ललितपुर में कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व पार्षद दुर्गा प्रसाद कुशवाहा (77) का मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे निधन हो गया। वे मेडिकल कॉलेज ललितपुर में भर्ती थे, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से श्वांस की बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार, 30 सितंबर को सुबह 9 बजे उनके निज निवास पिसनारी बाग, बयाना नाला के पास से निकलेगी। इसके बाद इलाइट स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दुर्गा प्रसाद कुशवाहा 2016 से 2019 तक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे। वे 1995 में कुशवाहा समाज के भी जिलाध्यक्ष थे। इसके अलावा, वे 1998 से 2003 और 2007 से 2012 तक ललितपुर नगर पालिका परिषद में पार्षद भी रहे। उनके चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनकी पुत्रवधु सविता कुशवाहा वर्तमान में वार्ड नंबर 13, पिसनारी बाग क्षेत्र से पार्षद हैं। पुत्र गिरधारी कुशवाहा ने बताया कि उन्हें 26 सितंबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
मुजफ्फरपुर में 50 लाख रुपये रंगदारी के लिए अंधाधुंध फायरिंग का पर्दाफाश, शातिर गिरफ्तार
कांटी पुलिस ने मुजफ्फरपुर के एक निजी स्कूल में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, धमकी भरा पर्चा चिपकाने और अंधाधुंध फायरिंग की घटना का खुलासा किया है। इस मामले में एक शातिर अपराधी अमन रंजन को गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई ने हावड़ा में रिश्वत लेते पकड़े गए आरडीएसओ के डिप्टी डायरेक्टर आशुतोष कुमार और सीनियर सेक्शन इंजीनियर दीपक कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ कम रही तो आम भक्तों को भी मिलेगा वीआईपी प्रवेश
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में अब आम भक्तों को भी वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल सकती है। सूत्र बताते हैं मंदिर समिति ने प्रायोगिक तौर पर इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिसमें भीड़ कम रहने वाले समय को चिह्नित कर सामान्य दर्शनार्थियों के लिए स्लॉट निर्धारित किए जाएंगे।
नक्सल डंप बरामदगी से जुड़े मामले में कांकेर में तत्कालीन पदस्थ रहे दो DSP पर 20 लाख रुपए की रकम शासन में जमा नहीं कराने और कथित तौर पर हड़पने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी निखिल राखेचा ने भी शिकायत मिलने के बाद जांच जारी होने की पुष्टि की है। नक्सलवाद के बैकफुट पर जाने और कई नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर डंप किए गए हथियार, बारूद और नकदी बरामद करने के लिए विशेष अभियान चलाया था। दो अलग जगहों से 15 और 5 लाख मिलने का आरोप आरोप है कि इसी अभियान के दौरान टोंडामरका और मरकाकोनारी के जंगलों में नक्सल डंप से क्रमशः 15 लाख और 5 लाख रुपए बरामद हुए थे। आरोप यह है कि सर्चिंग अभियान का नेतृत्व कर रहे दोनों DSP ने रकम मिलने की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी और उसे सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय हड़प लिया। बताया जा रहा है कि डंप से मिली अन्य सामग्री को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, लेकिन नकदी की जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई। कुछ महीने पहले पुलिस विभाग में शुरू हुई चर्चा जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले रकम हड़पने की चर्चा पुलिस महकमे में शुरू हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक मामले की शिकायत पहुंचने की बात सामने आई। हालांकि शिकायत किसने की, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। जांच के दौरान सर्चिंग अभियान में शामिल जवानों और आत्मसमर्पित नक्सलियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि डंप से वास्तव में कितनी रकम बरामद हुई थी और उसकी सूचना किस स्तर पर दी गई थी। जांच में बरामदगी और रिकॉर्ड का मिलान पुलिस अब संबंधित सर्चिंग अभियान, डंप बरामदगी, मौके पर मौजूद जवानों के बयान और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है। नकदी की बरामदगी को लेकर सामने आए दावे और विभागीय रिकॉर्ड के बीच भी मिलान किया जा रहा है। फिलहाल दोनों तत्कालीन DSP पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। SP बोले- शिकायत मिली है, जांच जारी एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि मामले में शिकायत आने के बाद जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई उच्च स्तर पर की जाएगी। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि नक्सल डंप से 20 लाख रुपए की बरामदगी हुई थी या नहीं और कथित रूप से बरामद रकम के संबंध में दोनों अधिकारियों की क्या भूमिका थी।
नीमच में वाहन की टक्कर से मजदूर की मौत:काम के बाद घर जा रहे थे दो साथी; आधे घंटे तक सड़क पर पड़े रहे
नीमच सिटी थाना क्षेत्र में उचेड़ और किशनपुरा के बीच मंगलवार देर शाम अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में यादव मंडी निवासी मुकेश यादव (45) की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार शेर सिंह यादव (42) गंभीर घायल हो गए। दोनों उचेड़ गांव में मिस्त्री का काम निपटाकर बाइक से नीमच लौट रहे थे। हादसे के बाद दोनों करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे लहूलुहान हालत में पड़े रहे। राहगीरों की भीड़ जमा होने के बाद डायल-112 और एंबुलेंस को सूचना दी गई। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मुकेश को मृत घोषित कर दिया। 15 दिन से उचेड़ में कर रहे थे काम मुकेश यादव पिता अमृतलाल यादव और शेर सिंह यादव पिता अमर सिंह यादव मिस्त्री का काम करते थे। दोनों पिछले 15 दिनों से उचेड़ गांव में एक साइट पर काम कर रहे थे। मंगलवार को काम खत्म करने के बाद दोनों बाइक से नीमच लौट रहे थे। टक्कर के बाद सड़क पर पड़े रहे उचेड़ और किशनपुरा के बीच अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों सड़क किनारे जा गिरे। बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे तक दोनों घायल हालत में मौके पर पड़े रहे। राहगीरों ने भीड़ जुटने के बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मुकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया एंबुलेंस से दोनों को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने मुकेश यादव को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल शेर सिंह यादव का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। अज्ञात वाहन की तलाश में पुलिस नीमच सिटी थाना पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवाया गया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली की अनाज मंडी में मंगलवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम में पूर्व सीएम एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। सतनाली पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। मंच पर मौजूद स्थानीय नेताओं और पूर्व पदाधिकारियों को भी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए हुड्डा ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी स्कूलों की संख्या, किसानों को फसल खराब होने पर मुआवजा, युवाओं के रोजगार, सरकारी भर्तियों, खेल प्रतिभाओं और प्रदेश के बढ़ते कर्ज समेत कई मुद्दे उठाए। हुड्डा ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के करीब 5 हजार सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। पगड़ी पहनाकर किया स्वागत सतनाली पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। मंच पर मौजूद पूर्व पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं को भी पगड़ी पहनाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सतनाली में पहली बार हुड्डा के पहुंचने से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। फरटिया बोले- जात-पात से ऊपर उठकर संगठन मजबूत करें लोहारू विधायक राजबीर फरटिया ने सम्मेलन में उमड़ी भीड़ को लेकर कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि कम समय के नोटिस के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे, जिससे सम्मेलन ने रैली का रूप ले लिया। फरटिया ने कार्यकर्ताओं से जात-पात की राजनीति से ऊपर उठकर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। हुड्डा ने शिक्षा, किसान और रोजगार के मुद्दे उठाए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी स्कूलों की घटती संख्या का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में करीब 5 हजार सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। हुड्डा ने कहा कि इससे प्रदेश के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। हुड्डा ने किसानों की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि फसल खराब होने पर किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। उन्होंने युवाओं के रोजगार और सरकारी भर्तियों का मुद्दा भी उठाया। हुड्डा ने सरकारी भर्तियों में धांधली के आरोप लगाए और कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार पर सवाल हुड्डा ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और लगातार बढ़ रहे सरकारी कर्ज को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की नीतियों और मुद्दों को लेकर गांव-गांव तथा घर-घर तक पहुंचने का आह्वान किया। सम्मेलन के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए एकजुट रहने की अपील की। नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ता सरकार की नीतियों और मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएं और संगठन को मजबूत करें। ये नेता रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व विधायक राव दान सिंह, जिलाध्यक्ष सतवीर झूकिया, पूर्व पीसीएस अनीता यादव, नांगल चौधरी विधायक मंजू चौधरी समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। अक्षत यादव, अरुण यादव और सतनाली से सरपंच प्रतिनिधि धर्मबीर गोठवाल भी मंच पर मौजूद थे। इसके अलावा कई स्थानीय कांग्रेस नेता और जनप्रतिनिधियों ने सम्मेलन में भाग लिया।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि, सरगुजा में मानव तस्करी रोकने आयोग जन जागरूकता अभियान चलाएगी। सरगुजा में मानव तस्करी और बस्तर में टोनही प्रताड़ना बड़ी समस्या है। इसे दूर करने पुलिस, न्याय पालिका और समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। सरगुजा दौरे पर पहुंची छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि, सरगुजा में नाबालिग और युवतियों की मानव तस्करी हो रही है, जो चिंता का विषय है। इसे रोकने के लिए आयोग पुलिस और न्याय पालिका के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें समाज सेवी संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा। डॉ. साहू ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण मानव तस्करी हो रही है। बस्तर संभाग में टोनही प्रताड़ना के मामले ज्यादा संख्या में आते हैं। सरगुजा संभाग में मानव तस्करी के। इसके लिए जागरूकता अभियान का लाभ मिलेगा। आयोग ने की 25 प्रकरणों की सुनवाई संभाग प्रभारी लक्ष्मी शुक्ला की मौजूदगी में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से संबंधित कुल 25 प्रकरणों की सुनवाई की गई। जिनमें से 6 प्रकरणों को खत्म किया गया। सुनवाई के दौरान मानसिक प्रताड़ना से संबंधित एक केस में कलेक्टर को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, कार्यस्थल पर प्रताड़ना से जुड़े एक प्रकरण में सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार घरेलू हिंसा एवं मानसिक प्रताड़ना से संबंधित अन्य प्रकरणों में संबंधित संरक्षण अधिकारियों को जांच कर आयोग के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान महिला बाल विकास अधिकारी जे.आर. प्रधान, नोडल अधिकारी विजय गुप्ता, विधिक सहायता टीम और संरक्षण अधिकारी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश की 11350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है, मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित फाइल वापस कर दी है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल आएंगे। उनके प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों से कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी ली और वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भेल दशहरा मैदान में होगा राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन अमित शाह 3 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेशभर से 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य शामिल होंगे। भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम सहित कई जिलों से गोपालकों की भागीदारी रहेगी। सम्मेलन स्थल पर अमित शाह न्याय संहिता पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन भी करेंगे। इसके बाद वे सम्मेलन को संबोधित करेंगे। 255 करोड़ के डेयरी प्लांट समेत कई परियोजनाओं की सौगात कार्यक्रम में प्रदेश को दुग्ध संयंत्र, डेयरी प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला डेयरी प्लांट और भोपाल में फर्मेंटेड प्रोडक्ट दूध प्लांट शामिल है। इसके अलावा भोपाल पश्चिमी बायपास का भूमि पूजन भी प्रस्तावित है। पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को सहायता अमित शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस राशि वितरित करेंगे। गौशालाओं के लिए सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में गोपालक दीदियों का सम्मान किया जाएगा और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी दिए जाएंगे। भौरी में आईआईएसईआर परिसर का शिलान्यास गौपालक सम्मेलन के बाद अमित शाह भोपाल बायपास स्थित भौरी के पास आईआईएसईआर (अत्रि) परिसर का शिलान्यास करेंगे। परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी उनके कार्यक्रम में शामिल है। इसके बाद शाम को अमित शाह नई दिल्ली रवाना होंगे। सरकार के कामों का प्रस्तुतीकरण भी होगा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय मंत्री शाह को कृषक कल्याण वर्ष के तहत हुई गतिविधियों और बलराम कृषि महोत्सव के आयोजन की जानकारी देंगे। इसके अलावा गृह, पशुपालन एवं डेयरी,
निर्धारित अवधि में मोबाइल फोन वापस लेने से इनकार करने पर अमेजन को महंगा पड़ा, जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 47,990 रुपये भुगतान का आदेश दिया है। आयोग ने अमेजन को अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटर्न और इजी रिटर्न पॉलिसी की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।
मेरठ के कंकरखेड़ा पुलिस ने ट्रांसफार्मर और बिजली के तार चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए ट्रांसफार्मर के अंदर का सामान, कॉइल, एल्यूमीनियम के तार, लोहे की पत्तियां और गाटर बरामद किए हैं। बरामद लोहे के सामान का वजन करीब 165 किलो बताया गया है। इसके अलावा चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की गई कार भी पुलिस ने बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी फरीद निवासी ग्राम डाबका शामिल है। उसके साथ नदीम, मोहित और साजिद निवासी ग्राम डाबका तथा शाकिर निवासी लक्खीपुरा, लिसाड़ीगेट को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ एक नाबालिग को भी पुलिस ने पकड़ा है। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कुछ दिनों से आसपास के गांवों में ट्रांसफार्मर और बिजली के तारों को निशाना बना रहे थे। आरोपी ट्रांसफार्मर चोरी करने के बाद उसके अंदर मौजूद कीमती सामान और कॉइल निकाल लेते थे। इसके बाद एल्यूमीनियम के तार समेत अन्य धातु को अलग कर बेचने की तैयारी की जाती थी। पुलिस को लगातार हो रही चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान गिरोह के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए ट्रांसफार्मर का सामान और करीब 165 किलो लोहे की पत्तियां व गाटर बरामद किए गए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार को भी कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और उनके साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। बाल अपचारी के संबंध में कार्रवाई की गई।
कानपुर में श्यामनगर स्थित 37वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक बीबी चौरसिया (आईपीएस) ने मंगलवार शाम 6 बजे आयोजित फाइनेंसियल एंड साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम में लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा बदलते डिजिटल दौर में वित्तीय लेन-देन जितना आसान हुआ है, साइबर ठगी का खतरा भी उतना ही बढ़ा है। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। 37वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक के निर्देशन और गरिमामयी उपस्थिति में वित्तीय एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में RRA Corporation, नवी मुंबई के प्रतिनिधि राहुल रामावध आर और उनकी टीम ने पीएसी कर्मियों व उनके परिवारों को वित्तीय लेन-देन की सुरक्षा, साइबर ठगी से बचाव, नॉमिनी जोड़ने, आरबीआई की नीतियों, सिक्योरिटीज मार्केट और सुरक्षित निवेश के तरीकों की जानकारी दी। विशेष सत्र में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे ठगी के नए तरीकों के प्रति कर्मचारियों को सचेत किया गया। साथ ही डिजिटल माध्यम से लेन-देन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता केवल कर्मचारी तक सीमित न रहकर उनके परिवारों तक पहुंचना भी जरूरी है, ताकि पूरा परिवार वित्तीय धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सके। सेनानायक बीबी चौरसिया ने कहा कि साइबर फ्रॉड आज बड़ी चुनौती है और इससे बचने के लिए हर व्यक्ति को सतर्क व जागरूक रहना जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में सेनानायक ने RRA Corporation के प्रतिनिधि राहुल रामावध आर और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान सहायक सेनानायक शैलेंद्र कुमार बाजपेई (डीवाईएसपी), सहायक सेनानायक सुधाकर मिश्र (डीवाईएसपी), शिविरपाल चंद्रेश्वर, दलनायक ब्रजकिशोर साहू, दलनायक अरविंद कुमार, सूबेदार सैन्य सहायक रवेंद्र सिंह चौधरी, SQM शिवांशु द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
घाटमपुर के रेऊना कस्बे की बाजार में सीमेंटेड शेड अचानक भरभराकर गिरने से बुजुर्ग की मौत और दो लोगों के घायल होने की घटना पर घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने गहरा दुख जताया। मंगलवार को विधायक गौरा गांव पहुंचीं और हादसे में जान गंवाने वाले सेवाराम (70) के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ खड़ी हैं। साथ ही शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाजार में जर्जर हालत में पड़े सीमेंटेड शेड को हटवाकर उसके स्थान पर नया शेड डलवाने की दिशा में कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाजार में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं में सुधार जरूरी है। इसके बाद विधायक सरोज कुरील रेऊना बाजार पहुंचीं। यहां उन्होंने व्यापारियों से मुलाकात कर हादसे की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। व्यापारियों ने बाजार में जर्जर निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं विधायक के सामने रखीं। विधायक ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि बाजार की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार कराया जाएगा। शुक्रवार को रेऊना बाजार में सब्जी खरीदने के लिए पहुंचे गौरा निवासी सेवाराम सीमेंटेड शेड के नीचे दब गए थे। हादसे में उनकी मौत हो गई थी। वहीं टड़वारा निवासी निधि (17) और इछौली निवासी बिटान (60) पत्नी गजराज घायल हो गई थीं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। हादसे के बाद जर्जर शेड को लेकर बाजार में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठे थे।
गोरखपुर में सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने धरना दिया। सुबह से ही पेंशनर पार्क में जुटने लगे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। धरना खत्म होने के बाद पेंशनरों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला प्रशासन के जरिए नायब तहसीलदार अन्नू सिंह को सौंपा और मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। मजबूरी में सड़क पर उतरे पेंशनर धरने की अध्यक्षता आईसीपीएन सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री नरसिंह प्रसाद सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को अपनी 12 मांगों के लिए मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ रहा है। कई बार सरकार को ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि नए नियमों में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनरों की समस्याओं को शामिल नहीं किया गया है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। लंबे समय से लंबित हैं ये मांगें पेंशनरों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू करने, कोरोना काल के 18 महीने के डीए और डीआर का भुगतान करने, पेंशन से होने वाली कटौती को 10 साल बाद बंद करने और पेंशन में सुधार करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि ये मांगें कई सालों से लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है, जिससे पेंशनरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पेंशन बढ़ाने और सुविधाएं बहाल करने की मांग धरने में वक्ताओं ने कहा कि 65 साल की उम्र के बाद हर 5 साल पर पेंशन में 5% बढ़ोतरी की जाए, ताकि महंगाई में राहत मिल सके। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन के किराए में मिलने वाली 50% छूट को फिर से शुरू करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई, जो कोरोना काल के बाद बंद कर दी गई थी। डीए जोड़कर पेंशन बढ़ाने की मांगसंरक्षक उमाशंकर आर्य और मुख्य सलाहकार ए.के. सैनी ने कहा कि वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी हो रही है, इसलिए सरकार को 50% डीए को वेतन में जोड़कर पेंशन में बढ़ोतरी करनी चाहिए, ताकि पेंशनरों को तुरंत राहत मिल सके।“पेंशन हमारा हक है, भीख नहीं”नगर निगम के सेवानिवृत कर्मचारी नेता रविंद्र कुँवर ने कहा कि पेंशन कोई भीख नहीं, बल्कि कर्मचारियों की पूरी सेवा के बाद मिलने वाला उनका हक है। उन्होंने सरकार से पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की। आंदोलन और तेज करने की चेतावनीजिला अध्यक्ष आईसीपीएन सिंह ने कहा कि 12 सूत्रीय मांगों को लेकर यह संघर्ष लंबे समय से चल रहा है। अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में इंजीनियर डीपी सिंह, रणवीर सिंह, उग्रसेन सिंह, जय गोविंद यादव, अर्जुन सिंह, कमोद तिवारी समेत कई लोगों ने अपनी बात रखी। अंत में सभा का समापन धन्यवाद के साथ किया गया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाया।
मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में लंबे समय से चल रहे वरिष्ठता (सीनियरिटी) विवाद ने मंगलवार को एक बड़ा मोड़ ले लिया। कॉलेज प्रबंध समिति ने प्रोफेसर डॉ. इला अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कॉलेज के प्राचार्य पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच में कोई सबूत न मिलने के बाद की गई है। मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में वरिष्ठता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर काफी समय से खींचतान चल रही थी। कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. इला अग्रवाल और डॉ. रेनू यादव के बीच सीनियरिटी को लेकर लंबे समय से मतभेद थे, और दोनों ही पक्ष लगातार अपने-अपने दावे पेश कर रहे थे। इस विवाद के बीच कॉलेज प्रशासन और प्रबंध समिति के स्तर पर लगातार पत्राचार और मामले को सुलझाने की कोशिशें की जा रही थीं। इसी दौरान, डॉ. इला अग्रवाल ने हिंदू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.एस. रावत पर उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इस संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी और विश्वविद्यालय के कुलपति से भी लिखित शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन द्वारा दो बार उच्च स्तरीय जांच कराई गई। हालांकि, दोनों ही जांचों में डॉ. इला अग्रवाल द्वारा प्राचार्य पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। जांच रिपोर्ट में आरोप झूठे पाए जाने के बाद, प्रबंध समिति ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. इला अग्रवाल को निलंबित करने का निर्णय लिया। प्राचार्य डॉ. एस.एस. रावत ने भी इस निलंबन की पुष्टि की है। प्रबंधन का कहना है कि निलंबन के बाद अब आगे की विभागीय प्रक्रिया कॉलेज और प्रबंध समिति की तय व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाएगी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाणसागर डैम पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में दाखिल हुआ कॉलर आईडी युक्त नर जंगली हाथी 'ई-5' (सी-4) 22 दिनों के बाद मैहर जिले की सीमा से बाहर निकल गया है। मंगलवार शाम यह टस्कर बाणसागर डैम के अथाह जल में करीब 8 किलोमीटर तैरकर उत्तर शहडोल के जंगलों में पहुंच गया। हाथी के मैहर क्षेत्र से जाने के बाद वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। अमरपाटन में मचाया था उत्पात, किसान की ली थी जान यह हाथी 7-8 सितंबर की दरमियानी रात बाणसागर डैम का करीब 5 किलोमीटर लंबा वाटर चैनल पार कर अमरपाटन रेंज में पहुंचा था। क्षेत्र में आते ही हाथी ने मौहारी गांव में जमकर उत्पात मचाया, कई घरों को क्षतिग्रस्त किया और खेत की रखवाली कर रहे किसान कंछेदी यादव पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। इस घटना के बाद हाथी ने गोरसरी पहाड़ पर अपना डेरा जमा लिया था और लगातार आसपास के रिहायशी इलाकों में पहुंचकर फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा था। बारिश के कारण टल गया था रेस्क्यू ऑपरेशन हाथी के रेस्क्यू के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम ने 6 कुमकी हाथियों के साथ मोर्चा संभाला था। कॉलर आईडी के माध्यम से उसकी लोकेशन को लगातार ट्रैक किया जा रहा था। 23 सितंबर को हाथी को ट्रेंकुलाइज करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन हाथी के अचानक रेंज से बाहर निकलने और क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को टालना पड़ा था। रामनगर के शहरी इलाके में घुसा, फिर बाणसागर में उतरा बीती 27 सितंबर की रात करीब 10 बजे हाथी गोरसरी पहाड़ से उतरकर रामनगर के शहरी इलाके में दाखिल हो गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने वाहनों के तेज हॉर्न बजाकर उसे खदेड़ना शुरू किया। डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा के अनुसार, हाथी रामनगर से हरदुआ, गंजास, पुरैना और मड़करा होते हुए मैहर कैंप पहुंचा। इसके बाद 28 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे वह ललुआ बीट के कक्ष क्रमांक 637 से बाणसागर डैम के पानी में उतर गया। 8 किमी तैरकर शहडोल की सीमा में दाखिल करीब 8 किलोमीटर पानी में तैरकर हाथी मंगलवार शाम उत्तर शहडोल के जंगलों में सुरक्षित पहुंच गया। फिलहाल वन विभाग और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम डैम के उस पार शहडोल क्षेत्र से उसकी गतिविधियों और मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सोडाला से गुर्जर की थड़ी के बीच न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए की कार्रवाई से प्रभावित स्थानीय निवासी भी कोर्ट पहुंच गए हैं। प्रभावित लोगों ने हाईकोर्ट में पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया हैं। जिस पर आज मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने जेडीए को प्रभावितों की पक्षकार बनने की अर्जी का जवाब देने के लिए कहा। अदालत ने यह निर्देश सुरेश चन्द रावत व अन्य की जनहित याचिका पर दिए। जनहित याचिका पर पूर्व में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जेडीए को 2.4 किलोमीटर दूरी में 100 फीट चौड़ी सड़क सहित स्थानीय विश्वा नगर की 30 फीट चौड़ी रोड पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग दो महीने में हटाने के निर्देश दिए थे। जेडीए ने कहा-210 लोगों को नोटिस दिएआज सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अभी तक 210 लोगों को धारा 72 का नोटिस दे दिया है और जैसे-जैसे उनका जवाब आ रहा है उसका परीक्षण करवाया जा रहा है। इसके अलावा कार्रवाई के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। अदालत ने जेडीए का पक्ष सुनने के बाद उसे पक्षकार बनने वाली अर्जी का जवाब देने के लिए कहा। जनहित याचिका में कहा गया था कि मास्टर प्लान में सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक की सड़क की चौड़ाई 100 फुट है। न्यू सांगानेर रोड पर स्थित विश्वा नगर में 30 फुट सड़क बताई है। लेकिन अतिक्रमण व अवैध पार्किग के चलते सड़क की चौड़ाई केवल 20 फुट ही रह गई है। वहीं न्यू सांगानेर रोड की सोडाला से गुर्जर की थड़ी वाली सड़क की चौड़ाई अतिक्रमण व अवैध पार्किंग के चलते सिमट गई है। इसलिए मास्टर प्लान के अनुसार सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक की सड़क और स्थानीय कॉलोनी की सड़क से अतिक्रमण व अवैध पार्किग हटवाई जाए। 90 साल से यहीं रह रहेस्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट में पक्षकार बनने का प्रार्थना पत्र लगाकर कहा कि हमारी पीढ़िया पिछले 90 सालों से यही रह रही हैं। 100 फीट की सड़क की जद में किसी का दो मंजिला पूरा मकान आ रहा हैं। किसी के पास केवल एक इंच जमीन बच रही हैं। इस कार्रवाई से परिवार की रोटी और छत दोनों छिनने की नौबत आ गई हैं। बता दे कि जेडीए द्वारा मौके पर डिमार्केशन की कार्रवाई का भी लोगों ने विरोध किया था।
गोरखपुर में दी एनई एंड ईसी रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। संचालक मंडल की स्वीकृति के बाद सभापति राजेश कुमार सिंह ने शिवेन्द्र पाण्डेय को बैंक का नया सचिव नियुक्त किया है। यह पद बैंक के संचालन और नीतिगत फैसलों में बेहद अहम माना जाता है। शिवेन्द्र पाण्डेय सहजनवा के पूर्व विधायक शीतल पाण्डेय के पुत्र हैं। उन्हें एक ऊर्जावान और सक्रिय युवा के रूप में देखा जाता है। उनकी नियुक्ति से बैंक के कामकाज में तेजी, पारदर्शिता और नई कार्यशैली आने की उम्मीद जताई जा रही है। तीन राज्यों में फैला बैंक का नेटवर्क दी एनई एंड ईसी रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में अपनी सेवाएं दे रहा है। बैंक लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और ग्राहकों को बेहतर व आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं देने के साथ संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। बैंक प्रशासन को और प्रभावी बनाने के लिए विवेक पाण्डेय को महाप्रबंधक (GM) नियुक्त किया गया है। वहीं बालकिशुन तिवारी और संतोष सिंह को उप महाप्रबंधक (DGM) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों से बैंक की कार्यप्रणाली और सशक्त होने की उम्मीद है। पारदर्शिता और विस्तार पर जोर सभापति राजेश कुमार सिंह ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई है कि वे बैंक को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सदस्यों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाना ही बैंक की प्राथमिकता होगी, साथ ही विस्तार की दिशा में भी तेज कदम बढ़ाए जाएंगे।
मुरादाबाद में मंगलवार को सपा के पीडीए जनसंवाद कार्यक्रम में भाषण दे रहे राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन का मूड अचानक खराब हो गया। भाषण के बीच में माइक अचानक बंद होने से उखड़े सपा सांसद ने माइक फेंक दिया। इसके बाद वे अपना भाषण खत्म करके मंच पर पड़ी कुर्सी पर बैठ गए।रामजीलाल सुमन मुरादाबाद के सिविल लाइंस में सपा के कार्यालय पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंगलवार को शाम के करीब पांच बजे थे। तभी अचानक उनके भाषण के बीच में माइक बंद हो गया। इस पर रामजीलाल सुमन का मूड बिगड़ गया। उन्होंने कहा, ये कैसी व्यवस्था है। माइक बंद होते ही कार्यकर्ता तुरंत उसे दुरुस्त करने के लिए दौड़े। लेकिन करीब 30 सेकेंड के अंदर ही रामजी लाल सुमन ने माइक फेंक दिया और अपना भाषण खत्म करके मंच पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ता कहते रहे कि बिजली चली गई है, माइक को इनवर्टर से चालू कर रहे हैं। 2 मिनट बाद माइक ठीक भी हो गया, लेकिन रामजीलाल सुमन ने भाषण नहीं दिया। इसके पहले उन्होंने अपने भाषण में कहा कि, भाजपा दलित विरोधी है। रामजीलाल सुमन ने कहा कि भाजपा ने शुरू से ही दलितों का विरोध और अपमान किया है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और पब्लिक से 15 नवंबर को सपा की ओर से आगरा में आयोजित किए जा रहे दलित सम्मेलन में जुटने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक हाजी रिजवान, पूर्व विधायक हाजी यूसुफ अंसारी,पूर्व जिलाध्यक्ष अतहर अंसारी, महानगर अध्यक्ष इकबाल अंसारी, पूर्व मंत्री जुगल किशोर वाल्मीकि, जयवीर यादव आदि मौजूद रहे।
कानपुर के थाना सचेंडी के लाल शाह का पुरवा में मंगलवार सुबह जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। कमरे में लकड़ी निकालने गई 68 वर्षीय गंगादुलारी मलबे के नीचे दब गईं। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। बुजुर्ग की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन ने दोपहर 3:25 बजे घटना की जानकारी दी। विस्तार से पूरा मामला जानिए लाल शाह का पुरवा निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8 बजे उनकी मां गंगादुलारी कमरे में रखी लकड़ी निकालने गई थीं। इसी दौरान पहले जर्जर दीवार दरकी और कुछ ही पल में पूरी छत भरभरा कर उनके ऊपर आ गिरी। अचानक हुए हादसे में वह मलबे में बुरी तरह दब गईं। वहीं, आवाज सुनकर परिवार और आसपास के ग्रामीण दौड़े। मलबा हटाने के लिए ग्रामीणों ने हाथों से रेस्क्यू शुरू किया। इस दौरान मलबा हटाने के समय बुजुर्ग जान बचाने के लिए दर्द से करर्राहती रही। करीब 15 मिनट बाद गंगादुलारी को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दिया। कुलदीप ने बताया कि उनके पिता कैलाश सिंह की 13 साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार में भाई शशि सिंह, भाभी गीता, पत्नी श्वेता और तीन बच्चे हैं। मां की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया। परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया है। थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड (टीएसडीपीएल) ने दुर्गा पूजा से पहले अपने 682 कर्मचारियों के लिए ₹3.91 करोड़ के वार्षिक प्रॉफिट बोनस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
भिंड के अतिशय क्षेत्र पावई स्थित भगवान नमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को वार्षिक मेला महोत्सव आस्था और भक्ति के माहौल में मनाया गया। कुंवार बदी तीज के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। श्री जी का पूजन और श्री 1008 नमिनाथ विधान के बाद भगवान नमिनाथ की शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और भजनों के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय कर दिया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भजनों पर झूमते और नृत्य करते हुए शामिल हुए। बुजुर्ग श्रद्धालुओं में भी उत्साह नजर आया। गांव में भ्रमण के बाद शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंची। यहां भगवान नमिनाथ का महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके बाद प्रथम कलश, चार कलश और शांतिधारा के लिए बोली लगाई गई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान की आरती हुई। समाज के लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में दिल्ली के कमिश्नर राजीव जैन मुख्य अतिथि रहे। संतोष जैन चाचा ने अध्यक्षता की। डॉ. राधेश्याम शर्मा और उत्तमचंद जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मेला संयोजक संतोष जैन के साथ मनोज जैन, धर्मेंद्र जैन, चक्रेश जैन, अनिल जैन, अशोक जैन और विजय जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। जनवरी में होगा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव पावई जैन मंदिर के जीर्णोद्धार का काम लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर में भगवान की प्रतिमाएं विराजमान होने के बाद पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सत्संग सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव आयोजित किया जाएगा। पार्षद मनोज जैन ने बताया कि पांच दिवसीय आयोजन 31 जनवरी से 4 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। देखें तस्वीरें…
मेरठ में स्टांप घोटाले के आरोपी अक्षय गुप्ता की 10.05 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में यह कार्रवाई की। जब्त संपत्तियों में गंगानगर और डुंगरावली गांव में बनी कोठी शामिल है। अक्षय गुप्ता पर फर्जी स्टांप पर 997 बैनामे कराने और सरकार को 7.50 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है। उसकी कोठी में विदेशी इंटीरियर डिजाइन और इटालियन पत्थर लगे हैं। फर्जी स्टाम्प घोटाले से सरकार के राजस्व के नुकसान के साथ लोगों को भी समस्या झेलनी पड़ी थी। अक्षय दिसंबर में छह मुकदमों में फर्जी जमानत पर बाहर आया था, पर उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमानत कराई थी। हालांकि इस मामले में भी पुलिस अपनी जांच कर रही है। उसने यह दस्तावेज किसकी मदद से तैयार किए थे। जांच में पता चला कि उसने फर्जी मोहरें बनाकर दारोगा चंद्रपाल, हरपाल और रंजीत के हस्ताक्षर किए थे। ये दारोगा उन थानों में तैनात नहीं थे। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई।
प्रश्नकाल के दौरान अनुपूरक प्रश्न के बजाय बिजली बिल वितरण पर सलाह देने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा विधायक देवयानी राणा को विधानसभा की कार्यवाही समझने की नसीहत दी।
बालोद जिले के डौंडी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रों के नशा करने और मारपीट से जुड़ी तस्वीरें सामने आने का मामला अब छात्र की मौत की जांच से जुड़ गया है। हॉस्टल में सितंबर में कक्षा 10वीं के एक छात्र की फंदे से लटकी लाश मिली थी। अब परिजनों ने आरोप लगाया है कि छात्र रैगिंग और मारपीट से परेशान था और इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया। इन आरोपों और हॉस्टल की व्यवस्थाओं के विरोध में पूर्व मंत्री एवं डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, मृतक छात्र के परिजन और सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना दिया। दो घंटे चला प्रदर्शन करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के बाद कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा की। कलेक्टर ने हॉस्टल वार्डन को तत्काल हटाकर अटैच करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। 9 सितंबर की मारपीट CCTV में कैद होने का दावा मृतक छात्र के पिता कामता प्रसाद रावटे और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना से कुछ दिन पहले छात्र के साथ हॉस्टल के सीनियर छात्रों ने मारपीट की थी। परिजनों का दावा है कि 9 सितंबर की घटना CCTV कैमरे में कैद है। उनका आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद हॉस्टल प्रबंधन ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में रैगिंग, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने घटना से पहले और घटना वाले दिन की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने, मृतक के सहपाठियों, सीनियर छात्रों, चौकीदार, शिक्षकों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करने तथा प्राचार्य, वार्डन, PTI और हाउस मास्टर की भूमिका की जांच की मांग भी की है। PT के बाद कमरे में मिला था शव परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह छात्र रोज की तरह PT के लिए गए थे। PT के बाद जब छात्र कमरे में लौटे तो कक्षा 10वीं के छात्र का शव फंदे से लटका मिला। साथी छात्रों ने शिक्षकों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। डौंडी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अब परिजनों की ओर से रैगिंग, मारपीट और हॉस्टल की व्यवस्था से जुड़े नए बिंदु सामने रखे गए हैं, जिन्हें जांच में शामिल करने की बात कही गई है। सीनियर छात्रों पर मोबाइल इस्तेमाल करने का आरोप मृतक छात्र के जीजा संजय कुमार ने आरोप लगाया कि छात्र का मोबाइल फोन दो सीनियर छात्र इस्तेमाल करते थे। उन्होंने हॉस्टल में दो गुट सक्रिय होने और जूनियर छात्रों से मारपीट व रैगिंग किए जाने का दावा किया। उनका आरोप है कि बड़े छात्रों द्वारा नए और जूनियर छात्रों से कपड़े और बर्तन धुलवाए जाते थे, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से इस पर कार्रवाई नहीं की गई। हॉस्टल में नशे की तस्वीरों को लेकर भी सवाल प्रदर्शन के दौरान हॉस्टल में छात्रों के गांजा, बीड़ी और हुक्का इस्तेमाल करने की तस्वीरें सामने आने का मुद्दा भी उठाया गया। इन तस्वीरों के संबंध में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने कहा कि तस्वीरों में कुछ गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, लेकिन उनकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। विधायक ने व्यवस्था पर उठाए सवाल गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने हॉस्टल की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एकलव्य विद्यालय के हॉस्टल में बीड़ी-सिगरेट और तंबाकू पहुंच रहा है और बच्चे इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने हॉस्टल की खिड़कियों, दरवाजों और शौचालयों की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाया। निषाद ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। अनिला भेड़िया बोलीं- जवाबदेही तय हो पूर्व मंत्री एवं डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया ने आदिवासी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन एकलव्य विद्यालय को केंद्र सरकार की संस्था बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां सामने आ रही हैं तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर ने वार्डन हटाकर अटैच करने का दिया आश्वासन कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से चर्चा की। उन्होंने हॉस्टल वार्डन को तत्काल वहां से हटाकर अटैच करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने कहा कि छात्र की मौत से जुड़े सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच होगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर दिव्या उमेश मिश्रा को वर्तमान बालोद कलेक्टर बताया गया है। रैगिंग और नशे से जुड़े आरोपों की भी जांच पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्र की मौत के मामले में जांच पहले से चल रही है। परिजनों की ओर से सामने रखे गए नए आरोपों और आशंकाओं को भी जांच में शामिल किया जाएगा। रैगिंग के आरोप तथा हॉस्टल में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़ी तस्वीरों की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्राचार्य और कर्मचारियों को नोटिस आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त विजय कंवर ने बताया कि घटना के संबंध में प्राचार्य, अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। जवाब प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया सामने आई कमियों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। नशीले पदार्थों से जुड़ी तस्वीरों की अलग से जांच कराने की बात भी उन्होंने कही। जांच में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे मामले में अब पुलिस और प्रशासन के सामने यह जांचना है कि क्या हॉस्टल में रैगिंग या मारपीट की घटनाएं हुई थीं, CCTV में दर्ज गतिविधियों की वास्तविकता क्या है, नशीले पदार्थों से जुड़ी तस्वीरें कब और कैसे बनीं तथा छात्र की मौत से इन घटनाओं का कोई संबंध है या नहीं। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गोरखपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेण्ट ऐण्ड्रयूज कॉलेज में मंगलवार को भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कॉलेज के असेंबली हॉल में आयोजित इस कैंप में एनसीसी, एनएसएस और संत कबीर लॉज 347 का सहयोग रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने इसमें भाग लेकर स्वास्थ्य जांच कराई। शिविर में सिटी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वत्सल भूषण गुप्ता ने लोगों की जांच कर जरूरी परामर्श दिया। वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पूर्व दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार श्रीवास्तव ने दांतों की जांच कर सही देखभाल के बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. आर.एन. सैमुअल ने कहा कि “स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।” उन्होंने सभी से समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर प्रो. यूएन त्रिपाठी ने मैसानिक लॉज की जानकारी साझा की। वरशिपफुल मास्टर रोहित कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि श्रीभूषण पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. जे.के. पांडेय ने किया। प्रो. अमित मसीह और डॉ. रोहित श्रीवास्तव ने आयोजन में अहम भूमिका निभाई, जबकि प्रो. (श्रीमती) शिबा हिमानी शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। 250 से ज्यादा लोगों को मिला लाभ स्वास्थ्य शिविर में 250 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिजनों का परीक्षण किया गया। इस दौरान कॉलेज के कई शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स और रोवर्स-रेंजर्स मौजूद रहे। यह स्वास्थ्य शिविर न केवल जांच तक सीमित रहा, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करने का भी माध्यम बना। आयोजन ने समाज के प्रति सेवा और जिम्मेदारी का संदेश दिया।
मुजफ्फरनगर में श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग और लखनऊ की क्वायर ई-टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के बीच उद्योग-संस्थान साझेदारी के तहत एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर परामर्श, परियोजना मार्गदर्शन और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। एमओयू पर संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) ए.के. वशिष्ठ और क्वायर ई-टेक्नोलॉजीज की सीईओ यशी अस्थाना ने हस्ताक्षर किए। कंपनी के मैनेजर अक्षत पाठक और ऑपरेशन मैनेजर संभव वर्मा ने बताया कि एमओयू के तहत विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल विजिट, जॉब ट्रेनिंग, औद्योगिक कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और गेस्ट लेक्चर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इस अवसर पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की कंप्यूटर लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजीज आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई। इसका उद्घाटन सीईओ यशी अस्थाना ने किया। सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई आधारित शोध और तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर कॉलेज परिसर में ही मिलेगा। संस्थान के चेयरमैन डॉ. एस.सी. कुलश्रेष्ठ ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण और व्यावहारिक ज्ञान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होगा। विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि एमओयू से विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस दौरान इंजीनियर नितिशा त्यागी, रुचि राय, अपेक्षा नायक, शिखा राठी, नितीश गोयल, मुस्कान परवीन, शिवि चौधरी, तनु वर्मा, कुणाल ठाकुर और अंकुर वर्मा सहित शिक्षकगण मौजूद रहे।
आगर मालवा के सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव में मंगलवार को 75.96% मतदान हुआ। कुल 13,843 मतदाताओं में से 10,515 ने वोट डाले। मतदान के दौरान वार्ड 7 में EVM के सीरियल नंबर को लेकर विवाद हुआ, जिसके चलते करीब 15 मिनट मतदान रुका। अधिकारियों के मुताबिक मामला रेंडमाइजेशन प्रक्रिया से जुड़ा था, जिसके बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया। भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी और कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु प्रसाद पाटीदार के बीच मुकाबले के दौरान फर्जी मतदान की कोशिश और मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर भी विवाद हुए। मतदान में 5,500 पुरुष और 5,015 महिलाओं ने वोट डाले। EVM के सीरियल नंबर पर आपत्ति वार्ड 7 के मतदान केंद्र पर EVM के सीरियल नंबर को लेकर विवाद हुआ। कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार ‘बापू’ ने मशीन बदले जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद करीब 15 मिनट मतदान रुका। अधिकारियों ने बताया कि रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के कारण मशीन का सीरियल नंबर अलग था। स्थिति स्पष्ट होने के बाद मतदान फिर शुरू हुआ। फर्जी मतदान की कोशिश पर युवक थाने पहुंचा पांच पुलिया मतदान केंद्र पर एक युवक के फर्जी मतदान की कोशिश का मामला सामने आया। पुलिस युवक को थाने ले गई। भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी ने कांग्रेस पर फर्जी मतदान के आरोप लगाए। इन आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ। प्रवेश को लेकर भी हुई बहस मतदान के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर और पुलिस अधिकारी के बीच मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर बहस हुई। वार्ड 1 में सबसे ज्यादा मतदान सुसनेर के वार्ड 1 में 86.05% मतदान हुआ, जबकि वार्ड 14 में 63.68% वोटिंग दर्ज की गई। कुल 10,515 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 3 अक्टूबर को होगी मतगणना नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव की मतगणना 3 अक्टूबर को होगी। इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा।
सतना के कोठी वार्ड-2 निवासी 16 वर्षीय आशीष कुमार कोल की पढ़ाई दो आधार कार्ड के कारण अटक गई है। उसके नाम पर बने दोनों आधार कार्ड रद्द हो चुके हैं। इससे 10वीं में उसका दाखिला नहीं हो पा रहा है। आशीष 10वीं कक्षा में प्रवेश लेना चाहता है, लेकिन आधार की जानकारी स्पष्ट नहीं होने से स्कूल की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। शिक्षक संजय सिंह ने बताया कि 9वीं में दाखिला देते समय आशीष को आधार से जुड़ी समस्या ठीक कराने के लिए एक साल का समय दिया गया था। आधार नहीं होने से APAAR ID भी नहीं बन रही आशीष के पास वैध आधार कार्ड नहीं होने से उसकी APAAR ID नहीं बन पा रही है। स्कूल में दाखिले के लिए यह जरूरी बताई गई है। पिता मनोज कोल ने समस्या दूर कराने के लिए स्थानीय स्तर से लेकर दिल्ली तक अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो सका है। परिवार का कहना है कि कागजी गलती का खामियाजा बच्चे को पढ़ाई रोककर भुगतना पड़ रहा है। परिजनों ने प्रशासन से आशीष के आधार रिकॉर्ड की जांच कर जल्द समस्या दूर कराने की मांग की है। SDM ने जल्द समाधान का भरोसा दिया मामला सामने आने के बाद रघुराजनगर SDM एलआर जांगड़े और कोठी तहसीलदार प्रज्ञा दुबे ने संबंधित अधिकारियों से बात की है। उन्होंने जल्द समस्या का निराकरण कराने का भरोसा दिया है। अब परिवार को उम्मीद है कि अधिकारियों के हस्तक्षेप से आशीष की आधार संबंधी समस्या दूर होगी और उसका स्कूल में दाखिला हो सकेगा।
जालौन के उरई में श्री आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंगलवार को मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा छह से परास्नातक स्तर तक यूपी बोर्ड, सीबीएसई, संस्कृत बोर्ड और विभिन्न विश्वविद्यालयों के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने संस्कृत गीत, सामान्य ज्ञान और श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी और विशिष्ट अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. बलभद्र त्रिपाठी रहे। विधायक ने कहा कि जालौन, झांसी और ललितपुर से आए विद्यार्थियों को एक मंच पर देखकर अच्छा लगा। विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम कर अपने क्षेत्र में दक्षता हासिल करनी चाहिए। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि साहित्य, संगीत और कला के बिना व्यक्ति की पहचान अधूरी रहती है। मंडल संयोजक डॉ. सर्वेश शांडिल्य ने प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए। संस्कृत गीत में झांसी की जागृति थापक प्रथम, कालपी के मयंक द्वितीय और सैदनगर की वैष्णवी तृतीय रहीं। बाल वर्ग सामान्य ज्ञान में उरई के दिव्यांशु प्रथम, अनंत चौहान द्वितीय और लीना तृतीय रहीं। श्लोकान्त्याक्षरी में सक्षम प्रथम, वंशगोपाल द्वितीय और अक्षय शुक्ला तृतीय रहे। युवा वर्ग सामान्य ज्ञान में गांधी कॉलेज की कृतिका गोस्वामी प्रथम, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की मान्या सिंह द्वितीय और आयुष तृतीय रहे। प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। निर्णायक मंडल में डॉ. शालिग्राम शास्त्री, डॉ. मोनू मिश्र सहित अन्य विद्वान शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. पूर्णेन्द्र मिश्र ने सभी अतिथियों, निर्णायकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर हादसे में मजदूर की मौत हो गई। विजय गुप्ता के मकान में पोताई का काम करते समय टाइल्स पर रखी सीढ़ी अचानक फिसलने से 63 वर्षीय मजदूर जगन्नाथ साकेत नीचे गिर पड़े। यह हादसा दोपहर करीब 3:00 बजे हुआ। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। नाक और मुंह में आई थीं गंभीर चोटें डिहिया निवासी जगन्नाथ साकेत पोताई के काम के सिलसिले में नईगढ़ी गए थे। सीढ़ी फिसलने से हुए इस हादसे में उनके नाक और मुंह पर गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तत्काल नईगढ़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मृतक के बेटे कमला प्रसाद साकेत ने पुलिस को दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच नईगढ़ी थाना प्रभारी अनिल काकडे ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार शाम को शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद पार्थिव देह परिजन को सौंप दी गई है। पुलिस घटना के कारणों और परिस्थितियों की नियमानुसार जांच कर रही है।
कानपुर के घाटमपुर थाने में तैनात एसएसआई मोहम्मद जमाल अहमद का उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यकाल पूरा होने पर मंगलवार को विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी। साथी पुलिसकर्मियों ने उपहार देकर उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना की। समारोह में घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव और इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने एसएसआई जमाल अहमद को पटका पहनाकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने कहा कि जमाल अहमद ड्यूटी के प्रति गंभीर रहे और उन्होंने जिम्मेदारियों का ईमानदारी व तत्परता से निर्वहन किया। इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने कहा कि जमाल अहमद कागजी कार्यों में दक्ष रहे। पुलिस विभाग में लंबे समय तक सेवा के दौरान उनका व्यवहार साथी कर्मचारियों के साथ सहयोगात्मक रहा और उन्होंने विभागीय जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। इस दौरान थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल के अनुभव साझा किए। सभी ने उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ समय बिताने और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं। समारोह के अंत में पुलिसकर्मियों ने फूल-माला और उपहार देकर उन्हें विदाई दी।
बागपत के खेकड़ा स्थित महामना मालवीय इंटर कॉलेज प्रबंधन ने बिजली बिल से जुड़े मामले में जिलाधिकारी से अनुरोध किया है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, कोविड-19 के दौरान कॉलेज परिसर में पुलिस फोर्स का कैंप लगा था। इस अवधि में करीब दो साल तक हीटर, सबमर्सिबल और अन्य बिजली उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कॉलेज के बिजली बिल में बढ़ोतरी हुई। वहीं पिछले दो साल से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत कॉलेज में नए कमरों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में सबमर्सिबल, बड़ी लाइट और कटर समेत अन्य बिजली उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने रखी मांग कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि संस्था सहायता प्राप्त है और छात्रों से न्यूनतम फीस ली जाती है। ऐसे में बिजली बिल का अतिरिक्त भार उठाना मुश्किल है। प्रबंधन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि संबंधित अवधि में दूसरे विभागों द्वारा इस्तेमाल की गई बिजली का भुगतान संबंधित विभागों से कराया जाए या कॉलेज के बकाया बिल को माफ करने पर विचार किया जाए। डीएम से कार्रवाई का अनुरोध कॉलेज प्रबंधन ने पूरे मामले को जिलाधिकारी के सामने रखते हुए बिजली बिल से संबंधित उचित निर्णय लेने का अनुरोध किया है। प्रबंधन के अनुसार, इससे कॉलेज पर पड़ रहे अतिरिक्त वित्तीय भार को कम किया जा सकेगा।
खंडवा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में 65 वर्षीय प्रकाशचंद राजाणी ने अपनी शिकायत का निराकरण नहीं होने पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता से जवाब मांगा। बातचीत के दौरान वह नाराज होकर हंगामा करने लगा। इसके बाद कलेक्टर ने सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर उसे बाहर ले जाने के निर्देश दिए। सुरक्षाकर्मी उसे जनसुनवाई कक्ष से बाहर ले गए। आनंदनगर निवासी प्रकाशचंद राजाणी का कहना है कि वह करीब 10 साल से अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में जा रहा है। करीब दो महीने पहले भी उसने आवेदन दिया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। मंगलवार को उसने कलेक्टर से मामले में कार्रवाई की स्थिति जाननी चाही। बताया गया कि कलेक्टर ने उसका प्रकरण पुलिस अधीक्षक को भेजने की बात कही। इसी दौरान बुजुर्ग नाराज हो गया और हंगामा करने लगा। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर कर दिया। 10 साल से दुकान को लेकर विवाद प्रकाशचंद राजाणी के आवेदन के अनुसार, टाउनहॉल क्षेत्र में उसकी करीब 1012 फीट की दुकान थी। उसके मुताबिक, पारिवारिक विवाद के चलते नगर निगम ने करीब 10 साल पहले दुकान सील कर दी थी। राजाणी का आरोप है कि इसके बाद पड़ोस में रहने वाले मुकेश और नीतिश राजाणी ने दुकान तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया। इसी मामले को लेकर वह लंबे समय से प्रशासन और जनसुनवाई में आवेदन दे रहा है। 14 जुलाई को भी किया था विरोध प्रकाशचंद राजाणी ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को भी वह कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचा था। शिकायत का समाधान नहीं होने से नाराज होकर उसने शर्ट उतार दी थी और अर्धनग्न होकर विरोध जताया था। उस समय भी उसने दुकान और कथित कब्जे से जुड़ी शिकायत अधिकारियों के सामने रखी थी। कलेक्टर ने शिकायत को गलत बताया मंगलवार की जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बुजुर्ग की शिकायत को सही नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान हंगामा करने पर बुजुर्ग को सुरक्षाकर्मियों के जरिए बाहर कराया गया।
अयोध्या के तारुन में प्रसव के बाद 26 वर्षीय महिला की मौत के मामले में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने पब्लिक हॉस्पिटल को सील कर दिया। पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर अनूप कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान तारुन पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। गुरौली ग्राम पंचायत के मजरा सराय सागर निवासी विश्वास यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी अनुराधा यादव को 21 सितंबर को प्रसव के लिए पब्लिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। तहरीर के मुताबिक, डॉक्टर अनूप कुमार सिंह की देखरेख में ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। शव लेकर अस्पताल पहुंचे, बाहर रखकर किया विरोध इसके बाद अनुराधा की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें पहले दर्शननगर मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ लेकर गए। कई अस्पतालों में इलाज के बाद उन्हें चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 27 सितंबर की रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर की योग्यता और अनुभव पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने इलाज में करीब 12 लाख रुपए खर्च होने की बात कही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद अस्पताल किया सील सोमवार को अनुराधा के परिजन शव को मैजिक वाहन से पब्लिक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल के बाहर शव रखकर विरोध किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अनुराधा की हालत बिगड़ी तो उन्हें खून और प्लेटलेट्स की कमी बताई गई। पति को इसकी व्यवस्था के लिए दर्शननगर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इसी दौरान मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इन आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। सोमवार रात सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया के आदेश पर अस्पताल में ताला लगाया गया था। मंगलवार दोपहर डिप्टी सीएमओ दीपक पांडेय और एसीएमओ आशुतोष पांडेय अस्पताल पहुंचे। टीम ने रिकॉर्ड और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। डॉक्टर पर FIR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का कारण अनुराधा की ढाई साल की बेटी मानवी है। प्रसव के दौरान उन्होंने एक और बेटी को जन्म दिया था। तारुन थाना प्रभारी लालचंद सरोज ने बताया कि डॉक्टर अनूप कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के आधार पर मौत की वजह और इलाज में लापरवाही से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
बंगाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने गई आदिवासी किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, 3 गिरफ्तार
पश्चिम मेदिनीपुर के गड़बेता में 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है, जिसमें तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। उन्हें मेदिनीपुर पोक्सो अदालत ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
जालौन के उरई में राजकीय पेंशनर्स की 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया गया। ऑल इंडिया राज्य पेंशनर्स फेडरेशन और संगठन के आह्वान पर आयोजित धरना सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चला। धरना सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरगोविंद दयाल श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन जिला प्रवक्ता योगगुरु डॉ. राम प्रकाश द्विवेदी ने किया। धरना समाप्त होने के बाद संगठन पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। वक्ताओं ने पुराने पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाकर पेंशन पुनरीक्षण करने की मांग की। इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) बहाल करने, कोरोना काल के 18 माह के लंबित डीए/डीआर एरियर का भुगतान करने और वरिष्ठ नागरिकों को रेल व बस किराये में 50 प्रतिशत छूट देने की मांग उठाई गई। पेंशनर्स ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने और महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन या पेंशन में मर्ज करने की मांग भी रखी। वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी की गई। जिलाध्यक्ष हरगोविंद दयाल श्रीवास्तव ने कहा कि पेंशन पुनरीक्षण की मांग को आठवें वेतन आयोग के समक्ष भेजने के संबंध में सरकार को जल्द आदेश जारी करना चाहिए। इस दौरान संरक्षक लखन लाल अहिरवार, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अंगद सिंह राजावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानसिंह राजपूत, जिला मंत्री रामेश्वर दयाल कुशवाहा, कोषाध्यक्ष मंगल सिंह निरंजन, संगठन मंत्री राजेश कुलश्रेष्ठ, उपाध्यक्ष रमेश कुमार सक्सेना समेत संगठन पदाधिकारी और विभिन्न तहसील इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। धरना सभा में बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए।
कानपुर देहात के सिकंदरा कस्बे में मंगलवार शाम करीब 7 बजे ट्राला चालक के साथ मारपीट कर 93 हजार रुपये की रोकड़ ले जाने का मामला सामने आया है। चालक का आरोप है कि राजपुर रोड स्थित प्रिन्सी ट्रेडर्स के सामने करीब आधा दर्जन बाइक सवार लोगों ने ट्राला रुकवाया और उसके साथ मारपीट करने के बाद वाहन में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, थाना प्रभारी ने प्रथम दृष्टया घटना को संदिग्ध बताया है। दरअसल, सिकंदरा कस्बे के पटेल चौक से निकलने के बाद ट्राला चालक सौरभ यादव राजपुर रोड स्थित प्रिन्सी ट्रेडर्स के सामने पहुंचा था। सौरभ के मुताबिक, इसी दौरान करीब आधा दर्जन मोटरसाइकिल सवार लोगों ने उसे गाली-गलौज करते हुए ट्राला रोकने के लिए कहा। आरोप है कि ट्राला रुकते ही बाइक सवार लोग चालक की खिड़की के पास पहुंचे और उसके साथ मारपीट करने लगे। चालक का कहना है कि इसी दौरान आरोपित बाइक सवार ट्राला में रखी नकदी लेकर मौके से फरार हो गए। सौरभ यादव के मुताबिक, वह छिबरामऊ से मौरंग बेचकर वापस लौट रहा था। मौरंग बिक्री के करीब 63 हजार रुपये और पहले से रखी लगभग 30 हजार रुपये की रकम मिलाकर ट्राला में कुल 93 हजार रुपये थे। घटना की जानकारी चालक ने वाहन मालिक दीपू सिंह को दी। सूचना मिलते ही वाहन मालिक मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने चालक सौरभ यादव और परिचालक साजन के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर सिंह का कहना है कि घटना प्रथम दृष्टया संदिग्ध लग रही है। हालांकि, मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार शाम 6:30 बजे को बिरहाना रोड स्थित कार्यालय में विधायक सलिल विश्नोई ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जलकल विभाग, यातायात, पुलिस, केस्को समेत अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विधायक ने कहा कि नवरात्रि के दौरान शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है। ऐसे में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, सड़क और यातायात व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने तथा जलकल विभाग को पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, केस्को अधिकारियों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति और खराब स्ट्रीट लाइटों को समय से दुरुस्त कराने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को प्रमुख मार्गों की स्थिति बेहतर रखने तथा पुलिस और यातायात विभाग को भीड़ वाले क्षेत्रों में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। विधायक ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों से तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया। बैठक में प्रशाद अभिषेक गुप्ता, अमित गुप्ता, आदर्श गुप्ता, विकास साहू समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे भी।
लखनऊ में जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड और एबको इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के फ्लीट कार्ड का दुरुपयोग कर करीब 1.05 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी की आंतरिक जांच में सामने आया कि कर्मचारी ने पेट्रोल पंप प्रबंधकों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फ्लीट कार्ड से डीजल लिया और उसके बदले नकद रुपये हासिल किए। मामले में मुख्य वित्त अधिकारी की शिकायत पर गोमतीनगर पुलिस ने कर्मचारी, पेट्रोल पंप प्रबंधक समेत 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। गोमतीनगर विस्तार के गंगा अपार्टमेंट निवासी कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी देवी शंकर सिंह ने डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि कंपनी वर्ष 2020 से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के फ्लीट कार्ड से डीजल खरीद रही है। इसके संचालन की जिम्मेदारी रहीमनगर फैजुल्लागंज निवासी कर्मचारी फरहान अहमद खान को दी गई थी। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक संदिग्ध लेनदेन कंपनी की आंतरिक जांच में जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच जीएस एक्सप्रेस के फ्लीट कार्ड से करीब 90.34 लाख रुपये और एबको इंफ्रास्ट्रक्चर्स के कार्ड से करीब 13.20 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले। आरोप है कि फरहान ने मां सरस्वती सर्विस स्टेशन, एसएसआर फिलिंग स्टेशन, श्री फिलिंग स्टेशन और तेजस फिलिंग स्टेशन से फ्लीट कार्ड के जरिए डीजल लिया और उसके बदले नकद रुपये हासिल किए। जीएस एक्सप्रेस के फ्लीट कार्ड से 90,34,508 रुपए और एबको इंफ्रास्ट्रक्चर्स के कार्ड से 13,19,605 रुपए के लेनदेन का जिक्र शिकायत में किया गया है। जांच के दौरान फरहान ने फ्लीट कार्ड के दुरुपयोग की बात स्वीकार की। कंपनी के लेटरहेड से सीएनजी और ल्यूब्रिकेंट्स का सत्यापन शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2024 को फरहान ने कंपनी के लेटरहेड का इस्तेमाल कर सीएनजी, ल्यूब्रिकेंट्स और डीएफ के लेनदेन का सत्यापन भी कराया। जबकि कंपनी में इन वस्तुओं का इस्तेमाल ही नहीं होता था। इससे भी कंपनी को फर्जीवाड़े का शक हुआ। पत्नी को डीजल की जगह देते थे नकदी आरोप है कि पेट्रोल पंप के कर्मचारी फरहान की पत्नी को डीजल की जगह नकद रुपए देते थे। बाद में यह रकम फरहान तक पहुंचाई जाती थी। शिकायत में पंप प्रबंधक हरिशंकर पांडेय, आईओसीएल के फील्ड अधिकारी विपुल प्रसाद, कर्मचारी अंकुल कौशल, सुनील सिंह और चार अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। कंपनी का आरोप है कि फर्जीवाड़े से मिली रकम से फरहान ने फैजुल्लागंज में करीब 500 वर्गफीट और पैकरामऊ में 1,400 वर्गफीट के दो आवासीय भवन, हुंडई कार, महिंद्रा थार और यामाहा बाइक खरीदी। इसके अलावा इंडसइंड बैंक की बर्लिंग्टन शाखा में चार लाख रुपये की एफडी कराए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। कंपनी के मुताबिक, ठगी की रकम से जुड़े लेनदेन आईआईएम रोड स्थित सरस्वती फिलिंग स्टेशन में भी किए गए। गोमतीनगर पुलिस ने फरहान अहमद खान, उसकी पत्नी, हरिशंकर पांडेय, विपुल प्रसाद, अंकुल कौशल, सुनील सिंह समेत चार अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बड़े बदलावों पर लगी मुहर, उमर सरकार ने पास कराए 5 अहम बिल
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में पांच महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए हैं। इन विधेयकों से नगर निकायों, व्यापार सुगमता, कर व्यवस्था, पूर्व विधायकों की पेंशन और अपराधों के विमुद्रीकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव आएंगे।
गोरखपुर के शिवपुर सहबाजगंज स्थित एक स्कूल में आयोजित नुक्कड़ नाटक ‘विरासत भी, विकास भी, स्वच्छता की नई कहानी’ सिर्फ एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाला अभियान बनकर सामने आया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी के सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत आयोजित इस नाटक में वंटांगिया कलाकारों ने अपनी सशक्त अभिनय क्षमता से स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश लोगों के दिलों तक पहुंचाया। स्वच्छता को जीवनशैली बनाने का संदेश नाटक की निर्देशक सुगम सिंह शेखावत ने स्वच्छता को केवल सफाई तक सीमित न रखते हुए उसे सोच, व्यवहार और संस्कृति से जोड़कर पेश किया। नाटक के संवाद और दृश्यों के माध्यम से यह दिखाया गया कि समाज में बदलाव किसी बड़े अभियान से नहीं, बल्कि आम लोगों की छोटी-छोटी आदतों से आता है। पानी की बचत, पेड़ लगाना और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखना- इन्हीं छोटे कदमों से एक स्वच्छ और विकसित भारत की नींव रखी जा सकती है। बच्चों ने लिया स्वच्छता का संकल्प इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा प्रभाव स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। बच्चों ने नाटक के हर दृश्य को गंभीरता से देखा और उससे प्रेरित होकर स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने भी माना कि इस तरह के कार्यक्रम किताबों से अलग, व्यवहारिक सीख देने का सबसे असरदार माध्यम हैं, जिससे बच्चों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित होती है। जनभागीदारी से मजबूत हुआ संदेश नाटक देखने के लिए स्थानीय लोग, अभिभावक और मीडिया कर्मी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने वंटांगिया कलाकारों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की। स्कूल की प्रिंसिपल रेखा मैम ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं और बच्चों के सर्वांगीण विकास में भी मददगार साबित होते हैं।
बरेली के सिविल लाइंस स्थित नौमहला मस्जिद शरीफ परिसर में दरगाह नासिर मियां (रह.) पर हजरत ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी (रह.) का उर्स-ए-चेहल्लुम अकीदत और एहतिराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुरीदीन और अकीदतमंदों ने शिरकत कर बारगाह में खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम की शुरुआत नमाज-ए-फज्र के बाद कुरआन ख्वानी से हुई। इसके बाद असर की नमाज के बाद दरगाह के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा सलमान अहमद नासरी चिश्ती की सरपरस्ती में महफिल आयोजित की गई। उलमा-ए-किराम ने हजरत ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी (रह.) की शख्सियत, दीनी खिदमात और रूहानियत पर प्रकाश डाला। इस दौरान उर्स-ए-चेहल्लुम की नजर पेश की गई। मगरिब की नमाज के बाद आम लंगर-ए-दस्तरख्वान का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर ग्रहण किया। बाद नमाज-ए-इशा महफिल-ए-समां हुई। इसमें कव्वालों और फनकारों ने ख्वाजा सुल्तान मियां की शान में मनकबत और सूफियाना कलाम पेश किए। महफिल में रंग शरीफ भी पेश किया गया। इस दौरान दरगाह वामिक मियां के सज्जादानशीन हजरत असलम मियां वामिकी ने दरगाह नासरी के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा सलमान मियां नासरी चिश्ती की दस्तारबंदी की रस्म अदा की। कार्यक्रम में हजरत ख्वाजा सुफियान अहमद नासिरी कुतुबी चिश्ती फरीदी, ख्वाजा शायान हसन चिश्ती, वसीम सुल्तानी, सैयद हयात मियां अबुल उलाई, ख्वाजा रिफाकत अली फरीदी, ख्वाजा अफनान अहमद नासरी और शहबाज जमाली समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। अंत में मुल्क में अमन-ओ-अमान और तरक्की के लिए दुआ की गई।
पंचकूला के मदनपुर में फरवरी 2022 में हुई मैकेनिक सिया राम (41) की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने मृतक की पत्नी अनीता देवी (38) और उसके प्रेमी संजय कुमार गुप्ता (32) को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत 50-50 हजार रुपये और धारा 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत 2-2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने 25 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था अवैध संबंधों में रोड़ा बना बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी सिया राम पेशे से मैकेनिक था और मदनपुर में किराये के मकान में रहता था। वहीं पड़ोस में यूपी के गोरखपुर का रहने वाला संजय रहता था। इस दौरान अनीता और संजय के बीच अवैध संबंध बन गए। फरवरी 2022 में जब सिया राम को इस रिश्ते की भनक लगी तो घर में कहासुनी हुई। इसके बाद अनीता और संजय ने मिलकर खौफनाक साजिश रची। दोनों ने छेनी से सिया राम के सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए और फिर स्कार्फ से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को कंबल में लपेटकर आशियाना ब्लॉक के पास नाले में फेंक दिया। 3 सबूत, जिनसे कसता गया शिकंजा
जबलपुर की गुजरात कॉलोनी के वार्ड 14 के निवासियों ने नगर निगम में शिकायत की है। उनका आरोप है कि एक व्यवसायी ने आवासीय मकान में अवैध रूप से कपड़ों का गोदाम और किराएदारों का संचालन कर रहा है। यह परिवार सड़क पर व्यावसायिक और निजी गाड़ियां खड़ी कर देता है। इससे कॉलोनी के लोगों को परेशानी होती है। निवासियों ने बताया कि कॉलोनी में कई बुजुर्ग और दिल के मरीज रहते हैं। उन्हें आपातकालीन स्थिति में अस्पताल ले जाने में दिक्कत आती है। रहवासी अमित सिंह ठाकुर ने बताया कि हाल ही में मां को माइनर अटैक आया था। उन्हें तेजी से अस्पताल ले जाना था लेकिन इसके लिए भी पड़ोसी ने रोड पर खड़ी गाड़ी नहीं हटाई। बमुश्किल जैसे-तैसे हम मां को लेकर अस्पताल पहुंचे। थाने और एसपी से भी कर चुके शिकायत पहले मदन महल थाने और एसपी कार्यालय में शिकायत की गई थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब परेशान निवासियों ने नगर निगम की जनसुनवाई में गुहार लगाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।
टीकमगढ़ के बल्देवगढ़ में चल रहे पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव में मंगलवार रात शबरी प्रसंग, श्रीराम-सुग्रीव मैत्री, बालि वध और लंका दहन का मंचन हुआ। ऐतिहासिक किला परिसर स्थित प्राचीन बलदाऊ जी मंदिर परिसर में शाम 7.30 बजे शुरू हुई रामलीला देखने बड़ी संख्या में स्थानीय दर्शक पहुंचे। मध्य प्रदेश संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित महोत्सव में गुरुकुल संस्थान चित्रकूट के कलाकारों ने प्रसंगों का मंचन किया। सीता की खोज के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण शबरी की कुटिया पहुंचे। शबरी ने प्रेम से राम को बेर खिलाए। राम ने उन्हें आदर से स्वीकार किया और नवधा भक्ति का उपदेश दिया। शबरी के कहने पर सुग्रीव से मिले राम शबरी के बताए अनुसार श्रीराम और लक्ष्मण ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात सुग्रीव से हुई। सुग्रीव के भाई बालि ने उसका राज्य छीन लिया था। हनुमान जी ने राम और सुग्रीव की मित्रता कराई। दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर मित्रता की प्रतिज्ञा ली। राम ने किया बालि वध, सुग्रीव बने राजा श्रीराम ने बालि का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया। सुग्रीव ने सीता की खोज के लिए अपनी वानर सेना लगाने का वचन दिया। इसके बाद वानर सेना ने सीता का पता लगाया। हनुमान ने लंका में सीता को दी मुद्रिका हनुमान जी समुद्र लांघकर लंका पहुंचे और अशोक वाटिका में सीता से मिले। उन्होंने सीता को श्रीराम की मुद्रिका दी। इसके बाद लंका में उत्पात मचाने पर मेघनाद ने ब्रह्मास्त्र से हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में पेश किया। पूंछ में आग लगाई, हनुमान ने जलाई लंका रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई गई। हनुमान जी ने उसी जलती पूंछ से लंका में आग लगा दी। इसके बाद समुद्र में पूंछ बुझाकर श्रीराम के पास लौट आए। 30 सितंबर को रावण वध के साथ समापन एसडीएम निशांत भूरिया ने बताया कि 30 सितंबर को लंका युद्ध, रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक की लीला का मंचन होगा। इसके साथ पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव का समापन होगा। समारोह में एसडीएम निशांत भूरिया, तहसीलदार प्राची जैन, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी विश्व, दीपक मिश्रा और संजय जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मैहर की सीमा से निकलकर एक नर हाथी बाणसागर डैम के बैकवाटर और सोन नदी को पार करते हुए शहडोल के पपौंध क्षेत्र में पहुंच गया। पानी के रास्ते करीब 5 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद हाथी गांवों से होकर आगे बढ़ा। मंगलवार दोपहर वह रेलवे लाइन पार कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की दिशा में सुरक्षित चला गया। वन विभाग की टीमें लगातार उसकी लोकेशन पर नजर बनाए हुए थीं। वन विभाग के अनुसार हाथी अपने पुराने मूवमेंट रूट से बाणसागर के बैकवाटर तक पहुंचा। स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह से हाथी ने सोन नदी पार की, वहां पानी की गहराई लगभग 30 फीट थी। हाथी के पानी में तैरकर नदी पार करने का वीडियो भी सामने आया है। रेडियो कॉलर लगे होने से होती रही सटीक ट्रैकिंग वन अधिकारियों ने बताया कि यह वही नर हाथी है, जिसे कुछ समय पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने रेस्क्यू कर रेडियो कॉलर पहनाया था। कॉलर लगा होने की वजह से उसकी गतिविधियों की सटीक लोकेशन मिलती रही। यह हाथी लगातार शहडोल, उमरिया और मैहर के जंगलों में घूम रहा है और हाल ही में इसे अमरपाटन क्षेत्र में भी देखा गया था। ग्रामीणों में दहशत का माहौल हाथी के पपौंध थाना क्षेत्र के गांवों के पास पहुंचने की खबर मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गश्त बढ़ा दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगल की ओर न जाएं और हाथी के पास भीड़ जमा करने से बचें। डीएफओ का बयान डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि हाथी बाणसागर के बैकवाटर और सोन नदी को पार कर शहडोल जिले की सीमा में दाखिल हुआ था। वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। मंगलवार दोपहर हाथी पपौंध क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पार कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ओर चला गया है, जहां विभाग अब भी उसके मूवमेंट पर नजर रखे हुए है।
गोरखपुर में ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय में मंगलवार को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर बहिरंग प्रखंड में संगोष्ठी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों को हृदय स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में चिकित्सा निदेशक डॉ. मो. ए.ए. खान, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी, मरीज और उनके परिजन मौजूद रहे।चिकित्सा निदेशक डॉ. मो. ए.ए. खान ने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, स्वस्थ दिनचर्या और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य आमजन को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।अवर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एम. नाथ ने हृदय रोगों से बचाव के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, चिकित्सकीय परामर्श और तनावमुक्त जीवनशैली के महत्व पर जानकारी दी। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. नंद किशोर प्रसाद ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा है। उन्होंने संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और अनावश्यक तनाव से बचने की सलाह दी।संगोष्ठी में मरीजों और उनके परिजनों ने हृदय स्वास्थ्य व आहार से संबंधित सवाल पूछे, जिनका वरिष्ठ चिकित्सकों ने सरल तरीके से जवाब दिया। कार्यक्रम के माध्यम से ‘स्वस्थ हृदय, स्वस्थ जीवन’ का संदेश दिया गया। अवर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक/प्रशासन डॉ. उमेश मौर्य ने आभार व्यक्त किया।
नए नाम-निशान से ममता गुट लड़ेगा निकाय चुनाव? सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी मुश्किलें
ममता गुट को आगामी नगर निकाय चुनाव नए पार्टी नाम व निशान के साथ लड़ने पड़ सकते हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और 'जोड़ा फूल' निशान विवाद पर चुनाव आयोग को तीन महीने में अंतिम फैसला लेने का आदेश दिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से करीब 3 हजार मदरसों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण पर जवाब मांगा है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की बेंच ने सरकार को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को होगी। प्रतिपाल सिंह और अन्य की याचिका में मदरसों में प्रभावी नियंत्रण और शैक्षणिक पर्यवेक्षण की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। वकील मोती सिंह ने बताया कि राजस्थान मदरसा बोर्ड अधिनियम, 2020 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रबंधन के पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं। शिक्षा के स्तर में सुधार और पारदर्शी प्रबंधन की मांग याचिका में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षा के स्तर में सुधार और पारदर्शी प्रबंधन की मांग है। इसमें RBSE-CBSE से जुड़े मदरसों की सूची बनाने और शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप चलाने जैसे सुझाव दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूल के रूप में रजिस्टर्ड संस्थाओं को मदरसा बोर्ड से मिलने वाले अनुदान और वित्तीय सहायता की समीक्षा करने, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम लागू करने तथा डाइट के माध्यम से समान परीक्षा आयोजित कराने की मांग की गई। याचिका में मदरसा विद्यार्थियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए विशेष पोर्टल विकसित करने और प्रत्येक विद्यार्थी को विशिष्ट पहचान संख्या देने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं रखने वाले संविदा या पैरा-टीचर्स के मानदेय पर रोक लगाने तथा धार्मिक शिक्षा देने वाले मौलवी, मुफ्ती आदि को सरकारी कोष से वेतन भुगतान नहीं करने की मांग रखी गई। आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षा उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया याचिकाकर्ता ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सिफारिशों के अनुरूप गैर-मुस्लिम बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसों से सामान्य विद्यालयों में आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षा उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। मानकों का पालन नहीं करने वाले मदरसा संस्थानों का पंजीकरण रद्द करने और आवंटित भूमि वापस लेने की मांग भी की गई है। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.एल. भाटी को राज्य सरकार की ओर से मदरसों के प्रभावी प्रबंधन, नियंत्रण और संचालन के लिए उठाए जा रहे और प्रस्तावित कदमों का विवरण देते हुए विस्तृत हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता के सुझावों पर भी विचार करने को कहा है।
झारखंड के जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में 24 सितंबर की सुबह आधा दर्जन बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने वहां 33 करोड़ से ज्यादा का सोना और करीब 42 लाख की नकदी चोरी किया। वारदात में बिहार के सुबोध गैंग के लोगों का नाम सामने आ रहा है। सुबोध गैंग ने ही जुलाई महीने में सीकर के तनिष्क शोरूम में भी डकैती करने के लिए फायरिंग की थी, लेकिन सायरन बजने की वजह से बदमाश वहां से फरार हो गए थे। इन आरोपियों ने सीकर में डकैती की प्लानिंग फेल होने के बाद हरियाणा में कैथल स्थित तनिष्क शोरूम पर डकैती की योजना बनाई थी। हालांकि वहां भी वारदात नहीं कर पाए थे। वहीं झारखंड में डकैती की वारदात में शामिल दो बदमाश सीकर में भी डकैती से जुडे़ थे। झारखंड पुलिस ने जब जांच के दौरान फुटेज चेक किए तो उनमें वही दो बदमाश नजर आ रहे हैं, जो सीकर में डकैती करने के लिए आए थे। ऐसे में आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए झारखंड की एक पुलिस टीम सीकर भी आई। तनिष्क शोरूम में वारदात के तीन आरोपी हो चुके गिरफ्तार बता दें कि सीकर में 26 जुलाई को सुबोध ग्रुप के बदमाश तनिष्क शोरूम में वारदात के लिए हथियार लेकर घुसे। इसी दौरान वहां मौजूद स्टाफ ने सायरन बजा दिया। ऐसे में एक बदमाश ने फायर किया और सभी बदमाश फरार हो गए। मामले में करीब 10 दिन बाद 8 अगस्त को सीकर पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य आरोपी बिट्टू उर्फ अजीत (28) और अन्य दो सहयोगी राहुल कुमार निवासी बेगूसराय और संजीव कुमार निवासी पटना को गिरफ्तार किया। पुलिस के हाथ बाकी आरोपी नहीं लग पाए। बदमाशों ने सीकर में डकैती की प्लानिंग फेल होने के बाद हरियाणा के कैथल स्थित तनिष्क शोरूम पर डकैती की योजना बनाई थी, लेकिन सीकर पुलिस जब इनके पीछे लगी रही तो बदमाशों को वह प्लान कैंसिल करना पड़ा। बदमाश फिर फरार होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मेरठ में दबोच लिया था। इन आरोपियों में शामिल बिट्टू सिंह ने पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश की थी। ऐसे में पुलिस ने उसके पैर पर फायर भी किया। सभी आरोपियों को पुलिस पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। जमशेदपुर में सीसीटीवी में दिखे बदमाश पुलिस ने अब जमशेदपुर में घटना होने के बाद जब बैंक के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उसमें दो आरोपी नजर आए। वे सीकर में तनिष्क शोरूम पर डकैती के प्रयास मामले में शामिल थे। दोनों की तस्दीक के लिए ही पुलिस सीकर आई। अब आरोपियों की तलाश के लिए झारखंड पुलिस के अलावा सीकर पुलिस की टीम भी प्रयास कर रही है। बिहार की गैंग में कई इंजीनियर-प्रोफेशनल शामिल दरअसल झारखंड में वारदात को अंजाम देने वाली गैंग बिहार का सुबोध ग्रुप है, जिसका पल्लू सिंह और शशांक वर्तमान में पूरी गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं। इस गैंग में कई इंजीनियर और प्रोफेशनल लोग शामिल हैं। जो प्लानिंग के साथ उन डकैती करते हैं, जो इंश्योर्ड हो। गैंग के लोग किसी पर हमला भी करने से बचते हैं। गैंग में वारदात को अंजाम देने से लेकर, आरोपी कहां और कैसे, किन गाड़ियों के जरिए जाएंगे, सबका मैनेजमेंट देखने वाले लोग अलग-अलग हैं। गैंग में शामिल लोगों को एक-दूसरे का वास्तविक नाम तक पता नहीं होता। आरोपी वारदात करने के लिए आते हैं तो मोबाइल में फर्जी सिम रखते हैं। वारदात होने के बाद इन्हें फेंक भी देते हैं। इस कारण गैंग के बदमाश पुलिस पकड़ में नहीं आते।
केंद्र सरकार खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। साथ ही आयातित खाद्य तेलों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से साल 2024-25 से 2030-31 तक नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-तिलहन शुरू किया गया है। मिशन के तहत तिलहन उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार और उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को बीज उपलब्ध कराएगी सरकार टोंक जिला परिषद के संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) रामलाल जाट ने बताया- टोंक जिले में प्रमुख तिलहनी फसलों सरसों, मूंगफली एवं तिल का उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक उत्पादन देने वाली और शीघ्र पकने वाली किस्मों के बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही फ्रंटलाइन एवं ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शनों के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। 500 हेक्टेयर का होगा क्लस्टर योजना का क्रियान्वयन क्लस्टर आधारित होगा। प्रत्येक क्लस्टर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा, जिसमें कम से कम 200 किसान शामिल किए जाएंगे। क्लस्टर का प्रबंधन वैल्यू चेन पार्टनर करेगा। इसमें एफपीओ, सहकारी संस्था अथवा सार्वजनिक/निजी निगम पात्र होंगे। वैल्यू चेन पार्टनर द्वारा किसानों का पंजीकरण, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, प्रशिक्षण, फार्मर्स फील्ड स्कूल एवं सलाहकार सेवाओं का संचालन किया जाएगा। प्रसंस्करण मशीनरी पर मिलेगा अधिकतम 9.90 लाख का अनुदान 10 टन क्षमता तक की तिलहन प्रसंस्करण मशीनरी एवं उपकरण पर योजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9.90 लाख रुपए, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक एफपीओ, केवीएसएस एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियां सहित अन्य पात्र संस्थाएं 5 अक्टूबर तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग के संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के भविष्य और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 28 सप्ताह 2 दिन के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी है। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में गर्भपात की प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार बुधवार, 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे यह प्रक्रिया की जाएगी। 24 सप्ताह की सीमा से अधिक होने के कारण हाईकोर्ट पहुंचा मामला बाल कल्याण समिति (CWC) विदिशा की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 वर्ष 2 महीने की नाबालिग के साथ 2026 की शुरुआत में दुष्कर्म हुआ था। घटना के बाद वह गर्भवती हो गई, लेकिन गर्भ का पता चलने में समय लग गया। जांच के दौरान गर्भ की अवधि 28 सप्ताह 2 दिन पाई गई। मामला 24 सप्ताह की वैधानिक सीमा से अधिक होने के कारण गर्भपात की अनुमति के लिए हाईकोर्ट के समक्ष आया। हाईकोर्ट के निर्देश पर 28 सितंबर को मेडिकल बोर्ड गठित कर नाबालिग की जांच कराई गई। बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता मध्यम स्तर के आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया से पीड़ित है, लेकिन गर्भपात की प्रक्रिया के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने गर्भपात की अनुमति दी। विशेषज्ञों की टीम करेगी प्रक्रिया, इमरजेंसी सुविधाएं रहेंगी कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज के डीन/अधीक्षक को स्त्री रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन और बाल रोग विशेषज्ञों की वरिष्ठ टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रक्रिया के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एनेस्थीसिया, आईसीयू और नवजात देखभाल की व्यवस्था रखने को कहा गया है। जांच के लिए डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश कोर्ट ने चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाले डीएनए सैंपल और अन्य संबंधित सामग्री को कानून के अनुसार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें जांच और ट्रायल में इस्तेमाल किया जा सके। पीड़िता की पहचान और गोपनीयता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। एसपी विदिशा और संबंधित थाना प्रभारी को उसकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा गया है। कोर्ट ने पीड़िता के भविष्य को भी माना महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर विचार किया। अदालत ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के भविष्य को नजरअंदाज नहीं किए जाने की बात कहते हुए चिकित्सकीय राय के आधार पर गर्भपात की अनुमति दी।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से संदिग्ध बांग्लादेशी गिरफ्तार, 2007 में आया था भारत
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में अवैध अप्रवासियों की पहचान के अभियान के तहत एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक मो. मोकसादूल आलम को गिरफ्तार किया गया है।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने मंगलावार केा होलागढ़ सीएचसी को मॉडल सीएचसी के रूप में विकसित करने में लापरवाही पर प्रयागराज के सीएमओ एके तिवारी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि शासन की योजनाओं और जनसुविधा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में चारों जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों और मंडलीय अधिकारियों के साथ विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई। होलागढ़ सीएचसी को मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। कौशाम्बी की सरायअकील सीएचसी में हुए बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए इमरजेंसी रूम समेत शेष कार्य जल्द पूरा कराने को कहा। घटिया काम पर नाराजगीलोक निर्माण विभाग की समीक्षा में शास्त्री ब्रिज की एप्रोच रोड और शहर की 54 सड़कों के अनुरक्षण व पैचिंग कार्यों की जानकारी ली गई। मंडलायुक्त ने 30 सितंबर से शास्त्री ब्रिज की अप्रोच रोड में सुधार और 54 सड़कों की कारपेटिंग शुरू कराने के निर्देश दिए। स्टैनली रोड पर पॉटहोल सुधार कार्य में सब-स्टैंडर्ड वर्क मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और निर्धारित मानकों के अनुसार काम कराने को कहा। सभी कार्यों के पहले और बाद के फोटो भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। होम्योपैथी भवन की खराब गुणवत्ता पर ठेकेदार पर एफआईआरप्रयागराज में आवास विकास योजना के तहत राजकीय निर्माण निगम से बन रहे होम्योपैथिक भवन में अपेक्षित गुणवत्ता नहीं मिलने पर भी मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और निर्माण कार्यों की नियमित गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए। 20 गोशालाओं की होगी जांचपशुपालन विभाग की समीक्षा में अगले एक माह में मंडल की 20 गोशालाओं का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया। निरीक्षण में जलभराव, बीमार पशु, पशु मृत्यु, मृत पशुओं के निस्तारण, रखरखाव, हरे चारे, टीकाकरण और कर्मचारियों के भुगतान की स्थिति जांची जाएगी। चारों जिलों की गोशालाओं में गोबर प्रबंधन और निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। सीवीओ को लगातार निरीक्षण कर फोटो मंडलायुक्त कार्यालय भेजने होंगे। मातृ मृत्यु पर आशाओं की तय होगी जवाबदेहीस्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रयागराज और फतेहपुर में मातृ मृत्यु की स्थिति अधिक पाए जाने पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए। सभी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। फतेहपुर में 57.6 और प्रतापगढ़ में 68.2 प्रतिशत संस्थागत प्रसव की स्थिति पर संबंधित सीएमओ से विस्तृत आंकड़े और कम प्रतिशत के कारणों की रिपोर्ट मांगी गई।
जमशेदपुर के टाटा कमिंस में 2030 तक बोनस समझौते से औद्योगिक शांति सुनिश्चित हुई है, वहीं टाटा वर्कर्स यूनियन में NS कर्मचारियों के वेतन बंचिंग लाभ को लेकर कमेटी सदस्यों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।
कोटा शहर में बिजली की लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते बुधवार सुबह से शाम तक कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली कटौती रहेगी। निजी बिजली कंपनी की ओर से यह शटडाउन लिया गया है, ताकि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव किया जा सके। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा वायरिंग, पोल और फीडर की जांच का कार्य किया जा रहा है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और सहयोग बनाए रखें। मेंटेनेंस पूरा होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इन इलाकों में की जाएगी बिजली कटौती सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक: महावीर नगर प्रथम, सेंट्रल मेडिकल एरिया, संजय सामुदायिक भवन क्षेत्र, रंगबाड़ी सेक्टर 2, विश्वकर्मा नगर स्पेशल, महावीर नगर तृतीय तलवंडी सेक्टर ए और बी और सी आंशिक, एसएफएस इलाकों की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक: केवी पब्लिक स्कूल , टोयोटा शोरूम झालावाड़ रोड इलाकों की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक: चाणक्यपुरी योजना इलाके की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक: थेकड़ा, संतोष नगर, ब्रजधाम, अक्षर धाम, अक्षर धाम स्पेशल, मोती नगर, मोती नगर विस्तार, रॉयल सनसिटी, रॉयल विस्तार, सृष्टि नगर, आशियाना नगर, सुखधाम कॉलोनी इलाकों की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक: संतोषी नगर और केशवपुरा सेक्टर-7 इलाकों की 2 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक: बॉम्बे योजना, सुभाष विहार इलाकों की 1 घंटे बिजली कटौती की जाएगी।
इंदौर के हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल को सोमवार रात डीसीपी जोन-3 अभिषेक रंजन ने निलंबित कर दिया। करीब आठ महीने पहले मारपीट के एक आरोपी को थाने से छोड़ने के मामले में पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी। जांच में टीआई के साथ दो पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, थाने के स्टाफ पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने और कुछ अन्य मामलों में सामने आई लापरवाही के आधार पर टीआई के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मारपीट के आरोपी को थाने से छोड़ने पर हुई थी शिकायत करीब आठ महीने पहले मिश्रा नाम के व्यक्ति के साथ अमनलाल ने मारपीट की थी। मामले की जांच एएसआई सुरेश भतकारे कर रहे थे। आरोपी के खिलाफ सामान्य मारपीट का केस दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, सात साल से कम सजा वाले अपराध में न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आरोपी को थाने से छोड़ा गया था। उसे सिपाही राघवेंद्र और विश्व रत्न पकड़कर थाने लाए थे। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर समेत वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद सिपाही राघवेंद्र को संयोगितागंज थाने अटैच कर दिया गया। वहीं, मामले में टीआई सुशील पटेल की भूमिका और स्टाफ पर नियंत्रण को लेकर भी जांच की गई। पट्टा मामले में भी टीआई की लापरवाही की बात आई हीरानगर थाने से जुड़े एक अन्य मामले में एसीपी रुबीना मिजवानी की एक वकील से आरोपी को जमानत नहीं देने को लेकर बहस हुई थी। बाद में चाकूबाजी और तोड़फोड़ के आरोपियों को जेल भेजे जाने के दौरान उनके पट्टे उतरवाए गए थे। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इस मामले में भी अधिकारियों ने टीआई की भूमिका और लापरवाही की जांच की बात कही थी। लॉ स्टूडेंट से मारपीट मामले में भी शिकायत कुछ दिन पहले नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों पर एक लॉ स्टूडेंट और उसके साथियों से मारपीट का आरोप लगा था। मामले को लेकर लॉ स्टूडेंट पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में शिकायत करने पहुंचे थे। इस मामले की जांच एसीपी रुबीना मिजवानी को सौंपी गई थी। इन अलग-अलग मामलों में सामने आई शिकायतों और जांच के बाद हीरानगर टीआई सुशील पटेल को निलंबित किया गया है।
इंदौर में 2030 के विद्यार्थी की शिक्षा को लेकर मंगलवार को डेली कॉलेज में राउंड टेबल आयोजित हुई। Bring Your Own Sunshine की ओर से आयोजित ‘The Student of 2030: Are Our Schools Colleges Ready?’ विषय पर हुए संवाद में शिक्षा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और लीडर्स ने AI, स्किल्स, करियर, ग्लोबल एक्सपोजर और फ्यूचर ऑफ लर्निंग पर विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शिक्षा के लिए खतरा मानने के बजाय सीखने और सोचने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। AI बच्चों के लिए ‘थिंकिंग पार्टनर’ की भूमिका निभा सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय उनकी अपनी सोच, विवेक और समझ पर आधारित होना चाहिए। भविष्य की शिक्षा में AI के साथ मानवीय मूल्यों पर भी जोर MPPSC की सचिव एवं श्रम आयुक्त, IAS अधिकारी शीटला पटले ने कहा कि शिक्षा केवल किताबें पढ़ने और गणित के सवाल हल करने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में स्किलिंग, सॉफ्ट स्किलिंग, आत्मविश्वास, संवाद क्षमता और अपने ज्ञान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत में आर्थिक और भौगोलिक असमानता के साथ अवसरों की असमान उपलब्धता भी बड़ी चुनौती है। आज विद्यार्थी सिर्फ देश के दूसरे विद्यार्थियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा, बल्कि पूरी दुनिया उसके सामने है। ऐसे में स्कूल और कॉलेजों को विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा। आज बच्चों के पास पहले की तुलना में अधिक जानकारी और करियर विकल्प हैं, लेकिन इससे भ्रम भी बढ़ा है। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों को सिर्फ यह बताने के बजाय कि ‘क्या करना है’, उनसे यह भी पूछना चाहिए कि ‘वे क्या करना चाहते हैं।’ समान अवसर के साथ बच्चों की प्राइवेसी भी जरूरी सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता तनुज दीक्षित ने कहा कि 2030 की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों, सही निर्णय लेने की क्षमता, साइबर सुरक्षा और बच्चों की प्राइवेसी पर भी ध्यान देना होगा। निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को AI और आधुनिक तकनीक सीखने के समान अवसर मिलने चाहिए। AI से डरने के बजाय शिक्षक खुद सीखें डेली कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की प्रिंसिपल डॉ. सोनल सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा जगत को सिर्फ यह सोचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए कि तकनीक से क्या गलत हो सकता है, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि उससे क्या बेहतर किया जा सकता है। एक समय कैलकुलेटर को भी शिक्षा के लिए खतरा माना जाता था, लेकिन उसने सीखने की प्रक्रिया को खत्म नहीं किया। उसी तरह AI भी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का माध्यम है। शिक्षकों को AI से डरने के बजाय इसे समझना, सीखना और सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल करना होगा। ChatGPT- Claude ने बदली असाइनमेंट की चुनौती निजी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ध्रुव गई ने कहा कि AI शिक्षा को तेजी से प्रभावित कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका और बढ़ेगी। ChatGPT और Claude जैसे AI टूल्स के आने से पारंपरिक सवाल-जवाब आधारित असाइनमेंट पहले जैसी चुनौती नहीं रह गए हैं। इसलिए शिक्षण पद्धति में बदलाव जरूरी है। डॉ. प्रकाश चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल उत्तर खोजने के बजाय कुछ नया बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके लिए प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, हैकाथॉन और विभिन्न प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जा सकता है। प्रोफेसर डॉ. सपना मालविया ने बताया कि यूनिवर्सिटी में AI के उपयोग को केवल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। एजुकेशन, लॉ, मैनेजमेंट और अन्य क्षेत्रों में भी AI के इस्तेमाल पर काम किया जा रहा है। 2030 नहीं, 2040-50 के भारत की नींव तैयार होगी विशेषज्ञ डॉ. इरा बपना ने कहा कि जब हम 2030 की शिक्षा की कल्पना कर रहे हैं, तब वास्तव में 2040 और 2050 के भारत की नींव रख रहे हैं। विद्यार्थियों को सिर्फ परीक्षा और अंकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नए विषयों और क्षेत्रों का एक्सपोजर देना होगा। डॉ. विशाल मेहता ने कहा कि भविष्य की शिक्षा में Connect, Learn, Inspire और Grow जैसे मूल सिद्धांत महत्वपूर्ण होंगे। अनुभव आधारित शिक्षा, तकनीक आधारित कक्षाएं, वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा देना होगा। सम एनल इकबाल ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका भी बदलनी होगी। शिक्षक विद्यार्थियों पर अपना ज्ञान थोपने के बजाय उन्हें समझें, उनके सवालों को प्रोत्साहित करें और खुद भी लगातार सीखते रहें। संवाद का उद्देश्य साझा दृष्टिकोण तैयार करना विशेषज्ञ अंकिता हेमनानी ने बताया कि संवाद का उद्देश्य शिक्षा के भविष्य को लेकर साझा दृष्टिकोण तैयार करना और 2030 के विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में डॉ. नियति चेलावत, FICCI FLO की चेयरपर्सन वंदना गुजराती, समीक्षा खत्री, राकेश खत्री, ईशा सेठ और कुलदीप पुरोहित आदि मौजूद रहे।
हरियाणा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने हिसार के एडीसी कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर को 2,500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विजेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) के तहत ई-दिशा केंद्र में कार्यरत है। न्यू ऋषि नगर निवासी विनोद कुमार पुत्र स्व. जगदीश चंद्र ने बताया कि वह पेशे से प्राइवेट ड्राइवर हैं और मात्र 8वीं पास हैं। 25 जनवरी 2026 को उनकी पत्नी कविता का देहांत हो गया था। इसके बाद उन्होंने करीब 4-5 महीने पहले विधुर पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। पेंशन के लिए चक्कर कटवाए, फिर मांगी रिश्वत विनोद कुमार ने बताया कि पेंशन न बनने पर वे कई बार ई-दिशा केंद्र में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर विजेंद्र से मिले। मंगलवार (29 सितंबर 2026) को जब वे दोबारा विजेंद्र के पास पहुंचे, तो उसने पेंशन बनवाने के एवज में सीधी 2,500 रुपए रिश्वत की मांग कर डाली। विनोद ने ऑपरेटर की इस घूसखोरी की ऑडियो अपने रिकॉर्डिंग डिवाइस में दर्ज कर ली और एसीबी को शिकायत दी। आरोपी के पास से 2500 रुपए बरामद शिकायत की जांच के बाद ACB हिसार की टीम ने तुरंत ट्रैप की योजना बनाई। ट्रैप कार्रवाई राजकीय महाविद्यालय (मंगाली) की प्राचार्य अंजू चौधरी (राजपत्रित अधिकारी) की मौजूदगी में की गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी विजेंद्र को केमिकल लगे 2,500 रुपए सौंपे, इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में ACB टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज ACB ने आरोपी विजेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत थाना एसीबी, हिसार में एफआईआर दर्ज की है।
सूरजपुर के रामानुजनगर ब्लॉक के गांवों में पिता-पुत्र ने महिलाओं को सोने के गहने बताकर नकली गहने बेच दिए और लाखों की ठगी कर ली है। एक पीड़ित महिला ने मामले में रिपोर्ट रामानुजनगर थाने में दर्ज कराई है। शक होने पर महिला ने जांच कराई तो जेवर सोने का नहीं निकला। पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक, रामानुजनगर थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी दुर्गावती सिंह (30 वर्ष) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मार्च 2026 में नारायणपुर निवासी रूपेश साहू और उसके पिता ललन साहू गांव आये थे। दोनों ने सोने का जेवर दिखाया, जो दिखने में असली सोने जैसा था। दुर्गावती सिंह के साथ कई महिलाओं ने उनसे जेवर खरीदे। जांच में नकली मिला जेवर, तो शिकायत दुर्गावती सिंह ने बताया कि उसे पिता-पुत्र ने 80 हजार रुपये में सोना का बड़ा लाकेट दो नग, एक छोटा लाकेट एवं चांदी का पायल एक जोड़ी, चांदी की अंगूठी एक नग दी। पिता-पुत्र ने गांव के मालती को 21000 रूपये, चमेली सिंह को 16000 रूपये तथा सांता सिंह को 47200 रूपये एवं कलावती सिंह को 39400 रूपये का सोना-चांदी का आभूषण बेचा। शंका होने पर दुर्गावती सिंह ने जानकारों को सोने-चांदी का जेवर दिखाया तो उन्होंने बताया कि यह नकली है। शिवपुर की महिलाओं से दो लाख 3 हजार रुपये की ठगी की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी पिता-पुत्र ने भुवनेश्वरपुर, बद्रिकाआश्रम के आसपास गांवों में भी सोना-चांदी का आभूषण देकर धोखाधड़ी की है। मामले में रिपोर्ट पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बालाघाट के कटंगी परिक्षेत्र के नहलेसर्रा डेम में मंगलवार दोपहर करीब 13-14 साल के टाइगर का शव मिला। वन विभाग की टीम ने शव को डेम से बाहर निकाला। पेंच टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा ने पोस्टमार्टम किया। शव दो-तीन दिन पुराना बताया गया है। टाइगर के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पेट खाली मिलने से भूख से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की असली वजह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। बिसरा फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले एसडीओ यशपाल मेहरा ने बताया कि टाइगर करीब 13-14 साल का था। उसके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। शव दो-तीन दिन पुराना है। डेम का हिस्सा दो जिलों में नहलेसर्रा डेम का एक हिस्सा सिवनी और दूसरा बालाघाट जिले में आता है। इसलिए अभी यह साफ नहीं है कि टाइगर किस जंगल से यहां पहुंचा था। फॉरेंसिक जांच के लिए बिसरा सुरक्षित मौत की वजह पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखा गया है। इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों की मौजूदगी में एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार टाइगर का अंतिम संस्कार किया गया। टाइगर का शव मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने पत्रकारों को मौके पर खबर कवर करने से रोक दिया।
जमशेदपुर स्थित टाटा कमिंस में बोनस सह वेतन समझौता संपन्न हो गया है, जिससे कर्मचारियों को लगातार तीसरे वर्ष 20% का अधिकतम बोनस मिला है। दुर्गा पूजा से पहले 700 से अधिक कर्मचारियों के खातों में औसतन ₹1,18,078 की राशि जमा होगी।
कुरुक्षेत्र में पेट्रोल पंप कर्मचारी से पिस्तौल के बल पर कैश लूटने की कोशिश करने वाला आरोपी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। करीब 6 महीने बाद CIA-1 ने आरोपी गुरजीत सिंह को करनाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आज गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी पेट्रोल पंपों पर लूट के कई केस दर्ज हैं। मार्च महीने में वह बिना नंबर प्लेट की बाइक पर हेलमेट लगाकर उमरी चौक के पास से पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। पेट्रोल डलवाने के बजाय उसने कर्मचारी पर पिस्तौल तानकर कैश लूटने की कोशिश की थी। कर्मी ने भागकर अपनी जान और कैश को बचाया था। पुलिस कर्मी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच कर रही थी। पेट्रोल डलवाने के बहाने पहुंचा था मामला 29 मार्च 2026 की सुबह करीब 5 बजे का है। पिपली की शंकर कॉलोनी निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस को बताया था कि उसका जीटी रोड पर उमरी चौक के पास पेट्रोल पंप है। सुबह के समय पेट्रोल पंप पर कर्मचारी कर्मबीर मौजूद था। सुबह करीब 5 बजे एक व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की काली बाइक पर हेलमेट लगाकर पेट्रोल पंप पर पहुंचा। कर्मी ने भागकर बचाई थी जान उसने पेट्रोल डलवाने के बजाय कर्मचारी को पिस्तौल दिखा दी और कैश लूटने की कोशिश की। अचानक पिस्तौल सामने देखकर कर्मचारी ने आरोपी से भिड़ने के बजाय वहां से भागकर अपनी जान बचाई। कर्मी के भागने के बाद आरोपी भी मौके से बाइक पर फरार हो गया था। करनाल जेल में बंद मिला आरोपी मामले की जांच CIA-1 को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी गुरजीत सिंह किसी अन्य मामले में करनाल जेल में बंद है। इसके बाद पुलिस ने उसे इस केस में शामिल करने के लिए कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया कर वापस जेल भेज दिया गया। पेट्रोल पंप लूट के कई केस दर्ज गुरजीत सिंह के खिलाफ पहले से ही पेट्रोल पंपों पर लूट के कई मामले दर्ज हैं। गुरजीत सिंह मोहाली का रहने वाला था, फिलहाल नई दिल्ली में किराए के मकान में रह रहा था। उसका भाई और मां कनाडा में रहते हैं। वह पहले पंजाब में अकेला रहता था, इसके बाद दिल्ली चला गया।
कानपुर के बिधनू में रेबीज संक्रमण से पीड़ित एक 57 वर्षीय व्यक्ति ने काली माता मंदिर में अपनी गर्दन काटकर आत्महत्या कर ली। उसे 14 सितंबर को एक कुत्ते ने काटा था और उसने एंटी-रेबीज इंजेक्शन का पूरा कोर्स नहीं लिया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी।
रतलाम के धामनोद नगर परिषद के उपाध्यक्ष और भाजपा पार्षद लोकेंद्रसिंह सिसोदिया को कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पद से पृथक कर दिया है। यह कार्रवाई पद के दुरुपयोग और परिवार को नगर परिषद का टेंडर दिलाने से जुड़ी शिकायत पर की गई है। उपाध्यक्ष के खिलाफ पद के दुरुपयोग की शिकायत जनसुनवाई में की गई थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में भी अपील की थी। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कलेक्टर ने मंगलवार को कार्रवाई की। परिवार की फर्म के बिलों का भुगतान लेने का मामला प्रकरण की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, लोकेंद्रसिंह सिसोदिया पिता चतरसिंह के परिवार के नाम से सिसोदिया टेंट हाउस एवं लाइट डेकोरेशन, बस स्टेशन धामनोद फर्म संचालित है। इस फर्म के बिलों की राशि का भुगतान नगर परिषद से प्राप्त किया गया। इसके अलावा नगर परिषद का एक टेंडर उनके भाई को दिलाने में उपाध्यक्ष की संलिप्तता संबंधी शिकायत भी सामने आई। प्रकरण में सामने आए तथ्यों के आधार पर कलेक्टर ने उन्हें उपाध्यक्ष के पद से पृथक कर दिया।
बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने हाल में बारिश और बाढ़ से प्रभावित गांवों में हुई मकान और फसल क्षति का आकलन कर RBC 6-4 के तहत प्रकरण तैयार करने और 15 दिन के भीतर मुआवजा राशि वितरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि तहसीलदार अपने अधीनस्थ पटवारियों के माध्यम से मकान और फसल क्षति का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराएं। सभी SDM इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग करें और तय समय में मुआवजा भुगतान सुनिश्चित कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 100 से ज्यादा लंबित राजस्व प्रकरणों पर नोटिस राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में त्रुटि सुधार के मामले लंबित मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने 100 से अधिक लंबित प्रकरणों पर संबंधित नायब तहसीलदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए शेष खसरों का सर्वे समय पर पूरा कराने के लिए अधिक संख्या में सर्वेयर तैनात करने को कहा। 10-10 स्थानों पर सुरभि गोठान के प्रस्ताव मांगे कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारी को प्रत्येक विकासखंड में निर्धारित 10-10 स्थानों पर सुरभि गोठान निर्माण के प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए। वहीं, स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण की समीक्षा करते हुए स्वीकृत 136 स्कूलों में काम जल्द शुरू कराने और शेष स्थानों के लिए शीघ्र स्वीकृति लेने को कहा। आवास पूरे कराएं, निर्माण नहीं करने वालों से राशि वसूलें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्माणाधीन आवासों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे हितग्राहियों से राशि वसूली के निर्देश भी दिए, जो राशि मिलने के बाद भी आवास निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने 9 अक्टूबर को होने वाले युवा उड़ान कार्यक्रम के लिए जिला ऑडिटोरियम में जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा। ई-ऑफिस से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक की समीक्षा बैठक में ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, लंबित राजस्व प्रकरण, सीपी ग्राम्स, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, डिजिटल क्रॉप सर्वे, डिजिटल किसान किताब, सेवा संकल्प अभियान, सेवा सेतु पोर्टल और न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में CEO जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर ए.आर. टंडन, निशा नेताम मड़ावी, सीमा ठाकुर समेत SDM, जनपद CEO और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
शिवपुरी जिले के करैरा में मंगलवार शाम पुलिस लाइन के नीचे स्थित पीपल वाले कुएं में महिला और उसके 6 साल के बेटे के शव मिला है। महिला ने बच्चे को दुपट्टे से अपने शरीर से बांध रखा था। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। हालांकि पुलिस हत्या समेत अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है। महिला पिछले करीब डेढ़ महीने से पति से अलग रह रही थी। पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक,करैरा टीआई विनोद छाबई को सूचना मिली थी कि पुलिस लाइन के नीचे स्थित पीपल वाले कुएं में महिला और बच्चे का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। शवों की पहचान शिवानी (33) पत्नी भूपेंद्र विश्वकर्मा, निवासी एलआईसी ऑफिस के पीछे करैरा, और उसके 6 वर्षीय बेटे भोलू के रूप में हुई है। कल रात से मां-बेटे लापता थे बच्चे का शव महिला नेे शरीर से दुपट्टे के जरिए बंधा हुआ था। परिजनों के मुताबिक, मां-बेटा सोमवार रात से घर पर नहीं थे। महिला के मायके और ससुराल दोनों करैरा में ही हैं। महिला पिछले करीब डेढ़ महीने से अपने पति से अलग रह रही थी। उसका पति दिल्ली में नौकरी करता है। परिजनों के अनुसार, महिला कभी अपने मायके तो कभी अपनी ननद के घर रुकती थी। सोमवार रात महिला के घर नहीं पहुंचने पर उसकी मां और ननद को लगा कि वह शायद एक-दूसरे के घर रुकी होगी। पुलिस हत्या-आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही मंगलवार दोपहर कुएं की तरफ से दुर्गंध आने पर लोगों ने अंदर देखा तो महिला और बच्चे के शव दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। टीआई विनोद छाबई ने बताया कि महिला का पति से विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक विवाद के चलते महिला द्वारा बेटे के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बुधवार को पीएम के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
रोजवैली के 550 करोड़ रुपये लौटाने की समय सीमा तय, 2027 तक संपत्तियां बेचने का हाई कोर्ट का निर्देश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने रोजवैली चिटफंड मामले में जमाकर्ताओं को रकम लौटाने के लिए 28 फरवरी 2027 तक की समय सीमा तय की है।
हीरानगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई चाकूबाजी और युवक हत्या के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई जबकि आठ के खिलाफ पुलिस के कमजोर इन्वेस्टिगेशन के कारण पर्याप्त सबूत नहीं होने से उन्हें बरी कर दिया। घटना 2 अक्टूबर 2020 की रात हीरानगर थाना क्षेत्र के बीएम सेक्टर और सीएल सेक्टर के पास हुई थी। यहां योगेश और आशुतोष का कुछ युवकों से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान राहुल और रोहित चाकू लेकर पहुंचे और दोनों पर हमला कर दिया। हमले में योगेश घायल हुआ, जबकि आशुतोष को गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान आशुतोष की मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच की थी। विवेचना के दौरान राहुल और रोहित से चाकू बरामद किए जाने की बात भी अभियोजन ने कोर्ट के सामने रखी थी। आठ आरोपियों को मिली राहत मामले में अनिल उर्फ विक्की, कुणाल जाधव, तरुण उर्फ काका, रितिक गिरगुने, सुरेंद्र उर्फ चुन्नू, विकास उर्फ मंगल उर्फ पिंकेश यादव, अश्विन सिंगवाने और रजलेश वर्मा सहित अन्य आरोपियों पर भी आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने राहुल उर्फ बालकृष्ण गिरगुने और रोहित गिरगुने को हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट ने यह भी माना कि मामला गंभीर और हिंसक प्रकृति का था, लेकिन उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर इसे मृत्युदंड वाली ‘विरलतम से विरल’ श्रेणी में नहीं माना गया। इसलिए दोनों को उम्रकैद की सजा दी गई। वहीं मामले में शामिल आठ अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। शासन की ओर से पैरवी योगेश जायसवाल (अपर लोक अभियोजक) ने की।
शाजापुर भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार आठवीं बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मंगलवार को जिला भाजपा कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष डॉ. रवि पांडे ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बधाई दी। जिले में 1300 से अधिक स्थानों पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सुना गया। भाजपा के मुताबिक, 20,648 नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यकर्ताओं के प्रयास को बताया वजह डॉ. रवि पांडे ने कहा कि यह उपलब्धि जिले के कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन के तालमेल का नतीजा है। उन्होंने बताया कि शाजापुर विधानसभा ने कई बार प्रदेश में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है। शुजालपुर और कालापीपल विधानसभा ने भी प्रदेश स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। बूथ स्तर तक पहुंचाने में पदाधिकारियों की भूमिका डॉ. पांडे ने कहा कि ‘मन की बात’ को बूथ स्तर तक पहुंचाने में मंडल अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों, कार्यकर्ताओं और जिला प्रभारी सोनू सोलंकी की भूमिका रही। उन्होंने तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक इंदरसिंह परमार, अरुण भीमावत और घनश्याम चंद्रवंशी को भी बधाई दी। उज्जैन की बैठक में डॉ. पांडे का सम्मान उज्जैन में हुई संभागीय बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने लगातार आठवीं बार प्रदेश में पहला स्थान आने पर डॉ. रवि पांडे का सम्मान किया। प्रेस वार्ता में सेवा संकल्प अभियान समेत अन्य संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।
शारदा मंदिर मार्ग पर 20 कैमरे लगाए जा रहे:सीढ़ियों के पास तेंदुआ दिखने के बाद पहाड़ी पर बढ़ी निगरानी
मैहर स्थित प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर की पहाड़ी और आसपास के इलाकों में तेंदुए की लगातार आवाजाही के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और तेंदुए की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए वन विभाग ने मंगलवार शाम से मंदिर परिसर और सीढ़ी मार्गों पर नाइट विजन और ट्रैप कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को डीएफओ विद्या भूषण मिश्रा, एसडीओ सिद्धार्थ दीपांकर और रेंजर शुभम खरे सहित वन विभाग के अधिकारियों ने पहाड़ी क्षेत्र का दौरा किया। अधिकारियों ने तेंदुए की आवाजाही वाले संभावित रास्तों का जायजा लिया और कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए। कुल 20 कैमरों से होगी निगरानी, 4 कैमरे लगाए गए वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंदिर क्षेत्र के मुख्य मार्गों और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले संवेदनशील स्थानों पर कुल 20 हाई-टेक कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें से मंगलवार को 4 कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से तेंदुए की सटीक लोकेशन, उसकी आवाजाही के समय और व्यवहार को रिकॉर्ड किया जाएगा, ताकि उसकी वैज्ञानिक तरीके से पहचान की जा सके। सीढ़ी मार्ग पर वीडियो आने के बाद बढ़ाई गई गश्त बीते कुछ दिनों से मंदिर की पहाड़ी और सीढ़ी मार्ग के पास तेंदुए की मौजूदगी के वीडियो लगातार सामने आ रहे थे। इसके बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग की टीमों ने क्षेत्र में सर्चिंग और गश्त तेज कर दी है। कैमरों से मिलने वाले डेटा के आधार पर विभाग आगे की रणनीति तय करेगा। वन विभाग की अपील: तेंदुए के करीब न जाएं प्रशासन और वन विभाग ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से सावधान रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तेंदुआ कहीं नजर आता है, तो उसके करीब जाने की कोशिश न करें और न ही उसे खदेड़ने या परेशान करने का प्रयास करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग की टीम को सूचित करें।
जयपुर नगर निगम के नए मेयर सुनील कोठारी ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को निगम मुख्यालय में बैठक ली। तीन घंटे से ज्यादा चली मैराथन बैठक में मेयर ने राजस्व, कार्मिक, स्वास्थ्य, उद्यान, प्रोजेक्ट, गैराज और विधि सहित 15 से ज्यादा शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न शाखाओं की प्रगति और कामकाज की स्थिति पर चर्चा की गई। मेयर ने अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए इसे रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों के साथ पीपीटी के जरिए विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझा और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए। मेयर ने अधिकारियों को ‘एक सोच-एक डोर’ के मंत्र के साथ टीम भावना से काम करने और जयपुर शहर की तस्वीर बदलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों का समाधान और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना निगम की जिम्मेदारी है। चारदीवारी और हेरिटेज से समझौता नहीं, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के निर्देश बैठक में मेयर सुनील कोठारी ने जोन उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जयपुर की चारदीवारी और हेरिटेज की पहचान से किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी नियमों के अनुसार काम करें और शहर में अवैध निर्माणों को रोकने के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता से निभाएं। जनसरोकार से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और शाखाओं में लंबित मामलों का तय समय में निस्तारण किया जाए। पुरोहित जी कटले में आग की घटना पर चर्चा, संसाधनों की उपयोगिता पर उठाए सवाल बैठक में पुरोहित जी कटले में लगी आग की घटना के कारणों पर भी चर्चा हुई। मेयर ने कहा कि यदि उपकरण और संसाधन जरूरत के समय काम नहीं आते हैं, तो उनकी उपयोगिता क्या है। उन्होंने इस संबंध में कमियों का विश्लेषण करने और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया। बैठक में अवैध मीट-मांस की दुकानों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने, सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा और निराश्रित पशुओं की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। सफाई व्यवस्था सुधारने पर जोर, फील्ड में उतरकर मॉनिटरिंग करेंगे अधिकारी मेयर ने सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं की जानकारी ली और अधिकारियों से कहा कि जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ‘एक सोच-एक डोर’ के साथ टीम के रूप में काम करने और शहर की बेहतरी के लिए संकल्प लेकर कार्य करने की अपील की। इसके साथ ही फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए। मेयर ने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और कार्यों की गुणवत्ता के साथ उनकी प्रगति भी सुनिश्चित करें। बैठक में डिप्टी मेयर सरोज कंवर, अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल, उपायुक्त स्वास्थ्य ओम थानवी, चीफ इंजीनियर अनिल सिंघल सहित विभिन्न जोन के उपायुक्त और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सुबह और शाम मालवीय नगर स्टेशन पर अब यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। कोई ऑफिस जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करता नजर आता है तो कोई एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए मेट्रो पकड़ रहा है। 6 सितंबर 2026 से मालवीय नगर से गांधी नगर तक मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद 24 दिनों में 60 हजार से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया। इस दौरान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को 26 लाख रुपए से अधिक का राजस्व मिला। यात्रियों के मुताबिक, सड़क के मुकाबले मेट्रो से सफर में समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। इसका फायदा खास तौर पर आईटी कंपनियों और एयरपोर्ट क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को मिल रहा है। मालवीय नगर से गांधी नगर... किराए में बड़ा अंतर मालवीय नगर से गांधी नगर तक मेट्रो का किराया 65 रुपए है। इसी रूट पर ऑनलाइन परिवहन विकल्पों का किराया इससे काफी अधिक है। यात्रियों का कहना है कि कम किराए के कारण रोजाना आने-जाने का खर्च घट रहा है। हालांकि कुछ यात्रियों ने लोक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए किराया और कम करने की मांग भी की है। आईटी और एयरपोर्ट कर्मचारियों को सीधा फायदा मेट्रो यात्रियों रोशनी सोलंकी और नोमी चौहान ने बताया कि पहले सड़क मार्ग से सफर के दौरान ट्रैफिक के कारण समय का अनुमान लगाना मुश्किल होता था। अब मेट्रो से सफर करने पर समय की बचत हो रही है। विजय नगर, सुपर कॉरिडोर और गांधी नगर की कनेक्टिविटी आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। वहीं एयरपोर्ट क्षेत्र में काम करने वालों को भी इस रूट से आने-जाने में सुविधा मिल रही है। 24 दिन में 60 हजार से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर6 सितंबर से अब तक 60 हजार से अधिक यात्रियों का सफर करना शहर में मेट्रो के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, गांधी नगर तक लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रियों की मांग को देखते हुए संचालन समय में भी बदलाव किया गया है। फिलहाल यात्रियों की संख्या और फीडबैक की लगातार निगरानी की जा रही है। सुबह 7.30 बजे पहली ट्रेन, रात 8.15 बजे आखिरीवर्तमान समय-सारिणी के अनुसार मालवीय नगर और गांधी नगर दोनों स्टेशनों से पहली ट्रेन सुबह 7.30 बजे रवाना होती है। वहीं दोनों तरफ से आखिरी ट्रेन रात 8.15 बजे रहती है। यात्रियों की सुविधा और मांग के अनुसार आगे समय-सारिणी में बदलाव किया जा सकता है। 16 स्टेशनों से होकर गुजरती है मेट्रोमालवीय नगर से गांधी नगर के बीच मेट्रो कॉरिडोर में कुल 16 स्टेशन हैं। इनमें मालवीय नगर, विजय नगर, मेघदूत चौराहा, बापट चौराहा, हीरा नगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आईएसबीटी, एमआर-10 रोड, भंवरासला चौराहा, सुपर कॉरिडोर-1, सुपर कॉरिडोर-2, सुपर कॉरिडोर-3, सुपर कॉरिडोर-4, सुपर कॉरिडोर-5, सुपर कॉरिडोर-6 और गांधी नगर शामिल हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत नगर निगम लखनऊ द्वारा 30 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से सभी जोनों में सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर आयोजित किए जाएंगे। मेयर सुषमा खर्कवाल जोन-1 स्थित लालबाग मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी। वहीं, अन्य जोनों में जनप्रतिनिधिगण द्वारा कार्यक्रम में सहभागिता की जाएगी। शिविरों में सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग, PPE किट और सुरक्षा सामग्री का वितरण, तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी व पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, बीमा योजनाएं, शौचालय एवं नल कनेक्शन सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही नियमित, संविदा एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सफाई मित्रों, स्वच्छ ग्रहियों, रोड स्वीपर, ड्रेन क्लीनर एवं अन्य स्वच्छता कर्मियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया जाएगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित होगा, जिसका विभिन्न जोन में सजीव प्रसारण भी किया जाएगा। नगर निगम द्वारा सभी कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
करौली शहर के सभी जल कनेक्शन उपभोक्ताओं के लिए सितंबर 2026 तक के पानी के बिल जारी कर दिए गए हैं। इन बिलों का भुगतान 30 अक्टूबर 2026 तक करना होगा। जल विभाग ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी दी है। जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (PHED) की ओर से इन बिलों का वितरण कराया जा रहा है। सहायक अभियंता उदय सिंह मीणा ने बताया कि ऑनलाइन बिल जारी हो चुके हैं और उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से आखिरी तारीख से पहले बिल जमा करने को कहा है। उपभोक्ता अपने पानी के बिल का भुगतान ऑनलाइन भी कर सकते हैं। इसके लिए यूपीआई, फोनपे और पेटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे उन्हें विभाग के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिल मिलते ही उसमें दर्ज राशि और जानकारी की जांच कर लें। समय पर भुगतान करने से किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा।
खंडवा नया बस स्टैंड पर सोमवार शाम पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट में गंभीर घायल किशन गुप्ता की मंगलवार शाम करीब 4 बजे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। किशन की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजन और परिचित पहुंच गए। इसके बाद करीब चार घंटे तक हंगामे और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। परिजनों ने विधायक कंचन तनवे के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में एक पक्ष का साथ दिया गया। सूचना मिलने पर सीएसपी अभिनव वारंगे, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह, पदमनगर टीआई दिलीप देवड़ा, मोघट टीआई विकास खींची और कोतवाली टीआई प्रवीण आर्य सहित पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। किसी के दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही। चार दिन पहले भी हुआ था विवाद बताया जा रहा है कि करीब चार दिन पहले गुप्ता परिवार के एक युवक के साथ यादव परिवार के कुछ लोगों ने मारपीट की थी। इस मामले में गुप्ता परिवार ने पुलिस में शिकायत की थी। परिजनों का आरोप है कि उस समय अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। सोमवार शाम नया बस स्टैंड पर हर्षल यादव और गुप्ता परिवार के किशन गुप्ता व संदीप वाघ आमने-सामने हो गए। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हमले में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। किशन के पैरों और सीने पर चाकू के वार किशन गुप्ता के दोनों पैरों, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के वार होने की बात सामने आई है। गंभीर हालत में उसे और उसके भाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार शाम इलाज के दौरान किशन की मौत हो गई। दूसरे पक्ष के हर्षल यादव के गले की वोकल कॉर्ड कटने की जानकारी सामने आई है। इलाज और सर्जरी के बाद उसे करीब दो घंटे के भीतर इंदौर रेफर किया गया। इंदौर के निजी अस्पताल में उसकी सर्जरी हुई। पार्षद विजय यादव की दो उंगलियां भी घायल होने की बात सामने आई है। उनकी सर्जरी की जा रही है। किशन की मौत के बाद विधायक पर नाराजगी किशन की मौत के बाद उसकी बहन समेत अन्य परिजनों ने विधायक कंचन तनवे के खिलाफ नाराजगी जताई। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद विधायक अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन उन्हें लगा कि उनका रुख एक पक्ष के प्रति अधिक था। परिजनों ने पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं, इसलिए पूरे मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान परिजनों की नाराजगी का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस बोली- दोनों पक्षों पर केस, कुछ आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया। हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कुछ फरार आरोपियों को राउंडअप करने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की वजह किशन की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर एमएल कलमे के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। उन्होंने बताया कि किशन के पैरों और सीने समेत शरीर पर चोटें थीं। श्वासनली में भोजन फंसने जैसी स्थिति भी सामने आने की बात कही गई है। अस्पताल और नया बस स्टैंड क्षेत्र में पुलिस तैनात घटना के बाद तनाव को देखते हुए नया बस स्टैंड और अस्पताल क्षेत्र में पुलिस सतर्क है। दोनों पक्षों से जुड़े लोगों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार, आगे की कार्रवाई जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी। मामले में दर्ज धाराओं में भी बदलाव किया जा सकता है।
देवास में जिला अस्पताल ले जा रही 108 एंबुलेंस में हाई रिस्क गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर ईएमटी मनीषा बामनिया ने एंबुलेंस रोककर प्रसव कराया। इसके बाद मां और बच्चे को देवास जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मंगलवार को ग्राम सुखलिया की 26 वर्षीय रीना को प्रसव पीड़ा हुई थी। आशा कार्यकर्ता मंजू पांचाल ने 108 पर कॉल किया। इसके बाद पायलट राहुल बोडाना और ईएमटी मनीषा बामनिया एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे। रीना को हाई रिस्क गर्भवती होने के कारण देवास जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए ईएमटी मनीषा बामनिया ने एंबुलेंस रोककर प्रसव कराया। मां और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया प्रसव के बाद महिला और बच्चे को देवास जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों को भर्ती कर इलाज दिया गया। सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने बताया कि 108 एंबुलेंस का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर मतदाता सूची में नो-मैपिंग और विसंगतियों से संबंधित बूथवार डेटा साझा किया। उन्होंने दलों से पीवीटीजी, दिव्यांगजन और अन्य विशेष समूहों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने में सहयोग की अपील की।
जमीन विवाद में विधायक गणेशराज बंसल पर एफआईआर:धमकी देने सहित 8 धाराओं में केस दर्ज, CID-CB करेगी जांच
हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ पुराने जमीन विवाद से जुड़े मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वकील हरवंश सिंह चन्दी की शिकायत पर पुलिस जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार प्रथमदृष्टया अपराध बनना पाए जाने के बाद पुलिस उप अधीक्षक, हनुमानगढ़ वृत्त के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई। मामले में गणेशराज बंसल के खिलाफ आरोपों की जांच अब CID-CB करेगी। 1995 की नीलामी से जुड़े हैं तीन भूखंड शिकायतकर्ता वकील हरवंश सिंह चन्दी ने H-39, H-40 और H-41 नंबर के भूखंडों को लेकर शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक, तीनों भूखंड 3 नवंबर 1995 को नीलामी में खरीदे गए थे। इनमें H-39 भूखंड चन्दी के नाम तथा H-40 और H-41 उनकी पत्नी सरणपाल कौर के नाम दर्ज थे। 2024 में रात के समय पहुंचने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2024 में गणेशराज बंसल कुछ लोगों के साथ रात के समय इन भूखंडों पर पहुंचे। इस दौरान चारदीवारी तोड़ने, कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता चन्दी के साथ गवाह पवन कुमार और कन्हैया के बयान भी दर्ज किए। नगर परिषद से जुटाए दस्तावेज पुलिस ने मामले की जांच के दौरान नगर परिषद से भूखंडों से संबंधित रिकॉर्ड, आदेश-पत्र और अन्य दस्तावेज प्राप्त कर जांच में शामिल किए। उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में प्रथमदृष्टया अपराध बनना पाया। BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस जांच रिपोर्ट के अनुसार गणेशराज बंसल के खिलाफ BNS 2023 की धाराओं 308(2), 329(4), 331(6), 324(4), 324(5), 191(2), 191(3) और 190 के तहत अपराध घटित होना प्रथमदृष्टया पाया गया। इसके बाद पुलिस उप अधीक्षक, हनुमानगढ़ वृत्त की ओर से प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए गए और एफआईआर दर्ज की गई। विधायक के खिलाफ मामला, अब CID-CB करेगी जांच पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, प्रकरण में वर्तमान विधायक के खिलाफ आरोप होने के कारण विभागीय प्रावधानों के तहत अनुसंधान CID-CB से करवाया जाएगा। एफआईआर दर्ज होने के बाद मूल रिपोर्ट और एफआईआर की प्रति अनुसंधान के लिए पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ के माध्यम से CID-CB जयपुर भेजने की प्रक्रिया बताई गई है। जांच में सामने आएंगे आरोपों के तथ्य एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच का विषय है। पुलिस के अनुसार मामले में आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और अनुसंधान के आधार पर तय होगी।
भरतपुर की ओमजी सिटी कॉलोनी में मंगलवार को भरतपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी(BDA) ने सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ दी। इसके बाद कॉलोनी वासियों ने विरोध किया तो टीम वापस लौट गई। कॉलोनीवासी दौलत फौजदार ने कहा कि BDA कमिश्नर कनिष्क कटारिया औरंगजेब की भूमिका निभा रहे हैं, जिसके कारण कॉलोनी में धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ की जा रही है। कॉलोनी वासियों का दावा है कि धार्मिक स्थल स्थानीय लोगों के सहयोग से बना है, जिसमें की जा रही तोड़फोड़ गलत है। जयपुर के ठेकेदार ने काटी थी कॉलोनीकॉलोनीवासियों ने कहा कि ओमजी सिटी में 2015 से मकान बनना शुरू हुए थे। ठेकेदार एसपी चौधरी इस कॉलोनी को काटा था, लेकिन कॉलोनी बनने के बाद यहां विकास कार्य नहीं करवाए गए। 2026 में कॉलोनी में 25 से 30 परिवार रहने लगे। कॉलोनी के लोगों ने पैसा इकठ्ठा कर एक धार्मिक स्थान बनवाया, अब इसी धार्मिक स्थान को गलत बताकर तोड़फोड़ की जा रही है। दौलत फौजदार का आरोप है कि BDA कमिश्नर ने कॉलोनी के ठेकेदार से पैसे लिए हैं, इसी कारण कॉलोनी में अवैध काम हो रहे हैं। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही हैं। फौजदार का कहना है कि फिलहाल कॉलोनी BDA को हैंडओवर की जा रही है। कोर्ट में दावा करने के बाद BDA ने कॉलोनी में विकास के लिए 2 करोड़ 68 लाख रुपए जमा करवाए, हालांकि उसके बाद भी विकास नहीं हुआ।
फलोदी में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने कृषि भूमि पर संचालित अवैध टेक्सटाइल पर कार्रवाई की। सोशल मीडिया पर मिली शिकायत के बाद टीम ने मौके पर औचक निरीक्षण किया। जांच में इकाई बिना अनुमति संचालित मिली। कानासरिया गांव में संचालित इस टेक्सटाइल मे रंगाई-छपाई का काम होता था। निरीक्षण के दौरान कृषि भूमि पर टेक्सटाइल रंगाई-छपाई में इस्तेमाल होने वाली 4 जिगर मशीनें और अडान चलते मिले। अधिकारियों के अनुसार यह इकाई हबीब पुत्र मुबारक खान द्वारा मुबारक दत्तक पुत्र जानू खान की जमीन पर संचालित की जा रही थी। टीम के मुताबिक इकाई से निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट जल खुले में जमीन पर छोड़ा जा रहा था। पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने जेसीबी की मदद से प्लांट की मशीनरी और अवैध ढांचे को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया। इकाई का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया। अपशिष्ट जल के नमूने लिए कार्रवाई के दौरान आरएसपीसीबी की टीम ने मौके से अपशिष्ट जल के नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए जोधपुर स्थित क्षेत्रीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कार्रवाई क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश चौधरी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुओ-मोटो याचिका संख्या 08/2025 में दिए गए निर्देशों के तहत कृषि एवं आवासीय भूमि पर अवैध रूप से संचालित टेक्सटाइल इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर जिला एवं उपखंड प्रशासन के साथ समन्वय कर त्वरित निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। ऐसी अवैध इकाइयों से संबंधित खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और खातेदारी निरस्त करने की प्रक्रिया स्थानीय उपखंड प्रशासन द्वारा नियमानुसार की जाएगी। अवैध इकाइयों पर कार्रवाई जारी रहेगी चौधरी ने कहा कि कृषि और आवासीय भूमि पर अवैध रूप से संचालित टेक्सटाइल इकाइयों तथा पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के खिलाफ निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नियमों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाई और व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पटना वीमेंस कॉलेज में अगले साल से पांच नए PG कोर्स, जुलाई से आवेदन; 30-30 सीटें, M.Com में 100 सीट
पटना वीमेंस कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से पांच नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा, जिनमें एमएससी (गणित, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान), एमए समाजशास्त्र और एमकॉम शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 220 सीटें होंगी और जुलाई 2027 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जिससे छात्राओं को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे।
फरीदाबाद में 3 नंबर पुलिस चौकी क्षेत्र के जी ब्लॉक स्थित एक मकान में मंगलवार को एसी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। घटना के समय घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। परिवार के लोग भाजपा नेता साहिल अरोड़ा के पिता के रस्म-पगड़ी कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए थे। समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम के पहुंचने से आग पर काबू पा लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, परिवार के लोग घर से बाहर गए थे। घर की पहली मंजिल पर एक कमरे में एसी चलता हुआ छोड़ा गया था। बताया जा रहा है कि इसी एसी में शॉर्ट सर्किट होने के बाद कमरे में आग लग गई। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने मकान से धुआं निकलता देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कमरे का सामान जलकर राख सूचना मिलते ही 3 नंबर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। घर बंद होने के कारण फायर कर्मचारियों ने खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद दरवाजा खोलकर कमरे में लगी आग को पूरी तरह बुझाया गया। आग केवल पहली मंजिल के एक कमरे तक सीमित रही। आग की वजह से कमरे में रखा बेड, कुर्सी, टेबल, अलमारी, टीवी और अन्य सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों के अनुसार, आग लगने के दौरान घर के अंदर से कुछ फटने जैसी तेज आवाज भी सुनाई दी थी। चौकी प्रभारी बोले- शॉर्ट सर्किट से लगी आग बताया गया है कि मकान सौरभ विरमानी के परिवार का है, जो भाजपा नेता साहिल अरोड़ा के परिवार से जुड़े हैं। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। 3 नंबर चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि आग लगने के समय घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। परिवार रस्म-पगड़ी के कार्यक्रम में गया हुआ था। पहली मंजिल के कमरे में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की बात सामने आई है। कमरे में रखा अधिकांश सामान जल गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
बारिश व गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज के डूब क्षेत्रों में पानी भर गया है। इसके चलते राहत व बचाव कार्य के लिए नगर निगम की टीमें मौके पर तैनात हैं। राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। मंगलवार को अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और जोनल अधिकारी अजीत राय समेत कई अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मच्छरों और बीमारियों को रोकने के लिए ड्रोन के जरिए एंटी-लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है और लगातार फॉगिंग कराई जा रही है। पानी निकालने के लिए ओवरब्रिज समेत कई जगहों पर 6 बड़े पंपसेट लगाए गए हैं। नाव और लाइट की व्यवस्था लोगों के आने-जाने के लिए नाव चलाई जा रही हैं और रात में आवाजाही के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। अपर नगर आयुक्त अरुण गुप्ता ने बताया कि प्रभावित परिवारों के रहने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा, पलटन छावनी, उमराव हाता और दाउदनगर के ट्रांजिट हॉस्टल में व्यवस्था की गई है। पक्के नाले के पास एक और अस्थायी रैन बसेरा तैयार किया जा रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सभी अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में कोई ढील न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
MCB जिले के नागपुर हाईवे पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित अमृतधारा जलप्रपात में मंगलवार शाम हादसा हो गया। यहां दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे चिरमिरी निवासी 21 वर्षीय मोहम्मद इलियास पिता शमद की पानी में डूबने से मौत हो गई। सूचना के बाद नागपुर हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश के बाद युवक का शव बरामद किया। चार दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचा था जानकारी के अनुसार, मोहम्मद इलियास अपने चार दोस्तों के साथ अमृतधारा जलप्रपात घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचा था। पिकनिक के दौरान युवक जलप्रपात के पानी में गया। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से शव बरामद सूचना मिलते ही नागपुर हाईवे पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पानी में युवक की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पंचनामा तैयार किया जा रहा है और पोस्टमार्टम के लिए शव को मर्चुरी में रखवाने की प्रक्रिया की जा रही है। दोस्तों से भी ली जा रही जानकारी पुलिस घटना के दौरान युवक के साथ मौजूद उसके चार दोस्तों से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। मामले में मर्ग कायम कर हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पर्यटन स्थल होने से सुरक्षा जरूरी अमृतधारा जलप्रपात में बड़ी संख्या में लोग घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। यहां गहरे पानी और फिसलन वाले स्थानों को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। युवक की मौत के बाद चिरमिरी क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिवपुरी के बामौरकलां थाना क्षेत्र के इमला मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। मंदिर से रुपए रखा बक्सा चोरी करने वाले आरोपी को CCTV फुटेज की मदद से पकड़ा गया। आरोपी ने मंदिर परिसर में सो रहे एक व्यक्ति की पैंट उठाई और उसमें मिला चश्मा पहन लिया। इसके बाद वह CCTV फुटेज में कैद हो गया। CCTV फुटेज में चश्मा पहने दिखाई देने के आधार पर पुलिस ने जितू उर्फ जितेन्द्र जाटव (27), निवासी कफार की पहचान की और उसे गिरफ्तार किया। बामौरकलां थाना प्रभारी कुसुम गोयल ने बताया कि 28 सितंबर को कैलाश नारायण पाण्डेय (62), निवासी पोटा ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20-21 अगस्त की रात मंदिर के कमरे से रुपए रखा बक्सा चोरी हुआ था। बक्से में कुछ रुपए रखे थे। साथी के साथ मिलकर चोरी का आरोप पुलिस ने 29 सितंबर को जितेन्द्र उर्फ जितू जाटव को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने अपने साथी सुनील जाटव (24), निवासी कफार के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने सुनील जाटव को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस चोरी गए रुपए और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर जांच कर रही है।
जबलपुर में स्कूल बस ने महिला को कुचला:मौके पर ही मौत, गोहलपुर निवासी अलका के तौर पर हुई पहचान
जबलपुर के उखरी चौक पर मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे तेज रफ्तार स्कूल बस ने 30 वर्षीय महिला को टक्कर मार दी। हादसे में बस महिला को कुचलते हुए निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान गोहलपुर निवासी अलका पांडे के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अलका पांडे उखरी चौक से यादव कॉलोनी की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई लिटिल वर्ल्ड स्कूल की बस (MP 20 PA 1092) ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद महिला बस के नीचे आ गई और गंभीर रूप से कुचलने से मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामला दर्ज कर बस चालक की भूमिका और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले स्कूल बस चालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

