कोंडागांव जिले में चिखलपुटी नए बस स्टैंड पर पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी में उनके बैग से 5 किलो 980 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने दो वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध व्यक्ति चिखलपुटी नए बस स्टैंड पर रायपुर जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं और उनके पास गांजा है। सूचना पर थाना कोंडागांव की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा। तलाशी लेने पर पिठ्ठू और हैंड बैग से गांजे के तीन पैकेट मिले। वजन कराने पर कुल 5.980 किलो गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 59 हजार 800 रुपए बताई गई। पुलिस ने 2 मोबाइल और 300 रुपए नकद भी जब्त किए हैं। मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिता पवार (38) और शिव पवार (21) के रूप में हुई है। दोनों मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के खोमई बंजारा मोहल्ला के रहने वाले हैं। वहीं तीसरा आरोपी विधि से संघर्षरत बालक है। अंतरराज्यीय तस्करी के कनेक्शन की जांच दोनों आरोपियों के मध्यप्रदेश निवासी होने और रायपुर जाने वाली बस का इंतजार करने से पुलिस को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का संदेह है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे रायपुर में किसे पहुंचाया जाना था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में की गई।
मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र में स्थित शिव शांति हॉस्पिटल में नवजात के परिजनों से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद अस्पताल संचालक नासिर पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पचगांव पट्टी अमर सिंह निवासी नीरज पुत्र धर्मेंद्र ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने 19 अगस्त को अपने नवजात बेटे को शिव शांति हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उपचार से संतुष्ट न होने पर जब उन्होंने बच्चे की छुट्टी कराने को कहा, तो विवाद शुरू हो गया। नीरज के अनुसार, अस्पताल प्रबंधक नासिर ने बाहरी दबंगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उनके परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में नीरज और उनके भाई पंकज के सिर में चोटें आईं। उनकी बहन काजल से भी मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए 59 हजार रुपये तथा एक मोबाइल फोन गायब कर दिया गया। इस मामले में नासिर के साथ उनके भाई आमिर, लोटस अस्पताल के मैनेजर जुबेर, कर्मचारी बिलाल, नूर, अब्दुल्ला, सराफत, मोसीन और 10-12 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मारपीट की घटना के बाद अस्पताल के नाम और संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नासिर मुस्लिम होकर 'शिव शांति हॉस्पिटल' जैसे हिंदू नाम से अस्पताल चलाकर लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने नासिर के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर भी गंभीर दावे किए हैं। उनका आरोप है कि नासिर हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा से जुड़े सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पहले जेल जा चुका है। वहीं, नासिर के भाई जुबेर पर भी फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार करने के आरोप में जेल जाने का दावा किया गया है। पुलिसकर्मियों के साथ नासिर का एक वीडियो भी इस मामले में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे जांच में शामिल किया जा सकता है।
वेब सीरीज 'मनी हाइस्ट' देखकर की थी चोरी:उदयपुर पुलिस ने 7 लाख की नकबजनी के दो आरोपी दबोचे, कैश बरामद
उदयपुर में 7 लाख रुपए की नकबजनी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वेब सीरीज 'मनी हाइस्ट' देखकर चोरी की योजना बनाने की बात कही। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में यूज की गई ग्लैंजा कार और चोरी की गई 7 लाख रुपए की नकदी भी बरामद की है और मामले में पूछताछ की जा रही है। सूरजपोल थाना पुलिस ने अशोक नगर स्थित अमृतश्री कॉम्प्लेक्स में 4 अगस्त की रात हुई 7 लाख रुपए की नकबजनी का खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में हितेश कुमावत (32) निवासी देसूरी (पाली), हाल तितरड़ी (उदयपुर) और अमित फिल्ड (21) निवासी आसियाना कॉलोनी, बिलिया (उदयपुर) शामिल हैं। लेबर पेमेंट के लिए रखे थे पैसे, सुबह टूटा मिला ताला नवरतन कॉम्प्लेक्स भुवाणा निवासी भगवतीलाल लोढ़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमृतश्री कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल पर (ऑफिस नंबर 406-407) उनका कंस्ट्रक्शन ऑफिस है। 4 अगस्त की शाम वे लेबर और पार्टी पेमेंट के लिए 7 लाख रुपए ड्रॉवर में रखकर ऑफिस लॉक करके घर गए थे। अगली सुबह ऑफिस पहुंचे तो ताला टूटा मिला और अंदर रखे 7 लाख रुपए नकद गायब थे। वेब सीरीज देखकर रची साजिश एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर थानाधिकारी सूर्यभान सिंह की अगुवाई में 'टारगेट अशोक नगर' व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर विशेष टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हितेश कुमावत शेयर मार्केट (निफ्टी और सेंसेक्स) में ट्रेडिंग करता था। ट्रेडिंग में भारी नुकसान होने के बाद उसने ज्यादा पैसे कमाने के लालच में चोरी का प्लान बनाया। हितेश ने 'मनी हाइस्ट' और 'प्रितम एंड पैड्रो' जैसी क्राइम वेब सीरीज देखकर चोरी का पूरा तरीका सीखा और उसे प्रैक्टिकल रूप से दोहराया। वारदात के वक्त आरोपी काले कपड़े पहनकर और मुंह ढककर आरसीए कॉलेज के पीछे बड़ी घास और अंधेरे का फायदा उठाकर पहुंचा। पहचान छुपाने के लिए उसने बिल्डिंग के सभी सीसीटीवी कैमरों पर ब्लैक पेंट स्प्रे कर दिया था। 14 दिन की पड़ताल, संदिग्ध कार से पकड़ाए आरोपी वारदात के बाद आरोपी उसी रास्ते से भागकर फतेह स्कूल ब्रिज के पास खड़ी कार में बैठकर फरार हो गए थे। पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों रातभर शहर में कार से घूमते रहे। टारगेट टीम ने 14 दिनों तक शहर के विभिन्न चौराहों के सैकड़ों कैमरे खंगाले और संदिग्ध कार के जरिए आरोपियों को दबोच लिया। इस खुलासे में एएसआई ओमवीर सिंह, शीशराम, राजेशपाल सिंह, कॉन्स्टेबल पवन, शिवलाल और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की अहम भूमिका रही।
हिसार जिले के बरवाला स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में स्टाफ के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और ड्यूटी के दौरान हुक्का व शराब का सेवन करने की शिकायत पर सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम ने वीरवार को औचक निरीक्षण किया। टीम ने संस्थान में पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर सहित स्टाफ की उपस्थिति की जांच की। इस दौरान एक कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर पाया गया। वहीं, ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी द्वारा शराब का सेवन करने अथवा हुक्का पीने के लिए संस्थान से बाहर जाने की शिकायत की जांच में कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया। सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में किया गया। टीम में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र, ASI सुरेंद्र तथा हेड कांस्टेबल विजय शामिल रहे। शिकायत के आधार पर पहुंची टीम जानकारी के अनुसार सीएम फ्लाइंग टीम को शिकायत मिली थी कि बरवाला आईटीआई में कुछ कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी से गैरहाजिर रहते हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि कुछ कर्मचारी ड्यूटी के दौरान हुक्का पीने के लिए संस्थान से बाहर चले जाते हैं तथा कुछ कर्मचारी शराब का सेवन कर संस्थान में पहुंचते हैं। इस प्रकार की गतिविधियों से संस्थान का माहौल प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीएम फ्लाइंग टीम ने शिक्षा विभाग के अधिकारी को साथ लेकर अचानक संस्थान का निरीक्षण किया। हाजिरी रजिस्टर, कर्मचारियों की उपस्थिति जांची टीम के संस्थान में पहुंचते ही सबसे पहले स्टाफ का हाजिरी रजिस्टर चेक किया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गयी। निरीक्षण के दौरान कुलदीप, प्लंबर अनुदेशक, आधे दिन के बाद ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए। टीम ने उनकी गैरहाजिरी के संबंध में संस्थान के अधिकारियों से जानकारी ली। बाद में कर्मचारी कुलदीप ने संस्थान के कर्मचारियों के माध्यम से संदेश भिजवाया कि उनके घर पर अचानक आवश्यक कार्य आ जाने के कारण उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए जल्दबाजी में घर जाना पड़ा। शराब और हुक्का सेवन की शिकायत मिली गलत सीएम फ्लाइंग टीम ने शिकायत में लगाए गए शराब का सेवन करने और ड्यूटी के दौरान हुक्का पीने के आरोपों की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान कोई भी कर्मचारी शराब के नशे में नहीं पाया गया। इसके अलावा कोई कर्मचारी संस्थान से बाहर जाकर हुक्का पीता हुआ भी नहीं मिला। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई के निर्देश सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को अनुशासित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार रहें और बिना सक्षम अधिकारी को सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित न हों। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की गरिमा और छवि बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी कर्मचारी या संस्थान के संबंध में बिना ठोस तथ्य अथवा प्रमाण के आरोप लगाने से बचना चाहिए।
दतिया में लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल की छत पर स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र राज कुशवाह की मौत के मामले में गुरुवार शाम शिक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंची। स्कूल बंद मिला। स्कूल संचालक के भाई की मौजूदगी में टीम ने स्कूल खुलवाकर जांच की। टीम ने उपस्थिति रजिस्टर समेत स्कूल से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी विद्या मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान स्कूल का स्ट्रक्चर भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला। स्कूल में अग्निशमन यंत्र भी लगे नहीं मिले। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर स्कूलों को मान्यता देने के दौरान देखे जाने वाले अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। कुछ बिंदुओं पर कमियां सामने आई हैं। जल्द पूरी होगी जांच, इसके बाद कार्रवाई डीईओ ने बताया कि शिक्षा विभाग की जांच टीम जल्द अपनी जांच पूरी करेगी। जांच में सामने आने वाली कमियों और नियमों के उल्लंघन के आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालकों को निर्देश दिए जाएंगे कि छात्रों से किसी भी तरह का काम नहीं कराया जाए। बच्चों की सुरक्षा से समझौता होने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। छुट्टी के बाद छात्र को वापस बुलाने का आरोप परिजन के मुताबिक 14 अगस्त की दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूल संचालक ने उसे वापस बुलाया और झंडा लगाने के लिए स्कूल की छत पर भेजा। लोहे के पाइप से झंडा लगाने के दौरान पाइप ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगने से राज गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें तत्काल सूचना नहीं दी। परिवार ने मुआवजे के बजाय दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह खबर भी पढ़ें… दतिया में स्कूल में करंट से छात्र की मौत दतिया में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान एक छात्र की मौत हो गई। लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल की छत पर तिरंगा लगाते समय 16 वर्षीय राज कुशवाह 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 2014 बैच के अधिकारी कुंदन कुमार ने आज कांकेर जिले के 23वें कलेक्टर के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांकेर जिले में शासन की कई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उनका लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों तक भी पहुंचे। नवपदस्थ कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांकेर जिला योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी रहे। इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी टीम वर्क और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इन पदों पर दे चुके हैं सेवाएं कुंदन कुमार का छत्तीसगढ़ कैडर में लंबा अनुभव रहा है। छत्तीसगढ़ कैडर आबंटन के बाद उन्होंने वर्ष 2016-17 में भानुप्रतापपुर अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद 2017 से 2019 तक वे कवर्धा जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और शुगर मिल के प्रबंध निदेशक रहे। उन्होंने 2019-20 में जिला पंचायत दुर्ग और 2020-21 में जिला पंचायत कोरबा में सीईओ के पद पर कार्य किया। साल 2021-22 में वे बलरामपुर जिले के कलेक्टर और 2022-23 में अंबिकापुर जिले के कलेक्टर रहे। हाल ही में, 2024-25 में उन्होंने संचालक नगरीय प्रशासन, आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और नया रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ का पद संभाला। अप्रैल 2025 से 19 अगस्त 2026 तक वे मुंगेली जिले के कलेक्टर भी रहे। अब उन्होंने कांकेर जिले के कलेक्टर का कार्यभार संभाला है।
पाली शहर में बांगड़ कॉलेज के सामने श्रीराम हॉस्पिटल के पास गुरुवार को बाइक और टैक्सी की हल्की टक्कर के बाद दो युवकों में विवाद हो गया। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और टैक्सी ड्राइवर अमन के सिर में चोट लग गई। अमन ने फोन कर अपने परिवार के लोगों को मौके पर बुला लिया, जिससे हंगामा और बढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली और बाइक सवार लालाराम को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। मारपीट की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। टीपी नगर थाने के SHO हनुवंतसिंह सिसोदिया ने बताया - नया गांव निवासी टैक्सी ड्राइवर अमन बांगड़ कॉलेज के सामने टैक्सी लेकर जा रहा था। इसी दौरान टैक्सी का पिछला हिस्सा बंबलोई गांव निवासी लालाराम की बाइक से टकरा गया। टक्कर हल्की थी और हादसे में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन इसे लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ देर बाद विवाद मारपीट में बदल गया। झगड़े के दौरान टैक्सी ड्राइवर अमन के सिर में चोट लग गई। इसके बाद उसने फोन कर अपने परिवार के लोगों को मौके पर बुला लिया। परिवार के लोग पहुंचने के बाद मौके पर हंगामा बढ़ गया। सूचना मिलने पर ASI ओमप्रकाश चौधरी, हेड कॉन्स्टेबल बलवंताराम सहित पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले में बाइक सवार लालाराम को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं, दोनों युवकों के बीच हुई मारपीट की घटना मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
DAVV में गेट तोड़ने के मामले में 5 छात्र गिरफ्तार:छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान चैनल गेट टूटने के मामले में छोटी ग्वालटोली पुलिस ने गुरुवार को पांच छात्रों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर कुल 10 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तार किए गए पांचों छात्रों को बाद में जमानत मिल गई। छात्र छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर आईपीएस कॉलेज से DAVV तक साइकिल यात्रा निकालकर पहुंचे थे। हाथों में मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर विद्यार्थियों ने नारेबाजी की। विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद छात्रों ने परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने चैनल गेट पर ताला लगा दिया। छात्रों के गेट खोलने के प्रयास के दौरान चैनल गेट टूट गया। मामले में पुलिस ने वीरेंद्र पिता जितेंद्र गुर्जर निवासी दूधिया, राहुल पिता ओमकार ठाकुर निवासी विदिशा, वीरेंद्र पिता लखन सिसोदिया निवासी महू, हर्ष पिता भरत सिंह निवासी पीथमपुर और राजेश पिता धनसिंह ठाकुर निवासी लिम्बोदी को गिरफ्तार किया। छात्र नेता बोला- पुराना था गेट, भीड़ के दबाव में गिरा छात्र नेता वीरेंद्र गुर्जर ने पुलिस के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि छात्रों ने गेट नहीं तोड़ा। गेट पहले से पुराना था और प्रदर्शन के दौरान भीड़ के दबाव में वह खुद गिर गया। उसने कहा कि छात्र आगे भी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
आगरा मुख्य विकास अधिकारी ने गुरुवार को नगरीय क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क में शिक्षामित्र ममता गौतम बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं अफसर ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाने और परिसर में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अलावा विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे-मील की गुणवत्ता, पाठ्यपुस्तकों के वितरण और अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। सीडीओ ने सबसे पहले मंडी सईद खां स्थित कंपोजिट विद्यालय श्यामा देवी का निरीक्षण किया। यहां कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती है और इसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय मंडी सईद खां भी संचालित है। निरीक्षण के समय कंपोजिट विद्यालय श्यामा देवी में पंजीकृत 128 छात्रों में से 108 और प्राथमिक विद्यालय मंडी सईद खां में 63 में से 56 छात्र उपस्थित मिले। इसी विद्यालय परिसर में कंपोजिट विद्यालय वजीरपुरा और प्राथमिक विद्यालय कन्या वजीरपुरा को भी शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सभी छात्र यूनिफार्म में मिले। छात्रों को दिए जा रहे मिड-डे-मील की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। छात्रों ने भी उन्हें दिए जा रहे भोजन को अच्छा बताया। सभी छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण किया जा चुका है, जिसकी पुष्टि छात्रों ने बातचीत के दौरान की। स्कूल में पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगा मिला और सभी छात्र इसी से पानी पीते मिले। इसके बाद सीडीओ ने कंपोजिट विद्यालय सरदार पटेल पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र ममता गौतम बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस विद्यालय परिसर में प्राथमिक विद्यालय पुनियापाड़ा और प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुरा को भी शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है। सीडीओ ने यहां पढ़ रहे छात्रों से बातचीत कर उनके पढ़ाई के स्तर की जांच की, जो संतोषजनक पाया गया। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाने और परिसर में वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए।
सतना जिले में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। गुरुवार शाम को उमरी क्षेत्र स्थित पूजा हॉस्पिटल के बगल में लगा एक विद्युत ट्रांसफार्मर ढह गया। इस घटना के कारण आसपास के कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि लगातार बारिश के चलते क्षेत्र में मिट्टी का कटाव हो रहा था। पानी के तेज बहाव के कारण ट्रांसफार्मर के आसपास की मिट्टी धीरे-धीरे खिसक गई, जिससे उसकी नींव कमजोर पड़ गई। इसी वजह से ट्रांसफार्मर अपने आधार से हटकर गिर गया। ट्रांसफार्मर गिरने से घरों के साथ-साथ आसपास के प्रतिष्ठानों और अन्य उपभोक्ताओं को भी बिजली गुल होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से दैनिक कामकाज प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहले से ही कई स्थानों पर जलभराव और मिट्टी कटाव की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने विद्युत उपकरणों और ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कमजोर हो रही नींव और मिट्टी के कटाव पर ध्यान दिया जाता तो इस घटना को टाला जा सकता था।
बिलासपुर में स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने शहरवासियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के नाम पर अब तक करीब 800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें अकेले इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) पर 170 करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय की गई है। हालांकि, शहर की अधिकांश सड़कें जर्जर होने के कारण इस भारी-भरकम खर्च की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र की लगभग 70 प्रतिशत सड़कें गड्ढों में बदल चुकी हैं। शहर के अंदरूनी हिस्सों की सड़कों की स्थिति बेहद खराब है, और यही हाल निगम में शामिल बाहरी नए वार्डों की सड़कों का भी है। यहां की सड़कों का खस्ताहाल शहर में जर्जर सड़कों की एक लंबी सूची है, जो आम और खास दोनों क्षेत्रों को प्रभावित करती है। इसमें राजेंद्र नगर चौक से लिंक रोड, सिविल लाइन से सिम्स चौक, आईजी ऑफिस से जल संसाधन होते हुए वेयर हाउस रोड, नेहरू नगर, नूतन कॉलोनी और जल संसाधन कॉलोनी की ओर जाने वाली कुदुदंड रोड शामिल हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी सड़कों की हालत खराब है। मसानगंज, जवाली नाला पर बनी रोड बृहस्पति बाजार, मिशन अस्पताल से जवाली नाला पुल तक, मध्यनगरीय चौक, तालापारा, मगरपारा, सरकंडा, बंगालीपारा, मेलापारा, जूनी लाइन, मारवाड़ी लाइन, गोंड़पारा से शनिचरी, चांटीडीह, कतियापारा और जूना बिलासपुर के अंदर की सड़कें भी मरम्मत की बाट जोह रही हैं। दैनिक भास्कर ने जनहित में तालापारा, मगरपारा से सीधे व्यापार विहार को जोड़ने वाली मरीमाई रोड के चौड़ीकरण, स्ट्रीट लाइट और नाली निर्माण के लिए एक अभियान चलाया था। मेयर रामशरण यादव के कार्यकाल में वर्ष 2022-2023 में यह योजना स्वीकृत हुई थी। हालांकि, भूमि पूजन के बाद भी यह सड़क अब तक अधूरी है और बारिश के कारण डबरे में तब्दील हो गई है। इस संबंध में कमिश्नर ने कहा है कि सड़कों की मरम्मत का कार्य बारिश के बाद ही शुरू किया जाएगा। वर्क आर्डर होने के बावजूद अधूरा मरीमाई रोड के निर्माण का वर्क आर्डर जारी होने के बाद कुछ काम हुआ, लेकिन ठप हो गया। तत्कालीन सभापति शेख नजीरूद्दीन ने रोड चौड़ीकरण के लिए मशक्कत कर लोगों से सहमति बनाई, कब्रिस्तान, मंदिर और आम लोगों के घरों के सामने का अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन रोड का आगे नहीं बढ़ पाया। जनहित में काम पूरा कराने की मांग- पूर्व सभापति पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन ने कहा कि, जनहित में रोड का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाना चाहिए। परिषद को राजनीति से हट कर इस पर निर्णय लेना चाहिए। लोगों का आरोप है कि सुधार के नाम पर पहले वर्षों से सेटल हुई सड़क को उल्टे खोद खोद कर बर्बाद कर दिया गया, जिससे बारिश होते ही जगह जगह डबरे नजर आते हैं। बारिश बाद बनेगी मरीमाई रोड, बाकी सड़कों का सर्वे नगर निगम बिलासपुर कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे का कहना है कि, मरीमाई रोड के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सड़क के निर्माण का कार्य बारिश थमने का बाद शुरू होगा। इसका वर्क आर्डर जारी हो चुका है और दिसंबर तक काम पूरा करने कहा गया है। शहर की अन्य सड़कों के सुधार के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मेरठ प्रांत की ओर से गुरुवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में छात्रा सम्मेलन एवं महानगर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्राएं और छात्रा कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, हिंदू जीवन-दर्शन, राष्ट्रबोध, छात्रा हित और सामाजिक दायित्व जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रांत सह छात्रा प्रमुख कु. झलक शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छात्राएं शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को समझकर वे राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकती हैं। कार्यक्रम में मेरठ महानगर अध्यक्ष डॉ. नेहा गर्ग, महानगर मंत्री अनुज बैसला और महानगर संगठन मंत्री अनुभव भारद्वाज मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने छात्राओं से संवाद करते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यों, छात्रा हित और राष्ट्रहित में छात्राओं की भूमिका पर विचार साझा किए। डॉ. नेहा गर्ग ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्राओं के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों के लिए जागरूक करने का काम करती है। अनुज बैसला ने छात्राओं से शिक्षा और समाज के साथ राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। अनुभव भारद्वाज ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को समझना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और नेतृत्व के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जयपुर महानगर द्वितीय की लेबर कोर्ट-1 ने प्रदेश के दो आईएएस अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। लेबर कोर्ट ने अपने आदेश में रोडवेज के रिटायर्ड परिचालक सीताराम के बकाया भुगतान पर पर दोनों अधिकारियों से 6 प्रतिशत ब्याज की वसूली करने के लिए कहा है। कोर्ट के जज दिनेश गुप्ता ने कहा- जब तक तत्कालीन रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा और वर्तमान एमडी पुरुषोत्तम शर्मा ब्याज की राशि जमा नहीं करा देते हैं, तब तक उनका वेतन रिलीज नहीं किया जाए। साथ ही कोर्ट ने आईएएस संदीप वर्मा पर श्रम कानूनों की अवेहलना करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया। मामले को पालना रिपोर्ट के लिए फिर से 1 सितंबर को रखा गया है। अवमानना कार्रवाई करने के निर्देश कोर्ट ने आदेश की कॉपी केंद्रीय डीओपीटी विभाग को भेजकर वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। वहीं हाईकोर्ट को रेफरेंस भेजकर दोनों अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की है कि किसी श्रमिक से निर्धारित मजदूरी का भुगतान किए बिना ओवरटाइम काम कराना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत बेगार और जबरन श्रम के समान है। कंडक्टर को नहीं दिया था ओवरटाइम का भुगतान दरअसल, रोडवेज के एक कंडक्टर सीताराम ने साल 1996 से 2013 के बीच घोषित साप्ताहिक ऑफ के दिनों में किए गए 124 दिनों के कार्य के लिए बकाया दोगुने ओवरटाइम भुगतान की मांग की थी। इस पर लेबर कोर्ट ने 30 जून 2026 को आदेश से मूल राशि 1,09,740 रुपए ब्याज और मुकदमे के खर्च सहित तय की गई थी। आरएसआरटीसी ने कंडक्टर को केवल 13,076 रुपए का आंशिक भुगतान किया। इस पर अब अदालत ने जिला कलेक्टर जयपुर को निर्देश दिया कि वह शेष मूल राशि 96,664 पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा 25,000 मुकदमे का खर्च और 3,000 रुपए की क्षतिपूर्ति राशि को आरएसआरटीसी से भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूल करें। इसमें से 6 प्रतिशत ब्याज की राशि दोनों अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। संदीप वर्मा के सर्कुलर को माना गलत दरअसल, जब संदीप वर्मा रोडवेज में सीएमडी रहे थे, उस समय उन्होंने दो सर्कुलर जारी करके भुगतान की प्राथमिकता तय की थी। कोर्ट ने उन्हीं सर्कुलरों को श्रम कानूनों और संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ माना। हालांकि अपने स्पष्टीकरण में संदीप वर्मा ने कहा- यह सर्कुलर मैंने पूर्व के सीएमडी और हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के तहत ही जारी किए थे। ऐसे में कर्मचारी के भुगतान में देरी के लिए मुझे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, लेकिन कोर्ट ने उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया। वहीं वर्तमान रोडवेज एमडी पुरुषोत्तम शर्मा को कोर्ट ने अदालती आदेश के बाद भी भुगतान नहीं करने का दोषी माना। इसलिए कोर्ट ने दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू कनरे के लिए हाईकोर्ट को लिखा है।
बालाघाट के बस स्टैंड स्थित शास्त्री पेट्रोल पंप पर हुई हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन्हें मिली उम्रकैद की सजा अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपियों में राजेश पिता मादोलाल चामलाटे (40), अंकित पिता किशनलाल चामलाटे (24), तनवीर शेख पिता शेख रहीम (26) और कुलदीप उर्फ रजा पिता कुंजीलाल हरिनखेड़े (22) शामिल हैं। पेट्रोल पंप के दफ्तर में घुसकर किया था हमला यह वारदात 29 सितंबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे हुई थी। मृतक मोनू उर्फ विशाल सोनी अपने दोस्त के साथ पेट्रोल भरवाने आया था। उसी दौरान आरोपियों ने पेट्रोल पंप के कार्यालय में घुसकर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान मोनू की मौत हो गई थी। अदालत ने माना दोषी कोतवाली पुलिस द्वारा पेश किए गए अभियोग पत्र और सबूतों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत दोषी पाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक मदन मोहन द्विवेदी ने पैरवी की
इंदौर के हीरा नगर इलाके में नगर निगम कर्मचारियों और रहवासियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ाकि उनके बीच मारपीट की नौबत आ गई, जिसके बाद मामला हीरा नगर थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने घायल रहवासी का मेडिकल कराया और दोनों तरफ से अदम चेक काटने की कार्रवाई की। दरअसल, मामला गुरुवार को एमआर-10 क्षेत्र में हुआ। मामले में अपर आयुक्त प्रखर जैन ने बताया कि शराब दुकान के पास नगर निगम कर्मचारी सफाई का काम कर रहा था। इस दौरान किसी बात को लेकर वहां पर विवाद हो गया था। जिसके बाद उनके बीच लड़ाई झगड़ा हो गया था। इसके बाद निगम के अन्य निगमकर्मी भी वहां पहुंच गए थे। घटना के बाद दोनों तरफ के लोग थाने पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि निगमकर्मी झाडू लगा रहा था, तभी किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया था। रहवासी के सिर में आई चोट रहवासी शुभम और नगर निगम कर्मचारी अभिजीत के बीच मारपीट की नौबत आ गई थी। जिसमें शुभम घायल हो गया। शुभम के सिर में चोट आई थी। इसके बाद वहां रहवासी भी इकट्ठा हो गए थे और उनकी नगर निगम कर्मचारियों से जमकर बहस भी हो गई थी। रहवासियों ने निगमकर्मचारियों पर वहां आकर शराबखोरी को आरोप लगाया। इधर, पुलिस ने दोनों की शिकायत पर अदम चेक की कार्रवाई की है।
खेत के कुएं में मिली महिला की लाश:बड़वानी में सजवानी-धमनई फाटे के बीच हुई घटना
बड़वानी जिला मुख्यालय के पास सजवानी-धमनई फाटे के बीच गुरुवार शाम एक खेत के कुएं में महिला का शव मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पुलिस को सूचित किया गया। बड़वानी कोतवाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई और ग्रामीणों की मदद से रस्सियों से खटिया बांधकर महिला के शव को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान सिंधी तंगड़ा, गंधावल के पास निवासी निरमा पिता लूलिया के रूप में हुई है। महिला कुएं तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की मौत दुर्घटनावश कुएं में गिरने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। इसका खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों के साथ-साथ मृतका के परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। महिला के कुएं में पहुंचने की परिस्थितियों को लेकर कई पहलुओं से जांच जारी है। फिलहाल महिला की मौत का कारण अज्ञात है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चलने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नर्मदापुरम के ग्राम पर्रादेह में घर में हुई चोरी का देहात थाना पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दिया। चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि फरियादी संतोष वर्मा के बेटे सोनू वर्मा ने की थी। आरोपी ने अपनी मां का मंगलसूत्र, पांचाली और कान के टॉप्स चोरी कर नर्मदापुरम के सराफा बाजार स्थित नयनतारा ज्वैलर्स पर 60 हजार रुपए में गिरवी रख दिए थे। पुलिस ने गुरुवार को रकम बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शाम को उसे कोर्ट में पेश किया गया। अलमारी से गहने और नकदी चोरी हुई थी देहात थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने बताया कि ग्राम पर्रादेह निवासी संतोष वर्मा ने बुधवार रात घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अलमारी में रखे पुराने इस्तेमाल किए हुए सोने के दो जोड़ी कान के फूल, एक मंगलसूत्र, एक पांचाली और 1500 रुपए नकद चोरी हो गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। जांच के दौरान पुलिस को घर के ही किसी व्यक्ति के चोरी में शामिल होने का शक हुआ। इसके बाद फरियादी के बेटे सोनू वर्मा से पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह किया और चोरी का आरोप अन्य लोगों पर लगाया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। गहने ज्वैलर के पास गिरवी रखे पूछताछ में सोनू ने बताया कि उसने चोरी के गहने नर्मदापुरम के सराफा बाजार स्थित परिचित सराफा व्यापारी नयनतारा ज्वैलर्स पर 60 हजार रुपए में गिरवी रखे हैं। इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे दुकान पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही बाजार में मची हलचल एसआई सुखनंदन नर्रे, एसआई प्रवीण शर्मा और प्रधान आरक्षक नवीन दुबे आरोपी सोनू वर्मा को लेकर नयनतारा ज्वैलर्स पहुंचे। पुलिस के पहुंचते ही सराफा बाजार में हलचल मच गई। व्यापारी से पूछताछ में गिरवी रखने का लाइसेंस मिला। दुकान के रजिस्टर में रकम रखने की एंट्री भी मिली। पुलिस ने 60 हजार रुपए बरामद किए। इसके बाद आरोपी सोनू वर्मा को गिरफ्तार कर शाम को कोर्ट में पेश किया गया।
देवास नगर निगम परिसर में गुरुवार को हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास में चेतावनी जारी होने से लेकर घायलों को सुरक्षित निकालने, आग बुझाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तक की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ऊंची इमारत में फंसे लोगों को रेस्क्यू टीम ने रस्सियों के सहारे सुरक्षित नीचे उतारा। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर हुए संयुक्त अभ्यास में होमगार्ड, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शामिल हुईं। टीमों ने हवाई हमले में घायल लोगों को प्राथमिक उपचार देने, आग पर काबू पाने, ऊंची इमारत से रेस्क्यू और भीड़ नियंत्रण जैसी परिस्थितियों में अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। आपात स्थिति में समन्वय और प्रतिक्रिया का परीक्षणमॉकड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, रेस्क्यू टीम की प्रतिक्रिया और मौके पर निर्णय लेने की क्षमता को परखना था। अधिकारियों ने राहत-बचाव कार्य के दौरान विभागों के बीच त्वरित तालमेल पर भी जोर दिया। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने कहा कि ऐसे संयुक्त अभ्यास से आपदा के समय की तैयारियों की समीक्षा के साथ प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय विकसित होता है। मॉकड्रिल में जिला सेनानी राजेश जैन, कंपनी कमांडर वीणा कौशल, प्लाटून कमांडर माखन सिंह पवार सहित सिविल डिफेंस और आपदा मित्र की टीमें मौजूद रहीं।
वाराणसी के कबीरचौरा स्थित राजकीय जिला महिला अस्पताल का गुरुवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य राजेश कुमार ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के एक-एक विंग को देखा और मरीजों से भी बात की। इस दौरान बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत पर प्रश्न पूछने पर कहा की यदि शिकायत या प्रमाण मिलेगा तो हम कार्रवाई करेंगे। इस दौरान उन्होंने एसआईसी डॉ मनीषा सिंह सेंगर से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की और रिपोर्ट भी देखी। अपर निदेशक ने यह भी कहा की यहां कुछ व्यवस्थाएं ऐसी हैं। जो हमारे प्रयागराज में भी अस्पतालों में नहीं है। उसके इम्प्लीमेंट के लिए वहां भी कार्य किया जाएगा। देखिये तस्वीरें… टीम के साथ पहुंचे अपर निदेशक स्वास्थ्यअपर निदेशक स्वास्थ्य राजेश कुमार गुरुवार को दोपहर बाद वाराणसी के कबीरचौरा स्थित राजकीय जिला महिला पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले सभी वार्डों का निरीक्षण किया। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी भी ली और पूछा की दवाएं और खाना समय से मिल रहा है या नहीं। इसके अलावा साथ चल रही एसआईसी डॉ मनीषा सिंह सेंगर से व्यवस्थाओं पर जानकारी भी ली। देखा ऑक्सीजन प्लांटअपर निदेशक स्वास्थ्य ने इस दौरान अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट को भी देखा और उसके प्रेशर को जांचा-परखा। वहीं उन्होंने एसआईसी के साथ बैठकर अस्पताल में आने वाली समस्याओं और दिक्कतों के साथ अन्य परेशानियों को भी जाना। ओटी की ऐसी व्यवस्था प्रयागराज में भी नहींनिरीक्षण के बाद अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बताया - राजकीय जिला महिला अस्पताल का आज मंडल की टीम ने निरीक्षण किया है। इसमें साफ-सफाई और व्यवस्थाएं सभी दुरुस्त मिली हैं। सबसे अच्छी चीज यहां ओटी है जो मॉड्यूलर है। ऐसा प्रयागराज में भी किसी अस्पताल में नहीं है। हम प्रयास करेंगे और इनसे समझेंगे की कैसे उसे बनाया है। उसका इम्प्लीमेंट प्रयागराज में भी करेंगे। मिसबिहेव की शिकायतें इक्का-दुक्का हर जगहअपर निदेशक राजेश कुमार ने बताया - नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर्स के मिसबिहेव पर उन्होंने कहा - हो सकता है; लेकिन यहां मैंने वार्ड, NICU और हर जगह मरीजों और उनके परिजनों से बात की पर ऐसा कहीं नहीं सुना। मिस बिहेव की बात इक्का दुक्का हर जगह आती है। बाहर से दवा लिखी जाती है उसका प्रमाण दीजिएअपर निदेशक से जब कहा गया कि यह बाहर से पर्ची लिखकर दवा मंगाई जा रही है। इसपर उन्होंने कहा ऐसा नहीं है। क्योंकि हमने अस्पताल बने आयुष्मान मेडिकल स्टोर पर पता किया तो उसने बताया की 300 की ओपीडी रोज होती है। और हम दवा 50 से 100 पेशेंट को दे रहे हैं। रही बात पर्ची की तो उसका प्रमाण चाहिए हम कैसे कह दें की बाहर से दवा आ रही है। या आप दे दीजिये प्रमाण।
भदोही में गैंगस्टर एक्ट के मामले में अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय (प्रथम) लोकेश कुमार मिश्र की अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषियों में प्रयागराज निवासी 47 वर्षीय सुरेश केशरवानी पुत्र रामसजीवन और 27 वर्षीय कमलेश पुत्र श्यामधर शामिल हैं। पुलिस जांच के मुताबिक सुरेश संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना था, जबकि कमलेश उसका सक्रिय सदस्य था। शराब की 738 शीशियां और वाहन बरामद पुलिस के अनुसार गिरोह आर्थिक लाभ के लिए मारपीट, धोखाधड़ी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल था। 28 मार्च 2019 को आरोपियों के कब्जे से 738 शीशी शराब और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया था। समाज विरोधी गतिविधियों और लोगों में भय का माहौल पैदा करने के आरोप में दुर्गागंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी माना। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी पुलिस महानिदेशक के निर्देश और एसपी भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस मामले में भी प्रभावी पैरवी की गई। एएसपी शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत थाना दुर्गागंज पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने मामले की पैरवी की। 5-5 हजार जुर्माना, न देने पर 3 माह अतिरिक्त जेल अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी श्याम सूरत पाण्डेय ने प्रभावी पैरवी की। अदालत ने सुरेश केशरवानी और कमलेश को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ प्रत्येक पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कौशांबी में गुरुवार शाम एक महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। महिला का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है और परिजनों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्ले में पहुंचकर दवा का छिड़काव कराया और लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया। मामला सिराथू तहसील क्षेत्र के दारानगर के मियां ओला मोहल्ले का है। जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले महिला की तबीयत खराब हुई थी। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद भी राहत नहीं मिलने पर परिजन उसे गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले गए। वहां जांच के दौरान महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन ने इसकी जानकारी कौशांबी स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलने पर गुरुवार शाम सीएचसी कड़ा के अधीक्षक डॉ. मोहम्मद साउथ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मियां ओला मोहल्ले पहुंची। टीम ने आसपास के क्षेत्र में दवा का छिड़काव कराया और लोगों को घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, कूड़ा जमा नहीं होने देने तथा गंदगी से बचने की सलाह दी। बुखार-खांसी समेत ये हो सकते हैं लक्षण अधीक्षक डॉ. साउथ ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा-ए वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और कमजोरी शामिल हो सकती है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। महिला का मेदांता अस्पताल में उपचार जारी है।
हरियाणा के सिरसा जिले के गांव रामपुरा बिश्नोईयां में एक लाइब्रेरी में बिजली चोरी के आरोप में एक युवक को ₹88,067 का नोटिस जारी किया गया है। युवक के परिवार ने मामले में डीसी से शिकायत की है, उनका कहना है कि युवक बिजली चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है। जानकारी के अनुसार, गांव की चौपाल में ग्रामीणों के सहयोग से यह लाइब्रेरी संचालित होती है, जहां प्रतिदिन 20 से 30 बच्चे पढ़ने आते हैं। आरोप है कि लाइब्रेरी में बिजली की व्यवस्था अवैध रूप से 'कुंडी' लगाकर की गई थी। बिजली विभाग के जेई और लाइनमैन जब लाइब्रेरी पहुंचे, तो वीरेंद्र पुत्र राजेंद्र सहित अन्य छात्र वहां पढ़ाई कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि वीरेंद्र को बाहर बुलाकर उस पर बिजली चोरी का आरोप लगाया गया और बाद में उसके घर ₹88,067 का नोटिस भेज दिया गया। लाइब्रेरी की कोई पंजीकृत कमेटी नहीं परिवार का कहना है कि वीरेंद्र न तो लाइब्रेरी का पदाधिकारी है और न ही बिजली चोरी के लिए जिम्मेदार है। उनका यह भी आरोप है कि लाइब्रेरी की कोई पंजीकृत कमेटी नहीं है और बिना उचित जांच के नोटिस जारी किया गया है। परिवार के अनुसार, वीरेंद्र एक गरीब परिवार से आता है और उसके पिता दिव्यांग हैं। मामले को लेकर मानसिक परेशानी झेल रहा पिछले लगभग तीन महीनों से यह परिवार इस मामले को लेकर मानसिक परेशानी झेल रहा है और विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। गुरुवार को वीरेंद्र और उसके पिता ने उपायुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। उपायुक्त ने मामले का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया है। धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- संघ प्रधान इस संबंध में सर्व सहायता संघ के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि एक गरीब परिवार के साथ इस तरह की 'धक्केशाही' बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो गांववासी बिजली विभाग के कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
46 घंटे बाद नदी से मिला लापता BDC का शव:मिर्जापुर में तेज बहाव में बह गए, मंगलवार शाम हुए थे लापता
मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र के विजयपुर में मंगलवार शाम नदी पार करते समय तेज बहाव में बहे क्षेत्र पंचायत सदस्य अशफाक खान का शव 46 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार को बलापुर गांव के सामने नदी से शव निकाला। शव मिलने की सूचना पर परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अशफाक खान मंगलवार शाम करीब पांच बजे नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और संतुलन बिगड़ने से वह नदी की धारा में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर लगातार खोज अभियान चलाया। करीब 46 घंटे की तलाश के बाद एसडीआरएफ को बलापुर गांव के सामने नदी में अशफाक का शव मिला। परिजनों ने शव की पहचान की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अशफाक खान तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर कार्यरत थे। घटना के समय उनकी पत्नी सबीना बेगम प्रयागराज स्थित मायके गई हुई थीं। अशफाक की तीन बेटियां आयरा (9), सुमैरा (7) और अनायजा (2) हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है, जबकि विजयपुर क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
राजगढ़ जिले के जीरापुर में जमीन के नामांतरण के लिए 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी के सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी ने रिश्वत की राशि खुद लेने के बजाय सहयोगी को भेजा था। लोकायुक्त टीम ने सहयोगी जमना प्रसाद उर्फ बबलू को 7 हजार रुपए लेते पकड़ा। इसके बाद पटवारी सीमा दांगी को भी मामले में आरोपी बनाया गया। कार्रवाई गुरुवार को सिरपोई कॉलोनी स्थित पटवारी सीमा दांगी के निजी कार्यालय में हुई। शिकायतकर्ता राम प्रसाद दांगी ने 13 अगस्त को लोकायुक्त भोपाल में शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने ग्राम श्यामपुरा की खेजड़िया गांव स्थित खसरा नंबर 407/1 की जमीन के नामांतरण के लिए आवेदन किया था। नामांतरण की प्रक्रिया की जानकारी लेने पटवारी के पास पहुंचने पर उनसे 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने किया सत्यापन राम प्रसाद दांगी ने रिश्वत देने के बजाय 13 अगस्त को लोकायुक्त भोपाल में शिकायत की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। इसमें पटवारी सीमा दांगी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देश पर ट्रैप टीम बनाई गई। सहयोगी ने लिए रुपए, टीम ने पकड़ा योजना के तहत 20 अगस्त को शिकायतकर्ता 7 हजार रुपए लेकर पटवारी के निजी कार्यालय पहुंचा। वहां पटवारी सीमा दांगी ने रिश्वत लेने के लिए जमना प्रसाद उर्फ बबलू को भेजा। जैसे ही बबलू ने शिकायतकर्ता से रुपए लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पटवारी सीमा दांगी को भी मामले में आरोपी बनाया गया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई डीएसपी वीरेंद्र सिंह और निरीक्षक रजनी तिवारी के नेतृत्व में टीम ने की। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
धमतरी में सुने मकान में घुसे 3 भालू, VIDEO:ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी, वन विभाग ने जंगल की ओर भेजा
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बार फिर भालू बस्ती की ओर पहुंच गए। डुबान क्षेत्र के ग्राम मोंगरा गहन में तीन भालू एक निर्माणाधीन सूने मकान में घुस गए, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालुओं को सुरक्षित जंगल की ओर भेजा। ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो इन भालुओं में एक मादा भालू और उसके दो बच्चे शामिल थे। भालुओं को मकान में देखकर तत्काल वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। यह घटना धमतरी जिले में भालुओं के लगातार रिहायशी इलाकों में आने की श्रृंखला का हिस्सा है। भालुओं को जंगल में खदेड़ा भालुओं के बस्ती में घुसने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और भालुओं को जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता पाई। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। वन विभाग ने की यह अपील जानकारी के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से मोंगरा गहन गांव में भालुओं का आना-जाना लगा हुआ था, जिससे ग्रामीण पहले से ही चिंतित थे। वन विभाग ने ग्रामीणों को शाम होते ही जंगल की ओर न जाने और छोटे बच्चों को घर से बाहर न निकलने देने की सलाह दी है। भालुओं को बस्ती से दूर रखने के लिए वन विभाग और ग्रामीणों ने मशाल लेकर जंगल की ओर गश्त भी की। बताया जा रहा है कि अब भालुओं का गांव में आना कम हो गया है, लेकिन सतर्कता अभी भी बरती जा रही है।
आगर-मालवा शहर में गुरुवार को वाल्मीकि समाज की ओर से गोगा महाराज की छड़ी यात्रा निकाली गई। इसमें राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज सहित शाजापुर, सारंगपुर, आलोट, घटिया और खाचरौद जैसे विभिन्न क्षेत्रों से आई गोगा महाराज की छड़ियां शामिल हुईं। बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ पुरानी कृषि उपज मंडी से गोगा महाराज की छड़ी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद यात्रा अस्पताल चौराहा, सरकार बड़ा, गोपाल मंदिर, शंकर कुआं, छावनी और झंडा चौक से होते हुए देर शाम काटन प्रेस पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की धुन पर गोगा महाराज के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। शहर में विभिन्न स्थानों पर यात्रा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। काटन प्रेस पर यात्रा के समापन अवसर पर गोगा महाराज की आरती की गई। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, वाल्मीकि समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
संभल में शाही जामा मस्जिद के पास बिना स्वीकृत नक्शे के बने मकानों और दुकानों की जांच शुरू हो गई है। गुरुवार को विनियमित क्षेत्र के जेई सचिन कुमार ने टीम के साथ मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित धार्मिक स्थल के पीछे बनी मार्केट में करीब ढाई घंटे तक पैमाइश की। इस दौरान करीब 30 से 32 निर्माण चिन्हित किए गए। संबंधित भवन स्वामियों को शुक्रवार तक अपने निर्माण के स्वीकृत नक्शे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नक्शा नहीं मिलने पर धारा 10 के तहत नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुई पैमाइश शाम 6:30 बजे तक चली। टीम ने क्षेत्र में बने मकानों और दुकानों की निर्माण स्थिति का जायजा लेने के साथ उनके स्वीकृत मानचित्र और संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने मौके पर यह भी देखा कि जिन भवनों के नक्शे स्वीकृत हैं, निर्माण उन्हीं के अनुरूप कराया गया है या नहीं। शुक्रवार तक नक्शा देने के निर्देश जांच के दौरान चिन्हित 30 से 32 निर्माणों के मालिकों से उनके भवनों के स्वीकृत नक्शे प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन के अनुसार जिन लोगों के पास नक्शा उपलब्ध है और निर्माण उसी के अनुसार कराया गया है, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोगों को नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं। महायोजना 2031 के तहत चिन्हित क्षेत्र एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि चौधरी सराय पुलिस चौकी से टंडन तिराहे तक का क्षेत्र महायोजना 2031 के तहत चिन्हित है। इसी क्षेत्र में निर्माणों की स्थिति और स्वीकृत मानचित्रों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र में निर्माण निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही हुए हों। अधिकारियों के मुताबिक, जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण मिलने पर संबंधित भवन या दुकान के मालिक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के मामले में बिलासपुर के एनडीपीएस विशेष न्यायालय ने दो पुरुषों और एक महिला को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 1.50-1.50 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। खास बात यह है कि मामले का ट्रायल महज 7 महीने में पूरा कर फैसला सुनाया गया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 9 सितंबर 2025 को कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 114 नग ब्यूप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन बरामद किए थे। हर इंजेक्शन 2 एमएल का था। इस तरह कुल 228 एमएल नशीली दवा जब्त की गई थी। पुलिस ने मामले में निकेत वस्त्रकार (23), जयंत वस्त्रकार (22) दोनों निवासी घुटकू नयापारा, थाना कोनी और दुर्गा वर्मा (31), निवासी घुटकू गोदाम मोहल्ला, थाना कोनी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से पल्सर बाइक CG10/BN2344 भी जब्त की गई थी। ज्वाली नाला के पास दबिश, फिर महिला आरोपी से बरामदगी पुलिस के मुताबिक, ज्वाली नाला के पास दबिश देकर पहले निकेत और जयंत से 62 नग ब्यूप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन बरामद किए गए थे। इसके बाद 9 सितंबर को दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 नग इंजेक्शन मिले। दोनों कार्रवाइयों में कुल 114 इंजेक्शन जब्त किए गए। साक्ष्यों के आधार पर पेश किया चालान कोतवाली पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाकर विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। पुलिस की जांच और न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस बिलासपुर पुलिस ने कहा कि नशीली दवाओं की बिक्री, परिवहन और सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ऐसे मामलों में आरोपियों की संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी जांच करेगी। अधिकारियों ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ के सभी परिषदीय विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों, यू-ट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अब बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश कर फोटो या वीडियो नहीं बना सकेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने आदेश जारी कर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए के आदेश में कहा गया है कि अक्सर बाहरी व्यक्ति, यू-ट्यूबर और सोशल मीडिया से जुड़े लोग बिना अनुमति स्कूलों में पहुंचकर विद्यालय और स्टाफ के फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। इससे पठन-पाठन प्रभावित होता है। साथ ही शिक्षक पद की गरिमा और विभाग की छवि भी प्रभावित होती है। निरीक्षण के लिए अधिकारी पहले से नामित आदेश में कहा गया है कि परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण के लिए शासन और प्रशासन की ओर से पहले से ही अधिकारी नामित हैं। ये अधिकारी समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण और अनुश्रवण करते हैं। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने और शिक्षक पद की गरिमा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बीएसए की अनुमति के बाद ही प्रवेश अब कोई भी बाहरी व्यक्ति, यू-ट्यूबर या सोशल मीडिया से जुड़ा व्यक्ति बीएसए या सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना स्कूल में प्रवेश कर फोटो अथवा वीडियोग्राफी नहीं कर सकेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
लखनऊ में कैसरबाग स्थित उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय परिसर की ओर से 13 दिवसीय पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम शुरू हो गया। इस बार देशभर से 191 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इससे पुरातत्व, इतिहास, कला, संस्कृति और विरासत को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि सामने आई है। इस मौके पर पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम के जरिए प्रतिभागियों को पुरातत्व और विरासत के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दीं। पुरातात्विक दृष्टिकोण विकसित करना जरूरी मुख्य वक्तापद्मश्री डॉ. नारायण व्यास ने कहा कि इतिहास और पुरातत्व एक-दूसरे के पूरक हैं। युवा पीढ़ी में पुरातात्विक दृष्टिकोण विकसित करना जरूरी है, ताकि वे अपनी विरासत को पहचान और समझ सकें। उन्होंने बच्चों और विद्यार्थियों को स्थानीय पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही विरासत के संरक्षण में उनकी भागीदारी बढ़ाने की अपील की। पाठ्यक्रम में कई राज्यों से प्रतिभागी जुड़े प्रो. किरण कुमार थपलियाल ने पुरातत्व के विभिन्न आयामों और अनछुए पहलुओं के बारे में बताया। उन्होंने प्रतिभागियों से शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करने को कहा। खास बात यह रही कि पाठ्यक्रम में कई राज्यों से प्रतिभागी जुड़े हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरल और जम्मू-कश्मीर से भी लोगों ने पंजीकरण कराया। उत्तर प्रदेश में लखनऊ से 62 और वाराणसी से 12 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। अन्य जिलों से भी प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागी प्रत्यक्ष और 50 से अधिक ऑनलाइन जुड़े।
सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर फायरिंग और लोगों को डराकर रंगदारी वसूलने के आरोप में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की रात बीबीपुर-अटवा मार्ग पर लेखनापुर गांव मोड़ के पास बाग में वांछित आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोलू उर्फ आकिब, शशिकांत, प्रशान्त कुमार, शिवांक, सुफियान, गुफरान, विकास और शोएब उर्फ समीर उर्फ बाबा पठान के रूप में की है। पुलिस ने शोएब को गिरोह का मुख्य सूत्रधार और रेकीकर्ता बताया है। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से तीन अवैध तमंचे, खोखे, जिंदा कारतूस और 10,500 रुपये बरामद किए गए। रेकी कर लोगों को डराने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की रेकी करने के बाद उन्हें डराने-धमकाने और रुपये वसूलने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि शोएब पुलिस की गतिविधियों की जानकारी गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। 17 अगस्त को सत्यप्रकाश मौर्य से कथित रूप से वसूली गई रकम में से 10,500 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी मोबाइल फोन अपने साथ नहीं रखते थे। शोएब पर कई मुकदमे दर्ज पुलिस ने शोएब को हिस्ट्रीशीटर बताया है। उसके खिलाफ सीतापुर, लखनऊ और राजस्थान में चोरी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वहीं गोलू, गुफरान और विकास के खिलाफ भी पूर्व में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, नैमिषारण्य थाने में मुकदमा संख्या 142/2026 के तहत धारा 109(1)/3(5) बीएनएस और 25(1-B) आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मुकदमा संख्या 141/2026 में भी अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। प्रभारी निरीक्षक नवनीत मिश्रा ने बताया कि सभी आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अमीनाबाद पुलिस चौकी को ध्वस्त करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि पुलिस चौकी आम लोगों की सुरक्षा के लिए है और मौजूदा परिस्थितियों में इसे गिराने का आदेश देना उचित नहीं होगा। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अमीनाबाद एक घनी आबादी और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। यहां नई पुलिस चौकी के लिए जमीन उपलब्ध कराना आसान नहीं है। याचिकाकर्ता ने चौकी के लिए दूसरी जमीन अधिग्रहित करने का सुझाव दिया था, जिस पर न्यायालय ने कहा कि सुझाव देना आसान है, लेकिन ऐसी जमीन तलाशना मुश्किल है। हालांकि, न्यायालय ने याचिकाकर्ता को पुलिस आयुक्त के समक्ष प्रत्यावेदन देने की छूट दी है। खंडपीठ ने कहा कि यदि चौकी को किसी अन्य उपलब्ध स्थान पर स्थानांतरित करना संभव हो तो इस पर विचार किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने शहर में अन्य कथित अवैध पुलिस चेक पोस्टों का मुद्दा भी उठाया था। न्यायालय ने इस संबंध में भी पुलिस आयुक्त को प्रत्यावेदन देने की बात कही और कहा कि वे कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने के बावजूद समयाभाव के कारण नहीं सुने जा सके मुकदमों की अगली तारीख निश्चित करने की मांग वाली जनहित याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता अधिवक्ताओं को व्यवस्था में सुधार के संबंध में अपने सुझाव हाईकोर्ट के प्रशासनिक पक्ष के समक्ष रखने की छूट दी। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने गिरधारी लाल यादव व अन्य अधिवक्ताओं की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में कहा गया था कि लिस्टिंग प्रार्थना पत्रों और समय की कमी के कारण सुनवाई से रह गए मामलों को दोबारा सूचीबद्ध कराने में काफी समय लगता है। इससे वादकारियों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। याचियों ने ऐसे मामलों में अगली सुनवाई की निश्चित तारीख तय करने की व्यवस्था लागू करने की मांग की थी। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस संबंध में अपने सुझाव प्रशासनिक पक्ष के सामने रखें। वहां इन सुझावों पर उचित स्तर पर विचार किया जा सकता है।
दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयागराज मंडल ने पहल की है। रेलवे की ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ (OSOP) योजना के तहत मंडल के 28 स्टेशनों पर 39 स्टॉल और ट्रॉलियों का आवंटन किया जाएगा। इनमें दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के जरिए स्थानीय कारीगरों, उत्पादकों और छोटे उद्यमियों को भी रेलवे स्टेशनों के माध्यम से अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन ने बताया कि OSOP योजना के तहत मिर्जापुर, विंध्याचल और चुनार समेत कई स्टेशनों पर आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक आवेदकों को संबंधित स्टेशन मास्टर के नाम प्रार्थना पत्र देना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड और दिव्यांगजन प्रमाणपत्र की प्रति लगाना अनिवार्य है। मिर्जापुर में 2 हजार, अन्य स्टेशनों पर 1 हजार रुपए शुल्क मिर्जापुर स्टेशन पर स्टॉल का मासिक शुल्क 2 हजार रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि अन्य स्टेशनों पर 1 हजार रुपए प्रति माह शुल्क देना होगा। स्टॉल या ट्रॉली का आवंटन अधिकतम तीन महीने की अवधि के लिए किया जाएगा। रेलवे के नियमों के अनुसार, प्रत्येक शिफ्ट में एक स्टॉल पर अधिकतम दो सेल्समैन काम कर सकेंगे। इनमें प्लेटफॉर्म वेंडर भी शामिल हैं। रेलवे की ओर से 60 यूनिट तक बिजली का प्रभार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को रेलवे स्टेशनों पर बाजार मिलने से कारीगरों, उत्पादकों और छोटे उद्यमियों को भी आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिलेगा।
मैहर जिले के अमदरा थाना क्षेत्र की झुकेही चौकी अंतर्गत एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गुरुवार शाम पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां का बचपन में निधन हो गया था और उसके पिता काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहते थे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर करण सिंह उर्फ कन्ना (49) पुत्र मर्दन सिंह निवासी अमदरा जिला मैहर ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी पर बच्ची को डराने-धमकाने का भी आरोप है। बताया गया है कि आरोपी कई महीनों से नाबालिग का कथित तौर पर शोषण कर रहा था। डर और धमकियों के कारण पीड़िता लंबे समय तक किसी को घटना की जानकारी नहीं दे पाई थी। आखिरकार, बुधवार को पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद पीड़िता के परिजन उसे लेकर अमदरा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश के लिए एक टीम गठित की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज झुकेही चौकी प्रभारी अशोक सिंह सेंगर ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर में गुरुवार विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय ' ब्रिंग आउट दा अर्जुन वीथिन' रहा। इसका मुख्य मकसद छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जीवन-मूल्यों का विकास करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इस्कॉन लखनऊ के उपाध्यक्ष दीनदयाल प्रभु ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर छात्र के भीतर अर्जुन जैसी प्रतिभा मौजूद है। बस इसे पहचानकर सही दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने अर्जुन की सफलता का आधार एकाग्रता, निरंतर अभ्यास, विनम्रता और सही मार्गदर्शन को बताया। साथ ही छात्रों को मोबाइल और अन्य भटकाव से बचकर लक्ष्य पर फोकस करने की सलाह दी। डिजिटल युग में युवाओं में सतर्कता जरूरी कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिषशास्त्र विद्याशाखा के वरिष्ठ प्रोफेसर मदनमोहन पाठक ने की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं को भटकने से बचना चाहिए। समाज को सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे असफलताओं से घबराएं नहीं, अपने भीतर के अर्जुन को जगाएं और देश निर्माण में योगदान दें। ये मौजूद रहे कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार हुई। छात्रों ने ऋग्वेद, शुक्लयजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के मंत्रों का सस्वर पाठ किया। इसके बाद कुलगीत और वंदेमातरम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में प्रोफेसर श्यामदेव मिश्र,प्रोफेसर भारतभूषण त्रिपाठी,प्रोफेसर गणेश शंकर विद्यार्थी, प्रोफेसर पवन कुमार, प्रोफेसर हरिनारायणधर द्विवेदी, डॉक्टर नीरज तिवारी, डॉक्टर उमेश कुमार पाण्डेय, डॉक्टर धर्मेन्द्र कुमार पाठक, डॉक्टर संजय कुमार मिश्र, डॉक्टर चन्द्रश्री पाण्डेय, डॉक्टर हीरा पाण्डेय, सृष्टि तिवारी समेत कई प्राध्यापक, कर्मचारी और शोधार्थी मौजूद रहे।
बेमेतरा शहर के वार्ड नंबर 7 स्थित परशुराम चौक में गुरुवार को पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया। यहां एक महिला ने घर के अंदर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। आरोप है कि मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस ने देविका साहू (44) को मृत समझकर कमरे में ताला लगा दिया और पंचनामा की कार्रवाई के लिए बाद में लौटने की बात कहकर चली गई। करीब दो घंटे बाद पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और कमरे का ताला खोला तो महिला की सांसें चल रही थीं। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे ICU में भर्ती कराया गया है। बच्चे स्कूल से लौटे तो मां को फंदे पर देखा बताया गया कि महिला पिछले करीब 10 वर्षों से किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रह रही है। गुरुवार को घटना के समय तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे महिला ने घर के अंदर रस्सी से फांसी लगाने की कोशिश की। स्कूल से लौटे बच्चों ने अपनी मां को इस हालत में देखा तो उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप- महिला को मृत समझकर कमरे में लगा दिया ताला परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर महिला को मृत समझ लिया। इसके बाद कमरे में ताला लगा दिया गया और पंचनामा की कार्रवाई के लिए बाद में लौटने की बात कहकर पुलिसकर्मी वहां से चले गए। करीब दो घंटे बाद पुलिसकर्मी पंचनामा की कार्रवाई के लिए दोबारा मौके पर पहुंचे। जब कमरे का ताला खोला गया तो महिला की सांसें चल रही थीं। इसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया। महिला को तत्काल निजी वाहन से अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे ICU में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसका इलाज जारी है। जिंदा मिलने के बाद परिजन हुए नाराज महिला के जिंदा मिलने की जानकारी सामने आने के बाद परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराज हो गए। उनका आरोप है कि यदि पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही महिला की स्थिति की ठीक से जांच की होती तो उसे करीब दो घंटे पहले ही अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कथित लापरवाही की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। परशुराम चौक पर सड़क पर बैठे लोग, किया चक्काजाम घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग कुछ देर के लिए परशुराम चौक पर सड़क पर बैठ गए और रास्ता जाम कर दिया। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर पुलिस की कथित लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर काफी देर तक चर्चा होती रही। पुलिस की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण स्पष्ट नहीं फिलहाल महिला का अस्पताल में इलाज जारी है। परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक तौर पर क्या कार्रवाई की गई है या घटना को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया गया है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और महिला की मेडिकल स्थिति को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है। ……………….. इस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए डॉक्टरों ने मृत बताया, अंतिम-संस्कार से पहले जिंदा हुआ, VIDEO:शरीर हिला, फिर गई जान; डॉ. बोले- परिवार वाले मर्जी से पेशेंट को ले गए रायपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ने भिलाई के युवक को मृत घोषित कर रिश्तेदारों को बॉडी सौंप दिया, लेकिन जब रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए उसे लेकर जा रहे थे, तभी युवक के शरीर में हरकत दिखाई देने लगी। इसके बाद रिश्तेदार उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।…पढ़िए पूरी खबर
चित्रकूट जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रेमी की हत्या के मामले में पति-पत्नी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला की अदालत ने गुरुवार को उदल शर्मा उर्फ महापात्र और उसकी पत्नी रीता देवी उर्फ ननकई को उम्रकैद के साथ प्रत्येक पर 8-8 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। दोनों पर कुल 16 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र के कटरागूदर गांव से जुड़ा है। बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के लखमी थोक निवासी रामदुलारी ने 4 सितंबर 2019 को कर्वी कोतवाली में अपने 20 वर्षीय बेटे धीरज सैनी उर्फ चुन्नू के लापता होने की सूचना दी थी। उन्होंने बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले में उदल शर्मा और उसकी पत्नी रीता देवी के खिलाफ अपहरण की धारा 364 में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने देवांगना घाटी से एक शव बरामद किया। परिजनों ने शव की पहचान धीरज सैनी के रूप में की। इसके बाद विवेचना में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं भी बढ़ाई गईं। पुलिस ने उदल शर्मा को 5 अक्टूबर 2019 और उसकी पत्नी रीता देवी को 6 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ 26 दिसंबर 2019 और 23 जुलाई 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए गए। लगातार पैरवी से दोषियों को सजा पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित कर प्रभावी पैरवी की गई। प्रभारी कोतवाली कर्वी और पैरोकार आरक्षी प्रशांत कुमार ने मामले की पैरवी की, जबकि जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी बहस की। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उदल शर्मा और रीता देवी को दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
पन्ना के जंगल में भालू का हमला:मादा भालू ने युवक का पैर चबाया, वनकर्मियों ने बचाई जान
पन्ना के अधराड़ी जंगल में एक युवक पर मादा भालू ने हमला कर दिया। घटना दक्षिण पन्ना वनमंडल के कक्ष 1257 में गुरुवार शाम हुई। ग्राम दामुइया निवासी 37 वर्षीय राकेश सिंह अपने साथी राजेंद्र और राहुल के साथ जंगल गए थे, तभी मादा भालू अपने दो शावकों के साथ सामने आ गई। भालू ने राकेश सिंह के बाएं पैर के घुटने पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। राकेश के साथियों ने शोर मचाया, जिसके बाद भालुओं का कुनबा वहां से भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही बीट वनपाल गोविंद प्रजापति और बीटगार्ड रजनीश चौधरी मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने तत्काल घायल राकेश को अपनी गाड़ी से रैपुरा अस्पताल पहुंचाया। रैपुरा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने राकेश को बेहतर इलाज के लिए कटनी रेफर कर दिया। कटनी के अस्पताल में उनका इलाज जारी है और डॉक्टरों ने उनकी जान को खतरे से बाहर बताया है। इस घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में चौकसी बढ़ा दी है। विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि जब तक भालुओं का यह कुनबा शांत नहीं हो जाता, तब तक घने जंगल की ओर अकेले या लापरवाही से जाने से बचें।
हरियाणा के हांसी में राज्य चौकसी ब्यूरो (विजिलेंस) ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) में नौकरी लगवाने के नाम पर ₹50 हजार की रिश्वत लेते एक व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताकर एक महिला को चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी भिवानी में HKRN के तहत नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था। आरोपी की पहचान ऐलनाबाद के गांव मिठनपुरा निवासी राजेंद्र के रूप में हुई है। बंसीलाल यूनिवर्सिटी में नौकरी दिलाने का झासा राज्य चौकसी ब्यूरो जींद के निरीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी राजेंद्र ने महिला को खुद को सरकारी अधिकारी बताया था। उसने दावा किया कि HKRN से जुड़े अधिकारियों से उसकी अच्छी जान-पहचान है। इसी प्रभाव का हवाला देते हुए उसने महिला को चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी, भिवानी में HKRN के तहत नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। नौकरी के लिए ₹2 लाख की डील तय हुई थी, जिसमें ₹50 हजार बतौर अग्रिम भुगतान मांगे गए थे। टीम ने महिला को दी ₹50 हजार रकम महिला ने मामले की शिकायत राज्य चौकसी ब्यूरो के टोल फ्री नंबर पर की थी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने महिला को ₹50 हजार की रकम दी, जिसमें ₹500 के 100 नोट शामिल थे। इन नोटों पर विशेष पाउडर लगाया गया था, ताकि रिश्वत लेते समय आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जा सके। गुरुवार को हांसी बस स्टैंड के सामने आरोपी राजेंद्र ने जैसे ही महिला से ₹50 हजार की रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एक अन्य व्यक्ति से भी पैसे लेने की जानकारी निरीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी राजेंद्र ने एक अन्य व्यक्ति से भी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए हैं। इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है। विजिलेंस टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर कितने लोगों से पैसे लिए हैं तथा इस मामले में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। लोगों से विजिलेंस को सूचना देने की अपील निरीक्षक महेंद्र कुमार ने आम लोगों से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है अथवा कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी या HKRN के तहत नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत राज्य चौकसी ब्यूरो को दें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी और शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में नगर निगम का चला बुलडोजर:गली पर कब्जा कर बनाई दीवार ढहाई; दस्ते ने अवैध पशुओं को भी पकड़ा
जोधपुर में रातानाडा इलाके के भैरू विलास में नगर निगम ने गुरुवार को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने गली की जगह पर कब्जा कर बनाई गई अवैध दीवार को ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान टीम ने क्षेत्र में आवारा पशुओं को भी पकड़ा। निगम की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। यहां पर प्लॉट नंबर 19 बी में गली में दीवार खींचकर कब्जा करने की शिकायत निगम को मिली थी। निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते में शामिल सुरेश हंस ने बताया कि गली पर कब्जा करके दीवार घर खींचकर घर में शामिल कर ली। इसके बाद अतिक्रमी ने छप्पर बनाकर वहां गाय पालना शुरू कर दिया। इसकी शिकायत मिलने पर अतिक्रमण हटाने के लिए 3-4 बार चेतावनी दी गई। इस पर भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो निगम की टीम ने कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने के दौरान निगम की टीम के साथ एयरपोर्ट थाने का पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा। विभिन्न इलाकों से 16 पशुओं को पकड़ा वहीं, दूसरी तरफ नगर निगम निराश्रित पशु नियंत्रण दल जोन 1,2 द्वारा कायलाना, प्रताप नगर आदि क्षेत्रों में पशु पकड़ने की कार्रवाई की। टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों से 16 पशु पकड़े हैं। कार्रवाई के दौरान निगम कर्मियों से की गई धक्का-मुक्की कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल रजनीश बरासा ने बताया कि इस दौरान पशु मालिकों ने विरोध करके पकड़े गए पशुओं को टोले से छुड़ाकर भगा दिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की कोशिश की गई। इसके टीम ने स्थिति संभालते हुए पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई करते हुए 16 पशुओं को पकड़ा।
राजाधिराज द्वारकाधीश लाल घटा में विराजमान:मथुरा के मंदिर में भक्तों ने किए मनोहारी दर्शन
मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में गुरुवार शाम 7 बजे से राजाधिराज भगवान द्वारकाधीश ने लाल घटा में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। श्रावण मास के चलते मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिसके तहत यह कार्यक्रम हुआ। इस मनोहारी आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी (एडवोकेट) ने बताया कि मंदिर में होने वाले सभी कार्यक्रमों का निर्धारण गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज (कांकरोली नरेश, तृतीय पीठ) द्वारा किया जाता है। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, श्रावण मास में ठाकुर जी को लाड़-लड़ाने के भाव से विभिन्न प्रकार की घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी इसी परंपरा के तहत ठाकुर जी महाराज को लाल घटा में विराजमान किया गया। इस अवसर पर मंदिर के पूरे प्रांगण को लाल रंग के कपड़ों, आकर्षक विद्युत रोशनी और विभिन्न प्रकार के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। लाल घटा में विराजमान ठाकुर जी के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और मंदिर परिसर भगवान द्वारकाधीश के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर में सजाई गई विभिन्न आकर्षक झांकियां भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। ठाकुर जी के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के वातावरण में स्वयं को धन्य महसूस किया। मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने यह भी बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में घटा का विशेष महत्व है। घटा के माध्यम से ठाकुर जी को बाहर के मौसम की अनुभूति करवाने का भाव माना जाता है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दौरान यह क्रम लगातार जारी रहेगा और प्रतिदिन ठाकुर जी अलग-अलग स्वरूपों एवं सजावट में भक्तों को दर्शन देंगे। तिवारी ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को सायंकाल 5:10 बजे से 5:40 बजे तक ठाकुर जी महाराज कमल के हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवसर पर भी मंदिर में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
ग्वालियर के दही मंडी में दो दिन पहले एक स्ट्रीट डॉग की पीट-पीटकर हत्या के विरोध में एनिमल लवर्स ने गुरुवार को कैंडल मार्च निकाला। पशु प्रेमियों ने शहर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रार्थना सभा आयोजित की और मृत डॉग की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। घटना दही मंडी की है, जहां एक स्ट्रीट डॉग दुकान के बाहर छाया में बैठा था। आरोप है कि दुकानदार पंकज रस्तोगी और उसके एक साथी ने डॉग के चारों पैर बांध दिए और लोहे की रॉड से उसकी पिटाई की। गंभीर चोटों के कारण डॉग की मौत हो गई। एनिमल लवर बबीता शर्मा की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने दुकानदार पंकज रस्तोगी सहित दो लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। गुरुवार को एनिमल लवर्स ने महाराज बाड़ा से कैंडल मार्च शुरू किया। यह मार्च सराफा बाजार से होते हुए दही मंडी पहुंचा। पशु प्रेमियों ने उस स्थान पर पहुंचकर मृत स्ट्रीट डॉग की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, जहां उसके साथ मारपीट की गई थी। दही मंडी पहुंचने के बाद एनिमल लवर्स ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। पशु प्रेमियों ने कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शादी के सपने लेकर घर से निकले प्रेमी जोड़े को नागौर के मेड़ता रोड स्टेशन पर ट्रेन से उतरना भारी पड़ गया। दोनों प्लेटफॉर्म पर उतरकर बातचीत में मशगूल हुए और पीछे ट्रेन चल पड़ी। कुछ देर बाद याद आया कि 10 लाख 76 हजार रुपए और जेवर से भरा बैग ट्रेन में ही रह गया। घटना के बाद दोनों आरपीएफ के पास पहुंचे तो आरपीएफ ने आगे के स्टेशन पर फोन कर बैग तो ढूंढ निकाला। लेकिन ज्यादा पैसे और दोनों की हालत देखकर शक हुआ तो परिजनों से संपर्क किया। जहां पर दोनों की गुमशुदगी दर्ज होने की बात सामने आई। लड़की नाबालिग है। दोनों जोधपुर के अलग-अलग के रहने वाले है। दोनों पड़ोस में स्थित तीसरे गांव के स्कूल में पढ़ते हैं। जोधपुर से बैठे थे, लड़की नाबालिग नागौर स्टेशन के आरपीएफ एसआई रमेश कुमार ने बताया-जोधपुर से साबरमती-लालगढ़ एक्स्प्रेस ट्रेन में जोधपुर के अलग-अलग गांवों में रहने वाले युवक और नाबालिग लड़की बैठे थे। लड़के की उम्र 19 साल और लड़की की उम्र 17 साल 8 महीने है। दोनों अपने साथ 10 लाख 76 हजार रुपए और जेवर से भरा बैग भी लेकर जा रहे थे। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे ट्रेन मेड़ता रोड़ स्टेशन पहुंची। दोनों यहां ट्रेन से उतरकर बाते करने लगे। इसी दौरान ट्रेन निकल गई। ट्रेन जाने के बाद दोनों को याद आया कि बैग तो ट्रेन में ही छूट गया है। जिसके मेड़ता रोड़ आरपीएफ के पास पहुंचे। रेलवे पुलिस ने तुरंत नागौर आरपीएफ को सूचना दी। नागौर स्टेशन पर सुबह करीब सवा 5 बजे ट्रेन से बैग बरामद कर लिया गया और बाद में मेड़ता रोड स्टेशन ले आए। बैग में ये सामान मिला बैग में 10 लाख 76 हजार 30 रुपए नकद, चांदी जैसी धातु के चार सिक्के, दो बिछिया, एक घुघरी और सोने जैसी धातु की चार लांग मिलीं। साथ ही आईफोन-15 प्रो, स्मार्ट वॉच, पावर बैंक और चार्जर के अलावा दो रेल टिकट, युवक के शैक्षणिक डॉक्यूमेंट, आधार कार्ड और आईफोन का बिल भी मिला। दोनों की गुमशुदगी दर्ज थी बैग में इतने पैसे और दोनों की हालत देखकर पुलिस टीम ने दोनों के परिजनों से संपर्क किया। इस दौरान दोनों के परिजनों ने बताया कि दोनों की गुमशुदगी अलग-अलग थानों में दर्ज है। पूछताछ में पता चला कि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। हमने जोधपुर पुलिस से संपर्क किया। जोधपुर से पहुंची टीम को लड़के और लड़की के साथ पैसों और नगदी से भरा बैग सौंप दिया। पैसे लड़की या लड़के में से किसके है, ये जोधपुर पुलिस जांच करेगी।
शहडोल जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावकारी बनाने के उद्देश्य से एसपी डॉ. संजय अग्रवाल ने बड़ा फेरबदल किया है। एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत 9 निरीक्षकों (टीआई) और 6 सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना दी गई है। थाना प्रभारियों के दायित्वों में बड़ा बदलाव जारी सूची के अनुसार, निरीक्षक खेम सिंह पेंद्रे को धनपुरी से अजाक थाना प्रभारी और मो. समीर को पुलिस लाइन से जैतपुर थाना प्रभारी बनाया गया है। जियाउल हक को ब्यौहारी से देवलोंद तथा विनय सिंह गहरवार को बुढार से धनपुरी थाना प्रभारी की कमान सौंपी गई है। बुढार, ब्यौहारी और महिला थाने में नए प्रभारी यातायात थाना प्रभारी रहे संजय कुमार जायसवाल को बुढार और पुलिस लाइन से अभिलाष मिश्रा को ब्यौहारी थाना प्रभारी पदस्थ किया गया है। वहीं जयप्रकाश नारायण शर्मा को जैतपुर से महिला थाना प्रभारी, सातेंद्र प्रसाद चतुर्वेदी को सिंहपुर थाना प्रभारी और राम कुमार गयाकवाल को महिला थाने से कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षकों को मिली नई जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टरों में देवलोंद थाना प्रभारी रहे दिलीप सिंह और रिजर्व केंद्र से वीरेंद्र तिवारी व मोहितलाल सोनवानी को कोतवाली भेजा गया है। आशीष झारिया को सिंहपुर से सोहागपुर, उपेंद्र त्रिपाठी को कोतवाली से ब्यौहारी और सुरेश कुमार रेदास को ब्यौहारी से सोहागपुर थाना स्थानांतरित किया गया है। तत्काल कार्यभार संभालने के आदेश पुलिस अधीक्षक ने स्थानांतरित किए गए सभी 15 अधिकारियों को अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर बिना किसी देरी के तत्काल आमद दर्ज कराने और कार्यभार संभालने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास को केंद्र सरकार ने छह महीने का एक्सटेंशन दे दिया है। वी श्रीनिवास 31 अगस्त को रिटायर होने वाले थे। अब केंद्र से 6 महीने का एक्स्टेंशन मंजूर होने से श्रीनिवास 28 फरवरी 2027 तक मुख्य सचिव के पद पर रहेंगे। राज्य सरकार ने पिछले दिनों मुख्य सचिव के एक्सटेंशन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भिजवाया था, जिसे मंजूरी दे दी गई। वी. श्रीनिवास ने 17 नवंबर 2025 को राजस्थान के मुख्य सचिव का पदभार संभाला था। मुख्य सचिव बनने से पहले वह सेंट्रल डेपुटेशन पर थे। 23 जुलाई को भेजा था प्रस्ताव राज्य सरकार ने 23 जुलाई को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय को सीएस वी. श्रीनिवास को एक्स्टेंशन देने का प्रस्ताव भिजवाया था। अब मंत्रालय ने इसे मंजूरी देने के साथ ही राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को एक्सटेंशन का लेटर भेज दिया है। वी. श्रीनिवास 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं। सीएस बनने तक 7 साल सेंट्रल डेपुटेशन पर थे पिछले साल 16 नवंबर को वी श्रीनिवास को सीएस के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। तत्कालीन मुख्य सचिव सुधांश पंत कार्यकाल के बीच अचानक सेंट्रल डेपुटेशन पर गए थे। पंत की जगह श्रीनिवास ने 17 नवंबर को चार्ज लिया था। श्रीनिवास सीएस बनने से पहले 7 साल से केंद्रीय डेपुटेशन पर थे। उन्हें सीएस बनने से पहले 14 नवंबर 2026 की शाम को ही केंद्रीय डेपुटेशन से राजस्थान के लिए रिलीव किया गया था। सीएस बनने से पहले वे केंद्रीय प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत, पेंशन्स और पेंशनर्स कल्याण विभाग के सचिव थे। पूर्व पीएम नरसिम्हा राव के रिश्तेदार हैं श्रीनिवास वी श्रीनिवास पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव के रिश्तेदार हैं। उनकी पत्नी राव की रिश्ते में दोहिती हैं। श्रीनिवास बड़े पदों पर रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में वे तत्कालीन विदेश मंत्री और वित्त मंत्री जसवंत सिंह के निजी सचिव रहे थे। उनके जसोल परिवार से आज भी अच्छे रिश्ते हैं। इसके बाद वे इंटरनेशन मॉनेट्री फंड वॉशिंगटन में भारत के कार्यकारी निदेशक के तकनीकी सहायक रहे। पहले भी मुख्य सचिवों को मिलते रहे हैं एक्सटेंशन मुख्य सचिवों को पहले भी एक्सटेंशन मिलते रहे हैं। कांग्रेस सरकार के वक्त तत्कालीन सीएस उषा शर्मा को 6 महीने का एक्सटेंशन मिला था। उषा शर्मा को 31 जनवरी 2022 को राजस्थान का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उषा शर्मा को 30 जून 2023 को रिटायर होना था, लेकिन उन्हें 6 महीने का एक्स्टेंशन मिलने से वे 31 दिसंबर 2023 तक पद पर रहीं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की अुगवाई वाली सरकार में मुख्य सचिव रहे सीएस राजन को भी 6 महीने का एक्सटेंशन मिला था। राजन का कार्यकाल दिसंबर 2015 तक था, लेकिन उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन मिलने से 30 जून 2016 तक पद पर रहे। --------- ये खबर भी पढ़ें राजस्थान में नहीं बदलेगा ब्यूरोक्रेसी का मुखिया?:केंद्र से मांगा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का एक साल का एक्सटेंशन, इसके पीछे 3 वजह राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को एक्सटेंशन मिल सकता है। राज्य सरकार ने 24 जुलाई को केंद्र सरकार के पास एक्सटेंशन का प्रस्ताव भेजा है। ऐसे में नए दावेदारों की रेस पर ब्रेक लग गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
नाबालिग से दुष्कर्म: आरोपी को 20 साल की सजा:आगर-मालवा के प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला
आगर-मालवा में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया है। गुरुवार को न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, जान से मारने और बदनाम करने की धमकी देने और 50 हजार रुपए मांगने का आरोप था। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसौदिया के न्यायालय ने कानड़ थाना क्षेत्र के लखन पिता यादव प्रसाद यादव को कई धाराओं में दोषी सिद्ध किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक यशराज परमार ने पैरवी की। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की आरोपी से कुछ माह पहले पहचान हुई थी। 13 फरवरी 2022 को आरोपी ने पीड़िता को रास्ते में रोककर दोस्ती की बात कही। इसके बाद 15 फरवरी को आरोपी उसे अपने घरवालों से मिलवाने के बहाने ग्राम नैन्याखेड़ी स्थित अपने खेत पर ले गया। खेत में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को किसी को भी बताने पर जान से मारने और बदनाम करने की धमकी दी। बाद में भी उसने पीड़िता को डरा-धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया और 50 हजार रुपए की मांग की। राशि न देने पर बदनाम करने की धमकी भी दी गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता और आरोपी के चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान पीड़िता के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। गर्भपात के बाद प्राप्त नमूनों और आरोपी के नमूनों को एफएसएल व डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।
रीवा में 15 घंटे की लगातार बारिश के बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बीहर नदी के तट से कुछ दूरी पर स्थित गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह का घर भी पानी से घिर गया है। विधायक पिछले करीब 24 घंटे से अपने परिवार के साथ घर में ही फंसे हुए हैं। घर के सबसे निचले हिस्से में पूरी तरह पानी भर चुका है, जबकि अब ऊपरी हिस्से में भी पानी पहुंचने लगा है। घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान के लिए बाहर जाने की स्थिति नहीं है। हालात का जायजा लेने के लिए भास्कर की टीम भी पानी में उतरकर विधायक के घर तक पहुंची। विधायक के घर का नीचे वाला हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब गया है। घर में रखा सामान भी पानी में तैर रहा है। लगातार बढ़ते पानी के कारण परिवार को दूसरी मंजिल पर रहना पड़ रहा है। देखें तस्वीरें… विधायक ने जल निकासी व्यवस्था पर उठाए सवाल गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह ने शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर सिस्टम और मैनेजमेंट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता से मिलने और प्रभावित लोगों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। जरूरी सामग्री के लिए प्रशासन की मदद लेने की बात भी कही। विधायक ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुराने पुलों और मौजूदा व्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और महापौर अजय मिश्रा बाबा को मौजूदा स्थिति के आधार पर 10 में से 0 नंबर देने की बात कही। बहू बोलीं- घर में सब्जी-किराना तक नहीं पहुंच पा रहा विधायक की पुत्रवधू रश्मि राजा सिंह ने बताया कि घर में सब्जी और किराना सामान तक नहीं पहुंच पा रहा है। चारों तरफ पानी होने के कारण बाहर निकलना संभव नहीं है। घर का सबसे निचला हिस्सा पहले पानी में डूब गया था। वहां रखा सामान ऊपर ले जाया गया, लेकिन अब ऊपर भी पानी पहुंचने लगा है। कर्मचारी बोला- पहली मंजिल पर सामान तैर रहा विधायक के घर के कर्मचारी और केयरटेकर रामार्चन चौरसिया ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे से घर में पानी भरना शुरू हुआ था। इसके बाद पानी लगातार बढ़ता गया। विधायक और उनका पूरा परिवार दूसरी मंजिल पर है। पहली मंजिल में पानी भर चुका है और वहां रखा सामान पानी में तैर रहा है। महापौर बोले- निगम की टीमें लगातार व्यवस्था बनाने में जुटी महापौर अजय मिश्रा बाबा ने बताया कि रीवा में बाढ़ जैसे हालात के बीच नगर निगम की टीमें लगातार व्यवस्था बनाने में जुटी हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी, लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को लेकर प्रशासन को जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था पर नजर रखने तथा जरूरत के अनुसार लोगों की मदद करने के लिए कहा गया है। नदी के पास घर को लेकर उठे सवाल विधायक का घर बीहर नदी के तट से कुछ दूरी पर स्थित है। ऐसे में नदी के इतने नजदीक निर्माण की अनुमति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विधायक ने नदी की जमीन पर कब्जे से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि यह जमीन वर्ष 1975 में खरीदी गई थी और तत्कालीन नगर निगम अधिकारियों ने निर्माण की अनुमति दी थी। कांग्रेस ने लगाया अतिक्रमण का आरोप कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने विधायक के घर में पानी भरने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक ने नदी क्षेत्र में अतिक्रमण किया है। कांग्रेस ने शहर में जलभराव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का भी आरोप लगाया है। विधायक बोले- निगम अधिकारियों ने दी थी परमिशन विधायक का घर बीहर नदी के तट से चंद दूरी पर स्थित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नदी के इतने नजदीक और प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण की अनुमति कैसे मिली। इस पर विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने नदी की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। विधायक ने कहा कि यदि उस समय अधिकारियों ने गलत स्वीकृति दी थी तो उसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं है। उन्होंने कहा कि जमीन वैध तरीके से खरीदी गई थी और संबंधित समय में नगर निगम के अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। 15 घंटे की बारिश ने बिगाड़ी शहर की तस्वीर लगातार बारिश के कारण रीवा शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। सड़कें पानी में डूबी हैं और कई स्थानों पर लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। बीहर नदी के आसपास के क्षेत्रों में पानी बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। विधायक का घर भी इसी जलभराव की चपेट में है। लगातार बढ़ते पानी के बीच प्रशासन और नगर निगम के सामने लोगों को सुरक्षित निकालने तथा जल निकासी की व्यवस्था करने की चुनौती बनी हुई है। वकील वीके माला द्वारा लगाए गए आरोप अधिवक्ता वीके माला का आरोप है कि विधायक का मकान नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में बना है। उन्होंने सामान्य तटीय क्षेत्र में 50 मीटर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 300 मीटर के दायरे का उल्लेख किया है। निर्माण की अनुमति पर सवाल: उनका कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री या निजी स्वामित्व होने से नदी क्षेत्र में निर्माण का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी है। अनुमति की जांच की मांग: अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई, इसकी जांच होनी चाहिए। सीमांकन और रिकॉर्ड जांच: उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड की जांच और जमीन का आधिकारिक सीमांकन कराने की मांग की है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग: उन्होंने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कब्जाधारी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
छह साल की बच्ची से दुराचार के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी जूता कारीगर को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संगीता कुमारी ने पीड़िता के बयान और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने पीड़िता को प्रतिकर दिलाने के लिए आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए हैं। वादी के घर में जूता कारीगर था आरोपी मामला थाना हरीपर्वत क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार आरोपी बंटी पुत्र राधे निवासी रतनपुरा, आगरा, पीड़िता के परिवार के यहां संचालित जूता कारखाने में कारीगर के रूप में काम करता था। 13 जून 2020 को आरोपी ने वादी की छह वर्षीय बेटी के साथ उसके घर में ही दुराचार किया। बच्ची की चीख सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंची तो आरोपी वहां से भाग गया। परिवार ने आरोपी के घर जाकर शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन वह वहां से भी फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के परिवार की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुराचार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। पीड़िता समेत इन लोगों की हुई गवाही मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, उसकी मां और पिता की गवाही कराई गई। इसके अलावा डॉक्टर नीता कुलश्रेष्ठ, विवेचक अजय कौशल और पुलिसकर्मी सुमित कुमार ने भी अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से आरोपी को निर्दोष साबित करने के लिए जसवंत सिंह और पवन कुमार को गवाह के तौर पर पेश किया गया। पीड़िता के बयान को माना अहम विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संगीता कुमारी ने मामले में पीड़िता के बयान और विशेष लोक अभियोजक विमलेश आनंद की ओर से रखे गए तर्कों को प्रमुख आधार माना। कोर्ट ने आरोपी बंटी को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने पीड़िता को प्रतिकर दिलाने की कार्रवाई के लिए फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के भी आदेश दिए हैं।
36 मौतों से देशभर में सुर्खियों में आए इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच पूरी हो गई है। रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता के नेतृत्व वाले जांच आयोग ने 600 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर हाई कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जमा कर दी है। अब 25 अगस्त को सुनवाई संभावित है। इसमें रिपोर्ट खुलने के बाद सामने आएगा कि आखिर इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार था। भागीरथपुरा का दूषित पानी कांड केवल इंदौर या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहा था। 36 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने के बाद इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। मामला इतना गंभीर था कि इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे। अब इस मामले में करीब आठ महीने से चल रही जांच का अहम पड़ाव आ गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेच के निर्देश पर गठित एक सदस्यीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। 600 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट हाई कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जमा हो चुकी है। रिपोर्ट में क्या सामने आया, दूषित पानी की वजह क्या थी, कितनी मौतों को पानी से जोड़कर देखा गया और प्रशासनिक स्तर पर किसकी जिम्मेदारी तय की गई है, इन सवालों के जवाब अब हाई कोर्ट की सुनवाई में सामने आ सकते हैं। 600+ पन्नों की रिपोर्ट में क्या-क्या जांचा गया? रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में गठित आयोग ने घटना के कई पहलुओं की पड़ताल की। जांच के दौरान संबंधित विभागों से दस्तावेज जुटाए गए और प्रभावित लोगों के बयान भी लिए गए। निगम से लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तक से दस्तावेज लिए आयोग ने जांच के दौरान इंदौर नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए), जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों से दस्तावेज जुटाए। प्रभावित क्षेत्र के लोगों से भी लिखित बयान आमंत्रित किए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका के साथ घटना के दौरान किए गए राहत और स्वास्थ्य संबंधी इंतजामों की भी पड़ताल की गई। मामला संवेदनशील होने के कारण जांच की प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया। यही वजह है कि रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकाला गया है, इसकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं है। IAS अधिकारियों से लेकर मैदानी अमले तक की भूमिका जांची जांच का दायरा केवल पाइप लाइन या दूषित पानी के स्रोत तक सीमित नहीं था। आयोग ने यह भी देखा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने दायित्व का पालन किया था या नहीं। तत्कालीन निगम कमिश्नर दिलीप यादव और तत्कालीन अपर आयुक्त टोहित सिसोनिया की भूमिका भी जांच के दायरे में रही। इनके अलावा कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव, स्थानीय पार्षद कमल वाघेला सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई। हालांकि, रिपोर्ट सीलबंद होने के कारण अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आयोग ने इनमें से किसी को जिम्मेदार माना है या नहीं। 36 मौतें... अब सबसे बड़ा सवाल- इनमें कितनी दूषित पानी से हुईं? भागीरथपुरा कांड में सबसे गंभीर सवाल मौतों की संख्या को लेकर है। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और 36 लोगों की मौत सामने आई थी। आयोग ने यह भी जांचा कि इन मौतों का दूषित पानी से सीधा संबंध था या नहीं। इसके लिए बीमारी के कारण, मेडिकल रिकॉर्ड और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की गई। रिपोर्ट में मौतों को लेकर क्या निष्कर्ष निकला है, यह इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। क्योंकि यदि आयोग दूषित पानी और मौतों के बीच स्पष्ट संबंध स्थापित करता है तो प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और जिम्मेदारी तय करने का रास्ता भी साफ हो सकता है। मुआवजे का मुद्दा भी रिपोर्ट के बाद अहम होगा दूषित पानी की घटना से प्रभावित लोगों के उपचार के लिए रेडक्रॉस की ओर से 2 लाख रुपए तक की सहायता दिए जाने की जानकारी है। लेकिन दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर राज्य सरकार की ओर से मुआवजे का अंतिम निर्णय अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है। अब आयोग की रिपोर्ट में मौतों और बीमारी के कारणों को लेकर जो निष्कर्ष आए हैं, उसके आधार पर पीड़ित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे का मुद्दा फिर महत्वपूर्ण हो सकता है। 27 जनवरी को हुआ था आयोग का गठन भागीरथपुरा जल प्रदूषण मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की डबल बेंच ने 27 जनवरी 2026 को रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया था। आयोग को घटना के कारणों, प्रभावित लोगों की स्थिति, मौतों, प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं की जांच करनी थी। अब आयोग ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए रिपोर्ट हाई कोर्ट में जमा कर दी है। अब 25 अगस्त को सुनवाई 600 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट जमा होने के बाद अब सबकी नजर हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। 25 अगस्त को मामले की सुनवाई संभावित है। हालांकि रिपोर्ट कब खोली जाएगी, उसकी प्रति पक्षकारों को कब उपलब्ध कराई जाएगी और रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होगी यह हाई कोर्ट बेंच तय करेगी। राजनीतिक मुद्दा भी बना था भागीरथपुरा कांड भागीरथपुरा की घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर जमकर सवाल उठे थे। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार और नगर निगम को घेरा था, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी राहत और जांच की कार्रवाई का दावा किया गया था। 36 मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के कारण मामला राजनीतिक रूप से भी काफी गरमाया था। जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त राहत देने की मांग लगातार उठती रही। अब 600 से ज्यादा पन्नों की सीलबंद रिपोर्ट ने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।रिपोर्ट खुलने के बाद पता चलेगा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक चूक थी या इसके पीछे किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई थी?
घासा पंचायत समिति के भादवा गांव में तेंदुए ने एक बछड़े का शिकार किया है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने अपने घरों के पीछे बछड़े को मृत अवस्था में पाया, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। आबादी क्षेत्र के पास हुई इस घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हुए और वन विभाग को सूचित किया। सूचना पर वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग ने क्षेत्र में एक पिंजरा लगाया है। हालांकि, आबादी के करीब तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों और पशुपालकों में अभी भी भय बना हुआ है। श्री सांवलिया सरकार फाउंडेशन (टीम गौ रक्षक घासा) के कैलाश पुरोहित ने बताया कि क्षेत्र में कई दिनों से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही है। मवेशियों के शिकार से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, साथ ही उन्हें अपने परिवार और पशुधन की सुरक्षा की चिंता भी सता रही है। इस दौरान श्री सांवलिया सरकार फाउंडेशन (टीम गौ रक्षक घासा) के पुष्कर डांगी, अतुल जोशी, अनिल कुमार डांगी, सीताराम जोशी, रमेश जोशी और खेली लाल जोशी सहित कई गौ रक्षक और ग्रामीण मौके पर मौजूद थे। भादवा के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी पिछले कई दिनों से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय खेतों और आबादी क्षेत्र के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में डर बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, आवश्यकतानुसार और पिंजरे लगाने तथा तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
रायपुर में सड़क हादसे का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। टिकरापारा थाना क्षेत्र में एक यात्री बस ने स्कूटी सवार पिता और उसके 3 साल के बेटे को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कूटी बस के नीचे फंस गई और बस ड्राइवर उसे 15 फीट तक घसीटता हुआ आगे बढ़ गया। हादसे में पिता-पुत्र घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद हादसे की भयावहता साफ दिखाई दे रही है। पहले देखिए तस्वीरें पचपेड़ी नाका-संतोषीनगर सर्विस रोड पर हादसा जानकारी के मुताबिक, घटना पचपेड़ी नाका से संतोषीनगर जाने वाली सर्विस रोड की है। चहल ट्रांसपोर्ट की यात्री बस सर्विस रोड से रिंग रोड की ओर जा रही थी। इसी दौरान स्कूटी सवार गौतम पठानी अपने 3 साल के बेटे के साथ वहां से गुजर रहे थे। अचानक बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कूटी बस के नीचे फंस गई। इसके बावजूद बस कुछ दूरी तक चलती रही और स्कूटी सड़क पर घिसटती रही। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। CCTV में कैद हुआ पूरा हादसा CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि बस स्कूटी को टक्कर मारती है और इसके बाद स्कूटी बस के नीचे फंस जाती है। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ते हैं। लोगों ने घायल पिता-पुत्र को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। समय पर मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया। चालक को राहगीरों ने रोका स्थानीय लोगों के मुताबिक टक्कर के बाद बस ड्राइवर मौके पर नहीं रुका और स्कूटी को घसीटते हुए आगे निकल गया। राहगीरों ने बस को रोका और पुलिस को सूचना दी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लिया। परिजनों ने मामले में अब तक शिकायत नहीं की है। पुलिस अपनी स्तर पर जांच कर रही है। सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल राजधानी में सर्विस रोड पर इस तरह के हादसे ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। खासकर भीड़भाड़ वाले रास्तों पर भारी वाहनों की गति और लापरवाही पर नियंत्रण की जरूरत है। पुलिस लोगों से वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील करती है।
मंदसौर में संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को जिला स्तरीय समरसता संकल्प अभियान और कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान संत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र माटी का कलश के माध्यम से पूजन किया गया। कार्यक्रम में संतों का सम्मान भी किया गया। राष्ट्रीय संत मिथिलेश नागर ने इस अवसर पर कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म और चरित्र से होती है। संत रविदास के आदर्शों को अपनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना ही उनके विचारों की सच्ची सार्थकता है। संत असीम साहेब महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास ने भक्ति, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध संदेश 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' यह सिखाता है कि सच्ची पवित्रता बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि निर्मल मन और अच्छे कर्मों में निहित है। उन्होंने जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, भाईचारे और समानता के मार्ग पर चलने को संत रविदास के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया। संत रविदास का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगाराज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने जानकारी दी कि अगले सात माह में प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संत रविदास के जीवन, दर्शन, संघर्ष और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस अभियान को जिले से मंडल, मंडल से शक्ति केंद्र और गांव-गांव तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक एकता और समरसता ही एक मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता के संदेशवाहक, मानवता के उपासक और सामाजिक चेतना के महान प्रवर्तक थे। उनकी वाणी और जीवन यह संदेश देते हैं कि ईश्वर की दृष्टि में सभी समान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक समरसता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक संकल्प है, और प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे के सम्मान को अपना सम्मान मानना चाहिए। 21 स्थानों पर पहुंचाए गए कलशसंत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र माटी से भरे कलश जिले के 21 स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। जिला स्तरीय कार्यक्रम के बाद मंदसौर में कलश वंदन यात्रा निकाली गई। यात्रा रामटेकरी स्थित मंदसौर शिव मंदिर पहुंची, जहां कलश की स्थापना की गई। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। जिले की चारों विधानसभा और 21 मंडलों में अभियान के कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए जिला टोली का गठन किया गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संत मिथिलेश नागर, संत असीम साहेब, संत श्याम, संत महाकाल नाथ, पंडित दिलीप व्यास, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, विधायक हरदीप सिंह डंग, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनु प्रिया यादव, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, जनपद अध्यक्ष बसंत शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, नगर पालिका उपाध्यक्ष नम्रता प्रितेश चावला, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, एसडीएम शुभम पाटीदार, जिला संयोजक जनजाति कार्य विभाग अंगूर बाला भगोरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बालाघाट में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ई-एचआरएमएस प्रणाली में ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी मांग है। इस हड़ताल के कारण कृषि से संबंधित मैदानी और कार्यालयीन दोनों कार्य ठप्प हो गए हैं। जिले के डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बालाघाट मुख्यालय में चरणबद्ध आंदोलन के तहत हड़ताल कर रहे हैं। उन्हें विभागीय एसडीओ का भी समर्थन प्राप्त है। जिलाध्यक्ष अभिलाष सूर्यवंशी ने बताया कि संगठन ई-एचआरएमएस प्रणाली में ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध कर रहा है, क्योंकि मैदानी स्तर पर यह व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। उनकी अन्य मांगों में 2800 ग्रेड-पे और अतिरिक्त केंद्र भत्ते में वृद्धि शामिल है। सूर्यवंशी के अनुसार, हड़ताल के कारण किसानों को फसलों में लगने वाली बीमारियों से बचाव संबंधी जानकारी देने जैसे मैदानी कार्य और अन्य कार्यालयीन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कल भोपाल में प्रांतीय आह्वान पर एक आंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद हड़ताल को आगे बढ़ाने या समाप्त करने का निर्णय लिया जाएगा।
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड में पिछले ढाई महीने में 22 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के विरोध में गुरुवार शाम आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। आदिवासी समाज ने नगर में कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। जयस्तंभ से आंबेडकर चौक तक निकला कैंडल मार्च यह कैंडल मार्च नगर के जयस्तंभ चौक से शुरू होकर काली पुतली चौक होते हुए आंबेडकर चौक पर समाप्त हुआ। वहां समाज के लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर मृत बैगा बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा और अधिकारियों के निलंबन की मांग आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश धुर्वे ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, लेकिन प्रशासन केवल 8 मौतों को ही स्वीकार कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे, जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन और पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपए की सहायता राशि देने की मांग की। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी परिषद के अध्यक्ष शुभम उईके ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैगा समाज के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
चित्तौड़गढ़ में सोशल मीडिया पर पिस्टलनुमा लाइटर से फायरिंग का वीडियो डालकर रौब दिखाना एक युवक को भारी पड़ गया। डीएसटी और शंभूपुरा थाना पुलिस ने वीडियो की जांच कर आरोपी मनोहर भील को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिख रही वस्तु असली पिस्टल नहीं, बल्कि पिस्टल जैसी दिखने वाली लाइटर थी, लेकिन उसे इस तरह प्रदर्शित किया गया था कि लोगों में डर का माहौल बन सकता था। पुलिस ने आरोपी के अकाउंट से वीडियो हटवाकर उसे दोबारा ऐसी पोस्ट नहीं करने के लिए पाबंद किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी मारपीट और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया - पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सोशल मीडिया पर आपराधिक गतिविधियों और डर फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा और भदेसर डीएसपी विनोद कुमार लेखरा के सुपरविजन में शंभूपुरा थानाधिकारी धर्मराज मीना के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इसी दौरान जिला विशेष टीम के प्रभारी एएसआई सूरज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि मनोहर भील नाम का युवक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पिस्टल जैसे हथियार के साथ वीडियो डालकर लोगों को धमकाने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया की निगरानी के जरिए अकाउंट की पहचान की। जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई गई वस्तु असली पिस्टल नहीं बल्कि पिस्टलनुमा लाइटर था, लेकिन उसका इस्तेमाल इस तरह किया गया था कि देखने वालों में डर पैदा हो सकता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वीडियो हटवाया, दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की चेतावनी पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित पोस्ट हटवाई और उसे भविष्य में इस तरह के वीडियो या पोस्ट अपलोड नहीं करने की चेतावनी दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, धमकी भरे वीडियो या लोगों में दहशत फैलाने वाली पोस्ट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में डीएसटी से एएसआई सूरज कुमार, राजकुमार (साइबर सेल), कांस्टेबल राम अवतार, अरविंद कुमार, कृष्णकांत, अशोक कुमार, जगदीश, देवेंद्र, सुरेश सुंडा, रामकेश और वीरेंद्र शामिल रहे। वहीं शंभूपुरा थाना पुलिस से थानाधिकारी धर्मराज मीना, एएसआई कुंदन सिंह और कांस्टेबल रामकिशन ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जबड़े का जोड़ यानी टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) हमारे रोजमर्रा के जीवन में बोलने, खाने और मुंह खोलने-बंद करने के लिए बेहद जरूरी है। इस जोड़ के गंभीर रूप से खराब होने पर मरीज को सामान्य गतिविधियों में भी परेशानी होने लगती है। इंदौर में पहली बार पेशेंट-स्पेसिफिक यानी मरीज के जबड़े की संरचना के अनुसार तैयार किए गए आर्टिफिशियल इम्प्लांट से TMJ रिप्लेसमेंट किया गया है। यह उपचार शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर के ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान किया गया। कार्यशाला गुरुवार से सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में TMJ फाउंडेशन और IDA इंदौर के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसमें डबरा की 23 वर्षीय मीनू खान का उपचार किया गया। मीनू करीब पांच साल से जबड़े की समस्या से परेशान थीं। उन्होंने बताया कि वह तीसरी मंजिल से गिर गई थीं, जिसके बाद उनका मुंह ठीक से खुलना बंद हो गया था। थोड़ी सी जगह ही खुलने के कारण उन्हें खाना खाने में भी परेशानी होती थी। आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका उपचार निशुल्क किया गया। CT स्कैन से तैयार हुआ 3D मॉडल ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अमित रावत ने बताया कि संक्रमण या चोट के कारण जबड़े का जोड़ गंभीर रूप से खराब हो जाए और उसे बचाना संभव न हो, तो कई मामलों में जोड़ को बदलना पड़ता है। पहले ऐसे मरीजों में उपलब्ध सामान्य आकार के इम्प्लांट का इस्तेमाल किया जाता था। अब पेशेंट-स्पेसिफिक तकनीक में मरीज के CT स्कैन के आधार पर जबड़े का 3D मॉडल तैयार किया जाता है। इसके आधार पर जोड़ की संरचना और आकार को समझकर उसी के अनुरूप इम्प्लांट तैयार किया जाता है। इससे इम्प्लांट मरीज की शारीरिक संरचना के अधिक अनुकूल बनाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने स्थानीय टीम के साथ किया काम कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ डॉ. दर्पण भार्गव और डॉ. नील पेंटन ने स्थानीय चिकित्सा टीम के साथ मिलकर इस प्रक्रिया में सहयोग किया। कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक और कम चीरे वाली तकनीकों की जानकारी देना और विशेषज्ञों के बीच व्यावहारिक अनुभव साझा करना है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी सुपर-स्पेशिएलिटी सेवाओं को शासकीय योजनाओं के दायरे में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीज भी आधुनिक उपचार का लाभ ले सकें। सर्जरी के बाद देखभाल भी जरूरी विशेषज्ञों ने बताया कि TMJ सर्जरी के बाद मरीज और परिजनों को घाव की सफाई, सूजन और दवाओं के संबंध में सही जानकारी देना जरूरी है। यदि सूजन या दर्द लगातार बढ़ रहा हो अथवा संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। तनाव से भी बढ़ सकती है जबड़े की परेशानी विशेषज्ञों के मुताबिक तनाव और मानसिक चिंता का असर भी TMJ पर पड़ सकता है। तनाव के दौरान कई लोग अनजाने में दांत भींचते या पीसते हैं, जिससे जबड़े की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। इससे जबड़े में दर्द, मुंह खोलने में परेशानी, क्लिक की आवाज, सिरदर्द और कान के आसपास दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए TMJ के इलाज में जोड़ के साथ मरीज के तनाव, नींद और दांत पीसने या भींचने की आदत पर भी ध्यान देना जरूरी है। कार्यक्रम में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा, डेंटल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जया जोशी, डॉ. विलास, डॉ. दीपक अग्रवाल और डॉ. कुलदीप राणा सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
धौलपुर में शुक्रवार (21 अगस्त) को विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती 33 केवी डीसीसीपीपी और 33 केवी सब स्टेशन दरियापुर पर मरम्मत और रखरखाव कार्य के कारण की जाएगी। सहायक अभियंता एचटीएम ग्रामीण, जयपुर डिस्कॉम धौलपुर के अनुसार, 33 केवी डीसीसीपीपी से संबंधित क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रहेगी। वहीं, 33 केवी दरियापुर से निकलने वाले 11 केवी लक्ष्मीनाथ ऑयल मील, महाराजा कोल्ड, सकतपुर, रोमसन, गरिमा, एमसीएम, उम्मेदी नगर, रीको पैनल, अल्फा, तगावली ट्रीटमेंट, पालीवाल और मित्तल फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इनमें राजाखेड़ा बाईपास, उम्मेदी नगर, राठौर कॉलोनी, सुंदर कॉलोनी और बजरंग कॉलोनी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में 9 से 1 बजे तक कटौती इसके अतिरिक्त 33/11 केवी सब स्टेशन दरियापुर के 11 केवी उम्मेदी नगर फीडर से जुड़े राजाखेड़ा बाईपास, उम्मेदी नगर, राठौर कॉलोनी, सुंदर कॉलोनी और बजरंग कॉलोनी आदि क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक विद्युत संबंधी कार्य पहले ही पूरे कर लें।
140 फीट ऊंचा बनेगा आगरा का जनक महल:300 फीट होगी चौड़ाई, सात शिखर पर लहराएंगा भगवा ध्वज, हुआ भुमि पूजन
आगरा की ऐतिहासिक जनकपुरी इस बार और अधिक भव्य स्वरूप में नजर आएगी। भावना एस्टेट रोड स्थित कावेरी कौस्तुभ के पास बनने वाले जनक महल की ऊंचाई 140 फीट और चौड़ाई करीब 280 से 300 फीट होगी। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। जनकपुरी महोत्सव 6, 7 और 8 अक्टूबर को आयोजित होगा। नेपाल के जानकी महल से प्रेरित होगा डिजाइनजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) ने बताया कि जनक महल का डिजाइन नेपाल के प्रसिद्ध जानकी महल की वास्तुकला से प्रेरित है। इसके साथ ही उदयपुर और जयपुर के राजमहलों की स्थापत्य शैली को भी शामिल किया गया है। महल में मिथिला संस्कृति, नेपाली वास्तुकला और राजस्थान के राजसी वैभव का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। नेपाल की जानकी महल से प्रेरणा, राजस्थान की झलक भीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) के अनुसार, जनक महल के डिजाइन में नेपाल के प्रसिद्ध जानकी महल की वास्तुकला को आधार बनाया गया है। इसके साथ ही उदयपुर और जयपुर के राजमहलों की स्थापत्य कला और राजसी शैली को भी शामिल किया गया है। इस तरह तैयार होने वाले महल में मिथिला की धार्मिक परंपरा, नेपाल की वास्तुकला और राजस्थान के राजसी वैभव की झलक दिखाई देगी। महल को आकर्षक फव्वारों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। रात में लाइटिंग के साथ फव्वारे विशेष आकर्षण रहेंगे। कोलकाता से बुलाए कारीगर जनक महल के निर्माण की जिम्मेदारी पुरुषोत्तम टेंट हाउस से जुड़ी फर्म को दी गई है। निर्माण के लिए कोलकाता से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं। भूमि पूजन के बाद महल के आधार निर्माण के लिए बल्लियां लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। आयोजन समिति का लक्ष्य है कि 6 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बरात से पहले जनकपुरी का निर्माण और सजावट पूरी कर ली जाए। भगवान श्रीराम और माता सीता समेत अन्य स्वरूपों के विराजमान होने वाले स्थान को वाटरप्रूफ बनाया जाएगा। सात शिखरों पर लहराएंगे भगवा ध्वज जनक महल में सात शिखर बनाए जाएंगे। इन सभी पर भगवा धर्म ध्वज लगाए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि इससे पूरे जनकपुरी क्षेत्र में धार्मिक माहौल बनेगा और दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी महल दिखाई देगा। भूमि पूजन के लिए तैयार पंडाल को भी वाटरप्रूफ बनाया गया था। बारिश में कीचड़ की समस्या न हो, इसके लिए फर्श तैयार किया गया। हवन और धार्मिक अनुष्ठान के लिए वास्तु के अनुसार ईशान कोण का चयन किया गया। भूमि पूजन में जनक और सुनैना के स्वरूप ने किया पूजन भूमि पूजन में राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना के स्वरूप लता गोयल ने वैदिक विधि से पूजन किया। मंत्रोच्चार के बीच हवन हुआ। इसके बाद राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल, रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल समेत अन्य अतिथियों ने आरती की। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, महापौर हेमलता दिवाकर, डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल और श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल सहित कई लोग मौजूद रहे। एसपी सिंह बघेल बोले- आगरा की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी मजबूती केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि श्रीरामलीला और जनकपुरी महोत्सव आगरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जनक महल का भव्य स्वरूप नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों से जोड़ने का काम करेगा। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि आगरा की संस्कृति और परंपराओं का जीवंत रूप है। महापौर हेमलता दिवाकर ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव शहर की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है और इस बार की सजावट श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनेगी। पोस्टर में दिखाया गया जनक महल का प्रस्तावित स्वरूप भूमि पूजन के बाद जनक महल के प्रस्तावित डिजाइन के पोस्टर का विमोचन किया गया। पोस्टर में महल के सात शिखर, धार्मिक स्वरूपों के लिए स्थान, फव्वारे और लाइटिंग की झलक दिखाई गई। आयोजकों के अनुसार, पूरा परिसर तैयार होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को श्रीराम-जानकी विवाह के भव्य आयोजन का अनुभव मिलेगा। 6 से 8 अक्टूबर तक सजेगी जनकपुरी भावना एस्टेट रोड पर 6, 7 और 8 अक्टूबर को जनकपुरी महोत्सव आयोजित होगा। इससे पहले 6 अक्टूबर को श्रीराम बरात निकलेगी। आयोजकों की कोशिश है कि बरात के पहुंचने से पहले जनकपुरी और जनक महल पूरी तरह तैयार हो जाए। भूमि पूजन के बाद श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए प्रसादी का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू होते ही उदयपुर में सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार वाले होर्डिंग-बैनर हटाने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम की टीमों ने बुधवार रात से ही अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई शुरू कर दी और गुरुवार को भी कई स्थानों से होर्डिंग-बैनर हटाए गए। चुनाव के दौरान सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार से जुड़े ऐसे सभी विज्ञापन और प्रचार सामग्री हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। आचार संहिता की पालना के लिए जिला परिषद कार्यालय में आचार संहिता कंट्रोल रूम बनाया है। आचार संहिता प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़या ने बताया- आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायत जिला नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 0294-2413506 पर की जा सकती है। शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाया, 24 घंटे काम करेगा चुनाव के दौरान मिलने वाली शिकायतों की जांच और तुरंत निस्तारण के लिए जिला कलेक्ट्रेट के पहली मंजिल स्थित कमरा नंबर 219 में नियंत्रण और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया है। यह प्रकोष्ठ चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक 24 घंटे काम करेगा। कंट्रोल रूम का नंबर 0294-2420028 है। प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी उपमहानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, उदयपुर को दी गई है। मतदान से स्ट्रांग रूम तक तैयारियों की समीक्षा जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को निर्वाचन प्रकोष्ठों के प्रभारी, सह प्रभारी और रिटर्निंग अधिकारियों की बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों और समय-सारिणी के अनुसार सभी काम गंभीरता और आपसी समन्वय से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मतदान केंद्रों की सुविधाओं, मतदान दल, ईवीएम-वीवीपेट, स्ट्रांग रूम, मतगणना केंद्र, निर्वाचन सामग्री, कार्मिक, प्रशिक्षण, परिवहन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर चर्चा हुई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी दीपेंद्र सिंह और एडीएम जितेंद्र ओझा सहित अधिकारी मौजूद रहे। मतदान केंद्र के 100 मीटर में मोबाइल पर रोक मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को मोबाइल फोन, वायरलेस सेट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लाने और इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना स्थल पर भी निर्धारित सीमा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर रोक रहेगी। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर में पुलिस ने एक बोलेरो वाहन से करीब 44 लाख रुपए का गांजा जब्त किया है। पुलिस की चेकिंग प्वाइंट देखकर बोलेरो चालक गाड़ी लेकर भाग गया और उसे हॉस्पिटल परिसर में छिपा दिया। पुलिस ने तलाश के दौरान गांजा से भरी बोलेरो को बरामद कर लिया और चालक को गिरफ्तार कर लिया। मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, प्रेमनगर पुलिस ने बीती रात रघुनाथपुर चौक के पास चेकिंग पॉइंट लगाया था। पुलिस आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक बोलेरो चालक पुलिस को देखकर तेजी से गाड़ी लेकर बस्ती की तरफ भाग गया। पुलिस ने बोलेरो का पीछा किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसी बीच पुलिस ने बस्ती की तरफ से बाइक पर आ रहे दो युवकों को रोका। बाइक चालक ने बताया कि पीछे बैठा युवक उसे नहीं जानता। वह लिफ्ट लेकर बाइक पर बैठा था। पुलिस ने पीछे बैठे युवक से पूछताछ की। उसकी पहचान उमरे आजम उर्फ नान्हू खान (40), निवासी ग्राम पोड़ी (बचरा), जिला कोरिया के रूप में हुई। हॉस्पिटल परिसर में मिला गांजा लोड बोलेरो पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया कि उसने बोलेरो को हॉस्पिटल परिसर में छिपा दिया है और खुद लिफ्ट लेकर वहां से भाग रहा था। उसने यह भी बताया कि बोलेरो में गांजा भरा हुआ है। इसके बाद पुलिस हॉस्पिटल परिसर पहुंची और बोलेरो की तलाशी ली। वाहन के अंदर गांजे के पैकेट मिले। पुलिस ने गांजे का वजन कराया, जो कुल 88 किलो 430 ग्राम निकला। इसकी कीमत करीब 44 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह सरगुजा के किसी इलाके से गांजा लेकर बचरा-पोड़ी जा रहा था। गांजा ओडिशा से सरगुजा लाया गया था। गांजा उसे किस व्यक्ति ने दिया था, पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने गांजा और उसे ले जाने में इस्तेमाल की गई बोलेरो जब्त कर ली है। उमरे आजम के खिलाफ धारा 20(बी) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सूरजपुर एसपी योगेश कुमार पटेल ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नशे के कारोबार से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
कोटा में नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष समारिया ने नगरीय निकाय चुनाव-2026 के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किए हैं। नगर निगम चुनाव के लिए आवेदन करने वाले दावेदार संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कमरे में जाकर फॉर्म लेकर जमा करा सकेंगे।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मंदिरों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर को पकड़ने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। रामपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के मुख्य आरोपी को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सौरव (21 वर्ष), पुत्र दीप बहादुर, निवासी कुल्लू के रूप में हुई है। एक ही रात में तीन मंदिरों को बनाया था निशाना यह सनसनीखेज चोरी 14 अगस्त की रात को हुई थी। शातिर चोर ने रामपुर बाजार में स्थित प्रसिद्ध श्री संकट मोचन महावीर मंदिर, नाडू बावड़ी स्थित शनि धाम और एक अन्य संकट मोचन मंदिर को अपना निशाना बनाया था। आरोपी ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर एक के बाद एक तीनों मंदिरों के ताले चटकाए और अंदर रखे भारी दानपात्रों (गोलक) को चुराकर रफूचक्कर हो गया। चोर ने मंदिर परिसर से दूर सुनसान जगह पर जाकर दानपात्रों के ताले तोड़े, उनमें रखी तमाम नकदी निकाली और खाली दानपात्रों को वहीं झाड़ियों में फेंक कर फरार हो गया था। सीसीटीवी फुटेज से खुला आरोपी का राज मंदिरों में हुई इस बेअदबी और चोरी की घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी रोष था। मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर रामपुर सिटी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) (रात में घर में जबरन घुसना/चोरी) और 305 (पूजा स्थल पर चोरी) के तहत मुकदमा (अभियोग संख्या 81/2026) दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और मंदिरों सहित आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। फुटेज की तकनीकी जांच और हुलिए के आधार पर आरोपी सौरव की पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस को चकमा देने के लिए बदल रहा था ठिकाने, लुधियाना में घेराबंदी पहचान होने के बाद आरोपी सौरव पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल लोकेशन बदल रहा था। वह कुल्लू और शिमला के पहाड़ी इलाकों से भागकर पंजाब की तरफ निकल गया। रामपुर पुलिस ने हार न मानते हुए लगातार उसका पीछा किया और आखिरकार अथक प्रयासों के बाद 20 अगस्त को उसे लुधियाना से चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी को रामपुर लाकर अदालत में पेश करेगी और रिमांड हासिल कर चोरी की गई कुल नकदी की बरामदगी करेगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी उसके साथ शामिल था।
आगरा के बारह खंभा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की साइट से वाहन चालकों के गुजरने का मामला सामने आया है। रुई की मंडी, नगला छऊआ और ईदगाह को जोड़ने वाले इस मार्ग पर 125 करोड़ रुपये की लागत से थ्री-वे रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद लोग शॉर्टकट के लिए बैरिकेड हटाकर सीधे निर्माणाधीन साइट से बाइक निकाल रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। निर्माण कार्य के चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। पिलरों की नींव के लिए जगह-जगह गहरे गड्ढे खोदे गए हैं और भारी मशीनें लगातार काम कर रही हैं। इसके बावजूद वाहन चालक जोखिम उठाकर साइट के भीतर से निकल रहे हैं। लंबा रास्ता बचाने के लिए उठा रहे खतरास्थानीय लोगों के अनुसार, रुई की मंडी चौराहे से नगला छऊआ होकर ईदगाह जाने का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण लोग बारह खंभा रेलवे लाइन के किनारे से होकर संकरी बस्तियों के रास्ते निकल रहे हैं। इससे मोहल्लों की छह फीट चौड़ी गलियों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। 24 घंटे चल रहा निर्माण कार्यआगरा रेल मंडल की गतिशक्ति यूनिट इस परियोजना का निर्माण करा रही है। साइट पर भारी क्रेन, पोकलेन मशीन और कंक्रीट मिक्सर लगातार संचालित हो रहे हैं। पिलर फाउंडेशन के लिए ड्रिलिंग कार्य जारी है, लेकिन इसके बावजूद खेरिया मोड़ और अर्जुन नगर की ओर से बाइक सवार निर्माण क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। बैरिकेड हटाए, निगरानी नदारदस्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन लोगों ने सुविधा के लिए उन्हें हटा दिया। हैरानी की बात यह है कि मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या अन्य जिम्मेदार कर्मी लोगों को रोकते नहीं दिख रहे हैं। शाम के समय ट्रैफिक बढ़ने पर स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ा खतरानिर्माण स्थल पर लोगों को रोकने के लिए कोई सुरक्षा कर्मी या जिम्मेदार अधिकारी तैनात नहीं दिख रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी पर डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो निर्माणाधीन साइट पर बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदार झाड़ रहे पल्लामौके पर लोगों को रोकने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी या गार्ड मौजूद नहीं है। प्रशासन और संबंधित अधिकारी इसे निर्माण एजेंसी का काम बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। लोगों की यह जल्दबाजी और जिम्मेदारों की अनदेखी किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
खेतड़ी नगर के KCC स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 में 1995 बैच के करीब 70 पूर्व विद्यार्थी 31 साल बाद फिर एक साथ जुटेंगे। 22 अगस्त को होने वाले एलुमनाई री-यूनियन में देश के 9 राज्यों के साथ विदेशों से भी पूर्व छात्र पहुंचेंगे। सुबह स्कूल परिसर में पुरानी कक्षाओं, खेल मैदान और प्रार्थना स्थल की यादें ताजा करने के बाद दोपहर में मुख्य समारोह होगा। पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करने के साथ गुरुजनों और स्कूल के प्रति सम्मान भी व्यक्त करेंगे। सुबह स्कूल पहुंचकर पुरानी यादें ताजा करेंगे कार्यक्रम का पहला सत्र 22 अगस्त को सुबह 10:15 बजे केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 परिसर में होगा। इस दौरान पूर्व छात्र अपने पुराने स्कूल का भ्रमण करेंगे। वे अपनी पुरानी कक्षाओं, खेल मैदान, प्रार्थना स्थल और स्कूल परिसर को देखकर छात्र जीवन से जुड़ी यादों को फिर से ताजा करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे खेतड़ी नगर के दीनबंधु मैरिज पैलेस में मुख्य समारोह होगा। यहां सभी पूर्व छात्रों का स्वागत किया जाएगा और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विदेश समेत 9 राज्यों से पहुंचेंगे पूर्व विद्यार्थी एलुमनाई सम्मेलन में विदेशों से भी पूर्व छात्र शामिल होंगे। पंकज जांगिड़ और भूपेंद्र राजिंदर विदेश से कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा केरल, झारखंड, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में काम कर रहे पूर्व विद्यार्थी भी सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम में भारतीय सेना में कर्नल पद पर कार्यरत अनूप नायर के साथ ललिताभ, सुनील चौधरी, स्वाति बनर्जी, रूमा चक्रवर्ती, सरिता, सिंधु नायर और विजयश्री सहित करीब 70 सहपाठी वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलेंगे। पुराने अनुभव और यादें साझा करेंगे आयोजन समिति के सदस्य रमेश कुमार यादव ने बताया कि पुनर्मिलन का उद्देश्य पुराने साथियों को दोबारा जोड़ना, उनके जीवन के अनुभव साझा करना और विद्यालय से जुड़ी सुनहरी यादों को ताजा करना है। उन्होंने कहा कि 31 साल बाद होने वाला यह मिलन समारोह सभी पूर्व छात्रों के लिए यादगार रहेगा। आयोजन समिति के सदस्य रोहिताश खेदड़, अनिता शर्मा, शमशेर खान, सुरेश सैनी और सुनीता छिछोलिया ने बताया कि यह सम्मेलन सिर्फ पुराने दोस्तों से मिलने का मौका नहीं है। इसके जरिए पूर्व छात्र अपने विद्यालय और गुरुजनों के प्रति सम्मान भी व्यक्त करेंगे।
झांसी जेल से एक बंदी रिहा:2 की 7 दिन बाद होगी रिहाई, संस्था ने 12500 रुपए का जुर्माना जमा कराया
झांसी जिला जेल में सजा पूरी होने के बाद भी आर्थिक तंगी के कारण तीन दोषसिद्ध बंदी रिहा नहीं हो पा रहे थे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने तीनों का कुल 12500 रुपए का अर्थदंड जमा कर उनकी रिहाई का रास्ता साफ कर दिया। गुरुवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्तार नाम के बंदी को जेल से रिहा कर दिया गया। वहीं, दो अन्य बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। उन्हें करीब सात दिन बाद जेल से बाहर किया जाएगा। फोरम के झांसी कॉर्डिनेटर मुफ्ती इमरान नदवी ने बताया कि बीएनएस की धारा 506 में दोषसिद्ध मुख्तार पर कोर्ट ने 3,500 रुपए, जीएसटी एक्ट में दोषसिद्ध बंटी पर 5,000 रुपए और धारा 305 व 317(2) में दोषसिद्ध सुरेश वर्मा पर 4,000 रुपए का अर्थदंड लगाया था। 4,000 रुपए का अर्थदंड लगाया तीनों अपनी मूल सजा पूरी कर चुके थे, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जुर्माना जमा नहीं कर पा रहे थे। इसके चलते उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ रहा था। फोरम को इसकी जानकारी मिली तो संस्था ने तीनों का अर्थदंड जमा कर दिया। जेल गेट पर दिलाया दोबारा अपराध न करने का संकल्प गुरुवार को मुख्तार की रिहाई के दौरान जेल गेट पर संस्था के पदाधिकारियों ने उसकी काउंसिलिंग की। मुफ्ती इमरान नदवी ने उसे जेल से बाहर निकलने के बाद जिम्मेदार नागरिक की तरह जीवन जीने और दोबारा अपराध न करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार, कारापाल अंजनी कुमार गुप्ता, उप कारापाल मोनिका सचान और संस्था के सदस्य मजहर खान व समीर खान मौजूद रहे। काउंसिलिंग के बाद मुख्तार को घर भेज दिया गया। मुफ्ती इमरान नदवी ने बताया कि फोरम आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की मदद कर रहा है। संस्था अब तक 60 ऐसे बंदियों की रिहाई में सहयोग कर चुकी है, जो जघन्य अपराधों में शामिल नहीं हैं और आदतन अपराधी भी नहीं हैं।
कोटपूतली में 33/11 केवी किरतपुरा जीएसएस पर आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य के कारण शुक्रवार, 21 अगस्त को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती सुबह 7 बजे से 10 बजे तक, कुल तीन घंटे के लिए की जाएगी। इस दौरान 33/11 केवी जीएसएस किरतपुरा से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इससे इन फीडरों से जुड़े क्षेत्रों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। विद्युत निगम के सहायक अभियंता (HTM) अमित ढाका ने बताया कि जीएसएस पर जरूरी रखरखाव कार्यों के चलते यह शटडाउन लिया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से इस अवधि में सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने गुरुवार दोपहर दमोह में स्कूलों, मदरसों, प्राथमिक स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और बाल अधिकारों से जुड़े प्रावधानों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने दमोह के सेंट जॉन्स स्कूल, जेपीबी स्कूल और एक मदरसे का दौरा किया। उन्होंने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से जानकारी ली और निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) समिति का गठन किया जाए। इसका उद्देश्य बच्चों से संबंधित शिकायतों और उनकी सुरक्षा के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आयोग सदस्य ने जताई नाराजगी सेंट जॉन्स स्कूल में निरीक्षण के दौरान बच्चों से 'गुड टच-बैड टच' के संबंध में जानकारी ली गई। बच्चों को इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं होने पर अर्चना गुप्ता ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बिना लाइसेंस बच्चों के वाहन चलाने पर भी आपत्ति जताई और स्कूल प्रबंधन को बच्चों को नियमित रूप से बाल सुरक्षा एवं 'गुड टच-बैड टच' के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान शिकायत पेटी की व्यवस्था को लेकर भी आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत पेटी ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां बच्चों की शिकायत की गोपनीयता बनी रहे और वह सीसीटीवी कैमरे की सीधी निगरानी में न हो। इससे बच्चों को बिना डर अपनी समस्या या शिकायत बताने का अवसर मिलेगा। इस निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति दमोह के अध्यक्ष दीपक तिवारी सहित समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कस्तूरबा वार्ड का मदरसा मिला बंदनिरीक्षण के दौरान कस्तूरबा वार्ड स्थित दाउल उलूम आला हजरत रजा ए मुस्तफा मदरसा बंद मिला। मौके पर कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए। इस पर अर्चना गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए मामले में संबंधित स्तर पर कार्रवाई किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों में कर्मचारियों की उपस्थिति और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ये भी रहे मौजूदनिरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति दमोह के अध्यक्ष दीपक तिवारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे। आयोग की सदस्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में D.El.Ed की डिग्री के कारण नियुक्ति से वंचित चयनित शिक्षक गुरुवार शाम लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय में नारेबाजी करते हुए आयुक्त के कक्ष में घुस गए। करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारी झंडे लेकर कार्यालय की पहली मंजिल पर पहुंचे और आयुक्त के कक्ष के बाहर नारेबाजी करने लगे। वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को कक्ष से बाहर निकाला और कार्यालय भवन से भी बाहर कर दिया। इसके बाद चयनित शिक्षक कार्यालय परिसर में बैठकर नारेबाजी करने लगे। फिलहाल लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह और चयनित शिक्षकों के बीच बातचीत चल रही है। आयुक्त बोले- भर्ती नियमावली का मामला जटिल लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों से संवाद किया जा रहा है और उनकी बातें सुनी जा रही हैं। चयनित शिक्षकों से पहले भी बातचीत हो चुकी है और अभी भी संवाद का रास्ता खुला है। हालांकि, भर्ती नियमावली का मामला जटिल है। देखिए तस्वीरें 15 दिन से नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन चयनित शिक्षक करीब 15 दिन से लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में चयनित होने के बावजूद D.El.Ed की डिग्री के कारण उन्हें नियुक्ति से वंचित किया जा रहा है। शाम 6 बजे झंडे लेकर घुसे ऑफिस गुरुवार शाम करीब 6 बजे, जब कार्यालय समय खत्म हो रहा था और अधिकारी-कर्मचारी घर जाने की तैयारी में थे, प्रदर्शनकारी झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय के अंदर घुस गए। वे पहली मंजिल पर आयुक्त के कक्ष के बाहर तक पहुंच गए थे। मुख्य गेट पर ताला, भारी पुलिस बल तैनात प्रदर्शनकारियों के कक्ष में पहुंचने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। बताया जा रहा है कि लोक शिक्षण आयुक्त ने फोन कर पुलिस बल बुलाया था। फिलहाल चयनित शिक्षक परिसर में बैठे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। आयुक्त और शिक्षकों के बीच बातचीत जारी है। ABVP भी पहुंचा, आयुक्त से मिलने की मांग इसी बीच ABVP कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने चयनित शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन देने की पेशकश की, लेकिन शिक्षकों ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद ABVP के करीब 10 से 20 कार्यकर्ता DPI के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। ABVP कार्यकर्ता लोक शिक्षण आयुक्त से मिलने की मांग कर रहे हैं। परिसर के बाहर ABVP कार्यकर्ताओं और चयनित शिक्षकों की ओर से अलग-अलग नारेबाजी हो रही है। कर्मचारियों ने कल से आंदोलन की चेतावनी दी प्रदर्शनकारियों के कार्यालय में प्रवेश करने की घटना के बाद लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी लामबंद हो गए। कर्मचारी संगठनों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने कहा है कि सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होने पर 21 अगस्त से लोक शिक्षण संचालनालय के लोक सेवक सांकेतिक कार्य अवज्ञा आंदोलन शुरू करेंगे। यह है पूरा मामला यह विवाद स्कूल शिक्षा विभाग के 13 हजार से अधिक पदों के लिए कराई गई प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में इसके लिए विज्ञापन जारी किया था और इसका रिजल्ट इसी महीने घोषित किया गया है। प्रदर्शन कर रहे चयनित शिक्षकों का कहना है कि विज्ञापन में यह स्पष्ट नहीं लिखा था कि परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि तक D.El.Ed की डिग्री पूरी होना जरूरी है। उनका कहना है कि रिजल्ट आने और चयनित होने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग उन्हें नियुक्ति नहीं दे रहा है। उन्हें आवेदन की अंतिम तिथि तक D.El.Ed की डिग्री पूरी नहीं होने के आधार पर अपात्र बताया जा रहा है। वहीं, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह का कहना है कि भर्ती परीक्षा की रूल बुक में स्पष्ट है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक D.El.Ed की डिग्री पूरी होना जरूरी है। इसी आधार पर चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।
टोंक कांग्रेस ने निकाय और पंचायत राज चुनावों में युवाओं को बड़ी हिस्सेदारी देने का दावा किया है। जिलाध्यक्ष सऊद सईदी ने कहा कि पार्टी में विश्वास रखने वाले Gen Z यानी युवाओं को 50% टिकट देने की उनकी कोशिश रहेगी। उन्होंने कहा कि वफादार और कर्मठ कार्यकर्ताओं को भी मौका दिया जाएगा। इस दावे से चुनाव लड़ने के इच्छुक युवाओं और टिकट दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। पायलट, राहुल और डोटासरा भी युवाओं को टिकट देने के पक्ष में जिलाध्यक्ष सऊद सईदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके नेता सचिन पायलट, राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी चाहते हैं कि युवाओं को 50 फीसदी टिकट दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों Gen-G ने जिस तरह केंद्र सरकार को झुकाया था, उससे युवाओं की ताकत सामने आई है। इसलिए यूथ कांग्रेस की ताकत रहेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जिले में होने वाले इन चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को मिलें। टोंक में लगातार दूसरी बार चेयरमैन बनाने का दावा सईदी ने कहा कि कांग्रेस लगातार दूसरी बार टोंक में चेयरमैन बनाएगी। इसके लिए पार्टी वफादार और कर्मठ कार्यकर्ताओं को टिकट देगी। चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पहले पीसीसी से डीसीसी तक आएगा। इसके बाद राय-मशवरे के आधार पर टिकट का वितरण किया जाएगा। युवाओं को आगे बढ़ाने से बदलेंगे टिकट के समीकरण जिलाध्यक्ष के बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। पार्टी अगर 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने का फार्मूला लागू करती है तो निकाय और पंचायत चुनाव में टिकट के दावेदारों के मौजूदा समीकरण बदल सकते हैं। कांग्रेस की कोशिश युवाओं को संगठन और चुनावी राजनीति में ज्यादा भागीदारी देकर नए मतदाताओं को जोड़ने की भी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि पार्टी हाईकमान जिलाध्यक्ष के 50 फीसदी टिकट वाले दावे पर क्या फैसला करता है। राजीव गांधी की जयंती मनाई, पदचिन्हों पर चलने का आह्वान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिला कांग्रेस कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती मनाई। इस दौरान नेताओं ने उनके चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से राजीव गांधी के पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा, मीडिया प्रभारी जर्रार खान, महमूद शाह, देवकरण गुर्जर, सेवादल अध्यक्ष अब्दुल खालिक, खेल प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष इम्तियाज खान, मनिंदर बैरवा, मोहम्मद शकील और शबाना बी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे।
नीमच शहर के ईदगाह इलाके में केंट थाना पुलिस ने अवैध जुए के फड़ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से ताश के पत्तों के साथ 40 हजार 580 रुपए की नकदी जब्त की है। विशेष अभियान के तहत केंट थाना पुलिस के उपनिरीक्षक भगवत सिंह को मुखबिर से ईदगाह क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जुआ संचालित होने की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर जुआ खेल रहे सभी 12 आरोपियों को पकड़ लिया। 40 हजार से अधिक की नकदी बरामद केंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा के अनुसार कार्रवाई के दौरान फड़ से ताश की गड्डी और 40,580 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में एएसआई अनिल तोमर सहित आरक्षक राहुल, मधुसूदन, राजेश और कपिल सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही। सभी आरोपी भेजे गए जेल मामले में वैधानिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर सभी 12 आरोपियों को गुरुवार शाम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
बाड़मेर जिले के मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल गेट नंबर 3 पर किसान-ग्रामीण एक महीने से धरने पर हैं। केयर्न वेदांता कंपनी को लेकर लोगों को दावा है कि ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आ रही हैं। क्रूड वेस्ट और प्रदूषित पानी से हमारे ट्यूबवेल-हैंडपंप में पानी आता है। लोग मुआवाजे समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने केयर्न वेदांता कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। सांसद बोले- जल जंगल जमीन, पर्यावरण और किसानों के हितों की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं है। विकास तभी सार्थक है जब स्थानीय लोगों के अधिकार, उनका जीवन और आजीविका सुरक्षित हो। उन्होंने कहा- मैं ये मुद्दा लोकसभा में उठाऊंगा। सांसद ने किया मांगों का समर्थन सांसद उम्मेदाराम बोले- ब्लास्टिंग से मकानों एवं संपत्तियों को नुकसान हो रहा है। कृषि कुएं प्रभावित हो रहे हैं। क्रूड वेस्ट और रासायनिक अपशिष्ट से पानी प्रदूषित हो रहा है। खेत बंजर हो रहे हैं। ऐसी शिकायतें गंभीर हैं। इनकी निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच जरूरी है। प्रभावित मकानों का निष्पक्ष सर्वे करवाकर उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार और जीवन बीमा उपलब्ध कराया जाए। जिन गांवों और ग्राम पंचायतों का सर्वे नहीं हुआ है, वहां दोबारा सर्वे करवाकर सभी प्रभावित परिवारों को शामिल किया जाए। साथ ही स्थायी आपदा चेतावनी प्रणाली, एमपीटी के चारों ओर 1000 मीटर ग्रीन बेल्ट और निर्धारित क्षेत्रों में 33 प्रतिशत हरित क्षेत्र विकसित किया जाना चाहिए। मैं किसानों की मांगों का समर्थन करता हूं। क्षेत्रवासियों के अधिकार और न्याय की इस लड़ाई में मैं उनके साथ हूं। कंपनी एवं प्रशासन को आश्वासनों के बजाय समयबद्ध तरीके से ग्रामीणों की जायज मांगों का ठोस समाधान करना चाहिए। अगर समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन में मैं पूरी मजबूती के साथ ग्रामीणों के साथ खड़ा रहूंगा और इस मुद्दे को लोकसभा सदन से लेकर हर उचित मंच पर उठाऊंगा। धरना अनिश्चितकालीन यह धरना नागाणा संघर्ष समिति के बैनर तले इलाके के किसान व ग्रामीण दे रहे हैं। धरना अनिश्चितकालीन है। ये लोग एमपीटी गेट नंबर 3 पर बैठे है। सांसद उम्मेदाराम ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों, किसानों एवं ग्रामीणों से बात कर समस्याएं सुनीं और केयर्न वेदांता कंपनी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर समाधान के निर्देश दिए। धरनास्थल पर केयर्न वेदांता कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी अयोध्या प्रसाद गौड़, गंगाराम जांगिड़, गंगाराम सारण सहित ग्रामीण व किसान मौजूद रहे।
लुधियाना जिले के जगराओं में कृष्णा डिपार्टमेंट स्टोर पर 80 हजार रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह और बिल्ला के रूप में हुई। इस मामले में पहले ही गगनदीप सिंह उर्फ काली को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की लत के चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। लूटी गई रकम का आधे से ज्यादा हिस्सा उन्होंने खर्च कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुछ नकदी और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। नकाब पहनकर दुकान में घुसे थे युवक यह वारदात 12 अगस्त को हुई थी। पीड़ित विकास सिंगला, जो शास्त्री नगर, गली नंबर-3 के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया था कि डिस्पोजल रोड पर उनकी कृष्णा डिपार्टमेंट स्टोर नाम से किरयाना की दुकान है। 12 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे वह गुरुद्वारा नानकसर में थे, और दुकान पर उनका वर्कर साहिल मौजूद था। इसी दौरान तीन युवक मोटरसाइकिल पर दुकान पर पहुंचे। एक युवक बाहर मोटरसाइकिल पर बैठा रहा, जबकि दो नकाबपोश युवक दुकान के अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने वर्कर साहिल से ठंडी स्टिंग मांगी। जैसे ही साहिल स्टिंग लेने दुकान के पीछे गया, आरोपियों में से एक ने कैश काउंटर से करीब 80 हजार रुपए निकाल लिए। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात रुपए निकालने के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पीड़ित के बयान पर थाना सिटी जगराओं पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच अधिकारी गुरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ काली के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी का मामला दर्ज है। तीनों आरोपी नशे के आदी हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी नशा कहां से खरीदते थे, ताकि नशा सप्लाई करने वाले तस्करों तक पहुंचा जा सके।
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के पैसों को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने वाले 9 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम दूसरे लोगों को दे दिए थे। इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिले पैसे जमा करने और फिर दूसरे खातों में भेजने के लिए किया गया। जांच में इन खातों से 5 लाख रुपए से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। साइबर ठगी के पैसे खाते में लेकर भेजते थे आगे थाना सुपेला, भिलाई भट्ठी और एसीसीयू की टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की। पुलिस ने 20 अगस्त को सुपेला थाना क्षेत्र से दो और भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र से सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साइबर ठगी के पैसे अपने बैंक खातों में लेते थे और फिर उन्हें दूसरे खातों में भेज देते थे। इसके बदले उन्हें करीब 2 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंक से जुड़े दूसरे दस्तावेज भी जब्त किए हैं। जानिए कैसे काम करता था यह पूरा नेटवर्क पुलिस की जांच में सामने आया कि साइबर ठगी करने वाले लोगों को ऐसे बैंक खातों की जरूरत होती है, जिनमें ठगी की रकम जमा की जा सके। इसके लिए कुछ लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते और दूसरे बैंकिंग साधन लिए जाते थे। ठगी की रकम इन खातों में पहुंचने के बाद उसे दूसरे खातों में भेज दिया जाता था। इस तरह रकम कई खातों में घूमती रहती थी और ठगी करने वाले लोगों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस के मुताबिक इसी तरह के खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। सुपेला थाने में दर्ज केस में चंद्र नगर उमरपोटी निवासी अमन कुमार राय (25) और पांच रास्ता चिंगरी पारा सुपेला निवासी डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38) को आरोपी बनाया गया है। वहीं भिलाई भट्ठी थाने के केस में दिनेश कुमार देशमुख (22), नितिश सिंह राजपूत (28), विक्रम देशलहरे (33), भीष्म ध्रुव (24), के. सुनीता राव, स्मीता मसीह और गुनगुन देवांगन को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 318(2), 318(3), 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है।
जमीनी व्यवस्था सुधारने के लिए अब नगर निगम के कमिश्नर और नगर पालिका-नगर पंचायतों के CMO रोज वार्डों का दौरा करेंगे। वे अपनी टीम के साथ वार्डों में जाकर सफाई, कचरा प्रबंधन और दूसरे विकास कार्यों की स्थिति देखेंगे। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान की फोटो डिपार्टमेंट के व्हाट्सएप ग्रुप में भी शेयर करनी होंगी। नगरीय प्रशासन विभाग के नए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने गुरुवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। अफसर सिर्फ रिपोर्ट पर भरोसा न करें, मौके पर जाएं कार्यभार संभालते ही बोरा ने अधिकारियों से मैराथन बैठक ली जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नालंदा परिसर और शहरों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल ऑफिस में बैठकर रिपोर्ट के आधार पर काम की समीक्षा न करें। अफसर नियमित रूप से मौके पर जाकर काम की क्वालिटी, प्रोग्रेस और लोगों को मिल रहे बेनिफिट की जांच करें। घर, बाजार और सार्वजनिक जगहों पर कचरा अलग-अलग करना होगा स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान बोरा ने कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि घरों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर कचरे को अलग-अलग करने की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू की जाए। उन्होंने निकायों में चार डस्टबिन की व्यवस्था को व्यवस्थित करने, कचरे का नियमित उठाव और उचित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाने को कहा। बाजारों की रोज सफाई और समय पर कचरा उठाने के निर्देश प्रमुख सचिव ने बाजार क्षेत्रों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसका असर जमीन पर दिखाई दे। 38 नालंदा परिसरों का निर्माण जल्द पूरा करने कहा बोरा ने राज्य में बन रहे 38 नालंदा परिसरों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन तैयार होने से पहले ही लाइब्रेरी के लिए किताबें, कंप्यूटर, पैनल, लाइब्रेरियन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था कर ली जाए। इससे परिसर तैयार होते ही स्टूडेंट को इसका फायदा मिल सकेगा। पीएम आवास के कार्यों की समीक्षा प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत और बन चुके मकानों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास का लाभ मिले। साथ ही मकानों के निर्माण की क्वालिटी और प्रोग्रेस की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पानी-शौचालय की सुविधा रायपुर नगर निगम आयुक्त को शहर के पर्यटन स्थलों की सूची तैयार कर वहां पीने का साफ पानी, शौचालय, डस्टबिन और सफाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।उन्होंने शहरों में अर्बन फॉरेस्ट और सार्वजनिक उद्यानों के विकास पर भी जोर दिया। पुराने गार्डन के रखरखाव और सुधार की योजना बनाने को कहा। नए जुड़े क्षेत्रों में पानी, सफाई और हरियाली पर फोकस नगरीय निकायों के परिसीमन के बाद शहरों में शामिल हुए नए क्षेत्रों में पेयजल, सफाई, हरियाली और अर्बन एग्रीकल्चर को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।प्रमुख सचिव ने पुराने हाउसिंग प्रोजेक्ट की मरम्मत, स्लम रिडेवलपमेंट और उपलब्ध सरकारी जमीन पर व्यावसायिक प्रोजेक्ट के विकल्प तलाशने को भी कहा। सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS की शिकायतें समय पर निपटाएं बोरा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS पोर्टल से मिलने वाली शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय कर शहरों के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर. एक्का, सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल, रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा नगर निगम बिरगांव के आयुक्त युगल किशोर उर्वशा, उप सचिव भागवत जायसवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक अरुण साहू, सूडा के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, सचित साहू तथा अधीक्षण अभियंता रमेश सिंह भी बैठक में मौजूद थे।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां चिह्नित 181 मकानों में से 179 पर ध्वस्तीकरण का हथौड़ा चल चुका है। शिया बहुल इस इलाके से इमाम हुसैन की शहदात के महीने मुहर्रम की एक तारीख से जुलूसों का सिलसिला शुरू हुआ था। अब शनिवार यानी 22 अगस्त को दो महीना 8 दिन चले गम के महीने का अंतिम जुलूस दालमंडी से उठाया जाएगा। ऐसे में यहां सड़क पर बह रहे सीवर के गंदे पानी और सड़कों पर पड़े मलबे को हटाने के लिए जुलूस के कन्वीनर अस्करी रजा सईद और अंजुमन हैदरी चौक, बनारस के सेक्रेटरी नायब रजा ने प्रशासन से इसे सही करवाने की मांग किया है। देखिये तीन तस्वीरें… साल 1953 से उठ रहा है जुलूसजुलूस के कन्वीनर अस्करी रजा सईद ने बताया - साल 1953 से यह जुलूस उठाया जा रहा है। पहले यह जुलूस चुप ताजिये के नामसे था। बाद में इसमें अमारी और दुलदुल के साथ ही साथ अलम और ताबूत लग गए। अब यह जुलूस पूरे वाराणसी मंडल के साथ ही साथ मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल को भी कवर करता है। शनिवार को इस जुलूस में इन सभी मंडलों के जिलों के जायरीन उमड़ेंगे। सीवर के पानी से दिक्कत, समाधान की गुहारअस्करी रजा सईद ने बताया - हमारे इमामबाड़े में 15 अगस्त से मजलिसें शुरू हुई हैं। शनिवार को जुलूस उठना है। लेकिन दालमंडी की स्थिति दयनीय है क्योंकि चौड़ीकरण का काम चल रहा है। लेकिन यह जुलूस हमारी आस्था का केंद्र है और सीवर के मलजल से उसे ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में हमने प्रशासन से और पुलिस से मांग की है। साथ ही पार्षद इंद्रेश कुमार से भी कहा है की मलजल की समस्या पीने के पानी की पाइप फटी होने से भी ज्यादा है। ऐसे में शनिवार को सुबह की सप्लाई 1 बजे दिन के बाद कराई जाए। ताकि दालमंडी में पानी न लगे और जुलूस के क्रास होने के बाद आप पानी स्टार्ट कर लें। दालमंडी में पोकलैंड मशीन के सबाव से सीवर लाइन ध्वस्त हो गयी। नगर निगम को भी दिया है लेटर अस्करी रजा सईद ने बताया - हमने इस आशय का एक लेटर अपने इमामबाड़े शब्बीर ओ सफदर के लेटर हेड पर नगर निगम और अन्य कार्यालयों में रिसीव करवाया है। हमें पूरी उम्मीद है की हमारी मांग प्रशासन सुनेगा और जुलूस और उसमे आने वाले जायरीनों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
नाबालिग से दुष्कर्म-अपहरण का आरोपी गिरफ्तार:घर से भगाकर ले गया था, नकदी और गहने भी लेकर गई थी पीड़िता
कापरेन थाना पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। नाबालिग के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में अपराध प्रमाणित पाया गया। पुलिस के अनुसार 20 जुलाई को पीड़ित परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि 19 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे नाबालिग बेटी घर से बिना बताए चली गई। वह घर में रखे 42 हजार रुपए नकद, सोने की एक बाली और दो टॉप्स भी साथ ले गई थी। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा के निर्देश पर महिला अत्याचार और पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के तहत टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चंपावत के मार्गदर्शन और के. पाटन वृत्ताधिकारी अशोक जोशी के सुपरविजन में कापरेन थानाधिकारी राजाराम जाट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाबालिग को दस्तयाब किया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और नाबालिग के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में अपराध प्रमाणित पाया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे मामले को लेकर पूछताछ जारी है। ये पुलिसकर्मी रहे टीम में शामिल कार्रवाई में थानाधिकारी राजाराम जाट, हेड कॉन्स्टेबल राकेश सैनी, कॉन्स्टेबल चंचल चौधरी, अजीत कुमार और चंद्रशेखर शामिल रहे।
बांसवाड़ा की सदर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर हथियारनुमा लाइटर के साथ रील बनाकर वायरल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पिस्टलनुमा लाइटर के साथ वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। सोशल मीडिया सेल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नयागांव तालाब के पास दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। पुलिस को देखकर वह साथी के साथ भागने लगा, लेकिन गिरने से उसके हाथ-पैर में चोट लग गई। पुलिस ने उसे पकड़कर गिरफ्तार किया और मौके से उसकी दो बाइक भी जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया सेल से सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति हथियारों के साथ वीडियो वायरल कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नयागांव तालाब के पास दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी और उसका साथी भागने लगे। इसी दौरान विनोद गिर गया और उसके दाहिने हाथ व पैर में चोट लग गई। पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। डुप्लीकेट पिस्टलनुमा लाइटर से बनाया वीडियो पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपनी सोशल मीडिया आईडी से डुप्लीकेट पिस्टलनुमा लाइटर का वीडियो पोस्ट किया था। पुलिस का कहना है कि वीडियो का मकसद डॉनगिरी दिखाकर आम लोगों में भय और दहशत का माहौल पैदा करना था। आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह के निर्देशन तथा सीओ रामकुमार के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी रूपसिंह, एएसआई केशचंद्र, हेड कांस्टेबल गजेंद्र सिंह, कांस्टेबल भीष्मप्रताप सिंह (सोशल मीडिया सेल), मनदीप, भूरलाल और लोकेन्द्र सिंह शामिल रहे।
उदयपुर में खाली प्लॉट में भरे बारिश के पानी में 7 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई। खेलते समय बच्चे का पैर फिसल गया और वह पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना उदयपुर के केशव नगर-रूपसागर रोड पर गुरुवार शाम 5 बजे की है। जहां हादसे की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की पहचान तेजा(7) पुत्र रतन गमेती के रूप में हुई है। खाली प्लॉट में भरा था बारिश का पानी रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम से गोताखोर विजय नकवाल ने बताया कि केशव नगर-रूपसागर रोड के पास एक खाली प्लॉट में पिछले दिनों हुई बारिश का पानी काफी मात्रा में जमा था। प्लॉट के चारों तरफ गीली मिट्टी होने के कारण वहां काफी फिसलन बनी हुई थी। शाम के समय 7 साल का तेजा खेलते समय पानी भरे हुए प्लॉट के पास पहुंच गया। अचानक पैर फिसलने से वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम शाम करीब 5:10 बजे घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम से सिविल डिफेंस को मिली। सूचना मिलते ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौर के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर गोताखोरों की टीम बिना देरी किए पानी में उतरी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू टीम के गोताखोरों ने करीब 15 से 20 मिनट तक पानी में तलाश की। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे के शव को पानी से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने शव को मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में खुले पड़े प्लॉटों को लेकर नाराजगी देखने को मिली। खुले प्लॉट और जलभराव वाली जगहों पर हो सुरक्षा के इंतजाम स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम में ऐसे खुले प्लॉट और जलभराव वाली जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि आगे ऐसे हादसों को रोका जा सके।
रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने गुरुवार को विधानसभा क्षेत्र के चार शासकीय स्कूलों में 10वीं और 12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक नंबर हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र के साथ 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। विधायक ने स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और उनके भविष्य के लक्ष्य को लेकर चर्चा की। अनुशासन और टाइम मैनेजमेंट सफलता का अचूक मंत्र : सोनी कार्यक्रम संत कंवरराम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कटोरातालाब, शासकीय सुंदरी कालीबाड़ी स्कूल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला संतोषीनगर और शासकीय माध्यमिक शाला मठपुरैना में आयोजित किया गया। इस दौरान विधायक ने विद्यार्थियों से कहा कि अनुशासन और टाइम मैनेजमेंट सफलता का अचूक मंत्र है। समय का सही इस्तेमाल और नियमित पढ़ाई विद्यार्थियों को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि बोर्ड परीक्षा में अभी समय है। ऐसे में परीक्षा के नजदीक आने का इंतजार करने के बजाय अभी से पढ़ाई का टाइम-टेबल बनाकर तैयारी शुरू करें। नियमित अध्ययन से आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा परिणाम भी बेहतर होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने के लिए प्रेरित किया। दक्षिण विधानसभा में 184 विद्यार्थी मेरिट में विधायक ने बताया कि वर्ष 2025-26 में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों के 184 विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाया है। इन सभी उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्कूलों में जाकर सम्मानित किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि प्रतिभावान छात्रों को प्रोत्साहित करने से उनमें आगे बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह बढ़ता है। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में प्रावीण्य सूची में शामिल विद्यार्थियों की संख्या और बढ़ेगी। ये रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह रहा। विधायक ने छात्रों से सवाल-जवाब कर उनकी जिज्ञासाओं को भी जाना। इस अवसर पर भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, एमआईसी सदस्य अमर गिदवानी, जोन अध्यक्ष मुरली शर्मा, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, सुनील कुकरेजा, संतोष सोनी, पार्षद रमेश सपहा सहित जनप्रतिनिधि, प्राचार्य, शिक्षक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बीकानेर नगर निगम और जिले की छह नगर पालिकाओं के चुनाव में इस बार 6 लाख 45 हजार 15 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण में 9 सितंबर को नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, नापासर, खाजूवाला और लूणकरणसर नगर पालिका में सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में 11 सितंबर को बीकानेर नगर निगम में मतदान होगा। इसके लिए जिले में कुल 656 मतदान केंद्र और 31 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन ने बताया - कुल मतदाताओं में बीकानेर नगर निगम के 4 लाख 82 हजार 121, नोखा के 49 हजार 91, देशनोक के 15 हजार 384, श्रीडूंगरगढ़ के 43 हजार 488, खाजूवाला के 10 हजार 190, लूणकरणसर के 24 हजार 531 और नापासर के 20 हजार 210 मतदाता शामिल हैं। बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों के लिए 420 मतदान केंद्र और 31 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं नोखा के 45 वार्डों के लिए 80, देशनोक के 25 वार्डों के लिए 25, श्रीडूंगरगढ़ के 40 वार्डों के लिए 51, खाजूवाला के 20 वार्डों के लिए 20, लूणकरणसर के 35 वार्डों के लिए 35 और नापासर के 25 वार्डों के लिए 25 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के लिए अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाए गए हैं और अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूरी तरह पालना कराई जाएगी। आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन रोकने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम करेगा। 21 सितंबर को होगा अध्यक्ष पद का चुनाव नगर निकायों के अध्यक्ष पद के लिए 15 सितंबर को लोक सूचना जारी की जाएगी। 16 सितंबर तक नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। इसके बाद चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान खत्म होते ही मतगणना की जाएगी। उपाध्यक्ष पद के चुनाव की पूरी प्रक्रिया 22 सितंबर को होगी। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी उम्मेद सिंह रतनू, अतिरिक्त जिला कलेक्टर नगर रीना, उपखंड अधिकारी महिमा कसाना और जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरि शंकर आचार्य मौजूद रहे।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को अनुव्रत भवन में ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस’ (RAMP) योजना के तहत आयोजित ‘मेगा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार के दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) ने किया। इसमें 200 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया। उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। कारोबार का डिजिटल होना विकल्प नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम ‘4-पी रिफॉर्म’ यानी पॉलिसी, प्रोसेस, परफॉर्मेंस और पार्टनरशिप की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य एमएसएमई को आधुनिक कौशल, तकनीक, वित्त और नए बाजारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कारोबार का डिजिटल होना अब विकल्प नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है। 30 हजार एमएसएमई को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र की RAMP योजना के तहत दिल्ली के लिए 49.74 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके माध्यम से जनवरी 2027 तक 30 हजार से अधिक एमएसएमई को आधुनिक कौशल और प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। वहीं, 10 हजार से अधिक कारोबारों को GEM और ONDC जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर बड़े बाजार तक पहुंच दिलाई जाएगी। बिना गारंटी 10 करोड़ तक ऋण की सुविधा रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना के तहत पात्र छोटे उद्यमों को बिना गारंटी 10 करोड़ रुपए तक ऋण उपलब्ध कराने में मदद की जा रही है। सरकार इस पर 95% तक क्रेडिट गारंटी देती है। 1 फरवरी 2026 के बाद चालू वित्त वर्ष में 10,505 गारंटियों के जरिए 4,806 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर की जा चुकी है। बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही सरकार उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। करीब 500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि 700 करोड़ रुपए के कार्य पाइपलाइन में हैं। औद्योगिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड अधिकार देने की नीति पर भी काम चल रहा है।
राजनांदगांव शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को एसडीएम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, कुंआ चौक नंदई निवासी शरद कुमार (20) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 अगस्त को पुरानी बात को लेकर चार युवकों ने उसके साथ अश्लील गाली-गलौज की और हाथ-मुक्का व चूड़ा से मारपीट की। शिकायत पर बसंतपुर थाने में अपराध क्रमांक 386/2026 दर्ज कर BNS की धारा 296, 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई शुरू की गई। दोबारा विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस पुलिस के मुताबिक, शिकायत के बाद आरोपी दोबारा विवाद करने और क्षेत्र में शांति भंग करने पर आमादा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाइश दी, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने चारों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मातादीन उर्फ गोलू गुप्ता (29), प्रताप गुप्ता (21), हेमंत भारती (18) और हर्षवर्धन राय (18) के रूप में हुई है। सभी कुंआ चौक, नंदई के निवासी बताए गए हैं। BNSS के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एसपी अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के निर्देशन में निरीक्षक कौशलेश देवांगन की टीम ने आरोपियों के खिलाफ BNSS की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। इसके बाद चारों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने कहा है कि शहर में उपद्रव और अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. राजीव गांधी की जयंती पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से राजीव गांधी भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के लिए उनके योगदान को याद किया। जिला प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने बताया कि कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी के दूरदर्शी नेतृत्व और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और तकनीकी क्षेत्र को नई दिशा दी। साथ ही युवाओं को देश के विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कांग्रेसजनों ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए राजीव गांधी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, नैन सिंह राजपुरोहित, आहोर कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी, रमेश सोलंकी, जुल्फीकार अली भुट्टो, भोमाराम मेघवाल और नगर अध्यक्ष मुमताज अली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।
राजस्थान के ज्वेलरी कारोबारी ने मध्य प्रदेश के उज्जैन के कारोबारी की बेटी से रेप किया। आरोपी ने महिला का भरोसा जीता, फिर महंगे जूते-कपड़े, मोबाइल, गाड़ियां और लग्जरी सामान खरीदे। शादी का झांसा देकर 1.27 करोड़ रुपए खर्च करवा दिए। महिला से कई बार लाखों रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। सोशल मीडिया और दोस्तों के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाता था। पुलिस से बचने के लिए फिल्मों से ट्रिक भी सीखी। गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था। मंहगे शौक पूरे करने के लिए सिर्फ महिलाओं को टारगेट करता था। एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि- माधवनगर पुलिस ने गुरुवार को जयपुर के मानसरोवर निवासी मनीष को अरेस्ट किया। पुलिस आरोपी की ज्वेलरी दुकान, बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया चैट की जांच कर रही है। अभी कई चौंकाने वाले सुराग सामने आ सकते हैं। 35 लाख की शिकायत, जांच में सामने आया 1.27 करोड़ का खर्च माधवनगर पुलिस के मुताबिक, महिला ने 13 मई 2026 को माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मनीष ने उसे शादी का झांसा दिया। उससे संबंध बनाए। भरोसे में लिया और फिर महंगे सामान समेत अन्य खर्च करवाए। खर्च की रकम 35 लाख से शुरू होकर 1 करोड़ 27 लाख रुपए तक पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक मनीष पहले महिलाओं से नजदीकी बढ़ाता था। इसके बाद महंगे शौक पूरे कराने के लिए उनसे खर्च करवाता था। पुलिस को उसके पास से मोबाइल, नकदी और ऑनलाइन शॉपिंग से खरीदा गया सामान मिला है। फिल्मों से प्रभावित था, लगातार बदलता था मोबाइल नंबर एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक आरोपी अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बदलकर रहता था। ज्यादातर किराए के मकानों में रहता था। पुलिस को उसका स्थायी ठिकाना तलाशने में भी परेशानी हुई।तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के जरिए लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद राजस्थान के पाली में उसकी लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके कई महिलाओं के संपर्क में रहने की जानकारी मिली है। अब आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले जा रहे हैं। ज्वेलरी की दुकान भी जांच के दायरे में पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ज्वेलरी की दुकान भी शुरू की थी। महिला उससे मिलने के लिए इस दुकान पर आती थी। आरोपी और महिला के बीच करीब 3 से 4 महीने तक संपर्क रहा। इसी दौरान महिला ने आरोपी पर करीब 1.27 करोड़ रुपए खर्च किए। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, नकद लेन-देन, ऑनलाइन शॉपिंग और खरीदे गए सामान, दुकान से जुड़े दस्तावेज और लेन-देन की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि दुकान वास्तव में कारोबार के लिए शुरू की गई थी या महिलाओं को फंसाने के लिए। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक आरोपी के कई महिलाओं से संपर्क में रहने की जानकारी सामने आई है। इसलिए पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या उसने अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की है। आरोपी से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।
आगरा मेट्रो के मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक नवनिर्मित सेक्शन का दो दिवसीय सीएमआरएस निरीक्षण गुरुवार को पूरा हो गया। निरीक्षण के दूसरे दिन मेट्रो ट्रेन को 80 किमी/घंटा की अधिकतम गति से दौड़ाकर स्पीड और ब्रेकिंग टेस्ट किया गया। इसके साथ ही दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर टक्कर जैसी स्थिति बनाकर ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम की भी जांच की गई। निर्धारित दूरी पर पहुंचते ही बिना ऑपरेटर के हस्तक्षेप के ट्रेन में स्वतः ब्रेक लग गए। मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक हुआ हाईस्पीड रनमेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी 5 सदस्यीय टीम ने दूसरे दिन मनकामेश्वर स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के जरिए निरीक्षण शुरू किया। टीम नवनिर्मित सेक्शन के अंतिम स्टेशन आईएसबीटी तक पहुंची। इस दौरान सिग्नलिंग, ट्रैक, बिजली आपूर्ति, टेलीकॉम और ट्रेन संचालन से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई। पहले दिन मोटर ट्रॉली से परखी थी व्यवस्थाएंबुधवार को सीएमआरएस टीम ने मोटर ट्रॉली से मनकामेश्वर से आरबीएस रैंप तक ट्रैक का निरीक्षण किया था। टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी स्टेशन पर यात्री सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं देखीं। तकनीकी कक्ष, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम और प्लेटफॉर्म का भी बारीकी से परीक्षण किया गया। ताज ईस्ट गेट से आईएसबीटी तक हुई इंटीग्रेटेड टेस्टिंगकॉरिडोर-1 के ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर तक संचालित हिस्से और मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक बने नए सेक्शन को जोड़कर फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पूरी की गई। इसमें पूरे कॉरिडोर को एक साथ संचालित कर सिग्नलिंग, टेलीकॉम, विद्युत आपूर्ति, ट्रैक और ट्रेन संचालन की सभी प्रणालियों के बीच समन्वय जांचा गया। CBTC-ATO सिस्टम की भी जांचआगरा मेट्रो की ट्रेनें कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिग्नलिंग सिस्टम के जरिए ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) मोड में संचालित होती हैं। सीएमआरएस की मौजूदगी में सिग्नलिंग सिस्टम का कॉलिजन टेस्ट भी किया गया। इसमें दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर टक्कर जैसी परिस्थिति बनाई गई। निर्धारित दूरी पर पहुंचते ही ट्रेन के ब्रेक अपने आप लग गए। कल से तय समय पर चलेगी मेट्रोसीएमआरएस निरीक्षण और फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पूरी होने के बाद कॉरिडोर-1 पर मेट्रो सेवाएं 21 अगस्त से पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी। इससे मनकामेश्वर से आगे आईएसबीटी तक मेट्रो सेवा के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। परीक्षण के चलते आगरा में 20 अगस्त को मेट्रो सेवाएं बंद रही थीं। यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने कहा, सीएमआरएस निरीक्षण के दौरान हाई-स्पीड, स्पीड और ब्रेकिंग टेस्ट जैसे परीक्षण यात्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आगरा मेट्रो ने निर्माण के दौरान कई चुनौतियों का सामना करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नया सेक्शन शहर के व्यस्त इलाकों के बीच यात्रा को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
हनुमानगढ़ के जोड़किया में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वारदात जमीन विवाद के चलते हुई थी। सीओ सिटी मीनाक्षी ने बताया कि मृतक रामकुमार के पुत्र मनीष कुमार ने बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 9 बजे उनके पिता रामकुमार खेत पर गए थे। वहां लोकेन्द्र थोरी, मदनलाल थोरी, धर्मवीर थोरी, अंगदपाल थोरी और 3-4 अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया, जिसके बाद रामकुमार की मौत हो गई। इस रिपोर्ट के आधार पर हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। थानाधिकारी रामचन्द्र पुलिस निरीक्षक ने मामले की जांच शुरू की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर सीओ मीनाक्षी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। उप निरीक्षक गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में इस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। मानवीय आसूचना और तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया। गहन पूछताछ के बाद मदनलाल और लोकेन्द्र को हत्या का दोषी पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष एक ही परिवार के हैं और उनके बीच जमीन का पुराना विवाद चल रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मदनलाल (62) पुत्र जीवनराम जाट और लोकेन्द्र (33) पुत्र मदनलाल जाट दोनों निवासी वार्ड नंबर 08 जोड़किया के रूप में हुई है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम मेंथानाधिकारी रामचन्द्र, एसआई गजेंद्र शर्मा, एएसआई हंसराज, प्रताप सिंह,एचसी अमरचंद,संदीप, योगेंद्र हेड, कॉन्स्टेबल चंद्रविजय,कृष्ण सिंह और श्रवण सांई शामिल रहे।
बड़वानी में राजाधिराज भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव का पारंपरिक शिव डोला इस वर्ष 31 अगस्त को नगर भ्रमण पर निकलेगा। सावन मास की समाप्ति पर आयोजित होने वाले इस 46वें आयोजन को लेकर श्रीरामकुल्लेश्वर शिव डोला उत्सव समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। देशभर से बुलाए गए कलाकार बढ़ाएंगे राजसी भव्यता समिति पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष दिल्ली की भव्य शिव बारात और नासिक के ढोल मुख्य आकर्षण होंगे। इसके अलावा देशी ढोल, आदिवासी नृत्य दल, भावेश डांस ग्रुप की प्रस्तुति, बजरंग व्यायामशाला का अखाड़ा प्रदर्शन और भजन मंडलियां चल समारोह को भव्य रूप देंगी। डेढ़ से दो करोड़ की लागत से बनेगा भव्य मंदिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति ने प्रस्तावित मंदिर निर्माण योजना की जानकारी भी दी। लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपए की लागत से भव्य मंदिर और 4 एकड़ परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर में 101 फीट ऊंची धर्मध्वजा स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए आमजन से मात्र 10 रुपए का सांकेतिक सहयोग लिया जाएगा। 12 ज्योतिर्लिंगों की मिट्टी और पवित्र नदियों के जल से बनेगा गर्भगृह मंदिर के गर्भगृह में देश के 12 ज्योतिर्लिंगों की पवित्र मिट्टी तथा प्रमुख नदियों का जल विधि-विधान से स्थापित किया जाएगा। अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की मिट्टी और सरयू नदी का जल बड़वानी लाया जा चुका है। अनेक सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का रहेगा सहयोग इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मां कालिका सेवा समिति, मां वैष्णो देवी मंदिर समिति, संकट मोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट, बजरंग व्यायामशाला, गायत्री परिवार सहित नगर की अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं लगातार समन्वय कर सहयोग कर रही हैं।
उदयपुर के भविष्य का स्वरूप कैसा होगा, शहर में विकास की रफ्तार किस दिशा में जाएगी और तकनीक से लेकर पर्यटन तक किन क्षेत्रों में नए अवसर बनेंगे-इन सवालों की झलक होटल योइस में शुरू हुई तीन दिवसीय मेगा प्रदर्शनी ‘उज्ज्वल राजस्थान 3.0’ में देखने को मिल रही है। गुरुवार को प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। इस बार प्रदर्शनी की खास थीम ‘फ्यूचर ऑफ उदयपुर’ रखी गई है। 22 अगस्त तक चलने वाली यह प्रदर्शनी रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में उदयपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, औद्योगिक विकास, शिक्षा, तकनीक, स्थिरता और सामाजिक-आर्थिक प्रगति की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता एवं वनांचल शिक्षा समिति की महामंत्री डॉ. रजनी पी. रावत ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में ‘विकसित राजस्थान’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में उदयपुर की भूमिका को भी सामने रखा गया है। अलग-अलग स्टॉल और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के जरिए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है। लाइव डेमोंस्ट्रेशन और विशेषज्ञों से संवाद के जरिए लोगों को नई तकनीकों और सरकारी पहलों को समझने का अवसर मिल रहा है। छात्रों, युवाओं, किसानों और उद्यमियों पर विशेष फोकस प्रदर्शनी को आम नागरिकों के साथ छात्रों, युवाओं, किसानों और उद्यमियों के लिए भी उपयोगी बनाया गया है। यहां करियर के अवसर, कौशल विकास, उभरती तकनीक, उद्यमिता और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उदयपुर में 21 अगस्त से होम एंड लाइफस्टाइल अपग्रेड फेस्टिवल घर को आधुनिक और आकर्षक बनाने के साथ नई तकनीक व डिजाइन से जुड़ी सुविधाओं को एक ही जगह देखने का मौका उदयपुर के 100 फीट रोड स्थित शुभ केसर गार्डन में 21 से 23 अगस्त तक होम एंड लाइफस्टाइल अपग्रेड फेस्टिवल में मिलेगा। फेस्टिवल में लगाए जाएंगे 15 से ज्यादा स्टॉल और 5 से ज्यादा लाइव मॉकअप रिद्धि सिद्धी ग्रुप के निदेशक पंकज जैन और अनिल जैन ने बताया कि फेस्टिवल में इंटीरियर, फर्नीचर, मॉड्यूलर किचन, लाइटिंग, इलेक्ट्रिकल, सैनिटरीवेयर, बाथ फिटिंग, पाइप्स, टैंक, बैटरी-सोलर, फर्निशिंग और रियल एस्टेट सहित घर और आधुनिक लाइफस्टाइल से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजक हर्षल जैन के अनुसार, फेस्टिवल में 15 से अधिक स्टॉल और 5 से ज्यादा लाइव मॉकअप लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से लोग उत्पादों के उपयोग और डिजाइन को वास्तविक रूप में समझ सकेंगे। एक्सपो के प्रबंधक आयुष वक्तावत व हंसमुख डागरिया ने बताया कि आर्किटेक्ट्स, बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और आम उपभोक्ताओं को विशेषज्ञों से सलाह लेने और विभिन्न उत्पादों की तुलना करने का अवसर मिलेगा। समारोह में विशिष्ट अतिथि निधि त्रिवेणी, इकोसिस्टम एंगेजमेंट मैनेजर-वेस्ट, भाषिणी, इसरो के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग के वैज्ञानिक-जी एवं ग्रुप हेड डॉ. हरि शंकर श्रीवास्तव, एलआईसी के डिविजनल मैनेजर रवि कुमार नेगी और गुजरात इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड अल्पेश मधाद मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए। कोर्ट ने किताबों और टीचरों की कमी, बच्चों पर पड़ने वाले बोझ और अलग-अलग स्कूलों में पॉलिसी लागू करने के तरीके पर भी जवाब मांगा। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा- क्या यह देश के लिए अच्छा नहीं होगा अगर उत्तर भारतीय छात्र दक्षिण भारतीय भाषाएं सीखें और दक्षिण भारत के छात्र उत्तर भारतीय भाषाएं सीखें? बेंच CBSE की 9वीं क्लास के बच्चों के लिए NEP 2020 के तहत लागू थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पॉलिसी के तहत बच्चों को दो भारतीय ‘मूल’ भाषाएं पढ़नी होंगी, जबकि कई स्कूलों में इसके लिए जरूरी किताबें, शिक्षक और बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। कोर्ट को बताया गया कि स्कूल शुरू होने के 4 महीने बाद भी कुछ स्कूलों में किताबें नहीं हैं। इससे परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों पर असर पड़ रहा है। याचिका में किताबों की कमी का मुद्दा उठा था बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील आनंद ग्रोवर ने पूछा- “बच्चा अचानक पंजाबी, तमिल कैसे सीखेगा। उसे वर्णमाला से शुरुआत करनी होगी। लेकिन किताबें देखिए, वे वाक्यों से शुरू होती हैं। इसलिए फ्रेंच सीखने वाले स्टूडेंट्स को इसे जारी रखने की परमिशन मिलनी चाहिए।' एक राज्य के छात्र को दूसरे राज्य की भाषा सीखने के लिए कहना अतिरिक्त बोझ बन सकता है और हर जगह इसे लागू करना आसान नहीं होगा। अगर बच्चों से नई भाषाओं में पासिंग मार्क्स लाने को कहा गया, तो उन पर प्रेशर बढ़ेगा। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत के कमेंट… 99.19% स्कूलों में 2 भारतीय भाषाएं पढ़ाई जा रहीं इसके बाद कोर्ट ने टीचर्स और पॉलिसी लागू करने के लिए स्कूलों में जरूरी फैकल्टी होने का मुद्दा उठाया। ASG भाटी ने CBSE के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 99.19% स्कूल पहले से 2 भारतीय भाषाएं पढ़ाने की शर्त पूरी कर रहे हैं। करीब 235 स्कूल इस शर्त को पूरा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 7वीं से 9वीं के छात्रों के लिए बदलाव की प्रक्रिया फ्लेक्सिबल होगी। शुरुआत में इसे बुनियादी स्तर पर लागू किया जाएगा, ताकि ज्यादा समानता लाई जा सके। NEP 2020 के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग समय पर लागू किए जा रहे हैं। मौजूदा प्रक्रिया के जरिए मातृभाषा वाले हिस्से को लागू किया जा रहा है। 5वीं से 10वीं तक पांच साल का समय स्टूडेंट्स को भाषाएं सीखने के लिए काफी होगा। संस्कृत शिक्षकों की योग्यता पर सवाल कोर्ट ने संस्कृत जैसी भाषाओं के लिए टीचर्स की मौजूदगी पर भी बोर्ड से सवाल पूछे। जस्टिस बागची ने पूछा, “हमारे स्कूलों में कितने संस्कृत शिक्षक बीएड की योग्यता रखते हैं?” उन्होंने नीति को लागू करने के व्यापक तरीके पर भी सवाल उठाए। इसमें अलग-अलग तरह के स्कूलों पर नीति लागू करना और उनके लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना शामिल है। जस्टिस बागची ने कहा कि पॉलिसी को इससे छोटी क्लास से लागू किया जा सकता है। इससे माता-पिता को अपने बच्चों के लिए भाषाएं चुनने का ज्यादा अवसर मिल सकता है। ‘नेटिव’ शब्द और अंग्रेजी को लेकर संवैधानिक सवाल जस्टिस बागची ने कहा, “मुझे ‘नेटिव’ शब्द को लेकर आपत्ति है, क्योंकि इसकी औपनिवेशिक जड़ें हैं। इसे ‘इंडिजिनस’ होना चाहिए। NEP 2020 बनाने वालों को ‘नेटिव’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर सावधान रहना चाहिए था।” जस्टिस बागची ने कहा, “अंग्रेजी को स्वदेशी या गैर-स्वदेशी कहा जा सकता है या नहीं, हमें इसकी संवैधानिकता देखनी होगी।” पहले पॉलिसी लागू करें, परेशानियों पर चर्चा बाद में बेंच ने यह भी पूछा कि पॉलिसी लागू होने के बाद सामने आने वाली दिक्कतों को क्या बाद में दूर किया जा सकता है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि पहले पॉलिसी को लागू होने दिया जाए, इसके बाद स्कूलों और बच्चों को आने वाली परेशानियों का आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जो भी लागू किया गया है, उसे अनुभव करने दीजिए। अनुभव के बाद कुछ दिक्कतें आएंगी, तब हम उनकी जांच करेंगे। सामने आने वाली अनदेखी दिक्कतों की जांच एक्सपर्ट कर सकते हैं। फिर वे पॉलिसी में बदलाव की सिफारिश दे सकते हैं। CJI सूर्यकांत ने CBSE से याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाई गई चिंताओं को देखते हुए पॉलिसी को व्यवस्थित करने को कहा। उन्होंने कहा, “इन संदेहों पर आप दोबारा विचार कर सकते हैं। नीति को कैसे व्यवस्थित किया जाए?

