लोकसभा हो या विधानसभा, बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री अपनी ड्रेस को लेकर चर्चा में रहते हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा विधानसभा में 5वां बजट पेश कर रहे हैं। उनकी ड्रेस को लेकर देखें तो उन्हें बंद गला सूट काफी पसंद है। वित्तमंत्री चीमा ने 2 बजट कुर्ता पजामा और हाफ जेकेट पहनकर पेश किए। उसके बाद 2 बजट बंद गला सूट पहनकर पेश किए। अब आज आखिरी बजट भी वह इसी तरह का सूट पहनकर पेश करने वाले हैं। इतना इतना जरूर है कि उन्होंने अपनी पगड़ी और सूट के कलर को हर साल बदला है। दैनिक भास्कर के साथ आज दिनभर देखिए बजट से जुड़े बड़े मोमेंट्स… 1. बजट कॉपी पर फुलकारी का कवर चढ़ायापंजाब सरकार ने इस बजट को महिलाओं को डेडिकेट करने की तैयारी की है। इसी वजह से बजट की कॉपी पर फुलकारी का कवर चढ़ाया गया है। सरकार आज महिलाओं को 1000 रुपए प्रति महीने देने का ऐलान करने की तैयारी में है। इसके लिए बजट में फंड का प्रबंध किया जाएगा। 2. मां का आशीर्वाद, विधानसभा में परिवार के साथवित्तमंत्री हरपाल चीमा ने पहले मां मनजीत कौर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह सरकारी कोठी से परिवार के साथ बजट पेश करने के लिए बाहर निकले। इस दौरान वह बजट की कॉपी दिखाते हुए नजर आए। वित्तमंत्री के 5 बजट, 5 ड्रेस के बारे में जानिए… हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
सीतापुर में शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और भू-माफियाओं के गोरखधंधे पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर मजिस्ट्रेट व नियत प्राधिकारी मीनाक्षी पांडेय ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि बिना स्वीकृत ले-आउट के जमीनों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह अवैध है। ऐसे मामलों में लिप्त पाए जाने वाले प्लॉट विक्रेताओं और बिल्डरों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने तक की कार्रवाई शामिल है। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ भू-विकासकर्ता अपनी भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर फर्जी या कूट-रचित नक्शों के सहारे भोली-भाली जनता को प्लॉट बेच रहे हैं। यह कृत्य न केवल लोगों के साथ धोखाधड़ी है बल्कि नियमानुसार पूरी तरह अवैध भी है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए अब प्लॉट विक्रेताओं के लिए सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार, किसी भी भूमि पर प्लॉटिंग करने वाले व्यक्ति या संस्था को संबंधित स्थल पर एक सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इस बोर्ड पर गांव और परगना का नाम, गाटा या खसरा संख्या, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत दर्ज मुकदमे का विवरण, साथ ही स्वीकृत ले-आउट की आदेश संख्या और दिनांक स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि कोई विक्रेता बिना स्वीकृत नक्शे के प्लॉट बेचता हुआ पाया गया या जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जमीन खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच कर लें। उन्होंने कहा कि किसी भी भूखंड में निवेश करने से पहले गाटा संख्या, धारा 80 के आदेश और स्वीकृत ले-आउट की जानकारी तहसील या संबंधित कार्यालय से अवश्य सत्यापित कर लें, ताकि भविष्य में किसी विवाद या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी से टोंक के एक लाख 85 हजार 489 नॉन उज्ज्वला उपभोक्ताओं पर हर माह एक करोड़ 11 लाख 29 हजार 340 रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। गैस की कीमत बढ़ने से लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर गड़बड़ा गया है और उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। युद्ध का असर घरेलू गैस की कीमतों पर पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है। इसका प्रभाव भारत में भी देखने को मिला है। होली के त्योहार के कुछ ही दिनों बाद घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई, जिसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ा है। 60 रुपए बढ़कर 929 रुपए हुआ सिलेंडर गैस कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपए बढ़ाकर 929 रुपए प्रति सिलेंडर कर दी है। इससे पहले एक सिलेंडर की कीमत 869 रुपए थी। कीमत बढ़ने से खासकर नॉन उज्ज्वला उपभोक्ताओं की जेब पर ज्यादा असर पड़ेगा। हर महीने एक करोड़ से ज्यादा का अतिरिक्त भार जिले में एक लाख 85 हजार 489 नॉन उज्ज्वला उपभोक्ता हैं। यदि हर उपभोक्ता महीने में एक सिलेंडर लेता है तो 60 रुपए की बढ़ोतरी के कारण उन्हें हर महीने कुल एक करोड़ 11 लाख 29 हजार 340 रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। पहले 16 करोड़ से ज्यादा खर्च, अब 17 करोड़ पार पहले जिले के इन उपभोक्ताओं को हर माह एक गैस सिलेंडर लेने पर करीब 16 करोड़ 11 लाख 89 हजार 941 रुपए खर्च करने पड़ते थे। अब कीमत बढ़ने के बाद यह खर्च बढ़कर करीब 17 करोड़ 23 लाख 19 हजार 281 रुपए हो जाएगा। घरेलू बजट पर पड़ेगा असर गैस सिलेंडर महंगा होने से जिले के उपभोक्ताओं की जेब पर हर माह एक करोड़ रुपए से ज्यादा का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इससे आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होगा और रसोई का खर्च बढ़ जाएगा।
लखनऊ में प्लेबैक सिंगर सुनिधि चौहान अपने लाइव कॉन्सर्ट के दौरान इमोशनल हो गईं। उन्होंने फैंस से कहा- मैंने आपको 100% दिया, लेकिन आपने 1000% दिया है। इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उन्होंने बॉलीवुड में अपने गाए गानों की परफॉर्मेंस दी। साथ ही भोजपुरी गाने भी गाए, जिसमें तू लगावेलू जब लिपस्टिक... को फैंस ने सबसे ज्यादा एंजॉय किया। करीब 3 घंटे के कॉन्सर्ट के दौरान सुनिधि ने 3 बार ड्रेस चेंज की। फैंस ने उनकी परफॉर्मेंस देखने बाद कहा- आग लगा दी। शी इज लव...। ऊपर तस्वीर पर क्लिक कर देखिए VIDEO…
पलवल जिले के असावटी गांव में चोरों ने एक मकान का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। गदपुरी थाना पुलिस ने पीड़ित मकान मालिक की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। गदपुरी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के अनुसार, असावटी गांव निवासी देशराज ने शिकायत में बताया कि 4 मार्च की शाम करीब चार बजे वह मोहन बाबा के दर्शन के लिए गया था। 5 मार्च की सुबह करीब छह बजे जब वह घर लौटा तो मकान का ताला टूटा हुआ मिला। अलमारी से आभूषण और नकदी चोरी घर के अंदर जाकर देखा तो गोदरेज की अलमारी खुली हुई थी और उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण व नकदी गायब थे। पीड़ित के अनुसार, चोरी हुए सामान में दो सोने की अंगूठियां, एक जोड़ी टॉप्स, करीब 10 तोले चांदी के तोड़िया, पांच हजार रुपये नकद और एक गुल्लक शामिल है। पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही पीड़ित के मकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके। जल्द होगी गिरफ्तारी पुलिस का कहना है कि चोरों की पहचान होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस की टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है और जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।
बांदा में दरोगा भर्ती परीक्षा:14-15 मार्च को 10 केंद्रों पर 3840 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
बांदा जिले में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा का आयोजन 14 और 15 मार्च को किया जाएगा। यह परीक्षा जिले के दस केंद्रों पर होगी, जिसमें कुल 3840 अभ्यर्थी शामिल होंगे। भर्ती परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर जिले को पांच जोन में बांटा गया है। परीक्षा के लिए राजकीय कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों को केंद्र बनाया गया है। इनमें राजकीय बालिका पीजी कॉलेज बांदा, नगर पालिका बालिका उ.मा. विद्यालय, डीएवी इंटर कॉलेज, खानकाह इंटर कॉलेज, आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज, जीजीआईसी बांदा, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा, पं. जेएन डिग्री कॉलेज, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज और इंटरमीडिएट कॉलेज तिंदवारा शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों के लिए केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए दस सेक्टर मजिस्ट्रेट और दस स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।
उन्नाव में आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए एक जागरूकता वाहन रवाना किया गया। जिला न्यायालय परिसर से इस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसका उद्देश्य आम जनता को लोक अदालत के महत्व के प्रति जागरूक करना है। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा-I ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रत्नेश दीप कमल आनंद ने बताया कि इस प्रचार वाहन का मुख्य लक्ष्य लोक अदालत के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। सचिव ने जानकारी दी कि यह जागरूकता वाहन शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा। यह बड़ा चौराहा, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व और इसके माध्यम से विवादों के त्वरित निस्तारण के बारे में जानकारी देगा। प्रचार अभियान केवल शहर तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे तहसील स्तर तक भी चलाया जाएगा। इसके तहत, प्रचार वाहन विभिन्न तहसीलों में पहुंचकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों के निस्तारण के लिए प्रेरित करेगा, जिससे उन्हें सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का जल्द समाधान कराने का अवसर मिलेगा। लोक अदालत के माध्यम से बैंक ऋण, बिजली बिल, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद और सिविल वाद सहित कई प्रकार के मामलों का निस्तारण आपसी सहमति से किया जाता है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि लोगों को लंबे समय तक अदालतों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने लंबित मामलों का समाधान कराएं और इस व्यवस्था का लाभ उठाएं। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित 132 केवी उपकेंद्र में रविवार को निर्धारित मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते आज दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक, यानी चार घंटे के लिए, कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपकेंद्र में मुख्य बस आइसोलेटर से 132 केवी मेन बस तक जम्पर कार्य और अन्य आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में बिजली आपूर्ति सुचारु रह सके। मेंटेनेंस के दौरान 132 केवी बैढ़न उपकेंद्र से निकलने वाली निगाही-1 और निगाही-2 लाइनों पर असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, 33 केवी बैढ़न, दूधिचुआ, निगाही, सरस, परसौना, नवजीवन विहार, कचनी और जयंत फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इस कटौती का असर जिला मुख्यालय क्षेत्र, बैढ़न शहर और आसपास के कई मोहल्लों पर होगा। इनमें नवजीवन विहार, कचनी, औद्योगिक क्षेत्र बलियरी, बसंत विहार, सिंगरौलीया, परसौना, हर्रहवा, मझौली शामिल हैं। एनसीएल के निगाही, दूधिचुआ, जयंत और अमलोरी क्षेत्र भी प्रभावित रहेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कई औद्योगिक इकाइयों को भी चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से बहाल कर दी जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और आवश्यक मेंटेनेंस कार्य सुरक्षित व समय पर पूरा करने के लिए सहयोग की अपील की है।
गाजीपुर में कवित्री मणिका दुबे का संदेश:अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटियों को दें आजादी और विश्वास
गाजीपुर में होली मिलन समारोह में शामिल होने पहुंचीं मशहूर कवित्री मणिका दुबे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेटियों और महिलाओं के लिए एक विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपनी बेटियों को इतना भरोसा और आजादी देनी चाहिए कि वे घर की चौखट से बाहर निकलकर अपने सपनों को पूरा कर सकें और समाज के लिए भी योगदान दे सकें। कवित्री दुबे ने बताया कि उन्हें भी अपने माता-पिता से अवसर और विश्वास मिला, जिसके कारण वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं। मणिका दुबे ने अपनी कविता की पंक्तियों के माध्यम से बेटियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपनी कविता सुनाई: एक काजल की बिंदिया अच्छी लगती है, माथे की बिंदिया अच्छी लगती है, घर में बेटी आएगी तब क्या होगा, जब मिट्टी की गुड़िया अच्छी लगती है। उन्होंने समझाया कि जब लोगों को मिट्टी की गुड़िया से भी स्नेह हो जाता है, तो बेटियों से स्नेह होना स्वाभाविक है। बेटियां अपने पिता, भाई और मां के बहुत करीब होती हैं और परिवार के हर एहसास को गहराई से समझती हैं। इसलिए, समाज को भी बेटियों की भावनाओं को समझना चाहिए। इस अवसर पर, उन्होंने एक और कविता प्रस्तुत की, जिसमें बेटियों के संघर्ष और साहस को दर्शाया गया था: घाव अपने सिल रही हैं बेटियां, हर पिता का दिल रही हैं बेटियां, आबरू तुम ही बचा लो बाबूजी, मौत से अब मिल रही हैं बेटियां। बिन परों के नाप लें जो आसमां, जी बहुत काबिल रही हैं बेटियां।
T20 वर्ल्ड कप का फाइनल आज डिफेंडिंग चैंपियन इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 7 बजे से शुरू होगा। मैच को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। सीकर के खाटूश्याम मंदिर में इंडिया की जीत की कामना करते हुए भक्तों ने तिरंगा झंडा बाबा को चढ़ाया। यह तिरंगा झंडा सीकर और जयपुर के कुछ युवाओं ने मिलकर बाबा को चढ़ाया। साथ ही T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भारत के जीत की कामना की। वहीं आज सीकर शहर के सुभाष चौक में बड़ी स्क्रीन पर T20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच देख सकेंगे। यहां व्यापार संघ के द्वारा बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। इसके अलावा शहर में कई रेस्टोरेंट संचालक भी मैच की बड़ी स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीम करवाएंगे।
मशहूर ब्लॉगर और यूट्यूबर अनुराग डोभाल को दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक कार दुर्घटना के बाद राष्ट्र चेतना मिशन की टीम ने बचाया। यह घटना शनिवार रात हवा-हवाई क्षेत्र के पास हुई। टीम ने उन्हें क्षतिग्रस्त कार से निकालकर मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना से पहले, अनुराग डोभाल ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर आत्महत्या का प्रयास किया था। शनिवार रात करीब 7 बजे, उन्होंने मेरठ हाईवे पर कार चलाते हुए लाइव वीडियो बनाया। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा,लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव और खुद को कई थप्पड़ भी मारे। अपनी मां का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, अगली बार आऊं तो बस प्यार देना। इसके बाद, अनुराग ने अपनी कार को लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया और डिवाइडर से टकरा दिया। टक्कर के तुरंत बाद इंस्टाग्राम लाइव बंद हो गया। राष्ट्र चेतना मिशन की टीम, जिसके प्रमुख हेमंत सिंह अपने साथियों के साथ दिल्ली से लौट रहे थे, मौके पर मौजूद थी। टीम के सदस्यों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अनुराग को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। यह टीम अपने सामाजिक कार्यों के लिए देशभर में जानी जाती है। अनुराग डोभाल 'UK07 राइडर' के नाम से प्रसिद्ध हैं और बिग बॉस-17 के प्रतियोगी भी रह चुके हैं। राष्ट्र चेतना मिशन ने अब तक 1000 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार और सैकड़ों निर्धन कन्याओं का विवाह कराया है।
पलवल में खाते से उड़ाए 98 हजार रुपए:बैंक मैसेज देख कर बुजुर्ग के उड़े होश; किसी से OTP नहीं किया शेयर
पलवल जिले के हथीन उपमंडल के बिघावली गांव निवासी एक व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही साइबर ठग को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हथीन थाना प्रभारी हरी किशन के अनुसार, बिघावली गांव निवासी 58 वर्षीय शेखर ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 5 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर बैंक खाते से संबंधित एक संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। खाते से निकले रुपए पीड़ित के अनुसार, उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से धोखाधड़ी के जरिए कुल 97 हजार 976 रुपये की राशि ट्रांसफर कर ली गई। शेखर ने बताया कि इस लेनदेन के बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी। जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो धोखाधड़ी की आशंका जताई गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी इसके बाद शेखर ने राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की। हथीन थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और साइबर ठग की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पाइप लाइन फटी,आज भी नहीं मिला पानी:रात तक चलेगा मरम्मत कार्य, पेयजल का संकट
आगरा जीवनी मंडी स्थित वाटरवर्क्स में मुख्य पाइप लाइन फटने से शनिवार को घरों में पानी नहीं पहुंचा, रविवार को भी पेयजल का संकट बना रहा। डीआई पाइप की देर रात तक मरम्मत की गई। जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत का कहना है कि रात में पाइप लाइन को जोड़ दिया जाएगा और सोमवार की सुबह जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हालांकि सुबह जलाशय न भर पाने के कारण पानी का संकट बना रह सकता है। वाटरवर्क्स के अंदर लाइन लीक होने से प्रेशर कम रहा, जिस वजह से शुक्रवार को सुबह जलापूर्ति ठप हो गई थी। विभाग की टीम ने सुबह करीब 11 बजे पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। बुलडोजर से गड्ढा खोदकर काम शुरू किया लेकिन गोल घर की दीवार में फंसी पाइप लाइन को जोड़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा। डीआई पाइप में एक और पाइप फंसाकर लाइन को जोड़ा जा रहा है। इससे शनिवार को भी जलापूर्ति ठप रही। जलकल विभाग के जीएम एके राजपूत ने बताया कि रात तक पाइप फंसा दिया गया है। रात में बेल्डिंग का कार्य किया जाएगा। इसके बाद टेस्टिंग प्रक्रिया चलेगी। रविवार सुबह भी जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। रविवार को पानी के लिए परेशानीपाइप लाइन टूटने की वजह से रविवार को लोग परेशान रहे। लोगों को घर की जरूरतों के लिए पानी खरीदना पड़ा। पार्षद रवि बिहारी माथुर और राकेश जैन ने बताया कि जिस लाइन में लीकेज हुआ है, वह 100 साल से अधिक पुरानी है। रविवार शाम तक ही जलापूर्ति सामान्य होगी। जेई सुमित पचौरी ने बताया कि 28 इंच की मुख्य राइजिंग लाइन में लीकेज होने से जलापूर्ति बाधित हुई है।
तेंदुआ-लकड़बग्घा से सतर्क रहें ग्रामीण:जंगल में आग से बचाव को लेकर भी दी गई अहम सीख
बलरामपुर में सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग से सटे गांवों में वन विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। यह अभियान जंगली जानवरों की संभावित गतिविधियों और गर्मी में जंगल में आग लगने के खतरे को देखते हुए चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नंदमहरा गांव में वन कर्मियों ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों को सावधानी बरतने के उपाय बताए। बरहवा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके सिंह परिमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि गर्मी बढ़ने पर जंगल में पानी और भोजन की कमी हो जाती है। इस कारण तेंदुआ, लकड़बग्घा सहित अन्य जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में गांवों व खेतों की ओर आ सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने का आग्रह किया। परिमार ने ग्रामीणों को सलाह दी कि यदि कोई तेंदुआ, लकड़बग्घा या अन्य जंगली जानवर दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने खेतों में अकेले जाने के बजाय समूह में जाने की भी सलाह दी। वन अधिकारियों ने एक और उपाय सुझाया। उन्होंने कहा कि फसल काटने से पहले मोबाइल, रेडियो या टीन बजाने से खेतों में छिपे जंगली जानवर डरकर भाग जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। अभियान के दौरान ग्रामीणों को जंगल के आसपास आग से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बीड़ी, सिगरेट या माचिस जलाकर जंगल के पास फेंकना खतरनाक हो सकता है, जिससे भीषण आग लगने का खतरा रहता है। इस जागरूकता चौपाल में वन दारोगा गौरव मिश्र, वन रक्षक अमर मिश्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग के इस पहल की सराहना की।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के खजुरिताल गांव में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में गंभीर घायल युवक की जान रीवा में डॉक्टरों ने बचा ली। घटना 6 और 7 फरवरी की दरमियानी रात की है, जब सो रहे युवक को जगाकर गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए रीवा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने शनिवार को सफल सर्जरी कर उसकी जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक खजुरिताल निवासी अभिषेक दाहिया घर पर सो रहा था। देर रात आरोपियों ने उसे जगाया और उस पर गोली चला दी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल रीवा पहुंचाया। अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि गोली दाहिने फेफड़े के ऊपरी हिस्से को छूते हुए निकल गई थी और मांसपेशी में फंस गई थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सर्जरी में एक घंटे समय लगाडॉ. आशय द्विवेदी और डॉ. शैलेन्द्र सिंह की टीम ने करीब एक घंटे तक सर्जरी कर युवक के शरीर से गोली निकाल दी। डॉक्टरों के मुताबिक ऑपरेशन सफल रहा और फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है। बताया जा रहा है कि गोलीकांड की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि आरोपियों की पूरी जांच और कार्रवाई अभी बाकी है। वहीं घायल युवक की जान बचने से परिजनों ने राहत की सांस ली है।
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के कचमन गांव में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह ने दौरा किया। उन्होंने दबंगों द्वारा मारपीट में घायल हुए एक परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह घटना 4 मार्च को कचमन गांव में हुई थी, जहां कुछ लोगों ने घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इस हमले में एक गर्भवती महिला सहित परिवार के कई सदस्य घायल हो गए थे। पीड़ित छोटेलाल खरवार की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही सनी यादव, अनिल यादव, कन्हैया यादव, मोहित यादव और वीरू यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भूपेंद्र सिंह ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी ली और दिनदहाड़े घर में घुसकर मारपीट की घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे संगठन के सदस्यों के साथ पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग करेंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर इस घिनौने कार्य का आरोप लगाते हुए सपा नेताओं से पीड़ित पक्ष की मदद करने का आग्रह भी किया।
मूवी बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में आरोपी उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कटारिया को पुलिस जांच में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। बड़ी बात ये है कि 4 माह तक उदयपुर पुलिस कटारिया को गिरफ्तार करने में नाकाम रही। पुलिस को कटारिया का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। ऐसे में कटारिया ने पहले उदयपुर कोर्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जो खारिज हो गई लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत दे दी है। बता दें, कटारिया पर आरोप था कि इन्होंने मूवी बनवाने को लेकर परिवादी डॉ अजय मुर्डिया को मुंबई स्थित फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट सहित अन्य लोगों से मिलवाया था। फर्जी बिलों को वेरिफाई करने का आरोप लगाते हुए इन्हें धोखाधड़ी की साजिश में शामिल बताया गया था। कटारिया का पक्ष, पैसे लेनदेन का मुझे नहीं पता, गलत फंसायाकटारिया ने गिरफ्तारी से रोक को लेकर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि डॉ मुर्डिया के कहने पर ही वह मूवी के लिए मुंबई में फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट से मिले थे। मूवी बनाने का कितना बजट तय हुआ और किस चीज में कितने पैसे लग रहे हैं, इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। मैंने किसी वेंडर को नियुक्त नहीं किया। मुझे गलत फंसाया गया है। 18 दिन पहले विक्रम भट्ट और पत्नी को मिली थी जमानत19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को जमानत दे दी थी। इससे पहले 13 फरवरी को श्वेतांबरी को अंतरिम जमानत दी गई थी। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर 2025 को उनके मुंबई स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने जमानत देते हुए दोनों पक्षों को मिडिएशन सेल (मध्यस्थता केन्द्र) में उपस्थित होकर आपसी समझौते से मामले को सुलझाने के आदेश दिए थे। व्यापारी की पत्नी की बायोपिक बनाने के नाम पर रुपए लिएराजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी।कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉक्टर अजय मुर्डिया को कहा- 7 करोड़ रुपए और फाइनेंस करके वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा।इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था।
सरकारी दफ्तरों में बैठकर जनता की जेब काटने वाले 13 'रिश्वतखोरों' पर पिछले एक साल में शिकंजा कसा गया। झुंझुनूं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शेखावाटी के तीनों जिलों में जाल बिछाकर भ्रष्टाचार के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। पटवारी से लेकर पुलिस की वर्दी और बिजली विभाग के दफ्तरों तक, भ्रष्टाचार के सफेदपोश चेहरे बेनकाब हुए हैं। राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा 'दीमक', पुलिस भी पीछे नहीं आंकड़ों का विश्लेषण करें तो सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार राजस्व विभाग में देखने को मिला। जमीन की पैमाइश और नामांतरण के नाम पर नवलगढ़, बुहाना और दूधवा खारा के पटवारी ACB के जाल में फंसे। वहीं, जनता की रक्षा का दम भरने वाली पुलिस भी पीछे नहीं रही; लोसल, रानोली और बुहाना के हेड कांस्टेबल रिश्वत लेते रंगे हाथों धरे गए। कहां-कहां गिरी ACB की गाज छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े प्रभारियों तक पर कार्रवाई हुई। राजगढ़ और सरदारशहर में सबसे बड़े धमाके झुंझुनूं ACB ने जिले से बाहर चूरू जिले में कार्रवाई की। राजगढ़ (चूरू) यहां भूमि शाखा प्रभारी को 1.90 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत के साथ दबोचा गया। यह झुंझुनूं ACB की इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई रही। झुंझुनूं ACB की टीम ने सरदारशहर में ट्रेप की कार्रवाई की। यहां सहायक लेखाधिकारी (AAO) 90 हजार रुपये के लालच में अपनी नौकरी और इज्जत दांव पर लगा बैठा। झुंझुनूं ACB का बढ़ता ‘दबदबा’ झुंझुनूं ACB की कार्यशैली का असर अब सीमाओं के पार भी दिख रहा है। जिले की टीम ने न केवल स्थानीय बल्कि सीकर और चूरू जिलों में भी घुसकर ट्रैप किए। आलम यह है कि पड़ोसी जिलों के लोग भी अब न्याय की उम्मीद में झुंझुनूं ACB के पास पहुंच रहे हैं। झुंझुनूं ACB के ASP नरेंद्र पूनियां ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध हैं। यदि कोई अधिकारी काम के बदले पैसे मांगे, तो डरे नहीं, हमें बताएं। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। एक नजर में 'ट्रैप' डायरी कुल ट्रैप कार्रवाई: 13 कुल रिकवरी: 4.40 लाख निशाने पर विभाग: राजस्व, पुलिस, बिजली, नगर निकाय और सहकारी समितियां।
नर्मदापुरम जिले में जनसंपर्क अधिकारी रश्मि देशमुख के सरकारी आवास और एक मस्जिद से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने रविवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक बाल अपचारी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई संपत्ति जब्त कर ली गई है। जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी को जनसंपर्क विभाग की संयुक्त संचालक रश्मि देशमुख के शासकीय आवास में चोरी हुई। रश्मि देशमुख किसी निजी कार्यक्रम में बाहर गई थीं। इस दौरान चोरों ने पीछे के रास्ते से गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया और बाथरूम में लगे नलों की टोटियां निकालकर ले गए। अगले दिन फिर घुसने की कोशिश कीअगले दिन चोरों ने फिर से घर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन रश्मि देशमुख की आवाज सुनकर वे मौके से फरार हो गए। 2 फरवरी को रश्मि देशमुख ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और मुखबिर की सूचना पर बाल अपचारी से पूछताछ की। पूछताछ में उसने चोरी करना स्वीकार किया और चोरी की गई वस्तुएं बरामद की गईं। आरोपी को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे संप्रेक्षण गृह बैतूल भेजा गया। मस्जिद में चोरी करने वाले भी पकड़ाएमस्जिद में चोरी का मामला 28 जनवरी का है, जिसमें शिकायत अकबर अली ने दर्ज कराई थी। पुलिस ने इमरान खान (पिता कमाल अंसारी, उम्र 35 वर्ष, निवासी मटन मार्केट, बंगाली कॉलोनी, नर्मदापुरम) को गिरफ्तार किया। असली कीमत करीब 40,000 रुपए की साउंड मशीन, 2 माइक और स्टैंड, गैस टंकी, आरओ मशीन और अन्य बर्तन आरोपी के कब्जे से जब्त किए गए। एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बताया कि दोनों चोरी के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक आरोपी बाल अपचारी है। बरामद की गई संपत्ति को संबंधित विभाग और पीड़ितों को लौटाने की कार्रवाई की जा रही है।
भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण से जुड़ी भवन निर्माण समिति की बैठक का रविवार को तीसरा दिन रहा। बैठक में शामिल होने से पहले समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर निर्माण की प्रगति और आगामी कार्यक्रमों को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंदी नववर्ष के अवसर पर 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का अयोध्या दौरा प्रस्तावित है। राष्ट्रपति कार्यालय से इस कार्यक्रम को लेकर सहमति भी मिल चुकी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति लगभग साढ़े तीन घंटे तक राम जन्मभूमि परिसर में रहेगी। इस दौरान वह मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगी। मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और कार्यदायी संस्थाओं की भूमिका को भी इस अवसर पर विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। पांच साल में पूरा हुआ मंदिर निर्माण का बड़ा चरण नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर निर्माण का प्रमुख कार्य लगभग पांच वर्षों में पूरा हुआ है। इस दौरान कई संस्थाओं, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्माण कार्य से जुड़ी प्रमुख कंपनियां Larsen Toubro और Tata Consultancy Services को 15 मई तक औपचारिक रूप से अवमुक्त कर दिया जाएगा। 15 मार्च को होगा ट्रस्ट को हैडओवर बैठक में एलएंडटी ने स्पष्ट किया कि 10 मार्च तक शेष कार्य समेट लिए जाएंगे और 15 मार्च से पहले परकोटे को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को हैंडओवर कर दिया जाएगा। परकोटे के छह मंदिरों के साथ शेषावतार और सप्त मंडपम के दर्शन जल्द श्रद्धालुओं के लिए शुरू कराने का दबाव भी ट्रस्ट पर है। चार किमी लंबी अत्याधुनिक बाउंड्री वॉल का निर्माण मंदिर परिसर की सुरक्षा को देखते हुए करीब चार किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण Engineers India Limited द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा परिसर में एक विशेष गैलरी बनाई जा रही है, जिसमें राम मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा को दर्शाने की योजना है। धूल से ढकी दीवारों की सफाई, पत्थरों पर होगी वाटरप्रूफ कोटिंग फिनिशिंग और पत्थरों की कटिंग के दौरान उड़ रही धूल के कारण मंदिर परिसर में कुहासे जैसा माहौल बन गया था और मंदिर की दीवारों पर धूल की परत जम गई थी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए ट्रस्ट ने दीवारों पर प्रोटेक्शन कोटिंग और वाटरप्रूफिंग का काम शुरू करा दिया है। इससे बरसात के दौरान पत्थरों में पानी का रिसाव नहीं होगा और उनकी आयु सुरक्षित रहेगी। राष्ट्रपति के स्वागत में फूलों से सजेगा पूरा परिसर हिंदी नववर्ष के दिन राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरे परिसर की विशेष साज-सज्जा की तैयारी कर रहा है। मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर फूलों से सुसज्जित भव्य गेट बनाए जाएंगे और पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग वेंडरों से कोटेशन मंगवाए गए हैं। कोटेशन के आधार पर बातचीत कर जल्द ही वेंडरों को काम का ऑर्डर दिया जाएगा।
बलिया में SDM ने कुत्ते के काटने पर DM से 8 दिन की छुट्टी मांगी। लेटर में लिखा- कुत्ते ने मेरे दोनों हाथ में काट लिया है। जिससे हाथ में गहरा जख्म हो गया है। स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया, लेकिन घाव से खून बहना बंद नहीं हो रहा है। मैं अपना कोई भी काम नहीं कर पा रहा हूं। डॉक्टरों ने मुझे किसी अच्छे संसथान और विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी गई है। इसलिए मुझे 6 मार्च से 13 मार्च तक अवकाश की अनुमति दी जाए। इसके बाद डीएम ने उन्हें 8 दिन के अवकाश की अनुमति दे दी। मामला बैरिया तहसील का है। एसडीएम आलोक प्रताप सिंह ने 5 मार्च को डीएम को लेटर लिखकर उनसे छुट्टी मांगी थी। लेटर पर सिग्नेचर की जगह अंगूठा लगाया था। आलोक प्रताप सिंह 2023 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं। SDM आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि वह इलाज के लिए दिल्ली आए हुए हैं। उन्होंने घटना के बारे में बताया कि 2 मार्च की रात उनके माता-पिता आए थे। उनके आने पर मेरा पालतू कुत्ता बहुत उतावला हो गया। 3 मार्च को सुबह हम सभी लॉन में बैठकर चाय पी रहे थे। उसी समय मेरा कुत्ता भौंक रहा था। उसे बाहर निकालने के लिए मैंने उसका पट्टा पकड़ा और अपने माता-पिता की तरफ ले जा रहा था। इसी बीच कुत्ते ने मुझे अपने जबड़े में दबा लिया। बचने के लिए मैंने दूसरे हाथ से छुड़ाने का प्रयास किया, जिससे मेरे दोनों हाथ जख्मी हो गए। कुत्ते ने मुझे तब छोड़ा जब वहां मौजूद कर्मी ने पानी की बोतल से उस पर पानी डाला। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल वह मेडिकल लीव पर हैं। घरेलू काम कराने का लगा था आरोप आलोक प्रताप सिंह ने 12 फरवरी 2024 को बलिया में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला। जनवरी 2026 में उन पर एक होमगार्ड द्वारा ड्यूटी से हटाकर घरेलू काम कराने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा तहसील में दलालों की सक्रियता को लेकर पूर्व विधायक ने उनपर सवाल उठाया था। वहीं डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया- छुट्टी का आवेदन दिया गया है। एसडीएम के हाथ में कुत्ते ने काट लिया है। हाथ में प्लास्टर लगने की वजह से लिखने में असमर्थ हैं। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर हमला:चलती ट्रेन में चाकू मारे, नाक काटने की कोशिश; टॉयलेट में छिपकर जान बचाई शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष ने बताया- रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे और हाथ पर कई वार किए। गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहा। पढ़ें पूरी खबर
महाराजगंज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में रविवार सुबह परतावल चौराहे पर भाजपा नेताओं और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना अब्दुल्लाह सलीम का पुतला फूंका और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेता काशीनाथ सिंह और हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व पदाधिकारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता परतावल क्षेत्र में एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और परतावल चौराहे तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विवादित टिप्पणी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। चौराहे पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने मौलाना अब्दुल्लाह सलीम का पुतला जलाया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी करने की मांग की। भाजपा नेता काशीनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे बयानों से प्रदेश के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में वैमनस्य फैलता है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर कई स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए परतावल चौराहे पर भीड़ जुटी रही, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।
हैप्पी होली बोली तो काट डाला...CCTV:जीएसटी क्लर्क ने चाकू से युवक को गोद था, मां-बहन ने साथ दिया था
लखनऊ के दुबग्गा थानाक्षेत्र में हैप्पी होली बोलने से गुस्साए जीएसटी विभाग के क्लर्क ने मां-बहन के साथ मिलकर एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। घटना के तीन दिन बाद हत्या का सीसीटीवी सामने आया। जिसमें दो पक्ष लड़ते दिख रहे हैं, इसके बाद चाकू से गोदकर युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस तीनों आरोपियों को जेल भेज चुकी है। वीडियो 7 मिनट का है। ये सीसीटीवी आरोपी मोहित के घऱ पर ही लगा था। जिसमें पूरी घटना कैद हो गई। वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि पहले दो पक्ष लड़ते हैं। इसके बाद इलाके के लोग बीचबचाव कर अलग कर देते हैं। 2 तस्वीरें देखिए… वीडियो में दिख रहा है कि आरोपी मोहित भागते हुए घर की तरफ जाता है, अंदर से रॉड लेकर आता है। आते ही सूरज पर हमला कर देता है। बचाव में उसे धकेलता है, जिससे वो नाली में गिर जाता है। इसके बाद पीछे से उसकी बहन शिवानी चाकू लेकर आती है। दोनों धक्का देते हुए सूरज को कार के पीछे ले जाते हैं और ताबड़तोड़ कई वार करके मौत के घाट उतार देते हैं। इस दौरान वहां मौजूद लोग लगातार चिल्लाते रहते हैं, छुड़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन आरोपी मारकर घर में घुस जाते हैं। अब घटनाक्रम विस्तार से पढ़िए… लखनऊ में हैप्पी होली कहने के विवाद में बुधवार (4 मार्च) को युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। युवक की पहचान दुबग्गा थाना क्षेत्र के बेगरिया गांव के रहने वाले सूरज गौतम (22) के रूप में हुई थी। मृतक के पिता राजेंद्र गौतम ने बताया था- मैं बुधवार शाम करीब 5 बजे मोहल्ले के निशु के साथ घर के सामने खड़ा था। इस दौरान निशु ने वहां से गुजर रहे गांव के मोहित तिवारी को हैप्पी होली बोल दिया। बाइक सवार मोहित ने इसका विरोध किया। जिस पर हम लोगों ने उससे माफी मांगी। बावजूद इसके उसने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। मेरे बेटे सूरज और शिवा बीच-बचाव करने आए। शोर-शराबा सुनकर मोहित की मां रंजना और गांव के अन्य लोग भी पहुंच गए। मोहित मेरे बेटे सूरज को किनारे ले गया। वहां अपनी बहन रंजना को आवाज देकर बुलाया। रंजना कुर्ते में चाकू छिपाकर आई। उसने सूरज के पेट में चाकू से 3 वार किया। फिर मोहित ने उससे चाकू लेकर सूरज पर कई वार किए, जिससे मेरे बेट की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने घेरा था थाना वारदात को लेकर लोगों में काफी गुस्सा था। लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था। गुस्साए लोग दुबग्गा थाना पहुंच गए थे। थाने का घेराव करके पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। थाने के सामने सड़क जाम करने की कोशिश की थी। गांव के साजन कुमार ने बताया था- मेरे हाथों में सूरज ने दम तोड़ा है। उसके पिता के दोस्त निशु ने मोहित को हैप्पी होली बोला था। इस पर उसने सूरज के पिता के साथ गाली-गलौज की। उसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। मोहित का परिवार गांव में किसी से नहीं रखता था संबंध ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी मोहित जीएसटी विभाग में बाबू के पद पर तैनात है। इस समय वाराणसी में पोस्टिंग है। पिता की जगह पर नौकरी पाया था। उसकी बहन शिवानी (30) घर में ही रहती थी। उनका परिवार गांव में किसी से संबंध नहीं रखता था। उनके घर के बाहर यदि बच्चे भी खेलते-खेलते पहुंच जाते थे तो उन्हें भी मारकर भगा देते थे। मोहित को सरकारी नौकरी होने का काफी घमंड था। वह किसी से बातचीत नहीं करता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जींद जिले की जुलाना पुलिस ने यूको बैंक के एटीएम का ताला तोड़ने का प्रयास करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव कमाच खेड़ा निवासी अमरजीत के रूप में हुई है। यह घटना कस्बे के मैन बाजार स्थित यूको बैंक के एटीएम पर हुई थी। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10 बजे अमरजीत मैन बाजार स्थित एटीएम के पास पहुंचा। कुछ देर तक आसपास की स्थिति देखने के बाद उसने एक औजार की मदद से एटीएम का ताला तोड़ने का प्रयास किया। जैसे ही उसने ताला तोड़ने की कोशिश की, एटीएम का सुरक्षा सायरन बज उठा। सायरन बजते ही आरोपी फरार सायरन की आवाज सुनते ही आरोपी घबरा गया और तुरंत मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान पुलिस ने एटीएम के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी युवक स्पष्ट रूप से आता-जाता दिखाई दिया। बैंक मैनेजर की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे गांव कमाच खेड़ा से काबू कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने पहले भी ऐसी कोई वारदात की है या नहीं।
टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच को लेकर भारत के हर कोने में उत्साह है और लोग जीत के लिए दुआएं-प्रार्थना कर रहे हैं। इसी कड़ी में धर्मनगरी काशी में टी20 विश्व कप के फाइनल से पहले क्रिकेट प्रेमियों ने भारतीय टीम की जीत के लिए अस्सी घाट पर हवन कर प्रार्थना की। इस दौरान क्रिकेट प्रेमी हाथों में तिरंगा झंडा लेकर पहुंचे थे। अब जानिए क्रिकेट प्रेमियों ने क्या कहा आशुतोष ने कहा - आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच बड़ा मैच है। भारतीय टीम अच्छा खेले, इसके लिए अस्सी घाट पर विशेष हवन और प्रार्थना की ताकि हमारी टीम विश्व कप जीते। हम लोगों ने प्रार्थना की कि भारतीय टीम के बल्लेबाज और बॉलर अच्छा प्रदर्शन करें और विश्व कप घर लाएं। दूसरे क्रिकेट प्रेमी ने कहा- भारतीय टीम इस बार बहुत अच्छा खेल रही है। मैं चाहता हूं कि भारत इसी तरह खेलता रहे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे खिलाड़ी इस समय अच्छी फॉर्म में हैं। हम लोगों ने भारतीय टीम के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और जीत के लिए हवन-पूजन किया है।
उदयपुर में पॉश इलाकों में अवैध रूप से परोसे जा रहे हुक्के के खिलाफ पुलिस ने बीती रात कार्रवाई की। जिला विशेष टीम (DST) ने एक साथ चार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर हुक्का बार संचालकों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में बड़गांव के ग्रीक फार्म, सुखेर के फ्रेंड्स जॉन, अम्बामाता के उदयपुर हाइक्स और अमराई घाट स्थित होटल वंडर व्यू पर रेड डाली गई। इन चारों ठिकानों से पुलिस ने कुल 26 हुक्के, करीब 45 पाइप और 68 से ज्यादा नशीले फ्लेवर के पैकेट बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई एसपी योगेश गोयल के सख्त निर्देशों पर हुई। पुलिस को लंबे समय से शहर के युवाओं के बीच हुक्के के बढ़ते चलन और अवैध रूप से रेस्टोरेंट्स में इसके परोसे जाने की इनपुट्स मिल रही थीं। इसके बाद स्पेशल टीम ने जाल बिछाया और एक साथ इन चारों लोकेशन पर छापा मारा। पुलिस की इस रेड से रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया और कई लोग मौके से भागने की कोशिश करते नजर आए। कार्रवाई का सबसे बड़ा केंद्र बड़गांव थाना क्षेत्र का ग्रीक फार्म रेस्टोरेंट रहा। यहां पुलिस ने जब छापा मारा तो नजारा हैरान करने वाला था। यहां से पुलिस ने 13 हुक्के, 20 पाइप और 30 फ्लेवर पैकेट जब्त किए। इस मामले में पुलिस ने स्वरूपगंज (सिरोही) निवासी संचालक निर्मल मेघवाल को नामजद किया है। इसी तरह सुखेर इलाके के फ्रेंड्स जॉन रेस्टोरेंट से 4 हुक्के और 12 फ्लेवर बरामद कर राजेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, अम्बामाता थाना क्षेत्र के कुराबड़ हिल्स स्थित उदयपुर हाइक्स रेस्टोरेंट पर 3 हुक्के और 6 फ्लेवर मिले। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग इस रेस्टोरेंट की कई बार शिकायत कर चुके थे, लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं हुआ था। चर्चा है कि आखिर किसके रसूख के चलते इतने समय तक यहां अवैध काम चल रहा था। अंबामाता के अमराई घाट के होटल वंडर व्यू से 6 हुक्के और 20 फ्लेवर जब्त कर संचालक शांतिलाल को आरोपी बनाया गया है। एसपी योगेश गोयल ने बताया कि यह अभियान थमा नहीं है। शहर को नशामुक्त बनाने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
हरियाणा के पंचकूला में क्राइम ब्रांच टीम ने सवा करोड़ रुपए की कीमत की हेरोइन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड पर लेकर उसके तस्करी के रूट का पता लगाया जाएगा। पंचकूला क्राइम ब्रांच-26 टीम को गश्त के दौरान सूचना मिली कि सेक्टर-16 निवासी युवक नशीला पदार्थ बेचने के लिए सेक्टर 25-26 पंचकूला को जाने वाले पुल के पास हेरोइन बेचने के लिये किसी व्यक्ति की इंतजार में खड़ा है। टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर रेड की तथा एक युवक को काबू किया। जिसकी पहचान पंचकूला के बुढनपुर निवासी तजिंद्र सिंह के तौर पर हुई। 260 ग्राम हेरोइन हुई बरामद पंचकूला क्राइम ब्रांच के ASI जितेंद्र के अनुसार उनकी टीम ने युवक की तलाशी के लिए राजपत्रित अधिकारी ACP राकेश को सूचित किया। एसीपी राकेश मौके पर पहुंचे तो उनकी मौजूदगी में तलाशी ली गई। आरोपी के पास से 260 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत करीब सवा करोड़ रुपए है। आईफोन का शौकीन आरोपी के पास से एक आईफोन व वीवो कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ है। आरोपी आईफोन रखने का शौकीन है। शौक पूरे करने व खुद नशे का आदी होने के कारण तस्करी से जुड़ा हुआ है। आरोपी के खिलाफ पंचकूला सेक्टर-20 पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया गया ह।
बड़वानी में महिला सशक्तिकरण का प्रभाव हर क्षेत्र में दिख रहा है। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिले की नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी चौहान हैं, वहीं कलेक्टर जयति सिंह और जिला पंचायत सीईओ काजल जावला भी महिला अधिकारी हैं। इसके अलावा जिले की 234 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच, पांच जनपद अध्यक्ष और छह नगर परिषद अध्यक्ष महिलाएं हैं। छह महीनों में जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ी कलेक्टर जयति सिंह के नेतृत्व में पिछले छह महीनों में जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ी है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और वंचित लोगों के लिए क्लस्टर अनुसरण शिविर आयोजित किए, जहां वे स्वयं ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर समाधान करती हैं। इसके अलावा, 'युवा संगम पोर्टल' और 'ग्रीन कमांडो' जैसी पहलों से युवाओं और ग्रामीणों के लिए नई संभावनाएं खोली गई हैं। 5-सी मॉडल पर काम कर रहीं है कलेक्टर कलेक्टर जयति सिंह 5-सी (कमिटमेंट, कोऑर्डिनेशन, कम्युनिकेशन, कंप्लीशन, कंट्रोल) मॉडल पर काम करती हैं, जो शिकायत निस्तारण और प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाता है। उन्होंने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और किसानों के अनुकूल बनाया और ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया। शिक्षा, पंचायत और नगरीय निकायों में महिला नेतृत्व बड़वानी जिले की 409 ग्राम पंचायतों में से 234 में महिलाएं सरपंच हैं। नौ नगरीय निकायों में छह में महिला अध्यक्ष हैं, जबकि सात जनपद पंचायतों में पांच में महिलाएं अध्यक्ष पद संभाल रही हैं। जिले में पुरुषों के बराबर महिला मतदाता जिले में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के लगभग बराबर है। एसआईआर सर्वे के अनुसार, जिले में कुल 10 लाख 46 हजार 875 मतदाता हैं, जिनमें 5 लाख 20 हजार 418 महिला मतदाता हैं। बड़वानी में महिला अधिकारी और नेता प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रही हैं। ये महिलाएं न केवल शासन की योजनाओं को जमीन पर उतार रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की नई परिभाषा भी गढ़ रही हैं।
भरतपुर की 35 साल की ऊषा सोलंकी बचपन में परिवार पर हुए हमले में मां, दादी और चाची को खो चुकी थीं। पिता लंबे समय कोमा में रहे। मुश्किल हालातों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। आज वे 50 से अधिक सरकारी स्कूलों और 62 आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़कर टॉयलेट-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और बच्चों की शिक्षा व महिलाओं के रोजगार के लिए काम कर रही हैं। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी उनके कामों की सराहना कर चुकी हैं। महिला दिवस पर पढ़िए उनके संघर्ष और सफलता की कहानी… ऊषा की जिंदगी में संघर्ष बहुत छोटी उम्र से शुरू हो गया था। 1993 में उनके दादा की हत्या हो गई थी। गांव में एक विवाद हो गया था। इसके बाद गांव के ही एक आदमी ने उषा के दादा की हत्या कर दी थी। यह घाव अभी भरा भी नहीं था कि 1995 में एक और दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घर में घुसकर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में उनकी मां, दादी और चाची की मौत हो गई। पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता की जान तो बच गई, लेकिन वो कोमा में चले गए। लंबे समय तक उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा। उस समय उषा सिर्फ 7 साल की थीं। घर में सगे-चचेरे भाई-बहनों को मिलाकर कुल 7 बच्चे थे। एक ही छत के नीचे रहते थे। अचानक सबके सिर से मां का साया उठ गया। परिवार के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। बुआ बनीं सहारा, ऊषा ने की MBAऊषा बताती हैं- इतनी बड़ी त्रासदी के बाद बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उनकी बुआ ने उठाई। उन्होंने न सिर्फ बच्चों को सहारा दिया बल्कि उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत भी दी। बुआ की शादी उत्तर प्रदेश के गांव में हो गई थी। बच्चों की परवरिश के लिए बुआ लंबे समय तक भरतपुर ही रहीं। जब बच्चे कुछ बड़े हो गए उसके बाद ही वह वापस अपने ससुराल गईं। ऊषा कहती हैं कि उस समय आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह की चुनौतियां थीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चों को घर में ही रहना पड़ता था। स्कूलिंग घर से ही हुई थी। कठिन हालातों के बावजूद ऊषा ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। एमबीए (MBA) और एमएसडब्ल्यू (MSW) किया। इसके बाद उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए सोशल वर्क में पीएचडी शुरू की। उनका मानना है कि शिक्षा केवल डिग्री नहीं, समाज में बदलाव लाने का सबसे मजबूत रास्ता है। 2010 से बच्चों की शिक्षा के लिए कामऊषा ने साल 2010 से इस दिशा में सक्रिय रूप से काम शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर साफ पानी नहीं होता। शौचालयों की स्थिति खराब होती है। इन समस्याओं का सबसे ज्यादा असर लड़कियों की पढ़ाई पर पड़ता है। कई बार छात्राएं स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। इसी को देखते हुए ऊषा ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की पहल की। आज ऊषा 50 से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही हैं। इसके साथ ही वह 62 आंगनबाड़ी केंद्रों से भी जुड़ी हुई हैं। वह स्कूलों में टॉयलेट और स्वच्छ पानी की व्यवस्था बेहतर करवाने के लिए स्थानीय समुदाय, प्रशासन और संस्थाओं के साथ मिलकर काम करती हैं। ऊषा का कहना है कि बच्चों को पढ़ने के लिए सुरक्षित और साफ वातावरण मिलेगा, तभी वे अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहलबच्चों के साथ काम करने के अलावा ऊषा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही हैं। ग्रामीण और दिव्यांग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्होंने मावली कॉउचर नाम की संस्था की शुरुआत की। इस पहल के तहत महिलाओं को सिलाई और अन्य कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके अलावा अपने सामाजिक कार्यों को संगठित रूप देने के लिए ऊषा ने दरख्त छांव फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही है। इसके जरिए सैकड़ों बच्चों और महिलाओं तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। शिल्पा शेट्टी ने भी सराहा ऊषा का कामऊषा सोलंकी के काम की सराहना अब देशभर में होने लगी है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी उनकी मदद की। ऊषा बताती हैं कि एक दिन अचानक उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को शिल्पा शेट्टी के फाउंडेशन से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऊषा के काम का वीडियो देखा है और उनके प्रयासों से काफी प्रभावित हैं। ऊषा के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि यह कॉल सच में शिल्पा शेट्टी के फाउंडेशन से है। बाद में फाउंडेशन की ओर से उनसे विस्तार से बातचीत की गई और उनके काम की जानकारी ली गई। इसके बाद शिल्पा शेट्टी की ओर से ऊषा के कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया गया, ताकि वह बच्चों और महिलाओं के लिए चल रहे अपने प्रयासों को और आगे बढ़ा सकें। ऊषा कहती हैं कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ मदद नहीं, बल्कि उनके काम की बड़ी सराहना और प्रेरणा भी है।
धार जिले की जेतपुरा ग्राम पंचायत में 1 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बनी पानी की टंकी की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। टंकी की जर्जर हालत और लगातार पानी के रिसाव को लेकर मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा निर्मित यह टंकी वर्ष 2022 में बनी थी और इसका संचालन 2023 में शुरू हुआ था। कुछ ही समय में टंकी में दरारें पड़ने लगीं और चारों ओर से पानी का रिसाव होने लगा। इससे टंकी की नींव और पिलर कमजोर पड़ गए थे, जिससे आसपास रहने वाले हजारों लोगों में भय का माहौल था। पीएचई की एक टीम मौके पर पहुंचीदैनिक भास्कर डिजिटल पर खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को पीएचई विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने टंकी की मरम्मत का काम शुरू किया। विभाग ने रिसाव वाले स्थानों पर विशेष केमिकल और अन्य सामग्री का उपयोग कर लीकेज को बंद किया। साथ ही, क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को भी बदला गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। दैनिक भास्कर की खबर के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। फिलहाल टंकी से होने वाला पानी का रिसाव नियंत्रित कर लिया गया है और जल आपूर्ति को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टालने के लिए टंकी की नियमित जांच और मजबूती के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रशासनिक सेवाओं से लेकर विज्ञान और पर्यावरण तक, कई महिलाएं अपने काम से समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। ऐसी ही एक युवा अधिकारी हैं इंडियन फॉरेस्ट सर्विस की अधिकारी मृदुला सिंह। उन्होंने कम उम्र में अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की और आज जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला दिवस के मौके पर उनकी कहानी यह बताती है कि अगर परिवार का सहयोग, सही शिक्षा और मजबूत इरादा हो तो लड़कियां किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। मृदुला सिंह का मानना है कि शिक्षा और समान अवसर ही वह रास्ता है, जिससे महिलाएं अपने जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। लखनऊ से शुरू हुआ सफर और इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई मृदुला सिंह का जन्म 1 मार्च 1997 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के प्रसिद्ध ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, लखनऊ में हुई। पढ़ाई में शुरू से ही उनका अच्छा प्रदर्शन रहा। स्कूल के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का फैसला किया और मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए IIT बॉम्बे से एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में एमटेक किया। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें पर्यावरण और प्रकृति से जुड़े विषयों में ज्यादा रुचि होने लगी और यही रुचि आगे चलकर उनके करियर का आधार बनी। बचपन से जानवरों और जंगल से था खास लगाव मृदुला सिंह बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही जानवरों और जंगल से खास लगाव रहा है। वह कहती हैं कि बचपन में उनका सपना जूकीपर बनने का था, क्योंकि उन्हें जानवरों के साथ रहना और उनकी देखभाल करना अच्छा लगता था। वह मानती हैं कि यह लगाव शायद उन्हें अपनी मां से मिला, क्योंकि उनकी मां को भी जानवरों से बहुत प्यार था। उनके पिता सिविल इंजीनियर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। परिवार का माहौल ऐसा था, जहां बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं किया जाता था। मृदुला कहती हैं कि उन्हें हमेशा पढ़ाई करने और अपने फैसले खुद लेने की आजादी मिली। इसी वजह से वह अपने मन का रास्ता चुन सकीं और प्रकृति से जुड़े काम को अपने करियर के रूप में अपनाया। पहली कोशिश में पास की वन सेवा परीक्षा मृदुला सिंह ने साल 2020 में इंडियन फॉरेस्ट सर्विस एग्जामिनेशन दी। इस एग्जाम में उन्होंने पहली ही कोशिश में सफलता हासिल की और पूरे देश में 15वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन उत्तर प्रदेश कैडर में हुआ। चयन के बाद उन्होंने देहरादून स्थित इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकादमी में करीब 16 महीने की ट्रेनिंग ली। यहां उन्हें जंगल प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और फील्ड वर्क की कई जरूरी बातें सिखाई गईं। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें अलग-अलग जंगलों में जाकर काम करने का अनुभव भी मिला। इसके बाद उन्होंने दुधवा नेशनल पार्क में भी ट्रेनिंग ली, जहां उन्होंने वन्यजीवों को करीब से समझने और उनके संरक्षण से जुड़े काम को देखा। वन्यजीव संरक्षण में किया स्पेशलाइजेशन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मृदुला सिंह ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में और गहराई से काम करने के लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से स्पेशलाइजेशन किया। यहां उन्हें जंगलों के संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवास को बचाने से जुड़े विषयों पर विशेष ट्रेनिंग मिली। मृदुला बताती हैं कि उन्हें विदेश में पीएचडी करने का मौका भी मिला था, लेकिन उन्होंने उसे छोड़कर वन सेवा में आने का फैसला किया। उनका कहना है कि प्रकृति के साथ रहना और जंगलों के लिए काम करना उनके लिए सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। शादी के बाद राजस्थान कैडर में आईं मृदुला साल 2024 में मृदुला सिंह ने अपने बैचमेट राहुल झाझरिया से शादी की। राहुल झाझरिया मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले से हैं और उन्होंने IIT दिल्ली से पढ़ाई की है। दोनों ने देहरादून की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में ट्रेनिंग की थी। शादी के बाद मृदुला सिंह ने उत्तर प्रदेश कैडर से राजस्थान कैडर में ट्रांसफर लिया। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के नागौर क्षेत्र में ट्रेनिंग ली और फिर यहां अपनी सेवाएं देना शुरू किया। सिरोही से चित्तौड़गढ़ तक की जिम्मेदारी राजस्थान में आने के बाद मृदुला सिंह की पहली पोस्टिंग सिरोही के जंगल क्षेत्र में हुई। यहां उन्होंने जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े कई काम किए। इस पोस्टिंग में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। इसके बाद उनकी दूसरी पोस्टिंग चित्तौड़गढ़ जिले में हुई, जहां वह वर्तमान में वन विभाग में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्हें यहां सीतामाता सेंचुरी और बस्सी सेंचुरी की देखभाल करने का मौका मिला है। मृदुला का कहना है कि जंगल में काम करना चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन प्रकृति के बीच रहकर काम करने का अनुभव बहुत खास होता है। महिलाओं के लिए दिया खास संदेश महिला दिवस के अवसर पर मृदुला सिंह का कहना है कि समाज में महिलाओं की स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। अब लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी कई जगह उन्हें बराबर अवसर नहीं मिलते। उनका मानना है कि सबसे जरूरी चीज शिक्षा है। अगर लड़कियों को अच्छी शिक्षा मिलेगी तो वे अपने जीवन में सही फैसले ले सकेंगी और आगे बढ़ सकेंगी। मृदुला कहती हैं कि महिला दिवस सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब दोनों एक-दूसरे को समझें और सहयोग करें। परिवार का सहयोग बना सफलता की ताकत मृदुला सिंह अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देती हैं। वह बताती हैं कि उनके पिता ने हमेशा उनकी पसंद और फैसलों का सम्मान किया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित किया। इसी तरह, उनके पति राहुल झाझरिया ने भी उन्हें हमेशा एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में देखा और उनके हर फैसले में साथ दिया। मृदुला मानती हैं कि अगर परिवार का सहयोग और भरोसा साथ हो तो कोई भी लड़की अपने सपनों को पूरा कर सकती है।
भट्टी पर रखी कढ़ाई में तेल धीरे-धीरे खौलने लगता है। उसके पास खड़ी एक महिला मोंठ के गिलोये आटे को छलनी से घिसते हुए भुजिया बनाना शुरू करती है। भट्टी की तेज गर्मी से चेहरा पसीने से भीग जाता है, लेकिन उसके हौसले में कोई कमी नहीं दिखती। आमतौर पर भुजिया बनाने का काम पुरुष कारीगरों से जुड़ा माना जाता है, लेकिन बीकानेर के शीतला गेट क्षेत्र में रहने वाली गुड़िया गोदारा ने इस परंपरा को बदल दिया है। वे पिछले छह वर्षों से अपने पति के साथ भुजिया बनाने के काम में हाथ बंटा रही हैं। गुड़िया का कहना है कि किसी भी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए। अगर मन में लगन हो तो हर काम सम्मानजनक होता है। पहले देखती थीं, फिर सीख ली पूरी प्रक्रिया गुड़िया बताती हैं कि जब उन्होंने कई महिलाओं को अपने परिवार के काम में सहयोग करते देखा तो उनके मन में भी पति की मदद करने का विचार आया। उनके पति कालूराम भादू करीब 25 साल से भुजिया बनाने का काम कर रहे हैं। पहले वे बीकानेर से बाहर जाकर काम करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने शहर में ही काम शुरू कर दिया। शुरुआत में गुड़िया सिर्फ अपने पति को काम करते हुए देखती थीं। धीरे-धीरे उन्होंने इस काम की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। उनकी रुचि देखकर कालूराम ने भी उन्हें भुजिया बनाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई। अब वे लंबे समय तक भट्टी के पास खड़े रहकर भुजिया तैयार करती हैं। घर और काम दोनों जिम्मेदारियां संभालती हैं कालूराम का कहना है कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, बस उन्हें प्रोत्साहन की जरूरत होती है। वे बताते हैं कि काम सुबह जल्दी शुरू हो जाता है। इस दौरान गुड़िया घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ बच्चों को स्कूल भेजने का काम भी संभालती हैं। शुरुआत में लोग उड़ाते थे मजाक गुड़िया कहती हैं कि जब उन्होंने यह काम शुरू किया तो कुछ लोग मजाक भी उड़ाते थे, लेकिन समय के साथ वही लोग उनकी मेहनत देखकर उनकी सराहना करने लगे। उनका मानना है कि अगर महिलाएं चाहें तो घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। कंटेंट : अलंकार गोस्वामी, बीकानेर
घाटमपुर में आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक दिव्यांग युवती को आईएएस बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने ब्लाइंड कमिश्नर की फोटो दिखाकर युवती से कहा कि जब ये कमिश्नर बन सकते है, तो तुम क्यों नहीं, मन लगाकर पढ़ाई करो और अपने लक्ष्य को प्राप्त करो। कोई कुछ कहता है, तो उस पर ध्यान मत दो। युवती को डीएम ने अपने हाथों से दिव्यांग सर्टिफिकेट दिया। घाटमपुर पहुंचे कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने क्षेत्र के भैरमपुर की रहने वाली आशा देवी की बेटी श्वेता को दिव्यांग सर्टिफिकेट दिया गया है। दिव्यांग सर्टिफिकेट मिलने के बाद युवती ने डीएम से बताया कि उसने बीएड तक पढ़ाई की है, और वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है। लेकिन दिव्यांग होने के चलते उसका मनोबल दिन प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है। यह सुनकर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने युवती को एक ब्लाइंड कमिश्नर की फोटो दिखाई, और बोले - जब यह मेहनत और पढ़ाई करके कमिश्नर बन सकते है, तो तुम मन लगाकर पढ़ाई करो और आईएएस बनकर अपना और परिवार का नाम रोशन करो उन्होंने कहा कि अगर पढ़ाई करने में कोई दिक्कत आए तो वह कानपुर स्थित डीएम कार्यालय पहुंचकर उनसे अपनी समस्या बता सकती है। बोले - की दिव्यांग कोटे से तुम्हे आरक्षण भी मिलेगा, किसी के कहने पर ध्यान मत दो, लक्ष्य बनाकर रोजाना पढ़ाई करो। इसके बाद डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने युवती के साथ फोटो खिंचवाई। डीएम बोले- पढ़ाई कर लक्ष्य प्राप्त करें कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने दिव्यांग युवती को मनोबल बढ़ाने के साथ मन लगाकर पढ़ाई करके IAS अधिकारी बनने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि युवती ने बीएड कर रखा है, और सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है। दिव्यांग होने के चलते इसका मनोबल कमजोर हो रहा था, जिसे उन्होंने बढ़ाया है। और प्रेरणा दी है, कि पढ़ाई करके वह IAS बन सकती है।
पानीपत जिले की थाना बापौली पुलिस ने दुकान से घर लौट रहे दो भाइयों से मारपीट कर नकदी छीनने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बापौली निवासी इमरान उर्फ पहलवान और सचिन उर्फ बौदा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को बापौली क्षेत्र से पकड़ा। थाना बापौली प्रभारी सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने इस वारदात को अपने नामजद और अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम देना स्वीकार किया है। शुक्रवार को पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शिकायत पर दर्ज हुआ मामला सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि थाना बापौली में गांव दीवाना निवासी अभिषेक ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी बापौली गांव में बिजली के सामान की दुकान है। 17 फरवरी की शाम करीब 8:30 बजे वह अपने भाई अंकुश के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहा था। मदद करने गए भाइयों पर हमला रास्ते में बापौली मंडी के पास उन्होंने कुछ व्यक्तियों को पुलिस कर्मचारियों के साथ झगड़ते देखा। मदद के लिए दोनों भाई वहां पहुंचे, तो वहां मौजूद दिलशाद, इरशाद, सोनू, साहिल, उनके घर की महिलाओं और कई अन्य व्यक्तियों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने दोनों भाइयों को जमीन पर गिराकर लाठी, डंडों और लात-घूंसों से पीटा। 60 हजार रुपए और सामान लूटा मारपीट के दौरान आरोपियों ने दुकान की पूरे दिन की बिक्री के 60 हजार रुपए और बैग में रखा अन्य सामान छीन लिया। उन्होंने दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी भी दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को आरोपियों से छुड़ाया। पुलिस ने शुरू की कार्रवाई अभिषेक की शिकायत पर थाना बापौली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का पूरा खुलासा किया जाएगा।
पाली शहर के सरदार पटेल नगर स्थित श्रीयादे माताजी प्रजापत समाज नवपट्टी मंदिर में प्रजापति महिला मंडल मिल गेट पाली की ओर से फागोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें समाज की महिलाएं फाग गीतों पर झूमती नजर आई। फूलों की होली खेली गई। राधा-कृष्ण का स्वांग रचकर महिलाओं ने कार्यक्रम में मनमोहक बना दिया। प्रजापति महिला मंडल की मीडिया प्रभारी पार्वती राठोलिया ने बताया कि इस दौरान महिलाओं ने ठाकुरजी का आकर्षक श्रृंगार किया तथा भजन-कीर्तन के साथ फागोत्सव के भजनों की प्रस्तुति दी। ठाकुरजी की महिमा से ओतप्रोत भजन गाए। महिलाओं ने भक्ति रस के साथ झूमकर आनंद लिया।महिला मंडल अध्यक्ष रेखा मुलेरा ने बताया कि कार्यक्रम में भजन मंडली द्वारा “रंग मत डाल रे सांवरिया…” “हो माने ल्यादो रंगवाई फागनिया…” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय बना दिया।
उज्जैन में आज रंगपंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 'गेर' में शामिल होंगे। शाम 6 बजे महाकालेश्वर मंदिर से ध्वज चल समारोह भी निकाला जाएगा, जिसमें शिव परिवार की झांकियां और बैंड आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। इस बार दूसरे छोर से होगी शुरुआत रंगपंचमी के अवसर पर इस बार नगर गेर नए स्वरूप में आयोजित की जा रही है। प्रशासन और आयोजन समिति के निर्णय के अनुसार, यह गेर पारंपरिक उत्तर क्षेत्र के बजाय दक्षिण क्षेत्र से निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होने वाले इस आयोजन को 'श्री कृष्ण सुदामा रंग पंचमी उत्सव' नाम दिया गया है। गैर संत नगर चौराहे से शुरू होकर सिंधी कॉलोनी, इंदिरा गांधी चौराहा होते हुए टॉवर चौक तक पहुंचेगी। सीएम के लिए तैयार किया विशेष वाहन इस गैर में लगभग 25 क्विंटल हर्बल गुलाल का उपयोग किया जाएगा। झांकियां, ताशा-ढोल, नृत्य दल और बैंड पार्टियां इस आयोजन को भव्य रूप देंगी। इंदौर का प्रसिद्ध राजकुमार बैंड भी अपनी प्रस्तुति देगा। टॉवर चौक पर भव्य आयोजन की तैयारियां कल से ही पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था की गई है, और सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ 14 फायर ब्रिगेड वाहन भी तैनात रहेंगे। रंगपंचमी के अवसर पर आज शाम 6 बजे महाकालेश्वर मंदिर से ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा। साथ ही शहर के देवास गेट पर पचास साल पुराने कड़ाव से भी होली खेली जाएगी। वाटर पार्क डीजे सहित कई चीजों का लोग आनंद लेंगे। पूरे शहर में रंगपंचमी की धूम रहेगी।
मथुरा के बलदेव में अग्रवाल समाज संगठन ने प्रिया-प्रियतम ब्याहुला उत्सव के तहत एक शाही बारात और शोभायात्रा निकाली। यह आयोजन धूमधाम और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें पूरा बलदेव क्षेत्र 'राधे-राधे' के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा का शुभारंभ राष्ट्रीय संत बालयोगी महाराज और आयोजन समिति के अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने किया। शाही बारात में हाथी, घोड़े और ऊंट मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान, आधा दर्जन सजी-धजी बग्गियों पर विभिन्न प्रख्यात साधु-संत सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण की एक मनोहारी झांकी भी शामिल थी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्गों पर उमड़ पड़े। बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर महिलाएं और पुरुष भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय और ठंडाई की व्यवस्था भी की गई थी। संत बालयोगी महाराज ने इस आयोजन को गौरवशाली बताया और कहा कि ऐसे पावन आयोजनों में वही लोग शामिल हो पाते हैं, जिन पर भगवान की विशेष कृपा होती है। उन्होंने बलदेव के लोगों द्वारा किए गए सुंदर आयोजन की सराहना भी की। शोभायात्रा में संत महामंडलेश्वर नीलगिरी महाराज, संत फूलडोल महाराज और संत सुंदर दास महाराज सहित लगभग एक दर्जन साधु-संतों ने भाग लिया। इस अवसर पर भजन गायक घनश्याम वैष्णव ने अपने भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस कार्यक्रम में उमेश अग्रवाल, विमलेश अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, रीना अग्रवाल, सुनील गर्ग, पूनम गर्ग, जितेंद्र गर्ग, स्नेह गर्ग, डॉ. जगदीश पाठक, पवन गोयल, दिनेश अग्रवाल, अजय अग्रवाल, सोनू अग्रवाल, राकेश गर्ग, हरिओम अग्रवाल, विनोद कुमार, विजय अग्रवाल, मुरारी लाल, झम्मन तेहरिया, देवकी नंदन गर्ग, छैल बिहारी, ललित मित्तल, स्नेह पाठक, गीता रावत, खुशी पाठक, गिरधारी अग्रवाल, मनोज बंसल, दिलीप शर्मा, धर्मेंद्र उपाध्याय, भानु गर्ग, कन्हैया अग्रवाल और गुड्डू अग्रवाल सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संजीव अग्रवाल और पवन गोयल ने किया।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के लिए आनलाइन आवेदन की लास्ट डेट आज 8 मार्च है। ऐसे में जिन स्टूडेंटस ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द फॉर्म भरने की सलाह दी गई है। एक्सपर्टस के अनुसा अगर किसी स्टूडेंट से आवेदन भरते समय कोई गलती हो जाती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। 10 से 12 मार्च के बीच एनटीए की ओर से करेक्शन विंडो खोली जाएगी, जिसमें अभ्यर्थी अपने आवेदन में गलतियों को सुधार सकेंगे। उन्होंने बताया कि नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को पूरे देश में पेन-पेपर मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक आंकड़ा एनटीए, नई दिल्ली की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। इस बार नीट में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम होने की चर्चाएं चल रही हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अनुसार देश में फिलहाल 824 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,29,603 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। सीटों की संख्या बढ़ने और अभ्यर्थियों की संख्या कम होने की स्थिति में चयन दर बेहतर होने की संभावना भी बढ़ सकती है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि रविवार रात 9 बजे तक है, जबकि फीस जमा कराने की प्रक्रिया रात 11.50 बजे तक पूरी की जा सकेगी। अब तक करीब 20 लाख से अधिक आवेदन हो चुके हैं।
डुमरियागंज की राजनीति में होली के रंग इस बार सियासी ताप में बदल गए हैं। 5 मार्च को शाहपुर स्थित हिंदू भवन में आयोजित होली मिलन समारोह में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के एक विवादित बयान ने क्षेत्र का माहौल गरमा दिया है। बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। घटना के बाद समाजवादी पार्टी की विधायक सैयदा खातून और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है। आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला अब सियासी मुद्दा बनता नजर आ रहा है। 5 मार्च को आयोजित होली मिलन समारोह में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “राक्षसों का वध करने के लिए संकल्प लिया करिए और जब राक्षस नहीं रहेंगे तो सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप का उदाहरण भी दिया। इसी दौरान उन्होंने मुसलमानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। बाजारों, चौपालों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में इसी बयान को लेकर बहस छिड़ गई है। डुमरियागंज की सपा विधायक सैयदा खातून ने पूर्व विधायक के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली है। सैयदा खातून ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब सार्वजनिक मंच से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल हो रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि संविधान सभी को समान अधिकार देता है और किसी भी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में जानबूझकर तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने भी की निंदा इटवा विधायक एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने भी बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल अनुचित है और इससे सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और शालीन भाषा ही राजनीति की पहचान होनी चाहिए। इस बयान के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया है, हालांकि अभी तक किसी बड़े धरना-प्रदर्शन की घोषणा नहीं हुई है। पहले भी विवादों में रहे पूर्व विधायक यह पहला मौका नहीं है जब राघवेंद्र प्रताप सिंह अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी विभिन्न आयोजनों में दिए गए उनके कुछ वक्तव्यों पर राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी। डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां पहले से तेज हैं। ऐसे में यह बयान चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी औपचारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र की सियासत में यह बयान एक नया मोड़ जरूर लेकर आया है।
गुरुग्राम के सेक्टर-9बी स्थित एजुक्रिस्ट इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सीबीएसई की फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों और उनके अभिभावकों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। थाना सेक्टर-9ए पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस को इस मामले की शिकायत 18 फरवरी को प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी इसी स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा है। दाखिले के समय स्कूल प्रबंधन ने दावा किया था कि विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से मान्यता प्राप्त है। इसके लिए स्कूल की ओर से एक कथित मान्यता प्रमाण-पत्र नंबर भी दिखाया गया था, जिसके आधार पर छात्रा का दाखिला कराया गया। बोर्ड परीक्षा से पहले खुला फर्जीवाड़े का राज शिकायत के अनुसार, स्कूल ने छात्रा से ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड, परीक्षा शुल्क और कंप्यूटर शुल्क सहित विभिन्न मदों में नियमित रूप से पैसे लिए। लेकिन जब बोर्ड परीक्षा का समय आया, तो छात्रा को एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। इससे अभिभावकों को संदेह हुआ और जांच करने पर पता चला कि स्कूल को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त नहीं है। स्कूल द्वारा दिया गया रजिस्ट्रेशन नंबर भी गलत पाया गया। इस धोखाधड़ी के कारण छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हुआ और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज शिकायत में स्कूल के चेयरमैन विनीत कटारिया, प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया, वाइस प्रिंसिपल सिमर बत्रा और कोऑर्डिनेटर सोनिया सहित अन्य स्टाफ सदस्यों को नामजद किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच मानेसर को सौंप दी है। बिलासपुर चौक से चेयरमैन गिरफ्तार क्राइम ब्रांच मानेसर की टीम ने 6 मार्च को बिलासपुर चौक से स्कूल के चेयरमैन विनीत कटारिया (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि स्कूल को केवल आठवीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए भी करीब 25 बच्चों का दाखिला कर लिया और फर्जी मान्यता दिखाकर अभिभावकों को गुमराह किया। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में शनिवार शाम एक कॉलोनी के चौकीदार की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चौकीदार घर पर पानी पीते समय अचानक गश खाकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक घटना सेटेलाइट कॉलोनी की है। यहां के राजू पुत्र त्रयंबक इगले की मौत हुई है। राजू पिछले डेढ़ साल से कॉलोनी में चौकीदारी कर रहे थे। शनिवार शाम करीब 5 बजे वह नाश्ता करने के बाद घर पर पानी पी रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े। पुलिस ने मर्ग कायम किया घटना के बाद कॉलोनी के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में साइलेंट हार्टअटैक आने की आशंका जताई है। परिवार के लोगों के अनुसार राजू मूल रूप से हरदा के रहने वाले थे। पिछले साल उनकी पत्नी की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनके परिवार में एक बेटी है, जो इंदौर में ही अपने परिवार के साथ रहती है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुरादाबाद के पाकबड़ा नगर में एक ज्वेलरी की दुकान से महिला ने चांदी की पाजेब चुरा लिया। चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना के बाद दुकानदार और आसपास के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दे दी गई है और अब आरोपी महिला व उसके साथियों की तलाश की जा रही है। पाकबड़ा स्थित अंगूर वाली मस्जिद के पास सतीश की ज्वेलरी की दुकान है। घटना के समय दुकान पर ज्वैलर्स का बेटा मौजूद था। इसी दौरान एक महिला दो युवकों के साथ दुकान पर पहुंची और चांदी की पाजेब देखने लगी। तीनों ने दुकानदार का ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग डिजाइन की पाजेब दिखाने को कहा। इसी बीच मौका पाकर महिला ने बड़ी चालाकी से एक चांदी की पाजेब अपने कपड़ों में छिपा ली। कुछ देर तक पाजेब देखने के बाद तीनों बिना कुछ खरीदे दुकान से चले गए। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना बाद में सामान चेक करने पर पाजेब गायब मिली, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज देखा गया। फुटेज में महिला चोरी करते हुए दिखाई दे रही है। घटना के बाद आसपास के दुकानदारों ने भी अपने सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। घटना की पूरी जानकारी पुलिस को सूचना दी गई है। जिसके बाद पुलिस सीसीटीवी में दिख रही आरोपी महिला और उसके साथियों की तालाश कर रही है।
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के शादी समारोह में जयपुर की पारंपरिक ज्वैलरी की अद्भुत झलक देखने को मिली। इस खास मौके पर डॉ. अंजलि तेंदुलकर और सारा तेंदुलकर जयपुर की प्रसिद्ध ज्वैलरी डिजाइनर सुनीता शेखावत की ओर से डिजाइन किए गए विशेष आभूषणों में सजी नजर आईं। मुंबई में कई दिनों तक चले इस शाही समारोह में मेहंदी, संगीत और विवाह जैसे रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अवसरों पर अंजलि और सारा तेंदुलकर ने ‘हाउस ऑफ सुनीता शेखावत’ के हेरिटेज कलेक्शन से चुनी गई ज्वैलरी पहनी। इसने उनके पारंपरिक परिधानों के साथ शानदार तालमेल बिठाया। बारीक कारीगरी, रंगीन मीनाकारी और राजसी डिजाइन वाले इन आभूषणों ने पूरे समारोह में एक विशिष्ट शाही आकर्षण जोड़ दिया। जयपुर की मीनाकारी कला की दिखी झलक सुनीता शेखावत द्वारा तैयार किए गए इन आभूषणों में पारंपरिक राजस्थानी मीनाकारी कला की खूबसूरत झलक देखने को मिली। रंगीन एनामेलिंग, बारीक डिटेलिंग और क्लासिक सिल्हूट्स से सजे इन ज्वैलरी पीस ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। सुनीता शेखावत ने कहा- तेंदुलकर परिवार को उनके क्रिएशन के साथ इस खास मौके का हिस्सा बनते देखना उनके लिए बेहद सम्मान और गर्व की बात है। तेंदुलकर परिवार की सादगी, गरिमा और शालीनता उनके डिजाइनों की खूबसूरती को और भी निखार देती है। जयपुर की ज्वैलरी अपनी पारंपरिक कारीगरी और मीनाकारी कला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और ऐसे प्रतिष्ठित समारोह का हिस्सा बनना पूरे शहर की शिल्प विरासत के लिए भी गर्व का क्षण है। विरासत और आधुनिकता का अनूठा संगम सुनीता शेखावत पारंपरिक मीनाकारी कला को पुनर्जीवित करने और शाही भारतीय आभूषण परंपरा को आधुनिक दौर से जोड़ने के लिए जानी जाती हैं। उनके हर डिजाइन में पारंपरिक कारीगरी और समकालीन सौंदर्य का संतुलित मेल दिखाई देता है। उनका उद्देश्य भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित रखते हुए ऐसे आभूषण तैयार करना है, जिन्हें पीढ़ियों तक संजोकर रखा जा सके। अंजलि और सारा तेंदुलकर द्वारा पहने गए आभूषण भी इसी सोच का प्रतिबिंब हैं, जिनमें हस्तनिर्मित परंपरागत कला और आधुनिक शैली का सुंदर संगम नजर आता है। अंबानी परिवार के लिए बना चुकी डिजाइन सुनीता शेखावत इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित परिवारों के लिए विशेष ज्वैलरी कलेक्शन तैयार कर चुकी हैं। उन्होंने नीता अंबानी के लिए विशेष ‘पद्मप्रिया कलेक्शन’ डिजाइन किया था, जिसे उन्होंने अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के लगन-लखवानु समारोह में पहना था। इसके अलावा उन्होंने अंबानी परिवार के लिए मीनाकारी कला से तैयार हस्तनिर्मित कलेक्टिबल बॉक्स भी डिजाइन किए हैं। वैश्विक फार्मास्यूटिकल उद्योग से जुड़े उद्योगपति राजू मंटेना के परिवार के शाही विवाह समारोह में भी मंटेना परिवार ने उनके डिजाइन किए दुर्लभ आभूषण पहनकर समारोह की शोभा बढ़ाई थी। अर्जुन तेंदुलकर उद्यमी सानिया चांधोक के साथ विवाह बंधन में बंधे हैं। कई दिनों तक चले इस भव्य समारोह में क्रिकेट, व्यवसाय और मनोरंजन जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
नीमच के कुचड़ोद गांव के चित्रकार राहुल देव लोहार ने जूट के कपड़े और गाय के गोबर का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता हीराबा की पेंटिंग बनाई है। यह कलाकृति 'स्वदेशी अपनाओ' और 'विश्वकर्मा योजना' से प्रेरित है और पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है। कैनवास और रंग खुद तैयार किए राहुल ने पेंटिंग के लिए कैनवास स्वयं तैयार किया। जूट की बोरी पर गाय के गोबर, मेथी और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का लेप लगाया गया। इस कलाकृति में किसी भी तरह के रासायनिक रंग का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने प्राकृतिक रंगों से चित्र तैयार किया, जो 'आत्मनिर्भर भारत' और 'लोकल फॉर वोकल' का संदेश देती है।प चित्रकार की प्रेरणा और अनुभव राहुल ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से पारंपरिक कारीगरों को दिए जा रहे सम्मान और स्वदेशी के संदेश ने उन्हें यह काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें स्कूल से ही चित्रकला में रुचि है। विश्व रिकॉर्ड और अन्य उपलब्धियां राहुल का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। कोरोना काल में उन्होंने एक ही मास्क पर 44 कोरोना योद्धाओं के चित्र बनाए थे। इसके अलावा, वे मंदसौर के प्रसिद्ध भगवान अष्टमुखी पशुपतिनाथ की प्रतिमा को छोटे रुद्राक्ष पर भी उकेर चुके हैं। उनकी नई कलाकृति अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के भजोरेपुरवा गांव में किसान नेमराज पाठक की हत्या का मामला दो सप्ताह बाद भी अनसुलझा है। 16 फरवरी की देर रात करीब 50 वर्षीय नेमराज पाठक की लूट के दौरान हत्या कर दी गई थी। पुलिस अब तक इस घटना का खुलासा नहीं कर पाई है। घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। घटना की रात नेमराज पाठक अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। उनके बेटे सुनील पाठक और बहू लक्ष्मी कमरे के अंदर थे। देर रात करीब दो बजे चार अज्ञात बदमाश घर में घुस आए। आहट सुनकर नेमराज की नींद खुल गई और उन्होंने बदमाशों का विरोध किया। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। शोर सुनकर बेटे सुनील ने कमरे का दरवाजा खोला। बाहर खड़े बदमाशों ने उसे पकड़कर बांध दिया। बहू लक्ष्मी ने बताया कि बदमाशों को देखकर वह डर के मारे बेड के नीचे छिप गई थीं। बदमाश घर से लगभग दो हजार रुपये नकद और कुछ जेवर लूटकर फरार हो गए। नेमराज का परिवार पहले से ही कई मुश्किलों का सामना कर रहा था। करीब पांच वर्ष पहले उनका बड़ा बेटा सुशील पाठक लापता हो गया था। कुछ समय बाद उनकी पत्नी आशा बहू का भी निधन हो गया। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नेमराज के कंधों पर आ गई थी। दो साल पहले उन्होंने छोटे बेटे की शादी की थी। वह छह बीघा खेती के सहारे गांव के बाहर बने घर में परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। मात्र दो हजार रुपये और कुछ जेवर के लिए हत्या किए जाने से ग्रामीणों में संदेह बना हुआ है। कुछ ग्रामीण इसे किसी अंदरूनी साजिश का परिणाम मान रहे हैं। वहीं, कुछ का कहना है कि नेमराज ने शायद बदमाशों को पहचान लिया होगा, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उनका कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
बाड़मेर पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने चौहटन थाना इलाके में घर में दबिश देकर अवेध डोडा-पोस्त पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 38.600 किलो डोडा-पोस्त जब्त किए है। फिलहाल पुलिस आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- पुलिस मुख्यालय व जोधपुर आईजी के निर्देश में नशा मुक्त बाड़मेर के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी जेठाराम के सुपरविजन में एएनटीएफ इंचार्ज एएसआई महिपालसिंह की सूचना पर चौहटन थानाधिकारी ललित किशोर मय पुलिस टीम और एएनटीएफ टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चौहटन आगौर गांव में दबिश दी गई। आरोपी भीखाराम पुत्र मेघाराम निवासी विष्णु नगर, चौहटन आगौर के कब्जे से 38 किलो 600 ग्राम अवेध डोडा-पोस्त बरामद किए गए। पूछताछ के बाद आरोपी भीखराम को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में चौहटन थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से अवैध मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। नशेडियों को करता था सप्लाई पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भीखाराम अपने घर के पास खेत में अवैध मादक-पदार्थ छुपाकर रखता है। नशेड़ियों को चोरी छुपे बिक्री करते है। डोडा-पोस्त खेत में प्लास्टिक के कट्टों में भरे हुए मिले।
फरीदाबाद में दिल्ली - आगरा हाईवे की सर्विस रोड पर अवैध पार्किंग कर गाड़ियां खड़ी करने वाले वाहन मालिकों सहित रोड़ पर कब्जा करके अपना धंधा चलाने वालों पर NHAI सख्ती करने जा रहा है। NHAI स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक अभियान चलायेगा जिसमें रोड़ पर कब्जा करने वालों और अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों के चालान किये जायेगा। सर्विस रोड़ पर लोग चला रहे धंधा वर्तमान में हाईवें के दोनों तरफ बड़े सर्विस रोड़ को वाहनों के मालिक अपनी पार्किंग के लिए प्रयोग में ला रहा है। कई जगहों पर इन सर्विस रोड़ पर वर्कशाप तक चलाई जा रही है। शहर में जंहा पर बाजारों के साथ ये सर्विस रोड़ है वहां पर दुकानदारों के कर्मचारी इन सर्विस रोड़ पर काम कर रहे है। जिसके चलते यंहा से निकलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। संस्थानों के पास पार्किंग नही हाईवे के किनारे मौजूद कई निजी संस्थानों और इंडस्ट्री के पास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वहां आने वाले लोग अपनी गाड़ियां सर्विस रोड के किनारे ही खड़ी कर देते हैं। कई स्थानों पर तो ग्रीन बेल्ट और फुटपाथ तक पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का कब्जा देखने को मिलता है। लोगों को होती है परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्विस रोड पर खड़ी गाड़ियों की वजह से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर सुबह और शाम के समय यहां ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। वहीं बारिश के मौसम में सड़क पर पानी भरने के बाद हालात और भी खराब हो जाते हैं, क्योंकि किनारे खड़ी गाड़ियां रास्ता और संकरा कर देती हैं। पुलिस के साथ मिलकर चलेगा अभियान NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज सिंह ने कहा कि हाईवे की सर्विस रोड पर गैर-कानूनी पार्किंग को रोकने के लिए पुलिस के साथ मिलकर एक कैंपेन चलाया जाएगा। जिसमें सर्विस रोड़ पर खड़े किए गये वाहनों के चालान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सर्विस रोड़ पर कब्जा कर जो लोग अपना धंधा चला रहे है उनके खिलाफ भी कार्रवाही की जायेगी।
रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी होने के बाद भी राजस्व न जमा करने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 5 बकायेदारों की 11 हेक्टेयर जमीन कुर्क कर ली है। जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जबकि इन पांचों बकायेदारों की रिकवरी सिर्फ 67 लाख रुपये के आसपास थी।यह कार्रवाई आगरा के सदर तहसील अंतर्गत की गई है। उप जिला मजिस्ट्रेट (SDM) सदर सचिन राजपूत के आदेश पर तहसील प्रशासन की टीम ने कुंडौल, बरौली गूजर और धमौटा में जमीन जब्त की। इन बकायेदारों पर कुल 67.19 लाख रुपये बकाया था। जिस जमा न करने पर यह कार्रवाई की गई। इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त या हस्तांतरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इनकी संपत्तियां की गई जब्तकुर्की की कार्रवाई से पहले SDM सदर के निर्देश पर राजस्व की टीम के साथ गांवों में जाकर मुनादी कराई थी। इसके बाद भी बकायेदारों ने कोई सुध नहीं ली। इसके बाद संपत्तियों की कुर्क किया गया। इनमें कुंडौल निवासी अशोक कुमार पर सबसे अधिक 30.02 लाख रुपये बकाया थे। प्रशासन ने कुंडौल और नदौता मौजा में उनकी लगभग 6.73 हेक्टेयर जमीन को जब्त किया है। कुंडौल निवासी रनवीर सिंह पर 10.85 लाख रुपये बकाया थे। प्रशासन ने इनकी बरौली गूजर स्थित 1.35 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा ले लिया है। धमौटा निवासी राकेश कुमार से 9.59 लाख रुपये की वसूली होनी थी। बिक्री और दान पर लगाई रोकSDM सदर सचिन राजपूत का कहना है-जब्त की गई संपत्तियों के हस्तांतरण, बिक्री या दान करने पर रोक लगा दी गई है। यदि कोई व्यक्ति इन संपत्तियों का सौदा करता है तो वह अवैध माना जाएगा।
ग्वालियर में रंगपंचमी के अवसर पर श्री अचलेश्वर महादेव न्यास द्वारा रविवार को भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान बाबा अचलनाथ की नगर यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और फूलों तथा गुलाल से होली खेलेंगे। बाबा अचलनाथ की सवारी सुबह 11 बजे अचलेश्वर महादेव मंदिर से नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेगी। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से होकर गुजरेगी, जिसमें सवारी दल बाजार, लोहिया बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा और सराफा बाजार शामिल हैं। शाम करीब 4 बजे यह सवारी राम मंदिर पहुंचेगी। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु जगह-जगह बाबा अचलनाथ की सवारी का स्वागत करेंगे और फूलों की वर्षा करेंगे। भगवान राम से खेलेंगे होली राम मंदिर पहुंचने पर बाबा अचलनाथ भगवान राम के साथ फूलों और गुलाल से होली खेलेंगे। इसके अतिरिक्त, सनातन धर्म मंदिर में चक्रधर भगवान के साथ भी रंगोत्सव मनाया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। दानदाता ने की 5 किलो चांदी दान कार्यक्रम के समापन पर बाबा अचलनाथ की सवारी मंदिर वापस लौटेगी, जहां आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस आयोजन के दौरान एक दानदाता द्वारा मंदिर के स्तंभों के लिए 5 किलो चांदी दान करने की बात भी सामने आई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार आज मंदिर की सभी दानपेटियां भी खोली जाएंगी। रंगपंचमी के इस भव्य आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
गोरखपुर AIIMS के कार्यालय अधीक्षक (ओएस) रामऔतार को गबन के आरोप में निलंबित किए जाने के बाद उनको मूल विभाग बरेली कॉलेज ऑफ बरेली भेजा गया था। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उनको वापस लेने से इनकार कर दिया है। AIIMS की ओर से भेजे गए पत्र में कमियां बताते हुए कॉलेज प्रशासन ने रामऔतार को कार्यभार ग्रहण नहीं कराया। इस पर रामऔतार ने AIIMS प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि बरेली कॉलेज ऑफ बरेली 9 मार्च को खुलेगा। जब तक उन्हें वहां कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाता, तब तक वह AIIMS से ही संबद्ध रहेंगे और उनका वेतन व अन्य भत्ते देना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। रामऔतार का पत्र यहां जानिए पूरा मामला रामऔतार को बरेली कॉलेज ऑफ बरेली से प्रतिनियुक्ति पर गोरखपुर AIIMS में कार्यालय अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। यह ग्रुप-बी का पद होता है। नवंबर 2024 में ओपीडी की नकदी के कथित दुरुपयोग के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में लगभग 3 लाख 21 हजार 319 रुपए के गबन का मामला सामने आया। इसके बाद 5 अक्टूबर 2025 को AIIMS थाने में गबन के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 27 सितंबर 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया गया था। रामऔतार ने अपने निलंबन को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। 28 फरवरी को लिखा पत्र रामऔतार ने 27 फरवरी को कार्यकारी निदेशक (ईडी) को संबोधित पत्र में लिखा कि आपके आदेश के क्रम में 26 फरवरी को मैं मूल विभाग में कार्यभार ग्रहण करने जा रहा हूं। यदि किसी कारणवश मुझे वहां कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाता है तो मैं AIIMS गोरखपुर में ही कार्यालय अधीक्षक के पद पर रहूंगा और मेरा वेतन व अन्य भत्ते AIIMS से ही दिए जाएंगे। इसके बाद 28 फरवरी को AIIMS प्रशासन को लिखे गए पत्र में रामऔतार ने बताया कि बरेली कॉलेज ऑफ बरेली के प्राचार्य ने मौखिक रूप से कहा है कि AIIMS की ओर से भेजे गए पत्र में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी कारण मामले को विचार के लिए कॉलेज के प्रबंध तंत्र के पास भेज दिया गया है।
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ नगर से सटी ग्राम पंचायत कैलपुरा में ग्वाल सागर तालाब के एक कुएं में बछड़े का कटा सिर मिला है। घटना शनिवार शाम को सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने इसे देखा और हिंदूवादी संगठनों को सूचित किया। हिंदू सगंठनों ने जताया विरोध सूचना मिलते ही रात में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। बल्देवगढ़ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। मृत गोवंश की जांच के लिए पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर को बुलाया गया। जांच के बाद पशु चिकित्सक ने बताया कि गोवंश का शव लगभग 4 से 5 दिन पुराना था। बछड़े का सिर काटकर उसके शेष अंगों को टुकड़ों में कर बोरी में भरकर कुएं में फेंका गया था। इससे यह पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मामला हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस प्रशासन से अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने मौके पर वन विभाग की टीम को भी बुलाया, जिसने पुष्टि की कि यह शव नीलगाय का नहीं है। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी श्रेया असाटी ने बछड़े का सिर होने की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग अज्ञात बछड़े के शव को जेसीबी की मदद से दफना दिया गया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं, जिनमें सूरज रैकवार, हरिओम पांडे, प्रदीप रैकवार और राहुल रैकवार शामिल हैं, ने घटना की निंदा की और प्रशासन से 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी है। एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
फतेहाबाद जिले में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए मंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविरों की शुरुआत कर दी गई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत कार्यकर्ताओं को प्रभावी वक्ता बनाने का प्रयास हो रहा है। फतेहाबाद नगर मंडल का प्रशिक्षण शिविर रखा गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने शिरकत की। प्रवीण जोड़ा ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, इतिहास तथा संगठनात्मक कार्यशैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा ने की। अलग-अलग सत्र में कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया। जोड़ा बोले- पार्टी का इतिहास संघर्ष व राष्ट्रहित के मूल्यों से प्रेरित शिविर में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का इतिहास संघर्ष, सेवा और राष्ट्रहित के मूल्यों से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती का आधार समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो संगठन की विचारधारा को समाज के बीच लेकर जाते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए पार्टी के विकास की यात्रा और विभिन्न दौर में संगठन द्वारा किए गए संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के सिद्धांत आज भी भाजपा की कार्यशैली का मार्गदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा जन-जन तक पहुंचान का आह्वान प्रवीण जोड़ा ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों और सिद्धांतों की गहराई से समझ प्रदान करते हैं। इससे कार्यकर्ताओं में संगठन के प्रति निष्ठा और सेवा भाव और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें। इस दौरान नगर मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में संगठन को मजबूत बनाने और आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई।
ग्वालियर में मार्च के पहले सप्ताह में ही गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास हो रहा है। रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं रविवार सुबह से ही तेज धूप और गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। दोपहर के समय धूप की तीव्रता अधिक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, रेगिस्तानी इलाकों से आ रही गर्म हवाओं के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है और धूप और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हवाओं की दिशा में बदलाव हुआ है और अब हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। हवा में नमी की कमी के कारण भी गर्मी में इजाफा हो रहा है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। वहीं मौसम विभाग ने किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई और देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है।
नूंह जिले की तावडू घाटी में ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों द्वारा किए जा रहे खतरनाक स्टंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इन स्टंट्स से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका है। वायरल वीडियो नूंह-तावडू घाटी का बताया जा रहा है, जहां अवैध रूप से ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर गुजरते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि घाटी की चढ़ाई के दौरान कुछ ट्रैक्टर चालक स्टंट कर रहे हैं। एक वीडियो में ड्राइवर चलते ट्रैक्टर का स्टीयरिंग छोड़कर ट्रॉली में भरी ईंटों के ऊपर खड़ा होकर वाहन चला रहा है। दूसरे वीडियो में ट्रैक्टर चालक स्टीयरिंग छोड़कर ट्रैक्टर के बोनट पर बैठा दिखाई दे रहा है। इनमें से अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट नहीं हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति यातायात नियमों के उल्लंघन को दर्शाती है। रोजाना गुजरती हैं सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालीस्थानीय निवासियों के अनुसार, तावडू घाटी से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते हैं। कई चालक लापरवाही से वाहन चलाते हुए स्टंट करते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा पैदा होता है। घाटी के ऊपर पुलिस का रिपीटर नाका होने के बावजूद, इन स्टंट करने वाले और बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में ट्रैफिक थाना प्रभारी श्री कृष्ण कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पाली में वीर दुर्गादास नगर स्थित विश्वकर्मा जांगिड़ समाज भवन में 10 मार्च को श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति पाली के अध्यक्ष के लिए चुनाव होंगे। जिसमें करीब 550 समाजबंधु वोट कर नया अध्यक्ष चुनेंगे। इस बार अध्यक्ष पद के लिए रामचंद्र पिड़वा और प्रवीण कुमार बेगड़ के बीच आमने-सामने की टक्कर है। ऐसे में दोनों ही इन दिनों अपने समर्थकों के साथ समाजबंधुओं के घर-घर जाकर अपने पक्ष में मतदान करने का निवेदन करते नजर आ रहे है। मतदान 10 मार्च की सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक वीडी नगर स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में होगा। उसके बाद शाम 4 बजे से मतगणना शुरू होगी उसके बाद उसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा। बता दे कि अध्यक्ष पद के लिए छह जनों ने नामांकन पत्र भरे थे। जिनमें से तुलसाराम, मूलचंद, धर्मेन्द्र, दिलीप ने नाम 7 मार्च को नाम वापसी के दिन अपने नाम वापस ले लिए थे। अब अध्यक्ष पद के लिए मैदान में रामचंद्र पिड़वा और प्रवीण कुमार बेगड़ में आमने सामने की टक्कर है। पिड़वा को हथौड़ी और प्रवीण को गुनिया चुनाव चिन्ह के रूप में मिला है। चुनाव करवाने की तैयारियों में चुनाव कमेटी के सत्यनारायण बुढल, चम्पालाल वाणेचा, नरेन्द्र जांगिड़, पुखाराम सुथार, गणपतलाल सायल, हरिकिशन जोपिंग आदि जुटे हुए है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन हो गया है। उन्होंने शनिवार रात पटना के मेदांता अस्पताल में अंतिम सासें ली। पूर्व डीजीपी पिछले कुछ समय से बीमार थे और उन्हें पटना में एडमिट किया गया था। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पूर्व डीजीपी विश्वरंजन की तबीयत पिछले महीने अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि उन्हें गंभीर कार्डियक (हृदय) संबंधी समस्या हुई थी। इसी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही और उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे विश्वरंजन विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे हैं। 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद राज्य सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी। वे लगभग चार वर्षों तक इस पद पर रहे और अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस प्रशासन में कई अहम सुधार किए। उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। आईबी में भी रहे लंबे समय तक 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था, हालांकि 2007 से पहले वे कभी छत्तीसगढ़ में पदस्थ नहीं रहे थे। वे लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति पर रहे और एडिशनल डायरेक्टर जैसे अहम पद भी संभाले।
रेवाड़ी में दो कपड़ा व्यापरियों में दुकान के सामने बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद मारपीट में बदल गया। एक दुकानदार ने अपने पड़ोसी दुकानदार पर गाली-गलौज करने और दुकान में घुसकर हमला करने के आरोप लगाए हैं। दूसरे पक्ष ने भी पुलिस को शिकायत दी है। कपड़ा व्यापारी नकुल ने बताया कि बल्लूवाड़ा में उनकी कपड़े की दुकान है। पड़ोसी कपड़ा व्यापारी पिछले कई दिन से अपनी मोटरसाइकिल हमारी दुकान के सामने खड़ी कर रहा था। जिस पर कई बार एतराज किया, परंतु वह नहीं माना। शनिवार की दोपहर को जब हमने पड़ोसी दुकानदार को अपनी दुकान के सामने से बाइक हटाने की कहा तो उसने गाली- गालौज की। जब हमने गाली देने का विरोध किया और बाइक हटाने की कहा तो वह वहां से चला गया। परिवार के सदस्यों के साथ वापस आया नकुल ने बताया कि कुछ समय बाद में पड़ोसी कपड़े की दुकान के मालिक अपने भाई व तीन बच्चों के साथ वापस आए। दोपहर को हाथ मे लोहे की रॉड लेकर दुकान में घुसे और मारपीट करने का प्रयास किया। इसी दौरान एक ने भाई सहदेव के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सिर में चोट लगने के बाद हमने भाई को अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार चल रहा है। दोनों पक्षों को लगी है चोट भाड़ावास चौकी इंजार्च सुमन कुमारी ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि झगड़े में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं और दोनों के बयान दर्ज किए है। डाक्टर की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में संचालित ई-रिक्शा और ई-ऑटो में कलरयुक्त बारकोड स्टीकर लगवाने की अंतिम तिथि ट्रैफिक पुलिस ने बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। पहले इसके लिए 25 फरवरी से 6 मार्च तक का समय निर्धारित किया गया था। तय अवधि में आठ हजार वाहनों का ही सत्यापन हो सका, जिसके बाद ट्रैफिक विभाग ने समय अवधि बढ़ा दी है। शहर में जाम की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक विभाग ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो के संचालन के लिए सात जोन निर्धारित किए हैं। ट्रैफिक अधिकारियों ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो एसोसिएशन से बातचीत कर चालकों को कलरयुक्त बारकोड स्टीकर मुफ्त में वितरित करने की योजना बनाई है। बारकोड स्टीकर लगवाने के लिए सबसे पहले संबंधित थाना क्षेत्र या एसीपी ट्रैफिक कार्यालय में वाहन के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन के बाद चालकों को दो पर्चियां दी जाती हैं। इन पर्चियों को ट्रैफिक पुलिस लाइन में दिखाने पर वाहन पर बारकोड स्टीकर चस्पा किया जाता है।इस बारकोड में चालक और वाहन से संबंधित पूरी जानकारी दर्ज रहती है। बिना बीमा और फिटनेस वाल वाहन सीज होंगे ट्रैफिक पुलिस विभाग के द्वारा यह व्यवस्था ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। शहर में करीब 50 हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं और 25 फरवरी से बारकोड स्टीकर वितरित किए जा रहे हैं। ट्रैफिक विभाग ने चेतावनी दी है कि 9 मार्च से फिटनेस और बीमा के बिना संचालित होने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ सीज की कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना के पायल स्थित वार्ड नंबर 7 में एक होमगार्ड के बेटे ने अपने पड़ोसियों पर फायरिंग कर दी। इस घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया गया। बाद में उसे देर रात पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक पंजाब होमगार्ड के एक जवान का बेटा है। उसके पिता वर्तमान में साहनेवाल थाने में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि पड़ोसियों के साथ किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद युवक ने हथियार से फायरिंग कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पायल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी। इस घटना को लेकर इलाके के लोगों में रोष है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे व्यक्तियों को हथियार जारी करने के मापदंडों की गंभीरता से जांच की जाए और गलत इस्तेमाल पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पायल के डीएसपी जसविंदर सिंह खेहरा ने बताया कि पुलिस ने घटना संबंधी परिवार के सदस्यों और गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र के नौशेरपुर गांव में शनिवार को एक युवक ने घरेलू विवाद के बाद फंदे से लटककर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान 28 साल के बिट्टू उर्फ हीरा के रूप में हुई है, जो नौशेरपुर गांव का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, शनिवार को बिट्टू का अपनी पत्नी ममता से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। कहासुनी के बाद बिट्टू अपने कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब बिट्टू कमरे से बाहर नहीं आए, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर बिट्टू पंखे से फंदा लगाकर लटके हुए मिले। परिजनों ने तत्काल उन्हें फंदे से उतारा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहझील ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बिट्टू को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सोनू सिंह और उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला घरेलू विवाद के कारण हुई आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
धार शहर की क्वींस पार्क कॉलोनी में एक सूने मकान में चोरी की वारदात हुई है। बदमाशों ने घर का ताला तोड़कर नकदी और सोने के आभूषण चुरा लिए। घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने शनिवार रात को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी पीयूष पिता दीपक ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि चोर उनके घर से करीब 40 हजार रुपए नकद और सोने के आभूषण ले गए। फरियादी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के मिल्कीपुर विद्युत वितरण उपखंड ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मिल्कीपुर डिवीजन क्षेत्र के 1.30 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती से निजात दिलाने के लिए सभी क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मरों का सघन निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। पिछले वर्ष की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने इस बार गर्मी शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी शुरू कर दी हैं। इस अभियान के तहत 10 केवीए से लेकर 400 केवीए तक के सभी वितरण परिवर्तकों का विभागीय स्टाफ द्वारा गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रांसफार्मरों में मौजूद कमियों को समय रहते पहचान कर उन्हें दूर करना है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके। सर्वेक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें ट्रांसफार्मर के तेल की जांच और टॉप-अप की आवश्यकता का आकलन, क्षतिग्रस्त एल.टी. बुशिंग की पहचान कर उनकी मरम्मत, ट्रांसफार्मर पर लोड की स्थिति की जांच और उसे संतुलित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, एल.टी. फ्यूज बॉक्स/एसएमसी बॉक्स की उपलब्धता और अर्थिंग की जांच के साथ-साथ तेल रिसाव (लीकेज) और आर्किंग हॉर्न की स्थिति में सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। उपखंड अधिकारी मिल्कीपुर, अमित कुमार सिंह ने बताया कि गर्मियों के मौसम को देखते हुए विशेष रूप से 100 केवीए से कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण किया जा रहा है। टीम द्वारा मौके पर ही मिलने वाली कमियों को सुधारा जा रहा है और आवश्यक सामग्री मंगवाकर लगाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उचित अनुरक्षण कार्य भी कराया जाएगा, जिससे लोगों को सही तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इस पूरे अभियान के सफल होने से मिल्कीपुर डिवीजन के 1.30 लाख उपभोक्ताओं को अघोषित विद्युत कटौती से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फील्ड में डेटा एकत्र करने का कार्य जारी है और सभी सुधारात्मक कार्य शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे।
पंचकूला स्थित एक ग्लास हाऊस में ट्रक ड्राइवर ने बैक करते समय कांच के रैक को टक्कर मार दी। जिसके कारण कपंनी का 27 लाख रुपए का ग्लास टूटकर बिखर गया। पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। पंचकूला के रायपुर रानी स्थित शारदे ग्लास इंडस्ट्री के मालिक कैथल निवासी नरेश कुमार ने बताया कि वो संत गोबिन मॅाल मंगवाते हैं। उन्होंने कच्चा मॉल मंगवाया तो कंपनी में ट्रक से मॉल लेकर अलवर का ड्राइवर इमरान लेकर पहुंचा। जिसने कंपनी के गोदाम में अपने उपरोक्त ट्रक को बिना क्लीनर के लापरवाही से बैक करने लगा। गोदाम में हमारी काफी कांच की सीटें रैक के ऊपर रखी हुई थी। ड्राइवर ने जानबूझकर लापरवाही से अपने ट्रक को बैक करते समय गोदाम में रखी हुई कांच की सीटों के बंडलों को टक्कर मारी। टक्कर लगते ही उपरोक्त कांच की सीटें टूट गई। जिससे कंपनी को बहुत नुकसान पहुंचा है। टूटी हुई कांच की सीटों की कीमत लगभग 27 लाख रुपए है। चल रही है जांच : जांच अधिकारी पंचकूला के रायपुर रानी थाना पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से हादसा करने का मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी के अनुसार फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर के गढ़ीमलहरा थाना पुलिस ने ग्राम पंचायत उर्दमऊ और खिरी के बीच स्थित खेत में लगी अफीम की अवैध खेती को नष्ट कर दिया। यह खेती लगभग आधे एकड़ से अधिक क्षेत्र में की जा रही थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मलखान कुशवाहा के खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती हो रही है। सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी रीता सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खेत में लगी अफीम की फसल को उखाड़कर नष्ट कर दिया। संभावित साझेदारी और जांचप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध खेती में लगभग छह लोगों की साझेदारी हो सकती है। इसमें खेत मालिक मलखान कुशवाहा के अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय सरपंच राजेंद्र दीक्षित का नाम भी सहयोगियों में चर्चा में है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तकरीबन 20 हजार अफीम के पेड़ जब्तटीआई रीता सिंह ने बताया कि देर रात 11 बजे तक उनकी टीम खेतों में मौजूद थी और कार्रवाई जारी रही। मजदूरों की मदद से अब तक करीब 10 से 20 हजार अफीम के पेड़ दो ट्रॉलियों में निकाल लिए गए हैं। इन पेड़ों की अनुमानित कीमत कई लाख रुपए बताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कुल कीमत का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा। अफीम की पैदावार और आरोपीरीता सिंह के मुताबिक, इस अवैध खेती के पेड़ नवंबर महीने में लगाए गए थे और अब उनकी पैदावार चार महीने में फूल और फल के रूप में तैयार हो चुके थे। अब तक इस मामले में केवल एक ही आरोपी नामजद हो पाया है, लेकिन कार्रवाई देर रात तक जारी थी। एसडीओपी अमित मिश्रा ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी रीता सिंह ने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गुरुग्राम के रहने वाले गोरक्षक मोनू मानेसर ढाई साल बाद राजस्थान की भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने 5 मार्च 2026 को नासिर-जुनैद हत्याकांड में उनकी नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली थी। जमानत मिलने के बाद शनिवार देर रात भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोनू को जेल से बाहर लाया गया। मोनू मानेसर को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर पुलिस ने एस्कॉर्ट किया। हरियाणा से बड़ी संख्या में उनके समर्थक, गोसेवक और काफिला जेल पहुंचा था, जहां रिहाई के दौरान खुशी का माहौल रहा। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। 2023 में हुआ था मर्डर बता दें कि, फरवरी 2023 में राजस्थान के डीग जिले के घाटमिका निवासी नासिर और जुनैद के शव जले हुए हालत में भिवानी एक बोलेरो गाड़ी में मिले थे। पुलिस ने इसे गो-तस्करी के संदेह में कथित गोरक्षकों द्वारा अपहरण, मारपीट और हत्या का मामला बताया था। इस मामले में मोनू मानेसर पर साजिश रचने और अपराध में उकसाने का आरोप लगा था, हालांकि वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। मोनू मानेसर बजरंग दल से जुड़े हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत देते समय लंबी न्यायिक हिरासत, ट्रायल में प्रगति की कमी और एक सह-आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने का हवाला दिया। रिहाई के बाद मोनू मानेसर के वकील कुलभूषण भारद्वाज ने कहा कि ढाई साल बाद मोनू बाहर आया है। कब क्या हुआ…
छोटी बहन के साथ सो रही नाबालिग लापता:घरवालों को सुबह नहीं मिली, टॉयलेट जाने की कहकर रूम से निकली थी
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की की गुमशुदगी का मामला सामने आया है। नाबालिग अपनी बहन के साथ कमरे में सो रही थी। सुबह वह घरवालों को नहीं मिली। घरवालों ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 17 साल की नाबालिग लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 6 मार्च की रात परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो गए। उनकी बड़ी और छोटी बेटी दोनों एक ही कमरे में सोई हुई थी। जब सुबह कमरे में जाकर देखा तो वहां पर केवल छोटी बेटी ही मिली। जब उससे बड़ी बेटी के बारे में पूछा तो बताया कि वह तो टॉयलेट जाने की बात कहकर गई थी। परिवार ने आस-पड़ोस और अन्य एरिया में काफी तलाश की लेकिन बड़ी बेटी का कुछ भी पता नहीं चल पाया। अंदेशा है कि नाबालिग को कोई अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया है। जो नाबालिग लड़की के साथ कोई घटना कारित कर सकता है। पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं सीकर जिले में 26 साल की युवती के भी लापता होने का मामला सामने आया है। जिसके पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 6 मार्च को सुबह करीब 10 बजे उनकी बेटी लाइब्रेरी जाने की बात कहकर निकली थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी है। इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। यह खबर भी पढ़ें : सीकर में दो युवतियां लापता, परिजनों की बढ़ी चिंता:एक परीक्षा देने और दूसरी गांव से बाहर गई थी; दोनों घर नहीं लौटी सीकर जिले में दो युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सामने आए इन मामलों ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। एक मामले में परीक्षा देने गई युवती वापस नहीं लौटी तो दूसरे मामले में दूसरे गांव जाने की कहकर युवती घर वापस नहीं पहुंची। पुलिस दोनों मामलों में जांच में जुटी है और युवतियों की तलाश के प्रयास जारी हैं।(पूरी खबर पढ़ें)
मऊगंज में चर्चित हनुमना हत्याकांड में मऊगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हनुमना थाना पुलिस ने हत्या के मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले कुल 11 आरोपियों को पकड़ लिया गया है, जबकि 15 नामजद आरोपियों में से बाकी की तलाश जारी है। पुराने विवाद में पड़ोसियों ने की थी मारपीट घटना 4 मार्च 2026 की शाम ढाबा गौतमान गांव में हुई थी। फरियादी पूरनलाल पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुराने विवाद को लेकर पड़ोसियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठी, डंडा, पत्थर और टांगी से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे पूरनलाल के पिता रघुवीर पटेल, माता फगुनी उर्फ लीलावती और भाई संदीप पटेल के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। सभी गंभीर रूप से घायल हो गए और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल, रीवा रेफर किया गया। इलाज के दौरान फरियादी के पिता रघुवीर पटेल की हालत बिगड़ गई और निजी अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि 7 मार्च की शाम वांछित आरोपी राजेश साकेत, बुद्धसेन साकेत, विमलेश साकेत और कंचना साकेत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कई टीमें शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
IOC पाइप लाइन में सेंधमारी, 3 गिरफ्तार:खाली पड़ी थी जमीन, खुदाई कर वॉल्व लगाए; SOG कर रही पूछताछ
अजमेर एसओजी ने आईओसी पाइप लाइन में सेंधमारी कर चोरी का प्रयास करने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खाली पड़ी जमीन से गुजर रही पाइप लाइन में खुदाई कर वॉल्व लगा लिए थे। पता चलने पर सेंदड़ा थाने में शिकायत दी गई और मामले की जांच एसओजी ने शुरू की। गिरफ्तार तीन आरोपियों को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपियों से एसओजी पूछताछ कर रही है। SOG के एडिशनल एसपी श्याम सुंदर विश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रामगढ़ के पास रहने वाले जितेन्द्रसिंह रावत, प्रतापसिंह व देवेन्द्रसिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खाली पड़ी जमीन की खुदाई कर वहां से गुजर रही पाइप लाइन में गुजरात के लोगों से कॉन्टेक्ट कर वाल्व लगाकर चोरी का प्रयास किया। इस मामले में अन्य और कौन कौन लोग हैं, पता लगाया जा रहा है। ऐसे चला था पता रामगढ़ पुलिया हाइवे के पास लक्ष्मणसिंह रावत के खेत में से गुजर रही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की पाइप लाइन पर वॉल्व लगाकर क्रूड ऑयल चोरी करने का प्रयास किया। आइओसी पाइप लाइन की पेट्रोलिंग करने वाले कर्मचारी की नजर पाइप लाइन के पास ट्रैक्टर से खेत में हल चलाने के निशान मिले तो शक हुआ। उसने पास जाकर देखा तो पाइप लाइन के पास एमसील की खाली पैकेट मिले। इस पर आइओसी अधिकारियों को सूचना दी। मामले की भनक लगते ही आइओसी अधिकारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाइप लाइन के आसपास खुदाई करवाई तो वहां पर पाइप में ड्रील कर वॉल्व लगा हुआ मिला। अधिकारियों ने तत्काल पाइप लाइन की मरम्मत शुरू करवाकर 5 अगस्त 2023 को अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर एसओजी को सौंपा। ……… पढें ये खबर भी… MDS यूनिवर्सिटी के कुलसचिव के नाम से मांगे पैसे:मोबाइल हैक कर 40 हजार की हेल्प करने के मैसेज भेजे; हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज अजमेर के एमडीएस यूनिवर्सिटी के उपकुलसचिव (जीएडी) सूरजमल राव का मोबाइल हैकर्स ने हैक कर लिया। इसके बाद उनके नाम से यूनिवर्सिटी के कार्मिकों को भेजे गए मैसेज में इमरजेंसी बताकर 40 हजार रुपए मांगे। परिचितों ने मैसेज मिलते ही यूनिवर्सिटी ग्रुप में इसकी जानकारी साझा कर सावधान रहने की चेतावनी दी। उसके बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। (पूरी खबर पढें)
बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक बाघिन अपने शावक के साथ पानी पीते हुए दिखाई दी। इस दुर्लभ और रोमांचक दृश्य को देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे और उन्होंने इसे अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया। जंगल के बीच बाघिन और उसके शावक को इतने करीब से देखना सैलानियों के लिए यादगार पल बन गया। यह घटना शनिवार शाम की है। उस समय पर्यटकों का एक दल अमानगढ़ रेंज में सफारी कर रहा था। इसी दौरान झिरना गेट के पास बने एक वाटरहोल पर बाघिन अपने शावक के साथ पानी पीती नजर आई। कुछ देर तक बाघिन और उसका शावक पानी पीते रहे, जिसे देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए और उन्होंने इस दृश्य का वीडियो बना लिया। वन्यजीवों के लिए बनाए गए हैं 27 वाटरहोल अमानगढ़ रेंज की अधिकारी अंकिता किशोर ने बताया कि वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुविधा के लिए कुल 27 वाटरहोल बनाए गए हैं। इन सभी वाटरहोल में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि गर्मी के मौसम में वन्यजीवों को पानी की कमी न हो। उन्होंने बताया कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त भी कराई जा रही है। इससे जंगल में रहने वाले वन्यजीव सुरक्षित रहते हैं और पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलता है।
करनाल जिला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए स्मैक तस्करी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक और एक मारुति सियाज कार बरामद की है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर चार युवकों को रोका गया और उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक नशीला पदार्थ और एक मारुति सियाज कार बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने चारों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में ये शामिल पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पालम रेजीडेंसी, नजदीक हैरीटेज लॉन करनाल निवासी रोहन, वकीलपुरा सदर बाजार थाना शहर करनाल निवासी उदय (हाल किरायेदार सेक्टर-9 करनाल), सेक्टर-7 करनाल निवासी अनुराग और पार्ट-1 सेक्टर-8 करनाल निवासी असीम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-32/33 करनाल में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्दी अमीर बनने की चाह में करते थे नशे का कारोबार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जल्दी अमीर बनने और अपने शौक पूरे करने के लिए स्मैक बेचने का काम करते थे। साथ ही वे खुद भी नशीले पदार्थ का सेवन करते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।
नगर निगम क्षेत्र की रुई मंडी, मुरैना टॉकीज के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग के तलघर की खुदाई के दौरान शनिवार रात एक मल्टी की दीवार ढह गई। दीवार गिरने से पास खड़ी तीन गाड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि कोई व्यक्ति उस समय गाड़ियों के पास होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि तलघर बिना अनुमति के बनाया जा रहा था। स्टेशन थाना इलाके में स्थित मल्टी “सरोज टावर” की एक तरफ की दीवार शनिवार देर शाम गिरी। दीवार उस समय बगल में अशोक गुप्ता द्वारा बनाई जा रही बिल्डिंग के तलघर निर्माण के दौरान ढही। गिरी हुई दीवार के नीचे तीन खड़ी गाड़ियां पूरी तरह से दब गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं। बिना अनुमति के बना तलघरस्थानीय लोगों के अनुसार नवीन निर्माणाधीन बिल्डिंग का तलघर बिना अनुमति के बनाया जा रहा था। यह क्षेत्र पहले से ही रिहायशी है और पास की पुरानी बिल्डिंगों पर असर न पड़े, इसके लिए कोई सावधानी नहीं रखी गई। यही कारण था कि दीवार ढहने जैसी घटना हुई। सीएसपी दीपाली चंदेरिया ने बताया कि नगर निगम और पुलिस दोनों ही मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
'हेलो, मैं श्रम विभाग का कमिश्नर बोल रहा हूं। मेरा रोगी आपके OPD के बाहर खड़ा है….उसे तत्काल देखिए। यदि जरूरत हो तो खुद जाकर जांच करके इलाज कीजिए और मुझे बताइए। इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए, समझे।' गोरखपुर AIIMS में पिछले छह महीने से डॉक्टरों को एक युवक फोन कर खुद को श्रम विभाग का कमिश्नर बताकर मरीजों के इलाज की पैरवी करता रहा। युवक के आत्मविश्वास भरे अंदाज के कारण डॉक्टर भी उसे अधिकारी समझकर उसके बताए मरीजों को तुरंत देख लेते थे और जरूरत पड़ने पर भर्ती व जांच की व्यवस्था भी कराते थे। धीरे-धीरे जब ऐसे फोन लगातार आने लगे तो डॉक्टरों ने आपस में इस बारे में चर्चा की। पता चला कि वह युवक 10 से अधिक डॉक्टरों के संपर्क में था। डॉक्टर जिन कर्मचारियों को मरीज के साथ भेजते थे, उनसे भी वह मोबाइल नंबर लेकर दबाव बनाता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अधिकारी को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने उस मोबाइल नंबर पर फोन किया। परिचय देने पर युवक माफी मांगने लगा। उसने बताया कि वह दिल्ली का रहने वाला है और गोरखपुर में उसके कई परिचित हैं। अपने गांव और रिश्तेदारों के बीच प्रभाव जमाने के लिए वह खुद को बड़ा अधिकारी बताकर लोगों की पैरवी करता था। जब काम हो जाता था तो लोग उसकी तारीफ करते थे, जिससे उसका हौसला बढ़ता गया। ‘कहां है मेरा पीएस’ से हुआ शकडॉक्टरों का कहना है कि युवक इतनी आत्मविश्वास से बात करता था कि उन्होंने उसका नंबर “श्रम विभाग के अधिकारी” के नाम से सेव कर लिया था। हालांकि फोन काटने से पहले वह अक्सर पूछता था, “कहां है मेरा पीएस?” इससे डॉक्टरों को थोड़ा शक जरूर होता था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे इसकी जांच नहीं कर पाए। जनप्रतिनिधि का पीआरओ बनकर भी की पैरवीडॉक्टरों ने बताया कि हाल ही में उसी युवक ने एक वरिष्ठ डॉक्टर को फोन कर खुद को एक बड़े जनप्रतिनिधि का जनसंपर्क अधिकारी बताते हुए मरीज का सीटी स्कैन तुरंत कराने को कहा। यह सुनकर डॉक्टर अपना OPD छोड़कर मरीज का सीटी स्कैन कराने पहुंचे। बाद में पता चला कि युवक अस्पताल में ही काम करता है और लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए इस तरह की पैरवी करता था। मामले के सामने आने के बाद युवक ने डॉक्टरों को फोन करना बंद कर दिया है।
संभल में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 222 दर्ज किया गया है, जो अस्वस्थ श्रेणी में आता है। न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। मध्यरात्रि में घना कोहरा छाया रहा, लेकिन सुबह होते-होते मौसम साफ हो गया। दिन में तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। होली के दिन भी सड़कों पर कोहरा देखा गया था। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविवार सुबह 9 बजे पूरे जनपद संभल का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 1000 मरीजों की ओपीडी हो रही है, जिनमें से करीब 600 नए मरीज हैं। सुबह के समय खेतों में काम करने वाले किसानों और दोपहिया वाहन चालकों को सर्द हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल के डॉ. नीरज शर्मा ने बदलते मौसम में हल्के गुनगुने पानी का सेवन करने और बाहर की चीजों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। रेलवे यातायात की बात करें तो, चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली पांच ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। हालांकि, हातिमसराय संभल रेलवे स्टेशन से बिलारी-मुरादाबाद जाने वाली डेमो ट्रेन में यात्रियों की संख्या काफी कम है, यहां 100 लोग भी सफर नहीं कर रहे हैं। स्टेशन मास्टर सुधांशु ने बताया कि आमतौर पर त्योहारों पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। जुनावई ब्लॉक क्षेत्र के निवासी सत्यवीर सिंह ने बताया कि रात 2 बजे के करीब नोएडा से गांव आते समय घना कोहरा था, लेकिन सुबह मौसम साफ हो गया। एक अन्य स्थानीय निवासी गुफरान ने बताया कि सुबह-शाम सर्द हवाएं चल रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास हो रहा है।
करनाल में एक आपराधिक मामले में आरोपी को फर्जी जमानत दिलाने का मामला सामने आया है। कोर्ट में पेश रिकॉर्ड में पाया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने गांव सोहाना एक व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुद को वही व्यक्ति बताकर आरोपी की जमानत दी। बाद में असली व्यक्ति ने कोर्ट में पहुंचकर साफ कहा कि उसने कभी किसी की जमानत नहीं ली और उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है। मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निगदू थाने के पुराने मामले में दी गई थी जमानतजानकारी के अनुसार यह मामला स्टेट बनाम कार्तिक आदि शीर्षक वाले केस से जुड़ा है। यह मामला 07 जनवरी 2023 का है। जो थाना निगदू जिला करनाल में दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी संदीप पुत्र कलीराम निवासी पतनपुरी तहसील निगदू की जमानत 19 मई 2023 को कोर्ट में दाखिल की गई थी। उस समय एक लाख रुपये की जमानत और जमानतदार बॉन्ड कविंदर सिंह पुत्र धर्मबीर निवासी गांव सोहाना जिला करनाल के नाम पर दाखिल किए गए थे। जमानत के समय कविंदर के पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड और उसकी जमीन की जमाबंदी वर्ष 2018-19 के दस्तावेज भी कोर्ट में जमा करवाए गए थे। उस दिन जमानतदार की पहचान धर्मपाल नंबरदार ने की थी। आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ, तब खुला मामलामामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी संदीप 22 सितंबर 2025 को अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने उसकी जमानत रद्द कर दी और गैर जमानती वारंट जारी किए। साथ ही जमानतदार और पहचान कराने वाले व्यक्ति को भी नोटिस जारी कर 16 अक्टूबर 2025 को अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए। 16 अक्टूबर 2025 को अदालत में कविंदर नाम का व्यक्ति पेश हुआ। उसने अदालत को बताया कि उसने कभी भी आरोपी संदीप की जमानत नहीं दी और वह आरोपी को जानता भी नहीं है। आधार कार्ड नंबरों में मिला बड़ा अंतरकविंदर ने अदालत में अपना असली आधार कार्ड भी पेश किया। जबकि कोर्ट रिकॉर्ड में जो आधार कार्ड जमा था उसका कुछ ओर था। दोनों आधार कार्ड एक ही नाम और पते के थे, लेकिन नंबर अलग थे। कविंदर ने अदालत को बताया कि उसकी जमीन की जमाबंदी के कागज भी किसी अन्य व्यक्ति ने इस्तेमाल किए हैं और खुद को उसका रूप देकर आरोपी की जमानत ली गई है। वकील से भी नहीं मिला संतोषजनक जवाबकोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार जमानत बॉन्ड दाखिल करते समय आरोपी संदीप की ओर से अधिवक्ता जसमेर सिंह पेश हुए थे। अदालत में जब इस मामले को लेकर सवाल उठे तो उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। कोर्ट ने पुलिस को दिए जांच के आदेशमामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉक्टर सविता कुमारी की अदालत ने 13 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर पुलिस को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को अदालत में कार्यरत अनुवादक सोम नाथ ने थाना सिविल लाइन करनाल के एसएचओ को लिखित शिकायत दी और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सिविल लाइन थाने में केस दर्ज, जांच शुरूइस शिकायत और कोर्ट आदेश के आधार पर सिविल लाइन थाना करनाल में 07 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने कविंदर पुत्र धर्मबीर निवासी सोहाना के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 19 मई 2023 को आरोपी संदीप की जमानत दिलाई थी। मामले की जांच अब पुलिस चौकी सेक्टर-13 करनाल के सब इंस्पेक्टर सुन्दर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
कानपुर के गंगा बैराज पर आटो सवार युवक से 2.70 लाख रुपए की लूट करने वाले बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने दो बदमाशों के पैर में गोली मारकर और तीसरे को दौड़ाकर दबोच लिया। शातिर बदमाश आटो चालक और सवारी बनकर लोगों को बैठाते फिर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। मुठभेड़ में घायल बदमाशों को प्राथमिक उपचार के लिए हैलट में एडमिट कराया है। रविवार दोपहर तक तीनों को जेल भेजा जाएगा। आटो चालक बनकर शातिर बदमाश सवारियों से करते थे लूटपाट डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मूलरूप से जहानाबाद के खजुरिया गांव व मौजूदा समय में साकेत नगर में रहने वाले उमाकांत तिवारी ने बताया कि 2 मार्च को वह बुलेट खरीदने के लिए 2.70 लाख रुपए लेकर घर से निकले थे। सागर मार्केट से मोबाइल बनवाने और मूलगंज से कपड़े खरीदने के बाद बुलेट खरीदने बड़ा चौराहा से आटो में बैठे थे। आटो में ड्राइवर के साथ दो युवक और बैठे थे, थूकने के बहाने पहले से दोनों बैठे युवक किनारे बैठ गए और उसे बीच में बैठा दिया। इसके बाद आटो चालक बहाने से गंगा बैराज और एनआरआई सिटी के गेट नंबर-2 के पास सूनसान इलाके में पहुंच गया। आटो चालक और उसके दोनों साथियों ने मारपीट करने के बाद 2.70 लाख रुपए कैश, कपड़े और मोबाइल समेत अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। उमाशंकर ने राहगीर की मदद से पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची नवाबगंज थाने की पुलिस ने लूट की रिपोर्ट दर्ज करके बदमाशों की तलाश शुरू की थी। डीसीपी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शनिवार देर रात पुलिस फोर्स ने ख्योरा कटरी में लुटेरों की घेराबंदी की तो शातिरों ने सीधे पुलिस पर फायर झोंक दिया। इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जीतू उर्फ जितेन्द्र निषाद और उसके साथ जितेन्द्र निषाद उर्फ छोटू के पैर में गोली मारकर दबोच लिया। जबकि उसके तीसरे साथी सुमित कश्यप उर्फ कुट्टू को भी अरेस्ट कर लिया। डीसीपी ने बताया कि घायलों को हैलट में प्राथमिक उपचार के लिए एडमिट कराया है। रविवार दोपहर को तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। शातिरों से पूछताछ करके अन्य वारदातों का भी खुलासा करने का भी प्रयास किया जा रहा है। लूट के मोबाइल से बदमाशों तक पहुंची पुलिस डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शातिरों ने उमाशंकर से कैश के साथ ही उनके दोनों मोबाइल भी लूट लिए थे। सर्विलांस की मदद से पुलिस को लुटेरों की लोकेशन मिली और घेराबंदी करके शातिरों को दबोच लिया। लूट के बाद पीड़ित के दोनों मोबाइल एक्टिव थे। पुलिस ने इसी के सहारे तीनों तक पहुंची और मुठभेड़ में दबोच लिया।
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच गोंडा जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैल गई थीं। इन अफवाहों के कारण आम जनता में घबराहट देखी गई, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन का भंडारण करने लगे थे। हालांकि अब गोंडा जिला प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों ने अब स्पष्ट किया है। कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। जिला प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। जनता से ऐसी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है साथ ही,घबराहट में खरीद को रोकने के लिए डिब्बे या बोतलों में डीजल और पेट्रोल देने पर भी रोक लगा दी गई है। गोंडा जिले में भारत पेट्रोलियम लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डिपो में कुल 11,800 किलो लीटर डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। लखनऊ और अन्य स्थानों से हर तीसरे दिन स्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जिले में ईंधन की कमी नहीं हो पा रही है। इंडियन ऑयल (IOCL) के सेल्स ऑफिसर नीरज सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में मांग 250 से 300 किलो लीटर रहती थी, लेकिन घबराहट के कारण यह बढ़कर 400 से 450 किलो लीटर तक पहुंच गई है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट हेड शैलेंद्र वर्मा ने सुरक्षा बल बढ़ाने के संबंध में पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा है। इसी तरह, बीपीसीएल के अधिकारी मांगीलाल ने जानकारी दी कि गोंडा डिपो से न केवल गोंडा, बल्कि बलरामपुर, अयोध्या, श्रावस्ती, बहराइच, अमेठी और सिद्धार्थनगर जैसे पड़ोसी जिलों को भी निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। वहीं गोंडा जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से पेट्रोल या डीजल का स्टॉक न करे। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है। कि वे किसी भी ग्राहक को बोतल या डिब्बे में पेट्रोल न दें।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की अटेली विधानसभा क्षेत्र के कनीना ब्लॉक के गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से मिली है। कॉलेज के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। गांव खेड़ी में बनने वाला यह पॉलिटेक्निक कॉलेज आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। कॉलेज के शुरू होने से युवाओं को घर के पास ही तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल शिक्षा सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। महंगी फीस और लंबी दूरी से मिलेगी राहत ग्रामीणों के अनुसार, अब तक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को निजी कॉलेजों में महंगी फीस देनी पड़ती थी या फिर लंबी दूरी तय करके शहरों में जाना पड़ता था। इससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से विद्यार्थियों को इन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी और अधिक युवा तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित होंगे। ग्रामीणों ने मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मंत्री के प्रयासों से अटेली क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है और शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा स्थानीय लोगों ने विश्वास जताया है कि गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह निर्णय अटेली विधानसभा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्नाव जिले के अजगैन थाना क्षेत्र में चोरों ने एक 250 केवीए ट्रांसफार्मर चोरी कर लिया। यह घटना बीती रात ग्राम गौरा में हुई, जिससे गांव के 400 से अधिक घरों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ट्रांसफार्मर चोरी होने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम गौरा में लगा यह ट्रांसफार्मर गांव की मुख्य विद्युत आपूर्ति का प्रमुख स्रोत था। बीती देर रात अज्ञात चोर मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को खोलकर अपने साथ ले गए। सुबह जब ग्रामीणों को पूरे गांव में बिजली न होने का संदेह हुआ, तो उन्होंने मौके पर जाकर देखा। ट्रांसफार्मर गायब मिलने पर ग्रामीणों ने तत्काल बिजली विभाग और पुलिस को सूचना दी। ट्रांसफार्मर चोरी होने के कारण गांव के लगभग 400 से अधिक घरों में बिजली गुल हो गई है। बिजली न होने से ग्रामीणों को भीषण गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल चार्जिंग, पानी की मोटर चलाने और अन्य दैनिक कार्यों में भी बाधा आ रही है। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी और अजगैन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। चोरों का सुराग लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनमें दहशत का माहौल है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा कर रही है। वहीं, बिजली विभाग भी गांव की विद्युत आपूर्ति बहाल करने की दिशा में काम कर रहा है।
लुधियाना के अशोक नगर इलाके में कुत्ते को घर के बाहर शौच कराने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि 4 से 5 पड़ोसी घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ डंडों से मारपीट की। इस पूरी घटना की CCTV फुटेज भी सामने आई है। पीड़ित महिला सीमा ने बताया कि गली के कुछ लोग अपने कुत्ते को उसके घर के बाहर शौच कराने के लिए लाने लगे थे। जब उसने उन्हें ऐसा करने से रोका और किसी अन्य जगह ले जाने को कहा तो इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। डंडों से किया हमला सीमा के अनुसार कुछ देर बाद उक्त लोग अपने परिजनों के साथ उनके घर पहुंच गए और वहां हंगामा करने लगे। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर उसके पति, सास और बच्चों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान सीमा के घुटने में भी चोट लगी और डंडों से हमला किया गया। सीसीटीवी में कैद हुई घटना घटना के समय घर में छोटे बच्चे भी मौजूद थे, जिससे पूरे परिवार में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की वीडियो और CCTV फुटेज भी मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उधर, सलेम टाबरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है और मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवास में विवाद के दौरान मारपीट, 10 घायल:दोपहिया वाहन रोककर हमला, महिलाओं ने लाठी चलाईं
देवास जिले के पीपलरावा क्षेत्र में एक विवाद के बाद मारपीट की घटना सामने आई है। इसमें एक पक्ष के करीब 10 लोग घायल हो गए। यह घटना शनिवार शाम 6 बजे कंजर डेरा के समीप हुई। घायलों ने बताया कि वे दोपहिया वाहन से पेट्रोल-डीजल लेने जा रहे थे। इसी दौरान कंजर डेरा के पास कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और गाड़ी की चाबी निकाल ली। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। घायल जुबेर ने जानकारी दी कि हमलावरों ने दादागिरी करते हुए उन पर हमला किया। उनके साथ मौजूद कुछ महिलाओं ने भी पत्थरबाजी की और लाठियां चलाईं। 108 जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर रोहित गोस्वामी ने बताया कि सोनकच्छ सिविल अस्पताल से घायलों को देवास जिला अस्पताल लाया गया है। डेरा गांव के समीप हुई पत्थरबाजी में कुल करीब 10 लोग घायल हुए हैं। पीपलरावा निवासी मोहम्मद रईस ने बताया कि हमारे दो भाई जुबेर और सेफुदीन डीजल लेने के लिए करीब 10 हजार रुपए लेकर निकले थे, तभी रास्ते में कंजर डेरा के पास उन पर अचानक हमला कर दिया गया। घटना के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
एक युवक की मौत से जुड़े मामले पर जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस भेजते हुए पूछा है कि आखिर बिना पोस्टमार्टम के शव को कैसे दफना दिया। मामले पर शनिवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से 7 दिनों के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले के अगली सुनवाई 18 मार्च को नियत की गई है। याचिका हाईकोर्ट में जबलपुर निवासी कसीमुद्दीन कुरैशी ने दायर की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनका भाई गयासुदीन कुरैशी नरसिंहपुर जिले के बोरीपार गांव में रहता था। 26 मार्च 2025 को गयासुद्दीन एक एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए उसे जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 27 मार्च को डॉक्टर ने हालत को देखते हुए उसे इलाज के लिए नागपुर भेज दिया, जहां उसकी मौत हो गई। डिस्चार्ज रिपोर्ट में मृतक के सीने में चोट का निशान याचिकाकर्ता का कहना था कि अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट में मृतक के सीने में चोट का निशान बताए गए थे। ऐसे में इस मौत को सामान्य नहीं माना जा सकता। आवेदक ने 10 नवंबर 2025 को जबलपुर एसपी को आवेदन देकर मामले की जांच और पोस्टमार्टम की मांग की। बावजूद इसके जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम करने की मांग की गई। सिंगल बेंच ने खारिज कर दी थी याचिका बता दें इससे पहले यह याचिका हाई कोर्ट की सिंगल मैच में दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद आवेदक ने डिवीजन बेंच में रिट अपील दायर की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिनव उमाशंकर तिवारी ने कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए बताया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम करना आवश्यक है। 7 दिन में जवाब देना होगा जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान अपने आदेश में कहा कि सिंगल बेंच ने सरकार का पक्ष जाने बिना ही याचिका का निराकरण कर दिया था। इसलिए अब राज्य सरकार को रिट याचिका और रिट अपील दोनों पर ही 7 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करना होगा।
सोनभद्र 2.5 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कटे:SIR प्रक्रिया में 3.14 लाख को नोटिस, सुनवाई पूरी
सोनभद्र में मतदाता सूची शुद्धिकरण (एसआईआर) की प्रक्रिया तेजी से जारी है। कुल 14,05,078 मतदाताओं में से अब तक 2,51,319 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 2,491 मतदाताओं ने नाम कटवाने के लिए फॉर्म सात पर आवेदन किया है, जिनमें से 1,493 आवेदनों की जांच बीएलओ द्वारा की जा रही है।जबकि दावे और आपत्तियों का समय 6 मार्च को समाप्त हो गया चुका है। जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3,14,758 लोगों को त्रुटियों में सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए थे। घोरावल विधानसभा क्षेत्र में 68,601, रॉबर्ट्सगंज में 76,950, ओबरा में 96,162 और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में 73,045 मतदाताओं को नोटिस भेजे गए। इनमें से 2,75,867 लोगों तक नोटिस पहुंच गए, जबकि 38,891 लोगों तक नोटिस नहीं पहुंच सके। जारी की गई नोटिस के तहत, पहली सुनवाई में 39,391 मतदाता उपस्थित नहीं हुए। इनमें घोरावल विधानसभा क्षेत्र से 6,914, रॉबर्ट्सगंज से 12,744, ओबरा से 7,524 और दुद्धी से 13,109 मतदाता शामिल थे। दूसरी बार हुई सुनवाई में भी 28,776 मतदाता अनुपस्थित रहे, जिनमें घोरावल के 2,613, रॉबर्ट्सगंज के 8,578, ओबरा के 7,132 और दुद्धी के 10,453 मतदाता शामिल थे। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल ने बताया कि एसआईआर के तहत दो लाख 51 हजार मतदाताओं के नाम पहले ही काटे जा चुके हैं। इसके बाद 2491 मतदाताओं ने नाम कटवाने के लए फार्म सात पर आवेदन किया है। इसमें 1493 फार्म सात की जांच के लिए बीएलओ को दिया गया है। जांच के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा:18 मार्च से शुरू होगा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से एक अप्रैल तक प्रदेश के 249 मूल्यांकन केंद्रों पर किया जाएगा। मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय और पारदर्शी बनाने के लिए परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर मौखिक, लिखित, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उत्तर पुस्तिका या मूल्यांकन से जुड़ी कोई सूचना साझा करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। गोपनीयता भंग होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मूल्यांकन कार्य की कड़ी निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। हर केंद्र पर जिलाधिकारी द्वारा स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात होंगे। कार्य वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा, जिसकी कनेक्टिविटी जनपद और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से जुड़ी रहेगी। मूल्यांकन में लगे शिक्षकों व कर्मचारियों को मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रों पर अवांछनीय तत्वों पर नजर रखने हेतु एलआईयू और सादे वेश में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। कार्य समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों तक ले जाने वाले प्रत्येक ट्रक के साथ दो सशस्त्र पुलिसकर्मी साथ रहेंगे। 17 मार्च को सभी केंद्रों पर उप नियंत्रक द्वारा मूल्यांकनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ज्ञानपुर विकासखंड के कठौता स्थित प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों के रखरखाव के लिए बजट जारी किया था, जिसके तहत इस प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए 13 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं किया गया है। ग्रामीण विकास कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि भवन निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया गया है और सीमेंट-बालू का मिश्रण भी सही नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो निर्माण कार्य में बड़े घोटाले का खुलासा होगा और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि इससे भविष्य में ठेकेदार ऐसी गलतियां करने से बचेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच कराई जाएगी और यदि गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इटावा में जीजा ने नाबालिग साली की हत्या की:चार दिन पहले की थी शादी, कोतवाली में खुद पहुंचा बताई घटना
इटावा। रिश्ते के जीजा विजय द्वारा नाबालिग छात्रा सुनैना की हत्या का मामला सामने आया है। मृतका के पिता रघुराज सिंह ने बताया कि 4 मार्च को विजय ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर घर से ले गया और दिल्ली में किसी मंदिर में शादी करने का दावा किया। पिता के अनुसार, जब परिवार को जानकारी मिली, तो उनकी पत्नी ने बेटी से फोन पर बात की और उसे घर लौटने को कहा। इसके बाद सुनैना विजय के साथ वापस इटावा आई। रघुराज सिंह ने बताया कि देर रात पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है। अस्पताल में स्ट्रेचर पर मिला शव परिवार अस्पताल पहुंचे तो सुनैना का शव स्ट्रेचर पर पड़ा था। पिता ने बताया कि शरीर पर कई चोटों के निशान थे। पुलिस ने बताया कि सिर पर ईंट से वार किया गया और गर्दन पर चाकू से हमला किया गया था। मृतका के भाई शिवम ने बताया कि विजय ने पहले भी उनकी मौसी की बेटी को पांच साल पहले भगा कर शादी की थी और उनका एक बेटा भी है। उन्होंने कहा कि विजय ने सुनैना को वापस इटावा लाकर बेरहमी से हत्या की। डॉक्टर और पुलिस की जानकारी डॉ. श्याम मोहन ने बताया कि पुलिस तड़के करीब चार बजे लड़की को अस्पताल लेकर आई थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखा गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि आरोपी विजय ने खुद थाने पहुंचकर हत्या की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की जांच जारी है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) परिसर स्थित रोज गार्डन में शनिवार को 'होली मिलन 2026' का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी। इस अवसर पर कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक और वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने पुष्प वर्षा कर सभी का स्वागत किया। संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक होली गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरे परिसर को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। एआई मिशन और नई तकनीक पर फोकस कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय की आगामी योजनाओं को साझा करते हुए कहा कि संस्थान कई बड़ी उपलब्धियों की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में नई मशीनें मंगवाई गई हैं और 'एआई फॉर ऑल' जैसे माइनर कोर्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नई तकनीक में दक्ष बनाकर भारत को विकसित बनाने और विश्वगुरु के सपने को पूरा करना ही मुख्य लक्ष्य है। छात्रों को डिप्रेशन से बचाएंगे योग और संगीत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कुलपति ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रों को अवसाद (डिप्रेशन) से बचाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर प्रयास कर रहा है। इसके लिए कैंपस में संगीत और योग जैसे विशेष कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और उन्हें मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता प्रो. विनय पाठक ने होली को आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक रंग में रंगने का पावन अवसर बताया। उन्होंने कहा कि होली भारतीय संस्कृति में प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, प्राचार्यों और छात्र परिषद के सदस्यों की एकजुटता यह दर्शाती है कि पूरा संस्थान एक परिवार की तरह आगे बढ़ रहा है।ऐसे आयोजनों से आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलता है, जो भविष्य के सुखद लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
पंचकूला डिटेक्टिव स्टाफ ने पिंजौर में एक युवक को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध हथियार रखने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। एएसआई सुखचैन सिंह के नेतृत्व में डिटेक्टिव स्टाफ की टीम पिंजौर थाना क्षेत्र में गश्त पर थी। हाल ही में क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं को देखते हुए टीम चंडीमंदिर लाइट, अमरावती रिहायशी क्षेत्र, अमरावती फ्लाईओवर और सूरजपुर बाईपास इलाके में निगरानी कर रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजे टीम को एक गुप्त सूचना मिली। एचएमटी गेट के पास युवक से बरामद हुई पिस्टल सूचना में बताया गया कि गांव दहेमी, थाना बदाऊं, जिला बदाऊं (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले 22 वर्षीय अरुण, जो वर्तमान में बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में काम करता है, के पास अवैध हथियार है। वह इस समय पिंजौर-कालका हाईवे पर एचएमटी पिंजौर के मुख्य गेट के पास किसी का इंतजार कर रहा था। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बताए गए हुलिए के आधार पर युवक को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। लाइसेंस न दिखाने पर दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपी से हथियार का लाइसेंस या परमिट मांगा, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)A, 54, 59 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी पंचकूला पुलिस ने कहा है कि अवैध हथियार रखने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है और ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मुगलसराय में एक गेस्टहाउस कर्मचारी की पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार को रेलवे स्टेशन गेट संख्या 1 स्थित काली मंदिर के पीछे हुई। एक गेस्टहाउस के सामने से बाइक हटाने को लेकर दूसरे गेस्टहाउस के मालिक ने कर्मचारी को लात-घूसों से पीटा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, काली मंदिर के पीछे स्थित सनराइज गेस्टहाउस के सामने बीच रास्ते में एक बाइक खड़ी थी। सनराइज गेस्टहाउस के कर्मचारी सोनू कुमार ने इस बाइक को किनारे हटा दिया। यह बात बगल के अग्रवाल गेस्टहाउस के मालिकों को नागवार गुजरी। सोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि बाइक बीच रास्ते में खड़ी होने के कारण आने-जाने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए उसने उसे हटाया था। इसके बाद अग्रवाल गेस्टहाउस के मालिक राजू अग्रवाल और मनोज अग्रवाल ने आकर उसे लात-घूसों से पीटा। सोनू के अनुसार, पिटाई के दौरान जब दोनों भाइयों की नजर कैमरे पर पड़ी, तो वे वहां से हट गए और उसे पिस्तौल दिखाकर धमकाया। पीड़ित सोनू कुमार, जो कैथापुर निवासी है, ने मुगलसराय कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
शंकराचार्य-योगी विवाद में मध्यस्थता की मांग तेज:फलाहारी महाराज ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा
सनातन धर्म की दो प्रमुख हस्तियों, शंकराचार्य महाराज और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, के बीच चल रहे विवाद को लेकर अब मध्यस्थता की मांग तेज हो गई है। इस मामले में संत दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की अपील की है। फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में कहा है कि शंकराचार्य महाराज और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों ही सनातन संस्कृति के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। ऐसे में दोनों संतों के बीच किसी भी प्रकार का मनमुटाव सनातनी समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच बढ़ती दूरी को लेकर राजनीतिक दल, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता, शंकराचार्य के बहाने हिंदू समाज को आपस में बांटने की कोशिश कर रहे हैं। पत्र में उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा हिंदू समाज को जोड़ने का कार्य किया है। उनका मानना है कि अगर संघ जैसी संगठनात्मक शक्ति नहीं होती तो देश को कई बार विभाजन जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता था। फलाहारी महाराज ने मोहन भागवत से अपील करते हुए कहा कि संघ प्रमुख होने के नाते वह कोई ऐसा रास्ता निकालें जिससे 11 मार्च को दोनों सनातनी संत आमने-सामने टकराव की स्थिति में न आएं और आपसी विवाद का समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि यदि शंकराचार्य और मुख्यमंत्री के बीच चल रहा मनमुटाव समाप्त हो जाता है तो इससे सनातनी एकता और अधिक मजबूत होगी। उनका यह भी कहना है कि देशभर के साधु-संत संघ प्रमुख के सुझावों को गंभीरता से लेते हैं और उनका सम्मान करते हैं। इसके साथ ही फलाहारी महाराज ने आशुतोष पांडे उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ को कलंकित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए, ताकि सनातनी समाज में फैले आक्रोश को शांत किया जा सके।
इंजीनियर बहन को चाकू से गोदकर नृशंसता से कत्ल करने वाला हार्दिक जेल जा चुका है। जबकि उसकी मां नीलिमा बेटे के हाथों जख्मी होने के बाद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। नीलिमा की किस्मत अच्छी रही कि वो बच गईं। हार्दिक तो मां को भी जान से मार देना चाहता था। उसने मां को मारने के लिए चाकू से उन पर 6 वार किए थे। शुक्रवार को हार्दिक ने अपनी सगी बहन हिमशिखा की घर के भीतर ही नृशसंता से हत्या की। इसके बाद शव को चादर में लपेटकर बेड पर डाल दिया। बहन को बेरहमी से कत्ल करने के बाद हार्दिक अपनी मां को बुलाने उनके दफ्तर पहुंचा। नीलिमा मुरादाबाद में ही दिल्ली रोड पर बीमा कंपनी के दफ्तर में काम करती हैं। ऑफिस जाकर हार्दिक मां से बोला- मम्मी घर चलो, आपको एक सरप्राइज देना है। वो कार से मां को लेकर घर पहुंचा। मां ने जैसे ही घर का गेट खोलकर देखा तो पूरे घर में खून फैला हुआ था। कमरे में बिस्तर पर खून से लथपथ बेटी हिमशिखा की डेडबॉडी थी। इस पर उनकी चीख निकल गई। लेकिन इससे पहले कि नीलिमा संभल पातीं, बेटे हार्दिक ने उन पर भी चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। लेकिन नीलिमा की चीख सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकलने लगे। इतने में हार्दिक घर से भाग गया। गुड़गांव में रहते थे दोनों भाई-बहन,भाई ने छोड़ दी थी नौकरीहिमशिखा (26 साल) और हार्दिक, दोनों ही जुड़वा भाई-बहन थे। दोनों इंजीनियरिंग करने के बाद गुड़गांव की आईटी कंपनी में काम करते थे। हिमशिखा जॉब के साथ-साथ एमबीए भी कर रही थी। जबकि हार्दिक भी डेढ़ साल पहले तक एक कंपनी में काम करता था। इंस्टाग्राम पर गुड़गांव की लड़की से इश्क होने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी और यू-ट्यूब पर कंटेंट अपलोड करने लगा था।बदायूं से आकर मुरादाबाद में बसी थीं नीलिमा पुलिस के मुताबिक नीलिमा मूल रूप से बदायूं के जोगीपुरा की रहने वाली हैं। करीब 30 साल पहले वह और उनके पति मुरादाबाद में आकर बस गए थे। करीब 10 साल पहले पति से उनका अलगाव हो गया था। जिसके बाद वह बुद्धि विहार में किराए के घर में रहने लगी थीं। बच्चों को पढ़ा लिखाकर उन्होंने नौकरी के लायक बनाया। वह खुद भी एक प्राइवेट बीमा कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। बदायूं में नीलिमा की कुछ प्रॉपर्टी थी। जिसे उन्होंने अभी कुछ महीने पहले ही बेचा है। नीलिमा मुरादाबाद में अपना मकान बनाने की तैयारी कर रही थीं।

