ग्वालियर 1000 बिस्तर अस्पताल में एक सुरक्षाकर्मी और उसके परिवार से मारपीट के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के चलते सुरक्षाकर्मी ने वीआईपी पोर्च में खड़ी डॉक्टर की गाड़ी को हटाने का कहा था। इससे गुस्साए एप्रन पहने जूनियर डॉक्टरों ने गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपियों ने गार्ड, उसके भाई और भतीजे को लोहे की सरियों और डंडों से पीटा गया। मदद के लिए पुलिस बुलाने भागे 16 साल के मासूम बेटे को भी अगवा कर पीटा गया और उसकी सोने की बाली लूट ली गई। क्या है पूरा मामला? ग्वालियर के आमखो निवासी योगेंद्र सिंह भदौरिया पिता नरेश सिंह पिछले 5-7 वर्षों से जेएएच (J.A.H.) अस्पताल में बतौर सुरक्षाकर्मी काम कर रहे हैं। 30 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित दौरे के चलते उनकी ड्यूटी 1000 बिस्तर अस्पताल के स्टाफ गेट (VIP पोर्च) पर लगाई गई थी। अधिकारियों के कड़े निर्देश थे कि डीन, अधीक्षक और मंत्री की गाड़ियों की जगह पर कोई अन्य वाहन पार्क न हो। इसी दौरान एक बिना डॉक्टर सिंबल वाली सफेद रंग की कार (MP07-CH2513) पोर्च में आकर खड़ी हो गई। गार्ड योगेंद्र ने जब कार चालक को गाड़ी हटाने को कहा तो चालक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। योगेंद्र के विरोध करने पर आरोपी जूनियर डॉक्टर आर्यन धनोलिया ने फोन करके अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसे जिंदा मत छोड़ो' का शोर और सरियों से ताबड़तोड़ वारप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सरिए और डंडे लेकर पहुंचे जूनियर डॉक्टरों ने यह जीवित न बचे की हुंकार भरते हुए योगेन्द्र के सिर पर जानलेवा हमले शुरू कर दिए। योगेंद्र को बचाने जब उनके भाई और भतीजे भोलू भदौरिया बीच-बचाव करने आए, तो आरोपियों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा। भतीजे भोलू के सिर में गहरी चोट आई और उसके गले से सोने की चेन झपट ली गई। जब योगेन्द्र का 16 वर्षीय नाबालिग बेटा पुलिस को सूचना देने के लिए भागा, तो आरोपियों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और रास्ते भर मारते हुए ले गए। दरिंदगी की हद पार करते हुए आरोपियों ने मासूम के कान की सोने की बाली तक निकालकर गाड़ी की टॉमी में डाल ली। पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज पार्किंग में लगे कैमरों में कैद होने का दावा किया जा रहा है। इलाज में लापरवाही और राजीनामे का दबावगंभीर रूप से घायल योगेंद्र को इलाज के नाम पर भी प्रताड़ना झेलनी पड़ी। आरोप है कि रात 1 बजे तक उन्हें तड़पने दिया गया और बाद में सिर पर 19 टांके लगाए गए। भतीजे भोलू को भी 3 टांके आए हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल परिसर में ही पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने का भारी दबाव बनाया गया, जिससे खौफजदा होकर परिजन एक दिन बाद ही मरीज को घर ले जाने पर मजबूर हो गए। नामजद शिकायत के बावजूद 'अज्ञात' पर FIRपीड़ित योगेंद्र भदौरिया का कहना है कि उनके पास घटना के फोटो-वीडियो के अलावा फेसबुक व इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो के सबूत मौजूद हैं। इसके बावजूद थाने में पीड़ित पक्ष की एक न सुनी गई। पीड़ित परिवार चिल्ला-चिल्लाकर मुख्य आरोपी जूनियर डॉक्टर आर्यन धनोलिया और उसके साथियों के नाम बताता रहा, लेकिन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। गार्ड बोला- ईमानदारी से कर रहा हूं कामपीड़ित सुरक्षा गार्ड योगेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि मैं पिछले 7 सालों से ईमानदारी से अस्पताल में काम कर रहा हूं। अगर वीआईपी पोर्च में अवैध पार्किंग रोकना मेरा अपराध है, तो मुझे इसकी सजा मिली है। मेरे और मेरे मासूम बेटे के साथ हुई बर्बरता के सारे सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं।
सीहोर में झूलते तारों की वजह से हादसे:किसानों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की
सीहोर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में झूलते बिजली तारों से हो रहे हादसों को लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि पिछले दो महीने में करंट लगने से कई मवेशियों की मौत हुई है। ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के बाद किसान विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में बड़वेली, अमरूद, महोडिया, कुला खुर्द, रामखेड़ी, बिलकिसगंज, चंदेरी, पिपलिया मीरा, चांदी, रातीखेड़ा और मगरखेड़ा सहित दर्जनों गांवों के किसान धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दे रहे हैं। किसानों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन किसानों का आरोप है कि झूलते बिजली तारों से लगातार हादसे होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि विद्युत मंडल की आंतरिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद भी अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इसी मांग को लेकर किसान सीहोर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एडिशनल कलेक्टर ब्रजेश सक्सेना और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने दोषी विद्युत अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। मुआवजा और सरकारी नौकरी की भी मांग किसानों ने झूलते विद्युत तारों को तत्काल ठीक कराने की मांग की। इसके अलावा हादसों में जान गंवाने वाले परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने किसानों को नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जनपद अध्यक्ष ने कार्यालय में ताला लगाया:चीचली CEO के ट्रांसफर की मांग पर अड़ी, कर्मचारी अंदर फंसे
नरसिंहपुर जिले की चीचली जनपद पंचायत में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जनपद अध्यक्ष राधाबाई अहिरवार ने दफ्तर में बाहर से ताला जड़ दिया। सीईओ के कामकाज से नाराज अध्यक्ष के इस कदम की वजह से दफ्तर के अंदर मौजूद कर्मचारी काफी देर तक कैद रहे। इस घटना के बाद जनपद परिसर में घंटों गहमागहमी बनी रही। राधाबाई अहिरवार ने बताया कि वह अपनी मांगों को लेकर पिछले 36-37 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। अध्यक्ष का कहना है कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं, इसलिए उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है और दफ्तरी काम की जानकारी मांगने पर गोलमोल जवाब दिया जाता है। सीईओ के तबादले पर अड़ीं जनपद अध्यक्ष की मुख्य मांग चीचली जनपद पंचायत के सीईओ का तबादला कराने की है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक सीईओ को हटाया नहीं जाता, तब तक वह अपना धरना खत्म नहीं करेंगी। फिलहाल प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई ठोस भरोसा नहीं मिला है। समर्थन में पहुंची युवा कांग्रेस, दी चेतावनी अध्यक्ष के आंदोलन को समर्थन देने भोपाल से युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार भी चीचली पहुंचे। उन्होंने कहा कि राधाबाई जनता की चुनी हुई प्रतिनिधि हैं और उनके साथ ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सीईओ पर कार्रवाई होने तक यह लड़ाई जारी रहेगी और प्रशासनिक दबाव के आगे युवा कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। पुलिस पहुंची, परिसर में बना तनाव घटना की खबर मिलते ही चीचली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन देर शाम तक मांगों पर कोई फैसला नहीं हो सका था। इस वजह से जनपद पंचायत परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।
घर की छत पर सोलर पैनल लगवा चुके उपभोक्ताओं से बिजली कंपनी द्वारा फिक्स चार्ज के रूप में की जा रही वसूली के खिलाफ हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई।
मंदसौर की वायडी नगर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने 28 वर्षीय युवक को सूरत से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर युवती से दोस्ती की। शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर सोने के जेवर ले लिए। आरोपी से 15 लाख रुपए की ज्वेलरी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, मंदसौर निवासी पीड़िता की 2025 में स्नैपचैट के जरिए राजवीर नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों इंस्टाग्राम पर बातचीत करने लगे। उनके बीच प्रेम संबंध बन गए। आरोपी पीड़िता से मिलने मंदसौर आने लगा। शादी का झांसा देकर होटल में किया रेप आरोप है कि इसी दौरान आरोपी युवक ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर होटल में बुलाया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने होटल में पीड़िता का वीडियो भी बना लिया। फिर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी ने पीड़िता से सोने के जेवर की मांग की। डर से पीड़िता ने अपनी मां, बहन, भाभी और खुद के सोने के जेवर आरोपी को दे दिए। परिवार को ज्वेलरी गायब होने पर हुआ शक घर से लगातार ज्वेलरी गायब होते देख पीड़िता के परिवार को शक हुआ। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। 18 जुलाई को पीड़िता ने परिजनों के साथ वायडी नगर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी से 15 लाख के जेवर बरामद फिर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि पीड़िता जिसे राजवीर के नाम से जानती थी। उसका असली नाम गोपाराम उर्फ गोपाल उर्फ राजवीर है। वह राजस्थान के सिरोही का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से जेवर बरामद किए हैं जिसमें सोने की 4 चूड़ियां, उंगलियों की 4 अंगूठियां, गले के 5 सोने के मांदलिया, एक सोने का हार, एक मंगलसूत्र, एक सोने की चेन और एक जोड़ी सोने की झुमकियां शामिल हैं। सबी की कीमत 15 लाख रुपए है।
जगदलपुर में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी को 20 साल की जेल, पॉक्सो एक्ट में मिली सजा
नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के मामले में न्यायालय ने आरोपित लखेश्वर कश्यप को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम पड़ोसी राज्यों के लिए 15 अंतरराज्यीय मार्गों पर स्लीपर बसें चलाएगा। इसके लिए निजी संचालकों से अनुबंध हेतु निविदा जारी की गई है, जिससे यात्रियों को प्रमुख शहरों और तीर्थों तक आवागमन में सुविधा होगी।
वल्लभनगर के नवनियुक्त तहसीलदार ब्रजेंद्र सिंह राठौड़ ने मंगलवार को तहसील कार्यालय में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर तहसील कार्यालय के कार्मिकों ने स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के बाद कार्मिकों ने तहसीलदार ब्रजेंद्र सिंह राठौड़ का अभिनंदन किया। तहसीलदार राठौड़ ने सभी कार्मिकों से परिचय प्राप्त किया और कार्यालय की कार्यप्रणाली और विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान तहसीलदार राठौड़ ने कहा कि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से निपटारा किया जाएगा। उन्होंने राजस्व संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पूरे केंद्र शासित प्रदेश में जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स अवैध कट, अतिक्रमण और ब्लैक स्पॉट की निगरानी कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
धार राजपूत समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर भोजशाला परिसर से सटी खसरा नंबर 612 की जमीन से जुम्मे की नमाज की व्यवस्था हटाने की मांग की। समाज ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसमें नमाज के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्था करने का आग्रह किया गया। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद प्रशासन की ओर से मुस्लिम समाज के लिए हर शुक्रवार भोजशाला से सटी खसरा नंबर 612 की जमीन पर जुम्मे की नमाज की व्यवस्था की जा रही है। राजपूत समाज ने मांग की कि इस स्थान से नमाज की व्यवस्था हटाकर बाहर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर की जाए। समाज का कहना है कि इससे भोजशाला में होने वाली धार्मिक गतिविधियों और नमाज की व्यवस्था के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनेगी। दोनों समुदायों के रास्ते अलग रखने की मांग ज्ञापन में कहा गया कि खसरा नंबर 612 की जमीन भोजशाला से सटी हुई है। ऐसे में दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियां एक साथ होने पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौती हो सकती है। समाज के अनुसार, इसी को देखते हुए प्रशासन से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई थी। राजपूत समाज ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ दोनों समुदायों के आवागमन के रास्ते अलग रखने की मांग की। समाज का कहना है कि भोजशाला जाने वाले रास्ते और नमाज स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते की स्पष्ट व्यवस्था होने से भ्रम और असुविधा से बचा जा सकता है। समाज ने प्रशासन से खसरा नंबर 612 की जमीन के बजाय मुस्लिम समाज के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर नमाज की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
रीवा जिले के पड़ोखर गांव में रास्ते की समस्या के कारण स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। मंगलवार को समस्या से परेशान बच्चे और उनके परिवार के लोग कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और गांव में आवागमन के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान रास्ते में कीचड़ और पानी भर जाने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बारिश में बढ़ जाती है परेशानी ग्रामीणों ने बताया कि गांव से स्कूल तक जाने के लिए उचित रास्ता नहीं है। बारिश के दौरान रास्ते पर कीचड़ और पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी परेशानी होती है। कई बार अभिभावकों को बच्चों के साथ स्कूल तक जाना पड़ता है। रास्ते की खराब स्थिति के कारण बच्चे कई बार समय पर स्कूल भी नहीं पहुंच पाते हैं। छात्रा ने जनसुनवाई में बताई समस्या जनसुनवाई में पहुंची छात्रा खुशी साकेत ने बताया कि गांव में रास्ता नहीं होने के कारण स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बारिश के समय रास्ते पर कीचड़ और पानी भर जाने से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द रास्ते की व्यवस्था कराने की मांग की। लंबे समय से बनी हुई है समस्या परिजनों ने बताया कि रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसी उम्मीद में बच्चे और उनके परिवार के लोग कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर रास्ते की समस्या का समाधान कराएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को मौके की स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए रास्ते की समस्या का समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि रास्ता बनने से स्कूली बच्चों के साथ गांव के अन्य लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी।
सतना से लौट रहे दो दोस्तों को रोककर रंगदारी मांगने और मारपीट करने वाले तीन बदमाशों को देवेंद्रनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों का शहर में पैदल जुलूस निकाला। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव के मुताबिक, जनकपुर (पन्ना) के रहने वाले इंद्रजीत सिंह बुंदेला (45) अपने दोस्त सुरेंद्र पटेल के साथ 14 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे बाइक से सतना से लौट रहे थे। ग्राम बड़े मुटवा के पास पहुंचते ही तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपियों ने दारू और मुर्गा पार्टी के लिए रंगदारी मांगी। जब इंद्रजीत ने मना किया, तो बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से उनकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे इंद्रजीत के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। वारदात के बाद बदमाश जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच शुरू की। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने 18 अगस्त को दबिश देकर तीनों आरोपियों प्रधान यादव (27), दीपू यादव (24) और जयपाल यादव (41), तीनों निवासी ग्राम बड़े मुटवा को पकड़ा है। गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी थाना प्रभारी ने सख्त लहजे में कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। कानून हाथ में लेने या आम जनता को परेशान करने वाले बदमाशों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सागर के ग्राम किशनपुरा की छात्राएं मंगलवार को परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। ज्ञापन सौंपकर उन्होंने हाईवे से गांव को जोड़ने वाले रास्ते को खुलवाने और बसों का आवागमन शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रास्ता टोल वालों ने खोद दिया है। जिस कारण बसें गांव में नहीं आ पा रही हैं। बसों का इंतजार करने सड़क पर खड़े होते हैं तो रोड से गुजरने वाले असामाजिक तत्व कमेंट कसते हैं। बिना सूचना के रास्ता बंद किया जाता हैउन्होंने आवेदन में कहा कि हमारे गांव से होकर पुराना सागर-बीना मार्ग- 26(A) निकलता है जो आगे मूगरा सड़क मार्ग के माध्यम से भोपाल से जुड़ता है। यह रास्ता हमारे ग्राम सहित आसपास के ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। इस मार्ग पर स्थित किशनपुरा टोल प्लाजा के लोगों ने बिना किसी पूर्व सूचना के और मनमाने तरीके से कभी भीआम रास्ते को बंद कर दिया जाता है। बसें गांव तक नहीं आ पातीरास्ता बंद होने के कारण ग्रामवासियों को सागर, खुरई, बीना सहित अन्य स्थानों पर आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही ग्राम में संचालित बसें और अन्य यात्री वाहन भी ग्राम तक नहीं पहुंच पाते हैं। नरयावली और जरूआखेड़ा जाने वाले विद्यार्थी परेशान विशेष रूप से जरूआखेड़ा और नरयावली जाने वाले छात्र-छात्राओं को बायपास टोल प्लाजा पर जाकर घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। सड़क पर छात्राओं पर असामाजिक तत्व कमेंट करते हैं। उन्होंने उक्त मार्ग खुलवाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को एक बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिला। सोमवार को यहां की मशहूर बाघिन 'जुगनी' अपने चार नन्हें शावकों के साथ रास्ता पार करती नजर आई, जिसका वीडियो मंगलवार दोपहर सामने आया है। यह घटना खवासा बफर इलाके में सफारी के दौरान हुई। पर्यटकों ने जैसे ही जुगनी और उसके बच्चों को सड़क पार करते देखा, गाड़ियां तुरंत रोक दी गईं। लोगों ने बिना कोई शोर मचाए इस शानदार पल को अपने कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया। थोड़ी ही देर में जुगनी अपने चारों बच्चों को लेकर जंगल की झाड़ियों में ओझल हो गई। पेंच की पसंदीदा बाघिन है जुगनी बाघिन जुगनी पेंच टाइगर रिजर्व में आने वाले लोगों के बीच काफी मशहूर है। साल 2024 की शुरुआत में भी उसे चार शावकों के साथ देखा गया था। खवासा और तेलिया बफर इलाके में उसकी मौजूदगी हमेशा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। पेंच का यह जंगल अपनी हरियाली और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है, जिसे 'द जंगल बुक' की कहानी से भी जोड़ा जाता है। बफर ज़ोन में बढ़ा सफारी का रोमांच बारिश के मौसम में पेंच के कोर एरिया में घूमना बंद रहता है, लेकिन बफर इलाकों में पर्यटक सफारी का मजा ले सकते हैं। जुगनी और उसके बच्चों के इस तरह दिखने से बफर जोन की सफारी का रोमांच काफी बढ़ गया है। सुरक्षित दूरी बनाकर रखें पर्यटक जंगल के जानकारों का कहना है कि जब बाघिन अपने बच्चों के साथ हो तो पर्यटकों को काफी सावधान रहना चाहिए। शोर मचाना, रास्ते के बीच में गाड़ी रोकना या जानवरों के ज्यादा पास जाने से मां और बच्चों दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है। ऐसे पलों का मजा हमेशा दूरी से ही लेना चाहिए।
भिंड-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर गोहद इलाके में सोमवार देर रात करीब 1 बजे तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सड़क को सुरक्षित और चौड़ा करने के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बघेल ने कहा कि एनएच-719 पर आए दिन हादसों में परिवार उजड़ रहे हैं। यह सिर्फ सड़क हादसों का मामला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और जान से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। कांग्रेस, संत समाज और सामाजिक संगठनों की ओर से लंबे समय से भिंड-ग्वालियर मार्ग को सुरक्षित बनाने और सिक्स लेन करने की मांग की जा रही है। इसको लेकर कई बार आंदोलन भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक आश्वासनों के अलावा प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई। देखें हादसे की दो तस्वीरें… टोल वसूली पर भी उठाया सवाल बघेल ने कहा कि जब इस मार्ग पर वाहन चालकों से टोल वसूला जा रहा है तो सुरक्षित सड़क, बेहतर यातायात व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कितनी और मौतों के बाद एनएच-719 की सुध ली जाएगी। उन्होंने सरकार से मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कराने और सिक्स लेन निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। बघेल ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कांग्रेस व्यापक जनांदोलन करेगी। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… MP के भिंड में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मौतें:23 घायल, ग्वालियर से यूपी लौट रहे थे मध्य प्रदेश के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर गोहद इलाके में सोमवार देर रात करीब 1 बजे तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इससे 8 लोगों की मौत हो गई। 23 घायल हैं। इनमें ट्रक ड्राइवर भी शामिल है। घायल नंदलाल बताया कि पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे। सभी अलग-अलग गांव के थे। ये लोग ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर घर लौट रहे थे। पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू के आरएसपुरा के बडयाल ब्राह्मण में बिजली विभाग के डेलीवेजर लाइनमैन की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी और पांच छोटे बच्चे छोड़ गए हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की मांग की है।
अवैध हथियार के साथ दो गिरफ्तार:रायसर पुलिस-डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई में देशी कट्टा, कारतूस जब्त
जयपुर ग्रामीण में डीएसटी और रायसर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की है। इस दौरान एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंशु कपूरिया और अजीत शर्मा के रूप में हुई है। अंशु कपूरिया को अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया, जबकि अजीत शर्मा पर उसे हथियार बेचने का आरोप है। दोनों आरोपी बामनवास गांव के निवासी हैं। पुलिस अधीक्षक नुमान प्रसाद आईपीएस ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, अपराध शाखा राजस्थान, जयपुर द्वारा राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत जिले के सभी अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। इसके साथ ही, डीएसटी टीम जयपुर ग्रामीण की सूचना पर रायसर थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम का निकटतम सुपरविजन एएसपी (मुख्यालय) नीरज पाठक, एएसपी शाहपुरा रणवीर सिंह और वृत्ताधिकारी जमवारामगढ़ रामकिशन विश्नोई ने किया। टीम का नेतृत्व थानाधिकारी रायसर राजपाल सिंह और डीएसटी प्रभारी उप निरीक्षक सुहेल खान ने किया। पुलिस टीम में शामिल सउनि लेखराम और जाप्ता रायसर, लुनेठा, जयसिंहपुरा में गश्त कर रहे थे। बस स्टैंड चिलपली पुलिया के नीचे पहुंचने पर डीएसटी टीम जयपुर ग्रामीण से सूचना मिली कि बामनवास ग्राम पंचायत बोबाडी में नवीन लाइब्रेरी के पीछे दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे हैं, जिनके पास हथियार हैं। इस सूचना पर सउनि लेखराम अपनी टीम के साथ नवीन लाइब्रेरी, ग्राम बामनवास, पंचायत बोबाडी पहुंचे। वहां दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा गया, जिन्हें जाप्ता की मदद से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अंशु कपूरिया पुत्र बंशीधर (जाट, निवासी बामनवास) और अजीत शर्मा पुत्र संतोष (ब्राह्मण, निवासी बामनवास) बताया।
बॉलीवुड अभिनेता और गोरखपुर सांसद रवि किशन मंगलवार को स्टूडेंट्स से रूबरू हुए। वे यहां एक यूनिवर्सिटी के ओरिएंटेशन प्रोग्राम ‘पहला कदम’ में शरीक होने आए थे। रवि किशन ने स्टेज से 'खम्मा घणी' बोलकर स्टूडेंट्स से इंटरेक्शन की शुरुआत की। इस दौरान एक्टर व सांसद ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर कहा कि सोशल मीडिया पर आने वाले कमेंट्स मैं पढ़ता हूं। जो लोग मुझे पसंद करते हैं और कमेंट में दिल का निशान भेजते हैं, उन्हें देखना मुझे अच्छा लगता है। रविकिशन ने बातचीत के दौरान ट्रोलर्स के लिए गीत की पंक्तियां भी सुनाईं- वो तो है अलबेला, हजारों में अकेला, सदा तुमने ऐब देखा, हुनर को न देखा। एक्टर ने स्टूडेंट्स की फरमाइश पर उनके साथ राजस्थानी गीत ‘गौरी नाचे’ पर डांस भी किया। प्रोग्राम में रविकिशन ने राजस्थानी, भोजपुरी, हिंदी और अंग्रेजी गानों पर डांस कर स्टूडेंट्स के साथ जमकर मस्ती की। एक स्टूडेंट के साथ उन्होंने ‘कोटेश्वराय’ गीत भी गाया। कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट के चेयरमैन राहुल सिंघी ने रवि किशन का स्वागत किया। ओरिएंटेशन प्रोग्राम में रविकिशन ने अपनी एक्टिंग जर्नी, संघर्ष के दिनों, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और राजनीतिक सफर से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए। ‘मैंने कभी खुद को वायरल करने का प्लान नहीं बनाया’ रवि किशन ने अपने कई वायरल डायलॉग्स और वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कभी खुद वायरल होने की योजना नहीं बनाई। कई बार उनके मुंह से निकली ऐसी बातें भी वायरल हो गईं, जिनके बारे में उन्हें खुद बाद में पता चला। उन्होंने ‘होम फ्रॉम वर्क’, ‘क्विकली द लेट’ और ‘मनी फॉलोज माई ब्रॉथा’ जैसे अपने वायरल वाक्यों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें इनकी चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पता चली। उन्होंने संसद में अपने ‘मौन व्रत’ वाले बयान का भी जिक्र किया और बताया कि वह भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था। पत्नी भी कहती है बाहर निकलते ही वायरल हो जाएंगे रवि किशन ने अपनी वायरल लोकप्रियता से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी सुनाया। उन्होंने हंसते हुए बताया कि उनकी पत्नी प्रीति शुक्ला भी उनकी वायरल लोकप्रियता से कभी-कभी परेशान हो जाती हैं और मजाक में कहती हैं कि उन्हें घर पर ही रहना चाहिए, क्योंकि बाहर निकलते ही वह कुछ ऐसा बोल या कर देंगे, जो शाम तक वायरल हो जाएगा। ‘जेन-जी ने मुझे निशब्द कर दिया’ सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को लेकर रवि किशन ने जेन-जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके वीडियो पर बनने वाले मीम्स और युवाओं की रचनात्मकता उन्हें हैरान करती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इंस्टाग्राम पर जेन-जी की ओर से उन्हें इतना प्यार मिलेगा। उन्होंने युवा पीढ़ी को सलाम करते हुए कहा कि युवाओं ने उनकी चाल, उनकी बातों और उनके अंदाज को जिस तरह सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बनाया, वह उनके लिए बेहद खास अनुभव है। खुद को कमजोर ना समझें, मैंने भी शून्य से शुरुआत की स्टूडेंट्स से बातचीत के दौरान रवि किशन ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनकी यहां तक की यात्रा आसान नहीं रही। वह उस दौर से निकलकर आए हैं, जब घर में जरूरत की चीजें तक उपलब्ध नहीं थीं। अपनी मां को अच्छी साड़ी और पिता को साइकिल गिफ्ट करने की इच्छा ने उन्हें मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए हर वह काम किया, जो उनके लिए जरूरी था और कभी मेहनत से पीछे नहीं हटे। संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि देश में कई अच्छे इंजीनियर हुए हैं, लेकिन आप एआई के दौर के इंजीनियर हो, आप उनसे भी बेहतर बनकर विकसित भारत में अपना योगदान दो। लाइफ में कभी निराश न हों और गिव अप ना करें। जब भी वे खुद को कमजोर या निराश महसूस करें, तो उनके संघर्ष को याद करें। उन्होंने भी शून्य से शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि वह अब तक 750 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं, जिनमें 450 से अधिक भोजपुरी फिल्में शामिल हैं। गरीबों की सेवा के लिए राजनीति में आया रवि किशन ने बताया कि शुरुआती दौर में जब जमीन, घर या परिवार से जुड़ी कोई समस्या होती थी, तो उनकी बात सुनने वाला कोई अधिकारी नहीं होता था। उस समय उन्होंने भगवान से प्रार्थना की थी कि जब उन्हें मौका मिले तो वे गरीबों की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि आज इसी सोच के साथ वह राजनीति में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह गोरखपुर से लगातार दो बार सांसद चुने गए हैं और वहां विकास कार्यों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तथा केंद्र सरकार से लगातार संवाद करते रहे हैं। रवि किशन ने कहा कि उन्होंने पिछले कई वर्षों में सरकार को लगातार पत्र लिखे और अपने क्षेत्र की जरूरतों को सामने रखा। उनके अनुसार, इसी प्रयास का परिणाम है कि गोरखपुर में लोगों की जरूरतों के अनुरूप कई विकास कार्य हुए हैं। ‘कितना आनंद आएगा यहां जलने में’ बयान पर सुनाया पूरा किस्सा रवि किशन ने गोरखपुर में इलेक्ट्रिक श्मशान घाट के उद्घाटन के दौरान दिए अपने वायरल बयान ‘कितना आनंद आएगा यहां जलने में’ का किस्सा भी स्टूडेंट्स के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि उस कार्यक्रम में वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि उन्हें वहां भाषण देना है। रवि किशन ने बताया कि श्मशान घाट जैसे स्थान पर भाषण देना उनके लिए भी अलग अनुभव था। उन्होंने इंटरनेट पर भी इस तरह के भाषण का कोई उदाहरण नहीं देखा था। इसके बाद उन्होंने मंच से कहा कि यहां से जलने के बाद सीधे स्वर्ग पहुंच जाएंगे। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खूब हंसे। रवि किशन के मुताबिक, मुख्यमंत्री इतने हंसे कि उनकी आंखों में आंसू तक आ गए। इसके बाद यह पूरा प्रसंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में इस बार रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। हर महीने मिलने वाली 1500 रुपए की किस्त के साथ यह राशि जुड़ने से 19 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में कुल 1750 रुपए पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 35 हजार महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। रक्षाबंधन पर लगातार चौथे साल 250 रुपए जून 2023 में शुरू हुई इस योजना के तहत राज्य सरकार रक्षाबंधन पर 250 रुपए की अतिरिक्त राशि दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बुधवार को मैहर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक से कुल 2148 करोड़ रुपए ट्रांसफर करेंगे। लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाओं के साथ उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाली पात्र महिलाओं को भी 250 रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। सरकार पर 313 करोड़ रुपए का भार योजना के तहत हर महीने नियमित किस्त जारी की जाती है। जुलाई में भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 38वीं किस्त के रूप में 1835 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। इस बार 250 रुपए अतिरिक्त देने के कारण कुल 2148 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे राज्य सरकार पर 313 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
बिजुरी पुलिस ने मंगलवार को बस स्टैंड के पास यात्री प्रतीक्षालय से 516 ग्राम गांजा जब्त किया और एक युवक को पकड़ा है। थाना प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि पुलिस की टीम जब गश्त पर थी, तभी पैसेंजर वेटिंग शेड के पास एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ा। जब उसके पास मौजूद प्लास्टिक की थैली की तलाशी ली गई, तो उसमें से गांजा निकला। कोतमा से खरीदा था गांजा आरोपी की पहचान 21 साल के इरफान अली (निवासी ग्राम छतई, बिजुरी) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने उगला कि उसने यह गांजा लाला तिवारी (निवासी खोडरी, कोतमा) से खरीदा था। आरोपी ने खुलासा किया कि आसपास के तस्कर छत्तीसगढ़ से गांजा लाकर यहां सप्लाई करते हैं और छोटे व्यापारी इसे कम-कम मात्रा में खरीदकर स्थानीय बाजारों में बेचते हैं। जब्त गांजे की कीमत करीब 7 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस अब गांजा बेचने वाले सह-आरोपी लाला तिवारी की तलाश में जुट गई है।
छतरपुर के भगवां थाना क्षेत्र के नकरयाखेड़ा गांव में खेत में भैंस चराने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से मारपीट हुई। घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दोनों पक्षों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। इस पूरे विवाद में 5 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना 16 अगस्त की सुबह हुई। नकरयाखेड़ा निवासी नंदकिशोर रैकवार और सुखदीन रैकवार अपने खेत में भैंस चरा रहे थे। भैंसों को खेत से हटाने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की शिकायतकर्ता हरपा कुशवाहा (74) के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मारपीट हुई। मारपीट में हरपा कुशवाहा, उनकी पत्नी, बहू, भतीजे और भाभी घायल हुए हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। हरपा कुशवाहा की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
रक्षाबंधन को खास बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने राखी स्पेशल गिफ्ट बॉक्स लॉन्च किया है। छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल प्रणव कुमार ने डाक विभाग के अधिकारियों के साथ यह बॉक्स लॉन्च किया। इसकी कीमत 520 रुपए रखी गई है। बॉक्स में राखी के साथ अक्षत-कुमकुम, बैज, फ्रिज मैग्नेट, की-रिंग और तीन पिक्चर पोस्टकार्ड दिए जा रहे हैं। इसकी बिक्री मंगलवार से विशेष काउंटर के जरिए शुरू कर दी गई है। साथ ही राखी भेजने वालों को 10 रुपए के व्हाइट प्रूफ एनवलप के साथ 10% डिस्काउंट भी मिलेगा। वहीं, पार्सल बुकिंग को आसान बनाने के लिए रायपुर में जल्द 24 घंटे चलने वाला सेल्फ-सर्विस कियोस्क शुरू किया जाएगा। 'ई-कॉमर्स से अलग पैकेजिंग, युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार' प्रणव कुमार ने बताया कि इस गिफ्ट बॉक्स इस तरह तैयार किया गया है कि भाई-बहन राखी के साथ कई दूसरी चीजें भी एक ही पैक में भेज सकें। उन्होंने बताया कि बॉक्स में तीन पिक्चर पोस्टकार्ड भी हैं, जिनका इस्तेमाल आज की युवा पीढ़ी और Gen Z के बीच बढ़ रहा है।डाक विभाग इस पैक को स्कूल, गर्ल्स कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थानों और कॉलोनियों तक पहुंचाने की योजना बना रहा है। राखी भेजने के लिए 10 रुपए का व्हाइट प्रूफ एनवलप, 10% डिस्काउंट राखी भेजने वालों के लिए डाक विभाग की ओर से 10 रुपए का व्हाइट प्रूफ एनवलप भी उपलब्ध कराया जा रहा है। राखी पोस्ट करने वाले भाई-बहनों को 10 प्रतिशत डिस्काउंट देने की व्यवस्था की गई है। राखी में एक भी एनवलप डॉक घर में नहीं रहेगा CPMG प्रणव कुमार ने बताया कि राखियों की समय पर डिलीवरी के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राखी के दिन सुबह तक RMS ऑफिस में राखी का एक भी एनवलप नहीं बचना चाहिए। डिलीवरी के लिए जो भी राखियां RMS पहुंचेंगी, उन्हें समय पर संबंधित पोस्ट ऑफिस भेजा जाएगा। इसके बाद पोस्टमैन को राखी के दिन ही संबंधित पते पर डिलीवरी करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि राखी के दिन डिलीवरी के लिए आई कोई भी राखी पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए। जल्द खुलेगा 24 घंटे चलने वाला सेल्फ बुकिंग कियोस्क मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि डाक विभाग जल्द ही रायपुर आफिस में 24 घंटे चलने वाला पार्सल बुकिंग कियोस्क शुरू करेगा। इसमें ग्राहक खुद पार्सल बुक कर सकेंगे। कियोस्क में पूरी प्रक्रिया के लिए जरूरी जानकारी और गाइड उपलब्ध रहेगी। इसे हेडक्वार्टर के बाहर शुरू करने की योजना है। बच्चों के आधार अपडेट के लिए रविवार को खुलेगा डाकघर उन्होंने बताया आने वाले दिनों में 5 से 15 साल के बच्चों के आधार अपडेटेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऑफिस जाने वाले अभिभावकों की सुविधा के लिए रविवार को हेडक्वार्टर खोलकर बच्चों का आधार अपडेट किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में डाक विभाग की ओर से हर सप्ताह एक स्कूल में आधार कैंप लगाने की योजना है। पैरामिलिट्री फोर्स के कैंपों में भी आधार अपडेट करने के लिए कैंप लगाए जाएंगे। ग्रामीणों को आधार अपडेट कराने के लिए शहर नहीं आना पड़े, इसके लिए पंचायतों के साथ समन्वय कर गांवों में ही आधार एनरोलमेंट और अपडेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बैतूल में किसान 80 किमी चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे:फसल बीमा और खाद वितरण में अनियमितता की शिकायत की
बैतूल जिले के चोपना क्षेत्र के किसान मंगलवार को करीब 80 किलोमीटर की दूरी तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के सामने फसल बीमा, खाद वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना था कि सहकारी समिति, कृषि विभाग और बैंक स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था, इसलिए उन्हें जिला मुख्यालय आकर शिकायत करनी पड़ी। 9 गांवों के सैकड़ों किसान बीमा राशि से वंचित किसानों ने बताया कि बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी समिति चोपना से 32 गांवों के करीब 1400 किसान जुड़े हैं। वर्ष 2025 की खरीफ फसल का बीमा अधिकांश किसानों को मिल चुका है, लेकिन झोली, आमडोह, हिरापुर और गोल्हई बुजुर्ग पटवारी हल्के के 9 गांवों के सैकड़ों किसान अब तक बीमा राशि से वंचित हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि जब उनसे फसल बीमा का प्रीमियम लिया गया और शासन की ओर से बीमा लाभ दिया गया, तो इन किसानों को अब तक राशि क्यों नहीं मिली। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और जल्द बीमा राशि दिलाने की मांग की। एक ही क्षेत्र में बीमा राशि में अंतर किसानों ने फसल बीमा राशि में भी अंतर होने की शिकायत की। उनका कहना है कि एक ही क्षेत्र में फसल अनावारी समान होने के बावजूद कुछ किसानों को दो हेक्टेयर पर करीब 3500 रुपए का बीमा मिला, जबकि कुछ किसानों को 35 हजार रुपए तक की राशि दी गई। किसानों ने इस विसंगति की जांच कर सभी प्रभावित किसानों को समान आधार पर बीमा लाभ देने की मांग की। कम मिली खाद, अब बकाया भी नहीं मिल रही खाद वितरण को लेकर किसानों ने बताया कि ई-टोकन और ई-वस्तु प्रणाली के दौरान कई किसानों को निर्धारित मात्रा से कम खाद मिली थी। अब ई-टोकन व्यवस्था वापस लिए जाने के बाद भी ऐसे किसानों को उनकी बकाया खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों ने मांग की कि जिन किसानों को निर्धारित मात्रा से कम खाद मिली है, उन्हें बची हुई खाद तत्काल उपलब्ध कराई जाए। खाद महंगी हुई, KCC की ऋण सीमा पुरानी किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड की वस्तु ऋण सीमा बढ़ाने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि पहले 1350 रुपए वाली डीएपी खाद मिलती थी, जबकि अब करीब 2100 रुपए की एनपीके खाद मिल रही है। खाद की कीमत बढ़ने के बावजूद KCC की वस्तु ऋण सीमा में बदलाव नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार, ऋण सीमा पुरानी होने के कारण उन्हें पहले की तुलना में कम मात्रा में खाद मिल रही है। उन्होंने खाद की बढ़ी कीमत के अनुसार वस्तु ऋण सीमा बढ़ाने की मांग की। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फसल बीमा, खाद वितरण और KCC से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द निराकरण कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण उन्हें करीब 80 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आना पड़ा। जनसुनवाई में भी किसान की शिकायत मंगलवार की जनसुनवाई में किसानों से जुड़ी अन्य समस्याएं भी सामने आईं। आमला तहसील के ग्राम लीलाझर निवासी रामू कौशिक ने खरीफ 2025 का फसल बीमा नहीं मिलने की शिकायत कलेक्टर के सामने रखी। किसान ने बताया कि पात्र होने के बावजूद उसे अब तक बीमा राशि का लाभ नहीं मिला है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग के डीडीए को शिकायत का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। रास्ते, मुआवजे और आवास की शिकायतें भी पहुंचीं जनसुनवाई में ग्रामीण रास्ते, राजस्व रिकॉर्ड, मुआवजा और आवास से जुड़ी समस्याएं लेकर भी पहुंचे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
Darbhanga News : भारत का न्यूयार्क बनेगा मिथिला शोध संस्थान, संजय झा का बड़ा प्लान
मिथिला शोध संस्थान को भारत का न्यूयार्क बनाने की तैयारी है, जहां प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन और आधुनिक विषयों पर शोध होगा। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने इसके विकास के लिए उच्चस्तरीय बैठक की और 15 दिनों में पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन की बात कही।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में मंगलवार को नर्मदा नदी के केवलराम घाट पर स्नान के दौरान लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से आए चार श्रद्धालु गहरे पानी में चले गए। मौके पर तैनात नाविकों, होमगार्ड और SDERF के जवानों ने तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक युवक को बचाया नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार, लखनऊ निवासी संतोष (24), अनिकेत (23), कमल किशोर (23) और शुभ उर्फ प्रखर तिवारी (24) नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि चारों युवक फोटो और वीडियो बनाने के फेर में निर्धारित सुरक्षित सीमा को पार कर गहरे पानी में चले गए। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद वे आगे बढ़ते गए। सीपीआर भी नहीं आया काम घटना होते ही नाविक मुकेश वर्मा, शंकर वर्मा, होमगार्ड-SDERF जवान नागेंद्र शर्मा और उदय सोलंकी तुरंत नदी में उतरे। उन्होंने संतोष, अनिकेत और कमल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, पानी में डूब चुके शुभ तिवारी को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर घाट पर ही सीपीआर दिया गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का इकलौता सहारा था शुभ शुभ तिवारी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसी पर पूरे घर के खर्च की जिम्मेदारी थी। शुभ के पिता हाल ही में कैंसर के ऑपरेशन से गुजरे हैं और घर में एक बहन भी है। इस दुखद हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील घटना के बाद होमगार्ड एवं SDERF जिला कमांडेंट आशीष कुशवाहा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नर्मदा में स्नान के दौरान केवल चिह्नित सुरक्षित स्थलों का ही उपयोग करें और घाटों पर तैनात जवानों व प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
जम्मू-कश्मीर में NIA की स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उस पर UAPA के तहत आरोप हैं और वह हाफिज सईद का दाहिना हाथ माना जाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों में Gen Z को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि Gen Z को 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट दिए जाने चाहिए, क्योंकि युवाओं को राजनीति में आगे लाना जरूरी है। गहलोत ने सिफारिश के आधार पर टिकट बांटने से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि ऐसा किया तो चुनाव हार जाएंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर मैं भी किसी की सिफारिश करूं तो उसे टिकट मत देना। पूर्व सीएम मंगलवार को निकाय चुनावों की तैयारी के लिए कांग्रेस वॉर रूम में हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत बोले- 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट जेन-जी को दें गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने कहा है 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट जेन-जी को दें। जेन-जी आने के बाद पूरे देश में माहौल बदला है। सीनियर्स का अनुभव काम लो। जेन-जी को लीजिए, युवा पीढ़ी कह लीजिए, इनके महत्व से इनकार नहीं किया जा सकता। गहलोत ने कहा- जेन-जी ने जंतर-मंतर पर आंदोलन किया, राहुल गांधी ने प्रदर्शन किया। मैंने भी जयपुर में दो बार भाग लिया। पीढ़ी का बदलाव हो रहा है। हमें युवाओं की भावनाओं को पहचानना चाहिए, युवाओं के मौका मिले। जेन-जी के आंदोलन ने माहौल बदला है। सिफारिश से टिकट मत देना गहलोत ने कहा- उम्मीद है कि फील्ड में जो ऑब्जर्वर भेजे जाएंगे, प्रदेश कांग्रेस उन्हें पूरा अधिकार देकर भेजेगी। सिफारिश से टिकट मत दीजिए। एक भी टिकट सिफारिश से दिया नहीं कि हारे नहीं। वास्तविक कार्यकर्ता को टिकट देना चाहिए। मैं भी सिफारिश करूं तो टिकट मत देना गहलोत ने कहा- टिकट वास्तविक कार्यकर्ताओं को ही मिलने चाहिए। मेरे पास भी जयपुर, भरतपुर, बीकानेर कहीं से भी सिफारिश के लिए लोग आते हैं। मैं भी किसी की सिफारिश करूं तो टिकट मत देना। अब पूर्व सीएम सिफारिश करेगा तो टिकट दे ही देंगे, क्योंकि मुझे क्या पता कि वहां की जमीनी हकीकत क्या है? बिना जमीनी हकीकत जानें टिकट दिया तो वो कैसे चुनाव जीतेगा? उम्मीदवारों का चयन जमीनी हकीकत के आधार पर होना चाहिए। अब ग्राफिक से जानिए Gen-Z के बारे में ….
जबलपुर में 30 हजार रुपए के इनामी बदमाश शेख आदिल (35) को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। दिसंबर 2023 में कुख्यात गैंगस्टर अनिराज नायडू उर्फ अन्ना की हत्या के मामले में आरोपी शेख आदिल एक महीने से भूलन बस्ती के कमरे में छिपा था। पुलिस की दबिश के दौरान वह अलमारी में छिप गया, जहां से उसे बाहर निकालकर गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 2 देसी पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 3 कट्टे, 2 एयर गन, तलवार, बका, चाकू, 50 जिंदा कारतूस और 68 चले हुए कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा पासपोर्ट और 23 मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, वह अलग-अलग मोबाइल और सिम से साथियों के संपर्क में रहता था और विदेश भागने की तैयारी में था। एक महीने से कमरे में छिपा था आरोपी दिसंबर 2023 में अनिराज नायडू उर्फ अन्ना की हत्या के बाद शेख आदिल मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और आसपास के जिलों में फरार रहा। करीब एक महीने पहले वह जबलपुर आया था। पुलिस के मुताबिक, जेल में बंद गैंगस्टर सुयश उर्फ छोटू चौबे के पिता शेखर चौबे ने उसे भूलन बस्ती स्थित एक कमरे में रुकवाया था। आदिल का ज्यादातर काम कमरे के अंदर ही होता था। उसने सुरक्षा के लिए घर के बाहर दो कुत्ते भी बांध रखे थे, ताकि किसी के आने पर उसे पहले ही जानकारी मिल सके। पुलिस की आहट सुनकर कवर्ड में छिपा क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भूलन बस्ती के एक कमरे में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना यह भी थी कि वहां इनामी बदमाश के साथ बड़ी संख्या में हथियार रखे हुए हैं। सूचना के बाद एसपी संपत उपाध्याय, एएसपी क्राइम ब्रांच जितेंद्र सिंह और एएसपी आयुष जाखड़ के निर्देशन में टीम ने कमरे की घेराबंदी की। पुलिस की आहट सुनते ही आदिल कमरे में बने कवर्ड में छिप गया। पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई और तलाशी शुरू की। इसके बाद आदिल को कवर्ड से बाहर निकालकर गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उसके पास से लोड पिस्टल भी बरामद हुई। कमरे से हथियारों का जखीरा, पासपोर्ट भी मिला एएसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर 2 देसी पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 1 बारह बोर का कट्टा, 1 तीन सौ पंद्रह बोर का कट्टा, 1 जंग लगा कट्टा, 2 एयर गन, 1 तलवार, 1 बका और 1 चाकू जब्त किया गया। इसके अलावा 9 खाली मैगजीन, 50 जिंदा कारतूस और 68 चले हुए कारतूस भी मिले हैं। आरोपी के नाम का पासपोर्ट और अलग-अलग कंपनियों के 23 मोबाइल भी पुलिस ने जब्त किए हैं। लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए बदलता था मोबाइल पुलिस के मुताबिक, आदिल को डर था कि एक ही मोबाइल से साथियों से बात करने पर उसकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है। इसलिए वह अलग-अलग सिम और मोबाइल का इस्तेमाल करता था और रोजाना मोबाइल बदलकर साथियों से बात करता था। पुलिस के अनुसार, पासपोर्ट मिलने से यह भी सामने आया है कि आरोपी जल्द विदेश भागने की फिराक में था। हालांकि, उससे पहले ही क्राइम ब्रांच ने उसे पकड़ लिया। अनिराज की हत्या में शामिल होने की बात कबूली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में शेख आदिल ने बताया कि दिसंबर 2023 में वर्चस्व और आपसी रंजिश के चलते सुयश उर्फ छोटू चौबे के कहने पर अनिराज नायडू की हत्या की थी। उसने बीते साल रतन यादव पर गोली चलाने वाले शूटरों को हथियार और कारतूस उपलब्ध कराने की बात भी बताई है। आरोपी के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में अनिराज नायडू की हत्या, रतन यादव को गोली मारने, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त समेत कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस उसे माढ़ोताल थाने के हत्या के मामले और ग्वारीघाट थाने के हत्या के प्रयास के मामले में भी गिरफ्तार कर रही है। छोटू चौबे का राइट हैंड बताया जा रहा पुलिस के मुताबिक, शेख आदिल गैंगस्टर सुयश उर्फ छोटू चौबे का राइट हैंड है। पुलिस ने शेख आदिल, शेखर चौबे, सुयश उर्फ छोटू चौबे और बाबू सिंधी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। छोटू चौबे को आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए करीब दो महीने पहले एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल केंद्रीय जेल जबलपुर में बंद है।
बुरहानपुर में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई हुई। लोगों ने वेतन, मकान, फसल मुआवजे और स्कूल भवन से जुड़ी समस्याएं बताईं। सुनवाई में 40 से ज्यादा शिकायतें आईं। कई विभाग के कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने की शिकायत की। किसानों ने फसल खराब होने के बाद मुआवजा नहीं मिलने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने बताया कि वे उप स्वास्थ्य केंद्रों में हाउसकीपिंग का काम करते हैं। उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों ने बताया कि सुपरवाइजर को कई बार जानकारी देने के बाद भी समस्या हल नहीं हुई। वहीं, नगर निगम के कर्मचारियों ने भी तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत की। वे कर्मचारी कांग्रेस शहर अध्यक्ष रिंकू टाक के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जल्द वेतन दिलाने की मांग की। केला फसल का मुआवजा नहीं मिला डालमहू और घाघरला क्षेत्र के किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से उनकी केला फसल खराब हुई थी। कुछ किसानों को मुआवजा मिल गया, लेकिन पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद कई किसान अब भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। 2007-08 से कमरों में चल रहा स्कूल शासकीय हाईस्कूल अंबा के लिए अलग भवन बनाने की मांग को लेकर आदिवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका कहना है कि 2007-08 से स्कूल प्राथमिक और माध्यमिक शाला के अतिरिक्त कमरों में चल रहा है। अंतर सिंह बर्डे ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बैठक कर आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। बहू पर मकान कब्जाने का आरोप गोविंदपुरम निवासी 68 वर्षीय उमेश शिवहरे ने शिकायत की कि उनकी बहू ने उनके मकान पर जबरन कब्जा कर लिया है। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचे युवक पर उसके पिता ने हमला कर दिया। आरोप है कि पिता ने कांच की बोतल फोड़कर युवक के गले पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसका 20 वर्षीय प्रेमी समीर (20), पिता शमीम कुरैशी, निवासी सुभाष नगर, हाल मुकाम बिरियाखेड़ी, उसके घर पहुंचा था। उस समय नाबालिग के माता-पिता घर पर नहीं थे। इसी दौरान माता-पिता अचानक घर लौट आए और युवक को वहां देखकर पिता गुस्से में आ गए। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि नाबालिग के पिता ने घर में रखी कांच की बोतल फोड़कर उसके टूटे हुए हिस्से से समीर के गले पर वार कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। विवाद और युवक के घायल होने की सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया। देखिए नाबालिग के घर में घायल प्रेमी की दो तस्वीरें… गले पर 72 सेंटीमीटर का घाव मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान युवक के गले के बीचों-बीच करीब 72 सेंटीमीटर का घाव पाया गया। बताया गया है कि हमले में दो छोटी नसें भी कट गई हैं। घटना के बाद नाबालिग भी मेडिकल कॉलेज पहुंची। युवती ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने कांच की बोतल फोड़कर उसके प्रेमी के गले पर वार किया है। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में युवती ने युवक को अपना प्रेमी बताया है। दोनों पिछले करीब तीन साल से एक-दूसरे को जानते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायल युवक के बयान अभी दर्ज नहीं हो सके हैं। गले पर धारदार वस्तु से चोट का निशान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में मेडिकल ऑफिसर डॉ. चंदन द्विवेदी ने बताया कि समीर नाम का मरीज आया था। मरीज के बयान के अनुसार, करीब दोपहर 1 बजे उसके साथ मारपीट हुई थी। उसके गले पर धारदार वस्तु से चोट का निशान पाया गया है। उसका परीक्षण किया जा रहा है। गले पर करीब 7 से 8 सेंटीमीटर लंबा और गहरा घाव है। घाव पर टांके लगाने की प्रक्रिया जारी है और मरीज का उपचार किया जा रहा है। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है। उसे भर्ती किया गया है ताकि उसकी आगे की स्थिति पर निगरानी रखी जा सके। एसआई बोले-कांच के ग्लास से हमला हुआ है थाना थाना औद्योगिक क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर ध्यान सिंह सोलंकी ने बताया कि कांच के ग्लास से हमला हुआ है। लड़की घर पर अकेली थी। माता पिता आए तो पता चला कि युवक अंदर है। तब युवक से पूछताछ की तो विवाद को स्थिति बनी है। इसी दौरान हमला हो गया। आज पड़ोसी की माने तो युवक ने खुद ने अपना गला रेता है। जबकि युवती ने पुलिस को कहा है कि पिता ने कांच की बोतल मारी है।
अंबाह में करीब 8 महीने पहले किन्नर के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सतेंद्र निषाद को 18 अगस्त को ग्राम महलन का पुरा से कथियाना नदी घाट की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से पकड़ा गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 6 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, बाइक, अवैध कट्टा, जिंदा कारतूस और मोबाइल बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 7.60 लाख रुपए बताई गई है। बंदूक की नोक पर घर में घुसे थे बदमाश फरियादिया राबिया किन्नर ने अंबाह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 जनवरी 2026 की रात करीब 1:45 बजे वह राधिका किन्नर, रिया किन्नर और श्री किन्नर के साथ घर के अलग-अलग कमरों में सो रही थीं। इसी दौरान 8-9 अज्ञात बदमाश घर में घुस आए और बंदूक की नोक पर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। फरियादिया की शिकायत पर पुलिस ने अंबाह थाने में अपराध क्रमांक 24/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। 8 महीने से फरार था आरोपी एसपी धर्मराज मीना के अनुसार, पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को सतेंद्र निषाद (30) पुत्र सुंदर सिंह निषाद, निवासी शमशाबाद, जिला आगरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्राम महलन का पुरा से कथियाना नदी घाट की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर मिला। वह करीब 8 महीने से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सोने-चांदी के आभूषण और बाइक बरामद पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर करीब 4 तोला सोने के आभूषण और 500 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए। इनकी कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा करीब 1.30 लाख रुपए कीमत की अपाचे मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। कट्टा, कारतूस और मोबाइल भी मिले पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का अवैध देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस और 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए पूरे मशरूका की कुल कीमत करीब 7.60 लाख रुपए है। 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार पुलिस के अनुसार डकैती की वारदात में शामिल 6 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब सतेंद्र निषाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ और जांच के आधार पर घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। कई राज्यों में दर्ज हैं मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सतेंद्र निषाद के खिलाफ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामलों के प्रकरण दर्ज हैं। उसके खिलाफ शमशाबाद, फतेहाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, ललितपुर और हमीरपुर सहित अलग-अलग थानों में मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के मामले भी दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2025 में इटावा जिले में बीएनएस और आर्म्स एक्ट से जुड़े प्रकरण भी दर्ज बताए गए हैं।
राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में लोन सेटलमेंट के दौरान विवाद का मामला सामने आया है। एक युवक ने बजाज फाइनेंस के कर्मचारियों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला हर्षित बिहार कॉलोनी, उरकुरा निवासी अजय कुमार पांडेय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 17 अगस्त को अपने दोस्त मुनीश मिश्रा के लोन से जुड़े मामले में बातचीत करने के लिए स्काई पार्क बिल्डिंग स्थित बजाज फाइनेंस के कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ रामलोलारख त्रिपाठी भी मौजूद थे। शिकायत के अनुसार, कार्यालय में लोन सेटलमेंट को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान सन्नी और उसके साथ मौजूद कलेक्शन मैनेजर समेत अन्य कर्मचारियों ने पैसे वापस करने की बात कहते हुए कथित तौर पर अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि कर्मचारियों ने उन्हें वहां से नहीं जाने देने की धमकी दी और मां-बहन की गालियां देने लगे। विरोध करने पर हाथ और मुक्कों से मारपीट की गई। घटना में अजय कुमार पांडेय के नाक, कान, सिर और गर्दन में चोट आई है। उन्होंने दर्द की शिकायत भी की है। पुलिस ने दर्ज किया केस अजय पांडेय ने बताया कि घटना के दौरान उनके साथ मौजूद मुनीश मिश्रा और रामलोलारख त्रिपाठी ने बीच-बचाव किया। दोनों इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में गंगा नदी पर स्थित विक्रमशिला सेतु की मरम्मत 29 अगस्त से शुरू होगी, जिससे आवागमन बंद रहेगा। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने त्योहारों और बाढ़ के बावजूद जनता को असुविधा न होने देने का आश्वासन दिया है, वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
कानपुर में हाईवे के लुटेरे... ट्रक ड्राइवरों से करते लूटपाट, चार शातिर गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने महाराजपुर में ट्रक ड्राइवरों से लूटपाट करने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 12 मोबाइल, एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं, और इन पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
मध्य प्रदेश के गुना में मंगलवार को राज्य स्तरीय बलराम महोत्सव में बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने माता सीता को ‘मौत का सामान’ बताया। शाक्य ने रामायण, महाभारत और अन्य युद्धों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन युद्धों में पुरुष मारे गए, एक भी महिला नहीं मरी। पन्नालाल शाक्य की बात सुनकर मंच पर बैठीं चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने बीच में टोका। उन्होंने कहा- भाई साहब आप गलत बोल रहे हैं। नहीं भाईसाहब, ऐसा नहीं है। ये तो गलत बात है। महिलाओं ने भी बलिदान दिए हैं। मैं भी महिला हूं। महिलाओं की बलिदान को भूल रहे हैं। शाक्य बोले- रामायण के युद्ध में महिला नहीं मरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पन्नालाल शाक्य ने रामायण का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रावण को उसके भाई ने समझाया था कि पराई स्त्री को ले जाना गलत है। उसे सम्मान के साथ वापस भेज देना चाहिए। इसके बाद शाक्य ने कहा कि रामायण के युद्ध में कोई महिला नहीं मरी, बल्कि पुरुष ही मरे। महाभारत का उदाहरण देकर बोले- एक करोड़ पुरुष मारे गए शाक्य ने महाभारत के युद्ध का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि महाभारत के युद्ध में एक करोड़ पुरुष मारे गए, जबकि महिलाएं नहीं मरीं। उन्होंने कहा कि इस बात को समझने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का उदाहरण दिया। शाक्य ने कहा कि संयोगिता के कारण पृथ्वीराज चौहान के 55 सामंत कन्नौज से दिल्ली तक मारे गए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में भी पुरुष मरे, महिलाएं नहीं। महिला विधायक ने मंच से ही टोका प्रियंका पेंची की आपत्ति के बावजूद शाक्य अपनी बात पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें पता है कि कहां क्या हुआ है। इसके बाद उन्होंने प्रियंका पेंची से बैठने के लिए कहा। दोनों विधायकों के बीच मंच पर हुई इस बहस की चर्चा कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी होती रही। महिलाओं के बलिदान को लेकर पन्नालाल शाक्य के बयान और प्रियंका पेंची की तत्काल आपत्ति कार्यक्रम में चर्चा का प्रमुख विषय रही। शाक्य ने प्राकृतिक खेती अपनाने की बात कही कार्यक्रम में पन्नालाल शाक्य ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी खाद के ज्यादा इस्तेमाल से जमीन खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर खेती करके अन्न पैदा किया जाता है, उसके प्रति गौरव और सम्मान का भाव होना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन को बंजर होने से बचाने की बात कही। नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम बलराम महोत्सव का आयोजन गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और किसान मौजूद रहे। किसानों को किया गया सम्मानित बलराम महोत्सव के दौरान कई किसानों को सम्मानित भी किया गया। डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक खेती की जानकारी दी। उन्होंने गुलाब और थाई अमरूद की खेती के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम का स्वागत भाषण डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर संजीव शर्मा ने दिया।…………………………………… यह खबर भी पढ़ें विधायक प्रीतम लोधी ने 13 गुर्जरों के हत्यारे डकैत को बताया दोस्त शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने 13 गुर्जरों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून देने वाले कुख्यात डकैत को अपना दोस्त बताया। उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। पढ़ें पूरी खबर…
रायपुर में तिरंगे का अपमान:राष्ट्रीय ध्वज को डस्टबिन में फेंकने का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता विकास मानिकपुरी में इसकी शिकायत तेलीबांधा थाना में की है। पुलिस ने मामलें में केस दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। तेलीबांधा निरीक्षक ने केस रजिस्टर्ड करने की पुष्टि की है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह 17 अगस्त 2026 की सुबह करीब 5 बजे अपनी कार में पेट्रोल भरवाने के लिए सैनी पेट्रोल पंप पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर पेट्रोल मशीन के पास रखे कचरे के डिब्बे पर पड़ी। उसने देखा कि डस्टबिन के अंदर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा रखा हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर कचरे के डिब्बे में डाल दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सीसीटीवी कैमरों खंगाल रही पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, 8 लोग बने शिकार; कश्मीर की कंपनी पर भी फ्रॉड का केस
जम्मू क्राइम ब्रांच ने विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले कार्तिक चौधरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसने 8 लोगों से पुर्तगाल वीज़ा के बहाने ठगी की। श्रीनगर की एक कंपनी पर मॉड्यूलर किचन प्रोजेक्ट पूरा न करने और लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरपुर में डबल मर्डर, आपसी रंजिश में दादा पोती की पीट- पीटकर हत्या
मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में आपसी रंजिश में दादा और नौ वर्षीय पोती की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हमले में दादा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पोती ने अस्पताल में दम तोड़ा।
बिहार की राजनीति में जुबानी जंग का स्तर लगातार नया रूप ले रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर एक बेहद तीखा और विवादास्पद तंज कसा है। दरअसल, तेजस्वी यादव द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान जीते-जी श्रद्धांजलि देने (प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि) के मामले पर मांझी ने 'शराब का नशा' होने का आरोप लगाकर सियासी पारा चढ़ा दिया है। मांझी की इस टिप्पणी ने महागठबंधन और एनडीए के बीच खींचतान को और अधिक गहरा कर दिया है। सोशल मीडिया पर यह बयान आग की तरह फैल रहा है और दोनों दलों के समर्थकों के बीच जमकर बहस छिड़ गई है। आखिरकार मांझी ने ऐसा क्यों कहा और इसके पीछे की हकीकत क्या है, आइए जानते हैं पूरी खबर।क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है सियासी घमासान?पूरा वाकया तब शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव के किसी समर्थक या राजनीतिक गतिविधि के दौरान एक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें जीते-जी लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसे एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन या व्यंग्यात्मक तरीके से पेश किया गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि शराब का नशा कुछ भी करा सकता है। मांझी का इशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव के मानसिक संतुलन और उनके द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों पर था। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में विपक्ष का विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन इस तरह के ओछे हथकंडे अपनाना न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह किसी के संस्कार और उनकी परवरिश को भी दर्शाता है। मांझी का यह तंज बिहार में एक नई बहस के केंद्र में आ गया है, जहां लोग अब इस पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।जीतन राम मांझी का तीखा हमला और तेजस्वी यादव की चुप्पीजीतन राम मांझी अपनी बेबाक बयानी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने न केवल इस घटना की निंदा की, बल्कि तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में परिपक्वता लानी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक व्यक्ति नशे में होता है, उसे यह पता नहीं होता कि वह क्या कर रहा है। हालांकि, तेजस्वी यादव की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आरजेडी के अन्य नेताओं ने मांझी के बयान को 'निचले स्तर की राजनीति' करार दिया है। आरजेडी का मानना है कि जीतन राम मांझी उम्र में बड़े हैं, लेकिन उन्हें ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत हमले अब आम हो चुके हैं, जिससे स्वस्थ बहस की जगह केवल आरोप-प्रत्यारोप ने ले ली है।बिहार की राजनीति में नशे के आरोप और जुबानी जंगबिहार में शराबबंदी एक बहुत बड़ा मुद्दा है, और इस मुद्दे पर जीतन राम मांझी का 'शराब के नशे' वाला तंज काफी गंभीर माना जा रहा है। मांझी ने यह बयान देकर न केवल तेजस्वी यादव को निशाना बनाया, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से बिहार की शराबबंदी नीति और इसके क्रियान्वयन पर भी तंज कसा है। विपक्षी दल अक्सर सरकार को शराबबंदी में विफलता के लिए घेरते हैं, वहीं मांझी का यह बयान दर्शाता है कि सत्ताधारी दल के नेता भी इसका उपयोग अपने विरोधियों को 'शराबी' या 'नशेड़ी' साबित करने के लिए कर सकते हैं। यह राजनीतिक रणनीति कितनी कारगर है, यह कहना मुश्किल है, लेकिन यह निश्चित है कि इससे न तो कोई प्रशासनिक सुधार हो रहा है और न ही जनता की समस्याओं का समाधान। जनता अब इस तरह के बयानों से ऊब चुकी है और विकास के मुद्दे पर बात करना चाहती है।राजनीतिक मर्यादा और आने वाले चुनाव की आहटयह तंज और उस पर होने वाली प्रतिक्रियाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में जुबानी जंग का स्तर और भी गिर सकता है। हर नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। जीतन राम मांझी जैसे अनुभवी नेता के इस तरह के बयान से राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब मर्यादाएं पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं? तेजस्वी यादव युवा नेतृत्व के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं मांझी उन्हें पुरानी परंपराओं और शालीनता का पाठ पढ़ा रहे हैं। बिहार की जनता अब यह देख रही है कि उनके नेता मुद्दों पर बात करने के बजाय एक-दूसरे के निजी जीवन और आदतों पर कैसी टिप्पणी कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों नेता इस मुद्दे को यहीं छोड़ते हैं या फिर यह मामला और तूल पकड़ेगा।
बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया ने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस बार सवाल विपक्ष ने नहीं, बल्कि एनडीए (NDA) गठबंधन के भीतर से ही उठे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक कड़ा पत्र लिखकर पूरी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चिराग ने न केवल बहाली की पारदर्शिता पर संदेह जताया है, बल्कि 6 बड़ी मांगें रखकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एनडीए के भीतर इस तरह की सार्वजनिक असहमति ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। आखिर ऐसी कौन सी खामियां हैं जिसे लेकर चिराग पासवान ने मोर्चा खोला है और इसके पीछे की सियासी रणनीति क्या है?चिराग पासवान की 6 मांगें: भर्ती में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य का सवालचिराग पासवान द्वारा लिखे गए पत्र में उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार और पारदर्शिता की मांग की है। उनकी 6 प्रमुख मांगों में सबसे महत्वपूर्ण मांग पूरी भर्ती प्रक्रिया की उच्च-स्तरीय जांच और काउंसलिंग के समय में बदलाव से जुड़ी है। चिराग ने मांग की है कि भर्ती में आरक्षण नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए और जो उम्मीदवार लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं, उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। उन्होंने यह भी कहा है कि परीक्षा के परिणामों में देरी होने से छात्रों का करियर दांव पर लगा हुआ है, इसलिए इस प्रक्रिया को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। चिराग की एक अन्य मांग यह है कि बहाली प्रक्रिया में स्थानीय अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिले ताकि बिहार के मेधावी युवाओं को प्राथमिकता दी जा सके।एनडीए में 'ऑल इज वेल' नहीं? गठबंधन के भीतर बढ़ता तनावचिराग पासवान के इस कदम को एनडीए में अंदरूनी खींचतान के रूप में देखा जा रहा है। बिहार की राजनीति में अक्सर सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे या प्रशासनिक फैसलों को लेकर मतभेद की खबरें आती रही हैं, लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी संवेदनशील बहाली पर सीधे पत्र लिखकर सरकार को घेरना इस बात का संकेत है कि लोजपा (रामविलास) अपनी एक अलग और स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान का यह रुख युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता को मजबूत करने के लिए है। वे यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि वे केवल सरकार का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे बिहार के युवाओं के हितों के लिए सरकार के भीतर भी आवाज उठा सकते हैं। इस घटनाक्रम ने सम्राट चौधरी और अन्य शीर्ष नेताओं के लिए एक चुनौती पेश कर दी है कि वे सहयोगी दल के असंतोष को कैसे दूर करते हैं।क्या बिहार की नौकरियों में फिर से जातिगत और आरक्षण का मुद्दा हावी होगा?असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर चिराग का जोर इस बात की ओर इशारा करता है कि बिहार में आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर से चुनावी एजेंडे में सबसे ऊपर रहने वाला है। राज्य की राजनीति में जाति आधारित गणना और उसके बाद आरक्षण के दायरे को बढ़ाने के फैसले के बाद से ही हर दल इस मुद्दे पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। चिराग पासवान का यह पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि वे भी पिछड़ों, दलितों और वंचितों के हक को लेकर एनडीए सरकार पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं। सम्राट चौधरी और बीजेपी नेतृत्व के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इन मांगों को कैसे स्वीकार करते हैं, क्योंकि यदि मांगों को नहीं माना जाता है, तो विपक्ष इसका भरपूर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करेगा।सरकार की क्या है प्रतिक्रिया और आगे की राहफिलहाल बिहार सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि चिराग पासवान के पत्र का संज्ञान लिया गया है और इस पर जल्द ही चर्चा की जाएगी। सरकार का यह प्रयास होगा कि किसी भी तरह के विवाद से बचा जाए और युवाओं के भविष्य को देखते हुए बहाली प्रक्रिया में सुधार किया जाए। राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे उन सभी बिंदुओं का परीक्षण करें जो चिराग पासवान ने उठाए हैं। अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो यह चिराग पासवान की एक बड़ी राजनीतिक जीत मानी जाएगी, लेकिन यदि इसमें देरी या हीलाहवाली होती है, तो यह एनडीए गठबंधन के भीतर का अविश्वास और गहरा कर सकता है। आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, हर छोटा-बड़ा प्रशासनिक फैसला एक बड़े सियासी संदेश के रूप में देखा जा रहा है, और चिराग का यह पत्र निश्चित रूप से बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने वाला है।
चंडीगढ़ में 227 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मुख्य एजेंडे के बजाय सप्लीमेंट्री एजेंडे से पास करने का आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध किया है।प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में मंगलवार शाम एक युवक के सेमरा नदी में बहने की सूचना मिली। देवसर ग्राम पंचायत के झखरावल निवासी पवन कुमार उर्फ लोले (30) पुत्र बाबूलाल कोल शाम करीब 4 बजे सेमरा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी किनारे भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। युवक की तलाश के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को भी सर्चिंग अभियान में लगाया गया है। युवक की तलाश की जा रही देवसर एसडीओपी गायत्री मिश्रा ने बताया कि पुलिस को युवक के नदी में बहने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है और लगातार युवक की तलाश कर रही है। अधिकारी के अनुसार, सेमरा नदी में इस समय पानी का बहाव काफी तेज है। इस कारण सर्चिंग अभियान में टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद, टीम लगातार नदी और आसपास के संभावित स्थानों पर युवक की तलाश कर रही है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लापता युवक का जल्द से जल्द पता लगाने का प्रयास कर रही है। परिजनों और ग्रामीणों को युवक के मिलने का इंतजार है। सर्चिंग अभियान लगातार जारी है। नदियां उफान पर सिंगरौली जिले में मंगलवार तक लगातार झमाझम बारिश होती रही, जिससे इलाके की सभी बड़ी नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। सड़कों पर बने पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिसकी वजह से सिंगरौली का उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से संपर्क पूरी तरह कट गया है। खतरे को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश, दोनों तरफ की पुलिस ने मौके पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं और गाड़ियों का आना-जाना रोक दिया है। पुलिस-प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे पानी से भरे पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। चितरंगी में सबसे ज्यादा, सरई में भी झमाझम बारिश कलेक्टर दफ्तर के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को जिले में औसतन डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा। 1 जून से 18 अगस्त तक जिले में कुल 25 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इलाकों की बात करें तो चितरंगी में सबसे ज्यादा करीब पौने 3 इंच और सरई में सवा 2 इंच से ज्यादा पानी बरसा है। इसके अलावा देवसर, सिंगरौली और माड़ा में भी अच्छी बारिश हुई है। सोन नदी उफान पर, प्रशासन अलर्ट बारिश के कारण माड़ा और सरई इलाकों के नाले उफान पर हैं। सोन नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है, जिससे कई जगहों पर रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है और लोगों का रास्ता रुक गया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें उन जगहों पर नजर बनाए हुए हैं जहां खतरा ज्यादा है। बारिश जारी रहने से जलभराव और पानी बढ़ने की आशंका है, इसलिए लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।
मध्य प्रदेश के विदिशा में मंगलवार सुबह 30 फीट ऊंचे बेतवा बायपास पुल से 11वीं कक्षा की छात्रा ने उफनती नदी में छलांग लगा दी। छात्रा को डूबता देख निजी कंपनी में सेल्समैन विनोद पटेरिया ने नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने करीब 150 मीटर तैरकर छात्रा को पकड़ा और किनारे तक लेकर आए। नदी से बाहर निकालने के बाद छात्रा सांस नहीं ले पा रही थी। मौके पर मौजूद युवाओं ने उसकी हालत संभालने और शरीर से पानी निकालने का प्रयास किया। इसके बाद उसे पुल के पास बने मंदिर ले जाया गया, जहां CPR देकर जान बचाई। CPR देने का वीडियो सामने आया है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… पुल पर खड़ी थी छात्रा, पास में मिली स्कूटी रायसेन निवासी विनोद पटेरिया ने बताया कि मंगलवार सुबह वह बाइक से विदिशा की ओर जा रहे थे। पड़रिया सोठिया के बेतवा बायपास पुल के पास कुछ देर रुके। इसी दौरान उनकी नजर पुल पर खड़ी एक लड़की पर पड़ी। छात्रा की स्कूटी भी पास में खड़ी थी। पटेरिया ने छात्रा से पूछा कि वह यहां क्यों खड़ी है, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। उन्होंने दोबारा उससे बात करने का प्रयास किया। इसी दौरान छात्रा अचानक पुल पर चढ़ी और नदी में छलांग लगा दी। वाहन चालकों से मांगी मदद, कोई नहीं रुका छात्रा को नदी में गिरते देख विनोद पटेरिया ने पुल से गुजर रहे कई वाहन चालकों को रोककर मदद मांगी। उन्होंने बताया कि एक लड़की नदी में कूद गई है और उसे बचाने के लिए मदद चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक कोई वाहन चालक नहीं रुका। इसके बाद विनोद पुल के नीचे नदी की ओर दौड़े। रास्ते में मिले दो युवकों को उन्होंने बताया कि एक लड़की पुल से नदी में कूद गई है और उसे बचाना है। दोनों युवक उनके साथ नदी की ओर चले गए। तैरकर छात्रा को बाहर निकाला नदी में छात्रा को डूबते देखकर विनोद ने पानी में छलांग लगा दी। तैरकर छात्रा के पास पहुंचे। उन्होंने छात्रा को पकड़ा और किनारे तक लेकर आए। दोनों युवकों ने भी छात्रा को पानी से बाहर निकालने में मदद की। बाहर निकालने के बाद छात्रा की हालत बेहद गंभीर थी। वह सांस नहीं ले पा रही थी। इस दौरान मौके पर मौजूद युवाओं ने उसकी हालत संभालने का प्रयास किया। छात्रा को पास में बने मंदिर ले जाया गया। छात्रा के कंधे पर स्कूल बैग था। युवाओं ने बैग खोलकर रजिस्टर देखा। उसमें छात्रा का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज था। युवाओं ने उस नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी दी। कुछ देर बाद एक युवक मौके पर पहुंचा। इसके बाद छात्रा को एंबुलेंस से विदिशा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया गया। बच्ची की हालत अभी ठीक है। …………………………………… यह खबर भी पढ़ें पुल पर बैठकर रोती रही फिर पुल से कूदी किशोरी मुरैना के पोरसा कस्बे में 17 वर्षीय किशोरी ने आसान क्वारी नदी के पुल से छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने लड़की को कूदते देख पुलिस को सूचना दी। पोरसा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में किशोरी की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर
पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों पर हमले के बाद नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 100 से अधिक भैंसें पकड़ी गईं। महापौर की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद, पुलिस ने हमलावरों पर गैंग्स्टर एक्ट लगाने की तैयारी की है।
लुधियाना के समराला के तहत आते गाँव मानूपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ नशे की लत में चूर एक युवक ने कथित तौर पर अपने ही पिता पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पिता के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। वारदात से पहले आरोपी युवक ने तलवार से अपनी मोटरसाइकिल में भी जमकर तोड़फोड़ की थी। पति-पत्नी के विवाद के बीच बाहर निकला बेटा घायल पिता गुरप्रीत सिंह के अनुसार, यह घटना बीती शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच की है। उस समय घर में गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर मामूली विवाद चल रहा था। उनका बेटा भी वहीं मौजूद था। इसी कहासुनी के बीच बेटा अपनी मोटरसाइकिल लेकर घर से बाहर चला गया और बाहर जाकर उसने गुस्से में तलवार से अपनी ही मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया। नशे की हालत में घर लौटकर पिता पर किया हमला गुरप्रीत सिंह ने बताया कि कुछ देर बाद उनका बेटा अत्यधिक नशे की हालत में घर लौटा। इसी दौरान उनकी पत्नी ने उन्हें बताया कि बेटे की बाहर किसी के साथ लड़ाई हुई है। जब गुरप्रीत सिंह असल बात जानने के लिए घर से बाहर निकले, तो बेटे ने अचानक उन पर तेजधार हथियार से हमला बोल दिया। गुरप्रीत सिंह के मुताबिक, आरोपी ने उनके सिर पर कई वार किए, जिससे वे लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। माँ पर लगा बेटे को हथियार थमाने का आरोप इस मामले में घायल पिता ने अपनी पत्नी पर भी एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। गुरप्रीत सिंह का कहना है कि उन पर हमला होने से ठीक पहले उनकी पत्नी ने ही कथित तौर पर बेटे के हाथ में तलवार पकड़ाई थी। हालांकि, पारिवारिक कलह से जुड़े इन गंभीर आरोपों की सच्चाई पुलिस जाँच के बाद ही साफ हो पाएगी। नशा करने और बेचने के भी आरोप गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा न सिर्फ नशे का आदी है, बल्कि वह कथित तौर पर नशा बेचने का धंधा भी करता है। नशे के कारण वह अक्सर घर में पैसों के लिए विवाद और मारपीट करता रहता है, जिससे पूरा परिवार परेशान है। फिलहाल पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
प्रदेश में शुरू होने वाली मध्यप्रदेश सुगम बस परिवहन सेवा में परिवहन विभाग के अधिकारी अपने चहेतों को उपकृत करने की तैयारी में है। यह स्थिति इसलिए सामने आ रही है क्योंकि विभाग के अफसरों ने इस कम्पनी में जनरल मैनेजर (जीएम) के पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 साल रखी है। इस भर्ती विज्ञापन में बदलाव भी हुए हैं लेकिन जीएम पद के अधिकारी की नियुक्ति के लिए आयु सीमा नहीं घटाई जा रही है। एमपी सुगम बस परिवहन सेवा शुरू करने के लिए जब से कवायद शुरू हुई है तभी से इसकी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसके लिए बनाए गए प्राधिकरण में अफसरों की नियुक्ति को लेकर पहले ही हाईकोर्ट टिप्पणी कर चुका है और इसके चलते परिवहन विभाग को पुनर्गठन की कार्यवाही करनी पड़ी है। अब यहां की जाने वाली नियुक्तियों को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। बताया जाता है कि एमपी यात्री परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MP YPIL) में महाप्रबंधक (GM) पद की भर्ती को लेकर उम्मीदवारों ने इसी के चलते तय आयु सीमा पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि GM पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता BE और 12 वर्ष का प्रशासनिक कार्यानुभव तय किया गया है, जबकि न्यूनतम आयु सीमा 45 वर्ष रखी गई है। दावेदारों ने इसे योग्यता और अनुभव की शर्तों के अनुरूप नहीं बताते हुए आयु सीमा 35 वर्ष करने की मांग की है। इनका कहना है कि सामान्य तौर पर कोई उम्मीदवार करीब 21-22 वर्ष की उम्र में BE की पढ़ाई पूरी करता है। इसके बाद 12 वर्ष का अनुभव हासिल करने पर उसकी उम्र लगभग 33-35 वर्ष होती है। ऐसे में 45 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित होने से योग्यता और अनुभव पूरा करने वाले कई संभावित अभ्यर्थी आवेदन से बाहर हो सकते हैं। CGM पद को लेकर भी उठे सवाल उम्मीदवारों ने यहां की जाने वाली CGM पद की आयु सीमा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि CGM, GM से उच्च स्तर का पद है, इसके बावजूद दोनों पदों के लिए समान आयु सीमा रखी गई है। वहीं, भर्ती प्रक्रिया में जारी किए गए शुद्धिपत्रों में अन्य पदों की आयु सीमा में बदलाव किया गया है। मैनेजर की आयु सीमा 40 से घटाकर 35 वर्ष अभ्यर्थियों का दावा है कि विभाग की ओर से अब तक तीन शुद्धि पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें मैनेजर पद की आयु सीमा 40 वर्ष से घटाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि GM पद की आयु सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसे लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष है और वे GM पद की आयु सीमा की भी समीक्षा की मांग कर रहे हैं। CS और परिवहन सचिव को भेजे ई-मेल इस मामले को लेकर कई अभ्यर्थियों ने मुख्य सचिव (CS) और परिवहन विभाग के सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को ई-मेल भेजकर GM पद की आयु सीमा कम करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग का उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि GM पद की न्यूनतम आयु सीमा 45 वर्ष से घटाकर 35 वर्ष की जाए, ताकि BE की शैक्षणिक योग्यता और 12 वर्ष के निर्धारित अनुभव वाले अधिक से अधिक अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
लुधियाना के जगराओं में नकाबपोश बदमाशों ने दुकान से 80 हजार रुपए कैश चोरी कर लिए। आरोपियों ने पहले दुकानदार से कोल्ड ड्रिंक मांगी। जैसे ही वह कोल्ड ड्रिंक लेने गया, दो नकाबपोश दुकान में घुसे। वह गल्ले से 80 हजार रुपए निकालकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात में कुल तीन लोग शामिल थे। इनमें दो आरोपी दुकान के अंदर गए थे, जबकि तीसरा साथी बाहर मोटरसाइकिल स्टार्ट कर खड़ा था। तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया इस मामले में थाना सिटी जगराओं पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान न्यू गोशाला अगवाड़ ख्वाजा बाजू निवासी गगनदीप सिंह उर्फ काली के रूप में हुई है। फरार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गेवी निवासी अगवाड़ ख्वाजा बाजू और बिल्ला निवासी नानक नगरी थेह के रूप में हुई है। CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, CCTV फुटेज और जांच के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गगनदीप सिंह उर्फ काली को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच साथ ही उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों को जल्द गिरफ्तार कर वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।
माधोराजपुरा के पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम रातल्या में मंगलवार को एक पहल की गई। समाजसेवी शरद सक्सेना की उपस्थिति में बाबा रामदेव मंदिर परिसर में 51 कदम्ब के पौधे लगाए गए, जिससे 'कदम्ब वाटिका' का शुभारंभ हुआ। इस कदम्ब वाटिका का मुख्य उद्देश्य गांव में हरियाली बढ़ाना और ग्रामीणों को पौधारोपण तथा पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने पौधों की नियमित देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाजसेवी दिनेश बागड़ा और राजूलाल बागड़ा ने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों को छाया, शुद्ध हवा और हरियाली प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने पौधों के संरक्षण में सहयोग का आश्वासन दिया। इस कदम्ब वाटिका के माध्यम से ग्रामीणों ने गांव को हरा-भरा बनाने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुंदर पर्यावरण तैयार करने का संदेश दिया।
ओडिशा हाईकोर्ट में जजों का संकट: 33 स्वीकृत पदों पर केवल 17 कार्यरत, 1.72 लाख मामले पड़े ठप
ओडिशा हाईकोर्ट में स्वीकृत 33 पदों के मुकाबले केवल 17 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जिससे 1.72 लाख मामले लंबित हैं और न्याय मिलने में देरी हो रही है।
दिल्ली निवासी एक युवक की शादी छतरपुर की युवती से हुई थी। पति ने पत्नी पर कई पुरुषों से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया था। इसी आधार पर उसने पत्नी के कथित संबंधों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीडी और उनके ट्रांसक्रिप्ट छतरपुर फैमिली कोर्ट में पेश किए थे। पति का कहना था कि ऐसी परिस्थितियों में वह पत्नी के साथ नहीं रह सकता। हालांकि, फैमिली कोर्ट ने इन साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार किए बिना पत्नी को हर महीने 6 हजार रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। पति के सबूतों पर दोबारा विचार करने के आदेश पति ने फैमिली कोर्ट के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। सोमवार को जस्टिस डीडी बंसल की कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पति ने पत्नी के कई पुरुषों के साथ अवैध संबंध होने का दावा करते हुए साक्ष्य पेश किए हैं। ऐसे में भरण-पोषण के अधिकार पर फैसला लेने से पहले इन साक्ष्यों की जांच जरूरी है। हाईकोर्ट ने यह भी माना कि फैमिली कोर्ट ने पति की ओर से पेश इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीडी और उनके ट्रांसक्रिप्ट पर पर्याप्त गंभीरता से विचार नहीं किया। कोर्ट ने मामले को नए सिरे से विचार के लिए फैमिली कोर्ट वापस भेजते हुए निर्देश दिया कि पहले पति की ओर से पेश साक्ष्यों की सत्यता, प्रासंगिकता और स्वीकार्यता पर विचार किया जाए। इसके बाद दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देकर भरण-पोषण के संबंध में नया आदेश पारित किया जाए। सीडी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर नए सिरे से विचार के निर्देश दरअसल, नई दिल्ली निवासी योगेश (बदला हुआ नाम) ने छतरपुर निवासी अपनी पत्नी प्रीति (बदला हुआ नाम) के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। छतरपुर फैमिली कोर्ट ने 24 जनवरी 2018 को पत्नी को भरण-पोषण के लिए हर महीने 6 हजार रुपए देने का आदेश दिया था। पति ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उसका आरोप था कि पत्नी के कई पुरुषों के साथ अवैध संबंध हैं और इस आधार पर वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है। पति के मुताबिक, उसने पत्नी के कथित व्यभिचार को साबित करने के लिए फैमिली कोर्ट में सीडी, ट्रांसक्रिप्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश किए थे, लेकिन इन पर उचित विचार किए बिना भरण-पोषण का आदेश पारित कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता परमानंद साहू ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने फैसले में सीआरपीसी की धारा 125(4) का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यभिचार भरण-पोषण से इनकार का वैधानिक आधार हो सकता है। इसलिए इस आरोप से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को उनकी सत्यता और प्रासंगिकता की जांच किए बिना सीधे खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने पाया कि फैमिली कोर्ट ने शुरुआत में सीडी को सेकेंडरी एविडेंस के रूप में स्वीकार किया था, लेकिन बाद में पर्याप्त कानूनी आधार बताए बिना उसे एग्जिबिट के रूप में लेने से रोक दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी को भी इन साक्ष्यों का खंडन करने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए था। केस दोबारा फैमिली कोर्ट भेजा हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का भरण-पोषण संबंधी आदेश निरस्त करते हुए मामला नए सिरे से विचार के लिए छतरपुर भेज दिया। फैमिली कोर्ट को निर्देश दिए गए हैं कि वह सीडी, उसके ट्रांसक्रिप्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न न्याय दृष्टांतों के आधार पर नए सिरे से विचार करे। इसके बाद दोनों पक्षों को सुनकर भरण-पोषण के संबंध में नया आदेश पारित किया जाए। दोनों पक्षों को 16 सितंबर 2026 को छतरपुर फैमिली कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। नए आदेश तक 6 हजार रुपए देना होगा हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर स्पष्ट किया कि फैमिली कोर्ट के नए सिरे से निर्णय लेने तक योगेश को प्रीति को हर महीने 6 हजार रुपए भरण-पोषण के रूप में देना जारी रखना होगा। हाईकोर्ट ने क्या कहा
ओडिशा: बाढ़ के बीच गोबरी नदी में दिखा 15 फीट लंबा मगरमच्छ, लोगों में दहशत का माहौल
ओडिशा के केंद्रापड़ा में बाढ़ के बीच गोबरी नदी में 15 फीट लंबा मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया है।
कांवड़ यात्रा पर बाबा गरीबनाथ मंदिर जा रहे एक कांवरिया गोलू कुमार की मुजफ्फरपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे हत्या के पीछे का राज खुलने की उम्मीद है।
मोहाली में दिखेगी मानवता की मिसाल, ‘भाई घनैयाजी चौक’ का प्रस्ताव; 5 फीट ऊंची प्रतिमा का भी सुझाव
मोहाली के मदनपुरा चौक का नाम 'भाई घनैयाजी चौक' रखने का प्रस्ताव नगर निगम को दिया गया है। चौक पर भाई घनैयाजी की पांच फीट ऊंची प्रतिमा लगाने का भी सुझाव दिया गया है।
उदयपुर के गिर्वा ब्लॉक की ग्राम पंचायत नला के बारी फला में करीब 45 परिवारों के बिजली कनेक्शन से जुड़े आवेदन निरस्त कर दिए गए। इससे नाराज ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और और पात्र परिवारों को तत्काल विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बावजूद उनकी फाइलें रद्द कर दी गईं। वहीं, बिजली निगम का कहना है कि पहले संबंधित क्षेत्र में बिजली की लाइन बिछाई जाएगी, इसके बाद ही परिवारों को कनेक्शन दिए जा सकेंगे। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि यदि फाइल में कोई कमी अथवा तकनीकी या विभागीय कारण था तो प्रत्येक आवेदन को निरस्त करने का स्पष्ट और लिखित कारण बताना चाहिए था। 45 आवेदनों को निरस्त करने के वास्तविक कारणों की जांच हो ग्रामीणों ने मांग की है कि 45 आवेदनों को निरस्त करने के वास्तविक कारणों की जांच हो, प्रत्येक आवेदक को लिखित कारण बताया जाए और नियमानुसार पात्र पाए जाने पर सभी परिवारों के कनेक्शन पुनः स्वीकृत कर जल्द बिजली कनेक्शन जारी किए जाए। इसके साथ ही उन्होंने बारी फला का मौका निरीक्षण करवाने तथा बिजली लाइन, पोल एवं अन्य आवश्यक विद्युत व्यवस्था की स्थिति की जांच कराने की मांग भी की है। लंबे समय से बिजली कनेक्शन के लिए जूझ रहे ग्रामीण ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से बिजली कनेक्शन की समस्या से जूझ रहे परिवारों को जल्द राहत मिलनी चाहिए। ज्ञापन के साथ 45 आवेदकों की सूची, आवेदन एवं रसीदों की प्रतियां, स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज और ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए हैं। बिजली लाइन बिछने के बाद देंगे कनेक्शन बिजली निगम गिर्वा के सहायक अभियंता ब्रजलाल ने बताया कि कोई फाइलें लगाई है और अगर वहां बिजली की लाइन नहीं है तो कनेक्शन कैसे दे सकते है। जनजातीय क्षेत्रों में वंचित और आदिवासी बस्तियों के घरों का विद्युतीकरण करने वाली पीएम-जुगा योजना के तहत लाइन बिछाने का काम होने के बाद कनेक्शन दे सकते है।
पवित्र श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना और शिवभक्ति का उल्लास पूरे क्षेत्र में देखा जा रहा है। इसी कड़ी में गौ-रक्षा, विश्व कल्याण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर मेनार से राणेरा महादेवजी, नांदोली खुर्द एवं ढूंढिया तक विशाल कांवड़ यात्रा का आयोजन 23 अगस्त को किया जाएगा। यह कांवड़ यात्रा संघ मेनार, विश्व हिंदू परिषद और सर्व हिंदू समाज की ओर से आयोजित की जा रही है। लगभग 17 किलोमीटर लंबी यह यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी। कांवड़ यात्रा को लेकर मेनार सहित आसपास के गांवों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस आयोजन के प्रति ग्रामीणों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं ने वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी को निमंत्रण दिया। विधायक डांगी ने इस अवसर पर कहा कि मेनार से राणेरा महादेवजी तक निकलने वाली यह विशाल कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस पावन यात्रा में सर्व हिंदू समाज के श्रद्धालु एकजुट होकर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में शामिल होते हैं। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु पवित्र जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। यह यात्रा सनातन धर्म की परंपराओं, संस्कारों और शिवभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती है। यह मेनार से राणेरा महादेवजी तक निकलने वाली यात्रा क्षेत्र की धार्मिक एकता और आपसी भाईचारे का भी अद्भुत उदाहरण है। यात्रा में शामिल होने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ग्रामीणों को निमंत्रण दिया जा रहा है। इसी क्रम में वाना, रोहिड़ा, ढूंढिया, चौखड़ी, डांगीखेड़ा, बांसडा और वरणी सहित अन्य गांवों में पीले चावल रखकर ग्रामीणों को कांवड़ यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के वार्डों की लॉटरी स्थगित होने के खिलाफ कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने का फैसला किया है। संयम लोढ़ा ने मुख्य सचिव, राज्य निर्वाचन आयुक्त, पंचायतीराज की एसीएस, पंचायतीराज आयुक्त को हाईकोर्ट की अवमााना के लीगल नोटिस भिजवाए हैं। संयम लोढ़ा की याचिका पर ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने 15 अगस्त तक लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने के आदेश दिए थे। पंचायतीराज संस्थाओं के आरक्षण की लॉटरी अचानक स्थगित की, अब 17 और 18 सितंबर को होगी राजस्थान के 309 शहरी निकाय प्रमुखों और इनके वार्डों में आरक्षण की लॉटरी पूरी हो चुकी है। 41 जिला प्रमुखों की लॉटरी प्रक्रिया भी निकाय प्रमुखों के साथ पूरी कर ली गई। प्रधान, पंचायत समिति मेंबर, जिला परिषद मेंबर, सरपंच और वार्ड पंच के आरक्षण की लॉटरी 17 अगस्त को निकाली जानी थी, लेकिन सरकार ने 16 अगस्त की शाम को ही इस लॉटरी प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। अब प्रधान, पंचायत समिति मेंबर, जिला परिषद मेंबर के वार्ड की लॉटरी 17 सितंबर और सरपंच-वार्ड पंच की लॉटरी 18 सितंबर को होगी। संयम लोढ़ा बोले- लॉटरी स्थगित करना हाईकोर्ट की अवमानना संयम लोढ़ा ने कहा- हाईकोर्ट ने जब आदेश पारित किया तब पूरे अफसर ऑनलाइन थे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के हवाले से हाईकोर्ट के सामने कार्यक्रम पेश किया। उसके आधार पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 15 अगस्त या उससे पहले समस्त लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आज अवमानना का नोटिस दे रहे हैं। तुंरत लॉटरी पूरी नहीं की तो हाईकोर्ट में अवमाना याचिका दार करेंगे। ये भी पढ़ें… पंचायतीराज संस्थाओं के वार्डों की लॉटरी अचानक स्थगित:अब 17-18 सितंबर को होगी; ओबीसी आरक्षण के विवाद और विधानसभा सत्र को माना जा रहा कारण राज्य सरकार ने 17 और 18 अगस्त को पंचायतीराज संस्थाओं के वार्डों की होने वाली लॉटरी को स्थगित कर दिया है। अब यह लॉटरी 17 और 18 सितंबर को होगी। सोमवार को 309 शहरी निकायों के वार्डों की ही लॉटरी निकलेगी। (पूरी खबर पढ़ें)
कानपुर में वर्षा के बाद देर रात बंगाली मोहाल में गिरा जर्जर मकान, परिवार सुरक्षित, मची अफरातफरी
कानपुर के बंगाली मोहाल में वर्षा के बाद आठ दशक पुराना जर्जर मकान ढह गया, गनीमत रही कि परिवार समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि घर में स्थापित देवी मां की मूर्ति मलबे के बावजूद सुरक्षित पाई गई।
जम्मू नगर निगम ने 'कैच द रेन 2026' अभियान के तहत शहर में वर्षा जल संचयन प्रणालियां स्थापित करने की व्यापक तैयारी शुरू की है। पहले चरण में 13 पार्कों और विभिन्न स्कूलों में सिस्टम लगेंगे, साथ ही 1000 से अधिक सरकारी भवनों में इन्हें स्थापित किया जाएगा।
इंदौर जिले के महू में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में छावनी परिषद द्वारा 'राखी एवं हस्तकला मेले' की शुरुआत की गई है। मंगलवार दोपहर महू कैंटोनमेंट फूड कोर्ट (न्यायालय के समीप) में आयोजित इस मेले का औपचारिक उद्घाटन छावनी परिषद की सीईओ ज्योति कुमार ने फीता काटकर किया। एक ही छत के नीचे मिलेगी राखियां और हस्तशिल्प सामग्री इस मेले में शहरवासियों के लिए विभिन्न प्रकार की राखियां, हस्तशिल्प से तैयार सजावटी सामान, महिलाओं के उपयोग की वस्तुएं, उपहार सामग्री और स्थानीय स्तर पर बने उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा आगामी त्योहारों को देखते हुए नारियल, पूजन सामग्री, मिठाई, गणेश प्रतिमाएं और माताजी की मूर्तियों की दुकानें भी लगाने की योजना है। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, दुकानदारों को सुविधाएं छावनी परिषद ने मुख्य बाजारों और सड़कों पर लगने वाले अस्थायी स्टॉलों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस मेले का आयोजन किया है। फूड कोर्ट परिसर में दुकानदारों और विक्रेताओं के लिए बिजली व पानी जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी परिषद द्वारा मुहैया कराई गई हैं।
उदयपुर नगर निगम के वार्डों की आरक्षण लॉटरी जारी होते ही शहर भाजपा में सियासी हलचल तेज हो गई है। संगठन के भीतर पार्षद पद के टिकट हासिल करने के लिए अंदरूनी लॉबिंग और जोर-आजमाइश का दौर शुरू हो चुका है। उदयपुर शहर जिला भाजपा के कुल 12 मंडलों में से 8 मंडलों के अध्यक्ष सीधे तौर पर निकाय चुनाव लड़ने का पूरा मानस बना चुके हैं। इनमें से कई अध्यक्ष खुद मैदान में उतरने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ वार्ड आरक्षित होने के चलते अपनी पत्नी या परिवार के सदस्यों को टिकट दिलाने की जुगत में लग गए हैं। वहीं ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े तीन मंडल अध्यक्षों ने शहर के बजाय पंचायती राज चुनावों में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। 8 अध्यक्ष खुद या परिवार के सदस्य मैदान में राणा प्रताप मंडल (14 वार्ड) के अध्यक्ष कन्हैया वैष्णव, दीन दयाल उपाध्याय मंडल (10 वार्ड) के अध्यक्ष महेश पुरी गोस्वामी और अंबेडकर मंडल (9 वार्ड) के अध्यक्ष रणजीत दिग्पाल खुद पार्षद पद की दौड़ में शामिल हैं। ये चुनावी मैदान में उतरने का पूरा मानस बना चुके हैं। सरदार पटेल मंडल (10 वार्ड) के अध्यक्ष अमृत मेनारिया खुद प्रबल दावेदार हैं और उनकी पत्नी भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। सुंदरसिंह भंडारी मंडल (10 वार्ड) की अध्यक्ष रुचिका चौधरी वर्तमान में भी पार्षद हैं। वार्ड अनारक्षित ओपन होने के बावजूद दोबारा मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल (10 वार्ड) के अध्यक्ष विजय आहूजा खुद को पार्षद पद की दौड़ में आगे रखकर दावेदारी जता रहे हैं। देबारी मंडल (3 वार्ड) में 2 अनारक्षित और 1 एसटी ओपन वार्ड है, जहां वार्ड नंबर 80 अनारक्षित ओपन होने से अध्यक्ष प्रताप सिंह सीधे तौर पर दावेदार बने हुए हैं। भानु कुमार शास्त्री मंडल (5 वार्ड) के अध्यक्ष मुकेश जोशी खुद दावेदार थे लेकिन वार्ड 76 अनारक्षित महिला श्रेणी में आने के कारण अब वे अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर झामेश्वर मंडल (5 वार्ड) में एक अनारक्षित ओपन सीट होने के बावजूद अध्यक्ष कमलेश शर्मा के स्थानीय क्षेत्र में अनारक्षित सीट नहीं आने से वे खुद चुनाव नहीं लड़ पाने की स्थिति में हैं। 3 मंडलों का फोकस पंचायती राज पर जावर माता मंडल पूरी तरह नगर निगम सीमा से बाहर है, जिसके चलते अध्यक्ष मोहनलाल गमेती पंचायती राज चुनाव में अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं। बड़गांव मंडल में निगम का केवल एक वार्ड (वार्ड नंबर 1) आता है और अध्यक्ष मोहन डांगी वर्तमान में खुद लखावली सरपंच हैं, इसलिए उनका पूरा ध्यान ग्रामीण राजनीति पर ही केंद्रित है। वहीं नांदेश्वर मंडल (2 वार्ड) के अध्यक्ष सुनील चौधरी नाई गांव के रहने वाले हैं और उनकी रुचि भी शहरी निकाय के बजाय पंचायती राज चुनावों में ही है। मंडल अध्यक्षों की दावेदारी से खींचतान तय, बगावत रोकना भी चुनौती वार्डों की लॉटरी के बाद सामने आई यह स्थिति भाजपा संगठन के लिए दोहरी चुनौती खड़ी कर सकती है। जब संगठन की कमान संभालने वाले मंडल अध्यक्ष ही टिकट की दौड़ में आगे होंगे तो वार्ड स्तर पर सालों से मेहनत कर रहे निष्ठावान कार्यकर्ताओं में असंतोष पनप सकता है। इसके अलावा, महिला आरक्षित सीटों पर पत्नियों को आगे करने से पार्टी को 'परिवारवाद' के आरोपों का सामना भी करना पड़ सकता है। 12 में से 8 मंडलों के प्रमुखों की सीधी चुनावी महत्वाकांक्षा से टिकट वितरण के समय खींचतान बढ़ेगी। ऐसे में टिकट न मिलने पर असंतुष्ट दावेदारों की नाराजगी दूर करना, गुटबाजी पर लगाम लगाना और अंदरूनी भितरघात को रोकना भाजपा नेतृत्व के लिए सबसे बड़ा इम्तिहान साबित होगा। --- ये खबर भी पढ़िए- 1- कांग्रेस अध्यक्ष का वार्ड महिला के लिए रिजर्व हुआ:बीजेपी के नेताओं को लॉटरी में ज्यादा फायदा हुआ, ससुर की बजाय बहू को मिला भाग्य का साथ उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों की लॉटरी निकलने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में कई नेताओं की जमीन खिसक गई है। (पढ़िए पूरी खबर) 2- उदयपुर नगरनिगम-जानिए आपके वार्ड में किस वर्ग से होगा पार्षद:16 महिलाओं के लिए रिजर्व; 48 वार्ड में किसी वर्ग का आरक्षण नहीं उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों की आज लॉटरी निकाली गई है। 80 वार्डों में से 48 वार्ड अनारक्षित हैं, जिसमें 16 महिलाओं के लिए आरक्षित है। (पढ़िए पूरी खबर)
चंडीगढ़ में पीजीआई के आसपास अतिक्रमण हटेगा और अनाधिकृत रूप से खड़े वाहन जब्त होंगे। इस संबंध में डीसी ने आदेश जारी किए। कैपिटल कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा योजना को भी मंजूरी दी।
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बड़ा कदम, उझ दरिया के पानी को साधने के लिए बांध बनाने की मांग
विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यपाल से मिलकर उझ दरिया पर बांध बनाकर सीमावर्ती इलाकों में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
इंदौर में 24 घंटे वॉटर सप्लाई के लिए बिछाई गई नई पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान एक सड़क धंस गई। यह सड़क तीन साल पहले गोराकुंड में 40 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। घटना सोमवार की है। इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया है। इसमें साफ दिख रहा है कि सड़क पर सामान्य आवाजाही चल रही थी, तभी अचानक नीचे से पानी का तेज बहाव आया और सड़क के परखच्चे उड़ गए। जिस वक्त सड़क फटी, वहां से कार, ऑटो और बाइक सवार गुजर रहे थे। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। खौफ के कारण लोग गाड़ियां छोड़कर भागने लगे। पानी के जबरदस्त प्रेशर से डामर और पेवर ब्लॉक उखड़ गए। सड़क के बीचोबीच बड़ा गड्ढा बन गया। देखिए तस्वीरें कनेक्शन जोड़ने के बाद हो रही थी टेस्टिंग जानकारी के अनुसार, गोराकुंड क्षेत्र में पानी की नई लाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। इंजीनियर कनेक्शन जोड़ने के बाद पाइप लाइन की टेस्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान पानी के दबाव से सड़क का हिस्सा टूट गया और पानी सड़क पर फैल गया। तीन साल में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल यह सड़क स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत विकसित की गई थी। एमजी रोड और आसपास के क्षेत्रों में सड़क सहित कई सुविधाओं पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़क इतनी कमजोर कैसे हो गई, इसकी जांच होनी चाहिए। इस घटना ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बिछाई गई पानी की लाइन की टाइमिंग और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में बारिश से सड़कें छलनी,3 दिन में ही उखड़ी भोपाल की सड़कें 3 हुई बारिश भी सहन नहीं कर पाई और छलनी हो गई है। अटल पथ, लिंक रोड नंबर-2, एमपी नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा हो या कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कें, सभी खस्ताहाल है। कहीं डामर उखड़ गया है तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने जिम्मेदारों से क्वॉलिटी पर सवाल करते हुए प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। पढ़ें पूरी खबर
उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में मुखर्जी चौक पर नई पुलिस चौकी शुरू की गई है। जिसका आज विधायक ताराचंद जैन और एसपी डॉ अमृता दुहन ने उद्घाटन किया। फिलहाल यह चौकी अस्थाई रूप से शुरू की गई है। इसमें 1 हेड कॉन्स्टेबल सहित 6 जवान तैनात रहेंगे। 15.65 लाख बजट में चौक एरिया में लोहे का कंटेनर लगाया है। जिसमें चौकी संचालित होगी। फिलहाल फर्नीचर लगाने का काम जारी है। वाजपेयी से लेकर भैरोसिंह शेखावत भी यहां मीटिंग कर चुके विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि 2007 में मैंने जिला अध्यक्ष रहते हुए यहां चौकी स्थापित कराई थी। फिर हमारी सरकार गई, एसपी साहब भी गए। मैं गया तो चौकी भी चली गई। अब विधायक बनने के बाद मैंने इसे वापस स्थापित कराया है। उन्होंने कहा कि मुखर्जी चौक शहर का प्रमुख इलाका है, यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर सुंदरसिंह भंडारी, भैरोसिंह शेखावत, सिकंदर बक्ष से लेकर सभी पार्टियों के राष्ट्रीय नेता मीटिंग कर चुके हैं। उदघाटन समारोह में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, नगर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना, एडिशनल सिटी एसपी उमेश ओझा मौजूद रहे। मुखर्जी चौक शहर का सेंसेटिव इलाका-एसपी एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि मुखर्जी चौक पुराने शहर का आबादी क्षेत्र होने के साथ-साथ सेंसेटिव इलाका भी है। यहां पहले से टेंट लगाकर चौकी का संचालन किया जा रहा था लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं। अब सुविधाएं विकसित होने से पुलिस अच्छे से काम कर पाएगी। ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि चौकी स्थापित होने से पुलिस शांति व्यवस्था और कानून की पालना कराने की जिम्मेदारी अच्छे से निभा पाएगी।
'मिशन पंजाब' पर भाजपा का बड़ा दांव, सतीश पूनिया को सौंपी कमान; अंदरूनी तालमेल मजबूत करने पर जोर
भाजपा ने सतीश पूनिया को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनकी मुख्य चुनौती आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना और तालमेल बिठाना है।
आठ माह से लंबित महंगाई भत्ते और CPCT की अनिवार्यता के विरोध में तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन ने मंगलवार को मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया और जल्द कैशलेस हेल्थ स्कीम लागू करने की मांग की। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने प्रदेश में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की मांग की। नए कर्मचारियों को 100% वेतन देने की मांग कर्मचारियों ने नवनियुक्त कर्मचारियों को तीन साल तक 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन देने के प्रावधान को खत्म करने की मांग की। संघ का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण प्रत्येक कर्मचारी को करीब 1.74 लाख से 4 लाख रुपए तक का आर्थिक नुकसान होता है। कैशलेस इलाज और CPCT की अनिवार्यता खत्म करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल रहा है। संघ ने योजना को जल्द लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि सीधी भर्ती में CPCT की अनिवार्यता रखी जा सकती है, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति और चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए इसकी बाध्यता खत्म की जानी चाहिए। अनुकंपा नियुक्ति में भी CPCT की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई। इसके अलावा कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था खत्म करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा ने किया। इस दौरान संघ के जिला अध्यक्ष सलीम खान सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कानपुर में किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी सिपाही अयोध्या से गिरफ्तार, शादी का दिया था झांसा
मंधना, कानपुर की एक किशोरी से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले सिपाही अश्वनी चौहान को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया गया है।
बगलिहार बांध के गेट खुलने से चिनाब नदी में जलस्तर बढ़ेगा, प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों, पशुपालकों और बच्चों को विशेष रूप से नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
'खेडां वतन पंजाब दियां-सीजन-4' मशाल मार्च का मोहाली में जोरदार स्वागत किया गया। यह पहल उभरते खिलाड़ियों को मंच प्रदान कर युवाओं को खेलों से जुड़ने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करती है।
बारिश में बह गया झिलिया पुल का डायवर्सन, मैथन-कुमारधुबी-चिरकुंडा का संपर्क टूटा
धनबाद में भारी बारिश के कारण झिलिया पुल का डायवर्सन फिर बह गया है, जिससे मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा के बीच आवागमन बाधित हो गया है।
जयपुर में दुकानदार से ब्लैकमेलिंग कर 5 लाख रुपए मांगने का मामला सामने आया है। फोटोज के आधार पर ब्लैकमेलर युवती ने झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। डिमांड पूरी नहीं करने पर फोटो एडिट कर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी। शास्त्री नगर थाने में पीड़ित की ओर से तीन युवतियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने बताया- भट्टाबस्ती इलाके में रहने वाले शॉपकीपर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनकी शॉप पर तीन लड़कियों खरीदारी करने आती-जाती थी। कस्टमर होने के कारण उनसे बातचीत होती रहती थी। वह काफी समय तक शॉप पर बैठकर बातचीत करने लग गई। इस दौरान मौका पाकर उसके दो मोबाइल चोरी कर ले गई, इसके साथ ही खुद के मोबाइल में उसके साथ फोटोज खींच ली। छेड़छाड़ व रेप केस में फंसाने की धमकी आरोप है कि चुराया हुआ मोबाइल मांगने पर फोटोज एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करन की धमकी देने लगी। खुद के मोबाइल में खींची गई फोटोज के आधार पर झूठे छेड़छाड़ व रेप केस में फंसाने की धमकी दी। युवतियां झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की डिमांड करने लगी। काफी समझाने पर भी नहीं मानी। फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर उसकी एडिट फोटोज को पोस्ट कर दिया। पांच लाख नहीं देने पर अंजाम बुरा होगा 30 जुलाई की रात धमकी दी कि 5 लाख रुपए नहीं दोगे तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर देंगे। ब्लैकमेलिंग के टॉर्चर से परेशान होकर पीड़ित शॉपकीपर ने मामला दर्ज करवाया है।
JSSC-JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ 24 दिन से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार के एक फैसले ने 2434 युवाओं की नौकरी पर संकट खड़ा कर दिया है। इनमें TDPL की ओर से कराई गई 9 परीक्षाओं से 502 पदों पर भर्ती होनी थी, जबकि JSSC-CGL के जरिए 1932 युवाओं को नौकरी मिल चुकी है। सरकार ने अब JSSC-CGL की नियुक्ति रद्द करने के साथ TDPL द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया है। कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब ऑपरेशन शुरू हुआ है तो इसे पूरी तरह से किया जाना चाहिए। छात्र आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें देखें.. 2014 से अब तक की नियुक्तियों की होगी जांच सरकार ने TDPL की ओर से ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने के साथ वर्ष 2014 से अब तक हुई नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराने का भी निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जो इन परीक्षाओं के जरिए नौकरी पाने की तैयारी कर रहे थे या नियुक्त हो चुके हैं। TDPL की 9 परीक्षाओं के माध्यम से 502 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। वहीं JSSC-CGL परीक्षा के माध्यम से 1932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी थी। नियुक्तियां रद्द होने के बाद इन युवाओं के सामने नौकरी बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे थे। जुलाई से सितंबर तक होनी थीं मुख्य परीक्षाएं TDPL की ओर से आयोजित या प्रस्तावित 9 भर्ती परीक्षाओं के जरिए 502 पदों पर नियुक्ति होनी थी। इनमें संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के 103 पद शामिल हैं। इसकी मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित थी, जिसे पहले ही स्थगित किया जा चुका था। वहीं संयुक्त असैनिक सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 के 7 पदों के लिए 1 से 3 अगस्त और बैकलॉग परीक्षा-2025 के 45 पदों के लिए 8 से 10 अगस्त को मुख्य परीक्षा होनी थी, दोनों परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई थीं। सबसे अधिक 138 पदों पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की भर्ती होनी थी, जिसकी मुख्य परीक्षा 6 और 7 सितंबर को प्रस्तावित थी। इसके अलावा सहायक लोक अभियोजक बैकलॉग के 26 पदों के लिए 8 से 12 सितंबर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज के 14 पदों के लिए 11 और 12 सितंबर को परीक्षा होनी थी। प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष के 30 पदों के लिए 19 और 20 सितंबर को लिखित परीक्षा प्रस्तावित थी। अलग-अलग विभागों के 138 पदों पर भी भर्ती TDPL के जरिए सहायक लोक अभियोजक के नियमित 134 पदों पर भर्ती होनी थी। इसके लिए मुख्य परीक्षा 25 से 29 सितंबर तक प्रस्तावित थी। वहीं बॉयलर इंस्पेक्टर के 5 पदों के लिए 26 और 27 सितंबर को लिखित परीक्षा होनी थी। खास बात यह है कि टीडीपीएल ने 26 अप्रैल को झारखंड पात्रता परीक्षा (JTET) की पीटी भी ली थी, लेकिन अभी तक इसका रिजल्ट जारी नहीं हुआ था। ऐसे में इस परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है। JSSC-CGL से 1932 अभ्यर्थियों का हुआ था चयन JSSC-CGL के जरिए झारखंड में कुल 1932 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। इनमें सबसे ज्यादा 863 अभ्यर्थी सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर चयनित हुए। इसके बाद कनीय सचिवालय सहायक के 335, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के 252, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के 195, अंचल निरीक्षक-सह-कानूनगो के 185 और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के 182 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इसके अलावा प्लानिंग असिस्टेंट के 5 पद और बैकलॉग के 8 पदों पर भी नियुक्ति की गई। इस तरह JSSC-CGL के माध्यम से कुल 1932 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली थी। सरकार की ओर से JSSC-CGL नियुक्ति रद्द करने की घोषणा के बाद इन सभी चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
लेह हिंसा के केस वापस लेने की मांग पर लद्दाख एकजुट, उपराज्यपाल से मिले नेता; युवाओं के लिए उठी आवाज
लद्दाख में पिछले साल 24 सितंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामले वापस लेने की मांग पर सभी दल एकजुट हैं। पूर्व सांसद थुपस्तान छिवांग और पूर्व सीईसी ताशी ग्यालसन ने उपराज्यपाल से मिलकर मामले वापस लेने का आग्रह किया।
अमृतसर के पनग्रेन गोदाम से 357 गेहूं के कट्टे लूटे गए, जहां लुटेरों ने गार्डों को बंधक बनाया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।
मावली में नवनियुक्त सीबीईओ का स्वागत:अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ ने किया अभिनंदन, समस्याओं पर चर्चा
अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ उदयपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने मावली की नवनियुक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रेरणा नौसालिया का कार्यभार ग्रहण करने पर स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रदेश सभाध्यक्ष बंसीलाल रेबारी, जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह कच्छेर, जिला संरक्षक सुखलाल डांगी और प्राथमिक स्कूल वाकपीठ अध्यक्ष नरेश कुमार आमेटा शामिल थे। कार्यक्रम में जय प्रकाश आमेटा, अरुण कुमार खटीक और दिनेश चंद्र कीर सहित घासा और मावली ब्लॉक के कई अन्य प्रबोधक भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने सीबीईओ नौसालिया के साथ क्षेत्र की शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार और प्रबोधकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान पर सकारात्मक चर्चा की।
लुधियाना में सनातन धर्म सभा श्री कृष्ण मंदिर में चोरी हो गई। चोर मुख्य द्वार के ताले काटकर मंदिर के गर्भगृह में घुसे। वह भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी, चतुर्भुज भगवान विष्णु और पीतल के लड्डू गोपाल जी के 4 विग्रह समेत कीमती सामान चोरी कर फरार हो गए। इन विग्रहों पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। वारदात का पता सोमवार रात करीब 11:30 बजे चला, जब माता चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए जा रहे कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर का मुख्य गेट खुला देखा। शक होने पर उन्होंने मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित विनीत पाठक को फोन कर सूचना दी। पुजारी मौके पर पहुंचे तो दोनों दरवाजों के ताले गायब मिले। भगवान के चारों विग्रह गायब मिले मंदिर के अंदर पेटियां और अलमारियां खुली पड़ी थीं और सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर गर्भगृह से भगवान के चारों विग्रह गायब मिले। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। 2 महीने पहले भी हुई थी गोलक चोरी मंदिर कमेटी के प्रधान चंद्र मोहन डांग ने बताया कि करीब दो महीने पहले भी मंदिर से गोलक यानी दानपात्र चोरी हुआ था। उस समय प्रबंधन की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। इस बार चोरों को मंदिर के अंदरूनी रास्तों और गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। ऐसे में मंदिर प्रबंधन ने वारदात से पहले रेकी किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग मंदिर प्रबंधन ने अब स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी करने की मांग की है। साथ ही चोरी किए गए भगवान के पवित्र विग्रहों को जल्द से जल्द बरामद करने की अपील की गई है।
दूदू पंचायत समिति में श्याम सुंदर कुमावत ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) का पदभार ग्रहण कर लिया है। यह पद पूर्व बीडीओ राजेश्वरी यादव के स्थानांतरण के बाद रिक्त था। पदभार ग्रहण करने पर पंचायत समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों ने फूल-मालाओं से कुमावत का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें शुभकामनाएं भी दी गईं। पदभार संभालने के बाद बीडीओ श्याम सुंदर कुमावत ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। दूदू क्षेत्र के विकास को गति देने की अपील की कुमावत ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बरती जाएगी और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से टीम भावना के साथ काम करने और दूदू क्षेत्र के विकास को गति देने की अपील की। इस अवसर पर पंचायत समिति के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कानोड़ में दो मंदिरों को चोरों ने बनाया निशाना:दानपात्र तोड़कर नकदी ले गए, पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
कानोड़ नगर में चोरों ने दो मंदिरों को निशाना बनाया। राजमहल के पास स्थित ठाकुर गोपाल राय मंदिर से चोर दानपात्र तोड़कर नकदी और अन्य सामान ले गए। वहीं, ऋषभदेव जैन मंदिर में चोरी का प्रयास विफल रहा। इन घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्त और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे नगरवासियों में आक्रोश है। चोरों ने ठाकुर गोपाल राय मंदिर में सेंध लगाई और दानपात्र से नकदी सहित कुछ अन्य सामान चुरा लिया। दूसरी ओर, ऋषभदेव जैन मंदिर में भी चोरों ने ताले तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके और बिना कुछ चुराए भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। कानोड़ थाना अधिकारी हुकुम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चोरी हुई नकदी और सामान का सटीक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा। मंदिरों को लगातार निशाना बनाए जाने से नगरवासियों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात्रि में पुलिस गश्त प्रभावी होती, तो चोर इतनी बेखौफ होकर मंदिरों के ताले नहीं तोड़ पाते। नगरवासियों ने पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि कानोड़ में पहले भी चोरी की कई वारदातें हो चुकी हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। इस स्थिति ने चोरों के हौसले बढ़ा दिए हैं। मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं के बाद लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इन चोरी की वारदातों का जल्द खुलासा नहीं हुआ और पुलिस की रात्रि गश्त में सुधार नहीं किया गया, तो वे नगर बंद करने के साथ पुलिस थाने का घेराव भी कर सकते हैं।
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में ‘संत रविदास सामाजिक समरसता संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन से पहले बरखेड़ा स्थित प्राचीन संत रविदास मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें संतों का रथ, बैंड-बाजे, ढोल, बग्गी, ऊंट-घोड़े और महिला मंडल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई रवीन्द्र भवन पहुंची। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक प्रदीप लारिया सहित संत समाज और संत रविदास के अनुयायी मौजूद रहे। सीएम बोले- जातिवाद के चुनौती भरे माहौल में समरसता लानी है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के दौर में जातिवाद के चुनौती भरे माहौल के बीच समाज में समरसता लाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज का जीवन और उनके विचार पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोने का मार्ग दिखाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में सामाजिक समरसता के अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में वाराणसी (उत्तर प्रदेश) स्थित संत रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से पवित्र मिट्टी और पावन जल लेकर आई यह समरसता संकल्प कलश यात्रा समाज में समानता और भाईचारे का नया संदेश देगी। गांव-गांव लेकर जाएंगे कलश यात्रा SC विभाग के मंत्री नागर सिंह चौहान ने सम्मेलन में अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि यह कलश यात्रा महत्वपूर्ण है। इसे गांव-गांव तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बीजेपी के नए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा- कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन संत रविदास जी के त्याग बलिदान को सम्मान देने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है। कार्यक्रम की तीन तस्वीरें देखिए दुष्यंत गौतम बोले- संतों ने कठिन दौर में समाज को दिशा दी भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम ने कहा कि यह कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा से शुरू हुआ है और संत रविदास की जयंती माघ पूर्णिमा यानी 20 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी और संस्कृति के संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों का समाज में विशेष स्थान है। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर, भगवान बिरसा मुंडा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गुरु गोविंद सिंह के योगदान का उल्लेख किया। गौतम ने कहा कि संत रविदास ने कठिन दौर में अपनी वाणी के जरिए समाज को दिशा दी। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी में धार्मिक दबाव और अस्थिरता के दौर में संतों ने भक्ति आंदोलन को मजबूती दी और संत रविदास ने अपनी वाणी को जन-जन तक पहुंचाया। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना दुष्यंत गौतम ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण लोगों में यह धारणा बनाई गई कि वंदे मातरम् पूरा गाने से कुछ लोग नाराज हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह गीत कांग्रेस के अधिवेशन में भी गाया गया था और भाजपा सरकार इसे घर-घर तक पहुंचाने का काम कर रही है। वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल समरसता संकल्प अभियान के तहत वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी और जल लेकर कलश यात्रा मध्यप्रदेश पहुंची है। करीब 1100 किलोमीटर की यात्रा के बाद कलश सिंगरौली के रास्ते प्रदेश में आया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर इसका स्वागत किया गया। अब इसी कलश को लेकर समरसता संकल्प अभियान के तहत प्रदेश के गांवों तक यात्रा पहुंचाने की तैयारी है।
अमृतसर में राहगीर पर अचानक से झपटा पिटबुल, वाहन चालक ने गाड़ी से टक्कर मारकर बचाई जान
अमृतसर में एक पिटबुल ने राह चलते सुदेश विंकल पर हमला कर उनके कंधे को दबोच लिया।
जम्मू के आरएसपुरा-कुल्लियां मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति ने हजारों यात्रियों को मुश्किल में डाल दिया है, जहां गहरे गड्ढे और उखड़ी परत दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
'रुपये नहीं भेजे तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना', चंडीगढ़ में डॉक्टरों को रंगदारी के लिए धमकी
चंडीगढ़ में डॉक्टरों और क्लीनिक संचालकों को रंगदारी के लिए धमकाया जा रहा है। क्यूआर कोड भेजकर भुगतान का दबाव बनाया। पुलिस महाराष्ट्र से जुड़े एक मोबाइल नंबर की जांच कर रही है।
गोपाल सिंह को मिला सीएमपीएफओ आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार, कोयला मंत्रालय ने सौंपी जिम्मेदारी
कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोपाल सिंह को कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के आयुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
झज्जर के बादली थाना क्षेत्र के मुंडा खेड़ा गांव में प्रवासी मजदूरों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि एक प्रभावशाली परिवार ने प्रवासी मजदूरों को चोरी के आरोप में बंधक बनाया और बंद कमरे में लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस कर्मचारी पर भी बदसलूकी का आरोप मामला यहीं नहीं रुका। पीड़ितों की ओर से बादली थाने में तैनात एक पुलिस कर्मचारी पर भी उनके साथ बदसलूकी करने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, पीड़ित पक्ष ने प्रभावशाली परिवार और पुलिस कर्मचारी पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने तथा कथित तौर पर थूक चटवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से गरमाया मामला घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़ित पक्ष की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस महकमे में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीमसेना ने दी झज्जर बंद की चेतावनी मामले को लेकर भीमसेना के अध्यक्ष नवाब सतपाल तवर भी बादली पहुंचे। उन्होंने आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में झज्जर बंद की चेतावनी दी है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। डीसीपी और एसीपी पहुंचे बादली थाना मामला गरमाने के बाद बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा और एसीपी प्रदीप खत्री बादली थाने पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित पक्षों से बातचीत की। डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि शिकायतकर्ता को उच्च अधिकारियों द्वारा अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली को स्वच्छ और कूड़ा मुक्त बनाने के उद्देश्य से सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली को कूड़े से आजादी, स्वच्छता अभियान 2026 की शुरुआत की गई। राजधानी में यह व्यापक अभियान 17 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों की सफाई, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक में कमी और 3R रिड्यूस, रियूज़, रिसाइकल के सिद्धांत को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, एमसीडी मेयर प्रवेश वाही, विधायक अभय वर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सीएम ने सरकारी विभागों, नगर निकायों, आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने लोगों से श्रमदान के माध्यम से अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। बेहतर स्वच्छ वार्ड को मिलेगा ₹1 करोड़सीएम रेखा गुप्ता ने अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्डों को प्रोत्साहित करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड को ₹1 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
कटनी कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आवेदकों की भारी भीड़ उमड़ी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने खुद मोर्चा संभालते हुए दूर-दराज से आए 100 से अधिक फरियादियों की शिकायतों को सुना और विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा में संतोषजनक समाधान के निर्देश दिए। बिजली, पानी और भूमि सीमांकन की सबसे ज्यादा शिकायतें जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक मामले भूमि सीमांकन, पेयजल किल्लत, बिजली के भारी बिलों और बिजली आपूर्ति में आ रही समस्याओं से जुड़े रहे। इसके अलावा जर्जर सड़कों, नालियों के निर्माण, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें भी कलेक्टर के सामने आईं। कागजी निराकरण बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दी चेतावनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने निचले स्तर पर सुनवाई न होने की बात पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए किया गया कागजी निराकरण बर्दाश्त नहीं होगा और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तरीय अधिकारी रहे मौजूद जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल, एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी और जिला प्रबंधक लोकसेवा दिनेश विश्वकर्मा सहित सभी विभागों के प्रमुख मौजूद रहे। कलेक्टर ने अंतर-विभागीय समन्वय से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों की मौके पर ही बैठक लेकर त्वरित समाधान का रोडमैप तैयार करने को कहा।
16 रुपये का ऑफर देने वाले व्यापारी की गिरफ्तारी अवैध, रिमांड खारिज; कोर्ट ने कानपुर पुलिस को फटकारा
कानपुर कोर्ट ने 16 रुपये के ऑफर पर हुई भगदड़ के मामले में गिरफ्तार व्यापारी और उसके भाई की न्यायिक रिमांड खारिज कर दी।
उन्नाव के परिषदीय स्कूलों में तैयार हुईं 200 राखियां:DM को सौंपी, रक्षाबंधन पर जवानों तक पहुंचेंगी
उन्नाव के नवाबगंज विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए लगभग 200 राखियां तैयार की हैं। मंगलवार दोपहर खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता के नेतृत्व में बच्चों और शिक्षकों के एक दल ने इन राखियों को जिलाधिकारी को सौंपा। इन राखियों को रक्षाबंधन के अवसर पर जिलाधिकारी के माध्यम से सेना के जवानों तक पहुंचाया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले नवाबगंज विकासखंड के सभी बेसिक विद्यालयों को बच्चों से राखियां तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षकों के सहयोग से बच्चों ने उत्साहपूर्वक राखियां बनाईं, जिन्हें बाद में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एकत्र किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन सैनिकों तक बच्चों का प्यार और स्नेह पहुंचाना है, जो ड्यूटी के कारण रक्षाबंधन पर अपने परिवार के साथ नहीं रह पाते। इन राखियों के माध्यम से सैनिकों को यह महसूस कराने का प्रयास किया जा रहा है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। बीईओ शुचि गुप्ता के अनुसार, रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का त्योहार नहीं, बल्कि देश की रक्षा में लगे जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी अवसर है। शुचि गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सैनिकों से जोड़ना और उनमें राष्ट्रधर्म की भावना विकसित करना है। विद्यालयों के शिक्षकों के सहयोग से बच्चों ने उत्साहपूर्वक राखियां बनाईं। कुल लगभग 200 राखियां एकत्र की गई हैं, जिन्हें जिलाधिकारी के माध्यम से सेना के जवानों तक भेजा जाएगा। यह पूरा प्रयास जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पाण्डेय के निर्देशन में किया गया है।
देवरिया में लोकजन सोशलिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को 12 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना प्रभारी पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र विश्वकर्मा के साथ कथित अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया। जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जेठवारा थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा के लिए पांच पुलिसकर्मी गनर के रूप में उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र विश्वकर्मा प्रतापगढ़ में एक पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और उनके दुख में शामिल होने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान जेठवारा थाना प्रभारी ने सार्वजनिक स्थान पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के गले में पड़े पार्टी के गमछे को उतरवाया और कथित तौर पर एक लाख रुपये की मांग की। पार्टी ने दावा किया है कि इस घटना का वीडियो मौजूद लोगों ने बनाया और यह वायरल हो रहा है। कार्यकर्ताओं ने इस कथित व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चंगोई में ट्रैक्टर से गिरकर महिला की मौत:ऊपर से निकल गया टायर, बेटे के साथ खेत से घर लौट रही थी
चूरू के तारानगर थाना क्षेत्र के गांव चंगोई में मंगलवार को एक सड़क हादसे में 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला अपने बेटे के साथ खेत से घर लौट रही थी, तभी ट्रैक्टर से गिरकर उसके नीचे आ गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार चंगोई निवासी बाला देवी मंगलवार को अपने बेटे के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर खेत से घर लौट रही थीं। ट्रैक्टर को परिवार का ही एक अन्य सदस्य चला रहा था। रास्ते में अचानक बाला देवी ट्रैक्टर से नीचे गिर गईं और टायर उनके ऊपर से निकल गया। डीबी अस्पताल में जांच के बाद मृत घोषित कियाहादसे के बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत एम्बुलेंस से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार भी वार्ड में पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली।पुलिस ने महिला के शव को मॉर्च्युरी में रखवाया।

