आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाने की पुलिस कस्टडी से मऊ से हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध चोरी के आरोपी के फरार होने के 48 घंटे बाद भी रानी की सराय थाने की पुलिस खाली हाथ है। अधिकारियों की फटकार के बाद थाने की पुलिस लगातार आजमगढ़ से लेकर मऊ तक छापेमारी कर रही है। पर अभी तक थाने से फरार आरोपी का कहीं भी पता नहीं चल पाया है। रानी की सराय थाने के पुलिसकर्मी मंगलवार की रात चोरी के मामले में दबिश देकर मऊ के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र से गोलू नाम के युवक को हिरासत में लेकर आए थे। बुधवार को थाने के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार यादव आरोपी से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान मौका पाकर आरोपी गोलू थाने से फरार हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद थाने के पुलिसकर्मी और होमगार्ड युवक के पीछे काफी दूर तक दौड़े पर थाने की पुलिस को खाली हाथ होकर लौटना पड़ा। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी थाने की पुलिस अभी तक खाली हाथ है। थाने से पुलिस कस्टडी से फरार होने के मामले में थाने के प्रभारी सुनील कुमार सिंह इस पूरी घटना पर मिट्टी डालकर इस तरह की घटना को सिरे से नकार दिया था। पुलिस के अधिकारियों को भी चेकिंग के दौरान फरार होने की कहानी बताई गई थी। थाने की पुलिस के झूठ बोलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी डीआईजी आवास के बाहर 29 मार्च 2025 को फायरिंग के मामले में भी घटना से थाने के प्रभारी ने इनकार किया था। हालांकि बाद में घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था। मौका देखकर फरार हुआ आरोपी चोरी के मामले में मऊ से पकड़ कर लाया गया गोलू नामक आरोपी थाने की पुलिस की व्यस्तता देखकर मौके से फरार हो गया। आरोपी के भागने से थाने की पुलिस हॉफ्ती नजर आई। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस छापेमारी कर रही है पर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपी की परछाई तक नहीं पकड़ पाई।
सदर में रघुनंदन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के शोरूम पर हुई एक करोड़ की ठगी का पुलिस अभी खुलासा भी नहीं कर पाई थी कि गुरुवार देर शाम नकाबपोश दो बदमाशों ने एक ज्वैलर्स से फिर लूट की कोशिश कर डाली। शोर मचाने पर बदमाश भाग खड़े हुए, जिससे घटना होने से बच गई। एक नजर वारदात पर परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खटकी निवासी बाबू गिरी लोगों के आर्डर पर जेवरात तैयार कराते हैं। वह आबूलेन से सटे मीना बाजार स्थित अभिनव ज्वैलर्स के यहां माल तैयार कराते हैं। गुरुवार शाम भी बाबू गिरी अपने साथी विनायक राव के साथ यहां आए हुए थे। काम कराने के बाद जब वह वापस चल दिए, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनकी स्कूटी जबरन रुकवाने का प्रयास किया। जमीन पर गिरे बाबू गिरीबाबू गिरी बताते हैं कि वह दोनों बदमाशों के मंसूबे भाप चुके थे, इसलिए स्कूटी भगाने का प्रयास किया। लेकिन स्कूटी स्लिप हो गई। वह व उनका साथी दोनों जमीन पर गिर गए। इसी दौरान उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर जैसे ही लोग उस तरफ दौड़े, दोनों नकाबपोश भाग निकले। खींचतान में चोटिल हुए बाबू बताया जाता है कि बदमाशों ने जिस तरह खींचतान की, उसमें बाबू गिरी के कपड़े तक फट गए। लेकिन उन्होंने बदमाशों के हाथ जेवरात वाला थैला नहीं लगने दिया। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और वारदात की जानकारी लेते हुए बाबू गिरी को थाने लेकर आ गई। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस एक करोड़ की ठगी में उलझी पुलिस अब इस लूट के प्रयास के मामले में भी जांच कर रही है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से बदमाशों की पहचान व उनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द नकाबपोश दबोच लिए जाएंगे।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली में चल रहे AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद पर कहा कि समिट में पहले कुछ दिन बहुत अच्छे रहे, कुछ गड़बड़ियां हुई हैं लेकिन बड़े इवेंट्स में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने इवेंट की तारीफ करते हुए कहा कि जो बात प्रभावशाली रही वह राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और दुनिया के नेताओं की मौजूदगी थी। वे सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेवलपमेंट में एक नई इंटीग्रेटेड दुनिया देखने की इच्छा के एक मजबूत संदेश के साथ आए थे। नारायण गुरु पर अपनी नई किताब के लॉन्च इवेंट के बाद एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए थरूर ने गुरुवार को ये बात कही। उनकी यह टिप्पणी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के एक दिन बाद आई। राहुल ने AI समिट को बेतरतीब PR तमाशा बताया था और आरोप लगाया था कि वहां चीनी प्रोडक्ट्स दिखाए जा रहे थे। थरूर ने ये भी कहा… क्या है AI समिट से जुड़ा गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद ? दिल्ली में जारी AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्टाफ ने चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताकर पेश किया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। यूनिवर्सिटी कोरियन कंपनी के एक ड्रोन को भी अपना बताया था। विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया था। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी। इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने देश की इमेज खराब की है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है। यूनिवर्सिटी ने माना था, हमने नहीं बनाया ये डॉग वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कहा- हमने लगातार कैंपस में बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाने की कोशिश की है। क्यों? क्योंकि जब छात्र नई चीजें देखते हैं, तभी उनकी सोच विकसित होती है। और यही सोच नए रचनाकारों को जन्म देती है। हाल ही में यूनिट्री से लिया गया रोबोटिक डॉग इसी सफर का एक हिस्सा है। यह सिर्फ दिखाने के लिए रखी गई कोई मशीन नहीं है, यह एक चलता-फिरता क्लासरूम है। हमारे छात्र इस पर प्रयोग कर रहे हैं, इसकी क्षमताओं को परख रहे हैं और इस प्रक्रिया में अपना ज्ञान बढ़ा रहे हैं। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे। इनोवेशन की कोई सीमा नहीं होती। सीखने की भी नहीं होनी चाहिए। हम दुनियाभर से बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाना जारी रखेंगे ताकि हमारे छात्र उनका अध्ययन कर सकें, उन्हें चुनौती दे सकें और उनमें सुधार कर सकें और अंत में वर्ल्ड-क्लास समाधान तैयार कर सकें। कांग्रेस बोली- मोदी सरकार ने दुनिया में देश का मजाक बनवाया कांग्रेस ने इस मामले पर कहा कि मोदी सरकार ने AI के मामले में दुनिया भर में भारत का मजाक बनवाया है। AI समिट में चीन के रोबोट्स को हमारा बताकर दिखाया जा रहा है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि मोदी के मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इसी झूठ में शामिल हैं और भारतीय समिट में चीन के रोबोट्स को प्रमोट कर रहे हैं। मोदी सरकार ने देश की छवि को ऐसा नुकसान पहुंचाया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय, यह AI समिट एक ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बनकर रह गया है। यानी एक ऐसा इवेंट जिसे बड़ी इमेज बनाने (PR) के लिए बहुत बढ़ा-चढ़ाकर आयोजित किया गया हो, लेकिन खराब मैनेजमेंट की वजह से वह तमाशा बन जाए। PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ 'इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। ---------- ये खबर भी पढ़ें… सुंदर पिचाई ने PM मोदी से मुलाकात की:कहा- 2 करोड़ कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग देंगे; पीएम बोले- गूगल के साथ साझेदारी पर चर्चा हुई गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज यानी 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम ने कहा कि हमने भारत में AI के क्षेत्र में हो रहे काम और गूगल कैसे हमारे युवाओं के साथ काम कर सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा की। यहां उन्होंने कहा की गूगल 'कर्मयोगी भारत' मिशन के तहत 2 करोड़ कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग देगा। पूरी खबर पढ़ें…
शहर के प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी के शोरूम पर हुई एक करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने गुरुवार देर शाम छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में क्राइम ब्रांच एक्टिव हो गई है जो कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। पहले एक नजर वारदात पर सदर बाजार थाना क्षेत्र में आबूलेन से सटे आबू प्लाजा में साकेत निवासी तन्मय अग्रवाल का रघुनंदन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम का शोरूम है। बुधवार दोपहर रूड़की रोड निवासी कारोबारी प्रवीण शर्मा शोरूम पर एक करोड़ रुपया लेकर पहुंचे। उन्होंने फोन पर किसी से बातचीत के बाद वह रकम तन्मय अग्रवाल को दे दी। तन्मय अग्रवाल ने उतनी रकम की लगभग 650 ग्राम वजनी सोने की ज्वैलरी पैक कराकर वहां मौजूद एक शख्स को सौंप दी। वह शख्स उस ज्वैलरी को लेकर वहां से चलता बना। बाद में पता चला कि वह शख्स प्रवीण शर्मा के साथ नहीं था। इसको लेकर हंगामा हो गया। कारोबारी ने सर्राफा कारोबारी पर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस पहुंची और स्थिति को संभाला। सीसीटीवी कैमरे देख रही पुलिस सदर बाजार थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरु की। मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद शोरूम के अंदर से लेकर बाहर मुख्य मार्ग तक लगे सीसीटीवी कैमरों की लिस्ट तैयार की गई। पुलिस इन कैमरों की मदद से उस व्यक्ति की लोकेशन ढूंढने का प्रयास कर रही है जो ज्वैलरी लेकर वहां से गया है। वह शख्स किसके साथ मिला है और किसके कहने पर उसने यह काम किया, इसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। गुरुवार को दिनभर मचा रहा हड़कंप इस पूरे मामले ने सर्राफा बाजार में खलबली मचा दी है। गुरुवार सुबह मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी रघुनंदन ज्वैलर्स के समर्थन में सीओ नवीना शुक्ला से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए लेकिन उससे पहले यह जरूरी है कि जिस प्रतिष्ठान में यह वारदात हुई है, उसको सुरक्षा प्रदान की जाए। विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह हंगामा किया गया, उससे यह दर्शाने का प्रयास हुआ है कि यह वारदात शोरूम संचालक से जुड़ी है। उधर, कारोबारी प्रवीण शर्मा भी सीओ से मिले और मुकदमे की मांग की। क्राइम ब्रांच दफ्तर में पूछताछ गुरुवार को क्राइम ब्रांच को भी यह केस हेंडओवर कर दिया गया। क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिए दोनों युवकों से पूछताछ की। इसके बाद तन्मय अग्रवाल व दूसरे पक्ष के प्रवीण शर्मा को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच दफ्तर बुलवा लिया। बताया जाता है कि दोनों से कई घंटे पूछताछ की गई। सख्ती भी बरती। इसके बाद शाम चार बजे दोनों को छोड़ दिया गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ महत्वपूर्ण तथ्य पुलिस ने जुटाए हैं, जिसके आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। छह लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर गुरुवार देर शाम छह लोगों के विरूद्ध सदर बाजार थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। यह एफआईआर शोरूम संचालक तन्मय अग्रवाल की तहरीर पर लिखी गई है, जिसमें कृष्णा व उसके भतीजे के अलावा कुल छह लोगों के नाम शामिल हैं। सीओ नवीना शुक्ला ने बताया कि सर्राफा एसोसिएशन ने मुकदमे की मांग की थी। जांच उपरांत मुकदमा दर्ज किया गया है। टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
करनाल जिले की अनाज मंडियों में हुए धान घोटाले व फर्जी गेट पास के मामले में पुलिस ने आज मंडी सचिव आशा रानी व जुंडला मंडी सचिव दीपक कुमार को रिमांड पूरा होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दोनों को दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान आरोपियों से एक-एक लाख रुपए की रिकवरी की गई है। पुलिस की पूछताछ में किसी अन्य का भी कोई नाम सामने आया है या नहीं, इसको लेकर पुलिस की तरफ से कोई खुलासा नहीं किया गया है। वही बात की जाए मंडी सचिव आशा रानी की तो मंडी में फर्जी गेट पास के जरिए धान की खरीद दिखाने और करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपों में करनाल की मंडी सचिव आशा रानी के खिलाफ सिटी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इनके साथ ही अन्य कुछ कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ था। जांच के दौरान उनको सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि उन्हें गिरफ्तारी से बचाने के लिए हाई कोर्ट ने रोक (स्टे) लगा दी थी। घोटाले की जांच में अब तक कई और लोग भी पकड़े गए हैं। मंडी के सुपरवाइजर पंकज तुली की पहले गिरफ्तारी हुई, बाद में उसकी मौत हो गई। मंगलवार को किया गया था गिरफ्तार मंगलवार को करनाल पुलिस ने दो दिन पहले करनाल मंडी सचिव आशा रानी व जुंडला मंडी के सचिव दीपक कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही असंध के मंडी सचिव कृष्ण धनखड़ को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और डीएफएससी अनिल कुमार को भी प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था। बुधवार को ही करनाल के डीएसपी राजीव कुमार प्रैस कांफ्रेंस में खुलासा किया था कि धान घोटाले के सभी छह मामलों की जांच दो एसआईटी कर रही हैं। मंगलवार को पुलिस ने तीन एफआईआर में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया था। डीएसपी के मुताबिक, तरावड़ी मंडी में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर दर्ज मामले में तत्कालीन डीएफएससी अनिल कुमार को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया था। अनिल कुमार पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद थे, उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर हुआ था। करनाल की मंडी सचिव आशा रानी और जुंडला मंडी सचिव दीपक कुमार को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। असंध मंडी सचिव कृष्ण धनखड़ को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के लिए रिमांड पर लिया था। अभी वह रिमांड पर है। ऐसे की गई थी गड़बड़ी डीएसपी ने बताया कि हरियाणा सरकार का ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल किसानों के लिए बनाया गया है। एमएसपी योजना के तहत किसान को इस पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। जांच में सामने आया कि आढ़तियों और राइस मिलरों ने मिलीभगत कर फर्जी रजिस्ट्रेशन किए। जिनके पास जमीन नहीं थी या जो किसी अन्य पेशे में थे, उनके नाम पर भी जमीन दिखाकर पंजीकरण कर दिया गया। कहीं पांच एकड़ की जगह 25 एकड़ तक जमीन कागजों में दर्शाई गई। इस फर्जीवाड़े में बिना फसल आए ही कागजों में धान दिखा दी गई और फर्जी गेटपास जारी कर दिए गए। इन्हीं गेटपास के आधार पर फर्जी खरीद दर्शाई गई। जांच में खरीद एजेंसियों की मिलीभगत भी सामने आई है। बाद में मिलरों ने आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से सस्ते दाम पर सब्सिडी वाला धान खरीदकर स्टॉक पूरा दिखाया, ताकि भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी पकड़ में न आए। 25 आरोपी गिरफ्तार, कुछ अब भी फरारडीएसपी के अनुसार छह एफआईआर में अब तक करीब 25 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें अधिकारी, एजेंसी के कर्मचारी, आढ़ती और राइस मिलर शामिल हैं। कुछ आरोपी तफ्तीश में सहयोग कर रहे हैं, कुछ जमानत पर हैं, जबकि कुछ अभी भूमिगत हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
भास्कर अपडेट्स:मेघालय के सांसद की शिलॉन्ग में फुटसल खेलते समय मौत
मेघालय के लोकसभा सांसद और वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी(VPP) नेता रिकी एंड्रयू जे सिंगकोन की गुरुवार शाम एक हॉस्पिटल में मौत हो गई। 54 वर्षीय सिंगकोन शिलॉन्ग में फुटसल खेलते समय वह गिर गए थे। VPP के नेता सिंगकोन खासी-जैंतिया हिल्स में अपनी सक्रिय पब्लिक एक्टिविटी और जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचने के लिए जाने जाते थे। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सिंगकोन की मौत पर दुख जताया है। फुटसल, एसोसिएशन फुटबॉल का छोटा रूप है, जो फुटबॉल पिच से छोटे मैदान पर पांच-पांच खिलाड़ियों की दो टीमों के बीच खेला जाता है। आज की अन्य बड़ी खबरें… ओडिशा में पटाखे बनाते समय धमाका, मां बेटी की मौत ओडिशा के कटक के पास पटाखों में धमाका होने से एक महिला और उसकी तीन साल की बेटी की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य महिला घायल हो गई। धमाके के वक्त परिवार के सदस्य घर में पटाखे बना रहे थे। पुलिस ने बताया कि यह घटना जगतपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले महाजनपुर गांव में हुई। मृतकों की पहचान सुधांशुबाला नायक और उनकी बेटी स्तिताप्रंग्या नायक के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि धमाके में भारती नायक गंभीर रूप से घायल हो गईं। तीनों घायलों को SCB मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि दूसरी घायल महिला को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। दिल्ली के जनकपुरी में ई-रिक्शा पलटने से 6 साल की बच्ची की मौत, परिवार बोला- कोई मदद करने नहीं आया पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में कार की टक्कर के बाद ई रिक्शा पलटने से एक 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। ई रिक्शे में मौजूद बच्ची की दादी घायल हो गईं। घायल ने बताया कि उन्होंने एक कार ड्राइवर से मदद मांगी और बच्ची को हॉस्पिटल ले जाने की गुजारिश की। मदद करने के बजाय, वह भाग गया। मुझे याद नहीं कि यह वही कार थी जिसने हमें टक्कर मारी थी। पुलिस के मुताबिक, 17 फरवरी की सुबह माता चानन देवी हॉस्पिटल से एक नाबालिग लड़की के एक्सीडेंट की PCR कॉल आई थी। एक्सीडेंट में घायल होने के बाद पीड़िता और उसकी नानी, मर्सी जेवियर (57) को पहले माता चानन देवी हॉस्पिटल ले जाया गया था। बाद में उन्हें द्वारका की एक एडवांस्ड फैसिलिटी में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इलाज के दौरान लड़की की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान, मर्सी जेवियर ने बताया कि 17 फरवरी को सुबह करीब 7.40 बजे, वह अपनी पोती के साथ ई-रिक्शा में जा रही थी। जनकपुरी फायर स्टेशन के पास, ई-रिक्शा एक कार से टकराकर पलट गया, जिससे वे दोनों सड़क पर गिर गईं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। ओडिशा में 1462 किलो सोने का भंडार मिला, मंत्री विभूति भूषण जेना ने विधानसभा में दी जानकारी ओडिशा के मयूरभंज जिले में 1462 किलो सोने का भंडार मिला है। राज्य के मंत्री विभूति भूषण जेना ने गुरुवार को विधानसभा में ये जानकारी दी। जेना ने MLA संजलि मुर्मू के एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) ने मयूरभंज जिले के बांगिरीपोशी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में सोने के भंडार के लिए सर्वे किया। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान GSI को जिले के मदनाशी-कंजिया इलाके में सोने के भंडार के साथ 17.06 मिलियन टन तांबे का भंडार मिला है। इससे पहले 18 सितंबर, 2025 को सदन में जारी एक बयान में, मंत्री ने बताया था कि ओडिशा के देवगढ़ और क्योंझर जिलों में लगभग 1,996 kg सोने का भंडार मिला है। दिल्ली में व्यक्ति ने फांसी लगाई, शादी में अनबन की वजह से सुसाइड का शक नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद इलाके में एक 30 साल के व्यक्ति ने फांसी लगा ली। पुलिस को शक है कि शादी में अनबन की वजह से उसने यह कदम उठाया होगा। उन्होंने बताया कि लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) हॉस्पिटल से एक आदमी के बारे में जानकारी मिली थी, जिसे मृत लाया गया था। मृतक की पहचान वेलकम इलाके के रहने वाले चांद (30) के तौर पर हुई। पुलिस ने बताया कि वह अपने भाई के साथ जाफराबाद में एक घर में रह रहा था, जहां उसे कथित तौर पर लटका पाया गया। पुलिस के मुताबिक, चांद को बेहोशी की हालत में परिवार वाले पहले जग प्रवेश चंद्र हॉस्पिटल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि बाद में परिवार वाले उसे दूसरी मेडिकल राय लेने के लिए LNJP हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे फिर से मृत घोषित कर दिया।
गोरखपुर में महिलाओं का पुल पिकनिक, VIDEO:डांस, सिंगिंग और फन गेम्स के माध्यम से किया जमकर इंजॉय
गोरखपुर में अग्रवाल महिला मंडल की ओर से शानदार पुल पिकनिक का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी मेंबर्स ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। पिंक ड्रेस में सजी धजी महिलाओं ने डांस, म्युजिक और सांप-सीढ़ी जैसे फन गेम्स के माध्यम से जमकर इंजॉय किया। इतना ही नहीं सभी अपने- अपने घर से टेस्टी डिश बनाकर ले आई और साथ में लुफ्त उठाया। बचपना रखें जिंदा संस्था की महिलाओं का कहना है कि अपने अंदर का बचपना हमेशा जिंदा रखना चाहिए। इसी उद्देश्य से हम लोग समय- समय ऐसे आयोजन करते रहते हैं। ताकि सभी सखिया डेली रुटिन से बाहर निकलें और कुछ यादगार लम्हें साथ बिताए। प्रोग्राम के दौरान प्रेसिडेंट शोभा अग्रवाल,साधना, समता, मधु, अर्चना, मोनिका, मंजू अग्रवाल नीति ,सरोज ,पूजा, सीमा, नीलम, आभा ,और भी क्लब की सभी मेंबर्स उपस्थित रहे ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 फरवरी के मेरठ आगमन व रैली को देखते हुए रूट डायवर्जन प्लान भी लगभग फाइनल हो गया है। राजनगर एक्सटेंशन से मेरठ की तरफ आने वाले विभिन्न रूटों से लेकर जनपद शामली/बागपत से आने वाले भारी और कॉमर्शियल वाहनों के लिए 16 डायवर्जन पॉइंट तैयार किए गए हैं। 6 घंटे प्रभावी रहेगा डायवर्जन प्लान 22 फरवरी के लिए तैयार किया गया रूट डायवर्जन प्लान 6 घंटे प्रभावी रहेगा। इसके जो 16 पॉइंट निर्धारित किए गए हैं, उन पर कार्यक्रम शुरू होने से 3 घंटे पहले और कार्यक्रम के 3 घंटे बाद भारी और कॉमर्शियल वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इसके बाद भी ट्रैफिक के हालातों को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा। गाजियाबाद से मेरठ की व्यवस्था : - राजनगर एक्सटेंशन से मेरठ की ओर आने वाले भारी व कमर्शियल वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। यह सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगे। - दुहाई से मेरठ की ओर आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। यह वहां पेरीफेरल से दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे होकर गंतव्य की ओर जाएंगे। - मुरादनगर गंग नहर पुलिस चौकी से भारी कमर्शियल वाहन गंग नहर पटरी मार्ग पर नहीं जाएंगे। - निवाड़ी मार्ग से गंग नहर पटरी की ओर कोई भी भारी वाहन नहीं जाएगा। - मोदीनगर से मेरठ की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहन भी प्रतिबंधित रहेंगे। यह वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। - भोजपुरी एक्सप्रेसवे से मोदीनगर की तरफ आने वाले भारी व कामर्शियल वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। यह वाहन दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से आगे बढ़ेंगे। मुजफ्फरनगर से मेरठ की व्यवस्था : - सठेढी पुलिस चौकी से भारी/कामर्शियल वाहन NH 58 होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। मुरादाबाद, हापुड़ से मेरठ की व्यवस्था : - मुरादाबाद और हापुड़ से आने वाले भारी वाहन टियाला अंडरपास से किठौर से, परीक्षितगढ़ से, मवाना से बिजनौर और मुजफ्फरनगर जा सकेंगे। मेरठ जनपद की सीमा के अंतर्गत व्यवस्था : - थाना खरखौदा मोड़ से मोहिउद्दीनपुर की तरफ केवल छोटे वाहन जा सकेंगे। बड़े और कमर्शियल वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। - बिजली बंबा चौराहा से शॉप्रिक्स मॉल तिराहा की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। - ट्रांसपोर्ट नगर मंडी गेट से दिल्ली रोड पर भारी व कामर्शियल वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। - परतापुर इंटरचेंज के ऊपर मेरठ की तरफ से मोदीनगर, गाजियाबाद, दिल्ली की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। - काशी टोल प्लाजा से मोदीनगर उतरने वाले कट की तरफ सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। यह वहां परतापुर इंटरचेंज के नीचे उतरकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगे। - ट्रांसपोर्ट मंडी गेट से परतापुर इंटरचेंज की तरफ सभी प्रकार के वहां प्रतिबंधित रहेंगे। - परतापुर इंटरचेंज एवं गगोल रोड से मेरठ की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।- बिजली बंबा से जुरानपुर फाटक के रास्ते शॉप्रिक्स मॉल तिराहे की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अपनी मर्जी से मेडिकल जांच कराकर अनुकूल रिपोर्ट पेश करने से यह नहीं कहा जा सकता कि मेडिकल बोर्ड की जांच व पुनर्जांच रिपोर्ट अविश्वसनीय है। याची द्वारा मेडिकल बोर्ड की दो बार जांच में अनफिट करार देने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज व अस्पताल की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुनः तीसरी बार जांच कराने की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकलपीठ ने प्रवीण कुमार की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अदितेंद्र सिंह व भारत सरकार के अधिवक्ता दीपक सिंह ने बहस की। याची पैरा मिलिट्री फोर्स में कांस्टेबल भर्ती में बैठा। मेडिकल जांच में दोनों आंखों में खामी पाई गई और अनफिट करार दिया गया। दुबारा जांच में भी खामी बनी रही तो याची ने खुद मेडिकल कॉलेज में जांच कराई और कहा उसकी दाईं आंख सही है। इसलिए फिर से मेडिकल का आदेश दिया जाय। कोर्ट ने विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को अविश्वसनीय न मानते हुए याचिका खारिज कर दी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए जारी निविदा को चुनौती देने वाली राजीव प्रकाशन की याचिका अस्वीकार कर दी है। न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। बोर्ड की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने बताया कि 13 नवंबर 2025 की निविदा सूचना संख्या 247 के अनुसार निविदा पहले ही उत्तरदाता संख्या दो को आवंटित की जा चुकी है और इसके परिणामस्वरूप कार्य आदेश 31दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। जिसके तहत पहले लॉट में कक्षा नौ तथा 12 की पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है,यह बाजार में उपलब्ध हैं। कक्षा 11 की पुस्तकें भी अन्य प्रकाशक द्वारा उपलब्ध हैं। याची के अधिवक्ता ने इसे अस्वीकार नहीं किया, लेकिन कहा कि ऐसी शर्तें उचित नहीं हैं और जानबूझकर अच्छे इच्छुक व्यक्तियों को निविदा में आवेदन करने से रोकने के लिए शामिल की गई हैं। कोर्ट ने कहा, हमारे विचार में यदि निविदा पहले ही आवंटित की जा चुकी है और आदेश का पालन किया गया है तो इस स्तर पर याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।हालांकि, याची को भविष्य में जारी किसी नई निविदा सूचना की शर्तों को चुनौती देने की स्वतंत्रता है। कोर्ट ने याचिका रिकॉर्ड में संचित कर ली है।
केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट(ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे। केंद्रीय एजेंसी ने बुधवार को हुई सुनवाई में अपने जवाब में कहा कि राज्य पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने मिलीभगत की है और PMLA के तहत ED के अधिकारियों के काम करने में रुकावट डाली है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि ये सब पश्चिम बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निजी फायदे के लिए किया गया है। ED ने I-PAC रेड मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। ED का आरोप है कि 8 जनवरी को I-PAC के ऑफिसों पर रेड के दौरान CM ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने उनकी कार्रवाई में रुकावट डाली। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवारई 18 मार्च तक टाल दी है। इससे पहले 3 फरवरी को सुनवाई टाली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का ED की जांच में बाधा डालना बहुत गंभीर मुद्दा है। बंगाल सरकार का दावा- एजेंसी के रूप में हथियारबंद लोगों को रोका, एजेंसी बोली- आईडी दिखाई थी पश्चिम बंगाल सरकार कहा था कि बनर्जी और पुलिस ने सेंट्रल एजेंसियों के अधिकारियों का रूप धरकर हथियारबंद लोगों को बिना इजाजत सर्च करने से रोकने के लिए दखल दिया था। एजेंसी ने इस दावे को खारिज किया। उसने कहा कि हमारे अधिकारियों ने 8 जनवरी की रेड और सर्च ऑथराइजेशन के दौरान पुलिस अधिकारियों को अपने ID कार्ड दिखाए थे। ED ने अपने जवाब में और क्या कहा... ED बोली- जो वो ले गए वो केवल TMC से संबंधित था ये पहचानना मुश्किल जांच एजेंसी ने बनर्जी की इस बात को भी गलत बताया कि उनके द्वारा लिए गए मटीरियल में सिर्फ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कॉन्फिडेंशियल और मालिकाना जानकारी थी। ED ने कहा, एक बार जब ऐसा मटीरियल जबरदस्ती निकालकर ले जाया जाता है, तो यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि क्या-क्या ले जाया गया। एजेंसी ने कहा कि यह कैसे तय किया जाए कि वे सिर्फ पार्टी की कॉन्फिडेंशियल और मालिकाना जानकारी थीं या उनमें उस अपराध से जुड़ी जानकारी भी थी जिसकी ED जांच कर रही थी। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। TMC ने ED की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप का खंडन किया। वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की। पिछली मुख्य सुनवाई… 18 जनवरी: ममता सरकार बोली- ED केंद्र का हथियार:एजेंसी ने कहा- हमें बंगाल में धमकाया पश्चिम बंगाल में I-PAC से जुड़े रेड मामले में 18 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान ममता सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) का उन राज्यों में हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जहां विपक्ष की सरकार है। वहीं केंद्रीय एजेंसी ने पलटवार करते हुए कहा कि हम किसी के हथियार नहीं हैं। बंगाल में ममता सरकार ने हमें धमकाया। दोनों पक्षों के बीच बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसका हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और किसे धमकाया जा रहा है, यह हम तय करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 14 जनवरी : SC ने कहा था- सरकार ED के काम में दखल न डाले ED ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ याचिका दायर की। 14 फरवरी को सुनवाई में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा था कि सरकार ED के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी करके 2 हफ्तों में जवाब मांगा था। 2 फरवरी को राज्य सरकार ने नोटिस के जवाब में कहा- एजेंसी की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। इस तरह का मामला पहले से कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए दो संवैधानिक अदालतों में एक साथ कार्यवाही नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट में ED की 3 बड़ी दलीलें… --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं:बंगाल से पहले 3 राज्यों में यही पैटर्न; महाराष्ट्र-दिल्ली-झारखंड के बाद तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी में छापेमारी पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ED का काम आर्थिक अपराधों की जांच करना, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाना है, लेकिन कई बार उसकी कार्रवाई की टाइमिंग सवालों के घेरे में आ जाती है। पूरी खबर पढ़ें…
बादशाहीनाका थाने से मात्र 60 मीटर दूर स्थित लोहा व्यापारी के बंद मकान का ताला तोड़कर शातिर चोरों ने पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोल दी। आरोपियों ने घर से नकदी व जेवरात समेत करीब 39 लाख रुपए का माल पार कर दिया। घटना के वक्त वह अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए अस्पताल गए थे। गुरुवार सुबह जब वह घर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। सूचना पर व्यापारी नेताओं ने पहुंचकर पुलिस के आलाधिकारियों को सूचना दी। मौके पर एसीपी कलक्टरगंज आनंद ओझा ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। सुबह घर पहुंचने पर हुई घटना की जानकारी कुली बाजार निवासी संजय गुप्ता लोहा मंडी में ब्रोकर का काम करने के साथ इंश्योरेंस एजेंट थे। कोविड काल से स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने काम बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि एकलौती बेटी की शादी के बाद से वह पत्नी रोशनी के साथ अकेले घर पर रहते है। मंगलवार को अचानक पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान वह अस्पताल में रहकर ही पत्नी की देखरेख कर रहे थे। गुरुवार सुबह वह घर पर नहाने के लिए पहुंचे तो मेनगेट का ताला टूटा मिला। तत्काल उन्होंने पुलिस और व्यापारी नेताओं को सूचना दी। मौके पर पहुंचे व्यापारी नेता विनोद गुप्ता और शेष नारायण त्रिवेदी समेत अन्य लोगों पुलिस के आलाधिकारियों को चोरी की जानकारी दी। जिसके बाद एसीपी कलक्टरगंज आनंद ओझा ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। 20 तोला कैश व 2.50 किलो चांदी पार की पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके घर से करीब 1.30 लाख कैश व 20 तोला सोना और ढाई किलोग्राम चांदी समेत करीब 39 लाख रुपए का माल चोरी हुआ है। बादशाहीनाका थाना प्रभारी राहुल कटियार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है, क्योंकि बुधवार रात करीब 12 बजे तक पीड़ित की बेटी सागरिका घर पर मौजूद थी। जिस अलमारी से जेवरात चोरी हुए है, उसका लॉक तोड़ा नहीं गया है। जल्द ही घटना की खुलासा होगा।
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के एक अर्दली पर नर्सिंग अधिकारियों से निवेश के नाम पर 2 करोड़ 92 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी युवक के साथ उसकी पत्नी और मां को भी आरोपी बनाया है। नर्सिंग अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार नरेंद्र कुमार सागर, दयानंद बेनीवाल, अयुष दधीच और दलवीर प्रजापत की शिकायत पर दीपेश पुत्र दिनेश रायकवार, उसकी मां शीला रायकवार और पत्नी आकांक्षा रायकवार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। प्रॉपर्टी निवेश में मुनाफे का झांसा दिया पुलिस के अनुसार सभी पीड़ित कर्मचारी राज्य बीमा निगम में नर्सिंग ऑफिसर हैं और राजस्थान के निवासी हैं। आरोपी दीपेश निगम में अर्दली के पद पर कार्यरत है। उसने अधिकारियों से पहचान बढ़ाकर प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में निवेश कराने और अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। कंपनियों में निवेश के नाम पर रकम ली आरोपी ने पीड़ितों से कुल 2.92 करोड़ रुपए लेकर अपनी पत्नी और मां के नाम से संचालित रायकवार ट्रेडर्स और एकदंत कंपनी में निवेश करने की बात कही। आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो कोई प्रॉपर्टी दिखाई गई और न ही पैसा निवेश किया गया। रकम वापस मांगने पर टालमटोल करता रहा पीड़ितों ने जब निवेश की जानकारी और पैसा वापस मांगा तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। इसके बाद सभी अधिकारियों ने हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक नरेंद्र कुमार सागर ने 91 लाख रुपए, दयानंद बेनीवाल ने 62 लाख रुपए, अयुष दधीच ने 1 करोड़ 8 लाख रुपए और दलवीर प्रजापत ने 91 लाख 38 हजार रुपए आरोपी की कंपनियों में जमा कराए थे। अधिकांश रकम बैंक से लोन लेकर दी गई थी। पुलिस ने जांच शुरू की पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निवेश की गई राशि और संबंधित कंपनियों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
लखनऊ के बीबीडी क्षेत्र के अनौरा कला गांव निवासी रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर से सर्राफा कारोबार में निवेश कराने के नाम पर 90 लाख रुपए ठग लिए गए। पीजीआई के तेलीबाग निवासी अरविंद तिवारी और उसके परिवार के तीन अन्य लोगों ने झांसा देकर रकम हड़प ली। बीबीडी पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीबीडी क्षेत्र के अनौरा कला गांव निवासी रिटायर्ड इंजीनियर राजेंद्र कुमार सिंह (67) अक्तूबर 2024 में वह आईसीआईसी बैंक की कठौता शाखा में गोल्ड लोन लेने गए थे। जहां उनकी मुलाकात अरविंद से हुई। अरविंद ने खुद को आभूषण कारोबारी बताते हुए निवेश पर अच्छा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। बातों में आकर उन्होंने पहले 20 लाख रुपए दे दिए। घर आना-जाना बढ़ाकर भरोसा जीता पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद अरविंद, उसके पिता राजकेसर, पत्नी कंचन और बेटे यश का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। कुछ समय बाद अरविंद ने सुशांत गोल्फ सिटी के अर्जुनगंज में सराफ की दुकान खोलने की योजना बताई और उन्हें साझेदार बनाने का लालच दिया। झांसे में आकर राजेंद्र ने बेटे सर्वजीत के नाम पर 70 लाख रुपए का लोन लेकर अरविंद को दे दिए। आरोप है कि रकम के बदले आरोपियों ने सुरक्षा के तौर पर सोने के गहने गिरवी रखे लेकिन न मुनाफा मिला और न ही रकम वापस हुई। नकली निकले गिरवी रखे गहने राजेंद्र का कहना है कि जब उन्होंने अरविंद से संपर्क करना चाहा तो उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। दुकान पर पहुंचने पर वहां मौजूद राजकेसर ने अरविंद का दुकान से कोई संबंध होने से इनकार कर उन्हें भगा दिया। बाद में जब पीड़ित गिरवी रखे गहने बेचने गए तो वे नकली निकले। इसके बाद उन्होंने बीबीडी थाने में शिकायत दी। इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अरविंद, राजकेसर, कंचन और यश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
शाहजहांपुर में गुरुवार रात बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की भतीजी की शादी संपन्न हुई। इस समारोह में कई राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की। राजपाल यादव ने जेल से रिहा होने के बाद सीधे इस पारिवारिक आयोजन में हिस्सा लिया और मेहमानों का स्वागत किया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव, भाजपा एमएलसी सुधीर सिंह, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां और सपा नेता लखन प्रताप सिंह जैसे प्रमुख लोग शादी में शामिल हुए। नोएडा से आई बारात का स्वागत राजपाल यादव और उनके परिवार ने किया। सभी राजनीतिक मेहमानों ने राजपाल यादव को बधाई दी। पहले देखिए 3 तस्वीरें… राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस मामले में जेल से बाहर आए हैं। उनकी रिहाई शादी से दो दिन पहले हुई, जिससे परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं। वह सीधे अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए घर पहुंचे। शादी से एक दिन पहले, बुधवार को भी रस्में निभाई गईं, जिसमें राजपाल यादव का परिवार के साथ डांस करते हुए एक वीडियो भी सामने आया था। दिन के समय आसपास के लोग और परिचित उन्हें बधाई देने पहुंचे। राजपाल यादव को जेल भेजने वाले उद्योगपति माधव गोपाल अग्रवाल भी शाहजहांपुर के निवासी हैं। यह मामला उन्ही की कंपनी से संबंधित है जिससे राजपाल यादव ने फिल्म बनाने के लिए कर्ज लिया था, जिसे अब निवेश भी बताया जा रहा है। हालांकि इस प्रकरण में अब तक कंपनी की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नही आई है।
लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में कार सवार ने लैया चना विक्रेता को टक्कर मार दी। वह अपना ठेला लेकर घर की तरफ जा रहा था। तभी पीछे आई तेज रफ्तार वैगन कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के विक्रेता गाड़ी के बोनट पर जा गिरा। जिसे लेकर कार सवार एक किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाता रहा। पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है। मूल रूप से बदायूं स्थित निजामपुर निवासी विमल पाल (32) पराग चौराहे के पास लैया चना का ठेला लगाते थे। दोस्त राजेश ने बताया विमल बुधवार रात करीब 9.30 बजे पराग चौराहे से अपना लैया चना का ठेला लेकर घर वापस जा रहा था। घर से कुछ दूर पहले रास्ते में एक तेज रफ्तार वैगनआर कार के चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। जिससे वह उछलकर कार के बोनट पर जा गिरे। एक किलोमीटर तक दौड़ाई गाड़ी बोनट पर गिरने के बाद भी कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी बल्कि रफ्तार तेज कर दी। वहीं विमल लगातार कार का वाइपर पकड़कर कार चालक से रोकने की विनती करता रहा। चालक ने कार रोकने के बजाय बेतरतीब तरीके से कार चलाता रहा। लगभग 1 किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद लॉ कॉलेज गेट के सामने संतुलन बिगड़ने से विमल कार के नीचे गिर गए। वहीं कार चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया। विमल को गंभीर हालत में देखकर एक परिचित ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से उसे इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया एवं पत्नी ममता और करीबी दोस्तों को जानकारी दी। हालत बिगड़ने पर उसे लोगबंधु अस्पताल से ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद से विमल की पत्नी ममता और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामले में इंस्पेक्टर कृष्णानगर पीके सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी।
लखनऊ के एरा हॉस्पिटल में भर्ती दोस्त की मां को देखने आए एक अधिवक्ता का वाहन पार्किंग को लेकर निजी गार्डों से विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जिसमें अधिवक्ता का सिर फूट गया। पीड़ित ने लूट और मारपीट का आरोप लगाते हुए ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी है। न्यू हैदरगंज निवासी आदर्श सिंह पेशे से अधिवक्ता हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि गुरुवार देर शाम वह एरा हॉस्पिटल में भर्ती अपने दोस्त शुभम यादव की मां को देखने पहुंचे थे। उनके साथ शुभम और प्रदीप यादव भी मौजूद थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो पार्क करने को लेकर उनका अस्पताल के निजी गार्ड से विवाद हो गया। 4 तस्वीरें देखिए… पीड़ित का आरोप है कि गार्ड ने उनसे बदसलूकी करते हुए गाड़ी की चाबी निकाल ली और हाथापाई पर उतर आया। बीच-बचाव करने पर गार्ड ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। आरोप है कि करीब 30 गार्डों ने मिलकर पीड़ित और उसके साथियों को पीटा और लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे आदर्श सिंह का सिर फूट गया। अधिवक्ता का यह भी आरोप है कि हमलावर गार्डों ने उनकी जेब से 10 हजार रुपये भी लूट लिए। घटना के बाद उन्होंने स्थानीय थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि वाहन पार्किंग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। अधिवक्ता पक्ष से तहरीर मिली है। मामले में जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (IOCL) की ओर से 60 करोड़ रुपये का सहयोग दिया जा रहा है। इस सहयोग को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार एवं IOCL के बीच एमओयू साइन किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताल नदोर में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनाया जा रहा है। इसके निर्माण पर लगभग 393 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां 30 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह स्टेडियम केवल एक खेल संरचना नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की उभरती प्रतिभा को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से क्षेत्र में खेल पर्यटन, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता का यह मॉडल राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में सीएसआर के माध्यम से सहयोग प्रदान करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी में भी एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माणाधीन है, जिसे जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। वहीं, गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण हेतु बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से खेल भावना और फिटनेस की संस्कृति को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में राज्य सरकार ने प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण भी तीव्र गति से प्रगति पर है। इसे पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। अत्याधुनिक पिच, प्रैक्टिस एरिया, फ्लडलाइट्स, आधुनिक ड्रेसेिंग रूम, मीडिया सेंटर और हाई-एंड स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह स्टेडियम बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करने में सक्षम होगा। साथ ही, यह युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, कौशल-विकास और उत्कृष्टता को नई दिशा देगा। परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर साहनी ने एमओयू को समूह के लिए गर्व की बात कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि इंडियन ऑयल समूह उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है।
प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (राजस्व) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व कार्यों, राजस्व वादों, कर व करेत्तर वसूली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने के निर्देश जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर जिन प्रकरणों की रैंकिंग बी, सी और डी श्रेणी में है, उन्हें प्राथमिकता पर निस्तारित कर ए श्रेणी में लाया जाए। सभी अपर जिलाधिकारियों को अपनी तहसीलों के लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को नियमित कोर्ट में बैठकर 3 और 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। 6 माह से अधिक लंबित मामलों के लिए लक्ष्य तय कर तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए। धारा-34, 67, 116 और 80 से जुड़े मामलों की विशेष समीक्षा कर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। अभिलेख त्रुटि सुधार से जुड़े एक वर्ष से लंबित मामलों को शून्य करने तथा कृषक दुर्घटना के 390 लंबित प्रकरण 27 फरवरी तक निपटाने के निर्देश दिए गए। शत-प्रतिशत राजस्व वसूली पर जोर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप 100 प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आबकारी, राज्यकर, परिवहन, विद्युत, नगर निगम, मंडी, स्टाम्प और राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों से वसूली की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि आरसी वसूली में तेजी लाई जाए और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों व वास्तविक वसूली में कोई अंतर न हो। बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर सख्त कार्रवाई की जाए। 15 मार्च तक फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 15 मार्च तक सभी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का निर्देश दिया। पीएम किसान के अलावा अन्य किसानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को समन्वय बनाकर प्रतिदिन 10 हजार फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य दिया। पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों और जनसेवा केंद्रों के माध्यम से यह कार्य पूरा करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी न होने पर किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। पीएम सूर्यघर योजना में तेजी लाने के निर्देश जिलाधिकारी ने पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को लक्ष्य तय कर सोलर सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी को प्रतिदिन इसकी समीक्षा करने को कहा गया। उन्होंने ग्राम प्रधानों को प्रेरित कर गांवों में सोलर सिस्टम लगवाने का आह्वान किया। जो गांव पूरी तरह सोलर सिस्टम अपनाएंगे, उन्हें “सोलर ग्राम” घोषित कर पुरस्कृत किया जाएगा। फैमिली आईडी में धीमी प्रगति पर सख्ती फैमिली आईडी बनाने की समीक्षा में प्रत्येक खंड विकास अधिकारी को प्रतिदिन 5 हजार आईडी बनाने का लक्ष्य दिया गया। धीमी प्रगति वाले अधिकारियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए गए। सीएम डैशबोर्ड पर फैमिली आईडी की रैंकिंग सी से ए श्रेणी में लाने के निर्देश भी दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में तेजी जिलाधिकारी ने जिन स्थानों पर जमीन विवाद के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण रुका है, वहां उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी को समन्वय कर विवाद सुलझाने और जल्द निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी नजूल संजय पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इंदौर में शनिवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर मां जिजाऊ चौक (तीन पुलिया) से शिवाजी प्रतिमा स्थल तक भव्य रैली निकाली गई। आयोजन सर्व मराठी भाषी संघ के तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। सर्व मराठी भाषी संघ के तत्वावधान में आयोजन रैली की शुरुआत मां जिजाऊ चौक पर शिवाजी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद भगवा ध्वज, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ रैली निर्धारित मार्गों से आगे बढ़ी। जनप्रतिनिधि और संत भी हुए शामिल रैली में परम पूज्य तरानेकर महाराज, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सभापति मन्नालाल यादव, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, पार्षद सुनीता चौखंडे और ज्योति शरद पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पारंपरिक वेशभूषा में युवक-युवतियां आकर्षण बने रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। मार्ग में कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम समाप्त रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिवाजी प्रतिमा स्थल पहुंची। यहां अतिथियों और समाजजनों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का समापन किया। सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए। कार्यक्रम में संघ पदाधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।
लखनऊ में 15 जोड़ों का एकसाथ विवाह:व्यापारी सेवा संघ ट्रस्ट ने चौथा लाडली उत्सव मनाया
राजधानी लखनऊ के निरालानगर स्थित अशोक सिंघल पार्क में गुरुवार को मंगल गीत, बैंड-बाजे और खुशियों की गूंज सुनाई दी। मौका था व्यापारी सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से आयोजित चतुर्थ सामूहिक लाडली विवाह उत्सव का, जिसमें 15 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वैवाहिक सूत्र में बंधे। उत्सव की शुरुआत डालीगंज स्थित ढलाई घर से निकली सामूहिक बारात से हुई। बैंड की धुन पर झूमते बारातियों का विवाह स्थल पर फूलों के वर्षा से स्वागत किया गया। इसके बाद ट्रस्ट के संस्थापक व अध्यक्ष गोविंद कृष्ण अग्रवाल ‘पप्पू बोरा’ की अगुवाई में सभी जोड़ों का हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। बेटियों को मिली नई शुरुआत गोविंद कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सिर्फ विवाह कराना नहीं, बल्कि बेटियों को मजबूत शुरुआत देना है। हर कन्या को गृहस्थी का सामान, सोने का लॉकेट, टॉप्स और 1000 रुपये की एफडी भेंट की गई, ताकि उनका नया जीवन सुरक्षित और सशक्त बने। घरवालों की इच्छा से की शादी लखनऊ की आंचल ने बताया कि वह अपने परिवार की इच्छा से अरेंज मैरिज कर रही हैं। उनका कहना है कि ऐसे सामूहिक विवाह कार्यक्रम उन माता-पिता के लिए बहुत सहारा हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बेटियों की शादी नहीं कर पाते।आंचल ने कहा कि लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज, दोनों अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन जो माता-पिता दहेज देने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए यह व्यवस्था बहुत अच्छी है। गरीब परिवार भी सम्मान के साथ शादी कर सकते हैं। उन्नाव से आए नीरज बोले—सबकी रजामंदी से हुई शादी उन्नाव के नीरज ने बताया कि उन्होंने सामूहिक विवाह के लिए फॉर्म भरा था। दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी संपन्न हुई। नीरज ने कहा कि घर वाले और लड़की वाले सभी राजी थे, इसलिए शादी हो गई। हम सब खुश हैं।वहीं सूरज ने बताया कि उनकी शादी भी परिवार की इच्छा से तय हुई और वह इससे संतुष्ट हैं। हर साल 15 जोड़ों का करते हैं विवाह आयोजक समिति की सदस्य प्रीति जैन ने बताया कि हर साल एक बार 15 निर्धन जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जाता है। शादी से पहले लड़का-लड़की और उनके परिवारों की पूरी जानकारी ली जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि दोनों की सहमति हो और किसी प्रकार का दबाव न हो।उन्होंने बताया कि समिति न सिर्फ शादी कराती है, बल्कि नवदंपतियों को घर-गृहस्थी का जरूरी सामान भी उपलब्ध कराती है, ताकि उन्हें नई जिंदगी शुरू करने में कोई परेशानी न हो प्रीति जैन ने कहा कि यह आयोजन समाज के सहयोग से संभव हो पाता है। उनका मानना है कि ऐसी परंपरा जारी रहनी चाहिए, क्योंकि इससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी मदद मिलती है और बेटियों की शादी सम्मानपूर्वक हो पाती है। विवाह सूत्र में बंधे 15 जोड़े मीडिया प्रभारी पारस जैन (एडवोकेट) के अनुसार पलक-विशाल, शिवांगी-कृष्णा, सोनिका-रंजीत, अंशु-आकाश लाल, वंदना-अनुज कुमार, सीमा-अंकुल, मुस्कान-सत्यम, श्रेया-निर्भय, आंचल-ओम, नैंसी-आनंद कुमार, रश्मि-चंदन, रूचि-गोविंद, सोनम-सूरज, प्रीति-राहुल और अनुष्का-निखिल का विवाह संपन्न हुआ। शुक्रवार को सभी जोड़ों की विदाई होगी।
ट्रक में सरकारी स्कूल की किताबें मिली:जांच के बाद दो अनुचर निलंबित, तीन की संविदा समाप्त
बहराइच जिले में सरकारी स्कूलों की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ में बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग के पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला जिले के रामगांव थाना क्षेत्र के मेंटूकहा इलाके का है। यहां दिलशाद कबाड़ी के गोदाम में खड़े ट्रक संख्या यूपी 21 एफटी 8485 में शैक्षणिक सत्र 2026-2027 की भारी मात्रा में सरकारी किताबें मिली थीं। इन किताबों को कबाड़ में बेचने के लिए काशीपुर (उत्तराखंड) ले जाने की तैयारी थी। जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और पुलिस टीम ने तत्काल ट्रक को जब्त कर लिया था। जिलाधिकारी ने मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। गुरुवार शाम को जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने कार्रवाई की। इसमें अनुचर आलोक कुमार और शफीक अहमद को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, अनुदेशक अतुल कुमार सिंह, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आशुतोष सिंह और स्पेशल एजुकेटर दीपक कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई है। मामले में प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) श्रीमती डाली मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) रंजीत कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को जांच रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) श्रीमती डाली मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) रंजीत कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।
इवनिंग वॉक पर निकली महिला से चेन लूटी:बाइक सवार 2 बदमाश झपट्टा मारकर भागे, CCTV खंगाल रही पुलिस
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के नमक फैक्ट्री के पास गुरुवार देर शाम घर के बाहर टहल रही एक महिला से बाइक सवार बदमाशों ने सोने की चेन लूट ली और फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से प्रतापगढ़ निवासी 55 वर्षीय सुशीला वर्तमान में चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में रहती हैं। करीब एक माह पूर्व वह अपने पैतृक घर प्रतापगढ़ आई थीं। बुधवार को वह चंडीगढ़ लौटने के लिए घर से निकली थीं और लखनऊ से ट्रेन की सीट बुक कराई थी, लेकिन रास्ते में देरी के कारण ट्रेन छूट गई। इसके बाद वह रावतपुर स्थित नमक फैक्ट्री के पास रहने वाली अपनी छोटी बहन पुष्पा देवी के घर आ गईं। गुरुवार देर शाम वह बहन के घर के बाहर टहल रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से चेन तोड़ ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद महिला ने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। परिजन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को तहसील सदर परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालय सहित अन्य पटल एवं अनुभागों का भ्रमण कर अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों की स्थिति, जनसुनवाई व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। लंबित मामलों के निस्तारण पर सख्ती जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि सभी पुराने लंबित प्रकरणों की नियमित सुनवाई करते हुए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान 15 वर्ष से लंबित धारा-233 से संबंधित सबसे पुरानी फाइल निकलवाकर देखी गई। फाइल में आदेश पत्र क्रम से संलग्न न होने एवं अभिलेख अद्यतन न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और पेशकार मकसूद अहमद को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने धारा-116, 229बी, 24 सहित अन्य धाराओं से संबंधित पुराने प्रकरणों की फाइलों का अवलोकन कर निर्देश दिया कि कोई भी फाइल छह माह से अधिक लंबित न रहे। पाँच वर्ष एवं तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की सूची बनाकर नियमित सुनवाई के माध्यम से प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण तहसीलदार न्यायालय में धारा-35 (म्यूटेशन) से संबंधित सबसे पुरानी लंबित फाइल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। अंश निर्धारण, वरासत, धारा-32/38 एवं धारा-24 से संबंधित अविवादित प्रकरणों में पक्षकारों की सुनवाई कर तत्काल निर्णय सुनिश्चित करने को कहा। साफ-सफाई और अभिलेख प्रबंधन पर जोर नजारत अनुभाग में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने और फाइलों के अव्यवस्थित रख-रखाव पर उन्होंने नाराजगी जताई। निष्प्रयोज्य सामान हटाने, अभिलेखों की व्यवस्थित बाइडिंग/टेपिंग कराने तथा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान बस्ता सूची के अनुसार फाइलों को व्यवस्थित रखने और सभी खतौनियों को ऑनलाइन फीड कराने के निर्देश दिए गए। जिन खतौनियों में सरकारी भवन अथवा कार्यालय स्थित हैं, उन्हें अभिलेखों में दर्ज करने को कहा गया। वसूली और भूमि प्रबंधन की समीक्षा संग्रह अनुभाग में सबसे बड़े बकायेदारों की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने वसूली योग्य शीर्ष दस बकायेदारों की संपत्तियों का मूल्यांकन कर नीलामी की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साप्ताहिक वसूली सूची को अद्यतन रखने पर भी जोर दिया। राजकीय आस्थान से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सरकारी भूमि की नक्शों पर मैपिंग एवं भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों के लिए अलग रजिस्टर बनाए जाने को कहा। आधारभूत सुविधाओं के लिए निर्देश जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में जर्जर भवनों के मरम्मत कार्य हेतु व्यय का आकलन कर प्रस्ताव भेजने, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने और कार्यालयी अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संस्कृत बोर्ड परीक्षा का आगाज:पहले ही दिन 6874 ने छोड़ी परीक्षा, CCTV की निगरानी में हुई परीक्षा
उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो गई। पहले दिन 6874 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं परीक्षा केंद्रों में इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर सख्ती रही। साथ ही इसकी राज्य मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से भी निगरानी की गई। संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी के बीच आयोजित होगी। इसकी शुरुआत गुरुवार से हुई। पहले दिन पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम और उत्तर मध्यमा द्वितीय सभी की दोनों पालियों में अनिवार्य संस्कृत विषय की परीक्षा हुई। प्रदेश में 241 केंद्रों पर 55812 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे। इसमें से 6874 अनुपस्थित रहे। राज्य स्तरीय केंद्र से हुई निगरानी संस्कृत शिक्षा परिषद सचिव शिवलाल ने बताया कि जिलों में बने केंद्रों पर राज्य स्तरीय मुख्यालय से निगरानी की गई। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, ब्लू ट्रूथ आदि आईटी गजट को लेकर सख्ती से जांच के बाद छात्रों को प्रवेश दिया गया। कहीं से भी नकल की कोई सूचना या शिकायत नहीं मिली है। शुक्रवार 20 फरवरी को दोनों पाली में सामाजिक विज्ञान, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, पौरोहित्य, गृह विज्ञान, भौतिक विज्ञान व व्यवसाय अध्ययन विषय की परीक्षा होगी।
कानपुर के रावतपुर में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सोनू राठौर पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उस पर घटना के दौरान चाकू उपलब्ध कराने और मारपीट में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। दो दिन पूर्व हुआ था भाजपा नेता पर हमला यह घटना दो दिन पहले मंगलवार देर रात रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित छपेड़ा पुलिया के पास हुई थी। सोनू राठौर अपने मित्र आयुष गौतम के साथ कार से रामलाल मंदिर से नवाबगंज स्थित अपने घर लौट रहे थे। राजेश बाबा वाली गली के पास अनिल विश्वकर्मा उर्फ बउवा, उसका बेटा शिवा उर्फ अभिषेक विश्वकर्मा, सागर, पीयूष, कमलेश, सागर सैनी, रिंकू, साजन उर्फ रोहित और अभय सहित लगभग 10 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद शिवा उर्फ अभिषेक ने तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली सोनू राठौर के पेट में लगी। गोली लगने के बाद हमलावरों ने सोनू राठौर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें मरा समझकर हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सोनू को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार को मुख्य आरोपी शिवा उर्फ अभिषेक विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को पुलिस ने रामलाल क्षेत्र से मुख्य आरोपी की मां कमलेश विश्वकर्मा को भी गिरफ्तार किया। आरोप है कि घटना के दौरान कमलेश ने घर के अंदर से चाकू लाकर अपने बेटे को दिया था और वह मारपीट में भी शामिल थी। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि मुकदमे में नामजद महिला आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापामारी कर रही है।
मथुरा में दो गैंगस्टर की सम्पति कुर्क:अवैध कमाई से प्लॉट खरीदा और बिल्डिंग बनाई थी
मथुरा पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। गोविंद नगर थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों की लगभग 9.50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की गई। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक रवि त्यागी ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के बीएसए कॉलेज स्थित कृष्णा विहार निवासी योगेश और उसके भाई राजन ने एक संगठित गिरोह बनाया था। उन्होंने आर्थिक लाभ के लिए विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने अपराध से अर्जित धन का उपयोग अचल संपत्तियां खरीदने और उनके निर्माण में किया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि राधाकुंड-छटीकरा मार्ग पर स्थित उनकी एक अर्धनिर्मित इमारत और प्लॉट अवैध कमाई से बनाए गए थे। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत एक रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की गई। न्यायालय से कुर्की का आदेश मिलने के बाद गुरुवार को पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संपत्ति को सील कर कुर्की की कार्रवाई पूरी की। कुर्क की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 9.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपत्ति को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। सीओ सिटी आईपीएस आशना चौधरी ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
कानपुर के भीतरगांव ब्लॉक के बीडीओ बलराम सिंह को जिला मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई घाटमपुर विधायक सरोज कुरील की शिकायत पर उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर की गई है। पतारा ब्लॉक के बीडीओ शिव नरेश राजपूत को भीतरगांव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। घाटमपुर अपना दल (एस) से विधायक सरोज कुरील ने बताया कि भीतरगांव के ग्रामीण लगातार उनसे मिलकर बीडीओ बलराम के खिलाफ लापरवाही बरतने की शिकायत कर रहे थे। ग्रामीणों की इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए विधायक ने लखनऊ स्थित उप्र ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान विधायक ने एक पत्र सौंपकर भीतरगांव ब्लॉक में तैनात बीडीओ बलराम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर कानपुर के जिला विकास अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बीडीओ बलराम सिंह को कानपुर जिला मुख्यालय अटैच करने का आदेश जारी किया।
हिंदू कॉलेज में एलएलबी परीक्षा में बड़ी चूक:हिंदू लॉ की जगह टॉर्ट का प्रश्नपत्र बांटा गया
मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में आज एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, छात्रों को हिंदू लॉ विषय की परीक्षा देनी थी, लेकिन गलती से टॉर्ट एवं मोटर वाहन अधिनियम (Tort Motor Vehicles Act) का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। टॉर्ट विषय की परीक्षा 23 तारीख को होनी निर्धारित है। छात्रों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद संबंधित कक्ष में गलत प्रश्नपत्र बांटा गया। उस समय कॉलेज के कुलपति भी परिसर में मौजूद थे। छात्रों ने बताया कि गलत प्रश्नपत्र वितरित होने तक एक छात्र ने उसे पूरा पढ़ लिया था। इस घटना से आगामी परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गलती का पता चलते ही परीक्षा कक्ष में अफरा-तफरी मच गई। बाद में, गलत प्रश्नपत्र वापस ले लिए गए और छात्रों को हिंदू लॉ का सही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। हालांकि, छात्रों का कहना है कि इस लापरवाही से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई और परीक्षा प्रदर्शन पर भी असर पड़ा। छात्रों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि टॉर्ट विषय की परीक्षा निर्धारित तिथि पर ही होगी या उसमें कोई बदलाव किया जाएगा। कई विद्यार्थियों ने सुझाव दिया कि यदि प्रश्नपत्र पहले ही सार्वजनिक हो चुका है, तो परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक नया प्रश्नपत्र तैयार किया जाना चाहिए। इस संबंध में हिंदू कॉलेज के प्रधानाचार्य से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और वे पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएंगे। प्रधानाचार्य ने कहा कि वे फिलहाल नैनीताल के रास्ते में हैं। कॉलेज पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी और आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
बेटे की शादी में 1 रुपए शगुन लिए:नोएडा में भाजपा नेता ने पेश की मिसाल, दहेज न लेने की अपील
ग्रेटर नोएडा के साकीपुर गांव में भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र भाटी ने अपने पुत्र अनिकेत भाटी के विवाह में दहेज जैसी कुरीति को त्यागकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने शादी में मात्र 1 रुपये का शगुन स्वीकार किया। गुरुवार को अनिकेत का विवाह दिल्ली के बिहारीपुर निवासी प्रवीण की सुपुत्री निखिता के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'दहेज मुक्त' होना रही। जितेंद्र भाटी ने लगन और सगाई के दौरान उपहारों के बजाय मात्र 1 रुपये का प्रतीकात्मक टीका स्वीकार किया। इतना ही नहीं, विदाई के समय भी कन्या पक्ष से कोई कीमती वस्तु या नकदी लेने के बजाय केवल 1 रुपये का कन्यादान स्वीकार कर इस रिश्ते को सादगी और सम्मान की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। शादी में फिजूलखर्ची रोकने के उद्देश्य से बारात में डीजे और शोर-शराबे को भी दूर रखा गया। सादगी के साथ निकली इस बारात ने यह संदेश दिया कि विवाह दो परिवारों का मिलन है, न कि प्रदर्शन का माध्यम। जितेंद्र भाटी के इस कदम की पूरे जिले में सराहना हो रही है। यह पहल उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो विवाह को आर्थिक बोझ बना देते हैं। इस विवाह ने साबित कर दिया कि यदि समाज के जिम्मेदार लोग पहल करें, तो दहेज जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि पंचायत स्तर पर आय के नए स्त्रोत तलाशें। शिक्षा विभाग की योजनाओं की जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन ने नए नामांकन बढ़ाने और ड्राप आउट को जीरो करने पर जोर दिया। जल जीवन मिशन में एकल नल जल योजना की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड कलेक्टर्स को कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। जैन ने कहा कि कलेक्टर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन तय करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के विकास कार्यों को प्रमुखता दें। मुख्य सचिव जैन ने मंत्रालय में कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और निर्माण कार्यों को समय अवधि में पूर्ण करें। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में योजना बनाकर क्रियान्वयन में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जाना तय करें। पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोतों को विकसित करने पर जोर मुख्य सचिव जैन ने ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना में चयनित गांवों को बुनियादी सुविधाओं, गौपालन और डेयरी विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए 31 मार्च तक विजन डॉक्यूमेंट को पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में उन्होंने पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोतों को विकसित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव जैन ने जल जीवन मिशन में एकल नल जल योजना की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड कलेक्टर्स को कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के नवीन स्वीकृत भवनों के लिए निवाड़ी, पांढुर्ना, नीमच, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड को शीघ्रता से भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र है जो समाज के भविष्य को प्रभावित करते है। प्रदेश और समाज के विकास के लिए इन दोनों क्षेत्र में काम करना आवश्यक है। नए नामांकन बढ़ाने और ड्राप आउट को जीरो करने पर जोर शिक्षा विभाग की योजनाओं की जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन ने नए नामांकन बढ़ाने और ड्राप आउट को जीरो करने पर जोर दिया। उन्होंने शाला के बाहर के चिन्हांकित बच्चों में से एजुकेशन पोर्टल 3.0 में दर्ज विद्यार्थियों के प्रोफाइल प्रतिशत बढ़ाने पर जबलपुर संभाग और पन्ना एवं बालाघाट जिले की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य प्रदेश में किया जाना है, इसलिए जनगणना कार्य की अवधि को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र संचालित करें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि बच्चों का एलिमेंट्री प्री स्कूल एजुकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। यही पढ़ाई उनके आईक्यू में परिलक्षित होती है, इसलिए आगनबाड़ी में 3-6 वर्ष के बच्चों के पंजीयन को बढ़ाये। गांव में जाकर सैंपलिंग चेकिंग करें, पालकों से वन टू वन चर्चा करें। इसके लिए अपने जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास के अधिकारियों के समन्वय से कार्य कराये। जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल करें, बच्चों को शिफ्ट करें मुख्य सचिव जैन ने 8 मार्च महिला दिवस तक सभी शासकीय शालाओं में बालिका शौचालय के निर्माण को पूर्ण करने के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने शासकीय विद्यालयों के भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल कराये और जरूरी होने पर बच्चों को दूसरे भवन में स्थानांतरित भी करें। रोजगार, उद्योग और निवेश से संबंधित केंद्र और राज्य की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन ने योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को देने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और संत रविदास स्वरोजगार योजना आदि की जिलों में क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिए निर्देशित किया। जिला उत्पादों को दिलाएं जीआई टैग मुख्य सचिव जैन ने 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला के उत्पादों को जीआई टैग दिलवाने के प्रयास करें। उत्पादों की मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि कारीगरों के कौशल संवर्धन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आवश्यकतानुसार एक से अधिक उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' में शामिल करने के लिए भी प्रस्ताव भेजे। मुख्य सचिव जैन ने डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की पहल के अंतर्गत जिलो में 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिये। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इसमें जितना अधिक कार्य किया जाएगा, प्रदेश के लिए उतना अच्छा होगा। यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है। सभी कलेक्टर अपने जिलों में इस कार्य को प्राथमिकता दें। मुख्य सचिव जैन ने सुशासन, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, संकल्प से समाधान, सीएम हेल्पलाइन का समय सीमा में निराकरण, कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषकों को योजनाओं का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। बैठक में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि उपस्थित रहें।
प्रयागराज में स्कॉर्पियो ने बाइक सवारों को रौंदा, 1 मौत:3 घायल, अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर हादसा
प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र में अयोध्या-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर गुरुवार को तेज रफ्तार स्कार्पियो ने बाइक को भीषण टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, चारों युवक बाइक पर बैठकर बारात में जा रहे थे। मृतक की पहचान सोरांव थाना क्षेत्र के जमुई गांव निवासी भागीरथी के पुत्र नीरज (22) के रूप में हुई है। उसके साथ बाइक पर सवार पवन कुमार पुत्र राजेंद्र, सचिन पुत्र राम शरण और दीपू पुत्र दुर्गविजय गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायल भी जमुई गांव के ही रहने वाले हैं। चारों युवक जमुई गांव से शाहबाजपुर गांव थाना मऊआइमा में आयोजित बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
प्रदेश में अब दूसरे राज्यों की हेरिटेज शराब की बिक्री ड्यूटी फ्री रखी जाएगी। इसके साथ ही एक अप्रैल से शराब की कीमतों में 20 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। डिप्टी सीएम और वित्त व वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह जानकारी विधानसभा में आबकारी नीति को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने के साथ दी है। एक अप्रैल से लागू होने वाली नीति को लेकर कहा गया है कि शराब दुकानों के नर्मदा के तट से 5 किलोमीटर की दूरी तक कोई भी शराब दुकान नहीं खुली रहेगी। पहले से लगा प्रतिबंध लागू रखा गया है। पवित्र शहरों में भी शराब दुकानों के प्रतिबंध को लागू रखा गया है। कोई भी नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। शराब दुकानों के अहाते नहीं खोले जाएंगे, उन्हें पूर्ववत बंद रखा जाएगा। शराब दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। ई-टेंडर और ई-ऑक्शन से होगी दुकानों के आवंटन की कार्रवाई अब सभी 3553 मदिरा दुकानों के आवंटन की कार्रवाई ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाएगी। ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए शराब दुकानों का आरक्षित मूल्य, वर्तमान वर्ष के मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर तय किया जाएगा। ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए शराब दुकानों के समूह बनाये जाएंगे। अधिकतम 5 शराब दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा। आरक्षित मूल्य के आधार पर जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। बैच के आधार पर तीन-चार चरण में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की कार्रवाई की जाएगी। जालसाजी की आशंकाओं को समाप्त करने के लिए सिक्योरिटी राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान, ई-बैंक गारंटी ही मान्य की जाएगी। साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (FD) मान्य नहीं होगी। शराब की ड्यूटी दरें, विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी है। दूसरे राज्यों की हेरिटेज शराब पर नहीं लगेगी ड्यूटी मदिरा के निर्माताओं को पूर्व वर्षों की तरह अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है। निर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे। देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रावधानित किया गया है। प्रदेश के जनजातीय स्व-सहायता समूहों के द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के लिए उनके राज्यों की हेरिटेज या विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने का प्रावधान किया गया।
आगरा में शादियों के सीजन के चलते गुरुवार को शहर में जाम जैसे हालात बने रहे। सबसे ज्यादा खराब स्थिति पंचकुइयां चौराहे पर देखने को मिली, जहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। चौराहे पर आड़ी-तिरछी खड़ी गाड़ियों के कारण किसी भी दिशा से निकलने की जगह नहीं बची, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बोदला चौराहे पर भी हालात बिगड़े रहे, जहां आधा किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लगी रही। लोग धीरे-धीरे रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। कई वाहन चालकों को जाम के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख मार्गों जैसे एमजी रोड, फतेहाबाद रोड और भगवान टॉकीज चौराहे पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। बारातों के निकलने से सड़कों पर दबाव बढ़ गया और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।प्रशासन द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्लान तैयार किया गया था, लेकिन यह जमीन पर फेल साबित हुआ। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जाम नहीं खुल सका। शहर में आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे आम लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। एलडीए अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐप लॉन्च करेगा। दावा है कि अगले एक साल के भीतर यह सिस्टम तैयार कर लिया जाएगा और नागरिक सीधे एआई के जरिए अपने ज्यादातर काम निपटा सकेंगे। प्राधिकरण का यह एआई ऐप LDA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। इसके जरिए आवंटन, पंजीकरण, नई आवासीय योजनाएं, फ्रीहोल्ड प्रक्रिया, दाखिल-खारिज, फीस जमा करने का तरीका, लीज प्लान, कॉस्टिंग और आवंटन पत्र जैसी जानकारियां एक क्लिक पर मिल सकेंगी। एआई चैटबोट से लोग सीधे सवाल पूछ सकेंगे और उन्हें प्रक्रिया से जुड़ी स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी मिलेगी। कई सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग की सुविधा भी जोड़ी जाएगी। गोपनीय जानकारी रहेगी सुरक्षित LDA के अधिकारियों के मुताबिक, पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ डेटा सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। किसी भी आवंटी के मकान नंबर, फोन नंबर या निजी विवरण जैसी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं की जाएगी। सिस्टम में संवेदनशील डाटा सुरक्षित रहेगा। बिचौलियों की भूमिका होगी कम अब तक छोटी-छोटी जानकारी के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में कर्मचारी, वकील या बिचौलियों पर निर्भरता बढ़ जाती थी। एआई सिस्टम लागू होने के बाद यह निर्भरता काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। नक्शा पास कराने की प्रक्रिया, विकास कार्यों की स्थिति और नई परियोजनाओं की जानकारी सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। एलडीए के ओएसडी देवांश त्रिवेदी के मुताबिक एआई सिस्टम विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। उनका कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रिया सरल होगी और लोगों का समय भी बचेगा।
टोंक में बुजुर्ग महिला की गला काट कर हत्या और पैर काटकर चांदी के कड़े ले जाने वाले 2 आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके एक साथी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। 10 साल पुराने मामले में गुरुवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महावीर महावर फैसला सुनाया। उन्होंने फैसले में लिखा- न्याय होना नहीं दिखना भी चाहिए। सबसे सुरक्षित जगह घर में बुजुर्ग महिला की हत्या हुई। उन्होंने दोनों हत्यारों पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं इस मामले में एक आरोपी अभी फरार चल रहा है। फैसले के बाद बुजुर्ग महिला का इकलौता बेटा बोला- आज अम्मी को न्याय मिल गया। एक आरोपी अब भी फरार मामला 26 जून 2016 का था। भूरी बेगम की हत्या के आरोप में मालपुरा थाना क्षेत्र की घाटी रेबारियों की बाड़ी निवासी सीताराम और रामनिवास उर्फ काल्यो को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीसरे आरोपी अम्बालाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं भीलवाड़ा जिले के हनुमान नगर थाना क्षेत्र के टिगड़गढ़ निवासी प्रभुलाल पुत्र रामस्वरूप फरार है। बेटा बोला- अन्य किसी की हत्या न कर पाएं भूरी बेगम के इकलौते बेटे ईद मोहम्मद कायमखानी ने बताया- कोर्ट पर उन्हें शुरू से विश्वास था कि एक दिन उनकी अम्मी (मां) के हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा मिलेगी। अब पुलिस से मांग करता हूं कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर उसे भी आजीवन कारावास की सजा दिलाए। ताकि ये हत्यारे बाहर रहकर किसी अन्य की हत्या न कर पाए। गला काटा, टखनों से पैर काट ले गए थे कड़े सरकारी वकील प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि दूनी थाने में साकिर हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जून 2016 को उसके चाचा रोशन खां के पुत्र ईद मोहम्मद का उसके पास फोन आया कि उसकी मां भूरी बेगम आज कुएं पर नहीं आई। तो वह घर जाकर उसे देखे। ऐसे में जब साकिर अपने चाचा के घर गया और चाची को आवाज दी तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। बाद में साकिर घर की दीवार फांदकर अंदर गया तो भूरी बेगम का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। उनका गला काटा गया था। वहीं भूरी बेगम के दोनों पैरों को टखने के पास से काटा हुआ था। उनके पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। 20 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए सरकारी वकील प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि कुछ दिनों बाद 3 आरोपियों को दूनी पुलिस ने पकड़ लिया। फिर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। बुधवार को इस मामले में आखिरी सुनवाई पूरी की। अभियोजना पक्ष की ओर से न्यायालय में 20 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए। कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा गया। गुरुवार को इसका फैसला सुनाया गया। विधि का काम अपराधियों में भय पैदा करना फैसले पर न्यायाधीश महावीर महावर ने टिप्पणी की। उन्होंने इस हत्या के निर्णय के आदेश में लिखा कि आहत (पीड़ित) को न केवल न्याय मिलना चाहिए, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी होना चाहिए। विधि का उद्देश्य समाज को सुरक्षित करना एवं अपराधियों को अपराध करने से रोकना एवं उनमें भय व्याप्त करना है। यह सही है कि मामले में सुरक्षित जगह घर के अंदर हत्या का अपराध हुआ है।
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के चिरली गांव में गुरुवार को एक 16 वर्षीय छात्रा का शव घर की ऊपरी मंजिल पर कमरे के अंदर पंखे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। 17 फरवरी को प्रयागराज से घर आई थी साढ़ थाना क्षेत्र के चिरली गांव निवासी परवेश दिवाकर की 16 वर्षीय पुत्री सेजल उर्फ काजल अपने दो भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रयागराज में रहकर यूपीएसआई की तैयारी कर रही थी। परिजनों ने बताया कि वह बीते मंगलवार को ही प्रयागराज से घर लौटी थी। गुरुवार सुबह सेजल अपनी मां विमला, जो आंगनबाड़ी सहायिका हैं, को केंद्र छोड़ने गई थी। इसके बाद वह घर लौट आई। दोपहर में ड्यूटी खत्म कर जब मां घर लौटीं तो उन्होंने बेटी को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऊपरी मंजिल के कमरे में होने की आशंका पर मां ने खिड़की से झांककर देखा। वहां सेजल का शव साड़ी के फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। कमरा अंदर से बंद था। यह देखकर मां चीख पड़ीं, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर साढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवर्ण समाज समन्वय समिति (S4) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित रेगुलेशन-2026 पर विस्तृत आपत्ति पत्र जारी किया है। समिति ने इन नियमों में संशोधन की मांग की है, जिसमें समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विधिक स्पष्टता को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। समिति ने तर्क दिया है कि रेगुलेशन के कुछ प्रावधान अस्पष्ट और अत्यधिक व्यापक हैं, जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है। संगठन ने विशेष रूप से 'उद्देश्य खंड' और 'परिभाषा खंड' में सामान्य वर्ग के स्पष्ट उल्लेख की मांग की है। यह मांग कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। इसके अतिरिक्त, सवर्ण समाज समन्वय समिति ने शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने के प्रावधान पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। समिति ने इक्विटी कमेटी के गठन और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। संगठन ने यूजीसी से मांग की है कि नियमों में स्पष्ट, सुव्यवस्थित और गैर-मनमाने प्रावधान शामिल किए जाएं, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनके सुझावों पर विचार कर आवश्यक संशोधन नहीं किए गए, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
एटीएस नोएडा यूनिट और सेक्टर-20 थाना पुलिस की टीम ने 31 सालों से फरार चल रहे खालिस्तानी आतंकी को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। अवैध हथियार रखने के मामले में साल 1993 में गौतमबुद्धनगर कोर्ट से जमानत मिलने के दो साल बाद से आरोपी फरार चल रहा था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से पंजाब के जिला कपूरथला निवासी 63 साल का सुखविंदर सिंह ढिल्लो उर्फ दयाल सिंह उर्फ राकेश शर्मा उर्फ छिंदा को 18 अप्रैल 1993 में गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के सेक्टर-20 थाना पुलिस द्वारा एके 56 और 121 कारतूस के साथ साल 1993 में गिरफ्तार किया था। इसके करीब आठ माह बाद नौ दिसंबर 1993 में न्यायालय द्वारा सुखविंदर सिंह को जमानत दे दी थी। 1995 से चल रहा था फरार16 अगस्त 1995 से लगातार आरोपी फरार चल रहा था। न्यायालय द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए गैर जमानती वारंटी भी जारी किया गया था। एटीएस की नोएडा यूनिट को सूचना मिली कि 31 सालों से फरार चल रहा आतंकी सुखविंदर सिंह ढिल्लो कपूरथला स्थित अपने मूल पते पर नहीं रह रहा है। वह पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर (एसएएस नगर) जिले के खरड़ में छिपा हुआ है। एटीएस की नोएडा यूनिट और गौतमबुद्धनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास और सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने समेत करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्त में आया आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का सक्रिय सदस्य था। 1993 में दर्ज हुआ था पहला मुकदमापुलिस के मुताबिक, कुख्यात आतंकी सुखविंदर सिंह ढिल्लो जुआ खेलने का शौक है। उसके खिलाफ पंजाब के कपूरथला में 10 मार्च 1983 को सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 1987 में कपूरथला की सिटी कोतवाली में दो बार जुआ अधिनियम के मुकदमे दर्ज हुए। इससे पता चलता है कि आरोपी को जुआ खेलने का शौक था। हत्या और हत्या के प्रयास के भी दर्ज हुए केसआतंकी सुखविंदर सिंह के खिलाफ जुआ अधिनियम का पहला मुकदमा दर्ज होने के बाद छह जनवरी 1984 को पंजाब के जालंधर में थाना नंबर-चार में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 23 जून 1984 को कपूरथला में अवैध हथियार रखने का मुकदमा दर्ज हुआ। 10 जुलाई 1985 को पंजाब के फगवाड़ा में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 19 मई 1992 में कपूरथला की सिटी कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।
दमोह में गुरुवार रात 'जन आक्रोश रथ यात्रा' पहुंची, जहां अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह यात्रा बुंदेलखंड के विकास और अलग राज्य के गठन की मांग को लेकर जनता के बीच जा रही है। बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में यह यात्रा 16 फरवरी से शुरू हुई है, जो 13 मार्च 2026 तक चलेगी। इसकी शुरुआत चित्रकूट से हुई है और समापन रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में होगा। दमोह में कार्यकर्ताओं ने याचना नहीं अब रण होगा के नारे के साथ अपना संकल्प दोहराया। मशाल जुलूस और समर्थन यात्रा जब दमोह पहुंची, तो मोर्चा के सदस्यों ने स्थानीय वकीलों से मुलाकात की। शहर के अंबेडकर चौक से गांधी चौक तक मशाल जुलूस निकालकर अलग राज्य की मांग बुलंद की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि अलग राज्य बनने से इस क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा और स्थानीय लोगों को ज्यादा फायदे मिलेंगे। वादों और राजनीति पर सवाल इस दौरान नितिन मिश्रा ने कहा कि अलग बुंदेलखंड की मांग बरसों पुरानी है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई पार्टियां सत्ता में आने से पहले तो समर्थन करती हैं, लेकिन बाद में इस मुद्दे को भूल जाती हैं। दमोह में अपना संदेश देने के बाद यह रथ यात्रा सागर की ओर रवाना हो गई। प्रमुख साथियों की मौजूदगी इस आयोजन में रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल, भगवान सिंह यादव, हनीफ खान, पंकज रावत और अंकित परिहार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और एकजुट होकर बुंदेलखंड राज्य के लिए अपनी आवाज उठाई।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी तलाश कर रही है। वहीं उन्होंने हाईकोर्ट में एसीबी की एफआईआर के खिलाफ याचिका दायर कर दी है। याचिका में सुबोध अग्रवाल ने एफआईआर रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई कर सकता है। याचिका में कहा गया है कि सुबोध अग्रवाल का पीएचईडी में 18 अप्रैल 2022 से कार्यकाल शुरू हुआ था। वहीं इससे पहले गणपति ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल की ओर से इरकॉन के फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर पूर्व आईएएस अधिकारी के कार्यकाल में ही टेंडर प्राप्त कर लिए थे। याचिका में कहा गया कि आरोपी फर्म को दिए गए 95 फीसदी वर्कऑर्डर तत्कालीन एसीएस सुधांश पंत की अध्यक्षता में बनी वित्त कमेटी ने स्वीकृत किए थे। केवल 10 फीसदी से भी कम वेल्यू के टेंडर की स्वीकृति याचिकाकर्ता के कार्यकाल में दी गई थी। लेकिन एसीबी ने इस संबंध में कोई जांच नहीं की। दोनों फर्मों को ब्लैकलिस्ट कियाएडवोकेट दीपक चौहान ने बताया- याचिकाकर्ता की अध्यक्षता में गठित वित्त कमेटी ने स्वीकृत किए गए टेंडर में एक भी पैसा दोनों फर्मों को नहीं दिया। इससे सरकार को याचिकाकर्ता के कार्यकाल में कोई आर्थिक क्षति नहीं हुई। इरकॉन से ईमेल आते ही याचिकाकर्ता ने हाईलेवल कमेटी का गठन किया। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही याचिकाकर्ता के कार्यकाल में दोनों फर्म का टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया और अधिकारी विशाल सक्सेना पर भी कानूनी कार्रवाई की भी गई। एसीबी की ओर से विशाल सक्सेना के बयानों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि याचिकाकर्ता ने विशाल सक्सेना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके चलते वह याचिकाकर्ता से ईर्ष्या रखता है।
लखनऊ में अगले महीने धीरेंद्र शास्त्री का दिव्य दरबार नहीं सजेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का मैदान आवंटित किया था। अब गुरुवार, 19 जनवरी को LDA ने आयोजकों को पत्र लिखकर अपरिहार्य कारणों से जमीन देने से मना कर दिया है। दरअसल, 14 मार्च से 18 मार्च तक प्रेरणा स्थल में धार्मिक दरबार आयोजित करने के लिए हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने एलडीए से मैदान आवंटन का आवेदन किया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही थी। पुलिस से NOC नहीं मिली सूत्रों के मुताबिक, पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के चलते LDA ने यह कदम उठाया। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर स्पष्ट अनुमति न मिलने के कारण प्राधिकरण ने आवंटन आदेश निरस्त कर दिया। कार्यक्रम को लेकर आयोजकों ने पहले सोशल मीडिया पर तैयारियां शुरू कर दी थीं। धीरेन शास्त्री महाराज ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए भक्तों को मार्च में लखनऊ आगमन की जानकारी भी दी थी। हालांकि अब आवंटन निरस्त होने के बाद कार्यक्रम पर विराम लग गया है। बताया जा रहा है कि जब तक पुलिस और प्रशासन से आवश्यक अनुमतियां नहीं मिलती, तब तक किसी भी बड़े आयोजन के लिए सार्वजनिक स्थल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। फिलहाल, आयोजकों की ओर से आगे की रणनीति पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। खबर अपडेट की जा रही है…
गाज़ियाबाद में शाम होते ही भीषण जाम लग गया।अलग-अलग स्थानों पर वाहन चालक जाम में जूझते रहे। पुलिस लाइन रोड पर भी हापुड चुंगी पर आधा किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। लालकुआं और इंदिरापुरम का भी यही हाल रहा। शहर में शाम होते ही लगातार जाम समस्या बन रही है। सुबह भी लगा था जाम गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में आज सुबह भारी ट्रैफिक जाम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई, निहो सोसायटी, कनावनी पुस्ता रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम इतना भीषण है कि वाहन रेंगते रहे। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें और स्थानीय निवासी घंटों से फंसे रहे। लोगों का कहना है कि मौके पर न तो ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौजूद हैं और न ही स्थानीय पुलिस, जिसके कारण स्थिति और बिगड़ती जा रही है। रात में फिर जाम लगा रात में 8 बजे के बाद फिर शहर में जाम की स्थिति बन गई, जहां पुलिस लाइन रोड पर अलग-अलग स्थानों पर वाहन रेंगते रहे। जाम के चलते आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाजियाबाद में ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी 2 शिफ्ट में रहती है। सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे और तो फिर दूसरी शिफ्ट तो फिर 2 बजे से रात 9 बजे तक रहती है
संभल के निर्माणाधीन श्रीकल्कि धाम के तीसरे स्थापना दिवस पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् को 'जगद्गुरु' की उपाधि से सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने इसकी घोषणा की। श्रीकल्कि धाम की आधारशिला 19 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। उक्त कार्यक्रम दोपहर 01 बजे शुरू हुआ और शाम 06 बजे संपन्न हुआ है। घोषणा गुरुवार को थाना ऐंचौड़ा कम्बोह गांव में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। आनंद पीठाधीश्वर बालकानंद के प्रस्ताव पर महंत रवींद्र पुरी महाराज ने आचार्य प्रमोद कृष्णम् को जगद्गुरु घोषित करते हुए चादर ओढ़ाकर उनका अभिषेक किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के आह्वान पर महामंडलेश्वर स्वामी विरजानंद गिरी महाराज ने निरंजनी अखाड़े की ओर से चादर विधि संपन्न की। यह स्थापना दिवस फूलों की होली के साथ मनाया गया। पहले 3 देखिए तस्वीरें… इस अवसर पर 28 अप्रैल को कल्कि जयंती मनाने की भी घोषणा की गई। बताया गया कि इस आयोजन में 13 अखाड़े उपस्थित रहेंगे। जगद्गुरु की उपाधि मिलने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने अखाड़ा परिषद और उसके अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह सनातन, कल्कि धाम और भारत के लिए सनातन के सेवक के रूप में काम करना चाहते हैं। आचार्य कृष्णम् ने स्वयं को 'जगत का सेवक' और 'सनातन का सेवक' बताया। आचार्य कृष्णम् ने बटुकों के सम्मान की परंपरा को अच्छी बताया और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के विचारों से सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों की शिखाओं से खिलवाड़ करना या किसी समुदाय को अपमानित करना उचित नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनका निशाना योगी आदित्यनाथ हैं, जिन्हें 10 साल से धमकियां मिल रही हैं और वे किसी धमकी से नहीं डरते। आचार्य कृष्णम् ने कहा कि जिसे कूच करना है वह कूच करे, कूच करने से योगी जी डरते नहीं हैं। जितना कूच करेंगे, उतनी ही योगी जी की पूंछ बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज सनातन और सत्य के साथ खड़ा है। संत समाज सनातन को तोड़ने वाली साजिशों और लोगों का साथ नहीं देगा। कार्यक्रम में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया, आरएसएस के जिला प्रचारक संजीव, विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री गौरव प्रताप, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह, बीएसए अलका शर्मा, स्वामी सत्यानंद के अलावा गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा और यूपी के अलग-अलग शहरों से श्रद्धालु पहुंचे।
आगरा में चलती कार में लगी आग:चालक ने कूदकर बचाई जान, वर्कशॉप में गाड़ी सर्विस के लिए जा रही थी
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में गुरुवार को एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना में कार पूरी तरह जलकर राख हो गई, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते बाहर कूदकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, जलती कार रेनॉल्ट कीगर थी। वाहन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते मालिक इसे शोरूम ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चालक ने तुरंत गाड़ी रोकी और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि कार तीन साल पहले खरीदी गई थी और उसे वर्कशॉप दिखाने ले जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में आग की लपटें पूरी कार को अपनी चपेट में ले चुकी थीं। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। घटना के चलते सड़क पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कार को बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित 'कृष्णा कुंज विलास' सोसायटी का विवाद बढ़ गया है। जहां एक तरफ जेडीए उपायुक्त जोन-7 ने 20 महीने से काबिज कार्यकारिणी को हटाकर 1 मार्च तक चुनाव कराने का आदेश सुनाया था। वहीं अब जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले में महत्वपूर्ण अपील 20 जून 2023 से जेडीए में लंबित थी। आरोप है कि उपायुक्त जोन-7 को इस लंबित अपील की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपील पर निर्णय होने का इंतजार करने के बजाय आनन-फानन में कार्यकारिणी को हटाने और चुनाव कराने का निर्णय लिया। जानकारों का मानना है कि यदि चुनाव हो जाते तो पुरानी अपील का औचित्य अपने आप ही समाप्त हो जाता। इसी 'जल्दबाजी' को आधार बनाकर अपीलार्थी प्रकाश मिश्रा ने आयुक्त न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जेडीए आयुक्त ने 7 दिन में फाइल हाजिर करने का दिया आदेशजेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने न केवल उपायुक्त के चुनावी आदेशों पर स्टे दिया, बल्कि 'तलाश पत्र' पर भी जवाब तलब किया है। आयुक्त के आदेश की मुख्य बातें: मामले में अगली सुनवाई 24 फरवरी को है।
हेतिमपुर टोल प्लाजा डीड में 2.79 करोड़ की स्टाम्प चोरी:एनएचएआई और इंदौर की फर्म पर मुकदमा दर्ज
देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र स्थित हेतिमपुर टोल प्लाजा की टोल वसूली डीड में 2.79 करोड़ रुपये की स्टाम्प चोरी का मामला सामने आया है। टोल वसूली करने वाली इंदौर की फर्म और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बीच हुए अनुबंध में यह अनियमितता पकड़ी गई है। सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) अजय धर्मराज सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया है। यह टोल प्लाजा गोरखपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे-28 पर स्थित है। टोल वसूली के लिए मेसर्स हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर और एनएचएआई के बीच 10 सितंबर 2025 को एक वर्ष का अनुबंध हुआ था। यह अनुबंध 18 अक्टूबर 2025 से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। अनुबंध के अनुसार, कंपनी को एक वर्ष में एनएचएआई को 59 करोड़ 77 लाख 77 हजार रुपये का शुल्क अदा करना है। जांच में खुलासा हुआ कि लगभग 60 करोड़ रुपये के इस अनुबंध की डीड मात्र 100 रुपये के स्टाम्प पर तैयार की गई थी। जबकि निबंधन विभाग के नियमानुसार, इसका विधिवत पंजीकरण कराने पर 2 करोड़ 79 लाख 11 हजार रुपये का स्टाम्प शुल्क देय था। आरोप है कि कंपनी ने दो प्रतिशत स्टाम्प शुल्क और दो प्रतिशत विकास शुल्क का भुगतान नहीं किया। इस मामले में अनुबंध से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) अजय धर्मराज सिंह ने बताया कि प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान यह अनियमितता सामने आई। उन्होंने यह भी बताया कि डीड के अभिलेख प्राप्त करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। कुल 2.79 करोड़ रुपये की स्टाम्प चोरी का यह मुकदमा जिलाधिकारी के समक्ष दाखिल किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में भी इसी टोल प्लाजा से संबंधित एक अन्य अनुबंध में 1.96 करोड़ रुपये की स्टाम्प चोरी का मामला पकड़ा गया था। वहीं, एनएचएआई गोरखपुर के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने इस संबंध में कहा कि टोल वसूली से संबंधित डीड दिल्ली स्थित कार्यालय में निष्पादित होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्टाम्प शुल्क में कोई कमी पाई गई है, तो संबंधित विभाग अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
सिसाना में खड़े डीजे बोलेरो को ट्रक ने मारी टक्कर:13 वर्षीय बच्चा गंभीर घायल, मेरठ रेफर किया गया
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के सिसाना गांव में देर शाम एक सड़क हादसा हुआ। यहां कृष्णपाल के मकान के पास खड़ी डीजे बोलेरो को बड़ौत की ओर से आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के पास खड़ी एक अन्य कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसी दौरान साइकिल से गुजर रहा 13 वर्षीय बालक कानी, पुत्र लोकेश, निवासी सिसाना, भी हादसे की चपेट में आ गया। दुर्घटना में बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में चोटें आईं, नाक से खून बहने लगा, साथ ही पैर, चेहरे और कमर पर भी खरोंच के निशान मिले। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बागपत पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल बागपत भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज, मेरठ रेफर कर दिया। पुलिस अज्ञात ट्रक की तलाश कर रही है और मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत बालाघाट जिले के 250 वरिष्ठ नागरिकों का जत्था गुरुवार शाम रामेश्वरम और मदुरई की धार्मिक यात्रा के लिए रवाना हुआ। यह विशेष ट्रेन जबलपुर से चलकर नैनपुर होते हुए शाम 7:07 बजे बालाघाट रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां से यात्रियों को गंतव्य के लिए विदा किया गया। प्रशासन ने किया यात्रियों का स्वागत तीर्थयात्रियों की रवानगी के अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी स्टेशन पर मौजूद रहे। अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे और संयुक्त कलेक्टर राहुल ने सभी तीर्थयात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया और उनकी सुखद यात्रा की कामना की। अधिकारियों ने ट्रेन में व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया ताकि बुजुर्गों को सफर के दौरान कोई असुविधा न हो। बुजुर्गों के खिले चेहरे, सरकार का जताया आभार यात्रा को लेकर बुजुर्गों में भारी उत्साह देखा गया। बालाघाट निवासी 75 वर्षीय एन.पी. बनवाले ने सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना उन बुजुर्गों के लिए वरदान है जो आर्थिक कारणों से तीर्थयात्रा नहीं कर पाते थे। एक अन्य महिला यात्री ने भावुक होकर इस पहल की प्रशंसा की और इसे जीवन का एक बड़ा अवसर बताया। यह है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के उन वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) को निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराना है जो आयकरदाता नहीं हैं। योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को यात्रा, भोजन, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाएं शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इस बार की यात्रा में रामेश्वरम और मदुरई जैसे दक्षिण भारत के प्रमुख धामों को जोड़ा गया है। देखें तस्वीरें…
नीमच के हनुमंतिया व्यास में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी गाड़ी चोरी की रिपोर्ट लिखवाई और पुलिस जांच में उसका अपना ही 19 साल का बेटा चोर निकला। फरियादी जितेंद्र नागदा ने कुछ दिनों पहले थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके घर से ट्रैक्टर, कार और बाइक चोरी हो गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बेटे के दोस्तों पर शक जताया था। इस शिकायत पर थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान ने मामले की जांच शुरू की। पूछताछ में बेटे ने बताई सच्चाई पुलिस को जांच के दौरान जितेंद्र के बेटे दीपेश पर शक हुआ, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती बरतने पर दीपेश ने सच उगल दिया और माना कि चोरी की पूरी साजिश उसी ने रची थी। दो दोस्तों के साथ मिलकर की चोरी दीपेश ने पुलिस को बताया कि उसने बरखेड़ा सिंधिया के सतीश और दोबद के योगेश के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से चोरी का ट्रैक्टर और कार बरामद कर ली है। 23 फरवरी तक रिमांड पर आरोपी पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बेटे ने अपने ही घर में चोरी क्यों की और इसके पीछे असली वजह क्या थी।
करीब 110 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपों से घिरे एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत समूह की 7.30 करोड़ रुप ये मूल्य की तीन अचल और एक चल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है। यह कार्रवाई एम/एस एनी बुलियन ट्रेडर्स और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। दो राज्यों के 3 शहरों में संपत्तियां अटैचईडी द्वारा अटैच की गई अचल संपत्तियां एनी ग्रुप की कंपनी एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। इनमें जमीन और भवन शामिल हैं, जो लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित हैं। इसके अलावा एक फिक्स्ड डिपॉजिट को भी चल संपत्ति के रूप में अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाए गए रुपयों से खरीदी गई थीं। 110 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर और शिकायतों के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अजीत कुमार गुप्ता और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं ने जनता को भारी मुनाफे का झांसा देकर करीब 110 करोड़ रुपये की ठगी की। निवेशकों को विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया और बाद में उनकी रकम हड़प ली गई। जांच में सामने आया कि निवेशकों से एकत्रित धन को एनी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों और ‘आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी’ के माध्यम से घुमाया गया। यह सोसायटी भी अजीत कुमार गुप्ता के नियंत्रण में बताई गई है। इसी धन से एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है 9.1 करोड़ रुपए की कुर्कीईडी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी मामले में अजीत कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी आईएफएस अधिकारी निहारिका सिंह और एनी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों की 9.1 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां अटैच की गई थीं। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक इस प्रकरण में कुल 16.4 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। ईडी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी अन्य संपत्तियों और लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है, ताकि निवेशकों के धन के दुरुपयोग की पूरी कड़ियां सामने लाई जा सकें।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने राजस्थान विधानसभा में कहा- राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सबमिट में 35 लाख करोड़ रुपए के MoU में से 8 लाख करोड़ रुपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है। साथ ही HPCL पचपदरा रिफाइनरी के डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स को भी गति दी गई है। पेट्रो जोन में 50 से अधिक उत्पाद निर्माण की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि अलवर में 2200 करोड़ रुपए का निवेश, जयपुर में डाटा सेंटर और मेडिकल संस्थान, धौलपुर, जोधपुर और सीकर में नई औद्योगिक इकाइयां शुरू हो रही हैं। सरकार घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार बढ़ाने के लिए नीतियों को तेजी से धरातल पर उतार रही है। औद्योगिक कॉरिडोर, नई औद्योगिक नीतियों, MSME प्रोत्साहन और राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सबमिट के निवेश के जरिए राज्य को देश का प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने गुरुवार को उद्योग, निवेश, खेल और युवा सशक्तीकरण पर चर्चा के दौरान राज्य सरकार की कार्यशैली को नीति भी स्पष्ट, नीयत भी साफ परिणाम देता राजस्थान बताया। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म, रिजॉल्व मंत्र और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान ने विकास को कागजों से निकालकर क्रियान्वयन तक पहुंचाया है। राज्य में निवेश का मजबूत आधार तैयार किया गया है। राजस्थान आज देश के बड़े औद्योगिक नेटवर्क का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा- दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पांच नोड, जामनगर-अमृतसर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 640 किमी हिस्सा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 370 किलोमीटर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लगभग 500 किमी हिस्से से राज्य को बड़ा लाभ मिल रहा है। लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की लागत वाली यह अवसंरचना भविष्य की औद्योगिक रीढ़ साबित होगी। दो वर्षों में 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- RIPS 2024 लागू करते समय स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे उद्योगों को तेजी मिली। उन्होंने बताया- जहां पिछली सरकार के अंतिम दो वर्षों में 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया था। वहीं वर्तमान सरकार ने दो सालों में 1600 करोड़ रुपए से अधिक बांटे। MSME पॉलिसी 2024 के तहत उद्योगों को 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान और 2 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। सिंगल विंडो सिस्टम की सेवाएं 88 से बढ़ाकर 181 कर दी गई हैं। अलवर में 2200 करोड़ का निवेश होगा शुरूमंत्री ने कहा- सरकार ने 30 हजार स्वरोजगार आवेदन प्राप्त किए हैं। एक लाख नए उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। खेल क्षेत्र में 1786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी गई और 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिली। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि शूटिंग में 32 स्वर्ण पदकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया।
बरेली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने जल जीवन मिशन की प्रगति जांची। जल निगम (ग्रामीण) की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने बताया कि जिले में 876 पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से 403 जलाशयों (टंकियों) का निर्माण पूरा हो चुका है। जिले के 1805 गांवों के लक्ष्य के मुकाबले फिलहाल 1211 गांवों में नियमित पानी की सप्लाई दी जा रही है। 8300 किलोमीटर से ज्यादा बिछी पाइपलाइनबैठक में आंकड़े पेश करते हुए बताया गया कि जिले में 8629 किमी पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 8346 किमी का काम पूरा हो गया है। कनेक्शन की बात करें तो 4,81,138 घरों के लक्ष्य के मुकाबले 4,75,996 घरों में पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का काम 90% से ज्यादा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता पर पूरा कर संचालन शुरू करें। 22 मार्च तक 'जल अर्पण' करने की डेडलाइनडीएम ने सख्त निर्देश दिए कि 260 पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए साप्ताहिक लक्ष्य तय करें और अतिरिक्त लेबर व फिटर लगाकर काम जल्द खत्म करें। उन्होंने कहा कि 22 मार्च तक पूर्ण योजनाओं का 'जल अर्पण' कार्यक्रम होना है, इसलिए इसकी पूरी प्लानिंग अभी से तैयार कर लें। जिन गांवों में काम पूरा हो गया है, उनकी तहसीलवार सूची मांगी गई है ताकि भौतिक सत्यापन कराया जा सके। नोडल अफसरों की होगी तैनाती, एजेंसी से मांगा स्टाफ का ब्यौरा80% से अधिक प्रगति वाली योजनाओं के सुपरविजन के लिए अब नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। डीएम ने कार्यदायी संस्था M/S NCC Ltd. को ब्लॉकवार और प्रोजेक्टवार अपने स्टाफ की लिस्ट देने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, जल निगम के अभियंता और थर्ड पार्टी एजेंसी के पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
गोमतीनगर स्थित कार्यालय में मंजुश्री संस्था ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान संस्था ने 20 फरवरी 2026 को शाम 6:30 बजे संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में एक काव्यात्मक नाट्य मंचन की घोषणा की। नाट्य निर्देशक शैलेश श्रीवास्तव ने बताया कि यह नाटक पूज्य गुरु गोविंद सिंह की प्रसिद्ध पंक्ति 'पुर्जा-पुर्जा कट मरे' पर आधारित है। नाटक की रूपरेखा महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद और कविवर गोपाल दास नीरज की कविताओं से प्रेरित है।नाटक में राष्ट्र के लिए समर्पण, त्याग और बलिदान की भावना को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसके साथ ही, एक नारी के संघर्ष, उसके लक्ष्य और उसे हासिल करने की जद्दोजहद को भी प्रभावी ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। नाटक की प्रशिक्षण झलक पेश की कार्यक्रम संयोजक विवेक शुक्ला ने जानकारी दी कि मंजुश्री संस्था पिछले 40 वर्षों से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। संस्था अब तक विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर 40 नाटकों का निर्माण कर चुकी है और इनके 100 से अधिक मंचन किए जा चुके हैं। संस्था का उद्देश्य कला और साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करना है। प्रेस वार्ता के दौरान आगामी नाटक की प्रशिक्षण झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसकी मौजूद लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
पाली में रसद विभाग की टीम ने गुरुवार को सोजत और सांडिया गांव कार्रवाई की। सोजत में अवैध रूप से गैस सिलेंडर रिफिलिंग और सांडिया में होटल पर घरेलू गैस सिलेंडर का दुरुपयोग पकड़ा। मौके से गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए।जिला रसद अधिकारी कमल कुमार पंवार ने बताया कि गुरुवार 19 फरवरी को जिले के 10 प्रतिष्ठानों और शॉप की जांच की। इस दौरान सोजत में जगदम्बा टी स्टॉल एवं मेहंदी सेंटर मोड भटटा में अवैध रिफिलिंग पाई गई। मौके से 03 घरेलू गैस सिलेण्डर एवं 1 गैस भरने की नली जब्त की गई। इसी तरह जम्मू पंजाब होटल सांडिया (सोजत) में घरेलू गैस सिलेण्डरों का व्यावसायिक दुरुपयोग पकड़ा। मौके से 03 घरेलू गैस सिलेण्डर, 01 भट्टी जब्त की गई। दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिला रसद अधिकारी कमल कुमार पंवार ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों के दुरुपयोग/अवैध रिफिलिंग के विरुद्ध संचालित प्रतिष्ठानों, दुकानों, गोदामों एवं गैस एजेंसियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान संयुक्त जांच दल में प्रवर्तन अधिकारी जितेन्द्र सिंह आशिया एवं प्रवर्तन निरीक्षक भरत कुमार भी उपस्थित रहे।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत पानीपत जिला प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए दो सगी बहनों को बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ने से बचा लिया। यह कार्रवाई बरसात रोड स्थित सचदेवा गार्डन में की गई, जहां विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने समाज को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बाल विवाह बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन है। कोई भी सामाजिक या आर्थिक मजबूरी कानून से ऊपर नहीं है। प्रशासन ऐसी कुरीतियों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपना रहा है गोपनीय सूचना पर हुई छापेमारी जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी को संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता को एक सूचना मिली थी कि सचदेवा गार्डन में कुछ नाबालिग लड़कियों की शादी करवाई जा रही है। सूचना मिलते ही उन्होंने टीम के साथ गार्डन का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि 19 से 22 फरवरी के बीच वहां कुल 6 शादियों की बुकिंग थी। दस्तावेजों में खुला उम्र का राज जब टीम ने शादी वाले परिवारों के दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की, तो होश उड़ाने वाला खुलासा हुआ। एक ही परिवार की दो सगी बहनें, जिनकी शादी की तैयारी चल रही थी, नाबालिग पाई गईं। बड़ी बहन की उम्र 17 वर्ष और छोटी बहन की उम्र मात्र 15 वर्ष मिली। कानूनी रूप से लड़की की शादी के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, जिसके चलते प्रशासन ने तुरंत शादी रुकवा दी। अदालत ने परिजनों से लिया लिखित आश्वासन मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हिमानी गिल की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए परिजनों को कानूनी परिणामों से अवगत कराया। इसके बाद, बेटियों के माता-पिता ने कोर्ट में लिखित हलफनामा दिया कि वे भविष्य में कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे और अपनी बेटियों की शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही करेंगे। अधिकारियों की सख्त चेतावनी इसके साथ ही, गार्डन संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी विवाह समारोह की बुकिंग से पहले दूल्हा और दुल्हन के आयु प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र) की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के विरुद्ध भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सीमित साधनों के दौर में शिवाजी महाराज ने जिस तरह प्राकृतिक संसाधनों के सहारे एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक तालमेल बनाए रखा, वह अद्भुत था। शिवाजी हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते थे। आज जरूरत है कि हम उनके जीवन मूल्यों को अपने जीवन में उतारें। अनुशासन, सामंजस्य और सुशासन उनकी पहचान थी। अगर हम राष्ट्रहित में कार्य करेंगे तो समाज और आने वाली पीढ़ियां स्वतः सशक्त होंगी। यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मोत्सव समारोह में कही। कार्यक्रम का आयोजन भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर स्थित कलामंडलम हॉल में मराठी समाज उत्तर प्रदेश की ओर से किया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रभक्ति की झलक देखने को मिली।समारोह में 'जय शिवाजी, जय भवानी' के नारे लगे। ‘भारतीयों को आंख में आंख डाल बात करने का साहस दिया’ पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने कहा कि शिवाजी महाराज ने भारतीयों को सिर ऊंचा कर और आंख में आंख डालकर बात करने का साहस दिया। उन्होंने ‘रूलर्स ऑफ इंडिया’ में जन्मतिथि 1627 और अन्य स्थानों पर 1630 का उल्लेख होने की चर्चा की, लेकिन 1680 में उनके स्वर्गवास तक उन्होंने जिस बड़े साम्राज्य को चुनौती दी, वह असाधारण था। उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए कहा कि हजारों साल में एक शिवाजी जन्म लेते हैं और भारतवर्ष उनका ऋणी है। हिंदवी समाज की स्थापना करना ऐतिहासिक कार्य था डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने 'जय शिवाजी, जय भवानी' के उद्घोष के साथ कहा कि शिवाजी का नाम लेते ही ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीकृत सत्ता और अत्याचार के दौर में हिंदवी समाज की स्थापना करना ऐतिहासिक कार्य था। पारदर्शी प्रशासन, सुरक्षा पर जोर, नारी सम्मान और सभी धर्मों के प्रति आदर—ये उनके शासन के उच्च मानदंड थे, जिन्हें आज भी अपनाने की जरूरत है।
उमरिया के बिलासपुर गांव में गुरुवार को घर के आंगन में खेल रहे छह माह के मासूम बच्चे पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चे के चेहरे पर गंभीर चोट आई हैं, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल उमरिया में भर्ती कराया गया है। आंगन में खेलते समय किया हमला जानकारी के अनुसार, छह माह का मासूम आर्यन अपने घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान एक कुत्ते ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया और चेहरे को बुरी तरह काट लिया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर परिजन दौड़कर बाहर आए और उसे कुत्ते से छुड़ाया। हमले के कारण मासूम का चेहरा लहूलुहान हो गया था। चंदिया से उमरिया रेफर किया परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी और बच्चे को चंदिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उमरिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में बच्चे का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने बताया कि बच्चे के चेहरे पर कुत्ते के दांतों के गहरे घाव हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम बच्चे की निगरानी कर रही है। राहत की बात यह है कि उपचार के बाद बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है।
मंदसौर जिले के ग्राम पंचायत बडावत के ग्राम कोचवी में श्मशान घाट स्थित एक कुएं में गुरुवार को एक लापता युवती का शव मिला है। युवती दो दिन पहले बकरियां चराने के लिए घर से निकली थी और तब से वापस नहीं लौटी थी। सूचना मिलने पर वायडी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मंदसौर जिला अस्पताल भिजवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को गांव के लोगों ने श्मशान घाट के पास स्थित कुएं में एक चप्पल तैरती हुई देखी। कुएं के पास ही बकरियां चराने में उपयोग की जाने वाली एक लकड़ी भी पड़ी हुई थी। संदेह होने पर जब ग्रामीणों ने कुएं के अंदर झांककर देखा तो उन्हें अंदर लाश दिखाई दी। इसके बाद तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी गई। दो दिन पहले घर से निकली थी, नहीं हो पाई थी FIR प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका अल्फिया (पिता सत्तार) दो दिन पूर्व बकरियां चराने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार में कोई जिम्मेदार सदस्य मौजूद न होने के कारण उसकी मां समय पर थाने पहुंचकर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं करा पाई। परिजनों और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। एक साल पहले हुआ था तलाक, एक छोटी बच्ची भी है पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, अल्फिया शादीशुदा थी। करीब एक वर्ष पूर्व ही उसका तलाक हो चुका था। मृतका की एक छोटी बच्ची भी है, जो मां के इस तरह अचानक निधन के बाद अब बेसहारा हो गई है। सरपंच प्रतिनिधि ने जताई शंका, निष्पक्ष जांच की मांग ग्राम पंचायत बडावत के सरपंच प्रतिनिधि फारूख अजमेरी ने इस घटना को संदिग्ध बताया है। उन्होंने कहा कि बालिका दो दिन से लापता थी, ऐसे में यह साधारण दुर्घटना प्रतीत नहीं होती। उन्होंने आशंका जताई है कि मृतका के साथ कोई गंभीर घटना हुई हो सकती है। सरपंच प्रतिनिधि ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
अयोध्या कोतवाली पुलिस ने फर्जी एसटीएफ अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। उस पर जमीन बैनामे का पैसा वापस दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान सुल्तानपुर के रहने वाले अजय कुमार सिंह (52) के रूप में हुई है। उसे रानोपाली मार्ग स्थित उदासीन आश्रम के पास से पकड़ा गया है। उसके पास से सफारी कार और यूपी पुलिस का पहचान पत्र बरामद हुआ है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर जाल में फंसाया पुलिस के अनुसार- आरोपी ने 26 से 29 दिसंबर 2025 के बीच स्वयं को एसटीएफ अधिकारी बताकर और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर जमीन बैनामे का पैसा वापस दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान अलग-अलग तिथियों में कुल 4 लाख रुपये ठग लिए गए। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक सफारी कार (UP 16 EU 7618) और एसटीएफ का फर्जी पहचान पत्र बरामद कर जब्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी से संबंधित एक अन्य मुकदमा थाना तारुन में पहले से दर्ज होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। प्रकरण में संबंधित धाराओं के तहत आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघों का एक परिवार और एक भालू देखने को मिला। इन वन्यजीवों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो पीलीभीत के जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी को दर्शाते हैं। वायरल हुए एक वीडियो में, बाघों का एक परिवार पर्यटकों की जिप्सी के सामने कच्ची सड़क पर आ गया। वीडियो में एक बाघ धीमी गति से सड़क पार करता दिख रहा है। इस दौरान सफारी गाड़ी में सवार पर्यटकों ने इस दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। एक अन्य वीडियो में, जंगल के एक हिस्से में एक भालू को मस्ती करते देखा गया। भालू पर्यटकों की उपस्थिति से अप्रभावित होकर अपनी गतिविधियों में व्यस्त रहा। वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक ही सफारी में बाघ और भालू दोनों के दर्शन दुर्लभ माने जाते हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही तेजी से वायरल हो गए। लोग पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव-विविधता की सराहना कर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघों की बढ़ती संख्या और बेहतर होते पारिस्थितिकी तंत्र के कारण अब यहां वन्यजीवों का दिखना आसान हो गया है।
बुरहानपुर जिले में गिद्धों की गणना 20 फरवरी से शुरू होगी, जो 22 फरवरी तक चलेगी। वन विभाग द्वारा यह गणना गिद्धों की घटती संख्या और उनके संरक्षण के प्रयासों के तहत की जा रही है। मध्य प्रदेश में अब केवल 2 से 3 प्रतिशत गिद्ध ही बचे हैं, जो पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है। इस गणना के लिए वन विभाग ने गुरुवार शाम परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में वनकर्मियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला और प्रशिक्षण का आयोजन किया। इसमें बुरहानपुर डीएफओ विद्याभूषण सिंह, एसडीओ अजय सागर, रेंजर लक्ष सोलंकी और हरीश राठौर सहित अन्य वन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। बुरहानपुर एसडीओ अजय सागर ने बताया कि 20 से 22 फरवरी तक तीन दिनों तक जिले के हर वन क्षेत्र में बीट गार्ड द्वारा मोबाइल ऐप 'ईपी कलेक्ट 5' के माध्यम से गिद्ध गणना की जाएगी। इस ऐप में गिद्धों की प्रजाति, संख्या और उनकी लोकेशन दर्ज की जाएगी, जिसका डेटा सीधे भोपाल में देखा जा सकेगा। लगभग छह महीने पहले भी जिले में गिद्ध गणना हुई थी, लेकिन तब गिद्ध नहीं मिले थे। हालांकि, असीरगढ़ सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में उनके निशान जरूर मिले थे। पहले गणना की एंट्री कागजों पर होती थी, लेकिन अब यह ऐप के जरिए की जाएगी। एसडीओ अजय सागर के अनुसार, 1990 के बाद से गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण 'डाइक्लोफेनाक सोडियम' नामक दवा थी, जो पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं को दी जाती थी। जब इन पशुओं की मृत्यु होती थी और गिद्ध उनका मांस खाते थे, तो इस दवा के कारण उनकी किडनी फेल हो जाती थी। इस दवा के कारण बड़े पैमाने पर गिद्ध विलुप्त होते गए। अब 'डाइक्लोफेनाक सोडियम' दवा का पशुओं को दिया जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। वन विभाग इस सर्वे के माध्यम से गिद्धों के संरक्षण के प्रयासों की शुरुआत कर रहा है, क्योंकि ये पक्षी पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं। वन अपराध, कोर्ट केस पर चर्चावन मंडल बुरहानपुर के तहत वन अपराध अन्वेषण, न्यायालयीन प्रक्रिया, वन विधि और गिद्ध गणना पर कार्यशाला में प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गई। डीएफओ विद्या भूषण सिंह ने वन अपराध अन्वेषण, न्यायालयीन प्रक्रिया, वन विधि विषय पर प्रशिक्षण दिया। साथ ही वन अपराध अन्वेषण की बारीकियों पर शाहपुर टीआई अखिलेश मिश्रा ने बात रखी। एडीपीओ ने वन अपराधों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के बारे में बताया।यह रहे मौजूदकार्यशाला में नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया, शाहपुर रेंजर श्यामलता मरावी, बोदरली रेंजर लखनलाल वास्कले, खकनार रेंजर रितेश उईके, असीरगढ़ रेंजर धर्मेंद्र सिंह राठौर, धूलकोट रेंजर मनोज वास्कले, नेपानगर के प्रभारी रेंजर व ट्रेनी आईएफएस अजय गुप्ता, नावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन सहित काफी संख्या में वनकर्मी मौजूद थे।
कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली वन परिक्षेत्र में बाघ के हमले में एक नर तेंदुए की मौत हो गई। गुरुवार को बीट लांघादादर के कक्ष क्रमांक 632 के पास गश्ती दल को तेंदुए का शव मिला। बाघ की मौजूदगी के मिले साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे इलाके की सघन तलाशी ली गई। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास बाघ के पदचिह्न और अन्य साक्ष्य मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि यहां बाघ और तेंदुए के बीच संघर्ष हुआ था। पोस्टमार्टम में हुई पुष्टि तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, तेंदुए के सिर पर बाघ के दांतों के गहरे निशान पाए गए हैं, जो उसकी मृत्यु का मुख्य कारण बने। शव के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। नियमों के तहत किया अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए प्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेंदुए के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह वन्यजीवों के बीच होने वाला एक प्राकृतिक संघर्ष है, जो अक्सर क्षेत्र के वर्चस्व को लेकर होता है।
इंदौर के चिकमंगलूर चौराहे के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अचानक एक कपड़े की दुकान में जा घुसी। स्कॉर्पियो ने सड़क पर खड़े दोपहिया वाहनों को भी टक्कर मार दी। हादसे के बाद लोगों ने कार को वहां से हटवाया। वहीं घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। यह घटना एमजी रोड थाना क्षेत्र के नगर निगम रोड के पास की है। यहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार श्री साईराम जींस होम नाम की दुकान में जा घुसी। इस दौरान कार ने सड़क पर खड़े दोपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। बताया जाता है कि फुटपाथ पर दो युवक खड़े थे, जो इस कार की चपेट में आने से घायल हो गए। पुलिस ने कार जब्त की हालांकि, पुलिस मौके पर पहुंच गई है। कार को जब्त कर थाने ले जाया गया है। कार चालक के मुताबिक, ब्रेक की जगह गलती से एक्सीलेटर पर पैर पड़ गया, जिससे दोपहिया वाहन चालक को बचाने के प्रयास में हादसा हो गया। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार तेज रफ्तार में थी और उन्होंने चालक के नशे में होने का आरोप लगाया है।
चंडीगढ़ में वर्ष 2024 में हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चंडीगढ़ पुलिस ने कांग्रेस विधायक परगट सिंह और पार्टी के 14 अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। यह मामला 20 फरवरी 2024 को सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। अब अदालत तय करेगी कि एफआईआर को रद्द किया जाए या नहीं। इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 188, 186, 332 और 352 के तहत दर्ज की गई थी। आरोप था कि नेताओं और समर्थकों ने जिला मजिस्ट्रेट, चंडीगढ़ द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और पुलिस के साथ हाथापाई की, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। कांग्रेस नेताओं ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ कथित बल प्रयोग का विरोध करते हुए यह प्रदर्शन आयोजित किया था। पार्टी कार्यकर्ता हरियाणा मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ रहे थे। एफआईआर एएसआई करन सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी। उन्होंने बयान दिया था कि वह हरियाणा सीएम हाउस के सामने ड्यूटी पर तैनात थे। उनके अनुसार, झंडे लेकर आए लोगों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इन नेताओं के नाम थे शामिल एफआईआर में परगट सिंह के अलावा सुखविंदर सिंह कोटली, वरिंदर सिंह ढिल्लों, सुमित सिंह, खुशबाज जट्टन, लखविंदर सिंह, चुसपिंदर बीर चहल, हरमन सेखों, सिकंदर बूरा, सचिन नैन, उदयवीर ढिल्लों, सुरजीत सिंह, अंगद सिंह, संजीव शर्मा और करनैल सिंह के नाम शामिल थे। करीब दो साल तक चली जांच के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल 2026 के लिए तय की है और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है।
टोल पर खिलौना पिस्तौल दिखाकर कर्मचारियों को धमकाया, VIDEO:बारात में जा रहा था, पचेवर पुलिस ने पकड़ा
किशनगढ़ के जयपुर रोड स्थित बड़गांव टोल प्लाजा पर एक युवक ने खिलौना पिस्तौल दिखाकर टोलकर्मी को धमकाया और मुफ्त में टोल पार कर गया। इस दौरान पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। टोल प्लाजा के मैनेजर ने किशनगढ़ शहर थाने में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। टोल पर उतरकर खिलौना पिस्तौल दिखाईटोल मैनेजर बजरंग सैनी ने बताया-घटना गुरुवार दोपहर को हुई। 2 बजकर 40 मिनट पर एक कार तेजी से टोल बूथ पर पहुंची। उसमें से एक एक युवक उतरा और उसने खिलौना पिस्तौल दिखाकर टोल कर्मचारी को डराया। इसके बाद बैरियर ऊपर करवाकर वह कार को तेज गति से भगा ले गया। बारात में जा रहा थासीसीटीवी फुटेज में युवक को टोलकर्मी को पिस्तौल दिखाते हुए और फिर कार लेकर भागते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक बारात में जा रहा था और नशे की हालत में था। उसने दूदू-पचेवर टोल क्षेत्र में भी इसी तरह की हरकत कर कर्मचारियों को धमकाने का प्रयास किया था। पचेवर थाना पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तारकिशनगढ़ शहर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक को पचेवर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। टोल प्रबंधन ने गुरुवार शाम को सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस को शिकायत सौंपी थी। फिलहाल, किशनगढ़ शहर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। थानाधिकारी बन्नालाल जाट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। … यह भी पढ़ें जयपुर में टोल पर महिलाओं-सेना के जवान से मारपीट, VIDEO:टोल मैनेजर ने कहा-कार सवार सैनिक नहीं था, अपने परिजन का कार्ड दिखा रहा था जयपुर में टोल प्लाजा पर सेना के जवान और महिलाओं से मारपीट का मामला सामने आया है। टोल टैक्स मांगने पर सेना के जवान ने कार्ड दिखाया, लेकिन टोल कर्मचारियों ने कार्ड देखने से इनकार कर दिया। कार में मौजूद महिलाएं बचाव के लिए आई तो उनसे भी मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। (पढ़ें पूरी खबर)
गुरुग्राम पुलिस ने फर्जी केवाईसी के जरिए बैंक खातों से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को एक शिकायत मिली थी जिसमें बताया गया था कि शिकायतकर्ता के बैंक खाते की फर्जी केवाईसी कर मोबाइल नंबर बदल दिया गया और फिर खाते से अवैध रूप से पैसे निकाल लिए गए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 फरवरी को आरोपी रविंद्र (43) निवासी धोबौली बरहालगंज, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। इसके दो दिन बाद 17 फरवरी को दूसरे आरोपी दीपांशु (35) निवासी आदर्श नगर, दिल्ली को भी गुरुग्राम से पकड़ा है। मोबाइल नंबर अपडेट करते थे पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से बंद पड़े बैंक खातों को निशाना बनाता था। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाताधारक बनकर केवाईसी करवाते थे, मोबाइल नंबर अपडेट करते थे और फिर खाते से रकम दो फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। आरोपी रविंद्र खेती-बाड़ी करता है, जबकि दीपांशु दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम से संबंधित व्यवसाय से जुड़ा है। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से करते ठगी पुलिस के अनुसार, रविंद्र ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर बैंक खाते खुलवाए थे, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों ने शिकायतकर्ता के खाते की फर्जी केवाईसी करवाई। इसके बाद दीपांशु ने इन फर्जी खातों से एटीएम और अन्य माध्यमों से पैसे निकाले। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्यों के काम पूर्व-निर्धारित थे और वे कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से इस ठगी को अंजाम देते थे। ठगी गई राशि को वे आपस में बांट लेते थे।
बरेली के कई नामी दुकानों से पूर्व में लिए गए खाद्य पदार्थो के सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। जांच में पास्ता मसाला, घी और तेल में मिलावट पाई गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया है। 30 दिन में जवाब देने को कहा है, जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इन प्रतिष्ठानों के सैंपल लिए गए थे जांच रिपोर्ट के मुताबिक, परसाखेड़ा स्थित एचएन फूड प्रोडक्ट्स का 'चटपटा पास्ता मसाला' असुरक्षित पाया गया है। इसमें फंगल ग्रोथ मिली है। वहीं, श्यामगंज स्थित मूर्ति इण्टरप्राइजेज का भुना चना औरामाईन रंग से रंगा हुआ मिला। इसके अलावा, रिच इण्डिया टी (श्यामगंज) की चायपत्ती में प्रतिबंधित 'सनसेट यलो' रंग पाया गया है। इज्जतनगर के मुल्ला जी चावल वाले के यहां से लिए गए 'सप्तऋषि ब्राण्ड' के मिर्च पाउडर में हानिकारक सूडान रंग की पुष्टि हुई है। घी, तेल और मसालों में भी मिलावटशहर के नामी प्रतिष्ठान दीपक स्वीट्स एण्ड आईसक्रीम (सिविल लाइन्स) का घी जांच में अधोमानक पाया गया है। इसी तरह, नारियावल स्थित बाला जी ट्रेडर्स का 'राजहंस रिफाइंड सोयाबीन ऑयल' और मुल्ला जी चावल वाले के यहाँ से लिए गए धनिया व हल्दी पाउडर मिलावटी पाई गई है। विभाग ने सभी संबंधित कारोबारियों को 30 दिन के भीतर अपील करने का समय दिया है, वरना कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। होली को लेकर चलाया चेकिंग अभियान आगामी होली पर्व को देखते हुए डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के नेतृत्व में विशेष छापेमारी की गई। टीम ने फरीदपुर तहसील के 09 कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण किया, जिसमें खामियां मिलने पर उन्हें सुधार नोटिस जारी किया जा रहा है। दूध और पनीर के नमूने लैब भेजे गएगुरुवार को टीम ने शिफा डेरी (परसौना रोड) और आयूष कुमार शर्मा (प्रेमनगर) के यहां से मिश्रित दूध के नमूने लिए। वहीं, नारियावल स्थित राजेश मिल्क क्रीम विक्रेता के यहां से पनीर का सैंपल भरा गया। इन सभी नमूनों को जांच के लिए राजकीय लैब भेज दिया गया है। विभाग ने साफ किया है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) 22 फरवरी को आजमगढ़ में बड़ी ताकत का प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का दावा है कि अतरौलिया (अहिरौला) स्थित जनता इंटर कॉलेज मैदान में होने वाली सामाजिक समरसता महारैली में एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। इस महारैली में खास बात यह है कि दस हजार से अधिक प्रबुद्ध ब्राह्मण मौजूद रहेंगे, जबकि राजभर, क्षत्रिय, चौहान, नाई, निषाद समेत समाज के सभी वर्गों की जनता बड़ी संख्या में पहुंचेगी। ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि यह रैली समाज के हर वर्ग को साथ लेकर पूरे पूर्वांचल और प्रदेश में एक मजबूत संदेश देगी। सुभासपा के आरएसएस कमांडर्स रहेंगे मुस्तैद सुभासपा की 'निजी RSS' यानी राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना (आरएसएस) के कमांडर्स भी अपनी अनुशासन और क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। पार्टी का दावा है कि यह महारैली समाजवादी पार्टी (सपा) के गढ़ आजमगढ़ में उसके अहंकार और घमंड को करारा झटका देगी। रैली से एनडीए गठबंधन की ताकत का एहसास होगा और यह साबित करेगी कि एनडीए कैसे जनता को साथ लेकर आगे बढ़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओमप्रकाश राजभर इस रैली के जरिए अतरौलिया विधानसभा में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह रैली महाराजा सुहेलदेव की जयंती से जुड़ी सामाजिक एकता पर फोकस करने के उद्देश्य से है।
ललितपुर में बेटी ने पिता को दी मुखाग्नि:बेटा नहीं था, सिर्फ दो बेटियां; बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है
ललितपुर जिले के गांधीनगर नई बस्ती मोहल्ले में एक बेटी ने अपने पिता का अंतिम संस्कार कर बेटे का फर्ज निभाया है। 50 वर्षीय कालू अहिरवार की बुधवार रात मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी 17 वर्षीय बेटी डोली अहिरवार ने गुरुवार को उन्हें मुखाग्नि दी। कालू अहिरवार के कोई पुत्र नहीं था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। घर पर केवल छोटी बेटी डोली अहिरवार ही रहती थी। बुधवार-गुरुवार की रात कालू अहिरवार का निधन हो गया। इसके बाद जब अंतिम संस्कार को लेकर चर्चा हुई कि कौन यह जिम्मेदारी निभाएगा, तब बेटी डोली ने स्वयं पिता का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। डोली के इस निर्णय को परिजनों ने स्वीकार किया। इसके बाद डोली अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए गांधीनगर स्थित मुक्तिधाम पहुंची और वहां उन्हें मुखाग्नि दी। सामाजिक कुरीतियों को दरकिनार कर बेटी द्वारा पिता को मुखाग्नि देने की यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग डोली के इस कार्य की सराहना कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारी-कर्मचारियों की वेतन विसंगति, सेवा-लाभ बहाली और पिछले 18 महीनों से लंबित देयकों को लेकर चल रही पांच दिवसीय कामबंद हड़ताल सह धरना-प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन के चौथे दिन कुलपति से हुई वार्ता बेनतीजा रहने पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। धरना स्थल पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने KVK कर्मचारियों से मुलाकात की। इसके बाद उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर लंबित मुद्दों के स्थायी समाधान की मांग रखी। हालांकि प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि चर्चा के दौरान कुलपति की ओर से स्पष्ट समाधान देने के बजाय केवल प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं का हवाला दिया गया। कभी मामला राज्यपाल से जुड़ा बताया गया तो कभी वित्त विभाग और राज्य शासन का नाम लेकर जिम्मेदारी टाली गई। किसी भी मुद्दे पर ठोस और समयबद्ध समाधान सामने नहीं आया। इस पर कमल वर्मा ने साफ कहा कि यदि वास्तव में समाधान राज्यपाल स्तर से ही होना है। विश्वविद्यालय प्रशासन को कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति और हड़ताल की गंभीरता से राज्यपाल को अवगत कराना चाहिए। इसके बावजूद कुलपति की ओर से सिर्फ इतना कहा गया कि पत्राचार चल रहा है और शासन से बातचीत जारी है, लेकिन इससे कर्मचारियों को कोई भरोसा नहीं मिला। वार्ता विफल रहने के बाद फेडरेशन ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो KVK कर्मचारी सीधे राजभवन (लोकभवन) के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इसके अलावा मौजूदा पांच दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। संघ ने यह भी दोहराया कि आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सम्मान और अधिकारों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रीवा शहर के सिरमौर चौराहे से विश्वविद्यालय जाने वाले मार्ग पर बाइक सवार कुछ युवकों द्वारा राहगीर और ऑटो में सफर कर रही महिलाओं पर अश्लील कमेंट करने और फब्तियां कसने का मामला सामने आया है। युवकों ने राह चलती महिलाओं को परेशान करने का खुद ही वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक बाइक पर सवार होकर महिलाओं का पीछा कर रहे थे। वे सड़क और ऑटो से गुजर रही महिलाओं को देखकर फब्तियां कस रहे थे और अश्लील ध्वनियां निकाल रहे थे। इन हरकतों से कई महिलाएं असहज और भयभीत हो गईं। हैरानी की बात यह रही कि आरोपियों ने इस पूरी घटना का खुद ही वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे बेखौफ होकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सामने आए वीडियो में आरोपियों की हरकत साफ दिखाई दे रही है। अचानक हुई इस हरकत से महिलाएं घबरा गईं इस घटना की एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया, कुछ युवक महिलाओं के बेहद करीब से बाइक निकाल रहे थे और अश्लील आवाजें व फब्तियां कस रहे थे। अचानक हुई इस हरकत से हम सभी महिलाएं घबरा गईं और खुद को असुरक्षित महसूस करने लगीं। पुलिस की गश्त और महिला सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना के बाद शहर के लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विश्वविद्यालय क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की घटनाएं होना पुलिस गश्त पर सीधे सवाल खड़ा करता है। विश्वविद्यालय मार्ग पर रोजाना सैकड़ों छात्राएं और कामकाजी महिलाएं आवागमन करती हैं। लोगों का कहना है कि अगर खुलेआम इस तरह की हरकतें हों और आरोपियों को पुलिस का डर न हो, तो सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगना लाजिमी है। लोगों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे तत्वों के हौसले और बुलंद हो जाएंगे। पुलिस कर रही वीडियो की जांच, बढ़ाई गई गश्त स्थानीय लोगों ने पुलिस से असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वायरल हो रहे वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने विश्वविद्यालय क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दे दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
पवित्र माह रमजान की शुरुआत के साथ ही शाजापुर शहर में इबादत और बरकतों का दौर शुरू हो गया है। बुधवार शाम चांद का दीदार होने के बाद गुरुवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने पहला रोजा रखा। अलसुबह सेहरी के साथ शुरू हुआ यह सिलसिला शाम को इफ्तार के साथ मुकम्मल हुआ। इबादत में डूबा शहर रमजान को लेकर समाजजनों में पिछले कई दिनों से उत्साह था। गुरुवार को पहले रोजे के दौरान सुबह से ही मस्जिदों और घरों में कुरान की तिलावत और दुआओं का दौर चला। बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं और बच्चों ने भी कड़ी धूप और प्यास के बावजूद पूरे अकीदत के साथ रोजा रखा। शाम को मगरिब की अजान होते ही सभी ने मिल-जुलकर खजूर और फलों से इफ्तार किया। मस्जिदों में तरावीह की गूंज इफ्तार के बाद शहर की प्रमुख मस्जिदों में विशेष तरावीह की नमाज अदा की गई। तरावीह में बड़ी संख्या में नमाजी शामिल हुए, जहाँ देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। मस्जिदों को भी इस पाक महीने के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। बाजारों में रही चहल-पहल रमजान के चलते शाम के समय बाजारों में विशेष रौनक देखी जा रही है। विशेषकर फल, खजूर और सेवइयों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। बच्चों में भी रोजे को लेकर खासा उत्साह है; कई नन्हे रोजेदारों ने भी अपने बड़ों के साथ भूखे-प्यासे रहकर खुदा की इबादत की। एक माह तक चलेगा इबादत का दौर समाजजनों के अनुसार, यह सिलसिला पूरे 30 दिनों तक जारी रहेगा। पूरे महीने इबादत, जकात और खैरात (दान) के कार्य किए जाएंगे। एक माह के कड़े संयम और इबादत के बाद शव्वाल का चांद दिखने पर ईद-उल-फितर का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाएगा।
रतलाम जिले की जावरा नगर पालिका की तत्कालीन सीएमओ नीता जैन और तत्कालीन सहायक राजस्व निरीक्षक (बाबू) विजय सिंह शक्तावत को भ्रष्टाचार के मामले में गुरुवार को 4-4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) संजीव कटारे की कोर्ट ने दोनों पर 2-2 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। साल 2021 में ठेकेदार का बिल पास करने और एफडी रिलीज करने के बदले 18,500 रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने बाबू को ट्रैप किया था। इस मामले में कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को दोषी करार दिया है। सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि 9 मार्च 2021 को पवन भावसार ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। पवन ने बताया था कि उसके दोस्त सुरेश प्रजापत के लाइसेंस पर जावरा नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में पेवर ब्लॉक, फ्लोरिंग और अन्य निर्माण कार्य किए गए थे। काम समय पर पूरा होने के बाद नगर पालिका में जमा एफडी रिलीज करने और फाइनल बिल स्वीकृत करने के लिए तत्कालीन सीएमओ नीता जैन ने कुल बिल राशि का 3 प्रतिशत कमीशन मांगा था। 26 हजार से 20 हजार रुपए में तय हुआ था सौदा लोकायुक्त ने शिकायत की पुष्टि के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग कराई। जांच में सामने आया कि सीएमओ नीता जैन की तरफ से सहायक राजस्व निरीक्षक विजय शक्तावत ने 26 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की है। बातचीत के बाद यह राशि 20 हजार रुपए में फाइनल हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। सीएमओ से पूछकर लिए 18,500 रुपए लोकायुक्त के ट्रैप प्लान के अनुसार, शिकायतकर्ता पवन भावसार 12 मार्च 2021 को 15 हजार रुपए लेकर पहुंचा। उसने कहा कि 5 हजार रुपए काम होने के बाद दे देगा, लेकिन राजस्व निरीक्षक शक्तावत नहीं माना। वह सीएमओ के कक्ष में गया और वापस आकर कहा कि मैडम पूरे 20 हजार रुपए मांग रही हैं। तब पवन ने 18,500 रुपए विजयसिंह शक्तावत को दे दिए। शक्तावत ने जैसे ही यह रुपए अपनी पैंट की जेब में रखे, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। शक्तावत के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए गए, जिससे घोल का रंग गुलाबी हो गया। इन धाराओं के तहत ठहराए गए दोषी लोकायुक्त ने इस मामले में तत्कालीन सीएमओ नीता जैन (निवासी नई आबादी मंदसौर) को मुख्य आरोपी और राजस्व निरीक्षक विजयसिंह शक्तावत (निवासी लाल इमली गली जावरा) को सहआरोपी बनाया। 21 जून 2023 को रतलाम के विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण के बाद न्यायालय ने दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी के तहत दोषी पाया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कृष्णकांत चौहान ने की।
मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र में कानून व्यवस्था और राजस्व नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बृहस्पतिवार को विशेष अभियान चलाया गया। क्षेत्राधिकारी बिलारी अशोक कुमार ने थाना बिलारी पुलिस, नायब तहसीलदार तथा आबकारी विभाग की संयुक्त टीम के साथ देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकानों के लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, बारकोड मिलान और निर्धारित रेट सूची की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि सीसीटीवी कैमरे सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं और दुकानें निर्धारित समय पर ही खुलें तथा बंद हों। क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ओवररेटिंग, अवैध बिक्री या नाबालिगों को शराब बेचने जैसी शिकायतें मिलने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। टीम ने दुकानदारों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी। प्रशासन ने बताया कि त्योहारों और विशेष अवसरों के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संयुक्त अभियान से क्षेत्र में शराब विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने आगे भी इस प्रकार की औचक चेकिंग जारी रखने की बात कही है, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
खंडवा में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर शहर में भव्य चल समारोह निकाला गया और टपालचाल चौराहे पर शिवाजी महाराज की 12 फीट ऊंची अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित की गई। करीब 9 टन वजनी यह प्रतिमा जयपुर से बनकर आई है। आयोजन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और पूरा शहर 'जय शिवाजी-जय भवानी' के नारों से गूंज उठा। जुलूस की शुरुआत इंदौर रोड स्थित बालाजी धाम कॉलोनी से हुई। बालाजी ग्रुप के संस्थापक रितेश गोयल और उनकी टीम ने शोभायात्रा का स्वागत किया। जुलूस में सुसज्जित रथ, घोड़े, डीजे, बैंड-बाजे और ढोल शामिल थे। घोड़े पर सवार शिवाजी महाराज और महारानी लक्ष्मी बाई की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा इंदौर नाका, पदमनगर, पड़ावा चौक, घंटाघर, टाउन हॉल और बांबे बाजार होते हुए टपालचाल पहुंची। युवाओं ने 4 साल मेहनत की, चंदा जोड़कर साकार किया सपना प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष मनोज सावले और सुनील बावले ने बताया कि खंडवा में यह शिवाजी की पहली विशाल प्रतिमा है। युवाओं ने पिछले चार साल तक मेहनत की और समाजजन से 100-100 रुपए का सहयोग लेकर इस अभियान को सफल बनाया। जयपुर से विशेष रूप से तैयार करवाई गई यह प्रतिमा करीब 9 टन वजनी है। वंशजों के हाथों होगा विधिवत अनावरण टपालचाल पर धर्मसभा और महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समिति ने बताया कि प्रतिमा की स्थापना कर दी गई है, लेकिन इसका विधिवत अनावरण आने वाले समय में शिवाजी महाराज के वंशजों के हाथों कराया जाएगा। वक्ताओं ने शिवाजी महाराज की युद्धनीति और स्वराज्य स्थापना के संघर्ष को याद किया।
विदिशा जिले के शमशाबाद वन परिक्षेत्र के ग्राम छापर उमरिया में अवैध सागौन पकड़ने गई वन विभाग की टीम पर वन माफियाओं ने हमला कर दिया। गुरुवार को हुए इस हमले में तीन वनकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से एक के सिर में गंभीर चोट आने पर उसे विदिशा जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के समय टीम जब्त की गई लकड़ी को वन चौकी ले जा रही थी। हमले को लेकर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने शमशाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी संगीता अमलतास को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छापर गांव में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी काटकर उसका फर्नीचर बनाया जा रहा है। इस सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और विधिवत सर्च वारंट लेकर टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में कीमती सागौन की लकड़ी और मशीनें जब्त कीं। लकड़ी ले जाते समय की घेराबंदी जब वन विभाग की टीम जब्त की गई लकड़ी और मशीनों को वन चौकी ले जाने की तैयारी कर रही थी, तभी आरोपियों और उनके समर्थकों ने टीम की घेराबंदी कर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने एक महिला वनकर्मी के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी भी की। 108 एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचे घायल हमले में कुल तीन वनकर्मी घायल हुए हैं। इनमें वनरक्षक चंद्रभान विश्वकर्मा के सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद विदिशा जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, रामरुचि शर्मा सहित अन्य घायल कर्मचारियों का उपचार शमशाबाद स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था। सोशल मीडिया पर पहले भी दी थी धमकी घटना के बाद यह बात भी सामने आई है कि हमलावरों द्वारा पूर्व में सोशल मीडिया पर भी वन विभाग को धमकी दी गई थी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई और वन माफियाओं के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। सरकारी अमले पर हमला करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। विमलेश और बलराम सहित अन्य पर एफआईआर वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। शमशाबाद थाना प्रभारी राजपाल सिंह यादव ने बताया कि आरोपी विमलेश और बलराम अहिरवार सहित अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अवैध कटाई का मामला (एफआईआर) दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
फलोदी में 25,800 अफीम के पौधे बरामद:सरसों के बीच में उगाए थे, एक गिरफ्तार
फलोदी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरसों के खेत से 25,800 अफीम के हरे पौधे बरामद किए हैं। इस मामले में आरोपी मंगनाराम को गिरफ्तार किया गया है। जब्त की गई अफीम का न्यूनतम उत्पादन 125 किलोग्राम आंका गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। डीएसटी फलोदी के गंगाराम से मिली सूचना के आधार पर कार्यवाही की गई। पुलिस टीम ने सरहद ढढु में आरोपी मंगनाराम पुत्र बलवन्ताराम विश्नोई निवासी उमाणी नगर ढढू, पुलिस थाना फलोदी के खेत में दबिश दी। वहां सरसों की फसल के बीच अफीम के पौधे उगाए गए थे। पुलिस ने खेत से कुल 25,800 अफीम के हरे पौधे बरामद किए। अनुमान है कि प्रत्येक पौधे से लगभग 5 ग्राम अफीम का उत्पादन होता, जिससे कुल 125 किलोग्राम अफीम प्राप्त होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 6 करोड़ रुपए तक हो सकती है। आरोपी मंगनाराम को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की खेती के संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कम समय में अधिक धन कमाने और लग्जरी जीवन जीने के उद्देश्य से अपने खेत में सड़क के दोनों ओर सरसों की फसल के बीच अफीम की अवैध खेती कर रहा था।
देवास पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च:आगामी त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी पैनी नजर
देवास पुलिस ने आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार शाम को शहर में फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा। नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में शहर के सभी थानों का पुलिस बल फ्लैग मार्च में शामिल हुआ। इस दौरान आमजन को सुरक्षा का संदेश दिया गया और असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी गई। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर यह फ्लैग मार्च निकाला गया है। उन्होंने पुष्टि की कि सभी थाना क्षेत्रों का पुलिस बल इसमें शामिल था और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सभी त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही, किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।
सलूंबर के झाल्लारा में गांजे के पौधे पकड़े:10 किलो हरा और सूखा गांजा बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
सलूंबर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत झल्लारा पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक खेत से अवैध रूप से उगाए गए 646 हरे गांजे के पौधे और 280 ग्राम सूखा गांजा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी जयकिशन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम समोडा मालफला में एक खेत में अवैध गांजे की फसल उगाई जा रही है। दबिश के दौरान खेत में गेहूं और बैंगन की फसल के बीच पाली के सहारे गांजे के पौधे खड़े मिले। इन पौधों पर फूल, बीज और डोडियां लगी हुई थीं। मौके पर पंचों की मौजूदगी में गिनती करने पर कुल 646 छोटे-बड़े गांजे के पौधे पाए गए। पुलिस ने सभी पौधों को उखाड़कर एकत्र किया और इलेक्ट्रॉनिक कांटे से उनका वजन किया। जब्त किए गए हरे गांजे का कुल वजन 10 किलो 190 ग्राम निकला। इसके अतिरिक्त, केले के पौधों के बीच छिपाकर रखी एक प्लास्टिक की पारदर्शी बर्नी में 280 ग्राम सूखा गांजा भी बरामद हुआ। जांच के दौरान हल्का पटवारी द्वारा ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक करने पर खेत भैरा मीणा के नाम पाया गया। पूछताछ में आरोपी कालू मीणा ने अपने साथी भैरा मीणा के साथ मिलकर गांजे की खेती करना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों आरोपी कालू मीणा (62) और भैरा मीणा (52), दोनों निवासी समोडा मालफला को NDPS एक्ट की धारा 8/20A के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इस संबंध में थाना झल्लारा में प्रकरण संख्या 27/2026 दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच थानाधिकारी सलूंबर हेमंत चौहान को सौंपी गई है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी जयकिशन, गंगाराम, नवीन, यशपाल सिंह, नीरज, कैलाश, चालक वीरेंद्र सिंह सहित जिला विशेष टीम के महेंद्र सिंह (DST प्रभारी), जितेंद्र सिंह, राकेश, भैराराम और पंकज शामिल रहे।
रायपुर में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के PTRSU नवीन कन्या महिला छात्रावास में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण दर्जनों छात्राएं पीलिया से संक्रमित हो गई हैं। कई छात्राओं की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद छात्रावास और विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। NSUI ने कुलपति के नाम सौंपा ज्ञापन मामले के विरोध में NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष (SM) एवं छात्र नेता पुनेश्वर लहरे प्रशासनिक भवन पहुंचे और कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रावास में सप्लाई हो रहे पेयजल की तत्काल गुणवत्ता जांच कराने, पूरे सिस्टम का तकनीकी निरीक्षण करने और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है। वाटर कूलरों की सफाई और नए कूलर लगाने की मांग NSUI ने विश्वविद्यालय के सभी विभागों और पूरे कैंपस में लगे वाटर कूलरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की भी मांग रखी। साथ ही जिन विभागों में वाटर कूलर उपलब्ध नहीं हैं, वहां तुरंत नए वाटर कूलर लगाने की बात कही गई है, ताकि छात्रों को सुरक्षित पेयजल मिल सके। 3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। यदि 3 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो NSUI छात्रहित में उग्र और चरणबद्ध आंदोलन करेगी। कई छात्र प्रतिनिधि रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष (SM) पुनेश्वर लहरे के साथ जिला सचिव ओज पांडे, इंडिया ग्रीत लहरे, दक्ष दिल्लीवार, रीतिक बघेल, अजय सोनवानी, सेजाकत हुसैन सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैतूल के गौठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड में लीगेसी वेस्ट डंप साइट रेमीडियेशन परियोजना में हुई धांधली और लापरवाही पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने गुरुवार (19 फरवरी) को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। विधायक खंडेलवाल ने पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार ने कचरा निष्पादन का काम तय मानकों के अनुसार नहीं किया और कार्य को अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद नगर पालिका के अधिकारियों ने मिलीभगत कर ठेकेदार को आवश्यकता से अधिक भुगतान कर दिया। विधायक ने इसे वित्तीय अनियमितता और जनता के साथ धोखा बताया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों से वसूली और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। बदबू से परेशान लोगों ने किया था चक्काजाम किदवई वार्ड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे का अंबार लगा हुआ है। इससे उठने वाली बदबू और दूषित पानी के कारण आसपास के रहवासियों का जीना मुश्किल हो गया है और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इसी समस्या से आक्रोशित होकर दो दिन पहले स्थानीय नागरिकों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं विधायक ने स्पष्ट किया कि जनता के पैसे से चलने वाली योजनाओं में गड़बड़ी और सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पहले भी कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों को जांच दल गठित करने के निर्देश दिए थे। अब उन्होंने सीधे एसीएस को पत्र लिखकर ठेकेदार और अफसरों पर सख्त एक्शन लेने को कहा है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
पाली में गुरुवार को शिवाजी की जयंती पर शिवसैनकों ने नहर पुलिया शिवाजी सर्किल पर लगी शिवाजी की प्रतिमा का 11 लीटर दूध से अभिषेक किया। इससे पहले उन्होंने पानी से शिवाजी की नहलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे। पाली शिवसेना जिला प्रमुख सोहन सिंह राव ने बताया कि शिवाजी सर्कल पर स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पाली शिव सैनिकों ने माल्यार्पण कर शिवाजी महाराज की जयंती को मनाई। शिवाजी के किस्से सुनाए एडवोकेट विशाल सैनी ने कहा कि शिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनके पिता शाहजीराजे भोंसले एक शक्तिशाली सामंत राजा एवं कूर्मि कुल में जन्मे थे। उनकी माता जीजाबाई जाधवराव कुल में उत्पन्न असाधारण प्रतिभाशाली महिला थी। शिवाजी महाराज के चरित्र पर माता-पिता का बहुत प्रभाव पड़ा। उनका बचपन उनकी माता के मार्गदर्शन में बीता। उन्होंने राजनीति एवं युद्ध की शिक्षा ली थी। वे उस युग के वातावरण और घटनाओं को भली प्रकार समझने लगे थे। उनके हृदय में स्वाधीनता की लौ प्रज्ज्वलित हो गई थी। ये रहे मौजूद इस दौरान उप जिला प्रमुख अरविंद बंजारा, सोहनसिंह कच्छवाह, शंकर कुमावत, महेंद्र शर्मा, जितेंद्र चौहान, नरेश पंवार, कमलेश प्रजापत, रतन सिंह इंदा ,भैरव सिंह इंदा, धीरज, निलेश दवे, मदन हिंगड़, हेमंत मेघवाल, बाबू लौहार, रतनसिंह पंवार, चम्पालाल प्रजापत, कानसिंह, भैरूसिंह, विकास सोलंकी, गौरव जांगिड़, देवेन्द्र चौहान, नमन जोशी, भारत सिंह राजपुरोहित, विक्रमसिंह भाटी सहित कई शिव सैनिक मौजूद रहे। शिवसेना शिंदे ग्रुप ने भी मनाई शिवाजी की जयंती शिव सेना शिंदे के कार्यकर्ताओं की ओर से भी गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई। सेना शिंदे पदाधिकारी ललीता गाडोलिया ने बताया की शिव सेना शिंदे के कार्यकर्ता शाम 6 बजे शिवाजी सर्कल पर जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलकी व जिला प्रवक्ता राजू देवासी के नेतृत्व में एकत्रित हुए। छत्रपति शिवाजी के जयकारे लगाए। शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। जिला प्रवक्ता राजु देवासी ने सभी कार्यकर्ताओं को शिवाजी महाराज के त्याग व बलिदान के बारे में बताया। कार्यक्रम में जिला महामंत्री मनोज गर्ग, नगर प्रमुख उदय सेट्टी, उप प्रमुख प्रवीण सिंह इंदा, जिला मंत्री मगराज पादरली, आन्नद सिंह, प्रवीण प्रजापत, मंजू जैन, ललीता गाडोलीया, लता देवडा, मिनाक्षी चोपड़ा, काव्या पुरी, भंवर मेघवाल, प्रताप सिंह दहिया, दिनेश देवडा, भूराराम परिहार, नरेंद्र मारू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शाजापुर में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर कई कार्यक्रम हुए। अलग-अलग संगठनों और मराठा समाज ने मिलकर शहर में मशाल यात्रा और जुलूस निकाले। शाम 5 बजे शिवाजी मित्र मंडल बेरछा और मराठा समाज ने मशाल यात्रा निकाली। यह यात्रा मल्हार गार्डन से शुरू होकर मां राजराजेश्वरी मंदिर पहुंची और फिर हाईवे से होते हुए बेरछा में खत्म हुई। वहीं, मराठा समाज के मुख्य चल समारोह में महिलाओं ने अखाड़े के हैरतअंगेज करतब दिखाए। यह जुलूस शहर के रास्तों से होता हुआ स्टेडियम मैदान पहुंचा, जहां शिवाजी महाराज की मूर्ति पर हार चढ़ाकर सभा की गई। डंपर पर चढ़कर किया माल्यार्पण गो रक्षा समिति के सदस्यों ने शिवाजी महाराज की ऊंची प्रतिमा पर हार चढ़ाने के लिए नगर पालिका से क्रेन मांगी थी। लेकिन जब समय पर क्रेन नहीं मिली, तो समिति के सदस्यों ने हार चढ़ाने के लिए एक अनोखा रास्ता निकाला। वे एक डंपर पर सवार हुए और उसी की मदद से ऊंचाई तक पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समाज में दिखा भारी उत्साह पूरे आयोजन के दौरान समाज के लोगों और युवाओं में काफी जोश देखा गया। शहर के प्रमुख चौराहों को सजाया गया था और शिवाजी महाराज के जयकारों से पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
गोरखपुर में 10 सेकेंड में चोर ने बाइक उड़ाई, VIDEO:ईंट से मारकर लॉक तोड़ा, CCTV में कैद हुई घटना
गोरखनाथ मंदिर के ठीक सामने से एक चोर बुलेट बाइक लेकर फरार हो गया। बिना मास्क पहने वह बाइक के पास आया, इधर-उधर देखा और फिर ईंट से लॉक तोड़कर केवल 10 सेकेंड में बाइक लेकर भाग गया। चोरी की यह वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई। घटना बुधवार शाम लगभग पांच बजे की बताई जा रही है। पीड़ित ने गोरखनाथ थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और चोर की तलाश के लिए CCTV फुटेज खंगाली जा रही है। जानिए पूरा मामला… गोरखनाथ मंदिर के ठीक सामने लिबर्टी शो रूम के नीचे से एक चोर बुलेट बाइक लेकर फरार हो गया। घटना बुधवार की शाम पांच बजे की बताई जा रही । यह बाइक ग्लांस यूनिसेक्स सैलून के ओनर अभिषेक अनूप की थी। उन्होंने बताया- 6 महीने पहले ही उन्होंने ब्लैक कलर की मेट्रियोर 350 बुलेट ली थी। रोज की तरह कल भी मैं अपने सैलून आया और बाइक नीचे खड़ा कर दिया। शाम को घर जाने के लिए बुलेट निकालने गया तो देखा बाइक गायब है।कुछ देर के लिए मैं घबरा गया। फिर मुझे लगा इतनी सिक्योरिटी के बीच गायब तो नहीं हो सकती। फिर मैंने इधर- उधर देखा। बाइक कहीं नहीं दिखी। फिर हमने CCTV फुटेज चेक किया। उसमें दिखा कि शाम 05 : 02 मिनट पर एक लड़का मेरी बाइक के पास आया। कुछ देर वहीं खड़ा रहा। पहले इधर- उधर देखा। उसके बाद पास में पड़ा एक छोटा सा ईंट का टुकड़ा उठाया। ईंट मारकर उसने लॉक तोड़ी और वहीं फेंक कर बाइक स्टार्ट करके लेकर भाग गया। जांच में जुटी पुलिस अभिषेक अनूप ने बताया- इस मामले में हमने तुरंत गोरखनाथ थाने की पुलिस को सूचना दी। उन्होंने CCTV फुटेज चेक किया। उसके बाद खोजबीन शुरू कर दी। पता चला कि चोर बरगदवां की तरफ भागा है। उसके आगे का लोकेशन पता नहीं चला। गुरूवार को हमने थाने में थाने में FIR दर्ज करवाई। पुलिस जांच में जुटी है।
सलूंबर में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण मकान सूचीकरण, मकान गणना और जनसंख्या गणना के दूसरे चरण के लिए अधिकारियों को तैयार करने हेतु आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर परिषद सभाकक्ष में जिला कलेक्टर अवधेश मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें प्रमुख जनगणना अधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। शुद्धता को लेकर निर्देश दिए प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने जनगणना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नवीनतम जनगणना के आंकड़े राष्ट्रीय नीति निर्माण और आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कलेक्टर मीना ने अधिकारियों को जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में पूर्ण गंभीरता और शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल जनगणना के नवाचारों, खासकर स्व-गणना प्रक्रिया के बारे में लोगों को जागरूक करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कार्मिकों को योजनाबद्ध तरीके से निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश भी दिए। प्रथम चरण के कार्यों की जानकारी दी इस अवसर पर जनगणना निदेशालय, जयपुर से राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर शशिकांत यादव ने प्रथम चरण से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से अधिकारियों को जनगणना के लिए तैयार पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, जयपुर से प्रशिक्षक शशिकांत यादव, सहायक निदेशक मोहन लाल महावर, रिंकेश मीना और सीमा पाटीदार उपस्थित थे। उपखंड अधिकारी सराडा आकांक्षा दुबे और सांख्यिकी अधिकारी शेल सिंह सोलंकी सहित जनगणना से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के परिणाम के आधार पर राज्य शासन ने खनिज साधन विभाग में 33 अभ्यर्थियों को खनिज निरीक्षक के पद पर नियुक्ति दी है। सभी को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर अस्थायी नियुक्ति दी गई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा खनिज निरीक्षक पद की परीक्षा 2025 में आयोजित की गई थी। इसका परिणाम 15 अक्टूबर 2025 को घोषित किया गया था। खनिज निरीक्षक – नाम व पदस्थापना जिला
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। ग्राम बरहापुर निवासी दो सगे भाई जगन्नाथ साहू और रोहित साहू बाल कटाने के लिए धमधा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खैरागढ़ मार्ग पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बतादें कि एक दिन बाद बहन की शादी होनी थी, जिसकी तैयारियों में भाई लगे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस की सहायता से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद छोटे भाई रोहित साहू को मृत घोषित कर दिया। वहीं बड़े भाई जगन्नाथ साहू की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल दुर्ग जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घर में चल रही बहन की शादी की तैयारियांजानकारी के मुताबिक, घर में बहन की शादी की तैयारियां चल रही थी। दोनों भाई अपनी बहन की शादी की तैयारियों में लगे थे। घर में बारात आने की तैयारियों के बीच खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे से पूरे परिवार में मातम पसर गया है। गांव में सामूहिक विवाह का था आयोजनजानकारी के अनुसार 20 फरवरी को बरहापुर गांव में साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी में बहन की भी शादी होनी थी। ग्रामीणों का कहना है कि जिस घर में उत्सव की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। मामले की सूचना मिलते ही धमधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा फरार वाहन चालक और वाहन की तलाश की जा रही है।
खरगोन मेले के अंतिम गुरुवार को नगर देवता नवग्रह महाराज की पालकी यात्रा निकाली गई। दोपहर 3:30 बजे मंदिर से शुरू होकर पालकी मेला स्थल पहुंची। व्यापारी संघ के प्रतिनिधि हरीश गोस्वामी और गणेश वर्मा ने मेला प्रवेश द्वार पर पालकी का पूजन किया। नवग्रह महाराज को गुड़ की जलेबी का भोग लगाया गया। इसके बाद पालकी ने पूरे मेले का भ्रमण किया। व्यापारियों ने दर्शन-पूजन कर पालकी को कंधा दिया, जिससे पूरा क्षेत्र नवग्रह महाराज के जयघोष से गूंज उठा। इस महाआरती में नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी, आशुतोष अग्रवाल, सीएमओ कमला कौल, नवनीतलाल भंडारी, मनोज वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नवग्रह मंदिर के पुजारी पं. लोकेश जागीरदार ने बताया कि मेले के अंतिम सप्ताह में आने वाले गुरुवार हाट में नवग्रह महाराज मेला भ्रमण करते हैं। श्रद्धालु दर्शन कर स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं। नवग्रह महाराज की पालकी यात्रा की यह परंपरा वर्ष 1887 से चली आ रही है। पहले यह मेला मार्गशीर्ष पूर्णिमा से पौष पूर्णिमा तक लगता था। अब नगर पालिका अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मेले की तारीखें तय करती है। मेला समापन से पहले आने वाले गुरुवार के साप्ताहिक हाट के दिन पालकी यात्रा निकालकर मेले की समाप्ति की घोषणा की जाती है।
कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के सडार जंगलों से एक वीडियो गुरुवार को सामने आया है। इसमें एक बाघ जंगल के बीच स्थित शिवलिंग पर अपना सिर रगड़ता दिखाई दे रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट हो रहा है। गांव वालों के मुताबिक, यह वाकया बुधवार देर शाम का है। सडार गांव के पास जंगल में महादेव का एक पुराना शिवलिंग है। वीडियो में दिख रहा है कि बाघ बहुत ही शांत तरीके से शिवलिंग के पास पहुंचता है और काफी देर तक अपना सिर और जीभ उस पर रगड़ता रहता है। लोगों में उत्साह और डर दोनों सडार और उसके आस-पास के इलाकों में अक्सर बाघ और चीते देखे जाते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद जहां कुछ लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं गांव के लोगों में बाघ की इतनी नजदीकी मौजूदगी को लेकर डर भी बना हुआ है। वन विभाग की सलाह वन अधिकारियों का कहना है कि जंगली जानवर अक्सर खुजली मिटाने या अपनी गंध (स्मेल) छोड़ने के लिए पत्थरों पर सिर रगड़ते हैं। पान उमरिया के रेंज अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि यह जगह गांव से महज 400 मीटर दूर है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को जंगल की तरफ न जाने की हिदायत दी गई है।

