अलवर नगर निगम व UIT के दस्ते ने बुधवार को अलवर शहर में रोड नंबर दो पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की। लेकिन बीजेपी के नेता की दुकान आते ही जेसीबी का पंजा रुक गया। उससे पहले करीब 10 दुकानों के आगे का रैंप व दीवारें तोड़ दी गई। आगे अतिक्रमण नहीं हटाने पर निगम की अधिकारी ने कहा कि यूआईटी तहसीलदार आने वाले हैं। उसके बाद आगे कार्यवाही की जाएगी। कुछ दुकान मालिकों के पास वैध दस्तावेज होने का दावा किया। लेकिन निगम के अफसरों के सामने की एक दुकानदार ने कहा कि जो कागज उनके पास हैं वो मेरे पास भी है। लेकिन मेरी दुकान के आगे की दीवार व रेंप तोड़ दिया। यूआईटी के सामने कूलर पंखे का कारोबार करने वाले व्यापारी प्रवीण गोयल ने कहा कि उसकी दुकान के आगे की जगह नगर निगम से खरीदी हुई। उसके कागज भी हैं। जो निगम के अधिकारियेां केा दिखाए। लेकिन उसकी दुकान के आगे का पूरा रेंप व दीवार तोड़ दी। जबकि उसके आगे की दुकानों के आगे की दीवारको नहीं तोड़ा। उससे पहले करीब 10 से 12 दुकानों के आगे की दीवार को हटाया गया। बगल में ही बीजेपी के जिला महामंत्री रहे दिनेश गुप्ता की दुकान है। उनकी दुकान के आगे के रैंप को नहीं तोड़ा गया। इस पर दिनेश गुप्ता ने कहा कि हमने नियम के अनुसार रेंप बनाया हुआ है। दुकान के आगे अतक्रमण नहीं है। हमारे पास कागज भी हैं। यही कागज यूआईटी व निगम के अधिकारियों को दिखाए हैं। जबकि निगम की अतिक्रमण प्रभारी निशा लखानी ने कहा कि अभी कार्यवाही जारी है। हम एक बार दुबारा कागज देखेंगे। जिसके लिए यूआईटी तहसीलदार को अवगत कराया गया है। अभी हम गए नहीं है। अतिक्रमण हटाने को लेकर कई दुकानदारों ने कहा कि यूआईटी के आगे सबसे अधिक अतिक्रमण होता है। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। सैकड़ों कर्मचारी हैं। उनके पास पार्किंग पूरी नहीं है। उनके वाहन रोड पर खड़े हाेते हैं। जिससे जाम लगता है। दुकानों पर ग्राहक तो आते-जाते रहते हैं। रुकते नहीं हैं।
कासगंज बार एसोसिएशन ने लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और उनके चैंबरों को तोड़े जाने का विरोध किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा और महामंत्री दुष्यंत गौतम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कासगंज न्यायालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि 17 मई 2026 को लखनऊ पुलिस ने अधिवक्ताओं के चैंबरों को अनुचित तरीके से ध्वस्त किया और उन पर लाठीचार्ज किया। एसोसिएशन ने मांग की है कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कासगंज बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं के लिए तत्काल वैकल्पिक चैंबरों की व्यवस्था करने की भी मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की अपील की है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं में असंतोष है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अधिवक्ताओं के हित में ज्ञापन में उल्लिखित सभी मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया है।
लुधियाना के सिविल अस्पताल में काम की जगह पर ड्यूटी बदले जाने से परेशान एक क्लास-4 कर्मचारी द्वारा खौफनाक कदम उठाने का मामला सामने आया है। ड्यूटी चेंज होने से आहत संतोख नाम के कर्मचारी ने ड्यूटी के दौरान ही नशीली गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद आनन-फानन में उसे एमरजेंसी ले जाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। 12 साल से कर रहा था काम, अचानक बदल दी ड्यूटी परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, संतोख पिछले 12 सालों से एक मेडिसिन डिपार्टमेंट (दवा कारोबारी/मेडिकल स्टोर) में क्लास-4 वर्कर के तौर पर काम कर रहा था। इतने लंबे समय तक वफादारी से काम करने के बावजूद हाल ही में उसकी ड्यूटी बदल दी गई थी। इस फैसले से वह काफी परेशान और मानसिक तनाव में चल रहा था। रोजाना की तरह संतोख अपने काम पर गया था लेकिन ड्यूटी बदलने की बात को लेकर वह परेशान था सुबह करीब 11:30 बजे परिवार वालों के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ से किसी ने सूचना दी कि संतोख ने ड्यूटी के दौरान ही कुछ जहरीली चीज खा ली है और उसकी तबीयत बिगड़ रही है। यह सुनते ही परिवार तुरंत मौके पर पहुँचा । परिवार का रो-रोकर बुरा हाल संतोख अपने परिवार का पालन-पोषण इसी काम के जरिए करता था। उसके 3 बच्चे हैं, जिनमें 2 बेटे और 1 बेटी शामिल हैं। घटना के बाद से बच्चों और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि ड्यूटी को लेकर जो भी विवाद था उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था लेकिन संतोख ने तनाव में आकर यह खौफनाक कदम उठा लिया। फिलहाल मेडिकल टीम पीड़ित का इलाज कर रही है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में छत्तीसगढ़ के अनिमेष का जलवा:200 मीटर में गोल्ड, 100 मीटर में सिल्वर जीता
छत्तीसगढ़ के धावक ने सऊदी अरब में आयोजित सऊदी ग्रैंड प्रिक्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए हैं। अनिमेष ने 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, वहीं 100 मीटर स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। अनिमेष कुजुर इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। वे वर्तमान में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं। उनकी इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में खुशी का माहौल है। इस सफलता पर के महासचिव सहित एथलेटिक्स से जुड़े पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने अनिमेष को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शुभकामनाएं देने वालों में जी.एस. बांब्रा, महेंद्र आहूजा, परविंदर सिंह ग्रेवाल, आदित्य सिंह, सौरभ लुनिया, गौतम गोलछा, रितिका सिंह, पपिंदर सिंह, रवि धनगर, विनोद नायर, आर. सुनील, सुदर्शन सिंह, अमृत कुजुर, जी. रवि राजा, अनिरुद्ध सुना, दिनेश तांडी, हिमांशु चंद्राकर, वसीम और आभिषेक कुजुर शामिल हैं।
हापुड़। गंगा दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंध किए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी के निर्देशन में मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों के कुल 23 गंगा घाटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इनमें मेरठ में 5, बुलंदशहर में 14, बागपत में 1 और हापुड़ में 3 घाट शामिल हैं। DIG कलानिधि नैथानी के अनुसार, पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के गंगा स्नान के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसमें 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 19 क्षेत्राधिकारी, 87 निरीक्षक, 523 उपनिरीक्षक, 634 मुख्य आरक्षी, 638 आरक्षी, 240 होमगार्ड एवं पीआरडी जवान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 3 कंपनी पीएसी भी तैनात की गई है। विशेष रूप से हापुड़ की तीर्थनगरी ब्रजघाट में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। हापुड़ को अन्य जनपदों से 5 पुलिस उपाधीक्षक, 25 निरीक्षक, 140 उपनिरीक्षक, 350 पुलिसकर्मी, 40 महिला उपनिरीक्षक और 130 महिला पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं। यातायात पुलिस भी तैनात रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी, फ्लड पीएसी, फायर टेंडर, एंबुलेंस, क्रेन, बीडीडीएस टीम और आधुनिक संचार उपकरण भी लगाए जाएंगे। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को घाटों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल बैरिकेडिंग, गहरे पानी के चेतावनी बोर्ड, नावों पर लाइफ जैकेट और रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाने को कहा है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती महिला सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही, चेन स्नैचिंग और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी। भीड़ नियंत्रण और जाम से बचाव के लिए एक विशेष यातायात योजना लागू की गई है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
भिंड जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने तुकेंडा हल्का के पटवारी हिमांशु तोमर को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी जमीन का सीमांकन करने के एवज में फरियादी से इस घूस की मांग कर रहा था। जानकारी के अनुसार, फरियादी ने पटवारी हिमांशु तोमर द्वारा की जा रही पैसों की मांग की शिकायत लोकायुक्त से की थी। शिकायत में बताया गया था कि जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बदले पटवारी रिश्वत मांग रहा है। इस शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। फैक्ट्री के पास रिश्वत लेते ही मौके पर दबोचाबुधवार को तय योजना के तहत फरियादी मालनपुर क्षेत्र में स्थित कैडबरी फैक्ट्री के पास पहुंचा। यहां फरियादी ने जैसे ही आरोपी पटवारी को तय 6 हजार रुपये की रकम सौंपी, वहां पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी तुरंत जब्त कर ली। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्जलोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, लोकायुक्त अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो बिना डरे तत्काल उसकी शिकायत दर्ज कराएं।
ई-फार्मेसी के विरोध में दवा व्यापारियों की हड़ताल:बोले- ऑनलाइन बिक्री से छोटे विक्रेताओं को नुकसान
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इस देशव्यापी बंद में देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट एवं दवा वितरक शामिल हुए। होलसेलर एंड रिटेलर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी की अनियंत्रित कार्यप्रणाली, अवैध ई-फार्मेसी संचालन और बड़ी कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट से छोटे दवा विक्रेताओं का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। दवा व्यापारियों का कहना है कि दवा का व्यापार लाइसेंसधारी व्यक्ति द्वारा डॉक्टर के पर्चे पर ही होना चाहिए। ऑनलाइन बिक्री में अक्सर ऐसा नहीं होता, जिससे मरीजों को गलत या नकली दवाएं मिलने का खतरा रहता है। इससे मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है। ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि दवा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर ऑनलाइन व्यवस्था को सख्ती से बंद किया जाए। उनकी प्रमुख मांगों में कोविड काल में जारी अधिसूचना जीएसआर 220 ई और ई-फार्मेसी से संबंधित अधिसूचना जीएसआर 817 ई को तत्काल वापस लेना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अवैध ई-फार्मेसी पर तत्काल रोक लगाने और प्रीडेटरी प्राइसिंग के खिलाफ सख्त नीति बनाने की मांग की है, ताकि छोटे केमिस्ट्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बिना सत्यापन बेची जा रही दवाई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर बिना सत्यापन दवाओं की बिक्री को लेकर केमिस्ट संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि नियमों की कमजोरियों का फायदा उठाकर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल कर दवाएं बेच रहे हैं। फर्जी और एआई से बने प्रिस्क्रिप्शन पर भी एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाएं आसानी से मिल रही हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि एंटीबायोटिक्स की अनियंत्रित बिक्री से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ रहा है। वहीं नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता युवाओं के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। बड़े कॉर्पोरेट समूह डीप डिस्काउंट देकर बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं। छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों के केमिस्टों को बाजार से बाहर करने की कोशिश है।
अपर तहसीलदार न्यायालय में महिला और पेशकार में हाथापाई:वीडियो वायरल, डीएम ने जांच के आदेश दिए
मवाना तहसील में अपर तहसीलदार के न्यायालय में एक महिला और पेशकार के बीच हाथापाई हो गई। महिला ने पेशकार पर रिश्वत न देने पर उसके खिलाफ मुकदमे का निर्णय कराने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना तब हुई जब मौड़खुर्द निवासी सुनीता नामक महिला अपने जमीन के दाखिल खारिज से संबंधित वाद की सुनवाई के लिए न्यायालय पहुंची। उसे पता चला कि मामले में उसके खिलाफ निर्णय आया है। इसके बाद महिला ने पेशकार मनीष सैनी पर रिश्वत मांगने और पैसे न मिलने पर उसके विपरीत आदेश कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों में नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जो हाथापाई में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिला सुनीता और पेशकार मनीष सैनी दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। महिला ने पेशकार पर मुकदमे में रिश्वत मांगने, आदेश उसके खिलाफ कराने, अभद्रता करने और 600 रुपये छीनने का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी ब्रह्मकुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी महिला सुनीता को हिरासत में ले लिया गया है। एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने जानकारी दी कि तहसीलदार इस पूरे मामले की जांच करेंगे। नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार के पास अपर तहसीलदार का अतिरिक्त प्रभार है।
हरदा में बुधवार सुबह खंडवा स्टेट हाईवे पर मजदूरों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। इस सड़क हादसे में 12 महिलाओं और 12 पुरुषों समेत कुल 24 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से 7 की हालत गंभीर है। ये सभी मजदूर डाबया और पाडल्या गांव से नीमगांव में मूंग की फसल काटने के लिए जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, पिकअप (एमपी 42 जी 1695) में क्षमता से अधिक लगभग 45 मजदूर सवार थे। कांकरिया और मसनगांव के बीच कमलेश बांके के खेत के पास अचानक वाहन का पिछला एक्सल टूट गया। इससे गाड़ी का चक्का निकल गया और ओवरलोड पिकअप सड़क पर पलट गई। ओवरटेक के दौरान बिगड़ा संतुलनहादसे में घायल हुई मजदूर सुनीता ने बताया कि, पीछे से आ रही एक अन्य पिकअप गाड़ी ओवरटेक कर रही थी, उसी दौरान यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन में क्षमता से बहुत ज्यादा लोगों के बैठे होने के कारण दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने की मदद, पुलिस ने पहुंचाया अस्पतालदुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े और उन्होंने घायलों को वाहन से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस सहायता वाहन मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस ने गंभीर रूप से घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार देकर तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया। एक मजदूर की कटी उंगलियां, छह को फ्रैक्चरजिला अस्पताल में अब तक 24 घायल मजदूरों को लाया जा चुका है, जहां सभी का उपचार जारी है। इनमें घासीराम नामक व्यक्ति की उंगलियां कट गई हैं, जबकि करीब आधा दर्जन लोगों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ है। अन्य मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद कुछ समय तक स्टेट हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
बुरहानपुर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को बुरहानपुर जिले में 500 से अधिक दवा दुकानें बंद रहीं। इससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर में बड़ी संख्या में दवा विक्रेता बाइक रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर यह बंद बुलाया गया था। एसोसिएशन के सचिव शरद जैन ने बताया कि बुरहानपुर जिले की 500 से अधिक दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। ज्ञापन में कहा गया कि जीएसआर 817 ई और जीएसआर 220 ई कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे दवा व्यवसाय संकट में है। विक्रेताओं ने इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। उनका आरोप है कि इन कानूनों का दुरुपयोग कर नशीली दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे युवा नशे के आदी हो रहे हैं। साथ ही, गर्भपात किट (आबर्शन कीट) की भी अवैध सप्लाई की जा रही है, जो जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ऑनलाइन सप्लाई रोकने की मांगएसोसिएशन ने दवाओं की अनियंत्रित ऑनलाइन सप्लाई रोकने की मांग की, क्योंकि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तुएं नहीं हैं। ड्रगिस्टों ने मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और लाखों लाइसेंसधारी केमिस्टों व उनके कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। इसी तरह, जिले के नेपानगर में भी अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के आह्वान पर सभी दवा दुकानें बंद रहीं। नेपानगर के विक्रेताओं ने भी एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नेपा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद चौहान, सचिव राम सिंह बैस, केमिस्ट सोहन सैनी, संजय चौकसे, मनोज गोरे, नितिन जायसवाल, वैभव अतरकर, दीपक चौधरी और शेख नवाब सहित कई सदस्य मौजूद थे। नेपा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद चौहान ने कहा कि देश में ऑनलाइन दवाओं की खरीदी से मरीजों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं की जगह मरीजों को डुप्लीकेट या कम गुणवत्ता वाली दवाएं मिल रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
महू में धारनाका पुलिया निर्माण के कारण बनाए गए वैकल्पिक मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जारी है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। बुधवार दोपहर एक मिनी ट्रक ढलान पर फंस गया, जिससे पास के मकान में घुसने की आशंका पैदा हो गई। यह मार्ग केवल छोटे वाहनों के लिए बनाया गया है। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1 बजे हुई, जब एक ओवरलोड मिनी ट्रक वैकल्पिक मार्ग की ढलान पर फंस गया। जिस जगह वाहन फंसा, उसके ठीक पीछे एक मकान है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी और वाहन सीधे घर में घुस सकता था। रहवासियों के अनुसार, भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ढलान और संकरे रास्ते के कारण बड़े वाहन अक्सर यहां फंस जाते हैं, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसी वैकल्पिक मार्ग पर पहले भी एक उपनगरीय बस अनियंत्रित होकर एक मकान की बाउंड्री में घुस गई थी। उस समय भी बड़ा हादसा टल गया था। इसके बावजूद, प्रशासन द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ऑनलाइन फार्मेसी और नकली दवाओं पर प्रभावी रोक सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ और राजस्थान केमिस्ट एलायंस के आह्वान पर आज भीलवाड़ा जिले की सभी होलसेल और रिटेल मेडिकल स्टोर बंद रहे। बंद के चलते भीलवाड़ा में रोगियों और उनके परिजनों को थोड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ा। 1200 मेडिकल स्टोर बंद, 20 करोड़ का व्यापार प्रभावित भीलवाड़ा डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट संस्थान के पवन व्यास ने बताया दवाइयों के ऑन लाइन मार्केट में आने से देशभर में करीब 12 लाख परिवारों के सामने रोजगार का सवाल होने के कारण यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ रहा है।भीलवाड़ा में करीब 1200 मेडिकल स्टोर आज बंद हैं और 20 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है। शहर के मुख्य बाजारों से रैली निकाली मेडिकल व्यापारियों ने सूचना केन्द्र चौराहे पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया और शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए विरोध रैली निकाली जो जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची।यहां एसोसिएशन के पदाधिारियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया और समस्याओं का समाधान करने की मांग की ।
रुपए और ऑनलाइन गेमिंग के लेन-देंन को लेकर दो बदमाशों ने दिनदहाड़े एक व्यापारी के दो पैर और एक हाथ का अंगूठा तोड़ दिए। इसके बाद मौक़े से फरार हो गए। घटना बाड़मेर शहर विश्वकर्मा सर्किल सुबह करीब 11 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौक़े पर पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल व्यापारी का बाड़मेर हॉस्पिटल मे इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया- माहेश्वरी भवन के पास निवासी प्रवीण अग्रवाल (42) पुत्र रामकिशोर बुधवार को सुबह करीब 11 बजे विश्वकर्मा सर्किल के पास कुछ काम से आया था। इस दौरान वहां पर दो बदमाशो ने उस पर हाकी, सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे व्यापारी के दो पैर टूट गए। वहीं एक हाथ का अंगूठा टूट गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। तभी मौके से बदमाश भाग गए। लोगों ने लहुलूहान हालात में बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए। वहां पर उसका इलाज चल रहा है। दो पैरों में चार फेक्चर मुकेश कुमार बंसल ने बताया- चचेरे भाई प्रवीण के साथ में कुछ लोग इससे पैसे मांग रहे थे। प्रवीण का कहना है कि वो पैसे मेरे नहीं थे। न मैंने उनको देने का बोला था। यह लोग पिछले चार दिनों से मेरा पीछा कर रहे थे। विश्वकर्मा सर्किल के पास बाइक लेकर आया था। तभी इन्होंने मौके पर पाकर हमला कर दिया। हाकी और लोहे के पाइप से हमला किया है। आजकल जो ऑनलाइन गेमिंग के मेटर के अंदर मैंने किसी का रेफरेंस दिया था। डॉक्टर से बात होने पर बताया कि प्रवीण के दोनों पैरों में चार फेक्चर है। अभी बेहोशी के हालात में है। बदमाशो की तलाश शुरू कोतवाली के एएसआई सांवलाराम ने बताया- मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई है। वहीं घायल ने दो नाम बताए है। वहीं टीमें बदमाशो की तलाश कर रही है। दो पैरे तोड़े है। मंडी में अनाज का व्यापारी परिजनों ने बताया प्रवीण कृषि मंडी में अनाज व्यापारी है। साथ प्रॉपटी डीलर भी है। वहीं सामाजिक स्तर पर पदाधिकारी भी रह चुका है।
हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के रामपुर बट्टारी गांव में बुधवार सुबह एक युवक ने तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे परिजन जानकारी के अनुसार, गांव निवासी लालू पुत्र नवाब सिंह (35) खेती-बाड़ी का काम करते थे। बुधवार सुबह उन्होंने अपने घर के कमरे में जाकर तमंचे से सिर में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खुलवाने पर लालू का शव पलंग पर पड़ा मिला और पास में तमंचा रखा हुआ था। अंदर से दरवाजा बंद कर की आत्महत्या मृतक की पत्नी के अनुसार सुबह बच्चों के स्कूल जाने के बाद घर के कामकाज के दौरान उसने पति को जगाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि लालू गुस्से में कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद उन्होंने अपने साले को फोन कर कहा, “तेरी-मेरी आखिरी मुलाकात है, अब मैं जा रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने यह कदम उठा लिया। सात साल पहले हुई थी शादी परिजनों के मुताबिक, लालू की शादी करीब सात वर्ष पहले गांव ईटॉर्नी में हुई थी। उनके पीछे पत्नी, दो मासूम बच्चे और वृद्ध पिता हैं। मृतक का एक भाई अलग मकान में रहता है और एक बहन की शादी हो चुकी है। परिवार में कभी-कभार मामूली घरेलू विवाद होते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा। कोतवाल शिवकुमार ने बताया कि- पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौके से मिले अवैध तमंचे को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
सतना जिले के नागौद एसडीओपी कार्यालय का बुधवार को युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव किया। जिला अध्यक्ष वरुण गूजर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिंहपुर थाना प्रभारी अजय अहिरवार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने शिकायत दर्ज कराने गए फरियादी संतलाल कुशवाहा के साथ अभद्रता और मारपीट की है। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि सिंहपुर थाना क्षेत्र के भेहाई निवासी संतलाल अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। आरोप है कि थाना प्रभारी अहिरवार ने उसकी बात सुनने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। एफआईआर लिखने से इनकार करते हुए उन्होंने संतलाल को इतना पीटा कि उसके कान में गंभीर चोट आ गई। घर में घुसे मनचलों की शिकायत करने गया था पीड़ितयह पूरा विवाद 13 मई को संतलाल कुशवाहा के घर में हुए शादी समारोह से जुड़ा है। आरोप है कि रात के समय महिलाएं आंगन में लेटी थीं, तभी प्रकाश गर्ग सहित तीन युवक घर में घुस गए। महिलाओं के शोर मचाने पर जब संतलाल का भाई अंकुल वहां पहुंचा, तो आरोपियों ने उसके साथ भी जमकर मारपीट की थी। इसी घटना की शिकायत लेकर संतलाल थाने गया था। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शांत हुआ हंगामाटीआई की इस कार्यप्रणाली से नाराज कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी कार्यालय के बाहर काफी देर तक हंगामा किया। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा और न्याय न मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बाद में पुलिस अधिकारियों की समझाइश और मामले की निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
अंबेडकरनगर के अकबरपुर थाना क्षेत्र में बिजली कटौती से परेशान एक वाटर कंपनी संचालक ने आत्महत्या की धमकी दी है। संचालक ने यह चेतावनी बिजली विभाग के एक ग्रुप में पोस्ट की, जिसके बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संचालक को समझा-बुझाकर शांत कराया। गौहन्ना बाईपास स्थित निर्मल वाटर कंपनी के संचालक संदीप निषाद ने बताया कि उनका प्लांट मरैला फीडर से जुड़ा है। पिछले कुछ दिनों से बिजली की समस्या काफी बढ़ गई है। बिजली आती है, लेकिन प्लांट की मशीनें गर्म होने से पहले ही कट जाती है। दिन-रात यही स्थिति बनी रहती है, जिससे प्लांट का संचालन ठप हो गया है। निषाद के अनुसार, प्लांट न चलने के कारण पानी का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इससे वे मजदूरों की मजदूरी और बैंक से लिए गए लोन की किस्तें चुकाने में असमर्थ हैं। लगातार वसूली के दबाव से वे अत्यधिक परेशान हैं।उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार जिले के बिजली विभाग के अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अत्यधिक परेशानी के कारण उन्होंने बिजली विभाग के ग्रुप पर मैसेज किया, आज पावर हाउस पहुंच रहा हूं आत्महत्या करने के लिए। यह मैसेज वायरल होते ही पुलिस और एलआईयू की टीम सक्रिय हो गई। टीम तुरंत उनके प्लांट पर पहुंची और उन्हें समझाया। हालांकि, इस दौरान विद्युत विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। थानाध्यक्ष श्री निवास पांडेय ने बताया कि वाटर कंपनी संचालक का मैसेज ग्रुप पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर उसे समझाया और मामला शांत कराया गया।
भिवानी में इनेलो के संसदिय बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता की। इस दौरान वासुदेव शर्मा ने कहा कि भाजपा द्वारा मुखौटे लगाकर लोग छोड़े गए हैं, जो हमारे नेताओं के बारे में अनाप-सनाप बात करते हैं। भाजपा का एक एजेंडा है, कोई विकास, रोजगार की बात नहीं हैं। सिर्फ एक ही एजेंडा है, 36 बिरादरी को बांट दो। सभी जाती व धर्म इकट्ठा रहकर काम करती हैं और प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। वासुदेव शर्मा ने कहा कि भाजपा के विधायक रामकुमार गौत्तम द्वारा दिवंगत आत्मा चौधरी ओमप्रकाश के प्रति अनर्गलन बातें करना गलत है। इन बातों से क्या लेना चाहते हैं। इन बातों से ना उनके परिवार का भला, ना समाज का भला और ना ही खुद का भला। वासुदेव शर्मा ने कहा कि विधायक रामकुमार गौत्तम कहते हैं कि चौटाला साहब ने किसी को पार्लियामेंट सेक्रेटरी व डिप्टी स्पीकर नहीं बताया। इस पर पूर्व मंत्री ने कहा कि वे खुद डिप्टी स्पीकर रहे हैं। उनके अलावा भी अन्य लोगों को भी पद देने का काम किया। उनको पहले पढ़ना व रिसर्च करना चाहिए। तीन व्यक्ति भाजपा का मुखौता पहनकर समाज को उखाड़ना चाहते हैंवासुदेव शर्मा ने कहा कि तीन व्यक्ति हैं, जो भाजपा का मुखौता पहनकर समाज को उखाड़ना चाहते हैं, इसमें राम कुमार गौतम हों, रामचंद्र जांगड़ा हो या फिर राजकुमार सैनी हो। उनकी राजनीति यहीं से शुरू होती है और यहीं पर खत्म। उनको इस बात का अफसोस है कि उनको मंत्री मंडल में नहीं लिया गया। पहले भी शर्मशासर किया गया। विधानसभा में रामकुमार गौतम व अरविंद शर्मा की बहस हई। वे अपने आप पर कंट्रोल करें, क्योंकि वे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। माफी मांगे रामकुमार गौतमपूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा ने कहा कि भाजपा का एजेंडा है कि समाज को फाड़ो। अब वे बुजुर्ग हो चुके हैं, लोग उनको मसकरे के रूप में लेने लगे हैं। समाज सब समझता है और वह इन बातों को सिरे से खारिज करता है। उनको इस बात को लेकर माफी मांगनी चाहिए और अपने शब्द वापस लेने चाहिए। उनको आगाह करना व सलाह देना मुख्य एजेंडा है। इसके बावजूद भी वे बाज नहीं आए तो वे सख्त कदम उठाने को मजबूर होंगे। अन्यथा वे एक बड़ी पंचायत बुलाएंगे, जिसमें भाजपा व रामकुमार गौतम का बहिष्कार करेंगे।
रामानुजगंज के ग्राम पंचायत चुमरा में मंगलवार शाम 'मोहम्मदी फीड' नामक मुर्गी दाना प्लांट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है, जिसमें कच्चा माल, मशीनरी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए। जानकारी के अनुसार, यह आग मंगलवार रात 7 से 8 बजे के बीच लगी। प्लांट में दाना बनाने का कार्य चल रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और मशीन रूम में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा प्लांट इसकी चपेट में आ गया। आग पर काबू पाने में 2 घंटे लगा समय प्लांट संचालिका शमा परवीन के पति मो. शहनवाज खान ने बताया कि आग पर काबू पाने में दो घंटे से अधिक का समय लगा, लेकिन तब तक अधिकांश सामान जल चुका था। आगजनी में दाना निर्माण का पूरा रॉ मटेरियल, मशीनरी और महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए। 15 लाख से अधिक का नुकसान मो. शहनवाज खान के अनुसार, इस हादसे में लगभग 15 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री का संचालन ग्रामीण बैंक से लगभग 35 लाख रुपये का ऋण लेकर किया जा रहा था। यह प्लांट करीब तीन वर्ष पहले शुरू किया गया था। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया।
दुर्ग पुलिस को 35 नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) और 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन मिले हैं। इन 39 वाहनों के शुरू होने से जिले में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और तेज होगी। सड़क हादसे, अपराध या किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक जल्दी मदद पहुंचाई जा सकेगी। भिलाई के सेक्टर-06 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में बुधवार को डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेन सेवा का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधि-विधायी मंत्री गजेंद्र यादव ने नई डायल-112 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई तकनीक से लैस हैं ये सभी वाहन अधिकारियों ने बताया कि, इन वाहनों में GPS सिस्टम, PTZ कैमरा, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी और घटनास्थल तक जल्दी पहुंचना आसान होगा। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज ने कहा कि डायल-112 फेज-2 परियोजना पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में अहम पहल है। इससे पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर होगी। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच के तहत डायल-112 सेवा को नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों से जोड़ा गया है। 35 ईआरवी के साथ 4 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियां भी पुलिस अफसरों के मुताबिक, नए वाहनों से लोगों को कम समय में मदद मिलेगी और हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान नई डायल-112 गाड़ियों का प्रदर्शन भी किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में मिले सभी 35 ERV और 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर तैनात किया जाएगा। इससे शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को जल्दी सहायता मिल सकेगी।
सोनभद्र के विढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में एक विवाहिता ने एक व्यक्ति पर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता ने बताया कि यह घटना बीते 14 मई की रात करीब 11 बजे हुई। नंद लाल यादव पुत्र रामप्यारी यादव बाइक से उसके घर आया और बताया कि उसका पति संजय की दुकान पर शराब पीकर लेटा हुआ है। आरोपी ने पीड़िता से पति को घर ले जाने के लिए साथ चलने को कहा। पीड़िता ने नंद लाल यादव पर विश्वास कर अपनी सास के साथ उसके साथ चल दी। जब वे संजय की दुकान पर पहुँचे, तो पीड़िता का पति वहाँ नहीं मिला। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की सास को वहीं छोड़कर कहा कि वह उसके साथ कुछ दूर चले, ताकि वे पति को खोज सकें। पीड़िता उसके साथ चल दी। आरोप है कि नंद लाल यादव पीड़िता को जंगल में ले गया और वहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने पीड़िता को धमकी भी दी कि यदि उसने शोर मचाया तो वह चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर देगा। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। थाना निरीक्षक शिवकुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
चूरू में बुधवार को पंखा सर्किल के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार 19 वर्षीय युवक घायल हो गया। उसे गंभीर चोटें आई हैं।जानकारी के अनुसार, पीथीसर निवासी अयूब खान अपनी बाइक पर सेहला गांव से चूरू की ओर आ रहा था। पंखा सर्किल के पास सामने से आ रही एक कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद अयूब डिवाइडर से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद कार ड्राइवर हरियाणा के जिंद निवासी सोमपाल ने घायल अयूब को अपनी कार से राजकीय डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। हादसे की सूचना मिलने पर अयूब के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। इमरजेंसी स्टाफ ने घटना की जानकारी अस्पताल चौकी पुलिस को भी दी।सिर में गंभीर चोट के कारण डॉक्टरों ने अयूब का सीटी स्कैन करवाया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे का इलाज तय किया जाएगा। फिलहाल, युवक अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
रायसेन जिले में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच भीषण जल संकट पैदा हो गया है। बुधवार सुबह शहर के ताजपुर वार्ड और बेगमगंज तहसील के कोकलपुर गांव में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान नजर आए। शहर में जहां टैंकर आते ही पानी भरने की होड़ मच गई, वहीं गांवों में ग्रामीण पुराने कुओं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। दैनिक भास्कर की टीम मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शहर के वार्ड-13 ताजपुर पहुंची, जहां लोग सुबह से खाली बर्तन लेकर बैठे थे। नगर पालिका का पानी का टैंकर वार्ड में पहुंचते ही पूरे इलाके में हलचल मच गई। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हाथों में बर्तन लेकर टैंकर की ओर दौड़ पड़े और कई लोगों ने अपने निजी पाइप सीधे टैंकर में डालकर तेजी से पानी भरना शुरू कर दिया। एक दिन छोड़कर सप्लाई, आबादी के मुकाबले पानी कमस्थानीय रहवासियों ने बताया कि वार्ड में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। भीषण गर्मी के कारण पानी की जरूरत लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर पालिका के टैंकर आबादी और जरूरत के मुकाबले नाकाफी साबित हो रहे हैं। इस वजह से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कोकलपुर में दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीणबेगमगंज तहसील के ग्राम कोकलपुर में पानी की किल्लत और ज्यादा गंभीर है। करीब दो हजार की आबादी वाले इस गांव में लोगों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई परिवार गांव के बाहर स्थित पुराने कुओं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। सरकारी कुएं में दबंगों ने डाली निजी मोटरग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सरकारी कुएं में कुछ दबंग लोगों ने अपने निजी मोटर पंप डाल रखे हैं। इन पंपों के जरिए बड़ी मात्रा में पानी खींच लिया जाता है, जिससे गांव की पानी की टंकी तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता। इसके चलते ग्रामीणों को प्रतिदिन केवल तीन से चार कुप्पा पानी ही मिल पा रहा है। महिलाओं को पानी भरने के लिए सुबह से घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
पीथमपुर के सेक्टर-1 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आज दोपहर बिजली के एक केबल में भीषण फॉल्ट हो गया। केबल से तेज चिंगारियां निकलने और धमाकों की आवाज से रहवासियों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय निवासी हितेश ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते से लगातार बिजली के फॉल्ट हो रहे हैं और केबल से चिंगारियां निकल रही हैं। स्थानीय निवासी ने बताया कि वे कई दिनों से एमपीबी (MPB) को फोन कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई समाधान नहीं किया गया। जर्जर तारों और केबलों की मरम्मत नहीं कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता है। जर्जर तारों और केबलों की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बार-बार होने वाले इन फॉल्ट्स से लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलने का खतरा बना रहता है, साथ ही सड़कों पर आवाजाही करने वाले बच्चों और नागरिकों की जान को भी खतरा है। फिलहाल, घटना के बाद विभाग ने कर्मचारियों को मौके पर भेजने की बात कही है। हालांकि, रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सीतापुर में झाड़-फूंक के नाम पर महिला से रेप:बच्चा न होने पर मौलाना के पास गई थी, रुपये भी वसूले
सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र में झाड़-फूंक और इलाज के नाम पर महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार सकरन थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि वह संतान न होने की समस्या को लेकर लंबे समय से तालगांव क्षेत्र के कमापुर निवासी मौलाना कल्लू अंसारी उर्फ कल्लू बाबा के संपर्क में थी। मौलाना खुद को झाड़-फूंक और तांत्रिक विद्या से इलाज करने वाला बताता था। महिला का आरोप है कि मौलाना उसे जंगल में बनी एक मजार पर बुलाकर झाड़-फूंक करता था और इस दौरान उससे रुपये भी वसूलता था। मौलाना द्वारा रुपये लेने का एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक झाड़-फूंक के दौरान आरोपी कई बार उसके साथ अश्लील हरकत करता रहा। महिला ने आरोप लगाया कि 15 मई को मौलाना ने उसे अपने घर बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की है। आरोप है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तालगांव पुलिस ने महिला की तहरीर पर आरोपी मौलाना कल्लू अंसारी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक अनूप शुक्ला का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पीड़िता के बयान सहित अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। वहीं घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
बलिया के जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने नए शोधार्थियों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नवागंतुक शोधार्थियों का सम्मान किया गया। विद्यार्थी परिषद अपने अभिनव प्रयोगों के लिए जाना जाता है। इसी क्रम में, सत्र 2024 के नवीन शोधार्थियों की कोर्स वर्क कक्षाएं शुरू होने से पहले यह स्वागत समारोह आयोजित किया गया। बलिया नगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और दीपक के साथ स्वागत किया। उन्होंने शोधार्थियों के उज्ज्वल और मंगलमय भविष्य की कामना की। उपस्थित शोधार्थियों ने इस प्रकार के स्वागत की सराहना की।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पंजाब से ड्रग्स (MDMA) मंगाकर बेचने वाले ट्रांसपोर्टर समेत 2 तस्करों को ACCU और चकरभाठा पुलिस ने पकड़ा है। दोनों मंगलवार देर रात चकरभाठा में ड्रग्स की सप्लाई करने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। उनके पास से 2 लाख 60 हजार रुपए कीमती 26 ग्राम ड्रग्स बरामद किया गया है। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, चकरभाठा क्षेत्र में सूखा नशा का कारोबार चलने की जानकारी मिल रही थी। जिस पर उन्होंने चकरभाठा पुलिस के साथ ही ACCU की टीम को संदेहियों की जानकारी जुटाकर नजर रखने के निर्देश दिए थे। इस बीच मंगलवार की देर रात मुखबिर से खबर मिली कि, ग्राम रहंगी के खोलीभाटा मैदान में एक संदिग्ध कार सीजी 28 एल 8130 खड़ी है। कार के भीतर मौजूद दो युवक किसी बड़े ग्राहक की तलाश में हैं। उनके पास भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ है। ACCU की टीम के साथ घेराबंदी, MDMA ड्रग्स बरामद इसकी जानकारी उन्होंने एसएसपी रजनेश सिंह को दी, जिसके बाद उनके मार्गदर्शन पर ACCU की टीम के साथ घेराबंदी की गई। इस दौरान पुलिस की गाड़ी को देखकर कार सवार दोनों आरोपी घबरा गए और कार स्टार्ट कर भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर कार को रोका और दोनों युवकों को नीचे उतारा। जब कार और युवकों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से 26.05 ग्राम चमकीला नशीला पाउडर बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूला कि वे इसे खपाने और मोटी रकम कमाने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। खुद के ट्रांसपोर्ट से युवक ने मंगाया था ड्रग्स आरोपी चकरभाठा वार्ड नंबर 12 निवासी चंद्रेश बलेचा (29) ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता है। उसने अपने ट्रांसपोर्ट से पंजाब बॉर्डर के तस्कर से संपर्क कर पाउडर मंगाया था। जिसे चकरभाठा के महेश वर्मा (21) के साथ मिलकर महंगी कीमत के बेचने की फिराक में थे। उन्होंने इसके लिए कुछ लोगों से सौदा भी तय कर रखा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, दोनों भेजे गए जेल आरोपियों से मिले 2.60 लाख रुपए कीमत की ड्रग्स (एमडीएमए), एक कार समेत 13 लाख रुपए का माल जब्त किया है। पुलिस ने चकरभाठा निवासी चंद्रेश बलेचा और महेश वर्मा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। मंगलवार दोपहर दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर पुलिस ने जेल दाखिल किया है।
विदिशा जिले के त्योंदा थाना क्षेत्र में चार महीने पहले हुई 1 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने फरार एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से पुलिस ने सोना, नकदी, देशी कट्टा और मोटरसाइकिल सहित करीब 5.50 लाख रुपये का सामान बरामद किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही कुछ आरोपियों को पकड़ चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। लगातार दबिश और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने फरार आरोपी अमन पटेल को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से सेमरा गांव का रहने वाला अमन वर्तमान में राहतगढ़ थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से 30 ग्राम सोना, 50 हजार रुपये नकद, एक देशी कट्टा और एक राइडर मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त किए गए पूरे सामान की कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। बंधक बनाकर लूटे थे जेवर और नकदीपुलिस के अनुसार, यह डकैती 23-24 जनवरी 2026 की दरमियानी रात को ग्राम रायखेड़ी में हुई थी। यहां हथियारबंद बदमाशों ने बृजबिहारी कुर्मी के घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया था। इसके बाद बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर और नकदी लूट ली थी। इस वारदात के बाद त्योंदा थाने में मामला दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया गया था। पहले पकड़े जा चुके हैं 4 आरोपी और एक नाबालिगडकैती के इस बड़े मामले में पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। गठित चार विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से चार आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। उन आरोपियों के कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो से अधिक चांदी, 10 लाख रुपये नकद, बाइक और अवैध हथियारों सहित करीब 1 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया गया था। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारीयह पूरी कार्रवाई एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन, एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी शिखा भलावी के मार्गदर्शन में की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी गौरव रघुवंशी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बागपत की रटोल नगर पंचायत के भाजपा चेयरमैन मुंतजिर को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दी गई, जिसके बाद खेकड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया है। 'हकीकत भैया' नामक एक व्यक्ति पर यह धमकी देने का आरोप है। धमकी भरे पोस्ट में 'मातम मनाने और मौसम बदलने' जैसी बातें लिखी गई थीं। चेयरमैन मुंतजिर का आरोप है कि आरोपी उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। चेयरमैन मुंतजिर ने बताया कि जब से वह अध्यक्ष बने हैं, तभी से 'हकीकत भैया' नाम का सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वाला व्यक्ति उन्हें लगातार धमकियां दे रहा है। मामला तब और बढ़ गया जब आरोपी अपने एक साथी के साथ चेयरमैन के आवास पर पहुंचा और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद हाजी मुंतजिर ने खेकड़ा कोतवाली में हकीकत भैया और उसके साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। चेयरमैन मुंतजिर ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है और अपनी जान-माल को खतरा बताया है। उनका कहना है कि यह राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में सरयू नदी में नहाते समय एक युवक को मगरमच्छ खींच ले गया। ग्रेटर नोएडा के दीपक (30) अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने गोंडा आया था। यह घटना बुधवार को हुई। दीपक की शादी बाबूलाल शर्मा की पोती से हुई थी। वह अपनी सास के अंतिम संस्कार के बाद सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी में स्नान कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मगरमच्छ ने अचानक हमला किया और दीपक को गहरे पानी में खींच लिया। गोताखोर और नाविक तलाश में जुटेघटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों के साथ अन्य टीमों को भी बुलाया गया है। युवक के शव की तलाश में पुलिस और प्रशासन लगातार राहत एवं खोज अभियान चला रहे हैं। एसडीएम तरबगंज भी घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोर और स्थानीय लोग नावों की मदद से दीपक की तलाश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार में घटना के बाद से मातम पसरा हुआ है, और नदी किनारे भारी भीड़ जमा है। उमरी बेगमगंज थाना अध्यक्ष चंदन कुमार ने अपने सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आया था अंतिम संस्कार बाद नहाते समय अचानक अगर मगरमच्छ खींच ले गया है। स्थानीय गोताखोर और स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन की जा रही है लेकिन अभी तक कोई पता नहीं चला है।
डूंगरपुर जिले में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों की मनमानी के विरोध में दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय हड़ताल की। डूंगरपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस के आह्वान पर हुई इस हड़ताल से जिले में दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई।हड़ताल के दौरान जिलेभर के दवा विक्रेता कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की। दवा विक्रेताओं ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से दवाओं की अवैध बिक्री लगातार बढ़ रही है। इससे छोटे केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं और मरीजों के स्वास्थ्य को भी खतरा है। उनका आरोप है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, फिर भी कंपनियां धड़ल्ले से कारोबार कर रही हैं। बड़े आंदोलन की चेतावनीउन्होंने यह भी कहा कि बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की होम डिलीवरी की जा रही है, जो मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'प्रेडेटरी प्राइसिंग' और भारी छूट देकर स्थानीय छोटे दवा विक्रेताओं के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। देशभर के लाखों केमिस्ट खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दवा विक्रेताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी। लेकिन अब सरकार की अनदेखी के कारण उनका व्यापार संकट में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापनप्रदर्शन के बाद दवा विक्रेताओं ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवाओं की होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर रोक लगाने सहित कई अन्य मांगें शामिल थीं।
फैमिली आईडी कार्यों की समीक्षा में डीएम सख्त:प्रगति संतोषजनक न मिलने पर 6 अधिकारियों को चेतावनी
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने फैमिली आईडी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। गूगल मीट के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने छह अपर सांख्यिकी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल अपने कार्यों में सुधार लाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद फैमिली आईडी बनाने की प्रक्रिया में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत फैमिली आईडी बनाना सुनिश्चित करें। साथ ही, नियमित रूप से कार्यों की निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया। डीएम ने फैमिली आईडी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व, डीसी मनरेगा, जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी और अपर सांख्यिकी अधिकारी मृत्युंजय प्रसाद चतुर्वेदी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बाड़मेर में शिव विधायक भाटी ने कलेक्ट्रेट में खुद पेट्रोल छिड़कर सुसाइड करने का प्रयास किया। घटना के बाद अब कांग्रेस खुलकर उनके समर्थन में आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने एक्स पर लिखा- मजबूर होकर खुद पर पेट्रोल उड़ेलना भाजपा शासन में लोकतंत्र पर कलंक है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जनता की स्थिति कितनी दयनीय है। गहलोत का आरोप- प्रशासन की उदासीनता से बिगड़े हालातपूर्व सीएम अशोक गहलोत ने लिखा - शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी 15 दिन से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं, परन्तु न तो सरकार ने कोई वार्ता की और न ही प्रशासन ने ध्यान दिया। इस उदासीनता के कारण वे मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने तक को मजबूर हुए। भाजपा के शासन में एक विधायक को अपनी मांगों पर ध्यान दिलाने के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है, तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। राज्य सरकार को अविलंब इनकी मांगों पर ध्यान देकर सकारात्मक हल निकालना चाहिए। हीनता के कारण कलेक्ट्रेट कूच करना पड़ा और वहां अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा। मजदूरों की मांगों के समर्थन में चल रहा धरना दरअसल, शिव के गिरल गांव में 38 दिन से माइनिंग मजदूरों की मांग को लेकर धरना चल रहा है। 15 दिन से शिव विधायक भाटी पर लोगों के साथ धरने पर हैं। 13 मई को गर्मी में तबीयत बिगड़ गई थी। इससे पहले उन्होंने कहा था- सड़कें जाम करना हमें भी आता है। जेल छोटी पड़ जाएगी, हिम्मत है तो भेज दो। गिरल गांव में मजदूर रैली, प्रशासन नहीं पहुंचा प्रतिनिधिमंगलवार को गिरल गांव में मजदूर रैली और जनसभा का आयोजन किया गया था। लेकिन प्रशासन और सरकार स्तर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, जिसके बाद विधायक भाटी के नेतृत्व में रैली कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत बीएसएफ गेट पर बसें खड़ी कर दी गईं, जिससे रैली को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बाद विधायक और उनके समर्थक पैदल आगे बढ़े और कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयासइसी दौरान एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर पहुंचा, जहां अचानक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकालकर अपने ऊपर छिड़क दिया और आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने तुरंत उन्हें रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पांच घंटे की वार्ता भी रही बेनतीजा, फिर लौटे धरने परइसके बाद विधायक भाटी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, एसपी चुनाराम जाट सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। करीब पांच घंटे तक चली बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन कई बिंदुओं पर समाधान नहीं निकल सका और वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद विधायक भाटी एक बार फिर गिरल गांव में धरने पर लौट गए। क्यों हो रहा विरोध राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) की गिरल में लिग्नाइट माइंस की ओर से थुंबली समेत आसपास के इलाकों में जमीन अधिग्रहण कर कोयला खनन किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है। इसी से प्रभावित किसान और गांव के युवा 9 अप्रैल से गिरल गांव में धरने पर बैठे हैं। बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 39 दिन से जारी है। उनकी मांग है कि 8 घंटे की ड्यूटी लागू की जाए और नौकरी के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। राजस्थान सरकार का PSU है RSMML RSMML राजस्थान सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जो रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन का खनन करती है। गिरल लिग्नाइट माइंस, बाड़मेर जिले के थुम्बली और गिरल गांव में स्थित है। इसे राजस्थान की पहली आधुनिक ओपनकास्ट (खुली) लिग्नाइट खदान भी माना जाता है। 1994 में RSMML द्वारा इस खदान की शुरुआत की गई थी। यह मुख्य रूप से लिग्नाइट का उत्पादन करती है, जो गिरल लिग्नाइट पावर प्लांट को ईंधन की सप्लाई करती है। --- धरने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें … विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:बैग में रखकर साथ लाए थे बोतल; 5 घंटे प्रशासन से चली वार्ता नहीं बनी सहमति बाड़मेर में विरोध प्रदर्शन के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। समर्थकों ने कपड़े से तुरंत पेट्रोल को पोंछ दिया। पूरी खबर पढ़िए MLA भाटी 8 दिन से धरने पर, तबीयत बिगड़ी:बोले-सड़कें जाम करना हमें भी आता है; जेल छोटी पड़ जाएगी, हिम्मत है तो भेज दो बाड़मेर में शिव के गिरल गांव में एक महीने से चल रहे धरना स्थल पर भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच विधायक रविंद्र सिंह भाटी की को तबीयत बिगड़ गई। पूरी खबर पढ़िए
आग में झुलसने से बेटे की मौत हो गई। पत्नी तड़प रही थी। झुलसा पति एंबुलेंस से उतरने के बाद हाथ में ड्रिप लिए खुद चलकर इमरजेंसी में जा रहा था। क्योंकि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में उसे स्ट्रेचर या व्हीलचेयर तक नहीं मिली। डीग जिले के कामां इलाके में LPG सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग में एक परिवार के 7 लोग झुलस गए थे। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। हादसे में झुलसे लोगों को जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर किया गया। इस दौरान हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मनमोहन नाम का झुलसा हुआ व्यक्ति एंबुलेंस से उतरा। इमरजेंसी के बाहर उसे तुरंत न व्हीलचेयर मिली और न स्ट्रेचर। कुछ सेकेंड वह दरवाजे पर खड़ा रहा। फिर खुद ही पैदल अंदर की ओर चल पड़ा। इमरजेंसी के बाहर अफरा-तफरी के बीच मनमोहन काफी देर तक मदद की उम्मीद में इधर-उधर देखता रहा। बाद में एक व्हीलचेयर लाई गई। पास में उसकी पत्नी सरिता दर्द से जोर-जोर से चीख रही थी। पूरे शरीर पर जलने के निशान थे। उस वक्त भी मनमोहन ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उसने पत्नी के सिर पर हाथ रखा और धीमी आवाज में कहा- लक्ष्य और बच्चों की चिंता मत करो… सब ठीक हो जाएगा…। तब तक उसे पता नहीं था कि परिवार पर कितना बड़ा कहर टूट चुका है। जलती आग से बचने के लिए छत से कूदे लोग मनमोहन के चचेरे भाई भगवान सिंह ने बताया- हादसा इतना भयानक था कि कुछ ही मिनटों में नीचे पूरा हिस्सा आग की लपटों से घिर गया। बाहर निकलने का रास्ता बंद हो चुका था। परिवार के लोग जान बचाने के लिए ऊपर छत की तरफ भागे। आग तेजी से ऊपर तक पहुंच रही थी। इसी दौरान भाई का बेटा लक्ष्य नीचे ही रह गया था। मैं उसे बचाने भागा…भगवान ने अपनी जली हुई उंगलियां दिखाते हुए कहा। अब ऐसे में एक ही रास्ता बचा था सामने की छत से नीचे कूदना। सबसे पहले 11 साल की अक्षरा को नीचे उतारा गया। उसके बाद बाकी बच्चों और महिलाओं ने भी कूदकर जान बचाने की कोशिश की। मनमोहन की पत्नी सरिता और मेरी पत्नी नीरज भी छत से कूदी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के वक्त नीचे लोग चीख रहे थे और ऊपर परिवार आग से घिरा हुआ था। आसपास के लोग कंबल और चादर लेकर नीचे खड़े हो गए थे ताकि कूदने वालों को संभाला जा सके। तड़पते बच्चे की आवाज अब भी कानों में गूंज रही घायलों के साथ जयपुर पहुंचे जितेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। आधे घंटे बाद एक ASI और चार काॅन्स्टेबल पहुंचे। फायर ब्रिगेड उसके बाद आई। तब तक हम खुद ही लोगों को पीछे की छत से कुदवा कर निकाल रहे थे, क्योंकि यही एक रास्ता बचा था। जितेंद्र ने बताया कि जब मैं मौके पर पहुंचा तो 8 साल का लक्ष्य बुरी तरह झुलस चुका था। वह तड़प रहा था और बार-बार कह रहा था- 'हमें बचा लो… कैसे भी बचा लो…।' मैंने बच्चे को कंबल में लपेटा और बाहर लेकर भागा। एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि मैंने 11 साल की अक्षरा को उठाकर अस्पताल पहुंचाया। बच्ची ऊपर से कूदी थी, इसलिए घायल भी थी और काफी जल चुकी थी। गैस भरते वक्त हुआ ब्लास्ट, ऊपर घर तक पहुंच गई आग प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नीचे खड़ी ईको वैन की किट में LPG सिलेंडर से गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान अचानक ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि नीचे बने कोल्ड ड्रिंक गोदाम से सीधे ऊपर मकान तक पहुंच गई। मनमोहन गांवों में कोल्ड ड्रिंक सप्लाई का काम करता है और इसके लिए गैस किट लगी ईको वैन का उपयोग करता था। गोदाम के ऊपर ही उसका और उसके चचेरे भाई भगवान सिंह का परिवार रहता है। दो मासूमों की मौत, कई जिंदगी से जंग लड़ रहे हादसे में मनमोहन, उसकी पत्नी सरिता, बेटा लक्ष्य, चचेरा भाई भगवान सिंह, उसकी पत्नी नीरज और बेटी साक्षी गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को पहले भरतपुर के RBM अस्पताल ले जाया गया, जहां से 6 लोगों को जयपुर रेफर किया गया। 11 साल की अक्षरा की मौत भरतपुर में इलाज के दौरान हो गई। वहीं 8 साल के लक्ष्य को जयपुर के SMS अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। रिश्तेदारी में गए थे घर के अन्य दो बच्चे सुरक्षित, दो बुजुर्गों की भी बची जान हादसे के वक्त मनमोहन के पिता दाताराम और भगवान सिंह के पिता लक्ष्मीचंद घर पर मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उनकी जान बच गई। वहीं परिवार के दो बच्चे भी उस समय रिश्तेदारी में गए हुए थे, इसलिए वे भी इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से सुरक्षित बच गए। … सिलेंडर में ब्लास्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गैस भरते समय LPG-सिलेंडर में ब्लास्ट, भाई-बहन की मौत:परिवार के 5 लोग झुलसे, कोल्ड ड्रिंक गोदाम के ऊपर मकान तक पहुंची आग डीग जिले के कामां इलाके में LPG सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग में एक परिवार के 7 लोग झुलस गए। इनमें से दो बच्चों (भाई-बहन) की मौत हो गई। हादसा डीग रोड पर बस स्टैंड के सामने कोल्ड ड्रिंक के एक गोदाम में मंगलवार शाम 5 बजे हुआ। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
आग में झुलसने से बेटे की मौत हो गई। पत्नी तड़प रही थी। झुलसा पति एंबुलेंस से उतरने के बाद हाथ में ड्रिप लिए खुद चलकर इमरजेंसी में जा रहा था। क्योंकि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में उसे स्ट्रेचर या व्हील चेयर तक नहीं मिली। डीग जिले के कामां इलाके में LPG सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग में एक परिवार के 7 लोग झुलस गए। इनमें से दो बच्चों (भाई-बहन) की मौत हो गई। हादसे में झुलसे लोगों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल रैफर किया गया। इस दौरान हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मनमोहन नाम का झुलसा हुआ व्यक्ति एंबुलेंस से उतरा। इमरजेंसी के बाहर उसे तुरंत न व्हीलचेयर मिली और न स्ट्रेचर। कुछ सेकेंड वह दरवाजे पर खड़ा रहा। फिर खुद ही पैदल-पैदल अंदर की ओर चल पड़ा। इमरजेंसी के बाहर अफरा-तफरी के बीच मनमोहन काफी देर तक मदद की उम्मीद में इधर-उधर देखता रहा। बाद में एक व्हीलचेयर लाई गई। पास में उसकी पत्नी सरिता दर्द से जोर-जोर से चीख रही थी। पूरे शरीर पर जलने के निशान थे। उस वक्त भी मनमोहन ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उसने पत्नी के सिर पर हाथ रखा और धीमी आवाज में कहा- लक्ष्य और बच्चों की चिंता मत करो… सब ठीक हो जाएगा…। तब तक उसे पता नहीं था कि परिवार पर कितना बड़ा कहर टूट चुका है। जलती आग से बचने के लिए छत से कूदे लोग मनमोहन के चचेरे भाई भगवान सिंह ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि कुछ ही मिनटों में नीचे पूरा हिस्सा आग की लपटों से घिर गया। बाहर निकलने का रास्ता बंद हो चुका था। परिवार के लोग जान बचाने के लिए ऊपर छत की तरफ भागे। आग तेजी से ऊपर तक पहुंच रही थी। इसी दौरान भाई का बेटा लक्ष्य नीचे ही रह गया था। मैं उसे बचाने भागा..भगवान ने अपनी जली हुई उंगलियां दिखाते हुए कहा। अब ऐसे में एक ही रास्ता बचा था सामने की छत से नीचे कूदना। सबसे पहले 11 साल की अक्षरा को नीचे उतारा गया। उसके बाद बाकी बच्चों और महिलाओं ने भी कूदकर जान बचाने की कोशिश की। मनमोहन की पत्नी सरिता और भगवान की पत्नी नीरज भी छत से कूदी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के वक्त नीचे लोग चीख रहे थे और ऊपर परिवार आग से घिरा हुआ था। आसपास के लोग कंबल और चादर लेकर नीचे खड़े हो गए थे ताकि कूदने वालों को संभाला जा सके। तड़पते बच्चे की आवाज अब भी कानों में गूंज रही घायलों के साथ जयपुर पहुंचे जितेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। आधे घंटे बाद एक ASI और चार काॅन्स्टेबल पहुंचे। फायर ब्रिगेड उसके बाद आई। तब तक हम खुद ही लोगों को पीछे की छत से कूदवाकर निकाल रहे थे, क्योंकि यही एक रास्ता बचा था। जितेंद्र ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो 8 साल का लक्ष्य बुरी तरह झुलस चुका था। वह तड़प रहा था और बार-बार कह रहा था- ‘हमें बचा लो… कैसे भी बचा लो…। उन्होंने बच्चे को कंबल में लपेटा और बाहर लेकर भागे। एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि उसने 11 साल की अक्षरा को उठाकर अस्पताल पहुंचाया। बच्ची ऊपर से कूदी थी, इसलिए घायल भी थी और काफी ज्यादा जल चुकी थी। गैस भरते वक्त हुआ ब्लास्ट, ऊपर घर तक पहुंच गई आग प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नीचे खड़ी ईको वैन की गैस किट में LPG सिलेंडर से गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान अचानक ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि नीचे बने कोल्ड ड्रिंक गोदाम से सीधे ऊपर मकान तक पहुंच गई। मनमोहन गांवों में कोल्ड ड्रिंक सप्लाई का काम करता है और इसके लिए गैस किट लगी ईको वैन का उपयोग करता था। गोदाम के ऊपर ही उसका और उसके चचेरे भाई भगवान सिंह का परिवार रहता था। दो मासूमों की मौत, कई जिंदगी से जंग लड़ रहे हादसे में मनमोहन, उसकी पत्नी सरिता, भगवान सिंह, उनकी पत्नी नीरज, बेटा लक्ष्य और बेटी साक्षी गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को पहले भरतपुर के RBM अस्पताल ले जाया गया, जहां से छह लोगों को जयपुर रेफर किया गया। 11 साल की अक्षरा की मौत भरतपुर में इलाज के दौरान हो गई। वहीं 8 साल के लक्ष्य को जयपुर के SMS अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। रिश्तेदारी में गए थे घर के अन्य दो बच्चे सुरक्षित, दो बुजुर्गों की भी बची जान हादसे के वक्त मनमोहन के पिता दाताराम और भगवान सिंह के पिता लक्ष्मीचंद घर पर मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उनकी जान बच गई। वहीं परिवार के दो बच्चे भी उस समय रिश्तेदारी में गए हुए थे, इसलिए वे भी इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से सुरक्षित बच गए। ये खबर भी पढ़ें… गैस भरते समय LPG-सिलेंडर में ब्लास्ट, भाई-बहन की मौत:परिवार के 5 लोग झुलसे, कोल्ड ड्रिंक गोदाम के ऊपर मकान तक पहुंची आग डीग जिले के कामां इलाके में LPG सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग में एक परिवार के 7 लोग झुलस गए। इनमें से दो बच्चों (भाई-बहन) की मौत हो गई। हादसा डीग रोड पर बस स्टैंड के सामने कोल्ड ड्रिंक के एक गोदाम में मंगलवार शाम 5 बजे हुआ। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
जैसलमेर में गर्मी का ऑरेंज अलर्ट:तीन दिन तक लू चलने की आशंका; पारा 45 डिग्री के पार जाने के आसार
जैसलमेर में मई के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ ही सूरज ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के बाद मौसम विभाग ने आगामी 72 घंटों के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुष्क हवाओं के कारण पारा 45 डिग्री के पार जाने के आसार हैं। भीषण तपन और लू के चलते सुबह 10 बजे ही बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने लोगों को खाली पेट घर से बाहर न निकलने व पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। मौसम विभाग की माने तो मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 72 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार हैं। बाजारों में पसरा सन्नाटा, ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग भीषण गर्मी का सीधा असर जनजीवन और व्यापार पर देखने को मिल रहा है। हालात यह हैं कि सुबह 10 बजते ही मुख्य सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है, जो देर शाम तक बना रहता है। लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं, गर्मी से राहत पाने के लिए बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों, जूस और मटके के पानी की मांग में अचानक भारी इजाफा हो गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने जारी की एडवाइजरी गर्मी के तीखे तेवरों का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। इसको देखते हुए डॉक्टर रविंद्र सांखला ने बताया- इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही हीट स्ट्रोक (लू लगना) का कारण बन सकती है। आमजन से अपील है कि खाली पेट घर से बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बचाव के मुख्य उपाय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, बहुत जरूरी होने पर ही सिर और मुंह को कपड़े से ढककर निकलें। नींबू पानी, छाछ, ओआरएस (ORS) का घोल और तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। चक्कर आने, उल्टी होने या तेज सिरदर्द होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगामी तीन दिनों के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 72 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार हैं। सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसके कारण रात के समय भी लोगों को उमस और भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
धौलपुर में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में जिलेभर के केमिस्ट और ड्रगिस्ट्स ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एवं राजस्थान कैमिस्ट अलायंस के आह्वान पर सभी मेडिकल स्टोर बंद रखे गए। केमिस्टों ने गांधी पार्क में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के बाद केमिस्ट प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी को पीएम मोदी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही भारी छूट पर नियंत्रण और जीएसआर 817(ई) तथा जीएसआर 220(ई) को वापस लेने की भी मांग उठाई गई। मेडिकल स्टोर संचालकों ने जताया विरोधकेमिस्ट संगठनों का तर्क है कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तुएं नहीं हैं। उनकी अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री मरीजों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। संगठनों ने कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं की आसान उपलब्धता उनके दुरुपयोग को बढ़ावा दे सकती है। हड़ताल के दौरान, संगठनों ने आमजन को परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन जरूरतों की आवश्यक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। इस प्रदर्शन में जिलेभर के बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालक शामिल हुए।
आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र के वार्ड भगवतीगंज दक्षिणी में उत्तर प्रदेश सरकार की 'वंदन योजना' के तहत ₹120.50 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया। सदर विधायक पल्टूराम और नगर पालिका परिषद चेयरमैन धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' ने संयुक्त रूप से इन कार्यों की शुरुआत की। यह परियोजना नगरीय क्षेत्रों में स्थित धार्मिक, सांस्कृतिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के विकास और वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वीकृत की गई है। चेयरमैन धीरू ने बताया कि साल 2025-26 में स्वीकृत इस योजना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही क्षेत्र का समग्र सौंदर्यीकरण होगा। योजना के अंतर्गत वार्ड स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे। इनमें श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक विश्रामालय का निर्माण, हवन कुंड का निर्माण तथा सीसी रोड एवं फर्श निर्माण कार्य शामिल हैं। मंदिर से जुड़े घाट का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण भी परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने हेतु बेंच, स्वच्छ पेयजल के लिए वॉटर कियोस्क और पूरे परिसर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इससे रात्रिकालीन सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और नगर पालिका के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल को क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर:कासगंज में 2 ने मौके पर ही तोड़ा दम, डीजल लेकर लौट रहे थे
कासगंज जनपद के अमांपुर कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। गधेपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान मुजफ्फरनगर के बुढाना थाना क्षेत्र के ज्वाला गांव निवासी महैकर (पुत्र मंजूरा) और अमांपुर के आनंदपुर गांव निवासी 17 वर्षीय पूर्णानंद (पुत्र विनोद) के रूप में हुई है। महैकर आनंदपुर के पास बीएसएनएल पाइपलाइन डालने के काम में मजदूरी करता था। वे दोनों अमांपुर कस्बे से डीजल लेकर लौट रहे थे। डीजल लेकर लौटते समय गधेपुर गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। मृतक पूर्णानंद अपने चार भाइयों और एक बहन में से एक था। वह नरेला में मजदूरी करता था और 15 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आया था। दूसरे मृतक महैकर के चार भाई और तीन बहनें हैं। इस घटना से दोनों परिवारों में शोक का माहौल है।
बस्ती में किराए की दुकान में युवक का शव मिला:ससुराल से लौटा था, सड़क हादसे में आई थी चोटें
बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र के बिहरा रेहरवा गांव में बुधवार सुबह एक किराए की दुकान में 28 वर्षीय युवक पवन कुमार का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू की। फील्ड यूनिट और क्षेत्राधिकारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के भाई संतोष कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि पवन कुमार मंगलवार को अपने ससुराल गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र स्थित जगदीशपुर ब्रांच से लौटे थे। रात में वह अपनी किराए की दुकान में सोने चले गए थे। बुधवार सुबह काफी देर तक दुकान नहीं खुलने और अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद शटर का ताला तोड़कर दुकान खोली गई, जहां पवन कुमार मृत अवस्था में पड़े मिले। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पवन कुमार पिछले कई दिनों से अपने ससुराल में रह रहे थे। वहीं उनके साथ एक सड़क दुर्घटना भी हुई थी, जिसमें उन्हें चोटें आई थीं। पुलिस के अनुसार, मृतक के दाहिने पैर और हाथ में अस्पताल की पट्टियां बंधी मिली हैं। पुलिस ने बताया कि शरीर पर अन्य किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। थाना पुलिस, फील्ड यूनिट और क्षेत्राधिकारी हर्रैया ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
धौलपुर जिले में चंबल नदी किनारे गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मगरमच्छ के हमले में 14 वर्षीय बालिका की मौत हो गई। घटना राजघाट गांव के सामने चंबल नदी में हुई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं ग्रामीणों में मगरमच्छों के बढ़ते खतरे को लेकर भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। मवेशियों को पानी पिलाने गई थी बालिका जानकारी के अनुसार, राजघाट निवासी दीनदयाल की 14 वर्षीय पुत्री भारती रोजाना की तरह अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिए चंबल नदी पर गई थी। मवेशियों को पानी पिलाने के बाद जब वह नदी से भैंस को बाहर निकाल रही थी, तभी अचानक पानी में छिपे एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने बच्ची को पानी में खींचा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ ने भारती को पकड़कर नदी के अंदर खींच लिया। यह देखकर वहां मौजूद दो अन्य बच्चियां घबरा गईं और उन्होंने तुरंत शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। बच्चियों ने भारती को बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन मगरमच्छ के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाकर छुड़ाया, लेकिन नहीं बच सकी जान चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बालिका को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी और भारती की मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही चंबल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। ग्रामीणों में डर, प्रशासन से सुरक्षा की मांग इस हादसे के बाद राजघाट और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि चंबल नदी में मगरमच्छों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और पशुपालकों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और मगरमच्छों के खतरे को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत सचिव शिवकुमार निराला ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए एक हस्तनिर्मित जिले का नक्शा कलेक्टर कुलदीप शर्मा को भेंट किया। स्केल और पेंसिल से बनाए गए इस नक्शे में जिले की भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति को आकर्षक ढंग से दर्शाया गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शिवकुमार की इस कला और मेहनत की सराहना की। उन्होंने इस सुंदर नक्शे को अपने कार्यालय के टेबल पर लगवाने की बात कहकर शिवकुमार को प्रोत्साहित किया। स्केच बनाने की रुचि ने नक्शा बनाने को प्रेरित किया विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम चकरदा निवासी शिवकुमार निराला वर्तमान में जनपद पंचायत कार्यालय बलौदाबाजार में संलग्न हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने ड्राइंग-पेंटिंग का कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है, बल्कि स्केच बनाने की उनकी रुचि ने उन्हें नक्शा बनाने की ओर प्रेरित किया। जिले का नक्शा बनाने में लगे 5 महीने शिवकुमार ने जानकारी दी कि लगभग 3 बाई 6 फीट आकार का एक विकासखंड का नक्शा बनाने में उन्हें करीब एक माह का समय लगता है। इसी तरह, पूरे जिले का नक्शा तैयार करने में उन्हें लगभग पांच माह का समय लगा। उनके द्वारा हाथ से बनाया गया यह नक्शा उनकी बारीक कलाकारी, धैर्य और लगन को दर्शाता है। किसी भी क्षेत्र का हाथ से नक्शा बनाने के लिए अत्यधिक सटीकता और भौगोलिक समझ की आवश्यकता होती है।
चंडीगढ़ में अब आवारा और कम्युनिटी डॉग्स को खाना खिलाने के लिए नगर निगम ने तय समय निर्धारित कर दिया है। निगम का कहना है कि शहरभर में अलग-अलग समय पर कुत्तों को खाना खिलाने की शिकायतें और सुझाव मिल रहे थे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। अब कुत्तों को केवल तय फीडिंग प्वाइंट्स और निर्धारित समय पर ही खाना खिलाया जा सकेगा। नगर निगम ने सैनिटरी इंस्पैक्टरों और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि सभी सैक्टरों और इलाकों में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे जनसुविधा और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन करें। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि आवारा कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों से हटाकर निर्धारित शैल्टरों में रखा जाए। कोर्ट ने कहा था कि पशु जन्म नियंत्रण नियम-2023 के तहत नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही उन्हें शिफ्ट किया जाए। आवारा कुत्तों को खाना खिलाने का समय तय नगर निगम ने गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए आवारा व कम्युनिटी डॉग्स को खाना खिलाने का समय निर्धारित किया है। गर्मी में सुबह 7 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से 9 बजे तक कुत्तों को खाना खिलाया जा सकेगा। वहीं सर्दी में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक और शाम 6 बजे से 8 बजे तक फीडिंग की अनुमति होगी। निगम ने कहा है कि खाना केवल तय फीडिंग प्वाइंट्स पर ही खिलाया जाए। डॉग पॉन्ड और शैल्टर का काम अधूरा नगर निगम ने पहले सैक्टर-25 पश्चिम में डॉग पॉन्ड बनाने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए करीब 3.98 लाख रुपए का टेंडर नक्शा तैयार करने के लिए जारी किया गया था। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 18.42 करोड़ रुपए बताई गई थी। एरिया पार्षद पूनम ने कहा कि प्रस्ताव पास होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ। हर साल बजट में इसके लिए प्रावधान रखा जाता है, लेकिन जमीन पर काम दिखाई नहीं देता। सेक्टर-25 में बनेगा बड़ा डॉग शैल्टर नगर निगम ने सेक्टर-25 में करीब 2 एकड़ जमीन डॉग शैल्टर के लिए चिन्हित की है। यहां आवारा कुत्तों की नसबंदी, रेबीज टीकाकरण, देखभाल और पुनर्वास की सुविधा होगी। इस शैल्टर को लगभग 1980 कुत्तों के लिए तैयार किया जाएगा। परिसर में प्रशासनिक ब्लॉक, पानी और सीवरेज व्यवस्था, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और हरियाली विकसित करने की भी योजना है।
गांधी चौक इलाके में मंगलवार (19 मई) को यातायात पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को अपनी रोजी-रोटी छिनने से परेशान सभी रेहड़ी-ठेला संचालक एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपा। अपनी दुकानें उजड़ने से दुखी कई छोटे दुकानदार कलेक्ट्रेट परिसर में ही भावुक हो गए। 40 साल पुराना रोजगार छीना, अब बच्चों को पालने का संकट दुकानदारों ने जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा कि वे पिछले करीब 40 सालों से गांधी चौक क्षेत्र में रेहड़ी और ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि वे मुख्य सड़क पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं करते, बल्कि सड़क के किनारे नाले के ऊपर बैठकर अपना छोटा-मोटा व्यापार करते हैं ताकि यातायात में कोई बाधा न आए। हम सालों से यहीं दुकान लगा रहे हैं। प्रशासन ने अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या हमारे लिए कोई दूसरी जगह तय किए बिना हमें हटा दिया। हमारी दुकानें उजड़ गईं, अब हमारा घर कैसे चलेगा? हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं, उन्हें कैसे पालेंगे? हमारे सामने तो अब सीधे भूखों मरने की नौबत आ गई है। प्रदर्शन के दौरान ठेला संचालक सत्यनारायण स्वामी ने प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा बताया। उन्होंने कहा, हम लोग मुख्य रास्ते को कभी बाधित नहीं करते हैं। हमारे ठेले पूरी तरह से साइड में व्यवस्थित रहते हैं। आंदोलन की चेतावनी गरीब दुकानदारों के इस रोजगार संकट को देखते हुए अब युवा और छात्र संगठन भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। (DYFI) झुंझुनूं के जिला महासचिव योगेश कटारिया भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और दुकानदारों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। प्रशासनिक रवैये पर गुस्सा जाहिर करते हुए योगेश कटारिया ने चेतावनी दी, प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और इन गरीब पीड़ितों को तुरंत न्याय देते हुए दोबारा उसी जगह पर ठेला लगाने की मंजूरी देनी चाहिए। ये रहे मौजूद जिला मुख्यालय पर हुए इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से चीरा सिंह, संजय पारीक, श्योराम कुमावत, भूर सिंह, जाकिर अली, सोनू कुमावत, मिट्ठू राम कुमावत, सत्यनारायण स्वामी, विकास स्वामी, जगदीश प्रसाद, नितिन, चंद्रभान, भरत, गंगाराम और बाबूलाल सहित गांधी चौक के दर्जनों रेहड़ी-ठेला संचालक मौजूद रहे।
गोंडा के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में सरयू नदी में मगरमच्छ के हमले से एक युवक की मौत हो गई। युवक अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गोंडा आया था। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि नदी किनारे लोगों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक (30) उमरी निवासी बाबूलाल शर्मा की पोती का पति था। वह अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव आया हुआ था। मंगलवार को वह सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी में स्नान करने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीपक जैसे ही नदी में उतरा, तभी अचानक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मगरमच्छ उसे गहरे पानी में खींच ले गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही उमरी बेगमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और अन्य टीमों की मदद से युवक के शव की तलाश की जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार राहत एवं खोज अभियान में जुटे हुए हैं।
कौशांबी के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के पभोसा गांव में बु्धवार की सुबह पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पत्नी द्वारा पत्थर से हमला किए जाने के बाद गंभीर रूप से घायल पति की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पभोसा गांव निवासी 42 वर्षीय पप्पू केवट शराब पीने का आदी था। बताया जाता है कि उसका अपनी पत्नी गुड़िया से अक्सर विवाद होता रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक, तीन दिन पहले भी दोनों के बीच मारपीट हुई थी, हालांकि तब मामला शांत हो गया था। बीती देर रात पप्पू शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी से फिर विवाद करने लगा। कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान पत्नी गुड़िया ने पत्थर से पप्पू के सिर और सीने पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पप्पू रात भर दर्द से तड़पता रहा। बुधवार सुबह परिजन उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान बुधवार की सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक पप्पू केवट के तीन बेटे राजकुमार (20), गोरेलाल (15) और नीरज (11) हैं। उसका ससुराल गढ़वा गांव में है। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी जनेश्वर प्रसाद पाण्डेय, पश्चिम शरीरा थाना अध्यक्ष बैकुंठ नाथ पांडे और चौकी इंचार्ज चंपहा अतुल रंजन तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दीनदयाल शोध संस्थान के सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय में आयोजित 10 दिवसीय एनसीसी एटीसी-163 कैंप रविवार को संपन्न हो गया। 3 एमपी बटालियन एनसीसी रीवा के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में 11 शिक्षण संस्थानों के 377 कैडेटों ने सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का पाठ सीखा। यह कैंप 3 एमपी बटालियन रीवा के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संदीप जसपाल के निर्देशन में आयोजित किया गया था। सुबेदार मेजर यशपाल सिंह और कैंप एडजुटेंट सेकंड ऑफिसर मोहित सिंह कपूर ने बताया कि कैडेटों को सेना की बुनियादी गतिविधियों से परिचित कराने के लिए 13 सैनिकों और 10 एएनओ (एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर) ने प्रशिक्षण प्रदान किया। शिविर के दौरान कैडेटों को ड्रिल, मार्च पास्ट, वेपन ट्रेनिंग, फील्ड क्राफ्ट, मैप रीडिंग और कंपास संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त, नागरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अच्छे नागरिक के गुण और राष्ट्रभक्ति पर आधारित बौद्धिक सत्रों का भी आयोजन किया गया। शिविर की प्रमुख गतिविधियों में 'रेथ लेइंग सेरेमनी' विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान युद्ध में शहीद हुए सैनिकों और राष्ट्रीय नायकों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय के 7 छात्रों और 5 छात्राओं ने इस समारोह में भाग लिया। जबलपुर आर्मी रिक्रूटिंग सेंटर से आए कर्नल ऋतिक ने कैडेटों को अग्निवीर योजना की विस्तृत जानकारी दी और भर्ती प्रक्रिया समझाई। कैडेटों ने इस सत्र में विशेष रुचि दिखाई। समापन समारोह में कर्नल संदीप जसपाल ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, कर्तव्यपरायणता और निस्वार्थ सेवा भाव विकसित करती है। उन्होंने जोर दिया कि ये गुण ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाकर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाते हैं। इस अवसर पर विद्यालय के एनसीसी अधिकारी कैप्टन सुनील द्विवेदी, लेफ्टिनेंट रीना मालवीय, मेजर अंशुमान पाठक और सेकंड ऑफिसर राजेंद्र श्रीवास सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हनुमानगढ़ जिले के तलवाड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने गांव भूरानपुरा में एक मकान के भीतर संचालित नकली दूध बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस अचानक हुई छापेमारी से इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध दूध और दूध तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही अमानक सामग्री बरामद की गई। टीम ने मौके से विभिन्न पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाईसीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या कम होने के बावजूद बड़ी मात्रा में दूध की आपूर्ति की जा रही है, जिससे मिलावटी और नकली दूध के कारोबार की आशंका बढ़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बरामद नकली दूध और केमिकल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। विभागीय टीम ने पूरे परिसर की जांच कर वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी जुटाई। सॉरबिटोल, आटा और डिटर्जेंट से बनाते थे नकली दूधसीएमएचओ शर्मा ने बताया कि मौके से सॉरबिटोल, आटा और डिटर्जेंट बरामद हुआ, जिसे मिलाकर दूध तैयार किया जाता था। डिटर्जेंट मिलाकर बना दूध लोगों के लिए धीमे जहर की तरह है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर मिक्सी, स्टोरेज के लिए ड्रम आदि भी बरामद हुए। टीम ने उस डेयरी पर भी जांच की, जहां इस घर का दूध सप्लाई किया जाता था। पशु बाड़े में जाकर पशुओं की संख्या और सप्लाई किए जाने वाले दूध की भी जानकारी जुटाई गई। सीएमएचओ ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जिलेभर में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
बस्ती में बुधवार को ऑनलाइन फार्मेसी की अनियंत्रित कार्यप्रणाली और दवा व्यवसायियों के हितों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के विरोध में जिलेभर की दवा दुकानें बंद रहीं। केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर हुए इस राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन में दवा व्यवसायियों ने जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना भौतिक सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इससे एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार उपयोग हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के माध्यम से एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की बिक्री बढ़ी है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। इससे 'एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस' जैसी समस्या तेजी से बढ़ रही है। व्यवसायियों ने यह भी कहा कि बड़े कॉरपोरेट समूह 'डीप डिस्काउंट' के जरिए बाजार व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। जबकि आवश्यक दवाओं का मूल्य और मार्जिन सरकार द्वारा निर्धारित है, इसके बावजूद ऑनलाइन कंपनियां अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा कर छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों के दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर रही हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोविड-19 के दौरान जारी अस्थायी अधिसूचना को अब तक लागू रखना उचित नहीं है। इससे औषधि नियमों के प्रावधान कमजोर हो रहे हैं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इसका अनुचित लाभ उठा रहे हैं। इस दौरान एसोसिएशन के आशुतोष कुमार राय, चेयरमैन विशाल मल्होत्रा, महामंत्री अशोक कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष राम गोपाल कसौधन और संगठन मंत्री इन्द्रमणि पाण्डेय सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर पूरे देश में दवा की दुकानें बंद हैं। ये सभी दुकानें ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में बंद हैं। इसी क्रम में वाराणसी के सप्तसागर दवा मंडी, कबीरचौरा अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल स्टोर्स और लहुराबीर के साथ ही सतह लंका की दवा मार्केट बंद है। सभी इलाकों के इक्का दुक्का दुकानें खुली हुई है। दवा विक्रेता समिति वाराणसी के पदाधिकारियों की मानने तो उनके बंद का आह्वान पूरी तरह से सफल है। कोरोना काल का उठाया फायदा संजय सिंह ने बताया - कोरोना काल में जब सभी लोग घरों में कैद थे उस समय दवाएं कैसे बीमारों को मिले इसे लेकर मंथन चल रहा था। ड्रग एक्ट में डोर-टू-डोर सप्लाई का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सरकार ने सुविधा के लिए ड्रग एक्ट में संशोधन करते हुए GSR 220-E लाया गया। ताकि दवाओं की सप्लाई डोर-टू-डोर की जा सके। घर घर पहुंचाई दवा हमने कोरोना काल में दवाएं घर तक पहुंचाई और लोगों को इसका लाभ मिला। हम लोगों ने बहुत सेवा की और घर तक सेवा दी उस वक़्त ऑनलाइन नहीं था हम लोग ही जा रहे थे घर थे। कोरोना खत्म हुआ पर यह एक्ट नहीं खत्म हुआ और मल्टीनेशनल कंपनियों ने इसे अपना हथियार बना लिया और अपने बड़े-बड़े वेयर हॉउस खोलकर ऑनलाइन दवाएं घर तक पहुंचा रही है। रिटेल और होल सेल की दुकानें बंद संजय सिंह ने बताया - इसके विरोध में आज वाराणसी की 6000 से अधिक दुकानें बंद हैं। हम सभी सांकेतिक विरोध कर रहे हैं और सरकार को इसे हर हाल में बंद करवाना होगा। इस दौरान लंका, लहुराबीर और कबीरचौरा की दवा मार्केट भी बंद है। इमरजेंसी सेवा पर नहीं है कोई असर संजय सिंह ने बताया - इस बंदी से इमरजेंसी सेवाओं पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि सभी नरसिंह होम, हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर, सरकारी मेडिकल स्टोर, अमृत एजेंसी खुली हुई है। जहां से इमरजेंसी में दवाएं ली जा सकती है।
पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र की बराछ चौकी से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक बेटे ने शराब के नशे में अपने पिता पर हमला कर दिया। खाना मांगने को लेकर हुए विवाद में बेटे ने बुजुर्ग पिता को लात-घूंसों से पीटा, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। घायल पिता को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 19 मई की रात को बराछ में हुई। बराछ निवासी 44 वर्षीय प्यारे लाल साहू (पिता छिड्डी प्रसाद साहू), जो पेशे से मजदूर हैं, ने अपनी बहू से खाना मांगा। उस समय उनका छोटा बेटा छोटू साहू शराब के नशे में वहीं बैठा था। पिता के खाना मांगने पर छोटू आवेश में आ गया और उसने अपनी पत्नी को खाना देने से मना कर दिया। विवाद बढ़ने पर छोटू ने अपने पिता प्यारे लाल पर हमला कर दिया। उसने पिता को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा। इस पिटाई के कारण प्यारे लाल के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घायल प्यारे लाल को तुरंत उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर बराछ चौकी पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने पीड़ित पिता के बयानों के आधार पर आरोपी बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भले ही हमारी राजनीतिक सोच पीएम नरेंद्र मोदी से अलग हो, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रधानमंत्री के रूप में वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी राष्ट्रीय हित में सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिले, तब सभी को साझा उद्देश्य के साथ आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के सम्मान को लेकर मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। पवार पुणे स्थित लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन की ओर से आयोजित पूर्व राज्य और जिला पदाधिकारियों के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। जवाहरलाल नेहरू से मुलाकात को याद किया उन्होंने कहा कि 1958 में 18 साल की उम्र में वे बारामती से पुणे आए थे, क्योंकि उस समय उनके शहर में कॉलेज नहीं था। पवार ने कहा कि उन्होंने युवा आंदोलन से राजनीति की शुरुआत की, चार साल बाद पुणे सिटी यूथ कांग्रेस के प्रमुख बने और बाद में महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। पवार ने कहा कि युवावस्था की सबसे यादगार घटनाओं में से एक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मुलाकात थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन में नेहरू से मिलने के दौरान उन्होंने किसानों और युवाओं से जुड़े कई सवाल तैयार किए थे, लेकिन नेहरू का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि वे सब कुछ भूल गए। इंदिरा गांधी से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी से जुड़ा एक किस्सा साझा करते हुए पवार ने कहा- सोवियत संघ के आधिकारिक दौरे के दौरान इंदिरा गांधी को लगा कि भारत के प्रधानमंत्री को उचित सम्मान नहीं दिया गया। पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि इंदिरा गांधी ने सोवियत अधिकारियों से कहा था- मैं भारत के 40 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती हूं। अगर उनकी प्रतिष्ठा का सम्मान नहीं होगा, तो मैं इसे कभी स्वीकार नहीं करूंगी। पवार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने हमेशा देश के भविष्य और उसकी प्रतिष्ठा को अपनी राजनीति के केंद्र में रखा। उन्होंने अलग-अलग दलों में जा चुके पुराने साथियों के फिर एक मंच पर आने का स्वागत किया और कहा कि राष्ट्रीय हित के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। --------------ये खबर भी पढ़ें... पश्चिम एशिया संकट पर पवार बोले- मोदी सर्वदलीय बैठक बुलाएं:पीएम की गोल्ड न खरीदने की अपील पर ज्वेलर्स ने कहा- रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा शरद पवार ने मंगलवार को पश्चिम एशिया संकट पर पीएम नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित के मामलों में सभी दलों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है। पवार ने X पर लिखा- पीएम मोदी ने जनता से सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल कम खर्च करने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें…
शहर में बुधवार को एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी की रूह को कंपा कर रख दिया। शहर के गोलाई मोड़ पंचदेव मंदिर के आगे इंडाली बायपास) पर एक बेकाबू डंपर/ट्रॉले ने स्कूटी सवार पति-पत्नी को कुचल दिया। हादसे में 24 वर्षीय युवती की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि उसका पति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। बीएड कॉलेज पेपर देने जा रही थी पूजा, रास्ते में छीन गईं सांसें मूल रूप से बसावता गांव की रहने वाली पूजा कुमारी (24 वर्ष) झुंझुनूं के राजस्थान कॉलेज से बीएड कर रही थी। बुधवार को उसका का पेपर था। पूजा के सपनों को उड़ान देने के लिए उसका पति मनजीत मेघवाल (29 वर्ष), निवासी किशोरपुरा, उसे स्कूटी पर बैठाकर कॉलेज छोड़ने जा रहा था। दोनों सुल्ताना थाना इलाके के सोलाना में रहते थे, जहाँ मनजीत एक पेट्रोल पंप पर काम करता है। घर में मनजीत ही एकमात्र कमाने वाला जरिया है। लेकिन इंडाली गेट के पास गोलाई मोड़ पर मौत बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने पल भर में हंसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया। डंपर के नीचे आने से मौके पर मौत, पति जयपुर रेफर चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कूटी सवार पूजा सीधे डंपर के टायरों के नीचे आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मनजीत गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों घायल मनजीत को बीडीके (BDK) अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद मनजीत की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जयपुर रैफर कर दिया है। मंज मोबाइल से हुई शिनाख्त हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों के पास मौजूद मोबाइल फोन के जरिए उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, जिसके बाद उनकी शिनाख्त मनजीत और पूजा के रूप में हुई। जैसे ही यह खबर सुल्ताना और किशोरपुरा गांव पहुंची, कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में इस वक्त भारी गमगीन माहौल है और हर आंख नम है। घर पर रो रहा है 3 महीने का मासूम, मां कभी लौटकर नहीं आएगी इस हादसे की सबसे दर्दनाक दास्तां यह है कि मृतका पूजा का घर पर महज 3 महीने का एक छोटा सा बेटा है। पूजा और उसका पति मनजीत सुबह अपने इस कलेजे के टुकड़े को घर पर ही छोड़कर निकले थे। मासूम को क्या पता था कि जिस मां का दूध पीकर वह सोया था, वह मां अब इस दुनिया में कभी लौटकर नहीं आएगी।
बलरामपुर के धनवार आरटीओ चेक पोस्ट के पास 20 मई को भूमि अधिग्रहण मुआवजे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा। साल 2005-06 में आरटीओ परिसर के निर्माण के लिए 19 भूमि स्वामियों से 20 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन 20 साल बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। प्रभावित 19 परिवारों ने भूमि के बदले भूमि या 40 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर बलरामपुर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा था। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो 20 मई को सुबह 9 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम और धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आने वाले सभी परिवहन पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने स्थानीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते से भी इस मामले की शिकायत की थी। हालांकि, न तो प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही स्थानीय विधायक की ओर से कोई पहल की जा रही है। भूमि प्रभावित किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे चक्का जाम और धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बहुजन मुक्ति पार्टी ने गैस सिलेंडरों के दाम में वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने चूल्हे पर खिचड़ी बनाकर और सिर पर गैस सिलेंडर उठाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देश के 625 जिलों में 'जिलाधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन' चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई और बेरोजगारी बढ़ा रही है। यादव ने स्मार्ट मीटर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं पर अधिकतम बिजली बिल थोपा जा रहा है। उनका दावा था कि ये मीटर पारदर्शी नहीं हैं और निजी कंपनियाँ इन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की तरह इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे रोजगार छीने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर में सिम होने के कारण बिजली की यूनिट आसानी से बढ़ाई जा सकती है, और ये मीटर 20-30 प्रतिशत तेज चल रहे हैं, जिससे बिजली बिल बेतहाशा बढ़ रहे हैं। मनोज यादव के अनुसार, निजी कंपनियाँ सरकार की मदद से स्मार्ट मीटर के माध्यम से जनता को लूट रही हैं। उन्होंने बताया कि 20 रुपये या इससे कम माइनस बैलेंस होने पर तुरंत बिजली काट दी जाती है। साथ ही, क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति चालू रहने के बावजूद कई लोगों की बिजली एक साथ काट दी जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्युत आपूर्ति न होने पर भी स्मार्ट मीटर द्वारा उपभोक्ताओं पर बिल थोपा जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने घरेलू गैस की कीमतें 1500 से 2000 रुपये और कॉमर्शियल गैस की कीमतें 2500 से 3500 रुपये तक बढ़ने का भी जिक्र किया। यादव ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में नीतियां लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि देश के प्रत्येक नागरिक को रोजी-रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश की आम जनता परेशान है। गैस सिलेंडर एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर जनता को भुखमरी की आग में धकेलने का सुनियोजित षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।
भदोही में पुलिस ने करीब 3 करोड़ रुपए कीमत का 604.20 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। कोईरौना थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक ट्रक कंटेनर और भाजपा चिन्ह लगी क्रेटा कार भी बरामद की है। सबसे ज्यादा चर्चा उस क्रेटा कार को लेकर हो रही है, जिस पर भाजपा का चिन्ह, “VIP” लिखा हुआ था और वाहन में विधायक सचिवालय का पास भी लगा मिला। हालांकि पुलिस ने अभी तक पास की वैधता या किसी राजनीतिक संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उड़ीसा से भदोही ला रहे थे पुलिस टीम ने ग्राम रैयापुर स्थित भावापुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में प्रयागराज निवासी त्रिशूल जायसवाल, आजमगढ़ निवासी बाबूराम मौर्या तथा उड़ीसा निवासी सुरेन धरई और मोन्टू साहू शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा उड़ीसा से लाकर भदोही समेत आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना त्रिशूल जायसवाल है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है। वहीं गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
उज्जैन के डाबरीपीठा इलाके में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गणेश इलेक्ट्रिकल्स के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक डाबरीपीठा क्षेत्र स्थित गणेश इलेक्ट्रिकल्स के गोदाम से बुधवार सुबह करीब 8 बजे धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकान संचालक नितेश जैन और दमकल विभाग को सूचना दी। गोदाम में इलेक्ट्रिकल सामान और केबल रखी थी गोदाम में भारी मात्रा में इलेक्ट्रिकल सामान और केबल रखी हुई थी, जिसके चलते आग तेजी से फैल गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए गोदाम का शटर तोड़ा गया। वहीं जेसीबी मशीन की मदद से अंदर रखा सामान बाहर निकालकर आग बुझाने की कोशिश की गई। पांच घंटे चली मशक्कत लगातार कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाया। दुकान संचालक नितेश जैन ने आशंका जताई है कि गोदाम के आसपास रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। संभव है कि किसी जलती हुई वस्तु के कारण आग लगी हो। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। आग लगने का कारण तलाश रही पुलिस फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
मनेंद्रगढ़ प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दवा विक्रेताओं की देशव्यापी हड़ताल पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हड़ताल से मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंत्री ने बताया कि दवा विक्रेता लंबे समय से ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर चिंता जता रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था। उनका तर्क है कि ऑनलाइन बिक्री से छोटे दवा व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं और कई व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नजर रख रही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला भारत सरकार से संबंधित है और इस पर अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर ही लिया जाएगा। राज्य सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक जानकारी जुटा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। दवा दुकानों के बंद रहने पर भी मरीजों को दिक्कत न हो, इसके लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी मरीज को उपचार या दवाओं की कमी के कारण परेशानी नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं मंत्री ने कहा कि सरकार आम जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति संवेदनशील है। स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दवा विक्रेताओं और संबंधित पक्षों के बीच जल्द ही सकारात्मक समाधान निकलेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।
भिलाई के आईआईटी ग्राउंड के पास एक युवक को पुलिस ने गांजा बेचते गिरफ्तार किया है। उसके पास से 11 किलो गांजा मिला है, जिसे बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा था। इस दौरान खुर्सीपार पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से गांजा, कैश और बाइक जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 6 लाख 15 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था। इसे किन लोगों तक सप्लाई किया जाना था। बाइक के साथ खड़ा था युवक 19 मई को पुलिस को जानकारी मिली थी कि, एक युवक सफेद रंग की बजाज पल्सर एनएस 200 बाइक में गांजा लेकर आईटीआई मैदान के पास खड़ा है और बिक्री करने की फिराक में है। पुलिस ने इसके बाद टीम बनाकर आईटीआई मैदान के पास घेराबंदी की गई। वहां पर युवक पुलिस को मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम सन्नी यादव उर्फ सन्नी देवार निवासी देवार मोहल्ला खुर्सीपार बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास रखे पीले-सफेद रंग के थैले की जांच की गई। थैले के अंदर छोटे-बड़े पैकेट में गांजा रखा मिला। जांच में कुल वजन 11 किलो 160 ग्राम गांजा निकला। पुलिस ने 6 लाख से ज्यादा का माल किया जब्त पुलिस ने गांजा के अलावा आरोपी के पास से 1480 रुपए नगद और एक सफेद रंग की बजाज पल्सर एनएस 200 बाइक भी जब्त की। बाइक के आगे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जब्त गांजा की कीमत करीब 5 लाख 39 हजार रुपए आंकी गई है, जबकि बाइक की कीमत 75 हजार रुपए बताई गई। कुल जब्ती 6 लाख 15 हजार 480 रुपए की हुई है। पूछताछ में आरोपी गांजा रखने और बेचने से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 27(ए) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
देवास के आवास नगर में पानी की किल्लत से परेशान महिलाओं ने बुधवार को मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान एक ट्रक चालक ने जाम के बीच से अपना वाहन निकालने की कोशिश की, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद पार्षद प्रतिनिधि राज वर्मा ने गुस्से में आकर ट्रक ड्राइवर पर चप्पल फेंक दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामले को शांत कराया। क्षेत्र में नियमित पानी नहीं आने और कम समय के लिए नल खुलने से महिलाएं खासी नाराज थीं। परेशान होकर वे सड़क पर उतर आईं और मुख्य मार्ग पर लाइन लगाकर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। महिलाओं ने सड़क पर करीब 15 से 20 मिनट तक नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। पूर्व पार्षद प्रत्याशी और प्रतिनिधि के बीच हुई तीखी बहसइस विरोध प्रदर्शन में पूर्व पार्षद प्रत्याशी उषा अग्रवाल भी महिलाओं के साथ धरने पर मौजूद थीं। चक्काजाम के दौरान पार्षद प्रतिनिधि राज वर्मा और उषा अग्रवाल के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विवाद के दौरान राज वर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि उषा अग्रवाल के घर में पानी के दो नल कनेक्शन मौजूद हैं। अधिकारियों की समझाइश के बाद खत्म हुआ प्रदर्शनरहवासियों का आरोप था कि क्षेत्र में जल संकट को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लंबी समझाइश के बाद महिलाओं ने अपना चक्काजाम समाप्त किया। अधिकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासनप्रदर्शन खत्म होने के बाद पार्षद प्रतिनिधि राज वर्मा ने बताया कि पानी की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई है। उन्होंने रहवासियों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस जल संकट का स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
बदायूं में गर्मी का प्रकोप जारी, पारा 42 डिग्री पार:तेज धूप और उमस से जनजीवन प्रभावित, सड़कें सूनी
बदायूं में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। सुबह के समय तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं मौसम विभाग के अनुसार दोपहर तक पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और लू जैसी स्थिति के कारण दोपहर में शहर की सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं। लोग केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के समय ग्राहकों की भीड़ कम हो गई है। दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क किनारे काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्म हवाओं के थपेड़े और चिलचिलाती धूप से वे खासे परेशान हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए शहर के स्विमिंग पूलों में भीड़ बढ़ गई है। बच्चे, युवा और परिवार दोपहर के समय स्विमिंग पूल में समय बिताते देखे जा रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि भीषण गर्मी में तैराकी ही राहत का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। चिकित्सकों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए लगातार पानी, शिकंजी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी हिदायत दी गई है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी वृद्धि हुई है। शहर और ग्रामीण इलाकों में लोग कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का सहारा ले रहे हैं। मौसम के लगातार तीखे होते तेवरों ने लोगों को अभी से जून जैसी भीषण गर्मी का अनुभव कराना शुरू कर दिया है।
शामली जनपद में केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। दर्जनों मेडिकल स्टोर संचालकों ने बुधवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री अवैध है और इससे जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। इसी के विरोध में दवा विक्रेताओं ने सांकेतिक हड़ताल रखी, जिसमें जिले के सभी दवा विक्रेताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में मेडिकल स्टोर संचालक कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी आलोक यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष ने बताया कि लंबे समय से सरकार से आग्रह के बावजूद इंटरनेट के माध्यम से अवैध दवा बिक्री जारी है, जो थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी मुद्दे पर आज यह विरोध प्रदर्शन किया गया।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने 111 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसे उनके मालिकों को सौंप दिए। इन बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई गई है। जिन लोगों को उनका खोया हुआ माेबाइल मिला, उन्होंने खुशी जताते हुए पुलिस का आभार जताया। पुलिस ने नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अंतरराज्यीय और विभिन्न जनपदों में ट्रेसिंग की गई। सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, लोकेशन ट्रैकिंग और गहन विश्लेषण का उपयोग कर इन फोनों का पता लगाया। पूर्वी जोन सर्विलांस सेल ने पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में इस अभियान को सफल बनाया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि खोए हुए मोबाइलों की शिकायतें UPCOP और CEIR पोर्टल पर प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के आधार पर, साइबर हेल्प डेस्क और सर्विलांस सेल की मदद से कुल 111 मोबाइल फोन बरामद किए गए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर मालिकों ने ने बताया कि उन्हें अपने खो चुके फोन वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता ने उनकी उम्मीदों को साकार किया। दो पुलिसकर्मी के भी फोन मिले नौबस्ता के रहने वाले प्रतीक मिश्रा का मोबाइल फोन सफर के दौरान गिर गया। ऐसी घटना उनके साथ 3 बार हुई। तीनों बार पुलिस की सक्रियता से मोबाइल बरामद हुआ और उन्हें सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि आखिरी बार, वह सागर मार्केट से मोबाइल रिपेयर करवाकर लौट रहे थे। तभी टेंपो में फोन चोरी हो गया था। उन्होंने पुलिस की सराहना की है।
बूंदी के ईश्वरी सिंह खेल संकुल में तीसरे साप्ताहिक स्वैच्छिक श्रमदान अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों और जागरूक नागरिकों ने परिसर की साफ-सफाई की। उन्होंने संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सभ्य और संस्कारित समाज की पहचान है। सुबह के समय खेल संकुल परिसर में श्रमदान शुरू हुआ, जिसमें सेवा भावना और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल रहा। कार्यक्रम में जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह चुंडावत, सांख्यिकी निरीक्षक विकास हाड़ा, आयुर्वेद विभाग के पीएमओ डॉ. सुनील कुशवाह, जिला हैंडबॉल संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी और जिला ओलंपिक संघ सचिव रामसिंह पंवार विशेष रूप से मौजदू रहे। इनके अलावा, कबड्डी खिलाड़ी बुद्धिप्रकाश गोचर, योग प्रशिक्षक भूपेंद्र योगी, एथलेटिक्स खिलाड़ी सुदर्शन मीणा, खो-खो खिलाड़ी सियाराम गोचर, जूडो खिलाड़ी शुभम सैनी और धर्मराज गुर्जर सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ियों एवं खेल प्रशिक्षकों ने भी श्रमदान किया। सभी ने मिलकर परिसर में फैले अनावश्यक कूड़ा-करकट, खरपतवार और घास को एकत्रित कर कचरे का उचित निस्तारण किया। सामूहिक प्रयासों से खेल संकुल परिसर को अधिक स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने का संकल्प लिया गया। जिला खेल अधिकारी चुंडावत ने बताया कि प्रत्येक बुधवार को सुबह 7 बजे से स्वैच्छिक स्वच्छता एवं श्रमदान किया जाता है। इसमें प्रशासन और आमजन मिलकर खेल संकुल की स्वच्छता में योगदान देते हैं। उन्होंने आमजन से इस अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की।
फतेहपुर जिले में विश्व हिन्दू महासंघ ने ज्वालागंज चौराहे का नाम बदलकर 'वंदे मातरम चौराहा' करने की मांग की है। संगठन के जिला अध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रदीप गर्ग ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने इस नामकरण को राष्ट्रभक्ति और शहीदों की स्मृति से जोड़ने का तर्क दिया। गर्ग ने बताया कि 'वंदे मातरम' गीत की 151वीं वर्षगांठ और शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के 95वें शहादत दिवस के अवसर पर विश्व हिन्दू महासंघ ने प्रदेश के सभी जिलों में एक प्रमुख चौराहे को 'वंदे मातरम' नाम देने का प्रस्ताव रखा है। फतेहपुर का ज्वालागंज चौराहा इस पहल के लिए उपयुक्त स्थान माना गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन अनुमति देता है, तो विश्व हिन्दू महासंघ की जिला इकाई चौराहे को शहीदों के चित्र, तिरंगा ध्वज, भारत माता के चित्र, यातायात संकेतक और 'वंदे मातरम' गीत की पट्टिका से सजाएगी। इससे यह स्थान राष्ट्रभक्ति और शहीदों की स्मृति का प्रतीक बन सकेगा। प्रदीप गर्ग ने प्रशासन से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इस दौरान अभय गुप्ता, राजीव गुप्ता, विनोद कसेरा, शिवम सोनी, अभिनव यादव, शालिनी गुप्ता और रागिनी सिंह सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
हरियाणा के पानीपत में नहर में कूदे असंध के कारोबारी मुरारी लाल गोयल का शव तीसरे दिन बुधवार को सोनीपत के मोई गांव स्थित नहर से बरामद हुआ। शव को वहां से पानीपत सिविल अस्पताल लाया गया। जहां शव का पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवाया गया। परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है। मुरारी लाल, सोमवार की सुबह अपनी पत्नी के साथ सिवाह नहर में गिर गए थे। दोनों असंध स्थित अपने घर से स्कूटी पर सवार होकर नहर किनारे पहुंचे थे। दोनों को नहर में डूबता देख राहगीरों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही इसराना थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पहुंचे। गोताखोरों की मदद से नहर में तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ देर बाद महिला का शव 20 किमी दूर सोनीपत की खूबडू झाल से मिला। उधर, कारोबारी के भाई ने बताया कि सुबह जब मुरारी लाल के बच्चे मॉर्निंग वॉक के लिए उठे तो उन्होंने देखा कि घर में स्कूटी नहीं खड़ी। इसके बाद घर में मम्मी-पापा भी नहीं मिले। तब उन दोनों की तलाश शुरू की तो कुछ देर बाद सूचना मिली कि उनकी स्कूटी पानीपत में नहर किनारे खड़ी है। स्कूटी पर चप्पलें छोड़ नहर में कूदे असंध निवासी मुरारी लाल गोयल (60) राइस मिलर हैं। उनकी आढ़त की दुकान और एक फैक्ट्री भी है। बेटा गौरव साथ में बिजनेस संभालता है। सोमवार को मुरारी लाल अपनी पत्नी कमलेश (56) के साथ स्कूटी पर सवार होकर सिवाह नहर पुल के पास पहुंचे थे। परिजन असंध निवासी शशिपाल ने बताया था कि सोमवार की सुबह उनकी माता कमलेश और पिता मुरारी लाल घर से पूजा-अर्चना के लिए निकले थे। सिवाह नहर पर कमलेश पूजा की सामग्री और नारियल प्रवाहित कर रही थी, तभी उनका पैर फिसल गया और वह नहर में गिरकर डूबने लगी। पत्नी को डूबता देख मुरारी लाल ने भी बिना देर किए नहर में छलांग लगा दी। दोनों की चप्पलें स्कूटी पर ही रखी मिलीं। पुलिस जांच में हादसे की पुष्टि इसराना थाना प्रभारी हरिराम ने बताया कि पूरे दिन मामले की जांच की गई। शुरुआत में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच और पूछताछ में सामने आया कि यह हादसा है। नहर में पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय महिला का संतुलन बिगड़ा और दोनों पानी में डूब गए।
बुधवार सुबह बुरहानपुर के सिरपुर स्थित एक शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां दुकान संचालक सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर तीन घंटे से उपभोक्ताओं को राशन नहीं दे रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने लोगों की भीड़ देखी और हस्तक्षेप किया। एसडीएम की फटकार के बाद तत्काल प्रभाव से राशन वितरण शुरू हो सका। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सिरपुर स्थित इस राशन दुकान के बाहर सुबह से उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं। परेशान लोग धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। स्थिति यह थी कि भीड़ और गर्मी के कारण लोगों ने अपनी थैलियों को ही कतारबद्ध तरीके से जमीन पर रख दिया था। एसडीएम ने भीड़ देखकर रोकी गाड़ी बुधवार सुबह नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला सिरपुर से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर दुकान के बाहर लगी भारी भीड़ पर पड़ी और उन्होंने अपनी गाड़ी रोक ली। एसडीएम ने मौके पर जाकर दुकान संचालक से राशन वितरण में हो रही देरी का कारण पूछा। संचालक ने जवाब दिया कि पिछले तीन घंटे से सर्वर डाउन है, जिसके कारण राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। इस लापरवाही पर एसडीएम ने संचालक को कड़ी फटकार लगाई और बहानेबाजी छोड़कर तुरंत वितरण शुरू करने के निर्देश दिए। उनके सख्त रुख के बाद उपभोक्ताओं को अनाज मिलना प्रारंभ हो गया। पोर्टेबिलिटी सुविधा बंद होने से सिर्फ पंजीकृत दुकान से मिल रहा राशनसिरपुर की यह शासकीय राशन दुकान आसपास के कई क्षेत्रों के निवासियों को अनाज उपलब्ध कराती है। इस बार केंद्र सरकार द्वारा पोर्टेबिलिटी का राशन उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे उपभोक्ताओं की निर्भरता एक ही दुकान पर बढ़ गई है। पोर्टेबिलिटी बंद होने के कारण अब उपभोक्ताओं को केवल अपनी पंजीकृत कंट्रोल दुकान से ही राशन प्राप्त हो रहा है, जबकि इससे पहले वे अपनी सुविधानुसार किसी भी राशन दुकान से अनाज ले सकते थे।
रामपुर में केमिस्टों ने दुकानें बंद कीं:अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंटिंग का विरोध
रामपुर में दवा व्यापारियों ने बुधवार को अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंटिंग के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान उन्होंने अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। फार्मा ट्रेडर्स एसोसिएशन रामपुर के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में व्यापारियों ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श और बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री बढ़ रही है, जिससे जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट और प्रिडेटरी प्राइसिंग नीति के कारण छोटे दवा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में है। दवा व्यापारियों ने अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और होम डिलीवरी व्यवस्था को नियंत्रित करने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से GSR 817(E) और GSR 220(E) को तत्काल वापस लेने का भी आग्रह किया। व्यापारियों का तर्क है कि कोविड महामारी के दौरान लागू की गई व्यवस्थाओं का अब दुरुपयोग हो रहा है। फार्मा ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा और रामपुर के अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर के केमिस्ट और दवा विक्रेता हमेशा स्वास्थ्य सेवाओं और दवा आपूर्ति व्यवस्था की मजबूत कड़ी रहे हैं। कोविड काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर कारोबार कर रहे हैं। दवा व्यापारियों ने प्रशासन से जनहित, मरीजों की सुरक्षा और छोटे व्यापारियों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जल्द प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, रामपुर में इस बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। शहर में दो दवा व्यापारी संगठन सक्रिय हैं; एक संगठन ने बंद का समर्थन किया, जबकि दूसरे संगठन के सदस्यों ने अपनी दुकानें खोलकर दवाइयां बेचीं।
बिजनौर में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में आज अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। शहर के मुख्य बाजारों और दवा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे आम लोगों को दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दवा व्यापारियों और विक्रेताओं ने एकजुट होकर इस बंद का समर्थन किया। सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में चहल-पहल कम रही और कई प्रमुख बाजारों की सड़कें सूनी नजर आईं। दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका यह भी तर्क है कि इससे मरीजों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, क्योंकि ऑनलाइन खरीदी गई दवाइयों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की पहचान मुश्किल होती है। इसी विरोध के चलते बंद का आयोजन किया गया, जिसे शहर में व्यापक समर्थन मिला। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुलाया गया बंद पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवाइयां जनता के लिए हानिकारक हो सकती हैं, क्योंकि उनकी प्रामाणिकता की पहचान मुश्किल होती है। केमिस्ट एसोसिएशन के चेयरमैन देवेश कुमार ने भी कहा कि ऑनलाइन खरीदी गई दवाइयों की कोई गारंटी नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाइयों पर भारी छूट दी जाती है, जबकि खुदरा विक्रेताओं को केवल 20% तक की छूट मिलती है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। इस बंद के दौरान व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार, जिला चेयरमैन देवेश कुमार, जिला संगठन मंत्री हितेंद्र खरबंदा, मुख्य जिला विधि सलाहकार आलोक गोविल, जिला सचिव तारिक मसरूर, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ, जिला मुख्य सचिव केके अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष सोनू भाई, जिला उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, जिला संरक्षक सुशील कुमार, जिला मुख्य संरक्षक एमपी सिंह और जिला मुख्य महासचिव सतीश गहलोत प्रमुख रूप से शामिल थे।
फार्मा एसोसिएशन की ओर से 20 मई को भारत बंद के ऐलान का आगरा में मिला-जुला असर देखने को मिला। सोमवार को आगरा फार्मा एसोसिएशन ने आगरा बंद का ऐलान किया था, लेकिन बुधवार को दवा व्यापारियों का भारत बंद यहां बेअसर साबित हुआ। जिले की सभी रिटेलर दवा दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहीं, जबकि होलसेल विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। दरअसल, देशभर के दवा कारोबारी सरकार की कुछ नीतियों के विरोध में 20 मई को भारत बंद पर थे। इसी क्रम में आगरा फार्मा एसोसिएशन ने भी सोमवार को आगरा बंद की घोषणा की थी। इसके बाद औषधि अनुज्ञापन नियंत्रण विभाग ने सख्त रुख अपनाया था। विभाग की ओर से सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी जारी की गई थी कि दवाएं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आती हैं। दुकान बंद रखने से लोगों के जन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विभाग ने साफ कहा था कि अगर कोई भी मेडिकल स्टोर बंद पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की चेतावनी का असर साफ दिखा। बुधवार को शहर और देहात की लगभग सभी रिटेल दवा दुकानें सुबह से ही खुल गईं। दवा खरीदने आए मरीजों और तीमारदारों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। बाजार में जीवनरक्षक दवाओं से लेकर सामान्य दवाएं तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहीं। वहीं दूसरी ओर, ट्रांसपोर्ट नगर, रावली और फव्वारा स्थित थोक दवा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। होलसेल विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं और भारत बंद का समर्थन किया। थोक व्यापारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही, इसलिए सांकेतिक विरोध जरूरी है। कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि कई लोगों को भारत बंद की पहले से जानकारी थी। ऐसे में लोगों ने मंगलवार को ही जरूरी दवाओं की खरीद कर ली थी। हालांकि बुधवार को भी दवा की कोई किल्लत सामने नहीं आई। रिटेलरों के पास पहले से ही पर्याप्त स्टॉक मौजूद था। औषधि विभाग के अधिकारी भी दिनभर बाजारों में सक्रिय रहे और दुकानों की स्थिति पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने बताया कि जनहित में दवा की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल रिटेल बाजार पूरी तरह खुला है और मरीजों को दवा मिलने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। थोक बाजार बंद होने से गुरुवार को सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
बिलासपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में लोगों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं कलेक्टर संजय अग्रवाल के सामने रखीं। कलेक्टर ने कई मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत उड़ेला के 25 किसानों ने सामूहिक आवेदन देकर शिकायत की कि गांव के जनक राम कौशिक और जगत कौशिक ने आम निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है। इससे गांव के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्राम चकरभाठा की रहने वाली प्रभा मानिकपुरी ने अपने दिव्यांग बेटे का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि अस्पताल और संबंधित विभाग में जरूरी जानकारी दर्ज नहीं होने के कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहा है। पंचायत के निर्माण कार्यों का भुगतान लंबित ग्राम पंचायत कपसियाखुर्द की पूर्व सरपंच कमल बाई राजपूत ने पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों के लंबित भुगतान की समस्या उठाई। उन्होंने जल्द भुगतान कराने की मांग की। भूमि रिकॉर्ड सुधारने की मांग विजयपुर निवासी बहोरिक पाल ने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित जमीन के रिकॉर्ड से उनका नाम हटाकर सिंचाई विभाग का नाम दर्ज किया जाए। वृद्ध महिला ने चोरी की शिकायत की जनदर्शन में पहुंचीं वृद्ध महिला ढयाना बाई ने बताया कि वह निराश्रित पेंशन के सहारे जीवन चला रही हैं। कुछ दिन पहले उनके घर में चोरी हो गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दिव्यांग युवक ने मांगी ट्राइसाइकिल और आर्थिक मदद शहर के दिव्यांग मुकेश सिंह ठाकुर ने कलेक्टर से ट्राइसाइकिल देने और रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत ग्राम पंचायत ओखर की सरपंच ललिता लक्ष्मीप्रसाद यादव ने शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। कलेक्टर ने मामले में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भी सुनी समस्याएं जनदर्शन कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और एडीएम शिवकुमार बनर्जी ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं।
फतेहाबाद जिले में रतिया के राम बाग श्मशान घाट में एक चिता से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। मृत विवाहिता के मायका पक्ष ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस को 36 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में गिरफ्तारी नहीं हुई तो पंजाब के किसान संगठनों के साथ मिलकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। जिला मानसा के बरे गांव से आए मायका पक्ष के परिजनों ने रतिया पहुंचकर एएसपी से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि श्मशान घाट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कुछ लोग चिता के पास संदिग्ध गतिविधियां करते और उस पर पानी डालते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह मामला रतिया के गांव बबनपुर निवासी गुरदीप कौर की आत्महत्या से जुड़ा है। गुरदीप कौर ने अपने जेठ और जेठानी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने 11 मई को जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद 13 मई को हिसार के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप- अगले दिन चिता से छेड़छाड़ का पता चला गुरदीप कौर की मौत के बाद दोनों पक्षों के बीच शव ले जाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में राम बाग श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। मृतका के परिजनों का आरोप है कि अगले दिन जब वे श्मशान घाट पहुंचे तो चिता के साथ छेड़छाड़ की गई थी। परिजनों ने बताया कि इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियां रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है। उनका कहना है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई है। मायका पक्ष ने स्पष्ट किया है कि यदि 36 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पंजाब के किसान संगठन और समाज के अन्य लोग रतिया में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इस स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस पर डाली है। एसएसपी ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा पुलिस को दी शिकायत में पंजाब के गांव बरे, तहसील बुढलाडा निवासी अवतार सिंह पुत्र सुखदेव सिंह ने आरोप लगाया है कि 14 मई 2026 की शाम करीब 6 बजे राम बाग श्मशान घाट रतिया में मृतका गुरदीप कौर पत्नी मलकीत सिंह की जलती चिता को बुझाकर शव अवशेषों के साथ छेड़छाड़ की गई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, एएसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले में शामिल लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में सुरक्षा सैनिक, सुपरवाइजर पदों पर भर्ती:जिले के सभी ब्लॉकों में लगेंगे भर्ती शिविर
अमेठी जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए एसआईएस इंडिया लिमिटेड द्वारा सुरक्षा सैनिक और सुपरवाइजर के पदों पर भर्ती शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती जिले के सभी विकास खंडों में ब्लॉकवार शिविर लगाकर की जाएगी। यह भर्ती भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा पारित पसारा एक्ट 2005 के तहत की जा रही है। डिप्टी कमांडेंट रजनीश राय ने बताया कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी विकास खंड में आयोजित शिविर में शामिल हो सकता है। ब्लॉकवार तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। 22 और 23 मई 2026 को सिंहपुर व मुसाफिरखाना ब्लॉक में, 24-25 मई को बहादुरपुर व सुकुल बाजार ब्लॉक में, तथा 26-27 मई को जगदीशपुर व बेतुवा ब्लॉक में शिविर लगेंगे। इसके बाद 02-03 जून को तिलोई व भादर, 04-05 जून को जामो व अमेठी, 06-08 जून को संग्रामपुर व शाहगढ़ और 09-10 जून को गौरीगंज ब्लॉक में भर्ती शिविर आयोजित होंगे। भर्ती अधिकारी सतेंद्र कुमार के अनुसार, सुरक्षा सैनिक के लिए अभ्यर्थी की लंबाई 167.5 सेंटीमीटर, सीना 80 से 85 सेंटीमीटर, उम्र 19 से 40 वर्ष, वजन 56 से 90 किलोग्राम और न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल पास होनी चाहिए। सुपरवाइजर पद के लिए इंटर पास, लंबाई 170 सेंटीमीटर और उम्र 19 से 40 वर्ष अनिवार्य है। चयनित उम्मीदवारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 350 रुपये का शुल्क देना होगा। चयन के बाद जौनपुर ट्रेनिंग सेंटर में एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें एनडीआरएफ द्वारा सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग भी शामिल होगी। प्रशिक्षण उपरांत लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, दिल्ली, मुंबई, नोएडा जैसे शहरों में होटल, मंदिर, रेलवे, मेट्रो और अस्पतालों में स्थायी तैनाती मिलेगी। नौकरी के दौरान पीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, सरकारी पेंशन और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी 7800406043 और 8957008937 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुजफ्फरनगर में बुधवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। जिला पंचायत सदस्य सतेंद्र बालियान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रधानों और संभावित उम्मीदवारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर समय पर चुनाव कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों का कार्यकाल लगभग समाप्त होने वाला है। संवैधानिक व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए समय पर चुनाव कराना आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि चुनाव में देरी से ग्रामीण विकास कार्य बाधित होंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होगी। प्रधानों और संभावित प्रत्याशियों ने बताया कि पंचायतें गांवों के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों की सड़क, सफाई, पेयजल, नाली, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित अधिकांश कार्य पंचायतों द्वारा ही संचालित होते हैं। इसलिए, चुनाव में देरी का सीधा प्रभाव ग्रामीण विकास पर पड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से संवैधानिक समयसीमा के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने और जल्द चुनाव कराने की मांग की। उनका उद्देश्य गांवों में विकास कार्यों को बाधित होने से रोकना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक नारेबाज़ी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पंचायत चुनाव पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर चुनाव की घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।
कैथल में बर्खास्त पुलिसकर्मी की फर्जी आईडी बनाई:लोगों से मांगे पैसे, सिविल लाइन थाना में FIR
कैथल में पुलिस विभाग से बर्खास्त किए गए हेड कांस्टेबल सुनील संधू के नाम से फेसबुक पर अकाउंट बनाकर लोगों से रुपए मांगने का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने फेसबुक पर सुनील संधू की फोटो लगाकर नया अकाउंट बनाया और लोगों को मैसेज कर सहायता के नाम पर रुपए मांगे। इस संबंध में सुनील ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। लोगों को मैसेज कर पैसे मांगे सुनील संधू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि एक मार्च से लेकर 16 अप्रैल के बीच अज्ञात आरोपी ने उसके नाम से फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बना लिया। आरोपी ने उसकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों के पास मैसेंजर के जरिए मैसेज किए। उसने लोगों से पैसे की मांग की। जानकारों की कॉल आई तो पता चला उसे इस बारे में तब पता चला, जब उसके पास उसके दोस्तों और जानकारों की कॉल आई। सुनील ने बताया कि उसने किसी व्यक्ति से अपनी सहायता के नाम पर रुपए नहीं मांगे। अज्ञात आरोपी ऐसा करके लोगों को लूट रहे हैं और उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
श्योपुर जिले में ऑनलाइन फार्मेसी की कार्यप्रणाली के विरोध में बुधवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन किया। मेडिकल व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त निगरानी के दवाओं की बिक्री से आम लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। प्रदर्शनकारी दवा व्यापारियों ने बताया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं का दुरुपयोग भी बढ़ रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की अनियंत्रित बिक्री से स्थानीय मेडिकल व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही, जन स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी संकट पैदा हो गया है। धरना स्थल पर मौजूद व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन फार्मेसी के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की। उन्होंने बिना लाइसेंस या नियमों के विपरीत दवा बेचने वाले प्लेटफॉर्म पर तत्काल कार्रवाई की अपील की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस अवसर पर केमिस्ट एसोसिएशन श्योपुर के जिला अध्यक्ष मनीष नागोंरी ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी की अनियंत्रित व्यवस्था से दवा व्यापार और आम लोगों की सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को गंभीर चिंता का विषय बताया और इस पर तत्काल नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन ने प्रशासन और सरकार से जल्द उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने जारी कि सूचनाआज मेडिकल स्टोर्स की हड़ताल के चलते आमजन को दवाइयों की उपलब्धता में परेशानी हो सकती है। नागरिकों की सुविधा हेतु जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में संचालित दवा दुकानें खुली हुई हैं। साथ ही जन औषधि केंद्र भी नियमित रूप से संचालित हैं, जहां से आवश्यक दवाइयां खरीदी जा सकती हैं।किसी भी आपातकालीन स्थिति या दवा संबंधी समस्या होने पर नागरिक ड्रग इंस्पेक्टर श्योपुर से मोबाइल नंबर 83198 52085 पर संपर्क कर सकते हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय न्यू कैंपस में ABVP कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। VC ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने LLB परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। छात्रों का आरोप है कि LLB के घोषित परिणाम में कई छात्रों के अंक गलत दर्ज किए गए हैं। कुछ छात्रों को अपेक्षा से बेहद कम अंक मिले हैं, जबकि कई परीक्षार्थियों के परिणाम को लेकर तकनीकी त्रुटियों की शिकायत सामने आई हैं। ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा- यदि समय रहते परिणाम में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन रिजल्ट की दोबारा जांच कराए और जिन छात्रों के साथ गड़बड़ी हुई है। उन्हें तत्काल राहत दी जाए। 2 तस्वीरें देखिए… स्टूडेंट्स बोले- मार्क्स देने में खेल किया BA-LLB के स्टूडेंट सौरभ तिवारी ने बताया- 6 मई को LLB का रिजल्ट जारी हुआ था। इस बार के रिजल्ट में टीचर्स ने नंबर देने में जमकर मनमानी की। कई ऐसे टॉपर स्टूडेंट है जिन्हें 100 में से 8 या 9 नंबर मिले। जबकि कुछ स्टूडेंट्स को 90-95 तक नंबर भी दिए गए हैं। इंटरनल मार्क्स में भी इसी तरह खूब खेला हुआ। मैंने 35 पेज की कॉपी लिखी और रिजल्ट में फेल कर दिया गया। यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर चपरासी से कॉपी चेक कराते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स फेल हुए हैं। गुफरान बोले- पहले पास फिर फेल कर दिया मो.गुफरान ने बताया- 5 मई को रिजल्ट आया। पहले रिजल्ट में फेल किया गया था। अगले दिन पोर्टल पर पास दिखने लगा। तीसरे दिन फिर से फेल कर दिया गया। आज जब विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अफसरों से मिलने आए तो भारी पुलिस बल लगा दिया गया है। आज जब प्रदर्शन की खबर डीन तक पहुंची, तो उनका कहना था कि अब रिजल्ट आ गया है। अब कुछ नहीं हो सकता। यही कारण है कि सभी स्टूडेंट्स बेहद आक्रोशित हैं। ………………………………… संबंधित खबर पढ़िए लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन:लॉ स्टूडेंट्स ने नंबर कटने पर जमकर किया हंगामा, डीन भी नहीं करा पाए शांत लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लॉ स्टूडेंट्स ने डिपार्टमेंट के फैकल्टी मेंबर्स पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कईं टॉपर्स को बेहद कम नंबर दिए गए है। इसके चलते तमाम स्टूडेंट्स की मेरिट कम हो गई। यहां पढ़ें पूरी खबर
मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेक्टर 2 में चल रहे महिलाओं के धरना प्रदर्शन में से तीन दिन पहले सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह ने टेंट हटवा दिया था। जतिसमें उन्होने महिलओं को बताया था कि बाजार से ही किसी ने शिकायत की है कि टेंट के कारण परेशानी हो रही है। इसके बाद महिलाओं ने बिना टेंट के ही धरना शुरू कर दिया था। मंगलवार शाम को महिलाएं घर लौट गई तो देर रात सेक्टर 2 के नए अध्यक्ष अर्पित मोगा द्वारा फिर से महिलाओं के लिए सड़क पर टेंट लगा दिया गया। इसके बाद महिलाओं ने आज इस टेंट के नीचे दोबारा अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर नहीं टेंट पहली बार जब टेंट हटाया गया था तो यही कारण बताया था कि सड़क पर आवागमन इससे बाधित होता है। लेकिन इस बार जो टेंट लगाया गया है वह सड़क पर नहीं है। टेंट की केवल छत बांधी गई है, जिसको दोनों और मकान की ग्रिल से बांध दिया गया है ताकि धूप ना आए। हालांकि नीचे दोनों ओर से टेंट खुला है, और महिलाएं भी उसी के नीचे सड़क के किनारे बैठी हुई है। सेक्टर 2 में धरने पर बैठी महिलाओं की संख्या पहले की अपेक्षा में कम होती जा रही थी , कुछ लोगों का कहना है कि आपसी गुटबाजी के कारण कुछ लोगों ने इस धरने से दूरी बना ली है। लेकिन टेंट लगने के बाद फिर से महिलाओं की संख्श बढ़ गई और प्रदर्शन शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर भी तंजशास्त्रीनगर में सेक्टर 2 के धरने को लेकर और पहले हुई शिकायत के बाद हेट टेंट को लेकर भी एक राजनीति चल रही है। जिसमें इसका जिम्मेदार लोग एक दूसरे को ठहरा रहे हैं। वहीं महिलाओं का कहना है कि यह लड़ाई सड़क पर बैठकर हम सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरे बाजार के घर व्यापार के लिए लड़ रहे हैं। ऐसे में भी कुछ लोग हमारे ही बीच रहकर शिकायत कर रहे हैं जबकि उनके भी मकान दुकान इस कार्रवाई के अंतर्गत आ रहे हैं ,फिर भी वह ऐसा कर रहे हैं। सेक्टर 4 में हनुमान चालीसा सेक्टर 4 की महिलाएं रोजाना पूजा पाठ के साथ भगवान से प्रार्थना करती हुई अपना धरना शुरू करती हैं। जहां वह एक और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रही है तो वहीं भगवान से भी प्रार्थना कर रही है कि उनके मकानों को बचाया जा सके। खत्म करने की घोषणा सेक्टर 2 में टेंट हटने के बाद महिलाओं ने शाम को प्रेस वार्ता कर धरना खत्म करने की भी घोषणा की थी, लेकिन उसके बाद अगले दिन धरना फिर शुरू हुआ। जिसमें महिलाओं ने कहा कि यह सिर्फ उन्होंने इस बात से आहत होकर बोल दिया था कि किसी अपने नहीं टेंट हटाने की शिकायत की थी। धरना प्रदर्शन जब तक जारी रहेगा जब तक उन्हें अपनी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता है ।
मोहाली में साढ़े 4 साल की बच्ची को उसके दादा-दादी के सामने से दिनदहाड़े अगवा कर लिया गया। कार में आए लोग जबरन बच्ची को उठाकर ले गए। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बच्ची स्कूटी पर अपने दादा-दादी के साथ थी। इसी दौरान दो युवक बाइक पर आए और बच्ची को छीनने की कोशिश की, लेकिन स्कूटी गिर गई। इसी बीच एक कार आई और उसमें से निकले युवक बच्ची को उठाकर ले गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ, लेकिन वह बच्ची को आरोपियों से छुड़ा नहीं पाए। बच्ची के पिता ने कहा कि उनका पत्नी से बच्ची की कस्टडी को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा। शक है कि उसनी बच्ची को अगवा कराया है। उन्होंने कहा कि मां की जांघ और पिता की बाजू में फ्रैक्चर आया है। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सदर थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर सिमनर सिंह ने बताया कि बच्ची की मां व अन्य के खिलाफ किडनैपिंग का मामला दर्ज किया है। बच्ची को रिकवर कर लिया है। उसे परिजनों के हवाले कर दिया है। यह फैमिली विवाद भी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्ची के पिता ने बताई ये बड़ी बातें…. मां ने कॉल कर बताया बेटी को अगवा कर लिया: बच्ची के पिता रविंदर सिंह ने बताया कि वह सिंहपुरा गांव के रहने वाले हैं। वह सरकार स्कूल में टीचर की नौकरी करते हैं। कल सुबह पौने 10 बजे के करीब उन्हें घर से मां का फोन आया कि उनकी बच्ची को कुछ अज्ञात लोग अगवा (किडनैप) करके ले गए हैं। अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि वे लोग कौन थे। बच्ची की कस्टडी को लेकर कोर्ट में केस: उन्होंने कहा कि पत्नी के साथ झगड़ा चल रहा है और बच्चे की कस्टडी को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। उनके माता-पिता ही रोज बच्ची को स्कूल से लेकर आते हैं और छोड़कर आते हैं। जब वे घर पहुंचे तो वहां सात-आठ अज्ञात लोग मौजूद थे। वे बाइक और कार दोनों पर आए थे। उनके पास होंडा सिटी कार थी। आरोपियों ने मां-पिता को पीटा: उन्होंने बताया कि उनके पास रिकॉर्डिंग भी है और पड़ोसी इस पूरे झगड़े के गवाह हैं। जब पड़ोसी उन्हें छुड़ाने आए, उस समय वह स्कूल में थे। आरोप है कि उन लोगों ने सबको पीटा और उनकी मां पर कार चढ़ा दी। उनकी जांघ (थाई) फ्रैक्चर हो गई है और उनके पिता की बांह फ्रैक्चर हुई है। बच्ची की उम्र चार साल सात महीने है और उसे भी चोट लगी है, क्योंकि उसे एक्टिवा के नीचे गिरा दिया गया था। कानून के खिलाफ जाकर काम किया: रविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें शक अपनी पत्नी पर ही है। कोर्ट में कस्टडी का केस चल रहा है और जज साहब जिसे भी कस्टडी देते, उन्हें कोई गिला नहीं था, लेकिन कानून के खिलाफ जाकर यह काम किया गया। उन्हें अपनी पत्नी के भाइयों, उसकी मां और एक अन्य व्यक्ति संदीप कुमार (कुरड़ी निवासी) पर शक है। उन्होंने बताया कि संदीप कुमार उनकी पत्नी की गाड़ी चलाता है। वह सरकारी मिडल स्कूल झंडे माजरा में नौकरी करता है। ************ ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़- सरकारी स्कूल में बच्चों को गेट के बाहर बैठाया: 50 मिनट गेट नहीं खोले, पेरेंट्स बोले-ऐसा डेली होता; सिक्योरिटी गार्ड बोला-प्रबंधन के निर्देश चंडीगढ़ में सरकारी स्कूल में स्टाफ के समय पर नहीं पहुंचने के कारण बच्चों को रोजाना स्कूल के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। पेरेंट्स का कहना है कि बच्चे तय समय 7 बजे स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन गेट देर से खोला जाता है, जिससे छोटे बच्चों को बाहर बैठना पड़ता है। (पढ़ें पूरी खबर)
श्रीगंगानगर जिले में हीट वेव और तेज गर्मी का दौर लगातार जारी है। मंगलवार को चित्तौड़गढ़ के बाद श्रीगंगानगर प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे सूरज निकलते ही तपिश बढ़ने लगी, जिसका असर अब फसलों पर भी दिखने लगा है। मौसम विशेषज्ञों ने आगामी चार-पांच दिनों तक हीट वेव और तेज तपिश बरकरार रहने की चेतावनी दी है। कृषि विभाग ने किसानों को फसलों को बचाने के लिए उपलब्ध पानी से सिंचाई करने की सलाह दी है। 45.9 डिग्री पहुंचा तापमान मौसम राडार स्टेशन, श्रीगंगानगर पर बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। मंगलवार को न्यूनतम 29.9 डिग्री और अधिकतम 45.9 डिग्री रिकार्ड किया गया। वहीं, सोमवार को न्यूनतम 28.4 डिग्री और अधिकतम 40.1 डिग्री रिकार्ड किया गया। दोपहर में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिन तक मौजूदा स्थिति बनी रहेगी। लू का प्रकोप और तपिश से राहत मिलने के आसार कम हैं। हालांकि, इसके बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव आ सकता है और राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी हो सकती है।
कासगंज में बुधवार को केमिस्ट्स एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया। शहर के प्रभुपार्क में हुए इस प्रदर्शन के दौरान दवा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री से जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है और लाखों दवा व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। कासगंज केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) की जिला इकाई है। AIOCD देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट्स और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष कई बार मांग उठाने के बावजूद औषधि व्यापार और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान नहीं किया गया है। इससे लाखों दवा व्यापारियों और उनके आश्रित परिवारों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। एसोसिएशन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर रोक और 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) की वापसी शामिल है। इसके अतिरिक्त, बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा प्रिडेटरी प्राइसिंग पर नियंत्रण तथा 26 मार्च 2020 की अधिसूचना GSR 220(E) को वापस लेने की मांग भी की गई। केमिस्ट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसियों के बढ़ते संचालन से बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री, एंटीबायोटिक्स और आदत बनाने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता तथा नकली प्रिस्क्रिप्शन के दुरुपयोग जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। ये स्थितियाँ जनस्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती हैं।
हाथरस में जाफराबाद में एक छात्रा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मां से कहासुनी के बाद उसने यह कदम उठाया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक छात्रा की पहचान जाफराबाद निवासी 17 वर्षीय प्रिया पुत्री संतोष कुमार के रूप में हुई है। वह इंटरमीडिएट की छात्रा थी। उसके पिता मजदूरी करते हैं। जानकारी के अनुसार, कल शाम प्रिया बाजार जाना चाहती थी, लेकिन उसकी मां ने उसे जाने से मना कर दिया। इसी बात पर मां-बेटी के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद रात को प्रिया ने जहर खा लिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा परिवार के सदस्यों ने प्रिया को गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, वहां उसकी हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रिया अपने पीछे माता-पिता के अलावा दो भाइयों को छोड़ गई है।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को खंडवा जिले के करीब 450 मेडिकल स्टोर बंद रहे। जिलेभर के केमिस्टों ने एक दिनी सांकेतिक हड़ताल कर विरोध जताया। दोपहर 12 बजे खंडवा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन को मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन का भी समर्थन मिला। एसोसिएशन अध्यक्ष गोवर्धन गोलानी ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण और अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) जैसी गतिविधियां मरीजों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। साथ ही इससे छोटे लाइसेंसधारी दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो रहा है। केमिस्टों का कहना है कि, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और वर्ष 1945 के नियमों में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां लंबे समय से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) और कोविड काल में जारी GSR 220(E) का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनियां अनियंत्रित होम डिलीवरी कर रही हैं। ज्ञापन के माध्यम से केमिस्टों ने प्रशासन से अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल कठोर कार्रवाई, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन दवा वितरण पर रोक, GSR 817(E) और GSR 220(E) को वापस लेने तथा ऑनलाइन कंपनियों की प्रीडेटरी प्राइसिंग और अत्यधिक छूट नीति पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। केमिस्ट संगठनों ने कहा कि कोविड महामारी जैसे कठिन समय में दवा व्यापारियों ने निर्बाध औषधि आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती दी थी। इसलिए जनहित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित बीजलपुर की आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा के एक कर्मचारी पर महिला और उसके देवर के बैंक खातों से लाखों रुपए निकालने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक बीजलपुर निवासी द्रोपती बाई पति हीरालाल वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की बीजलपुर शाखा में कार्यरत कर्मचारी विष्णु शर्मा ने धोखाधड़ी करते हुए उनके देवर सत्यनारायण के खाते से लाखों रुपए निकाल लिए। एटीएम जारी कराया और अपने पास रख लिया पीड़िता के अनुसार आरोपी ने सत्यनारायण की जानकारी के बिना उसका एटीएम कार्ड जारी कराया और उसे अपने पास रख लिया। आरोप है कि 3 अगस्त 2025 से 14 अगस्त 2025 के बीच एटीएम और ट्रांसफर के जरिए खाते से लगातार रकम निकाली गई। सत्यनारायण को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उसके नाम से एटीएम कार्ड जारी हुआ है। बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक करने के नाम पर ओटीपी लिया महिला ने पुलिस को बताया कि 16 सितंबर 2025 को आरोपी विष्णु शर्मा उनके घर पहुंचा और कहा कि बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक नहीं है। इस दौरान उसने ओटीपी लेकर उनके खाते से करीब 4 लाख 85 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। वहीं सत्यनारायण के खाते से भी करीब 4 लाख 89 हजार रुपए निकालने का आरोप लगाया गया है। दुकान पर पहुंचा था खाता खुलवाने शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी पहले सत्यनारायण की दुकान पर खाता खुलवाने पहुंचा था। उसी दौरान उसने कथित रूप से बिना जानकारी दिए एटीएम कार्ड जारी कराया और उसे अपने कब्जे में रख लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कुछ रकम भूपेंद्र नाम के व्यक्ति के खाते में भी ट्रांसफर की थी। फिलहाल राजेंद्र नगर पुलिस ने संयुक्त एफआईआर दर्ज कर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
अयोध्या में ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को फैजाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने पहले शहर में बाइक रैली निकालकर नारेबाजी की और बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। केमिस्ट एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि बिना लाइसेंस और नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही ई-फार्मेसी आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिससे स्थानीय मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और कई दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। इसका सीधा असर मरीजों और आम लोगों पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह और उचित जांच के दवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि दवा जैसी संवेदनशील वस्तु की बिक्री पूरी तरह नियंत्रित व्यवस्था के तहत होनी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि अवैध रूप से संचालित ई-फार्मेसी पर तत्काल रोक लगाई जाए और ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों ने सरकार से लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर संचालकों के हितों की रक्षा करने और दवा कारोबार में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर के केमिस्ट संगठनों के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में दवा व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बांसवाड़ा में बंद रही मेडिकल शॉप:इमरजेंसी के मरीजों को मिल रही है दवाइयां; नारेबाजी भी की
बांसवाड़ा जिले में बुधवार को मेडिकल शॉप बंद रही। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और राजस्थान राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को बांसवाड़ा जिले में मेडिकल स्टोर संचालकों ने हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान सभी ने अपनी मेडिकल शॉप को बंद रखा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बातया कि जिले में 400 दुकानें है, जो सभी बंद है। सरकारी उपभोक्ता मेडिकल शॉप और हॉस्पिटल में बने मेडिकल स्टोर से ही मरीजों को दवाइयां दी जा रही है। इसके अलावा सभी दुकानों को बंद रखा गया है। बांसवाड़ा जिला केमिस्ट एलायंस के अध्यक्ष पवन कुमार शाह और सचिव लाल बहादुर सिंह राव के नेतृत्व में व्यापारियों ने संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ये रही मुख्य मांगें अवैध और अनियंत्रित बिक्री: देश में ऑनलाइन माध्यमों से दवाओं की अवैध और अनियंत्रित बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। बिना पर्ची के होम डिलीवरी: बिना किसी वैध और सत्यापित चिकित्सीय पर्चे (Prescription) के दवाओं की धड़ल्ले से बिक्री और होम डिलीवरी की जा रही है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। डीप डिस्काउंटिंग की नीति: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट (Deep Discounting) की अनुचित नीति के कारण छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों का अस्तित्व खतरे में आ गया है। दवाएं कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं केमिस्ट एसोसिएशन ने कहा- बिना उचित सत्यापन के ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री जनस्वास्थ्य, मरीजों की सुरक्षा और 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट' के तहत स्थापित नियामक व्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर रही है। दवा प्रतिनिधियों ने मांग की है कि सरकार GSR 817(E) और GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस ले। उनका आरोप है कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स ऑपरेटर्स इन नियमों का दुरुपयोग करके दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि कोविड महामारी के कठिन दौर में इन्हीं छोटे केमिस्टों ने फ्रंटलाइन हेल्थ केयर सपोर्ट प्रदाताओं के रूप में अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी। इसके बावजूद, बार-बार साक्ष्य और ज्ञापन देने के बाद भी संबंधित प्राधिकारियों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। आपातकालीन सेवाएं रखीं चालू, हड़ताल रही शांतिपूर्ण बांसवाड़ा जिले में आयोजित यह सांकेतिक हड़ताल पूर्णतः शांतिपूर्ण रही। केमिस्ट समुदाय ने अपने मानवीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था खुली रखी, ताकि किसी भी मरीज को गंभीर परेशानी का सामना न करना पड़े।
शाजापुर जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री और छोटे दवा व्यापारियों के हितों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद रखे गए। दवा व्यापारियों ने कलेक्ट कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम मनीषा वास्कले को सौंपा। बिना पर्चे दवा बिक्री पर जताई चिंता ज्ञापन में कहा गया कि इंटरनेट के माध्यम से बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाइयों की बिक्री और होम डिलीवरी लगातार बढ़ रही है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे जनस्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है और दवाइयों के गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है। दवा व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा भारी छूट देकर दवाइयां बेची जा रही हैं, जिससे छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। एसोसिएशन ने कहा-कानून में स्पष्ट प्रावधान नहीं केमिस्ट एसोसिएशन ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां लंबे समय से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। एसोसिएशन ने GSR 817(E) और GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग भी उठाई। सरकार से सख्त नियम बनाने की मांग दवा व्यापारियों ने मांग की कि बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर भी रोक लगाने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष विकास सिंदल ने बताया कि यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और मध्यप्रदेश केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित की गई थी।
दोपहर 12-3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें:हीटवेव के अलर्ट के बाद आगरा प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
आगरा का तापमान 46.5C पर पहुंच चुका है। लू के थपेड़े बेहाल कर रहे हैं। शरीर को झुलसा देने वाली धूप परेशान कर रही है। दोपहर में ऐसा लग रहा है, मानो आसमान से अंगारे बरस रहे हों। पैदल या दोपहिया वाहन पर चलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने 24 मई तक हीटवेव को लेकर अलर्ट किया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने गर्मी से बचने के लिए दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान विभाग के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने आगरावासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अब विस्तार से पढ़िये… डीएम मनीष बंसल ने बताया-भारत सरकार पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, मौसम विज्ञान विभाग, राज्य मौसम पूर्वानुमान केंद्र के मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन से प्राप्त सूचना के अनुसार आगरा में 19 से 21 मई तक भीषण हीट वेव (लू) चलेगी। इसको लेकर रेड अलर्ट भी मिला है। 22 से 24 मई तक हीटवेव को लेकर लू ऑरेंज अलर्ट है। उच्च आद्रता तथा वायु मंडलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगो को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐंठन की शिकायत आती है और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। शहरी क्षेत्रा में तापमान उच्चतम हो जाने से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जाती है। हीटवेव (लू) से वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलायें, बीमार, मजदूर, गरीब, दुर्बल एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होतें है। लू से ऐसे करें बचाव
राजस्थान हाईकोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 की पुन: परीक्षा को लेकर याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने आरपीएससी को बुधवार को निर्देश दिए कि वे सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देकर प्रोविजनली परीक्षा में शामिल करें। अदालत ने यह आदेश प्रश्नजीत सिंह, देवेंद्र सैनी, मधुसूदन शर्मा और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि हमने मूल परीक्षा में आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश भर्ती के दोनों पेपर नहीं दे पाए थे। अब आयोग पुन: भर्ती में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल कर रहा है, जिन्होंने मूल परीक्षा में दोनों पेपर दिए थे। जबकि पहले रद्द होने वाली भर्ती परीक्षाओं के पुन: आयोजन में सभी आवेदनकर्ताओं को शामिल किया गया है। वहीं इस भर्ती में ऐसा नहीं किया जा रहा। आरपीएससी ने कहा- 4 लाख फॉर्म का इंस्पेक्शन मुश्किल हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर आरपीएससी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इस पर आरपीएससी की ओर से बुधवार को कहा गया कि 4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने मूल परीक्षा में केवल एप्लीकेशन फॉर्म भरा था, लेकिन परीक्षा नहीं दी थी। इनमें से कई अभ्यर्थी अन्यत्र नौकरी लग चुके होंगे। कई अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी छोड़ चुके होंगे। अगर हम सभी को अलाऊ करते हैं तो हमें 4 लाख फॉर्म की अतिरिक्त छंटनी करनी होगी, जो बहुत मुश्किल काम है। समानता के अधिकार का उल्लंघन इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि इससे पहले भी ईओ-आरओ भर्ती, एलडीसी भर्ती सहित अन्य भर्तियों को रद्द करते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित करवाई थी। इसमें सभी आवेदनकर्ताओं को शामिल किया गया था। एसआई भर्ती-2021 पुन: परीक्षा में ऐसा नहीं करना संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है। उन्होंने कोर्ट को बताया- आयोग ने 8 मई को प्रेसनोट जारी करके मूल परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले अभ्यर्थियों को ही 16 से 30 मई तक आवेदन एडिट करने का मौका दिया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देते हुए प्रोविजनली परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा, रामप्रताप सैनी, निखिल कुमावत और रविंद्र सैनी ने पैरवी की। भर्ती में 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन दरअसल, एसआई भर्ती-2021 में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 13 से 15 सितंबर 2021 में आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी ही बैठे थे। ऐसे में आयोग अब पुन: परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को ही शामिल कर रहा है। कोर्ट ने रद्द कर दी थी भर्ती राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया।
बीएचयू के एक कर्मचारी ने कुलपति को पत्र लिखा है। जिसमें उसने पेड़ों पर धागा बांधने और दीया जलाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। पत्र सार्वजनिक होने के बाद छात्रों के एक वर्ग ने इस पर नाराजगी जताई है। पहले जानिए पत्र में क्या लिखा गया विशिष्ट निधि अनुभाग के कर्मचारी आशीष कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पीपल और बरगद के पेड़ पर्यावरण संरक्षण और ऑक्सीजन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन धार्मिक आस्था के तहत इन पेड़ों पर कलावा या मौली बांधने तथा दीया जलाने से पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि धागा पेड़ों की छाल में घुसकर उनकी वृद्धि को प्रभावित करता है और संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ाता है। वहीं दीया जलाने से पेड़ों की छाल जलती है तथा तेल और धुएं से जड़ों के आसपास की मिट्टी प्रदूषित होती है। इसे वैज्ञानिक दृष्टि से पेड़ों के स्वास्थ्य और आयु के लिए हानिकारक बताया गया है। कर्मचारी ने तत्काल आदेश जारी करने की बात भी कही पत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की गई है कि कैंपस में ऐसे कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही सूचना पट्ट लगाने, सुरक्षा कर्मियों को निर्देश देने और जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव भी दिया गया है। मामला सामने आने के बाद छात्रों के बीच बहस शुरू हो गई है। कई छात्रों का कहना है कि पीपल और बरगद की पूजा भारतीय परंपरा और धार्मिक आस्था का हिस्सा है, इसलिए सीधे प्रतिबंध लगाने के बजाय प्रशासन को संतुलित समाधान निकालना चाहिए। विश्वविद्यालय ने नहीं जारी किया है कोई अधिकारिक बयान छात्रों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण आवश्यक है, लेकिन धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान होना चाहिए। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह मुद्दा कैंपस में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
जिले के NMDC मझगवां हिनोता क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ पति की मौत का सदमा बर्दाश्त न कर पाने के कारण एक 65 वर्षीय महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पूरे परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतिका की पहचान झुन्नी बाई यादव (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो NMDC मझगवां हिनोता की निवासी थीं। उनके पति स्वर्गीय बख्त सिंह यादव का करीब तीन महीने पहले एक लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था। पति के जाने के बाद से झुन्नी बाई कथित तौर पर गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रही थीं। मृतिका के पुत्र दशरथ ने बताया कि बीती रात झुन्नी बाई ने अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ देर बाद जब उन्हें लगातार उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजन आनन-फानन में महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। मृतिका अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, जिसमें दो लड़के दशरथ (34 वर्ष) और गणपत (30 वर्ष) हैं, जबकि एक शादीशुदा बेटी मथुरिया यादव (36 वर्ष) है। परिवार में इस अचानक हुई घटना से गहरा दुख है।

