प्रतापगढ़ में जमीन के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक टैक्सी चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कर ली है। दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। यह घटना सोमवार शाम दिलीपपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा जंगल में हुई। अज्ञात बदमाशों ने अचलपुर निवासी टैक्सी चालक आसिफ अली को दो गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। मृतक के भाई ने शुरुआत में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, उन्होंने आसिफ की पत्नी मैसर, जो पिछले चार साल से मायके में रह रही है, और उसके परिजनों पर हत्या कराने का शक जताया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधिकारियों ने तीन टीमों का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने जमीन के सौदे और रुपये के लेनदेन के पहलू पर गहराई से पड़ताल की। बताया जा रहा है कि आसिफ अली ने अपनी जमीन 55 लाख रुपये में अचलपुर निवासी सद्दाम को बेची थी। इस जमीन की प्लॉटिंग की जा चुकी थी और बकाया रुपये मांगने को लेकर आसिफ और सद्दाम के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर छानबीन करते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने घटना में शामिल होने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कर ली है। हालांकि, मृतक का मोबाइल फोन अभी बरामद नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम जब शव घर पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। भाई आरिफ, मां और पत्नी मैसर सहित परिवार के लोग रोते-बिलखते रहे। बाद में शाम करीब 8 बजे मृतक को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
हथियार के साथ रील बनाने वाला युवक पुलिस ने पकड़ा:गंडासे के साथ वीडियो शेयर किया, अब पुलिस कर रही जांच
इंदौर में हथियार के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालने के मामले में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। परदेशीपुरा क्षेत्र के नंदानगर निवासी शुभम खटीक ने गंडासे के साथ रील बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार शुभम ने यह रील अपने घर की छत पर बनाई थी। मंगलवार देर रात पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है। गंडासे के साथ ‘पुष्पा स्टाइल’ में बनाई रील रील में शुभम खटीक गंडासे के साथ गाना गाते हुए ‘पुष्पा स्टाइल’ में हथियार घुमाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने युवक की पहचान कर उसे पकड़ लिया। तीन दिन पहले भी वायरल हुई थी हथियार वाली रील तीन दिन पहले बाणगंगा क्षेत्र के तीन युवकों की भी इसी तरह की रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस उनकी तलाश कर रही थी, लेकिन वे इलाके में नहीं मिले। बताया गया कि वे बाहर से काम करने आए थे। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए बन रही रील पुलिस के अनुसार शहर में सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए हथियारों के साथ रील बनाने का चलन बढ़ रहा है। कुछ बदमाश इस तरह के वीडियो बनाकर उन्हें तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित करते हैं। सलमान लाला, भयू सुरीला और द्वारकापुरी का बदमाश नारू उर्फ नारायण वर्मा जैसे बदमाश भी पहले इस तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालते रहे हैं। इन वीडियो के जरिए वे खासकर नाबालिगों पर रौब जमाने की कोशिश करते थे। क्राइम ब्रांच लगातार कर रही कार्रवाई पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही है। हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज में सरेआम युवक की पिटाई करने वाले युवकों का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में एक युवक पिस्टल निकालकर हवा में फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यही युवक 1 मार्च की रात सिविल लाइंस इलाके में एक युवक को बीच सड़क पर घेरकर बुरी तरह पीटने के आरोपी हैं। बीच सड़क पर युवक को घेरकर की थी पिटाई 1 मार्च की रात करीब 12 बजे सिविल लाइंस में हॉट स्टफ चौराहे के पास कुछ युवकों ने एक युवक को रोक लिया था। इसके बाद उसे बीच सड़क पर घेरकर लात-घूंसे से बेरहमी से पीटा गया। घटना के दौरान हमलावर नशे में बताए जा रहे हैं। युवक के साथ मौजूद उसके दोस्त को भी थप्पड़ मारे गए थे। फायरिंग करते हुए वीडियो हुआ वायरल अब सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया है उसमें वही युवक पिस्टल निकालकर हवा में फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस भी वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान और कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। महिला के घर में घुसकर मारपीट का भी आरोप बताया जा रहा है कि इसी रात करीब 11:30 बजे साउथ मलाका इलाके में भी इन युवकों ने एक महिला के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी। महिला का आरोप है कि चार युवक अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ जबरन घर में घुस आए और उसके बेटे को पीटना शुरू कर दिया। जब महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उसे भी पीटा गया। कोतवाली थाने में दर्ज हुई एफआईआर महिला की शिकायत पर कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता का कहना है कि ये सभी युवक आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और इलाके में आए दिन मारपीट और हुड़दंग करते रहते हैं। इनमें से एक युवक पहले से ही किसी मामले में सजायाफ्ता भी बताया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में कोतवाली के प्रभारी थानाध्यक्ष चौकी इंचार्ज बादशाही मंडी ने बताया कि घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में तीन आरोपियों का शांति भंग में चालान किया गया था। फायरिंग करते वीडियो वायरल होने के बारे में अभी जानकारी नहीं है।
गुरुग्राम में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में कमी होने से शहर के रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन इंडस्ट्री प्रभावित हो रही है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण एलपीजी की आयात आपूर्ति बाधित हुई है। कलाउड किचन और रेस्टोरेंट में दो से तीन दिन का स्टॉक बचा है और नए सिलेंडर मिलने में भी तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं छोटे सिलेंडर भरवाने वालों को 200 रुपए प्रति किग्रा में गैस मिल रही है। एक उपभोक्ता का छोटा सिलेंडर के दाम को लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गुरुग्राम में ऐसे छोटे सिलेंडर लेकर रसोई चलाने वालों की संख्या कई लाख है। तीन कंपनियां करती हैं सिलेंडर सप्लाई शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से तीन सरकारी कंपनियों इंडेन (इंडियन ऑयल), एचपी गैस (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) और भारत गैस (भारत पेट्रोलियम) के माध्यम से उपलब्ध होते हैं। जिले में लगभग 48 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जो घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की जरूरतों को पूरा करती हैं। एजेंसियों पर बढ़ा दबाव इन एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि मांग में अचानक उछाल आया है। एक गैस एजेंसी संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मांग में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में डिलीवरी में दो से तीन दिन की देरी हो रही है। हम घरेलू सिलेंडरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन कमर्शियल वाले अब उपलब्ध नहीं हो पा रहे। फूड इंडस्ट्री प्रभावित गुरुग्राम में प्रतिदिन 4,000 से 5,000 कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। ये सिलेंडर रेस्टोरेंट, होटल, क्लाउड किचन, ढाबों और छोटे खाद्य व्यवसायों की रीढ़ हैं। सप्लाई रुकने से पूरा फूड इंडस्ट्री प्रभावित हुआ है। कई बड़े रेस्टोरेंट पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय अभी भी सिलेंडर पर निर्भर हैं। सेक्टर 56 के एक क्लाउड किचन मालिक सूरज भाटिया ने बताया कि दो दिन पहले तक ऐसी कोई बात नहीं थी। कल हमारे एचपी गैस एजेंसी ने हमें बताया कि वे अब व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग नहीं लेंगे। हमने एक थोक विक्रेता से सिलेंडर लेने की कोशिश की, लेकिन उसने भी रेट बढ़ा दिया। मैंने किसी तरह 15,000 रुपये में चार सिलेंडर हासिल कर लिए हैं, जिनसे मेरा क्लाउड किचन अगले कुछ दिनों तक चल जाएगा। तीन दिन का स्टॉक बचा है कई मालिक अब ब्लैक मार्केट या महंगे विकल्पों की ओर मुड़ रहे हैं। एक अन्य रेस्टोरेंट मैनेजर रोहित अरोड़ा ने कहा कि हमारे गैस सप्लायर ने बताया कि व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है। हमारे पास जो बैकअप सिलेंडर हैं, वो लगभग तीन दिन तक चल सकते हैं। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रहती है, तो हमें आवासीय सिलेंडरों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है या मेनू में आइटम कम करने पड़ सकते हैं। मेनू में कमी करने का मन बनाया रोहित का रेस्टोरेंट गुरुग्राम के व्यस्त इलाके में है, जहां रोजाना सैकड़ों ग्राहक आते हैं। मेनू कम करने से न सिर्फ राजस्व घटेगा, बल्कि ग्राहक भी दूर हो सकते हैं। कई जगहों पर रेस्टोरेंट अब सिर्फ चाय-कॉफी या जल्दी बनने वाले आइटम पर फोकस कर रहे हैं।, जबकि ग्रिल वाले व्यंजन बंद हो गए हैं। यह संकट छोटे व्यवसायों पर सबसे ज्यादा असर डाल रहा है। क्लाउड किचन, जो पहले से ही प्रतिस्पर्धा और डिलीवरी ऐप्स के दबाव में हैं, एक सप्ताह के भीतर बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। वैकल्पिक उपाय तलाश रहे कई मालिकों ने बताया कि अगर सप्लाई अगले कुछ दिनों में नहीं बहाल हुई, तो वे मजबूरन स्टाफ छंटनी या अस्थायी बंदी की ओर बढ़ेंगे। गुरुग्राम का फूड इंडस्ट्री, जो शहर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गुरुग्राम के रेस्टोरेंट मालिक अब वैकल्पिक उपाय तलाश रहे हैं। इनमें इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक उपकरण या कोयले पर आधारित तंदूर, लेकिन ये बदलाव महंगे और समय लेने वाले हैं। अगर यह संकट लंबा खिंचा, तो शहर के फूड कल्चर पर गहरा असर पड़ेगा। छोटे व्यवसायी उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र जल्द ही कमर्शियल सप्लाई बहाल करेगा, वरना हजारों नौकरियां और व्यवसाय खतरे में पड़ जाएंगे।
भिंड में ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे-719 को सिक्सलेन बनाए जाने की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 16 मार्च से “नो रोड-नो टोल” की थीम पर टोल फ्री आंदोलन शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। संत समाज इस आंदोलन को लेकर पूरी तरह संकल्पित नजर आ रहा है। संत समाज के अनुसार 13 मार्च को टोल प्लाजा पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। इसके बाद 16 मार्च से टोल प्लाजा को अनिश्चितकालीन बंद कराने के लिए संत समाज का खालसा लगाने की तैयारी की जा रही है। इस आंदोलन में कई राज्यों के संत, महात्मा, मठाधीश्वर और महामंडलेश्वर शामिल होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों से भिंड जिले में संत समाज, समाजसेवी, पूर्व सैनिक संगठन और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा नेशनल हाईवे-719 को सिक्सलेन बनाए जाने की मांग की जा रही है। यह आंदोलन कई बार शुरू हुआ, लेकिन प्रशासनिक आश्वासन और नेताओं के वादों के बाद इसे टाल दिया गया। इस बार संत समाज आंदोलन को लेकर ज्यादा अडिग नजर आ रहा है। संत समाज के अध्यक्ष कालीदास महाराज ने बताया कि आंदोलन की सूचना भिंड और ग्वालियर जिला प्रशासन को दे दी गई है। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई, जिसमें संतों ने स्पष्ट कहा कि सरकार और प्रशासन कई बार समय ले चुके हैं, लेकिन हाईवे पर हो रही दुर्घटनाओं और मौतों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। बैठक में पूज्य संत कालीदास महाराज, महामंडलेश्वर हरिनिवास अवधूत चीलोंगा महाराज, पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधि तथा पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। संतों ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई नेताओं से इस मुद्दे पर मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हुआ है। कालीदास महाराज ने कहा कि जब तक हाईवे को सिक्सलेन नहीं बनाया जाता या टोल वसूली बंद नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि “हम अपने भिंड के लोगों की मौत का टैक्स नहीं देंगे।” अखिल भारतीय संत समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संत समाज ने टोल प्लाजा के पास आंदोलन स्थल का निरीक्षण भी किया है। 13 मार्च को कुंडेश्वर महादेव मंदिर में बैठक होगी, जिसके बाद मालनपुर हनुमान मंदिर से टोल प्लाजा तक जाकर ध्वजारोहण किया जाएगा। उसी दिन से आंदोलन की तैयारी के तहत संत समाज का खालसा लगना शुरू हो जाएगा। आज मेहगांव में प्रदर्शन पूर्व सैनिक संगठन ने भी संत समाज के आंदोलन को समर्थन दिया है। 11 मार्च को मेहगांव में मानव श्रृंखला बनाकर हाईवे सिक्सलेन बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान संत रामेश्वर दास महाराज, संत रामभजन दास महाराज, ग्वालियर मीडिया प्रभारी प्रमोद राजावत, हेल्प गुरु सूबेदार मेजर रामावतार सिंह, सूबेदार जितेंद्र सिंह तोमर, हवलदार अनूप सिंह भदौरिया, संग्राम सिंह सहित कई समाजसेवी और पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
छिंदवाड़ा जिले के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रसूता गायनिक वार्ड के बाथरूम के बाहर अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार दमुआ के डुंगरिया भरदागढ़ निवासी 29 वर्षीय कलावती पति सुमर शाह को 7 मार्च को प्रसव पीड़ा के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन पहले ही उसका सीजर ऑपरेशन हुआ था, जिसमें उसने एक बेटे को जन्म दिया था। 2 दिन पहले बेटे को दिया था जन्ममंगलवार कों कलावती गायनिक वार्ड के बाथरूम गई थी। बाथरूम से बाहर निकलते ही वह अचानक बेहोश होकर गिर गई। अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों ने तत्काल जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृत्यु का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। अस्पताल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आज शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इंदौर से उत्तर भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर-नई दिल्ली त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार अब हरियाणा के हिसार तक कर दिया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन हिसार तक संचालित की जाएगी। यह ट्रेन आज (बुधवार) शाम पहली बार इंदौर से हिसार के लिए रवाना होगी। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 11 मार्च से ट्रेन संख्या 20957 इंदौर-हिसार त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस इंदौर से शाम 4:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:20 बजे हिसार पहुंचेगी, वहीं वापसी में 12 मार्च से ट्रेन संख्या 20958 हिसार-इंदौर त्रि-साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस हिसार से दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 6:45 बजे इंदौर पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार इस ट्रेन का ठहराव अब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के स्थान पर दिल्ली सफदरजंग स्टेशन पर दिया गया है। इसके अलावा दोनों दिशाओं में शकूरबस्ती, रोहतक, महम और हांसी स्टेशनों पर भी ट्रेन रुकेगी। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन के मार्ग और समय में इन बदलावों के अलावा अन्य कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। यात्रियों से अपील की गई है कि ट्रेन के समय, ठहराव और वास्तविक स्थिति की जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की अधिकारिक वेबसाइट या रेल वन ऐप पर जरूर देखें। टनल का काम अब तक पूरा नहीं हुआ इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में धार तक के हिस्से में एक बार फिर डेडलाइन पूरी हो गई और काम अधूरा ही रह गया। रेलवे ने धार तक के लिए फरवरी-2026 तक काम पूरा करने का टारगेट लिया था। अभी भी टीही के आगे टनल का काम अधूरा है। रेलवे की वैकल्पिक तैयारी यह भी है कि टीही टनल को छोड़कर पीथमपुर से धार तक सीआरएस इंस्पेक्शन करवाकर ट्रॉली और इंजन ट्रायल कर लिया जाए। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार टनल का काम संभवतः मई-जून तक पूरा हो जाएगा। हालांकि रेलवे की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक तारीख नहीं तय की गई है।
हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने 35 लाख रुपए की हेरोइन के साथ एक आरोपी को अरेस्ट किया है। आरोपी के खिलाफ पंचकूला के चंडीमंदिर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पंचकूला डिटेक्टिव स्टॉफ की टीम ASI प्रदीप के नेतृत्व में गश्त पर मौजूद थी। टीम को सूचना मिली कि एक युवक चौंकी गांव को जाने वाली सड़क पर नोर्थ पार्क होटल किसी ग्राहक को हेरोइन देने के लिए आएगा। टीम ने सूचना मिलते ही टीम नोर्थ पार्क होटल के पास नाका लगाकर खड़ी हो गई।72 ग्राम हेरोइन बरामद टीम की सूचना अनुसार एक युवक पल्सर बाइक पर सवार होकर आया। जिसे स्टॉफ टीम ने रूकवा कर पूछा तो उसने खुद को खड़क मंगोली निवासी कर्ण बताया। जिसकी तलाशी के लिए राजपत्रित अधिकारी को मौके पर बुलाया गया और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 72 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। जिसकी मार्केट में कीमत करीब 35 लाख रुपए है। टीम ने बाइक के कागजात मांगे तो उसके पास नहीं मिली। टीम के अनुसार बाइक भी चोरी की है।हिमाचल व पंचकूला में पहले भी मामले दर्ज पंचकूला डिटेक्टिव स्टाफ के एएसआई प्रदीप के अनुसार जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी हिमाचल प्रदेश और पंचकूला में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी कि वह कहां से हेरोइन लेकर आता था और कहां-कहां पर सप्लाई कर रहा था।
गोरखपुर एक कपड़े की दुकान में मंगलवार की रात करीब 7:40 बजे आग लग गई। जिसके बाद आग की लपटें दुकान के ऊपर स्थित घर तक पहुंच गई। इसके बाद घर में चीख पुकार मच गई। आस-पास के लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को कॉल किया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया है। फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसा राजघाट क्षेत्र के रायगंज की है। बताया जा रहा है कि दुकान और गोदाम मिलाकर कुल छह कमरों में रखा लाखों रुपये का कपड़ा और सामान जल गया। इसके अलावा बाइक और एक बलैनो कार भी जल गई। पढ़िए पूरी खबर सिद्धार्थनगर में युवक की गला रेतकर हत्या, मामा के घर शादी में आया था आरोपी सिद्धार्थनगर में मंगलवार शाम एक युवक की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। युवक घर के सामने दुकान पर बैठा था। इसी दौरान प्रिंस ने चाकू से गले पर हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल शुभम को जिला अस्पताल लेकर भागे। जिसकी रास्ते में मौत हो गई। आरोपी युवक मामा के घर शादी में शामिल होने आया था। घटना के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। मामला जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के नादेपार चौराहा का है। पढ़ें पूरी खबर… संभल एसपी ने योगी को दिया शादी का कार्ड, माता-पिता के साथ पहुंचे संभल SP कृष्ण कुमार बिश्नोई (केके बिश्नोई) ने सीएम योगी को अपनी शादी का निमंत्रण दिया है। वह माता-पिता के साथ सोमवार को योगी से मिलने गोरखपुर पहुंचे। वहीं पर उन्होंने कार्ड दिया। केके विश्नोई के पिता सुजाना राम और मां गंगा देवी ने योगी से शादी में आने का आग्रह किया। केके विश्नोई बरेली में एसपी अंशिका वर्मा के साथ 29 मार्च को शादी के बंधन में बंधेंगे। अंशिका प्रयागराज की रहने वाली हैं। वह 2021 बैच की IPS हैं। जबकि केके बिश्नोई 2018 बैच के IPS हैं। शादी के सभी कार्यक्रम उनके गृह राज्य राजस्थान में होंगे। 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना गांव में हल्दी और संगीत समारोह होगा। 29 मार्च को शादी होगी। 30 मार्च को जोधपुर के रिसॉर्ट में रिसेप्शन होगा। बिश्नोई और अंशिका वर्मा की पहली मुलाकात साल 2023 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। उस समय बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे, जबकि अंशिका अंडर ट्रेनिंग आईपीएस थीं। यहीं से दोनों के बीच प्रेम कहानी की शुरुआत हुई। पढ़ें पूरी खबर… सहारनपुर में 25 हजार के इनामी का एनकाउंटर, पैर में गोली लगी; साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागा सहारनपुर में पुलिस की गोतस्करों से मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने से 25 हजार का इनामी बदमाश घायल हो गया। एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की। एसपी देहात सागर जैन ने बताया- देर रात थाना पुलिस टीम चांद कॉलोनी मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक गांव मकबरा की ओर से आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें टॉर्च की रोशनी दिखाकर रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को देखकर दोनों बदमाश बाइक मोड़कर भागने लगे। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस टीम ने फायरिंग की। पढ़िए पूरी खबर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12 और 13 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे रायबरेली में 'दिशा' की बैठक की अध्यक्षता करेंगे और 13 मार्च को अमेठी में पार्टी कार्यकर्ताओं तथा नेताओं के साथ बैठक करेंगे। राहुल गांधी मंगलवार, 12 मार्च को दोपहर 12 बजे विशेष विमान से फुरसतगंज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे सड़क मार्ग से रायबरेली कलेक्ट्रेट जाएंगे, जहां 'दिशा' की बैठक में शामिल होंगे। बैठक के बाद, वे भुएमऊ गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। अगले दिन, बुधवार 13 मार्च को, राहुल गांधी सुबह गेस्ट हाउस में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। दोपहर 12 बजे वे अमेठी के बहादुरपुर स्थित नैना रिजॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगभग दो घंटे तक बैठक करेंगे। बैठक के बाद, राहुल गांधी कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष दिवंगत योगेंद्र मिश्रा के घर जाएंगे। वे परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे और योगेंद्र मिश्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर जिले के कांग्रेस नेताओं में उत्साह देखा जा रहा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंहल ने बताया कि 13 मार्च को नैना रिजॉर्ट में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद, राहुल गांधी पूर्व जिला अध्यक्ष के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
अयोध्या में महिला अचेत अवस्था में मिली:पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, मायके से ससुराल के लिए निकली थी
अयोध्या जिले के खण्डासा थाना क्षेत्र स्थित अमरगंज बाजार में एक महिला अचेत अवस्था में मिली। स्थानीय लोगों ने उसे एक गुमटी के पास पड़ा देखा, लोगों को शंका हुई कि कहीं इसके साथ कुछ गलत तो नहीं हो गया है जिसके बाद उन्होंने तत्काल खण्डासा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खण्डासा पहुंचाया। डॉक्टरों ने महिला का इलाज किया। अचेत मिली महिला खण्डासा थाना क्षेत्र के ही एक गांव की निवासी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, वह अपने मायके जाने के लिए घर से निकली थी। दोपहर में उसके भाई ने उसे अमरगंज बाजार तक छोड़ा था और टैक्सी में बैठाकर वापस लौट गया था। मंगलवार देर शाम पुलिस के माध्यम से महिला के अचेत मिलने की सूचना उसके परिवार को मिली। इसके बाद महिला के पिता और भाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खण्डासा पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में पिता ने बताया कि उन्हें दोपहर के बाद बेटी के साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। खण्डासा थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि महिला ने अपने बयान में कहा है कि उसे एक गाड़ी ने टक्कर मार दी थी, जिससे वह अचेत होकर गिर गई। उसने किसी अन्य घटना से इनकार किया है। इलाज के बाद महिला को उसके पिता और भाई अपने साथ घर ले गए। उसके शरीर में चोट की निशान भी नहीं मिले हैं। हालांकि, इस घटना को लेकर अमरगंज बाजार और अस्पताल परिसर में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने बाजार से दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि महिला शराब के नशे में हो सकती थी, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब भारत पर भी पड़ने लगा है। देश में LPG की किल्लत हो रही है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बिल्कुल बंद हो गई है। ऐसे अलग-अलग एजेंसी तय दाम से ज्यादा में सिलेंडर की कालाबाजारी कर रही है। भास्कर स्टिंग में खुलासा हुआ कि जयपुर में 1911 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। भास्कर ने जयपुर के एक होटल में आए गैस सप्लायर (इंडेन) का स्टिंग किया। होटल मालिक ने भास्कर के सामने गैस सप्लायर को फोन किया भास्कर टीम त्रिवेणी नगर स्थित एक रेस्टोरेंट पर गई। हमें रेस्टोरेंट मालिक मिले। उन्होंने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से हमारे बिजनेस पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में परेशानी न हो, इसलिए गैस सप्लायर को फोन करेंगे। रेस्टोरेंट मालिक ने भास्कर के सामने ही गैस सप्लायर बाबूलाल गुर्जर को फोन किया। फोन पर बातचीत में बाबूलाल गुर्जर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर देने के लिए तुरंत तैयार हो गया, जबकि सरकारी स्तर पर कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक जैसी स्थिति बताई जा रही है। 15 मिनट बाद ही बाबूलाल गुर्जर सिलेंडरों से भरी गाड़ी लेकर रेस्टोरेंट पर पहुंच गया। गाड़ी में 50 से ज्यादा कॉमर्शियल सिलेंडर भरे हुए थे। गाड़ी इंडेन गैस की थी, जिस पर करणसर इंडेन, करणसर जयपुर लिखा था। गाड़ी में बैठकर तय हुआ सिलेंडर का सौदा रेस्टोरेंट पहुंचने के बाद बाबूलाल पहले गाड़ी में बैठा रहा। वहीं से सिलेंडर के दाम तय करने लगा। उसने बताया कि आगे से ही सिलेंडर महंगा मिल रहा है। इसलिए वह भी सस्ता नहीं दे सकता। बातचीत के बाद वह 2500 रुपए में सिलेंडर देने को तैयार हो गया। इसके बाद बाबूलाल सिलेंडर लेकर रेस्टोरेंट के अंदर आ गया। रेस्टोरेंट संचालक परेशान वहीं, सिलेंडर की कालाबाजारी पर भास्कर ने जयपुर के रेस्टोरेंट संचालकों से बात की। त्रिवेणी नगर में रेस्टोरेंट संचालक दीपचंद टेलर ने बताया कि उनका रेस्टोरेंट शुरू हुए अभी दो महीने ही हुए हैं। पहले उन्हें सिलेंडर 1650 रुपए में मिल जाता था। बाद में 1900 रुपए तक में खरीदा, लेकिन अब वही सिलेंडर 2500 रुपए में लेना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इतनी महंगी गैस में रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल हो गया है। रेस्टोरेंट का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और बाकी खर्च कैसे निकलेंगे, यह समझ नहीं आ रहा। ग्राहकों को दाल फ्राई और अन्य व्यंजन बनाकर देने पड़ते हैं, जिनमें गैस की खपत ज्यादा होती है। दीपचंद टेलर ने बताया कि अब उन्हें सोचना पड़ रहा है कि केवल पनीर के ऑर्डर ज्यादा लिए जाएं, ताकि किसी तरह खर्च निकल सके, वरना इतने महंगे सिलेंडर में रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल होता जा रहा है। राजापार्क के फेमस पाली ढाबा के ऑनर देवेंद्र पाल सिंह राणा ने बताया- जिस प्रकार से पहले लोहे के छोटे ड्रम होते थे, जिसमें लकड़ी के टुकड़े डालकर तंदूर चलाया जाता था। उसी तरीके से हमें छोटे ड्रम लेकर अब काम करना होगा। लकड़ी की भट्टी में टेंपरेचर का वेरिएशन आता है। ऐसे में कस्टमर के ऑर्डर लगने में भी समय लगेगा। साउथ इंडियन रेस्टोरेंट चलाने वाले दीपक ने बताया- इस तरीके की परेशानी कभी नहीं देखी। सिलेंडर नहीं होने से काफी परेशानी आ रही है। रेस्टोरेंट के सारे बच्चों को इलेक्ट्रिक पर कर पाना मुश्किल है। साउथ इंडियन डिशेज का कोई तवा ऐसा नहीं है, जो कोयले की भट्टी पर चल जाए। कार्रवाई होनी चाहिए राजस्थान गैस एजेंसी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट दीपक सिंह गहलोत ने बताया - कोई भी एजेंसी अगर सिलेंडर की कालाबाजारी कर रहे है तो हम उनकी बिल्कुल तरफदारी नहीं करेंगे। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो गलत कर रहा है। हम उसकी पूरी तरह से भर्त्सना करते हैं। यदि उसमें गैस एजेंसी वाले का इन्वॉल्वमेंट है तो यह गलत है। उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जयपुर से जुड़ी अपनी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। ये भी पढ़ें राजस्थान में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक:तेल कंपनियों ने एजेंसियों को भेजा मैसेज, होटल-रेस्टोरेंट सहित औद्योगिक ईकाइयों पर पड़ेगा असर इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने रसोई गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। (पूरी खबर पढ़ें)
मैनपुरी की दो महिला प्रधानों को दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय विकास कार्यों और पंचायत स्तर पर दिए गए प्रभावशाली योगदान के लिए दिया जा रहा है। इनमें बेवर क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुर सैदपुर की प्रधान अनीता देवी और मैनपुरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत चांदपुर की प्रधान सोनम शामिल हैं। बेवर क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुर सैदपुर की प्रधान अनीता देवी पंचायत राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह करीब 25 वर्षों से लगातार ग्राम प्रधान का चुनाव जीतती आ रही हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गांव में कई विकास कार्य कराए, जिससे उनकी पहचान एक सक्रिय और कर्मठ प्रधान के रूप में बनी है। अनीता देवी ने स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत को निर्मल ग्राम पंचायत बनाने में अहम भूमिका निभाई। गांव में सड़कों, स्वच्छता और जनहित के कार्यों को लेकर उनकी पहल को ग्रामीणों का लगातार समर्थन मिलता रहा है। वहीं, मैनपुरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत चांदपुर की प्रधान सोनम को भी दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। सोनम वर्ष 2021 में हुए ग्राम पंचायत चुनाव में पहली बार प्रधान बनी थीं। कम समय में ही उन्होंने अपने गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सोनम ने ग्राम पंचायत चांदपुर में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, पंचायत घर के विकास और अन्य कई आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और गांव के विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है। दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय महिला सम्मेलन में देशभर से चयनित महिला प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। मैनपुरी की इन दोनों महिला प्रधानों के सम्मानित होने से जिले के लोगों में भी उत्साह का माहौल है।
छत्तीसगड़ के दुर्ग जिले में किराए के मकान में पिछले करीब 3 महीने से सेक्स रैकेट चल रहा था, पुलिस ने प्वाइंटर भेजकर इसका खुलासा किया है। कमरे के अंदर से 8 लड़कियां मिली है। इन्हें बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से बुलाया गया था। उन्हें दो से तीन दिन के लिए ग्राहकों के पास भेजा जाता था। पुलिस ने सभी लड़कियों को अभिरक्षा में ले लिया है, जबकि सेक्स रैकेट चलाने वाली महिला और एक ग्राहक को गिरफ्तार किया गया है। स्मृति नगर चौकी पुलिस और महिला रक्षा टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की है। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, नेहरू नगर की विद्या विहार कॉलोनी के मकान नंबर 146/8 को सरगना धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह रावत (35) ने किराए पर लिया था। जहां बाहर से लड़कियों को बुलाकर सेक्स रैकेट चला रही थी। पुलिस ने मंगलवार रात को अपना प्वाइंटर भेजकर रंगे हाथों पकड़ने की प्लानिंग की। रेड के दौरान पुलिस को किराए के मकान में कई महिलाएं मिलीं। एक ग्राहक को आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। आस-पास के लोगों ने बताया कि, यहां काफी लंबे समय से सेक्स रैकेट चल रहा था। पुलिस ने जिन महिलाओं को अभिरक्षा में लिया, उनमें ज्यादातर महिलाएं वेस्ट बंगाल की है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में रहने वाली युवतियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोर्ट के नियमों के अनुसार उन्हें रिहा कर दिया गया। वहीं, पुलिस ने सरगना धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह रावत और दुर्ग निवासी ग्राहक अमन शेख को गिरफ्तार किया है। लड़कियों को बाहर करते थे सप्लाई सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि, पूछताछ में इस बात की भी जानकारी मिली है कि सेक्स रैकेट चलाने वाली महिला बाहर से लड़कियां बुलाकर यहां रूम में रखती थी। ग्राहकों से सौदा तय होने के बाद लड़कियों को बाहर दो से तीन दिन के लिए भेजा जाता था। पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। कमरे में मिले हुक्का समेत आपत्तिजनक सामग्री पुलिस ने मौके से एक पल्सर बाइक, 12 मोबाइल, 5500 रुपए कैश और देह व्यापार में इस्तेमाल होने वाली आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त किया है। इसके अलावा कई सेफ्टी और हुक्का भी मौके से मिले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि, संचालिका पिछले दो से तीन महीने से इस मकान में सेक्स रैकेट चला रही थी। वो बाहर से लड़कियों को बुलाकर रखती थी, फिर उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजती थी। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… धमतरी की पॉश-कॉलोनी में चल रहा था सेक्स-रैकेट:संदिग्ध गतिविधि पर लोगों ने दी दबिश,2 युवतियों और 3 युवकों को पकड़ा, आपत्तिजनक सामान भी बरामद छत्तीसगढ़ के धमतरी में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। सिविल लाइन कॉलोनी में देर रात स्थानीय निवासियों ने एक मकान से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो युवतियों और तीन युवकों को पकड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पांचों को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर…
अक्सर कहा जाता है कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं, लेकिन उनकी अपनी सेहत और पोषण पर सबसे कम ध्यान दिया जाता है। इसी सोच को बदलने के लिए कानपुर की युवा महिला उद्यमी बुशरा ने पहल की है। फूड साइंस में मास्टर डिग्री कर चुकी बुशरा ने दो साल की रिसर्च के बाद ऐसी हेल्थी कुकीज़ तैयार की हैं, जो प्रेग्नेंट महिलाओं और नई मांओं के लिए खास तौर पर फायदेमंद हैं। उनका यह स्टार्टअप अब महिलाओं को बेहतर न्यूट्रिशन देने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। 2 साल की रिसर्च के बाद तैयार किया प्रोडक्ट दैनिक भास्कर से बातचीत में बुशरा ने बताया कि उनका काम साधारण होममेड बेकरी नहीं है। उन्होंने फूड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई का इस्तेमाल करते हुए करीब दो साल तक रिसर्च की। इस दौरान उन्होंने पाया कि प्रेग्नेंसी के बाद कई महिलाएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन और पोषण की कमी से जूझती हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ऐसी कुकीज़ तैयार कीं जो पूरी तरह प्रिजर्वेटिव फ्री हैं और प्राकृतिक रूप से लैक्टेशन यानी मां के दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद करती हैं। लॉकडाउन में शुरू हुआ सफर, आज 1 लाख तक पहुंचा रेवेन्यू बुशरा ने बताया कि इस काम की शुरुआत उन्होंने 2020 के लॉकडाउन के दौरान एक पैशन के रूप में की थी। बाद में 2025 में इसे बिजनेस का रूप दिया। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में आयोजित एक प्रतियोगिता में उनके इस आइडिया को काफी सराहना मिली। आज उनके स्टार्टअप का मासिक रेवेन्यू करीब 1 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। बुशरा कहती हैं कि बाजार में मिलने वाले सामान्य और अनहेल्दी बिस्कुट की जगह लोग पोषण से भरपूर विकल्प चुनें, यही उनका उद्देश्य है। चार महिलाओं की टीम, 500 रुपए में मिलता है 7 दिन का पैक बुशरा के स्टार्टअप की खास बात यह है कि उनकी पूरी टीम महिलाओं की है। चार सदस्यीय टीम मिलकर इस प्रोडक्ट को तैयार करती है। उनका कहना है कि उनका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना भी है। उनके कुकीज़ के एक बॉक्स की कीमत 500 रुपये है, जिसमें सात दिनों का पूरा डाइट पोर्शन शामिल होता है। फिलहाल कानपुर तक सीमित, आगे ग्लोबल ब्रांड बनाने की तैयारी फिलहाल बुशरा का यह प्रोडक्ट कानपुर और विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित है, लेकिन भविष्य में वह इसे बड़े स्तर पर ले जाने की योजना बना रही हैं। उनका लक्ष्य इसे एक ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक हेल्दी न्यूट्रिशन पहुंचाया जा सके। युवाओं को दिया हौसला न हारने का संदेश नए उद्यमियों को सलाह देते हुए बुशरा कहती हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि इंसान वहीं पहुंच जाता है जहां से उसने शुरुआत की थी, लेकिन ऐसे समय में हार नहीं माननी चाहिए। उनका मानना है कि अगर काम पूरी ईमानदारी और लगन से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर गुड्स प्लेटफॉर्म का संचालन शुरू हो गया है। अब यहां मालगाड़ियों की रैक लगने लगी है, जिससे जिले के व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय स्तर पर रैक लगने से माल की ढुलाई आसान और सस्ती हो गई है, जिससे रेलवे स्टेशन की आय में भी वृद्धि होने लगी है। रेलवे द्वारा स्टेशन के दक्षिण दिशा में निर्मित यह गुड्स प्लेटफॉर्म अब पूरी तरह से चालू है। वर्तमान में यहां सीमेंट की रैक उतारी जा रही हैं। अब तक 40 से अधिक सीमेंट रैक पहुंच चुकी हैं। रैक से उतारी गई सीमेंट को श्रमिक ट्रकों और अन्य वाहनों से व्यापारियों के गोदामों तक पहुंचा रहे हैं। पहले जिले के सीमेंट व्यापारियों को गोरखपुर के नकहा रेलवे स्टेशन से सीमेंट मंगानी पड़ती थी। वहां से माल लाने में परिवहन लागत काफी अधिक आती थी, जिसका सीधा असर सीमेंट की कीमतों पर पड़ता था। अब सिद्धार्थनगर में ही रैक लगने से व्यापारियों की ढुलाई लागत कम हुई है और उन्हें कई परेशानियों से राहत मिली है। व्यापारियों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर रैक लगने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है। सीमेंट व्यापारी अरुण उपाध्याय ने बताया कि पहले नकहा से सीमेंट लाने में काफी खर्च और समय लगता था। अब सिद्धार्थनगर में रैक लगने से काफी सहूलियत मिली है। ट्रक उपलब्ध न होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से भी आसानी से ढुलाई की जा रही है, जिससे खर्च और कम हो गया है। व्यापारियों का मानना है कि ढुलाई लागत में कमी से सीमेंट की कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे ग्राहकों को पहले की तुलना में कम दाम पर सीमेंट मिल सकेगी। गुड्स प्लेटफॉर्म के चालू होने से भविष्य में अन्य आवश्यक वस्तुओं की रैक भी यहां लगने की संभावना है। कृषि सीजन के दौरान खाद की रैक भी सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर उतारी जा सकती है। इससे किसानों को गोरखपुर से खाद आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उसी दिन स्थानीय स्तर पर ही खाद उपलब्ध हो सकेगी।स्थानीय व्यापारियों और किसानों के लिए यह सुविधा काफी लाभकारी साबित हो रही है। वहीं गुड्स प्लेटफॉर्म शुरू होने से रेलवे स्टेशन की आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में दो छह वर्षीय बच्चियों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। मंगलवार शाम हुई इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। गुस्साए परिजनों ने आरोपी बल्लू साहू को पकड़ लिया और उसे सीधे थाने ले गए। आरोप है कि बच्चियां घर के बाहर गली में खेल रही थीं। इसी दौरान एक युवक ने उन्हें चॉकलेट देने का लालच दिया और उनके साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की। बच्ची ने घर पहुंचकर बताई घटना घटना के बाद एक बच्ची घर पहुंची और अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां दूसरी बच्ची ने भी युवक की हरकत के बारे में बताया। इसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसे लेकर थाने पहुंच गए। थाने के बाहर लोगों की भीड़ जुटी घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग आरोपी का जुलूस निकालने की मांग भी कर रहे थे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति संभालने के लिए फिजिकल थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया सबसे पहले मौके पर पहुंचीं और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ भी थाने पहुंचे। मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले को भी मौके पर आना पड़ा। तीन घंटे बाद दर्ज हुई एफआईआर करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद देर रात पुलिस ने आरोपी बल्लू साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(1) और लैंगिक अपराध से संबंधित धारा 11 व 12 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और भीड़ वहां से हट गई
मुजफ्फरनगर में अपर गंगा नहर के निरगाजनी झाल में बाईं ओर की विंग वॉल में अचानक एक बड़ा छेद हो गया। तेज बहाव के कारण पानी इस छेद से घुसकर पटरी को काटने लगा, जिससे हरिद्वार-मुरादनगर कांवड़ मार्ग के बंद होने का खतरा पैदा हो गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल बड़े-बड़े पत्थर मंगवाए गए और बाहरी तरफ से छेद को भरकर पानी के बहाव को रोका गया। इस त्वरित कार्रवाई से पटरी का कटाव थम गया और एक बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि निरगाजनी झाल का पंचक्की पुल पहले से ही टूटा हुआ है, जिसके कारण आसपास के कई गांवों का संपर्क कटा हुआ है और लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विंग वॉल में छेद होने से स्थिति और गंभीर हो गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नहर पुरानी और ऐतिहासिक है, जिसे समय-समय पर मरम्मत की आवश्यकता होती है। तेज बहाव और लगातार पानी के दबाव के कारण विंग वॉल में दरार आ गई थी। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा ने पुष्टि की कि मरम्मत कार्य पूरा हो गया है और अब कोई समस्या नहीं है। यह मार्ग हरिद्वार-मुरादनगर जाने वाले कांवड़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि पटरी टूट जाती, तो आने वाले समय में हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता।
पानीपत शहर में दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर रोहतक बाइपास स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मंगलवार को कोहरे के कारण बीच सड़क (मिडल लेन) पर खड़े एक खराब ट्रक में तेज रफ्तार टैक्सी पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टैक्सी के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार एनआरआई (NRI) पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। अमेरिका से अमृतसर के लिए निकले थे मृतकों की पहचान रंजीत सिंह संधू (63) और उनकी पत्नी सतिंदर कौर (61) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दंपति अमेरिका में ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार चलाते थे। वे अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे और वहां से अमृतसर जाने के लिए उन्होंने टैक्सी किराए पर ली थी। सुबह करीब 5:40 बजे जब उनकी टैक्सी पानीपत पहुंची, तो घने कोहरे के कारण चालक को बीच सड़क पर खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और यह भीषण भिड़ंत हो गई। युद्ध के कारण बदली थी टिकट परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दंपती की किस्मत उन्हें मौत के करीब खींच लाई। पहले उनकी सीधी अमृतसर के लिए फ्लाइट बुक थी, लेकिन अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वह टिकट कैंसिल हो गई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए दोबारा टिकट बुक की और वहां से टैक्सी के जरिए घर जाने का फैसला किया, जो उनके जीवन का आखिरी सफर साबित हुआ। परिवार पर दुखों का पहाड़ इस परिवार की कहानी अत्यंत हृदयविदारक है। दंपती के इकलौते बेटे की महज 6 साल पहले ही हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब हादसे के बाद अमेरिका में उनकी केवल एक बेटी रह गई है, जिसके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। हादसे में टैक्सी ड्राइवर की जान चमत्कारिक रूप से बच गई है। पुलिस कार्रवाई और ड्राइवर फरार घटना के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। पुलिस ने पानीपत के सिविल अस्पताल में शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन खड़ा करने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ट्रक नंबर के आधार पर मालिक और फरार ड्राइवर की तलाश कर रही है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीएड और एमएड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय के केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र पर चल रही है, जिसके लिए 300 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर जिलों के कुल 194 बीएड महाविद्यालयों से लगभग 19 हजार परीक्षार्थी बीएड और एमएड की परीक्षाओं में शामिल हुए थे। इनमें जौनपुर में 64 और गाजीपुर में 130 महाविद्यालय शामिल हैं। परीक्षा संपन्न होने के बाद, लगभग 90 हजार उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय के बाला साहब देवरस मूल्यांकन केंद्र पर पहुंची थीं। कोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इनका मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। यह कार्य मूल्यांकन प्रभारी और टीडी कॉलेज बीएड विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार दुबे की देखरेख में हो रहा है। मूल्यांकन कार्य को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से 300 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। डॉ. दुबे ने बताया कि आंतरिक और बाह्य दोनों तरह के परीक्षक लगाए गए हैं, जिससे यह कार्य अगले दो से तीन दिनों में संपन्न होने की उम्मीद है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिन विषयों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है, उनके अंक फीड कराए जा रहे हैं। जिन विषयों का मूल्यांकन जारी है, उनके अंक भी समय पर एजेंसी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय इसी सप्ताह कई विषयों के परिणाम घोषित करने की तैयारी में है।
यूपी बार काउंसिल चुनाव:लखनऊ हाईकोर्ट में आज से वोटिंग, 5 दिन में 27 हजार वकील डालेंगे वोट
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के लिए लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में बुधवार यानी आज से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। पांच दिनों तक चलने वाले इस मतदान कार्यक्रम में करीब 27 हजार अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इससे पहले जनवरी में प्रस्तावित चुनाव अव्यवस्था और हंगामे के कारण रद्द कर दिए गए थे। अब संशोधित कार्यक्रम के तहत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान कराया जा रहा है। पहले दिन 1962 से 2000 तक पंजीकृत अधिवक्ता डालेंगे वोटहाईकोर्ट परिसर में बुधवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चलेगा। पांच दिन तक चलने वाली इस प्रक्रिया में रोजाना अधिवक्ताओं के पंजीकरण वर्ष के आधार पर मतदान कराया जा रहा है।पहले दिन यानी 11 मार्च को वर्ष 1962 से 2000 तक पंजीकृत 5410 अधिवक्ता मतदान कर सकेंगे। इसके बाद अन्य वर्षों में पंजीकृत अधिवक्ताओं के लिए अलग-अलग दिन मतदान निर्धारित किया गया है। जनवरी में अव्यवस्था के कारण स्थगित हुआ था चुनावदरअसल, यूपी बार काउंसिल का चुनाव पहले 27 और 28 जनवरी को प्रस्तावित था, लेकिन मतदान के दौरान अव्यवस्था और हंगामे की स्थिति बनने के कारण चुनाव प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी।अब नए कार्यक्रम के तहत लखनऊ जिले में 11 से 15 मार्च के बीच मतदान कराया जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में मतदान की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। लखनऊ जिले के 26 हजार से अधिक अधिवक्ता इस चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। 331 प्रत्याशी मैदान में, सदस्य पद के लिए मुकाबलाप्रदेश स्तरीय इस चुनाव में सदस्य पद के लिए कुल 333 अधिवक्ताओं ने नामांकन कराया था। हालांकि दो प्रत्याशियों के निधन के बाद अब 331 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं।इन सभी उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। अधिवक्ता समुदाय के बीच पिछले कई दिनों से चुनाव को लेकर सक्रियता भी देखी जा रही है। 20 बूथों पर मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाहाईकोर्ट परिसर में मतदान के लिए कुल 20 बूथ बनाए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी की ओर से मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।मतदान स्थल और उसके आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो सके। पहचान पत्र के बिना नहीं मिलेगा प्रवेशमतदान के लिए आने वाले अधिवक्ताओं को अपना बार काउंसिल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है। मतदाता सूची में नाम का मिलान होने के बाद ही उन्हें मतदान केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।इसके अलावा मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, पोस्टर, बैनर, पर्चे या किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 100 मीटर दायरे में प्रचार पर रोकनिर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को नारेबाजी या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।इसके साथ ही मतदाताओं के बीच किसी प्रकार की सामग्री वितरित करने पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई है। 25 प्रत्याशियों के पक्ष में दे सकेंगे वोटमतदान प्रक्रिया वरीयता क्रम के आधार पर कराई जा रही है। प्रत्येक मतदाता अधिकतम 25 प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान कर सकेगा।मतदाता अपने मतदाता सीरियल नंबर के अनुसार निर्धारित बूथ पर पहुंचकर वोट डालेंगे। पहले दिन के लिए निर्धारित 5410 मतदाताओं को इन्हीं 20 बूथों पर मतदान की व्यवस्था की गई है।
बोकारो में पुराने विवाद को लेकर मंगलवार देर रात दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। सेक्टर-4 थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-8 बी के बीएसएल डीएवी स्कूल परिसर का इलाका कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के युवकों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते-देखते मारपीट और पथराव में बदल गई। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक युवक घायल हो गए। उपद्रवियों ने मौके पर खड़ी एक स्विफ्ट डिजायर कार (जेएच 15 एजी 1267) को आग के हवाले कर दिया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस के सामने ही पथराव, दमकल ने बुझाई आग घटना की सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी आलोक रंजन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके निर्देश पर दमकल की गाड़ी बुलाकर कार में लगी आग पर काबू पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के युवकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया और जमकर पथराव किया। अचानक हुए इस उपद्रव से आसपास के लोग सहम गए। घायलों में से कुछ का इलाज को-ऑपरेटिव इलाके के एक निजी नर्सिंग होम सहित अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान कराने पहुंचा था चश्मदीद जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले बीएस सिटी थाना क्षेत्र के पत्थरकट्टा चौक पर कार ओवरटेक करने को लेकर जोशी कॉलोनी निवासी चिराग कुमार के साथ मारपीट हुई थी। हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-8 खटाल और सेक्टर-6 के कुछ युवकों ने उस पर भुजाली से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लंबे इलाज के बाद उसकी जान बची। इसी मामले में आरोपियों की पहचान कराने के लिए चश्मदीद युवक कुणाल सिंह मंगलवार शाम पुलिस के साथ सेक्टर-8 बीएसएल डीएवी स्कूल परिसर पहुंचा था। इसी दौरान आरोपियों के समूह ने अचानक पथराव शुरू कर दिया और अफरातफरी के बीच कार में आग लगा दी। हमले के बीच रहस्यमय तरीके से लापता हुआ कुणाल पथराव और आगजनी के दौरान मची भगदड़ में चश्मदीद कुणाल सिंह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। बुधवार सुबह तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजन और पुलिस उसकी तलाश में जुटे हुए हैं। परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए सेक्टर-4 थाना में खोजबीन तेज करने की मांग की है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि दोनों गुटों के बीच यह घटना पुरानी रंजिश और प्रतिशोध की भावना से जुड़ी प्रतीत होती है। पुलिस मामले का सत्यापन कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बेटी होने के बाद विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने और मायके से 5 लाख रुपये लाने का दबाव बनाने के मामले में अदालत ने पति समेत चार ससुरालीजनों को तलब किया है। सिविल जज जूनियर डिवीजन नेंसी तिवारी की अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए पति, सास, ससुर और जेठ को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। मामले के अनुसार समोगर थाना बमरोली कटारा निवासी खुशबू ने अपने अधिवक्ता राजेश यादव और अदिति यादव के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर किया। खुशबू का आरोप है कि उसकी शादी 29 दिसंबर 2020 को विनीत उर्फ छोटू निवासी मुईुद्दीनपुर थाना नारखी, जिला फिरोजाबाद के साथ हुई थी। शादी में मायके पक्ष ने अपनी हैसियत से अधिक खर्च किया, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष उसे प्रताड़ित करता रहा। परिवाद में कहा गया कि बेटी के जन्म के बाद ससुरालियों का उत्पीड़न और बढ़ गया। आरोप है कि पति, सास, ससुर और जेठ उसे मायके से 5 लाख रुपये लाने के लिए दबाव डालते थे और मांग पूरी न होने पर मारपीट करते थे। 27 सितंबर 2023 को भी आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट कर खुशबू को घर से निकाल दिया तथा 5 लाख रुपये लाने पर ही ससुराल में वापस आने की बात कही। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन नेंसी तिवारी ने प्रथम दृष्टया मामला बनता मानते हुए पति विनीत उर्फ छोटू, सास बीना, ससुर अशोक कुमार और जेठ अभिषेक को मुकदमे के विचारण के लिए अदालत में तलब करने के आदेश दिए हैं।
कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) अब खेल की दुनिया में मैनेजमेंट एक्सपर्ट भी तैयार करेगा। विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग ने नए सत्र से मास्टर ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (M.S.M.) कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। यह कोर्स उन युवाओं के लिए खास मौका होगा जो खेल से जुड़े रहकर मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि आज खेल सिर्फ हार-जीत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों रुपये का वैश्विक उद्योग बन चुका है। आईपीएल जैसी बड़ी लीग, स्पोर्ट्स क्लब और मार्केटिंग कंपनियों को चलाने के लिए प्रशिक्षित स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को देखते हुए विश्वविद्यालय ने यह पीजी कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि छात्र खेल आयोजनों और उनके आर्थिक प्रबंधन की बारीकियां सीख सकें। 20 सीटों से होगी शुरुआत, सालाना फीस 50 हजार शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव ने बताया कि यह दो साल का पूर्णकालिक स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स होगा, जिसे चार सेमेस्टर में पूरा किया जाएगा। इसमें प्रवेश के लिए किसी भी स्ट्रीम से स्नातक होना अनिवार्य होगा। फिलहाल इस कोर्स में 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। छात्रों की बेहतर ट्रेनिंग के लिए सीमित सीटें रखी गई हैं। इस कोर्स की वार्षिक फीस 50 हजार रुपये तय की गई है। पढ़ाई के साथ अनिवार्य होगी इंटर्नशिप कोर्स का सिलेबस आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें स्पोर्ट्स मार्केटिंग, स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और इवेंट मैनेजमेंट जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। विश्वविद्यालय के मुताबिक छात्रों को केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें स्पोर्ट्स कंपनियों में इंटर्नशिप, रिसर्च और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी करनी होगी, जिससे वे खेल उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझ सकें। देश-विदेश में बढ़ रही स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की मांग स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कोर्स दुनिया के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पहले से पढ़ाया जा रहा है। भारत में भी इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कोर्स पूरा करने के बाद युवा खेल संघों, प्रोफेशनल स्पोर्ट्स लीग, फिटनेस एकेडमी, स्पोर्ट्स मीडिया और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में नौकरी के अवसर पा सकेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कोर्स कानपुर और आसपास के युवाओं को खेल उद्योग में करियर बनाने का नया मंच देगा।
30 ज्यादा शराब की खेप पकड़ने पर गैलेंट्री प्रमोशन:टीपी नगर थाने में तैनात रामनिवास बने हेड कॉन्स्टेबल
पाली शहर के टीपी नगर थाने में तैनात कांस्टेबल रामनिवास जाट को उत्कृष्ट कार्य के लिए गैलेंट्री प्रमोशन देकर हेड कांस्टेबल बनाया गया है। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने अब तक 30 से ज्यादा बड़ी खेप पकड़ने में अहम योगदान दिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड बिपिन कुमार पांडेय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। अवैध शराब के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई रामनिवास जाट ने पुलिस सेवा के दौरान अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। अपने मुखबिर तंत्र और सतर्कता के चलते उन्होंने कई बार लाखों रुपए की शराब से भरे ट्रक और टैंकर पकड़वाए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक 30 से अधिक मामलों में बड़ी शराब की खेप पकड़ने में उनकी मुख्य भूमिका रही है। इसी उपलब्धि को देखते हुए उन्हें गैलेंट्री प्रमोशन देकर हेड कांस्टेबल बनाया गया है। सीकर जिले के रहने वाले हैं रामनिवास रामनिवास जाट मूल रूप से सीकर जिले के गुणाकू गांव के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2008 में पुलिस सेवा जॉइन की थी। पाली शहर में वे कोतवाली, सदर, औद्योगिक क्षेत्र और वर्तमान में टीपी नगर थाने में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार में सबसे छोटे, पत्नी भी पुलिस में रामनिवास चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता दीपाराम जाट किसान हैं, जबकि मां रामी देवी गृहिणी हैं। साल 2010 में उनकी शादी मंजू से हुई, जो खुद भी राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल हैं। मंजू वर्तमान में पाली शहर के सीओ सिटी कार्यालय में तैनात हैं।
संभल के मेरठ-बदायूं हाईवे पर कोहरा, AQI 228 दर्ज:न्यूनतम तापमान 17 और अधिकतम 36 डिग्री पर पहुंचा
संभल के मेरठ-बदायूं हाईवे पर बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दृश्यता (विजिबिलिटी) 100 मीटर दर्ज की गई। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 रहा और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में बदलाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। बुधवार सुबह 8 बजे पूरे संभल जनपद का तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चल रही थीं। दिन में तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। दिन में तापमान बढ़ने के कारण लोगों ने पंखे चलाने शुरू कर दिए हैं, जबकि देर रात सूरज ढलने के बाद सर्द हवाएं चलने से ठंडक का एहसास होता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल के डॉ. मनीष अरोड़ा ने बदलते मौसम में बाहर की चीजों का सेवन कम करने और गुनगुने पानी का उपयोग करने की सलाह दी है। परिवहन व्यवस्था की बात करें तो चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली छह ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। रोडवेज बसों में दिन के समय यात्रियों की अच्छी संख्या देखी जा रही है, हालांकि सुबह और शाम को सवारियों की संख्या अभी भी कम है। स्थानीय सभासद गौहर खां ने बताया कि सुबह और रात में हल्की ठंडक रहती है, जबकि दिन में धूप निकलने से गर्मी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना चल रहा है और इस मिले-जुले मौसम से रोजेदारों को कोई खास दिक्कत नहीं हो रही है। स्थानीय निवासी संजीव अग्रवाल ने भी बताया कि मौसम अब सामान्य हो गया है, दिन में धूप के बाद गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंडक रहती है।
कानपुर में गंगा मेला के उत्साह के बीच लापरवाही कई लोगों पर भारी पड़ गई। रंग और हुड़दंग के बीच हुए सड़क हादसों और आपसी विवादों ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। हालात ऐसे रहे कि एलएलआर (हैलट) अस्पताल की इमरजेंसी में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक गंगा मेला के दौरान 106 से अधिक घायल इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें कई की हालत गंभीर थी। अस्पताल पहुंचे घायलों में सबसे ज्यादा मामले सड़क दुर्घटनाओं और आपसी मारपीट के सामने आए। गंगा मेला के दौरान कई जगहों पर तेज रफ्तार वाहन आपस में टकरा गए, वहीं कुछ लोग शराब के नशे में विवाद के बाद मारपीट में घायल हो गए। सुबह से ही घायलों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। कई लोगों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। विभागवार ऐसे रहा मरीजों का आंकड़ा- 20 गंभीर मरीज भर्ती, रेड जोन में हुआ इलाजएलएलआर अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक प्रो. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि त्योहार को देखते हुए इमरजेंसी में पहले से विशेष इंतजाम किए गए थे। गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए ‘रेड जोन’ आरक्षित रखा गया था। अस्पताल पहुंचे कुल मरीजों में से 20 की हालत बेहद नाजुक थी, जिन्हें शरीर पर गंभीर चोटें होने के कारण तुरंत भर्ती किया गया। इलाज के बाद उन्हें उनकी स्थिति के अनुसार संबंधित वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टर और स्टाफ की मुस्तैदी से बचीं कई जानेंइमरजेंसी में भीड़ के बावजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की मुस्तैदी के चलते मरीजों को समय पर इलाज मिल सका। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई थी ताकि किसी को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े। अधीक्षक के मुताबिक समय पर उपचार मिलने से कई गंभीर घायलों की हालत अब स्थिर है।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के कुम्हड़ाखेड़ा गांव में एक किराना दुकानदार से मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। सोमवार रात चार युवक अक्षय किराना भंडार पर पहुंचे। उन्होंने राजश्री लेने के बाद पैसे देने से इनकार कर दिया। जब दुकान संचालक राकेश नेमा ने रुपए मांगा, तो युवक भड़क गए और कथित तौर पर दुकान के अंदर घुसकर राकेश नेमा के साथ मारपीट की। उन्होंने दुकान में तोड़फोड़ भी की। तस्वीरें देखिए… लोगों ने बनाया वीडियो घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन पर पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली। वीडियो में कुछ युवक दुकानदार के साथ मारपीट करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित राकेश नेमा ने गोटेगांव थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पुलिस अधीक्षक से भी मामले में सख्त कदम उठाने की अपील की है। पुलिस ने इस मामले को जांच में ले लिया है।
गुना के व्यस्ततम बोहरा मस्जिद चौराहा के पास बुजुर्ग डॉक्टर से मारपीट और लूट के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दो बदमाशों ने राह चलते बुजुर्ग डॉक्टर के करीब छह हजार रुपये छीन लिए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से लूट की राशि भी बरामद कर ली है। दूध लेने निकले थे बुजुर्ग डॉक्टर बताया जा रहा है कि सोमवार शाम करीब 7 बजे यह सनसनीखेज वारदात सामने आई थी। 78 वर्षीय पूर्व शासकीय चिकित्सक डॉ. गजेंद्र सिंह वैश्य दूध और अन्य घरेलू सामान लेने के लिए घर से निकले थे। डॉ. वैश्य चौधरन का बाड़ा के निवासी हैं और वर्तमान में हनुमान गली में अपना क्लिनिक संचालित करते हैं। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। मारपीट कर छीना पर्स बदमाशों ने डॉक्टर के साथ झूमा-झटकी शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया। पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि बदमाशों के हाथ में लाठी थी, जिससे उनके कंधे पर वार किया गया। इस हमले में उन्हें चोट भी आई है। इसके बाद बदमाशों ने उनका पर्स छीन लिया, जिसमें करीब 5 से 6 हजार रुपये रखे हुए थे। मोबाइल छीनने की भी की कोशिश लूट की वारदात के बाद बदमाशों ने डॉक्टर का मोबाइल भी छीनने की कोशिश की। इसी दौरान शोर सुनकर पास की एक दुकान का दुकानदार उनकी मदद के लिए दौड़ पड़ा। दुकानदार को आता देख दोनों बदमाश मौके से भाग गए। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम ने डॉ. वैश्य के घर जाकर उनके बयान दर्ज किए और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के निर्देशन में और सीएसपी प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपियों की पहचान के बाद कार्रवाई मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित के भतीजे ने बताया कि लूट करने वाले युवकों में एक का नाम अरवाज खान निवासी पवन कॉलोनी और दूसरा दानिश खान निवासी नाज होटल के पास बताया गया। आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी अरवाज पुत्र अजमेरी खान उम्र 20 वर्ष निवासी पवन कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि लूट की रकम में से उसके हिस्से के दो हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि पांच सौ रुपये उसके पास बचे थे। पुलिस ने उक्त राशि जब्त कर ली है। वहीं दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है।
दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' सेगमेंट पर हर दिन शहर की अलग-अलग समस्याएं सामने आ रही है। जिससे ये तो दिख रहा है कि, शहर की जमीनी हकीकत कागजों और विभागों की कार्यप्रणाली से कितने अलग है। महीनों से हर दिन कई सारे लोगों को इनके समाधान का इंतजार है। हालांकि, कई समस्साओं का समाधान भी हो रहा है लेकिन, इसके समाधान के लिए प्रशासन को और कड़े और सख्त कदम उठाने होंगे। ऐसी ही आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। जगतपुरा में सीवर ओवरफ्लो और टूटी सड़क से परेशानी जगतपुरा के राम नगरिया क्षेत्र से पुनीत चौरसिया ने भास्कर समाधान सेगमेंट पर पोस्ट कर बताया कि उनकी कॉलोनी के पार्क के पास सीवर का पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। इसके साथ ही यहां की सड़क भी टूटी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंदा पानी सड़क पर फैलने से बदबू और गंदगी भी बढ़ रही है। पाल्डी मीना में जलभराव से गंदगी आगरा रोड स्थित पाल्डी मीना इलाके की मुखिया विहार कॉलोनी से राजेंद्र कुमार पटवा ने बताया कि लुनियावास रोड और हनुमान जी की बगीची वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। यहां अक्सर पानी भरा रहता है, जिससे सड़क पर गंदगी फैल जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। शास्त्री नगर में कचरे से लोग परेशान शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्र शास्त्री नगर से ओमकार सिंह ने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट कर बताया कि इलाके की सड़क पर लंबे समय से कचरा और गंदगी फैली रहती है। उनका कहना है कि पिछले कई सालों से यहां नियमित सफाई नहीं हुई है, जिससे लोगों को गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रताप नगर में खराब ट्रैफिक लाइट से हादसों का खतरा प्रताप नगर के सेक्टर-82 निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि मीना चौक पर ट्रैफिक लाइट लंबे समय से खराब पड़ी है। इसके कारण यहां अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो ट्रैफिक लाइट को ठीक किया गया है और न ही यहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगतपुरा में सड़क की समस्या का हुआ समाधान जगतपुरा के वार्ड नंबर 112 की नंदपुरी ए कॉलोनी से विजय सिंह ने सड़क की समस्या को लेकर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया था कि सड़क की लेवलिंग करने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया था और करीब एक महीने से सड़क उसी स्थिति में पड़ी थी। मामला भास्कर समाधान में सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सड़क की समस्या का समाधान कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शास्त्री नगर इलाके के तुलसी नगर कॉलोनी ने गिरिराज प्रसाद शर्मा ने सड़क पर मलबा पड़े होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि, गली नंबर 6 में पाइप लाइन को ठीक करने का काम किया गया। जिसके बाद मलबा सड़क पर ही छोड़ दिया गया। मामला पोस्ट होने के बाद सिविल लाइन जोन के स्वास्थ्य निरीक्षक ने इसका सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। आज के 'पब्लिक के स्टार' बने हीरो गुजराती तुलसी नगर कॉलोनी ने गिरिराज प्रसाद शर्मा ने सड़क पर मलबा पड़े होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने सड़क पर मलबा पड़ा होने की समस्या बताई थी। जिसके बाद सिविल लाइन जोन के स्वास्थ्य निरीक्षक हीरो गुजराती ने इसका समाधान सही से करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। एप के इस सेगमेंट के जरिए आपकी आवाज सीधे उस मंच तक पहुंचेगी, जहां से असर होता है। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में अधूरी सड़कें, ओवरफ्लो नालियों से बढ़ी परेशानी:भास्कर समाधान से जयपुर की जनता को मिली राहत, नसरीन बानो बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’ 2.भास्कर समाधान में उठीं सड़क, गंदगी और स्ट्रीट-लाइट की समस्याएं:कई वार्डों में जनता को मिली राहत, सुभाष बने 'पब्लिक के स्टार' 3.भास्कर समाधान में उठीं शहर की समस्याएं:नाली जाम से जलभराव, फैली गंदगी, कार्रवाई के बाद मिली राहत, पवन बने 'पब्लिक के स्टार' 4.भास्कर समाधान में उठीं जयपुर की समस्या:सीवर चैंबर से हादसे का डर, जाम नालियों से सड़कों पर फैला गंदा पानी; प्रदीप बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.जयपुर की कॉलोनियों में स्ट्रीट-लाइट और सीवर की समस्या:शिकायत मिलने के बाद कई इलाकों में एक्शन लिया, पब्लिक के स्टार बने विजेंद्र जेदिया 6.कचरा, अंधेरा और जलभराव से जूझता जयपुर:सांगानेर में भास्कर समाधान से मिली राहत; राहुल अग्रवाल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.खो-नागोरियान में 4 साल से जमा कचरे का हुआ समाधान:धंसती सड़क, खुले गड्ढों और सालों पुरानी गंदगी पर एक्शन; कई इलाकों में मिली राहत 8.भास्कर समाधान’ में जनता की आवाज से बदल रही तस्वीर:गंदगी पर कार्रवाई, सड़कों की सुध ली, स्ट्रीट लाइट चालू' पब्लिक के स्टार बने पप्पू 9.राजधानी में 'भास्कर समाधान' का असर:सीवर लीकेज दुरुस्त, सड़क मरम्मत शुरू; विक्रम सिंह बने आज के स्टार ऑफिसर 10.जयपुर में पार्क हुआ साफ, बोरिंग की समस्या की दूर:भास्कर समाधान बना लोगों की आवाज, गौरव शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’
जालोर, बाड़मेर और जोधपुर में लूनी-समदड़ी-भीलड़ी रेलमार्ग पर 272 किलोमीटर तक रेल ट्रैक दोहरीकरण की योजना के तहत जोधपुर मंडल के एडीआरएम करणीराम मंगलवार को जालोर स्टेशन पहुंचे। उन्होंने यहां चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए प्लेटफॉर्म पर बन रहे नए फुट ओवरब्रिज सहित अन्य कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। करीब 40 मिनट के दौरे में उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन परिसर और रेलकर्मियों के लिए बन रहे आवासीय भवनों का भी जायजा लिया। ट्रैक दोहरीकरण से जोधपुर, बाड़मेर और जालोर जिलों को फायदा मिलेगा। निर्माणाधीन भवन और प्लेटफॉर्म का लिया जायजा एडीआरएम करणीराम मंगलवार सुबह करीब 11:50 बजे जालोर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले स्टेशन के पास रेलवे कर्मचारियों के लिए बन रहे आवासीय भवन का निरीक्षण किया। इसके बाद प्लेटफॉर्म और निर्माणाधीन स्टेशन भवन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साबरमती-जोधपुर ट्रेन आने पर ट्रैक पार करते दिखे यात्री निरीक्षण के दौरान जब साबरमती-जोधपुर ट्रेन जालोर स्टेशन पहुंची तो कुछ यात्री ट्रैक पार करते नजर आए। इसके चलते एडीआरएम को आगे के निरीक्षण के लिए इंस्पेक्शन कैरिज में बैठने से पहले कुछ देर इंतजार करना पड़ा, क्योंकि ट्रैक पूरी तरह खाली नहीं था। स्टेशन पर बन रहा दूसरा फुट ओवरब्रिज फिलहाल जालोर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए एक ही फुट ओवरब्रिज उपलब्ध है। इसकी सीढ़ियां ऊंची और चढ़ाई कठिन होने के कारण बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के विस्तार कार्य में एक और फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने का भी प्रस्ताव है। 272 किमी रेलमार्ग पर प्रस्तावित है दोहरीकरण एडीआरएम का यह दौरा समदड़ी-भीलड़ी रेलमार्ग पर प्रस्तावित ट्रैक दोहरीकरण कार्य के निरीक्षण को लेकर था। इस रूट के 272 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर दोहरीकरण की योजना है। भीनमाल स्टेशन के कार्यों की भी ली जानकारी दौरे के दौरान एडीआरएम ने भीनमाल रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी जानकारी ली। साथ ही यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। इस मौके पर जोधपुर रेल मंडल के सीनियर डीएसओ रामनिवास जाट, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (पश्चिम) तरुण बीका, डीसीएम दीपक चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुझे 16-17 साल के लड़के परेशान करते थे। उस रोज एक लड़के को मोटरसाइकिल से आते देखा तो खून खौल गया। मुझे लगा मेरे ऊपर बाइक चढ़ा देगा। वो ऐसा कुछ करता, इससे पहले ही उसे सरिया मार दिया। कुछ खाने-पीने की इच्छा हुई तो मांस खाया और खून पी लिया। ये शब्द नाबालिग की हत्या कर मांस खाने और खून पीने के आरोपी 58 वर्षीय गुड्डा पटेल के हैं। गुड्डा ने 5 मार्च को भाई-दूज के दिन समन्ना गांव में 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा पर लोहे की रॉड से हमला किया, फिर हथौड़े से सिर पर 10-15 वार किए। भरत के सिर का मांस खाया और खून पी लिया। आरोपी दमोह जिला जेल में बंद है। सोमवार को उसे मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां भी दो लड़कों को देखकर उसने उन पर झपटने की कोशिश की। डॉक्टरों ने जेल में रखकर इलाज की सलाह दी है। दैनिक भास्कर ने जेलर एमएल पटेल से बात कर कैदी का व्यवहार जाना। साथ ही इलाज करने वाले डॉक्टर से भी बात की। पढ़िए रिपोर्ट… अस्पताल में भी लड़कों पर झपटा, पुलिसवालों ने संभाला मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजन का जमावड़ा था। गेट पर तीन-चार पुलिस वाले तैनात थे। इसी समय पुलिस की नीले रंग की पिकअप गाड़ी कैंपस में आती दिखी। पुलिसकर्मियों ने लोगों को साइड हट जाने का इशारा किया। पिकअप रुकते ही तीन पुलिसकर्मी पीछे वाले गेट के पास घेरा बनाकर खड़े हो गए। गेट खुलते ही चार हथियारबंद पुलिसवाले उतरे। इसके बाद हथकड़ी लगाए गुड्डा को उतारा। लोगों में कानाफूसी शुरू हो जाती है। वे कहते हैं कि ये तो वही नरभक्षी है, जिसने लड़के को मारकर खून पीया और मांस खाया था। अजीब तरह से देखता है आरोपी गुड्डा पटेल को लेकर पुलिस ओपीडी में पहुंची। यहां गुड्डा को मरीजों वाले स्टूल पर बैठाकर डॉक्टर ने चेकअप किया। ब्लड प्रेशर, शुगर, हाइट और वजन चेक करने के बाद पूछते हैं कि दूसरी बीमारी तो नहीं। गुड्डा सिर हिलाकर मना कर देता है। इतने में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अभिजीत त्रिपाठी उससे कुछ सवाल पूछते हैं। गुड्डा हां और ना में जवाब देने लगता है। इसी समय वह कभी दीवार की ओर या सीलिंग फैन की ओर घूरने लगता है। देर तक जमीन की तरफ ऐसे देखता है, जैसे कुछ बात कर रहा हो। फिर डॉक्टर्स की तरफ देखने लगता है। 16-17 साल के लड़कों पर झपटा, डॉक्टर हैरान इस दौरान ओपीडी गेट के बाहर से दो टीनएजर्स गुजरे। उम्र करीब 16 से 17 साल रही होगी। डॉक्टर और पुलिसवाले कुछ समझ पाते, इससे पहले ही गुड्डा के चेहरे हाव-भाव बदल गए। वो उन लड़कों की तरफ झपटा। ओपीडी में अचानक हुई घटना से डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। उन्होंने पुलिसवालों से गुड्डा को बाहर ले जाने को कहा। डॉक्टर्स ने आपस में बातचीत की। दो-तीन मिनट बाद पुलिसकर्मी को बुलाकर कहा कि यहां गुड्डा को एडमिट कर इलाज संभव नहीं है। हमारी टीम कोर्ट के आदेश पर इलाज के लिए जेल आएगी। आनन-फानन में पुलिसवाले अस्पताल से निकल कर गुड्डा को पिकअप गाड़ी में बैठाकर वापस जेल के लिए रवाना हो जाते हैं। डॉक्टर्स ने बताया कि कुछ दिन जेल में ही इलाज करेंगे। हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे ग्वालियर के मानसिक अस्पताल रेफर कर दिया जाएगा। जेलर बोले- सामान्य और खामोश रहता है, पागल नहीं है दोपहर बाद जिला जेल के जेलर एमएल पटेल को कॉल कर गुड्डा पटेल के बारे में पूछा। उन्होंने जो बताया वह हैरान करने वाला था। जेलर कहते हैं कि अजीब किस्म का कैदी है गुड्डा। मैं अपने करियर में हजारों कैदियों से मिल चुका, लेकिन ये अलग तरह का है। उसने जिस तरह से वारदात की है, उसे देखते और समझते हुए उसे जेल में आठ बाय आठ के बैरक में अलग रखा गया है। उसकी हर एक्टिविटी पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। दो दिन में उसकी साइकोलॉजी समझने के लिए कई बार बात की। उसका व्यवहार पागलों जैसा नहीं लगता। सामान्य और खामोश रहता है। उसे अपनी जिंदगी की हर घटना तारीख, महीना और साल के हिसाब से याद है। कहां किस जेल में रहा? बैरक नंबर कौन सी थी? जेल के पुलिस अफसर कौन थे? किन लोगों से मिला? सब याद है उसे। लड़के का मांस खाने, खून पीने की घटना पर जरा शिकन नहीं जेलर ने बताया, जब गुड्डा से समन्ना गांव की घटना के बारे में पूछा, तब उसके चेहरे पर शिकन नहीं थी। उसने ऐसे जवाब दिया कि कोई किस्सा सुना रहा हो। कहने लगा- ये 16-17 साल के लड़के बहुत खराब होते हैं। मुझे हमेशा परेशान करते हैं। इस कारण सुरक्षा के लिए हमेशा रॉड लेकर ही घर से निकलता था। उस रोज जब लड़के को मोटरसाइकिल से आते देखा तो खून खौल गया। पता था कि वो मुझे परेशान करने आ रहा है। मुझ पर बाइक चढ़ा देगा। वो ऐसा कुछ करता, इससे पहले ही उस पर हमला कर दिया। उसके गिरते ही हथौड़े से सिर कुचल दिया। कुछ खाने-पीने की इच्छा हुई तो मांस खाया और खून पी लिया। इसके बाद क्या हुआ, मुझे नहीं पता। जब होश आया तो पुलिसवाले मुझे घेरे खड़े थे। मैं उनके पैरों के पास बैठा था। जेलर कहते हैं कि ऐसा लगता है कि गुड्डा की जिंदगी में टीनएजर्स को लेकर ऐसा कुछ हुआ है, जिससे वह लड़कों को देखकर एग्रेसिव हो जाता है। उसका कहना है कि इस उम्र के लड़के गांव में परेशान करते थे। हो सकता है कि होली के दिन भी उसे परेशान किया हो। पत्नी की हत्या कर कब, किस जेल में रहा, बैरक नंबर तक याद हैं जेलर कहते हैं कि गुड्डा को अपने जीवन की हर पुरानी बात याद है। 15 साल पहले वो अपनी पत्नी की हत्या के मामले में सजा हुई थी। वह किस समय किस जेल में रहा। 2011 में सागर सेंट्रल जेल में दीवार गिरने के बाद करीब 100 बंदी दमोह जेल शिफ्ट किए गए थे। उसमें वह भी शामिल था। 2013 में वह अन्य बंदियों के साथ वापस सागर सेंट्रल जेल लाया गया। उसे यह भी याद है कि आठ नंबर बैरक में वह अकेला रहता था। ये सब बातें उसने बताई हैं। पत्नी की हत्या पर बोला- पुलिस ने फंसाया जेलर कहते हैं- मैंने जब उससे पूछा कि तुमने अपनी पत्नी को क्यों मार डाला था? पहले तो वो गुस्सा हो गया। फिर संभालते हुए उसने कहा- मैंने हत्या नहीं की थी। पुलिसवालों ने झूठा फंसाया था। जिस समय हत्या हुई, उस समय तो वो अपने खेत पर था। कभी समझदारी की बातें, तो कभी आक्रामक जेलर कहते हैं कि उसका व्यवहार अलग तरह का है। कभी तो वो समझदारी की बातें करता है तो कभी अचानक से आक्रामक हो जाता है। इधर-उधर देखने लगता है। बॉडी लैंग्वेज चेंज हो जाती है। हालांकि, जेल में अच्छे से खाना खा रहा और सो रहा है। बीच-बीच में ऐसी हरकतें करता है, देखकर लगता है कि उसे दौरे पड़ते हैं। डॉक्टर जेल में आकर उसका इलाज करेंगे। इसके बाद जैसा निर्णय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ……………………… मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… नाबालिग का सिर कुचला...खून पीकर भेजा खाया मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक शख्स ने हथौड़े से सिर कुचलकर नाबालिग को मार डाला। उसके सिर से भेजा निकालकर खाया, फिर खून पिया। खून अपने चेहरे पर भी लगाया। खून पीने और मांस खाने का वीडियो भी सामने आया है। वारदात देहात थाना क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर साइकिल का सामान लेने निकला था…वो मारकर भेजा खा गया ‘पापा, मुझे तीन हजार रुपए दे दो। दुकान का सामान लाने के लिए पर्चा बना दो, ताकि बहन के घर से जब वापस आते समय दमोह से साइकिल सुधारने का सामान लेकर आ जाऊंगा।’ यह आखिरी शब्द भरत विश्वकर्मा (16) के थे। बेटे के बारे में बात करते हुए पिता रामगोपाल विश्वकर्मा फफक पड़ते हैं। मां ने भी तीन दिन से खाना नहीं खाया। पढ़ें पूरी खबर गांव में लोहे की रॉड लेकर घूमता था 'नरभक्षी' दमोह के समन्ना गांव में गुरुवार को बुजुर्ग ने 16 साल के लड़के की हत्या कर दी। पहले लोहे की रॉड सिर पर मारकर लड़के को जमीन पर गिराया। फिर हथौड़े से करीब 15 वार कर सिर कुचल दिया। लड़के का मांस खाया। खून पीया। पढ़ें पूरी खबर…
रमजान के आखिरी दिनों के साथ ही शहर के बाजारों में ईद की तैयारियां तेज हो गई हैं। ईद को लेकर खासतौर पर महिलाओं की खरीदारी से बाजारों में रौनक बढ़ गई है। कपड़ों, जूतों, ज्वेलरी और मेहंदी की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं ईद के लिए नए डिजाइन के सूट, गाउन, अबाया और कुर्तियां खरीद रही हैं। इसके साथ ही मैचिंग जूते, बैग और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की भी अच्छी खासी मांग बाजारों में दिखाई दे रही है। मेहंदी लगाने वाली दुकानों पर भी महिलाओं और युवतियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। दुकानदारों का कहना है कि जैसे-जैसे ईद नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे ग्राहकों की संख्या बढ़ती जा रही है। खासकर शाम के समय बाजारों में काफी चहल-पहल रहती है। महिलाओं के लिए नए फैशन और ट्रेंड के कपड़े बाजार में उतारे गए हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि ईद का त्योहार खुशियों और नए कपड़ों के साथ मनाया जाता है। इसलिए हर साल की तरह इस बार भी वे अपने और बच्चों के लिए खास खरीदारी कर रही हैं।
धर्मसिंहवा में राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बौरव्यास के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अवध राज ने कॉलेज के प्रबंधक, उनके पिता और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई सुविधा शुल्क वसूलने का विरोध करने और बदसलूकी के आरोप के बाद एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई है। एसओ अमित कुशवाहा ने बताया कि प्रधानाचार्य अवध राज ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि प्रबंधक रविशंकर पांडेय, उनके पिता अरुण कुमार पांडेय और एक अन्य ने छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक देने के नाम पर 600 रुपये सुविधा शुल्क वसूला। प्रधानाचार्य के मना करने के बावजूद यह शुल्क लिया गया। तहरीर के अनुसार, 14 फरवरी को ये तीनों विद्यालय परिसर स्थित प्रधानाचार्य के कार्यालय में आए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए प्रधानाचार्य को जान से मारने की धमकी दी और उनका पीछा किया। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। प्रधानाचार्य ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रबंधक विद्यालय की सभी निधियों से संबंधित पासबुक और चेकबुक अपने साथ ले गए हैं। वे उनसे जबरन हस्ताक्षर कराकर फंड से मनमानी निकासी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानाचार्य पर इस्तीफा देकर विद्यालय छोड़ने का दबाव भी बनाया जा रहा है। एसओ अमित कुशवाहा ने पुष्टि की कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रबंधक और अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ 11 और 12 मार्च को बलरामपुर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। साथ ही, मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना और गौसेवा भी करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री 11 मार्च को शाम 3:45 बजे मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय परिसर पहुंचेंगे। वे यहां निर्माणाधीन विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। इसके बाद, शाम 4:05 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के उपरांत, मुख्यमंत्री शाम 4:25 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। यहां वे शाम 4:30 बजे से 5:20 बजे तक विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। समीक्षा बैठक के बाद, मुख्यमंत्री शाम 5:35 बजे राजकीय हेलीकॉप्टर से तुलसीपुर के लिए उड़ान भरेंगे। वे शाम 5:45 बजे मां पाटेश्वरी विद्यालय स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे और फिर कार से देवीपाटन मंदिर के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री देवीपाटन मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम करेंगे। 12 मार्च की सुबह, मुख्यमंत्री देवीपाटन धाम में मां पाटेश्वरी की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे और गौसेवा में भाग लेंगे। इसके बाद, सुबह 9:35 बजे वे राजकीय हेलीकॉप्टर से अपने अगले गंतव्य के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मारी, मौत:हसनपुर में घर लौटते समय हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
अमरोहा जनपद के आदमपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक टीटू की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव सांथलपुर बीच की मढैय्या के निवासी अजब सिंह के पुत्र टीटू के साथ हुई। टीटू मंगलवार रात अपनी बाइक से घर लौट रहा था। भीमा सुल्तानपुर गांव के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टीटू सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत हसनपुर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। हालांकि, वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही आदमपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक टीटू चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और अविवाहित था। वह मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में गांव हमजापुर के पास सोमवार देर शाम एक ट्रॉले और पिकअप गाड़ी की आमने-सामने टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को रतिया और फतेहाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मुख्य स्टेट हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। गांव आयाल्की के रहने वाले गुलाब राम और रवि ने बताया कि उनके परिवार के करीब डेढ़ दर्जन लोग सुबह टोहाना क्षेत्र के गांव कल्याणा स्थित माता के मंदिर में माथा टेकने गए थे। उन्होंने बताया कि जब वे अपने गांव लौट रहे थे, तो हमजापुर के पास सामने से आ रहे दो ट्रॉलों में से एक ने ओवरटेक करते हुए उनकी पिकअप गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि राजेश, देनू, बिमला देवी, किरण रानी, परमजीत सिंह, रोशनी देवी और ममता रानी सहित कई अन्य घायल हो गए। सभी को रतिया और फतेहाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। लापरवाही से ओवरटेक बना हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फतेहाबाद की ओर से आ रहे एक ट्रॉले के चालक ने लापरवाही से आगे चल रहे दूसरे ट्रॉले को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप गाड़ी से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता 112 की टीम, शहर थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग, ए.एस.पी. दिव्यांशी सिंगला और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। शहर थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि हादसे की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और ट्रॉले चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज ए.एस.पी. दिव्यांशी सिंगला भी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों की टीम ने सभी घायलों का उपचार शुरू कर दिया है। जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, उन्हें रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
पंचकूला में किसान के खेत से 21 पेड़ बरामद:विवाद के बाद वन विभाग सक्रिय, 4 लोगों के खिलाफ FIR
हरियाणा के पंचकूला में 10 हजार पेड़ कटने की बात को लेकर खुलासा करने वाले वन दरोगा को सस्पेंड किया गया है, लेकिन निलंबित वन दरोगा के धरने पर बैठ जाने और वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया है। एक किसान के खेत से 21 पेड़ बरामद किए गए हैं। पंचकूला में वन विभाग के दरोगा रमेश कुमार ने बताया कि 9 मार्च को उनकी टीम ने गुप्त सूचना के आधार खडकुआ गांव के किसान गुरबचन के खेत में उनकी टीम ने छापा मारा। जिसमें टीम को आम के पेड़ नीचे खैर की लकड़ी मिली। जिसमें करीब 21 पेड़ों को घास-फूस के नीचे छिपाया गया था। निरीक्षण करने पर केवल 5 पेड़ कटे मिले वन विभाग की टीम ने 10 मार्च को टीम ने खडकुआ गांव के साथ लगते बीड शिकारगाह, वन्य प्राणी विहार के साथ लगते एरिया में निरीक्षण किया। जहां पर खैर के 5 पेड़ काटे हुए मिले। अवैध तौर पर लकड़ी काटने के मामले की जांच की गई, तो पता चला कि इसमें गुरबचन निवासी खडकुआ, जाति लुबाना, मलकीत निवासी खडकुआ, हैप्पी निवासी टांडीवाला, रवि निवासी हरिपुर गांव के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं। मामले की जांच चल रही- ASI पंचकूला के पिंजौर थाना में जांच अधिकारी ASI रोशनलाल ने बताया कि वन विभाग की शिकायत पर धारा 303(2),62,324(4) BNS धारा 32,33 भारतीय वन विभाग अधिनियम सन 1927 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यहां जानिए क्या है पूरा मामला... 26 फरवरी को पेड़ों के खैर के कटे होने का मामला सामने आया था। जब फॉरेस्टर विजय कुमार ने पेड़ों को काटे जाने का वीडियो वन मंत्री राव नरबीर के करीबी को भेजा था। हालांकि इसके बाद ही फॉरेस्टर विजय कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था। मामले के खुलासे के बाद 3 मार्च को पंचकूला के आसरेवाली क्षेत्र में खैर काटे जाने की मामले की पांच तक जांच चली थी। जांच में ये भी बात सामने आई थी कि खैर के पेड़ों को साइलेंट कटर से रात में काटा गया। इसके बाद 70 के करीब ऊंटों से इस बेशकीमती खैर की लकड़ी की तस्करी की गई। बाद में सबूत मिटाने के लिए पेड़ों के ठूठ जलाने का भी प्रयास किया गया। फॉरेस्टर विजय कुमार ने कहा… वन विभाग में 'जीरो टॉलरेंस' का दावा खोखला है, क्योंकि तस्कर पकड़े जाने के अगले ही दिन गाड़ियां छुड़ा लेते हैं और ईमानदार कर्मचारियों को वीआरएस (VRS) तक नहीं दिया जा रहा।
रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मंगलवार देर शाम जिले के ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और एलपीजी डीलर्स की बैठक लेकर गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से हो और आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। बुकिंग के बाद समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि, गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीलर्स को पारदर्शिता के साथ वितरण व्यवस्था बनाए रखने और उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कॉल सेंटर पर कर सकते हैं शिकायत इस बैठक में कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि, जिले में एलपीजी गैस का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आम उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उपभोक्ता जिला कलेक्टर कॉल सेंटर के नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर कलेक्टर कॉल सेंटर के नम्बर 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर सम्पर्क करें। लोगों से पैनिक न होने की अपील बैठक में खाद्य नियंत्रक भूपेन्द्र मिश्रा सहित गैस एजेंसियों के संचालक और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी उपभोक्ताओं से पैनिक न होने और सहयोग बनाए रखने की अपील की। इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के जिला अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि, होली के कारण वितरण में थोड़ी देरी हुई थी। अब सुधार हो गया है। जिले में अभी और भविष्य में एलपीजी गैस को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या आम उपभोक्ताओं को नहीं होगी। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि पैनिक न हो और सहयोग करें, गैस एजेंसियां भी उनका सहयोग करेंगी। भारत गैस वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुरारी गौड़ ने बताया कि कॉमर्शियल कनेक्शन में हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थाओं को ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाएगी। होटल एसोसिएशन ने जारी की एडवाइजरी
बड़ोखर स्थित बालिका सुधार गृह से मंगलवार रात में सो रही महिला वार्डन के साथ मारपीट कर उससे चाबी छीनकर तीन लड़कियां भाग गईं। इनमें एक बालिग है और दो नाबालिग हैं। इस घटना से बालिका सुधार गृह की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी सुधार गृह से पहले भी कई बार बालिकाएं भाग चुकी हैं। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर भागी लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है। तीन लड़कियां भागीं स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के बड़ोखर में स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “शक्ति सदन बड़ोखर” वार्ड क्रमांक 2 महाकाल वार्ड में मंगलवार रात सुधार गृह की महिला वार्डन रामस्नेही सोलंकी अपने कक्ष में सो रही थीं। तभी तीनों लड़कियों ने एक साथ सो रही वार्डन पर हमला कर दिया, उसके साथ मारपीट की और चाबी छीनकर ताला खोलकर भाग गईं। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर जांच की और मामला दर्ज कर लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है। पहले मारपीट की फिर छीन ली चाबी सुधार गृह की महिला वार्डन रामस्नेही सोलंकी के अनुसार रात में सुधार गृह के मुख्य गेट पर ताला लगाकर वह करीब 11 बजे अपने कमरे में सो रही थीं। अचानक सोते समय उन पर हमला हुआ और उनके साथ मारपीट होने लगी। उन्होंने देखा कि तीनों लड़कियां उन पर टूट पड़ीं और चाबी छीन ली। इसके बाद एक लड़की ने भागकर ताला खोला और तीनों वहां से भाग गईं। इसके बाद मैंने पुलिस को सूचना दी और अधिकारियों से संपर्क किया। ये तीन लड़कियां भागीपहली लड़की 23 फरवरी को लाई गई थी वह कैलारस के समई पंचायत के सिरोधा गांव की रहने वाली है और बालिग है। बाकी दो नाबालिग लड़कियां 9 मार्च को दो दिन पहले ही यहां लाई गई थीं। जिसमें से एक पोरसा की रहने वाली है और दूसरी सबलगढ़ की रहने वाली हैं। स्टेशन रोड थाना प्रभारी एसआई संजय वरैया के अनुसार महिला वार्डन के साथ मारपीट कर सुधार गृह से तीन लड़कियां भागी हैं, जिनमें एक बालिग और दो नाबालिग हैं। तीनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और चाबी लेकर भाग गईं। मामला दर्ज कर पुलिस टीम उनकी तलाश में लगी हुई है।
पाली शहर के रामलीला मैदान में 12 से 15 मार्च तक संभाग स्तरीय आरोग्य मेला-2026 का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में शहरवासियों को एक ही स्थान पर आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित निःशुल्क परामर्श, उपचार और औषधियां उपलब्ध कराई जाएंगी। मंगलवार को कलेक्टर एल.एन. मंत्री ने पोस्टर का विमोचन कर मेले की तैयारियों की जानकारी दी। कलेक्टर कार्यालय में पोस्टर का हुआ विमोचन जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग पाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में पोस्टर का विमोचन किया गया। इस मौके पर जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) ओमप्रभा, आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. बजरंग लाल शर्मा और डॉ. शिवकुमार शर्मा मौजूद रहे। आयुर्वेद सहित कई चिकित्सा पद्धतियों से मिलेगा लाभ आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बजरंग लाल शर्मा ने बताया कि मेले में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञ मरीजों को निःशुल्क परामर्श देंगे। इसके साथ ही विभिन्न रोगों के उपचार के लिए दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। मेले में शाम को होगी सांस्कृतिक संध्या मेले के दौरान 13 और 14 मार्च को शाम 7 बजे सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। मेले में मिलेंगी ये सुविधाएं आरोग्य मेले में आमजन को कई तरह की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हजारीबाग में रामनवमी महापर्व की शुरुआत पारंपरिक मंगला जुलूस के साथ हो गई है। मंगलवार देर शाम शहर में भव्य मंगला जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों रामभक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शहर के विभिन्न मोहल्लों और अखाड़ों से श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में भगवा ध्वज लेकर झंडा चौक पहुंचे। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। यह मंगला जुलूस होली के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को निकाला जाता है और रामनवमी तक हर मंगलवार को इसी तरह के जुलूस निकलते हैं। जिला प्रशासन रहा अलर्ट, DC-SP ने संभाला मोर्चा रामनवमी के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जुलूस के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने खुद शहर में निकलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरे पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है। महासमिति अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी हुए शामिल इस अवसर पर हजारीबाग रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों ने भी मंगला जुलूस में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने रामभक्तों के बीच पहुंचकर लोगों का अभिवादन किया और इस वर्ष की रामनवमी को भव्य व ऐतिहासिक बनाने की अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। शहर के कई अखाड़ों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी जुलूस में विशेष झांकियां और पारंपरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई। 100 साल से अधिक पुरानी परंपरा हजारीबाग की रामनवमी का इतिहास सौ साल से भी अधिक पुराना है और यह पर्व अपनी विशेष परंपरा व भव्यता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इसी वजह से इसे ‘इंटरनेशनल रामनवमी’ के नाम से भी जाना जाता है। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इस पर्व को देखने हजारीबाग पहुंचते हैं। मंगला जुलूस के साथ ही शहर में रामनवमी की तैयारियां तेज हो गई हैं। जगह-जगह सजावट व आयोजन शुरू हो गए हैं। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने शहरवासियों से भगवान राम के आदर्शों का पालन करते हुए प्रेम, भाईचारे और शांति के साथ पर्व मनाने की अपील की है, ताकि रामनवमी का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
शाजापुर में खेत पर किसान पर हमला:अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से पीटा, मोटर की रखवाली के लिए सो रहा था
शाजापुर जिले के बेरछा थाना क्षेत्र के ग्राम रुलकी में सोमवार रात एक किसान पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। खेत पर सो रहे किसान को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल शाजापुर में भर्ती कराया गया है। यह घटना रात करीब 8 बजे हुई। घायल किसान की पहचान ग्राम रुलकी निवासी नागजीराम पिता मांगीलाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, नागजीराम खेत पर पानी की मोटर की रखवाली के लिए सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया और बेरहमी से मारपीट की। नागजीराम के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हमलावरों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। नागजीराम को गंभीर चोटें आई हैं। उसके भाई सत्यनारायण ने बताया कि घटना के तुरंत बाद नागजीराम को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बेरछा थाना प्रभारी भारत किरार ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घायल का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस घायल के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। अज्ञात हमलावरों की पहचान के लिए मामले की जांच जारी है।
प्रदेश में भाजपा सरकार को दो वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। पक्ष के जहां विकास कार्यों को लेकर अपने दावे हैं, वहीं विपक्ष भी हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि शहर में मूलभूत सुविधाओं से लेकर सड़क, सीवरेज जैसे काम भी धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। पूर्व शहर विधायक मनीषा पंवार ने भाजपा सरकार ओर जनप्रतिनिधियों पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क, सीवरेज से लेकर आम आदमी से जुड़े काम नहीं हो रहे हैं। कलेक्टर को निगम पहुंचकर निर्देश देने पड़ रहे हैं। यहां के विधायक केवल उद्घाटन कर रहे हैं, चौराहों पर पोस्टर लग रहे हैं, लेकिन सड़क पर काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने एलिवेटेड रोड को लेकर भी निशाना साधा। कहा यहां के सांसद और केंद्रीय मंत्री ने कई बार पोस्टर लगवाए, क्रेडिट लिया लेकिन इसके शिलान्यास में ही उन्हें बुलाया ही नहीं गया। दो साल में नहीं हुए बड़े काम पंवार ने कहा कि प्रदेश में दो साल से अधिक समय होने के बाद भी शहर में जिस तरह का विकास होना चाहिए था वो हो नहीं रहा है। नवचौकीया सेटेलाइट हॉस्पिटल से लेकर मंडोर, पावटा के हॉस्पिटल, डेंटल ओर कैंसर इंस्टीट्यूट में स्वीकृति मिलने के बाद भी काम नहीं हो रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से जो बजट में चिकित्सा सुविधाओं से लेकर पेयजल को लेकर घोषणाएं की गई थी वो अधूरी पड़ी है। पीने के पानी की किल्लत उन्होंने कहा कि शहर में राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल परियोजना में जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में तीसरा फेज शुरू किया था। उसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जबकि उसमें पैसे भी स्वीकृत कर दिए थे, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है। इसलिए शहर में पेयजल की किल्लत है। यहां सर्दी के दिनों में में दो से तीन दिन तक पानी की सप्लाई नहीं हुई तो गर्मी में क्या हालात होंगे। यहां के जनप्रतिनिधि को सदन में जनता की आवाज उठानी चाहिए थी, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि तो विधानसभा में जाकर सो जाते हैं, जिनके लिए विधानसभा अध्यक्ष को कहना पड़ता है कि देवेंद्र जोशी जी उठ जाओ। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के जीते हुए विधायक जनता को कितनी प्राथमिकता देते हैं। एलिवेटेड रोड पर मंत्री को भी नहीं बुलाया शहर में विपक्ष के एलिवेटेड रोड को लेकर सवालों पर कहा कि इसका शिलान्यास छुप छिपाकर क्यों किया। सबके सामने करते। जोधपुर आकर करते। यहां के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तीन बार के मंत्री है यहां से सांसद हैं उनसे भी क्यों छिपाया गया। जबकि चुनाव के समय वो यहां की जनता से एलिवेटेड रोड लाऊंगा बोलकर वोट लिए। जब इसका शिलान्यास किया गया तो यहां के मंत्री को ही बुलाया नहीं गया, उनकी फोटो ओर नाम तक नहीं लगाया गया। जबकि उन्होंने कई बार इसको लेकर होर्डिंग, बैनर तक लगाए। उन्होंने कहा कि आज बीजेपी के कार्यकर्ताओं की आवाज भी नहीं सुनी जा रही है। भाजपा के नेताओं के भी काम नहीं हो रहे हैं।
गाजियाबाद में सुबह से धूप खिली:दिन में बादल छाए रहेंगे, आज तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के करीब
जियाबाद में सुबह से धूप खिली है। दिन में आसमान में बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में हल्की धूप भी रहेगी। आज सुबह न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। हवा की गति 6 किलोमीटर प्रति घंटा से है। अगले 2 दिनों में भी बीच-बीच में मौसम बदलने की संभावना है। दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रात का तापमान 18 डिग्री सेलसियस पर पहुंच रहा है। रात के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने पर दिन का तापमान भी बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान आज मंगलवार सुबह 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा की गति 6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आज रात के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। आज से कई दिन छाए रहेंगे बादल जैसे ही पहाड़ी इलाकों में बर्फवारी होती है तो वेस्ट यूपी के जिलों में तापमान बदलता रहा है। हवा की गति बढ़ने के साथ भी तापमान में गिरावट आती है। सुबह 8 बजे के करीब धूप खिलने के साथ तापमान बढ़ रहा हैै। दोपहर 3 बजे अधिकतम तापमान पहुंच रहा है। शाम को फिर 5 बजे से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। धूप में लगातार चटकी बढ़ती जा रही है, मौसम विज्ञानियों के अनुसार रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
अनूपपुर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षल पंचोली ने मंगलवार देर शाम कलेक्ट्रेट परिसर के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश कार्यालयीन और न्यायालयीन कार्यों में जुलूस, आमसभा और नारेबाजी से होने वाले व्यवधान को रोकने के उद्देश्य से धारा-163 के तहत जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर परिसर को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। अब कोई भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति इस परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग परिसर और उससे लगे 100 मीटर की परिधि में भी प्रतिबंधित रहेगा। ज्ञापन सौंपने के लिए, व्यक्ति या संगठन के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर ही अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंप सकेंगे। अनुमति लेनी होगी इसके अतिरिक्त, किसी भी दल, संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति को जुलूस, आमसभा, नारेबाजी या ज्ञापन सौंपने से तीन दिन पहले अनुविभागीय अधिकारी, अनूपपुर से लिखित अनुमति लेनी होगी। निर्धारित स्थल पर ही ऐसी गतिविधियां की जा सकेंगी। प्रतिबंधात्मक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश दो माह की अवधि के लिए प्रभावशील रहेगा।
उदयपुर में आज 35 से ज्यादा इलाकों में पावर कट:सात घंटे तक बंद रहेगी बिजली, शटडाउन शेड्यूल जारी
उदयपुर शहर में मेंटेनेंस के चलते आज बुधवार को शहर में करीब 35 से ज्यादा जगह पर बिजली बंद रहेगी। इस दौरान करीब सात घंटे तक इलाके प्रभावित होंगे। बिजली निगम के अनुसार इसके तहत सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कई कॉलोनियों में पावर कट रहेगा। इसमें शहर की कई पॉश कॉलोनियां शामिल है। ये इलाके होंगे प्रभावित
सिवनी पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से 10 मार्च दिन मंगलवार रात पैदल गश्त की। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने प्रमुख मार्गों और चौराहों का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लिया। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर में नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार रात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाजार क्षेत्र, प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। गश्त का मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना तथा असामाजिक तत्वों में भय पैदा करना है। गश्त के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कई स्थानों पर वाहनों की जांच की। बिना हेलमेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को समझाइश दी गई। इसके साथ ही, सड़क किनारे खड़े हाथ ठेलों को हटाकर व्यवस्थित रूप से लगवाया गया, ताकि यातायात सुचारु रहे और लोगों को परेशानी न हो। यह पैदल गश्त थाना कोतवाली से शुरू होकर दलसागर क्षेत्र, शराब दुकान के आसपास, बस स्टैंड सहित अन्य प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों तक की गई। इस दौरान पुलिस बल ने बाजार व्यवस्था का भी जायजा लिया और नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। गश्त में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा, कोतवाली थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी और कोतवाली थाने का पुलिस स्टाफ शामिल रहा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। इससे समय रहते उचित कार्रवाई की जा सकेगी और शहर में शांति व सुरक्षा का माहौल बना रहेगा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नोवा स्पंज आयरन प्लांट के फर्नेस सेक्शन में काम के दौरान अचानक पिघला हुआ लोहा (मोल्टन मेटल) मजदूरों पर गिर गया। जिससे काम कर रहे 4 मजदूर बुरी तरह झुलस गए। उन्हें इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना बिल्हा थाना क्षेत्र की है। दरअसल, प्लांट में सोमवार देर रात मजदूर काम कर रहे थे। इस दौरान शिफ्ट चेंज होने के बाद रात करीब 1 बजे बिल्हा के ग्राम भैंसबोड़ निवासी नरेंद्र कोसले, चंद्रहास, बिहार के धर्मवीर और विनय कुमार के साथ काम में जुटे थे। चारों लोग फर्नेस में पिघले हुए आयरन को लैडर में डाल रहे थे। घायलों का कहना है कि, बिना सुरक्षा किट दिए प्रबंधन ले रहा काम था। खौलता हुआ लोहा मजदूरों पर गिरा इस दौरान खौलता हुआ लोहा अचानक उनके ऊपर गिर गया। गर्मी और पिघले लोहे की चपेट में आते ही चारों मजदूर छटपटाते हुए गिर पड़े। साथी कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें बाहर निकाला और प्लांट में खड़ी अधिकारी की कार से अस्पताल पहुंचाया। जिसके बाद उन्हें प्रताप चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चारों मजदूर 25 से 40 प्रतिशत झुलस गए हैं। फिलहाल, डॉक्टर चारों का इलाज कर रहे हैं। मामले में पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की तरफ से जांच शुरू कर दी गई है। घायल बोला- लैडर का रिंग कटने से हुआ हादसा घायल विनय कुमार ने बताया कि, काम के दौरान लैडर का रिंग कटने से खौलता हुआ लोहा बॉयलिंग मारा। तब सभी वहीं खड़े थे। गर्म आयरन सीधा उनके ऊपर गिरने से चारों झुलस गए। उन्होंने प्रबंधन पर सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण जैकेट और अन्य सामान नहीं देने का आरोप लगाया है। बिना सुरक्षा जैकेट फर्नेश में प्रबंधन ले रहा था काम घायल कर्मचारियों ने नोवा प्लांट के प्रबंधन पर बिना सुरक्षा उपकरण के काम लेने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि प्लांट के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में कर्मचारी बिना सुरक्षा जैकेट, चश्मा और ईयर प्लग के काम करते हैं। फिर उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के बीच दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार हादसा पिघले आयरन को सांचे में डालने के दौरान हुआ। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या सुरक्षा उपकरणों की कमी के चलते। इससे पहले भी जिले कई प्लांट में इस तरह के हादसे हो चुके हैं।
शिवपुरी शहर में मंगलवार रात एक डीजे वाहन सड़क किनारे खड़ा होने के बाद अचानक पास के नाले में गिर गया। इस घटना में वाहन का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा गंदे पानी में डूब गया, जिससे डीजे के महंगे उपकरण और वाहन को नुकसान पहुंचा है। डीजे संचालक ने लगभग एक लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। घटना पोहरी चौराहा स्थित कृष्णा पैलेस के पास की है। यहां श्री श्याम डीजे का वाहन एक बारात में डीजे बजाने के लिए आया हुआ था। बारात चढ़ाने के बाद डीजे की ट्रॉली और उसे खींचने वाला लोडिंग वाहन सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया था। कुछ देर बाद वाहन अचानक सड़क से उतरकर पास के नाले में जा गिरा। वाहन अचानक आगे बढ़ा और नाली में गिर गयाडीजे संचालक पंकज कुशवाह ने बताया कि बारात खत्म होने के बाद ड्राइवर ने लोडिंग वाहन को गियर में लगाकर सड़क किनारे खड़ा कर दिया था। इस दौरान डीजे टीम के सदस्य करीब 200 मीटर दूर डेकोरेटिव अम्ब्रेला और अन्य सामान इकट्ठा करने चले गए थे। उसी समय अचानक वाहन आगे बढ़ा और नाले में जा गिरा। पंकज कुशवाह ने आशंका जताई है कि वाहन को गियर में खड़ा करने के बावजूद किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे धक्का दे दिया होगा, जिसके कारण वह नाले में गिर गया। इस घटना में लोडिंग वाहन का इंजन, डीजे की महंगी मशीनें और लाइटिंग उपकरण पानी में भीगने से खराब हो गए हैं। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और काफी देर तक वहां भीड़ लगी रही। स्थानीय लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी के बीच फिर मौसम में बदलने वाला है। उत्तर और मध्य हिस्सों में दो दिन बाद बादल बनेंगे, हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। कहीं-कहीं गरज के साथ हवा चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड से लगे एक सिनोप्टिक सिस्टम की असर से ऐसी स्थिति बन रही है। बता दें कि प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा। इसके अलावा प्रदेश में फिलहाल शुष्क मौसम (ड्राय वेदर) बना हुआ है। तापमान की बात करें तो मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान दुर्ग और राजनांदगांव में रिकॉर्ड हुआ। वहीं प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। रायपुर में हल्की धुंध के आसार मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में सुबह के वक्त हल्की धुंध (हेज) रहने की संभावना है। शहर में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं अगले तीन दिन में प्रदेश में शुष्क मौसम बना रहेगा। तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक रहेगा, गर्मी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का असर महसूस होगा। हवा का चक्रवाती घेरा मौसम को अस्थिर कर सकता है सिनोप्टिक सिस्टम की बात करें तो दक्षिण झारखंड और उससे लगे उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर लगभग 1.5 किमी ऊंचाई पर हवा का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है। सरल भाषा में कहे तो एक ऐसी स्थिति जहां ऊपर की हवा गोल-गोल घूमती है, इससे उस क्षेत्र में वातावरण थोड़ा अस्थिर हो जाता है। दो से तीन दिन बाद दिखेगा असर इस सिस्टम से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बादल बनने की संभावना बढ़ जाती है। कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, दोपहर या शाम को बादल गरजने की स्थिति बन सकती है। तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होती। लेकिन ये सिस्टम अभी बेहद कमजोर है। ऐसे में दो से तीन दिन बाद इसका असर दिख सकता है। ट्रफ लाइन भी बनी है पहले वाले सिस्टम (झारखंड-छत्तीसगढ़ के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम) से एक लंबी कम दबाव वाली लाइन यानी ट्रफ लाइन बन गई है। जो आगे बढ़कर ओडिशा के अंदरूनी हिस्से, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा तक जा रही है। यह ट्रफ लगभग 0.9 किमी ऊंचाई पर बनी हुई है। आसान भाषा में कहें तो हवा में कम दबाव की एक पट्टी बन गई है, जिसके चलते आसपास नमी और बादल आसानी से इकट्ठे हो जाते हैं। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने की संभावना, कुछ जगह हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, दोपहर के बाद लोकल थंडरस्टॉर्म बन सकते हैं। इसके अलावा कुछ जगह तेज हवा (30-40 किमी/घंटा) तक चल सकती है। पर फिलहाल कोई अलर्ट नहीं है। फरवरी में ठंड कम रही रायपुर की बात करें तो जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी आसमान आमतौर पर साफ बना रहता है और सतही हवाएं हल्की रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के आखिरी में मौसम में बदलाव देखने को मिला, दो-तीन दिन कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बनी रही। इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती हैं। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कुछ स्थितियों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी चला जाता है। इसके साथ ही कुछ वर्षों में फरवरी महीने में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। रायपुर में 1893 को पड़ी थी सबसे ज्यादा ठंड रायपुर में फरवरी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को पड़ी थी। उस दिन तापमान सिर्फ 5 डिग्री तक गिर गया था। वहीं सबसे ज्यादा गर्म दिन 28 फरवरी 2009 रहा, जब तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था। यानी फरवरी में भी कभी-कभी मई जैसी गर्मी पड़ सकती है। 4 फरवरी 1917 को सिर्फ 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह फरवरी के लिहाज से बहुत ज्यादा बारिश मानी जाती है। इसके अलावा 1901 में फरवरी महीने के दौरान कुल 118.9 मिमी बारिश हुई थी।
हरियाणा में गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय हो गया है। किसानों को पिछले साल से इस बार 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे। रबी-2026 सीजन में गेहूं के लिए सरकार ने एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। पिछली बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी था। सूबे में एक अप्रैल से सरकार गेहूं की खरीद करने जा रही है। गेहूं खरीद की तैयारियों व लक्ष्य आदि मामलों को लेकर शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर की उपस्थिति में बैठक होगी। आगामी निर्णय इसी में लिए जाएंगे। 560 मंडियों में होगी खरीद हरियाणा में रबी फसलों की खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल 560 मंडियों और खरीद केंद्रों पर व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। रबी-2026 की खरीद प्रक्रिया को लेकर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी सचिवों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। खरीद व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने शनिवार को अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में खरीद की तिथि, लक्ष्य, भंडारण की उपलब्धता और मंडियों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। गेटपास व्यवस्था में होगा बदलाव इस सीजन में किसानों के लिए गेटपास व्यवस्था में बदलाव करने की भी तैयारी है। फिलहाल योजना है कि जियो-फेंसिंग तकनीक के जरिए किसानों के गेटपास जारी किए जाएं। खरीफ-2025 के दौरान किसानों को घर बैठे गेटपास काटने की सुविधा दी गई थी, लेकिन धन बेचने के बाद सरकार ने जियो-फेंसिंग जैसे विकल्प अपनाने का निर्णय लिया है। पारदर्शिता के लिए इस बार सख्त नियम इस बार सरसों की खरीद के लिए एमएसपी पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही टोकन नंबर दिया जाएगा। किसान के अंगूठे से बारकोड स्कैन किया जाएगा। गेटपास जारी करने के लिए क्यूआर कोड मंडी गेट पर ही जनरेट किया जाएगा। किसान जिस वाहन में सरसों लेकर आएगा, उसका नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा, अन्यथा गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। यह सभी नियम फसल खरीद को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू किए जा रहे हैं। नई अनाज मंडी में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होने की संभावना है।
प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण तथा उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान 12 मार्च को एक दिवसीय दौरे पर उमरिया आएंगे। वे यहां जिला कोर कमेटी की बैठक, नवीन पंचायत भवन के लोकार्पण और एक शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री चौहान 11 मार्च को इंदौर से उमरिया के लिए निकलेंगे। 12 मार्च को सुबह 8:30 बजे उमरिया रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे और वहां से सीधे सर्किट हाउस के लिए रवाना होंगे। सुबह 10:30 बजे, मंत्री नागर सिंह चौहान सर्किट हाउस में जिला कोर कमेटी की बैठक लेंगे। दोपहर 1 बजे, वे ग्राम पंचायत गोपालपुर में अटल पंचायत सेवा सदन नवीन पंचायत भवन का लोकार्पण करेंगे। इसी दौरान, वे खंड स्तरीय संकल्प से समाधान शिविर के समापन कार्यक्रम और बोरी बंधान कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। शाम 4:30 बजे, श्री चौहान उमरिया से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।
बुरहानपुर वन मंडल ने वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य बढ़ा दिया है। इस साल 5410 मानक बोरा तेंदूपत्ता एकत्र करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस काम के बदले ग्रामीणों को करीब 2 करोड़ 16 लाख 40 हजार रुपये की मजदूरी मिलेगी। मजदूरी की दर 4000 रुपये प्रति मानक बोरा तय की गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होने से पहले शाखा करतन (छंटाई) कार्य को लेकर मंगलवार को प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम खकनार वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 332 में हुआ और शाम छह बजे तक चला। कार्यशाला में सभी परिक्षेत्र अधिकारी, फड़ मुंशी, फड़ अभिरक्षक और उप वनमंडल अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने तेंदूपत्ता संग्रहण और शाखा छंटाई से जुड़े जरूरी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी। वन विभाग के अनुसार तेंदूपत्ता संग्रहण वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए आय का एक अहम जरिया है। हर साल बड़ी संख्या में ग्रामीण इस काम में शामिल होकर अपनी अतिरिक्त आय कमाते हैं। पिछले साल 1 करोड़ 82 लाख मजदूरी मिली थीपिछले साल यानी 2025 में कुल 4570 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। इसके बदले ग्रामीणों को लगभग 1 करोड़ 82 लाख 80 हजार रुपये की मजदूरी दी गई थी। इस साल लक्ष्य बढ़ने से ग्रामीणों को मिलने वाली मजदूरी भी अधिक होने की संभावना है। वन विभाग का कहना है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर ग्रामीणों के बीच लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लें और अपने क्षेत्र से ज्यादा तेंदूपत्ता एकत्र कर बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकें।
सीधी जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी मंगलवार रात 9 बजे नोटिस दिया गया जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण न करना गंभीर लापरवाही है। शिकायतों के समाधान में लगातार उदासीनता पाए जाने के कारण संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन अफसरों को दी चेतावनी जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबिता खरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जे. एस. उइके, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला आयुष अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (स्कूल शिक्षा विभाग), सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उप संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कार्यपालन यंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग और कार्यपालन यंत्री ऊर्जा विभाग शामिल हैं। तीन दिन का दिया समय नोटिस में निर्देश दिया गया है कि सूचना पत्र मिलने के तीन दिन के भीतर संबंधित शिकायतों का निराकरण करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन के साथ अपना जवाब प्रस्तुत किया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सात दिन बाद होगा एक्शन कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अधिकारी संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहते हैं, तो उनके विरुद्ध सात दिन की वेतन कटौती की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही, मामले में एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भी वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है। उम्मीद है कि अब अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर अधिक गंभीरता दिखाएंगे।
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ी के मामले में रतलाम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर जुटी हैं। रतलाम के सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में पुलिस ने स्कूल की संचालिका संयोगिता सिंह से भी पूछताछ की और पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल किया गया है। एसपी अमित कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी की एक टीम भोपाल गई है, जहां वह परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य एकत्र करेगी। इसमें परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी डेटा और परीक्षा से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। वहीं दूसरी टीम 12 अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की तरफ गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर रतलाम पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी है। स्कूल संचालिका से पूछताछ कीपरीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ी के मामले में स्कूल संचालिका से पूछताछ की गई। पुलिस ने जानकारी जुटाई कि परीक्षा किस कमरे में हुई, स्टाफ कब मौजूद था, स्कूल से बाहर आने-जाने के रास्ते कौन इस्तेमाल करता था और परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैसे काम कर रहा था। बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद ईएसबी ने रतलाम पब्लिक स्कूल को आगामी सभी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है। इस परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी ‘एप्टेक लिमिटेड’ ने कराया था। जानकारी मिली है कि इस कंपनी को उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्यों में ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। कंपनी के खिलाफ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के कई मामले दर्ज हैं। हालांकि पुलिस इस पर फिलहाल आधिकारिक बयान देने से बच रही है। स्कूल में 4500 अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षारतलाम पब्लिक स्कूल सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र था। यहां करीब 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कंपनी ने 357 कंप्यूटर उपलब्ध कराए, जिन पर पांच कमरों में दो शिफ्टों में परीक्षा ली गई। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। दो घंटे में एक घंटे तक चुप बैठे माउस तक नहीं छुआजांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत तेजी से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक चुपचाप बैठे रहे और माउस को हाथ तक नहीं लगाया, उसके बाद 15 अभ्यर्थियों ने 15 मिनट में और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर लिए। यह असामान्य गति देख पुलिस ने संदेह व्यक्त किया। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती और परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन सभी ने 90 से अधिक अंक प्राप्त कर 100 पर्सेंटाइल हासिल किया, जिससे बड़े स्तर पर गड़बड़ी उजागर हुई। जांच में यह भी पता चला कि सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये सभी अभ्यर्थी अलग-अलग तारीखों और शिफ्ट में परीक्षा देने आए थे, लेकिन उनका केंद्र वही था और मदद करने वाला भी एक ही व्यक्ति था। 2 मार्च को शून्य पर केस दर्ज हुआसिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजरिया की शिकायत पर भोपाल के थाने में 2 मार्च को शून्य पर केस दर्ज किया गया। चूंकि परीक्षा केंद्र रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र में था, केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और यहां असल मर्ग कायम किया गया। दैनिक भास्कर डिजिटल ने स्कूल संचालिका से पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया और बताया कि पुलिस ने जो जानकारी मांगी है वह दे दी गई है। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि एसआईटी में शामिल सभी लोग अपने दायित्व के अनुसार काम कर रहे हैं। दो टीमों को अलग-अलग काम सौंपा गया है। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है। पुलिस ने स्कूल संचालिका से पूछताछ की और सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
शाहजहांपुर में बस-कार टक्कर, तीन लोगों की मौत:जलालाबाद-फर्रुखाबाद हाइवे पर हुआ हादसा, एक गंभीर घायल
शाहजहांपुर के जलालाबाद–फर्रुखाबाद हाईवे पर तेज रफ्तार बस की आर्टिगा से टक्कर हो गई। बरेली डिपो की बस और अर्टिगा कार की आमने-सामने भिड़ंत में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव शुरू किया और शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान अब तक नहीं हो सकी। जानकारी के मुताबिक, बरेली डिपो की बस सुबह करीब साढ़े सात बजे फर्रुखाबाद की ओर से आ रही थी। इसी दौरान अल्हागंज थाना क्षेत्र में सुगसुगी पुलिया के पास सामने से आ रही अर्टिगा कार से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। कार में सवार लोग बुरी तरह फंसे हुए थे। मौके पर तीन की मौत, एक गंभीर सूचना मिलते ही अल्हागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घायल की हालत इतनी नाजुक बताई जा रही है कि वह बोल पाने की स्थिति में नहीं है। शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार कार आगरा नंबर की है, जबकि सवारों के लखीमपुर के अलग-अलग इलाकों का रहने वाला होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पहचान की कोशिश जारी है। कार से निकालने में लगी मशक्कत हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और स्थानीय लोगों को कार में फंसे शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत कार्य के दौरान यातायात को कुछ समय के लिए डायवर्ट किया गया। करीब एक घंटे बाद मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु कराया जा सका। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि इस पुलिया के पास पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हादसे की जांच शुरू पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। बस चालक और परिचालक से पूछताछ की जा रही है। वहीं, मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। एक बार फिर इस हादसे ने हाईवे पर बढ़ती रफ्तार और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की अपील है कि वाहन चालक सावधानी से वाहन चलाएं, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
सिवनी पुलिस ने जुआ-सट्टा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखी है। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर रात एमएम ग्रांड अग्रोहा लॉन में दबिश देकर जुआ खेलते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से नकदी और ताश के पत्ते जब्त किए हैं। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर जिलेभर में जुआ-सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। 10 मार्च मंगलवार की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लूघरवाड़ा स्थित एमएम ग्रांड अग्रोहा लॉन में कुछ लोग ताश के पत्तों पर दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ से कुल 6 जुआरियों को पकड़ा। इनमें तिलक वार्ड निवासी सुमित अग्रवाल (35), मठ मंदिर के पास निवासी मोनू विश्वकर्मा (38), तिलक वार्ड निवासी सुरज अग्रवाल (41), सुभाष वार्ड निवासी कमलेश सूर्या (27), मठ मंदिर निवासी लक्की उर्फ मोहित माहोरे (35) और शंकर मढ़िया के पास सिवनी निवासी अश्विन बघेल (25) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5560 रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते बरामद किए। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, लॉन संचालक को भी नोटिस जारी किया गया है और लॉन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक दयाराम शरणागत, सहायक उपनिरीक्षक जगदीप सेंगर, प्रधान आरक्षक प्रशांत राठौर सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
कटनी के बरगवां में फिर चाकूबाजी:दो सगे भाइयों सहित चार घायल, बीच-बचाव करने आए थे
कटनी शहर के रंगनाथ थाना क्षेत्र के बरगवां में बीती रात चाकूबाजी की घटना हुई। मामूली विवाद के बाद हुए इस हमले में दो सगे भाइयों सहित चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, बरगवां निवासी सोनू और मोनू अपने घर के पास एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी शराब के नशे में धुत 10 से 12 युवकों का एक समूह वहां पहुंचा और गाली-गलौच करने लगा। जब सोनू और मोनू ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए दो अन्य युवक भी इस हमले में घायल हो गए। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वारदात की सूचना मिलते ही रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों का उपचार चल रहा है और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर पुलिस के प्रति रोष है। नागरिकों का कहना है कि इसी क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक नाबालिग द्वारा हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब देश के साथ-साथ कोचिंग सिटी कोटा में भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने के कारण शहर के हॉस्टल, मैस, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सबसे ज्यादा चिंता उन लाखों कोचिंग स्टूडेंट्स के खाने को लेकर हो रही है, जो रोजाना हॉस्टल और मैस पर ही निर्भर रहते हैं। कोटा में करीब 4000 से अधिक हॉस्टल संचालित हैं। इनमें से लगभग ढाई से तीन हजार हॉस्टलों में छात्रों के लिए नियमित रूप से भोजन तैयार किया जाता है। इसके अलावा कोचिंग इलाकों में बड़ी संख्या में मैस भी संचालित हैं, जहां हजारों विद्यार्थी खाना खाते हैं। लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से कई मैस संचालकों ने अपनी मैस अस्थायी रूप से बंद कर दी है, जबकि कई जगहों पर अब लकड़ी और कोयले की भट्टी पर खाना बनाया जा रहा है। कोरल पार्क स्थित अरोमा प्राइम बॉयज हॉस्टल के संचालक रमनदीप सिंह ने बताया कि उनके हॉस्टल में 50 से अधिक छात्र रहते हैं। पिछले एक दिन से गैस सिलेंडर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। एजेंसियों पर कई बार चक्कर लगाने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में मजबूरी में हॉस्टल के बाहर चूल्हे बनाकर लकड़ी जलाकर खाना पकाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे खाना बनाने में समय ज्यादा लग रहा है, लेकिन छात्रों को खाने की कोई कमी नहीं होने दी जा रही। वहीं कोरल पार्क की एक मैस संचालिका ने बताया कि उनके यहां रोजाना करीब 450 छात्र भोजन करते हैं। सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के कारण अब कोयले और भट्टी के सहारे खाना बनाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कोटा में पढ़ने आने वाले अधिकांश छात्र बाहर के होते हैं और वे हॉस्टल व मैस पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में गैस की कमी से खाने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कोचिंग हॉस्टल संगठन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से छात्रों के भोजन पर असर पड़ रहा है। कई जगहों पर सिलेंडर ब्लैक में महंगे दामों पर मिल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हॉस्टलों को नियमित रूप से कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। वहीं सुविधा गैस एजेंसी के मैनेजर वीरेंद्र का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई आगे से ही कम आ रही है, जिससे बुकिंग बढ़ गई है। पहले रोजाना करीब 1000 बुकिंग होती थीं, जो अब बढ़कर लगभग 1500 तक पहुंच गई हैं। हालांकि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। फिलहाल गैस की किल्लत के चलते कोचिंग सिटी कोटा में चाय की दुकानों से लेकर फास्ट फूड रेस्टोरेंट तक अब लकड़ी और कोयले की भट्टियों का सहारा लेने लगे हैं। कोटा होटल फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं आने की वजह से कोटा में 300 से 400 होटल का कारोबार प्रभावित हो रहा है। यहां प्रतिदिन करीब 600 गैस सिलेंडरों की खपत होती है, जो अब नहीं पहुंच पा रहे हैं। युद्ध की वजह से आने वाली परिस्थितियों और ज्यादा खराब नजर आ रही है। शादियां होंगी प्रभावित केटरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन माहेश्वरी का कहना है कि अगले एक माह में 700 से अधिक शादियां हैं, जो अब प्रभावित होने के आसार हैं। शादी समारोहों में केटरिंग सेवाएं भी कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर रहती हैं। सिलेंडर की कमी के कारण केटरिंग संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभाग और गैस एजेंसियों से जल्द समाधान दिक्कतों के कारण यह समस्या हुई है। निकालने की मांग की है, ताकि हॉस्टल, मैस, होटल और शादी समारोहों की व्यवस्था प्रभावित न हो।
कोटा के उद्योग नगर थाना इलाके में नाबालिग की चाकू मार कर हत्या कर दी। घर जाते समय रास्ते में कुछ लड़कों ने उसे घेर लिया और चाकू से हमला कर दिया। फिर नाबालिग के दोस्त को फोन कर उसके घायल होने की सूचना दी, उसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना मंगलवार रात 10 बजे के आसपास प्रेम नगर चौथमाता मंदिर के पास की है। बताया जा रहा है नाबालिग सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करता था। उसकी रील जमकर शेयर होती थी, आरोपी इसी बात की उससे रंजिश रखते थे। शादी से लौटा था मृतक के दोस्त ने बताया कि हम तीन दोस्त शादी में बारां गए थे। देर शाम शादी से लौटे थे, उसका मंगलवार का व्रत था। रात 10 बजे करीब वो अकेला अपने घर जा रहा था। रास्ते में कुछ युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। फिर मेरे मोबाइल पर फोन किया और बताया तुम्हारे दोस्त के लग गई। जिसके बाद मौके पर गए। वहां भीड़ लगी हुई थी। वो नाली में लहूलुहान हालत में पड़ा था। जिसे इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल लाए। बदमाशों ने उसे घेर कर मारा है। उसके सीने व बगल में चाकू लगे हैं। सोशल मीडिया पर रील अच्छी चलने पर रखते रंजिश चचेरे भाई ने बताया कि वो वीडियो बनाता था। उसके वीडियो (रील) सोशल मीडिया पर अच्छी चलती थी। इस कारण कुछ लड़के उससे जलते थे। पहले भी स्कूल जाते समय उसके साथ मारपीट की थी। हालांकि बाद में राजीनामा हो गया था। मंगलवार हम शादी से लौटे थे। वो अकेला घर जा रहा था। उससे कहा था मैं छोड़ दूंगा लेकिन वो अकेला ही घर के लिए निकल गया। बदमाश लड़को ने उसे घेर कर चाकू मार दिए। पिता ने बताया कि सुबह बेटे ने कहा था सभी दोस्त शादी में जा रहे हैं। मैं भी जा रहा हूं। देर शाम बेटे से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा था गढ़ेपान पहुंच गया, देर शाम तक घर आ जाऊंगा। उसने बताया था कि मंगलवार का व्रत था। व्रत खोल लिया (खाना खा लिया)। मेरे लिए फलहारी के लिए साबूदाना गला देना। रात को उसके घायल होने की सूचना मिली। उद्योग नगर थाना सीआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि चौथ माता मंदिर के पास दो तीन लड़कों में आपस में झगड़ा हुआ था। जिसमें चाकूबाजी में एक लड़का घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। बॉडी को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया है। फिलहाल झगड़े के कारण सामने नहीं आए। मामले की जांच की जा रही है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें-कोटा में नाबालिग की हत्या:सड़क पर चाकू मारे, छाती व बगल में घाव लगे कोटा के उद्योग नगर थाना इलाके में नाबालिग की चाकू मार कर हत्या का मामला सामने आया है। घटना देर रात 10 बजे के आसपास की है। सूचना पुलिस मौके पर पहुंची है। शव को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया जा रहा है। फिलहाल हत्या का कारण सामने नहीं आया है। मृतक युवक 11 वीं का छात्र था। उसके सीने व बगल में चाकू के घाव लगे है। घटना प्रेम नगर चौथ माता मंदिर के पास की है। खबर पढ़े
अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों पर पड़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी शहरों में कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर व्यवसाय वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ठेले पर खाने-पीने की चीजें बनाने वाले छोटे रोजगार से जुड़े लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता शादी के सीजन के कारण उन लोगों की है जिन्होंने शादी समारोह के कार्ड बांट दिए हैं। सीजन में करीब 50 हजार शादियों का अनुमान है। इन आयोजनों में मेहमाननवाजी के लिए दावतें फीकी हो सकती हैं, क्योंकि कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए है और खुले में भट्टी जलाई तो 10 हजार रुपए तक जुर्माना लग सकता है। आइए बताते हैं कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से क्या हालात हैं? कैटरिंग के काम पर असर, इवेंट कैंसिल होने का खतरा 12-15 सालों से कैटरिंग का काम करने वाले भोपाल के जितेंद्र ने बताया अभी तो रोज इवेंट है। कल भी दो-तीन हैं। परसों भी हैं। 14 तारीख तक खरमास चल रहा है। उससे पहले भी इवेंट है। टेंट, कैटरिंग, घर के सामान आदि का काम लेते हैं। कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से धंधे पर बहुत असर पड़ेगा। अभी एक दो दिन तो निकाल लेंगे। घर के सिलेंडर से कुछ काम निकाल लिया। यहां- वहां से लेकर कुछ काम चला लिया, लेकिन आगे बड़ी परेशानी आनी है। जिन लोगों के इवेंट हैं उनके फोन आने शुरू हो गए हैं। इवेंट कैंसिल हुए तो भारी नुकसान होगा। जो सिलेंडर इधर-उधर से मिल रहा है वो भी 2200 रुपए तक मिल रहा है। वो भी एक-दो दिन में नहीं मिलेगा। कोई ऑप्शन भी नहीं है। डीजल चूल्हा या इलेक्ट्रिक चूल्हा हमारे काम के लिए सही नहीं है। ऐसे में अब क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा। भट्टी जलाने पर कम से कम 5 हजार रुपए और अधिकतम ढाई लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन सामान्यत: ऐसे मामलों में अफसर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना करते हैं। गैस संकट से रेस्टोरेंट पर असर, ऑर्डर कैंसिल होने की नौबत भोपाल राजहंस रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सिंह चौहान कहते हैं, हमारे यहां तो पांच से छह सिलेंडर प्रतिदिन लगते हैं। लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना खाना खाते हैं। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से बिजनेस पर असर पड़ेगा। खाना बनाना जरूरी है। अगर नहीं बनाएंगे तो लोग घर पर ही बनाएंगे और जो घर पर बनाएंगे वहां भी गैस लगनी ही है। या फिर हमें फैसिलिटी दी जाए कि हम भी घरेलू गैस इस्तेमाल कर सकें। हमारे पास कुछ इंडक्शन वगैरह भी हैं। जैसे कि तंदूर वगैरह के लिए सरकार के आदेश हैं कि लकड़ी का कोयला न जलाएं। अब उसमें भी गैस ही लग रही है। उसमें भी समस्या आएगी। पार्टी के ऑर्डर लेते हैं। आगे ऐसे काफी ऑर्डर हैं। अब दिक्कत तो आएगी। यही हाल रहे तो कैंसिल ही करना पड़ेगा। रिसॉर्ट-होटलों के सामने खाना बनाने का संकट इंदौर के भंडारी रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर मुकेश लाड ने बताया, कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से हमारे काम पर बहुत असर पड़ेगा। अभी खाना बनाने के लिए कोई ऑप्शन भी नहीं है। केरोसिन आसानी मिलता नहीं है। लकड़ियों पर भी खाना नहीं बना सकते, ना ही भट्टियों की उपलब्धता है। मान लीजिए आज मुझे 100 सिलेंडर लगते हैं और यदि उपलब्धता 20-25 की होगी तो मैं कैसे पूर्ति कर पाऊंगा? होटल इंडस्ट्री इमरजेंसी सर्विस, सीएम से मिलेंगे मध्य प्रदेश होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि फिलहाल होटलों में इस तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर होटल संचालकों की बैठक रखी गई है, वहीं इंदौर में भी एक बैठक बुलाई गई है। होटल इंडस्ट्री भी इमरजेंसी सर्विस में आती है। कोरोना काल में भी इसे इमरजेंसी सर्विस में रखा गया था, ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा- अपनी मांगों को लेकर संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी करेंगे। हजारों स्टूडेंट के भोजन पर संकट, बंद हो सकते हैं टिफिन सेंटर भोपाल के उन्नति भोजनालय के संचालक रजनीश ने बताया कि उनकी कैंटीन में हर पांचवें दिन गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। आपूर्ति प्रभावित हुई तो काम पर बड़ा असर पड़ेगा। उनके यहां रोज करीब 60-70 छात्र खाना खाते हैं और टिफिन भी भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 7-8 साल से यह काम कर रहे हैं। लकड़ी या अन्य विकल्पों पर खाना बनाना आसान नहीं है। इलाके में करीब 70-80 टिफिन सेंटर हैं और लगभग 20-25 हजार छात्र इन्हीं पर निर्भर हैं। सिलेंडर की कमी लंबी चली तो कई सेंटर बंद होने की नौबत आ सकती है। फूड डिलीवरी वालों को रोजगार की चिंता फूड डिलीवरी का काम करने वाले सुकेश बताते हैं, मैं रोज 15 से 20 ऑर्डर डिलीवर करता हूं। किसी दिन 800 तो किसी दिन 1200 रुपए तक कमा लेता हूं। आज पता चला कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गई है। इसका असर रेस्टोरेंट्स पर तो पड़ेगा ही, साथ ही फूड डिलीवरी पर भी पड़ेगा। अगर रेस्टोरेंट खाना नहीं बना पाएंगे तो ऑर्डर कैसे मिलेंगे? ऐसे में हमारा काम भी ठप हो जाएगा। भोपाल में 7,000 से ज्यादा लोग नियमित रूप से फूड डिलीवरी का काम करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने पर इनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रदेश सरकार का दावा- सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। कालाबाजारी राेकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955' लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा…. पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी। दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है। तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी। चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।
चित्तौड़गढ़ में महिला अपने दो बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद ट्रेन के आगे कूद गई। ट्रेन की चपेट में आने से महिला का सिर धड़ से अलग हो गया। गांव के कुएं से देर रात दोनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को कपासन उपजिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। मामला जिले के कपासन थाना क्षेत्र के काछियाखेड़ी गांव में मंगलवार शाम करीब 7 बजे का है। रेलवे पुलिया के पास महिला का शव मिलाकपासन थाने के एएसआई शंकरलाल ने बताया- 7 बजे सूचना मिली थी कि काछियाखेड़ी रेलवे पुलिया के पास एक महिला उदयपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गई। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे। देखें घटना से जुड़े PHOTOS सिर धड़ से अलग हुआघटनास्थल पर महिला का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा था। सिर धड़ से अलग हो चुका था। जिससे महिला की पहचान नहीं हो पा रही थी। शव को कपासन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। शव के शिनाख्त के प्रयास शुरू किए गए। कुएं में मिले दो बच्चों के शवइस दौरान जानकारी मिली कि काछियाखेड़ी गांव से एक महिला अणछी (25) पत्नी पारस कच्छवा अपने दो बच्चों सोनू (5) और मोनू (4 महीने) के साथ लापता हो गई। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 8ः30 बजे सूचना मिली कि गांव में एक कुएं में दो बच्चों के शव देखे गए हैं। कपासन थाने के एएसआई उदयलाल सुखवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। रात करीब 10 बजे दोनों शवों को कपासन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी हरजी लाल यादव और थानाधिकारी सुनील शर्मा भी उप जिला अस्पताल पहुंचे। ग्रामीण और परिजनों ने महिला और दोनों बच्चों की पहचान की। बच्चों को कुएं फेंक, ट्रेन के आगे कूदी महिलाएएसआई उदयलाल सुखवाल ने बताया कि मृतका अणछी के पीहर और ससुराल पक्ष को बुलाकर रिपोर्ट ली जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एएसआई शंकरलाल के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि महिला ने ही अपने दोनों बच्चों को कुएं में फेंका और उसके बाद ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। हालांकि, अभी मौत के कारण स्पष्ट नहीं है।
बांसवाड़ा में बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं के बीच तेज आवाज में डीजे बजाकर शोर मचाने वाले दो संचालकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अंबापुरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो डीजे साउंड सिस्टम, पिकअप वाहन और कई लाउडस्पीकर जब्त किए। दोनों आरोपी स्कूल के पास तेज आवाज में डीजे बजा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। स्कूल के पास तेज आवाज में बजा रहे थे डीजे एसपी सुधीर जोशी ने बताया ने बताया- साइलेंस जोन और स्कूलों के आसपास शोर कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अंबापुरा थानाधिकारी निर्भयसिंह राणावत के नेतृत्व में गश्त के दौरान कार्रवाई की गई। राजकीय महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय, नापला के पास एक पिकअप तेज आवाज में डीजे बजाते हुए गुजर रही थी। पुलिस ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह वाहन भगाने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर देवगढ़ खाडियादेव के पास पिकअप को रोक लिया। जांच में वाहन के अंदर 12 स्पीकर और तीन भारी एम्प्लीफायर मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। दो डीजे संचालक गिरफ्तार पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिनेश पुत्र कमलचंद मईड़ा (34) निवासी बावड़ी, जिला प्रतापगढ़ - नापला स्कूल के पास डीजे बजाने के आरोप में। राजू पुत्र नारायण मईड़ा (24) निवासी गामदा - स्कूल के पास टेप रिकॉर्डर और लाउडस्पीकर से तेज शोर करने के आरोप में। दोनों के खिलाफ राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। किसी भी हालत में स्कूलों के आसपास तेज आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मैहर में चलती बस बस आग का बनी गोला:NH-30 पर खाक हुई स्लीपर कोच, ड्राइवर-हेल्पर ने कूदकर बचाई जान
मैहर जिले के नादन देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-30 पर मंगलवार रात तकरीबन 10:15 बजे एक भीषण हादसा हुआ है। कटनी से रीवा की ओर जा रही जय भवानी ट्रेवल्स की बस (MP 30 P 7070) में अचानक आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते पूरी बस लोहे के ढांचे में तब्दील हो गई। बस में सवार ड्राइवर और दो हेल्परों ने खिड़की-दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। इंजन से उठा धुआं और भड़क उठी लपटें बस के परिचालक लाला तिवारी के अनुसार, जब वे भेड़ा गांव के पास पहुँचे, तो उन्हें इंजन से धुआं निकलता दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत बस को सड़क किनारे खड़ा किया और हेल्परों की मदद से बोनट खोलकर देखने की कोशिश की। लेकिन बोनट खोलते ही ऑक्सीजन मिलते ही आग की लपटें बाहर की ओर भड़क गईं। कुछ ही सेकंडों में पूरी बस आग के गोले में तब्दील हो गई। कल हुआ था ब्रेकडाउन, खाली थी बस नादन देहात थाना प्रभारी रेनू मिश्रा ने बताया कि यह बस रीवा से इंदौर के बीच चलती है। एक दिन पहले सोमवार को रीवा से इंदौर जाते समय कटनी के पास सेमरा गांव में इस बस का ब्रेकडाउन हो गया था। तब सभी सवारियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया गया था। कटनी में सुधार कार्य (रिपेयरिंग) कराने के बाद ड्राइवर और दो हेल्पर इस खाली बस को वापस रीवा लेकर जा रहे थे। चूंकि बस में एक भी यात्री नहीं था, इसलिए बड़ी जनहानि होने से बच गई। फायरब्रिगेड के पहुँचने तक खाक हो चुकी थी बस ड्राइवर ने घटना की जानकारी तुरंत डायल 112 को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रेनू मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचीं और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ियां पहुँचती और आग पर काबू पाया जाता, तब तक स्लीपर कोच बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। हाइवे पर मची अफरा-तफरी रात के अंधेरे में हाईवे पर उठती ऊंची लपटों को देखकर राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। पुलिस ने एहतियातन यातायात को थोड़ी देर के लिए नियंत्रित किया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों और अनुचित प्रभाव पर प्रभावी रोक लगाना है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 10 अलग-अलग फैसलों पर मुहर लगी। इनमें परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए नया कानून लाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा सरकार ने सोलर और बायोगैस संयंत्रों के लिए 1.50 लाख रुपए का अनुदान तय किया है। साथ ही छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा, जो तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा और चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा इस सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण संशोधन-विधेयक 20 मार्च तक चलने वाले विधानसभा सत्र में धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी सदन में पेश हो सकता है। 10 मार्च को कैबिनेट बैठक में इस विधेयक के प्रारुप को मंजूरी मिली। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर विवाद न बढ़े, इसका एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट के अनुसार, किसी एक धर्म से दूसरे धर्म में जाना आसान नहीं होगा। धर्म परिवर्तन केवल पूरी प्रक्रिया और नियम कानून का पालन करने के बाद ही किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने या जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर जेल के साथ कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। अब जानिए छत्तीसगढ़ में क्यों है कानून की जरूरत ? छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में खासकर बस्तर, जशपुर, रायगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आदिवासियों को ईसाई धर्म में लिया जा रहा है। यह विवाद का विषय बना हुआ है। बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र में तो यह गुटीय संघर्ष में तब्दील हो चुका है। धर्मांतरण की प्रक्रिया को मान्यता देने वाला कोई नियम नहीं छत्तीसगढ़ में वर्तमान में धर्मांतरण की प्रक्रिया को वैधानिक मान्यता देने वाला कोई स्पष्ट नियम नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि, लोग किसी अन्य धर्म के अनुयायी की बातों या प्रभाव में आकर उस धर्म को अपनाते हैं। उसकी पूजा-पद्धतियों को मानकर खुद को उस धर्म का अनुयायी घोषित कर देते हैं। अगर कोई व्यक्ति इस प्रस्तावित नियम के बाहर जाकर धर्म परिवर्तन करता है, तो उसे वैध नहीं माना जाएगा। साथ ही किसी पर दबाव बनाकर या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, गृह विभाग अन्य राज्यों के बनाए गए ऐसे कानूनों का अध्ययन कर रहा है। जिससे छत्तीसगढ़ में भी एक स्पष्ट और मजबूत नियम तैयार किया जा सके। आदिवासी और धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासियों के बीच कई बार गंभीर विवाद हो चुका है। कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। इस कारण छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे विवाद को टालने और धर्मांतरण पर एक कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बजट सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण संशोधन-विधेयक: 9 राज्यों की स्टडी से बना ड्राफ्ट, धर्म बदलने से 60 दिन पहले देनी होगी जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है। 20 मार्च तक चलने वाले सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस सत्र में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए गए हैं। 12 से ज्यादा विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। इनमें धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी सदन में पेश होने की संभावना जताई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक मोबाइल शॉप से 16 आईफोन चोरी हो गए। चोर मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान में घुसा, फिर आईफोन और 30 हजार कैश समेत करीब 13.39 लाख रुपए की चोरी कर फरार हो गया। चोरी की वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, शहर के गोपी टॉकीज रोड पर स्थित सेल स्पॉट मोबाइल दुकान का संचालन लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद फारुख करता है। सोमवार रात दुकान बंद कर संचालक और स्टाफ घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब संचालक दुकान खोलने पहुंचा, तो शोकेस काउंटर में रखे मोबाइल अस्त-व्यस्त पड़े मिले। दूसरी मंजिल का ताला तोड़कर घुसा चोर दुकान की जांच करने पर दूसरी मंजिल के दरवाजे का लॉक टूटा हुआ मिला। इसके बाद CCTV फुटेज चेक करने पर पता चला कि चोर दूसरी मंजिल से ताला तोड़कर अंदर घुसा और ग्राउंड फ्लोर की दुकान से 16 आईफोन और दराज में रखे 30 हजार लेकर फरार हो गया। फुटेज में आरोपी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान में घूमते और सामान बैग में भरते हुए नजर आ रहा है। CCTV फुटेज में आरोपी पिट्ठू बैग में मोबाइल भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। चोरी की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे और भी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रहेगा इस मामले में शशि मोहन सिंह ने बताया कि, CCTV में दिख रहे संदिग्ध की तस्वीरें जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों और आसपास के जिलों में भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी को आरोपी के बारे में जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। …………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… दीवार में 1 फीट छेद-कर 25 लाख के मोबाइल चोरी,VIDEO: महंगे आईफोन ले गए, सस्ते फेंके, कैश काउंटर-गोल्ड रिंग को हाथ तक नहीं लगाया अंबिकापुर शहर के गुदरी चौक स्थित गोलू मोबाइल शॉप में करीब 25 लाख रुपये की चोरी हुई है। 5 नवंबर की रात चोर दीवार के पीछे एक होल बनाकर अंदर घुसे और करीब 100 महंगे आईफोन और सैमसंग मोबाइल चोरी कर ले गए। जबकि सस्ती कंपनियों के फोन दुकान में ही छोड़ दिए। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
मंदसौर जिले के पीपलखूंटा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी और चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल सवार दो पुरुष और एक महिला गांव डिगाव से पीपलखूंटा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से आए एक मिनी ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए, जबकि मिनी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हादसे में भरतनाथ (50) निवासी पीपलखूंटा, भेरूनाथ (45) निवासी असावती और सुगनबाई (45) निवासी असावती घायल हो गए। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं। बताया जा रहा है कि भरतनाथ के जीजा भेरूनाथ और बहन सुगनबाई उनके साथ बाइक पर सवार थे। बाइक भेरूनाथ चला रहे थे, बीच में भरतनाथ बैठे थे और पीछे सुगनबाई बैठी हुई थीं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने तुरंत तीनों घायलों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार हादसे में सबसे ज्यादा चोट भरतनाथ को आई है। उनके हाथ और पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं भेरूनाथ के पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है, जबकि सुगनबाई के सिर में चोट लगी है। बताया जा रहा है कि टक्कर मारने वाला मिनी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया और फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग में भी आमने-सामने की स्थिति है। आयोग ने सरकार से कोर्ट के आदेश के पालन में सभी सीटों का आरक्षण तय कर सूचित करने को कहा है। लेकिन राज्य सरकार ने यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि अभी तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं मिली है, ऐसे में आरक्षण निर्धारण नहीं किया जा सकता। राज्य निर्वाचन आयोग ने चिट्ठी लिखकर- मध्य प्रदेश प्रकरण का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना भी चुनाव कराने का फैसला दिया था। एक्सपर्ट का कहना है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी के आधार पर सरकार चुनाव टालने के लिए कोर्ट को दरवाजा खटखटा सकती है। पंचायत चुनाव को लेकर मौजूदा स्थिति क्या है? सरकार के पास क्या विकल्प हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट... राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को फिर लिखी चिट्ठी निर्वाचन आयोग ने सरकार के पंचायतीराज विभाग को चिट्ठी लिखकर पंचायत चुनाव पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। इस पर सरकार ने निर्वाचन आयोग को मार्च के पहले सप्ताह में जवाब भेजा था कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। ऐसे में आरक्षण निर्धारित नहीं किया जा सकता है। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर 9 मार्च को पंचायतीराज विभाग को चिट्ठी लिखकर आरक्षण तय कर सूचित करने को कहा है। चिट्ठी में लिखा है- सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में मध्य प्रदेश प्रकरण में आदेश देते हुए कहा था कि अगर राज्य सरकार ओबीसी का आरक्षण तय नहीं करती है तो ओबीसी सीटों को जनरल मानते हुए चुनाव कराए जा सकते हैं। हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के लिए कहा था। इस आदेश के पालन में सभी वर्गों के लिए सीटों का आरक्षण तय कर सूचित करें, ताकि कोर्ट के आदेशों की अवमानना न हो। आयोग ने मध्य प्रदेश प्रकरण का हवाला दिया, जानिए क्या है ये मामला… 23 दिसंबर, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव कराए जाने को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। देश की शीर्ष अदालत ने कहा था- हम पहले कह चुके हैं कि ट्रिपल टेस्ट के बिना ओबीसी आरक्षण नहीं दिया जा सकता। राज्य सरकार के पिछड़ा वर्ग आयोग ने जो रिपोर्ट दी है, वह प्रिविलेज स्टेज में है। इसलिए ओबीसी आरक्षण के बगैर ही राज्य निर्वाचन आयोग दो सप्ताह के भीतर पंचायत के चुनाव जारी करने की अधिसूचना जारी करे। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस रवि कुमार की पीठ ने यह फैसला सुनाया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि पॉलिटिकल पार्टी सामान्य सीटों पर भी ओबीसी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाना चाहती है। इसमें जिस वार्ड में ओबीसी की संख्या ज्यादा है, वहां उस वर्ग के लोगों को मैदान में उतारें। कोर्ट ने साफ कर दिया कि हमारा यह आदेश न केवल मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तक सीमित है, बल्कि शेष राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों पर भी लागू होगा। अब जानते हैं, राज्य निर्वाचन आयोग ने 24 दिसंबर वाली चिट्ठी में क्या लिखा? आयोग ने 24 दिसंबर, 2025 को पंचायतीराज विभाग को चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में लिखा था- अब सरकार के पास क्या विकल्प बचे हैं? -यह लगभग तय माना जा रहा है कि सरकार कोर्ट में एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दायर करेगी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण का निर्धारण करने के लिए समय की मांग कर सकती है। -कोर्ट में सरकार तर्क दे सकती है कि कुछ समय मिले, जिससे कि चुनाव में सभी वर्गों को आरक्षण का फायदा मिले। इन 2 वजहों से टल भी सकता है पंचायत चुनाव 1. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी - पंचायत चुनाव कराने से पहले अलग-अलग वर्ग की सीटों के लिए आरक्षण तय होता है। - सीटों के आरक्षण के निर्धारण के बिना राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं सकता है। - ओबीसी की सीटों पर आरक्षण का निर्धारण ओबीसी आयोग की रिपोर्ट से ही तय होगा। - ओबीसी आयोग का कहना है कि सरकार द्वारा गलत जानकारी देने के चलते अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। 2. आरक्षण निर्धारित नहीं, सरकार के पास भी रिपोर्ट नहीं मिलने का तर्क सरकार का तर्क है कि आरक्षण निर्धारण करने के लिए गठित ओबीसी आयोग रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद ही आरक्षण निर्धारित होगा। ओबीसी आयोग ने रिपोर्ट में देरी की ये वजहें बताईं... मुख्य सचिव को लिखे पत्र में ओबीसी आयोग (राजनीतिक प्रतिनिधत्व) ने कहा है कि पंचायतीराज विभाग को जानकारी देने के बाद भी 24 फरवरी 2026 तक पंचायतवार जनसंख्या के स्पष्ट एवं पूर्ण आंकड़े तथा एससी, एसटी के आरक्षण के संबंध में वांछित सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इस स्थिति को आयोग द्वारा शासन सचिव, पंचायतीराज विभाग जयपुर के ध्यान में लाया जा चुका है। ऐसी परिस्थितियों के कारण पंचायतों में वार्ड पंच के पदों में अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण निर्धारित किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। पंचायतराज विभाग की तैयारी नहीं? राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 24 दिसंबर 2025 को पंचायतीराज विभाग को पत्र लिखा गया था कि पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारण कर सूची सौंपी जाए। आरक्षण का निर्धारण करने के लिए सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन 9 मई 2025 कर दिया था। लेकिन आयोग ने सरकार को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। आयोग की रिपोर्ट पर आरक्षण निर्धारण होगा। पंचायतीराज विभाग में पंचायत चुनाव की फिलहाल कोई तैयारी नहीं है। यदि चुनाव को लेकर पंचायती राज विभाग गंभीर होता तो आयोग को जवाब देने के लिए दो महीने से ज्यादा का समय नहीं लेता। इन 21 जिला परिषदों में कार्यकाल पूरा राजस्थान में पंच-सरपंचों का कार्यकाल पूरा हो गया है। सरकार ने यहां प्रशासक लगा रखे हैं। 21 जिलों की जिला परिषदों और पंचायत समितियों को का कार्यकाल पूरा हो गया है। जैसलमेर, उदयपुर, बाड़मेर, अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, राजसमंद, नागौर, बांसवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक में जिला परिषदों का कार्यकाल पूरा हो गया है। सरकार ने इन जिलों में जिला कलेक्टर को प्रशासक लगा रखा है। 12 जिलों (भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाई माधोपुर, सिरोही, अलवर, धौलपुर, बारां, करौली, कोटा और श्रीगंगानगर) की ग्राम पंचायतों और जिला परिषदों का कार्यकाल बचा हुआ है। 4 जिले खैरथल-तिजारा, फलोदी, डीग और कोटपूतली-बहरोड़ भी हैं, जो इन 12 जिलों में से टुकड़े करके बनाए गए हैं। ऐसे में 12 और 4 कुल 16 जिलों में कार्यकाल पूरा होने में समय बचा हुआ है। मदन राठौड़ बोले- चुनाव के लिए हम तैयार हैं, डोटासरा का पलटवार राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर चुनाव टालने का आरोप लगाया है। डोटासरा ने विधानसभा में कहा- सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं है। ओबीसी आयोग सरकार के इशारे पर ही काम कर रहा है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- चुनाव निर्वाचन आयोग कराएगा, हम तैयार हैं। विपक्ष का चुनाव टालने का आरोप सही नहीं है। कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सबसे महत्वपूर्ण और सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई, अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक इस वर्ष पानीपत के समालखा में होने जा रही है। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में होने वाली यह बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक आगामी 13, 14 और 15 मार्च को पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि, ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र में आयोजित की जाएगी। संघ की दृष्टि से यह सर्वोच्च निर्णायक इकाई की बैठक है, जिसमें देश भर के प्रतिनिधि आगामी कार्ययोजना और राष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा करेंगे। आज 11 मार्च को सुनील आंबेकर करेंगे प्रेस ब्रीफिंग बैठक की औपचारिक शुरुआत से पहले, 11 मार्च (बुधवार) दोपहर 12:30 बजे अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर बैठक स्थल के मुख्य द्वार के पास प्रेस ब्रीफिंग करेंगे। इस दौरान वे आगामी तीन दिनों तक चलने वाले सत्रों और प्रतिनिधि सभा के एजेंडे के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। शताब्दी वर्ष के अनुभवों पर विशेष चर्चा मोहन भागवत सहित 1489 शीर्ष कार्यकर्ता रहेंगे मौजूद बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह-सरकार्यवाह और केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा देश भर से निर्वाचित प्रतिनिधि और प्रांत व क्षेत्र स्तर के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। कुल 1489 कार्यकर्ताओं की उपस्थिति अपेक्षित है। संघ से प्रेरित 32 विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री और संगठन मंत्री भी मंथन का हिस्सा बनेंगे। आगामी कार्ययोजना का निर्धारण बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आगामी वर्ष के लिए संघ शिक्षा वर्ग, कार्यकर्ता विकास वर्ग और अन्य प्रशिक्षण योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा। हरियाणा प्रांत के प्रचार प्रमुख राजेश कुमार ने बताया कि बैठक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सतना में युवक पर हमला करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार:घर में घुसकर चाकू से किए थे वार, 3 आरोपी फरार
सतना में एक युवक पर जानलेवा हमला करने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र के मुख्त्यारगंज में हुई, जहां आरोपियों ने घर में घुसकर युवक पर चाकू से हमला किया था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 मार्च की शाम करीब 7:30 बजे हुई। 25 वर्षीय अमित उर्फ अंबू पुत्र उमा प्रताप सिंह अपने घर की तीसरी मंजिल पर सो रहा था। तभी ऋषभ उर्फ अटरा (निवासी नंदहा, थाना नागौद), विपिन उर्फ मोदी (19 वर्ष, निवासी उतैली, थाना कोलगवां), गौरव मिश्रा, सनिल सिंह उर्फ सनी और एक अन्य व्यक्ति अचानक घर में घुस गए। आरोपियों ने अमित पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित को पहले जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में रीवा रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित के प्राथमिक बयान के आधार पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। मंगलवार को विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपी ऋषभ और विपिन को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
सतना में कोठी पुलिस ने एक कार से 96 हजार रुपये से अधिक का नशीला कफ सिरप जब्त किया है। मंगलवार को एक ऑटो को टक्कर मारकर भाग रही इस कार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टीआई संतोष तिवारी ने बताया कि मंगलवार को चित्रकूट रोड पर ठाडी-पाथर के पास एक तेज रफ्तार कार (एमपी 19 जेडपी 1900) ने एक ऑटो को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई। सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग टीम ने घेराबंदी कर कार को कोठी के पास रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर पिछली सीट पर एक बोरी में 478 शीशी नशीला कफ सिरप बरामद हुआ। जब्त सिरप की कीमत 96 हजार 317 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने कार चालक मोहम्मद खुर्शीद (28 वर्ष, निवासी जवान सिंह कॉलोनी, कोलगवां) और निखिल राजवानी (25 वर्ष, निवासी धवारी, सिटी कोतवाली) से सिरप की खरीद और परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध कागजात पेश नहीं कर पाए। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे यह खेप अवैध रूप से उत्तर प्रदेश से सतना में बेचने के लिए ला रहे थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस और ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। लगभग 12 लाख रुपये की कार को भी जब्त कर लिया गया है। मंगलवार दोपहर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
छिंदवाड़ा के परासिया में मंगलवार रात दो पक्षों के बीच विवाद हो गया जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना पुराने नेरोगेज रेलवे स्टेशन क्षेत्र की बताई जा रही है। विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज के बाद डंडे, पत्थर और खाना बनाने के सामान तक चलने लगे। जानकारी के अनुसार पीटीसी कॉलोनी और भांडा मोहल्ला के कुछ युवक किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए। बताया जा रहा है कि नमाज के बाद रोजा इफ्तारी के दौरान विवाद की शुरुआत हुई, जो बाद में मस्जिद परिसर से सड़क तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हुई। घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर थाने लाया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी एकत्रित हो गए थे, जिससे कुछ देर के लिए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग जगहों पर भी झड़प हुई है। मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
बालाघाट जिले के लामता पंचायत क्षेत्र के खैरा बैगाटोला में गर्मी की शुरुआत से ही गंभीर जलसंकट गहरा गया है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। गांव का मुख्य कुआं सूखने की कगार पर है, जिससे बचा हुआ पानी भी गंदा और मटमैला हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगे हैंडपंप से भी साफ पानी नहीं मिल रहा है। हैंडपंप से निकलने वाला पानी जंग मिला हुआ और पीने योग्य नहीं है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को इस दूषित पानी से बीमारियों का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा वर्ष 2023 में गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इसके साथ ही घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई थी। हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद अब तक गांव में नल-जल योजना शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग और संबंधित ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह योजना अधूरी पड़ी है, जिसका खामियाजा आदिवासी ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी टंकी और पाइपलाइन का कार्य पूर्ण कर शुद्ध पेयजल व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। ग्रामीण महिला देवसांता कौशल ने बताया कि पानी की समस्या के कारण उन्हें रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कई बार पंचायत सरपंच को अवगत कराया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। जलसंकट को देखते हुए, पंचायत द्वारा टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे कुछ राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान चाहते हैं। ग्राम पंचायत सचिव आशीष राहंगडाले ने बताया कि पंचायत खैरा में पानी की समस्या आ रही है, 2023 से नलजल योजना स्वीकृत हुई है लेकिन वह भी अधूरी है, ठेकेदार से चर्चा की गई है, उसने 15 दिनो में नल-जल योजना को शुरू करने का भरोसा दिलाया है, अभी पंचायत के माध्यम से ग्रामीणों को टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
झांसी में मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में कैटरिंग स्टाफ ने ब्राह्मण महिला यात्री को शाकाहारी खाने की जगह चिकन परोस दिया। उन्होंने अनजाने में खाना खा भी लिया। बाद में जब उन्हें पता चला कि यह चिकन था तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके बेटे ने इसकी शिकायत की तो झांसी में रेलवे स्टाफ ने उन्हें कहा कि कुछ नहीं होगा नींबू पानी पी लो। अब महिला और उनके बेटे ने इस पूरे मामले में रेलवे से कार्रवाई की मांग की है। घटना सोमवार की है। अब पूरा मामला समझिए… मुम्बई की रहने वालीं राजेश्वरी देवी (56) ने मुम्बई जा रही थीं। हजरत निजामुद्दीन-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस राजधानी एक्सप्रेस (22222) से अकेले यात्रा के लिए हजरत निजामुद्दीन से मुम्बई के कल्याण स्टेशन तक की टिकट बुक कराई थी। उन्हें थर्ड एसी के B-1 कोच में बर्थ नंबर 17 (लोअर बर्थ) आवंटित हुई थी। टिकट बुक करते समय ही उन्होंने खाने के विकल्प में शाकाहारी (वेजिटेरियन) भोजन का चयन किया था। दिल्ली से ट्रेन में सवार होने के बाद वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से पहले उन्हें रात करीब 9 बजे कैटरिंग स्टाफ ने डिनर परोसा। राजेश्वरी देवी ने खाना खाना शुरू किया। कुछ निवाले खा भी लिए। इसी दौरान उन्हें शक हुआ कि परोसा गया भोजन शाकाहारी नहीं है। इसके बाद उन्होंने आसपास बैठे यात्रियों को खाना दिखाकर पुष्टि कराई तो पता चला कि उन्हें सब्जी की जगह मुर्गे का मांस परोस दिया गया है। यह पता चलते ही वह घबरा गईं। उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टियां होने लगीं। राजेश्वरी देवी ने तुरंत दिल्ली में अपने बेटे शिवम त्रिपाठी को फोन कर घटना की जानकारी दी। बेटे ने रेलवे हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए मां को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। शिवम त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन जब झांसी जंक्शन पहुंची तो रेलवे के कुछ कर्मचारी ट्रेन में आए। आरोप है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। नींबू पानी पी लेने की सलाह देकर चले गए। शिवम का आरोप है कि उनकी मां को लगातार घबराहट और उल्टियां होती रहीं, लेकिन रेलवे स्टाफ ने उचित इलाज या मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने खाना परोसने वाले कैटरिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूरी रात होती रहीं उल्टियांराजेश्वरी देवी के अनुसार, हजरत निजामुद्दीन–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस राजधानी एक्सप्रेस में नॉनवेज खाने की जानकारी होने के बाद उनकी तबीयत पूरी रात खराब रही और उन्हें बार-बार उल्टियां होती रहीं। उन्होंने दैनिक भास्कर को जानकारी देते हुए वीडियो भी साझा किया। उन्होंने बताया कि झांसी जंक्शन से ट्रेन चलने के बाद भी रात भर कई बार उल्टियां होती रहीं, जिससे वह निढाल हो गईं। सुबह घर पहुंचने के बाद उन्होंने उपवास कर धार्मिक अनुष्ठान भी किया। उन्होंने ये भी बताया कि मेरी हालत के बारे में रेलवे अधिकारी उस समय कोच में मौजूद यात्रियों से भी पूछ सकते हैं। शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं पीड़ित महिला यात्री राजेश्वरी देवी के बेटे शिवम त्रिपाठी का आरोप है कि उन्होंने रेलवे और IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) से वेज की जगह नॉनवेज खाना परोसने वालों के खिलाफ कार्रवाई और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने सिर्फ औपचारिकता निभाकर मामला रफा-दफा कर दिया। शिवम का कहना है कि टिकट बुक करते समय ही उन्होंने वेज खाने का विकल्प चुना था। इतना ही नहीं, जब वह अपनी मां को स्टेशन पर ट्रेन में बैठाने पहुंचे थे, तब भी ट्रेन में मौजूद कैटरिंग स्टाफ की नोटबुक में विशेष रूप से दर्ज कराया था कि उनकी मां को सुबह का नाश्ता और भोजन शाकाहारी ही दिया जाए। इसके बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही की गई। IRCTC ने कहा-मामले को दिखवा रहे हैं इस पूरे मामले में आईआरसीटीसी ने शिकायत मिलने के बाद कहा कि घटना को तत्काल संज्ञान में लिया गया है। आईआरसीटीसी के अनुसार, पूरे मामले को संबंधित अधिकारी के पास जांच और आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी लापरवाही भविष्य में न हो। ये है रेलवे की कैटरिंग व्यवस्थाभारतीय रेल में ट्रेनों के अंदर खानपान की व्यवस्था सीधे तौर पर रेलवे नहीं करती। इसके लिए जिम्मेदारी IRCTC के माध्यम से निजी कांट्रैक्टरों को दी जाती है। लंबी दूरी तय करने वाली राजधानी, दूरंतो, सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों में पेंट्रीकार (ट्रेन का रसोई कोच) का कांट्रैक्ट होता है। इसमें ट्रेन के अंदर ही खाना तैयार कर यात्रियों को परोसा जाता है। वहीं, जिन ट्रेनों में पेंट्रीकार नहीं होता, वहां ठेकेदार रास्ते में आने वाले शहरों के थर्ड पार्टी होटल या रेस्टोरेंट से तैयार और पैक्ड खाना मंगवाकर यात्रियों तक पहुंचाते हैं। ------------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली में मंदिर के सेवादार ने सुसाइड किया, पिता बेहोश:आखिरी VIDEO में बोला- प्रेमिका से तंग आ चुका हूं; मेरी मौत के 4 जिम्मेदार बरेली में प्राचीन धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले विजय ने 32 मिनट का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विजय राठौर ने वीडियो में अपने टूटे दिल, प्रेमिका, उसके परिवार और पुलिस से मिली तकलीफों की कहानी सुनाई है। विजय बार-बार कहते नजर आए कि अब उनके पास सहने की ताकत नहीं बची। वह कई महीनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। रात-रात भर सो नहीं पाते। अब वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
जगदलपुर शहर में घरेलू गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में एक घर पर छापा मारकर 34 गैस सिलेंडर और रिफिलिंग पाइप जब्त किए गए हैं। मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खाद्य विभाग की टीम को राउतपारा स्थित बालाजी केयर हॉस्पिटल के पास एक घर में अवैध गैस भंडारण और रिफिलिंग की सूचना मिली थी। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर मंगलवार को टीम ने प्रशांत महाजन के घर दबिश दी। जांच के दौरान घर के अंदर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर मिले, जिनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके। 24 घरेलू गैस सिलेंडर और 10 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त टीम ने मौके से 24 घरेलू गैस सिलेंडर और 10 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए। इसके साथ ही गैस चोरी और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले तीन रिफिलिंग पाइप भी बरामद हुए। खाद्य नियंत्रक घनश्याम राठौर ने बताया कि, गैस की कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के दौरान खाद्य निरीक्षक शेख अब्दुल कादिर, उमेश चौधरी, हेमंत ब्रह्मभट्ट और पायल वर्मा मौजूद रहे। प्रशासन ने शहर में अवैध गैस कारोबार पर लगातार निगरानी रखने की बात कही है।
चंडीगढ़ वर्ष 2026-27 के लिए नई एक्साइज पॉलिसी प्रशासन ने जारी कर दी है। मंगलवार देर रात जारी की गई इस नीति में शराब के ठेकों, बार लाइसेंस, होटल और रेस्टोरेंट में शराब परोसने, माइक्रो-ब्रुअरी, टेवर्न और लाइसेंस फीस से जुड़े कई अहम प्रावधान किए गए हैं। नई नीति के तहत शराब बिक्री के लाइसेंस, बार संचालन के समय, भुगतान प्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर कई नई शर्तें लागू की गई हैं। नई एक्साइज पॉलिसी के मुताबिक गांव पलसोरा का शराब ठेका शहर में सबसे महंगा रखा गया है। आबकारी विभाग ने इसका रिजर्व प्राइस 11 करोड़ 41 लाख 9 हजार 803 रुपये तय किया है। वहीं सेक्टर-41 मार्केट का शराब ठेका सबसे सस्ता है, जिसका रिजर्व प्राइस 1 करोड़ 93 लाख रुपये रखा गया है। बार लाइसेंस के लिए तय किए गए नए नियम नई नीति के तहत होटल और रेस्टोरेंट संचालक एल-3, एल-4, एल-5, एल-3ए, एल-4ए, एल-10ए और एल-10एए फॉर्म के तहत बार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि लाइसेंस तभी जारी होगा जब होटल या रेस्टोरेंट का संचालन वास्तव में शुरू हो जाएगा। एल-3, एल-4 और एल-5 लाइसेंसधारक बार लाइसेंस मिलने के 15 दिन बाद माइक्रो-ब्रुअरी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। नई एक्साइज पॉलिसी के तहत होटल, बार, रेस्टोरेंट और पब में शराब परोसने वाले सभी लाइसेंसधारकों के लिए अल्कोमीटर की सुविधा अनिवार्य कर दी गई है, ताकि शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं को रोका जा सके। परिसर में अतिरिक्त बार खोलने की अनुमति नई नीति के अनुसार बार लाइसेंसधारक अपने परिसर में एक अतिरिक्त बार भी खोल सकेंगे। इसके लिए मूल लाइसेंस फीस का 75 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यदि किसी अन्य स्थान पर शराब परोसनी हो तो इसके लिए लाइसेंस फीस का 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। नई नीति के अनुसार बार का संचालन सुबह 11 बजे से रात 1 बजे तक किया जा सकेगा। आधी रात 12 बजे के बाद नया ऑर्डर नहीं लिया जाएगा। यदि कोई क्लब, बार या रेस्टोरेंट देर रात तक संचालन करना चाहता है तो 8 लाख रुपये वार्षिक शुल्क देकर समय रात 3 बजे तक बढ़ाया जा सकेगा। हालांकि अंतिम ऑर्डर रात 2 बजे तक ही लिया जाएगा। ए कैटेगरी होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैटेगरी ए होटलों को 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 30 लाख रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस देनी होगी। कैटेगरी बी और सी होटल भी समान शुल्क देकर यह सुविधा ले सकेंगे। इन होटलों के सभी कमरों में मिनी बार की सुविधा भी दी जा सकेगी और इसके लिए अलग से लाइसेंस फीस नहीं देनी होगी। नई नीति में टेवर्न के संचालन के लिए भी सख्त मानक तय किए गए हैं। टेवर्न खुले स्थान पर संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इनके चारों ओर पक्की दीवार और कंक्रीट की छत होना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम आठ टेबल और 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था जरूरी होगी। डिजिटल भुगतान और बिल देना होगा अनिवार्य नई एक्साइज पॉलिसी के तहत सभी शराब विक्रेताओं के लिए हर बिक्री पर बिल जारी करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नकद के अलावा पीओएस मशीन के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी। नियम का उल्लंघन करने पर प्रति घटना 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई लाइसेंसधारी समय पर लाइसेंस फीस जमा नहीं करता है तो आबकारी विभाग उसका ठेका सील कर सकता है। इसके अलावा उसके अन्य ठेके भी रद्द किए जा सकते हैं। देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज भी देना होगा।
लुधियाना में पैसों की मांग और धमकियों से परेशान एक बुजुर्ग द्वारा सुसाइड नोट लिखने का मामला सामने आया है। वहीं जब परिवार और मोहल्ले के लोग आरोपियों से बात करने पहुंचे तो वहां मारपीट और हंगामा हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। क्या है पूरा मामलाशिकायतकर्ता अमन कुमार निवासी गली नंबर-1, मंजीत विहार, अमन नगर, थाना सलेम टाबरी ने बताया कि उन्होंने गुरु हरराय नगर में एक फैक्ट्री बनाई है, जिसे हाल ही में अपने घर के अंदर शिफ्ट किया है। उनके मोहल्ले में रहने वाला जगजीत सिंह उर्फ बब्बू लोगों के खिलाफ झूठी शिकायतें देकर उन्हें परेशान करता रहता है। अमन के मुताबिक आरोपी जगजीत सिंह उर्फ बब्बू ने उनसे 11 लाख रुपए की मांग की थी। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर रकम नहीं दी तो वह उनकी फैक्ट्री बंद करवा देगा और उनके खिलाफ शिकायतें कराएगा। धमकियों से परेशान होकर पिता ने लिखा सुसाइड नोटअमन ने बताया कि आरोपी की लगातार धमकियों से उनके पिता सोहन सिंह काफी परेशान रहने लगे। 6 मार्च 2026 को उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखकर खुद को कमरे में बंद कर लिया और आत्महत्या करने की कोशिश की। परिवार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत दरवाजा खोलकर उन्हें बचा लिया। समझौते के लिए गए तो हो गई मारपीटइसके बाद परिवार के लोग मोहल्ले के काउंसलर और कुछ अन्य गणमान्य लोगों को साथ लेकर जगजीत सिंह उर्फ बब्बू के घर बात करने पहुंचे। आरोप है कि वहां जगजीत सिंह और उसके भाई राजविंदर सिंह ने परिवार के साथ झगड़ा शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अमन की मां जसवीर कौर के साथ मारपीट की, उन्हें मुक्के मारे और धक्का देकर गिरा दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए लोगों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि आरोपियों ने एक व्यक्ति पर तेजधार वस्तु से हमला करने की कोशिश की और कुछ लोगों की पगड़ी तक उतार दी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने दर्ज किया मामलामामले की शिकायत थाना सलेम टाबरी पुलिस को दी गई है। पुलिस ने आरोपी जगजीत सिंह उर्फ बब्बू, राजविंदर सिंह निवासी अमन नगर, सलेम टाबरी, लुधियाना के खिलाफ मारपीट, धमकी देने, जबरन वसूली की कोशिश और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने रेप और पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर रुपए मांगने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता अमित खरे की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार रात प्रवीण सिंह और उसके दो साथियों को स्कॉर्पियो वाहन सहित पकड़ लिया। शिकायत के अनुसार आरोपी खुद को एक निजी चैनल का रिपोर्टर बताकर अमित खरे से 37 लाख रुपए की मांग कर रहा था। आरोपी का कहना था कि एक लड़की उनके खिलाफ रेप और पॉक्सो की एफआईआर दर्ज कराने वाली है। 27 फरवरी से व्हाट्सएप कॉल पर शुरू हुई बातचीत अमित खरे ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम प्रवीण सिंह बताया और कहा कि वह उनके दोस्त अभिषेक पांडे को जानता है। इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी। 28 फरवरी को प्रवीण सिंह ने कॉल कर कहा कि एक लड़की उनके खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। उसने दावा किया कि वह एफआईआर रुकवा सकता है। 37 लाख से घटाकर 10 लाख तक पहुंची मांग 1 मार्च को आरोपी ने फिर कॉल कर कहा कि लड़की नागपुर से आने वाली है और बचना है तो 37 लाख रुपए की व्यवस्था कर लो। बाद में बातचीत के दौरान उसने रकम 25 लाख और फिर 10 लाख रुपए तक कर दी। कछपुरा ब्रिज पर रुपए लेने पहुंचा आरोपी 9 मार्च को फिर से कॉल कर आरोपी ने 10 लाख रुपए की मांग की और शुक्रवार तक का समय दिया। मंगलवार शाम को बातचीत के दौरान कछपुरा ब्रिज पर मिलने की बात तय हुई। रात करीब 9 बजे अमित खरे रुपए देने पहुंचे। जैसे ही अमित खरे ने रुपए से भरा बैग प्रवीण सिंह को दिया, पहले से मौजूद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपी स्कॉर्पियो में मौके पर पहुंचे थे। स्कॉर्पियो से माइक आईडी और शराब की बोतल मिली पुलिस को आरोपियों की स्कॉर्पियो से एक न्यूज चैनल का माइक आईडी और शराब की बोतल भी मिली है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी खुद को रिपोर्टर बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। शहर से बाहर की गैंग से जुड़े होने का दावा पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह काम उसने शहर से बाहर की एक गैंग के कहने पर किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर संजीवनी नगर थाना पुलिस ने प्रवीण सिंह और उसके दो साथियों के खिलाफ धारा 308(1), 308(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी बीडी द्विवेदी के अनुसार पुलिस उस लड़की की भी तलाश कर रही है जिसका जिक्र आरोपी बार-बार कर रहा था।
पेटलावद में आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब के बुद्ध पुत्र और धर्मदास गण के नायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब का 67वां जन्मदिवस शीतला सप्तमी के अवसर पर मनाया गया। इस आयोजन को पेटलावद श्री संघ ने संपन्न किया। इस अवसर पर स्थानीय श्री संघ ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और सेवा कार्यों का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान श्रावक-श्राविकाओं ने दो-दो सामायिक अणु, जिनेंद्र चालीसा का पाठ और नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया। सभा को संबोधित करते हुए संघ सचिव पारसमल सोलंकी ने प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि के संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाराज साहब अशुभ चिंतन त्यागकर शुभ चिंतन में रमण करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने धर्म और शुक्ल ध्यान अपनाने तथा जीवन से आर्त व रौद्र ध्यान के विसर्जन को श्रेष्ठ जीवन का आधार बताया। संघ संवाददाता जितेंद्र मेहता ने कहा कि प्रवर्तक श्री गण के सच्चे गणनायक हैं, जो महावीर की साधु की परिभाषा को अक्षरशः जीते हैं। स्वाध्यायी सोहनलाल चाणोदीया ने टिप्पणी की कि वर्तमान में विश्व युद्ध की आग में जल रहा है, ऐसे में महावीर जैसे चरित्र की आवश्यकता है, जिसे जिनेंद्र मुनि जी जैसे संत ही सार्थक कर सकते हैं। कार्यक्रम में रोहित कटकानी और चेतन कटकानी ने अपने विचार व्यक्त किए। रवि मेहता, खुशबू कटकानी, वंदना सोलंकी, रिंकू और पूजा सोलंकी ने सुमधुर स्तवन प्रस्तुत किए, जबकि कवि पदम मेहता ने काव्य पाठ कर महाराज साहब के प्रति मंगल कामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया। वरिष्ठ श्रावक हस्तीमल बाफना द्वारा सुनाए गए मंगल पाठ के साथ धार्मिक सभा का समापन हुआ। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष अशोक मेहता, उपाध्यक्ष कांतिलाल झाड़मता, कोषाध्यक्ष संजय भंडारी और बहू मंडल अध्यक्षा श्रीमती संगीता मेहता सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन केवल स्थानक तक सीमित नहीं रहा। शाम को पांच बजे संघ अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने गौशाला पहुंचकर गौ सेवा की और महाराज साहब के दीर्घायु होने की कामना की।
सागर जिला कांग्रेस कमेटी ने सेवादल के प्रदेश महासचिव विजय साहू को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया है। निलंबन पत्र जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिला अध्यक्ष महेश जाटव और जिला कांग्रेस संगठन महामंत्री राजकुमार पचौरी ने जारी किया है। निलंबन पत्र में कहा गया कि विगत दिनों आपके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी से जारी जिला पदाधिकारियों की सूची को लेकर टिप्पणियां की गई थी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसे अनुशासनहीनता मानकर जिला शहर कांग्रेस कमेटी सागर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश संगठन महासचिव मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिया गया था। निर्देश पर आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब को जिला शहर कांग्रेस कमेटी सागर की अनुशासन समिति के समक्ष रखा गया। अनुशासन समिति ने जो निर्णय लिया उससे आपको अवगत कराया गया था। उसके परिपालन के लिए पत्र जिला कांग्रेस कमेटी शहर सागर के मध्यम से भेजा गया था लेकिन आज दिनांक तक आपने अनुशासन समिति द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार कोई पहल नहीं की है। जिला शहर कांग्रेस कमेटी सागर इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए आपको कांग्रेस पार्टी की सदस्यता निलंबन के कार्रवाई का निर्णय करती है।
हरियाणा में नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड 6 माह के लिए और बढ़ा दिया गया है। जनवरी में 2 माह के लिए तथा अब मार्च में फिर से 4 माह के लिए इसे बढ़ाया गया है। पटवारी ट्रेनिंग पीरियड को एक साल करने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं। हरियाणा निदेशालय भू अभिलेख की ओर से जारी पत्र के अनुसार कहा गया है कि सभी नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड चार माह आगे बढ़ाकर उनकी ड्यूटी एग्री स्टॉक, ततीमा अपडेशन और दूसरे राजस्व कार्यों में लगाई जाए। इन्हें अपने गृह जिले में नजदीक तहसील और सब तहसील में ड्यूटी दी जाए, जिससे इन्हें परेशानी कम आए। इस पीरियड की हाजिरी रिपोर्ट निदेशालय को भेजने के आदेश भी किए गए हैं। सीएम ने किया था वादा झज्जर सर्कल के पटवारी नीतिश ने बताया कि जनवरी 2025 में उनकी जॉइनिंग के समय सीएम नायब सैनी ने कहा था कि उनका ट्रेनिंग पीरियड एक साल रखा जाएगा, जो कि उनकी सर्विस में भी काउंट होगा, लेकिन एक साल पूरा हो चुका है। इसके बावजूद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इसी के विरोध में वे आज पंचकूला प्रदर्शन कर चुके हैं। ट्रेनी पटवारियों का प्रदर्शन और प्रमुख मांगें… 13 महीने का संघर्ष: ट्रेनी पटवारियों को केवल 10 हजार रुपए का स्टाइपेंड मिल रहा है, जो कि बहुत कम है। किसी भी प्रकार के मेडिक्लेम की सुविधा भी नहीं है। नोटिफिकेशन की मांग: सीएम नायब सैनी ने 7 जनवरी 2025 को ट्रेनिंग अवधि घटाकर 1 वर्ष करने और पूर्ण वेतन देने की घोषणा की थी, लेकिन एक साल बाद भी इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। सेवा अवधि में गिनती: ट्रेनिंग को सेवा अवधि में शामिल करने और परीक्षण के दौरान पूरा वेतनमान देने की मांग है। नोटिफिकेशन नहीं हुआ, तो होगी हड़ताल टवारी नीतिश के अनुसार वे निदेशक भू अभिलेख से मुलाकात के दौरान नोटिफिकेशन जारी होने की मांग रखेंगे। इसके लिए वे एक समय सीमा का निर्धारण करवाएंगे। अगर उस तय समय सीमा में उनकी बात पर विचार नहीं किया गया, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
सरकारी स्कूलों में प्राध्यापक होम साइंस के 16 पदों में से 15 खाली रह गए हैं। आरपीएससी ने मंगलवार को भर्ती प्रक्रिया पूरी कर अंतिम परिणाम जारी कर दिया। जिसमें केवल एक अभ्यर्थी मुख्य मेरिट में शामिल हो सका। इसकी परीक्षा 1 जुलाई 2025 को हुई थी। इसके लिए 2,623 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड थे, जबकि 949 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। अधिकांश अभ्यर्थी मिनीमम अंक प्राप्त नहीं कर सके, जिससे केवल एक ही अभ्यर्थी मेरिट में शामिल हो सका। माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए आयोजित प्राध्यापक एवं कोच (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024 के होम साइंस विषय के अभ्यर्थियों की पात्रता जांच के लिए आयोग 11 दिसंबर 2025 को विचारित सूची जारी की थी। 40 प्रतिशत मिनिमम मार्क्स लाने थे पात्रता जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद विज्ञापित पदों के विरुद्ध केवल एक अभ्यर्थी को मेरिट क्रमांक के अनुसार मुख्य सूची में सफल घोषित किया। कटऑफ अंक नहीं मिलने के कारण एससी-एसटी, ओबीसी, एमबीसी और ईडब्लूएस के साथ होरिजेंटल रिजर्वेशन की सीटें भी खाली रहीं। परीक्षा में पेपर-1 कुल 150 और पेपर-2 कुल 300 अंकों का था, दोनों पेपर के लिए न्यूनतम अर्हक अंक 40 प्रतिशत निर्धारित थे। ………… पढें ये खबर भी…. 10% भी मार्क्स नहीं, बन गए कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर:अब ऐसा नहीं होगा; जानिए- कार्मिक विभाग ने क्यों बदले नियम? असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2020 और 2023 में एग्जाम व इंटरव्यू के कुल 224 अंक में से 10 प्रतिशत से भी कम मार्क्स मिले, वो अभ्यर्थी आज कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इन भर्तियों में कुल 224 मार्क्स में से कुछ अभ्यर्थियों ने महज 16.97 (7.58%) और 21.81 (9.74%) मार्क्स ही प्राप्त किए, जो कि 10 प्रतिशत से भी कम हैं। पूरी खबर पढें
यमुनानगर शहर में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस के डायल-112 पर तैनात एक कांस्टेबल सहित उसके परिवार पर विवाहिता को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज में लाखों रुपए और कीमती सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार 10 लाख रुपए और सोने के कड़े-चूड़ियों की मांग करता रहा। मांग पूरी न होने पर उसे गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। आरोप है कि कई बार उसे सड़ा-गला खाना दिया गया और यहां तक कि जंगली घास उबालकर मिर्च डालकर जबरदस्ती खिलाई जाती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका ससुर शराब के नशे में उसे जमीन पर गिराकर सीने पर लातें मारता था, जबकि पति, सास-ससुर और अन्य परिजन भी मारपीट करते थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति अभिषेक, ससुर दुर्गा प्रसाद, सास गीता, ननद श्वेता व ननदोई प्रदीप के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शादी में 40 लाख रुपए से अधिक खर्च शिकायतकर्ता संजय विहार कॉलोनी की रोशनी सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 26 अप्रैल 2024 को अभिषेक सिंह निवासी गांव रहरवा, थाना महाराजगंज, जिला अयोध्या, उत्तर प्रदेश के साथ आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुई थी। अभिषेक उत्तर प्रदेश के जिला बलिया के थाना बैरिया क्षेत्र में डायल-112 पर कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। रोशनी ने बताया कि उसके माता-पिता ने ससुराल पक्ष की मांगों के अनुसार अपनी हैसियत से अधिक लगभग 40 लाख रुपए खर्च कर शादी की थी और दहेज में सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, फर्नीचर, फ्रिज, अलमारी सहित कई कीमती सामान दिए थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि बताया कि शादी तय होने के बाद उसके ससुर और पति ने कार खरीदने के लिए 10 लाख रुपए नकद की मांग की थी। रिश्ते के टूटने के डर से उसके पिता ने मजबूरी में 3 जनवरी 2024 और 13 फरवरी 2024 को आरटीजीएस के माध्यम से 5-5 लाख रुपए पति अभिषेक सिंह के बैंक खाते में भेजे। मिर्च डालकर खिलाई जंगली घास उसके अनुसार पैसे लेने के बाद भी ससुराल पक्ष ने कार लोन पर खरीदी और बाद में लोन की किस्तें भरने के लिए भी उससे और उसके परिवार से पैसे मांगते रहे। रोशनी का आरोप है कि शादी के अगले दिन से ही पति, सास-ससुर और अन्य परिजन उसे दहेज कम लाने के ताने देने लगे और 10 लाख रुपए और देने तथा सोने के कड़े व चूड़ियां देने की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। शिकायत में उसने बताया कि कई बार उसे सड़ा-गला और बासी खाना दिया जाता था। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली एक जंगली घास को उबालकर उसमें मिर्च डालकर उसे जबरदस्ती खिलाया जाता था। यदि वह खाने से मना करती, तो उसके साथ और ज्यादा मारपीट की जाती थी। शिकायत में रोशनी ने बताया कि 11 जुलाई 2024 को सास-ससुर ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह मायके यमुनानगर आ गई। बाद में उसके पिता ने समझौते की कोशिश करते हुए ससुराल वालों को एक लाख रुपये भी दिए, लेकिन इसके बावजूद दहेज की मांग खत्म नहीं हुई। ससुर ने शराब पीकर सीने पर लातें मारी रोशनी ने यह भी बताया कि उसका ससुर शराब पीने का आदी है और कई बार उसे नीचे गिराकर उसके सीने पर लातों से वार करता था। जब उसने दहेज की मांग पूरी करवाने से मना किया, तो उसकी सास और ननद ने उसके बाल पकड़कर खींचे, पति ने थप्पड़ मारे, ससुर ने लातें मारी और ननदोई ने मुक्के मारे। रोशनी के अनुसार उसने कई बार पुलिस अधिकारियों को भी शिकायत दी थी। उसके पिता द्वारा डी.आई.जी. अयोध्या को भी शिकायत भेजी गई थी, जिसके बाद पुलिस जांच के दौरान उसके ससुर के खिलाफ धारा 151 के तहत चालान भी किया गया था, क्योंकि वह पुलिस के सामने भी बदतमीजी से पेश आया था। रोशनी का कहना है कि मार्च 2025 में यमुनानगर महिला थाना में शिकायत के बाद समझौता हुआ था, जिसमें उसके पति ने लिखित में वादा किया था कि वह उसे परेशान नहीं करेगा और अपने साथ रखेगा। लेकिन रोशनी के अनुसार यह समझौता सिर्फ पुलिस को धोखा देने के लिए किया गया था। पति बोला- पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ सकती बाद में 20 अप्रैल 2025 को पति ने फिर मारपीट की और उसे धमकी दी कि उसे मारकर लाश ठिकाने लगा देगा और हरियाणा पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसके बाद पति उसे अकेला छोड़कर गांव चला गया और फोन पर भी उसे धमकाता रहा। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि जून 2025 में उसके सास-ससुर, ननद और ननदोई बलिया पहुंचे और सभी ने मिलकर फिर से 10 लाख रुपये, सोने के कड़े और चूड़ियों की मांग की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ में चाकू से चोट भी लग गई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस रोशनी का आरोप है कि बाद में ससुराल वाले उसके गहने और जरूरी दस्तावेज लेकर गांव भाग गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि 24 जून 2025 को उसका ससुर बैरिया आया और उसे कहा कि उसका पति तलाक लेकर दूसरी शादी करेगा। इसके बाद ससुर ने उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की और जब उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण रोशनी किसी तरह यमुनानगर अपने मायके आ गई और तभी से अपने माता-पिता के साथ रह रही है। आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच के बाद पति, सास-ससुर, ननद और ननदोई के खिलाफ दहेज मांगने, मारपीट करने, धमकी देने और दहेज के सामान हड़पने के आरोपों में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 498-A, 406 और 506 के तहत थाना गांधी नगर, यमुनानगर में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यूपी में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अधिकतम तापमान 38C के पार पहुंच गया है। बुधवार सुबह लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के 15 शहरों में धुंध छाई रही। लगातार दूसरे दिन धुंध देखने को मिली। प्रयागराज में विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 30 मीटर तक रह गई। बरेली में भी विजिबिलिटी 100 मीटर तक रह गई। धुंध के चलते दो सड़क हादसे में 6 गाड़ियां भिड़ गईं। इस बीच, मौसम विभाग ने आज पूर्वांचल के कई शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4C दर्ज किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- बढ़ते तापमान और हवा में नमी की वजह से सुबह कोहरा और दिन में धुंध जैसे हालात बन रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा हो सकता है। कई इलाकों में पारा 40C तक पहुंचने की आशंका है। 15 मार्च के बाद मौसम और बिगड़ सकता है, इस दौरान बारिश हो सकती है। अब धुंध की तस्वीरें देखिए- पहले 4 बड़े शहरों का हाल जानिए- अब अन्य शहरों का हाल जान लीजिए- किसानों के लिए हल्की बारिश फायदेमंद डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। किसानों के लिए मौसम मिलाजुला असर डाल सकता है। हल्की बारिश जहां फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं तेज गर्मी और हवाओं से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। 4 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम अचानक धुंध की एक और वजह? मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी? स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसका असर यह है कि अब तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है। गर्म दिनों की संख्या भी बढ़ रही है। कई बार लू (हीटवेव) का दौर भी पहले से ज्यादा दिनों तक चलता है। बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। कुछ जगहों पर तापमान 48 डिग्री से ऊपर तक दर्ज किया गया है। लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव IMD के अनुमान के अनुसार, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। कब मानी जाती है हीटवेव? मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी से फसलों को होगा नुकसान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कृषि विभाग के प्रोफेसर पीके सिंह कहते हैं- मार्च महीना किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने का असर रबी की फसल पर पड़ेगा, खासतौर गेहूं पर। गर्मी से दाने पूरी तरह विकसित नहीं होंगे। इससे पैदावार कम होगी। पीके सिंह के अनुसार, गर्म हवाएं चलने से सरसों, चना और मटर जैसी फसल को भी नुकसान हो सकता है। बढ़ते तापमान से खेतों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे सिंचाई का खर्च बढ़ता है। फसलों पर तनाव पड़ता है। -----------------------ये खबर भी पढ़िए-नेवी का लांस नायक पाकिस्तान का जासूस निकला:UP ATS ने आगरा से दबोचा; ISI को भारत के युद्धपोतों की तस्वीरें भेजीं UP ATS ने आगरा से एक पाकिस्तानी जासूस पकड़ा है। आरोपी भारतीय नौसेना (नेवी) में लांस नायक है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) के लिए जासूसी कर रहा था। पढ़िए पूरी खबर
रोहतक जिले में जाट आरक्षण आंदोलन के पीड़ित गांव कबूलपुर के राहुल दादू ने फेसबुक पर लाइव होकर आपबीती बताई और पूरे षड़यंत्र को लेकर खुलासा किया। राहुल दादू ने हरियाणा को जलवाने के पीछे का साजिशकर्ता भाजपा नेता को बताया, जिसने यशपाल मलिक को आगे कर पूरी योजना बनाई थी। राहुल दादू ने आरोप लगाया कि अगर भूपेंद्र हुड्डा ने कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलवाई होती, तो कैप्टन ने FIR में नाम क्यों नहीं लिखवाया। युवाओं की कैप्टन के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी, बल्कि सरकार के साथ लड़ाई थी। जब युवाओं पर गोली चलाई गई, तब युवा कैप्टन की कोठी में गए थे, लेकिन सवाल यह है कि उस समय कैप्टन वित्तमंत्री थे और उनकी कोठी पर कोई सुरक्षा क्यों नहीं थी। हर आदमी का अपना किस्सा राहुल दादू ने बताया कि कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलने को लेकर हर आदमी का अपना किस्सा है। कोई किसी को जज नहीं कर रहा था कि कितने लोग मरेंगे और सरकार इसका फायदा कैसे उठाएगी। बहुत सारे ऐसे लोग थे, जो नहीं चाहते थे कि कोठी जले, लेकिन उनके नाम भी डाल दिए। खाप ने किसी मुकदमें में नहीं करवाया बरी राहुल दादू ने कहा कि खाप कह रही हैं कि उन्होंने समझौता करवाया, जिसके बाद युवा बरी हुए, लेकिन युवा कोर्ट से बरी हुए है, कौन सी खाप ने क्या करवाया, पहले यह बताए। कौन से मुकदमों में खापों ने बरी करवाया। बहुत सारे युवा कोर्ट से कानूनी रूप से बरी हुए हैं। आरक्षण की मांग थी, 50 मांग बना दी राहुल दादू ने बताया कि उनकी केवल आरक्षण की मांग थी, लेकिन एक मांग की 50 मांग बना दी। जिसने यह दंगा करवाया, पूरी प्लानिंग के साथ करवाया। उसका नाम लेने की किसी में हिम्मत नहीं है। कैप्टन को दंगे की आशंका नहीं थी क्या। कैप्टन की कोठी के आगे पुलिस क्यों नहीं थी। मंत्रियों की कोठी के आगे, तो वैसे ही सिक्योरिटी रहती है, उस समय सिक्योरिटी कहा थी। भाजपा नेता ने जलवाया था हरियाणा राहुल दादू ने बताया कि 2016 में हरियाणा को भाजपा नेता ने ही फूंकवाया था। चैलेंज करके जलवाया था और हरियाणा जलने के बाद दो बार सरकार भी बना ली। कैप्टन अभिमन्यु को कोने में लगा दिया। आज कैप्टन का उसके हलके से जीतना भी मुश्किल कर दिया है। मनोहर लाल खट्टर ने तो किसानों पर भी लाठी चलवा दी। युवाओं का व्यक्तिगत नुकसान राहुल दादू ने बताया कि पुलिस ने जिनके पास सामान मिला, उनके ऊपर कोई केस दर्ज नहीं किया, जबकि निर्दोष होने के बावजूद उनके ऊपर 8 केस लगाए गए। 10 साल तक हमनें पीड़ा सही। अब बदमाशी उन्हें आती नहीं, गुंडे वह नहीं, अब क्या करें, उनका व्यक्तिगत नुकसान हुआ है। युवा बहुत बड़ी प्लानिंग का शिकार राहुल दादू ने बताया कि जैसा माहौल अब बनाया जा रहा है, वैसा नहीं होना चाहिए। युवा बहुत बड़ी प्लानिंग का शिकार हुए है। कैप्टन अभिमन्यु कभी उनके खिलाफ नहीं था, जिसके लिए उसकी इज्जत करते हैं, लेकिन अशोक बल्हारा ने हमारे ऊपर झूठे केस दर्ज करवाए। धरने के नाम पर लोगों को किया भ्रमित राहुल दादू ने बताया कि जो लोग पहले उन्हें गलत बता रहे थे, आज यशपाल मलिक को गलत बता रहे हैं। यशपाल मलिक पहले ही गलत था, लेकिन आज सर छोटूराम धाम के नाम से बन रही संस्था को कब्जाना चाहते हैं। धरने के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का काम किया। यशपाल मलिक को भाजपा नेता ने उठाया राहुल दादू ने बताया कि यशपाल मलिक को किसी ओर ने नहीं, बल्कि भाजपा नेता ने उठाया था। यशपाल मलिक को लोग नेता मानने लगे थे, लेकिन उन्होंने कभी यशपाल मलिक को नेता नहीं माना। आज यशपाल मलिक से कहलवा दो कि भाजपा नेता ने हरियाणा का जलवाया। कैप्टन अभिमन्यु को नहीं मानते नेता राहुल दादू ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु को हम नेता नहीं मानते। कैप्टन उस समय वित्तमंत्री था और अगर वह नेता होता, तो अब तक दूध का दूध हो चुका होगा। आज धर्मेंद्र हुड्डा लाइव होकर कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के लिए भूपेंद्र हुड्डा को जिम्मेदार ठहरा रहा है। अगर हुड्डा ने कोठी जलवाई, तो कैप्टन अभिमन्यु ने एफआईआर में नाम क्यों नहीं लिया। राहुल दादू ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु का नाश उन लोगों ने करवाया है, जो उसके चक्कर काट रहे हैं। कैप्टन की कोठी जब जलाई गई, जब युवाओं पर गोली चली थी। मामले में 25 हजार लोग ऐसे थे, जो पकड़े ही नहीं गए। पुलिस ने भी अपराधियों को छोड़ निर्दोष लोगों को पकड़ा था। अशोक बल्हारा ने लगवाए 2 केस राहुल दादू ने कहा कि उसके ऊपर 8 केस लगाए गए, जिनमें से दो केस अशोक बल्हारा ने लगवाए। अशोक बल्हारा के घर बात करने गए थे, लेकिन उसने पुलिस को बुला लिया। 8 में से 7 केसों में कोर्ट से बरी हुए है, किसी खाप ने कोई साथ नहीं दिया। आज खाप वाले चौधरी बन रहे है, लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया। संघ व सरकार के साथ लड़ाई राहुल दादू ने कहा कि भाजपा नेता कह रहा था कि डंडे उठाओ, मारो। इससे साफ है कि किसने क्या किया। उनकी लड़ाई संघ की विचारधारा व सरकार के साथ है, लेकिन हमारे जाट किसी की नहीं सुन रहे। ना समाज की सुनते और ना संघ की सुन रहे।
बुरहानपुर में बुधवार, 11 मार्च को शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली लाइनों के आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 11 के.व्ही. आजाद नगर फीडर और 11 के.व्ही. नागझिरी फीडर से संबंधित क्षेत्रों में विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे अख्तर कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, टी.आई.टी. कॉलोनी, आदिल सेठ डी.पी., जलगांव डीजल, उदासीन आश्रम, नागझिरी घाट क्षेत्र, इतवारा क्षेत्र, बंगडी वाला क्षेत्र, बैरी मैदान, बुधवारा चौराहा, कादरिया स्कूल, बीबी की मस्जिद, बेरी मैदान क्षेत्र और कडवी बाजार क्षेत्र प्रभावित होंगे। इसी प्रकार, 11 के.व्ही. गुजराती स्कूल प्रथम और 11 के.व्ही. गुजराती स्कूल द्वितीय फीडर का रखरखाव कार्य सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान हनुमान साइजिंग, आलमगंज क्षेत्र, सिंधीपुरा गेट क्षेत्र, आजाद नगर चौराहा क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, के.एल. लाईन, सोनार पट्टी, सिंधी धर्मशाला, गुजराती स्कूल, कांच मंदिर क्षेत्र, सरदार पटेल कॉलोनी और खैरखानी वार्ड क्षेत्र में बिजली नहीं रहेगी। इसके अतिरिक्त, 11 के.व्ही. गड़बड़ महाजन फीडर का आवश्यक रखरखाव कार्य सुबह 09 बजे से 10 बजे तक चलेगा। इससे गुर्जर भवन, संजय नगर पार्ट बी, मोहन नगर, सुंदर नगर, बालाजी नगर, दत्तात्रय नगर और रास्तीपुरा जैसे क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी ने सूचित किया है कि कार्य की आवश्यकतानुसार विद्युत कटौती के समय में कमी या वृद्धि की जा सकती है।
बुधवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल का भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से राजा स्वरूप शृंगार
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्तिवाचन किया गया और आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया। इसके बाद गर्भगृह के पट खोलकर भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारा गया और पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई। नंदी हाल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का पूजन किया गया। भांग, चंदन और आभूषणों से हुआ श्रृंगार पूजन के बाद भगवान महाकाल को भांग, चंदन और सिंदूर अर्पित किया गया। साथ ही आभूषणों से उनका स्वरूप श्रृंगारित किया गया। भगवान को ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग भी लगाया गया। भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला भी भगवान को पहनाई गई। महा निर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में आरती के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा।
इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ताप्ती परिसर निवासी 23 वर्षीय राज मकवाना की मल्टी से कूदकर मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को राज के परिजन कलेक्टोरेट में जनसुनवाई में पहुंचे और घटना की जांच की मांग की। जनसुनवाई के बाद लौटते समय राज की मां रेखा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एम्बुलेंस से एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। मां ने पुलिसकर्मियों पर धमकी देने का आरोप लगाया मंगलवार को राज मकवाना के परिजन कलेक्टोरेट पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि घटना से पहले पुलिसकर्मियों ने राज को धमकाया था। राज की मां रेखा, पिता मनोज मकवाना और बहन निकिता ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने राज को मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि इसी डर से उसने मल्टी की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सांस की तकलीफ के कारण रात में टहलने निकला था राज परिजनों के अनुसार राज को काफी समय से सांस की समस्या थी। घटना वाली रात वह इसी कारण टहलने के लिए घर से बाहर निकला था। नीचे मौजूद गार्ड ने उससे देर रात बाहर घूमने की वजह पूछी। परिवार का आरोप है कि उसी दौरान पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची और दो पुलिसकर्मियों ने राज को रोककर पूछताछ की। इस दौरान उसे चांटे भी मारे गए और किसी को फोन लगाकर उसे मर्डर केस में फंसाने की बात कही गई। पांचवीं मंजिल से कूदने पर मौके पर मौत परिजनों के अनुसार धमकी से घबराकर राज मल्टी की पांचवीं मंजिल पर पहुंच गया और नीचे कूद गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का कहना है कि जहां घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक उनकी जांच नहीं की। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे तो संबंधित पुलिसकर्मी वहां से तुरंत चले गए। शराब पीने के आरोप को परिजनों ने बताया गलत परिजनों ने पुलिस के उस दावे को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि राज ने शराब पी रखी थी। उनका कहना है कि वह दवाइयां ले रहा था और शराब पीने का सवाल ही नहीं उठता।
अजमेर में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर ने मेंटेनेंस काम के लिए बिजली शटडाउन शेड्यूल जारी किया है। मंगलवार को कई क्षेत्रों में 7 घंटे तक पावर कट होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह साढे़ 9 से 5 बजे के बीच बिजली कटौती की जाएगी।

