पंजाबी सिंगर सिंगा ने एक इंटरव्यू में बिना नाम लिए म्यूजिक इंडस्ट्री के कई कलाकारों को छक्का कहकर संबोधित किया। ये इंटरव्यू एक साल पुराना है। लेकिन इसकी क्लिप अब ट्रोल हो रही है। इस क्लिप को द कूल ब्रो इंस्टा पेज पर शेयर किया गया है। इसमें सिंगा ये कहते नजर आ रहे हैं कि देखा जाए तो आजकल म्यूजिक इंडस्ट्री में ज्यादातर छक्के नहीं आ गए। मुझे लगता है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में मर्द नहीं रह गए हैं। सिंगा ने कहा कि न ही कोई बंदा है और न ही मर्दों वाली बात रह गई है। इसके साथ ही सिंगा ने कुछ समय इंडस्ट्री में चुप्पी और कूल गीत निकालने के बाद फिर से हथियार कल्चर वाला गीत रिलीज किया है। 23 जनवरी को अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज असला 2.0 में हथियारों की सरेआम नुमाइश की है। इस गीत में सलवारों पर नजर...जैसे कई विवादित बोल भी हैं। अकसर विवादों में रहने वाले सिंगा पर नवंबर 2022 में मोहाली के मटौर पुलिस स्टेशन में गन कल्चर प्रमोट करने और जालंधर-कपूरथला में धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज हो चुका है। उन पर गाने तेरी अम्मी में अश्लील शब्दों का प्रयोग करने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। भीम आर्मी और कुछ अन्य संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। न्यू रिलीज असला 2.0 में विवादित बोल, गाली भी दीसिंगा के नए गीत असला 2.0 में हथियारों की सरेआम नुमाइश के साथ विवादित बोल भी हैं। गीत के बोलों में चक्क लो असला, वध गया मसला, भीड़ पै गई ए यरां ते जैसी उकसाने वाली लाइनें हैं। इसके साथ ही अज्ज ठोकणे ही ठोकणे आ कहकर गाली दी गई गई है। सिंगा ने गीत के वीडियो में फायरिंग, वॉट्सएप के जरिए हथियार भेजने जैसे सीन फिल्माए हैं। मैं देखेया अकसर मचदे साले, अक्ख रखदेया सलवारां ते जैसी शब्दावली का यूज किया गया है। इसके साथ ही उकसाने वाले बोल जैसे वेलियां न अक्ख लाके, भैण न ब्याह लेयो भी गीत में हैं। अब पढ़िए सिंगर सिंगा के साथ जुड़े विवाद... विवादों पर मोहाली और अमृतसर में FIR: सिंगा के खिलाफ शिकायतों की लिस्ट काफी लंबी है। सबसे प्रमुख मामला मोहाली के मटौर थाने में दर्ज हुआ था, जहां उन पर हथियारों के प्रदर्शन पर रोक वाले सरकारी आदेश के उल्लंघन का आरोप लगा। इसके अलावा, अमृतसर में भी उनके खिलाफ अश्लीलता फैलाने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। 'तेरी अम्मी' जैसे गानों के बोलों को लेकर उन्हें सामाजिक संस्थाओं के भारी दबाव का सामना करना पड़ा था। सिद्धू मूसेवाला और बब्बू मान के साथ क्लैश: पंजाबी इंडस्ट्री की गुटबाजी में सिंगा केंद्र में रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की मौत तक दोनों के बीच कोल्ड वार चलती रही। दोनों एक-दूसरे को जवाब देने के लिए ट्रैक निकालते रहे। इसी तरह सिंगर बब्बू मान के प्रशंसकों के साथ भी सिंगा की तीखी बहस हो चुकी है। मान के समर्थकों ने आरोप लगाया था कि सिंगा ने अपने बयानों से बब्बू मान का अपमान किया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप: सिंगा केवल म्यूजिक इंडस्ट्री के साथी कलाकारों के साथ जुड़े विवादों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन पर धार्मिक भावनाओं के अपमान के आरोप भी लगे हैं। एक पुराने विवाद में ईसाई समुदाय ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। क्योंकि उनके एक वीडियो में ईसाइयत से जुड़े प्रतीकों को गलत तरीके से पेश करने का दावा किया गया था। इस मामले में विवाद इतना बढ़ा कि सिंगा को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
फिल्म ‘धूम’ से पहचान बनाने वाली पूर्व एक्ट्रेस रिमी सेन ने हाल ही में एक्टिंग छोड़कर दुबई में अपना रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने का ऐलान किया है। एक हालिया पॉडकास्ट में रिमी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सच्चाइयों पर खुलकर बात की और बताया कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला क्यों लिया। Buildcaps के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान रिमी सेन ने कहा कि बॉलीवुड में खासतौर पर महिला कलाकारों के लिए करियर की उम्र सीमित होती है, जबकि पुरुष अभिनेता दशकों तक लीड रोल में बने रहते हैं। उन्होंने अपने नए बिजनेस को एक्टिंग से कहीं ज्यादा स्थिर और सुरक्षित बताया। इस पॉडकास्ट में रिमी के साथ Buildcaps के फाउंडर प्रियंक शाह और जाने-माने रियल एस्टेट बिजनेसमैन आशीष शर्मा भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान आशीष शर्मा ने मजाकिया अंदाज में रिमी की तारीफ करते हुए कहा, “रिमी जी, हमारे लिए भी कुछ छोड़ दो, आपने तो पूरा दुबई ही निचोड़ दिया। हमें यहां तक पहुंचने में 18 साल लगे और मैडम ने आते ही सब फोड़ दिया।” इस पर रिमी सेन ने जवाब दिया, “रियल एस्टेट एक स्टेबल बिजनेस है। बॉलीवुड का नशा अब खत्म हो चुका है और अब रियल एस्टेट का नशा चढ़ गया है।” बॉलीवुड में जेंडर असमानता पर बोलीं रिमी पॉडकास्ट में रिमी ने फिल्म इंडस्ट्री में जेंडर असमानता पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा- “फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए करियर की अवधि बहुत छोटी होती है। यह एक मेल-डोमिनेटेड इंडस्ट्री है। आज भी सलमान खान और शाहरुख खान जैसे अभिनेता 20-25 साल बाद भी लीड रोल निभा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जिन अभिनेत्रियों ने कभी इन सुपरस्टार्स के साथ काम किया, आज वे सपोर्टिंग रोल या पारिवारिक किरदार निभा रही हैं, और कुछ तो ऑनस्क्रीन मां तक का रोल कर रही हैं। स्टारडम भी एक नशा है रिमी ने स्टारडम को भी एक तरह की लत बताया। उन्होंने कहा- “फेम का नशा भी जुए की तरह होता है। समझदार इंसान जानता है कि कब टेबल छोड़नी है। किसी भी बिजनेस में सही समय पर बाहर निकलना बेहद जरूरी है।” उन्होंने आगे कहा- “अगर बिना विजन के किसी काम में लगे रहेंगे, तो पूरी जिंदगी संघर्ष ही करते रह जाएंगे। मैंने शुरू से अपने करियर को एक बिजनेस की तरह देखा। मुझे पता था कि गरिमा के साथ कहां तक जाना है। उसके बाद गिरावट आती है, खासकर महिलाओं के लिए।” रिमी ने यह भी बताया कि वह कभी फेम की आदी नहीं रहीं। उन्हें जब तक अच्छा काम मिल रहा था, उन्होंने एंजॉय किया। लेकिन जब एक जैसे कॉमेडी रोल मिलने लगे और संतुष्टि खत्म हो गई, तो रिमी ने इंडस्ट्री से एग्जिट कर लिया। रिमी ने कहा कि उन्होंने अपने करियर के हर कदम को सोच-समझकर और प्लानिंग के साथ आगे बढ़ाया और आज वह अपने नए सफर से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
बॉलीवुड एक्टर कुणाल सिंह महज 31 साल के थे, जब मुंबई के एक अपार्टमेंट में उनका शव मिला। शुरुआत में उनकी मौत को आत्महत्या माना गया, हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरे केस को पलटकर रख दिया। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या माना था। उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने केस की रिपोर्ट तैयार करने वाले AIIMS के पूर्व फोरेंसिक एक्सपर्ट तिरथ दास डोगरा से संपर्क किया। आज अनसुनी दास्तान के 4 चैप्टर में जानिए एक्टर कुणाल सिंह की मौत की कहानी- 29 सितंबर 1977 को कुणाल सिंह का जन्म हरियाणा में हुआ था। मॉडलिंग में पहचान बनाने के बाद कुणाल ने तमिल फिल्म कधालार धीनम (1999) से एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म में उनके साथ सोनाली बेंद्रे लीड रोल में थीं। साउथ में ये फिल्म हिट रही, जिसके बाद इसकी हिंदी रीमेक फिल्म दिल ही दिल में (2000) बनाई गई, जिसमें कुणाल और सोनाली लीड रोल में रहे। ये फिल्म भी हिट रही, जिसका गाना ऐ नाजनीन सुनो न काफी पसंद किया गया था। इन दो फिल्मों की बदौलत कुणाल सिंह को एक-एक कर कई बड़ी साउथ फिल्में मिलने लगीं। वो अनीता हंसनंदानी के साथ 2002 की फिल्म 'वरुशामेल्लम वसंतम' और धनुष स्टारर फिल्म 'देवथैयाई कंदेन' जैसी कई पॉपुलर साउथ फिल्मों का हिस्सा रहे। साउथ फिल्मों में बढ़ती पॉपुलैरिटी के बीच उन्होंने अनुराधा सिंह से शादी की, जिससे उन्हें दो बच्चे हुए। साल 2007 तक कुणाल को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। जो एक-दो फिल्में उन्होंने की थीं, उसमें भी उनका साइड रोल ही होता था। यही वजह रही कि कुणाल ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी बालागिरी शुरू की। उन्होंने अपने प्रोडक्शन की पहली फिल्म योगी की तैयारियां शुरू की थीं, जिनमें उनके साथ एक्ट्रेस लवीना भाटिया लीड रोल में थीं। 2007 में फिल्म की शूटिंग शुरू हुई ही थी कि कुणाल सिंह और लवीना भाटिया की नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोनों के अफेयर की खबरें सुर्खियों में आ गईं। जल्द ही ये खबरें कुणाल सिंह के परिवार तक भी पहुंच गईं। कुणाल की पत्नी अनुराधा इससे बेहद नाराज हुईं। दोनों के आए दिन झगड़े बढ़ने लगे और एक रोज अनुराधा दोनों बेटियों के साथ कुणाल को छोड़कर मायके चली गईं। कुछ समय बाद लवीना भाटिया कुणाल के साथ उनके मुंबई स्थित अपार्टमेंट में आकर रहने लगीं। 7 फरवरी 2008 कुणाल सिंह और लवीना भाटिया अपार्टमेंट में अकेले थे। देर रात लवीना ने मुंबई पुलिस को कॉल कर कुणाल की आत्महत्या की जानकारी दी। पुलिस पहुंची तो देखा कि कुणाल का शव पंखे पर लगे फंदे से लटक रहा था। लवीना पास बैठी रो रही थीं। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना गया। पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी फंदे से दम घुटने से मौत होने की संभावनाएं सामने आईं। कुछ दिन बीते ही थे कि कुणाल के पिता कर्नल राजेंद्र सिंह ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने 4 अहम सवाल खड़े किए। पहला सवाल- अगर कुणाल ने आत्महत्या की, तो उनके शरीर पर खरोंच के निशान कैसे आए। दूसरा सवाल- लवीना ने कहा था कि कुणाल उन्हें रात को घर छोड़ने वाले थे, तो अगर कुणाल को आत्महत्या करनी ही थी, तो वो लवीना को छोड़ने के बाद भी कर सकते थे। तीसरा सवाल- लवीना ने कहा कि वो बाथरूम में थीं, अगर कुणाल आत्महत्या करने वाले थे, तो उन्हें इस बात का अंदाजा कैसे लगा कि वो कितनी देर में बाथरूम से बाहर आने वाली हैं। चौथा सवाल- कुणाल ने मौत से चंद घंटे पहले ही पॉपुलर म्यूजिक कंपोजर डब्बू मलिक को काम के सिलसिले में मैसेज किया था। उन्होंने जल्द ही डब्बू को अपने घर पर इनवाइट किया था। अगर कुणाल को आत्महत्या करनी थी, तो वो उसी रोज आगे की प्लानिंग क्यों कर रहे थे। जांच में सामने आया कि जिस दिन कुणाल का शव मिला, उसी दिन उन्होंने अपकमिंग फिल्म योगी की टीम से मुलाकात की थी और आगे की प्लानिंग बनाई थी। पिता की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल सिंह की गर्लफ्रेंड लवीना भाटिया को गिरफ्तार कर लिया गया। लवीना भाटिया ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वो सुबह नहाने गई थीं। करीब 10 मिनट बाद वो बाहर निकलीं तो देखा कि कुणाल फंदे पर लटके हैं। पुलिस के पास लवीना के खिलाफ कोई सबूत नहीं था, जिसके चलते उन्हें छोड़ दिया गया। पहले भी कलाई काटकर की जान देने की कोशिश पुलिस जांच के दौरान ये भी सामने आया कि कुणाल सिंह फिल्मों में ठीक काम न मिलने और निजी जिंदगी की उथल-पुथल से काफी परेशान चल रहे थे। परिवार और दोस्तों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि फरवरी 2008 में आत्महत्या करने से कुछ दिनों पहले भी उन्होंने कलाई की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, हालांकि तब उन्हें बचा लिया गया था। जब पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, तो ये केस CBI को सौंपा गया। जिसके बाद उनकी मौत के कारण की गहराई से जांच की गई। कुणाल की फोरेंसिक रिपोर्ट उस समय AIIMS के फोरेंसिक एक्सपर्ट रहे डॉक्टर टी.डी.डोगरा ने तैयार की थी। कुणाल सिंह की मौत का असल कारण जानने के लिए दैनिक भास्कर ने डॉक्टर टी.डी.डोगरा से संपर्क किया। उन्होंने हमसे बातचीत में शुरुआती जांच पर कहा, कुणाल के निधन के बाद 20 अगस्त 2008 को बॉम्बे में उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण गर्दन पर लिगेचर (फंदे) द्वारा दबाव बताया, जो उनकी संभावित मृत्यु का कारण था।' 'मृतक के शरीर पर फांसी के सामान्य लक्षण मौजूद थे। जैसे गर्दन पर तिरछा लिगेचर मार्क, मुंह के दाहिने कोने से लार का बहना, जो हैंगिंग का एक महत्वपूर्ण संकेत होता है। उनकी जीभ दांतों के बीच फंसी हुई थी और हाथ-पैरों के नाखून नीले पड़ चुके थे। आंखों में पेटीकीअल हैमरेज पाया गया, जो इस तरह की मृत्यु में अक्सर देखा जाता है। निष्कर्ष में डॉक्टरों ने कहा कि मृत्यु दम घुटने से संभव है और सभी फाइंडिंग्स उससे मेल खाती हैं। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन जब कुणाल सिंह के पिता की शिकायत पर केस सीबीआई को सौंपा गया, तो 27 जुलाई 2008 को फिर उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। इस पर टी.डी.डोगरा कहते हैं, 'नाखूनों की जांच की गई, जिसमें किसी प्रकार का खून या किसी अन्य व्यक्ति की कोशिकाएं नहीं पाई गईं। आमतौर पर हत्या के मामले में विक्टिम द्वारा स्ट्रगल किए जाने पर उनके नाखूनों में आरोपी की स्किन फंसी होती है। हालांकि रिपोर्ट में ऐसा कुछ सामने नहीं आया।' '27 फरवरी 2009 को कूपर अस्पताल के डॉक्टरों की राय ली गई। इसमें कहा गया कि जो लिगेचर मार्क दिखाई दे रहा है, वह किसी नरम सामग्री से बन सकता है। यदि गर्दन दाईं ओर झुकी हो तो निशान दाईं ओर होना संभव है। हाथ पर जो नीला निशान था, वह किसी कठोर वस्तु से बन सकता है। इस रिपोर्ट में आत्महत्या की संभावना से इनकार नहीं किया गया। विसरा में शराब या किसी अन्य जहर के प्रमाण नहीं मिले।' '20 जनवरी 2009 को ग्रांट मेडिकल कॉलेज बोर्ड की राय सामने आई। पहले कूपर अस्पताल का बोर्ड बना, उसके बाद ग्रांट मेडिकल कॉलेज का। उन्होंने कहा कि मृत्यु खाना खाने के 4 से 6 घंटे बाद संभव है और पोस्टमॉर्टम से 12 से 24 घंटे पहले मृत्यु हुई थी। मृत्यु का कारण पार्शियल हैंगिंग (दम घुटना) बताया गया। मृत्यु के समय को लेकर कोई विरोधाभास नहीं पाया गया।' '12 अगस्त 2009 को कूपर अस्पताल की एक बार फिर से राय ली गई, जिसमें मृत्यु को होमिसाइडल (हत्या) प्रकृति की बताया गया। जबकि पहले इसे सुसाइडल बताया गया था। यही विरोधाभास आगे चलकर एम्स की रिपोर्ट से टकराया। इन्हीं अलग-अलग रिपोर्टों के कारण सीबीआई यह मामला लेकर एम्स पहुंची।' डॉक्टर टी.डी.डोगरा ने आगे कहा, ‘16 सितंबर 2009 को कूपर अस्पताल से तीसरी राय ली गई, जिसमें लिगेचर मार्क को होमिसाइडल डेथ यानी हत्या के पक्ष में बताया गया। मुट्ठी बंद होने को किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट से जोड़ने की कोशिश की गई। यह राय भी एम्स की रिपोर्ट से मेल नहीं खा रही थी।’ ‘7 दिसंबर 2009 को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को कपड़े और अंडरवियर जांच के लिए भेजे गए। अंडरवियर पर खून नहीं था। शर्ट, जींस और बेडशीट पर न तो लार, न वीर्य और न ही संघर्ष के कोई निशान पाए गए। यौन हमले या संघर्ष का कोई प्रमाण नहीं मिला।' कुणाल सिंह की मौत के 2 साल बीत गए थे, लेकिन सीबीआई के पास अब भी कुणाल सिंह की मौत की सटीक जानकारी नहीं थी। आखिरकार, 22 जनवरी 2010 को सीबीआई ने सभी दस्तावेज, रिपोर्ट्स और पेपर्स एम्स को सौंपे और सीन री-कंस्ट्रक्शन का अनुरोध किया। 12 फरवरी 2010 को सीबीआई ने एम्स को एक रिपोर्ट भेजते हुए 24 सवालों के जवाब मांगे। डी.टी.डोगरा कहते हैं, '13 फरवरी 2010 को एम्स और सीएफएसएल की संयुक्त टीम मेरे चेयरमैन शिप में गठित की गई। टीम का मुख्य निष्कर्ष यह था कि कुर्सी पर खड़े होकर फांसी लगाना आसान और पूरी तरह संभव था। सूटकेस या सोफे पर खड़े होकर भी फांसी लगाई जा सकती थी, हालांकि वह थोड़ा कठिन होता। बेडशीट लंबी, मजबूत और मृतक जैसे व्यक्ति का वजन सहने में सक्षम थी। गांठ स्थिर और कसी हुई थी। किसी भी कपड़े पर खिंचाव, फटने या संघर्ष के निशान नहीं थे।सोफे का एक पैर और सूटकेस से छूना जीवित रहने की स्वाभाविक प्रतिक्रिया भी हो सकती है। पूरा दृश्य फांसी की प्रक्रिया से मेल खाता था।' 2 साल बाद सीबीआई की जांच के बाद कुणाल की मौत आत्महत्या करार दी गई 2 साल की लंबी जांच के बाद आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुणाल सिंह डेथ केस में फैसला सुनाते हुए इसे आत्महत्या करार दिया। हालांकि केस की जांच में लापरवाही करने के चलते बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 पुलिस अफसरों के सस्पेंशन का ऑर्डर दिया। आरुषि तलवार, इंदिरा गांधी की फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं टी.डी.डोगरा टी.डी.डोगरा एम्स के पूर्व फोरेंसिक एक्सपर्ट रह चुके हैं। उन्होंने अपने मेडिकल करियर में इंदिरा गांधी की हत्या, आरुषि तलवार मर्डर केस, निठारी केस, बाटला हाउस एनकाउंटर केस, माधवराव सिंधिया एक्सीडेंट केस की रिपोर्ट भी तैयार की थी।
अंतरराष्ट्रीय थ्रिलर फिल्म ‘व्हाइट’ अपनी घोषणा के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म में विक्रांत मैसी वैश्विक आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की भूमिका निभाते नजर आएंगे, वहीं फिल्म की अंतरराष्ट्रीय स्टारकास्ट और क्रू पहले ही चर्चा का विषय बन चुके हैं। अब इस फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ने वाला है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फिल्म के निर्माता एक प्रतिष्ठित इंटरनेशनल म्यूजिक लेबल के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिसने ग्लोबल आइकन जेनिफर लोपेज से फिल्म के लिए एक खास गीत को लेकर संपर्क किया है। यह संभावित सहयोग एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक लेबल के माध्यम से हो रहा है, जो अपनी वैश्विक पहुंच और दुनिया के शीर्ष कलाकारों के साथ काम के लिए जाना जाता है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक,“जेनिफर लोपेज और अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक लेबल मिलकर फिल्म व्हाइट के लिए एक थीम सॉन्ग पर विचार कर रहे हैं, जो फिल्म की आत्मा को परिभाषित करेगा। यह गीत अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा में होगा और भारतीय दर्शन से प्रेरित विश्व शांति, प्रेम और एकता का संदेश देगा। इस एंथम की कल्पना माइकल जैक्सन के आइकॉनिक गीत ‘Heal The World’ की भावना से प्रेरित बताई जा रही है।” फिल्म ‘व्हाइट’ के बारे में वैश्विक स्तर पर बनाई जा रही यह थ्रिलर फिल्म मुख्य रूप से अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा में है, जिसे बाद में हिंदी सहित 21 भाषाओं में डब करने की योजना है। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जिसमें से करीब 90% शूट दक्षिण अमेरिका में किया गया है। फिल्म की खास बात यह भी है कि इसके 90% कलाकार और तकनीकी टीम अंतरराष्ट्रीय हैं। सिनेमैटोग्राफी की कमान संभाली है जुआन कार्लोस गिल ने, जो मशहूर वेब सीरीज Narcos में अपने शानदार काम के लिए जाने जाते हैं। ‘व्हाइट’ को सिद्धार्थ आनंद और महावीर जैन का समर्थन प्राप्त है। फिल्म का निर्देशन मोंटू बस्सी ने किया है और इसे Conscious Studios, PeaceCraft Pictures और BroadVision ने सह-निर्मित किया है। इसके अलावा, दक्षिण अमेरिका की अग्रणी प्रोडक्शन कंपनी Jaguar Bite भी इस फिल्म से को-प्रोडक्शन पार्टनर के रूप में जुड़ी है। अगर यह म्यूजिकल सहयोग साकार होता है, तो ‘व्हाइट’ न सिर्फ एक फिल्म बल्कि विश्व शांति का वैश्विक संदेश बनकर उभर सकती है।
म्यूजिक कंपोजर और फिल्ममेकर पलाश मुच्छल ने 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी के लगे आरोपों पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। पलाश ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन बताया है और कहा है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। शुक्रवार को पलाश मुच्छल ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप उनकी छवि खराब करने की नीयत से लगाए गए हैं। पलाश लिखते हैं- “सांगली निवासी विद्न्यान माने द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं। इनका मकसद मेरी इमेज को नुकसान पहुंचाना है और इन्हें ऐसे ही नहीं छोड़ा जाएगा।” पलाश ने आगे बताया कि उनके वकील श्रेयांश मितारे इस पूरे मामले को देख रहे हैं और सभी कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि इस विवाद को केवल कानूनी माध्यम से ही सुलझाया जाएगा। क्या हैं आरोप? न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सांगली जिले के 34 साल के एक्टर और प्रोड्यूसर विद्न्यान माने ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि पलाश मुछाल ने उनसे 40 लाख रुपए की ठगी की है। शिकायत के अनुसार, पलाश और विद्न्यान की मुलाकात 5 दिसंबर 2023 को सांगली में हुई थी। बातचीत के दौरान पलाश ने अपनी आगामी फिल्म ‘नजरिया’ में निवेश करने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि पलाश ने विद्न्यान को आश्वासन दिया था कि 25 लाख के निवेश पर उन्हें ओटीटी रिलीज के बाद 12 लाख का मुनाफा होगा और फिल्म में एक किरदार भी दिया जाएगा। विद्न्यान का दावा है कि इसके बाद दोनों की दो बार मुलाकात हुई और मार्च 2025 तक उन्होंने कुल 40 लाख रुपए पलाश को दिए। हालांकि, फिल्म पूरी नहीं हो सकी। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद विद्न्यान ने सांगली पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले की प्राथमिक जांच की जा रही है।
बसंत पंचमी के अवसर पर देशभर में सरस्वती पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के कई सितारे भी पूजा समारोह में शामिल हुए और मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया। बसंत पंचमी के मौके पर मुंबई के मालाड इलाके में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया। इस सेलिब्रेशन में कई बड़े सेलेब्स स्पॉट किए गए, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इस खास मौके पर कार्तिक आर्यन, सारा अली खान और आदित्य रॉय कपूर जैसे बॉलीवुड सितारे पूजा समारोह में नजर आए। सभी सितारे पारंपरिक अंदाज में दिखाई दिए। इसके अलावा टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार भी इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने। सरस्वती पूजा में शामिल होने के लिए सितारों ने सिंपल लुक अपनाया था। लगभग सभी सितारों ने बसंत पंचमी को ध्यान में रखते हुए येलो कलर का आउटफिट चुना था।
1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी ‘बॉर्डर 2’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह सिर्फ एक युद्ध फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सेनाओं के साहस, बलिदान और टीमवर्क की कहानी है। फिल्म की कहानी के साथ-साथ गानों को भी खूब पसंद किया जा रहा है। इस फिल्म के प्रसिद्ध गानों, विशेषकर ‘घर कब आओगे’ और ‘जाते हुए लम्हों’ को संगीतकार मिथुन द्वारा फिर से री-क्रिएट किया गया है, जबकि इसके बोलों को मनोज मुंतशिर शुक्ला ने लिखा है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान मनोज मुंतशिर ने बताया कि रीक्रिएटेड गानों में हमारा सिर श्रद्धा से झुका था। वहीं, संगीतकार मिथुन ने कहा कि अनु मलिक और जावेद साहब की विरासत को आगे बढ़ाना एहतराम था। गीतकार मनोज मुंतशिर ने कहा- बॉर्डर केवल एक फिल्म नहीं है, वह भावनाओं और स्मृतियों की धरोहर है। जावेद अख्तर और अनु मलिक ने जो स्तर स्थापित किया है, उसके सामने खड़ा होना भी अपने आप में बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैंने और मिथुन ने अनु मलिक, जावेद अख्तर साहब जैसे बड़ों से सीखा। अब जब हमारी बारी आई तो 'बॉर्डर' जैसी फिल्म के लिए अलग कहानी, अलग सिचुएशन को अपने शब्दों और संगीत से व्यक्त किया। हमने अपना कर्म किया, लेकिन ओरिजिनल साउंडट्रैक और फिल्म के लिए हमेशा सम्मान रहा। रीक्रिएटेड गानों में हमारा सिर श्रद्धा से झुका था। संदेशे आते हैं एक गीत नहीं बल्कि एक भावनात्मक दस्तावेज है। जावेद साहब ने उसमें मां, घर, सरहद और सैनिक की पूरी दुनिया समेट दी है। ऐसे गीत को दोहराने या बदलने का विचार कभी मन में आया ही नहीं। संगीतकार मिथुन कहते हैं- अनु मलिक और जावेद साहब की विरासत का को आगे बढ़ना बोझ नहीं, बल्कि एहतराम था। जब आप जानते हैं कि आप अनु मलिक के संगीत और जावेद अख्तर के शब्दों से जुड़ी दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, तो आप बहुत सजग हो जाते हैं। हमारा प्रयास यही रहा कि श्रोता जब ‘घर कब आओगे’ और ‘जाते हुए लम्हों’ सुनेंगे तो उन्हें कहीं भी बनावट या दिखावा महसूस नहीं होगा। बता दें कि साल 1997 में रिलीज फिल्म ‘बॉर्डर’ में अनु मलिक के संगीत और जावेद अख्तर के बोल ने फिल्म के सभी गीतों को आइकॉनिक बना दिया था।
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर फैंस का उत्साह चरम पर है। पहली फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद दर्शक बेसब्री से ‘धुरंधर-2’ का टीजर का इंतजार कर रहे हैं। खबरें आई थीं कि धुरंधर-2 का टीजर बॉर्डर-2 के साथ रिलीज जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। अब इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर ने खुद टीजर को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। दरअसल, शुक्रवार को एक फैन ने इंस्टाग्राम स्टोरी में मीम शेयर किया था, जिसमें लिखा था- “आदित्य धर मजाक नहीं, टीजर जल्दी रिलीज करो।” आदित्य धर ने उस मीम को री शेयर करते हुए अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए जवाब दिया है। फैन के इस मीम पर रिएक्शन देते हुए आदित्य धर ने लिखा- “टीजर कुछ ही दिनों में रिलीज होगा।” हालांकि उन्होंने टीजर की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया, लेकिन माना जा रहा है कि यह 26 जनवरी को रिलीज हो सकता है। टीजर को लेकर फैंस सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ का कहना है कि उन्होंने किसी फिल्म या सीरीज का बेसब्री से इंतजार नहीं किया। वहीं, कई लोगों का मानना है कि ‘धुरंधर 2’ का टीजर अब तक का सबसे ज्यादा चर्चित टीजर बन सकता है। बता दें कि फिल्म के पहले पार्ट के एंड-क्रेडिट सीन में यह साफ कर दिया गया था कि ‘धुरंधर' का सेकंड पार्ट 19 मार्च को रिलीज किया जाएगा। एंड-क्रेडिट सीन में आर माधवन द्वारा रणवीर सिंह के किरदार को जसकीरत सिंह रंगी कहे जाने के बाद फैंस ने इसे आदित्य धर की पिछली फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से जोड़ना शुरू कर दिया था। 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई यह एक्शन स्पाई थ्रिलर साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया है। फिल्म पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और आर माधवन भी अहम किरदारों में नजर आए हैं।
सलमान खान ने अपनी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान के पहले गाने का टीजर शेयर किया है। टीजर में फिल्म के गाने मातृभूमि की एक छोटी झलक दिखाई गई है। एक्टर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर यह 19 सेकेंड का टीजर शेयर किया। टीजर की शुरुआत सेना की बिगुल की आवाज से होती है और इसमें भारतीय झंडा मजबूती से लहराता दिखता है। फिल्म का पूरा गाना मातृभूमि 24 जनवरी को रिलीज किया जाएगा, जो गणतंत्र दिवस से 2 दिन पहले आएगा। इस गाने का संगीत हिमेश रेशमिया ने दिया है, बोल समीर अंजान ने लिखे हैं और इसे अरिजीत सिंह व श्रेया घोषाल ने गाया है। बता दें इस फिल्म को सलमान खान फिल्म्स प्रोड्यूस कर रहे हैं। इसमें एक्टर के अपोजिट एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह नजर आएंगी। साथ ही फिल्म में कई नए चेहरे भी दिखेंगे। फिल्म में सलमान कर्नल बी.संतोष बाबू की भूमिका में नजर आएंगे। पिछले साल जुलाई के महीने में पीटीआई से बातचीत के दौरान सलमान ने अपने रोल को लेकर कहा था कि फिल्म में मेरा किरदार फिजिकली काफी चैलेंजिंग है। हर साल, हर महीने, हर दिन यह और भी ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है। अब मुझे ज्यादा समय देना पड़ता है। पहले मैं यह एक या दो हफ्तों में कर लेता था, लेकिन अब मुझे दौड़ना, किक मारना, पंच करना और इस तरह की चीजें करनी पड़ती हैं। इस फिल्म की मांग ही ऐसी है। सलमान ने यह भी कहा था कि जब मैं फिल्म 'सिकंदर' कर रहा था तो उसका एक्शन अलग था। वह किरदार अलग था, लेकिन 'बैटल ऑफ गलवान' का रोल फिजिकली अलग और मुश्किल है। इसके लिए मुझे लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों पर और ठंडे पानी में शूटिंग भी करनी है, जो एक बड़ी चुनौती है।
शाहिद कपूर ने की तृप्ति डिमरी की तारीफ:कहा– वह बेहतरीन एक्ट्रेस हैं और लगातार अच्छा काम कर रही हैं
बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर जल्द फिल्म ‘ओ रोमियो’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में पहली बार उनकी जोड़ी एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी के साथ दिखाई देगी। हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत के दौरान शाहिद कपूर ने तृप्ति के साथ काम करने के अनुभव को लेकर बात की और उनकी जमकर तारीफ की। शाहिद ने कहा कि तृप्ति एक बेहद शानदार एक्ट्रेस हैं और फिल्म में उनका किरदार बहुत खूबसूरत तरीके से लिखा गया है। उन्होंने बताया कि फिल्म में उनके और तृप्ति के किरदारों के बीच जो रिश्ता है, उसकी जर्नी काफी यूनीक और इंटरेस्टिंग है। शाहिद के मुताबिक, जब भी दो कलाकार पहली बार साथ काम करते हैं, तो उसमें एक अलग तरह की फ्रेशनेस होती है और अगर वह सही तरह से बैठ जाए, तो उसका असर स्क्रीन पर साफ दिखाई देता है। शाहिद ने आगे कहा, “मैंने तृप्ति के साथ काम करते हुए बहुत एंजॉय किया। वह अब अपने करियर के उस दौर में हैं, जहां वह लगातार अच्छा काम कर रही हैं। यह रोल उन्हें बहुत सूट करता है और जब दर्शक फिल्म देखेंगे, तो उन्हें यह साफ नजर आएगा।” फिल्म ‘ओ रोमियो’ का निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है और यह शाहिद के साथ उनकी चौथी फिल्म है। यह गैंगस्टर ड्रामा फिल्म 13 फरवरी 2026 को वैलेंटाइन डे के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में नाना पाटेकर, रणदीप हुड्डा, विक्रांत मैसी, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
97वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2026 की टॉप 5 नॉमिनेशन लिस्ट में फिल्म होमबाउंड जगह नहीं बना पाई। हालांकि, फिल्म को नॉमिनेशन नहीं मिलने पर होमबाउंड की टीम ने इसे निराशा की बजाय एक प्राउड मोमेंट की तरह लिया। फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर और डायरेक्टर नीरज घायवान ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म के पूरे सफर और उसे ग्लोबल स्टेज तक पहुंचाने वाली जर्नी को याद किया। नॉमिनेशन अनाउंस होते ही करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर अपनी फीलिंग्स जाहिर कीं। उन्होंने स्टोरी में फिल्म के कुछ सीन्स शेयर किए और नीरज घायवान के विजन, हार्ड वर्क और कमिटमेंट की जमकर तारीफ की। करण जौहर ने लिखा, “बहुत प्राउड फील हो रहा है!!! नीरज घायवान तुम्हें ढेर सारा प्यार, हमें तुम्हारी रोशनी का हिस्सा बनने देने के लिए थैंक यू!” डायरेक्टर नीरज घायवान ने करण जौहर की इंस्टाग्राम स्टोरी को रीशेयर करते हुए फिल्म के पूरे सफर में मिले सपोर्ट के लिए उनका दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि इस जर्नी में करण जौहर उनके लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम रहे हैं। नीरज घायवान ने लिखा,“थैंक यू करण जौहर! आप मेरे लिए एक मजबूत सपोर्ट रहे हैं। आपके बिना यहां तक पहुंच पाना पॉसिबल नहीं था। लव यू।” बता दें कि नीरज घेवान के डायरेक्शन में बनी होमबाउंड ऑस्कर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री थी। फिल्म में विशाल जेठवा और ईशान खट्टर ने अहम किरदार निभाए हैं। यह फिल्म ऑस्कर की टॉप 15 शॉर्टलिस्ट में जरूर पहुंची, लेकिन टॉप 5 नॉमिनेटेड फिल्मों में शामिल नहीं हो सकी। अगर यह फिल्म चुनी जाती, तो आमिर खान की फिल्म लगान के बाद यह पहली भारतीय फिल्म होती, जो इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट होती। बता दें कि ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी 15 मार्च को होगी। बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में दुनिया भर की 15 फिल्मों में से जिन 5 फिल्मों को नॉमिनेशन मिला है, उनमें द सीक्रेट एजेंट (ब्राजील), इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट (फ्रांस), सेंटिमेंटल वैल्यू (नॉर्वे), सिरात (स्पेन) और द वॉइस ऑफ हिंद रजब (ट्यूनीशिया) शामिल हैं। जानिए कैसी है फिल्म होमबाउंड की कहानी होमबाउंड की कहानी बचपन के दोस्त शोएब और चंदन के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों का सपना पुलिस फोर्स जॉइन करने का होता है। यह सपना उनकी जिंदगी की दिशा तय करता है। फिल्म दोस्ती, जिम्मेदारी और आज के युवाओं पर पड़ने वाले दबाव को दिखाती है। होमबाउंड 26 सितंबर 2025 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। वहीं, फिल्म 21 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इसे कई फिल्म फेस्टिवल और अवॉर्ड इवेंट्स में तारीफ मिली है। होमबाउंड का वर्ल्ड प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इसके बाद इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। यह फिल्म पत्रकार बशारत पीर के लेख टेकिंग अमृत होम से प्रेरित है, जिसका दूसरा टाइटल ए फ्रेंडशिप, ए पैनडेमिक एंड ए डेथ बेसाइड द हाईवे है।
1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी बॉर्डर 2 सिर्फ एक युद्ध फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सेनाओं के साहस, बलिदान और सामूहिक शक्ति की कहानी है। यह फिल्म पहली बॉर्डर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसका दायरा बड़ा करती है और यह दिखाती है कि वह जंग सिर्फ लोंगेवाला तक सीमित नहीं थी, बल्कि जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों पर लड़ी गई थी। फिल्म की कहानी कहानी कई मोर्चों पर एक साथ चलती है। अलग-अलग इलाकों में तैनात भारतीय सैनिक, अलग-अलग हालात, लेकिन एक ही लक्ष्य देश की रक्षा। फिल्म यह दिखाती है कि कैसे पाकिस्तान ने कई दिशाओं से हमला करने की कोशिश की और कैसे भारतीय सैनिकों की समझदारी, रणनीति और हिम्मत के आगे हर कोशिश नाकाम हो गई। कहानी भावनात्मक भी है और गंभीर भी। यह सिर्फ गोलियों और विस्फोटों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सैनिकों के भीतर चल रहे डर, भरोसे और कर्तव्य को भी सामने लाती है। कुछ सीन्स थोड़े लंबे जरूर हैं, लेकिन वे कहानी की भावना को गहराई देते हैं और दर्शक को अंत तक बांधे रखते हैं। फिल्म में एक्टिंग सनी देओल पूरी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी डायलॉग डिलीवरी इतनी दमदार है कि कई मौकों पर तालियां और सीटियां बजने पर मजबूर हो जाती हैं। उनका आक्रामक अंदाज, आंखों में दिखता जुनून और देशभक्ति का जोश फिल्म को ऊंचाई देता है। यह सनी देओल अपने पूरे रंग में नजर आते हैं। दिलजीत दोसांझ फिल्म की आत्मा हैं। गंभीर और तनावपूर्ण सीन्स में भी वह अपनी सहज एक्टिंग और हल्के हास्य से माहौल को संतुलित रखते हैं। उनका किरदार मानवीय लगता है और युद्ध की कठोरता के बीच एक अपनापन पैदा करता है। वरुण धवन सधे हुए और गंभीर रूप में नजर आते हैं। उन्होंने अपने किरदार को बिना शोर के मजबूती दी है और भावनात्मक सीन्स में असर छोड़ा है। अहान शेट्टी का रोल छोटा है, लेकिन उन्होंने अपनी एक्टिंग से ध्यान खींचा है। जोश और ईमानदारी साफ दिखाई देती है। फिल्म की हीरोइनों का किरदार बेहद सीमित है, जो थोड़ा खटकता है, लेकिन इसकी वजह यह है कि कहानी पूरी तरह युद्ध और सैनिकों के अनुभवों पर केंद्रित रखी गई है। डायरेक्शन और राइटिंग अनुराग सिंह का डायरेक्शन संतुलित है। उन्होंने भावनाओं, डायलॉग्स और युद्ध सीन्स के बीच सही तालमेल बनाया है। राइटिंग में देशभक्ति है, लेकिन बेवजह का शोर नहीं। कई डायलॉग्स सीधे दिल में उतरते हैं और कहानी को मजबूती देते हैं। सिनेमैटोग्राफी और साउंड सिनेमैटोग्राफी भव्य है। युद्ध के मैदान, विस्फोट और सैनिकों की हलचल बहुत प्रभावी ढंग से दिखाई गई है। साउंड भी मजबूत है, जो हर सीन की गंभीरता और रोमांच को और बढ़ा देता है। संगीत संगीत भावनाओं का साथ देता है। पुराने यादगार गानों की विरासत को छूना आसान नहीं था, फिर भी नए गाने कहानी के मूड के मुताबिक हैं। कुछ गाने दिल को छूते हैं, हालांकि पहले जैसी गहरी छाप छोड़ना स्वाभाविक रूप से कठिन था। फिल्म पर अंतिम फैसला बॉर्डर 2 एक भव्य, भावनात्मक और प्रभावशाली युद्ध फिल्म है। कुछ खिंचाव और सीमित महिला किरदारों के बावजूद, दमदार एक्टिंग, मजबूत डायरेक्शन और असरदार कहानी इसे देखने लायक बनाती है। यह फिल्म खत्म होने के बाद मन में गर्व, सम्मान और भारतीय सैनिकों के लिए आदर की भावना छोड़ जाती है।
केरल के कोच्चि में हाल ही में आयोजित रैपर हनुमानकाइंड के “होम रन” कॉन्सर्ट के दौरान वो आग से बाल-बाल बच गए। दरअसल, बोलगट्टी पैलेस एंड आइलैंड रिसॉर्ट में चल रहे हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस के बीच स्टेज पर लगाए गए फ्लेमथ्रोअर इफेक्ट से अचानक आग की तेज लपट रैपर के बेहद करीब आ गई। हनुमानकाइंड ने तुरंत खुद को पीछे खींच लिया और इस तरह वो बच गए। यह घटना 18 जनवरी की है और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रैपर का यह वीडियो सामने आने के बाद उनके कई फैंस ने चिंता जताई कि कहीं हनुमानकाइंड को कोई गंभीर चोट तो नहीं लगी। हालांकि, रैपर ने खुद इस घटना पर प्रतिक्रिया देकर फैंस को राहत दी। जिस यूजर ने यह वीडियो पोस्ट किया था उसी पर कमेंट करते हुए हनुमानकाइंड ने लिखा, “मैं ठीक हूं, सब कुछ सही है फैमिली।” हनुमानकाइंड के गाने लगातार लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं और उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर के टाइटल ट्रैक में उनका रैप सॉन्ग लोगों के बीच काफी पसंद किया गया। हनुमानकाइंड, जिनका असली नाम सूरज चेरुकट है, 2024 में अपने हिट गाने “बिग डॉग्स” से अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके हैं। यह गाना स्पॉटिफाई ग्लोबल वायरल 50 में नंबर-1 तक पहुंचा था।
1 फरवरी 2026 से कलर्स टीवी और जियो हॉटस्टार पर शुरू होने वाला नया रियलिटी शो ‘द 50’ दर्शकों को एक बिल्कुल अलग दुनिया में ले जाएगा। यह शो फ्रेंच सुपरहिट रियलिटी शो लेस सिंक्वांटे से प्रेरित है और इसे भारत में एक नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। दैनिक भास्कर की टीम ने शो के सबसे खास हिस्से यानी ‘महल’ (The Palace) के अंदर का एक्सक्लूसिव टूर किया, जहां 50 कंटेस्टेंट्स अगले 50 दिनों तक सर्वाइवल की जंग लड़ते नजर आएंगे। लायन करेगा खेल का संचालन इस शो की सबसे बड़ी खासियत है ‘लायन’, जो पूरे गेम का संचालन करेगा। 50 कंटेस्टेंट्स लायन के इशारों पर खेलेंगे, रणनीति बनाएंगे और सर्वाइवल के लिए लड़ेंगे। लायन का डेन महल का सबसे ताकतवर और रहस्यमयी हिस्सा है, जहां से वह कंटेस्टेंट्स को नए-नए सरप्राइज गेम्स देगा। महल के अंदर हर जगह जानवरों के प्रतीक नजर आते हैं। शेर, लोमड़ी, चीता, भालू और अन्य जानवरों की मूर्तियां और डिजाइन यह याद दिलाते हैं कि यह सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट का खेल है। यहां दोस्ती भी होगी, धोखेबाजी भी, और हर पल नई रणनीतियां बनेंगी। एरीना: जहां होगी असली परीक्षा महल का सबसे खतरनाक हिस्सा है एरीना, जहां फिजिकल और मेंटल दोनों तरह के गेम्स होंगे। यह एरिया स्क्विड गेम की याद दिलाता है, लेकिन यहां मौत नहीं, बल्कि बुद्धि और स्ट्रेटजी की लड़ाई होगी। जो कंटेस्टेंट्स यहां हारेंगे, उन्हें भेजा जाएगा अनसेफ जोन में, जहां आगे का फैसला लायन करेगा। अनसेफ जोन: खतरे की घंटी अनसेफ जोन शो का सबसे डरावना हिस्सा है। यहां पहुंचना मतलब एलिमिनेशन का खतरा। भले ही यह जगह देखने में खूबसूरत हो, लेकिन यहां बैठने वाले कंटेस्टेंट्स के लिए समय बेहद मुश्किल होगा। यही वह जगह है जहां गेम का रुख बदल सकता है। रॉयल लेकिन वाइल्ड महल ‘द 50’ का महल राजस्थान की कारीगरी और जंगल की थीम का अनोखा मेल है। लकड़ी की नक्काशी, शेर के मुखौटे, झूमर, गैलरी और हर कोने में एनिमल किंगडम की झलक मिलती है। महल के अलग-अलग हिस्सों में सिटिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां कंटेस्टेंट्स बातचीत करेंगे, दोस्ती करेंगे और चालें चलेंगे। बेडरूम और लिविंग एरियाइस शो में कंटेस्टेंट्स को आम रियलिटी शोज की तरह एक बड़े हॉल में नहीं सुलाया जाएगा। यहां अलग-अलग बेडरूम्स हैं, जिनमें तीन से चार बेड लगे हैं। हर कमरे का रंग और थीम अलग है, कहीं ग्रीन टोन तो कहीं एक्वा ब्लू। हर जगह कैमरे लगे हैं, जो 24 घंटे कंटेस्टेंट्स की हर चाल पर नजर रखेंगे। किचन नहीं, बुफे एरिया‘द 50’ में किचन नहीं होगा। लायन को अपने साम्राज्य में गंदगी पसंद नहीं है। इसलिए कंटेस्टेंट्स को खाना बुफे एरिया में मिलेगा। यहां भी रणनीति और बातचीत होगी, लेकिन किचन पॉलिटिक्स नहीं। कोई फिक्स नियम नहींइस शो का सबसे बड़ा ट्विस्ट है कि इसमें कोई तय नियम नहीं होंगे। एलिमिनेशन वोटिंग से नहीं, बल्कि स्ट्रेटजी और सोशल इंटेलिजेंस से होगा। गेम पूरी तरह अनप्रेडिक्टेबल रहेगा। जियो हॉटस्टार पर शो देखने वाले दर्शक अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट्स को सपोर्ट कर सकेंगे। अगर उनका सपोर्ट किया गया कंटेस्टेंट जीतता है, तो दर्शक भी इनाम का हिस्सा बन सकते हैं। कौन-कौन हैं कंटेस्टेंट्स?शो में कई जाने-माने चेहरे नजर आएंगे, जिनमें दिव्या अग्रवाल, करण पटेल, उर्वशी ढोलकिया, शाइनी दोशी, फैसल शेख और मोनालिसा जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी 50 दिन तक सर्वाइवल की लड़ाई लड़ेंगे और प्राइज मनी बढ़ाने की कोशिश करेंगे। कब और कहां देखें शो? ‘द 50’ का प्रसारण 1 फरवरी 2026 से शुरू होगा। यह शो जियो हॉटस्टार पर रात 9 बजे स्ट्रीम होगा और कलर्स टीवी पर रात 10:30 बजे टेलीकास्ट किया जाएगा।
बॉलीवुड में अक्सर यह माना जाता है कि फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकारों के लिए रास्ते आसान होते हैं, लेकिन रानी मुखर्जी की कहानी इस धारणा को पूरी तरह तोड़ देती है। पिता के सख्त विरोध, इंडस्ट्री में मजाक, आर्थिक परेशानियों और उनके आत्मविश्वास पर लगातार हमले किए गए। कभी यह कहकर दुत्कारा गया कि हीरोइन मटेरियल नहीं हैं। कभी उनकी कद-काठी, रंग और आवाज को लेकर मजाक उड़ाया गया। बावजूद इसके रानी मुखर्जी ने न सिर्फ अपनी जगह बनाई, बल्कि तीन दशक तक सिनेमा पर राज किया। आज वह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी एक सशक्त, गंभीर और सम्मानित अभिनेत्री हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानेंगे रानी मुखर्जी के करियर और लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातें.. पिता के मना करने के बावजूद बॉलीवुड में कदम रखा रानी मुखर्जी का जन्म 21 मार्च 1978 को मुंबई में हुआ। वह मशहूर फिल्ममेकर राम मुखर्जी की बेटी और अभिनेत्री तनुजा की भतीजी हैं। यानी फिल्मी बैकग्राउंड मजबूत था, लेकिन इसके बावजूद उनके पिता राम मुखर्जी नहीं चाहते थे कि रानी फिल्मों में जाएं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान रानी ने इस बारे में बात की। रानी मुखर्जी कहती हैं- मेरे पापा खुद फिल्म इंडस्ट्री से थे, लेकिन उस समय का माहौल इतना आसान नहीं था। पेरेंट्स का पहला फर्ज बच्चों को बचाना होता है। यह बात मुझे तब समझ में आई जब मैं मां बनी। हमारा पहला ख्याल बच्चों की सुरक्षा का होता है। जब बच्चे 12वीं पास करके करियर चुनने वाले होते हैं, तो पेरेंट्स ज्यादा प्रोटेक्टिव हो जाते हैं, लेकिन हम सबको तो दुनिया में आगे बढ़ना ही पड़ता है, अपनी राह खुद बनानी पड़ती है। हमारी जर्नी अलग होती है। औरत की सहनशक्ति को एक औरत ही समझ सकती है उस समय डैडी को लगा होगा कि इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव मैं झेल नहीं पाऊंगी। शायद उन्हें डर था कि उनकी बेटी ये सब संभाल न पाए। इसलिए वे ज्यादा खुश नहीं थे कि मैं इंडस्ट्री में हूं। हमेशा लोग लड़कियों को कम आंकते हैं। सोचते हैं कि हम मुश्किलें नहीं झेल पाएंगी, लेकिन एक औरत की सहनशक्ति बहुत मजबूत होती है। यह बात सिर्फ औरत ही समझ सकती है। करियर की शुरुआत में खूब मजाक उड़ाया गया रानी मुखर्जी ने अपने पिता राम मुखर्जी के डायरेक्शन में बनी बंगाली फिल्म ‘बियेर फूल’ (1996) से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। करियर की शुरुआत में कद-काठी, रंग और आवाज को लेकर खूब मजाक उड़ाया गया। बावजूद इसके रानी ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बनाई। रानी कहती हैं- मैं अपने फैंस का तहेदिल से शुक्रिया करती हूं। आर्टिस्ट जैसा होता है, उसे अपनाना दर्शकों का फैसला होता है। इंडस्ट्री ने शुरुआत में मेरी आवाज पसंद न आने पर डब कर दी, लेकिन फैंस ने दिल से सराहा। उनकी ताकत से ही आलोचकों की बोलती बंद हो गई। हार के बाद ही जीत का असली मजा है मेरी जिंदगी में बहुत उतार चढ़ाव आए, लेकिन ऊपर वाले ने जो जिंदगी दी है, उसे हम आसानी से हार नहीं सकते। इसलिए हमेशा ग्रेटफुल रहना जरूरी है। चाहे आगे क्या हो जाए, ये तो बस घटनाएं हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि हम इस दुनिया में पैदा हुए हैं और कुछ न कुछ करना है। भले ही मैं फिल्मों में काम कर रही हूं, लेकिन कोई वर्दी में देश की सेवा कर रहा है, कोई डॉक्टर हॉस्पिटल में मरीजों की मदद कर रहा है। सबका अपना-अपना रोल है। मेरा काम ऐसे किरदार लाना है जो सबको इंस्पायर करें। डल या हारने वाले पल भी महसूस करने चाहिए। तभी जीत का असली मजा आता है। ‘कुछ कुछ होता है’ से बदली किस्मत 1998 में रिलीज फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ रानी मुखर्जी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। काजोल और शाहरुख खान के साथ सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद रानी ने टीना मल्होत्रा के किरदार से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला और बॉलीवुड ने पहली बार रानी मुखर्जी को गंभीरता से लेना शुरू किया। ‘कुछ कुछ होता है’ के अलावा रानी को हम तुम, ब्लैक, युवा, साथिया, ब्लैक, नो वन किल्ड जेसिका’ ‘मिसेस चटर्जी वर्सेस नार्वे’ जैसी फिल्मों को मिलाकर 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। रानी मुखर्जी की खसियात यह रही है कि उन्होंने खुद को सिर्फ रोमांटिक फिल्मों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने लगातार अलग-अलग और जोखिम भरे किरदार चुने। ‘साथिया’, ‘ब्लैक’ ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘मर्दानी’ जैसी फिल्मों से रानी ने खुद को प्रूव किया है। ‘ब्लैक’ बनी करियर की मील का पत्थर फिल्म ‘ब्लैक’ को रानी मुखर्जी के करियर की मील का पत्थर कहा जाता है। इस फिल्म में उनके अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज के सामने रानी का प्रदर्शन बराबरी का था। करीब 30 साल के करियर में रानी मुखर्जी ने खुद को बार-बार साबित किया। उन्हें फिल्म ‘मिसेस चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जो उनके संघर्ष, धैर्य और प्रतिभा की आधिकारिक मुहर है। नेशनल अवॉर्ड अपने पिता को समर्पित किया नेशनल अवॉर्ड मिलने पर रानी मुखर्जी भावुक हो गई थीं। इस अवॉर्ड को उन्होंने अपने पिता राम मुखर्जी को समर्पित कर दिया था। रानी कहती हैं- ये एक ऐसी कमी है जो कभी पूरी नहीं होगी। पापा मेरे सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम थे, मेरे एंकर थे। उनके जाने के बाद हर खुशी अधूरी लगती है। नेशनल अवॉर्ड ही नहीं, मेरी जिंदगी का हर बड़ा पल उनसे जुड़ा है। जब भी कुछ अच्छा या बुरा होता है, सबसे पहले पापा याद आते हैं। ये खलिश हमेशा रहेगी। औरत वाले इंस्टिंक्ट को फॉलो किया रानी मुखर्जी कहती हैं- मुझे कभी एक्ट्रेस बनना नहीं था। बचपन से ये सपना नहीं था कि मुझे ये अचीव करना है। बस मुझे मम्मी-पापा को एक बहुत ही बेहतरीन जिंदगी देनी थी। मैं बस चांस से एक्ट्रेस बनी। फिर अपने इंसानी और औरत वाले इंस्टिंक्ट को फॉलो किया। किसी को कुछ प्रूव नहीं करना था। बस दर्शकों तक अच्छी कहानियां और स्ट्रॉन्ग फीमेल कैरेक्टर्स पहुंचाने थे। स्टारडम को अपना लक्ष्य कभी नहीं बनाया लोगों को लगता था कि मैंने ऐसे किरदारों का चयन करके जोखिम लिया है, लेकिन मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं कोई रिस्क ले रही हूं, क्योंकि मैंने कभी स्टारडम को अपना लक्ष्य बनाया ही नहीं। मेरे लिए जरूरी था कि मैं उन कहानियों का हिस्सा बनूं जो मुझे अंदर से छूती हैं। अगर कोई किरदार समाज को असहज करता है, सवाल खड़े करता है या किसी औरत की ताकत दिखाता है, तो मुझे लगता है कि मैं सही दिशा में काम कर रही हूं। छोटी सी उम्र में ही बड़े स्टार्स के साथ मौका मिला जब मैंने करियर शुरू किया था, तब मैं बहुत छोटी थी। जिन स्टार्स के साथ काम कर रही थी, उन्हें भी लगा होगा कि ये इतनी छोटी है और फिर भी काम कर रही है। इसलिए शायद उनका प्यार मेरे प्रति उभरा। मेरे माता-पिता हमेशा साथ रहते थे, तो सब उन्हें भी बहुत चाहते थे। ये एकदम नेचुरल पसंद थी। मैंने अपने सारे रिश्ते ईमानदारी से निभाए, चाहे शाहरुख के साथ हो, आमिर के साथ, बॉबी के साथ या सलमान के साथ। दोस्ती कभी काम के लिए नहीं थी, इसलिए आज भी वही ईमानदारी बरकरार है। काम हो या न हो, रिश्ता वैसा ही है। शाहरुख को दर्शक स्पेशल मानते हैं चाहे कोई कितना भी बड़ा हो या छोटा। सबकी देखभाल करना, हर किसी को बराबर इज्जत देना, शाहरुख के व्यक्तित्व में है। ये उनकी सबसे अच्छी बात लगती है। काम के मामले में उनकी मेहनत, डिसिप्लिन और ईमानदारी कमाल की है। सलमान, आमिर सबकी तरह उन्होंने करियर बनाया, जो मेरे लिए बहुत इंस्पायरिंग रहा। यही वजह है कि दर्शक उन्हें इतना स्पेशल मानते हैं। आमिर के साथ काम करने में बहुत रोमांच था आमिर खान के साथ फिल्म ‘गुलाम’ में काम करना कमाल का था। तब मैं बहुत छोटी थी,17-18 साल की। उनकी ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘रंगीला’ देखी थी। बचपन से उनकी फैन थी। मंजे हुए कलाकार के साथ काम करने का रोमांच था। साथ ही जिम्मेदारी भी कि हमारी जोड़ी दर्शकों को अच्छी लगे। सलमान हमेशा से मासूम लगते हैं सलमान खान के साथ बहुत अच्छा बॉन्ड है। सलमा आंटी, सलीम अंकल, खासकर सलमान के घर का माहौल ऐसा है कि सबको खाना मिलता है। सलमान सबको बहुत प्यार से खिलाते हैं। जो खाना खिलाता है, उसमें एक खास रूहानियत होती है। अपने लोगों के लिए खड़े होने की उनकी आदत भी कमाल की है। मुझे सलमान हमेशा मासूम लगते हैं। उनके बिहेवियर में एक फीसदी भी छल-कपट नहीं। जो फील करते हैं, 100 प्रतिशत ईमानदार। बाहर और अंदर, दोनों एक जैसे। इतने सालों में ये ईमानदारी बरकरार रखना मुश्किल है, लेकिन सलमान में ये आज भी है। ईमानदारी से सर ऊंचा रखकर काम किया अपने 30 साल के करियर में रानी मुखर्जी ने कई तरह के चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए हैं। वह कहती हैं- आज जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो डैडी की एक सीख याद आती है। पापा ने शुरू में कहा था कि ये दुनिया चढ़ते सूरज को सलाम करने वाली है। सक्सेस मिले तो ज्यादा उत्साहित न हों, फेलियर आए तो हताश न हों। बस सर ऊंचा रखकर ईमानदारी से अपना काम करते रहें। मैंने यही किया, अपने क्राफ्ट, फिल्मों और कहानियों के प्रति समर्पित रही। आज ऊपर वाले के लिए ग्रेटफुल हूं कि मैं चुन कर काम कर सकती हूं। ______________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... गांव में गोबर उठाते थे जयदीप अहलावत:आज बॉलीवुड के ‘महाराज' बने, इरफान खान से तुलना पर छलके आंसू, शाहरुख को अपना इश्क बताया हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी शख्सियत हैं, जो चीख-चिल्लाहट नहीं, बल्कि एक सुकून भरे सुर की तरह आपके दिल में बस गई है। यह सुर इतना गहरा है कि आप शायद कभी अपनी दिलों से इन्हें निकाल ही न पाएं।पूरी खबर पढ़ें....
म्यूजिक कंपोजर और फिल्ममेकर पलाश मुच्छल पर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले एक्टर और प्रोड्यूसर विद्न्यान माने ने पुलिस से शिकायत की है। शिकायत में फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे लेने और वापस न करने की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है और प्राथमिक जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विद्न्यान माने ने मंगलवार को सांगली के एसपी को आवेदन देकर पलाश मुच्छल के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के मुताबिक, 5 दिसंबर 2023 को सांगली में पलाश मुच्छल और विद्न्यान माने की मुलाकात हुई थी। इस दौरान माने ने फिल्म प्रोडक्शन में इंवेस्ट करने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि पलाश मुच्छल ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘नजरिया’ में प्रोड्यूसर के तौर पर इंवेस्ट करने का ऑफर दिया था। प्रॉफिट देने का वादा कर रुपए लिए थे माने का आरोप है कि मुच्छल ने कहा था कि फिल्म के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के बाद 25 लाख रुपए के इंवेस्ट पर 12 लाख रुपए का प्रॉफिट मिलेगा। इसके साथ ही फिल्म में एक भूमिका देने का भी ऑफर दिया गया था। दोनों की इसके बाद दो बार और मुलाकात हुई। मार्च 2025 तक विद्न्यान माने ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपए पलाश मुच्छल को दिए। फिल्म पूरी नहीं हुई, पैसे वापस नहीं मिले माने के मुताबिक, फिल्म प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सांगली पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। शिकायत के आधार पर प्राथमिक जांच चल रही है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। स्मृति मंधाना से शादी टूटने को लेकर भी चर्चा में रहे पलाश पलाश मुच्छल इससे पहले क्रिकेटर स्मृति मंधाना के साथ शादी टूटने को लेकर चर्चा में आए थे। दोनों की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी, जो टूट गई। शादी के दिन स्मृति मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना की तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसी कारण शादी टाल दी गई थी। इसके बाद पलाश मुच्छल की तबीयत भी खराब हो गई और उन्हें भी अस्पताल जाना पड़ा, जिसके चलते तब शादी पोस्टपोन कर दी गई थी। 7 दिसंबर 2025 को को स्मृति मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए शादी कैंसिल होने की बात कही थी। ---------- ये खबर भी पढ़ें… स्मृति मंधाना और पलाश की शादी टूटी:क्रिकेटर ने स्टेटस लगाकर दी जानकारी, पलाश ने कहा- मूव ऑन करूंगा भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने पलाश मुछाल के साथ शादी टलने के बाद चुप्पी तोड़ी है। मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लंबा बयान जारी किया और इस बात की जानकारी दे दी है कि पलाश मुछाल के साथ उनकी शादी रद्द हो गई है। वहीं पलाश ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी लगाई और लिखा कि जिंदगी में मूव ऑन करूंगा। पूरी खबर पढ़ें…
ऑस्कर 2026 की रेस से बाहर हुई ‘होमबाउंड’:नीरज घेवान की फिल्म टॉप 5 नॉमिनेशन में जगह नहीं बना पाई
ऑस्कर 2026 के नॉमिनेशन का ऐलान गुरुवार को किया गया। 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स के नॉमिनेशन भारतीय समय के मुताबिक शाम 7 बजे सामने आए। इस बार भारतीय दर्शकों की नजर फिल्म होमबाउंड पर थी, लेकिन यह फिल्म फाइनल नॉमिनेशन लिस्ट में जगह नहीं बना पाई। नीरज घेवान के निर्देशन में बनी होमबाउंड भारत की ऑफिशियल एंट्री थी। फिल्म में विशाल जेठवा और ईशान खट्टर ने अहम किरदार निभाए हैं। यह फिल्म ऑस्कर की टॉप 15 शॉर्टलिस्ट में जरूर पहुंची, लेकिन टॉप 5 नॉमिनेटेड फिल्मों में शामिल नहीं हो सकी। अगर यह फिल्म चुनी जाती, तो आमिर खान की फिल्म लगान के बाद यह पहली भारतीय फिल्म होती, जो इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट होती। इस कैटेगरी में दुनिया भर की 15 फिल्मों में से सिर्फ 5 को नॉमिनेशन मिला। इनमें फ्रांस, नॉर्वे, जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी और अन्य देशों की फिल्में शामिल हैं। हॉलीवुड में इस बार कई बड़ी फिल्मों ने ध्यान खींचा है। पॉल थॉमस एंडरसन की वन बैटल आफ्टर अनदर और रयान कूगलर की सिनर्स को कई नॉमिनेशन मिले हैं। वहीं, क्लो झाओ की हैमलेट भी इस साल की मजबूत दावेदार मानी जा रही है। इसके अलावा एफ1, फ्रेंकनस्टीन, ट्रेन ड्रीम्स और बुगोनिया को भी अहम कैटेगरी में नॉमिनेशन मिले हैं। एक्टर कैटेगरी की बात करें तो ईथन हॉक, माइकल बी जॉर्डन और वाग्नर मोरा को पहली बार बेस्ट एक्टर का नॉमिनेशन मिला है। वहीं लियोनार्डो डिकैप्रियो को छठी बार बेस्ट एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया है। टिमोथी चालमेट को तीसरी बार यह मौका मिला है। बता दें कि 2023 में भारत की ओर से आरआरआर के गाने नाटू नाटू ने ऑस्कर जीता था। उसी साल द एलीफेंट व्हिस्परर्स को भी अवॉर्ड मिला था। जानिए कैसी है फिल्म होमबाउंड की कहानी होमबाउंड की कहानी बचपन के दोस्त शोएब और चंदन के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों का सपना पुलिस फोर्स जॉइन करने का होता है। यह सपना उनकी जिंदगी की दिशा तय करता है। फिल्म दोस्ती, जिम्मेदारी और आज के युवाओं पर पड़ने वाले दबाव को दिखाती है। फिल्म होमबाउंड 26 सितंबर 2025 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। वहीं, फिल्म 21 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इसे कई फिल्म फेस्टिवल और अवॉर्ड इवेंट्स में तारीफ मिली है। होमबाउंड का वर्ल्ड प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इसके बाद इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। यह फिल्म पत्रकार बशारत पीर के लेख टेकिंग अमृत होम से प्रेरित है, जिसका दूसरा टाइटल ए फ्रेंडशिप, ए पैनडेमिक एंड ए डेथ बेसाइड द हाईवे है।
बेटी का लेटर पढ़कर भावुक हुईं रानी मुखर्जी:अदीरा ने एक्ट्रेस को बताया दुनिया की सबसे अच्छी मां
एक्ट्रेस रानी मुखर्जी जल्द ही फिल्म मर्दानी 3 में नजर आएंगी। हाल ही में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 30 साल पूरे किए। इस खास मौके पर यशराज फिल्म्स ने एक इवेंट आयोजित किया, जहां रानी अपने दोस्त और डायरेक्टर करण जौहर के साथ नजर आईं। इस इवेंट को करण जौहर ने ही होस्ट किया। इस दौरान उन्होंने रानी की बेटी आदिरा का अपनी मां के लिए लिखा हुआ एक हाथ से लिखा पत्र पढ़कर सुनाया। आदिरा ने यह लेटर रानी के सिनेमा में 30 साल पूरे होने पर लिखा था। करण ने यह चिट्ठी धीरे-धीरे पढ़ी, जिससे हर लाइन लोगों के दिल को छू गई। आदिरा ने अपनी मां को “दुनिया की सबसे अच्छी मां” बताया और उनके बारे में कई प्यारी बातें लिखीं। उसने यह भी बताया कि उसे अपनी मां से क्या-क्या खूबियां मिली हैं और कौन-सी बातें उसे पसंद नहीं हैं। अपनी बेटी की तरफ से मां और एक इंसान के तौर पर अपने बारे में महसूस की गई बातों को सुनकर रानी भावुक हो गईं। पढ़िए रानी की बेटी ने पत्र में क्या लिखा? रानी की बेटी आदिरा ने अपने पत्र में लिखा, हैलो मम्मा, सबसे पहले मैं आपको बताना चाहती हूं कि मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। आप दुनिया की सबसे अच्छी मां हैं। हमने साथ में बहुत सारी यादें बनाई हैं, खुशियों वाली, रोने वाली और बहुत सारी मजेदार भी। आपकी कुछ बातें मुझे बहुत पसंद हैं, कुछ पसंद नहीं हैं और कुछ बातें मुझे आपसे ही मिली हैं। आपसे मुझे एक्टिंग, डांसिंग और पेंटिंग की कला मिली है। एक बात जो मुझे पसंद नहीं है, लेकिन वो भी आपसे ही मिली है, वो है आपका जल्दी गुस्सा आ जाना। आदिरा ने पत्र में आगे लिखा, हम दोनों थोड़े अलग भी हैं, जैसे आपको गहरे रंग पसंद हैं और मुझे हल्के रंग, लेकिन हम कई मामलों में एक जैसे भी हैं हमारे लुक्स, आदतें और टैलेंट। कुछ बातें मुझमें हैं जो आपमें नहीं हैं, जैसे मेरी स्कूल की मैथ्स स्किल्स। जब मैं बड़ी हुई, तो मैं आपके जैसी ही दयालु, आत्मविश्वासी, प्यार करने वाली, समझदार और स्टाइलिश बनी। पत्र में यह भी लिखा गया, सब कुछ छोड़ दें तो हम एक ही खून के हैं। हम मां-बेटी हैं और हमारा रिश्ता हमेशा के लिए रहेगा। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं मम्मा।
एक्टर शाहिद कपूर ने अपनी आने वाली वेब सीरीज फर्जी 2 और फिल्म कॉकटेल 2 को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में शाहिद ने दोनों प्रोजेक्ट्स पर बात की और अपनी एक्साइटमेंट जाहिर की। शाहिद कपूर ने बताया कि फर्जी 2 की शूटिंग मार्च 2026 से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी मुलाकात डायरेक्टर राज और डीके से हुई थी, जहां सीरीज के अगले सीजन को लेकर चर्चा हुई। शाहिद के मुताबिक, पहले सीजन का अंत बेहद ड्रामेटिक मोड़ पर हुआ था, जिसके बाद कहानी को आगे बढ़ाने की कई संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह सीजन एक्टर के तौर पर उनके लिए ज्यादा चैलेंजिंग होने वाला है, क्योंकि उनके किरदार की ग्रोथ काफी बढ़ चुकी है। शाहिद ने यह भी कहा कि राज और डीके के साथ काम करना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है और उन्होंने पहले सीजन में भी बेहतरीन काम किया था। फर्जी 2 में एक बार फिर शाहिद कपूर, विजय सेतुपति, केके मेनन और राशि खन्ना नजर आएंगे। सीरीज को 2026 के दूसरे पार्ट को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज किया जा सकता है। कॉकटेल 2 की शूटिंग लास्ट स्टेज में है: शाहिद वहीं, कॉकटेल 2 को लेकर शाहिद ने बताया कि फिल्म की शूटिंग लास्ट स्टेज में है और इसे इसी महीने के लास्ट तक पूरा कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर होमी अदजानिया के साथ काम करना उनके लिए बेहद मजेदार रहा। फिल्म में वह पहली बार रश्मिका मंदाना के साथ काम कर रहे हैं, जबकि कृति सेनन के साथ उनकी पहले से अच्छी केमिस्ट्री है। शाहिद ने कहा कि कॉकटेल 2 एक फ्रेश कहानी है, जिसमें नए करेक्टर्स और मजबूत म्यूजिक होगा। यह फिल्म सितंबर 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
ऑस्कर विनर म्यूजिक कंपोजर ए.आर. रहमान के हालिया बयान पर गीतकार मनोज मुंतशिर और संगीतकार मिथुन ने रहमान के विचारों से असहमति जताते हुए कहा है कि उन्हें कभी भी इंडस्ट्री में धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव महसूस नहीं हुआ। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में मनोज मुंतशिर ने कहा कि ए.आर. रहमान पर पूरे देश को गर्व है और वह एक विशाल सोच और बड़े दिल वाले कलाकार हैं। उन्होंने कहा, “मैं रहमान साहब की बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन उनके इस बयान से सहमत नहीं हूं कि इंडस्ट्री में धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव होता है। पिछले 10–12 सालों में मेरा अनुभव ऐसा नहीं रहा।” उन्होंने आगे कहा कि जिन आठ सालों की बात की जा रही है, उसी दौर में पठान और जवान जैसी फिल्में 500 करोड़ रुपए क्लब में शामिल हुईं और दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया। मनोज ने कहा कि जिस इंडस्ट्री में जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी, मजरूह सुल्तानपुरी और नौशाद जैसे दिग्गज रहे हों, वहां भेदभाव की बात समझ से परे है। मनोज मुंतशिर ने यह भी कहा कि छावा जैसी फिल्म, जो वीर संभाजी महाराज पर आधारित है, उसका संगीत ए.आर. रहमान ने ही दिया है और आने वाली रामायण का संगीत भी वही तैयार कर रहे हैं, तो कृपया मुझे यह समझने में मदद करें कि आखिर जाति, धर्म और मजहब के नाम पर उनके साथ भेदभाव कैसे हो रहा है? वहीं संगीतकार मिथुन ने भी रहमान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उनसे बहुत प्रेरणा ली है। मिथुन ने कहा, “मैंने देखा है कि जब रहमान सर अपने ईमान और पहचान के साथ मंच पर प्रस्तुति देते हैं, तो हर धर्म और संस्कृति के लोग उन्हें सम्मान और प्यार देते हैं।” उन्होंने कहा कि उनके आसपास किसी ने भी कभी रहमान को लेकर किसी तरह के भेदभाव की बात नहीं उठाई। क्या था एआर रहमान का बयान? एआर रहमान ने हाल ही में बीबीसी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा था, पिछले 8 सालों में शायद सत्ता का बदलाव हुआ है और जो क्रिएटिव नहीं हैं, वे फैसले ले रहे हैं। शायद कोई कम्युनल बात भी रही हो, लेकिन मेरे सामने किसी ने कुछ नहीं कहा। हां, कुछ ‘व्हिस्पर्स’ सुनाई देती हैं। जैसे आपको बुक किया गया था, लेकिन दूसरी म्यूजिक कंपनी ने फिल्म फंड की और अपने संगीतकार ले आई। मैं कहता हूं, ठीक है, मैं आराम करूंगा।” जावेद अख्तर, शान ने की थी बयान की आलोचना रहमान के बयान के बाद कई सेलेब्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी। जावेद अख्तर ने रहमान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा था, 'मुझे ऐसा कभी नहीं लगा। मैं मुंबई में रहता हूं, सबसे मिलता हूं। रहमान को बहुत सम्मान मिलता है। जावेद अख्तर ने कहा था कि रहमान वेस्ट में व्यस्त रहते हैं, शो करते हैं, इसलिए प्रोड्यूसर्स उनसे संपर्क करने में हिचकते हैं। उन्होंने कहा था, ऑस्कर विनर जैसी महान शख्सियत के पास छोटे निर्माता झिझक महसूस करते होंगे। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। सिंगर शान ने कंपोजर के बयान की निंदा की थी। उन्होंने कहा था, जहां तक काम न मिलने की बात है, तो आपके सामने मैं भी खड़ा हूं। मुझे भी काम नहीं मिल रहा। मैं इसमें नहीं जाता। सबकी पर्सनल बात होती है। सबकी अपनी सोच है। हमें कितना काम मिलना चाहिए, ये हमारे हाथ में नहीं है। मुझे नहीं लगता है कि कोई कम्युनल एंगल है। ऐसा होता तो हमारे जो तीन सबसे बड़े स्टार्स (शाहरुख, सलमान, आमिर) हैं, वो भी माइनॉरिटी में हैं, तो क्या उनके फैंस कम हैं। ऐसा तो नहीं होता। कंगना रहमान के बयान पर भड़क गई थीं वहीं, कंगना रनोट एआर रहमान के बयान पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने कहा था- मैं चाहती थी कि एआर रहमान मेरी फिल्म इमरजेंसी का नरेशन करें, लेकिन उन्होंने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि वो किसी प्रोपगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते। कंगना ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से रहमान का बयान पोस्ट कर लिखा था- प्रिय एआर रहमान जी, फिल्म इंडस्ट्री में मुझे बहुत भेदभाव और पक्षपात का सामना करना पड़ता है, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं एक केसरिया पार्टी का समर्थन करती हूं। लेकिन मुझे यह कहना ही पड़ेगा कि आपसे ज्यादा पूर्वाग्रही और नफरत से भरा इंसान मैंने आज तक नहीं देखा। आगे कंगना ने लिखा था, मैं बहुत चाहती थी कि आप मेरे डायरेक्शन की फिल्म इमरजेंसी के लिए नरेशन दें, लेकिन आपने मुझसे मिलने तक से मना कर दिया। मुझे बताया गया कि आप किसी “प्रोपेगेंडा फिल्म” का हिस्सा नहीं बनना चाहते। हैरानी की बात यह है कि इमरजेंसी को सभी आलोचकों ने एक बेहतरीन फिल्म बताया। यहां तक कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भी मुझे चिट्ठियां भेजकर फिल्म की तारीफ की, खासतौर पर इसके संतुलित और संवेदनशील नजरिए के लिए। लेकिन आप अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। मुझे आपके लिए अफसोस होता है। रहमान ने कहा- भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु, मेरा घर विवाद बढ़ने पर बयान को लेकर रहमान ने सफाई देते हुए कहा था कि वो किसी को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। उन्होंने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था, प्रिय दोस्तों, संगीत हमेशा से मेरे लिए जुड़ने, जश्न मनाने और किसी संस्कृति को सम्मान देने का माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कई बार लोगों की नीयत को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को ऊपर उठाना, सम्मान देना और सेवा करना ही रहा है। आगे उन्होंने कहा था, 'मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी है, और मुझे उम्मीद है कि मेरी सच्चाई महसूस की जाएगी। मुझे भारतीय होने पर गर्व है, क्योंकि यही मुझे ऐसा माहौल बनाने की आजादी देता है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो और हर तरह की संस्कृतियों की आवाजों का सम्मान किया जाए। परेश रावल ने रहमान के सपोर्ट में पोस्ट किया था रहमान द्वारा बयान को लेकर सफाई देने के बाद परेश रावल ने कंपोजर के सपोर्ट में पोस्ट किया था। एक्टर ने अपने X अकाउंट पर रहमान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, हम आपसे प्यार करते हैं सर, आप पर हमें गर्व हैं।
एक्टर सलमान खान को दिल्ली हाई कोर्ट से नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस चीन की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड वॉयस-जेनरेशन प्लेटफॉर्म द्वारा दायर याचिका के बाद भेजा गया है। कंपनी ने कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सलमान खान के पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा की गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 दिसंबर 2025 को सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षित करने का अंतरिम आदेश पारित किया था, जिसके तहत सलमान खान के नाम, तस्वीर, आवाज, शक्ल-सूरत और उनकी सार्वजनिक पहचान से जुड़ी अन्य चीजों के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी। यह रोक डिजिटल और कमर्शियल दोनों प्लेटफॉर्म्स पर लागू की गई थी। यह आदेश सलमान खान द्वारा कोर्ट का रुख करने के बाद दिया गया था। एक्टर ने कोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल AI से बनाई गई आवाजों, डीपफेक वीडियो, फर्जी विज्ञापनों और बिना अनुमति बेचे जा रहे मर्चेंडाइज के जरिए किया जा रहा है। इसके बाद एक्टर के पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षित किए गए थे। अब याचिका दायर करने वाली चीनी कंपनी ने कोर्ट में दलील दी है कि यह अंतरिम आदेश उसके व्यवसायिक कामकाज को प्रभावित करेगा, क्योंकि कंपनी का काम AI के जरिए वॉयस मॉडल तैयार करना है। कोर्ट ने सलमान खान को नोटिस जारी कर इस मामले में चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। इन सेलेब्स ने भी लिए पर्सनैलिटी राइट्स सलमान खान से पहले अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, करण जौहर जैसे कई सेलेब्स पर्सनैलिटी राइट्स ले चुके हैं। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति उनकी तस्वीरों, आवाज या उनकी पहचान से जुड़ी कोई भी चीज बिना उनकी अनुमति इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। सेलेब्स ये राइट्स, AI और डीपफेक के बढ़ते मामलों के चलते ले रहे हैं।
एआर रहमान उस बयान से विवादों में हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि कम्युनल वजहों से उन्हें बॉलीवुड में 8 सालों से काम नहीं मिला। उनके बयान की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद कई लोग उनके सपोर्ट और कई उनके खिलाफ उतर आए हैं। इसी बीच रामगोपाल वर्मा का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो गया, जिसमें दावा किया गया कि ऑस्कर दिलाने वाला गाना जय हो, एआर रहमान नहीं बल्कि सुखविंदर ने कंपोज किया था। अब राम गोपाल वर्मा ने इन दावों पर सफाई दी है। राम गोपाल वर्मा ने ऑफिशियल X (पहले ट्विटर) पर लिखा है, 'सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि “जय हो” गाने को लेकर मेरी बातों को गलत समझा गया है। मेरे लिए एआर रहमान सबसे बेहतरीन संगीतकार हैं और बहुत अच्छे इंसान भी हैं। वह कभी किसी का श्रेय नहीं छीनते। उम्मीद है कि इससे इस मामले को लेकर फैली गलतफहमियां और नकारात्मक बातें खत्म होंगी।' वायरल वीडियो में क्या था दावा राम गोपाल वर्मा ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि एआर रहमान, सुभाष घई के लिए फिल्म युवराज का गाना कंपोज कर रहे थे। उन्हें गाना देने में देरी हो रही थी, जिसके बाद सुभाष घई ने सुखविंदर से वो गाना बनवाया था। उस समय उस गाने को रिजेक्ट कर दिया गया, जो बाद में फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर में इस्तेमाल किया। वो गाना जय हो था, जिसके लिए एआर रहमान को ऑस्कर मिला था। सिंगर सुखविंदर भी दे चुके हैं इस दावे पर सफाई राम गोपाल वर्मा के वायरल इंटरव्यू पर सुखविंदर सिंह भी सफाई दे चुके हैं। उन्होंने 2024 में दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि जय हो गाना उन्होंने कंपोज नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ गाने को आवाज दी थी, इसके कंपोजर एआर रहमान ही हैं।
पंजाबी सिंगर प्रेम ढिल्लों के खिलाफ काउंसिल ऑफ लायर्स ने चंडीगढ़ के डीजीपी और एसएसपी को शिकायत दी है। आरोप है कि चंडीगढ़ के एक कार शोरूम में सिंगर अफीम के पैकेट के साथ दिखाई दिए हैं। इसका वीडियो खुद सिंगर ने शेयर किया है। संस्था ने कि सिंगर पर केस दर्ज कर अरेस्ट करने की मांग की है। उन्होंने साफ किया है कि अगर 24 घंटे में सिंगर के खिलाफ एक्शन नहीं हुआ तो वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका करेंगे। पढ़िए क्या है पूरा मामला... अफीम के साथ दिखे सिंगर प्रेम ढिल्लों काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन वासु रंजन शांडिल्य ने बताया कि उन्होंने एक वीडियो देखा, जिसमें पंजाब के सिंगर प्रेम ढिल्लों कार के शोरूम में अफीम के पैकेट के साथ दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सिंगर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर डाला था। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले का संज्ञान लिया और डीजीपी व एसएसपी चंडीगढ़ को शिकायत दी है। उन्होंने मांग की है कि सिंगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए। कहां से आई अफीम, जांच की मांग चेयरमैन ने पुलिस से यह भी मांग की है कि यह जांच की जाए कि सिंगर के पास अफीम कहां से आई और इसका स्रोत क्या है। जब पंजाब में एंटी-ड्रग अभियान चल रहा है, ऐसे में इस तरह के लोग युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। शांडिल्य ने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेंगे। सुरक्षा की आड़ में नशे का कारोबार? चेयरमैन ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सिंगर को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। संभव है कि पुलिस सुरक्षा की आड़ में सिंगर नशे के कारोबार में लिप्त हो। ऐसे में लगभग 300–400 ग्राम अफीम कैसे इकट्ठा हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। साथ ही, सिंगर के साथ मौजूद अन्य लोगों की भी जांच की जाए।युवाओं के दिगाम पर डालता है प्रभाव उक्त वीडियो की तत्काल जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है क्योंकि यह प्रथम दृष्टया एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गंभीर संज्ञेय अपराधों का खुलासा करता है। भारत पहले से ही नशीले पदार्थों की समस्या के कारण एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है, और प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों द्वारा नशीले पदार्थों का कोई भी महिमामंडन या कब्जा युवा दिमाग पर खतरनाक और अपरिवर्तनीय प्रभाव डालता है, जो कानून के शासन और सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करता है।
गुड्डू और कौशिक की जोड़ी आज बॉलीवुड के संगीत जगत में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी है। दोनों ने फिल्म एक दीवाने की दीवानियत के टाइटल ट्रैक ‘दीवानियत’ को कंपोज किया। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया और बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें किन चुनौतियों से गुजरना पड़ा। कोलकत्ता से मुंबई तक का सफर कैसा रहा? क्या सपने लेकर आए थे आप दोनों? कौशिक- जीवन में जिस मोड़ पर जो रंग मिले, हमें उन्हें अपनाया है। स्ट्रगल जरूर था, लेकिन उन सब में मजा बड़ा आया। पहले काम कम था और अब काम इतना है कि हमें छोड़ना पड़ता है। हर एक स्टेज में कुछ कमी जरूर थी, लेकिन हमने सबसे सीखा है। गुड्डू- बहुत खूबसूरत जर्नी रही है। हमें अच्छा लगता है जब लोग हमारे गाने पसंद करते हैं। कौशिक और गुड्डू की ये जोड़ी कैसे बनी? गुड्डू- कौशिक मेरा कजिन है। हम दोनों कॉलेज में थे, तो गुड्डू मुझे कहा करता था चल बॉलीवुड में थोड़ा कुछ गाना बनाते हैं। उस वक्त मैं कोलकत्ता में एक बैंड से जुड़ा था, वहीं कौशिक इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ा था। हमने फिर एक-एक करके कोलैब करना शुरू किया। मैंने कौशिक से उस दौरान कंपोजिशन कैसे करते हैं, वो सब सीखा। वहीं से हम साथ आ गए। कौशिक- जब मैं इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ा था, उस समय हमारे यहां बॉलीवुड गाने गाने के लिए प्रोत्साहन नहीं करते थे। लेकिन फिर भी मैं छुप-छुपकर प्रैक्टिस किया करता था। इस फील्ड में आने की आप दोनों को इंस्पिरेशन कहां से मिली? कौशिक- मेरे पापा से मुझे इंस्पिरेशन मिली। वो गाते भी थे और मुझे सिखाते भी थे। मैं टैगोर, किशोर कुमार के गाने सुनता था। वैसे तो इस फील्ड में आने का कोई हमारा प्लान नहीं था। लेकिन जब शुरू किया तो लगा कि अब यहां तक ही सीमित नहीं रहेंगे। हम 2013 में मुंबई आए और आते ही प्रीतम दा के यहां पहुंचे। प्रीतम दा ने हमसे पूछा कि लाइफ में क्या करना चाहते हो और मैंने कहा कि कंपोजर बनना है। हमने उनकी टीम जॉइन की और वहीं से सब कुछ सीखा। गुड्डू- मैं तो ये देखकर हैरान था कि एक गाना बनने के पीछे कितने सारे लोगों की टीम होती है। 20-20 लोग लगे होते हैं। बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहला ब्रेक कैसे मिला, उस बारे में बताएं। कौशिक- पहला ब्रेक बहन होगी तेरी बोलकर एक फिल्म आई राजकुमार राव की, उसमें तेरे होकर रहूं गाने में म्यूजिक कंपोज किया था हमने। शादी में जरूर आना वाली फिल्म में हमारे द्वारा कंपोज किया गया गाना था। फिर बधाई हो, लव यात्री, सूर्यवंशी में मेरे यारा गाने को कंपोज किया था। फिर दीवानी की दीवानियत का कोरस पार्ट हमने गाया भी और म्यूजिक कंपोज किया। आपकी जोड़ी की तरह कोई ऐसी बॉलीवुड की जोड़ी जो आपको म्यूजिक इंडस्ट्री में इंस्पायर करती हो? गुड्डू- जी, हमें विशाल-शेखर और हमारे गुरु प्रीतम दा बहुत इंस्पायर करते हैं। हमने शिक्षा ही उनके स्कूल से ली है। ए.आर. रहमान जी से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है। सैयारा जैसी बड़ी फिल्म में ब्रेक ना मिलने की वजह से बुरा लगा था आपको? कौशिक- देखिए, मैं मोहित सूरी सर को बहुत मानता हूं। कुछ काम अगर नहीं भी होता है तो हम उनके पास जाकर बैठते हैं और बातें करते हैं। जो उनकी उम्मीदें थीं हमसे, वैसा हम कर नहीं पाए। मैंने उनसे कहा कि मुझे आपकी फिल्म बहुत अच्छी लगी सर, लेकिन माफ करिएगा कि हम आपको गाना नहीं दे पाए। उन्होंने रिप्लाई किया कि तुमने जो सुनाया बहुत अच्छा था, लेकिन मेरी फिल्म में नहीं बैठ रहा था।
‘पठान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म का निर्देशन कर चुके डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने ने 20 जनवरी को मुंबई में आर्ट ऑफ लिविंग के गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से गहन चिंतन भरी मुलाकात की। निर्माता महावीर जैन संग ये बैठक उनकी नई अंतरराष्ट्रीय थ्रिलर 'व्हाइट' पर केंद्रित रही, जिसे कोलंबिया के 52 साल के गृहयुद्ध-अहिंसा की सच्ची कहानी से प्रेरणा मिली है। इस मौके पर सिद्धार्थ आनंद ने कहा- व्हाइट कई मायनों में भारत की गौरवगाथा है। आज दुनिया बंटी हुई है, ये फिल्म बताएगी कि भारतीय मूल्य-दर्शन कैसे शांति का रास्ता दिखा सकते हैं। गुरुदेव की मौजूदगी को आत्मिक शक्ति बताते हुए बोले, उनके साथ बैठना संतुलन देता है। व्हाइट भी यही शांति का संदेश देगी। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता विक्रांत मैसी और एक अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की टीम से सजी व्हाइट कोलंबिया में 52 वर्षों तक चले गृह संघर्ष और उसके अहिंसा व शांति के माध्यम से ऐतिहासिक समाधान की सच्ची कहानी से प्रेरित है। इस फिल्म को मोंटू बस्सी ने निर्देशित किया है। कोलंबिया और भारत में गहन शूटिंग शेड्यूल पूरे करने के बाद व्हाइट को एक ऐसी ऐतिहासिक फिल्म माना जा रहा है, जो वैश्विक दर्शकों के सामने भारत के दार्शनिक नेतृत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगी। यह फिल्म अंग्रेजी और स्पैनिश भाषा में बन रही है और इसी साल रिलीज होगी।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी पुरानी को-स्टार रानी मुखर्जी के लिए दिल से शुभकामनाएं दी हैं। 2005 की सुपरहिट फिल्म 'ब्लैक' में साथ काम कर चुके बिग बी ने रानी की नई फिल्म 'मर्दानी 3' के ट्रेलर को शेयर करते हुए लिखा, T 5632(i) - मेरी तरफ से बहुत-बहुत बेस्ट विशेज। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पोस्ट पर फैंस ने जमकर तारीफ की। एक फैन ने लिखा, देखने का बेसब्री से इंतजार। पूरी टीम को बेस्ट विशेज। किसी ने कहा, हां... रानी मुखर्जी बहुत टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं। फिल्म जल्दी देखने को उत्सुक हूं। एक कमेंट में लिखा, पिछले दोनों पार्ट्स बहुत पसंद आए। इसको भी देखने का इंतजार है। अमिताभ और रानी की जोड़ी को 'ब्लैक' में देखना फैंस को आज भी याद है। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी यह फिल्म रानी मुखर्जी के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है। इस फिल्म के लिए रानी को लिए रानी मुखर्जी को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। आज भी इस फिल्म की खूब चर्चा होती है। बिग बी ने रानी को सपोर्ट करते हुए उनकी एक्शन फिल्म के लिए बधाई दी। मर्दानी सीरीज का ये तीसरा भाग 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। ट्रेलर में रानी एक बार फिर सख्त पुलिस अफसर शिवानी शिवाजी रॉय के रोल में धमाल मचाती नजर आ रही हैं। बता दे कि अमिताभ और रानी ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया है। जिसमें वीर-जारा, बंटी और बबली, कभी अलविदा ना कहना, बाबुल और पहेली जैसी फिल्में प्रमुख हैं। लेकिन फिल्म ब्लैक में अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी की जोड़ी को भारतीय सिनेमा की सबसे दमदार, भावुक और यादगार साझेदारियों में से एक बताया गया है।
शाहरुख खान हाल ही में जॉय तुर्की अवॉर्ड्स 2026 के लिए रियाद पहुंचे थे। इस इवेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। वीडियो में लग रहा था कि हांडे एर्सेल ऑडियंस साइड में बैठकर अपने फोन से स्टेज का वीडियो बना रही हैं और स्टेज पर शाहरुख खान किसी को अवॉर्ड देते नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह वीडियो देखने के बाद कुछ लोगों ने कहा कि हांडे किंग खान का वीडियो बना रही हैं और उन्हें शाहरुख की फैन बुलाने लगे। जिसके बाद एक इंस्टाग्राम स्टोरी की तस्वीर वायरल हुई जिसमें शाहरुख खान की तस्वीर पर ऐरो बनाते हुए लिखा था, ये अंकल कौन हैं? मैं सिर्फ अपनी दोस्त अमीना को कैप्चर कर रही थी। मैं शाहरुख खान की फैन नहीं हूं, प्लीज ये गलत जानकारी फैलाना बंद करें। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके हांडे एर्सेल ने इसे फेक बताया है। बता दें कि हांडे एर्सेल तुर्की की जानी-मानी एक्ट्रेस और मॉडल हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और 2012 में मिस तुर्की का खिताब जीता। उन्हें पहचान टीवी सीरीज अस्क लाफ्तान अनलमाज से मिली। सेन चाल कपीमी और बंबास्का बिरी भी उनके हिट शो रहे हैं। 2026 में उन्हें ELLE स्टाइल अवॉर्ड्स से सम्मान मिला है। हांडे भारतीय फिल्मों की तारीफ कर चुकी हैं और बॉलीवुड में काम करने की इच्छा जता चुकी हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक चीन स्थित AI वॉयस जनरेशन प्लेटफॉर्म की याचिका पर दिया गया, जो 11 दिसंबर 2025 के अंतरिम आदेश को हटाने की मांग कर रहा है। उस आदेश में सलमान की आवाज, नाम, तस्वीर और पहचान के बिना अनुमति व्यवसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी। बता दें कि सलमान खान ने अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए मुकदमा दायर किया था, ताकि कोई उनकी ब्रांड वैल्यू का गलत फायदा न उठाए। जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने सुनवाई के दौरान सलमान की ओर से वकील निजाम पाशा को पेश किया। चीन की कंपनी का कहना है कि वॉयस मॉडलिंग उनका मुख्य बिजनेस है, इसलिए आदेश से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा। कोर्ट ने सलमान से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। अब सलमान खान को 4 हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखना होगा, ईटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट 27 फरवरी को मामले में सुनवाई करेगी जो कई मामलों में अहम होगी। जो यह तय करेगी कि क्या AI प्लेटफॉर्म्स को मशहूर हस्तियों की आवाज का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलनी चाहिए या फिर पब्लिसिटी राइट्स को तवज्जो दी जाएगी। सलमान खान इन दिनों अपकमिंग फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' में व्यस्त हैं, जो अपूर्वा लाखिया के निर्देशन में बनी है। फिल्म 17 अप्रैल 2026 को रिलीज होनी है, जिसमें चित्रांगदा सिंह भी नजर आएंगी। शूटिंग पूरी हो चुकी है और यह पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज में है।
फिल्म ओ रोमियो का ऑफिशियल ट्रेलर बुधवार को रिलीज कर दिया गया है। साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है, जबकि फिल्म में शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी, नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, अरुणा ईरानी, फरीदा जलाल और अविनाश तिवारी जैसे दमदार कलाकार नजर आ रहे हैं। ट्रेलर देखने के बाद कहा जा सकता है कि यह सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि जुनून, त्याग और तबाही की कहानी भी है। ट्रेलर में प्यार, धोखा, बदला और हिंसा के गहरे रंग दिखाई देते हैं। शाहिद कपूर एक इंटेंस और खतरनाक किरदार में नजर आ रहे हैं। वहीं, तृप्ति डिमरी एक मजबूत और इमोशनल किरदार निभा रही हैं। देखें ट्रेलर की झलक तृप्ति ने शाहिद की तारीफ की आज फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर लॉन्च इवेंट का आयोजन भी हुआ। इवेंट में शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी, अविनाश तिवारी और नाना पाटेकर मौजूद रहे। इवेंट के दौरान तृप्ति डिमरी ने शाहिद कपूर के साथ काम करने के अनुभव को शेयर करते हुए उन्हें शानदार और बेहद सपोर्टिव सह-कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के जरिए शाहिद के साथ काम करने का उनका सपना पूरा हुआ है।
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने हाल ही में कहा कि किसी को जबरदस्ती भाषा बोलने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनसे यह कहे कि मराठी बोलना अनिवार्य है, तो वे साफ कहते हैं कि ऐसा जरूरी नहीं है। वे मराठी अपनी इच्छा से बोलेंगे, न कि किसी दबाव में। न्यूज़ एजेंसी ANI के एक इवेंट में सुनील शेट्टी ने कहा कि जब वे कम उम्र में अपने घर से बाहर निकले, तो इसका मतलब यह नहीं था कि वे अपनी पहचान छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं बहुत छोटी उम्र में यहां (कर्नाटक) से बाहर गया था, किसी और जैसा बनने या कोई और बनने के लिए नहीं।” उनके लिए बाहर जाना सिर्फ बेहतर मौके तलाशने का जरिया था, न कि अपनी जड़ों को मिटाना। मुंबई में करियर बनाने के बाद भी उनकी पहचान वही रही। उन्होंने कहा, “मैं जो कुछ भी करता हूं, उसमें मंगलुरु मौजूद है।” इससे उन्होंने बताया कि उनका शहर आज भी उनके काम, सोच और मूल्यों में साफ झलकता है। वहीं, मराठी भाषा को लेकर शेट्टी ने कहा कि उनसे जब पूछा जाता है कि मराठी का क्या, तो इस पर वे कहते हैं, “मराठी का क्या?” उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई मुझसे कहे कि तुम्हें मराठी बोलनी ही पड़ेगी, तो मैं कहता हूं कि यह जरूरी नहीं है। मैं जब चाहूं, तब बोलूंगा। मुझे मजबूर मत करो।” हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बात किसी का अपमान करने के लिए नहीं है। मुंबई को अपनी कर्मभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि मराठी सीखना उनके लिए सम्मान की बात है। “अगर यह मेरी कर्मभूमि है और मैं मराठी सीखता हूं, तो इससे बहुत से लोग खुश होंगे।” उन्होंने यह भी कहा, “मैं आज मुंबई के कई मराठी बच्चों से बेहतर मराठी बोल लेता हूं।”
म्यूजिक डायरेक्टर ए.आर. रहमान के काम न मिलने वाले बयान पर सिंगर अनूप जलोटा ने प्रतिक्रिया देते हुए रहमान को सलाह दी है कि अगर उन्हें मुस्लिम होने की वजह से काम नहीं मिल रहा है, तो वे वापस हिंदू बन जाएं। न्यूज एजेंसी IANS द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में जलोटा ने कहा, ए.आर. रहमान पहले हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया। इसके बावजूद उन्होंने संगीत इंडस्ट्री में खूब काम किया, नाम कमाया और लोगों के दिलों में जगह बनाई, लेकिन अगर उन्हें लगता है कि मुस्लिम होने की वजह से हमारे देश में उन्हें फिल्मों में संगीत का काम नहीं मिल रहा है, तो उन्हें फिर से हिंदू बन जाना चाहिए। सिंगर ने आगे कहा, उन्हें यह मानना चाहिए कि हिंदू बनने से उन्हें दोबारा फिल्में मिलने लगेंगी। यही बात रहमान कहना चाहते हैं। इसलिए मेरा सुझाव है कि वे हिंदू बनकर देखें और जांचें कि क्या उन्हें फिर से फिल्में मिलती हैं या नहीं।” वहीं इससे पहले रहमान के बयान पर रिएक्ट करते हुए जलोटा ने कहा था कि ये एक बहुत खतरनाक टिप्पणी है। मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा क्यों कहा। मैं 50 सालों से बॉलीवुड में हूं। ये वो जगह है जहां सांप्रदायिक चीजों की जगह नहीं है। क्या था एआर रहमान का बयान? एआर रहमान ने हाल ही में बीबीसी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा था, पिछले 8 सालों में शायद सत्ता का बदलाव हुआ है और जो क्रिएटिव नहीं हैं, वे फैसले ले रहे हैं। शायद कोई कम्युनल बात भी रही हो, लेकिन मेरे सामने किसी ने कुछ नहीं कहा। हां, कुछ ‘व्हिस्पर्स’ सुनाई देती हैं। जैसे आपको बुक किया गया था, लेकिन दूसरी म्यूजिक कंपनी ने फिल्म फंड की और अपने संगीतकार ले आई। मैं कहता हूं, ठीक है, मैं आराम करूंगा।” जावेद अख्तर, शान ने की थी बयान की आलोचना रहमान के बयान के बाद कई सेलेब्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी। जावेद अख्तर ने रहमान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा था, 'मुझे ऐसा कभी नहीं लगा। मैं मुंबई में रहता हूं, सबसे मिलता हूं। रहमान को बहुत सम्मान मिलता है। जावेद अख्तर ने कहा था कि रहमान वेस्ट में व्यस्त रहते हैं, शो करते हैं, इसलिए प्रोड्यूसर्स उनसे संपर्क करने में हिचकते हैं। उन्होंने कहा था, ऑस्कर विनर जैसी महान शख्सियत के पास छोटे निर्माता झिझक महसूस करते होंगे। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। सिंगर शान ने कंपोजर के बयान की निंदा की थी। उन्होंने कहा था, जहां तक काम न मिलने की बात है, तो आपके सामने मैं भी खड़ा हूं। मुझे भी काम नहीं मिल रहा। मैं इसमें नहीं जाता। सबकी पर्सनल बात होती है। सबकी अपनी सोच है। हमें कितना काम मिलना चाहिए, ये हमारे हाथ में नहीं है। मुझे नहीं लगता है कि कोई कम्युनल एंगल है। ऐसा होता तो हमारे जो तीन सबसे बड़े स्टार्स (शाहरुख, सलमान, आमिर) हैं, वो भी माइनॉरिटी में हैं, तो क्या उनके फैंस कम हैं। ऐसा तो नहीं होता। कंगना रहमान के बयान पर भड़क गई थीं वहीं, कंगना रनोट एआर रहमान के बयान पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने कहा था- मैं चाहती थी कि एआर रहमान मेरी फिल्म इमरजेंसी का नरेशन करें, लेकिन उन्होंने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि वो किसी प्रोपगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते। कंगना ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से रहमान का बयान पोस्ट कर लिखा था- प्रिय एआर रहमान जी, फिल्म इंडस्ट्री में मुझे बहुत भेदभाव और पक्षपात का सामना करना पड़ता है, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं एक केसरिया पार्टी का समर्थन करती हूं। लेकिन मुझे यह कहना ही पड़ेगा कि आपसे ज्यादा पूर्वाग्रही और नफरत से भरा इंसान मैंने आज तक नहीं देखा। आगे कंगना ने लिखा था, मैं बहुत चाहती थी कि आप मेरे डायरेक्शन की फिल्म इमरजेंसी के लिए नरेशन दें, लेकिन आपने मुझसे मिलने तक से मना कर दिया। मुझे बताया गया कि आप किसी “प्रोपेगेंडा फिल्म” का हिस्सा नहीं बनना चाहते। हैरानी की बात यह है कि इमरजेंसी को सभी आलोचकों ने एक बेहतरीन फिल्म बताया। यहां तक कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भी मुझे चिट्ठियां भेजकर फिल्म की तारीफ की, खासतौर पर इसके संतुलित और संवेदनशील नजरिए के लिए। लेकिन आप अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। मुझे आपके लिए अफसोस होता है। रहमान ने कहा- भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु, मेरा घर विवाद बढ़ने पर बयान को लेकर रहमान ने सफाई देते हुए कहा था कि वो किसी को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। उन्होंने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था, प्रिय दोस्तों, संगीत हमेशा से मेरे लिए जुड़ने, जश्न मनाने और किसी संस्कृति को सम्मान देने का माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कई बार लोगों की नीयत को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को ऊपर उठाना, सम्मान देना और सेवा करना ही रहा है। आगे उन्होंने कहा था, 'मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी है, और मुझे उम्मीद है कि मेरी सच्चाई महसूस की जाएगी। मुझे भारतीय होने पर गर्व है, क्योंकि यही मुझे ऐसा माहौल बनाने की आजादी देता है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो और हर तरह की संस्कृतियों की आवाजों का सम्मान किया जाए। परेश रावल ने रहमान के सपोर्ट में पोस्ट किया था रहमान द्वारा बयान को लेकर सफाई देने के बाद परेश रावल ने कंपोजर के सपोर्ट में पोस्ट किया था। एक्टर ने अपने X अकाउंट पर रहमान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, हम आपसे प्यार करते हैं सर, आप पर हमें गर्व हैं।
एक्टर वरुण धवन को उनकी फिल्म बॉर्डर 2 को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ट्रोल किया। मंगलवार को इस पर रिएक्शन देते हुए वरुण ने कहा कि उन्हें इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। फिल्म बॉर्डर 2 से जुड़े इवेंट ब्रेव्स ऑफ द सॉइल ट्रिब्यूट ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि उनका भरोसा अच्छी फिल्म बनाने में है। बॉर्डर 2 का गाना ‘घर कब आओगे’ रिलीज होने के बाद वरुण की एक्टिंग और उनकी स्माईल वाले रिएक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स बनाए गए। हालांकि, फिल्म का टेलर आने के बाद कई लोगों ने उनकी तारीफ भी की। इवेंट में जब यह पूछा गया कि जब टीजर लॉन्च हुआ था, तब आपको लेकर शोर (ट्रोलिंग) था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, आप इसे कैसे देखते हैं? इस पर उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि शोर को बंद करके अपने काम को बोलने देना चाहिए। ये सब चलता रहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं इसके लिए काम नहीं करता। मैं जिस चीज के लिए काम करता हूं, उसका पता शुक्रवार को चलेगा।” वरुण ने आगे कहा, “मुझे फिल्म पर भरोसा है। एक अच्छी फिल्म बनाना बहुत जरूरी है। नंबर वगैरह से मुझे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे लगता है कि हमने एक अच्छी फिल्म बनाई है। यही सबसे अहम बात है। जब लोग थिएटर जाते हैं, तो सब कुछ भूलकर सिर्फ एंटरटेन होना चाहते हैं। मैं उस सोच से आता हूं, जहां इंसान का काम बोलता है।” सुनील शेट्टी ने वरुण धवन का सपोर्ट किया था इससे पहले बॉर्डर फिल्म का हिस्सा रहे सुनील शेट्टी ने भी वरुण का सपोर्ट किया था। उन्होंने कहा था कि अभी तक किसी ने पूरी फिल्म नहीं देखी है, बस कुछ झलकियां देखी हैं। वरुण फिल्म में बहुत अच्छा काम करेंगे और वह एक ऐसे ऑफिसर का रोल कर रहे हैं, जिसने देश के लिए अपनी जान दी है। वरुण ने फिटनेस और मेंटल स्ट्रेंथ पर जोर दिया वहीं इवेंट में वरुण धवन ने फिल्म की शूटिंग से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के लिए उन्हें काफी सख्त शारीरिक अनुशासन से गुजरना पड़ रहा है। वरुण ने कहा कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐसा कमिटमेंट है जिसमें जबरदस्त फिटनेस और मेंटल स्ट्रेंथ मजबूती की जरूरत होती है। वरुण के मुताबिक, शूटिंग काफी कठिन रही है और कई बार मुश्किल हालात में करनी पड़ी है, जहां कलाकारों और पूरी टीम की सहनशक्ति की असली परीक्षा होती है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म का नेचर ऐसा है कि कलाकारों को सैनिकों की तरह दिखना और बर्ताव करना होता है। इसके लिए उन्हें सामान्य जिम वर्कआउट से कहीं आगे की ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा। उनका मकसद ऐसा असल प्रदर्शन करना था, जो भारतीय सशस्त्र बलों को रिस्पेक्ट दे सके। वरुण ने आगे कहा कि सेट पर मौजूद कठिन परिस्थितियों ने कलाकारों को अपने किरदार में ढलने में काफी मदद की। चाहे मौसम हो या कठिन इलाका, माहौल ने उनके एक्टिंग को गहराई दी। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में जिस तरह के अनुशासन की जरूरत थी, वैसा उन्होंने अपने पिछले प्रोजेक्ट्स में कभी महसूस नहीं किया। इंस्टाग्राम ट्रेंड पर अहान शेट्टी ने रिएक्ट किया इवेंट के दौरान जब अहान शेट्टी से इंस्टाग्राम पर चल रहे उस ट्रेंड के बारे में पूछा गया, जिसमें कहा जाता है कि जब अहान शेट्टी और सुनील शेट्टी उनकी पोस्ट पर कमेंट करेंगे, तब लोग फिल्म बॉर्डर 2 देखने जाएंगे, तो अहान ने इस पर रिएक्शन देते हुए कहा कि यह जनता का प्यार और सपोर्ट है। यह ट्रेंड काफी क्रेजी हो रहा है और हम सब इसे बहुत एंजॉय कर रहे हैं। अहान ने कहा कि यह एक तरीका है, जिससे हम अपने फैंस को कुछ वापस दे सकते हैं और इसके लिए हम जो भी हो सकता है, करेंगे। उन्होंने कहा कि पापा अपने बेटे को सपोर्ट करने के लिए कमेंट कर रहे हैं। इसके लिए वह अपने पापा और पूरी टीम के बहुत आभारी हैं। नायक दीपचंद ने फिल्म की तारीफ की इवेंट के दौरान कारगिल युद्ध के सैनिक नायक दीपचंद ने फिल्म की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कलाकार अपने किरदारों में पूरी तरह डूबे नजर आते हैं। ट्रेलर देखकर उन्हें कारगिल युद्ध के दिनों की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।
अरुबा के आलीशान रेस्टोरेंट में सजी थाली हो या किसी पांच सितारा होटल का मेन्यू, विशाल जेठवा हर व्यंजन का जायका पूरे दिल से लेते हैं। उनकी प्लेट रंग-बिरंगे फ्लेवर से भरी रहती है, लेकिन दिल के किसी कोने में आज भी देसी स्वाद की खुशबू बसती है। स्टार बनने के बाद भी विशाल का दिल बिल्कुल जमीन से जुड़ा हुआ है, और यही बात उनके खाने की पसंद में भी साफ झलकती है। फिल्म ‘होमबाउंड’ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके विशाल आज भले ही ग्लोबल मंच पर छा गए हों, लेकिन खाने के मामले में उनका दिल आज भी मां के हाथ के खाने पर ही आकर टिकता है। विशाल मानते हैं कि देसी खाने में सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भावनाएं भी होती हैं। शूटिंग के लंबे और थकाने वाले शेड्यूल के बाद जब घर का खाना नसीब होता है, तो वह उनके लिए किसी जश्न से कम नहीं होता। आज स्टार की थाली में जानेंगे विशाल जेठवा के फेवरेट फूड के बारे में। ‘रिंगणा बटाटा नु शाक अने भात’ लोकप्रिय गुजराती व्यंजन मेरी मम्मी बहुत अच्छा खाना बनाती हैं। रिंगणा बटाटा नु शाक अने भात गुजराती एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसका मतलब बैंगन और आलू की सब्जी चावल होता है। यह मुझे खाने में बहुत पसंद है। यह गुजराती शाक मसालेदार बैंगन और आलू से बनता है, जो अक्सर स्टफ्ड या ग्रेवी स्टाइल में तैयार किया जाता है। इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा मुझे शिमला मिर्च में आलू की स्टफिंग भरकर रोटी और चाय के साथ खाना भी कमाल का लगता है। 'तेल मरचु अने रोटली' बड़ी मजेदार चीज होती है एक और मजेदार चीज है तेल मरचु अने रोटली। पहले की बनी रोटी पर तेल, मिर्च पाउडर और नमक लगाकर खाओ, तो स्वाद अलग ही आता है। इसमें ताजी रोटी नहीं चाहिए। दोपहर की रोटी शाम को या फिर शाम की रोटी अगली सुबह खा सकते हैं। रसगुल्ला और रसमलाई भी मेरे फेवरेट हैं। विदेश यात्रा से वापस आते ही दूसरे दिन मम्मी द्वारा बनाई सारी चीजें खाने का बहुत मन करता है। हमारे गुजरातियों में थेपला बहुत फेवरेट डिस है हमारे गुजरातियों में थेपला बहुत फेवरेट डिस है। यह मेथी, बेसन, गेहूं के आटे, दही और मसालों से बनी पतली, मसालेदार रोटी जैसी डिश होती है। हर गुज्जू, चाहे कोई भी हो, किसी भी स्तर का हो, जब वह कहीं ट्रैवल करता है तो अपने साथ थेपला लेकर जरूर जाता है। थेपला का पूरा स्टॉक भरकर ले जाता हूं मेरी फिल्म ‘होमबाउंड’ के लिए जितने भी इंटरनेशनल इवेंट्स हुए हैं, मैं खुद थेपला लेकर जाता था। घर में जो भी हों मम्मी, नानी, मौसी या फिर मेरी दीदी सब बनाकर भेज देती है। जब भी बाहर कहीं निकलता हूं, तो पूरा स्टॉक भरकर ले जाता हूं। अगर कहीं कुछ खाने को नहीं मिलता था तो आचार, मिर्ची के साथ थेपला खा लेता था। मैं अपनी पूरी टीम को भी खिलाता हूं। सुबह-सुबह सबका फोन थेपला के लिए आ जाता था। ईशान खट्टर को ढेफली बहुत पसंद है, वह उसे डफली बोलता है। ढेफली खाने से पेट थोड़ी देर भरा रहता है। यह हल्का मीठा होता है, इसलिए ईशान खूब खाता है। जान्हवी कपूर को भी देसी खाना बहुत पसंद है जान्हवी कपूर अपने दूसरे प्रोजेकट की शूटिंग में व्यस्त थीं तो वो हमारे साथ हमारे साथ ज्यादा इंटरनेशनल ट्रैवल नहीं कर पाईं। जान्हवी की परवरिश जिस माहौल में हुई है, उसे देखते हुए मुझे लगता था कि शायद उसे मिडल क्लास चीजें पसंद न हों। लेकिन भाई, बिल्कुल उल्टा है। उसे ऐसी बातें करने में, जोक मारने में, ऐसा खाना खाने में बहुत मजा आता है। लेकिन वह अपनी डाइट पर बहुत ध्यान देती है। जैसे जब भी हम जाते हैं, तो दूसरे दिन इवेंट्स होते हैं, कहीं दिखना होता है। इसलिए वह अपनी डाइट को कंट्रोल रखती है। विदेशी डिस समझ में नहीं आता है विदेश में अक्सर मुझे खाने का डिस समझ में नहीं आता है। वहां अगर किसी रेस्टोरेंट में ईशान और जान्हवी के साथ जाते थे तो वो खुद सामने से कहते थे कि विशाल, तेरे लिए इंडियन चीज ऑर्डर कर दूं, पता है तुझे यही चाहिए। करण जौहर के साथ जब भी कभी लंच-डिनर करने का मौका मिला तो सिर्फ उनकी बातें सुनता पसंद करता था। गांव में बैठकर खाने का अलग ही मजा है गुज्जू को सिंपल देसी खाना पसंद है। आलू की सब्जी को लसनिया पोटेड़ा कहते हैं। इसके साथ भाकरी या रोटी खाते हैं। गांव में बैठकर खाने का इसका अलग मजा है। सब्जी को चूरा-चूरा करके भाकरी में मिक्स कर लो। साथ में ताजा दूध या छाछ, उसकी खुशबू ही अलग है। शाम को भजन बज रहे हों, दोस्त-परिवार बैठे हों। दादी-नानी-मम्मी साड़ी पहने हों। भैंसें आसपास हों। ऐसे माहौल में खाने का स्वाद कहीं और नहीं मिलता। मेरी दीदी मकई की रोटी और आलू की सब्जी बहुत अच्छी बनाती हैं। दीदी दाल-चावल भी कमाल का बनाती हैं। हम लोग प्रॉपर यही सारी चीजें खाते हैं। मतलब बिल्कुल टिपिकल गुज्जू इंडियन फैमिली वाला खाना। स्ट्रीट फूड भी मेरा फेवरेट घर की सारी चीजें तो हेल्दी होती हैं। घर के खाने के अलावा बाहर की चीजों में मुझे पाव भाजी बहुत पसंद है। पाव भाजी और तवा पुलाव खाना अच्छा लगता है। साउथ इंडियन फूड भी पसंद है। स्ट्रीट फूड तो बहुत ज्यादा पसंद है। रास्ते में कभी-कभी मैसूर मसाला डोसा खाने जाता हूं। प्रोटीन और नॉनवेज को लेकर मिथ लोगों के अंदर बहुत बड़ा मिथ है की प्रोटीन सिर्फ नॉनवेज में ही होता है। मैं इस बात को नहीं मनाता हूं, लेकिन हर व्यक्ति की अपनी मान्यताएं हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से शाकाहारी हूं और मेरी एक इच्छा ऐसी है। जो कभी पूरी नहीं होगी। यह एक विवादास्पद विषय है। मैं चाहता हूं कि पूरी दुनिया शाकाहारी हो जाए। मुझे जानवरों से लगाव है और उनकी भी जिंदगी है। पूरी जीवनशैली शाकाहारी होनी चाहिए अगर शाकाहारी होने की इतनी बात करूं और जानवरों की खाल से बनी बेल्ट पहनूं, तो कहीं न कहीं दोगलापन लगता है। वीगन या शाकाहारी होना सिर्फ खाने की बात नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली है। फिर भी, मैं कोशिश करूंगा कि कभी न कभी पूरी तरह शाकाहारी जीवन जीऊं। मेरा फेवरेट जानवर है हाथी, खासकर बेबी हाथी के वीडियो देखना बहुत अच्छा लगता है। छोटा हाथी डरकर मम्मी के पीछे छुप जाता है, कितना क्यूट लगता है। घर पर कुत्ता भी है, जो बहुत पसंद है। रोल के हिसाब से अपना डाइट फॉलो करता हूं मैं अपने रोल के हिसाब से डाइट फॉलो करता हूं, लेकिन कभी-कभी थोड़ा अनहेल्दी तरीके से भी कर लेता हूं।फिल्म होमबाउंड के लिए मेरा वजन 6-7 किलो कम करना था। लगा कि 6 किलो काफी होगा, ताकि ऑन-स्क्रीन अच्छा लगूं। लेकिन मैंने ज्यादा ही कम कर लिया। खुद पर ज्यादा कठोर हो गया। उससे पहले UK में शूटिंग थी। वहां डाइट मैनेज करना मुश्किल लगा, क्योंकि चीजें अलग थीं। इसलिए मैंने खाने में बहुत गैप देना शुरू कर दिया। कभी-कभी अनहेल्दी तरीके से खुद को ज्यादा पुश कर देता हूं, जो गलत है। सिर्फ फल खाकर 6-7 घंटे गुजार देना गलत है अनहेल्दी का मतलब है इतने ज्यादा घंटे तक खाना न खाना, यह आपके शरीर के लिए सही नहीं है। अगर आपको लीन या स्किनी बनना है, तो इसके लिए भी एक सही तरीका होता है। आप ऐसी चीजें खा सकते हैं, जिससे शरीर को कोई नुकसान न हो, पोषण भी अच्छे से मिल जाए और साथ ही वही बॉडी शेप पा सको जो चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं कि खाना ही बंद कर दो। सिर्फ थोड़े से फल खाकर 6-6 घंटे या 7-7 घंटे गुजार दो। मेरे अनुसार यह तरीका गलत है। मैं फलों में सेब और केला अपने मन से खा लेता था। मतलब कुछ भी, मुझे पता था कि फल से ज्यादा वजन नहीं बढ़ेगा। इसलिए फल को अपना सेफ ऑप्शन मानता था। एक-दो मील खाता था, यानी दो मील जरूर खा लेता था। प्रोटीन शेक से वजन बढ़ाता हूं वैसे जब वजन बढ़ना होता है तो मैं मैं पनीर खाता हूं और कुछ शेक पी लेता हूं। शेक में केला, पीनट बटर, प्रोटीन शेक, प्रोटीन पाउडर डाल देता था। दूध या कभी-कभी बादाम का दूध ले लेता हूं। इससे एक अच्छा प्रोटीन शेक बनता है। यह मेरे वजन बढ़ाने में बहुत मदद करता है। जिम के पीछे पागल नहीं रहता हूं मैं जब फ्री होता हूं, तो जिम जाता हूं। लेकिन मैं ऐसा पागल नहीं हूं कि हर रोज बिना न छोड़े जिम करना ही है। मैं मोटिवेशन से चलने वाला व्यक्ति हूं। अगर किसी फिल्म के लिए कहा जाए कि दो-तीन महीने में ऐसी बॉडी बनानी है, तो मैं पूरा समय दे दूंगा। लेकिन अगर हेक्टिक शेड्यूल में भी सुबह दो घंटे निकालने को कहा जाए, तो भाई, मुझे बहुत मुश्किल होगा। उतना डिसिप्लिन मुझमें नहीं है। ‘मर्दानी 2’ के समय हैवी डाइट फॉलो किया फिल्म ‘मर्दानी 2’ के दौरान मेरा डाइट बहुत सख्त और हैवी चल रहा था। कई दिनों में मैंने एक बार 18-18 अंडे भी खाए थे, मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। पनीर, ढेर सारे फल और 3-4 बड़ी रोटियां, फिर सब्जी, दाल-चावल खाता रहता था। दिन में साढ़े तीन से चार प्रोटीन शेक पीता था। रात को दूध पीता था। इस तरह मैंने बहुत हैवी और सही डाइट फॉलो की थी। उस समय मैं ठीक-ठाक वजन बढ़ा पाया। जिंदगी भर मैं हमेशा पतला ही रहा हूं। मेरे लिए वजन बढ़ाना आसान नहीं। मेरा मेटाबॉलिज्म बहुत तेज है। शुरुआती दिनों में सेट्स पर क्वालिटी फूड नहीं मिलता था शुरुआती दिनों में जहां सेट्स पर काम करता था, वहां क्वालिटी फूड नहीं मिलता था। सेट पर अच्छा खाना बहुत जरूरी लगता है, क्योंकि आखिरकार हम खाने के लिए ही तो काम करते हैं। अब हर जगह ऑर्डर कर सकते हैं और सेट का खाना भी बेहतर हो गया है। लेकिन शुरुआत में जहां जाता था, वहां बेसिक क्वालिटी का फूड भी नहीं होता था, जो सबसे जरूरी चीज है। स्ट्रगल के दिनों में भेल खाने का कुछ अलग ही आनंद था मैं पहले ट्रेन और बस से सफर करता था। ऑडिशन देकर घर लौटते समय जाते वक्त कुछ नहीं खाता था। मुझे लगता था कि वापस आने पर ₹5-7 की भेल खाने में मजा आएगा, क्योंकि अब काम पूरा हो गया है। मैं इसे डिजर्व करता हूं। अंधेरी स्टेशन पर सुखी भेल लेता, ट्रेन में बैठकर अकेले गाने सुनते हुए खाता। कोई साथ न होने पर अलग मजा आता था। वो यादें अभी भी ताजा हैं। ---------------------------------------------------------- स्टार की थाली की यह खबर भी पढ़ें... स्टार की थाली विद त्रिधा चौधरी:बोलीं- स्ट्रीट फूड मेरा फेवरेट, 7 दिन कार्ब्स छोड़ने से वजन कम, इंजेक्शन लगाकर पतला होने की जरूरत नहीं वेब सीरीज आश्रम में बबीता का किरदार निभाकर चर्चा में आई एक्ट्रेस त्रिधा चौधरी की हाल ही में कपिल शर्मा के किस किस को प्यार करूं 2 रिलीज हुई है। वेब सीरीज और फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बना चुकीं त्रिधा ने मुंबई के जुहू स्थित महाराजा भोग रेस्टोरेंट में बैठकर हमारे साथ अपनी पसंदीदा डिशेज, फिटनेस मंत्र और बचपन की यादें शेयर कीं। आज 'स्टार की थाली' में जानिए एक्ट्रेस की पसंदीदा डिशेज और उनकी खाने की रूटीन।पूरी खबर पढ़ें....
आइटम गर्ल राखी सावंत ने पंजाबी मूल के बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह के साथ हुई किस कॉन्ट्रोवर्सी को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक पॉडकास्ट के दौरान राखी सावंत ने कहा- मीका के गले में पहले आवाज ही नहीं थी। जिस दिन उसने मुझे किस किया, उसकी आवाज सुरीली हो गई है। मीका भाजी, बुरा मत मानना, सच तो आप जानते हो। राखी सावंत ने आगे कहा- पहले गाता था, सावण में लग गई आग, दिल मेरा हाय....मेरा किस करने के बाद हुड़ दबंग..दबंग..दबंग, मतलब राखी को किस करके मीका के सुर आ गए। राखी के मुताबिक, उनके टच या उस कॉन्ट्रोवर्सी ने मीका को वह पहचान और सुर दिए, जो आज उनके पास हैं। राखी सावंत का यह वीडियो अब खूब वायरल हो रहा है। बर्थडे पार्टी में राखी सावंत के साथ जबरदस्ती किया था किसराखी सावंत को जबरन किस करने का मामला साल 2006 का है। मीका सिंह ने अपने जन्मदिन की पार्टी रखी थी। जहां मीका आपा खोकर कंट्रोवर्सी क्वीन राखी सावंत को जबरदस्ती किस कर बैठे थे। मीका की अचानक की गई इस हरकत से राखी समेत उस पार्टी में मौजूद हर शख्स हैरान था। इसके बाद पार्टी में तो राखी शांत रहीं लेकिन बाद में उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। राखी ने सिंगर के खिलाफ 11 जून 2006 को एफआईआर दर्ज करवा दी। मीका सिंह IPC की धारा 354 और 323 के तहत केस दर्ज हुआ था। कोर्ट के बाहर हुआ राजीनामा, केस खत्म हुआ2006 से यह मामला कोर्ट में अटका हुआ था। हालांकि करीब 17 साल बाद 2 साल पहले यह मामला सुलझ गया। कोर्ट ने इस मामले की FIR और चार्जशीट को रद्द कर दिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राखी सावंत और मीका सिंह ने आपसी सहमति से यह मामला सुलझा लिया है। मीका सिंह ने इसको लेकर अप्रैल 2023 में एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की अपील की थी। राखी सावंत ने भी कोर्ट में एफिडेविट जमा करवाया था, जिसमें कहा कि दोनों ने बातचीत से मामला सुलझा लिया है. उन्हें अहसास हुआ कि सबकुछ गलतफहमी की वजह से हुआ। मीका ने कहा था- सबक सिखाने के लिए किस कियाइस मामले में मीका सिंह ने बाद में कहा था कि उन्होंने हर किसी को कहा था कि उनके चेहरे पर केक न लगाएं। इसके बावजूद राखी ने केक लगा दिया। इसलिए राखी को सबक सिखाने के लिए उन्हें जबरन किस किया। इसके बाद मीका की गिरफ्तारी भी हुई और बाद में वह जमानत पर छूटे। इसके बाद 2021 में उनके बीच सुलह हो गई थी। इस दौरान वह सार्वजनिक तौर पर भी एक-दूसरे से मिलते हुए नजर आए थे।
हरियाणवी सिंगर हैरी लाठर का नया सॉन्ग सुर्खियों के साथ कॉन्ट्रोवर्सी में भी है। सिरसा आला बाबा टाइटल से जारी सॉन्ग लिरिक्स के कारण चर्चा में है। इसके बोल हैं- सिरसा आला बाबा सै जो लारा लार चेलियां की। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स गाने को लेकर अलग-अलग कमेंट कर रहे हैं। वहीं दैनिक भास्कर एप से बातचीत में सिंगर हैरी लाठर ने साफ किया कि ये सॉन्ग किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं है। खास बात ये है कि सॉन्ग का वीडियो दिल्ली में शूट हुआ, हालांकि इसमें बैकग्राउंड सिरसा का है। 12 जनवरी को शिकारी म्यूजिक के ऑफिशियल अकाउंट से इसे रिलीज किया गया। गाने के वीडियो में हैरी के साथ कलाकार यशिका शर्मा भी हैं। सिंगर हैरी लाठर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के करीबियों हैं। दोनों ही जींद के जुलाना के रहने वाले हैं। दोनों ने साथ भी काम किया है। गन कल्चर गानों को लेकर हुए विवाद में भी हैरी लाठर चर्चाओं में रहे। मासूम शर्मा के साथ हैरी के भी 2 गाने बैन हुए थे। सबसे पहले जानिए…सॉन्ग के वो लिरिक्स जो सुर्खियों में गाले के बोल हैं, हां कदे सोना के, कदे मोना के, कदे बाजे फोन ये टीना के तेरे फोन पे फोन आ लिए, मेरे स्यामी तीना कै कितनी लांबी लिस्ट बता दे तेरी सहेलियां की। के सिरसा आला बाबा सै जो लारा लार चेलियां की, किस गेल करै कंपेयर उसका, आरा नाम क्राइम मैं। उसतै ज्यादा डबण तो मेरी गेली कॉलेज टाइम मैं, जैसे भी मारे ऊपर भरमार भेलियां की। बाबा धौरे नुए लागी रहवै लार चेलियां की। रै बाबा धौर नुए लागी रहवै लार चेलियां की। यूजर्स के मिक्स कमेंट, कोर्ट के चक्कर से बचने की सलाह भीहैरी लाठर के सॉन्ग पर सोशल मीडिया यूजर्स के मिले-जुले कमेंट्स आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- बाबा का पीछा छोड़ और कुछ लिख भाई। दूसरे यूजर ने लिखा- बाबा-चेली के अलावा और लाइन भी आएगी या आस छोड़ दें। एक ने लिखा- जमा गलत सॉन्ग है, कुछ ढंग का सॉन्ग बनाया करो भाई। बहुत से यूजर्स ने हार्ट और आग की इमोजी से रिएक्शन दिया है। अब पढ़िए सिंगर और उनके साथी ने क्या कहा... हैरी लाठर से जुड़ी 2 कॉन्ट्रोवर्सी...
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के लैला खान हत्याकांड के पार्ट-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में हुए बम ब्लास्ट के पास लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतु कुत्ते का भी कंकाल था। लैला खान हत्याकांड, पार्ट- 2 में जानिए कैसे और क्यों हुआ परिवार के 6 लोगों का कत्ल…. 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। परवेज कश्मीर का रहनेवाला था। देखने में सुंदर और आम कद-काठी का था। उसने कश्मीर में एक चुनाव लड़ा, जिसमें खूब पैसे लगे, लेकिन वो चुनाव हार गया। कर्जा बढ़ गया तो वो गुजारे के लिए दिल्ली आकर काम ढूंढने लगा। यहीं उसकी मुलाकात लैला की मां सेलिना से हुई। सेलिना देखने में सुंदर थीं और रहन-सहन भी काफी ग्लैमरस था। दोनों की पहले दोस्ती हुई और फिर अच्छी बातचीत होने लगी। सेलिना ने परवेज को बताया था कि उनकी बेटी हीरोइन हैं। परवेज को लगा कि अगर वो सेलिना के संपर्क में रहा तो उसे भी फिल्मों में काम मिल सकता है। जब एक रोज परवेज ने सेलिना से कहा कि वो फिल्मों में काम करना चाहता है। जवाब मिला कि इस काम के 25 लाख लगेंगे। परवेज ने रकम जमा कर उसे दी और कुछ समय बाद मुंबई पहुंच गया। समय के साथ सेलिना और परवेज में नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोनों ने 2010 में शादी कर ली। परवेज अब सेलिना के घर में ही उनके बच्चों के साथ रहने लगा। परिवार ने उसे अपना लिया। दिन गुजरने लगे और परवेज को ये अंदाजा लगाने में देर नहीं लगी कि सेलिना ने पैसों के लिए उसे फिल्मों में काम दिलवाने का झूठा झासा दिया था। पैसे मांगने पर उसके सेलिना से झगड़े बढ़ने लगे। लैला और उसके भाई-बहनों का भी रवैया उसके लिए बिगड़ने लगा। परवेज से शादी के बावजूद सेलिना पहले पति नादिर पटेल और दूसरे पति आसिफ शेख से मिला करती थीं। इसके अलावा भी उनके कई पुरुषों से मिलना-जुलना था। 2010 के आखिर में सेलिना, परवेज को मुंबई में अकेले छोड़कर परिवार के साथ अफ्रीका चली गईं। कुछ महीने वहां रहने के बाद वो दुबई गईं। परवेज मुंबई में अकेला था, उसके पास कोई खास पैसे नहीं थे, बमुश्किल उसका गुजारा हुआ। सेलिना ने उसका पासपोर्ट भी छिपा दिया, जिससे वो भाग न सके। 3 महीने बाद सब मुंबई लौटे, परवेज अब भी घर पर ही था। कुछ दिनों बाद उसे पता चला कि सेलिना मुंबई की अपनी सारी प्रॉपर्टी बेचकर बच्चों के साथ दुबई शिफ्ट हो रही हैं। उनका परवेज को साथ ले जाने का कोई प्लान नहीं था। प्रॉपर्टी बेचने के लिए वो दूसरे पति आसिफ शेख की मदद ले रही थीं। परवेज के लिए मुंबई में कुछ नहीं था, उसके 12 लाख डूब चुके थे और कश्मीर लौटने के सवाल ही नहीं था। तभी उसने एक प्लान बनाया। प्लान था, बेइज्जती का बदला लेना और प्रॉपर्टी पर कब्जा। उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची। मुंबई जैसे शोर-शराबे वाले शहर में पूरे परिवार को अकेले मार पाना मुश्किल होता, तो उसने साजिश के लिए इगतपुरी फार्महाउस चुना। वो जानता था कि लैला का परिवार अक्सर छुट्टियां मनाने वहीं जाता था। एक रोज उसने सेलिना से कहा कि इगतपुरी वाले फार्महाउस में एक वॉचमैन रख लेना चाहिए। खाली पड़े फार्महाउस की देख-रेख भी हो जाएगी और वहां का सामान भी सुरक्षित रहेगा। सेलिना ने साफ इनकार कर दिया। उनके लिए ये फिजूल खर्च था। कई दिनों तक वो यही दोहराता रहा और आखिरकार सेलिना मान गईं। वॉचमैन रखने की जिम्मेदारी परवेज ने अपने कंधों पर ली। ये उसके लिए सुनहरा मौका था। उसने वॉचमैन के नाम पर कश्मीर से अपना दोस्त साकिर हुसैन मानी बुलाया, जो इस साजिश में उसकी मदद करने वाला था। 8 फरवरी 2011 सभी फार्महाउस पहुंचे। लैला, लैला की मां सेलिना, बहन अजमीना (आफरीन), जारा, भाई इमरान और कजिन रेशमा। पालतु कुत्ता भी साथ था। सभी ने मिलकर डिनर किया और फिर बच्चे सोने के लिए नीचे वाले कमरों में चले गए, जबकि परवेज और सेलिना पहली मंजिल के कमरे में रुके। देर रात हो चुकी थी, लेकिन परवेज के अंदर एक हलचल थी। वो बार-बार झांकते हुए सबके सोने की तसल्ली करता रहा। उस समय सेलिना जाग रही थीं। परवेज ने तुरंत दोस्त साकिर मानी को बुला लिया। पूरे फार्महाउस में सन्नाटा था, आसपास कोई न था। तभी उसने मौका पाते ही सेलिना के सिर पर लोहे की रॉड से जोरदार हमला किया। पहले हमले के बाद सेलिना चीख पड़ीं और फर्श पर गिर पड़ीं। परवेज ने एक और हमला किया। सेलिना की चीख, ग्राउंड फ्लोर के कमरों तक पहुंची, लैला जाग रही थीं, वो भागते हुए सीढ़ियों से ऊपर बढ़ीं। देखा मां फर्श पर खून से लथपथ पड़ी कराह रही थीं और परवेज के हाथ में हथियार था। लैला कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही परवेज ने एक-एक कर उन पर कई हमले कर दिए। चीखें सुनकर पहली मंजिल पर जैसे-जैसे भाई-बहन पहुंचे, वैसे-वैसे परवेज एक-एक कर सबको मारता चला गया। उन 5 महिलाओं में इमरान ही इकलौता लड़का था। लेकिन वो भी दो हट्टे-कट्टे आदमियों के सामने कब तक टिक पाता। उसे भी मार दिया गया। सभी फर्श पर तड़प रहे थे, खून बहता चला जा रहा था। लेकिन परवेज को अब भी तसल्ली नहीं हुई। उसने रॉड उठाई और सबके सिर पर लगातार तब तक मारता रहा, जब तक उनकी सांसे रुक नहीं गईं। अब बारी थी लाशों को ठिकाने लगाने की। इसका इंतजाम वो महीनेभर पहले सेलिना से ही करवा चुका था। परवेज ने सेलिना से कहा था कि वो फार्महाउस में एक स्वीमिंग पूल बनवाना चाहता है। उन्होंने इनकार किया, लेकिन उसने जिद कर पैसे ले लिए। एक जेसीबी बुलवाई और जनवरी में ही फार्महाउस के पीछे एक बड़ा गड्ढा खुदवा लिया। परवेज और साकिर ने पहले इमरान, जारा और रेशमा की लाशों को गड्ढे में डाला फिर खून से सने गद्दे ढक दिए। थोड़ी मिट्टी डाली और बची हुई लैला, सेलिना और आफरीन और कुत्ते की लाशों को उनके ऊपर रखा। हड़बड़ाहट इस कदर थी कि परवेज ने लाशों से गहने तक नहीं हटाए। एक साल बाद जब कंकाल मिले तो लैला के गले की चेन, सेलिना के कंगन, आफरीन की अंगूठी जस की तस थी। दोनों ने फार्महाउस से हर कीमती सामान उठाया और पूरे फार्महाउस में आग लगा दी। एक कार को साकिर लेकर निकला और दूसरी कार से परवेज कश्मीर आया। जिसे उसने किश्तवाड़ में किराए की दुकान लेकर पार्क कर दिया। गुजारे के लिए वो दिहाड़ी का काम करने लगा। 14 साल बाद कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत 2011 में हुई लैला खान और परिवार की हत्या का केस 13 सालों तक चला। आखिरकार 24 मई 2024 को मुंबई सत्र न्यायालय ने परवेज टाक को परिवार के 6 लोगों की हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा, सबूत मिटाने के आरोप में 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस माना। ये अपनी तरह का मामला था, जिसमें कोई चश्मदीद नहीं था। हत्याकांड में परवेज टाक का साथ देने वाला साकिर मानी कभी पकड़ा नहीं गया। जेल में परवेज टाक से हुई थी एजाज खान की मुलाकात एक्टर ऐजाज खान, लैला की छोटी बहन के दोस्त थे। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में ऐजाज ने कहा, 'लैला से मेरी सीधी दोस्ती नहीं थी, लेकिन उसकी छोटी बहन आफरीन और जारा मेरी बहुत अच्छी दोस्त थीं। मेरा उनके घर आना-जाना लगा रहता था। पहले हम अकसर फोन पर बात करते थे, लेकिन अचानक एक दिन उसका फोन बंद आने लगा। मैंने इधर-उधर लोगों से पूछा, लेकिन किसी को कुछ पता नहीं था। मुझे लगा कि शायद वो लोग फिर से उमराह, मक्का-मदीना या ईरान गए होंगे, इसलिए संपर्क नहीं हो पा रहा है। लेकिन जब मुझे न्यूज के जरिए यह पता चला कि लैला और उनका परिवार अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो मैं अंदर से पूरी तरह टूट गया। लैला, उसकी बहनें, भाई कोई भी ऐसी मौत डिजर्व नहीं करता था। बहुत कम उम्र थी, सब मेहनती, होशियार और खूबसूरत थे।' 'पहली बार मेरी परवेज टाक से लैला के घर पर मुलाकात हुई थी और दूसरी बार मुंबई के आर्थर रोड जेल में। मैं कुछ दिन जेल में था। एक दिन मुझे किसी ने कहा कि कोई आपसे मिलने आया है। मैंने पूछा कौन? उसने कहा- वही, जो गैंग मर्डर करके आया है। मैं समझ गया। परवेज टाक लंगड़ाते हुए आया। उसके दोनों पैर किसी बीमारी से सड़ चुके थे। मैंने उससे पूछा- तूने ऐसा क्यों किया? तो उसने कहा- मैंने कुछ नहीं किया। उसी वक्त उसकी बीवी और बच्चे भी उससे मिलने आए थे। मैंने उसकी तरफ इशारा करके कहा- अगर इनके साथ ऐसा हो, तो तुझे कैसा लगेगा? उसी जेल में वो सड़-सड़ कर मर रहा है।’ कई स्कैंडल के नाम रही लैला खान की जिंदगी राकेश ने हमसे बातचीत में लैला खान की कंट्रोवर्शियल जिंदगी पर भी बात की। उन्होंने कहा, मेरी फिल्म वफा के रिलीज होने के 3-4 महीने बाद की बात है। ओशिवारा में ‘समर्थ वैभव’ नाम की बिल्डिंग है, उसके नीचे एक व्हाइट लामा कैफे है। लैला ने मुझे फोन कर वहां आने को कहा। मैं वहां गया तो देखा कि लैला, उसकी मां, उसका बॉयफ्रेंड (जो एक बिल्डर का बेटा था) और दुबई से आया मेरा ही एक दोस्त, सब एक टेबल पर बैठे थे। उस टेबल पर बंदूक रखी हुई थी। मैं देखकर डर गया। दुबई वाले दोस्त ने मुझे बताया कि “देख राकेश, लैला ने मुझसे 5 करोड़ लिए थे। वो मेरे साथ लिव-इन में थी और अब इस लड़के के साथ है। तुम लैला को समझाओ, वरना ये बड़ी मुश्किल में फंस जाएगी।” इस घटना के 1-2 साल बाद लैला हमेशा के लिए लापता हो गई । लैला खान के बारे में- लैला खान का असली नाम रेशमा पटेल था। उनका जन्म 1978 में मुंबई में हुआ था। हालांकि जन्म की असल तारीख क्या है, इस बात का जिक्र कहीं नहीं मिलता। लैला खान की मां का नाम अथिया पटेल था, हालांकि हर कोई उन्हें सेलिना नाम से बुलाता था। लंबे संघर्ष के बाद लैला खान को 2002 की बिग बजट कन्नड़ फिल्म ‘मेकअप’ में काम मिला। 30 नवंबर 2002 को रिलीज हुई फिल्म को क्रिटिक्स की तो सराहना मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। इस फिल्म से मेकर्स को 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। इसके बाद लैला खान को भारत के पहले सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना की कमबैक फिल्म ‘वफाः ए डेडली लव स्टोरी’ में उनके अपोजिट कास्ट किया गया। फिल्म में लैला खान को एक बेवफा पत्नी के रूप में दिखाया गया था। फिल्म को राखी सावंत के भाई राकेश सावंत ने डायरेक्ट किया था। 19 दिसंबर 2008 को रिलीज हुई फिल्म वफा बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी और सी-ग्रेड फिल्म करने के लिए राजेश खन्ना की भी जमकर आलोचना हुई। (नोटः ये खबर लैला खान की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाने वाले डायरेक्टर राकेश सावंत से बातचीत, केस की जांच कर रहे डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अंबादास पोते के पुराने इंटरव्यू और दैनिक भास्कर की सीनियर रिपोर्टर वर्षा राय की रिसर्च के आधार पर लिखी गई है। ) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ....................................................... फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा, पार्ट-1 छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 2 में अगले मंगलवार-बुधवार पढ़िए कहानी नीरज ग्रोवर हत्याकांड की, जिनकी लाश के एक्ट्रेस ने 300 टुकड़े किए गए थे। ............................................................................ एक्ट्रेस के घर से लापता हुए नीरज ग्रोवरः लाश के सामने बनाए गए शारीरिक संबंध, 300 टुकड़े कर थैलियों में ठिकाने लगाई गई लाश, पार्ट-1 मई 2008 की बात है, उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, 'जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी।' जिग्ना जो बड़े-बड़े केस पर रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया, 'सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।' अमरनाथ ग्रोवर ने दबाव देकर कहा, 'नहीं, ये केस कुछ अलग है।' पूरी कहानी पढ़िए अगले मंगलवार-बुधवार, बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-2 में।

