Kochi में लॉज पर छापा मारकर 192 ग्राम MDMA बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
कोच्चि, आठ नवंबर केरलम के एक लॉज में तलाशी के दौरान 185 ग्राम एमडीएमए समेत कुल 192 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। एर्णाकुलम के ग्रामीण जिला पुलिस प्रमुख के. एस. सुदर्शन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह तलाशी ली गयी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिकृष्णन के. एस. (32) और शिनू सेबेस्टियन (34) के रूप में हुई है। अलुवा के पुलिस उपाधीक्षक बैजू पॉलोस के नेतृत्व में एक टीम ने लॉज में छापा मारकर हरिकृष्णन को गिरफ्तार किया और उसके पास से 185 ग्राम एमडीएमए बरामद किया। इसकी कीमत लगभग 7.5 लाख रुपये आंकी गई है। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कोच्चि सिटी पुलिस के साथ मिलकर थोप्पुमपडी स्थित शिनू के घर की तलाशी ली। वहां कथित तौर पर एक पक्षी के पिंजरे में छिपाकर रखा गया सात ग्राम एमडीएमए और बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी तमिलनाडु से एक पर्यटक बस के जरिये मादक पदार्थ कोच्चि लाए थे। उन्होंने कथित तौर पर इसे केले के एक गुच्छे के अंदर छिपा रखा था। मादक पदार्थों के स्रोत और उनके वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। इसमें बेंगलुरु-तमिलनाडु क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस तस्करी में और कितने लोग शामिल थे, आरोपियों को मादक पदार्थ किसने बेचे थे और उनसे इन्हें किसने खरीदा था।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को केरल के कोच्चि में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस व
Kochi में थाने पहुंचकर पुलिसकर्मी से बहस और सरकारी वाहन में तोड़फोड़, आरोपी हमसथ अरेस्ट
कोच्चि, सात नवंबर केरलम के कोच्चि में एक थाने में कथित तौर पर हंगामा करने और हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस के वाहन को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 40 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान मट्टनचेरी के कोचंगडी निवासी हमसथ के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार रात करीब सवा 11 बजे मट्टनचेरी थाने पहुंचा और वहां ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी से बहस करने लगा जिससे सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई। पुलिस ने बताया कि इससे पहले उसे शिकायत मिली थी कि हमसथ चक्कमदम के एक बार में शराब के नशे में हंगामा कर रहा है। ‘बार’ में पहुंची पुलिस टीम ने उसे हंगामा करते पाया, लेकिन पुलिसकर्मियों को देखते ही वह वहां से चला गया। उसने बताया कि बाद में वह थाने पहुंचा और वरिष्ठ सिविल पुलिस अधिकारी श्रीजीत से बहस करने लगा। पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, चिकित्सकीय जांच के लिए पुलिस वाहन में ले जाए जाने के दौरान हमसथ कथित तौर पर चालक की सीट की ओर बढ़ा और उसने सामने के शीशे पर लात मारकर उसे तोड़ दिया। प्राथमिकी के अनुसार, उसने वाहन के अंदर लगा शीशा भी उखाड़ दिया। इससे वाहन को करीब 40,000 रुपये का नुकसान हुआ। इसके अनुसार जब थाने के चालक शरत ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे लात-घूंसों से मारा, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि शरत और हमसथ, दोनों को करुवेलिप्पडी स्थित महाराजा सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां शरत का उपचार किया गया और आरोपी की चिकित्सकीय जांच की गई। हमसथ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Kochi में डॉक्टर से मारपीट और लूटपाट, साउथ एक्ट्रेस Athulya Chandra समेत 3 गिरफ्तार
कोच्चि, पांच नवंबर अभिनेत्री अतुल्या चंद्रा और दो अन्य लोगों को एक डॉक्टर को बहाने से फ्लैट में बुलाकर मारपीट करने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। डॉक्टर की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, उसे दो नवंबर को यहां वायटिला स्थित एसेन स्प्रिंगडेल अपार्टमेंट के एक फ्लैट में यह कहकर बुलाया गया था कि आरोपियों में से एक की मौसी की तबीयत खराब है। शिकायत में कहा गया है कि वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने देखा कि फ्लैट में अभिनेत्री समेत करीब 12 लोग मौजूद थे। आरोप है कि इन लोगों ने उसकी पिटाई की और उसके दो मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच तथा ईयरपॉड छीन लिये। इन सभी सामान की कुल कीमत करीब 3.25 लाख रुपये थी। प्राथमिकी के अनुसार, 41-वर्षीय डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उस पर इल्जाम लगाया है कि उसने आरोपियों में से एक की मौसी को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद उन्होंने कई बार बेरहमी से उसकी पिटाई की। डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान अभिनेत्री ने उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार नवंबर को भारतीय न्याय संहिता के तहत आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। चंद्रा कई दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उनकी कुछ फिल्मों में उयिर (2026), डायस इरे (2025), माथु वदलारा (2019) और इसका दूसरा भाग माथु वदलारा 2 (2024) शामिल हैं।
CJP ने फिर किया आंदोलन का ऐलान; दिल्ली छोड़ अब कहां बनाने जा रहे जंतर-मंतर? दीपके भी होंगे शामिल
CJP Protest at Kochi: 7 नवंबर को कोच्चि में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनके अलावा समूह के दक्षिण क्षेत्र प्रमुख विजय मल्लंगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज़ भी मौजूद रहेंगे।
मतदाता सूची SIR रद्द करने की मांग, Kochi में 7 नवंबर को प्रदर्शन करेगी CJP
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को घोषणा की कि वह 7 नवंबर को केरल के कोच्चि में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को रद्द करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि जंतर-मंतर एट कोच्चि नाम का यह विरोध प्रदर्शन राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे से आयोजित किया जाएगा। लोकतंत्र बचाएं! SIR रद्द करें! हमारे साथ जुड़ें - 7 नवंबर - शाम 4 बजे | राजेंद्र मैदान, कोच्चि, पोस्ट में लिखा था। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी के दक्षिण ज़ोन प्रमुख विजय मल्लंगी और राष्ट्रीय सचिव आफ़रीन नवाज़ भी 7 नवंबर को कोच्चि में SIR-विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगी। कोच्चि में हुआ यह विरोध प्रदर्शन, CJP का पहला बड़ा कदम है। इससे पहले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) के SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश के दौरान, CJP के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसे भी पढ़ें: Jitendra Singh के Foreign Funding दावों पर CJP का पलटवार, सबूत दिखाने की दी चुनौती पिछले महीने, आशुतोष रंका और सौरव दास समेत CJP के अन्य नेताओं के साथ मिलकर, दिपके को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वे जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित (नोटिफाई) करने का दर्जा वापस ले लिया। हालाँकि, दास और रंका ने इस फैसले के विरोध में, जंतर-मंतर पहुँचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और वे एक सप्ताह तक जेल में रहे। बाद में, उन्होंने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने यह लिखित वचन दिया कि जब तक जंतर-मंतर का दर्जा बहाल नहीं हो जाता, तब तक वे वहाँ कोई और विरोध-प्रदर्शन आयोजित नहीं करेंगे; इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Delhi Police Crime Branch के दफ्तर पहुंचे CJP नेता सौरव दास, Jantar Mantar मामले में पूछताछ दीपके पिछले महीने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा कार्यक्रम की घोषणा की थी, उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में SEM ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। इस शर्त में एक मुख्य बात यह थी कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि अगले एक साल तक उनकी ओर से शांति भंग न हो। CJP ने 1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च को अपना समर्थन दिया, लेकिन रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित रैली में हिस्सा नहीं लिया।

