रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भिवानी के बवानीखेड़ा में पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं के बागी सुरों के चलते पार्टी में गुटबाजी के सवाल पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में मैं सभी का सम्मान करता हूं। बागी नेताओं के मनाने के सवाल पर कहा कि मैं सभी का सम्मान करता हूं, हमेशा कांग्रेस पार्टी में हम सबका सम्मान करते हैं। कांग्रेस में हम सबका यही प्रयास रहता है कि सब आने वाले समय में एकजुटता से आगे बढ़ें। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनावों में कांग्रेस की हार दीपेन्द्र ने गोलमोल जवाब दिया। दीपेंद्र हुड्डा ने एनएसयूआई को अच्छी वोट मिली है। कई पदों पर करीबी मुकाबला रहा है। एनएसयूआई का संगठन जो इतनी अच्छी वोट मिली, उसे जीत में क्यों कन्वर्ट नहीं कर पाई, उन विषय पर संगठन मंथन करेगा। उम्मीदवारों के टिकट कटने के सवाल पर कहा कि यह संगठन के आत्ममंथन की बाते हैं। DUSU चुनाव में काफी छात्र जुड़े रहते हैं। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहते हुए यही कहेंगे कि अच्छा माहौल था और अच्छे मत भी मिले। क्या बातें रही, इस पर एनएसयूआई राष्ट्रीय संगठन व पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व इन बातों पर मंथन कर रहा है। सांसद बोले-जनता की आवाज उठाने पर सभी के निशाने परसांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा सहित जेजेपी व इनेलो द्वारा उनको ही टारगेट करने पर कहा कि हमारी किसी से दुश्मनी नहीं, बस जनता की आवाज उठाने पर सभी के निशाने पर हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ की मेजबानी व लाखों करोड़ रूपए गुजरात में लगाने पर सवाल उठाए और बोले कि CM सैनी व भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता को इसका समर्थन ना करके हरियाणा के लिए मांग उठा उठानी चाहिए। साथ ही कहा कि हम ये मुद्दे उठाते हैं तो जवाब देने की बजाय व्यक्तिगत तौर पर निशाने पर लिया जाता है। हरियाणा में गैंग बेखौफ और जनता खौफ में-हुड्डासांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि देश में बॉक्सिंग का बहुत बड़ा स्टेडियम भी भिवानी की बजाय गुजरात में बनाना प्रस्तावित किया है। हरियाणा का हर कोना खेलों में आगे है, ऐसे में कॉमनवेल्थ हरियाणा में होते तो देश को फायदा होता। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि CM नायब सैनी हरियाणा की बजाय पंजाब के किसानों को खाद और MSP का वादा कर रहे हैं। जबकी हरियाणा में खाद की कमी है। बाजरा व धान हरियाणा में MSP से एक हजार कम में बिक रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गैंग बेखौफ और जनता खौफ में है। आज वही लोग फिरोती व धमकी की कॉल से बचे है जो अभी इन गैंग के रडार पर नहीं आये हैं।
रायसेन में हजरत बाबा पीर फतेह उल्लाह शाह चिश्ती की दरगाह शरीफ पर 806वां उर्स मुबारक आज (सोमवार) से शुरू हो गया है। उर्स के दौरान देशभर से जायरीन रायसेन पहुंच गए है। वे बाबा की दरगाह पर देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ करेंगे। हर साल की तरह इस बार भी जिला प्रशासन की ओर से पहली चादर पेश की जाएगी। उर्स के लिए दरगाह शरीफ पर बिजली की सजावट की गई है। जायरीन के लिए कई तरह की व्यवस्थाएं भी की गई हैं। बाहर से आने वाले लोगों के लिए शुद्ध पीने के पानी, साफ-सफाई और अन्य जरूरी इंतजामों पर खास ध्यान रखा गया है। कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार को जुहर की नमाज के बाद मिलाद शरीफ और कुरानखानी हुई। इसके बाद 22 सितंबर को ईशा की नमाज के बाद कव्वाली कार्यक्रम होगा। इसमें कव्वाल सलीम शमीम (जावरा), कव्वाल जफर हुसैन और कव्वाल शादाब हुसैन सहित अन्य कव्वाल अपनी प्रस्तुति देंगे। 23 सितंबर को भी ईशा की नमाज के बाद कव्वाली कार्यक्रम रखा गया है। उर्स का समापन 24 सितंबर की सुबह फजर की नमाज के बाद कुल शरीफ और दुआ के साथ होगा। उर्स के लिए दरगाह परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
बड़वानी में गणेशोत्सव के सातवें दिन रविवार रात बड़वानी के अलग-अलग गणेश पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। झंडा चौक स्थित बड़वानी धरोहर में निमाड़ी भजनों की प्रस्तुति हुई। वहीं पाला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर में किष्किंधा कांड पर आधारित बाली-सुग्रीव युद्ध का नृत्य-नाट्य मंचन किया गया। निमाड़ी भजनों से दिखाई लोक संस्कृति बड़वानी धरोहर के ऐतिहासिक नाभि केंद्र में 20 सितंबर को रात सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। कलाकारों ने निमाड़ी लोकभजनों की प्रस्तुति देकर क्षेत्र की लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया। भजनों के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। कार्यक्रम देखने बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। रात 9 से 12 बजे तक हो रहे कार्यक्रम बड़वानी धरोहर में रात 9 से 12 बजे तक लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 21 सितंबर को सीता स्वयंवर, 22 को हिंडोला महोत्सव और श्याम संकीर्तन होगा। 23 सितंबर को धरोहर विशेष प्रस्तुति और 24 सितंबर को कांतारा की प्रस्तुति होगी। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर शील्ड वितरण के साथ आयोजन का समापन होगा। बाली-सुग्रीव युद्ध का मंचन पाला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर में भी रोज धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। 20 सितंबर को किष्किंधा कांड पर आधारित बाली-सुग्रीव युद्ध का नृत्य-नाट्य मंचन किया गया। कलाकारों ने संवाद, अभिनय और नृत्य के जरिए भगवान श्रीराम की कथा से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया। कलाकारों ने जीवंत किए रामायण के प्रसंग मंचन में बाली और सुग्रीव के बीच हुए संघर्ष के साथ भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंग दिखाए गए। कलाकारों के अभिनय और नृत्य को दर्शकों ने खूब सराहा। प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। आगे नृसिंह अवतार और द्रौपदी चीरहरण मां कालिका माता मंदिर में कार्यक्रमों की श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। 21 सितंबर को नृसिंह अवतार, 22 सितंबर को द्रौपदी चीरहरण और 23 सितंबर को वीरभद्र-शिवशक्ति के प्रचंड रूप की प्रस्तुति होगी।
रोहतक की दादा लख्मी चंद यूनिवर्सिटी सुपवा में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई बॉलीवुड हस्तियों ने हिस्सा लिया और कुछ अभिनेताओं ने अपनी वीडियो भेजकर संदेश दिया। गांव जसिया के रहने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो में रोहतक वासियों के लिए संदेश भेजा। रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो की शुरूआत में सभी को देसी अंदाज में राम राम कहा। रणदीप ने कहा कि मेरा तो कलेजा पाटैन नै हो रहा है कि रोहतक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हो रहा है। सारे ज्यूरी आले, इन कलाकारा पर थोड़ा रहम करियो और स्टूडेंट्स कुछ सीख भी लियो। जिस बीज का मैं पौधा, उसने राम-राम कर दियोरणदीप हुड्डा ने अपने मजाकिया अंदाज में युवाओं से कहा कि लागे रहो, किमै न किमै जरूर होवेगा। जिस पौधे का मैं बीज हूं मेरी मां, वहां जरूर आ रही है। उसने राम-राम जरूर करियो। लागे रहो, खैंचे रहो मीटर। मेहनत कभी बेकार नहीं होती, सफलता जरूर मिलती है। हरिणवी सिनेमा को छूना हुआ मुश्किल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा उद्योग जिस तरफ जा रहा है, उसे छूना मुश्किल हो गया है। मासूम शर्मा मेरा स्टूडेंट भी रहा है और लाइसेंस के रूप में एक अच्छी फिल्म बनाई है। युवा पीढ़ी में बहुत ऊर्जा है, लेकिन उसे सही दिशा देने की जरूरत है। हरियाणा के युवा कमाल कर रहे है। चंद्र शेखर आजाद का शहीद भगत सिंह मूवी में किया रोलबॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि केवल डरावने रोल नहीं किए, बल्कि अच्छे रोल भी किए है। लेकिन लोग डरते हैं तो मैं क्या करू। शहीद भगत सिंह मूवी में चंद्र शेखर आजाद का रोल किया, उससे बड़ा कौन सा रोल हो सकता है। नई पीढ़ी को बताना कि इस प्रकार का सिनेमा बन रहा है। 22 साल पहले रोहतक छोड़ा, बेटे की सफलता से मिली खुशीअभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने कहा कि वह डीएलएफ कॉलोनी में रहती थी और पढ़ाई भी रोहतक से ही की है। एमडीयू से एमए किया है, पहले इसका नाम कुछ ओर था। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत की थी। आशा हुड्डा ने कहा कि वही गुण बेटे रणदीप में भी आए और डॉक्टर बनने की बजाय एक्टिंग में कैरियर बनाया और आज एक सफल अभिनेता के रूप में देखकर काफी खुश है। 22 साल पहले रोहतक को छोड़ा था, लेकिन आज भी आकर वही अहसास जिंदा हो जाता है।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 21 सितंबर, दिन सोमवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातें लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
भोपाल के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह RTO निरीक्षक मीनाक्षी गोखले (45) की उनके घर में हत्या कर दी गई। महिला के सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। घटनास्थल से पुलिस को खून से सना हथौड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सीधी निवासी पवन कुमार द्विवेदी दो दिन पहले भोपाल आया था और मीनाक्षी के घर में रह रहा था। देर रात दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस को आशंका है कि विवाद के बाद पवन ने हथौड़े से मीनाक्षी के सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद घर से करीब 20 मीटर दूर पेड़ पर फंदा लगाकर उसने भी आत्महत्या कर ली। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
संभल में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही संभल में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 177 रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और अच्छी बारिश की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। दोपहर में 33 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान सोमवार सुबह 9 बजे संभल का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक इसके 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई। तेज धूप के बीच रुक-रुककर बादल भी छा रहे हैं। पिछले गुरुवार को तेज आंधी के साथ करीब एक घंटे तक बारिश हुई थी। इसके बाद से पिछले चार दिनों से लोग उमस भरी गर्मी का सामना कर रहे हैं। जून से अगस्त तक 1026 मिमी बारिश इस साल 1 जून से 31 अगस्त तक संभल में 1026 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सितंबर में अब तक 82 मिलीमीटर बारिश हुई है। गंगा किनारे स्थित गुन्नौर तहसील में संभल तहसील के मुकाबले कम बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक बारिश होने का अनुमान है। बारिश से धान की फसल गिरने का दावा पिछले गुरुवार को हुई बारिश के बाद संभल तहसील क्षेत्र में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। गांव निवासी रजाउल हसन ने बताया कि बारिश के कारण धान की फसल गिर गई और कई किसानों की पूरी फसल खराब हो गई। रजाउल हसन के मुताबिक, उन्होंने 15 से 16 बीघा जमीन में धान की खेती की थी, लेकिन अब करीब 9 से 10 बीघा की फसल ही बचने की उम्मीद है। बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी नुकसान हुआ है, क्योंकि उपज का आधा हिस्सा खेत मालिक और आधा बटाईदार को मिलता है। उन्होंने बताया कि पहले एक बीघा में करीब 5 क्विंटल धान होता था, जबकि अब उपज घटकर 3 से 3.5 क्विंटल रहने की आशंका है।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) में एक सप्ताह से छुट्टी मना रहे 6 हाथी सोमवार को फिर ड्यूटी पर लौट गए। 14 सितंबर से चल रहे सात दिवसीय हाथी महोत्सव का रविवार को कामती रेंज के कोर क्षेत्र स्थित खरैर कैंप में समापन हुआ। छुट्टी के दौरान हाथियों से न गश्ती कराई गई और न ही जंगल सफारी का काम लिया गया। समापन समारोह में मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार चौहान, वनमंडल अधिकारी, हरदा, उपसंचालक ऋषिभा नेताम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पसंदीदा खाना खिलाया, स्वास्थ्य जांच और तेल मालिश हुई हाथी महोत्सव के दौरान सभी 6 हाथियों को पसंदीदा भोजन कराया गया। रोज सुबह उन्हें नहलाया गया और तेल से मालिश की गई। स्वास्थ्य की जांच भी की गई। इस दौरान हाथियों को पूरी तरह आराम दिया गया। महावत और चाराकटरों का इंश्योरेंस कराया हाथियों की सेवा, देखभाल और वन्यप्राणी संरक्षण में योगदान के लिए महावतों और चाराकटरों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सीसीएफ, डीएफओ और डिप्टी डायरेक्टर ने उन्हें प्रमाण-पत्र दिए। महावतों और चाराकटरों की जीवन सुरक्षा को देखते हुए उनका इंश्योरेंस भी कराया गया। हाथियों की सेवा और संरक्षण के संदेश के साथ सात दिवसीय शिविर का समापन हुआ।
उन्नाव के शुक्लागंज में सविता महासभा की ओर से शुक्लागंज में परिवार मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सविता समाज की सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि रामचंद्र प्रधान ने समाज को उसकी आबादी के अनुरूप चार प्रतिशत भागीदारी दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार में सविता समाज को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। रामचंद्र प्रधान ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के परिवारों को एक मंच पर लाना और बच्चों को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दौरान भाजपा नेता हिमांशु शर्मा नंदवंशी ने सविता महासभा की ओर से रामचंद्र प्रधान को ज्ञापन सौंपकर कानपुर महानगर में भारत रत्न एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर सड़क मार्ग का नामकरण किए जाने की मांग की। हिमांशु शर्मा ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर सविता, सैन और नंदवंशी समाज के गौरव हैं। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर वर्ष 2020 में भी कानपुर महानगर में जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने वर्ष 2018 में लखनऊ के लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में आयोजित सविता समाज के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में प्रदेश के प्रत्येक जिले में जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा तथा एक प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर किए जाने की घोषणा का हवाला दिया गया। हिमांशु शर्मा ने कहा कि कानपुर जैसे औद्योगिक महानगर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा और सड़क मार्ग का नामकरण समाज के लिए गौरव का विषय होगा। रामचंद्र प्रधान ने इसे समाज के विकास से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मांग को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।
सिद्धार्थनगर के शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक स्कूल बस स्टेयरिंग फेल होने के बाद अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। यह हादसा नदांव बगीचे के पास हुआ। राहत की बात यह रही कि घटना के समय बस में कोई बच्चा या अन्य व्यक्ति सवार नहीं था, जिससे हादसा टल गया। इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। बेलगड़ा स्थित जामिया खदीजा तुल कुबरा निशवा की स्कूल बस सोमवार सुबह बच्चों को उनके घर छोड़ने के बाद वापस लौट रही थी। इसी बीच नदांव बगीचे के पास अचानक बस का स्टेयरिंग फेल हो गया। चालक ने बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन वह बस को नियंत्रित नहीं कर पाया। इसके बाद बस सड़क से नीचे उतरकर नहर में जा गिरी। बस के नहर में गिरने की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर शिवनगर डिडई थाना पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और बस को नहर से बाहर निकलवाने का काम शुरू कराया। पुलिस की मौजूदगी में क्रेन की मदद से बस को नहर से बाहर निकाला गया। हादसे के कारण कुछ समय तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि, बस में किसी के मौजूद नहीं होने से कोई जान का नुकसान नहीं हुआ।स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि बस बच्चों को छोड़ने के बाद वापस न लौट रही होती और उसमें बच्चे सवार होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। समय रहते बच्चे अपने घर पहुंच चुके थे, जिससे हादसा टल गया। पुलिस ने घटना के संबंध में जानकारी जुटाई।
नगर परिषद झुंझुनूं की नई शहरी सरकार का चेहरा सोमवार को साफ हो जाएगा। 60 वार्ड वाली नगर परिषद में सभापति पद के लिए कांग्रेस के अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान और भाजपा के मनु धनखड़ के बीच सीधा मुकाबला है। सभापति का चुनाव आम मतदाता नहीं, बल्कि निर्वाचित पार्षद करेंगे। इसके लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान खत्म होते ही मतगणना की जाएगी और सभापति के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 1 दूर नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 30 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा के 15 और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में भी 15 सीटें गई हैं। 60 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से सिर्फ एक सीट दूर है, जबकि भाजपा को अपने 15 पार्षदों के अलावा 16 अन्य पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा। 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका इसलिए अहम हो गई है। अब्दुल्ला अगवान लगातार दूसरी बार पार्षद कांग्रेस ने वार्ड 41 से निर्वाचित अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। वे लगातार दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं। 2026 के वार्ड 41 के चुनाव में अब्दुल्ला को 1,003 वोट मिले थे और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को 734 वोटों से हराया था। मनु धनखड़ पहली बार पार्षद बने भाजपा ने वार्ड 49 से जीते मनु धनखड़ को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। धनखड़ पहली बार पार्षद बने हैं। वार्ड 49 के चुनाव में उन्हें 651 वोट मिले थे और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को 400 वोटों से हराया था। कांग्रेस को एक वोट की तलाश, भाजपा के सामने 16 जुटाने की चुनौती सभापति चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 31 है। कांग्रेस के पास 30 पार्षद हैं, इसलिए उसे बहुमत के लिए एक अतिरिक्त वोट चाहिए। दूसरी ओर भाजपा के पास 15 पार्षद हैं। पार्टी ने सभापति पद के लिए प्रत्याशी उतारा है, ऐसे में जीत के लिए उसे अपने 15 पार्षदों के अलावा 16 अन्य पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, परिषद परिसर में बैरिकेडिंग सभापति चुनाव को देखते हुए नगर परिषद परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। नामांकन के दौरान अब्दुल्ला अगवान के नामांकन पर आपत्ति के बाद परिषद परिसर में गहमागहमी हुई थी। उस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहा था। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मतदान के दौरान परिषद परिसर में केवल अधिकृत लोगों की आवाजाही रहेगी। निर्वाचित पार्षदों की मौजूदगी और आवाजाही पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
शाहजहांपुर में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सदर बाजार थाना क्षेत्र के मामूड़ी मोहल्ला निवासी वकील अहमद ने आठ लोगों पर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक शुरुआत में एक लाख रुपये लगाने पर उसे 10 हजार रुपये का मुनाफा दिया गया। इससे भरोसा बढ़ा तो उसने धीरे-धीरे 20 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन इसके बाद न मुनाफा मिला और न रकम वापस की गई। वकील अहमद के मुताबिक 26 जून 2024 को अर्चित सक्सेना, ग्याज खान, सौरभ शर्मा, कुमार गौरव, संजू, कुनाल, बृजेश सक्सेना और रचित ने उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को शेयर बाजार में निवेश करने वाली कंपनी से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी में पैसा लगाने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा। आरोपियों ने अपना ऑफिस बाडूजई पेशावरी में और हेड ऑफिस मुंबई में होने की बात कही। साथ ही लखनऊ में कंपनी की एक शाखा होने की जानकारी दी। एक लाख लगाए तो 10 हजार का मुनाफा मिला पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि जितनी रकम वह निवेश करेंगे, उतनी ही कीमत का एग्रीमेंट और चेक उन्हें दिए जाएंगे। शुरुआत में वकील अहमद ने एक लाख रुपये लगाए। इस रकम पर उन्हें 10 हजार रुपये का मुनाफा मिला। पहले निवेश पर मुनाफा मिलने से उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग समय पर कुल 20 लाख रुपये निवेश कर दिए। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें कोई मुनाफा नहीं दिया और रकम भी वापस नहीं की। ऑफिस पहुंचे तो दूसरे पीड़ित भी मिले वकील अहमद ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने जल्द पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। काफी समय बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली तो वह आरोपियों के ऑफिस पहुंचे। वहां उन्हें कई और लोग मिले, जिन्होंने भी उनके साथ धोखाधड़ी होने की बात बताई। पीड़ित के मुताबिक 7 जून को वह दोबारा आरोपियों के ऑफिस गए थे। आरोप है कि वहां उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि यहां का पैसा योगी तक जाता है। आठ लोगों पर एफआईआर, परिवार को खतरा बताया वकील अहमद ने पुलिस को शिकायत देकर कहा कि उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अर्चित सक्सेना समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और निवेश से जुड़ी रकम व दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
नागौर जिले की 9 नगरीय निकायों को आज शहरी सरकार का नया मुखिया मिल जाएगा। यहां नागौर नगर परिषद और बासनी, जायल, मुंडवा, कुचेरा, डेगाना, रियाबड़ी, मेड़ता रोड व मेड़ता सिटी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला नागौर नगर परिषद में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। यहां भाजपा ने संतोष टाक और कांग्रेस ने दीपक सैनी को उम्मीदवार बनाया है। 60 पार्षदों के परिषद में कांग्रेस के 15 और भाजपा के 21 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। जबकि एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और 23 निर्दलीय भी जीते हैं। ऐसे में दोनों ही उम्मीदवारों के पास पूर्ण बहुमत नहीं होने की स्थिति में निर्दलीय किंगमेकर साबित होंगे। इसके लिए भाजपा द्वारा की गई बाडाबंदी के 53 पार्षदों की बाड़ेबंदी के वीडियो भी सामने आ चुके है। जिससे मुकाबला एक तरफा होता हुआ नजर आ रहा है। उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितम्बर को जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगरीय निकायों में उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन 22 सितम्बर को होगा। इसके लिए बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी। नामांकन पत्र 11 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा 11.30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यकता होने पर दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।
सवाई माधोपुर नगर परिषद में सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला है। कांग्रेस की ओर से वार्ड नंबर 6 के पार्षद शैलेंद्र चौधरी और भाजपा की ओर से वार्ड नंबर 56 की पार्षद मेवा चौधरी ने सभापति पद के लिए फार्म दाखिल किया है। बोर्ड बनाने के लिए भाजपा के पास बहुमत है। नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा के 33, कांग्रेस के 18 और निर्दलीय के 9 पार्षद हैं। 22 को उपसभापति का चुनाव नगर परिषद में सभापति पद के लिए 21 सितंबर और उपसभापति पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव होगा। सभापति पद के चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभापति पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद मतगणना कर सभापति के नाम की घोषणा की जाएगी।
नगर निकाय आम चुनाव के तहत जालोर नगर परिषद के सभापति का चुनाव सोमवार को होगा। शहर के 40 वार्डों से निर्वाचित पार्षद मतदान कर शहर की सरकार तय करेंगे। नगर परिषद सभाकक्ष में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना कर दोपहर करीब 3 बजे तक परिणाम घोषित किया जाएगा। सभापति पद के लिए भाजपा के जयसिंह और कांग्रेस के बंशीलाल माली के बीच सीधा मुकाबला है। वार्ड-33 से निर्वाचित जयसिंह को पार्षद चुनाव में 419 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे को 191 मतों से हराया था। वहीं, वार्ड-25 से जीते बंशीलाल माली को 485 वोट मिले थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दलपत सिंह को 160 मतों से हराया था। रिटर्निंग अधिकारी मनोज चौधरी ने बताया कि सभी निर्वाचित पार्षदों को मतदान के लिए निर्वाचन प्रमाण-पत्र के साथ निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा। सात निर्दलीय बन सकते हैं निर्णायक नगर परिषद के 40 वार्डों में कांग्रेस ने 19, भाजपा ने 14 और निर्दलीयों ने 7 सीटें जीती हैं। बोर्ड बनाने के लिए 21 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। कांग्रेस को बहुमत के लिए दो, जबकि भाजपा को सात अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। ऐसे में सात निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। सायला में पहली बार चुना जाएगा पालिका अध्यक्ष नवगठित सायला नगर पालिका में भी सोमवार को पहली बार अध्यक्ष का चुनाव होगा। यहां के 25 निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे। चुनाव में भाजपा ने 17, कांग्रेस ने 7 और निर्दलीय ने एक सीट जीती है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से वार्ड- 8 से मोहनलाल मेघवाल और कांग्रेस से वार्ड-7 भोलाराम मेघवाल आमने-सामने हैं। भाजपा के भंवरलाल सरगरा नामांकन वापस ले चुके हैं। संख्या बल के आधार पर सायला में भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है। उपसभापति का चुनाव 22 सितंबर को नगर परिषद उपसभापति का चुनाव मंगलवार, 22 सितंबर को होगा। सुबह 10 से 11 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे और 11:30 बजे से नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यकता होने पर दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा और इसके तत्काल बाद मतगणना की जाएगी।
सभापति के लिए मतदान आज:बीजेपी-कांग्रेस का सीधा मुकाबला, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी वोटिंग
चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में आज सोमवार को सभापति का मतदान किया जाएगा। यहां बीजेपी से अनिल ईनाणी और कांग्रेस से नगेंद्र सिंह राठौड़ के बीच सीधा मुकाबला है। इसे लेकर नगर परिषद रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यहां 21 सितम्बर को अध्यक्ष एवं 22 सितम्बर को उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित नगर निकाय एवं निर्वाचन स्थलों पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। दोपहर 2 बजे बाद काउंटिंग शुरू होगी।
बुलंदशहर को मिलीं 17 नई अदालतें:6 एचजेएस, 9 सिविल जज सीनियर और 2 जूनियर डिवीजन कोर्ट शामिल
बुलंदशहर में लोगों और न्यायिक व्यवस्था के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। प्रदेश की जिला न्यायपालिका में लंबित मुकदमों को जल्दी निपटाने के लिए सरकार ने पहले चरण में 900 नए कोर्ट बनाने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत बुलंदशहर जिले को कुल 17 नए कोर्ट मिले हैं। इस फैसले से सालों से तारीखों के चक्कर में फंसे मुकदमों के निपटारे में तेजी आएगी और न्याय व्यवस्था मजबूत होगी। सरकार ने पूरे प्रदेश में कुल 9149 कोर्ट बनाने की योजना बनाई है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। प्रमुख सचिव न्याय उदय प्रताप सिंह के आदेश के अनुसार, पहले चरण में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए 900 नए कोर्ट और उनसे जुड़े पदों को मंजूरी मिली है। इनमें से 17 कोर्ट बुलंदशहर जिले को दिए गए हैं। इनमें 6 हायर ज्यूडिशियल सर्विस (HJS) की अदालतें, 9 सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालतें और 2 सिविल जज जूनियर डिवीजन की नई अदालतें शामिल हैं। यह नई व्यवस्था मौजूदा और नए बने पदों के हिसाब से सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर धीरे-धीरे लागू की जाएगी। अभी कोर्ट में करीब 2.65 लाख मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें 45 साल पुराने मामले भी शामिल हैं। नई अदालतें बनने के बाद इन मुकदमों को निपटाने में भी तेजी आ सकेगी। बुलंदशहर की न्यायपालिका जिले के बड़े और घनी आबादी वाले इलाके की कानूनी जरूरतों को पूरा करती है। अभी जिले न्यायाधीश न्यायालय, परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT), पॉक्सो विशेष अदालतें, एससी/एसटी विशेष न्यायालय और तहसील स्तर पर स्याना व डिबाई जैसे ग्राम न्यायालयों को मिलाकर करीब 50 से 53 नियमित और विशेष अदालतें काम कर रही हैं। अब 17 नई अदालतें जुड़ने से जिले में न्यायिक बेंचों की कुल संख्या बढ़कर करीब 70 हो जाएगी। इससे न्यायिक व्यवस्था का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत होगा।
बुलंदशहर के समाजसेवी उमेश पंडित ने वृंदावन स्थित जीवन ज्योति अंध विद्यालय के 250 दृष्टिबाधित बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, रहने, कपड़ों और खान-पान का खर्च वहन करने की घोषणा की। उमेश पंडित ने कहा कि ये बच्चे दुनिया को आंखों से नहीं देख पाते, लेकिन इनके भीतर आगे बढ़ने और कुछ कर दिखाने की मजबूत इच्छा है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति एक पिता और भाई के रूप में जुड़ाव है। जब तक वह सक्षम हैं, बच्चों को किसी तरह की कमी महसूस नहीं होने देंगे। उनकी पहल से विद्यालय में खुशी का माहौल रहा। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान नजर आई। समाजसेवी की इस पहल की लोगों ने सराहना की।
ललितपुर में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपियों की जमानत कराने के कथित मामले में पुलिस ने पेशेवर जमानतदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। कोतवाली ललितपुर पुलिस ने उपनिरीक्षकों की शिकायत पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत कराते थे और इसके बदले रुपये लेते थे। पहली FIR में चार लोग नामजद पहली एफआईआर में नेहरू नगर निवासी कन्हैया लाल पुत्र बारे लाल, राजेश पुत्र बारे लाल, जगदीश पुत्र रमेश शंकर और रमेश पुत्र कमल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग वन संरक्षण अधिनियम, एनडीपीएस, मारपीट और धोखाधड़ी जैसे मामलों में पेशेवर जमानतदार के तौर पर खड़े होते थे। आरोप है कि जमानत प्रक्रिया में संपत्ति से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का कहना है कि इस तरीके से आपराधिक मामलों के आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाया जाता था और जमानतदार आर्थिक फायदा उठाते थे। दूसरी FIR में चार अन्य आरोपी नई बस्ती चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह की शिकायत पर भी कोतवाली ललितपुर में एक और मुकदमा दर्ज किया गया। यह एफआईआर 20 सितंबर को रात 10:16 बजे दर्ज हुई। इसमें आजादपुरा निवासी बाबूलाल उर्फ बल्लू पुत्र कम्मोद, पप्पू पुत्र फूलचंद्र, थाना जाखलौन के पिपरिया वंशा निवासी दुली पुत्र अर्दली और नेहरू नगर निवासी लक्ष्मन पुत्र हल्कू को नामजद किया गया है। इन पर शातिर अपराधियों और वारंटियों की जमानत कराने के लिए फर्जी कागजात इस्तेमाल करने का आरोप है। जिले में अब तक 22 लोगों पर केस पुलिस के अनुसार, जांच में संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमानत प्रक्रिया को प्रभावित करने की बात सामने आई है। जिले में फर्जी जमानत के मामलों में अब तक कुल 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। दोनों नए मामलों की जांच की जा रही है।
सतना में कोलगवां थाना पुलिस ने एक युवक को युवती को ब्लैकमेल कर उसकी ज्वेलरी हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को अनाथ बताकर युवती से दोस्ती की थी और फिर उसके आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर गहने चुरा लिए। टीआई सुदीप सोनी ने बताया कि आरोपी रवि कुमार पांडेय (32 वर्ष) रीवा के खुटेही का रहने वाला है। वह कई सालों से सतना में किराए के कमरे में रहता था। उसने खुद को अनाथ और बेसहारा बताकर 25 वर्षीय युवती से जान-पहचान बढ़ाई। युवती उस पर तरस खाकर अक्सर उसकी आर्थिक मदद करने लगी थी। इसी का फायदा उठाकर 1 मार्च 2026 को आरोपी चुपचाप युवती के घर पहुंचा। उसने चोरी-छिपे युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिए। वायरल करने की धमकी देकर धमकायाबाद में आरोपी ने इन फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। उसने घर में रखे कीमती सामान की जानकारी ली और लाखों की ज्वेलरी लेकर गायब हो गया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे डरा-धमका कर चुप करा दिया। यह मामला 14 सितंबर को तीज के मौके पर सामने आया। जब पीड़िता की बहन और मां ने बक्सा खोला तो उसमें गहने नहीं मिले। तब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर आरोपी की करतूत अपने परिवार को बताई। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे। युवती के बयान पर बीएनएस की धारा 308(2), 316(2), 318(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने खोजबीन करते हुए रविवार को आरोपी रवि पांडेय को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर गहने बरामद किए गए। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
श्रीगंगानगर नगर परिषद के सभापति पद के लिए सोमवार, 21 सितंबर को मतदान होगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे। मतदान समाप्त होते ही मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। 65 सदस्यीय नगर परिषद में इस बार भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। कांग्रेस के 17 और निर्दलीय पार्षदों की संख्या 18 है। सभापति चुनने के लिए बहुमत का आंकड़ा 33 है। ऐसे में भाजपा को बहुमत के लिए कम से कम तीन पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। भाजपा के अजय दावड़ा-संजय मूंदड़ा के बीच मुकाबला सभापति चुनाव को लेकर पिछले दिनों भाजपा में अंदरूनी खींचतान चर्चा में रही। भाजपा ने अजय दावड़ा को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। वहीं, संजय मूंदड़ा निर्दलीय मैदान में हैं। नाम वापसी के बाद मुकाबला इन दोनों के बीच रहेगा। कांग्रेस के पार्षदों की मूंदड़ा को समर्थन देने की चर्चा भी हो रही है। भाजपा के पास अपने 30 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 17 और निर्दलीयों के 18 पार्षद हैं। इसलिए मतदान में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। बंद कमरे की रणनीति से मतदान तक पहुंचेगा मामला परिणाम आने के बाद से ही सभापति पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। विभिन्न गुट अपने-अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने और समर्थन जुटाने में लगे हैं। अब अंतिम फैसला पार्षदों के मतदान से होगा। 21 सितंबर को सुबह 10 बजे मतदान शुरू होगा और दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इसके बाद मतगणना होगी। यानी कुछ घंटों में साफ हो जाएगा कि श्रीगंगानगर नगर परिषद की अगली सभापति की कुर्सी किसके हिस्से आती है।
त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मऊ और आसपास के यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने का फैसला किया है। 04823/04824 जोधपुर-मऊ-जोधपुर साप्ताहिक त्योहार स्पेशल ट्रेन कुल 9 फेरों के लिए चलेगी। इससे मऊ के साथ रास्ते में पड़ने वाले कई शहरों के यात्रियों को राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच आने-जाने की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। 04823 जोधपुर-मऊ साप्ताहिक त्योहार स्पेशल ट्रेन 4 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक हर रविवार चलेगी। जोधपुर से ट्रेन शाम 5 बजे रवाना होगी। रास्ते में पीपाड़ रोड, गोटन, मेड़ता रोड, रेन, डेगाना, मकराना, कुचामन सिटी, नावा सिटी, फुलेरा और जयपुर स्टेशन पर ठहरेगी। इसके बाद ट्रेन बांदीकुई, भरतपुर, मथुरा, हाथरस सिटी, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज और कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। आगे ऐशबाग, बादशाहनगर, अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम, शाहगंज, खोरासन रोड, आजमगढ़ और मुहम्मदाबाद होते हुए अगले दिन रात 11:40 बजे मऊ पहुंचेगी। मंगलवार को मऊ से होगी वापसी वापसी में 04824 मऊ-जोधपुर साप्ताहिक त्योहार स्पेशल ट्रेन 6 अक्टूबर से 1 दिसंबर 2026 तक हर मंगलवार चलेगी। मऊ से ट्रेन सुबह 4 बजे रवाना होगी। मुहम्मदाबाद, आजमगढ़, खोरासन रोड, शाहगंज, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट, बादशाहनगर और ऐशबाग होते हुए ट्रेन कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद कन्नौज, फर्रुखाबाद, कासगंज, हाथरस सिटी, मथुरा, भरतपुर और जयपुर के रास्ते अगले दिन सुबह 8:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी। 20 कोच की होगी ट्रेन रेलवे के मुताबिक, त्योहार स्पेशल ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 4 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 8 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर/डी कोच शामिल हैं। इस ट्रेन के संचालन से अलग-अलग श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। खासकर त्योहार के समय मऊ और आसपास के क्षेत्रों से राजस्थान जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। बढ़ती भीड़ में यात्रियों को मिलेगी राहत रेलवे के अनुसार त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। जोधपुर और मऊ के बीच चलने वाली ट्रेन से रास्ते में पड़ने वाले उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई प्रमुख शहरों के यात्रियों को भी अतिरिक्त आवागमन सुविधा मिलेगी। इससे नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
दौसा जिले के 10 नगरीय निकायों को आज शहरी सरकार का नया मुखिया मिल जाएगा। यहां दौसा व लालसोट नगर परिषद और मंडावरी, रामगढ़ पचवारा, लवाण, भांडारेज, सिकराय, बांदीकुई, बसवा व मंडावर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला दौसा नगर परिषद में भाजपा-कांग्रेस के बीच रोचक मुकाबला है। यहां भाजपा ने कविता गुर्जर और कांग्रेस ने रेखा गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। 55 पार्षदों के परिषद में कांग्रेस के 24 और भाजपा के 17 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। जबकि 14 निर्दलीय भी जीते हैं। ऐसे में दोनों ही उम्मीदवारों के पास पूर्ण बहुमत नहीं होने की स्थिति में निर्दलीय किंगमेकर साबित होंगे। इसके लिए दोनों ही पार्टियों ने बाडाबंदी कर रखी है और अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितम्बर को जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगरीय निकायों में उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन 22 सितम्बर को होगा। इसके लिए बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी। नामांकन पत्र 11 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा 11.30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यकता होने पर दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।
आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त और सोचने-समझने की शक्ति से जुड़ी दिक्कतें सामने आ रही हैं। अल्जाइमर बीमारी का सही कारण अभी पूरी तरह साफ नहीं है।विशेषज्ञों के मुताबिक, उम्र, आनुवंशिकता, माहौल और लाइफस्टाइल जैसे कई कारण इसमें शामिल हो सकते हैं। 65 साल से ज्यादा उम्र में इसका खतरा बढ़ता है, लेकिन सिर्फ उम्र को ही इसका कारण नहीं माना जाता। दिमाग को एक्टिव रखने वाले तरीके अपनाएंआज सोमवार को विश्व अल्जाइमर दिवस है। झालावाड़ अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि गुप्ता ने बताया कि 40 साल की उम्र से ही याददाश्त को अच्छा रखने वाली आदतों पर ध्यान देना चाहिए।जानकारी को सही तरीके से पढ़ना, दोहराना और प्रैक्टिस करना याद रखने में मदद कर सकता है। कविता, गीत, चुटकुले और पहेलियों जैसे तरीकों से भी दिमाग को एक्टिव रखा जा सकता है।इसके साथ ही सामाजिक कामों में हिस्सा लेना और दिमागी तौर पर एक्टिव रहना भी फायदेमंद हो सकता है। शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज नहीं करेंडिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों में हाल की घटनाएं या तारीखें भूलना, एक ही सवाल बार-बार पूछना और चीजों को गलत जगह पर रख देना शामिल है।बातचीत के दौरान आम चीजों या जाने-पहचाने लोगों के नाम याद करने में दिक्कत भी एक लक्षण हो सकता है।इसके अलावा, प्लान बनाने, आम दिक्कतें सुलझाने या मासिक बिल जैसे जाने-पहचाने काम करने में मुश्किल, तारीख-समय या जगह को लेकर भ्रम और मूड में बदलाव भी शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति से ऐसे सीधे सवाल नहीं पूछने चाहिए, जिनमें उसे हाल की घटनाएं याद करने का दबाव महसूस हो।इसके बजाय, उसे हिंट देकर या आराम से बात करनी चाहिए। व्यक्ति क्या कहना चाहता है, उसे समझने की कोशिश करें।अगर उसकी बात असलियत से मेल नहीं खाती, तो उससे बहस करने या बार-बार ठीक करने के बजाय उसकी भावनाओं को समझना जरूरी है।
बांदा में करीब नौ करोड़ रुपए के कोडीनयुक्त कफ सीरप कारोबार की जांच में जेल भेजे गए पांच आरोपियों को पुलिस जल्द रिमांड पर ले सकती है। जांच अधिकारी गौरव मिश्रा ने अभी अदालत में रिमांड अर्जी दाखिल नहीं की है। पुलिस इसी हफ्ते अर्जी देने की तैयारी में है। रिमांड मिलने पर आरोपियों से पूछताछ कर कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में करीब 10 से 15 लोग शामिल हो सकते हैं। डीसीएम से पकड़ी गई थीं 30 हजार बोतलें तीन सितंबर को बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एसटीएफ और पुलिस ने एक डीसीएम से 30 हजार बोतल कोडीनयुक्त कफ सीरप बरामद किया था। इसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई थी। जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि इससे पहले भी करीब तीन-तीन करोड़ रुपये की दो खेप बेची जा चुकी थीं। इस तरह अब तक करीब नौ करोड़ रुपये के कारोबार से जुड़ी जानकारी जांच में सामने आई है। जांच की कड़ियां बांदा के अलावा चित्रकूट, हमीरपुर और सतना तक पहुंचने की बात कही जा रही है। सप्लायर और खरीदारों की भूमिका खंगालेगी पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस सप्लायर, खरीदार, परिवहनकर्ता और लेनदेन से जुड़े लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाएगी। जांच में दिल्ली की गणेश फार्मा से सप्लाई और हमीरपुर की ओम मेडिकल एजेंसी से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं। करीब 20 लाख रुपये की खेप के बिल, खरीद, भुगतान और वास्तविक आपूर्ति की जांच की जा रही है। इसके अलावा अतर्रा की श्रीकृष्णा मेडिकल के नाम पर काटे गए करीब 13-13 लाख रुपये के दो कथित फर्जी बिलों से जुड़ी शिकायत भी जांच के दायरे में है। मोबाइल, बैंक खातों और दस्तावेजों का होगा मिलान रिमांड मिलने पर पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों, वाहनों, ई-वे बिल और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर सकती है। इससे कारोबार में सप्लाई और भुगतान की कड़ियों से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
राजसमंद सभापति का चुनाव आज:कांग्रेस के मोहनलाल कुमावत और भाजपा की अनिता पालीवाल आमने-सामने
राजसमंद नगर परिषद के सभापति पद के लिए आज (21 सितंबर) को मतदान होगा। कांग्रेस की ओर से तीन नामांकन दाखिल किए गए थे, लेकिन चुन्नीलाल पंचोली और भूरालाल कुमावत ने गुरुवार को अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद कांग्रेस से अब सिर्फ मोहनलाल कुमावत मैदान में हैं। भाजपा की ओर से पहले से ही अनिता पालीवाल एकमात्र प्रत्याशी हैं। नगर परिषद के 45 वार्डों में भाजपा के 27, कांग्रेस के 14 और निर्दलीय 4 पार्षद जीते हैं। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान सभापति पद के लिए सोमवार को जिला परिषद सभागार में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान प्रक्रिया होगी। इसके बाद मतगणना की जाएगी और राजसमंद नगर परिषद के सभापति के नाम की घोषणा होगी। भाजपा की अनिता पालीवाल ने पहली बार वार्ड 6 से पार्टी की ओर से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की है। कुमावत समाज ने सभापति बनाने की मांग रखी थी इस बार कुमावत समाज की ओर से समाज से सभापति बनाने की मांग रखी गई थी। भाजपा की ओर से अनिता पालीवाल का नामांकन दाखिल किए जाने के बाद शनिवार को कुमावत समाज ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। समाज की ओर से भाजपा खेमे के 9 कुमावत समाज के पार्षदों को समाज को सौंपने की मांग की गई थी। इसके बाद भाजपा के 9 पार्षदों का वीडियो जारी होने के बाद कुमावत समाज का धरना प्रदर्शन शांत हुआ। जिले की 5 निकायों में हुए चुनाव जिले में इस बार 5 निकायों के लिए चुनाव हुए हैं। इनमें राजसमंद नगर परिषद के अलावा नाथद्वारा, भीम, देवगढ़ और आमेट नगर पालिकाएं शामिल हैं। भीम में यशोदा कुंवर का निर्विरोध निर्वाचन तय भीम नगर पालिका में कुल 20 वार्डों के लिए चुनाव हुए। इनमें कांग्रेस के 14, भाजपा के 2 और निर्दलीय 4 पार्षद जीते हैं। अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ यशोदा कुंवर ने नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में उनका निर्विरोध निर्वाचन तय है। देवगढ़ में भाजपा-कांग्रेस की तारा देवी आमने-सामने देवगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। यहां कुल 25 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में भाजपा के 16 पार्षद जीते हैं, जबकि कांग्रेस के 7 और 2 निर्दलीय पार्षद विजयी हुए हैं। भाजपा ने तारा देवी कंसारा और कांग्रेस ने तारा कुमारी कंसारा को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। दोनों प्रत्याशियों के नाम में तारा कॉमन है। नाथद्वारा में भाजपा-कांग्रेस में सिर्फ एक सीट का अंतर नाथद्वारा नगर पालिका में कुल 40 वार्ड हैं। इनमें भाजपा के 20, कांग्रेस के 19 और एक वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी जीता है। ऐसे में अध्यक्ष पद का चुनाव रोचक रहने की संभावना है। आमेट में भाजपा के 14, कांग्रेस के 11 पार्षद 25 वार्ड वाली आमेट नगर पालिका में भाजपा के 14 और कांग्रेस के 11 प्रत्याशी जीते हैं। भाजपा ने दिनेश सरणोत को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने शौर्य मेवाड़ा को उम्मीदवार बनाया है।
गाजीपुर में डीएलएड प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं सोमवार (आज) सुबह 10 बजे से शुरू हो रही हैं। इसके लिए जिले में कुल 39 केंद्र बनाए गए हैं, जहां दोनों सेमेस्टर के 24,998 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। पहले सेमेस्टर की परीक्षा 21 से 23 सितंबर तक चलेगी, जिसमें 15,780 अभ्यर्थी शामिल होंगे। तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा 24 से 26 सितंबर तक होगी, जिसमें 9,218 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। पहले सेमेस्टर की परीक्षा 21 सितंबर को दो पालियों में होगी। वहीं, 22 और 23 सितंबर को तीन-तीन पालियों में परीक्षा कराई जाएगी। इसके बाद 24 से 26 सितंबर तक तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा होगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी के कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश के 68 जिलों में डीएलएड की ये परीक्षाएं हो रही हैं। अभ्यर्थियों की ज्यादा संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकल रहित कराने के लिए निगरानी का इंतजाम किया है। परीक्षा के लिए जोनल व्यवस्था के साथ 12 सेक्टर बनाए गए हैं। सभी 39 परीक्षा केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और इतने ही पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश और परीक्षा के संचालन पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह, केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी, प्रवेश के दौरान जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खास सतर्कता बरती जा रही है।
बांसवाड़ा जिले की एक नगरपरिषद और दो नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। नामांकन वापसी का समय समाप्त होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। आज दोपहर तक तीनों निकायों में सभापति व अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला हो जाएगा। बांसवाड़ा नगरपरिषद 60 वार्डों वाली इस परिषद में भाजपा के पास 34, कांग्रेस के पास 22 और 4 निर्दलीय हैं। भाजपा के मुकेश रावत और कांग्रेस के गौतम मईड़ा आमने-सामने हैं। स्पष्ट बहुमत के कारण यहां भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय है। कुशलगढ़ नगरपालिका 20 वार्डों वाले इस निकाय में भाजपा के 10, कांग्रेस के 9 और 1 निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा से हितेश पडियार और कांग्रेस से सुशीला प्रजापत मैदान में हैं। एकमात्र निर्दलीय ही यहां हार-जीत तय करेगा। गढ़ी-परतापुर नगरपालिका 25 सदस्यीय इस बोर्ड में कांग्रेस के 12 और भाजपा के 11 पार्षद हैं। कांग्रेस के सुदीप पंचोरी और भाजपा के सुनील आचार्य के बीच मुकाबला है। संख्या बल में कांग्रेस आगे है, लेकिन निर्णय निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है। आज मतदान के बाद परिणामों से साफ हो जाएगा कि तीनों निकायों की कमान किसके हाथ में जाएगी।
वाराणसी में भारतीय किसान संघ की ओर से 23 सितंबर को जिला मुख्यालय स्थित शास्त्री घाट, कचहरी में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हरहुआ ब्लॉक के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क किया गया। कार्यकर्ताओं ने रामसिंहपुर, सिंगापुर, बझिया, मोहनपुर लुच्चेपुर और विशुनपुर गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की गई। जनसंपर्क अभियान में जिला अध्यक्ष संजय सिंह, जिला मंत्री विपुल सिंह, जिला प्रचार प्रमुख जयशंकर सिंह, जिला कार्यकारिणी सदस्य राजेश श्रीवास्तव, हरहुआ ब्लॉक अध्यक्ष ज्योति पटेल, ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्य पीयूष, अशोक कुमार, कैलाश मास्टर सहित क्षेत्र के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
सीतापुर के जिला महिला अस्पताल में रविवार शाम नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने और उपचार के नाम पर रुपए मांगने का आरोप लगाया। शव लेने पहुंचे परिजनों ने बच्चा बदले जाने की आशंका भी जताई। सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस ने मामला शांत कराया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। शहर कोतवाली क्षेत्र में सिटी स्टेशन के पास सरदार कॉलोनी निवासी जमीला, पत्नी जलील, के परिवार के मुताबिक उनकी बहू को 18 सितंबर को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि जन्म के बाद डॉक्टरों ने नवजात की हालत खराब बताई और उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। परिवार के मुताबिक बच्चे का करीब दो दिनों तक आईसीयू में इलाज चला। पांच हजार रुपये मांगने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि नवजात के इलाज के लिए अस्पताल की ओर से पांच हजार रुपये मांगे गए। परिवार के मुताबिक वे पहले ही बच्चे के उपचार में करीब दो हजार रुपये खर्च कर चुके थे। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे तत्काल पांच हजार रुपये की व्यवस्था नहीं कर सके। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद बच्चे को करीब तीन दिनों तक उनसे मिलने नहीं दिया गया। उनका यह भी कहना है कि उन्हें नवजात को दूध तक नहीं पिलाने दिया गया। मौत की सूचना पर शव लेने पहुंचे तो जताई आशंका रविवार शाम करीब 6 बजे अस्पताल की ओर से परिजनों को नवजात की मौत की जानकारी दी गई। इसके बाद परिवार के लोग शव लेने पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने शव को लेकर आपत्ति जताई और बच्चा बदले जाने की आशंका व्यक्त की। इस बात को लेकर अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। तहरीर के बाद पोस्टमार्टम, जांच शुरू हंगामे के बाद परिजनों ने कोतवाली नगर पुलिस को तहरीर दी। इसमें पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में लापरवाही, रुपये मांगने और बच्चा बदले जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में आरक्षक चंद्रकिशोर रघुवंशी की पत्नी प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को रविवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सुसाइड नोट में प्रताड़ना का जिक्र प्रीति रघुवंशी ने 9 फरवरी 2026 को फांसी लगाकर जान दे दी थी। जांच के दौरान पुलिस को उसका सुसाइड नोट मिला था। इसमें पति और ससुराल पक्ष की ओर से कथित मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का जिक्र था। मायके पक्ष ने भी प्रीति की मौत के लिए पति और ससुराल वालों को जिम्मेदार बताते हुए पुलिस में शिकायत की थी। पति, सास और दो ननद पर केस पुलिस ने आरक्षक पति चंद्रकिशोर रघुवंशी, सास प्रेमवती रघुवंशी और दो ननद के खिलाफ BNS की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद चंद्रकिशोर और उसकी मां फरार चल रहे थे। पुलिस ने रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। दोनों ननद पहले ही गिरफ्तार मामले में आरोपी दोनों ननद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल दोनों जमानत पर हैं। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट और मायके पक्ष के आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की गई है।
जैसलमेर नगरपरिषद सभापति का चुनाव आज होने जा रहा है। चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जैसलमेर नगर परिषद सभापति चुनाव के लिए चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। मतदान के तुरंत बाद मतों की गिनती कर परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसमें केवल निर्वाचित सदस्य ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव प्रक्रिया के तहत सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के ठीक बाद मतों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा मतदान जैसलमेर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। जैसलमेर नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए निर्वाचित सदस्यों की विशेष बैठक आज नगर परिषद कार्यालय में आयोजित की जाएगी। जैसलमेर के रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम वीरेंद्र सिंह ने जानकारी दी है कि इस चुनाव प्रक्रिया के तहत सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के ठीक बाद मतों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वहां मौजूद रहकर मतदान और मतगणना की कार्यवाही का अवलोकन कर सकेंगे। इस निर्वाचन प्रक्रिया में केवल वार्डों से चुनकर आए अधिकृत सदस्यों को ही वोट डालने का अधिकार दिया गया है। बीजेपी-कांग्रेस में आमने सामने मुकाबला जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव में सभापति पद बीजेपी के विजय डांगरा और कांग्रेस के निर्मल पुरोहित में आमने सामने मुकाबला है। गौरतलब है कि कांग्रेस के निर्मल पुरोहित चुनाव हार गए थे मगर कांग्रेस ने हाइब्रिड नियम के तहत उनको सभापति का टिकट देकर चुनाव लड़वाया है। बीजेपी और कांग्रेस के सभी पार्षद बाड़ेबंदी से बाहर आकर जैसलमेर पहुंच गए हैं।
यमुनानगर जिले के सढ़ौरा क्षेत्र में गांव पांडो के पास तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रही बाइक ने आगे निकलने का प्रयास कर रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में अंबाला के गांव लखनौरा निवासी मनजीत सिंह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के समय मनजीत का बड़ा भाई सोहन सिंह अपनी कार से उसके पीछे ही चल रहा था। भाई ने राहगीरों की मदद और डायल-112 की टीम के जरिए घायल मनजीत को अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर टक्कर मारने वाली बाइक के अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीछे-पीछे कार में चल रहा था भाई सढौरा थाना पुलिस को सोहन सिंह ने बताया कि वह ट्रक ड्राइवर है और उसका छोटा भाई मनजीत सिंह भी ट्रक चलाता था और कुंवारा है। मनजीत सिंह अपनी बाइक से यमुनानगर के मेहता अस्पताल में दवाई लेने गया था। दवाई लेने के बाद वह बाइक से वापस अपने घर लखनौरा की तरफ जा रहा था। सोहन सिंह के मुताबिक, वह भी किसी निजी काम से गांव सरावा की तरफ आया हुआ था। काम खत्म करने के बाद वह अपनी कार से मनजीत के पीछे-पीछे घर लौट रहा था। जब मनजीत गांव पांडो के पास पहुंचा, तो उसके आगे एक बाइक चल रही थी। बाइक पर चालक के साथ एक महिला भी बैठी हुई थी। आरोपी मौके से हुआ फरार आरोप है कि बाइक राइडर को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। मनजीत सिंह जब उक्त बाइक को ओवरटेक करने लगा, तो राइडर ने अचानक अपनी बाइक मोड़ते हुए मनजीत की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मनजीत सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर राहगीर एकत्र हो गए और आरोपी भाग गया। कुछ देर बाद डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची। राहगीरों की मदद से घायल मनजीत को सिविल अस्पताल सढ़ौरा पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी लखविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।
सिद्धार्थनगर। जिले में एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम भेलौजी बुजुर्ग, थाना लोटन निवासी पूजा द्विवेदी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2007 में अभय पाठक, पुत्र ओमप्रकाश पाठक, निवासी मोहल्ला इंदिरानगर, सिद्धार्थनगर के साथ हुई थी। शिकायत के मुताबिक, शादी के बाद से ही पति अभय पाठक, सास गायत्री, ससुर ओमप्रकाश पाठक, जेठानी महेश्वरी और देवर सत्येंद्र, अमरेन्द्र व उपेंद्र उसे मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान करते थे। महिला ने इन लोगों पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। मायके पहुंचकर मारपीट और धमकी देने का आरोप पूजा के अनुसार, 18 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे पति अभय पाठक, जेठ महेश्वरी और देवर सत्येंद्र उसके मायके ग्राम भेलौजी बुजुर्ग पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचते ही तीनों ने गाली-गलौज की और उसके साथ मारपीट की। उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत के मुताबिक, आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। पति समेत सात लोगों पर मुकदमा महिला ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अभय पाठक, गायत्री, ओमप्रकाश पाठक, महेश्वरी, सत्येंद्र, अमरेन्द्र और उपेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में पुलिस की विवेचना अंतिम चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने चार्जशीट लगभग तैयार कर ली है। मामले में 90 दिन की वैधानिक अवधि 22 सितंबर को पूरी हो रही है। ऐसे में मंगलवार के बाद कभी भी चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जा सकती है। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच पूरी करने का दावा किया है। 25 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एफआईआर में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र को नामजद किया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपियों पर मंदिर से चोरी, कर्मचारी के रूप में संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति को छिपाने या इस्तेमाल करने में मदद, आपराधिक षड्यंत्र और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है। किस आरोपी की क्या भूमिका बताई गई पुलिस के अनुसार रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे। अनुकल्प के घर से करीब 20 लाख और लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है। मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र भी नकदी गिनती से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक अविनाश के खाते से पांच लाख रुपए रिकवर हुए थे। सीसीटीवी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तक खंगाले विवेचना में मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। चढ़ावा काउंटिंग से जुड़े रजिस्टरों की जांच की गई। संबंधित कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए। फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में चोरी की कथित कार्यप्रणाली, आरोपियों की भूमिका और बरामदगी का विवरण शामिल किए जाने की बात सामने आई है। 90 दिन में चार्जशीट नहीं तो डिफॉल्ट बेल का अधिकार वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम् पांडेय के अनुसार, यदि किसी मामले में कानून के तहत 90 दिन की अवधि लागू होती है और इस अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होती, तो आरोपी को वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। इस मामले में 90 दिन की अवधि 22 सितंबर को पूरी हो रही है। ऐसे में पुलिस के लिए चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा अहम हो गई है।
पाली नगर निगम के महापौर बनने के लिए इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय के रूप में राजबाला ने मैदान में उतरकर महापौर के चुनाव को रोचक बना दिया है। राजबाला के समर्थक नगर निगम पहुंच चुकी है। कांग्रेस से सुमित्रा जैन, भाजपा से नमिता बुबकिया और निर्दलीय राजबाला हिंगड़ में महापौर बनने के लिए टक्कर है। पाली नगर निगम में जीते हुए सभी 65 पार्षद सोमवार को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान करेंगे। उसके बाद मतगणना कर परिणाम जारी किया जाएगा। सुरक्षा को लेकर नगर निगम में भारी पुलिस जाप्ता तैनात दिखा। जिले में कही त्रिकोणीय तो कही आमने-सामने की टक्कर पाली नगर निगम में महापौर के लिए और जिले की 08 नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को पार्षद मतदान कर महापौर और अध्यक्ष का चुनाव हो रहा है। पाली नगर निगम, सोजत-सादड़ी नगर पालिका में अध्यक्ष बनने के लिए त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। वही जिले की रानी, तखतगढ़, खुडाला-फालना, सुमेरपुर, मारवाड़ जंक्शन और सोजतरोड नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों में आमने-सामने की टक्कर देखने को मिलेगी। किस निकाय में किसकी कैसी स्थितिजिले के फालना, सोजतरोड, सुमेरपुर और तखतगढ़ में भाजपा बोर्ड बनाने में लीड में है। वही पाली नगर निगम सहित जिले के मारवाड़ जंक्शन, रानी, सोजत सिटी और सादड़ी में टक्कर देखने को मिलेगी। बाली में भाजपा की देवी बाई निविर्रोध अध्यक्ष बनी। जाने कौन किस निकाय से मैदान में जाने किस निकाय में किस पार्टी के कितने पार्षद जीते
उन्नाव में गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा:डीजे की धुन पर थिरके श्रद्धालु, गंगा घाट पहुंचकर किया विसर्जन
उन्नाव में श्री गणेश महोत्सव के सातवें दिन भक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद भगतगढ़ में स्थापित श्री गणेश प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए गंगा घाट क्षेत्र गगनी खेड़ा की ओर रवाना हुए। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा। गंगा घाट पहुंचने के बाद गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी रही।
भिलाई-3 थाने के दो एसआई पर 50 हजार रुपए और क्राइम ब्रांच की टीम पर 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाली जसबीर कौर उर्फ सोनू अब खुद हेरोइन तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुई है। खुर्सीपार पुलिस ने 19 सितंबर को जोन क्रमांक-3, जीरो स्ट्रीट स्थित उसके मकान में दबिश दी। पुलिस ने वहां से 70.460 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया है। जिसकी अनुमानित कीमत 14 लाख 9 हजार 200 रुपए बताई गई है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जसबीर कौर के साथ नितेश सोनी और तिरकेश निषाद को भी गिरफ्तार किया। इस दौरान दो नाबालिग भी मिले, जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया। तीनों वयस्क आरोपियों को 20 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। जसबीर की मां रज्जी कौर पहले से ही 5.80 ग्राम चिट्टा बेचने के मामले में जेल में बंद है। घर से हेरोइन के साथ कैश और जेवर भी मिले पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में 70.460 ग्राम हेरोइन के अलावा 2 लाख 35 हजार 100 रुपए कैश मिले। इसके साथ 19 नग सोने के आभूषण, जिनका वजन करीब 71.35 ग्राम और कीमत करीब 9 लाख 65 हजार रुपए बताई गई है, चांदी के आभूषण, बर्तन, 8 मोबाइल फोन और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया गया। पुलिस ने जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत 29 लाख 22 हजार 300 रुपए बताई है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मकान से हेरोइन रखने और बेचने की जानकारी सामने आई है। मुखबिर की सूचना पर घर में दी दबिश पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जोन क्रमांक-3, जीरो स्ट्रीट स्थित एक मकान में हेरोइन की बिक्री हो रही है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद एक महिला ने भागने की कोशिश की, जिसे पकड़ लिया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद बाकी लोगों को भी हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान हेरोइन, कैश, आभूषण, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक तराजू मिलने की बात पुलिस ने कही है। पहले पुलिसकर्मियों पर लगाए थे रिश्वत मांगने के आरोप जसबीर कौर का नाम इससे पहले उसकी मां की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। उसने आरोप लगाया था कि उसकी मां को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार करने के बाद उसे छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों ने 50 हजार रुपए की मांग की। इसके बाद सुनील महाराणा नाम के युवक ने भी पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने और छोड़ने के बदले 2 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया था। इन आरोपों से जुड़े ऑडियो सामने आने के बाद दुर्ग पुलिस ने पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ एसआई तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाने में पदस्थ एसआई देवलाल साहू को निलंबित कर रक्षित केंद्र अटैच किया था। मामले में शुरुआती जांच के निर्देश दिए गए थे। 2 जून को मां रज्जी कौर हुई थी गिरफ्तार 2 जून 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने सिरसागेट यात्री प्रतीक्षालय के पास से जसबीर कौर की मां रज्जी कौर (50) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक उसके पास से 5.80 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। जब्त माल की कुल कीमत 6 लाख 12 हजार 900 रुपए बताई गई थी। इसी मामले में सुनील महाराणा को भी पकड़ा गया था। इसके बाद जसबीर कौर ने एक ऑडियो जारी कर एसआई तुलसीराम साहू और एसआई देवलाल साहू पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। उसने साइबर क्राइम टीम पर भी 2 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया था। ऑडियो सामने आने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों एसआई को निलंबित कर दिया था।
सतना में घर से 81 हजार की अवैध शराब जब्त:22 साल का आरोपी गिरफ्तार; दूसरे की तलाश
सतना के कोटर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में आबकारी विभाग ने एक घर से 81 हजार 654 रुपए की अवैध शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान 135.54 बल्क लीटर शराब मिली। मामले में प्रवीण साकेत (22) को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सतेंद्र गुप्ता के शामिल होने की बात सामने आने पर उसे सह-आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मुखबिर की सूचना पर घर में दबिश आबकारी विभाग को रविवार को सूचना मिली थी कि सोनवर्षा निवासी प्रवीण साकेत के घर में अवैध शराब रखी है। इसके बाद आबकारी टीम ने गवाहों की मौजूदगी में घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 339 पाव प्लेन प्रिंस लेमन और 414 पाव गोवा व्हिस्की मिली। शराब की कुल मात्रा 135.54 बल्क लीटर है। इसकी कीमत करीब 81 हजार 654 रुपए बताई गई है। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज आबकारी विभाग ने प्रवीण साकेत पिता रामकिशोर साकेत, निवासी सोनवर्षा, थाना कोटर के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। सतेंद्र गुप्ता की तलाश जारी जांच के दौरान आबकारी विभाग ने शराब के संग्रहण और बिक्री में सतेंद्र गुप्ता पिता रोशनलाल गुप्ता के शामिल होने की बात कही है। उसे मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। आबकारी विभाग की टीम उसकी तलाश कर रही है।
गोंडा-लखनऊ हाईवे पर चौपाल सागर के पास सोमवार तड़के करीब 4 बजे समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनकी पूर्व सरकार को लेकर विवादित पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें लगाई गई थीं। पोस्टर सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई। पोस्टरों पर लिखे थे नारे पोस्टरों पर लिखा था, “आजम, अतीक और मुख्तार यही चलाते थे सरकार” और “अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश”। इनमें अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी से जुड़ी खबरों की कटिंग भी लगाई गई थी। पोस्टरों के जरिए सपा और अखिलेश यादव को इन नेताओं से जोड़ने का संदेश दिया गया था। सपा नेता ने स्थानीय लोगों की मदद से फाड़े पोस्टर पोस्टर लगे होने की जानकारी मिलने पर समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम ने अपनी गाड़ी रोकी। वह लखनऊ जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों पोस्टर फाड़ दिए। गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग आए दिन उनके नेता के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर अहंकारी, भ्रष्टाचारी और चंदा चोर होने का आरोप भी लगाया। भाजपा नेताओं से माफियाओं के संबंध होने का दावा लाल चंद्र गौतम ने दावा किया कि माफियाओं का संबंध उनके नेता से नहीं, बल्कि भाजपा के बड़े नेताओं से है। उन्होंने बताया कि उनके साथ सोनू खान भी मौजूद थे, जिन्हें उन्होंने वजीरगंज का रनर जिला पंचायत बताया। गौतम के मुताबिक, गोंडा में इस तरह के विवादित पोस्टर तीसरी बार लगाए गए हैं। इससे पहले भी दो बार अलग-अलग घटनाओं को लेकर ऐसे पोस्टर लगाए गए थे, जिन्हें सूचना मिलने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया था।
बीकानेर नगर निगम को आज नया मेयर मिलेगा। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक 80 पार्षद मतदान करेंगे, जिसके बाद मतगणना होगी। दोपहर 3 बजे बाद नतीजे आने की संभावना है। मेयर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने हैं। निगम चुनाव में कांग्रेस को 42, भाजपा को 27, निर्दलीयों को 10 और आरएलपी को एक सीट मिली है। बहुमत के लिए कांग्रेस को अपने पार्षदों के साथ निर्दलीयों का समर्थन बनाए रखना होगा। हालांकि भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों के सहारे मुकाबला पलटने की कोशिश में जुटी है। भाजपा ने 27 पार्षदों के अलावा 8 निर्दलीयों के समर्थन का दावा किया है।
तेज रफ्तार ट्रक से बचने में बाइक गड्ढे में पलटी:संभल में दो युवक गंभीर घायल, एक हायर सेंटर रेफर
संभल के कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात ट्रक से बचने की कोशिश में फल विक्रेताओं की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में बाइक सवार हरपाल और विशाल गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद राहगीरों ने दोनों को गड्ढे से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हरपाल की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। हयातनगर थाना क्षेत्र में चामुंडा मंदिर के पास रहने वाले हरपाल, तोताराम के बेटे, और विशाल, शिवचरन के बेटे, मोटरसाइकिल पर बने ठेले से फल बेचते हैं। दोनों रविवार को गांव के बाजार में फल बेचने गए थे। रात करीब 10:30 बजे फल बेचने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। ट्रक देखकर सड़क किनारे करने लगे बाइक बताया गया कि दोनों संभल-चंदौसी मार्ग पर पहुंचे थे। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार ट्रक आता दिखाई दिया। ट्रक की रफ्तार ज्यादा होने के कारण बाइक सवारों ने उससे बचने के लिए बाइक को सड़क किनारे करने की कोशिश की। इसी दौरान बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे बने गड्ढे में पलट गई। दोनों युवक बाइक समेत गड्ढे में जा गिरे। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने गड्ढे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद आसपास के लोग और राहगीर मौके पर जुट गए। लोगों ने दोनों युवकों को गड्ढे से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया। हरपाल की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं, विशाल का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद दोनों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। गड्ढे ठीक कराने और यातायात सुधारने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि संभल-चंदौसी मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क किनारे बने गड्ढे हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। लोगों ने सड़क किनारे के गड्ढों को ठीक कराने और मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
रामलीला कमेटी की नियुक्ति:फतेहाबाद के समाजसेवी वेदप्रकाश गुप्ता अध्यक्ष चुने गए
आगरा जनपद के फतेहाबाद में रामलीला समिति का गठन हुआ है। यहां समाजसेवी वेदप्रकाश गुप्ता रामलीला कमेटी के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। वे पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। फतेहाबाद में दशकों से रामलीला का आयोजन होता आ रहा है, जिसकी भव्यता प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। समिति के सदस्यों ने बताया कि कहा कि वेदप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में रामलीला बहुत भव्य और अभूतपूर्व होगी। गुप्ता के नियुक्त होने पर लोगों ने उनका स्वागत किया।
शारतपुर में रक्तदान शिविर:37 से ज्यादा लोगों ने स्वेच्छा से किया रक्तदान, स्वस्थ लोगों से अपील
गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में बशारतपुर स्थित अपना चैरिटेबल ब्लड बैंक की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 37 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदाताओं, चिकित्सकों, समाजसेवियों, सहयोगियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रक्तदाताओं ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाता है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। अपना चैरिटेबल ब्लड बैंक ने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद करना समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अपना चैरिटेबल ब्लड बैंक, बशारतपुर ने लोगों से अपील की कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान कर मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें।
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी में शव मिलने के मामले में विभागीय कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। उन्होंने शासन को अपना स्पष्टीकरण दिया। अब विभाग ने उन्हें केवल सचेत करते हुए कार्रवाई से राहत दे दी है। इसके कुछ दिन बाद मेडिकल कॉलेज के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामला 6 अक्टूबर 2025 का है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन की पांचवीं मंजिल पर बनी पानी की टंकी में एक शव मिला था। शव काफी खराब हालत में था। बाद में उसकी पहचान महाराष्ट्र निवासी अशोक गावंडे के रूप में हुई। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा, साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। 6 अक्टूबर को टंकी में मिला था शव घटना के अगले दिन 7 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी ने मामले की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शुरुआती जांच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही गई थी। इसी आधार पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके साथ ही उन्हें महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा था कि मामले में विभागीय स्तर पर आगे भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्राचार्य ने दिसंबर में दिया था स्पष्टीकरण डॉ. बरनवाल ने 22 दिसंबर 2025 को शासन को अपना स्पष्टीकरण सौंपा। इसमें उन्होंने कुछ अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी बताई थी। शासन ने उनके जवाब पर विचार करने के बाद 9 सितंबर 2026 को उन्हें भविष्य में अपने काम को गंभीरता से करने के लिए सचेत किया। विभागीय पत्र में उन्हें आगे के लिए चेतावनी दी गई और इसी के साथ उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई को खत्म कर दिया गया। प्राचार्य को इस तरह राहत मिलने के बाद अब मेडिकल कॉलेज के भीतर विभागीय कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अधीनस्थों से अब मांगा गया स्पष्टीकरण तत्कालीन प्राचार्य को चेतावनी देकर मामला खत्म करने के बाद अब मेडिकल कॉलेज के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी क्रम को लेकर कॉलेज में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब प्राचार्य के जवाब के आधार पर अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी सामने रखी गई थी, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया अब क्यों शुरू हुई। वहीं, तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल की मेडिकल कॉलेज में वापसी होगी या नहीं, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। विभाग की ओर से इस संबंध में स्थिति साफ नहीं की गई है। तीन सदस्यीय जांच रिपोर्ट का स्पष्ट जिक्र नहीं घटना के बाद शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम और सीएमओ शामिल थे। टीम ने भी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई थी।स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि तत्कालीन प्राचार्य को दी गई विभागीय चेतावनी के पत्र में तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि इस रिपोर्ट को लेकर विभाग की ओर से कोई अलग स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यही वजह है कि पानी की टंकी में शव मिलने के मामले में कार्रवाई के क्रम को लेकर मेडिकल कॉलेज में चर्चाएं बनी हुई हैं।
हरदोई में पति ने पत्नी को गोली मारी:सुबह 4:30 बजे तमंचे से फायर झोंका, गंभीर हालत में लखनऊ रेफर
हरदोई के बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के कोइलहा गांव में सोमवार 21 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे पति गंभीर यादव ने अपनी पत्नी साधना को तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से महिला घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी पति गंभीर यादव मौके से भाग गया। घायल साधना को परिजन एंबुलेंस से हरदोई मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां से उसे लखनऊ के केजीएमयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। कोइलहा गांव के रहने वाले गंभीर की शादी करीब 15 साल पहले सीतापुर जिले के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के भैरमपुर गांव की साधना से हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें 14 साल की काजल, 11 साल का रौनक और 4 साल की रूही शामिल हैं। गंभीर और साधना बच्चों के साथ अलग रहते थे। जिस समय यह घटना हुई, घर के बाकी लोग सो रहे थे। तभी कमरे से साधना के रोने और चीखने की आवाज सुनाई दी। परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो साधना जमीन पर पड़ी थी। साधना की ननद रीना ने बताया कि गंभीर उन्हें भी धमका रहा था। आरोप है कि उसने परिवार वालों को सामने से हटने के लिए कहा और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। जब वे साधना को अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे, तब भी आरोपी ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी बीच गांव के लोग इकट्ठा हो गए और गंभीर वहां से भाग निकला। साधना के ससुर राजकुमार, सास सीमा और ननद रीना उसे हरदोई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर शिवम राज ने बताया कि महिला के सीने में गोली लगी है, जो आर-पार हो गई है। महिला की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे आगे के इलाज के लिए केजीएमयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। फिलहाल गोली मारने की वजह साफ नहीं हो पाई है। परिवार वालों ने बताया कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा और मारपीट होती थी। पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस आरोपी गंभीर की तलाश कर रही है और मामले की जांच में जुटी है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।
मथुरा के छाता में शुगर मिल शुरू कराने की मांग को लेकर 40 दिन से चल रहे धरने को पुलिस और प्रशासन ने रविवार की देर रात खत्म करा दिया। देर रात धरना स्थल पर पहुंची पुलिस ने वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया और टेंट, माइक आदि लगे सामान को हटा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और धरना को जबरन खत्म कराया है। प्रदर्शनकारी अब सोशल मीडिया के जरिए लोगों को एकत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं वहीं छाता और उसके आसपास के गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 40 दिन से चल रहा था धरना छाता में बंद पड़ी शुगर मिल को शुरू कराने की मांग को लेकर 40 दिन से धरना चल रहा था। सूबेदार कर्मयोगी के नेतृत्व में ग्रामीण धरना दे रहे थे। शुगर मिल के गेट पर इस धरने की शुरुआत समाजसेवी दीपक शर्मा ने की थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही दीपक को मौके से जबरन हटा दिया गया। जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने धरना शुरू कर दिया था। पुलिस पर जबरन धरना ख़त्म कराने का आरोप धरना दे रहे सूबेदार कर्मयोगी ने वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि रविवार की देर रात करीब 3 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और धरना स्थल पर सो रहे लोगों को जबरन बल पूर्वक हटाया गया। इतना ही नहीं कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इसके बाद पुलिस और सादा कपड़ों में मौजूद लोगों ने धरना स्थल पर रखे समान को भी फेंक दिया और धरना स्थल की जमीन को खोद दिया। सूबेदार कर्मयोगी ने ग्रामीणों से वीडियो के माध्यम से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लोग मौके पर एकत्रित हों। छाता कस्बे को बनाया छावनी धरना खत्म होने के बाद मौके पर स्थिति न बिगड़े इसके लिए छाता कस्बे को छावनी बना दिया गया है। जगह जगह पुलिस बल तैनात है। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस के अधिकारी हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आसपास के गांव में LIU के लोग तैनात हैं। ग्रामीण जगह जगह पंचायत कर अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं और मौके पर जाने का ऐलान कर रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो में ग्रामीण कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं।
सतना में नाबालिग को अगवा कर यौन शोषण करने के मामले में ढाई साल से फरार आरोपी को कोटर पुलिस ने रविवार को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि साल 2024 की शुरुआत में एक नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। करीब दो हफ्ते की तलाश के बाद लड़की को मुंबई से ढूंढ लिया गया। पूछताछ में लड़की ने बताया कि आरोपी तेजभान गौतम (27 वर्ष, निवासी खम्हरिया) उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और उसका यौन शोषण किया। इसके बाद केस में रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपीआरोपी तेजभान गौतम पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसने मुंबई में कई जगहें बदलीं और कुछ समय गुजरात के शहरों में भी छिपा रहा। पुलिस की टीमें 3 से 4 बार उसकी तलाश में मुंबई और गुजरात गईं, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटीं। पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया था। लोकेशन मुंबई के उपनगर ठाणे में मिलीआखिरकार, सितंबर के दूसरे हफ्ते में साइबर सेल की मदद से आरोपी तेजभान गौतम की लोकेशन मुंबई के उपनगर ठाणे में मिली। जानकारी जुटाने के बाद एक टीम को ठाणे भेजा गया। लोकल पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को सतना लाया गया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। एबीवीपी के बाद अब आईसा और एनएसयूआई ने भी चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तीनों छात्र संगठनों की ओर से प्रो. पोखरिया को पद से हटाने की मांग की जा रही है। छात्र संगठनों ने 15 सितंबर की एक घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि महिला महाविद्यालय में लैब क्लास के दौरान एक छात्रा को किसी परेशानी के बावजूद बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। आरोप है कि छात्रा रोते हुए लैब के बाहर पहुंची और उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। NSUI ने जारी किया पत्र छात्र संगठनों का कहना है कि इस मामले को लेकर छात्रा की ओर से कुलपति और एमएमवी की प्राचार्य को शिकायत दी गई थी। इसके बाद शिक्षकों की जनरल बॉडी मीटिंग भी हुई, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। संगठनों ने सवाल उठाया कि शिकायत के बावजूद मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आईसा और एनएसयूआई ने सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को उठाते हुए प्रो. संदीप पोखरिया को चीफ प्रॉक्टर के साथ ही प्रोफेसर पद से हटाने की मांग की है। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन कर न्याय की मांग करेंगे। चीफ प्रॉक्टर ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने छात्र संगठनों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों को यह समझना चाहिए कि जिस तरह की बातें पिछले कुछ दिनों से की जा रही हैं, वैसी कोई घटना नहीं हुई है।
सीकर में आज 10 बजे से सभापति पद के लिए वोटिंग होगी। दोनों ही पार्टियों के जीते हुए पार्षद बाड़ाबंदी से सीधे मतदान करने के लिए आएंगे। सभापति पद के लिए यहां 10 बजे से मतदान होगा। जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इसके बाद वोटों की गिनती होगी। परिणाम भी आज ही जारी हो जाएगा। इसके बाद 22 सितंबर को उपसभापति पद का चुनाव होगा। जिसमें 10 बजे बैठक होगी और 11 बजे नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। 11:30 नामांकन पत्रों की जांच होगी। दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी का समय रहेगा। और यदि आवश्यकता हुई तो दोपहर 2:30 बजे से 5 बजे तक मतदान होगा और उसके बाद परिणाम जारी हो जाएगा। सीकर में इस बार नगर परिषद के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 38 सीट हासिल की। जो बहुमत से पांच ज्यादा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी 22,निर्दलीय 4 और RLP का एक पार्षद चुनावी मैदान में है। कांग्रेस पार्टी के पास भले ही बहुमत से ज्यादा पार्षद हो लेकिन उन्हें क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। वहीं भाजपा इस बार जोड़तोड़ की राजनीति करके अपना बोर्ड बनाना चाहती है। सीकर नगर परिषद में इस बार कांग्रेस से सभापति पद के लिए खतीजा बानो मैदान में है। जो इस बार चौथी बार पार्षद बनी है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कंचन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। सीकर में मेयर प्रत्याशियों की प्रोफाइल सीकर नगर परिषद में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाए सीकर में सभापति पद के लिए होने वाले मतदान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। नगर परिषद एरिया में 1 ASP,6 इंस्पेक्टर सहित 100 से ज्यादा लोगों का पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा कल भी विजय जुलूस पर रहेगी पाबंदी सीकर में सभापति पद का चुनाव जीतने वाला प्रत्याशी विजय जुलूस नहीं निकाल सकता है। वरना उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह खबरें भी पढ़ें : वार्ड महिला-रिजर्व होने पर राजनीति में आई थी खतीजा बानो:अब चौथी बार कांग्रेस सिंबल से पार्षद बनीं,भाजपा ने पहली बार जीतीं कंचन को सभापति प्रत्याशी बनाया नगर परिषद सीकर के सभापति पद के लिए तस्वीर अब साफ हो गई है। सभापति पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होने के बाद कांग्रेस ने वार्ड 16 से निर्वाचित पार्षद खतीजा बानो को अपना प्रत्याशी बनाया है। (पूरी खबर पढ़ें) सीकर में कांग्रेस से खतीजा बानो, बीजेपी से कंचन दावेदार:नामांकन के बाद फिर बाड़ाबंदी में गए पार्षद सीकर नगर परिषद के सभापति पद के लिए बीजेपी-कांग्रेस से 1-1 नामांकन भरा गया है। कांग्रेस ने वार्ड 16 से पार्षद खतीजा बानो को अपना उम्मीदवार बनाया है। खतीजा बानो पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी हैं। (पूरी खबर पढ़ें) कांग्रेस-भाजपा में पहले से तय था सभापति प्रत्याशी का नाम:सीकर में कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक और भाजपा में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली सीकर में नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा में नामांकन करने वाली दोनों महिलाओं के नाम पहले से तय थे। कांग्रेस की खतीजा बानो के लिए सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने नाम सजेस्ट किया था। वहीं भाजपा प्रत्याशी कंचन खडोलिया को टिकट देने और सभापति के नाम के लिए नामांकन में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली। (पूरी खबर पढ़ें) Topics: राजस्थान निकाय चुनाव
अजमेर नगर निगम में आज शहर के नए मेयर का फैसला होगा। मेयर चुनाव के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। फिलहाल बीजेपी और उसके समर्थित निर्दलीय पाषर्द बसों के जरिए निगम पहुंचे हैं। सभी को रविवार के दिन जयपुर से बाड़ेबंदी से पुष्कर लाया गया था। मेयर के लिए कांग्रेस की किरण गढ़वाल और भाजपा की अनामिका शर्मा के बीच कड़ी टक्कर हैं। निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में दोनों प्रमुख दल बहुमत के आंकड़े से दूर हैं। आज होने वाली वोटिंग में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। निर्दलीयों पर टिकी नजर मेयर चुनाव से पहले बीजेपी-कांग्रेस ने अपने पार्षदों को बाड़ेबंदी में भेज दिया था। कांग्रेस के पार्षद मैसूर और भाजपा के पार्षद जयपुर में रहे। एक दिन पहले बीजेपी पार्षदों को जयपुर से पुष्कर लाया गया था। दोनों ही दल निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। हालांकि किसके पक्ष में कितने निर्दलीय पार्षद मतदान करते हैं, यह तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही साफ होगी। देखिए-निगम के बाहर की PHOTOS 36 साल से भाजपा का बोर्ड अजमेर निकाय की राजनीति में पिछले साढ़े तीन दशक से भाजपा का दबदबा रहा है। 1990 में तत्कालीन नगर परिषद में भाजपा के रतनलाल यादव सभापति बने थे। इसके बाद 1995 में वीर कुमार, 2000 में अनिता भदेल और 2005 में धर्मेंद्र गहलोत सभापति बने। 2010 में कांग्रेस के कमल बाकोलिया सीधे निर्वाचन प्रक्रिया से मेयर बने, लेकिन उस समय भी बोर्ड में भाजपा का बहुमत था। 2015 में धर्मेंद्र गहलोत मेयर बने और 2021 में भाजपा की ब्रजलता हाड़ा अजमेर नगर निगम की पहली महिला मेयर बनीं।
अलवर नगर निगम के पहले मेयर का चुनाव आज होगा। नगर निगम कार्यालय अलवर में सुबह 10 बजे से वोटिंग शुरू होगी। दोपहर 2 बजे तक वोट किया जा सकेगा। वोटिंग के बाद मतों की गिनती होगी। इसके बाद निगम के पहले मेयर की घोषणा की जाएगी। अलवर मेयर के लिए बीजेपी में वार्ड 7 से पार्षद सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस से वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा के बीच मुकाबला है। अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड पार्षद बने हैं। इसमें से बीजेपी के 28 और कांग्रेस के 23 पार्षद हैं। 13 निर्दलीय पार्षद बने हैं। एक बसपा से जीते हैं। बहुमत के लिए 33 पार्षद की जरूरत है। इसके हिसाब से बीजेपी को 5 निर्दलीय पार्षदों की जरूरत है। वहीं, कांग्रेस को 10 निर्दलीय पार्षद चाहिए। बीजेपी का दावा है कि उनके पास 40 पार्षद हैं। कांग्रेसी भी जादुई नंबर जुटाने का दावा करती आ रही हैं। अलवर के पार्षद पिछले करीब 11 दिनों से बाड़ेबंदी में हैं। 9 सितंबर को हुए वार्ड पार्षद की वोटिंग के बाद पहली बार पार्षद सोमवार सुबह अलवर आएंगे। यहां नगर निगम आने पर पहले पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। उसके बाद वोट करेंगे। वोटिंग के बाद पार्षद वापस में बाड़ेबंदी में चले जाएंगे। फिर अगले दिन मंगलवार सुबह डिप्टि मेयर के चुनाव में भाग लेने के लिए आएंगे। डिप्टी मेयर का चुनाव 22 को, पूरी प्रक्रिया उसी समय नगर निकाय के उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन की समस्त प्रक्रिया एक दिन में ही की जानी है, जिसके तहत दिनांक 22 सितम्बर को सुबह 10 से 11 बजे के बीच फॉर्म भर कर जमा कराए जाएंगे, 11.30 बजे से फॉर्म की संवीक्षा होगी। दोपहर 2 बजे से पूर्व नाम वापसी की जा सकेगी। इसके बाद यदि मतदान आवश्यक हुआ तो 2.30 से 5 बजे के मध्य मतदान कराया जाएगा और तुरंत पश्चात मतगणना कर परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी।
हिसार जिले के बरवाला में गणेश उत्सव की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन कर बाइक से वापस लौट रहे तीन युवकों को गांव बधावड़ के पास तेज गति से आ रही पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान वार्ड नंबर 3 निवासी 17 वर्षीय वंश और मोहित के रूप में हुई है। घायल ईशू को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार, बरवाला शहर के वार्ड नंबर 3 निवासी वंश, मोहित और ईशू रविवार को बाइक पर सवार होकर जींद मार्ग स्थित खरक पूनिया नहर पर गणेश प्रतिमा विसर्जन करने गए थे। गणेश विसर्जन के बाद तीनों बाइक से वापस बरवाला लौट रहे थे। गांव बधावड़ के पास पिकअप ने मारी टक्कर इसी दौरान गांव बधावड़ के पास सामने से तेज गति से आ रही पिकअप गाड़ी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर जा गिरे। हादसे में वंश और मोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ईशू गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल ईशू को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। वहीं, दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष के बीच निकली थी शोभायात्रा बरवाला शहर में 14 सितंबर से गणेश उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा था। शहर के मेन बाजार स्थित गणपति चौक, पंजाबी चौक और मोती लुहार वाली गली सहित कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। रविवार को श्रीगणेश महोत्सव सेवा समिति सहित विभिन्न कमेटियों की ओर से गणेश प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रद्धालु प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए जींद मार्ग स्थित खरक पूनिया नहर पर लेकर पहुंचे थे। सरकारी अस्पताल में सुविधाओं की कमी पर लोगों में रोषहादसे के बाद बरवाला के सरकारी अस्पताल में दोपहर बाद चिकित्सकों की उपलब्धता और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं को लेकर शहरवासियों में रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि बरवाला जैसे बड़े शहर के सरकारी अस्पताल में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सक, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध होने चाहिए। शहरवासियों ने प्रशासन से अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।
पुलिस की कार में अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर:हादसे में सिपाही की मौत, दूसरा गंभीर घायल
आगरा में रविवार तड़के सड़क हादसे में 28 वर्षीय सिपाही हर्ष तोमर की मौत हो गई। खंदौली थाने में तैनात हर्ष तोमर साथी सिपाही हरीश शर्मा के साथ कार से उजरई की तरफ से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आए अज्ञात वाहन ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हर्ष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरीश शर्मा घायल हो गए। रात में नोटिस तामील कराने निकले थे दोनों सिपाही खंदौली थाने में तैनात हर्ष तोमर और हरीश शर्मा की शनिवार शाम चीता मोबाइल पर ड्यूटी लगी थी। रात में दोनों यूजीसी विरोध को लेकर प्रदर्शन करने वालों को नोटिस तामील कराने के लिए निकले थे। रविवार सुबह करीब 3:30 बजे दोनों कार से उजरई की तरफ से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आए अज्ञात वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। चालक सीट पर फंसे थे दोनों सिपाही हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों सिपाही कार में फंसे हुए थे। पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला। पल्लवपुरम, मेरठ निवासी 28 वर्षीय हर्ष तोमर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। साथी सिपाही हरीश शर्मा घायल हो गए। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। 2021 बैच के थे हर्ष तोमर हर्ष तोमर वर्ष 2021 बैच के सिपाही थे। वह करीब दो साल से खंदौली थाने में तैनात थे। इससे पहले उन्होंने एत्माद्दौला थाना क्षेत्र की फाउंड्री नगर चौकी में ड्यूटी की थी। वहीं हरीश शर्मा करीब ढाई साल से खंदौली थाने में तैनात हैं। डीसीपी पश्चिमी आदित्य ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सिपाही हर्ष तोमर के शव को पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस हादसे के बाद फरार हुए वाहन की तलाश में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की जा सके।
सतना में 9 साल का बच्चा नदी में डूबा:नानी के घर आया था, 7 घंटे रेस्क्यू के बाद भी नहीं मिला सुराग
सतना के सिंहपुर थाना क्षेत्र के कोटा गांव में रविवार दोपहर 9 साल का एक बच्चा नदी में डूब गया। वह अपनी नानी के घर आया हुआ था। शाम तक उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक, लापता बच्चे की पहचान लवकुश पिता संत चौधरी (9) के रूप में हुई है। वह पन्ना जिले के पवई का रहने वाला है। लवकुश कुछ दिनों से अपनी नानी के घर कोटा आया हुआ था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वह गांव के एक दोस्त के साथ कोटा नदी में नहाने गया था। नहाते समय लवकुश नदी के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूबकर लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नदी में बच्चे की तलाश शुरू की। शाम करीब 7 बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन लवकुश का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण अभियान रोक दिया गया। पानी के तेज बहाव को देखते हुए घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुल के पास जाल भी लगाया गया है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को दोबारा तलाश की जाएगी।
दमोह में पत्नी और तीन बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले द्वारका पटेल को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पूछताछ में उसने कहा- पत्नी के छोटे भाई से संंबंध थे, इसलिए उसे मार डाला। वारदात वाले दिन वह पत्नी को अपने साथ दिल्ली ले जाने गांव आया था। कबीरपुर गांव के निवासी द्वारका ने 19 सितंबर की सुबह पत्नी खेमाबाई (27), बेटी उर्मिला (7), बेटे उमेश (4) और राजा (1) पर हमला किया था। चारों की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोपी द्वारका पटेल दिल्ली में मजदूरी करता है। परिवार का मर्डर करने के बाद वह करीब तीन घंटे तक घर के बाहर कुल्हाड़ी रखकर बैठा रहा था। उसने कहा कि उसे पत्नी-बच्चों को मारने का कोई पछतावा नहीं है। शाम को आरती में शामिल हुए, सुबह हत्या की खबर वारदात की वजह जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम दमोह जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर कबीरपुरा गांव पहुंची। 500 की आबादी वाले इस गांव में ज्यादातर लोग मजदूरी करते हैं। कुछ पक्के लेकिन ज्यादातर खपरैल वाले कच्चे मकान हैं। हमने द्वारका पटेल के घर का रास्ता पूछा तो एक युवक कच्चे मकान तक लेकर आ गया। उसने बताया कि ये कोठरी द्वारका और बगल वाली उसके छोटे भाई हरिशंकर की है। लोगों ने कहा- गणेश उत्सव चल रहा है, तो गांव में उत्साह का माहौल है। सभी शाम की आरती में शामिल होते हैं। शुक्रवार रात भी लोग इकट्ठा हुए। बच्चे झांकी के सामने खेलते-कूदते रहे। महिलाएं भजन गाती रहीं, तो पुरुष आपस में चर्चा करते रहे। रात करीब 10 बजे सभी अपने-अपने घर चले गए। शनिवार सुबह जिस खबर से गांववालों की सुबह हुई, उसकी कल्पना भी नहीं की थी। पता चला कि द्वारका ने पत्नी और 3 बच्चों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी है। घर की दीवारों- जमीन पर खून के छींटे द्वारका की कोठरी के अंदर गए तो मिट्टी के बने चबूतरे पर बिछा बड़ा सा गद्दा खून से सना दिखा। दीवार पर खून के छींटे नजर आ रहे हैं। जमीन भी लाल है। ग्रामीणों ने घर के सामने की वो जगह भी बताई, जहां द्वारका बैठा था। यहीं से उसने सुबह अपने चाचा हरगोविंद पटेल को पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या करने की बात बताई थी। हरगोविंद कहते हैं- सुबह करीब साढ़े छह बज रहे थे। मैं घर से बाहर निकला। थोड़ी दूर ही द्वारका रहता है। जैसे ही उसके घर के पास पहंचा, हैरान रह गया। वो खून से सनी कुल्हाड़ी लिए बैठा था, उठता और अपनी कोठरी के सामने चक्कर लगाकर फिर बैठ जाता। पास पहुंचा, तो उसने कहा- यहां नहीं आना। मार डालूंगा। मैंने सभी को मार डाला। वो चिल्लाकर बोला कि अब पुलिस को बुलाओ। मैं उसके सामने से हट गया। गांववालों को बताया। इसके बाद पुलिस को फोन किया। मैं फिर उसके पास पहुंचा। पूछा- तूने ये क्यों किया? उसने कहा- मेरे छोटे भाई हरिशंकर से पत्नी के संबंध थे। वो दिल्ली से उसे भगा ले जाने के लिए आया था। पहले पत्नी को मारा, फिर लगा कि बच्चे कौन पालेगा, तो उन्हें भी मार दिया। हरगोविंद ने कहा- मैं वहां खड़ा रोता रहा। वो दूर रहने कहता रहा। करीब एक घंटे बाद पुलिस आई, तो उसने कुल्हाड़ी पुलिसवालों को दी। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पड़ोसी बोली- दोनों का रोज झगड़ा होता था द्वारका की कोठरी के सामने लक्ष्मीबाई रहती हैं। वे कहती हैं- हमें तो ऐसा नहीं लग रहा कि खेमा और उसके बच्चों को उसके ही पति ने मार डाला। खेमा मुझसे जीजी कहती थी। वो अक्सर खाली समय में मेरे पास आकर बैठ जाती थी। द्वारका और खेमा के बीच झगड़ा तो रोज होता था। पति-पत्नी का मामला है, इसलिए कोई बीच में बोलता नहीं था। उसके और मेरे बच्चे रोज साथ-साथ खेलते थे। लक्ष्मी ने कहा- हम शुक्रवार शाम बच्चों के साथ झांकी में गए थे। वहां कीर्तन हुए थे। स्पीकर की तेज आवाज गांव में सुनाई दे रही थी। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दूध लेने घर से निकली, तो द्वारका खून से सनी कुल्हाड़ी लिए सामने खड़ा नजर आया। मैं डर के मारे फिर घर के अंदर चली गई। परिजन को बताया। गांव में हल्ला हुआ, तो वारदात के बारे में पता चला। ताई ने कहा- शराब पीने की लत थी, हम समझाते थे द्वारका के घर से कुछ दूर उसकी ताई कुसुम रानी रहती हैं। पति की मौत हो चुकी है। वे कहती हैं- द्वारका के पास आधा एकड़ खेती है। इससे तो घर की गुजर होने से रही, इसलिए मजदूरी भी करता था। न जाने कहां से शराब पीने की लत लग गई। रोजाना पीने लगा। उसे बहुत समझाया, लेकिन एक नहीं सुनी। हम तो घर में थे, सुबह खबर लगी कि उसने बहू-बच्चों को मार डाला। पहले हंसिया मारा था, खेमा ने रिपोर्ट कराई थी वारदात के बाद खेमा के पिता बाबूलाल, ताऊ धनीराम अपने गांंव करैया भदौली से नाते-रिश्तेदारों के साथ कबीरपुरा आए थे। धनीराम कहते हैं- दामाद शराब पीकर भतीजी के साथ रोज मारपीट करता था। दो महीने पहले उसे हंसिया मारा था। हाथ में जख्म हुआ था। खेमा ने रिपोर्ट कराई थी। इसके बाद वो बच्चों को लेकर मायके आ गई। डेढ़ महीने वहीं रही। खेमा के पिता बाबूलाल ने कहा- अदालत ने राजीनामा करने कहा, तो खेमा ने भी बच्चों की खातिर द्वारका को माफ कर दिया। रक्षाबंधन के बाद द्वारका ससुराल आया, उसने खेमा को परेशान नहीं करने की कसम ली। इसके बाद हमने बच्चों और खेमा को उसके साथ भेज दिया। बुधवार को खेमा ने फोन कर बताया कि दामाद शराब पीकर मारपीट कर रहा है। मैं शुक्रवार रात बेटी के घर पहुंचा। दोनों को समझाया। शनिवार सुबह बेटी और पोती-पोते की हत्या की खबर मिली। बाबूलाल बोले- खेमा ने देवर हरिशंकर को लेकर हमसे कभी बात नहीं की। पहले से उसका दिल्ली का टिकट था। वो शुक्रवार को मेरे सामने ही घर से निकल गया था। आरोपी बोला- समझाने पर भी नहीं मान रही थी पुलिस मेडिकल चेकअप के लिए द्वारका को अस्पताल लेकर पहुंची थी। यहां उसने कहा कि वारदात का कोई पछतावा नहीं है। द्वारका पटेल ने कहा- पत्नी खेमा के छोटे भाई हरिशंकर से प्रेम संबंध थे। समझाने पर भी नहीं मान रही थी। दो महीने पहले भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। तब मैंने उसे हंसिया मारा था। फिर भी वो बाज नहीं आ रही थी। शनिवार सुबह कुल्हाड़ी से पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या कर दी। इससे पहले रात में विवाद हुआ था, भाई तभी दिल्ली भाग गया था। दिल्ली में गार्ड की नौकरी करता है छोटा भाई हरिशंकर दिल्ली में गार्ड की नौकरी करता है। जब भी वह गांव आता था, देवर-भाभी के बीच बातचीत होती थी। यह बात द्वारका को अच्छी नहीं लगती थी। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। वारदात की शाम भी हरिशंकर गांव आया था। उसके दिल्ली रवाना होने के बाद आरोपी ने हत्या करने की ठानी। एसपी आनंद कलादगी ने कहा- आरोपी से पूछा गया कि बच्चों को क्यों मारा, तो उसने बताया कि पत्नी को मारने के बाद वह जेल चला जाता। ऐसे में बच्चों को कौन संभालता, इसलिए उन्हें भी खत्म कर दिया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… युवक ने पत्नी और 3 बच्चों को कुल्हाड़ी से काटा दमोह जिले के मगरोन थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव में शनिवार सुबह एक ही परिवार के चार लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। आरोपी द्वारका पटेल ने पत्नी खेमाबाई (27), बेटी उर्मिला (7), बेटे उमेश (4) और राजा (1) पर हमला किया। चारों की मौके पर मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घर के बाहर कुल्हाड़ी लेकर बैठा रहा। पढ़ें पूरी खबर…
बरेली में स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 1000 करोड़ रुपए से शहर के 6 प्रमुख वार्डों में 65 विकास परियोजनाओं पर काम कराया गया। चौड़ी सड़कें, फुटपाथ, अंडरग्राउंड केबलिंग, पार्कों और तालाबों का कायाकल्प जैसे काम हुए हैं। 164 करोड़ रुपए की लागत से बने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम (ICCC) से शहर के चौराहों की निगरानी की जा रही है। ट्रैफिक से लेकर सुरक्षा तक में इसका इस्तेमाल हो रहा है। शहर में हुए विकास कार्यों, जाम, अतिक्रमण, निराश्रित गोवंश, बंदरों और अधूरी योजनाओं को लेकर दैनिक भास्कर ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: स्मार्ट सिटी योजना का उद्देश्य क्या था और बरेली को कितना बजट मिला? जवाब: योजना का मकसद चुने गए शहरों में बड़े स्तर पर विकास करना और सुविधाओं को बेहतर बनाना था। इसके लिए बरेली को करीब 1000 करोड़ रुपए का बजट मिला था। सवाल: बरेली में किन इलाकों को चुना गया और कितने प्रोजेक्ट हुए? जवाब: एरिया बेस्ड डेवलपमेंट मॉडल के तहत शहर के 6 प्रमुख वार्ड चुने गए थे। इन इलाकों के विकास के लिए कुल 65 परियोजनाओं पर काम कराया गया। सवाल: पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़े कौन से काम हुए? जवाब: राइफल क्लब, अर्बन हाट, पटेल चौक पर स्काईवॉक और फूड कोर्ट बनाए गए। संजय कम्युनिटी पॉन्ड और अक्षर विहार तालाब का कायाकल्प और सौंदर्यीकरण कराया गया। गांधी उद्यान में म्यूजिकल फाउंटेन, भूलभुलैया और साउंड सिस्टम भी लगाए गए। सवाल: सड़कों और बुनियादी सुविधाओं में क्या बदलाव हुआ? जवाब: करीब 25 से 30 किलोमीटर मुख्य सड़कों और अंदरूनी रास्तों का कायाकल्प किया गया। सड़कों को चौड़ा करने के साथ फुटपाथ और नई स्ट्रीट लाइट लगाई गईं। बिजली और दूसरे तारों को अंडरग्राउंड किया गया। कई जगह आधुनिक कियोस्क भी लगाए गए। सवाल: स्मार्ट सिटी बनने के बाद ट्रैफिक में कितना सुधार हुआ? जवाब: अब शहर में ऐसी स्थिति नहीं है कि लोगों को आधे या एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़े। रैली, जुलूस या किसी दूसरी स्थिति में ट्रैफिक विभाग के साथ मिलकर व्यवस्था संभाली जाती है। कोहाड़ापीर ओवरब्रिज ढलान, पटेल चौक और संजयनगर जैसे चोक पॉइंट्स पर सुधार के लिए डिजाइन तैयार किया जा रहा है। सवाल: सड़कों और फुटपाथों से कितना अतिक्रमण हटाया गया? जवाब: स्मार्ट सिटी के तहत विकसित 28 से 30 किलोमीटर मुख्य सड़कों से स्थायी और अस्थायी कब्जे पहले ही हटाए जा चुके हैं। जहां सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है, वहां भी अतिक्रमण चिन्हित कर नोटिस दिए जा रहे हैं। पक्के निर्माण हटाने और अस्थायी अतिक्रमण पर कार्रवाई लगातार जारी है। सवाल: 164 करोड़ के ICCC से क्या फायदा मिल रहा है? जवाब: कंट्रोल रूम से शहर के चौराहों पर लगे 1200 से ज्यादा पावर जूम और स्टेटिक कैमरों की निगरानी की जा रही है। ट्रैफिक सिग्नल और जाम की लाइव मॉनिटरिंग होती है। किसी हादसे, चोरी या दूसरी घटना में कैमरों की फुटेज से आरोपियों की पहचान में मदद मिलती है। हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रिपल राइडिंग जैसे ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कैमरों से ऑटोमैटिक ई-चालान भी जनरेट होकर ट्रैफिक पुलिस को भेजे जाते हैं। सवाल: दिशा पाटनी के घर फायरिंग के मामले में भी ICCC से मदद मिली? जवाब: हां। बदमाश जिस रास्ते से फरार हुए थे, उस पूरे रूट को कंट्रोल रूम में लगे कैमरों की मदद से ट्रैक किया गया। इससे पुलिस को उनकी पहचान करने में महत्वपूर्ण मदद मिली। सवाल: निराश्रित गोवंश के लिए क्या व्यवस्था है? जवाब: सीबीगंज के पास परसाखेड़ा के नदौसी में 1800 गोवंश की क्षमता वाली गौशाला चल रही है। यहां पशुओं की देखभाल की जा रही है। सुंदरवासी में 300 गोवंश की क्षमता वाली नई गौशाला का करीब 80% काम पूरा हो चुका है। शेड का काम पूरा होते ही वहां नंदी शिफ्ट किए जाएंगे। लोगों से भी अपील है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर न छोड़ें। सवाल: बंदर और आवारा कुत्तों की समस्या के लिए क्या योजना है? जवाब: बंदरों को पकड़ने के बाद कहां छोड़ा जाए, इसे लेकर वन विभाग से बातचीत चल रही थी। अब यह विषय स्पष्ट हो गया है। नगर निकाय अपने स्तर पर बंदरों को पकड़वाएगा। इसका टेंडर 8 से 10 दिन में खुलने की उम्मीद है। आवारा कुत्तों के लिए नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान चल रहा है। परसाखेड़ा में बने नए एबीसी सेंटर का टेंडर भी 8 से 10 दिन में फाइनल कर संचालन शुरू कराया जाएगा। सवाल: स्मार्ट सिटी की पार्किंग से ट्रैफिक को कितनी राहत मिली? जवाब: शहर में चार जगह पार्किंग बनाई गई हैं। घंटाघर की मल्टीलेवल पार्किंग पूरी क्षमता से चल रही है। संजय कम्युनिटी पॉन्ड और डीडीपुरम फूड कोर्ट क्षेत्र का काम पूरा होने के बाद वहां की पार्किंग भी व्यवस्थित हो जाएगी। गांधी उद्यान के पास खुली जगह में गाड़ियां खड़ी होने के कारण पार्किंग का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। इसे लेकर ट्रैफिक विभाग के साथ मिलकर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। सवाल: पटेल चौक स्काईवॉक और जंक्शन रोड की दुकानें अब तक शुरू क्यों नहीं हुईं? जवाब: पटेल चौक स्काईवॉक और जंक्शन रोड की 34 दुकानों के लिए तीन बार टेंडर निकाले जा चुके हैं। स्काईवॉक के लिए एक प्रस्ताव भी आया था, लेकिन सुरक्षा मानकों और तय शर्तों के मुताबिक नहीं होने के कारण बोर्ड ने उसे निरस्त कर दिया। अब दोनों प्रोजेक्ट्स के संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बुरहानपुर में झटका लगा है। नगर निगम में पार्टी के एकमात्र पार्षद रफीक अहमद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी और प्रदेश प्रभारी को भेजा है। पार्षद रफीक अहमद ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें लगातार नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से लेकर बुरहानपुर जिले तक पार्टी का नेतृत्व खत्म हो गया है। रफीक अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में केवल अमीरों को तवज्जो दी जाती है, गरीबों की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। इस्तीफे के बाद क्या वे कांग्रेस या किसी अन्य दल में शामिल होंगे, इस सवाल पर वह चुप रहे। वहीं, बुरहानपुर में मौजूद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने पार्षद के इस्तीफे पर जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी तक आधिकारिक इस्तीफा नहीं मिला है, मिलने के बाद इस पर चर्चा की जाएगी। मोहसिन अली खान ने दावा किया कि आने वाले निकाय और विधानसभा चुनाव में बुरहानपुर में महापौर और विधायक दोनों पदों पर AIMIM का उम्मीदवार जीतेगा।
बिलासपुर में गणेश पंडाल लगाने को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला करने लगे। हमले में महिला समेत कई लोग घायल हैं। पंडाल के लिए रास्ता घेरने को लेकर यह विवाद हुआ। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। दरअसल, कोनी की रहने वाली संतोषी नेताम ने अपनी शिकायत में बताया कि, 19 सितंबर की शाम वह अपनी भाभी पूनम मरावी, कल्पना मरावी, प्रिया मरावी, दीक्षा मरावी, शिमरन मरावी, किरण मरावी और आरोही मरावी के साथ ठाकुर देव मंदिर के पास गणेश पंडाल में प्रसाद के लिए खिचड़ी बना रही थीं। इसी दौरान राम विलास साहू, सुकृता साहू, गीता साहू सहित अन्य लोग पहुंचे और सड़क घेरने की बात कहते हुए विवाद करने लगे। लाठी-डंडे से किया हमला, दोनों पक्ष के लोग घायल संतोषी के मुताबिक, आरोपियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। डंडे, पत्थर और हाथ-थप्पड़ से मारपीट की। घटना में संतोषी समेत पूनम, कल्पना, प्रिया, दीक्षा, शिमरन, किरण और आरोही को चोटें आईं। कल्पना मरावी का मोबाइल भी तोड़ने का आरोप लगाया गया है। गणेश पंडाल बनाने रास्ता रोकने का आरोप वहीं, सुकृता साहू ने पुलिस को बताया कि, करीब 20 दिन पहले नगर निगम ने संतोषी नेताम, पूनम मरावी सहित अन्य लोगों का कथित अवैध कब्जा हटाया था। दोबारा कब्जा नहीं करने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद उनके घर के सामने आने-जाने के रास्ते पर गणेश पंडाल बनाकर साड़ी और बांस से घेरा कर दिया गया था। रास्ते पर काटा-मलबा भी डाल दिया गया था। रास्ते से घेरा हटाने पर किया विवाद 19 सितंबर की शाम सुकृता ने घेरा हटाने के लिए कहा तो विवाद हो गया। संतोषी नेताम, पूनम मरावी सहित अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। हाथ-थप्पड़ और ईंट-पत्थर से मारपीट की। इसमें सुकृता साहू, गीता साहू और छोटी साहू को चोटें आईं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तहत रविवार को बुरहानपुर में 'श्री गणेश गायत्री यज्ञ' अभियान हुआ। इस अभियान का लक्ष्य 2,400 घरों में यज्ञ कराना था, लेकिन देवकन्याओं ने रिकॉर्ड 3,800 से ज्यादा परिवारों के घरों में पहुंचकर यज्ञ पूरा कराया। शहर की गलियों में पीले कपड़े पहने देवकन्याओं का जोरदार स्वागत किया गया। कर्मकांड के जानकार इन देवकन्याओं ने विधि-विधान से यज्ञ कराकर पूर्णाहुति कराई, जिससे पूरा शहर गायत्रीमय हो गया। यज्ञ में शामिल हर परिवार को पूजन किट दी गई। इस किट में देव स्थापना सामग्री, मां गायत्री का चित्र, कैलेंडर, हवन सामग्री, पवित्र लकड़ियां और उपले शामिल थे। इस बड़े आयोजन को व्यवस्थित करने के लिए शहर को 10 जोन में बांटा गया था। हर जोन में स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से काम पूरा किया गया। यह अनुष्ठान 5,000 देवकन्याओं और 2,500 बाल पुरोहितों के सहयोग से हुआ। व्यवस्था में बृजेश पटेल, दीपक कापड़िया, धर्मेंद्र पटेल, राजेंद्र शाह, मनोज तिवारी, मेघराज महाजन, जय चौधरी, राजेश पटेल, सुरेश चौधरी, पूर्णिमा पवार, दिनेश सुगंधी, विजय पेशवानी, संजय राठौड़, धर्मेंद्र चौधरी, अरुण महाजन और करण प्रजापति समेत कई कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही।
खैरथल-तिजारा जिले की तिजारा नगर परिषद में आज सभापति पद के लिए वोटिंग होनी है। इससे ठीक पहले रविवार देर रात हिमाचल प्रदेश में बाड़ेबंदी से राजस्थान लौट रहे कांग्रेस गुट के 18 पार्षदों को हरियाणा के चंडीमंदिर (सूरजपुर) टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा हिरासत में लेने का आरोप है। तिजारा के कांग्रेस नेता इमरान खान ने दावा किया कि बिना नंबर प्लेट और ढकी हुई नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में आए पुलिसकर्मियों ने पार्षदों की बस व गाड़ियों को रोका और उन्हें अपने साथ ले गए। इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा के पिंजौर थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया है और नारेबाजी कर रहे हैं। तिजारा के पूर्व विधायक संदीप यादव ने भी वीडियो जारी कर हरियाणा पुलिस पर आरोप लगाया है। वे भी पार्षदों के साथ थे। जानकारी के अनुसार संदीप यादव को छोड़ दिया गया था, जबकि पार्षदों को पुलिस अपने साथ ले गई। टोल पर खड़ी थी पुलिस इमरान खान ने दावा किया कि जैसे ही पार्षदों की बस और 8 गाड़ियां हरियाणा के सूरजपुर टोल (चंडीमंदिर) के पास पहुंचीं, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिसकर्मी जिन गाड़ियों में आए थे, उनमें से कई पर नंबर प्लेट नहीं थी। कुछ की नंबर प्लेट कपड़े से ढकी हुई थीं। पुलिस ने पार्षदों की बस और सभी 8 गाड़ियों को पिंजौर थाने में खड़ा करवा दिया है। कांग्रेस का आरोप- पुलिस नहीं दे रही कोई जवाब घटना की सूचना मिलते ही तिजारा से पार्षदों के परिजन पिंजौर थाना पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हरियाणा पुलिस इस कार्रवाई पर कोई साफ जवाब नहीं दे रही है। पार्षदों को किस आधार पर और कहां ले जाया गया है। पूर्व MLA बोले- 30-40 गाड़ियां आईं और पार्षदों को उठाकर ले गईं पूर्व विधायक संदीप यादव ने रविवार रात वीडियो जारी कर कहा- तिजारा के सभी पार्षद मिलकर कांग्रेस का बोर्ड बनाने जा रहे थे। इस बीच पुलिस की 30-40 गाड़ियां आती हैं। मुझे और मेरे साथियों को उठा लेती है। उनका कोई अता-पता नहीं है। अभी पता चला है कि चंडीगढ़ के जंगलों में कहीं ले गई है। गाड़ियों में हथियारबंद लोग थे। इससे बड़ी शर्म की बात राजस्थान के लिए नहीं हो सकती। इस तरह की गुंडागर्दी राजस्थान में कभी नहीं हुई। बीजेपी को पता था कि कांग्रेस का तिजारा में बोर्ड बनने जा रहा है। इसी बात से भयभीत होकर बीजेपी ने ये किया है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने X पर लिखा… भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में सिर्फ राजस्थान पुलिस को ही नहीं, हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है। हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी, प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस-एसीबी के नोटिस और धमकियां, यह सब कम नहीं था कि अब तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को, जो कल वोट डालने आ रहे थे, हरियाणा के पंचकुला में रोक लिया गया, और पूर्व विधायक श्री संदीप यादव को गुड़गांव में बिना किसी कारण हिरासत में ले लिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पार्षदों के फोटो पहले से ही हरियाणा पुलिस के पास मौजूद थे, और चेहरे देख-देखकर उन्हें बाकी कार्यकर्ताओं से अलग किया जा रहा था। यह कोई सामान्य चेकिंग नहीं, बल्कि पूरी तरह सुनियोजित और टारगेटेड कार्रवाई थी। ऐसा जानकारी में आया है कि यह सारी कार्रवाई राजस्थान के मुख्यमंत्री के कहने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा करवाई जा रही है। अगर ऐसा नहीं है तो राजस्थान के मुख्यमंत्री चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने आ रहे इन पार्षदों को स्वयं की इच्छा अनुसार आने देना सुनिश्चित करें। राज्य निर्वाचन आयोग भी इसके लिए आवश्यक कदम उठाए। हरियाणा के मुख्यमंत्री का दूसरे राज्य की चुनाव प्रक्रिया में इस तरह बाधा डालना दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। @BhajanlalBjp @NayabSainiBJP @police_haryana @SecRajasthan— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) September 20, 2026 कांग्रेस को मिला था 17 निर्दलीयों का समर्थन तिजारा नगर परिषद के 35 वार्ड में भाजपा ने 4 और कांग्रेस ने 1 एक ही वार्ड जीता था। 30 वार्डों में निर्दलीयों की जीत हुई थी। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने 17 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन ले लिया। इसके बाद 18 पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी। इसी बहुमत के दम पर कांग्रेस आज होने वाली वोटिंग में अपना बोर्ड बनाने का दावा कर रही है। ऐसे में वोटिंग से ठीक कुछ घंटे पहले बहुमत वाले पार्षदों का इस तरह 'गायब' होना तिजारा की सियासत में बड़ा उलटफेर कर सकता है।
जबलपुर हाईकोर्ट ने सिवनी जिला न्यायालय से दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा पाए आरोपी तीरथ उर्फ छोटू टेकाम को दोषमुक्त कर दिया है। जस्टिस देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ ने अपील पर सुनवाई करते हुए पाया कि आरोपी और नवजात बच्चे का डीएनए मेल नहीं खाता है। अदालत ने तकनीकी साक्ष्य के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए जिला न्यायालय की सजा निरस्त कर दी। पड़ोस में रहने वाली युवती से दुष्कर्म का आरोप मामला लखनादौन जिला सिवनी का है। अभियोजन के अनुसार आरोपी तीरथ उर्फ छोटू टेकाम के पड़ोस में मानसिक रूप से असक्षम युवती रहती थी। युवती के परिजन काम के सिलसिले में नागपुर गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने बेटी को गर्भवती पाया। युवती ने पुलिस को दिए बयान में तीरथ उर्फ छोटू पर दैहिक शोषण का आरोप लगाया। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे जिला न्यायालय में पेश किया। जिला न्यायालय ने सुनाई थी 10 साल की सजा मामले की सुनवाई के बाद सिवनी जिला न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया था। अदालत ने 12 दिसंबर 2024 को विभिन्न धाराओं के तहत उसे अधिकतम 10 साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। आरोपी और बच्चे का डीएनए नहीं मिला हाईकोर्ट में आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पीड़िता से जन्मे बच्चे और आरोपी का डीएनए मेल नहीं खाता है। सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने डीएनए रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट में पीड़िता और नवजात बच्चे का डीएनए आपस में मेल खाता पाया गया, जबकि आरोपी और नवजात बच्चे का डीएनए मेल नहीं खाया। अदालत ने तकनीकी साक्ष्य को देखते हुए आरोपी को संदेह का लाभ दिया। एकलपीठ ने तीरथ उर्फ छोटू टेकाम को दोषमुक्त करते हुए जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा निरस्त कर दी।
अयोध्या में सपा नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय अपने घर कृष्णानगर में भागवत कथा कराने जा रहे हैं। 2 से 9 अक्टूबर तक सात दिन तक भागवत कथा होगी। इसमें हनुमानगढ़ी समेत अयोध्या के करीब 500 संत-महंतों को आमंत्रित किया जाएगा। कथा के समापन कार्यक्रम में 8 अक्टूबर को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। भागवत कथा का वाचन जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ. स्वामी राघवाचार्य महाराज करेंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चुनाव से पहले धार्मिक आयोजन पर सियासी नजर अयोध्या सदर सीट से 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने पवन पांडेय को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। अगस्त में अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उनके नाम का ऐलान किया था। ऐसे में चुनाव से कुछ महीने पहले होने वाले इस धार्मिक आयोजन पर राजनीतिक नजर भी है। पवन पांडेय के राजनीतिक विरोधी इसे चुनावी तैयारी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, आयोजन को लेकर पवन पांडेय की ओर से इसे धार्मिक कार्यक्रम के तौर पर बताया गया है। पहले भी हो चुके हैं ऐसे आयोजन अयोध्या में इससे पहले गोसाईगंज विधायक अभय सिंह की ओर से गांव में रामकथा का आयोजन कराया जा चुका है। जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रतिनिधि रोली सिंह के पति रोहित सिंह भी इसी तरह का धार्मिक आयोजन करा चुके हैं। इन आयोजनों को लेकर भी उस समय राजनीतिक चर्चाएं हुई थीं। चुनावी तैयारी में जुटे पवन पवन पांडेय अपने संबोधनों में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार सक्रियता दिखा रहे हैं। वह भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अपनी पार्टी की सरकार बनने पर युवाओं को रोजगार देने समेत कई मुद्दे उठाते रहे हैं। 2027 के चुनाव के लिए सपा ने अयोध्या सदर से पवन पांडेय को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर दिया है। ऐसे में भागवत कथा में अखिलेश यादव की मौजूदगी और बड़ी संख्या में संत-महंतों को निमंत्रण दिए जाने को लेकर अयोध्या की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ से भटककर मध्यप्रदेश पहुंचे जंगली हाथी ने अब छिंदवाड़ा के सतपुड़ा नेशनल पार्क का रुख कर लिया है। लंबे समय तक कुआंबादला वन परिक्षेत्र के जंगलों में रहने के बाद हाथी सतपुड़ा नेशनल पार्क की सीमा में पहुंच गया है। फिलहाल हाथी देनवा नदी के आसपास जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहा है। रविवार को हाथी पार्क सीमा के अंदर चुरनी गांव के आगे तक पहुंच गया। हाथी की मौजूदगी के बाद पार्क प्रबंधन, बफर जोन और स्थानीय वन विभाग की टीमें लगातार उसकी निगरानी कर रही हैं। टीम हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्र की ओर न बढ़े। भूराभगत-चौरागढ़ पैदल मार्ग के पास भी देखा गया थावन विभाग के अनुसार, शुक्रवार से हाथी सतपुड़ा नेशनल पार्क के अंदर भूराभगत से चौरागढ़-महादेव जाने वाले पैदल मार्ग के समीप नादिया गांव के पास घने पहाड़ी वन क्षेत्र में देखा गया था। इसके बाद रविवार को वह चुरनी गांव के आगे तक पहुंच गया। इधर, तामिया वन परिक्षेत्र में भी हाथी की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। रविवार सुबह निशान और जामुन डोंगा गांव के बीच मक्का के खेत में हाथी के पगमार्ग मिले हैं। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पगमार्ग की जानकारी जुटाई और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। प्राकृतिक आवास नहीं, जल्द लौटने की उम्मीदवन विभाग के मुताबिक सतपुड़ा और पेंच नेशनल पार्क हाथी का प्राकृतिक आवास क्षेत्र नहीं है। छत्तीसगढ़ से भटककर आया यह नर हाथी जल्द ही अपने प्राकृतिक आवास की ओर लौट सकता है। इसी को देखते हुए स्थानीय वन परिक्षेत्र और नेशनल पार्क की टीमें उसकी लगातार निगरानी कर रही हैं। करीब छह साल पहले भी दो हाथी इसी तरह नेशनल पार्क की सीमा में पहुंचे थे, लेकिन कुछ समय बाद वापस लौट गए थे। इस बार हाथी ने पहले करीब एक सप्ताह सांगाखेड़ा के जंगल में डेरा डाला और इसके बाद सतपुड़ा नेशनल पार्क की सीमा में प्रवेश किया है। फिलहाल हाथी देनवा नदी और पार्क की सीमा के आसपास ही विचरण कर रहा है। वन विभाग की टीम उसकी दिशा और गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उदयपुर में नगर निगम के मेयर पद के लिए आज वोटिंग होगी। नगर निगम के हॉल में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग होगी। इसके बाद बैलेट पेपर की काउंटिंग होगी और रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में भाजपा के पारस सिंघवी और कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ के बीच सीधा मुकाबला है। नगर निगम के कुल 80 वार्ड हैं, ऐसे में मेयर के लिए 41 या इससे ज्यादा वोट मिलने पर बहुमत मिलेगा। दोनों ही दल बाड़ेबंदी के बीच अपने-अपने पार्षदों को सीधे नगर निगम लेकर पहुंचेंगे, जहां वोटिंग होगी। इससे पहले रविवार को पार्टी पदाधिकारियों ने सभी पार्षदों को बैलेट पेपर से वोटिंग करने का पूरा तरीका समझाया। संख्याबल पूरा नहीं होने के बावजूद कांग्रेस का दावा हैं कि इस बार भाजपा के कई पार्षद क्रॉस वोटिंग करेंगे और कांग्रेस का मेयर प्रत्याशी जीतेगा। सीटों का गणित और समीकरण इस बार सीटों के गणित को देखें तो भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। निगम की कुल सीटों में से भाजपा ने 53 और कांग्रेस ने 23 सीटें जीती हैं। इनके अलावा 3 निर्दलीय और 1 माकपा (CPI-M) का पार्षद चुनाव जीतकर आया है। संख्याबल के लिहाज से भाजपा के पारस सिंघवी का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। निर्दलीय और माकपा का रुख चुनाव से ठीक पहले समीकरणों में थोड़ा बदलाव हुआ है। माकपा पार्षद ने कांग्रेस की पूनम कुंवर को समर्थन देने का एलान किया है। वहीं, निर्दलीय पार्षद कमलेश बोराणा भाजपा को समर्थन देकर उनकी बाड़ेबंदी में शामिल हो चुके हैं। अब सबकी नजरें बाकी बचे 2 निर्दलीय पार्षदों के रुख पर टिकी है। केसरिया जी के दर्शन और वोटिंग की ट्रेनिंग वोटिंग से एक दिन पहले रविवार को भाजपा के सभी पार्षदों को नाथद्वारा हाईवे के रिसोर्ट से केसरिया जी और जावर माता दर्शन के लिए ले जाया गया था। भाजपा ने क्रॉस वोटिंग के खतरे को टालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के बड़े नेताओं ने एक-एक पार्षद से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें पार्टी के पक्ष में वोट देने के लिए पूरी तरह तैयार किया है।
लखनऊ के जानकीपुरम प्रथम वार्ड में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। पार्षद ने लाइब्रेरी का काम कर रहे ठेकेदार की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। वार्ड 31 की पार्षद निशा तिवारी ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने ठेकेदार के पहले किए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है। एक साल में ही खराब होने लगे पार्क पार्षद ने बताया कि इसी फर्म ने पिछले साल जानकीपुरम प्रथम वार्ड में 3 पार्क और एक सड़क का निर्माण कराया था। लेकिन एक साल में ही इन कामों में कमियां दिखने लगी हैं। पार्कों में प्लास्टर उखड़ने लगा है। पेंट की क्वालिटी भी खराब बताई गई है। इसके अलावा कई दूसरी कमियां भी सामने आई हैं। लाइब्रेरी के काम की गुणवत्ता पर उठाए सवाल पार्षद ने कहा कि जब छोटे काम एक साल में खराब होने लगे हैं, तो 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की लाइब्रेरी के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने नगर आयुक्त से 3 पार्कों और सड़क का तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता जांचने को कहा है। पार्षद ने कहा कि जांच में कमी या लापरवाही मिलने पर ठेकेदार या फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इससे जनता के पैसे की सुरक्षा और बेहतर सार्वजनिक संपत्ति का निर्माण सुनिश्चित होगा।
रायगढ़ जिले के तमनार रेंज के सामारुमा इलाके में रविवार शाम हाथियों का दल सड़क पर पहुंच गया। हाथियों के सड़क पार करने से पहले वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया और दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसके बाद हाथियों ने बिना किसी बाधा के सड़क पार की और जंगल की ओर चले गए। हाथियों के सड़क पर आने की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने मोबाइल से हाथियों के सड़क पार करने का वीडियो भी बनाया। दल में नर और मादा हाथियों के साथ शावक भी शामिल थे। पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। दोनों ओर वाहन रुकवाकर कराया रोड क्रॉस वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाथियों के सड़क पर आने की सूचना मिलते ही अमला सक्रिय हो गया। कर्मचारियों ने सड़क के दोनों ओर वाहनों को रुकवा दिया, ताकि हाथियों को किसी तरह की परेशानी न हो। कुछ देर बाद हाथियों का पूरा दल सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर जंगल की ओर चला गया। रायगढ़ वन मंडल में 51 हाथी, लगातार निगरानी विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, रविवार को रायगढ़ वन मंडल क्षेत्र में कुल 51 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई। इनमें 13 नर, 32 मादा और 6 शावक शामिल हैं। हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। तमनार में लगातार बना हुआ है हाथियों का मूवमेंट घरघोड़ा सब डिवीजन के SDO आशुतोष मंडावा ने बताया कि, तमनार रेंज में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का मूवमेंट बना हुआ है। रविवार को 24 हाथियों का दल सड़क किनारे पहुंचा था। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और दोनों ओर से वाहनों को रोककर हाथियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराया। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव अभी करीब ढाई साल दूर है। चुनावी तारीखों का ऐलान तो दूर, कांग्रेस के पास अभी संगठन को मजबूत करने और सत्ता में वापसी की तैयारी के लिए लंबा वक्त है। इसके बावजूद पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों की चर्चा शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के एक बयान से हुई, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनने योग्य बताया। खास बात यह है कि ये चारों नाम नए नहीं हैं। 2018 में जब कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में लौटी थी, तब भी मुख्यमंत्री पद के लिए यही 4 नाम सामने थे। उस समय राहुल गांधी के साथ हुई बैठकों में भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत चार प्रमुख दावेदार थे। आखिर में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया गया। अब करीब 8 साल बाद वही चार नाम फिर चर्चा में हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि 2018 के बाद इन चारों की राजनीतिक यात्रा अलग-अलग दिशा में गई है। कोई मुख्यमंत्री बन चुका है, कोई नेता प्रतिपक्ष है, कोई डिप्टी सीएम रह चुका है और कोई सरकार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुका है। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि इन चारों का नाम क्यों आया, बल्कि यह है कि अगर पार्टी भविष्य में इनमें से किसी को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर देखती है तो उसके पीछे उनके पास कौन-कौन से आधार हैं? भूपेश बघेल: मुख्यमंत्री रह चुके हैं, सरकार चलाने का अनुभव चारों में सबसे बड़ा तथ्य भूपेश बघेल के साथ यह है कि वह 5 साल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2018 में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी और बघेल मुख्यमंत्री बने थे। इससे पहले वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर संगठन को संभाल चुके थे। 2013 के झीरम हमले के बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं के मारे जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद बघेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन को संभाला और 2018 की चुनावी जीत तक पार्टी का नेतृत्व किया। यही उनका सबसे बड़ा राजनीतिक आधार है। वह सिर्फ दावेदार नहीं रहे, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर पांच साल सरकार चला चुके हैं। इसके अलावा पट्टन सीट से उनका लंबा चुनावी आधार है। 2023 में भी वे पाटन से विधानसभा चुनाव जीते। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक उन्हें 95,438 वोट मिले थे और उन्होंने भाजपा के विजय बघेल को हराया था। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में राजनांदगांव से उन्हें हार मिली। भाजपा के संतोष पांडेय ने उन्हें 44,411 वोट से हराया। यानी मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम के साथ पिछली सरकार और संगठन चलाने का अनुभव जुड़ा है, लेकिन हाल के लोकसभा चुनाव का नतीजा भी उनके मौजूदा राजनीतिक सफर का हिस्सा है। इसलिए बघेल के मामले में चर्चा का आधार साफ है, पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं, सरकार चलाने का अनुभव है और अभी भी विधानसभा की राजनीति में सक्रिय हैं। चरणदास महंत: अभी विधानसभा में कांग्रेस का सबसे बड़ा संवैधानिक चेहरा चरणदास महंत की स्थिति बाकी तीनों से अलग है। वे इस समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। 2023 के चुनाव में उन्होंने सक्ती विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर 81,519 वोट लेकर जीत दर्ज की। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया। महंत का राजनीतिक अनुभव विधानसभा तक सीमित नहीं है। वे मध्यप्रदेश के समय भी विधायक और मंत्री रहे, लोकसभा सांसद रहे और केंद्र में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2019 से 2023 तक वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे। यानी उनके पास राज्य की सरकार और विधानसभा दोनों के कामकाज का लंबा अनुभव है। इस समय उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूमिका विपक्ष के नेता की है। विधानसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस की रणनीति और मुद्दों को सामने रखने की जिम्मेदारी उनके पास है। जुलाई 2026 के विधानसभा सत्र में कांग्रेस की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की अगुआई भी उन्होंने की थी। यानी अगर महंत के नाम को देखें तो उनके पक्ष में तीन अलग-अलग अनुभव एक साथ दिखते हैं- लंबा विधानसभा अनुभव, केंद्र की राजनीति का अनुभव और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका। टीएस सिंहदेव: सरकार में नंबर 2 पर रह चुके, लेकिन चुनाव हारने का सवाल भी टीएस सिंहदेव का नाम 2018 में भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में था और उस समय वे नेता प्रतिपक्ष थे। 2018 के चुनाव से पहले कांग्रेस के घोषणापत्र और चुनावी अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। मुख्यमंत्री पद की चर्चा में वे भूपेश बघेल के प्रमुख दावेदारों में थे। 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सिंहदेव को स्वास्थ्य समेत कई अहम विभाग मिले। जून 2023 में चुनाव से कुछ महीने पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया। यानी उनके पास सरकार के भीतर मंत्री और डिप्टी सीएम के रूप में काम करने का अनुभव है। लेकिन सिंहदेव के राजनीतिक सफर में 2023 का चुनाव एक बड़ा मोड़ रहा। अंबिकापुर, जिसे वे लंबे समय से प्रतिनिधित्व करते रहे थे, वहां उन्हें भाजपा के राजेश अग्रवाल से हार मिली। आधिकारिक आंकड़ों में दोनों के बीच अंतर 94 वोट का रहा। 2018 में इसी सीट पर सिंहदेव ने 39,624 वोट से जीत दर्ज की थी। सिंहदेव ने हाल में ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा से हुए नुकसान का भी जिक्र किया है और यह संभावना जताई कि 2023 में उनकी हार के कारणों में यह चर्चा भी एक वजह रही हो सकती है। यानी इस बार उनके नाम के साथ सरकार में अनुभव और लंबे राजनीतिक कद के साथ 2023 की चुनावी हार का तथ्य भी मौजूद है। ताम्रध्वज साहू: संगठन के बाहर नहीं, लेकिन चुनावी राजनीति में पिछली स्थिति अलग ताम्रध्वज साहू भी 2018 में मुख्यमंत्री पद के चार प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। उस समय वे लोकसभा सांसद थे और पार्टी के बड़े ओबीसी चेहरों में गिने जाते थे। 2018 के बाद कांग्रेस सरकार में उन्हें गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिली। साहू के पास सांसद और राज्य सरकार में मंत्री दोनों का अनुभव है। लेकिन उनकी मौजूदा राजनीतिक स्थिति 2018 से अलग है। 2023 में वे दुर्ग ग्रामीण सीट से विधानसभा चुनाव हार गए। भाजपा के ललित चंद्राकर को 87,175 वोट मिले, जबकि साहू को 70,533 वोट मिले। अंतर 16,642 वोट का रहा। इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने महासमुंद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा की रूपकुमारी चौधरी से हार गए। इसलिए साहू के नाम की चर्चा में एक तरफ सांसद, मंत्री और गृह विभाग संभालने का अनुभव है, तो दूसरी तरफ 2023 और 2024 के लगातार दो चुनावी नतीजे भी हैं। यही वजह है कि उनका प्रोफाइल बाकी तीनों से थोड़ा अलग दिखाई देता है। 2018 जैसे ही चार नाम, लेकिन चारों की स्थिति बदल गई इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है कि कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री पद की चर्चा के लिए नए नाम सामने नहीं आए, बल्कि 2018 के वही चार नाम फिर चर्चा में हैं। 2018 में चारों एक ही जगह खड़े थे कांग्रेस को सरकार बनानी थी और हाईकमान को मुख्यमंत्री चुनना था। आज स्थिति अलग है। बघेल मुख्यमंत्री रह चुके हैं, महंत नेता प्रतिपक्ष हैं, सिंहदेव डिप्टी सीएम रह चुके हैं और साहू गृह मंत्री रह चुके हैं। यानी 2018 में चारों के पास मुख्यमंत्री बनने की संभावना का आधार मुख्य रूप से उनका संगठन, जनाधार और पार्टी में वरिष्ठता था। अब उनके साथ सरकार चलाने का अनुभव, विधानसभा में भूमिका, मंत्री पद और चुनावी प्रदर्शन जैसे नए अध्याय जुड़ चुके हैं। चारों के बीच क्षेत्र और सामाजिक प्रतिनिधित्व का अंतर चारों नेताओं को सिर्फ उनके पदों से देखने पर तस्वीर पूरी नहीं होती। उनका राजनीतिक आधार भी अलग-अलग इलाकों से आता है। भूपेश बघेल दुर्ग संभाग के पाटन से आते हैं। चरणदास महंत सक्ती और जांजगीर-चांपा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। टीएस सिंहदेव का राजनीतिक आधार सरगुजा और अंबिकापुर रहा है। वहीं ताम्रध्वज साहू दुर्ग क्षेत्र की राजनीति से जुड़े बड़े नेताओं में रहे हैं। 2018 में भी कांग्रेस के सामने यही सवाल था कि सरकार का नेतृत्व किस सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण के साथ किया जाए। उस समय चारों नेताओं के नाम अलग-अलग कारणों से चर्चा में थे। आखिरकार पार्टी ने बघेल को चुना। अब 2028 से पहले फिर वही नाम सामने आने का मतलब यह भी है कि कांग्रेस के भीतर इन चारों की राजनीतिक उपयोगिता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि इस बार पार्टी के सामने सिर्फ 2018 जैसी परिस्थितियां नहीं होंगी। 2023 का चुनाव परिणाम, 2024 का लोकसभा चुनाव और मौजूदा संगठनात्मक स्थिति भी फैसले का हिस्सा होगी। इस बार सबसे बड़ा सवाल सिर्फ चेहरा नहीं, चुनाव जिताने की क्षमता का भी होगा अभी चुनाव में ढाई साल का समय है, इसलिए इसे मुख्यमंत्री पद की वास्तविक दौड़ कहना जल्दबाजी होगी। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने चार नाम गिनाने के बाद फैसला हाईकमान पर छोड़कर अपने बयान को भी संतुलित किया है। खुद उनका नाम इस सूची में नहीं था। लेकिन बयान ने एक बात साफ कर दी है कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों की चर्चा चुनाव से काफी पहले शुरू हो गई है। चारों के पास अपनी-अपनी वजहें हैं, लेकिन चारों की मौजूदा राजनीतिक स्थिति भी एक जैसी नहीं है। बघेल के पास मुख्यमंत्री पद का अनुभव और विधानसभा में जीत है। महंत के पास नेता प्रतिपक्ष की मौजूदा भूमिका और लंबा संसदीय अनुभव है। सिंहदेव के पास मंत्री और डिप्टी सीएम का अनुभव है, लेकिन 2023 की विधानसभा हार भी उनके रिकॉर्ड का हिस्सा है। साहू के पास सांसद और गृह मंत्री का अनुभव है, लेकिन 2023 और 2024 के चुनाव परिणाम उनके सामने अलग चुनौती रखते हैं। इसलिए 2028 की तस्वीर अभी तय नहीं है। अभी जो सामने आया है, वह इतना जरूर है कि 2018 में जिस चार नामों के बीच कांग्रेस को मुख्यमंत्री चुनना पड़ा था, 2026 में भी पार्टी की चर्चा उन्हीं चार चेहरों के आसपास लौट आई है। फर्क यह है कि इस बार चारों अपने साथ पिछले आठ साल का अलग-अलग राजनीतिक रिकॉर्ड लेकर खड़े हैं। 50 अंडर 50 से लेकर CM चयन तक, हाईकमान का फॉर्मूला क्या रहा? कांग्रेस ने 2022 के उदयपुर चिंतन शिविर में संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का फॉर्मूला तय किया था। इसके तहत CWC से लेकर प्रदेश, जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर तक 50% पद 50 साल से कम उम्र के नेताओं को जिम्मेदारी देने की बात कही गई थी। 2023 के रायपुर अधिवेशन में भी इसे लागू करने पर जोर दिया गया। इसमें CWC से लेकर प्रदेश, जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर तक के संगठनात्मक पद शामिल थे। हालांकि 50 अंडर 50 मुख्यमंत्री चुनने का सीधा नियम नहीं है। बाद के राज्यों में हाईकमान के फैसलों में उम्र के साथ विधायक दल की राय, संगठन में भूमिका, चुनावी प्रदर्शन और क्षेत्रीय-सामाजिक समीकरण भी सामने आए। हिमाचल में 2022 में सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ प्रतिभा सिंह और मुकेश अग्निहोत्री के नाम भी चर्चा में थे। विधायकों की बैठक और हाईकमान की बातचीत के बाद सुक्खू को CM बनाया गया। कर्नाटक में 2023 में मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच फैसला करना था। यानी यहां भी पार्टी के सामने सिर्फ उम्र का सवाल नहीं था, बल्कि लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठन में भूमिका, चुनावी प्रदर्शन और दोनों नेताओं के समर्थन का संतुलन था। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में 2028 से पहले सामने आए चार नामों को भी सिर्फ इस आधार पर नहीं देखा जा सकता कि इनमें कौन 50 साल से कम या ज्यादा है। कांग्रेस का घोषित '50 अंडर 50' फॉर्मूला संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए था, लेकिन मुख्यमंत्री चुनने में हाईकमान के सामने चुनावी जीत, विधायक दल का समर्थन, संगठन में पकड़, क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण तथा सरकार चलाने की क्षमता जैसे कई दूसरे पहलू भी रहे हैं। दिलचस्प यह भी है कि 2026 तक कांग्रेस अपने '50 अंडर 50' लक्ष्य को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है। CWC और उससे जुड़े 85 नेताओं में केवल 12 यानी करीब 14 फीसदी ही 50 साल से कम उम्र के थे। इस लिहाज से 2028 के चुनाव में अगर कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर एक दिलचस्प स्थिति बनेगी। एक तरफ 2018 के चार पुराने चेहरे हैं, जिनके पास सरकार और संगठन चलाने का अनुभव है। दूसरी तरफ कांग्रेस का अपना घोषित फॉर्मूला नई पीढ़ी को आगे लाने का है। ऐसे में फैसला सिर्फ इस बात पर नहीं टिकेगा कि कौन पहले मुख्यमंत्री पद का दावेदार रह चुका है, बल्कि हाईकमान के सामने यह भी सवाल होगा कि पार्टी भविष्य के लिए किस पीढ़ी और किस चेहरे पर दांव लगाना चाहती है। ……………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सक्लूसिव: रमन-सरकार के चेहरे, जो कभी छत्तीसगढ़ की सत्ता चलाते थे: कोई सांसद बना, तो कोई चुनावी राजनीति से बाहर; BJP लीडर्स का सियासी ग्राफ छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक दौर ऐसा था, जब बीजेपी का मतलब काफी हद तक डॉ. रमन सिंह और उनकी सरकार के दिग्गज मंत्रियों की टीम से था। 2003 में सत्ता में आने के बाद रमन सिंह की सरकार लगातार 3 चुनाव जीतकर 15 साल तक प्रदेश की सत्ता में रही। पढ़ें पूरी खबर…
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारी के खिलाफ मिली गंभीर शिकायत के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई की है। सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस से सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोपों से घिरे कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 60 हजार रुपए मांगी थी रिश्वत बताया गया है कि अधिकारी के खिलाफ सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालकों से कथित तौर पर रिश्वत मांगने की शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में शिवाय वेयरहाउस से एक लाख रुपए और श्रीकृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपए की मांग की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया भी की जा सकती है।
नर्मदापुरम में रविवार रात को अचानक तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। करीब पौन घंटे एक जैसी रफ्तार से पानी बरसा। इसके बाद 10.30 बजे तक बूंदाबांदी होती रही। हवाओं के साथ हुई बारिश से फेफरताल 33 केवी लाइन पर बड़ा पेड़ गिर गया। जिस वजह से फेफरताल और बीटीआई सब स्टेशन फीडर की बिजली गुल हो गई। शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा पूरी तरह अंधेरा में डूबा रहा। रसूलिया आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में गणेश का पंडाल भी तेज हवा के चलते गिर गया। हालांकि गणेश प्रतिमा पूरी तरफ सुरक्षित है। साप्ताहिक बाजार में अफरा तफरी मचीरविवार को सुबह से शाम तक साफ मौसम रहा। दोपहर में धूप खिली। रात 8 बजे अचानक मौसम बदल गया। रात को अच्छी बारिश हुई, जिससे साप्ताहिक बाजार में अफरा तफरी मच गई। सड़क किनारे खुले में सब्जियां लेकर बैठे लोग भीग गए। सब्जियां भी भीग गईं। शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया। वाहन ड्राइवर और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावनाकम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण जिले सहित प्रदेश पूर्वी हिस्सों में बारिश की स्थितियां सितंबर अंत तक बनी रह सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी की ओर से बना कम दबाव का क्षेत्र आगे की ओर बढ़ रहा है। इसके कारण अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों की बिजली 3 घंटे बंद रहीफैफरताल क्षेत्र में बंजारा टाउन के पास 33 केवी बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया। जिससे फेफरताल, हरदा बायपास, एसपी रहवासी कॉलोनी, महिमा नगर, रसूलिया पूरा क्षेत्र, जुमेराती काली मंदिर, बीटीआई समेत अन्य क्षेत्रों की बिजली 3 घंटे बंद रही।
पानीपत में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद एक युवती ने युवक पर नशीला पदार्थ खिलाकर यौन शोषण करने, अश्लील वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, मामले को पुलिस तक पहुंचने के बाद शादी का वादा कर समझौता कराया गया। कोर्ट में लिव-इन के कागजात बनवाने के बाद 9 मार्च 2026 को मंदिर में शादी करा दी गई। आरोप है कि शादी के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और 13 जुलाई की रात पति ने असंध रोड की नहर में धक्का देकर जान से मारने की कोशिश की। इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। पीड़िता का आरोप है कि सितंबर में आरोपी के दोस्त ने एक्टिवा से उसे टक्कर मार दी। अब पीड़िता ने SP को शिकायत देकर पति, सास-ससुर और पति के दोस्तों समेत 6 लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इंस्टाग्राम से हुई दोस्ती, नशीला पदार्थ खिलाकर बनाया अश्लील वीडियो SP को सौंपी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि नवंबर 2025 में उसकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक से हुई थी। थाने में समझौता, कोर्ट में लिव-इन और फिर मंदिर में रचाई शादी होटल में हुई घटना के बाद जब मामला चांदनीबाग थाने पहुंचा, तो आरोपी के परिजनों (माता-पिता, बुआ और चाची) ने शादी कराने का वादा करके पुलिस में समझौता करा दिया। 27 फरवरी को आरोपी पक्ष ने पीड़िता को पानीपत कोर्ट ले जाकर लिव-इन रिलेशनशिप के कागजात बनवाए। पीड़िता द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद आखिरकार 9 मार्च को परिजनों की मौजूदगी में एक मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई। दहेज के लिए प्रताड़ना और असंध रोड नहर में धक्का देकर मारने की कोशिश शादी के कुछ ही दिनों बाद आरोपी के माता-पिता ताने देने लगे कि उन्हें कार और भारी दान-दहेज वाले रिश्ते मिल रहे थे। इसके बाद पीड़िता को एक किराए के मकान में शिफ्ट कर दिया गया। 13 जुलाई की रात करीब 11:50 बजे पति घुमाने के बहाने पीड़िता को असंध रोड स्थित नहर के पास ले गया और जान से मारने की नीयत से उसे जबरन नहर में धक्का दे दिया। पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद जब आरोपी उसे घर लाया तो परिजनों ने दोबारा मारपीट की और कहने लगे कि इसे कहीं दूर ले जाकर मार दो। जब पीड़िता ने रात 2:45 बजे 112 पर पुलिस को कॉल करने की कोशिश की, तो उसका फोन तोड़ दिया गया और उसे विराटनगर में एक कमरे में छोड़कर आरोपी भाग निकला। ब्लैकमेलिंग, लैब में मारपीट और एक्टिवा से मारी टक्कर पीड़िता ने जब मॉडल टाउन थाने में शिकायत दी और एसपी कार्यालय में स्पीड पोस्ट से पत्र भेजा, तो आरोपी ने झूठा समझौता कर मामला उठाने का नाटक किया और उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया। जांच अधिकारी बदलने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग पीड़िता का आरोप है कि वर्तमान जांच अधिकारी उसके साथ अभद्र व्यवहार कर रही हैं और आरोपियों से मिली हुई हैं, जिसके कारण अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता ने एसपी पानीपत से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे किसी अन्य पुलिस अधिकारी को सौंपा जाए, आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, आरोपी के मकान में उसके रहने का प्रबंध कराया जाए तथा उसकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पुलिस बोली- लड़की लालच में सब कर रही उधर, महिला थाना प्रभारी SI आशा ने बताया कि लड़की लालच में आकर ये सब कर रही है। पुलिस के पास लड़की के खिलाफ कुछ एविडेंस भी है। हालांकि, फिर भी इसकी शिकायत पर हम कोई कार्रवाई करने की ओर बढ़ें भी तो ये बुलावे पर थाने में भी नहीं आती है। लड़की का बैकग्राउंड शिकायत दे कर समझौता करने का है।
बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में बाइक की टक्कर से 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि, बाइक सवार 2 युवक गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाइक सवार चार युवक तेज बारिश के बीच जा रहे थे। तभी आमने-सामने से उनकी भिड़ंत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, ग्राम पुड़ु निवासी संजीव पैकरा (08) पिता संतोष पैकरा रविवार की शाम अपने दोस्त अमन के साथ बाइक पर सवार होकर किसी काम से निकला था। इस दौरान तेज बारिश भी हो रही थी। दोनों युवक गांव के बाहर पहुंचे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि संजीव की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर पीछे बैठे अमन को गंभीर चोटें आईं। दूसरे बाइक चालक की मौत, पीछे बैठे युवक घायल वहीं, दूसरी बाइक को चला रहे विशेष कुमार पैकरा (18) भी इस हादसे में गिर कर सड़क से दूर छिटक गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोंटें आई और उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ बाइक पर बैठे रमन सिंह पैकरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। मृतकों के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। किसी ग्रामीण ने हादसे की सूचना डायल 112 को दी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल, पुलिस दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
अगर आप छिंदवाड़ा जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (ITI) में एडमिशन चाहते हैं तो 22 सितंबर तक का समय है। जिले के युवाओं को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश का अवसर दिया जा रहा है। रिक्त सीटों पर “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” के आधार पर 22 सितंबर तक प्रवेश दिया जाएगा। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, रतलाम प्रिंसिपल ने बताया वर्तमान में शासकीय आईटीआई सैलाना में वेल्डर की 24 सीटें, शासकीय आईटीआई बाजना में फिटर की 05, मैकेनिक डीजल की 02, Sewing Technology की 08 एवं Solar Technician की 06 सीटें रिक्त हैं। शासकीय आईटीआई आलोट में मैकेनिक डीजल की 11, वेल्डर की 28 एवं सर्वेयर की 04 सीटें उपलब्ध हैं। महिला आईटीआई में भी सीट रिक्तशासकीय महिला आईटीआई रतलाम में Fashion Design Technology की 24 तथा Stenographer Secretarial Assistant (English) की 20 सीटें रिक्त हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 22 सितंबर 2026 तक संबंधित शासकीय आईटीआई में संपर्क कर निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार प्रवेश का लाभ ले सकते हैं।
‘मैं बहुत परेशान हूं। मेरा बेटा मुझसे रोज बात करता था। कहता था, मैं ठीक हूं…मम्मी तुम कैसी हो। मेरे बेटे का फोन टूट गया था। उसने कहा था, मैं किसी और से फोन लेकर बात करूंगा। लेकिन, उस दिन से लेकर आज तक उसका फोन नहीं आया।’ यह कहना है रूस में फंसे शामली के युवक आशु की मां बबीता देवी का। वह कहती हैं- मैं रोज दुआ करती हूं कि मेरा बेटा वापस आ जाए। मुझे और कुछ नहीं चाहिए। मेरा मन कहता है कि बेटा सुरक्षित है। बस अब वो आ जाए। मैं उसके लिए व्रत रख रही हूं। 50 दिन हो गए बेटे की आवाज नहीं सुनी। बता दें, शामली के हसनपुर लुहारी का रहने वाला 24 साल का आशु 14 अप्रैल, 2026 को रूस में पढ़ाई करने गया था। परिवार के अनुसार, कुछ दिन वहां उसने नौकरी भी की। फिर उसे जबरन सेना में भर्ती होने के लिए बोला जाने लगा। जब आशु ने इसका विरोध किया, तो उसका पासपोर्ट-वीजा छीन लिया गया। तब से बेटा वहीं फंसा है। मुजफ्फरनगर के 2 दोस्त भी रूस में हैं आशु से पहले मुजफ्फरनगर के शक्ति पुंडीर और हिमांशु शर्मा भी नौकरी करने रूस गए थे। लेकिन, आज तक नहीं लौटे। शक्ति और हिमांशु 18 अगस्त, 2025 को रूस गए थे। आशु, हिमांशु और शक्ति तीनों आपस में दोस्त हैं। आशंका जताई जा रही तीनों को सेना में भर्ती कर लिया गया है। इस पूरे मामले को जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम आशु के घर पहुंची। आशु का परिवार आर्थिक रूप से ठीक है। घर में खेती-किसानी होती है। घर पर हमें आशु की बहन और मां मिलीं। बेटे के दुख में मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन बार-बार मां को संभालती है, लेकिन मां फिर से रोने लगती है। मां अपने बेटे के लिए दिन भर घर के मंदिर में पूजा करती हैं। हफ्ते में 4 बार व्रत रखती हैं। सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे परिवारवाले परिवारवाले लगातार तीनों लड़कों (आशु, शक्ति पुंडीर और हिमांशु शर्मा) की घर वापसी की मांंग कर रहे हैं। शामली के डीएम आलोक यादव ने विदेश मंत्रालय के यूरेशिया डिवीजन के उपसचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी है। साथ ही अपर मुख्य सचिव, शासन गृह विभाग और लखनऊ में भी मामले की जानकारी दी है। इससे परिवार को बेटों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जगी है। बहन बोली- भाई ने फोन करने को कहा था आशु की छोटी बहन अंशुला ने बताया- मेरे भाई से 30 जुलाई के बाद से कोई बात नहीं हो पाई है। उसका फोन भी बंद है। आखिरी बार 30 जुलाई को रात साढ़े 10 बजे बात हुई थी। मेरा भाई बहुत अच्छा है। उसने मुझसे कहा था कि, कल बात करूंगा, लेकिन उसके बाद कोई फोन नहीं आया। ऐसे वह दिन में 2 बार फोन करता था। भाई के लिए मेरे मम्मी-पापा बहुत परेशान हैं। रक्षाबंधन में भी उससे कोई बात नहीं हो पाई। वो हमेशा बहुत जल्दी में बात करता था। उसका जर्मनी जाने का प्लान था, लेकिन वहां भी नहीं गया। मेरी भारत सरकार से यही गुजारिश है कि मेरा भाई जल्दी वापस आ जाए। भाई का पासपोर्ट रूसी सरकार के कब्जे में अंशुला ने बताया- भाई एक साल की पढ़ाई के लिए स्टडी वीजा पर रूस गया था। आशु ने फोन पर बताया था कि उसका पासपोर्ट रूसी सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है। उसे रूसी सेना में भेज दिया गया है। भाई ने हम लोगों से कहा था कि वह सेना में नहीं रहना चाहता। डीएम के स्तर से विदेश मंत्रालय और शासन को पत्र भेजे जाने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ी है। पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शेर सिंह राणा और सांसद इकरा हसन समेत अन्य लोगों ने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद करने की बात कही है। वहीं, भारतीय दूतावास ने रूसी अधिकारियों से तीनों लड़कों की वर्तमान स्थिति के बारे में पूछा है। भारतीय दूतावास उनके इस केस पर अलग से काम कर रहा है। मामला आगे की प्रक्रिया में है। एजेंट बोला- हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं तीनों युवकों के लापता होने के बाद से उनको विदेश भेजने वाला एजेंट आकाश भी गायब है। फोन पर उससे बात की गई। उसने बताया- मैंने एक युवक को साढ़े तीन लाख रुपए लेकर रूस भेजा था। 2 को उससे पहले भेजा था। अब उन लोगों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। न ही ये मेरी जिम्मेदारी है। बता दें, आशु के पिता राकेश कुमार खेती-किसानी करते हैं। उसकी 2 बहनें हैं। एक की शादी हो चुकी है। दूसरी बहन अभी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- योगी बोले- हामिद अंसारी ने हिंदू परंपरा को आतंकवाद से जोड़ा, उनका बयान सचमुच डरावना है सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ग्रेटर नोएडा में कहा, भारत के उपराष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी ने कल एक दुर्भाग्यपूर्ण बयान दिया। उनके बयान भारत की परंपरा, संस्कृति के लिए सचमुच डरावने थे। उन्होंने भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। यहां पढ़ें पूरी खबर
लुधियाना में गुमशुदा लोगों के परिवारों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक आरोपी को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। आरोपी गुमशुदा लोगों के विज्ञापन देखकर उनके परिजनों को फोन करता और खुद को टैक्सी ड्राइवर बताकर लापता व्यक्ति के जम्मू या किसी अन्य राज्य में मिलने की बात कहता था। इसके बाद वह उसे परिवार तक पहुंचाने के नाम पर टैक्सी का किराया मांगता था। आरोपी ठगी के पैसे लेने के लिए अपना QR कोड शेयर करने से बचता था। इसके बजाय वह अलग-अलग दुकानों पर जाकर दुकानदारों से कहता था कि उसकी पत्नी गर्भवती है और उसे पैसों की जरूरत है। वह दुकानदार से उसका स्कैनर/QR कोड इस्तेमाल करने के लिए मांगता था। दुकानदार का बैंक खाता फ्रीज हो गयानूरवाला रोड के एक दुकानदार ने आरोपी को अपना स्कैनर इस्तेमाल करने दिया। बाद में दुकानदार का बैंक खाता फ्रीज हो गया। बैंक से जानकारी मिलने पर पता चला कि उत्तर प्रदेश से जुड़े साइबर फ्रॉड के कारण खाते पर कार्रवाई हुई है। इसके बाद दुकानदार ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दूसरी बार 1500 रुपए के लिए स्कैनर लेने आया तो दबोचाआरोपी दोबारा दुकानदार के पास करीब 1500 रुपए के लेनदेन के लिए स्कैनर लेने पहुंचा। इसी दौरान दुकानदार और आसपास के लोगों ने उसे दबोच लिया। लोगों ने उसकी पिटाई भी की। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना नाम जसप्रीत बताया है और वह नूरवाला रोड का रहने है। मोबाइल में मिले कई WhatsApp और बड़ी संख्या में नंबरलोगों के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर करीब तीन WhatsApp अकाउंट मिले। मोबाइल में बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल नंबर भी मिले हैं, जिनसे आरोपी के संपर्क में रहने या कथित ठगी से जुड़े होने की बात सामने आई है। लोगों ने आरोपी को पकड़ने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी। लापता व्यक्ति के नाम पर मांगता था पैसेएडवोकेट वैभव जैन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी गुमशुदा लोगों के विज्ञापनों को निशाना बनाकर उनके परिवारों से संपर्क करता था। लापता व्यक्ति के मिलने की बात कहकर पैसे मांगता था। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ के बाद ही ठगी के पूरे नेटवर्क का पता करने की कोशिश की जा रही है। थाना बस्ती जोधेवाल की पुलिस को आरोपी लोगों ने पकड़वाया।
सागर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ लिया है। एक बार फिर पुनर्मतगणना के लिए आदेश जारी किया गया है। यह आदेश मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर की विशेष समिति ने जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि सागर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद के मतों की पुनर्मतगणना 24 सितंबर को दोपहर 1.30 बजे की जाएगी। मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसकी रिकॉर्डिंग चुनाव अधिकारी केपी दुबे के पास सुरक्षित रहेगी। पुनर्मतगणना को निष्पक्ष रूप से कराने उच्च न्यायालय जबलपुर के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस संजय द्विवेदी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उप-निर्वाचन अधिकारी व प्रवक्ता महेश नेमा ने बताया कि राज्य अधिवक्ता परिषद के आदेश के अनुसार, पुनर्मतगणना की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। मतगणना के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। 21 अगस्त को वोटिंग, 22 अगस्त को हुई थी मतगणनादरअसल, सागर में जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के चलते 21 अगस्त को मतदान हुआ था। जिसमें 1336 अधिवक्ताओं ने वोट डाले थे। इसके बाद 22 अगस्त को मतगणना की गई। मतगणना में ज्यादा वोट मिलने पर प्रत्याशी अधिवक्ता अंकलेश्वर दुबे जीत मानकर चल रहे हैं। इसी बीच मतगणना में ज्यादा मतपत्र गिने जाने के आरोप को लेकर विवाद शुरू हुआ। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी अधिवक्ता संजय द्विवेदी ने मतों की गिनती में भिन्नता, 1350 के बजाय 1355 मतपत्र गिने जाने की बात कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद में अपील की थी।
तेजाजी, तेजल और कंवर तेजा ये तीनों नाम राजस्थान के लोकदेवता तेजाजी महाराज के हैं, जिन्होंने एक सांप का वादा पूरा करने के लिए खुद की जीभ डसने के लिए आगे कर दी। तेजा दशमी के दिन नागौर के खरनाल तेजाजी मंदिर में बड़ी संख्या में अलग-अलग राज्यों से लोग दर्शन के लिए आते हैं। तेजाजी की कहानी आप तक पहुंचाने के लिए भास्कर टीम नागौर से 20 किलोमीटर दूर स्थित उनकी जन्म स्थली खरनाल गांव पहुंची। आज तेजाजी दशमी के मौके पर पढ़िए पूरी रिपोर्ट… खरनाल गांव में मंदिर पहुंचने से पहले दुकानें थीं, जहां महिलाएं दर्शन करने आए लोगों को प्रसाद खरीदने के लिए बुला रही थी। खरनाल के तेजाजी मंदिर में सबसे पहले हमारी मुलाकात दरियाव धौलिया से हुई जो तेजाजी के भोपा हैं। ऐसा कहते हैं कि तेजाजी का भोपा वही बन सकता है, जिसमें तेजाजी के प्रति भक्ति और सेवा की अटूट भावना हो। दरियाव धौलिया तेजाजी मंदिर के वर्तमान गादीपति भी हैं। दरियाव धौलिया ने बताया साल 1130 में तेजाजी का जन्म खरनाल के ताहड़ देव धौलिया और मां रामकंवरी के घर हुआ था। एक दिन तेजाजी दोपहर तक खेत में काम कर रहे थे। बहुत तेज भूख लग रही थी। भाभी खाना लेकर पहुंची। तेजाजी ने देर से खाने लाने का कारण पूछा। इस पर भाभी ने ताना देते हुए कहा कि वे अपनी पत्नी को मायके से क्यों नहीं ले आते। तेजाजी बिना खाना खाए ही तुरंत घर के लिए निकल गए। 9 माह की उम्र में तेजाजी की शादी हुई थी दरअसल तेजाजी खुद नहीं जानते थे कि वो शादीशुदा हैं। जब घर गए तो उनकी मां ने बताया कि जब वो 9 महीने के थे तो उनकी शादी पनेर गांव के रायमल झंवर की बेटी पेमल से हो गई थी शादी के दौरान पेमल के मामा और तेजाजी के ताऊ की लड़ाई हो गई थी। इसमें पेमल के मामा की मौत हो गई। उसी समय पेमल की मां ने अपनी बेटी को खरनाल नहीं भेजने की बात कह दी थी। दरियाव धौलिया के अनुसार, शादी का पता चलने के बाद तेजाजी अपनी घोड़ी लीलण पर सवार अपनी पत्नी को लाने पनेर निकले। तब उनकी उम्र 29 साल 7 महीने थी। जैसे ही तेजा ससुराल पहुंचे तो सास ने उन्हें कड़वे बोल सुनाए। नाराज होकर तेजाजी वापिस लौटने लगे। पत्नी पेमल ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वे माने नहीं। तभी पेमल ने अपनी सहेली लाछा को भेजा। लाछा ने तेजा को मनाकर अपने घर में ठहराया था। लाछा की गायों के लिए 150 डाकुओं से भिड़े रात में लाछा की गायों को कुछ चोर ले गए। गायों को छुड़ाने के लिए लाछा ने तेजाजी से मदद मांगी। 150 डाकुओं से लड़कर तेजाजी गायें छुड़ा लाए, लेकिन एक बछड़ा वहीं रह गया था। बछड़ा लाने तेजाजी वापस गए। जब तेजाजी सुरसुरा(किशनगढ़) पहुंचे तो रास्ते में उन्हें जलता हुआ सांप दिखाई दिया। तेजाजी ने सांप को भाले की नोंक से वहां से हटा दिया। वो नागदेवता का रुप था, जो अपनी साथी नागिन की मौत के बाद खुद को खत्म करना चाह रहा था। सांप ने तेजाजी से कहा कि उन्होंने मोक्ष प्राप्त कर रहे जीव को बचाकर बहुत बड़ा पाप किया है। अब वो उन्हें डसना चाहता है। इस पर तेजाजी ने सांप से कहा कि वो गाय के बछड़े को चोरों के चंगुल से छुड़ाने जा रहे हैं। लौटकर जरुर आएंगे। सांप के वादे को पूरा करने लौटकर आए लौटते वक्त तेजाजी उसी जगह पर आए जहां पर उन्होंने नाग को वचन दिया। नाग ने देखा कि तेजाजी के पूरे शरीर पर घाव के निशान है। नाग ने उनसे कह दिया कि शरीर पर तो खून और घाव के निशान है, मैं कहां डसूं। तेजाजी ने कहा कि उनकी जीभ पर खून और घाव नहीं है। नाग तेजाजी की जीभ पर डसने को तैयार हो गया। तेजाजी ने अपनी जीभ आगे की और नाग ने डस लिया। नाग ने तेजाजी को आशीर्वाद दिया कि आने वाले समय में दुनिया उनके वचन निभाने की ईमादारी के कारण उन्हें याद रखेगी। इसके बाद नाग ने प्राण त्याग दिए। पेमल ने पिता के वंश को नष्ट होने का श्राप दिया था तेजाजी के प्राण त्याग देने की ये खबर पनेर पहुंची तो पेमल दौड़ी-दौड़ी सुरसुरा पहुंच गई। दुखी पेमल ने गुस्से में अपने परिवार को श्राप देते हुए कहा, आज के बाद झंवर वंंश नहीं बढ़ पाएगा। पेमल तेजाजी की शरीर को गोद में लेकर आग में समाहित हो गई। लीलण घोड़ी तेजाजी का समाचार लेकर खरनाल गई थी दरियाव धौलिया के अनुसार तेजाजी की घोड़ी लीलण ने ही तेजाजी के समाचार को खरनाल गांव तक पहुंचाया। हैरानी की बात ये थी कि लीलण तो मात्र एक घोड़ी थी वो कैसे किसी को समाचार सुना सकती है। उस पर उन्होंने कहा कि लीलण कोई सामान्य जानवर नहीं थी। वो बहुत समझदार थी और इंसानी भावना को समझती थी। दरियाव धौलिया भास्कर टीम को खरनाल में तेजाजी मंदिर से 500 मीटर दूर बने एक तालाब के किनारे ले गए। तालाब की पाल पर एक मंदिर बना हुआ था। हम मंदिर के अंदर गए जहां पर लीलण की मूर्ति थी और उसी के पास जोत जल रही थी। लीलण की पूजा उसी तरह से हो रही थी जैसे किसी देवी-देवता की होती है। कहते हैं कि घरवालों को खबर देने के बाद लीलण ने यहीं अपने प्राण त्यागे। लीलण का समाधि स्थल इतिहास की उस घटना की आज भी गवाही देता है। गांव के लोग पूजा में लीलण के मंदिर में सांगरी, फली जैसी चीजें चढ़ाते हैं। धरती के अंदर समा गई थी तेजाजी की बहन भोपा दरियाव धौलिया ने बताया कि जब लीलण घोड़ी तेजाजी का समाचार लेकर खरनाल पहुंची तो उनकी बहन बुंगरी बाई और एक नायक समाज की कन्या गायें चरा रही थी। ऐसा कहा जाता है कि तेजा के बलिदान की खबर सुनते ही दोनों ने धरती मां को अर्ज की और धरती में समा गई। जिसके बाद बुंगरी बाई “माता” कहलाई। इसके बाद भास्कर टीम खरनाल तेजाजी मंदिर से करीब 3 किलोमीटर दूर बुंगरी माता मंदिर के लिए निकली। एक तालाब के किनारे बुंगरी माता और नायक कन्या का मंदिर बना हुआ है। मंदिर के पास तालाब को लेकर मान्यता है कि इसके पानी को लगाने से त्वचा के रोगों का समाधान हो जाता है। तेजाजी के पीछे पांच जीवों ने प्राण दिया बातचीत के दौरान दरियाव धौलिया ने बताया कि तेजाजी के बलिदान के बाद पांच लोगों तेजाजी की घोड़ी लीलण, नागदेवता, उनकी पत्नी पेमल, बहन बुंगरी बाई और नायक समाज की एक कन्या ने प्राण त्याग दिए थे। उनके अनुसार इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी के बलिदान पर 5 लोगों ने एकसाथ खुद की जीवनलीला भी समाप्त कर ली। तेजाजी के मंदिर से आज भी सांप निकलता है खरनाल में तेजाजी की कहानी जानने के बाद अब भास्कर टीम सुरसुरा गांव में उस जगह गई जहां पर नागदेवता ने तेजाजी को डसा था। यहां पर तेजाजी का मंदिर बना हुआ है। मंदिर में ही एक छोटा सा बिल बना हुआ है जिसे बंबी कहा जाता है। स्थानीय मान्यता है कि इस बिल से तेजाजी के रूप में सांप निकलकर दर्शन देता है और थोड़ी देर बाद वापस बिल में चला जाता है। यहां पर तेजादशमी के दिन मेला लगता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही है। सुरसुरा में ही लाछा गुजरी की एक बावड़ी है। दैनिक भास्कर टीम सुरसुरा के बाद तेजाजी के ससुराल पनेर गांव पहुंची। यहां पर पेमल का मंदिर बना हुआ है। पेमल की मूर्ति है जिसमें तेजाजी को गोद में लिए अग्नि में समाहित हो रही है। तेजा गायन केम्ब्रिज में पढ़ाया जाता है भास्कर टीम खरनाल के खेतों में काम कर रहे किसानों से मिली जो तेजा गायन गा रहे थे। किसानों ने बताया कि ये एक ऐसा गाना है जो होली से लेकर भाद्रपद पूर्णिमा तक गाया जाता है। मान्यता है कि इसे गाने के बाद बारिश आ जाती है। तेजा गायन में तेजाजी के जीवन की पूरी गाथा है। गाते समय हाथ में छतरी लेकर नाचते हुए गाया जाता है ताकि बारिश आ सके। किसानों ने तेजा गायन गाकर भी सुनाया। तेजा गायन केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने अपने लोकगीतों के सिलेबस में भी शामिल किया है। ट्रक और डंपर से लगाते हैं परिक्रमा खरनाल मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूर नागौर-जोधपुर हाईवे के किनारे तेजाजी की लीलण पर सवार एक बड़ी सी मूर्ति बनी हुई थी। भास्कर टीम वहां पहुंची तो देखा कि मूर्ति के चारों ओर एक ट्रक से परिक्रमा लगाई जा रही थी। परिक्रमा पूरी हुई तो हमने ड्राइवर जीवराज गुर्जर से बातचीत की। उन्होंने बताया- मैं अजमेर से आया हूं। ये हमारे किसानों के देवता हैं। ट्रक, गाड़ी या बाइक कुछ भी लो यहां पर परिक्रमा देने जरूर आते हैं। हल जोतने के यंत्रों का तेजाजी ने आविष्कार किया थाकिसान परिवार से होने के कारण धान बोने के काम आने वाली बीजणी का आविष्कार भी तेजाजी ने किया था। (बीजणी जो कि हल के पीछे लगाई जाती है और उसी में धान डालकर बोया जाता है।) खरनाल के किसान रामप्रसाद ने बताया- हमारे यहां जब भी खेत में फसल बोने जाते है, जाने से पहले तेजाजी को नारियल चढ़ाकर और पूजापाठ करके याद किया जाता है। खेत में फसल बोेने के बाद तेजाजी से आशीर्वाद लिया जाता है। खरनाल में है तेजाजी का संकल्प स्तूप तेजाजी के बलिदान और वचन निभाने की सत्यता को साबित करता हुआ खरनाल में आज के समय में संकल्प-स्तूप बना हुआ है। स्तूप पर तेजाजी की प्रेरणा से सच बोलने और अपने वचन निभाने की बात कही गई है। वहीं पर स्तूप की देखरेख करने वाले बताते है कि संकल्प स्तूप सत्य वचन, प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण करने की बात कहता है।
जेतपुर में 15.2 ग्राम एमडी के साथ दो आरोपी गिरफ्तार:बोलेरो कैंपर जब्त, मामले की जांच शुरू
पाली जिले के जेतपुर थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15.2 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एमडी और बोलेरो कैंपर जब्त कर मामले में जांच शुरू कर दी है। गाड़ी की तलाशी में मिली 15.2 ग्राम एमडी जेतपुर थानाप्रभारी अरुण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सेदरिया के पास एक बोलेरो कैंपर को रुकवाकर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी से 15.2 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर पाली के सदर थाना क्षेत्र के गिरादड़ा निवासी मुकेश (31) पुत्र घीसाराम और रूपावास गांव निवासी ओमाराम (35) पुत्र बाबूराम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में एमडी की बरामदगी और आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान थानाधिकारी अरुण कुमार, कांस्टेबल कंवरलाल, विजय सिंह, महीपाल, बलराम, रणवीरसिंह, बाबूराम और भगवानराम शामिल रहे। कार्रवाई में कांस्टेबल महीपाल और बलराम की विशेष भूमिका रही।
कोटपूतली नगर परिषद में आज शहर के सभापति का चुनाव होगा। 60 नव निर्वाचित पार्षद नए प्रमुख का चुनाव करेंगे। इस पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद वोटों की गिनती होगी और परिणाम घोषित किया जाएगा। सभापति पद के लिए भाजपा की ओर से कमल सैनी और कांग्रेस की ओर से रमेश चंद पायला मैदान में हैं। नगर परिषद में भाजपा के 19, कांग्रेस के 13 और 28 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। पहले मैदान में उतरे चार प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। भाजपा के पास कांग्रेस से ज्यादा पार्षद हैं, लेकिन बहुमत के लिए यह संख्या काफी नहीं है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन निर्णायक साबित होगा। वहीं पाटवा-प्रागपुरा नगपालिका के अध्यक्ष का चुनाव भी आज किया जाएगा। यहां भाजपा से मंजू अग्रवाल और कांग्रेस से मीना सैनी मैदान में हैं। पालिका में कुल 45 वार्ड है। यहां कांग्रेस के 22, बीजेपी के 16 और 7 निर्दलीय पार्षद है।
वल्लभनगर को आज मिलेगा पहला नगर पालिका अध्यक्ष:20 पार्षद सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक करेंगे वोटिंग
वल्लभनगर नगर पालिका को आज अपना पहला अध्यक्ष मिलेगा। नवगठित नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए चुने गए पार्षद आज अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। देखें सीट वार गणित… इस चुनाव में भाजपा के 16 और कांग्रेस के 4 पार्षद जीते हैं। बहुमत के लिए 11 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। जानिए अध्यक्ष प्रत्याशियों के बारे में… अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की सोवनी और कांग्रेस की रामी भील मैदान में हैं। अध्यक्ष चुनने के लिए कुल 20 पार्षद वोट डालेंगे। चुनाव की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद वोटों की गिनती होगी और परिणाम घोषित किया जाएगा।
कानोड़ नगर पालिका में आज अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। 20 नए पार्षद अपने अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इस पद के लिए 02 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 01 कांग्रेस से और 01 भाजपा से हाइब्रिड प्रत्याशी है। देखें सीट वार गणित… चुनाव में कांग्रेस के 14 पार्षद जीते हैं, जबकि भाजपा के 6 पार्षद हैं। कोई भी निर्दलीय पार्षद नहीं जीता है। यहां कुल 20 वार्ड हैं और अध्यक्ष बनने के लिए 11 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होगी और दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे। जानिए अध्यक्ष प्रत्याशियों के बारे में… अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से रोनक स्वर्णकार मैदान में हैं। वहीं, भाजपा ने शिव कुमार सोनी को अपना हाइब्रिड उम्मीदवार बनाया है। बहुमत के लिए 11 पार्षदों की जरूरत है और कांग्रेस के पास 14 पार्षद हैं। ऐसे में कांग्रेस का बोर्ड बनने और रौनक स्वर्णकार के अध्यक्ष बनने की पूरी संभावना है।
खैरथल नगर परिषद के नव निर्वाचित पार्षद शहर के सभापति चुनाव करेंगे। इसके लिए भाजपा से विक्रम सिंह और कांग्रेस से हाइब्रिड फार्मूले से ओमप्रकाश रोघा प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव में भाजपा 08, कांग्रेस के 20 और निर्दलीय 17 पार्षद जीते हैं। यहां कुल 45 वार्ड हैं और बहुमत के लिए 23 पार्षद होना जरुरी है। सभापति के चुनाव की प्रक्रिया सवेरे 10 बजे से शुरू होगी और दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद काउंटिंग होगी और परिणाम घोषित किया जाएगा। खैरथल नगर परिषद सभापति के लिए मैदान में हैं ये प्रत्याशी पार्षदों का ये है गणित यहां सबसे ज्यादा सीट है कांग्रेस की आई है जिनमें 20 कांग्रेस, 08 भाजपा और 17 पार्षद निर्दलीय पार्षद जीते है। मगर कांग्रेस के विक्रम सिंह के भाजपा में जाने के बाद से ही खैरथल नगर परिषद के चुनावी समीकरण बदले नजर आ रहे हैं वही अभी भी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में सीधी टक्कर है।
प्रतापगढ़ नगर परिषद के सभापति का चुनाव आज होगा। शहरी सरकार के इस चुनाव में 40 नए चुने गए पार्षद अपने सभापति का चुनाव करेंगे। इस पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रतापगढ़ में कुल 40 वार्ड हैं। यहां भाजपा के 17, कांग्रेस के 20 और 3 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। सभापति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 21 पार्षदों का समर्थन चाहिए। चुनाव की प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होगी और दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे। सभापति पद के लिए ये उम्मीदवार मैदान में हैं: भाजपा: मनीषा जैन कांग्रेस: ज्योति सोनी पार्षदों का गणित इस प्रकार है: * भाजपा: 17 * कांग्रेस: 20 * अन्य: 3 * कुल: 40 * बहुमत के लिए जरूरी: 21 कांग्रेस के पास 20 पार्षद हैं, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति सोनी के पक्ष में 22 वोटों के समर्थन का दावा किया जा रहा है। अगर यह दावा सही होता है, तो ज्योति सोनी को कांग्रेस के अपने पार्षदों से 2 वोट ज्यादा मिलेंगे। वहीं, भाजपा के 17 पार्षद हैं, जबकि भाजपा उम्मीदवार मनीषा जैन के पक्ष में 18 वोटों के समर्थन का दावा सामने आया है। दावा सही रहने पर मनीषा जैन को भाजपा के अपने पार्षदों से 1 वोट ज्यादा मिलेगा। हालांकि, ये आंकड़े चुनाव से पहले सामने आए समर्थन के दावों पर आधारित हैं। 21 सितंबर को मतदान के बाद ही यह साफ होगा कि दोनों उम्मीदवारों को असल में कितने वोट मिले और पार्टी के पार्षदों की संख्या की तुलना में कितने वोट ज्यादा या कम रहे।
सलूम्बर नगर परिषद की नई शहरी सरकार को आज अपना सभापति मिल जाएगा। सलूम्बर नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। कुल 25 निर्वाचित पार्षद सभापति के चुनाव में मतदान करेंगे। ऐसे में बहुमत के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। सुबह 10 बजे से शुरू होगा मतदान सभापति चुनाव की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगी। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किया जाएगा। चुनाव को लेकर नगर परिषद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। भाजपा के 12, कांग्रेस के 11 पार्षद सलूम्बर नगर परिषद के 25 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 11 सीटें आई हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय और एक भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) के पार्षद चुनाव जीतकर परिषद में पहुंचे हैं। सलूंबर नगर परिषद का अंक गणित बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है। यानी भाजपा बहुमत से एक कदम दूर है, जबकि कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए दो पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। एक-एक वोट से तय होगा नगर परिषद का नेतृत्व सभापति चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों दलों के बीच महज एक सीट का अंतर होने के कारण निर्दलीय और BAP पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी। … यह खबर भी पढ़ें सलूंबर में सभापति चुनाव को लेकर तस्वीर साफ:बीजेपी ने कैलाश गांधी को उतारा, कांग्रेस ने नरेश जैन को मिला टिकट सलूंबर में पूर्व सभापति पार्षद का चुनाव हारे:वार्ड 14 में लॉटरी से बीजेपी प्रत्याशी को मिली जीत, निर्दलीय-बाप पार्षद बने किंगमेकर सलूंबर में बाप-निर्दलीय के हाथ में सभापति पद की चाबी:बीजेपी को एक और कांग्रेस को 2 पार्षदों की जरूरत, वार्ड 14 में लॉटरी से निकला रिजल्ट
गुना जिले की बमोरी इलाके की पाटी पंचायत के सुंडा गांव में आज भी ग्रामवासी पक्की सड़क को तरस रहे हैं। तेजा दशमी पर जुलूस निकालने से पहले ग्रामीणों ने मोटर से पानी डालकर सड़क को धोया। इसके बाद सड़क साफ हुई और जुलूस निकाला जा सका। बता दें कि यह गांव बमोरी इलाके के अंतिम छोर पर है। इससे कुछ ही दूरी पर राजस्थान की सीमा लग जाती है। ग्रामीण बाबूलाल, जगदीश, रामहेत, पृथ्वीराज, विनोद ने बताया कि आज सुंडा गांव को बसे हुए सैकड़ों वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक न किसी सरपंच, न किसी विधायक और न किसी मंत्री ने इस सुंडा गांव पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। अभी तक इस गांव में न कोई पक्की सड़क है और न ही पक्का मकान है। पूरे गांव के लोग कीचड़ में से निकलते हैं। आज भी कच्ची झुग्गियों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेजा दशमी के पर्व पर गांव के लोगों ने कीचड़ को पाइप से धो कर रास्ता साफ किया। इसके बाद आने जाने का रास्ता ठीक हो पाया और जुलूस निकल पाया। कीचड़ को साफ करते हुए वीडियो भी सामने आए हैं। तीन बार चुनाव का बहिष्कार कर चुकेइन ग्रामीणों का कहना है कि गांव वालों ने पूरा जोर लगा लिया, लेकिन किसी भी प्रकार से सुनवाई नहीं हो रही। सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत कर चुके हैं। तीन बार चुनाव का बहिष्कार तक कर चुके। प्रशासन झूठ बोलकर दबाव दे कर वोट डलवा तो देता है, लेकिन गांव में सड़क पुलिया की बात करते हैं, तो बोलते हैं कि गर्मी में करा देंगे, बरसात में करा देंगे। हर जगह से सिर्फ आश्वासन मिलता हैग्रामीणों ने कहा कि जब उनके पास जाते हैं, तो कहते हैं कि विधायक के पास जाओ। विधायक के पास जाते हैं, तो वो भी केवल आश्वासन दे देते हैं कि करा देंगे। ग्रामीणों ने मांग की कि उनके गांव की तरफ भी ध्यान दिया जाए और मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, सड़क की व्यवस्था की जाए।
छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर समेत प्रदेश के 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और अचानक तेज हवा चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रदेश में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के भी आसार हैं। बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया के आगे बढ़ने से प्रदेश में बारिश की एक्टिविटी अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। खासकर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। जांजगीर में बिजली गिरने से 3 की मौत शनिवार को जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा क्षेत्र में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य ग्रामीण घायल हुए हैं। महुदा गांव में शाम को सभी बाड़ी में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला। बारिश से बचने के लिए सभी झोपड़ी में चले गए, जहां वे बिजली की चपेट में आ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को बलौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद नरेश खेरवार (24), राम भरोस पटेल (32) और तुलसी राम पटेल (51) को मृत घोषित कर दिया। वहीं अंजू पटेल (26), दुलारा बाई (46) और बैशाखू खेरवार (32) घायल हुए हैं। तीनों का उपचार जारी है। इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र में भी CCI प्लांट के पास बिजली गिरने से ग्रामीण दूज राम जाटवार (55) की मौत हो गई। बालोद में सबसे ज्यादा 70 मिमी बारिश पिछले 24 घंटे में बालोद में 70 मिमी, कवर्धा में 60 मिमी, कांकेर में 60 मिमी, सुकमा में 50 मिमी, जगदलपुर में 40 मिमी, मल्हारकोटा में 40 मिमी और अंबिकापुर में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पेंड्रा रोड, कुसमी, कोटा, तखतपुर, भाटापारा, डोंगरगढ़, कांकेर, बेमेतरा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, अकलतरा, अंबिकापुर, रायपुर और आसपास के कई इलाकों में भी बारिश हुई। रायपुर में गरज-चमक के साथ पड़ेंगी बौछारें रायपुर में भी आज (21 सितंबर) बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी: इन बातों का रखें ध्यान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, इसलिए निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। आगे क्या होगा? बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के आगे बढ़ने से प्रदेश में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। खासकर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
दतिया में मजदूर ने घर के कमरे में फांसी लगाई:परिजन खेत पर गए थे, लौटे तो मिला शव
दतिया में उनाव थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर में रविवार शाम एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शव की पहचान प्रदीप पिता रमेश अहिरवार (30) निवासी राजापुर के रूप में हुई। वह मजदूरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि प्रदीप शराब पीने का आदी था और घटना के समय नशे में था। पुलिस के अनुसार, प्रदीप ने घर के आगे वाले कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। घटना के समय परिजन खेत पर काम करने गए हुए थे। परिजन जब वापस घर पहुंचे, तब घटना का पता चला। मृतक की पत्नी फिलहाल मायके गई हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने देर शाम शव का पोस्टमॉर्टम कराया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की भी जांच कर रही है।
मथुरा में किसान की हत्या:रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था, ट्रैक्टर से रौंदकर भागा
मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र के भैरई गांव में शनिवार दोपहर पैसों के लेन-देन के विवाद में किसान की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान ओमवीर उर्फ करुआ (47) के रूप में हुई है। आरोप है कि गांव के ही सोनू ने पहले ओमवीर को शराब पिलाई और फिर ट्रैक्टर से उसे कुचल दिया। घायल होने के बाद भी सांस चलती देख आरोपी ने दोबारा ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। चार साल से पैसों को लेकर चल रहा था विवाद भैरई गांव निवासी गोपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके छोटे भाई ओमवीर शनिवार दोपहर करीब 1 बजे ट्रैक्टर-हैरो लेकर खेत की जुताई करने गए थे। काम ज्यादा होने के कारण उन्होंने गांव के सोनू को भी साथ बुलाया था। परिजनों के मुताबिक, सोनू पर करीब चार साल से ओमवीर के कुछ रुपए बकाया थे। इसी रकम को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। खेत पर शराब पिलाने के बाद ट्रैक्टर चलाया आरोप है कि शनिवार को खेत पर पहुंचने के बाद सोनू ने अपने साथी कपिल को शराब लेकर बुलाया। इसके बाद ओमवीर, सोनू और कपिल ने खेत पर बैठकर शराब पी। शराब पीने के बाद सोनू ट्रैक्टर चलाने लगा। बताया गया है कि ओमवीर खेत के एक कोने में खड़े थे। तभी सोनू ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। ट्रैक्टर की चपेट में आने से ओमवीर गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गए। सांस चलती देख दोबारा चढ़ाया ट्रैक्टर परिजनों का आरोप है कि ओमवीर की सांसें चलती देख सोनू ने दोबारा उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सोनू मौके से भाग गया। नामजद मुकदमा दर्ज, आरोपी की तलाश सीओ मांट अमरनाथ यादव ने रविवार देर रात करीब 12 बजे घटना की जानकारी दी। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने सोनू के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
पाली जिले के तखतगढ़ थाना क्षेत्र के कोसेलाव स्थित जैन समाज के मंदिर में हुई नकबजनी की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मंदिर से भगवान महावीर स्वामी के चांदी के गहने, चांदी का औफला, चांदी का कल्पवृक्ष सहित अन्य चांदी का सामान चोरी की थी। पुलिस अब चोरी किए गए सामान को बरामद करने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। चांदी का कल्पवृक्ष सहित अन्य सामान चोरी थानाप्रभारी शैतान सिंह ने बताया- 12 सितंबर को कोसेलाव निवासी परिवादी वेनपुरी गोस्वामी ने रिपोर्ट दी थी। उसमे बताया गया कि मंदिर के पट खोलकर देखने पर भगवान महावीर स्वामी के चांदी के गहने, चांदी का औफला, चांदी का कल्पवृक्ष सहित अन्य चांदी की सामग्री गायब मिली। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम का गठन नकबजनी के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए दुजाना (सांडेराव) हाल इंद्रा कॉलोनी, फालना निवासी 24 वर्षीय प्रकाश कुमार पुत्र कसनाराम, उसकी 20 वर्षीय पत्नी पूजा उर्फ पुष्पा और दुजाना (सांडेराव) निवासी 18 वर्षीय सागर कुमार पुत्र प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों से चोरी किए गए गहने और अन्य सामग्री कहां छिपाई गई है। इस संबंध में पूछताछ कर रही है। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में पुलिस निरीक्षक श्यामराज सिंह, एएसआई गोपाल सिंह, दलपतसिंह, घीसाराम, मकसूद खान, हेड कांस्टेबल रामकिशोर आदि शामिल रहे।
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कानपुर के बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में करीब 55 मिनट भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कब्रिस्तान की कार्रवाई, रिजवान उल्लाह अस्पताल में 100 बेड की सुविधा और बाबूपुरवा-बेगमपुरवा में सरकारी इंटर कॉलेज समेत कई स्थानीय मुद्दे उठाए। बर्रा के कब्रिस्तान की कार्रवाई का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा- वहां लोगों के माता-पिता और परिजनों की कब्रें थीं। कार्रवाई में जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। किसी निर्माण को हटाने से पहले नोटिस देने, जवाब लेने और सुनवाई का मौका देना जरूरी है। उन्होंने कहा- ये हुकूमत जीवित लोगों को चैन से रहने नहीं दे रही और कब्रों में सो रहे बुजुर्गों को भी नहीं बख्श रही। ओवैसी ने रिजवान उल्लाह अस्पताल में 100 बेड की सुविधा और बाबूपुरवा-बेगमपुरवा में सरकारी इंटर कॉलेज बनाने के पुराने वादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- चुनाव के समय किए गए इन वादों का जनता को हिसाब लेना चाहिए। ओवैसी ने कहा- आगामी विधानसभा चुनाव में AIMIM कैंट समेत कानपुर की अलग-अलग सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। चुनाव के दौरान वह दोबारा कानपुर आएंगे। ऊपर फोटो पर क्लिक करके VIDEO देखिए।

