसीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने बताया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड योजना के तहत शहरी परियोजनाओं के लिए कुल लागत का 25% तक पूंजीगत अनुदान मिलता है। इसी के तहत एलडीए ने पांच प्रमुख परियोजनाओं के लिए फंड की मांग की है। पहले चरण में 1000 करोड़ से विकसित होगा वरुण विहार आगरा एक्सप्रेसवे पर 6580 एकड़ में प्रस्तावित वरुण विहार आवासीय योजना का सबसे पहले प्रस्तुतीकरण दिया गया। योजना के पहले चरण में करीब 1000 करोड़ रुपए से विकास कार्य प्रस्तावित हैं। एलडीए ने इसके लिए परियोजना लागत का 25% अनुदान मांगा है। योजना पूरी होने पर बड़ी संख्या में परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। 1090 चौराहे पर बनेगा 2.3 किमी लंबा फ्लाईओवर बैठक में बैकुंठ धाम से ला मार्टिनियर ग्राउंड तक 2.3 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी रखा गया। करीब 330 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना से लगभग 10 लाख लोगों को यातायात जाम से राहत मिलने का दावा किया गया। इसके अलावा 30 करोड़ रुपए की लागत से पत्रकारपुरम में मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण के लिए भी वित्तीय सहायता मांगी गई। हनुमान सेतु के पास बनेगी बहुमंजिला लाइब्रेरी एलडीए ने हनुमान सेतु के पास 2592 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बहुमंजिला लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव भी यूसीएफ के सामने रखा। करीब 58.78 करोड़ रुपए की लागत वाली यह लाइब्रेरी लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए उपयोगी होगी। वहीं 195 करोड़ रुपए की लागत से कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स के री-डेवलपमेंट के लिए भी फंड की मांग की गई।
बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के जिगनिया सादिक अली गांव में गुरुवार रात करीब साढ़े 10 बजे एक मामूली सी चिंगारी ने गरीब परिवार की पूरी जिंदगी बदल दी। परिवार रोज की तरह झोपड़ी में खाना बना रहा था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि चूल्हे से निकली एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में पूरे घर को आग के हवाले कर देगी। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी और परिवार की वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई पूरी गृहस्थी राख में बदल चुकी थी। फूस की झोपड़ी होने से तेजी से फैली आगगांव निवासी रामकिशोर अपने दो बेटों के परिवार के साथ फूस की झोपड़ी में रहते हैं। गुरुवार को घर में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी झोपड़ी के छप्पर और अंदर रखे सामान पर जा गिरी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। फूस और लकड़ी से बनी झोपड़ी होने के कारण लपटें तेजी से फैल गईं और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इंजन, अनाज, बर्तन, कपड़े... कुछ भी नहीं बचाआग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर में रखा एक-एक सामान जल गया। खेती में इस्तेमाल होने वाला इंजन, कई महीने का अनाज, बर्तन, चारपाई, कपड़े और जरूरी घरेलू सामान सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि परिवार के छोटे बच्चों के तन पर पहनने के लिए भी कपड़े नहीं बचे। वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी कुछ ही मिनटों में राख हो गई। आग की लपटें देख दौड़े ग्रामीण, घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबूझोपड़ी से उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घंटों तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। अगर समय रहते ग्रामीण एकजुट होकर आग बुझाने नहीं पहुंचते तो आसपास की अन्य झोपड़ियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेडघटना की जानकारी मिलते ही फतेहगंज पूर्वी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम गांव पहुंची। हालांकि तब तक ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई जा चुकी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और नुकसान का जायजा लिया। खुले आसमान के नीचे पहुंचा परिवारआग बुझने के बाद जब परिवार ने अपनी झोपड़ी की ओर देखा तो वहां सिर्फ राख का ढेर बचा था। रहने का ठिकाना खत्म हो चुका था और रोजमर्रा के इस्तेमाल का कोई सामान नहीं बचा। अब परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और उनके सामने दो वक्त की रोटी से लेकर बच्चों के कपड़ों तक का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से मदद की मांगघटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद गरीब है और बिना सरकारी मदद के दोबारा अपनी गृहस्थी बसाना उनके लिए संभव नहीं होगा। फिलहाल गांव के लोग अपने स्तर पर परिवार की मदद करने में जुटे हैं, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं की भर्ती का अंतिम परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित कर दिया है। आयोग ने पांच तकनीकी विषयों में 13 पदों के सापेक्ष 12 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है। इन पदों के लिए विज्ञापन 15 सितंबर 2021 को जारी किया गया था और इंटरव्यू एक जून 2026 को आयोजित किए गए थे। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन विषय के लिए विज्ञापित तीन पदों में से केवल दो पर ही चयन हो सका है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी न मिलने के कारण एक पद रिक्त रह गया है। चयनित अभ्यर्थियों में प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी विषय से राहुल कुमार और हेमंत पाल शामिल हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इंडस्ट्रियल एंड कंट्रोल) विषय में राजगुरु तिवारी का चयन हुआ है। इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल विषय में आशीष कुमार सिंह, वरुणेंद्र कुमार सिंह, अरुण झा, श्रुति यादव और रवींद्र को सफलता मिली है। इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन विषय में मो. साजिम और ज्योति सिंह तथा फुटवियर टेक्नोलॉजी विषय में संजय चाहर और अर्जुन वर्मा का चयन किया गया है। जिन चयनित अभ्यर्थियों के नाम के आगे 'प्रोविजनल' अंकित है, उन्हें आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह परिणाम उच्च न्यायालय में विचाराधीन विशेष अपील पर पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। अभ्यर्थी अपने प्राप्तांक और कट-ऑफ की जानकारी आयोग की वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in पर देख सकते हैं।
मथुरा में आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार शाम 7 बजे यह बैठक आयोजित की गई। गोवर्धन में 23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस मेले की व्यवस्थाएं 15 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए हैं। मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के लिए 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर, 150 बैरियर, 183 सीसीटीवी कैमरे और 350 पीए सिस्टम लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र को रोशन करने के लिए 1281 एलईडी लाइटें, 14 सेमी मास्ट, एक हाई मास्ट और 212 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए 5 खोया-पाया केंद्र, 140 हैंडपंप, 30 पानी के टैंकर, 17 आरओ प्लांट और 25 मोबाइल शौचालय उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त, 3 जनसुविधा केंद्र और 61 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 22 चिकित्सा शिविर, 14 एंबुलेंस और 5 बाइक एंबुलेंस टीमें तैनात की जाएंगी। परिवहन के लिए 1100 रोडवेज बसें और आपातकालीन सेवाओं के लिए 19 अग्निशमन वाहन उपलब्ध रहेंगे। मानसी गंगा पर एसडीआरएफ टीम और विभिन्न स्थानों पर पीएसी भी तैनात की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष मेले में 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। इस बार मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने, वॉल पेंटिंग, तिरंगा लाइटिंग, फसाड लाइटिंग और सजावट से आकर्षक बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी विद्युत पोलों की प्लास्टिक रैपिंग, क्षतिग्रस्त पोलों को बदलने, ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग और स्ट्रीट व सोलर लाइटों को दुरुस्त करने के आदेश भी दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को सभी चिकित्सा शिविरों पर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एंटी-वेनम दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और सरकारी व निजी अस्पतालों की मैपिंग कराने पर भी जोर दिया। सीसीटीवी, पीए सिस्टम,पार्किंग व्यवस्था और डाइवर्जन प्लान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कौशांबी के सिहोरी टोल प्लाजा पर हुए एलपीजी टैंकर हादसे में दो और लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। एक अन्य घायल का इलाज अभी भी जारी है। गुरुवार को हीरामणि सिंह (29) और कृष्णपाल मौर्य ने दम तोड़ दिया। हीरामणि रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र के राजापुर के निवासी थे, जबकि कृष्णपाल मौर्य मध्य प्रदेश के सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र के कठैली गांव के रहने वाले थे। यह हादसा बीते 26 जून शुक्रवार की सुबह करीब 6:40 बजे हुआ था, जब एक एलपीजी गैस टैंकर टोल प्लाजा की दीवार से टकरा गया था। टक्कर के बाद भीषण आग लग गई थी, जिससे पूरा टोल प्लाजा जलकर राख हो गया था। हादसे के दिन ही टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) और टोल कर्मचारी आलोक सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार रात को टोल कर्मचारी अनिल कुमार ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मृतक हीरामणि सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके चाचा माधव प्रताप सिंह के अनुसार, चार साल पहले उनके पिता वीरेंद्र बहादुर सिंह का निधन हो गया था। उनके परिवार में मां मायावती सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह और दो छोटे बेटे युग (9) और वेद (5) हैं। कृष्णपाल मौर्य दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई वेद प्रकाश मौर्य ने बताया कि कृष्णपाल पिछले दो वर्षों से कौशांबी के कोखराज स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर कार्यरत थे। पुलिस अब मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा रही है। घायल अतुल कुमार मिश्रा का प्रयागराज के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।
हरगांव एसएचओ बलवंत शाही लाइन हाजिर:मंत्री से विवाद और कार्य में लापरवाही बनी वजह, एसपी की कार्रवाई
सीतापुर में हरगांव थाना प्रभारी बलवंत शाही को एसपी अंकुर अग्रवाल ने गुरुवार शाम 10 बजे लाइन हाजिर कर दिया है। बताया जा रहा है कि कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही से विवाद और काम में लापरवाही के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। क्राइम मीटिंग में भी थाना स्तर के कामों में कई खामियां सामने आने के बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाया था। 21 जून को हरगांव थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि घटना के बाद थाना प्रभारी ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस मामले को लेकर कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने नाराजगी भी जताई थी। मंत्री का कहना था कि एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाए, जबकि थाना प्रभारी बलवंत शाही का पक्ष था कि मारपीट की घटना में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मामला बढ़ने पर मंत्री ने एसपी अंकुर अग्रवाल से मुलाकात कर थाना प्रभारी की कार्यशैली की शिकायत की। इसके बाद एसपी के हस्तक्षेप पर हरगांव पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के बाद थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इसी बीच बुधवार रात आयोजित क्राइम मीटिंग में भी हरगांव थाने के कार्यों की समीक्षा के दौरान कई कमियां सामने आईं। लंबित मामलों के निस्तारण और कानून-व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर संतोषजनक प्रगति न मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने नाराजगी जताई। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए एसपी अंकुर अग्रवाल ने थाना प्रभारी बलवंत शाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा और आगे की कार्रवाई भी जारी है।
दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के नंदरई गांव में गुरुवार शाम तेज बारिश के दौरान एक घर पर आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में घर आई दो वर्षीय मासूम भांजी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी नानी गंभीर रूप से झुलस गईं। घायल महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह में भर्ती कराया गया है। तेज बारिश के दौरान मकान पर गिरी बिजली यह हादसा गुरुवार शाम करीब सात बजे हुआ। नंदरई गांव के रहने वाले गोलू आदिवासी के घर पर तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी। उस वक्त गोलू की बहन और दो साल की भांजी देवांशी पिता राजेश गौंड घर पर ही मौजूद थे। बिजली की चपेट में आने से मासूम देवांशी बेहोश हो गई, वहीं गोलू की 58 वर्षीय मां केशरानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्वास्थ्य केंद्र में मासूम को डॉक्टरों ने घोषित किया मृत परिजन दोनों को तुरंत इलाज के लिए पथरिया स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दो वर्षीय देवांशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं नानी केशरानी की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर तुरंत जिला अस्पताल दमोह के लिए रेफर कर दिया। घायल महिला की हालत स्थिर जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर चक्रेश चौधरी ने बताया कि आकाशीय बिजली से झुलसी 58 वर्षीय महिला का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटवारी हरिशंकर सोनी ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है।
राजगढ़ जिले के जीरापुर की मूंदड़ा कॉलोनी में गुरुवार को बिजली कंपनी के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के घर के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। भरण-पोषण के मामले में जेई की तलाश करते हुए उनकी दूसरी पत्नी घर पहुंची थी। वहां दूसरी महिला के मौजूद होने की जानकारी मिलते ही विवाद भड़क गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। भरण-पोषण के मामले में तलाशते हुए पहुंची थी पत्नीजानकारी के मुताबिक, मुरैना जिले के आंबाह निवासी जेई सुभोध कुमार का पहला विवाह पहले ही हो चुका है और उनकी पहली पत्नी पैतृक गांव में रहती हैं। बाद में उन्होंने ग्वालियर जिले की एक महिला से दूसरा विवाह किया था। दोनों के बीच विवाद होने के बाद मामला न्यायालय पहुंच गया और फिलहाल भरण-पोषण का केस लंबित है। बताया गया कि हाल की पेशियों में जेई कोर्ट नहीं पहुंचे और भरण-पोषण की राशि भी जमा नहीं की। इसी कारण दूसरी पत्नी अपने एक रिश्तेदार के साथ उन्हें तलाशते हुए जीरापुर पहुंची। घर में दूसरी महिला को देखकर भड़का विवादमहिला जब जेई के घर पहुंची तो वहां एक अन्य महिला के मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद दोनों का आमना-सामना हुआ और कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। घर के बाहर हुए हंगामे से कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए। पुलिस पहुंची, दोनों पक्षों ने दिए आवेदनस्थिति बिगड़ने पर किसी ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और जीरापुर थाने ले गई। यहां दोनों ने एक-दूसरे पर मारपीट, विवाद और परेशान करने के आरोप लगाते हुए अलग-अलग आवेदन दिए। जांच के बाद होगी कार्रवाईजीरापुर थाना प्रभारी हुकुमचंद मीणा ने बताया कि जेई और उनकी दूसरी पत्नी के बीच भरण-पोषण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। महिला इसी सिलसिले में जीरापुर आई थी। दोनों पक्षों के आवेदन मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मई-2026 की हेल्थ रैंकिंग में लखनऊ ने शानदार प्रदर्शन किया है। लखनऊ ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में पहला स्थान हासिल किया है। इतना ही नहीं लखनऊ प्रदेश के 18 मंडलों में पहले स्थान पर आया है। इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग ने टीमवर्क, बेहतर निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताया है। गुरुवार को NHM की ओर से हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड जारी की गई। इसमें लखनऊ को 0.75 समेकित स्कोर मिला है। खास बात यह है कि मार्च-2026 में लखनऊ की रैंक 16वीं थी। इसके बाद लगातार सुधार हुआ। अप्रैल में जिला सीधे पहले स्थान पर पहुंच गया। मई में भी लखनऊ ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा। यह प्रदेश में सबसे बड़ा रैंक सुधार माना जा रहा है। प्रभावी निगरानी से मिली सफलता लखनऊ मंडल ने 0.66 समेकित स्कोर के साथ प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पहला स्थान हासिल किया। यह मंडल स्तर पर नियमित समीक्षा, बेहतर समन्वय और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी का नतीजा है। लखनऊ ने कई प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं में भी प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। गर्भवती महिलाओं की एचआईवी स्क्रीनिंग, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण (बीसीजी, पेंटावेलेंट और खसरा) और परिवार नियोजन कार्यक्रम में अस्थायी और स्थायी साधनों को अपनाने के मामले में जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा। परिवार नियोजन के रिवर्सिबल मेथड अपनाने वाले पात्र दंपतियों की संख्या में पिछले महीने की तुलना में 425.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जो प्रदेश में सबसे अधिक है। ब्लॉक स्तर पर भी जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा। बख्शी का तालाब, माल और मोहनलालगंज सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले ब्लॉक रहे। वहीं लखनऊ नगर, मलिहाबाद और गोसाईगंज ने पिछले महीने की तुलना में सबसे अधिक सुधार किया। खास बात यह रही कि जिले के किसी भी ब्लॉक की रैंकिंग में गिरावट नहीं आई। टीम वर्क से मिली कामयाबी अपर निदेशक लखनऊ मंडल डॉ.जीपी गुप्ता ने बताया कि यह उपलब्धि पूरी स्वास्थ्य टीम के सामूहिक प्रयास, नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का परिणाम है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने इसका श्रेय मंडलीय स्वास्थ्य टीम, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, चिकित्सा अधीक्षकों, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों, आशा, एएनएम और सभी स्वास्थ्य कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी टीम भावना और बेहतर कार्यशैली के साथ लखनऊ स्वास्थ्य सेवाओं में प्रदेश का नेतृत्व करता रहेगा।
जालौन में वर्ष 2023 में BA की परीक्षा देकर लौट रही छात्रा रोशनी अहिरवार की उसके सिरफिरे आशिक ने अपने साथी के साथ गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मामले में गैंगस्टर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मजबूत साक्ष्यों और सक्षम न्यायालयीन पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। गौरतलब है कि 17 मई 2023 को एट थाना क्षेत्र के कोटरा तिराहे पर बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा रोशनी अहिरवार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐंधा गांव निवासी रोशनी एट में स्थित राम लखन पटेल महाविद्यालय से परीक्षा देकर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान पल्सर बाइक से पहुंचे दो युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और सिर में सटाकर गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस घटना से पूरे जनपद में सनसनी फैल गई थी। मृतका की बड़ी बहन शीलम ने गांव जमरेही निवासी राज उर्फ आशीष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि राज लगातार रोशनी पर शादी का दबाव बना रहा था। रोशनी द्वारा विवाह से इनकार किए जाने पर वह उसे लगातार धमकियां देता था और जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राज उर्फ आशीष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हमीरपुर जनपद के बिंवार थाना क्षेत्र निवासी रोहित उर्फ गोविंदा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसमें बाद में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) भारतेंदु सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों एवं प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और न्यायालय में मजबूत पैरवी के चलते गंभीर मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत भविष्य में भी संगठित एवं जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा UP TET की पहले दिन की परीक्षा मथुरा में शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई। यहां पहले दिन 15 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 10984 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 1702 अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पहले दिन की परीक्षा देकर सेंटर से बाहर आए अभ्यर्थी प्रश्न पत्र को लेकर चर्चा करते नजर आए। किसी के चेहरे पर मुस्कान थी तो कोई चिंतित नजर आया। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने कहा- प्रश्न आसान थे विशेषकर हिंदी और संस्कृत के। हालांकि कुछ ने कहा मनोविज्ञान में आए प्रश्नों ने जरूर उलझाया। परीक्षा के लिए सुबह से ही अभ्यर्थी सेंटरों पर पहुंच गए। 15 सेंटर पर हुई परीक्षा मथुरा में UP TET की परीक्षा के लिए 15 सेंटर बनाए गए हैं। यहां पहले दिन हुई परीक्षा से पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की निगरानी और पुलिस की मुस्तैदी से पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। सेंटर पर अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही एंट्री दी गई। मेटल डिटेक्टर से चेकिंग करने के बाद बायो मैट्रिक चैकिंग भी की गई। महिला अभ्यर्थियों के बाल खुलवाए गए तो पुरुष अभ्यर्थियों के जूते सेंटर से बाहर ही उतरवा दिए। पहली पाली में 887 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित UP TET की परीक्षा में पहले दिन की पहली पाली में 6343 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 5456 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि 887 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी 6343 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। यहां दूसरी पाली में 5528 अभ्यर्थी पहुंचे जबकि 815 अनुपस्थित रहे।परीक्षा को नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए 15 सेक्टर और 15 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है।
सागर जिले के बीना स्थित बसाहरी गांव में गुरुवार शाम एक खेत की तार फेंसिंग में फैले करंट की चपेट में आने से दो युवकों और एक गाय की मौत हो गई। यह हादसा शीतला माता मंदिर के पास शाम करीब 7 बजे हुआ। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शौच के लिए जाते समय फेंसिंग की चपेट में आए मृतकों की पहचान खोजाखेड़ी निवासी विकास (26) और पथरिया जेगन निवासी प्रवेश (35) के रूप में हुई है। ये दोनों युवक अपनी टोली के साथ पिछले कुछ दिनों से बसाहरी गांव में डेरा डाले हुए थे। गुरुवार शाम को दोनों युवक शौच के लिए खेत की ओर जा रहे थे, तभी तार फेंसिंग पार करने की कोशिश में करंट की चपेट में आ गए। इसी दौरान वहां मौजूद एक गाय की भी करंट लगने से मौत हो गई। मौके पर लोगों ने दिया सीपीआर, अस्पताल पहुंचने पर मौत हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने फौरन मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को बचाने की कोशिश की और उन्हें सीपीआर भी दिया, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद दोनों को एंबुलेंस की मदद से तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को होगा पोस्टमार्टम खिमलासा थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है। दोनों युवकों के शवों को फिलहाल सिविल अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कानपुर के खेल प्रेमियों और फिटनेस के शौकीनों के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। आर्य नगर स्थित 'दि गॅजेस क्लब लिमिटेड' में गुरुवार रात करीब 9 बजे पिकलबॉल कोर्ट का शुभारंभ किया गया। क्लब के चेयरमैन विजय कपूर ने विधिवत उद्घाटन कर इस आधुनिक खेल की शुरुआत की। कार्यक्रम में क्लब के सदस्य, उनके परिवार और शहर की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। क्लब प्रबंधन ने इसे सदस्यों से किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शानदार समारोह में हुआ उद्घाटन गुरुवार रात आयोजित समारोह में क्लब परिसर में नए पिकलबॉल कोर्ट का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद सदस्यों ने इस नए खेल का प्रदर्शन भी देखा। कार्यक्रम में प्रमुख उद्योगपति सुधीर अग्रवाल समेत शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। क्लब प्रबंधन का कहना है कि बदलते खेल संस्कृति के अनुरूप सदस्यों को नई और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। क्या है पिकलबॉल? पिकलबॉल दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा खेल है। इसमें टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस का मिश्रण देखने को मिलता है। यह बैडमिंटन के आकार के कोर्ट पर खेला जाता है, जिसमें ठोस पैडल और छेद वाली प्लास्टिक की गेंद का उपयोग होता है। इस खेल को दो या चार खिलाड़ी खेल सकते हैं। नियम सरल हैं—गेंद को नेट के पार भेजना और सामने वाले खिलाड़ी को उसे वापस करने से रोकना होता है। फिटनेस के साथ मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प क्लब के चेयरमैन विजय कपूर ने बताया कि पिकलबॉल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बेहतर फिटनेस का भी प्रभावी माध्यम है। उनके अनुसार, एक घंटे के खेल में करीब 400 से 600 कैलोरी तक बर्न की जा सकती है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि खेल के दौरान लगातार मूवमेंट होने से हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। बढ़ती उम्र के लोगों के लिए भी सुरक्षित विजय कपूर ने कहा कि टेनिस की तुलना में पिकलबॉल में घुटनों और कूल्हों पर कम दबाव पड़ता है। छोटे कोर्ट और अपेक्षाकृत धीमी गति के कारण यह खेल वरिष्ठ नागरिकों और चोट से उबर रहे खिलाड़ियों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। उन्होंने बताया कि यह खेल शरीर का संतुलन, लचीलापन और हड्डियों की मजबूती बढ़ाने में भी सहायक है। साथ ही मानसिक तनाव कम करने और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने का भी अच्छा माध्यम है। ये रहे कार्यक्रम में मौजूद उद्घाटन समारोह में क्लब के ऑनरेरी जनरल सेक्रेट्री नवीन मल्होत्रा, अरुण वाधवा, प्रीतम मल्होत्रा, संदीप सिंह, कार्तिक कपूर, रमन कपूर, राघव अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अलका अग्रवाल, अंश चंदेल, शिरीष दीवान, विनय गुप्ता तथा क्लब के जनरल मैनेजर मोहित अवस्थी सहित प्रबंध समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में क्लब सदस्य मौजूद रहे।
ललितपुर जिले के बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तेरा में गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे एक 11 वर्षीय छात्रा की पोखर में डूबने से मौत हो गई। छात्रा स्कूल से लौट रही थी, तभी उसका पैर फिसल गया। परिजनों ने उसे पानी से निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात 9 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया । ग्राम तेरा के न्यू बाग मोहल्ले की निवासी 11 वर्षीय आरुषि पुत्री भजनलाल गुरुवार सुबह गांव के प्राथमिक विद्यालय गई थी। दोपहर करीब 1 बजे छुट्टी होने के बाद वह अपने छोटे भाई संजय और बहन शिवानी के साथ खेत पर बने घर लौट रही थी। रास्ते में वह शौच के लिए पानी से भरे दस फीट गहरे मछली पालन पोखर के पास चली गई। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गई। घटना को देख उसके भाई-बहन घबराकर घर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीण देवेंद्र और उनके एक साथी ने पोखर में उतरकर आरुषि को बाहर निकाला। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए दोपहर करीब तीन बजे जिला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम रात 10 बजे किया गया। मृतका के पिता भजनलाल ने बताया कि आरुषि कक्षा पांच की छात्रा थी और वह दो भाइयों की इकलौती बड़ी बहन थी। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे में 14 जून की रात हुई मारपीट की घटना में घायल अधेड़ की उपचार के दौरान मौत हो गई। करीब 15 दिनों तक हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार रात अधेड़ ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बुधवार देर शाम शव पतारा पहुंचा और गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे धरमपुर बंबा स्थित रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई है। पतारा कस्बा निवासी जोगेंद्र सोनकर की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 14 जून की रात वह अपने चाचा 50 वर्षीय सुशील सोनकर के साथ होली तालाब रोड स्थित महीपाल सिंह के आम के बगीचे में मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान साहिल कुशवाहा, आर्य पांडेय, छोटू पांडेय उर्फ अभिषेक, ऋतुराज सिंह तथा कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में सुशील सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि जोगेंद्र को भी चोटें आईं। घटना के बाद घायल सुशील को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार को मृतक का अंतिम संस्कार धरमपुर बंबा स्थित रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल पर परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में किया गया। वहीं, पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए तीन नामजद हत्यारोपियों आर्य पांडेय, छोटू पांडेय उर्फ अभिषेक और साहिल कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेजा है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में जेल भेज दिया गया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मुजफ्फरनगर के मांडी गांव की दोना-पत्तल फैक्ट्री में 12 मजदूरों को बंधक बनाकर डेढ़ साल तक अमानवीय यातनाएं देने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी भेजा है। आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण से दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने अपने आदेश में साफ कहा- यदि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्य सही हैं तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। आयोग ने जिलाधिकारी को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम-1976 के तहत पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आयोग ने 8 दिसंबर 2021 को जारी अपनी एडवाइजरी के अनुसार सभी मुक्त कराए गए श्रमिकों का तत्काल ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने को भी कहा है। दरअसल मुजफ्फनगर के मांडी गांव की दोना-पत्तल फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों और नेपाल के मजदूरों को नौकरी का झांसा देकर लाया गया था। आरोप है कि फैक्ट्री पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन और पहचान पत्र छीन लिए गए। उन्हें पर्याप्त भोजन और मजदूरी दिए बिना देर रात तक जबरन काम कराया जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। भागने से रोकने के लिए पिटबुल कुत्तों का इस्तेमाल किया जाता था। बताया गया है कि एक मजदूर किसी तरह फैक्ट्री से भागकर तितावी थाने पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर बाकी मजदूरों को मुक्त कराया। मेडिकल जांच में कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटें, पुराने घाव और हड्डी टूटने के निशान मिलने का दावा किया गया। रिपोर्ट में एक मजदूर की मौत का भी उल्लेख है, जबकि पुलिस अन्य संभावित मौतों की भी जांच कर रही है। एनएचआरसी के स्वतः संज्ञान लेने के बाद यह मामला अब केवल जिला या राज्य स्तर तक सीमित नहीं रह गया है। आयोग की निगरानी में होने वाली जांच और यूपी सरकार की रिपोर्ट पर अब पूरे देश की नजर रहेगी।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ और सुविधा को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे (प्रयागराज) ने कई विशेष ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ा दी है। इसके साथ ही, कुछ ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव भी किया गया है। यह निर्णय झांसी मंडल के ललितपुर स्टेशन पर चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण लिया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि इन व्यवस्थाओं से यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, सूरत-छपरा-सूरत साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (09065/09066) का संचालन जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। गाड़ी संख्या 09065 सूरत से प्रत्येक मंगलवार और 09066 छपरा से प्रत्येक बुधवार को चार-चार अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इस ट्रेन में 24 कोच हैं, जिनमें 10 एसी थर्ड, 10 स्लीपर, दो सामान्य और दो एसएलआरडी कोच शामिल हैं। ललितपुर में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण, 14 जुलाई को सूरत से और 15 जुलाई को छपरा से चलने वाली यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग नागदा, कोटा, मथुरा, टूंडला, गोविंदपुरी और प्रयागराज होकर संचालित होगी। इस दौरान उज्जैन, बीना और झांसी स्टेशनों पर इसका ठहराव नहीं रहेगा। अहमदाबाद-दरभंगा-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन (09465/09466) की संचालन अवधि भी बढ़ाई गई है। यह ट्रेन जुलाई और अगस्त में पांच-पांच अतिरिक्त फेरे लगाएगी। अहमदाबाद से यह प्रत्येक शुक्रवार और दरभंगा से प्रत्येक सोमवार को चलेगी। अब यह ट्रेन गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर सिटी होकर गुजरेगी। इसके अतिरिक्त, 17 और 20 जुलाई को चलने वाली गाड़ियों को झांसी-बीना-गुना मार्ग के बजाय कोटा-टूंडला होते हुए संचालित किया जाएगा। गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल ट्रेन (09451/09452) के भी पांच-पांच अतिरिक्त फेरे स्वीकृत किए गए हैं। यह ट्रेन जुलाई से अगस्त तक निर्धारित तिथियों में चलेगी। मार्ग परिवर्तन के तहत, यह ट्रेन अब लखनऊ और गोरखपुर के बजाय फतेहपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, गाजीपुर सिटी और छपरा होकर संचालित होगी। इससे पूर्वांचल और प्रयागराज क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के मार्ग, समय-सारणी और संचालन संबंधी जानकारी रेलवे से प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पानीपत जिले के समालखा में बुधवार रात एक खाली प्लॉट में शराब पी रहे एक युवक को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। गोली उसके बाएं कंधे में लगी और अंदर फंस गई। घायल युवक का रोहतक पीजीआई में इलाज चल रहा है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे की है। शहर के बागवाला मोहल्ला निवासी प्रदीप अपने 3 दोस्तों के साथ प्रीतमपुरा कॉलोनी के ही एक खाली प्लॉट में शराब पी रहा था। उसी दौरान पैदल आए 2 युवकों में से एक ने उस पर फायरिंग कर दी। प्रदीप के अनुसार, 3 गोलियों में से एक गोली उसके बाएं कंधे के नीचे पीठ की ओर लगी और शरीर में ही फंस गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को रोहतक किया रेफर प्रदीप उर्फ मोना शहर के बागवाला मोहल्ला निवासी सुभाष का सबसे छोटा बेटा है और अविवाहित है। वह 12वीं पास है और शहर में मजदूरी करता है। उसके पिता सुभाष ने बताया कि उनके 5 बेटियां और 3 बेटे हैं। घटना के बाद प्रदीप के साथियों ने उसे उपमंडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसकी किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं है। हमलावरों ने किए 3 फायर, एक गोली लगी पुलिस ने पीड़ित प्रदीप के लिखित बयान के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। सीआई वन और सीआई ए टू की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और जांच में जुट गईं। प्रदीप के पिता सुभाष और बहन रजनी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि हमलावरों ने कुल 3 गोलियां चलाई थीं, जिनमें से एक प्रदीप को लगी जबकि उसने 2 अन्य गोलियों से अपना बचाव किया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस समालखा थाना प्रभारी दीपक ने बताया की प्रदीप के बयान पर 2 अज्ञात युवको पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी से सेठनपाल ने बताया कि प्रदीप उर्फ मोना ने अपना बयान में गोली मारने के कारणों का जिक्र नहीं किया है। किसी से कोई रंजिश भी नहीं बताया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। उसके बाद इसके कारणों का पता चलेगा। डाक्टर ने युवक को कंधे के नीचे एक गोली लगने की बात कही है।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में बेटी के नाबालिग बॉयफ्रेंड की उसके पिता ने बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई कर दी। करीब 30 सेकंड में 10 बार डंडे बरसाए गए। छात्र बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी नहीं रुका। बेहोश होने पर पैर बांधकर घसीटा गया। मामला नूराबाद इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर नाबालिग लौट रहा था, तभी उसकी गर्लफ्रेंड के पिता और रिश्तेदारों ने उसे घेर लिया। करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में दो आरोपी छात्र की डंडों से बेरहमी से पिटाई करते दिखाई देते हैं। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… रहम की गुहार के बावजूद मारपीट वीडियो में छात्र सड़क पर गिरा हुआ दिखाई देता है। एक आरोपी उस पर लगातार डंडे बरसाता है, जबकि दूसरा उसे पकड़कर घसीटता है। एक बुजुर्ग उसके पैर पकड़कर काबू में रखने की कोशिश करता है। छात्र सिर बचाने की कोशिश करता है, लेकिन पिटाई जारी रहती है। लगातार मारपीट से वह बेहोश हो जाता है। भीड़ देखती रही, बाद में हुआ बीच-बचाव मारपीट के दौरान आसपास लोग और राहगीर मौजूद रहे, लेकिन शुरुआत में किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। करीब 45 सेकंड बाद वीडियो बना रहा व्यक्ति आगे बढ़ा और घटना रोकने की कोशिश की। छात्र के बेहोश होने के बाद कुछ लोगों ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन एक आरोपी उसे घसीटता रहा। प्रत्यक्षदर्शी बोले- बेहोश होने तक पीटा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्र को बीच सड़क डंडों से लगातार पीटा गया। वह रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी नहीं रुके। मारपीट से वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी। प्रेम प्रसंग बना विवाद की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। पीड़ित छात्र और आरोपी की नाबालिग बेटी की कोचिंग के दौरान पहचान हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। बुधवार, 1 जुलाई को दोनों कोचिंग के बाद साथ चले गए थे। शिकायत के बाद छात्र को पकड़कर पीटा लड़की के परिजनों ने नूराबाद थाने में बेटी के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब चार घंटे बाद दोनों सुमावली क्षेत्र में मिल गए। इसके बाद लड़की के परिजनों ने छात्र को पकड़कर बीच सड़क उसकी पिटाई कर दी। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश नूराबाद थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी ने बताया कि पहले नाबालिग लड़की के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, बाद में वह मिल गई। सुमावली थाना प्रभारी एसआई रवि गुर्जर के मुताबिक, छात्र से मारपीट के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा फरार है। उसकी तलाश जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झाबुआ जिले के टोडा फालिया में गुरुवार रात अपने आंगन में खेल रही दो साल की एक मासूम बच्ची की सांप के काटने से मौत हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। यह घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे की है। देवानंद डामर की दो वर्षीय बेटी साक्षी अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान वहां अचानक निकले एक जहरीले सांप ने मासूम को डंस लिया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही जहर फैलने से तोड़ा दम परिजन गंभीर हालत में बच्ची को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर रवाना हुए। सांप का जहर शरीर में इतनी तेजी से फैला कि अस्पताल पहुंचने तक बच्ची की स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच करते ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने सांप को पकड़ा मासूम की अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने बच्ची को काटने वाले सांप को ढूंढकर पकड़ लिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शुक्रवार को बच्ची के शव का पीएम कराया जाएगा।
वाराणसी में गुरुवार रात करीब 9 बजे जमीन और पट्टीदारी के विवाद में युवक की हत्या हो गई। आरोप है कि चचेरे भाई ने 22 वर्षीय सौरभ सिंह उर्फ बंटी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी अपने साथी के साथ फरार हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर कई टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया है। मृतक के पिता ने कहा- एक आरोपी ने जमीन विवाद केस में बचाने का झांसा देकर 4.5 लाख रुपए भी ऐंठ लिया था। इसके बाद धमकी दी गई थी। 28 मई को मेरे बेटे को उठाकर ले गए थे। घटना सिंधौरा थाना क्षेत्र के मझवां गांव की है। जमीन और पट्टीदारी विवाद बना हत्या की वजह मझवां गांव निवासी सौरभ सिंह का अपने पट्टीदारों और चचेरे भाई बबलू सिंह से जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद से तनाव बना हुआ था। गुरुवार रात करीब 9 बजे सौरभ घर के बाहर खड़ा था। आरोप है कि बबलू और उसके साथी ने उसे बुलाया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पिस्टल निकालकर सौरभ की कनपटी पर सटा दी और फायर कर दिया। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी बाइक से फरार हो चुके थे। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम परिजन घायल सौरभ को पहले सिंधौरा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे दीनदयाल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता का आरोप- आरोपियों से पुलिस की मिलीभगत मृतक के पिता सर्वेश सिंह ने आरोप लगाया कि मेरा बेटा सौरभ सिंह को रात में पुलिया के पास बुलाकर चचेरे भाई बबलू और रिशु ने गोली मार दी। इससे पहले 28 मई को चौकी इंचार्ज रोहित पटेल ने मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी और उसे उठाकर ले गए थे। विवाद की जड़ जमीन और पैसों का लेन-देन है। पट्टीदार रोहित पटेल चौकी इंचार्ज सिंधौरा के माध्यम से बबलू और रिशु को बचाने के नाम पर मुझसे 4.50 लाख रुपए ले लिए। मैंने अपनी 3 बिस्वा जमीन खरीदी थी, बाद में किसी तरह यह रकम दी थी। मृतक के पिता ने कहा- एक आरोपी ने जमीन विवाद केस में बचाने का झांसा देकर 4.5 लाख रुपए भी ऐंठ लिया था। इसके बाद धमकी दी गई थी। 28 मई को मेरे बेटे को उठाकर ले गए थे। पुलिस ने भी आरोपियों का साथ दिया है मेरी एक नहीं सुनी। मेरे पास सिर्फ 2 बिस्वा जमीन बची है, लेकिन इसके बावजूद मेरे बेटे की हत्या कर दी गई। मेरा बेटा खेती-बाड़ी का काम करता था और घर पर ही रहता था। मैं आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग करता हूं। एसओजी समेत कई टीमें तलाश में जुटीं घटना की सूचना मिलते ही सिंधौरा थाना पुलिस, एसओजी, एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार और एसीपी पिंडरा मौके पर पहुंचे। कई थानों की पुलिस भी गांव में तैनात की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी पट्टीदारी और जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बिजनौर में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गुरुवार को जारी आदेश के तहत एक निरीक्षक और 19 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजनौर में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने एक निरीक्षक और 19 उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, स्योहारा में तैनात अपराध निरीक्षक दिनेश कुमार को चांदपुर का अपराध निरीक्षक बनाया गया है। उपनिरीक्षक राहुल कुमार को पुलिस लाइन से कोतवाली शहर की आबकारी चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। आबकारी चौकी प्रभारी उपेंद्र मलिक का स्थानांतरण थाना शिवालाकलां कर दिया गया है। वहीं, रामनिवास शर्मा को कोतवाली शहर से थाना मंडावली और सुंदर लाल को पुलिस लाइन से कोतवाली शहर भेजा गया है। उपनिरीक्षक लव गिरी को थाना नजीबाबाद की जाब्तागंज चौकी का प्रभारी बनाया गया है, जबकि वहां तैनात विनोद कुमार पांडेय को पुलिस लाइन भेजा गया है। विपिन कुमार को पुलिस लाइन से नजीबाबाद की गंगा नहर चौकी का प्रभार सौंपा गया है। गंगा नहर चौकी पर तैनात एक अन्य उपनिरीक्षक का स्थानांतरण थाना मंडावली किया गया है। कोतवाली देहात की मंशादेवी चौकी से अनिल कुमार राणा को थाना नहटौर भेजा गया है। रमेश गिरी को पुलिस लाइन से कोतवाली देहात की गंगा नहर चौकी का प्रभारी बनाया गया है। कृष्ण कुमार को पुलिस लाइन से स्योहारा थाने की कस्बा चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि समय पाल सिंह को स्योहारा से पुलिस लाइन भेजा गया है। यशवीर सिंह को पुलिस लाइन से नूरपुर कस्बा चौकी का प्रभारी बनाया गया है। श्रीकांत सत्यार्थी को थाना नूरपुर से दौलतपुर चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, मनजीत सिंह को दौलतपुर चौकी से थाना शिवालाकलां भेजा गया है। इसके अलावा मुन्नालाल यादव को पुलिस लाइन से बरूकी चौकी का प्रभारी बनाया गया है। गौरव कुमार को थाना मंडावली से कोतवाली शहर, जबकि नरेंद्र पाल सिंह को पुलिस लाइन से मंडावली की दुष्यंत चौकी का प्रभारी बनाया गया है। अफजाल अहमद का स्थानांतरण थाना नगीना किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित किया जाए।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूषण स्टील लिमिटेड (BSL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की करीब 58.34 करोड़ रुपए मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 24 जून 2026 को की गई। ईडी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित भूमि और आवासीय संपत्ति का एक हिस्सा शामिल है। इसके अलावा रितु सिंघल के नाम पर मौजूद इक्विटी शेयर और बैंक खातों में जमा राशि भी कुर्क की गई है। एसएफआईओ की शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच ईडी ने यह जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा भुषण स्टील लिमिटेड, नीरज सिंघल और अन्य के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत के आधार पर शुरू की थी। शिकायत में पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराधों का उल्लेख किया गया था। जांच के दौरान ईडी को पता चला कि नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने भुषण स्टील से कथित रूप से धन का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय संस्थानों को लगभग 11,446.73 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। जिंक इंगट की बिक्री से जुटाई गई नकदी ईडी की जांच में सामने आया कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड से खरीदे गए जिंक इंगट, जिन्हें भुषण स्टील के संयंत्रों में उपयोग किया जाना था, उन्हें रिकॉर्ड में दर्ज किए बिना खुले बाजार में बेच दिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार इससे प्राप्त नकदी का उपयोग विभिन्न पेनी स्टॉक कंपनियों के माध्यम से फर्जी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) एंट्री लेने में किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित अवधि में बैंक खातों में बड़ी मात्रा में अघोषित नकदी जमा कराई गई, जिससे कथित वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। पहले भी हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति कुर्क ईडी ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में 8 नवंबर 2021 को 61.38 करोड़ रुपये और 6 मार्च 2024 को 367 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी हैं। एजेंसी ने 8 अगस्त 2023 को अभियोजन शिकायत तथा 7 मार्च 2024 को पूरक अभियोजन शिकायत विशेष पीएमएलए न्यायालय में प्रस्तुत की थी। न्यायालय ने नीरज सिंघल, रितु सिंघल और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर शिकायतों का संज्ञान भी ले लिया है। जांच जारी ईडी के अनुसार मामले में धन के कथित दुरुपयोग, फर्जी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। एजेंसी अन्य संबंधित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
भूहर सूरजकुंड व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण:व्यापारियों ने एकजुटता, अधिकार और विकास पर चर्चा की
लखनऊ के भूहर सूरजकुंड व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण समारोह पीतांबरा पैलेस (भूहर क्रॉसिंग के निकट) में आयोजित किया गया। इस दौरान व्यापारियों की एकजुटता, अधिकारों और व्यापार विकास के मुद्दों पर चर्चा हुई। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है, जबकि व्यापारी देश का भाग्य विधाता है। छाबलानी ने बताया कि वर्तमान में व्यापारी समाज हर महीने दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी सरकार को देता है। साथ ही, यह वर्ग देश में सबसे अधिक रोजगार भी उपलब्ध कराता है। उन्होंने सरकारों से व्यापार और उद्योग के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने की मांग की। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण से भारत आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बन सकता हैं सुरेश छाबलानी ने अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानूनों, लाइसेंस प्रणाली, सैंपलिंग और बांट-माप जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण से भारत आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। कार्यक्रम में छाबलानी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को व्यापारी समाज के हर संकट में एकजुट होकर खड़े रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का पहला दायित्व अपने व्यापारी भाइयों की मदद करना है, चाहे मौसम, समय या व्यक्तिगत व्यस्तता कुछ भी हो। दुकानों पर संगठन का प्रमाणपत्र लगवाने का आह्वान उन्होंने सभी पदाधिकारियों से क्षेत्र के प्रत्येक दुकानदार को संगठन से जोड़ने और उनकी दुकानों पर संगठन का प्रमाणपत्र लगवाने का आह्वान किया। उनका मानना था कि इससे विभागीय अधिकारियों, असामाजिक तत्वों या अन्य माध्यमों से किसी भी व्यापारी का शोषण या उत्पीड़न नहीं हो पाएगा। समारोह में पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक अरमान खान भी उपस्थित थे। इस अवसर पर संजय यादव को चेयरमैन, ब्योमकेश चंद्र बाजपेई को अध्यक्ष, आकाश कश्यप को महामंत्री और राजीव कुमार को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। इनके अतिरिक्त अन्य पदाधिकारियों और संरक्षकों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
जालौन के उरई तहसील क्षेत्र स्थित पुर गांव में करीब 20 साल से सरकारी चकरोड पर किए गए अवैध कब्जे को आखिरकार हटा दिया गया। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ, जिसके दबाव में कब्जाधारी ने स्वयं ही फाटक, खंभे और अन्य अवरोध हटाने शुरू कर दिए। अब वर्षों से बंद पड़े रास्ते के फिर से चालू होने की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी अनिल सिंह ने सरकारी चकरोड पर फाटक और खंभे लगाकर उसे अपने खेत में मिला लिया था। इसके कारण ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था और उन्हें वर्षों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में पहले भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हुई थी। करीब दो वर्ष पहले कब्जाधारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और एक वर्ष पूर्व अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी हुआ था। इसके बावजूद सरकारी चकरोड को कब्जामुक्त नहीं कराया जा सका। मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया और लेखपाल, पुलिस तथा तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान कब्जाधारी मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिसके चलते तत्काल भूमि की पैमाइश नहीं हो सकी। हालांकि, अगले ही दिन कब्जाधारी ने स्वयं सरकारी चकरोड से फाटक, खंभे और अन्य अवरोध हटाकर अतिक्रमण समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। प्रशासन ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को निर्देश दिए हैं कि चकरोड पर मिट्टी डालकर रास्ते को जल्द से जल्द आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों को खेतों तक आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि सरकारी चकरोड पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 397 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। लेकिन समारोह के दौरान एक दुल्हन अपने दूल्हे का घंटों इंतजार करती रह गई। विवाह स्थल पर दूल्हा नहीं पहुंचा, गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह नवीन मंडी समिति परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा पीलीभीत क्षेत्र के पंजीकृत 447 जोड़ों में से 397 जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इनमें 220 हिंदू और 177 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। हालांकि, समारोह के दौरान जहानाबाद क्षेत्र की एक दुल्हन अपने दूल्हे का घंटों इंतजार करती रह गई। जानकारी के अनुसार, जहानाबाद निवासी युवती का विवाह न्यूरिया थाना क्षेत्र के हाशिमपुर निवासी युवक से मार्च माह में तय हुआ था। युवक ने स्वयं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन किया था। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही युवक और उसके परिवार के सभी मोबाइल फोन बंद आ रहे थे। लाल जोड़े में सजी दुल्हन विवाह मंडप में घंटों तक दूल्हे का इंतजार करती रही, लेकिन वह समारोह स्थल पर नहीं पहुंचा। शाम करीब पांच बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद युवती और उसके परिजन मायूस होकर वापस घर लौट गए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के प्रतिनिधि एवं ललौरीखेड़ा ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। सभी जोड़ों को उपहार सामग्री के साथ 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत पौधे भी भेंट किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जो युवा अपना रोजगार शुरू करना चाहते हैं, वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना ब्याज के पांच लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं को सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सलाह दी, ताकि जिले में स्थापित हो रही नई औद्योगिक इकाइयों में उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। दूल्हे के समारोह में नहीं पहुंचने की घटना को लेकर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है। वहीं, युवती के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम से गहरा आक्रोश और निराशा जताई है।
सुकमा जिले के ग्राम तुमलपाड़ के ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, सड़क और पीडीएस भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मुकुंद ठाकुर से मुलाकात की। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताते हुए जल्द समाधान की मांग की। सीईओ मुकुंद ठाकुर ने ग्रामीणों की बात ध्यान से सुनी और जल्द ही समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को भी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों में उम्मीद और उत्साह देखने को मिला। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे और गांवों में बुनियादी सुविधाएं जल्द उपलब्ध हों।
जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल और पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन पीएम मोदी शनिवार को करेंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए सीएम भजनलाल शर्मा दो दिन जोधपुर दौरे पर रहेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी कल जोधपुर पहुंचेंगे। इधर, जोधपुर में ग्लोबल थ्रीडी मार्केप्लेस कोर्विक्स थ्रीडी गुरुवार को लॉन्च किया गया। इसे लेकर कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें… सीएम 2 दिन रहेंगे जोधपुर दौरे पर सीएम भजनलाल शर्मा शुक्रवार दोपहर 12.45 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12.50 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक जोधपुर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 1.35 बजे वे जोधपुर एयरपोर्ट से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। जहां वे दोपहर 2.10 बजे से 2.35 बजे तक एचपीसीएल के नए फ्लैगशिप रिटेल आउटलेट का उद्घाटन करेंगे तथा पौधारोपण करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 2.40 बजे से सांय 6 बजे तक रिफाइनरी का निरीक्षण करेंगे तथा बैठक लेंगे। शाम करीब 6.35 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। शुक्रवार की रात वे जोधपुर सर्किट हाउस में ही रुकेंगे। शनिवार को सीएम 10.10 बजे सर्किट हाउस से जोधपुर एयरपोर् के लिए रवाना होंगे। सुबह 10.40 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। यहां वे पीएम मोदी के साथ जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे 11:20 बजे जोधपुर एयरपोर्ट से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। जोधपुर में तैयार हुआ ग्लोबल थ्रीडी मार्केप्लेस शहर के आई-स्टार्ट नेस्ट में गुरुवार को थ्री-डी असेट मार्केटप्लेस कोर्विक्स थ्रीडी को लॉन्च किया गया। 6 महीने से भी कम समय में जोधपुर की एक छोटी टीम ने बिना किसी बाहरी निवेश (बूटस्ट्रैप्ड) के तैयार किया है। कंपनी को भारत सरकार से DPIIT मान्यता प्राप्त है और यह पिछले वर्ष 15 दिसंबर को एलएलपी के रूप में रजिस्टर्ड हुई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कंपनी के सह-संस्थापक एवं सीईओ राकेश चौधरी ने बताया कि कोर्विक्स थ्रीडी दुनिया का पहला ऐसा मल्टी-सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जहां थ्री-डी कलाकार अपनी मेहनत और गुणवत्ता के अनुसार उचित भुगतान पा सकते हैं। राकेश चौधरी खुद 2018 से थ्री-डी कलाकार ह और आईआईटी रोपड़ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ग्रेजुएट है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपनी अगली विकास योजनाओं के लिए स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS) के लिए भी अप्लाई किया है। कार्यक्रम में एडीएम जोधपुर जवाहर सिंह, पूर्व सांसद कर्नल मानवेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त डीआईजीमगाराम, सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी थानाराम, आयकर अधिकारी पूनाराम, यूको बैंक के प्रबंधक नारायण सोलंकी, उप पंजीयक जोधपुर भीकाराम एवं आई-स्टार्ट इंक्यूबेशन सेंटर, जोधपुर की एसीपी (उप निदेशक) श्रीमती मनीषा चौहान सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने कंपनी के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे जोधपुर के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। राजपुरोहित छात्रावास सरदारपुरा में आज हुई प्रवेश परीक्षा, मेरिट से चुने जाएंगे 80 विद्यार्थी समाज के मेधावी एवं प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी, उचित मार्गदर्शन एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजपुरोहित छात्रावास विकास समिति, सरदारपुरा, जोधपुर के तत्वावधान में संचालित श्री आत्मानंद प्रतियोगी परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए आज प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ। समिति के अध्यक्ष श्री सुमेर सिंह कानोडिया ने बताया कि इस प्रवेश परीक्षा में लगभग 421 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर 80 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें आगामी एक वर्ष तक पूर्णतः सुनियोजित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षा समन्वयक डॉ. अभयसिंह खेड़ापा ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में निःशुल्क कोचिंग, नियमित कक्षाएँ, करियर गाइडेंस, मोटिवेशनल सेशन, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालय, बुक बैंक, टेस्ट सीरीज, अध्ययन सामग्री तथा अनुशासित एवं प्रतियोगी वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे विभिन्न राज्य एवं केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर कल्याणपुर पंचायत समिति के प्रधान श्रवणसिंह सरवड़ी, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी ओमसिंह धूंधियाड़ी, डॉ. दलपतसिंह समदड़ी, डॉ. प्रेमसिंह सोकड़ा, पृथ्वीसिंह बस्सी, मदनसिंह हिंगोला, चैनसिंह भाटेलाई, डॉ. चंदनसिंह हिराजसर, सुमेरसिंह पुनाड़िया, सुरेन्द्रसिंह खेड़ापा, धीरेन्द्रसिंह बामणं, पप्पूसिंह बड़ली, विष्णुसिंह पिलोवनी, श्रवणसिंह साकड़िया सहित समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। चौपासनी शिक्षण संस्थान में चौपासनी महाविद्यालय के भवन का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। वहीं दूसरे पक्ष ने संस्थान को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। गौरतलब है कि संस्थान के संचालन को लेकर पिछले कुछ दिनों से गुटबाजी चल रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
मथुरा में स्वच्छता पर सख्ती:49,600 रुपये जुर्माना, अतिक्रमण हटाकर 12 किलो पॉलीथीन जब्त
मथुरा में जिला प्रशासन, नगर निगम मथुरा-वृंदावन, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने संयुक्त रूप से हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है महाअभियान चलाया। गुरुवार को शाम 5 बजे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता, जन-जागरूकता और प्रवर्तन कार्रवाई की गई। नगर निगम के सेक्टर प्रभारियों ने बाजारों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों और बाजारों से अतिक्रमण हटाया गया। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान कुल 49,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसमें अतिक्रमण के लिए 16,100 रुपये, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के लिए 11,500 रुपये और प्रतिबंधित पॉलीथीन व प्लास्टिक के उपयोग तथा भंडारण के लिए 22,000 रुपये शामिल हैं। प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न करने की सलाह दी इसके अतिरिक्त, 12 किलोग्राम प्रतिबंधित पॉलीथीन भी जब्त की गई। नगर निगम की टीमों ने कई गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (जीवीपी) को समाप्त किया। खाली भूखंडों और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा-कचरा हटवाकर क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया गया। शहर में स्वच्छता रैलियां, जनसंपर्क अभियान और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। व्यापारिक संगठनों, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन रखने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न करने की सलाह दी गई। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाएं। साथ ही, स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है संकल्प को सफल बनाने में सहयोग करें, ताकि मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सके।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गुरुवार शाम नेशनल हाईवे-52 पर एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने बाइक सवार युवक और महिला को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार लखन जोशी और संगीता बाई मोगिया गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ रेफर किया गया है। नाहरदा मंदिर के समीप हुई यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बाइक समेत दोनों सवारों को करीब 50 फीट तक घसीटते हुए ले गई। इसके बाद दोनों सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, नाहरदा बड़ली निवासी संगीता बाई मोगिया (24) अपनी बहन को बस में बैठाने के लिए झालावाड़ नाके तक गई थीं। वापसी में उनकी मुलाकात परिचित लखन जोशी से हुई। संगीता ने लखन से उन्हें बाइक पर घर छोड़ने का आग्रह किया था। बताया जा रहा है कि जब दोनों नाहरदा मंदिर के समीप हाईवे पार कर रहे थे, तभी राजगढ़ की ओर से राजस्थान की तरफ जा रही अज्ञात कार ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां से गुजर रही एंबुलेंस को रुकवाकर घायलों को तत्काल खिलचीपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए झालावाड़ रेफर कर दिया। हादसे में लखन जोशी और संगीता बाई मोगिया के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने अज्ञात कार और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।
चेहरे और जबड़े की सर्जरी अब पहले से ज्यादा सटीक और सुरक्षित होने जा रही है। भोपाल में आयोजित ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जनों के राष्ट्रीय सम्मेलन MIDCOMS-2026 में विशेषज्ञों ने बताया कि 3D प्रिंटिंग, डिजिटल सर्जिकल प्लानिंग और माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन जैसी आधुनिक तकनीकें ऑपरेशन के तरीके को तेजी से बदल रही हैं। इनकी मदद से सर्जरी से पहले मरीज के जबड़े या चेहरे का त्रि-आयामी (3D) मॉडल तैयार किया जा सकता है, जिससे ऑपरेशन की पूरी योजना पहले ही बना ली जाती है। इससे सर्जरी अधिक सटीक होती है और मरीज के ठीक होने की संभावना भी बेहतर होती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री एवं प्रख्यात ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. माणिक साहा रहे। ऑपरेशन से पहले बनती है पूरी रणनीति विशेषज्ञों ने बताया कि पहले कई जटिल सर्जरी के दौरान ही डॉक्टरों को निर्णय लेने पड़ते थे। अब डिजिटल प्लानिंग और 3D मॉडल की मदद से ऑपरेशन से पहले ही पूरी प्रक्रिया की तैयारी कर ली जाती है। इससे समय की बचत होती है और सर्जरी के दौरान जोखिम भी कम होता है। चेहरे की गंभीर चोट और कैंसर के मरीजों को मिलेगा फायदा विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में चेहरे और जबड़े की गंभीर चोट, मुंह के कैंसर के बाद चेहरे के पुनर्निर्माण, जन्मजात विकृतियों और डेंटल इम्प्लांट जैसी जटिल सर्जरी में नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इससे मरीजों के चेहरे की बनावट, बोलने और भोजन करने की क्षमता को बेहतर तरीके से बहाल किया जा सकता है। डॉक्टरों ने सीखा आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल सम्मेलन के दौरान हैंड्स-ऑन वर्कशॉप और प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें देशभर से आए सर्जनों और पीजी छात्रों को आधुनिक उपकरणों और नई सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि नई तकनीकों का उद्देश्य केवल ऑपरेशन को आसान बनाना नहीं, बल्कि मरीजों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। 700 से ज्यादा शोध और क्लिनिकल केस पर हुई चर्चा देशभर से आए 1200 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल (चेहरे, जबड़े और मुंह के सर्जन) विशेषज्ञों ने भोपाल में इलाज की नई तकनीकों और जटिल सर्जरी पर मंथन किया। तीन दिवसीय MIDCOMS-2026 सम्मेलन में 700 से अधिक शोधपत्र, ई-पोस्टर और क्लिनिकल केस प्रस्तुत किए गए। इन पर वरिष्ठ विशेषज्ञों ने चर्चा की और इलाज के नए तरीकों पर अपने अनुभव साझा किए। युवा डॉक्टरों को भी अपनी रिसर्च प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
जयपुर के खातीपुरा बाज़ार में 13 मई से पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिसके कारण खातीपुरा पुलिया के पास निर्माण कार्य जारी है। इस दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन) लागू किया है। यातायात पुलिस द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार, झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग से आने वाले वाहनों को झोटवाड़ा पुलिया से डायवर्ट कर कालवाड़ रोड की ओर भेजा जाएगा। वहीं, झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा तिराहे की ओर जाने वाले वाहन कालवाड़ रोड से खिरनी फाटक होते हुए एक्सप्रेस-वे सर्विस लेन का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। हालांकि, खातीपुरा तिराहे से झोटवाड़ा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूर्ववत् (पहले की तरह) संचालित रहेगा। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
बुरहानपुर में क्यूआर कोड शिकायत प्रणाली कारगर:भास्कर के रियलिटी चेक में 3 मिनट में आया पुलिस का फोन
बुरहानपुर जिले के थानों और पुलिस चौकियों में 21 मई से शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित शिकायत प्रणाली अब असर दिखाने लगी है। अगर किसी फरियादी की सुनवाई थाने में नहीं होती, तो वह मौके पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक शिकायत पहुंचा सकता है। दैनिक भास्कर के रियलिटी चेक में यह व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी मिली। नेपानगर थाने में की गई टेस्ट शिकायत पर महज 3 मिनट में पुलिस कंट्रोल रूम से कॉल बैक आया। भास्कर के रियलिटी चेक में सामने आई त्वरित कार्रवाईदैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार दोपहर 1:05 बजे नेपानगर थाने पहुंचकर बाइक चोरी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। शिकायत सबमिट होते ही दोपहर 1:08 बजे बुरहानपुर पुलिस कंट्रोल रूम से कॉल आया। कंट्रोल रूम ने शिकायत की जानकारी लेते हुए पूछा कि क्या थाने में सुनवाई नहीं हुई थी। इसके बाद दोपहर करीब 1:45 बजे नेपानगर थाने के एक एएसआई ने भी कॉल कर घटना स्थल और शिकायत से जुड़ी जानकारी ली। खास बात यह रही कि उसी समय खरगोन रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा जिले में क्राइम मीटिंग ले रहे थे। एसपी बोले- क्विक रिस्पांस सिस्टम से बढ़ी जवाबदेहीएसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि क्यूआर कोड से आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग वे खुद, एएसपी और सीएसपी स्तर तक करते हैं। उनका कहना है कि यह व्यवस्था पुलिसिंग को ज्यादा जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बना रही है। यदि किसी की थाने में सुनवाई नहीं होती, तो वह सीधे शिकायत दर्ज कर सकता है और तत्काल कॉल बैक मिलता है। ऐसे काम करती है यह व्यवस्थाथानों और चौकियों में लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल के गूगल लेंस से स्कैन करने पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलता है। इसमें आवेदक अपना नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत का संक्षिप्त विवरण दर्ज करता है। शिकायत सबमिट होते ही उसकी जानकारी रियल टाइम में एसपी, एएसपी, सीएसपी, थाना प्रभारी और कंट्रोल रूम के साझा ग्रुप तक पहुंच जाती है। इसके बाद जिला कंट्रोल रूम तत्काल आवेदक से संपर्क करता है। जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के जरिए भी शिकायतकर्ता से संवाद किया जा सकता है। एक महीने में 50 शिकायतें, नेपानगर में सिर्फ एकपुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, एक महीने में जिलेभर से करीब 50 शिकायतें इस माध्यम से दर्ज हुई हैं। इनमें नेपानगर क्षेत्र से केवल एक शिकायत आई है। पुलिस का दावा है कि सभी शिकायतों का समय पर निराकरण किया जा रहा है। ग्रामीणों और आम लोगों को सीधा फायदाइस व्यवस्था से खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग बिना किसी मध्यस्थ के सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकते हैं। पुलिस का कहना है कि इससे छोटी शिकायतों को अनदेखा होने से रोका जा सकेगा और बड़े विवादों की संभावना भी कम होगी।
लखनऊ CMO कार्यालय में पोस्टर से मचा बवाल:डॉक्टर की तैनाती पर उठे सवाल, जांच शुरू
लखनऊ के कैसरबाग स्थित सीएमओ कार्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब एक पोस्टर के जरिए सीएमओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए। पोस्टर में लेवल-1 डॉक्टर की कथित तैनाती पर सवाल खड़े किए गए हैं। पोस्टर में दावा किया गया है कि डॉक्टर की सीएमओ कार्यालय में नियमों के विपरीत तैनाती की गई। उन्हें सरकारी वाहन और कार्यालय में कमरा भी उपलब्ध कराया गया। यही नहीं, पोस्टर में निजी नर्सिंग होम में कथित विजिट कर गड़बड़ी करने आरोप भी लगाए गए हैं। कई विधायकों ने मामले की शिकायत की। इसके बावजूद शिकायतों को दबा दिया गया है। बोलने से बचते रहे अधिकारी पोस्टर में प्रकाशित अखबार की कटिंग, शिकायत पत्र और कुछ तस्वीरें भी लगाई गई हैं। बिन्दुवार आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि पोस्टर में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पोस्टर के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अधिकारियों ने पोस्टर हटवाए। पोस्टर लगाने वाले की पहचान और आरोपों की सच्चाई की जांच की जा रही है।
भरतपुर पुलिस ने गुरुवार को देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के एक होटल में छापा मारा। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देह व्यापार से जुड़ी 1 नाबालिग समेत 9 लड़कियों को पकड़ा है। इसके अलावा कुछ युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। शाम करीब 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई देर तक जारी रही। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान होटल के सभी गेट बंद करवा दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के एक होटल में देह व्यापार का धंधा किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने पहले 4 पुलिसकर्मियों को बोगस ग्राहक बनाकर होटल में भेजा। जैसे ही चारों पुलिसकर्मियों ने सूचना सही होने की पुष्टि की, सीओ सिटी आशिमा वासवानी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल पर दबिश देकर कार्रवाई शुरू कर दी। नाबालिग मिलने पर बाल कल्याण समिति को बुलाया गया कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक नाबालिग लड़की भी मिली। इसके बाद मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजा राम भुतौली को बुलाया गया, ताकि नाबालिग को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जा सके। होटल में 5 घंटे तक चली कार्रवाई पुलिस की कार्रवाई होटल में करीब 5 घंटे तक चली। इस दौरान होटल में एंट्री और बाहर जाने के रास्ते बंद कर दिए गए। पुलिस होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
छतरपुर जिले में गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण श्री जटाशंकर धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। बुंदेलखंड के 'केदारनाथ' के नाम से प्रसिद्ध इस धाम में पहाड़ियों से झरने उफान पर आ गए और पानी बहकर सीधे मंदिर परिसर तक पहुंच गया। गोमुख की जलधारा भी तेज हो गई, जिससे पूरा क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भर गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर और बिजावर तहसील से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित श्री जटाशंकर धाम चारों ओर से पहाड़ियों और हरियाली से घिरा है। बारिश के कारण पहाड़ियों से बहता पानी मंदिर परिसर, गुफा, गोमुख और चौक तक पहुंच गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं को वहां रुकने में कठिनाई हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जटाशंकर धाम में गोमुख से पूरे वर्ष प्राकृतिक जलधारा बहती रहती है, जिससे भगवान शिव का निरंतर जलाभिषेक होता है। इसी कारण यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है। अमावस्या और सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में स्थित तीनों कुंड भी वर्षभर जल से भरे रहते हैं। जटाशंकर धाम ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस मौसम की पहली तेज बारिश के बाद धाम का अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जटाशंकर महादेव का प्राकृतिक श्रृंगार होता है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि तेज बारिश के दौरान सीढ़ियों और कुंडों के आसपास विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि पानी का तेज बहाव और फिसलन दुर्घटना का कारण बन सकती है।
राजस्थान के राज्य पशु ऊंट की संख्या में लगातार हो रही कमी और जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने आगामी 5 अगस्त को पशुपालन निदेशक को तलब करते हुए यह बताने के लिए कहा है कि प्रदेश में ऊंटों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है। वहीं, जयपुर के हाथी गांव में हाथियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खुराक और चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से जुड़े मामले में वन विभाग का स्पष्ट जवाब न आने पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को आगामी 23 जुलाई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने आज स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। गौशाला की तरह ऊंटशाला क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- जिस तरह गायों के संरक्षण के लिए गौशालाएं हैं, वैसे ही ऊंटों के लिए कोई ऊंटशाला क्यों नहीं है? सुनवाई के दौरान न्यायमित्र (Amicus Curiae) प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि साल 2015 में सरकार ऊंटों के संरक्षण के लिए कानून लेकर आई थी, लेकिन इस कानून के बनने के बाद से ही प्रदेश में लगातार ऊंटों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। क्रूरता के चलते हथिनी की मौत हुईहाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर न्याय मित्र एडवोकेट शोभित तिवाड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2008 में हाथियों के संरक्षण व कल्याण के लिए दिशा-निर्देश बनाए थे। इन दिशा-निर्देशों की पालना में हाथी गांव की क्या स्थिति है,यही इस याचिका का मूल उद्देश्य है। लेकिन राज्य सरकार इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रही है। उन्होने कहा कि इससे पहले मई में आईपीएल मैच के दौरान चंचल नाम की हथिनी को गुलाबी रंग से रंग दिया था। इस क्रूरता के कारण उस हथिनी की मौत हो गई थी। जबकि एक दूसरी हथिनी को सरकार स्वस्थ बता रही है। जबकि सच्चाई यह है कि बीमारी के कारण उसे जामनगर के वंतारा में भेजा गया है। इससे साफ है कि हाथियों की उचित देखभाल नहीं हो रही है। -------- यह खबर भी पढ़िए सरकार को मिली 16 साल के हाथी 'मोहन' की कस्टडी:हाईकोर्ट ने कहा- खानपान-हेल्थ का ध्यान रखें; असम से अवैध तरीके से लाए थे जयपुर असम से मार्च में जयपुर लाए गए 16 साल के हाथी 'मोहन' की कस्टडी सरकार के पास ही रहेगी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी की कस्टडी महावत को देने के आदेश पर रोक लगा दी है। पढ़ें पूरी खबर
मैहर जिले के भदनपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बहिली में स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को वन विभाग द्वारा हटाए जाने के बाद गुरुवार को आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहले कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया और फिर वन मंडल कार्यालय का घेराव कर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे सांसद गणेश सिंह के काफिले को भी ग्रामीणों ने रोककर जमकर नारेबाजी की। आपसी चंदे से स्थापित की थी प्रतिमा आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने बीती 25 जून को डिप्टी कलेक्टर और DFO को ज्ञापन देकर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की मांग की थी। इसके बाद 27 जून को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जुटाकर वन परिक्षेत्र के एक हिस्से में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की थी। ग्रामीणों का दावा है कि स्थापना के समय वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया था और तब कोई आपत्ति नहीं जताई थी। बिना सूचना उखाड़ी मूर्ति, दो ग्रामीणों को ले गई वन विभाग की टीम ग्रामीण छोटू कोल ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक मौके पर पहुंची। टीम ने वहां स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को उखाड़ दिया और उसे अपने साथ वन मंडल कार्यालय मैहर ले आई। यही नहीं, विरोध करने पर टीम मौके पर मौजूद दो ग्रामीणों—सूखदाम कोल और रामनाथ कोल को भी हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई, जिससे पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित हो उठा। बीच सड़क पर बैठे ग्रामीण, सांसद और विधायक पहुंचे मौके वन विभाग की इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ जब कार्यालय में कोई सुनवाई नहीं हुई, तो नाराज ग्रामीण मैहर की मुख्य सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही टीआई अनिमेष द्विवेदी और चौकी प्रभारी रंजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी बीच वहां से गुजर रहे क्षेत्रीय सांसद गणेश सिंह की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया और उन्हें पूरा घटनाक्रम सुनाया। कुछ ही देर में मैहर विधायक भी मौके पर पहुंच गए। सांसद के निर्देश के बाद छूटे ग्रामीण, मूर्ति भी हुई वापस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद गणेश सिंह ने मौके से ही वन मंडलाधिकारी विद्याभूषण मिश्रा से फोन पर कड़ी चर्चा की। उन्होंने वन विभाग को हटाई गई प्रतिमा सम्मानपूर्वक वापस करने और हिरासत में लिए गए दोनों ग्रामीणों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए। सांसद के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग ने दोनों ग्रामीणों को छोड़ दिया और मूर्ति भी ग्रामीणों को सौंप दी। सांसद ने आदिवासी समाज को आश्वस्त किया है कि वे स्वयं जल्द ही गांव पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करेंगे और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना व जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शराब दुकानों में ओवररेटिंग के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने दबिश देकर दो कंपोजिट शराब दुकानों में तय कीमत से अधिक राशि वसूलते दो सेल्समैनों को पकड़ा है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, राजनांदगांव में शराब दुकानों में ग्राहकों से तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की लगातार शिकायतें आबकारी विभाग को मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर आबकारी आयुक्त पीएस अलमा के निर्देश पर दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने गुरुवार को दो शराब दुकानों पर औचक छापेमार कार्रवाई की। टीम ने डमी ग्राहक भेजकर जांच कराई, जिसमें दोनों दुकानों पर ओवररेटिंग का मामला सामने आया। डमी ग्राहक बनकर पहुंची टीम सबसे पहले टीम राजनांदगांव के रेवाडीह-01 स्थित कंपोजिट शराब दुकान पहुंची। यहां डमी ग्राहक के जरिए 20 पाव सुप्रीमो व्हिस्की खरीदी गई। इसकी सरकारी कीमत 2400 रुपए थी, लेकिन दुकान में मौजूद सेल्समैन हरीश साहू ने 2500 रुपए वसूल लिए। यानी ग्राहक से 100 रुपए ज्यादा लिए गए। दूसरी दुकान में भी मिली गड़बड़ी इसके बाद उड़नदस्ता टीम मंडी बाईपास लखोली रोड स्थित कंपोजिट शराब दुकान पहुंची। यहां भी डमी ग्राहक ने 20 पाव जम्मू स्पेशल व्हिस्की खरीदी। इसकी तय कीमत 2400 रुपए थी, लेकिन सेल्समैन शुभम कुमार ने 2500 रुपए वसूल लिए। यहां भी 100 रुपए ज्यादा वसूले गए। दोनों सेल्समैन पर केस दर्ज जांच में ओवररेटिंग की पुष्टि होने के बाद आबकारी विभाग ने दोनों सेल्समैन हरीश साहू और शुभम कुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की चेतावनी आबकारी विभाग ने साफ कहा है कि शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। आगे भी शिकायत मिलने पर इसी तरह जांच की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आबकारी आयुक्त पी.एस. अलमा के निर्देश पर दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने राजनांदगांव की दो शराब दुकानों में छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई शराब की बोतलों पर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत मिलने के बाद की गई। टीम ने दोनों दुकानों पर फर्जी ग्राहक (डमी कस्टमर) भेजकर शराब खरीदी। जांच में दोनों दुकानों पर तय सरकारी कीमत से 100 रुपये ज्यादा वसूलते हुए दो सेल्समैन पकड़े गए। रेवाडीह स्थित शराब दुकान में डमी ग्राहक ने 20 पाव सुप्रीमो व्हिस्की खरीदी। इसकी सरकारी कीमत 2400 रुपये थी, लेकिन सेल्समैन हरीश साहू ने 2500 रुपये वसूल लिए। इसी तरह मंडी बाईपास लखोली रोड स्थित शराब दुकान में 20 पाव जम्मू स्पेशल व्हिस्की की खरीद कराई गई। यहां भी सरकारी कीमत 2400 रुपये की जगह सेल्समैन शुभम कुमार ने 2500 रुपये वसूल लिए। आबकारी विभाग ने दोनों सेल्समैन के खिलाफ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। विभाग ने साफ कहा है कि शराब दुकानों में ओवररेटिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी इस तरह की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र अंतर्गत हाईवे पर बाइक सवार बदमाशों ने एलडीबी बैंक मैनेजर की पत्नी के गले से सोने की चेन लूट ली। जहां पर घटना हुई, वहां पर रोज रात को पुलिस खड़ी रहती है। महिला लुटेरे को पीछे दौड़ी, लेकिन वो बाइक लेकर फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची । लूट की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस सीसीटीवी की मदद से बदमाशों को सुराग लगा रही है।जानकारी के अनुसार एत्मादपुर निवासी एलडीबी बैंक के अध्यक्ष शंकर ध्वज सिंह की पत्नी रात करीब 9 बजे रामबाग से आ रही थीं। हाईवे के सर्विस रोड पर जेडी हॉस्पीटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से चेन तोड़ ली। जहां पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, वहां पर रोज रात को चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ चेकिंग करते हैं। लोगों ने बताया कि बाइक सवार चेन तोड़कर हाईवे पर भाग गए। सूचना पर थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने वसूली कर लौट रहे दो कर्मचारियों की बाइक के टायर में गोली मारकर उन्हें रोक लिया और करीब ढाई लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मड़िहान थाना क्षेत्र के बेला जंगल मार्ग पर गुरुवार रात करीब आठ बजे लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई। पल्सर बाइक सवार दो बदमाशों ने वसूली कर लौट रहे दो कर्मचारियों की बाइक के टायर में गोली मार दी। टायर फटने के बाद बाइक रुक गई और बदमाश नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, लोहंदी निवासी सुनील यादव और छोटा मिर्जापुर निवासी राजकुमार कटरा कोतवाली के सामने स्थित मिलन थ्रेड कंपनी में कार्यरत हैं। दोनों कर्मचारी कंपनी की वसूली के सिलसिले में सोनभद्र के घोरावल गए थे। वहां से करीब ढाई लाख रुपये की वसूली कर वे मड़िहान मार्ग से मिर्जापुर लौट रहे थे। इसी दौरान बेला जंगल मार्ग पर पहले से घात लगाए बैठे पल्सर सवार दो बदमाशों ने उनकी बाइक के पिछले टायर पर गोली चला दी। टायर फटने से बाइक अनियंत्रित होकर रुक गई। इसके बाद बदमाश कर्मचारियों के पास मौजूद नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। मिलन थ्रेड कंपनी के संचालक सचिन ने बताया कि घटना में दोनों कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी को गोली नहीं लगी है। बदमाश केवल नकदी से भरा बैग लूटकर भागे हैं। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मड़िहान थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के अधिकारियों से 2 लाख 63 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। एसीबी की स्पेशल इनवेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) ने जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर शाहपुरा पुलिया के पास टाटा सफारी गाड़ी को रोककर तलाशी ली, जिसमें यह नकदी मिली। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया- ब्यूरो को सूचना मिली थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग की टीम भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में खाद और कीटनाशक निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर रही है। आरोप है कि निरीक्षण का डर दिखाकर कुछ औद्योगिक इकाइयों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे थे। सूचना के आधार पर उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने शाहपुरा पुलिया पर निगरानी रखी और संदिग्ध वाहन को रोककर कार्रवाई की। दो अधिकारियों के बैग से मिला कैश तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1 लाख 48 हजार 500 रुपये और कृषि अधिकारी चन्दा राम गुर्जर के बैग से 1 लाख 15 हजार रुपये बरामद हुए। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव और कृषि विभाग के चालक रमेश चन्द्र मीणा भी मौजूद थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई। अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच एसीबी अब बरामद नकदी के स्रोत, औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा जिले के ग्राम बरगीडीह में गुरुवार को मामूली विवाद पर पड़ोसी ने ग्रामीण पर गैंती से हमला कर दिया। हमले में घायल ग्रामीण को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया। इलाज के दौरान ग्रामीण की मौत हो गई। मामला लुण्ड्रा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बरगीडीह निवासी जीतू नागेश (45 वर्ष) गुरुवार को अपने घर में था। परिवार के सभी सदस्य धान की रोपाई करने के लिए गये थे। जीतू नागेश का पड़ोसी बुधराम उसके घर के सामने पहुंचा। दोनों में बातचीत हो रही थी। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद से आक्रोशित होकर बुधराम ने जीतू पर गैंती से हमला कर दिया। घायल की हॉस्पिटल में मौत गैंती के हमले में जीतू नागेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बुधराम ने स्वयं आसपास के लोगों को जानकारी दी कि मैंने जीतू को मार दिया है, अब जेल जाउंगा। ग्रामीणों की सूचना पर खेत में काम कर रहे जीतू के परिजन मौके पर पहुंचे और जीतू को गंभीर हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया। यहां हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पुलिस ने मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामला लुंड्रा पुलिस को भेजा जा रहा है। मृतक के परिजनों ने बताया कि जीतू नागेश एवं बुधराम के बीच पहले का कोई विवाद नहीं था। दोनों अकसर साथ रहते थे और साथ ही खाते-पीते थे। धटना की सूचना पर बुधराम के बेटे ने भी घायल जीतू को हॉस्पिटल ले जाने में मदद की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पदोन्नति न होने से पुलिस महकमे में शुरू की गई कार्यवाहक उच्च पद प्रभार की व्यवस्था एक बार फिर रोक दी गई है। इसे पिछले महीने ही दोबारा शुरू करने का फैसला पुलिस मुख्यालय ने लिया था। इस फैसले के बाद इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर होने वाली 95 पदों की पदोन्नति के आदेश जारी में होने में समय लगना तय है। वहीं एसएएफ के 92 सब इंस्पेक्टर्स को इंस्पेक्टर्स बनाने के लिए कार्यवाहक उच्च पद प्रभार देने का आदेश भी अब वापस होने की स्थिति बन गई है। यह आदेश एसएएफ डीआईजी ने एक जुलाई को जारी किया था। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों और इकाइयों के लिए आदेश जारी करते हुए कहा है कि कार्यवाहक (ऑफिशिएटिंग) रूप से उच्च पद का प्रभार देने की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। आज जारी इस आदेश के बाद अब किसी भी अधिकारी को उच्च पद का अतिरिक्त या कार्यवाहक प्रभार नहीं दिया जाएगा। आदेश में बताया गया है कि इससे पहले 10 फरवरी 2021 को जारी निर्देश के आधार पर पुलिस अधिकारियों को कार्यवाहक रूप से उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था लागू की गई थी, जिसे पिछले साल जून में लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 जारी करने के बाद स्थगित किया गया था। जब इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं आया तो पिछले माह फिर कार्यवाहक पदोन्नति देने के लिए फैसला लिया गया और इसके निर्देश जारी किए गए। जीएडी के पदोन्नति शुरू करने के आदेश के बाद लिया फैसला पीएचक्यू ने कहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 30 जून 2026 को निर्देश जारी कर फिर मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के अंतर्गत पदोन्नति करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने बताया है कि इन नए पदोन्नति नियमों के संबंध में महाधिवक्ता, मध्यप्रदेश द्वारा दिए गए विधिक परामर्श के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी है। इसी परिप्रेक्ष्य में पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि कार्यवाहक रूप से उच्च पद का प्रभार देने संबंधी सभी प्रक्रियाएं तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी। साथ ही, सामान्य प्रशासन विभाग के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप ही भविष्य में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 95 इंस्पेक्टर के डीएसपी बनने की कार्रवाई रुकी इस बीच पीएचक्यू द्वारा 95 इंस्पेक्टर्स को डीएसपी पद का कार्यवाहक उच्च पद प्रभार देने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। अब जबकि शासन के आदेश पदोन्नति नियम के आधार पर पदोन्नति देने के लिए जारी हो गए हैं और पीएचक्यू ने इसके चलते कार्यवाहक उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया स्थगित कर दी है। इसलिए इन इंस्पेक्टर्स को उच्च पद का प्रभार देने की कार्रवाई भी रुक गई है। अब गृह विभाग नए सिरे से सीआर मंगाकर पदोन्नति के संबंध में एमपीपीएससी को प्रस्ताव भेजेगा। इसके बाद डीपीसी बैठक कर निरीक्षकों को डीएसपी के पद पर प्रमोशन दिया जा सकेगा। उधर विशेष सशस्त्र बल के आईजी इरशाद वली ने पीएचक्यू के पूर्व के निर्देशों के आधार पर एक जुलाई को 92 एसएएफ सब इंस्पेक्टर्स को इंस्पेक्टर पद का उच्च पद प्रभार देने का आदेश जारी कर दिया है। आज जारी हुए आदेश के बाद अब यह उच्च पद प्रभार की कार्रवाई भी रुक जाएगी।
गोरखपुर में गुरुवार की रात 9 बजे बिजली विभाग ने कल यानी शुक्रवार को होने वाली कटौती की सूचना जारी की। शहर के कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण, लाइन और पोल शिफ्टिंग के कार्य के चलते कल यानी शुक्रवार को 4 से 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने पहले से शटडाउन की सूचना जारी कर उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। बक्शीपुर और दीवान बाजार में नहीं रहेगी बिजली बिजली विभाग के अनुसार बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दीवान बाजार और बक्शीपुर 11 KV फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। उपखंड अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। करीमनगर और रेल विहार फीडर भी रहेंगे बंद राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली आपूर्ति भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। इस दौरान इन फीडरों से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में भी रहेगा पांच घंटे का शटडाउन रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शहर के अन्य कई उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों पर भी शटडाउन लिया जाएगा। इनमें इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र का पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र का हनुमंत नगर फीडर, नईयापार उपकेंद्र का रजही फीडर, रायगंज उपकेंद्र का पोछिया-2 फीडर, खोराबार उपकेंद्र का सूबा बाजार फीडर तथा 33 KV खोराबार लाइन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील बिजली विभाग ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइनों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने के लिए यह शटडाउन जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग का कहना है कि कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी।
रेऊना थाना क्षेत्र के कटार गांव में गुरुवार शाम 4 बजे अराजक तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया। प्रतिमा का एक हाथ तोड़ दिए जाने से ग्रामीणों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा की मरम्मत कराकर रंग-रोगन कराया और उसे दोबारा स्थापित कर दिया। साथ ही घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की तलाश शुरू कर दी है। रेऊना थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कटार में गुरुवार शाम कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचा दिया। प्रतिमा का हाथ टूटने की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर रेऊना थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू की। किसी भी तरह का तनाव न फैले, इसके लिए गांव में पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई। पुलिस ने बिना देर किए क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराई। प्रतिमा के टूटे हुए हिस्से को ठीक कराने के बाद उसका रंग-रोगन कराया गया और उसे पुनः उसी स्थान पर स्थापित कर दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष देखा गया, हालांकि लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग दोहराई। रेउना थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। क्षतिग्रस्त प्रतिमा को ठीक कराकर दोबारा स्थापित करा दिया गया है। घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर के चौमूं क्षेत्र में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया। ACB ने नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले रिश्वत लेने के मामले में एक दलाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की, जिसमें दलाल रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ा गया। ACB ASP मनोज गुप्ता और सीआई रामजीलाल गुप्ता ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इधर, कार्रवाई की भनक लगते ही संबंधित पटवारी सुरेंद्र मौके से फरार हो गया। ACB की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB की टीम मामले में रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल फरार पटवारी की तलाश जारी है।
दिल्ली को देश की ‘सिविक-टेक कैपिटल’ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में ‘दिल्ली नेक्स्ट-कोड, क्रिएट एंड चेंज’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसे देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को एक मंच पर लाकर राजधानी की शहरी और नागरिक समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान तैयार करना है। युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोडे़गा दिल्ली नेक्स्ट : सीएम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा आज सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रह सकता। तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के जरिए समस्याओं के प्रभावी और स्थायी समाधान विकसित करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नेक्स्ट केवल एक हैकाथॉन नहीं, बल्कि सरकार और नवाचार के बीच एक ऐसा सेतु है, जो युवाओं के विचारों को सीधे प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ेगा। सीएम ने कहा दिल्ली सरकार युवाओं को केवल प्रतियोगी नहीं, बल्कि सुशासन का साझेदार मानती है। उन्होंने कहा देश के युवाओं में असीम प्रतिभा है और यदि उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनके अनुसार, युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत हैं। विभिन्न विभागों के सहयोग से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट : रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम पारंपरिक हैकाथॉन से अलग होगा। जहां अधिकांश हैकाथॉन पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त हो जाते हैं, वहीं ‘दिल्ली नेक्स्ट’ में चयनित शीर्ष 60 टीमों के तकनीकी समाधानों को संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सफल मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यप्रणाली में शामिल किया जाएगा, ताकि नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके। उन्होंने कहा इस पहल से दिल्ली में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के नवाचार वास्तविक समस्याओं के समाधान का हिस्सा बनेंगे।
सहारनपुर में एक युवती की तस्वीरें और वीडियो एडिट कर उन्हें आपत्तिजनक बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने, लगातार पीछा करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चिलकाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चिलकाना थाना क्षेत्र के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी साबिर पुत्र रियासत के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार शाम 6 बजे पटनी गांव के पास सादान नर्सरी के सामने से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इंस्टाग्राम से फोटो डाउनलोड कर बनाई फर्जी ID युवती ने पुलिस को बताया कि वह इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करती है। पढ़ाई के दौरान और चिलकाना बाजार आने-जाने के समय आरोपी उसका पीछा करता था और अभद्र टिप्पणियां करता था। बदनामी और पढ़ाई प्रभावित होने के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। आरोप है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम से उसकी तस्वीरें और वीडियो डाउनलोड कर उन्हें एडिट किया। इसके बाद फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक तस्वीरें प्रोफाइल फोटो और अन्य पोस्ट के रूप में अपलोड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अस्पताल पहुंचकर किया हंगामा शिकायत के मुताबिक, परिवार की समझाइश के बाद आरोपी ने दोबारा ऐसी हरकत न करने का भरोसा दिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने फिर उत्पीड़न शुरू कर दिया। युवती का आरोप है कि 25 जून को जब वह देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में ड्यूटी पर थी, तब आरोपी वहां पहुंच गया। उसने अस्पताल के बाहर स्टाफ के सामने गाली-गलौज की और अपमानजनक बातें कहीं। इसके बाद आरोपी युवती के किराए के कमरे तक पहुंच गया और मकान मालिक को धमकाते हुए युवती को जान से मारने की धमकी दी। IT एक्ट में केस, कोर्ट में होगा पेश लगातार पीछा किए जाने, सोशल मीडिया पर बदनाम करने और धमकियों से परेशान होकर युवती ने चिलकाना थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 67A में मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली लाइनों के रखरखाव एवं आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते सोमवार को खोखरिया फीडर से जुड़े क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत निगम के अनुसार यह शटडाउन सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान खोखरिया, गुजरावास, बोरावास तथा 11 केवी खोखरिया फीडर से जुड़े सभी गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी। वहीं, नांदड़ी फीडर से जुड़े नांदड़ी गांव में सुबह 8 से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित शटडाउन को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें।
जोधपुर कमिश्नरेट में पिछले 24 घंटे में पुलिस की ओर से अलग-अलग कार्रवाइयाँ कर कई आरोपियों को पकड़ा गया। वहीं जुआ सट्टा और अवैध शराब को लेकर भी कार्रवाई की गई है। जोधपुर पूर्व के डांगियावास थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपीके खिलाफ पोक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नशा तस्कर पकड़ा शहर की करवड़ थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई करते हुए आरोपी रामनरेश जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 632 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तस्कर को गिरफ्तार किया। युवक के साथ मारपीट मंडोर के लालसागर निवासी प्रार्थी लखन गहलोत ने अपने साथ हुई मारपीट के आरोपों को लेकर पुलिस को रिपोर्ट दी। बताया कि भानु बंगला के पास आरोपी जयंत, सुजीत, ओनीश और उनके 3-4 अन्य साथियों ने उसका रास्ता रोका। आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की नीयत से हमला कर उसकी जेब से 22,000 रुपए लूटकर फरार हो गए। सड़क हादसे में एक की मौत कुड़ी भगतासनी रिंग रोड सांगरिया ब्रिज के पास अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई अमराराम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। कुड़ी भगतासनी केके कॉलोनी में एक अन्य हादसे में अज्ञात कार चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार महिला और उसके ससुर गंभीर रूप से घायल हो गए। 4 थाने की पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब महामंदिर पुलिस ने भदवासिया सांसी बस्ती में दबिश देकर 65 वर्षीय हिमजाराम सांसी को अवैध हथकड़ शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया। चौहाबो व कुड़ी भगतासनी: चौहाबो पुलिस ने श्रमिक कॉलोनी से आरोपी नरेंद्र सिंह को 60 पव्वे देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया। वहीं कुड़ी भगतासनी पुलिस ने हेमनगर झालामंड से आरोपी ओमप्रकाश प्रजापत को 54 पव्वे देशी शराब के साथ दबोचा। विवेक विहार पुलिस ने अलग-अलग चौराहों से आरोपी अनिल भाटी और किशन को अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पत्नी की शादी करने पर मामला दर्ज प्रतापनगर थाने ने एक व्यक्ति ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जिस आरोप लगाया कि उनकी शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोग आटा साटा करने का दबाव बना रहे थे ऐसा नहीं करने पर उन्होंने अपनी बेटी की शादी दूसरे युवक के साथ कर दी। युवक ने 15 लाख रूपए मांगने का आरोप भी लगाया। एम्स के सामने चल रहा था जुआ बासनी थाना पुलिस ने एम्स गेट नंबर 3 के सामने जुआ खेल रहे गिरोह पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से अनरजीत यादव, लक्षित ओड, देवेंद्र राजपूत, नरेश कुमार कंसारा, किशोर सरगरा, शंकर सांसी, जोगाराम सांसी, दीवान सांसी और मनोहर कलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इनके पास से जुआ राशि के 28,410 रुपए नकद जब्त किए गए हैं। प्रतापनगर व सरदारपुरा प्रतापनगर में खेड़ापति मंदिर के बाहर से अज्ञात चोरों ने प्रार्थी जगदीश कुमार की मोटरसाइकिल पार कर दी। वहीं सरदारपुरा प्रथम बी रोड पर एक किराये के कमरे में घुसकर चोरों ने मोबाइल और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। गुमशुदगी के मामले कॉलेज जाने का कहकर निकली: माता का थान थाना क्षेत्र के राजीव गांधी कॉलोनी से एक बेटी सुबह करीब 11 बजे घर से कॉलेज जाने का कहकर निकली थी, जो शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर हर जगह ढूंढा, पर सुराग न मिलने पर थाने में मामला दर्ज कराया है। नागोरी गेट थाने के एक कॉलोनी से एक 19 वर्षीय युवती दोपहर करीब 1 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई। पीड़िता की मां ने नागोरी गेट थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। मथानिया थाना क्षेत्र से एक 24 वर्षीय युवती अपने घर से बिना किसी को कुछ बताए अचानक निकल गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। प्रतापनगर सदर थाना क्षेत्र की एक बस्ती से एक 19 वर्षीय युवती 26 जून की शाम को घर से बिना बताए निकली थी, जिसका आज दिन तक कोई अता-पता नहीं चला है। मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। सूरसागर इलाके से एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की दोपहर के समय घर से अचानक लापता हो गई। वहीं इसी थाना क्षेत्र के चांदपोल से एक 40 वर्षीय विवाहिता भी बिना बताए घर से कहीं चली गई, जिसके बाद परेशान पति ने सूरसागर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही स्थित एक फैक्ट्री परिसर में पड़े खतरनाक इंडस्ट्री वेस्ट के निस्तारण को लेकर सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित फैक्ट्री संचालक को 15 जुलाई तक अपने परिसरों से पूरा खतरनाक कचरा हटाने का अंतिम अवसर दिया है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश हरिसिंह सोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। खंडपीठ के समक्ष प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि कोर्ट के 29 जून 2026 के आदेश की पालना में फैक्ट्री परिसर से खतरनाक कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रतिवादी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि कचरा हटाने का कार्य 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी न्यायालय को सूचित किया कि मौके पर सफाई कार्य प्रारंभ हो चुका है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डीएस जसोल और राजेश परिहार ने पैरवी की। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कचरा हटने के बाद न्यायालय द्वारा गठित एक टीम दोनों परिसरों का निरीक्षण करेगी। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्थान पर खतरनाक पदार्थ शेष न रहे। यदि सफाई कार्य भुगतान के अभाव में रुकता है, तो कलेक्टर संबंधित उद्योग संचालक से राशि की वसूली कर एजेंसी रामकी/री सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड को भुगतान सुनिश्चित करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान संबंधित विभागों को कचरा हटाने की ताजा प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी होगी।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय प्रवास पर 4 जुलाई को मध्यप्रदेश आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद उनका यह पहला मध्यप्रदेश दौरा होगा। दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय भी अलर्ट मोड पर आ गया है। अपने दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार इंदौर और खंडवा क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। 4 जुलाई को दोपहर बाद वे इंदौर पहुंचेंगे। शाम 4 बजे लता मंगेशकर सभागृह में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और खंडवा जिले के 1,500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद करेंगे। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश कुमार ऐसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जिन्होंने इससे पहले भी दिल्ली में बीएलओ और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ सीधे संवाद की पहल की थी। बीएलओ से चर्चा के बाद वे इंदौर में रात्रि विश्राम करेंगे। 5 जुलाई को उनका ओंकारेश्वर और महेश्वर जाने का कार्यक्रम है, जहां वे भगवान शिव के दर्शन करने के साथ महेश्वर किले का भी भ्रमण करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे की सूचना मिलते ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गुरुवार को ही चुनाव आयोग ने देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है, जिनमें मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट भी शामिल है। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर को चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में दतिया कलेक्टर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी साझा की है।
मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा:महराजगंज कोर्ट ने 30 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
महराजगंज की विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार पंचम की कोर्ट ने मासूम से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। अदालत ने दोषी मोहित उर्फ धुआं को 20 साल के सश्रम कारावास के साथ 30 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक विनोद सिंह ने बताया कि यह घटना 19 सितंबर 2023 को फरेंदा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। आरोपित मोहित ने पंचायत भवन के करीब पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और वैज्ञानिक व चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मोहित उर्फ धुआं को दोषी पाया और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत यह कठोर सजा सुनाई।
पंजाब के खन्ना जिले में फर्जी एनओसी (NOC) के सहारे अवैध कॉलोनियों और जमीनों की रजिस्ट्रियां कराने के एक बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए खन्ना की एसडीएम (SDM) स्वाति टिवाणा की शिकायत पर थाना सिटी-2 खन्ना में विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से तहसील परिसर और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच हड़कंप मच गया है। वसीका नवीस, प्रॉपर्टी डीलर और पूर्व सरपंच समेत चार नामजद पुलिस ने एसडीएम के आधिकारिक पत्र के आधार पर खन्ना के वसीका नवीस (विलेख लेखक) रविंदर सिंह, प्रॉपर्टी डीलर विकास उर्फ विक्की, गुरदीप सिंह और एक पूर्व सरपंच परमजीत सिंह को नामजद किया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस संगठित रैकेट के पीछे कई सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और रसूखदार निजी व्यक्तियों की बड़ी मिलीभगत हो सकती है, जो जांच के दौरान बेनकाब होंगे। 80 से अधिक संदिग्ध रजिस्ट्रियों की शिकायत, पहले चरण में ही खुली पोल यह पूरा घोटाला तब उजागर हुआ जब कुछ दिन पहले स्थानीय जागरूक नागरिकों ने एसडीएम स्वाति टिवाणा से मुलाकात कर फर्जी एनओसी के जरिए धड़ल्ले से हो रही रजिस्ट्रियों की लिखित शिकायत सौंपी थी। इस शिकायत में 80 से अधिक संदिग्ध रजिस्ट्रियों का ब्योरा दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब एसडीएम ने प्राथमिक जांच शुरू करवाई, तो पहले चरण में ही 35 रजिस्ट्रियों की एनओसी पूरी तरह से फर्जी और जाली पाई गईं। सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना, जमीनों की खरीद-बिक्री पर लगी रोक प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस कथित रैकेट के माध्यम से जाली एनओसी तैयार कर पंजाब सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये के राजस्व (वित्तीय नुकसान) की चपत लगाई गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम स्वाति टिवाणा ने जांच के दायरे में आई उन सभी संपत्तियों और जमीनों की आगे की बिक्री, ट्रांसफर या किसी भी प्रकार के नए लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। डीएसपी को पत्र के बाद बीती रात दर्ज हुई FIR 35 रजिस्ट्रियों के फर्जी साबित होते ही एसडीएम ने तुरंत डीएसपी खन्ना को कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करते हुए एक आधिकारिक पत्र भेजा। इसी पत्र पर संज्ञान लेते हुए बीती रात थाना सिटी-2 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इसमें शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारियां और कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
दतिया में शुक्रवार सुबह बिजली बंद:मेंटेनेंस के कारण कई इलाकों में आपूर्ति रहेगी प्रभावित
दतिया शहर और आसपास के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। 33/11 केवी सबस्टेशन और 33 केवी लाइन पर मेंटेनेंस तथा एमडीपी प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों के कारण यह स्थिति बनेगी। अलग-अलग फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में 4 से 5 घंटे तक बिजली बंद रहेगी। इससे हजारों उपभोक्ताओं को सुबह के समय असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक 11 केवी सिटी-2, रामसागर, हॉस्पिटल और गौतम विहार फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इसी प्रकार, सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कोर्ट, बीकर आबादी-2, गधारी आबादी, उनाव आबादी, पिपरआ कला आबादी, केशर परासुरा आबादी, ठाकुरपुरा आबादी, नयाखेड़ा आबादी और बगेरदी आबादी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी। बिजली कंपनी ने सूचित किया है कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव संभव है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें।
पीलीभीत में 6 साल की बच्ची से छेड़छाड़:घर के पास खेल रही मासूम, आरोपी गिरफ्तार
पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। बच्ची के पिता की सजगता के कारण आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। घटना गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है। छह वर्षीय बच्ची अपने घर से कुछ दूरी पर खेल रही थी। इसी दौरान गांव का निवासी नरेश वहां पहुंचा। उसने बच्ची को अकेला पाकर जबरन उठा लिया और गांव के एक मंदिर में ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ गलत हरकतें करना शुरू कर दिया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके पिता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी नरेश को रंगे हाथों पकड़ लिया और तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पीआरवी वैन मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
हरदा शहर के एक बड़े हिस्से में शुक्रवार को दो घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत वितरण कंपनी 11 केवी सब्जी मंडी और गुर्जर बोर्डिंग फीडर पर आवश्यक रखरखाव कार्य करेगी, जिसके कारण सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रहेगी। कंपनी से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अवधि में अतिरिक्त 100 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना का कार्य भी किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इस दौरान विद्युत प्रवाह पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस बिजली कटौती से गुर्जर बोर्डिंग, त्रिमूर्ति कॉलोनी, पाठक कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, जोशी कॉलोनी, बस स्टैंड, इंद्रलोक कॉलोनी सहित आठ से अधिक प्रमुख इलाकों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रभावित कॉलोनियों के निवासियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि रखरखाव कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र की पंचशील कॉलोनी में छह माह की गर्भवती पत्नी की हत्या कर फरार हुए आरोपी पति को पुलिस ने सात दिन बाद वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया है। अपराध शाखा डीएलएफ की टीम ने आरोपी अमित को पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बता दें कि, 25 जून 2026 को पंचशील कॉलोनी में रहने वाली 25 वर्षीय नेहा की मौत हो गई थी। नेहा अपने पति अमित के साथ करीब दो महीने पहले ही नए घर में रहने आई थी। परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन नेहा अपने पति अमित से काम पर जाने के लिए कह रही थी, क्योंकि वह पिछले पांच दिनों से छुट्टी लेकर घर पर ही बैठा हुआ था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद बढ़ गया। पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोया, दम घुटने से हुई मौत : परिजन परिजनों का आरोप है कि गुस्से में अमित ने नेहा का सिर कई बार पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। उस समय नेहा छह माह की गर्भवती थी। घटना के बाद अमित मौके से फरार हो गया। बताया जाता है कि उसने अपने चाचा को फोन कर कहा कि झगड़े के दौरान नेहा की मौत हो गई है और अब आगे जो करना है, वह देख लें। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जब मृतका के जीजा दिलीप मौके पर पहुंचे तो उन्होंने नेहा को बाथरूम में मृत अवस्था में देखा और पुलिस को सूचना दी। पति-पत्नी में पहले से चल रहा था मनमुटाव : पुलिस वहीं, पुलिस जांच में एक अलग पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अमित और नेहा के बीच पहले से मनमुटाव चल रहा था। नेहा अक्सर दिल्ली के अशोक विहार में रहने वाली अपनी बहन के घर मिलने जाती थी और कई-कई दिन वहीं रुक जाती थी। अमित को यह बात पसंद नहीं थी और वह उसे वहां जाने से मना करता था। पुलिस का कहना है कि 25 जून को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि गुस्से में अमित ने पहले नेहा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और बाद में घटना को हादसा दिखाने के लिए उसका सिर बाथरूम में पानी से भरी बाल्टी में डाल दिया। पुलिस फिलहाल दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने एक दिन की रिमांड पर लिया घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। लगातार छापेमारी और गुप्त सूचना के आधार पर अपराध शाखा डीएलएफ की टीम ने 1 जुलाई को आरोपी अमित को वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जहां उससे वारदात के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मृतका के पिता विजय प्रसाद, निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार), की शिकायत पर 26 जून को थाना पल्ला में अमित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर मामले के सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के दूसरे चरण में 2246 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन निवेशों से लगभग 1900 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अगले पांच वर्षों में करीब 20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात की संभावना है। यह जानकारी मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति ने दी। उन्होंने बताया कि डेवलपमेंट कमिश्नर, एसईजेड की अध्यक्षता में आयोजित स्वीकृति समिति की वित्तीय वर्ष की पहली बैठक में इन निवेश प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। सभी निवेश पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। फार्मा सेक्टर का रहेगा दबदबा स्वीकृत निवेश प्रस्तावों में फार्मास्युटिकल क्षेत्र की कंपनियों की प्रमुख भागीदारी है। इनमें अजंता फार्मा का विस्तार और नई यूनिट की स्थापना शामिल है। इसके अलावा फेलिक्स जेनेरिक्स और शंकर न्यूट्रिकॉन जैसी कंपनियां भी नए निवेश के साथ अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगी। निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा एमपीआईडीसी के अनुसार इन नई इकाइयों के शुरू होने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पीथमपुर एसईजेड का निर्यात प्रदर्शन भी मजबूत होगा। अनुमान है कि आगामी पांच वर्षों में इन इकाइयों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात होगा। औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा पीथमपुर प्रजापति ने कहा कि पीथमपुर एसईजेड निवेशकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नई परियोजनाओं के आने से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा और प्रदेश फार्मा एवं विनिर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में पुलिस हिरासत से चोरी के दो आरोपी फरार हो गए। जिलेभर में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी कर दी गई है, लेकिन आरोपियों का अब तक कोई अता-पता नहीं लगा है। जानकारी अनुसार- श्रीकरणपुर शहर के वार्ड-18 स्थित एक दुकान में चोरी करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। शाम को पुलिस दोनों आरोपियों को श्रीकरणपुर कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गए। फरारी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित जगहों पर सिविल ड्रेस पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। सर्कल सीओ पुष्पेंद्र सिंह और सीआई सीर कौर ने रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। श्रीकरणपुर स्टेशन पर सघन तलाशी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया। करणपुर से श्रीगंगानगर जाने वाली ट्रेन को स्टेशन पर करीब 15 से 20 मिनट तक रोका गया। पुलिस टीम ने प्रत्येक डिब्बे की गहन जांच की और यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन दोनों आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को श्रीगंगानगर के लिए रवाना कर दिया गया। एसपी हरिशंकर ने बताया- फरार आरोपियों की तलाश में जिलेभर में पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। नाकाबंदी की गई है और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मनासा पुलिस ने चोरी हुआ 8.60 लाख का महिंद्रा ट्रैक्टर 30 घंटे में बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। भाटखेड़ी बुजुर्ग से हुआ था चोरी जानकारी के अनुसार, फरियादी का लाल रंग का महिंद्रा कंपनी का 'युवो टेक प्लस 575' ट्रैक्टर बीती 28-29 जून की रात को भाटखेड़ी बुजुर्ग से अज्ञात बदमाशों द्वारा चुरा लिया गया था। श्फरियादी की रिपोर्ट पर मनासा थाना पुलिस ने 30 जून को अपराध क्रमांक 319/26, धारा 303 (2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मुखबिर की सूचना पर धराया आरोपी घटना के बाद एसपी राजेश व्यास, एएसपी हेमलता अग्रवाल और एसडीओपी मनासा शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निलेश अवस्थी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल पिता कमल सिंगार (20) को पकड़ा। राहुल मूल रूप से बांसवाड़ा (राजस्थान) के बईडा गांव का निवासी है और वर्तमान में भाटखेड़ी बुजुर्ग में ही रह रहा था। सीड्रील के साथ ट्रैक्टर बरामद पुलिस की पूछताछ में आरोपी राहुल ने ट्रैक्टर चोरी करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया लाल रंग का महिंद्रा युवो टेक प्लस 575 ट्रैक्टर मय सीड्रील के बरामद कर लिया। बरामद किए गए इस पूरे माल की कुल कीमत करीब 8 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस टीम को मिली सराहना इस कार्रवाई में मनासा थाना प्रभारी निलेश अवस्थी, उप निरीक्षक तेजसिंह सिसोदिया, सउनि दिलीप कुमार कलमोदिया, प्रधान आरक्षक नरेंद्र मालवीय, आरक्षक ईश्वर चौहान, पींकेश मोगिया और विनोद भाटी की मुख्य भूमिका रही।
सच्चेंडी में UPI से 98 हजार की साइबर ठगी:47 दिन बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
कानपुर के सचेण्डी थाना क्षेत्र में यूपीआई के माध्यम से बैंक खाते से करीब 98 हजार रुपये की शातिरो ने साइबर ठगी की घटना को अंजाम दे डाला। साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 98,000.04 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत और साइबर सेल की प्राथमिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद घटना के 47 दिन बाद गुरुवार दोपहर 2 बजे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाने पर 47 दिन बाद पुलिस ने मुकदमा दर्जकर जांच शुरू सच्चेण्डी के चकरपुर निवासी सतीश सिंह भदौरिया का बैंक ऑफ इंडिया की चकरपुर मंडी शाखा में खाता है। पीड़ित के मुताबिक 13 मई को उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से चार ट्रांजेक्शन किए गए। इनमें 1 रुपये, 49,999.03 रुपये, 25,000.02 रुपये और 22,999.99 रुपये की राशि निकाल ली गई। इस तरह कुल 98,000.04 रुपये साइबर ठगों ने खाते से उड़ा दिए।खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही सतीश सिंह ने तत्काल बैंक से संपर्क कर अपना खाता होल्ड कराया, ताकि आगे कोई और ट्रांजेक्शन न हो सके। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (MCRP) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई। प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सचेण्डी पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच, संबंधित यूपीआई आईडी, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विवरण खंगाल रही है। ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। सचेण्डी थाना प्रभारी दीना नाथ मिश्रा ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या यूपीआई अनुरोध पर बिना पुष्टि के कार्रवाई न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत बैंक, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
सावन और त्योहारी सीजन में बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बाड़मेर-हरिद्वार द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ा दी है। अब यह ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरों के साथ 27 अगस्त तक चलेगी। इससे हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य यात्रियों को राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 04811/04812, बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर द्वि-साप्ताहिक स्पेशल के संचालन में 12-12 अतिरिक्त ट्रिप बढ़ाई गई हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 04811,बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को संचालित होती है। पहले इसका संचालन 16 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 20 जुलाई से 27 अगस्त तक कर दिया गया है। इस अवधि में ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। समय और ठहराव में नहीं किया गया बदलाव इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04812 हरिद्वार-बाड़मेर स्पेशल प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी। पहले इसका संचालन 17 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 21 जुलाई से 28 अगस्त तक कर दिया गया है। इस अवधि में भी ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे के अनुसार, ट्रेन के समय,मार्ग,ठहराव और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन स्टेशनों पर है ठहराव यह स्पेशल ट्रेन मार्ग में बायतू, बालोतरा, समदड़ी, दुंदाड़ा, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर, लालगढ़, लूनकरनसर, अरजनसर, रजियासर, सूरतगढ़,पीलीबंगा, हनुमानगढ़, मंडी डबवाली, बठिंडा, धुरी, अंबाला कैंट और सहारनपुर स्टेशनों पर ठहरती है।
गोरखपुर में बेतियाहाता स्थित भारत सेवा आश्रम संघ में आयोजित पांच दिवसीय सत्संग समारोह में गुरुवार को देर शाम 7 बजे श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। हरिद्वार से पधारे प्रख्यात संत स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कथा व प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और मानव सेवा का महत्व बताया। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कथा शुरू होते ही पूरा परिसर श्रद्धालुओं से भर गया और वातावरण भगवान के जयघोष, भजन-कीर्तन व वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हो उठा। स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सत्संग केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति संतों के सानिध्य में बैठकर भगवान का स्मरण करता है, तो उसके भीतर सकारात्मक सोच, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। यही संस्कार उसे कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की शक्ति देते हैं। धर्म का उद्देश्य मानवता की सेवा प्रवचन के दौरान स्वामी जी ने कहा कि धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना, माता-पिता का सम्मान करना, समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ाना भी सच्ची धार्मिकता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे, तो समाज में अधिकांश समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। आध्यात्म से मिलती है मानसिक शांति उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग तनाव, चिंता और भागदौड़ भरी जिंदगी से परेशान हैं। ऐसे समय में सत्संग, ध्यान और ईश्वर का स्मरण मन को शांति देता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपनाने तथा नशे और बुरी संगत से दूर रहने की अपील की। भक्ति में डूबे श्रद्धालुकथा के दौरान श्रद्धालु पूरे समय मंत्रमुग्ध होकर प्रवचन सुनते रहे। बीच-बीच में भजन-कीर्तन और भगवान के जयघोष से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने संत के श्रीमुख से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कथा के समापन पर आरती हुई और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।आयोजन समिति ने बताया कि भारत सेवा आश्रम संघ में चल रहे इस पांच दिवसीय सत्संग समारोह में प्रतिदिन कथा, भजन, आरती और आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में शहर ही नहीं, आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर सत्संग का लाभ लेने की अपील की।
गोरखपुर में बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। नगर आयुक्त अजय जैन ने अधिकारियों के साथ गुरुवार की शाम 4 में समीक्षा बैठक कर साफ निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था से लेकर फॉगिंग और एंटी लारवा छिड़काव तक हर काम तय समय पर और पूरी गंभीरता से किया जाए। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग भी होगी। नगर आयुक्त ने कहा कि वार्डों की छोटी नालियों की सफाई सुपरवाइजर की निगरानी में कराई जाए, जबकि बड़ी नालियों की सफाई छोटी पोकलेन मशीनों से कराई जाए। शहर के व्यस्त कमर्शियल इलाकों में दिन के बजाय रात में नालों की सफाई होगी, ताकि ट्रैफिक और कारोबार प्रभावित न हो। हर वार्ड में रोस्टर के अनुसार फॉगिंग और स्प्रे नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिया कि रोस्टर के अनुसार हर वार्ड में एंटी लारवा छिड़काव, ब्लीचिंग, मेलाथियान स्प्रे और फॉगिंग नियमित रूप से कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी वार्ड में अभियान बाधित नहीं होना चाहिए और इसकी नियमित निगरानी की जाए। नगर निगम की ओर से प्रतिदिन चार मलिन बस्तियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही खाली पड़े प्लॉट, पार्क, जलभराव वाले स्थान और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी नियमित सफाई और एंटी लारवा छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। टायर और कबाड़ की दुकानों पर चलेगा विशेष अभियान बैठक में पुराने टायरों की दुकानों और कबाड़ी की दुकानों को विशेष निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए। इन स्थानों पर पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे सभी स्थानों पर समय-समय पर एंटी लारवा का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। नगर आयुक्त ने जोनल सेनेटरी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड में दो-दो कर्मचारियों की टीम बनाकर एंटी लारवा छिड़काव और डस्टिंग का कार्य नियमित रूप से कराया जाए। साथ ही सभी अधिकारी और कर्मचारी संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तय कार्ययोजना के अनुसार काम करें। सभी अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारीबैठक में अपर नगर आयुक्त, सभी जोनल अधिकारी, सफाई निरीक्षक और जोनल सेनेटरी अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में शहरवासियों को संचारी रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।
लखनऊ के बीबीडी इलाके में गुरुवार सुबह 5 बजे तेज रफ्तार निजी बस ने बाइक सवार दंपती को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक से गिरी 26 साल की नवविवाहिता को बस चालक ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक बस लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सैरपुर के छठा मील निवासी स्मृति पांडेय (26) अपने पति अतुल के साथ गुरुवार सुबह करीब पांच बजे बाइक से अयोध्या टीईटी परीक्षा देने जा रही थीं। बीबीडी क्षेत्र में रामस्वरूप इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने मर्सिडीज शोरूम कट के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार निजी बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक अनियंत्रित हो गई। अतुल सड़क के एक ओर जा गिरे, जबकि पीछे बैठी स्मृति दूसरी ओर गिर पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्मृति संभल पातीं, इससे पहले बस चालक ने भागने के लिए रफ्तार बढ़ा दी और उन्हें कुचलते हुए फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अतुल को अस्पताल पहुंचाया। उनके मोबाइल से परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। स्मृति के पिता देवेंद्र तिवारी, निवासी भदोसराय (बाराबंकी), ने बताया कि बेटी की शादी इसी वर्ष 26 फरवरी को अतुल से हुई थी। अतुल ट्यूशन पढ़ाते हैं और दोनों परीक्षा देने अयोध्या जा रहे थे। परिजनों ने पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी बस चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के ललित कला एवं संगीत विभाग में गुरुवार शाम 4 बजे को लीडरशिप चेंज देखने को मिला। प्रो. अनुभूति दुबे ने विभागाध्यक्ष का चार्ज संभाल लिया। वहीं, करीब 28 साल तक विभाग से जुड़ी रहीं और पिछले 10 साल से विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहीं प्रो. उषा सिंह को स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने संगीतमय कार्यक्रम के बीच भावुक विदाई दी। कार्यक्रम में फैकल्टी, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। रिसर्च, स्किल और डिजिटल डेवलपमेंट पर रहेगा फोकस चार्ज लेने के बाद प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता विभाग की एकेडमिक क्वालिटी और रिसर्च को मजबूत करना होगी। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए नए स्किल-बेस्ड और जॉब ओरिएंटेड कोर्स शुरू किए जाएंगे। विभाग की लाइब्रेरी को अपग्रेड किया जाएगा, डिजिटल रिसोर्स बढ़ाए जाएंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एकेडमिक कनेक्ट मजबूत किया जाएगा, ताकि विभाग की पहचान और बेहतर हो सके। कुलपति ने जताया भरोसा कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रो. अनुभूति दुबे को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि ललित कला एवं संगीत विभाग विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि नए लीडरशिप में विभाग शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेगा। साथ ही स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए भी नए प्रयास किए जाएंगे। शिक्षण और प्रशासन का लंबा अनुभव प्रो. अनुभूति दुबे वर्ष 1998 से विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में पढ़ा रही हैं। वह फिलहाल डीन स्टूडेंट वेलफेयर और ‘तरंग’ की डायरेक्टर भी हैं। इससे पहले वह मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष और एलुमनाई एसोसिएशन की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। उनके गाइडेंस में कई रिसर्च स्कॉलर्स पीएचडी पूरी कर चुके हैं। उनके कई रिसर्च पेपर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने कई किताबों का लेखन व संपादन भी किया है। संगीत के सुरों के बीच मिली भावुक विदाईसमारोह में प्रो. उषा सिंह के 28 साल के एकेडमिक करियर और विभाग के लिए उनके योगदान को याद किया गया। उन्होंने 10 साल तक विभागाध्यक्ष के रूप में विभाग का सफल नेतृत्व किया। एक प्रसिद्ध सितार वादक के रूप में भारतीय शास्त्रीय संगीत को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही।स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने संगीत प्रस्तुतियों के जरिए उन्हें विदाई दी, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया। अपने संबोधन में प्रो. उषा सिंह ने विभाग से जुड़ी यादें साझा कीं, सभी साथियों और विद्यार्थियों का धन्यवाद दिया और विभाग के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।समारोह में विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, रिसर्च स्कॉलर्स और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने प्रो. अनुभूति दुबे का नई जिम्मेदारी के लिए स्वागत किया और प्रो. उषा सिंह के योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना की।
विदिशा में शनिवार शाम को हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। करीब एक घंटे तक हुई इस झमाझम बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल उठ गए। बारिश के कारण शहर की सड़कें दरिया बन गईं और नालियों का गंदा पानी कई घरों तक पहुंच गया। डंडापुरा स्थित एमएलएबी गर्ल्स स्कूल परिसर में पानी भर जाने से छात्राओं को घुटने तक पानी में से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पहले ही आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया था। नीमताल चौराहा, डंडापुरा, बांसकुली, पुरानी गल्लामंडी, काछी कुआं, लड्ड एजेंसी रोड और रामलीला रोड सहित कई क्षेत्रों में जलभराव देखा गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जिससे लोगों को पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में ऐसी ही स्थिति बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका न तो नालों की नियमित सफाई कराती है और न ही जलभराव के स्थायी समाधान के लिए कोई कदम उठाती है। नागरिकों ने बताया कि वे वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं और बारिश शुरू होते ही घरों में पानी घुसने की चिंता सताने लगती है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने और नालों की उचित सफाई कराने की मांग की है, ताकि प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण के कारण आम जनता को हर बारिश में परेशानी न झेलनी पड़े।
सोनीपत जिले की अपराध शाखा ने जानलेवा हमले के एक मामले में 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोनीपत के अटेरना निवासी गौतम और भैरा बांकेपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। आरोपी गौतम पर हरियाणा पुलिस महानिरीक्षक, स्टेट क्राइम द्वारा 12 जून 2026 को इनाम घोषित किया गया था। सोनीपत पुलिस प्रवक्ता एएसआई रविंद्र सिंह ने गुरुवार को बताया कि यह मामला राई थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 3 जनवरी 2026 की रात को हिमांशु नामक युवक मूंगफली लेने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगली सुबह वह चौक पर लहूलुहान और बेहोशी की हालत में मिला। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं और कपड़े भी भीगे हुए थे। सीसीटीवी फुटेज से हुई थी पहचान हिमांशु की हालत नाजुक होने के कारण उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें एक संदिग्ध गाड़ी दिखाई दी। इसी गाड़ी से उतरकर आरोपियों ने हिमांशु को वहां फेंका था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक आरोपी की पहचान सतीश उर्फ कलवा के रूप में हुई। होश में आने पर पीड़ित हिमांशु ने पुलिस को बताया कि कलवा और उसके दोस्त उसे बहला-फुसलाकर ले गए थे। उन्होंने डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसे नहर में डुबाकर मारने की कोशिश भी की थी। पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया इस संबंध में राई थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था। क्राइम यूनिट की टीम ने कार्रवाई करते हुए गौतम और पवन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर मुख्य आरोपी गौतम को वारदात में प्रयुक्त सामान की बरामदगी और गहन पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उसके साथी पवन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
नर्मदापुरम जिले के सेमरीहरचंद के अनाज व्यापारी हरीश माहेश्वरी से हुए 8.5 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी कान्हा पिता श्रीकान्त नाग (26) निवासी उड़ीसा के राउरकेला का रहने वाला है, जो राउरकेला में कार शोरूम में जॉब करता है। नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद चौकी प्रभारी विवेक यादव ने राउरकेला में दबिश देकर आरोपी को अरेस्ट किया और उसे नर्मदापुरम लेकर आएं। साइबर फ्रॉड का 9 महीने पुराना केस है। जिसमें पुलिस एक महिला आरोपी को यूपी के बाराबंकी से अरेस्ट कर चुकी है। दूसरा आरोपी फरार चल रहा था। शुक्रवार को आरोपी कान्हा नाग को कोर्ट पेश किया जाएगा। उपभोक्ता फोरम का गूगल से नंबर निकालने पर ठगी जानकारी के अनुसार फरियादी हरीश महेश्वरी (46) जिनकी लक्ष्मी एग्रो ट्रेड के नाम से फर्म है। हरीश माहेश्वरी ने अपनी धान की फसल में समस्या को लेकर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी स्थिति जानने के लिए उन्होंने गूगल पर उपभोक्ता फोरम का नंबर खोजा, जो दरअसल ठगों का नंबर निकला। 19 सितम्बर 2025 को ठग ने परिचय दिया था कि वो उपभोक्ता फोरम दिल्ली से बात कर रहा हूं। मोबाइल नंबर पर लिंक भेजकर दस्तावेज अपलोड करने को कहा। जब व्यापारी ने लिंक डाउनलोड किया, तब उनके बैंक खाते से दो बार 5 लाख और 3.5 लाख रुपए चोरी हो गए। घटना के बाद व्यापारी की सूचना पर सोहागपुर पुलिस और साइबर सेल तुरंत सक्रिय हो गए। 4 घंटे के अंदर ही ठग का पता लगाकर यूपी पुलिस के सहयोग से बाराबंकी से महिला आरोपी को पकड़ा था। बैंक और एटीएम से नगद निकाले रुपएथाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने बताया पुलिस ने तुरंत एक्शन लेकर 4.50लाख रुपए में फरियादी को वापस करवा दिए थे। बाकी राशि नेहा सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। महिला ने बैंक से कुछ राशि नगद निकाली थी। बाकी 3.50 लाख रुपए आरोपी कान्हा पिता श्रीकान्त नाग के बंधन बैंक शाखा राउरकेला के खाते में ट्रांसफर हुए। जिसे आरोपी ने एटीएम के माध्यम से निकाला था। आरोपी से ठगी की राशी 3 लाख 50 हजार रुपये, बैंक पास बुक, एटीएम बरामद किया मामले में पूछताछ जारी है। प्रकरण में एसआई विवेक यादव, शहादत अली, एएसआई गणेश राय, अभिलाष भिलाला समेत अन्य की सराहनीय भूमिका रही।
रीवा के दिव्यांग बालक उत्कर्ष मिश्रा का सपना आखिरकार सच हो गया। उत्कर्ष ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के साथ वर्कआउट करने की इच्छा जताई थी। इसके लिए उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे शेयर किया। वीडियो आखिरकार टाइगर श्रॉफ तक पहुंचा। उत्कर्ष की इच्छा और जज्बे को देखकर अभिनेता ने उन्हें मुंबई बुला लिया। गुरुवार को मुंबई में टाइगर श्रॉफ की टीम ने उत्कर्ष का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उत्कर्ष को अभिनेता के साथ जिम में वर्कआउट करने का मौका मिला। यह पल उत्कर्ष के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। इस दौरान टाइगर श्रॉफ ने उत्कर्ष के जज्बे और हौसले की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्कर्ष से मिलकर वह बेहद मोटिवेट हुए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही रीवा जरूर आएंगे। वर्कआउट के बाद उत्कर्ष ने एक और वीडियो साझा करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया और सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सपने को साकार करने में योगदान दिया।
राजधानी में लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को नापतौल विभाग से जुड़े कथित रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त निरीक्षक को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। लोकायुक्त का दावा है कि यह रकम नापतौल कार्यालय के प्रभारी उप नियंत्रक एवं निरीक्षक नसीमुद्दीन के कहने पर ली जा रही थी। मामले में कुल 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने का आरोप है।लोकायुक्त के अनुसार, एमपी नगर जोन-2 स्थित बीपी भोपाल सिटी पेट्रोल पंप के संचालक अमित सिंह बघेल ने 24 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नापतौल विभाग की जांच के दौरान पेट्रोल पंप के तीन नोजल बंद करा दिए गए और एक प्रकरण दर्ज किया गया। आरोप हैं कि इस प्रकरण के निराकरण और मशीनों की स्टैंपिंग कराने के एवज में प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन ने 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया। गुरुवार को योजना के तहत आवेदक को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपए लेकर भेजा गया। बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास स्थित इंडियन कॉफी हाउस में जैसे ही सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल ने रकम ली, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।प्रारंभिक जांच में लोकायुक्त का कहना है कि हरिप्रसाद पटेल, प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन के कहने पर रिश्वत लेने पहुंचा था। मामले में दोनों की भूमिका की जांच की जा रही है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर भटकी हुई एक 16 वर्षीय नाबालिग को सुरक्षित बचाया। बालिका को चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया है और उसे उसके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रयागराज मंडल में मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद के नेतृत्व में आरपीएफ बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसर में असुरक्षित पाए गए बच्चों को सहायता प्रदान करना है। इसी अभियान के तहत, 1 जुलाई को आरपीएफ के उपनिरीक्षक मनोज कुमार पाण्डेय और उनकी टीम मिर्जापुर रेलवे स्टेशन परिसर की जांच कर रही थी। इस दौरान, प्लेटफॉर्म संख्या-1 के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक 16 वर्षीय बालिका अकेली और डरी हुई अवस्था में मिली। पूछताछ करने पर किशोरी ने बताया कि वह स्कूल से घर लौटते समय गलती से गलत ट्रेन में सवार हो गई थी। इसके कारण वह मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पहुंच गई और अपरिचित जगह होने के कारण उसे घर वापस जाने का रास्ता नहीं पता था। आरपीएफ टीम बालिका को अपने कार्यालय ले गई, जहां उसे भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया गया। सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ के बाद उसके परिजनों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, बालिका को उसकी सुरक्षा और देखरेख के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत प्रयागराज मंडल में जनवरी 2026 से 15 जून 2026 तक कुल 315 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है। इन बच्चों में वे शामिल थे जो अपने परिजनों से बिछड़ गए थे, घर से भटककर रेलवे परिसर पहुंच गए थे, या अन्य कारणों से असुरक्षित स्थिति में पाए गए थे। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई बच्चा अकेला, परेशान या संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139, रेलवे सुरक्षा बल, या निकटतम रेलवे कर्मचारी को दें। इससे समय रहते बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
कुरुक्षेत्र में सन्निहित सरोवर के पास के पार्क में महिला का शव बरामद हुआ। पार्क के आसपास मौजूद लोगों ने महिला को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुभाष मंडी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, मृतक महिला की पहचान बीड़ मथाना गांव निवासी शीला देवी (60) के रूप में हुई है। महिला मानसिक रूप से परेशान रहती थी और अपने बेटे के साथ रहती थी। उसके पति की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। महिला घर से दवा लेने के लिए निकली थी। अक्सर सरोवर आती थी महिला शीला देवी अक्सर सन्निहित सरोवर पर आती-जाती रहती थी। आज भी शीला देवी सन्निहित सरोवर पर आई थी। इस दौरान महिला बेसुध होकर गिर गई। सन्निहित सरोवर के पास रहने वाले किसी व्यक्ति ने उस महिला को पहचान लिया। वह पहले से उसके बेटे को जानता था। उसी ने तुरंत परिवार को सूचना दी। महिला के पास से मिली दवा सुभाष मंडी चौकी के इंचार्ज SI महेश कुमार ने बताया कि पुलिस को पार्क में महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर जांच के दौरान महिला के पास दवाई भी मिली है। शरीर पर किसी तरह की चोट का कोई निशान नहीं मिला है। परिवार ने महिला के दिमागी रूप से बीमार होने बात कही। पोस्टमॉर्टम से सामने आएगी मौत की वजह फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कल शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
वेस्ट मैनेजमेंट में सहयोग की जताई रूचि:इंदौर स्वच्छता मॉडल से प्रभावित हुए नीदरलैंड के काउंसलर जनरल
नीदरलैंड के काउंसल जनरल नबील ताउआती दो दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निज निवास पर महापौर से मुलाकात की। इसके बाद शहर के विश्वप्रसिद्ध स्वच्छता मॉडल, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तथा कचरा प्रसंस्करण (वेस्ट प्रोसेसिंग) की अत्याधुनिक व्यवस्थाओं को डिटेल में जाना। दौरे के दौरान काउंसल जनरल ने इंदौर में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर ने प्रभावी प्रबंधन और तकनीक के समन्वय से स्वच्छता के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नीदरलैंड के पास अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध है। डच कंपनियां विशेष रूप से मध्य प्रदेश में वेस्ट प्रोसेसिंग एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने की इच्छुक हैं, जिससे इस क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो सकें। इस अवसर पर काउंसल जनरल का स्वागत किया गया। उन्हें आश्वस्त किया गया कि मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों एवं मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर संभावित तकनीकी सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों पक्षों ने स्वच्छता, वेस्ट प्रोसेसिंग और आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान के माध्यम से दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक पहल पर सहमति जताई।
IIRF-2026 में MMMUT ने रचा इतिहास:BBA देश के टॉप-10 में पहुंचा, UP में लगातार दूसरे साल नंबर-1
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) ने एक बार फिर अपनी एकेडमिक एक्सीलेंस का दम दिखाया है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF)-2026 में विश्वविद्यालय के BBA प्रोग्राम ने शानदार परफॉर्मेंस करते हुए देशभर के टॉप-10 इंस्टीट्यूट्स में जगह बना ली है। पिछले साल यह प्रोग्राम 19वीं रैंक पर था, लेकिन इस बार 10वीं रैंक हासिल कर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी छलांग लगाई है। इसके साथ ही MMMUT लगातार दूसरे साल उत्तर प्रदेश का नंबर-1 BBA इंस्टीट्यूट बनने का गौरव भी बरकरार रखने में सफल रहा है। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे रैंक जारी हुई। MBA और इंजीनियरिंग कैटेगरी में भी मजबूत प्रदर्शन BBA के अलावा विश्वविद्यालय के MBA प्रोग्राम ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। IIRF-2026 में MBA को नेशनल लेवल पर 66वीं और उत्तर प्रदेश में 10वीं रैंक मिली है। वहीं इंजीनियरिंग कैटेगरी में विश्वविद्यालय ने देशभर में 51वीं रैंक हासिल की है। लगातार अलग-अलग नेशनल और इंटरनेशनल रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन से MMMUT की पहचान देश के तेजी से आगे बढ़ते टेक्निकल विश्वविद्यालयों में मजबूत हुई है। क्वालिटी एजुकेशन और रिसर्च पर फोकस का मिला रिजल्ट विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग पर लगातार फोकस किया है। इसका असर अब राष्ट्रीय रैंकिंग में भी साफ दिखाई दे रहा है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, अनुभवी फैकल्टी, बेहतर रिसर्च कल्चर और विद्यार्थियों के शानदार परफॉर्मेंस ने MMMUT को देश के प्रमुख टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स की कतार में ला खड़ा किया है। कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि देश के टॉप-10 BBA इंस्टीट्यूट्स में जगह बनाना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि 19वीं से 10वीं रैंक तक का यह सफर स्टूडेंट्स, फैकल्टी, ऑफिसर्स, स्टाफ और एलुमनाई की मेहनत और टीमवर्क का नतीजा है। विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में नए बेंचमार्क स्थापित करने के लिए लगातार काम करता रहेगा।
राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) की प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान 6 और 7 जुलाई को जोधपुर संभाग मुख्यालय के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे संभाग स्तरीय जनसुनवाई करेंगी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिलावार सुनवाई भी करेंगी। तैयारियों को लेकर दिए निर्देशफलोदी कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने इस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि फलोदी जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 6 जुलाई को वीसी के माध्यम से जनसुनवाई कार्यक्रम से जुड़ा जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संभाग स्तर की जनसुनवाई आयोजित होगी। इसमें जनप्रतिनिधि, समस्त धर्मों के प्रतिनिधि, सामाजिक विज्ञान और विधि पृष्ठभूमि वाले शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से उपस्थित रहेंगे। फलोदी जिले की सुनवाई के लिए दोपहर 3:30 बजे से पंजीकरण शुरू होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से 6 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई की जाएगी। इस जनसुनवाई के दौरान आमजन अपनी अभ्यर्थनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे।
मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने गुरुवार को ग्वालियर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि तान्या मित्तल उन पर अपनी पहले से दर्ज शिकायत वापस लेने का लगातार दबाव बना रही हैं। फैजान अंसारी ने एसपी कार्यालय में एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से उन्हें अलग-अलग नंबरों से लगातार धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। इन कॉल में उनसे ग्वालियर में तान्या मित्तल के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। फैजान ने मीडिया को बताया कि इस विवाद की शुरुआत लगभग छह महीने पहले हुई थी। उनके अनुसार, उस समय तान्या मित्तल ने मुंबई एयरपोर्ट से बलराज साहनी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार करवाया था। बलराज और फैजान की साझा परिचित सिम्मी राजपूत ने इस मामले में फैजान से मदद मांगी थी। इसके बाद फैजान ग्वालियर आए और पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए तान्या मित्तल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। फैजान ने यह भी बताया कि ग्वालियर पुलिस ने उन्हें पुराने मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 2 जुलाई को बुलाया था। उन्होंने विश्वविद्यालय थाना में लगभग दो घंटे तक अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद वे सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे और नई शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि पुरानी शिकायत दर्ज कराने के बाद से ही उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। केस वापस लेने की दे रही धमकी फैजान के अनुसार, धमकी देने वाले खुद को अंडरवर्ल्ड और उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हैं। वे उन्हें एक घंटे के भीतर केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। फैजान ने कहा कि इन धमकियों के कारण उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस से तान्या मित्तल, उनके भाई और उनकी मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। फैज़ान ने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी तान्या मित्तल और उनके परिवार की होगी। ये खबर भी पढ़ें… बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ ग्वालियर में शिकायत ग्वालियर की रहने वाली बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ एसएसपी कार्यालय में शिकायत की गई है। मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने तान्या मित्तल पर लोगों को पैसों के लिए धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तान्या ने 'बिग बॉस' शो में अपने परिवार और व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े सैकड़ों झूठ बोले हैं।पूरी खबर पढ़ें
संभल प्रशासन ने 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने गुरुवार को 5 व्यक्तियों से 1130 वर्गमीटर भूमि का बैनामा कराया। यह भूमि भगवान श्री कल्कि नगरी की 24 कोसीय परिक्रमा के चौड़ीकरण मार्ग के लिए खरीदी गई है। यह अधिग्रहण संभल तहसील के थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर में हुआ। उपनिबंधक कार्यालय में गुरुवार शाम 7:40 बजे तक बैनामा प्रक्रिया पूरी की गई। जिन पांच व्यक्तियों से भूमि खरीदी गई है, उनमें सरायतरीन के मोहल्ला नवादा निवासी मोहम्मद मुशाहिद, मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद जुल्फिकार, मोहम्मद सरफराज (पुत्र हाफिज रहीसुद्दीन) और मोहम्मद इश्तियाक (पुत्र रफीकुद्दीन) शामिल हैं। लेखपाल चंपक सिंह ने बताया कि 1130 वर्गमीटर भूमि के लिए कुल 63 लाख 28 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। मोहम्मद इश्तियाक को उनकी 350 वर्गमीटर भूमि के लिए 21 लाख 84 हजार रुपये मिले, जबकि चार भाइयों को 41 लाख 44 हजार रुपये दिए गए। मोहम्मद मुशाहिद ने इस अधिग्रहण पर कहा कि उन्होंने जनहित और सरकार की सुविधा के लिए अपनी जमीन दी है। उन्होंने बताया कि सरकार उनके बारे में सोच रही है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। यह परियोजना कुल 36 गांवों को कवर करेगी, और यह तीसरा दिन था जब भूमि का बैनामा किया गया। पीडब्ल्यूडी विभाग की सहायक अभियंता (एई) दीक्षा सिंह ने जानकारी दी कि परिक्रमा मार्ग के लिए अगले एक महीने में सभी आवश्यक भूमियों का अधिग्रहण कर लिया जाएगा। इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। कुल 52 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग में 68 तीर्थ और 19 कूप शामिल हैं।
सरगुजा जिले के मैनपाट में प्रस्तावित सरभंजा बाक्साइट खदान के जनसुनवाई का लोगों ने जमकर विरोध किया और जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीण बरसते पानी में पंडाल के बाहर नारेबाजी करते रहे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने विधायक रामकुमार टोप्पो को चुनौती देते हुए कहा कि वे मैनपाट के हितैषी हैं तो खदान कर स्वीकृति रोंके। हमारी सरकार आएगी तो हम खदानें बंद कराएंगे। सरगुजा के मैनपाट में स्वीकृत चार नए खदानों में सरभंजा खदान के लिए गुरुवार को पर्यावरणीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर सुनील नायक की मौजूदगी में अधिकारी पंडाल में पहुंचे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृृत्व में ग्रामीणों ने जनसुनवाई का विरोध करते हुए बहिष्कार कर दिया और पंडाल के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सीएमडीसी पर मास्टर प्लान में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। खदान के क्षेत्र में मैनपाट का तिब्बती कैंप नंबर 5, 6 भी आ रहा है। तिब्बतियों को केंद्र सरकार ने पुनर्वास नीति के तहत बसाया है। प्रदर्शन के दौरान पंचायत की सरपंच मिलसो तिर्की ने आरोप लगाया कि उन्होंने ग्राम सभा के प्रस्ताव पर कोई हस्ताक्षर नहीं किया। उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं और इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री बोले-हमारी सरकार आई तो रूकवाएंगे खदान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि भाजपा दोहरी नीति अपना रही है। हमारी कांग्रेस की सरकार में हमने इन खदानों की जनसुनवाई रूकवा दी थी। बाक्साइट की खदानों से अब तक मैनपाट का सिर्फ विनाश हुआ है। भाजपा सरकार बनने के बाद लगभग 498 एकड़ का पट्टा कैंसिल कर जमीन कंपनी को खदान के लिए दे दी गई। अमरजीत भगत ने विधायक रामकुमार टोप्पो पर तंज कसते हुए कहा कि वे रोपाखार व कमलेश्वपुर की जनसुनवाई में विरोध करने इसलिए आए थे, ताकि वे शहीदों में अपनी गिनती करा सकें। वे मैनपाट के शुभचिंतक हैं तो खदान रूकवा दें। विधायक रामकुमार टोप्पो ने बुधवार को आयोजित जनसुनवाई में आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में इन खदानों को स्वीकृति दी गई है। उस समय अमरजीत भगत मंत्री थे। सीएमडीसी ने छिपाई जानकारियां सीएमडीसी ने खदानों की स्वीकृृति के लिए मंदिर, रिहायशी इलाकों, तिब्बती कैंप, पर्यटन स्थलों, मंदिरों की जानकारी या तो छिपाई या गलत दी गई है। सर्वे रिपोर्ट में इन स्थलों को 10 से 15 किलोमीटर बताया गया है। रिजर्व फॉरेस्ट कवादरहा की दूरी खदान से 300 मीटर है, जबकि सीएमडीसी के अधिकारियों द्वारा सर्वे में प्रस्तावित खदान की दूरी को वास्तविक से काफी दूर बताया गया है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि खदानों की स्वीकृति के लिए जानकारियां छिपाई गई हैं। वे इस मामले का विधानसभा में उठाएंगे।

