ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है…
‘डेढ़ साल से मुझसे संबंध बना रहे हो। मैं प्रेग्नेंट हो गई। तुम्हारा बच्चा पेट में है। अब तुम दूसरी लड़की से शादी करने जा रहे हो। बार-बार झूठ बोल रहे हो। हमसे कहते थे कि घरवालों को मना लेंगे, नहीं तो भागकर शादी करेंगे। या तो शादी करो नहीं तो चलो दोनों भाग चलें। जान दे देंगे, लेकिन हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं।’ यह चेतावनी प्रयागराज की उस लड़की की थी, जिसे उसके प्रेमी मोनिश पटेल ने मार डाला। मोनिश ने सारी बातें पुलिस को बताई हैं। एसीपी फूलपुर विवेक यादव ने बताया, 23 अप्रैल की सुबह 20 साल की लड़की की लाश घर से कुछ दूरी पर मिली थी। गले-चेहरे पर चोट के निशान थे। इस मामले में मोनिश समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्यार से हत्या तक कैसे पहुंची बातएसीपी ने बताया, 24 साल के मोनिश पटेल और युवती के बीच 2 साल से अफेयर था। दोनों के घरों के बीच की दूरी महज 20 मीटर है। युवती ने 8वीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल जाना छोड़ दिया था। मोनिश और युवती के बीच अफेयर की चर्चा गांव में थी। मोनिश का परिवार भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं था। इस बीच मोनिश उससे शादी का वादा करता रहा। डेढ़ साल पहले दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। मोनिश अक्सर उसे मिलने बुलाता। रात में दोनों घर से दूर खेत या फिर खाली प्लॉट पर मिलते थे। जब मिल नहीं पाते तो दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत, चैटिंग भी चलती थी। तीन महीना पहले लड़की के घरवालों ने पीटा थापुलिस पूछताछ में पता चला है कि तीन महीने पहले मोनिश ने युवती को रात में मिलने बुलाया था। यह बात युवती के घरवालों को पता चल गई। दूसरे दिन परिवार और रिश्तेदारों ने मोनिश को जमकर पीटा था। तब भी मोनिश के घरवालों ने स्पष्ट कह दिया था कि वह लड़की से शादी नहीं करेंगे। इसके बाद भी दोनों के बीच बातचीत होती रही। इस बीच मोनिश के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। जून में शादी होनी थी। लेकिन यह बात मोनिश युवती से छिपाए रहा और उससे भी शादी का वादा करता रहा। दोनों का मिलना जारी रहा। धमकी से डरा, मिलने के बहाने बुलाकर मार दियापुलिस पूछताछ में मोनिश ने बताया कि उसके होश तब उड़ गए, जब युवती ने बताया कि वह गर्भवती है। युवती जिद करने लगी कि वह उससे शादी करे। अब मोनिश उससे शादी नहीं करना चाहता था। उसने दूरी बनानी चाही तो मामला बिगड़ने लगा। लड़की धमकी देने लगी कि वह थाने जाकर सारा मामला बता देगी। इससे मोनिश डर गया। 22 अप्रैल की रात मोनिश ने लड़की को मिलने बुलाया। उसे समझाया, नहीं मानी तो धमकी दी। इसके बाद भी लड़की किसी हालत में मानने को तैयार नहीं थी। उसने कहा, जहां तुम्हारी शादी तय हुई है, वहां जाकर बता देगी। पुलिस के पास जाएगी। इसी के बाद मोनिश ने लड़की को मुंह दबाकर नीचे गिराया और उसी के ऊपर बैठकर गला घोंट दिया। युवती दो माह की प्रेग्नेंट थी, यह बात पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी साफ हो गई है। दो भाई विदेश में, घर में 4 ट्रैक्टरएसीपी फूलपुर विवेक यादव ने बताया कि आरोपी मोनिश संपन्न परिवार से है। उसके पिता बड़े किसान हैं। घर में 4 ट्रैक्टर हैं। जिसे मोनिश चलवाता है। मोनिश के दो भाई सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। खेती किसानी से भी काफी रुपए आते हैं। युवती का परिवार उनके मुकाबले गरीब है। पिता दूसरे के खेत में किसानी करते हैं। भाई भी अधिया (बटाई) पर खेती करता है। पिता और भाई को भी आरोपी बनायाएसीपी विवेक यादव ने बताया कि हत्याकांड में प्रेमी मोनिश के साथ ही उसके पिता 65 साल के लाल बहादुर पटेल और बड़े भाई विकास पटेल को भी आरोपी बनाया गया है। इन दोनों को साजिश रचने के मामले में आरोपी बनाया है। चूंकि लड़की से संबंध की बात इन्हें पता थी। बेटा लड़की से मिलता था। बेटे ने हत्या कर दी, यह बात इन्हें पता थी फिर भी पुलिस को गुमराह कर रहे थे। अब पूरा मामला जानिए…. घर के पास मिली थी लाशप्रयागराज के संदलपुर मलेथुआ गांव में 23 अप्रैल की सुबह 20 साल की लड़की का शव घर से 10 मीटर की दूरी पर मिला था। चेहरे और सिर पर चोट के गहरे निशान थे। परिजनों का कहना था कि 22 अप्रैल की रात बेटी ने सभी के साथ खाना खाया था। इसके बाद अपने कमरे में जाकर सो गई। सुबह छोटा भाई जब गाय को चारा डालने के लिए उसे जगाने गया तो वह कमरे में नहीं मिली। बाहर जाकर देखा तो घर से करीब 10 मीटर दूर उसका शव पड़ा था। ……………….. ये खबर भी पढ़ें गोरखपुर क्लब संचालक के बेटे की गोली लगने से मौत:फॉर्च्यूनर से फार्महाउस पहुंचे थे; SP बोले- पिस्टल साफ करते वक्त गोली चली गोरखपुर में अरबपति कारोबारी और हाईप्रोफाइल गोरखपुर क्लब के संचालक अतुल श्रीवास्तव के बेटे अम्बरीश (40) की गोली लगने से मौत हो गई। उनकी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चली, जो अम्बरीश के मुंह में लग गई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हालांकि, गोली कैसे चली, यह पता नहीं चल पाया है। पढ़ें पूरी खबर
यूपी में विधानसभा चुनाव करीब एक साल बाद होने हैं। इससे पहले भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने क्षत्रियों को एकजुट करना शुरू कर दिया है। बिहार के भागलपुर से यूपी के ठाकुरों को ललकारा। बोले- सरकारों में आपका कोई अस्तित्व नहीं है। बृजभूषण ने अपना दुखड़ा सुनाया तो चुनौती भी दे डाली। आखिर उनकी नाराजगी की वजह क्या है? VIDEO देखिए…
समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी जातीय समीकरण की रणनीति को नया मोड़ दे रही है। पार्टी ने राजभर समाज की नेता सीमा राजभर को महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और फूलन देवी की बहन रुक्मणी देवी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पूर्वांचल को साधने की कोशिश की है। अब सपा की निगाह पश्चिमी यूपी पर है। यह इलाका हमेशा से सपा की कमजोर कड़ी रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा यहां के 12 जिलों में एक भी सीट जीत नहीं पाई थी। जबकि, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के साथ उसका गठबंधन था। यादव-मुस्लिम समीकरण भी यहां कुछ खास कमाल नहीं कर पाता। आखिर क्या है इसकी वजह, पढ़िए इस रिपोर्ट में… पहले जानिए सपा पश्चिमी यूपी में कमजोर क्यों… सीनियर जर्नलिस्ट राजेंद्र कुमार बताते हैं- पश्चिमी यूपी में करीब 15% जाट और 20% दलित हैं। भाजपा-रालोद गठबंधन जाटों पर पकड़ रखता है, जबकि बसपा और चंद्रशेखर जाटव-दलित पर मजबूत है। इसके अलावा 2013 का मुजफ्फरनगर दंगा भी एक अहम वजह है। इसने जाट, गुर्जर, जाटव और मुस्लिम के बीच लंबी खाई पैदा की थी। मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण भी यहां खास असर नहीं दिखा पाता। जाट-गुर्जर-दलित समीकरण भाजपा के पक्ष में रहता है। इस बार सपा PDA फॉर्मूले के तहत गुर्जर, मुस्लिम, गैर-जाटव दलितों को जोड़ते हुए जाट-जाटव वोटबैंक में सेंधमारी करना चाहती है। खासकर ऐसे जिलों में, जहां भाजपा मजबूत है। यही वजह है कि सपा जाट और दलित समाज के ऐसे नेताओं की तलाश कर रही है, जो उसके लिए वोट बढ़वा सकें। 2022 में पश्चिम यूपी के 12 जिलों में सपा का खाता तक नहीं खुला सीनियर जर्नलिस्ट राजेंद्र कुमार बताते हैं- पश्चिमी यूपी में जाट और जाटव समाज सपा से दूर रहता आया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन की वजह से जाट सपा के साथ आए थे। तब पश्चिनी यूपी की 136 में 35 सीट सपा और 8 रालोद ने जीती थीं। बिना किसी गठबंधन के भाजपा करीब 69% यानी 93 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बुलंदशहर, हापुड़, आगरा, मथुरा, एटा जैसे 12 जिलों में सपा का खाता तक नहीं खुला था। 2024 के लोकसभा चुनाव में रालोद के भाजपा के साथ जाने पर भाजपा की स्थित और मजबूत हो गई। पश्चिमी यूपी की 27 लोकसभा सीटों में से भाजपा-रालोद 15 और सपा 10 सीटें जीत पाई थी। इसी तरह जाटव (दलित) भी कभी सपा के साथ नहीं रहा। इस वोट पर हमेशा से मायावती का दबदबा रहा है। बसपा के कमजोर होने और चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी के मजबूत होने पर ये उसकी ओर शिफ्ट हो गया। वहीं, नॉन-जाटव दलितों का कुछ हिस्सा भाजपा की तरफ आ गया। लोकसभा चुनाव में सपा ने अयोध्या की तरह ही मेरठ की सामान्य सीट पर भी दलित उम्मीदवार को टिकट दिया था। अयोध्या में सपा को जीत मिली थी, लेकिन मेरठ सीट करीब 10 हजार वोटों से हार गई थी। अब विधानसभा चुनाव में सपा एक बार फिर पश्चिमी यूपी में ऐसा प्रयोग कर सकती है। हालांकि, अब मायावती मजबूत हो रही हैं। दलितों को अपने पाले में करने के लिए सभी पार्टियां दांव चल रही हैं। इसलिए सपा को ऐसे जाटव नेता की तलाश है, जो पूरे पश्चिमी यूपी में होल्ड रखता हो। अगर ऐसा नेता न भी मिले, तो कम से कम जिले में पहचान रखने वाले नेता को पार्टी में लाने की कोशिश की जा रही है। पूर्वांचल में सपा को 26 सीटों का फायदा पश्चिमी यूपी की अपेक्षा पूर्वांचल में सपा की स्थिति मजबूत दिखती है। इलाके की 102 विधानसभा सीटों में से सपा को 31 सीटें मिली थींं। तब ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा भी अखिलेश यादव के साथ थी। पार्टी ने 6 सीटें जीती थीं। भाजपा ने भले ही 53 सीटें जीती थीं, लेकिन गाजीपुर और आजमगढ़ में उसका खाता तक नहीं खुला था। 2024 के लोकसभा चुनाव तक ओमप्रकाश राजभर भाजपा के साथ आ गए थे। फिर भी सपा की स्थित काफी मजबूत रही थी। सपा ने कुल 21 लोकसभा सीटों में से 12 अकेले जीत ली थीं। इनके तहत 56 विधानसभा सीटें आती हैं। मतलब, सपा ने 2 साल के भीतर 26 सीटों पर बढ़त बना ली थी। वहीं, भाजपा ने 8 लोकसभा सीट जीती थीं। इनके तहत 41 विधानसभा सीटें आती हैं। मतलब, 2 साल में ही भाजपा 12 सीटों पर पिछड़ चुकी थी। यही वजह है कि सपा पूर्वांचल में अपनी स्थिति और मजबूत करने में जुटी है। इलाके में बड़ा राजनीतिक असर रखने वाली निषाद पार्टी और सुभासपा इस वक्त भाजपा के साथ हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इसकी काट निकालने के लिए सपा ने सीमा राजभर को महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और फूलन देवी की बहन रुक्मणी देवी निषाद को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। हालांकि, दोनों बड़े चेहरे नहीं हैं। फिर भी उन्हें पार्टी में अहम पद देकर सपा पिछड़े वर्ग की महिलाओं आगे बढ़ाने का संदेश देना चाह रही है। बिना गठबंधन पश्चिमी यूपी सपा के लिए बड़ी चुनौती अपने जातीय समीकरण के जरिए सपा की निगाह पश्चिमी यूपी की 136 सीटों पर है। 2022 में उसे रालोद का साथ मिला था। इस बार चुनौती अपने बल पर सीटें हासिल करने की है। यही वजह है, सपा पश्चिमी यूपी के दादरी से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर चुकी है। पश्चिमी यूपी में जाट के अलावा एक और अहम वोटबैंक ‘गुर्जर’ समाज है। इसको साथ लाने के लिए सपा ने 29 मार्च को दादरी में ‘समाजवादी समता भाईचारा रैली’ की थी। पश्चिमी यूपी की अहमियत को देखते हुए सपा 25 अप्रैल को गाजियाबाद में ‘विजन इंडिया’ प्रोग्राम कर रही है। यह सपा का देशव्यापी युवा संपर्क अभियान है। अखिलेश यादव ने इसे 2027 चुनाव से पहले पार्टी का रोडमैप लोगों के सामने रखने के लिए शुरू किया है। मई के आखिर में नोएडा में भी इसी तरह का प्रोग्राम करने का प्लान है। चंद्रशेखर का साथ मिला तो बदल सकती है तस्वीर पश्चिमी यूपी की राजनीति को करीब से जानने वाले सीनियर जर्नलिस्ट रवींद्र सिंह राणा कहते हैं- अगर सपा चंद्रशेखर से गठबंधन कर लेती है, तो उसे काफी फायदा मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि जाटवों का बड़ा वोटबैंक आज चंद्रशेखर के साथ है। बतौर जाट नेता सपा के पास हरेंद्र मलिक, पंकज मलिक और समरपाल सिंह हैं। अखिलेश यादव ने हाल के दिनों में युवा नेताओं को तरजीह देने की जो रणनीति अपनाई है, वो भी कारगर होती दिख रही है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कुछ दिन पर मेरठ के युवा जाट नेता सम्राट मलिक की जैकेट की तारीफ की। कुछ दिन बाद सम्राट वैसी ही जैकेट सिलवाकर लखनऊ पहुंच गए। अखिलेश ने उसे भी सार्वजनिक किया। इससे एक अलग तरह का मैसेज कम्युनिटी के साथ-साथ यूथ में भी गया। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… सपा का नारा PDA, 70% मुस्लिम-यादव जिलाध्यक्ष, अखिलेश को संगठन में क्यों किसी और पर भरोसा नहीं सपा को 2024 में PDA (पिछड़ा-दलित-मुस्लिम) के बलबूते यूपी की 80 में 37 लोकसभा सीटों पर सफलता मिली। माना गया कि सपा PDA को संगठन में आत्मसात कर राजनीति में नई लकीर खींचेगी। लेकिन, आज भी सपा के 97 जिलाध्यक्षों/महानगर अध्यक्षों में 70% यादव-मुस्लिम (MY) हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नमस्कार, राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के 7 सांसद भाजपा में शामिल हो गए हैं। उधर, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल में दीदी का भतीजा CM नहीं बनेगा। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में इजराइली PM नेतन्याहू को हुए प्रोस्टेट कैंसर के बारे में भी बताएंगे… ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भाजपा में: कहा- 10 में से 7 सांसद साथ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने AAP छोड़कर BJP ज्वाइन कर ली है। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी भाजपा में शामिल हुए हैं। ये तीनों सांसद दिल्ली के भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। AAP में सिर्फ 3 राज्यसभा सांसद बचेंगे: राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं। लेकिन राघव चड्ढा ने बताया कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी भाजपा के साथ हैं। ऐसे में राज्यसभा में AAP के सिर्फ 3 सांसद ही बचेंगे। राघव चड्ढा के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 3 अहम बातें... संजय बोले- राघव ने छुरा घोंपा: AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि राघव समेत सातों सांसदों ने पंजाब की जनता की पीठ में छुरा मारकर धोखा दिया है। पंजाब की सरकार जो जनता के लिए काम कर रही थी। उसे रोकने का काम किया है। पूरी खबर पढ़ें… 2. ट्रम्प के पास जंग जारी रखने के लिए 7 दिन, 1 मई से पहले अमेरिकी संसद की मंजूरी जरूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास युद्ध जारी रखने के लिए अब सिर्फ 7 दिन बचे हैं। अमेरिकी कानून के मुताबिक, 60 दिन के भीतर संसद की मंजूरी लेना जरूरी होता है। युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था और 2 मार्च को संसद को इसकी जानकारी दी गई। इसलिए 1 मई तक मंजूरी लेना अनिवार्य है। हालांकि, रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि, ट्रम्प संसद से बचना चाहते हैं, क्योंकि उनकी पार्टी के 10 सांसद और विपक्ष युद्ध के खिलाफ है। ईरान जंग में खर्च हुईं चीन के लिए रिजर्व मिसाइलें: ईरान के साथ 38 दिन चले युद्ध में अमेरिका ने अपनी कई अहम और महंगी मिसाइलें खर्च कर दीं। इनमें वो मिसाइलें भी शामिल हैं, जो चीन जैसे बड़े देशों से होने वाले संभावित युद्ध के लिए संभालकर रखी गई थीं। अब अमेरिका का हथियार भंडार तेजी से कम हो रहा है। इस पूरे युद्ध में अमेरिका के 28 से 35 अरब डॉलर खर्च हुए। यानी हर दिन करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 90 अरब रुपए) खर्च हुए। पूरी खबर पढ़ें... 3. यूपी में 30 दिन तक बिजली नहीं कटेगी, बैलेंस चाहे कितना भी निगेटिव हो यूपी सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। जिन लोगों के घरों में 1 किलोवाट का बिजली कनेक्शन है और उनका बैलेंस नेगेटिव हो जाता है, तब भी 30 दिनों तक उनका कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया, छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी सहूलियत मिलेगी, जो अक्सर आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से समय पर बिल जमा नहीं कर पाते हैं। 5 स्टेप SMS अलर्ट सिस्टम लागू: ऊर्जा मंत्री ने 2 किलोवाट वाले छोटे कनेक्शन उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। अगर उनका बैलेंस 200 रुपये तक माइनस हो जाता है, तब भी उनका कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इनके लिए भी यही 5 बार SMS अलर्ट का नियम लागू रहेगा।पढ़ें पूरी खबर… 4. बंगाल में मोदी बोले- TMC का दीया बुझने वाला है, बंगाल में परिवर्तन की लहर PM मोदी ने पश्चिम बंगाल के दमदम और जादवपुर में रैली की। इस दौरान उन्होंने कहा कि टीएमसी का दिया बुझने वाला है। बुझता दिया फड़फड़ाता है। बंगाल में परिवर्तन की लहर है। पहले चरण की वोटिंग ने इस पर मुहर लगा दी है। PM ने महिला आरक्षण पर कहा कि भाजपा बेटियों के सपने कुचलने नहीं देगी। महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होगी। शाह बोले- दीदी का भतीजा CM नहीं होगा: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 4 मई को हमारी सरकार बनेगी। बंगाल का अगला सीएम यहीं जन्म लेने वाला होगा। बस दीदी का भतीजा नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 5. इजराइली PM को प्रोस्टेट कैंसर हुआ, चुपचाप इलाज कराया; 2 महीने तक जानकारी छिपाई इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर हुआ था। उन्होंने रेडिएशन थेरेपी से इसका चुपचाप इलाज कराया। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट जारी करने में जानबूझकर देरी की, ताकि ईरान इसे युद्ध के दौरान इजराइल के खिलाफ प्रचार के तौर पर इस्तेमाल न कर सके। दिसंबर 2024 में ऑपरेशन हुआ था: नेतन्याहू के मुताबिक, दिसंबर 2024 में उनका प्रोस्टेट बढ़ने की वजह से ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद वह नियमित जांच कराते रहे। हाल की जांच में प्रोस्टेट में एक सेंटीमीटर से छोटा एक ट्यूमर मिला, जो शुरुआती स्टेज का मैलिग्नेंट कैंसर था और शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला था। पूरी खबर पढ़ें… 6. पेटीएम पेमेंट्स बैंक लाइसेंस RBI ने रद्द किया, कहा- इसकी बैंकिंग सेफ नहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज पूरी तरह बंद हो गया। RBI ने पेटीएम बैंकिंग को असुरक्षित बताया, लेकिन कहा कि ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है। बैंक के पास जमा राशि लौटाने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है। UPI सेवा पहले की तरह जारी रहेगी: अगर आप Paytm UPI को किसी दूसरे बैंक (जैसे SBI, HDFC आदि) से लिंक करके चला रहे हैं, तो UPI चलता रहेगा। लेकिन अगर Paytm Payments Bank ही आपका बेस अकाउंट था तो आपको इसे दूसरे बैंक में शिफ्ट करना होगा। इस बैंक में जमा पैसा आप निकाल सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 7. यूपी में पारा 45.2C, प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर, 26 अप्रैल से बदलेगा मौसम 45.2C के साथ प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा। वाराणसी, हमीरपुर और आगरा का पारा 44 डिग्री पार गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 44.5C, महाराष्ट्र के अमरावती में 44.4C और अकोला में 44.3C पारा रिकॉर्ड हुआ। ओडिशा के रायगढ़ा, झारसुगुड़ा और गंजाम में 26 अप्रैल तक स्कूल बंद रहेंगे। वहीं, केरल में लू से एक व्यक्ति की मौत हो गई। 60 जिलों में आज हीटवेव अलर्ट: मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि 25 अप्रैल को प्रदेश के 60 जिलों में लू का रेड अलर्ट है। यानी भीषण गर्मी पड़ेगी। दिन में पारा 45C के पार पहुंचेगा। 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश होगी। तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… राजस्थान: सांवलिया सेठ मंदिर में एक महीने में चढ़ावे का रिकॉर्ड: ₹41.67 करोड़ आए; 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NDA के सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा नुकसान मुजतबा खामेनेई का चेहरा-होंठ जला, प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत: पैर काटने की नौबत, नकली पैर लगेगा; अब ईरान को सेना के जनरल चला रहे दीपिका पादुकोण को हिट फिल्म के बाद भी ताने मिले: बोलने के तरीके का मजाक उड़ाया, डिप्रेशन का शिकार हुईं; नेटवर्थ ₹500 करोड़ से ज्यादा जरूरत की खबर- आर्थराइटिस के 5 घरेलू इलाज: आयुर्वेद एक्सपर्ट से समझें रोज पेन किलर खाने के 9 नुकसान, बिना दवा ऐसे पाएं दर्द से राहत करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को फायदेमंद एग्रीमेंट मिल सकते हैं। सिंह राशि वालों को नौकरी में प्रमोशन या अच्छी कंपनी से ऑफर मिलने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही ने इस घटना से करीब 20 दिन पहले हरियाणवी कलाकार कुलदीप कौशिक (KAY D) के साथ हरियाणवी गाने की शूटिंग की थी। ये उनका अंतिम गाना था, जो अभी रिलीज होना बाकी है। इस गाने की शूटिंग दिल्ली में हुई थी। शूटिंग के दौरान दिव्यांका ने अपने निजी जीवन से जुड़े कुछ किस्से शेयर किए थे और बताया कि पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही है और काफी स्ट्रगल है। इस बारे में कलाकार कुलदीप कौशिक ने दैनिक भास्कर एप टीम से बातचीत में बताया, दिव्यांका एक अच्छी कलाकार थी। उनके चले जाने का दुख हर किसी को हैं। गाना रिलीज होने के वक्त दिव्यांका से बात होनी थी। दिव्यांका के साथ हंसी मजाक से भरे वे अंतिम पल याद रहेंगे। दिव्यांका शूटिंग वाले दिन भी अपने साथ खाने में ड्राई-फ्रुट व अन्य कुछ सामान लेकर आई हुई थी। जब लंच के समय खाने को पूछा तो दिव्यांका ने बाहर का खाना खाने से मना कर दिया था। जब इस बारे में कारण पूछा तो दिव्यांका ने बताया था कि वह बाहर का खाना कम ही खाती है। उसके भाई दीपांशु को भी पिछले दिनों चोट लग गई थी और उसके पिता की भी तबीयत खराब रहती है। उसकी खुद की भी तबीयत खराब रहती है। वह काफी समय तक घर पर ही थी। करीब ढाई से तीन माह ही शूटिंग पर आई है। वहीं, दिव्यांका ने भी कुलदीप के साथ कोका कोला हिट गाने का पोस्टर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था। दिव्यांका शूट खत्म होने के बाद अपने कॉमन रूम में चली जाती : कुलदीप उस दिन शूटिंग के दौरान दिव्यांका का भाई हिमांशु भी साथ में आया हुआ था। जैसे ही शूटिंग खत्म होती या डायरेक्टर कट बोलते, वो अपने कॉमन रूम में चली जाती। शूट पर बहुत समय ही उनसे बातचीत के लिए मिला था। सोशल मीडिया पर रीलें कम होने को लेकर भी थोड़ी बहुत बातचीत हुई थी तो दिव्यांका ने तबीयत ठीक न होने की ही बात कही थी। साथी कलाकारों से किया था कंफर्म : कौशिक कुलदीप कौशिक ने बताया, उनको भी दिव्यांका की मौत की सूचना अचानक किसी से मिली थी तो साथी कलाकारों से पता किया तो कंफर्म हुआ। उस दिन तो वह अंतिम संस्कार में नहीं जा पाए। अब वह और कुछ अन्य साथी कलाकर कल या परसों उनके घर पर शोक जताने जाएंगे। 10 गानें अब तक साथ किए हैं, उस दिन जाते वक्त हाय-हैलो ही हुई थी : KAY D KAY D ने बताया, मैं चौधरिया का बालक, चौधर तेरे हवाले हरियाणवी गाने की शूटिंग मैंने और दिव्यांका ने साथ में की थी। इस गाने के लीरिक्स हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी के हैं और गाया खुद ने हैं। इस गाने का टाइटल अभी कंपनी की ओर से तय नहीं हुआ है। जिसकी रिलीज डेट जल्द तय होनी है। KAY D ने बताया, अब तक दिव्यांका के साथ करीब 8 से 10 गाने साथ में शूट किए हैं, जिनमें भोले गेल यारी, काका आला छौरा गाना हिट हुआ है। बाकी गाने ठीक-ठाक चले। उस दिन दिल्ली में शूटिंग के बाद दिव्यांका अपने भाई के साथ गाड़ी में चली गई और मैं भी वहां निकल गया। अंतिम बार जाते वक्त दोनों के बीच हाय-हैलो ही हुई थी। पिछले काफी दिनों से रीलें कम कर दी थी दिव्यांका ने दिव्यांका सिरोही ने पिछले काफी दिनों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रीलें बनाना कम कर दिया था। इंस्ट्राग्राम आईडी पर भी नई रीलें कम हो गई थी। उनके प्रशंसक रीलें देखने पसंद करते थे। इसके पीछे का कारण दिव्यांका ने अपने साथी कलाकार को तबीयत खराब होना बताया था और कहा था कि वह पिछले दो से ढाई माह तक शूटिंग पर भी कहीं नहीं आई थी। मौत भी ऐसी कि हर किसी के लिए विश्वास करना मुमकिन हो रहा दिव्यांका सिरोही यूपी के गाजियाबाद में राजनगर एक्सटेंशन स्थित अपने घर पर अपने कमरे में अकेली थी और हार्टअटैक से जमीन पर गिरी। गिरने से सिर में अंदरूनी चोट लगने से उनकी मौत हो गई। मगर दिव्यांका का न पोस्टमॉर्टम करवाया गया और न ही कोई पुलिस सूचना दी गई। मंगलवार रात दिव्यांका की मौत के बाद बुधवार सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार ने कोई आरोप या शक भी नहीं जताया है। यूपी पुलिस ने भी परिवार की ओर से कोई सूचना न देने की बात कही है। दिव्यांका के साथ काम कर चुके कलाकारों ने भी परिवार से कोई सूचना न मिलने की बात की है, जिससे वे अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंच पाए।
सोनीपत नगर निगम चुनाव-2026 से पहले कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह अब खुलकर बगावत में बदलती नजर आ रही है। पार्षद उम्मीदवारों की टिकट कटने के बाद कई दावेदारों ने न केवल निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है, बल्कि पार्टी नेतृत्व पर गंभीर और विवादित आरोप भी लगाए हैं। महिला विंग की प्रदेश महासचिव संतोष कादियान व सतबीर निर्माण समेत कई नेताओं ने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व मेयर प्रत्याशी कमल दीवान और पार्टी के सह प्रभारी जितेन्द्र भगेल पर पैसे लेकर टिकट देने के आरोप लगाएं हैं। वहीं, टिकट ने मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने कमजोर उम्मीदवार उतारने और भाजपा के साथ मिलीभगत तक के आरोप जड़ दिए हैं। टिकट वितरण को लेकर “सौदेबाजी”, “रिश्तेदारी”, “फर्जी सर्वे” और “पैसों के खेल” जैसे आरोपों ने चुनाव से पहले ही कांग्रेस की सियासी साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व मेयर प्रत्याशी कमल दीवान ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है और कहा कि टिकट को लेकर हाईकमान ने सर्वे करवाकर ही साफ छवि के कैंडिडेट को मैदान में उतारा है। टिकट कटते ही बगावत तेज, निर्दलीय लड़ने का ऐलान सोनीपत में कांग्रेस पार्टी के पार्षद उम्मीदवारों की टिकट काटे जाने के बाद बगावत लगातार बढ़ रही है। लंबे समय बाद संगठन बनने के बाद पहली बार लोकल बॉडी चुनाव लड़ रही कांग्रेस में खुलकर विरोध सामने आ रहा है। संतोष कादियान सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने खुद चुनाव लड़ने और पार्टी के खिलाफ खुलकर बगावत करने का फैसला किया है। संतोष कादियान ने मेयर कैंडिडेट को बताया गद्दार वार्ड नंबर-5 से टिकट की दावेदार संतोष कादियान ने अपनी टिकट कटने पर मौजूदा कांग्रेस जिला अध्यक्ष और मेयर कैंडिडेट को गद्दार बताया है। उन्होंने पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार पर भी गंभीर आरोप लगाए। संतोष ने दावा किया कि कमल दीवान ने एक सप्ताह पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली से मुलाकात की थी और कांग्रेस व भाजपा के बीच कमजोर उम्मीदवार उतारने को लेकर सहमति बनी है। कमल दीवान पर सौदेबाजी और भाजपा से सांठगांठ के आरोप संतोष कादियान ने आरोप लगाया कि कमल दीवान जब चुनाव लड़ने से मना कर चुके थे तो उसी समय उन्हें पार्टी से बाहर कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बिना सौदेबाजी के कमल दीवान कोई काम नहीं करते। साथ ही आरोप लगाया कि मेयर उपचुनाव में हार के बाद भी उन्हें टिकट देना पार्टी की बड़ी गलती है। टिकट बंटवारे में पैसे और सर्वे पर सवाल संतोष ने आरोप लगाया कि टिकट बांटने में बड़े स्तर पर पैसे लिए गए। उन्होंने कहा कि वार्ड अनुसार सर्वे के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और जो पैसे नहीं देता उसकी रिपोर्ट खराब बना दी जाती है। उनका दावा है कि 20 लाख रुपए तक की डिमांड की गई और पैसे न देने पर उनकी टिकट काट दी गई। रिश्तेदारी और पक्षपात के आरोप, पायल मलिक पर उठे सवाल संतोष कादियान ने आरोप लगाया कि पार्षद टिकटों में पंजाबी वर्ग को प्राथमिकता दी गई और स्थानीय लोगों को दरकिनार किया गया। उन्होंने पायल मलिक को टिकट दिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें रिश्तेदारी के आधार पर टिकट दिया गया और केवल 4 महीने में उनका सर्वे करवा दिया गया, जबकि 15 साल की उनकी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया। सतबीर निर्माण का हमला, 22 वार्ड की टिकट बेचने का आरोप सोनीपत कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सतबीर निर्माण ने भी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 22 वार्ड की सभी टिकट पैसों में बेची गई हैं। उनका आरोप है कि उनके बेटे की टिकट कटवाकर ऐसे व्यक्ति को टिकट दी गई जो पार्टी का सदस्य तक नहीं है। उन्होंने कमल दीवान पर चुनाव न लड़ने का षड्यंत्र रचने का भी आरोप लगाया। हुड्डा पिता-पुत्र पर भी निशाना, पार्टी को बताया कमजोर सतबीर निर्माण ने भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि “बाप-बेटे ने पार्टी का सत्यानाश कर दिया है” और कमल दीवान को टिकट दिलाने में दोनों का हाथ है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जीतने वाले उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया और इस बार कमल दीवान 50 हजार वोटों से हारेंगे। ऑब्जर्वर और प्रभारी पर पैसे लेने के आरोप सतबीर ने नाम लेते हुए हरियाणा चुनाव प्रभारी जितेंद्र बघेल और अन्य ऑब्जर्वरों पर भी आरोप लगाया कि वे वार्डों में जाकर 5 से 7 लाख रुपए तक की मांग करते थे और पैसे लेने के बाद ही टिकट तय की जाती थी। उन्होंने कहा कि सर्वे और रायशुमारी के नाम पर पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। कुलदीप खासा और पवन कुमार ने भी खोला मोर्चा वार्ड नंबर 17 से दावेदारी करने वाले कुलदीप खासा ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले पद या चुनाव में से एक चुनने को कहा गया और अब टिकट के समय उनका नाम काट दिया गया। वहीं पवन कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी जगह रिश्तेदार को टिकट दिया गया और इस बार वे निर्दलीय चुनाव लड़कर खुलकर बगावत करेंगे। निर्दलीय मैदान में उतरने की चेतावनी बागी नेताओं ने साफ कहा है कि वे न केवल निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ खुलकर प्रचार करेंगे। संतोष कादियान ने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर से ही भाजपा को मदद की जा रही है और ऐसे हालात में कांग्रेस का नुकसान तय है। उन्होंने हाईकमान से गद्दारों को बाहर करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी का पूरी तरह से सत्यानाश हो जाएगा। कमल दीवान ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया आरोपों के बीच कमल दीवान ने सफाई देते हुए कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने टिकट वितरण से पहले ग्राउंड सर्वे कराया था, जिसमें जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले थे या जिनकी क्षेत्र में पकड़ नहीं थी, उन्हें टिकट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सतबीर निर्माण वार्ड नंबर 2 में नहीं रहते, इसलिए उनके बेटे को टिकट नहीं मिली। संतोष कादियान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इनेलो से कांग्रेस में आई थीं और सर्वे में उनकी ग्राउंड पकड़ कमजोर पाई गई। कमल दीवान ने आगे कहा कि पवन प्रधान कई पार्टियां बदल चुके हैं और पहले भी चुनाव हार चुके हैं, इसलिए उन्हें नजरअंदाज किया गया। कुलदीप खासा पर फ्रॉड केस और कोर्ट में लंबित मामले होने का हवाला देते हुए टिकट न देने की बात कही। वहीं पूर्व डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत पर भी पद पर रहते हुए अपहरण का केस दर्ज होने का जिक्र किया।
गेहूं की कटाई के बाद मध्य प्रदेश के खेत आग में धधक रहे हैं। एक रिपोर्ट की माने तो एमपी में हर साल नरवाई के 20 हजार से ज्यादा केस सामने आते हैं। सरकार ने पूरे प्रदेश में नरवाई पर रोक जरूर लगा रखी है, लेकिन यह सिर्फ कागजों में ही नजर आती है। चाहे भोपाल, विदिशा, उज्जैन, रायसेन हो या नर्मदापुरम, यहां नरवाई के आंकड़े हर साल बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर, पराली यहां न सिर्फ तापमान बढ़ा रही है, बल्कि वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रोइकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस (CREAMS) और ICAR के डेटा के मुताबिक, देश में पराली जलाने के मामलों में एमपी पहले स्थान पर है, जो उत्तरप्रदेश और हरियाणा से भी आगे हैं। पराली जलाने की हकीकत को लेकर दैनिक भास्कर ने 10 हजार फीट की ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर से 6 जिले- भोपाल, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, सागर और निवाड़ी का सर्वे किया। कहीं आग में जलते खेत नजर आए तो कहीं चारों ओर खेतों की काली तस्वीरें दिखाई दी। सबसे पहले देखिए आग में धधकते खेतों की तस्वीरें… अब जानिए…कहां, कैसी नजर आए हालात पराली से तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरीखेतों में पराली जलाने से दिन के तापमान में औसत 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी भी हुई है। तापमान मापने के लिए मौसम केंद्र, एयरपोर्ट और नवी बाग में सिस्टम लगे हैं। इस वजह से प्रतिदिन औसत तापमान आता है। दूसरी ओर, भोपाल के कटारा, बाग मुगालिया, फंदा, विदिशा रोड, रायसेन रोड पर सबसे ज्यादा खेतों में पराली जलाई जा रही है, लेकिन यहां पर सिस्टम नहीं है। एक्सपर्ट का कहना है कि जिन जगहों पर पराली जलाई जाती है, वहां से आसपास के इलाकों में तापमान औसत 5 से 6 डिग्री बढ़ जाता है। पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे का कहना है कि आग लगने के बाद वह क्षेत्र गर्म हो जाता है। यहां तो तापमान ज्यादा रहता ही है, गर्म हवा की वजह से आसपास के इलाके में भी पारा बढ़ने लगता है। पराली जलाना पर्यावरण के लिहाज से ठीक नहीं है। इस पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए। पराली से वायु प्रदूषण भीगंजबासौदा स्थित कृषि महाविद्यालय के प्रो. आशीष श्रीवास्तव कहते हैं कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। खासकर उन इलाकों में की हवा प्रदूषित होती है, जहां पराली जलाई जाती है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में भी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से किसानों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। 1. मिट्टी की उर्वरता मे कमी: पराली जलाने से मिट्टी के अंदर मौजूद सूक्ष्मजीव और केंचुए मर जाते हैं। जिस मिट्टी की उर्वरता में कमी आ जाती हैl2. पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं: पराली में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश जैसे जरूरी तत्व होते हैं। जलाने पर ये सब जलकर खत्म हो जाते हैं, जिससे फसल को पोषक तत्व नहीं मिल पाते।3. उत्पादन में कमी होना: मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्व कम होने से अगली फसल की पैदावार कम हो जाती है।4. पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है: पराली जलाने से धुआं निकलता है, जिससे हवा प्रदूषित होती है। यह धुआं इंसानों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।5. आग फैलने का खतरा: कभी-कभी पराली की आग पास के खेतों मैं फैल जाती है। जिससे काफी नुकसान होता हैl सुझाव…पराली न जलाते हुए ये करें किसान पूरे देश में प्रतिबंधित है पराली जलानाकेवल एमपी नहीं पूरे देश में पराली (फसल अवशेष) जलाना प्रतिबंधित है। ऐसा करते पाए जाने पर स्थानीय प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। पराली जलाने वाले किसानों पर ₹2,500 से ₹15,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि सजा का प्रावधान भी है।
चैनपुर के लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात होने का भंडाफोड़
भास्कर न्यूज|गुमला जिले के चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के समीप संचालित लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध रूप से गर्भपात (अबॉर्शन) करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस की छापेमारी में इस पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुली है। गुरुवार रात करीब 9:00 बजे गुप्त सूचना मिलने पर चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने दल-बल के साथ अस्पताल में छापेमारी की। वहां एक 21 वर्षीय बालिग युवती का अवैध तरीके से अबॉर्शन किया जा रहा था। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर युवती ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कबूल किया कि अस्पताल के संचालक ओम प्रकाश सिंह ने ही उसका अबॉर्शन किया है। पुलिस ने उसे वहां से निकालकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चैनपुर में भर्ती करा दिया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। जांच में पता चला कि लाइफ लाइन हॉस्पिटल में कोई भी अधिकृत एमबीबीएस डॉक्टर या स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। संचालक ओम प्रकाश सिंह खुद महज एक आरएमपी प्रैक्टिशनर है और उसी ने इस पूरी सर्जिकल प्रक्रिया को अंजाम दिया। बिना किसी योग्य सर्जन और मान्यता के यह सर्जिकल प्रक्रिया करना मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 और भारतीय न्याय संहिता का सीधा उल्लंघन है।
कुएं से बरामद शव के मामले का खुलासा, 4 युवक ने की थी हत्या
भास्कर न्यूज|गुमला बसिया थाना क्षेत्र के तुरीबीरा निवासी 45 वर्षीय दिलीप लोहरा की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्याकांड में संलिप्त चार युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेल खड़िया (20), कुलदीप महतो (20), संजीत महतो (18) और फूलचंद महतो (21) के रूप में हुई है। थाना प्रभारी कृष्णा कुमार ने बताया कि यह जघन्य वारदात आपसी रंजिश और शराब के नशे में हुए विवाद का नतीजा थी। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि दिलीप लोहरा के साथ उनका लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपियों का आरोप था कि दिलीप उन्हें आए दिन परेशान करता था और पूर्व में उसने पुआल के मचान में आग लगा दी थी, जिससे ग्रामीण काफी नाराज थे। घटना वाले दिन लालपुर निवासी मांगू खड़िया के घर एक कार्यक्रम का आयोजन था, जहां दिलीप लोहरा और आरोपी साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर उनके बीच नोक-झोंक शुरू हो गई। नशे में धुत आरोपियों ने मिलकर दिलीप की हत्या कर दी। अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव के हाथ बांध दिए और पास की झाड़ियों में स्थित एक कुएं में फेंक दिया। ज्ञात हो कि 18 अप्रैल 2026 को लालपुर सरना के समीप एक कुएं से दिलीप का सड़ा-गला शव बरामद किया गया था। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रथम दृष्टया ही हत्या की आशंका जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और संदेह के आधार पर लालपुर गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लिया था। सघन पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिससे पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
हर वर्ष पांच पौधे लगाने का किया आह्वान
गुमला|पृथ्वी दिवस पखवाड़ा के अवसर पर समाहरणालय परिसर, गुमला में ब्रह्माकुमारी संस्थान के सहयोग से पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक द्वारा नीम एवं वट वृक्ष के पौधे रोपे गए। उपायुक्त ने इस अवसर पर जिलेवासियों से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम 5 पौधे अवश्य लगाए तथा उनके संरक्षण का संकल्प भी ले। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। कार्यक्रम में जिला सामान्य शाखा पदाधिकारी सुशील खाका, ब्रह्माकुमारी संस्थान से बीके कंचन, बीके ममता, बीके अमित, बीके पंकज, बीके कृष्णा, बीके विवेक सहित जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। गुमला| गुमला सदर थाना क्षेत्र के टैसेरा निवासी उज्जवंत कुजूर (22 वर्ष) बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान टैसेरा मोड़ के पास अचानक एक मवेशी सड़क पर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सामने से आ रही वाहन से टकरा गई। इस दुर्घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका दाहिना पैर टूट गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने की मदद से परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल गुमला पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने से इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। गुमला|सदर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता के पिता ने बिशुनपुर थाना क्षेत्र के बहागाढ़ा निवासी सोनू सिंह के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री 17 अप्रैल को बाजार करने गुमला शहर गई थी, जिसके बाद से वह लापता है। काफी खोजबीन के बाद परिजनों को जानकारी मिली कि सोनू सिंह नामक युवक उसे पहले से परेशान करता था। आशंका जताई गई है कि उसी ने युवती को जबरन भगा लिया है। पीड़िता के पिता ने पुलिस से आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अपनी बेटी को सकुशल बरामद करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
सिमडेगा में पर्पल फेयर 30 अप्रैल को होगा
सिमडेगा |समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांग जन सशक्ति केंद्र रांची तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से 30 अप्रैल को सिमडेगा के नगर भवन में दिन के 10 बजे से पर्पल फेयर का आयोजन होगा। पर्पल फेयर में सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रम, सहायक उपकरणों का वितरण, सरकार की योजनाओं की प्रदर्शनी, दिव्यांग कला गैलरी, प्रतिभा प्रदर्शन के िलए खुला मंच सहित कई आयोजन होंगे। सिमडेगा| कृषि मंत्री, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना से आच्छादित करने के उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में 20 अप्रैल से 20 मई तक विशेष केसीसी कैंप का आयोजन बैंक के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें बैंक कर्मियों के और कृषि विभाग के कर्मियों की भी उपस्थिति रहेंगी। कैंप के साथ-साथ किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं उचित उपयोग एवं एनपीके, एसएसपी उर्वरकों के खपत को बढ़ावा, ऑर्गेनिक खाद का उपयोग यूरिया एवं डीएपी के असंतुलित उपयोग से मृदा पर पढ़ने वाले दुष्प्रभाव आदि के संबंध में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। यह कैंप बांसजोर में 24 को, पाकरटांड़ में 27 को, ठेठईटांगर में 29 को, कोलेबिरा में 4 मई, बोलबा में 5 मई, सिमडेगा में 8 मई, बानो में 11 मई, जलडेगा में 13 मई, केरसई में 15 मई और कुरडेग में 19 मई को का आयोजन होगा । लोहरदगा| शहरी क्षेत्र स्थित गिरिवर शिशु सदन उच्च विद्यालय पावरगंज का वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 का परीक्षाफल शत प्रतिशत रहा। वहीं 95 .60 प्रतिशत अंक लाकर उम्मे ऐमन विद्यालय टॉपर बनी। साथ ही जिले के टॉप टेन छात्रों में उम्मे ऐमन ने स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। बताया गया कि इस वर्ष विद्यालय से कुल 57 छात्र छात्राओं में 47 छात्र प्रथम श्रेणी व 10 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त किया। वहीं दूसरे स्थान पर कुमारी दीपिका 95 प्रतिशत, तीसरे स्थान पर अफ़ीफा अब्बास 94.80 प्रतिशत, चौथे स्थान पर अंजलि कुमारी 94.40 प्रतिशत, पांचवें स्थान पर हसन रजा 91.40 प्रतिशत, छठे स्थान पर अदीबा अब्बास 90. 80 प्रतिशत व सातवें स्थान पर सर्वानि समृद्धि ने 90.20 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। विद्यालय प्राचार्य जयमंती कुमारी, सरस्वती सिंह सहित सभी शिक्षिकाओं व विद्यालय परिवार ने छात्र छात्राओं को बधाई दी। साथ ही उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोहरदगा | सेवा भारती के बैनर तले चुन्नीलाल स्कूल परिसर में लगातार चल रहे साप्ताहिक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर के 202वें सप्ताह के अवसर पर 26 अप्रैल को दंत चिकित्सक डा राजेश कुमार उपस्थित होकर सेवा प्रदान करेंगे। इसकी जानकारी देते हुए जिला अध्यक्ष दीपक सर्राफ ने बताया कि 1 जून 2022 से निरंतर चल रही यह शिविर जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि शिविर में हीमोग्लोबिन, शुगर, वजन, बीपी, हार्टबीट, ऑक्सीजन लेवल और यूरिक एसिड आदि की नि:शुल्क जांच की जाती है। जबकि अन्य विशेष जांचें रांची पैथोलॉजी के संचालक आशीष अग्रवाल के सहयोग से आधे खर्च में उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील किया कि वे इस शिविर में आकर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाएं। गुमला |भरनो प्रखंड स्थित सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शुक्रवार को नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन को लेकर ‘सुवर्ण प्राशन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय ने भगवान धन्वन्तरि के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी ने सुवर्ण प्राशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह एक प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति है,जिसमें विशेष औषधि के रूप में तैयार खुराक बच्चों को दी जाती है।इसका उद्देश्य शिशुओं के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को सुदृढ़ करना है।
महिलाओं ने किया कन्या विदाई कार्यक्रम का आयोजन
गिरिडीह | मारवाड़ी ब्राह्मण चैरिटेबल ट्रस्ट की महिला शाखा ‘शक्ति’ द्वारा शुक्रवार को सामाजिक सरोकार के तहत कन्या विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे विधि-विधान के साथ कन्या पूजन कर एक जरूरतमंद कन्या की विदाई की।कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट की महिलाओं ने न केवल कन्या पूजन किया, बल्कि उसे गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सभी सामान भी प्रदान किया। कार्यक्रम में रेनू शर्मा, संगीता नवाल, जय शर्मा, प्रियंका शर्मा, उमा देवी, रीशीता शर्मा, इंदु व्यास, रूपा नवल, उषा शर्मा, शोभा पालीवाल, ज्योति शर्मा, अनु वशिष्ठ, बेला शर्मा सहित कई सदस्याएं उपस्थित रहीं।
मौत मामले को लेकर मुखिया समेत चार पर लगाए आरोप
भास्कर न्यूज | बगोदर बगोदर बस पड़ाव स्थित महेंद्र सिंह गोलंबर के सुंदरीकरण कार्य से जुड़े संवेदक 41 वर्षीय जितेंद्र कुमार राणा की 19 अप्रैल को हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पत्नी अनीता देवी ने शुक्रवार को बगोदर थाना में आवेदन देकर जरमुने पूर्वी पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी, उनके पुत्र पवन पासवान सहित दो अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 11 अप्रैल को मुखिया प्रमिला देवी अपने पुत्र और अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंची और उनके पति के साथ गाली-गलौज की। साथ ही बकाया भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये कमीशन की मांग किए जाने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि इसी घटना से आहत होकर जितेंद्र राणा अचानक गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें बगोदर अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें हजारीबाग और फिर रांची रेफर किया गया, जहां 19 अप्रैल की शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पत्नी अनीता देवी ने कहा कि वह पति के इलाज में व्यस्त थीं, इसलिए घटना की सूचना देर से थाना को दी गई। उन्होंने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इधर, जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह गोलंबर का सुंदरीकरण कार्य करीब चार वर्ष पूर्व जितेंद्र राणा और उनके भाई द्वारा कराया गया था, जिसका एक लाख रुपये से अधिक भुगतान अब भी लंबित है। इस संबंध में बीडीओ को भी शिकायत दी गई थी। वहीं मुखिया प्रमिला देवी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं और पूर्व में उनके द्वारा भी कानूनी कार्रवाई की गई थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिक्षक समन्वय समिति ने वेतन भुगतान व विद्यालय समय में बदलाव की उठाई मांग
भास्कर न्यूज | गिरिडीह शिक्षक समन्वय समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य विषय शिक्षकों के वेतन भुगतान में हो रही देरी रहा, जिस पर सभी संगठनों ने चिंता व्यक्त की।बैठक में कहा गया कि वित्तीय वर्ष के समापन के कारण पहले से ही शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में समय पर वेतन नहीं मिलने से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। वक्ताओं ने बताया कि वेतन में देरी के कारण शिक्षकों को अपने बच्चों की फीस, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। समिति ने संबंधित विभाग से वेतन भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने की अपील की, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके। इसके अलावा भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालय संचालन समय को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त के निर्देशानुसार फिलहाल छात्रों के लिए विद्यालय का समय सुबह से 11बजे तक निर्धारित किया गया है। इस पर शिक्षकों ने मांग रखी कि वर्ष 2025 में लागू व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों के लिए भी विद्यालय संचालन का समय 11:30 बजे तक किया जाए, ताकि उन्हें कार्य करने में सुविधा हो। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी। प्रमुख रूप से राजेंद्र प्रसाद, ऑफिसर टीचर्स एंड एम्पलाइज फेडरेशन के मुन्ना कुशवाहा, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के राजेश कुमार, लिपिक मोर्चा के विकास कुमार सिंह, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के आनंद शंकर, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के युगल पंडित, झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के रविकांत चौधरी और नौशाद समा सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि जल्द समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
एमडीए के उत्कृष्ट कर्मियों को किया सम्मानित, उत्साह
गिरिडीह | सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में शुक्रवार को एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन बच्चा सिंह ने की। इस दौरान उन्होंने कर्मियों को प्रशस्ति पत्र सौंपकर उनके कार्यों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। सिविल सर्जन बच्चा सिंह ने कहा कि एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाने में जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।इन कर्मियों के समर्पण और मेहनत के कारण ही यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित हो पा रहा है। उन्होंने सभी सम्मानित कर्मियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी लगन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। सम्मानित होने वालों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बेंगाबाद के एमटीएस संजीव कुमार, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सौरभ कुमार एवं सुनील साव शामिल रहे। इन सभी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला वेक्टर जनित रोग (वीबीडी) पदाधिकारी डॉ. आर.पी. दास भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी एमडीए अभियान की सफलता में स्वास्थ्य कर्मियों की अहम भूमिका को रेखांकित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बगोदर में नामांकन को लेकर बैठक
बगोदर | पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बगोदर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन सूची तैयार करने को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख बगोदर श्रीमती आशा राज ने की। बैठक में सांसद प्रतिनिधि महेश मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि राजू सिंह, 20 सूत्री अध्यक्ष गुलाम सरवर, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी राजा अहमद, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रणजीत चौधरी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी गंगाधर पांडे सहित विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, वार्डन, सह वार्डन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सत्र 2026-27 के लिए प्राप्त कुल 193 आवेदनों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी आवेदनों की पूर्व में संबंधित सीआरपी द्वारा स्थलीय जांच की जा चुकी थी, जिसके आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। चर्चा के बाद वर्ग 6 में 75, वर्ग 7 में 6, वर्ग 8 में 4 तथा वर्ग 9 में 5 छात्राओं का औपबंधिक चयन सूची तैयार किया गया। सभी वर्गों के लिए प्रतीक्षा सूची भी तैयार की गई।
अखबार विक्रेता की बेटी ने 95 प्रतिशत अंक लाए
बगोदर| मैट्रिक परीक्षा में अखबार विक्रेता की बेटी श्वेता रानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 प्रतिशत अंक हासिल किया है। उसकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। श्वेता रानी के पिता ब्रहदेव कुमार पेशे से अखबार विक्रेता हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद श्वेता ने कड़ी मेहनत और लगन के बल पर यह सफलता प्राप्त की है। वह अटका की रहने वाली है और अटका स्थित प्लस टू हाई स्कूल की छात्रा रही है। विषयवार अंक की बात करें तो श्वेता ने हिन्दी में 86, अंग्रेजी में 88, गणित में 97, विज्ञान में 98 तथा सामाजिक विज्ञान में 96 अंक प्राप्त किए हैं, जो उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है। अपनी सफलता का श्रेय श्वेता ने अपने शिक्षकों और अभिभावकों को दिया है। उसने बताया कि नियमित पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल किया जा सका।
उत्क्रमित उच्च विद्यालय बजटो का मैट्रिक परिणाम शत-प्रतिशत
भास्कर न्यूज |गिरिडीह झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा जारी मैट्रिक बोर्ड परीक्षा परिणाम में सदर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय बजटो ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। विद्यालय का परिणाम विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरी तरह सफल रहा, जिससे विद्यालय परिवार में खुशी की लहर है।इस वर्ष कुल 72 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया था। इनमें से 59 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में तथा 13 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होकर विद्यालय का नाम रोशन किया। एक भी छात्र असफल नहीं हुआ, जो विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाता है।विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार सिंह ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पित प्रयास और बेहतर मार्गदर्शन को दिया। शिक्षक निरंतर छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध रहे, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। विद्यालय के टॉपरों में प्रभात कुमार ने 86.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। सागर साव 85.2 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि शिवानी कुमारी ने 84.8 प्रतिशत अंक लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। निशा कुमारी और चंदन कुमार मंडल ने 83.2 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से चौथा स्थान प्राप्त किया, वहीं प्रदीप यादव 82.0 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। स्थानीय मुखिया अनिता वर्मा और पंचायत समिति सदस्य आरती देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी।
शादी का झांसा देकर दो साल तक यौन शोषण के बाद अब युवक ने किया इनकार, केस दर्ज
तिसरी |तिसरी थाना क्षेत्र के खरखरी पंचायत में डायन-बिसाही का आरोप लगाकर एक महिला के साथ मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। इस संबंध में तिसरी थाना कांड संख्या 37/2026 के तहत छह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि सभी आरोपियों ने उसे डायन कहकर प्रताड़ित किया और लाठी, लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट कर बेहोश कर दिया। इस दौरान कान में पहने सोने के आभूषण भी छीन लिए गए। होश आने के बाद वह किसी तरह छत पर चली गई, लेकिन वहां भी आरोपियों ने उस पर ईंट फेंककर हमला किया। वहीं, आरोपी पक्ष ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि जमीन के हिस्से को हड़पने की नीयत से उन्हें और उनके पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाया गया है। तिसरी | तिसरी प्रखंड अंतर्गत मनसाडीह ओपी क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती के साथ दो वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाने और बाद में विवाह से इनकार करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता की बड़ी बहन ने थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में बताया गया है कि गांव के ही एक युवक के साथ 18 वर्षीय युवती का पिछले दो वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस दौरान युवक ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए, जिससे युवती गर्भवती हो गई। घटना की जानकारी होने पर आरोपी युवक हैदराबाद भाग गया। बाद में ग्रामीणों के हस्तक्षेप पर युवती को युवक के घर भेजा गया, जहां आरोप है कि युवक के पिता ने विवाह का आश्वासन दिया। इसी बीच युवती का गर्भपात करा दिया गया और अब आरोपी पक्ष शादी से मुकर रहा है। पीड़िता पक्ष ने मनसाडीह पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने और दोनों की शादी कराने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बगोदर| बगोदर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार देर शाम की बताई जा रही है, जब बच्ची घर में अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक नाबालिग घर में घुसा और कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया। उस समय बच्ची की मां घर पर मौजूद नहीं थी। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बगोदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरिडीह में 10 किलो गांजा के साथ चार गिरफ्तार
भास्कर न्यूज |गिरिडीह पचंबा थाना क्षेत्र में अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया। सभी आरोपियों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने पपरवाटांड़ स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 22 अप्रैल को सूचना मिली थी कि पचंबा थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गांजा तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी कौशर अली के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गुरुवार को माथाडीह रोड के पास सघन जांच और छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुनसान स्थान पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा। पूछताछ के दौरान दोनों भागने लगे, लेकिन पुलिस ने खदेड़कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना नाम शिव शंकर साव (45) और हरि शंकर राम (39), दोनों निवासी कृष्णा नगर, पचंबा बताया। तलाशी के दौरान हरि शंकर राम के बैग से पांच बंडल में बंधा लगभग 5 किलो गांजा बरामद किया गया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने जमुआ थाना क्षेत्र के पेटहंडी गांव निवासी महेंद्र यादव (48) और चितरडीह निवासी कमलेश कुमार सिंह (27) के घर पर छापेमारी की। यहां से भी 5 किलो गांजा बरामद किया गया और दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पचंबा थाना में इस संबंध में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों का मेडिकल जांच कराया गया और बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। संगठित नेटवर्क इलाकों में करता था गांजा सप्लाई एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, जो जिले के विभिन्न इलाकों में गांजा सप्लाई करता है। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई में पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार, अवर निरीक्षक प्रभात कुमार और पुलिस निरीक्षक सोनू कुमार वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
जिले में तीन दिनों तक ओलावृष्टि और वज्रपात का येलो अलर्ट
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले में शुक्रवार की अहले सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जगी। हालांकि सुबह करीब 7 बजे के बाद कोहरा और बादल छंटते ही तेज धूप निकल आई और गर्मी ने फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। इस बीच मौसम विभाग ने जिले में आगामी तीन दिनों के दौरान मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 26 से 28 अप्रैल तक ओलावृष्टि, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना है। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानकारी के मुताबिक दोपहर बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, साथ ही मेघ गर्जन और बारिश होने की भी संभावना है। ऐसे में किसानों, राहगीरों और खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।शुक्रवार की सुबह गिरिडीह जिले में मौसम का अनोखा नजारा देखने को मिला। सुबह करीब 5:30 बजे से 6:30 बजे तक शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान दृश्यता इतनी कम थी कि 100 मीटर दूर तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। अप्रैल महीने की तेज गर्मी के बीच सुबह-सुबह कोहरा देखने से लोगों में दिनभर बारिश की उम्मीद जगी। लेकिन करीब एक घंटे बाद जैसे ही कोहरा छंटा, आसमान पूरी तरह साफ हो गया और तेज धूप निकल आई। इसके बाद लोगों को कड़ी गर्मी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय जो हल्के बादल और कोहरा नजर आया था, वह भी धीरे-धीरे गायब हो गया। दिन चढ़ते ही गर्म हवाओं और तेज धूप ने मौसम को और अधिक गर्म बना दिया। तीन दिनों बाद गिरिडीह में गर्मी से मिलेगी राहत जिले में फिलहाल भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इस दौरान दोपहर के समय कड़ी धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि तीन दिनों के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे गर्मी से आंशिक राहत मिलने की संभावना है। तापमान में इस बदलाव के बाद मौसम थोड़ा सुहावना हो सकता है। विभाग के अनुसार 29 अप्रैल के आसपास जिले में तेज बारिश की संभावना भी बन रही है। बारिश होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
गढ़वा | सदर थाना क्षेत्र के फरठिया गांव निवासी विपिन चौधरी की पत्नी प्रभादेवी 30 वर्ष ने शुक्रवार को कीटनाशक खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। उसे इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि प्रभादेवी को आपसी घरेलू किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उसके बाद प्रभादेवी ने आक्रोशित होकर कीटनाशक खा लिया।
मॉडल ग्रामसभा के बारे में बताया
भास्कर न्यूज| गढ़वा माय भारत युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गढ़वा प्रखंड के ओबरा पंचायत भवन में शुक्रवार को पंचायत दिवस के अवसर पर मॉडल युवा ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ओबरा पंचायत की मुखिया कविता देवी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बरडीहा पंचायती राज अध्यक्ष बिपिन कुमार उपस्थित थे। मौके पर माय भारत गढ़वा के जिला युवा अधिकारी पामिर सिंह ने उपस्थित अतिथि एवं युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि युवाओं को लोकतंत्र के बारे में समझना बहुत आवश्यक है। जिला युवा अधिकारी ने उपस्थित युवाओं को मॉडल युवा ग्रामसभा के बारे में समझाया और उसके महत्व के बारे में समझाया। इसके उपरांत कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने मॉडल युवा ग्राम सभा किया। जिसमें वर्षा कुमारी ने मुखिया की भूमिका निभाई। सचिव की भूमिका आकाश, उप मुखिया की भूमिका में सीमा कुमारी ने निभाई। इसी तरह वार्ड सदस्य, रोजगार सेवक, अभियंता, हेड मास्टर, आंगनवाड़ी सेविका, स्वास्थ्य सहिया, जल सहिया की भूमिकाएं भी युवाओं ने निभाई। मॉडल युवा ग्राम सभा में युवाओं ने कई विषय पर अपने-अपने मुद्दे रखें।
पौधे लगाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाएं
भास्कर न्यूज | गढ़वा बढ़ते तापमान और पर्यावरण संकट को ध्यान में रखते हुए अवध राज देवी ट्रस्ट द्वारा संचालित एआरडी पब्लिक स्कूल में छात्रों के बीच एक प्रभावशाली जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से अवगत कराना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निदेशक पी. के. दूबे ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर समस्या से जूझ रही है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि यदि अभी से सतर्क नहीं हुए, तो आने वाला समय और भी कठिन हो सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं। हर छात्र यदि एक पेड़ लगाए और उसकी देखभाल करे तो हम अपनी धरती को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। प्राचार्या आणिमा पांडेय ने विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल का भविष्य हैं। यदि हम अभी से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे। तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित कर पाएंगे। अभियान के तहत छात्रों ने पोस्टर निर्माण नारे लेखन और समूह चर्चा के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यालय परिसर पेड़ लगाओ, धरती बचाओ जैसे नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। मौके पर मुकेश कुमार, प्रशांत कुमार दूबे, राजेश कुमार ठाकुर, रागिनी कुमारी, ब्यूटी कुमारी समेत आदि थे।
विशुनपुरा में बुलडोजर चला कर हटाया गया अतिक्रमण
भास्कर न्यूज | विशुनपुरा प्रखंड में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाया। इस दौरान संध्या मोड़ से लेकर पुरानी पंचायत भवन स्थित लाल चौक तक अंचल अधिकारी खगेश कुमार और थाना प्रभारी राहुल सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर बताया गया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी ने बंशीधर नगर अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा से मिलकर आवेदन सौंपा था। आवेदन के आलोक में 6 अप्रैल को अनुमंडल प्रशासन द्वारा पत्र जारी कर 10 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर अंचल प्रशासन ने दोबारा नोटिस जारी कर 22 अप्रैल तक की अंतिम मोहलत दी थी। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। अतिक्रमण हटाने के बाद लाल चौक पर एक नया विवाद भी सामने आया है। अतिक्रमणकारियों ने सब्जी विक्रेताओं को वहां से हटाते हुए कहा कि अब इस स्थान पर सब्जी बाजार नहीं लगेगा। इसके विरोध में दुकानदारों ने कहा कि पूर्व से पुरानी बाजार में ही सब्जी मंडी लगती आ रही है। इसलिए उसे पुनः वहीं स्थापित किया जाए। मौके पर अंचल अधिकारी खगेश कुमार ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज संध्या मोड़ से बैंक मोड़ तक अभियान चलाया जाना था। लेकिन कुछ लोगों के अनुरोध पर उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है।
बर्निंग शेड बनने से लोगों को कड़ी धूप और बारिश से राहत मिलेगी
भास्कर न्यूज | गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 स्थित सहिजना में शुक्रवार को बर्निंग शेड (मुक्ति धाम) निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की। कार्यक्रम में नगर परिषद के कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित थे। शिलान्यास कार्यक्रम में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार, उपाध्यक्ष अनिता प्रसाद, वार्ड पार्षद उमेश मेहता, बिनोद प्रसाद, पारसनाथ कश्यप, सुनील कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजेश विश्वकर्मा सहित वार्डवासी मौजूद थे। सभी ने इस कार्य को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रख कार्य किए जा रहे हैं। बर्निंग शेड बनने से लोगों को धूप, बारिश और अन्य मौसम की कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी। उन्होंने आगे कहा कि बहुत जल्द टंडवा क्षेत्र में दो और सहिजना में एक अन्य बर्निंग शेड निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया जाएगा। नगर परिषद द्वारा चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक स्थानों पर इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नगर परिषद लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं उपाध्यक्ष अनिता प्रसाद ने कहा कि यह निर्माण कार्य क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
धुरकी में मोटरसाइकिल से गिरकर महिला घायल
गढ़वा | धुरकी थाना क्षेत्र के अम्मा खोरिया घाटी के पास मोटरसाइकिल से गिरकर महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला छत्तीसगढ़ के सनावल थाना क्षेत्र के नेनुआ खाड़ गांव निवासी सुभान अंसारी की पत्नी जुबेदा खातून 35 वर्ष बताई जा रही है। उसे इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि जुबेदा खातून अपने परिजनों के साथ अपने घर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर गढ़वा जिले के करवा पहाड़ स्थित गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आ रही थी। इसी क्रम में उसका दुपट्टा मोटरसाइकिल के चक्का में फस गया। इससे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
अमरोरा के छात्रों ने मैट्रिक में लहराया परचम, 75 बच्चे प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण
खरौंधी | स्तरोन्नत उच्च विद्यालय अमरोरा के विद्यार्थियों ने इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। गुरुवार को जैक द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में विद्यालय के कुल 135 छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से 75 छात्र प्रथम श्रेणी, 60 छात्र द्वितीय श्रेणी तथा 3 छात्र तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। परिणाम ने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक बार फिर साबित कर दिया है। परीक्षा परिणाम में विद्यालय के छात्र अभय कुमार गुप्ता ने सर्वाधिक 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं रोहित कुमार चौरसिया ने 87 प्रतिशत अंक लाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि राकेश कुमार यादव 83 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इन तीनों मेधावी छात्रों की सफलता ने पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल बना दिया है।विशेष बात यह रही कि इन तीनों छात्रों की प्रारंभिक शिक्षा उत्क्रमित मध्य विद्यालय मझिगावां से हुई है। इसके बाद उन्होंने 9वीं कक्षा में स्तरोन्नत उच्च विद्यालय अमरोरा में नामांकन लिया और निरंतर मेहनत व शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह सफलता हासिल की। दोनों विद्यालयों के समन्वित प्रयास का यह उत्कृष्ट परिणाम माना जा रहा है।इस उपलब्धि पर स्तरोन्नत उच्च विद्यालय अमरोरा के प्रधानाध्यापक सरोज बैठा तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय मझिगावां के प्रधानाध्यापक कामेश्वर प्रसाद सिंह सहित सभी शिक्षकों ने छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही यह सफलता संभव हो पाई है।विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई है कि आने वाले वर्षों में भी छात्र इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करते रहेंगे।
भास्कर न्यूज | खरौंधी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विजय पांडेय ने प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन/पुनर्गठन को लेकर तिथियां निर्धारित करते हुए सख्त निर्देश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों की समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां निर्धारित तिथि पर आमसभा आयोजित कर नई समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए। जारी निर्देश में कहा गया है कि गठन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं नियमानुसार होनी चाहिए। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन को पहले से ही अभिभावकों, वार्ड सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचना देकर अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बैठक की कार्यवाही पंजी में संधारित कर समय पर बीआरसी में उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उमवि चौरिया, 30, मवि अमरोरा, 30, उमवि चंदनी, 28, मवि भलुही, 30 कन्या मवि तोरेला, 29, उच्च विद्यालय तोरेला, 30, नव प्राथमिक विद्यालय बैतरा, 28, उप्रावि माहुगाई, 30 अप्रैल, पी.एम. श्री मध्य विद्यालय अंकोरी, 30 को आमसभा आयोजित कर समिति का गठन/पुनर्गठन किया जाएगा। बीईईओ विजय पांडेय ने कहा कि सभी विद्यालय तय तिथि का अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
समन्वय बनाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस चलाएगी अभियान
भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने पलामू क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) किशोर कौशल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। मौके पर डीआईजी ने गढ़वा जिले में विधि- व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए निरंतर सतर्क व सक्रिय रहने की बात कही। उन्होंने संगठित अपराध, नक्सली गतिविधियों, असामाजिक और अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई करने व पुलिस-पब्लिक समन्वय को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डीआईजी ने कहा कि आमजन में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना है। इसके लिए सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय, त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने जिले में चल रही विधि-व्यवस्था की स्थिति, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे अभियानों तथा अपराध नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी डीआईजी को दी।
पंचायती राज व्यवस्था में कोडरमा अव्वल रहा जिप को सीएम ने दिया उत्कृष्टता का सम्मान
भास्कर न्यूज| कोडरमा मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत कोडरमा जिला परिषद ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रांची में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिला परिषद को उत्कृष्ट जिला परिषद का खिताब देते हुए 20 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर जिप अध्यक्ष रामधन यादव एवं डीडीसी रवि जैन ने मुख्यमंत्री से सम्मान ग्रहण किया। कोडरमा जिले को विभिन्न पंचायत स्तर पर भी सम्मान मिला— उत्कृष्ट ग्राम पंचायत: तमाय, स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम पंचायत: टेहरो, श्रेष्ठ ग्राम सभा: जामू एवं जयनगर पूर्वी को मिला। जिप अध्यक्ष रामधन यादव ने कहा कि पंचायत से लेकर जिला परिषद स्तर तक विकास कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शिता और सामूहिक सहयोग इस सफलता का मुख्य आधार रहा है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लोगों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को लागू करने से ही बेहतर परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने जिप सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है। रामधन यादव ने कहा कि उनके कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के योजनाओं को स्वीकृति दी गई और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया।
केंदुआटांड़ की दोनों बंद जलमीनारों को जिला प्रशासन ने कराया चालू
भास्कर न्यूज|फतेहपुर फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर उठी आवाज आखिरकार रंग लाई। अगैया सरमुंडी पंचायत के केंदुआटांड़ गांव में बंद पड़ी जलमीनारों की समस्या जब 21 अप्रैल के अंक में दैनिक भास्कर समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित हुई, तो प्रशासन हरकत में आया और दोनों खराब जलमीनारों को चालू करा दिया गया। बता दें कि ऊपर टोला और मध्य टोला में पिछले कई महीनों से जलमीनारें बंद पड़ी थीं, जिससे करीब 110 घरों की 600 से अधिक आबादी को पेयजल के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। ग्रामीण महिलाएं रोजाना पानी के लिए भटकने को मजबूर थीं और कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। समाचार प्रकाशित होने के बाद पीएचडी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खराब पड़े समरसेबल को ठीक कर पुनः स्थापित किया और जलमीनारों को चालू करा दिया। इसके साथ ही बंद पड़े कुछ चापाकलों की भी मरम्मत कराई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। जलमीनार चालू होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और खुशी जाहिर की। ग्रामीण महिला गीता देवी सहित अन्य लोगों ने कहा कि अब उन्हें पानी के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खबर छपने के बाद ही प्रशासन ने तेजी दिखाई। प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रेम कुमार दास ने बताया कि पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए सभी खराब जल स्रोतों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में पेयजल संकट नहीं रहने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आगे भी जल स्रोतों का नियमित मेंटेनेंस किया जाए, ताकि इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
फतेहपुर: तपती भीषण गर्मी के साथ बढ़े डायरिया के मरीज, अस्पताल में लगी कतारें
भास्कर न्यूज|फतेहपुर भीषण गर्मी और तेज धूप का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। फतेहपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेजा जा रहा है। मरीजों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण भूख कम लग रही है और पेट दर्द, दस्त व उल्टी जैसी समस्याएं हो रही हैं। कई परिवारों में एक से अधिक सदस्य बीमार पड़ रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।प्रार्थमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उज्जला मुर्मू ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ डायरिया, लू लगना, निर्जलीकरण, सिरदर्द और त्वचा संबंधी बीमारियां आम हो जाती हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बाहर निकलते समय हल्के व सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। खानपान में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करें तथा तली-भुनी चीजों से परहेज करें। डॉ. मुर्मू ने कहा कि ओआरएस घोल और नींबू पानी का सेवन फायदेमंद है। साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें और तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। सतर्कता ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा उपाय है। जिन घरों में ओआरएस घोल नहीं है वह दो चम्मच चीनी में एक चुटकी नमक एक गिलास पानी में अच्छी तरह से मिलाकर सेवन कर सकते हैं। अप्रैल माह में अब तक चार सौ से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच चुका है।
ग्रामीण अंचल में पेयजल का गंभीर संकट, बोर खनन करने की जरूरत
जिले में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। तापमान 43 डिग्री तक जा रहा है। इस बीच जिले के ग्रामीण अंचल में पेयजल की संकट शुरू हो गया है। ग्राम परसहा में सरकारी हैंडपंप का वाटर लेवल डाउन हो गया है। ऐसे में यहां नए बोर खनन की जरूरत है। इसी प्रकार जिले के वनांचल क्षेत्रों में और भी स्थिति खराब हो रहीं है। बोड़ला व पंडरिया ब्लॉक के जंगल क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। - हेमंत साहू, कवर्धा
अधूरी चौपाटी पर बनी सीढ़ियों पर शराबखोरी
नगर पालिका कार्यालय के सामने बन रही फूड जोन (चौपाटी) का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य रुकने के कारण यह जगह अब असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनती जा रही है। चौपाटी की अधूरी सीढ़ियों पर रात के अंधेरे में शराबखोरी हो रही है। आसपास खाली बोतलें बिखरी पड़ी हैं। जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। - लोकेश यादव, कवर्धा
लालपुर तिराहे पर हादसों का खतरा, बैरिकेड्स लगाए जाएं
कवर्धा| सरोदा बांध रोड स्थित लालपुर तिराहे पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। यहां लालपुर गांव की ओर जाने वाला अधिक घुमावदार मोड़ है, जहां वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है। इस स्थान पर अक्सर छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। तिराहे पर संकेतक और बैरिकेड्स लगना चाहिए। -आनंद सिन्हा, कवर्धा
आंगनबाड़ी के पास गंदगी का ढेर, नालियां भी जाम
कवर्धा| ठाकुर पारा कवर्धा स्थित मां काली मंदिर रोड पर संचालित आंगनबाड़ी के पास गंदगी की समस्या गंभीर होती जा रही है। आंगनबाड़ी से सटी नाली गंदे पानी से भरी हुई है। इसमें गाद और कचरा जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो रही है। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। कई बार शिकायत के बावजूद सफाई नहीं कराई गई। वार्ड पार्षद को ध्यान देना चाहिए। - विकास कुर्रे, कवर्धा
डायवर्ट सड़क पर धूल से ग्रामीण परेशान हो रहे
कवर्धा| मजगांव के पास नदी पर पुल के ऊपर सड़क बन रही है। निर्माण के चलते आवागमन के लिए डायवर्ट मार्ग बनाया गया है, जो सूखी नदी के बीच से होकर गुजर रहा है। यह रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण वाहन चलने पर धूल उड़ रही है। धूल के कारण आसपास के ग्रामीण परेशान हैं। मार्ग पर पानी का छिड़काव करने और सड़क को समतल करना चाहिए। - रामाधार साहू, मजगांव
डोंगरिया खुर्द में स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन
दामापुर|पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगरिया में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। यह शिविर स्थानीय विधायक भावना बोहरा द्वारा संचालित निशुल्क मोबाइल हेल्थ पैथ लैब के माध्यम से हुआ। इस मौके पर 120 से अधिक ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। इस अवसर पर डॉ.भरत यादव, हरि यादव, पारस सिंगरौल, संजय वैष्णव, मोहित यादव, विश्राम यादव, दौराम बर्मन समेत ग्रामीण उपस्थित थे।
83 करोड़ भुगतान लंबित 10 दिन में नहीं किए तो गोदामों में तालाबंदी
भास्कर न्यूज | कवर्धा गन्ना उत्पादक किसानों की परेशानी एक बार फिर गहरा गई है। राज्य की चार प्रमुख शक्कर कारखानों में किसानों का कुल 83.39 करोड़ रुपए का भुगतान अभी भी लंबित है। लंबे समय से भुगतान न मिलने के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है। 10 दिन के भीतर भुगतान नहीं होने की स्थिति में छत्तीसगढ के चारों शक्कर कारखानों के गोदामों में तालाबंदी करेंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 22 मार्च 2026 तक चारों शुगर मिलों में कुल 5,32512 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई। इसकी कुल खरीद राशि 175.22 करोड़ रुपए रही। इसमें से 91.83 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है, लेकिन बड़ा हिस्सा अब भी अटका हुआ है। भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री नवीन शेष ने बताया कि आंदोलन को लेकर किसान एकजुट हो रहे हैं। भोरमदेव शुगर मिल की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां 2.55 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ने की पेराई हुई। इसमें 84.18 करोड़ रुपए की खरीदी के मुकाबले 57.49 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। यहां अभी भी 26.69 करोड़ रुपए किसानों को मिलने बाकी हैं। पंडरिया शुगर मिल में 1.21 लाख मीट्रिक टन गन्ना क्रश हुआ। यहां 40.05 करोड़ रुपए में से 13.73 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है, जबकि 26.32 करोड़ रुपए बकाया है। केरता कारखाने में भी 22 करोड़ भुगतान पेंडिंग केरता (सूरजपुर) शुगर मिल में 22.41 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है, जबकि बालोद शुगर मिल में 7.97 करोड़ रुपए अब तक किसानों को नहीं मिले हैं। कुल मिलाकर चारों मिलों में किसानों की बड़ी राशि फंसी हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। वित्त विभाग से राशि की मांग की है: डीएम नान नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के डीएम विकास चौहान का कहना है कि इस मसले पर कलेक्ट्रेट में बैठक हुई थी। वित्त विभाग से भुगतान के लिए राशि मांग की गई है। पत्राचार किया गया है। राशि स्वीकृत होने पर तुरंत भुगतान किया जाएगा। भारतीय किसान संघ ने अपनाया कड़ा रुख भोरमदेव शुगर मिल में हालात पहले से ही तनावपूर्ण हैं। भारतीय किसान संघ ने पिछले दिनों विरोध स्वरूप नान (नागरिक आपूर्ति निगम) को शक्कर उठाने से रोक दिया और गोदाम में ताला जड़ दिया था। इसके बावजूद भुगतान की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। भारतीय किसान संघ ने अब सरकार को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की जल्दबाजी आखिर क्यों: विधायक
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद से पारित होकर कानून बन चुका है, इसके बावजूद इसे लागू करने में अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संसद में पेश विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि परिसीमन और अन्य संशोधनों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास था। बघेल ने सवाल उठाया कि जब सरकार नई जनगणना की बात कर रही है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की जल्दबाजी क्यों की जा रही है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो वर्तमान सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इसे टाल रही है। पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को मिले आरक्षण का श्रेय कांग्रेस की नीतियों को दिया। अध्यक्ष सीमा अनंत ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है। वहीं शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को भटकाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने कहा।
क्या-क्या जानकारी देनी होगी जो कि महत्वपूर्ण रहेगी
भास्कर न्यूज | कवर्धा जनगणना का मतलब अब सिर्फ दरवाजे पर दस्तक नहीं रहा। इस बार सरकार ने गिनती की जिम्मेदारी सीधे लोगों को सौंप दी है। जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा शुरू हो गई है। अब आप खुद अपने मोबाइल या कम्प्यूटर से अपने परिवार और घर की पूरी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पर लॉगइन कर पूरी जानकारी ऑनलाइन कर सकेंगे। अब तक जनगणना के लिए कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी लेते थे, लेकिन इस बार प्रक्रिया बदली है। अब नागरिक खुद अपनी जानकारी दर्ज करेंगे और बाद में कर्मचारी केवल सत्यापन करेंगे। स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी। सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक कभी भी ऑनलाइन जानकारी भरी जा सकती है। एक घर से एक ही मोबाइल नंबर के जरिए पंजीयन करना होगा, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित रहे। यह भी जानिए, यूनिक आईडी बनेगी पहचान, गोपनीय रहेगी ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद हर परिवार को एक विशेष सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी दी जाएगी। इसे सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि 1 मई से 30 मई के बीच जब प्रगणक घर-घर आएंगे, तो इसी आईडी के आधार पर जानकारी का सत्यापन होगा। एक बार जानकारी सबमिट होने के बाद उसमें बदलाव नहीं कर सकेंगे। जनगणना के दौरान घर और परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां ली जाएंगी। जैसे मकान का प्रकार (कच्चा, पक्का या अर्ध-पक्का), परिवार के सदस्यों की संख्या, पेयजल, शौचालय, बिजली जैसी सुविधाएं, रसोई गैस और इंटरनेट की उपलब्धता। यही आंकड़े आगे की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की दिशा तय करते हैं। इसे लेकर लोगों को लगातार जागरूक भी कर रहे हैं।
आबकारी की सख्ती: 19 लीटर शराब जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज|कवर्धा कबीरधाम जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 19 लीटर अवैध शराब जब्त की है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आबकारी विभाग की टीम ने 21 और 22 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। ग्राम झिरौनी में आरोपी रामचंद्र चंद्रवंशी को उसकी दुकान से अवैध शराब बेचते हुए पकड़ा गया। उसके पास से करीब 14.82 लीटर शराब बरामद हुई। वहीं कुंडा के पास सेन्हाभाटा मार्ग पर आरोपी शेरसिंह दिवाकर को 14 पाव देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ओवर रेटिंग बिक्री पर नजर जिला आबकारी अधिकारी अजय सिंह धुर्वे ने बताया कि जिले में अवैध शराब के परिवहन और विक्रय पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दुकानों में ओवररेटिंग, अवैध वसूली और बिना लाइसेंस बिक्री को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए आबकारी आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है, जो शराब दुकानों के आसपास अवैध रूप से शराब जमा कर अधिक कीमत पर बेचते हैं।
भुइयां सॉफ्टवेयर में सेंध, बिना आदेश के बदल जा रहे हैं जमीनों के मालिक
जिले के बोडला तहसील क्षेत्र में भूमि अभिलेखों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम बरभावर (प.ह.नं. 36, रा.नि.मं. राजानवागांव) स्थित खसरा नंबर 29/7 (0.607 हेक्टेयर) में दर्ज भूमिस्वामी के नाम में अचानक परिवर्तन होने से विभागीय लापरवाही व गड़बड़ी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार उक्त भूमि पहले श्यामलाल पिता दुकालू गोंड के नाम दर्ज थी। उनकी मृत्यु के बाद 6 जून 2025 के नामांतरण आदेश के तहत वारिसान भागीरथी सहित 11 लोगों के नाम दर्ज किए गए थे। सितंबर 2025 में डाउनलोड खसरा सूची में भी यही नाम दर्ज था, लेकिन बाद में गिरदावरी रिपोर्ट में अचानक तीजनबाई पति सदाराम, निवासी ग्राम रौचन का नाम भूमिस्वामी के रूप में दर्ज पाया गया। हल्का पटवारी ने 14 अक्टूबर 2025 को इस परिवर्तन की जानकारी पटवारी संघ के माध्यम से तत्कालीन तहसीलदार को दी, जिसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) को भी सूचना भेजी गई। इसके बावजूद करीब छह माह बाद इसी मामले में पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मिलीभगत की आशंका: मामले में पटवारी संघ का सीधा आरेाप है कि बिना किसी वैध आदेश के भुइयां सॉफ्टवेयर में नाम परिवर्तन कैसे संभव हुआ। पटवारी स्तर पर ऐसे परिवर्तन का विकल्प नहीं होने की बात कही जा रही है। यह बदलाव केवल सर्वर स्तर (एनआईसी एक्सेस) से ही संभव हो सकता है, जिससे बाहरी हस्तक्षेप या मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। इसी तरह के अन्य मामलों में ग्राम रौचन के खसरा नंबर 73/1 और शासकीय भूमि खसरा 40/1 में भी नाम और क्षेत्रफल में बदलाव सामने आने की बात कही जा रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। पटवारी संघ ने सौंपा ज्ञापन: मामले को लेकर पटवारी संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संघ का कहना है कि बिना आदेश के अभिलेखों में बदलाव संभव नहीं है, इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में इस तरह के अन्य मामलों की भी जांच कर पारदर्शिता की मांग की गई है।
टीम के बेहतर प्रदर्शन से खेल प्रेमियों में उत्साह
भास्कर न्यूज | कवर्धा छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के तत्वावधान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में अंडर-16 मेंस प्लेट ग्रुप क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में कवर्धा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। टीम ने अपने ग्रुप मुकाबलों में रायगढ़ और बिलासपुर जैसी मजबूत टीमों को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भिलाई में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कवर्धा की टीम ने कोरिया जिले को एकतरफा मुकाबले में 290 रनों के विशाल अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। इस शानदार जीत के साथ ही कवर्धा की टीम ने पहली बार अंडर-16 एलीट ग्रुप के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जो जिले के क्रिकेट इतिहास में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पूरे डेज टूर्नामेंट में कवर्धा के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। टीम की जीत में दोनों पारियों अभिनव साहू 59 रन बनाकर 09 विकेट लिए विवेक साहू ने भी 59 रन बनाकर 09 विकेट झटके, क्वार्टर फाइनल में भी विवेक ने बिलासपुर के विरुद्ध शानदार 119 रन बनाए थे, काव्यांश चंद्रवंशी ने शानदार 84 रनों का महत्वपूर्ण पारी खेली। साई सिन्हा ने दोनों पारियों 40 एवं 45 कुल 85 रन बनाए और नमन कुमार, आदर्श देवांगन का भी विशेष योगदान रहा। इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से टीम को लगातार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
बेसबॉल में छत्तीसगढ़ ने जीते 4 सिल्वर; चारों वर्गों के फाइनल मैच में मेजबान दिल्ली से भिड़े, मिली हार
भास्कर न्यूज|कवर्धा दिल्ली में 69वीं शालेय राष्ट्रीय बेसबॉल और सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता के चारों वर्गों में छत्तीसगढ़ ने 4 सिल्वर मेडल जीते हैं। प्रतियोगिता में कबीरधाम जिले के 5 खिलाड़ियों ने छग टीम का प्रतिनिधित्व किया। इन खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि छग ने सिल्वर मेडल हासिल किया। हालांकि, गोल्ड से महज एक कदम दूर रह जाना खिलाड़ियों और कोच के लिए थोड़ा कसक जरूर छोड़ गया। 16 अप्रैल से 22 अप्रैल तक चली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। कवर्धा के खिलाड़ी तान्या सिन्हा, दीक्षांत यादव, मयंक टंडन, चंद्रेश कोर्राम और लक्ष्य लांझी ने बेसबॉल के मिनी और जूनियर वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को मजबूती दी। वहीं गुनिस्का जांगड़े ने सॉफ्टबॉल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। लीग से फाइनल तक हर मैच में दिखा दबदबा छत्तीसगढ़ की टीम ने चारों वर्गों में अपने- अपने लीग मुकाबले जीतकर पूल टॉप किया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में भी टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए सेमी फाइनल में जगह बनाई। सेमी फाइनल में अंडर- 14 बालक टीम ने चंडीगढ़ को 3- 0 और बालिका टीम ने 8- 1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। वहीं जूनियर वर्ग में बालक टीम ने महाराष्ट्र को 5- 2 और बालिका टीम ने 7- 2 से मात दी। लगातार 13 साल से गढ़ रही है खेल की नई पहचान प्रयास स्पोर्ट्स अकेडमी पिछले 13 वर्षों से खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण दे रही है। लगातार राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्य स्तर पर खिलाड़ी तैयार कर रही है। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर नपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, एकेडमी अध्यक्ष गणेश तिवारी, संस्थापक राजा पीयूष टाटिया, चेयरमैन पवन देवांगन सहित अन्य ने हर्ष जताया है। कवर्धा के खिलाड़ियों की इस काम में अहम भूमिका इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में कवर्धा के खिलाड़ियों की भूमिका निर्णायक रही। टीम के कोच और प्रबंधन ने भी खिलाड़ियों की तैयारी और रणनीति को जीत का मुख्य आधार बताया। कोच राजा जोशी के अनुसार, खिलाड़ियों ने हर मैच में अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेला, यही हमारी सबसे बड़ी ताकत रही। सॉफ्टबॉल में क्वार्टर फाइनल में रुका सफर सॉफ्टबॉल अंडर- 14 वर्ग में भी छत्तीसगढ़ टीम ने शानदार शुरुआत करते हुए जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, तेलंगाना और विद्या भारती जैसी टीमों को हराया। लेकिन क्वार्टर फाइनल में बालक टीम को सीबीएसई और बालिका टीम को मध्यप्रदेश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके कवर्धा की गुनिस्का जांगड़े ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
पांडुलिपियां पुरानी प्राचीन ज्ञान को सहेजने, इसका डिजिटलीकरण जरूरी
भास्कर न्यूज|कवर्धा शासकीय पीजी कॉलेज कवर्धा में ज्ञान भारतम् पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला हुआ। यहां इतिहास को किताबों से निकाल तकनीक से जोड़ने की पहल की गई। ताकि प्राचीन ज्ञान को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा के मार्गदर्शन और इतिहास विभाग के संयोजक डॉ. राकेश चंदेल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। मुख्य वक्ताओं इतिहासविद् महेश आमदे, टीपी दुबे और अजय चंद्रवंशी ने बताया कि पांडुलिपियां सिर्फ कागज नहीं, हमारी पहचान हैं। उन्होंने बताया कि इन दस्तावेजों में हमारी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान की जड़ें छिपी हैं, जिन्हें संरक्षित करना बेहद जरूरी है। कार्यशाला की सबसे खास बात रही ज्ञान भारतम् एप का लाइव डेमो दिखाया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभागियों को दिखाया गया कि कैसे पंजीयन करना है, कैसे डेटा एंट्री करनी है, कैसे पांडुलिपियों का सर्वेक्षण करना है। इससे छात्रों और शिक्षकों को समझ आया कि अब इतिहास की खोज सिर्फ लाइब्रेरी तक सीमित नहीं, बल्कि मोबाइल से भी संभव है। कार्यक्रम में छात्रों ने इसे सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ज्ञान बचाने का मिशन बताया। विशेषज्ञों के मुताबिक कई पांडुलिपियां अब भी गांवों, मंदिरों और निजी संग्रह में छिपी हैं। समय के साथ ये नष्ट हो रही हैं। यदि अभी दस्तावेजीकरण नहीं हुआ, तो यह धरोहर हमेशा के लिए खो सकती है।
सरपंच ने दशगात्र के लिए फिर बढ़ाए मदद के हाथ
दामापुर| ग्राम पंचायत सेमरकोना में जनप्रतिनिधि की एक संवेदनशील व सराहनीय तस्वीर सामने आई है, जहां सरपंच उतरा धुर्वे लगातार गांव के जरूरतमंद परिवारों के दुख-सुख में सहभागी बन रही हैं। गांव के निवासी बुधारी बर्मन (90 वर्ष) का सुबह उनके निवास पर निधन हो गया। इस दुखद अवसर पर सरपंच उतरा धुर्वे स्वयं उनके घर पहुंचीं और शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी नजर आईं। उन्होंने परिवार को सांत्वना देने के साथ ही दसगात्र कार्यक्रम के लिए सहायता स्वरूप एक क्विंटल चावल, एक टिन (टिपा) तेल व एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। सरपंच उतरा धुर्वे ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में लगभग 10 परिवार को इसी तरह सहायता प्रदान की है। वे गांव में किसी भी परिवार पर दुख का पहाड़ टूटने पर व्यक्तिगत रूप से आगे आकर सहयोग करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक एकजुटता भी मजबूत हो रही है। इस पहल से गांव में यह संदेश गया है कि कोई परिवार अकेला नहीं है।
45 डिग्री तापमान में 40 किमी दूर ड्यूटी, चुनौती
जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय काम से पहले ही कबीरधाम जिले के शिक्षक परेशान नजर आ रहे हैं। वजह है दूर-दूर गांवों में ड्यूटी और वह भी मई की भीषण गर्मी में। जिले में कई शिक्षकों को उनके स्कूल से 30 से 40 किलोमीटर दूर जनगणना प्रगणक और पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे शिक्षकों को रोज लंबा सफर करना पड़ेगा, जो इस गर्मी में आसान नहीं है। टीचर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्रवंशी के अनुसार, यह व्यवस्था शिक्षकों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली है। उनका कहना है कि एक तरफ स्कूल की जिम्मेदारी है, दूसरी तरफ इतनी दूर जाकर जनगणना का काम करना है। बोड़ला ब्लॉक के झोला स्कूल में पदस्थ शिक्षक संतोष कुमार श्याम की 40 किलोमीटर दूर अंधरीकछार गांव में ड्यूटी दी गई है। इसी तरह मंडलाकोंहा में पदस्थ प्रह्लाद सिन्हा को 30 किलोमीटर दूर घोसर्रा व मंडलाटोला में काम सौंपा गया है। इसके अलावा पूरन पोर्ते, गब्बर महिलांग, छत्रपाल कश्यप, प्रताप मंडलोई समेत कई शिक्षक को भी दूर के क्षेत्रों में भेजा गया है। गर्मी में सफर बना बड़ी समस्या: मई महीने में तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में रोज 30-40 किलोमीटर आना-जाना करना शिक्षकों के लिए बेहद कठिन होगा। ग्रामीण इलाकों में बस और अन्य साधन भी सीमित हैं। अव्यवस्था को लेकर शिक्षकों में है आक्रोश टीचर्स एसोसिएशन ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बिना स्थिति को समझे ड्यूटी लगा दी गई है। शिक्षकों ने इसे जबरदस्ती और गलत योजना बताया है। इस मामले को लेकर एसोसिएशन ने कलेक्टर के माध्यम से सीएम, शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। मुख्य मांग में 5 किमी से अधिक दूरी की ड्यूटी तुरंत बदली जाए, जनगणना कार्य मई की बजाय जुलाई या अगस्त में कराया जाए,ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना पर 1 करोड़ रुपए तक बीमा दिया जाए। यह ज्ञापन अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा को सौंपा गया है।
पहाड़ को काटकर चाऊरडोंगरी तक बनाई सड़क
भास्कर न्यूज | कवर्धा चाऊरडोंगरी.. एक ऐसा गांव, जहां कभी बीमार पड़ना सबसे बड़ा संकट होता था। क्योंकि अस्पताल तक पहुंचने के लिए न सड़क थी, न साधन। सिर्फ पहाड़ और पगडंडियां थी। लेकिन अब समस्या दूर हो चुकी है। पहाड़ों को काटकर गांव तक पहुंचने पक्की सड़क बन गई है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत अमनिया, बांगर रोड, राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क बनाई गई है। 1.74 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस सड़क ने उस गांव को जोड़ दिया, जो सालों से नक्शे पर तो था, लेकिन रास्ते से दूर था। जहां पहले नमक-तेल जैसी चीजों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। पहले बीमारी मतलब संकट, अब इलाज समय पर: ग्रामीण बताते हैं कि पहले मरीजों को खाट या कंधे पर उठाकर कई किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ता था। बरसात में तो हालात और बदतर हो जाते थे। गांव कट जाता था। अब सड़क बनने से एंबुलेंस सीधे गांव तक पहुंच रही है। रोजमर्रा के लिए बाजार जाना भी आसान हो गया है।
मानसून पूर्व मेंटेनेंस के चलते आज 6 घंटे बिजली बंद रहेगी
नवागढ़ | जनपद पंचायत नवागढ़ के सभाकक्ष में शनिवार को सुबह 9:30 बजे विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। पूर्व में यह बैठक 23 तारीख को होनी थी, जो अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दी गई थी। अब इसे 25 तारीख को आयोजित किया जा रहा है। इस बैठक में मुख्य रूप से शिकायतों के निराकरण व योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी। जांजगीर | विद्युत विभाग मानसून पूर्व मेंटेनेंस और रखरखाव कार्य करेगा। इसके चलते 25 अप्रैल को 11 केवी कोसा फीडर की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोसा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी। जांजगीर | 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया गया।
पीआईएल में भट्टी से गर्म तरल धातु का रिसाव, मची अफरा-तफरी
जांजगीर| चांपा स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्लांट में शुक्रवार को भट्टी से गरम तरल धातु का रिसाव हो गया। तकनीकी खराबी के चलते प्लांट में धुएं का गुबार उठने से मजदूरों में अफरातफरी मच गई। सुरक्षित स्थान की ओर जाते समय एक श्रमिक गिरकर घायल हो गया, उसकी एड़ी में चोट आई है। कंपनी के अनुसार आईएफडी शेड के फर्नेस से ढलाई के बाद दोपहर में जांच के दौरान तापमान अधिक पाया गया। धातु पलटने के प्रयास में भट्टी के निचले हिस्से से रिसाव शुरू हो गया। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। कंपनी ने बड़ी जनहानि से इनकार किया है।चांपा एसडीएम पवन कोसमा ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन की टीम मौके पर लगातार नजर बनाए हुए है।
तेज गर्मी से राहत नहीं, 43 डिग्री सेल्सियस पर पारा
भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है। मौसम विभाग ने लू का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंचाने की संभावना है। इस दौरान बदली से भी राहत नहीं मिलेगी। हालांकि दिन में हवाएं भी चल रही हैं, लेकिन वह भी गर्म है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा। अधिकतम तापमान आगे 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। अगले सप्ताह जरूर बदली और बारिश की संभावना है। अभी रोज बदली छा रही है। इसका तापमान पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। गर्मी की वजह से लोग अपनी दिनचर्या भी बदल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप अधिक रहती है। इस समय घर से बाहर न निकलें। पानी हमेशा पीते रहे। लंबे समय तक तेज धूप में ना रहे, इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। खाली पेट धूप में बाहर नहीं न निकलें, इससे चक्कर या कमजोरी हो सकती है।
सोलर लाइट हुईं बंद, अंधेरे में डूबा केशलूर
ब्लाक मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर में केशलूर चौक में पिछले लंबे समय से सोलर स्ट्रीट लाइटों के खराब होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर सौर ऊर्जा लाइटें तो लगवा दीं, लेकिन उनके उचित रखरखाव की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वर्तमान में अधिकांश लाइटें शो-पीस बनकर रह गई हैं। रात होते ही गांव की गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को पैदल चलने में परेशानी होती है। केशलूर चौक में आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा से भारी ट्रकों का आगमन होता है जो चौक छोटी होने के चलते लाइट की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता होती है। इस ओर पंचायत भी ध्यान नहीं देता न ही प्रशासनिक अधिकारी। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस चौक में कोई बड़ी घटना होने पर ही सोलर स्ट्रीट लाइट सुधारा जायेगा। -भोजराज बघेल, तोकापाल
लाल नदी में पुल नहीं, ग्रामीण परेशान
दंतेवाड़ा| धुरली से मोलसनार कूचेपाल जाने वाले रास्ते में धुरली लोहारपारा के पास लाल नदी में पुल बनाने की मांग स्थानीय लोगो के द्वारा लंबे समय से की जा रही है, पर इनकी ये मांग पूरी नहीं हो रही है। लाल नदी में यहां पुल नही होने से ग्रामीणों को हाट बाजार, स्वास्थ्य सुविधा के लिए 10 से 12 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता है, यहां पुल बनाने पिछले कई सालों से सर्वे किया जा रहा है पर सर्वे तक ही बात सिमट जाती है। ग्रामीणों ने कहा पहले नक्सली समस्या का हवाला दिया जाता था पर अब आसानी से पुल बन सकता है, बारिश में ग्रामीणों को खासी दिक्कत होती है, यहां पुल बन जाने से मोलसनार, उदेला, कुचेपाल, भांसी, धुरली के लोगों को सुविधा मिलेगी। -रमेश तामो, दंतेवाड़ा
बुरकापाल हमला: शहीदों को दी श्रद्धांजलि
2017 के बुरकापाल नक्सली हमले में शहीद हुए 25 सीआरपीएफ जवानों की स्मृति में बने भव्य शहीद स्मारक का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों, जवानों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह वही हमला था जब गांव में विकास कार्यों को गति देने के लिए सड़क निर्माण में लगे जवानों पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। सुकमा जिले के बुरकापाल क्षेत्र में हुए इस हमले में 74वीं बटालियन के 25 जवान शहीद हो गए थे। घने जंगलों में हुए इस हमले में जवानों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए मुकाबला किया था। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि यह घटना देश को झकझोर देने वाली थी और इसके बाद क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति में व्यापक बदलाव किए गए। बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया, नए कैंप स्थापित किए गए और सड़क व संचार नेटवर्क का विस्तार किया गया। गौरतलब है कि 24 अप्रैल 2017 को बुरकापाल गांव के पास घने जंगलों में नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था। जवान सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में तैनात थे। नक्सलियों ने अचानक भारी गोलीबारी के साथ आईईडी विस्फोट किए, जिसमें 25 जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए। यह हमला देश के सबसे घातक नक्सली हमलों में से एक माना जाता है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े किए थे। इस अवसर पर डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित ने कहा कि बुरकापाल की घटना इतिहास का ऐसा अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है और यह स्मारक उनके साहस और समर्पण का प्रतीक रहेगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद अधिकारी बुरकापाल स्थित घटना स्थल भी पहुंचे और शहीदों को नमन किया। जहां कभी गोलियों की गूंज और संघर्ष का माहौल था, वहां आज शांति और सम्मान का वातावरण देखने को मिला।
आईटी असिस्टेंट भर्ती पात्र अपात्र सूची जारी की गई
बेनूर| मिशन शक्ति के अंतर्गत जिला महिला सशक्तिकरण केन्द्र, महिला एवं बाल विकास विभाग, नारायणपुर में आईटी असिस्टेंट के एक अनारक्षित संविदा पद हेतु पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। जिला स्तरीय चयन समिति की स्वीकृति के बाद यह सूची शैक्षणिक योग्यता के अंकों के वेटेज और अनुभव के आधार पर तैयार की गई है।
तबाही के 4 दिन बाद भी सर्वे अधूरा, पटवारियों के इंतजार में परिवार
जिले में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है, लेकिन इसके बावजूद आपदा प्रबंधन की सुस्ती के कारण प्रभावित लोगों को अब तक राहत नहीं मिल पाई है। शनिवार और सोमवार को चली तेज हवाओं के साथ बारिश ने 100 से अधिक मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। गरीब परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने घरों की मरम्मत की है, जिसके लिए वे सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। इतने बड़े नुकसान के बावजूद अब तक एक भी मुआवजा प्रकरण तैयार नहीं हो पाया है। कुआकोंडा और कटेकल्याण ब्लॉक में ही 100 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं, लेकिन राजस्व अमले की सुस्ती के कारण नुकसान का सर्वे तक पूरा नहीं हो सका है। कहीं पीड़ित पटवारी के आने का इंतजार कर रहे हैं तो कहीं लोग तहसील दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। एसडीएम लोकांश एलमा ने बताया कि ग्राम सभाओं का आयोजन कर नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन 30 तक
बेनूर| विशेष पिछड़ी जनजाति (अबूझमाड़िया) आवासीय विद्यालय, ओरछा (वर्तमान में गरांजी) नारायणपुर में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा पहली, छठवीं, सातवीं एवं नौवीं में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कक्षा पहली व छठवीं में 20-20 सीटें, सातवीं में 3 (केवल बालक) और नौवीं में 3 सीटें उपलब्ध हैं।
सखी निवास संविदा भर्ती की पात्र-अपात्र सूची जारी की
बेनूर| मिशन शक्ति अंतर्गत सखी निवास, महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर में संविदा पदों के लिए पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित कर दी गई है। कुल 5 पदों प्रबंधक 1, वार्डन 1 व केयर टेकर के 3 पदों पर भर्ती की जानी है। जिला स्तरीय चयन समिति की स्वीकृति के बाद शैक्षणिक योग्यता के अंकों के वेटेज व अनुभव के आधार पर सूची तैयार की गई है।
सरकार ने जिसे पहाड़ लीज पर दिया, उसे 10 साल तक खनन से रोका, अब ग्रामीणों की शर्त- हमसे करो सौदा
जिले के तालनार और गुमियापाल इलाके में तरल पहाड़ पर खनन को लेकर जारी गतिरोध ने नया मोड़ ले लिया है। सरकार ने जिस पहाड़ को खनन के लिए आरती स्पंज कंपनी को लीज पर दिया है, उसे ग्रामीणों ने पिछले 10 साल से रोक रखा है। अब अलनार में हुई बैठक में ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि उन्हें सरकारी पट्टा मंजूर नहीं है। अगर कंपनी को काम करना है, तो उसे सरकार के बजाय सीधे ग्राम सभा से सौदा करना होगा। बता दें कि गुमियापाल के आश्रित अलनार गांव में स्थित तरल पहाड़ को लेकर विवाद पुराना है। सरकार ने यहां आरती स्पंज कंपनी को खनन की अनुमति दी है, लेकिन ग्रामीण एक दशक से विरोध पर अड़े हैं। इससे पहले देव माइनिंग कंपनी ने भी कई बार काम शुरू करने की कोशिश की, जिसे ग्रामीणों ने नाकाम कर दिया। इसी साल जनवरी में जब कंपनी के कर्मचारी सर्वे और साइट निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, तब उन्हें गांव की सरहद पर ही रोक कर वापस भेज दिया गया था। हाल ही में पहुंचे पेटी ठेकेदारों को भी ग्रामीणों ने गांव में घुसने नहीं दिया। शुक्रवार को अलनार में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने अपना रुख बदला है। ग्रामीणों ने कहा है कि अब सरकार और कंपनी के बीच हुआ पुराना अनुबंध नहीं चलेगा। खनन तभी होगा जब कंपनी ग्राम सभा के साथ नया समझौता करेगी। ग्रामीणों ने साफ कहा कि कंपनी को सरकार से नहीं बल्कि ग्राम सभा से अनुबंध करना होगा। खनन से जुड़े फैसले ग्राम सभा लेगी । बता दें कि ग्रामीणों के विरोध के चलते ही अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। मामले में सबसे चौंकाने बाली बात 2014 में हुई ग्राम सभा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तरल पहाड़ की लीज जिस ग्रामसभा के आधार पर दी गई, उसमें केवल 10 लोगों के हस्ताक्षर हैं। इसी तरह नंदराज पहाड़ की ग्रामसभा में भी 160 फर्जी दस्तखत की शिकायत है, जिसकी जांच रिपोर्ट शासन के पास लंबित है। बैलाडीला इलाके में कई खनिज खदानों की नीलामी हो चुकी है। कागजों पर खदानें कंपनियों के पास लीज है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। 10 साल से अटके इन प्रोजेक्ट्स में अब ग्रामीणों की सीधे सौदे वाली मांग ने कंपनियों और प्रशासन के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
सूने मकान से 27 हजार रुपए का माल ले उड़े चोर
जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तोंगपाल नाकापारा में एक चोरी की घटना सामने आई है। जहां तोंगपाल निवासी सुनील मिश्रा उम्र 35 वर्ष के घर में 22 अप्रैल से रामायण पाठ का आयोजन चल रहा था। 23 अप्रैल की सुबह लगभग 4 बजे अज्ञात चोर ने घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर में रखे बैग से करीब 15 हजार रुपए नकद, लगभग 10 हजार रुपए कीमत के गहने और एक की-पैड वाला मोबाइल चोरी कर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान की अनुमानित कीमत लगभग 27 हजार रुपए बताई गई है। घटना के दौरान घर में रामायण पाठ चल रहा था, जिसके कारण घर के दरवाजे खुले हुए थे। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने अपने चेहरे को कपड़े से ढककर वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
विकास व व्यवस्था से जुड़े विशेष मुद्दों पर हुई चर्चा
जिला पंचायत की सामान्य सभा बैठक में जवाबदेही और जमीनी असर को केंद्र में रखकर विकास कार्यों की हकीकत की समीक्षा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। वहीं अधूरी जानकारी के साथ पहुंचे अफसरों पर नाराजगी जताई और जिपं सीईओ ने अगली बैठक में पूरी जानकारी के साथ आने के सख्त निर्देश दिए है। बैठक की शुरुआत पिछली कार्यवाही की पुष्टि से हुई, लेकिन इसके बाद चर्चा का रुख सीधे उन मुद्दों की ओर मुड़ गया, जिनका सीधा असर ग्रामीणों के जीवन पर पड़ता है। 19 प्रमुख बिंदुओं पर हुई समीक्षा में यह साफ हुआ कि अब केवल योजनाओं की स्वीकृति नहीं, बल्कि उनके परिणाम भी महत्वपूर्ण होंगे। अध्यक्ष सोयम ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य तभी सार्थक हैं जब आम लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो। बैठक में सबसे ज्यादा जोर अधूरी परियोजनाओं और लंबित मामलों पर रहा। सदस्यों ने निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति, खासकर अधूरे कार्यों को लेकर सवाल उठाए। व्यक्तिगत वन अधिकार प्रकरणों के निराकरण की धीमी गति भी चर्चा का विषय रही, जो आदिवासी बहुल सुकमा के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति ने भी चिंता बढ़ाई। कई केंद्र अब भी भवनविहीन हैं। शिक्षा क्षेत्र में मध्यान्ह भोजन रसोई कक्षों की स्थिति, स्कूल वाहनों की जांच और आश्रम-छा ्रावासों में अधीक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति जैसे मुद्दों पर कड़े निर्देश दिए गए। कृषि विभाग ने रबी सीजन की तैयारियों की जानकारी दी। वहीं सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में खर्च और गुणवत्ता पर विशेष निगरानी की बात सामने आई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने साफ कहा कि अगली बैठक में अधूरी जानकारी के साथ अफसर न आएं।
साइंस पार्क भ्रमण से विद्यार्थयों में विज्ञान को जानने बढ़ी रुचि
भास्कर न्यूज | सुकमा जवाहर नवोदय विद्यालय सुकमा के कक्षा 7वीं के 38 विद्यार्थियों ने शुक्रवार को एक दिवसीय एजुकेशन टूर पर साइंस पार्क का दौरा किया। इस टूर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और किताबी ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर उतारना था। साइंस पार्क में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों को देखा और उन्होंने सर्कस ऑफ़ एनर्जी, न्यूटन के तीसरे नियम, परसिसटेंट ऑफ विजन, सन डायल, पेंडुलम, कॉनकेव एवं कॉनवेक्स मिरर, ग्रेविटी ऑफ बॉल और सेंट्री फ्यूगल फोर्स जैसे कई महत्वपूर्ण मॉडलों के जरिए विज्ञान के कठिन सिद्धांतों को सरल और रोचक रूप में समझा। जो विषय अब तक विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा थे, उन्हें क्रियाशील देखकर बच्चों की जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति रुचि में बढ़ी है। यहां विद्यार्थियों ने वर्चुअल रियलिटी हेड सेट के माध्यम से आधुनिक शिक्षा का अनुभव प्राप्त किया। वीआर तकनीक की मदद से उन्होंने पदार्थ के प्रकार, कोशिकाओं की कार्य प्रणाली, ईंधन के विभिन्न रूपों और वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स जैसे विषयों को एक जीवंत और प्रभावशाली तरीके से देखा। आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रयोग से न केवल विद्यार्थियों की विषयों के प्रति समझ स्पष्ट हुई है, बल्कि उनके अधिगम (लर्निंग) स्तर में भी सुधार आया है।
जिस गाड़ी से जख्मी हुई, उसका नंबर पुलिस को दिया, तब भी नहीं पकड़ा गया ड्राइवर
भास्कर न्यूज| महासमुंद तुमगांव इलाके में एक महिला सड़क हादसे के तीन महीने बाद भी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िता ने आरोपी वाहन का नंबर तक पुलिस को दे दिया है, फिर भी पुलिस ने अब तक वाहन जब्त नहीं किया है। थक-हारकर पीड़िता ने अब कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि महिला ने पहले गलत नंबर देकर पुलिस को गुमराह किया। इससे केस में समय लग गया। महिला झूठा आरोप लगा रही है। ग्राम कौआझर की निवासी चित्ररेखा सेन, जो बच्चों के खिलौने बेचकर अपना जीवन यापन करती हैं। उसने अपनी शिकायत में बताया कि 23 जनवरी 2026 को वह अपने भतीजे विजय सेन के साथ राशन की जानकारी लेने तुमगांव आई थीं। वापसी के दौरान जब वे तुमगांव के आदर्श फैंसी स्टोर्स के पास खड़े थे। तभी तुमगांव की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक क्रमांक सीजी 04 जे 4338 के चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में चित्ररेखा के सिर, कमर, पीठ और दोनों पैरों की जांघ में गंभीर चोटें आईं। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: नंबर देने के बाद भी अज्ञात का खेल पीड़िता का सबसे बड़ा आरोप तुमगांव पुलिस की लापरवाही को लेकर है। मामले में अपराध क्रमांक 41/26 10 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया है। चित्ररेखा का कहना है कि पुलिस ने एफआईआर में घटना को अज्ञात वाहन से होना दर्शाया है। जबकि पीड़िता ने स्वयं आरोपी वाहन का नंबर सीजी 04 जे 4338 पुलिस को उपलब्ध करा दिया है। शिकायत के बावजूद तुमगांव पुलिस ने अब तक उक्त वाहन को जप्त करने या चालक पर कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई है। इस तरह का आरोप लगा रही है। हादसे के बाद गंभीर हालत में पहुंची थी अस्पताल हादसे के बाद पीड़िता का भाई बेदराम सेन उन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल तुमगांव ले गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें वहां से रिफर कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें महासमुंद के सोहम हॉस्पिटल (प्राइवेट) और बाद में मां चण्डी हॉस्पिटल तुमगांव में भर्ती कराया गया। चित्ररेखा को इलाज के बाद बीते 20 मार्च को अस्पताल से छुट्टी मिली, लेकिन हादसे के जख्म आज भी ताजे हैं। गलत नंबर देकर किया गुमराह, इसलिए लगा समय: तुमगांव थाना प्रभारी दिनेश यादव ने बताया कि महिला के द्वारा पहले गलत बाइक नंबर दिया गया था। इससे जांच में समय लगा। वर्तमान में जो बाइक नंबर उपलब्ध कराया गया है। उसे आरटीओ के पास जांच के लिए भेजा गया है।केस डायरी मिलते ही मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उनके िखलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अध्यात्म की खुशबू और भजनों की मधुर गूंज के साथ महासमुंद जिले का ग्राम जोरातराई इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। गांव के पावन धरा पर आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ने पूरे क्षेत्र को वृंदावन जैसे लग रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान आगामी 29 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्ति रस का पान करने पहुंच रहे हैं। नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन तक लखनपुर से पधारे कथावाचक पंडित शैलेन्द्र मिश्रा महाराज भागवत महापुराण के मर्म को समझाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि साक्षात श्रीहरि का स्वरूप है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान परायणकर्ता पंडित आकाश मिश्रा द्वारा किए जा रहे मंत्रोच्चार ने वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया है। कथा के क्रम में अब तक राजा परीक्षित के जन्म और उनके वैराग्य की कथा सुनाई गई। महाराज जी ने बताया कि कैसे एक श्राप राजा परीक्षित के लिए वरदान बन गया और उन्होंने सात दिनों में कथा श्रवण कर मोक्ष प्राप्त किया। सती चरित्र और नन्हे बालक ध्रुव की कठिन तपस्या के प्रसंग ने भक्तों की आंखों में आंसू ला दिए। खंभे से निकलकर हिरण्यकश्यप का वध किया तो पंडाल तालियों से गूंज उठा नरसिंह अवतार के प्रसंग के दौरान, जब भगवान ने खंभे से निकलकर हिरण्यकश्यप का वध किया, तो पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट और जय नरसिंह देव के नारों से गूंज उठा। इस झांकी के माध्यम से महाराज ने संदेश दिया कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है। जोरातराई के ग्रामीणों में आगामी कृष्ण जन्म (नंदोत्सव) को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। गांव की महिलाओं ने कन्हैया के स्वागत के लिए विशेष भजन तैयार किए हैं। इसके बाद होने वाले रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र के प्रसंगों को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। सुदामा और कृष्ण की मित्रता के माध्यम से पंडित जी समाज को निस्वार्थ प्रेम और मित्रता का पाठ पढ़ाएंगे। कथावाचक ने कहा कि जोरातराई में इस तरह के आयोजन से गांव की एकता बढ़ती है। कथा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी मनमुटाव मिटाने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। भागवत कथा का श्रवण जीवन में एक नई दिशा और शांति प्रदान करता है। कथा प्रतिदिन दोपहर से शुरू होकर देर शाम तक चलती है, और रात में गाँव की गलियों में होने वाली आरती का दृश्य अत्यंत मनोरम होता है।
छत्तीसगढ़ी राजभाषा को जनगणना पोर्टल और आवेदन में शामिल करने सौंपा ज्ञापन
भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ की अस्मिता और मातृभाषा छत्तीसगढ़ी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मोर्चा खोल दिया है। साढ़े तीन करोड़ छत्तीसगढ़िया जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते हुए, संगठनों ने भारत सरकार के स्व जनगणना पोर्टल और आगामी जनगणना फार्म में छत्तीसगढ़ी भाषा को अनिवार्य विकल्प के रूप में शामिल करने की मांग की है। इस संबंध में जिलाधीश रायपुर के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संगठनों ने छत्तीसगढ़ी भाषा की ऐतिहासिक और संवैधानिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किए। राजभाषा का दर्जा 28 नवंबर 2007 से छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। नेताओं ने बताया कि हिंदी से भी पहले सन् 1885 में महान साहित्यकार हीरालाल काव्योपाध्याय द्वारा छत्तीसगढ़ी व्याकरण की रचना की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ समेत पड़ोसी राज्यों (महाराष्ट्र, ओडिशा, मप्र) में लगभग 3.5 करोड़ लोग इस भाषा का उपयोग करते हैं। यह संख्या संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सिंधी, मणिपुरी, मैथिली और संस्कृत जैसी भाषाओं के बोलने वालों से कहीं अधिक है। वर्ष 2020 के भाषाई सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा गया कि छत्तीसगढ़ में 65% से अधिक लोग छत्तीसगढ़ी बोलते हैं, जबकि राज्य के भीतर हिंदी बोलने वालों का प्रतिशत मात्र 2% है। इसके बावजूद जनगणना पोर्टल में इसकी उपेक्षा की जा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि जनगणना में छत्तीसगढ़ी का विकल्प नहीं दिया गया, तो करोड़ों लोगों की मातृभाषा की वास्तविक जानकारी दर्ज नहीं हो पाएगी, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के साथ अन्याय होगा। संगठन की प्रमुख मांगें . जनगणना 2026-27: आगामी जनगणना के स्व-पोर्टल और भौतिक फॉर्म में मातृभाषा के कॉलम में छत्तीसगढ़ी का स्पष्ट विकल्प दिया जाए। . आठवीं अनुसूची: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने छत्तीसगढ़ी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने हेतु पुरजोर प्रयास करने का संकल्प दोहराया। . शिक्षा और प्रशासन: राज्य निर्माण के भाषाई आधार को देखते हुए छत्तीसगढ़ी को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाने और समस्त शासकीय कार्यों में इसे लागू करने की मांग की गई।
ग्राम पटपरपाली में पंचायती राज दिवस मनाकर विकसित भारत का लिया संकल्प
73वें संवैधानिक संशोधन की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को ग्राम पंचायत पटपरपाली में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के पूजन से हुआ। सभी ने विकसित भारत का संकल्प लिया। सोसायटी अध्यक्ष अधिवक्ता कमलेश कुमार टाण्डेय ने पंचायती राज के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को जमीनी स्तर पर आत्मनिर्भर बनाना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना है। सरपंच लता कमलेश टाण्डेय ने ग्राम स्वराज और सशक्त पंचायत के संकल्प को दोहराया। पंचायत सचिव बेदनाथ देवांगन ने आगामी विकास कार्यों की जानकारी दी और उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में जल संरक्षण, अंत्योदय की अवधारणा और जनसेवा के प्रति समर्पण पर जोर दिया गया। बैठक में पंच सुनीता साहू, हेमलता साहू, लखपति दीदी समूह की सदस्य सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
आंगन में सोई वृद्धा का मंगलसूत्र खींचकर भागा
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव खैरागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चंदैनी में आंगन में सो रही महिला के गले से मंगलसूत्र चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात आरोपी घर के भीतर दाखिल हुआ और सोने के मंगलसूत्र को गले से खींचकर भाग निकला। पुलिस ने बताया कि प्रार्थीया बासन बाई खाना खाकर रात में आंगन में सोई थी। तभी अज्ञात आरोपी भीतर दाखिल हो गया। वह सो रही वृद्धा के गले से सोने का मंगलसूत्र खींचकर भाग गया। आसपास के लोगों ने शोर भी मचाया। लेकिन आरोपी फरार हो गया था। पुलिस आरोपी की पतासाजी कर रही है।
स्वर्णनगरी पर हवाई हमला, 6 घायल,थम गईं धड़कनें, 15 मिनट ब्लैक आउट
भास्कर न्यूज | जैसलमेर जैसलमेर की इंद्रा कॉलोनी में शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आसमान से हवाई हमले की गूंज सुनाई दी। रिहायशी इलाके में जोरदार धमाके के साथ धुआं उठा और सूचना आई कि एक भवन ढहने से 6 लोग मलबे में दबकर गंभीर घायल हो गए हैं। हालांकि, यह कोई वास्तविक हमला नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर आयोजित मॉकड्रिल थी। जैसलमेर. हवाई हमले से लगी आग बुझाते दमकलकर्मी व घायल हुए लोगों को भवन से बाहर लाती टीमें। जैसे ही सिविल डिफेंस की टीम ने शाम 7:20 बजे चेतावनी सायरन बजाया, पूरा प्रशासनिक अमला युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया। सायरन की आवाज इस बात का संकेत थी कि शहर पर संकट है। अगले ही मिनटों में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों के सायरन से शहर गूंज उठा। पुलिस ने तुरंत इंद्रा कॉलोनी के प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी की और बचाव कार्य शुरू किया गया।हवाई हमले की डमी लोकेशन पर फायर ब्रिगेड ने सबसे पहले आग पर काबू पाया। अभ्यास का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा रात 8:30 बजे शुरू हुआ। 5 मिनट तक लगातार सायरन बजाकर ब्लैक आउट का संकेत दिया गया। देखते ही देखते इंद्रा कॉलोनी सहित पूरे जैसलमेर शहर की लाइटें बंद हो गईं। घरों, दुकानों और संस्थानों में पसरे सन्नाटे और अंधेरे ने युद्धकाल की यादें ताजा कर दीं। करीब 15 मिनट तक पूरा शहर अदृश्य रहा, ताकि दुश्मन की नजरों से बचा जा सके। शाम 7:20 बजे शहर में गूंजा सायरन, एक्टिव हुआ अमला, मलबे से निकाले 6 घायल, मची अफरा-तफरी
जैसलमेर से दिल्ली फ्लाइट के प्रयास, शहरवासियों का साथ मिला तो जल्द ही शुरू होगी हवाई सेवा
भास्कर न्यूज| जैसलमेर जैसलमेर को हवाई मार्ग से देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने की कवायद अब धरातल पर उतरने लगी है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों और शहरवासियों के सहयोग के चलते एलायंस एयर ने आगामी 3 मई से सप्ताह में दो दिन जयपुर के लिए फ्लाइट चलाने का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। इस अहम घोषणा से पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर खुशी की लहर है। पर्यटन के साथ-साथ यह फ्लाइट स्थानीय बाशिंदों के लिए भी किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। अब इसी सफलता से उत्साहित होकर जैसलमेर से देश की राजधानी दिल्ली के लिए हवाई सेवा शुरू करवाने के प्रयास युद्धस्तर पर तेज कर दिए गए हैं। हाल ही में हवाई सेवाओं की बहाली और विस्तार को लेकर प्रशासन और पर्यटन व्यवसायियों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में अधिकांश लोगों ने दिल्ली की फ्लाइट शुरू करने की पुरजोर वकालत की। जानकारों का मानना है कि जिस तरह जयपुर फ्लाइट के लिए शहरवासियों और प्रशासन ने मिलकर सकारात्मक माहौल बनाया। दिल्ली फ्लाइट का फायदा केवल बाहर से आने वाले पर्यटकों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि जैसलमेर के स्थानीय निवासियों के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ सालों के रूझानों के अनुसार तो गर्मियों की छुट्टियों में जैसलमेर के लोग बड़ी तादाद में परिवार सहित देश के अन्य हिस्सों में घूमने जाते हैं। यह आंकड़ा हर साल तेजी से बढ़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जैसे ठंडे हिल स्टेशनों और चारधाम समेत दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। अगर जैसलमेर से दिल्ली की फ्लाइट शुरू हो जाती है, तो स्थानीय लोगों को दिल्ली से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए देश के किसी भी कोने में जाना बेहद आसान हो जाएगा। दिल्ली देश का सबसे बड़ा और व्यस्त एविएशन हब है। जयपुर के बाद यदि दिल्ली से हवाई मार्ग जुड़ता है, तो जैसलमेर अप्रत्यक्ष रूप से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जुड़ जाएगा। जैसलमेर के हैंडीक्राफ्ट और पत्थर व्यवसायियों को भी दिल्ली आना-जाना सुलभ होगा। अब दिल्ली फ्लाइट के लिए भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइंस कंपनियों के सामने मजबूत पैरवी की जरूरत है। सभी एकजुट होकर व्यावसायिक उपयोगिता और मांग को सही तरीके से प्रस्तुत करें, तो फ्लाइट मिल सकती है। ^ दिल्ली तक फ्लाइट शुरू हो जाए तो देश के कई हिस्सों तक कनेक्टिविटी मिल जाएगी। पर्यटन से जुड़े लोग प्रयास कर रहे हैं। -विमल गोपा, हैंडीक्राफ्ट व्यवसायी
शहर में 22 तक प्रत्येक मंगलवार को सप्लाई बंद
जैसलमेर | नहरबंदी के चलते मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक शटडाउन रखने का निर्णय लिया गया है। इसके परिणाम स्वरूप आगामी 22 मई तक जैसलमेर शहर की जलापूर्ति प्रत्येक सोमवार को आंशिक एवं मंगलवार को पूर्णतया बंद रहेगी। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता देवीलाल ने बताया कि बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना के तहत संभावित नहरबंदी को ध्यान में रखते हुए डिग्गी को पूर्ण क्षमता तक भरने के लिए कटौती की जा रही है।
इस सीजन का सबसे गर्म दिन और रात, तापमान 43.6 डिग्री तक पहुंचा, अब हीटवेव झुलसाएगी
भास्कर न्यूज | जैसलमेर सूरज के तेवर अब पूरी तरह तीखे हो गए हैं। अप्रैल में ही गर्मी ने अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। चिलचिलाती धूप, आसमान से बरसती आग और झुलसाने वाली लू के थपेड़ों ने आमजन को बेहाल कर दिया है। शुक्रवार को जिले के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस सीजन में पहली बार दिन का तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। यह इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। वहीं, थार के मरुस्थल में रातों की ठंडक भी अब गायब हो गई है। शुक्रवार को अब तक की सबसे गर्म रात 27.2 डिग्री सेल्सियस के साथ दर्ज की गई। अब दिन के साथ रात में गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। इस स्थिति में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी सात दिन तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।
ग्रीनको एनर्जीज फाउंडेशन ने भेंट की उपयोगी सामग्री
भास्कर न्यूज| जैसलमेर ग्रीनको ग्रुप कंपनी के ग्रीनको एनर्जीज फाउंडेशन द्वारा सवेरा पुनर्वास गृह में 55 इंच का स्मार्ट टीवी, वॉशिंग मशीन एवं व्हीलचेयर भेंट की गई। इस सहयोग से पुनर्वास गृह में रह रहे दिव्यांग जनों को दैनिक जीवन में काफी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान ग्रीनको कंपनी से क्लस्टर सीएसआर प्रियदर्शी सिन्हा, साइट इंचार्ज मगाराम, एचआर शैतानसिंह, फैसिलिटी मैनेजर रूपसिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रियदर्शी सिन्हा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही दिव्यांग जनों का समग्र विकास संभव है और समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। संस्था अध्यक्ष सत्यनारायण चौधरी ने ग्रीनको कंपनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से संस्था को अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन विशेष शिक्षक तरुण आचार्य ने किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सवेरा पुनर्वास गृह में 50 मानसिक दिव्यांग जनों का पुनर्वास किया जा रहा है।
गरवाजी मंदिर में धूणा चौकी व छतरी का नींव मुहूर्त, वैदिक मंत्रोच्चार से किया पूजन
भास्कर न्यूज| जैसलमेर अखिल भारतीय कुमावत संत गरवाजी सेवा समिति लोद्रवा के तत्वावधान में कुमावत समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र गरवाजी मंदिर परिसर में शुक्रवार को धूणा चौकी एवं छतरी के नींव मुहूर्त का कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह आयोजन महंत कमल भारती महाराज के सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समिति अध्यक्ष अर्जुनलाल रसीयड ने बताया कि समाज के भामाशाहों और बंधुओं के सहयोग से यह निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह धूणा चौकी और छतरी आने वाले समय में समाज की एकता, साधना और प्रेरणा का प्रमुख केंद्र सिद्ध होगी। महंत कमल भारती महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि समाज की सेवा भावना और ईश्वर की असीम कृपा से ही ऐसे पुण्य कार्य साकार होते हैं। यह पावन स्थल भविष्य में साधना, सेवा और संस्कार का दिव्य केंद्र बनेगा। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अर्जुनलाल रसीयड, लाभार्थी सोहनलाल लखेसर, महामंत्री मूलाराम मंगल, उपाध्यक्ष बंशीलाल गेधर, निंबाराम बोरावट, कोषाध्यक्ष लीलाधर पोड़, पूर्व अध्यक्ष राजूराम बग, रेवंताराम मंगलराव, प्रागाराम बोरावट, पुरुषोत्तम मंगलराव, प्रमोद बग, भूपेंद्र लखेसर, श्यामसुंदर बोबरवाल, अशोक बोबरवाल, सवाईलाल रोहिणा, जेठाराम बग, लक्ष्मण भारती, भंवरलाल, हनुमान और घनश्याम दास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति द्वारा सभी सहयोगकर्ताओं और समाज बंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।
भापोर ग्रामसभा में चिकित्सा भवन का प्रस्ताव पारित
बांसवाड़ा/ भूंगड़ा | ग्राम पंचायत भापोर में गुरुवार को आयोजित ग्रामसभा में जनसमस्याओं का समाधान किया। सरपंच सरला बामनिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने मनरेगा, पेयजल, सड़क मरम्मत व पीएम आवास योजना पर चर्चा की। नालियों की सफाई, बंद स्ट्रीट लाइट और खराब हैंडपंप की शिकायतों पर सरपंच ने मौके पर ही संबंधित विभागों को निर्देश देकर समाधान करवाया। ग्रामसभा में चिकित्सा भवन निर्माण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, साथ ही जमीन आवंटन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। मुख्य अतिथि सीएचओ मनोज तेली ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य व स्वच्छता को लेकर जागरूक किया।
योग को आसनों तक सीमित न रखें, यह जीवन पद्धति : श्रीवर्धन
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा जीजीटीयू में योग िवभाग की ओर से भारतीय ज्ञान परंपरा में योग: समाज के समग्र विकास में योगदान िवषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख, ख्यात योग प्रशिक्षक, सामाजिक चिंतक श्रीवर्धन ने कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम या कुछ आसनों तक सीमित रखना उचित नहीं है। योग समग्र जीवन-पद्धति है। यह व्यक्तित्व को भीतर से परिष्कृत करता है। योग शरीर, मन, आत्मा के बीच संतुलन बनाता है। यह संतुलन आंतरिक शांति देता है। यह समाज और राष्ट्र के प्रति जागरूक, जिम्मेदार, अनुशासित नागरिक तैयार करता है। उन्होंने अष्टांग योग यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि की व्याख्या की। इन्हें जीवन का नैतिक और आध्यात्मिक आधार बताया। विशिष्ट अतिथि केंद्रीय विश्वविद्यालय अजमेर के आचार्य प्रो. संजीव कुमार ने ज्ञान योग, भक्ति योग, कर्म योग, राजयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ज्ञान योग विवेक देता है। भक्ति योग अहंकार घटाता है। भावनात्मक संतुलन लाता है। कर्म योग निष्काम भाव से कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। राजयोग से मन की वृत्तियों पर नियंत्रण होता है। उन्होंने कहा कि इन चारों मार्गों का समन्वय शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक विकास को पूर्णता देता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि योग जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रभावी साधन है। नियमित योगाभ्यास से व्यवहार में बदलाव आता है। कार्यशैली में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में योग को बढ़ावा देना समय की बड़ी जरूरत है। इससे विद्यार्थी मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनेंगे। स्वस्थ और अनुशासित नागरिक समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला रखते हैं। संगोष्ठी की शुरुआत में प्रो. शफकत राणा ने स्वागत भाषण दिया और विषय प्रतिपादन किया। संचालन अतिथि संकाय सदस्य रुद्रदीप गौतम ने किया। अंत में कुलसचिव कश्मी कौर ने आभार जताया।
पंचायत चुनाव नहीं कराने पर कांग्रेस ने विरोध जताया
बांसवाड़ा| राजीव गांधी पंचायती राज संगठन विभाग, बांसवाड़ा की ओर से पंचायती राज दिवस पर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में गोष्ठी हुई। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार पर समय पर पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनाव नहीं कराने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने बांहों पर काली पट्टी बांधी और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं के साथ मानव श्रृंखला बनाकर सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष मिलन चाहिल ने कहा कि लंबे समय से चुनाव कराने की मांग की जा रही है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। गोष्ठी में वक्ताओं ने मांग की कि चुनाव जल्द कराए जाएं।
मजदूरी करने गुजरात गईं दो नाबालिग सगी बहनें लापता, 15 दिन बाद दर्ज हुई गुमशुदगी
बांसवाड़ा| सज्जनगढ़ क्षेत्र के एक गांव से मजदूरी करने के लिए गुजरात गईं दो नाबालिग सगी बहनों के लापता होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि उनके लापता होने के बाद परिजन करीब 15 दिन तक अपने स्तर पर ही तलाश करते रहे। लेकिन, जब कोई सुराग नहीं मिला तो आखिरकार पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करानी पड़ी। पुलिस के अनुसार करीब दो माह पहले 13 और 17 वर्ष की दो सगी बहनें स्कूल की छुट्टियां होने के बाद गांव के ही कुछ लोगों के साथ मजदूरी के लिए गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में गई थीं। वहां मजदूरी के दौरान ही दोनों बहनें करीब पंद्रह दिन पहले लापता हो गईं। बताया जा रहा है कि साथ में गए लोगों ने पहले अपने स्तर पर दोनों की तलाश की, लेकिन जब वे नहीं मिलीं तो परिजनों को फोन करके पूछा कि क्या दोनों घर लौट आई हैं। इस पर परिजनों ने उनके घर वापस आने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों भी खुद अपने स्तर पर गुजरात और आसपास के संभावित स्थानों के साथ ही रिश्तेदारी में भी दोनों की तलाश करते रहे। लेकिन, 15 दिन तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। ऐसे में आखिरकार परिजनों ने पुलिस की शरण ली और दोनों बहनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों बहनों की तलाश शुरू कर दी है और संबंधित क्षेत्रों में टीमों को अलर्ट किया गया है।
तनाव में युवक ने खुद के पेट-गले पर चाकू से वार किए, हालत गंभीर
बांसवाड़ा| गढ़ी के सालिया गांव में तनावग्रस्त एक युवक ने अपने पेट और गले पर चाकू से तीन-चार वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना गुरुवार रात की बताई गई है। जानकारी के अनुसार सालिया निवासी विनोद पुत्र लक्ष्मण पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में था। वह गढ़ी क्षेत्र के एक होटल पर काम करता है। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात जब विनोद होटल से घर लौटा, तो वह अपने साथ सब्जी काटने वाला चाकू छिपाकर ले आया। घर पहुंचते ही उसने अपने कमरे में खुद पर हमला कर दिया। उसने चाकू से पेट और गले पर कई वार किए। कमरे से चीखने की आवाज सुनकर परिजन दौड़कर पहुंचे तो विनोद खून से लथपथ जमीन पर पड़ा मिला। परिजनों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। उसे पहले वजवाना के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात 12 बजे उसे बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लाए, यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। गढ़ी थाना अधिकारी रमेशचंद्र मीणा के अनुसार युवक के खुद को घायल करने की बात सामने आई है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
बीयर की बोतल से युवक का सिर फोड़ा फिर गर्दन पर चाकू मारा, 8 टांके लगे
बांसवाड़ा/घाटोल| घाटोल थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में मोबाइल चोरी के शक ने खूनी रूप ले लिया। 22 अप्रैल की रात करीब 9 बजे घर लौट रहे युवक दिनेश बामनिया पर दो आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि नारायण और भेमजी उर्फ भीमराज ने पहले गाली-गलौज की और फिर बीयर की बोतल से सिर पर वार कर दिया। इसके बाद चाकू से गर्दन पर हमला किया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल दिनेश को तुरंत घाटोल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गर्दन पर 7-8 टांके आए। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उसे जान से मारने की नीयत से हमला किया और धमकी दी कि आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। घटना चम्पा पत्नी गौतम के आंगन के पास हुई, जहां कई ग्रामीणों ने पूरी वारदात देखी। बीच-बचाव में आई एक महिला ने किसी तरह हमले को रोका, जिससे युवक की जान बच सकी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के पीछे स्थानीय पुलिस का फेल्योर भी सामने आया है। गांव में दो पक्षों में विवाद चल रहा था, लेकिन समय रहते पुलिस या प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया। जबकि, पीड़ित पहली घटना के बाद ही पुलिस को सूचना दे चुका था। लेकिन, पुलिस द्वारा पंचायत के भरोसे छोड़े गए विवाद ने आखिरकार हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पहले भी लगा था आरोप, पंचायत में हुई थी बात: पीड़ित के अनुसार बीती 12 अप्रैल को भी इन्हीं आरोपियों ने उस पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। उस समय गांव की पंचायत में मामला उठा, जहां दिनेश ने खुद को निर्दोष बताया और यहां तक कहा कि अगर मोबाइल उसके पास मिले तो वह 5 लाख रुपए देने को तैयार है। पंचायत के सामने आरोपियों के साथ उसका राजीनामा हुआ था। इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा हमला कर दिया।
जिलेभर में 75 हजार हैंडपंपों की मरम्मत की जिम्मेदारी महज 50 मिस्त्रियों पर
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा जलदाय विभाग और पंचायतीराज विभाग ने जिलेभर में करीब 75 हजार हैंडपंप लगवा तो दिए, लेकिन अब इनका मेंटीनेंस करना पीएचईडी विभाग के गले की फांस बन गया है। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2025-26 में 119 नए हैंडपंप और खुदवा दिए। बता दें कि विभाग ने फरवरी महीने तक 50 हजार हैंडपंपों का सर्वे करवाया था। जिनमें ढाई हजार से ज्यादा हैंडपंप मरम्मत योग्य पाए गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में हैंडपंप सामान खराब हो जाने के कारण वर्षों से बंद पड़े हैं। इसका एक आंकड़ा निकालें तो यह संख्या करीब साढ़े 7 हजार से ज्यादा की होगी। कारण पंचायतराज विभाग को मिलने वाली राशि में से हर साल एक निश्चित हिस्सा पेयजल संसाधनों पर खर्च करना पड़ता है, लेकिन विभाग की अनदेखी और अफसरों की लापरवाही की खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। हालांकि इनकी देखरेख दोनों ही विभागों को करनी होती है, लेकिन जवाबदेही जल संसाधन विभाग की रहती है। ^फरवरी तक करीब 50 हजार हैंडपंपों का सर्वे करवा लिया था। इनमें से ढ़ाई हजार मरम्मत योग्य पाए गए थे। विभाग की ओर से ज्यादातर को ठीक कर दिया है।वर्तमान में 50 मिस्त्री और 300 सहायक मिस्त्री काम कर रहे हैं। जहां से भी सूचना मिलती है, उसे मौके पर दिखवा कर ठीक करवा रहे हैं। - जेके चारण, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी 18 से 19 अप्रैल तक चले इस अभियान में 11 ब्लॉकों के 120 से अधिक गांवों और शहरी इलाकों में 291 हैंडपंपों की मरम्मत की गई। इसके अलावा 17 जगह पाइपलाइन लीकेज भी ठीक किए गए। इसके लिए विभाग के 50 हैंडपंप मिस्त्रियों के साथ करीब 300 सहायक मिस्त्री लगाए गए थे। सबसे ज्यादा 53 हैंडपंप कुशलगढ़ ब्लॉक में सुधारे गए। छोटी सरवन क्षेत्र में भी 12 हैंडपंप को ठीक किया। शहर के मुस्लिम कॉलोनी, नई आबादी और इंदिरा कॉलोनी में भी वर्षों से खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत की गई। विभाग के पास फंड नहीं जलदाय विभाग के अफसरों का कहना है कि हैंडपंपों के रखरखाब व सामान के लिए अलग से फंड नहीं मिलता। इसके लिए पंचायतों के पास हर साल बजट आता है। ऐसे में पंचायतीराज विभाग के अधीन जो मिस्त्री लगे होते हैं, उन्हीं से हैंडपंप मरम्मत का काम करवाते हैं। 75 हजार से ज्यादा हैंडपंपों की देखभाल और मरम्मत के लिए 50 मिस्त्री हैं। गर्मी में हैंडपंप खराबी की समस्याएं ज्यादा सामने आती हैं। कई बार अतिरिक्त सहायक मिस्त्री लगवाने पड़ते हैं। गांव के लोग भी मरम्मत के काम में हाथ बंटा देते हैं इस बार पीएचईडी विभाग ने 32 और पंचायतों से करीब 268 सहायक मिस्त्री लगाए हैं। जो सूचना मिलने पर हैंडपंप रिपेयरिंग का काम करते हैं। प्रशासन पहुंचा गांव-गांव सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से लगातार दो दिन जिलेभर में कलेक्टर से लेकर ग्राम विकास अधिकारी ने क्षेत्र में पेयजल की स्थिति देखी। अधिकारियों ने 11 ब्लॉकों के 87 गांवों और शहरी क्षेत्रों में मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिसमें अधिकारियों ने कुल 169 निरीक्षण किए। इनमें से 143 निरीक्षण केवल हैंडपंपों के थे। इसके अलावा पाइप लाइन लीकेज की जांच के 6, जल जीवन मिशन की योजनाओं के 14, समर कंटीजेंसी के 4 और अमृत 2.0 के दो मामले शामिल हैं।
हिसनिया में जांच शिविर, पोर्टेबल एक्स-रे से मौके पर जांच
मांडल| 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मांडल ब्लॉक के हिसनिया एएएम में विशेष टीबी जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य टीबी रोग की शीघ्र पहचान कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना रहा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रदीप कटारिया ने बताया कि अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों की जांच कर टीबी को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। ब्लॉक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक योगेश कुमार बांगड़ ने जानकारी दी कि शिविर में ममता फाउंडेशन के सहयोग से हैंड हेल्ड (पोर्टेबल) एक्स-रे मशीन तथा सीबी-नाट मशीन के माध्यम से लोगों की मौके पर ही जांच (स्क्रीनिंग) की गई। उन्होंने बताया कि शिविर में विशेष रूप से बुजुर्गों, मधुमेह रोगियों एवं अन्य जोखिम वाले वर्गों पर ध्यान केंद्रित किया गया। जांच के दौरान जिन व्यक्तियों में टीबी के लक्षण पाए गए, उनकी तुरंत पुष्टि कर उपचार प्रारंभ कर दिया गया। शिविर को सफल बनाने में डीपीएस पियूष चतुर्वेदी, ममता एसीएफ, जिला समन्वयक रजनीश चरण, रेडियोग्राफर गणेश वैष्णव तथा पीरामल स्वास्थ्य के जिला लीड फुरकान अहमद का महत्वपूर्ण योगदान रहा। भास्कर न्यूज़ |भीलवाड़ा विश्व मलेरिया दिवस पर शनिवार को जिलेभर में मलेरिया से बचाव और समय पर उपचार को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिक्षा विभाग, नगर निगम और पंचायती राज संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न इलाकों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों तक मलेरिया की रोकथाम का संदेश पहुंचाया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम ‘अब कर सकते हैं, अब करना होगा’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य मलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को तेज करना और हर स्तर पर जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मलेरिया की रोकथाम में जनभागीदारी निर्णायक है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार होने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. प्रवीण झरवाल के अनुसार विश्व मलेरिया दिवस के दौरान जिले के अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शिविर, स्कूलों में विशेष कार्यक्रम और जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बचाव के उपाय बताएंगे और साफ-सफाई रखने तथा मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। अभियान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उन इलाकों पर खास फोकस किया जाएगा जो अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।
पदोन्नति के ‘यथावत’ फॉर्मूले ने उलझाया:12 हजार व्याख्याता बने, 8 हजार स्कूल फिर भी खाली
प्रदेश के सरकारी शिक्षा तंत्र में एक साथ 11,936 कार्मिकों को पदोन्नति देकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन धरातल पर यह ‘मृगतृष्णा’ भर है। शिक्षा विभाग ने 11,776 प्राध्यापकों सहित विशेष शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और अन्य पदों पर चयन तो कर लिया, पर आदेश दिया कि ये सभी अपने वर्तमान स्कूल में ही जॉइन करेंगे।आमतौर पर पदोन्नति के बाद रिक्त पदों पर काउंसलिंग होती है, लेकिन ‘यथावत’ के इस आदेश ने व्यवस्था को जाम कर दिया है। जो शिक्षक शहरों या सुगम ब्लॉकों में थे, वे अब वहीं व्याख्याता बन गए हैं। नतीजतन, कई स्कूलों में स्वीकृत संख्या से अधिक व्याख्याता हो गए हैं, जबकि प्रदेश के 8,000 स्कूल ऐसे हैं जहां व्याख्याता का एक भी पद नहीं भरा है। इनमें 6,000 स्कूल क्रमोन्नत वाले हैं।अक्टूबर 2025 में 3800 स्कूलों में पद भरने का प्रस्ताव गया था, पर सरकार ने निर्णय नहीं लिया। वर्तमान स्थिति यह है कि शहरों में मनचाही जगह पाने वाले शिक्षक अब व्याख्याता बनकर भी वहीं डटे हैं। गांवों में सेवाएं दे रहे वरिष्ठ शिक्षक इस निर्णय से नाराज हैं। चर्चा है कि सरकार इन नए व्याख्याताओं को अंततः ग्रामीण क्षेत्रों में भेजेगी। यदि ऐसा हुआ तो शिक्षक पदोन्नति त्याग (फोर-गो) कर सकते हैं। हालांकि, जॉइन नहीं किया, तो पदोन्नति का लाभ स्वतः समाप्त माना जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद भी करीब 10 हजार पद रिक्त रहेंगे। कांग्रेस में ‘सिंगल विंडो’, भाजपा में ‘चार द्वार पहरा आम धारणा है कि कांग्रेस राज में तबादलों के लिए ‘सिंगल विंडो’ व्यवस्था थी, मंत्री की मंजूरी ही काफी थी। भाजपा राज में ‘चार द्वार’ पार करना अनिवार्य है। मंत्री, शिक्षा सचिव, सीएम और सीएमओ की अनुमति की बाधा है। आरोप है कि सीएमओ के अधिकारी आरएसएस द्वारा भेजे गए नामों को भी हटा देते हैं। संघ पृष्ठभूमि वाले शिक्षकों के तबादलों में हुआ खेल फर्स्ट ग्रेड तबादलों में संघ पृष्ठभूमि वाले शिक्षक ही अपनों की राजनीति का शिकार हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, जिला स्तर पर जिन्हें सूची बनाने की जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने ही संघ नेतृत्व को अंधेरे में रखकर निजी खुन्नस निकाली।बीकानेर सहित प्रदेशभर में तीन दर्जन से अधिक दायित्ववान कार्यकर्ताओं के ट्रांसफर ‘सजा’ के तौर पर कर दिए गए। इस हेरफेर से संघ के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान सरकार की प्राथमिकता उन स्कूलों में पहले पदस्थापन देने की है जहाँ पद लंबे समय से रिक्त हैं, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि “शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए रिक्त पदों को भरना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
एनटीए द्वारा जारी जेईई-मेन 2026 अप्रैल सत्र के आंकड़ों के विश्लेषण ने अंकों और परसेंटाइल के बीच एक गहरी खाई को उजागर किया है। कुल 9 शिफ्टों में आयोजित इस परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की जटिलता स्पष्ट रूप से देखने को मिली है। जनवरी सेशन 10 शिफ्ट और अप्रैल सेशन 9 शिफ्ट में हुआ। डेटा के अनुसार, पूरी परीक्षा में केवल दो शिफ्टों के छात्र ही 300 में से 300 का ‘परफेक्ट स्कोर’ हासिल कर पाए। हालांकि, 100 परसेंटाइल क्लब में कुल 26 छात्र शामिल हैं, जिनमें शीर्ष रैंक प्राप्त करने वाले 300 अंक धारकों के साथ-साथ 285 अंक पाने वाले छात्र भी शामिल हैं। यह 15 अंकों का अंतर होने के बावजूद समान परसेंटाइल मिलना रैंक के मामले में बड़ा उलटफेर पैदा करता है। इसी तरह का विरोधाभास 99 परसेंटाइल के स्तर पर भी दर्ज किया गया। जहाँ एक आसान शिफ्ट में छात्र को इसके लिए 196 अंक (65%) लाने पड़े, वहीं एक कठिन शिफ्ट में मात्र 165 अंक (55%) पर ही 99 परसेंटाइल हासिल हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि 100 और 99 परसेंटाइल के बीच अंकों का फासला 45% तक पहुंच गया है। एनटीए का तर्क है कि विभिन्न शिफ्टों के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर होने के कारण इस वैज्ञानिक प्रक्रिया को अपनाना अनिवार्य था। दूसरी ओर, छात्र और विशेषज्ञ इस विसंगति को पूरी तरह अव्यावहारिक मान रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि यह व्यवस्था उनकी मेहनत के साथ अन्याय कर रही है, जिसके चलते बढ़ते विवाद के बीच एनटीए को आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने पर मजबूर होना पड़ा है। शिफ्ट का खेल और नॉर्मलाइजेशन - शिफ्ट का असर अप्रैल की 9 शिफ्टों में कुल 14 स्टूडेंट्स 100 परसेंटाइल वाले निकले क्योंकि वे अपनी-अपनी शिफ्ट के टॉपर थे। वहीं जनवरी में ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या 12 थी। एक पर्सेंटाइल के बीच करीब 45% अंकों का अंतर, एक शिफ्ट में 196 दूसरी में 165 अंक पर 99 परसेंटाइल एनटीए द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 28 विद्यार्थियों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया है। जबकि परीक्षा परिणाम जारी किए जाने के दौरान जारी किए गए आंकड़ों में 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 26 थी। एक्सपर्ट देव शर्मा के मुताबिक इन आंकड़ों से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि 2 विद्यार्थी ऐसे हैं जो जनवरी तथा अप्रैल सेशन दोनों में सम्मिलित हुए तथा दोनों सेशंस में ही 100 परसेंटाइल प्राप्त किया है। “नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया से स्टूडेंट्स में असमंजस की स्थिति तो बनती है। लेकिन एनटीए एक सांख्यिकीय आधारित नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का उपयोग करता है। इसमें हर शिफ्ट में पहले पर्सेंटाइल स्कोर की गणना की जाती है। फिर इन पर्सेंटाइल को सभी शिफ्टों में मिलाकर अंतिम रैंकिंग तैयार की जाती है। यह पद्धति नई या प्रयोगात्मक नहीं है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख परीक्षा एजेंसी काम में लेती और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ समितियां भी इसकी समीक्षा कर चुकी है।” -भूपेंद्र मिढ्ढा, एक्सपर्ट जेईई
नहरबंदी में जल संकट:7 दिन में 2-2 मीटर खाली हुए जलाशय, 18 मई तक रहेगी ‘अग्निपरीक्षा’
मरुधरा के सबसे गर्म जिलों में शुमार बीकानेर के लिए आने वाले 25 दिन किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होने वाले हैं। भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली नहरों की बंदी ने जलापूर्ति व्यवस्था की सांसें फुला दी हैं। चौंकाने वाली जमीनी हकीकत यह है कि बीकानेर की प्यास बुझाने वाले बीछवाल और शोभासर जलाशयों का जलस्तर बीते मात्र एक सप्ताह में दो-दो मीटर तक नीचे गिर गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि पानी खाली होने की यही रफ्तार रही, तो 18 मई तक (जब तक नहर का नया पानी नहीं पहुंचता) शहर की प्यास कैसे बुझेगी? बीकानेर शहर की पूरी पेयजल व्यवस्था बीछवाल और शोभासर जलाशयों पर टिकी है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, बीछवाल की कुल क्षमता 6.5 मीटर और शोभासर की 5.5 मीटर है। नहरबंदी से पहले इन्हें लबालब भरा गया था, लेकिन पिछले सात दिनों में दोनों में जलस्तर 2-2 मीटर कम हो गया है। यह गिरावट जलदाय विभाग के ‘सब कुछ नियंत्रण में है’ वाले दावों पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान बढ़ने से वाष्पीकरण और पानी की बेतहाशा मांग इस गिरावट की मुख्य वजह है। इसके अलावा, सप्लाई का समय 2 घंटे से बढ़ाकर 2.5 घंटे करना भी स्टॉक कम होने का एक कारण है। गजनेर लिफ्ट से मिली ‘संजीवनी’ इस संकट के बीच राहत की खबर यह है कि जलदाय विभाग ने गजनेर लिफ्ट परियोजना में जमा अतिरिक्त पानी का उपयोग करने का आपातकालीन निर्णय लिया है। पिछले दो दिनों से गजनेर लिफ्ट का पानी शोभासर जलाशय में शिफ्ट किया जा रहा है। इस बैकअप प्लान से शोभासर का जलस्तर, जो तेजी से गिर रहा था, अब संभलकर 4.5 मीटर तक पहुंच गया है। विभाग का प्रयास है कि बीछवाल (वर्तमान स्तर 4.5 मीटर) और शोभासर के स्तर को बराबर रखा जाए ताकि पंपिंग में तकनीकी दिक्कत न आए। आने वाले दिनों की 3 बड़ी चुनौतियां मई के पहले पखवाड़े में लू बढ़ने से वाष्पीकरण और खपत दोनों में भारी इजाफा होगा। जैसे ही जलाशयों का स्तर 2 मीटर से नीचे जाएगा, पंपिंग स्टेशनों का दबाव कम होगा, जिससे ऊंचे इलाकों और टेल तक पानी पहुंचना मुश्किल होगा। मुख्य लाइनों से अवैध पंपिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की चोरी रोकना प्रशासन के लिए बड़ी सिरदर्दी है। कटौती के बीच ‘बेटाइम’ सप्लाई से बर्बादी एक ओर विभाग 48 घंटे में एक बार पानी देने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर करणीसिंह स्टेडियम सहित कई टंकियों से कटौती वाले दिन भी अचानक बेटाइम सप्लाई आ रही है। इससे पानी की बर्बादी हो रही है, क्योंकि लोग पहले से स्टोरेज कर चुके होते हैं। अचानक आए इस पानी का उपयोग सड़कों पर छिड़काव जैसी गतिविधियों में हो रहा है, जो भीषण संकट के समय बड़ी लापरवाही है। नहरबंदी कैलेंडर के अनुसार, 12 मई को हरिके बैराज से पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित है। वहां से पानी को बीकानेर की सीमाओं और आरडी 1150 तक पहुंचने में कम से कम 6 दिन लगेंगे। यानी 18 मई से पहले बीकानेर को नहर का ताजा पानी मिलना तकनीकी रूप से नामुमकिन है। स्टोरेज में उम्मीद से कम पानी बचना आने वाले दिनों की चुनौती को बढ़ा रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में गर्मी और भीषण लू के प्रकोप के साथ ही राजस्थान में गर्मी का दौर तेज हो गया है। जैसलमेर, चित्तौड़गढ़ और कोटा सहित कई अन्य जिलों में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूल के समय में कटौती कर दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बीकानेर संभाग में अगले 24 घंटों में गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिलेगा। जिले में ‘हीट डोम’ के प्रभाव के चलते आगामी 4 दिनों तक तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। इस दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक लू का सबसे अधिक असर रहेगा। चिंताजनक बात यह है कि बीकानेर में स्कूली बच्चों की छुट्टी दोपहर 1 बजे के बाद हो रही है। ऑटो या वैन से घर पहुंचने में बच्चों को तपती धूप में एक से डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है। गर्मी के बढ़ते खतरे को देखते हुए अनेक अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से 12 बजे से पहले छुट्टी करने का आग्रह किया है, लेकिन स्कूल प्रशासन अब भी जिला कलेक्टर के आदेश के इंतजार में है। कोटा में वर्तमान तापमान 43 डिग्री के आसपास है, जिसे देखते हुए वहां के जिला कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया है। बीकानेर के अभिभावकों की भी यही मांग है कि बच्चों को ‘हीट स्ट्रोक’ से बचाने के लिए समय में तुरंत बदलाव किया जाए। समर वेकेशन पर विवाद - 22 जून को खुलेंगे स्कूल शिक्षा विभाग के शिविरा पंचांग के अनुसार, इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 20 जून 2026 तक रहेगा। 21 जून को रविवार होने के कारण स्कूल 22 जून को खुलेंगे। हालांकि, बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान की भीषण गर्मी को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि छुट्टियों को 30 जून तक बढ़ाया जाए, ताकि बच्चों को लू के प्रकोप से बचाया जा सके। जयपुर में 27 अप्रैल से बदलेगा स्कूल का समय प्रदेश में आसमान से बरसती आग और भीषण लू को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। जयपुर जिला कलेक्टर ने बढ़ते तापमान के मद्देनजर 27 अप्रैल से कक्षा प्री-प्राइमरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल समय में बदलाव के आदेश जारी कर दिए हैं। अब स्कूल सुबह 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक ही लगेंगे। यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों ही शिक्षण संस्थानों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। कोटा में 12वीं तक 7.30 से 12.30 बजे तक, दौसा, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर में आठवीं तक के विद्यालयों का समय 7.30 से 12 बजे तक कर दिया गया है। “गर्मी और तापमान में बढ़ोत्तरी को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों से बातचीत की गई है। उनसे विचार विमर्श के बाद स्कूलों के समय परिवर्तन पर निर्णय लेंगे।” -निशांत जैन, कलेक्टर, बीकानेर अप्रैल में जेठ सी तपिश, औसत से 40 ज्यादा तापमान, 43.50 पहुंचा पारा बीकानेर में सूरज के तेवर अब जानलेवा होने लगे हैं। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही जेठ की तपिश का अहसास होने लगा है। शुक्रवार को दिन और रात, दोनों ही समय गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड्स को चुनौती दी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर संभाग के लिए आने वाले तीन दिन किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होंगे।बीते 24 घंटों में बीकानेर का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.0 डिग्री सेंटीग्रेड अधिक है। वहीं, रातें भी अब ठंडी नहीं रही हैं; न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज हुआ, जो औसत तापमान से 3.9 डिग्री सेंटीग्रेड ज्यादा है। वातावरण में बढ़े इस ‘हीट स्टोरेज’ के कारण सुबह सूरज उगने के साथ ही धरती तपने लगती है। अनुमान है कि 26 और 27 अप्रैल को पारा 46 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच सकता है। महीने के आखिरी 2-3 दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज धूलभरी हवाएं चलने की संभावना है। सांखला और कोटगेट पर टेंट लगाने की तैयारीपीबीएम सहित जिला अस्पतालों में हीट वेव के लिए विशेष वार्ड और ओआरएस का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने दोपहर 11 से शाम 5 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। सांखला फाटक और कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग पर टेंट लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। रेल फाटक बंद होने पर 30 मिनट तक धूप में खड़े रहने वाले राहगीरों को लू और चक्कर आने से बचाने के लिए नगर निगम आयुक्त ने यह व्यवस्था सुनिश्चित की है। जलदाय विभाग और नगर निगम ने भी शहर के मुख्य चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।
सन्नाटे का शक्ति परीक्षण:पंद्रह मिनट का ब्लैकआउट, हूटर बजते ही छाया अंधेरा, दुश्मन को भ्रमित किया
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती बाड़मेर शहर में शुक्रवार रात को ब्लैक आउट की मॉक ड्रिल की गई। अंधेरा होते ही एकदम सायरन बजा और हवाई हमले जैसी भीषण आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल एवं ब्लैक आउट का आयोजन किया गया। ब्लैकआउट के दौरान शहर में यातायात बंद रहा। मॉक ड्रिल का मुख्य केंद्र राजकीय महाविद्यालय बाड़मेर रहा। धुएं के गुब्बार, एम्बुलेंस की आवाजें और राहत कर्मियों की भाग-दौड़ के बीच यह परखा गया कि यदि आसमान से मुसीबत बरसती है, तो हम कितने तैयार हैं। 8 बजते ही बजा सायरन, अंधेरे में दिखी नागरिक एकता शुक्रवार रात ठीक 8 बजते ही शहर की बिजली गुल हो गई। पूरा बाड़मेर 15 मिनट के लिए ब्लैक आउट की स्थिति में रहा। यह अंधेरा डरावना नहीं बल्कि नागरिकों के अनुशासन का परिचायक था। पूरे शहर में सड़कों पर सिर्फ वाहन दौड़ते नजर आए। ब्लैक आउट का मुख्य उद्देश्य हवाई हमले के दौरान दुश्मन के विमानों को शहर की लोकेशन और रोशनी के जरिए मिलने वाले लक्ष्यों से भ्रमित करना होता है। युद्ध से पहले नागरिकों को तैयार करना ही मॉक ड्रिल
नगर परिषद बाड़मेर में करीब दो दशक से फर्जीवाड़ा चल रहा है। कार्मिकों की मिलीभगत से पहले नियम विरुद्ध काम करते हैं और इसके बाद पट्टे जारी कर फाइल गायब करवा दी जाती है, ताकि फर्जीवाड़ा पकड़ में भी आए तो नगर परिषद में रिकार्ड ही नहीं मिले। 2013 से 2026 तक करीब 25 हजार से ज्यादा पट्टे जारी किए गए है, लेकिन 20778 फाइलें ही रिकार्ड में हैं। करीब 4 हजार से ज्यादा फाइलें गायब है। जबकि 2016 में नगर परिषद ने सभी फाइलों को कम्प्यूटराइज्ड करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी फाइलों के गायब होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। 2023 में नगर परिषद की ओर से जारी हुए पट्टों में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ और रिकार्ड से सैकड़ों फाइलें गायब कर दी गई। इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा होने के बाद भी स्वायत्त शासन विभाग की ओर से फाइलें गायब होने के मामले में आज दिन तक जांच नहीं की और न ही एफआईआर हुई है। 2023 में जारी 11000 पट्टों में 800 पट्टे फर्जीवाड़े के कारण किए निरस्त कम्प्यूटराइज्ड फाइलें - नगर परिषद की रिकार्ड शाखा में कम्प्यूटराइज्ड होने के बाद भी गायब होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। कार्मिक यहां रिकार्ड से तो फाइलें अपने नाम लिखवा कर ले गए हैं, लेकिन रिकार्ड में फाइलें नहीं है। 2017 तक 9604 फाइलें कम्प्यूटराइज्ड हैं। इसके अलावा स्टेट ग्रांट की 2159, 69ए की 2500 फाइलें है। इसके अलावा 2023 में 6515 फाइलें रिकार्ड शाखा में कम्प्यूटराइज्ड की गई। ऐसे में करीब 20778 फाइलें कम्प्यूटराइज्ड है। जबकि अब तक करीब 25 हजार से ज्यादा पट्टे जारी किए गए है। हालांकि 2013 के पहले की फाइलें अलग है। 2023 में फर्जीवाड़े की आज तक जांच नहीं 2023 में प्रशासन शहरों के संग अभियान में करीब 11 हजार से ज्यादा पट्टे जारी किए गए, लेकिन इसमें राजनीतिक रसूखदार और फर्जीवाड़ा कर हजारों पट्टे नियम विरुद्ध जारी कर दिए। इन पट्टों की आज दिन तक न तो जांच हुई और न ही एफआईआर। कृषि व राजकीय भूमि के 7184 पट्टे जारी किए गए। कॉलोनियों के 1460 पट्टे, 69ए के 2432 पट्टे जारी किए गए। इन पट्टों में 137 पट्टे तो जांच में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए। जबकि 600 से ज्यादा ऐसे पट्टे हैं, जिन्हें एक सामूहिक आदेश से निरस्त किया गया है। गाढ़ी कमाई पर फर्जी मुहर नगर परिषद के कोष में लाखों रुपए जमा कराने वाले आम नागरिक आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। जिस पट्टे को उन्होंने अपने आशियाने की सुरक्षा माना था, वह महज एक रद्दी का टुकड़ा बन गया है। भ्रष्टाचार की इस आग में आम आदमी का घर जल रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और सफेदपोश अपनी जेबें गरम कर मौन साधे बैठे हैं।

