इंदौर के एमआईजी इलाके में एक रिसर्चर महिला को बच्चा चोर समझकर लोगों ने पीट दिया। आरोपियों ने महिला का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस मामले में पीड़िता ने एमआईजी थाने पहुंचकर दो महिलाओं समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एमआईजी पुलिस ने नेहरू नगर निवासी 34 वर्षीय महिला की शिकायत पर कलाबाई कौशल निवासी एमआईजी कॉलोनी, खुशी कौशल सहित अन्य लोगों के खिलाफ झूठा आरोप लगाकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया है। पीड़िता ने इस घटना को लेकर एक वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। महिला ने पुलिस को बताया कि वह दवाई लेने जा रही थी। इसी दौरान कुछ महिलाओं ने उसे रोका और वहां से गुजरने का कारण पूछा। जब उसने दवाई लेने की बात कही, तो उस पर बच्चा चोर होने का आरोप लगा दिया गया। इसके बाद एक्टिवा पर सवार तीन अन्य लोग मौके पर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करने लगे। आरोपियों ने उसे पीटते हुए थाने तक ले गए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसका फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचा। बाद में वह सामाजिक लोगों से संपर्क कर दोबारा थाने पहुंची, जहां उसकी शिकायत पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ विधिसंगत कार्रवाई की जा रही है। कमिश्नर ने जारी की एडवाइजरी बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा है कि इस तरह की अफवाह फैलाने और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान न होने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी मंगलवार को पदाधिकारियों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए। इस कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। बाद में अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद कुछ समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया, जबकि शेष के ठोस समाधान का आश्वासन मिला। अनशन से पहले, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह को छह बिंदुओं का एक पत्र सौंपकर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की थी। इन प्रमुख मांगों में एक ही वित्तीय सत्र में दो बार विद्यालयों का ऑडिट कराकर शिक्षकों का आर्थिक शोषण, चयन वेतनमान की फाइलों को ब्लॉकों पर महीनों तक रोके रखना और बिना विभागीय मुहर के एमडीएम का ऑडिट कराना शामिल था। अन्य मांगों में विभाग के स्टेनो के बैठने का दिन निर्धारित न होना, वर्षों से एक ही ब्लॉक में जमे खंड शिक्षाधिकारियों का स्थानांतरण न किया जाना और शिक्षकों द्वारा कंपोजिट ग्रांट खर्च न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने जैसे मुद्दे भी उठाए गए थे। अनशन की सूचना पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद, बीएसए अमित कुमार सिंह ने अनशनकारियों से वार्ता की और अनशन समाप्त कराया। बीएसए ने 72825 शिक्षक भर्ती के द्वितीय बैच और 29 हजार गणित-विज्ञान के शिक्षकों का चयन वेतनमान आदेश तुरंत जारी कर दिया। उन्होंने ऑडिट के मामले में कहा कि एक वित्तीय सत्र में इसकी संख्या निर्धारित की जाएगी। खंड शिक्षाधिकारियों के ब्लॉक बदलने के संबंध में उन्होंने बताया कि कई अधिकारी इस वर्ष अंतरजनपदीय स्थानांतरण में हैं। बीएसए ने यह भी बताया कि विभाग में स्थायी स्टेनो की नियुक्ति के लिए निदेशक को पत्र लिखा गया है। उन्होंने अन्य लंबित मामलों के भी समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर महामंत्री अमरेश चौधरी, संगठन मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव, आनंद कुमार सिंह, कमला कांत यादव, बृजेश प्रताप सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, विवेक कुमार मिश्रा, दिनेश कुमार शर्मा, अविनाश यादव, विनय कुमार, आदित्य वर्धन शुक्ला, दीपक सिंह, अनिल कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, राकेश कुमार, संजय सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
यूपी के बरेली में स्पा सेंटर अब मसाज के नाम पर देह व्यापार के सुरक्षित अड्डे बन गए हैं। शहर के पॉश इलाकों में स्थित इन सेंटरों में नाबालिग लड़कियों को चंद रुपयों के लालच में जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला जा रहा है। मंगलवार को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने एक स्पा सेंटर का सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन कर इस गंदे खेल का पर्दाफाश कर दिया। स्टिंग के बाद हड़कंप मच गया और आरोपी संचालक ऑफिस बंद कर फरार हो गए। स्पा सेंटर से जुड़ी कुछ तस्वीरें ….. रिटायर कर्नल की बिल्डिंग में चल रहा था अवैध धंधाबारादरी थाना क्षेत्र में पीलीभीत रोड पर स्थित सर्वोत्तम हॉस्पिटल के सेकेंड फ्लोर पर स्पा सेंटर चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा अवैध कारोबार एक रिटायर कर्नल की बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा था। हिंदू जागरण मंच और गौ रक्षकों की टीम पिछले कई दिनों से इस सेंटर की रेकी कर रही थी। पदाधिकारियों का आरोप है कि इन सेंटरों में न केवल देह व्यापार हो रहा है, बल्कि 'लव जिहाद' जैसी साजिशों को भी अंजाम दिया जा रहा है। मंच के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु पटेल और गौ रक्षक निर्दोष राठौर ने ग्राहक बनकर इस पूरे रैकेट की पोल खोल दी। स्टिंग की वो बातें: 1000 से रजिस्ट्रेशन तक के रेट, जैसी लड़की वैसी कीमतस्टिंग वीडियो में साफ दिख रहा है कि रिसेप्शन पर बैठी महिला किस तरह लड़कियों का सौदा कर रही है। वीडियो में हुई बातचीत के मुख्य अंश कुछ इस प्रकार हैं:हिमांशु/निर्दोष: यहाँ क्या-क्या सर्विस मिलती है? रेट क्या हैं?रिसेप्शनिस्ट महिला: हमारे यहाँ मसाज के अलग रेट हैं और बाकी सर्विस के अलग। नॉर्मल मसाज 1000 रुपये से शुरू है।हिमांशु: लड़कियाँ दिखाओ पहले, हमें अच्छी सर्विस चाहिए।रिसेप्शनिस्ट: (अंदर से 3-4 लड़कियों को बुलाते हुए) ये देख लीजिए, ये सब लड़कियाँ हैं। इनमें से आप पसंद कर सकते हैं।निर्दोष: इनका रेट क्या होगा?रिसेप्शनिस्ट: लड़कियों के हिसाब से रेट तय होते हैं। कोई 1000 की है, कोई 1500 की। 45 मिनट थेरेपी होगी। उसके बाद जब मूड बन जाए तो अंदर बात कर लो। 1000 या 1500 जो भी लो। जैसी लड़की, वैसा रेट।हिमांशु: कस्टमर कहाँ-कहाँ से आते हैं आपके पास?रिसेप्शनिस्ट: हमारे पास शाहजहांपुर, सीतापुर और आसपास के जिलों से भी बहुत लोग आते हैं। आदमी अगर पैसा खर्च करता है, तो वो पूरी सुविधा और तसल्ली चाहता है और हम वही देते हैं। एसएसपी को सौंपा ज्ञापन, पुलिस की मिलीभगत का आरोपइस स्टिंग के बाद हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने SSP बरेली को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। जिलाध्यक्ष अरुण फौजी और हिमांशु पटेल ने मांग की है कि शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चल रहे इन अवैध स्पा सेंटरों को तुरंत सील किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धंधा स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में फल-फूल रहा है। वही जब मौके पर पुलिस पहुंची तब तक सभी लोगों को स्पा सेंटर से भगा दिया गया था। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़हिमांशु पटेल ने कहा कि स्पा की आड़ में चल रहे इस अनैतिक कार्य से शहर की छवि धूमिल हो रही है और युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो हिंदू जागरण मंच उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा और इस मामले को शासन स्तर तक ले जाएगा।
संभल में 8 दिन बाद मिला बच्ची का शव:एक आंख गायब, चेहरे पर चोट के निशान, मां बोली- बच्ची दबी हुई थी
संभल के थाना कैलादेवी क्षेत्र के लखनपुर गांव में लापता सात वर्षीय बच्ची का शव 160 घंटे बाद तालाब से बरामद हुआ। बच्ची की एक आंख गायब थी और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसका अंतिम संस्कार कराया गया। मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। 9 फरवरी को मंदिर कार्यक्रम में रुकी थी बच्ची गांव निवासी जीराज 9 फरवरी, सोमवार रात करीब 8 बजे अपनी पत्नी विमलेश और बेटी संगीता (7) के साथ जंगल से लौट रहे थे। रास्ते में गांव के मंदिर पर कार्यक्रम चल रहा था। संगीता वहीं रुक गई, जबकि माता-पिता घर चले गए। करीब आधे घंटे बाद जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने मंदिर और आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 10 फरवरी को थाना पुलिस को सूचना दी गई। छह टीमें लगी थीं तलाश में सूचना मिलते ही एएसपी आलोक भाटी गांव पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। बच्ची की तलाश में छह टीमें गठित की गईं। असमोली सीओ कुलदीप कुमार के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड ने भी गांव और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। फोटो प्रसारित किए गए, लेकिन कई दिनों तक कोई सफलता नहीं मिली। 160 घंटे बाद तालाब में मिला शव बीते सोमवार को बच्ची का शव गांव के तालाब में मिला। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की एक आंख निकाली गई थी और चेहरे पर नील के निशान थे। बच्ची के नाना पुखराज ने डीजे संचालक राहुल पर शक जताया है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि बच्ची के साथ घटना के बाद उसे कहीं ले जाया गया और बाद में शव तालाब में फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी पर औपचारिक आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा में एक 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने गले पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद वह घर से भागा और एक कुएं में जा गिरा। उसे गंभीर हालत में कोरबा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बेन्द्रकोना इलाके में हुई। परिजनों के अनुसार, रामकृष्ण नामक युवक ने सुबह अपने गले पर खुद ही चाकू चला लिया। दर्द होने पर वह घर से बाहर भागा और पास के एक कुएं में गिर गया। लोगों ने किसी तरह उसे कुएं से बाहर निकाला स्थानीय लोगों ने किसी तरह उसे कुएं से बाहर निकाला, लेकिन वह फिर भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़कर कोरबा जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका इलाज जारी है। रामकृष्ण की रिश्तेदार सती कुर्रे ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान है। उन्हें संदेह है कि रामकृष्ण को भूत-प्रेत का भय सताता है, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। अस्पताल में भर्ती रामकृष्ण ने लेटर हेड पर कुछ लिखने का प्रयास भी किया है, जिसके मायने निकाले जा रहे हैं। जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर परिजनों का बयान दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच की बात कही है।
खनन ट्रैक्टर-ट्रॉली से युवक की मौत:पीलीभीत में बाकबू होकर कुचला, पुलिस जांच में जुटी
पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र में रामनगर तिराहे के पास एक खनन ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसा तब हुआ जब रामनगर तिराहे से खनन सामग्री से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि वाहन अनियंत्रित हो गया और वहां मौजूद युवक को अपनी चपेट में ले लिया। युवक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पहियों के नीचे दब गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 26 वर्षीय भूपेंद्र के रूप में हुई है, जो लालचंद का पुत्र और हजारा थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुर नगर (रामनगर) का निवासी था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। हादसे के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने खनन कार्यों में लगे वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर चिंता व्यक्त की है। सूचना मिलते ही हजारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की। हजारा थाना अध्यक्ष शरद ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में बजट पर बहस का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने टोंक जिले के लिए कई घोषणाएं कीं। इनमें दो घोषणाएं देवली-उनियारा विधानसभा के लिए और एक-एक घोषणा टोडारायसिंह-मालपुरा एवं निवाई विधानसभा क्षेत्रों के लिए की गई। चारों घोषणाएं निर्माण कार्य से जुड़ी हुई है। जबकि कांग्रेस से जीतकर दूसरी बार टोंक विधानसभा से विधायक बने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र में टोंक के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे टोंक विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ छलावा बताया है। कांग्रेस नेता एडवोकेट मूलचंद बैरवा का कहना है कि सरकार ने विकास कार्य की घोषणा करने में भेदभाव किया है। मूल बजट में भी टोंक विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की थी और आज फिर निराश किया है। जनता इसे आगामी चुनावों में भूलेगी नहीं। सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा का जवाब जनता बीजेपी को आने वाले चुनावों में देगी। हालांकि घोषणाओं पर बीजेपी नेताओं ने खुशी जताई हैं। अब पढ़िए बजट की घोषणाएं ये खबर भी पढ़िए… टोंक को खेती के लिए 100 का बजट:किसानों को फव्वारा पर मिलेगी सब्सिडी, 650 करोड़ से डलेगी नई पेयजल लाइन राजस्थान विधानसभा में पेश बजट में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने टोंक जिले के लिए विकास की कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स बनेगा। वहीं बीसलपुर कमांड एरिया में 100 करोड़ की फव्वारा सिंचाई योजना में किसानों को सब्सिडी मिलेगी। पूरी खबर पढ़िए
बागपत में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म:पड़ोस के दो नाबालिग गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पड़ोस में रहने वाले दो नाबालिगों पर इस वारदात को अंजाम देने का आरोप है। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजनों को घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बच्चे आपस में खेल रहे थे, तभी दोनों नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर एक कमरे में ले गए। वहां उन्होंने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसे डराया-धमकाया। घर पहुंचने के बाद बच्ची की तबीयत खराब होने पर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी मिली। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम भादा में वन विभाग ने एक बंद मिल के अंदर 15 ट्रक से अधिक इमारती लकड़ी जब्त की है। जब्त की गई लकड़ी तेंदू और खैर प्रजाति की है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। रायगढ़ वन विभाग की टीम ने पीछा कर इस अवैध भंडारण का खुलासा किया। रायगढ़ वन विभाग को सूचना मिली थी कि एक मजदा और ट्रक में इमारती लकड़ी की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर सोमवार रात को उड़ान दस्ते की टीम ने दोनों वाहनों का पीछा किया और जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम भादा पहुंची। यहां स्थिति का आकलन करने के बाद जांजगीर-चांपा वन विभाग को सूचित किया गया। अवैध आरा मिल और लकड़ी का भंडारण मिला डीएफओ हिमांशु डोंगरे ने बताया कि दोनों डिवीजनों के वन विभाग के उड़ान दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई की। बंद मिल के अंदर एक अवैध आरा मिल और लकड़ी का अवैध भंडारण पाया गया। इसमें खैर और तेंदू की लकड़ी शामिल है, जिसका अवैध व्यापार किया जा रहा था। यह प्रतिबंधित लकड़ी है और इसके व्यापार के लिए वन विभाग की अनुमति नहीं थी। मौके पर मौजूद कर्मचारी हुए फरार टीम के पहुंचने पर मौके पर मौजूद कर्मचारी फरार हो गए। वन विभाग ने तत्काल पूरे परिसर को सील कर दिया है। लकड़ियों की गिनती अभी जारी है, लेकिन अनुमान है कि इनकी कीमत करोड़ों में होगी। भंडारण में 15 ट्रक से अधिक लकड़ी मिली है। जब्त किए गए मजदा और ट्रक में लदी लकड़ियों को डिपो भेज दिया गया है। पकड़े गए ट्रक से मिली डायरी पकड़े गए ट्रक से एक डायरी मिली है, जिसमें गाड़ियों के आने-जाने का लॉग बुक दर्ज है। इसे जब्त कर जांच की जाएगी। वन विभाग इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए अन्य जिलों और राज्यों से भी संपर्क करेगा। तेंदू की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से 12 बोर की बंदूक की मुट्ठी बनाने में होता है, और इससे बने सामान महंगे दामों पर बिकते हैं। खैर की लकड़ी से कत्था बनाया जाता है, जिसका उपयोग पान दुकानों में होता है। जानकारी मिली है कि तस्कर इस लकड़ी को चंदन बताकर विदेशों में भी बेचते हैं।
इंदौर-नागदा 400 KV हाईटेंशन लाइन के टॉवर पर एक महिला चढ़ गई। महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया। महिला ने परिवार द्वारा पढ़ाई जारी रखने पर लगाई गई रोक के विरोध में यह कदम उठाया था। घटना मंगलवार सुबह ग्राम बौरसी (थाना नालधा, कुंडली क्षेत्र, हातोद के निकट) की है। यहां इंदौर-नागदा/इंद्रा सागर-नागदा डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन के लोकेशन नंबर 71 पर सुबह महिला चढ़ गईं। सूचना मिलते ही MP ट्रांसको की इंदौर टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कंपनी के सहायक अभियंता राजेंद्र कनोजे और रवींद्र पाटिल ने स्थिति का तकनीकी आकलन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कर्मियों और स्थानीय लोगों को सख्त सलाह दी कि कोई भी व्यक्ति टॉवर पर चढ़कर महिला को उतारने का प्रयास न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टॉवर की थोड़ी ऊंचाई पर भी 400 KV लाइन का इंडक्शन जोन शुरू हो जाता है, जहां बिना सीधे संपर्क के भी विद्युत प्रभाव से जानलेवा खतरा हो सकता है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने MP ट्रांसको की सलाह पर महिला को समझाया। पढ़ाई जारी रखने की सहमति मिलने के बाद महिला स्वयं सुरक्षित नीचे उतर आईं। महिला की पहचान ग्राम बौरसी निवासी अज्जू बाई (पति सोनू) के रूप में हुई है। विवाह के बाद भी वे अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थीं, लेकिन परिवार की असहमति के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
देवरिया के पथरदेवा क्षेत्र में दो इंटरमीडिएट छात्राओं को कथित तौर पर शुल्क बकाया होने के कारण प्रवेश पत्र नहीं दिए गए। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। पथरदेवा कस्बा निवासी राजकुमार मद्धेशिया की बेटियां गुड़िया मद्धेशिया और समीक्षा मद्धेशिया महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में जीव विज्ञान वर्ग से इंटर की छात्राएं हैं। वे इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाली हैं। मंगलवार को बोर्ड परीक्षा से पहले दोनों छात्राएं विद्यालय में प्रवेश पत्र लेने पहुंची थीं। आरोप है कि विद्यालय कर्मचारियों ने बकाया शुल्क का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश पत्र देने से इनकार कर दिया और वापस भेज दिया। छात्राओं ने घर जाकर अपने पिता राजकुमार मद्धेशिया को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पिता स्वयं विद्यालय पहुंचे और कर्मचारियों से प्रवेश पत्र देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें भी बिना प्रवेश पत्र दिए लौटा दिया गया। चिंतित अभिभावक ने जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी बेटियों को प्रवेश पत्र दिलाने की मांग की है ताकि वे समय पर बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकें। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और अधिकारी पूरे प्रकरण की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं, विद्यालय के प्राचार्य हरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं का प्रवेश पत्र दे दिया जाएगा और किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रशासन आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति देगा। फिलहाल, परिजन प्रशासन से त्वरित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
सहारनपुर के महीपुरा क्षेत्र में देहरादून रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर मोबाइल चोरी की घटना सामने आई है। पेट्रोल भरवाते समय एक युवक का मोबाइल गिर गया, जिसे वहां मौजूद दो महिलाओं और एक युवती ने उठा लिया। यह पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के बाद तीनों आरोपी महिलाएं एक ऑटो में बैठकर मौके से फरार हो गईं। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित युवक शाहबाज खान ने पुलिस को बताया कि वह अपनी कार में तेल डलवाने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। इसी दौरान जेब से पैसे निकालते समय उनका मोबाइल फोन जमीन पर गिर गया। तेल डलवाने के बाद जब उन्हें मोबाइल गायब होने का अहसास हुआ, तो उन्होंने पेट्रोल पंप परिसर में उसकी तलाश शुरू की और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ भी की। पेट्रोल पंप पर उस समय एक महिला बच्चे को गोद में लिए खड़ी थी, जिसके साथ लाल रंग की जैकेट पहने एक अन्य महिला और एक युवती भी थीं। शाहबाज खान ने जब उनसे मोबाइल के बारे में पूछा, तो तीनों ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। मोबाइल न मिलने पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों की मदद से सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि जैसे ही मोबाइल जमीन पर गिरा, वहां खड़ी महिलाओं ने उसे उठाया और छुपा लिया। कुछ ही देर बाद तीनों महिलाएं पेट्रोल पंप से बाहर निकलीं और एक ऑटो में बैठकर फरार हो गईं। फुटेज में बच्चा गोद में लिए महिला और लाल जैकेट पहने महिला साफ नजर आ रही हैं। पीड़ित ने बताया कि उनका मोबाइल सैमसंग कंपनी का था, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज और निजी डेटा मौजूद था। यह घटना सहारनपुर के देहरादून रोड पर प्रेकुर हॉस्पिटल के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी है।
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने नागौर जिले के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की है। इसमें सबसे बड़ी सौगात मेड़ता क्षेत्र को मिली है, जहा कुड़की से धनेरिया वाया दासवास तक 32.5 किमी लंबी सड़क 40 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। खींवसर में स्टेट हाईवे 87 से नेशनल हाईवे 62 तक 4 किमी का हिस्सा 11 करोड़ की लागत से फोरलेन किया जाएगा। साथ ही, खींवसर के भोजास से भादला इदा की होदी तक 9 किमी सड़क के लिए 3.60 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। डेगाना क्षेत्र में जाखेड़ा से हनुमान बगीची तक 1.75 करोड़ और चुई से कीरोदा तक 1.53 करोड़ की लागत से सड़कें बनेंगी। मेड़ता के भैंसड़ा से चावण्डिया कलां तक 6.5 किमी सड़क के लिए 3.90 करोड़ और जायल की विभिन्न सड़कों के लिए 2.75 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सड़कों के अलावा खींवसर में युवाओं के लिए खेल स्टेडियम बनाया जाएगा। वहीं, खींवसर के 'A' श्रेणी पशु चिकित्सालय को अब बहु-उद्देश्यीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है, जिससे पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। गौरतलब है कि सड़को की स्वीकृति में खींवसर को मूल बजट में भी कई सौगातें मिली थी। आज हुई घोषणाओं में भी सबसे ज्यादा प्रमुखता खींवसर को ही दी गई है। नागौर विधानसभा के लिए इसमें कोई घोषणा नहीं हुई है। मूल बजट में भी नागौर मुख्यालय के लिए अलग से कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई थी जिसकी वजह से नागौर के लोगों को में थोड़ी निराशा है।
विदेश राज्यमंत्री का निजी सचिव बताकर मारपीट की:रमन यादव समेत चार पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
गोंडा जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र में विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया का सोशल मीडिया अकाउंट पर निजी सचिव बताने वाले रमन यादव और तीन अन्य पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। किशुनदास गांव निवासी अमलेश उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि गैस सिलेंडर लेकर घर लौटते समय उनके साथ मारपीट की गई है। पुलिस ने रमन यादव, उनके भाई अजय यादव, विनय यादव और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रमन यादव कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर खुद को विदेश राज्यमंत्री का निजी सचिव बताते हैं और इसी के माध्यम से लोगों पर धौंस जमाने का काम करते हैं। मनकापुर कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच बाल मुकुंद चौहान को सौंपी गई है। मारपीट के दौरान पीड़ित अमलेश उपाध्याय की दाहिनी आंख में चोटें आई हैं। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर में अपना उपचार कराया है। पीड़ित अमलेश उपाध्याय ने बताया कि यह घटना 16 फरवरी को दोपहर लगभग 3 बजे हुई। वह मदन सिंह की गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर लेकर मनकापुर रेलवे क्रॉसिंग होते हुए अपने घर जा रहे थे। क्रॉसिंग पर ही आरोपियों ने उनकी बाइक में अपनी मोटरसाइकिल भिड़ा दी और गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब अमलेश ने इसका विरोध किया, तो रमन यादव, अजय यादव और विनय यादव, जो सगे भाई हैं, ने एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। अमलेश उपाध्याय ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। रमन यादव ने इस दौरान खुद को विदेश राज्यमंत्री व गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह का निजी सचिव बताया। पीड़ित के अनुसार, मारपीट के बाद आरोपियों ने कहा कि फिर तुमको मारेंगे तो मेरा कुछ नहीं कर पाओगे। वहीं इस पूरे मामले को लेकर के मनकापुर कोतवाल अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि तत्काल पीड़ित की शिकायत पर तीन नामजद और एक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले को लेकर के मनकापुर कोतवाली पुलिस द्वारा जांच की जा रही है पीड़ित व्यक्ति का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है आगे की जांच में मनकापुर कोतवाली पुलिस जुटी हुई है।
सहारनपुर नगर निगम की जनसुनवाई में मंगलवार को कुल आठ शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से सफाई से संबंधित दो समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। नगरायुक्त शिपू गिरि ने जनसुनवाई की अध्यक्षता की और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को महानगर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में वार्ड 04 लक्ष्मीपुरम निवासी अशोक कुमार ने कॉलोनी में नियमित सफाई न होने की शिकायत की। इसी तरह, वार्ड 62 मौहल्ला शाह बहलोल निवासी अशरफ खां ने शीश महल वाली गली में गंदगी की समस्या बताई। नगरायुक्त ने इन दोनों शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्रों में सफाई निरीक्षक और सफाई मित्रों को भेजा, जिसके बाद मौके पर ही सफाई कराकर समस्याओं का समाधान किया गया। अन्य सफाई संबंधी शिकायतों में वार्ड 33 रोहित विहार के निशांत पंवार ने नालियों की सफाई, वार्ड 58 बाजार रामानंदी के नवनीत ने जैन अस्पताल के पास सफाई व्यवस्था सुधारने और वार्ड 09 कनिका विहार की अंजु ने नियमित सफाई न होने की शिकायत की। वार्ड 32 मौहल्ला खानआलमपुरा निवासी इनाम अंसारी ने रमजान से पहले विशेष सफाई अभियान चलाने का अनुरोध किया। नगरायुक्त ने इन सभी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में वार्ड 09 निवासी अंजु धींगड़ा ने कनिका विहार कॉलोनी की नालियों से अतिक्रमण हटवाने की मांग की, जिस पर प्रवर्तन दल प्रभारी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वार्ड 62 मौहल्ला शाह बहलोल निवासी अशरफ खां ने शीश महल वाली गली में आवारा कुत्तों की समस्या भी उठाई। इस पर नगरायुक्त ने पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी को निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जनसुनवाई के दौरान अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव और मृत्युंजय, मुख्य अभियंता निर्माण सुरेश चंद सहित नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सुलतानपुर कोर्ट ने अमेठी जिले में चार साल पहले हुए सपा कार्यकर्ता आलोक पाल हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है और उन्हें 20 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रवि शुक्ल ने बताया कि यह घटना 2 मार्च 2022 को संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे गड़ेरियन मौजा राजापुर कोहरा में हुई थी। मृतक आलोक पाल अपने भाई प्रशांत पाल के साथ बाजार जा रहे थे। रास्ते में ननकूदास की कुटी के पास घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में आलोक पाल और प्रशांत पाल दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान आलोक पाल की मौत हो गई थी। मृतक आलोक पाल के पिता रामराज पाल की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही अजय मिश्र, माधवराज मिश्र, आशुतोष मिश्र, दुर्गा प्रसाद और अभिषेक मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें जेल भेज दिया। अब इस मामले में 20 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।
आगर मालवा जिले के सुसनेर में मंगलवार देर शाम देवनारायण मंदिर की जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद हिंसक हो गया। मेला ग्राउंड में 20 साल के युवक विजय पर पिस्टल से फायरिंग की गई। गोली विजय के पैर के आरपार हो गई, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। घायल विजय का कहना है कि देवनारायण मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर पिछले कई महीनों से तनाव बना हुआ है। विजय और उसका पक्ष जमीन को खाली कराकर वहां मंदिर बनवाना चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष अवैध कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं है। इसी खुन्नस में हमलावरों ने विजय को निशाना बनाया और उस पर गोली चला दी। उज्जैन रेफर किया गया घायल वारदात के बाद घायल युवक को तुरंत सुसनेर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए उज्जैन रेफर कर दिया है। पुलिस की कार्रवाई अस्पताल से सूचना मिलने के बाद सुसनेर थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के पोस्टर फाड़े:दो गिरफ्तार, अभद्र टिप्पणी भी की थी; कोर्ट से मिली जमानत
रामपुर जिले के मिलक क्षेत्र में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के पोस्टर फाड़ने तथा उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। यह घटना सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आई। यह मामला रामपुर जिले के मिलक और कैमरी क्षेत्रों से जुड़ा है। यहां सांसद चंद्रशेखर आजाद के पोस्टर क्षतिग्रस्त किए गए और उनके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां की गईं। घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मिलक थाना पुलिस ने इस संबंध में प्रदीप पटेल (निवासी जगदीशपुर, थाना मिलक) और अमित कुमार (निवासी मेघानंगला जदीद, थाना कैमरी) को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों युवकों ने सड़क किनारे लगे विद्युत पोल पर लगे पोस्टरों को फाड़ा और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। गिरफ्तारी से पहले एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें सांसद का नाम लेकर अमर्यादित टिप्पणी की गई थी। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी पुष्कर सिंह ने तत्काल कार्रवाई की। रात में ही दबिश देकर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आवश्यक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों युवकों को जमानत पर रिहा कर दिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए दोनों युवक स्वयं को 'सनातन रक्षक' बताते हैं। हालांकि, इस घटना के बाद किसी बड़े संगठन या सामाजिक समूह की ओर से कोई खुली प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की विवेचना कर रही है और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की भी गहन जांच की जा रही है।
यूपी बोर्ड परीक्षा कल से शुरू:बागपत एसपी की अभिभावकों से अपील, अनाधिकृत वाहनों से बच्चों को न भेजें
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं। इसे लेकर बागपत पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज कुमार राय ने अभिभावकों से छात्रों को अनाधिकृत वाहनों से परीक्षा केंद्रों पर न भेजने की अपील की है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। एसपी राय ने बताया कि कई छात्र-छात्राएं दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश 18 वर्ष से कम आयु के हैं, जो ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्र नहीं होते। साथ ही, कई विद्यार्थी बिना हेलमेट के वाहन चलाते दिख रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने अभिभावकों से परीक्षा अवधि के दौरान बच्चों को सार्वजनिक या अधिकृत परिवहन व्यवस्था से ही परीक्षा केंद्रों पर भेजने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, विवाह समारोहों के कारण डीजे और तेज ध्वनि से छात्र-छात्राओं की परीक्षा की तैयारी प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर, एसपी ने रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। एसपी सूरज कुमार राय ने सभी थाना प्रभारियों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ध्वनि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अनूपपुर जिले में गहराते जल संकट और नदियों की कम होती जलधारा को देखते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मंगलवार को पूरे जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया है। यह निर्णय आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। प्रशासन ने मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 की धाराओं के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। चारों तहसीलों में स्थिति चिंताजनक कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक जिले की चारों तहसीलों अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी और पुष्पराजगढ़ में कुओं और नलकूपों का जलस्तर अत्यधिक नीचे चला गया है। पेयजल और निस्तार की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने के लिए नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाना अनिवार्य हो गया है। अब बिना प्रशासनिक अनुमति के निजी नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सिंचाई और औद्योगिक उपयोग पर पाबंदी आदेश के तहत किसी भी नदी, जलाशय या जलधारा से सिंचाई या औद्योगिक कार्यों के लिए पानी लेने पर रोक लगा दी गई है। पेयजल स्रोतों से सिंचाई करना अब अपराध की श्रेणी में आएगा। नदी-नालों पर संचालित उद्वहन योजनाओं के लिए भी अब ग्राम पंचायत और जल संसाधन विभाग की कड़ी अनुशंसा अनिवार्य होगी। जिन नदी-नालों में प्रवाह रुक गया है, वहां ठहरे हुए पानी के उपयोग की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। 31 जुलाई तक रहेगा प्रतिबंध यदि किसी को विशेष परिस्थिति में नवीन बोरिंग खनन या सफाई करानी है, तो उसे संबंधित SDM को आवेदन देना होगा। एसडीएम की लिखित अनुमति के बाद ही यह कार्य किया जा सकेगा। प्रशासन का यह आदेश 31 जुलाई तक पूरे जिले में प्रभावी रहेगा। नियम तोड़ने पर 2 साल की सजा जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे 2 वर्ष तक का कारावास या 2000 रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों दंड भुगतने पड़ सकते हैं।
शामली में नहर पटरी मार्ग चौड़ीकरण की मांग:एमएलसी मोहित बेनीवाल ने विधान परिषद में उठाया मुद्दा
भाजपा एमएलसी मोहित बेनीवाल ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शामली जनपद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया। उन्होंने भैंसवाल पुल से गधेवड़ा नहर संगम तक पूर्वी यमुना नहर की पटरी मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने की मांग की। एमएलसी मोहित बेनीवाल ने बताया कि यह मार्ग जनपद के कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। वर्तमान में सड़क संकरी और जर्जर होने के कारण किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है। विशेषकर फसल के समय किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में कठिनाई आती है, जिससे समय और संसाधनों का नुकसान होता है। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इस मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूत निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे जिला मुख्यालय तक पहुंच भी आसान और सुरक्षित हो जाएगी। ग्रामीण अंचलों के लोगों को प्रशासनिक कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों के लिए जिला मुख्यालय तक आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। एमएलसी बेनीवाल ने मांग की कि संबंधित विभाग द्वारा जल्द सर्वे कराकर प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने बजट आवंटन सुनिश्चित करते हुए कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका संकल्प है कि विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान परिवारों और ग्राम वासियों का सफर आसान बनाना तथा उन्हें जिला मुख्यालय तक सुगम, सुरक्षित और तीव्र कनेक्टिविटी देना उनकी प्राथमिकता है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सदन में उठाए जाने से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस मार्ग का चौड़ीकरण कार्य शुरू होगा और जनपद को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत दो अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने बड़ौत क्षेत्र में विकसित की जा रही इन कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। पहली कॉलोनी मोहित तोमर, रोहित तोमर पुत्र संजय तोमर और राहुल व वरुण पुत्र वीरेंद्र तोमर द्वारा राज पैलेस के सामने, बड़ौत में लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही थी। दूसरी अनधिकृत कॉलोनी मोहित कुमार पुत्र श्यामलाल, निवासी गोविंद गार्डन के पीछे, बड़ौत द्वारा लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बसाई जा रही थी। ये दोनों कॉलोनियां बिना ले-आउट स्वीकृति और बिना विकास अनुमति के विकसित की जा रही थीं, जो अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। जनहित और सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन अनधिकृत प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित ले-आउट और मानचित्र विकास प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृत हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अनधिकृत तरीके से कॉलोनी विकसित करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लोगों से भी सतर्कता बरतने और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही प्लॉट खरीदने का आग्रह किया गया है।
संतकबीरनगर जिले में मंगलवार को एक किसान की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के जोरवा रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई। सूचना मिलने पर जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान गौरापार निवासी 50 वर्षीय अरविंद गौड़ के रूप में हुई है। उनके भाई रविंद्र गौड़ ने बताया कि अरविंद मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे घर से निकले थे। जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में खलीलाबाद स्थित जीआरपी चौकी पर एक फोटो देखकर शव की पहचान अरविंद गौड़ के तौर पर की गई। अरविंद गौड़ अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे, और सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। उनके चार बेटे हैं, जिनमें सबसे बड़े विनय गौड़ बीटेक करने के बाद पुणे में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। अन्य बेटे विवेक, अनुज और सचिन अभी पढ़ाई कर रहे हैं। घटना के बाद उनकी पत्नी संतोषी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मझले बेटे विवेक ने बताया कि उनके पिता पिछले एक सप्ताह से गुमसुम रहते थे, लेकिन उन्होंने किसी से अपनी परेशानी साझा नहीं की थी। इस दुखद घटना से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन और गांव के लोग गहरे सदमे में हैं। इस संबंध में कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने जानकारी दी कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
विद्याधर नगर क्षेत्र में युवाओं ने गोरक्षा यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी की गई। गोहत्या के विरोध में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में मंगलवार को प्रदर्शन किया गया। खाचरियावास ने आरोप लगाया- गाय के बछड़े की हत्या की घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश है, लेकिन अब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने विधायक गोपाल शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राजभवन जयपुर और राजस्थान विधानसभा भवन का घेराव की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस पर दबाव बनाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जो निंदनीय है। यदि सरकार ने मामले को दबाने का प्रयास किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। राज्यभर में आंदोलन का ऐलानप्रताप सिंह खाचरियावास ने घोषणा की कि प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में गोरक्षा यात्राएं निकाली जाएंगी। उन्होंने कहा- यह घटना गोरक्षा कानून और संविधान दोनों का अपमान है। आरोपी द्वारा वीडियो में गलती स्वीकार करने के बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। पैदल मार्च में सुमित शर्मा, चतर सिंह, प्रदीप तिवारी, विजय मीणा, नरेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “मुख्यमंत्री जवाब दो”, “भाजपा सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए। आंदोलन जारी रखने की चेतावनीप्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- जब तक दोषी विधायक और संबंधित लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर न्याय की लड़ाई लड़ने की अपील की। बता दें कि 9 फरवरी को श्याम नगर थाना इलाके में बछड़े का सिर काटकर चौराहे पर लटकाने की सूचना देने का मामला सामने आया था। इसके बाद पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और सिविल लाइंस के पूर्व पार्षद दशरथसिंह शेखावत ने मोर्चा खोल दिया है। 9 फरवरी को गाय के दूध नहीं देने पर पशु डेयरी संचालक सत्यनाराण उर्फ बंटी शर्मा बछड़े का कटा हुआ सिर ले आया और गाय के सामने टांग दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस उसे थाने ले गई थी।
शहर के पास सदर थाना क्षेत्र के छत्रसालपुरा रोड पर लुटेरों के हौसले बुलंद हैं। बीटीएम (BTM) मिल में काम करने के बाद घर लौट रहे एक कर्मचारी पर 5-6 अज्ञात लुटेरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। लुटेरे कर्मचारी से 16 हजार रुपए की नकदी और उसका मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। काम से लौटते समय हुआ हमला परिजनों ने बताया कि गोविंद पुत्र गुलाबजी गायरी, निवासी नयागांव, बीटीएम मिल में कार्यरत है। मंगलवार रात सवा 8 बजे के करीब वह अपनी शिफ्ट खत्म कर घर की ओर जा रहा था। जब वह छत्रसालपुरा और भापोर के बीच वागड़ श्री कॉलेज के पास पहुंचा, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे 5-6 बदमाशों ने उसे रोक लिया। चाकू और सरिए से किया वार जानकारी के मुताबिक लुटेरों ने गोविंद पर चाकू और सरिए से जानलेवा हमला किया। बदमाशों ने गोविंद के हाथ पर चाकू से वार किया और उसकी गर्दन के पीछे सरिए से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमला करने के बाद लुटेरे उसकी जेब में रखे 16 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीनकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। अस्पताल में कराया भर्ती घायल गोविंद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसका उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार हमलावर लुटेरे थे।
लुधियाना के जगराओं में मंगलवार शाम एसएसपी कार्यालय के बाहर लगाए गए पुलिस नाके पर एक युवक को भारी मात्रा में चिट्टे और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान अजीत नगर निवासी चेतनप्रीत के रूप में हुई है। उसके साथ मौजूद उसके जीजा, जो रामगढ़ भुल्लर के निवासी हैं, को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। नाके पर तलाशी के दौरान चेतनप्रीत की जेब से चिट्टा और नकदी बरामद हुई। पूछताछ में युवक ने दावा किया कि वह चिट्टा बेचता नहीं, बल्कि केवल इसका सेवन करता है। अपने दावे के समर्थन में उसने अपने दोनों हाथ दिखाए, जिन पर इंजेक्शन के स्पष्ट निशान थे। युवक ने बताया कि वह अपनी बाजू पर इंजेक्शन लगाता है। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा आमतौर पर सेवन करने वाले के पास नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के पास पाई जाती है। इसी कारण पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। नेटवर्क तलाश की जा रही ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों ने युवक और उसके जीजा को आगे की कार्रवाई के लिए थाना सिटी पुलिस को सौंप दिया है। बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज सुखविंदर सिंह ने जानकारी दी कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी चिट्टा कहां से लाए थे। कहा कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
विधानसभा बजट बहस के जवाब में उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने झुंझुनूं जिले के विकास को नई रफ्तार देते हुए सौगातों की झड़ी लगा दी है। सदन में दिए गए जवाब में जिले की सड़कों, बिजली तंत्र, जल निकासी और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये की घोषणा की है। सूरजगढ़, उदयपुरवाटी और पिलानी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी होगी बेहतर वित्त मंत्री ने झुंझुनूं में नई सड़कों के निर्माण के लिए खजाना खोल दिया है। सूरजगढ़, उदयपुरवाटी और पिलानी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए घोषणा की गई। सूरजगढ़ क्षेत्र: सूरजगढ़-स्वामी सेही-तोला सेही-डालमियों की ढाणी (NH 11 New) तक 12 किमी सड़क के चौड़ाईकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 9.90 करोड़ रुपये मंजूर। सूरजगढ़ में 10.5 किमी की विभिन्न मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 4.20 करोड़ रुपये। झाझा से भिर् रोड, उरिका से हरियाणा बॉर्डर और कासणी से बीजोली का बास सहित अन्य सड़कों के लिए 3 करोड़ रुपये। राजवीर पुरा से जाखोद कासनी (2.5 किमी) के लिए 1.35 करोड़ रुपये। सूरजगढ़ मंडी से रघुनाथपुरा तक सड़क निर्माण हेतु 50 लाख रुपये। उदयपुरवाटी: उबली के बालाजी से बद्रीनाथ मंदिर तक 3 किमी सड़क निर्माण के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान। पिलानी: गोकुल का बास से पीपली तक 8 किमी सड़क निर्माण के लिए 2.40 करोड़ रुपये आवंटित। जल निकासी और स्वच्छता: गंदे पानी की समस्या से मिलेगी मुक्ति जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज की बड़ी समस्या को देखते हुए करोड़ों के कार्य प्रस्तावित किए हैं। ग्रामीण क्षेत्र: ग्राम पंचायत पातुसरी, खाजपुर, नयासर, समसपुर, ईस्लामपुर एवं कामिसपुरा में गंदे पानी की निकासी और सीसी सड़क निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत। नवलगढ़: नवलगढ़ के घूमचक्कर से लेकर डेडाणा जोहड़ तक ड्रेनेज (निकासी) का कार्य करवाया जाएगा, जिससे शहर में जलभराव की समस्या का समाधान होगा। बिजली उदयपुरवाटी के बाजवा में नए GSS (ग्रिड सब स्टेशन) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में बिजली की वोल्टेज समस्या दूर होगी और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। पशु चिकित्सा: पशुपालकों के हित में पीपली चौक (झुंझुनूं) स्थित पशु चिकित्सा उप-केन्द्र को अब पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत (Upgrade) किया गया है। उदयपुरवाटी में अंबेडकर और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) छात्रावासों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए इनकी सीट क्षमता बढ़ाई गई है। अब इन छात्रावासों में क्रमशः 40 और 70 सीटों की क्षमता होगी, जिससे अधिक छात्र रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण की अहम सुनवाई 18 फरवरी 2026 को जबलपुर उच्च न्यायालय में होगी। पहले यह 16 फरवरी को इंदौर खंडपीठ में प्रस्तावित थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते इसे स्थगित कर 18 फरवरी तक बढ़ा दिया गया था। इस मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा तैयार की गई 98 दिनों की वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट को खोला जाना है। यह रिपोर्ट पहली बार सार्वजनिक की जाएगी और दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी। अब ये फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। उच्चतम न्यायालय द्वारा 22 जनवरी 2026 को दिए गए आदेश के परिपालन तथा उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा 16 फरवरी 2026 को दिए गए निर्देशों के अनुसार, भोजशाला धार से जुड़े हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा दायर रजिस्टर्ड वाद क्रमांक WP 10497/2022 की आगामी सुनवाई 18 फरवरी 2026 को जबलपुर उच्च न्यायालय में होगी। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा एवं विनय सर्राफ की खंडपीठ के समक्ष 60 वें क्रमांक पर सूचीबद्ध है। एएसआई की इस रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला के वास्तविक स्वरूप और उसके धार्मिक भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण दिशा तय होगी। इस कारण यह सुनवाई अत्यंत ऐतिहासिक मानी जा रही है। इस अहम सुनवाई को लेकर हिंदू और मुस्लिम समाज सहित पूरे प्रदेश की निगाहें जबलपुर उच्च न्यायालय पर टिकी हुई हैं। भोजशाला से जुड़ी यह खबर जरूर पढ़ें…भोजशाला पर अलाउद्दीन खिलजी के हमले के 700 साल 23 जनवरी को बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर धार भोजशाला पर एक बार फिर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। हिंदू संगठन दिनभर सरस्वती की पूजा की बात कर रहे हैं। वहीं, मुस्लिम समाज भी नमाज पढ़ने आएगा। पूरी खबर पढ़ें
संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गुमसानी गांव में मंगलवार को एक विवाहिता की छत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गुमसानी निवासी गौरव की शादी कुंदरकी थाना क्षेत्र के जैतिया फिरोजपुर गांव निवासी कविता से हुई थी। परिजनों के मुताबिक कविता का इलाज कुंदरकी में चल रहा था। सोमवार देर शाम वह अपने पति के साथ गुमसानी में महाशिवरात्रि का मेला देखकर लौटी थी। कपड़े सुखाते समय हुआ हादसा मंगलवार शाम 6 बजे कविता कपड़े सुखाने के लिए छत पर गई थी। इसी दौरान वह अचानक गिरकर अचेत हो गई। ससुराल पक्ष के लोग जब छत पर पहुंचे तो वह बेसुध पड़ी थी। आनन-फानन में एक निजी चिकित्सक को बुलाया गया, जिसने उसे मृत घोषित कर दिया। मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप घटना की सूचना ससुराल पक्ष ने मायके वालों को दी। मौके पर पहुंचे मायके पक्ष ने विवाहिता की हत्या का आरोप लगाते हुए डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची और दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी मोहित चौधरी और क्षेत्राधिकारी असमोली कुलदीप कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पूछताछ की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जयपुर एसीबी द्वारा गठित एसआईटी ने जल जीवन मिशन में हुए हजार करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के फाइव स्टार होटल ताज अरावली से मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया। उदयपुर एसीबी एएसपी अनंत कुमार ने बताया- आरोपी को अलसुबह होटल से सोते हुए पकड़ा था। आरोपी उदयपुर में जलदाय विभाग में कार्यरत है। इसके ठिकानों सहित अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है। इसके अलावा एसीबी की करीब डेढ़ दर्जन टीमों ने जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 9 आरोपियों को पकड़ा। इन अफसरों को किया गिरफ्तारचीफ इंजीनियर जयपुर शहर केडी गुप्ता, तत्कालीन मुख्य अभियंता पीएचईडी परियोजना जयपुर दिनेश गोयल, रिटायर्ड तकनीकी चीफ इंजीनियर जयपुर डीके गौड़, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता सिविल पीएचईडी जयपुर निरिल कुमार हाल चीफ इंजीनियर चूरू, तत्कालीन वित्तीय सलाहकार जल जीवन मिशन पीएचईडी जयपुर सुशील शर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर (तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची) शुभांशु दीक्षित, रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता पीएचईडी क्षेत्र प्रथम जयपुर अरुण श्रीवास्तव, रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता पीएचईडी पीआईयू-द्वितीय डीडवाना महेंद्र प्रकाश सोनी (एमपी सोनी), तत्कालीन अधिशाषी अभियंता पीएचईडी शाहपुरा जयपुर हाल निलंबित विशाल सक्सेना को गिरफ्तार किया है। जांच में मिला भ्रष्टाचारजेजेएम घोटाले में एसीबी की ओर से इस संबंध में वर्ष 2024 में केस दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि इसमें फर्म मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी प्रोपराइटर महेश मित्तल और फर्म मैसर्स श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी प्रोपराइटर पदमचंद जैन शामिल हैं। इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर PHED के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री मंगलवार को विशेष विमान से दतिया पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान वह मीडिया के सामने भी मुखातिब हुए। उन्होंने बागेश्वर धाम पर शिवरात्रि के अवसर पर 300 असहाय कन्याओं के विवाह के संबंध में जानकारी दी। बताया कि वे कल (बुधवार) दोपहर 12 बजे डबरा में अपना विशेष दरबार लगाएंगे। बोले- हिंदुत्व का पचरम लहराता रहेउन्होंने मीडिया से कहा कि सनातन हिंदुत्व का पचरम लहराता रहे, यह संकल्प है न रुकेंगे, न थकेंगे और न झुकेंगे। चैरेवेति, चैरेवेति, चैरेवेति। उन्होंने भोपाल में किन्नरों को गोमांस खिलाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि निंदनीय कृत्य है। ऐसे लोगों को समाज में राष्ट्र में रहने का अधिकार नहीं है जो धोखे के साथ लोगों का धर्म परिवर्तन कराते हैं। धर्म परिवर्तन होता ही नहीं है। हम यही कहना चाहते हैं। धर्म परिवर्तन कराने के लिए बड़ी-बड़ी साजिशें की जाती हैं। हिंदू कभी धर्म बदलना नहीं चाहता। बदलवाने के लिए साजिशें की जाती हैं। सनातन के संत बहुत हैं बस बचाना और पचाना दोनों जरूरी है। संत और ग्रंथ की महिमा तभी बनेगी जब हम प्रत्येक व्यक्ति के अंदर संतत्व प्रगट होगा, ग्रंथ के प्रति आभार। एक संत के पीछे भागेंगे तो विचलित रहेंगे। सभी को संत बनना होगा। चार दिन सुनाएंगे हनुमद कथावह दतिया से कार के माध्यम से डबरा की ओर रवाना हुए। यहां वह 4 दिन तक हनुमद कथा सुनाएंगे। इस दौरान उनका दिव्य दरबार भी लगेगा। डबरा में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर शहर में दिनभर वीआईपी मूवमेंट बना रहा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा- हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनने की जरूरत है। किसी से खतरा नहीं है, लेकिन समाज को सजग और सावधान रहना होगा। वे लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित कर रहे थे। हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरन मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने घर वापसी अभियान को तेज करने और हिंदू धर्म में लौटने वालों के सहयोग पर जोर दिया। बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए कहा- घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर करना जरूरी है। सद्भाव और एकता पर जोर भागवत ने कहा- समाज में सद्भाव की कमी से भेदभाव पैदा होता है। हम सभी एक मातृभूमि की संतान हैं और मनुष्य होने के नाते एक हैं। सनातन विचारधारा को सद्भाव की विचारधारा बताते हुए उन्होंने कहा- विरोधियों को मिटाने का नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने का भाव जरूरी है। मातृशक्ति को बताया परिवार की नींव उन्होंने कहा- परिवार की असली ताकत मातृशक्ति है। भारतीय परंपरा में महिलाएं परिवार की दिशा तय करती हैं। महिला को अबला नहीं, बल्कि शक्तिशाली मानते हुए उन्होंने महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। उनके अनुसार भारतीय संस्कृति में महिला को माता का स्थान दिया गया है, जहां उसके वात्सल्य और शक्ति का सम्मान होता है। कानून और सामाजिक समन्वय यूजीसी गाइडलाइन पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- कानून का पालन सभी को करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर संवैधानिक तरीके से बदलाव संभव है। जातिगत विवादों से ऊपर उठकर समाज में अपनापन बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि कमजोर वर्ग को साथ लेकर चलना ही असली प्रगति है। दुनिया संघर्ष से नहीं, समन्वय से आगे बढ़ती है।
दमोह पुलिस ने साइकिल चोर पकड़ा:70 हजार की 7 साइकिलें बरामद, आरोपी को खजरी मोहल्ला से हिरासत में लिया
दमोह कोतवाली पुलिस ने एक शातिर साइकिल चोर को दबोचने में कामयाबी पाई है। पुलिस ने आरोपी के पास से अलग-अलग कंपनियों की 7 साइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 70 हजार रुपए आंकी गई है। मंगलवार शाम को पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। शहर में लगातार हो रही साइकिल चोरी की वारदातों को देखते मुखबिर की खबर पर खजरी मोहल्ला से आशीष पटेल नाम के युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी की एक साइकिल मिली। घर में छिपा रखी थीं 6 और साइकिलें जब पुलिस ने आरोपी आशीष से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर संतोषी माता मंदिर के पास स्थित उसके घर से 6 और साइकिलें बरामद हुईं। आरोपी ने बताया कि वह अक्सर उन सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाता था जहां बच्चे अपनी महंगी साइकिलें लेकर आते थे। कोर्ट में किया पेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हैं।
राजगढ़ जिले के सवांसड़ा गांव से 22 साल पहले लापता हुआ सुरेंद्र आखिरकार जम्मू-कश्मीर में मिला। वर्ष 2004 में 22 साल की उम्र में घर से निकले सुरेंद्र की मानसिक स्थिति उस समय ठीक नहीं थी। भटकते-भटकते वह कश्मीर पहुंच गया। अब 44 साल की उम्र में वह इलाज के बाद अपने परिवार के बीच लौट आया है। दरअसल, परिजनों के अनुसार भूमरिया गांव का रहने वाला सुरेंद्र बिना किसी को बताए अपने ससुराल सवांसड़ा से निकल गया था। शुरुआती दो साल तक परिवार ने रिश्तेदारों, आसपास के जिलों और थानों में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और संचार सुविधाएं सीमित थीं, जिससे संपर्क स्थापित करना संभव नहीं हो सका। धीरे-धीरे परिवार ने मान लिया कि शायद वह अब जीवित नहीं है। पत्नी कविता ने आर्थिक तंगी में बेटे दीपक का पालन-पोषण किया। जब सुरेंद्र गया था तब उसका बेटा दीपक दो साल का था, आज वह 24 साल का है और उसकी शादी हो चुकी है। कुपवाड़ा में मिला, श्रीनगर में चला इलाज भटकते हुए सुरेंद्र जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में मिला। स्थानीय पुलिस ने उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए वर्ष 2025 में उसे श्रीनगर स्थित मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया।अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। धीरे-धीरे जब उसकी हालत में सुधार हुआ तो उसने मध्य प्रदेश और राजगढ़ का नाम बताया। इसके बाद कुपवाड़ा पुलिस ने मध्य प्रदेश के खिलचीपुर क्षेत्र स्थित भोजपुर थाना से संपर्क किया। पुलिस समन्वय के बाद सवांसड़ा गांव के परिजनों को बुलाया गया। श्रीनगर अस्पताल के डॉक्टर के माध्यम से वीडियो कॉल के जरिए से पहचान कराई गई। करीब 10 दिन पहले परिवार को पुष्टि हुई कि 22 साल पहले लापता हुआ व्यक्ति सुरेंद्र ही है। पूर्व मुख्यमंत्री की पहल से हुई घर वापसीपरिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे वापस लाने की थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कश्मीर जाना आसान नहीं था। ऐसे में परिचितों की सलाह पर परिजन दिल्ली पहुंचे और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कश्मीर प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से समन्वय कर सुरेंद्र की घर वापसी सुनिश्चित कराई। 14 फरवरी 2026 की रात जब सुरेंद्र अपने ससुराल सवांसड़ा गांव पहुंचा तो परिवार की आंखें नम हो गईं। पत्नी, बेटा दीपक, साला और ससुर सभी भावुक हो उठे। बेटे दीपक ने कहा, “जब पापा घर से गए थे, मैं सिर्फ दो साल का था। लगा था कि वे कभी नहीं लौटेंगे।” 22 साल की जुदाई के बाद यह पुनर्मिलन न केवल एक परिवार के लिए भावनात्मक क्षण है।
सीकर की पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी में आयोजित सेमेस्टर परीक्षा में फिर अनियमितता सामने आई। M.Sc. केमिस्ट्री के फर्स्ट सेमेस्टर के फिजिकल कैमेस्ट्री-1 पेपर को लेकर स्टूडेंट्स ने आपत्ति जताई। स्टूडेंट्स ने पेपर को आउट ऑफ सिलेबस बताया। सूचना मिलने पर छात्र संगठन SFI के कार्यकर्ता मंगलवार को मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने यूनिवर्सिटी में धरना दिया। SFI के छात्र प्रतिनिधि देवराज हुड्डा ने बताया- M.Sc. कैमेस्ट्री सेमेस्टर-1 की परीक्षा में थर्ड सेमेस्टर का सिलेबस पूछना स्टूडेंट्स के साथ अन्याय है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद बार-बार ऐसी लापरवाही हो रही है। स्टूडेंट्स ने दिया धरना पेपर में अनियमितताओं को लेकर स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक की सीढ़ियों पर धरना देकर बैठ गए। धरने में शामिल कैमिस्ट्री डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने गलत प्रश्नों को हटाने, सही सिलेबस के अनुसार अंक देने, भविष्य में एग्जाम्स में अनियमितताओं पर रोकथाम लगाने की मांग की। इस मौके पर पीयूष चौधरी, आशीष सिहाग, विजेंद्र, निखिल, जयंत फगड़िया, अभिषेक सोनू सैन, मुस्कान, खुशी, अंकित, आकांक्षा, भगवान सिंह, प्रदीप, रतन मौजूद थे। 23 फरवरी को होगा पेपरपेपर मामले में प्रदर्शन के चलते देर शाम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने M.Sc. केमिस्ट्री के फर्स्ट सेमेस्टर के फिजिकल कैमेस्ट्री-1 पेपर को आउट ऑफ सिलेबस माना। अब 23 फरवरी को पहली पारी में पेपर आयोजित करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। स्टूडेंट्स ने दोबारा एग्जाम होने के आदेश जारी होने के बाद कहा- बच्चों को बार-बार परेशान करने की बजाय यूनिवर्सिटी प्रशासन को एग्जाम पेपर्स की क्वालिटी सुधारने की जरुरत है।
शाजापुर जिले में मंगलवार को अभिभाषक संघ के वार्षिक चुनाव हुए। इस चुनावी प्रक्रिया में उपाध्यक्ष पद के लिए हुए त्रिकोणीय मुकाबले में गिरधारीलाल देवतवाल ने अपने प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुए जीत हासिल की। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान संघ के कुल 350 सदस्यों में से 284 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे मतदान का प्रतिशत काफी बेहतर रहा। उपाध्यक्ष बने गिरधारीलाल देवतवाल उपाध्यक्ष पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में गिरधारीलाल देवतवाल को कुल 188 मत प्राप्त हुए, जिसके आधार पर उन्हें 92 मतों के बड़े अंतर से विजयी घोषित किया गया। उनके प्रतिद्वंदी मदनसिंह चौहान को मात्र 53 और शिव कलेशरिया को 39 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस पूरी मतदान प्रक्रिया के दौरान सावधानी बरती गई, जिसमें कुल 3 वोट निरस्त पाए गए और एक अधिवक्ता ने नोटा (NOTA) का विकल्प चुना। प्रमुख पदों पर निर्विरोध निर्वाचन अभिभाषक संघ की अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए आपसी सहमति से निर्विरोध निर्वाचन हुआ। अध्यक्ष पद पर करणसिंह गुर्जर ने कमान संभाली, जबकि शैलेंद्र वर्मा को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। विकास सक्सेना सह सचिव, तेजकरन मेवाड़ा लाइब्रेरियन सचिव और नरेंद्र जायसवाल को निर्विरोध कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया। एक सप्ताह से जारी थी चुनावी हलचल पिछले एक सप्ताह से चल रही इस पूरी चुनावी प्रक्रिया का समापन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया और उम्मीद जताई कि नई टीम वकील समुदाय के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करेगी।
हिसार जिले में सेशन जज अलका मलिक की कोर्ट ने गांव रावलवास कलां निवासी सुरेश की हत्या के मामले में तीन दोषियों सरजीत, सत्येंद्र और सतबीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी सरजीत का अपने परिवार के सदस्यों के साथ नहरी पानी के बंटवारे को लेकर मृतक सुरेश से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने एकजुट होकर सुरेश पर हमला कर दिया था। हमले में सुरेश को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण सुरेश ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था। 10 फरवरी को ठहराया दोषी थाना सदर पुलिस ने इस हत्याकांड को लेकर आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323 और 302 के तहत साल 2021 मे मामला दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रावलवास कलां निवासी सरजीत, सत्येंद्र और सतबीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं के आधार पर जिला कोर्ट ने 10 फरवरी को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया था। मंगलवार को सेशन कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
खन्ना पुलिस ने नशा तस्करी और गैंगस्टरवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान गैंगस्टरों पर वार के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जगपाल सिंह उर्फ जोगी को गिरफ्तार कर हेरोइन सप्लाई चेन को तोड़ने का दावा किया है। आरोपी के पास से ड्रग मनी, अवैध हथियार, फर्जी असला लाइसेंस और कारतूस बरामद किए गए हैं। एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देश पर थाना सदर खन्ना की टीम ने गांव दहेड़ू में यह कार्रवाई की। जगपाल सिंह जोगी को पहले से दर्ज एक मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में रणदीप सिंह और अश्वीर नामक दो आरोपियों को पहले ही 6 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा जा चुका था। जांच में पता चला कि यह गिरोह गांवों में हेरोइन की आपूर्ति कर युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा था। डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि जगपाल सिंह जोगी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित 20 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर नशे की तस्करी में लिप्त था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने जोगी के कब्जे से 47,500 रुपये की ड्रग मनी, तरनतारन से बनवाया गया एक फर्जी असला लाइसेंस, एक अवैध पंप एक्शन 12 बोर राइफल, आठ जिंदा कारतूस और चार खाली कारतूस बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी गुरजीत सिंह उर्फ गुरी निवासी हरबंसपुरा और दो अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर नशे की आपूर्ति करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुरजीत सिंह उर्फ गुरी को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 5 ग्राम 50 मिलीग्राम हेरोइन बरामद हुई है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न टीमें छापेमारी कर रही हैं। डीएसपी विनोद कुमार ने यह भी बताया कि जगपाल सिंह जोगी का पुराना संबंध गांधी गैंग से रहा है। पुलिस इस पहलू से भी जांच कर रही है।
मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और नई ट्रेनों की मांग को लेकर मंगलवार को रेल संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। जब कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, तो नाराज प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध जताते हुए ज्ञापन को नर्मदा नदी में विसर्जित कर दिया। अपनी मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वहां एडीएम और एसडीएम ज्ञापन लेने आए, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर को ही बुलाने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कलेक्टर नहीं आए, तो कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और माहिष्मति घाट जाकर ज्ञापन नर्मदा जी को सौंप दिया। प्रमुख रेल मांगें समिति ने रेलमंत्री के नाम तैयार ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी थीं- ट्रेनों का विस्तार: इंदौर-नैनपुर पेंचवैली ट्रेन और पातालकोट एक्सप्रेस को मंडला फोर्ट तक बढ़ाया जाए। नई रेल सेवाएं: मंडला से नागपुर और जबलपुर के लिए दिन में दो बार ट्रेन चलाई जाए। साथ ही भोपाल के लिए रात की ट्रेन शुरू हो। कनेक्टिविटी: मंडला को छत्तीसगढ़ से जोड़ने के लिए बालाघाट-गोंदिया होकर नई ट्रेन शुरू की जाए। सर्वे और निर्माण: साल 2017 में स्वीकृत पेंड्रा-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला रेल लाइन का काम शुरू हो और मंडला-घंसौर के बीच 35 किमी नई लाइन बिछाई जाए। स्टेशन का विकास: मंडला स्टेशन पर कोचिंग डिपो, पिटलाइन और यात्रियों के लिए विश्राम गृह जैसी सुविधाएं तैयार की जाएं। रेल संघर्ष समिति का कहना है कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं और प्रशासन की अनदेखी के कारण जिला रेल सुविधाओं में पिछड़ रहा है।
लखनऊ के शिया पीजी कॉलेज में दो दिवसीय 'एक्सप्रेशन्स यूथ फेस्ट-2026' संपन्न हो गया। 'कला के माध्यम से अभिव्यक्ति' थीम पर आयोजित इस फेस्ट में 16 और 17 फरवरी को शहर के कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कल्चरल कमेटी की समन्वयक प्रो. जर्रीन ज़हरा रिज़वी ने बताया कि इस वर्ष फेस्ट में उत्साहजनक भागीदारी रही। लखनऊ विश्वविद्यालय, इंटीग्रल विश्वविद्यालय और भातखंडे संगीत संस्थान विश्वविद्यालय सहित कुल 19 संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में फोटोग्राफी, फिल्म रिव्यू, डिबेट, स्टोन पेंटिंग, स्लोगन राइटिंग, रंगोली, कोलाज, सेल्फी कॉन्टेस्ट, ग़ज़ल, कविता लेखन, पोस्टर मेकिंग, मेहंदी, बैतबाजी, कार्ड मेकिंग और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट शामिल थे। इन महाविद्यालय के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया प्रतियोगिता परिणामों में शिया महाविद्यालय के प्रतिभागियों ने 11 प्रथम, 3 द्वितीय और 6 तृतीय स्थान प्राप्त कर ओवरऑल विजेता का खिताब जीता। लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज उप-विजेता रहा, जिसने 2 प्रथम और 3 द्वितीय स्थान हासिल किए। आईटी पीजी कॉलेज के छात्रों ने 3 द्वितीय, 4 तृतीय और 1 सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। मजलिस-ए-उलेमा के सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूथ फेस्ट में छात्राओं की सफलता यह दर्शाती है कि उचित अवसर मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के ज्वाइंट सेक्रेटरी सैयद आमिर अली रज़ा ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और संस्थान के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्राचार्य प्रो. एस. शबीहे रज़ा बाक़री ने कहा कि छात्रों का उत्साह और रचनात्मकता सराहनीय रही, और फेस्ट अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ संपन्न हुआ। आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो. एम.एम. अबु तैय्यब ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र, मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रदीप शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बाड़मेर और बालोतरा जिले के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बाड़मेर के तारातरा में मिनी खेल स्टेडियम बनाने और बालोतरा के सिवाना में सिंथेटिक हांकी ग्राउंड बनाने की घोषणा की है। बाड़मेर और बालोतरा जिले में सड़कों के लिए 34.63 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वहीं जोजरी व बांडी नदी से गिरने वाले ट्रेटेड वाटर को पाइप लाइन से रिफाइनरी पचपदरा तक पहुंचाने के लिए डीपीआर बनाने की घोषणा की है। दरअसल, वित मंत्री और डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने 11 जनवरी को बजट विधानसभा में पेश किया गया। उस बजट पर चर्चा करने के बाद उस पर जवाब देते हुए वित मंत्री ने कई घोषणाए की है। जिसमे बाड़मेर और बालोतरा के लिए सड़क, पाइप लाइन, खेल और हेल्थ में घोषणा की है। अब सिलसिलेवार पढ़िए बजट घोषणाएं सड़क निर्माण पानी पाइप लाइन और बनेगी डीपीआर युवा विकास एवं कल्याण हेल्थ सुविधाएं ………………………………. बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बाड़मेर के तीन कॉलेज में शुरू होगा विंड-प्लांट कोर्स:राजस्थान के खजुराहो 'किराडू मंदिर' को 3 करोड़; 851 गांवों का जल संकट दूर होगा प्रदेश की वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने बुधवार (11 फरवरी) को तीसरी बार तीसरा फुल बजट पेश किया। इसमें बाड़मेर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, उद्योग, रोजगार और टूरिज्म को लेकर घोषणाएं की गई है। पूरी खबर पढ़िए
कानपुर देहात के संदलपुर ब्लॉक के कसोलर गांव में मंगलवार को 11000 वोल्टेज की बिजली लाइन की चपेट में आने से 22 वर्षीय युवक अंकित की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अंकित बटाई पर लिए गए खेत में बोई गई सरसों की फसल देखने गया था। खेत मालिक रामनरेश मिश्रा के खेत में ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्टेज की लाइन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए औरैया के चिचौली स्थित जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने अंकित को मृत घोषित कर दिया। मृतक अंकित अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता अमर सिंह और माता सरवती देवी का इस घटना से गहरा दुख है। बड़े भाई राकेश, मुकेश और उमेश भी सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार राकेशचंद्र और नायब तहसीलदार सुधीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति और लिखित आश्वासन मिलने तक धरने पर अड़े रहे।
भोपाल में जल सुनवाई...पानी के 177 सैंपल लिए:8 लैब में जांच के लिए भेजे; 47 लीकेज सुधारे भी सुधारे
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 30 से ज्यादा मौतों के बाद भोपाल समेत पूरे प्रदेश में हर मंगलवार को जल सुनवाई हो रही हैं। मंगलवार को भी नगर निगम ने सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक सभी 85 वार्डों में जल सुनवाई की। इस दौरान पानी के कुल 177 सैंपल लिए गए। जिन्हें जांच के लिए 8 लैब में भेजा गया। हालांकि, इनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और न ही पिछले सैंपल की रिपोर्ट निगम ने सार्वजनिक की है। निगम के अनुसार, 13 जनवरी से अब तक हुई जल सुनवाई में झुग्गी बस्ती क्षेत्रों के 4409 स्थान सहित शहर में कुल 9914 जल के नमूने लेकर 8 परीक्षण शालाओं के माध्यम से जल की गुणवत्ता की जांच कराई। साथ ही 1864 लीकेज सुधारे। निगम अमले ने वर्तमान तक 5749 सीवेज चैंबरों की सफाई कराई। जांच में ये देखा जा रहापानी के नमूने लेकर गंध, रंग, स्वाद, रेसिडुअल क्लोरीन, पीएच, टरबीडिटी व बैक्टेरिया की जांच की जा रही है। बता दें कि कुछ दिन पहले नाली के पानी को ही निगम कर्मचारियों ने पीने योग्य बता दिया था। इसके बाद वार्ड ऑफिस में जांच न करते हुए पानी के सैंपल को लैब में भेजा जा रहा है। पिछली 2 जल सुनवाई में यही हो रहा है।
सीतापुर में मंगलवार शाम को पत्नी बुर्का पहनकर पति की जासूसी करने पहुंची। तभी पति को महिला टीचर के साथ जाते हुए देखा। पत्नी ने पति का कॉलर पकड़कर रोका। वहीं बीच चौराहे पर टीचर पति को थप्पड़ जड़ दिया। महिला वीडियो में पति ने साथ में पढ़ाने वाली महिला टीचर के साथ अवैध संबंध की बात कही। वहीं अवैध संबंध के शक में हुई इस घटना का वीडियो सामने आया है। जिसमें दोनों के बीच मारपीट देखा जा सकता है। पति-पत्नी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मामला तंबौर थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, मीनू नागर को अपने पति अजय नागर पर एक महिला टीचर से अवैध संबंध होने का शक था। आरोप है कि इसी वजह से पति लंबे समय से घर नहीं जा रहा था। मंगलवार को मीनू अपनी मां और 10 वर्षीय बेटी के साथ बुर्का पहनकर पति की रेकी करते हुए बेहटा स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंची। जैसे ही उसने पति को महिला के साथ जाते देखा, उसने चौराहे पर उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पत्नी ने पति को थप्पड़ मार दिए। मीनू नागर ने कहा- मैं चार साल से तुझे देख रही हूं, तूने मेरी जिंदगी बर्बाद कर रखी है…मेरे खिलाफ डाइवर्स डालेगा। मेरी 9 साल की बेटी है...वो कहा गई। जो तेरे साथ थी। भाइयों ये कह रहा है कि 29 तारीख को वो कोर्ट मैरिज करेगा। उसे नैनीताल ले जाएगा....। इस दौरान बीच सड़क पर हो रहे इस घटनाक्रम को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। जिसका वीडियो सामने आया है। 2014 में हुई थी शादी पत्नी मीनू नागर का कहना है कि उसकी शादी 2014 में अजय नागर से हुई थी। उनकी एक 10 वर्षीय बेटी है। उसका आरोप है कि पति का ब्लॉक के एक स्कूल में तैनात महिला टीचर से संबंध है। जिसके कारण वह परिवार की जिम्मेदारी नहीं निभा रहा था। वहीं शिक्षक अजय नागर ने पत्नी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए थाने में तहरीर दी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर मारपीट कर उनकी छवि खराब की गई। आरोप है कि उसकी पत्नी मीनू नागर और सास सहित बेटी ने उसके साथ मारपीट की है। घरेलू विवाद में पत्नी पर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश राय ने बताया- दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर दी गई है । मारपीट का वीडियो सामने आया है। दोनों पक्षों के बयान और वीडियो के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। ---------------------------- ये भी पढ़ें… नोएडा इंजीनियर की मौत के बाद परिवार ने देश छोड़ा:पिता-बहन लंदन गए, घर में ताला लगा; SIT रिपोर्ट पर एक्शन नहीं नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे युवराज को खोने वाले पिता और बहन ने देश छोड़ दिया है। घटना के एक महीने बाद वह लंदन चले गए। उनके फ्लैट पर ताला लगा है। वहां कोई नहीं है। घटना 16 जनवरी की देर रात की है। युवराज मेहता अपने पिता के सामने कार समेत डूब गए थे। SIT अपनी जांच रिपोर्ट 27 जनवरी को सौंप चुकी है। इसपर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
गोरखपुर में जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम को लेकर समन्वित और ठोस कार्य योजना तैयार करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। मंगलवार को RMRC में जिला जूनोटिक समिति की पूर्व परामर्श बैठक आयोजित हुई, जिसमें रैबीज सहित विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, निगरानी व्यवस्था और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में RMRC के निदेशक डॉ. हरिशंकर जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स के अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रभावी नियंत्रण के उपायों पर अपने सुझाव दिए। जिला कार्य योजना बनाने पर जोरबैठक के दौरान जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने पर सहमति बनी। सहयोगी संस्था जपाइगो के सहयोग से आयोजित बैठक में बीमारियों की रोकथाम, निगरानी तंत्र को मजबूत करने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की रणनीति पर चर्चा हुई। रैबीज और एवियन इंफ्लुएंजा को लेकर समन्वित मॉडल पर काम करने की जरूरत पर सभी हितधारकों ने सहमति जताई। समन्वित मॉडल से मिलेगा बेहतर नियंत्रणमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि प्रदेश में पीलीभीत के साथ गोरखपुर में भी इस तरह के समन्वित मॉडल पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य ऐसी प्रभावी कार्य योजना तैयार करना है जिससे जानवरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम को मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इसी मॉडल के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है और अन्य बीमारियों पर भी इसी तरह काम आगे बढ़ाया जाएगा। गैर संचारी रोगों पर भी क्षमता बढ़ाने की पहलमुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए भी जिले में क्षमता संवर्धन कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शहर के एक होटल में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम और बेहतर उपचार व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
लखनऊ में स्मार्ट किडीज प्ले स्कूल का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। यह कार्यक्रम कानपुर रोड स्थित सेक्टर एच एलडीए कॉलोनी के स्कूल परिसर में आयोजित किया गया। दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे दर्शकों में उत्साह भर गया। इस अवसर पर शिक्षा और बच्चों के समग्र विकास पर विशेष चर्चा की । बच्चों के विकास में माता-पिता की भूमिका इस मौके पर डॉ. ऊषा पाठक ने बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए विद्यालय स्टाफ की सराहना की और बच्चों को आशीर्वाद दिया। प्रदीप कुमार वर्मा ने भी सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार को बधाई दी। डॉ. दिनेश कुमार ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बच्चों के विकास में माता-पिता की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन शिशिर दत्त ने किया। इस मौके पर प्रधानाचार्या संगीता शुक्ला, स्मार्ट टॉडलर के संरक्षक वेद प्रकाश तिवारी, सेंटर हेड अपर्णा शुक्ला सहित स्कूल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। वार्षिकोत्सव ने बच्चों को अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। ये लोग शामिल हुए कार्यक्रम में मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में ए.पी सेन डिग्री कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. ऊषा पाठक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त एजीएम प्रदीप कुमार वर्मा शामिल थे। सेंटर हेड चंद्रलेखा शुक्ला ने स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों का स्वागत किया।
अंबिकापुर के नावापारा इलाके में कार से स्टंट करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कार मालिक पर 37 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। रविवार दोपहर को तीन नाबालिग कार से चर्च रोड में स्टंट कर रहे थे। इसमें एक नाबालिग कार की बोनट पर लेटा हुआ था, दूसरा कार चला रहा था और तीसरा खिड़की से बाहर लटककर जानलेवा स्टंट कर रहा था। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने नाबालिगों को तत्काल हिरासत में लेकर परिजनों को थाने में तलब किया और कार एमजी हेक्टर कार को जब्त कर लिया था। पुलिस ने परिजनों को सख्त चेतावनी दी और बच्चों को जमानत पर छोड़ दिया था। न्यायालय ने लगाया जुर्माना, लाइसेंस भी रद्द होगा मामले की जांच में पाया गया कि वाहन नाबालिग चला रहा था। उसके साथ दो अन्य नाबालिग कार में सवार थे। पुलिस ने वाहन स्वामी को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 133 के तहत नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाया गया। इसके बाद एमजी हेक्टर (क्रमांक सीजी 15 ईई 5665) को जब्त कर लिया गया। नाबालिग चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 4/181 और 184 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, वाहन मालिक ने नाबालिग को कार उपलब्ध कराने पर धारा 199(ए) और 5/180 के तहत भी अपराध दर्ज हुआ। जुर्माना मौके पर जमा न होने के कारण वाहन मालिक जितेंद्र सोनी (32) निवासी एमजी रोड, पटपरिया के खिलाफ मामला न्यायालय में पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लव रघुवंशी ने वाहन मालिक को 37,000 रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, पुलिस द्वारा उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
शाजापुर आबकारी अधिकारी सस्पेंड:कलेक्टर के आदेशों का पालन न करने पर संभागायुक्त ने हटाया
उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने शाजापुर के जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। इन पर कलेक्टर के आदेशों का पालन न करने और अपनी ड्यूटी निभाने में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत की गई है। सस्पेंशन के दौरान विनय रंगशाही का मुख्यालय शाजापुर कलेक्टर ऑफिस रहेगा और उन्हें नियम के हिसाब से गुजारा भत्ता मिलता रहेगा। उज्जैन अधिकारी को मिला जिम्मा संभागायुक्त ने शाजापुर आबकारी विभाग का अतिरिक्त काम उज्जैन की जिला आबकारी अधिकारी निधि जैन को सौंप दिया है। वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ-साथ शाजापुर का काम भी देखेंगी। यह नई व्यवस्था तुरंत लागू कर दी गई है।
प्रयागराज में कोरांव थाना क्षेत्र के छापर हरदौन गांव में एक महीने पहले लापता हुए युवक का शव तैमूर पहाड़ी के जंगल में पत्थरों और झाड़ियों से ढका हुआ मिला है। जितेंद्र कुमार पुत्र लोलर आदिवासी, निवासी छापर हरदौन, 3 जनवरी की रात से घर से लापता था। मंगलवार शाम को उसका शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें चरवाहों ने बताई दुर्गंध आने की बात परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को जंगल में जितेंद्र की तलाश शुरू की थी। इसी दौरान बकरी चराने वाले चरवाहों ने एक खदान से दुर्गंध आने की सूचना दी। जब ग्रामीण और परिजन खदान के पास पहुंचे, तो वहां से तेज दुर्गंध आ रही थी। पुलिस की मौजूदगी में पत्थरों और झाड़ियों को हटाकर जितेंद्र का कंकालनुमा शव बाहर निकाला गया। निकाला कंकालनुमा सूखा शव शव पूरी तरह से सूख चुका था और उस पर चोट के निशान भी थे। शव के पास मृतक का कोट और एक पैर में जूता भी बरामद हुआ। इन परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि जितेंद्र की हत्या लगभग एक महीने पहले कर दी गई थी और उसके शव को जंगल की खदान में पत्थरों व झाड़ियों से ढक दिया गया था। मजदूरी करता था जितेन्द्र जितेंद्र चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और उसकी शादी नहीं हुई थी। चारों भाई मजदूरी करके गुजारा करते थे। जबकि पिता लोलर एक किसान है। पुलिस पर छानबीन न करने का आरोप शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। मां और बहन सहित अन्य परिजनों का कहना था कि सोमवार को भी पुलिस से बात हुई थी, तब पुलिस ने बेटे के जिंदा होने की बात कही थी। सूखा हुआ शव मिलने से परिजनों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी गई। परिजन कर रहे हंगामा मौके पर नायब तहसीलदार राम मूरत भी पहुंच गए हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक एसडीएम नहीं आएंगे तब तक शव नही देंगे। समाचार लिखे जाने तक परिजन शव पुलिस को नहीं सौंप रहे थे और देर शाम तक हंगामा जारी रहा। 15 दिन पहले मामले में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस और परिजन दोनों उसकी तलाश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है-राकेश कुमार वर्मा, थाना प्रभारी कोरांव
टीकमगढ़ में पिकअप ने बाइक सवारों को कुचला:माता-पिता की मौत, बेटा-भतीजी घायल; ड्राइवर मौके से भागा
टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। डारगुवां और देवरदा के बीच एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनका 8 साल का बेटा और 17 साल की भतीजी गंभीर रूप से घायल हैं। ग्राम बरमे के रहने वाले गणेश लोधी (45) और उनकी पत्नी कल्लूबाई (40) अपने बेटे आशीष और भतीजी राजकुमारी के साथ बाइक से सातखेरा गांव जा रहे थे। इसी दौरान बल्देवगढ़ की ओर से आ रहे पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। पिकअप की टक्कर इतनी भयानक थी कि दंपति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मासूम बेटा और भतीजी घायल हादसे में 8 साल के आशीष का पैर बुरी तरह कुचल गया है, वहीं राजकुमारी को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पिकअप चालक मौके से भाग निकला। सूचना मिलने पर एफआरबी 112 मौके पर पहुंची और घायलों को बल्देवगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने गाड़ी जब्त की पुलिस ने पिकअप वाहन को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक गणेश के परिवार में एक बेटा और तीन बेटियां हैं। पति-पत्नी के शवों को बल्देवगढ़ स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखा गया है, जिनका बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में वार्षिक महोत्सव 'मिस्टिका' की शानदार शुरुआत हुई। इस दो दिवसीय इवेंट में मैनेजमेंट के छात्रों ने अपनी प्रतिभा और इनोवेटिव आइडियाज का प्रदर्शन किया। इस महोत्सव में कानपुर के 10 से अधिक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट कॉलेजों के छात्र अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वरिष्ठ उद्यमी बलराम नरूला ने कहा कि, शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक और तकनीकी महोत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये परिसर में उल्लास का माहौल पैदा करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, विशिष्ट अतिथि अतुल सेठ ने वर्तमान समय की मांग को रेखांकित करते हुए कहा कि आज का दौर उद्यमिता का है। हमें पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ स्टार्टअप और बिजनेस माइंडसेट को बढ़ावा देना चाहिए। महोत्सव के पहले दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों का उत्साह देखते ही बना। 'क्विज क्राफ्टिंग' में जहाँ छात्रों ने अपने ज्ञान का लोहा मनवाया, वहीं 'स्टार्टअप आइडियाज' और 'स्टोरी टेलिंग' जैसी स्पर्धाओं में युवाओं ने भविष्य के बिजनेस मॉडल पेश किए। कार्यक्रम के दौरान मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर यश तिवारी का एक विशेष सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने छात्रों को करियर और जीवन की चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए। स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पांडया ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमेशा से ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। 'मिस्टिका' जैसे आयोजन छात्रों को किताबी ज्ञान से बाहर निकलकर व्यावहारिक चुनौतियों को समझने का मौका देते हैं। कार्यक्रम की संयोजक अर्पणा कटियार ने बताया की,महोत्सव के दूसरे दिन 18 फरवरी को भी सुबह से ही विभिन्न रोमांचक प्रतियोगिताओं का सिलसिला जारी रहेगा। पहले दिन के कार्यक्रम का सफल संचालन गौरी सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अंशु यादव, सहायक निदेशक डॉ. सुदेश श्रीवास्तव, डॉ. चारु खान, डॉ. सिधांशु राय, डॉ. विवेक सचान, डॉ. प्रशांत त्रिवेदी और समृद्धि सहित कई शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।
एयू बैंक ने दो दुकानों पर लिया कब्जा:नीमच में एक करोड़ के प्रॉपर्टी लोन बकाया होने पर की कार्रवाई
नीमच में मंगलवार को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लोन न चुकाने पर दो दुकानों को सील कर दिया। मंगलवार को बैंक ने यह कदम SARFAESI एक्ट, 2002 के तहत कोर्ट के आदेश पर उठाया और पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों दुकानों पर भौतिक कब्जा ले लिया। जानकारी के मुताबिक, एलआईसी ऑफिस के सामने स्थित एक बिल्डिंग की पहली मंजिल पर बनी दो दुकानों पर प्रॉपर्टी लोन लिया गया था। ये दुकानें जगदीश चंद्र रामचंद्र बेरवा और शिव शक्ति पात्र भंडार के नाम पर थीं। दोनों दुकानों पर 50-50 लाख रुपए का लोन था। लंबे समय से किस्तें न चुकाने के कारण बैंक की कुल एक करोड़ रुपए की राशि बकाया हो गई थी। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब बैंक के मैनेजर विवेक चौहान ने बताया कि उधारकर्ताओं को समय-समय पर नोटिस भेजे गए और खुद मिलकर पैसे जमा करने को कहा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पहले दुकानों पर नोटिस चिपकाए गए और चेतावनी दी गई कि अब इन पर बैंक का अधिकार है। ताले तोड़कर लिया कब्जा तय समय सीमा के अंदर भी भुगतान न होने पर बैंक की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। कोर्ट के आदेश से दुकानों के ताले तोड़े गए और बैंक ने अपना कब्जा जमा लिया। कार्रवाई के दौरान काफी भीड़ जमा हो गई और आसपास के व्यापारियों में भी इसकी चर्चा रही। अब होगी नीलामी बैंक अधिकारियों ने साफ किया है कि अब इन दुकानों की कीमत का आकलन (वैल्यूएशन) कराकर इनकी सार्वजनिक नीलामी की जाएगी। नीलामी से जो पैसा मिलेगा, उससे बैंक अपना कर्ज वसूल करेगा। अगर पैसा ज्यादा मिला तो बचा हुआ हिस्सा मालिक को लौटा दिया जाएगा, और अगर कम रहा तो बाकी वसूली के लिए दूसरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए खैरथल-तिजारा जिले के लिए कई घोषणां की। इन घोषणाओं से सरकारी कर्मचारियों, छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब ट्रेनिंग की दो वर्ष की अवधि के दौरान यदि कोई कर्मचारी केंद्र या राज्य की अन्य सेवा में चयनित होता है और वर्तमान पद छोड़ता है, तो उससे वेतन-भत्तों की वसूली नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में, मुण्डावर-खैरथल तिजारा स्थित अम्बेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की सीट क्षमता बढ़ाकर 50 की जाएगी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएँ मिल सकेंगी। आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए मुण्डनवाड़ा कलां (मुण्डावर) में 33/11 केवी जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) का निर्माण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी। सड़क निर्माण के तहत, किशनगढ़बास क्षेत्र में लगड़बास से अमरसिंह के घर तक 1.5 किलोमीटर लंबी डामर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सेंटर फॉर एकेडमिक में मंगलवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ब्रह्मानंद कॉलेज द्वारा आयोजित 'सतत विकास लक्ष्य (SDG) रणनीतियां और चुनौतियां' विषय पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन के बाद, इससे संबंधित महत्वपूर्ण शोध पुस्तक और 'सेमिनार प्रोसीडिंग' का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा वित्त पोषित इस पुस्तक में दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विशेषज्ञों के शोध पत्रों को संकलित किया गया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने लेखकों और संपादकों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में सतत विकास की अवधारणा को केवल समझना ही काफी नहीं है, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के लिए सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस पुस्तक के संपादन में प्रो. ईशा यादव, प्रो. पंकज पांडेय और प्रो. दीप्ति शिखा ने मुख्य भूमिका निभाई है। पुस्तक की खासियत यह है कि इसमें अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान प्रस्तुत किए गए उच्च स्तरीय शोध पत्रों को शामिल किया गया है। प्रो. पाठक ने संतोष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज ऐसे गंभीर अकादमिक विषयों पर विमर्श कर रहे हैं, जो भविष्य में नए शोधार्थियों के लिए एक गाइड बुक (मार्गदर्शक) की तरह काम करेंगे। विमोचन के अवसर पर ब्रह्मानंद कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विवेक द्विवेदी और डायरेक्टर प्रो. आर.के. द्विवेदी भी मौजूद रहे। उन्होंने कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। इस कार्यक्रम में प्रो. नवनीत मिश्र, प्रो. रीता अवस्थी सहित कई वरिष्ठ प्राध्यापक और शिक्षाविद उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अकादमिक प्रयास को शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के मंच पर मंगलवार को मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘नशा’ जीवंत हो उठी। मौका था विश्वविद्यालय के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में चल रहे चार-दिवसीय 'संभागीय नाट्य समारोह' के दूसरे दिन का। इण्डियन आर्ट एण्ड कल्चरल सोसाइटी, कौशाम्बी के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दिखाया कि कैसे परिस्थितियां बदलते ही इंसान के आदर्श और सिद्धांत हवा हो जाते हैं। नाटक ने समाज के दोहरे चरित्र और अमीरी के 'नशे' पर तीखा प्रहार किया। दो दोस्तों की कहानी, वर्ग संघर्ष और बदलता व्यवहार तेजेन्द्र सिंह ‘तेजू’ के निर्देशन में पेश किया गया यह नाटक दो दोस्तों ईश्वरी और वीर के इर्द-गिर्द घूमता है। ईश्वरी एक रईस जमींदार का बेटा है, जबकि उसका मित्र वीर एक साधारण क्लर्क का पुत्र है। नाटक की शुरुआत में वीर को एक ऐसे क्रांतिकारी युवक के रूप में दिखाया गया है। जो जमींदारों की विलासिता और उनके मजदूरों के प्रति व्यवहार की कड़ी आलोचना करता है। वह समानता और गांधीवादी मूल्यों की बातें करता है, लेकिन यह आदर्शवाद तब तक ही कायम रहता है जब तक वह अभाव में रहता है। जब चढ़ा झूठी शान का 'नशा' कहानी में मोड़ तब आता है जब छुट्टियों के दौरान वीर अपने दोस्त ईश्वरी के साथ उसके गांव जाता है। वहां ईश्वरी उसे एक ‘गांधीवादी कुंवर साहब’ के रूप में पेश करता है। राजसी ठाठ-बाट, नौकरों की चाकरी और मिलने वाले विशेष सम्मान के बीच वीर धीरे-धीरे अपने सिद्धांतों को भूलने लगता है। वह खुद उन बुराइयों और अहंकार का हिस्सा बन जाता है, जिनकी वह कल तक निंदा करता था। नाटक बहुत ही मार्मिक ढंग से यह संदेश देने में सफल रहा कि सत्ता और संपत्ति का नशा शराब के नशे से भी ज्यादा गहरा होता है, जो इंसान की पहचान बदल देता है। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ और सीएसजेएम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय विकास परिषद के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी रहे। उन्होंने कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नाटक समाज को आईना दिखाने का काम करते हैं।इस अवसर पर स्वामी हरिदास नाट्य अकादमी के निदेशक डॉ. राज कुमार त्रिपाठी, संगीत नाट्य अकादमी के कार्यक्रम समन्वयक प्रशांत यादव और प्रो. मीतकमल सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। दर्शकों ने कलाकारों के जीवंत अभिनय और कहानी के सटीक रूपांतरण की तालियों के साथ सराहना की।
सिरसा जिले की नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के चेयरमैन सूरजभान बुमरा के खिलाफ दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव का पत्र जिला उपायुक्त को सौंपा गया है। 30 सदस्यीय समिति के 21 सदस्यों ने यह प्रस्ताव दिया है, जिसमें उन्होंने चेयरमैन की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त किया है। सदस्यों द्वारा सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि वे चेयरमैन सूरजभान बुमरा की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करना चाहते हैं। उन्होंने उपायुक्त से नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। यह पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इससे पहले भी नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष के खिलाफ 11 नवंबर 2024 को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि, 20 नवंबर 2024 को यह प्रस्ताव गिर गया था और चेयरमैन सूरजभान बुमरा की कुर्सी बच गई थी। पिछली बार अविश्वास प्रस्ताव विफल हुआ था पिछली बार जिला उपायुक्त ने 20 नवंबर 2024 को बीडीपीओ कार्यालय नाथूसरी चोपटा में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में एडीसी लक्षित सरीन और बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव मौजूद थे। 30 सदस्यों में से 22 सदस्य बैठक में पहुंचे थे, जिनमें से 13 सदस्यों ने सूरजभान बुमरा के पक्ष में मतदान किया, जबकि 9 सदस्य विपक्ष में रहे। 8 सदस्य बैठक में अनुपस्थित थे। इस प्रकार, पिछली बार अध्यक्ष सूरजभान बुमरा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव विफल हो गया था। गौरतलब है कि सूरजभान बुमरा को सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना गया था। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़कर इनेलो का दामन थामा था। सर्वसम्मति से चेयरमैन बने थे सूरजभान नाथूसरी चौपटा पंचायत समिति के चेयरमैन का चुनाव 23 दिसंबर 2022 को सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। बीडीपीओ कार्यालय नाथूसरी चौपटा में नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सूरजभान बूमरा चाहरवाला को चेयरमैन सर्वसम्मति से चुना गया और वाइस चेयरमैन पद के लिए मांगेराम पूनिया खेड़ी को सर्वसम्मति से चुना गया। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद के लिए सर्वसम्मति से चयन के लिए समाजसेवी कप्तान मीनू बेनीवाल की हम भूमिका रही। एसडीएम राजेंद्र कुमार, बीडीपीओ युद्धवीर सिंह की उपस्थिति में शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया में पंचायत समिति चेयरमैन पद के लिए सूरजभान चाहरवाला ने अपना नामांकन दाखिल किया। वाइस चेयरमैन के लिए मांगे राम पुनिया खेड़ी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद के लिए मात्र 1--1 नामांकन दाखिल किए गए। निर्वाचन अधिकारियों ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के लिए और किसी भी उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल न करने पर सूरजभान बुमरा चाहरवाला को चेयरमैन व मांगेराम खेड़ी को वाइस चेयरमैन घोषित किया
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में एक सरकारी शिक्षक के जन्मदिन के जश्न में सरेआम तलवार लहराने का मामला सामने आया है। बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। यह घटना 13 फरवरी की है। यह पूरा मामला विजयराघवगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी दुबे के पति और शासकीय शिक्षक हरीश दुबे के जन्मदिन से जुड़ा है। बस स्टैंड के पास आयोजित इस कार्यक्रम में काफी भीड़ जुटी थी। जैसे ही केक काटने का वक्त आया, भीड़ में मौजूद एक युवक ने अचानक नंगी तलवार निकालकर हवा में लहराना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोग सहम गए। मौके पर मौजूद थे थाना प्रभारी हैरानी की बात यह है कि जब यह सब हो रहा था, तब विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी रीतेश शर्मा भी वहीं मौजूद थे। तलवार देखते ही उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया और युवक को फटकार लगाते हुए तलवार अपने कब्जे में ले ली। हालांकि, उस वक्त चेतावनी देकर मामला शांत कर दिया गया था, लेकिन अब मंगलवार को वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षक और पुलिस की सफाई जिनका जन्मदिन था, उन शिक्षक हरीश दुबे का कहना है कि कुछ लड़कों ने जोश में आकर तलवार निकाल ली थी, जिसे तुरंत हटवा दिया गया। यह कोई जानबूझकर किया गया प्रदर्शन नहीं था। वहीं, थाना प्रभारी रीतेश शर्मा ने बताया कि वे गश्त पर थे, तभी उन्होंने देखा कि एक युवक अपने घर के पूजा घर से तलवार लेकर वहां आ गया है। उन्होंने तत्काल उसे डांटा और तलवार हटवाई। युवक को सख्त हिदायत दी गई है कि दोबारा ऐसी हरकत न हो।
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के मेरठ केंद्र ने जेईई मेन 2026 (सेशन-1) में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। केंद्र के 37 छात्रों ने उत्कृष्ट पर्सेंटाइल हासिल कर संस्थान और शहर का नाम रोशन किया है। परिणाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित किए गए, जिसमें मेरठ सेंटर के छात्रों ने बेहतरीन सफलता दर्ज की। शिवाशीष चौहान बने टॉप स्कोररमेरठ केंद्र में इस वर्ष शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ शिवाशीष चौहान ने 99.93 पर्सेंटाइल हासिल कर टॉप स्कोरर बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने फिजिक्स और मैथ्स में 99 पर्सेंटाइल प्राप्त कर लगभग परफेक्ट ओवरऑल स्कोर हासिल किया। उनके साथ अन्य छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आदित्य परमार ने 99.92 पर्सेंटाइल, हर्षित गोयल ने 99.91 पर्सेंटाइल, वेदांत अग्रवाल ने 99.87 पर्सेंटाइल और ऋषि अग्रवाल ने 99.86 पर्सेंटाइल प्राप्त किए। लक्ष्य गर्ग ने 99.71 पर्सेंटाइल, श्रेयस्थ वर्मा ने 99.66 पर्सेंटाइल, अंश सिंघल ने 99.54 पर्सेंटाइल, जानवी चौधरी ने 99.41 पर्सेंटाइल, आदित वर्मा ने 99.39 पर्सेंटाइल तथा रिद्धि भाटिया ने 99.33 पर्सेंटाइल हासिल कर केंद्र का नाम रोशन किया। रीजनल डायरेक्टर धनंजय कुमार मिश्रा ने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इसे मजबूत शैक्षणिक प्रणाली और नियमित मूल्यांकन प्रक्रिया की सफलता बताया। 99.937 पर्सेंटाइल पाने वाले शिवाशीष चौहान का बड़ा लक्ष्यजेईई में 99.937 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले शिवाशीष चौहान अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि वे 99.99 पर्सेंटाइल का लक्ष्य लेकर चल रहे थे, लेकिन तीन सिली मिस्टेक्स के कारण यह संभव नहीं हो पाया। शिवाशीष ने बताया की उन्होंने कक्षा 9 से जेईई की तैयारी शुरू की थी और स्कूल और कोचिंग के बीच बेहतर संतुलन कारण वो ये मुकाम हासिल कर पाए है। वर्तमान में वे 12वीं कक्षा में हैं और बोर्ड परीक्षा के साथ जेईई की तैयारी संतुलित तरीके से कर रहे हैं। उनका लक्ष्य आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल ब्रांच में प्रवेश लेना है। आगे चलकर वे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनना चाहते हैं। उन्होंने असफल छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि जेईई की तैयारी में डेडिकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। असफलता अंत नहीं है, बल्कि सुधार का अवसर है। छात्रों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय आत्म-अनुशासन, नियमित अभ्यास, समय पर मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट को दिया। संस्थान के संरचित पाठ्यक्रम और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्हें अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार करने में मदद मिली।
लखनऊ नगर निगम का सालाना बजट कार्यकारिणी में पेश करने से पहले मेयर सुषमा खर्कवाल ने विशेष सदन बुलाया है। 21 फरवरी को विशेष सदन की में पुनरीक्षित बजट की पुष्टि की जाएगी। इसके साथ ही कई अन्य मुद्दे को लेकर चर्चा की जाएगी। इसमें मुख्य बजट से जुड़ा एजेंडा भी शामिल होगा। वहीं, 22 जनवरी को बजट कार्यकारिणी की बैठक भी होगी। दरअसल, नगर निगम का मुख्य बजट 2026-27 कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाएगा। नगर निगम की ओर से शहर के विकास कार्य के लिए 2200 करोड़ से ज्यादा का बजट रखा गया है। नगर निगम के अधिकारियों को सूचित किया बजट में सड़क निर्माण से लेकर कूड़ा प्रबंधन पर पर जोर रहेगा। साथ ही आमदनी के लिए कई अन्य मदों पर जोर दिया जाएगा। मेयर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि, शहर के विकास के लिए विशेष सदन बुलाया गया है। नगर निगम के अफसरों को सूचित कर दिया गया है।
गोड्डा-पीरपैंती मुख्य मार्ग पर मेहरमा चौक के पास एक अनियंत्रित ट्रैक्टर दुकान में घुस गया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है, जो डोई से मजदूरी कर घर लौट रहा था। हादसे के वक्त वह दुकान पर अपनी साइकिल ठीक करवा रहा था। घायलों में ट्रैक्टर चालक राजन कुमार राम (30), विनोद कुमार (20), सुमन कुमार (20) और कैलाश महलदार शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही मेहरमा थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर के निर्देश पर पुलिस अवर निरीक्षक राजकिशोर शर्मा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहरमा भेजा गया। ईंट अनलोड कर ट्रैक्टर मेहरमा की तरफ आ रहा था प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर सूड़नी की ओर से ईंट खाली कर तेज रफ्तार में मेहरमा की तरफ आ रहा था। चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर सीधे दुकान में जा घुसा। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक कथित तौर पर शराब के नशे में था। थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर ने बताया कि चालक राजन कुमार को सदर अस्पताल गोड्डा रेफर किया गया है, जबकि घायल कैलाश महलदार को मायागंज भेजा गया है। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर लिया है और मामले की जांच के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। सात साल पहले हुई थी शादी मृतक राकेश कुमार के दो छोटे पुत्र हैं, जिनकी उम्र छह और चार वर्ष है। उनका विवाह सात वर्ष पूर्व हुआ था। राकेश दो माह पहले दिल्ली से अपने घर लौटे थे और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
समाज में एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 12 दिवसीय एनीमिया जागरूकता रथ अभियान की शुरुआत मंगलवार को की गई। अभियान के तहत रथ को इंदौर में भ्रमण के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वर्ष अभियान के माध्यम से इंदौर शहर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 20 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यह 12 दिवसीय अभियान 17 फरवरी से 1 मार्च तक चलेगा, जिसका आयोजन सांसद सेवा प्रकल्प इंदौर, आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन एवं एडवांस्ड होम्योपैथिक सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एके द्विवेदी कर रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के खंडवा रोड परिसर में किया गया। इस अवसर पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई, कुलसचिव प्रज्ज्वल खरे, डॉ. वैभव चतुर्वेदी, डॉ. अथर्व द्विवेदी, दीपक उपाध्याय, विनय पांडेय सहित कार्य परिषद के सदस्य और अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। जागरूकता से ही एनीमिया पर लग सकती है रोकइस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा कि डॉ. द्विवेदी द्वारा संचालित यह एनीमिया जागरूकता रथ समाज में इस बीमारी के प्रति व्यापक चेतना फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि एनीमिया की रोकथाम जागरूकता से ही संभव है और ऐसे अभियान समाज के सभी वर्गों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनने के लिए प्रेरित करते हैं। समय पर जांच और इलाज जरूरीडॉ.द्विवेदी ने कहा कि एनीमिया को लेकर समय रहते जांच एवं इलाज कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथी चिकित्सा एनीमिया के विभिन्न प्रकारों में प्रभावी रूप से सहायक सिद्ध हो रही है। देश में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के बीच एनीमिया तेजी से फैल रही एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जिसे रोकने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत दो जागरूकता रथ प्रतिदिन इंदौर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों में भ्रमण करेंगे। रथ के साथ छात्रों की टीम भी रहेगी, जो लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करेगी। विशेष रूप से “गुड़-चना खाएं, रक्त बढ़ाएं” संदेश के साथ प्रतीकात्मक रूप से गुड़ और चना वितरित किए जाएंगे।
कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों को प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने और विद्यार्थियों की आत्महत्या की रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण के लिए राज्य सरकार नए नियम बनाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक करके सुझाव मांगे हैं और विद्यार्थियों के मानसिक दबाव से उत्पन्न होने वाली गंभीर परिस्थितियों को रोकने के नियम सबके सुझावों पर मंथन के बाद जारी किए जाएंगे। राजधानी के सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय भोपाल में कोचिंग संस्थानों के नियमों को लेकर हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन और कोचिंग संचालकों के बीच संवाद हुआ। यह संवाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की आत्महत्या की रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण के लिए तय की जाने वाली व्यवस्था के अंतर्गत किए गए। इसमें कोचिंग सेंटरों के लिए नियम तैयार कर उसे नोटिफाइ कर लागू किया जाएगा। स्टूडेंट्स को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना होगाअपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने विद्यार्थियों, बैठक में शामिल करने वाले विभागों के प्रतिनिधियों, कोचिंग सेंटर संचालकों एवं समिति सदस्यों से सुझाव लिए। एसीएस राजन ने कहा कि विद्यार्थियों में बढ़ती मानसिक दबाव की स्थिति को गंभीरता से समझते हुए घटनाओं की प्रभावी रोकथाम आवश्यक है। कोचिंग संस्थानों को भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए और विद्यार्थियों को सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों और मानसिक समस्याओं का सामना नहीं कर पाते, जिसके कारण गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। इसलिए सभी संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों के हित में एक प्रभावी नियम तैयार किया जाना है, जिससे मानसिक दबाव से उत्पन्न होने वाली गंभीर परिस्थितियों को रोकने में मदद मिल सके। हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करेंअपर मुख्य सचिव राजन ने कहा कि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए। बैठक के दौरान राज्य में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण, बेहतर संचालन, निर्धारित मानकों का पालन, कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी शुल्क व्यवस्था, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए एक समयबद्ध और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर चर्चा की गई। साथ ही सुझाव प्राप्त किए गए। यह बैठक प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के संचालन को सुव्यवस्थित, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने कहा कि विद्यार्थियों को यह जानकारी अवश्य होनी चाहिए कि उनके लिए ऐसे माध्यम उपलब्ध हैं, जहां वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सहायता और मार्गदर्शन पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर उचित सहयोग और परामर्श मिलने से विद्यार्थियों को मानसिक दबाव से उबरने में सहायता मिलती है और सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। बैठक के दौरान एम्स के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तन्यम जोशी ने प्रजेंटेशन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी प्रदान की। बैठक में गृह विभाग, जिला न्यायालय भोपाल, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, तकनीकी शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग, एडिशनल डीसीपी पुलिस और एनएलआईयू के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मन्दसौर जिले के पिपलियामंडी में स्थित कृषि उपज मंडी एशिया की प्रसिद्ध मंडियों में शुमार है, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के चलते यहां से लगातार अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आ रही है। मंगलवार शाम मंडी गेट से लेकर ग्राम गुड़भेली तक करीब दो किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। नगर के मुख्य मार्ग पर लगभग दो घंटे तक भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर उपज से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य मालवाहक वाहन मुख्य सड़क पर खड़े नजर आए। मंडी परिसर के बाहर न तो स्पष्ट पार्किंग व्यवस्था दिखाई दी और न ही सुव्यवस्थित एंट्री-एग्जिट प्लान। परिणामस्वरूप पूरे नगर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई और राहगीरों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। पुलिस की मशक्कत भी पड़ी कमस्थिति बिगड़ने पर पिपलियामंडी चौकी पुलिस ने करीब एक घंटे पहले बेरिकेड लगाकर जाम को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिसकर्मी लगातार वाहनों को व्यवस्थित करने में जुटे रहे, लेकिन मंडी परिसर के भीतर व्यवस्थागत कमी के चलते जाम पूरी तरह नहीं खुल सका। कुछ ही देर में मंडी गेट के बाहर लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों ने मंडी प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि जब रोजाना भारी संख्या में उपज से भरे वाहन पहुंच रहे हैं तो क्या सीजन से पहले कोई ठोस ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया था। नागरिकों का आरोप है कि प्रभावी प्रबंधन के अभाव में आए दिन जाम की स्थिति बनती रहती है, जिससे नगरवासी वर्षों से परेशान हैं।
बुरहानपुर पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे महाराष्ट्र के रहने वाले एक आरोपी को मंगलवार को कर्नाटक के बीजापुर से गिरफ्तार किया है। इस आरोपी पर मजदूरों को बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नेपानगर क्षेत्र से 32 मजदूरों को गन्ना कटाई के काम के लिए अधिक पैसे का लालच देकर कर्नाटक ले गया था। वहां उसने इन मजदूरों को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। एक मजदूर किसी तरह वहां से भाग निकला और नेपाननगर आकर पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस टीम कर्नाटक पहुंची और बंधक बनाए गए मजदूरों को मुक्त कराया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। अब नेपानगर थाना पुलिस ने उसे कर्नाटक के बीजापुर से गिरफ्तार कर लिया है। यह है पूरा मामलानेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया 12 फरवरी 2024 को नवलसिग पिता गुलाब सिंग निवासी साईंखेड़ा ने शिकायत की थी कि 1 दिसंबर 2023 को उसका रिश्तेदार मालु पचावा निवासी मलगांव, जीजा संजु बड़ोले निवासी चेनपुरा ने कहा कि कर्नाटक में गन्ना कटाई करने जाएं तो अच्छे पैसे मिलेंगे इसलिए हमने काम की सहमति दे दी। इसके बाद एक पिकअप वाहन से 32 लोग सोनेमुहा तहसील धारूण जिला बीड़ महाराष्ट्र गए। वहां से एक ट्रक में आरोपी बाला साहेब तोंडे कुलगिरी कर्नाटक गन्ना कटाई के लिए ले गया। दो माह तक वहां सभी ने काम किया। जब पैसा मांगा तो आरोपी ने खाने, पीने का सामान दिया और सभी के मोबाइल छुड़ा लिए। घर वालों से भी बात नहीं करने देता था। घर आने का कहने पर आरोपी कमरे में बंद कर मारपीट की और मोबाइल से फोन पे के माध्यम से 15-15 हजार रूपए प्रत्येक मजदूर से वापस मांगे। 1 फरवरी 2024 को नवल सिंह ट्रेन से भागकर नेपानगर आया और उसने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी, बच्चे और गांव के 28 महिला, पुरूष, बच्चे बाला साहेब टोंडे के कब्जे में हैं। छह मजदूरों से पंद्रह पंद्रह हजार रूपए भी उसने अपने खाते डलवा लिए। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बाला पिता विश्नाथ तोंडे निवासी सोनीमुहा बीड़ के खिलाफ केस दर्ज कर मामला जांच में लिया, लेकिन तभी से आरोपी फरार चल रहा था। कईं बार पकड़ने गई टीम, फरार हो जाता था आरोपीटीआई ज्ञानू जायसवाल ने बताया आरोपी को पकड़ने के लिए कईं बार टीम उसके निवास स्थान सोनीमुहा बीड़ महाराष्ट्र गई थी, लेकिन वह शातिर किस्म का है और पुलिस के आने की भनक लगने पर फरार हो जाता था। साइबर सेल की मदद से मोबाइल टॉवर लोकेशन कर्नाटक पता चलने पर टीम गठित कर उसे वहां से धरदबोचा गया। टीएम में एएसआई सुनील दुबे, आरक्षक मनमोहन शामिल थे। आरोपी को कर्नाटक के देवर हिप्पपुर जिला बीजापुर में मिला। उससे पूछताछ के बाद कल (बुधवार) कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जबलपुर से विहार करते हुए डिंडौरी पहुंचे प्रसिद्ध जैन संत मुनि श्री 108 प्रमाण सागर महाराज का सकल जैन समाज ने भव्य स्वागत किया। नगर के स्थानीय गार्डन में आयोजित 'शंका समाधान' कार्यक्रम में मुनि श्री ने जीवन, धर्म और राजनीति से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर अत्यंत सरल और तार्किक ढंग से दिए। बोले- राजनेता जनता का विश्वास खोने लगते हैं कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम ने वर्तमान समय में मानवता के खतरे और धर्मों के बीच बढ़ती श्रेष्ठता की होड़ पर प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि आज मारने वाले शक्तिशाली हैं और बचाने वाले संघर्ष कर रहे हैं। इस पर मुनि श्री ने कहा देश को आगे बढ़ाने में राजनेताओं का योगदान कम नहीं है, लेकिन जब राजनीति 'सेवा' की जगह 'पेशा और व्यापार' बन जाती है, तब राजनेता जनता का विश्वास खोने लगते हैं। इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने सलाह दी कि राजनेताओं को निष्ठावान बनकर राष्ट्र सेवा को ही अपना परम धर्म मानना चाहिए। पुण्य और बुद्धि का संबंध बताया पुण्य और सातिशय पुण्य के अंतर पर मुनि श्री ने रावण और ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए समझाया कि पुण्य तो उनके पास भी था, लेकिन उस पुण्य ने उनकी बुद्धि बिगाड़ दी और वे मानवता के लिए कलंक बन गए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को 'सातिशय पुण्य' की ओर बढ़ना चाहिए जिससे बुद्धि निर्मल रहे और मन सन्मार्ग पर चले। बच्चों की परवरिश और मन की शुद्धि मुनि श्री ने कहा कि आज के तर्कसंगत बच्चों से माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए। यदि किसी सवाल का जवाब न हो, तो उसे स्वीकार करें और उन्हें ऐसे उत्तर दें जो उनके हृदय में उतर सकें। उन्होंने समझाया कि केवल सुनने या जानने से जीवन नहीं बदलता। जो बात मुख से कही जाए, उसे दिल से मानना जरूरी है। जब विचार हृदय में उतरता है, तभी जीवन में व्यापक परिवर्तन आता है। जियो और जीने दो का सिद्धांत बताया मुनि श्री ने वर्तमान में घटती संवेदनशीलता पर चिंता जताते हुए कहा कि शक्ति के बल पर संप्रभुता बढ़ाने वाले लोग भी अंत में शांति की ही शरण लेते हैं। पूरी मानव जाति को 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत पर चलना चाहिए।
सरहिंद क्षेत्र के गांव शेखूपुरा के पास एक गंदे नाले से बड़ी मात्रा में गोवंश के अवशेष मिलने से इलाके में भारी तनाव फैल गया है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को नाले में संदिग्ध बोरियां पड़ी होने की सूचना मिली थी, जिससे क्षेत्र में तीव्र दुर्गंध फैली हुई थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने नाले की सफाई करवाकर जब बोरियों को बाहर निकलवाया, तो उनमें गोवंश के अवशेष और गोमांस भरा पाया गया। इस घटना के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों के सदस्यों में गहरा रोष व्याप्त है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी कुलवीर सिंह मौके पर पहुंचे और गोमांस की पुष्टि की। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के सहयोग से बरामद अवशेषों को विधिवत तरीके से जमीन में दफन करवा दिया है। हिंदू संगठनों ने की कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय गौ रक्षा दल के अध्यक्ष डीडी राणा और अन्य हिंदू नेताओं ने मौके पर पहुंचकर इस घटना की कड़ी निंदा की। राणा ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित कत्लखाना चलाने जैसा मामला है और अंदेशा जताया कि लगभग 500 गोवंश की हत्या कर उनके अवशेष यहां फेंके गए हैं। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि खन्ना और आसपास के इलाकों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे तस्करी नेटवर्क को बेनकाब करने की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस जांच की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए डीएसपी कुलवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर छापेमारी की जा रही है घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उन वाहनों और व्यक्तियों की पहचान की जा सके जिन्होंने इन अवशेषों को नाले में फेंका था। पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घटना के तार अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
कोतवाली क्षेत्र के बिहारीनगर इलाके में एक मजार तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का लगभग एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पांच-छह युवक हथौड़े से मजार तोड़ते और मलबा एक ठेला रिक्शा में भरते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। एसएचओ कोतवाली के अनुसार, यह वीडियो नवयुग मार्केट के पास स्थित बिहारी नगर कॉलोनी की मजार को तोड़ते हुए दिखा रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह वीडियो लगभग दो महीने पुराना है। वीडियो के आधार पर एक युवक की पहचान आदर्श दूबे के रूप में हुई है। पुलिस ने आदर्श दूबे के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। हालांकि, उसके अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन वहां कोई मलबा नहीं मिला। स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया कि उस स्थान पर पहले एक मजार थी, लेकिन कुछ समय से वह मौजूद नहीं है। यह जानकारी घटना के पुराने होने की पुष्टि करती है। एसएचओ कोतवाली ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस वायरल वीडियो की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
नरसिंहपुर जिले के करेली अंतर्गत सासबहू गांव में नवजात बच्ची की हत्या करने वाली मां को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मंगलवार को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कीर्ति कश्यप ने यह फैसला सुनाते हुए दोषी महिला पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह दिल दहला देने वाली घटना 27 जुलाई 2025 की है। सासबहू गांव में तालाब के पास कचरा फेंकने की टंकी में एक नवजात बच्ची का लहूलुहान शव मिला था। पुलिस जांच में पता चला कि बच्ची के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे और उसकी हत्या करीब 6-7 घंटे पहले की गई थी। ब्लेड से रेता था गला विवेचना के दौरान पुलिस ने द्रोपती उर्फ मुंडो रजक को पकड़ा। महिला ने पहले दावा किया कि बच्ची मृत पैदा हुई थी, इसलिए उसने उसे कचरे में फेंक दिया। हालांकि, पुलिस ने वह ब्लेड बरामद कर लिया जिससे बच्ची का गला काटा गया था। इसके बाद 28 जुलाई को आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रेमलता खरे ने पैरवी की। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। ये खबर भी पढ़ें- मां ने नवजात बेटी को कचरे में फेंका, मौत:नरसिंहपुर में पति से अलग रह रही थी आरोपी, पुलिस ने गिरफ्तार किया नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपनी नवजात बेटी को कचरे में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह पति से अलग रहती है। अवैध संबंध छिपाने के इरादे से नवजात को फेंका था। पढ़ें पूरी खबर...
फाल्गुन मास की भोमवती अमावस्या पर मेनार कस्बे के ओंकारेश्वर चौक स्थित प्राचीन ठाकुरजी मंदिर में सामूहिक छप्पन भोग मनोरथ का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस महापर्व के छप्पन भोग का सौभाग्य देवीलाल पुत्र नंदलाल मेरावत एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ। सुबह भगवान ठाकुरजी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराया गया, जिसके बाद उनका विशेष श्रृंगार किया गया। ठाकुरजी को स्वर्ण मुकुट धारण करवाया गया और मोगरा, कश्मीरी गुलाब, देशी गुलाब और दाऊदी पुष्पों से खाटूश्यामजी की तर्ज पर आकर्षक सज्जा की गई। पुजारी जगदीश वैष्णव ने ठाकुरजी को स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित कर विशेष पिछवाई, मंडफिया और सांवलियाजी शैली की पोशाक धारण करवाई, जिससे श्रद्धालु अनुपम छवि के दर्शन कर भावविभोर हो उठे। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ग्रामीणों ने पूरे मंदिर को पुष्प सज्जा और दुधिया रोशनी से आकर्षक रूप से सजाया था। शाम करीब 4:30 बजे भगवान ठाकुरजी को विभिन्न प्रकार के 56 व्यंजनों से छप्पन भोग अर्पित किया गया। छप्पन भोग के पश्चात भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। छप्पन भोग से पूर्व मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। ठाकुरजी कुण तो सजाया, मोती चमके चमके, पचरंगी या पाग, श्याम थे आछ्या बिराज्या, मेनार मायने, झुलनी पे सेठ सांवरो झुलवा ने जावे सा, मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे, महारानी लागे, जमुना जी रो पानी लागे जैसे अनेक भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भजन संध्या के दौरान महिलाओं ने भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने छप्पन भोग के दर्शन किए और प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर मेनार सहित आसपास के गांवों जैसे रुंडेड़ा, खरसान, वाना, बांसड़ा, खेरोदा, बाठरड़ा खुर्द, मावली डांगियान, इंटाली और नवानिया से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कोटा शहर में बिजली लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते बुधवार सुबह से दोपहर तक कई क्षेत्रों में निर्धारित समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। निजी बिजली कंपनी ने लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों के रखरखाव के लिए शटडाउन लेने की जानकारी दी है। इस दौरान तकनीकी टीमें वायरिंग, पोल और फीडर की जांच करेंगी। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और सहयोग बनाए रखें। मेंटेनेंस पूरा होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इन इलाकों में रहेगा पावर कट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक: कंसुआ, जेके कॉलोनी, डीसीएम चौराहा, डीसीएम रोड, कंसुआ चौराहा, बॉम्बे योजना, सूरसागर, श्रीराम नगर, इंदिरा गांधी नगर, कंसुआ शिव मंदिर, काली बस्ती, अग्रवाल पैलेस, नारी निकेतन, नेवाजी पेट्रोल पंप, नांता ईदगाह क्षेत्र, अभेड़ा तिराहा नांता, के्रशर क्षेत्र, बालाजी मार्केट, एलआईसी बिल्डिंग, यूआईटी ऑडिटोरियम, मेडिकल कॉलेज क्वार्टर, श्रीनाथपुरम सेक्टर-1, शिव सागर 1,2, शिवाजी नगर, वैशाली नगर, शिवाजी नगर स्पेशल, विनायक रेजीडेंसी, चंदन नगर, कृष्णा विहार,मस्जिद गली, सब्जी मंडी, दानमलजी का आहता स्टेशन इलाकों की बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक: सिटी मॉल और आसपास का क्षेत्र, न्यू जवाहर नगर इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक: जेपी कॉलोनी, श्मशान रोड, बापू कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, कैलाशपुरी, गणेशपुरा, संजय नगर, हुसैनी नगर, चौपड़ा फार्म, तेल घर, नेहरू नगर, गोपाल मिल कॉलोनी, प्रताप कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, अंबेडकर कॉलोनी, जगदंबा कॉलोनी, तापड़िया फार्म, सरस्वती कॉलोनी, भगत सिंह कच्ची बस्ती, आदर्श नगर श्रीराम कॉलोनी, रिद्धि सिद्धि कॉलोनी, भदाना, द्वारकापुरी, गणेश विहार, सिद्धि विनायक, आइस फैक्ट्री भदाना, श्रीनाथ विला रंगपुर रोड, किशन विहार, पंचवटी नगर, गुरुधाम कॉलोनी रोटेदा रोड, शारदा विहार, शुभम विहार, रोटेदा गांव, भदाना गांव, नया गांव इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10:30 से दोपहर 2 बजे तक: श्रीराम रेयन्स कॉलोनी में बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 11:30 से दोपहर 3:30 बजे तक: गोपाल टॉवर के पास, शॉपिंग सेंटर, फोटो मैक के आसपास, सरस्वती कॉलोनी गली नंबर - 6, 7, 8 बजे तक बिजली कटौती की जाएगी।
2.5 करोड़ में एनिकट, 5 करोड़ में बनेगी पुलिया:बजट रिप्लाई में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने की घोषणा
राजस्थान विधानसभा में बजट पर जवाब देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने प्रतापगढ़ जिले के लिए कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की है। इनमें एनिकट, पुल और सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। डिप्टी सीएम ने ये घोषणाएं की अचलपुरा, छोटी सादड़ी में 'ऊंट का घोड़ा' एनिकट का निर्माण 2 करोड़ 50 लाख रुपए में होगा। उदयपुर-प्रतापगढ़ मार्ग पर धरियावद में वक्कली पुलिया पर 5 करोड़ रुपए में बनेगा पुल। रावला फल से डामोर फला तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 50 लाख रुपए में किया जाएगा।
बारां में मंगलवार शाम को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला परिषद के सीईओ राजवीर सिंह चौधरी ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें जिले के विभिन्न मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करने का निर्णय लिया गया। मिनी सचिवालय सभागार में हुई बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से संबंधित कई निर्देश दिए गए। इनमें ढाबों के सामने अनाधिकृत पार्किंग हटाने, ओवर-ले डामरीकरण के साथ व्हाइट लाइनिंग करने, थाना सीमा क्षेत्रों के साइन बोर्ड लगाने और डिवाइडर को ऊंचा करने जैसे तकनीकी सुधार शामिल हैं। शाहबाद घाटी में मलबा गिरने की समस्या के समाधान के लिए घाटी को चौड़ा करने और डायवर्जन के प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, सर्विस लेन को दुरुस्त करने और मलबा हटाने का भी निर्देश दिया गया। शहर के कोटा रोड स्थित सहकार भवन चौराहे पर दुर्घटनाओं से बचाव के लिए ब्रेकर बनाने और रात में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। बैंकों के सामने पार्किंग से होने वाली असुविधा को देखते हुए वाहनों की जब्ती के निर्देश भी दिए गए। अटरू मार्ग पर दाता साहब के स्थान पर हादसों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी, सदस्य सचिव एवं अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी हुकमचंद मीणा, जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा और नगर परिषद आयुक्त भुवनेश मीणा उपस्थित रहे। इनके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, वन विभाग, शिक्षा विभाग और यातायात पुलिस सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
मुरैना जिले के बानमौर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक सर्जिकल फैक्ट्री में मंगलवार तड़के अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते आग तेज होते चली गई और फैक्ट्री में तैयार सर्जिकल सामान, रुई तथा मशीनरी जलकर खाक हो गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस अग्निकांड में करीब तीन करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस और प्रशासनिक जांच की जा रही है। दरअसल, नूराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत बानमौर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सायरा सर्जिकल फैक्ट्री में सुबह करीब 3 बजे आग लगने की सूचना मिली। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरी फैक्ट्री उसकी चपेट में आ गई। फैक्ट्री में रखा तैयार सर्जिकल सामान और रुई पूरी तरह जल गई, वहीं कई मशीनें भी आग में नष्ट हो गईं। 6 दमकलों ने पाया काबूआग की सूचना मिलते ही बानमौर नगर पालिका और मुरैना मुख्यालय से दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। कुल छह दमकल गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित की जा सकी। तीन करोड़ के नुकसान का अनुमानएसडीएम भूपेंद्र कुशवाह ने बताया कि फैक्ट्री में लगी आग पर छह दमकलों की मदद से नियंत्रण पाया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासनिक टीम फैक्ट्री संचालक से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग तीन करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। नूराबाद पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटी हुई है।
वल्लभनगर उपखंड के मेनार गांव निवासी अभिनेता देव मेनारिया का उनकी फिल्म रिलीज होने के बाद ग्रामीणों ने स्वागत किया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले देव मेनारिया ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। उनकी फिल्म 'बिहू अटैक' 16 जनवरी को देशभर के 250 से अधिक सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यह उपलब्धि मेनारिया समाज के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समाज का कोई व्यक्ति पहली बार बड़े पर्दे पर प्रदेश और देशभर में पहचान बनाने में सफल हुआ है। अब यह फिल्म दुबई और नेपाल में भी रिलीज होने जा रही है। इस अवसर पर मंगलवार शाम को मेनार में ढोल-डीजे के साथ एक स्वागत जुलूस निकाला गया। यह जुलूस गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए ओंकारेश्वर चौक स्थित ठाकुरजी मंदिर परिसर पहुंचा। वहां देव मेनारिया को साफा पहनाकर और फूल मालाओं से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत ने कहा कि देव मेनारिया ने यह साबित किया है कि ग्रामीण प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं। उनकी सफलता समाज के युवाओं के लिए एक नई दिशा और प्रेरणा है। पूर्व सरपंच ओंकारलाल भलावत ने बताया कि देव ने पूरे मेवाड़ का नाम रोशन किया है।
मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है कि हर विभाग में प्रमोशन के लिए कमेटी बनेगी, लिहाजा सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। राज्य सरकार के जवाब को रिकार्ड में लिया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने 17 फरवरी को सुनवाई की। जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की और से विस्तृत स्पष्टीकरण पेश किया। सरकार की ओर से बताया कि अब हर विभाग में प्रमोशन की प्रक्रिया के लिए अलग-अलग कमेटियां गठित की जाएंगी। यहीं कमेटियां सुनिश्चित करेंगी कि प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े सभी नियमों और प्रावधानों का विधिवत पालन हो। दरअसल, राज्य सरकार की नई प्रमोशन पालिसी को सपाक्स ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अब अंतिम निर्णय कोर्ट के फैसले के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। एमपी के सभी सरकारी कर्मचारियों को कोर्ट के फैसले का इंतजार है। इसलिए लगी थी प्रमोशन पर रोक दरअसल, साल 2002 में मध्य प्रदेश सरकार ने पदोन्नति के नियम बनाते हुए प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था लागू की थी। इसी प्रावधान के चलते आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति मिलती रही, जबकि अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी पीछे छूट गए। जब इस असंतुलन को लेकर विवाद ने तूल पकड़ा, तो कर्मचारी कोर्ट पहुंचे और उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त करने की मांग की। सुनवाई के दौरान कोर्ट में तर्क दिया कि पदोन्नति का लाभ केवल एक ही बार दिया जाना चाहिए (न कि हर स्तर पर)। तर्कों पर विचार करते हुए, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को मप्र लोक सेवा (पदोन्नति) नियम 2002 को अमान्य (खारिज) कर दिया। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां शीर्ष कोर्ट ने मामले में ‘यथास्थिति बनाए रखने’ का आदेश दिए। जिसके कारण तब से लेकर अब तक (2016 से ) प्रदेश में पदोन्नति पर रोक लगी हुई है।
डूंगरपुर के चौरासी थाना क्षेत्र के सुराता गांव में एक मार्बल माइंस में हुए हादसे में हिटाची ऑपरेटर की मौत हो गई। मंगलवार को हिटाची मशीन उतारते समय क्रेन की लोहे की केबल टूटने से यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान सुराता निवासी मगनलाल कटारा के रूप में हुई है, जो मार्बल माइंस में हिटाची ऑपरेटर का काम करता था। घटना उस समय हुई जब क्रेन की मदद से हिटाची मशीन को माइंस के नीचे उतारा जा रहा था और मगनलाल नीचे माइंस में खड़ा था। अचानक क्रेन की लोहे की केबल टूट गई, जिससे हिटाची मशीन नीचे गिरी। मशीन से बंधी हुई लोहे की केबल मगनलाल के सिर पर जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने घटनास्थल पर हंगामा शुरू कर दिया और शव को मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाने से इनकार कर दिया। वे माइंस मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है ताकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सके और आगे की कार्रवाई की जा सके।
होली पर्व के अवसर पर राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ (राजससंघ) ने उदयपुर में वन धन उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी और विक्रय स्टॉल का आयोजन किया। प्रताप नगर स्थित मुख्यालय पर आयोजित इस प्रदर्शनी में हर्बल गुलाल सहित विभिन्न जनजातीय उत्पादों को उपभोक्ताओं ने खूब सराहा, जिससे उनकी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। प्रदर्शनी में हर्बल गुलाल, जंगली शहद, हर्बल साबुन, सफेद मुसली और विभिन्न प्रकार के शरबत जैसे प्राकृतिक उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। स्थानीय उपभोक्ताओं ने जनजातीय समुदाय के पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों से तैयार इन उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। विशेष रूप से, रासायनिक रंगों के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में प्रस्तुत हर्बल गुलाल को लोगों ने उत्साहपूर्वक खरीदा। राजससंघ के सहायक प्रबंधक रजनीश कुमार मीणा ने बताया कि वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज का संग्रहण, मूल्य संवर्धन और विपणन किया जाता है। प्रदेश में कुल 530 वन धन विकास केंद्र सक्रिय हैं, जो जनजातीय परिवारों को स्वरोजगार और आय सृजन के अवसर प्रदान कर रहे हैं। वन धन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, उपकरण और विपणन सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य कच्चे वनोपज को बाजार योग्य उत्पादों में परिवर्तित करना है। यह पहल जहां जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है, वहीं वोकल फॉर लोकल की भावना को भी मजबूती प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में राजीविका से रक्षित चित्तौड़ा सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे।
छिंदवाड़ा जिले के दमुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार को कन्हान नदी के पास एक युवक और युवती के शव मिले। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। दमुआ थाना प्रभारी प्रमोद सिरसाम के अनुसार, क्षेत्र में रहने वाले युवक-युवती के शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि युवती का शव कन्हान नदी किनारे पड़ा था, जबकि कुछ दूरी पर युवक का शव पेड़ से लटका मिला। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थेपुलिस के मुताबिक मृत युवक की पहचान राकेश बट्टी और युवती की पहचान भारती डेहरिया के रूप में हुई है। दोनों पिछले कुछ समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों से विवाद चल रहा था। बीते वर्ष युवती ने युवक के खिलाफ थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में आपसी समझौते के बाद दोनों फिर साथ रहने लगे थे। पत्थर से हत्या, फिर फांसी की आशंकाप्राथमिक जांच में लग रहा है कि युवक ने युवती के सिर पर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या की। इसके बाद वह कुछ दूरी पर गया और पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। युवती के गर्भवती होने की आशंकाप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के समय युवती गर्भवती बताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। थाना प्रभारी प्रमोद सिरसाम ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पारिवारिक पृष्ठभूमि, आपसी विवाद और अन्य संभावित कारणों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
बारां जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'नशा-विनाश' के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। कोतवाली थाना पुलिस ने 1 किलो 600 ग्राम अवैध गांजा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मादक पदार्थ की तस्करी में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी और डीएसपी हरिराम सोनी के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी योगेश चौहान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। यह टीम गश्त और चैकिंग कर रही थी। गश्त के दौरान पुलिस टीम नटराज गार्डन के पास उत्तम कॉलोनी पहुंची। वहां एक व्यक्ति बाइक पर आता दिखा, जो पुलिस जीप देखकर वापस मुड़ने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ की। आरोपी ने अपनी पहचान मनिहारा तालाब क्षेत्र निवासी विजय सुमन उर्फ बृजमोहन पुत्र कन्हैयालाल के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1 किलो 600 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच थानाधिकारी सदर बारां हीरालाल कर रहे हैं। इस कार्रवाई में एएसआई परशुराम, हरीश भाटी, पवन कुमार, विनोद कुमार, जुगल सिंह और नरेंद्र सिंह सहित पुलिस टीम शामिल रही।
जींद जिले के गांव थुआ में पैतृक मकान के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां एक भतीजे ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों के साथ मिलकर अपने ही सगे चाचा पर लोहे की रॉड और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद नागरिक अस्पताल जींद रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पंचायत के फैसले के बावजूद नहीं छोड़ा कब्जा थुआ गांव के संदीप ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके पिता की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी के बच्चों (भाइयों) की मृत्यु के बाद, संदीप का अपने दिवंगत भाई कृष्ण के लड़के अंकित के साथ मकान को लेकर विवाद चल रहा था। उसने बताया कि गांव की पंचायत में मकान का आधा हिस्सा संदीप को देने का फैसला हुआ था। आरोप है कि अंकित ने पंचायत के फैसले को ठुकराते हुए आधे से ज्यादा मकान पर अवैध कब्जा किया हुआ था। जब संदीप ने अपना हिस्सा मांगा, तो अंकित ने झगड़ा शुरू कर दिया। घर बुलाए 'बाहुबली', बीच सड़क पर किया हमला संदीप ने बताया कि 16 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे अंकित ने हिसार के खेड़ी चौपटा निवासी अपने रिश्तेदार इन्द्र और उसके लड़के मोनू को गांव में बुलाया। तीनों ने मिलकर संदीप को घेर लिया और लोहे की रॉड व डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर जब संदीप की मां सावित्री और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तो आरोपी रॉड और डंडे लहराते हुए जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। कई धाराओं में केस दर्ज घटना के बाद घायल संदीप को पहले सरकारी अस्पताल उचाना ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत देखते हुए जींद रेफर कर दिया गया। नगूरा चौकी के एएसआई जयबीर सिंह ने अस्पताल पहुंचकर संदीप के बयान दर्ज किए। अलेवा थाना पुलिस ने आरोपी अंकित, इन्द्र और मोनू के खिलाफ BNS की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत केस दर्ज किया है।
हिसार लूट मामले के चार आरोपी गिरफ्तार:बिजली कर्मचारी को डमी पिस्तौल दिखाकर छीने थे एक लाख रुपए
हिसार जिले के बरवाला में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिस्तौल के बल पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपी गांव बडाला से पकड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव मसूदपुर निवासी अंकित उर्फ काला, गांव बडाला निवासी राहुल, गांव थूराना निवासी अश्वनी उर्फ सनी और गांव बवानी खेड़ा निवासी रोहित के रूप में हुई है। बिजली कर्मचारी से लूटे एक लाख रुपए पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी की शाम करीब 3 बजे खेदड़ गांव के निकट DHBVN का एक कर्मचारी एक लाख रुपए नकद लेकर बाइक पर अपने घर जा रहा था। तभी पहले से घात लगाए काली स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार चार अज्ञात युवकों ने उसका पीछा कर रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने डमी पिस्तौल दिखाकर कर्मचारी को डराया और सारा कैश लूट मौके से फरार हो गए थे। स्पेशल स्टाफ ने बरवाला पुलिस को सौंपा घटना की सूचना मिलते ही स्पेशल स्टाफ ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। पुलिस द्वारा आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल डमी असला, वाहन और लूटी गई राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। स्पेशल स्टाफ ने आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपियों को बरवाला पुलिस के हवाले कर दिया है।
चूरू शहर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पीछे स्थित रेन बसेरा और अन्नपूर्णा रसोई परिसर में देर रात नॉन-वेज पार्टी का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस को देर रात रेन बसेरा परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान परिसर में ईंटों से अस्थायी चूल्हा बनाकर नॉन-वेज पकाया जा रहा था। मौके से एक कुकर में पका हुआ नॉन-वेज भी बरामद हुआ। रेन बसेरा के बाहर दो लग्जरी गाड़ियां खड़ी मिलीं और परिसर में शराब की खाली बोतलें भी पाई गईं। यह परिसर जरूरतमंदों के लिए बना है, जहां अन्नपूर्णा रसोई भी संचालित होती है। ऐसे सार्वजनिक और सामाजिक उपयोग के स्थान पर इस तरह की गतिविधि सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने बताया कि शराब सेवन को लेकर भी जांच की जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बेटे ने पहले ईसाई धर्म अपना लिया। इसके बाद उसने अपनी मां को भी ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। मां ने मानने से इनकार किया तो वह गाली-गलौज करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने लगा। यह मामला भिलाई के नेवई थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने ईसाई धर्म अपनाने के लिए जबरन दबाव बनाने, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में महिला के बेटे होशांग वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298, 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3, 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मूर्तियों को भी तोड़ दिया, घर में भी तोड़-फोड़पीड़िता सरोज वर्मा (52 वर्ष), निवासी रिसाली ने 16 फरवरी को थाना नेवई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसका बेटा होशांग वर्मा उसे लगातार ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहा था। महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और घर में तोड़फोड़ की। आरोपी बेटे ने जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, घर में रखी धार्मिक मूर्तियों को हटाकर फेंक दिया गया और पूजा-पाठ में बाधा उत्पन्न की गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने की कार्रवाईशिकायत की जांच के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर अपराध दर्ज किया। जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी होशांग वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
बाड़मेर नगर परिषद की टीम, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों ने नगर परिषद की नाले की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया। इसके लिए दो जेसीबी ने कच्चे और पक्के अतिक्रमण को तोड़ा गया। इस दौरान लोगों का विरोध भी हुआ। आरोप लगाया कि सालों से यहां पर काबिज है, लेकिन आज अतिक्रमण कहकर तोड़ दिए गए। नगर परिषद आयुक्त का कहना है कि लोगों को गुमराह और गलत खसरा संख्या बताकर अतिक्रमण करवाया गया है। बाड़मेर नगर परिषद ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बरसाती नाले की जमीन पर सालों से काबिज होकर बैठे लोगों को बेदखल कर अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई की गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने यह जमीन पैसों से खरीद कर ली है। जिन लोगों से जमीन खरीदी है उनके आज भी अतिक्रमण पड़े हैं, लेकिन गरीबों के घर को तोड़े जा रहे हैं। दरअसल, बाड़मेर शहर के गेहूं रोड स्थित खसरा संख्या 1437 जो गैर मुमकिन नाले की जमीन है। जिस पर भूमाफियाओं ने कब्जा करके लोगों को स्टांप पर बेच दी थी। नगर परिषद का कहना है कि यह जो नाला है, जिसका फ्रंट 300 फिट है, उस पर अतिक्रमण था, जिसे आज हटाया गया है और इन लोगों ने वह माफियाओं से जमीन खरीदने की बात कही है तो इनको दस्तावेज लेकर नगर परिषद बुलाया है उसके बाद इन्हें कानूनी जानकारी देकर इनकी मदद की जाएगी। नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह ने बताया- खरा नंबर 1437 जो बाड़मेर नगर परिषद की जमीन है। गैर मुमकिन नाला इसकी किस्म है। भविष्य में यहां पर रिंग रोड भी प्रस्तावित है। नगर परिषद को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों की ओर से चार दीवारी कर स्थाईकरण किया जा रहा है। आज हमने टीम का गठन कर मौका मजिस्ट्रेट नियुक्त कर, पुलिस जाब्ता, लाइट विभाग और जिला प्रशासन का सहयोग है। संयुक्त रूप से अतिक्रमण को ध्वस्त कर रहे है। आधा किलोमीटर एरिया में अतिक्रमण हो रखा है। अतिक्रमण पक्का एक भी नहीं है। केवल चार दीवारी और कच्चे के रूप में है। जिन लोगों ने यहां पर अतिक्रमण किया है उन लोगों को गलत तथ्य बताकर इकरारनामा बनाकर बेचान किया गया है। उनको यहां पर गलत खसरा संख्या बताकर काबिज करवाने की कोशिश की गई। लेकिन सरकारी जमीन है। इसकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
राजधानी रायपुर में अतिक्रमण के खिलाफ निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तेज हो गई है। संतोषी नगर मुख्य मार्ग पर चलाए गए टीम प्रहरी अभियान के तहत 73 दुकानों के सामने सड़क पर बने अवैध शेड जेसीबी से तोड़ दिए गए। कार्रवाई के दौरान सड़क पर रखा सामान भी जब्त किया गया और कब्जाधारी दुकानदारों पर कुल 12 हजार रुपए का ई-चालान काटा गया। अफसरों के निर्देश पर संयुक्त अभियान रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेश पर नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने जोन 6 और जोन 10 क्षेत्र में यह कार्रवाई की। निगम आयुक्त विश्वदीप और यातायात एसपी अजय कुमार के निर्देश पर अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। टीम में एएसपी यातायात विवेक शुक्ला, अपर आयुक्त नगर निवेश पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, जोन 6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव और जोन 10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे सहित निगम व यातायात विभाग का अमला मौजूद रहा। पहले समझाइश, फिर कार्रवाई अभियान के दौरान दुकानदारों को पहले सड़क पर कब्जा नहीं करने की समझाइश दी गई। चेतावनी के बावजूद सड़क पर अतिक्रमण पाए जाने पर सख्ती दिखाते हुए शेड तोड़े गए और ठेले जब्त किए गए। ट्रैफिक जाम से राहत का दावा नगर निगम का कहना है कि लगातार चल रहे अतिक्रमण रोधी अभियान से बाजार क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम हुई है और आम लोगों को राहत मिल रही है। निगम ने साफ किया है कि आगे भी बिना सूचना के ऐसे अभियान जारी रहेंगे और सड़क पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
नगर परिषद के अतिक्रमण रोधी दस्ते ने मंगलवार को सांसी बस्ती क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान कई अवैध गुमटियां और अस्थायी ढांचे हटाए गए। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में बनी कुछ गुमटियां नशेड़ियों का अड्डा बन रही थीं, जिनकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर परिषद ने पुलिस बल के साथ मिलकर यह संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए। यह अभियान पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और मुख्य रास्तों को पूरी तरह से खाली कराया गया। परिषद अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर के अन्य चिन्हित स्थानों पर भी अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। यदि दोबारा अतिक्रमण पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए की गई इस कार्रवाई का समर्थन किया है।
दो तोला की सोने की चेन लेकर भागे बदमाश:तीन आरोपियों ने महिला के गले से झपटी, पुलिस CCTV खंगाल रही
नीमच की जवाहर नगर कॉलोनी में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की वारदात हुई है। बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक 64 साल की बुजुर्ग महिला, लीलादेवी के गले से करीब दो तोले की सोने की चेन झपटी और भाग निकले। यह पूरा मामला कैंट थाना इलाके का है। जवाहर नगर की रहने वाली लीलादेवी आगार कॉलोनी में अपने एक घर से दूसरे घर पैदल जा रही थीं। इसी दौरान एक ही बाइक पर आए तीन बदमाशों ने उन्हें रोका। जब महिला उनसे बात करने लगीं, तभी बदमाशों ने उनके गले पर झपट्टा मारा और सोने की चेन खींचकर रफूचक्कर हो गए। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस वारदात के बाद कॉलोनी में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी और सीएसपी किरण चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बदमाशों की पहचान करने के लिए आसपास के घरों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। सुरक्षा पर उठे सवाल शहर के रिहायशी इलाके में दिनदहाड़े हुई इस लूट से लोगों में डर और नाराजगी है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए जाल बिछाया है।
जालोर जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप के. गवांडे ने शीतला सप्तमी मेले के स्थानीय अवकाश की तिथि में परिवर्तन किया है। पहले जारी आदेश के अनुसार 11 मार्च को शीतला सप्तमी का अवकाश घोषित था। अब यह अवकाश 10 मार्च को होगा। जानकारी के अनुसार पहले जारी आदेश के अनुसार जालोर जिले में कलेण्डर वर्ष 2026 एवं शक संवत् 1947-1948 के दौरान 11 मार्च 2026 (बुधवार) को शीतला सप्तमी मेले और 14 सितम्बर 2026 (सोमवार) को गणेश चतुर्थी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। संशोधित आदेश के अनुसार अब शीतला सप्तमी मेले का स्थानीय अवकाश 11 मार्च (बुधवार) के स्थान पर 10 मार्च 2026 (मंगलवार) को रहेगा। इसके अलावा अन्य घोषित स्थानीय अवकाश यथावत रहेंगे। जिला प्रशासन ने सभी विभागों एवं आमजन से संशोधित अवकाश तिथि के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की है।
जींद जिले में दो अलग-अलग स्थानों से दो युवतियों के लापता होने से क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। नरवाना क्षेत्र के गांव बेलरखा और सफीदों क्षेत्र के गांव रिटौली से ये युवतियां अचानक घर से गायब हो गई हैं। परिजनों की शिकायत पर संबंधित थानों (सदर नरवाना और पिल्लूखेड़ा) ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना नरवाना के गांव बेलरखा से सामने आई है, जहां 17 वर्षीय लड़की कई दिनों से लापता है। उसकी मां ने पुलिस को बताया कि किरण नरवाना में एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। वह 11 फरवरी को घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसकी बेटी अपने साथ मोबाइल लेकर गई है, जो अब बंद आ रहा है। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और लोकेशन के आधार पर तलाश कर रही है। लापता लड़की का कद 4 फुट 5 इंच, रंग सांवला है और वह 8वीं कक्षा तक पढ़ी है। इस संबंध में सदर थाना नरवाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी घटना सफीदों तहसील के गांव रिटौली की है, जहां 23 वर्षीय युवती संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई है। उसके पिता ने बताया कि उसकी बेटी 16 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे घर से निकली थी और तब से उसका कोई पता नहीं चला है। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसकी बेटी अपने साथ मोबाइल लेकर गई है, जो 16 फरवरी की दोपहर से ही बंद आ रहा है। बेटी का कद 5 फुट 4 इंच, रंग गोरा है और उसने गुलाबी सूट-सलवार व पंजाबी जूती पहनी हुई थी। थाना पिल्लूखेड़ा में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
राजस्थान विधानसभा में बजट पर रिप्लाई देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमार ने बालोतरा को सौगात दी है। उन्होंने बताया-जोजरी और बांड़ी नदी में गिरने वाले ट्रीटेड पानी को पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचाने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने बताया-राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों में मीठे पानी की खपत कम करने और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए कदम उठा रही है। इसी क्रम में जोजरी और बांड़ी नदी में शहरी क्षेत्रों से आने वाले शोधित जल के पुन: उपयोग की योजना बनाई जा रही है। पर्यावरण और जल संरक्षण को मिलेगा बढावाइस योजना के तहत पचपदरा स्थित रिफाइनरी को यह शोधित जल उपलब्ध कराने की संभावनाओं का अध्ययन कर डीपीआर तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पहल से उद्योगों को एक वैकल्पिक जल स्रोत प्राप्त होगा, साथ ही पर्यावरण और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही पचपदरा क्षेत्र में विभिन्न सड़क विकास कार्यों के लिए 13 करोड़ 90 लाख रुपये की घोषणा की गई है। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी। इन कामों की भी घोषणा हुई कनाना से कुम्पावास तक सीडी कार्य एवं बीटी सड़क निर्माण (3 किमी.)इस सड़क के लिए 3 करोड़ 73 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। कल्याणपुर से अराबा दुदतवान तक नई बीटी सड़क निर्माण (4 किमी.)इस परियोजना के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। नई बीटी रोड बनने से परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।

