उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से अभद्रता का आरोप लगा है। छात्रा के पिता की शिकायत पर सिविल लाइंस पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने शुक्रवार रात 9:30 बजे कैंप कार्यालय में मीडिया को बताया कि एक नाबालिग लड़की ट्यूशन पढ़ने के लिए शिक्षक के घर जाती थी। लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि शिक्षक ने उनकी बेटी के साथ अभद्रता की। इसी आरोप के आधार पर सिविल लाइंस थाना इंस्पेक्टर संजीव कुमार को तहरीर दी गई थी। सिविल लाइंस पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। थाना सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी का नाम अभिषेक है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, आरोपी अभिषेक ने आरोपों को निराधार बताया है। उसका कहना है कि उस पर गलत आरोप लगाए गए हैं और उसके पास अन्य बच्चे भी ट्यूशन पढ़ने आते हैं, जिनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। सिविल लाइंस पुलिस ने दर्ज मुकदमे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस तफ्तीश के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आएगी।
बंदर ने घर से 1 लाख रुपए चुराए:छत से बरसाए नोट, शाहबाद में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान
शाहबाद के बेदान मोहल्ले में एक बंदर ने एक घर से एक लाख रुपए चुरा लिए और फिर छत से नोटों की बरसात कर दी। इस घटना से स्थानीय लोग हैरान हैं। नोटों की बरसात देखकर नीचे खड़े लोग हैरान रह गए। स्थानीय निवासियों ने गिरे हुए नोटों को इकट्ठा कर संबंधित व्यक्ति को लौटा दिया। कुछ देर बाद, बंदर ने शेष नोटों के साथ पूरा बैग भी वापस कर दिया। यह घटना बीते गुरुवार शाम करीब चार बजे शाहबाद तहसील के बेदान मोहल्ले में हामिद के घर पर हुई। हामिद घर में अकेले रहते हैं, क्योंकि उनका बेटा दिल्ली में है और बेटी की शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद हामिद अपने घर में ताला लगाकर बेटी के घर चले गए हैं। मोहल्ले के लोग भी बंदर की इस हरकत से काफी परेशान हैं। यह क्षेत्र में बंदरों द्वारा की गई पहली ऐसी घटना नहीं है। पिछले साल भी शाहबाद तहसील में एक व्यक्ति से मकान की रजिस्ट्री के दौरान बंदर ने नोटों से भरा थैला छीन लिया था। काफी प्रयास के बाद बंदर ने वह बैग नीचे गिराया था। बंदरों की इन हरकतों से स्थानीय लोग हैरान और परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग से इन बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रणथंभौर से लाए गए बाघ टी 2408 को मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में नया ठिकाना मिल गया। फॉरेस्ट विभाग ने आज शाम को बाघ को मुकंदरा के जंगल में खुले छोड़ दिया। बाघ सॉफ्ट एनक्लोजर से निकलकर 82 वर्ग किलोमीटर के खुले जंगल में चला गया। इसी जंगल में फिलहाल रणथंभौर से साढ़े 7 महीने पहले लाई गई बाघिन कनकटी घूम रही है। अब दोनों इस इलाके में अपनी टेरिटरी बनाएंगे। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही नर बाघ को रणथंभौर से लाए थे। उसे 21 हेक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में रखा था। जहां लगातार उसकी मॉनिटरिंग व स्वास्थ्य की जांच की जा रही थी। आज शाम को बाघ को खुले जंगल में छोड़ दिया। शाम 6 बजे करीब सॉफ्ट एनक्लोजर के गेट खोल दिए थे। बाघ सवा घंटे तक बाघ सॉफ्ट एनक्लोजर से बाहर नहीं निकला। करीब सवा सात बजे करीब सॉफ्ट एनक्लोजर से निकलकर जंगल में चला गया। सॉफ्ट एनक्लोजर के गेट पर 3 कैमरा ट्रेप लगाए गए थे। जिसमे बाघ के एनक्लोजर से निकलते हुई तस्वीर कैद हुई हैं। बता दें शुक्रवार 9 जनवरी को बाघ टी 2408 को रणथंभौर से खण्डार रेंज से ट्रेंकुलाइज करके कोटा लाया गया था। दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर बाघ को मुकंदरा के सॉफ्ट एनक्लोजर में रिलीज किया था। टी 2408 की उम्र 4 साल है। बाघिन टी 93 ओर बाघ 96 का पुत्र है। रणथंभौर में बाघ टी 2408 फीमेल बाघिन रिद्धि के संपर्क में था।
बदायूं में ट्रैक्टर-पिकअप में टक्कर, एक गाड़ी में लगी आग:घने कोहरे के बीच हाईवे पर हादसा, चालक फरार
बदायूं में घने कोहरे के कारण मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक ट्रैक्टर मिक्सर मशीन और पिकअप वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस जोरदार भिड़ंत के बाद पिकअप में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि वाहन सवार लोगों ने समय रहते अपनी जान बचा ली और कोई हताहत नहीं हुआ। यह हादसा फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन में तुरंत आग लग गई और ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की भयावहता देखकर पिकअप और ट्रैक्टर दोनों के चालक मौके से फरार हो गए। हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर मिक्सर मशीन और पिकअप वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालकों व वाहन स्वामियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति को परखा। काम की गति धीमी मिलने पर कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को फटकार लगाई। इस दौरान तुलसी भवन और वशिष्ठ भवन का निरीक्षण करते हुए सभी कक्षों का पठन-पाठन और प्रायोगिक कार्य के लिए सदुपयोग करने की नसीहत दी। भवनों में सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर नाराजगी जताईकुलाधिपति ने कहा कि सभी पाठ्यक्रमों में आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापरक शिक्षा मिलनी चाहिए। इससे छात्रों का विकास होने के साथ समाज में उनकी सक्रिय भूमिका सिद्ध हो सकेगी। दोनों भवनों में सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर नाराजगी जताते हुए इसे नियमित रूप से बेहतर रखने की हिदायत दी। विश्वविद्यालय परिसर की जल निकासी व्यवस्था के लिए कार्यदायी संस्थाओं को शीघ्रता से काम पूरा करने के लिए कहा। हॉस्टल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने लवकुश और सरयू छात्रावास में छात्रों से संवाद कर हॉस्टल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निर्माणाधीन सरोवर का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था को तय समय सीमा में कार्यों को मानक के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए। ईडीपी भवन के बेसमेंट में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए चल रहे रिटेनिंग वॉल के निर्माण को शीघ्रता से पूरा करने के लिए कहा। डॉ. कपिल राणा की पुस्तक का विमोचन किया योग विभाग में छात्र-छात्राओं के योगाभ्यास का निरीक्षण किया। छात्र-छात्राओं के प्रयास को उन्होंने सराहा और निरंतर अभ्यास में सक्रिय रहने के लिए कहा। कुलाधिपति ने शारीरिक शिक्षा विभाग के शिक्षक डॉ. कपिल राणा की पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेंदु शुक्ल, संकायाध्यक्ष प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. एसएस मिश्र व कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।साढ़े तीन घंटे का रहा दौरा, कुलपति नहीं रहे मौजूद प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में दौरा करीब साढ़े तीन घंटे का रहा। वह दोपहर एक बजे यहां पहुंची और 4.30 बजे वापसी हुई। इस दौरान कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह मौजूद नहीं थे। बताया गया कि कुलपति इस समय शैक्षणिक कार्य के सिलसिले में बंगलूरु में हैं इसके चलते वह कुलाधिपति के दौरे के समय मौजूद नहीं रह सके। कुलसचिव विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन के अन्य अधिकारियों और वरिष्ठ आचार्यों ने कुलपति की अगवानी की।
कोरबा पुलिस ने दीपका थाना क्षेत्र में डीजल चोरी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 175 लीटर डीजल और चोरी में इस्तेमाल एक बोलेरो वाहन जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नोनबिर्रा, थाना दीपका निवासी टोबू उर्फ नजीर खान (25 वर्ष), खल्लारी, थाना पाली निवासी सालिक राम गोड़ (35 वर्ष) और नोनबिर्रा, थाना दीपका निवासी राकेश कुमार पटेल उर्फ निक्की (22 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। यह कार्रवाई एसईसीएल दीपका खदान में डीजल चोरी की सूचना मिलने के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, देर रात डीजल चोर गिरोह के सदस्य खदान के अंदर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने वाहन से भाग रहे आरोपियों को घेरकर पकड़ा सूचना मिलते ही दीपका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की। बीती रात लगभग 1 बजे पुलिस ने नाजीर और उसके साथियों को एसईसीएल दीपका खदान से चोरी का डीजल लेकर बोलेरो वाहन से भागते हुए घेराबंदी कर पकड़ा। इस संबंध में कौशल किशोर मधुकर ने दीपका थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की पतासाजी की गई। मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपियों को पकड़ा गया और चोरी का 175 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन जब्त किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। दीपका खदान में डीजल, कोयला और कबाड़ चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार ऐसी घटनाओं का होना एसईसीएल खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
जबलपुर जिला खाद्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर मनोहर चाय आउटलेट्स के चार ठिकानों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान चाय पत्ती के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट न होने सहित कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। खाद्य अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि विभाग की टीम ने रामपुर, मेडिकल, धनवंतरी नगर और मदन महल स्थित मनोहर चाय स्टॉल पर जांच की। निरीक्षण के दौरान सभी आउटलेट्स पर विभिन्न फ्लेवर की चाय पत्ती मिली, लेकिन कई पैकेटों पर निर्माण और समाप्ति तिथि अंकित नहीं थी। यह खाद्य सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। अधिकारियों ने मौके से अनियमिताएं पाए गए चाय पत्ती के पैकेट जब्त कर लिए हैं। इसके साथ ही, संबंधित आउटलेट संचालकों और मनोहर चाय कंपनी को नोटिस जारी कर इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। खाद्य विभाग के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और नियमों के तहत आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय पैकेट पर अंकित सभी आवश्यक जानकारी की जांच अवश्य करें।
रामानुजगंज के महावीरगंज में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक सुरेश सिंह (48) की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी बाइक को विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रेलर ने टक्कर मार दी। मृतक की पहचान ग्राम महावीरगंज निवासी सुरेश सिंह के रूप में हुई है। वह अपनी बीमार पत्नी के इलाज के लिए पैसों का इंतजाम करने रामानुजगंज जा रहे थे। बताया गया है कि सुरेश सिंह की पत्नी की तबीयत गंभीर रूप से खराब थी और उन्हें उसी रात इलाज के लिए बनारस (वाराणसी) ले जाने की तैयारी थी। इसी उद्देश्य से सुरेश सिंह रामानुजगंज जा रहे थे। हादसे के बाद भड़के ग्रामीण घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। हादसे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। सूचना मिलने पर रामानुजगंज थाना प्रभारी अजय साहू पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विजयनगर थाना में मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है।
राजनांदगांव की बसंतपुर पुलिस ने चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी गोपी यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की गई राशि में से 12,300 रुपए बरामद किए हैं। यह घटना 13 जनवरी को ग्राम सिंगदई में हुई थी। प्रार्थी ने पुलिस को बताया था कि जब वह अपने परिवार के साथ बाहर गया था, तब अज्ञात चोरों ने उसके घर का ताला तोड़कर अलमारी में रखे 35,000 रुपए चुरा लिए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। शक में आरोपी को पकड़ा, पूछताछ में जुर्म कबूला नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी एमन साहू के नेतृत्व में एक टीम ने त्वरित कार्रवाई की। संदेह के आधार पर गोपी यादव उर्फ महावीर यादव (35 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 12,300 रुपए नकद जब्त किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मेरठ में सोनू कश्यप हत्याकांड के विरोध में बुलाई गई महापंचायत में हरियाणा के पानीपत व मैनपुरी से आए युवकों को पुलिस ने आठ घंटे बाद नोटिस की कार्रवाई के बाद रिहा किया। कई घंटे कश्यप समाज के लोग थाने को घेरे रहे। रिहाई के बाद सभी वहां से रवाना हो गए। महापंचायत का किया गया था ऐलान सरधना के ग्राम ज्वालागढ़ में 5 जनवरी को मौसी के यहां आ रहे युवक सोनू कश्यप की शराब पिलाकर हत्या कर दी गई थी। गांव के बाहर उसका जलता हुआ शव मिला था। पुलिस ने अगले दिन एक नाबालिग को गिरफ्तार कर घटना को खोल दिया लेकिन परिजन इस खुलासे से संतुष्ट नहीं थे। कश्यप समाज ने भी महापंचायत का ऐलान कर दिया। शुक्रवार को उसी पंचायत का आयोजन किया गया था। पुलिस ने पंचायत स्थल को घेरामहापंचायत के विरोध में पुलिस खड़ी हो गई। बेहद सुबह से ही कमिश्नरी व इस तरफ आने वाले सभी रास्तों की बेरिगेटिंग कर पुलिस को तैनात कर दिया गया। कुछ लोग पुलिस को छकाते हुए पंचायत स्थल तक पहुंच गए। इसी दौरान सिविल लाइन एसएचओ सौरभ शुक्ला ने आठ युवकों को हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया। धरी रह गई पुलिस की तैयारियांमहापंचायत के लिए 10 से 12 बजे का समय दिया गया था। पुलिस की घेराबंदी, जगह जगह आरएएफ और आरआरएफ के जवानों की तैनाती के कारण महापंचायत विफल होती दिखी। दोपहर में अचानक युवाओं की एक भीड़ कचहरी के रास्ते पुलिस घेराबंदी को विफल करते हुए कमिश्नरी पार्क में घुस गई और पुलिस देखती रह गई। इसके बाद संख्या बढ़ती चली गई। युवकों को छुड़ाने के लिए थाना घेरा महापंचायत संपन्न होने के बाद कश्यप समाज के लोगों को पता चला कि उनके आठ साथी थाने ले जाए गए हैं। वह सभी थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। करीब दो घंटे तक थाने का घेराव किया गया। देर शाम आठों युवकों को कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए छोड़ा गया। यह युवक मैनपुरी और हरियाणा के पानीपत के थे। रिहा होने के बाद सभी को सकुशल रवाना किया गया। इन युवकों को छोड़ा गया थाने से- राहुल पुत्र राजेंद्र कुमार, निवासी पानीपत (हरियाणा)- आकाश पुत्र रमेश कुमार निवासी पानीपत (हरियाणा)- नारायण सिंह पुत्र ख्वाहर सिंह, मैथसेना फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)- मनीष कुमार पुत्र श्याम वरन सिंह, निवासी नगरिया मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)- नेम सिंह पुत्र सर्वेश कुमार निवासी सुभाष नगर बरेली (उत्तर प्रदेश)- उमा शंकर कश्यप पुत्र प्यारे लाल, निवासी ग्राम गैनी बरेली (उत्तर प्रदेश)- राजपाल कश्यप पुत्र कालीचरण, निवासी न्यू बस्ती गाडीबान मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)- प्रभाकर कश्यप पुत्र बैनीराम, निवासी ग्राम ज्योति मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)
भिलाई के रिसाली क्षेत्र में गुरुवार रात हुई चाकूबाजी की घटना में नेवई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह हमला हत्या के प्रयास की नीयत से किया गया था, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले का दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। प्रार्थी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 15 जनवरी 2026 की रात करीब 9:30 बजे रिसाली के बड़ा रावण मैदान में हुई। प्रार्थी अपने दोस्त अमनदीप और अमन जैन के साथ अमनदीप की मोटरसाइकिल लेने वहां गया था। मैदान के पीछे गेट के पास वे खड़े थे, तभी राहुल सिंह और अंश सिंह मौके पर पहुंचे। बताया गया कि अंश सिंह ने अमन जैन के सिर पर शराब के गिलास से शराब डाल दी। अमन जैन ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों आरोपी आक्रोशित हो गए और उन्होंने चाकू निकाल लिया। आरोपी ने पेट में चाकू मारने का प्रयास किया रिपोर्ट के मुताबिक, अंश सिंह ने अमन जैन के पेट में चाकू मारने का प्रयास किया। अमन जैन ने खुद को बचाने के लिए शरीर मोड़ा, जिससे चाकू उसकी पीठ में जा लगा। इस दौरान बीच-बचाव की कोशिश भी की गई, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले में अमन जैन की पीठ में दो गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें जानलेवा बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही नेवई थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। प्रकरण में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। गिरफ्तार आरोपी के पास से चाकू भी जब्त किया गया है। आरोपी गिरफ्तार, चाकू जब्त जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अंश सिंह पिता विनय सिंह, निवासी क्वार्टर नंबर 1/बी, सेक्टर भिलाई, जिला दुर्ग को 16 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का धारदार चाकू भी बरामद कर जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, दूसरे आरोपी राहुल सिंह की तलाश लगातार जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इलाके में सुरक्षा को लेकर सतर्कता घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी अनिल कुमार साहू का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
चंडीगढ़ में शुक्रवार को आईटी पार्क क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक बेकाबू होकर सड़क किनारे लगे पोल से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर गंभीर हालत हो गई, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आईटी पार्क किशनगढ़ चौक से शास्त्री नगर की ओर जाने वाली सड़क पर हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों युवक बाइक पर आईटी पार्क की ओर से आ रहे थे। किशनगढ़ चौक से शास्त्री नगर की सड़क पर मुड़ते ही तेज रफ्तार के कारण बाइक सड़क किनारे लगे पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों के हेलमेट टूटकर चकनाचूर हो गए। दोनों ने अस्पताल में तोड़ा दम हादसे में दोनों को सिर में गंभीर चोटें आईं और सड़क पर काफी खून बिखर गया। सूचना मिलने पर आईटी पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक युवक को सेक्टर-16 और दूसरे को सेक्टर-32 के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। मोहाली के रहने वाले थे मृतकों की पहचान विकास और रोहित सिंह रावत के रूप में हुई है। दोनों गोविंद नगर, जामपुर (मोहाली) के रहने वाले थे और चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित खालसा कॉलेज में बीए फाइनल ईयर के छात्र बताए जा रहे हैं। आईटी पार्क थाना पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार के चलते बाइक का बेकाबू होना माना जा रहा है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है और शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
गोरखपुर में सशस्त्र सीमा बल, सेक्टर मुख्यालय द्वारा आयोजित अंतर-सीमांत क्रिकेट प्रतियोगिता–2026 में सेमीफाइनल मुकाबलों के साथ प्रतियोगिता का पांचवां दिन पूरा हुआ। प्रतियोगिता में सशस्त्र सीमा बल के विभिन्न सीमांत एवं बल मुख्यालय की टीमें शामिल हैं तथा मैच सैयद मोदी रेलवे ग्राउंड में खेले जा रहे हैं। पहले सेमीफाइनल में सीमांत मुख्यालय सिलीगुड़ी ने सीमांत मुख्यालय लखनऊ को 10 रनों से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। अंतिम ओवरों में सिलीगुड़ी के गेंदबाजों ने रन गति को नियंत्रित रखते हुए मैच अपने पक्ष में किया। तेजपुर ने दूसरे सेमीफाइनल में गुवाहाटी पर जीत दर्ज की दूसरे सेमीफाइनल में सीमांत मुख्यालय तेजपुर ने सीमांत मुख्यालय गुवाहाटी को 32 रनों से हराया। तेजपुर की ओर से बल्लेबाजी और बाद में गेंदबाजी दोनों में अनुशासित प्रदर्शन देखने को मिला। कल सिलीगुड़ी और तेजपुर के बीच फाइनल मैच दोनों विजेता टीमों-सीमांत मुख्यालय सिलीगुड़ी और सीमांत मुख्यालय तेजपुर-के बीच कल फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। फाइनल के बाद विजेता टीम को ट्रॉफी और खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान दिया जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य जवानों में खेल भावना, शारीरिक दक्षता और आपसी समन्वय को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता के माध्यम से सीमांतों में तैनात जवानों के बीच संवाद और सहयोग की पहल भी मजबूत हो रही है।
बांदा में भेड़ियों के झुंड ने 20 भेड़ें मारीं:20 अन्य घायल, पशु चिकित्सा टीम ने किया इलाज
बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र के लौमर गांव के मजरा सादीपुर में भेड़ियों के झुंड ने हमला कर 20 भेड़ों को मार डाला। इस घटना में 20 अन्य भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह वारदात सादीपुर निवासी रामसजीवन पाल के पशुबाड़े में बुधवार देर रात हुई। गुरुवार सुबह जब रामसजीवन पाल अपने पशुबाड़े पहुंचे, तो उन्होंने अधमरी और मृत भेड़ों को देखकर स्थिति का पता चला। रामसजीवन पाल पशुपालन कर अपना जीवन यापन करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी सभी भेड़ों और बकरियों को रोज की तरह पशुबाड़े में सुरक्षित रखा था। देर रात भेड़ियों के झुंड ने पशुबाड़े में मौजूद कुल 40 भेड़ों पर हमला किया। इस हमले में 20 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। पीड़ित रामसजीवन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर चिल्ला थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने मौके का मुआयना किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि भेड़ियों के पैरों के निशान से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि एक भेड़िया इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों को नहीं मार सकता। यह हमला भेड़ियों के एक झुंड द्वारा एक साथ किया गया था। घटना के बाद पशु स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल भेड़ों का इलाज किया। मृत भेड़ों का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है।
हापुड़ में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार शाम से ही शहर कोहरे की चादर में लिपटा रहा, जिसके चलते शनिवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार रात 9 बजे से ही घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, दृश्यता 100 मीटर के बीच पहुंच गई। जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हाईवे सहित प्रमुख मार्गों पर वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। दिन भर ठिठुरन बढ़ने से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर चहल-पहल कम हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, हापुड़ में न्यूनतम तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे के लगातार बने रहने से सर्दी का असर और भी बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया है। प्रशासन ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय लिया जाएगा। सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की जा रही है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञ डॉ अशोक ने आगामी दिनों में भी ठंड और घने कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है, जिससे सर्दी और बढ़ सकती है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में युवती की हत्या कर दी गई। हत्यारे ने युवती के गले पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसका सिर बुरी कुचल गया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय युवती घर में अकेली थी। यह मामला दीपका थाना क्षेत्र के नागिन झोरखी इलाके की है। जानकारी के अनुसार, 24 साल की रानू साहू घर में अकेली थी। युवती के माता-पिता घर से काम पर बाहर गए हुए थे। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे जब परिजन घर लौटे, तो उन्होंने रानू को फर्श पर लहूलुहान अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बच्ची के सिर पर धारदार हथियार से हुआ हमला प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अज्ञात हमलावर ने बच्ची के सिर पर किसी धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में युवती का सिर बुरी तरह कुचल जाने से रानू की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की घटना की सूचना मिलते ही दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। युवती के माता-पिता काम पर गए थे मृतका रानू साहू, रामकुमार साहू की इकलौती बेटी थी। उसके पिता रामकुमार साहू रोजी-मजदूरी का काम करते हैं। शुक्रवार सुबह पति-पत्नी दोनों काम पर गए थे और लौटने पर उन्हें इस घटना का पता चला। दीपका वार्ड-1 के पार्षद कमलेश जायसवाल ने पुलिस से आरोपियों को जल्दी पकड़ने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि हत्या धारदार हथियार से की गई है और पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
दुर्गा सिंह ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता:चंदा एफसी और एमएफए एफसी ने दर्ज की जीत
दुर्गा सिंह ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन मेरठ फुटबॉल संघ के तत्वावधान में तोपखाना फुटबॉल ग्राउंड पर किया जा रहा है। प्रतियोगिता के तहत शुक्रवार को दो मुकाबले खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। आज का पहला मुकाबला चंदा एफसी और स्पार्टन एफसी के बीच खेला गया। यह दोनों टीमों का लीग चरण का अंतिम मैच था, जिसके नतीजे से ग्रुप ‘ए’ में पहले और दूसरे स्थान का फैसला होना था। मैच के 10वें मिनट में स्पार्टन एफसी के अमित ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। पहले हाफ तक स्पार्टन एफसी इसी बढ़त के साथ आगे रही। दूसरे हाफ के 5वें मिनट में चंदा एफसी के वारिस ने बेहतरीन गोल कर मैच 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद 26वें मिनट में चंदा एफसी के यश ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-1 कर दिया। मैच के अंतिम चरण में चंदा एफसी के वरिष्ठ खिलाड़ी सुशील भटनागर ने शानदार गोल करते हुए टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। अंततः चंदा एफसी ने यह मुकाबला 3-1 से अपने नाम किया। दिन का दूसरा मुकाबला एमएफए एफसी और एबीसीडी एफसी के बीच खेला गया। मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण रहा। दूसरे हाफ में एमएफए एफसी के सादीन ने निर्णायक गोल किया, जिसकी बदौलत एमएफए एफसी ने 1-0 से जीत दर्ज की। पहले मैच के मुख्य अतिथि वरिष्ठ खिलाड़ी अमरजीत सिंह बाबू रहे। पहले मैच के निर्णायक दानिश अहमद तथा सह-निर्णायक जुबेर खान और प्रिंस कुमार रहे, जबकि दूसरे मैच में निर्णायक दानिश अहमद और सह-निर्णायक प्रिंस कुमार व जुबेर खान रहे। पहले मैच में चंदा एफसी के कप्तान आशीष सोनकर को मैन ऑफ द मैच चुना गया, जबकि दूसरे मैच में एमएफए एफसी के सादीन को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। दोनों खिलाड़ियों को पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी स्वर्गीय रविंद्र सिंह उर्फ टीटू के नाम से दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मैच के दौरान मेरठ फुटबॉल संघ के सचिव ललित पंत, सह सचिव हरीश ठाकुर के अलावा वरिष्ठ खिलाड़ी वेद प्रकाश, अशोक भटनागर, पॉल थॉमस, राजेंद्र सिंह रंजन, रामदास, सतीश कुमार सिंह, कौशल यादव, राम कुमार यादव, फुटबॉल कोच रामचंद्र, राजेंद्र प्रकाश और अमरनाथ गुप्ता मौजूद रहे। कैश कॉलेज के फिजियोथेरेपिस्ट जीनियस त्यागी, मोहम्मद तल्हा और फैज काजी का सहयोग भी सराहनीय रहा।
फिरोजाबाद के मालवीय नगर में शुक्रवार को एक घर में आग लगने से चार बच्चे झुलस गए। सभी घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मालवीय नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार की पत्नी पूनम का हाल ही में सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। धर्मेंद्र अपनी पत्नी की देखभाल के लिए अस्पताल में थे, जबकि उनके चारों बच्चे घर पर अकेले थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बच्चे घर में खाना बना रहे थे, तभी अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आकर हिमांशु, सूरज, काजल और अनन्या झुलस गए। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय पार्षद हरिओम गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटना की सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण खाना बनाते समय चूल्हे या गैस से आग भड़कना प्रतीत हो रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। सरकारी अस्पताल में झुलसे बच्चों का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य तीन बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद परिवार सदमे में है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और बच्चों के उचित इलाज की मांग की है।
कानपुर मेट्रो परियोजना में एक और महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) के तहत कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल रैंप तक लगभग 3 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य आरंभ कर दिया गया है। इससे पहले, बारादेवी से नौबस्ता तक लगभग 5.3 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन में थर्ड रेल सिस्टम का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इस अंडरग्राउंड स्ट्रेच में 'अप-लाइन' टनल के भीतर ट्रैक निर्माण का कार्य पहले से ही प्रगति पर है। परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने और समय बचाने के उद्देश्य से ट्रैक निर्माण के साथ-साथ ही थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य भी शुरू किया गया है। वर्तमान में, थर्ड रेल सिस्टम के तहत सबसे पहले ब्रैकेट्स लगाए जा रहे हैं। ये ब्रैकेट्स भविष्य में बिजली आपूर्ति के लिए थर्ड रेल को सहारा प्रदान करेंगे। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, 'अप-लाइन' टनल में ट्रैक और थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा होते ही कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो ट्रेनों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। कानपुर मेट्रो में पारंपरिक ओवर हेड इक्विपमेंट (ओएचई) के बजाय 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल ट्रैक्शन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रणाली में ट्रैक के समानांतर बिछी हुई थर्ड रेल से मेट्रो ट्रेनों को बिजली की आपूर्ति होती है। यह तकनीकी रूप से अधिक भरोसेमंद होने के साथ-साथ शहरी सौंदर्य के लिए भी बेहतर मानी जाती है। थर्ड रेल सिस्टम का एक प्रमुख लाभ यह है कि इसका रखरखाव कम होता है। इसमें पतंगबाजी या बाहरी कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका नहीं रहती। इसके अतिरिक्त, खुले तार न होने के कारण शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर अधिक साफ-सुथरा और आकर्षक दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा- कानपुर मेट्रो की टीम कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन में कार्य को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। सिग्नलिंग, टेलिकॉम, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक्शन सहित सभी विभागों के सिस्टम इंस्टॉलेशन कार्य सुनियोजित ढंग से प्रगति पर हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही कानपुरवासियों को नौबस्ता तक मेट्रो सेवा का लाभ मिल सकेगा।
लुधियाना जिले के जगराओं पुलिस ने लैहदी भैणी इलाके में हथियारों के बल पर हुई लूटपाट के मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया, जहां पूछताछ में उन्होंने कई अन्य आपराधिक वारदातों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए 65 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काका और गुरदीप ( गांव काउंके कलां के रहने वाले) और काकू और सोनू ( लंडे फाटक, जगराओं के रहने वाले) के रूप में हुई है। 10 जनवरी की सुबह हुई घटना बता दे कि पीड़ित मोहम्मद सहरोज आलम, बिहार (हाल निवासी लैहदी भैणी, जगराओं के रहने वाले) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जगराओं में मूंगफली बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं।मोहम्मद सहरोज आलम के अनुसार, यह घटना 10 जनवरी की सुबह ढाई बजे हुई। धारदार हथियार के बल पर लूट उस समय वह अरशद आलम और अन्य साथियों के साथ अपने घर के कमरे में सो रहे थे। तभी चार युवक जबरन कमरे में घुस आए, जिनके हाथों में तेजधार हथियार थे।एक आरोपी ने तलवार उनकी गर्दन पर रखकर जान से मारने की धमकी दी, जबकि दूसरे ने गाली-गलौज कर डराया। फोन और नकद चुराकर फरार तीसरे आरोपी ने मूंगफली और गजक बेचकर कमाए गए पैसों से भरा बैग ले लिया, और चौथे ने चार्ज पर लगे सभी मोबाइल फोन चुरा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।घटना की गंभीरता को देखते हुए जगराओं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है और उनसे और भी खुलासे होने की संभावना है।
सेवढ़ा में दो घरों से लाखों की चोरी:चोर लाइसेंसी माउजर बंदूक, जेवरात और नकदी ले उड़े
सेंवढ़ा नगर के बेरछा रोड क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में दो सूने मकानों को निशाना बनाकर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। 15-16 जनवरी की दरमियानी रात हुई इन घटनाओं में चोर ताले तोड़कर लाइसेंसी विदेशी माउजर बंदूक, जेवरात, चांदी के सिक्के, टीवी और घरेलू सामान चोरी कर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है। सेना के जवान के घर से 8 लाख की माउजर बंदूक गायबपहली घटना बेरछा रोड निवासी प्रेम सिंह यादव (60) के घर की है। प्रेम सिंह यादव रिश्तेदारी में बाहर गए हुए थे। शुक्रवार दोपहर लौटने पर उन्होंने देखा कि मुख्य गेट खुला था और ताला टूटा हुआ था। घर के भीतर सभी दरवाजे खुले थे और सामान बिखरा पड़ा था। चोर लाइसेंसी स्पेशल अंग्रेजी माउजर बंदूक चोरी कर ले गए, जिसकी कीमत वर्तमान में 8 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा— बाइक को नहीं छुआ, बंदूक चोरी करने की आशंकाप्रेम सिंह यादव ने बताया कि उनका बेटा संजीव यादव भारतीय सेना में पदस्थ है। खास बात यह रही कि घर के अंदर खड़ी बाइक को चोरों ने हाथ नहीं लगाया, जिससे आशंका जताई जा रही है कि चोरों का मुख्य निशाना माउजर बंदूक ही थी। 100 मीटर दूर सूने मकान में सेंधइसी क्षेत्र में करीब 100 मीटर दूर सेंवढ़ा बाईपास के पास सेना के जवान किशन सिंह यादव के सूने मकान में भी चोरों ने सेंध लगाई। घटना के समय मकान काफी समय से बंद था। यहां से चोर कपड़े और कुछ घरेलू सामान ही ले जा सके, क्योंकि घर में ज्यादा कीमती सामान मौजूद नहीं था। पुलिस और डॉग स्क्वॉड ने की जांच सूचना मिलने पर नगर निरीक्षक सुनील बनोरिया पुलिस बल और प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों मकानों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों वारदातों का तरीका एक जैसा है, जिससे एक ही गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस एक ही रात में दो चोरी की घटनाओं से इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और डॉग स्क्वॉड की मदद से सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
मथुरा बार एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव शुक्रवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। कुल 3544 मतदाताओं में से 3313 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। करीब 95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे बार एसोसिएशन के चुनावों के इतिहास में रिकॉर्ड मतदान माना जा रहा है। सुबह 9 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान अध्यक्ष, सचिव समेत 6 पदों के लिए कुल 35 प्रत्याशी मैदान में रहे। मतदान समाप्त होने के बाद सभी प्रत्याशियों का भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया है। मतदान के दौरान कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति भी बनी, जब बैलट पेपर में गड़बड़ी को लेकर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई और हंगामा हुआ। स्थिति बिगड़ने पर कुछ देर के लिए मतदान रोकना पड़ा, हालांकि चुनाव अधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप से मामला जल्द ही शांत हो गया और मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहने के कारण कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। चुनाव अधिकारी एवं बार अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर इसमें भाग लिया। उन्होंने जानकारी दी कि मतगणना शनिवार सुबह 9 बजे से शुरू होगी और परिणाम घोषित होने तक जारी रहेगी। नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर अब अधिवक्ताओं की निगाहें चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश दिवस 2026 की तैयारियों के बीच कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी को छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को न केवल कानपुर बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं में इसे सांसद की बढ़ती स्वीकार्यता और संगठनात्मक भरोसे का प्रमाण माना जा रहा है। सांसद अवस्थी को यह जिम्मेदारी उनकी कार्यक्षमता और सक्रिय भूमिका को देखते हुए सौंपी गई है। इससे कानपुर की राजनीतिक हैसियत राष्ट्रीय मंच पर और मजबूत हुई है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह नियुक्ति आने वाले समय में कानपुर की भूमिका को और प्रभावशाली बनाएगी। इस कार्यक्रम के तहत 24 जनवरी को लोक भवन/लोक निवास में मुख्य आयोजन होगा। इसमें देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जहां उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल यूपी दिवस को केवल राज्य तक सीमित न रखकर देशव्यापी और वैश्विक पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाले तीन दिवसीय आयोजनों में संस्कृति, विकास और ‘विकसित यूपी–विकसित भारत’ की थीम प्रमुख रहेगी। यह नियुक्ति केवल एक प्रतिनिधित्व नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और राजनीतिक ताकत को देश के हर कोने तक पहुंचाने की रणनीति का एक अहम हिस्सा भी है।
बैतूल जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की विवेचना की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन द्वारा कराई गई न्यायालयीन समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि साल 2025 में चोरी, नकबजनी, डकैती और लूट जैसे कुल 40 गंभीर अपराधों में एक भी आरोपी को सजा नहीं हो सकी। यानी जिले में 100 प्रतिशत दोषमुक्ति दर दर्ज हुई है जो न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है बल्कि अपराधियों के हौसले बढ़ाने वाली भी है। 96% गृहभेदन केसों में भी आरोपी बरीसमीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि गृहभेदन के 43 प्रकरणों में से सिर्फ एक केस में ही सजा हो सकी, जबकि बाकी 42 में आरोपी बरी हो गए। इस तरह दोषमुक्ति दर लगभग 96 प्रतिशत रही। एसपी जैन ने इसे “सामान्य त्रुटि नहीं बल्कि गंभीर पेशेवर लापरवाही” बताते हुए कहा कि यह पुलिस विवेचना की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान, तकनीकी प्रमाण और कानूनी प्रक्रिया में हुई चूक सीधे अपराधियों के पक्ष में जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” लचर विवेचना पर कार्रवाई के आदेशपुलिस अधीक्षक ने उन विवेचकों के खिलाफ अर्थदंड सहित कठोर विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं जिनकी जांच में लापरवाही पाई गई है। इसके साथ ही जिले के सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को “अंतिम चेतावनी” जारी करते हुए कहा गया है कि विवेचना को औपचारिकता न समझें। केवल गिरफ्तारी कर देने से पुलिस की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। दोषसिद्धि सुनिश्चित करना ही वास्तविक पुलिसिंग है। “अब जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति नहीं चलेगी”एसपी वीरेंद्र जैन ने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में चोरी, लूट, डकैती, नकबजनी और गृहभेदन जैसे अपराधों की विवेचना में लापरवाही पाई गई तो कठोरतम विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ संदेश दिया, “लचर विवेचना और अकर्मण्यता अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय होगी और नतीजे भी दिखेंगे।” कानून व्यवस्था के विशेषज्ञों के अनुसार इतनी अधिक दोषमुक्ति दर यह संकेत देती है कि अपराध पंजीबद्ध होने के बाद भी पुलिस केस को अदालत तक मजबूत तरीके से नहीं ले जा पा रही।
बलरामपुर में एसपी विकास कुमार ने शुक्रवार रात रिजर्व पुलिस लाइंस में प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों की आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने बैरक, आवासीय परिसर, भोजनालय, शौचालय, स्नानागार और पेयजल जैसी सभी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिक्रूट आरक्षियों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। एसपी ने विशेष रूप से बैरकों में पीने के पानी, साफ-सुथरे शौचालय, स्नानागार, पोषणयुक्त भोजन और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खरगोन जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में इलाज के दौरान 17 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने लगभग एक घंटे तक हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर जैतापुर थाना प्रभारी सुदर्शन कलोसिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पिपरीपाला निवासी अरुण पिता पतलिया डाबर को सुबह अस्पताल के मेडिकल वॉर्ड में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार 4 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके बाद एक घंटा हंगामा की स्थिति बनी। भगवानपुरा विधायक केदार डाबर भी घटना स्थल पर पहुंचे। विधायक और पुलिस ने परिजनों को जांच और इलाज के दौरान दी गई दवाइयों की जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। हालांकि, उन्होंने नाबालिग का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। मृतक के भाई ललित ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई। उसने बताया कि अरुण ने रात में खेत में सिंचाई की थी, जिसके बाद सुबह उसका शरीर अकड़ गया था। उसे अस्पताल लाया गया, जहां दोपहर तक चार बोतलें चढ़ाई गईं। इसके बाद वह खाना-पीना और चलने-फिरने लगा था, यानी ठीक हो गया था। ललित के अनुसार, एक इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी कहा कि अस्पताल ने इलाज के बजाय इंदौर रेफर करने को कहा था। जिला अस्पताल के डॉ. पवन निगवाल ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी। लिवर इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में अत्यधिक लिवर डैमेज पाया गया था। ब्लड में इन्फेक्शन, शुगर और ब्लड प्रेशर भी ज्यादा था। डॉ. निगवाल के अनुसार, प्रथम दृष्टया नाबालिग की मौत अत्यधिक शराब सेवन और माइनर हार्ट अटैक से हुई है।
राजस्थान के टोंक में बारूद और हथियार बनाने के कारखाने पकड़े गए हैं। जिला स्पेशल टीम (DST) ने तीन ठिकानों पर छापा मारा, जिसमें बड़ी संख्या में हथियार और असला बारूद बरामद हुआ है। पुलिस ने शुक्रवार की शाम कार्रवाई का खुलासा किया। एसपी राजेश कुमार मीना के अनुसार शुक्रवार को टोंक के कोतवाली थाना क्षेत्र, टोंक और देवली थाना क्षेत्र में सूचना पर एक साथ दबिश दी गई। इस दौरान भारी मात्रा में बारूद, अवैध हथियारों के पुर्जे जब्त किए है। जब्त किए सामग्री में बड़ी मात्रा में बारूद, पोटाश, बारूद बनाने का शोरा, गनचाप, व्हाइट गन पाउडर, लोहे के छरें, बंदूक के ट्रिगर, बंदूक कबानी, भारी मात्रा में टोपीदार बंदूके व अवैध हथियार बनाने के पुर्जे और 6 तलवारें भी शामिल हैं। यह बारूद और अन्य सामान खेतों की रखवाली में काम आने वाली बंदूके व जंगली जानवरों के शिकार में काम आने वाली बंदूकों में इस्तेमाल होने की आशंका है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया- मामले में मोहम्मद अतीक (65)पुत्र अलाउद्दीन निवासी मोहल्ला शोरगरान थाना कोतवाली और राजू(57) पुत्र स्व. नारायण लाल निवासी पटवा बाजार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों घर में ही बारूद और हथियार के पुर्जे बनाने का कारखाना चला रहे थे। अब पढ़िए- किस ठिकाने पर क्या मिला?
जल-जंगल-जमीन और पर्यावरण का विनाश कर जबरन खोली जा रही खनन परियोजनाओं के खिलाफ़ अंबिकापुर में रैली निकाली गई और आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा में वक्ताओं ने कहा कि पांचवीं अनुसूची लागू होने के बाद भी ग्राम सभाओं की अनदेखी की जा रही है। खनन परियोजनाओं के लिए जबरदस्ती जमीनें छीनी जा रही हैं एवं आदिवासियों का हक मारा जा रहा है। आमसभा में हसदेव अरंय बचाओ संघर्ष समिति की सुनीता पोर्ते ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने जुलाई 2022 में सर्वसम्मति से हसदेव की सभी खदानें निरस्त करने का संकल्प पारित किया था। बावजूद इसके छत्तीसगढ़ सरकार ने नई केते एक्सटेंशन खनन परियोजना के लिए अनुशंसा जारी कर दी है। हसदेव की परसा कोल ब्लॉक में ग्रामसभा के फर्जी प्रस्ताव बनाकर वन स्वीकृति हासिल की गई थी। पुलिस बल लगाकर गैरकानूनी रूप से पेड़ों की कटाई जारी है। पांचवीं अनुसूची का हो पालन-भानू अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ पांचवीं अनुसूची राज्य है, यहाँ वन अधिकार कानून और पेसा कानून लागू हैं और उनका अक्षरशः पालन होना चाहिए। ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। वन संपदा की छत्तीसगढ़ में लूट-आलोक शुक्ला छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन से आलोक शुक्ला ने कहा कि सरगुजा सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभाओं की सहमति की अनदेखी की जा रही है। खनन परियोजनाओं के लिए जंगल-जमीन के अधिग्रहण और खनन परियोजनाओं के लिए वन भूमि के डायवर्सन की जबरन कार्रवाई की जा रही है। आलोक शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार जनता के बजाय चंद कॉर्पोरेट घरानों के मुनाफे और लूट के लिए काम कर रही है। गिरीश भाई ने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध मैनपाट क्षेत्र में बाक्साइट की नई खदानों की अनुमति दिए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि इससे न केवल मैनपाट का अस्तित्व खतरे में पड़ेगा, बल्कि अंबिकापुर शहर और आसपास के इलाकों में भी पानी का गंभीर संकट पैदा होगा। आमसभा को मदन नगर के बाबूलाल, ग्राम सुरसा के विजय, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के रमाकांत बंजारे, फतेहपुर के मुनेश्वर सिंह पोर्ते, सांभर पोया सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। रैली के बाद सौंपा ज्ञापन ग्रामीणों ने बीटीआई मैदान से रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे। लंबी प्रतीक्षा के बाद कलेक्टर ओर से एसडीएम को ज्ञापन लेने भेजा गया। कड़े विरोध और नारेबाजी के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोग, संगठनों के पदाधिकारी एवं पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए।
दमोह शहर के गढ़ी मोहल्ला में शुक्रवार शाम बिजली कंपनी ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान 10 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया। सभी पर मिलाकर 5 लाख 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है और प्रकरण दर्ज किए गए हैं। लाइन लॉस कम करने के लिए चला अभियान बिजली विभाग ने यह कार्रवाई बढ़ते लाइन लॉस को रोकने के लिए की है। गुरुवार को सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता ने समीक्षा बैठक में दमोह जिले में ज्यादा लाइन लॉस पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद उन्होंने तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विशेष टीम ने की जांच मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता दमोह वृत्त के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। कार्यपालन अभियंता मोतीलाल साहू के नेतृत्व में टीम ने गढ़ी मोहल्ला, पठानी मोहल्ला और आसपास के इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। मौके पर पकड़ी गई बिजली चोरी जांच के दौरान 10 उपभोक्ता अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करते पाए गए। टीम ने मौके पर ही पंचनामा बनाया और बिजली चोरी में इस्तेमाल हो रही सामग्री जब्त की। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई इस अभियान में सहायक अभियंता राघवेंद्र इडिपाचे, कनिष्ठ अभियंता शिवानी गुप्ता और विभागीय लाइनमैन मौजूद रहे। नियमों के अनुसार सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 5 लाख 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली चोरी न करें। यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के कल्याणपुर में शुक्रवार को डीसीपी एडीसीपी ऐसीपी मय फ़ोर्स के साथ सड़को पर उतरे दो किलोमीटर पैदल मार्च किया। इस दौरान पनकी रोड चुंगी चौराहे पर बने शराब ठेके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़कों पर शराब पीने वालों के चलान काटे और मौके पर चौकी प्रभारी को बुलाकर कहा कि चौकी के बगल में अराजकता होती है क्या देखते तुम। चौकी पर नहीं रहते हो क्या जो कार्रवाई नहीं करते हो। इसके बाद वह पैदल फ़ोर्स के साथ बारासिरोही शराब ठेके पहुचे और वहाँ कैंटीन चलती देख डीसीपी ने चौकी प्रभारी को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। पैदल गश्त पर निकले डीसीपी तो चौकी प्रभारियों के निकले पसीने कल्याणपुर में शुक्रवार देर शाम को डीसीपी वेस्ट क़ासिम आब्दी एडीसीपी कपिल देव ऐसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने थाने के फ़ोर्स के साथ कल्याणपुर पनकी रोड व बारसिरोही में पैदल गश्त किया। सबसे पहले डीसीपी कल्याणपुर पनकी रोड चुंगी चौराहे पर बने अंग्रेजी व देशी शराब ठेके का निरीक्षण किया। इस दौरान शराबियों को सड़क जाम लड़ाते देख डीसीपी वेस्ट ने चौकी प्रभारी पनकी रोड विनय तिवारी को मौके पर बुलाया और फटकार लगाते हुए कहा कि चौकी से महज कुछ दूरी पर सड़क पर शराबी शराब पीते है और आप क्या करते हो। लगता है तुम चौकी पर कम रहते हो। इसलिए कार्रवाई नहीं करते हो। जिसपर उन्होंने फटकार लगाते हुए सड़क पर पीने वाले शराबियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद वह पैदल गश्त करते हुए बारसिरोही शराब ठेके पर पहुंचे। वहाँ पहले से मौजूद आईआईटी चौकी प्रभारी शुभम पांडेय से सबसे पहले यहीं पूछा मेरे आने कि सूचना कैसे मिली। वहाँ झाडू लगता देख भड़क गए और कहा कि झाडू अभी लगवाई है यहां शराबी खुले में शराब पीते है तुम क्या करते हो। अंग्रेजी शराब ठेके के अंदर गए कैटीन संचालित देख चौकी प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। 24 घंटे में रिपोर्ट बनाकर आबकारी विभाग को भेजने के निर्देश थाना प्रभारी सहित एसीपी को दिए। कहा दोबारा कैंटीन मिली तो कार्रवाई होगी।
महिला की सोशल मीडिया आईडी हैक:पनकी में आरोपियों ने अश्लील पोस्ट किए, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
कानपुर के पनकी क्षेत्र में सोशल मीडिया आईडी हैक कर महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पनकी क्षेत्र निवासी महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी इंस्टाग्राम और फेसबुक आईडी हैक कर ली है। इसके बाद आरोपी उनकी आईडी का दुरुपयोग करते हुए अश्लील फोटो व वीडियो पोस्ट कर रहा है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। अश्लील पोस्ट पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा पीड़िता के अनुसार, हैकर ने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर उनके और उनके पति के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिए हैं, जिससे लगातार अज्ञात कॉल आ रही हैं। फोन करने वाले लोग बेहद आपत्तिजनक और अभद्र बातें कर रहे हैं, जिससे महिला और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। महिला ने आशंका जताई है कि यह हरकत जानबूझकर उनकी सामाजिक छवि खराब करने और उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है। वही शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। डीसीपी वेस्ट कासिम आब्दी ने बताया कि साइबर सेल की मदद से सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने वाले आरोपी की पहचान की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बड़ौत में दो अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर:प्रशासन ने ध्वस्त किया, कॉलोनाइजरों को सख्त चेतावनी जारी
बागपत के बड़ौत कस्बे में प्रशासन ने दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की है। खेकड़ा बागपत विकास प्राधिकरण को इन कॉलोनियों के प्रतिबंधित निर्माण की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। टीम ने कॉलोनाइजरों को सख्त चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई भी प्रतिबंधित तरीके से कॉलोनी का निर्माण करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच-पड़ताल कर लें। बड़ौत क्षेत्र में प्रतिबंधित कॉलोनियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिसके मद्देनजर विकास प्राधिकरण की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित तरीके से कॉलोनी निर्माण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के पहले चरण में पहले दिन शुक्रवार को आजमगढ़ जनपद में 1146 अधिवक्ताओं ने मत डाला। निर्वाचन अधिकारी अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने बताया कि शुक्रवार को पहले दिन 3953 अधिवक्ताओं में से 1146 मतदाताओं अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। शनिवार को पहले चरण के दूसरे दिन का मतदान होना है। शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे से दीवानी न्यायालय के हॉल ऑफ जस्टिस में निर्वाचन अधिकारी अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी तथा अपर जिला जज कमलापति की देखरेख मतदान शुरू हुआ। मतदान की गति सुबह थोड़ी धीमी रही जैसे-जैसे समय बीता अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ने लगी। मतदान के लिए शुरू में लगाए गए 10 बूथ की बजाय करीब 50 बूथ की व्यवस्था की गई। दो बजते बजते हाल ऑफ जस्टिस से लेकर गिरजाघर के पीछे तक अधिवक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। 25 पदों के लिए 333 प्रत्याशी मैदान में है और वरीयता क्रम में मत करने के कारण अधिवक्ताओं को मतदान में काफी समय लग रहा था। वाराणसी के बाद आजमगढ़ में है सबसे अधिक मतदाता पूर्वांचल में वाराणसी के अलावा सबसे अधिक मतदाता होने के कारण सभी प्रत्याशी आजमगढ़ को गंभीरता से ले रहे थे। इसी के मद्देनजर जनपद के बाहर के भी बहुत से प्रत्याशियों ने शुक्रवार की सुबह से ही दीवानी न्यायालय परिसर में डेरा डाल दिया।गिरजाघर चौराहे से लेकर गेट नंबर 4 तक सड़क के दोनों तरफ प्रत्याशियों के स्टॉल पर अधिवक्ताओं की काफी भीड़ से मेले जैसा माहौल नजर आया। दिनभर प्रत्याशी और समर्थक अधिवक्ताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करते हुए नजर आए। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष, वर्तमान सदस्य और प्रत्याशी अमरेंद्र नाथ सिंह, अरविंद तिवारी, बजरंग मिश्रा किलेंद्र उपाध्याय , शशिकांत पांडेय विजय प्रताप यादव, मधुलिका यादव, अक्शा अज़ीम,समर बहादुर यादव आदि कई प्रत्याशी अधिवक्ताओं में अपने पक्ष में मतदान करने के लिए लगातार निवेदन करते दिखाई दिए। सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की फोर्स भी लगाई गई थी। फायर ब्रिगेड का दस्ता भी खड़ा किया गया था।
हाईकोर्ट में एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता असफल अभ्यर्थियों की ओर से पक्ष रखा गया। उनकी ओर से मामले में गैंग के शामिल होने का तर्क देते हुए इसे रद्द करने के पक्ष में तर्क दिए गए। असफल अभ्यर्थियों की ओर से बहस के दौरान दावा किया गया कि एसआई भर्ती परीक्षा में कालेर गिरोह ने बीकानेर में पेपर लीक किया, जो पाली तक पहुंचा। वहीं अगले दो दिन जयपुर से कई गिरोहों तक पेपर पहुंचाने वाले यूनिक भांभू और जगदीश विश्नोई विदेश भाग गए, उन पर एक लाख का इनाम घोषित किया। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने परीक्षा केंद्रों की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई। कोर्ट में अब 19 जनवरी को फिर सुनवाई होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार व अन्य की अपीलों पर शुक्रवार को करीब एक घंटे तक सुनवाई की। पेपर लीक में अब तक 11 एफआईआर दर्जएसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेजर आरपी सिंह और अधिवक्ता हरेंद्र नील ने कोर्ट को बताया कि इस भर्ती का पेपर लीक करने में गिरोह शामिल है। परीक्षा के समय प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 11 एफआईआर दर्ज हुईं, लेकिन मामला दबा दिया गया। ब्लूटूथ गैंग के सौरभ कालेर व तुलछाराम कालेर ने 13 सितंबर 2021 को बीकानेर में पेपरलीक किया, जो बड़े लेवल पर सर्कुलेट हुआ। परीक्षा केंद्र पर मिले मोबाइल में पेपर की कॉपी दिखीसुनवाई के दौरान तर्क दिया गया कि एक अभ्यर्थी से परीक्षा केंद्र पर मोबाइल बरामद हुआ, जिसमें पेपर मिला। इसे लेकर पाली में FIR दर्ज हुई। इसके बाद 14 व 15 सितंबर 2021 को जयपुर में यूनिक भांभू ने पेपर लीक कर जगदीश विश्नोई तक पहुंचाया और उसने पेपर सॉल्वर्स की मदद ली। उसने कई गिरोहों तक भी पेपर पहुंचाया। इनमें सुरेश ढाका भी शामिल है। ढाका व भांभू के विदेश में होने की जानकारी है। उन पर एक लाख का इनाम घोषित है।
कौशांबी में ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:भेड़ चराते समय हुआ हादसा, दो भेड़ें भी चपेट में आईं
कौशांबी में शुक्रवार शाम एक युवक और उसकी दो भेड़ों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना भेड़ चराते समय हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र के नौडिया गांव के पास हुई। बताया गया कि युवक रेलवे लाइन के किनारे अपनी भेड़ों को चरा रहा था। इसी दौरान अचानक एक ट्रेन आ गई और कुछ भेड़ें रेलवे लाइन की तरफ चली गईं। युवक उन्हें हांकने का प्रयास कर रहा था, तभी वह और उसकी दो भेड़ें ट्रेन की चपेट में आ गईं। घंटों की मशक्कत के बाद देर रात करीब 9 बजे मृतक की शिनाख्त हो पाई। उसकी पहचान करारी थाना क्षेत्र के भैला मकदुमपुर निवासी कैलाश पाल पुत्र गुरु प्रसाद के रूप में हुई। शिनाख्त के बाद परिजन भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे।
मध्य भारत मोर्चा के युवाओं ने शुक्रवार को शहर में भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश और नो-एंट्री नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। युवा अपने साथ खिलौनों से बना एक छोटा ट्रक लेकर पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से बताया कि कैसे बड़े ट्रक शहर के अंदर बेरोकटोक प्रवेश कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नो-एंट्री नियमों का सही ढंग से पालन न होने के कारण शहर में लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। मध्य भारत मोर्चा के अध्यक्ष सौरभ ने बताया कि पिछले सप्ताह सनातन चौक के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने एक महिला को टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है। युवाओं ने मांग की कि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश का समय सख्ती से निर्धारित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल रात 9 बजे के बाद ही ट्रकों को शहर के अंदर आने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि दिनभर भारी वाहनों के चलने से यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। युवाओं ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि सुबह 9 बजे से पहले शहर में प्रवेश करने वाले सभी भारी वाहनों के चालान काटे जाएं। ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसपी कार्यालय में ज्ञापन दिए जाने के बाद प्रशासन ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बुरहानपुर के धूलकोट क्षेत्र स्थित ग्राम गंभीरपुरा में 23 जनवरी से 4 फरवरी तक 13 दिवसीय वार्षिक मेला लगेगा। यह मेला शिवा बाबा, मां जगदंबा, महाकाली और बीजासन देवी को समर्पित है, जिसमें प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को धूलकोट में प्रशासनिक अधिकारियों, समिति सदस्यों और ग्रामीणों की एक बैठक हुई। शिवा बाबा मेला समिति के अध्यक्ष रूप सिंह पंवार ने बताया कि मेले की तैयारियां जारी हैं। यह बैठक हर साल प्रशासन, समिति और ग्रामीणों के साथ आयोजित की जाती है। इस वर्ष की बैठक में सुक्ता, धौंड, झिरपांजरिया, अंबा, धुलकोट, हरदा, इटारिया सहित अन्य गांवों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बतायापिछले दिनों समिति पर लगाए गए विभिन्न आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मेला समिति अध्यक्ष रूप सिंह पंवार ने कहा कि कुछ लोगों ने अतिक्रमण करना शुरू कर दिया था और पक्के मकान बनाने का प्रयास कर रहे थे। इसे रुकवाने के बाद इस मामले को मंदिर से जोड़ दिया गया। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि वही लोग वाद-विवाद कर रहे हैं। शौचालय और पानी की कमी के आरोपों पर पंवार ने स्पष्ट किया कि मेले स्थल पर सभी आवश्यक सुविधाएं और पानी की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। बैठक में नेपानगर के एसडीएम भागीरथ वाखला भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बैठक मेले के बेहतर संचालन की रणनीति पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श हुआ और पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। शिकायतों के संबंध में एसडीएम ने आश्वासन दिया कि सभी पक्षों को सुनकर उनका निराकरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेला समिति और प्रशासनिक निगरानी अलग-अलग होती है।
मथुरा में भाजपा ने बीएमसी जीत का जश्न मनाया:कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर, आतिशबाजी कर खुशी जताई
मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का जश्न शुक्रवार को मथुरा में मनाया गया। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मंडी चौराहा पर एकत्रित हुए और इस विजय पर खुशी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर, आतिशबाजी कर और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते हुए अपनी खुशी साझा की। जैसे ही मुंबई से भाजपा की जीत की खबरें आईं, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मंडी चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद और नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए गए। इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी भगवत सोनी और कार्यालय मंत्री गौरी शंकर खंडेलवाल ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव में भाजपा की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, सुशासन और विकासवादी राजनीति पर जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई की जनता ने जाति और विभाजन की राजनीति को नकारते हुए विकास और पारदर्शिता को चुना है। कार्यकर्ताओं ने इस जीत को आगामी चुनावों के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया। उनका कहना था कि बीएमसी जैसी महत्वपूर्ण महानगर पालिका में भाजपा की विजय देशभर में पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता और संगठन की मजबूती को प्रदर्शित करती है। यह जीत जमीनी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का परिणाम है। कार्यक्रम में पंकज खंडेलवाल, विष्णु वार्ष्णेय, गौरव ठाकुर, अंकित, मदन जी, सुमित जी, बॉबी वर्मा जी, अजय चौधरी, विष्णु गुप्ता जी और कान्हा वार्ष्णेय सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस जीत को विकास और सुशासन की जीत बताया।
11 साल की बच्ची के हिजाब पहनते समय श्वास नली में पिन फंस गई। कोटा में एमबीएस अस्पताल के ईएनटी विभाग में डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी के माध्यम से सुरक्षित निकाल लिया। बच्ची मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की रहने वाली है। डॉ. शिवकुमार ने बताया- बच्ची हिजाब पहन रही थी। इस दौरान उसने एक पिन मुंह में दबा रखी थी और दूसरी पिन से हिजाब लगा रही थी। इसी बीच सांस लेते समय मुंह में रखी पिन सीधे श्वास नली में चली गई, जिससे उसे तेज खांसी और सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। श्योपुर जिले से कोटा रेफर किया डॉ. शिवकुमार ने बताया- परिजन बच्ची को पहले श्योपुर (मध्य प्रदेश) के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे में श्वास नली में पिन फंसी होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे कोटा रेफर किया गया एमबीएस अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन किया गया। एक इंच लंबी थी पिन, एंडोस्कोपी से बाहर निकालाडॉ. शिवकुमार ने बताया कि पिन लगभग एक इंच लंबी थी और उसके पिछले हिस्से में प्लास्टिक का मोती नुमा भाग लगा हुआ था, जिससे खतरा और बढ़ गया था। एंडोस्कोपी से महज 2 मिनट में पिन को सुरक्षित निकाल लिया गया। अगर समय पर इलाज न होता तो श्वसन मार्ग में रुकावट, गंभीर संक्रमण या जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती थी। फिलहाल बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के उर्दू विभाग में शुक्रवार, 16 जनवरी को शहर के मशहूर रंगकर्मी स्व. सुरेंद्र शर्मा की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम यूनाइटेड प्रोग्रेसिव थिएटर एसोसिएशन और उर्दू विभाग के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रंगमंच, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों ने स्व. सुरेंद्र शर्मा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता उर्दू विभाग के प्रोफेसर असलम जमशेदपुरी ने की, जबकि संचालन विनोद कुमार बेचैन ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. असलम जमशेदपुरी ने कहा कि सुरेंद्र शर्मा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वे अपने प्रशंसकों के दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र शर्मा के जीवन और रंगकर्म पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जानी चाहिए और उनकी याद में एक बेहतरीन नाटक का मंचन होना चाहिए। साथ ही हर साल उनके नाम पर एक अवॉर्ड शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब यह हम सभी की ज़िम्मेदारी है कि हम उनकी स्मृतियों को जीवित रखें। कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी लोगों ने स्व. सुरेंद्र शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रसिद्ध रंगकर्मी और नाट्य निर्देशक भारत भूषण शर्मा ने कहा कि सुरेंद्र शर्मा का जाना रंगमंच के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि उनके लगभग सभी लोकप्रिय नाटकों में सुरेंद्र शर्मा की अहम भूमिका रही। उन्होंने हमेशा पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ रंगमंच को आगे बढ़ाया। मायाराम की माया, रक्त अभिषेक, मादा कैक्टस, अब्दुल्ला दीवाना, बेटी तो वरदान है, दूसरी शादी, एक था गधा सहित दर्जनों नाटकों में उनके अभिनय को कभी भुलाया नहीं जा सकता। स्टेज उनके लिए सिर्फ मंच नहीं, बल्कि इबादत थी। अनिल शर्मा ने कहा कि उन्होंने सुरेंद्र शर्मा के साथ कई नाटक किए। वे हमेशा कलाकारों का हौसला बढ़ाते थे और अपने रोल को पूरे दिल से निभाते थे। उन्होंने बताया कि वे प्यार से उन्हें ‘देव आनंद’ कहते थे, क्योंकि वे अक्सर देव आनंद के गाने गुनगुनाया करते थे। लोधी राजपूत ने कहा कि उन्होंने बड़े-बड़े कलाकार देखे हैं, लेकिन सुरेंद्र शर्मा जैसा रंगकर्मी बहुत कम देखने को मिलता है। वे सीनियर होने के बावजूद बच्चों और युवाओं को भी उतने ही प्यार से सिखाते थे। सीमा समर ने कहा कि उन्होंने सबसे अधिक नाटक सुरेंद्र शर्मा के साथ किए। उनके जाने से स्टेज को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि ने कहा कि सुरेंद्र शर्मा का व्यक्तित्व बेहद प्रेरणादायक था। उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी और उनके अभिनय में एक अलग ही सादगी और गहराई दिखाई देती थी। इस अवसर पर डॉ. अलका वशिष्ठ, अशोक गंभीर, जितेंद्र सी, राज, चौधरी नरेश पाल, अग्नि वर्मा, पंकज आहूजा, माइकल देसावर, हेमंत गोयल, उज्ज्वल, हरीश वर्मा, अवनी वर्मा, सागर शर्मा, सरिता सिंह सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डॉ. आसिफ अली, डॉ. शादाब अलीम, डॉ. इरशाद सियानवी, सईद अहमद सहारनपुरी, फरहत अख्तर और शहर के अनेक बुजुर्ग भी मौजूद रहे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इरोज सम्पूर्णम सोसाइटी में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से गुस्साए निवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने सोसाइटी के पास स्थित गैलेक्सी गोल चक्कर पर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर बिसरख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में सुबह से ही बिजली आपूर्ति ठप है। कई बार शिकायत करने के बावजूद देर रात तक बिजली बहाल नहीं की गई, जिससे पूरी सोसाइटी अंधेरे में डूब गई। बिजली न होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। निवासियों का यह भी आरोप है कि सोसाइटी में बिल्डर और निवासियों के बीच मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। इसी के चलते बिल्डर ने मेंटेनेंस स्टाफ और टावरों के नीचे तैनात सुरक्षा गार्डों को हटा दिया है। फिलहाल केवल मुख्य गेट पर ही गार्ड तैनात हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। सड़क जाम की सूचना मिलते ही बिसरख पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि तकनीकी खराबी के कारण सोसाइटी की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। फिलहाल प्रदर्शन कर रहे सभी लोगों को समझाकर उनके घर वापस भेज दिया गया है और बिजली बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा के निवासियों को जल्द ही शहर के चौराहों, ग्रीन बेल्ट और सड़कों के सेंट्रल वर्ज पर 'कैलेंडुला' के फूल खिले हुए दिखाई देंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आगामी पुष्प प्रदर्शनी के लिए 'कैलेंडुला' को थीम फ्लावर चुना है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर उद्यान विभाग इन फूलों को प्रमुख मार्गों और गोल चक्करों पर लगवा रहा है। इस संबंध में, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा ने शुक्रवार को ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज और गोलचक्करों को गोद लेने वाली एजेंसियों के साथ बैठक की। उन्होंने एजेंसियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे गोद लिए गए स्थानों पर कैलेंडुला के पौधे लगाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगले महीने 26, 27, 28 फरवरी और 01 मार्च को सिटी पार्क में प्रस्तावित पुष्प प्रदर्शनी से पहले इन पौधों में फूल आ सकें। एजेंसियों को यह कार्य पूरा करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। उद्यान विभाग की टीम इसकी नियमित निगरानी करेगी और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। संदीप चंद्रा ने जानकारी दी कि ग्रेटर नोएडा में कुल 40 गोलचक्कर, 45 ग्रीन बेल्ट और 17 सेंट्रल वर्ज विभिन्न एजेंसियों को गोद दिए गए हैं। इन सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कैलेंडुला के पौधे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
रीवा में लावारिस हालत में मिला नवजात बच्चा:पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया; डॉक्टरों ने हालत स्थिर बताई
रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र में थाना से कुछ ही दूरी पर एक नवजात शिशु लावारिस हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला। बच्चा कपड़ों में लिपटा हुआ था और लगातार रो रहा था। जिस जगह नवजात को छोड़ा गया वह इलाका खुला है, जहां आवारा कुत्तों और वाहनों का खतरा बना रहता है। यदि समय रहते बच्चे पर किसी की नजर न पड़ती, तो अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को बरामद किया और उसे सुरक्षित एसजीएमएच के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार बच्चे की स्थिति फिलहाल सामान्य है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसने और किस मजबूरी में एक नवजात को सड़क किनारे छोड़ दिया। क्या मामला सामाजिक डर, बदनामी या अवैध प्रसव से जुड़ा है? नवजात को जिस स्थान पर छोड़ा गया, वह थाना क्षेत्र के भीतर आता है, ऐसे में रात्रि निगरानी और सामाजिक सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल अमहिया पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे को कब और किसने वहां छोड़ा।नवजात की जान तो बच गई, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में आज भी कुछ लोग मासूम जिंदगियों को किस हद तक असहाय छोड़ने को तैयार हैं।
सिरसा में युवक पर तलवार और कुल्हाड़ी से हमला:पुरानी रंजिश में दिया वारदात को अंजाम, तीन पर केस दर्ज
सिरसा जिले के कालावाली उपमंडल की अनाज मंडी में तीन युवकों ने एक युवक पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में युवक सुखबीर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर मौके से फरार हो गए। यह घटना बीच बाजार में हुई, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घायल सुखबीर के मुंह और हाथ पर तेजधार हथियारों से कई वार किए गए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और घायल के परिजनों को सूचना दी। कुल्हाड़ी और तलवारों से किया हमला घायल सुखबीर सिंह ने बताया कि वह कुरंगावाली गांव से कालावाली अनाज मंडी किसी काम से आया था। इसी दौरान पीछे से तीन युवकों ने कुल्हाड़ी और तलवारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सुखबीर ने हमलावरों में से एक की पहचान दादू गांव के जबरजंग के रूप में की, जबकि अन्य दो की पहचान नहीं हो पाई। घायल का इलाज जारी सूचना मिलने पर कालावाली चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घायल युवक से जानकारी जुटाई और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। परिजनों ने एम्बुलेंस की मदद से घायल सुखबीर को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार, यह मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। घायल सुखबीर को आगे के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया है।
पति ने डंडे से पीटकर पत्नी की हत्या की:शाहजहांपुर में भैंस निकालने को लेकर हुआ विवाद, आरोपी फरार
शाहजहांपुर में भैंस निकालने को लेकर हुए विवाद में पति ने अपनी पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना शुक्रवार शाम तिलहर थाना क्षेत्र के जोधपुर नवदिया गांव में हुई। मृतका की पहचान 45 वर्षीय मायादेवी के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मायादेवी अपने पति महाराज सिंह से अलग अपने छोटे बेटे अतुल के साथ रह रही थीं। वहीं, पति बड़े बेटे हरिशरण के साथ रहते थे। शुक्रवार शाम हरिशरण अपनी भैंसें निकाल रहा था। दोनों बेटों के मकानों का निकास एक ही होने के कारण भैंस निकालने को लेकर मां मायादेवी और बड़े बेटे हरिशरण के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर बड़े बेटे हरिशरण ने रास्ते में बने शौचालय तोड़ दिया। इसके बाद महिला के पति महाराज सिंह का छोटे बेटे से विवाद शुरू हो गया। जब मायादेवी बीच-बचाव करने आईं, तो आरोप है कि पति ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में मायादेवी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मां को बचाने आई उनकी बहू भी घायल हुई है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना के संबंध में पूछताछ की और शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। बताया गया है कि मायादेवी का अपने पति से काफी समय से विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह उनसे अलग छोटे बेटे के साथ रह रही थीं। मृतका की बहन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मायादेवी को उस जगह न जाने की सलाह दी थी, लेकिन वह नहीं मानीं। मृतका की बहन ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले मृतका का उससे भी विवाद हुआ था। तब उसने कहा था कि अब हमे न बोलना। उन्होंने न बोलने की कसम भी दी थी। सीओ तिलहर ज्योति यादव ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लुधियाना जिले में जगराओं के सरकारी अस्पताल से नशा तस्करी का एक आरोपी पुलिस कस्टडी से चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी के फरार होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर निकल चुका था। थाना सिटी जगराओं पुलिस ने नशा तस्करी के आरोप में भम्मीपुरा कलां निवासी सुक्खा और संदीप को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से 30 नशे की गोलियां बरामद की थीं। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तबीयत खराब होने पर कराया गया था अस्पताल में भर्ती शुक्रवार की दोपहर पुलिस आरोपी सुक्खा का मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल लाई थी। इसी दौरान आरोपी सुक्खा ने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की। डॉक्टरों ने उसका इलाज किया, जिसमें उसे ग्लूकोज चढ़ाया गया और ताकत के टीके लगाए गए। उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी को भर्ती करने के बाद पुलिसकर्मी इमरजेंसी वार्ड से बाहर आकर धूप सेंकने लगे। इसी का फायदा उठाकर, जैसे ही सुक्खा की हालत में कुछ सुधार हुआ, उसने अस्पताल की खिड़की से छलांग लगाकर फरार होने की योजना को अंजाम दिया। पता चलते ही पुलिस ने किया पीछा, नहीं आया हाथ घटना का पता चलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन आरोपी भागने में सफल रहा। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना सिटी पुलिस फरार आरोपी सुखा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। थाना सिटी के इंचार्ज परमिंदर सिंह ने पुष्टि करते बताया कि फरार हुए आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
राजधानी रायपुर में चाइनीज मांझा से हो रही दुर्घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद शहर में चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन से इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हाल ही में घायल हुई नेहा यादव और संकल्प द्विवेदी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने दोनों घायलों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन सिर्फ दिखावा कर रहा: आकाश तिवारी आकाश तिवारी ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद से शहर में चाइनीज मांझा से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। राह चलते लोग, दोपहिया वाहन चालक और बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार घटनाएं होने के बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम सिर्फ औपचारिक कार्रवाई कर रही है, जिससे समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। FIR नहीं, सिर्फ जब्ती तक सीमित कार्रवाई नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर साल चाइनीज मांझा जब्ती की खबरें सामने आती हैं, लेकिन दुकानदारों पर न तो FIR दर्ज होती है और न ही सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश की जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रतिबंधित मांझा आखिर बाजार तक पहुंच कैसे रहा है और इसकी सप्लाई चेन तोड़ने में प्रशासन क्यों असफल हो रहा है। प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग आकाश तिवारी ने कहा कि यह मामला केवल पतंगबाजी का नहीं, बल्कि जन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि चाइनीज मांझा बेचने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि जब तक चाइनीज मांझा की बिक्री पूरी तरह बंद नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं। आज भी प्रशासन ने चाइनीज मांझा किया जब्त राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम टीम ने जोन 4 में औचक निरीक्षण किया गया। बूढ़ापारा के मोती पतंग भंडार और सत्ती बाजार के संजय पतंग भंडार में छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान मोती पतंग भंडार से 110 नग और संजय पतंग भंडार से 55 नग प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया गया। दोनों दुकानों के संचालकों को भविष्य में चाइनीज मांझा मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की स्पष्ट चेतावनी दी गई है। मामले में छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के निर्देशानुसार आगे की वैधानिक प्रक्रिया की जा रही है। दरअसल, मकर संक्रांति के दौरान राजधानी के गली-मोहल्लों में पतंगबाजी के बीच चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हुआ। हाल के दिनों में इससे जुड़े गंभीर हादसे सामने आए हैं। कुछ दिन पहले एक युवती का होंठ चाइनीज मांझा से कट गया था, जबकि ताजा घटना में एक युवक के होंठ और गाल बुरी तरह कटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं और नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चाइनीज मांझा की बिक्री और भंडारण के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। नगर निगम ने साफ किया है कि आगे भी शहर के अलग-अलग इलाकों में ऐसे दुकानों पर निरंतर जांच और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
सीकर में 17 साल की नाबालिग लड़की से रेप:वीडियो रिकॉर्ड किया, वायरल करने की धमकी दी
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया है। परिचित युवक के खिलाफ परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 17 साल की नाबालिग लड़की के पिता ने पुलिस में शुक्रवार को शिकायत देकर बताया कि आरोपी परिचित है। जो काम के सिलसिले में उनके घर पर आता था। इसी दौरान 13 जनवरी को आरोपी ने नाबालिग लड़की को अकेला देखकर उसका रेप कर लिया। अश्लील फोटो-वीडियो वायरल की दी धमकीरेप करने के दौरान आरोपी ने नाबालिग लड़की के फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। रेप की घटना के बारे में किसी को बताने पर इन अश्लील फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी दी। घटना के बाद एक बार तो नाबालिग लड़की सहम गई। बाद में उसने यह बात अपने परिजनों को बताई। फिलहाल अब नाबालिग लड़की के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
देवास जिले के खातेगांव में 12 जनवरी को मिले 15 वर्षीय किशोरी के जले हुए शव के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की पहले गला घोंटकर हत्या की गई, बाद में शव पर डीजल डालकर आग लगाई गई ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। 12 जनवरी को डायल-112 पर ऊषा एवेन्यू कॉलोनी के मेन गेट के पास एक किशोरी का जला हुआ शव मिलने की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान उसके छोटे भाई ने अपनी बड़ी बहन के रूप में की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि किशोरी की पहले हत्या की गई और फिर शव को जलाया गया। इसके बाद खातेगांव थाने में हत्या का मामला दर्ज कर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कान्हा उर्फ कन्हैया डाबर (23), निवासी नंदलालपुरा, मांडू (जिला धार) को हिरासत में लिया। पूछताछ में कान्हा ने अपनी भाभी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल की। इसके बाद महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। देवर-भाभी को देख लिया था आपत्तिजनक हालत पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन खातेगांव में हाट-बाजार लगा था, जिससे अधिकांश मजदूर बाजार में थे। इसी दौरान आरोपी कान्हा अपनी भाभी के साथ उसके टप्पर में आपत्तिजनक स्थिति में था। किशोरी ने उन्हें इस हालत में देख लिया। कान्हा ने उसे यह बात किसी को न बताने की धमकी दी। हालांकि, किशोरी के न मानने पर कुछ समय बाद जब वह टप्पर में अकेली थी, आरोपी ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद चल गए बाजार हत्या के बाद, दोनों आरोपियों ने शव को टप्पर से बाहर निकाला और कॉलोनी के गेट के पास ले गए। उन्होंने शव पर डीजल डालकर आग लगा दी, ताकि यह आत्महत्या का मामला लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी सामान्य व्यवहार करते हुए बाजार चले गए। देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन और एसडीओपी आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई कर मामले का खुलासा किया। इस सफलता में थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बरेली स्थित ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने महाराष्ट्र हज कमेटी, मुंबई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर एक हिंदू अधिकारी की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस फैसले को ऐतिहासिक भूल बताते हुए कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी हिंदू व्यक्ति को हज कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मौलाना ने इसे मुस्लिम समुदाय के लिए शर्मनाक और संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला निर्णय करार दिया है। मौलाना बरेलवी बोले- मुस्लिम अधिकारियों को क्यों किया नजरअंदाज?मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पूरे राज्य प्रशासन में एक भी योग्य मुस्लिम अधिकारी नहीं था। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र कैडर सहित विभिन्न सरकारी विभागों में कई सक्षम और अनुभवी मुस्लिम अधिकारी मौजूद हैं, जिन्हें हज जैसी धार्मिक संस्था की जिम्मेदारी दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को CEO नियुक्त किया गया है, उसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं है और न ही उसे हज की धार्मिक प्रक्रियाओं और अरकानों का ज्ञान है। ऐसे में हज यात्रियों की व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो यात्रियों के साथ अन्याय होगा। मौलाना बरेलवी ने फौरन पद से हटाने की मांग हज कमेटी के संचालन और धार्मिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने महाराष्ट्र सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हज एक पवित्र धार्मिक यात्रा है, जिसकी व्यवस्थाओं के लिए इस्लामी परंपराओं और समुदाय की समझ रखने वाले व्यक्ति की नियुक्ति आवश्यक है। मौलाना ने सरकार से मांग की कि नियुक्त किए गए अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर किसी अनुभवी और योग्य मुस्लिम अधिकारी को महाराष्ट्र हज कमेटी के CEO पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में शुक्रवार को अटल सुशासन भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल अलग ही रंग में नजर आया, जब मंच से चल रही बातों पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल असहज और नाराज दिखे। मंत्री प्रहलाद पटेल इस कार्यक्रम में शामिल होने खिलचीपुर पहुंचे थे। उनके साथ जिले के मंत्री नारायण सिंह पंवार और गौतम टेटवाल भी मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जब विधायक हजारीलाल दांगी मंच से संबोधन कर रहे थे, उसी दौरान उनके कुछ शब्दों पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने टोका। विधायक दांगी की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने मंच से कहा-“बस करो, ऐसा मत करो, खुश करने के लिए मत बोलो… नहीं तो मैं आपके खिलाफ बोल दूंगा।” मंत्री के इस अंदाज पर मंच और पंडाल में बैठे लोग हंस पड़े। विधायक ने कहा- कई पंचायतों में भवन नहीं हैंइसके बाद विधायक दांगी ने जैसे ही अपनी बात आगे बढ़ाने की कोशिश की, मंच पर बैठे मंत्री गौतम टेटवाल ने चुटकी लेते हुए कहा- “मांग लो, जो मांगो… दाता आया है।” इस पर भी सभा में ठहाके गूंज उठे। माहौल हल्का होने के बाद विधायक हजारीलाल दांगी ने गंभीर मुद्दे पर बात रखते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और सामुदायिक भवन नहीं हैं। उन्होंने कुछ पंचायतों की सूची मंत्री को देने की बात कही। यह सुनते ही मंत्री प्रहलाद पटेल ने जिला पंचायत सीईओ को मंच पर बुलाने के निर्देश दिए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से विधायक दांगी कुछ पल के लिए चुप हो गए। हालांकि मंत्री ने विधायक को बात पूरी करने को कहा। इसके बाद विधायक दांगी ने बताया कि खिलचीपुर और जीरापुर जनपद पंचायत क्षेत्र की 8 से 10 पंचायतों में सामुदायिक भवन और करीब 6 पंचायतों में पंचायत भवन की आवश्यकता है। उन्होंने अधिक से अधिक घोषणाएं करने का आग्रह किया। नाराज होकर मंत्री - सही बोलने की आदत डालोयहीं से मंत्री प्रहलाद पटेल का रुख सख्त हो गया। उन्होंने विधायक से कहा- “थोड़ा सही बोलने की आदत डालो। पुराने और जर्जर भवनों को यह कहना कि वहां भवन ही नहीं है, गलत है।” इस पर सांसद रोडमल नागर ने बीच में कहा कि कई भवन जर्जर हालत में हैं। मंत्री ने तुरंत जवाब दिया- “जर्जर और भवन नहीं होने में फर्क होता है।” बातों का सिलसिला आगे बढ़ा तो विधायक दांगी ने मजाकिया लहजे में कहा- “मांगना हमारा काम है और देना आपका।” इस टिप्पणी पर सभा में फिर हंसी छा गई, लेकिन मंत्री प्रहलाद पटेल हाथ जोड़ते हुए बोले- “भैया, रहने दो।” विधायक पास आए को बात नहीं कीकार्यक्रम के अंत में विधायक दांगी ने मंत्री के आगमन के लिए आभार जताया, लेकिन इसके बाद भी मंत्री प्रहलाद पटेल मंच पर उनसे नाराज नजर आए। विधायक जब उनके पास जाकर बात करने लगे तो मंत्री ने इशारे से उन्हें बैठने को कहा और उनकी ओर नजर तक नहीं डाली।
भोपाल संसद आलोक शर्मा ने पुराने चौक बाजार से अतिक्रमण हटाने को लेकर कलेक्ट्रेट में नगर निगम कमिश्नर, एडीएम, एसडीएम और संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। आलोक शर्मा को व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की थी। व्यापारियों ने ज्ञापन में कहा कि पुराने शहर के बाजारों में अतिक्रमण की वजह से बार-बार जाम लगता है, जनता चौक बाजार, सराफा बाजार में आने से कतराती है। व्यापारियों ने दुकानों के सामने शटर और नाली की जगह भी किराए पर दे दी है, जिससे रोड पर चलने की जगह ही नहीं बचती। इसी क्षेत्र में मस्जिद के सामने वाली सड़क पर अवैध चौथ वसूली की शिकायत भी सामने आई। जिसकी क्षेत्र के दोनों पार्षदों ने इसकी पुष्टि की। इन समस्याओं के चलते इन बाजारों के व्यापार-व्यवसाय भी कम हो गया। बैठक में सांसद शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि सोमवार से दो-तीन दिन तक लगातार अनाउंसमेंट कराकर चौक बाजार, सराफा बाजार, लखेरापुरा, इब्राहिमपुरा, आजाद मार्केट, लोहा बाजार, हनुमानगंज सहित पूरे क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। जिससे पुराने भोपाल शहर की इस ज्वलंत समस्या का स्थायी समाधान हो सके। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने मौके पर ही एक डेडिकेटेड कमेटी गठित कर अतिक्रमण के खिलाफ रेगुलर मुहिम चलाने की सहमति प्रदान की। सांसद बोले-अतिक्रमण हटाने के साथ मोबाइल कोर्ट भी चले सांसद शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की मुहिम के साथ मोबाइल कोर्ट भी साथ चले, जिससे अतिक्रमण हटाने की मुहिम में आने वाली बाधाओं को आसानी से निपटाया जा सके। किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुनील पंजाबी ने सुझाव दिया कि क्षेत्र की वीडियोग्राफी होना चाहिए। वार्ड के पार्षद ने सुझाव दिया कि शीश महल की जगह पर पार्किंग बनाई जाना चाहिए। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सहमति भी दे दी थी लेकिन अब ये मामला ठंडे बस्ते में है। इस पर अगली बैठक कलेक्टर साथ करने पर सहमति बनी। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में सांसद आलोक शर्मा के साथ नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन, एडीएम सुमित पांडे, नगर निगम अपर आयुक्त सहित ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी, एसडीएम, आरटीओ, सामाजिक और व्यापारिक संगठन,राजधानी वस्त्र व्यापारी संघ, सराफा एसोसिएशन, भोपाल व्यापारी संघ, लोहा बाजार व्यापारी संघ, आजाद मार्केट व्यापारी संघ, हनुमानगंज किराना व्यापारी संघ, घोड़ा निक्कास व्यापारी संघ, इब्राहिमपुरा व्यापारी संघ, दाल-चावल एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष, महामंत्री, पदाधिकारीगण सहित व्यापारीगण और रहवासी उपस्थित रहे।
बाराबंकी के दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के लालपुर गुमान रेलवे क्रॉसिंग पर लखनऊ से वाराणसी जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस (04218) की नीलगाय से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद इंटरसिटी का इंजन फेल हो गई। जिसके बाद रेलवे रूट बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने इंजन की जांच और मरम्मत का कार्य शुरू कराया। दरियाबाद रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस खड़ी हो गई। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद इंटरसिटी का इंजन बदलकर उसे रवाना किया गया। वहीं लखनऊ से गोरखपुर जा रही वंदे भारत करीब 40 मिनट लेट को गई। कोलकाता जम्मूतवी एक्सप्रेस भी 40 मिनट लेट रवाना हुई। लखनऊ अयोध्या मेमू 1 घंटा 45 मिनट लेट रही। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्री ठंड में परेशान होते दिखे। स्टेशन अधीक्षक ए के राय ने बताया कि लालपुर गुमान के पास अचानक नीलगाय आ जाने से जगह हादसा हुआ है। कोई जनहानि नहीं है रेल रूट क्लियर हो गया है।
लखनऊ के स्वरूप को और हरित व आकर्षक बनाने की दिशा में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ी पहल की है। शहर में करीब 195 करोड़ रुपए की लागत से विकास और सौंदर्यीकरण के कई अहम प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इनमें गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में बर्ड एवियरी, हाईकोर्ट के पास संविधान पार्क, गोमती नगर में लोटस पार्क, वंडर पार्क और शहर के पार्कों में 250 ओपन जिम की स्थापना शामिल है। इन सभी परियोजनाओं को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई अवस्थापना विकास निधि की बैठक में मंजूरी दी गई। अवस्थापना विकास निधि की बैठक में मिली हरी झंडी आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे। बैठक में शहर की हरियाली, पर्यटन, बच्चों और युवाओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने वाली योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और वित्तीय स्वीकृति दी गई। गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में इंटरैक्टिव बर्ड एवियरी एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि गोमती नगर में सहारा ग्रुप से खाली कराई गई भूमि पर विकसित हो रहे गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क को और आकर्षक बनाने के लिए करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से एक इंटरैक्टिव बर्ड एवियरी बनाई जाएगी। लगभग एक एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाली इस एवियरी में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए उनके प्राकृतिक आवास के अनुरूप पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, जिससे यह प्रकृति प्रेमियों और बच्चों के लिए खास आकर्षण बनेगा। हाईकोर्ट के पास बनेगा संविधान पार्क हाईकोर्ट के पास ग्रीन बेल्ट की करीब 2500 वर्गमीटर भूमि पर लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से संविधान पार्क विकसित किया जाएगा। यह पार्क आमजन को भारतीय संविधान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया जाएगा। पार्क में अशोक स्तंभ, पैनल वॉल, इंडिया मैप, संसद की आकृति, म्यूरल और आकर्षक लैंडस्केपिंग जैसे कार्य होंगे। गोमती नगर में लोटस पार्क और वंडर पार्क गोमती नगर के ग्वारी फ्लाईओवर के पास ग्रीन बेल्ट की भूमि पर 8 करोड़ रुपए की लागत से मिनी स्पोर्ट्स एरिया और 8.5 करोड़ रुपए से लोटस पार्क का विकास किया जाएगा। वहीं, गोमती रिवर फ्रंट पर लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से वंडर पार्क बनाया जाएगा, जो खासतौर पर बच्चों के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा अर्जुनगंज क्षेत्र में 5 करोड़ रुपए की लागत से पांडव पार्क विकसित होगा। कानपुर रोड योजना में इन्सेक्टोपीडिया पार्क कानपुर रोड योजना स्थित ईको गार्डेन में पीपीपी मोड पर इन्सेक्टोपीडिया पार्क बनाया जाएगा। करीब 13 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस पार्क में जंगल ट्रेल होगी और कीट-पतंगों की आकृतियां बड़े पैमाने पर प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही उर्मिला वन के विकास और अलीगंज की विभिन्न ग्रीन बेल्ट्स में हॉर्टीकल्चर कार्यों के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है। ऐशबाग की सुप्पा झील का कायाकल्प ऐशबाग स्थित सुप्पा झील के संवर्धन और सौंदर्यीकरण के लिए 2.5 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। लगभग 13 एकड़ में फैली इस झील में बाउंड्री वॉल, पाथ-वे, हरियाली और साफ-सफाई के कार्य कराए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र लोगों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल बन सके। फैजुल्लागंज में सड़क और नाले का निर्माण फैजुल्लागंज क्षेत्र में सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराया जाएगा। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने नाले की लेवलिंग और ड्रेन वॉटर के अंतिम निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शहर के पार्कों में 250 ओपन जिम शहरवासियों को फिटनेस के लिए बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से विभिन्न पार्कों में 250 ओपन जिम स्थापित किए जाएंगे। मंडलायुक्त ने इसके लिए भी वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
पाली में शुक्रवार की शाम जीजा ने अपने 22 साल के साले की चाकू मारकर हत्या कर दी। बहन-बहनोई को झगड़ते देख साले ने बीच-बचाव किया। इससे नाराज होकर जीजा ने घर में रखे चाकू से साले के चाकू घोंप दिया। घटना जिले के रोहट थाना क्षेत्र के खांडी गांव में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे हुई। पुलिस ने आरोपी रोहिसा खुर्द (लूणी) निवासी प्रकाश(25) पुत्र बाबूलाल खांडी को गिरफ्तार कर लिया है। ग्रामीण सीओ अमरसिंह ने बताया- जोधपुर जिले के रोहिसा खुर्द (लूणी) निवासी प्रकाश(25) पुत्र बाबूलाल खांडी (रोहट) पाली के खांडी गांव स्थित अपने ससुराल आया हुआ था। इस दौरान उसकी अपनी पत्नी लक्ष्मी से किसी बात पर बहस हो गई। दोनों के बीच झगड़ा बढ़ गया। इसे देख उसके साले कैलाश(22) पुत्र बिंजाराम सरगरा ने बीच-बचाव कर दोनों में समझाइश की। इससे जीजा प्रकाश नाराज हो गया। इसके बाद प्रकाश रसोई में गया और वहां से चाकू लाकर कैलाश पर वार किए। लहूलुहान हालत में कैलाश को रोहट हॉस्पिटल लाया गया, जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बॉडी रोहट हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने आरोपी जीजा को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। 5 साल पहले हुई थी शादीपुलिस ने बताया कि रोहिसा (लूणी) निवासी प्रकाश की शादी करीब 5 साल पहले पाली जिले के खांडी (रोहट) निवासी लक्ष्मी से हुई थी। लक्ष्मी चार-पांच दिन पहले अपने पीहर आई थी। शुक्रवार शाम को आरोपी जीजा भी अपने ससुराल आया था। इस दौरान यह घटना हो गई।
राजिम मेला कल्प कुंभ के आयोजन को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। गरियाबंद में प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने आरोप लगाया है कि मेला आयोजन में पारदर्शिता का अभाव है और जिस तरह से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई है, वह गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करती है। अनुषा जोसेफ ने कहा कि पहले बालोद के जम्बूरी आयोजन में भी बिना निर्धारित प्रक्रिया के अपने करीबी लोगों को काम सौंपा गया था। उसी तरह अब राजिम मेले में भी 3 जनवरी को टेंडर अपलोड कर 10 जनवरी तक मात्र सात दिनों में लगभग 7 करोड़ रुपए के टेंडर जल्दबाजी में आवंटित कर दिए गए। प्रदेश सचिव ने कहा कि बड़े आयोजनों के लिए सामान्यतः टेंडर प्रक्रिया में लगभग 30 दिन का समय लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया, जिसमें गरियाबंद कलेक्टर और संस्कृति विभाग की भूमिका संदिग्ध है। भाजपा पर कमीशनखोरी का आरोप, जांच की मांग आम आदमी पार्टी के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि भाजपा सरकार राजिम मेले जैसे पवित्र आयोजन में भी कमीशनखोरी करना चाहती है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और गरियाबंद कलेक्टर और संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी इमरान खान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
लखनऊ नगर निगम ने की समीक्षा बैठक:मॉडल वार्ड में टैक्स कलेक्शन 92% तक पहुंचा, अब 100% लक्ष्य
लखनऊ शहर की साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और नागरिक सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में नगर निगम से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर आयुक्त, मुख्य अभियंता, जोनल अधिकारी समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने स्वच्छता, निर्माण कार्य, नाला सफाई, स्ट्रीट लाइट और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर कड़े निर्देश देते हुए समयबद्ध और जवाबदेह कार्यप्रणाली पर जोर दिया। मॉडल वार्ड में कूड़ा कलेक्शन की प्रगति पर संतोष बैठक में शहर की साफ-सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण प्रणाली की समीक्षा के दौरान सामने आया कि नगर निगम द्वारा चिन्हित 8 मॉडल वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और कमर्शियल कूड़ा संग्रहण की प्रगति 92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस उपलब्धि पर मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त और उनकी टीम की सराहना की। साथ ही निर्देश दिए कि इस लक्ष्य को जल्द से जल्द शत-प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर सख्ती के निर्देश मंडलायुक्त ने कहा कि मॉडल वार्डों में कहीं भी अनधिकृत कूड़ा घर या अस्थायी कूड़ा फेंकने के स्थान नहीं होने चाहिए। ऐसे सभी स्थलों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो निवासी या प्रतिष्ठान नगर निगम के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं और खुले में कूड़ा डाल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त जुर्माना लगाया जाए। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए ग्रेडिंग सिस्टम नगर निगम के कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए मंडलायुक्त ने एक स्पष्ट ग्रेडिंग पैरामीटर तैयार करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था के तहत अपर नगर आयुक्त और जोनल अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय होंगी और उनके कार्यों के आधार पर उन्हें ग्रेड दिया जाएगा, जिससे जवाबदेही और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेगी। सड़कों की सफाई की ड्रोन से निगरानी शहर की सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ड्रोन सर्वे के माध्यम से मॉनिटरिंग कराने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि ड्रोन से वास्तविक स्थिति का आंकलन होगा और लापरवाही वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही बीट-पॉइंट से बीट-पॉइंट तक एक-एक सुपरवाइजर की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया। सोशल मीडिया पर जारी होगी कूड़ा गाड़ी की टाइमिंग जनसहभागिता बढ़ाने के लिए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि नगर निगम अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वार्डवार कूड़ा कलेक्शन गाड़ियों की समय-सारिणी जारी करे। इससे लोग तय समय पर कूड़ा बाहर निकालेंगे और सड़कों पर गंदगी कम होगी। निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी बैठक में कई विकास और निर्माण योजनाओं में देरी पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन एजेंसियों ने काम शुरू नहीं किया है या धीमी गति से कर रही हैं, वे तुरंत कार्य शुरू करें। सभी योजनाओं को हर हाल में 31 मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। नालों और एसटीपी की नियमित निगरानी के निर्देश गोमती नदी की स्वच्छता को लेकर मंडलायुक्त ने नालों की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की नियमित निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना शुद्धिकरण के कोई भी दूषित जल नदी में न जाए और सभी एसटीपी की क्षमता व आउटलेट जल की गुणवत्ता की लगातार जांच हो। बाढ़ प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट पर फोकस संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ पंपों की क्षमता और आपातकालीन कार्ययोजना की समीक्षा के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शहर की खराब स्ट्रीट लाइट्स को तत्काल ठीक कराने, मुख्य सड़कों और संवेदनशील इलाकों में रोशनी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
छतरपुर जिले के चौरसिया समाज ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की कि जिले में स्थापित होने वाले नए मेडिकल कॉलेज का नाम प्रसिद्ध एनाटॉमी विशेषज्ञ डॉ. बी.डी. चौरसिया के नाम पर रखा जाए। यह ज्ञापन शुक्रवार दोपहर बाद कलेक्टर कार्यालय में दिया गया। चौरसिया समाज के सदस्यों ने बताया कि डॉ. बी.डी. चौरसिया का जन्म छतरपुर जिले के बारीगढ़ गांव में हुआ था। वे ह्यूमन एनाटॉमी के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनकी लिखी किताबें दुनिया भर के मेडिकल छात्रों के लिए मार्गदर्शक साबित हो रही हैं और इन किताबों के बिना मेडिकल शिक्षा अधूरी मानी जाती है। छतरपुर के बारीगढ़ में जन्मे थे डॉ. चौरसियामानिक चौरसिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. बी.डी. चौरसिया छतरपुर के बारीगढ़ में जन्मे थे। वे एनाटॉमी के जनक के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। उनकी किताबें भारत ही नहीं, विदेशों में भी लाखों डॉक्टरों की पढ़ाई का आधार बनी हैं। उन्होंने कहा, “बिना उनकी किताब पढ़े कोई डॉक्टर नहीं बन सकता। इसलिए हमारी मांग है कि छतरपुर के मेडिकल कॉलेज का नाम उनके सम्मान में डॉ. बी.डी. चौरसिया मेडिकल कॉलेज रखा जाए।” चौरसिया समाज के जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार चौरसिया ने कहा कि बारीगढ़ निवासी डॉ. बी.डी. चौरसिया ने एनाटॉमी के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मांग पूरे जिले वासियों की कि नए मेडिकल कॉलेज का नाम उनके नाम पर हो और उन्हें उचित सम्मान दिया जाए। उन्होंने बताया कि यह ज्ञापन उच्च शिक्षा मंत्री एवं राज्यपाल के नाम प्रशासन को सौंपा गया है।
ट्रेन की चपेट में आए युवक का पैर कटा:सतना में पटरी पार करते समय हादसा; जबलपुर लेकर गए परिजन
सतना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। इस हादसे में युवक का दाहिना पैर कट गया। गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद परिजन इलाज के लिए जबलपुर ले गए हैं। यह घटना प्लेटफार्म नंबर एक पर शाम करीब 5 बजे हुई। हावड़ा से मुंबई जाने वाली ट्रेन संख्या 12321 मेल एक्सप्रेस प्लेटफार्म एक पर प्रवेश कर रही थी। इसी दौरान कुआं सुहास निवासी 25 वर्षीय शिवा चतुर्वेदी (पिता मनोज चतुर्वेदी) हड़बड़ाहट में प्लेटफार्म एक से पटरी पार कर प्लेटफार्म दो की ओर जा रहा था। पटरी पार करते समय शिवा प्रयागराज एंड की तरफ ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसका दाहिना पैर एड़ी के ऊपर से कटकर अलग हो गया। प्लेटफार्म पर चीख-पुकार मच गई। आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने ट्रेन के रवाना होने के बाद घायल शिवा को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे रीवा रेफर किया गया था, लेकिन परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर ले गए। रेलवे पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
उदयपुर अब पर्यटन के साथ क्रिकेट के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। आईपीएल टीम पंजाब किंग्स अपनी तैयारियों को मजबूत करने के लिए उदयपुर पहुंच चुकी है। शहर के शिकारवाड़ी स्थित वंडर क्रिकेट एकेडमी के मैदान पर शुक्रवार से टीम का प्रैक्टिस कैंप शुरू हुआ। इस कैंप के शुरू होने से स्थानीय खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यह प्रैक्टिस कैंप 19 जनवरी तक लगातार चलेगी। इस अभ्यास शिविर में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े सितारे शामिल हो रहे हैं। टीम के मुख्य स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल, आक्रामक बल्लेबाज शशांक सिंह और उभरते हुए खिलाड़ी सुरेश शेडगे ने मैदान पर उतरकर अभ्यास किया। स्थानीय युवा खिलाड़ियों को भी चहेते सितारों को देखने का मौका मिलेगाखिलाड़ियों ने नेट प्रैक्टिस के दौरान घंटों पसीना बहाया। अपनी तकनीक को बेहतर करने पर जोर दिया। टीम के साथ उनका पूरा कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ भी उदयपुर आया है, जो खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल की बारीकियों पर पूरी नजर रख रहा है। जिला क्रिकेट संघ उदयपुर के सचिव मनोज चौधरी ने बताया- पंजाब किंग्स जैसी बड़ी आईपीएल टीम का उदयपुर आना शहर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा- यह उदयपुर में क्रिकेट के विकास के लिए बहुत ही सकारात्मक कदम है। इससे न केवल शहर की खेल सुविधाओं को पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवा खिलाड़ियों को भी अपने चहेते सितारों को करीब से देखकर बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा। 19 जनवरी तक चलेगा कैंप उदयपुर में शिकारवाड़ी का किक्रेट मैदान अपनी बेहतरीन पिच माहौल के लिए जाना जाता है, जो खिलाड़ियों को एकाग्र होकर प्रेक्टिस करने में मदद कर रहा है। 19 जनवरी तक चलने वाले इस कैंप के दौरान टीम अलग-अलग सत्रों में अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देगी। वही, फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए काफी उत्सुक दिख रहे है और देखने के लिए शिकारबाड़ी मैदान पहुंच रहे है।
शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में टमाटर खरीद-बिक्री के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान न करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, जबकि आरोपी व्यापारी फरार बताया जा रहा है। फरियादी सीताराम यादव (39), निवासी ग्राम शंकरपुर, थाना सिरसौद, शिवपुरी ने बताया कि मोहम्मद आमिर, निवासी मुरादाबाद, उनके गांव में एजेंट गणेशराम यादव के घर पर रुककर किसानों से टमाटर खरीद रहा था। पहले कई बार समय पर भुगतान मिलने के कारण किसानों का उस पर भरोसा बन गया था। 1 दिसंबर 2025 को सीताराम यादव ने 438 क्रेट टमाटर 800 रुपए प्रति क्रेट के हिसाब से लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए में बेचे। इसी प्रकार, गांव के अन्य किसान नेपाल यादव, प्रदीप शिवहरे, जनवेद जाटव, महेन्द्र यादव, यशपाल यादव और दरबार यादव से भी व्यापारी ने टमाटर खरीदे। सभी किसानों से कुल 8 लाख 24 हजार रुपए के टमाटर खरीदे गए। भुगतान न मिलने और व्यापारी द्वारा लगातार टालमटोल करने से परेशान होकर, पीड़ित किसानों ने 24 दिसंबर 2025 को शिवपुरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। पीड़ित किसानों के अनुसार, व्यापारी ने 1 दिसंबर 2025 को वाहन क्रमांक HR 69 E 7647 और 5 दिसंबर 2025 को वाहन क्रमांक RJ 11 GD 2625 के माध्यम से कुल 1030 क्रेट टमाटर दिल्ली भेजे थे। 10 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7:30 बजे वह बिना बताए गांव से फरार हो गया और बाद में उसका मोबाइल भी बंद हो गया। किसानों का आरोप है कि व्यापारी ने विश्वास में लेकर भुगतान नहीं किया, जिससे उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
बैतूल के बीजादेही थाना क्षेत्र के ग्राम फोफल्या में शुक्रवार शाम को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हादसा हो गया। इस घटना में एक बछड़े की मौके पर मौत हो गई और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे लगा बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस के अनुसार, फरियादी महेश पिता गरबसिंह कास्दे निवासी फोफल्या ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी नानूराम यादव निवासी चूनाहजूरी का ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक सुनील मोरन नदी से रेत भरकर ला रहा था। महेश कास्दे के घर के सामने वाहन का संतुलन बिगड़ने से ट्रॉली पलट गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर बीजादेही पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। तहसीलदार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने शुक्रवार को नीमच जिले का दौरा किया। उन्होंने मनासा पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का सघन जायजा लिया। इस दौरान कमिश्नर ने नीमच के पीपली चौक में 'संकल्प से समाधान' शिविर का औचक निरीक्षण भी किया। शाम को कमिश्नर मनासा के वार्ड नंबर 2 पहुंचे और जीबीएस की संदिग्ध रोगी निधि भाटी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने निधि के स्वास्थ्य और इंदौर में चल रहे उपचार की जानकारी ली। कमिश्नर ने परिजनों को पेयजल की शुद्धता बनाए रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी। क्षेत्र में बीमारी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। संभाग आयुक्त ने मनासा के विभिन्न वार्डों में तैनात 15 स्वास्थ्य टीमों द्वारा किए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वे कार्यों का निरीक्षण किया। अब तक मनासा के 2200 से अधिक घरों में स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। कमिश्नर ने बीएमओ को प्रतिदिन शाम को सर्वे टीमों की ब्रीफिंग करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर तत्काल कदम उठाए जाएं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि संदिग्ध मरीजों के चिन्हांकन और उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। WHO की टीम के साथ बैठक इससे पहले, कमिश्नर आशीष सिंह ने मनासा डाक बंगला में भोपाल, उज्जैन और डब्ल्यूएचओ (WHO) से आई विशेषज्ञों की टीम के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके खद्योत सहित अन्य विशेषज्ञों ने संदिग्ध मरीजों की वर्तमान स्थिति और स्क्रीनिंग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एसडीएम किरण आंजना और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
आनंदपुरी थाना क्षेत्र के फलवा-वरेठ गांव में शुक्रवार को बिजली के पोल पर कार्य करते समय एक ठेका कर्मी हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। घायल युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, नवागांव निवासी प्रकाश पुत्र सोहनलाल बिजली विभाग में ठेका कर्मी के रूप में कार्यरत है। शुक्रवार को फलवा गांव में विद्युत लाइन ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा था। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया और पोल पर ही झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। घायल प्रकाश को तत्काल स्थानीय आनंदपुरी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने शुक्रवार देर शाम उसे महात्मा गांधी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि प्रकाश को एमजी अस्पताल के वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। करंट से शरीर के कई हिस्से झुलस गए हैं, फिलहाल स्थिति स्थिर बनी हुई है।
करौली पुलिस ने दो फरार इनामी बदमाश पकड़े:हत्या के प्रयास मामले में 'ऑपरेशन हंता' के तहत गिरफ्तारी
करौली पुलिस ने 'ऑपरेशन हंता' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। सदर थाना अधिकारी यदुवीर सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक करौली के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन हंता' के तहत अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी क्रम में, थाना सदर करौली पुलिस ने अवधेश सिंह और बलवीर उर्फ बल्ला नामक दो आरोपियों को पकड़ा है। ये दोनों हत्या के प्रयास के एक मामले में लंबे समय से फरार थे। यह मामला थाना सदर करौली क्षेत्र के गांव रौडकला का है। यहां एक पुराने जमीनी विवाद को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इस घटना में चंद्रपाल और पुष्पेंद्र को गोली के छर्रे लगने से गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल में भी रिकॉर्ड हुआ था। पीड़ित की रिपोर्ट पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया और एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों अवधेश सिंह और बलवीर उर्फ बल्ला को गढ़ी बांधवा बस स्टैंड से दस्तयाब किया। बाद में दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर आगे की जांच के लिए संबंधित अधिकारी को सौंपा गया। फिलहाल, आरोपियों से घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी को लेकर गहन पूछताछ और अनुसंधान जारी है। पुलिस ने बताया कि 'ऑपरेशन हंता' के तहत जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हरदा में शुक्रवार शाम को विश्नोई समाज के लोगों ने अपने आराध्य देव गुरु जम्भेश्वर महाराज पर एक युवक द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी का विरोध किया। समाज के सदस्यों ने सिटी कोतवाली थाने में प्रदर्शन करते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जानकारी के अनुसार, नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील के ग्राम जाटगुराड़िया निवासी महेंद्र सिंह पटेल नाम के व्यक्ति ने अपनी फेसबुक आईडी से गुरु जम्भेश्वर महाराज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद विश्नोई समाज में गहरा आक्रोश फैल गया। विश्नोई समाज के लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज के सचिव बलराम झुरिया की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाने में आरोपी महेंद्र पटेल के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने विश्नोई समाज की शिकायत पर आरोपी महेंद्र सिंह पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है।
करनाल जिले केअसंध थाना क्षेत्र में सालवन-फफड़ाना शुगर मिल रोड पर शुक्रवार की शाम एक सड़क हादसा हो गया। जहां गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से बाइक सवार चार युवक घायल हो गए। इसमे दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी हाउस करनाल भेज दिया गया। ट्राली का पार्ट टूटने से बिगड़ा संतुलन पुलिस के अनुसार, गांव सालवन से फफड़ाना की ओर एक बाइक पर चार युवक जा रहे थे। बाइक के आगे गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्राली चल रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्राली का कोई पार्ट अचानक टूट गया। टूटा हुआ हिस्सा पीछे चल रही बाइक से टकरा गया। इससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया और उस पर सवार चारों युवक सड़क पर गिर पड़े। मौके पर एक की मौत, अस्पताल में दूसरे ने तोड़ा दम सड़क पर गिरने के बाद युवक ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आ गए। इस हादसे में गांव सालवन के 19 वर्षीय साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गांव सालवन का प्रिंस, गांव सालवन का जतिंद्र और गांव सालवन का लक्की गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत करनाल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक अन्य युवक ने भी दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चारों युवक अपने-अपने परिवार में इकलौते बताए जा रहे हैं।
इंदौर की कनाडिया पुलिस ने पिछले शनिवार को भोपाल के बिल्डर अवाक को पकड़ा था। उसने बाबा का नाम कबूला था। जिसे पुलिस ने दो युवतियों के साथ पकड़ा है। आरोपियों से एमडी ड्रग जब्त हुई है। आरोपी नए लड़कों को फंसाकर उन्हें एमडी ड्रग की आदत डालते थे। एसीपी अमरेंद्र सिंह की टीम ने वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा, निवासी महालक्ष्मी नगर और उसके साथ कार में बैठी दो युवतियों रिशु झा और अलीशा मसीह को शुक्रवार को पकड़ा। आरोपियों के पास से करीब 15 ग्राम एमडी ड्रग मिली है। रिशु झा उर्फ नेहा, पुत्री अजय झा ने बताया कि वह मूलतः अंधेरी ईस्ट, मुंबई की रहने वाली है और आरोपी बाबा के साथ बड़े-बड़े क्लब और बार की पार्टियों में जाकर अवैध एमडी ड्रग्स की सप्लाई करती है। इसके अलावा आरोपी अलीशा मसीह उर्फ जैनी, पुत्री अनिल मसीह, रतलाम जिले की रहने वाली है। गोवा के पार्टियों के साथ मेट्रो शहर जुड़े हैं तार बाबा शर्मा के तार गोवा के कई क्लब पार्टियों के अलावा अन्य प्रदेशों से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। क्लबों में वह युवतियों की सहायता से आसानी से एमडी ड्रग्स सप्लाई करता है। बाबा किन लोगों से यह नशा लेता था, इसकी जानकारी निकाली जा रही है।
छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा रोड पर निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार को हुई, जिसमें 26 वर्षीय राममिलन बुनकर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने एक जांच दल गठित किया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका नौगांव के सीएमओ आर.एस. अवस्थी और इलेक्ट्रिकल उपयंत्री गगन सूर्यवंशी को लापरवाही का दोषी पाया गया। पर्याप्त नियंत्रण और निगरानी के अभाव के कारण हुई इस घटना के लिए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार प्रो. रमेश विश्वकर्मा (पिता नाथूराम विश्वकर्मा, निवासी वार्ड क्रमांक 14, नौगांव) के खिलाफ नौगांव थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मौके पर पहुंच मजदूरों के बयान लिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा इंतजामों और नियमों के पालन की जांच अभी जारी है। श्रम विभाग की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा टीम ने भी घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। सागर संभाग की सहायक संचालक माधुरी वर्मा और प्रशिक्षु सहायक संचालक मेघा चंदेल शुक्रवार दोपहर नौगांव पहुंचीं। टीम ने नगर पालिका के उपयंत्री आलोक जायसवाल के साथ दुर्घटनास्थल का दौरा किया, निर्माण संबंधी दस्तावेज मांगे और घायल मजदूरों के घर (चंदौरा, धौर्रा आदि) जाकर उनके बयान दर्ज किए। टीम ने इस संबंध में पंचनामा भी तैयार किया है। सहायक संचालक माधुरी वर्मा ने बताया मामले की जांच जारी है। मौके का निरीक्षण किया गया, मजदूरों के बयान दर्ज किए गए हैं। नगर पालिका से दस्तावेज एकत्र करने के बाद विभागीय स्तर पर अन्य पहलुओं की भी जांच चल रही है। 10 से 15 दिन में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। यह घटना नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। आमजन में निर्माण में हुई लापरवाही और जानमाल की क्षति को लेकर गुस्सा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति से जुड़े मामलों में अहम आदेश दिया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने साफ किया कि पदोन्नति के बाद प्रस्तावित तबादले-पोस्टिंग फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित रहेंगे। यह आदेश वरिष्ठता सूची को लेकर दायर कई रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने कहा- ये मामले वर्ष 2023 से लंबित हैं और बार-बार स्थगन मांगे जा रहे हैं। इस बीच विभाग ने पदोन्नत अधिकारियों से वरिष्ठता सूची के आधार पर विकल्प लेकर तबादले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जबकि वही वरिष्ठता सूची अदालत में चुनौती के दायरे में है। ऐसे में संतुलन बनाए रखने और बार-बार तबादलों से उत्पन्न असंतोष से बचने के लिए यह कदम जरूरी है। हाईकोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि पहले जारी अंतरिम आदेशों (10 फरवरी 2025 और 8 अगस्त 2025) में स्पष्ट किया गया था कि सभी पदोन्नतियां और पोस्टिंग अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रिव्यू डीपीसी/डीपीसी की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि काउंसलिंग के आधार पर प्रस्तावित तबादले अगली सुनवाई तक लागू नहीं होंगे। राज्य सरकार के अनुरोध पर कोर्ट ने सभी मामलों की अगली सुनवाई की तारीख 27 जनवरी 2026 तय की है। अगली सुनवाई के बाद ही कर सकेंगे प्रमोशन-पोस्टिंगराजस्थान में 25 हजार से ज्यादा शिक्षा अधिकारी हैं, जिनके प्रमोशन पर इस आदेश का सीधा असर पड़ेगा। इस आदेश के बाद प्रदेशभर में हो रही प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल की काउंसलिंग पर एक बार रोक लग जाएगी। अब हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के बाद ही शिक्षा विभाग प्रमोशन और पोस्टिंग कर सकेंगे। इस आदेश से पिछले दिनों हुए तबादलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रमोशन की वरिष्ठता पर पड़ता है असरदरअसल, शिक्षा विभाग में अलग अलग विषयों के टीचर्स को प्रिंसिपल के रूप में प्रमोशन मिलता है। इससे प्रमोशन की वरिष्ठता पर असर पड़ता है। इसी कारण बड़ी संख्या में टीचर्स ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। टीचर्स का कहना है कि एक साथ सभी विषयों का प्रमोशन नहीं होने के कारण वरिष्ठता प्रभावित होती है। ऐसे में हाईकोर्ट ने 9 याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई करते हुए शुक्रवार को यह आदेश दिया।
रीवा जिले में साइबर ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है। अब तक शादी कार्ड या इनाम के नाम पर ठगी के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब ठगों ने सरकारी योजनाओं का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ताजा मामला सगरा थाना क्षेत्र का है, जहां सगरा निवासी नंदन तिवारी का मोबाइल फोन साइबर ठगों द्वारा हैक कर लिया गया। पीड़ित नंदन तिवारी के अनुसार, हैकरों ने उनके मोबाइल नंबर पर नियंत्रण हासिल कर लिया और उसी नंबर से अन्य लोगों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। इन मैसेज में पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित लिंक और पीडीएफ फाइल भेजी जा रही है। मैसेज इस तरह तैयार किए गए हैं कि लोग इसे सरकारी सूचना समझकर बिना संदेह खोले लेते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक या पीडीएफ को खोलता है, उसका मोबाइल फोन हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के लिंक के जरिए ठग मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य महत्वपूर्ण डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत गोपनीयता भी खतरे में पड़ सकती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित नंदन तिवारी ने सगरा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी का यह नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है। वहीं, प्रशासन और पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, पीडीएफ या मैसेज को न खोलें, चाहे वह किसी परिचित नंबर से ही क्यों न आया हो। किसी भी सरकारी योजना से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत पोर्टल पर ही भरोसा करें। साइबर ठगी से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
ग्वालियर में शुक्रवार को आयोजित नगर निगम परिषद की बैठक में कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम को एक बार फिर जीडीसीए को 30 साल के लिए लीज पर दिए जाने का प्रस्ताव भारी हंगामे के बीच पारित हो गया। इस दौरान भाजपा के चार पार्षदों ने प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन सदन में मौजूद कांग्रेस और भाजपा के अन्य पार्षदों के बहुमत से प्रस्ताव मंजूर हो गया। विरोध कर रहे भाजपा पार्षदों ने अपने ही दल के कुछ पार्षदों पर कांग्रेस पार्षदों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया। ग्वालियर में पहली बार कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम के मुद्दे पर भाजपा पार्षदों में खुली फूट देखने को मिली। दरअसल, बैठक में एजेंडा लाया गया था कि स्टेडियम की लीज दोबारा जीडीसीए को बढ़ाई जाए। जैसे ही प्रस्ताव सदन में आया, वैसे ही भाजपा पार्षद अंजिल पलैया, गिर्राज कंसाना, गीता भूपेंद्र कुशवाह और संजय सिंहल इसके विरोध में खड़े हो गए। प्रस्ताव का विरोध, आसंदी का घेरावविरोध कर रहे पार्षदों का कहना था कि पहले जब शहर में कोई अन्य क्रिकेट स्टेडियम नहीं था, तब कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम की लीज जीडीसीए को दी गई थी। अब शंकरपुर में नया क्रिकेट स्टेडियम बन चुका है, इसलिए कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम की लीज जीडीसीए को न देकर नगर निगम को स्वयं इसका संचालन करना चाहिए। इससे खेल गतिविधियां बढ़ेंगी और निगम को आय भी होगी। अपनी मांगों को लेकर पार्षद धरने पर बैठ गए और आसंदी का घेराव किया। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस के अन्य पार्षदों के समर्थन से बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया। भाजपा की आपसी फूट खुलकर सामने आईइस मामले में भाजपा पार्षदों की आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई। भाजपा पार्षद गिर्राज कंसाना ने आरोप लगाया कि उनके दल के कुछ पार्षद कांग्रेस पार्षदों से मिले हुए हैं और इस मिलीभगत के चलते नगर निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है तथा जनता के साथ छल किया जा रहा है। वहीं भाजपा पार्षद अंजिल पलैया ने कहा कि जीडीसीए को स्टेडियम दोबारा लीज पर देना उन खिलाड़ियों के साथ अन्याय है, जिन्हें जगह के अभाव में खेलने का मौका नहीं मिल पाता। नेता प्रतिपक्ष बोले-समर्थकों के बहकावे में आ गएनेता प्रतिपक्ष हरिपाल का कहना है कि जो पार्षद प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, वे अपने समर्थकों के बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पार्षदों को उन्होंने जिताकर सदन में पहुंचाया, वही अब उनका विरोध कर रहे हैं, जो हैरान करने वाली बात है। उनके मुताबिक, विरोध कर रहे पार्षद भ्रमित हो गए हैं। बैठक में ये निर्णय भी लिए गएनगर निगम परिषद की बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन पर वाहनों की चार्जिंग दरें तय करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। इसके अलावा विनियमित एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, सहायक सचिव के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) कटौती संबंधी प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। भवन अनुज्ञा शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव को भी सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। इसके बाद एजेंडे की समाप्ति की घोषणा की गई।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े क्षेत्र में शुक्रवार को एक बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही उमरिया सामान्य वन मंडल और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस लाइन के पास मिला शव यह मामला जिला मुख्यालय से सटे पुटपुरा क्षेत्र, पुलिस लाइन के पास का है। यहां बाघ के एक जगह निष्क्रिय पड़े होने की सूचना मिली थी। बाघ को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण और लोग मौके पर जमा हो गए। कोई हलचल नहीं होने पर दी गई सूचना जब काफी देर तक बाघ में कोई हलचल नहीं हुई, तो इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। इसके बाद टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और बाघ की जांच की। प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत की पुष्टि हुई। जनवरी में तीसरे बाघ की मौत बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में बांधवगढ़ क्षेत्र में यह तीसरे बाघ की मौत है। इसके अलावा, इसी क्षेत्र से एक शावक के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है। पोस्टमॉर्टम से पता चलेगा कारण वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
अशोकनगर जिले के ईंदौर गांव में हुई 3 चोरियों का पुलिस ने शुक्रवार शाम खुलासा किया है। कदवाया पुलिस ने 108 जननी वाहन के एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है, जिस पर बाहर से पारदी गिरोह बुलाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिलवाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, 23-24 दिसंबर 2025 की रात एक प्लेटिना बाइक चोरी हुई थी। इसके बाद 24-25 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात ग्राम ईदौर में तीन घरों में चोरी की वारदातें हुईं। फरियादी श्यामलाल साहु और अमित यादव ने थाना कदवाया में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। गुना में पारदियों से पहचान हुई थी जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर छोटी मोचार निवासी वीरेंद्र परिहार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में वीरेंद्र ने कई खुलासे किए। वह वर्तमान में 108 जननी वाहन का ड्राइवर है और पहले गुना जिले में भी यह वाहन चला चुका है। इसी दौरान उसका संपर्क बिलाखेड़ी निवासी मुरारी उर्फ राम पारदी से हुआ था। आरोपी वीरेंद्र ने बताया कि उसने 108 वाहन का फर्जी इवेंट बनाया और मुरारी पारदी तथा उसके दो साथियों को एम्बुलेंस से ग्राम ईदौर पहुंचाया। वहां उसने चोरी के लिए घरों की रेकी करवाई। वापसी के दौरान एक प्लेटिना बाइक भी चोरी की गई। 24 दिसंबर की रात तीनों आरोपियों ने गांव के कई घरों में सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चुराई। चोरी के माल में से वीरेंद्र को चांदी की पायल और दो चांदी के सिक्के मिले। शेष राशि 27 दिसंबर को फोन-पे के जरिए उसके खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का सामान जब्त कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। 108 वाहन के दुरुपयोग के संबंध में भी जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में थाना प्रभारी मनीष यादव ने यह कार्रवाई की।
जींद जिले में उचाना थाना पुलिस ने गांव काकड़ौद के एक व्यक्ति से तीस भैंस खरीदकर 45 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में मध्य प्रदेश के चार व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव काकड़ौद निवासी रामनिवास ने शुक्रवार को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह भैंस खरीदने और बेचने का काम करता है। उसने आरोप लगाया कि एमपी के भोपाल के विदेशापुर रोड निवासी बल्लू उर्फ साजिद, मुन्ना, मुश्ताक और संजू ने उससे 12 सितंबर को 20 और 24 सितंबर को 10 भैंसें खरीदी थीं, जिनकी कुल कीमत 45 लाख रुपए थी। आरोपियों ने भैंसों का भुगतान चेक से किया था। जब रामनिवास ने ये चेक बैंक में जमा किए, तो उसे बैंक द्वारा बताया गया कि खातों में पर्याप्त धनराशि नहीं है, जिस कारण चेक बाउंस हो गए। इसके बाद रामनिवास ने आरोपियों से संपर्क किया और उन्हें चेक बाउंस होने की जानकारी दी। रुपए मांगने पर आरोपियों की गाली- गलौज रामनिवास के अनुसार, जब उसने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। उचाना थाना के जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने रामनिवास की शिकायत के आधार पर आरोपी बल्लू उर्फ साजिद, मुन्ना, मुश्ताक और संजू के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कांग्रेस पर मनरेगा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया। अरुण सिंह ने कहा- मनरेगा में सुधार करके उसे वीबी जीराम-जी किया है। इससे अब ज्यादा दिन तक रोजगार मिलेगा, लेकिन कांग्रेस भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा- कांग्रेस को राम नाम से पता नहीं क्यों आपत्ति है? वहीं पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के भाजपा छोड़ने और कई अन्य नेताओं के भी वापस कांग्रेस जॉइन करने के सवाल पर अरुण सिंह ने कहा- एकाध नेता चला गया तो क्या फर्क पड़ने वाला है? भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। यहां आने वालों की संख्या ज्यादा है और जाने वालों की बहुत कम। कुछ लोगों की अलग तरह की महत्वाकांक्षाएं होती हैं, इसलिए चले जाते हैं। अरुण सिंह भाजपा प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। कहा- कांग्रेस मनरेगा बंद करने का भ्रम फैला रही, अब 125 दिन का रोजगार मिलेगाअरुण सिंह ने कहा- कांग्रेस मनरेगा को बंद करने का भ्रम फैला रही है, जबकि सच यह है कि उसकी कमियों को दूर कर नया कानून बनाया गया है। मनरेगा में कांग्रेस जो गड्ढे भरती थी। पेपर में उनके काले कारनामे छपते थे। भरे हुए गड्ढों की नाप-जोख किया जाए तो एक विधानसभा के क्षेत्रफल से ज्यादा गड्ढे़ भरने का काम हो जाएगा। जो भ्रष्टाचार का जीता जागता प्रमाण है। अब गांव के गरीब मजदूर को 100 की बजास 125 दिन का रोजगार मिलेगा। 15 दिन में काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का भुगतान होगा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। कहा- कांग्रेस भ्रष्टाचार चाहती हैअरुण सिंह ने कहा- इस कानून से ग्रामवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा, ग्राम विकसित होंगे। सोनिया गांधी सहित कांग्रेस नेता भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। इसकी आड़ में वे भ्रष्टाचार जारी रखना चाहते हैं और भ्रष्टाचारियों को बचाने का काम कर रहे हैं। पहले मनरेगा की कोई सोशल ऑडिट नहीं होती थी। अगर होती थी तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन वीबी जी रामजी से अब भ्रष्टाचारियों की दाल नहीं गलेगी। कहा- कांग्रेस को राम के नाम से क्या आपत्ति है?अरुण सिंह ने कहा- नए कानून के तहत ग्राम सभा अपने गांव के विकास कामों की प्राथमिकता तय करेगी। इसके आधार पर स्कूल, वेयरहाउस, कौशल केंद्र, नर्सिंग होम, तालाब जैसे काम हो सकेंगे। इससे देश के गांवों का विकास होगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने का साकार करेगा। समझ नहीं आता कि कांग्रेस भगवान राम का इतना विरोध क्यों करती है, चाहे रामसेतु का मामला हो, राम मंदिर का मामला हो। अब तो ये राम नाम आने से इस कानून तक का विरोध कर रहे हैं, यह सरासर पाप कहलाता है। कांग्रेस राज में पेपरलीक होते थे, हर परीक्षा में नेटबंदी होती थीअरुण सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार लगातार जनहितैषी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री मेहनती और परिश्रमी व्यक्ति हैं, कार्यकर्ता के भाव से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में अब न तो पेपरलीक हो रहा है। ना ही परीक्षा के दौरान नेटबंदी की जा रही है। न ही चलती बस में परीक्षा के पेपर हल करवाए जा रहे हैं, जो कांग्रेस की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में राजस्थान की पहचान बन गया था। अब राजस्थान में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं भी हो रही हैं, समय पर परिणाम भी आ रहे हैं और युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। कांग्रेस नकारात्मक राजनीतिक कर रही, इसलिए जनता नकार रहीअरुण सिंह ने कहा- कांग्रेस विध्वंसक और नकारात्मक राजनीति कर रही है, जिसे जनता स्वीकार नहीं कर रही है। यही कारण है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए को भारी बहुमत मिला है। जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास केंद्रित राजनीति पर जनता ने अपने विश्वास और भरोसे की मोहर लगाई है।
सलूम्बर नगर की चारभुजा बस्ती में आगामी 1 फरवरी को आयोजित होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस आयोजन की रूपरेखा तय करने और सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में बस्ती को 7 गटों में विभाजित किया गया और प्रत्येक गट के लिए संयोजक नियुक्त किए गए। सभी संयोजकों को सम्मेलन को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन को लेकर बस्तीवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस विराट हिन्दू सम्मेलन को जैन संत श्री विहर्ष सागर महाराज का मंगल आशीर्वाद प्राप्त होगा। वहीं, पूज्यपाद मेवाड़ पीठाधीश्वर स्वामी सुदर्शनाचार्य का परम सानिध्य भी सम्मेलन की शोभा बढ़ाएगा। सम्मेलन में पेसिफिक विश्वविद्यालय एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, साथ ही स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संयोजक भगवती प्रकाश शर्मा का प्रेरणादायी उद्बोधन भी प्राप्त होगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष मुकेश मंत्री ने बताया कि सम्मेलन के दौरान विद्यालय के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन होगा। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण 1001 दीपों से भारत माता की भव्य आरती होगी। संयोजक महेश चन्द्र आमेटा ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न टोलियां गठित की हैं। इन टोलियों को प्रचार-प्रसार, व्यवस्था, स्वागत एवं अनुशासन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजन समिति का दावा है कि यह विराट हिन्दू सम्मेलन सलूम्बर नगर के इतिहास में एकता, संस्कृति और सनातन चेतना का भव्य संदेश देगा।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने 20.18 लाख रुपए से अधिक की लूट के मामले में मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 13.75 लाख रुपए कैश और कार जब्त की गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है। मामला चांपा थाना क्षेत्र का है। एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि 9 जनवरी को मेसर्स अरविंद इंडस्ट्रीज के सुपरवाइजर हरीश देवांगन कंपनी का कैश कलेक्शन कर सक्ती से चांपा लौट रहे थे। उनके पास कुल 20 लाख 18 हजार 700 रुपए कैश थे। ग्राम कोसमंदा मेन रोड तालाब के पास एक कार में सवार पांच लोगों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया और हरीश की आंखों में मिर्ची पाउडर फेंक दिया। आंखों में तेज जलन के कारण जब हरीश रुका, तो आरोपियों ने जबरन बैग छीनने की कोशिश की। जब वे बैग नहीं छीन पाए, तो उसे कार में बैठाकर अगवा कर लिया। आरोपियों ने हरीश के साथ मारपीट की और उसे मैनपाट के सेल्फी प्वाइंट तक ले गए। वहां उन्होंने हरीश को गहरी खाई में धक्का दे दिया, यह सोचकर कि उसकी मौत हो जाएगी। 300 सीसीटीवी खंगालकर पुलिस ने की पहचान हालांकि, हरीश पूरी रात खाई में फंसे रहे और 10 जनवरी की सुबह किसी तरह बाहर निकलकर घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बलौदा और कोरबा क्षेत्र के 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। आधे-अधूरे वाहन नंबर और कार की बनावट के आधार पर एक संदिग्ध काली वेन्यू कार की पहचान की गई, जिससे पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई। 13.75 लाख नकद और हथियार जब्त पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस लूट का मास्टरमाइंड योगेश रात्रे था। जिसने दो महीने पहले ही इस वारदात की योजना बनाई थी। आरोपियों के कब्जे से 13 लाख 75 हजार रुपए नकद के अलावा लूट में इस्तेमाल की गई कार, एक चाकू, बेसबॉल स्टिक और पांच मोबाइल जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी सुशील कुर्रे अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एमआईसी में इंदौर के लिए बड़े फैसले:1530 करोड़ का लोन, 8 हजार पीएम आवास और 60 करोड़ के काम
इंदौर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) बैठक में एक साथ ऐसे फैसले लिए गए, जो आने वाले वर्षों में शहर की तस्वीर बदलने वाले हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 1530 करोड़ रुपए का लोन, 8 हजार प्रधानमंत्री आवास, 60 करोड़ से अधिक के विकास कार्य, सड़क, सीवरेज, जलप्रदाय, सौंदर्यीकरण और विज्ञापन नीति से जुड़े अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के प्रथम चरण में करीब 8 हजार आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए डीपीआर शासन को भेजने की स्वीकृति दी गई। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के हजारों परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा। MIC बैठक में जेंट्री, ओवरब्रिज और लॉलीपॉप पर विज्ञापन अधिकार देने की स्वीकृति दी गई, जिससे निगम की आय में इजाफा होगा। न्यायालय के निर्देशों के पालन में स्ट्रीट डॉग के संरक्षण और पालन-पोषण के लिए योजना तैयार करने और इसके लिए एनजीओ व पशुप्रेमी संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने का निर्णय भी लिया गया। निरंजनपुर चौराहा से राजीव गांधी चौराहा तक बीआरटीएस कॉरिडोर पर आरसीसी मीडियन सेंट्रल डिवाइडर बनाए जाने को भी स्वीकृति दी गई। जल संकट और सीवरेज सुधार के लिए 1530 करोड़ का कर्ज शहर की जलप्रदाय और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम द्वारा 1530 करोड़ रुपए का ऋण लेने का बड़ा निर्णय लिया गया। यह राशि शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने में खर्च की जाएगी। 60 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों को हरी झंडी MIC बैठक में सड़क, कॉलोनी, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 60 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। 11 करोड़ से सड़कों का मेकओवर शहर को चार हिस्सों में बांटकर लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से कॉलोनियों से मुख्य सड़कों तक संपर्क मार्ग, कॉलोनी की आंतरिक सड़कें, जोन स्तर पर क्षतिग्रस्त मार्गों पर डामरीकरण, पेंचवर्क और रिसर्फेसिंग कराई जाएगी। लिंबोदी तालाब का कायाकल्प: 5 करोड़ मंजूर पर्यावरण और शहर की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए लिंबोदी तालाब के विकास और जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। विद्यार्थी, बुजुर्ग और दिव्यांगों को राहत महापौर पास योजना के तहत विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को दी जा रही बस पास छूट की प्रतिपूर्ति के लिए 3 करोड़ रुपए की राशि देने का निर्णय लिया गया। शहर सौंदर्यीकरण: चौराहों से डिवाइडर तक रंगीन होगा इंदौर शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर स्थित रोटरी, जेब्रा लाइन, डिवाइडर, फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट पर पेंटिंग और सौंदर्यीकरण कार्यों को भी मंजूरी मिली।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की कार्रवाई के बाद अब चित्तौड़गढ़ पुलिस ने भी मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन “विष हरण” के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 15 लाख रुपए नकद, एक ड्रोन, लैपटॉप, मोबाइल फोन, वाहन और एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अब तक की सबसे बड़ी एमडी फैक्ट्री के खिलाफ मानी जा रही है। CBN के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई के बाद जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस ने भी शिकंजा कसना शुरू किया। इसी क्रम में महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज के निर्देश पर मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान “ऑपरेशन विष हरण” चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद केवल नशे के छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क और उसकी जड़ तक पहुंचना है। चित्तौड़गढ़ पुलिस को इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी। एसपी बोले- रणनीति से किया काम पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि पिछले कई महीनों से जिले में मादक पदार्थों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। संदिग्ध लोगों, उनके संपर्कों और गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा था। पुलिस का उद्देश्य साफ था कि नशे के कारोबार से जुड़े पूरे गिरोह को उजागर किया जाए। इसी निरंतर निगरानी और योजना के चलते पुलिस को एमडी निर्माण से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जानकारी मिली। छोटी बरामदगी से खुला बड़ा राज इस पूरे मामले की शुरुआत कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाना क्षेत्र से हुई। यहां थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने सत्तू माली और जीवन वैष्णव को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से 6 ग्राम और 2 ग्राम एमडी बरामद हुई। पूछताछ में जब आरोपियों से सख्ती से सवाल किए गए और उनके मोबाइल व कॉल डिटेल्स की जांच की गई, तो सामने आया कि यह एमडी कहीं और से लाई जा रही थी। आरोपियों ने बताया कि नशा ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा से लाया गया था। पुख्ता सूचना पर हुई कार्रवाई आरोपियों के खुलासे और मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस को यह स्पष्ट हो गया कि ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा में एमडी बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही है। यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके में इस तरह से संचालित की जा रही थी कि किसी को शक न हो। पुलिस के लिए यह जानकारी बेहद गंभीर थी, क्योंकि एमडी का निर्माण सीधे तौर पर युवाओं के जीवन और समाज की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है। 100 पुलिसकर्मियों की संयुक्त दबिश सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सरिता सिंह के निर्देशन में एक बड़ी टीम बनाई गई। सीओ गंगरार शिवन्या सिंह और सीओ सिटी बृजेश सिंह के नेतृत्व में 8 थानों के थानाधिकारी और करीब 100 पुलिसकर्मियों को इस ऑपरेशन में लगाया गया। पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा गया और फिर थाना गंगरार क्षेत्र के ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा में एक साथ दबिश दी गई। रिहायशी मकानों से फैक्ट्री का खुलासा दबिश के दौरान पुलिस ने देखा कि यहां मादक पदार्थों का निर्माण पूरी योजना के साथ किया जा रहा था। आरोपी जगदीश पुत्र तुलसीराम बंजारा, अशोक पुत्र जगदीश बंजारा और राहुल पुत्र जगदीश बंजारा के रिहायशी मकानों से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली। हालांकि पुलिस के पहुंचते ही तीनों आरोपी पहाड़ियों की ओर भाग निकले, लेकिन मौके से मिली बरामदगी ने साफ कर दिया कि यहां एमडी फैक्ट्री संचालित हो रही थी। मादक पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस ने मौके से 6 ग्राम स्मैक, 69 ग्राम टांका और 2.7 लीटर देशी शराब जब्त की। इसके साथ ही अल्फाबेट और नंबर पंचिंग मशीन भी मिली, जिसका इस्तेमाल अवैध कामों में किया जा रहा था। आरोपी केवल नशा बेच ही नहीं रहे थे, बल्कि उसकी पैकिंग और पहचान छिपाने के लिए भी साधन इस्तेमाल कर रहे थे। एमडी बनाने का खतरनाक कच्चा माल मिला पुलिस को एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में मिला। इसमें एसिटिक एसिड, सोडियम कार्बोनेट, वॉशिंग सोडा, इमामेक्टिन बेंजोएट और एसिटाइल क्लोराइड जैसे रसायन शामिल हैं। इसके अलावा मास्क, रेस्पिरेटर सेट, एल्युमिनियम फॉइल, सूती कपड़ा और एमडी छानने में इस्तेमाल होने वाला सफेद कपड़ा भी बरामद किया गया। यह साफ संकेत है कि यहां पेशेवर तरीके से एमडी बनाई जा रही थी। 15 लाख नकद और ड्रोन बना सबसे बड़ा सबूत इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बरामदगी 14,16,950 नकद, यानी करीब 15 लाख रुपए, और एक ड्रोन की रही। इसके अलावा पुलिस ने 4 लैपटॉप, 33 मोबाइल फोन, एक कैमरा और एक नोट गिनने की मशीन भी जब्त की। ड्रोन की मौजूदगी से यह साफ हो गया कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके या तस्करी को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जा सके। ड्रोन के होने के कारण उन्हें हमेशा पुलिस के आने की सूचना मिल जाती थी लेकिन इस बार पूरी प्लानिंग करके हमने अल सुबह दबिश दी जिसके कारण सभी सामान जब्त कर पाए। तस्करों का अंतर-जिला नेटवर्क पुलिस ने एक हुंडई क्रेटा कार और दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं। इन गाड़ियों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की ढुलाई और नेटवर्क के संचालन में किया जा रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी और गाड़ी मिलने से यह साफ है कि यह गिरोह केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतर-जिला स्तर पर सक्रिय था। अब पुलिस इन सभी उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। SP त्रिपाठी ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ जिले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। नशे के सौदागरों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने के लिए पुलिस हर स्तर पर काम कर रही है।
यमुनानगर में जगाधरी वर्कशॉप रोड स्थित एक निजी बैंक में उस समय हड़कंप मच गया, जब बैंक की छत पर बनी पेंटरी में सिक्योरिटी गार्ड का शव बरामद हुआ। मृतक की नाक से खून बह रहा था। सूचना मिलते ही फर्कपुर थाना पुलिस, सीआईए और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान मंसूरपुर गांव निवासी 26 वर्षीय विकास के रूप में हुई है। विकास दिल्ली की एक सिक्योरिटी कंपनी में कार्यरत था और बीते 5 महीनों से उक्त निजी बैंक की शाखा में तैनात था। उसकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक रहती थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह रोजाना बैंक शाखा बंद कर घर चला जाता था। दरवाजा तोड़कर अंदर गए बैंक कर्मचारी शुक्रवार सुबह जब बैंक कर्मचारी शाखा पहुंचे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर प्रवेश करने पर छत पर बनी बैंक की पेंटरी में सिक्योरिटी गार्ड विकास का शव पड़ा मिला। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया गया है। मार्च में थी भाई की शादी फर्कपुर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि नाक से खून बहने के कारण हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बैंक कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। उधर मृतक की मां भारती देवी ने बताया कि उसके पति की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी है। उसके दो बेटे हैं, जिसमें बड़ा बेटा हरीश और छोटा विकास था। मार्च में उसके बड़े बेटे की शादी होने वाली थी। ऐसे में विकास के लिए भी रिश्ता तलाश रहे थे, ताकि दोनों की शादी एक साथ हो जाए।
लम्बे समय से विवादों में चल रहे जयपुरिया हॉस्पिटल और राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. महेश मंगल को सरकार ने आज आखिरकार हटा दिया। पिछले दिनों जब प्रमुख शासन सचिव हेल्थ (पीएचएस) ने जब जयपुरिया हॉस्पिटल का दौरा किया था, जब वह डॉ. मंगल की कार्यशैली से काफी नाराज दिखी थी। इसके बाद आज आरयूएचएस प्रशासन ने महेश मंगल को हटाकर उनकी जगह डॉ. अनिल गुप्ता को आरयूएचएस हॉस्पिटल और डॉ. राजाराम बासीरा को जयपुरिया हॉस्पिटल में अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज सौंपा है। दरअसल पिछले दिनों प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जयपुरिया हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया था। हॉस्पिटल में दौरे के दौरान कई अव्यवस्थाएं दिखी। वहीं, कई नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के सदस्यों ने भी डॉ. महेश मंगल के गलत बर्ताव को लेकर शिकायत की थी। इस दौरे के बाद प्रमुख शासन सचिव ने अधीक्षक और दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों से एक हॉस्पिटल में ही एक मीटिंग की थी, जिसमें डॉ. मंगल के बिहेवियर को लेकर जमकर फटकार लगाई थी। साथ ही हॉस्पिटल में बिगड़ती व्यवस्थाओं पर भी खासी नाराज हुई थी। आपको बता दें कि जयपुरिया हॉस्पिटल में अधीक्षक रहते हुए डॉ. महेश मंगल को मौजूदा सरकार ने ही आरयूएचएस हॉस्पिटल के अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज सौंपा था। इनको सौंपी जिम्मेदारी आरयूएचएस के कुलगुरू की तरफ से जारी आदेशों में ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के एचओडी और सीनियर प्रोफेसर डॉ. अनिल गुप्ता को आरयूएचएस के अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया। जबकि जयपुरिया हॉस्पिटल में नियुक्त अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. राजाराम बासीरा को अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में टीचर बनने का सपना देखने वाले युवाओं की अग्नि परीक्षा शनिवार से शुरू होने जा रही है। प्रदेश में 17 जनवरी से 20 जनवरी तक सात पारियों में शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें लेवल - 1 और लेवल - 2 के 7759 पदों के लिए प्रदेशभर में 9 लाख 54 हजार अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा दो स्तरों में आयोजित की जाएगी। लेवल - वन की परीक्षा 17 जनवरी को होगी, जबकि लेवल - 2की परीक्षाएं 18, 19 और 20 जनवरी को अलग-अलग दिनों में दो पारियों में आयोजित की जाएंगी। इन चार दिनों में कुल 9 लाख 54 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक परीक्षा की अवधि ढाई घंटे तय की गई है। 14 जिलों के 760 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा आलोक राज ने बताया कि 17 जनवरी को जहां पहली पारी का पेपर प्रदेश के 14 जिलों के 760 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होगा। वहीं 18, 19 और 20 जनवरी को पहली पारी का पेपर जहां सुबह 10 से 12:30, जबकि दूसरी पारी का पेपर दोपहर तीन से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगा। फ्री में रोडवेज बसों में सफल भी कर सकेंगेभर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी राजस्थान के किसी भी शहर में फ्री में रोडवेज बसों में सफल भी कर सकेंगे। अभ्यर्थी परीक्षा देने से दो दिन पहले और 2 दिन बाद तक एडमिट कार्ड की मदद से अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी बोर्ड की निर्धारित गाइडलाइन का पालन कर तय वक्त पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे वर्ना उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी। परीक्षा शुरू होने से 1 घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र को बंद कर दिया जाएगा।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब शेरों वाली कुर्सी पर बैठेंगे। कुर्सी बेहद खास है। केदारनाथ प्रोजेक्ट में बची देवदार की लकड़ियों से कुर्सी बनाई गई है। इसमें उत्तराखंड के मंदिरों में बनी नक्काशी की झलक है। इससे सुगंधित खुशबू भी निकलती है। मतलब- जहां रखी जाएगी, वहां महकेगी। कुर्सी उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री (कर्नल रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने भेंट की है। इसे 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन गोरखपुर जाकर योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया। अब विस्तार से पढ़िए... योगी को पसंद आई कुर्सीयोगी आदित्यनाथ सीएम होने के साथ गोरखपुर में स्थित गोरक्षनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर हैं। कुर्सी बतौर गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर सौंपी गई है। सीएम को कुर्सी काफी पसंद आई। उन्होंने इसे गोरखनाथ मंदिर के मुख्य सभागार में स्थापित भी कर दिया है। कुर्सी बनाने के पीछे की सोच क्या थी?कर्नल अजय कोठियाल ने बताया- केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट के दौरान देवदार की लकड़ी का बड़े स्तर पर इस्तेमाल हुआ था। उसी में से कुछ लकड़ी बची हुई थी। उनका कहना है कि उन्हें यह विचार आया कि इस लकड़ी का उपयोग किसी पवित्र और धार्मिक स्थान से जुड़ी चीज बनाने में किया जाए। तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लिए देवदार की विशेष कुर्सी बनवाने का निर्णय लिया। सिंह की आकृति, शक्ति का प्रतीककुर्सी का डिजाइन आर्किटेक्ट कृष्ण कुडियाल ने तैयार किया। इसके लिए उन्होंने उत्तराखंड के मंदिरों के वास्तुशिल्प का अध्ययन किया और उसी आधार पर फाइनल डिजाइन तैयार हुआ। कुर्सी को चकराता के पास कोटा गांव के परम्परागत काष्ठ कारीगर ने करीब 15 दिन की मेहनत के बाद तैयार किया। कुर्सी के दोनों हत्थों पर सिंह आकृति उभारी गई है, जो शक्ति का प्रतीक है। वहीं पीछे की तरफ उत्तराखंड के मंदिरों में दिखाई देने वाली नक्काशी को उभारा गया है। भगवा रंग का इस्तेमाल, महासू मंदिर की काष्ठकला कर्नल कोठियाल ने बताया- कुर्सी में मुख्य तौर पर महासू मंदिर की काष्ठ कला को समाहित करने का प्रयास किया गया है। कुर्सी की गद्दी का रंग भगवा है। योगी आदित्यनाथ का पसंदीदा रंग भी भगवा है। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ को यह कुर्सी बतौर महंत सौंपी गई है और उन्हें यह काफी पसंद आई। यही वजह रही कि इसे गोरखनाथ मंदिर के मुख्य सभागार में स्थापित कर दिया गया है। कुर्सी से फैल रही देवदार की सौंधी सुगंधइस खास कुर्सी की एक और खासियत यह है कि देवदार की लकड़ी की वजह से पूरे हॉल में इसकी सौंधी सुगंध भी फैल रही है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है। योगी कुल सात-भाई बहन हैं। योगी आदित्यनाथ अपने माता-पिता के पांचवी संतान हैं। मात्र 22 साल की उम्र में वह योगी बन गए। कौन हैं कर्नल अजय कोठियाल?कर्नल अजय कोठियाल केदारनाथ पुर्ननिर्माण प्रोजेक्ट का चेहरा रहे हैं। 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद धाम के पुनर्निर्माण में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद वे आम आदमी पार्टी से 2022 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर लड़े, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। वर्तमान में वे उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हैं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... योगी पौड़ी गढ़वाल में अपनी बड़ी बहन से मिले:5 दिन पहले बहनोई की हुई थी मौत; कोटद्वार में सिद्धबली बाबा के किए दर्शन यूपी के CM योगी आदित्यनाथ रविवार को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल पहुंचे। यहां उन्होंने कोटद्वार में अपनी बड़ी बहन कौशल्या देवी को ढांढस बंधाया और बहनोई ओम प्रकाश सिंह रावत के निधन पर शोक संवेदना जताई। (पढ़ें पूरी खबर)
लखनऊ के होटल हयात में मिली मैनेजर की लाश:मुंबई से मीटिंग के लिए आए, कमरे में शराब की बोतलें पड़ी थीं
लखनऊ के हयात रीजेंसी होटल में फाइनेंस कंपनी के मैनेजर की मौत हो गई। वह मुंबई से ऑफिस की मीटिंग में शामिल होने आए थे। गुरुवार रात को होटल के कमरे में गए। शुक्रवार को होटल से उन्हें चेक आउट करना था। सुबह काफी देर तक उठे नहीं तो होटल स्टाफ ने अंदर जाकर देखा तो वे बेसुध हालत में मिले। मैनेजर को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान महाराष्ट्र के ठाणे जिले के रहने वाले मोहम्मद फहीमुद्दीन (47) के रूप में हुई है। बजाज फाइनेंस में सीनियर मैनेजर थे। पुलिस से मिली सूचना के बाद उनकी पत्नी मुंबई से लखनऊ के लिए निकल चुकी हैं। सुबह मीटिंग में होना था शामिल फहीमुद्दीन को गुरुवार सुबह बजाज फाइनेंस टीम के साथ एक मीटिंग में शामिल होना था। सुबह करीब 8 बजे टीम के कर्मचारी सरफराज अली और अन्य सदस्यों ने उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद लगातार कॉल की गई, लेकिन करीब 9:30 बजे तक जब फोन रिसीव नहीं हुआ तो टीम के सदस्य सीधे हयात होटल पहुंच गए। उन्होंने होटल रिसेप्शन को बताया कि मैनेजर फोन नहीं उठ रहे हैं। दरवाजा न खुलने पर खिड़की से झांककर देखा टीम की सूचना पर होटल रिसेप्शन ने एक सर्विस वर्कर को कमरे तक भेजा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक बेल बजाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो सर्विस वर्कर ने साइड की खिड़की से अंदर झांककर देखा। अंदर मैनेजर बेड पर बेसुध पड़े हुए थे। इसकी जानकारी तुरंत रिसेप्शन को दी गई। मास्टर की से खोला कमरा, अस्पताल में मृत घोषित सूचना मिलने पर होटल के अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में मास्टर की से दरवाजा खोला गया। उस समय मैनेजर की पल्स चल रही थी। तत्काल 108 एंबुलेंस के जरिए उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लोहिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया। कमरे से शराब और सिगरेट मिली जानकारी के मुताबिक होटल कमरे से शराब की बोतल और कई सिगरेट के पैकेट भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक शराब सेवन और स्मोकिंग की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी। समय पर सही जानकारी और रिस्पांस न मिल पाने के कारण हालत गंभीर हो गई और इसके बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पत्नी के आने के बाद होगा पोस्टमॉर्टम पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी अभी मुंबई से लखनऊ नहीं पहुंची हैं। उनके लखनऊ आने के बाद ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। ...................................... यहां पढ़ें पूरी खबर लखनऊ में पत्नी को इतना पीटा कि ब्रेन डेड हुई: ससुर को फोन करके बोला- तुम्हारी बेटी मर गई है, ले जाओ लखनऊ में एक युवक ने पत्नी को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। इसके बाद ससुराल वालों को कॉल करके बोला-'तुम्हारी बेटी मर गई है। आकर इसको ले जाओ।' सूचना मिलते ही पिता भागकर बेटी के घर पहुंचा। दरवाजे पर ही बेटी को बेसुध पड़ा पाया। यहां पढ़ें पूरी खबर
सिरोही पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के सावेला फली में सोमाराम पुत्र काला राम पर धारदार हथियार से हमला किया गया। मामूली विवाद को लेकर हुए इस हमले में गंभीर रूप से घायल सोमाराम की उदयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना पुरानी रंजिश के चलते हुई। हमलावरों ने सोमाराम को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसे पहले पिंडवाड़ा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। सिरोही में हालत गंभीर होने पर सोमाराम को उदयपुर रेफर किया गया। परिजन 108 एम्बुलेंस की मदद से उसे उदयपुर ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमाराम की मौत की खबर मिलते ही परिजन और समाज के लोग आक्रोशित हो गए। वे पिंडवाड़ा थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए सिरोही एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया है। एसपी ने टीम को शीघ्र तलाश कर आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद टीमें रवाना हो गई हैं।
जोधपुर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को जिला प्रमुख लीला मदेरणा की अध्यक्षता में मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित हुई। साधारण सभा में महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत साल 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन किया गया। ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- बजट घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। पटेल ने आरडीएसएस योजना एवं पीएम कुसुम योजना की प्रगति की व्यापक समीक्षा कर डिस्कॉम के अधिकारियों को विद्युत कनेक्शन से वंचित बसावटों के विद्युतीकरण करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने लूणी क्षेत्र में तालाबों का पानी खारा होने और उसके समाधान के लिए आवश्यक सर्वे करने और फेरीफेरी क्षेत्र में पेयजल परियोजना के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। 33 हजार 509 कार्यों का हुआ अनुमोदन बैठक में महात्मा गांधी नरेगा योजना की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत 1.3 करोड़ मानव दिवस सृजित करने के लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्ययोजना में 757 करोड़ 94 लाख 25 हजार रुपये के 33 हजार 509 कार्यों का अनुमोदन किया गया। साथ ही सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि आवंटन के 11 प्रकरणों पर अनुमोदन किया गया। विभागीय योजनाओं की गई समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों, मौसमी बीमारियों की रोकथाम व स्वास्थ्य, पूर्ववर्ती तीन माह के लिए चालू स्कीमों की भौतिक और वित्तीय प्रगति, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण योजनाओं, रसद विभागीय योजनाओं, ग्रामीण क्षेत्र में शैक्षिक विकास एवं समस्याओं, कृषि विभागीय योजनाओं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागीय योजनाओं आदि पर चर्चा करते हुए इनसे संबंधित समस्याओं के समाधान तथा उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रभावी प्रयासों के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रम रोजगार, महिला एवं बाल विकास, जोधपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार, ग्राम पंचायतों के कार्यों एवं दायित्वों, पशुपालन विभागीय योजनाओं, आदि विभिन्न विषयों पर चर्चा कर महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के साथ ही विभिन्न प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। बैठक में संसदीय कार्य विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, भोपालगढ़ विधायक गीता बरबड़ सहित जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान आदि जनप्रतिनिधिगण, ज़िला कलक्टर गौरव अग्रवाल, ज़िला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
डूंगरपुर में ओवरलोड ऑटो पलटा, 11 लोग घायल:तीजवड मोड़ के पास हादसा, एक गंभीर घायल हायर सेंटर रेफर
डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में तीजवड मोड़ के पास एक ओवरलोड ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो में सवार 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक गंभीर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार यह ऑटो डूंगरपुर से उंदरडा की ओर जा रहा था। ऑटो में सामान के साथ-साथ क्षमता से अधिक सवारियां भी थीं। तीजवड मोड़ के पास पहुंचने पर ओवरलोड होने के कारण ऑटो अनियंत्रित हो गया और पलट गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची। घायलों को 108 एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। हादसे में घायल होने वालों में उंदरडा निवासी बाबूलाल पुत्र हाजा रोत, गौरव पुत्र मोहनलाल रोत, कपिल पुत्र राजू खराड़ी, हर्षिल पुत्र नारायण लाल कटारा, ममता पुत्री जीवा रोत, संसर पत्नी जीवा रोत, सपना पुत्री नारायणलाल खराड़ी, रोशनी पुत्री कांतिलाल खराड़ी शामिल हैं। इनके अलावा, पाटडा निवासी भारती पत्नी दिनेश परमार, प्रियंका बरांडा और सिंदडी खेरवाड़ा निवासी अमृतलाल पुत्र कालूराम परमार भी घायल हुए हैं।
चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट में नाम हटवाने और जोड़ने के लिए दावे और आपत्तियां लेने की तारीख को आज अचानक बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग ने राजस्थान सहित एसआईआर वाले राज्यों में दावे आपत्तियां लेने की तारीख को 19 जनवरी तक बढ़ा दिया है। पहले 15 जनवरी दावे आपत्तियां पेश करने की आखिरी तारीख थी, अब चार दिन अवधि बढ़ाई गई है। कांग्रेस ने एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने हटवाने के लिए आखिरी दिन हजारों आवेदन लेने पर आपत्ति जताते हुए धांधली का आरोप लगाया था। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर अफसरों पर दबाव बनाकर कांग्रेस समर्थकों के नाम कटवाने और बीजेपी समर्थकों के फर्जी नाम जुड़वाने के लिए हजारों फॉर्म एक साथ जमा करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश भर में मुहिम चलाने की घोषणा की। अब चुनाव आयोग ने दावे आपत्तियां लेने की तारीख बढ़ा दी है। वोटर लिस्ट से नाम हटवाने, जुड़वाने हजारों फर्जी फॉर्म मामले में कांग्रेस कोर्ट में याचिका दायर करेगी कांग्रेस ने एसआईआर में गड़बड़ियों के मामले में कोर्ट में याचिका दायर करने की घोषणा की है। वोटर लिस्ट से नाम हटवाने जुड़वाने के लिए एक साथ हजारों फॉर्म लेने के खिलाफ कांग्रेस कोर्ट जाएगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार को कोर्ट में याचिका दायर करने की घोषणा की है। नेता प्रतिपक्ष जूली बोले- भाजपा का षडयंत्र कामयाब नहीं हुआ तो अब चुनाव आयोग भी इसमें शामिल हो गया एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट में नाम हटवाने और जोड़ने पर आपत्तियां, दावे देने की तारीख बढ़ाने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अब भाजपा के साथ चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं। जूली ने एक्स पर लिखा- कल भाजपा ने वोटर लिस्ट में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने और वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ का पूरा प्रयास किया लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सजगता से इनका षड्यंत्र कामयाब नहीं हो पाया। अब इस षड्यंत्र में चुनाव आयोग भी शामिल हो गया है। राजस्थान में बिना आवश्यकता के ही SIR में आपत्ति की तारीख बढ़ा दी है, इससे भाजपा फिर से वही कुप्रयास कर सके। जूली ने लिखा- मेरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान है कि आप पूरी तरह सजग रहें और SIR प्रक्रिया पूरी होने तक कोई बेईमानी न होने दें। कल प्रदेशभर से आई शिकायतों के बाद अब हम अदालत में याचिका दायर करेंगे और लोकतंत्र की हत्या के प्रयास में शामिल हुए अधिकारियों की जवाबदेही कानूनी रूप से भी सुनिश्चित की जाएगी।
भरतपुर में बेटे को जन्म देने के बाद ज्यादा ब्लड बहने के कारण मां की मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए। पुलिस ने परिजन को समझाया। इसके बाद वे पोस्टमॉर्टम कराए बिना ही शव को ले गए। जानकारी के अनुसार रूपवास थाना इलाके के के करई गांव निवासी बबीता (35) को डिलीवरी के लिए रूपवास हॉस्पिटल लाया गया था। बबीता की भाभी चमन देवी ने बताया- हॉस्पिटल में बबीता की डिलीवरी हो गई थी। उसने बेटे को जन्म दिया था। मां-बेटे की हालत ठीक थी। लेकिन डिलीवरी के बाद भी बबीता को ब्लीडिंग नहीं हुई। यह बात डॉक्टरों को बताई। डॉक्टर ने चेक किया। इसके बाद अचानक तेज ब्लीडिंग हुई और बबीता की हालत बिगड़ने लगी। ज्यादा ब्लीडिंग होने पर किया रेफर चमन देवी ने बताया- ज्यादा ब्लीडिंग होने के कारण बबीता की आंखें बंद होने लगीं। डॉक्टर ने बबीता को भरतपुर के जनाना अस्पताल रेफर कर दिया। तब उसकी सांसें चल रही थी। जनाना अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। बबीता को शुक्रवार सुबह ही रूपवास अस्पताल में भर्ती किया गया था। बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव को ले गए परिजन बबीता के परिजन रूपवास अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। हंगामे की सूचना पर मथुरा गेट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जिसके बाद बबीता के परिजनों को समझाया गया। पुलिसकर्मियों ने शव के पोस्टमॉर्टम के लिए कहा तो, परिजन बबीता के शव का बिना पोस्टमॉर्टम करवाए शव को घर ले गए।

