भारत के पास युवा आबादी, डिजिटल ताकत, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी की ताकत है। इसके दम पर देश की अर्थव्यवस्था साल 2047 तक यानी अगले 21 साल में 26 ट्रिलियन डॉलर (2,314 लाख करोड़ रुपए) हो सकती है, जो अभी करीब 4.18 ट्रिलियन डॉलर (376 लाख करोड़ रुपए) की है। रेटिंग एजेंसी अर्नेस्ट एंड यंग (EY) की रिपोर्ट में ये बातें कही गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस विकास के साथ भारत में प्रति व्यक्ति आय भी 2.5 लाख रुपए से बढ़कर 13.5 लाख रुपए हो जाएगी। EY का मानना है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। 7 बड़े फैक्टर, जो उम्मीद बढ़ा रहे 1. बड़ी कामकाजी आबादी : साल 2030 तक भारत की 68.9% आबादी कामकाजी उम्र (15-64 वर्ष) की होगी। तब देश में 1.04 अरब यानी करीब 100 करोड़ लोग कामकाजी होंगे। दुनिया में अगले दशक में जुड़ने वाले 24-25% नए श्रमिक यहीं से होंगे। औसत उम्र 28.4 वर्ष है। 2. मजबूत स्टार्टअप सिस्टम : भारत में 107 यूनिकॉर्न हैं। 4 साल में ये सालाना 66% से बढ़े। इनकी कुल वैल्यू 7.37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। निवेशकों ने करीब 3.82 लाख करोड़ रुपए लाभ कमाया। भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में आगे भी अच्छी संभावनाएं हैं। 3. मैन्युफैक्चरिंग में अवसर : पीएलआई योजना के तहत 14 सेक्टरों में ₹2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे मैन्युफैक्चरिंग में उन 43% लोगों को नए रोजगार मिल सकते हैं, जो अभी कृषि क्षेत्र में लगे हैं। इससे बुनियादी ढांचे में भी निवेश बढ़ेगा। 4. वर्किंग वुमन भी बढ़ेंगी : भारत की उच्च शिक्षा में करीब 49% छात्राएं हैं। इसका साफ मतलब है कि आने वाले वर्षों में भारत के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ने वाली है। ऐसे में देश के लिए उत्पादकता बढ़ाने की लंबी संभावनाएं नजर आ रही हैं। 5. डिजिटल पेमेंट में तेजी : यूपीआई नेटवर्क से 350 से ज्यादा बैंक जुड़े हुए हैं। इसके 26 करोड़ से अधिक यूनिक यूजर हैं। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने 2014-2019 के बीच 15.6% की दर से बढ़ी, जो देश की कुल इकोनॉमी ग्रोथ से 2.4 गुना तेज थी। 6. ज्यादा कर्ज की गुंजाइश : विश्व बैंक के अनुसार 2020 में भारत में निजी कंपनियों और कारोबार को दिया गया कुल कर्ज, देश की जीडीपी का सिर्फ 55% था। यह दुनिया के औसत 148% से काफी कम है। मतलब ये है कि कंपनियां अभी और कर्ज लेने में सक्षम। 7. क्लीन एनर्जी और टिकाऊ विकास : साल 2070 तक भारत ने नेट जीरो का लक्ष्य तय किया है। इसके मायने ये हैं कि इसके बाद भारत फॉसिल फ्यूल जैसे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता खत्म कर लेगा। यह बड़ा अवसर है। इस लक्ष्य के लिए सरकार को 2030 तक जीडीपी के मुकाबले कार्बन के मौजूदा उपयोग में 45% की कमी लानी होगी। सरकार ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट पर जोर दे रही है। केवल ईवी ईको सिस्टम के लिए केंद्र से 14.5 अरब डॉलर का सपोर्ट है। 2030 तक कुल 10 करोड़ लोग ईवी में शिफ्ट हो सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें... भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
लखनऊ के मोहनलालगंज स्थिति प्राथमिक विद्यालय नेवाजखेड़ा में कार्यपुस्तिकाएं कबाड़ी को बेचने के मामले में प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। बीएसए विपिन कुमार ने माना कि चूक हुई है। बीएसए के मुताबिक भले ही निरीक्षण में लापरवाही हुई हो, लेकिन कार्यपुस्तिकाएं विद्यालय में मौजूद थीं। ऐसी स्थिति में उन्हें कबाड में बेचने के बजाय बच्चों में वितरित किया जाना चाहिए था।इससे पहले मंगलवार को वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से जांच के आदेश दिए गए थे। इसके बुधवार सुबह इस मामले की जांच करने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नेवाजखेड़ा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से विस्तार से घटनाक्रम के बारे में जाना। कई लोगों से अलग-अलग बात करने बाद फिर कबाड़ी से मिलकर उसका भी पक्ष लिया था। वीडियो वायरल में दिखी थी नए सत्र की नई किताबें वायरल वीडियो में कबाड़ी स्कूल के भीतर से किताबें लेकर बाहर निकलते हुए दिख रहा है। स्कूल के बाहर मौजूद गांव के कुछ बच्चों ने कबाड़ी को रोका और बोरी खोली। जिसमें कक्षा एक से पांचवी के बच्चों को पढ़ाई जाने वाली किताबें थी। वीडियो में एक बाइक सवार पास खड़ा है। पास में खड़े गांव के कुछ लड़के कबाड़ी से पूछ रहे हैं कि बोरी में क्या किताबें हैं? एक लड़के ने ठेले के पास जाकर बोरी खोलने पर उसमें रखी किताबें दिखाई दे रही हैं। ठेलिया पर करीब छह बोरी में किताबें और अन्य सामग्री रखी हुई दिख रही है। जिसका वजन करीब दो क्विंटल बताया जा रहा है। पास में खड़े एक लड़के ने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। ग्रामीणों से मिलकर तैयार की रिपोर्ट मोहनलालगंज BEO सुशील कनौजिया ने बताया था कि बुधवार को मैं खुद जांच के लिए स्कूल पहुंचा था। यहां मेरे जाने के बाद कई ग्रामीण जुटे थे। मौके पर सभी ने इस बात की तस्दीक करते हुए बताया कि खुद प्रधानाध्यापक शिक्षक के साथ आए थे। और उनकी मौजूदगी में किताबें बेचीं गई है। इसके अलावा मैंने कबाड़ी से भी बात की है। उसने भी ये बताया कि रेट फाइनल करके पहले किताब बेची गई और फिर बाद में ये कह कर वापस ले गए कि इसका वीडियो वायरल हो गया है। ऐसे में प्रकरण पूरा साफ नजर आ रहा है। मैं बुधवार शाम तक जांच रिपोर्ट पूरी करके उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दूंगा। आगे की कार्रवाई उनके द्वारा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। यदि जांच में कोई और भी दोषी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। BEO ने प्रधानाध्यापक से मांगा जवाब मोहनलालगंज बीइओ सुशील कनौजिया ने बीएसए के निर्देश के बाद नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बीईओ ने प्रधानाध्यापक से कबाड़ी को बेची गई किताब किस वर्ष की हैं, इसकी जानकारी मांगी है। साथ ही अन्य सामाग्री की भी डिटेल जानकारी मांगी गई है। 20% बच्चों के पास किताबें नहीं नगर व ग्रामीण इलाकों के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 20% बच्चों के पास पाठ्यक्रम की सभी किताबें नहीं हैं। जुलाई व अगस्त में शिक्षकों ने किताबों की डिमांड बीईओ को भेजी थी। अभी तक नहीं पहुंची हैं। वहीं इस प्राइमरी स्कूल में ज्यादा किताबें होने पर प्रधानाध्यापक ने दूसरे स्कूलों के जिन बच्चों के पास किताबें नहीं। उन्हें देने के बजाए बेच दी हैं।
शराब पीने में नोएडा वासियों ने तोड़ा रिकार्ड:23 करोड़ की 4 लाख लीटर गटक गए, 17 करोड़ का मिला राजस्व
नोएडा में नए साल का जश्न का खुमार ऐसा चढ़ा की पिछले तीन साल का रिकार्ड लोगों ने तोड़ दिया। महज एक रात में नोएडा वासी 23 करोड़ की 4 लाख लीटर शराब पी गए। इससे आबकारी विभाग को करीब 17 करोड़ का राजस्व मिला। जिसमें देसी, कंट्री लीकर, फॉरेन लीकर और बियर शामिल है। जबकि 2025 में भी करीब 21 करोड़ के आसपास शराब बिकी थी। नोएडा में 144 बार और रेस्टोरेंट है जिनको लीकर का लाइसेंस मिला है। वहीं 120 से ज्यादा अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए थे। नोएडा में 140 फॉरेन लिकर, 138 बीयर शॉप, 25 मॉडल शॉप, 231 देसी शॉप और 15 प्रीमियम रिटेल वेंडर की शॉप्स हैं। इन सबके डेटा को एकत्रित किया गया। जिसके बाद ये आकलन किया गया। देसी ने स्कॉच और व्हिस्की को पछाड़ानए साल के जश्न में इस बार देसी शराब ने विदेशी स्कॉच, व्हिस्की को टक्कर दी। एक दिन में 1.50 लाख लीटर देसी शराब लोग पी गए। वहीं 1.17 लाख लीटर अंग्रेजी यानी स्कॉच और व्हिस्की पी गई। ठंड होने के बाद भी करीब 1 लाख लीटर बीयर लोग पी गए। ये तो तय है नोएडा वासियों ने जश्न और लीकर के मामले में सभी को पछाड़ दिया। साल दर साल बढ़ा आकड़ानोएडा में शराब का सेवन करने वालों का आकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। 2023-24 में नोएडा वासियों ने 9 करोड़ की शराब पी थी। जबकि 2024-25 में 21 करोड़ और 2025-26 में करीब 22 करोड़ की शराब लोग पी गए।
अतिरिक्त यात्री भार और छुट्टियों के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने भगत की कोठी–बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन में कोचों की अस्थायी बढोतरी करने का फैसला किया है। इससे इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को सीट/बर्थ उपलब्धता में राहत मिलेगी और वेटिंग लिस्ट दबाव कुछ हद तक कम होगा। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के अनुसार गाड़ी संख्या 04827 भगत की कोठी-बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं। इसके तहत भगत की कोठी से 3 से 31 जनवरी तक होने वाले फेरों में तीन थर्ड एसी और दो सेकंड स्लीपर कोच की अस्थायी बढोतरी की जाएगी। बान्द्रा टर्मिनस से भी बढ़ेगी क्षमता इसी तरह, बान्द्रा टर्मिनस से चलने वाली इस स्पेशल ट्रेन में भी तय अवधि के दौरान अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाएंगे। इसके तहत बान्द्रा टर्मिनस से 4 जनवरी से 1 फरवरी तक चलने वाली ट्रेन संख्या 04828 स्पेशल सेवा में भी 3 थर्ड एसी और 2 स्लीपर कोच अस्थायी रूप से जोड़े जाएंगे। रेलवे का अनुमान है कि पश्चिमी राजस्थान और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को इस अवधि में खासा लाभ मिलेगा। यात्रियों को क्या ध्यान रखना होगा? रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय इन बढ़ाए गए कोचों का लाभ लेने के लिए अग्रिम आरक्षण कराएं। अतिरिक्त कोचों के कारण कुछ फेरों में कोच कंपोजिशन में बदलाव हो सकता है, ऐसे में यात्री अपने कोच नंबर और बर्थ की जानकारी टिकट व स्टेशन डिस्प्ले/एनाउंसमेंट से मिलान कर लें। अस्थायी बढोतरी निर्धारित अवधि तक ही लागू रहेगी, जिसके बाद ट्रेन पूर्व कोच संरचना के साथ संचालित की जा सकती है।
माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि 15 जनवरी से स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे प्रयागराज आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। 15 जनवरी से शुरू होगी 04293 स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 04293 स्पेशल 15 जनवरी को प्रयागराज से रात 8:20 बजे रवाना होगी और रात 2:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह ट्रेन माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्वों पर भी चलाई जाएगी, जिसमें 18 जनवरी (मौनी अमावस्या), 23 जनवरी (वसंत पंचमी) और 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) शामिल हैं। मौनी अमावस्या पर 04292 स्पेशल का संचालन इसी तरह मौनी अमावस्या के अवसर पर ट्रेन संख्या 04292 स्पेशल का भी संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन 17 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे लखनऊ से रवाना होकर शाम 7:55 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम किया जा सकेगा।
उत्तर भारत में घने कोहरे का असर गुरुवार को भी रेल संचालन पर साफ दिखा। लखनऊ से आने-जाने वाली और यहां से होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंचीं। खराब दृश्यता के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम रखनी पड़ी, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालयों में लंबा इंतजार करना पड़ा। तेजस एक्सप्रेस 8:55 घंटे लेट नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली 82502 तेजस एक्सप्रेस गुरुवार को 8 घंटे 55 मिनट की देरी से पहुंची। प्रीमियम ट्रेन के इतनी देर से आने के कारण यात्रियों की आगे की यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं। शताब्दी से गोरखधाम तक कई ट्रेनें लेट कोहरे का असर दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ा— 12004 शताब्दी एक्सप्रेस: 1 घंटा 48 मिनट लेट 12180 आगरा–लखनऊ इंटरसिटी: 6 घंटे 10 मिनट लेट 13240 कोटा–पटना एक्सप्रेस: 7 घंटे 44 मिनट लेट 14866 मरुधर एक्सप्रेस: 3 घंटे 54 मिनट लेट 12226 कैफियात एक्सप्रेस: 6 घंटे 37 मिनट लेट 15566 वैशाली एक्सप्रेस: 5 घंटे 50 मिनट लेट 15734 फरक्का एक्सप्रेस: 7 घंटे 7 मिनट लेट 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस: 12 घंटे 26 मिनट लेट चारबाग पर सबसे ज्यादा असर लेट ट्रेनों का सबसे ज्यादा असर चारबाग रेलवे स्टेशन पर दिखा। सुबह से ही प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ जुटती रही। ठंड के बीच बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। राहत के आसार कम मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल कोहरे से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भी ट्रेनों के लेट चलने की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे रेल यात्रियों की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
कैंट सीईओ मनीषा जाट बनी जयपुर डीईओ
सागर| सागर कैंट की सीईओ मनीषा जाट को पदोन्नत किया गया है। दिल्ली से जारी आदेश के तहत उन्हें जयपुर डीईओ के पद पर पदस्थ किया गया है। भोपाल डीईओ अखिल बिहारीदास को सागर सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है। जानकारी के अनुसार सीईओ अभी सागर से रिलीव नहीं हुई हैं। दिल्ली से आदेश आने का इंतजार है।
पहली बार गांव से सड़क सुरक्षा अभियान की शुरूआत
सागर | जिला प्रशासन व परिवहन विभाग 2 जनवरी से सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में अभियान शुरू करने जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि पहली बार किसी अभियान की शुरूआत गांव से की जा रही है। शुक्रवार सुबह 11 बजे बम्हौरी बीका में मुख्य आयोजन होगा, जिसमें कलेक्टर संदीप जीआर, एसपी विकास शाहवाल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेहनगुरिया सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
SP ओसवाल से धोखाधड़ी का केस:ED कानपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लाई आरोपी,5 दिन का मिला रिमांड
पंजाब के लुधियाना में ओसवाल ग्रुप के मालिक SP ओसवाल से 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गैंग के एक अन्य सदस्य अर्पित राठौर को कानपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर उसे ड्यूटी जज अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्याय जज विशेष कंबोज की अदालत में पेश किया गया। 5 दिन का मिला रिमांड अदालत में ईडी ने आरोपी का 5 दिन का रिमांड हासिल किया है। ED की ओर से पेश वकील अजय पाल सिंह पठानिया ने गैंग के सदस्य का अदालत से 7 दिन का रिमांड मांगा था लेकिन अदालत ने 5 दिन के रिमांड दिया। जानकारी के अनुसार इससे पहले इसी मामले में ED ने रूमी कालिका को गुवाहाटी से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत अदालत में पेश किया गया था। ED द्वारा उसका 10 दिन का रिमांड लिया गया था। 22 दिसंबर को 11 ठिकानों पर की थी छापेमारी यहां यह भी पता चला है कि गिरोह का यही सदस्य रूमी कालिका को इस कार्य में लाने वाला था। ED की जालंधर जोनल ऑफिस की टीम ने 22 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और असम में 11 ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA),2002 के तहत मारे गए थे और इस दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। ED ने यह जांच लुधियाना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। CBI अधिकारी बनकर ठगों ने की थी जाली दस्तावेजजांच में पता चला कि CBI अधिकारी बनकर ठगों ने जाली दस्तावेज और अदालती कागजात का इस्तेमाल कर ओसवाल को 'डिजिटल अरेस्ट' किया और उनसे 7 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। कुल रकम में से 5.24 करोड़ रुपए का पता लगाकर अलग-अलग खातों से वापस ले लिया गया, जबकि बाकी रकम मजदूरों और डिलीवरी करने वालों के नाम पर खोले गए फर्जी खातों के जरिए घुमाई गई। इन खातों से पैसे या तो आगे भेजे गए या तुरंत नकद निकाल लिए गए ताकि पैसे का पता न चल सके। ED को यह भी पता चला कि इन फर्जी खातों को रूमी कलिता नाम की एक महिला चला रही थी, जिसे ठगी की रकम का एक हिस्सा मिलता था। छापेमारी के दौरान मिले सबूतों से पता चला है कि कलिता ने अपराध से कमाए गए पैसे को घुमाने में सक्रिय भूमिका निभाई। 23 दिसंबर को महिला की गिरफ्तार कलिता को 23 दिसंबर को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया। गुवाहाटी की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे चार दिन की ट्रांजिट रिमांड दी, जिसके बाद उसे जालंधर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 2 जनवरी, 2026 तक 10 दिन की ED हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी ने यह भी बताया कि इसी मामले में 31 जनवरी, 2025 को भी छापेमारी की गई थी, जिसमें कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे। मामले की आगे जांच जारी है।
संगीत विवि में रिजल्ट घोटाला, आउटसोर्स कर्मचारी चढ़ा रहे थे नंबर
संगीत विवि राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक एंड आर्टस यूनिवर्सिटी में रिजल्ट घोटाला को उजागर हुए 8 दिन बीत चुके हैं। लेकिन अब तक अनुपस्थित छात्रों के नंबर बढ़ाने वाले जिम्मेदार सामने नहीं आ सके हैं। इस मामले में संगीत विवि के कुलसचिव अरुण चौहान का कहना है कि जांच चल रही है। जबकि कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे का कहना है जांच कमेटी का गठन करने में समय लगा है। जांच शुरू हो चुकी है। कुलसचिव का कहना है कि मामले की जांच अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. के. रत्नम को सौंपी है। चूंकि वह छुट्टी पर हैं इसलिए अभी जांच में समय लग रहा है। हालांकि इस मामले में यह तथ्य सामने आए हैं कि गोपनीय काम में आउटसोर्स व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्टाफ की कमी का हवाला देकर लगाया था। ऐसे कर्मचारियों ने मिलकर उन छात्रों को एग्जाम में पास कर दिया जो परीक्षा में अनुपस्थित थे। इसका खुलासा दैनिक भास्कर ने 26 दिसंबर को परीक्षा में अनुपस्थित छात्र पास... दस्तावेज खुले तो फिर किए फेल शीर्षक नाम से खबर प्रकाशित की थी।
संपत्ति के नामांतरण ऑनलाइन होंगे संपत्ति-जल कर का क्यूआर से पेमेंट
स्मार्ट गवर्नेंस पर नगर निगम लगातार काम कर रहा है। अभी तक संपत्ति, दुकान आदि के नामांतरण के लिए संपत्ति मालिकों को नगर निगम के जोनल कार्यालय और मुख्यालय के चक्कर काटना पड़ते थे। अब इस पर विशेष ध्यान देकर ऑनलाइन सिस्टम से संपत्ति मालिक घर बैठकर आवेदन कर सकेंगे। ये व्यवस्था चालू हो चुकी है। लेकिन अब इस पर कसावट की जा रही है। निगम में इसके अलावा जलकर, संपत्तिकर का पैसा भी ऑनलाइन क्यूआर कोड से लिया जा रहा है। भवन बनाने के लिए स्वीकृति भी संपत्ति मालिक ऑनलाइन कर रहे है। निगम ने इनके टिकट किए ऑनलाइन: नगर निगम ने लोगों की सुविधा को देखते हुए चिड़ियाघर, वोट क्लब और मछली घर आदि के टिकट भी ऑनलाइन बनना शुरू हो चुके है।
भागीरथपुरा:8571 लोगों की जांच, 338 नए संक्रमित मिले, 200 से ज्यादा अब भी भर्ती, 32 की हालत गंभीर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार लोगों की संख्या अभी भी 200 के पार है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की 21 टीमों ने क्षेत्र में व्यापक सर्वे किया, जिसमें 1714 घरों के 8571 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 338 नए मरीज सामने आए, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि अब तक कुल 272 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 71 मरीज स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिए गए हैं, जबकि फिलहाल में 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। 32 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा है। उधर, गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में हाईलेवल बैठक हुई। नगरीय प्रशासन व आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने जिस लीकेज की बात सामने आ रही है, उससे पूरे इलाके में इतने बड़े स्तर पर पानी का दूषित होना संभव नहीं लगता। जल वितरण लाइनों की दोबारा जांच जरूरी है। साथ ही आसपास की इंडस्ट्री, बोरिंग और अन्य संभावित स्रोतों की भी जांच के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा, लीकेज अकेला कारण नहीं, पूरे सिस्टम की जांच जरूरी है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की भागीरथपुरा में जल संक्रमण से लोगों की मौत के मुद्दे पर शुक्रवार को युवा कांग्रेस नगर निगम मुख्यालय का घेराव करेगी। उधर, सुरक्षा के लिए गुरुवार रात निगम मुख्यालय के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई। महापौर की फिर वही पीड़ा- अफसर सुनते ही नहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पीड़ा एक बार फिर सामने आई। बोले- जनहित के मुद्दों पर संवाद ही नहीं होता, फैसले फाइलों में अटक जाते हैं। अफसर सुनते ही नहीं। भागीरथपुरा में चार महीने पहले टेंडर हो चुके थे, लेकिन काम नहीं होने दिया गया। इस पर एसीएस दुबे ने साफ कहा कि पुराने रेट पर ही टेंडर कर काम शुरू किया जाए। एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ने कहा कि ड्रेनेज लाइन डालने पर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया, जबकि काम तत्कालीन निगमायुक्त के निर्देश पर हुआ था। ऐसे फैसलों से फील्ड में काम करने का भरोसा टूटता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि सिस्टम में तालमेल की कमी है। मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया व मधु वर्मा, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव मौजूद रहे। टंकी से सप्लाय शुरू, पर पानी पीने की मनाही, नए सिरे से सैंपल ले रहे गुरुवार सुबह अपर मुख्य सचिव संजय दुबे प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने नलों से पानी भरकर सूंघा, कुछ जगह हाथ से पानी की गुणवत्ता परखी और रहवासियों से सवाल किए कि पानी साफ आ रहा है या नहीं। लोगों को समझाइश दी कि फिलहाल इस पानी का उपयोग पीने के लिए न करें। पानी को उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें। रहवासियों ने शिकायत की कि कई दिनों से लाइनों में गंदा पानी आ रहा था। कई बार निगम अफसरों को सूचना दी गई, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों पर पहले ध्यान दिया जाता तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। दुबे ने आशंका जताई कि नाले का पानी किसी लाइन में तो नहीं जा रहा। उधर, चार दिन बाद जब टंकी से दोबारा पानी सप्लाय शुरू की तो लोगों को आगाह किया कि इस पानी को न पिएं। पानी की सप्लाय के बाद नए सिरे से सैंपल लिए गए। चार दिन में 80 सैंपल पहले ही ले चुके हैं। कांग्रेस ने गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय, विभिन्न जोन और भागीरथपुरा क्षेत्र में विरोध में पोस्टर लगाए। अव्यान के पिता ने नहीं ली आर्थिक मदद : पीड़ितों को मदद के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे। इस दौरान सात लोगों से छह माह के अव्यान के माता-पिता ने आर्थिक मदद लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा बेटा चला गया, मदद लेकर क्या करेंगे।
चार दिन बाद आई पहले सैंपल की रिपोर्ट:भागीरथपुरा के पानी में मिले हैजा फैलाने वाले घातक जीवाणु
भागीरथपुरा क्षेत्र में सप्लाई हो रहे नर्मदा जल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट में पता चला है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक पानी में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी भी मिला है, लेकिन सरकारी तंत्र इसे अब भी प्रारंभिक रिपोर्ट कहकर टाल रहा है। रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि पानी में जिस तरह के बैक्टीरिया मिले है, इसका मतलब साफ है कि पानी में सीपेज मिल रहा था। भागीरथपुरा से पानी के सैंपल्स रविवार से इकट्ठा किए जा रहे हैं। निगम की खुद की लैब में करीब 80 सैंपल्स भेजे गए। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में पानी और मरीजों के सैंपल कल्चर के लिए भेजे गए। गुरुवार दोपहर निगम की नर्मदा प्रदाय शाखा ने सैंपल्स की रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंपी। इसमें सैंपल्स को ‘अनसेटिस्फेक्ट्री’ बताया गया है। भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपल पीने और अन्य घरेलू उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं था। हां, दूषित तत्व पाए गए हैं भागीरथपुरा से लिए गए पानी के कुछ सैंपल्स की रिपोर्ट मिली है। वे पॉजिटिव है। उसमें पानी को दूषित करने वाले तत्व पाए गए हैं। अभी और रिपोर्ट आना बाकी है। - दिलीप कुमार यादव, निगमायुक्त मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में भी हैजे की आशंका भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से बीमार हुए लोगों का इलाज निजी अस्पतालों के साथ एमवायएच में भी चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में भी हैजा की आशंका सामने आ रही है। इसके बावजूद सरकारी स्तर पर अब तक बीमारी को नोटिफाई नहीं किया गया है। एमवायएच में भर्ती मरीजों को डॉक्सीसायक्लीन दी जा रही है, जो आमतौर पर हैजा के इलाज में उपयोग होती है। मरीजों में दवा का असर भी दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हैंगिंग ड्रॉप टेस्ट से एक घंटे में हैजा की पुष्टि हो सकती है। रविवार से मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब भी कल्चर रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया के अनुसार रिपोर्ट आने में दो-तीन दिन लगेंगे। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक हैजा दर्ज नहीं किया गया है। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव और डॉ. एडी भटनागर को भी रिपोर्ट की जानकारी नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग ने भी हैजा रिपोर्ट नहीं किया है।
चेन्नई से वाराणसी जा रही इंडिगो की एक उड़ान को खराब मौसम के कारण लखनऊ डायवर्ट किया गया। लखनऊ पहुंचने के बाद एयरलाइन ने उड़ान को निरस्त कर दिया और यात्रियों को दो बसों के ज़रिये वाराणसी भेजने की व्यवस्था की। इसी दौरान बड़ा हादसा सामने आया। 30 दिसंबर की सुबह एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। नशे में चालक और तेज रफ्तार के आरोप यात्रियों का आरोप है कि बस चालक नशे में थे और घने कोहरे के बावजूद तेज रफ्तार में वाहन चला रहे थे। यात्रियों ने कई बार सुरक्षित और धीमी गति से चलने की अपील की, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। सबसे अहम बात यह रही कि पूरी व्यवस्था के दौरान इंडिगो का कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं था। सुबह पांच बजे हादसा, ठंड में सड़क पर फंसे यात्री यात्रियों के अनुसार 30 दिसंबर की सुबह करीब पांच बजे बस हादसे का शिकार हो गई। कड़ाके की ठंड में यात्री घंटों हाईवे पर खड़े रहने को मजबूर रहे। बाद में सौ से अधिक यात्रियों को उनके सामान के साथ दूसरी बस में ठूंस दिया गया, जिससे महिलाओं और बुज़ुर्गों को खासा संकट झेलना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आई आपबीती यात्री गौतम अशोक और किशोर पहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पूरी घटना साझा की। उनका कहना है कि इंडिगो कस्टमर केयर को 30 से अधिक कॉल की गईं, लेकिन कहीं से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश यात्रियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मंत्रालय ने एयरलाइन की भूमिका, बस व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा में हुई लापरवाही की पड़ताल शुरू कर दी है।
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हादसा:थर्टी फर्स्ट की पार्टी मनाकर लौट रहे युवक-युवती की थार बस में घुसी, नागदा के व्यापारी की मौत
खंडवा रोड स्थित फार्म हाउस से थर्टी फर्स्ट की पार्टी मनाकर लौट रहे दो युवक और एक युवती की थार कार सामने से आ रही बस में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि थार सवार युवक शुभम की मौत हो गई, जबकि एक युवक और युवती घायल हुए हैं। शुभम के परिवार का नागदा में ऑप्टिकल का बड़ा कारोबार है। उसके परिवार में माता-पिता और छोटा भाई है। शुभम की शादी नहीं हुई थी। तेजाजी नगर पुलिस के अनुसार, घटना खंडवा रोड स्थित टपाल घाटी पर गुरुवार तड़के 4 बजे की बताई जा रही है। हादसे में शुभम (24) पिता अंकित कक्कर निवासी नागदा की मौत हो गई। थार में सवार प्रियांश मीणा निवासी नंदानगर और उसकी साथी आयुषी घायल हो गए। दोनों को का उपचार अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि शुभम 28 दिसंबर को अपनी थार लेकर एक प्री-एग्जाम देने इंदौर आया था। फिर प्रियांशु के कहने पर उसके घर पर ही रुक गया था। अस्पताल में शव छोड़ गया युवक: यह भी बताया जा रहा है कि हादसे के बाद सावलिया नामक युवक घायलों और मृतक को अस्पताल लेकर पहुंचा था। वह शव को अस्पताल में छोड़कर चला गया। उधर, बस में भी यात्री सवार थे, हालांकि बस में किसी को चोट नहीं आई। पीछे की सीट पर बीच में बैठा था इसलिए बच नहीं पाया युवक शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों युवा चोखी ढाणी के पीछे स्थित एक निजी फार्म हाउस पर पार्टी मनाने गए थे। लौटते वक्त थार प्रियांश चला रहा था। आगे ही आयुषी भी बैठी थी। शुभम पीछे बैठा था, लेकिन वह दोनों से बात करने के लिए सीट के बीच वाले हिस्से में आ गया था। जैसे ही टक्कर हुई तो थार के बलून खुले। आगे बैठे प्रियांश और आयुषी तो बलून से बच गए, लेकिन शुभम बीच में होने से सीधे थार के डेशबोर्ड से टकराया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी और मौत हो गई।
जोधपुर मंडल रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा है। रेलवे ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि वंदे भारत आम ट्रेनों से अलग है; इसमें 'प्लेटफॉर्म टिकट' या 'वेटिंग टिकट' के आधार पर एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। सख्ती का आलम यह है कि रेलवे ने अब तक ऐसे 2100 यात्रियों को पकड़ा है, जिनसे 40 लाख 39 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि वसूल की गई है। 'ऑटोमेटिक लॉक' सिस्टम से फंस रहे परिजन-परिचित वंदे भारत एक्सप्रेस में कई ऐसे लोग भी फंस रहे हैं, जो अपने परिजनों या परिचितों को 'सिर्फ सामान रखवाने' या 'सीट तक छोड़ने' के लिए कोच के अंदर चले जाते हैं। चूंकि ट्रेन के दरवाजे स्वचालित (Automatic) हैं और ट्रेन चलने से कुछ समय पहले सेंट्रल कमांड से लॉक हो जाते हैं, ऐसे में छोड़ने आए लोग अंदर ही कैद हो जाते हैं। ट्रेन सीधा अगले स्टेशन पर ही रुकती है। ऐसे में टीटीई उन्हें 'बिना टिकट यात्री' मानते हुए कार्रवाई करते हैं। जुर्माने का गणित: सामान्य ट्रेन से कई गुना ज्यादा डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे अधिनियम 1989 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। वंदे भारत में पकड़े जाने पर जुर्माना सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में बहुत ज्यादा है। इस राशि में यात्रा का पूरा किराया और भारी जुर्माना (Penalty) दोनों शामिल होता है। आंकड़े: 18 लाख तो सिर्फ पेनाल्टी के वसूले डीआरएम त्रिपाठी के अनुसार रेलवे टीमों द्वारा कुल वसूली गई 40.39 लाख रुपए की राशि में से 18.57 लाख रुपए तो केवल 'जुर्माना' (Penalty) के हैं, जबकि शेष राशि वास्तविक किराये की है। यानी औसतन हर बिना टिकट यात्री को लगभग 2000 रुपए का फटका लगा है। स्टैंडिंग की अनुमति नहीं रेलवे प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि वंदे भारत पूरी तरह से आरक्षित (Fully Reserved) ट्रेन है। इसमें जनरल कोच नहीं होते, इसलिए 'जुर्माना देकर खड़े होकर यात्रा करने' का भी कोई प्रावधान नहीं है। केवल कन्फर्म टिकट होने पर ही कोच में चढ़ें।
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा आज शुक्रवार को सिरसा आएंगे। यह उनका नए साल में पहला दौरा होगा। जिले की रानियां विधानसभा क्षेत्र में आज पंजाबी महासभा द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शिकरत करेंगे। यह समारोह दोपहर 12 बजे बीडीपीओ दफ्तर रोड पर कालड़ा टेंट हाउस के पास खाली प्लॉट में पंडाल लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, यह आयोजन मेहता और अरोड़ा परिवारों की ओर से किया जा रहा है। हाल में महासभा के सदस्य डिप्टी स्पीकर से मिले थे, जिसके बाद उनका आना तय हुआ। इसे लेकर महासभा पिछले कुछ दिनों से तैयारी कर रही थी। इसके लिए सभी अरोड़ा और मेहता परिवारों को सपरिवार निमंत्रण भेजा गया है। आयोजकों ने समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और पंजाबी महासभा के सदस्यों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है। इससे पहले कृष्ण लाल मिड्ढा करीब एक साल पहले माधोसिंघाना गांव में अपना सिरसा एफओयू द्वारा आयोजित किसान मेला और प्रदर्शनी का उद्घाटन करने आए थे।
फतेहाबाद जिले के गांव खजूरी जाटी की बेटी खुशबू बिश्नोई इंडियन एयर फोर्स में भर्ती हुई है। खुशबू अब छह महीने के लिए कर्नाटक में ट्रेनिंग पर रहेंगी। इसके बाद तय होगा कि खुशबू को क्या ड्यूटी मिलेगी। खुशबू ने आठवीं क्लास से ही एयर फोर्स की वर्दी पहनने का सपना देखा था। अब अपने जुनून और कड़ी मेहनत के बल पर उसने अपना मुकाम हासिल किया है। खुशबू की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने प्रसन्नता जाहिर की है। दूसरे प्रयास में हुई सफल खुशबू के टीचर रहे सतीश बिश्नोई ने बताया कि खुशबू को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। इससे पहले उसने पिछले साल भी प्रयास किया था। इंडियन एयर फोर्स साल में दो बार टेस्ट लेती है। पहले टेस्ट पास होता है, फिर फिजिकल पास करना होता है। इस बार के बैच में 16 लड़कियां थी, उनमें खुशबू दूसरे नंबर पर रही हैं। सतीश बिश्नोई ने बताया कि अब खुशबू स्कूल की दूसरी छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बनेंगी। खुशबू ने साबित कर दिया है कि जिस सपने को देखा जाए उसकाे साकार भी किया जा सकता है। जानिए... खुशबू के परिवार और शिक्षा की कहानी प्रिंसिपल ने कहा था, कुछ अलग करके दिखाओ खुशबू के पिता जयसिंह बताते हैं कि खुशबू के स्कूल के प्रिंसिपल सतीश बिश्नोई ने उससे कहा था कि जिले में ज्यादातर छात्र-छात्राएं सामान्य सरकारी नौकरियों पाने के लिए प्रयास करते हैं। तुम कुछ अलग करके दिखाओ। इसके बाद खुशबू ने एयर फोर्स में जाने की ठानी।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री अक्षरा सिंह नए साल के मौके पर गोरखपुर पहुंचीं। नए साल की शुरुआत उन्होंने गोरखनाथ मंदिर जाकर की। अक्षरा सिंह ने गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज के दर्शन किए और विधिवत पूजा-पाठ कर आशीर्वाद लिया। देखिए 2 तस्वीरें... इस खास मौके पर उनके साथ उनके पिता भी मौजूद रहे। पिता के साथ मंदिर पहुंचने से यह पल उनके लिए और भी खास बन गया। मंदिर में दर्शन के बाद अक्षरा सिंह वहां स्थित गौशाला भी गईं। गौशाला में उन्होंने गायों को दुलारा और कुछ समय बिताया। इस दौरान की तस्वीरें और जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा की। एक पोस्ट में अक्षरा सिंह गायों के सामने हाथ जोड़कर खड़ी नजर आ रही हैं, जिसे उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।मीडिया से बातचीत के दौरान अक्षरा सिंह ने कहा कि हमके बहुत अच्छा लागत बा की साल क शुरुआत गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज के आशीर्वाद से होता। आज पापा भी साथे बानी त बड़ा मजा आइल ह कि साल क शुरुआत एकदम अनोखा एकदम शिवमय होखत बा।इससे पहले अक्षरा सिंह 31 दिसंबर की रात गोरखपुर के फ्लोट रेस्टोरेंट में नए साल का जश्न मनाने पहुंची थीं। वहां उन्होंने लोगों के बीच जमकर डांस किया। जैसे ही लोग उन्हें देखे, उनके पास आने लगे। फैंस उनके साथ सेल्फी लेने के लिए काफी उत्साहित नजर आए। अक्षरा ने भी सभी का दिल खोलकर अभिवादन किया और नए साल की शुभकामनाएं दीं।
सिरसा में समाधान ग्रामीण वेलफेयर एंड इम्प्लायमेंट सर्विस लिमिटेड (भारत सरकार) का कार्यालय फर्जी पाए जाने के मामले में अभी तक मुख्य आरोपी पकड़ा नहीं गया है। कार्यालय का हेड बताने वाला हिसार निवासी राममेहर ने लोगों से पैसा ठगने की पूरी प्लानिंग बना रखी थी। उसकी योजना थी कि गांव-गांव फील्ड में जाकर प्रचार करना था और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ देकर जोड़ना था। पुलिस के अनुसार, इसके लिए आरोपी राममेहर ने स्टाफ काे बकायदा ट्रेनिंग दी थी और पंपलेट भी प्रिंट करवाए और बैनर छपवाए थे। इसी एक तारीख से फील्ड में उतरना था। इससे पहले पुलिस का कार्यालय पर छापा पड़ गया और सारा सामान कब्जे में लेकर उसे सील कर दिया। राममेहर या कोई नुमाइंदा पुलिस के पास नहीं आया है। आरोपी राममेहर का ठिकाना पुलिस को हिसार में मिला है, जो सेक्टर में कोठी पर रहता था। वहां से भी अब ठिकाना बदल लिया है। वह मूलरूप से हिसार के राजपुरा गांव का रहने वाला था। पुलिस जांच में सामने आया है कि हिसार निवासी राममेहर ने साल 2013 में हिसार में भी इसी तरह फर्जी सरकारी कार्यालय खाेला था। वहां भी लोगों से सरकारी योजनाओं के आवेदन भरवाने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपए की ठगी की थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और ये केस कोर्ट में चला। आरोपी राममेहर ने इसके अलावा साल 2015 में चंडीगढ़ में इसी तरह का सरकारी कार्यालय खोला था और डेढ़ करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया था। स्टाफ को नौकरी देने के नाम पर पैसे लेता पुलिस के अनुसार, आरोपी राममेहर कार्यालय में स्टाफ को भी पक्की नौकरी देने का झांसा देकर पैसे लेकर ठगी करता। शुरू में बेरोजगार युवाओं को ही निशाना बनाता। कार्यालय में ज्वाइनिंग प्रक्रिया भी सरकार की तरह रखता। ड्यूटी पर टाइम पर आना, लेट होने पर सैलरी काटना या गैरहाजिर लगा देना आदि नियम बना रखे थे। दो से तीन माह तक सैलरी भी नहीं देता। इसके बाद योजनाओं का लाभ दिलाने को लोगों से पैसे ठगी करने का काम करता। कार्यालय में जो भी आमजन आते, उनको ये कहता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कार्यालय की सदस्यता लेनी होगी। इसके लिए 1100 रुपए फीस है। तभी कन्या शगुन योजना, लेबर कॉपी व जन्म-मृत्यु से संबंधित योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए आवेदन भरवाने के नाम पर अलग से 500 रुपए तक की फीस लेता। लोग इस बहकावे में आकर आवेदन करवा लेते। जब जरूरत होती तो कुछ नहीं मिलता। सिरसा में दो-ढाई माह पहले खोला था कार्यालय पुलिस के अनुसार, आरोपी राममेहर को सिरसा में फर्जी कार्यालय खोले हुए दो से ढाई माह ही समय बीता था। ऐसे में आमजन से तो नहीं, पर मेल या फीमेल जो स्टाफ रखा था, उनसे नौकरी लगवाने के नाम पर दो से ढाई लाख रुपए लिए थे। उनको सैलरी भी नहीं मिली थी और दो माह तक उनसे काम करवा लिया। मेल के माध्यम से उनको ऑफर लेटर भेजा था। उनमें ज्यादातर नाथुसरी चौपटा एरिया से थे, जो पहले सीएसएसी सेंटर चलाते थे। उनको पूरी जानकारी थी, इसलिए उनको ही चुना। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला 6 नवंबर को पड़ा था छापा सिरसा बस स्टैंड के पास हिसार रोड स्थित तीन मंजिला भवन में कार्यालय खोला था। बैनर, सरकारी योजनाओं के पंपलेट, कंप्यूटर व काउंटर ऐसे लगाए थे, ताकि किसी को फर्जी होने का शक न हो। नीचे बाहर अक्सर नीली बत्ती लगी बोलेरो खड़ी रहती थी। इसी पर पुलिस को शक हो गया और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दी। कार्यालय में फीमेल स्टाफ मिला। स्टाफ ने रजिस्ट्रेशन या अनुमति के दस्तावेज पेश नहीं किए और न ही स्वयं राममेहर आया। पुलिस ने कार्यालय गेट को सील कर दिया और बोलेरो गाड़ी को कब्जे में ले ली, जो रोहतक के व्यक्ति की है।वहीं, समाज कल्याण विभाग ने भी इस समाधान कार्यालय से विभाग का कोई संबंध होने या ऐसी योजना होने से किनारा कर लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इसे फर्जीवाड़ा मानते हुए राममेहर के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने धारा 318(2), 205 BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है।
नमस्कार, कानपुर में आज (गुरुवार) की बड़ी खबर मामा-भांजे की मौत की रही है। दोनों लोग केक की डिलीवरी करने के बाद बेकरी का सामान खरीदने जा रहे थे। रास्ते में ट्रक ने दोनों को रौंद दिया। वहीं तापमान में गिरावट और शीतलहर के चलते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने 2 जनवरी को सभी विद्यालयों में शीत अवकाश घोषित कर दिया है। शराब पीने के लिए चप्पल कारीगर ने महिला कॉन्स्टेबल को लूट लिया। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया है। नए साल 2026 के पहले दिन मौसम साफ रहा। मगर लगातार 2 दिन से यूपी में कानपुर सबसे ठंडा रहा। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।
प्रयागराज में बड़ी संख्या में सरकारी डॉक्टरों द्वारा मनमाने रूप से प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके लिए अब खुद DM मनीष कुमार वर्मा एक्शन मोड में दिख रहे हैं। बीते दिनों हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने इस पर नकेल कसने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके तिवारी को सख्त निर्देश दिए हैं। इस प्राइवेट प्रैक्टिस को रोकने के अब DM खुद एक्शन मोड में दिख रहे हैं। इस पर अब वह खुद नजर रखेंगे। उधर, DM के निर्देश के बाद CMO डॉ. एके तिवारी ने स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल समेत सभी अस्पताल के अधीक्षकों को पत्र लिखा है जिसमें स्पष्ट कहा है कि उनके अस्पताल का डॉक्टर किसी भी स्थिति में प्राइवेट प्रैक्टिस न करे। अन्यथा की स्थिति में तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। CMO बोले, गोपनीय तरीके से कराई जाएगी जांच दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में CMO डॉ. एके तिवारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए गोपनीय तरीका अपनाया जा रही है। अस्पतालों में पहुंचकर गोपनीय तरीके से यह प्रमाण जुटाएगी कि संबंधित प्राइवेट अस्पताल में कौन से सरकारी अस्पताल का डॉक्टर वहां आपका प्रैक़्टिस कर रहा है। ऐसे लोगों की सूची सीधे जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। CMO ने बताया, जनपद के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों को भी इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कोई भी शिकायतकर्ता यदि प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने की शिकायत करता है तो उसकी गोपनीय जांच कराई जाएगी। कई HOD चला रहे प्राइवेट अस्पताल दरअसल, पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने लिए सख्त निर्देश शासन को दिए थे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रदेश स्तर के अधिकारियों को कोर्ट में खड़ा होना पड़ा था। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन, मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय आदि के कई एचओडी व प्रोफेसर, एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर के नाम भी सामने आए थे जो खुद शहर में बड़े अस्पताल चला रहे हैं। सख्ती ज्यादा हुई तो कुछ दिनों तक प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगी लेकिन स्थिति फिर उसी तरह हो गई। इसमें शहर के कुछ बड़े डॉक्टरों के नाम भी शामिल थे जिनके लिए कार्रवाई के लिए कहा गया था लेकिन कुछ नहीं हो पाया था। अब एक बार फिर जिलाधिकारी इस पर सख्त दिख रहे हैं। CMS ने कहा, प्राइवेट प्रैक्टिस न करें डॉक्टर उधर, DM के निर्देश के बाद तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) की CMS डॉ. भावना शर्मा ने अस्पताल के सभी डॉक्टरों को पत्र लिखा है जिसमें जिलाधिकारी के निर्देश का हवाला देते हुए स्पष्ट कहा है कि वह प्राइवेट प्रैक्टिस न करें वरना इसकी सूचना जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी जिसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।
हरियाणा के श्रम विभाग में वर्क स्लिप के वेरिफिकेशन और लेबर रजिस्ट्रेशन से जुड़े 1500 करोड़ रुपए के घोटाले पर सीएम नायब सैनी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार इस मामले की गहन जांच के लिए एक हाई लेवल इन्वेस्टिगेशन कमेटी का गठन किया गया है, जो एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस कमेटी में 2 आईएएस और एक आईपीएस को जिम्मेदारी दी है। श्रम विभाग की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री अनिल विज देख रहे हैं। उन्होंने ने ही अपने विभाग में इस घोटाले को उजागर किया है। CMO को नहीं मिला लेटर श्रम मंत्री अनिल विज ये दावा कर रहे हैं कि श्रम मंत्री हरियाणा द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में ऐसा कोई लेटर नहीं मिला है। हालांकि, विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है, लेकिन शेष नौ जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। CM ने फाइल वापस भेज पूरी रिपोर्ट तलब की मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी तथा श्रम मंत्री से सभी जिलों की पूर्ण रिपोर्ट, वित्तीय हानि के सही आंकड़ों समेत प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, रिपोर्ट अभी तक लंबित है। यह मुद्दा निर्माण श्रमिकों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था, वे सही नहीं हैं, इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है। यहां पढ़िए कमेटी में कौन अधिकारी... आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने पंकज अग्रवाल, आईएएस की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जिसमें राजीव रतन, आईएएस और पंकज नैन, आईपीएस सदस्य हैं।यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और विभिन्न अधिकारियों तथा अन्य लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाएगी। इसके अलावा, यह समिति विभाग को सुधारात्मक या निवारक उपायों की भी सिफारिश करेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। यह समिति सभी तथ्यों की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। विज ने खुद किया घोटाला उजागर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने 2 दिन पहले बताया था कि हाल ही में उन्होंने बोर्ड की एक मीटिंग की थी। इस मीटिंग में बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति में गड़बड़ियां पाई गईं, साथ ही निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ देने में भी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। तब सामने आया कि ये गड़बड़ी 6 जिलों में हुई है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का सच से सामनाइंदौर में पत्रकार को गाली देकर बैकफुट पर आए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खेद जताया और फिर जनता के बीच जाकर फिर से फ्रंटफुट पर आने की कोशिश की। लेकिन इस दौरान कई जगहों पर उनका सच से सामना हो गया। दूषित पानी से मौतें होने के बाद मंत्री विजयवर्गीय स्कूटर से इलाके में घूमे। वे पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान कई बार ऐसी स्थिति बनी कि लोगों ने उनके सामने समस्याएं रखी। लोगों का आक्रोश ऐसा था कि विजयवर्गीय उनकी सुनते और आगे बढ़ जाते। एक वीडियो में महिलाएं उनसे कह रही हैं कि पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। एक पीड़ित परिवार ने तो सहायता राशि का चेक लेने से ही इनकार कर दिया। हालांकि बाद में विजयवर्गीय ने उन्हें समझाया। लोगों की मौतों से पसरे मातम के बीच मंत्री विजयवर्गीय एक जगह एक ठेलागाड़ी से मटर उठाकर खाते नजर आए। बाद में मीडिया के सामने आकर उन्होंने हालात को काबू में होने का दावा किया। कहा कि छोटी-छोटी प्रॉब्लम थी वो सॉल्व हो गई है। नाग और युवक ने साथ मिलकर अलावा तापाकाला नाग.. सामने आ जाए तो अच्छे-अच्छों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। लेकिन भिंड के लहार क्षेत्र में एक युवक काले नाग के साथ बैठा। दोनों ने मिलकर अलाव तापा। साथ ही आपस में बातें भी की। आपको सुनकर हैरानी हो रही होगी। लेकिन ऐसा एक वीडियो सामने आया है। हुआ यूं कि अरूसी गांव का युवक अपने खेत पर गया था, जहां उसने सड़क किनारे पड़े एक सांप को देखा। वह बेहोशी की हालत में था। युवक को लगा कि ठंड के चलते उसकी ये हालत हुई है। जिसके बाद वह सांप को अपने साथ लाया और अलाव जलाकर उसे तपाया। थोड़ी देर में नाग वहीं युवक के पास बैठ गया और अलाव तापने लगा। इस दौरान युवक उससे बातें करने लगा। नाग भी फन हिलाता नजर आया। इससे ऐसा लगा मानो वह युवक की बातों का जवाब दे रहा हो। युवक ने उससे कहा- फिर रहे थे रोड किनारे, मर-वर जाते.. बचा लाए.. तापो बढ़िया आराम से..। किसी को काटना मत.. आराम से रहना.. बहुत बड़ी जिंदगी है तुम्हारी। लोग इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर भी कर रहे हैं। फिल्मी डॉयलाग के जरिए विरोधियों को जवाबकांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह पिता दिग्विजय सिंह के लिए खुलकर मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वाइस ओवर में फिल्मी डॉयलाग है। इसके जरिए विरोधियों को जवाब दिया गया है। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने हाल ही में मोदी और आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर शेयर कर संघ और भाजपा संगठन की तारीफ की थी। इसे लेकर वे अपनों के निशाने पर भी आ गए थे। कई लोगों ने दिग्विजय सिंह की निष्ठा पर ही सवाल खड़े कर दिए। भाजपा ने तो उन्हें खुला ऑफर दे दिया। ऐसे में दिग्विजय के बेटे जयवर्धन ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। साथ ही मैसेज दिया- करारा जवाब मिलेगा। उनके शेयर किए वीडियो में ये डॉयलाग कहे गए हैं। - 'बौखला गए हैं। खलबली मच गई है। बदहवासी छाई है। सिंगल पॉइंट एजेंडा है कि कैसे हमारी एकता तोड़े। बेबुनियाद आरोप, मनगढंत स्कैंडल और खोद-खोदकर कीचड़ उछाल रहे हैं हम पर। मगर आसमान में थूकने वालों को ये पता नहीं है कि पलटकर थूक उन्हीं के चेहरे पर गिरेगा। करारा जवाब मिलेगा।' भाजपा सांसद ने ली माला नहीं पहनने की कसमसीधी से भाजपा सांसद राजेश मिश्रा ने कसम ली है कि जब तक सीधी में रेल नहीं आ जाती, वे किसी भी कार्यक्रम में माला नहीं पहनेंगे। चाहे वह पार्टी का कार्यक्रम हो या कोई अन्य सार्वजनिक आयोजन। एक कार्यक्रम के मंच से सीधी जिले की सालों पुरानी रेल मांग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक वादा नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने अपने पिछले संकल्प का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी शपथ के बाद सीधी में ट्रेन का ट्रायल संभव हुआ। अब ये एक तीर से दो निशाने लगाने जैसा है। रेल आ गई तो लोग कहेंगे सांसद जी ने इसके लिए भरपूर कोशिश की थी। नहीं आई तो कहेंगे, सांसद जी ने प्रयास तो किए। ये भी पढ़ें - सवाल पूछा तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गाली दी: झूले की तरह हिल रहा पुल, सुध लो सरकार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने एक पत्रकार को गाली दे डाली। हुआ यूं कि पत्रकार ने उनसे इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों को लेकर सवाल किया। इस पर मंत्री ने कहा- तुम फोकट सवाल मत पूछो। रिपोर्टर ने आपत्ति ली तो मंत्री ने उसे अपशब्द कहा। पूरी खबर पढ़ें
नए साल 2026 के पहले दिन गुरुवार को करीब 25 लाख श्रद्धालु अयोध्या-काशी और मथुरा पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ युवाओं की थी, जिन्हें Gen-Z कहा जाता है। ऐसी तस्वीरों को देख लगा कि अब यूपी का ट्रेंड बदल रहा है। युवाओं ने साल के पहले दिन की शुरुआत मंदिरों से की। देखिए VIDEO...
गोरखपुर में एक ओर पूरा शहर नए साल के जश्न में डूबा रहा, वहीं दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल में खुशियों का दोहरा अवसर देखने को मिला। 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच अस्पताल में कुल 29 बच्चों ने जन्म लिया। इन नवजातों के आगमन से उनके परिवारों में खुशी की लहर है और परिजनों ने इसे 'नए साल का सबसे प्यारा तोहफा' बताया है। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इन दो दिनों में कुल 12 बेटों और 17 बेटियों का जन्म हुआ। माताओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नए साल की शुरुआत ईश्वर के इस अनमोल उपहार के साथ होना उनके लिए बेहद खास है। यह बच्चा हमारे परिवार के लिए नई उम्मीदें और सौभाग्य लेकर आया है। 31 दिसंबर को कुल 16 डिलीवरीडॉक्टर कमलेश ने बताया- 31 दिसंबर को कुल 16 डिलीवरी हुई, जिसमें 8 नार्मल और 8 सीजेरियन से। नार्मल डिलीवरी से पैदा हुए बच्चों में 3 बेबी बॉय और 5 बेबी गर्ल्स शामिल हैं। जबकि सीजेरियन से भी 3 बेबी बॉय और 5 बेबी गर्ल्स पैदा हुई। 1 जनवरी को शाम 4 बजे तक कुल 13 बच्चों ने जन्म लियावहीं 1 जनवरी 2026 के दिन सुबह से शाम 4 बजे तक कुल 13 बच्चों ने जन्म लिया। जिसमें 10 महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी हुई और 3 का सीजेरियन। नॉर्मल डिलीवरी से पैदा हुए बच्चों में 6 बेबी बॉय और 4 बेबी गर्ल शामिल हैं। जबकि सीजेरियन से 3 बेबी बॉय ने ही जन्म लिया। अस्पताल में उत्सव का माहौल नए साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों के वार्ड में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी मुस्तैद रहे ताकि जच्चा और बच्चा दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। परिवारों ने मिठाई बांटकर नए साल और नए मेहमान का स्वागत किया।
नए साल की शुरुआत के साथ ही भोपाल के वन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचे। शहर के पास स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व और राजधानी के वन विहार ने पर्यटकों को बाघों ने अपनी ओर खींचा है। वन विहार में नए साल के मौके पर एक ही दिन में 6,858 पर्यटक पहुंचे, जो अब तक का सर्वाधिक एकदिवसीय आंकड़ा है। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पहुंचे और वन्यजीवों को करीब से देखने का आनंद लिया। पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र जूनागढ़ से लाया गया सिंह जोड़ा रहा, जिसने हाल ही में केनाइन डिस्टेंपर वायरस को मात दी है। वन विहार की डिप्टी डायरेक्टर रूही हक ने बताया कि सिंह के बाड़े में विशेष इंतजाम किए गए हैं। उसकी सेहत और गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए बांस से बना विशेष रैंप तैयार किया गया है, जिस पर सिंह का शान से बैठना और टहलना पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। कई लोग लंबे समय तक उसके मूवमेंट को निहारते नजर आए। रातापानी: बाघों ने बढ़ाया रोमांच, सभी 10 गाड़ियां बुकरातापानी टाइगर रिजर्व में बाघों की मौजूदगी ने पर्यटकों का उत्साह और बढ़ा दिया है। सीमित संख्या में सफारी संचालन के चलते यहां 5 जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। यह पहली बार है जब रिजर्व की सभी 10 सफारी गाड़ियां लगातार कई दिनों से पूरी तरह बुक हैं। नियंत्रित प्रवेश और सीमित सीटों के बावजूद पर्यटकों ने बाघों के साथ अन्य वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का रोमांचक अनुभव लिया।
यूपी के अमरोहा में फास्ट फूड खाने से 18 साल की 12वीं की छात्रा इलमा नदीम की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। इलमा को एक महीने पहले टाइफाइड हुआ था। इसके बाद से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई हुआ। जांच में इलमा के दिमाग में 20-25 गांठें पाई गईं। डॉक्टर के अनुसार, ये गांठें एक परजीवी संक्रमण के कारण हो सकती हैं। जो फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाली पत्ता गोभी के जरिए शरीर में पहुंचा। ऐसे में सवाल उठता है कि फास्ट फूड कितना खतरनाक है? क्या पत्ता गोभी किसी की जान ले सकता है? सवालों के जवाब पढ़िए इस रिपोर्ट में… अमरोहा के दूसरे केस के बारे में जानिएअमरोहा में दिसंबर, 2025 में 11वीं की छात्रा की फास्ट फूड खाने से मौत हो गई थी। दिल्ली AIIMS में उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने बताया कि ज्यादा फास्ट फूड खाने से लड़की की आंतें आपस में चिपक गई थीं। पाचन तंत्र पूरी तरह से डैमेज हो गया था। उसका ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन बच नहीं पाई। घरवालों का कहना है कि अहाना बचपन से ही घर के खाने की जगह चाऊमीन, पिज्जा और बर्गर ही खाती थी। वही उसके मौत की वजह बन गई। फास्ट फूड खाना कितना खतरनाक? गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की डाइटीशियन पद्मिनी शुक्ला के अनुसार, सेहत के लिए घर का बना ताजा और संतुलित भोजन सबसे बेहतर होता है। फास्ट फूड में अधिक वसा, नमक और केमिकल होते हैं। ये लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर बाहर का खाना लेना जरूरी हो, तो उसे रोजाना खाने से बचना चाहिए। सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। नियमित रूप से घर का खाना खाने से कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। रेडी-टू-ईट फूड जितना हमारे दिल के लिए खतरनाक है, उतना ही नुकसान दिमाग को भी पहुंचा सकते हैं। फास्ट फूड में मौजूद ट्रांस फैट और शुगर से मेमोरी पॉवर और फैसले लेने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है। अगर लंबे समय तक इसका सेवन किया जा रहा है, तो यह डिमेंशिया जैसी खतरनाक बीमारी की वजह भी बन सकते हैं। दिमाग में गांठें किस बीमारी या संक्रमण की वजह से बनीं? आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, फास्ट फूड में इस्तेमाल पत्ता गोभी में पाए जाने वाले कीड़े या संक्रमण के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। पत्ता गोभी और अन्य हरी सब्जियों के सेवन में सावधानी से करना चाहिए। पत्ता गोभी में पाया जाने वाला कीड़ा टेपवर्म हो सकता है। जिसके अंडे मिट्टी या संक्रमित भोजन के माध्यम से सब्जियों पर चिपक जाते हैं। क्या होता है टेपवर्म, कैसे पहुंचता है शरीर के अंदर टेपवर्म एक तरह का परजीवी है, जो अक्सर हमारे खाने के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। अगर सब्जियों को ठीक से धोए या अच्छी तरह पकाए बिना खाया जाए, तो यह कीड़ा शरीर में पहुंचकर खून के जरिए दिमाग तक पहुंच सकता है। इससे न्यूरोसिस्टिसरकोसिस नामक गंभीर बीमारी हो सकती है। इसके लक्षण सिरदर्द और दौरे पड़ना हैं। पत्ता गोभी समेत सभी हरी सब्जियों को अच्छी तरह साफकर, धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। जिससे इस तरह के खतरों से बचा जा सके। टेपवर्म के अंडे या लार्वा जब शरीर में प्रवेश करते हैं, तो पहले आंत में विकसित होते हैं। कुछ मामलों में ये रक्त के माध्यम से दिमाग तक पहुंच जाते हैं। वहां सिस्ट बना लेते हैं। इसी कारण सिरदर्द, उल्टी, चक्कर, दौरे और मानसिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पत्ता गोभी को फिर कैसे खाया जाए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की डाइटीशियन पद्मिनी शुक्ला के अनुसार, पत्ता गोभी और फूल गोभी या फिर हरी सब्जियों का सेवन करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इनमें छिपे टेपवर्म (फीताकृमि) मानव शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। ये कीड़े आंतों की म्यूकोसा को पार कर रक्त प्रवाह में पहुंच जाते हैं। फिर ब्लड-ब्रेन बैरियर को तोड़ते हुए दिमाग तक पहुंच सकते हैं। इससे दिमाग में सूजन आ सकती है। इससे सिरदर्द, ब्रेन फॉग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमण से बचाव के लिए सब्जियों को पकाने से पहले अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है। बेहतर होगा कि पत्ता गोभी या फूल गोभी को गर्म पानी से धोया जाए। कम से कम 5 मिनट तक उबाला जाए, जिससे अंदर छिपे कीड़े नष्ट हो सकें। सिर्फ पत्ता गोभी ही नहीं, कई हरी सब्जियों में टेपवर्म होते हैं। ऐसे में बाहर साफ-सफाई ने खाना नहीं बनता है। उसको खाने से कई तरह की बीमारी होती है। स्थिति कई बार जानलेवा हो सकती है। फास्ट फूड खाने से क्या नुकसान, क्या कहती है स्टडी 2018 की रिसर्च और उससे पहले की कई स्टडीज से यह पता चलता है कि फास्ट फूड और पोषण की कमी वाला खाना खाने की आदत के बीच गहरा संबंध है। जर्नल एपेटाइट में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, सैचुरेटेड फैट और साधारण कार्बोहाइड्रेट से भरपूर डाइट जिसमें फास्ट फूड ज्यादा होता है। उससे याददाश्त कमजोर होने और सीखने की क्षमता घटने का कारण बन सकती है। लंबे समय तक ऐसी डाइट लेने से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि फास्ट फूड में थैलेट्स नामक रसायन मौजूद होते हैं। ये केमिकल हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं, जिससे प्रजनन से जुड़ी समस्याएं और जन्मजात बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा फास्ट फूड में नमक (सोडियम) की मात्रा अधिक होती है, जिससे किडनी स्टोन, किडनी की सूजन और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में नए साल में होंगे 3 चुनाव, मायावती, चंद्रशेखर और पंकज चौधरी के लिए कैसा रहेगा 2026? जानिए... 2026 की दस्तक के साथ प्रदेश ही नहीं, देश की निगाहें यूपी में 2027 पर होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेंगी। 2027 की परीक्षा से पहले यूपी में भाजपा, सपा, अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा को तीन-तीन बड़े चुनावों से गुजरना होगा। इसी साल सभी पार्टियां दल-बदल से गुजरेंगी। पढ़िए पूरी खबर...
ठगी का मामला:एपीके लिंक भेज 2.49 लाख ठगे, सूझबूझ से खाते में होल्ड हुई रकम
बैरसिया के ग्रामीण राधेश्याम शर्मा के साथ शातिर जालसाज ने 2 लाख 48 हजार 943 रुपए की ठगी कर दी। आरोपी ने यह ठगी एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) लिंक के जरिए की, जिसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया गया था। थाना प्रभारी बैरसिया वीरेंद्र सेन ने बताया कि बीती 28 दिसंबर को ग्रुप में आई लिंक पर राधेश्याम ने जैसे ही क्लिक किया, उसके कुछ देर बाद ही उनके खाते से रकम कटने लगी। चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 2,48,943 रुपए खाते से निकाल लिए गए। पैसे कटने का मैसेज आते ही राधेश्याम को ठगी का अंदेशा हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद राज्य साइबर पुलिस ने प्राथमिक स्तर पर शून्य पर प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद केस डायरी बैरसिया पुलिस को भेजी गई, जहां असल पर अपराध दर्ज किया गया है। हालांकि, समय पर की गई शिकायत के कारण ट्रांजेक्शन होल्ड करवा दिया गया है। एपीके लिंक से सावधानएपीके लिंक एंड्रॉयड ऐप की फाइल होती है, जो गूगल प्ले स्टोर के बाहर से भेजी जाती है। इसे क्लिक करने से मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इससे बैंकिंग, ओटीपी की जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है। Install from unknown sources बंद रखें। ठगी पर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान व लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। दोनों एक दूसरे के पर अब सीधे हमले करते जा रहे हैं। वड़िंग व आशु की लड़ाई में लुधियाना कांग्रेस दो खेमों में बंट गई। लुधियाना के चार विधानसभा हलकों में दोनों गुटों के नेता आमने-सामने होने लगे हैं। लुधियाना पश्चिमी, लुधियाना दक्षिणी, आत्म नगर व साहनेवाल हलके में राजा वड़िंग व आशु ने अपने-अपने नेताओं को खड़ा कर दिया। यही कवायद लुधियाना केंद्रीय, लुधियाना उत्तरी और लुधियाना पूर्वी में भी चल रही है। पार्टी में चल रही गुटबाजी का असर आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के नतीजों पर पड़ेगा। वड़िंग ने आशु बता दिया विरोधी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को पार्टी विरोधी तक कह दिया। जब पार्षद पति इंद्रजीत इंदी पर पर्चा हुआ था तब आशु ने कहा था कि प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग वर्कर्स के साथ खड़े नहीं होते। इसके जवाब में वड़िंग ने कहा कि प्रधान के खिलाफ बात करने वाला विरोधी ही होता है। वड़िंग ने कहा कि वो वर्कर्स के लिए लड़े हैं इसीलिए आज इस पोजिशन पर हैं जो नहीं लड़े उन्हें लोगों ने घर बैठा दिया। आशु को घेरने पर वड़िंग का फोकस राजा वड़िंग भारत भूषण आशु को उनके ही हलके लुधियाना पश्चिमी में घेरने में जुटे हैं। राजा वड़िंग ने पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। पवन दीवान अलग-अलग मुहिम चलाकर हलके में लोगों से संपर्क करने में जुटे हैं। यही नहीं राजा वड़िंग की पत्नी अमृता वड़िंग भी पवन दीवान के साथ हलका पश्चिमी के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। आत्म नगर में बैंस के सामने कड़वल हुए खड़े लोकसभा चुनाव के दौरान राजा वड़िंग ने लोक इंसाफ पार्टी का कांग्रेस में विलय करवाया और सिमरजीत सिंह बैंस व बलविंदर बैंस को कांग्रेस में शामिल किया। सिमरजीत सिंह बैंस ने आत्मनगर हलके से बड़ी लीड दिलाई थी। उसके बाद वड़िंग ने सिमरजीत सिंह बैंस को आत्म नगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने को कह दिया। वहीं अब आशु गुट के कमलजीत सिंह कड़वल ने भी खुद को आत्म नगर हलके का इंचार्ज बताना शुरू कर दिया। कड़वल ने नए साल के मौके पर एक पोस्टर जारी किया जिसमें आशु व चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो है और खुद को कांग्रेस का हलका इंचार्ज बताया है। सिमरजीत सिंह बैंस व कमलजीत सिंह कड़वल के बीच पहले से ही 36 का आंकड़ा। दक्षिणी हलके में बलविंदर बैंस बनाम ईश्वर जोत चीमा विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस के टिकट पर आशु गुट के ईश्वर जोत सिंह चीमा ने चुनाव लड़ा, तब से वो बतौर हलका इंचार्ज काम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान बलविंदर सिंह बैंस कांग्रेस शामिल हुए तो वड़िंग ने उन्हें दक्षिणी हलके में सक्रिय रहने को कह दिया। दक्षिणी हलके में एक तरफ आशु गुट के ईश्वर जोत सिंह चीमा सक्रिय हैं वहीं दूसरी तरफ वड़िंग गुट की तरफ से बलविंदर बैंस सक्रिय हो गए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बलविंदर बैंस और ईश्वर जोत सिंह चीमा दोनों चुनाव हार गए थे। बलविंदर बैंस इस हलके से पहले विधायक रह चुके हैं। साहनेवाल में बिक्रम बाजवा के खिलाफ बगावत साहनेवाल में पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल के दामाद ब्रिकम सिंह बाजवा हलका इंचार्ज हैं। इन दिनों बिक्रम बाजवा भी राजा वड़िंग गुट में चल रहे हैं। वहीं साहनेवाल हलके में युवा कांग्रेस के नेता लक्की संधू ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लक्की संधू ने साफ कर दिया कि जो व्यक्ति साहनेवाल में नहीं रहता है वो कैसे लोगों से जुड़ सकता है जबकि विपक्षी पार्टियों के नेता रोजाना हलके में घूमते हैं। लक्की संधू ने जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनाव में हार के लिए सीधे तौर ब्रिक्रम बाजवा को जिम्मेदार ठहरा दिया। लक्की संधू का कहना है वो जल्दी ही प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मिलेंगे और हलका साहनेवाल की हकीकत से उन्हें रूबरू करवाएंगे।
झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेने वाली सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (IRS अफसर) प्रभा भंडारी बहुत शातिर है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उनके नमो होम्स स्थित फ्लेट नंबर A–311 की तलाशी लेना चाहती थी, मगर प्रभा भंडारी ने फ्लेट की चाबी नहीं दी। वो लगभग 24 घंटे तक सीबीआई को छकाती रही। फ्लेट के बाहर सीबीआई टीम डेरा डाले थी। जब चाबी नहीं मिली तो टीम ने लॉक तोड़ने वाले मैकेनिक बुलाए। लॉक तोड़कर सीबीआई टीम फ्लेट के अंदर दाखिल हुई। 4 घंटे तलाशी ली गई। सीबीआई के एक अफसर ने बताया- फ्लेट से लगभग 30 लाख रुपए के गहने, डेढ़ लाख रुपए कैश और फ्लेट के कागजात मिले है। ये फ्लेट प्रभा भंडारी और उनके पति के नाम पर है। अब प्रभा भंडारी के बैंक खातें भी खंगाले जा रहे हैं। 18 दिसंबर को सेंट्रल GST ने जय अम्बे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर पर छापा मारकर करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी थी। जीएसटी अफसरों ने मामले को निपटाने और टैक्स को घटाकर 50 लाख करने की एवज में डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगी। सीबीआई ने मंगलवार को 70 लाख की घूस लेते सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दुर्गा हार्डवेयर फर्म के मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश को भी अरेस्ट किया था। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को अरेस्ट कर लिया था। CBI की FIR में दो और कारोबारियों के नाम झांसी सेंट्रल जीएसटी ऑफिस में रिश्वतखोरी का खुलासा होने के बाद सीबीआई ने लखनऊ में 7 नामजद व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, जीएसटी सुपरिडेंटेंड सिविल लाइन निवासी अनिल तिवारी और शिवाजी नगर निवासी अजय शर्मा, सिविल लाइंस निवासी वकील नरेश कुमार गुप्ता और मयूर विहार कॉलानी निवासी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी अरेस्ट हो चुके हैं। इसके अलावा राजू का भाई तेजपाल मंगनानी और आवास विकास कॉलोनी-1 निवासी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमा सिंह कर रहे हैं। सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत दोनों सुपरिडेंटेंड की अकूत संपत्तियां खंगालना शुरू कर दिया है। 12 दिन से पल-पल का इनपुट जुटा रही थी सीबीआई 18 दिसंबर को डिप्टी कमिश्नर प्रभारी भंडारी के नेतृत्व में जीएसटी टीम ने झोकन बाग स्थित जय अम्बे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर के ऑफिस और गोदामों पर छापा मारा था। यहां बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। केस को निपटाने के लिए फर्म मालिकों और सेंट्रल जीएसटी के अफसरों के बीच बड़ी डील हो चुकी थी। इसकी खबर सीबीआई तक पहुंची तो सीबीआई ने पल-पल का इनपुट जुटाना शुरू किया। इसमें पता चला- जब दोनों फर्मों पर छापा पड़ा तो मालिकों ने मामला निपटाने के लिए अधिवक्ता नरेश गुप्ता से बात की। नरेश ने सुपरिडेंटेंड अनिल कुमार से बात की और रिश्वत लेकर मामले को निपटाने की पेशकश की। तब अनिल बोला- बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी है। मेडम प्रभा भंडारी भी तलाशी स्थल पर मौजूद हैं। फिर भी मदद करेंगे। फर्म मालिक लोकेश व राजू मंगतानी ने सुपरिडेंटेंड अनिल तिवारी और फिर अजय के आवास पर मीटिंग की। जहां पूरे मामले को निटपाने का सौदा हुआ। अफसरों ने मामले को निपटाने और कर को घटाकर 50 लाख करने के एवज में डेढ़ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी। फर्म मालिक ने रुपए कम करने के लिए कहा तो बोले कि मेडम ने रिश्वत की राशि कम करने के लिए मना कर दिया। पूरे डेढ़ करोड़ रुपए लगेंगे। 29 दिसंबर को नरेश ने राजू मंगनानी से कहा कि साहब को देने के लिए रुपए तैयार रखो। 30 दिसंबर को सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत 5 आरोपियों को अरेस्ट कर 1.60 लाख रुपए, भारी मात्रा में गहने, प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए थे।
नए साल का जश्न भी गाजियाबाद में देखते ही बना। शहर के अलग अलग होटल, मॉल और सोसायटियों में 31 दिसंबर की देर रात तक युवा खूब थिरके। कपल एक साथ डांस करते रहे तो यूथ ने भी खूब एंज्वाय किया। राजनगर एक्सटेंशन की VVIP में 500 से ज्यादा लोगों एक साथ डांस किया। डीजे पर डांस के दौरान कोई किसी को कंधों पर उठाकर डांस कर रहा था तो महिलाएं भी खूब थिरकीं... नए साल की जश्न की वीडियो...
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 14 मौतों के बाद भोपाल में भी पानी को लेकी हलचल शुरू हुई है। नगर निगम ने बुधवार और गुरुवार को कई इलाकों से सैंपल लिए। लेकिन, सिर्फ सैंपल लेने भर से न तस्वीर साफ होगी न पानी। राजधानी में भी तमाम ऐसे इलाके हैं, जहां रोजाना लोग दूषित पानी पी रहे हैं। बारिश के समय इस तरह की दिक्कतें अधिक बढ़ जाती हैं। दैनिक भास्कर ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग 6 इलाकों में जाकर स्थिति देखी तो पता चला कि यहां भी हालत खराब है। पड़ताल में पता चला कि भोपाल में करीब 20 लाख आबादी को नगर निगम पानी की सप्लाई करता है। यह बड़ा तालाब, नर्मदा लाइन और केरवा डेम से होती है। लेकिन, जिन ओवरहेड और संपवेल टैंकों के जरिए यह पानी लोगों के घरों तक पहुंचता है, उनमें से करीब 80% टैंकों की 6 महीने से लेकर एक साल तक सफाई नहीं हुई है। यानी गंदगी से भरे टैंकों का पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। लापरवाही यहीं नहीं रुकती। कई इलाकों में पीने के पानी की पाइप लाइनें नाले-नालियों के भीतर से बिछाई गई हैं। ऐसे में नालों का पानी रिसकर पाइप लाइनों में मिलने की आशंका है। भोपाल में सिस्टम अब भी आंखें मूंदे बैठा है। ऐसे में सवाल है कि क्या जिम्मेदार इंदौर जैसी घटना का इंतजार कर रहे हैं? हर तरफ सिस्टम का लीकेज... जिम्मेदार आंख मूंदकर निकल जाते हैं पन्ना नगर... सीवेज और पीने केपानी की लाइन एक ही नाली मेंयह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आता है। यहां पर पीने की पाइप लाइन को नाली के भीतर डाल दिया गया है। इसे बिछाने के बाद ऊपर से फर्शी रख दी गई है। इसी पाइप लाइन के जरिये नल कनेक्शन लोगों के घरों में जाते हैं। शाहजहांनाबाद स्थित लाल टंकी... एक साल पहले हुई थी सफाईइस टंकी की सफाई 3 जनवरी 2025 को की गई थी। इसके बाद 2 जुलाई 2025 को सफाई की गई। अगली सफाई कब होगी, दर्ज नहीं है। अब यहां पेंट कर नई तारीख दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। टीला जमालपुरा, 13 फरवरी 2025 के बाद से नहीं हुई टंकी की सफाई यहां बीडीए कॉलोनी के पास बनी पानी की टंकी की आखिरी बार सफाई 13 फरवरी 2025 को हुई थी। इसके बाद 12 अगस्त 2025 को सफाई होनी थी। कयहां पर सफाई नहीं हो पाई है, इसलिए नई तारीख दर्ज नहीं की गई है। विवेकानंद नगर, डेडलाइन निकली फिर भी महीनों से नहीं हुई सफाईविवेकानंद नगर पानी की टंकी की सफाई 21 अप्रैल 2025 को हुई थी। इसके बाद 21 अक्टूबर को सफाई होनी थी, जो हुई ही नहीं है। यहां भी इसके आगे की तारीख नहीं लिखी है। ऐसी होशियारी... टंकी साफ कराए बिना पेंटरों से डलवा रहे नई तारीखपुरानी जेल के पास वेटरनरी परिसर में सालों से सफाई नहीं हुई है। यही स्थिति यहां पर बने ओवरहेड टैंक की भी है। यहां के ओवरहेड टैंक गेट पर लिखा है कि टंकी की सफाई 5 दिसंबर 2013 को हुई थी। इसके बाद 6 जून 2024 को दोबारा सफाई की गई। लेकिन, इसके बाद यहां पर सफाई नहीं हुई। यानी एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी टैंक साफ नहीं किया गया है। आनन-फानन में शाम के वक्त एक पेंटर को भेजकर यहां के बाहरी गेट पर नई तारीख लिखने की तैयारी चल रही थी। पेंटर का दावा है कि शहर की सभी टंकियों पर नई तारीख लिखने के लिए अफसरों ने कहा है। क्या है नियम... नियम के तहत हर छह महीने में ओवरहेड टैंक की सफाई होनी चाहिए। अगली सफाई कब होनी है, यह तारीख भी टंकी में दर्ज की जानी चाहिए। रवींद्र भवन के पास नाले के अंदर पानी की लाइनतस्वीर रवींद्र भवन के पास की है। यहां नगर निगम के अफसरों ने नाले के भीतर पीने के पानी की पाइप लाइनें बिछा रखी हैं। यहां लाइन में लीकेज भी है। पाइप लाइन से 24 घंटे नाले का गंदा पानी गिरता रहता है। पाइप लाइन के आसपास की स्थिति देखकर समझ में आता है कि सालों से नाले की सफाई नहीं हुई है। गंदगी का अंबार लगा है। यहां पर पीने के पानी में गंदा पानी मिलने की आशंका सबसे अधिक है। निगम का दावा: साफ पानी कर रहे सप्लाई नगर निगम ने दावा किया कि गुरुवार को 20 कर्मचारियों के दल ने शहर में 119 स्थानों पर पानी की टेस्टिंग की। इसमें गंध, रंग, स्वाद, क्लोरीन की मात्रा, पीएच (अम्ल या क्षार) और टर्बिडिटी (पानी का मैलापन) की जांच हुई। निगम का दावा है कि शहर में सभी जगहों पर पानी साफ पाया गया। कांग्रेस नेता ने करोंद में किया प्रदर्शन कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने करोंद हाउसिंग बोर्ड इलाके में प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे इलाके में सीवेज और पानी की लाइन साथ में बिछाए जाने के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि हर घर में लोगों को पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं, क्योंकि वे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। टीमें जांच कर रही हैं, सैंपल में सभी पास हैं हमारी टीमें रोजाना पानी के सैंपल ले रही हैं। कोई परेशानी सामने नहीं आई है। टंकियों की सफाई कराई जा रही है। जहां से भी शिकायत मिलती है। उनका समाधान किया जाता है। नाले में पीने के पानी की पाइप लाइन पुरानी है। उनके भी लिए जा रहे हैं। -संस्कृति जैन, कमिश्नर नगर निगम भोपाल
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'अभी हम जहां से कोर्स की बुक्स लेते हैं… वहां 65% कमीशन मिलता है। एकदम से पलटा नहीं मार पाएंगे… देखते हैं कौन-सी लगा सकते हैं… बात करेंगे आपसे। अगर आप ठीक होंगे तो वैरी गुड… बात चलेगी आगे…। अभी कमीशन की बात मत करिएगा… उस चीज की बात तो बाद में होती है। जब कोई बुक लगनी होती है… तो अभी से करना ठीक नहीं है…। मैं आपको बता रहा हूं… 11th-12th में आपकी हिस्ट्री आती हो… हिंदी मीडियम… इंग्लिश मीडियम… दोनों सेम वर्जन… लग जाएगी। आप लाकर दीजिए… हम लगा देंगे…।' कोर्स की किताबों में ये कमीशन की सौदेबाजी है, जो प्राइवेट स्कूल चलाने वाले कर रहे। इस दलाली में प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट, प्रिंसिपल, उनके खास कर्मचारी और पब्लिशर शामिल हैं। इसलिए यूपी के प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को लिए पेरेंट्स को कोर्स की बुक्स पर मोटा पैसा खर्च करना पड़ रहा। लखनऊ के एक नामी प्राइवेट स्कूल में क्लास 6th की 8 बुक्स 2,955 रुपए में आ रहीं। वहीं, केंद्रीय विद्यालय (KV) में इसी क्लास की बुक्स केवल 700 रुपए में आ जाती हैं। हर बार नए साल के साथ ये सवाल उठता है कि प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट कोर्स की बुक्स पर कमीशन खाते हैं? इसके जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने राजधानी लखनऊ के 10 से ज्यादा नामी प्राइवेट स्कूलों का इन्वेस्टिगेशन किया। इसमें पहली बार सामने आया कि आधे से ज्यादा स्कूल बच्चों की किताबों पर बुक्स सेलर से कमीशन लेते हैं। हमारे स्टिंग में कुछ स्कूलों ने साफतौर पर कमीशन की डिमांड की। कुछ ने इशारों में कमीशन का खेल समझाया। हालांकि कुछ स्कूल ऐसे भी मिले, जिन्होंने कमीशनखोरी से साफ इनकार कर दिया। पढ़िए, सिलसिलेवार पूरा इन्वेस्टिगेशन… इस पूरे कॉकस में कमीशनखोरी की शुरुआत कैसे होती है? यह समझने के लिए हम सबसे पहले बुक्स सेलर से मिले। गोमतीनगर के विनयखंड में यूनिवर्सल बुक्स डिपो है। यहां से हमें खदरा स्थित दीनदयाल नगर के शिवम बुक्स स्टोर का पता मिला। हमारी मुलाकात बुक सेलर प्रशांत श्रीवास्तव से हुई। उन्होंने बताया कि वे 60% डिस्काउंट पर किताबें देंगे। अब आप स्कूल वालों को 40-45% कमीशन देकर अपनी किताबें लगवा सकते हैं। इसमें आपको 15-20% बच जाएगा। रिपोर्टर: क्लास 1 से 8 तक कितने पब्लिशर की किताबें हैं…? बुक सेलर प्रशांत: कम से कम 6-7…। रिपोर्टर: …तो 1 से 8 तक आप हमको कितने प्रतिशत कमीशन पर देंगे…? बुक सेलर प्रशांत: 60% रिपोर्टर: ICSE की बात करें है ना…? बुक सेलर प्रशांत: भाई 1 से 8 तक अधिकतर किताबें कॉमन ही होती हैं…। रिपोर्टर: …तो इसका प्रतिशत क्या रहेगा…? बुक सेलर प्रशांत: वही, जो सीबीएसई की किताबों का प्रतिशत है… वही रहता है…। रिपोर्टर: यार… 60% आप हमको देंगे, तो स्कूल वाले कितना लेंगे…। बुक सेलर प्रशांत: : 40% या 45%... जैसे टूट जाएं…। रिपोर्टर: इतना स्कूल वाले ले लेंगे… तो क्या बचेगा…? बुक सेलर प्रशांत: आपके पास 60% बचा… अब आप चाहे जितने में बेचें…? रिपोर्टर: स्कूल वाला जोड़कर 60% बताए हैं… या सिर्फ मेरा…? बुक सेलर प्रशांत: ये सिर्फ आपका है…। रिपोर्टर: यानी मुझे 60% देंगे…? बुक सेलर प्रशांत: हां, ये आपका हुआ…। रिपोर्टर: अब 40% से 45% स्कूल को…। बुक सेलर प्रशांत: हां, यही चलता है…। रिपोर्टर: यानी 15 से 20% बचेगा। बुक सेलर प्रशांत: हां, ये आपके ऊपर है कि क्या बचा लेते हैं…? हमने यहां से क्लास 6th के कोर्स की सभी 8 किताबें खरीदीं। इसका मूल्य 2,955 रुपए होता है, जो प्रशांत ने 60% डिस्काउंट के बाद 1,182 रुपए में दे दीं। क्या और बुक सेलर भी स्कूलों को कमीशन देते हैं?क्या ज्यादातर बुक्स सेलर स्कूलों को कमीशन देते हैं? इस बात की पुष्टि के लिए हमने एक अन्य बुक सेलर शुभम श्रीवास्तव को कॉल किया। शुभम ने बताया- हम आपको 45% डिस्काउंट पर किताबें दे देंगे। आप 20-25% कमीशन स्कूल वालों को दे देना। इससे साफ हो गया कि बुक्स सेलर से स्कूल वाले कमीशन लेते हैं। अब स्कूलों में कमीशन का खेल जानिए… क्या स्कूल प्रिंसिपल, डायरेक्टर किताबों पर कमीशन की डिमांड करते हैं? इस सवाल के जवाब के लिए हम बुक सेलर बनकर राजधानी लखनऊ के प्राइवेट स्कूलों में पहुंचे। हम सबसे पहले गीतापुरी के KDS पब्लिक स्कूल पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात प्रिंसिपल सुशीला सिंह और उनके बेटे अभिजीत सिंह से हुई। उन्होंने बताया कि वे पब्लिशर्स से किताबें खरीदकर स्कूल मंगाते हैं। यहां से पेरेंट्स को बेच देते हैं। इसमें उन्हें अभी 65% कमीशन मिलता है। प्रिंसिपल सुशीला: आप क्या परसेंटेज देते हैं…? रिपोर्टर: आपको जो वहां मिलता होगा… उससे अधिक ही देंगे… क्या मिलता है… वहां से आपको…? प्रिंसिपल सुशीला: आप अपना बताइए… वहां क्या मिलता है ये छोड़िए…। रिपोर्टर: 40 से 50% तक दे देंगे…। अभिजीत: वहां तो ज्यादा मिलता है…। रिपोर्टर: इससे भी ज्यादा मिलता है…? अभिजीत: हां, इससे भी ज्यादा मिलता है…। रिपोर्टर: कितना मिलता है…? अभिजीत: अभी हम जहां से लेते हैं… वहां 65% मिलता है…। रिपोर्टर: मैं अगर इससे बढ़ा दूं… यानी 70 कर दूं…? अभिजीत: आप डिलिवर कर पाएंगे…? रिपोर्टर: क्यों नहीं कर पाएंगे…? नहीं कर पाते तो 2 दिन से क्यों मिलने आ रहे हैं…? अभिजीत: ठीक है… आप देख लीजिए… कर पाएंगे या नहीं…? रिपोर्टर: वो सब मेरे ऊपर छोड़ दीजिए…। अभिजीत: पेमेंट आपका कैसे रहता है…? रिपोर्टर: मतलब…? अभिजीत: हम अभी जिससे लेते हैं… वो डिलीवरी के कुछ महीने बाद लेता है… यानी वो बुक फरवरी से मार्च तक देते हैं… हम पेमेंट दिसंबर में करते हैं। आखिरी पेमेंट जनवरी तक हो जाता है…। रिपोर्टर: कॉपी भी लेंगे न…? अभिजीत: कॉपी में क्या मार्जिन रहता है आपका…? रिपोर्टर: आप जो कहेंगे कर देंगे…। इस बातचीत के कुछ दिन बाद हमने क्लास 6 से 12 तक की किताबों के सेट स्कूल में पहुंचाए। इन्हें लेकर अभिजीत सिंह ने देखने के बाद जवाब देने के लिए कहा। रिपोर्टर: किताबों का सेट लाया हूं, वो आज दे रहा हूं आपको…। अभिजीत: किस क्लास का…? रिपोर्टर: 6 टू 12 अभिजीत : ठीक है…। अब चलिए, दूसरे स्कूल… KDS पब्लिक स्कूल में हुई हमारी डील से साफ हो गया कि यहां किताबों पर स्कूल संचालक 65% कमीशन लेते हैं। अब हमारे सामने सवाल था कि राजधानी लखनऊ के और स्कूलों में बुक्स पर कितना प्रतिशत कमीशन स्कूल वाले खा रहे हैं? इसके जवाब के लिए हम गोमतीनगर एक्सटेंशन के KTD पब्लिश स्कूल पहुंचे। यहां हम प्रिंसिपल स्वाति उपाध्याय से मिले। उन्होंने खुद डील फाइनल नहीं की। लेकिन कहा कि आप बता दीजिए, कितना प्रतिशत देंगे तो वे मैनेजमेंट तक यह जानकारी पहुंचा देंगी। रिपोर्टर: ये हमारी किताबें हैं… आपके यहां लगाना चाहते हैं। मेरी ओर से बहुत अच्छा ऑफर है…। प्रिंसिपल स्वाति: हां, बताइए… कितना है…? रिपोर्टर: 40 से 50% तक दे देंगे…। प्रिंसिपल स्वाति: मतलब… ऑलओवर न…। रिपोर्टर: हां, आप क्या चाहती हैं…? प्रिंसिपल स्वाति: बात कर लेते हैं… एक बार मैनेजमेंट से…। रिपोर्टर: अब तक आप लेती रही होंगी… तो क्या मिलता है…? प्रिंसिपल स्वाति: हम नहीं लेते… मैनेजमेंट लेता है…। रिपोर्टर: कितने प्रतिशत लेते हैं…? प्रिंसिपल स्वाति: हम केवल उनको (मैनेजमेंट को) बता देते हैं… तय वही करते हैं… कितना लेते हैं…? रिपोर्टर: अच्छा…। प्रिंसिपल स्वाति: लेकिन अगर 40 से 50% मिल रहा है तो यह काफी अच्छा ऑफर है…। रिपोर्टर: तो कोई ऐसा है क्या… बिना कमीशन के बुक दे रहा हो…? प्रिंसिपल स्वाति: नहीं, कोई ऐसा नहीं… सब कमीशन के साथ देते हैं…। रिपोर्टर: यानी मैंने जो रेट… कमीशन का बताया है… वह सही है…। प्रिंसिपल स्वाति: हां, 40 से 50% सही है…। रिपोर्टर: हमको लगता है… इससे कम ही कमीशन 20 से 25% मिलता होगा…? प्रिंसिपल स्वाति: हां, जहां तक है… ऐसे ही मिलता होगा…। कोई कमीशन नहीं लिया जातास्कूल से मिले मोबाइल नंबर पर हमने KTD स्कूल के प्रबंधक हीरा ठाकुर से बात की। जब हमने कहा कि आपके स्कूल में किताब लगाने की बात की गई तो आपकी प्रिंसिपल ने पहले कमीशन के बारे में जाना। फिर उन्होंने कहा कि मैनेजर से बात कर लीजिए, वही लोग तय करते हैं। इस पर हीरा ठाकुर ने कहा कि कोई कमीशन नहीं लिया जाता। ये आरोप निराधार है। अब चलिए, मिशनरी स्कूल… इस बातचीत से साफ हो गया कि स्कूल संचालक प्रिंसिपल के माध्यम से डील कराते हैं, लेकिन फाइनल वे ही करते हैं। स्कूलों की कमीशनखोरी के इस खेल को समझने के लिए अब हम विनयखंड के सेंट जॉन बास्को स्कूल पहुंचे। ये मिशनरी स्कूल है। यहां हमारी मुलाकात मैनेजर पी फ्रेंक से हुई। उन्होंने ऑफर सुनने के बाद कहा कि हमारे स्कूल में जो किताबें 3 साल पुरानी हो गई हैं, उन्हें बदलकर आपकी किताबें लगा सकते हैं। इसके बाद आगे की बात करेंगे। मैनेजर पी फ्रेंक: बहुत रेट हाई तो नहीं है आपकी बुक्स के…? रिपोर्टर: रेट सब सही है… और समझिए, 50 टू 60% कमीशन कोई लखनऊ में आपको दे नहीं सकता…। मैनेजर पी फ्रेंक: वही मैं पूछ रहा हूं। मान लो आपने ये बुक 10 रुपए में दी… और आपको अब हमें ही 10 रुपए देना है तो आप 10 रुपए में कहां बेच पाएंगे…? फिर तो आप उसके रेट 15 रुपए करेंगे…। रिपोर्टर: नहीं… नहीं… जो इस पर रेट लिखे हैं… इसी रेट में आपको मिलेगी…। मैनेजर पी फ्रेंक: ठीक है… दिखाइएगा… लाकर किताबें हमें…। रिपोर्टर: सर, सारी बुक्स लग जाएंगी…? मैनेजर पी फ्रेंक: ऐसा नहीं है… देखते हैं… एकदम से पलटा नहीं मार पाएंगे। आप लाइए बुक्स… देखते हैं कौन-सी लगा सकते हैं। बात करेंगे आपसे… अगर आप ठीक होंगे तो वैरी गुड… बात चलेगी आगे…। रिपोर्टर: अगर सर सारी बुक्स नहीं लगाएंगे तो मेरे लिए थोड़ी असहजता होगी…। मैनेजर पी फ्रेंक: देखेंगे ना… क्या बात कर रहे हैं…? जो बुक्स लगेंगी, उसी में कमीशन देंगे ना आप…? अब 3 साल के लिए हम लगाते हैं… अगर इस दौरान कोई बुक में फाल्ट आ जाए तो उसे हटा देते हैं। ऐसी तो कोई बुक नहीं मिली अभी तक…। अब चलते हैं, चौथे स्कूल… यहां कमीशन का तरीका अलग यहां हुई बातचीत के बाद साफ हो गया कि मिशनरी स्कूल में भी बुक्स पर कमीशन खाने का खेल चल रहा है। इस खेल को उजागर करने के लिए अब हम स्टेशन रोड गोमतीनगर के सेंट कोलंबस इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात प्रिंसिपल एपी सिंह से हुई। उन्होंने कहा- पहले बुक्स लाइए, अभी कमीशन की बात मत कीजिए। जब बुक्स लग जाएं, तो बात करेंगे। प्रिंसिपल एपी सिंह: आगे कुछ पॉसिबिलिटी होगी तो आप जनवरी में कॉन्टैक्ट करिएगा… हम आपसे बात करेंगे…। रिपोर्टर: सर… देख लीजिएगा… मैं करने के लिए तैयार हूं… अगर आप भी कुछ कहेंगे तो…। प्रिंसिपल एपी सिंह: सर, उसकी बात ही मत करिएगा… वरना ये होगा… प्रिंसिपल यहां बैठकर ये काम करता है… उस चीज की बात तो बाद में होती है, जब कोई बुक लगनी होती है। तो अभी से करना ठीक नहीं है। रिपोर्टर: सर, मैं आपको बुक्स के सेट दे दूंगा…। प्रिंसिपल एपी सिंह: जैसे मैं आपको बता रहा हूं… 11th-12th में आपकी हिस्ट्री आती हो… हिंदी मीडियम… इंग्लिश मीडियम… दोनों सेम वर्जन… लग जाएगी। आप लाकर दीजिए… हम लगा देंगे। रिपोर्टर: ठीक है…। प्रिंसिपल एपी सिंह: कॉमर्स लाकर दीजिए… 9th-10th की… होम साइंस लाकर दीजिए… लग जाएगी। ये सब बुक्स लग जाएंगी। रिपोर्टर: हां तो मैं ले आऊंगा…। प्रिंसिपल एपी सिंह: …लेकिन सेम होना चाहिए… हिंदी और इंग्लिश सेम। जब चाहे तब दीजिए… आराम से कोई दिक्कत नहीं है…। रिपोर्टर: मैं बुक्स ले आऊंगा… जो आप बोल रहे हैं वो कर देंगे…। प्रिंसिपल एपी सिंह: ठीक है… लेकिन इस चीज की चर्चा कहीं और मत करिएगा…। अब पांचवां स्कूल, यहां पहले ऑफर बताओ, तब आगे बात होगी4 स्कूलों में बुक्स पर कमीशनखोरी के स्टिंग के बाद हमने एक स्कूल और खंगाला। ये गोमतीनगर का जीवन सन-शाइन स्कूल है। यहां प्रिंसिपल और मैनेजमेंट ने हमसे मुलाकात नहीं की। प्रिंसिपल ने हमें लाइब्रेरी में बैठाने का मैसेज भेजा। आधे घंटे बाद खुशबू मैडम आईं और उन्होंने मैनेजमेंट के कहे शब्द हमको बताए। खुशबू मैडम: ठीक है… आप दो-ढाई बजे आज फोन कर लीजिएगा..। रिपोर्टर: न हो तो सर से आप ही कंसल्ट कर दीजिए…। खुशबू मैडम: हां, फिर आप बता दीजिएगा… आप एक्जेक्टली… उनको (हमारे मैनेजमेंट को) ये बता दीजिएगा कि इतना पर्सेंट है… ये नहीं कि थोड़ा कम होगा… ज्यादा कम होगा… आप एक्जेक्टली बता दीजिए…। रिपोर्टर: ठीक है… सर का एक्सपेक्टेशन चाह रहा था कि वे क्या चाहते हैं…? खुशबू मैडम: नहीं, वो आपसे बात करके ही बताएंगे…। अब जानिए, अंकुश के लिए जो नियम बने, उनका तोड़ कैसे निकालते हैं राइट-टू-एजुकेशन और नई शिक्षा नीति के तहत बुक्स पर स्कूल मैनेजमेंट की कमीशनखोरी रोकने के लिए नियम बनाए हैं। लेकिन, कुछ स्कूल वालों ने इनका भी तोड़ निकाल लिया है... इसे लेकर अभिभावक संघ भी खफा, लगाए आरोपयूपी अभिभावक संघ के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने आरोप लगाया कि कोर्स बदलने से पहले स्कूलों को शिक्षा विभाग को जानकारी देनी होती है। एक भी स्कूल ऐसा नहीं कर रहा। स्कूलों को अपने यहां चलने वाली किताबों की सूची शिक्षा विभाग को बतानी होती है। न तो स्कूल ऐसा कर रहे हैं, न ही शिक्षा विभाग जांच करता है। स्कूल एसोसिएशन बोला- सरकार ठोस नियम बनाएस्कूल एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुधीर हलवासिया ने कमीशन को लेकर कहा- स्कूल को स्कूल ही रहने दिया जाना चाहिए, न कि व्यवसायिक केंद्र बनाना चाहिए। सरकार को भी चाहिए कि ऐसा ठोस नियम बनाए, जिससे कापी-किताबों को लेकर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ न पड़े। गाइडलाइन क्लियर है, कार्रवाई करेंगे मंत्री को सवाल भेजे, जवाब नहीं आयाइस संबंध में हमने यूपी की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने अपने दोनों मोबाइल अटैंड नहीं किए। इसके बाद हमने उन्हें सवाल भेजे, लेकिन कई दिन बाद भी उनका जवाब नहीं आया। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में न्यू ईयर पार्टी में न्यूड डांस, कॉलेज की 4 लड़कियां 40 हजार में, स्टिंग में दलाल ने 25 के फोटो-वीडियो भेजे 25 लड़कियों के फोटो आपको वॉट्सऐप कर दिए हैं। देखकर पसंद कर लीजिए… 4 लड़कियों के 40 हजार रुपए लगेंगे। 2 लड़कियां न्यूड डांस करेंगी और 2 फुल सर्विस (सेक्स) देंगी। जो फुल सर्विस देंगी…उनका अलग से 5 हजार रुपए एक शॉट का चार्ज लगेगा…। पढ़िए पूरी खबर...
रणथंभौर-सरिस्का के जंगलों में टाइगर की दहाड़ आपने खूब सुनी होगी। जयपुर के झालाना, नाहरगढ़ और पाली के जवाई में शिकार करते तेंदुओं को भी देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं? राजस्थान में दुनिया के सबसे लंबे सांपों की भी एक रहस्यमयी दुनिया है। ये जगह है वर्ल्ड फेमस केवलादेव घना नेशनल पार्क। यूं तो दुनियाभर के पर्यटक यहां सबसे अनोखे पक्षियों को देखने आते हैं। लेकिन इसी पार्क में 600 से ज्यादा ताकतवर और विशाल अजगर रहते हैं। इस जगह को रॉक पायथन का देश में सबसे बड़ा जोन भी माना जाता है। 'साइलेंट शिकारी' कहे जाने वाले 20 फीट से भी लंबे ये अजगर पलक झपकते ही अपने से कई गुना बड़े जानवर को जकड़ लेते हैं। इनकी फुफकार इतनी खौफनाक होती है कि कोई इनके नजदीक जाने की कोशिश भी नहीं करता। अजगरों की इस दुनिया को कैमरे में कैद करने के लिए भास्कर टीम पायथन जोन में पहुंची। पढ़िए ये रिपोर्ट.... ब्लॉक A से सफर की शुरुआत, वाइब्रेशन सुनते ही बिल की ओर भागा अजगर सुबह के करीब 11 बजे हम केवलादेव नेशनल पार्क के ब्लॉक A में पहुंचे। जंगल के बीचों-बीच पायथन जोन में पर्यटकों के लिए ट्रैक बने हुए हैं। हम उन पर चलते हुए आगे बढ़े तो एक सेही (पॉर्क्युपाइन) का बिल नजर आया। बिल दिखते ही अंदेशा हो गया कि आसपास अजगर जरूर मौजूद होगा। क्योंकि अजगर खुद कभी अपना बिल नहीं बनाते। सेही के बनाए बिलों में ही रहता है। जैसे ही हम आगे बढ़े, पैरों की हल्की सी धमक से एक अजगर की तेजी से भागने की सरसराहट साफ सुनाई दी। हम उसे देख नहीं पाए। लेकिन उसके बिल के पास अंडे का सूखा हुआ खोल मिला। हमारे साथ मौजूद वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रणधीर ने बताया कि यह जगह अजगर की ब्रीडिंग साइट है। यह नजारे हर पल इस बात का संकेत दे रहे थे कि हम भारत के सबसे सक्रिय पायथन जोन में खड़े हैं। दो घंटे बाद पहला दीदार: झाड़ियों के नीचे धूप सेकता अजगर लगातार खोजबीन के लगभग दो घंटे बाद हमें झाड़ियों के नीचे धूप सेकता एक अजगर दिखाई दिया। उसकी लंबाई करीब 12 से 15 फीट होगी। यह मेल अजगर था और बेहद आक्रामक नजर आ रहा था। जैसे ही हम उसके करीब पहुंचे, उसने जोर से फुफकारना शुरू कर दिया। वह लगातार अपनी पूंछ हिला रहा था, जो इस बात का संकेत था कि वह खतरा महसूस कर रहा है। आमतौर पर अजगर ऐसे हालात में अपने बिल की ओर भागते हैं। लेकिन यह अजगर वहीं बैठा रहा। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रणधीर ने बताया कि अजगर इंसान के पैरों दी धमक या किसी खतरे की जल्दी पहचान लेता है। ये बेहद शांत होता है और चुपचाप शिकार करना पसंद करता है, इसलिए इसे 'साइलेंट अटैकर' कहा जाता है। यह जो अजगर सामने है, इसका रंग डार्क ब्लैक है। केवलादेव में अजगर कई अलग-अलग रंगों में मिलते हैं। कैनाल के पास दूसरा विशाल अजगर टीम आगे बढ़ी तो करीब 20 मिनट के भीतर केवलादेव कैनाल के पास दूसरा अजगर नजर आया। यह पहले दिखाई दिए अजगर से भी विशाल था। लंबाई करीब 15 फीट होगी। अजगर का रंग थोड़ा हल्का था, लेकिन त्वचा बेहद चमकीली। पानी के पास उसकी मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि अजगर और वेटलैंड का रिश्ता कितना गहरा है। पार्क में आगे बढ़ते समय सड़क से थोड़ी दूरी पर एक छोटा अजगर भी नजर आया। वह झाड़ियों के ऊपर धूप सेक रहा था। हालांकि वह पूरी तरह नजर नहीं आया, लेकिन उसके शरीर का जो हिस्सा दिखा, वह बिल्कुल झाड़ियों के रंग में घुला हुआ था। यह कैमोफ्लाज अजगर की सबसे बड़ी ताकत है। दुर्लभ नजारा : नाव से जंगल के भीतर, एक ही बिल में नजर आए 3 अजगर केवलादेव नेशनल पार्क के बीचों-बीच से घना कैनाल गुजरती है। यह पानी का प्रमुख सोर्स भी है। हमें जानकारी मिली कि जंगल के और भीतर कैनाल के आस-पास वेटलैंड एरिया में अजगरों का काफी मूवमेंट रहता है। हमें यही कैप्चर करना था। वहां तक पहुंचने के लिए हमने एक नांव ली। कुछ ही देर बाद हम केवलादेव नेशनल पार्क के बिल्कुल बीच में थे। दूर-दूर तक कोई इंसान नजर नहीं आ रहा था। बिना नांव के यहां पहुंचना बेहद मुश्किल है। सिर्फ पानी के जीव-जंतु, विषैले सांप और अजगर ही रहते हैं। नांव से उतरने के बाद थोड़ी दूरी पर फिर एक बेहद बड़ा सेही का बिल नजर आया। यहां का नजारा हैरान करने वाला था। थोड़ी ही दूरी पर हमें 3 अजगर नजर आए, जो जंगल में छिपकर बैठे हुए थे। हमने उनके बिल के पास जाकर इंतजार किया। कुछ ही देर में पैरों की वाइब्रेशन से पहला अजगर बाहर आया। यह बेहद बड़ा, चमकीला गोल्डन कलर का था। उसने हमें एक पल घूरकर देखा और फिर अपने बिल में रेंगते हुए चला गया। इसकी लंबाई 13 से 15 फीट के करीब होगी। देखने में काफी आक्रामक लग रहा था। लगातार जीभ बाहर निकाल रहा था, जो इस बात का संकेत था कि वह शिकार या बचाव के मूड में है। इसके कुछ देर बाद दूसरा अजगर भी उसी बिल की ओर रेंगता हुआ आया। कैमरा कैप्चर के लिए टीम उसी मोड़ पर बैठ गई। यह अजगर भी देखते ही देखते बिल में चला गया। गाइड ने बताया कि ये अजगर करीब 50 किलो वजन का होगा। 10 मिनट और इंतजार के बाद तीसरा अजगर भी उसी बिल में जाते नजर आया। एक ही बिल में तीन अजगरों को एक साथ जाते देखना बेहद दुर्लभ और रोमांचक अनुभव था। इस क्षेत्र की शांति और दुर्गमता की वजह से ही ऐसा नजारा देखने को मिलता है। सेही, लकड़बग्घा और अजगर, तीनों का एक ही घर कैनाल से ही बोट के जरिए वापसी के दौरान कई अजगर एक साथ धूप सेकते नजर आए। ये नजारे देखकर ऐसा लगता है, मानो घना की जमीन पर इन्हीं का राज है। नेचुरलिस्ट रणधीर बताते हैं कि अजगर सेही के बनाए बिलों को ही अपना घर बनाते हैं। बिल के अलग-अलग हिस्सों में अजगर, सेही और लकड़बग्घा एक साथ रहते हैं। कई बार इन तीनों के बीच आवास को लेकर झड़पें भी हो जाती हैं। केवलादेव को माना जाता है रॉक पायथन का सबसे बड़ा घर नेचुरलिस्ट नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में 600 से ज्यादा अजगर मौजूद हैं। हर साल औसतन 200 अजगरों का रेस्क्यू किया जाता है। यहां निवास करने वाले अजगर की लंबाई 18 से 22 फीट तक होती है। इनकी औसत उम्र 16 साल होती है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में अजगरों की मौजूदगी पर वन्यजीव विशेषज्ञ सुब्रमण्यम भूपति ने रिसर्च की थी। इस रिसर्च में सामने आया कि घना में पूरे भारत के लिहाज से सर्वाधिक संख्या में अजगर (रॉक पायथन) मौजूद हैं। रिसर्च के दौरान यहां पर 135 अजगरों की मौजूदगी पाई गई थी, लेकिन घना में इनकी असल आबादी कहीं ज्यादा है। यही कारण है कि घना को रॉक पायथन का भारत में सबसे बड़ा पॉइंट माना जाता है। यहां के गाइड गजेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दियों और धूप वाले दिनों में अजगर ज्यादा एक्टिव रहते हैं, इसी वजह से इस समय उनकी साइटिंग बढ़ जाती है। केवलादेव का वेटलैंड और घनी झाड़ियां अजगर के लिए आदर्श प्राकृतिक आवास हैं। यहां उन्हें पर्याप्त पानी, शिकार और छुपने की जगह मिलती है। कई टूरिस्ट खासतौर से अजगर देखने ही यहां पर आते हैं। विदेशी टूरिस्ट में इनका ज्यादा क्रेज रहता है। पर्यटक बोले- पक्षी देखने आए थे, पायथन देखकर हैरान चेन्नई से आए पर्यटक शिवाय ने बताया- ‘हम यहां पक्षी देखने आए थे, लेकिन हमें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि केवलादेव में इतना बड़ा पायथन पॉइंट भी है। यह मेरा पहला अनुभव है जब मैंने अजगर को इतने पास से देखा। यह अनुभव वाकई बहुत रोमांचक और यादगार रहा।’ शाविन ने बताया- मैंने पहली बार अजगर को मूवमेंट करते हुए देखा। मैं उसका चेहरा देखना चाहता था, लेकिन वह ज़्यादा हिल नहीं रहा था, इसलिए साफ़ दिखाई नहीं दिया। हमने काफी देर तक उसका इंतजार किया। वह बेहद खतरनाक लग रहा था, लेकिन उसे देखना बहुत रोमांचक था। अब मैं अपने दोस्तों को भी इस अनुभव के बारे में जरूर बताऊंगा।' अजगर की मौजूदगी को लेकर कई कहानियां भी केवलादेव के अंदर ई-रिक्शा चलाने वाले जितेंद्र बताते हैं कि यहां मान्यता के अनुसार भरतपुर के पास के एक गांव से श्रीकृष्ण को मारने एक राक्षस अजगर बनकर गया था, जिसे श्रीकृष्ण ने मार दिया। तभी से इस इलाके में अजगरों की संख्या ज्यादा मानी जाती है। पायथन सेंचुरी के तौर पर विकसित करने का विचार उपवन संरक्षक चेतन कुमार बी.वी. ने बताया कि केवलादेव नेशनल पार्क में पायथन पॉइंट एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यहां अजगरों की साइटिंग बहुत अच्छी रहती है। इन पर काफी रिसर्च किया गया है और इनकी संख्या भी यहां अच्छी खासी है। भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में जहां भी अजगर रेस्क्यू किए जाते हैं, उन्हें सुरक्षित रूप से केवलादेव नेशनल पार्क में ही छोड़ा जाता है, इसी वजह से यहां इनकी संख्या अधिक है। .... भास्कर की स्पेशल स्टोरीज से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... अब पैलेस ऑन व्हील्स में शादी भी होंगी:सबसे लग्जरी ट्रेन में 21 लाख किराये का शाही कमरा; कांच और सोने के महल जैसे रेस्टोरेंट जयपुर के दुर्गापुरा स्टेशन पर खड़ी पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन दूर से नजर आ जाती है। कोच का रंग, डिजाइन और भव्यता देखकर समझ आ जाता है कि ये आम ट्रेन नहीं है। पूरी खबर पढ़िए...
मकान नंबर- 199/5, शास्त्रीनगर, मेरठ तारीख- 18 जून, 2016 शाम के करीब 4 बजे होंगे। घर के अंदर 3 लाशें लहूलुहान पड़ी थीं। कॉलगर्ल रिया बेड पर न्यूड पड़ी थी। मकान मालिक चंद्रशेखर गुप्ता और पत्नी जहां-तहां जमीन पर थे। खुलासा हुआ कि चंद्रशेखर गुप्ता अपने घर के अंदर कॉलगर्ल से सेक्स रैकेट चलवाते थे। रिया के बॉयफ्रेंड ने ही दोस्तों संग मिलकर तीनों मर्डर किए। इस वारदात के बाद ये मकान ‘हॉरर’ जैसा हो गया। आस-पास के लोग डरने लगे। ये बातें भी सामने आईं कि इस मकान से पायल खनकने की आवाजें आती हैं। कई साल तक ऐसे ही चलता रहा। आखिरकार एक नई सुबह आई, जिसने इस पूरे इलाके का सीन ही बदल डाला। एक कारोबारी ने ये मकान खरीदा और ध्वस्त करके नई बिल्डिंग खड़ी कर दी। आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि आज इस बिल्डिंग में इस्कॉन मंदिर है। सुबह से शाम तक यहां ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्णा’ के स्वर गूंजते हैं। जिस मकान को ‘हॉरर’ बताया जाता था, वहां आज घंटे-घड़ियाल बजते हैं। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु आकर प्रभु का गुणगान करते हैं। ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पढ़िए... सबसे पहले ट्रिपल मर्डर के बारे में जानिए सेक्स रैकेट का अड्डा था इंश्योरेंस बैंक मैनेजर का मकान18 जून, 2016 को मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित शास्त्रीनगर के एक मकान में 3 लाशें मिलीं। तीनों की पहचान इंश्योरेंस बैंक मैनेजर चंद्रशेखर गुप्ता (52), पत्नी पूनम गुप्ता और कॉलगर्ल रिया (25) के रूप में हुई। रिया की लाश पूरी तरह नग्न हालत में बेड पर पड़ी थी। तीनों के शव चाकू से गोदे गए थे। पुलिस ने इस मामले में रिया के प्रेमी विकास उर्फ विक्की समेत सचिन सक्सेना और उदयवीर को गिरफ्तार किया। दरअसल, रिया कॉलगर्ल थी। खुद विक्की उसके लिए कस्टमर लाता था। कस्टमर लाने का ठिकाना होता था इंश्योरेंस मैनेजर चंद्रशेखर का मकान। धीरे-धीरे रिया ने विक्की को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। ये बात विक्की को नागवार गुजरी और उसने रिया की हत्या का प्लान बना लिया। इधर, सचिन को भी पैसे की जरूरत थी, इसलिए वो भी इस प्लान में विक्की के साथ हो गया। कंडोम लेने गया मैनेजर, वापस आया तो पड़ी थीं दो लाशेंमेरठ पुलिस के अनुसार, विक्की ने सचिन और उदयवीर को कस्टमर बनाकर रिया के पास भेजा। रिया उस वक्त चंद्रशेखर के मकान पर ही मौजूद थी। अंदर कमरे में ले जाकर रिया ने सचिन से 1200 रुपए लिए। इसमें से उसने 100 रुपए चंद्रशेखर गुप्ता को दिलवाए और कंडोम लाने के लिए कहा। इतनी देर उदयवीर बाहर वाले कमरे में बैठा रहा। चंद्रशेखर जैसे ही बाहर गया, सचिन ने रिया पर ताबड़तोड़ चाकू बरसा दिए। शोर सुनकर चंद्रशेखर की पत्नी पूनम गुप्ता आई तो उसे भी चाकू से हमला कर मार दिया। दोनों मर्डर करके सचिन-उदयवीर ने अलमारी की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। फिर दोनों घर से बाहर जाने लगे। लेकिन, चंद्रशेखर गेट का दरवाजा बाहर से लॉक करके गया था। इसलिए वो चंद्रशेखर के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही चंद्रशेखर कंडोम लेकर वापस आया, तो दोनों ने उसे भी मार डाला। इस वारदात के करीब 7 साल बाद मेरठ की अदालत ने तीनों आरोपियों विक्की, सचिन, उदयवीर को दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। कारोबारी बोले- मैंने सब नजरअंदाज कर मकान खरीदाइस हत्याकांड के बाद मकान के बाहर महीनों तक मेरठ की नौचंदी थाना पुलिस तैनात रही। घर के बाहर पुलिस एक अस्थायी पिकेट के तौर पर दिनभर बैठी रहती थी। धीरे-धीरे ये घर वीरान हो गया। इंश्योरेंस बैंक मैनेजर के बेटे पहले से ही बाहर रहते थे। वो इस हत्याकांड के बाद मकान पर अपना ताला लगाकर चले गए। धीरे-धीरे ये घर हॉरर जैसा बनने लगा। एक पड़ोसी ने बताया कि वो अपना घर बेचकर यहां से जाने का मन बनाने लगे। इस दौरान मेरठ के सेंट्रल मार्केट में पर्दे बेचने वाले कारोबारी अमित गुप्ता को पता चला कि ये मकान बिकने वाला है। लेकिन, कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा। उन्होंने एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए चंद्रशेखर गुप्ता के बेटों से संपर्क किया और डीलिंग फिक्स हो गई। साल-2020 के आसपास अमित गुप्ता ने ये मकान खरीद लिया। शुरुआत में कुछ महीनों तक उसी घर में पर्दे सिलने का काम चला। फिर अमित गुप्ता ने पूरा घर ध्वस्त करा दिया। तीन मंजिला नई बिल्डिंग तैयार कराई। अमित गुप्ता बताते हैं- जब हमने प्रॉपर्टी खरीदी, उससे पहले इस मकान को लेकर डर का माहौल था। लोग समझते थे कि इसमें भूत-प्रेत है। लोग कहते थे कि शाम के वक्त इस मकान से पायल बजने की आवाजें आती हैं। हमें इस तरह की बातें आस-पड़ोस के लोग बताते थे। मैंने इन सब चीजों को नहीं माना। मुझे पैसे इन्वेस्ट करने के लिए प्रॉपर्टी खरीदनी थी और इसको खरीद लिया। आवास-विकास परिषद से दोबारा मानचित्र पास कराया और मकान गिराकर करके दोबारा तीन मंजिला बिल्डिंग बनवाई। बिल्डिंग अंडर कंस्ट्रक्शन थी। उसी वक्त इस्कॉन से जुड़े लोग मेरे पास आए। उन्हें मंदिर के लिए ये जगह पसंद आई और मैंने किराए पर दे दी। पुजारी बोले- हमें भी पुरानी बातें पता चली, तब भी मंदिर का फैसला लियाहम शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में उसी बिल्डिंग यानी अब इस्कॉन मंदिर पर पहुंचे। प्रभु को भोग लगाने की तैयारी चल रही थी। मंदिर में कई श्रद्धालु भी मौजूद थे। पुजारीजी ने पहले भोग लगाया, फिर शंख बजाकर गर्भगृह से पर्दा हटाया। हमने इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी चारू गोविंद दास से बात की। वो कहते हैं- जहां प्रभु का नाम होता है, हरे-हरे कृष्णा महामंत्र का उच्चारण होता है, वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार चैतन्य महाप्रभु ने बोला है कि गांव-गांव, नगर-नगर में हर जगह भगवान कृष्ण का मंदिर होना चाहिए। इस्कॉन कहता है कि हर गली में भगवान का एक केंद्र जरूर हो, जहां सब लोग कृष्णजी से जुड़ पाएं। इसलिए हम मेरठ में मंदिर के लिए एक स्थान ढूंढ रहे थे। हमें सेंट्रल मार्केट में इस बिल्डिंग के बारे में पता चला। इस मकान में पहले जो कुछ हुआ, हमें वो भी मालूम हुआ। जब हम यहां आए तो इस मकान के ठीक सामने कूड़े का ढेर होता था। लोगों से कई तरह की बातें इस बिल्डिंग को लेकर सुनीं। लेकिन हम इधर-उधर सुनी हुई बातों पर यकीन नहीं करते। हम अपने निर्णय शास्त्रों के अनुसार लेते हैं। इसलिए हमने सोचा कि इस स्थान से बढ़िया कुछ और मंदिर के लिए नहीं हो सकता। ‘पॉजिटिव ऊर्जा, आध्यात्मिक शक्ति फैलाने वाला केंद्र बनी ये जगह’चारू गोविंद दास आगे बताते हैं- इस बिल्डिंग में आने से पहले हमने सोचा कि उस बात (ट्रिपल मर्डर) को काफी समय हो चुका है। शास्त्र भी कहता है कि सारी धरती है तो भगवान की। उसमें से अगर कुछ भूमि में अपवित्र कार्य हुआ भी है तो हमारे साधु-संतों के चरणों से वो स्थान पवित्र हो जाएगा। जब हम यहां पर आए तो वास्तु यज्ञ किया, प्रभु के नाम का कीर्तन किया। उसके बाद हम प्रभु के विग्रह यहां लेकर आए। अब ये जगह पॉजिटिव ऊर्जा, सकारात्मक वाइब्रेशन, आध्यात्मिक शक्ति को फैलाने वाला केंद्र बन गया है। इस केंद्र से रोजाना एक हजार से भी ज्यादा लोगों को प्रसाद स्वरूप छोले-चावल खिलाए जाते हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में नए साल में होंगे 3 चुनाव, मायावती, चंद्रशेखर और पंकज चौधरी के लिए कैसा रहेगा 2026? जानिए... 2026 की दस्तक के साथ प्रदेश ही नहीं, देश की निगाहें यूपी में 2027 पर होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेंगी। 2027 की परीक्षा से पहले यूपी में भाजपा, सपा, अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा को तीन-तीन बड़े चुनावों से गुजरना होगा। इसी साल सभी पार्टियां दल-बदल से गुजरेंगी। पढ़िए पूरी खबर...
झारखंड में नए साल के शुरुआत में ठंड से थोड़ी राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, इसके बाद अगले तीन दिनों में इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी जा सकती है। इसके बाद ठंड फिर से लोगों को परेशान कर सकती है। पिछले 24 घंटे में झारखंड का गुमला जिला सबसे ठंडा रिकॉर्ड किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को सुबह में कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा और बाद में आसमान मुख्यत साफ रहेगा। अगले 5 दिनों के दौरान अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहेगा और गुनगुनी धूप रहेगी। हालांकि संथाल और कोल्हान के कुछ जिलों में सुबह के वक्त कुहासा रह सकता हैं पर धूप निकलने के बाद वह साफ हो जाएगा। शुक्रवार को सुबह और शाम में गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जिला में कोहरा छा सकता है। जमशेदपुर में टूटा 6 सालों का रिकॉर्ड इधर, इस दिसंबर शहर ने ठंड के ऐसे तेवर दिखाए हैं, जो बीते कई सालों में कभी नहीं देखे गए। रात और सुबह के अलावा दिन में भी ठंड से राहत नहीं मिली। लगातार छाए घने कोहरे के कारण दिन में भी ठिठुरन महसूस हो रही है। बीते 6 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब दिसंबर महीने में जमशेदपुर का अधिकतम तापमान एक भी दिन 30 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रांची का पिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। राज्य में कहीं-कहीं पर हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रांची में दर्ज किया गया। राडार जंगल में, इसलिए तापमान कम इधर, गुमला के कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक अटल तिवारी के अनुसार, गुमला में मौसम का राडार विशुनपुर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में लगा है, जो घने जंगल के बीच में है। इसलिए यहां का तापमान शहर से काफी कम होता है। दिसंबर से उत्तर-पश्चिम से आने वाली बर्फीली हवा सीधे झारखंड के पश्चिमी जिलों गुमला और सिमडेगा से प्रवेश करती है। इसलिए गुमला का पारा अधिक गिर रहा है।
केरवा जंगल कैंप में नए साल की छुट्टी मनाने के बहाने 19 वर्षीय युवती से ज्यादती का मामला सामने आया है। रातीबड़ पुलिस ने शिकायत पर 40 वर्षीय प्रॉपर्टी एजेंट के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने बताया कि युवती इवेंट मैनेजमेंट का काम करती है। कुछ समय पहले एक सहेली ने उसकी मुलाकात आरोपी जहूर से करवाई थी। युवती को अपनी मां के इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। आरोपी ने उसकी मदद की। इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ गया। युवती ने पुलिस को बताया कि बुधवार को आरोपी उसके दफ्तर पहुंचा। कहा कि नए साल की छुट्टी मनाने केरवा जंगल कैंप चलते हैं। युवती तैयार हो गई और उसके साथ चली गई। दोपहर में सुनसान जगह देखकर आरोपी ने उसके साथ ज्यादती की। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया भी फिर वहां से फरार हो गया। घर लौटकर युवती ने आपबीती परिजनों को बताई फिर रातीबड़ थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया।
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही जनगणना संबंधी कार्य शुरू होने के कारण प्रदेश की सभी प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो गई हैं। बीते वर्ष के अंतिम दिन तक जिला, उपखंड, वार्ड, पंचायत समेत जो भी प्रशासनिक सीमाएं बदली गई हैं, उनके अनुसार ही अब आगे जनगणना का काम होगा। अब यदि कोई बदलाव होगा, तो उसे जनगणना के आंकड़ों के अनुसार मैच नहीं कराया जा सकेगा। पूरे दस वर्ष तक जनगणना 2025 तक की प्रशासनिक सीमाओं के आधार पर आंकी जाएगी। राज्य में जिस तरह से जनगणना की तैयारियां की जा रही हैं, उसके अनुसार 15 मई से पहले चरण की जनगणना का काम शुरू होने की पूरी संभावना है। इससे पहले अब सभी स्तर पर कर्मचारी-अधिकारियों की ट्रेनिंग का काम तेजी से किया जाना है। दूसरे और अंतिम चरण की मतगणना का काम फरवरी 2026 में शुरू होगा। सीमा फ्रीज का मतलब क्या नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव, वार्ड जिनकी सीमा 31 दिसंबर 2025 तक तय हो गई हैं। उनमें बदलाव अब नए सिरे से नहीं होगा। जिनमें बदलाव नहीं हुआ है, वहां किसी प्रकार की सीमा में संशोधन नहीं होगा। गांव या शहर के किसी भी वार्ड तक की सीमा में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकेगा। वैसे यह रोक 2027 में तक होने वाली जनगणना के काम को पूरा होने तक रहेगी, लेकिन जनगणना के आंकड़े पूरे 10 साल 1 जनवरी 2026 की प्रशासनिक सीमा के आधार पर ही रहेंगे। रोक हटने पर गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी करेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक नई प्रशासनिक यूनिट बनाने पर जनगणना की रोक हटाई थी। प्रदेशभर के कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी जनगणना निदेशालय की ओर से पहले चरण के लिए अब प्रदेशभर के कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। सरकार की ओर से प्रशासनिक सीमाएं तय होने के बाद अब निदेशालय फ्रेम बनाकर हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना कराएगा। इसी चरण में ईबी बनाई जाएगी। ईबी यानी इन्यूमरेशन ब्लॉक(गणना खंड) एक छोटा भौगोलिक क्षेत्र होता है, जिसे जनगणना के काम को आसान बनाने के लिए तय किया जाता है। प्रत्येक जनगणना कर्मी उसी के अनुसार पहले चरण में हाउस लिस्टिंग करेंगे। इसमें सामान्यतः 120 से 150 घर शामिल होते हैं। सभी मकानों-ईमारतों की सूची रिहायशी/व्यावसायिक के अनुसार बनाएंगे। इनमें क्या-क्या सुविधाएं जैसे पानी, शौचालय, बिजली आदि हैं, परिसंपत्तियां हैं, उनकी जानकारी लेंगे। परिवार के बारे में जानकारी लेंगे। पोर्टल पर सेटेलाइट इमेज पर मकान आदि होंगे, उनके नक्शे काटकर जनगणना कर्मी काम पूरा करते चलेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उसकी पूरी डिटेल ली जाएगी। पूरी जनगणना ऑनलाइन एप के जरिए किया जाएगा।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर इंदौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई। दूसरी बड़ी खबर स्विट्जरलैंड से रही। नए साल के जश्न के दौरान धमाके से 40 लोग मारे गए। यूपी में गाजियाबाद पुलिस ने ऐसी मशीन खोजी है, जो यह बता देती है कि कौन सा व्यक्ति कहां का रहने वाला है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. इंदौर में 14 मौतों की वजह बना पाइपलाइन में लीकेज, पानी में मिला जानलेवा बैक्टीरिया MP के इंदौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई है और 1400 लोग बीमार हो गए। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल रिपोर्ट से भी कन्फर्म हुआ कि पानी में जानलेवा बैक्टीरिया थे, जो मौत की वजह बने। MP के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने 7 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रूपए के चेक दिए, लेकिन परिजनों ने नाराजगी जताते इसे लेने से इनकार कर दिया। मीडिया पर भड़के मंत्री: MP के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से एक पत्रकार ने पूछा कि पीने के पानी की उचित व्यवस्था क्यों नहीं हुई? इस पर मंत्री भड़क गए और बोले, 'अरे छोड़ो यार, फोकट के सवाल मत करो।' इस दौरान विजयवर्गीय ने अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया। हालांकि, बाद में उन्होंने माफी मांगी। CM ने जांच कमेटी बनाई: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर एक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। फिलहाल शहर में टैंकरों से साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर... 2. स्विट्जरलैंड के रिसॉर्ट में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान ब्लास्ट, 40 की मौत, 115 घायल स्विट्जरलैंड के क्रांस-मोंटाना शहर में एक रिसॉर्ट में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान बड़ा धमाका हुआ। 31 दिसंबर की देर रात करीब 1:30 बजे हुए विस्फोट में 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा घायल हैं। शुरुआती जांच में पाया गया है कि आतिशबाजी की वजह से धमाका हुआ। फिलहाल आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है। क्रांस-मोंटाना देश का सबसे महंगा शहर: स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वत क्षेत्र में स्थित एक लग्जरी स्की रिसॉर्ट है। यह जगह स्विस राजधानी बर्न से करीब दो घंटे की दूरी पर है और यहां हर साल बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं, खासकर सर्दियों और नए साल के समय। 15,000 की आबादी वाला यह शहर देश के सबसे खास और महंगे इलाकों में गिना जाता है। पढ़ें पूरी खबर... 3. गाजियाबाद में थानेदार ने बिहार के युवक पीठ पर लगाया मोबाइल, कहा-तुम बांग्लादेशी हो गाजियाबाद में एक थानेदार ने घुसपैठियों की पहचान के लिए अनोखी तरकीब खोज निकाली। उसने एक युवक की पीठ पर अपना मोबाइल सटाया। थानेदार ने कहा- तुम बांग्लादेशी हो, मशीन बता रही है। युवक ने पुलिस के इस दावे को नकारते हुए खुद को बिहार के अररिया का बताया। थानेदार जमकर ट्रोल हुए। थानेदार पर मेरठ में दर्ज हुआ था रेप केस: जांच करने वाले SHO अजय शर्मा पर जून, 2022 में मेरठ में एक महिला ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय अजय शर्मा दरोगा थे। हालांकि, रेप का जो मुकदमा दर्ज हुआ था, उसमें एफिडेविट लगा दिया गया था। आरोप सही नहीं पाए गए थे। पढ़ें पूरी खबर... 4. बांग्लादेश में फिर हिंदू शख्स को पेट्रोल डालकर जलाया, धारदार हथियारों से हमला बांग्लादेश में एक और हिंदू शख्स को जलाने का मामला सामने आया है। 31 दिसंबर की रात 50 साल के खोकोन दास जब घर लौट रहे थे, तो भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। पहले धारदार हथियारों से वार किया गया, फिर बेरहमी से पीटकर आग के हवाले कर दिया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में रब्बी और सोहाग को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। 15 दिन में दूसरी घटना: बीते 15 दिनों में बांग्लादेश में यह दूसरी घटना है, जिसमें हिंदू शख्स को जिंदा जलाया गया है। इससे पहले 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इसके बाद उनके शव को पेड़ पर लटकाकर आग लगा दी गई थी। पढ़ें पूरी खबर... 5. पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी-कोलकाता के बीच चलेगी, थर्ड एसी का किराया ₹2,300 पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलेगी। थर्ड एसी का किराया ₹2,300 तय किया गया है। सेकेंड एसी का किराया ₹3,000 होगा। फर्स्ट AC का किराया करीब ₹3,600 प्रस्तावित किया गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल पूरा: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ट्रेन की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन पूरा कर लिया गया है। स्लीपर ट्रेन को 1000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस साल के आखिर तक लगभग 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर... 6. कॉमर्शियल सिलेंडर आज से ₹111 महंगा, कारों के दाम भी बढ़े, CNG और PNG ₹2 सस्ती हुई 1 जनवरी 2026 से 19 किलो कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹111 महंगा हो गया। कई कार कंपनियों ने 2-3% तक दाम बढ़ाए। CNG और घरेलू PNG 2 से 3 रुपए तक सस्ती हुई। वहीं, इस साल एविएशन फ्यूल के दाम घटने से हवाई टिकट सस्ते हो सकते हैं। 8वें वेतन आयोग से सैलरी बढ़ने की भी उम्मीद है। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं किया गया है... पढ़ें पूरी खबर... 7. चांदी के भाव में लगातार तीसरे दिन गिरावट, कीमत ₹1,170 कम होकर ₹2.29 लाख पर आई चांदी के दाम में नए साल के पहले दिन भी गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी की कीमत 1,170 रुपए कम होकर 2,29,250 रुपए पर आ गई है। पिछले साल यानी 2025 में चांदी की कीमत 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ी है। सोना ₹1.33 लाख हुआ: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 266 रुपए बढ़कर 1,33,461 रुपए हो गया है। पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... पति-पत्नी ने घर को बनाया नकली नोटों की फैक्ट्री छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक दंपति ने घर में नकली नोटों की मिनी फैक्ट्री चला रखी थी। कर्ज से परेशान होकर उन्होंने यूट्यूब से तरीका सीखकर 500, 200 और 100 के नकली नोट छापे। शक न हो, इसलिए नोटों पर मिट्टी भी लगाते थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर 1.70 लाख रुपए से ज्यादा के नकली नोट बरामद किए हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों के रुके काम पूरे होंगे। वृश्चिक राशि वालों की नौकरी और बिजनेस के लिए अच्छा दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
जनवरी का मौसम:साल के पहले महीने का ट्रेंड... 11 साल में 8 बार मावठे से भीगा शहर
जनवरी में मौसम हर तरह के रंग दिखाता है। इस महीने तेज ठंड, कोहरा, कुहासा, घनी धुंध, बादल, शीतलहर, मावठा (शीतकालीन बारिश), कोल्ड डे जैसा मिला-जुला मौसम रहता है। इस बार भी शीतलहर, मावठा और ठंड पड़ने की संभावना है। जनवरी में 11 साल में 8 बार मावठा गिरा। दूसरे पखवाड़े की शुरुआत होने से पहले और महीने के अंत में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से 8 डिग्री तक पहुंच जाता है। इस बार नवंबर-दिसंबर में ही कड़ाके की ठंड पड़ चुकी है। अनुमान है कि जनवरी में भी यही ट्रेंड रह सकता है। सर्दी का कोई नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। पिछले साल 12 वर्षों की सबसे ज्यादा ठंड पड़ी थी। 8 जनवरी को ही पारा 3.6 डिग्री पर आ गया था। डॉ. जीडी मिश्रा - एक्सपर्ट, मौसम विज्ञान जनवरी में मावठे का ट्रेंड पिछले साल जनवरी की शुरुआत से ही तेज ठंड शुरू हो गई थी। आठवें ही दिन पारा 4 डिग्री से नीचे आ गया था।11 साल में 7 बार कड़ाके की ठंड पड़ी। इन 7 वर्षों में महीने भर में रात का सबसे कम तापमान 6 डिग्री से नीचे आ गया था। जानें, इस महीने कब कैसा मौसम रह सकता है
सबसे साफ शहर के नलों में ‘जहर’:14 मौतों की कीमत 2-2 लाख लगा दी, हे सरकार! हमें पैसे नहीं, जवाब चाहिए
देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सफाई नहीं, अब सिस्टम की सड़ांध सामने आ गई है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से गुरुवार को एक और मौत हो गई। इसके साथ गंदे पानी से मरने वालों की संख्या 14 पहुंच गई है। अब तक 1400 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं और 200 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके बावजूद प्रशासन के पास कोई ठोस जवाब नहीं है कि पानी में ये ‘जहर’ कैसे घुला? सरकार ने अब तक कोई जिम्मेदार तो तय नहीं किया, लेकिन 14 जानों की कीमत जरूर लगा दी। हर जान के हिसाब से 2-2 लाख रुपए तय किया गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में पूरी रिपोर्ट तलब की है। लोगों ने नहीं लिया मुआवजे का चेक, विरोध ऐसा कि मंत्री को लौटना पड़ा गुरुवार सुबह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दोपहिया वाहन से भागीरथपुरा पहुंचे। यहां दूषित पानी से जान गंवाने वाले 7 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए के चेक दिए जाने थे। परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने मंत्री का स्कूटर रास्ते में रोका और आरोप लगाया कि दो साल से गंदा पानी आ रहा है, पर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि पैसे नहीं, जवाब चाहिए। लोगों के गुस्से को देखते हुए मंत्री को स्कूटर आगे बढ़ाने को कहना पड़ा। रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया मिला हैजा की आशंका, पर अब तक नोटिफिकेशन नहींमरीजों को डॉक्सीसायक्लीन दी जा रही है, जो आमतौर पर हैजा के इलाज में इस्तेमाल होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हैंगिंग ड्रॉप टेस्ट से एक घंटे में हैजा की पुष्टि हो सकती है, पर प्रशासन कल्चर रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने में दो से तीन लग सकते हैं।
दोषी को बचाने रिटायरमेंट तक चार्जशीट नहीं, जीएडी ने भी माना- नियम का हो रहा दुरुपयोग
पेंशन नियम 1969 का एक प्रावधान भष्टाचार के आरोपों से घिरे अफसरों को बचाने के लिए ढाल बन गया है। नियम कहता है, किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या कदाचरण की कोई ऐसी शिकायत है जो उसके रिटायरमेंट की तारीख से चार साल पहले की है और इस मामले में रिटायरमेंट तक चार्जशीट नहीं दी जाती तो रिटायर होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। राज्यपाल के आदेश पर भी नहीं। लोक निर्माण विभाग में इसका दुरुपयोग हो रहा है। पूरी कोशिश रहती है कि रिटायरमेंट तक संबंधित अफसर को चार्जशीट न मिले। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अजय कटेसरिया भी कहते हैं, रिटायरमेंट होने की तारीख से चार साल पुरानी घटना की जांच न किए जाने के नियम का दुरुपयोग हो रहा है। किसी अधिकारी को बचाना हो तो रिटायरमेंट तक जांच लंबित कर दी जाती है। हालांकि होना यह चाहिए कि जिस स्तर पर जांच लंबित है, उस अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए। केस-1 अहिरवार रिटायर हो गए, कोई एक्शन नहीं हुआ छोला आरओबी के निर्माण में 2018 में एस्केलेशन की स्थिति निर्मित हुई। चीफ इंजीनियर केसी अहिरवार की स्वीकृति से लगभग 3.50 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि का भुगतान हुआ। लोकायुक्त में शिकायत हुई। इसके बाद भी 2022 तक कोई विभागीय जांच नहीं हुई। 2022 में उनके रिटायरमेंट से डेढ़ महीने पहले लोकायुक्त ने विभाग को जांच करने को कहा। तत्कालीन ईएनसी नरेंद्र कुमार ने चार्जशीट बनाकर प्रमुख सचिव को भेजी, जहां डेढ़ महीने तक कोई एक्शन नहीं हुआ। केसी अहिरवार रिटायर हो गए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। केस-2 चार्जशीट ही नकार दीहमीदिया अस्पताल भवन निर्माण कर रही क्यूब कंस्ट्रक्शन को 2021 में चीफ इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी ने समय वृद्धि दे दी, जबकि ये अधिकार एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को था। ईएनसी भवन एसएल बघेल ने पहले आरोप-पत्र जारी किया। बाद में खुद ही इसे नकारते हुए कहा कि चीफ इंजीनियर को ये अधिकार था। शिकायत पर मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी मांग ली कि पिछले तीन साल में ऐसे कितने प्रकरण हुए हैं। लेकिन, चीफ इंजीनियर और ईएनसी भवन पर 8 माह से कार्रवाई लंबित है। केस-3 स्टाफ ही बदल दियापीडब्ल्यूडी की एनडीबी शाखा ने 2021-22 में पुलों के सुपरविजन कार्यों के लिए जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर के टेंडर निकाले। 80% वेटेज तकनीकी दक्षता व 20% कॉस्ट को दिया गया। एक एजेंसी ने अत्यंत दक्ष तकनीकी स्टाफ के आधार पर तीनों टेंडर ले लिए। दर अधिक थी। बाद में प्रमुख अभियंता आरके मेहरा ने दक्ष स्टाफ बदलने की अनुमति दे दी। ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है। प्रमुख अभियंता से आठ महीने पूर्व चार्जशीट मांगी गई थी, जो जारी नहीं हुई। दो इंजीनियर रिटायर हो गए हैं।
4 साल का नियम बना ढाल...:2800 करोड़ रुपए का नुकसान कराने वाले 51 इंजीनियर बच गए
मप्र की एकल ग्राम नल-जल योजना में इंजीनियरों ने सरकार को 2800 करोड़ का झटका दिया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब मुख्य सचिव के कहने पर 28000 गांवों की नल योजनाओं की जांच की गई। 8000 गांवों में ऐसी कमियां मिली, जिसकी वजह से 20 हजार करोड़ वाली स्कीम 23 हजार करोड़ के करीब पहुंच गई। जिन इंजीनियरों की वजह से लागत बढ़ी, उनमें 44 को रिटायर हुए चार साल से अधिक हो गए। छह की मौत हो गई और एक इस्तीफा दे चुका है। सरकार का नियम है कि रिटायरमेंट या इस्तीफे के चार साल बाद कार्रवाई नहीं हो सकती। बाकी बचे 90 लोगों को आरोप-पत्र जारी किया गया है। इनका इंक्रीमेंट रोकने और विभागीय जांच की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक 34 लोगों को शासन के स्तर पर व 40 इंजीनियरों को प्रमुख अभियंता के स्तर से चार्जशीट जारी हुई है। सोलह लोग रिटायर तो हुए, लेकिन चार साल पूरे नहीं हुए, इसलिए उन्हें भी शासन स्तर से चार्जशीट दी गई है। लागत बढ़ाने की फाइल उच्च स्तर पर पहुंची तब हुआ खुलासा योजना की लागत 15% बढ़ाने की फाइल उच्च स्तर पर पहुंची। पीएचई के प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने विभाग की ओर से प्रस्ताव दिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन और एसीएस वित्त मनीष रस्तोगी के सामने बताया गया कि लागत रिवाइज नहीं की तो 7 लाख घरों में पानी नहीं आएगा। पूछा गया कि लागत क्यों बढ़ी तो 28 हजार गांवों का रिव्यू हुआ। 8 हजार में कमियां मिलीं। दुरुस्त करने के लिए वित्तीय आंकलन किया गया तो 2800 करोड़ की जरूरत बताई गई। मुख्य सचिव ने कहा, दोषियों को भी सामने लाओ। तब 141 ईई, असिस्टेंट इंजीनियर और सब इंजीनियरों की कारस्तानी सामने आई। योजना में यह अब तक की सबसे बड़ी कमी है। स्कीम अधूरी, डीपीआर गड़बड़ अब 93% तक कवरेजएक तरफ जांच और दूसरी तरफ एकल ग्राम नल-जल योजना को व्यवस्थित करने की कवायद हुई। विभाग का दावा है कि 28 हजार गांवों में अब नल जल की पहुंच में 93% गांव आ गए हैं। इंजीनियरों की कमी की वजह से लागत बढ़ी है। जिन इंजीनियरों को रिटायर हुए चार साल से ज्यादा वक्त हो गया है, उन पर कार्रवाई नहीं हो सकेगी। बाकी लोगों को आरोप-पत्र दे दिया गया है। जल्द कार्रवाई होगी। -पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, पीएचई
64 साल बाद बदले जा रहे सेवा के नियम:प्रोबेशन के नियम बदले, 6 महीने में नियमित होंगे
नई नियुक्ति के प्रोबेशन पीरियड के नियम और शर्तों में राज्य सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब कोई अफसर-कर्मचारी नई नियुक्ति के बाद प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लेता है तो उसे छह माह के भीतर नियमित करना पड़ेगा। विभाग बिना कारण उसकी फाइल सालों तक नहीं अटका पाएंगे। यदि विभाग 6 माह में नियमित करने का आदेश नहीं निकालते हैं तो उसे डीम्ड आदेश का लाभ मिल जाएगा। प्रोबेशन पीरियड में काम सही तरीके से नहीं करते या नैतिक अधोपतन का दोषी पाए जाते हैं तो बिना किसी प्रक्रिया के बाहर किए जा सकते हैं। वित्त विभाग ने सेवा की सामान्य शर्तें नियम 1961 को रिवाइज किया है। वित्त विभाग के एसीएस मनीष रस्तोगी बोले- प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को परीक्षण के लिए भेजा है। इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी है। ये 3 बदलाव भी होंगे1. स्थाई और अस्थाई का भेद भी खत्म। अब तमाम लोग नियमित शासकीय सेवक कहलाएंगे। 2. सीधी भर्ती और पदोन्नति से जो कर्मचारी जिस पद पर किसी एक तारीख में आएगा, उसमें पदोन्नति वाले को सीनियॉरिटी दी जाएगी। 3. किसी विभाग से दूसरे महकमे में जाने वालों को अब सीधी भर्ती वाले लाभ मिलेंगे। सीनियॉरिटी, इंक्रीमेंट या लाभ इसी आधार पर िमलेंगे।
राज्य सेवा परीक्षा 2026:यूपीएससी की तरह इस बार निगेटिव मार्किंग, लगातार तीसरे साल 200 से कम पद
एमपी-पीएससी ने बुधवार देर रात राज्य सेवा परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी कर दिया। पहली बार इस परीक्षा में यूपीएससी की तर्ज पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान किया गया। अभ्यर्थी भी लंबे समय से मांग कर रहे थे। यूपीएससी में गलत जवाब पर एक तिहाई अंक काटे जाते हैं। इस बीच, एमपीपीएससी ने लगातार तीसरे साल पदों की संख्या 200 से कम रखी है। साल 2024 में 110 ताे 2025 में 158 पद थे। इस बार सिर्फ 155 पद हैं। परीक्षा 26 अप्रैल काे होगी। शिक्षाविद् व पीएससी के जानकार डॉ. जयंतीलाल भंडारी कहते हैं, राज्य सेवा परीक्षा-2024 के विज्ञापन में भी 60 ही पद थे। बाद में इनमें 50 पद बढ़ाकर 110 कर दिया गया। नियमानुसार, प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने से पहले भी पदों की संख्या बढ़ा सकता है। यदि शासकीय विभाग अपनी तरफ से पद बढ़ाने की मांग भेजेगें तो अप्रैल अंत तक भी नए पद जुड़ सकते हैं।
जिले में सांची रोड पर ग्राम खानपुरा के पास गुरुवार को दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर 100 से ज्यादा लोग जमा हो गए। हैरत की बात है कि मदद के बजाय मोबाइल कैमरे निकल आए। कोई वीडियो बना रहा था, कोई रील के लिए एंगल ढूंढ रहा था। आधे घंटे तक घायल सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान पास के खेत में काम कर रहे सौरभ नरवरिया, उनका एक साथी मजदूर और खेत मालिक मौके पर पहुंचे। तीनों ने बिना देर किए गाड़ी मंगवाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जब तक परिजन नहीं आए, वे अस्पताल में ही रुके रहे। नशे में होने के कारण उनकी हरकतें भले अजीब थीं, पर इंसानियत उन्होंने दिखाई, भीड़ ने नहीं। हादसा गुरुवार शाम 6:30 बजे हुआ। इसमें प्रवीण वर्मा (45) व सुदीप अहिरवार (38) की मौत हो गई। राजीव धाकड़ (40) व गोविंद रजक (39) घायल हैं।
गोरखपुर में युवक से 1.89 लाख की साइबर जालसाजी:टेलीग्राम पर निवेश का झांसा देकर बनाया शिकार, एफआईआर
गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में टेलीग्राम से निवेश और ऑनलाइन रेटिंग टास्क का लालच देकर युवक से 1.89 लाख रुपये की साइबर जालसाजी का मामला सामने आया है। गोरखनाथ क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद जैद की तहरीर पर गोरखनाथ थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर जालसाजों के खिलाफ गुरुवार को एफआईआर दर्ज किया है। गोरखनाथ थाने की पुलिस साइबर सेल की मदद से इस मामले की जांच में जुटी है। गोरखनाथ क्षेत्र के रसूलपुर निवासी मोहम्मद जैद ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल नंबर से टेलीग्राम अकाउंट बना रखा था। बीते 22 दिसंबर को उनके टेलीग्राम पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को एक निवेशक कंपनी का कर्मचारी बताया और गूगल मैप पर रेटिंग देने के बदले रुपये कमाने का लालच दिया। शुरुआत में जैद से एक लिंक पर रेटिंग कराई गई, जिसके बदले कुछ रुपये उनके खाते में दिखाए गए। इससे उनका भरोसा जीत लिया गया। निवेश के जरिए मोटा मुनाफा का दिया लालच जालसाजों ने जैद को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया, जहां निवेश के जरिये मोटा मुनाफा कमाने का दावा किया जा रहा था। ग्रुप में मौजूद एडमिन और अन्य सदस्यों ने निवेश का चार्ट दिखाते हुए अलग-अलग टास्क पूरे करने पर लाभ मिलने की बात कही। पहले चरण में जैद से यूपीआई के जरिये तीन हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद उनकी आईडी में 3,900 रुपये दिखाए गए।आरोप है कि इसके बाद ठगों ने लगातार नए-नए टास्क बताकर 15 हजार, 41 हजार, 55 हजार, 50 हजार और 25 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर करा लिए। हर बार यह भरोसा दिलाया गया कि अगला टास्क पूरा होते ही पूरी रकम मुनाफे सहित वापस कर दी जाएगी। लेकिन जब पीड़ित ने जमा राशि निकालने की मांग की तो ग्रुप के एडमिन ने डराना-धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित ने बताया कि बाद में रिकवरी के नाम पर उससे और रुपये मांगे गए, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इस तरह अलग-अलग तारीखों में कुल 1.89 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। गोरखनाथ सीओ रवि सिंह ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है। ट्रांजेक्शन डिटेल, बैंक खातों और टेलीग्राम आईडी की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के जरिये मिलने वाले निवेश के लालच से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक या ग्रुप में रुपये निवेश न करें।
तेलंगाना में एटीएम काटकर भागे तीन शातिर बदमाशों को ग्वालियर पुलिस ने सीमा में प्रवेश करते ही धर दबोचा है। ग्वालियर पुलिस ने तेलंगाना पुलिस से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर मेहरा टोल बैरियर पर बलेनो कार क्रमांक ( HR72 K 8670) में सवार तीनों आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना मिलने पर तेलंगाना पुलिस उन्हें लेने के लिए ग्वालियर रवाना हो गई है। ग्वालियर के पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह ने बताया कि बदमाश नीले रंग की बोलेरो कार में सवार थे। तेलंगाना से सूचना मिलते ही मेहरा टोल प्लाजा पर आधी रात को घेराबंदी की गई और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। आरोपियों की पहचान हरियाणा के नूंह और तेलंगाना के हैदराबाद के निवासियों के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों में 26 वर्षीय वाजिव पुत्र अब्दुल गफूर निवासी बड़ागांव, थाना नूंह, जिला नूंह (हरियाणा), 40 वर्षीय अब्दुल्ला पुत्र मजीद खान निवासी वादिली गांव, थाना पुन्हाना, जिला नूंह (हरियाणा) और 23 वर्षीय आमिर पुत्र रशीद अंसारी निवासी अलवल, थाना अलवल, जिला मेडचल, हैदराबाद (तेलंगाना) शामिल हैं। ग्वालियर पुलिस इनके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस को उनके पास से कटर, ब्लेड पेजकश,चाबी, टॉमी और अन्य औजार मिले। पूछताछ में तीनों बदमाशों ने तेलंगाना में एटीएम काटने की घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस के अनुसार, यह गैंग आमतौर पर सर्दियों में ही ऐसी वारदातों को अंजाम देती है। आरोपियों को पकड़े जाने के बाद ग्वालियर पुलिस ने तत्काल तेलंगाना पुलिस को सूचना दी। तेलंगाना पुलिस सूचना मिलते ही ग्वालियर के लिए रवाना हो गई और गुरुवार रात तक ग्वालियर पहुंचने की उम्मीद है। वे तीनों बदमाशों को लेकर वापस तेलंगाना के लिए रवाना होंगे। ग्वालियर पुलिस का मानना है कि इन बदमाशों की गिरफ्तारी से शहर में संभावित एटीएम कटिंग की कई वारदातें टल गई हैं।
गोले का मंदिर थाना क्षेत्र की नारायण विहार कॉलोनी के जंगलों में दो दिन पहले एक अज्ञात महिला का शव मिला था। पुलिस ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग कर मृतका के जीवित समय के चेहरे की तस्वीर तैयार की है। पुलिस ने महिला की पहचान बताने वाले को 10,000 रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की है। एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है। प्रारंभिक जांच में महिला के माथे और सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जो किसी भारी वस्तु से मारने या गिरने के कारण हो सकते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि महिला की हत्या की गई है। जिस हालत में शव मिला था, उससे महिला के चेहरे की पहचान करना संभव नहीं हो पा रहा था। इसलिए, पुलिस ने एआई की मदद से फेशियल री-कंस्ट्रक्शन करवाकर एक ऐसी तस्वीर तैयार की है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सके कि महिला जीवित अवस्था में कैसी दिखती होगी। इसके अतिरिक्त, महिला के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में 'पप्पू' लिखा हुआ है, जो पहचान में सहायक हो सकता है। एएसपी बेनीवाल ने बताया कि एआई द्वारा तैयार की गई तस्वीर को सोशल मीडिया पर जारी किया गया है। साथ ही, इन तस्वीरों को मुख्य चौराहों, मेला मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाया जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई महिला की शिनाख्त करता है, तो उसे 10,000 रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा।
पंजाब का ग्राउंड वाटर जहरीला होता जा रहा है। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB) के लेटेस्ट आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब 16 जिलों के ग्राउंड वाटर में यूरेनियम की मात्रा मानकों से ज्यादा मिली है। जिससे साफ है कि 16 जिलों का पानी जहरीला हो चुका है। CGWB ने पंजाब में 62.5 प्रतिशत सैंपलों में मानक से ज्यादा यूरेनियम पाया। CGWB की यह रिपोर्ट डराने वाली है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पानी में यूरेनियम की मात्रा 30 पार्ट्स प्रति बिलियन हो तो ऐसा पानी पीने लायक होता है, लेकिन इससे ज्यादा पाए जाने पर पानी पीने लायक नहीं होता है। पंजाब के कुछ जिलों में तो 200 पीपीबी तक यूरेनियम पाया गया। वहीं, पंजाब में 4.8 प्रतिशत सैंपलों में आर्सेनिक की मात्रा 10 पीपीबी से ज्यादा निकली, जबकि डब्ल्यूएचओ के हिसाब से 0.1 पीपीबी से ज्यादा अगर आर्सेनिक की मात्रा हो तो वह सेहत के लिए हानिकारक समझा जाता है। यूरेनियम के बाद आर्सेनिक की एंट्री को विशेषज्ञ ज्यादा बड़ी चुनौती मान रहे हैं। इन जिलों में है स्थिति खतरनाक रिपोर्ट में बताया गया है कि, पंजाब के तरनतारन, पटियाला, संगरूर, मोगा, मानसा, बरनाला, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, फरीदकोट, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, अमृतसर और फतेहगढ़ साहिब जिलों में यूरेनियम मिलावट का स्तर बहुत अधिक दर्ज किया गया है। संगरूर और बठिंडा में यूरेनियम की मात्रा 200 पीपीबी से भी ऊपर पाई गई। प्री-मानसून व पोस्ट मानसून लिए 296 सैंपल लिए ग्राउंड वाटर की क्वालिटी चेक करने के लिए CGWB ने प्री-मानसून व पोस्ट मानसून दो बार सैंपल लिए। दोनों बार 296-296 सैंपल लिए। प्री-मानसून सैंपलों में 157 सैंपलों में यूरेनियम की मात्रा 30 पीपीबी से ज्यादा निकली है, जो कि कुल सैंपल का 53.04 प्रतिशत है। पोस्ट मानसून के 185 सैंपलों में यूरेनियम की मात्रा 30 पीपीबी से ज्यादा पाई गई, जो कि कुल सैंपलों की 62.50 प्रतिशत है। पूरे देश में पंजाब की स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक रिपोर्ट के मुताबिक, प्री- मानसून व पोस्ट मानसून सैंपलों में यूरेनियम की मात्रा देश में सबसे ज्यादा निकली है। पोस्ट मानसून सैंपलों की बात करें तो पंजाब में 62.5 प्रतिशत सैंपल फेल हुए। दूसरे नंबर पर हरियाणा रहा। हरियाणा में 23.75 प्रतिशत सैंपलों में ही ज्यादा यूरेनियम पाया गया। पंजाब में प्री- मानसून के 53.04 प्रतिशत सैंपलों में यूरेनियम ज्यादा पाया गया, जबकि दूसरे नंबर पर हरियाणा है और वहां पर सिर्फ 15 प्रतिशत सैंपलों में यूरेनियम मानकों से ज्यादा पाया गया। आर्सेनिक और यूरेनियम की परमिटेड लिमिट ग्राउंड वाटर में इन तत्वों के आने के कारण ग्राउंड वाटर पर शोध कर रहे रिटायर्ड कर्नल जेएस गिल बताते हैं कि ग्राउंड वाटर में यूरेनियम और आर्सेनिक के आने का मुख्य कारण ग्राउंड वाटर का अत्यधिक संदोहन है। उन्होंने बताया कि जैसे जैसे ट्यूबवेल के पाइप की गहराई बढ़ती है वैसे-वैसे धरती के नीचे खनिज परतें टूटती हैं और उनसे यूरेनियम व आर्सेनिक जैसे तत्व पानी में मिल जाते हैं। उनका कहना है कि, दूसरा मुख्य कारण है खेतों में प्रयोग की जा रही रासायनिक खाद है। कुछ खादें हैं, जिनमें यूरेनियम की मात्रा होती है। खेतों में जब खाद डालकर पानी लगाया जाता है तो उससे भी यूरेनियम का रिसाव जमीन के अंदर होता है, हालांकि इससे बहुत कम मात्रा में रिसाव होता है। यूरेनियम व आर्सेनिक के सेहत पर प्रभाव कर्नल जेएस गिल बताते हैं कि शोध में यह बात सामने आई है कि जैसे- जैसे पानी में यूरेनियम की मात्रा बढ़ रही है, वैसे ही लोगों में कैंसर व किडनी की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूरेनियम किडनी की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा शरीर के अन्य भागों की कोशिकाएं डेमेज होती हैं, तो उससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने लगती है। उन्होंने बताया कि आर्सेनिक से त्वचा, फेफड़ों व ब्लड कैंसर जैसी बीमारी होती है। इसके अलावा इससे हार्ट व रेस्पिरेटरी सिस्टम भी प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि अभी पंजाब में आर्सेनिक की मात्रा कम क्षेत्रों में है, लेकिन धीरे-धीरे यह भी बढ़ने लगा है। पंजाब झेल रहा डबल मार कर्नल गिल का कहना है कि पंजाब इस समय डबल मार झेल रहा है। उन्होंने बताया कि नदियों के पानी इंडस्ट्रियल केमिकल कंटामिनेशन हो गई और जमीन के अंदर के पानी में यूरेनियम व आर्सेनिक आ गए हैं। सरकार पीने के लिए कुछ शहरों में नहरी पानी की व्यवस्था कर रही है, लेकिन उसके लिए भी ट्रीटमेंट प्लांटों में केमिकल सेपरेट करने का सिस्टम भी लगाना होगा। सरकार रिपोर्ट को गंभीरता से ले कर्नल गिल का कहना है कि सरकार को इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए। जिन क्षेत्रों में यूरेनियम ज्यादा है वहां पर पीने के पानी के लिए नहरी पानी का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना है कि खेती के लिए भी अब जमीन के नीचे से पानी निकालना बंद कर देना चाहिए। जिन जिलों में यूरेनियम की मात्रा ज्यादा है वहां पर आरओ सिस्टम लगाकर ही पानी की सप्लाई देनी चाहिए।
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के खिलाड़ी बेसबॉल ट्रायल्स में हिस्सा नहीं लेंगे। बीयू प्रबंधन ने इस संबंध में फैसला लेते हुए प्रतियोगिता में सहभागिता नहीं करेगा। बीयू के फिजिकल डिपार्टमेंट के खिलाड़ी हरदा में बेसबॉल के लिए टीम चयन के लिए हिस्सा लेने गए थे। यहां खिलाड़ियों ने आरोप लगाए कि टीम में खिलाड़ियों का चयन पहले ही किया जा चुका है और यह औपचारिकता मात्र है। खिलाड़ियों ने इसकी जानकारी विवि प्रबंधन को भी दी। इसे लेकर विरोध भी किया गया। ऑल इंडिया ट्रायल्स के लिए बीयू के खिलाड़ी गए थे। बता दें कि इस टीम को 2 जनवरी को रवाना होना है और 3 जनवरी को टूर्नामेंट होगा। 16 में से नौ खिलाड़ियों के फर्जी दस्तावेज एनएसयूआई की नॉन टेक्निकल विंग के प्रभारी आशीष शर्मा ने बताया कि ट्रायल्स में 16 में से नौ खिलाड़ियों ने फर्जी दस्तावेज लगा दिए थे। यह एआई से बनाए हुए डॉक्यूमेंट थे। कई ने बेसबॉल के अलावा अन्य खेल के भी सर्टिफिकेट लगा दिए थे। इसकी शिकायत बीयू के छात्रों ने प्रबंधन ने की । इसके बाद बीयू ने मामले की जांच की और पाया कि कई प्रमाणपत्र सही नहीं है। इस प्रकरण के बाद बीयू ने प्रतियोगिता में सहभागिता नहीं करने का निर्णय लिया। इस पूरी टीम को ही निरस्त कर दिया गया है। छात्रों ने बताया कि चयनकर्ता प्राइवेट कॉलेज के थे और उन्होंने अपने पसंदीदा कॉलेजों के छात्रों का चयन कर लिया था।
एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर अब न केवल प्रदेश बल्कि देश-विदेश के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की भी सर्जरी करेंगे। यह सब टेली रोबोटिक सर्जरी की मदद से होगा। एसएमएस में इसकी तैयारी पूरी हो गई है। चिकित्सा विभाग ने जोधपुर में रोबोट भी खरीद लिया है। बीकानेर, कोटा, उदयपुर और अजमेर में खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनकी मदद से डॉक्टर किडनी और प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का ऑपरेशन करेंगे। सर्जरी का पूरा कंट्रोल एसएमएस से रहेगा, लेकिन जिस अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन होगा, वहां हाई स्पीड इंटरनेट और डेटा केबल होना अनिवार्य होगा। किडनी व प्रोस्टेट कैंसर का होगा सटीक इलाज
मतदाता सूची में 99,370 नाम और बढ़ने का अनुमान:SIR - नाम जोड़ने 85,889 व हटाने के 5,894 आवेदन
एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद मप्र में अब तक गलत ढंग से जोड़े गए 5,894 नाम काटने के आवेदन मिल चुके हैं। इसके अलावा, छूटे हुए 85,889 नाम जोड़ने के आवेदन चुनाव आयोग के पास आए हैं। 27 अक्टूबर से पहले की स्थिति में चुनाव आयोग को नए नाम जोड़ने के 42,953 आवेदन मिले थे और 24,709 आवेदन नाम काटने के मिले थे। इस लिहाज से मतदाता सूची में कुल 99,370 नाम और बढ़ने का अनुमान है। गौरतलब है कि एसआईआर के ड्राफ्ट रोल प्रकाशन को 10 दिन पूरे हो गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से 22 जनवरी तक आम लोगों और राजनीतिक पार्टियों से दावे आपत्तियां ली जाएंगी। मप्र में 6 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं। इन सभी की ओर से नाम जोड़ने के 1,218 और नाम हटाने के 87 आवेदन चुनाव आयोग को दिए गए हैं। नाम जोड़ने के सर्वाधिक 920 आवेदन भाजपा ने दिए हैं, जबकि 279 नाम जोड़ने के प्रस्ताव कांग्रेस की ओर से आए हैं। बसपा ने भी 19 नाम जोड़ने के आवेदन दिए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी की ओर से एक भी दावा या आपत्ति नहीं आई है। आयोग ने पार्टियों को सौंपी बूथवार अनमैप्ड वोटर सूची चुनाव आयोग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी 6 मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर में दावे आपत्तियों की स्थिति को लेकर बैठक की। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रामप्रताप सिंह जादौन ने पार्टी प्रतिनिधियों को विधानसभावार अनमैप्ड, अनुपस्थित मिले, मृत, इस लिहाज और डुप्लीकेसी रजिस्ट्रेशन वाले नामों की सूची सौंप दी। सभी दलों को डिजिटल फॉर्मेट में यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
फर्जी पेपर कांड...:एक बाबू की साजिश से 13 आरक्षक खतरे में
परिवहन विभाग में पदस्थ एक बाबू की करतूत ने 13 आरक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर विभागीय परीक्षा कराने के मामले में परिवहन मुख्यालय की स्थापना शाखा में तैनात बाबू मोहन आदिवासी को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। इस मामले में अब 13 आरक्षक भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बाबू मोहन आदिवासी ने 13 आरक्षकों के साथ मिलकर जानबूझकर फर्जी प्रश्नपत्र तैयार किया और उसे पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीएस) तिघरा भेज दिया। आरोप है कि इसका मकसद यह था कि प्रशिक्षण के बाद होने वाली परीक्षा में सभी आरक्षक आसानी से पास हो जाएं और दोबारा परीक्षा न देनी पड़े। यह भी आरोप सामने आए हैं कि बाबू ने आरक्षकों को पास कराने के बदले ‘ठेका’ लिया था और उसी के तहत पूरी योजना बनाई गई। मामले की विभागीय जांच डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण शर्मा के नेतृत्व में चल रही है। अनुकंपा नियुक्ति वाले आरक्षक भी जांच के घेरे में बताया जा रहा है कि ये 13 आरक्षक अनुकंपा नियुक्ति के तहत भर्ती हुए थे और वर्षों से उनका विभागीय प्रशिक्षण नहीं हुआ था। 10 से 12 साल बाद उन्हें तीन महीने का प्रशिक्षण पीटीएस तिघरा में दिया गया। प्रशिक्षण के बाद नवंबर में परीक्षा हुई, जिसमें सभी आरक्षकों के पास होने की जानकारी सामने आई। हालांकि मामला उजागर होने के बाद विभाग ने सफाई दी कि फर्जी प्रश्नपत्र पर परीक्षा तो ली गई थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराया गया। अब नियमों के अनुसार दोबारा परीक्षा कराई जा रही है, जो दो से तीन दिन में होगी। ऐसे खुला मामला परीक्षा के बाद सभी 13 आरक्षक जॉइनिंग के लिए परिवहन मुख्यालय पहुंचे। जब ज्वाइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर विनोद भार्गव ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल किया, तो मामला संदिग्ध लगा। जांच में सामने आया कि पीटीएस तिघरा को प्रश्नपत्र सीधे बाबू ने भेजा था, जबकि नियम के मुताबिक यह प्रक्रिया ज्वाइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के माध्यम से होनी चाहिए थी। नियम तोड़कर खुद बनाया पेपर नियमों के अनुसार पीटीएस तिघरा में होने वाली परीक्षाओं के लिए समिति गठित की जाती है और विशेषज्ञों से प्रश्नपत्र तैयार कराया जाता है। लेकिन बाबू मोहन आदिवासी ने पूरी प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए खुद ही प्रश्नपत्र तैयार कर भेज दिया। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच समिति गठित की गई है। दोषी पाए जाने पर उसे नौकरी से बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले की जांच पुलिस करेगी।
भोपाल के ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के प्रमुख कुख्यात राजू ईरानी और उसके गिरोह के पांच सदस्यों की तलाश में 6 राज्यों की पुलिस ने भोपाल में डेरा डाल रखा है। इसी के साथ भोपाल पुलिस ईरानी डेरा को अपराधियों को संरक्षण देने वाले तमाम राज्यों में मौजूद उनके करीबियों का डेटा तैयार कर रही है। गिरफ्तार ईरानी गैंग के सदस्यों से उनके काम करने के तरीके, संरक्षण देने वाले और अन्य राज्यों में रहने वाले उनके रिश्तेदारों की जानकारी पुलिस ने हासिल की थी। भोपाल के ईरानी गैंग के सदस्य वारदातों के बाद प्रमुख रूप से नर्मदापुरम, देवास, मुंबई, बैंगलुरू, दिल्ली, छत्तीसगढ़ जैसे जगहों में फरारी काटने जाते हैं। इसी प्रकार उनके अन्य राज्यों में रहने वाले रिश्तेदार वहां वारदातों के बाद भोपाल की अमन कॉलोनी में फरारी काटने आते हैं। डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग जारी अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे के कागजात की छानबीन प्रशासन की टीम कर रही है। इसी के साथ नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा भी डेरे पर बने मकानों की जांच कर रही है। नियम विरुद्ध बने मकानों पर जल्द प्रशासन का बुल्डोजर चल सकता है। वहीं पुलिस को राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर की तलाश है। यह सभी पुलिस की कार्रवाई के बाद से फरार हैं। वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। 2014 में 39 घरों में आगजनी के बाद चर्चा में आया डेरा अमन कॉलोनी में शिया (ईरानी) समुदाय के कुछ 30 से अधिक परिवारों ने 2014 को एक साथ अपने मकान बनाए। इस क्षेत्र में आफताब मस्जिद के पास पड़ी खाली जमीन पर वे लोग कब्जा कर इमामबाड़ा बनाना चाहते थे। सुन्नी समुदाय ने इसका विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने हुए। दोनों तरफ से मारपीट पत्थरबाजी हुई। बाद में ईरानियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़कर मामला शांत कराया था। 12 दिसंबर 2014 को काॅलोनी में फोर्स तैनात कर दिया था। ईरानी समुदाय के लोग भी रात भर जागकर पहरा देते रहे। सुन्नी समुदाय के लोग लाठी-डंडे, हथियार एवं पेट्रोल लेकर अमन कॉलोनी पहुंचे और चारों ओर से रास्ते बंद कर दिए। घरों में घुसकर हमला शुरू कर दिया। खूनी संघर्ष करीब एक घंटे से अधिक समय तक चला। इस दौरान दोनों पक्षों ने करीब 39 मकानों में आगजनी की। दर्जनों लोग घायल हो हुए थे।
मप्र के 2 ज्योतिर्लिंग:एक दिन में 7 लाख भक्त पहुंचे
महाकाल : 6 लाख 12 हजार श्रद्धालु, 8 दिन में 19 लाख नववर्ष 2026 के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर में रिकॉर्ड 6.12 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 10 हजार ने चलित भस्मआरती का लाभ लिया। आठ दिन में 19.56 लाख दर्शन हुए। भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन व एआई सिस्टम का पहली बार उपयोग किया गया। ओंकारेश्वर : 6 लाख 12 हजार श्रद्धालु, 8 दिन में 19 लाख नव वर्ष के पहले दिन तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक लाख से अधिक भक्तों ने परिवार सहित दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर 2 बजे के बाद कोटितीर्थ घाट स्थित दर्शन रैंप पर लंबी कतार लग गई। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने मार्ग बदले। दो दिन से बंद झूला पुल को प्रोटोकॉल व टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। सामान्य श्रद्धालुओं को जेपी चौक से पुराने ब्रिज के रास्ते भेजा गया। व्यवस्था 5 जनवरी तक रहेगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज और कल (शुक्रवार-शनिवार) भोपाल में रहेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में जारी प्रवास श्रृंखला के तहत सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज 2 और 3 जनवरी को मध्यभारत प्रांत के भोपाल विभाग केंद्र पर दो दिवसीय प्रवास पर हैं।इस दौरान वे समाज के विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रमों का उद्देश्य संघ की 100 वर्षों की यात्रा, वर्तमान सामाजिक परिस्थितियां और देश-समाज निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर विमर्श करना है। दो दिनों में होंगे चार मुख्य कार्यक्रम सरसंघचालक के इस प्रवास के दौरान कुल चार प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा, सामाजिक-धार्मिक नेतृत्व और मातृशक्ति को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। सभी कार्यक्रम चयनित सहभागियों के साथ संवादात्मक स्वरूप में होंगे। युवा संवाद: 31 जिलों के युवा होंगे शामिल आज सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रांत स्तरीय युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मध्यभारत प्रांत के सभी 31 जिलों (शासकीय रचना के अनुसार 16 जिले) से ऐसे युवा शामिल होंगे, जिन्होंने शिक्षा, सेवा, नवाचार, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। इस संवाद में सरसंघचालक युवाओं से राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और मूल्यों की भूमिका पर विचार साझा करेंगे। प्रमुखजन गोष्ठी: समाज के प्रभावशाली लोगों से विमर्श आज यानी शुक्रवार शाम 5:30 बजे रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुखजन गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें भोपाल विभाग के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया है। गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर संवाद होगा। सामाजिक सद्भाव बैठक: सभी समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल कल 3 जनवरी को सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। बैठक का उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस मंच से समाज को जोड़ने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन देंगे। शक्ति संवाद: मातृशक्ति से सीधा संवाद कल 3 जनवरी को शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृ शक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस संवाद में समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शताब्दी वर्ष में बढ़ी संघ को जानने की जिज्ञासा संघ के शताब्दी वर्ष के चलते समाज के विभिन्न वर्गों में आरएसएस को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ी है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के इस प्रवास के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि देश और समाज के निर्माण में नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष में भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल न्यूरोसर्जरी कर 60 साल के एक पुरुष मरीज की आर्टिफ़िशियल कस्टमाइज़्ड खोपड़ी की हड्डी सफलतापूर्वक इम्प्लांट की है। यह सर्जरी आधुनिक तकनीक की मदद से की गई और पूरी तरह सफल रही।मरीज को करीब चार महीने पहले हाई ब्लड प्रेशर के कारण ब्रेन हैमरेज हो गया था। उस समय हालत बेहद गंभीर थी, इसलिए इमरजेंसी ऑपरेशन करना पड़ा। मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को खोपड़ी की हड्डी का एक हिस्सा निकालना पड़ा, जिससे सिर के बाईं तरफ गड्ढा बन गया था। ऑपरेशन के बाद खोपड़ी की निकाली गई हड्डी को पेट में सुरक्षित रखा गया था, लेकिन बाद में उसमें संक्रमण हो गया और वह पूरी तरह खराब हो गई। मरीज को पूरी तरह होश में आने और सामान्य स्थिति में लौटने में लगभग चार महीने लग गए। इसके बाद खोपड़ी की दोबारा बनावट करना डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया।न्यूरोसर्जन डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से इसका समाधान किया गया। मरीज का 3D सीटी स्कैन कराया गया, जिसके आधार पर 3D रीकंस्ट्रक्शन तकनीक से PEKK पॉलिमर की कस्टमाइज़्ड आर्टिफ़िशियल खोपड़ी तैयार की गई। यह पॉलिमर शरीर के लिए सुरक्षित, मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ होता है।ऑपरेशन के दौरान इस आर्टिफ़िशियल हड्डी को टाइटेनियम प्लेट और स्क्रू की मदद से सिर में फिट किया गया। पूरी सर्जरी में लगभग तीन घंटे का समय लगा। इस ऑपरेशन में डॉ. सौरभ श्रीवास्तव के साथ डॉ. विकास नारायण, डॉ. अनिल शर्मा, अशोक कुमार सिंह और संदीप सर्जिकल टीम में शामिल रहे।
केन्द्रीय बस स्टैंड के पास कचरे के ढेर, गंदगी जमा
जालोर | शांतिनगर की एक गली में 3 दिन पहले सीसी रोड तोड़ी गई थी आधी गली में खुदाई की गई और कुछ फीट तक पाइप लाइन बिछाई फिर कार्य बंद कर दिया। ऐसे में एक तरफ खाई खुली पड़ी है। वहीं आधी गली में सीसी रोड को तोड़ने से नुकीले पत्थर बाहर निकल आए हैं। वाहन निकालने में परेशानी होती है। - मोहन लाल चिवड़ा, शांतिनगर बागोड़ा। सिणधरी सर्कल भीनमाल बाइपास रोड पर पिछले 15 दिनों से कचरे के ढेर पड़े हुए हैं, जिससे आस पास गंदगी फैल रही है। लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक सफाई नहीं करवाई है। – प्रदीप सिंह राठौड़, बागोड़ा जालोर | केन्द्रीय बस स्टैंड के पास कचरे के ढेर पड़े हैं। यहां स्थित सार्वजनिक शौचालय भी कचरे से भरा हुआ है। शौचालय का पाइप बंद होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और यात्रियों को परेशानी हो रही है। वहीं संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है। - सुरेश सियाग, जालोर
सैन समाज की तलसर पट्टी ने मनायासैनजी मंदिर का 6वां वर्षी महोत्सव
सैन समाज तलसर पट्टी ने मंदिर का छठा वर्षी कार्यक्रममनाया। इस मौके पर बुधवार को सैनजी महाराज मंदिर तलसरपट्टी बिशनगढ़ में भजन संध्या हुई। इसमें एक से बढ़कर एकभजनों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान आगामी आने वाली वर्षी कोलेकर चढ़ावे भी बोले। गुरुवार सुबह मंदिर पर ध्वजा चढ़ाई गई।इस मौके पर समाज के अध्यक्ष रतनलाल सोलंकी जालोर,उपाध्यक्ष हिमताराम सोलंकी केशवना, सचिव रमेश भाटीकाठाड़ी, अर्जुनलाल सोलंकी मांडवला, गोविंदलाल भाटीभवरानी, चम्पालाल भाटी बिशनगढ़, चेलाराम भाटी पानवाआदि समाज के लोग उपस्थित रहे।
सैन समाज की तलसर पट्टी ने मनाया सैनजी मंदिर का 6वां वर्षी महोत्सव
जालोर | सैन समाज तलसर पट्टी ने मंदिर का छठा वर्षी कार्यक्रम मनाया। इस मौके पर बुधवार को सैनजी महाराज मंदिर तलसर पट्टी बिशनगढ़ में भजन संध्या हुई। इसमें एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान आगामी आने वाली वर्षी को लेकर चढ़ावे भी बोले। गुरुवार सुबह मंदिर पर ध्वजा चढ़ाई गई। इस मौके पर समाज के अध्यक्ष रतनलाल सोलंकी जालोर, उपाध्यक्ष हिमताराम सोलंकी केशवना, सचिव रमेश भाटी काठाड़ी, अर्जुनलाल सोलंकी मांडवला, गोविंदलाल भाटी भवरानी, चम्पालाल भाटी बिशनगढ़, चेलाराम भाटी पानवा आदि समाज के लोग उपस्थित रहे।
फारूक खान को आम आदमी पार्टी के अल्पसंख्यक विंग की जिम्मेदारी सौंपी
जालोर | आम आदमी पार्टी ने संगठन में निरंतर सक्रियता, निष्ठा एवं समर्पण को देखते हुए फारूक ख़ान बिशनगढ़ को पुनः जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक विंग की जिम्मेदारी सौंपी है। फारूक खान ने पार्टी के अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री, दिल्ली, राष्ट्रीय महासचिव संदीप पाठक, राजस्थान प्रदेश प्रभारी धीरज ठोकस और सह प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज का आभार जताया।
कलेक्टर ने गोदन पीएचसी में देखी व्यवस्थाएं, फीडबैक लिया
जालोर | कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने आहोर उपखंड स्थित पीएचसी गोदन का औचक निरीक्षण कर मरीजों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने ओपीडी देखकर दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए उनके रख-रखाव को लेकर चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अवलोकन के दौरान पीएचसी परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, शौचालय साफ रखने, मेडिकल वेस्ट के नियमानुसार निस्तारण करवाने को लेकर निर्देशित किया।
वाल्मीकि समाज: समारोह में पहली बार बेटियों को भी किया सम्मानित
भास्कर न्यूज | जालोर ताशखाना बावड़ी धर्मकांटा के पास डॉ. आंबेडकर वाल्मीकि सामाजिक संस्थान जालोर की ओर से प्रतिभावान सम्मान समारोह का आयोजन किया। संस्थान के सचिव मनरुपाराम सोलंकी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रिंसिपल इंद्रमल बारासा, विशिष्ट अतिथि के रूप में खेतपाल परमार और संस्थान अध्यक्ष छगनलाल सोलंकी मौजूद रहे। इस दौरान विश्व स्तर पर एथलेटिक्स मुई थूई में भाग लेने गई हर्षिता कटारिया और माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में पल्लवी कंडारा ने जिले में प्रथम स्थान कर पद्मश्री में पुरस्कृत होने पर संस्थान की ओर से सम्मानित किया। यह पहला मौका था जब इस तरह कार्यक्रम में पहली वाल्मीकि समाज की बेटियों का सम्मान हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष छगनलाल सोलंकी ने सामाज हित के लिए वाल्मीकि वसुधैव कुटुंबकम की भावना से कार्य करने और अधिक से अधिक बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। कार्यक्रम में प्रतापराम कंडारा, मोहित बारासा वकील, मफाराम घुसर आदि मौजूद रहे।
बागरा में 10 दिवसीय शिविर में 3521 रोगियों का इलाज
भास्कर न्यूज | जालोर आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में पीएम श्री राजेन्द्र सूरि राउमावि बागरा में 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद अंतरंग क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा शिविर में 8वें दिन आमजन का जमावड़ा रहा। शिविर प्रभारी डॉ. रामेश्वर गौतम ने बताया कि शिविर में बहिरंग रोग विभाग में 3521 रोगियों का इलाज किया जा चुका है। शिविर में डॉ. ओमप्रकाश विश्नोई ने जीवनशैली जन्य रोगों के बारे में आयुर्वेदिक इलाज व आहार-विहार के लिए लोगों को जागरूक किया। पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत डॉ. नरेन्द्र परमार ने 83 रोगियों का स्नेहन, स्वेदन, कटिवस्ति, जानुवस्ति व अलाबू विधि से इलाज किया। शिविर में डॉ. सांवलाराम ने लोगों का प्रकृति परीक्षण किया व प्रकृति के अनुसार जीवनचर्या अपनाने की सलाह दी। डॉ. संगीता विश्नोई ने 54 बच्चों को स्वर्णप्राशन करवाया। डॉ. मनुवाला व डॉ. ऋतु मीना की ओर से स्त्री रोगों की चिकित्सा की गई। आयुर्वेद विभाग के भूतपूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. रमेश वैष्णव, बागरा प्रशासक सत्यप्रकाश राणा ने शिविर में व्यवस्थाएं देखी। शिविर में कम्पाउंडर वासुदेव, अविनाश दवे व मनोज कुमावत ने सेवाएं दी।
गिव-अप अभियान की अवधि 28 फरवरी तक
जालोर | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित सक्षम व्यक्तियों से नाम पृथक करवाने के लिए चलाया जा रहा गिव-अप अभियान की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ाई है। जिला रोजगार अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित प्रावधानानुसार गेहूं का वितरण किया जाता है। यदि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में 28 फरवरी तक स्वेच्छा से नाम नहीं हटवाए तो उसके बाद विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएगा। स्वेच्छा से नाम हटवाने वाले लाभार्थियों के विरुद्ध खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
अभिभाषक संघ का शपथ ग्रहण समारोह कल होगा
जालोर | अभिभाषक संघ जालोर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह 3 जनवरी को होगा। अभिभाषक संघ के सचिव विक्रमसिंह सियाणा ने बताया कि समारोह के चीफ गेस्ट राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस संदीप शाह होंगे, जबकि गेस्ट ऑफ ऑनर राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश एवं जालोर जज-शिप के गार्जियन जज जस्टिस विपिन गुप्ता एवं स्पेशल गेस्ट के रूप में राजस्थान हाई कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक वकालत करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनन्दन सम्मान किया जाएगा।
चांडक परिवार ने गोशाला बनाने को चक 47 एलएलडब्ल्यू में खरीदी 35 बीघा जमीन
निर्माण के लिए 51 लाख रुपए भी दिए भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर समाजसेवी चांडक परिवार की ओर से गोशाला बनाने के लिए सूरतगढ़ रोड स्थित नरसिंहपुरा ग्राम पंचायत के चक 47 एलएलडब्ल्यू में 35 बीघा जमीन खरीद की है। इस जगह पर गोशाला बनाने के लिए 51 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग भी दिए जाने की घोषणा की है। यह जानकारी अशोक चांडक ने गुरुवार को गगनपथ स्थित अपने फार्म हाउस में किए गए नववर्ष स्नेह मिलन समारोह में दी। उन्होंने इस गोशाला के निर्माण तथा संचालन के लिए 25 व्यक्तियों की कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि गो-सेवा महान कार्य है क्योंकि यह सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करती है। इसके द्वारा समस्त देवी-देवताओं की पूजा और पर्यावरणीय लाभ मिलते हैं। इस दौरान पूर्व सभापति अजय चांडक, उनके भाई संदीप चांडक, बेटे राघव चांडक के अलावा संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता, ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्रनाथ आहूजा, बनवारी गोयल, संजय मूंदड़ा, रमेश खदरिया, विक्रम चितलांगिया, डॉ. प्रवीण गुप्ता, पार्षद ओमी मित्तल, किरण जग्गा, कृष्ण खारीवाल, महेंद्र बागड़ी के अलावा कई पार्षद, पूर्व पार्षद, सरपंच, पूर्व सरपंच, पंचायत समिति व जिला परिषद के डायरेक्टर व पूर्व डायरेक्टर सहित अनेक लोग मौजूद थे।
सर्दी के मौसम में मांग 50% कम फिर भी दिन व रात के समय 1 से 3 घंटे तक लग रहे बिजली कट, लोग परेशान
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर बदले मौसम के बीच िबजली की कटौती शहर वासियों के िलए परेशानी का कारण बन गई है। कभी फॉल्ट तो कभी बारिश और तेज हवाओं के कारण शहर के अलग-अलग इलाकों में 1 से 3 घंटे तक हो रही बिजली कटौती ने विद्युत निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिया है। िबजली उपभोक्ताओं का कहना है िक पूरा साल रखरखाव के नाम पर बिजली कटौती करने वाला जोधपुर डिस्कॉम सर्दी के इस मौसम में मांग लगभग 50 प्रतिशत कम होने के बावजूद बिजली सप्लाई नहीं दे पा रहा है, तो फिर गर्मी के दिनों में क्या स्थिति होगी। उल्लेखनीय है कि गर्मी के दिनों में जिले में बिजली की खपत 90 लाख यूनिट प्रतिदिन तक रहती है जबकि इन दिनों यह 47 लाख यूनिट ही हो रही है। दो दिन से इन इलाकों में कट रही बिजली: जानकारी के अनुसार सिटी थर्ड के भगतसिंह चौक, सदभावना नगर, कृषि उपज मंडी समिति व वीके सिटी जीएसएस से जुड़े इलाकों में दिन में दो-दो घंटे के िलए बिजली कटौती आम बात हो गई है। कभी सेतिया कॉलोनी, तो कभी पूरा सदभावना नगर एरिया बंद रहता है। पावनधाम रोड एरिया के लोगों को तो दिन में कई बाद बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार पुरानी आबादी के सब्जी मंडी एरिया, मोहर सिंह चौक व पुराना डीटीओ ऑफिस एरिया में सुबह 6 से 8 व शाम को 6 बजे से रात के 9 बजे तक अकसर बिजली कट लग रहा है। वहीं, गुरुवार को हुई बारिश के बाद शहर के शनि मंदिर जीएसएस एरिया, हनुमानगढ़ रोड पर बैंक कॉलोनी, जवाहरनगर के हाउसिंग बोर्ड, एसएसबी रोड, अशोक नगर एरिया में देर रात के बाद 1 से 2 घंटे के िलए बिजली कट लगाए जा रहे हैं। व्यक्तिगत शिकायतें बढ़ीं: बारिश के बाद तारों में पानी चले जाने से स्पार्किंग के चलते अनेक उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई बाधित होने का सामना करना पड़ा है। इसी कारण से विद्युत विभाग के नियंत्रण कक्ष व एफआरटी को बुधवार शाम से गुरुवार दोपहर तक 100 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थी। विद्युत अधिकारियों के अनुसार गुरुवार शाम तक सभी का निस्तारण कर दिया गया। खराब मौसम के कारण बंद रखनी पड़ती है सप्लाई: डिस्कॉम के कार्यवाहक एक्सईएन निशांत धुन्ना के अनुसार एक्सईएन सिटी के रिटायर्ड होने के बाद उन्होंने गुरुवार सुबह ही यह पद संभाला है। संभालते ही शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित होने के कारणों की समीक्षा की गई, तो बताया गया िक बुधवार शाम व रात के समय खराब मौसम के चलते सुरक्षा करनों से कुछ 33 केवी फीडर बंद करने पड़े थे। वहीं, शिकायतों के निस्तारण लिए भी बार-बार लाइनें काटनी पड़ी हैं। उन्होंने बताया िक गर्मी के मौसम के िलए निगम निर्बाध विद्युत आपूर्ति के िलए अभी से प्रयासरत है। शहरभर में 50 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और 30 जगह नए ट्रांसफार्मर लगाया जाना प्रस्तावित िकया गया है। इनके िलए एईएन व जेईएन को अधिक लोड वाले एरिया चिन्हित करने के िलए कह दिया गया है।
बीकानेर में आयोजित होने वाली सेना भर्ती रैली के प्रवेश पत्र जारी
श्रीगंगानगर| सेना भर्ती कार्यालय, झुंझनू द्वारा बीकानेर में 29 जनवरी से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली सेना भर्ती रैली के लिए ऑनलाईन लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी कर दिये गए हैं। सेना भर्ती कार्यालय झुंझनू के अनुसार अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट www.joinindianarmy.n ic.in पर अपलोड कर दिये गये हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र वेबसाइट/ई-मेल पर अपना लॉग इन कर प्राप्त कर सकते हैं।
तपोवन पुनर्वास संस्थान में ‘चार साहिबजादे’ फिल्म से युवाओं को धर्मनिष्ठा का संदेश
भास्क संवाददाता | श्रीगंगानगर तपोवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास संस्थान ने नववर्ष के अवसर पर युवा पीढ़ी और नशा पीड़ितों को भारतीय इतिहास, धर्म और बलिदान के मूल्यों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में उपचाराधीन नशा पीड़ितों को गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों चार साहिबजादों की वीरता पर आधारित फिल्म दिखाई गई। राजस्थान मजहबी सिख वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष लाल सिंह मट्टू और सरबत खालसा पंथ ऑल इंडिया रंगरेटा यूथ मंच के महासचिव रघुवीर सिंह घारू ने संबोधन में धर्मनिष्ठा और अटल साहस का महत्व बताया। नववर्ष पर नशा पीड़ितों ने नशा छोड़ने और बेहतर जीवन जीने की शपथ ली। साथ ही चार साहिबजादों के जीवन पर प्रदर्शनी आयोजित कर बच्चों को शहीदों के आदर्शों से अवगत कराया गया।
राजकीय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के सान्निध्य में भजन-कीर्तन के साथ मनाया नववर्ष
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर ख्यालीवाला स्थित राजकीय वृद्धाश्रम शकुंतला सदन में नववर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘नववर्ष 2026: श्रद्धा, सेवा और सत्संग’ कार्यक्रम भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। साल का पहला दिन बुजुर्गों के साथ सेवा और सत्संग में बीता। आश्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनमोल मुंजाल ने बताया कि विवेक आश्रम से साध्वी ऋतुबाला के नेतृत्व में आई बालिकाओं गायत्री, मीरा और आरती ने भजनों की प्रस्तुति देकर सभी को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत अन्नक्षेत्र श्रीराम मंदिर के श्री बालाजी मानस मंडल द्वारा गणेश वंदना से हुई। अजय कृष्ण स्वामी, अभय शंकर स्वामी सहित कलाकारों ने भजन व हनुमान चालीसा पाठ किया। वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार जैन ने बुजुर्गों की सेवा को परमधर्म बताया। कार्यक्रम में सहयोगी संस्थाओं व गणमान्य लोगों का सम्मान किया गया।
सिद्ध श्री खाटू श्याम धाम मंदिर में श्रद्धालुओं ने बाबा को अर्पित किए गुलाब और इत्र
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर सिद्ध धाम श्री खाटू श्याम धाम मंदिर, सुदामानगर में नववर्ष 2026 के पहले दिन प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड और बूंदाबांदी के बावजूद श्रद्धालु लंबी-लंबी कतारों में लगकर बाबा श्याम के दर्शन करते नजर आए। मंदिर के मुख्य सेवादार संदीप शेरेवाला ने बताया कि नववर्ष की शुरुआत श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम का शुक्रिया अदा करते हुए की। कोई गुलाब, माला व इत्र अर्पित करता दिखा तो कोई घर से बने पकवान, खीर-चूरमा व नववर्ष का केक बाबा को भोग स्वरूप चढ़ाता नजर आया। मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया। शेरेवाला ने कहा कि यह सिद्ध दरबार श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। शहर की सुख-शांति व समृद्धि के लिए ध्वजा अर्पित करने की अपील भी की गई।
अपराधियों को महिलाओं के वस्त्र पहनाने पर महिला समिति ने जताया एतराज
श्रीगंगानगर| कोटगेट थाना पुलिस की ओर से अपराधियों को महिलाओं के कपड़े पहनाकर सार्वजनिक परेड निकालने की घटना पर ‘अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति' ने रोष व्यक्त किया है। जिला सचिव कविता निहालिया ने इस कृत्य की निंदा करते हुए इसे पुलिस की सामंती और महिला-विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया। समिति ने डीजीपी से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पुलिस विभाग के लिए ‘जेंडर संवेदीकरण' कार्यशालाएं आयोजित करने की मांग की है।
एल ब्लॉक हनुमान मंदिर में श्री रामचरित मानस के 11 पाठ किए
श्रीगंगानगर| एल ब्लॉक हनुमान मंदिर में नववर्ष के उपलक्ष्य में स्वामी निजानन्द महाराज के सान्निध्य में सामूहिक रूप से श्री रामचरित मानस के 11 पाठ किए गए। अखंड पाठों का भोग गुरुवार सुबह 11 बजे पड़ा। इसके बाद अटूट लंगर का वितरण किया गया। इस अवसर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने शहर में सुख-शांति की कामना की।
बाड़मेर कैलेंडर सड़क क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालक और राहगीर परेशान
बालोतरा | तिलवाड़ा फांटा से नाकोड़ा जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगे बिजली पोलों पर रोड लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। रात के समय लाइटें नहीं जलने से राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है। अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग पर रोड लाइटें चालू कर स्थायी समाधान करने की मांग की है। - चेतन की रिपोर्ट। बालोतरा| शहर के नयापुरा मुख्य बाजार में महेश फोटो कॉपी के पास स्थित बिजली पोल पर लगी रोड लाइट पिछले करीब एक सप्ताह से बंद पड़ी है। जिससे रात के समय अंधेरा पसर जाता है। इस दौरान आवागमन करने वाले राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं मुख्य मार्ग होने के कारण इस मार्ग पर सैकडों वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की आेर से रोडलाइट सही नहीं की जा रही है। - अमित की रिपोर्ट। बालोतरा | शहर के बाड़मेर कैलेंडर से डागा अस्पताल जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन करने वाले वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढ़े बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण कई बार दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। रहवासीय लोगांे ने जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग की। - ओमप्रकाश की रिपोर्ट।
इंदौर के भागीरथपुरा में 14 लोगों की जान दूषित पानी की वजह से ही गई है। इसकी पुष्टि गुरुवार को महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट से हो गई। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने कहा- सैंपल की जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है। उधर, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मंत्री विजयवर्गीय के सामने नाराज हुईं महिलाएंइससे पहले गुरुवार सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे। इस दौरान 7 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए के चेक दिए जाने थे। परिजन ने मंत्री की मौजूदगी में नाराजगी जताते हुए कहा- हमें आपका चेक नहीं चाहिए। विजयवर्गीय स्कूटर पर सवार होकर भागीरथपुरा पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। इसका वीडियो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में एक महिला कहती दिख रही है- पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। जीतू ने X पर लिखा- पूरा मोहल्ला बीमार है, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री जी ने गाड़ी आगे बढ़ा ली और बहन की बात तक नहीं सुनी। महिला बोली- अस्पताल वाले पैसे मांग रहेभागीरथपुरा की निधि यादव गोद में बच्चा लिए अस्पताल के पास बदहवास घूम रही थीं। उनके साथ ननद पिंकी भी थीं। कुछ नेताओं ने दोनों को रोकने की कोशिश की तो वे नाराज हो गईं। निधि तल्ख लहजे में बोलीं- मेरी 70 साल की सास रामलली यादव 7 दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल वाले स्लिप देकर पैसे मांग रहे हैं। उनकी किडनी फेल हो गई है। उनको कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? ये दो लाख रुपए देकर सास लौटा देंगे क्या हमको? हमारे पेट में दर्द है, फिर भी बच्चे लेकर दौड़ रहे हैं। मंत्री जी से मिलने गए तो उनके लोगों ने मिलने भी नहीं दिया। CMHO ने बताया- 201 मरीज एडमिट, 32 ICU में...71 डिस्चार्जसीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि गुरुवार को 1714 घरों का सर्वे किया गया। 8571 लोगों की जांच की गई। 338 मरीजों को स्पॉट पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। आज तक कुल 272 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए थे। जिनमें से 71 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 201 है। इनमें से 32 ICU में हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने इंदौर में अफसरों के साथ बैठक कीदूषित पानी सप्लाई मामले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय दुबे गुरुवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने उस जगह का निरीक्षण किया, जहां से दूषित पानी सप्लाई लाइन में मिलने की आशंका है। उन्होंने देखा कि पानी कहां से आ रहा था और कहां सप्लाई किया जा रहा था। इसके बाद दुबे ने नगर निगम जिला प्रशासन के अफसरों के साथ बैठक की। इसमें कहा- शहर में अन्य स्थानों पर भी पेयजल सप्लाई की रैंडम सैंपलिंग कराई जाए। चेक कराया जाए कि कहीं और तो दूषित पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। उन्होंने पेयजल से संबंधित मामलों को पेंडिंग नहीं रखने और जनहित को ध्यान में रखते हुए त्वरित स्वीकृति देने को भी कहा। दुबे इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे कि कहां चूक हुई है और इस मामले में कौन जिम्मेदार है? सांसद बोले- भागीरथपुरा में 10 नई बोरिंग होंगीइंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी गुरुवार को भागीरथपुरा पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के साथ मिलकर इलाके का दौरा किया। प्रभावित लोगों से मुलाकात भी की। सांसद लालवानी ने कहा- यहां के लोगों की डिमांड थी कि इलाके में और भी बोरिंग होनी चाहिए। इस पर हमने सांसद निधि से तुरंत 10 बोरिंग स्वीकार की हैं। मशीन बुलाकर काम भी शुरू करा दिया है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों के परिजन बोले- हम नर्क में रहते हैं इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा प्रभावित अस्पतालों में भर्ती हैं। भागीरथपुरा की गलियों में जब घूमते हैं तो ये संख्या कहीं ज्यादा महसूस होती है। तंग गलियां, घरों के पीछे खुले पड़े चैंबर और उनसे उठती असहनीय बदबू.. ये वो भयावह तस्वीर है जिसमें भागीरथपुरा के सैकड़ों परिवार जीने को मजबूर हैं। पढ़ें पूरी खबर...
MP में 24 घंटे बाद फिर कड़ाके की सर्दी:उत्तरी हिस्से में बादल-कोहरा; पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे
मध्यप्रदेश में नए साल के पहले दिन मौसम ने फिर करवट ली। तेज सर्दी तो नहीं रही, लेकिन उत्तरी हिस्से के 16 जिलों में कोहरा और 5 में बादल छाए। दूसरी ओर, शहडोल का कल्याणपुर और हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडे रहे। मौसम विभाग की माने तो 24 घंटे बाद यानी, 3 जनवरी से फिर कड़ाके की सर्दी का दौर रहेगा। गुरुवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में बादल छाए रहे। वहीं, दतिया में कोहरा इतना था कि 50 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया। खजुराहो, सतना, ग्वालियर, नौगांव, रीवा, सीधी, भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, श्योपुर और दमोह में भी कोहरा रहा। ऐसा ही मौसम आज भी है, लेकिन तेज ठंड का असर नहीं है। उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में कोहरे का असर जरूर है, पर घना कोहरा 3 जनवरी से फिर छाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाएगा। इसके साथ ठंड का असर भी बढ़ेगा। कोहरे की वजह से ट्रेनों पर असरप्रदेश में तेज ठंड और कोहरे की वजह से जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। दिल्ली से आने वाली ट्रेनें लगातार लेट हो रही है। कई ट्रेनें तो 8 से 10 घंटे तक लेट है। पचमढ़ी में 5.4 डिग्री पहुंचा पारा, कल्याणपुर दूसरे नंबर परप्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में नए साल में सबसे ज्यादा ठंड है। बुधवार-गुरुवार की रात में यहां पारा 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 6.4 डिग्री रहा। शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, राजगढ़, रीवा, नौगांव, उमरिया, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, दतिया, नरसिंहपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। मौसम विभाग ने नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चलेगी। इसलिए बढ़ेगी ठंडपहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी से एमपी में सर्दी का असर बढ़ेगा। सुबह घने कोहरे के अलावा कोल्ड वेव यानी, शीतलहर, कोल्ड डे और तेज ठंड का असर भी बना रहेगा।मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 222 kmph तक पहुंच गई। इस वजह से एमपी में भी रात के तापमान में गिरावट आई है। गुरुवार को भी जेट स्ट्रीम तेजी से बहेगी। क्या होती है जेट स्ट्रीम?मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12.6 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिल बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
भास्कर न्यूज | बालोतरा सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत जिला प्रशासन की ओर से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एडीएम भुवनेश्वर सिंह चौहान ने की। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर परिषद, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग सहित अन्य संबंधित हितधारक विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक सड़क सुरक्षा माह के दौरान नियमित रूप से आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। एडीएम भुवनेश्वरसिंह चौहान ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित किया जाएं तथा उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग भी की जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभागीय समन्वय के साथ-साथ आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। सड़क सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें जनभागीदारी से ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान आमजन को यातायात नियमों की जानकारी दी जाए, इसमें हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग, गति सीमा का पालन, नशे में वाहन नहीं चलाने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने जैसे नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए जागरूकता रैलियों, विद्यालयों में कार्यक्रम, पोस्टर, बैनर एवं पंपलेट के माध्यम से संदेश आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही जिले में संचालित सभी वाहनों तथा मवेशियों पर रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे रात्रि के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। एडीएम ने घुमावदार सड़कों के मोड़ों पर झाड़ियों की कटाई करवाने, दृष्टि बाधित करने वाले अवरोधों को हटाने तथा संभावित दुर्घटना स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का चयन कर वहां सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। इनमें सड़क चौड़ीकरण, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित वातावरण बनाने में योगदान देना चाहिए। बैठक के अंत में सभी विभागों से अपेक्षा की गई कि वे सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इस अवसर पर एएसपी हरफूलसिंह, सार्वजनिक निर्माण विभाग के एसई अमृत देवपाल, डीटीओ भगवान गहलोत, नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर मेहता, सीएमएचओ डॉ. वांकाराम चौधरी, डीइओ देवाराम प्रजापत समेत समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।
सभी नागरिक यातायात नियमों का पालन अवश्य करें : यादव
भास्कर न्यूज । बालोतरा सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी 1 जनवरी से 31 जनवरी तक आमजन के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरुक करना एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कलेक्टर यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सभी नागरिकों को यातायात नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने तथा मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन न चलाने की अपील की। प्रदर्शनी में सड़क संकेतों, यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग के उपायों, दुर्घटनाओं के कारणों एवं उनसे बचाव से संबंधित जानकारी को आकर्षक पोस्टर, चार्ट एवं चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा नाबालिगों की ओर से वाहन चलाने के दुष्परिणामों एवं शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी विशेष जानकारी दी गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जागरूकता कार्यक्रम करने के निर्देश दिए है।
हिंगलाज माता मंदिर में भागवत कथा शुरू, कलश यात्रा निकली
भास्कर न्यूज । बालोतरा शहर के हिंगलाज माता मंदिर में गुरुवार को इनर व्हील क्लब के तत्वावधान में सात दिवसीय भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर दोपहर करीब 12.30 बजे जबरदस्त हनुमान मंदिर से कलश यात्रा रवाना हुई। कलश यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई खत्री समाज के हिंगलाज माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव के साथ नृत्य करती हुई चल रही थीं। वहीं वृंदावन धाम से आए कथा वाचक आचार्य आनंद भाई का श्रद्धालुओं की ओर से स्वागत किया गया। कलश यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की ओर से पुष्प वर्षा की गई। कथा वाचक आचार्य आनंद भाई ने बताया कि कलियुग में भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के पापों का शमन होता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। मधुर स्वर लहरियों के साथ कथा श्रवण का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर परिषद के पूर्व सभापति रतन खत्री, पूर्व सभापति प्रभा सिंघवी, एमटीएम स्कूल निदेशक कमलेश बोहरा, डॉ. कमल मूंदड़ा, राजेश श्रीमाली, अध्यक्ष पवित्रा डागा, सुमित्रा खत्री, चित्रा श्रीमाली सहित इनरव्हील क्लब की सारी सदस्याएं मौजूद रही।
निशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर 4 जनवरी से
भास्कर न्यूज | बालोतरा आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में 10 दिवसीय निशुल्क क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. नेमसिंह राजपुरोहित ने बताया कि 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसोल एवं राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल में 6 जनवरी से 13 जनवरी तक सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। इसके साथ ही सुबह 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास भी करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद विभाग व राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क अर्श, भगन्दर, परिकार्तिका क्षार सूत्र अंतरंग निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बवासीर, भगन्दर एवं परिकर्तिका एवं गुदा की सभी बीमारियों का क्षार सूत्र से उपचार किया जाएगा।
शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री से मिलकर शैक्षिक सुधार के लिए दिए सुझाव
बालोतरा | राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में बुधवार को शिक्षा मंत्री मदनलाल दिलावर से शिष्टाचार भेंट की। संगठन के बालोतरा जिलाध्यक्ष लाखसिंह डूंगरोत ने बताया कि आज प्रदेश अध्यक्ष के साथ शिक्षा मंत्री मदनलाल से भेंट कर प्रदेश में शिक्षा और शिक्षकों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इनमें शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेश में शिक्षक संघों को मान्यता देने के विषय पर संगठन का मत रखते हुए बताया कि शिक्षा विभाग राजस्थान में लगभग 5 लाख शिक्षक पद स्वीकृत है जो कि राजस्थान सरकार के कुल कार्मिकों का 55% है। शिक्षकों की विभिन्न समस्या रखने के लिए उचित मंच प्रदान किया जाना चाहिए। केरल, तमिलनाडु, गुजरात आदि राज्यों में सर्वाधिक सदस्य संख्या वाले शिक्षक संघ को मंच प्रदान करते हुए शिक्षा विभाग से मान्यता प्रदान की है। इसी प्रकार राजस्थान में भी शिक्षा विभाग में मान्यता देने के लिए शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए गिरदावरी से मान्यता प्रदान की जावें। शिक्षक कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाएं, ताकि शिक्षक कल्याण की योजनाएं एवं सुझाव राज्य सरकार को समय-समय पर प्रेषित कर सके। सभी शिक्षक संवर्गों की पदोन्नति शीघ्र करते हुए आगामी 2 माह में पदोन्नति पश्चात पदस्थापन किए जाएं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न किया जा रहा है, जिसमें बिना किसी भेदभाव के समान मापदंड रखते हुए अंग्रेजी माध्यम महात्मा गांधी स्कूल एवं हिंदी माध्यम के स्कूलों में पदों को स्वीकृत किया जाएं। वरिष्ठ व्याख्याता केडर (संवर्ग) नहीं बनाने, टीएसपी क्षेत्र से नॉन टीएसपी क्षेत्र व नॉन टीएसपी क्षेत्र से टीएसपी क्षेत्र में शिक्षकों को उनके गृह जिलों में पदस्थापित किया जाएं। समसा में प्रतिनियुक्ति से संबंधित जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर के साक्षात्कार एक साथ जनवरी माह में पूर्ण करवा कर पदस्थापन आदेश जारी किए जाएं।
वकीलों की नवीन न्यायालय परिसर के पास मिनी सचिवालय बनाने की मांग
बालोतरा | राजस्थान राज्य के स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 17 फरवरी 1992 को राज्य गजट में सार्वजनिक परियोजना के लिए जसोल, माजीवाला व बालोतरा क्षेत्र में करीब 900 बीघा भूमि एक साथ अवाप्त किए जाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इस भूमि का अंतिम अवार्ड मार्च 1995 में घोषित हुआ। उक्त भूमि राज्यहित के लिए सुरक्षित होने के बावजूद आज तक उसका समुचित उपयोग नहीं हुआ है। इस पर अधिवक्ताओं ने राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में रिट याचिका दायर की है। जिला अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष उम्मेदसिंह चंपावत ने बताया कि खसरा नंबर 894 सरहद मौजा माजीवाला में 10 अप्रैल 2024 को नव न्यायालय भवनों का शिलान्यास उच्च न्यायालय जोधपुर की न्यायाधीश रेखा बोराणा की ओर से किया गया था। वर्तमान में न्यायालय भवनों का निर्माण कार्य तीसरी मंजिल तक प्रगतिरत है। इसके आसपास स्थित लगभग 900 बीघा भूमि आज भी राज्यहित की बताई जा रही है, लेकिन इसी क्षेत्र में जिला कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं अन्य जिला स्तरीय प्रशासनिक कार्यालयों की स्थापना नहीं की जा रही है। बालोतरा जिले की वर्ष 2023 में विधिवत घोषणा होने के बावजूद अब तक जिले का मिनी सचिवालय स्थापित नहीं किया जाना स्थानीय आमजन के साथ अन्याय और धोखे के समान बताया जा रहा है। आम नागरिकों, विशेषकर वादकारियों व पीड़ितों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दृष्टि से नव न्यायालय परिसर के समीप ही सभी जिला कार्यालयों की स्थापना आवश्यक मानी जा रही है। इस संबंध में जिला अभिभाषक संघ बालोतरा की ओर से निरंतर प्रयास किए गए हैं। वर्तमान में नगर परिषद बालोतरा के प्रशासक स्वयं प्रशासनिक अधिकारी होने के बावजूद जिला मुख्यालय पर सुव्यवस्थित स्थान पर मिनी सचिवालय की स्थापना नहीं हो पाना कई सवाल खड़े करता है। इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ता उम्मेदसिंह चंपावत, महेश खारवाल एवं गजेसिंह भाटी की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में नव न्यायालय परिसर के समीप मिनी सचिवालय के रूप में जिले के समस्त प्रशासनिक कार्यालय स्थापित नहीं किए जाने को गंभीर प्रशासनिक चूक बताया गया है।
स्वयंसेविकाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता का आह्वान
बालोतरा | राजकीय डीआरजे कन्या कॉलेज में एनएसएस के सात दिवसीय शिविर का समापन सरस्वती पूजन एवं वंदना के साथ किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य अर्जुनराम पूनिया ने राजस्थानी संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने एनएसएस के मोटो नॉट मी बट यू को आत्मसात करते हुए स्वयंसेविकाओं से सेवा भाव के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. भरत कुमार आर्य ने एनएसएस के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। राज्यपाल की ओर से सम्मानित डॉ. महेश ने एनएसएस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों के सामाजिक महत्व को बताया तथा एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सालगराम परिहार ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करने से जीवन में सही दिशा प्राप्त होती है। कार्यक्रम प्रभारी संतोष पटेल ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गायन प्रतियोगिता में ज्योति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नृत्य प्रतियोगिता में रवीना प्रथम रही। समारोह में अतिथियों की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पारितोषिक वितरित किए गए। शिविर के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने पर सुशीला को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका घोषित किया।
‘बिल बाद में देंगे’ दफ्तरों की यह आदत प्रीपेड मीटर बदलेगा, रखना होगा रिजर्व फंड
सरकारी विभागों की वर्षों पुरानी ‘बिल बाद में भरेंगे’ संस्कृति पर जल्दी ही ब्रेक लगेगी। बिजली कंपनी सभी सरकारी विभागों में प्रीपेड बिजली मीटर सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इसका सीधा मतलब है- पहले मीटर रिचार्ज कराओ, तभी बिजली जलेगी। यह व्यवस्था उन विभागों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी, जो बिजली कंपनी को सरकारी एजेंसी मानकर सालों से बिजली बिल जमा नहीं कराते रहे हैं। नतीजा इन विभागों पर बिजली कंपनी का बकाया 3000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच चुका है। प्रदेश में 59 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 44 लाख घरेलू (एलटी) और शेष एचटी व सरकारी विभाग शामिल हैं। लगभग ढाई से तीन लाख कनेक्शन सरकारी विभागों के हैं, जिन पर ही अधिकांश बकाया जमा है। नगरीय प्रशासन विभाग के नगर निगम, नगर पालिकाएं और पंचायतें सबसे बड़े डिफॉल्टर हैं। अकेले नगरीय निकायों पर 1200 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। इसमें रायपुर नगर निगम का हिस्सा 300 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, पुलिस, जल संसाधन और अन्य विभागों के दफ्तर भी बड़े बकायादार हैं। प्रीपेड मीटरिंग लागू होने के बाद सरकारी एजेंसियों को भी निजी कंपनियों की तरह बिजली खर्च के लिए अलग से रिजर्व फंड बनाना होगा। नियमित प्रोविजन नहीं होने की स्थिति में रिचार्ज खत्म होते ही अधिकतम हफ्ते-दस दिन की राहत के बाद बिजली सप्लाई अपने-आप बंद हो जाएगी। साफ है कि नई व्यवस्था सरकारी विभागों की वित्तीय अनुशासनहीनता पर बड़ा प्रहार करेगी। शासन की मंजूरी के बाद शुरू होगा सिस्टम, बिल भी वसूलेंगेबिजली कंपनी के अफसरों का कहना है कि करीब 35 लाख उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड मीटर लग चुका है। सरकारी विभागों में शत-प्रतिशत मीटर शिफ्ट किए जा चुके हैं। शेष जगहों पर प्रीपेड मीटर लगाने का काम चल रहा है। विद्युत वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह ने इस संबंध में अफसरों को निर्देश दिया है कि प्रीपेड मीटर बदलने का बचा हुआ काम जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में यह सिस्टम शुरू करने के पूर्व शासन से इसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद सिस्टम चालू होगा। यही नहीं, पुराने बकाया की भी वसूली की जाएगी। हालांकि, इसके लिए उन्हें शासन के फैसले के अनुसार मोहलत दी जा सकती है। लेकिन सिस्टम चालू होने के बाद उन्हें रिचार्ज कराने पर ही बिजली की सुविधा मिलेगी।
कलेक्ट्रेट में पन्द्रह दुपहिया का चालान, एसपी ऑफिस के आगे से बिना हेलमेट निकले वाहन
भास्कर न्यूज | बालोतरा नववर्ष की शुरूआत के साथ ही हेलमेट अनिवार्यता को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर गुरुवार को पहले दिन जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट व एसपी कार्यालय में नजर आई। कलेक्टर की हिदायत के बाद पहले दिन कार्यालय में बिना हेलमेट प्रवेश करने वाले 15 चालकों के खिलाफ चालान काटकर जुर्माना वसूली की कार्रवाई की गई। वहीं एसपी कार्यालय में भी सख्ती नजर आई। इस पर कार्यालय परिसर में तो बिना हेलमेट लगाए बाइक सवार स्टाफ या फरियादी नजर नहीं आया, लेकिन पचपदरा-बालोतरा हाइवे पर कार्यालय के आगे से आम दिनों की तरह दुपहिया सवार बेरोकटोक गुजरते नजर आए। इसमें अधिकांश वाहन चालक बिना हेलमेट लगाए नजर आए। हालांकि जिले में गत दो महीने से हेलमेट अनिवार्यता व ई-चालान की कार्यवाही का असर नजर आ रहा है। हाइवे व शहर के प्रवेश मार्गों पर 10 में से 2-3 बाइक चालक हेलमेट लगाए नजर आते हैं, लेकिन आज भी औद्योगिक क्षेत्र व शहर में नियोजन स्थलों पर कामकाज को लेकर अपडाउन करने वाले चालक दो-तीन सवारियों के साथ बिना हेलमेट के आवाजाही करते नजर आते हैं। ^यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। हेलमेट अनिवार्यता को लेकर चालान काटे जा रहे हैं। आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर सुबह से शाम तक बिना हेलमेट पहुंचने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब तक करीब 15 चालान काटे गए हैं, यह नियमित तौर पर लागू रहेगा। साथ ही शहर में नो-पार्किंग व बेतरतीब खड़े वाहनों, ओवरस्पीड, गलत साइड में चलने वाले वाहनों के खिलाफ ई-चालान भी काटे जा रहे हैं। - महेश गोयल, यातायात प्रभारी, बालोतरा कलेक्टर सुशील कुमार यादव के जारी निर्देश के बाद हेलमेट अनिवार्यता को लेकर गुरुवार को पहले दिन यातायात पुलिस सख्त नजर आई। सुबह 10 बजे से ही यहां पर एएसआई रतनाराम खड़े नजर आए। इस दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय में बिना हेलमेट लगाए पहुंचने वाले 15 सरकारी कार्मिकों व आमजन के चालान काटे गए। कार्यवाही के दौरान कई चालक रियायत मांगते भी नजर आए, लेकिन कलेक्टर के आदेश कर चलते चालान कटवाकर जुर्माना अदा करना पड़ा। प्रवेश मार्गों पर कार्रवाई की जरूरत, अधिकांश हादसे शहर के 20 किमी परिधि में हो रहे कलेक्ट्रेट के बाद भास्कर टीम दोपहर 2.15 बजे पचपदरा रोड स्थित एसपी कार्यालय पहुंची। जहां आधा घंटे के दौरान कार्यालय में कामकाज से पहुंचने वाले बाइक सवार पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए नजर आए। वहीं पचपदरा- बालोतरा मुख्य मार्ग पर स्थित एसपी कार्यालय के आगे से गुजरने वाले अधिकांश बाइक सवार बिना हेलमेट के नजर आए। शहर के प्रवेश मार्गों पर हेलमेट अनिवार्यता को लेकर नियमित रूप से कार्रवाई की जरूरत है। इससे कि आए दिन शहर के 15 से 20 किमी की परिधि में दुपहिया वाहनों के साथ हो रही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। जिला मुख्यालय होने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र भी है, जहां जसोल, बिठूजा व शहर के रीको एरिया में 25 से 30 हजार श्रमिक कार्य करते हैं। इसके अलावा कमठा व अन्य कामकाज को लेकर प्रतिदिन आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रमिक अपडाउन करते हैं। शहर के सिर्फ जिला अस्पताल के आंकड़ों को देखें तो महीने में 70 से 80 बाइक दुर्घटनाओं के मामले आते हैं। शहर में कामकाज के बाद गांव लौटते समय बेसहारा पशुओं से भिड़ंत, बड़े वाहनों की चपेट में आने तो टूटी सड़क पर बाइक फिसलने की घटनाओं में सवार चोटिल तो जान गंवा देते हैं। ऐसे में शहर के जसोल फांटा, खेड़ रोड चतुर्थ चरण, पचपदरा रोड पर बायपास, मूंगड़ा सर्किल पर नियमों की अवहेलना करने पर वाहनों के चालान काटने व हिदायत देकर समझाइश की जाए तो हेलमेट अनिवार्यता का काफी हद तक असर नजर आएगा। साथ ही दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

