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पिता को याद कर छलक पड़े रानी मुखर्जी के आंसू:बोलीं- पापा ने साथिया 26 बार देखी, मर्दानी और नेशनल अवॉर्ड लेते नहीं देख पाए

रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी 3' थिएटर्स में 30 जनवरी 2026 को रिलीज होगी। जब भी रानी मुखर्जी की कोई फिल्म रिलीज होने वाली होती है तो अपने पिता को याद कर वह भावुक हो जाती हैं। दैनिक भास्कर के बातचीत के दौरान अपने पिता राम मुखर्जी को याद कर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। रानी कहती है कि कब भी कोई फिल्म रिलीज होने वाली होती है तो पिता की बहुत याद आती है। उन्हें इस बाद का बहुत ही मलाल है कि उनके पिता 'मर्दानी 3' नहीं देख पाएंगे। नेशनल अवॉर्ड अपने पिता को समर्पित किया 30 साल के फिल्मी करियर में रानी मुखर्जी को पहली बार फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला था। इस अवॉर्ड को उन्होंने अपने दिवंगत पिता राम मुखर्जी को समर्पित किया था। रानी मुखर्जी कहती हैं- जीवन में जब भी ऐसा कोई पल आता है तो डैडी की बहुत याद आती है। पापा के जाने के बाद तो एक बड़ा धक्का तो लगा ही था। नेशनल अवॉर्ड ही नहीं, हर अच्छे-बुरे पल में पापा की याद आती है। जन्मदिन हो या कोई खुशी का मौका, हर बार पापा याद आते। जब उदास हूं, परेशान हूं या मुश्किल वक्त चल रहा हो, तब भी पापा याद आते। क्योंकि पिता हमेशा एक सहारा होते हैं बच्चे के लिए। पापा कुछ भी कह दें, तो हिम्मत मिल जाती। मेरा पापा के साथ बहुत खास रिश्ता था। पापा के जाने के बाद सब मुश्किल हो गया। वो तो रोज याद आते हैं। पिता ने फिल्म 'साथिया' 26 बार देखी थी पापा के साथ तो सब कुछ खूबसूरत था। हर चीज में पापा याद आते हैं। 'साथिया' तो उन्होंने 26 बार देखी थी। मेरी बेटी के जन्म के बाद भी, इतनी बीमारी होने पर भी अस्पताल आते थे मेरा हालचाल लेने। मेरे सबसे बड़े चैंपियन थे पापा। आज भी हर फिल्म के लिए थोड़ा प्राउड फील होता है, सोचती हूं कि पापा को दिखा पाती। 'मर्दानी' तो बिल्कुल नहीं देख पाए। हर फिल्म में पापा याद आते हैं। वो हमेशा कहते थे-'चीयर लीडर'! बिना बड़े स्टार्स के सपोर्ट के बॉक्स ऑफिस की रानी बनीं 2014 में रिलीज हुई 'मर्दानी' ने रानी को एक्शन हीरोइन के रूप में स्थापित किया। पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाकर उन्होंने रोमांटिक भूमिकाओं से हटकर मजबूत महिला इमेज बनाई। 2019 में रिलीज हुई मर्दानी 2 ने रानी को मर्दानी फ्रैंचाइजी की प्रमुख अभिनेत्री बना दिया। पुलिस अधीक्षक शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाकर उन्होंने ग्लैमरस भूमिकाओं से पूरी तरह सशक्त महिला इमेज बना ली। 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए रानी को पहली बार नेशनल अवॉर्ड मिला। इन फिल्मों से रानी मुखर्जी ने साबित कर दिया कि बिना किसी बड़े स्टार्स के साथ के भी वह बॉक्स ऑफिस की रानी बनने की जज्बा रखती हैं। लेकिन रानी के पिता उनकी इस कामयाबी को नहीं देख पाए। 22 अक्टूबर 2017 को सुबह 4 बजे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद उनके पिता का निधन हो गया था। ____________________________________________ रानी मुखर्जी की यह खबर भी पढ़ें.. ‘मर्दानी 3' में रानी मुखर्जी की लड़ाई सबसे ज्यादा खतरनाक:शातिर महिला विलेन से होगा मुकाबला, बोलीं- काली-दुर्गा से किरदार निभाने की ताकत मिलती है 'राजा की आएगी बारात' से लेकर 'मर्दानी' तक रानी मुखर्जी ने हमेशा समाज को झकझोरने वाली कहानियां चुनीं। इस बार रानी मुखर्जी की लड़ाई फिल्म ‘मर्दानी 3' में सबसे ज्यादा खतरनाक होने वाली है। यह फिल्म 30 जनवरी 2026 को थिएटर्स में रिलीज होगी। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान एक्ट्रेस ने बताया कि ऐसे किरदार निभाने की हिम्मत काली और दुर्गा से मिलती है।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 5:30 am

टाइगर और सोनाक्षी की फैन हैं कुंभ की मोनालिसा:बोलीं- फिल्मों के लिए हिंदी पढ़ना-लिखना सीखा, मूवी हिट हुई तो बनवाऊंगी स्कूल

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचकर सोशल मीडिया पर छा जाने वाली 'वायरल गर्ल' मोनालिसा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। कभी मेले में श्रद्धालुओं को माला बेचकर अपना जीवन यापन करने वाली मोनालिसा अब बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं। वह जल्द ही फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में बतौर हीरोइन नजर आएंगी। मोनालिसा का यह सफर संघर्षों से भरा रहा है। परिवार की मर्जी के खिलाफ उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा है। उनका सपना है कि वह अपने गांव में एक अच्छा स्कूल बनवाएं, ताकि उनकी जैसी लड़कियां भी पढ़-लिख सकें। मोनालिसा टाइगर श्रॉफ और सोनाक्षी सिन्हा को अपना रोल मॉडल मानती हैं और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं। 'द डायरी ऑफ मणिपुर' के डायरेक्टर सरोज मिश्रा ने मोनालिसा की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें फिल्म में काम करने का मौका दिया। सरोज मिश्रा का कहना है कि वह मोनालिसा को आगे बढ़ाकर समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि हालात चाहे जैसे भी हों, इंसान कुछ भी बन सकता है। मोनालिसा की कहानी निश्चित रूप से उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। दैनिक भास्कर ने मोनालिसा से खास बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, डर, सपनों और बदलावों को बेहद सादगी से साझा किया। सवाल जवाब में पढ़िए पूरा इंटरव्यू... सवाल: कुंभ की वायरल गर्ल से फिल्म की हीरोइन बनने तक का सफर कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा रहा। आप शूटिंग देख ही रहे हो, कितने अच्छे से सब चल रहा है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। देहरादून बहुत सुंदर है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे और प्यारे हैं। सवाल: पहली बार जब फिल्म का ऑफर मिला और डायरेक्टर से मुलाकात हुई, तब कैसा लगा? जवाब: डायरेक्टर सर से मेरे पापा और फैमिली वालों ने मुलाकात की। उन्होंने बातचीत की और सब कुछ समझा। सवाल: पहला सीन शूट करते वक्त कैसा महसूस हुआ? जवाब: शुरू में बहुत डर लग रहा था। लग रहा था कि मैं नहीं कर पाऊंगी। लेकिन जब मैंने किया, तो अच्छा लगने लगा। अब तो ऐसा लगता है कि बस शूटिंग में ही काम करती रहूं। मन लग गया है, बहुत अच्छा लगता है। सवाल: जब परिवार को फिल्म के बारे में पता चला तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब: मेरी पूरी फैमिली मना कर रही थी कि इस लाइन में मत जाओ। मैं अब तक तीन बार वायरल हो चुकी हूं। मैंने सोचा कि अगर किस्मत में कुछ लिखा है और अगर मैं कुछ बन गई, तो अपने गांव में अच्छा स्कूल बनवाऊंगी। मैं खुद ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हूं, लेकिन अब पढ़ना सीख रही हूं। हिंदी भी अब सीख गई हूं। सवाल: कोई ऐसा फिल्म स्टार जो आपका रोल मॉडल हो? जवाब: टाइगर श्रॉफ और सोनाक्षी सिन्हा मुझे बहुत पसंद हैं। सवाल: कुंभ में श्रद्धालुओं से क्या सीख मिली, जो आज काम आ रही है? जवाब: इंसान सबसे ज्यादा लोगों से ही सीखता है। मैंने भी बहुत कुछ लोगों से सीखा। पहले मैं मीडिया के सामने ठीक से बात भी नहीं कर पाती थी, हिंदी भी नहीं आती थी। हमारी भाषा बंजारा थी, लेकिन अब मैं अच्छी हिंदी बोल और पढ़ पा रही हूं। सवाल: माघ मेले में जो लड़कियां वायरल हो रही हैं, उनके लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: वो मुझे अपनी बहन, बुआ, मामा की लड़की बताती हैं, मतलब परिवार का हिस्सा मानती हैं। यह तो मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। अच्छा लगता है कि जब लोग मुझे अपना मानते हैं। सवाल: ऐसा कोई शूटिंग अनुभव, जब लगा कि आप अच्छा कर रही हैं? जवाब: पहले मुझे लगता था कि मैं नहीं कर पाऊंगी, लेकिन जब मैं शूटिंग में खड़ी हुई, तो मैंने ठान लिया कि चाहे कुछ भी हो, मैं करके रहूंगी। मेरी जैसी जो लड़कियां पढ़ी-लिखी नहीं हैं, उनके लिए स्कूल बनवाने का सपना है। अब तो मन करता है कि शूटिंग में ही ज्यादा काम करूं। छुट्टी वाले दिन भी लगता है कि मैं फ्री क्यों हूं, मुझे काम करना चाहिए, उस दिन भी शूटिंग की ही याद आती है। सवाल: देहरादून में घूमने का मौका मिला? जवाब: अभी तो शूटिंग में बिजी हूं। थोड़ा समय मिलेगा तो जरूर घूमूंगी। लेकिन यहां के लोग बहुत अच्छे और प्यारे हैं। उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई। मूवी डायरेक्टर सरोज मिश्रा से बातचीत... सवाल: ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ बनाने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? जवाब: ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ पर मैं पहले से काम कर रहा था। उसी दौरान प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ। वहीं मुझे मोनालिसा के बारे में पता चला और उनकी तकलीफों की कहानी सुनने को मिली। भीड़ इतनी अधिक थी कि वहां लोग सिर्फ सेल्फी और वीडियो बनाने में लगे रहते थे। इस वजह से उनका सारा काम-धंधा बंद हो गया। रोजगार भी छिन गया और साथ ही कई तरह की अफवाहें और डर भी पैदा हो गए थे। यहां तक कि कोई उठा ले जाएगा, ऐसी बातें होने लगी थीं। सवाल: मोनालिसा को फिल्म में लेने का फैसला कैसे लिया? जवाब: उस रात मैंने सोचा कि जब लोग बाहर से लाकर सनी लियोन को ऐसे जो पोर्न स्टार हैं, उन्हें यहां हेरोइन बना सकते हैं तो मुझे लगा कि इस लड़की को आगे बढ़ाना चाहिए। अगर मोनालिसा को मौका दिया जाए, तो समाज, गरीब वर्ग और आम लोगों के लिए एक मजबूत संदेश जाएगा कि हालात चाहे जैसे भी हों, इंसान कुछ भी बन सकता है। सवाल: आपने मोनालिसा के लिए क्या जिम्मेदारी ली? जवाब: मैंने उस वक्त भी कहा था कि उसकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर एक्टिंग सीखने तक और परिवार को स्थिर करने तक पूरी जिम्मेदारी मेरी होगी। इसके बाद वो पूरी तरह आजाद है, अपने सपनों को पूरा करे और दुनिया में आगे बढ़े। मेरा मकसद सिर्फ यही था कि आम इंसान भी खास बन सकता है, यह बात समाज तक पहुंचे। सवाल: फिल्म की शूटिंग के लिए देहरादून का चयन कैसे हुआ? जवाब: देवभूमि उत्तराखंड से मेरा पुराना जुड़ाव रहा है। पहले जब उत्तर प्रदेश हुआ करता था, तब भी और आज भी। अब तक यहां करीब छह फिल्मों की शूटिंग कर चुका हूं। देहरादून मुझे बहुत फ्रेंडली लगा। यहां की सरकार, प्रशासन और लोग सभी बहुत सहयोगी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने खुद हमारी फिल्म का पोस्टर लॉन्च किया है। ऐसे में मुझे लगा कि मणिपुर के बाद अगर कहीं शूटिंग करूंगा, तो उत्तराखंड ही होगा। सवाल: इस फिल्म के बाद आपका अगला प्रोजेक्ट क्या होगा? जवाब: इसके बाद मेरी एक और फिल्म आने वाली है। आजकल कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर जो चर्चा चल रही है, उसी पर मेरा अगला प्रोजेक्ट है। बहुत जल्द इसका खुलासा किया जाएगा। मोनालिसा की कहानी और ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आम इंसान के खास बनने की प्रेरक कहानी बनकर सामने आ रही है।

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 5:30 am

अनुपम खेर ने सिक्योरिटी गार्ड को स्मार्टफोन गिफ्ट किया:एक्टर बोले- कीपैड वाला फोन लेकर फोटो खिंचवाने आया था; गुरुग्राम में शूटिंग के लिए आए थे

गुरुग्राम के सोहना में फिल्म खोसला का घोंसला-2 की शूटिंग के दौरान एक्टर अनुपम खेर ने एक सिक्योरिटी गार्ड को स्मार्टफोन गिफ्ट किया। सिक्योरिटी गार्ड अपना कीपैड वाला फोन लेकर अनुपम खेर के पास फोटो खिंचवाने के लिए गया था, लेकिन उसे इस बात की चिंता थी कि वह फोटो उसे कैसे मिलेगी। यह बात सुनकर अनुपम खेर ने उसे फोन गिफ्ट कर दिया। सिक्योरिटी गार्ड ने नए फोन से पहली फोटो अनुपम खेर के साथ खिंचवाई और साथ ही उस फोटो को फोन के वॉलपेपर पर भी लगा लिया। अनुपम खेर ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में धर्मेंद्र ने बताया कि वे यह स्मार्टफोन अपने 12वीं में पढ़ने वाले बेटे को देंगे, ताकि उसकी ऑनलाइन पढ़ाई में मदद हो सके। पढ़ाई से बढ़कर कुछ नहीं है और यह गिफ्ट उनके लिए सबसे कीमती है। वीडियो में अनुपम खेर ने क्या कहा जानिए.... धर्मेंद्र से कीपैड वाला फोन मांगाअनुपम खेर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर 2 मिनट 45 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में अनुपम खेर धुंध के बीच एक ग्राउंड में आते हैं, उनके हाथ में एक पॉलिथीन है। वह वहां खड़े लोगों के पास जाकर कहते हैं, धर्मेंद्र जी, क्या हाल हैं? दिखाई नहीं दे रहा आज यहां कुछ भी। तभी धर्मेंद्र कहता है, जी, आज काफी कोहरा है। इसके बाद अनुपम धर्मेंद्र से अपना फोन दिखाने को कहते हैं। कीपैड वाला फोन दिखाते हुए अनुपम कहते हैं कि इन्होंने मेरे पास आकर कहा था कि फोटो खिंचवानी है। फोन देखकर खुश हुआ धर्मेंद्रअनुपम ने जब धर्मेंद्र से फोन मांगा तो उन्होंने कहा कि मेरे पास टच वाला फोन (स्मार्ट फोन) नहीं है। अनुपम धर्मेंद्र से पूछते हैं कि ये कीपैड वाला मोबाइल कब लिया था। इस पर धर्मेंद्र जवाब देता है कि यह अभी 6 महीने पहले ही लिया था। इस पर अनुपम धर्मेंद्र को कहते हैं कि आज मैं आपको एक गिफ्ट दे रहा हूं, देखो इसमें क्या है। धर्मेंद्र कहता है कि सर आप ही खोल दो। अनुपम पॉलिथीन से स्मार्ट फोन निकालकर धर्मेंद्र को दे देते हैं। यह देखकर धर्मेंद्र बहुत खुश हो जाता है। अनुपम बोले- फोटो वाला फोन लाया हूंअनुपम खेर कहते हैं कि जिस दिन आप फोटो खिंचवाने आए तो मुझे अच्छा नहीं लगा जब आपने कहा कि मेरे पास फोटो वाला फोन नहीं है। इसलिए मैं आपके लिए फोटो वाला फोन लेकर आया हूं। जब ये चार्ज हो जाए ना तो पहला फोटो आप मेरे साथ खींचना। तभी पास में खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि अपनी सिम निकालकर इसमें डाल ले। तभी उसे टोकते हुए अनुपम कहते हैं कि अरे रुक जा, सारे चौधरी यहीं पर इकट्ठे हो गए। धर्मेंद्र ने पुरानी फिल्म का सीन याद कियाअनुपम खेर धर्मेंद्र को कहते हैं कि हमेशा मैं एक लाइन बोलता हूं कि कुछ भी हो सकता है। आज भी कुछ भी हुआ है ना। ये फोन आपके लिए है, अब फोटो लेकर अपने परिवार को भेजना। धर्मेंद्र भावुक होकर कहता है कि मैंने आपकी बहुत फिल्में देखी हैं। एक फिल्म थी, जिसमें चाय में मक्खी गिर जाती है, उसे चूसकर फेंक देते हो। यह सुनकर अनुपम समेत वहां मौजूद सभी लोग जोर से हंसने लगते हैं। फिर धर्मेंद्र बताता है कि मेरा जन्म 17 सितंबर 1972 को हुआ था। अनुपम कहते हैं कि 53 ही साल के हो आप, ज्यादा पुराने थोड़ी हो। अब जानिए फोन मिलने के बाद धर्मेंद्र ने क्या कहा... 12 घंटे ड्यूटी के 15 हजार मिलते हैंसोहना निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि वे मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। दो पीढ़ी पहले उनका परिवार सोहना आकर बस गया। वे मोहन सिक्योरिटी एजेंसी में पिछले एक साल से काम कर रहे हैं। इससे पहले वे एक मेडिकल कंपनी में काम करते थे। वर्तमान में वे सिक्योरिटी कंपनी में 12 घंटे काम करके ₹15,000 प्रति महीना कमाते हैं। उनकी पत्नी सिलाई का काम करती हैं। उनके दो बेटे हैं - एक ग्रेजुएशन कर रहा है और दूसरा 12वीं में पढ़ रहा है। 17 दिसंबर को मिला गिफ्टधर्मेंद्र ने बताया कि शूटिंग खत्म होने के बाद शनिवार (17 जनवरी) को अनुपम खेर ने अपने पर्सनल असिस्टेंट के जरिए फोन करवाकर मुझे बुलवाया और फोन गिफ्ट किया। वे बेहद खुश और भावुक हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी जिंदगी में ऐसा पल आएगा। घर जाकर जब उन्होंने परिवार को यह किस्सा सुनाया तो पहले किसी को यकीन नहीं हुआ। बाद में सिक्योरिटी ऑफिसर के फोन के बाद परिवार को भरोसा हुआ। सिक्योरिटी ऑफिसर बोलीं- धुनेला बिरका गांव में हुई शूटिंगसिक्योरिटी ऑफिसर रेनू कुमार खटाना ने बताया कि सेंट्रल पार्क-फ्लॉवर वैली-3, गांव धुनेला बिरका में शूटिंग चल रही थी। शुक्रवार रात टीम पहुंची और शनिवार सुबह अनुपम खेर सेट पर आए थे। शूटिंग में रवि किशन सहित कई कलाकार मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 5:00 am

2016 को यादकर कंगना रनोट बोलीं:कामयाबी जहर और जिंदगी नर्क बन गई थी, सारा ड्रामा बेकार साबित हो जाएगा, पता होता तो दुखी नहीं होतीं

सोशल मीडिया के ट्रेंड्स में एक्ट्रेस-पॉलिटिशियन कंगना रनोट कभी पीछे नहीं रहतीं। इस बार उन्होंने 2016 की बुरी यादों को ताजा करते हुए एक मजेदार मोड़ दिया है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो और कैप्शन में कंगना ने ऋतिक रोशन के साथ कानूनी जंग की पुरानी बातें याद कीं, लेकिन 2026 की खुशहाल जिंदगी से जोड़कर कहा कि वो दौर अब बेमानी हो चुका है। कंगना ने लिखा, अचानक सबको 2016 की याद क्यों आ रही है? मेरे करियर की रफ्तार तो शुरू से आखिर तक बढ़ती ही रही। 'क्वीन' और 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' ’ जैसी ब्लॉकबस्टर हिट्स के बाद मैं सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री बन गई थी। लेकिन जनवरी 2016 में एक सहकर्मी ने विवादित कानूनी नोटिस भेजा, जिसने इंडस्ट्री को हिलाकर कर दिया। उन्होंने आगे लिखा, कामयाबी जहर बन गई, जिंदगी नर्क। लोग गुटों में बंटे, कानूनी लड़ाइयां शुरू हो गईं। दस साल पहले अगर पता होता कि 2026 में मैं हर खाने में कार्बोहाइड्रेट खा रही हूं, खूब हंस रही हूं और 2016 का सारा ड्रामा बेकार साबित हो जाएगा, तो इतनी दुखी न होती। शुक्र है, हम 2026 में हैं! 2016 कंगना के लिए वाकई नासूर था। उन्होंने ऋतिक रोशन के साथ रिश्ते की सच्चाई उजागर की, उन्हें 'पूर्व पागल प्रेमी' कहा और बड़े फिल्ममेकर के बेटे द्वारा धोखा देने का आरोप लगाया। ऋतिक ने नोटिस भेजकर माफी मांगी, लेकिन मामला पेचीदा होता गया। कंगना ने ऋतिक और उनके पिता पर जान से मारने की धमकी का भी इल्जाम लगाया। मीडिया ट्रायल और कानूनी घमासान चला, मगर समय ने सब दबा दिया। आज कंगना की हंसी इसकी सबसे बड़ी जीत है।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 6:29 pm

बॉम्बे हाईकोर्ट में आनंद एल. राय के खिलाफ केस दर्ज:एरोस इंटरनेशनल ने ₹84 करोड़ के मुआवजे की मांग की, रांझणा की गुडविल चुराने का आरोप

बॉलीवुड में कॉपीराइट विवाद ने तूल पकड़ लिया है। एरोस इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड ने बॉम्बे हाई कोर्ट में फिल्ममेकर आनंद एल. राय और उनकी प्रोडक्शन कंपनी कलर येलो मीडिया एंटरटेनमेंट एलएलपी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एरोस का आरोप है कि आनंद राय की नई फिल्म 'तेरे इश्क में' (2025) को जानबूझकर 2013 की हिट फिल्म 'रांझणा' का 'स्पिरिचुअल सीक्वल' बताकर प्रचारित किया गया, जिससे उनकी गुडविल का अवैध फायदा उठाया गया। कंपनी ₹84 करोड़ के मुआवजे की मांग कर रही है। यह केस कमर्शियल आईपी सूट और इंटरिम एप्लीकेशन पर आधारित है, जिसमें ट्रेडमार्क उल्लंघन, कॉपीराइट उल्लंघन और पासिंग ऑफ के आरोप लगाए गए हैं। एरोस के वकीलों का कहना है कि 'रांझणा' की कहानी, किरदारों और थीम्स को 'तेरे इश्क में' में कॉपी किया गया है। फिल्म का प्रोमो, ट्रेलर और मार्केटिंग में 'रांझणा' का जिक्र बार-बार किया गया, बिना किसी अनुमति के। एरोस का दावा है कि 'रांझणा' ने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी और यह उनकी प्रमुख संपत्ति है। ‘रांझणा' आनंद एल. राय की ही डायरेक्शन वाली फिल्म थी, जिसमें धनुष, सोनम कपूर और अभय देओल मुख्य भूमिकाओं में थे। यह बनारस की पृष्ठभूमि पर बनी एक रोमांटिक ड्रामा थी, जो एकतरफा प्यार की कहानी पर आधारित थी। एरोस ने इसका प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन किया था। वहीं, 'तेरे इश्क में' आनंद राय के बैनर कलर येलो मीडिया एंटरटेनमेंट एलएलपी से बनी है। कोर्ट में दाखिल याचिका के अनुसार, आनंद राय ने 'रांझणा' के ट्रेडमार्केड टाइटल, टैगलाइन और विजुअल एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया। उदाहरण के लिए, प्रोमोशनल मटेरियल में 'रांझणा' जैसी लोकेशन, संगीत स्टाइल और इमोशनल टोन दिखाया गया। एरोस ने साक्ष्य के रूप में पोस्टर्स, टीजर और इंटरव्यू क्लिप्स पेश किए हैं। एरोस के सीईओ ने अपने बयान में कहा है कि हमारी संपत्ति की रक्षा करना हमारा हक है। यह साफ चोरी है। हालांकि इस मामले में आनंद राय की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जनवरी को तय की है।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 4:59 pm

डॉन-3 में शाहरुख खान की होगी वापसी:फरहान अख्तर के सामने एक्टर ने रखी शर्त; पहले रणवीर सिंह लीड रोल निभाने वाले थे

फरहान अख्तर के निर्देशन में बनने वाली फिल्म ‘डॉन-3’ एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आइकॉनिक फ्रेंचाइजी में शाहरुख खान की वापसी हो सकती है। बताया जा रहा है कि फरहान अख्तर और किंग खान के बीच फिल्म को लेकर दोबारा बातचीत शुरू हो चुकी है। टेली चक्कर की रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान ने फिल्म में लौटने के संकेत तो दिए हैं, लेकिन एक खास शर्त के साथ। एक्टर चाहते हैं कि ‘डॉन-3’ का निर्देशन साउथ के चर्चित डायरेक्टर एटली करें। शाहरुख ने फरहान के सामने यह प्रस्ताव रखा है कि अगर एटली इस प्रोजेक्ट से जुड़ते हैं, तो वह फिल्म में वापसी पर विचार कर सकते हैं। गौरतलब है कि फरहान अख्तर पिछले तीन सालों से डॉन फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म पर काम कर रहे हैं, लेकिन कास्टिंग को लेकर यह प्रोजेक्ट लगातार अटका हुआ है। शुरुआत में फिल्म के लिए रणवीर सिंह को कास्ट किया गया था, लेकिन ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद उन्होंने खुद को फिल्म से अलग कर लिया। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि रणवीर को उनकी कथित अनुचित मांगों की वजह से फिल्म से हटाया गया। रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद ऋतिक रोशन को भी ‘डॉन-3’ ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने भी फिल्म करने से इनकार कर दिया। मूवी टॉकीज की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतिक इन दिनों ‘कृष-4’ से डायरेक्टोरियल डेब्यू की तैयारी में हैं और उनके पास कई बड़ी पैन इंडिया फिल्में भी लाइनअप में हैं। इसी वजह से उनका आने वाला शेड्यूल पूरी तरह पैक है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या डॉन-3 में शाहरुख खान की दमदार वापसी होती है और क्या एटली इस मेगा प्रोजेक्ट का हिस्सा बनते हैं।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 3:50 pm

हिजाब पहनने पर पूर्व एक्ट्रेस सना खान बोलीं:मुझे किसी ने ब्रेनवॉश नहीं किया, मेरे पति अनस ने मुझे सही रास्ता दिखाया

पूर्व अभिनेत्री सना खान हाल ही में एक्ट्रेस रश्मि देसाई के यूट्यूब चैनल पर अपने पति मुफ्ती अनस सैयद के साथ नजर आईं। इस बातचीत में सना ने अपनी शादी, बॉलीवुड छोड़ने के फैसले और उन अफवाहों पर खुलकर बात की, जिनमें कहा जाता रहा कि उन्हें इंडस्ट्री छोड़ने के लिए ‘ब्रेनवॉश’ किया गया। सना खान ने बताया कि उनकी शादी बेहद निजी और ‘टॉप सीक्रेट’ तरीके से हुई थी। उन्होंने कहा कि जब उनकी शादी तय हुई, तब उनके माता-पिता के अलावा किसी को दूल्हे का नाम तक नहीं पता था। यहां तक कि मेहंदी आर्टिस्ट ने भी जब दूल्हे का नाम पूछा, तो उन्होंने बताने से इनकार कर दिया। सना ने कहा कि वह उस वक्त अपनी जिंदगी के एक बड़े बदलाव से गुजर रही थीं और खुद को पूरी तरह बदल रही थीं। यह फैसला उनका अपना था और इस रास्ते पर उन्हें उनके पति अनस ने सही दिशा दिखाई। बॉलीवुड छोड़ने और हिजाब पहनने को लेकर उठे सवालों पर सना ने साफ कहा कि किसी को भी जबरदस्ती ब्रेनवॉश नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा- “लोग सोचते हैं कि पहले मैं बिना हिजाब के रहती थी और अचानक सब बदल गया, तो जरूर किसी ने मुझे ब्रेनवॉश किया होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। जब तक आप खुद नहीं चाहते, कोई आपको नहीं बदल सकता। मैं शांति चाहती थी। इंसान को शोहरत, पैसा और रुतबा मिल सकता है, लेकिन आखिर में हर कोई सुकून ही चाहता है।” सना ने यह भी कहा कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री इसलिए छोड़ी क्योंकि जब आपका माहौल सही नहीं होता, तो आपके फैसले भी अक्सर गलत हो जाते हैं। आज वह अपने पति के साथ रिश्ते को सबसे ज्यादा अहमियत देती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी शादी का ज्यादातर खर्च अनस और उनके परिवार ने उठाया, जो आम तौर पर देखने को नहीं मिलता। गौरतलब है कि साल 2019 में सना खान ने कोरियोग्राफर मेल्विन लुईस के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। हालांकि, 2020 में उन्होंने उन पर धोखाधड़ी और घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए थे। सना ने दावा किया था कि मेल्विन ने उनके साथ मारपीट की थी और उनके पास इसके सबूत भी मौजूद हैं। अक्टूबर 2020 में सना खान ने इंस्टाग्राम के जरिए फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने लिखा था कि वह शोबिज की दुनिया को अलविदा कहकर इंसानियत की सेवा और अपने रब के बताए रास्ते पर चलना चाहती हैं। इसके एक महीने बाद नवंबर 2020 में उन्होंने सूरत में अनस सैयद से सादगी भरे समारोह में शादी की। फिलहाल सना खान दो बच्चों की मां हैं और अपने परिवार के साथ शांत और निजी जीवन बिता रही हैं।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 2:58 pm

तमन्ना के आइटम नंबर 'आज की रात' ने बनाया रिकॉर्ड:यूट्यूब पर गाने को 100 करोड़ व्यूज मिले, उपलब्धि पर एक्ट्रेस ने जताया आभार

स्त्री-2 में तमन्ना भाटिया का डांस नंबर ‘आज की रात’ ने एक नई उपलब्धि हासिल कर ली है। इस गाने ने यूट्यूब पर ऑफिशियली 1 बिलियन यानी कि 100 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। एक्ट्रेस ने इस अचीवमेंट्स पर ख़ुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने गाने की शूटिंग के कुछ क्लिप शेयर करते हुए लिखा- पहले व्यू से लेकर 1 बिलियन व्यूज तक। आप सभी के प्यार के लिए शुक्रिया। शेयर किए गए वीडियो क्लिप में तमन्ना कोरियोग्राफर विजय गांगुली और टीम के बाक़ी सदस्यों के साथ नज़र आ रही हैं। दूसरे और तीसरे क्लिप में वो परफॉर्म करते दिख रही हैं। ‘आज की रात’ गाने की बात करें तो ये श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री-2 का गाना है। इस आइटम डांस नंबर को तमन्ना भाटिया पर फिल्माया गया है। गाने को मधुबंती बागची और दिव्या कुमार ने आवाज दी है। इसे अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखा है और सचिन-जिगर ने म्यूजिक दिया है। बता दें कि तमन्ना के डांस नंबर्स से पहले कई और भारतीय गाने रहे हैं, जिन्होंने यूट्यूब पर 100 करोड़ से ज्यादा व्यूज हासिल किए हैं। इस लिस्ट में भक्ति गाने से लेकर रीजनल गानों तक का नाम शामिल है। हरिहरन की आवाज में टी सीरीज का भक्ति सॉन्ग श्री हनुमान चालीसा पहला इंडियन गाना था, जिसने यूट्यूब पर 3 बिलियन और 5 बिलियन व्यू का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद पंजाबी सॉन्ग लॉग लाची, लहंगा, हरियाणवी सॉन्ग 5 गज का दामन, सत्यमेव जयते का सॉन्ग दिलबर, सिंबा का आंखे मारे, धनुष और साई पल्लवी का सॉन्ग राउडी बेबी समेत कई और गानों ने इस आकंड़े को पार किया है।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 12:26 pm

'ओ रोमियो' का पहला गाना रिलीज:'हम तो तेरे ही लिए थे’ में शाहिद-तृप्ति की शानदार केमिस्ट्री दिखी, अरिजीत सिंह की आवाज का चला जादू

विशाल भारद्वाज की मच अवेटेड फिल्म ‘ओ’रोमियो’ अपने दमदार टीजर के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। मेकर्स ने टीजर के बाद अब फिल्म का पहला गाना ‘हम तो तेरे ही लिए थे’ रिलीज कर दिया है। गाने में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के बीच कमाल की केमिस्ट्री देखने को मिल रही है। गाने के बीच में एक झलक अविनाश तिवारी की भी मिलती है, जो बेहद ही अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। गाने के बीच अविनाश की आवाज में डायलॉग सुनाई देते है, जिसमें वो कहते हैं- आएगा, तेरा रोमियो आएगा। शाहिद-तृप्ति पहली बार पर्दे पर साथ दिखेंगे फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की केमिस्ट्री इस गाने की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। दोनों कलाकार अपनी आंखों, हाव-भाव और सधे हुए अभिनय के जरिए ऐसी भावनाएं व्यक्त करते हैं, जो लंबे समय तक याद रह जाती हैं। उनकी प्रेम कहानी में मासूमियत भी है, पीड़ा भी और एक अनकहा ठहराव भी, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ लेता है। यह एक ऐसा रिश्ता है, जो अधूरा होते हुए भी बेहद सच्चा लगता है। टीजर में दिखाई गई सख्त और गंभीर दुनिया के उलट, यह गाना फिल्म के इमोशनल पहलू को सामने लाता है। ‘हम तो तेरे ही लिए थे’ एक शांत, संयमित और बेहद संवेदनशील रचना है, जो बिना ज्यादा शोर किए सीधे दिल तक पहुंचती है। यह गीत उस प्रेम की कहानी कहता है, जो शब्दों से ज़्यादा खामोशियों में जीता है और जिसे महसूस किया जाता है, कहा नहीं जाता। इस गाने के साथ विशाल भारद्वाज और गुलजार की एक जोड़ी एक बार फिर से पर्दे पर लौटी है। विशाल के म्यूजिक और गुलजार को अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। ओ रेमियो का यह स्लो रोमांटिक सॉन्ग फैंस को भा रहा है। विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को साजिद नाडियाडवाला की प्रोडक्शन कंपनी नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट ने बनाया है। फिल्म का म्यूजिक टी-सीरीज ने दिया है। मल्टीस्टारर ये फिल्म वैलेंटाइन वीक में 13 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही है। फिल्म में शाहिद कपूर के अलावा नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, विक्रांत मैसी, तृप्ति डिमरी, तमन्ना भाटिया, फरीदा जलाल जैसे एक्टर्स नजर आएंगे।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 10:38 am

अमिताभ बच्चन को नई तकनीक नहीं सीखने का अफसोस:नए ब्लॉग में लिखा-सीखने लगूं तब तक वक्त निकल जाता है, काश पहले सीख लेता

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने तेजी से बदलती तकनीक और आज के दौर में सीखने की चुनौती को लेकर खुलकर बात की है। अपने हालिया ब्लॉग पोस्ट में बिग बी ने स्वीकार किया कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि कई चीजें उन्होंने समय रहते नहीं सीखीं। खासतौर पर वे चीजें जो उनके दौर में मौजूद ही नहीं थीं। अमिताभ बच्चन ने लिखा- “हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो सीखना जरूरी था, वह सालों पहले सीख लिया जाना चाहिए था।” उन्होंने कहा कि आज आविष्कारों और नई प्रणालियों की रफ्तार इतनी तेज है कि जब तक कोई उसे सीखना शुरू करता है, तब तक वक्त आगे निकल चुका होता है। उम्र के साथ सीखने की इच्छा, ऊर्जा और प्रयास भी धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बिग बी ने बताया कि हालिया मीटिंग्स से उन्हें यह सीख मिली कि किसी भी काम की बुनियादी समझ रखना जरूरी है और उसके बाद उस काम को युवा, योग्य और एक्सपर्ट टैलेंट को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी काम को लेकर आप पूरी तरह योग्य नहीं भी हैं, तो इसमें कोई समस्या नहीं है। उसे स्वीकार करें, विशेषज्ञों को हायर करें और काम पूरा करवाएं। अमिताभ ने पुराने और नए दौर की तुलना करते हुए कहा कि पहले अगर किसी को कोई काम नहीं आता था तो वह या तो उसे कर ही नहीं पाता था या फिर पछतावा रह जाता था। लेकिन आज के समय में आउटसोर्सिंग के जरिए काम आसानी से पूरा किया जा सकता है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है। बता दें कि बीते साल बिग बी ने अपने ब्लॉग में बढ़ती उम्र की चुनौतियों पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि कैसे आसान से काम को करने के लिए ज्यादा कोशिश करनी पड़ती है। उन्होंने लिखा था- ‘पहले मुझे लगता था कि पुरानी आदतें आसानी से दोबारा शुरू की जा सकती हैं, लेकिन अब समझ आया है कि एक दिन का भी ब्रेक लंबे समय तक असर डाल देता है।बस एक दिन का गैप और दर्द और मोबिलिटी बहुत लंबी सैर पर निकल जाती है। यह आश्चर्य की बात है कि पहले वो नॉर्मल एक्शन थे लेकिन अब उन्हें करने से पहले दिमाग को सोचना पड़ता है..साधारण काम…पैंट पहनना... डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्लीज मिस्टर बच्चन, बैठ जाइए और उन्हें पहन लीजिए। उन्हें पहनते समय खड़े होने की कोशिश मत कीजिए, आप संतुलन खो सकते हैं और गिर सकते हैं।’ वर्क फ्रंट की बात करें तो हाल ही में एक्टर का शो कौन बनेगा करोड़पति सीजन 17 खत्म हुआ है। इसके अलावा उन्हें आखिरी बार तमिल एक्शन ड्रामा फिल्म ‘वेट्टैयन’ में देखा गया था, जिसमें रजनीकांत, फहाद फासिल, राणा दग्गुबाती और मंजू वारियर जैसे सितारे भी शामिल थे।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 9:39 am

‘मर्दानी 3' में रानी मुखर्जी की लड़ाई सबसे ज्यादा खतरनाक:शातिर महिला विलेन से होगा मुकाबला, बोलीं-  काली-दुर्गा से किरदार निभाने की ताकत मिलती है

'राजा की आएगी बारात' से लेकर 'मर्दानी' तक रानी मुखर्जी ने हमेशा समाज को झकझोरने वाली कहानियां चुनीं। इस बार रानी मुखर्जी की लड़ाई फिल्म ‘मर्दानी 3' में सबसे ज्यादा खतरनाक होने वाली है। यह फिल्म 30 जनवरी 2026 को थिएटर्स में रिलीज होगी। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान एक्ट्रेस ने बताया कि ऐसे किरदार निभाने की हिम्मत काली और दुर्गा से मिलती है। ‘मर्दानी’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है रानी मुखर्जी कहती हैं- ‘मर्दानी’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, ये एक जिम्मेदारी है। शिवानी शिवाजी रॉय लोगों के दिलों में बस चुकी है। हर बार जब मैं इस किरदार में लौटती हूं, तो दबाव होता है कि पहले से ज्यादा सच्चाई और ताकत के साथ आऊं। इस बार लड़ाई और भी खतरनाक है, विषय और भी डरावना है। लेकिन ऐसी कहानियां बार-बार कही जानी चाहिए, क्योंकि जब तक दर्शक इन्हें देखेंगे नहीं, तब तक ऐसी फिल्में बनती नहीं रहेंगी। दुर्गा-काली की कहानियां सुनकर बड़े हुए हैं रानी मुखर्जी ने 'राजा की आएगी बारात' से लेकर 'मर्दानी 3' तक ऐसे मुश्किल टॉपिक्स चुने हैं, जो समाज को झकझोर कर रख देते हैं। रानी मुखर्जी कहती हैं- ऐसे किरदार निभाने की हिम्मत मम्मी और काली- दुर्गा से मिलती है। हम लोग बचपन से काली और दुर्गा को पूजते आए हैं। दुर्गा-काली की कहानियां सुनकर बड़े हुए हैं। जिन्होंने देवताओं की मदद की और असुरों का संहार किया। हम बंगालियों में यह अंदरूनी शक्ति अवचेतन अवस्था में बचपन से ही बसी रहती है। इस बार सामना शातिर महिला विलेन से मर्दानी 3 यश राज फिल्म्स की सफल फ्रैंचाइजी का तीसरा भाग है, जिसमें रानी मुखर्जी एक बार फिर निडर पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय के रोल में लौटी हैं। जो देश की कई लापता लड़कियों को बचाने के मिशन में जुटी हैं। इस बार शिवानी का सामना एक निर्दयी, शक्तिशाली और शातिर महिला विलेन से होगा, जिसके खिलाफ वह मासूम जिंदगियों के लिए एक हिंसक और बेरहम लड़ाई लड़ती नजर आएंगी। दर्शकों की सपोर्ट से सच्ची कहानियां लाने की हिम्मत होती है रानी मुखर्जी कहती हैं- मेरे जैसे आर्टिस्ट तभी ताकतवर बन पाते हैं जब फिल्में चलती हैं। इसलिए जब भी मैं ऐसी सच्ची कहानियां लेकर आती हूं, दर्शकों को इन्हें सराहना होगा और सुपरहिट बनाना होगा। तभी मैं अगली फिल्म ला पाऊंगी। मैं इसी लिए समाज के सच्चे मुद्दों, जैसे मानव तस्करी, महिला सुरक्षा और अपराध पर आधारित कठिन कहानियां चुन पाती हूं। जब दर्शकों का सपोर्ट मिलता है।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 5:30 am

जावेद अख्तर @81, बंटवारे को ऐतिहासिक भूल बताया:आरएसएस की तुलना तालिबान से कर दी थी, बुर्का-घूंघट को व्यक्तिगत पसंद नहीं, ब्रेनवाश का नतीजा कहा

जावेद अख्तर, बॉलीवुड के महान गीतकार, पटकथा लेखक और राज्यसभा के पूर्व सदस्य। उनकी धारदार कलम ने 'शोले', 'दीवार', ‘डॉन’, 'मिस्टर इंडिया' जैसी कालजयी फिल्मों को अमर संवाद दिए, तो उनकी बेबाक जुबान ने समाज, धर्मनिरपेक्षता और राजनीति पर ऐसे कड़े प्रहार किए जो सीधे अंतस को भेदते हैं। निडरता उनकी शख्सियत का आभूषण है। जावेद अख्तर ने भारत के विभाजन को ऐतिहासिक भूल बताया था। जिसकी वजह से अनावश्यक दुश्मनी पैदा हो गई। कभी आरएसएस की तुलना तालिबान से की, तो बुर्का और घूंघट को सामाजिक दबाव बताया। सोशल मीडिया, टीवी बहसों और मंचों पर उनके इस तरह के बयान अक्सर तहलका मचाते हैं जो नास्तिकता, धार्मिक कट्टरता, पाकिस्तान, महिलाओं की स्वतंत्रता और कलाकार की सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गहन मुद्दों को छूते हैं। आज जावेद अख्तर के 81वें जन्मदिन पर जानिए उनके ऐसे कुछ खास बयान, जिन्होंने राष्ट्रव्यापी बहसें छेड़ दी थीं। भारत में नास्तिक बनना मुश्किल जावेद अख्तर ने बरखा दत्त के पॉडकास्ट में खुलासा किया था कि वे नास्तिक हैं, लेकिन मुस्लिम परिवार से होने के कारण पहचान मुस्लिम ही रह गई। उन्होंने कहा था- मैं मुस्लिम नास्तिक हूं। धर्म नहीं मानता, लेकिन समाजी प्रेशर में नास्तिक बनना मुश्किल है। नास्तिकों की गे लोगों जैसी हालत है। मुस्लिम मुझे अमर नाम देते हैं, हिंदू 'पाकिस्तान जाओ' चिल्लाते हैं। दोनों तरफ से गालियां मिलती हैं। मैं ईद-होली-दिवाली सभी त्योहार मनाता हूं। पाकिस्तान में सेकुलरिज्म लगभग मर चुका है भारत-पाक संबंधों पर एक चर्चा में जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की सामाजिक स्थिति पर ये तीखा प्रहार किया। उनका मानना था कि वहां धर्मनिरपेक्षता नाममात्र को रह गई है और कट्टरवाद हावी हो चुका है। पाकिस्तान के कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे ओवर-जनरलाइजेशन कहा, लेकिन भारत में ये बयान साहित्यिक सर्कल तक सीमित रहा। जावेद ने उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत देखकर साफ है कि सेक्युलरिज्म खतरे में है। नरक और पाकिस्तान में से नरक चुनूंगा 17 मई 2025 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की किताब 'नरकातला स्वर्ग' के विमोचन पर जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को नरक से बदतर बताते हुए तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा था- अगर पाकिस्तान और नरक में से चुनना हो तो मैं नरक चुनूंगा। एक पक्ष कहता है तुम काफिर (नास्तिक) हो और नरक में जाओगे। दूसरा पक्ष कहता है जिहादी, पाकिस्तान जाओ। दोनों तरफ से मुझे गाली दी जाती है। भारत का विभाजन गलत था, पाकिस्तान हिंदुस्तान से ही निकला 2023 में लाहौर के फैज फेस्टिवल में जावेद अख्तर ने स्पष्ट कहा कि भारत का विभाजन ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हिंदुस्तान का हिस्सा था, जो 1947 में दो देशों में बंट गया। अख्तर ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के लोग मूल रूप से एक ही सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हैं और विभाजन ने अनावश्यक दुश्मनी पैदा की। इस बयान पर पाकिस्तानी दर्शकों ने तालियां बजाईं, लेकिन भारत-पाक मीडिया में विवाद छा गया। लाउडस्पीकर पर अजान को बंद होना चाहिए 2020 में जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा था कि भारत में लगभग 50 साल तक लाउडस्पीकर पर अजान हराम थी, बाद में यह हलाल हो गई, लेकिन अब इसकी कोई सीमा नहीं रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि अजान ठीक है, पर लाउडस्पीकर दूसरों के लिए असुविधा पैदा करता है, इसलिए इसे बंद कर देना चाहिए। खासकर रमजान के समय उन्होंने अपील की कि मुसलमान खुद ही इसे रोकें। इस बयान पर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी समेत कई लोगों ने आपत्ति जताई और विवाद छा गया। अख्तर ने ध्वनि प्रदूषण को सामाजिक मुद्दा बताया था। धर्म ने इंसान को डरपोक बनाया है 2024 में इंडियन एक्सप्रेस के एक इवेंट में जावेद अख्तर ने धर्म को 'अंधेरे युग' की उपज कहा था, जो आधुनिक विज्ञान से टकराता है। जावेद अख्तर ने कहा था- धर्म ने इंसान को बेहतर नहीं, बल्कि ज्यादा डरपोक बनाया है। धर्म ने डर को हथियार बनाया है, जो इंसान की प्रगति में बाधा है। जावेद अख्तर ने यह भी कहा था कि वे किसी भी धार्मिक किताब को अंतिम सत्य नहीं मानते हैं। उनका मानना है कि धार्मिक ग्रंथ मानव-रचित हैं, इसलिए इन्हें अंधभक्ति से परे सोचना चाहिए। उर्दू को मुस्लिम भाषा कहना सबसे बड़ी नाइंसाफी जावेद अख्तर ने 2024 में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एक कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से कहा था कि उर्दू को मुस्लिम भाषा कहना सबसे बड़ी नाइंसाफी है। उन्होंने बताया था कि 200 साल पहले हिंदी-उर्दू एक ही भाषा थीं, ब्रिटिश नीतियों ने इन्हें विभाजित किया। भाषाएं धार्मिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय होती हैं। हिंदी हिंदुओं की नहीं, तो उर्दू मुसलमानों की कैसे हुई। जावेद अख्तर ने मिसाल दी थी कि मध्य पूर्व या उज्बेकिस्तान के मुस्लिम उर्दू नहीं बोलते, लेकिन भारत के कई इलाकों में यह प्रचलित है। उन्होंने उर्दू को हिंदुस्तान की मूल भाषा बताया, जो संस्कृति की देन है, न कि किसी एक धर्म की। प्रेमचंद, निराला जैसे हिंदू लेखकों ने उर्दू को समृद्ध किया। जावेद अख्तर का यह बयान भाषा-धर्म विभेद पर तीखा प्रहार था। भीड़ का फैसला लोकतंत्र के लिए जहर बताया 2019 में गौरक्षा हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर जावेद अख्तर ने टिप्पणी की थी। उन्होंने भीड़ का फैसला लोकतंत्र के लिए जहर बताया था। जावेद अख्तर ने राजनीतिक दलों का नाम लिए बिना कहा था कि कानून हाथ में लेना अराजकता को जन्म देगा। जावेद अख्तर ने लोगों से अपील की थी कि कानून का राज बचाओ, वरना देश बर्बाद हो जाएगा। यह बयान झारखंड और अन्य जगहों की घटनाओं के बाद आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने भी मॉब लिंचिंग पर चिंता जताई थी। कलाकार का काम चाटुकारिता नहीं, समाज से सवाल उठाना है कपिल सिब्बल के यूट्यूब चैनल 'दिल से विद कपिल सिब्बल' के साथ बातचीत के दौरान जावेद अख्तर ने बॉलीवुड में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों और सरकार की आलोचना न करने वालों को लेकर बात की थी। जावेद अख्तर ने कहा था- कलाकारों का मूल कर्तव्य सत्ता की चाटुकारिता नहीं, बल्कि समाज से सवाल उठाना है। उन्होंने अमेरिकी अभिनेत्री मेरिल स्ट्रीप का उदाहरण दिया, जो खुलकर आलोचना करती हैं, जबकि भारत में एजेंसी छापों का डर हावी है। बुर्का-घूंघट को सामाजिक दबाव बताया SOA लिटरेरी फेस्टिवल 2025 में जावेद अख्तर ने बुर्का-घूंघट को सामाजिक दबाव बताया था। उन्होंने कहा था- ‘’लड़कियां अपना चेहरा क्यों ढंकती हैं? चेहरे में क्या अश्लील है? यह व्यक्तिगत पसंद नहीं, ब्रेनवाश का नतीजा है। जावेद अख्तर ने घूंघट को भी इसी दबाव से जोड़ा, जो महिलाओं की आजादी छीनता है। इससे पहले भी कई बार जावेद अख्तर बुर्का बैन के साथ घूंघट पर रोक की मांग कर चुके हैं। आरएसएस की तुलना तालिबान से कर दी थी जावेद अख्तर ने 2021 में NDTV पर एक टीवी बहस में आरएसएस की तुलना तालिबान से कर दी थी। जावेद अख्तर ने कहा था- हिंदू राष्ट्र चाहने वालों और तालिबान की सोच में वैचारिक समानता है। उन्होंने RSS समर्थकों की कट्टर सोच को तालिबान जैसा बताया, जो धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देती है। इस बयान पर BJP, RSS और शिवसेना भड़क उठे, आरएसएस नेता ने शिकायत दर्ज की, माफी मांगने की मांग की। मुंबई कोर्ट में मानहानि केस चला, जो बाद में सुलझ गया। लैंगिक हिंसा के दोहरे मापदंड पर सवाल उठाया जून 2025 में NDTV क्रिएटर्स मंच पर जावेद अख्तर ने मेघालय हनीमून हत्याकांड और मेरठ ड्रम मर्डर केस पर समाज के गुस्से पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था- महिलाओं को जिंदा जला दिया जाता था, पति-ससुराल वाले पीटते थे, तब समाज का आक्रोश कहां था? कितना बेशर्म समाज है। दो महिलाओं की हत्याओं पर सदमा होने पर उन्होंने कटाक्ष किया कि पुरुष अत्याचार पर चुप्पी क्यों? जावेद अख्तर ने प्रेशर कुकर फटने वाली बहुओं का पुराना किस्सा बताया, जो ससुराल का दबाव दर्शाता है। समाज को आईना दिखाते हुए उन्होंने लैंगिक हिंसा पर दोहरा मापदंड उजागर किया। इस्लाम में हराम है फिर भी मुसलमान पीते हैं दिसंबर 2025 में मुफ्ती शमाइल नदवी के साथ 'Does God Exist' डिबेट में जावेद अख्तर ने शराब पर चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उन्होंने कहा था- मुसलमानों में शराब पीने का प्रतिशत हिंदुओं से ज्यादा है, जबकि इस्लाम में हराम है। मैं खुद शराब पीता था और शराब के नशे में मैं गंदी भाषा इस्तेमाल करता था, दूसरा इंसान बन जाता था। जिन्ना पर तंज कसते हुए जावेद अख्तर ने कहा था- वे शराब पीते थे, सूअर खाते थे, लेकिन कई मुसलमान शराब पीते हैं और सूअर से डरते हैं। पुरुषवादी सोच वाली अश्लील फिल्मों की आलोचना की अक्टूबर 2025 में अनंतरंग मानसिक स्वास्थ्य सांस्कृतिक महोत्सव के उद्घाटन में जावेद अख्तर ने पुरुषवादी सोच वाली अश्लील फिल्मों की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कहा था- ‘इस देश में अश्लीलता आसानी से सेंसर से पास हो जाती है, जो पुरुषवादी दृष्टिकोण से महिलाओं को अपमानित करती है। समाज को आईना दिखाने वाली फिल्में रुक जाती हैं। जावेद अख्तर ने दर्शकों, खासकर पुरुष मानसिकता को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि अगर पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य सुधरे तो ऐसी फिल्में न बनेंगी, न चलेंगी। फिल्म समाज की खिड़की है, इसे बंद करने से सच्चाई नहीं छिपती। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... ऋतिक रोशन @52, डॉक्टर्स ने एक्टर बनने से रोका:फिल्मों के सेट पर झाड़ू लगाई, कमजोरी को अपनी ताकत बनाया, कहलाए बॉलीवुड के ग्रीक गॉड अगर बॉलीवुड में किसी एक्टर से अपनी कमजोरी को ताकत में बदलकर सफलता के शीर्ष पर पहुंचने की प्रेरणा मिलती है, तो वो बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले ऋतिक रोशन हैं। एक्टर के लिए शब्दों का सही उच्चारण, फिजिकल फिटनेस, डांस और एक्शन की भारी डिमांड रहती है। यही ऋतिक की सबसे बड़ी कमजोरी थी।पूरी खबर पढ़ें....

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 4:30 am

संदीप रेड्डी वांगा की स्पिरिट की रिलीज डेट सामने आई:प्रभास-तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म 5 मार्च 2027 को 8 भाषाओं में रिलीज होगी

डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की मच अवेटेड फिल्म ‘स्पिरिट’ की रिलीज डेट सामने आ गई है। प्रभास और तृप्ति डिमरी स्टारर ये फिल्म 5 मार्च 2027 को रिलीज होगी। शुक्रवार की शाम फिल्म के मेकर टी-सीरीज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी घोषणा की। उन्होंने एक ब्लैक एंड व्हाइट पोस्टर पोस्ट किया, जिसके कैप्शन में लिखा था- “याद रखें। स्पिरिट 5 मार्च, 2027 को वर्ल्ड वाइड रिलीज होने जा रही है।” वांगा की फिल्म स्पिरिट को आठ भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। इनमें तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, मैडरिन, जैपनीज और कोरियन भाषा शामिल है। फिल्म की रिलीज डेट सामने आते ही फैंस ने भी अपना रिएक्शन देना शुरू किया। कई फैंस ने कमेंट में प्रभास को नंबर 1 पैन इंडिया स्टार बताया। वहीं कुछ ने पोस्ट पर लिखा- इंतजार नहीं कर सकते। कुछ फैंस ने सवालिया अंदाज में कहा कि 2027 बहुत दूर है। इतनी देर से क्यों? बता दें कि नए साल के मौके पर मेकर्स ने फिल्म का पहला पोस्टर जारी किया था। पोस्टर में प्रभास और तृप्ति एक विंडो के पास खड़े दिख रहे हैं। प्रभास लंबे बालों, घनी दाढ़ी और मूंछों के साथ शर्टलेस नजर आ रहे हैं। उनकी बॉडी पर चोट का निशान और कंधे, बांह और पीठ पर कई पट्टियां बंधी हुई हैं। प्रभास के होठों के बीच एक सिगरेट है और एक हाथ में शराब का गिलास है। वहीं, तृप्ति हल्के ग्रे रंग की साड़ी में प्रभास के करीब खड़ी नजर आ रही हैं और वो प्रभास का सिगरेट जलाती दिखाई दे रही हैं। तृप्ति का फेस काफी शांत और गंभीर नजर आ रहा है। फिल्म के पहले पोस्टर ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। प्रभास और तृप्ति का लुक फैंस को काफी पसंद आया था।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 7:55 pm

पति सिद्धार्थ मल्होत्रा के बर्थडे पर कियारा सिंगर बनीं:पोस्ट कर लिखा- तुम आज भी मेरे क्रश हो, अब हमारी बेटी भी तुम पर फिदा

एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उनकी पत्नी और एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बेहद प्यार भरे अंदाज में बर्थडे विश किया है। कियारा ने इंस्टाग्राम पर पति के लिए पोस्ट शेयर कर उनके जन्मदिन को और भी खास बना दिया। कियारा ने पोस्ट के साथ एक इमोशनल और क्यूट कैप्शन लिखा। उन्होंने लिखा, “सरायाह के फेवरेट ह्यूमन और अंदर-बाहर से सबसे खूबसूरत। तुम अब भी मेरे क्रश हो। अब हमारी नन्ही बच्ची भी तुम पर फिदा है। हैप्पी बर्थडे, हसबैंड।” पोस्ट में कियारा ने सिद्धार्थ की एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह कैमरे के सामने पोज देते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने केक की तस्वीर भी पोस्ट की है, जिस पर ‘हैप्पी बर्थडे लव’, ‘सरायाह के पापा’ और ‘डैडी कूल’ जैसे प्यारे मैसेज लिखे नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ कियारा ने बर्थडे सेलिब्रेशन का एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में कियारा सिद्धार्थ के लिए ‘बार-बार दिन ये आए’ गाना गाती नजर आ रही हैं। इस दौरान बैकग्राउंड में फिल्ममेकर करण जौहर और फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा कियारा को चीयर करते दिखते हैं। वीडियो में सिद्धार्थ और कियारा साथ में केक काटते भी दिखे। कियारा आडवाणी के इस प्यार भरे पोस्ट पर फैंस के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने भी सिद्धार्थ मल्होत्रा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। बता दें कि कियारा आडवाणी ने पिछले साल जुलाई में बेटी को जन्म दिया था। जन्म के 3 महीने बाद कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बेटी का नामकरण कर उसके नाम की घोषणा की। कपल ने बेटी का नाम सरायाह मल्होत्रा रखा है।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 6:57 pm

धनुष-मृणाल ठाकुर जल्द लेंगे सात फेरे:दावा-14 फरवरी को प्राइवेट सेरेमनी में होगी शादी; पिछले साल से रिश्ते में हैं दोनों

साउथ सुपरस्टार धनुष और एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर एक बार फिर अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में हैं। फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मृणाल और धनुष अगले महीने की 14 फरवरी यानी कि वैलेंटाइन डे के मौके पर शादी करेंगे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये शादी के एक प्राइवेट सेरेमनी होगी, जिसमें दोनों की फैमिली और क्लोज फ्रेंड्स मौजूद रहेंगे। हालांकि धनुष या मृणाल में से किसी ने कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दिया है। बता दें कि पिछले साल अगस्त में मृणाल की फिल्म 'सन ऑफ सरदार-2' के प्रीमियर के दौरान धनुष को देखा गया था। दोनों को साथ में देखकर डेटिंग के कयास लगने लगे। फिर धनुष की फिल्म 'तेरे इश्क' की रैप-अप पार्टी में मृणाल की मौजूदगी से डेटिंग की खबरों को और हवा मिली। मृणाल सोशल मीडिया पर धनुष के अलावा उनकी दोनों बहनों को भी फॉलो करती हैं, इस बात ने भी लोगों का ध्यान खींचा। डेटिंग की रूमर्स जब बढ़ने लगी फिर एक्ट्रेस को सफाई देनी पड़ी थी। एक इवेंट में जब मृणाल से चल रही खबरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ अच्छे दोस्त हैं। धनुष 'सन ऑफ सरदार-2' के प्रीमियर में अजय देवगन के इनविटेशन पर आए थे। न्यूज 18 शोशा की एक रिपोर्ट में दोनों की डेटिंग की बात को सच बताया गया था। रिपोर्ट में सोर्स के हवाले से लिखा गया था- दोनों की डेटिंग की बात सच है। लेकिन उनका रिलेशनशिप नया है, इस वजह से उन्होंने इसे पब्लिक नहीं किया है। दोनों को घूमने-फिरने या एक साथ देखे जाने से परेशान नहीं होते हैं। दोनों की सोच और पसंद काफी मिलती-जुलती है। उनके दोस्त दोनों को सपोर्ट कर रहे हैं। बताते चलें कि धनुष ने साल 2004 में रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या रजनीकांत से शादी की थी। इस शादी से कपल को दो बेटे यात्रा और लिंगा हैं। कपल ने 2022 में तलाक की अनाउंसमेंट की थी, जिसके बाद 2024 में आधिकारिक तौर पर तलाक ले चुके हैं। दोनों की वर्कफ्रंट की बात करें तो धनुष बीते साल साउथ फिल्म 'इडली कढ़ाई' और हिंदी फिल्म 'तेरे इश्क' में दिखे थे। वहीं मृणाल ठाकुर 'सन ऑफ सरदार 2' में नजर आई थीं। इस साल उनकी 'दो दीवाने शहर में' और 'डकैत: ए लव' स्टोरी रिलीज होने वाली है।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 4:13 pm

स्टेबिन बेन ने किया सलमान का शुक्रिया अदा:वेडिंग रिसेप्शन में आने पर सिंगर ने लिखा- भाईजान आप अपने वादे के पक्के हैं

कृति सेनन की बहन नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन के वेडिंग रिसेप्शन में कई सेलेब्स ने शिरकत की थी। रिसेप्शन में सलमान खान की एंट्री ने सबका ध्यान खींचा था। वहीं शुक्रवार को स्टेबिन ने रिसेप्शन में शामिल होने के लिए सलमान खान का आभार जताया। सिंगर ने इंस्टाग्राम पर सलमान के साथ कई तस्वीरें शेयर कीं और लिखा, “सलमान खान आप अपने वादे के पक्के, सबसे बड़े सुपरस्टार, लेकिन हमेशा अपने लोगों के लिए मौजूद रहने वाले। आपका प्यार और आशीर्वाद मेरे लिए बहुत मायने रखता है। धन्यवाद भाईजान। आपसे बहुत प्यार है।” नूपुर-स्टेबिन की शादी का रिसेप्शन स्टेबिन बेन और नूपुर सेनन की शादी का ग्रैंड वेडिंग रिसेप्शन का आयोजन मंगलवार को मुंबई में हुआ। इस मौके पर सलमान खान, मौनी रॉय, दिशा पटानी और फराह खान समेत कई सेलेब्रिटीज कपल को बधाई देने पहुंचे। रिसेप्शन में पहुंचते ही स्टेबिन और नूपुर ने सलमान का गर्मजोशी से स्वागत किया। सलमान ने फंक्शन के दौरान कपल को बधाई दी और उनसे बातचीत भी की। देखिए नूपुर-स्टेबिन के रिसेप्शन की तस्वीरें- उदयपुर में हुई स्टेबिन-नूपुर की शादीनूपुर और स्टेबिन ने हाल ही में राजस्थान के उदयपुर में शादी की थी। यह शादी रैफल्स होटल/फेयरमोंट पैलेस में हुई, जिसमें दो अलग-अलग संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। 10 जनवरी 2026 को कपल ने पहले क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से शादी की, जहां नूपुर सफेद गाउन और स्टेबिन सफेद सूट में नजर आए। इसके अगले दिन, 11 जनवरी को दोनों ने पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। हिंदू रीति-रिवाजों वाली शादी में नूपुर ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन किया गया लाल-पीच लहंगा पहना, जबकि स्टेबिन बेज रंग की शेरवानी में दिखे थे। शादी में दिशा पाटनी, मौनी रॉय, बी प्राक और अन्य सेलेब शामिल हुए थे। देखिए नूपुर-स्टेबिन की शादी की तस्वीरें- नूपुर ने म्यूजिक वीडियो से एक्टिंग डेब्यू किया था नूपुर के करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2019 में बी प्राक के म्यूजिक वीडियो ‘फिलहाल’ से अपना एक्टिंग डेब्यू किया था। इसमें उनके अपोजिट अक्षय कुमार नजर आए थे। उसके बाद 2021 में दोनों का साथ में फिलहाल 2: मोहब्बत एल्बम आया था। बड़े पर्दे पर नूपुर ने साल 2023 में तेलुगु फिल्म टाइगर नागेश्वर राव से डेब्यू किया। उसी साल हॉटस्टार पर उनका शो पॉप कौन? भी रिलीज हुआ था। अब साल 2026 में नूपुर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में फिल्म नूरानी चेहरा से अपना डेब्यू करने वाली हैं। वहीं, स्टेबिन म्यूजिक इंडस्ट्री का जाना माना नाम हैं। म्यूजिक फील्ड में वह साल 2018 से एक्टिव हैं। उन्होंने थोड़ा थोड़ा प्यार, बारिश बन जाना, रुला के गया इश्क और मेरा महबूब जैसे गाने गाए हैं। साथ ही उन्होंने शिमला मिर्ची, सेल्फी और जर्सी जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी गाने गाए हैं।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 3:15 pm

भूमि पेडनेकर स्टारर 'दलदल' का टीजर रिलीज:क्राइम थ्रिलर सीरीज में दिखा खौफनाक विजुअल्स, 30 जनवरी को OTT पर स्ट्रीम होगा

भूमि पेडनेकर स्टारर क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का टीजर रिलीज हो गया है। एक मिनट सात सेकंड के टीजर की शुरुआत वर्निंग से होती है। पूरा टीजर खौफनाक सीन्स से भरा हुआ है। मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित, यह सीरीज मुंबई क्राइम ब्रांच की नवनियुक्त डीसीपी रीता फरेरा की कहानी है, जिसका किरदार भूमि सतीश पेडनेकर ने निभाया है। दलदल की कहानी डीसीपी रीटा फरेरा के इर्द-गिर्द घूमती है। रीटा एक ऐसी पुलिस अधिकारी हैं जो न्याय के लिए समर्पित हैं, लेकिन अपने अतीत की गलती और अंदर के डर से परेशान भी हैं और वह एक बेरहम कातिल का पीछा करने के एक खौफनाक मिशन में फंस जाती है। टीजर दर्शकों को एक ऐसे दुनिया में ले जाता है जहां हिंसा और मानसिक डर सिर्फ चौंकाने वाला नहीं है, बल्कि लंबे समय तक असर डालता है। टीजर की बर्बरता के चित्रण से साफ है कि यह सीरीज कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। मूल रूप से, दलदल सिर्फ एक क्राइम-सस्पेंस कहानी नहीं है, बल्कि यह आघात और नैतिकता की गहन पड़ताल भी है। यह कहानी केवल यह नहीं पूछती कि अपराध किसने किया, बल्कि उससे कहीं अधिक भयावह सवाल उठाती है कि ऐसा क्यों किया गया। भूमि पेडनेकर के साथ, सीरीज में समारा तिजोरी और आदित्य रावल भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। बता दें कि 'दलदल' विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब ‘भिंडी बाजार’ पर आधारित है, जिसे विक्रम मल्होत्रा तथा सुरेश त्रिवेणी ने इसे प्रोड्यूस किया है। इसका निर्देशन अमृत राज गुप्ता ने किया है और कहानी त्रिवेणी के साथ श्रीकांत अग्निस्वरन, रोहन डिसूजा, प्रिया सग्गी और हुसैन हैदरी ने लिखी है। 'दलदल' का प्रीमियर 30 जनवरी को भारत समेत दुनिया भर के 240 से अधिक देशों में ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम पर होगा।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 2:57 pm

पंजाबी एक्ट्रेस मैंडी ठक्कर का पति शेखर से तलाक:दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने अर्जी मंजूर की; 2024 में चंडीगढ़ में की थी शादी

पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की एक्ट्रेस मैंडी ठक्कर और शेखर कौशल का तलाक हो गया है। दोनों का यह तलाक आपसी सहमति से हुआ है। शुक्रवार को दिल्ली के साकेत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट स्थित फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों की ओर से दायर संयुक्त अर्जी को स्वीकार करते हुए पहले मोशन को मंजूरी दे दी। शेखर और मैंडी ने 13 फरवरी 2024 को चंडीगढ़ में सिख रीति-रिवाजों (आनंद कारज) से और 14 फरवरी 2024 को हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की थी। शेखर हिंदू परिवार से संबंध रखते हैं। फैमिली कोर्ट में दोनों की ओर से आपसी सहमति से तलाक की अर्जी पेश की गई थी। मैंडी ठक्कर की ओर से पेश हुए एडवोकेट ईशान मुखर्जी ने बताया कि फैमिली कोर्ट ने आपसी सहमति से दायर पहली अर्जी को मंजूरी दे दी है। सेटलमेंट की शर्तें गोपनीय, आपसी सहमति से हुआ तलाकहालांकि, ईशान मुखर्जी ने अलग होने से जुड़ी शर्तों और सेटलमेंट की डिटेल्स पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि सेटलमेंट से जुड़ी सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय हैं। इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आरोप या बयान सामने नहीं आया है। कौन हैं शेखर कौशल, कैसे हुई थी मुलाकातशेखर कौशल फिटनेस एक्सपर्ट और सीईओ हैं। वे फिटनेस इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। जिम ट्रेनिंग के क्षेत्र में उनकी पहचान है।। शेखर कौशल ने एक इंटरव्यू में मैंडी से मुलाकात की कहानी बताई थी। शेखर ने बताया कि शिमला में हाय मेरी मोटो फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म में मैं सेलिब्रिटी का फिटनेस ट्रेनर था। निक्कर-टीशर्ट में डेटिंग पर गए थेशेखर ने बताया कि बाहर मैंडी का शूट चल रहा था। मैं लीविंग रूम में अकेला बैठा था। जैसे ही मैंडी अपनी टेक देकर लौटीं तो कहने लगी मुझे भूख लगी है। यहीं पर पहली बार हमारी नजरें एक-दूसरे के साथ मिलीं। इसके बाद बातचीत बढ़ी और दोनों में मुलाकातें होने लगीं। मैंडी ने डेटिंग के लिए बुलाया तो मैं निक्कर-टीशर्ट में चला गया, जिससे पहली डेटिंग कार में चिकन पार्टी से हुई। मैंडी के इंस्टाग्राम प 2.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 2:55 pm

सामंथा ने पति राज के साथ पहली संक्रांति मनाई:सेल्फी शेयर की, मस्ती भरे पोज में नजर आईं एक्ट्रेस

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु ने इस साल मकर संक्रांति को खास अंदाज में मनाया। उन्होंने यह त्योहार पहली बार अपने पति और फिल्ममेकर राज निदिमोरु के साथ सेलिब्रेट किया। सामंथा ने सोशल मीडिया पर राज के साथ एक सेल्फी शेयर की। तस्वीर में सामंथा और राज कार के अंदर बैठे नजर आ रहे हैं। दोनों ने ट्रेडिशनल ड्रेस पहनी है। राज सिंपल लुक में हैं, जबकि सामंथा मस्ती भरा और मजाकिया पोज देती दिखीं। उन्होंने फोटो के साथ कैप्शन लिखा, संक्रांति वाइब्स। सामंथा और राज ने 1 दिसंबर 2025 को कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में शादी की थी। कपल की शादी परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में हुई थी। कपल ने सदगुरु के ईशा फाउंडेशन के लिंगा भैरवी मंदिर में प्राचीन योगिक परंपरा से भूत शुद्धि विवाह किया था। यह एक खास प्रक्रिया है, जिसमें शादी करने वाले दोनों लोगों के बीच ऐसा गहरा रिश्ता बनाया जाता है जो सिर्फ सोच, भावनाओं या शरीर तक सीमित न होकर शरीर के पांचों तत्वों के स्तर पर जुड़ता है। कौन हैं राज निदिमोरू? ​​​​50 साल के राज निदिमोरू, फिल्ममेकर हैं। उनकी और डीके (कृष्णा दसराकोठापल्ली) की फिल्ममेकर जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर है। दोनों ने यूके से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद 2002 की फिल्म शादी डॉट कॉम से साथ में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद दोनों ने साल 2003 से स्वतंत्र फिल्ममेकर के तौर पर फिल्म 99 लिखी, प्रोड्यूस की और डायरेक्ट की। इसके बाद दोनों ने शोर इन द सिटी, गो गोवा गोन, हैप्पी एंडिंग, ए जेंटलमैन जैसी फिल्में लिखने के साथ-साथ इनका निर्देशन भी किया। साल 2019 से राज और डीके ने ओटीटी में कदम रखा और मनोज बाजपेयी स्टारर सीरीज द फैमिली मैन डायरेक्ट-प्रोड्यूसर की। आगे उन्होंने फर्जी, सिटाडेल और गन्स और गुलाब जैसी सीरीज बनाईं। राज और डीके की जोड़ी ने ही श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री लिखी और प्रोड्यूस की है। राज निदिमोरू ने 2015 में श्यामाली डे से शादी की थी और 2022 में दोनों का तलाक हो गया। 2022 में सामंथा ने लिया था नागा चैतन्य से तलाक सामंथा रुथ प्रभू और नागा चैतन्य फिल्म ये माया चेसावे में साथ नजर आए थे। इस फिल्म के सेट पर दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और रिलेशनशिप में आ गए। 7 सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद सामंथा ने साउथ स्टार नागा चैतन्य से साल 2017 में शादी की थी। दोनों की शादी हिंदू और क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के बाद सामंथा ने अपना सरनेम अक्किनेनी कर लिया था, हालांकि जुलाई 2021 में उन्होंने सामंथा अक्किनेनी से नाम सामंथा रुथ प्रभू कर लिया। इसके बाद से ही दोनों के तलाक की खबरें सामने आने लगीं और दोनों ने अक्टूबर 2021 में तलाक की अनाउंसमेंट कर दी। सामंथा से तलाक लेने के 2 साल बाद नागा चैतन्य ने एक्ट्रेस शोभिता धूलिपाला से शादी की है।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 2:03 pm

दीपक तिजोरी से लाखों रुपए की ठगी!:एक्टर का आरोप-फिल्म के लिए फंड दिलाने के नाम पर ₹2.5 लाख रुपए ले लिए

फिल्म के लिए फंड दिलाने के नाम पर बॉलीवुड एक्टर दीपक तिजोरी से 2.5 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह जानकारी गुरुवार को एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को दी। पुलिस के अनुसार, दीपक तिजोरी अपनी नई फिल्म के लिए पैसों की व्यवस्था कर रहे थे। इसी दौरान एक दोस्त ने उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से कराई, जिसने खुद को एक म्यूजिक कंपनी से जुड़ा बताया। जिसके बाद पिछले साल फरवरी में तिजोरी की मुलाकात एक महिला से कराई गई, जिसने खुद को फिल्म प्रोड्यूसर बताया और फिल्म के लिए इन्वेस्टर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने 5 लाख रुपए की मांग की। इसके बाद तिजोरी ने पहली किस्त के तौर पर 2.5 लाख रुपए दिए। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपियों ने एक हफ्ते के भीतर एक बड़ी कंटेंट कंपनी का ‘लेटर ऑफ इंटरेस्ट’ देने का वादा किया और इसके लिए एक एग्रीमेंट भी साइन किया, लेकिन बाद में यह डॉक्यूमेंट नहीं दिया और तिजोरी के फोन और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। जब एक्टर को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पिछले महीने मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपियों को जांच के लिए तलब किया जाएगा और मामले की जांच जारी है। तिजोरी ने कई फिल्मों में काम किया है गौरतलब है कि दीपक तिजोरी ने आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, खिलाड़ी और जो जीता वही सिकंदर जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया था। एक्टिंग के अलावा उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें ऊप्स, फरेब, टॉम डिक एंड हैरी, दो लफ्जों की कहानी और टिप्सी जैसी फिल्में शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 11:54 am

फिल्म हुई फ्लॉप तो कार्तिक आर्यन ने लौटाए ₹15 करोड़:दावा- ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ की असफलता के बाद लिया फैसला

कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की फिल्म तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी 25 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और फ्लॉप साबित हुई। वहीं, अब बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फिल्म के न चलने के बाद कार्तिक ने अपनी फीस से करीब 15 करोड़ रुपए प्रोड्यूसर्स को लौटा दिए हैं। फिल्म धर्मा प्रॉडक्शन्स के बैनर तले बनी थी और यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब फिल्म के फ्लॉप होने के बाद कार्तिक और प्रोड्यूसर करण जौहर के बीच मतभेद की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इन खबरों को गलत बताया गया है और साफ किया गया है कि दोनों के बीच किसी तरह की अनबन नहीं है। बताया गया है कि धर्मा की टैलेंट एजेंसी और कार्तिक के रिश्ते भी पहले जैसे ही हैं। कार्तिक इस समय धर्मा प्रॉडक्शन्स की फिल्म ‘नागजिला’ की शूटिंग कर रहे हैं। धर्मा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एक्टर और प्रोड्यूसर के बीच सब कुछ ठीक है और दोनों भविष्य में एक और फिल्म पर भी बातचीत कर रहे हैं। फिल्म तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी का अनुमानित बजट लगभग 90 करोड़ रुपए था। फिल्म की कमाई की बात करें तो इसने भारत में लगभग 32.45 करोड़ रुपए और दुनिया भर में लगभग 47.05 करोड़ रुपए से 49.5 करोड़ रुपए के बीच कारोबार किया था। इसी वजह से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप मानी गई। कार्तिक और अनन्या के अलावा फिल्म में जैकी श्रॉफ, नीना गुप्ता और टीकू तलसानिया जैसे कलाकार भी नजर आए।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 11:20 am

'मुस्लिम नाम होने से कोई परेशानी नहीं आई':फिल्म रामायण के लिए संगीत बना रहे ए.आर. रहमान बोले- यह आदर्शों की कहानी है

म्यूजिक कंपोजर ए. आर. रहमान ने फिल्म रामायण के लिए म्यूजिक तैयार करने को लेकर बुधवार को कहा कि रामायण मानवीय मूल्यों और आदर्शों की कहानी है। धर्म से परे ज्ञान हर जगह मिलता है। इस प्रोजेक्ट को लेकर उनके मुस्लिम नाम की वजह से उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। दरअसल, बीबीसी को दिए इंटरव्यू में रहमान से पूछा गया कि आप इस समय फिल्म रामायण के लिए म्यूजिक बना रहे हैं। आपका नाम मुस्लिम है और क्या आपके मन में कभी यह ख्याल आता है कि कुछ लोग शायद नहीं चाहेंगे कि आप इस तरह के प्रोजेक्ट से जुड़े हों? जिस पर रहमान ने कहा कि नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। मैंने ब्राह्मण स्कूल में पढ़ाई की है। वहां हर साल रामायण और महाभारत पढ़ाई जाती थी, इसलिए मुझे इसकी कहानी अच्छी तरह पता है। यह कहानी एक अच्छे इंसान, उसके चरित्र, ऊंचे आदर्शों और मूल्यों के बारे में है। लोग इस पर बहस कर सकते हैं, लेकिन मैं इन सभी अच्छी बातों को महत्व देता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी बातें हमें हर चीज से सीखनी चाहिए। पैगंबर ने भी कहा है कि ज्ञान बहुत कीमती होता है। मुझे हदीस का पूरा मतलब नहीं पता, लेकिन इतना जानता हूं कि ज्ञान बहुत मूल्यवान है। हम रोजमर्रा की जिंदगी से हर किसी से सीख सकते हैं चाहे वह भिखारी हो, राजा हो, नेता हो, या फिर किसी की गलत हरकत हो या अच्छी। ज्ञान एक ऐसी चीज है जिसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। हमें हर जगह से सीखना चाहिए। इसलिए यह कहना ठीक नहीं है कि मैं यहां से कुछ नहीं सीखूंगा या वहां से अच्छी बातें नहीं लूंगा। फिल्म का म्यूजिक दो फेमस कंपोजर्स बना रहे हैं फिल्म रामायण का म्यूजिक दो जाने-माने कंपोजर्स मिलकर बना रहे हैं। रहमान फिल्म के गाने, संस्कृत श्लोक और इंडियन क्लासिकल म्यूजिक पर काम कर रहे हैं। जबकि मशहूर हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर बैकग्राउंड स्कोर और साउंडस्केप बना रहे हैं। जिमर ने द लायन किंग, ग्लेडिएटर, द डार्क नाइट ट्रिलॉजी, और पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन जैसी कई फेमस फिल्मों के लिए म्यूजिक दिया है। वहीं, फिल्म के गानों और भजनों के लिरिक्स कुमार विश्वास ने लिखे हैं। 8 सालों में परिस्थितियां बदली हैं: रहमान इसी इंटरव्यू में रहमान ने कहा है कि पिछले कुछ सालों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव आया है। दरअसल, जब रहमान से पूछा गया कि क्या 1990 के दशक में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखते समय उन्हें किसी तरह के पूर्वाग्रह का सामना करना पड़ा था, इस पर रहमान ने कहा कि शायद उस दौर में उन्होंने ऐसा कभी महसूस नहीं किया, लेकिन पिछले 8 सालों में परिस्थितियां बदली हैं। पावर शिफ्ट हुआ है। अब फैसले लेने की ताकत ऐसे लोगों के हाथ में है, जो रचनात्मक नहीं हैं। कई बार उन्हें दूसरों से सुनने को मिलता है कि उन्हें किसी प्रोजेक्ट के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में म्यूजिक कंपनी ने अपने पसंदीदा कंपोजर को काम दे दिया। हो सकता है कि यह कोई सांप्रदायिक मामला भी रहा हो, लेकिन उनके सामने ऐसा कभी नहीं हुआ। सुभाष घई की सलाह पर सीखी हिंदी-उर्दूरहमान ने यह भी बताया कि वे दक्षिण भारत से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आने वाले पहले ऐसे संगीतकार थे, जिन्होंने बॉलीवुड में जगह बनाई। उन्होंने कहा कि मणिरत्नम की रोजा, बॉम्बे और दिल से.. के बावजूद वे बाहरी ही माने जाते थे, लेकिन डायरेक्टर सुभाष घई की फिल्म ताल ने उत्तर भारत में उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। रहमान ने यह भी बताया कि घई की सलाह पर ही उन्होंने हिंदी और फिर उर्दू सीखने का फैसला किया।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 9:47 am

गांव में गोबर उठाते थे जयदीप अहलावत:आज बॉलीवुड के ‘महाराज' बने, इरफान खान से तुलना पर छलके आंसू, शाहरुख को अपना इश्क बताया

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी शख्सियत हैं, जो चीख-चिल्लाहट नहीं, बल्कि एक सुकून भरे सुर की तरह आपके दिल में बस गई है। यह सुर इतना गहरा है कि आप शायद कभी अपनी फिल्मों से इन्हें निकाल ही न पाएं। जयदीप अहलावत ने हरियाणा के गांव-खेतों से निकलकर, एसएसबी के रिजेक्शन और कई अनगिनत जागती रातों से गुजरते हुए, एफटीआईआई पुणे से मुंबई की इस चकाचौंध भरी दुनिया में उन्होंने अपनी मजबूत जगह बना ली है। कभी गांव में गोबर उठाते थे, आज बॉलीवुड के ‘महाराज' कहलाये जाते हैं। फिल्म ‘महाराज' में जयदीप ने अपने मस्कुलर फिजीक और इंटेंस लुक ने दर्शकों को चौंका था। आज वो शाहरुख खान की ‘किंग’ और अजय देवगन के साथ ‘दृश्यम 3’ जैसी फिल्में कर रहे है आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं जयदीप अहलावत के करियर और जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें.. गांव का सादगी भरा जीवन बहुत याद आता है जयदीप अहलावत हरियाणा के रोहतक जिले के खरकरा गांव में एक जाट परिवार में पैदा हुए। उनका बचपन साधारण ग्रामीण परिवेश में बीता, जहां उन्होंने स्थानीय सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की।​ जयदीप अहलावत कहते हैं- जब अपने गांव की बात याद आती है, तो दिल में बस वही साधारण सी जिंदगी उभर आती है। सीधा-सादा जीवन, कोई कॉम्प्लिकेशंस नहीं। बस अपने खेत, पशु, घर गांव के बच्चे वो अतरंगी खेल खेलते, मिट्टी में लोटते-पोटते रहते थे। मैं गांव में हाथ से गोबर उठाता था। गांव की जिंदगी कठिन जरूर थी, लेकिन वह बेहद कमाल की थी। स्पोर्ट्स ने जीवन में बहुत कुछ सिखाया फिर रोहतक शहर में पढ़ाई के लिए आया। सब बढ़िया था, कोई ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं। आज भी याद आती है वो सादगी। मम्मी फिजिकल एजुकेशन टीचर थीं, उनकी वजह से स्पोर्ट्स का शौक लगा। पापा की वजह से लिटरेचर पढ़ने का। ये दोनों रुझान लंबे समय तक मेरे साथ रहे। स्पोर्ट्स ने जीवन में बहुत कुछ सिखाया। कई बार अजीब लगता है, लेकिन मेरी एक्टिंग के उदाहरण स्पोर्ट्स और फौज से मिली। मैंने बहुत खेला है। वो रोज प्रैक्टिस, खुद को बेहतर बनाने का जज्बा, जैसे ट्रैक पर एथलीट्स वॉच देखकर दौड़ते हैं। किसी और से नहीं, खुद से रेस। एक्टिंग में भी यही है, कॉम्पिटिशन अपनी पुरानी टाइमलाइन से, जो मुझे बेहतर बनाए। लिटरेचर से वास्ता पापा की वजह से पड़ा लिटरेचर से वास्ता पापा की वजह से पड़ा। वो तो हमेशा पढ़ते रहते थे। उनके लिए सोने से पहले भी किताब हाथ में लाजमी थी। मुझे छठी क्लास में प्रेमचंद की कहानियों का संग्रह दिया। मैं तब फालतू के काम कर रहा था। बोले, सिलेबस की किताबें ही सब कुछ नहीं, ये भी पढ़ लो। पहली बार मजा आया। फिर बड़ी बहन की हिंदी लिटरेचर वाली किताबें, इंग्लिश सिलेबस के हिंदी अनुवाद पढ़ने लगा। कहानियां पसंद आने लगीं। धीरे-धीरे कविताएं भी समझ आईं। एक्टर बनने की राह पर तो और ज्यादा लगाव हो गया। मुझे ‘सारा आकाश’ नॉवेल बहुत अच्छा लगा। ‘अंधा युग’ और ‘सूर्य की अंतिम किरण’ नाटक बहुत लगा। हमने 'सूर्य की अंतिम किरण' का प्रोडक्शन शुरू किया था। एक-डेढ़ महीने प्रैक्टिस भी की, लेकिन मंच तक नहीं पहुंच सके। उसके कुछ अलग कारण थे। हालांकि उस दौरान अन्य नाटक किए। एक्टर्स की ट्रेनिंग फौज जैसी होती है खैर, जब मैं स्पोर्ट्स खेलता था तभी फौज की तरफ रुझान हुआ, वो लाइफस्टाइल हमेशा आकर्षित करती रही, आज भी करती है। दोस्त जुड़े हैं वहां। हमारे टीचर पांडे जी कहते थे, एक्टर्स की ट्रेनिंग फौज जैसी होनी चाहिए, डिसिप्लिन और कंसिस्टेंसी। ये बहुत जरूरी है। मेरी ये सोच इंडस्ट्री की इनसिक्योरिटी में बहुत काम आती है। जैसे यूनिवर्सिटी का बेस्ट 100 मीटर एथलीट जानता है दूसरे का टाइम, फिर भी अपना प्रैक्टिस करता रहता है। असली मुकाबला ग्राउंड पर। अभी बस अपना बेस्ट दो, खुद को बेहतर बनाओ। एंग्जायटी हर जगह है, लोग क्या सोचेंगे, ये मत सोचो। नौकरी की कोशिश में हर बार नाकाम रहा फिल्मों में आने से पहले मैंने सेना और सरकारी टीचर की नौकरी के लिए बहुत कोशिश की। सेना में अफसर बनने का सपना था, इसलिए NDA(राष्ट्रीय रक्षा अकादमी), CDS(संयुक्त सेवा चयन) और SSB (सेवा चयन बोर्ड) में कई बार परीक्षा दी, लेकिन हर बार नाकाम रहा। रोहतक के जाट कॉलेज में पढ़ते समय दोस्तों के NDA-CDS सिलेक्शन देखकर जोश आया। इलाहाबाद में SSB के दो इंटरव्यू दिए, लेकिन दोनों बार स्क्रीनिंग में ही फेल हो गया। NDA का रिटन क्लियर न होने से उम्र भी निकल चुकी थी। खुद को बेकार और निकम्मा समझने लगा था 1999-2000 में JBT(Junior Basic Teacher) कोर्स किया। वो तब प्राइमरी टीचर के लिए पक्की नौकरी का रास्ता था। गुड़गांव में इंटरव्यू देते हुए मन ही नहीं लगा, कुछ भी बोलकर निकल आया। पापा को छिपाया, वरना डांट पड़ती। चंडीगढ़ वाले इंटरव्यू में थोड़ा सीरियस हुआ, लेकिन दिल कहीं लगा ही नहीं। रिजेक्ट होकर घर लौटता था तो बहुत बुरा लगता था। खुद को बिल्कुल बेकार और निकम्मा समझने लगा था। समझने या छोड़ने की उम्र भी नहीं थी। इतना कुछ झोंक चुके थे उसमें, उसके बिना सांस नहीं आती थी। रंगमंच से हीनभावना दूर हुई फिर थिएटर शुरू हुआ तो सारा गुस्सा, हीनभावना, रोना-धोना स्टेज पर निकलने लगा। सारी ऊर्जा वहीं लगी, नींद बेहतर हो गई। अब सोचा, जो होगा देखा जाएगा। एक्टिंग की शुरुआत में बहुत मजा आता था। सुबह उठते ही 'अरे, एक और दिन' जैसा मन नहीं होता था। आगे कुछ न दिखने का डर न था। मंच ने लोगों और खुद से जुड़ाव बेहतर कर दिया। मेरे गुरु सुनील चटकारा जी ने एफटीआईआई के बारे में बताया। उनके साथ 2-3 साल थिएटर किया। उन्होंने कहा, ‘’एफटीआईआई जाओ, फिल्म से रिलेटेड है। गूगल किया तो लगा सही जगह है। अप्लाई कर दिया। पिता को नहीं पता था कि एक्टिंग भी सीखी जाती है जब मैंने पापा को एफटीआईआई के बारे में बताया, तो पहले हैरान हुए कि एक्टिंग सीखना मतलब? मैंने समझाया कि ऐसे-ऐसे लोग वहां से निकले हैं। उन्होंने कहा, ठीक है, तुझे यही करना है तो कर ले। घर में कोई बड़ी जिम्मेदारी भी नहीं थी, बहन सेटल, भाई नौकरी में। सबकी रोटी-पानी चल रही थी। सोचा होगा, ट्राई कर ले, न चला तो खेती या JBT कर लेगा। डर नहीं था कि कुछ न कर पाऊंगा। मम्मी-पापा को ये नहीं चाहिए था कि मैं टीचर बनूं। बस इतना चाहते थे कि सेटल हो जाऊं, इनकम हो, घर हो, दुखी न रहूं। कोई खास प्रोफेशन की जिद नहीं थी। डैड तो चाहते थे फौजी बनूं। खैर, एफटीआईआई में शुरुआत शॉकिंग लगी। सिनेमा सिर्फ फिल्में नहीं, इसकी दुनिया बहुत बड़ी है। पहले 6 महीने जनरल ट्रेनिंग-एडिटिंग, साउंड, डायरेक्शन, कैमरा सब सीखा। उसके बाद एक्टिंग स्पेशलाइजेशन में गया तो लगा, ये क्या हो गया? अलग राज्यों के लोग, थोड़ा कल्चर शॉक। फिर मजा आने लगा। प्रियदर्शन ने दिया पहला मौका वहां देश का हर त्योहार धूमधाम से मनाया जाता था। बैसाखी, होली, दिवाली से लेकर ओणम तक सभी त्योहार। ऐसा नहीं लगता कि आप किसी राज्य से अलग हैं। हर जगह से लोग होते हैं। एफटीआईआई से निकलने के बाद में प्रियदर्शन सर के साथ दो फिल्में आक्रोश और खट्टा-मीठा मिलीं। इनकी वजह से आगे चटगांव फिल्म मिली। फिर अनुराग कश्यप ने गैंग्स ऑफ वासेपुर में मौका दिया। इसके बाद कमल हासन सर के साथ विश्वरूपम, कमांडो- ए वन मैन आर्मी, गब्बर इज बैक, रईस और मेघना गुलजार की राजी से अलग पहचान बनी। हाथीराम चौधरी के किरदार से घर-घर फेमस हुए इन फिल्मों के अलावा वेब सीरीज पाताल लोक में एक पुलिस वाले (हाथीराम चौधरी) की भूमिका निभाने के लिए प्रशंसा हासिल की और ड्रामा सीरीज में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर ओटीटी पुरस्कार जीता। जयदीप अहलावत कहते हैं- फैमिली मैन के दौरान डेविड धवन जी का फोन आया। उनकी पहली लाइन थी- अरे बेटा, तू मेरे इंस्टीट्यूट का जूनियर है! उनकी खुशी सुनकर पुराना बॉन्ड महसूस हुआ। पाताल लोक' के क्रिएटर सुदीप भाई (सुदीप शर्मा) ने मुझे बर्थडे पर एक कार्ड दिया था। उसमें लिखा था कि आपका जुड़ाव सिर्फ उस कमाल के अभिनेता से नहीं, बल्कि उस भाई जैसे इंसान से भी है। फिर एक लाइन थी- अगर आपके साथ काम न कर पाता, तो जिंदगी भर मलाल रहता कि मैंने इरफान साहब (इरफान खान) के साथ काम नहीं किया। वो पढ़कर मैं बहुत रोया। इरफान खान की जगह कोई नहीं भर सकता मैंने सुना है कि लोग मेरी तुलना इरफान साहब से करते हैं। नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर इससे थोड़ी खुशी मिलती है, तो मैं खुद को धन्य मानता हूं। इरफान साहब की जगह कोई नहीं भर सकता, पर उनकी कमी में मेरे होने से अगर किसी को सुकून मिले, तो सर आंखों पर। 'महाराज' की मस्कुलर फिजिक और इंटेंस लुक ने दर्शकों को चौंका था जयदीप अहलावत को फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ (2022) में अपनी भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। तब से उन्होंने 2023 की फिल्मों ‘जाने जान’ और ‘थ्री ऑफ अस’ में शानदार अभिनय किया है। करीना कपूर के साथ फिल्म ‘जाने जान’ में अपने प्रदर्शन के लिए जयदीप ने वेब ओरिजिनल फिल्म (क्रिटिक्स) में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर ओटीटी पुरस्कार और 2024 की फिल्म ‘महाराज’ के लिए वेब ओरिजिनल फिल्म में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्मफेयर ओटीटी पुरस्कार जीता। शाहरुख खान की ‘किंग’ और अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ में नजर आएंगे हाल ही में जयदीप दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ में नजर आए। इसके अलावा वे शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ में भी नजर आएंगे। इस फिल्म के लिए शाहरुख खान ने खुद जयदीप को कॉल किया था। जयदीप कहते हैं- 'शाहरुख खान साहब मेरा इश्क हैं, वो बहुत प्यार से बात करते हैं।' शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ के अलावा जयदीप ‘दृश्यम 3’ में काम कर रहे हैं। इस फिल्म में उन्होंने अक्षय खन्ना को रिप्लेस किया है। शिद्दत से किया गया काम लोगों तक पहुंच जाता है जयदीप कहते हैं- जब आप अपने काम को शिद्दत से करते हैं और वो लोगों तक पहुंच जाता है,चाहे कोई भी फील्ड हो, असली सफलता यही है। आपका काम परिवार को खुश रखे, उनकी जिंदगी में खुशी लाए और समाज को कुछ दे। पैसा-नाम कमाना जरूरी है, लेकिन ये सतत प्रक्रिया है, कोई एक इवेंट नहीं। ----------------------------------- पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... स्टार बनने के बाद चॉल में रहे जैकी:सक्सेस के बाद दिवालिया हुए, दोगुनी मेहनत से कर्ज उतारा, पिता की मौत के बाद शूटिंग की बॉलीवुड के 'जग्गू दादा' के नाम से मशहूर जैकी श्रॉफ की कहानी संघर्ष, दृढ़ता और स्मार्ट निवेश का एक शानदार उदाहरण है। मुंबई के तीन बत्ती इलाके की चॉल में जन्मे जैकी ने जिंदगी के हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। 'हीरो' की रिलीज के बाद भी जैकी श्रॉफ पांच-छह साल तक उसी चॉल में रहे। पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 4:30 am

हरिद्वार में यो यो हनी सिंह का आध्यात्मिक अवतार:नीलेश्वर महादेव मंदिर में किया रुद्राभिषेक, भक्ति में डूबे नजर आए

बॉलीवुड के मशहूर रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह हरिद्वार पहुंचकर अध्यात्म के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। अपने कई इंटरव्यू में वह इस बदलाव का जिक्र भी कर चुके हैं। इसी कड़ी में हनी सिंह एक बार फिर धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचे। नीलेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेकहरिद्वार पहुंचते ही हनी सिंह सीधे नीलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। मंदिर परिसर में हनी सिंह पूरी तरह भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। शांत मन, सादगी और श्रद्धा के साथ उन्होंने भगवान शिव से आशीर्वाद लिया। सतयुग के समय का है शिवलिंगमंदिर के पुजारी ने बताया कि यहां सतयुग के समय का शिवलिंग है। यह वही स्थान है जहां से भोलेनाथ ने अपनी जटा से वीरभद्र को उत्पन्न किया था और राजा दक्ष के यज्ञ का यही पर बैठे-बैठे विध्वंस किया था। भगवान शंकर ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकले विष को पीया था। भोलेनाथ ने विष पीने के बाद यहीं से नीलकंठ में जाकर आराम किया था। कहा जाता है कि जब भोलेनाथ ने समुद्र मंथन से निकाला विष पीया था, तो यह पर्वत और गंगा का पानी नीला हो गया था। इसीलिए आज भी इस पर्वत को नील पर्वत और गंगा को नील गंगा के नाम से जाना जाता है। स्कंद पुराण और शिव पुराण में है वर्णनपुजारी ने बताया कि इस स्थान का वर्णन स्कंद पुराण और शिव पुराण में विस्तार से किया गया है। इस मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होने का भी महत्व है। पुजारी ने बताया कि मंदिर में एक लोटा गंगा जल चढ़ाने से तीर्थ फल की प्राप्ति होती है और पूर्णिमा को दूध से अभिषेक करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। पहले भी आ चुके हैं हरिद्वारगौरतलब है कि इससे पहले भी हनी सिंह कई बार हरिद्वार आ चुके हैं। जब-जब वह धर्मनगरी आते हैं, नीलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते। हनी सिंह का यह आध्यात्मिक रुझान उनके प्रशंसकों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 8:22 pm

दमदार डायलॉग,धमाकेदार एक्शन-इमोशन से भरपूर बॉर्डर 2 का ट्रेलर:सनी देओल, वरुण और दिलजीत की तिकड़ी ने दिखाया जोश, 23 जनवरी को रिलीज होगी फिल्म

सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी स्टारर फिल्म बॉर्डर-2 का ट्रेलर रिलीज हो गया। लगभग साढ़े तीन मिनट के इस ट्रेलर में कई दमदार डायलॉग, इमोशनल सीन और एक्शन सीन का भरमार है। ट्रेलर की शुरुआत सनी देओल से होती है। फिर उनकी दमदार आवाज में डायलॉग सुनाई देता है, जिसमें वो कहते हैं- फौजी के लिए बॉर्डर सिर्फ नक्शे पर खींची हुई लकीर नहीं है, बल्कि एक वादा है अपने देश से। जहां वो खड़ा है, उसके आगे कोई नहीं जाएगा। ना ही कोई दुश्मन, न उसकी गोली और ना ही उसका इरादा। और आज कुछ भी हो जाए, हम ये वादा टूटने नहीं देंगे। इसके बाद एक-एक करके फिल्म के बाकी स्टारकास्ट की झलक दिखाई देती है। चाहे वरुण धवन हो या दिलजीत दोसांझ या अहान शेट्टी, ट्रेलर में हर किसी के हिस्से दमदार डायलॉग आए हैं। ट्रेलर में फिल्म की फीमेल एक्ट्रेस सोनम बाजवा, मोना सिंह और मेधा राणा की झलक भी दिखती है। साढ़े तीन मिनट के ट्रेलर में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के शौर्य को दिखाया गया है। ये तीनों ही सेनाएं मिलकर ऑपरेशन चंगेज की तैयारी करती हैं। ट्रेलर में आगे फिर जवानों की फैमिली और उनके इमोशंस को भी दिखाया गया है। इस दौरान भी एक्टर्स कई दामदार डायलॉग बोलते दिखे। जैसे वरुण का किरदार अपनी पत्नी से कहता है- फौजी हूं वापस तो आना है। जीतकर या याद बनकर लेकिन आना जरूरी है। वहीं, एयरफोर्स ऑफिसर बने दिलजीत पंजाबी में कहते हैं- मेरी सौतेली मां मैं चलता हूं, असली मां का बुलावा आ गया है। साथ ही, बैकग्राउंड में 'घर कब आओगे' ट्रेलर को असरदार बना रहा है। बता दें कि बॉर्डर 2 जेपी दत्त की फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है। जेपी दत्ता की फिल्म बॉर्डर 1997 में रिलीज हुई थी। 28 साल बाद बॉर्डर 2 को गुलशन कुमार, टी-सीरीज और जेपी दत्ता की जेपी फिल्म्स लेकर आ रही है। फिल्म 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की कास्ट की बात करें तो सनी देओल के अलावा इसमें वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 8:06 pm

BMC चुनाव के दौरान हेमा मालिनी पर भड़का शख्स:देर तक लाइन में खड़े होने से था परेशान, एक्ट्रेस शांत होने की रिक्वेस्ट करती दिखीं

हेमा मालिनी ने गुरुवार को महाराष्ट्र बीएमसी इलेक्शन के लिए अपना वोट दिया। वोट करने के बाद वो पोलिंग बूथ के बाहर मीडिया को अपनी स्याही लगी उंगली दिखाई और मीडिया से बात की। इस दौरान उन्हें नाराज आम नागरिकों का सामना करना पड़ा। इस वक्त पोलिंग बूथ के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें एक बुजुर्ग शख्स स्याही लगी उंगली दिखाते हुए हेमा से अपनी नाराजगी जाहिर करता दिखाई दे रहा है। सामने आए वीडियो में, हेमा मालिनी मीडिया से बात करती हुई दिखाई दे रही हैं, तभी उस बुजुर्ग शख्स ने सेंटर में स्पेशल ट्रीटमेंट मिलने को लेकर उनसे सवाल किया। शख्स ने कहा, “मैं पिछले 60 सालों से यहां हैं और यहां पहली बार इतनी अराजकता फैली है। मैं यहां सुबह 7:45 बजे से हूं और मैंने सुबह 9:30 बजे वोट डाला है। कोई जवाबदेही नहीं है। कोई भी जिम्मेदार नहीं है। यहां तक कि बीजेपी का कोई लोकल वर्कर भी मौजूद नहीं है।” वीडियो में नजर आता है कि हेमा मामले को सुलझाने के लिए अपनी टीम के किसी सदस्य को आगे करती हैं। टीम का सदस्य शख्स से कहता है कि सर बाद में बात कर लेते हैं। इस पर नाराज शख्स और भड़का जाता है। टीम का सदस्य शख्स को समझते हुए कहता है कि आप इनको क्यों बोल रहे हैं? इस पर नाराज शख्स कहता है- “ये बीजेपी की हैं, इनको कवर किया जाता है। हमारे लिए ऐसा होगा तो इस एरिया में बीजेपी का वोट कट जाएगा।” फिर हेमा भी नाराज शख्स को एड्रेस करते हुए कहती हैं कि प्लीज शांत हो जाइए। बाद में बात करते हैं। फिर वो मीडिया से बात करने लगती हैं। मीडिया से बातचीत में वो कहती हैं- सब लोगो को वोट देने के लिए आना चाहिए। जैसे अभी सुबह मैं आ गई हूं वोट देने। मेरा आगे बहुत काम है वो भी करेंगे। लेकिन यह मुंबई के हर नागरिक के लिए बहुत जरूरी है। अगर आपको मुंबई में सुरक्षा चाहिए, प्रगति चाहिए, अच्छी हवा चाहिए, गड्ढा मुक्त सड़कें चाहिए तो हमें जिम्मेदारी लेनी होगी। वोट देने के अधिकार को जताएंगे, तभी मुंबई और अच्छा होगा। मैं मुंबई के सभी लोगों से अपील करूंगी कि वो आएं और सही इंसान के लिए वोट करें।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:28 pm

ट्रोलिंग पर वरुण धवन का मजेदार रिएक्शन:इंस्टाग्राम लाइव में खुद उड़ाया अपना मजाक, बोले- मेरे साथ पूरा हिंदुस्तान स्माइल कर रहा

वरुण धवन ने फिल्म बॉर्डर-2 में अपने एक्सप्रेशन के लिए हो रही ट्रोलिंग पर एक बार फिर से रिएक्शन दिया है। एक्टर इंस्टाग्राम लाइव सेशन में अपनी स्माइल का मजेदार ट्यूटोरियल देते नजर आए। वरुण को सिंगर विशाल मिश्रा को अपने फेमस एक्सप्रेशन को दोहराने का तरीका सिखाते हुए देखा गया। दरअसल,14 जनवरी को वरुण 'बॉर्डर 2' के प्रमोशन के लिए करवार नौसेना बेस जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ सिंगर विशाल मिश्रा भी मौजूद थे। ट्रैवल के दौरान वरुण इंस्टाग्राम हैंडल पर लाइव आए और फैंस से बातचीत की। फैंस से हाय-हैलो करने के बाद उन्होंने विशाल की ओर देखकर कहा, मुझे पता है मेरी स्माइल ट्रेंड कर रही है। इसके बाद उन्होंने वहीं एक्सप्रेशन दिए, जिसके लिए वो ट्रोल हो रहे हैं। ऐसा करने के बाद दोनों जोर से हंस पड़ते हैं। आगे एक्टर ने विशाल को अपने एक्सप्रेशन को कॉपी करने कहा, जिस पर सिंगर ने पहले मना किया फिर मान गए। वरुण उन्हें एक्सप्रेशन का तरीका बताते हुए कहते हैं- पहले पूरा स्माइल करो फिर एक साइड से आधा गिरा दो। विशाल ने वरुण के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करने की कोशिश की और दोनों जोर से हंस पड़े। वरुण ने आगे कहा, “मैं हमेशा मुस्कुराता और खुश रहता हूं। पूरा हिंदुस्तान मेरे साथ मुस्कुरा रहा है।” बता दें लगभग एक हफ्ते पहले भी वरुण ने अपनी ट्रोलिंग पर रिएक्शन दिया था। एक्टर इंस्टाग्राम पर बॉर्डर-2 के गाने को मिल रहे प्यार के लिए आभार जताते हुए अपनी कई फोटो शेयर की थीं। कैप्शन में लिखा- 'मेजर होशियार सिंह दहिया। आपके प्यार के लिए धन्यवाद।' एक्टर के इस पोस्ट पर उनके फैंस और आलोचक दोनों ने कमेंट किए। एक यूजर ने वरुण से पूछा- 'भाई लोग आपकी एक्टिंग पर सवाल उठा रहे हैं। उसके लिए क्या बोलेंगे?' इसका जवाब देते हुए वरुण ने लिखा- 'यही सवाल ने गाना हिट करा दी सब एन्जॉय कर रहे हैं... रब दी मेहर।'

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:42 pm

'वक्त बुरा हो या अच्छा, एक दिन बदलता जरूर है':तारा सुतारिया से ब्रेकअप के दावों के बीच वीर पहाड़िया की क्रिप्टिक पोस्ट

एक्ट्रेस तारा सुतारिया से ब्रेकअप के दावे को लेकर एक्टर वीर पहाड़िया इन दिनों चर्चा में हैं। बुधवार को एक्टर ने एक ऐड शूट की कुछ तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक क्रिप्टिक कैप्शन भी लिखा। वीर ने कैप्शन में लिखा था, “वक्त बुरा हो या अच्छा, एक न एक दिन बदलता जरूर है...” दरअसल, हाल ही में वेबसाइट फिल्मफेयर ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि दोनों का रिश्ता खत्म हो गया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। हालांकि, ब्रेकअप की वजह क्या है, यह साफ नहीं हो पाया है। तारा और वीर, दोनों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। वहीं, तारा से ब्रेकअप के दावों के बीच वीर पहाड़िया दो बार ही सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं और दोनों बार वह तारा के साथ नजर नहीं आए। वीर मंगलवार को मुंबई में नूपुर सेनन और स्टेबिन बेन के वेडिंग रिसेप्शन में अकेले शामिल हुए थे। वहीं, इसके पहले 10 जनवरी को वीर को मुंबई के कलिना एयरपोर्ट पर देखा गया। वह अपने भाई शिखर पहाड़िया और एक्ट्रेस जान्हवी कपूर के साथ नजर आए थे। बता दें कि तारा और वीर की डेटिंग की शुरुआत साल 2025 की शुरुआत में हुई थी। दोनों को कई बार निजी जगहों पर साथ देखा गया था। इसके बाद उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। मार्च 2025 में दोनों ने एक फैशन इवेंट में साथ शिरकत की थी। इसके अलावा गणेश चतुर्थी के मौके पर भी दोनों साथ नजर आए थे। तारा और वीर दोनों चर्चा में थे हाल ही में तारा और वीर दोनों चर्चा में थे। दरअसल, दिसंबर 2025 के अंत में मुंबई में हुए एपी ढिल्लों के एक कॉन्सर्ट का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में तारा स्टेज पर सिंगर के साथ नजर आई थीं। तारा और एपी ने कॉन्सर्ट में साथ परफॉर्म किया। परफॉर्मेंस के दौरान एपी ने तारा को गले लगाया और गाल पर किस किया था। इसी कॉन्सर्ट में दर्शकों में मौजूद वीर के रिएक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर असहज दिखाया गया था। हालांकि, इस वीडियो को लेकर तारा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा था कि झूठी बातें और पेड पीआर से सच नहीं बदलता। वीर ने भी इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया था कि वायरल वीडियो में उनका जो रिएक्शन दिखाया गया है, वह उस गाने (थोड़ी सी दारू) के समय का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका रिएक्शन किसी और गाने के दौरान का था, जिसे गलत तरीके से एडिट कर वायरल किया गया। वर्क फ्रंट की बात करें तारा जल्द ही फिल्म टॉक्सिक में नजर आएंगी। फिल्म में यश, कियारा आडवाणी और हुमा कुरैशी भी हैं। फिल्म 19 मार्च को रिलीज होगी। वहीं, वीर की बात करें तो उन्होंने पिछले साल अक्षय कुमार के साथ फिल्म स्काई फोर्स से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने स्क्वाड्रन लीडर अजमादा बोप्पैया देवैया की भूमिका निभाई। फिल्म 24 जनवरी 2025 को रिलीज हुई थी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 3:42 pm

BMC चुनाव में खाली पोलिंग बूथ देख विशाल ददलानी नाराज:युवा वोटर्स पर भड़के, बोले-ये शर्मनाक बात है, इसे देख हर भारतीय को दर्द होना चाहिए

महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिका और मुंबई बीएमसी के लिए आज वोटिंग जारी है। सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने भी बीएमसी इलेक्शन में अपना वोट डाला। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात की और पोलिंग बूथ पर पब्लिक के न होने पर नाराजगी जाहिर की। पोलिंग बूथ के बाहर एक पत्रकार ने विशाल से इस चुनाव को लेकर उनकी उम्मीदें पूछी। जवाब में विशाल कहते हैं- पिछले कुछ दिनों में जिस कदर हमारे शहर के हालत हुए हैं, अरमान है कि वो बेहतर होंगे। पत्रकार ने जब पूछा कि युवा मतदाताओं से वो क्या कहना चाहेंगे? इस पर विशाल ने कहा- मैंने कहना बंद कर दिया है, जिसको आना है आओ। आपका देश है, आपका शहर है, आपकी जिम्मेदारी है। संभाल सको तो संभालो...वरना घर पर बैठो, जो भी कर रहे हो करो। फिर विशाल ने पोलिंग बूथ पर अपने पीछे की खाली सड़क की ओर इशारा करते हुए कहा- ये जो मुझे दिख रहा है। यहां पर जनता का नाम-ओ-निशान नहीं है। अंदर अधिकारी ज्यादा हैं, पब्लिक कम है। इतनी शर्मनाक बात है। ये देख के हर भारतीय को दर्द होना चाहिए। अगर हम अपना देश नहीं संभालेंगे उसकी जिम्मेदारी नहीं उठाएंगे तो जो हो रहा है वो होता रहेगा। जीतकर आने वाले कैंडिडेट से विशाल की क्या उम्मीदें हैं? इस पर उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं, जो जीतकर आए, वो सबसे पहले हवा, पानी और बेसिक जरूरतों पर काम करें। इंसान के जीने के लिए साफ हवा-पानी की जरूरत है। मुंबई देश का इकोनॉमिक सेंटर है। अगर यहां चीजें ठीक नहीं होंगी तो बाकी देश के हालात क्या होंगे? विशाल ने कहा- मुंबई दुनिया के लिए हमारा शो पीस है। बाहर से लोग देखने आते हैं कि बड़ा भारतीय शहर कैसा होता होगा। यहां आकर जब वो कमियां देखते हैं तो बड़ी शर्मनाक बात है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 3:10 pm

बॉर्डर 2 टीम ने नौसेना को ट्रिब्यूट दिया:करवार नेवल बेस पर हुआ खास कार्यक्रम; सनी देओल, वरुण धवन जैसे सितारों मौजूद रहे

फिल्म बॉर्डर 2 की टीम ने बुधवार को भारतीय नौसेना के अधिकारियों और नाविकों को कर्नाटक के करवार नेवल बेस पर INS विक्रांत के सामने खास अंदाज में श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सिनेमा, संगीत और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। फिल्म की टीम ने नौसेना के जवानों के साथ समय बिताया और उनके योगदान को सलाम किया। इस कार्यक्रम में सनी देओल, अहान शेट्टी, वरुण धवन, सोनम बाजवा, विशाल मिश्रा, सोनू निगम, अनु मलिक और मनोज मुंतशिर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान फिल्म से जुड़ा एक स्पेशल लाइव म्यूजिकल परफॉर्मेंस पेश किया गया, जिसे खास तौर पर भारतीय नौसेना के अधिकारियों और नाविकों के लिए तैयार किया गया था। इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया और माहौल गर्व व सम्मान से भर गया। सनी देओल ने नेवी अफसरों संग सेल्फी पोस्ट की एक्टर सनी देओल ने बुधवार को INS विक्रांत पर इंडियन आर्मी ऑफिसर्स के साथ समय बिताया। सनी ने इंडियन नेवी ऑफिसर्स के साथ इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी पोस्ट की। तस्वीर में एक्टर हरी शर्ट, गहरे हरे रंग की पैंट और काली पगड़ी पहने, समुद्र के सामने खड़े थे। फोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, हिंदुस्तान मेरी जान मेरी आन मेरी शान हिंदुस्तान। गर्व। सम्मान। बहादुरी! अनुराग सिंह के डायरेक्शन में बनी बॉर्डर 2 में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, मेधा राणा, सोनम बाजवा और आन्या सिंह हैं। यह फिल्म 23 जनवरी, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। वहीं, फिल्म गुलशन कुमार और टी सीरीज द्वारा प्रस्तुत है और जेपी दत्ता की जेपी फिल्म्स के सहयोग से बनी है। इस फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 2:18 pm

बीएमसी चुनाव में वोट डालने पहुंचे अक्षय-ट्विंकल:पोलिंग बूथ के बाहर युवती ने मांगी मदद, एक्टर ने स्टाफ को नंबर लेने को कहा

महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के लिए गुरुवार, 15 जनवरी को सुबह 7:30 बजे से मतदान जारी है। इस मौके पर बॉलीवुड सेलेब्स भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदान केंद्र पहुंच रहे हैं। अक्षय कुमार ने भी पोलिंग बूथ पहुंचकर अपना वोट डाला। मतदान के दौरान अक्षय कुमार ब्लू शर्ट और पैंट में कूल लुक में नजर आए। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। अक्षय ने कहा, “आज बीएमसी के लिए मतदान हो रहा है। मुंबईवासी होने के नाते आज रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में है।” उन्होंने मुंबई के लोगों से बड़ी संख्या में बाहर निकलकर वोट डालने की अपील की। अक्षय बोले, “अगर हमें मुंबई का असली हीरो बनना है, तो सिर्फ बातें नहीं, बल्कि वोट डालना जरूरी है।” इस दौरान अक्षय की पत्नी ट्विंकल खन्ना भी वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पहुंचीं। वोटिंग के बाद उन्होंने कहा, “वोट देना हमें थोड़ा नियंत्रण और ताकत देता है। इससे हमें अपनी कहानी तय करने का मौका मिलता है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह आदत के तौर पर हर चुनाव में मतदान करती हैं। अक्षय से युवती ने मदद मांगी वोट डालने के बाद जब अक्षय अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी एक युवती उनके पास आई। उसने बताया कि उसके पिता कर्ज में डूबे हुए हैं और मदद की गुहार लगाई। इस पर अक्षय ने युवती से अपने स्टाफ को नंबर देने को कहा। इस दौरान युवती ने अक्षय के पैर छुए, जिस पर एक्टर उसे ऐसा करने से रोकते हुए नजर आए।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 9:43 am

मास्टर शेफ इंडिया में उदयपुर की बेटी ने रचा इतिहास:हिम्मत को जजों ने किया सलाम; शो में वाइब्रेट कर रहा था शरीर

प्रॉब्लम से प्यार कर लेंगे तो प्रॉब्लम महसूस भी नहीं होगी, प्रॉब्लम को दुश्मन की तरह नहीं दोस्त बना लो और प्यार करो तो आप उसे भूल कर अपने गोल में लग जाएंगे। यह कहना है उदयपुर की मनीषा सोनी (29) का। कोमा में रह चुकी मनीषा सोनी ने 7 जनवरी को सोनी टीवी के चर्चित शो मास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 तक का सफर पूरा किया। मास्टर शेफ इंडिया के मंच पर जब मनीषा खाना बना रही थीं, तब भी उनका शरीर वाइब्रेट कर रहा था। हाथ कांप रहे थे, शरीर साथ नहीं दे रहा था। मनीषा सेकेंडरी पार्किंसंस रोग से पीड़ित हैं। यह बीमारी उनके शरीर को लगातार कंपन में रखती है। मनीषा का कहना है कि बीमारी के बावजूद वह कुकिंग के क्षेत्र में कुछ बड़ा करना चाहती हैं, अपनी पहचान बनाना चाहती हैं और उन लोगों के लिए मिसाल बनना चाहती हैं, जो बीमारी या हालातों से डरकर अपने सपनों को छोड़ देते हैं। संघर्ष के बीच जीने वाले कुछ करना चाहते हैं तो उनके लिए एक प्लेटफॉर्म हो यह उसकी इच्छा है। वह एक कैफे खोलना चाहती हैं और इसके लिए गोल लेकर चल रही है। दैनिक भास्कर ने मनीषा से बातचीत की। मनीषा ऐसे पहुंची शो तकमास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 के लिए मनीषा का चयन हुआ तो सबसे पहले उसका जयपुर में पहला राउंड हुआ। 100 जनों में से मनीषा का सलेक्शन हुआ और दूसरे राउंड के लिए दिल्ली बुलाया गया। इसमें घर से डिश बनाकर ले जानी थी। मनीषा सिंघाड़े और शकरकंद का हलवा बनाकर ले गई। इसके बाद सूचना आई कि वह मुंबई के लिए क्वालिफाई हो गई। इसमें एक शर्त थी कि एक पार्टनर होगा। इसके लिए मनीषा ने बहुत प्रयास किए लेकिन कुछ समझ नहीं आया। पार्टनर भी ब्लड रिलेशन का ही होना था, तब मनीषा ने पापा रतन शर्मा को पार्टनर बनाया। दोनों मुंबई के शो में गए। वहां पर दो डिश बनाने को कहा और एडवांस में सामान की लिस्ट मांगी तो मनीषा ने भेज दी। शो 5 दिसंबर 2025 को शूट किया गया और इसका प्रसारण 7 जनवरी 2026 को हुआ। जज बोले- हम डिमोरलाइज हो जाएंगे तो आपकी हिम्मत सामने लाएंगेमास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 में जज विकास खन्ना, रणवीर बरार, कुणाल कपूर ने मनीषा की बनाई डिश टविस्ट कबाब और टू इन वन खीर को बहुत पसंद किया। मनीषा की हिम्मत और जज्बे से वे भावुक हो गए और उसकी हिम्मत को दाद दी। मनीषा को खास तौर पर हस्ताक्षर कर एप्रिन पहनाया। जजेज ने कहा कि हम कभी डिमोरलाइज हो जाएंगे तो मनीषा की हिम्मत को याद कर लेंगे। सात साल की थी तब कुकिंग कीमनीषा ने बताया - कुकिंग कब पैशन बन गया मुझे भी नहीं पता। जब मैं सात साल की थी तब मां का बीपी लो हो गया और बीमार हो गईं तो अस्पताल ले गए। मैं घर अकेली थी, तब मैंने सोचा मां के लिए दलिया अच्छा रहेगा तो मैंने बनाया। मैंने नमक कम नहीं हो जाए यह सोच कर चुटकी भर-चुटकी भर दस बार डाल दिया। दलिया कड़वा हो गया था। बाद में मां ने बताया कि कड़वा भी इसलिए खाया कि एक तो मेरी बेटी ने किचन में अकेले बनाया और दूसरा बीपी लो था। कॉन्टैक्ट लिस्ट में सबका नाम अलगमनीषा ने बताया - मेरे पापा रतन, मां सरिता और भाई गौरव हर मुकाम पर उसके साथ हैं। इस तकलीफ के बाद भी वे पूरी मदद करते हुए उसका जोश बढ़ाते हैं। मैंने मोबाइल के कॉन्टेक्ट लिस्ट में मां का नाम लाइफ लाइन, भाई का नाम माय सपोर्ट और पापा का नाम केसीपी (किचन कुकिंग पार्टनर) रखा है। मास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 पर मनीषा ने कहा - पापा और मैंने टविस्ट कबाब और टू इन वन खीर वहां बनाई। हमने पांच मिनट फाईनल टच के लिए मांगा तो हमें दिया। हम वहां की किचन में गए और टच दे रहे थे तब एक जज आए और बोला कि तेज आंच कर लो तो मैंने बोला जल जाएंगे, खाने आपको ही है। मेरे मन में यही था अच्छी डिशेज बनानी। मैंने और पापा ने मिलकर बनाया था। बाद में मंच पर जज ने सवाल किया कि कुकिंग ही क्यों तो मैंने बताया कि ताकि मैं कुकिंग को अगले लेवल पर ले जा सकूं और दूसरा मेरे में क्या कमियां और अच्छाइयां है यह पता चल सके। मुझे वहां बहुत कुछ सीखने को मिला। 2011 कोमा में चली गई थी मनीषामनीषा के पिता रतन शर्मा ने बताया- 2011 में मनीषा को जब ब्रेन फीवर हुआ था। फीवर का टैम्परेचर डाउन नहीं हुआ। उसको सर्दी के महीने जनवरी में बर्फ का सेक किया गया। उससे ही जाकर टैम्परेचर कम हुआ। इसी बीच मनीषा कोमा में चली गई। उस समय उसको मेनिनजाइटिस (मस्तिष्कावरण शोथ) हो गया था। अब मनीषा पार्किंसंस रोग से पीड़ित हो गई और उसका उपचार आज भी जारी है। मनीषा का लखनऊ, अहमदाबाद और उदयपुर में इलाज कराया और आज भी जारी है। मनीषा ने अहमदाबाद के न्यू ट्यूलिप इंटरनेशनल स्कूल में इंग्लिश मीडियम में 12वीं पास की। 2021से उदयपुर में रह रहे मनीषा के पिता रतन शर्मा ने बताया कि वे मूल रूप से झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़-मंडावा मार्ग पर स्थित चूड़ी अजीतगढ़ गांव के रहने वाले हैं। मनीषा ने एके बिड़ला और केके बिड़ला में फाइनेंस विंग में काम किया है। ज्यादातर जॉब बाहर रही और बाद में उनका उदयपुर में तबादला हो गया। रतन शर्मा जून 2021 में रिटायर्ड हो गए और उदयपुर ( न्यू नवरत्न कॉम्पलेक्स) में ही रह रहे हैं। उनका बेटा गौरव जॉब में है। पत्नी सरिता हाउसवाइफ हैं। कोमा से मास्टर शेफ तक का सफर किसी चमत्कार से कम नहींमनीषा की मां सरिता शर्मा ने बताया- बेटी कोमा से निकलकर मास्टर शेफ के मंच तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं, और यह चमत्कार मनीषा ने अपने हौसले से कर दिखाया है। वह कहती है कि मनीषा हमारी रौनक है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 8:39 am

AI की मदद से बनी खाटू श्याम पर पहली फिल्म:कन्हैया मित्तल बोले- एक गाने की उम्मीद थी, बाबा ने पूरी मूवी दे दी

भक्ति और तकनीक जब एक साथ कदम बढ़ाती हैं, तो आस्था को एक नया स्वरूप मिलता है। ऐसे ही एक अनोखे प्रयोग के साथ सामने आए हैं गायक और कलाकार कन्हैया मित्तल, जो भगवान खाटू श्याम पर आधारित भारत की पहली एआई ड्रिवन फिल्म लेकर आ रहे हैं। इस फिल्म के जरिए न सिर्फ धार्मिक कथाओं को नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग का संदेश भी दिया गया है। कन्हैया मित्तल से हुई इस खास बातचीत में उन्होंने भक्ति, एआई, कला, संघर्ष और अपने आध्यात्मिक सफर पर खुलकर बात की। भगवान खाटू श्याम पर एआई आधारित फिल्म लेकर आए हैं आप, इसका विचार आपको कैसे और कब आया? खाटू श्याम पर आधारित एआई फिल्म के जरिए हम लोगों को बेसिक चीजें बताना चाहते हैं, जैसे खाटू श्याम के पुनर्जन्म के बारे में, पिछले जन्म में वो कैसे थे, आखिर क्यों उन्हें हारे के सहारे कहा जाता है। तो यही सारी इंफॉर्मेशन हम उस फिल्म के जरिए लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। रही बात एआई क्यों, तो हम नहीं चाहते कि हम किसी एक्टर को भगवान का दर्जा दें और फिर लोग उसकी पूजा करें, ये हमारे नजरिए से गलत है। जिसके बाद हमने ये रिस्क लिया है। अब घर से निकले हैं तो कुछ करके ही जाएंगे, वरना तजुर्बा लेकर जाएंगे। फिलहाल जिस तरह से बॉलीवुड में मायथोलॉजी कैरेक्टर पर एक्टर्स को कास्ट किया जाता है, जैसे रामायण में रणबीर कपूर को, क्या लगता है आपको, क्या वो सही है? देखिए, हम एक क्रिएटिव जगत में काम कर रहे हैं। सबकी अपनी मर्जी है कि वो कैसा क्रिएशन करना चाहते हैं। इस पर कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। कुछ लोग भोग के तौर पर भगवान को लड्डू चढ़ाते हैं, तो कुछ कचौड़ी। सबकी अपनी श्रद्धा है, सबका अपना मन। भक्ति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ये दोनों एक-दूसरे के पूरक कैसे बनेंगे, थोड़ा उसके बारे में भी बताएं? भक्ति अगर भोजन में आती है तो प्रसाद बन जाती है, वहीं भक्ति अगर किसी इंसान में आ जाती है तो उसे भगवान के तरीके से पूजा जाता है, हमारे भारत के संतों को देख लीजिए आप। अब हम जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भक्ति को लेकर आएंगे तो लोग उसे और प्यार देंगे, यही हमारा मानना है। क्या इस फिल्म के जरिए सिर्फ खाटू श्याम के बारे में बताया गया है या फिर इस फिल्म को बनाने का मकसद कोई और संदेश भी देता है? एआई हमारा फ्यूचर है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि लोग इसका काफी गलत इस्तेमाल करते हैं। किसी का भी डीपफेक वीडियो बनाकर उसकी ट्रोलिंग सोशल मीडिया पर शुरू कर देते हैं। मेरा मानना है और यही संदेश देना चाहता हूं कि टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल होना चाहिए। इसे अच्छे काम के लिए यूज करना चाहिए। कैसा सफर रहा इस फिल्म को एआई के जरिए बनाने का? क्या ये रास्ता आसान था या फिर मुश्किलों से भरा हुआ? आसान तो नहीं था। कभी डायलॉग मैच नहीं हो रहे थे। किसी किरदार को अगर मान लो उठाना हो तो उसमें टाइम लगता था। लेकिन बाबा की कृपा से सारे काम अपने आप होते चले गए। और देखिए, जहां मैं एक गाने की उम्मीद लगाए बैठा था, वहां मुझे पूरी फिल्म मिल गई। और मुझे फिल्म देखने के बाद 90 प्रतिशत लोगों ने यही कहा कि अरे, ये तो रियल शूट लग रहा है। आने वाले टाइम में क्या आप आगे भी इसी तरह का कोई और एआई के साथ कोलैबोरेशन करेंगे? जी हां, हम बहुत सारी चीजें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर लाने वाले हैं। और इसके लिए हमारे साथ बहुत लोग हैं जो जुड़ना चाहते हैं, पैसा लगाना चाहते हैं। हम उनके लिए भी एक रास्ता बना रहे हैं जिससे वो सेवा कर सकें। आने वाले टाइम में जो सनातन को बनाती हैं 36 की 36 बिरादरियां जाट, यादव, चमार, वाल्मीकि उन सबको सम्मान देकर कुछ बनाने जा रहे हैं, जिससे उनके बच्चों तक ये इतिहास पहुंचे। खाटू श्याम जी ने आपकी ज़िंदगी कैसे बदली? कैसे भगवान ने आपके जीवन में रोशनी लाई? इस अनुभव के बारे में बताएं। इरादे लाख बनते हैं, बनकर टूट जाते हैं,वहीं खाटू जाते हैं जिन्हें बाबा बुलाते हैं। तो मैं भी उनमें से एक हूं जिन्हें बाबा ने बुलाया और रास्ता दिखाया। 7 साल की उम्र से मैं बाबा के गाने गा रहा हूं और आज 28 साल हो गए हैं भजन गाते-गाते। मुझे मंजिल तक नहीं पहुंचना है, बस इस सफर को एंजॉय करना है। बाबा से मिलना तो नहीं, बस उन्हें पाने की चाह मुझे खुश रखती है। मुझे याद है कि 2016 में मैंने गाना गाना छोड़ दिया था। घरवालों ने कहा कि भजन गाना बंद करो और बिजनेस करो। कोविड के दौर में तो वैसे भी हम कहीं गा पा नहीं रहे थे। फैमिली बिजनेस था तो हमने वहीं पकड़ लिया। लेकिन मेरा वहां मन नहीं लगा और मैंने कहा कि मुझे जाने दो म्यूजिकल लाइन में ही। 2016 से पहले मैं परफॉर्मेंस के लिए पैसे नहीं लेता था, लेकिन 2017 में मैंने अपना पहला 1 लाख का चेक लिया। इसके बाद लगा कि आगे कौन देगा, लेकिन उस साल हमने 200 से ज्यादा कार्यक्रम किए बाबा की कृपा से, और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैं इस अनुभव को कोई चमत्कार नहीं कहूंगा कि पैसे मिल गए या मैंने कमा लिए, बल्कि चमत्कार वो है जब आपकी शर्तों पर काम होने लगे। फिल्मों और गानों के अलावा क्या आने वाले सालों में हम आपको फिर से राजनीति में सक्रिय होता हुआ देखेंगे? मैं अब राजनीति से परे हूं। मैं संगीत और अपनी कला के लिए बना हूं। अगर राजनीति में मुझे गायन से सेवा करने का मौका मिले, किसी दिन योगी आदित्यनाथ को जरूरत होगी, तो वो मैं जरूर करूंगा। एक कलाकार के जीवन में लड़ना नहीं, बल्कि उभरना और लोगों को भगवान से जोड़ना लिखा होता है, जो मैं कर रहा हूं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am

उत्तराखंड में फिल्म की शूटिंग कर रहीं वायरल गर्ल मोनालिसा:बोलीं- ये सब एक सपने जैसा, यहां के लोग दिल के अच्छे

प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर छा जाने वाली वायरल गर्ल मोनालिसा आज अपनी जिंदगी के सबसे बड़े सपने को जी रही हैं। कभी मेले में माला बेचने वाली मोनालिसा अब बॉलीवुड की दुनिया में कदम रख चुकी हैं और इन दिनों उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपनी डेब्यू फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' की शूटिंग में व्यस्त हैं। देहरादून के ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध खलंगा के जंगलों में फिल्म की शूटिंग चल रही है। कैमरों के बीच मोनालिसा का उत्साह साफ नजर आता है। वह कहती हैं कि कभी-कभी उन्हें खुद पर यकीन नहीं होता कि एक साधारण सी जिंदगी से निकलकर वह यहां तक पहुंच गई हैं। उनके लिए यह सब किसी खूबसूरत सपने जैसा है, जिसे वह पूरी ईमानदारी से जी रही हैं। दैनिक भास्कर एप की टीम ने खलंगा के जंगलों में चल रही शूटिंग एरिया में पहुंची और मोनालिसा और उनके पिता जय भोंसले से बातचीत की। मैं बदली नहीं हूं- मोनालिसा मोनालिसा का कहना है कि लोग सोचते हैं कि वह बदल गई हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। जिन लोगों के साथ वह पहले रुद्राक्ष की माला बेचती थीं, उनसे आज भी उनका रिश्ता वैसा ही है। उनके लिए असली हीरो उनके माता-पिता हैं। उनका सपना है कि वह मेहनत से पैसे कमाकर अपने गांव में एक स्कूल खोलें, ताकि दूसरे बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। देहरादून की खूबसूरती को देखकर वह कहती हैं कि अगर जंगल इतने सुंदर हैं, तो यहां के लोग भी जरूर दिल के अच्छे होंगे। पिता का समर्थन बना ताकत मोनालिसा के पिता जय भोंसले बेटी की इस उड़ान से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में परिवार ने काफी सोचा, लेकिन जब उन्होंने मोनालिसा को कमरे में अकेले दरवाजा बंद कर डायलॉग्स की प्रैक्टिस करते देखा, तब तय कर लिया कि अगर वह कुछ करना चाहती है तो पूरा परिवार उसके साथ खड़ा रहेगा। जय भोंसले साफ कहते हैं कि फिल्मी दुनिया में कदम रखने के बाद भी वे रुद्राक्ष बेचना कभी नहीं छोड़ेंगे। मेले-मेले जाकर माला बेचना उनकी पहचान है और वह इसे हमेशा जारी रखेंगे। फिल्म अंतिम चरण में फिल्म के निर्देशक सनोज मिश्रा के मुताबिक, 'द डायरी ऑफ मणिपुर' एक संवेदनशील और सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म है, जो मणिपुर में हुए सामाजिक तनाव और हिंसा की पृष्ठभूमि को दर्शाती है। कहानी एक युवती के संघर्ष, उसके डर, साहस और सच्चाई को सामने लाती है। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड के देहरादून, मसूरी, विकासनगर सहित कई खूबसूरत लोकेशनों पर की जा चुकी है। अभी करीब एक सप्ताह का शूट बाकी है, जिसके बाद पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू होगा। फिल्म अप्रैल 2026 में रिलीज होने की तैयारी में है। गौरतलब है कि बीते रविवार को देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म का पहला पोस्टर जारी कर दिया है, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता और बढ़ गई है। हेलिकॉप्टर से शूटिंग करते हुए मोनालिसा के सीन भी चर्चा में हैं। 20 करोड़ का बजट, दमदार कास्ट करीब 20 करोड़ रुपए के बजट में बन रही इस फिल्म को कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा माना जा रहा है। फिल्म में मोनालिसा एक आर्मी मैन की बेटी के किरदार में नजर आएंगी। उनके साथ अभिनेता अभिषेक त्रिपाठी, नागेश मिश्र, राजकुमार राव के भाई अमित राव और स्थानीय कलाकार विष्णु दुबे अहम भूमिकाओं में हैं। मेकर्स का मानना है कि यह फिल्म पहले बड़े पर्दे पर रिलीज होनी चाहिए, ताकि इसकी संवेदनशीलता और असर दर्शकों तक पूरी गहराई से पहुंचे। बात दें निर्देशक सनोज मिश्रा अबतक 18 फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। कहानी जो सिर्फ फिल्म नहीं, दस्तावेज- सनोज 'द डायरी ऑफ मणिपुर' को डॉयरेक्टर एक मनोरंजन फिल्म से ज्यादा एक सामाजिक दस्तावेज मानते हैं, जो एक दौर और एक सच्चाई को दर्ज करने की कोशिश करती है। महाकुंभ की भीड़ से निकलकर देहरादून के जंगलों तक पहुंची मोनालिसा की यह कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। साधारण शुरुआत से असाधारण मुकाम तक का यह सफर अब बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am