भोपाल के करीब 35 इलाकों में मंगलवार को 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिश हिल्स, कान्हाकुंज, राजीव नगर, हिनोतिया, अनंतपुर कोकता, अशोका गार्डन, प्रकाश नगर, भेल नगर, बसंतकुंज, वर्धमान नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
अलग-अलग सोच, अनुभव और विचारों को जोड़कर मजबूत कम्युनिटी बनाने का संदेश देते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (IIA) इंदौर सेंटर ने शनिवार शाम ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मोज़ेक’ कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में IIA एमपी चैप्टर और इंदौर सेंटर की इंस्टॉलेशन सेरेमनी भी हुई। इसमें वरिष्ठ आर्किटेक्ट्स, युवा प्रोफेशनल्स और वास्तु क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अचानक सरप्राइज ग्रुप कॉम्पिटिशन रखा गया। टेबल पर बैठे आर्किटेक्ट्स को वुडन ब्लॉक्स और पांच मापदंड दिए गए। इन्हीं के आधार पर उन्हें जमीन पर फैले हुए, ऊंचे, सस्टेनेबल और खूबसूरत स्ट्रक्चर तैयार करने थे। कम समय में टीमवर्क और क्रिएटिविटी का इस्तेमाल करते हुए प्रतिभागियों ने कई आकर्षक मॉडल तैयार किए। कुछ मॉडल में प्रकृति के तत्व नजर आए तो कुछ में तेजी से बदलते इंदौर की झलक दिखाई दी। नई तकनीक से लेकर टाउन प्लानिंग और सेफ्टी पर फोकस इंस्टॉलेशन सेरेमनी में IIA इंदौर सेंटर के अध्यक्ष आर्किटेक्ट अर्पित काबरा ने कहा कि नए कार्यकाल में आर्किटेक्चर प्रोफेशन की पहचान और गरिमा को मजबूत करने के साथ नॉलेज शेयरिंग, सामाजिक जिम्मेदारी और युवा आर्किटेक्ट्स व विद्यार्थियों से संवाद पर फोकस रहेगा। सेमिनार और वर्कशॉप के माध्यम से नई तकनीक, मटेरियल, बिल्डिंग बायलॉज, टाउन प्लानिंग, सेफ्टी सहित अन्य विषयों पर जानकारी साझा की जाएगी। उपाध्यक्ष आर्किटेक्ट कपिल जैन ने कहा कि आर्किटेक्चरल कॉम्पिटिशन, आइडिया चैलेंज और क्रिएटिव प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं की नई सोच और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। मजबूत टीम और आपसी समन्वय जरूरी IIA के नेशनल प्रेसिडेंट आर्किटेक्ट जितेंद्र मेहता ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता के लिए मजबूत टीम और आपसी समन्वय जरूरी है। उन्होंने इंदौर सेंटर की गतिविधियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी नए और रचनात्मक कार्यक्रमों पर जोर दिया। कार्यक्रम में आर्किटेक्ट विभा श्रीवास्तव, संजीव बंब और स्वप्निल शुक्ला सहित वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व पदाधिकारियों के योगदान को भी याद किया गया। IIA इंदौर सेंटर की सचिव आर्किटेक्ट गुंजन बडजात्या ने आभार माना।
भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की व्यवस्था जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने सोमवार को अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण किया। शिकायत और औचक निरीक्षण के आधार पर की गई कार्रवाई में तीन खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 13 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। सभी सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। करी ईव्स रेस्टोरेंट में कई कमियां मिलीं बायपास स्थित करी ईव्स (Curryeves) रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण-पत्र और पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं मिले। किचन में खुले डस्टबिन भी मिले। इसके अलावा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक ही फ्रिज में रखे गए थे। टीम ने यहां से रेड ग्रेवी, ब्राउन ग्रेवी, पनीर और दही के चार सैंपल लिए। अपना स्वीट्स से 7 खाद्य पदार्थों के नमूने व्हाट्सऐप पर मिली शिकायत के बाद न्यू पलासिया स्थित अपना स्वीट्स का निरीक्षण किया गया। यहां साफ-सफाई और खाद्य स्वच्छता को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। टीम ने हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, किचन किंग मसाला, आलू मसाला, दाल, मिक्स वेज और बटर पनीर के कुल सात नमूने लिए। कमियों को लेकर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया जा रहा है। न्यू सुंदर होटल में भी कमियां मिलीं साउथ तुकोगंज स्थित न्यू सुंदर होटल की जांच में किचन कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण-पत्र और खाद्य परीक्षण संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। इस संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है। टीम ने यहां से पनीर और चावल के दो नमूने लिए।
भोपाल में डोल ग्यारस के जुलूस को लेकर राजधानी में मंगलवार को ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे। नगरीय यातायात पुलिस ने जुलूस के दौरान दोपहर 1 बजे से आवश्यकतानुसार अलग-अलग चरणों में डायवर्जन प्लान जारी किया है। जुलूस चौक बाजार से शुरू होकर लखेरापुरा, भवानी मंदिर, पीरगेट, सेफिया कॉलेज रोड, इमामबाड़ा चौकी, जनकपुरी पानी की टंकी, जुमेराती गेट, सराफा चौक, इब्राहिमपुरा, रंजन पेन कॉर्नर, सुल्तानिया रोड, बुधवारा, तलैया काली मंदिर, लिली टॉकीज चौराहा और पीएचक्यू तिराहा होते हुए खटलापुरा मंदिर के पास समाप्त होगा। जुलूस पीरगेट पहुंचने पर रॉयल मार्केट से पीरगेट की ओर मध्यम-भारी मालवाहक वाहनों और बीसीएलएल बसों का प्रवेश बदला रहेगा। इन वाहनों को तीन मोहरा, भोपाल टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और भारत टॉकीज होकर भेजा जाएगा। इमामबाड़ा चौकी पहुंचने पर नादरा बस स्टैंड से घोड़ा नक्कास-छोटे भैया चौराहा मार्ग पर सभी वाहनों का आवागमन परिवर्तित रहेगा। पानी की टंकी तिराहे पर आजाद मार्केट से जुमेराती गेट और चौक बाजार से लोहा बाजार-जुमेराती गेट की ओर आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा। जुलूस के रंजन पेन कॉर्नर-सुल्तानिया रोड पहुंचने पर मोती मस्जिद और बुधवारा के बीच मध्यम-भारी मालवाहक वाहनों का मार्ग बदलेगा। इन वाहनों को रेतघाट-गिन्नौरी होकर भेजा जाएगा। भारत टॉकीज से न्यू मार्केट जाने वालों को लंबा रूट जुलूस के तलैया काली मंदिर पहुंचने पर भारत टॉकीज से लिली टॉकीज होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे तक सभी हल्के वाहनों का आवागमन परिवर्तित रहेगा। भारत टॉकीज से न्यू सिटी की ओर जाने वाले वाहन पुल बोगदा, प्रभात चौराहा, सुभाष नगर ओवरब्रिज, एमपी नगर और न्यू मार्केट होकर जा सकेंगे। रेलवे स्टेशन जाने वाले वाहनों को पुलिस कंट्रोल रूम से भारत टॉकीज की ओर जाने के बजाय जेल मुख्यालय, कोर्ट चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज और प्रभात चौराहा होकर जाना होगा। भारी, मध्यम और मालवाहक वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किया गया है। रोशनपुरा से भारत टॉकीज जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर-1, बोर्ड ऑफिस, डीबी मॉल, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज और प्रभात चौराहा होकर जाएंगे। जुलूस खटलापुरा मंदिर पहुंचने पर पुराने मछलीघर तिराहे और पीएचक्यू तिराहे से खटलापुरा रोड का यातायात बदला रहेगा। वाहनों को पुलिस कंट्रोल रूम तिराहा और गांधी पार्क होकर भेजा जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जुलूस के दौरान निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। परेशानी की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।
MGM मेडिकल कॉलेज और एमटीएच अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में JR-1 के तौर पर काम कर रहीं डॉ. सिम्मी यादव के इंसुलिन ओवरडोज लेने के बाद ICU में भर्ती होने का मामला अब नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) तक पहुंच गया है। डॉ. सिम्मी के भाई कुणाल यादव ने NMC के एंटी रैगिंग सेल समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, धमकाने और पढ़ाई प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। खास बात यह है कि डॉ. सिम्मी को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पहले सम्मानित भी किया जा चुका है। परिवार का कहना है कि पढ़ाई और उपलब्धियों के स्तर पर पहचान बनाने वाली सिम्मी पिछले कुछ समय से कॉलेज में कथित व्यवहार और दबाव के कारण मानसिक रूप से परेशान थीं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में सोमवार को घटना के संबंध में बैठक हुई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीनियर डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप कुणाल यादव की शिकायत में JR-2 डॉ. यशस्वी, डॉ. निकिता और डॉ. श्वेता के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि छोटी-छोटी गलतियों पर सिम्मी को सार्वजनिक रूप से डांटा और अपमानित किया जाता था। शिकायत के मुताबिक, उन पर लगातार गैर-अकादमिक काम और कागजी कार्रवाई का दबाव बनाया जाता था। भाई का यह भी आरोप है कि एक ग्रुप में सिम्मी को परीक्षा में फेल करने की बात कही गई। शिकायत में ड्यूटी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि आधिकारिक रोस्टर में करीब 12 घंटे की ड्यूटी होने के बावजूद उनसे कथित तौर पर 14-15 घंटे तक काम कराया जाता था। जिस डॉक्टर ने पहले रैगिंग की शिकायत की, उसी पर आरोप मामले में डॉ. निकिता गुरवानी का नाम भी सामने आया है। जानकारी अनुसार निकिता ने पिछले वर्ष खुद रैगिंग को लेकर शिकायत की थी और उस दौरान 22 किलो वजन कम होने की बात कही थी। परिवार का सवाल है कि जिसने खुद इस तरह की परेशानी झेली हो, उससे जूनियर डॉक्टर के प्रति सहानुभूति की उम्मीद थी। इसके उलट अब उसी पर सिम्मी को कथित तौर पर परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। HOD को जानकारी देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप कुणाल यादव ने NMC को भेजी शिकायत में बताया है कि मामले की जानकारी HOD डॉ. निलेश दलाल को भी दी गई थी। शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यह भी दावा किया गया है कि कथित व्यवहार को ‘गायनेकोलॉजी में सामान्य व्यवहार’ बताकर नजरअंदाज किया गया। साथ ही बताया कि घंटों तक ड्यूटी करवाने के कारण छात्रा की पैर की एडी में भी समस्या हो गई थी। NMC से जांच की मांग कुणाल यादव ने NMC से मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। शिकायत में WhatsApp ग्रुप के मैसेज, पूर्व शिकायतें, ड्यूटी रोस्टर, अटेंडेंस, हैंडओवर रिकॉर्ड, छुट्टी और अकादमिक रिकॉर्ड सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की गई है। इसके अलावा सिम्मी के ICU में भर्ती होने की परिस्थितियों की भी जांच की मांग की गई है। हालाकि सोमवार को सिम्मी को डिस्चार्ज कर होस्टल में लेकर आए है। माता-पिता भी उसके साथ है।
इंदौर में पुलिस ने रोकी बाइक चोरी की निकली:चेसिस नंबर से जांच में पता चला थाने में दर्ज थी FIR
इंदौर के मृगनयनी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने एक बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका और उसकी जांच की तो पता चला की बाइक चोरी की थी। बाणगंगा थाने में उसकी FIR भी दर्ज थी। हालांकि जो युवक बाइक चला रहा था वह डॉक्यूमेंट्स लाने का बोलकर मौके से भाग निकला। सोमवार को ट्रैफिक एसआई रामसेवक मीना और उनकी टीम मृगनयनी चौराहे पर कार्रवाई कर रही थी। इस दौरान एक गाड़ी को रोका और उससे डॉक्यूमेंट्स मांगे तो वह डॉक्यूमेंट्स लाने का बोलकर वहां से भाग निकला और वापस नहीं आया। जांच के दौरान गाड़ी में आगे और पीछे दोनों नंबर प्लेट नहीं थी। ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी के चेसिस नंबर के आधार पर जांच की तो पता चला कि बाणगंगा थाने में 10 जून को FIR दर्ज होना पाया गया। इसके बाद गाड़ी की जरूरी जानकारी निकालकर गाड़ी मालिक से संपर्क कर जरूरी जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस ने बाइक को ट्रैफिक थाने पर खड़ा कराया है। मामले में संबंधित थाने को भी जानकारी दी गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ईपीएफ वेतन सीमा 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किए जाने के बाद एमपी-छत्तीसगढ़ के करीब 2 लाख कर्मचारी इसके दायरे में आ सकते हैं। अभी दोनों राज्यों में ईपीएफ की कैटेगरी में आने वाले कर्मचारियों की संख्या 26 लाख से अधिक है। देशभर में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 51 लाख से अधिक आंकी गई है। ईपीएफ एडिशनल कमिश्नर गौतम ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में बताया कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों की इन हैंड सैलरी थोड़ी कम होगी, लेकिन कॉरपस फंड में वृद्धि होगी। केंद्र सरकार ने 12 साल बाद वेतन सीमा में बदलाव किया है। इससे पहले 2014 में इसे लेकर निर्णय लिया गया था। उन्होंने बताया कि एमपी में पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, देवास, भोपाल के गोविंदपुरा, झाबुआ के मेघनगर, जबलपुर, सतना, कटनी और उज्जैन में कर्मचारियों का कवरेज बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा फूड पार्क, सेमीकंडक्टर, आईटी, टेक्सटाइल-गारमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मास्यूटिकल, सीमेंट, मिनरल्स और टॉयज सेक्टर में भी कवरेज बढ़ाने की उम्मीद है। अलग-अलग स्कीम से बढ़ा रहे EPF कवरेज अधिकारियों ने बताया कि अलग-अलग स्कीम के जरिए नियोक्ताओं को राहत दी जा रही है और कर्मचारियों की ईपीएफ कटौती के लिए कहा जा रहा है। इसमें विश्वास योजना भी शामिल है, जिसके एमपी में 182 केस सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में लिटिगेशन वाले ट्रस्ट के मामलों को कम करने के लिए ईपीएफओ ने एमनेस्टी स्कीम शुरू की है। इसके तहत प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट के रेगुलाइजेशन का काम किया जा रहा है।
डोल ग्यारस के अवसर पर 22 सितंबर को शहर में निकलने वाले भव्य चल समारोह को देखते हुए यातायात पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से झांकियां चल समारोह के रूप में हरसिद्धि मंदिर पहुंचेंगी। इसके चलते शाम 4 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भीड़ और यातायात दबाव के अनुसार डायवर्सन का समय बदला भी जा सकता है। यातायात पुलिस के अनुसार शाम 4 बजे से राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों और अन्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा भारी वाहन, यात्री बस, व्यावसायिक वाहन और चार पहिया वाहनों के लिए भी निर्धारित मार्गों पर प्रतिबंध रहेगा। इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रहेंगे वैकल्पिक रास्ते यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बताए हैं। भंवरकुआं, कलेक्टर चौराहा और महूनाका की ओर से एयरपोर्ट जा सकेंगे। मध्य क्षेत्र से डीआरपी लाइन और मरीमाता होकर एयरपोर्ट पहुंचा जा सकेगा। वहीं विजय नगर क्षेत्र से MR-10 और सुपर कॉरिडोर के रास्ते एयरपोर्ट जाने का विकल्प रहेगा। राजवाड़ा से राजमोहल्ला जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग ट्रैफिक पुलिस की अपील—भीड़ वाले इलाकों में वाहन न लाएं यातायात पुलिस ने आम नागरिकों और चल समारोह में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। अनावश्यक रूप से भीड़ और यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में वाहन लेकर आने से बचें। जरूरत होने पर पिक एंड ड्रॉप वाहनों का उपयोग करें। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे अति आवश्यक सेवा वाले वाहनों पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।यातायात संबंधी समस्या की सूचना ट्रैफिक हेल्पलाइन 7049107620 पर दी जा सकती है। इसके अलावा यातायात संबंधी सुविधाओं के लिए इंदौर ट्रैफिक साथी एप का उपयोग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि भवन विकास निगम अपनी रेवेन्यू बढ़ाने के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी का गठन जल्द से जल्द करे। इसके साथ ही कारपोरेशन के एमडी को 25 करोड़ रुपए तक के टेंडर मंजूर करने के पावर दिए गए हैं। भोपाल में 150 कमरों का आधुनिक स्टेट गेस्ट हाउस और जबलपुर में 75 कमरो वाला सर्किट हाउस बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए जल्द से जल्द रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी का गठन कर लिया जाए। संचालक मंडल ने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़ी भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं। जनवरी तक तैयार हो सीएम हाउस में जन मन सभागार मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजेस की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं। 25 करोड़ के टेंडर मंजूर कर सकेंगे एमडी बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की एस्टीमेटेड अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति, निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए। 10994 करोड़ की 763 परियोजनाओं पर चल रहा काम बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं के बारे में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10994 करोड़ रुपए है। बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है। इसके अलावा मानक टेंडर दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं। इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है। इससे समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए। इससे बड़ी सुविधा होगी। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को भोपाल के बैरागढ़ में रेस्टोरेंट और फास्ट फूड कॉर्नर पर कार्रवाई की। यहां बिना फूड लाइसेंस के कारोबार किया जा रहा था। इस पर संचालकों को नोटिस दिए गए। रात में टीम बाग सेवनिया पहुंची और कई प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान मिनी मार्केट रोड स्थित राधा फास्ट फूड में खाद्य पंजीयन की अवधि समाप्त पाई गई। इस पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बिना वैध पंजीयन के खाद्य कारोबार संचालित करने का प्रकरण बनाया गया। साथ ही संचालक को तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। प्रतिष्ठान में खाद्य निर्माण में प्रयुक्त सॉस एवं मैदा के नमूने भी जांच हेतु लिए गए। इसी तरह नैना चाट भंडार से तैयार खाद्य पदार्थ समोसा एवं बेसन के नमूने लिए गए। वहीं नीलम चाट भंडार, बैरागढ़ से आलू बड़े एवं सोयाबीन तेल के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। यहां भी कार्रवाई कीइधर, सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायतों के बाद टीम ने विभिन्न रेस्टोरेंट, ढाबों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच की। अयोध्या बायपास स्थित टनाटन ढाबा पर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच की गई। यहां से बेसन के नमूने लिए। कोलार रोड स्थित सर्वधर्म कॉलोनी में त्रिवेणी आटा चक्की से आटे के नमूने लिए गए। काला पानी स्थित देशी ढाबा पर चिकन के सैंपल लिए गए। डिलीसिस रेस्टोरेंट पर निरीक्षण के दौरान खाद्य पंजीयन प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। यहां से आलू, पनीर, आलू पेटीज एवं फुलकी के सैंपल लिए गए।
भारी-भरकम पैनॉल्टी के विरोध में भोपाल के करीब 2 हजार डंपरों के पहिए थम गए हैं। इसके साथ ही लगभग 700 डंपर मालिकों ने चूना भट्टी चौराहे पर धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया। उनका कहना है कि सरकार कार्रवाई के दौरान 4 लाख रुपए का जुर्माना कर रही है, जो गलत है। यदि सरकार ने नहीं सुनी तो सड़कों पर डंपर खड़े कर देंगे। पिछले 2 दिन से मालिकों ने कोलार रोड पर 100, ईंटखेड़ी में 80, रायसेन रोड पर 25 और 11 मील पर करीब 70 डंपरों को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। कोलार रोड स्थित चूना भट्टी चौराहे से लेकर सर्वधर्म ब्रिज तक दोनों ओर डंपर खड़े हैं। इससे कई जगहों पर रेत, गिट्टी, कोपरा की सप्लाई बंद कर दी गई है। इधर, लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति के बैनर तले डंपर मालिक चूना भट्टी चौराहे पर धरना दे रहे हैं। सोमवार को धरने का दूसरा दिन था। 3 साल से जुर्माना लग रहा संगठन के सचिव रोहित यादव ने बताया कि परिवहन के दौरान यदि कोई डंपर को पकड़ लिया जाता है तो उस पर 4 लाख रुपए फिक्स और 20 से 40 हजार रुपए तक अतिरिक्त जुर्माना वसूला जा रहा है। पिछले 3 साल से यह कार्रवाई की जा रही है। इन मनमाने और भेदभावपूर्ण जुर्माने को तुरंत रोक दिया जाए। इसे लेकर धरना दे रहे हैं। मुख्यमंत्री से मिलेंगे, कोई हल नहीं तो सड़कें जाम करेंगे संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहते हैं। इसके लिए सांसद और विधायकों से बात की जा रही है। बावजूद सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो फिर सड़कों पर ही डंपर खड़े कर देंगे। मंगलवार को बैठक कर आगामी रणनीति तैयार करेंगे।
भोपाल में पकड़ी गई तंबाकू गुटका बनाने की फैक्ट्री में टैक्स चोरी का आंकड़ा 100 करोड़ के पार हो गया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने शु्क्रवार और शनिवार को छापेमारी की थी। इसकी जांच में पाया गया है कि भोपाल में जिस फैक्ट्री से गुटका तम्बाकू का प्रोडक्शन होना पाया गया है, उसके द्वारा हाथ से तंबाकू और गुटका बनाने का लाइसेंस लिया गया और फिर पांच मशीनें लगाकर प्रोडक्शन तेजी से किया जाने लगा था। आरोपी सुरेश सिंह ने टैक्स चोरी स्वीकार कर ली है। उसे छापे की कार्यवाही के बाद गैर जमानती अपराध के अंतर्गत जेल भेजा गया है। 70 बोरी सुपारी मिली मौके पर जांच दल को न्यू चौकसे नगर नवीबाग में संचालित फैक्ट्री परिसर से 65 से 70 बोरी सुपारी मिली है। साथ ही गुटखा और तम्बाकू बनाने का भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया है। आरोपी के विरुद्ध नए एक्ट एचएसएनएस के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। इस नियम में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 83 से 92 प्रतिशत तथा सेस लगाने का प्रावधान है। जगदीशपुर में थी सूचना, चौकसे नगर में पकड़ाया डीजीजीआई की टीम को राजधानी के जगदीशपुर (इस्लामनगर) में यह फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली थी। जब जांच की गई तो इसका ठिकाना न्यू चौकसे नगर नवीबाग निकाल है। इसके बाद वहां शु्क्रवार और शनिवार को छापेमारी करके अवैध फैक्ट्री संचालन पकड़ा गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसे शनिवार को ही जेल भेज दिया गया था। शुरुआती जांच में यहां छापेमारी की कार्रवाई में तीस करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ था जो एसेसमेंट में सौ करोड़ पार कर गया है। गुरु नाम से बनता था गुटखा न्यू चौकसे नगर नवीबाग में संचालित की जा रही फैक्ट्री का संचालक सुरेश सिंह गुरु नाम से तंबाकू और गुटखा बनाता था। यह फैक्ट्री इस इलाके में चोरी छिपे संचालित की जा रही थी और इसके लीगल दस्तावेजों में भी कमी पाई गई है।
इंदौर के गोपाल मंदिर राजबाड़ा व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी सोमवार को नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपर आयुक्त आकाश सिंह से मुलाकात की और व्यापारी पर हुए हमले और अवैध कब्जों को लेकर शिकायत की। व्यापारियों ने मामले में अपर आयुक्त को ज्ञापन दिया और उचित कार्रवाई करने के मांग की। बता दे कि बीते शुक्रवार को व्यापारी पर हमला हुआ था, जिसके बाद व्यापारियों में रोष व्याप्त हो गया था और उन्होंने घटना के विरोध सराफा थाने का घेराव कर दिया था। कई घंटों तक थाने पर व्यापारियों का प्रदर्शन हुआ था। जिसके बाद मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। व्यापारियों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद यहां पर विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ भी पहुंचे थे। इधर, घटना के अगले दिन शनिवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद कर अपना विरोध भी जताया था। ज्ञापन सौंपकर की मांग एसोसिएशन के सचिव नितेश चौरसिया ने बताया कि शुक्रवार पर उन पर हमला हुआ था। उन्होंने अपर आयुक्त को ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि राजबाड़ा गोपाल मंदिर क्षेत्र इंदौर की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण व्यापारिक पहचान है। यहां सालों से व्यापर करने वाले वैध दुकानदार लगातार अतिक्रमण, फुटपाथ पर अवैध कब्जों और इनके कारण होने वाले विवादों से परेशान है। स्थित अब केवल ट्रैफिक और आने-जाने की समस्या नहीं रह गई है बल्कि व्यापारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है। व्यापारियों की मांग ये है कि सार्वजनिक फुटपाथ और मार्ग जनता के लिए मुक्त रहें, वैध व्यापारियों को सुरक्षित वातावरण मिले और कानून सभी पर समान रूप से लागू हो। सचिव चौरसिया ने बताया कि तीन दिन पहले फुटपाथ पर कब्जा कर दुकान लगाने वाले आपराधिक तत्वों ने उन पर हमला किया था, जिसके विरोध में अपर आयुक्त से मुलाकात कि और अवैध रूप से लग रही दुकानों के विषय में पूरी वास्तविक स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने दो लोगों पर यहां अवैध रूप से दुकान लगवाने का आरोप लगाया। साथ ही तलघर में भी दुकान लगवाने की बात कही। सचिव ने कहा कि मामले में अपर आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में पिछले 29 दिन से संविदा शिक्षक वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के चयनित अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि शिक्षक भर्ती में 10 हजार नए पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराई जाए। इस संबंध में चयनित शिक्षकों ने सरकार तक आवेदन भी पहुंचाया है। सोमवार को धरना प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव भी चयनित शिक्षकों के बीच पहुंचे। अभ्यर्थियों के अनुसार, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में कुल 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे। इनमें पहली काउंसलिंग के दौरान केवल 2901 पदों पर नियुक्ति हुई है। वहीं, 5819 पदों पर अब तक काउंसलिंग नहीं हुई है। छतरपुर जिले की भारती त्रिवेदी ने कहा, शिक्षा मंत्री हमारी न्यायोचित मांग को पूरा करें। वह अपनी अंतरात्मा से पूछें कि हम किस तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। दो-दो परीक्षाएं देकर हम पास हुए हैं इसके बावजूद हमें चयनित नहीं की गई। शिक्षा मंत्री चाहें तो सब कुछ संभव है। 5 साल बाद हुई भर्ती अभ्यर्थियों ने आवेदन में कहा है कि कोरोना काल के कारण करीब 5 साल के अंतराल के बाद भर्ती प्रक्रिया आयोजित हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। कई अभ्यर्थी ओवरएज होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कीर्ति झा ने बताया कि साल 2018 में अलग-अलग सरकारी विभागों में पदवृद्धि की गई। हमसे सरकार चाहे तो डिबेट कर लें। हमारे पास सारे सबूत हैं। सरकार के विभाग ने ही सारे सबूत दिए हैं कि रिजल्ट जारी होने के बाद पदवृद्धि हो सकती है। उनके मुताबिक वर्ष 2023 में पहली बार पात्रता परीक्षा के बाद मुख्य चयन परीक्षा आयोजित हुई थी। उनका कहना है कि वे दोनों परीक्षाओं में सफल हुए हैं। ग्वालियर की नेहा शहगल ने बताया, सरकार ने जब परीक्षा का नाम चयन रखा है तो उन्हें हमें चयनित करना चाहिए। जीतने पद निकाले गए थे उतने भरे भी नहीं गए। यह हमारे साथ छल है। जब राज्य लोकसेवा आयोग में पदवृद्धि कर सकता है तो डीपीआई क्यों नहीं कर सकता। 16 विषयों के लिए 8720 पद अभ्यर्थियों के मुताबिक उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 16 अलग-अलग विषयों के लिए आयोजित हुई थी। इसमें कुल 8720 पद थे। इनमें 5052 फ्रेश पद शामिल हैं। मनोज दंडोतिया ने अधिकारियों पर आरोप लगते हुए बताया, डीपीआई के अधिकारी शिक्षा मंत्री को भ्रमित जानकारी दे रहे हैं। पहले भी पदवृद्धि हुई है और हमारी मांग बिल्कुल जायज है। 10 हजार पद पर हो चयन अभ्यर्थियों ने वर्ष 2011 और 2018 की तरह 2023 में भी पदवृद्धि कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। उनका कहना है कि 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराई जाए, ताकि खाली पदों पर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सके। आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अगर 75 वर्ष का व्यक्ति प्रधानमंत्री, विधायक, सांसद बन सकता है तो हम शिक्षकों की भर्ती क्यों नहीं हो सकती। ह मसे सरकार का कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं आ रहा है। सिर्फ मीडिया में बयानबाजी की जा रही है लेकिन हमसे सीधा बात नहीं किया जा रहा है।
भाजपा ग्रामीण में युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पद के लिए अब तक करीब आठ दावेदारों के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। खास बात यह है कि इस बार सबसे ज्यादा दावेदार महू, राऊ और सांवेर विधानसभा क्षेत्र से हैं। दावेदारों ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बढ़ाने के साथ अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधना शुरू कर दिए हैं। भाजपा प्रदेश संगठन ने जिला इकाइयों को विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारों के नाम जुटाए जा रहे हैं। अब जिला(ग्रामीण) स्तर पर इन नामों पर चर्चा के बाद पैनल तैयार कर भोपाल भेज दी है। संभाग प्रभारी रणवीर रावत ने बताया कि हमने नामों की पैनल बनाकर भोपाल भेज दी गई है। वहीं से नाम पर सहमति के बाद मुहर लगेगी। क्षेत्रीय संतुलन सबसे बड़ा फैक्टर भाजपा में मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति में केवल दावेदार की सक्रियता ही नहीं, बल्कि *क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन* भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए इस बार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के समीकरणों पर विशेष नजर है। जिला भाजपा अध्यक्ष जिस विधानसभा क्षेत्र से आते हैं, उसकी जगह किसी अन्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने की संभावना की चर्चा है। यदि ऐसा होता है तो महू, राऊ और सांवेर के दावेदारों को इसका फायदा मिल सकता है। ओबीसी चेहरे को मौका मिलने की चर्चावर्तमान में मनोजसिंह ठाकुर ग्रामीण युवा मोर्चा अध्यक्ष और इससे पहले श्रवण सिंह चावड़ा भी अध्यक्ष रह चुके हैं, जो दोनों ही राजपूत समाज/सामान्य वर्ग से आते हैं। ऐसे में इस बार संगठन में नए चेहरे के साथ सामाजिक समीकरण साधने की चर्चा भी है। 35 पार फिर भी दावेदार प्रदेश भाजपा संगठन की ओर से युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए 35 वर्ष से अधिक उम्र वाले दावेदारों को पैनल में शामिल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। दावेदारों से जन्म प्रमाण-पत्र और मार्कशीट जैसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दावेदार महेश यादव, दिलीप दरबार और विजेंद्र जाट की आयु 35 से अधिक बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर यह अपनी आयु कम दिखा रहे हैं। कुछ ने तो कम आयु के दस्तावेज बनवाकर भी पार्टी कार्यालय में जमा कर दिए है। अब देखा जाएगा की पार्टी दस्तावेजों की जांच करती है या नहीं।
भोपाल में गरबा आयोजनों को लेकर हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा- गरबा में अकेले मुस्लिम लड़के ही क्यों आना चाहते हैं। वे अकेले न आएं, बल्कि अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं। हमारे भी छोरे तैयार हैं। उन्होंने कहा- मुस्लिम परमानेंट आ जाओ तो भी हम तैयार हैं। आओ, जय श्रीराम बोलो, माथे पर तिलक लगाओ। किसी को परेशानी है तो बताओ। गौ माता की रक्षा करो, किसी को परेशानी है तो बताओ। इस पर भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा- रामेश्वर शर्मा का यह बयान बहुत गंदा और घटिया है। मैं इतना ही कहूंगा कि सुधर जाओ। बदतमीजियां मत करो। इतना गंदा बयान अपने मुंह से मत उगलो। बीजेपी विधायक मटकी फोड़ कार्यक्रम में दिया था बयान दरअसल, विधायक रामेश्वर शर्मा ने करोंद में जन्माष्टमी के मौके पर मटकी फोड़ कार्यक्रम में बयान दिया था, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा था- गरबा केवल उत्सव या मनोरंजन नहीं, बल्कि मां भगवती की आराधना का पर्व है। इसमें शामिल होने वालों को देवी की आराधना और प्रार्थना की भावना के साथ आना चाहिए। ‘सनातन से इतना प्रेम है तो राम-कृष्ण को मन में बसाएं’ विधायक ने कहा- अगर किसी को हिंदू धर्म और सनातन से इतना ही लगाव और प्रेम हो गया है तो रहीम और रसखान की तरह राम-कृष्ण को अपने मन में बसाएं। राम, कृष्ण, महावीर और गौतम बुद्ध को अपने मन में स्थान दें। सनातन को स्वीकार करें। उनका डीएनए भी इसी देश का है। ‘गरबा को तमाशा बनाया तो नौजवान प्रतिकार के लिए तैयार’ रामेश्वर शर्मा ने कहा- गरबा को तमाशा बनाने और वहां आकर ‘लव जिहाद’ करने की कोशिश की गई तो भारत का नौजवान इसका प्रतिकार करने के लिए तैयार है। नौजवान अपने मां-बाप की सेवा करे। अपनी बहनों की सुरक्षा करे। जगदंबा का आशीर्वाद लेकर ‘राक्षसों’ का अंत करने के लिए तैयार रहे। गरबा में ID चेक और पंचगव्य पिलाने की मांग इधर, श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा आयोजक हमारे हिंदू और सनातनी हैं। गरबा को केवल व्यवसाय या मनोरंजन का आयोजन न बनाएं। उन्होंने कहा- गरबा मां भगवती की आराधना का पर्व है। गरबा पंडालों में मां भगवती की प्रतिमा स्थापित की जाए। धार्मिक गीत और भजन बजाए जाएं और उसी वातावरण में गरबा कराया जाए। गरबा में ID चेक किया जाए। उन्होंने कहा- पंडाल में प्रवेश के स्थान पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना के बाद प्रवेश दिया जाए। पंचगव्य में गाय का गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी शामिल होता है। आरिफ मसूद बोले- ‘बहुत गंदा और घटिया है बयान, सुधर जाओ’ रामेश्वर शर्मा के बयान वायरल होने के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा- जब बाहर से कोई आकर बदतमीजी के अल्फाज इस्तेमाल करता है तो सवाल उठता है कि हमारी जमीन पर ऐसा क्यों बोला गया। मेहरबानी करो और इंसान को इंसान समझो। इंसानों की तुलना घोड़े से मत करो। उन्होंने कहा- सुधर जाएं, जनता सुधार देगी। पहली चीज तो मुसलमान गरबे में जाता नहीं है। उसका गरबे से कोई लेना-देना नहीं है। जो शब्द का प्रयोग किया गया है, वह बहुत गंदा है। निंदनीय है और मैं इतना ही कहूंगा- सुधर जा, बस। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष बोले- रामेश्वर शर्मा को संविधान पढ़ने की जरूरत वहीं, AIMIM मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा- शर्मा को संविधान पढ़ने की जरूरत है। इस तरह के बयान देश को तोड़ने का काम करते हैं। रामेश्वर शर्मा को मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे भाजपा नेताओं से बात करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा के मुस्लिम नेताओं से पूछा- अगर रामेश्वर शर्मा मुस्लिमों से अपनी बहन-बेटियों को गरबा में लाने के लिए कह रहे हैं, तो क्या सनवर पटेल, जमाल सिद्दीकी और सैयद जफर इस्लाम अपनी बहन-बेटियों को गरबा में लेकर जाएंगे? उन्होंने रामेश्वर शर्मा के “हमारे भी छोरे तैयार हैं” वाले बयान पर कहा- घोड़े अगर आपने तैयार किए हैं तो मुख्तार अब्बास नकवी जैसे लोगों के लिए तैयार करें। अगर आपने घोड़े सजा कर रखे हैं तो यकीनन शाहनवाज हुसैन जैसे लोगों के लिए तैयार करके रखिए। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें… मौलाना बोले- मुस्लिम गरबा करते दिखें तो रोका जाए मौलाना अली कदर ने कहा कि हमारे सांसद ने कहा कि जिसका पर्व है वही मनाए। विधायक ने कहा कि सिर्फ हिंदू ही गरबा में शामिल हों। इस हिस्से का मैं समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी मुसलमान गरबा करते दिखें तो आप उसे फोर्स के जरिए रोक दीजिए। पढ़ें पूरी खबर
तेजा दशमी पर तेजाजी महाराज के दरबार में श्रद्धालु पहुंचे:भगोरा, कोदरिया और गवली पलासिया में लगा मेला
महू में तेजा दशमी के मौके पर सोमवार को श्रद्धा और आस्था का माहौल दिखा। भगोरा, कोदरिया और गवली पलासिया समेत आसपास के गांवों में तेजाजी महाराज के मंदिरों पर खास कार्यक्रम हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे और पूजा-अर्चना कर तेजाजी महाराज को निशान चढ़ाए। तेजा दशमी पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। भक्तों ने तेजाजी महाराज के दरबार में पहुंचकर पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु पैदल चलकर मंदिरों तक पहुंचे। इस मौके पर भगोरा, कोदरिया और गवली पलासिया में मेला भी लगा। मेले में ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग आए। बच्चों के लिए झूले और खिलौनों की दुकानें खास रहीं, वहीं कई तरह के खान-पान और प्रसाद की दुकानें भी लगीं। पूरे इलाके में दिनभर धार्मिक उत्साह बना रहा। शाम तक मंदिरों और मेला वाली जगहों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कर्मचारियों की अनुकम्पा नियुक्ति, पदोन्नति, सीधी भर्ती, अनुशासनात्मक कार्यवाही और पेंशन संबंधित मामलों की जल्दी ही समीक्षा करेंगे। कर्मचारियों के हितों और उनकी समस्याओं से संबंधित मुद्दों को लेकर होने वाली रिव्यू मीटिंग को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने संबंधित विभागों से अपडेट रिपोर्ट मांगी है। इसमें संबंधित विषय वस्तु से पेंडिंग मामलों और परिस्थितियों की जानकारी देने को कहा गया है। अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज मंडलोई ने इसको लेकर विभाग प्रमुखों से कहा है कि कर्मचारी कल्याण से संबंधित प्रमुख विषयों पर निकट भविष्य में मुख्यमंत्री द्वारा शीघ्र समीक्षा बैठक की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति, सीधी भर्ती, अनुशासनात्मक कार्रवाई और पेंशन प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। अनुकंपा नियुक्ति में कैसी अड़चन प्रदेश में विभाग, संभाग और जिला स्तर पर लंबित प्रकरणों की संख्या कितनी है? साथ ही प्रकरणों की लंबित रहने के प्रमुख कारणों और अनुकंपा नियुक्ति के नियमों एवं मापदंडों को अधिक तर्कसंगत बनाए जाने संबंधी सुझावों पर चर्चा होगी। पदोन्नति में आने वाली बाधा जानेंगे विभाग, संभाग और जिला स्तर पर संवर्गवार लंबित पदोन्नति प्रकरणों की संख्या कितनी है? पदोन्नति के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए समयसीमा तय करने तथा लंबे समय से लंबित प्रकरणों के कारणों की जानकारी भी प्रस्तुत की जाएगी। पदोन्नति को लेकर कोई नीतिगत कठिनाई होगी तो इसे भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। सीधी भर्ती के लिए रिक्त पद पूछेंगे सीधी भर्ती के पूर्व से रिक्त पदों एवं हाल में हुई पदोन्नतियों के फलस्वरूप रिक्त हुए पदों पर सभी विभागों में सीधी भर्ती का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। हाल ही में सीएम ने कहा है कि 85 हजार पदों पर भर्ती हो रही है और पदोन्नति के बाद एक लाख रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरने का काम किया जाएगा। अनुशासनात्मक कार्रवाई में देरी की वजह बताना होगी विभागीय जांच के लंबित प्रकरणों की संख्या, लंबे समय से लंबित मामलों के प्रमुख कारण और उनके समाधान के उपायों पर चर्चा होगी। जांच प्रकरणों के लिए तय समयसीमा से अधिक समय तक लंबित रहने के कारण भी सामने रखे जाएंगे। इसकी भी विभाग, संभाग और जिलावार जानकारी मांगी गई है। पेंशन प्रकरण पेंडिंग रहने के कारण बताएंगे अफसर विभाग, संभाग और जिला स्तर पर सेवानिवृत्ति उपरांत लंबित पेंशन प्रकरणों की संख्या और उनके लंबित रहने के प्रमुख कारणों एवं समाधान के उपायों की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा बैठक में सभी विभागों से जानकारी एकत्र कर प्रस्तुतीकरण तैयार करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, एमपी में आज, क्या रहा खास.. 1. भोपाल में लेडी इंस्पेक्टर की हत्या, प्रेमी ने किया सुसाइड भोपाल के खजूरी सड़क क्षेत्र में दतिया में पदस्थ RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की हत्या कर दी गई। उनका शव प्रेमी पवन द्विवेदी के घर में मिला। सिर पर चोट के निशान थे और पास में खून से सना हथौड़ा मिला। इसके बाद पवन का शव घर से करीब 20 मीटर दूर पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में शादी को लेकर विवाद की आशंका है। FSL टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पढ़ें पूरी खबर 2. मोदी की मिमिक्री के बाद कॉमेडियन के शो रद्द कॉमेडियन पुलकित मणि ने दावा किया कि धमकियों के चलते उत्तरप्रदेश में उनके शो कैंसिल किए गए। उन्होंने कहा कि गुंडों और कार्यकर्ताओं की धमकियों के कारण लखनऊ, कानपुर और नोएडा के शो रद्द हुए। पुलकित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की थी। वे इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। शो कैंसिल होने की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी। मामले में उनके दावे के आधार पर विवाद सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर 3. बेटी के सामने मां को पीटा, बाल खींचे, VIDEO उज्जैन के महाकाल मंदिर में दिल्ली की श्रद्धालु से मारपीट का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि गार्ड्स ने बेटी के सामने उसके साथ मारपीट की और बाल खींचे। महिला के मुताबिक, गार्ड्स ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। उसने बेटी से भी बदसलूकी का आरोप लगाया है। घटना का VIDEO सामने आया है। महिला ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। मामले में घटना से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 4. मंत्री विजयवर्गीय ने पार्षद की बॉडी पर की टिप्पणी, VIDEO इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भाजपा पार्षद संध्या यादव की बॉडी पर टिप्पणी करने का VIDEO सामने आया है। विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम में उन्होंने पार्षद के शरीर को लेकर टिप्पणी की। इस दौरान मंच पर मौजूद नेता हंसते नजर आए। VIDEO सामने आने के बाद मंत्री की टिप्पणी को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कार्यक्रम में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई। VIDEO सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पढ़ें पूरी खबर 5. MP में 24 सितंबर से भारी बारिश, आखिरी मानसूनी दौर मध्यप्रदेश में 24 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है। इसे मानसून का आखिरी दौर बताया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 33.9 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। नर्मदापुरम में तेज हवा और बारिश से गणेश पंडालों को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है। अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 6. बालकनी से पेट्रोल बम फेंका, दुकानदार समेत 3 झुलसे- VIDEO ग्वालियर में दुकान पर सिगरेट नहीं मिलने से युवक भड़क गया। पहले उसने गुस्से में डस्टबिन पर लात मारी, फिर बालकनी से पेट्रोल बम फेंक दिया। हमले में दुकानदार, उसका बेटा और बेटी झुलस गए। घटना का VIDEO सामने आया है। VIDEO में विवाद के बाद युवक को पेट्रोल बम फेंकते देखा जा सकता है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस VIDEO और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। पढ़ें पूरी खबर 7. इंदौर में सड़क धंसी, 10 फीट गहरा गड्ढा हुआ इंदौर के पंढरीनाथ मार्ग पर सोमवार को सड़क का हिस्सा अचानक धंस गया। इससे करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर दो ट्रक गिट्टी-मुरम डालकर सड़क को समतल कराया। शुरुआती जानकारी में सड़क के नीचे सीवरेज लाइन में रिसाव की बात सामने आई है। यह 34 दिन में सड़क धंसने की चौथी घटना बताई जा रही है। इससे पहले शहर के दूसरे इलाकों में भी सड़कें बैठ चुकी हैं। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8. दिवाली-छठ की तैयारी, 10 राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेनें दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे 10 राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। मध्यप्रदेश के 30 स्टेशनों से यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। त्योहार के दौरान बढ़ने वाली यात्री संख्या को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है। इन ट्रेनों से अलग-अलग राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों से जुड़ी जानकारी जारी की है। यात्रियों को त्योहार के दौरान यात्रा में सुविधा मिलने की उम्मीद है। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. BJP नेता ने अस्पताल के अंदर दौड़ाई स्कूटी, VIDEO टीकमगढ़ में BJP मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला का अस्पताल के अंदर स्कूटी दौड़ाने का VIDEO सामने आया है। VIDEO में गार्ड उन्हें रोकने की कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन वे नहीं रुके। घटना के बाद मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन तक पहुंची। BMO ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर एक्शन लिया जाएगा। अस्पताल के अंदर स्कूटी चलाने का VIDEO सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। मामले की जांच की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट 10. BU में कल से विज्ञान मेले की शुरुआत बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में 22 सितंबर से भोपाल विज्ञान मेले की शुरुआत होगी। मेला 26 सितंबर तक चलेगा। इसमें 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजन में नवाचार आधारित डिजाइन और तकनीक पर फोकस रहेगा। विद्यार्थी और प्रतिभागी विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। मेले का उद्देश्य नए प्रयोगों और नवाचार को मंच देना है। विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले इस आयोजन में विज्ञान, तकनीक और डिजाइन से जुड़े प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे।
देवास के शिप्रा बायपास पर सोमवार को एक ठेकेदार पर चाकू से हमला किया गया। हवनखेड़ी क्षेत्र में ढाबे के पास हुई इस घटना में ठेकेदार फिरोज पटेल के पेट में चाकू मारा गया। हमले के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए। फिरोज पटेल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल ठेकेदार फिरोज पटेल ने बताया कि सोमवार को वे सांवेर कोर्ट जा रहे थे। हवनखेड़ी बायपास पर एक ढाबे के पास वे बाइक खड़ी कर अपने भाई का इंतजार कर रहे थे। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उन पर चाकू से हमला कर दिया। 24 लाख रुपए के लेनदेन से जुड़ा मामलाफिरोज पटेल ने आरोप लगाया कि उनके साथ काम करने वाले तीन लेबर से उनका करीब 24 लाख रुपए का लेनदेन है। उनका कहना है कि मजदूरों से उन्हें यह रकम लेनी है। प्लॉट खरीदने और अन्य लेनदेन को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। फिरोज ने यह भी बताया कि इस मामले में उन्हें पहले धमकियां भी मिली थीं। हमले के बाद सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें घायल ठेकेदार सड़क किनारे खड़े दिख रहे हैं और उनके शरीर से खून निकल रहा है। वीडियो में दो युवक बाइक से जाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके आरोपी होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। वीडियो की सच्चाई और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगी। आरोपियों की पहचान और हमले के असली कारणों का पता भी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
भाजपा इतनी तानाशाह हो चुकी है कि पुलिस को आगे करके अमर्यादित आचरण पर उतर आई है: Dotasra
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ पुलिस के बर्ताव को बेहद निंदनीय करार दिया है। उन्होंने आज एक्स के माध्यम से कहा कि अलवर के मालाखेड़ा में नगर पालिका चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ पुलिस का बर्ताव बेहद निंदनीय है। सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा इतनी तानाशाह हो चुकी है कि पुलिस को आगे करके अमर्यादित आचरण पर उतर आई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ इस तरह का बर्ताव शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। डीजीपी राजीव शर्मा तुरंत मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें। डोटासरा ने कहा कि लोकतंत्र की हत्यारी भाजपा की शर्म मर चुकी है... जनता के वोट से चुने पार्षदों का वोट छीनने की साजिश राजस्थान देख रहा है। बीजेपी के बोर्ड बनाने और कांग्रेस पार्षदों को वोटिंग से रोकने के लिए राजस्थान पुलिस को पूरी तरह मैदान में उतार दिया गया है, शर्मनाक। लोकतंत्र की सारी हदें पार कर चुकी भाजपा बोर्ड की बौखलाहट में इस हद तक गिरेगी, ये कतई उम्मीद नहीं थी। पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र का ऐसा दुरुपयोग राजस्थान की जनता से पहले कभी नहीं देखा उन्होंने कहा कि मथानिया में लोकतंत्र का खुला मजाक बनाया जा रहा है। बीजेपी विधायक के दबाव में पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस व समर्थित निर्वाचित पार्षदों को मतदान से रोका जा रहा है। उधर तिजारा में सभापति की वोटिंग से पहले कांग्रेस व समर्थित 18 पार्षदों को रात से ही हरियाणा के जंगलों में बंधक बनाया हुआ है। पूर्व विधायक संदीप यादव को भी रातभर हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में रख गया। अब केवल हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद बची है। वहीं कठूमर नगर पालिका में कांग्रेस पार्षदों को वोटिंग से पहले फोन पर धमकाया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र का ऐसा दुरुपयोग राजस्थान की जनता से पहले कभी नहीं देखा और इन सब के बीच राज्य निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। जनता सब देख रही है, वक्त आने पर इसका जवाब जरूर देगी। PC:rajasthan.ndtv
CM सुक्खू की एरियर देने की घोषणा: किस पेंशनर के खाते में आएंगे कितने पैसे? यहां समझें पूरा गणित
हिमाचल सरकार ने दिवाली से पहले लाखों पेंशनरों को खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स को पेंशन एरियर अक्टूबर में देने की घोषणा की है।
वन विभाग की टीम पर हमला कर जब्त ट्रैक्टर छुड़ाया:ड्राइवर गिरफ्तार, मालिक फरार; 10 हजार का इनाम घोषित
झालावाड़ में वन विभाग की टीम पर हमला कर जब्त ट्रैक्टर छुड़ाने के मामले में पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, ट्रैक्टर मालिक अभी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। यह मामला 17 सितंबर का है। सहायक वनपाल और नाका प्रभारी सुरेंद्र सिंह शक्तावत ने कोतवाली थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम रायपुर-बालगढ़ के जंगल में गश्त कर रही थी। इस दौरान बालगढ़ के पास लाल रंग की महिंद्रा 275 डीआई ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना नंबर के पत्थरों से भरी मिली। टीम ने ट्रैक्टर को रुकवाकर ड्राइवर से पूछताछ की और जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी बीच ट्रैक्टर मालिक बबलू बंजारा 4-5 दूसरे लोगों के साथ मौके पर आ गया। आरोप है कि उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ मारपीट की और जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर मौके से ले गए। इस मामले में सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में खास टीमें बनाई गईं। टीम ने जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर लोभीलाल भील (22) को पकड़ा, जो छोटी रायपुर, थाना कोतवाली झालावाड़ का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, मामले में ट्रैक्टर मालिक बबलू बंजारा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार महापुरुषों और योद्धाओं की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में बलिया में लोकनायक वीर लोरिक की याद में एक सभागार बनाया जा रहा है। संस्कृति विभाग बलिया के बांसडीह तहसील के हसनपुरा, बिसौली गांव में 4.97 करोड़ रुपये की लागत से यह सभागार बनवा रहा है। इस परियोजना के लिए 1.36 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। इसमें 350 दर्शकों की क्षमता वाला एक आधुनिक सभागार बनेगा, जिसका फाउंडेशन का काम शुरू हो गया है। सभागार को फायर-प्रूफ भी बनाया जाएगा, ताकि सांस्कृतिक कार्यक्रम सुरक्षित तरीके से हो सकें। वीर लोरिक का जन्म बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील के गौरा गांव में हुआ था। उन्हें भोजपुरी लोक महाकाव्य 'लोरिकायन' का मुख्य नायक माना जाता है। अपनी ताकत और बहादुरी के लिए मशहूर वीर लोरिक को लोककथाओं में अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा के रूप में याद किया जाता है। उनकी कहानियों में सोनभद्र के अत्याचारी राजा से मंजरी की रक्षा करना और उसे युद्ध में हराना प्रमुख है। इसके बाद वीर लोरिक और मंजरी के विवाह की कथा भी लोकगाथाओं में मशहूर हुई। वीर लोरिक से जुड़ी सबसे चर्चित कहानियों में मारकुंडी घाटी का 'वीर लोरिक पत्थर' भी शामिल है। माना जाता है कि मंजरी के कहने पर वीर लोरिक ने अपनी तलवार के एक वार से एक विशाल पत्थर को दो हिस्सों में काट दिया था। बलिया में वीर लोरिक अखाड़ा, उनकी प्रतिमा और वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम भी उनकी याद को ताजा रखते हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वीर लोरिक की बहादुरी और उनकी लोकगाथाएं उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। प्रदेश सरकार महापुरुषों और लोकनायकों से जुड़ी विरासत को सहेजने के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि बलिया के हसनपुरा में बन रहा यह सभागार और पुस्तकालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना युवाओं को वीर लोरिक के जीवन और उनकी बहादुरी से परिचित कराने के साथ उन्हें लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी मदद करेगी।
संभल के चंदौसी में कैदी वैन से दो सिपाहियों की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने दोषी धर्मपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर कुल 1.69 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। धर्मपाल को सोमवार को मुरादाबाद जेल से चंदौसी कोर्ट लाया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। घटना 17 जुलाई 2019 को बनियाठेर थाना क्षेत्र में मुरादाबाद रोड पर धन्नूमल तिराहे से आगे ग्रीन चंदौसी के पास हुई थी। चंदौसी कोर्ट से एक कैदी वैन 21 पुराने और 3 नए आरोपियों को लेकर मुरादाबाद जेल जा रही थी। इसी दौरान तीन बदमाशों ने कैदी वैन को निशाना बनाया। उन्होंने वैन में तैनात कांस्टेबल ब्रजपाल सिंह निवासी तेली नगला, थाना नांगल, बिजनौर और हरेंद्र सिंह निवासी चंदूपुरा, थाना कोतवाली देहात, बिजनौर की आंखों में लाल मिर्च झोंक दी। इसके बाद सरकारी राइफल से फायरिंग कर दोनों सिपाहियों की हत्या कर दी गई। दो आरोपी एनकाउंटर में मारे गए मामले में तीन बदमाशों को आरोपी बनाया गया था। इनमें शकील पुत्र नूर अहमद और कमल पुत्र जंगबहादुर पर ढाई-ढाई लाख रुपए का इनाम घोषित था। शकील की संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र के मोलनपुर गांव के जंगल में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में वह मारा गया था। मुठभेड़ के दौरान एएसपी के हमराह विनीत के बाजू में गोली लगी थी। उस समय संभल के एसपी यमुना प्रसाद थे। वहीं, कमल को अमरोहा पुलिस ने जंगल में घेर लिया था। तत्कालीन अमरोहा एसपी विपिन टाडा के नेतृत्व में हुई मुठभेड़ में कमल भी मारा गया था। धर्मपाल को अलग-अलग धाराओं में सजा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य सिंह ने बताया कि धर्मपाल को धारा 224 भादंवि में दो साल का कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 307/34 में 10 साल का कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 394 में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा धारा 411 भादंवि में दो साल का कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 302/34 में आजीवन कारावास व एक लाख रुपए अर्थदंड तथा धारा 3/25/27 आयुध अधिनियम में पांच साल का कारावास व 5 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त साधारण कारावास का भी प्रावधान किया गया है। सभी सजाओं में आजीवन कारावास वाली सजा प्रभावी होने के साथ अदालत के आदेश के अनुसार अन्य सजाओं का निर्धारण होगा।
बरेली के चंद्रप्रकाश को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का प्रदेश उपाध्यक्ष (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) नियुक्त किया गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) विजेंद्र सिंह यादव की संस्तुति पर यह नियुक्ति की गई। मनोनयन पत्र संगठन के मुख्यालय सिसौली, मुजफ्फरनगर से जारी हुआ है। चंद्रप्रकाश, बरेली के बिगनिया भगवंतपुर (अग्रस राजपुर) के निवासी हैं। संगठन के अनुसार, किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों और संगठन के प्रति उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति के बाद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी।
प्रयागराज में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के फील्ड कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लोक निर्माण विभाग फील्ड कर्मचारी वेलफेयर समिति और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले निर्माण खंड-4 के बाहर हुआ। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार से बातचीत हुई, जिसके बाद उनके आश्वासन पर कर्मचारी शांत हो गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक और फील्ड कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के नेता विजय श्याम तिवारी ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि विभाग के कई कर्मचारी साल 1984 से लगातार काम कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन कर्मचारियों को नियमित वेतन और एसीपी (ACP) का लाभ मिलना शुरू हुआ था। यह लाभ नियम के अनुसार 10, 18 और 24 साल की सेवा पूरी होने पर दिया जाता है। तिवारी ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़-दो साल से रिटायर हो रहे कर्मचारियों के पहले से मंजूर लाभों और एसीपी की रिकवरी हो रही है। यह कार्रवाई बिना किसी उच्च न्यायालय या शासन के आदेश के, सिर्फ तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रमा शंकर यादव का नाम लेकर मनमाने तरीके से की जा रही है। इससे विभाग के 200 से 250 कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद निर्माण खंड-4 के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) से दोबारा कानूनी राय ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अधीक्षण अभियंता से बात करने के बाद कर्मचारियों का वेतन भुगतान ठीक से जारी रहेगा। साथ ही, यह भी तय हुआ कि फिलहाल कर्मचारियों के वेतन से किसी भी तरह की कटौती या रिकवरी नहीं की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी शांत हो गए।
बलौदा ब्लॉक के परसदा स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षक ललित भारद्वाज शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और टेबल के नीचे गिर गए। बच्चों के घबराकर परिजनों को बताने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद ग्रामीणों ने शिक्षक की सेवा समाप्त करने की कड़ी मांग की है।
मिर्जापुर में ऑल इंडिया महापद्मनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी बनाई गई। इसका गठन रविवार को सदर तहसील चौराहा स्थित एनी बेसेंट पब्लिक स्कूल के सभागार में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महापद्मनंद के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। इस दौरान रघुनाथ प्रसाद शर्मा नंद, मुन्नू शर्मा नंद, अशोक कुमार सविता, केदारनाथ सविता, कृष्ण मुरारी शर्मा, लल्लू प्रसाद शर्मा नंद एडवोकेट, झल्लन शर्मा और गोपाल प्रसाद शर्मा ने अपने विचार रखे। सभी ने संगठन को मजबूत करने और समाज के हित में काम करने के सुझाव दिए। राष्ट्रीय संरक्षक रघुनाथ प्रसाद नंद और मंडल अध्यक्ष झल्लन शर्मा की मौजूदगी में पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। मनोज कुमार सविता को जिला अध्यक्ष बनाया गया। केदारनाथ सविता वरिष्ठ उपाध्यक्ष और दिलीप कुमार शर्मा उपाध्यक्ष चुने गए। अजय कुमार शर्मा को जिला सचिव, नरेश शर्मा को उप सचिव बनाया गया। वशिष्ठ नारायण शर्मा और राजकुमार शर्मा संगठन सचिव बने। कृष्ण कुमार शर्मा को मीडिया प्रभारी, मुन्नू शर्मा को कार्यालय सचिव और माता प्रसाद शर्मा को प्रचार सचिव की जिम्मेदारी मिली। केदारनाथ शर्मा, त्रिवेणी प्रसाद शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, अवधेश कुमार शर्मा, मुकेश कुमार शर्मा, श्री चंद्र शर्मा और विजय कुमार शर्मा कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। लल्लू प्रसाद शर्मा और राम सुचित शर्मा को संरक्षक सदस्य बनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लल्लू प्रसाद शर्मा ने की। इसका संचालन गोपाल प्रसाद शर्मा ने किया। नए पदाधिकारियों ने संगठन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया।
तीन तलाक के आरोप में पति को राहत नहीं, FIR निरस्त करने से हाई कोर्ट का इनकार
कोर्ट ने कहा कि मुकदमे की प्रक्रिया जारी रहेगी और आरोपों का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर होगा।
कोरबा जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने बजाज फाइनेंस से लोन दिलाने का झांसा देकर SECL कर्मी ज्ञान जायसवाल से करीब 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायत मिलने के बाद कोरबा साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। सबूत जुटाने के लिए साइबर टीम दीपका पहुंची और शिकायतकर्ता से जानकारी ली। लोन की प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किस्तों में जमा कराए पैसे जानकारी के अनुसार, दीपका विस्तार परियोजना में पदस्थ SECL कर्मी ज्ञान जायसवाल को आरोपियों ने फोन किया था। उन्हें बजाज फाइनेंस से लोन दिलाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा करने को कहा। ज्ञान जायसवाल ने बताए गए तरीके से कई बार पैसे जमा किए। इस तरह उनसे करीब 7 लाख रुपए ले लिए गए। रकम जमा करने के बाद भी जब लोन नहीं मिला और आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम दीपका पहुंची, डिजिटल सबूत जुटाए शिकायत मिलते ही कोरबा साइबर सेल सक्रिय हो गई। साइबर निरीक्षक ललित चंद्रा और अजय सोनवानी समेत टीम के सदस्य शिकायतकर्ता ज्ञान जायसवाल के घर पहुंचे। टीम ने ठगी से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल सबूतों की जानकारी ली। अब ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर निरीक्षक ने दी सावधानी बरतने की सलाह साइबर निरीक्षक ललित चंद्रा ने लोगों से ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बैंक या सरकारी संस्था के नाम पर फोन करने वाले किसी व्यक्ति को संवेदनशील बैंकिंग जानकारी देने से पहले पूरी तरह सत्यापन करना जरूरी है। उनके मुताबिक, लालच, डर और जल्दबाजी में लिए गए फैसले से लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हो जाते हैं। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों में रकम को रोकने और जांच आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गल्ला मंडी इलाके में सोमवार को एक महिला से मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो महिलाएं एक महिला से मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने पीड़िता रामदेवी कुशवाहा की शिकायत पर सरोज कुशवाहा के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िता ने बताया कि वह सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के शुक्लाना मोहल्ले में रहती हैं। उनके पति का निधन हो चुका है। वह एक प्राइवेट ऑफिस में काम करती हैं। सोमवार को ऑफिस जाते समय दिनेश कुशवाहा की पत्नी सरोज कुशवाहा और उसकी बहन निशा कुशवाहा ने उन्हें रोका और मारपीट की। रामदेवी ने आरोप लगाया कि पति के निधन के बाद वह दूसरी शादी करने जा रही थीं। इसी बात को लेकर रिश्ते में देवर लगने वाला दिनेश कुशवाहा उन्हें शादी करने से रोक रहा था। दिनेश पर दूसरी शादी रोकने का आरोप रामदेवी ने बताया कि दिनेश उनसे कहता था कि वह दूसरी शादी न करें, वरना वह खुदकुशी कर लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनेश उनसे एकतरफा प्यार करता था और उनसे शादी करना चाहता था। रामदेवी के मुताबिक, रिश्तेदारी की वजह से उनकी दिनेश से बातचीत होती थी। उनकी सास, दिनेश की मौसी लगती हैं, इसलिए रिश्ते में दिनेश उनका देवर लगता है। इसी बातचीत को लेकर दिनेश की पत्नी सरोज को दोनों के बीच संबंध होने का शक था। रामदेवी ने इस आरोप को गलत बताया है। पुलिस बोली- वीडियो से अन्य लोगों की भूमिका की जांच सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय के मुताबिक, दोनों महिलाएं रिश्ते में देवरानी-जेठानी लगती हैं। गल्ला मंडी इलाके में किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मारपीट और गाली-गलौज हुई। टीआई ने बताया कि रामदेवी की शिकायत पर सरोज कुशवाहा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सामने आए वीडियो के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि मारपीट में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रामदेवी ने यह भी कहा है कि पति की मौत के बाद मिले क्लेम के पैसे से उन्होंने प्लॉट खरीदा था और उनके खिलाफ लगाए जा रहे अन्य आरोप गलत हैं।
सोनभद्र में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को आबकारी कार्यालय पहुंचकर आबकारी अधिकारी को एक पत्र सौंपा। उन्होंने मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा के खिलाफ हुई शिकायत और विभाग की जांच की निष्पक्षता की जांच कराने की मांग की। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा का आरोप है कि आबकारी विभाग के निरीक्षक विनोद कुमार साव उनके घर पहुंचे थे। निरीक्षक ने उनके माता-पिता से कहा कि संदीप नशे का कारोबार करते हैं। इसके बाद संदीप ने परिवार के फोन से निरीक्षक से बात की। निरीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई आईजीआरएस पर मिली शिकायत के आधार पर की गई थी। संदीप मिश्रा के मुताबिक, जांच के बाद निरीक्षक ने उनसे कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला। शिकायतकर्ता का नाम पूछने पर निरीक्षक ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए नाम बताने से मना कर दिया। इसी मामले को लेकर सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने आबकारी अधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, शिकायत की सच्चाई जानने और फर्जी पाए जाने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक करने की भी मांग रखी। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा जल, जंगल, जमीन और विंध्य एक्सप्रेस-वे से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहा है। उनका आरोप है कि आंदोलन के कारण उन्हें परेशान करने के लिए ऐसी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मोर्चा अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा। प्रतिनिधिमंडल में आकाश चौहान, शत्रुघ्न बिंद, संजय बियार, दिनेश चेरो, सुरेश खरवार, अरविंद पटेल और रोहित मौर्य सहित अन्य लोग शामिल थे।
बालाघाट में प्रधानमंत्री पूरक पोषण आहार योजना के तहत शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक और आंगनवाड़ी केंद्रों में मध्याह्न भोजन सांझा चूल्हा चलाने वाले स्वसहायता समूह ने 15 सितंबर से इसे बंद कर दिया है। सोमवार से समूह ने अपनी मांगों को लेकर बालाघाट में अनशन भी शुरू कर दिया है। समूह प्रतिनिधियों का आरोप है कि शासन की खराब व्यवस्था के कारण सांझा चूल्हा चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही रसोईयों को पैसा नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। प्रांतीय स्वसहायता समूह रसोईयां महासंघ की जिलाध्यक्ष कविता लाडे ने बताया कि 15 सितंबर को सांझा चूल्हा बंद कर रसोईयां आंदोलन पर हैं। अब मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 30 जून तक काम कराने के बावजूद इस समय का भुगतान नहीं दिया गया है। 50% राशन ही मिल रहा दूसरी ओर, बच्चों की संख्या के हिसाब से सिर्फ 40 से 50 प्रतिशत ही राशन दिया जाता है। आंगनबाड़ी बहनों को सांझा चूल्हा जलाने के लिए 500 रुपए और रसोईयों को 4000 रुपए भी समय पर नहीं मिलते हैं। यही वजह है कि अब तक कोई जेवर गिरवी रखकर तो कोई कर्ज लेकर मध्याह्न भोजन सांझा चूल्हा चला रहे थे, लेकिन अब इसे भी बंद कर दिया गया है। कविता लाडे ने बताया कि वे अपने अधिकार की लड़ाई के लिए आंदोलन पर बैठे हैं। इसके बावजूद स्कूलों से उन पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है। स्कूल उन्हें कार्रवाई की चिट्ठी दे रहे हैं, जिससे रसोईयां परेशान हो रही हैं। समूह की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं: * मध्याह्न भोजन की राशि हर महीने की 10 तारीख तक समूहों को दी जाए। * रसोईयों को लाडली बहनों की तरह एक तय तारीख पर वेतन दिया जाए। * सांझा चूल्हा और मध्याह्न भोजन रसोईयों को कलेक्टर दर पर वेतन मिले। * प्राथमिक शाला में प्रति छात्र 10 रुपए और माध्यमिक शाला में 15 रुपए की राशि दी जाए। * 2024 से 2026 तक रसोईयों को 15 से 30 जून तक की अवधि का वेतन दिया जाए।
रायपुर जिले के चार इलाकों में टाटा पावर को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के प्रस्ताव का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसके खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने की बात कही है। उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर जैसे इलाकों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण की अनुमति मिलने से सरकारी वितरण कंपनी सीएसपीडीसीएल पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। टाटा पावर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका क्रमांक 89/2026 के जरिए इन क्षेत्रों में 25 साल के लिए वितरण लाइसेंस मांगा है। आयोग ने इस प्रस्ताव पर आम लोगों, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इस मामले में 1 अक्टूबर को सार्वजनिक सुनवाई भी प्रस्तावित है। विकास उपाध्याय की आपत्ति क्या है? उपाध्याय का कहना है कि टाटा पावर ने आवेदन में शुरुआती पांच साल में करीब 435 करोड़ रुपए निवेश कर नेटवर्क तैयार करने की बात कही है। उनका दावा है कि इतने निवेश से प्रस्तावित क्षेत्र में नए 33 और 11 केवी सब-स्टेशन और लाइनें खड़ी करना संभव नहीं होगा। उनका आरोप है कि बाद में निजी कंपनी को सीएसपीडीसीएल के मौजूदा ग्रिड का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि यह कंपनी की ओर से दाखिल आवेदन और नियामक प्रक्रिया का हिस्सा है; उपाध्याय की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अंतिम फैसला नियामक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। ‘मलाईदार इलाका निजी कंपनी के पास चला जाएगा’ विकास उपाध्याय की सबसे बड़ी आपत्ति प्रस्तावित क्षेत्र को लेकर है। उनका कहना है कि रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा है, इसलिए ये सीएसपीडीसीएल के लिए ज्यादा राजस्व वाले इलाके हैं। उनका तर्क है कि अगर निजी कंपनी को इन्हीं इलाकों में वितरण का लाइसेंस मिलता है तो सरकारी कंपनी के पास कम राजस्व वाले ग्रामीण, कृषि और बीपीएल उपभोक्ता ज्यादा रह सकते हैं। इससे किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्रॉस-सब्सिडी की व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका उन्होंने जताई है। निजी कंपनी आने से बिजली महंगी होने का दावा उपाध्याय ने निजी वितरण कंपनियों के मॉडल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भविष्य में व्हीलिंग चार्ज और दूसरे शुल्क के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में निजी बिजली वितरण के अनुभवों का भी हवाला दिया है। यह फिलहाल उपाध्याय का राजनीतिक और नीतिगत तर्क है। टाटा पावर को लाइसेंस मिलने के बाद बिजली दर कितनी होंगी, यह अभी तय नहीं है। दरों और संबंधित शुल्क पर नियामक प्रक्रिया लागू होगी। स्मार्ट मीटर और ‘पीएम सूर्य घर’ योजना भी मुद्दा उपाध्याय ने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि स्मार्ट मीटर के बाद बिजली बिलों में 15 से 20% तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर’ योजना को लेकर भी सरकार की आलोचना की और इसे उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं बताया। उद्योगों पर असर की आशंका रायपुर, धरसींवा और अभनपुर को औद्योगिक क्षेत्र बताते हुए उपाध्याय ने कहा कि यहां पहले से ही बिजली की लागत और दूसरी समस्याओं के कारण छोटे-बड़े उद्योग दबाव में हैं। उनके मुताबिक निजी वितरण कंपनी के आने के बाद यदि औद्योगिक बिजली की लागत बढ़ती है तो इसका असर स्थानीय उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। सरकार से लाइसेंस आवेदन खारिज करने की मांग विकास उपाध्याय ने सीएसईआरसी में दाखिल टाटा पावर की याचिका को निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक आंदोलन करेगी। अब मामला नियामक प्रक्रिया में है। टाटा पावर के प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव लिए जा रहे हैं और 1 अक्टूबर की सार्वजनिक सुनवाई में संबंधित पक्ष अपना पक्ष रख सकेंगे।
बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपी दो शिक्षकों, वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के आरोप सही पाए जाने के बाद शिक्षा मंत्री के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई।
सोनभद्र में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनसुनवाई के दौरान जरूरतमंद दिव्यांगों के लिए एक खास पहल की। उन्होंने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से दो दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दी। इससे उन्हें आने-जाने में आसानी होगी और वे अपने रोजमर्रा के कामों के लिए आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इसके साथ ही, एक छात्रा को भी साइकिल दी गई, जिससे उसकी पढ़ाई की राह आसान हुई। जनसुनवाई में रॉबर्ट्सगंज के ग्राम तिरनाही, बिच्छी निवासी दीपक (पुत्र राजू) और ग्राम मारकुंडी निवासी शशि (पुत्र नान्हू) अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दोनों पैरों से दिव्यांग इन लाभार्थियों को जिलाधिकारी ने मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी। मदद मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखी। लाभार्थियों ने जिला प्रशासन का आभार जताया। इस मौके पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि दिव्यांगों को सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता देना जिला प्रशासन के खास कामों में से एक है। सीएसआर फंड से मिली मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिव्यांगों को आने-जाने में मदद करेगी। इससे उन्हें अपने जरूरी कामों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई का मकसद सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं को हल करके उन्हें जरूरी मदद देना भी है। पात्र दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का फायदा पहुंचाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। इसी कड़ी में जिलाधिकारी ने ग्राम कैथी निवासी अनन्या पांडेय पुत्री महेश देव पांडेय को साइकिल दी। अनन्या चतरा के रघुकुल अकादमी की छात्रा हैं। साइकिल मिलने पर छात्रा के चेहरे पर खुशी दिखी। जिलाधिकारी ने उसे अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं दीं और रोज स्कूल जाने के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले दिव्यांगों और अन्य पात्र जरूरतमंदों को उनकी जरूरत के हिसाब से सरकारी योजनाओं का लाभ सबसे पहले दिया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मदद सही लोगों तक पहुंचे।
कानपुर में एक जमीन विवाद अब गंभीर आरोपों में बदल गया है। पीड़िता का आरोप है कि, उनका देवर उनके भाई पर सेना की गोपनीय सूचनाएं आतंकियों को देने और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े का फ़र्जी आरोप लगाकर विभागों में शिकायत करके प्रताड़ित कर रहा है। महिला की शिकायत पर चकेरी थाने में देवर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कर्मचारी नगर की रहने वाली सविता शुक्ला ने बताया कि उनके पिता सेना से सूबेदार पद से रिटायर हैं। उनके भाई ब्रह्म नारायण दीक्षित पठानकोट में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। सविता का आरोप है कि उनके देवर सदा संतोष शुक्ला उर्फ शेरा शुक्ला से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के कारण देवर ने उनके भाई और पिता के खिलाफ कई विभागों में शिकायतें भेजी हैं। इनमें सीबीआई, पीएमओ, आईबी, केडीए, नगर निगम, फायर मुख्यालय, प्रदूषण, जल और बिजली विभाग शामिल हैं। सविता ने आरोप लगाया कि इन शिकायतों की वजह से अलग-अलग विभागों से जांच आती रहती है। इससे उनके भाई के सरकारी काम में रुकावट आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सेना द्वारा दिए गए गोपनीय आर्मी नंबर और यूनिट की जानकारी भी शिकायतों के जरिए सार्वजनिक की जा रही है। पिता को मिल रही जान से मारने की धमकी दर्ज FIR में सविता ने देवर पर अपने पिता को अज्ञात लोगों से जान से मारने की धमकी दिलवाने का भी आरोप लगाया है। साथ ही, भाई को नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी भी मिल रही। सविता ने बताया कि उनके घर के सामने सीसीटीवी कैमरा लगाकर निगरानी भी कराई गई है। इसकी शिकायत वह पहले भी पुलिस से कर चुकी हैं। सविता ने शनिवार को पुलिस कमिश्नर से अपने माता-पिता, भाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने को भी कहा था। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर चकेरी थाने में सदा संतोष शुक्ला उर्फ शेरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ जिले में मेहनाजपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने के मामले में वांछित सहज जन सेवा केंद्र संचालक को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी ग्रामीणों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने पास रखकर उनके खातों से धनराशि निकालता या ट्रांसफर करता था। आरोपी के कब्जे से ₹15,630 नकद, 18 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, चार आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो माइक्रो एटीएम मशीन, बायोमैट्रिक मशीन और यूएसबी जीपीएस रिसीवर बरामद किया है। इसके अलावा ग्राम प्रधान की मुहर, मुहर लगे तीन हस्ताक्षरित सादे कागज और कूटरचित प्रमाण पत्र भी बरामद हुआ है। साइबर सेल आजमगढ़ को मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के जमुनीपुर निवासी अनिल कुमार पुत्र सरभू राम के खिलाफ ग्रामीणों के साथ साइबर फ्रॉड और बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने की शिकायत मिली थी। मामले में मेहनाजपुर थाने पर मुकदमा संख्या 83/2026 दर्ज किया गया था।शिकायत की जांच के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन प्राप्त की। इसके बाद साइबर सेल और मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे उसके घर जमुनीपुर की ओर मोटरसाइकिल से जाते समय हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। बैंक खातों और लेनदेन की जांच जारीमामले का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि सहज जन सेवा केंद्र चलाने के दौरान वह ग्रामीणों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लेता था। इसके बाद कथित तौर पर उनके बैंक खातों से धोखाधड़ीपूर्वक धनराशि ट्रांसफर या निकालता था। आरोपी द्वारा ग्राम प्रधान की मुहर का दुरुपयोग कर कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार किए जाने और लोगों से धोखाधड़ी कर धनराशि हड़पने की बात भी सामने आई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही संबंधित बैंक खातों और लेनदेन की भी विस्तृत जांच की जा रही है। लाल-काली रंग की HF Deluxe मोटरसाइकिल के कागजात प्रस्तुत न कर पाने पर पुलिस ने उसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया। मामले में धारा 316(2), 336(3), 341(1), 317(2) बीएनएस तथा धारा 66(C) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम समेत साइबर सेल और थाना मेहनाजपुर के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
बुलंदशहर में सोमवार दोपहर 2 बजे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के हजारों किसान कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे। वे अपनी कई समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ शहर में दाखिल हुए किसानों के इस बड़े प्रदर्शन से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ठप हो गई। किसान नेता मंटू चौधरी ने जिला प्रशासन और चीनी मिलों के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। चीनी मिलें किसानों को गन्ने का बकाया पैसा नहीं दे रही हैं, जिससे किसान आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। साथ ही, बुआई के इस अहम समय में किसानों को खाद भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का कोई ठोस हल नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे किसानों ने शहर के सबसे खास कालाआम चौराहे को चारों तरफ से घेर लिया। इससे चौराहे से निकलने वाले सभी मुख्य रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। इस प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर शहर के ट्रैफिक पर पड़ा। कालाआम चौराहे से लेकर डीएवी कॉलेज रोड, दिल्ली रोड, जिला अस्पताल रोड और स्याना अड्डा रोड जैसे शहर के लगभग सभी बड़े रास्तों पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। पूरे शहर में भारी जाम लगने से आम लोगों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस में जा रहे मरीजों को काफी परेशानी हुई। खबर लिखे जाने तक किसान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जमा थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हालात संभालने और किसानों से बात करने की कोशिश कर रहे थे।
गोरखपुर के सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुंड की छात्राएं वृद्धि लोहिया, सिद्धि पांडे और स्नेहा शिवांगी का चयन राष्ट्रीय अखिल भारतीय शतरंज प्रतियोगिता के लिए हुआ है। प्रतियोगिता 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक कुरुक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित होगी। इससे पूर्व लखीमपुर खीरी में आयोजित राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में विद्यालय की तीनों छात्राओं ने प्रतिभाग किया और प्रथम स्थान हासिल किया। छात्राओं के राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर विद्यालय की प्रबंध समिति, प्रधानाचार्या रश्मि श्रीवास्तव, खेल आचार्या भारती यादव और कोच अरविंद पांडे ने बधाई दी। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मिर्जापुर में सोमवार को बसंत विद्यालय इंटर कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। आरोप है कि सदस्यता अभियान के लिए स्कूल पहुंचे कार्यकर्ताओं को गेट बंद कर बाहर जाने से रोका गया। सूचना मिलने पर कटरा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने में लग गई। बताया गया कि ABVP कार्यकर्ता स्कूल के प्रधानाचार्य दिनेश प्रताप सिंह से मौखिक अनुमति मिलने के बाद सदस्यता अभियान के लिए पहुंचे थे। कार्यकर्ता कक्षाओं में जाकर छात्रों से अभियान के बारे में बात कर रहे थे। इसी दौरान कुछ शिक्षकों के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं से बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर स्कूल का गेट बंद कर ABVP कार्यकर्ताओं को बाहर निकलने से रोक दिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर संगठन के अन्य कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। उन्होंने परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध किया। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं में रिवेश सिंह, उदय प्रताप मिश्रा, श्रेयश पांडे, दिव्यांश अवस्थी, चेतन साहू, अर्पित प्रजापति, सागर राय, संदीप प्रजापति, हिमालय गिरी और पर्वत गिरी शामिल थे। हंगामे की सूचना पर कटरा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार्यकर्ताओं और स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश की। दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। फिलहाल, स्कूल परिसर में पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है।
दो दिन पहले डी मार्ट के पास अंडे की दुकान में रुपए को लेकर हुए विवाद में एक युवक की नाले में गिर जाने से मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना की वीडियो अब सोमवार को सामने आया है, जिसमे कि देखा जा सकता है कि चिकन शाप संचालक सहित 5 लोग मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर रहे है। हालांकि गोराबाजार थाना पुलिस ने घटना के चंद घंटो बाद ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी सिकंदर सोनकर सहित दो आरोपी अभी भी फरार है। दरअसल गोराबाजार निवासी अर्जुन और रूपेद्रं तिलहरी स्थित दुकान में अंडे खाने गए हुए थे, जहां पर रुपए को लेकर सिकंदर से उनका विवाद हो गया। कुछ ही देर बाद सिकंदर के और साथी आ गए, जिन्होंने लाठी और डंडे से अर्जुन और रूपेंद्र पर हमला कर दिया। इसी दौरान हमलावरों से बचने के लिए जैसे ही अर्जुन भागा तो अंधेरा होने के कारण खंदारी नाले में जा गिरा, जिससे कि उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही गोराबाजार और कैंट थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने करीब दो से तीन घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को नाले से बाहर निकाला, पर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव मेडिकल कॉलेज भेजा, और फिर प्रत्यक्षदर्शीयों के बयान के बाद सिकंदर सहित 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने रात को ही 3 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। भागते समय नाले में गिरा, मौत मारपीट से बचने के लिए अर्जुन सड़क पार कर भागने लगा। अंधेरा होने के कारण उसे आगे का रास्ता दिखाई नहीं दिया और वह सीधे खंदारी नाले में जा गिरा। नाले में पानी अधिक होने से वह डूब गया। अर्जुन का साथी रूपेंद्र किसी तरह गोराबाजार थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सीएसपी उदयभान बागरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाले में अर्जुन की तलाश शुरू कराई। करीब दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद अर्जुन को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सीएसपी उदयभान बागरी का कहना है कि अर्जुन के साथ मारपीट करने वाले तीन युवकों को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि अर्जुन साथी रूपेंद्र के साथ अंडे खाने गया था। इसी दौरान विवाद हुआ और सिकंदर नाम के युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर डंडों से मारपीट की।
माणक चौक थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम इधर-उधर करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेश बबरवाल (24) निवासी खाटूक क्षेत्र, जयपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर आम लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करता था और SMS, OTP व फिशिंग लिंक के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने करीब 48 घंटे की तकनीकी निगरानी और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि राज्य में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए संदिग्ध बैंक खातों यानी Mule Accounts और हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत माणक चौक थाना पुलिस ने संदिग्ध खाते की जांच कर साइबर ठगी के नेटवर्क तक पहुंच बनाई। म्यूल अकाउंट में जमा हो रही थी ठगी की रकम पुलिस के अनुसार 18 सितंबर को माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि पंजाब नेशनल बैंक की जयपुर स्थित जवाहर बाजार शाखा के एक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। खाते के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर राजस्थान, बिहार और गुजरात से जुड़ी चार साइबर शिकायतें मिलीं। इन शिकायतों में ठगी की रकम पहले इस खाते में जमा कराई गई और बाद में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और KYC दस्तावेज हासिल कर लेन-देन की कड़ियों का विश्लेषण किया। फर्जी सिम और मोबाइल नंबर से बचने की कोशिश माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए KYC दस्तावेजों में दूसरे स्थान और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था। पुराने रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर को भी निष्क्रिय कर दिया गया था। पुलिस टीम ने आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, नेटवर्क गतिविधियों और IP/टावर लोकेशन का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी के वर्तमान मोबाइल नंबर और रियल टाइम लोकेशन की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने करीब दो दिन तक तकनीकी सर्विलांस करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में साइबर ठगी का तरीका सामने आया पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। आरोपी लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए फर्जी SMS, OTP और फिशिंग लिंक का इस्तेमाल करता था। इसके जरिए पीड़ितों के बैंक खातों से रकम म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद ठगी की रकम को तुरंत निकालकर अन्य माध्यमों से इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी पुलिस से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार सिम कार्ड बदलता रहता था। गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ दूसरे मामलों के खुलासे की संभावना है।
जालौन में एट क्षेत्र के पचोखरा धाम में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के 71वें प्राकट्योत्सव कार्यक्रम में अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास पहुंचे। उन्होंने स्वामी राजेश्वरानंद रामायणी महाराज को प्राकट्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने संत समाज की भूमिका, सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति, मंदिरों से जुड़े विवाद और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। काशी-मथुरा के मामलों में कानूनी प्रक्रिया से आगे बढ़ने की बात महंत राजूदास ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण न्यायिक प्रक्रिया के बाद हुआ। इसी तरह काशी और मथुरा से जुड़े मंदिर निर्माण के मुद्दों पर भी लोगों को संवाद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों को लेकर भी कई दावे किए। उनका कहना था कि मौजूदा समय में सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े पुराने घटनाक्रम, हनुमान चालीसा और 84 कोसी परिक्रमा का भी जिक्र किया। राम मंदिर चढ़ावा मामले में निष्पक्ष जांच की बात राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर महंत राजूदास ने कहा कि इसे सीधे राम मंदिर में चोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चढ़ावे की गिनती और बैंक संबंधी प्रक्रिया मंदिर परिसर से अलग कार्यालय में होती थी और इसी प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई। इस मामले में जून 2026 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। बाद में पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच जारी है। महंत राजूदास ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं में संत समाज की भूमिका बढ़ाने और दान की व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही पर जोर दिया। अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना महंत राजूदास ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने गायत्री प्रसाद प्रजापति का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता, लेकिन जांच और कानूनी प्रक्रिया सभी मामलों में समान होनी चाहिए। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि उनके अनुसार संबंधित लोगों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा देकर जांच में सहयोग किया। अपराध के आधार पर कार्रवाई की बात अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी से जुड़े पोस्टर के सवाल पर महंत राजूदास ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके अपराध से होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक और धार्मिक विचार भी रखे और कुछ लोगों पर हिंदू समाज व सनातन संस्कृति के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। आरक्षण में आर्थिक स्थिति को महत्व देने की पैरवी आरक्षण के सवाल पर महंत राजूदास ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि आरक्षण की व्यवस्था में आर्थिक स्थिति को भी महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि गरीब किसी भी जाति का हो सकता है, इसलिए जरूरतमंद व्यक्ति को अवसर मिलना चाहिए। संतों से सामाजिक मुद्दों पर संवाद की अपील महंत राजूदास ने संत समाज से राजनीतिक दलों के दबाव से अलग रहकर सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतों को सनातन संस्कृति के साथ शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे विषयों पर भी समाज के बीच संवाद करना चाहिए। बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु पहुंचे पचोखरा धाम में स्वामी राजेश्वरानंद रामायणी के 71वें प्राकट्योत्सव के तहत सात दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। इस दौरान स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के पुत्र-शिष्य गुरु प्रसाद और उनकी पुत्री भी मौजूद रहीं।
विश्व शांति दिवस पर सोमवार को बरेली की सड़कों पर शांति और मानवता का संदेश गूंजा। राजविद्या केंद्र बरेली ने एक शांति पदयात्रा निकाली, जिसमें सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने हिस्सा लिया। लोगों ने हाथों में शांति के संदेश वाले बैनर लेकर अनुशासन से पदयात्रा की। उन्होंने समाज में आपसी सद्भाव का संदेश दिया। यह पदयात्रा मढ़ीनाथ शिव मंदिर से शुरू हुई। इसके बाद यह 84 घंटा मंदिर होते हुए ग्लोरियस बैंक्वेट हॉल पर खत्म हुई। यात्रा के दौरान 'शांति अपने अंदर है' और 'अपने आप को जानो' जैसे संदेश लिखे बैनर लोगों का ध्यान खींच रहे थे। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय शांति वक्ता प्रेम रावत के शांति और मानवता से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए गए। आयोजकों ने बताया कि संदेश का मुख्य भाव यह था कि शांति बाहर खोजने के बजाय व्यक्ति को अपने अंदर झांककर उसे महसूस करना चाहिए। अंदरूनी शांति का अनुभव व्यक्ति के व्यवहार और समाज के प्रति उसके नजरिए को भी बदल सकता है। पदयात्रा में शामिल लोगों ने शांति, मानवता और आपसी सद्भाव के लिए जागरूकता का संदेश दिया। इस आयोजन से लोगों को खुद शांति महसूस करने और समाज में अच्छा माहौल बनाने के लिए प्रेरित किया गया। पदयात्रा का नेतृत्व रामसरन गुप्ता, रमेश श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, राकेश वर्मा, अतुल यादव, जितेंद्र सिंह, सौरभ गुप्ता, विश्वजीत सिंह, बिपिन कुमार, प्रीति गुप्ता और किरन गुप्ता ने किया। राजविद्या केंद्र बरेली की पूरी टीम ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अयोध्या में संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी अभिषेक दत्त सोमवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कमला नेहरू भवन में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की तैयारियों और आगामी चुनाव को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदेश और अयोध्या से जुड़े कई मुद्दे उठाए। भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट का मुद्दा उठाया अभिषेक दत्त ने अयोध्या में भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद लंबे समय तक अयोध्या में सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि आसपास के जिलों में सर्किल रेट बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों और स्थानीय लोगों की जमीन पुराने सर्किल रेट पर अधिग्रहित की गई है, उन्हें नए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए। राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल कांग्रेस नेता ने राम मंदिर ट्रस्ट और नए CEO की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि CEO पद पर किसी शंकराचार्य की नियुक्ति होनी चाहिए थी। मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति के दौरान आय और शैक्षिक योग्यता की जांच से जुड़े कथित बयान पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। जमीन, चंदा और निर्माण की जांच की मांग अभिषेक दत्त ने राम मंदिर से जुड़े जमीन, चंदा और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उनके आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। 2024 के नतीजे का दिया हवाला 2024 लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर भाजपा की हार का जिक्र करते हुए अभिषेक दत्त ने कहा, “2024 तो सिर्फ झांकी है, 2027 अभी बाकी है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। बैठक को कांग्रेस की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के दूसरे नंबर के बेटे अली अहमद की सोमवार को प्रयागराज जिला कोर्ट में पेशी हुई। अली को झांसी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से प्रयागराज लाया गया। करीब 12 बजे प्रिजन वैन जिला कोर्ट पहुंची। इसके बाद पुलिस ने अली को वैन से उतारा और 80 मीटर पैदल ही कोर्ट नंबर-16 तक ले गई। सुरक्षा के लिए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मियों ने ह्यूमन चेन बनाकर अली को कोर्ट तक पहुंचाया। अली की पेशी की जानकारी मिलने पर उसके समर्थकों और अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ कोर्ट गेट पर जुट गई। अली को कोर्ट ले जाते समय पुलिस ने भीड़ को उससे दूर रखा। इस दौरान कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी रही। पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर अली को कोर्ट नंबर-16 तक पहुंचाया। अली अहमद के खिलाफ करेली थाने में 11 अगस्त 2023 को मुकदमा दर्ज किया गया था। कसारी-मसारी निवासी अफजल ने मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर में अली अहमद के अलावा फैजान, अल्तमश, असद और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था। मामले में आईपीसी की धारा 447, 341, 307, 386, 523, 504 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान अली का बयान दर्ज किया गया। करीब ढाई घंटे की कार्रवाई के बाद दोपहर 2:30 बजे अली अहमद को कोर्ट से बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही उसके करीबी और समर्थक अली के पास पहुंचने की कोशिश करने लगे। भीड़ में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा मजबूत किया और अली को भीड़ से बचाते हुए कोर्ट गेट से बाहर निकाला। पुलिसकर्मी अली को कोर्ट गेट से एक पुलिस जीप में बैठाकर कुछ दूरी पर खड़ी प्रिजन वैन तक ले गए। जीप से उतरने के बाद अली तुरंत प्रिजन वैन में बैठ गया। इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में प्रिजन वैन झांसी जेल के लिए रवाना हो गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान कोर्ट परिसर में पुलिस की भारी मौजूदगी रही।
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी रेवाड़ी पहुंचे। उन्होंने यहां नशे के खिलाफ चल रही नमो क्रिकेट लीग के मैचों में हिस्सा लिया और युवाओं का हौसला बढ़ाया। भंडारी ने खुद भी क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। तरुण भंडारी ने कहा कि खेल के जरिए ही नशे को हराया जा सकता है। उन्होंने नमो क्रिकेट लीग को नशे के खिलाफ देश का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बताया। जगहों पर खेले जा रहे मैच यह लीग हरियाणा समेत पांच राज्यों में आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। रेवाड़ी में भी एक निजी कंपनी के ग्राउंड समेत 3 जगहों पर लीग के मैच खेले जा रहे हैं। जिले की करीब 50 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं। पंचकूला में होगा फाइनल मैच रेवाड़ी में लीग मैचों के संयोजक भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कापड़ीवास हैं। सीएम नायब सैनी ने पंचकूला में इस ट्रॉफी को लॉन्च किया था। लीग का उद्घाटन 17 सितंबर को हुआ था, जिसमें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद थे। लीग का फाइनल मैच पंचकूला में होगा। बताया जा रहा है कि फाइनल के दौरान सीएम नायब सैनी, पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
हापुड़ के आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा से राष्ट्र सेवा' के तहत 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई। यह कार्यक्रम प्रशासन के निर्देशों पर आयोजित किया गया था। अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश के नेतृत्व में यह प्रतियोगिता हुई। इसमें महाविद्यालय की कुल 12 छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने अपने भाषणों में भारत के भविष्य, राष्ट्र निर्माण और अपने सपनों के भारत की कल्पना से जुड़े विचार साझा किए। छात्राओं ने अपने-अपने नजरिए से बताया कि वे देश को किस रूप में आगे बढ़ते हुए देखना चाहती हैं। उन्होंने एक विकसित और प्रगतिशील भारत की अपनी परिकल्पना प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में प्रोफेसर करुणा गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। परिणाम में कुमारी सालिहा पहले, कुमारी मोनिका दूसरे और कुमारी कायनात तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं कुमारी नेहा को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर साधना तोमर ने छात्राओं के विचारों और प्रस्तुति की तारीफ की। उन्होंने भाषण के दौरान हुई कुछ गलतियों की ओर भी छात्राओं का ध्यान दिलाया और उन्हें भविष्य में अपनी अभिव्यक्ति को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के आखिर में प्राचार्या ने विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं और छात्राएं मौजूद थीं। कार्यक्रम का संचालन कर रहीं डॉ. सर्वेश ने सभी अतिथियों, निर्णायक, प्राध्यापिकाओं और छात्राओं का आभार जताया।
अलवर में नाबालिग युवती लापता:दोस्त के साथ जाने की बात कहकर घर से निकली थी; 7 दिन बाद भी सुराग नहीं
अलवर में 17 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती 13 सितंबर की सुबह अपने दोस्त के साथ जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिजन तलाश करते रहे। लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद 20 सितंबर को परिजनों ने अरावली विहार थाने पहुंचकर पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में परिजनों ने बताया कि किशोरी की तलाश अपने स्तर पर काफी की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने किशोरी की तलाश शुरू कर दी है। युवती के संपर्क में रहने वाले लोगों तथा संभावित स्थानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नाबालिग के लापता हुए आज 7 दिन हो गए, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। इसके बाद परिजनों में गम का माहौल बना हुआ हैं।
संतकबीरनगर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को छह मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रेमनाथ चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने शाम 3 बजे जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें गन्ने का मूल्य बढ़ाने, बकाया भुगतान पर ब्याज दिलाने, बिजली कटौती बंद कराने और फसल बीमा की क्षतिपूर्ति समेत अन्य मांगें शामिल थीं। किसान नेताओं ने मांग की कि उत्पादन लागत को देखते हुए गन्ने का मूल्य 600 रुपए प्रति क्विंटल तय किया जाए। इसके साथ ही 16 जुलाई 2026 के उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए वर्ष 1995 से 2025 तक गन्ने के बकाया भुगतान पर मिलने वाला ब्याज किसानों को जल्द दिलाने की मांग की। रात में बिजली कटौती बंद कराने की मांग ज्ञापन में किसानों ने रात के समय बिना सूचना होने वाली बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि बिजली कटौती के कारण सिंचाई में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने फसल बीमा के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने और पात्र किसानों को फसल बीमा की रकम दिलाने की भी मांग की। किसानों ने धान खरीद के लिए 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मानक का सत्यापन कराने और धान खरीद केंद्रों की व्यवस्था जल्द शुरू कराने की मांग रखी। इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन ने जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों को नए सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी जमीन का उचित मूल्य निर्धारित कर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के नंदना इलाके के आगापुर गांव में सोमवार दोपहर बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन ठीक कर रहे संविदा लाइनमैन की अचानक करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घाटमपुर थाना क्षेत्र के हथेही गांव निवासी शिवराज (40) पुत्र बुद्धू बिजली विभाग में संविदा में लाइनमैन के पद पर 5 वर्षों से कार्यरत थे। बताया गया कि सोमवार को आगापुर गांव में बिजली लाइन में खराबी आने की सूचना पर वह उसे ठीक करने पहुंचे थे। लाइन की मरम्मत के लिए उन्होंने टीम के साथ शटडाउन लिया और इसके बाद खंभे पर चढ़कर काम शुरू किया। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक शिवराज जब खंभे पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहे थे, उसी दौरान अचानक लाइन में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि शिवढ़री पावर स्टेशन से सप्लाई चालू होने के बाद लाइन में करंट दौड़ गया। इसकी चपेट में आने से शिवराज को जोरदार झटका लगा और वह खंभे से नीचे आ गिरे। करंट का झटका इतना तेज था कि शिवराज गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। शिवराज का शव देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़ घटना की सूचना मिलने पर नंदना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही शव को कब्जे में लिया। पुलिस की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली लाइन पर काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता बरतना जरूरी है, घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लद्दाख में गांव के मुखियाओं का मासिक मानदेय ₹1,500 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया है, जो 233% से अधिक की बढ़ोतरी है। यह फैसला 247 मुखियाओं को लाभान्वित करेगा और जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा अलीगढ़ महानगर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान के तहत मोदी की गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक की राजनीतिक यात्रा, सेवा और सुशासन से जुड़े प्रसंगों को नाटक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। पार्टी ने महानगर में 13 कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदारियां तय की हैं। अभियान के अलग-अलग कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेंगे।इस संबंध में सोमवार दोपहर भाजपा महानगर उपाध्यक्ष विजय विक्रम सिंह चीकू, महामंत्री सुरेश शर्मा व मीडिया प्रभारी निधिश कांत भट्ट ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी। सुरेश शर्मा व विजय विक्रम सिंह ने बताया कि ‘नमो सेवा- अनकही कहानियां’ के तहत कोल विधानसभा क्षेत्र के कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर और शहर विधानसभा क्षेत्र के श्री वार्ष्णेय ऑडिटोरियम में विशेष नाट्य प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। नाटक में संवाद, अभिनय और संगीत के माध्यम से मोदी के सार्वजनिक जीवन के प्रसंगों को मंच पर दिखाया जाएगा। पार्टी के अनुसार इसका उद्देश्य सेवा, समर्पण, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।बूथ से शक्तिकेंद्र तक कार्यक्रमअभियान की शुरुआत 17 सितंबर से हुई है। इसके तहत ‘आशीर्वाद दीया’ कार्यक्रम में बूथ स्तर पर घर-घर संपर्क किया गया। ‘सपनों का भारत’ 17 से 27 सितंबर तक और ‘नमो सेवा गाथा/अनकही कहानियां’ 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगी। वहीं ‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक शक्तिकेंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर ‘आंगन उत्सव’ होगा। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु अभियान’ भी इसी अवधि में चलेंगे। 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘रंगोली राष्ट्र’ कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। केंद्र द्वारा निर्धारित तिथि पर ‘बडनगर से वाराणसी’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ कार्यक्रम होंगे। 17 अक्टूबर को ‘जन सेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ कार्यक्रम प्रस्तावित है।नेताओं को मिली अलग-अलग जिम्मेदारीकार्यक्रमवार जिम्मेदारियों में सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक मुक्ता राजा, महापौर प्रशांत सिंघल, एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह समेत पार्टी के कई पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। दस्तावेज के अनुसार महानगर महामंत्री सुरेश शर्मा को अभियान संयोजक बनाया गया है। उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह और हिम्मत सिंह लोधी तथा मंत्री मनोज भारद्वाज को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की योजना के मुताबिक अभियान के जरिए स्कूल, कॉलेज, पंचायत, सामुदायिक केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित कर जनसंवाद किया जाएगा।
मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को घरेलू विवाद के बाद एक पति ने अपनी पत्नी की कथित तौर पर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी पति खुद थाने पहुंच गया। इधर, बेटी से मिलने पहुंचे मायके वालों को घर के अंदर खून से लथपथ शव पड़ा मिला। पास में ही मासूम बच्चे रोते-बिलखते मिले। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। जयभीमनगर निवासी परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी कविता की शादी वर्ष 2022 में खालसा मोहल्ला निवासी मनीष के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही कविता के साथ ससुराल में दुर्व्यवहार किया जाता था। पिछले कई दिनों से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। रविवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। सोमवार दोपहर खुला वारदात का राजसोमवार दोपहर कविता के परिजन उससे मिलने उसके घर पहुंचे। दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे तो वहां कविता का शव खून से लथपथ पड़ा था। यह देखकर परिजनों की चीख निकल गई। घर में मौजूद मासूम बच्चे मां के शव के पास रोते-बिलखते मिले। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। हत्या के बाद खुद थाने पहुंचा आरोपीबताया गया कि पत्नी कविता की हत्या करने के बाद मनीष भावनपुर थाने पहुंच गया और पत्नी की हत्या की बात कुबूल की। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। तत्काल एक टीम को आरोपी के घर भेजा गया। तब तक काफी संख्या में लोग एकत्र हो चुके थे। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे घरेलू विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि वारदात की वास्तविक वजह और हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोपकविता के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे परेशान किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि कई बार विवाद की जानकारी भी सामने आती रही। सोमवार को बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद मायके में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खबर जल्द अपडेट होगी…
चित्रकूट में रीवा संभाग के सात जिलों से चुने गए राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों का छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण उद्यमिता विद्यापीठ चित्रकूट में माय भारत रीवा की देखरेख में हो रहा है। दीनदयाल शोध संस्थान के डॉ. राम मनोहर लोहिया सभागार में आयोजित इस ट्रेनिंग में रीवा, सतना, सीधी, पन्ना, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज से आए 50 स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री शक्तिपीठ के डॉ. रामनारायण त्रिपाठी और उद्यमिता विद्यापीठ के संयोजक मनोज सैनी ने दीप जलाकर की। उद्घाटन सत्र में जिला युवा अधिकारी कुलदीप सिंह ने छह दिवसीय प्रशिक्षण के प्लान और मकसद के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग में स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास, लीडरशिप स्किल, सामाजिक भागीदारी और देश बनाने से जुड़े मुद्दों पर कई सेशन होंगे। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को ट्रेनिंग किट भी दी गई। मनोज सैनी ने चित्रकूट के इतिहास और सामाजिक महत्व पर बात की। उन्होंने बताया कि चित्रकूट साधना, सेवा और स्वयंसेवा की धरती रही है। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि वे ट्रेनिंग से मिली जानकारी और अनुभव को अपने इलाकों में ले जाएं और समाज में अच्छे बदलाव लाने के लिए काम करें। मुख्य अतिथि डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि युवाओं की सकारात्मक सोच देश बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं की ऊर्जा, टैलेंट और विचारों को सही दिशा देना जरूरी है। स्वयंसेवकों को समाज और देश के हित को सबसे पहले रखते हुए काम करना चाहिए। ट्रेनिंग के दौरान अलग-अलग विषयों पर सेशन के साथ योग, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रमदान और ग्रुप एक्टिविटी भी होंगी। इन गतिविधियों से टीम वर्क, अनुशासन, लीडरशिप स्किल, बातचीत का तरीका और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। स्वयंसेवकों को अपने इलाकों में युवाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने, सामाजिक कामों को अच्छे से चलाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए गाइड किया जाएगा। कार्यक्रम के आखिर में माय भारत सतना के एपीएस महेश द्विवेदी ने मेहमानों, अधिकारियों और स्वयंसेवकों का आभार माना।
बरेली में डिजिटल भुगतान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने UPI के चुनिंदा लेनदेन पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में चार दिन का जागरूकता अभियान शुरू किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने आलमगीरीगंज में व्यापारियों और ग्राहकों को पंपलेट बांटकर MDR के संभावित आर्थिक प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने सरकार से यह शुल्क वापस लेने की मांग की है। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि बाजार में पहले से ही कारोबार पर दबाव है। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़ी यह अतिरिक्त लागत व्यापारियों के लिए चिंता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन ने सांसद के जरिए वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर 0.4 प्रतिशत MDR व्यवस्था पर फिर से विचार करने की मांग की है। प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने लंबे समय में UPI को अपने कारोबार का हिस्सा बनाया है। छोटे शहरों से लेकर गांवों तक डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ा है। संगठन का मानना है कि MDR लागू होने से व्यापारी डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करने में असहज महसूस कर सकते हैं। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से व्यापारियों की मांग पर विचार करने की अपील की। संगठन के मुताबिक, चार दिन के इस अभियान में सर्राफा बाजार, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट, बांसमंडी हार्डवेयर मार्केट, सिविल लाइंस और सुभाषनगर जैसे कई बाजारों में व्यापारियों को MDR के नियमों की जानकारी दी जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने 15 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया था कि 0.4 प्रतिशत MDR सभी UPI भुगतान पर लागू नहीं है। यह सिर्फ 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M (व्यक्ति से व्यापारी) लेनदेन पर ही लगता है, और वह भी निर्धारित श्रेणियों में। 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और शून्य-MDR श्रेणी में आने वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन पर यह शुल्क नहीं लगता। सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन इस MDR से प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने यह भी साफ किया है कि MDR ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारी इस शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें।
बरेली में ग्रामीण जल जीवन मिशन के पंप ऑपरेटरों ने अपनी सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई है। ये ऑपरेटर गांवों में हर घर तक पानी पहुंचाने वाली पेयजल योजनाओं का संचालन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऑपरेटरों ने मांग की है कि उन्हें आउटसोर्सिंग व्यवस्था में शामिल किया जाए और उनका मासिक मानदेय 20 हजार रुपये तय किया जाए। अमित कुमार, यशपाल, सुरजीत सिंह और विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पंप ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा। यह ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में दिया गया। ऑपरेटरों ने बताया कि ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत लगी पानी की टंकियों और पेयजल योजनाओं को चलाने में उनकी बड़ी भूमिका है। वे पंप और मोटर चलाने, पानी सप्लाई करने, उपकरणों की निगरानी करने और ग्रामीणों को नियमित पानी उपलब्ध कराने जैसे काम करते हैं। ऑपरेटरों के अनुसार, वे अभी एनसीसी कंपनी के जरिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि उनके काम की जिम्मेदारी और तकनीकी प्रकृति को देखते हुए उन्हें मिलने वाला मानदेय और सुविधाएं काफी कम हैं। उन्होंने जोर दिया कि पेयजल सप्लाई जैसी जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक नियमित और सुरक्षित सेवा व्यवस्था होनी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि ऑपरेटरों को नियमों के अनुसार आउटसोर्सिंग व्यवस्था में शामिल किया जाए। साथ ही, उनका मासिक वेतन 20 हजार रुपये तय किया जाए और उन्हें पीएफ, ईएसआई व दुर्घटना बीमा की सुविधा दी जाए। इसके अलावा, उन्होंने साप्ताहिक छुट्टी, सरकारी छुट्टियां, सुरक्षा उपकरण, पहचान पत्र और सेवा से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
कांशीराम अस्पताल से 100 पेंशन फाइलें गायब:सेवानिवृत्त ACMO की फाइल भी शामिल, FIR दर्ज
कानपुर के रामादेवी कांशीराम अस्पताल के पेंशन कक्ष से करीब 100 फाइलें गायब होने से हड़कंप मच गया। खुली खिड़की के पास से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पत्रावलियां, सेवा पुस्तिकाएं और रिटायर्ड एसीएमओ की पेंशन फाइल भी गायब मिली। अस्पताल प्रशासन ने अज्ञात पर चोरी की आशंका जताते हुए चकेरी थाने में तहरीर दी है। वहीं, घटना की जानकारी सोमवार दोपहर 3 बजे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, करीब 100 पेंशन पत्रावलियां और सेवानिवृत्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामसुमेर की व्यक्तिगत पेंशन पत्रावली व सेवा पुस्तिका भी गायब मिली है। इसके अलावा कुछ अन्य पत्रावलियों के अंदर रखी सेवा पुस्तिकाएं भी नहीं मिलीं। पेंशन कक्ष की खिड़की खुली मिलने के बाद दस्तावेज चोरी की आशंका जताई गई है। अस्पताल के वरिष्ठ सहायक कार्यालय भूप नारायण पाल की दर्ज प्राथमिकी के अनुसार,बीती 16 सितंबर की दोपहर वह पेंशन पत्रावली लेने के लिए पेंशन कक्ष पहुंचे थे। कमरे में पहुंचने पर खिड़की के पास रखी टेबल से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कई पत्रावलियां गायब मिलीं। उनके रिकॉर्ड की जांच करने पर करीब 100 पत्रावलियां नहीं मिलीं। इनमें डॉ. रामसुमेर, सेवानिवृत्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की व्यक्तिगत पेंशन पत्रावली और सेवा पुस्तिका भी शामिल थी। कुछ अन्य पत्रावलियों के भीतर रखी सेवा पुस्तिकाएं भी गायब थीं। इसी दौरान कमरे के किनारे की खिड़की खुली मिली। अस्पताल प्रशासन ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने खिड़की के रास्ते पेंशन कक्ष में प्रवेश कर महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी किए होंगे। हालांकि, पत्रावलियां कब और किस तरह गायब हुईं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पेंशन संबंधी रिकॉर्ड में कर्मचारियों की सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होने के कारण घटना को गंभीर माना जा रहा है। वरिष्ठ सहायक ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि, पेंशन कक्ष में किसने प्रवेश किया और इतनी बड़ी संख्या में सरकारी रिकॉर्ड कब गायब हुए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मद्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करके विधिक कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने सोमवार तीन बजे सेवा संकल्प अभियान के तहत विकासखंड भाग्यनगर के पीएम श्री विद्यालय कंचौसी का दौरा किया। उन्होंने स्कूल में पढ़ाई, बच्चों की हाजिरी, सीखने का स्तर, स्मार्ट क्लास, खेलकूद और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के समय स्कूल में कुल 260 बच्चे रजिस्टर्ड थे, लेकिन 183 ही मौजूद मिले। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार को निर्देश दिए कि सभी बच्चों की रोज हाजिरी लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं आते या कम आते हैं, उनके माता-पिता से शिक्षक खुद संपर्क करें। उन्हें बच्चों को रोज स्कूल भेजने के लिए कहें। साथ ही, माता-पिता से लगातार बात करके बच्चों की हाजिरी और पढ़ाई में प्रगति की जानकारी लेते रहें। डीएम ने अलग-अलग क्लास में जाकर बच्चों से बात की। उन्होंने कोर्स से जुड़े सवाल पूछकर उनके सीखने के स्तर को परखा। बच्चों का सीखने का स्तर उनकी क्लास के हिसाब से ठीक पाया गया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों की क्षमता और सीखने की गति के अनुसार पढ़ाएं और कमजोर बच्चों को ज्यादा मदद दें। उन्होंने स्मार्ट क्लास भी देखी और डिजिटल संसाधनों व नई टीचिंग तकनीकों का अच्छे से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। स्कूल में मौजूद इनडोर खेल सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कुश्ती, बॉक्सिंग और दूसरे खेल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बालवाटिका क्लास के बाहर बारिश का पानी जमा देखकर डीएम ने तुरंत ध्यान दिया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को साफ-सफाई और पानी निकालने की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। इस दौरान परियोजना निदेशक डीआरडीए और जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार मौर्य, बीडीओ भाग्यनगर अतुल यादव और बीएसए संजीव कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
अयोध्या जिले के रुदौली तहसील परिसर में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के खिलाफ बार एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 16वें दिन खत्म हो गया। अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच करीब दो घंटे चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई। धरना खत्म होने के साथ ही तहसील के न्यायालयों में 16 दिनों से रुका न्यायिक काम फिर से शुरू होने की उम्मीद है। बार एसोसिएशन रुदौली के अधिवक्ता पांच सितंबर से तहसील परिसर में धरने पर बैठे थे। अधिवक्ताओं का आरोप था कि उनके एक साथी के साथ न्यायालय में गलत व्यवहार किया गया। इसी को लेकर अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ विरोध करते हुए न्यायिक काम से दूरी बना ली थी। लगातार विरोध के कारण तहसील में न्यायिक कामकाज पर असर पड़ा और वादकारियों को भी परेशानी हुई। सोमवार दोपहर बाद तहसील सभागार में प्रशासन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें बार अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली बातचीत में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। प्रशासन ने अधिवक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनने का भरोसा दिया। बातचीत के बाद एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ अच्छे माहौल में बातचीत हुई। बातचीत के दौरान विवाद से जुड़े मुद्दे और गलतफहमियां दूर हो गई हैं। अब कोई विवाद नहीं है। अधिवक्ताओं ने धरना खत्म कर न्यायिक कामों में सहयोग करने का भरोसा दिया है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी धरना खत्म होने की जानकारी दी। बताया गया कि विवाद की शुरुआत एक अधिवक्ता और न्यायालय कर्मचारियों के बीच बहस से हुई थी। अधिवक्ता अपने वादी की जमानत के सिलसिले में न्यायालय पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर बहस हुई। आरोप है कि बाद में एसडीएम ने संबंधित अधिवक्ता को बुलाकर गलत तरीके से बात की, जिससे अधिवक्ता नाराज हो गए और सबने मिलकर धरना शुरू कर दिया था।
गोरखपुर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के चुनाव में रोडवेज के प्रांतीय प्रतिनिधि अजय कुमार को चेयरमैन बनाए जाने के बाद सोमवार को क्षेत्रीय कार्यशाला में उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर पूरे कार्यशाला परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कर्मचारी एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए और इस उपलब्धि को संगठन के लिए गर्व का पल बताया। जैसे ही अजय कुमार कार्यशाला पहुंचे, शाखा अध्यक्ष राम नरेश सिंह और अन्य कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं और मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की गई। कई कर्मचारियों ने कहा कि यह सफलता पूरे संगठन की एकता और मेहनत का नतीजा है। कर्मचारियों में खुशी देखने को मिली कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला में हर तरफ खुशी का माहौल बना रहा। कर्मचारी आपस में मिठाई बांटते और अजय कुमार को बधाई देते नजर आए। सभी ने नए चेयरमैन के प्रति अपना भरोसा जताया और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। इस मौके पर अजय कुमार ने सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह पद उन्हें सभी साथियों के सहयोग और विश्वास से मिला है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का प्यार और सम्मान उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वे इसे पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करेंगे। हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा अजय कुमार ने कहा कि वह कर्मचारियों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की जो भी समस्याएं होंगी, उनका समाधान कराने के लिए वे लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के जरिए हर कर्मचारी की आवाज को आगे तक पहुंचाया जाएगा। इस स्वागत समारोह में संत शरण सिंह, राकेश कुमार श्रीवास्तव, ओम प्रकाश राय, शशिकांत, अजीत कुमार यादव, अमर कुमार गुप्ता, अमरजीत प्रसाद, विनोद कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) नेतृत्व से मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर जवाब मांगा है। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र भेजा गया था। इसमें मुख्यमंत्री पद के लिए मुस्लिम चेहरे और वक्फ संपत्तियों में अनियमितताओं के आरोपों पर सफाई मांगी गई थी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। मौलाना ने कहा कि यह पत्र अखिलेश यादव तक कई तरीकों से पहुंचाया गया था। इसके बावजूद दोनों मुद्दों पर सपा चुप है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सवाल प्रधानमंत्री के जवाब न देने पर पूछे जाते हैं, वही सवाल सपा नेतृत्व से क्यों नहीं पूछे जाते। उन्होंने 2027 के चुनाव को लेकर अपनी मांग फिर दोहराई। मौलाना ने कहा कि सपा को मुस्लिम बहुल विधानसभा इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने पर अपना रुख साफ करना चाहिए। उन्होंने 150 मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की मांग भी रखी। हालांकि, उन्होंने जिन 150 सीटों को मुस्लिम बहुल बताया, उसके समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है। 2011 की जनगणना में उत्तर प्रदेश की धार्मिक आबादी के आंकड़े उपलब्ध हैं, जबकि विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं के प्रतिशत के अलग-अलग अनुमान हैं। मौलाना ने आरोप लगाया कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम आबादी को कम राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है। उन्होंने कहा कि अब टिकट बांटते समय आबादी के अनुपात और मुस्लिम बहुल इलाकों को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने वक्फ संपत्तियों से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपों पर भी सपा नेतृत्व से सफाई मांगी। मौलाना ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर अखिलेश यादव का जवाब आने के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी।
कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के बजरंग बिहार में रविवार रात पत्नी से विवाद के बाद 38 वर्षीय युवक ने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। कुछ देर बाद बेटी पिता को बुलाने कमरे में पहुंची तो शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। बेटी की चीख सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची हनुमंत विहार पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 15 साल पहले हुई थी शादी, दो महीने बाद अलग रहने लगी पत्नी बजरंग बिहार निवासी राजेंद्र यादव घर में परचून की दुकान चलाते हैं। परिवार में पत्नी कलावती, बेटा रोहित यादव और तीन बेटियां रिंकी, पिंकी और शिल्पी हैं। रोहित की करीब 15 साल पहले ज्योति से शादी हुई थी। दोनों की एक बेटी चिंकी है। मृतक की मां कलावती ने बताया कि शादी के बाद से ही रोहित और ज्योति के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता था। विवाद बढ़ने पर शादी के करीब दो महीने बाद ज्योति हनुमंत विहार के कच्ची मड़ैया इलाके में अलग रहने लगी थी। हालांकि, अलग रहने के बाद भी दोनों के बीच विवाद जारी रहा। कलावती के मुताबिक, रविवार रात करीब 8 बजे रोहित और ज्योति के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद रोहित कमरे में चला गया। कुछ देर बाद चिंकी पिता को बुलाने कमरे में पहुंची तो उसका शव फंदे से लटका मिला। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है। युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर में 26 और 27 सितंबर को एक बेहद अनूठा और देश का अपनी तरह का पहला 'क्लाइमेट चक्रव्यूह फेस्टिवल 2026' होने जा रहा है। विद्या भवन में होने वाले इस दो दिवसीय नागरिक-नेतृत्व वाले महोत्सव का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन को केवल उबाऊ आंकड़ों और डरावनी तस्वीरों के बजाय सीधे जमीनी अनुभवों के जरिए महसूस कराना है। इस फेस्टिवल में देश भर के 150 से अधिक युवा, पर्यावरण अभ्यासकर्ता, सामाजिक उद्यमी और कलाकार जुट रहे हैं। फेस्टिवल में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। महाभारत के चक्रव्यूह से प्रेरित है यह सोच फेस्टिवल का नाम महाभारत के 'चक्रव्यूह' से प्रेरित है-एक ऐसी युद्ध रचना जिसमें प्रवेश तो आसान था, पर बाहर निकलने का रास्ता खोजना बेहद कठिन। आज की जलवायु चुनौती भी पारिस्थितिक, सामाजिक, आर्थिक और मानवीय शक्तियों का एक ऐसा ही उलझा हुआ जाल है, जिससे अकेले बाहर निकलना नामुमकिन है। फेस्टिवल के क्यूरेटर राजेश एन सिंह मेहर ने बताया कि कोई भी बदलाव अपने आप से शुरू होता है। लेकिन खुद को बदलने के लिए हमें समान विचारधारा वाले साथियों का एक इकोसिस्टम चाहिए। इस चक्रव्यूह को कोई एक व्यक्ति अकेले नहीं भेद सकता। जब हम सब इकट्ठे आएंगे, तभी इससे बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा। हमारी यही कोशिश है। ये होंगे मुख्य आकर्षण द जर्नी ऑफ अ ड्रॉप: इसके जरिए प्रतिभागी पानी की एक बूंद के सफर और जल-संचयन प्रणालियों को गहराई से समझ सकेंगे। द स्काई सेंचुरी: भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, खुले आसमान के नीचे बादलों को देखते हुए कुछ पल ठहरने और सुकून महसूस करने का अनूठा अनुभव। रिपेयर कैफे: 'कबाड़ से जुगाड़' की तर्ज पर यहाँ लोग अपनी पुरानी साइकिल, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स और फटे-पुराने कपड़ों को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत करना सीखेंगे। बियॉन्ड द बिन: इसके तहत प्रतिभागियों को शहर के कचरा प्रबंधन केंद्र का दौरा कराया जाएगा, ताकि वे कचरे के सही निपटारे को लाइव देख सकें। बर्ड वॉक से लेकर सांपों की खोज तक फेस्टिवल में किताबी ज्ञान के बजाय सीधे अनुभव पर जोर है। प्रतिभागियों के लिए सुबह की बर्ड वॉक, रात में पतंगों व सांपों की खोज, पत्तल-दोना बनाना और सीड ज्वेलरी जैसी गतिविधियां होंगी। इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के भी चलने वाले सेंसरी स्टेशन होंगे, जिनमें 'बैरफुट ट्रेल' (नंगे पैर चलना), 'साउंड्स ऑफ नेचर', 'खेजड़ी बैठक' और अरावली हाट में स्थानीय कारीगरों व पर्यावरण-सजग उद्यमियों का फ्ली मार्केट व फूड स्टॉल्स शामिल हैं। शाम को सजेगी सुरों की महफिल दिनभर के अनुभवों के बाद शाम को 'म्यूजिक, इकोलॉजी एंड हारमनी' का आयोजन होगा। इसमें शास्त्रीय गिटार वादक राघवेंद्र कुमार, लोक कलाकार रितेश गोहिया, कवि व 'नूरी' वाद्ययंत्र के रचयिता कविश सेठ और 'पहाड़ों में' गाने के लिए मशहूर इंडी गायक सलमान इलाही अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। मिलेगा 'क्लाइमेट पासपोर्ट', गेम की तरह पूरा करना होगा टास्क फेस्टिवल को रोमांचक बनाने के लिए इसे एक 'गेमीफाइड क्वेस्ट' का रूप दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर प्रतिभागी को एक 'क्लाइमेट पासपोर्ट' मिलेगा। उन्हें तीन रास्तों-सीइंग (आकाश), डूइंग (पृथ्वी) और बीइंग (प्राण) में से किसी एक पर आगे बढ़ना होगा। हर अनुभव पूरा करने पर पासपोर्ट पर गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज स्टैम्प लगेगा। स्कोर ऐप के लीडरबोर्ड पर लाइव दिखेगा और टॉप 30 प्रतिभागियों को 27 सितंबर को ग्रैंड क्लोजर में सम्मानित किया जाएगा।
अयोध्या जिले के ग्रामीण इलाकों में युवाओं और आम लोगों को व्यायाम और खेलकूद की सुविधा मिलेगी। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों को बनाने में करीब 5 करोड़ 45 लाख 49 हजार रुपये खर्च होंगे। जिले के सभी 11 विकासखंडों की चुनी हुई ग्राम पंचायतों में ये सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए जमीन तय करने का काम भी चल रहा है। मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने सोमवार,21 सितंबर दोपहर बाद बताया कि मिल्कीपुर, अमानीगंज, रुदौली, सोहावल, मवई और बीकापुर सहित सभी 11 विकासखंडों में ओपन जिम सेंटर खोले जाएंगे। हर विकासखंड में पांच से छह ग्राम पंचायतों को चुना गया है। कुल 57 ग्राम पंचायतों में ये सेंटर बनेंगे। मिल्कीपुर विकासखंड में बलारमऊ मेहदौना, मिल्कीपुर सोधियावा और अहिरौली सलोनी जैसी चुनी हुई ग्राम पंचायतों में जमीन तय कर ली गई है। बाकी विकासखंडों में भी जगह चुनने का काम जारी है। सीडीओ के मुताबिक, एक ओपन जिम सेंटर बनाने में करीब 9.45 लाख रुपये लगेंगे। इसमें से 5.45 लाख रुपये बीबीजी रामजी योजना से और करीब 4.11 लाख रुपये ग्राम पंचायत निधि से दिए जाएंगे। इस पैसे से सेंटर के लिए जरूरी ढांचा और खेल सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इन ओपन जिम सेंटरों में कई तरह के व्यायाम उपकरण लगाए जाएंगे। साथ ही एक वॉलीबॉल कोर्ट भी बनेगा। इससे गांव के लोगों को अपने गांव में ही रोज व्यायाम और खेलकूद की सुविधा मिल पाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इन सेंटरों से युवाओं को खेल से जोड़ने और लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों को व्यायाम के लिए शहर या बाजार नहीं जाना पड़ेगा।
घर से दवाई लेने के लिए निकला था बुजुर्ग:होटल में मिला मृत, शराब सेवन के बाद निगला जहर
होटल के कमरे में मिला बुजुर्ग का शव, पुलिस ने परिजनों को सौंपा रेवाड़ी के बस स्टैंड के समीप एक होटल के कमरे में कृष्णानगर निवासी 60 वर्षीय ईश्वर सिंह का शव मिला। सूचना मिलने के बाद जगन गेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार ईश्वर सिंह रविवार सुबह घर से दवाई लेने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसने बस स्टैंड के समीप एक होटल में कमरा लिया। शाम तक उसके कमरे से बाहर नहीं आने पर होटल संचालक को शक हुआ। उसने कमरे में जाकर देखा तो ईश्वर सिंह बेसुध अवस्था में पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके से शराब की बोतल और कुछ संदिग्ध दवाइयां बरामद की हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि ईश्वर सिंह शराब पीने का आदी था। करीब पांच साल पहले उसके बेटे की मौत हो गई थी। इसके बाद से उसने शराब का सेवन शुरू कर दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चन्नी की पढ़ाई पर बिट्टू का तंज:‘कॉलेजों में जाकर जो Meetoo की पढ़ाई की, वो हमने कभी नहीं की’
लुधियाना में आज सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर एक बार फिर निशाना साधा। बिट्टू ने चन्नी की ओर से उनकी पढ़ाई को लेकर की गई टिप्पणी के जवाब में निजी आरोपों और ‘मीटू’ विवाद का जिक्र किया। बिट्टू ने कहा कि राजनीतिक नेताओं के बीच एक-दूसरे से सवाल-जवाब होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि चन्नी उनकी पढ़ाई की बात करते हैं, लेकिन उन्हें अपनी पढ़ाई के बारे में भी बताना चाहिए। ‘जो पढ़ाई चन्नी ने की, वो हमने कभी नहीं की’ बिट्टू ने कहा, “चन्नी ने कॉलेजों में जाकर जो Meetoo की पढ़ाई की है, वो पढ़ाई हमने कभी नहीं की। चन्नी मुख्यमंत्री होकर भी IAS अफसर नहीं छोड़ पाए। उन्हें अपनी पढ़ाई की लाज रखनी चाहिए थी।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने स्कूल-कॉलेज में ऐसी ‘अंगुली वाली पढ़ाई’ नहीं की। बिट्टू ने दावा किया कि अगर चन्नी कहें तो वह उन्हें संबंधित वीडियो भी भेज सकते हैं। ‘चन्नी की अंगुली जैसे चलती है, मेरी नहीं चल सकती’ बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा, “जैसे चन्नी की अंगुली चलती है, मेरी तो वैसे चल ही नहीं सकती।” उन्होंने चन्नी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी वह बकरी का दूध निकालने और कभी मंजे बनाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी पढ़ाई नहीं की। ‘करोड़ों की जायदादें बनाई’ बिट्टू ने चन्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने लोगों के साथ धोखाधड़ी करके करोड़ों की जायदादें बनाई हैं। बिट्टू ने कहा कि वह ऐसी पढ़ाई नहीं कर सकते।
सोनीपत बस स्टैंड गेट पर खड़ी की कार:अंदर नहीं जा सकी बसें, 30 मिनट तक लगा जाम, एम्बुलेंस भी फंसी
सोनीपत में बस स्टैंड के बैक साइड एंट्री गेट पर एक कार गलत तरीके से खड़ी कर दी गई। इसकी वजह से रोडवेज बसें अंदर नहीं जा सकीं और सड़क पर ही रुक गईं। इससे सेक्टर-14 रोड पर करीब 30 मिनट तक लंबा जाम लग गया, जिसमें एक एम्बुलेंस भी फंस गई। दरअसल, कार मालिक अपनी गाड़ी गेट के सामने खड़ी कर चला गया था। गलत पार्किंग के कारण रोडवेज बसें बस स्टैंड के अंदर नहीं घुस सकीं। मजबूरन ड्राइवरों को बसों को सड़क पर ही रोकना पड़ा। बसों के सड़क पर रुकने से सेक्टर-14 से बस स्टैंड और बस स्टैंड से सेक्टर-14 की तरफ जाने वाले रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सड़क पर जाम लग गया। करीब आधे घंटे तक कार मालिक मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद स्थानीय लोगों और रोडवेज कर्मचारियों ने मिलकर कार को धक्का देकर रास्ते से हटाया। तब जाकर जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका। एंबुलेंस भी जाम में फंसी जाम के दौरान एक एंबुलेंस भी वाहनों के बीच फंस गई। करीब 20 मिनट तक रास्ता बाधित रहने से वाहन ड्राइवरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने कार मालिक को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों और रोडवेज कर्मचारियों ने हटाई कार जब काफी देर तक कार मालिक मौके पर नहीं आया तो स्थानीय लोगों और रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर ने मिलकर कार को धक्का देकर आगे सरकाया। कार पूरी तरह से नहीं हटी और काफी देर तक कार मलिक का इंतजार किया गया। कार साइड करने के बाद बस के निकलने का रास्ता साफ हुआ और वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। ट्रैफिक पुलिस भी मौके पर पहुंची जाम की सूचना के बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए रास्ते से वाहनों को निकलवाया। गलत पार्किंग के कारण कुछ समय के लिए बस स्टैंड के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कार मालिक के खिलाफ चालान की तैयारी रोडवेज विभाग की ओर से गलत तरीके से गाड़ी पार्क करने वाले कार मालिक के खिलाफ चालान करवाने की बात कही गई है। विभाग के अनुसार, बस स्टैंड के एंट्री गेट पर इस तरह गाड़ी खड़ी करने से बसों की आवाजाही बाधित होने के साथ आम वाहन ड्राइवरों को भी परेशानी होती है।
मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली तलाकशुदा युवती ने सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपने पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की। युवती ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रिंसिपल ने दूसरी शादी कराने का झांसा देकर उसे लद्दावाला इलाके में बुलाया और बाद में उसके साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया। युवती का कहना है कि वह अपने बच्चे के साथ अकेली रह रही है। पूर्व प्रिंसिपल ने उसे भरोसा दिलाया था कि उसकी दूसरी शादी एक युवक से कराई जाएगी। इसी भरोसे पर वह बताए गए स्थान पर पहुंची, लेकिन वहां शादी के लिए बताया गया युवक मौजूद नहीं था। खुद से शादी का दबाव बनाने का आरोप पीड़िता के मुताबिक, युवक के नहीं मिलने के बाद पूर्व प्रिंसिपल ने उसके साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया और खुद से शादी करने का दबाव बनाया। युवती का आरोप है कि उसे यह भी कहा गया कि शादी के लिए तैयार होने पर उसके नाम प्लॉट और अन्य संपत्ति कर दी जाएगी। युवती ने बताया कि उसने इस प्रस्ताव का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंची। पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप युवती का आरोप है कि उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन मामले में अपेक्षित कार्रवाई करने के बजाय उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। कार्रवाई नहीं होने से नाराज युवती सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची। सुरक्षा की भी लगाई गुहार पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उसने अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा की गुहार भी लगाई। मामले में पुलिस की ओर से दर्ज कार्रवाई या आरोपी पक्ष का पक्ष इस शिकायत में उपलब्ध नहीं है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के लंबे इंतजार के बाद होने जा रहे चुनाव अब प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बनते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अक्टूबर में चार बड़े घरेलू टूर्नामेंट शुरू होंगे, लेकिन राजस्थान में इन प्रतियोगिताओं की तैयारियां अब तक जमीन पर नजर नहीं आ रही हैं। स्थिति यह है कि रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 के कैंप तक आयोजित नहीं हुए हैं। वहीं अंडर-23 और महिला अंडर-19 के प्रदेशस्तरीय टूर्नामेंट तक नहीं हो सके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब खिलाड़ियों को प्रदर्शन का मौका ही नहीं मिला तो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए टीमों का सिलेक्शन किस आधार पर होगा। RCA के चुनाव 29 सितंबर को होंगे। चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी के सामने 7 से 10 दिन में चारों प्रतियोगिताओं के लिए प्रदेशभर से खिलाड़ियों की पहचान, चयन, टीम गठन और तैयारी कराने की चुनौती होगी। प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट ही नहीं हुए, फिर खिलाड़ियों का सिलेक्शन कैसे सबसे बड़ा सवाल अंडर-23 और महिला अंडर-19 खिलाड़ियों को लेकर है। इन दोनों वर्गों में प्रदेश स्तर पर ही प्रतियोगिताएं नहीं हो सकी हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए चयनकर्ताओं के पास पर्याप्त मैच रिकॉर्ड किस आधार पर होगा। वहीं रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 टीमों के लिए भी अब तक कैंप आयोजित नहीं होने से खिलाड़ियों को एक साथ अभ्यास करने और खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। इसके बाद ही फाइनल टीम का सिलेक्शन भी होना है। खिलाड़ियों के बीच इसी बात को लेकर चिंता है कि चुनाव के बाद जल्दबाजी में चयन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी तो सिलेक्शन का आधार क्या होगा। क्या खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खिलाकर उनका प्रदर्शन देखा जाएगा या फिर सीमित समय में ट्रायल के आधार पर ही टीमों का गठन कर दिया जाएगा। दूसरे राज्यों में तैयारी शुरू, राजस्थान में चुनाव के बाद बनेगी टीम राजस्थान के क्रिकेट खिलाड़ियों का कहना है कि RCA के चुनाव अपनी जगह जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसका असर क्रिकेट कैलेंडर पर नहीं पड़ना चाहिए। BCCI की प्रतियोगिताओं की तारीख पहले से निर्धारित है। ऐसे में खिलाड़ियों की तैयारी और चयन प्रक्रिया को चुनावी गतिविधियों से अलग रखा जाना चाहिए था। खिलाड़ियों के मुताबिक- देश के दूसरे राज्यों में घरेलू क्रिकेट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। खिलाड़ी कैंप और प्रैक्टिस में जुटे हैं, जबकि राजस्थान में अभी तक प्रदेश स्तर की कई प्रतियोगिताएं ही आयोजित नहीं हो पाई हैं। ऐसे में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरने वाली राजस्थान की टीमों के सामने तैयारी का अंतर साफ नजर आ सकता है। सिर्फ ट्रायल के भरोसे सिलेक्शन हुआ तो उठेंगे सवाल खिलाड़ियों ने कहा- चुनाव के बाद जल्दबाजी में सिलेक्शन किया गया तो खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सीमित मौका रहेगा। ऐसे में सिलेक्शन प्रक्रिया ट्रायल आधारित होने की स्थिति में सवाल उठना स्वाभाविक है। खिलाड़ियों ने कहा- प्रदर्शन के बजाय कुछ ही दिनों के ट्रायल के आधार पर टीम चुनना खिलाड़ियों के भविष्य के लिए ठीक प्रक्रिया नहीं होगी। खिलाड़ियों ने कहा- प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए नियमित प्रतियोगिताओं और मैचों की जरूरत है। यही प्रक्रिया आगे भी प्रभावित होती रही तो इसका सीधा असर राजस्थान के खिलाड़ियों के प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की टीम की स्थिति पर पड़ सकता है। टूर्नामेंट किए जाएं राजस्थान के क्रिकेटरों ने मांग की है कि RCA चुनाव की प्रक्रिया अपनी जगह चले, लेकिन BCCI के टूर्नामेंट की तैयारी को उससे प्रभावित नहीं होने दिया जाए। रणजी, अंडर-19, अंडर-23 और महिला अंडर-19 के लिए तुरंत कैंप और जरूरी प्रदेशस्तरीय प्रतियोगिताएं शुरू हों। खिलाड़ियों ने कहा- हमें पर्याप्त मैच प्रैक्टिस और निष्पक्ष सिलेक्शन प्रक्रिया मिले, ताकि राजस्थान की टीमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पूरी तैयारी के साथ उतर सकें।
फतेहपुर में सोमवार को कांग्रेस की अहम बैठक हुई। जिले में पहली बार पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश सह प्रभारी जगदीश चंद्र जांगिड़ का कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शाम 4 बजे पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने जिला और शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ संगठन की आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद्र जांगिड़ ने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट का आधार सिर्फ चापलूसी नहीं, बल्कि जमीनी मेहनत होगी। उन्होंने कहा कि उन्हीं लोगों को उम्मीदवार बनाया जाएगा, जिन्होंने संगठन के लिए लगातार काम किया है और समाज में जिनकी छवि अच्छी और साफ है। 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी का दावा पत्रकारों के चुनावी तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर जांगिड़ ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर मजबूती से तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में गठबंधन या चुनाव को लेकर पार्टी हाईकमान की ओर से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पूरी ईमानदारी से पालन किया जाएगा। बैठक में स्थानीय नेताओं ने भी अपनी बात रखी। शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने कहा कि फतेहपुर में कांग्रेस ने हमेशा जनहित के मुद्दों पर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष किया है। पार्टी का मकसद जनता की आवाज बनना है, चाहे चुनाव लड़ना हो या न लड़ना हो। जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने अतिथियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति संगठन को नजरअंदाज करेगा, उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। इस दौरान शेख एजाज अहमद, कलीम उल्ला सिद्दीकी, शिवाकांत तिवारी, माधुरी रावत, शोभा दुबे, ओम प्रकाश कोरी, अरुण जायसवाल और राजू लोधी समेत कई नेताओं ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे, निजामुद्दीन, ब्रजेश मिश्रा, आरिफ खान, रेखा पासवान, वकील खान, नवनीत तिवारी और आकाश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जौनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने UPI भुगतान पर लागू किए गए MDR के विरोध में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित 4 सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी परमानंद झा को सौंपा। MDR को लेकर सरकार पर निशाना धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। उन्होंने MDR को जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब GST को 'एक देश, एक टैक्स' के रूप में पेश किया गया था, तो UPI लेनदेन पर MDR क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे कारोबारियों के सामने परेशानी बढ़ेगी और इसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरिफ खान ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने MDR वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जनता पहले से महंगाई और बेरोजगारी का सामना कर रही है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ाना उचित नहीं है। आरिफ खान ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी। राष्ट्रपति के नाम सौंपा मांग पत्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 4 सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी परमानंद झा को सौंपा। इसमें UPI पर MDR से जुड़े प्रावधान को वापस लेने समेत अन्य मांगें रखी गईं। ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह डब्बू, विनय तिवारी, लाल प्रकाश पाल, महिला नेता मंजू बेनवंशी, अरुण शुक्ला, रामसिंह बांकुरे, जिला सचिव इरशाद खान, सभासद शहनवाज मंजूर, राजकुमार गुप्ता, जब्बार अली सलमानी, तौफीक अहमद राजू, हमजा मलिक, आशीष यादव, रेखा बेनवंशी, साबिर बेगम, मुहम्मद ताहिर, इकबाल हुसैन, संदीपा बेनवंशी, विजेंद्र गौतम, इस्तेखारुल प्रधान और मोहम्मद अजीम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रायसेन। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 बारिश के बाद खराब हो गया है। भानपुर से सलामतपुर के त्रिमूर्ति चौराहे तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कई जगह वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहनों के साथ-साथ सड़क के गड्ढों से भी बचकर निकलना पड़ रहा है। बारिश के बाद हाईवे की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन मरम्मत न होने से गड्ढे और गहरे हो गए हैं। छोटे-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ कार और भारी वाहनों को भी परेशानी हो रही है। रात के समय इन गड्ढों में वाहन फंसने या हादसे होने का खतरा और बढ़ जाता है। वाहन चालकों का कहना है कि हाईवे पर टोल वसूली लगातार जारी है, लेकिन सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। उनका सवाल है कि जब सड़क के रखरखाव के लिए टोल लिया जा रहा है, तो फिर हाईवे की ऐसी हालत क्यों है। वाहन चालकों ने हाईवे के खराब हिस्सों की जल्द मरम्मत कराने और बड़े गड्ढों को भरने की मांग की है। इससे आने-जाने में आसानी होगी और हादसों का खतरा कम होगा।
अजमेर के मेयर चुनाव में निर्दलीयों ने पूरा गणित ही पलट दिया। यहां 37 सीटों पर जितने के बाद भी कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना सकी। वहीं, 32 सीटों पर जीतने वाली भाजपा का मेयर बना है। भाजपा को 11 निर्दलीयों का साथ मिला। 43 वोटों के साथ मेयर की कुर्सी अपने नाम कर ली। इस नतीजे ने कांग्रेस के खेमे में क्रॉस वोटिंग, अंदरूनी गुटबाजी और रणनीतिक चूक को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस अपने मूल आंकड़े से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं, भाजपा ने 11 वोट जोड़ लिए। कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग किसने की खास बात यह रही कि कांग्रेस 5 निर्दलीयों को अपने साथ होने का दावा कर रही थी, उनमें से 2 मेयर चुनाव के दौरान भाजपा खेमे के साथ नजर आए। 3 कांग्रेस खेमे के साथ दिखे। अगर इस गणित को भी मानें कि 3 निर्दलीय कांग्रेस के साथ थे तो 40 वोट मिलने चाहिए थे। लेकिन मिले 37 वोट। ऐसे में क्रॉस वोटिंग निर्दलीयों ने की या कांग्रेस के पार्षदों ने की। पार्टी के सामने ये बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 37 से आगे नहीं बढ़ी कांग्रेस, यहीं से क्रॉस वोटिंग की चर्चा मेयर चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि कांग्रेस के 37 पार्षदों में से क्या सभी ने पार्टी प्रत्याशी को ही वोट दिया? वोटों के आंकड़े से इतना स्पष्ट है कि कांग्रेस प्रत्याशी को 37 वोट मिले, जो कांग्रेस के कुल पार्षदों की संख्या के बराबर हैं। ऐसे में व्यक्तिगत रूप से किसी पार्षद के क्रॉस वोट करने की पुष्टि केवल मतदान के आंकड़े से नहीं की जा सकती। लेकिन चुनाव से पहले निर्दलीयों को लेकर दोनों दलों के दावों और वोटिंग के बाद सामने आए 43-37 के अंतर ने क्रॉस वोटिंग की चर्चा जरूर तेज कर दी। दोनों पार्टी 11 निर्दलीयों के समर्थ का दावा कर रही थी पार्षद चुनाव के बाद दोनों ही दल 11 निर्दलीयों के समर्थन का दावा कर रहे थे। कांग्रेस की ओर से घनश्याम वर्मा, कैलाश कोमल और विनोद कुमार को अपने साथ बताया गया था। ये तीनों मेयर वोटिंग के दौरान कांग्रेस के साथ दिखाई भी दिए। इसके बावजूद कांग्रेस को 37 ही वोट मिले। दूसरी तरफ भाजपा के 32 पार्षदों के साथ कुल 43 वोट पड़े। यानी भाजपा को 11 अतिरिक्त वोट मिले। यही 11 वोट पूरे मेयर चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक गणित बन गए। भाजपा का कहना है कि निर्दलीय उसकी विचारधारा के साथ थे, जबकि कांग्रेस ने चुनाव के बाद हॉर्स ट्रेडिंग, धनबल और सत्ता के इस्तेमाल के आरोप लगाए। यानी दोनों दलों की ओर से इन 11 वोटों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए। सोफिया-अजहर की तस्वीरों ने बढ़ाया सस्पेंस वार्ड 11 से कांग्रेस से बागी होकर जीतीं सोफिया और वार्ड 14 के अजहर को लेकर भी चुनाव के दौरान तस्वीर बदली हुई नजर आई। कांग्रेस पहले इनके समर्थन का दावा कर रही थी, लेकिन मेयर वोटिंग के दौरान दोनों भाजपा पार्षदों के साथ दिखाई दिए। इन तस्वीरों ने कांग्रेस के दावों और जमीनी समीकरण को लेकर राजनीतिक चर्चा को और तेज किया। हालांकि किस निर्दलीय ने किसे वोट दिया, यह व्यक्तिगत मतदान के आधार पर सार्वजनिक रूप से तय नहीं किया जा सकता। लेकिन वोटिंग के दिन खेमों के साथ दिखाई देने वाले पार्षदों और अंतिम वोट आंकड़ों ने चुनाव के राजनीतिक समीकरण को जरूर चर्चा में ला दिया। भाजपा से बागी हुए निर्दलीय भी भाजपा के साथ दिखें दूसरी तरफ भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते रूबी जैन, सुनील गुर्जर, मदन सिंह, कुंदन वैष्णव, मोनिका सुईवाल और गायत्री सोनी भी मेयर वोटिंग के दौरान भाजपा के साथ नजर आए। यानी भाजपा के 32 पार्षदों के अलावा निर्दलीयों की मौजूदगी ने उसके 43 के आंकड़े को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट कर दी। भाजपा अपने मूल आंकड़े से 11 वोट आगे निकल गई और यहीं कांग्रेस के 37 तथा भाजपा के 43 वोटों के बीच 6 वोट का अंतर बन गया। कांग्रेस की गुटबाजी भी बनी चुनावी चर्चा का हिस्सा मेयर चुनाव सिर्फ निर्दलीयों के समर्थन का चुनाव नहीं रहा। कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी भी लगातार चर्चा में रही। पूर्व RTDC अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ और अजमेर शहर के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय जैन के गुटों को लेकर खींचतान की चर्चा चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान सामने आती रही। बाद में दोनों नेताओं की ओर से एकजुटता का दावा किया गया, लेकिन प्रत्याशी चयन तक मामला प्रदेश स्तर के नेताओं के हस्तक्षेप तक पहुंचा। किरण गढ़वाल के नाम पर सहमति बनने के बाद कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी भी की। लेकिन चुनाव परिणाम में पार्टी 37 से आगे नहीं बढ़ सकी। बाड़ेबंदी के बावजूद नहीं बदला कांग्रेस का आंकड़ा कांग्रेस ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की। उद्देश्य साफ था मेयर चुनाव तक सभी पार्षदों को एकजुट रखना और प्रत्याशी के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करना। लेकिन परिणाम में कांग्रेस के वोट 37 ही रहे। दूसरी तरफ भाजपा ने 32 से शुरुआत कर 43 वोट हासिल किए। यानी भाजपा ने बहुमत के लिए जरूरी 41 के आंकड़े से भी 2 वोट ज्यादा जुटाए। यही वजह है कि चुनाव के बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग, निर्दलीयों के रुख और गुटबाजी तीनों मुद्दे चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। भाजपा ने विचारधारा का समर्थन बताया, कांग्रेस ने लगाए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि 11 निर्दलीय भाजपा की विचारधारा के साथ थे और सभी ने भाजपा को वोट दिया। उन्होंने कांग्रेस के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी का फायदा भाजपा को मिला। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने मेयर चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, धनबल और सत्ता के इस्तेमाल के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और जल्द इसका जवाब देगी। 36 साल की भाजपा बोर्ड की परंपरा बरकरार, लेकिन इस बार कहानी अलग अजमेर में पिछले 36 साल से भाजपा का बोर्ड रहा है। इस बार पार्षद चुनाव में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा के पास 32 सीटें थीं। इसके बावजूद मेयर चुनाव में भाजपा ने 43 वोट हासिल किए और 8वीं बार भाजपा ने अपना बोर्ड बना लिया। ये भी पढ़ें… अजमेर में 8वीं बार बीजेपी का बोर्ड,अनामिका शर्मा बनीं मेयर:निर्दलीयों से गठजोड़ में भाजपा रही आगे; ससुर ने पार्टी का झंडा लेकर किया डांस अजमेर- पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष की बहू बनी नई मेयर:पुष्कर के गायत्री महायज्ञ में संभाली थी फाइनेंस मैनेजमेंट की जिम्मेदारी, पहली बार लड़ा चुनाव
कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र में रांची-पटना मुख्य मार्ग (NH-20) पर जामुखाड़ी के पास एक सड़क हादसा हो गया। करमा महोत्सव से लौट रही एक किशोरी को सड़क पार करते समय एक मिक्सर ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। मृत किशोरी की पहचान जामुखाड़ी निवासी राजेश सिंह घटवार की 12 साल की बेटी रानी कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कोडरमा के घटवार घटवाल आदिवासी महासभा ने जामुखाड़ी में करमा उत्सव का आयोजन किया था। रानी अपनी मां के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद रानी अपनी मां के साथ घर लौट रही थी। रांची-पटना मुख्य मार्ग पर सड़क पार करते समय बरही की तरफ से आ रहे एक मिक्सर ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। रानी गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ट्रक और चालक को अपने कब्जे में ले लिया मां की आंखों के सामने हुए इस हादसे के बाद उनकी चीख सुनकर वहां मौजूद लोग दुखी हो गए। करमा महोत्सव में आए लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मिक्सर ट्रक और उसके चालक को पकड़ लिया। उन्होंने चालक के साथ मारपीट भी की। घटना की सूचना मिलते ही चंदवारा पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक तथा चालक को अपने कब्जे में ले लिया। घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर बच्ची के शव के साथ एनएच 20 को जाम कर दिया। पुलिस फिलहाल ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने के लिए लोगों से बातचीत कर रही है।
फरीदाबाद के NIT-3 स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की नाराजगी अब हड़ताल तक पहुंच गई है। मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनने और इलाज की सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों सहित करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें सभी मेडिकल बेनिफिट देने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। ओपीडी, आईपीडी के साथ इमरजेंसी और आईसीयू में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी में मरीज घंटों उपचार के इंतजार में खड़े रहे। वहीं, आईपीडी में मरीजों को भर्ती कराने में भी दिक्कत हुई। इमरजेंसी और आईसीयू में भी मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। हड़ताल में पीजी, सीनियर रेजिडेंट, यूजी और इंटर्न डॉक्टर शामिल रहे। OT में बिगड़ी डॉक्टर की तबीयत, निजी अस्पताल में हुआ ऑपरेशन मामले की शुरुआत 19 सितंबर को हुई। ESIC अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर विवेक जांगड़ा की OT में अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी डॉक्टरों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में मेडिकल सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हुई, क्योंकि उनका मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बना था। डॉक्टरों का आरोप है कि उस समय उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि जब अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर को ही जरूरत के समय उपचार और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं तो व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर डॉक्टरों ने प्रबंधन के सामने अपनी मांगें रखीं। डॉक्टर की हालत बिगड़ती गई तो परिवार के लोग उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए। वहां उनका ऑपरेशन कराया गया। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में मेडिकल बेनिफिट को लेकर नाराजगी और बढ़ गई। 400 रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना- पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर कविन्द्र सिंह रोहिल्ला ने बताया कि अस्पताल में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। उनका आरोप है कि रेजिडेंट डॉक्टरों के पूर्ण मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज की सुविधाएं लेने में परेशानी होती है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मुद्दे को पहले भी अस्पताल प्रबंधन के सामने उठाया जा चुका है। मांग पूरी नहीं होने पर अब डॉक्टरों ने हड़ताल का फैसला लिया है। उनका कहना है कि अगर जल्द लिखित आश्वासन नहीं मिला तो वे दिल्ली की ओर कूच कर सकते हैं। रोज करीब 4,500 मरीज आते हैं अस्पताल ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदाबाद का बड़ा रेफरल सेंटर है। यहां रोजाना करीब 4,500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। फरीदाबाद और पलवल के अलावा दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, होडल, पानीपत, सोनीपत और रेवाड़ी समेत आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में OPD मरीजों के अलावा गंभीर मरीज भी पहुंचते हैं। ऐसे में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड रहा है। प्रबंधन ने फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी ESIC के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें अस्पताल की तरफ से सभी मेडिकल बेनिफिट उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टर केवल इमरजेंसी सेवाएं दे सकते हैं। डॉ. संदीप कुमार के मुताबिक, इस मामले की फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। वहां से जो फैसला आएगा, उसी के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों को मेडिकल बेनिफिट देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों की मांग पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ एक डॉक्टर के इलाज का मामला नहीं है, बल्कि अस्पताल में काम कर रहे करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टरों के मेडिकल अधिकारों का मामला है। हड़ताली डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो इमरजेंसी और आईसीयू की सेवाएं भी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। इससे अस्पताल प्रबंधन के सामने मरीजों को नियमित और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।
भीलवाड़ा जिले की 10 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष चुनाव में भाजपा ने 7 और कांग्रेस ने 3 पालिकाओं पर कब्जा किया। इससे पहले भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा का महापौर निर्विरोध चुना गया। पालिकाओं के चुनाव में बनेड़ा में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिलने के बाद पर्ची से फैसला हुआ, जबकि गुलाबपुरा और शाहपुरा में अध्यक्ष पद का नतीजा सिर्फ एक-एक वोट के अंतर से आया। जानिए… 10 नगर पालिकाओं के परिणाम जहाजपुर में भाजपा की बड़ी जीत: जहाजपुर नगरपालिका में भाजपा प्रत्याशी अलकेश वैष्णव ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी प्रमोद देवी शर्मा को 2 वोट मिले। बिजौलिया में एक वोट से भाजपा जीती: बिजौलिया में भाजपा की स्नेहा तिवारी और कांग्रेस की भूमिका सुवालका के बीच बेहद करीबी मुकाबला हुआ। स्नेहा तिवारी को 13 वोट मिले, जबकि भूमिका सुवालका को 12 वोट मिले। बनेड़ा में पर्ची से राजाधिराज बने पालिकाध्यक्ष: बनेड़ा में भाजपा के गोपाल चरण (राजाधिराज) और कांग्रेस के बाबूलाल माली को 10-10 वोट मिले। मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पर्ची निकाली गई। इसमें भाजपा के गोपाल चरण के पक्ष में फैसला आया। गुलाबपुरा में एक वोट से भाजपा की जीत: गुलाबपुरा में भाजपा की विष्णु देवी वैष्णव ने 18 वोट हासिल किए। कांग्रेस की रजनी तोषनीवाल को 17 वोट मिले। इस तरह भाजपा ने एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की। मांडलगढ़ में कांग्रेस को सिर्फ 2 वोट: मांडलगढ़ में भाजपा प्रत्याशी श्वेता डांगी ने 12 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार जुली ओस्तवाल को 6 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की जहरा फातिमा को सिर्फ 2 वोट मिले। गंगापुर में कांग्रेस की प्रीति जीतीं: गंगापुर नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी प्रीति काकाणी ने 15 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा की विकल सिंघवी को 10 वोट मिले। आसींद में भाजपा की आसान जीत: आसींद नगरपालिका में भाजपा के सत्येंद्र सिंह चौहान ने 17 वोट हासिल किए। कांग्रेस के दिनेश गोखरू को 8 वोट मिले। इस तरह सत्येंद्र सिंह चौहान ने जीत दर्ज की। हमीरगढ़ में पूर्व पालिकाध्यक्ष रेखा परिहार हारीं: हमीरगढ़ में कांग्रेस के प्रकाश जाट ने 12 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा की रेखा परिहार को 8 वोट मिले। रेखा परिहार पूर्व पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं। बीगोद में लोकेश नागौरी ने बाजी मारी: बीगोद नगरपालिका में भाजपा प्रत्याशी लोकेश नागौरी ने 16 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कांग्रेस की मनुडी को 3 वोट, निर्दलीय उम्मीदवार को 6 वोट, गुर्जर को एक वोट मिलने की जानकारी दी गई है। शाहपुरा में एक वोट से कांग्रेस की जीत: शाहपुरा में कांग्रेस प्रत्याशी रमेश सेन ने 18 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार बालमुकुंद तोषनीवाल को 17 वोट मिले। कांग्रेस ने एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
बड़वानी में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले जिले भर के किसान राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी में इकट्ठा हुए। मंडी में सभा के बाद किसान तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोटरसाइकिल से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट कार्यालय का गेट बंद था और ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं आया। इससे किसानों में गुस्सा बढ़ गया। किसान कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन गेट बंद होने के कारण अंदर नहीं जा पाए। नाराज किसानों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय से नीचे आकर खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे और सेंधवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दीं। उन्होंने करीब 20 मिनट तक चक्काजाम किया और सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी मौके पर एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत, तहसीलदार राहुल सोलंकी और पुलिस प्रशासन मौजूद था। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें जल्द ही शासन स्तर पर भेजी जाएंगी। हालांकि, किसान कुछ देर तक कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। जाम के कारण कुछ देर तक ट्रैफिक पर भी असर पड़ा। आखिर में किसानों ने एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य मांगें स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करना, एमएसपी पर उपज खरीदना, खाद-बीज और कृषि सिंचाई सामग्री के दाम कम करना, नहरों में पानी छोड़ना, खराब नहरों की मरम्मत करना और अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा देना थीं। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो 1 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है, जिसे जल्द ही शासन स्तर पर भेजा जाएगा। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन होगा। इस बार जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधि कारोबार और निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। बेलारूस भी आयोजन में भागीदार देश के तौर पर हिस्सा लेगा। ट्रेड शो में करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। 72 देशों और केंद्र शासित प्रदेशों से खरीदारों के आने की संभावना है। इनके लिए बी2बी बैठकें और द्विपक्षीय कारोबारी सत्र आयोजित किए जाएंगे। नोएडा की 16 कंपनियों के स्टॉल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए आवास, परिवहन समेत अन्य सुविधाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए। ट्रेड शो में नोएडा के 16 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें गोदरेज, क्लियो काउंटी, स्काईलाइन, एल्डिको, फायरफॉक्स, ग्रेट वैल्यू और मेक्स समेत शहर की कंपनियां शामिल होंगी। इनके जरिए रियल एस्टेट, कारोबार और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े उत्पाद व परियोजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। सेमीकंडक्टर से MSME तक 20 नॉलेज सेशन ट्रेड शो में उद्घाटन और प्लेनरी कार्यक्रमों के अलावा करीब 20 नॉलेज सेशन होंगे। इनमें ग्लोबल सप्लाई चेन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडटेक, MSME और ODOP निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स जैसे विषयों पर चर्चा होगी। नए श्रम कानून, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सड़क सुरक्षा, आयुष वेलनेस और FPO को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी सत्र होंगे। 36,500 वर्गमीटर में लगेगा प्रदर्शनी क्षेत्र ट्रेड शो के लिए भूतल और दूसरे तल पर करीब 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक हो चुका है। यहां ODOP, MSME, इलेक्ट्रॉनिक्स-आईटी, डिफेंस-एयरोस्पेस, कृषि, ऑटोमोबाइल, EV, फार्मा, टेक्सटाइल और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। 500 से ज्यादा EV शटल, पार्किंग से एक्सपो मार्ट तक सुविधा आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग से एक्सपो मार्ट तक 500 से ज्यादा EV शटल बसें चलाने की तैयारी है। पुलिस और प्रशासन ने यातायात व पार्किंग के लिए रूट प्लान तैयार किया है। प्रवेश और निकास पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, फ्रिस्किंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था रहेगी। कथक से भोजपुरी और आल्हा तक 25 सांस्कृतिक कार्यक्रम ट्रेड शो में कारोबार के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति की झलक भी दिखाई जाएगी। इसके लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट रखे गए हैं। इनमें कथक, पखावज, सितार, भोजपुरी और आल्हा गायन के साथ राई और थारू लोकनृत्य शामिल हैं। आयोजन स्थल को प्लास्टिक मुक्त रखने के साथ CCTV, पेयजल, स्वच्छता और इंटरनेट की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने स्टॉल तैयार करने को कहा गया है।
गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने पलवल निवासी एक व्यक्ति से 1 लाख 31 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने वॉट्सऐप पर गैस बिल अपडेट करने का संदेश भेजा और मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से 2 ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 31 हजार 525 रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पलवल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार के मुताबिक, पलवल निवासी संदीप ने शिकायत में बताया कि 17 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे उनके वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया। इसमें खुद को अडानी गैस से जुड़ा बताया गया। संदेश में लिखा था कि लंबे समय से मीटर रीडिंग अपडेट नहीं होने के कारण रात में गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसमें एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। एसबीआई क्रेडिट कार्ड से कटे 1.31 लाख रुपए संदीप ने दिए गए नंबर पर फोन किया। सामने वाले व्यक्ति ने गैस बिल अपडेट करने के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप में संदीप से नाम, मोबाइल नंबर और ठग की ओर से दिया गया 10 अंकों का सीएएन नंबर दर्ज कराया गया। इसके बाद करीब 25 रुपए का छोटा सा सत्यापन भुगतान करने को कहा गया। संदीप ने 2 बार भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन दोनों बार भुगतान असफल रहा। इसके तुरंत बाद उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 26 हजार रुपए और 5 हजार रुपए कटने के 2 मैसेज आए। इस तरह कुल 1 लाख 31 हजार रुपए की रकम निकाल ली गई। मामले की जांच कर रही साइबर पुलिस जब संदीप को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने 17 सितंबर को साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम थाना पलवल पहुंचकर अपनी शिकायत दी और अपना बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवरिया में समाजवादी चिंतक, विचारक और पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह की 13वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार, 22 सितंबर को बरहज स्थित बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। स्थानीय रिपोर्टों में भी उनके 22 सितंबर को बरहज पहुंचने की पुष्टि की गई है। मोहन सिंह की बेटी और पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह ने सोमवार को सपा कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुण्यतिथि पर आयोजित सभा में मोहन सिंह के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोहन सिंह का सार्वजनिक जीवन समाजवादी विचारधारा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। कार्यक्रम में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी जाएगी। तैयारियां पूरी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता होंगे शामिल श्रद्धांजलि सभा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। शिवपाल सिंह यादव के बरहज आगमन को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारियां तय की हैं। जिलाध्यक्ष ने की समय पर पहुंचने की अपील सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मोहन सिंह का राजनीतिक जीवन समाजवादी विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित से जुड़ा रहा। श्रद्धांजलि सभा उनके सार्वजनिक जीवन और विचारों को याद करने का अवसर है।
शहडोल में कोयला लोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा:चालक को चोट, मजदूर दूसरे ट्रक में शिफ्ट करते रहे कोयला
शहडोल में सोमवार को सोहागपुर थाना क्षेत्र के एनएच-43 पर कोटमा तिराहे के पास एक कोयला लोड ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। जानकारी के मुताबिक, कोयला लोड यह ट्रक बुढ़ार की ओर से शहडोल की तरफ आ रहा था। कोटमा तिराहे के पास अचानक ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे पलट गया। ट्रक पलटने से उसमें लदा सारा कोयला सड़क पर बिखर गया। हादसे के बाद सोमवार सुबह से ही मजदूरों की मदद से पलटे हुए ट्रक से कोयला निकालकर दूसरे ट्रक में लोड किया जा रहा है। मौके पर ट्रक को हटाने और कोयले को दूसरे वाहन में शिफ्ट करने का काम जारी रहा। हालांकि, यह कोयला कहां से लाया गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही कोयले के स्रोत और गंतव्य की स्थिति साफ हो सकेगी।
गाजीपुर में 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने आपत्ति जताई है। सोमवार दोपहर रायफल क्लब में हुई बैठक में छोटे और फुटकर कारोबारियों पर इसके संभावित आर्थिक असर पर चर्चा की गई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की गई। व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कहा कि UPI ने छोटे दुकानदारों और ग्राहकों के लिए डिजिटल भुगतान को तेज और आसान बनाया है। व्यापारियों का कहना है कि भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ सकती है और इसका असर छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। मंडल के अनुसार किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, दवा और ऑटो पार्ट्स जैसे फुटकर कारोबार में ग्राहक अक्सर 2 हजार रुपए से अधिक का भुगतान करते हैं। इन कारोबारों में लाभ मार्जिन सीमित होने के कारण अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के लिए बोझ बन सकता है। व्यापारिक लागत बढ़ने और कीमतों पर असर की आशंका ज्ञापन में कहा गया कि MDR की अतिरिक्त लागत से व्यापारिक खर्च बढ़ सकते हैं। व्यापार मंडल ने आशंका जताई कि इसका असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ आएगा। व्यापार मंडल ने छोटे, मध्यम और फुटकर कारोबारियों पर प्रस्तावित MDR के संभावित प्रभाव का व्यापक अध्ययन कराने की मांग की है। छोटे कारोबारियों के लिए शुल्क-मुक्त UPI की मांग व्यापारियों ने छोटे कारोबारियों के लिए UPI भुगतान को शुल्क-मुक्त रखने के विकल्प पर दोबारा विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसी श्रेणी में MDR लागू किया जाता है तो छोटे कारोबारियों को उचित राहत और पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए। लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों से बातचीत की मांग ज्ञापन में 15 अक्टूबर से प्रस्तावित व्यवस्था लागू करने से पहले देश के प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने की मांग की गई है। व्यापार मंडल का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देते हुए छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक बोझ को कम करने के उपायों पर भी विचार होना चाहिए।
श्रावस्ती में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को पीएसआई इंडिया और केनव्यू के सहयोग से संचालित ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की समीक्षा की। बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुई। अध्यक्षता सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। सीएमओ ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पांच साल तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मौतों को रोकना और दस्त के मामलों में समय पर इलाज को बढ़ावा देना है। इसके लिए लोगों को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ मामलों की सही रिपोर्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। 5 डायरिया चैंपियन को किया सम्मानित बैठक के दौरान डायरिया की रोकथाम और नियंत्रण में बेहतर काम करने वाले पांच डायरिया चैंपियन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें एएनएम शशिलता, एएनएम किस्मती सिंह, बीसीपीएम वसीम, आशा नीलम सिंह और आशा संगिनी साधना वर्मा शामिल रहीं। 1,989 स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई ट्रेनिंग पीएसआई इंडिया के पंकज पाठक ने बताया कि जिले में 40 ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्रों का निरीक्षण किया गया। अब तक 994 आशा कार्यकर्ताओं, 109 एएनएम, 35 आशा संगिनियों, 806 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 8 मुख्य सेविकाओं, 23 डॉक्टरों और 14 स्टाफ नर्सों को डायरिया के इलाज की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। प्रचार गाड़ियों से भी चलाया गया जागरूकता अभियान बैठक में पिछले तीन महीनों में हुई गतिविधियों की समीक्षा की गई। ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन’ के तहत तीन प्रचार गाड़ियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता अभियान की भी जानकारी दी गई। बैठक में एसीएमओ डॉ. केके वर्मा, डॉ. उदय नाथ, एआरओ सुरेश यादव, डीपीएम मनीष बिसारिया, डीसीपीएम राकेश गुप्ता और पीएसआई इंडिया के रमेश चंद मौजूद रहे।
बांदा। महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सोमवार को बांदा की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार कोर्ट में पेश नहीं हुए। वहीं, मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी से होने वाली जिरह भी नहीं हो सकी। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान मुकदमे के वादी और मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी तथा तत्कालीन दारोगा देवेंद्र शुक्ला कोर्ट में मौजूद रहे। देवेंद्र शुक्ला के अधिवक्ता को रविकांत त्रिपाठी से जिरह करनी थी। हालांकि, अधिवक्ता की ओर से स्वास्थ्य खराब होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए जिरह के लिए समय मांगा गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 29 सितंबर निर्धारित कर दी। मामले में तत्कालीन कांस्टेबल अजय यादव के अलावा सुरेश और ब्रम्हदत्त भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। उनके अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इंद्रकांत ने वीडियो जारी कर लगाए थे गंभीर आरोप महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने 7 सितंबर 2020 को एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने तत्कालीन महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर हर महीने 6 लाख रुपए रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके अगले दिन 8 सितंबर 2020 को इंद्रकांत को गोली लगी थी। इलाज के दौरान 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी। भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज हुआ। मामले की सुनवाई पहले लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चल रही थी। बाद में इसे बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। अब इसी अदालत में सुनवाई हो रही है। आधे घंटे हुई थी जिरह, समय खत्म होने पर टली 5 सितंबर को वादी और मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी के बाकी बयान पूरे कराए गए थे। इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने करीब आधे घंटे तक जिरह की थी। कोर्ट का समय समाप्त होने के कारण जिरह पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद 14 सितंबर को एक अधिवक्ता की मृत्यु के कारण अदालत में शोक अवकाश रहा था। अब सोमवार को भी अधिवक्ता के स्वास्थ्य संबंधी कारण से जिरह नहीं हो सकी। 29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने बताया कि सोमवार को तत्कालीन दारोगा देवेंद्र शुक्ला और मुख्य गवाह रविकांत त्रिपाठी न्यायालय में उपस्थित थे। देवेंद्र शुक्ला के अधिवक्ता की ओर से स्वास्थ्य खराब होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके चलते जिरह नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने सोमवार को बुरहानपुर स्थित सांसद कार्यालय में नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान लालबाग क्षेत्र के नागरिकों ने भुसावल-बुरहानपुर-खंडवा रेलखंड में निर्माणाधीन तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम के साथ रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग रखी। सांसद ने तुरंत भुसावल डीआरएम से फोन पर बात कर दोनों विषयों पर जानकारी ली और जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। तीसरी-चौथी रेल लाइन और ओवरब्रिज पर चर्चा लालबाग क्षेत्र के नागरिकों ने कहा कि भुसावल, बुरहानपुर और खंडवा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण चल रहा है। क्षेत्र में बढ़ते आवागमन को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज की भी जरूरत है। नागरिकों ने सांसद के सामने इन दोनों विषयों को प्राथमिकता से उठाने की मांग रखी। सांसद पाटील ने मौके पर ही रेलवे डीआरएम भुसावल से फोन पर बात की। उन्होंने तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम की स्थिति तथा रेलवे ओवरब्रिज से जुड़े विषय पर जानकारी ली। साथ ही संबंधित स्तर पर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चाय पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से चर्चा सांसद कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के साथ चाय पर चर्चा भी हुई। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और जरूरतों से जुड़े अपने सुझाव रखे। सांसद पाटील ने सभी के सुझाव और अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास केवल एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक सुझावों से अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ता है। जनसंवाद से मिले सुझावों को गंभीरता से लेकर विकास और जनहित के विषयों पर आगे की रणनीति तय की जाती है।
रामपुर में 1 दिसंबर से घर-घर होगी जनगणना:4 जनवरी तक चलेगी, 16 से 30 नवंबर तक कर सकेंगे स्व-गणना
रामपुर में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर संत रविदास शिरोमणि सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी गुलाब चंद्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीडीओ ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों का विवरण दर्ज करेंगे। इससे पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। स्व-गणना पूरी करने के बाद परिवार को एक आईडी मिलेगी। यह आईडी प्रगणक को दिखानी होगी। जिन परिवारों की स्व-गणना नहीं होगी, उनका विवरण प्रगणक निर्धारित अवधि में घर जाकर दर्ज करेंगे। किसी की गणना न छूटे, न हो दोहरी गणना सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति गणना से छूटे नहीं और किसी की दोहरी गणना भी न हो। जनगणना का संदर्भ समय 5 जनवरी 2027 की मध्य रात्रि 12 बजे निर्धारित किया गया है। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण राउंड चलेगा। इस दौरान संदर्भ समय के आसपास हुए जन्म और मृत्यु की जानकारी को अपडेट किया जाएगा। अधिकारियों के प्रशिक्षण की भी हुई समीक्षा बैठक में जनगणना-2027 के लिए चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिले में जनगणना सहायकों और तकनीकी सहायकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण 17 और 18 सितंबर को पूरा हो चुका है। चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 19 और 21 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण भी सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर चलाएं जागरूकता अभियान सीडीओ ने सभी चार्ज अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना को सफल बनाने में आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नाथूलाल गंगवार, बीएसए कल्पना देवी, एसडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी और चार्ज अधिकारी मौजूद रहे।
जौनपुर के शाहगंज कोरवलिया भादी निवासी रामचंदर चौहान ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं। पीड़ित के अनुसार, एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर बेटी की शादी के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने बताया कि यह रकम वापस नहीं करनी होगी, लेकिन सहायता की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले कुछ पैसे ऑनलाइन जमा करने होंगे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी की बातों में आकर उन्होंने अलग-अलग किस्तों में पांच बार अपने बैंक खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए। इस तरह उनके खाते से कुल 16 हजार रुपये ठगे गए। इसके बाद भी उन्हें 4 लाख रुपये की सहायता नहीं मिली। तब उन्हें अपने साथ ठगी का पता चला। ठगी का पता चलने पर रामचंदर चौहान ने शाहगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर ऑनलाइन ठगी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने और 16 हजार रुपये की रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

