कन्नौज में लापता युवक का पेड़ से लटका मिला शव:परिजनों में मचा कोहराम, पुलिस ने शुरू की जांच
कन्नौज के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के प्रेमपुर चौकी अंतर्गत ग्राम भरौली सिरकनेपुर में शुक्रवार सुबह एक 26 वर्षीय युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला। युवक गुरुवार शाम से लापता था। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने रात भर की थी तलाश मृतक की पहचान भरौली सिरकनेपुर निवासी मनीष कुमार (26) पुत्र रामविलास के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मनीष गुरुवार शाम करीब 4 बजे घर से अचानक गायब हो गया था। रात भर उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। आज सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए, तो उन्होंने गांव के बाहर एक आम के पेड़ पर सफेद गमछे के सहारे मनीष का शव लटका देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों और स्थानीय पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुंचे चौकी प्रभारी सूचना मिलते ही प्रेमपुर चौकी प्रभारी विशेष कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मनीष चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके बड़े भाई दिलीप और छोटे भाई विनय व शिवा हैं। परिवार में तीन बहनों की पहले ही शादी हो चुकी है। परिवार के सदस्य मनीष द्वारा उठाए गए इस कदम का कारण समझ नहीं पा रहे हैं। चौकी प्रभारी विशेष कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
शाहजहांपुर में एक युवक पिछले 12 घंटे से अधिक समय से मोबाइल टावर पर चढ़ा हुआ है। यह घटना तिलहर थाना क्षेत्र के कछियानी खेड़ा के पास की है। पुलिस और प्रशासन उसे नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। युवक गुरूवार की रात करीब 10 बजे चढ़ा था। पुलिस के अनुसार, युवक का मोबाइल हरियाणा में किसी ने छीन लिया था, जो बाद में वापस मिल गया। हालांकि, इस मामले में हरियाणा में एक शिकायत दर्ज की गई थी। युवक इसी बात से नाराज होकर टावर पर चढ़ा है। युवक की पहचान कटरा थाना क्षेत्र के बंशसान मोहल्ले निवासी आकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी पहचान कर उसके पिता गुड्डू यादव को मौके पर बुलाया है। पिता गुड्डू यादव ने बताया कि उन्हें टावर पर चढ़ने का पूरा कारण नहीं पता, लेकिन इतनी जानकारी है कि आकाश का हरियाणा में कुछ रुपये को लेकर विवाद हुआ था। वह 7 जुलाई को ही हरियाणा से वापस घर आया था। सीओ तिलहर इशिता सिंह ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, हरियाणा में उसके मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद एक शिकायत भी दर्ज हुई थी। युवक इसी से नाराज है। उन्होंने यह भी बताया कि युवक से ठीक से संपर्क नहीं हो पा रहा है, इसलिए सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
सतलुज फिल्म पर प्रतिबंध लगने के बाद पंजाब आतंकवाद के उस काले और खौफनाक दौर को लेकर बहस छिड़ गई है। विरोधी दल व कट्टरपंथी तात्कालिक मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के दादा बेअंत सिंह को घेर रहे हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने अब फ्रंट पर आकर लोगों को आतंकवाद के दौर के फोटो व वीडियो दिखाने शुरू कर दिए। रवनीत बिट्टू ने आज सोशल मीडिया पर दो पोस्ट की हैं। एक पोस्ट में उन्होंने राजपुरा में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल कांता और दूसरी पोस्ट में उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस में हुए रेडियो बम विस्फोट का वीडियो शेयर किया है। बिट्टू ने चुनौती दी है कि प्रिंसिपल निर्मल कांता की सरेआम स्कूल में की गई हत्या पर भी फिल्म बनाई जानी चाहिए। रवनीत सिंह बिट्टू ने का कहना है कि एकतरफा इतिहास को दिखाना गलत है। उस दौर के दोनों पक्ष दिखाए जाएं। बिट्टू का कहना है कि वो वीडियो व फोटो के जरिए 80 और 90 के दशक की सच्चाई को दिखा रहे हैं। इन पोस्ट्स के जरिए बिट्टू पंजाब के लोगों को यह याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उस समय आतंकवाद की आग में किस तरह बेकसूर और मासूम लोगों की बलि चढ़ाई गई थी। रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कही ये अहम बातें... यूपी रोडवेज की बस में रेडियो बम ब्लास्ट' का खौफ प्रिंसिपल निर्मल कांता की कहानी साझा करने के बाद बिट्टू यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से एक और भयावह वीडियो साझा किया, जिसने पंजाब और देश के लोगों के जेहन में उस दौर के खौफ को दोबारा जिंदा कर दिया। यह वीडियो उत्तर प्रदेश (यूपी) परिवहन निगम की एक बस में हुए 'रेडियो बम ब्लास्ट' से संबंधित है। 80 और 90 के दशक में आतंकवादियों द्वारा आम जनता में दहशत फैलाने का यह एक बेहद खौफनाक तरीका था। आतंकी अक्सर बसों, ट्रेनों, बाजारों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खिलौनों, ट्रांजिस्टर या रेडियो के भीतर आईईडी (IED) बम छिपाकर छोड़ देते थे। सफर कर रहे बेकसूर राहगीर, मासूम बच्चे या महिलाएं जैसे ही उत्सुकतावश या लावारिस समझकर उस रेडियो को हाथ लगाते या चालू करते, वैसे ही एक जोरदार धमाका होता था और पूरी बस क्षत-विक्षत हो जाती थी। इस पुराने वीडियो को शेयर कर बिट्टू ने यह दिखाने का प्रयास किया है कि कट्टरपंथ की राह पर चलने वालों का निशाना कोई सरकार या पुलिस नहीं, बल्कि वे आम और गरीब नागरिक थे जो रोजमर्रा की रोजी-रोटी के लिए बसों में सफर करते थे।
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के भांटापारा कुदुरमाल में टोनही प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पुलिस ने 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में उसकी देवरानी, पुत्री और पुत्र को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उरगा थाने में सत्यभामा वैष्णव (65), निवासी कुदुरमाल वार्ड क्रमांक-04 ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी देवरानी लक्ष्मीन वैष्णव उर्फ लक्ष्मी, उसकी पुत्री चंचल वैष्णव और पुत्र किशन वैष्णव उर्फ गोलू कई वर्षों से उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे। जादू-टोना बताकर पूरे मोहल्ले में किया बदनाम शिकायत के अनुसार, आरोपी रोज घर के सामने आकर गाली-गलौज करते थे। वे बुजुर्ग महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगाकर उन्हें टोना-टोटका करने वाली बताकर पूरे मोहल्ले में बदनाम करते थे। इतना ही नहीं, उनके दिवंगत पति को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। जान से मारने की धमकी भी दी पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें कई बार घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी। घर में कोई सामान खराब होने या कूलर जलने जैसी घटनाओं का दोष भी उन पर ही मढ़ा जाता था। लगातार प्रताड़ना के कारण वह और उनका बेटा राजेंद्र वैष्णव भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर थे। टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 3(5) तथा टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तीनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मीन वैष्णव उर्फ लक्ष्मी (45), चंचल वैष्णव (21) और किशन वैष्णव उर्फ गोलू (26) शामिल हैं। तीनों भांटापारा कुदुरमाल के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां जमानत नहीं मिलने पर जेल भेज दिया गया। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
महाराजगंज में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग राजस्व, पुलिस, बिजली, सड़क, सिंचाई, चिकित्सा, पेंशन, आवास और शिक्षा जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे थे। पंकज चौधरी ने प्रत्येक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से बात की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन प्रकरणों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आ रही है, तो उसका तत्काल समाधान किया जाएगा। चौधरी ने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न करने के निर्देश भी दिए। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने जनसुनवाई को केवल शिकायत सुनने की औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास का एक सशक्त माध्यम बताया। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के न्याय, सुरक्षा और विकास का लाभ मिले। चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए लागू की गई विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना से करोड़ों परिवारों को पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया गया है। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है, जबकि जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर जीवन स्तर को नई गति प्रदान की है।
हाथरस के सहपऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव धाधऊ में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। खेत की जुताई कर रहे एक किसान के ट्रैक्टर की सीट के नीचे जहरीला सांप निकल आया, जिसके बाद किसान ने कूदकर अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, गांव धाधऊ निवासी विनोद कुमार आज शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर ट्रैक्टर की सीट के नीचे बैठे एक जहरीले सांप पर पड़ी। सांप को अचानक देखकर वह घबरा गए। वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर.... विनोद कुमार ने बिना देर किए तुरंत ट्रैक्टर से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेस्ट गार्ड रवीन्द्र कुमार और केपी सिंह ने सावधानी बरतते हुए काफी प्रयास के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। पकड़े गए सांप को बाद में आबादी से दूर एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। इस घटना के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी एकत्र हो गई थी।
जनपद शामली में लगातार बारिश के बावजूद इस बार जलभराव की समस्या अपेक्षाकृत कम रही। नगर पालिका परिषद शामली ने बरसात से पहले नालों और नालियों की व्यापक सफाई कराई थी, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश स्थानों पर पानी की निकासी तेजी से हुई। वहीं, जिले के अन्य नगरों जैसे कैराना और कांधला में गंभीर जलभराव देखने को मिला, जहां सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कैराना, कांधला सहित कई कस्बों में सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हुई। कई स्थानों पर कार और बाइक पानी में तैरती नजर आईं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल ने बताया कि पहले बारिश के बाद शहर में दो-दो दिन तक पानी भरा रहता था। इस बार पहले से तैयारी करते हुए पालिका की दो जेसीबी मशीनों के अलावा दो जेसीबी किराए पर लेकर नालों की सफाई कराई गई। उन्होंने बताया कि इस विशेष सफाई अभियान पर लगभग 30 लाख रुपये का बजट खर्च किया गया। भविष्य में सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नगर पालिका ने दो नई जेसीबी मशीनें खरीदी हैं, जिनका शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। नाले के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों ने भी इस बार जल निकासी में सुधार की बात स्वीकार की। स्थानीय निवासी वसीम ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार बारिश का पानी काफी जल्दी उतर गया, क्योंकि नालों की सफाई पहले ही कर दी गई थी। हालांकि, वसीम ने यह भी कहा कि सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते, जिससे क्षेत्र में गंदगी बनी रहती है। वहीं, स्थानीय निवासी माई हैदर ने बताया कि पहले बारिश का पानी घरों तक पहुंच जाता था, लेकिन इस बार नाले की सफाई होने से पानी जल्द निकल गया। उन्होंने भी बारिश के साथ आए कूड़े-कचरे की समय पर सफाई न होने से परेशानी का जिक्र किया। बारिश के दौरान जहां जिले के कई नगर जलभराव से जूझते नजर आए, वहीं शामली शहर में पूर्व तैयारियों का असर देखने को मिला। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था के साथ-साथ नियमित सफाई व्यवस्था पर भी लगातार ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
बड़वानी जिले के अंजड़ की बदड़ा बसाहट में सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित 1100 परिवार पिछले 10-11 वर्षों से सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। बरसात में कच्चे रास्तों पर एक फुट तक कीचड़ भर जाने से लोगों का पैदल चलना और दोपहिया वाहन निकालना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कच्चे रास्तों पर चिकनी मिट्टी और पानी भरने से आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं। गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नाली नहीं, इसलिए रास्तों पर भरता है गंदा पानी रहवासियों के अनुसार बसाहट में गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। इसी वजह से रास्तों पर लगातार पानी और कीचड़ जमा रहता है। सतीश धनगर, कैलाश राठौड़, घनश्याम पाटीदार और जितेंद्र भालसे सहित कई ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की है। कई गांवों के लोगों का भी यही रास्ता इन रास्तों का उपयोग न केवल स्थानीय ग्रामीण बल्कि खेतों में जाने वाले और गोलाटा व अन्य गांवों के लोग भी करते हैं। धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में भी लोगों को इन्हीं रास्तों से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार मार्ग बनवाने या कम से कम मुरूम डलवाकर गड्ढों को भरने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों ने पंचायत और जिला प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण या कम से कम मुरूम डालकर गड्ढे भरने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजपुर एसडीएम कुमार सानू देवड़िया ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। ग्रामीणों ने जल्द पक्की सड़क और नालियों के निर्माण की मांग की है।
लोनार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निस्यौली गोपार में शुक्रवार सुबह एक विवाहिता की करंट लगने से मौत हो गई। सबीना (40) घर में पोछा लगा रही थीं तभी फर्राटा पंखे से करंट उतर आया। गंभीर रूप से झुलसी सबीना को तुरंत निजी अस्पताल फिर मेडिकल ले जाया गया, जहां सुबह 10:50 बजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निस्यौली गोपार निवासी छोटे भैया पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे उनकी पत्नी सबीना कमरे में पोछा लगा रही थीं। उस समय छोटे भैया अपने तीनों बेटों साहिल (18), खालिद (17) और शाहिद (15) के साथ खेत पर धान की रोपाई करने गए हुए थे। लगभग 15 मिनट बाद, सुबह 9:30 बजे जब परिवार के सदस्य काम निपटाकर घर लौटे तो बड़ा बेटा साहिल कमरे में गया। उसने देखा कि उसकी मां सबीना फर्राटा पंखे के ऊपर गिरी हुई थीं। साहिल ने जैसे ही अपनी मां को उठाने की कोशिश की, पंखे से आ रहे तेज करंट का झटका उसे भी लगा। साहिल के चिल्लाने पर अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और सूखी लकड़ी की मदद से सबीना को पंखे से अलग किया। तब तक सबीना करंट से बुरी तरह झुलस चुकी थीं। परिजन तुरंत सबीना को एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव देखकर सबीना की मां तमन्ना बदहवास हो गईं।शहर कोतवाल संजय त्यागी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है।
रायबरेली में एम्स के एक अस्पताल अटेंडेंट पर ड्यूटी के बाद घर लौटते समय हमला किया गया। थार गाड़ी में सवार होकर आए हमलावरों ने उन्हें लोहे की रॉड और डंडों से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना भदोखर थाना क्षेत्र में हुई। पीड़ित की पहचान प्रशांत शर्मा के रूप में हुई है, जो एम्स की न्यूरोसर्जरी ओपीडी में अस्पताल अटेंडेंट के पद पर तैनात हैं। प्रशांत ने आरोप लगाया है कि दिन में इलाज के लिए आए एक मरीज के तीमारदार से नंबर लगाने को लेकर उनका विवाद हुआ था। उस समय तीमारदार ने उन्हें बाहर देख लेने की धमकी दी थी। गुरुवार देर शाम प्रशांत अपनी ड्यूटी खत्म कर एम्स परिसर से बाहर निकले। तभी पहले से घात लगाए बैठे 6-7 लोगों ने उन्हें घेर लिया। हमलावर थार गाड़ी में आए थे। उन्होंने प्रशांत पर रॉड और डंडों से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही भदोखर थाना अध्यक्ष राकेश आनंद अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल कर्मचारी से पूछताछ की और उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है। एम्स के एक कर्मचारी पर हुए इस हमले से अस्पताल प्रशासन और अन्य कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एम्स के एपीआरओ डॉ. सौरभ ने बताया कि यह घटना गुरुवार शाम की है, जब स्टाफ ड्यूटी खत्म कर लौट रहा था और एम्स परिसर के बाहर सड़क पर कुछ लोगों ने मारपीट की। उन्होंने यह भी बताया कि विवाद डॉक्टर के पास नंबर लगाने को लेकर बढ़ा था, और ऐसी घटनाएं अक्सर स्टाफ के साथ होती रहती हैं।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। शुक्रवार तड़के जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुए दो मकान हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। मंसूरपुर थाना क्षेत्र में एक मकान की छत और दीवार गिरने से 60 वर्षीय महिला सरोज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति कृष्ण पाल गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं जानसठ तहसील क्षेत्र के जटवाड़ा गांव में एक अन्य मकान गिरने से तीन लोग घायल हो गए, जिनमें एक वर्षीय मासूम बच्चा भी शामिल है। मंसूरपुर क्षेत्र में यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब चार बजे हुआ। बताया गया कि सरोज और उनके पति कृष्ण पाल अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान लगातार बारिश के चलते कमरे की दीवार, गाडर और पत्थर की सिल्ली से बनी छत अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। मलबे में दबने से सरोज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कृष्ण पाल गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय दंपति का 20 वर्षीय बेटा आकाश दूसरे कमरे में सो रहा था, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मलबा हटवाकर घायल को बाहर निकाला तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, जानसठ तहसील के जटवाड़ा गांव में भी लगातार बारिश के कारण एक मकान ढह गया। इस हादसे में गुलशेर, उनकी पत्नी बानो और उनका एक वर्षीय पुत्र मोहम्मद अहमद घायल हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ भिजवाकर उपचार शुरू कराया। लगातार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में कच्चे और जर्जर मकानों को खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से जर्जर भवनों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में गुरुवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विशालकाय मगरमच्छ नहर से निकलकर आबादी वाले इलाके में घुस आया। यह घटना ड्यूनी डैम मार्ग पर स्थित कैंचू टांडा गांव के पास रात करीब 11 बजे हुई। वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। मगरमच्छ रेंगते हुए सीधे नहर किनारे बनी दुकानों के पास पहुंच गया। एक आदमखोर प्रजाति के जीव को अपने बीच देख स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और पूरे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस और वन विभाग को इसकी सूचना दी। आबादी में मगरमच्छ की सूचना मिलते ही अमरिया थाना प्रभारी अमित सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने लाउडस्पीकर और टॉर्च की मदद से ग्रामीणों को मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मगरमच्छ को देखने के लिए इकट्ठा हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने नियंत्रित किया। सूचना के कुछ ही देर बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। वन दरोगा शैलेंद्र यादव और कौशेंद्र यादव के नेतृत्व में वनकर्मी रामौतार, बेनीराम और राम कैलाश ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगरमच्छ आक्रामक रुख अपना रहा था। हालांकि, वन विभाग की टीम ने सूझबूझ और पूरी सावधानी बरतते हुए करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद उसे रस्सी और जाल की मदद से सुरक्षित काबू कर लिया। मगरमच्छ को काबू में करने के बाद उसे वन विभाग के मजबूत पिंजरे में बंद किया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास (नदी/डैम) में छोड़ने के लिए ले जाया गया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ही आधी रात को स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि नदी-नहरों के किनारे बसे लोग रात के समय सतर्क रहें।
बाड़मेर में नेशनल हाईवे-25 पर शुक्रवार सुबह 10 बजे डंपर और पिकअप के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई। जिससे पिकअप 3 फीट तक पिचक गई। इस हादसे में ड्राइवर और उसका साथी अंदर ही फंस गए। लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाला गया। घटना बाड़मेर जिले के बायतु थाना इलाके दर्जियों की ढाणी की है। सूचना पर बायतु पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को बायतु हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। एक हालात गंभीर बताई जा रही है। गांव से सब्जी लेकर बाड़मेर आए थे ASI तेजाराम ने बताया- जोधपुर मथानिया, रामपुरा गांव निवासी अंकित पुत्र पपुराम और उसका साथी कैशाराम पुत्र मुनाराम दोनों सब्जी व्यापारी है। गांव से सब्जी लेकर बाड़मेर आए थे। बाड़मेर से सुबह करीब 10 बजे वापस मथानिया जोधपुर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान नेशनल हाईवे 68 पर सामने से आ रहे डंपर ने पिकअप को टक्कर मार दी। जिससे पिकअप के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप आगे से करीब 3 फीट तक पिचक गई। वहीं दोनों अंदर की तरफ फंस गए। कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला ASI तेजाराम ने बताया- हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गेट तोड़कर कड़ी मशक्कत के दोनों को बाहर निकाला गया। वहां से एम्बुलेंस की मदद से बायतु हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां पर प्राथमिक उपार के बाद दोनों को बालोतरा हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। इधर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर ट्रैफिक को सुचारू रूप से शुरू करवाया गया। इस दौरान ASI तेजाराम ने बताया- दोनों घायल को बालोतरा रेफर किया गया है। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इनपुट : प्रकाश चौधरी
राज्य सरकार की ओर से जारी ट्रांसफर सूची में पाली के ASP निशांत भारद्वाज का तबादला ATS जोधपुर कर दिया गया है। उनकी जगह एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में तैनात ओमप्रकाश चौधरी को पाली का नया ASP लगाया गया है। राज्य सरकार ने गुरुवार को ASP स्तर के अधिकारियों की ट्रांसफर सूची जारी की, जिसमें कुल 49 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसी सूची में पाली ASP निशांत भारद्वाज का नाम भी शामिल है। निशांत भारद्वाज को ASP ATS जोधपुर के पद पर लगाया गया है। वे कुछ महीने पहले ही पाली में ASP के रूप में तैनात हुए थे, लेकिन अब उनका फिर से ट्रांसफर कर दिया गया है। वहीं ओमप्रकाश चौधरी ACB से ट्रांसफर होकर पाली आ रहे हैं। उनके पाली पहुंचने के बाद वे जिले के नए ASP के रूप में कार्यभार संभालेंगे। राज्य सरकार की ओर से जारी इस सूची के बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर नई जिम्मेदारियों के अनुसार अधिकारियों की पदस्थापन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मंदसौर में दिनभर गर्मी के बाद बरसे बादल:7.37 इंच बारिश दर्ज, अगले 4 दिन बारिश के आसार
दसौर जिले में गुरुवार को दिनभर तेज धूप और उमस से लोग बेहाल रहे, लेकिन देर रात मौसम ने करवट ली और जिलेभर में हल्की बारिश हुई। बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। दिनभर गर्मी, रात में हुई बूंदाबांदी गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और उमस का असर बना रहा। पिछले तीन दिनों से जिले में दिन के समय गर्मी और शाम या रात में बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार को भी देर रात हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। कई क्षेत्रों में हुई बारिश जिला मुख्यालय के साथ-साथ मल्हारगढ़, सुवासरा, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, सुंठोद और बरखेड़ा सहित आसपास के कई इलाकों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत महसूस की। अगले चार दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 जुलाई को जिले में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 12 से 14 जुलाई के बीच भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। अब तक 7.37 इंच बारिश दर्ज इस मानसून सीजन में अब तक मंदसौर जिले में करीब 7.37 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब एक इंच कम है। येलो अलर्ट जारी, लोगों को सावधानी की सलाह मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मुकीमपुर के ग्रामीणों ने डीएम से की शिकायत:सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, जल निकासी बाधित
बागपत जिले के बड़ौत तहसील क्षेत्र के मुकीमपुर गांव में सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि गांव की खसरा संख्या 3027-ख, जो सार्वजनिक जलमग्न भूमि और श्रेणी 6-2 की है, उस पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अतिक्रमण के कारण गांव की जल निकासी व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बरसात के मौसम में पानी की निकासी न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और वहां सफाई व खुदाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था बहाल की जाए। शिकायती पत्र में ग्रामीणों मनीष सिंह मंगालसेन अर्जुन सत्यवीर अनिल यह भी दावा किया है कि प्रशासन द्वारा पहले दी गई कुछ रिपोर्टें जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराने की मांग करते हुए कहा कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर भेजकर स्थिति की जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित भूमि ग्राम समाज की संपत्ति है और उस पर किसी भी व्यक्ति का निजी कब्जा कानूनी रूप से उचित नहीं है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए प्रशासन से नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मोहित कुमार और अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त इस प्रार्थना पत्र में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस बार भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण न्यायालय की शरण लेने के लिए विवश होंगे। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
अमरोहा जनपद के देहात थाना क्षेत्र के गांव हादरपुर जमानिया में एक युवक द्वारा अवैध तमंचे के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में युवक अपने हाथ में अवैध तमंचा लहराते हुए स्टाइल दिखाता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि युवक अपनी सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग बढ़ाने के उद्देश्य से इस तरह की रील बनाकर पोस्ट कर रहा था। वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान विकास के रूप में हुई है, जो हादरपुर जमानिया गांव का ही निवासी बताया जा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि खुलेआम हथियार के साथ वीडियो बनाने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सर्किल सीओ अवधभान सिंह भदौरिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच पड़ताल पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
झांसी में एक युवक ने 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की। 7 जुलाई को वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी। तभी आरोपी आया और हाथी दिखाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। सूनी गली में कार में ओट में बच्ची से दरिंदगी की। फिर लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया। खून से सनी बच्ची को देखकर परिजन सक पका गए। शुक्रवार सुबह बच्ची ने आरोपी को पहचान लिया। तब लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
उन्नाव में पोनी रोड चौड़ीकरण परियोजना का विरोध तेज हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा मकानों और दुकानों पर नोटिस चस्पा किए जाने के बाद स्थानीय व्यापारी और निवासी लगातार अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। शुक्रवार को व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि सड़क चौड़ीकरण से पहले उन्हें पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके रोजगार और परिवार की आजीविका प्रभावित न हो। स्थानीय निवासी सरिता साहू ने बताया कि वे सड़क चौड़ीकरण को विकास के लिए आवश्यक मानती हैं और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पहले 9 मीटर तक भूमि अधिग्रहण की बात थी, जिसे अब 8 मीटर कर दिया गया है। इसके बावजूद लोगों को अपने मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक पंकज गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा कर लोगों को आश्वस्त किया था कि केवल लगभग चार फुट तक ही निर्माण प्रभावित होगा। स्थानीय व्यापारी राजू लाला, जो पिछले लगभग 20 वर्षों से किराए की दुकान में गारमेंट्स का कारोबार कर रहे हैं, ने किराएदार व्यापारियों के लिए गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि दुकानें टूट जाती हैं, तो यह अनिश्चित है कि मकान मालिक उन्हें दोबारा दुकान देंगे या नहीं, जिससे उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र में कई लोग पिछले 40 से 50 वर्षों से छोटी-छोटी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वर्तमान में नई दुकानें पांच हजार रुपये प्रतिमाह से कम किराए पर मिलना मुश्किल है। ऐसे में अचानक दुकानें हटने से उनका व्यवसाय बंद हो सकता है और परिवार आर्थिक संकट में आ सकते हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की एक स्पष्ट योजना बनाई जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाता है और पर्याप्त समय दिया जाता है, तो वे इस परियोजना का समर्थन करेंगे। उधर, प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना जनहित में है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि प्रभावित लोगों की आपत्तियों और मांगों पर भी नियमानुसार विचार किया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में चौड़ीकरण को लेकर लोगों की चिंताएं बनी हुई हैं और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।
पन्ना जिले में आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर ऊषा परमार ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को समय रहते जरूरी इंतजाम पूरे करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि आपात स्थिति में जनहानि और किसी भी तरह के नुकसान को रोका जा सके। डूब प्रभावित इलाकों के लिए बनेगी विस्थापन योजना कलेक्टर ने बैठक में आपदा के समय तुरंत एक्शन लेने पर जोर दिया। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे डूब प्रभावित और निचले इलाकों की पहचान कर वहां रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों या अस्थायी राहत शिविरों में भेजने की कार्ययोजना पहले से तैयार रखें। सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत प्राथमिकता से करने के निर्देश बैठक में लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों को मानसून से पहले सभी जरूरी सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत का काम प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ के दौरान फैलने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सिल्वर फॉल और बृहस्पति कुंड पर होगी विशेष निगरानी कलेक्टर ने जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और जलप्रपातों, जैसे सिल्वर फॉल और बृहस्पति कुंड पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारी रहेंगे अलर्ट मोड पर कलेक्टर ऊषा परमार ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने तथा सटीक सूचना मिलते ही आपसी तालमेल के साथ तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और जनपद पंचायत सीईओ उपस्थित रहे।
चंदौली में भारतीय किसान यूनियन (पूर्वांचल) के पदाधिकारियों और किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जगत साई से मुलाकात की। किसानों ने मझगावा माइनर में गेट लगाने और बंधी से निकले माइनर में कुलावा बनाकर सिंचाई व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। प्रभारी जिलाधिकारी ने मामले का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। भाकियू (पूर्वांचल) के जिलाध्यक्ष बलदाऊ सिंह यादव ने बताया कि नौगढ़ तहसील के मझगावा समेत आसपास के गांवों की सिंचाई समस्या को लेकर 17 जून को आयोजित किसान दिवस में भी मांग उठाई गई थी। इसके बाद 22 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में भी अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पानी नहीं मिला तो सिंचाई होगी प्रभावित किसानों का कहना है कि मझगावा माइनर में कुलावा लगाकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। यदि बंधी में पर्याप्त पानी नहीं रहेगा तो सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी, जिससे किसानों के सामने चारे और खेती से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। 70-80 किमी सफर कर मुख्यालय पहुंचते हैं किसान किसानों ने आरोप लगाया कि जंगल क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। उन्हें अपनी मांगों को लेकर 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग की। जल्द समाधान का मिला आश्वासन प्रभारी जिलाधिकारी जगत साई ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने और जल्द समाधान कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान मेवालाल, परमात्मा, शंभूनाथ सिंह, अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
5 किसानों को दी ₹1.87 लाख की सहायता राशि:मुख्यमंत्री खेतीहर मजदूर योजना; जींद में चेक किए वितरित
जींद जिले के उचाना में मुख्यमंत्री खेतीहर मजदूर योजना के तहत पांच किसानों को कुल 1 लाख 87 हजार 500 रुपए की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। मार्केट कमेटी उचाना के चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने ये चेक प्रदान किए। इस दौरान तारखा के प्रदीप, घसो के बिजेंद्र, लोधर के रणधीर, बड़ौदा के देवेंद्र और घोघड़िया के रोहित को 37,500-37,500 रुपए के चेक दिए गए। इन किसानों को खेती के दौरान दुर्घटना में अंग-भंग होने पर यह सहायता मिली है। योजना के तहत दी सहायता राशि चेयरमैन खरकभूरा ने बताया कि हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री खेतीहर मजदूर योजना खेती के दौरान दुर्घटना में मृत्यु या अंग-भंग होने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए और अंग-भंग की गंभीरता के अनुसार 37,500 रुपए से लेकर 1.25 लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाती है। दो महीने के भीतर करना होगा आवेदन उन्होंने बताया कि किसी भी घटना के घटित होने पर मार्केट कमेटी कार्यालय में दो महीने के भीतर आवेदन करना होता है। चेयरमैन ने किसानों और उनके परिजनों से अपील की कि यदि खेत में कार्य करते समय किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो पोस्टमार्टम अवश्य करवाएं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना इस सरकारी योजना के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन संभव नहीं है। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव योगेश, रविंद्र, हरिकेश चहल, मंडी सुपरवाइजर रमेश और संजय सैन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मुज़फ्फ़रनगर में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे डायल-112 की एक पुलिस गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। घटना मंसूरपुर थाना क्षेत्र में मंसूरपुर गांव से पहले छोटे रजवाहे के पास हुई, जहां एक इवेंट पर जा रही PRV-5909 मोड़ पर असंतुलित होकर सड़क से नीचे गहरे खेत में पलट गई। जानकारी के अनुसार, थाना सिखेड़ा क्षेत्र के कस्बा इलाके में तैनात डायल-112 टीम को मंसूरपुर क्षेत्र से एक इवेंट प्राप्त हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। बताया जा रहा है कि बिहारी की ओर से मंसूरपुर जाते समय एक मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और पीआरवी सड़क से उतरकर खेत में पलट गई। हादसे में वाहन चला रहे कांस्टेबल प्रवीण, कांस्टेबल हरेंद्र और कांस्टेबल बसंत को आंशिक चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि किसी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं लगी। किसी तरह से तीनों पुलिसकर्मी बाहर निकले और मामले की जानकारी आलाधिकारियों को दी। घटना की सूचना मिलते ही मंसूरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से डायल-112 वाहन को खेत से बाहर निकलवाया और घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई या फिर उसके ब्रेक फेल हुए।
मध्य प्रदेश में अखिल भारतीय सेवा (आईएएस, आईपीएस, आईएफएस) के अधिकारियों को जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) दिए जाने के बाद अब प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स भी इसी तिथि से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से जल्द घोषणा करने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और सरकार राहत दे नहीं रही। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने एक करोड़ से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दे चुकी है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश में कार्यरत करीब 850 अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को भी केंद्रीय दर से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत कर दिया गया है। ऐसे में प्रदेश के अन्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी समान लाभ मिलना चाहिए। 12 लाख से अधिक कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलेगा लाभ कर्मचारी संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 7.50 लाख कार्यरत कर्मचारियों और 4.50 लाख पेंशनर्स को इसका लाभ मिलना चाहिए। वर्तमान में कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। संगठन ने इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की मांग की है। बढ़ती महंगाई का दिया हवाला उमाशंकर तिवारी ने कहा कि महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का उद्देश्य बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना होता है। उन्होंने बताया कि मार्च से जून के बीच घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 89 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मई महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई, जबकि खाद्य पदार्थ भी लगातार महंगे हुए हैं। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग कर्मचारी संगठन ने राज्य सरकार से मांग की है कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की तरह प्रदेश के सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने के आदेश जल्द जारी किए जाएं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
फतेहपुर में मोबाइल लोन विवाद:ग्राहक और दुकानदार में मारपीट, दुकान में तोड़फोड़, CCTV फुटेज सामने आया
फतेहपुर जिले में एक मोबाइल फोन के भुगतान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। थरियांव थाना क्षेत्र के कस्बे में गुरुवार के दिन शाम ग्राहक और दुकानदार के बीच हुई मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कस्बे में स्थित अंकित टेलीकॉम से सुशील कुमार नामक युवक ने लोन पर एक मोबाइल फोन खरीदा था। सुशील का आरोप है कि उसे 16,000 रुपये कीमत का फोन दिया गया, लेकिन उसके नाम पर 22,000 रुपये का लोन कर दिया गया। सुशील गुरुवार को फोन बदलने और लोन की राशि को लेकर बात करने दुकान पहुंचा। आरोप है कि वहां दुकानदार और दुकान में मौजूद करीब सात कर्मचारियों ने उसे और उसके दो साथियों को बंधक बनाकर मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को छुड़ाकर स्थिति को शांत कराया। दूसरी ओर, दुकानदार रामबाबू ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मोबाइल लोन के भुगतान को लेकर कुछ गलतफहमी थी, जिसे समझाया जा रहा था। इसी बीच, सुशील अपने दो साथियों के साथ दोबारा दुकान पर पहुंचा और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया। दुकानदार के अनुसार, हमलावरों ने दुकान में जमकर तोड़फोड़ की, सामान क्षतिग्रस्त कर दिया और उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मोबाइल फोन के लोन को लेकर दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी थी। प्रारंभिक विवाद के बाद दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया गया था,लेकिन बाद में युवक द्वारा साथियों के साथ दुकान पर हमला कर तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने की शिकायत मिली है। शुक्रवार को दुकानदार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मारपीट का पूरा वाक्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
गोंडा जिले में ढेमवाघाट मार्ग पर लगा अस्थाई पीपा पुल हटाए जाने के बाद गोंडा से अयोध्या और अयोध्या से गोंडा आने-जाने वाले लोगों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण मार्ग पर पानी भर गया है। नाव सेवा शुरू न होने से लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। आज शुक्रवार सुबह 11 बजे की कुछ सामने आई तस्वीरों में देखा गया कि कुछ लोग मोटरसाइकिल चलाते हुए पानी के तेज बहाव में आ-जा रहे थे, जबकि कुछ अन्य लोग अपनी मोटरसाइकिलें बिना चलाए पैदल ही पानी के बीच से गुजर रहे थे। कई लोग पैदल ही ढेमवाघाट मार्ग को पार करने का प्रयास कर रहे थे, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ था। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण ढेमवाघाट मार्ग पर काफी पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। नदी में पानी बढ़ने के कारण ही अस्थाई पीपा पुल को भी हटा दिया गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि चार साल पहले ढेमवाघाट पुल भीषण बाढ़ की चपेट में आने से बह गया था। 5 तस्वीरें देखिए- तब से यहां पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी पुल नहीं बन पाया है। स्थानीय निवासियों, जिनमें मनीष और दिनेश शामिल हैं, ने मांग की है कि लोगों की आवाजाही के लिए जल्द से जल्द नाव सेवा शुरू की जाए, ताकि उन्हें जान जोखिम में न डालना पड़े। इस संबंध में, एसडीएम तरबगंज ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नाव सेवा शुरू की जाएगी लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है।
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को प्रस्तावित है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। प्रशासन ने वीआईपी दौरे को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने शुक्रवार को बताया कि उद्घाटन समारोह का मुख्य आयोजन लखनऊ में निर्धारित किया गया है। हालांकि, कार्यक्रम के तहत उन्नाव जनपद की सीमा में एक्सप्रेसवे पर विकसित की गई विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगभग 51 किलोमीटर के पास बनाए गए फैसिलिटी प्वाइंट पर वीआईपी कार्यक्रम प्रस्तावित है। यहां एक्सप्रेसवे से जुड़ी सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद वीआईपी लखनऊ के लिए रवाना होंगे। जिलाधिकारी के अनुसार, प्रशासन सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, चिकित्सा, अग्निशमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारियों को कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वीआईपी आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही है। संभावित भ्रमण स्थलों, फैसिलिटी प्वाइंट और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। हालांकि, जिलाधिकारी ने हेलीपैड या अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने दोहराया कि फिलहाल प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 51 किलोमीटर स्थित फैसिलिटी प्वाइंट पर निरीक्षण होगा और इसके बाद उद्घाटन समारोह लखनऊ में आयोजित किया जाएगा।
सिवानी में नई सड़क बनते ही खोद डाली:PWD-PHED के तालमेल की खुली पोल; मेनहोल खोजने के लिए खुदाई
भिवानी जिले के सिवानी मंडी में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा हाल ही में बनाई गई नई सड़क को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने मेनहोल के ढक्कन तलाशने और उन्हें ऊपर लाने के लिए जगह-जगह से खोद दिया है। इससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति शहर में लंबे समय से देखी जा रही है, जहां पहले सड़क का निर्माण कर दिया जाता है और फिर पानी, सीवर या अन्य भूमिगत कार्यों के लिए उसी नई सड़क को खोद दिया जाता है। विभागों के बीच समन्वय की कमी इसका मुख्य कारण मानी जा रही है। जल्दबाजी में कराया था सड़क निर्माण सिवानी में तहसील परिसर के सामने से रुपाणा रोड तक बनाई गई है। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी ने पिछले दिनों बरसात के मौसम में जल्दबाजी में इस सड़क का निर्माण कराया था। सड़क का कार्य पूरी तरह संपन्न होने से पहले ही पीएचईडी को सीवर के मेनहोल के ढक्कन ढूंढने के लिए इसे काटना पड़ा। सीवर के कई मेनहोल सड़क के नीचे दबे स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान सीवर के कई मेनहोल सड़क के नीचे दब गए थे। अब इन्हें बाहर निकालने के लिए नई सड़क को तोड़ा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि दोनों विभागों के बीच पहले से उचित समन्वय होता, तो सरकारी धन और समय दोनों की बचत हो सकती थी। इस बीच, नई सड़क बनने के बावजूद सीवर व्यवस्था सुचारु नहीं हो पाई है। कई स्थानों पर सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन ड्राइवरों को भारी असुविधा हो रही है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। वकील कॉलोनी के लोग भी परेशान जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा वकील कॉलोनी के निवासी भी भुगत रहे हैं। कॉलोनी की गलियों का पानी सड़क किनारे जमा होने से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के जेई दीपक मालिक ने बताया कि इस सड़क का निर्माण सीसी का होना था जिसके लिए मेनहोल साथ - साथ लगते। लेकिन पीडब्ल्यूडी ने सड़क को ब्लॉक ईंटों का रातों रात बना दिया। जिसके कारण ये समस्या बनी। इस बारे में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जंगबीर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
हमीरपुर जिले की राठ कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव में घरेलू विवाद के दौरान एक महिला ने अपने देवर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने सास-ससुर पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। मवई गांव निवासी सपना पत्नी रामबाबू ने शुक्रवार दोपहर राठ कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर में बताया कि घरेलू विवाद के दौरान उसका देवर उसे गंदी-गंदी गालियां देने लगा। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी, जिससे उसके शरीर में चोटें आईं। महिला का आरोप है कि मारपीट के बाद उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उसके सास-ससुर भी देवर का पक्ष लेते हैं और उसे लगातार प्रताड़ित करते रहते हैं। परेशान होकर उसने पुलिस से न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में राठ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि महिला की तहरीर प्राप्त हुई है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी में करंट से किशोर की मौत:बारिश के दौरान केबल छू गया; रो-रोकर परिवार बेहाल
बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय किशोर की विद्युत करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना पूरे अहिरन मजरे सकौली गांव में हुई, जहां घर के बाहर काम कर रहा किशोर बारिश के दौरान विद्युत केबल में उतरे करंट की चपेट में आ गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पूरे अहिरन मजरे सकौली गांव निवासी शिवांश यादव (14) पुत्र धारानाथ यादव शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे अपने घर के बाहर कुछ काम कर रहा था। इसी दौरान वह विद्युत केबल में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया। घटना के समय क्षेत्र में बारिश हो रही थी, जिससे यह हादसा हुआ। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत शिवांश को बचाने का प्रयास किया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता धारानाथ यादव ने बताया कि उनका बेटा घर के बाहर काम कर रहा था, तभी अचानक केबल में करंट उतर आया। चचेरे भाई चंद्रशेखर यादव ने बताया कि बारिश के कारण केबल में करंट आ गया था और जब तक लोग उसे बचाने के लिए पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट के अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र ने पुष्टि की कि किशोर को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। कोतवाली प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को अस्पताल भेजा गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है। शिवांश की असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बारिश के दौरान विद्युत लाइनों और खुले केबलों के प्रति सावधानी बरतने की अपील की है।
बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत सीहामऊ के प्राथमिक विद्यालय के बाहर मानसून की पहली बारिश के बाद जलभराव हो गया है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण छात्र-छात्राओं को गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। शुक्रवार को बच्चों को अपने बैग और किताबें बचाते हुए पानी पार कर विद्यालय जाते देखा गया। छात्रों ने बताया कि गेट के बाहर घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे उन्हें स्कूल पहुंचने में काफी कठिनाई होती है। जलभराव के कारण कई बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच सके। विद्यालय में कुल 91 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि शुक्रवार को केवल 20 बच्चे ही उपस्थित रहे। विद्यालय में पांच शिक्षक तैनात हैं। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्रा ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय का निरीक्षण कराकर मुख्य गेट के बाहर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी।
कोटा शहर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। आरकेपुरम थाना पुलिस ने 129 किलो 430 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बोलेरो पिकअप भी जब्त कर ली है। नयागांव पुलिया के पास नाकाबंदी पुलिस एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली कि बोराबास की ओर से एक बोलेरो पिकअप में संदिग्ध सामग्री भरकर कोटा लाई जा रही है। सूचना मिलते ही आरकेपुरम थाना पुलिस और बोराबास चौकी की टीम ने नयागांव पुलिया के पास नाकाबंदी की। घेराबंदी कर रुकवाई पिकअप पुलिस को देखकर चालक वाहन को तेज गति से भगाकर टैगोर नगर की ओर ले गया। पुलिस ने पीछा करते हुए निर्माणाधीन श्मशान घाट के पास वाहन को घेरकर रोक लिया। वाहन में सवार दोनों आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। डोडा-चूरा से भरे 5 कट्टे बरामद पूछताछ में आरोपियों ने वाहन में पशुओं का भूसा होना बताया, लेकिन तलाशी लेने पर भूसे के नीचे छिपाकर रखे गए पांच प्लास्टिक कट्टे बरामद हुए। जांच में कट्टों से कुल 129 किलो 430 ग्राम अफीम डोडाचूरा मिला। पुलिस ने मादक पदार्थ और बोलेरो पिकअप को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बोराबास निवासी शैतान गुर्जर (25) और रमेश गुर्जर (27) के रूप में हुई है। पुलिस अब इस खेप के स्रोत, खरीद-फरोख्त और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पार्टी के सभी प्रकोष्ठों की प्रदेश कार्यसमिति बैठक शुरू हो गई है। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक और पदाधिकारी शामिल हुए हैं। बैठक में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों और संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत बनाने की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। प्रकोष्ठों के कामकाज की समीक्षा बैठक में अलग-अलग प्रकोष्ठों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से चलाए जाने वाले अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियों का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा। प्रकोष्ठों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पार्टी की योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर दिशा-निर्देश देंगे। प्रकोष्ठों के माध्यम से सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर रहेगा। प्रकोष्ठों से लेंगे फीडबैक बैठक ऐसे समय हो रही है, जब 13 जुलाई से प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसके अलावा पार्टी आने वाले महीनों में कई संगठनात्मक और जनसंपर्क कार्यक्रमों की तैयारी में जुटी है। ऐसे में इस बैठक को संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में विभिन्न प्रकोष्ठों से फीडबैक लेने के साथ उनके सुझावों पर भी चर्चा की जा रही है, ताकि आगामी कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के तिलकेजा स्थित आमापाली में देवांगन ऑटो पार्ट्स की दुकान में देर रात भीषण आग लग गई। आग में दुकान के बाहर और अंदर रखे 4 मोटरसाइकिल, 2 स्कूटी और 2 साइकिल पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दुकान संचालक सुनील कुमार देवांगन ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। सबसे पहले दुकान के आंगन में खड़े वाहन आग की चपेट में आए, जिसके बाद लपटें दुकान के अंदर रखे ऑटो पार्ट्स और घर की ओर बढ़ने लगीं। ग्रामीणों ने आधे घंटे की मशक्कत से बुझाई आग घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सभी ने बाल्टी और पाइप की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक दुकान में रखा सामान पूरी तरह जल चुका था। वाहन और ऑटो पार्ट्स हुए राख आग में 4 बाइक, 2 स्कूटी, 2 साइकिल, बड़ी मात्रा में ऑटो पार्ट्स, टायर-ट्यूब और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। दुकान संचालक के अनुसार, इस घटना से करीब 5 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। आग के कारणों की जांच शुरू आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। दुकान संचालक ने उरगा थाने में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की आशंका जताई है। पुलिस ने जुटाए सबूत उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जाएगी।
फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र में आपसी विवाद के एक बाद पलंबर ने कथित तौर पर तालाब में छलांग लगा दी। इससे उसकी मौत हो गई। पलंबर का शव शुक्रवार सुबह तालाब से बरामद हुआ। इसके बाद घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मामले में कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने लोगों को शांत कराते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया। जानकारी के अनुसार, गांव सनियाना निवासी पलंबर विपिन कुमार (33) का मंगलवार को गांव के ही कुछ लोगों के साथ आपस में झगड़ा हो गया था। अगले दिन बुधवार को पुलिस भी गांव में गई थी। आरोप है कि आरोपियों ने दूसरे दिन भी पुलिस के सामने झगड़ा किया। बाद में डंडे लेकर विपिन कुमार के पीछे लग गए। परिजनों के अनुसार, विपिन कुमार अपनी जान बचाने के लिए भागने लगा तो आगे तालाब था। सुबह ग्रामीणों ने देखा शव उसने तालाब में सीधी छलांग लगा दी। पहले ग्रामीणों और परिजनों को लगा कि तालाब से निकल कर वह कहीं चला गया होगा। बाद में लौट आएगा। मगर उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे किसी ग्रामीण ने शव को देखा। तालाब में किनारे के पास विपिन कुमार की गर्दन धंसी हुई थी। इसके बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई और शव को तालाब से बाहर निकाला गया। दो बेटों का पिता था पलंबर परिजनों के मुताबिक, विपिन कुमार के परिवार में दिव्यांग पिता प्रकाश दहिया, मां कमला, पत्नी रीना और 2 बेटे हैं। बड़ा बेटा 8 साल का जबकि छोटा 6 साल का है। विपिन ही परिवार का सहारा थे। वह गांव में पलंबरिंग का काम करके परिवार का गुजारा चला रहे थे। विपिन कुमार के छोटा भाई भी था, लेकिन उसका 3 साल पहले हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था। एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े परिजन शुक्रवार को शव मिलने के बाद गुस्साए परिजन भूना थाने में पहुंच गए। परिजनों में मृतक की मां कमला देवी, पत्नी रीना और ताऊ का बेटा वीरभान आदि ने पुलिस से तत्काल आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनको गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिसकर्मियों के साथ उनकी बहस भी हो गई। एक पुलिसकर्मी ने उन्हें सुरक्षा देने की बात कही तो परिजनों ने रोष जताते हुए कहा कि पुलिस के कारण ही विपिन को जान गंवानी पड़ी है। अगर पुलिस झगड़े के मामले में पहले दिन ही सख्त कार्रवाई कर देती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। परिजनों के अनुसार, विपिन के साथ झगड़ा करने वाले गांव के ही 20-25 लोग थे। जिन पर वे एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि जब तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक पोस्टमॉर्टम कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।
बुरहानपुर पंचायत में 1.19 लाख की खरीदी पर सवाल:जांच दल गठित, सरपंच-सचिव पर लगे अनियमितता के आरोप
बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांडवा में सामग्री खरीदी और विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। उप सरपंच, पंचों और ग्रामीणों की शिकायत पर खकनार जनपद पंचायत ने जांच दल का गठन किया है। टीम एक-दो दिन में मौके पर पहुंचकर खरीदी, भुगतान और कराए गए कार्यों की जांच करेगी। ग्रामीणों ने खरीदी और भुगतान पर उठाए सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच तुलसीराम अलावे और सचिव सुनील महाजन ने मांडवा हाईस्कूल परिसर में पाइपलाइन विस्तार के नाम पर करीब 1.19 लाख रुपए की राशि निकाली, लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं कराया गया। इसी तरह पटेल मोहल्ले में भी सामग्री खरीदी और विकास कार्यों को लेकर अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। जनसुनवाई के बाद ग्रामसभा में फिर उठा मामला इस मामले की शिकायत मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में की गई थी। उस दौरान सचिव ने आरोपों को गलतफहमी बताया था। हालांकि, गुरुवार को आयोजित ग्रामसभा में उप सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने दोबारा इस मुद्दे को उठाया। आरोप है कि सरपंच और सचिव शिकायतों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी उप सरपंच सुनील सोलंकी ने ग्रामसभा में कहा कि पंचायत के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात भी कही। ग्रामसभा में किसी प्रकार का प्रस्ताव पारित नहीं होने पर पंचों और ग्रामीणों ने भी नाराजगी जताई। जांच के लिए इंजीनियरों की टीम गठित खकनार जनपद पंचायत के सीईओ सुनीत बघेल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद सहायक इंजीनियर (AE), सब इंजीनियर और एसडीओ को शामिल करते हुए जांच दल का गठन किया गया है। टीम जल्द ही ग्राम पंचायत पहुंचकर सभी शिकायतों, भुगतान, खरीदी और विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी। जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई जनपद पंचायत का कहना है कि जांच दल की रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पिंजौर में मकान से जेवर और कैश चोरी:दंपती काम पर गए थे; दोपहर को लौटने पर टूटा मिला ताला
पंचकूला जिले के पिंजौर के गांव गोरखनाथ कडुआ में दिनदहाड़े एक घर से लाखों रुपए के सोने-चांदी के गहने और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। अज्ञात चोर घर से सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सुरजन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उनकी पत्नी माया देवी दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं। वीरवार सुबह वे दोनों अपने-अपने काम पर चले गए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे जब उनकी पत्नी माया देवी खाना खाने घर लौटीं, तो उन्होंने मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ पाया। घर के अंदर अलमारी का लॉकर भी टूटा था और सामान बिखरा पड़ा था। मकान से ये सामान चुराया जांच करने पर पता चला कि चोर घर से आधे तोले के सोने के झुमके, दो सोने के मांग टीके, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की नथ, चांदी की एक जोड़ी पायल, आधे तोले का सोने का सेट और करीब एक हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार, चोरी हुए सामान की कुल कीमत लाखों रुपए है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अज्ञात चोरों की तलाश जारी है। दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना से क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
अनूपपुर जिले के भेड़वाटोला गांव में शुक्रवार रात सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों को जहरीले करैत सांप ने डंस लिया। इस घटना में 6 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से पीड़ित उसके माता-पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोते समय पैर पर सांप रेंगने का अहसास हुआ जानकारी के अनुसार, भेड़वाटोला निवासी भानु प्रताप सिंह शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे अपनी पत्नी रेखा सिंह, बेटी माधवी सिंह और बेटे के साथ बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान भानु प्रताप को अपने पैर की उंगलियों में किसी जीव के काटने का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत उठकर देखा तो पास ही एक जहरीला करैत सांप रेंग रहा था। भानु प्रताप ने तुरंत अपनी पत्नी और बच्चों को जगाया और पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम भानु प्रताप के भाइयों ने तुरंत एम्बुलेंस या वाहन की व्यवस्था की और पीड़ित परिवार को इलाज के लिए कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर रवाना हुए। अस्पताल ले जाते समय सुबह करीब 3:30 बजे 6 वर्षीय बालिका माधवी को अचानक उल्टी हुई और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। कोतमा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने भानु प्रताप और रेखा सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। माता-पिता को दिया गया एंटी-स्नेक वेनम डोज शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे से दोनों दंपती को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि भानु प्रताप के साथ उनकी पत्नी रेखा सिंह को भी सांप ने डंसा है। दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें एंटी-डोज (एंटी-स्नेक वेनम) दिया है। सुबह जांच के बाद चला दूसरी पीड़िता का पता मृतक बच्ची के ताऊ अरुण सिंह ने बताया कि सुबह तक पूरा परिवार केवल भानु प्रताप को ही सर्पदंश का शिकार समझ रहा था। बच्ची को उल्टी होने और उसकी मौत के बाद उन्हें अहसास हुआ कि सांप ने बच्ची को भी काटा था। वहीं, रेखा सिंह को सांप काटने का पता तब चला जब जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जांच की। फिलहाल पुलिस ने बच्ची के शव को मॉर्चुरी के सुरक्षित फ्रिज में रखवाया है क्योंकि परिवार के बाकी सदस्य अस्पताल में भर्ती पीड़ितों की देखरेख में जुटे हैं।
ग्वालियर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला पंचायत बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए NIIT फाउंडेशन के सहयोग से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन गांव-गांव पहुंचेगी। इसके जरिए ग्रामीणों को डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन सेवाओं के सुरक्षित उपयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शुरुआती जानकारी मुफ्त में दी जाएगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने बताया कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित उपयोग सिखाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया जा रहा है। 16 सीटर मोबाइल कंप्यूटर लैब बनेगी ट्रेनिंग सेंटर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन 16 सीटर मोबाइल कंप्यूटर प्रयोगशाला होगी। इसमें कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल प्रशिक्षण के सभी संसाधन उपलब्ध रहेंगे। प्रशिक्षित विशेषज्ञ ग्रामीणों को निशुल्क प्रशिक्षण देंगे, ताकि वे तकनीक का सुरक्षित और सही तरीके से उपयोग करना सीख सकें। साइबर ठगी से बचने के तरीके सिखाए जाएंगे प्रशिक्षण में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल नागरिकता, साइबर स्वच्छता, मजबूत पासवर्ड बनाना, ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई का सुरक्षित इस्तेमाल, सोशल मीडिया सुरक्षा, फर्जी लिंक और कॉल की पहचान, साइबर अपराध से बचाव और शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शुरुआती जानकारी भी दी जाएगी। महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों पर रहेगा फोकस अभियान में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन, छात्रों को नई तकनीक और साइबर सुरक्षा, जबकि बुजुर्गों को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके सिखाए जाएंगे। हर पंचायत तक पहुंचाने के निर्देश सीईओ सोजान सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंचे। उनका कहना है कि इस पहल से ग्रामीण डिजिटल सेवाओं का बेहतर उपयोग कर सकेंगे, साइबर अपराधों से बचेंगे और तकनीक के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना की एक सिविल अदालत की फाइल से महत्वपूर्ण दस्तावेज की प्रति गायब होने के मामले को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने आज लुधियाना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को तीन महीने के भीतर मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने और अपनी रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि न्यायिक रिकॉर्ड से दस्तावेज कैसे गायब हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। अदालत ने यह भी कहा कि न्यायिक रिकॉर्ड की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसी लापरवाही की अनदेखी नहीं की जा सकती। 4 प्वाइंट में पढ़ें क्या है पूरा मामला:- रिपोर्ट की प्रति न्यायिक फाइल से गायब सुनवाई के दौरान गुरुद्वारे ने अदालत को बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट की प्रति न्यायिक फाइल से गायब हो गई है। इसके बाद निचली अदालत ने वादी को दस्तावेज को द्वितीयक साक्ष्य या मूल प्रति से साबित करने की अनुमति दी और दस्तावेज गायब होने की जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजने के निर्देश दिए थे। अब हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बस्ती जिले के हरैया पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन पर भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा और हरैया विधायक अजय सिंह सहित अन्य भाजपा नेताओं ने सीएम का स्वागत किया। उन्होंने हरैया स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय का दौरा किया। यहीं पर वो जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद बस्ती की हर्रैया और कप्तानगंज विधान सभा क्षेत्रों के लिए ₹504 करोड़ से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और सहायता सामग्री बांटेंगे।
भिंड जिले में लगातार हो रही ई-रिक्शा बैटरी चोरी की वारदातों का देहात थाना पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। पूछताछ में आरोपियों ने भिंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 100 से अधिक बैटरी चोरी की वारदातें कबूल की हैं। गिरोह उत्तर प्रदेश के इटावा और औरैया से किराए की लग्जरी कार लेकर भिंड आता था, रात में चोरी करता और बैटरियां कार में रखकर आसानी से वापस लौट जाता था। पुलिस के अनुसार पिछले कई महीनों से भिंड, मेहगांव, गोहद, अटेर, फूप, रौन, मिहोना, लहार, दबोह और आलमपुर क्षेत्र में ई-रिक्शा से बैटरियां चोरी होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। वारदातें बढ़ने पर देहात थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत ने विशेष निगरानी शुरू कराई। एक चोरी की घटना के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार दिखाई देने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें ट्रैक किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लवकुश शर्मा निवासी ऐंतहार और सोनू नागर निवासी सीतानगर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि गिरोह का हर सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारी निभाता था। अंसार खान और गोल्लू वाल्मीकि इटावा-औरैया से किराए की कार लेकर भिंड आते थे। सोनू नागर पहले ऐसे ई-रिक्शा की रेकी करता था, जो सुनसान स्थानों पर खड़े रहते थे। इसके बाद रात में बैटरियां निकालकर कार में रख ली जाती थीं। 100 से अधिक बैटरी चोरियां स्वीकार कीआरोपियों ने बताया कि एक ई-रिक्शा में चार बैटरियां होती हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 40 हजार रुपए होती है। चोरी की गई बैटरियां 10 से 15 हजार रुपए में उन लोगों को बेच दी जाती थीं, जिनके ई-रिक्शा की बैटरियां खराब हो चुकी होती थीं। सस्ती कीमत मिलने के कारण खरीदार भी आसानी से इन्हें खरीद लेते थे। देहात थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने 100 से अधिक बैटरी चोरी की घटनाएं स्वीकार की हैं। गिरोह के दो अन्य आरोपी अंसार खान और गोल्लू वाल्मीकि की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद चोरी की कई और वारदातों का खुलासा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से एशिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। भाजपा विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने बताया कि यह दिन न केवल जींद, बल्कि पूरे देश के इतिहास में दर्ज होगा।कार्यक्रम के लिए 11 जुलाई से उचाना विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। विधायक अत्री ने बताया कि यह हरियाणा, विशेषकर जींद के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ जींद से होगा। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच संचालित होगी और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दो दिन पहले रैली स्थल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। यह रैली पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आयोजित की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी लगातार पेट्रोल-डीजल की बचत और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग पर जोर देते रहे हैं, और हाइड्रोजन ट्रेन इसी दिशा में एक कदम है। इस पहल के साथ, भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जहाँ हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री की रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 जुलाई से उचाना विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत जीवनपुर गांव से होगी। पहले चरण में 11 गांवों का दौरा कर लोगों को रैली का निमंत्रण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उन्हें सुनने के लिए लाखों लोग जींद पहुंचेंगे। भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण देंगे।
अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) पर खातेदारी और चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करने, सवाईपुरा-सूरजकुंड की सीमा तय करने वाले पुराने सीमा पत्थर को (मठानों) हटाने का आरोप लगाया है। एडीए की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और कलेक्ट्रेट पर जमकर प्रदर्शन किया। पीसांगन के पूर्व प्रधान अशोक सिंह रावत और भगवानपुरा सरपंच मानसिंह के नेतृत्व में सवाईपुरा, सूरजकुंड और मोतीसर के ग्रामीण व महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, दोबारा पैमाइश कराने और सीमा पत्थर यथा स्थान स्थापित कराने की मांग की। सरकारी जमीन पर फार्म हाउस प्रदर्शन के दौरान पूर्व प्रधान अशोक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि 2013-14 से ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि पिछले दो सालों से पुष्कर क्षेत्र के आसपास एडीए मनमाने तरीके से खातेदारी भूमि, कुओं और चरागाह क्षेत्र में दखल दे रहा है। साथ ही सरकारी भूमि पर फार्म हाउस और रिसॉर्ट विकसित किए जा रहे हैं। 8 से 10 पुराने मठानों को जेसीबी से हटाया उन्होंने आरोप लगाया कि सूरजकुंड और सवाईपुरा के बीच सीमा तय करने वाले 8 से 10 पुराने मठानों को जेसीबी से हटाकर दबा दिया गया, जिससे राजस्व सीमा पर विवाद की स्थिति बन गई है।ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि ग्राम सूरजकुंड में होटल और आवासीय योजना के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड की अनदेखी करते हुए सवाईपुरा की सीमा में करीब 100 मीटर तक रास्ता निर्माण, मिट्टी उत्खनन और अन्य कार्य किए जा रहे हैं। दोबारा सीमांकन की मांग उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और एडीए की संयुक्त टीम खातेदारों की मौजूदगी में दोबारा सीमांकन कराए, हटाए गए सीमा पत्थर पुनः स्थापित करे और जांच पूरी होने तक सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद कराए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सिरसा की चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी (CDLU) में मास्टर ऑफ लॉ (LLM) हैंडबुक इन्फॉर्मेशन (HBI) साइट से हटा दिया गया है। इससे विद्यार्थियों में रोष का माहौल है और आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मास्टर लॉ कोर्स को बंद करना चाहता है। इसलिए इस बार कोई दाखिले नहीं किए जा रहे। लॉ के इच्छुक सभी विद्यार्थी परेशान है। छात्र नेताओं का आरोप है कि इस बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन से कई बार मिल चुके हैं और मांग पत्र भी सौंप चुके हैं। काफी छात्र दाखिले के लिए कोशिश कर रहे हैं, परंतु यूनिवर्सिटी की ओर से कोई सूचना नहीं। दावा किया कि पूरे जिले में कहीं भी एलएलएम कोर्स नहीं है। एक प्राइवेट कॉलेज है, पर उसमें भी एलएलएम का दो वर्षीय कोर्स नहीं है। छात्र रविन्द्र सरोहा, सरदार तलविंदर सिंह, साहिल रोड़ी और मंजू का कहना है कि ये छात्रों के भविष्य पर खतरा है, क्योंकि लॉ के इच्छुक छात्रों को जिले से बाहर किसी संस्थान में दाखिला लेना पड़ेगा। छात्र बोले, खास बात है कि यूनवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट में स्टाफ की भी कमी नहीं है और न ही दाखिले कम। सभी सीटें फुल होती है। इसके बावजूद कोर्स में दाखिले नहीं किए जा रहे। सभी की मांग है कि एलएलएम कोर्स में दाखिले शुरू किए जाए। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन मौन है। वीसी प्रो. विजय कुमार को फोन पर दो से तीन बार संपर्क किया गया, पर जवाब नहीं मिला। पिछले साल बढ़ाई थी 10 सीटें, अब एक वर्षीय शुरू करने की तैयारी सरदार तलविंदर सिंह व साहिल रोड़ी के अनुसार, पिछले साल एलएलएम में 30 सीटों पर 200 आवेदन आए थे। छात्रों के रूझान को देखते हुए 10 सीटें और बढ़ानी पड़ी थी। ऐसे में कुल 40 सीट हो गई। यह एलएलएम दो वर्षीय कोर्स है। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन एक साल के लिए शुरू की तैयारी कर रहा है। मगर एक वर्षीय डिग्री की योग्यता पर सवाल खड़े होते हैं और उसकी इतनी वैल्यू नहीं होती। ऐसे छात्र नेट नहीं कर सकते, उनको पीएचडी करनी पड़ेगी। इसलिए छात्र हित में दो वर्षीय कोर्स ही शुरू किया जाए। साल 2004 से चल रहा कोर्स छात्र बोले, यूनिवर्सिटी प्रशासन कोर्स बंद करने का कारण भी नहीं बता रहा है। इससे उनकी समस्या और बढ़ गई है। यह कोर्स साल 2004 से चल रहा हैं। एलएलएम में छात्रों का रूझान भी है और दाखिलों को लेकर हौड़ रहती है। दूरदराज से भी विद्यार्थी यहां आकर दाखिला लेते हैं। कोर्स में दाखिले की मांग को लेकर छात्र कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और मेन गेट के बाहर वीसी के पुतले का दहन भी किया था। अब छात्रों ने 13 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है और उनको जल्द कोर्स शरू करने की मांग रखा। कड़ा आंदोलन की चेतावनी दी है। जानिए किस कोर्स में कितनी सीट बीए एलएलबी- पांच वर्षीय - 120 सीटें एलएलबी - तीन वर्षीय - 60 सीटें एलएलएम - दो वर्षीय - 30 सीटें भ्रम फैलाया जा रहा: चेयरपर्सन मामले में लॉ डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन डॉ. रोहताश का कहना है कि ये भ्रम फैलाया जा रहा है। ऐसा नहीं है। छात्रों को बताया था कि कुछ समय बाद ठीक हो जाएगा। बाकी जानकारी इस बारे में यूनिवर्सिटी प्रशासन से पता कीजिएगा।
सिवनी जिला मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर कंडीपार स्थित नव-निर्मित सांदीपनि स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नए शैक्षणिक सत्र के साथ कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई शुरू हो गई है। करीब 100 कमरों वाले अत्याधुनिक भवन में फिलहाल बस सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस नहीं, निजी साधनों पर निर्भर छात्र विद्यालय तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को ऑटो, साइकिल और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। दूरदराज के गांवों से आने वाले छात्रों के लिए यह व्यवस्था आर्थिक और समय दोनों दृष्टि से चुनौती बन गई है। अभिभावकों का कहना है कि आधुनिक स्कूल भवन बनने के बावजूद परिवहन सुविधा नहीं होने से बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। बस सुविधा की मांग को लेकर अभिभावकों ने पहले भी विरोध जताया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने फिलहाल कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई पुराने इंदिरा सिटी स्थित भवन में संचालित करने का निर्णय लिया, जबकि कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को नए परिसर में शिफ्ट कर दिया गया। आधुनिक सुविधाओं से लैस है परिसर नए तीन मंजिला स्कूल भवन में करीब 2,190 विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता है। फिलहाल यहां करीब 400 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। शिक्षा विभाग कृषि, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के शिक्षकों की पदस्थापना कर चुका है, जबकि अंग्रेजी, गणित, खेल, संगीत और ललित कला विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बस संचालन पर शासन स्तर पर होगा फैसला जिला शिक्षा अधिकारी अविनाश दीक्षित ने बताया कि फिलहाल नए भवन में केवल कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल बस संचालन का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाना है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की खनिज निरीक्षक परीक्षा में पन्ना जिले के मदन साहू ने आठवां स्थान हासिल किया है। 9 जुलाई को जारी हुए परिणाम की मुख्य चयन सूची में उन्होंने यह रैंक पाई है। मदन साहू ने इस परीक्षा के इंटरव्यू में पूरे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। मां और भाइयों ने बकरी पालन कर उठाया पढ़ाई का खर्च मदन साहू पन्ना जिले के इटवां खास गांव के रहने वाले हैं। उनकी माता चंदा साहू और भाइयों संतोष व लखन ने आर्थिक तंगी के बीच उनका साथ दिया। परिवार ने बकरी पालन कर मदन की उच्च शिक्षा का खर्च उठाया और सुविधाओं के अभाव के बाद भी मदन ने यह सफलता पाई। भोपाल में नौकरी करने के साथ ही की स्वयं तैयारी वर्तमान में मदन साहू छत्तीसगढ़ सरकार में खनिज निरीक्षक के पद पर काम कर रहे हैं। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा में 5वीं रैंक ला चुके हैं। मदन ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के भोपाल में जीआईएस एक्जीक्यूटिव की नौकरी करते हुए सेल्फ स्टडी कर यह मुकाम हासिल किया है। एनसीसी में सागर डिवीजन के बेस्ट कैडेट रहे मदन मदन साहू ने अपनी स्कूली शिक्षा इटवां खास और बृजपुर के सरकारी स्कूलों से पूरी की। इसके बाद उन्होंने छतरपुर से ग्रेजुएशन और जबलपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। कॉलेज के दिनों में वे 25 एमपी बटालियन छतरपुर के सीनियर डिवीजन का हिस्सा थे, जहां उन्हें सागर डिवीजन स्तर पर 'बेस्ट कैडेट अवार्ड' मिला था। सीएसआईआर नेट और गेट परीक्षा भी कर चुके हैं पास नौकरी के साथ ही मदन साहू ने सीएसआईआर नेट-जेआरएफ में ऑल इंडिया 96वीं रैंक हासिल की थी। इसके साथ ही वे साल 2023, 2024 और 2025 में लगातार तीन बार गेट परीक्षा पास कर चुके हैं। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर से व्यावहारिक भू-विज्ञान में पीएचडी का कोर्स वर्क भी पूरा किया है।
सीकर जिले में मानसून पूरी तरह कमजोर पड़ गया है। बीती रात सीकर के रघुनाथगढ़, खोरी ब्राह्मणान ग्रामीण इलाकों और फतेहपुर एरिया में कुछ जगहों पर बारिश हुई। सुबह से हल्की हवा चल रही है, हालांकि धूप निकलने की वजह से उमस बनी हुई है। सीकर में 6 साल बाद जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की रफ्तार काफी कमजोर रही। मानसून की स्पीड कम होने की वजह से सीकर में तेज गर्मी का उमस का मौसम है। सीकर जिले के लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं, मौसम विभाग ने 18 जुलाई के बाद ही अच्छी बारिश का अनुमान बताया है। सीकर में बीती रात हुई बारिश के बाद आज सुबह के तापमान में गिरावट आई है। सीकर जिले के फतेहपुर में स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान केंद्र पर आज सुबह का न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया था। आज सुबह हल्की हवाओं के बाद दिन में धूप बढ़ गई है। सीकर में मानसून को लेकर जयपुर मौसम केंद्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा ने बताया- सीकर समेत आसपास के इलाके में हाई विंड प्रेशर(उच्च वायुदाब) बना हुआ है। इस वजह से सीकर में मानसून की बारिश भी कम हो रही है। 16 जुलाई के बाद एक नया वेदर सिस्टम बनने का अनुमान है, जिसके बाद सीकर में बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में सीकर की बारिश के आंकड़े
ओपीडी से 9 डॉक्टर समेत 10 कर्मी अनुपस्थित:CMHO ने जारी किए नोटिस; एक दिन का वेतन काटने के आदेश
शाजापुर जिला अस्पताल में 7 जुलाई को हुए आकस्मिक निरीक्षण में ओपीडी समय के दौरान डॉक्टर अनुपस्थित थे। अनुपस्थित 9 डॉक्टरों और जिला आयुष्मान समन्वयक पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। सीएमएचओ डॉ. कमला आर्य ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 जुलाई का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। सुबह 10 बजे तक नहीं पहुंचे थे डॉक्टर 7 जुलाई को डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे और सीएमएचओ डॉ. कमला आर्य ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर सुबह 10 बजे तक अपने कर्तव्य स्थल पर मौजूद नहीं मिले, जबकि ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। इसे सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की गई। कार्रवाई की जद में डॉ. एन.सी. झाला, डॉ. बी.एस. मैना, डॉ. मनोज पंचोली, डॉ. आलोक सक्सेना, डॉ. तेजपाल सिंह जादौन, डॉ. शुभम गुप्ता, डॉ. गोविंद पाटीदार, डॉ. क्षितिज के. मुरारी और डॉ. अजय शिवहरे शामिल हैं। सभी से निर्धारित समय में जवाब मांगा गया है। आयुष्मान समन्वयक भी कार्रवाई जिला आयुष्मान समन्वयक शमसाद मंसूरी को भी नोटिस जारी किया गया है। उन पर कार्यालयीन समय में अनुपस्थित रहने, कार्यों में प्रगति नहीं होने और पात्र मरीजों को आयुष्मान योजना से जोड़ने में लापरवाही का आरोप है। उन्हें प्रत्येक शुक्रवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएचओ ने सभी संबंधित डॉक्टरों और आयुष्मान समन्वयक का 7 जुलाई का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई बताया है। तस्वीरे देखिए… कुछ डॉक्टर हाईकोर्ट जाने की तैयारी में कार्रवाई के बाद कुछ चिकित्सकों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि वे नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मैना ने कहा कि फिलहाल सभी संबंधित अधिकारी अपना जवाब तैयार कर रहे हैं और हाईकोर्ट जाने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है। निरीक्षण में अन्य खामियां भी मिली थीं औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की अनुपस्थिति के अलावा अस्पताल की साफ-सफाई, ड्यूटी रोस्टर, आयुष्मान कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं में भी कई कमियां सामने आई थीं। इन्हीं अनियमितताओं के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है।
छतरपुर में मंदिर की दानपेटी से चोरी का खुलासा:पुलिस ने 12 घंटे में आरोपी दबोचा,6657 रुपए बरामद किए
छतरपुर जिले की जुझारनगर थाना पुलिस ने ग्राम ज्योराहा स्थित मंदिर की दानपेटी से हुई चोरी का महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई 6657 रुपए की नकदी बरामद की है। मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुजारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला पुलिस के अनुसार, गुरुवार को ग्राम ज्योराहा स्थित मंदिर के पुजारी ने दानपेटी से नकदी चोरी होने की शिकायत जुझारनगर थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 12 घंटे में आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद जुझारनगर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदेही बृजेंद्र अहिरवार, निवासी सोसाइटी पुरवा, मिड़का, थाना लवकुशनगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में कबूला जुर्म, नकदी बरामद पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मंदिर की दानपेटी से चोरी करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसके कब्जे से चोरी की गई 6657 रुपए की नकद राशि बरामद कर ली गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजकुमार यादव, सहायक उपनिरीक्षक विनोद तथा आरक्षक शुभम सेन, मंगल यादव, राहुल चौहान, समद खान और विनोद प्रजापति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गिरिडीह के हीरोडीह थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शादी के महज एक माह के भीतर हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका की पहचान 19 वर्षीय राजिया खातून के रूप में हुई है, जो भूचारोबाद (आजाद नगर) निवासी रहमत अंसारी की पुत्री थी। उसकी शादी 10 जून 2026 को हीरोडीह थाना क्षेत्र के कुरूमडीहा निवासी अब्जल अंसारी के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी को अभी 29 दिन ही हुए थे। राजिया के पिता रहमत अंसारी ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि दहेज की मांग को लेकर ही राजिया की हत्या की गई है। ससुराल पक्ष ने शव लेने से इनकार कर दिया: मायके पक्ष घटना की सूचना मिलते ही हीरोडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा। देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे शव लेकर ससुराल पहुंचे, तो ससुराल पक्ष ने शव लेने से इनकार कर दिया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह कौवाआम मुख्य सड़क को शव रखकर जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। सड़क जाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इधर, हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों से प्राप्त लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
जगराओं में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए एक संयुक्त जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रमनदीप कौर आहलूवालिया के निर्देश पर तथा सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमन शर्मा के नेतृत्व में हर शुक्रवार डेंगू पर वार अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसमें एंटी लार्वा स्कीम स्टाफ जगराओं और नगर परिषद की टीमों ने हिस्सा लिया। अभियान के तहत, आशा वर्करों के साथ टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने जगराओं शहर के विभिन्न क्षेत्रों, खाली प्लॉटों और हाई रिस्क इलाकों में एंटी लार्वा सर्वे किया। मल्ली कॉलोनी में एक विशेष डेंगू जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। एडीज एजिप्टी और एनोफिलीज मच्छरों की पहचान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने नागरिकों को एडीज एजिप्टी और एनोफिलीज मच्छरों की पहचान के बारे में बताया। उन्हें लार्वा पनपने वाले स्थानों और मच्छरों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि वे पानी की टंकियों को ढककर रखें, कूलरों की नियमित सफाई करें, पुराने टायरों को खुले में न छोड़ें और घरों व आसपास पानी जमा न होने दें। शिविरों के साथ-साथ समूह बैठकें भी आयोजित इस अभियान के दौरान डेंगू और मलेरिया संबंधी जागरूकता शिविरों के साथ-साथ समूह बैठकें भी आयोजित की गईं। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंपलेट बांटे गए, डेंगू जागरूकता पोस्टर दीवारों पर लगाए गए और एक जागरूकता बैनर भी प्रदर्शित किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें। ऐसा करने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की ओर से आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर प्रारंभिक परीक्षा-2024 का आयोजन 12 जुलाई को रायपुर जिले के 22 परीक्षा केंद्रों में होगा। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए तथा सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन हो। एंट्री से पहले होगी फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पहुंचें, ताकि जांच और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें। सुबह 7 बजे बांटी जाएगी गोपनीय परीक्षा सामग्री परीक्षा की गोपनीय सामग्री का वितरण जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से सुबह 7 बजे किया जाएगा। इसके लिए परिवहन अधिकारी और उड़नदस्ता अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी अधिकारी परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले संबंधित केंद्राध्यक्ष को सामग्री सौंपेंगे। उड़नदस्ता टीम रखेगी नजर परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की नकल या अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए उड़नदस्ता दल सभी परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेगा। कलेक्टर ने दिए ये निर्देश
जोधपुर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। जिले में अब तक सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि बादलों की आवाजाही और हल्की ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना बनी हुई है। जोधपुर में मानसून की एंट्री के चार दिन बाद बारिश पर ब्रेक लग चुका है। हालांकि, मौसम विभाग ने आंधी-बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया था, लेकिन इसका असर शहर में देखने को नहीं मिला। वहीं मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 9 जुलाई तक जोधपुर में 59.5 एमएम बारिश होती है, जो इस बार 56.5 एमएम ही हुई। ऐसे में अब तक सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश नहीं हुई लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव जारी जोधपुर शहर में सोमवार को तेज बारिश का दौर चला था। इसके बाद बारिश नहीं हुई। हालांकि, इसके बाद मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले 2-3 दिन से लगातार आसमान में बादल छाए हुए हैं। वहीं शाम को ठंडी हवा का भी दौर चल रहा है। लेकिन, दिनभर हो रही उमस से काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में पिछले चार दिनों में अधिकतम तापमान में भी 3 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान 29 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। आगे क्या- अगले 6 दिन कोई अलर्ट नहीं जुलाई का दूसरा और तीसरा सप्ताह भी सूखा बीतने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। इस दौरान मौसम साफ रहेगा और तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि, जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव के समर्थन में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन नारनौल के आह्वान पर नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली के वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। इसके चलते तीनों स्थानों की रेवेन्यू कोर्ट और न्यायिक अदालतों में वकील पेश नहीं हुए। जिला बार एसोसिएशन नारनौल के प्रधान संतोख सिंह ने बताया कि महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन की ओर से पुलिस प्रशासन के साथ चल रहे विवाद और एडीएम कोर्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था। इसी के समर्थन में जिले की विभिन्न बार एसोसिएशनों ने एकजुटता दिखाते हुए एक दिन का वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया। लोग हुए परेशान वर्क सस्पेंड के कारण रेवेन्यू कोर्ट और न्यायिक अदालतों में अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति रही। जिन पक्षकारों के मामलों की शुक्रवार को सुनवाई निर्धारित थी, उन्हें बिना कार्यवाही के वापस लौटना पड़ा। कई लोगों को अगली तारीख मिलने का इंतजार करना पड़ा, जबकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों को समय और धन दोनों का नुकसान उठाना पड़ा। वकीलों ने दिखाई एकजुटता बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अधिवक्ताओं का यह कदम न्यायिक व्यवस्था और अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित मामलों का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। महेंद्रगढ़ बार का समर्थन वहीं, अदालत परिसर में पूरे दिन सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम गतिविधियां देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में लोग अपने अधिवक्ताओं से संपर्क करते रहे और कार्यवाही नहीं होने से निराश नजर आए। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह वर्क सस्पेंड महेंद्रगढ़ बार के समर्थन में सामूहिक निर्णय के तहत किया गया।
भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान मनोहर लाल रैकवार पिता मोहनलाल रैकवार निवासी बेटा गांव बैरागढ़ के रूप में हुई है। वे पेशे से प्लंबर थे। करीब आठ महीने पहले उन्हें पैरालिसिस (लकवा) का अटैक आया था, जिसके बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी और वे घर पर ही रह रहे थे। पुलिस के अनुसार बीमारी के कारण उनके शरीर का एक हिस्सा काम करना बंद कर चुका था। इससे उन्हें रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी काफी परेशानी होती थी। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते वे मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगे थे और अवसाद (डिप्रेशन) की स्थिति में थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी नींद से उठकर घर की पहली मंजिल पर पहुंची तो देखा कि मनोहर लाल पाइप के सहारे फंदे पर लटके हुए हैं। उन्होंने शोर मचाया। सूचना मिलने पर पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और उनकी मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा गया। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही बैरागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में बीमारी और उससे उपजी मानसिक परेशानी के चलते यह कदम उठाने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत रहने वाला 12 साल का एक बच्चा गुरुवार को बिना बताए घर से गायब हो गया। परिजनों ने तलाश किया, लेकिन नहीं मिला। गायब होने की जानकारी परिजनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पुलिस को दी। रात में भोपाल के आगे जा रही ट्रेन गोरखपुर एक्सप्रेस में वह मिला। जिसे टीटीई ने सागर जीआरपी को सौंपा। बच्चे की बुआ ने बताया कि भतीजा कक्षा 7वीं में पढ़ता है। गुरुवार दोपहर वह जवाहर नगर चार बत्ती चौराहे के पास मेरी छोटी सिस्टर के यहां गया था। वहां से वह पास में बगीचे में खेलने के बाद दोपहर 2 बजे से बिना बताए गायब हो गया। काफी देर तक जब घर नहीं आया तो तलाश किया। इसके बाद थाना औद्योगिक क्षेत्र पर सूचना दी। सोशल मीडिया पर जानकारी पोस्ट कीभतीजे की गुम होने की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट की। रात करीब 11.30 बजे रतलाम से गोरखपुर जा रही ट्रेन में सवार जिले के जावरा के युवक अर्जुन पाटीदार ने बच्चे को देखा। उसने परिजनों से संपर्क कर हुबहू बच्चा ट्रेन में होने की बात कही। लेकिन सूचना देने वाले भोपाल उतर गए। इतने में ट्रेन आगे के लिए निकल गई। इसके बाद परिजनों ने थाना औद्योगिक को जानकारी देकर जीआरपी थाना पहुंचे। जीआरपी ने रतलाम से गोरखपुर जा रही ट्रेन संख्या 19489 में ड्यूटी टीटीई की जानकारी ली। टीटीई को ट्रेन में बच्चा इंजिन के पास वाले जनरल कोच में मिला। टीटीई ने बच्चे को बरामद कर सागर में जीआरपी को सौंपा। पुलिस के साथ चाचा हुए रवानारात में बच्चे की जानकारी मिलने पर बच्चे के चाचा व थाना औद्योगिक पुलिस जवान रात में ट्रेन से भोपाल के लिए रवाना हुए। सुबह वह भोपाल उतरे और वहां से बस से सागर के लिए रवाना हुए। दोपहर तक यह सागर पहुंचेंगे। इसके पहले थाना औद्योगिक क्षेत्र का एक पुलिस जवान भोपाल में डाक देने गया था। उसे भी रात में थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने सागर भेजा। पिता की हो चुकी है मौतबच्चे के पिता 5 मई 2016 में निधन हो चुका है। मां ने दूसरी शादी कर ली। बच्चा रतलाम में अपने दादा व दादी के साथ रहता है। दादा रेलवे के पाइंटमैन से रिटायर्ड है। घर से जब निकला था तो दादी से 5 रुपए लिए थे। कहा था चीज खानी है। शुक्रवार देर रात कर बच्चा पुलिस व परिजनों के साथ रतलाम पहुंचेगा। उसके बाद ही उसके जाने का कारण सामने आ पाएगा। औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया जीआरपी व रेलवे के समन्वय से बच्चे को ट्रेन के जनरल कोच से सागर पहुंचने के पहले दस्तायब कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि उसे बनारस जाने का क्रेज था। रतलाम लाने के बाद पूछताछ में स्पष्ट कारण सामने आ पाएगा।
पानीपत जिले के गांव कवि में शुक्रवार सुबह अपने खेतों में धान की फसल में पानी चलाने गए एक युवा किसान की ट्यूबवेल के स्टार्टर से करंट लगने के कारण मौत हो गई। मृतक युवक अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ-साथ अपने स्वर्गीय बड़े भाई के 3 बच्चों का भी पालन-पोषण कर रहा था। इस हादसे के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मृतक के चाचा सत्यवान ने बताया कि उनका 35 वर्षीय भतीजा अनिल शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रोजाना की तरह अपने खेतों में जीरी की फसल में पानी की सिंचाई करने के लिए घर से निकला था। अनिल के जाने के करीब आधा घंटे बाद जब सत्यवान भी किसी काम से खेतों की तरफ गए, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खेत में बने कोठड़े के पास अनिल ट्यूबवेल के स्टार्टर के नजदीक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था और उसके हाथों में बिजली का नंगा तार था। सत्यवान ने जब पास जाकर देखा तो अनिल की सांसें थम चुकी थीं और उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। ट्यूबवेल को चालू करते समय हादसा घटनास्थल से जुटाई गई जानकारी के अनुसार, अनिल जब खेत में पानी चला रहा था, तभी अचानक बिजली के उतार-चढ़ाव या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण ट्यूबवेल बंद हो गई थी। बंद पड़ी ट्यूबवेल को दोबारा चालू करने के लिए अनिल जैसे ही स्टार्टर के बटन के पास आया और उसने बटन दबाया, तो वहां आ रहे तेज करंट की चपेट में वह आ गया। करंट इतना जोरदार था कि अनिल को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। चाचा की मौत से अनाथ हुए 3 बच्चे चाचा सत्यवान ने बताया कि अनिल अभी अविवाहित था। अनिल के बड़े भाई की करीब 8 साल पहले ही असमय मौत हो चुकी है। बड़े भाई की मौत के बाद उनके पीछे परिवार में 3 छोटे बच्चे (2 बेटियां और एक बेटा) अनाथ हो गए थे। अनिल ने शादी न करके अपने स्वर्गीय भाई के तीनों बच्चों के पालन-पोषण, उनकी पढ़ाई-लिखाई और घर में रहने वाले अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा का पूरा जिम्मा अपने कंधों पर उठा रखा था। वह दिन-रात खेतों में मेहनत और खेतीबाड़ी करके पूरे परिवार का खर्च चला रहा था। अब अनिल की भी हादसे में मौत हो जाने के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बुजुर्ग मां-बाप और तीनों मासूम बच्चों के भविष्य पर अंधकार छा गया है।
नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र में चाकू के दम पर लोगों में खौफ पैदा करने वाले एक आदतन अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम मुकेश उर्फ टक्कू है। शुक्रवार को पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी का शहर की सड़कों पर पैदल जुलूस निकाला, जिसके बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। परिवार को जान से मारने की नीयत से आया था आरोपी पुलिस के मुताबिक, करेली बस्ती का रहने वाला मुकेश उर्फ टक्कू क्षेत्र का सूचीबद्ध और आदतन अपराधी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह हाथ में धारदार चाकू लहराते हुए इलाके में घूम रहा है और एक स्थानीय परिवार को जान से मारने की नीयत से उनके घर के आसपास मंडरा रहा है। बताया गया है कि आरोपी का इस परिवार से पहले किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। घेराबंदी कर दबोचा डराने-धमकाने की सूचना मिलते ही करेली थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया जा रहा चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया है, जिसमें उसके खिलाफ पहले से भी कई गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं। लगातार अपराधों में लिप्त होने के कारण पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने कानोड़ में अपनी लंबित मांगों को लेकर सीएम के नाम ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से सीएम तक पहुंचाया गया, जिसमें सरकार से शीघ्र मांगों का समाधान करने की अपील की गई है। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसी विभिन्न मांगे रखी गई। हालांकि, इन मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पूरे राजस्थान की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्य बहिष्कार करेंगी। इससे आंदोलन और तेज होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित थीं। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के हित में जल्द से जल्द मांगों का समाधान करने का आग्रह किया।
अलवर जिले में पिछले 24 घंटों में रामगढ, राजगढ़ व चिकानी में तीन जनों को सांप ने काट लिया। तीनों अलवर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। एक महिला को झाड़ू लगाते समय हाथ पर काट लिया। वहींरात को सोते समय एक युवक के होठ पर काट लिया। तीनों को गंभीर हालत में अलवर जिला अस्पताल के ऑब्जर्वेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। केस 1: सो रहे युवक के होंठ पर काटा रामगढ़ थाना क्षेत्र के मिलकपुर गांव निवासी गुरदीप सिंह रात को अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने सीधे उनके होंठ पर डस लिया। गुरदीप की चीख सुनकर जागे परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज चल रहा है। केस 2: झाड़ू लगा रही महिला पर कोबरा का हमला दूसरी घटना राजगढ़ इलाके की है। यहां रहने वाली जगन देवी (पत्नी मुकेश मीणा) सुबह अपने घर में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान अचानक निकले एक काले कोबरा ने पैर पर काट लिया। महिला भी जिला अस्पताल में भर्ती है। केस 3: चिकानी में महिला बनी शिकार तीसरी घटना सदर थाना क्षेत्र के चिकानी गांव की है। यहां रीना देवी नाम की महिला को एक जहरीले सांप ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज जारी है।
मेवाड़ में मानसून एंट्री के बाद कमजोर रहा है। शुक्रवार सुबह से उदयपुर में बादलों ने डेरा डाल रखा है। हवा चल रही है। दूसरी तरफ मौसम एक्सपर्ट ने कहा- हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अब तेज बारिश कुछ दिनों बाद होगी। इधर, मौसम विभाग का आज उदयपुर में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम एक्सपर्ट डॉ.आर.एस. देवड़ा बताते हैं कि उदयपुर में अब मानसून कमजोर होने से एक-दो दिन हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मानसून में गेप रहेगा और कुछ दिनों बाद बारिश होगी। तापमान में हल्की वृद्धि होगी। नमी के कारण उमस वाली गर्मी बनी रहेगी मौसम केंद्र डबोक के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। तापमान में गिरावट के बावजूद बारिश नहीं होने से दिनभर मौसम शुष्क बना रहा। सबसे पहले- उदयपुर में बारिश की स्थिति पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में)
मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा क्षेत्र में पीपरीपुरा-जौहां-श्यामपुर खुर्द सड़क निर्माण की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से नाराज युवक नवीन सिंह तोमर पिछले 24 घंटे से अधिक समय से भूख-प्यास त्यागकर आमरण अनशन पर बैठा है। शुक्रवार सुबह शुरू हुए इस आंदोलन को अब ग्रामीणों और परिजनों का भी समर्थन मिलने लगा है। इससे पहले नवीन सिंह तोमर ने अपने गांव से सांसद के निवास और कार्यालय तक करीब 25 किलोमीटर की दंडवत यात्रा शुरू की थी। वह लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके थे, तभी सांसद के पुत्र गौरव तोमर मौके पर पहुंचे और अगले दिन से सड़क निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया। इस भरोसे पर उन्होंने दंडवत यात्रा समाप्त कर दी, लेकिन निर्धारित समय पर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से उन्होंने दोबारा आमरण अनशन शुरू कर दिया। 24 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधिआंदोलनकारी युवक का आरोप है कि अनशन शुरू होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा और न ही किसी ने फोन पर संपर्क किया। इससे ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अधिकारियों ने दिया आश्वासन, युवक अड़ाअनशन स्थल पर अंबाह विकासखंड प्रशासन, तहसील और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया, लेकिन नवीन सिंह तोमर ने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर काम शुरू होने के बाद ही वह अनशन समाप्त करेंगे। टेंडर और भूमिपूजन के बाद भी निर्माण नहींग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का टेंडर पहले ही जारी हो चुका है। 13 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक ने सड़क निर्माण का भूमिपूजन भी किया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने संबंधित ठेकेदार को कार्य शुरू करने के निर्देश दिए, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सांसद ने आंदोलन को बताया पब्लिसिटी स्टंटइस पूरे मामले पर सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने आंदोलन को पब्लिसिटी स्टंट बताया है। वहीं आंदोलनकारी और ग्रामीणों का कहना है कि यह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि वर्षों से खराब सड़क की समस्या झेल रहे पूरे क्षेत्र की आवाज है। लगातार भूखे-प्यासे रहने से नवीन सिंह तोमर की तबीयत भी प्रभावित होने लगी है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा है कि सड़क निर्माण शुरू होने तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। बेटे की अपील ने भावुक कियाअनशन के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। नवीन सिंह तोमर का पांच वर्षीय बेटा स्कूल का टिफिन और पानी की बोतल लेकर पिता के पास पहुंचा। उसने पिता से खाना खाने की अपील करते हुए कहा, पापा, खाना खा लो, सड़क नहीं चाहिए। इस पर नवीन ने कहा, या तो सड़क बनेगी, या फिर मेरी अर्थी उठेगी। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। ठेकेदार पर पीडब्ल्यूडी ने जताई नाराजगीपीडब्ल्यूडी के अंबाह अनुविभागीय अधिकारी एल.एन. गुप्ता ने कहा कि संबंधित ठेकेदार कंपनी मेसर्स यादव कंस्ट्रक्शन को कई बार काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ स्तर से नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन ठेकेदार की ओर से अब तक काम शुरू नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि समय पर निर्माण शुरू हो जाता तो यह स्थिति नहीं बनती।
सतना में घर के बाहर खड़ी मारुति इको कार चोरी:वारदात CCTV में कैद, पुलिस जांच में जुटी
सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र के उतैली में घर के बाहर खड़ी मारुति इको कार चोरी होने का मामला सामने आया है। 9-10 जुलाई की दरमियानी रात करीब 1:40 बजे हुई यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने वाहन चोरी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। रात 1:40 बजे घर के बाहर से कार लेकर फरार हुआ चोर जानकारी के अनुसार, उतैली निवासी प्रहलाद गुप्ता ने अपनी मारुति इको कार (क्रमांक MP 19 CC 4505) घर के बाहर खड़ी की थी। देर रात एक अज्ञात युवक कार के पास पहुंचा और ड्राइवर साइड का लॉक खोलकर वाहन लेकर फरार हो गया। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी पूरी वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहा है। सुबह उठने पर हुई चोरी की जानकारी सुबह जब प्रहलाद गुप्ता घर से बाहर निकले तो उन्हें कार मौके पर नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखे, जिसमें कार चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल कोलगवां थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV और स्मार्ट सिटी कैमरों से आरोपी की तलाश पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरी की गई कार की आवाजाही और आरोपी के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की उम्मीद जताई गई है।
चूरू-सरदारशहर रोड पर रामपुराबास के पास शुक्रवार को बाइक और स्कूटी की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार 35 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सेना से छुट्टी पर घर आए बाइक सवार 53 वर्षीय सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घायल ढाणी डेगा, सरदारशहर निवासी मंगलचंद (53) ने बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं और फिलहाल छुट्टी पर घर आए हुए हैं। वह बाइक से गांव से चूरू किसी काम से जा रहे थे, तभी रामपुराबास के पास सामने से आ रही स्कूटी से उनकी टक्कर हो गई। लोगों ने पहुंचाया अस्पतालहादसे में रामपुराबास निवासी 35 वर्षीय दयानंद जांगिड़ की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद गांव के श्रवण कुमार, मेजर खान, प्रहलाद और कालू ने दोनों घायलों को अपनी गाड़ी से डीबी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दयानंद जांगिड़ को मृत घोषित कर दिया।हादसे की सूचना मिलने के बाद गांव के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ ने अस्पताल चौकी को भी घटना की जानकारी दे दी है। मृतक के परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली में सोशल मीडिया पर एक विवादित रील पोस्ट कर कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाने वाले युवक को भारी पड़ गया। दैनिक भास्कर में इस मामले में खबर प्रकाशित होने के बाद बरगवां पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी युवक को थाने पहुंचकर लिखित और वीडियो के जरिए माफी मांगनी पड़ी। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी बेखौफ अंदाज वाली रील पुलिस के अनुसार, कमलेश गुर्जर नामक युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक रील शेयर की थी। इस रील में वह खुद को बेहद बेखौफ अंदाज में पेश करते हुए पुलिस और कानून व्यवस्था को चुनौती देता नजर आ रहा था। इंस्टाग्राम रील में एक भोजपुरी गाना बज रहा था, जिसके बोल थे: 'आज जेल होगी, कल बेल होगी और उसके बाद फिर वही खेल चालू रहेगा।' इस वीडियो के सामने आने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। हालांकि गुरुवार दोपहर यूजर ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी थी। मामले में एक यूजर बृजेश शुक्ला ने लिखा कि अपराधी अपराध कर के अगर इस तरह से रील बनते है तो इससे यही साबित होता है कि कानून और पुलिस का भय नहीं है। इसी तरह एक दूसरे यूजर ने अमित कुमार ने लिखा कि इस तरह से तो अराजकता आएगी। दरअसल, यह युवक उस हाईवा ट्रक से जुड़ा हुआ था जिसे बरगवां पुलिस ने पिछले दिनों नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने के आरोप में जब्त किया था। कोर्ट के आदेश पर जब ट्रक को छोड़ा गया, तो युवक ने पुलिसिया कार्रवाई का मखौल उड़ाते हुए यह रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पुलिस के सामने कबूली गलती पुलिस की घेराबंदी और दबाव के चलते शुक्रवार को युवक खुद बरगवां थाने में हाजिर हुआ। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर ऐसी रील पोस्ट करना उसकी बड़ी भूल थी। युवक ने लिखित आश्वासन दिया कि वह भविष्य में कभी भी ऐसी कोई आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री पोस्ट नहीं करेगा जिससे पुलिस की छवि धूमिल हो। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद युवक का माफी मांगने वाला वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह खबर भी पढ़ें… भोजपुरी गाने में कानून व्यवस्था पर सवाल:सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी, यूजर बोले- अराजकता आएगी सिंगरौली जिले में कमलेश गुर्जर नामक एक युवक का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस इंस्टाग्राम रील में एक भोजपुरी गाना बज रहा है, जिसके बोल हैं: 'आज जेल होगी, कल बेल होगी और उसके बाद फिर वही खेल चालू रहेगा।' इस वीडियो के सामने आने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। हालांकि गुरुवार दोपहर यूजर ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। पुलिस ने पूरे मामले पर एक्शन लेने की बात कही है। पढ़ें पूरी खबर
सागर में श्रीराम फाइनेंस के कर्मचारी सचिन सेन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अदालत ने एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कैंट थाना पुलिस ने कंपनी के दो अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। ऑफिस की बिल्डिंग से गिरने पर हुई थी कर्मचारी की मौत श्रीराम फाइनेंस में कलेक्शन एजेंट के रूप में कार्यरत 30 वर्षीय सचिन सेन की 26 जून को कंपनी के कार्यालय की बिल्डिंग से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने कंपनी के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और बंधक बनाकर रखने के गंभीर आरोप लगाए थे।परिजनों का कहना था कि सचिन को तीन दिनों तक ऑफिस में रोके रखा गया और उस पर पैसों की व्यवस्था करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मौत से पहले भाई को किया था फोन मृतक के भाई मनीष सेन के अनुसार, सचिन दो दिन पहले यह कहकर घर से निकला था कि ग्वालियर से आए वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक है। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। घटना से कुछ देर पहले भी सचिन ने फोन पर बताया था कि वह सर के साथ है और बाद में बात करेगा। परिजनों का आरोप है कि उसने फोन पर यह भी कहा था कि उसे ऑफिस में बंधक बनाकर रखा गया है और पैसे लेकर आने को कहा जा रहा है। परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप परिवार का आरोप है कि कंपनी के ग्वालियर संभाग के अधिकारी और स्थानीय कर्मचारी लगातार सचिन पर पैसे लाने का दबाव बना रहे थे। परिजनों ने आशंका जताई कि वह ऑफिस से निकलने की कोशिश कर रहा था या फिर उसके साथ कोई अप्रिय घटना हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। शव रखकर किया था चक्काजाम घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने हनुमान चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम किया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर चक्काजाम समाप्त किया गया। दो अधिकारियों पर दर्ज हुई एफआईआर कैंट थाना पुलिस ने मृतक के भाई मनीष सेन की शिकायत पर कंपनी के ग्वालियर संभाग के अधिकारी जगजीत सिंह और गुना कार्यालय के कर्मचारी हलीम खान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका मामले में आरोपी हलीम खान ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की प्रकृति और अपराध के संभावित सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ देना न्यायोचित नहीं है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।
राज्य सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेशभर में 49 एडिशनल एसपी के तबादले किए हैं। इसी क्रम में मुकुल शर्मा को चित्तौड़गढ़ जिले से ट्रांसफर कर उदयपुर ग्रामीण एडिशनल एसपी लगाया है। उदयपुर जिले में ही तीन अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। 49 अधिकारियों की इस लिस्ट में उदयपुर के कई अफसरों को नई पोस्टिंग दी गई है। रजत बिश्नोई को महिला अपराध अनुसंधान सेल राजसमंद से खेरवाड़ा एएसपी की कमान सौंपी है। वहीं, रोशनलाल पटेल को उदयपुर विकास प्राधिकरण से महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी प्रतापगढ़ में डिप्टी कमांडेंट लगाया गया है। इसके अलावा तीन अफसरों को उदयपुर में ही इधर-उधर किया है। इनमें उदयपुर के खेरवाड़ा एमबीसी से मंजीत सिंह को महिला अपराध अनुसंधान सेल उदयपुर में, खेरवाड़ा एएसपी अंजना सुखवाल को अब पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र उदयपुर में भेजा है। वहीं, महिला अपराध अनुसंधान सेल से माधुरी वर्मा को खेरवाड़ा पीटीएस कमांडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 61 सीआई के तबादले, 9 को रेंज में लगाया, एक जयपुर भेजा पुलिस महानिदेशक ने देर रात आदेश जारी कर प्रदेश के 61 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) के तबादले कर दिए। इनमें 10 सीआई को उदयपुर रेंज से इधर-उधर किया है, जबकि एक सीआई को उदयपुर से बाहर भेजा है। वहीं, 9 सीआई को रेंज में लगाया है। आदेश के अनुसार, इन सभी के ट्रांसफर खुद के आग्रह पर ही किए हैं। इनमें देवेन्द्र सिंह कविया, शिवराज सिंह गुर्जर, सुरेन्द्र सिंह बडवा, औंकार सिंह चारण, ईश्वरानंद, लक्ष्मण सिंह राठ़ौड़, रमेश कुमार सर्वटा, गोपाल सिंह थालौड़ और सूर्यभान सिंह शामिल हैं। इसके अलावा उदयपुर रेंज से हरिओम मीणा को जयपुर रेंज भेजा गया है।
जबलपुर के लार्डगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार रात वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर गाली-गलौज होने लगी। घटना का वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में पुलिस युवक को खींचकर ले जा रही है फिर उसे बाल पकड़कर गाड़ी में बैठा दिया गया। जानकारी के मुताबिक, एसपी के निर्देश पर लार्डगंज थाना पुलिस बल्देवबाग चौक पर वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बाइक चला रहे 18 वर्षीय भावेश रजक, निवासी संगम कॉलोनी, को रोक लिया। उसकी बाइक का नंबर एमपी-20-एनएम-1332 है। साइलेंसर हटाने को कहा तो बढ़ा विवाद थाना प्रभारी नवल आर्य ने बताया कि पुलिस ने युवक से बाइक का मॉडिफाइड साइलेंसर हटाने के लिए कहा। इसी बात पर उसकी पुलिसकर्मियों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने लगी और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। थाने ले गई पुलिस विवाद के बाद पुलिस ने युवक को बाल पकड़कर गाड़ी में बैठाया और लार्डगंज थाने ले गई। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया था। बाद में उसके परिजनों को थाने बुलाया गया और समझाइश देकर उसे छोड़ दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। पुलिस का कहना है कि वाहन चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा और मॉडिफाइड साइलेंसर व यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टीआई से बोला-तू जानता नहीं है मुझे रात को थाना प्रभारी के साथ जब पुलिसकर्मी वाहन चेकिंग कर रहे थे, तभी वहां से बाइक में निकर रहे युवक भावेश को रोका तो उसने टीआई की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा कि तू जानता नहीं है, मुझे मैं कौन हू, इसके बाद पुलिसकर्मीयों से बहस हो गई, जिसके बाद उसे पकड़कर थाने लाया गया। बाइक से आ रही थी पटाखे की आवाज पुलिस ने भावेश की बाइक को स्टार्ट किया गया तो उसमें पटाखे जैसे आवाज आ रही थी। इसके बाद युवक के पिता को थाने फोनकर बुलाया गया तो उन्होंने अपना परिचय राजनीतिक दल में कार्यकर्ता के रूप में दिया। हालांकि उन्होंने माना कि बेटे ने गलती की है। पुलिस ने वाहन अधिनियम के तहत 5500 रुपए का चालान काटा।
घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर 2 पक्ष भिड़े:लाठी-सरियों और पत्थरों से किया हमला, 4 घायल
श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में घर के बाहर सब्जियों से भरी गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देर रात हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों, लोहे की सरियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में दो महिलाओं सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों का सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर किया गया है। वार्ड नंबर-17 में देर रात हुआ विवाद घटना सादुलशहर के वार्ड नंबर-17 की है। जानकारी के अनुसार एक पक्ष के लोग घर के बाहर सब्जियों से भरी गाड़ी खड़ी कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों, लोहे की सरियों और पत्थरों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक की हालत गंभीर, श्रीगंगानगर रेफर घटना के बाद आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया और घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। घायलों में से एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से समझाइश कर मामला शांत कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, दोनों पक्षों में से किसी की ओर से अभी तक मामला दर्ज नहीं कराया गया है।
जोधपुर रेंज आईजी की ओर से जारी 39 ASI की ट्रांसफर लिस्ट में एक ऐसा नाम भी शामिल है, जिनकी 1 जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। बाड़मेर के बाटाडू चौकी इंचार्ज रहे ASI अनोपाराम का निधन जोधपुर के हॉस्पिटल में हुआ था, लेकिन 9 जुलाई को जारी ट्रांसफर आदेश में उनका नाम बालोतरा ट्रांसफर के लिए शामिल किया गया। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। 9 जुलाई को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में शामिल था नाम जोधपुर रेंज आईजी शरत कविराज ने 9 जुलाई को आदेश जारी कर रेंज के अलग-अलग जिलों में 39 ASI के तबादले किए। यह स्थानांतरण संबंधित पुलिसकर्मियों के खुद के प्रार्थना-पत्र के आधार पर किए गए थे। जारी सूची में अनोपाराम पुत्र मोहबतराम का नाम भी शामिल था। उनका ट्रांसफर बाड़मेर से उनके होम डिस्ट्रिक्ट बालोतरा किया गया था। 1 जुलाई को हो चुकी थी मौत ASI अनोपाराम की 1 जुलाई को जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। ऐसे में मौत के आठ दिन बाद जारी हुई ट्रांसफर सूची में उनका नाम आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसको लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर थे तैनात अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र के हिंगलाज थाना इलाके के रहने वाले थे। उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी। बाद में प्रमोशन के बाद वे हेड कांस्टेबल और फिर ASI बने। उन्होंने बाड़मेर कोतवाली सहित जिले के कई थानों में ड्यूटी की थी। फिलहाल वे बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर तैनात थे। बीपी, शुगर और लीवर की समस्या से थे परेशान पुलिस के अनुसार अनोपाराम बीपी और शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। करीब चार-पांच दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बाड़मेर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें जोधपुर रेफर किया गया, जहां मेडिपल्स हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान लीवर से जुड़ी समस्या सामने आई और 1 जुलाई की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सिवाना लाया गया था। जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। …………………… इससे जुड़ी खबर पढ़े… हॉस्पिटल में चार दिन से भर्ती ASI का निधन:लीवर में हो गया था इंफेक्शन; बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे
झुंझुनूं में सरकारी अस्पतालों में अब व्यवस्था में बदलाव होने जा रहे है। जिससे अब स्टॉफ और डॉक्टरों को परेशानी नहीं होगी। दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 31 जुलाई तक सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 'इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम' (IHMS) के 'डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल' को लागू करने के निर्देश दिए है। इस नई व्यवस्था के बाद मरीजों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, बल्कि उनका पूरा उपचार इतिहास एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। सुरक्षित रहेगा इलाज का रिकॉर्ड अक्सर ऐसा होता है कि मरीज अस्पताल की पुरानी पर्ची और जांच रिपोर्ट खो देते है या फिर साथ लेकर नहीं आते है। जिससे दोबारा इलाज शुरू करते समय पुरानी जानकारियां नहीं मिल पाती। अब डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों का भी इस समस्या का समाधान हो गया है। नई व्यवस्था में प्रत्येक मरीज का आभा (ABHA) लिंक्ड इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार किया जाएगा। इससे ये फायदा होगा कि मरीज प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में जाता है, तो डॉक्टर कंप्यूटर के जरिए उसका पिछला उपचार और जांच आसानी से देख सकेंगे। डॉक्टरों का काम होगा आसान चिकित्सा विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल व्यवस्था के दौरान डॉक्टरों को अतिरिक्त बोझ महसूस न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। डेटा एंट्री के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर, जीएनएम, नर्सिंग स्टाफ और इंटर्न की सेवाएं ली जाएंगी। हालांकि, उपचार का निर्णय, दवाओं का चयन और अंतिम ई-प्रिस्क्रिप्शन की जिम्मेदारी पूरी तरह से संबंधित चिकित्सक की ही होगी। प्रत्येक चिकित्सक को लॉगिन आईडी, कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य तकनीकी सुविधाएं विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी चिकित्सा विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों (PMO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 31 जुलाई तक अपने अधीन आने वाले सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में इस मॉड्यूल का 100 प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करें। जिले के अधिकारियों ने बताया- स्वास्थ्य संस्थानों में कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट या आईटी उपकरणों की कमी होने पर उनकी तुरंत खरीद की जाएगी। साथ ही, स्टाफ को तकनीकी प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और स्मार्ट होगी डॉ. छोटेलाल गुर्जर, सीएमएचओ ने बताया- मरीजों की सुविधा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल के लागू होने से सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और स्मार्ट हो जाएगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर तकनीकी टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि 31 जुलाई के बाद किसी भी मरीज को डिजिटल रिकॉर्ड में कोई असुविधा न हो।
प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में श्मशानों की जमीनों और उन तक पहुंचने के लिए अब रास्ते बनाए जाएंगे, वहीं श्मशानों की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी। कई जगह श्मशानों की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से विवाद होते हैं। सरकार ने इन विवादों को खत्म करने का फैसला किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविरों में श्मशान की जमीनों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। साथ ही श्मशानों तक पहुंचने के लिए रास्ते खुलवाए जाएंगे। इसको लेकर राजस्व विभाग ने सभी कलेक्टर्स को चिट्ठी लिखकर श्मशानों की जमीनों का रिकॉर्ड सुधारकर उन तक पहुंचने केच लिए रास्ते बनाने के आदेश दिए हैं। राजस्व विभाग की चिट्ठी के अनुसार प्रदेश के कई गांवों में श्मशान चालू हैं, लेकिन श्मशान की जमीन राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में दर्ज नहीं है। कई जगहों पर श्मशान की जमीन का कानूनी रूप से आरक्षण नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कामों में सामाजिक असुविधा, अतिक्रमण और जमीन विवाद जैसे मामले सामने आते हैं। कलेक्टरों को आदेश, श्मशान तक पहुंचने के रास्ते खुलवाएं श्मशान की जमीनों से जुड़े विवादों को ग्रामीण सेवा शिविरों में सुलझाया जाएगा। जिन श्मशानों की जमीन का सरकारी रिकॉर्ड में जिक्र नहीं है, उन श्मशानों की जमीन को सरकारी जमाबंदी में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। गांवों में श्मशान की जमीनों का भौतिक सत्यापन करते हुए सीमांकन करना होगा। श्मशानों से अतिक्रमण हटाने होंगे। श्मशान की जमीन का नाप जोख कर सरकारी जमाबंदी में रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। राजस्व विभाग ने श्मशानों तक रास्ते खुलवाकर उन्हें पंचायतों के सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। नए श्मशानों के लिए जमीन आवंटित होगी राजस्व विभाग ने कलेक्टरों को गांवों में श्मशानों के लिए जमीन आरक्षित करने को कहा है। जहां श्मशान के लिए जमीन की आवश्यकता है वहां जमीन आरक्षित कर श्मशान के लिए आवंटित की जाएगी। यह काम आगे भी जारी रखने को कहा है। दाह संस्कार को लेकर होते हैं विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशानों तक पहुंचने के रास्ते नहीं होने के कारण कई बार विवाद होते हैं, इन विवादों को टालने के लिए ही श्मशान तक पहुंचने के रास्ते सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने और श्मशानों से अतिक्रमण हटवाने का फैसला किया है। कई जगह श्मशानों की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, इस वजह से विवाद होते हैं।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता की बेंच 3 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने और विशेष SIT के गठन के मांग की गई है। साथ ही, मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी के गठन की भी मांग की गई है। इधर, गिनने वाले 23 कर्मियों ने गुरुवार को एक साथ इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि चोरी की घटना के बाद 10-20 रुपए के नोट बढ़ गए हैं, जिससे गिनती में ज्यादा समय लग रहा है। पहले 500 रुपए के नोटों की 70-80 गड्डियां बन जाती थीं, अब बमुश्किल 15 गड्डियां बन रही हैं। पहले काम दो शिफ्ट में होता था, लेकिन अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट कर दी गई है। वेतन वही है, जबकि काम के घंटे बढ़ गए हैं। अब बैंक के पास सिर्फ 13 गणना कर्मी बचे हैं। चढ़ावा चोरी से माता सीता का मायका 'जानकी मंदिर' भी आहत है। श्रीराम का ससुराल पड़ोसी देश नेपाल के जनकपुर में है। मंदिर के महंत रोशन दास ने दैनिक भास्कर से कहा कि भगवान श्रीराम के किसी मंदिर में ऐसी घटना न कभी देखी, न सुनी। मन व्यथित है, इसलिए सावन में जनकपुर से 5-7 लोग प्रभु श्रीराम के घर अयोध्या जाएंगे, सांत्वना देंगे और दर्शन कर लौट आएंगे। राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड में शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही वह सिवाया टोल प्लाजा पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें वहीं रोक दिया। पुलिस पहले से अलर्ट थी और थिरोट गांव जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। मौके पर पहले से बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौजूद थे।चंद्रशेखर आजाद ने कहा- मैं पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा हूं। घटना 15 मई की है और आज 10 जुलाई हो गई। करीब दो महीने बीत चुके हैं। अगर पुलिस समय पर और ठीक से कार्रवाई करती, तो मुझे यहां आने की जरूरत नहीं पड़ती। दो-तीन दिन पहले जो हुआ, वह ठीक नहीं था। परिवार के लोगों के फोन और मैसेज आए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें लाठियों से भी पीटा गया। पहले उनकी बात सुनूंगा, फिर आगे जो होगा, वह देखा जाएगा। इससे पहले कांग्रेस का 32 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने गांव जाने वाला था। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्यों को पहले ही उनके घरों में रोक दिया। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी थानों को अलर्ट किया गया है। थिरोट गांव और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। देखिए तस्वीरें.. सांसद चंद्रशेखर से जुड़ी अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….
सागर जिले के कैंट थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि परिचित महिला के पति ने उसे बहाने से घर बुलाकर वारदात को अंजाम दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। परिचित महिला के घर आता-जाता था पीड़िता का संपर्क पुलिस के अनुसार, किशोरी ने गुरुवार को कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह अपने परिवार के साथ नहीं रहती और शहर में भीख मांगकर अपना गुजारा करती है। कुछ समय पहले उसकी पहचान कंचन नाम की महिला से हुई थी। इसके बाद उसका महिला के घर आना-जाना शुरू हो गया और वह एक-दो बार वहां रुक भी चुकी थी। रेलवे स्टेशन से घर ले जाकर वारदात का आरोप शिकायत के मुताबिक, 7 जुलाई की रात करीब 12 बजे वह रेलवे स्टेशन के पास थी। इसी दौरान कंचन का पति मुकेश वहां पहुंचा और कहा कि उसकी पत्नी उसे बुला रही है। भरोसा कर वह उसके साथ घर चली गई। पीड़िता का आरोप है कि घर पहुंचने पर वहां कोई नहीं था। आरोपी ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जान से मारने की धमकी देने का आरोप पीड़िता ने शिकायत में बताया कि वारदात के बाद आरोपी ने किसी को घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच कैंट थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उमरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी, झरने, डैम और अन्य पर्यटन स्थलों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद अधिकांश संवेदनशील स्थानों पर पर्यटकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी या सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। पिछले वर्ष छोटी तुम्मी झरने में एक युवक की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी उनका पालन नहीं हो सका। भास्कर टीम ने किया ग्राउंड निरीक्षण दैनिक भास्कर की टीम ने झोझाफाल झरना और मछडार डैम का जायजा लिया। झोझाफाल में कई युवक ऊंची और फिसलन भरी चट्टानों पर बैठकर फोटो खिंचवाते नजर आए, जबकि मछडार डैम पर भी लोग बारिश के बीच बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के घूमते और मस्ती करते दिखे। कहीं नहीं दिखे चेतावनी बोर्ड दोनों पर्यटन स्थलों पर खतरे की चेतावनी देने वाले बोर्ड, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश या प्रतिबंधात्मक सूचना बोर्ड नहीं मिले। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ने, तेज बहाव और फिसलन के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले साल हुई थी युवक की मौत पिछले वर्ष छोटी तुम्मी झरने में एक युवक की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिले के सभी संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। संबंधित विभागों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अब तक यह व्यवस्था नहीं हो सकी है। कलेक्टर बोलीं- कराएंगे जांच मामले में कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के मामले की जांच कराई जाएगी। आवश्यक निर्देश जारी कर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
यमुनानगर के विश्वकर्मा चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह के होम लोन मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरनाआज शुक्रवार को भी जारी है। इस बीच किसान यूनियन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करनाल में बैंक के सर्कल अधिकारियों से वार्ता के लिए रवाना हुआ, जबकि यमुनानगर में अन्य किसान बैंक के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे रहे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि बैंक अधिकारियों ने किसान यूनियन को करनाल स्थित सर्कल हेड कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया है। प्रतिनिधिमंडल वार्ता में किसान मोहन सिंह के होम लोन का मानवीय आधार पर समाधान निकालने की मांग रखेगा। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत में कोई सकारात्मक फैसला निकलता है तो आंदोलन उसी के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन यदि वार्ता बेनतीजा रहती है तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे। सोमवार से बैंक का शटर किया जाएगा बंद सुभाष गुर्जर ने कहा कि 13 जुलाई सोमवार से पंजाब नेशनल बैंक के बाहर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। जैसे ही बैंक खुलेगा, किसान बैंक का शटर बंद कर उस पर ताला लगा देंगे और बैंक का कामकाज नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि बैंक के बाहर ही किसानों का धरना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को बैंक के बाहर मंडल स्तरीय किसान महापंचायत भी आयोजित की जाएगी। इसमें अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के किसान पदाधिकारी शामिल होंगे। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष भी महापंचायत में मौजूद रहेंगे और आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा करेंगे। 15-15 किसानों की जिम्मेदारी तय उन्होंने बताया कि वार्ता के परिणाम आने तक धरना प्रतिदिन पहले की तरह जारी रहेगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसान बैंक के बाहर डटे रहेंगे। इसके लिए किसानों की ड्यूटी भी लगाई गई है और प्रतिदिन 15-15 किसानों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार यदि समाधान नहीं हुआ तो बैंक का शटर बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। गौरतलब है कि किसान 77 वर्षीय मोहन सिंह के होम लोन के मामले को लेकर पिछले कई दिनों से पंजाब नेशनल बैंक के बाहर धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि मोहन सिंह के दोनों बेटों की मौत हो चुकी है और परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में बैंक को मानवीय आधार पर लोन का समाधान करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय लगातार रिकवरी का दबाव बनाया जा रहा है। इसी मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन आंदोलन चला रही है।
जोधपुर नगर निगम की टीम ने गुरुवार को भदवासिया मंडी से अतिक्रमण हटाया था। इस कार्रवाई का विरोध कर रहे एक होटल मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़क लिया था। कांच से हाथ पर चोट भी लगी थी। इस पूरे घटनाक्रम में बाद होटल मालिक ने वीडियो जारी किया है। वीडियो में कहा- मैं इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से मिलूंगा और कलेक्ट्रेट में अनशन पर बैठूंगा। होटल मालिक का कहना है कि मेरे रेस्टोरेंट पर कोई अतिक्रमण नहीं था। यदि ऐसा था भी तो नगर निगम को पहले नोटिस देना था। कार्रवाई के दौरान खुद पर छिड़क दिया था, ऑयल दरअसल, नगर निगम की टीम गुरुवार को भदवासिया मंडी इलाके में अतिक्रमण हटाने गई थी। इस दौरान काफी विरोध भी हुआ। टीम जब रामदेव रेस्टोरेंट पर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो होटल मालिक ने इसका विरोध किया। इस दौरान उससे समझाइश भी की गई लेकिन वह नहीं माना। आखिर में वह होटल में गया और ऑयल से भरी बोतल लाकर खुद पर छिड़क दी। इस घटनाक्रम के दौरान मौके पर हड़कंप मच गया। होटल मालिक का कहना था कि उनके साथ-साथ दूसरे लोगों का भी अतिक्रमण हटाया जाए। निगम की कार्रवाई के बीच परिवार के सदस्य और स्टाफ मालिक को रेस्टोरेंट के अंदर ले गए। वहां होटल मालिक ने कांच के गेट पर मुक्का मारकर उसे तोड़ दिया। इस घटना में उनके हाथ से खून बहने लगा, जिसके बाद परिजन और स्टाफ के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर भागे। वीडियो में कहा- मेरा छज्जा टूट गया, हाथ की नस कट गई, कौन जिम्मेदार इस घटनाक्रम के बाद होटल मालिक ने वीडियो जारी किया। वीडियो में होटल मालिक ने कहा- मेरी दुकान के बाहर ऐसा कोई अतिक्रमण नहीं था। यदि कोई छोटा अतिक्रमण था तो दुकानदार को नोटिस देना चाहिए। रोड पर पड़ा सामान ले जा सकते है लेकिन नोटिस दिए बगैर हाथ नहीं डाल सकते। मेरे छज्जा टूट गया और कांच से मेरे हाथ की नस कट गई। मैं सीईओ को ज्ञापन देकर। कलेक्ट्रेट के आगे अनशन पर बैठूंगा। जिन भाइयों का नुकसान हुआ है, वे कलेक्ट्रेट आ जाए, मैं अनशन करूंगा..। ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में होटल मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़का:हाथ से तोड़ा कांच का गेट; जेसीबी पर चढ़ा युवक, अतिक्रमण हटाने गई टीम से धक्का-मुक्की जोधपुर नगर निगम की टीम गुरुवार को भदवासिया मंडी में अतिक्रमण हटाने पहुंची। जब टीम होटल से अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़क लिया और हंगामा करने लगे। इसके बाद उन्होंने हाथ से कांच का गेट भी तोड़ दिया। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
चित्तौड़गढ़ जिले की पुलिस व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। राजस्थान सरकार ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के 49 अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसका असर चित्तौड़गढ़ जिले पर भी पड़ा है। जिले में मई महीने में ही पदभार संभालने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा का महज दो महीने के अंदर ही तबादला ग्रामीण उदयपुर कर दिया गया है। उनकी जगह प्रतापगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत गजेंद्र सिंह जोधा को चित्तौड़गढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी के साथ उदयपुर रेंज में पुलिस निरीक्षकों के स्तर पर भी बदलाव किया गया है और चित्तौड़गढ़ जिले को छह नए थाना अधिकारी मिल सकते हैं। लगातार हुए इन तबादलों को जिले की पुलिस व्यवस्था में नए सिरे से जिम्मेदारियां तय करने के तौर पर देखा जा रहा है। मुकुल शर्मा उदयपुर रवाना, गजेंद्र सिंह जोधा संभालेंगे जिम्मेदारी संयुक्त शासन सचिव (पुलिस) मनीष गोयल की ओर से जारी तबादला सूची में मुकुल शर्मा को चित्तौड़गढ़ से ग्रामीण उदयपुर भेजा गया है। मुकुल शर्मा मई महीने में ही चित्तौड़गढ़ आए थे और उनका कार्यकाल करीब दो महीने का ही रहा। अब उनकी जगह गजेंद्र सिंह जोधा को लगाया गया है। वर्तमान में जोधा प्रतापगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वे नागौर जिले के रहने वाले हैं और वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं। चित्तौड़गढ़ से उनका पुराना जुड़ाव भी रहा है, क्योंकि इससे पहले वे यहां पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में जिले की भौगोलिक स्थिति और पुलिस व्यवस्था से उनकी पहले से अच्छी पहचान मानी जा रही है, जिसका फायदा उनके नए कार्यकाल में देखने को मिल सकता है। छह नए पुलिस निरीक्षक भी पहुंचे, कई थानों में बदलेगी जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तबादले के साथ ही उदयपुर रेंज में पुलिस निरीक्षकों के स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। इस संबंध में उदयपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत रूप सिंह जाटव को उदयपुर से चित्तौड़गढ़ भेजा गया है। प्रवीण टांक का तबादला प्रतापगढ़ से चित्तौड़गढ़ किया गया है, जबकि रंजीत सिंह को सलूंबर से चित्तौड़गढ़ लगाया गया है। इसके अलावा पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे सुमन कुमार को भी चित्तौड़गढ़ में नियुक्ति मिली है। जयपुर पुलिस आयुक्तालय से रजनीश कुमार को चित्तौड़गढ़ भेजा गया है, वहीं गेहरी लाल का तबादला खेरवाड़ा से चित्तौड़गढ़ किया गया है। इन अधिकारियों की तैनाती के बाद जिले के कई थानों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन अधिकारियों को अलग-अलग थानों और शाखाओं में पदस्थापित किया जाएगा, जिससे जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की कोशिश होगी।
पानीपत जिले के मतलौडा में गुरुवार रात एक 35 वर्षीय लकड़ी कारोबारी का उसके घर के बाहर से फिल्मी स्टाइल में किडनैप कर लिया गया। अपहृत कारोबारी की पहचान दिलावर के रूप में हुई है, जो दो बच्चों का पिता है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य साजिशकर्ता (दिलावर के दोस्त) को राउंडअप कर लिया है, जबकि बाकी आरोपी और कारोबारी की तलाश में पुलिस की टीमें सोनीपत की तरफ रवाना हो गई हैं। दोस्त ने फोन कर घर के बाहर बुलाया, फिर किया अगवा गांव थिराना निवासी दिलावर के भाई अमित और ससुर रमेश ने बताया कि वारदात गुरुवार रात करीब 9 बजे की है। दिलावर उस समय अपने घर पर था, तभी उसके पास इसराना के रहने वाले उसके एक दोस्त का फोन आया। दोस्त ने उसे जरूरी बात करने के बहाने घर से बाहर सड़क पर बुलाया। जब दिलावर बाहर पहुंचा, तो वहां एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी थी, जिसमें उसका दोस्त और 4 अन्य युवक सवार थे। मौके पर किसी बात को लेकर दिलावर और गाड़ी में बैठे युवकों के बीच कहासुनी और बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सभी आरोपियों ने दिलावर को जबरदस्ती खींचकर गाड़ी के भीतर डाल लिया और गाड़ी तेज रफ्तार में दौड़ाकर मौके से फरार हो गए। परिचित ने देखी वारदात, रातभर पीछे लगी रही पुलिस किडनैपिंग की यह पूरी वारदात वहां नजदीक ही खड़े दिलावर के एक परिचित ने देख ली। उसने बिना वक्त गंवाए तुरंत दिलावर के परिजनों को मामले की सूचना दी। घरवाले तुरंत हरकत में आए और मतलौडा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। कारोबारी के अपहरण की सूचना मिलते ही पानीपत पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। SP के निर्देश पर सीआईए और स्थानीय पुलिस की कई टीमें रातभर बदमाशों का सुराग लगाने और उनका पीछा करने में जुटी रहीं। इसी मुस्तैदी के चलते पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिलावर के उस इसराना निवासी दोस्त को राउंडअप कर लिया, जिसने फोन करके उसे बाहर बुलाया था। हालांकि, बाकी आरोपी, स्कॉर्पियो गाड़ी और दिलावर को लेकर भागने में कामयाब रहे। सुबह 10 बजे आया अज्ञात नंबर से फोन, दिलावर बोला- सोनीपत में हूं शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे दिलावर के परिजनों के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। फोन पर दूसरी तरफ से खुद दिलावर ने बात की। दिलावर ने घबराए हुए स्वर में परिजनों को बताया मैं इस वक्त सोनीपत में हूं। बदमाशों की स्कॉर्पियो गाड़ी का तेल खत्म हो गया है, जिस वजह से वो रुके हैं। इन लोगों ने रातभर मुझे गाड़ी में डालकर अलग-अलग जगहों पर घुमाया और मेरे साथ बुरी तरह से मारपीट की है। दिलावर का फोन आते ही पुलिस सोनीपत के लिए रवाना दिलावर के फोन आते ही परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी जांच कर रही पुलिस टीम को दी। पानीपत पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए उस अज्ञात नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जो सोनीपत के आसपास की मिली है। इसके बाद पानीपत से पुलिस की विशेष टीमें और भारी पुलिस बल सोनीपत के लिए रवाना हो गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही कारोबारी दिलावर को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा और बाकी बचे चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा। मतलौडा थाना पुलिस इस मामले में पुरानी रंजिश या पैसों के लेनदेन के एंगल से भी जांच कर रही है।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में किसानों से मटर खरीदकर भुगतान नहीं करने का मामला सामने आया है। गुरुवार शाम पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ 85 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। मामले में एक आरोपी संदीप पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। 'गोपाल एंड कंपनी' के नाम से खरीदी थी मटर पुलिस के मुताबिक, गोटेगांव कृषि उपज मंडी में 'गोपाल एंड कंपनी' के नाम से फर्म संचालित कर रहे संदीप पटेल, गोपाल पटेल, अमित पटेल और मनोज उर्फ धनंजय मिश्रा ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच गोटेगांव और आसपास के किसानों से बड़ी मात्रा में मटर खरीदी थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने मटर खरीदते समय किसानों को कुछ राशि नकद दी और शेष भुगतान 4-5 दिन में करने का वादा किया। तय समय पर भुगतान नहीं मिलने पर किसानों ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने हस्ताक्षरित चेक दिए, लेकिन खातों में पर्याप्त राशि नहीं होने से सभी चेक बाउंस हो गए। 60 से अधिक किसान हुए प्रभावित ग्राम सालीवाड़ा निवासी किसान राजेंद्र पटेल सहित अन्य किसान पिछले पांच माह से भुगतान के लिए एसडीओपी कार्यालय और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग उठाई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में राजेंद्र पटेल, सत्येंद्र सिंह लोधी, राहुल पटेल, आशु पटेल, मातबर पटेल, रामकुमार सिरोठिया, रविशंकर झारिया, सुनील कुमार लोधी, कीरत राजपूत, वीरेंद्र पटेल और नारायण सिंह समेत 60 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों की कुल बकाया राशि 85 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। एक आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी गोटेगांव पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी संदीप पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सराफ के निर्देशन में एसआई ऋषिराज रजक मामले की जांच कर रहे हैं। अन्य तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर जांच एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का दावा है कि पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपए जुटाए गए। एजेंसी का यह भी दावा है कि इस फंड की एंट्री और उसका मैनेजमेंट रामगोपाल अग्रवाल के जरिए किया जाता था। EOW के मुताबिक, यह रकम बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी, जिसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। कांग्रेस भवन पहुंचती थी कथित घोटाले की रकम EOW ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों में दावा किया है कि कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण रामगोपाल अग्रवाल के पास रहता था। जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। EOW का दावा है कि इस राशि का संग्रहण, प्रबंधन और उपयोग रामगोपाल अग्रवाल ने किया। कारोबारियों ने पैसा देने की बात बयान में स्वीकारी जांच एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन भेजे गए। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है। 8 राज्यों में रहे, मंदिरों में कराई पूजा शुरुआती पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। जांच एजेंसी का कहना है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में बने रहे। आयकर छापे से खुला मामला EOW के मुताबिक, 30 जून 2022 को कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट पर आयकर विभाग की छापेमारी में बरामद डायरी और दस्तावेजों से अवैध कोल लेवी के लेन-देन का खुलासा हुआ था। इन्हीं दस्तावेजों में रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया। बाद में ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, 8 जुलाई 2026 उन्होंने सरेंडर कर दिया। 9 जुलाई को उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। 17 जुलाई तक रिमांड, आगे और गिरफ्तारी संभव EOW ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने 9 दिन की रिमांड मंजूर कर ली। अब रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा कि पूछताछ के बाद कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। वहीं, ED भी इस मामले में आगे अलग कार्रवाई की तैयारी कर रही है। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 17 जुलाई तक EOW की रिमांड में रहेंगे रामगोपाल अग्रवाल: शराब-कोल लेवी घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप; कल कांग्रेस करेगी प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी रामगोपाल अग्रवाल ने 3 साल बाद सरेंडर किया। रामगोपाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष थे। उन पर घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर…
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर रीवा–मिर्जापुर (वाया हनुमना) रेल लाइन के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि यह विंध्य क्षेत्र की लंबे समय से लंबित परियोजना है, जिसके पूरा होने से रीवा, हनुमना, डभौरा और मिर्जापुर के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इसके साथ ही उन्होंने डभौरा रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव की भी मांग उठाई। रीवा–मिर्जापुर रेल लाइन जल्द शुरू कराने की मांग सांसद जनार्दन मिश्रा ने रेल मंत्री को बताया कि रीवा–मिर्जापुर रेल लाइन विंध्य क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से रीवा, हनुमना, डभौरा और मिर्जापुर के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने रेल मंत्री से परियोजना की प्रक्रिया में तेजी लाने और निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया। रेल लाइन बनने से कम होगी यात्रा की दूरी सांसद ने बताया कि वर्तमान में रीवा से मिर्जापुर तक सड़क मार्ग से लगभग 165 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रेल लाइन बनने के बाद दोनों शहरों के बीच सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस रेल परियोजना से व्यापार, शिक्षा, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। मां विंध्यवासिनी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को होगा लाभ जनार्दन मिश्रा ने कहा कि रीवा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम के दर्शन के लिए जाते हैं। रेल लाइन बनने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक आसान, सुरक्षित और समय की बचत वाली होगी। डभौरा स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग मुलाकात के दौरान सांसद ने डभौरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 22441/22442 इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि डभौरा और आसपास के हजारों यात्रियों को इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा। सांसद ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र के यात्रियों को इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए दूसरे रेलवे स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है। उन्होंने रेल मंत्री से जनहित को देखते हुए डभौरा स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव स्वीकृत करने का अनुरोध किया।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और दानराशि में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग को लेकर झारखंड युवा मोर्चा के नेतृत्व में शहर में विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने डीसी ऑफिस पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली की सबसे बड़ी विशेषता रामायण पर आधारित जीवंत झांकी रही, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हनुमान का वेश धारण किए कलाकार आकर्षण का केंद्र दिव्य रथ पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप में कलाकार सवार थे, जबकि आगे हनुमान का वेश धारण किए कलाकार तथा सुग्रीव और अंगद की वानर सेना के रूप में शामिल कार्यकर्ता पूरे जुलूस में आकर्षण का केंद्र बने रहे। चंदा चोरों गद्दी छोड़ो के नारे लगाए कई कार्यकर्ता सड़कों पर बैठकर प्रतीकात्मक विरोध भी जताते दिखे। प्रदर्शनकारी “आस्था के धन पर डकैती बंद करो”, “चंदा चोरों गद्दी छोड़ो” और “अयोध्या तो झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है” जैसे नारे लिखे पोस्टर लेकर चल रहे थे। पूर्व सांसद सुमन महतो और बबन राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि चढ़ावे की धनराशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सही हैं, तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। पूरे मामले के जांच आयोग में ईडी को भी शामिल करने की मांग प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग से कराई जाए। साथ ही जांच आयोग में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में कमलजीत गिल, मो. उस्मान खान, सविता दास, गंगा देवी, बलही महाली, सविता सिंह, सुनीता नाग, राहुल नाग, संतोष लकड़ा, संजीव द्विवेदी और हरभजन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
वल्लभनगर की ग्राम पंचायत खरसान में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत उर्मिला बेटी नारायण मेनारिया को 41 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उन्हें सहायता राशि का चेक सौंपा गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कनिष्ठ लेखाकार विनय गुर्जर ने शिविर में ही आवेदन तैयार करवाया। त्वरित प्रक्रिया के बाद सहायता राशि स्वीकृत की गई। एसडीएम रमेश चंद्र वडेरा, शिविर प्रभारी भूपेश आचार्य, प्रशासक लक्ष्मी बाई, विजय लाल मेनारिया, मोहन मेनारिया, ग्राम विकास अधिकारी लक्ष्मी मेघवाल और रवि मेनारिया की उपस्थिति में लाभार्थी उर्मिला को 41 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया। सहायता राशि मिलने पर उर्मिला मेनारिया ने सीएम और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहयोग से उनके परिवार को राहत मिली है। एसडीएम रमेश चंद्र वडेरा ने बताया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा समय पर उपलब्ध कराया जाए।
बॉलीवुड अभिनेत्री जरीन खान शुक्रवार सुबह जयपुर पहुंचीं, जहां एयरपोर्ट पर आयोजकों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। कूल और स्टाइलिश अंदाज में नजर आईं जरीन की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। एयरपोर्ट पर उन्होंने मुस्कुराते हुए अभिवादन स्वीकार किया और इसके बाद वह शहर के फाइव स्टार होटल में आयोजित एक विशेष इवेंट में शामिल होने के लिए रवाना हो गईं। हालांकि, जयपुर से जरीन खान का खास जुड़ाव रहा है। उन्होंने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत सलमान खान की फिल्म 'वीर' से की थी, जिसकी शूटिंग का बड़ा हिस्सा जयपुर और आमेर में हुआ था। आमेर महल सहित शहर की कई ऐतिहासिक लोकेशनों पर फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माए गए थे। इस फिल्म ने जरीन को हिंदी सिनेमा में पहचान दिलाई और जयपुर उनके फिल्मी सफर का अहम हिस्सा बन गया। जरीन खान पहले भी कई बार आ चुकी हैं जयपुर जरीन खान इससे पहले भी कई बार जयपुर आ चुकी हैं। शहर में आयोजित फैशन शो, ब्यूटी पेजेंट, ब्रांड लॉन्च, कॉरपोरेट कार्यक्रम और अन्य ग्लैमरस आयोजनों में वह नियमित रूप से शिरकत करती रही हैं। जयपुर में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभिन्न आयोजनों में उन्हें सेलिब्रिटी गेस्ट और शो-स्टॉपर के रूप में लगातार आमंत्रित किया जाता है। जयपुर में जरीन खान के फैन्स को रहता है बेसब्री से इंतजार फिल्मों के अलावा जरीन खान लाइव इवेंट्स और स्टेज परफॉर्मेंस के लिए भी काफी चर्चित हैं। वेडिंग परफॉर्मेंस, प्राइवेट सेलिब्रेशन और हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में उनकी अच्छी-खासी डिमांड रहती है। यही वजह है कि देशभर की तरह जयपुर में भी उनके कार्यक्रमों का प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार रहता है। सलमान के साथ फिल्म वीर से बॉलीवुड में किया था डेब्यू गौरतलब है कि जरीन खान ने वर्ष 2010 में सलमान खान के साथ फिल्म 'वीर' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'हाउसफुल 2', 'हेट स्टोरी 3', 'अक्सर 2', '1921', 'चाणक्य' और 'हम भी अकेले तुम भी अकेले' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। हाल के वर्षों में वह फिल्मों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, फैशन और लाइफस्टाइल कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। गुरुवार देर रात दिगौड़ा-जतारा मार्ग पर एक पिकअप वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, युवक की मौत का मुख्य कारण सिर में लगी गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वाहन का चालक मौके से फरार थाना दिगौड़ा के डायल 112 वाहन में तैनात आरक्षक अजीत सिंह और पायलट शैलेंद्र सागर ने बताया कि यह हादसा ग्राम मऊ बुजुर्ग के पास हुआ। मृतक की पहचान बछोड़ा निवासी राहुल घोष (20 वर्ष) पुत्र लल्लू घोष के रूप में हुई है। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक के सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद पिकअप वाहन का चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर थाने में रखवा दिया है। शुक्रवार सुबह युवक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना परिसर में गुरुवार शाम न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना का वीडियो आज शुक्रवार को सामने आया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और परिजनों ने समय रहते युवक को पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मारपीट की शिकायत लेकर पहुंचा था युवक जानकारी के अनुसार, मामला चंदेरा थाना क्षेत्र के ग्राम जेवर का है। पीड़ित आशाराम ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे गांव के राज पचौरी, रेशू उर्फ छोटू पचौरी, रमा पचौरी, हेमंत पचौरी और दो अन्य लोग उसके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक गालियां दीं और रिश्तेदारों को लोकेशन बताने का आरोप लगाते हुए मारपीट की। आशाराम के मुताबिक, आरोपियों ने किसी धारदार वस्तु से उसके दाहिने हाथ पर हमला किया, जिससे खून बहने लगा। इसके बाद डंडों और हॉकी से पैरों पर भी हमला किया गया। कार्रवाई नहीं होने पर जतारा थाने पहुंचा पीड़ित का आरोप है कि उसने पहले चंदेरा थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को वह जतारा थाने पहुंचा, जहां भी सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे रोक लिया। आशाराम ने दावा किया कि घटना के बाद वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा था। भय के कारण उसने अपनी पत्नी के साथ रात एक पेट्रोल पंप पर बिताई। उसने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी बोले- मामला हमारे क्षेत्र का नहीं जतारा थाना प्रभारी कमल सिंह ठाकुर ने बताया कि विवाद चंदेरा थाना क्षेत्र का है। युवक को समझाइश देकर संबंधित थाना भेज दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई चंदेरा पुलिस करेगी।
श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी एक NRI युवक है, जिसकी शादी में अब केवल 6 दिन बाकी थे। आरोपी डेढ़ महीने पहले शादी के लिए न्यूजीलैंड से भारत आया था और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। आरोप लगने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद परिवार सदमे में है और शादी की तैयारियां रुक गई हैं। 18 से 22 जून के बीच तीन होटलों में यौन शोषण का आरोप पुलिस के अनुसार आरोपी पर 18 जून से 22 जून के बीच नाबालिग लड़की के साथ तीन अलग-अलग होटलों में यौन शोषण करने का आरोप है। इनमें सुखाड़िया मार्ग स्थित होटल जॉय इन, रविंद्र पथ स्थित होटल ड्रीम इन और मोटर मार्किट स्थित होटल स्फायर इन शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज और होटल स्टाफ की निशानदेही से गिरफ्तारी महिला अपराध अनुसंधान सेल की टीम ने होटल जॉय इन के सीसीटीवी फुटेज और होटल ठेकेदार व मैनेजर की निशानदेही के आधार पर कार्रवाई की। इसके बाद आरोपी युवक को 8 जुलाई की देर शाम बापर्दा गिरफ्तार किया गया। न्यूजीलैंड में रहता था, शादी के लिए आया था भारत गिरफ्तार युवक 25 साल का है और न्यूजीलैंड में रहता था। उसने वहां स्थायी निवास यानी पीआर भी हासिल कर रखी थी। परिवार ने लड़की देखकर उसकी शादी 14 जुलाई को तय की थी। शादी की तैयारियों के लिए वह करीब डेढ़ महीने पहले भारत लौटा था। पुलिस जब आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची, तब घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के लोगों को इस घटना की जानकारी मिलने के बाद सदमा लगा और शादी की तैयारियां बीच में ही रुक गईं। अब तक 20 आरोपी हो चुके गिरफ्तार जांच अधिकारी आरपीएस कैलाशदान देथा ने बताया कि इस मामले में अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब सभी गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त परेड करवाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए शुक्रवार को उपखंड अधिकारी को पत्र लिखकर कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

