वाराणसी में 24 साल पहले टकसाल सिनेमा के पास पूर्व सांसद धंनजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के केस में ट्रायल पूरा हो गया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह कोर्ट में आज अंतिम सुनवाई होगी। पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत विधायक पेश होंगे। पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि कोई पक्ष विधिक बिंदुओं पर लिखित बहस दाखिल करने के लिए आज अंतिम तिथि तय की है। पिछली तारीख पर अदालत में आरोपी विधायक अभय सिंह की ओर से अधिवक्ताओं ने जिरह की थी। पूर्व सांसद ने धारा 311 के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया, इसमें बचाव पक्ष के गवाहों और सबूतों पर सवाल उठाए थे।धनंजय सिंह ने प्ली ऑफ एलीबाई से जुड़े गवाह तलब किए गए थे औऱ अभय सिंह के गवाहों से फिर जिरह करवाई थी । पहले पूरा मामला समझिए…धनंजय सिंह 4 अक्टूबर, 2002 को अपने साथियों के साथ सफारी वाहन वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। उस समय वे जौनपुर की रारी सीट से निर्दलीय विधायक बने थे। इसी दौरान कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके 4–5 साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए।मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पूर्व सांसद ने बताया- छात्र जीवन से रंजिशधनंजय सिंह ने तहरीर में कहा कि अभय सिंह से छात्र राजनीति के दौरान से ही रंजिश है। वो कई बार मुझे मारने की कोशिश कर चुका है। मैंने अभय और उसके साथियों को पहचाना है। अभय सिंह का यूपी में आतंक है। धनंजय सिंह ने आरोप लगाया कि व्यापारियों से रंगदारी वसूलता है। भाड़े पर हत्या करता और करवाता है। मामला 24 साल से लंबित मामला, अदालत ने दिखाई सख्तीएमपी-एमएलए कोर्ट वाराणसी के जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह 24 साल पुराने और शहर के बेहद चर्चित नदेसर टकसाल सिनेमा शूटआउट केस की सुनवाई करेंगे। हाईकोर्ट ने धारा 482, संख्या 30523/2012 में 6 नवंबर 2012 को निर्देश दिया था।बताया कि जब तक सत्र परीक्षण संख्या 461/2003 का निस्तारण नहीं होता, तब तक इस मामले में निर्णय न दिया जाए। उस केस में 29 अगस्त 2025 को फैसला हो जाने के बाद इस प्रकरण में फिर से बहस की प्रक्रिया शुरू हो सकी है।अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा है कि “यह न्यायालय का सबसे पुराने लंबित मामलों में शामिल है। अतः साक्षियों की जिरह अब किसी भी स्थिति में टाली नहीं जाएगी।” अदालत ने मूल चिकित्सीय अभिलेख तलब करने की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन दोनों गवाहों की पुनः जिरह की अनुमति दे दी।वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट के सबसे पुराने केस में अब जजमेंट का इंतजार है। 2002 में दर्ज यह केस वर्ष 2003 से सत्र न्यायालय में परीक्षण को लंबित है। दोनों पक्षों का साक्ष्य वर्ष 2021 में पूरा हो चुका था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के चलते अंतिम फैसला नहीं हो सका था।29 अगस्त 2025 को गैंगस्टर में बरी हुए आरोपीअपर जिला जज सुशील खरवार की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट मामले में आरोपी संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।वर्ष 2002 में कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में केराकत विधायक धनंजय सिंह पर जानलेवा हम
कैंसर पीड़ित की बेटियों के लिए आर्थिक मदद:कुशवाहा कर्मचारी संघ ने 71,811 रुपए का दिया कन्यादान
धौलपुर जिले में कुशवाहा कर्मचारी संघ ने कैंसर पीड़ित एक गरीब परिवार की 2 बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की है। संघ की 'कन्यादान मुहिम' के तहत 71,811 रुपए की राशि परिवार को सौंपी गई। इन बेटियों का विवाह 19 अप्रैल को होना है। बसेड़ी उपखंड के गांव आकपुरा निवासी प्रेमसिंह उर्फ पप्पू कुशवाहा लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। इस कारण उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उनकी बेटियों शशी और वर्षा के विवाह की तैयारियों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आर्थिक मदद देकर पेश की मिसालऐसे में कुशवाहा कर्मचारी संघ ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। संघ ने प्रेमसिंह की बेटियों के विवाह में सहयोग देकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की है। यह पहल मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। संघ के जिला अध्यक्ष हेमसिंह कुशवाहा ने इस अवसर पर कहा, ये बेटियां अब सिर्फ प्रेमसिंह की नहीं, बल्कि पूरे समाज की बेटियां हैं। मीडिया प्रभारी डीके कुशवाहा ने बताया कि ऐसे प्रयास जरूरतमंद परिवारों को संबल प्रदान करते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष मोहन सिंह कुशवाहा, ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह कुशवाहा, कृष्णा कुशवाहा, रामहेत कुशवाहा, देवेंद्र कुशवाहा, दीवान कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, कोषाध्यक्ष जीतू कुशवाहा, बत्तीलाल कुशवाहा सहित कई समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने बेटियों के सुखद वैवाहिक जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शहडोल: महुआ बीनते समय आग में झुलसी वृद्धा:एम्बुलेंस देरी से पहुंची, जिला अस्पताल में हुई मौत
शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंदटोला में बीती रात महुआ बीनते समय आग लगने से एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, 60 वर्षीय राजमतिया बाई, पति हर प्रसाद सिंह, सुबह अपने खेत में महुआ बीनने गई थीं। उन्होंने महुआ के पेड़ के नीचे जमा सूखे पत्तों को साफ करने के लिए आग लगाई थी। इसके बाद वह महुआ बीनने लगीं, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और पास की यूकेलिप्टिस नर्सरी तक फैल गई। तेज लपटों में फंसी आग को फैलता देख महिला उसे बुझाने के लिए नर्सरी की ओर बढ़ीं। इसी दौरान तेज लपटों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, जिससे वह बीच में फंस गईं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया। हालांकि, एम्बुलेंस करीब दो घंटे तक नहीं पहुंच सकी। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उन्हें एक निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लापरवाही का आरोप मृतका के बेटे जीत कुमार सिंह ने एम्बुलेंस सेवा की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। अस्पताल चौकी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जैतपुर थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि महिला को गंभीर हालत में परिजन जिला अस्पताल ले गए थे, जहां उनकी मौत हो गई। अस्पताल चौकी से मर्ग डायरी आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट सीलिंग मामले में सोमवार का दिन बेहद अहम साबित होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के नियोजन विभाग की टीम लखनऊ से मेरठ पहुंचकर छोटे भवनों पर लागू सेटबैक (खुला स्थान) नियमों को लेकर मंथन करेगी। इसी के साथ विभाग की ओर से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के भवनों में सेटबैक अनिवार्य किया गया है। शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में 25 से 38 वर्ग मीटर के छोटे भूखंडों पर बने मकानों में भूतल पर दुकानें और ऊपर आवास हैं। ऐसे में यदि सख्ती से सेटबैक लागू किया गया तो बड़ी संख्या में दुकानें और मकान प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों की चिंता केवल जगह कम होने तक सीमित नहीं है। अधिकांश इमारतें 35-40 साल पुरानी हैं और इनमें बड़े बदलाव की बजाय केवल मरम्मत होती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सेटबैक के लिए तोड़फोड़ की गई तो पूरी इमारत के गिरने का खतरा भी पैदा हो सकता है। इस बीच, इंजीनियर हेमंत सिंह ने धरनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को तकनीकी और कानूनी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने आवास एवं शहरी नियोजन नियमावली 1982 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय वेंटिलेशन पर जोर था, जबकि अब एग्जॉस्ट फैन और अन्य आधुनिक साधनों से यह जरूरत पूरी की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि 60 वर्ग मीटर तक के मकानों में सेटबैक अनिवार्य नहीं है, जिससे छोटे दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन की कार्रवाई भी तेज हो गई है। 9 अप्रैल को सुनवाई के दौरान अदालत ने आवास एवं विकास परिषद को अवैध निर्माण हटाने के लिए 10 से 15 दिन का नोटिस देने के निर्देश दिए थे। तय समय में निर्माण न हटाने पर प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा। एडवोकेट अंजनेव शर्मा ने बताया कि ये प्लॉट एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आवंटित किए गए थे, जहां छोटे व्यापारियों का रोजगार करना नियमों के अनुरूप है। इन तर्कों से उत्साहित व्यापारियों ने एकजुट होकर अपने हक और रोजी-रोटी की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटकों को एक रोमांचक दृश्य देखने को मिला। सफारी से लौटते समय उनकी नजर फेंसिंग के पीछे बैठे एक नन्हे बाघ शावक पर पड़ी। शावक उत्सुकता से पर्यटकों की ओर देख रहा था। जानकारी के अनुसार, कई सफारी गाड़ियाँ इस दृश्य को नहीं देख पाईं। हालांकि, वाइल्डलाइफ और पर्यावरण प्रेमी चेतन घारपुरे की नजर इस शावक पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इस दुर्लभ पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। बताया गया है कि शावक की उम्र लगभग 6 से 7 महीने है। वह फेंसिंग के पीछे खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए सड़क किनारे खड़ा था और पर्यटकों को निहार रहा था। शावक को देखकर पर्यटक भी बेहद उत्साहित हुए। चेतन घारपुरे ने सोमवार को बताया कि सड़क किनारे इस तरह बाघ का दिखना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ में जंगल सफारी का रोमांच तो होता ही है, लेकिन कई बार सड़क किनारे भी ऐसे हैरान कर देने वाले नजारे देखने को मिल जाते हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस तरह के दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए यादगार होते हैं, बल्कि यह वन्यजीवों की सहज उपस्थिति और उनके प्राकृतिक व्यवहार को भी दर्शाते हैं।
रात 10 बजे लाठी-कुल्हाड़ी से हमला:पिता-पुत्र सहित तीन के सिर फूटे, पहले महिला से मारपीट की
अलवर के विजय मंदिर थाना क्षेत्र के गांव नौरंगाबाद में महिला से कहासुनी व मारपीट के मामले में दो पक्षों में लाठी व चाकू चल गए। जिसमें पिता-पुत्र सहित 3 जनों के सिर फोड़ दिए। तीनों अलवर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। आरोपी पड़ौसी हैं। जो फरार गए। अब पुलिस ढूंढ़ रही है। नौरंगाबाद गांव निवासी घायल हारुन खान ने बताया कि उसकी पुत्रवधू गांव में रात करीब 10 बजे लघुशंका के लिए गई थी। तब पड़ौस के समसू, जमशेद सहित अन्य लोगों ने उसके साथ मारपी की है। पता चलने पर परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में हारुन खान, उसका पुत्र खालिद और साबिर गंभीर रूप से घायल हो गए।परिजनों का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले भी इसी प्रकार का विवाद हुआ था, जिसमें महिला से छेड़छाड़ की घटना सामने आई थी। उस समय भी मामला आपसी रंजिश में बदल गया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुराने विवाद के चलते ही आरोपियों ने फिर से इस घटना को अंजाम दिया।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घायलों का उपचार जारी है।
डीग जिले के बंधा खालसा गांव में पशु चिकित्सा सहायता में कथित देरी के कारण तीन भैंसों की मौत हो गई। यह पशुधन बंधा खालसा निवासी सुरजी पुत्र हरकिशन गुर्जर का बताया जा रहा है। पीड़ित सुरजी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके बेटे चतर सिंह ने सुबह करीब 7 बजे से ही पशु चिकित्सा सहायता के लिए 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल किया। चार बार फोन नहीं उठाया गया। नहीं पहुंची कोई सहायताकाफी प्रयासों के बाद शाम करीब 4 बजे कॉल रिसीव किया गया। वहां से बताया गया कि शाम 4 बजे के बाद कोई सुनवाई नहीं होगी।इसके बाद परिवार ने वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. भावना यादव से भी संपर्क किया। उन्होंने वाहन भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन देर शाम तक मौके पर कोई सहायता नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोपग्रामीणों का आरोप है कि जिले में कार्यरत कई कर्मचारी जिला मुख्यालय छोड़कर रोजाना अप-डाउन करते हैं। इस कारण समय पर सेवाएं नहीं मिल पातीं और ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।लोगों का कहना है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता, तो शायद पशुओं की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद गांव में रोष व्याप्त है और प्रशासन से लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
देहरादून में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। डालनवाला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 296 (अश्लील कृत्य और गाने), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द या कृत्य) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ये मामला सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। डालनवाला पुलिस ने रात 11 बजे मामला दर्ज किया है। वहीं हरियाणा महिला आयोग ने उन्हें 18 अप्रैल को पंचकूला स्थित कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है। मामले में देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने कहा कि डीएवी (DAV) कॉलेज में आयोजित छात्र संघ समारोह में मासूम शर्मा ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। मामले में थाना डोईवाला ने संज्ञान लिया है और मामले में विस्तृत जांच की गई, जिसके बाद मासूम शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इससे पहले पुलिस ने सिंगर को नोटिस जारी कर दिया था। उनसे 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा था। अब पढ़िए मासूम ने आखिर स्टेज से क्या कहा… दरअसल शनिवार को मासूम उत्तराखंड के देहरादून में DAV कॉलेज में शो करने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में सीएम धामी भी पहुंचे थे। धामी की एंट्री के वक्त दोनों ही एक दूसरे का हाथ ऊपर उठाते भी नजर आए। वहीं मासूम के करीबी माने जाने वाले खानपुर सीट से विधायक उमेश कुमार भी मंच पर ही मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मासूम ने अपने कई हिट गाने गाए। वहीं शो खत्म होने के बाद वो भड़क गए। उन्होंने मंच से ही उस युवक को गालियां देनी और चैलेंज देना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें विधायक उमेश कुमार उन्हें रोकते हुए भी दिख रहे हैं लेकिन मासूम काफी गुस्से में थे और उन्होंने कहा- देहरादून में प्रोग्राम कर रहा हूं, अगर तेरे में दम है तो यहां आ, हयात छोड़ यहां आ और टाइम देख के आ। इस दौरान मासूम ने मंच से ही गालियां भी दीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा- बेटे तेरा नाम डिस्क्लोज नहीं करूंगा नहीं तो तू बर्बाद हो जाएगा। सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए तो माफी मांगी कार्यक्रम में मासूम शर्मा की गाली देने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और वो ट्रोलिंग का शिकार हुए तो उन्होंने एक वीडियो जारी कर मागी मांगी उन्होंने पूरा वाकया बताते हुए कहा कि रात को बदमाश उनके होटल के चक्कर काट रहा था पूरी टीम सोई नहीं थी और उनके चाचा के लड़के को भी उल्टा सीधा बोला गया था जिसके कारण वो परेशान थे। उन्होंने आगे कहा- अगर किसी भाई बहन की भवना को ठेस पहुंची है तो मैं उसके लिए क्षमा प्राथी हूं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में प्रॉपर्टी डील के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक युवक और उसके पिता को 581 वर्गगज के प्लॉट का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। आरोप है कि आरोपियों ने पहले नकली कागजात दिखाकर भरोसा जीता।फिर अलग-अलग खातों में पैसे डलवाए और रजिस्ट्री कराने से मुकर गए। इतना ही नहीं, जब पीड़ितों ने अपने पैसे या जमीन की मांग की तो उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई।पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और अब आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।प्लॉट दिखाकर 50 लाख में तय हुआ सौदागांव पिपली (तहसील खरखौदा) के रहने वाले नवीन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2025 में वह अपने पिता के साथ प्लॉट खरीदने की तलाश में था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कृष्ण कुमार, उसकी पत्नी गीता देवी और राजेश निवासी गढ़ी सिसाना से हुई। आरोपियों ने वार्ड नंबर 12 मटिंडू रोड पर स्थित 581 वर्गगज का मकान दिखाया, जिसमें तीन कमरे, रसोई और शौचालय बने होने की बात कही। कागजात दिखाकर उन्होंने विश्वास दिलाया और 50 लाख रुपये में सौदा तय हो गया। पहले 2 लाख नकद, फिर RTGS से 23 लाख ट्रांसफरनवीन के अनुसार, 30 अक्टूबर 2025 को आरोपियों ने 2 लाख रुपये नकद ले लिए। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को RTGS के माध्यम से 13 लाख रुपये गीता देवी के खाते में और 10 लाख रुपये कथित मकान मालिक कमला देवी के खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। कुल मिलाकर 25 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए।नोटरी से एग्रीमेंट करवाकर दिया भरोसाआरोपियों ने 10 नवंबर 2025 को एक एग्रीमेंट तैयार करवाया, जिसे नोटरी से सत्यापित कराया गया। इसमें 31 जनवरी 2026 तक रजिस्ट्री कराने का समय तय किया गया। गवाहों के हस्ताक्षर भी करवाए गए, जिससे पीड़ित को पूरा भरोसा हो गया कि सौदा सही है।तहसील में हाजिरी लगाई, लेकिन आरोपी नहीं पहुंचेजब रजिस्ट्री की तारीख नजदीक आई तो नवीन और उसके पिता 30 जनवरी और 2 फरवरी 2026 को तहसील खरखौदा पहुंचे और अपनी हाजिरी भी लगवाई। लेकिन आरोपी पक्ष वहां नहीं पहुंचा। बार-बार संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।पैसे मांगने पर दी SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकीपीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने पैसे या रजिस्ट्री की बात की तो आरोपियों ने उन्हें SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी दी। साथ ही बाकी 25 लाख रुपये और देने की मांग करने लगे। इस दौरान उन्हें शक हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।पहले भी ठगी के आरोप, शातिर प्रवृत्ति के बताए आरोपीनवीन ने शिकायत में बताया कि जानकारी जुटाने पर पता चला कि आरोपी पहले भी इसी तरह कई लोगों को झांसा देकर ठगी कर चुके हैं। इससे साफ हुआ कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।थाना खरखौदा पुलिस ने मामले की जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद धारा 351(3), 316(2) और 318(4) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे, कार्रवाई जारीमामले की जांच एसआई बिजेंद्र सिंह को सौंपी गई है, जो शिकायतकर्ता के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी 21 अप्रेल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले तैयारियों का जायजा लेने के लिए CM भजनलाल शर्मा आज यानी सोमवार को बाड़मेर उतरलाई आएंगे। यहां पर कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद हेलिकॉप्टर से पचपदरा पहुंचेगे। अधिकारियों के साथ रिफाइनरी की विजिट कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। परियोजना की प्रगति, व्यवस्थाओ और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करेंगे। करीब दोपहर करीब 2 बजे उतरलाई से जयपुर के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल सोमवार को जयपुर से स्पेशल विमान से रवाना होकर 11:20 बजे उतरलाई एयरपोर्ट आएंगे। यहां पर बीजेपी जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई के नेतृत्व में पदाधिकारी उनका स्वागत करेंगे। यहां से करीब 11:55 बजे पचपदरा रिफाइनरी आने का प्रोग्राम है। वहां पर 12 से 2 बजे तक रिफाइनरी का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान उनके साथ में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास,पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा भी साथ में रहेंगे। वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी रिफाइनरी पहुंचेगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को दौरे को लेकर रिफाइनरी के 4 नंबर के सामने की तरफ पांडाल तैयार किया जा रहा है। पीएम के दौर की तैयारियों का जायजा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सोमवार को बालोतरा पहुंचेगे। हर डोम में 35 ब्लॉक, एक में बैठ सकेंगे 1600 लोग पीएम नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मोदी के सभा स्थल में करीब 2 लाख लोगों की भीड़ आने की उम्मीद है। इसके लिए तीन बड़े-बड़े डोम लगाए जाएंगे। इसमें अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसमें प्रत्येक ब्लॉक में 1600 लोगों को बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक डोम में 35 ब्लॉक बनेंगे। पीएम के प्रोग्राम को देखते हुए 1 लाख 70 से 80 हजार लोगों को बैठने की व्यवस्था की गई। वहीं पांडाल के अंदर व बाहर तीन बड़ी एलईडी लगाई जाएगी। एक किलोमीटर के दायरे में वाहनों की पार्किग की व्यवस्था रहेगी। सभा में बालोतरा, बाड़मेर समेत आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ट्रैफिक, पार्किग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। इससे जुड़ी खबर पढ़े… प्रधानमंत्री की सभा से पहले BJP प्रदेशाध्यक्ष कल आएंगे बाड़मेर:रिफाइनरी के सामने लग रहा है डोम; 21 को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
लुधियाना में पति कई वर्षों तक पत्नी के साथ अननेचुरल सैक्स करता रहा। पत्नी मना करती रही लेकिन पति अपनी दरंदगी से बाज नहीं आया। पत्नी जब भी घर के खर्च और बच्चों की फीस के लिए पैसे मांगती तो पति उसे अननेचुरल सैक्स करने के लिए मजबूर करता था। पति की इस दरंदगी से परेशान पत्नी ने अब उसका डटकर विरोध करना शुरू किया तो पति ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया। पत्नी ने थाना दुगरी में पति के खिलाफ शिकायत दे दी और पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मारपीट व रेप की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी। पत्नी के पास पति द्वारा अननेचुरल सैक्स के लिए मजबूर करने से संबंधित वीडियो भी मौजूद हैं। पत्नी ने पुलिस को कहा है कि वो अपनी शिकायत से संबंधित वीडियो भी पेश कर देगी जिससे पति की हरकतों का पर्दाफाश हो जाएगा। पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में क्या कहा जानिए… 2008 में हुई थी शादी: न्यू पंजाब माता नगर पखोवाल रोड की रहने वाली महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसकी शादी 2008 में हुई थी। उसने कहा है कि उसका पति पहले दिन से उसे शारीरिक व मानसिक तौर पर परेशान करता आ रहा है। लगातार कर रहा है अननेचुरल सैक्स: पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसका पति उसके साथ कई सालों से उसकी मर्जी के खिलाफ अननेचुरल सैक्स करता आ रहा है। जब वो मना करती है तो पीटने लगता है। बच्चों की फीस व खर्च मांगती हूं तो करता है मजबूर: पत्नी ने शिकायत में कहा है कि उसके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। जब वो बच्चों की फीस या घर के खर्चों के लिए पैसे मांगती हूं तो पति उसे अननेचरुल सैक्स के लिए मजबूर कर देता है। मना करने पर पीटता है: महिला ने शिकायत में कहा कि उसके पति के सिर पर अननेचुरल सैक्स का भूत सवार होता है। जब वो मना करती है तो पति उसे बेरहमी से पीटता है। उसका कहना है कि वो अपनी इज्जत की वजह से कई सालों से इस प्रताड़ना को झेल रही है। मेरे पास वीडियो मौजूद: महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसके पति की दरंदगी के वीडियो उसके पास उपलब्ध हैं। महिला ने पुलिस को बताया कि पति जब हदें पार करने लगा तो उसने फिर कुछ वीडियो बनाई। उसने पुलिस को कहा कि वो वीडियो भी पेश कर देगी। पत्नी को घर से निकाला: महिला ने पुलिस को बताया कि वो अब अननेचुरल सैक्स के लिए मना करती है और पति ने उसी खुन्नस में उसके साथ मारपीट की और सात अप्रैल को घर से निकाल दिया। पति के खिलाफ FIR दर्ज मामले की जांच कर रहे दुगरी थाने के एएसआई बलविंदर सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत मिली और उसके बाद पति के खिलाफ मारपीट व रेप की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी है। पति की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रेवाड़ी में प्रेमी संग युवती फरार:सुबह कम्प्यूटर कोचिंग के लिए घर से गई, डॉक्युमेंट भी मिले गायब
रेवाड़ी के सदर थाना क्षेत्र से युवती प्रेमी संग फरार हो गई। युवती घर से कम्पयूटर कोचिंग के लिए घर से निकली थी। पिता ने पाल्हावास गांव के युवक पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। सदर थाना पुलिस ने पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुबह निकली, शाम तक नहीं लौटी एक गांव निवासी 21 वर्षीय युवती के पिता ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि 10 अप्रैल की सुबह उसकी बेटी कम्पूटर सेंटर पर कोचिंग के लिए घर से गई थी। शाम तक वह वापस नहीं लौटी। बेटी के घर नहीं आने पर जान-पहचान और रिश्तेदारों से संपर्क कर पता लगाने का प्रयास किया। कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। जांच करने पर घर में रखे उसकी बेटी के सभी डॉक्युमेंट भी गायब मिली। हालांकि गहने व अन्य सामान सुरक्षित मिला। पाल्हावास का युवक ले गया अपने साथ शिकायत में बताया कि अपने स्तर पर की गई जांच में पाल्हावास के युवक का नाम सामने आया। उन्होंने बताया कि कपिल की उसकी बेटी के साथ बातचीत होती थी। यह भी पता चला है कि कपिल उसके साथ ही कॅप्यूटर की कोचिंग लेता था। वहीं उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रांसपोर्टर की मौत:कार का पुराना मालिक भी शक के घेरे में, पुलिस की जांच में जुड़ रही हैं कड़ियां
आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत के मामले में पुलिस की जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला है कि हादसे के बाद कार को कई चालकों ने थोड़ी-थोड़ी दूरी तक चलाया और फिर एक सुरक्षित स्थान पर ठिकाने लगाया गया। पुलिस के अनुसार, कार का पुराना मालिक भी शक के घेरे में आए लोगों के संपर्क में निकल रहा है। पुलिस ने शक के आधार पर एक और युवक को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिला। गौरतलब है कि असगर अली का शव 4 अप्रैल को मल्ल का चबूतरा क्षेत्र में मिला था। परिजन ने एक जीएसटी महिला अधिकारी, उसके पति, पूर्व चालक और दो अन्य पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस के अनुसार, असगर अली ने चार माह पूर्व जीएसटी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर शिकायत की थी। अधिकारी ने भी असगर पर चौथ मांगने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला लोकायुक्त तक पहुंच गया था। परिजन का आरोप है कि खुद को फंसता देख जीएसटी अधिकारी और उसका पति लगातार धमकियां दे रहे थे। एक रिश्तेदार और उसके गुर्गे से धमकियां दिलाने के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करवाकर बदनाम किया जा रहा था। असगर ने घटना के दो दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस कर जान का खतरा बताया था। पुराने मालिक से मिला कनेक्शन पुलिस को पता चला है कि कार पहले दिल्ली के व्यक्ति के नाम थी और बाद में उसे जालौन के व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किया गया। दिल्ली वाले पुराने कार मालिक का शक के घेरे में आए लोगों से कनेक्शन पुलिस को मिल गया है। पुलिस अब जालौन निवासी कार स्वामी का कनेक्शन खंगाल रही है। उसके पकड़ में नहीं आने से पुलिस खुलकर कुछ नहीं बोल रही है। पुलिस को यह भी पता चला है कि जीएसटी कार्यालय में वसूली के लिए प्राइवेट लोगों को शामिल किया जाता है। प्राइवेट व्यक्ति ट्रांसपोर्टर्स के संपर्क में रहकर ठेका लेते थे। जो रुपये दे देता था, उसके वाहन आराम से निकलते हैं। शुरू हुआ दबिश का दौर असगर अली की मौत के दो दिन बाद तहरीर दी गई। प्राथमिकी में अपना नाम शक के घेरे में देखने के बाद सभी भूमिगत हो गए। अपने मोबाइलों को बंद कर दिया। संभावित ठिकानों पर भी नहीं हैं। इससे पुलिस का शक बढ़ गया है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस उन्हें पकड़ने के प्रयास में लग गई है। शनिवार को एक व्यक्ति के ताजगंज क्षेत्र में होने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी
गाजियाबाद में नेशनल हाईवे पर एक युवती को अपने दोस्त के साथ रील बनाना मंगा पड़ गया। डिवाइडर से बाइक टकराकर युवती की जान चली गई। वहीं युवती को दोस्त गंभीर रूप से घायल है। युवती की हाईवे पर बाइक चलाकर रील बनाते हुए वीडियो भी सामने आई है। दोनों ने हेलमेट नहीं लगा रखा था। पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां युवती की मौत हो गई। वहीं युवक की हालत भी नाजुक बनी हुई है। बिना हेलमेट के बाइक चला रही थी युवती ACP वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि घटना रविवार तड़के की है। एनएच 9 पर IMS कॉलेज के सामने फ्लाईओवर पर एक बाइक डिवाइडर से टकरा गई। जहां पुलिस मौके पर पहुंची तो इकबाल कॉलोनी पसौंडा साहिबाबाद निवासी इकरा (19 साल) और हाशिम (20 साल) घायल मिले। युवती के सिर पर गंभीर चोट थी, चेहरे पर भी चोट लगी थी। जबकि हाशिम के पैर और कमर और कंधे पर चोट लगी थी। जिसके बाद पुलिस दोनों को हॉस्पिटल लेकर पहुंची। जहां डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। युवती के बाइक चलाने की एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें इकरा बाइक चला रही थी, जबकि हाशिम पीछे बैठा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दूसरे बाइक सवार दोस्त ने तो यह वीडियो नहीं बनाई। घायल हाशिम की हालत भी नाजुक बनी हुई है। युवक वेल्डिंग का काम करता था। हाईवे पर बाइक भी तेज पुलिस की जांच में आया है कि बाइक 70 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चला रही थी। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था, यह एनएच है, यही दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस को जोड़ता है। जबकि एक्सप्रेस वे पर 2 पहिया वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। यातायात नियमों को ताक पर रखा जा रहा है, पूर्व में भी यहां की रील और स्टंट सामने आते रहे हैं। डिवाइडर से बाइक टकराने पर यह हादसा हुआ है। जिसमें युवती की मौत हुई।
बिलासपुर नगर निगम की मेयर पूजा विधानी अपने कार्यकाल का दूसरा बजट सोमवार को पेश करेंगी। इस बार बजट करीब 1100 करोड़ रुपए का होगा। सामान्य सभा इस बार हंगामेदार हो सकती है। क्योंकि, भाजपा पार्षद दल की बैठक में मेयर और पार्षद के बीच हुई तीखी-बहस के साथ ही विपक्षी दल के पार्षद के पार्षदों ने पानी, सड़क और जाम, सफाई जैसे जनहित के मुद्दे पर मेयर को घेरने की रणनीति बनाई है। दूसरी तरफ निगम के बजट में केवल निर्माण कार्यों पर ही नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। नगर निगम ने इस बार बजट में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं पर खास फोकस किया है। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए शहर में फ्री वाई-फाई सुविधा शुरू करने की योजना है। वहीं छात्राओं के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। भाजपा में खींचतान, पानी, सड़क-जाम जैसे मुद्दों को लेकर हो सकता है हंगामा सामान्य सभा से पहले कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने सीनियर कांग्रेस नेताओं के साथ पार्षद दल की बैठक ली थी, जिसमें भाजपा की निगम सरकार को पानी, सड़क और जाम के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बनाई गई। इस बैठक में जन समस्याओं को मजबूती से उठाना और भाजपा को जनहित के मुद्दों पर घेरने की बात कही गई। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि वार्ड निधि वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में पेयजल संकट, खराब सड़कों की स्थिति, निराश्रित पेंशन में देरी, बजबजाती नालियां, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप, मुख्य मार्गों पर जाम और आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय बैठक में लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि सामान्य सभा में इन सभी मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाया जाएगा और जनहित के सवालों पर निगम प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा। इधर, बैठक से पहले भाजपा में घमासान सामान्य सभा से पहले हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक में शनिवार को बवाल हो चुका है। इसमें महापौर और पार्षद के बीच तीखी बहस हो गई थी। सफाई ठेके को लेकर महापौर पूजा विधानी और पार्षद रंगा नादम आमने-सामने आ गए थे। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। इस मुद्दे पर भी सामान्य सभा में कांग्रेस हंगामा मचा सकती है। इस विवाद में महापौर विधानी अपने ही पार्षद रंगानादम पर कांग्रेस से सांठगांठ के आरोप लगाए। तो भड़के पार्षद रंगा नादम ने महापौर के आरोपों पर पलटवार कर कहा कि महापौर खुद कांग्रेस से भाजपा में आई हैं। सफाई ठेके को लेकर हुआ विवाद दरअसल, सफाई ठेके की दर बढ़ाने और शहर की सफाई में कोताही को लेकर विवाद शुरू हुआ। पार्षद रंगानादम का कहना था कि सफाई ठेका के कर्मचारी भी पार्षदों की नहीं सुनते। जबकि, महापौर का कहना था कि पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में बिलासपुर दूसरे स्थान पर था। शहर को पहले स्थान पर लाने के उद्देश्य से लायंस सर्विसेज के सफाई ठेके की दर में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर उसे एक साल के लिए आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि यह निर्णय विधायक अमर अग्रवाल की सहमति से लिया गया है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। कांग्रेस नेता बोले- भाजपा पार्षदों में भी असंतोष भाजपा पार्षद दल की बैठक में असंतोष सामने आने के बाद कांग्रेस नेता भी इस पर चुटकी लेने लगे हैं। शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा का कहना है कि नगर निगम में कोई काम नहीं हो रहा है। सत्ताधारी दल भाजपा के पार्षद भी परेशान हैं, जो जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। आवाज उठाने वाले पार्षदों का मुंह बंद करा दिया जाता है। केंद्र, राज्य और नगर निगम में भाजपा की सरकार होने के बाद भी सत्ताधारी पार्षदों की इस स्थिति देखकर ही समझा जा सकता है कि अधिकारी किस तरह काम कर रहे हैं। पिछली बार 1089 करोड़ का था बजट नगर निगम की महापौर पूजा विधानी के कार्यकाल की पहली सामान्य सभा में 1089 करोड़ का बजट पेश किया गया था, जो पिछली सामान्य सभा के बजट से 38 करोड़ रुपए ज्यादा रहा। लेकिन इसमें से करीब 75% राशि शासन से नहीं मिल सकी। सालभर में निगम की आय करीब 100 करोड़ रही, जिसमें से 90 करोड़ खर्च हो गए और अंत में निगम के पास सिर्फ 10 करोड़ रुपए ही शेष है। मेयर बोलीं- शहर विकास पर तैयार किया गया है एजेंडा नगर निगम की मेयर पूजा विधानी ने कहा कि इस बार का बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। बजट में छोटे-छोटे विकास कार्यों पर फोकस किया गया है। चौक-चौराहों और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण के साथ सड़कों के किनारे हरियाली बढ़ाने पर जोर रहेगा। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए फ्री वाई-फाई और महिलाओं की सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं भी शामिल की गई हैं। शहर विकास को ध्यान में रखकर एजेंडा बनाया गया है। वार्ड स्तर पर सड़कों का विस्तार, पेयजल की समस्या को हमेशा के लिए दूर करने के लिए ठोस निर्णय लिया जाएगा, जिसका लाभ शहरवासियों को मिलेगा।
मिर्जापुर जिले में 11 अप्रैल को हुए अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी इंद्रासन बिंद को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। उसके दोनों पैरों में गोली लगी हैं, जिसका इलाज मंडलीय अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के अनुसार, सोमवार की भोर लगभग 4 बजे एसओजी और स्थानीय पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान कटरा क्षेत्र के सोनवर्षा इलाके के पास चंद्रदीपा के निकट मुठभेड़ हुई। इस दौरान आरोपी इंद्रासन बिंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। 5 तस्वीरें देखिए… जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाते हुए उसे काबू में किया, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। बताया गया कि इस हत्याकांड में शामिल दोनों बदमाशों ने दिनदहाड़े एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद भागते समय मोटरसाइकिल स्टार्ट करने में दिक्कत आने पर इंद्रासन बिंद ने करीब 19 बार किक मारकर वाहन स्टार्ट करने का प्रयास किया था। राजेंद्र सोनकर ने गाड़ी स्टार्ट की और साथी के साथ फरार हो गया था। इससे पहले, पुलिस मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को भी घटना के दिन ही मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर चुकी है। उस मुठभेड़ में राजेंद्र सोनकर के भी पैरों में गोली लगी थी। इस कार्रवाई में कटरा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक वैद्यनाथ सिंह और नटवा चौकी प्रभारी कृष्णकांत तिवारी की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से मामले के खुलासे में और मदद मिलेगी तथा शेष कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जाएगी।
गुरुग्राम शहर में सेक्टर-31 की मार्केट में जर्मनी से लौटे मेडिकल साइंटिस्ट अपने बेरोजगार दोस्त की मदद के लिए अपनी लग्जरी कार से बेकरी का सामान बेच रहे हैं। अवधेश नामक साइंटिस्ट अपने दोस्त के ठीक से सेटल होने तक वह वापस जर्मनी नहीं लौटेंगे। उनके द्वारा कार की डिग्गी में सामान रखकर बेचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दैनिक भास्कर एप ने चटकारा ऑन व्हीलस के रजत से बात की। उन्होंने बताया कि उसका दोस्त अवधेश जर्मनी में रहता है और मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट है। नवंबर में वह अपनी बहन की शादी में इंडिया आया था, उस समय उसकी जॉब चली गई थी और फैमिली में भी इश्यू था। जिसके कारण वह परेशान था। अवधेश ने उसे मोटिवेट किया और आइडिया दिया कि वह अपना खुद का काम करे, उसने मदद करते हुए अपनी लग्जरी कार में खुद ही सेक्टर-31 में बेकरी प्रोडक्ट बेचना शुरू किया। उनका कहना है कि मुसीबत में दोस्त ही दोस्त काम आता है। मुझे भी वायरल वीडियो के बारे में पता चला है और खुशी इस बात की है कि मेरे पास इतना शानदार दोस्त है। अब जानिए वायरल वीडियो में क्या… जीप मेरिडियन में बेकरी आइटम: हर्ष चौहान नाम के शख्स द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो क्लिप में एक व्यक्ति को सेक्टर-31 मार्केट में 37 लाख रुपए की Jeep Meridian कार के पिछले हिस्से (बूट) से बेकरी आइटम बेचते हुए दिखाया गया है। वीडियो में दावा किया गया है कि यह व्यक्ति जर्मनी से लौटा मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट अवधेश है, जो अपने दोस्त की मदद के लिए यहां आया हुआ है। मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट बेच रहा सामान: वीडियो में यूजर ने कहा कि “भाई 37 लाख रुपए की गाड़ी है, ठीक है, ये देख रहे हो, Jeep Meridian है। ये शख्स जर्मनी में 7 साल से मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट है। अब इनके दोस्त की जॉब चली गई, उसको सपोर्ट करने के लिए अपनी 37 लाख रुपए की गाड़ी में सामान बेच रहे हैं भाई। दोस्त ही दोस्त के काम आता है: “पीछे देखो, खड़े होकर सामान सेल कर रहे हैं भाई। यहां से इतनी सारी चीजें सीखने को मिलती हैं कि 21वीं सदी में, जहां भाई का भाई नहीं है और लोग पीठ में छुरा मारने को तैयार रहते हैं, वहां ऐसे दोस्त भी होते हैं। सेक्टर-31 मार्केट में बनाया वीडियो: इस वायरल वीडियो में ये भी सुनाई देता है कि “भाई ये सेक्टर 31 का मार्केट है, यहां अपनी इतनी महंगी गाड़ी लगा के सिर्फ दोस्त को सपोर्ट करने के लिए सामान बेच रहे हैं और ये देखो, बॉम्बोलोनी जर्मनी से सीख के लाए थे, फिर यहां लगाया। दोस्त के लिए जानबूझ कर जर्मनी नहीं लौटा रजत ने बताया कि अवधेश वह अपनी बहन की शादी में आया था, लेकिन अब उसकी मदद के लिए उन्होंने अपनी जॉब को जानबूझकर होल्ड कर लिया है, ताकि दोस्त को स्थिर आय का जरिया बना सकें। अवधेश का कहना है कि जब तक मेरे दोस्त के लिए यहां भारत में सब कुछ सेटअप नहीं हो जाता, मैं जर्मनी वापस नहीं लौटूंगा। अभी मैंने अपनी जॉब से ब्रेक ले लिया है। फूड वेंचर को नाम दिया चटकारा ऑन व्हीलस अवधेश ने अपने दोस्त रजत को ‘Chatkaraa on Wheels’ नाम से एक छोटा फूड वेंचर शुरू करने में मदद की। यह नाम अवधेश ने ही दिया है और वे अपनी कार को अस्थायी स्टॉल बनाकर मार्केट में ग्राहकों को सीधे बेकरी प्रोडक्ट्स बेच रहे हैं। यूजर कर रहे कमेंट्स यह वीडियो ऑनलाइन काफी सराहा जा रहा है। कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इस प्रयास की तारीफ की, तो कुछ ने मुश्किल वक्त में भरोसेमंद दोस्त होने की अहमियत पर विचार व्यक्त किए। एक यूजर ने लिखा, “ऐसे दोस्त किस्मत से ही मिलते हैं, अगर कभी मिल जाए तो उनका मूल्य समझो।” दूसरे ने कहा, “ये सिर्फ दोस्ती नहीं है, ये तो इंसानियत है।” एक और यूजर ने लिखा, “आज के स्वार्थी दुनिया में ऐसा दोस्त सिर्फ बेहद भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है।”
करौली में 5 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:पति-पत्नी से लूट के मामले में 2 साल से था फरार
करौली जिले की मण्डरायल थाना पुलिस ने 2 साल से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी हथियार के दम पर दंपति से लूट की वारदात में वांछित था। पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सबलगढ़, जिला मुरैना (मध्यप्रदेश) निवासी शेरा अली (27) पुत्र शौकत अली के रूप में हुई है। वह अप्रैल 2024 में चंबल पुल के पास हुई एक लूट की घटना में शामिल था। बाइक पर जा रहे पति-पत्नी को लूटा थाथानाधिकारी ने बताया कि 23 अप्रैल 2024 को पांचोली निवासी गोपाल (45) पुत्र लोडू ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जब वह अपनी पत्नी के साथ बाइक से अपनी बहन के यहां भात देने बेरई सबलगढ़ (मध्यप्रदेश) जा रहे थे, तब चंबल पुल पर 2 अज्ञात युवकों ने उन्हें रोका। बिना नंबर की बाइक पर सवार दोनों युवकों ने अपने चेहरे पर नकाब बांध रखा था। उन्होंने गोपाल की पत्नी की गर्दन से सोने का मंगलसूत्र और सोने की कॉलर छीन ली। जब दंपति ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कट्टे से फायर कर दिया और मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लगातार दबिश और तलाश अभियान चलाया। इसी कड़ी में टीम ने सबलगढ़ क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी शेरा अली को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया।पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपी शेरा अली से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।
बिलासपुर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं सगी बहन हैं, जो अपना बदलकर अलग-अलग इलाकों में गांजा बेचने का काम कर रही थीं। उनके पास से 5.98 लाख कैश, 6 किलो गांजा, स्कूटी और कार बरामद किया गया है। एसीसीयू की टीम ने सरकंडा पुलिस के साथ यह कार्रवाई की है। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि मोपका के पाटलीपुत्र नगर और राजकिशोर नगर इलाके में दो महिलाएं गांजा बेचने का काम करती हैं, जिस पर टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। एससीसीयू की टीम ने सरकंडा पुलिस के साथ संयुक्त रूप से रेड कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। स्कूटी और कार में गांजा लेकर जा रही थी दोनों बहनें छापेमारी के दौरान दोनों महिलाएं कार और स्कूटी में गांजा रखकर बिक्री करते हुए पकड़ी गईं। तलाशी लेने पर पुलिस ने उनके कब्जे से 6 किलो गांजा, 5 लाख 98 हजार रुपए कैश, कार और 2 स्कूटी के साथ 2 मोबाइल और 2 घड़ी बरामद किए। जब्त सामान की कुल कीमत 15 लाख 78 हजार रुपए बताई जा रही है। नाम बदलकर चला रही थीं धंधा एसीसीयू प्रभारी व सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मानकी केंवट उर्फ विनिता जोशी (30) और सुदामा केंवट उर्फ रानी यादव (40) के रुप में हुई है। दोनों मस्तूरी क्षेत्र के जयराम नगर की रहने वाली हैं और सरकंडा क्षेत्र में रह रही थीं। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि दोनों सगी बहन हैं और अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करती थीं। पहले भी हो चुकी है एनडीपीएस की कार्रवाई पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी बहनों ने गांजा बिक्री से कमाए पैसों से स्कूटी खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल वे सप्लाई के लिए करती थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं, अब उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
झांसी में युवक ने लगाई फांसी:पिता घर लौटे तो फंदे पर लटका हुआ था, परिजन बोले-जान क्यों दी पता नहीं
झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा के छात्र द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना मोहनी बाबा क्षेत्र की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला गोविंद चौराहा स्थित मोहनी बाबा के पास सैंयर गेट इलाके में रहने वाले शाहिद अली अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते हैं। परिवार में पत्नी और दो बेटे कौशिफ (18) और मेजान अली (15) हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते परिवार के सभी सदस्य काम करते हैं। कौशिफ 11वीं की पढ़ाई करने के साथ-साथ सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के नंदनपुरा में एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर भी काम करता था।परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर घर में कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान कौशिफ काम से लौटकर घर आया, खाना खाया और उसके बाद मां के दुपट्टे से पंखे के सहारे फांसी लगा ली। शाम को जब उसके पिता शाहिद अली काम से लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। शक होने पर उन्होंने खिड़की से देखा तो बेटे का शव पंखे से लटका हुआ था। किसी तरह दरवाजा खोला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र की 7B कॉलोनी से घरेलू नौकरानी की बेटी पर घर से 10 लाख रुपये के सोने के गहने चोरी करके फरार हो गई। बेटी कभी-कभार घर में काम करने आती थी। कल दिन में काम करने के लिए आई थी। उसके जाने के बाद मकान मालकिन ने अपना पर्स चेक किया तो उसमें से जेवर नहीं थी। वार्ड नंबर 20 की रहने वाली लीना शर्मा ने सुभाष मंडी चौकी पुलिस को बताया कि उनकी घरेलू मददगार पिंकी निवाीस धाणक कॉलोनी कई साल से उनके यहां काम करती है। कभी-कभी उसकी बेटी पायल भी उसके साथ आती थी। कल सुबह करीब 11 बजे पिंकी की जगह उसकी बेटी पायल अकेले काम करने आई थी। अलमारी मिली खुली मैं लॉबी में कपड़े धो रही थीं। थोड़ी देर बाद अपने कमरे में गई तो पायल घर से गायब थी। कमरे में रखी अलमारी खुली हुई मिली। मैंने कुछ शक होने पर अलमारी और अपने लेडीज पर्स को चेक किया। पर्स चेक किया, तो उसमें से एक चैन लॉकेट, 6 सोने की अंगूठियां और एक सोने का ब्रेसलेट गायब था। जेवर की कीमत 10 लाख रुपए उसके जेवर की कीमत करीब 10 लाख रुपए हैं। उनको पूरा शक है कि उसके जेवर पायल ने चुराए हैं, क्योंकि उस समय घर में उनके अलावा सिर्फ पायल आई और गई थी। पायल ने मौका देखकर अलमारी खोली और पर्स से जेवर निकालकर फरार हो गई। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जैसलमेर में अब गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से तापमान में हो रही निरंतर बढ़ोतरी ने शहरवासियों को भीषण गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। सोमवार को सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ रहा, जिसके चलते चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल किया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिन के पारे में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रात के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट होने से देर रात और अलसुबह हल्की राहत महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है, जिससे पारा 40 डिग्री के आंकड़े को छू सकता है। उमस और पसीने ने छुड़ाए पसीने आसमान साफ रहने के कारण दोपहर के समय धूप का प्रभाव इतना तेज था कि बाजारों में आवाजाही कम नजर आई। लोग उमस और पसीने से परेशान दिखे। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह तक बेमौसम बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे चल रहा था, लेकिन अब मौसम स्थिर होते ही पारा तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। दिन और रात के तापमान में 16 डिग्री का अंतर रविवार को जैसलमेर का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस प्रकार दिन और रात के पारे में 16 डिग्री का बड़ा अंतर देखा गया। हालांकि, रात का पारा अब भी सामान्य से 2.3 डिग्री कम बना हुआ है, जिससे रातें फिलहाल सुकून भरी हैं। अगले 4 दिन और बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में आगामी चार दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। किसी भी नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय न होने के कारण धूप का प्रभाव और बढ़ेगा। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है, जिससे पारा 40 डिग्री के आंकड़े को छू सकता है।
प्रयागराज में रविवार से ही गर्मी का असर तेज हो गया है। रविवार को इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा, जब तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं सोमवार को भी सुबह से ही कड़क धूप निकलने के कारण गर्मी का असर तेज हो गया है। पिछले दो दिनों से लगातार सबसे गर्म जिलो में प्रयागराज जिला रहा जहां सबसे अधिक तापमान 40 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। सुबह के समय से ही तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर निकलने वाले राहगीर धूप से बचने के लिए छांव और अन्य उपायों का सहारा लेते नजर आए। तापमान में बढ़ोतरी जारी मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है और आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। तेज धूप और गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही भी कुछ कम नजर आई। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पीते रहें, ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। धूप से बचाव के आसान और जरूरी उपाय
टीकमगढ़ में 'लव जिहाद' की बढ़ती घटनाओं को लेकर हिंदूवादी संगठनों में नाराजगी है। रविवार रात बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज के नेतृत्व में नजरबाग मंदिर में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। दरअसल, छह दिन पहले जिला अस्पताल में जमालुद्दीन काजी नामक युवक ने एक महिला से छेड़छाड़ की थी। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने आरोपी के साथ मारपीट भी की थी, जिसका वीडियो भी सामने आया था। विवाद के बाद पीड़ित महिला ने सामने आकर आरोपी युवक के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने जमालुद्दीन पर अपनी पहचान छिपाकर प्रेमजाल में फंसाने, दुष्कर्म करने और बाद में ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस पर आरोपी को छोड़ने का आरोप वहीं, दूसरी ओर आरोपी जमालुद्दीन जिला अस्पताल से फरार हो गया। परिजनों द्वारा मारपीट के बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया था, जिसके बाद उसकी अस्पताल से फरारी पर सवाल उठ रहे हैं। संदेह के घेरे में पुलिस की भूमिका इस घटनाक्रम के बाद रविवार रात बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास के नेतृत्व में हिंदू संगठन नजरबाग प्रांगण में एकत्रित हुए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और 'लव जिहाद' के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया। इससे पहले महंत सीताराम दास ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी पुलिस के रवैए पर सवाल उठाते हुए आरोपी जमालुद्दीन की गिरफ्तारी की मांग की थी। आरोपी का जुलूस निकालने की मांग महंत की अपील पर बड़ी संख्या में लोग नजरबाग प्रांगण में जुटे और पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति रोष प्रकट किया। बैठक के दौरान ही कोतवाली टीआई का फोन महंत के पास आया, जिसमें उन्होंने बताया कि आरोपी उनकी गिरफ्त में है। इस पर महंत ने आरोपी का शहर में जुलूस निकालने की मांग की। साथ ही, बैठक में एसपी और टीआई को हटाने की भी मांग की गई।
सिवनी में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:एक महिला गंभीर घायल, हाथ-पैर और सिर में आई चोट
सिवनी जिले के आदेगांव थाना क्षेत्र में रविवार रात हिनोतिया रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना रात में हुई। एक बाइक सवार जोबा से हिनोतिया की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा बाइक सवार हिनोतिया से लखनादौन की तरफ आ रहा था। दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के कारण बाइक पर सवार मीना यादव (लगभग 50 वर्ष) सड़क पर गिर गईं। उन्हें हाथ, पैर, सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। घायल जबलपुर रेफर मीना यादव को सिविल अस्पताल लखनादौन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उनका उपचार जारी है। दुर्घटना की सूचना मिलने पर आदेगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के.पी. धुर्वे ने बताया कि उन्हें सड़क हादसे की जानकारी मिली थी, जिसमें एक महिला के घायल होने की पुष्टि हुई है।
गिरिडीह जिले में रविवार की देर रात हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पहली घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के डुमरी-गिरिडीह मेन रोड पर बराकर जैन मंदिर के समीप हुई। बताया गया कि एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय चार्लीस मुर्मू के रूप में हुई है। वह डुमरी थाना क्षेत्र के जीतकुंडी स्थित ओहदार गांव का रहने वाला था। वह किसी काम से गिरिडीह आया था। लौटने के दौरान हादसे का शिकार हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया और क्षतिग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया। स्कूटी और कार की टक्कर में एक की मौत दूसरी घटना ताराटांड़ थाना क्षेत्र के गिरिडीह-धनबाद मेन रोड के बड़कीटांड मोड़ के पास हुई। यहां एक तेज रफ्तार स्कूटी और टाटा नेक्सोन कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार 29 वर्षीय सुबोजित सिन्हा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनके साथ बैठे 28 वर्षीय सुरेश गोराई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों युवक धनबाद जिले के गोबिंदपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। किसी कंपनी के काम से गिरिडीह आए थे। काम समाप्त कर वापस लौटने के दौरान यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस जांच में जुटी, घायल का इलाज जारी घटना की सूचना मिलते ही ताराटांड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल सुरेश गोराई को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को जब्त कर थाना ले आई है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसलमैर में डकैती हो गई, जयपुर में कई घटनाएं हुई हैं, प्रदेश में आए दिन कुछ ना कुछ हो रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री को वक्त मिल नहीं रहा तो फिर गृह मंत्रालय किसी और को दें। ऐसे हालात कब तक चलते रहेंगे। पूर्व सीएम ने दौसा जिले के मानपुर कस्बे में मीडिया बात करते हुए यह बात कही। वे रविवार देर शाम को सिलिकोसिस पीड़ितों से मिलने यहां पहुंचे थे। वहीं बांदीकुई में सभा के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा द्वारा गहलोत को ट्विटर मास्टर बताने के सवाल पर कहा- हम लोग टविटर मास्टर हुए तो अच्छी बात है ना, इसमें बुरा क्या है। यदि सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में किसी बात का कोई मैसेज जाता है तो इसमें हर्ज क्या है। सोशल मीडिया की क्रांति है। इनकी पार्टी के नेताओं ने तो सोशल मीडिया पर पूरा हथकंडा खडा करके चुनाव जीत लिया। इसलिए वो किस मुंह से ऐसी बातें बोलते हैं, मेरी तो समझ से बाहर है। पीड़ितों से मिले गहलोतपूर्व सीएम ने मानपुर कस्बे की गोलावाली ढाणी में सिलिकोसिस बीमारी के पीडितों से मुलाकात कर उनके हालचाल जाने। इस दौरान मरीजों के परिजनों ने बीमारी के बारे में बताया और कार्ड बनने में करप्शन की शिकायत करते हुए सुनवाई नहीं होने की बात कही। मौके पर मौजूद 3 मरीजों के सिलेंडर से आक्सीजन लेते देख गहलोत भावुक हो गए। उन्होंने पूर्व मंत्री ममता भूपेश को पीडितों की मदद के निर्देश दिए। कमेटी बनाकर एक्शन ले सरकारगहलोत ने कहा कि इस तरफ सरकार का ध्यान जाना चाहिए। दो महिने पहले दौसा अस्पताल में देखा कि सिलिकोसिस मरीज आक्सीजन सिलेंडर लगाकर सांस ले रहे थे। यह बीमारी ऐसी खतरनाक है कि एक बार होने के बाद जान का खतरा बढ़ता जाता है। पहले सिलिकोसिस का इलाज टीबी समझकर किया जाता था, क्योंकि दोनों के लक्षण एक जैसे होते हैं। बाद में हमने प्रयास करके इसे समझा और मरीजों के लिए 5 लाख के पैकेज की व्यवस्था की। इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार माइंस संचालकों को पाबंद करें, मजदूर सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें और लापरवाही करने वाले मजदूरों को भी काम से हटाएं। 50 से ज्यादा विधवा, हम देख नहीं पा रहेउन्होंने कहा कि यहां एक ढाणी की 50 से ज्यादा विधवा महिलाएं मौजूद हैं, हम देख नहीं पा रहे। क्या हो रहा है पूरे जोधपुर, करौली और दौसा इलाके में। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। सांसद मुरारीलाल मीणा ने लोकसभा में मुद्दा उठाया तो केन्द्र सरकार को बीमारी के बारे में पता चला और टीम भेजी गई। हम भी पता करेंगे कि यदि दो डॉक्टर्स ने गलती की है, सस्पेंड हो गए और जेल चले गए। जिसके बाद अन्य डॉक्टर्स ने हाथ खडे कर दिए। सर्टिफिकेट बनाने के पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके लिए हम उच्च स्तर पर बात करेंगे। कागजों में हो रहा पॉलिसी का इम्पलीमेंटवहीं सिलिकोसिस पॉलिसी के इम्पलिमेंट के सवाल पर गहलोत ने कहा कि सब कागजों में हो रहा है। यहां लोगों ने बताया कि सर्टिफिकेट नहीं बन रहे, ऐसे कई केस अभी सामने आए हैं। सरकार को कमेटी बनाकर मॉनिटरिंग करनी चाहिए। हमारी सरकार के वक्त पीडितों को करीब एक हजार करोड़ रुपए की सहायता वितरित की गई थी। लेकिन पेंडिंग केस बहुत पडे हुए हैं, ऐसी नौबत क्यों आ रही है, यह तो बहुत खतरनाक मामला है। मुख्यमंत्री को स्वयं एक मामला देखना होगा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड, विधायक रफीक खान, पवन गोदारा, जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, ब्लॉक अध्यक्ष लटूरमल सैनी, खेमराज मीणा, पूर्व सरपंच रंगलाल सैनी, ज्योतिबा फूले सेवा समिति की अध्यक्ष अंजू सैनी समेत कई लोग मौजूद रहे।
जगदीश भट्ट चौबीसा समाज अध्यक्ष बने:61 वोटों से जीत दर्ज की, 86.23% हुआ मतदान
चौबीसा समाज भींडर के अध्यक्ष पद के चुनाव में जगदीशचंद्र भट्ट ने जीत हासिल की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 61 वोटों के अंतर से हराया। यह चुनाव शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। मतदान 12 अप्रैल को सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सूरजपोल में हुआ। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस मतदान में कुल 777 में से 670 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे 86.23 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के लिए एक ही केंद्र पर दो बूथ बनाए गए थे। दिनभर मतदान प्रतिशत में लगातार वृद्धि देखी गई। मतदान होने के बाद, मतगणना शाम 7 बजे शुरू हुई और लगभग 8 बजे तक परिणाम घोषित कर दिए गए। कुल 670 मतों में से 4 मतों को खारिज कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि जगदीश भट्ट को 228 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी चेतनप्रकाश धर्मावत को 167 वोट प्राप्त हुए। अन्य उम्मीदवारों में किशनलाल व्यास को 146 और सत्यनारायण विजावत को 125 वोट मिले। इस तरह जगदीश भट्ट ने 61 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। पूरी चुनाव प्रक्रिया मुख्य चुनाव अधिकारी बालमुकुंद मन्दावत के नेतृत्व में संपन्न हुई। हरिप्रसाद धर्मावत, जगदीश अजावत, जानकीलाल व्यास, हीरालाल बिजावत, दयाल शंकर वेणावत और गिरिजा लाल मन्दावत ने चुनाव अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका निभाई। सह-प्रभारी के तौर पर लाल शंकर भोजावत, जगदीश गोठड़, भोलेश लखावत, मदन भोजावत, बद्रीलाल बिजावत, पंकज पण्डया, रमेश भट्ट, प्रहलाद विजावत, राजेश्वर कडवावत और ओमप्रकाश मन्दावत ने चुनाव व्यवस्थाओं में सहयोग किया। परिणाम घोषित होने के बाद, विजेता जगदीश भट्ट के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया और उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र की हंसराज कॉलोनी में देर रात पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। झगड़े के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान प्रीति (पत्नी लेखराज) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राल गांव की रहने वाली थी और वर्तमान में हंसराज कॉलोनी में रह रही थी। उसकी शादी वर्ष 2013 में लेखराज से हुई थी।परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही पति के शराब सेवन और कथित गलत गतिविधियों के कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि बीती रात पति-पत्नी के बीच फिर से कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि पति ने नशे की हालत में प्रीति के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद परिजन महिला को तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप मृतका के परिजनों ने पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत जिले के सनौली खुर्द थाना क्षेत्र के गांव राणा माजरा में मामूली कहासुनी के बाद हुई मारपीट ने अब खूनी मोड़ ले लिया है। 9 अप्रैल को दो युवकों द्वारा बेरहमी से पीटे गए 23 वर्षीय रिंकू की रविवार रात करीब 8 बजे रोहतक पीजीआई (PGI) में मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, पुलिस ने पहले से दर्ज मारपीट के मामले में अब हत्या की इजाद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। खेत से बुलाकर ले गए थे दोस्त मृतक के पिता श्रीपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 अप्रैल की शाम उनका पूरा परिवार खेत में गेहूं की कटाई कर रहा था। शाम करीब 6 बजे गांव का ही प्रवीन उनके पास आया और रिंकू को बराना गांव चलने के बहाने अपने साथ ले गया। रास्ते में उन्हें सोनू मिला और तीनों साथ चल दिए। सिर के पीछे घोंपी चाबी शिकायत के अनुसार, रास्ते में आश्रम के पास पहुंचते ही प्रवीन और सोनू ने अचानक रिंकू पर हमला कर दिया। दोनों ने रिंकू को नीचे गिराकर लात-घूंसों और डंडों से बुरी तरह पीटा। हैवानियत की हदें पार करते हुए हमलावरों ने मोटरसाइकिल की चाबी रिंकू के सिर के पिछले हिस्से में घोंप दी। चोट इतनी गहरी थी कि रिंकू के कान से खून का बहाव रुक ही नहीं रहा था। पीजीआई में तीन दिन तक चला इलाज गंभीर हालत में घायल रिंकू को पहले गढ़ी बेसिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे पानीपत सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। पानीपत के डॉक्टरों ने रिंकू की नाजुक हालत देखते हुए उसे तुरंत रोहतक पीजीआई भेज दिया। तीन दिनों तक वेंटिलेटर और डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद आखिरकार 12 अप्रैल की रात रिंकू जिंदगी की जंग हार गया। अब हत्या की धारा दर्ज करेगी पुलिस इस मामले में सनौली खुर्द थाना पुलिस ने पहले मारपीट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। अब रिंकू की मौत के बाद पुलिस इस मामले में हत्या की धारा इजाद करेगी। पुलिस का कहना है कि आज शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
बस्ती में डंपर की टक्कर से बाइक सवार की मौत:हरिगांव चौराहे पर हादसे में दूसरा गंभीर, अयोध्या रेफर
बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र में हरिगांव चौराहे पर रविवार देर रात एक डंपर और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गोंडा की तरफ से कुसमौर डीह की ओर जा रहे डंपर (वाहन संख्या BR38GB5724) ने मोटरसाइकिल (संख्या UP51BM3063) को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर अहिलहवां, परशुरामपुर, बस्ती निवासी 25 वर्षीय लक्ष्मण प्रजापति और 24 वर्षीय अखिलेश गौतम पुत्र राम बहादुर गौतम सवार थे। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष परशुरामपुर विश्वमोहन राय मय फोर्स घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस बल ने तत्काल दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परशुरामपुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने लक्ष्मण प्रजापति को दर्शननगर, अयोध्या और अखिलेश गौतम को श्रीराम हॉस्पिटल, अयोध्या रेफर कर दिया। हालांकि, अयोध्या ले जाते समय अखिलेश गौतम की रास्ते में ही मौत हो गई। लक्ष्मण प्रजापति का इलाज जारी है। परशुरामपुर पुलिस ने इस संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रीवा जिले के नए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने रविवार को सर्किट हाउस रीवा में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने जॉइनिंग की औपचारिकताएं पूरी करते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि वे जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिक ध्यान देंगे। जानकारी के अनुसार, वे सोमवार से जिले के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी पूरी सक्रियता के साथ संभालेंगे। इससे पहले सूर्यवंशी बैतूल जिले में कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वे 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और इससे पूर्व रतलाम व बैतूल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। उधर, पूर्व कलेक्टर प्रतिभा पाल को अब सागर जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
गोड्डा जिले के मेहरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुड़नी मोड़ स्थित एक अनाज गोला में रविवार शाम अज्ञात अपराधियों ने फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नीले रंग की अपाची बाइक पर सवार दो अपराधी गोला के पास पहुंचे और अचानक दो राउंड गोली चला दी। पहली गोली दुकान के टेबल में जा लगी, जबकि दूसरी गोली वहां काम कर रहे मजदूर जयराम मंडल के पैर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और अपराधी मौके से फरार हो गए। रंगदारी की धमकी से जुड़ सकता है मामला अनाज गोला के मालिक निलेश कुमार ने बताया कि घटना पूरी तरह से अचानक हुई, जिससे वहां मौजूद सभी लोग सहम गए। उन्होंने खुलासा किया कि 9 मार्च को उन्हें फोन पर 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की धमकी मिली थी। इस संबंध में उन्होंने मेहरमा थाना में शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन उस समय पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में अब इस फायरिंग की घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस भी इस एंगल पर गंभीरता से जांच कर रही है और पुराने मामले की फाइल को भी खंगाल रही है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे घटना की सूचना मिलते ही महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद और मेहरमा थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल मजदूर जयराम मंडल (पिता राजेंद्र मंडल, निवासी सुड़नी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहरमा ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गोड्डा रेफर कर दिया गया। एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि धान व्यवसाय के गोदाम में दो राउंड फायरिंग की पुष्टि हुई है और एक मजदूर के पैर में गोली लगी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और हर बिंदु पर गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की सम सेमेस्टर परीक्षाएं 15 अप्रैल से शुरू होंगी। इन परीक्षाओं में गाजीपुर और जौनपुर जिलों के 604 महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। गाजीपुर और जौनपुर के केंद्राध्यक्षों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य ही केंद्राध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। परीक्षा के दौरान प्रत्येक पाली में उपस्थित और अनुपस्थित परीक्षार्थियों का विवरण परीक्षा समाप्ति के आधे घंटे पूर्व विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। प्रश्नपत्र सीसीटीवी कैमरे (वॉयस रिकॉर्डर सहित) की निगरानी में केंद्राध्यक्ष और दो कक्ष निरीक्षकों के हस्ताक्षर के बाद ही खोले जाएंगे। नकल की पुष्टि होने पर संबंधित महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संबंधित विषय की परीक्षा निरस्त कर केंद्राध्यक्ष के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कक्ष में न्यूनतम दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, बड़े कक्षों में इनकी संख्या अधिक होगी। सभी कैमरों में वॉयस रिकॉर्डर होना अनिवार्य है। परीक्षा अवधि की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग संरक्षित रखी जाएगी और विश्वविद्यालय आवश्यकता पड़ने पर किसी भी तिथि या पाली की रिकॉर्डिंग मांग सकता है। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि परीक्षा की निगरानी हेतु जिलेवार उड़नदस्ता टीमों का गठन किया जाएगा, जो नियमित रूप से केंद्रों का भ्रमण करेंगी। सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं और प्रश्नपत्र कड़ी सुरक्षा के बीच भेजे जा रहे हैं, जिन्हें केंद्राध्यक्ष की निगरानी में सुरक्षित रखा जाएगा।
अयोध्या जिले के रुदौली क्षेत्र में 84 कोसी परिक्रमा के अवसर पर लाला राम कुमार इंटर कॉलेज, पटरंगा में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने पहुंचकर श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भक्ति और उत्साह के माहौल में डूबा रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामचंद्र यादव ने 84 कोसी परिक्रमा को सनातन संस्कृति की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि यह परिक्रमा समाज को एकता, समर्पण और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। धार्मिक मान्यता: परिक्रमा से मिलती है पापों से मुक्ति विधायक ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार 84 कोसी परिक्रमा करने से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर साल हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं संग किया भोजन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा कार्यक्रम के दौरान विधायक ने श्रद्धालुओं के साथ बैठकर भोजन किया और परिक्रमा मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं और अनुभवों की जानकारी ली।साथ ही मेडिकल कैंप का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि किसी भी श्रद्धालु को इलाज में असुविधा न हो। ‘श्रद्धालुओं की सेवा सबसे बड़ा पुण्य’ विधायक ने प्रशासन और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। सभी को मिलकर इस आयोजन को सफल बनाना चाहिए। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए मंगलमय भविष्य की प्रार्थना की।
बदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे दो सगे भाइयों की तलाश में देर रात तक चला राहत-बचाव अभियान अंधेरा होने के कारण रोक दिया गया। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है और सुबह होते ही दोबारा तलाशी अभियान शुरू करेगी। देर रात एसडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन रोशनी की कमी और गंगा के तेज बहाव के कारण रात में सफलता नहीं मिल सकी। एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर दिन निकलने के साथ ही लापता हुए दोनों सगे भाइयों, केशव और पिंटू, का पता लगाने के लिए एक बार फिर सघन तलाशी अभियान चलाएंगे। एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और रोशनी होते ही सर्च ऑपरेशन तेज किया जाएगा। यह घटना उसहैत क्षेत्र के खजुरा नगला पुख्ता गांव में हुई। पांच बच्चे—केशव (11), पिंटू (9), सिंकू (13), अखिलेश (8) और विकास (11)—गंगा में नहाने उतरे थे। नहाते समय वे सभी तेज बहाव की चपेट में आ गए और डूबने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और अखिलेश को नदी से बाहर निकाला, लेकिन उसकी मौत हो गई। सिंकू और विकास को गंभीर हालत में बचा लिया गया। हालांकि, सगे भाई केशव और पिंटू अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
सिद्धार्थनगर के युवा रंगकर्मी विजित सिंह को लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्मानित किया। उन्हें भारतेन्दु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में प्रदेश की 15 विशिष्ट विभूतियों में चुना गया। यह सम्मान सिद्धार्थनगर की सांस्कृतिक विरासत और रंगमंचीय परंपरा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अकादमी की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर यह समारोह आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से चुनिंदा कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक हस्तियों को आमंत्रित किया गया। इन विभूतियों ने समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। समारोह में रंगमंच की परंपरा, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक अभिव्यक्ति पर भी चर्चा हुई। विजित सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद रंगमंच के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। वे लंबे समय से अभिनय, निर्देशन, पटकथा लेखन और मंच संचालन में सक्रिय हैं। उन्होंने सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को मंच पर प्रस्तुत किया है। उनकी प्रस्तुतियाँ सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं और समसामयिक मुद्दों पर केंद्रित होती हैं। इन नाटकों और प्रस्तुतियों को स्थानीय तथा प्रदेश स्तर पर सराहना मिली है। विजित सिंह रंगमंच को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं मानते, बल्कि इसे समाज में जागरूकता लाने और सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त मंच मानते हैं। विजित सिंह की यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सिद्धार्थनगर जैसे सीमांत जनपद में संसाधनों की कमी के बावजूद रंगकर्म को जीवित रखना और उसे आगे बढ़ाना आसान नहीं होता। इसके बावजूद उन्होंने अपनी लगन, मेहनत और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता से यह साबित किया कि प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। राज्यपाल के हाथों प्राप्त यह सम्मान उनके अब तक के रचनात्मक और सांस्कृतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। यह सम्मान न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित भी करेगा। साथ ही, यह उपलब्धि जनपद के अन्य युवा कलाकारों, रंगकर्मियों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी। सांस्कृतिक और साहित्यिक जगत से जुड़े लोगों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान वास्तव में उस सतत साधना, समर्पण और संघर्ष का सम्मान है, जो वर्षों से रंगमंच और कला के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है। उनका मानना है कि विजित सिंह की सफलता से सिद्धार्थनगर में रंगमंचीय गतिविधियों को नई गति मिलेगी और आने वाले समय में यहां से और भी प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी। जनपद के बुद्धिजीवियों, कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने भी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह क्षण सिद्धार्थनगर की सांस्कृतिक पहचान को प्रदेश स्तर पर मजबूती प्रदान करने वाला है। विजित सिंह ने अपनी उपलब्धि से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि समर्पण सच्चा हो और लक्ष्य स्पष्ट, तो छोटे जनपद से भी बड़ी पहचान बनाई जा सकती है।
गाजियाबाद में धूप खिली, मौसम साफ:पिछले 5 दिनों से लगातार बढ़ रहा तापमान, 34 डिग्री पहुंचा पारा
गाजियाबाद में आज सोमवार को मौसम साफ है। आज भी तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। आधा अप्रैल माह बीतने को है। सुबह के समय न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री पहुंचने का अनुमान है। हवा की गति आज 12 किमी प्रति घंटा से है। दोपहर के समय बीच बीच में हवा के तेज झोंको का भी सामना करना पडे़गा। लगातार बढ़ रहा तापमान 20 मार्च से लेकर 8 अप्रैल तक लगातार बारिश जैसा मौसम रहा। जहां 10 बाद मौसम बदला। इससे तापमान में गिरावट के साथ मौसम में नमी आई, लगातार बारिश से फसलों को भी नुकसान हुआ। पिछले 5 दिनों से मौसम में राहत मिलते हुए मौसम साफ हुआ है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार गाजियाबाद और आसपास के जिलों में अप्रैल माह में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। सुबह के समय मौसम में नमी पिछले 24 घंटे में मौसम साफ रहा है। जहां तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई है। दिन का औसत तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ा, रविवार सुबह तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से धूप खिली और तेज गति से हवा रही। दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति अधिक तेज रही। पिछले 5 दिनों से लगातार तापमान बढ़ रहा है।
प्रयागराज के कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल में जून से हृदय रोगियों को एआई कैथ लैब की हाईटेक सुविधा मिलने लगेगी। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह कैथ लैब हाई डेफिनिशन थ्रीडी इमेजिंग से ब्लॉकेज की सटीक पहचान करेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त यह सिस्टम मैन्युअल त्रुटियों और विकिरण जोखिम को कम करेगा। देश में यह तीसरी और उत्तर प्रदेश की पहली एआई कैथ लैब होगी। अस्पताल परिसर में कैथ लैब के लिए अलग रिकवरी रूम तैयार किया जा रहा है। यहां मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्सरे जैसी रेडियोलॉजी जांचें एक ही जगह मिलेंगी। इससे मरीजों को अस्पताल के कोने-कोने चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिकवरी रूम का काम शुरू हो चुका है, जबकि एआई कैथ लैब पहले ही तैयार है। AI कैथ लैब की खासियत यह कैथ लैब गैन्ट्री की सुगम गति से ऑपरेशन में लचीलापन देगी। पीसीआई असिस्ट जैसी उन्नत सुविधाओं से इमेज क्वालिटी बेहतर होगी, जिससे स्टेंट लगाने में अधिक सटीकता आएगी। स्मार्ट सॉफ्टवेयर प्रक्रिया के दौरान असमानताओं का पता लगाकर रोगियों को सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करेगा। युद्ध के कारण एक माह पहले पहुंची मशीन अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध की वजह से मशीन निर्धारित समय से एक माह पहले पहुंच गई। जर्मनी से मई में समुद्री मार्ग से आने वाली यह मशीन 29 मार्च को हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंची। रिकवरी रूम तैयार होते ही संचालन शुरू हो जाएगा। निदेशक बोले- उपचार होगा और बेहतर हरिओम सिंह, निदेशक कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल ने बताया कि एआई कैथ लैब से हृदय रोगियों का इलाज अब पहले से कहीं बेहतर होगा। मशीन इंस्टॉल हो चुकी है, जल्द ही सेवा शुरू कर दी जाएगी।
भदोही यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाएं कम करने के उद्देश्य से शहर के प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ब्लैक फिल्म और गलत/बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में और क्षेत्राधिकारी यातायात राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। यातायात प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने पर्याप्त पुलिस बल के साथ इस चेकिंग को अंजाम दिया। अभियान के तहत कुल 238 वाहनों का चालान किया गया, जिनमें 214 दोपहिया और 24 चार पहिया वाहन शामिल थे। इन उल्लंघनों के लिए कुल 2 लाख 53 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने और सुरक्षित रहने की सलाह भी दी। यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। इनमें दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग करने की सलाह दी गई। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर प्लेट, ओवर स्पीड, ब्लैक फिल्म, स्टंटबाजी, हूटर या मोडिफाइड साइलेंसर का उपयोग न करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने के लिए भी कहा गया। पुलिस ने नियंत्रित गति से और सड़क पर बाईं ओर चलने का भी आग्रह किया।
सीतापुर के बिसवां थाना क्षेत्र के शहरूवा गांव में एक युवती द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में युवती को इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, शहरूवा गांव निवासी प्रीति की शादी करीब छह महीने पहले मानपुर क्षेत्र के रहने वाले युवक बीरू के साथ तय हुई थी। शुरुआत में शादी तय करते समय लड़के पक्ष की ओर से किसी प्रकार की दहेज मांग नहीं की गई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि जैसे-जैसे शादी की तारीख 14 मई नजदीक आती जा रही है, मंगेतर और उसके परिवार द्वारा दहेज की मांग की जाने लगी, जिससे युवती मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। बताया जा रहा है कि बीती रात प्रीति घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसकी मंगेतर से फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद उसने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। घर के अंदर खेल रहे बच्चों ने जब उसे फंदे से लटकता देखा तो शोर मचाया। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे नीचे उतारकर उसकी जान बचाई। घटना के बाद परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। पीड़िता की मां ने मंगेतर और उसके परिवार पर दहेज की मांग करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक आशुतोष का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संत कबीर नगर जिले के डीएम आलोक कुमार ने जनपद की तीनों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल में अरुण कुमार को दो साल बाद दोबारा मेंहदावल का एसडीएम नियुक्त किया गया है। वह पहले भी मेंहदावल के एसडीएम रह चुके हैं। हृदयनारायण तिवारी को खलीलाबाद का एसडीएम बनाया गया है, जबकि रविकांत चौबे को धनघटा तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, संजीव कुमार राय को उपजिलाधिकारी न्यायिक का पदभार दिया गया है। सुनील कुमार को मेंहदावल में उपजिलाधिकारी न्यायिक की जिम्मेदारी मिली है। नायब तहसीलदारों में प्रियंका तिवारी को मेंहदावल, राजेश मिश्रा को धनघटा, हरेराम यादव को खलीलाबाद और प्रेम नारायण को भी खलीलाबाद में नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के छोटेबेठिया इलाके के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। जिसमें एक महिला नक्सली को ढेर कर दिया गया है। मारी गई नक्सली की पहचान वांटेड ACM (एरिया कमेटी मेंबर) रूपी रेड्डी के रूप में हुई है। वो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थी। मौके से शव के साथ एक पिस्टल बरामद हुआ है। पुलिस की तरफ से उसे लगातार सरेंडर करने के लिए कहा जा रहा था, लेकिन वह सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में शामिल रही। बस्तर क्षेत्र में बड़े कैडर के ज्यादातर नक्सलियों के मारे जाने या सरेंडर के बाद वह प्रमुख सक्रिय कैडर में से एक मानी जा रही थी। सर्चिंग पर निकली थी टीम पुलिस को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद तड़के 4 से 5 बजे सुरक्षाबलों ने छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माछपल्ली के जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि मुठभेड़ खत्म होने के बाद मौके से महिला नक्सली रूपी का शव बरामद किया गया। कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। फिलहाल, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस बाकी नक्सलियों की तलाश में जुटी हुई है। विजय रेड्डी की थी पत्नी महिला नक्सली रूपी स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) विजय रेड्डी की पत्नी थी। विजय रेड्डी राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। विजय रेड्डी की पत्नी रूपी ही उत्तर बस्तर कांकेर में नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने से रोक रही थी। डेडलाइन के दिन 25 नक्सलियों का सरेंडर नक्सली खात्मे की डेडलाइन (31 मार्च) को नक्सलियों का छिपाया हुआ 14 करोड़ का माल मिला था। बीजापुर में 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इनसे मिले इनपुट के बाद ही 3 करोड़ कैश और 7 किलो गोल्ड बरामद हुआ। इसे अब तक का सबसे बड़ा डंप माना जा रहा है। इसी तरह 4 जिलों में 34 नक्सलियों ने हथियार डाले थे। इसमें दंतेवाड़ा में 5, सुकमा में 2 और कांकेर में 2 नक्सली शामिल थे। पुलिस ने दंतेवाड़ा जिले को नक्सल मुक्त होने का दावा किया है। वहीं, सक्रिय नक्सलियों से पुलिस संपर्क करने की कोशिश कर रही है। शाह ने कहा था- देश से नक्सलवाद खत्म गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद खात्मे के डेडलाइन 31 मार्च से एक दिन पहले संसद में करीब डेढ़ घंटे के भाषण में कहा था कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था, उसे हासिल कर लिया गया है। अब पूरे विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि देश से नक्सलवाद खत्म हो गया है। शाह के मुताबिक, नक्सली हिंसा में भारी गिरावट आई है और देश के अधिकांश हिस्सों में इसका प्रभाव समाप्त हो चुका है। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रमन्ना ने संगठन में भर्ती कराया, 131 जवान-नागरिकों की हत्या:पापाराव बोला- जिनके घर उजाड़े, उनसे माफी मांगूंगा, कर्मा-मंडावी हत्याकांड के खोले राज बस्तर में नक्सल आतंक का चेहरा रहा पापाराव अब सरेंडर कर चुका है। सरेंडर के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में उसने माना कि रास्ता गलत था। पापाराव ने कहा कि, जिन परिवारों ने अपनों को खोया, उनसे माफी मांगना चाहता हूं। पढ़ें पूरी खबर…
रामगढ़ जिले के बासल थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बलकुदरा सियारी टोला स्थित होटल साई रेसीडेंसी (द रॉयल फिस्ट रेस्टोरेंट) में छापेमारी कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर जब्त की है। मामले में होटल मालिक समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, बासल थाना प्रभारी कैलाश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल में अवैध रूप से शराब का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने रात्रि गश्ती दल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर होटल में छापेमारी शुरू कर दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान पुलिस पर हमला, आरोपी फरार छापेमारी के दौरान पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी मौके से फरार होने लगे। इस क्रम में थाना प्रभारी कैलाश कुमार ने एक आरोपी विशाल साव को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसने खुद को छुड़ाने के लिए पुलिस अधिकारी पर हमला कर दिया। बताया गया कि विशाल साव ने थाना प्रभारी को गेट में फंसाकर उनके बाएं हाथ और कलाई को घायल कर दिया। साथ ही उनकी महंगी घड़ी भी तोड़ दी और धक्का देकर फरार हो गया। इस मामले में बासल थाना कांड संख्या 04/2026 के तहत दुकान मालिक राजेश साव (55 वर्ष), संजू साव (26 वर्ष) और विशाल साव (22 वर्ष) के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और एक्साइज एक्ट की धारा 47(A) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। स्टाफ की निशानदेही पर शराब बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल के स्टाफ संतोष रजक (29 वर्ष, निवासी झालदा, जिला पुरुलिया, पश्चिम बंगाल) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर होटल की सीढ़ी के पास रखे फ्रिज और अलमारी से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहे हैं और वर्तमान में फरार हैं। पुलिस टीम लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अम्बेडकरनगर के जलालपुर में लाठी-डंडों से हुए हमले में मां-बेटे सहित तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में एक दंपती सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मारपीट की यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कैद हुई है। यह घटना जलालपुर के जगदीशपुर कपिलेश्वर दौलतपुर गांव की है। पीड़ित सुमन यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपने घर पर मौजूद थीं, तभी गांव के धर्मेंद्र यादव, उनकी पत्नी शशिकला, सुनीता, सीमा और पूनम उनके घर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए सुमन पर लाठी से हमला किया। महिलाओं ने उन्हें घर से घसीटकर सड़क पर गिरा दिया और लाठी-डंडों, लात-घूंसों से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हमले में सुमन के ससुर राममिलन यादव के हाथ में भी चोट आई, जब धर्मेंद्र यादव ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। इसके अतिरिक्त, सुमन के पुत्र क्रिंजल का गला दबाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। सुमन यादव की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। कोतवाल अजय प्रताप सिंह यादव ने बताया कि पांच आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें मारपीट की पूरी वारदात कैद है।
मप्र के सहकारिता एवं खेल मंत्री विश्वास सारंग रविवार रात को अल्प प्रवास पर नर्मदापुरम पहुंचे। खेल मंत्री ने दादा कुटी पहुंचकर वहां पूजन की। फिर उन्होंने एक अत्याधुनिक खेल परिसर (Multisports Turf Cafe) का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में खेल मंत्री सारंग ने हर व्यक्ति के लिए खेल के महत्व को बताया। उन्होंने कहा मैंने एक किताब में पढ़ा था कि शिकागो सम्मेलन से लौटकर आने के बाद विवेकानंद जी के पास कुछ युवा पहुंचे और बोले कि हम चाहते है कि आपके जैसे मार्ग पर चले, भगवा पहन संन्यास लेना चाहते है। सनातन का परचम लहराकर देश को विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाएं। विवेकानंद मुस्कुराएं बोले कि भारत देश को बड़ा बनाना चाहते हो तो उसके लिए भगवा धारण, संन्यास लेने की जरूरत नहीं, वो सामने फुटबॉल का मैदान पड़ा है। वहां जाओ, खेलों, अपने शरीर, मन, मस्तिष्क को ठीक करो। इस देश का नागरिक, युवा शारीरिक, मानसिक रूप से सुदृढ़ होगा, तभी यह भारत बड़ा देश बनेगा। खेल मंत्री ने कहा खेल किसी व्यक्ति को समाज के सुव्यवस्थित नागरिक बनाने की एक प्रक्रिया है। हर एक व्यक्ति, समाज का हर एक अंग खेल से जुड़े। हिंदुस्तान को हिट करना है तो फिट करना होगा। फिटनेस के दौर में आज हम सभी तेज गति से आगे बढ़े। यही हमारा संकल्प होना चाहिए़। खेल मंत्री ने लोकार्पण के साथ ही बैटिंग भी की। इस दौरान सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक विजयपाल सिंह, आचार्य पंडित सोमेश परसाई, आध्यात्मिक गुरु सांई बल्लभदास, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव, पूर्व विधायक सविता दीवान, जनपद अध्यक्ष, भूपेन्द्र चौंकाने सहित अन्य उपस्थित रहे।
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत:कानपुर देहात में मजनू शाह मजार के पास हुआ हादसा
कानपुर देहात के अकबरपुर-रूरा रोड पर मजनू शाह मजार के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 12 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि को हुई, जब एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस को डायल 112 के माध्यम से हादसे की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने एक क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल (UP 78 GZ 0761) और उसके पास गंभीर रूप से घायल युवक को देखा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक की मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला। घटनास्थल पर अंधेरा होने के कारण हादसे की सटीक परिस्थितियों का तत्काल पता नहीं चल सका है। मृतक की पहचान उसके आधार कार्ड से हुई है। उसकी पहचान जगनेश पुत्र हरनाम, निवासी राजपुर, मवाई माधो बड़ा दौलतपुर, कानपुर नगर के रूप में की गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे जिला अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संभावित मार्गों पर भी जांच जारी है।
अलवर जिले के खेड़ली क्षेत्र में बाइक सवार दो युवकों को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सौंखरी गांव निवासी अतर सिंह (28) और वीर सिंह (22) अपने अन्य दोस्तों के साथ धोलागढ़ देवी के दर्शन के लिए मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बसेठ और नूनिया के बीच एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को तुरंत उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने वीर सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं अतर सिंह की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को मोर्च्यूरी में रखवाया है, जिसकी पंचनामा कार्यवाई जारी है। वीर सिंह और उसके साथियों ने धौलागढ़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सौंखरी गांव में धर्मार्थ प्याऊ भी लगाई थी। उसके समापन के बाद सभी दोस्त दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने एक राहगीर की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। विक्रम योगी नामक व्यक्ति, जो अपने परिवार के साथ धोलागढ़ देवी के मेले में जा रहा था, उसकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन करने पहुंची पुलिस टीम को परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर मौके से फरार हो गया। पुलिस को बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा, जबकि इलाके में पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की चर्चा रही। जानकारी के अनुसार, नागापुर तिलौरी गांव निवासी अब्दुल हकीक हत्या, लूट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर है। रविवार को तीन सिपाही उसके सत्यापन के लिए उसके घर पहुंचे, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पता चला कि वह पास के शकूहाबाद गांव में मकान निर्माण करा रहा था। पुलिस टीम जब शकूहाबाद गांव पहुंची, तो उन्होंने हकीक को पकड़ लिया और उसे घर से बाहर लाने लगे। इसी दौरान उसके परिजन वहां पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से उलझ गए। विवाद के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसका फायदा उठाकर हकीक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बैकुंठनाथ पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी भाग चुका था। घटना के बाद इलाके में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की चर्चा फैल गई, हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है। इस मामले में सिपाही बाबूलाल यादव की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर अब्दुल हकीक और उसके परिजनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस नियमित सत्यापन के लिए गई थी और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में एक महिला के शव मिलने के चार दिन बाद भी पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पाई है। इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना बीते गुरुवार को लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के स्थित मदारपुर गांव के बाहर सड़क किनारे सामने आई। यहां एक करीब 32 वर्षीय महिला का शव बरामद हुआ था। शव की स्थिति गंभीर थी; महिला के हाथ बंधे हुए थे, शरीर पर चोटों के निशान थे और उसे खून से लथपथ हालत में एक बोरी से ढका गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और उसकी पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए। हालांकि, चार दिन बीत जाने के बाद भी मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस टीमें आसपास के गांवों, थानों और अन्य जनपदों में महिला की तस्वीरें भेजकर जानकारी जुटा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। 3 तस्वीरें देखिए- महिला कहां की, कैसे वहां पहुंची; नहीं पता जांच के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की है। आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि महिला कहां की है, वहां कैसे पहुंची और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं। इन प्रयासों के बावजूद, जांच अभी तक किसी निर्णायक दिशा में नहीं बढ़ पाई है। पुलिस इस हत्याकांड को विभिन्न कोणों से देख रही है। प्रारंभिक आशंकाओं में प्रेम प्रसंग, अवैध संबंध, पुरानी रंजिश या दुष्कर्म के बाद हत्या जैसी संभावनाएं शामिल हैं। हालांकि, जब तक मृतका की पहचान नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। फिलहाल, पुलिस टीमें इस मामले का खुलासा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन यह सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी अभी भी अनसुलझी बनी हुई है। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ में खून से सनी महिला की लाश मिली : हाथ बंधे हुए, सिर पर गहरी चोट; लोगों ने पहचानने से इन्कार किया लखनऊ के काकोरी में गुरुवार सुबह एक महिला की खून से सनी लाश मिली। लाश के हाथ बंधे हुए हैं। सिर पर चोट के निशान हैं। लाश पर एक कपड़ा डाला हुआ है जिस पर खून ही खून है। गांववालों ने डेडबॉडी को पहचानने से इन्कार कर दिया। पुलिस का कहना है कि शव की शिनाख्त कराई जा रही है। (पूरी खबर पढ़िए)
हरियाणा के करनाल में रविवार देर रात पुलिस ने 2 बदमाशों का एनकाउंटर कर दिया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। इसके जवाब में जब पुलिस ने फायर किया तो दो बदमाशों की टांग में गोली लगी, जबकि एक गोली पुलिसकर्मी की छाती में लगी। हालांकि, बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के चलते उनकी जान बच गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घायल हालत में काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने दोनों के पास से दो अवैध पिस्टल और 100 से ज्यादा गोलियां और एक बाइक बरामद की है। सूत्रों की माने तो दोनों बदमाशों के संबंध दीपक नांदल गैंग से हो सकते है। पुलिस ने मधुबन थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… दोनों बदमाशों की पहचान मधुबन थाना क्षेत्र के बजीदा जाटान रोड पर पकड़े गए बदमाशों की पहचान सोनीपत जिला के गांव जाजल निवासी रौनक पुत्र सूरज और गांव गढ़ मलिकपुर निवासी इमरान पुत्र अली हसन के रूप में हुई है। रौनक की बाईं टांग और इमरान की दाईं टांग में गोली लगी है। दोनों को तुरंत करनाल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों बदमाशों के तार दीपक नांदल गैंग से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है और पूछताछ के दौरान गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। रिमांड पर लेने के बाद होगी पूछताछ सब इंस्पेक्टर लछमण सिंह ने बताया कि आरोपियों के ठीक होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि अवैध हथियार कहां से लाए गए और किस वारदात को अंजाम देने की योजना थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलहारी गांव के रहने वाले 40 वर्षीय खाद विक्रेता आनंद पांडेय की देर रात हत्या कर दी गई। यह घटना धानेपुर थाना क्षेत्र के न्यू मेडी लाइफ अस्पताल एवं ड्रामा सेंटर, बग्गी रोड पर हुई। आनंद पांडेय अपने भांजे के विवाद को सुलझाने अस्पताल पहुंचे थे, जहां मारपीट के दौरान उनके गले पर चाकू से वार कर दिया गया। चाकू के वार से 40 वर्षीय आनंद पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई। धानेपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिजनों की तहरीर पर मुख्य आरोपी अनुपम शुक्ला, अस्पताल संचालक अनिल ओझा समेत पांच नामजद और तीन से चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल, मृतक आनंद पांडेय के भांजे सत्यप्रकाश शुक्ला, जो रमवापुर के निवासी हैं, न्यू मेडी लाइफ अस्पताल में वार्ड बॉय का काम करते थे। आरोपी अनुपम शुक्ला भी उसी अस्पताल में वार्ड बॉय था। विवाद तब शुरू हुआ जब सत्यप्रकाश शुक्ला ने अपनी ड्यूटी पर पहुंचकर देखा कि अनुपम शुक्ला ने दिन की ड्यूटी के दौरान अपना काम पूरा नहीं किया था। इसी बात को लेकर अस्पताल के ग्रुप में दोनों के बीच मैसेज के जरिए बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। देर रात दोनों वार्ड बॉय के बीच कहासुनी बढ़ने लगी, जिसके बाद दोनों ने अपने-अपने परिजनों और रिश्तेदारों को मौके पर बुला लिया था। मामा आनंद पांडेय भी अपने भांजे सत्यप्रकाश के साथ अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान अनुपम शुक्ला और अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया और चाकू से उनके गले पर वार कर उनकी हत्या कर दी। मृतक आनंद पांडेय के परिवार में 18 वर्षीय बेटा उत्कर्ष पांडेय और 15 वर्षीय बेटी श्रुति हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। धानेपुर थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने बताया कि एक लड़का सत्य प्रकाश उर्फ सत्यम शुक्ला था यह न्यू मेडी लाइफ अस्पताल बग्गी रोड धानेपुर में वार्ड बॉय काम करता था। दूसरा युवक अनुपम शुक्ला उर्फ अनूप शुक्ला था ये भी यहीं पर वार्ड बॉय काम करता था। रात्रि में सत्य प्रकाश शुक्ला की ड्यूटी लगी तो अपना स्टोर लाइजेशन का कार्य नहीं किया गया था। उसी बात को लेकर के दिन में ड्यूटी पर तैनात अनुपम उर्फ अनूप द्वारा अस्पताल के ग्रुप पर मैसेज किया गया था इसी बात को लेकर दोनों के बीच रात में विवाद हुआ था दोनों पक्षों द्वारा अपने घर और रिश्तेदारों को बुला लिया गया था इसी दौरान मारपीट की घटना हुई है जिसमें 40 वर्षीय आनंद पांडे जो सत्य प्रकाश शुक्ला उर्फ सत्यम के मामा है उनकी मौत हो गई है। पीड़ित परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी अनुपम शुक्ला उर्फ अनूप, राजन शुक्ला,साजन शुक्ला, अनुपम के पिता और अस्पताल संचालक अनिल और तीन से चार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या मारपीट और गाली गलौज समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है धानेपुर थाने की पुलिस द्वारा पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है।
गर्मियों की छुट्टियों में बढ़ते यात्री भार को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे तीन साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर रहा है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार खातीपुरा-हावड़ा, जोधपुर-आसनसोल और मदार-कोलकाता रूट पर यह ट्रेनें तय तारीखों से सीमित ट्रिप के लिए चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देना है और सभी ट्रेनों के लिए अलग-अलग दिन, समय और स्टॉप तय किए गए हैं। खातीपुरा-हावड़ा ट्रेन 15 अप्रैल से गाड़ी संख्या 09707 खातीपुरा-हावड़ा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 15 अप्रैल से 29 अप्रैल तक 3 ट्रिप के लिए चलेगी। यह ट्रेन हर बुधवार को 17.00 बजे खातीपुरा से रवाना होकर गुरुवार को 22.15 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09708 हावड़ा-खातीपुरा ट्रेन 17 अप्रैल से 1 मई तक 3 ट्रिप चलेगी। यह शुक्रवार को 00.15 बजे हावड़ा से रवाना होकर शनिवार को 11.30 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। खातीपुरा-हावड़ा ट्रेन के स्टॉप यह ट्रेन दौसा, बांदीकुई, भरतपुर, इदगाह, टुंडला, इटावा, गोविंदपुरी, सुबेदारगंज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड, गया, कोडरमा, हजारीबाग रोड, पारसनाथ, गोमो, धनबाद, आसनसोल, दुर्गापुर, खाना जंक्शन, बर्धमान और बैण्डेल स्टेशनों पर रुकेगी। जोधपुर-आसनसोल ट्रेन 14 अप्रैल से गाड़ी संख्या 04819 जोधपुर-आसनसोल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 14 अप्रैल से 28 मई तक 3 ट्रिप के लिए चलाई जाएगी। यह हर मंगलवार को 17.00 बजे जोधपुर से रवाना होकर गुरुवार को 04.55 बजे आसनसोल पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 04820 आसनसोल-जोधपुर ट्रेन 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 3 ट्रिप चलेगी। यह गुरुवार को 07.55 बजे आसनसोल से रवाना होकर शुक्रवार को 18.45 बजे जोधपुर पहुंचेगी। जोधपुर-आसनसोल ट्रेन के स्टॉप यह ट्रेन गोटन, मेडतारोड, डेगाना, मकराना, कुचामन सिटी, नावा सिटी, फुलेरा, जयपुर, बांदीकुई, भरतपुर, इदगाह, टुंडला, इटावा, गोविंदपुरी, सुबेदारगंज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, दानापुर, पटना, फतुहा जंक्शन, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, किऊल, जमुई, झाझा, जसीडीह, मधुपुर और चितरंजन स्टेशनों पर रुकेगी। मदार-कोलकाता ट्रेन 17 अप्रैल से गाड़ी संख्या 09605 मदार-कोलकाता साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 17 अप्रैल से 1 मई तक 3 ट्रिप चलेगी। यह हर शुक्रवार को 10.45 बजे मदार से रवाना होकर शनिवार को 21.50 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09606 कोलकाता-मदार ट्रेन 19 अप्रैल से 3 मई तक 3 ट्रिप के लिए चलाई जाएगी। यह रविवार को 00.50 बजे कोलकाता से रवाना होकर सोमवार को 14.00 बजे मदार पहुंचेगी। मदार-कोलकाता ट्रेन के स्टॉप यह ट्रेन किशनगढ़, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, बांदीकुई, भरतपुर, अछनेरा, इदगाह, टुंडला, इटावा, गोविंदपुरी, सुबेदारगंज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, गया, कोडरमा, धनबाद, आसनसोल, दुर्गापुर, खाना जंक्शन, बर्धमान, बैण्डेल और नैहाटी स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
सीधी शहर के गुलाब टावर के पास रविवार देर रात करीब 12 बजे एक विद्युत पोल में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि आसपास के घरों और दुकानों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पोल की तारें और पूरा पोल जलकर खाक हो गया। पास में स्थित तीन मंजिला गुलाब टावर, जिसमें कपड़ों का बड़ा स्टॉक रखा था, भी आग की चपेट में आने के कगार पर था। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लाखों का नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड और नगर पालिका प्रशासन को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई भी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के, एक युवक ने सीढ़ी के सहारे पोल के पास पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। युवक की बहादुरी और ग्रामीणों के सहयोग से आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और गुलाब टावर सहित आसपास की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। इस मामले पर नगर पालिका की प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं मिली थी, संभवतः सूचना किसी अन्य अधिकारी तक पहुंची होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय निवासी रामभद्र सिंह ने प्रशासनिक लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसी घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन बिजली विभाग, नगर पालिका और फायर ब्रिगेड की टीमें समय पर नहीं पहुंचतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
सीधी में शराब दुकान पर छापा:दुकान के शराब पी रहे थे लोग, ज्यादा रुपए लेने की मिली थी शिकायत
सीधी शहर के पुराने बस स्टैंड स्थित देसी-विदेशी शराब दुकान पर रविवार रात आबकारी विभाग ने छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई ओवररेटिंग, गंदगी और खुले में शराबखोरी रोकने के उद्देश्य से की गई थी। आबकारी अधिकारी एसके सिंह अपनी आठ सदस्यीय टीम के साथ रात करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंचे। टीम ने दुकान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, आबकारी अधिकारी एसके सिंह ने दुकान के लाइसेंसधारी ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी। उन्हें निर्देशित किया गया कि शासन द्वारा निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री न की जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार को दुकान परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। इसमें हर दो घंटे में साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि नागरिकों को असुविधा न हो। साथ ही, दुकान के आसपास खुले में शराब पीने वालों पर नियंत्रण रखने के लिए भी कहा गया है। कार्रवाई के दौरान, दुकान के आसपास चखना और मूंगफली बेचने वाले दुकानदारों को भी समझाइश दी गई। उन्हें निर्देश दिए गए कि वे किसी भी व्यक्ति को दुकान के आसपास खड़े होकर शराब पीने की अनुमति न दें और ऐसे ग्राहकों को सामान न बेचें जो सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन कर रहे हों। आबकारी अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के विवाद या झगड़े की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्ग में निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस (22868) ट्रेन के एसी कोच अटेंडेंट को अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अटेंडेंट यात्रियों को शराब परोसने और अपने साथ बड़ी मात्रा में शराब ले जाने के आरोप में पकड़ा गया। यह कार्रवाई आरपीएफ और आबकारी विभाग ने की है। जानकारी के अनुसार, आरपीएफ दुर्ग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हमसफर एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट अवैध रूप से शराब ले जा रहा है। आरपीएफ पोस्ट दुर्ग के प्रभारी ने तुरंत आबकारी विभाग से संपर्क किया और संयुक्त टीम बनाई। इसके बाद ट्रेन के दुर्ग पहुंचने का इंतजार किया गया। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुई कार्रवाई जैसे ही ट्रेन दुर्ग स्टेशन पहुंची, टीम ने कोच नंबर B-7 में तैनात एसी कोच अटेंडेंट रीमन दास की पहचान कर उसके सामान की जांच की। तलाशी के दौरान उसके बैग से छुपाकर रखी गई विदेशी शराब बरामद हुई। जब उससे इस शराब के संबंध में दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध कागज पेश नहीं कर सका। तलाशी में मिले अलग-अलग ब्रांड के शराब जब्त शराब में 3 फुल बोतल व्हिस्की, 1 फुल बोतल वोडका, 2 क्वार्टर व्हिस्की और 18 कैन बियर शामिल हैं। इस तरह कुल मिलाकर 12.236 बल्क लीटर शराब बरामद की गई। जिसकी कीमत करीब 4,140 रुपए बताई गई है। शराब को जब्त कर लिया गया है और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा आरोपी इस मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को 13 अप्रैल 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह शराब कहां से लाया था और क्या इसमें कोई और लोग भी शामिल हैं। दुर्ग आरपीएफ थाना प्रभारी संजीव सिन्हा ने बताया कि, ट्रेनों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि ट्रेनों में अवैध सामान की तस्करी को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
झारखंड उत्पाद सिपाही नियुक्ति परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले का किंगपिंग कोई और नहीं बल्कि नीट सहित पांच परीक्षाओं के पेपर लीक का आरोपी अतुल वत्स है। वह बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है। इस नियुक्ति परीक्षा का पेपर लीक कर उसने 18 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की जुगत की थी। इसके लिए उसने फुलप्रूफ तैयारी भी की थी। इसके लिए उसने शहर से दूर रड़गांव नाम जगह पर सुनसान इलाके में बन रहे एक नर्सिंग कॉलेज को फर्जीवाड़े का सेंटर बना रखा था। उसने अपने नेटवर्क के जरिए 159 अभ्यर्थियों को इस तरह जाल में फंसाया कि वे लाखों रुपए दांव पर लगाने को तैयार हो गए। गिरोह ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि परीक्षा से पहले उन्हें लीक प्रश्नपत्र और उसके उत्तर रटवाए जाएंगे। इस झांसे में आकर अभ्यर्थियों ने 10 से 15 लाख रुपए तक की डील की। कई से एडवांस में चेक भी लिए गए। अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मिलने का दिया था भरोसा जांच में सामने आया कि गिरोह ने बेहद सुनियोजित तरीके से अभ्यर्थियों को टारगेट किया था। एजेंटों के जरिए संपर्क कर उन्हें ओरिजलन पेपर मिलने का भरोसा दिलाया गया। फिर मोटी रकम तय कर उन्हें इस गुप्त स्थान पर बुलाया गया, जहां फर्जी प्रश्न-उत्तर रटवाकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का सपना दिखाया जा रहा था। अगर पुलिस सही समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो यह गिरोह करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हो जाता। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अतुल वत्स और उसके गैंग ने 159 अभ्यर्थियों को बस में भरकर रड़गांव लाया गया था। वहां उनसे कथित प्रश्न-उत्तर रटवाए जा रहे थे। माफिया ने अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिया था, ताकि कोई बाहरी संपर्क न कर सके और पूरा मिशन गुप्त रहे। लेकिन, इस बार माफियाओं की चाल स्थानीय लोगों की सतर्कता के आगे नहीं टिकी। रड़गांव में अचानक बड़ी संख्या में युवाओं और गाड़ियों की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों को शक हुआ। स्थानीय लोगों को जल्द समझ आ गया कि यहां कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। लोगों ने यहां गतिविधियों का न सिर्फ वीडियो बनाकर सबूत जुटाए, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना भी दी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की। एक पूरी तरह और पांच आंशिक रूप से मिले प्रश्न परीक्षा के प्रश्नपत्र बाहर आने के दावे और परीक्षा होने के बाद जेएसएससी अध्यक्ष प्रशांत कुमार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पेपर लीक के दावों और वास्तवित पेपर के मिलान के बाद केवल एक प्रश्न पूरी तरह और पांच प्रश्न आंशिक रूप से मिले। पेपर तीन में 120 प्रश्नों में से मात्र चार प्रश्न आंशिक रूप से मिले। पेपर दो हिंदी में एक भी प्रश्न नहीं मिला। वहीं खोरठा में एक प्रश्न आंशिक रूप से व एक प्रश्न पूरी तरह मिला। इसमें कुल 55 प्रश्न पूछे गए थे। ये हैं गिरोह के सदस्य इन परीक्षाओं में भी धोखाधड़ी का है आरोपी अतुल वत्स आजीवन बैन की तैयारी इस मामले में जेएसएससी सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। गिरफ्तार अभ्यर्थियों को डिबार किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। संकेत है कि कई अभ्यर्थियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जा सकता है, ताकि इसे नजीर बनाया जा सके। इधर, रांची पुलिस गिरोह के सदस्यों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि क्या इन 159 अभ्यर्थियों के अलावा भी अन्य उम्मीदवारों से ठगी की गई है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जैसलमेर शहर के पास रेवंत सिंह की ढाणी में एक घर के बाथरूम में कोबरा सांप निकल आया। रात में बाथरूम गए युवक ने कमोड की शीट पर सांप देखा तो परिवार ने दरवाजा बंद कर स्नेक कैचर को सूचना दी। मौके पर पहुंचे साहिल खान ने सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा। घटना रात के समय हुई और समय रहते जानकारी मिलने से कोई जनहानि नहीं हुई। बाथरूम में कमोड की शीट पर लिपटा था सांप जानकारी के अनुसार, ढाणी निवासी जुगत सिंह के घर में बीती रात परिवार का एक सदस्य बाथरूम करने के लिए अंदर गया था। जैसे ही उसने लाइट जलाई, कमोड की शीट पर एक काला कोबरा सांप कुंडली मारकर बैठा हुआ दिखाई दिया। सांप को देखते ही युवक के होश उड़ गए और वह तुरंत बाहर भागा। परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया और वन्यजीव प्रेमी व स्नेक कैचर साहिल को फोन पर सूचना दी। रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा सूचना मिलने पर स्नेक कैचर साहिल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक कोबरा को रेस्क्यू कर उसे एक सुरक्षित डिब्बे में बंद किया। इसके बाद सांप को आबादी क्षेत्र से दूर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया, तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। गर्मी में बिलों से बाहर आ रहे सांप स्नेक कैचर साहिल ने बताया कि इन दिनों जैसलमेर में गर्मी का पारा बढ़ रहा है। गर्मी के कारण सांप ठंडी जगह की तलाश में अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया- रात के समय बाथरूम या अंधेरी जगहों पर जाने से पहले लाइट जरूर जलाएं। सांप दिखने पर उसे छेड़ें नहीं और न ही मारने की कोशिश करें और तुरंत विशेषज्ञ या स्नेक कैचर को बुलाएं ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
बाड़मेर में 1 साल से फरार स्थाई वारंटी गिरफ्तार:बार-बार दे रहा था चकमा, घर से दबिश देकर पकड़ा
बाड़मेर जिले में ग्रामीण थाना पुलिस ने एक साल से फरार स्थाई वारंटी ताजाराम को गिरफ्तार किया है। आरोपी नागाणा थाने में दर्ज मामले में वांटेड था और लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। एसपी चूनाराम जाट के निर्देश पर चल रहे अभियान में टीम ने तकनीकी इनपुट और सूचना के आधार पर न्यू कवास स्थित घर पर दबिश देकर उसे पकड़ा। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। लगातार निगरानी के बाद मिली सफलता एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि वांटेड आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा के सुपरविजन में टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व ग्रामीण थानाधिकारी विक्रम चारण कर रहे थे। कई बार पुलिस को दे चुका था चकमा पुलिस टीम ने नागाणा थाने के वांटेड आरोपी ताजाराम पुत्र सोनाराम निवासी कपूरड़ी हाल न्यू कवास को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। आरोपी शातिर तरीके से बार-बार पुलिस से बच निकल रहा था और फरार चल रहा था। तकनीकी इनपुट से घर पर दबिश टीम ने लगातार निगरानी रखने के साथ तकनीकी और मुखबिर सूचना के आधार पर न्यू कवास स्थित उसके घर पर दबिश दी। यहां से आरोपी को डिटेन कर लिया गया। नागाणा थाने को किया सुपुर्द ग्रामीण थाना के एएसआई हरीराम की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई के लिए उसे नागाणा थाने को सुपुर्द कर दिया गया है।
दमोह जिला अस्पताल में रविवार रात एक सड़क हादसे में घायल हुए चार लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल छतरपुर जिले के बक्सवाहा के निवासी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बक्सवाहा निवासी राजाराम लोधी, प्रिंस लोधी, उषा लोधी, दीपा लोधी और दो अन्य लोग दो बाइकों पर सवार होकर बाजार से घर लौट रहे थे। बड़ा टोर के पास सामने से आ रही तीसरी बाइक से उनकी टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद बाइक सवार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक ट्रक से टकरा गए। हादसे में कुल छह लोग घायल हुए। उन्हें तत्काल बक्सवाहा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चार घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बक्सवाहा पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज किए हैं और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है।
सतना के बाबूपुर में रविवार देर रात आदतन अपराधी बालगोविंद चौधरी के नेतृत्व में 50 से अधिक लोगों ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की 153 करोड़ रुपए कीमत वाली जमीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया। स्टे आदेश के बावजूद भूमाफिया इस 34 एकड़ 89 डिसमिल विवादित जमीन को हथियाने की कोशिश कर रहे थे। वर्तमान में स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन वह बिना कोई ठोस कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। स्टे के बावजूद 50 से अधिक लोगों के साथ पहुंचा अपराधी घटना रविवार देर रात की है, जब आदतन अपराधी बालगोविंद चौधरी 50 से अधिक लोगों के साथ सेल की 34 एकड़ 89 डिसमिल विवादित जमीन पर जमा हुआ। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 153 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इन लोगों ने स्टे आदेश के बावजूद बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया, जिसे जमीन कब्जाने की सुनियोजित रणनीति माना जा रहा है। आरोपियों ने धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सहारा लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया है। 5 जनवरी को भी हुई थी कोशिश, अब पुलिस बिना कार्रवाई लौटी स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। हालांकि, टीम ने मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और वापस लौट गई। इससे पहले 5 जनवरी को भी इसी जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई थी, जिसे तब राजस्व विभाग और पुलिस ने मिलकर विफल कर दिया था। लगातार हो रही ये घटनाएं दर्शाती हैं कि भूमाफिया संगठित तरीके से इस बहुमूल्य जमीन को हथियाने की फिराक में हैं। यदि प्रशासनिक अधिकारियों ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में स्थित लटिया नाले के जल्द हालात सुधर सकते हैं। इसे लेकर जल संसाधन विभाग की ओर से काम भी शुरू कर दिया गया है। हाल ही में संसाधन खंड सवाई माधोपुर की टीम द्वारा लटिया नाला के हेड रीच राजबाग से टिंगला तक का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित नाला सुधार एवं सुरक्षा दीवार निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक तकनीकी सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। जल्द बनेगी कार्य योजना अधिशासी इंजीनियर अरुण शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जल प्रवाह की दिशा, संभावित जोखिम क्षेत्रों तथा पूर्व में आई बाढ़ की परिस्थितियों का आकलन करते हुए प्रभावी समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान सहायक इंजीनियर धीरज मीना, कनिष्ठ अभियंता मनोज एवं रोहित भी उपस्थित रहे। लटिया नाले पर बनेगी सुरक्षा दीवार Xen अरूण कुमार ने बताया कि प्रस्तावित नाला सुरक्षा दीवार एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों के माध्यम से जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। जिससे भविष्य में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित कर आसपास के आबादी क्षेत्र एवं कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी मापदंडों के अनुरूप विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन शीघ्र तैयार कर कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ किया जाए। उल्लेखनीय है कि जिले में विगत वर्षों में बरसात के दौरान लटिया नाला क्षेत्र में उत्पन्न बाढ़ की परिस्थितियां पैदा हो गई थी। जिसको ध्यान में रखते हुए जल संसाधन खंड सवाई माधोपुर की टीम ने रविवार शाम को लटिया नाले के हेड रीच राजबाग से ठींगला तक का विस्तृत निरीक्षण किया गया है।
वृंदावन नाव हादसे का चौथा दिन:12 किलोमीटर दूर मिली महिला की लाश, 14 की मौत, 2 अब भी लापता
मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे में अब तक 14 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 2 लोग युवराज (20) और पंकज मल्होत्रा (40 ) अब भी लापता हैं। पंकज हिमांचल में स्टील कंपनी में मैनेजर थे। जबकि युवराज 12 वीं पास की थी। घटना के दिन नाव पर युवराज ढोलक बजा रहा था। सोमवार को चौथे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 250 लोगों की टीम ऑपरेशन में लगी हुई है। अब जांच का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है। आज सुबह भी हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर एक महिला की लाश मिली है। उसकी पहचान मोनिका टंडन के रूप में हुई है। इससे पहले रविवार सुबह दो शव मिले थे। इनकी पहचान पंजाब के दुगरी (लुधियाना) की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई। प्रशासन के मुताबिक, शव फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। रस्सी बांधकर शवों को नाव में खींचा गया और बाहर निकाला। परिजनों ने दोनों की पहचान की। डिंकी BA फाइनल ईयर की छात्रा थी। बीमार पिता के लिए मन्नत मांगने मां और बहन के साथ वृंदावन आई थी। मां की लाश पहले ही बरामद हो चुकी है। बहन की तलाश जारी है। इस बीच, हादसे से पहले के 4 वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें श्रद्धालु ढोलक-मंजीरा बजा रहे हैं। भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारे लगा रहे हैं। 'नजर सांवरे लग न जाए कहीं..' भजन गा रहे हैं। इससे पहले, सर्चिंग अभियान के दूसरे दिन यानी शनिवार को पंजाब निवासी मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास से बरामद हुआ था। उनकी सगाई हो चुकी थी और सितंबर में शादी होनी थी। बेटे की लाश देखकर बुजुर्ग पिता फफक पड़े। शुक्रवार दोपहर 3 बजे 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। हादसा श्री बांके बिहारी मंदिर से 2 किमी दूर केसी घाट पर हुआ था। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। पप्पू ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। तस्वीरें देखिए- कैसे हुआ हादसा? जान लीजिए- हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई। घटना से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 5 साल की बच्ची से रेप और हत्या की कोशिश मामले में रविवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। उतई थाने के सामने मिनी माता चौक पर प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए, जब कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर खींचतान हुई। पुतला जलाने के दौरान एक आरक्षक आग की चपेट में आकर झुलस गया। जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्ता अपने साथ गृहमंत्री के 3 पुतले लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने पहले ही दो पुतलों को छीनकर नष्ट कर दिया था, जिससे पुतला दहन न हो सके। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले से ही योजना बनाकर एक और पुतला अलग गाड़ी में छिपाकर रखा था। जैसे ही मौका मिला, कार्यकर्ताओं ने अचानक उस पुतले पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिससे गृहमंत्री का पुतला जलकर नाली में गिर गया। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने पुतला के ऊपर पानी और रेत डालकर आग बुझाया। वहीं इस मामले में छग महार समाज की ओर से आरोपी के घर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर पुलिस के पास आवेदन दिया गया है। देखिए प्रदर्शन से जुड़ी कुछ तस्वीरें… 10 प्रतिशत झुलसा आरक्षक, सिविल ड्रेस में था कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुतले को जलने से रोकने की कोशिश कर रहे आरक्षक गिरधर मंडावी आग की चपेट में आ गया। इस प्रदर्शन में वो सिविल में थे। पुतला जलने से रोकने के दौरान उनके कपड़ों में आग लग गई। उन्होंने तुरंत अपनी शर्ट उतारी, लेकिन तब तक उनके हाथ में आग लग चुकी थी। उनका हाथ करीब 10 प्रतिशत तक झुलस गया है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत आग बुझाकर उन्हें बचाया। घायल आरक्षक को पहले उतई के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल उनका सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न यूनिट में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना में एक अन्य पुलिसकर्मी को भी हल्की चोटें आई हैं और उसके कपड़े भी फट गए। आरोपी के खिलाफ पहले हुई थी शिकायत- राकेश ठाकुर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मौके पर कांग्रेस के दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर पहुंचे। राकेश ठाकुर ने कहा कि, 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि, आरोपी शराब का आदी था और इलाके में अवैध शराब बेचने का काम भी करता था। इसके बावजूद उस पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। जिस कारण इतनी बड़ी घटना हो गई।बच्ची को बोरे में भरकर फेंक दिया गया था। लेकिन मोहल्ले के कुछ बच्चों ने बोरे से बाहर निकला उसका पैर देखा और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। जिले में कानून व्यवस्था फेल- कांग्रेस राकेश ठाकुर ने जिले में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि, दुर्ग में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। कुछ समय पहले भी 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति से साफ है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। मामले में आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी इस मामले में पाटन के एसडीओपी अनुप लकड़ा ने बताया कि, उतई थाना क्षेत्र में पुतला दहन का कार्यक्रम था। इस दौरान अचानक पुतला गिरने से आरक्षक गिरधर मंडावी के हाथ में आग लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सख्त से सख्त कार्रवाई हो, घर पर बुलडोजर चले- समाज आरोपी धनेश्वर साहू छग महार-माहरा समाज से है। ऐसे में समाज के लोगों ने आकर आरोपी के कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में समाज की ओर से जिला अध्यक्ष शुभम सिंह और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष, उतई की विमला कामड़े ने कहा कि, आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पुलिस करे। उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाए।
लखनऊ में 65 साल की शांति देवी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बहू शालिनी (26) ने सास की रोटी में जहर मिला दिया था। इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। 24 घंटे में उनकी जान चली गई थी। बेटे के शक के आधार पर बहू पर सख्ती की गई तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। शालिनी ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसका सगे भांजे करन (24) से अफेयर था। सास को यह बात पसंद नहीं थी। वो दोनों को मिलने और बात करने से रोकती थी। इस वजह से 10 दिन पहले भी सास की जान लेने की कोशिश की थी। चाय में कीटनाशक मिला दिया था। लेकिन, सास ने पूरी चाय नहीं पी, बच गई। इसके बाद 5 अप्रैल को उसने आटे में कीटनाशक मिलाकर रोटी बनाई। उसने बताया कि घर के सामने ही नाबालिग चचेरे भांजे का घर है। वो करन का दोस्त है। उससे कीटनाशक मंगवाया करती थी। करन शांति देवी की मौत के बाद से ही फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। शांति देवी की डेडबॉडी को कब्र से निकलवाकर आंतों से विसरा लिया है। मामला काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव का है। इस रिपोर्ट में पढ़िए भांजे से अकेले में मिलने की बात क्या मामा को नहीं पता थी? पता थी तो रोकने के लिए उसने क्या किया? और मामी-भांजे की लवस्टोरी कैसे शुरू हुई… पहले पढ़िए मामी-भांजे की लवस्टोरी और हत्या की साजिश की कहानी मृतक शांति के बेटे मनोज रावत (28) की शालिनी से 4 साल पहले शादी हुई। शादी के एक साल बाद दोनों को बेटा हुआ। सब अच्छा चल रहा था। मनोज का एक भांजा करन इराक में नौकरी करता है। वह इसी साल जनवरी में इराक से लौट आया। जब ननिहाल पहुंचा तो उसका मामी शालिनी से अट्रैक्शन हो गया। दोनों मिलने लगे। फोन पर बातें करने लगे। करन बार-बार ननिहाल आने लगा। उस समय तो रिश्तेदार होने की वजह से किसी को अफेयर की शंका नहीं हुई। इस बीच मनोज ने शालिनी को फोन पर बात करते पकड़ लिया। मनोज ने उसका फोन तोड़ दिया। इस दौरान चचेरे भांजे ने करन का साथ दिया। मनोज के न होने पर करन उसी के फोन पर कॉल करता तो वह मामी शालिनी के पास बात कराने पहुंच जाता। यह बात सास शांति देवी को अखरने लगी। वह अड़ंगा लगाने लगी। इसी वजह से शालिनी ने सास को मार डाला। अब पढ़िए आरोपी के पति की आपबीती- डेढ़ रोटी खाते ही बिगड़ी मां की तबीयतमनोज ने बताया- 5 अप्रैल को मां शांति देवी ने बताया कि रोटी कुछ कड़वी लग रही थी। डेढ़ रोटी खाने के बाद जी मिचलाने लगा। उल्टी होने लगी। मैं भागकर उल्टी की दवा लेकर आया। दवा देने के बाद भी उल्टी नहीं रुकी। बहन के कहने पर जुनाबगंज डॉक्टर के पास ले गए। वहां डॉक्टर ने भर्ती कर लिया। उन्होंने बताया- मां को इंजेक्शन लगाया। दर्द थोड़ा कम हुआ तो मां सो गईं। कुछ देर बाद अचानक से फिर तबियत बिगड़ गई। डॉक्टर ने तुरंत गाड़ी मंगाई और मां को प्रसाद अस्पताल भेजा, जहां 6 अप्रैल को मां की मौत हो गई। इसके बाद उनके शव को लाकर घर के पास दफना दिया गया। पत्नी हर बार अलग बात बता रही थी मनोज ने बताया- मां को दफनाने बाद 6 अप्रैल की रात में घर में बातचीत होने लगी। शालिनी से मां को दी गई रोटी के बारे में पूछा गया। उसने बताया कि मां से बची हुई रोटी बाहर रखी है। मैं बाहर रोटी देखने गया। बाहर रोटी नहीं मिली तो शक हुआ। 7 अप्रैल को रोटी एक पन्नी में लपेटी हुई घर के अंदर रखे मौरंग में मिली। उसके बारे में पूछने पर पत्नी गुमराह करने लगी। मैंने उससे कहा कि कब्र खोदवाकर पोस्टमॉर्टम कराऊंगा, वर्ना सच बताओ क्या हुआ है? इस पर पत्नी ने कहा कि वह कुछ नहीं जानती है। शव का पोस्टमॉर्टम करवा लो। इसके बाद गांव के लोगों को पंचायत बुलाई गई। वहां पर बातचीत हो रही थी तभी चचेरा भांजा आकर बोला कि शालिनी मामी ने दो बार रुपए देकर कीटनाशक दवा मंगवाई थी। इस पर शालिनी से पूछा गया तो उसने कहा कि कीटनाशक नानी के घर भिजवाने के लिए मंगवाया था। मैंने कहा कि तुम्हारी नानी का घर यहां से 2 किलोमीटर ही दूर है। उनको बुलाता हूं, सब क्लियर हो जाएगा। शालिनी घबरा गई। मनोज ने बताया- शालिनी ने सभी के सामने करन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूली। उसके कबूलनामा का लोगों ने वीडियो बना लिया। मामले की पुलिस से शिकायत की। 10 अप्रैल को शालिनी और भांजे करन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने शालिनी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद 11 अप्रैल को कब्र से शव निकाला।
लखनऊ में UPI से 9 लाख रुपए पार किए:रिटायर्ड महिला डॉक्टर के 3 बैंक खातों से रकम साफ, OTP भी नहीं आया
लखनऊ के इन्द्रानगर इलाके में रहने वाली एक रिटायर्ड डॉक्टर के तीन अलग-अलग बैंक खातों से करीब 9 लाख रुपए पार कर दिए गए। पीड़िता का आरोप है कि वो UPI इस्तेमाल नहीं करतीं और न ही किसी तरह का OTP या बैंक मैसेज उनके मोबाइल पर आया। पीड़िता डॉ. राधारानी गुप्ता (सेवानिवृत्त) 6 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक, इंदिरानगर शाखा पहुंचीं। यहां उन्हें पता चला कि पेंशन तो आ चुकी है, लेकिन खाते में सिर्फ 470 रुपए बचे हैं। जांच में सामने आया कि 24 मार्च से 5 अप्रैल के बीच करीब 6.5 लाख रुपये UPI के जरिए निकाल लिए गए। दो और बैंकों से भी 2.5 लाख उड़ाए अगले दिन जब उन्होंने ICICI बैंक, इंदिरानगर और इंडियन ओवरसीज बैंक, गोलागंज स्थित खातों की जानकारी ली, तो वहां से भी करीब 2.5 लाख रुपये निकलने का खुलासा हुआ। इस तरह कुल ठगी करीब 9 लाख रुपये की हो गई। न OTP, न अलर्ट… कैसे हुआ ट्रांजेक्शन? पीड़िता का कहना है कि उन्होंने कभी UPI का इस्तेमाल नहीं किया। उनके मोबाइल पर न तो कोई OTP आया और न ही ट्रांजेक्शन से जुड़ा कोई मैसेज। ऐसे में बैंकिंग सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। डॉ. गुप्ता ने तीनों बैंकों के ब्रांच मैनेजर को लिखित शिकायत दी है। साथ ही इन्द्रानगर थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया है।
चंडीगढ़ में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। शहर में 2,998 सरकारी मकानों तक पीएनजी पाइपलाइन पहुंचा दी गई है और पहला चरण लगभग पूरा होने के करीब है। अब अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। सेक्टरों में ऐसे हुआ पीएनजी कनेक्शन का विस्तारप्रशासन के अनुसार शहर के विभिन्न सेक्टरों में सरकारी मकानों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन पहुंचाने का काम तेजी से किया गया है। इस परियोजना के तहत सबसे अधिक कनेक्शन सेक्टर-47 में दिए गए हैं, जहां 1,573 सरकारी मकानों को पीएनजी सुविधा से जोड़ा गया है। इसके बाद सेक्टर-33 में 521 मकान, सेक्टर-43 में 344 मकान और सेक्टर-35 में 328 मकानों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। वहीं सेक्टर-11 में 138 और सेक्टर-44 में 94 सरकारी मकानों तक पीएनजी पाइपलाइन पहुंचाई गई है। इस प्रकार कुल 2,998 सरकारी आवासों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को स्वच्छ, सुरक्षित और निरंतर गैस आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। इस परियोजना के तहत प्रशासन और गैस कंपनी की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से तय की गई हैं, ताकि कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें। ये होगी प्रशासन की जिम्मेदारी इस परियोजना में प्रशासन की भूमिका अहम रखी गई है, जिसके तहत सबसे पहले प्रशासन द्वारा सरकारी मकानों का पूरा विवरण गैस कंपनी को उपलब्ध कराया जाता है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन-किन क्षेत्रों और घरों तक पाइपलाइन पहुंचानी है। इसके साथ ही योजना तैयार करने से लेकर उसके क्रियान्वयन तक प्रशासन सक्रिय सहयोग करता है। काम तय समय सीमा में और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके। इसके अलावा, शहर में विभिन्न स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक अनुमतियां भी प्रशासन द्वारा ही प्रदान की जाती हैं, ताकि कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और परियोजना को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके। ये गैस कंपनी की जिम्मेदारी इस परियोजना के तहत गैस कंपनी की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। कंपनी उपभोक्ताओं को समय पर और सुचारू सेवा उपलब्ध कराएगी, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही पूरे पीएनजी नेटवर्क का नियमित रखरखाव करना भी कंपनी की जिम्मेदारी होगी। इससे गैस सप्लाई लगातार और सुरक्षित बनी रहे। इसके अलावा उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक गैस खपत के आधार पर ही बिल जारी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को सही भुगतान करना पड़े। PNG को एलपीजी के मुकाबले सुरक्षितपीएनजी को एलपीजी के मुकाबले बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। यह एक साफ और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जिससे प्रदूषण कम होता है। सुरक्षा के लिहाज से भी यह एलपीजी से अधिक सुरक्षित है और इसमें चोरी या गैस लीकेज की संभावना बेहद कम रहती है। सिलेंडर खत्म होने जैसी समस्या नहींपीएनजी की सप्लाई 24 घंटे उपलब्ध रहती है, जिससे सिलेंडर खत्म होने जैसी समस्या नहीं होती। इसके साथ ही गैस को अलग से स्टोर करने की जरूरत नहीं पड़ती और उपभोक्ताओं को आसान बिल भुगतान की सुविधा भी मिलती है। पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगाप्रशासन के अनुसार शहर के अन्य इलाकों में भी चरणबद्ध तरीके से पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इससे आने वाले समय में न केवल सरकारी बल्कि निजी आवासों को भी इसका लाभ मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना शहर को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लोगों को सस्ती, सुरक्षित और लगातार गैस सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
अशोकनगर शहर में टीईटी (TET) परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को लेकर रविवार रात शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर मशाल जुलूस निकाला। अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर महिला-पुरुष शिक्षकों ने गांधी पार्क से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। वर्तमान में शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि वे 18 अप्रैल को भोपाल में प्रस्तावित 'भरो आंदोलन' के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। गांधी पार्क से शुरू होकर वापस वहीं हुआ समाप्त अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार रात महिला और पुरुष शिक्षकों ने शहर में विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस गांधी पार्क से शुरू होकर स्टेशन रोड और तुलसी पार्क होते हुए वापस गांधी पार्क पर ही समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों ने हाथों में जलती मशालें लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रमुखता से टीईटी परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष बोले- टीईटी शिक्षकों के खिलाफ 'काला कानून' है राज्य अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शिवहरे ने इस प्रदर्शन को शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि, टीईटी शिक्षकों के हितों के खिलाफ 'काला कानून' है और इसे हर हाल में समाप्त कराया जाएगा। वहीं, कार्यकारी जिलाध्यक्ष दिलीप रघुवंशी ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने और निर्णय आने तक टीईटी परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की है। 29 मार्च को बना था मोर्चा, 70 हजार शिक्षक प्रभावित आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भीमसिंह यादव ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेशव्यापी है। टीईटी से प्रदेश के लगभग 70 हजार और देशभर के करीब 25 लाख शिक्षक प्रभावित हैं, जिससे व्यापक असंतोष फैल रहा है। 18 अप्रैल को लाखों शिक्षक भोपाल पहुंचकर 'भरो आंदोलन' के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। गौरतलब है कि यह आंदोलन 29 मार्च को भोपाल में 12 शिक्षक संगठनों द्वारा संयुक्त मोर्चा बनाकर शुरू किया गया था। सोमवार के कार्यक्रम में जिले के कई पदाधिकारी सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा परीक्षा 'RAS-2024' का परिणाम जारी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। आगामी 17 अप्रैल को इंटरव्यू का आखिरी दौर है और आयोग की परंपरा को देखते हुए माना जा रहा है कि उसी दिन देर शाम या फिर अगले दिन 18 अप्रैल को मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी। इस भर्ती के साथ ही राजस्थान को 1096 नए अधिकारी मिलेंगे। रिकॉर्ड समय… 19 महीने में पूरी होगी भर्तीपिछली तीन भर्तियों की तुलना में इस बार आयोग ने रफ्तार पकड़ी है। वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 माह और 16-17 दिन का ही समय लगने की संभावना है। यह भर्ती पूरी होने पर राज्य को 1096 अफसर मिल जाएंगे। इसमें राज्य सेवा के 428 व अधीनस्थ सेवा के 668 अफसर होंगे। इस भर्ती के इन्टरव्यू एक दिसम्बर से शुरू हुए थे। नई भर्ती पर सस्पेंस: कैलेंडर में 3 मई को प्री-एग्जाम, पर अभी तक विज्ञापन नहीं एक तरफ पुरानी भर्ती का रिजल्ट आ रहा है, तो दूसरी तरफ नई भर्ती (RAS-2026) को लेकर संशय बना हुआ है। घोषणा: सरकार ने जनवरी में 500 पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। कैलेंडर: 3 मई को प्रारंभिक परीक्षा (Pre) प्रस्तावित है। अड़चन: अब तक कार्मिक विभाग से RPSC को भर्ती की सूचना नहीं मिली है। नोटिफिकेशन न आने से लाखों अभ्यर्थी असमंजस में हैं कि 3 मई को परीक्षा होगी या नहीं। अब जानते है मेरिट में किस जिले का दबदबा... RAS-2023 रिजल्ट से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए... RAS-2023 रिजल्ट में अजमेर के कुशल चौधरी को पहली रैंक, गार्ड की बेटी बनीं अफसर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (RAS) परीक्षा-2023 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। टॉप-10 में अजमेर और नागौर जिले से 3-3 कैंडिडेट हैं। (पढ़ें पूरी खबर) SI भर्ती में सिलेक्ट हुआ तो लोग शक करते थे, तीसरी रैंक पाने वाले परमेश्वर बोले-अपने बूते RAS क्लियर किया; परिवार ने भी बहुत सहा विवादित सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में सिलेक्ट हुआ था, जिसके बाद लोगों ने मुझे शक की नजर से देखना शुरू कर दिया। लेकिन आज मैं बता देना चाहता हूं कि मैंने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी अपनी मेहनत के बूते पास की थी और आज राजस्थान प्रशासनिक सेवा भर्ती भी मेहनत करके ही पास की है। (पढ़ें पूरी खबर)
लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र में बीएड फाइनल की एक छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छात्रा का आरोप है कि युवक ने उसे अपने फ्लैट पर बुलाया, जहां पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर उसके साथ जबरदस्ती की कोशिश की। पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली है। वह यहां रहकर पढ़ाई कर रही है। उसने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 11 अप्रैल को वैभव दुबे ने उसे ओपन माइंड पब्लिक स्कूल के पास स्थित निर्वाणा हाउस के फ्लैट पर बुलाया। फ्लैट में पहले से मौजूद थे तीन युवक पीड़िता के मुताबिक, वहां पहुंचने पर पियांशु मिश्रा, अंकित उपाध्याय और कुंदन पहले से मौजूद थे। सभी ने मिलकर उसे जबरन शराब पिलाने की कोशिश की और फिर छेड़छाड़ शुरू कर दी। छात्रा का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसका हाथ-पैर पकड़ लिया। इसी दौरान एक युवक ने उसके साथ अश्लील हरकत की। शोर मचाने पर सभी ने मिलकर उसे पीटा और जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह भागकर बचाई जान पीड़िता के अनुसार, वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर वहां से भागी और अपने कमरे तक पहुंचकर जान बचाई। बीबीडी थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर मिल गई है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना के चंडीगढ़ रोड स्थित इकाई अस्पताल के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां नशे की हालत में गलत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पिता परमजीत सिंह कैंथ की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बेटे के सामने ही पिता ने तोड़ा दमपुलिस को दिए बयानों में मृतक के पुत्र जसनप्रीत सिंह निवासी न्यू विश्वकर्मा कॉलोनी ने बताया कि 11 अप्रैल को वह अपनी बहन अर्शप्रीत कौर की स्कूटी पर अपने पिता परमजीत सिंह के साथ समराला चौक की ओर जा रहे थे। ट्रैक्टर ने मारी सीधी टक्कर स्कूटी उनके पिता चला रहे थे। जैसे ही वे वर्धमान चौक से थोड़ा आगे इकाई अस्पताल के पास पहुंचे सामने से आ रहे एक लाल रंग के ट्रैक्टर ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। नशे में था ड्राइवर, मौके से फरारजसनप्रीत के मुताबिक ट्रैक्टर ड्राइवर जगजीत सिंह उर्फ जग्गा निवासी जालंधर नशे में धुत था और लापरवाही से ट्रैक्टर चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके पिता को गंभीर चोटें आईं। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत मौके से फरार हो गया। घायल परमजीत सिंह को तुरंत पास के इकाई अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थेमृतक इंडस्ट्री कारोबारी परमजीत सिंह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके कंधों पर ही पूरे घर की आर्थिक जिम्मेदारी थी। परिवार में दो बेटे और एक बेटी परमजीत की पत्नी एक हाउस वाइफ (गृहिणी) हैं आरोपी के खिलाफ मामला दर्जथाना मोती नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयानों पर आरोपी चालक जगजीत सिंह पुत्र छिंदा सिंह निवासी पिंड दितला जालंधर के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 281 (तेज व लापरवाही से वाहन चलाना), 106(1) (लापरवाही से मौत), 324(4) (संपत्ति को नुकसान) धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव नगर नईबस्ती में रविवार देर रात नशे में धुत एक तेज रफ्तार कार चालक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी और भागने के प्रयास में नियंत्रण खोकर वाहन को नाली में घुसा दिया। हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। वर्तमान में स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है और कार (CG 10 BS 5776) जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। राहगीरों को टक्कर मारने की कोशिश, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार (क्रमांक CG 10 BS 5776) का चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। उसने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी और वहां से भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने कई राहगीरों को भी टक्कर मारने की कोशिश की। इसी भागदौड़ में चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार सड़क किनारे बनी नाली में जा घुसी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं और कई राहगीर बाल-बाल बच गए। लोगों ने पकड़कर पुलिस को दी सूचना, वाहन जब्त घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर ही नशे में धुत चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। लोगों ने आरोप लगाया है कि चालक पूरी तरह नशे में था और उसकी लापरवाही से कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील के आदिवासी ग्राम बाकड़ी में हाईस्कूल न होने के कारण छात्र-छात्राएं शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इस साल 8वीं कक्षा में उत्तीर्ण हुए 34 बच्चों (20 में से 6 बालक और 14 में से 2 बालिकाएं) ने ही आगे की पढ़ाई के लिए 12 किलोमीटर दूर ग्राम नावरा के स्कूल में 9वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। जनजातीय कार्य विभाग भोपाल के निर्देश पर सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने जिले के संकुल प्राचार्यों से माध्यमिक शालाओं को हाईस्कूल में उन्नत करने के लिए निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव मांगे हैं, जबकि शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सहायक आयुक्त अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग कर खुद भी 8वीं कक्षा का 9वीं में उन्नयन कर सकते हैं। 500 से अधिक बच्चे छोड़ चुके हैं पढ़ाई, 2018 में हुई थी घोषणा गांव में पहली से 8वीं तक ही स्कूल संचालित है। 9वीं कक्षा के लिए बच्चों को 5 किमी दूर सीवल या 12 किमी दूर नावरा जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण अधिकांश अभिभावक बालिकाओं को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेजते। सिर्फ उन्हीं बालिकाओं की पढ़ाई जारी रह पाती है, जिनका चयन उत्कृष्ट या एकलव्य विद्यालय में होता है। पिछले कुछ वर्षों में हाईस्कूल न होने से 200 से अधिक बालिकाएं और 300 से अधिक बालक शिक्षा से वंचित रह चुके हैं। वर्ष 2018 में विधायक मंजू दादू ने ग्राम मांडवा की चुनावी सभा में बाकड़ी में हाईस्कूल खोलने की घोषणा की थी। शिक्षा विभाग ने सर्वे कर जगह भी देखी थी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सहायक आयुक्त के पास है अधिकार, फिर भी अनदेखी शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त चाहें तो खुद भी कक्षा 8वीं का उन्नयन 9वीं में कर सकते हैं। रमसा (RMSA) ऐसा नहीं कर सकता, इसके बावजूद सहायक आयुक्त स्कूलों से प्रस्ताव मंगवा रहे हैं। नियम का हवाला देने वाले अफसर बाकड़ी की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि इससे पहले जिले में पलासुर हाईस्कूल तब खोला गया था, जब वहां दर्ज बच्चों की संख्या महज 8 थी और नावरा से उसकी दूरी सिर्फ 4 किमी है। भातखेड़ा की दूरी भी महज 6 किमी है। इससे पहले जिले में कई छात्रावास और आश्रम बच्चे न मिलने के कारण बंद किए जा चुके हैं, जिसे लेकर विभाग ने आगे प्रयास भी नहीं किए। हाईस्कूल उन्नयन के लिए तय किए गए मापदंड अगस्त माह में स्कूली शिक्षा विभाग ने प्रदेश में नए स्कूल खोलने और उन्नयन के मापदंड तय किए थे। बसाहट से 5 किमी की परिधि में हाईस्कूल की सुविधा न होना। माध्यमिक शालाओं की कक्षा 8वीं में छात्रों की दर्ज संख्या 80 से कम न होना। कक्षा 9वीं में संभावित नामांकन न्यूनतम 30 होना। साल 2001 की जनगणना के अनुसार न्यूनतम जनसंख्या 2000 होना। जिले में स्कूलों की वर्तमान स्थिति हाईस्कूल: जिले में कुल 37 हाईस्कूल हैं। इनमें बुरहानपुर ब्लॉक में 20 और खकनार ब्लॉक में 17 हैं। माध्यमिक स्कूल: जिले में कुल 219 माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें बुरहानपुर ब्लॉक में 127 और खकनार ब्लॉक में 92 स्कूल संचालित हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बनखेता स्टॉप डैम में नहाने गए एक प्लांट कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई। पुलिस और गोताखोरों की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव बरामद किया है। घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। दरअसल, ग्राम भेंड्रा निवासी मुकेश महंत (35) सनस्टील प्लांट के टेक्नो गार्ड विभाग में कार्यरत था। रविवार को वह अपने 3-4 साथियों के साथ बनखेता स्टॉप डैम नहाने के लिए गया था। नहाने के दौरान अचानक वह गहरे पानी की ओर चला गया और डूब गया। साथियों ने दी सूचना, जुटी भीड़ काफी देर तक मुकेश के पानी से बाहर नहीं आने पर उसके साथियों ने आसपास के लोगों को जानकारी दी। घटना की सूचना घरघोड़ा पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गोताखोरों ने 1 घंटे में शव निकाला सूचना मिलते ही पुलिस गोताखोरों की टीम के साथ मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की गई। करीब एक घंटे की खोजबीन के बाद मुकेश का शव डेम के अंदर से बरामद किया गया। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला सेनानी अधिकारी ब्लास्यिुज कुजूर ने बताया कि युवक गहरे पानी में डूबा था और उसी क्षेत्र के आसपास उसका शव मिला।
लुधियाना में डरा-धमकाकर नाबालिग से रेप:मामा के घर आए युवक ने कमरे में खींचा, जान से मारने की दी धमकी
लुधियाना के हैबोवाल इलाके में एक युवक ने पड़ोस में रहने वाली 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। आरोपी अपने मामा के घर रहने आया था और उसने लड़की को अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता सोनिया (काल्पनिक नाम) निवासी हैबोवाल ने पुलिस को बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले अरुण नामक व्यक्ति का भांजा आदर्श कुछ समय से अपने मामा के पास रहने आया हुआ था। पीड़िता की मां के मुताबिक जब उनकी 13 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी, तो आदर्श ने मौके का फायदा उठाया। वह उसे जबरन अपने मामा अरुण के कमरे में खींच ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। रेप के बाद आरोपी ने बच्ची को डरायारेप के बाद आरोपी ने बच्ची को बुरी तरह डराया और धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने दोबारा पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, तो परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्जपुलिस ने आरोपी की पहचान आदर्श के रूप में की है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गांव जोगीपुर का रहने वाला है और वर्तमान में लुधियाना के हैबोवाल में अपने मामा के पास रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 65 (दुष्कर्म) और 351(2) (आपराधिक धमकी) धारा पॉक्सो एक्ट 4 (नाबालिग से यौन शोषण) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और मामले की आगे की तफ्तीश जारी है।
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रामलला और राम परिवार सहित सभी 18 मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब पूरा परिसर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। सोमवार सुबह 7 बजे से श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं। रात 9 बजे तक वे दर्शन कर पाएंगे। पास दिखाने पर उन्हें एंट्री दी जा रही है। मंदिर में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कुल 13 घंटे दर्शन की व्यवस्था की गई है। हालांकि दोपहर 12 से 1 बजे तक सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे। इसके अलावा बाकी समय दर्शन जारी रहेगा। दो-दो घंटे के स्लॉट में 1500 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। इससे भीड़ नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। 10 एकड़ में बन रही पंचवटी राम मंदिर के 70 एकड़ परिसर में करीब 40% हिस्से को ग्रीन लैंड बनाने की योजना पर काम हो रहा है। 10 एकड़ में पंचवटी विकसित की जा रही है। जहां बैठने की व्यवस्था भी की गई है। रामकथा संग्रहालय में निर्माणाधीन संकटमोचक हनुमान गैलरी का 7D तकनीक आधारित डेमो भी प्रस्तुत किया गया। मंदिर में लगाई गई फसाड लाइटिंग से इसकी वास्तुकला और भी आकर्षक हो गई है। रोशनी में मेहराब, स्तंभ और शिल्पकारी खास अंदाज में उभरकर सामने आ रही है।
भिवानी के गांव धनाना निवासी बॉक्सर प्रिया घणघस ने मंगोलिया के उलानबटोर में आयोजित एशियन एलीट मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल जीता। वहीं गोल्डन पंच लगाने के बाद प्रिया घणघस ने दैनिक भास्कर से बातचीत की और अपने अनुभव सांझा किए। इस दौरान प्रिया घणघस ने कहा कि उन्होंने कुश्ती बहुत पसंद रही है। लेकिन बॉक्सर विजेंदर के ओलिंपिक मेडल जीतने को देखकर बॉक्सिंग चुनने का सोचा और यहां तक का सफर तय किया। वहीं एशियन एलीट मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 में अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को एकतरफा मुकाबले में हराते हुए गोल्ड मेडल भारत के नाम किया। गोल्ड मेडलिस्ट प्रिया घणघस से बातचीतप्रश्न : कैसा अनुभव रहा इस चैंपियनशिप का?प्रिया : यह मेरी सीनियर की पहली चैंपियनशिप थी। मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं कांफिडेंट थी कि देश के लिए मेडल लेकर आऊंगी। मेरे कोच व घर वालों ने सहयोग किया, जिसकी वजह से मैंने यह गोल्ड मेडल हासिल किया।प्रश्न : बॉक्सिंग की कब शुरूआत की थी?प्रिया : 10 साल हो गए बॉक्सिंग खेलते हुए। 2016 में बॉक्सिंग शुरू की थी। पहले मैं दादरी प्रैक्टिस करती थी, 2022 में मैं यहां प्रैक्टिस करने लगी। अभी मैं कोच महावीर व नवीन के पास ट्रेनिंग कर रही हूं। वे बहुत अच्छा सिखा रहे हैं। प्रश्न : बॉक्सिंग को ही क्यों चुना?प्रिया : वैसे तो मुझे कुश्ती खेल बहुत पसंद था। लेकिन भिवानी में कुश्ती की एकेडमी नहीं थी और मुझे गेम में जाना था। वहीं 2008 में विजेंदर ओलिंपिक में मेडल लेकर आए थे। तब से मुझे हुआ कि मैं भी बॉक्सिंग खेलूं और देश को मेडल दिलाऊं। प्रश्न : इस चैंपियनशिप से क्या सीखने को मिला?प्रिया : इससे यह सीखने को मिला कि अगर अपने मन में कांफिडेंस हो तो कुछ भी कर सकता है। वे 20 साल की हैं और वे इंडिया टीम में सबसे छोटी थी। मुझे अच्छा लगा कि वे देश के लिए मेडल लेकर आई हैं। प्रश्न : टीम का कैसा सहयोग रहा?प्रिया : टीम का बहुत ज्यादा सहयोग था, वे बच्चे की तरह रखते थे सभी। साथी खिलाड़ी फाइट से पहले भी बताते थे कि कैसे खेलना है। काफी स्पोट मिला कोच व सीनियर से। प्रश्न : एक लड़की होने के बाद यहां तक पहुंची तो किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा?प्रिया : परिजनों ने किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने थी, किसी भी चीज के लिए ना नहीं किया। प्रश्न : कभी यह लगा कि खेल छोड़ सकती हैं?प्रिया : हां, जब चोट लगती है तो ऐसा हो जाता है कि अब कुछ नहीं है, छोड़ दो बॉक्सिंग को। जो व्यक्ति हर दिन डिसिप्लिन में रहता है, वहीं कुछ कर सकता है। मैं भी हमेशा ऐसी ही रही, फिर मैंने कभी बॉक्सिंग छोड़ने का सोचा नहीं। यही था कि देश को मेडल दिलाना है।प्रश्न : बॉक्सिंग में हारने व जीतने वाले दोनों को मुक्के खाने पड़ते हैं?प्रिया : हां, यह तो है। यह सबसे मैन बात है कि अगर वह जीतेगा तो मुक्के खाकर जीतेगा ओर हारेगा तो भी मुक्के खाकर हारेगा। बहुत अच्छा यह है कि यह एक इंडिविजुअल गेम है। जिसमें हम अपनी खुशी खुद जाहिर कर सकते हैं, दूसरे पर निर्भर होने की जरूरत नहीं होती। प्रश्न : खेल के अलावा पढ़ाई में कैसा प्रदर्शन रहा है?प्रिया : पढ़ाई भी अच्छी चल रही है। 10वीं तो कोरोना काल में हुई। 12वीं में मुझे 83 प्रतिशत अंक आए थे। उस समय एक टाइम ट्रेनिंग की थी। खेल के साथ-साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है। मैं यह नहीं कहूंगी कि खेल-खेल जरूरी है। नॉलेज होना भी जरूरी है। प्रश्न : आगे का क्या लक्ष्य है?प्रिया : अभी तो मेरा लक्ष्य ऐशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स में फिर से भारत को गोल्ड मेडल दिलाना है। यह मैं पूरी कोशिश करूंगी थोड़ी और मेहनत के साथ। इनके बाद मेरा लक्ष्य 2028 के ओलिंपिक का रहेगा।प्रश्न : खुद में क्या बदलाव करने की जरूरत है?प्रिया : अपने आप कांफिडेंस रखना कि हम किसी से कम नहीं। कुछ भी कर सकते हैं जिंदगी में। खुद पर विश्वास रखें और मेहनत करते रहें। प्रश्न : यहां तक पहुंचने तक किस-किस का सहयोग रहा?प्रिया : परिवार व कोच का सबसे ज्यादा सहयोग रहा है।प्रश्न : अभ्यास कितने समय करती हैं?प्रिया : शुरू में तो मैं 3 घंटे सुबह 3 घंटे शाम को प्रैक्टिस करती थी। अभी हमारा पटियाला में कैंप लगा हुआ है। उनका भी यही शेड्यूल रहता है कि 3 घंटे सुबह व 3 घंटे शाम को प्रैक्टिस करते हैं। प्रश्न : बॉक्सिंग का 10 साल का अनुभव कैसा रहा?प्रिया : यहां तक पहुंचने के लिए बहुत ही कड़ी मेहनत लगी है। एक-एक दिन लड़ना पड़ा है। हर पसीने की बूंद का मेरे ऊपर असर हुआ है, इसलिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। प्रश्न : परिवार का किस तरह सहयोग रहा?प्रिया : परिवार में एक मेरा भाई है, जो खुद बॉक्सिंग करता है। सबसे ज्यादा उसका सहयोग है। वह हर चीज बॉक्सिंग के बारे में बताता है। वह भी बॉक्सर है, इसलिए हम दोनों आपस में डिसकस करके बहुत अच्छी ट्रेनिंग करते हैं। जिस दिन रेस्ट होता है तो उस दिन घर पर ट्रेनिंग करते हैं। मेरे पिता तो मेरे साथ ट्रेनिंग पर आते हैं और लेकर जाते हैं। मां खानपान का ध्यान रखती हैं।प्रश्न : गोल्ड मेडल जीतकर कैसा लग रहा है?प्रिया : गोल्ड मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। कुछ शब्द ही नहीं हैं कहने को इतना अच्छा लग रहा है। प्रिया को खीर-चूरमा पसंदगांव धनाना निवासी प्रिया की मां मीरा ने बताया कि बेटी के मेडल जीतने पर बहुत खुशी है। बेटी को तैयार करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। उसकी देखभाल करनी पड़ती है और खिलाने-पिलाने का ध्यान रखना पड़ता है। जितनी भी मां हैं वे अपने बच्चों का ध्यान रखें और आगे बढ़ाने का काम करें। प्रिया को सबसे ज्यादा खीर-चूरमा पसंद है, जो खाती भी है। पिता बोले- चंचल थी प्रियाप्रिया के पिता महेंद्र घणघस ने कहा कि बेटी ने मेडल देश के लिए जीता, उसके लिए बहुत मेहनत की। उम्मीद है कि ओलिंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आए। बेटी को यहां तक पहुंचाने के लिए बहुत संघर्ष किया। वे खुद बेटी को प्रैक्टिस करवाने के लिए साथ लेकर आते और साथ लेकर जाते थे। अपनी बेटियों को मेहनत करवाएं, ताकि सफलता हासिल हो। प्रिया बचपन में चंचल (शरारती) थी, इसलिए बॉक्सिंग करवाना शुरू कर दिया।
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर रविवार रात एक सड़क हादसे में अलीराजपुर निवासी एक युवक की मौके पर मौत हो गई। इस दुर्घटना में बुरहानपुर जिले के बोरी निवासी एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे बुरहानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा रविवार रात करीब 10:30 बजे असीरगढ़ के पास खातला फाटे पर हुआ। जानकारी के अनुसार, एक बाइक का संतुलन बिगड़ने से वह फिसल गई, जिसके परिणामस्वरूप उस पर सवार दोनों युवक सड़क पर गिर गए। मृतक युवक की पहचान अलीराजपुर निवासी शिवा के रूप में हुई है। उसके साथ बाइक पर सवार दूसरा युवक कमल बुरहानपुर जिले के ग्राम बोरी का रहने वाला है। हादसे में कमल भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की सहायता से गंभीर रूप से घायल कमल को तत्काल बुरहानपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
अलीगढ़ में स्मार्ट मीटर पर जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मुक्ता संजीव राजा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने आगाह किया है कि जनता के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर गुस्सा है। उसका समाधान न होने पर पार्टी को आगामी चुनावों में गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बिना पूर्व सूचना के काट दी जाती है बिजली मुक्ता संजीव राजा ने पत्र में कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के उपभोक्ताओं की बिजली काट दी जाती है। उनका कहना है कि कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका एडवांस बैलेंस जमा है। बावजूद इसके विभागीय लापरवाही के कारण उनकी बिजली कई दिनों तक बहाल नहीं होती। इस अव्यवस्था से नाराज लोग लगातार बिजली उपखंड कार्यालयों और विधायक के निजी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज लखनऊ में करेंगी मुलाकात विधायक सोमवार को लखनऊ में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से मुलाकात कर इस संकट पर विस्तार से चर्चा करेंगी। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी उपभोक्ता की बिजली काटने से पहले उसे अनिवार्य रूप से सूचना दी जाए और बकाया भुगतान के लिए कम से कम तीन दिन का समय दिया जाए। जिले में बढ़ रहा असंतोष जिले में करीब 7.35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 5.94 लाख लोगों के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। अब तक 3.27 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसके साथ ही शिकायतों का अंबार भी लग गया है। लोग स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिल और समय पर शिकायतों का समाधान न होने से गुस्से में हैं। लोग सड़क पर उतरने को मजबूर दिसंबर 2024 से शुरू हुई नई वर्टिकल व्यवस्था और सामान्य मीटरों को जबरन प्रीपेड में बदलने के फैसले ने लोगों में असंतोष पैदा किया है। बकाया के नाम पर अचानक कनेक्शन काटे जाने से नाराज लोग अब सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
हरदा में होशंगाबाद-खंडवा स्टेट हाईवे पर खिरकिया और हरदा के बीच स्थित भिरंगी रेलवे फाटक (गेट नंबर 197) को पटरियों के अनुरक्षण कार्य के लिए 13 से 15 अप्रैल तक 3 दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस मार्ग के बंद होने से हरदा, टिमरनी, सिवनी मालवा, बानापुरा और होशंगाबाद जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें डायवर्टेड रूट से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। वर्तमान में कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने और यातायात नियंत्रण के लिए रेलवे के निर्देश पर छीपाबड़ थाना पुलिस का स्टाफ तैनात कर दिया गया है। छीपाबड़-खिरकिया होते हुए 15 किमी का अतिरिक्त सफर भिरंगी रेलवे फाटक बंद होने के कारण वाहन चालकों के लिए मार्ग परिवर्तित किया गया है। अब वाहन चालकों को छीपाबड़ से खिरकिया आकर रेलवे फाटक पार करना होगा। इसके बाद उन्हें चौकड़ी, सारंगपुर, धनवाड़ा, बमनगांव, बारंगा और बारंगी होते हुए हरदा पहुंचना पड़ेगा। इस परिवर्तित मार्ग के कारण वाहन चालकों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। कई गांवों को जोड़ता है होशंगाबाद-खंडवा स्टेट हाईवे उल्लेखनीय है कि होशंगाबाद-खंडवा स्टेट हाईवे जिला मुख्यालय आने-जाने का एक प्रमुख मार्ग है और इससे कई गांव भी सीधे जुड़े हुए हैं। रेलवे के अनुसार, भिरंगी खिरकिया सेक्शन पर गेट नंबर 197 पर पटरियों का सुधार (मेंटेनेंस) कार्य किया जाना जरूरी था, जिसके चलते इसे 3 दिनों तक सड़क यातायात के लिए पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
भिण्ड में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में सामने आई लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के लंबित रहने और फील्ड में कमजोर निगरानी को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीर सिंह चौहान ने तीन दिन में जवाब तलब किया है। नोटिस पाने वालों में एडीईओ जनपद पंचायत गोहद जितेन्द्र गुर्जर, उपयंत्री गोहद अरुण चकोटिया और उपयंत्री जनपद पंचायत लहार उमेश तिवारी शामिल हैं। समीक्षा के दौरान पाया गया कि एडीईओ जितेन्द्र गुर्जर अपने क्षेत्र की पंचायतों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है। वहीं उपयंत्री अरुण चकोटिया बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे। उनके सेक्टर से संबंधित कार्यों की जानकारी नहीं मिल पाने के कारण समीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।इसके अलावा उपयंत्री उमेश तिवारी के कार्यक्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में बड़ी खामियां सामने आईं। कई शिकायतें 108 दिन से अधिक समय से लंबित पाई गईं, जबकि अन्य मामलों में भी संतोषजनक निराकरण नहीं हुआ। इसे आमजन की समस्याओं के प्रति उदासीनता मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई गई है।सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीनों अधिकारी तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रगति विवरण सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीएम हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वाराणसी के मिर्जामुराद इलाके में हुई विवाहिता की हत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक पूनम के पिता मुन्ना लाल पटेल ने पति सहित चार पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पिता का आरोप है कि 10 अप्रैल को बेटी ने फोन कर प्रताड़ना की बात बताई थी। 11 अप्रैल को इसकी हत्या कर दी गई। ससुराल में शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। फिलहाल शव पोस्टमार्टम के बाद पिता मुन्ना लाल पटेल ने ससुराल पक्ष को नहीं दिया। शव का अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर हुआ और पूनम के पांच साल के बेटे ने मां को मुखाग्नि दी। फिलहाल दहजे प्रताड़ना के मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। वहीं पूनम की हत्या करने वाले उसके देवर को पुलिस ने जेल भेज दिया है। दहेज प्रताड़ना का दर्ज कराया मुकदमा मिर्जामुराद थानाक्षेत्र के लच्छापुर में हुई पूनम पटेल की निर्मम हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस को पूनम के पिता मुन्ना लाल पटेल ने दहेज प्रताड़ना और हत्या के मामले की तहरीर दी है। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। मुन्ना लाल पटेल ने बताया- लड़की की शादी के बाद से ही उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। लगातार उससे गाड़ी और अन्य सामानों की मांग की जा रही थी। जिससे वह परेशान रहती थी। 2020 में हुई थी शादी मुन्ना लाल पटेल ने बताया - बेटी की शादी 28 जून 2020 को सुजीत पटेल से हुई थी। सुजीत पटेल रेलवे में ग्रुप डी में कार्यरत है। हमने अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज देकर बेटी को विदा किया था। लेकिन बेटी के ससुराल पहुंचने के बाद ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। जिससे वह परेशान रहने लगी। मुन्न पटेल ने आरोप लगाया कि बेटी का देवर अजीत पटेल अश्लील हरकत और छेड़खानी करता था। एक माह पहले हुआ था शांति भंग में चालान मुन्ना ने बताया- एक महीने पहले देवर की हरकतों से तंग आकर पूनम ने डायल 112 बुलाई थी। पुलिस ने अजीत का शान्ति भांग में चालान किया था। लेकिन फिर भी मेरी बेटी सब कुछ सहते हुए अपने बेटे के साथ ससुराल में रह रही थी। 10 अप्रैल को भी उसे प्रताड़ित किया गया था। इसकी जानकारी उसने फोन पर दी थी। इसके बाद 11 अप्रैल को उसकी हत्या कर दी गई। मुन्ना पटेल ने पुलिस से इंसाफ की मांग की है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया - हत्या करने वाले देवर अजीत पटेल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मृतक महिला पूनम पटेल (32) के पिता मुन्ना लाल पटेल की तहरीर पर दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने लंबे समय तक संबंध बनाए और बाद में शादी से इंकार कर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को सरगुजा से गिरफ्तार कर लिया है। मामला महिला थाना इलाके का है। 45 वर्षीय पीड़िता ने 8 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी कि, वह साल 2019 से घरेलू विवाद के चलते पति से अलग होकर बच्चों के साथ रह रही है। इसी दौरान झारखंड के ग्राम लामारी कला निवासी धर्मेन्द्र पासवान (28) का उसके घर आना-जाना था। आरोपी ने सहारा देने और शादी करने का झांसा देकर महिला का भरोसा जीता और उसके साथ संबंध बनाए। किराए के मकान में ले जाकर बनाए शारीरिक संबंध पीड़िता के अनुसार, साल 2022 में आरोपी उसे रायगढ़ स्थित अपने किराए के मकान में ले गया, जहां उसने पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार शादी का झांसा देकर संबंध बनाता रहा। जनवरी 2026 में भी आरोपी ने रायगढ़ लौटने के बाद महिला को अपने मकान में बुलाकर संबंध बनाए। शादी से मुकरा, जान से मारने दी धमकी जब महिला ने शादी की बात कही, तो आरोपी मुकर गया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 69 और 351(3) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सरगुजा से आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान आरोपी के सरगुजा जिले के लखनपुर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। महिला अपराधों पर सख्ती- एसएसपी एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि, महिलाओं से जुड़े अपराधों में पुलिस संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तमिलनाडु के कोयंबटूर के एक शख्स को डिजिटल अरेस्ट कर 67 लाख 75301 रुपए ठगे गए। ठगी गई राशि का एक हिस्सा 47 लाख 75,301 रुपए रतलाम में फेडरल बैंक के एक अकाउंट में जमा हुआ। रतलाम पुलिस ने रविवार को संबंधित जिस खाते में रुपए जमा हुए उसके खाता धारक और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। रतलाम के खाता धारक का बैंक अकाउंट म्यूल अकाउंट के रूप में यूज किया है। इसके बदले खाताधारक को कमीशन देने की बात सामने आई है। एसपी अमित कुमार ने बताया नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर केसी श्रीधर निवासी कोयंबटूर (तमिलनाडु) द्वारा Online Financial Fraud (Internet Banking Fraud) की शिकायत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता को फ्राडस्टर्स द्वारा ‘डिजिटल अरेस्ट स्कैम’ कर कुल धोखाधड़ी 67,75,301 रुपए ठगे गए। कोयंबटूर पुलिस द्वारा जांच में पाया कि उक्त धोखाधड़ी की राशि का एक हिस्सा रतलाम में संबंधित फेडरल बैंक खाते में जमा हुआ है। इससे स्पष्ट हुआ कि यह खाता मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क में यूज किया गया। रतलाम के तीन लोग गिरफ्तार जांच के दौरान समन्वय पोर्टल (JCCT) से प्राप्त जानकारी के अनुसार फेडरल बैंक का खाता संदिग्ध पाया गया। नोडल अधिकारी फेडरल बैंक से जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि उक्त खाता खाताधारक प्रथम मित्तल (23) निवासी माणकचौक, रतलाम के नाम पर है। उक्त खाते के ट्रांजेक्शन के बारे में जांच की गई। पता चला कि 25 मार्च 2026 को प्रथम मित्तल के खाते में 47,75,301 रुपए की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। जांच में उक्त खाता म्यूल अकाउंट के रूप में प्रयुक्त किया। लालच में खुलवाया म्युल अकाउंट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपीगण के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के अंतर्गत केस दर्ज कर मामला जांच में लिया। रतलाम पुलिस के पास मामला पहुंचने पर बैंक खाते की जांच कराई। खाता धारक प्रथम मित्तल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। खाताधारक प्रथम ने बताया कि उसने अपने दो साथियों हेमंत रायक उर्फ मोनू निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी व शुभम रेडा निवासी निवासी नागरवास रतलाम के कहने पर कमीशन के लालच में म्युल अकाउंट खुलवाना स्वीकार किया। माणकचौक थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) के अंतर्गत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। एसपी के अनुसार अन्य संलिप्त आरोपियों एवं नेटवर्क की कड़ियों की तलाश की जा रही है। अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड से मिली लिंक के आधार पर हर एक पहलुओं को जांच कर रहे है। क्या होता है म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक अकाउंट जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी, साइबर जालसाजी एवं अन्य आर्थिक अपराधों में रुपयों के ट्रांजेक्शन को छिपाने के लिए किया जाता है। पूरे प्रकरण में माणकचौक थाना प्रभारी पातिराम डावरे, निरीक्षक अमित कोरी, सब इंस्पेक्टर जीवन बारिया, हेड कॉन्स्टेबल हिम्मत सिंह, कॉन्स्टेबल मोरसिंग डामोर एवं राहुल की भूमिका रही। अज्ञात कॉल से रहे सावधान एसपी अमित कुमार ने बताया रतलाम पुलिस द्वारा संदिग्ध बैंक खातों की लगातार निगरानी की जा रही है। NCRP एवं I4C पोर्टल के माध्यम से डेटा विश्लेषण एवं बैंकिंग संस्थाओं से समन्वय कर म्युल अकाउंट के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई कर रहे है। किसी भी अज्ञात कॉल, विशेषकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ या सरकारी अधिकारी बनकर मांगी गई जानकारी से सावधान रहें। किसी के कहने पर या किसी लालच में अपना बैंक अकाउंट से संबंधित दस्तावेज या जानकारी किसी को नहीं दे। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। साथ ही cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
सागर पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त कर अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 7 वारंटियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 9 अन्य वारंटियों को पकड़ा गया। लेकिन उन्होंने न्यायालय से वारंट निरस्त कराने की रसीद पेश कर दी। जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दरअसल, बांदरी थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र में कॉम्बिंग गश्त की। थाना पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर गुड़ा, बदमाश, निगरानीशुदा, वारंटी और अन्य अपराधी की धरपकड़ शुरू की। टीम ने देर रात अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। जहां से 7 वारंटियों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, कॉम्बिंग गश्त के दौरान कार्रवाई करते हुए मारपीट के प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी श्रीराम पिता रल्ली यादव (40), अज्जा उर्फ विश्वनाथ पिता मुलायम यादव (22), रामाधार पिता श्रीराम यादव (22) सभी निवासी टिगरा को गिरफ्तार किया गया। उक्त आरोपियों के खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट जारी किए गए थे। इसी प्रकार अन्य वारंटियों में विशेष पिता मुल्ली आदिवासी (24), धीरज पिता वीरन आदिवासी (30), इमरत पिता हल्कू आदिवासी (40) और सुंदर पिता रम्मू आदिवासी सभी निवासी बांदरी को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 9 अन्य वारंटियों के संबंध में जांच की। जिसमें पाया गया कि उनके द्वारा पूर्व में न्यायालय से वारंट निरस्त करा लिए गए थे। लेकिन वे थाने में उपस्थित नहीं हो रहे थे। संबंधित व्यक्तियों द्वारा रसीद प्रस्तुत करने पर विधिवत रसीद प्राप्त की गई। गश्त के दौरान बांदरी पुलिस ने 3 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर 13 गिरफ्तारी वारंट तामील कराए। थाने के उप निरीक्षक गणपत बुंदेला ने बताया कि कॉम्बिंग गश्त के दौरान पकड़े गए वारंटियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें कोर्ट के आदेश पर उपजेल खुरई भेजा गया है।
छिंदवाड़ा के सिंगोड़ी क्षेत्र में रविवार को एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें युवक ने कर्ज से परेशान होने की बात लिखी है। मृतक की पहचान ज्वाला प्रसाद चंद्रवंशी (42) पिता दीनदयाल चंद्रवंशी, निवासी भूला मोहगांव, चौकी हिवरखेड़ी थाना चौरई के रूप में हुई है। युवक दुकान का काम संभालता था और कई बार रात में वहीं रुककर सो भी जाता था। इसी दौरान उसने दुकान के अंदर फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना की जानकारी दुकान में काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से मिले सुसाइड नोट में युवक ने कर्ज से परेशान होने का जिक्र किया है, हालांकि उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि कर्ज कितना था और किससे लिया गया था। फिलहाल पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 1 मई से 30 मई 2026 तक होगी। नगरपालिक निगम क्षेत्र में इस कार्य के लिए नियुक्त प्रगणकों/पर्यवेक्षकों का प्रथम प्रशिक्षण सत्र 11 अप्रैल से 13 अप्रैल तक चल रहा है। लेकिन 11 कर्मचारी पहले प्रशिक्षण सत्र मे बिना सूचना के गायब रहे। इस पर सभी कर्मचारियों को नोटिस देकर 24 घंटे में जवाब मांगा है। नहीं तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अनिल भाना एवं प्रमुख नगर जनगणना अधिकारी द्वारा जारी किया है। जनगणना अधिकारी के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को आदेशित किया गया था। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में बगैर पूर्व सुचना के 11 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। सजा व जुर्माने का प्रावाधान जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 एवं 11 के प्रावधान अनुसार जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए गए लोकसेवको के द्वारा कर्तव्यों का निर्वहन नही करने पर एक हजार रुपए का अर्थदंड की सजा है। इसके अलावा दोष सिद्ध होने पर तीन वर्षा की सजा का भी प्रावधान है। इन विभागों के कर्मचारियों को दिया नोटिस प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे सहा वर्ग 3 सामाजिक न्याय विभाग रतलाम लोकसेवक दिलीप कुमार सिसोदिया, मा. शिक्षक शाउमावि. क्रमांक 1 अंतिमबाला खराड़ी, शिक्षक शाउमावि क्रमांक 1 कैलाशचन्द्र सहायक, सहायक शिक्षक शाउमावि. मोती नगर दुर्गा पालीवाल, प्रा. शिक्षक शाउमावि दिनदयाल नगर आशा मकवाना, जिला मलेरीया पुराना कलेक्ट्रेट अशोक सिंह पंवार, सहायक ग्रेड 2 जिला अस्पताल जितेन्द्र तम्बोली, पर्यवेक्षक महिला बाल विकास नरसिंह वाटीका ज्योती सोनी, जिला मलेरिया पुराना कलेक्ट्रेट दमपा व्यास, प्राथमिक शिक्षक शा.न्यु विनोबा हाई से. स्कूल वासुदेव मईडा, शिक्षक शाउमावि. क्रमांक 1 झम्मु डामोर को नोटिस दिया है। समय पर जवाब नहीं देने पर निलंबन कार्रवाई प्रस्तावित है। इन्होंने भी की अवहेलना जनगणना कार्य की अवहेलना करने पर नगर पालिक निगम रतलाम के कंप्यूटर ऑपरेटर हितेश रान्वे तथा विक्रम सिंह गेहलोत, भृत्य राजेश डोडीया, युसूफ इस्माइल, आबिद हुसैन, सलीम मोहम्मद एवं परमानन्द को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। इन सभी से भी 24 घंटे में जवाब मांगा है।
सागर में गर्मी का दौर शुरू हो गया है। सुबह से ही सूरज की तीखी धूप लोगों को परेशान कर रही है। दोपहर में तपन ज्यादा है। इस कारण से सागर में दिन और रात के तापमान में उछाल आया है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 डिग्री और न्यूनतम पारा में 4.8 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया है। जिससे दिन के साथ रातें भी गर्म होने लगी हैं। रविवार को सुबह 9 बजे से ही सूरज की तपन से लोग परेशान रहे हैं। दोपहर के समय झुलसाने वाली धूप पड़ना शुरू हो गई है। लोग धूप से बचने के लिए घरों से मुंह पर कपड़ा बांधकर और छाता लेकर निकल रहे हैं। रविवार को सागर का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री और न्यूनतम पारा 23.8 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि शनिवार को दिन का पारा 37.6 डिग्री और रात का पारा 19 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को सुबह से मौसम साफ रहा। तल्ख धूप निकली। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।
शहर के कैंट इलाके में भाजपा पार्षद के परिवार से मारपीट के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सड़क पर बर्थडे मनाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। पार्षद के परिवार वालों ने रोका, तो उनके साथ मारपीट की। इसके बाद चार लोगों पर पिकअप चढ़ा दी थी। बता दें कि मामला शुक्रवार रात का है। नानाखेड़ी क्षेत्र में पुष्पेंद्र, आकाश, दीपेंद्र रघुवंशी और उनके मित्र आनंद ने अपने करीब दो दर्जन साथियों के साथ सड़क के बीचों-बीच गाड़ियों की बोनट पर केक काटकर पार्टी शुरू की थी। आधी रात को शराब के नशे में धुत ये युवक न केवल शोर मचा रहे थे, बल्कि सरेराह मां-बहन की अश्लील गालियां भी बक रहे थे। पड़ोस में रहने वाले भाजपा पार्षद राधा कुशवाह के परिवार ने जब इस अभद्रता का विरोध किया और घर की बहू-बेटियों की मर्यादा का हवाला देते हुए उन्हें शांत रहने को कहा, तो आरोपी आगबबूला हो गए। चंद मिनटों में ही जन्मदिन का यह जश्न खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आरोपियों ने पहले लाठी-डंडों से हमला किया और फिर अपनी महिंद्रा पिकअप गाड़ी को खूनी हथियार की तरह इस्तेमाल किया। घटना के जो भयावह दृश्य सामने आए, वे किसी फिल्मी स्टंट से भी ज्यादा डरावने थे। आरोपी दीपेंद्र रघुवंशी ने आवेश में आकर अपनी पिकअप गाड़ी स्टार्ट की। उसने पहले तेज रफ्तार में गाड़ी को रिवर्स (बैक) किया ताकि पीछे खड़े लोग चपेट में आ जाएं, और फिर बिना सोचे-समझे सीधे सामने खड़े परिजनों पर गाड़ी चढ़ा दी। इस टक्कर की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी की चपेट में आया राजू कुशवाह कई फीट दूर जाकर गिरा। श्याम सिंह पुत्र गेंदालाल कुशवाह निवासी नानाखेड़ी की शिकायत पर आरोपी देवेन्द्र रघुवंशी, दीपेन्द्र रघुवंशी, आकाश रघुवंशी और पुष्पेन्द्र रघुवंशी निवासी नानाखेडी के विरुद्ध कैंट थाने में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के बाद मामले में हत्या के प्रयास और बलवा की धाराएं भी बढ़ाई गईं। कैंट पुलिस ने बताया कि SP हितिका वासल ने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और CSP प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लग गई। कैंट थाना प्रभारी TI अनूप भार्गव ने थाने से पुलिस की टीम गठित कर आरोपियों की तलाश में रवाना की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना पुलिस द्वारा प्रकरण में कार्यवाही करते हुए चंद घंटों के भीतर ही 3 आरोपी आनन्द पुत्र प्रकाश कुशवाह उम्र 24 वर्ष, देवेन्द्र पुत्र गजराज सिंह रघुवंशी उम्र 52 वर्ष और पुष्पेन्द्र पुत्र देवेन्द्र रघुवंशी उम्र 18 वर्ष निवासी कालीमाता मंदिर के पास नानाखेडी थाना कैंट को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे जप्त किए गए हैं। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
छिंदवाड़ा के सोनपुर रोड स्थित एक डिस्पोजल फैक्ट्री में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई। देर रात लगी आग पर सुबह 6 बजे के बाद काबू पाया गया लेकिन बीच-बीच में धुआं अभी भी उठ रहा है। आग बुझाने के लिए दमकल की 5 गाड़ियां लगातार पानी डालती रही। इसके अलावा नगर निगम के 4 टैंकर भी मौके पर लगाए गए थे, लेकिन फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रखे पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई। फैक्ट्री मालिक और परिवार भी झुलसे यह फैक्ट्री दीपक साहू (30) पिता लालचंद साहू की बताई जा रही है। आग लगने के समय फैक्ट्री परिसर में बने घर में उनका परिवार मौजूद था। आग की चपेट में आने से एक बुजुर्ग झुलस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू भी घायल हो गए। बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल भेजा गया, वहीं डॉक्टर मनन गोगिया ने मौके पर पहुंचकर दीपक साहू का प्राथमिक उपचार किया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। फैक्ट्री को जलता देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोग उन्हें संभालते नजर आए। फैक्ट्री परिसर में सिलेंडर और जनरेटर के लिए डीजल भी रखा हुआ था। आग लगते ही स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए इन्हें बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 28 लाख रुपए नगद बचाए आग तेजी से फैलने के दौरान घर में रखी 28 लाख रुपए की नगद राशि को परिजनों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि घर का अन्य सामान आग की चपेट में आ गया। फैक्ट्री के पास स्थित खेतों में भी आग की चिंगारी गिरने से फसल जल गई। आग फैलने के दौरान लोग पहले अपनी जान बचाने में लगे रहे, इसके बाद आग बुझाने में जुट गए। प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं भाजपा नेता अरविंद राजपूत, डॉक्टर मनन गोगिया सहित कई समाजसेवी भी मौके पर पहुंचकर मदद में जुटे रहे। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। इस भीषण आगजनी में करीब 50 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग पर सुबह काबू पर उठ रहा धुआं कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि सुबह के समय तक आग पर काबू पाया गया है लेकिन अंदर सामग्री ज्यादा होने के चलते धुआँ उठ रहा है एहतियात के तौर पर अभी टीम तैनात है

