डिस्लेक्सिया जैसी गंभीर बीमारी, पढ़ाई में कमजोरी और बार-बार टूटते सपनों के बावजूद आदित्य धर ने हार नहीं मानी। मुंबई आकर उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। कभी स्क्रिप्ट चोरी हुईं, तो कभी फिल्में शूटिंग से ठीक पहले बंद हो गईं। कई बार लगा कि अब सफर खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने हर बार खुद को संभाला और एक कोशिश और की। उनकी मेहनत रंग लाई जब ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद उन्होंने बड़े स्तर पर काम शुरू किया और खुद को एक मजबूत फिल्ममेकर के रूप में स्थापित किया। हाल ही में आई धुरंधर ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी है, जिसे उनकी अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में माना जा रहा है। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं आदित्य धर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ और बातें.. मां की कला ने बनाया स्टोरीटेलर मेरी मां दिल्ली यूनिवर्सिटी के म्यूजिक और फाइन आर्ट्स फैकल्टी की डीन थीं और एक क्लासिकल म्यूजिशियन भी। हमारे घर में हमेशा कला, संगीत और थिएटर का माहौल रहा। बड़े-बड़े कलाकार घर आते थे, हम प्ले देखने जाते थे, और क्लासिकल म्यूजिक सुनना रोजमर्रा का हिस्सा था। इसी माहौल ने मुझे कहानियों को महसूस करना सिखाया। मैं पढ़ाई में भले कमजोर था, लेकिन कला को समझने और उससे जुड़ने में हमेशा आगे रहा। यही वजह है कि मुझे हमेशा लगता रहा कि मेरी असली जगह यहीं है। कहानी कहने में, किरदारों को जीने में और एक इमोशनल कनेक्शन बनाने में। मुंबई आने का सफर और डिस्लेक्सिया से जंग 5 सितंबर 2006 को मैं मुंबई आया था। पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि मेरा यहां तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैं सीवियरली डिस्लेक्सिक था, पढ़ाई में बेहद कमजोर। आज भी अगर मुझे कुछ पढ़ना होता है तो दो-तीन पेज पढ़ने में पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में इस इंडस्ट्री में राइटर और डायरेक्टर बनना लगभग नामुमकिन जैसा था। लेकिन मेरे अंदर कहानियों को समझने और महसूस करने की एक अलग ही क्षमता थी। मैंने हमेशा खुद को कमी नहीं, बल्कि एक अलग नजरिए के तौर पर देखा। शायद यही वजह रही कि मैं लिखने और कहानी कहने की तरफ खिंचता चला गया, भले ही पारंपरिक पढ़ाई में मैं पीछे रह गया। गीतकार के तौर पर शुरुआत और शुरुआती काम बहुत कम लोग जानते हैं कि मैंने अपने करियर की शुरुआत गीत लिखने से की थी। डायरेक्टर कबीर खान की फिल्म ‘काबुल एक्सप्रेस’ के लिए मैंने गाना लिखा, जो मेरे करियर का पहला बड़ा मौका था। इसके अलावा मैंने ‘बूंद’ नाम की एक शॉर्ट फिल्म के लिए स्टोरी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिखे, जिसे नेशनल अवॉर्ड भी मिला। यह मेरे लिए बहुत बड़ा आत्मविश्वास देने वाला अनुभव था। उस समय मैं सिर्फ सीख रहा था। डायरेक्शन, राइटिंग, असिस्टिंग, सब कुछ एक साथ। मेरे लिए हर प्रोजेक्ट एक स्कूल था, जहां मैं खुद को बेहतर बना रहा था। ‘आक्रोश’ से शुरुआत और इंडस्ट्री की पहली बड़ी सीख मेरी शुरुआती पहचान डायरेक्टर प्रियदर्शन की फिल्म ‘आक्रोश’ से बनी। जहां मैंने डायलॉग लिखे और साथ ही डायरेक्शन व कास्टिंग में भी असिस्ट किया। मैं हमेशा मानता था कि अगर किसी प्रोजेक्ट में घुसो तो पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ घुसो। उसी दौरान स्क्रीनप्ले राइटर रॉबिन दा ने मुझे एक बात कही जो आज भी मेरे साथ है। इस इंडस्ट्री में बहुत कम लोगों की ‘पीठ बोलती है’, और अगर तुम्हारी पीठ बोलती है तो बस खुद को बदलना मत। यह बात मेरे लिए किसी मंत्र से कम नहीं थी। मैंने इसे हमेशा अपने काम में उतारने की कोशिश की। यही वजह रही कि मैं हर छोटे-बड़े काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ करता गया, चाहे वो डायलॉग राइटिंग हो, असिस्टिंग हो या कास्टिंग में मदद करना। बार-बार असफलताएं और स्क्रिप्ट चोरी का दर्द मेरे करियर में कई बार ऐसा हुआ कि फिल्म बनने के आखिरी स्टेज पर रुक गई। कई बार मेरी लिखी स्क्रिप्ट्स मुझसे चुरा ली गईं और उन्हीं पर बड़ी-बड़ी हिट फिल्में बन गईं। यह बहुत ही दर्दनाक अनुभव था। उस समय लगता था कि अब सब खत्म हो गया है। लेकिन हर बार किसी न किसी ने मुझे संभाला। कभी प्रियदर्शन , कभी विशाल भारद्वाज, जिन्होंने मुझे रुकने और कोशिश करते रहने की सलाह दी। फवाद-कैटरीना की फिल्म बनी-बनते रह गई 2016 में मैं अपनी फिल्म ‘रात बाकी’ बनाने वाला था। इस फिल्म में फवाद खान और कैटरीना कैफ थे। फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस प्रोड्यूस कर रहा था और फॉक्स स्टार स्टूडियोज इसे फाइनेंस कर रहा था। सब कुछ सेट था, हम शूटिंग शुरू करने वाले थे, लेकिन तभी उरी अटैक हुआ। इसके बाद राजनीतिक माहौल बदल गया और पाकिस्तानी एक्टर्स को लेकर विवाद शुरू हो गया। धर्मा ऑफिस के बाहर विरोध हुआ और आखिरकार फिल्म रुक गई। यह मेरे लिए एक और बड़ा झटका था, क्योंकि एक बार फिर मेरी फिल्म बनते-बनते रुक गई। परिवार का साथ और मां की आस्था मेरे परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया, खासकर मेरे बड़े भाई और मेरी मां। जब भी मेरी फिल्म रुकती थी, मैं टूट जाता था, लेकिन मेरी मां हमेशा कहती थीं- “भगवान तुम्हें टेस्ट कर रहा है, जब देगा तो इतना देगा कि तुम जिंदगी भर याद रखोगे।” मेरी मां ने हर मंदिर में जाकर मेरे लिए प्रार्थना की। ‘उरी’ की शुरुआत: एक आइडिया से जुनून तक ‘रात बाकी’ रुकने के बाद जब उरी अटैक और सर्जिकल स्ट्राइक की खबर आई, तो मेरे अंदर एक नई कहानी जन्मी। मैंने सोचा कि इस पर फिल्म बननी चाहिए। मैंने खुद रिसर्च शुरू की, जर्नलिस्ट्स, आर्मी ऑफिसर्स और डिफेंस एक्सपर्ट्स से मिला। कोई प्रोड्यूसर नहीं था, मैं अपनी सेविंग्स से यह सब कर रहा था। डर भी था कि अगर यह भी नहीं बना तो क्या होगा, लेकिन खुद को साबित करने का एक जुनून था। 12 दिनों की मेहनत और फिल्म को मिली मंजूरी 6 महीने की रिसर्च के बाद मैंने खुद को कमरे में बंद कर लिया और 12 दिनों में पूरी स्क्रिप्ट लिख दी। यह एक पागलपन जैसा जुनून था। स्क्रिप्ट मेरे मैनेजर के पास गई और फिर रॉनी स्क्रूवाला तक पहुंची। उन्होंने फ्लाइट में स्क्रिप्ट पढ़ी और लैंड करते ही कहा- “We are doing this film no matter what.” सालों का इंतजार कुछ घंटों में खत्म हो गया। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। ‘उरी’ की सफलता और जिंदगी की सबसे बड़ी सीख जब ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ रिलीज हुई, तो उसे जबरदस्त प्यार मिला। यह फिल्म सिर्फ एक हिट नहीं थी, बल्कि मेरे लिए एक इमोशनल जर्नी का अंत और नई शुरुआत थी। इंडियन आर्मी से लेकर आम जनता तक, सभी ने इसे सराहा। मुझे एहसास हुआ कि टैलेंट जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है मेहनत, ईमानदारी, धैर्य और लोगों का आशीर्वाद। आज मैं पूरी तरह मानता हूं कि जो भी होता है, आखिरकार अच्छे के लिए ही होता है। बस आपको आखिरी तक डटे रहना होता है। ‘उरी’ के बाद बदली पहचान और करियर का नया दौर आदित्य धर के लिए ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ की सफलता सिर्फ एक हिट फिल्म नहीं थी, बल्कि उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई। इस फिल्म के बाद वह एक भरोसेमंद डायरेक्टर के रूप में स्थापित हो गए। इंडस्ट्री में उनकी पहचान एक ऐसे फिल्ममेकर की बनी, जो कंटेंट और इमोशन को बड़े पैमाने पर पेश कर सकता है। ‘उरी’ की सफलता के बाद उनसे उम्मीदें काफी बढ़ गईं, लेकिन उन्होंने जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया। उन्होंने समय लेकर अगली दिशा तय की, ताकि उनका काम सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित न रहकर क्वालिटी और प्रभाव के लिए भी याद रखा जाए। प्रोडक्शन की तरफ कदम और B62 स्टूडियोज की शुरुआत डायरेक्शन में सफलता के बाद आदित्य धर ने प्रोडक्शन की दुनिया में भी कदम रखा और B62 Studios की स्थापना की। इस बैनर के जरिए उनका उद्देश्य था नई और दमदार कहानियों को मंच देना। एक फिल्ममेकर के तौर पर उन्होंने समझा कि अच्छी कहानियों को सही सपोर्ट और प्लेटफॉर्म मिलना कितना जरूरी है। B62 स्टूडियोज के माध्यम से उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया, जो कंटेंट-ड्रिवन हों और दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बना सकें। यह उनके करियर का एक अहम विस्तार था, जहां वह सिर्फ कहानी कहने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कहानियों को आकार देने और उन्हें दर्शकों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बने। बतौर प्रोड्यूसर: नई फिल्मों और विषयों पर फोकस प्रोड्यूसर के तौर पर आदित्य धर ने अलग-अलग विषयों पर काम करने की कोशिश की। उनके नाम से ‘आर्टिकल 370’ और ‘बारामूला’ जैसे प्रोजेक्ट्स जुड़े रहे,जो सामाजिक और संवेदनशील मुद्दों को सामने लाने की कोशिश करते हैं। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने यह दिखाने का प्रयास किया कि वह सिर्फ देशभक्ति या एक्शन जॉनर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विविध विषयों पर भी उनकी पकड़ है। एक प्रोड्यूसर के तौर पर उनकी सोच साफ रही, ऐसी कहानियां बनाना जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करें और साथ ही मनोरंजन भी करें। बड़े प्रोजेक्ट्स की योजना और ‘द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा’ ‘उरी’ के बाद आदित्य धर ने बड़े स्केल के प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू किया, जिनमें ‘द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा’ प्रमुख रहा। इस फिल्म में विक्की कौशल को कास्ट किया गया था और इसे एक बड़े विजुअल स्पेक्टेकल के रूप में प्लान किया गया था। हालांकि यह प्रोजेक्ट कई कारणों से आगे-पीछे होता रहा, लेकिन इसने यह जरूर दिखाया कि आदित्य धर बड़े और इंटरनेशनल लेवल के सिनेमा की तरफ बढ़ना चाहते हैं। यह उनके विजन का विस्तार था, जहां वह भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की सोच रखते हैं। सही स्क्रिप्ट का इंतजार और क्रिएटिव संतुलन ‘उरी’ जैसी बड़ी सफलता के बाद अक्सर फिल्ममेकर्स जल्दी-जल्दी फिल्में बनाने लगते हैं, लेकिन आदित्य धर ने इस रास्ते को नहीं चुना। उन्होंने समय लेकर स्क्रिप्ट्स पर काम किया और सिर्फ उन्हीं प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया, जिन पर उन्हें पूरा भरोसा था। उनके लिए यह जरूरी था कि अगली फिल्म भी उतनी ही ईमानदार और प्रभावशाली हो। इस दौरान उन्होंने कई आइडियाज पर काम किया, रिसर्च किया और अपनी कहानी कहने की शैली को और मजबूत किया। यह फेज उनके लिए क्रिएटिव ग्रोथ का समय था, जहां उन्होंने खुद को और बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। टीम और कास्टिंग के प्रति स्पष्ट सोच आदित्य धर की फिल्ममेकिंग का एक अहम हिस्सा उनकी कास्टिंग अप्रोच है। ‘उरी’ के दौरान ही उन्होंने यह साफ कर दिया था कि वह स्टारडम से ज्यादा परफॉर्मेंस को महत्व देते हैं। आगे भी उन्होंने इसी सोच को बरकरार रखा। उनकी कोशिश रहती है कि हर एक्टर अपने किरदार के साथ न्याय करे और पूरी ईमानदारी से काम करे। एक डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर वह टीमवर्क में विश्वास रखते हैं और अपने साथ ऐसे लोगों को जोड़ते हैं, जो कहानी के प्रति उतने ही समर्पित हों जितने वह खुद हैं। इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ और कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा ‘उरी’ के बाद आदित्य धर ने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। एक ऐसे फिल्ममेकर की, जो कंटेंट को प्राथमिकता देता है। उन्होंने यह साबित किया कि अगर कहानी मजबूत हो, तो वह बड़े स्तर पर भी काम कर सकती है। उनके काम ने यह भी दिखाया कि देशभक्ति और रियल-लाइफ इंस्पायर्ड कहानियां दर्शकों को गहराई से प्रभावित करती हैं। इसी कारण उनकी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स को लेकर दर्शकों में एक अलग उत्सुकता बनी रहती है। आने वाले प्रोजेक्ट्स और भविष्य की दिशा आदित्य धर का फोकस आगे भी बड़े और अर्थपूर्ण सिनेमा पर है। वह ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहते हैं, जो सिर्फ मनोरंजन ही न करें, बल्कि दर्शकों पर स्थायी प्रभाव छोड़ें। चाहे वह बड़े बजट की फिल्में हों या कंटेंट-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स, उनका लक्ष्य हमेशा यही रहता है कि हर कहानी में एक सच्चाई और गहराई हो। इस तरह, ‘उरी’ के बाद आदित्य धर का सफर सिर्फ एक सफल डायरेक्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह एक ऐसे फिल्ममेकर के रूप में उभरे हैं, जो लगातार खुद को नया और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ‘धुरंधर’: करियर की सबसे बड़ी फिल्म की शुरुआत आदित्य धर के करियर में ‘धुरंधर’ एक बेहद अहम मोड़ बनकर सामने आई। ‘उरी’ की सफलता के बाद जिस तरह की उम्मीदें उनसे जुड़ी थीं, ‘धुरंधर’ उसी स्तर से आगे जाने की कोशिश थी। इस फिल्म को उन्होंने सिर्फ एक प्रोजेक्ट की तरह नहीं, बल्कि एक बड़े विजन के तौर पर तैयार किया। कहानी के स्तर पर यह फिल्म स्केल, इमोशन और ड्रामा,तीनों का मिश्रण थी। आदित्य ने इस प्रोजेक्ट पर काफी समय लगाया, ताकि यह सिर्फ एक कमर्शियल फिल्म न रह जाए, बल्कि दर्शकों के दिल में भी अपनी जगह बना सके। ‘धुरंधर’ की मेकिंग: स्केल, रिसर्च और डिटेलिंग ‘धुरंधर’ की खास बात इसकी मेकिंग अप्रोच रही। आदित्य धर ने ‘उरी’ की तरह ही इस फिल्म में भी रिसर्च और डिटेलिंग पर खास ध्यान दिया, लेकिन इस बार स्केल और भी बड़ा था। फिल्म के हर पहलू,चाहे वह लोकेशन हो, एक्शन हो या इमोशनल सीक्वेंस, सबको बड़े स्तर पर डिजाइन किया गया। उनका मानना रहा है कि दर्शक अब सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि एक पूरा अनुभव देखने आते हैं। यही वजह रही कि ‘धुरंधर’ को तकनीकी और विजुअल दोनों ही स्तर पर मजबूत बनाने की कोशिश की गई। कास्टिंग और परफॉर्मेंस: वही पुराना भरोसा ‘धुरंधर’ में भी आदित्य धर ने अपनी वही कास्टिंग फिलॉसफी अपनाई, स्टारडम से ज्यादा परफॉर्मेंस पर भरोसा। उनकी कोशिश रही कि हर एक्टर अपने किरदार को पूरी तरह जीए। ‘उरी’ की तरह यहां भी उन्होंने ऐसे कलाकारों को चुना जो कहानी के साथ न्याय कर सकें और अपनी पूरी मेहनत झोंक दें। इस अप्रोच का फायदा यह हुआ कि फिल्म के किरदार ज्यादा रियल और कनेक्टिंग लगे। आदित्य का मानना है कि अगर कास्टिंग सही हो, तो आधी फिल्म वहीं बन जाती है। ‘धुरंधर 2’ की रिलीज और धमाकेदार शुरुआत 19 मार्च को ‘धुरंधर 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और पहले ही दिन फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। एडवांस बुकिंग से बनी हाइप अब ओपनिंग डे पर साफ नजर आ रही है। बड़े स्केल, दमदार एक्शन और मजबूत कहानी के साथ यह फिल्म दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब दिख रही है। फ्रेंचाइजी का विस्तार और आगे की राह पहले पार्ट की सफलता के बाद ‘धुरंधर 2’ ने इस सीरीज को और मजबूत किया है। यह अब सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी फ्रेंचाइजी बनती दिख रही है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फिल्म ने उम्मीदों पर खरा उतरने की मजबूत शुरुआत कर दी है, और आगे ‘धुरंधर 3’ की संभावना भी बढ़ गई है। ________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... वॉचमैन की नौकरी की, कभी धनिया बेची:फिल्मों में 1-2 मिनट के छोटे रोल किए; आज बॉलीवुड के सबसे दमदार अभिनेता बन गए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी छोटे से कस्बे बुधाना से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी की कहानी संघर्ष, धैर्य और जुनून की मिसाल है। किसान परिवार में जन्मे नवाज ने बचपन सादगी और सीमित संसाधनों के बीच बिताया। केमिस्ट की नौकरी से लेकर दिल्ली में थिएटर और फिर मुंबई में छोटे-छोटे रोल करने तक, उनका सफर आसान नहीं रहा।पूरी खबर पढ़ें..
मुंबई में आयोजित 'प्राइम वीडियो 2026' कार्यक्रम में सस्पेंस-थ्रिलर वेब सीरीज 'राख' का फर्स्ट लुक जारी कर दिया गया है। इस सीरीज में अली फजल और सोनाली बेंद्रे लीड रोल में नजर आएंगे। गुरुवार को हुए इस बड़े इवेंट में शो के मेकर्स और स्टारकास्ट ने शिरकत की। अली फजल इस सीरीज में पुलिस अफसर के रोल में नजर आने वाले हैं। पहली बार पुलिस की वर्दी में दिखेंगे अली फजल सीरीज के इवेंट के दौरान अली फजल ने अपना अनुभव साझा किया। अली ने बताया कि वे अपने करियर में पहली बार एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। अली ने कहा, मैंने इससे पहले कभी पर्दे पर पुलिसवाले का रोल नहीं किया है। यह एक बहुत ही दिलचस्प टाइमलाइन है जिसका मैं हिस्सा बना हूं। यह मेरे लिए काफी फ्रेश और बिल्कुल नया अनुभव है। सोनाली बोलीं- कहानी सुनते ही कर दी थी हां एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे भी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी एक्साइटेड दिखीं। उन्होंने शो की स्क्रिप्ट की जमकर तारीफ की। सोनाली ने कहा, जब राइटर अनुषा और संदीप ने मुझे इसकी कहानी सुनाई, तो मैं पूरी तरह से इसमें खो गई थी। यह कहानी इतनी जबरदस्त थी कि अगर मुझे सिर्फ बैकग्राउंड में खड़े रहने का मौका भी मिलता, तो मैं इसके लिए हां कह देती। सीरीज में गायब हुए बच्चों की कहानी सीरीज की कहानी एक शहर के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां से दो किशोर अचानक गायब हो जाते हैं। इस घटना से एक परिवार बिखर जाता है और पूरे शहर में डर का माहौल बन जाता है। शो के सिनोप्सिस के मुताबिक, एक निडर पुलिस अफसर सच का पता लगाने के लिए देशव्यापी तलाशी अभियान शुरू करता है। यह तलाश उसे हिंसा और मानवीय क्रूरता की एक ऐसी अंधेरी दुनिया में ले जाती है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। अनुषा और संदीप ने किया है डायरेक्शन इस सीरीज को अनुषा नंदकुमार और संदीप साकेत ने मिलकर लिखा और निर्देशित किया है। 'राख' में अली फजल और सोनाली बेंद्रे के अलावा आमिर बशीर, दिव्येंदु भट्टाचार्य और राकेश बेदी जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। यह सीरीज साल 2026 में प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी।
पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड की कहानी 'मिर्जापुर: द मूवी' 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसकी पुष्टि प्राइम वीडियो ने अपने इवेंट प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स में की है। इस कार्यक्रम में मिर्जापुर फिल्म की स्टारकास्ट शामिल हुई। मीडिया रेपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की मुख्य शूटिंग फरवरी 2026 में ही पूरी हो चुकी है। मूवी में सबसे ज्यादा चर्चा दिव्येंदु शर्मा यानी 'मुन्ना भैया' को लेकर हो रही है। सीरीज के दूसरे सीजन में किरदार की मौत दिखाए जाने के बावजूद, दिव्येंदु इस फिल्म में वापसी कर रहे हैं। उनके अलावा पंकज त्रिपाठी एक बार फिर अखंडानंद 'कालीन' त्रिपाठी के रौबदार किरदार में दिखेंगे। वहीं अली फजल (गुड्डू पंडित), श्वेता त्रिपाठी (गोलू गुप्ता) और अभिषेक बनर्जी (कंपाउंडर) भी अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। फरवरी में खत्म हुई फिल्म की शूटिंग फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जिन्होंने ओरिजिनल सीरीज के कई अहम एपिसोड्स डायरेक्ट किए थे। फिल्म को फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' के बैनर तले बनाया गया है। श्वेता और अली ने कन्फर्म किया कि फिल्म की शूटिंग फरवरी में ही खत्म हो गई थी और अब यह पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज पर है। मेकर्स इसे बड़े स्तर पर सिनेमाई अनुभव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रोड्यूसर्स बोले- फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे एक साझा बयान में प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने कहा, मिर्जापुर के अनुभव को बड़े पर्दे पर लाना हमारे लिए एक मील का पत्थर है। तीन सफल सीजन्स के बाद फैंस कालीन भैया, गुड्डू भैया और मुन्ना भैया जैसे किरदारों से काफी जुड़ चुके हैं। हमें विश्वास है कि इस सीरीज को फिल्म में बदलना दर्शकों के लिए पहले से ज्यादा एंग्गेजिंग (रोमांचक) होगा। हम एक बार फिर प्राइम वीडियो के साथ इस ग्रैंड प्रोजेक्ट के लिए जुड़कर काफी उत्साहित हैं। 2018 में शुरू हुआ था मिर्जापुर का सफर 'मिर्जापुर' की शुरुआत साल 2018 में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई थी। यह भारत की सबसे सफल और चर्चित क्राइम-थ्रिलर सीरीज में से एक है। अब तक इसके तीन सीजन आ चुके हैं और तीनों को ही दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अपने दमदार डायलॉग्स और देसी एक्शन की वजह से इसकी एक अलग ही फैन फॉलोइंग है। इसी लोकप्रियता को देखते हुए मेकर्स ने इसे थिएटर में रिलीज करने का फैसला लिया है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो ने साल 2026 के लिए अपने अब तक के सबसे बड़े भारतीय कंटेंट की घोषणा कर दी है। 'प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स' कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने लगभग 55 नई ओरिजिनल सीरीज और फिल्मों का एलान किया। इस लिस्ट में न केवल हिंदी, बल्कि तमिल और तेलुगु भाषाओं की भी बड़ी फिल्में शामिल हैं। खास बात यह है कि अब अमेजन एमजीएम स्टूडियोज भारत में सीधे थिएटर में रिलीज होने वाली फिल्में भी बनाएगा। इवेंट में रितिक रोशन, आलिया भट्ट और करण जौहर समेत कई सेलेब्स शामिल हुए। मुंबई में हुए प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स इवेंट की तस्वीरें……. पुराने सुपरहिट शोज की होगी वापसी दर्शकों के लिए सबसे बड़ी खबर उनके पसंदीदा शोज के नए सीजन को लेकर है। इस स्लेट में 'पंचायत' सीजन 5, 'फर्जी' सीजन 2 और 'दहाड़' सीजन 2 जैसे बहुप्रतीक्षित शोज शामिल हैं। इनके अलावा 'कॉल मी बे' सीजन 2, 'दुपहिया' सीजन 2 और रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' सीजन 2 की भी वापसी होगी। इन नई सीरीज और फिल्मों पर रहेगी नजर नई सीरीज की बात करें तो निखिल आडवाणी की 'द रिवोल्यूशनरीज' चर्चा में है, जिसमें भुवन बाम, रोहित सराफ और प्रतिभा रांटा नजर आएंगे। विजय वर्मा 'मटका किंग' और अली फजल 'राख' नाम की सीरीज में दिखेंगे। रैपर किंग फिल्म 'लुक्खे' से अपना एक्टिंग डेब्यू करेंगे। वहीं, 'वंश – द कलयुग वॉरियर्स' भारत की पहली ऐसी हिंदी सुपरहीरो सीरीज होगी, जिसे खास तौर पर स्ट्रीमिंग के लिए बनाया गया है। ऋतिक रोशन और आलिया भट्ट के साथ पार्टनरशिप प्राइम वीडियो ने इस बार बड़े प्रोडक्शन हाउसेस के साथ भी हाथ मिलाया है। ऋतिक रोशन की 'एचआरएक्स फिल्म्स' पहली बार स्ट्रीमिंग की दुनिया में कदम रख रही है, जो सीरीज 'स्टॉर्म' और फिल्म 'मेस' लेकर आएगी। वहीं, आलिया भट्ट की 'इटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस' फिल्म 'डोंट बी शाय' पेश करेगी। साउथ में भी बड़ा विस्तार करते हुए 'द ट्रेटर्स' का तेलुगु वर्जन लाया जा रहा है, जिसे तेजा सज्जा होस्ट करेंगे। थिएटर में भी रिलीज होंगी ये 5 बड़ी फिल्में अमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने 5 ऐसी फिल्मों का एलान किया है जो पहले सिनेमाघरों में रिलीज होंगी। इनमें राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश की 'रफ्तार', कुणाल खेमू और प्रीति जिंटा की 'वाइब' और यामी गौतम की 'नई नवेली' शामिल हैं। भुवन बाम और वामिका गब्बी की 'कुकू की कुंडली' और ए.आर. रहमान के म्यूजिक वाली 'दिलकशी' भी बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। थिएटर के बाद ये फिल्में प्राइम वीडियो पर डिजिटल प्रीमियर के लिए आएंगी।
एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने गुरुवार को अपनी प्रेग्नेंसी की खबर कंफर्म कर दी है। दिव्यांका ने बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए पति विवेक दहिया के साथ तस्वीरें शेयर कीं। कपल शादी के करीब 10 साल बाद माता-पिता बनेंगे। प्रेग्नेंसी को लेकर एक इंस्टा पोस्ट में दिव्यांका और विवेक ने लिखा, ‘10 साल बाद कहानी में नया मोड़। कुछ सफर जल्दी पूरा करने के लिए नहीं होते… वे साथ मिलकर तैयार होने के लिए होते हैं और जब लगता है कि कहानी पूरी हो गई है… तभी जिंदगी इसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है।’ पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘अब भी इस एहसास को महसूस कर रहे हैं… बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं… दिल कृतज्ञता से भरा है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ बेबी जून में होगा: दिव्यांका अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर दिव्यांका और विवेक ने ईटाइम्स से बातचीत में कहा कि उनका बेबी जून में होगा। एक्ट्रेस ने कहा कि वह लगभग हर महीने प्रेग्नेंसी टेस्ट करती थीं और पॉजिटिव रिजल्ट की उम्मीद करती थीं। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो उन्हें इस बात को स्वीकार करने में थोड़ा समय लगा। विवेक ने खबर सुनकर खुशी जताई, लेकिन तुरंत जश्न नहीं मनाया। दिव्यांका ने यह भी कहा कि मेरे मन और शरीर में बदलाव आया। मैं अपने खान-पान, व्यायाम और चलने-फिरने के तरीके को लेकर काफी सतर्क हो गई। मैं अचानक ज्यादा जागरूक और सावधान हो गई। दिव्यांका और विवेक की पहली मुलाकात टीवी सीरियल ‘ये हैं मोहब्बतें’ के सेट (2015) पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ता था। सेट पर घंटों साथ रहते थे, लेकिन बातचीत बहुत कम होती थी। दिव्यांका और विवेक की लव स्टोरी में एक्टर पंकज भाटिया ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने दोनों को एक-दूसरे के लिए परफेक्ट लाइफ पार्टनर बताया था। कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद दोनों ने 8 जुलाई 2016 को भोपाल में शादी की थी।
सिक्किम की नेपाली भाषा की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ ने दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते हैं। रूस के खांटी-मानसीस्क में आयोजित ‘स्पिरिट ऑफ फायर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में इस फिल्म को बेस्ट इंटरनेशनल डेब्यू फिल्म के लिए 'सिल्वर टैगा अवॉर्ड' मिला है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने के लिए फिल्म को 'सोल ऑफ रशिया - वर्ल्ड सिनेमा स्पेशल प्राइज' अवॉर्ड दिया गया है। इस फिल्म का निर्देशन त्रिबेनी राय ने किया है। डायरेक्टर सिक्किम को समर्पित की जीत अवॉर्ड लेते समय डायरेक्टर त्रिबेनी राय काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी इस सफलता को सिक्किम राज्य को समर्पित किया है। त्रिबेनी ने बताया कि यह अवॉर्ड उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी मां इस फिल्म की प्रोड्यूसर हैं और उन्होंने अपनी मां के साथ स्टेज पर यह सम्मान हासिल किया। रूस के फिल्म फेस्टिवल से मिली पहचान ‘शेप ऑफ मोमो’ को इस फिल्म फेस्टिवल के इंटरनेशनल डेब्यू कॉम्पिटिशन में शामिल किया गया था। 16 मार्च को हुए अवॉर्ड समारोह में फिल्म की काफी तारीफ हुई। यह फिल्म सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत की कहानियों को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ले जाने में सफल रही है। इस फेस्टिवल की शुरुआत साल 2003 में हुई थी और इसे दुनियाभर के नए फिल्ममेकर्स के लिए रूस का सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। अब एम्स्टर्डम में होगी फिल्म की स्क्रीनिंग रूस में जीत के बाद अब ‘शेप ऑफ मोमो’ का सफर और आगे बढ़ेगा। अप्रैल में यह फिल्म नीदरलैंड के 'सिनेमा एशिया फिल्म फेस्टिवल' में अपनी डच प्रीमियर के लिए एम्स्टर्डम जाएगी। इससे पहले इस फिल्म का यूरोपियन प्रीमियर स्पेन के 'सैन सेबेस्टियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' में हो चुका है। इंटरनेशनल सर्किट में सराहना मिलने के बाद अब मेकर्स इसे भारत में रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इसकी शुरुआत गंगटोक में एक बड़े प्रीमियर के साथ होगी। कौन हैं डायरेक्टर त्रिबेनी राय? ईस्ट सिक्किम की रहने वाली त्रिबेनी राय का रूस से पुराना नाता है। साल 2016 में उन्होंने रूस के प्रतिष्ठित VGIK इंटरनेशनल समर स्कूल में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई थी। त्रिबेनी की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ न केवल एक कहानी है, बल्कि यह सिक्किम की संस्कृति और वहां के पारंपरिक मूल्यों को भी बखूबी दर्शाती है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गाने सरके चुनर तेरी सरके को लेकर एक्ट्रेस नोरा फतेही और एक्टर संजय दत्त को नोटिस भेजा है। साथ ही गाने के गीतकार रकीब आलम, वेंकट के. नारायण (प्रोड्यूसर, KVN ग्रुप) और किरण कुमार (डायरेक्टर) समेत अन्य संबंधित लोगों को भी नोटिस जारी किया गया है। सभी को 24 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। NCW ने चेतावनी दी है कि तय तारीख पर उपस्थित न होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। NCW ने इस गाने के कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर खुद संज्ञान लिया है। आयोग के मुताबिक, गाने के बोल पहली नजर में आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाले लगते हैं, जो कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। वहीं, गाने को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत मिलने पर सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बता दें कि गाने को मंगलवार को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने बुधवार को गाने के अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ विवादित गाने पर नोरा ने दी सफाई वहीं, गाने को लेकर विवादों में आई नोरा फतेही ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि उन्हें कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना उनकी अनुमति गाने को हिंदी में बना दिया गया। नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं। मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था। वीडियो में नोरा ने आगे कहा था, जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए। नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए संगीन आरोप नोरा ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा, उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी। मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है। नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने अंत में यह भी कहा, हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं। वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। क्या है गाने सरके चुनर तेरी सरके का पूरा विवाद पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गाने सरके चुनर तेरी सरके को लेकर नोरा फतेही, संजय दत्त, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर समेत संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है। सभी को 24 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। NCW ने चेतावनी दी है कि तय तारीख पर उपस्थित न होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। NCW ने इस गाने के कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर खुद संज्ञान लिया है। आयोग के मुताबिक, गाने के बोल पहली नजर में आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाले लगते हैं, जो कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। वहीं, गाने को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत मिलने पर सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बता दें कि गाने को मंगलवार को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने बुधवार को गाने के अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ वहीं, गाने को लेकर विवादों में आई नोरा फतेही ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि उन्हें कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना उनकी अनुमति गाने को हिंदी में बना दिया गया। नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं। मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था। वीडियो में नोरा ने आगे कहा था, जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए। नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए संगीन आरोप नोरा ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा, उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी। मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है। नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने अंत में यह भी कहा, हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं। वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। क्या है गाने सरके चुनर तेरी सरके का पूरा विवाद पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर नई कंट्रोवर्सी में फंस गए हैं। जींद में पूर्व सरपंच के साथ हुए स्टेज विवाद के बाद वो पहली बार सिरसा में लाइव शो करने पहुंचे। यहां शो के दौरान सिंगर ने परफॉर्मेंस देते हुए हरियाणा सरकार की ओर से बैन किए गए अपने कई सॉन्ग गाए। मासूम शर्मा ने चंबल के डाकू और खटोला गाना गाया, जिससे ऑडियंस की भीड़ बेकाबू होकर स्टेज तक आ पहुंची। कई युवक पंडाल में लगे पोल पर चढ़ गए और शोर शराबा करने लगे। इसे देखते ही कई अतिथि और जेसीडी मैनेजमेंट के काफी स्टाफ स्टेज के नीचे पहली पंक्ति में बैठे रिजर्व सीट छोड़कर चले गए और महिलाएं भी शो छोड़कर चली गईं। बाउंसर और पुलिस भी भीड़ को स्टेज तक आने से रोक नहीं पाए। मासूम शर्मा का इस दौरान एक बयान और चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि मेरा गाना खटोला कुछ गलत नहीं। इसका मतलब हरियाणा वाले जानते हैं, पर पंजाबी बेल्ट को कम पता है। जानिए पूरा मामला… बैन गाना चंबल के डाकू पूरा गायाकुछ देर बाद मासूम शर्मा ने बाहर आले पै शूटर बैठे, भीतर ले पै बैठा यार, हाथ चढ़ाकै मुदधा मार दां, कांच काढ़ कै धर ध्या बाहर, एक खटोला जेल के भीतर एक खटोला जेल के बाहर, इस गाने के शुरुआती बोल बोलकर कहा-एक बार इतना ही, बाकी बाद में करेंगे। इस बीच मासूम शर्मा ने बैन किया चंबल का डाकू गाना पूरा गाया और तभी गानों के बोल पर भीड़ भी बेकाबू हो गई। पुलिस व बाउंसर भी नहीं रोक पाए और स्टेज के बिलकुल पास आ पहुंची। कुछ बाउंसर स्टेज के कोने पर ही उनको रोकने को बैठे तो कुछ खड़े हो गए। पुलिस-बाउंसर से नहीं रूकी भीड़जेसीडी में स्टेडियम में ओपन पंडाल लगाकर ये शो किया गया था। कुछ शरारती तत्वों ने शराब पी रखी थी और स्टेज के पास आने की जबरदस्ती कर रहे थे। इसमें अव्यवस्था का माहौल हो गया, जिससे भीड़ को पुलिस व बाउंसर भी काबू नहीं कर पाए। इस बीच जेसीडी मैनेजमेंट से डायरेक्टर डा. जयप्रकाश व उनकी टीम ने गायक मासूम शर्मा को मोमेंटों व चादर भेंटकर सम्मानित कर दिया, ताकि बाद में माहौल ज्यादा न बिगड़ जाए। अतिथि व जेसीडी मैनेजमेंट के काफी स्टाफ स्टेज के नीचे पहली पंक्ति में बैठे रिजर्व सीट छोड़कर चले गए और महिलाएं भी शो छोड़कर चली गई। इस दौरान इनेलो जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा भी मौजूद थे। देखें शो के PHOTOS… 18 फरवरी को जींद में पूर्व सरपंच से हुआ था विवाद यह विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहन कविता व बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा और कहा कि “मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद सरपंचों ने कड़ा विरोध जताया। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। इसके बाद विवाद में प्रदेश के कई सरपंचों और सिंगरों की एंट्री हुई। कुछ कलाकरों ने समर्थन किया तो कुछ ने विरोध किया। सरपंचों ने जींद में पंचायत कर 3 दिन का अल्टीमेटम दिया और सरपंचों ने शो का बॉयकाट करने का ऐलान किया था। जिसके बाद मासूम के भाई विकास व बहनोई ने माफी मांगकर व मासूम के फोन पर गलती मानने पर मामला सुलझा था। पहले भी मासूम शर्मा विवादों में रह चुके फैन का फोन छीनकर जमीन पर पटका था इससे पहले भी सिंगर मासूम शर्मा विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में हिसार में शो था, जिसमें एक समर्थक सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था तो मासूम शर्मा ने उसका फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया था। समर्थकों ने इसकी पुलिस थाने में भी शिकायत दी थी, जो काफी चर्चाओं में रहा था। फैन की गर्दन पकड़ खींचा इससे पहले 22 मार्च 2025 को गुरुग्राम में मैं एक कॉन्सर्ट में गया हुआ था। वहां हरियाणा कार्निवल चल रहा था। आपने सोशल मीडिया पर देखा होगा कि कॉन्सर्ट में मासूम शर्मा अपने एक फैन को गुद्दी (गर्दन) से पकड़ लेते हैं। मुझे समझ भी नहीं आया कि मैं उनके साथ सेल्फी ले रहा हूं, और वह अचानक गुद्दी से मुझे पकड़ लेते हैं और गाली देने लगते हैं।इससे पहले चंडीगढ में बैन गाना गाए जाने पर शो के दौरान गोली चल गई थी और एक युवक की हत्या हो गई थी।
पंजाबी गायकों ने धुरंधर द रिवेंज में अपनी आवाज से धमाल मचाई है। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के बावजूद इस मूवी से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री हुई है। हसन जहांगीर को उसके सांग हवा-हवा के लिए 45 लाख रुपए दिए गए हैं।फिल्म के टाइटल सांग आरी-आरी को जालंधर के खान साब ने अपनी क्लासिकल आवाज दी है। इसके साथ ही जैसमीन सैंडलस और सतिंदर सरताज ने भी कोलैब किया है। गुरुवार को रिलीज हुई धुरंधर मूवी के प्रीमियर पर पंजाबी सिंगर जैसमीन और खान साब स्टेज पर नजर आए। रणबीर सिंह ने बार-बार की गाने की फरमाइस इस दौरान फिल्म के एक्टर रणवीर सिंह खान साब से बार-बार गीत सुनने की फरमाइश करते नजर आए। खान साब ने पूछा कौन सा गीत सुनना है। इस पर रणबीर कहते हैं कि वही वाला। खान साब फिर पूछते हैं कौन सा। रणबीर कहते हैं वही वाला। मुझे तो दिल पे जख्म पसंद है। इस पर खान साब उनको दिल पे जख्म खाते हैं सांग सुनाते हैं जिस पर रणबीर खूब झूमते हैं। बता दें कि दिल पे जख्म खाते सांग से ही जालंधर के रहने वाले खान साब को पहचान मिली थी। उनको भारत का नुसरत फ्तेह अली खान साहब भी कहा जाता है। खान साब ने खुद स्टेज से कहा कि वह जालंधरी हैं और कपूरथला में रह रहे हैं। पंजाबी आ गए से खान साब ने सबको संबोधित किया। धुरंधर-1 में दिलजीत ने गाया था सांगधुरंधर के पार्ट 1 में पंजाबी और बालीवुड सिंगर और जालंधर के ही रहने वाली दिलजीत दोसांझ ने अपनी आवाज दी थी। दिलजीत ने रैपर सिंगर हनुमान काइंड के साथ यार दी जिप्सी रौंदां दे नाल भरी होई है गाया था। ईजी-ईजी टाइटल से रिलीज इस गीत को लोगों को बहुत प्यार मिला था। जानें मूवी को लेकर किसने क्या कहा… खान साब बोले-मेरे लिए रुहानी अनुभव: खान साब ने कहा कि मेरे लिए धुरंधर के संगीत का हिस्सा बनना एक रूहानी अनुभव रहा है। आदित्य धर पाजी और शाश्वत सचदेव ने जिस तरह से मिट्टी की खुशबू और आधुनिक संगीत का मेल किया है, वह बेमिसाल है। आरी आरी गाते वक्त मुझे वही पुरानी पंजाब की ऊर्जा महसूस हुई। मुझे खुशी है कि लोग इस संगीत को इतना प्यार दे रहे हैं। जैस्मीन सैंडलस मेरे लिए इनोशनल मूवी पंजाबी सिंगर जैसमीन सैंडलस ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन मूवी नहीं, बल्कि एक इमोशन है। इसके पंजााबी गीतों के जरिए हमने एक नई साउंड पेश करने की कोशिश की है। रणवीर सिंह की एनर्जी ने मेरे गानों में जान फूंक दी है। यह मेरे करियर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है और मैं इसकी सफलता से बहुत उत्साहित हूं। सतिंदर सरताज ने गाया सूफी कलामसतिंदर सरताज ने कहा कि मैंने इस फिल्म में नूर-ए-इलाही जैसा सूफी कलाम पेश किया है, जो फिल्म की डेफ्थ को दर्शाता है। यह फिल्म न्याय और बदले की एक सूफियाना जंग जैसी है। आदित्य धर का विजन बहुत स्पष्ट था कि संगीत फिल्म की कहानी का हिस्सा लगे, न कि सिर्फ मनोरंजन। यह एक ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव है। जानें पाकिस्तानी सिंगर को क्यों मिला इतना पैसा 90 के दशक की यादों को ताजा करने के लिए चुना गयापाकिस्तानी पॉप सिंगर हसन जहांगीर 80 के दशक के सबसे सक्सेस सिंगर हैं। उनको अपने क्लासिक गीत हवा-हवा से वर्ल्डवाइड पहचान मिली। फिल्म धुरंधर के निर्माताओं द्वारा इस गाने का चुनाव करने के पीछे मुख्य उद्देश्य दर्शकों को 90 के दशक की पुरानी यादों को नए एक्शन के साथ जोड़ना था। रणवीर सिंह की एनर्जी और फिल्म के स्पाई-थ्रिलर बैकड्रॉप के लिए इस गाने की धुन एकदम सटीक बैठती है। इसके इस्तेमाल के लिए हसन जहांगीर को 46 लाख रुपए पेमेंट की गई।
साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन ने फिल्म धुरंधर 2 देखने के बाद इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी। उन्होंने रणवीर सिंह और आर माधवन समेत फिल्म की पूरी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की भी सराहना की। बुधवार को अल्लू अर्जुन ने ट्वीट करते हुए फिल्म को लेकर लिखा, अभी-अभी धुरंधर 2 देखी-देशभक्ति के साथ जबरदस्त स्वैग है। यह एक ऐसी फिल्म है जो हर देशभक्त को गर्व महसूस कराएगी। कई ऐसे पल हैं, जहां आप तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। पूरी तरह धमाका! पूरी टीम को बधाई। उन्होंने आगे लिखा, आर माधवन और सभी कलाकारों का शानदार प्रदर्शन है। टेक्निकल लेवल पर भी फिल्म कमाल की है। मुझे गर्व है कि हमारे देश में मेरे भाई रणवीर सिंह जैसे बेहतरीन और बहुमुखी अभिनेता हैं। रणवीर सिंह फायर हैं। आदित्य धर ने कमाल कर दिया, वे पूरी तरह छा गए। हमारे देश में उनके जैसे शानदार फिल्ममेकर्स होना गर्व की बात है। एक भारतीय कहानी… इंटरनेशनल स्वैग के साथ! जय हिंद। आर माधवन ने आभार जताया वहीं, अल्लू अर्जुन को धन्यवाद देते हुए आर माधवन ने ट्वीट के रिप्लाई में लिखा, मैं बेहद विनम्र, भावुक और बहुत ज्यादा प्रेरित महसूस कर रहा हूं। आपकी तरफ से ये सुनना मेरे लिए बहुत मायने रखता है, मेरे प्यारे भाई। आगे उन्होंने लिखा, मैंने आपकी सभी फिल्में आपकी काबिलियत के प्रति गहरे सम्मान और हैरानी के साथ देखी हैं और यह जानकर बहुत शानदार महसूस हो रहा है कि यह भावना दोनों तरफ से है। भगवान आपका भला करे। मेरे करियर और जिंदगी के इस अहम मोड़ पर यह पहला ऑनलाइन रिव्यू मेरे लिए बेहद खास है। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई।
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। उम्मीदें जितनी ऊंची थीं, फिल्म कई जगह उन्हें पूरा करती है, तो कुछ जगह थोड़ा चूक भी जाती है। फिल्म की कहानीकहानी जसकीरत सिंह रांगी के अतीत से शुरू होती है, जो अपने परिवार के साथ हुए अन्याय के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखता है। जेल से निकलकर वह भारत के लिए काम करने का मौका पाता है और पाकिस्तान में हमजा अली मजारी बनकर अंडरकवर मिशन पर जाता है।पहले पार्ट के बाद अब कहानी ल्यारी की सत्ता और गैंगवार के इर्द-गिर्द घूमती है। रहमान डकैत की मौत के बाद खाली हुई गद्दी पर कब्जा, दुश्मनों का सफाया और अपने असली मिशन तक पहुंचना यही फिल्म का मूल है। इस बार कहानी में नोटबंदी, अतीक अहमद जैसे मुद्दों के संदर्भ और देश-विदेश की राजनीतिक कड़ियों को जोड़ा गया है। सबसे बड़ा सस्पेंस “बड़े साहब” का है, जिसके इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती है। हालांकि यह खुलासा जितना बड़ा बनाया गया, उतना प्रभाव छोड़ नहीं पाता। फिल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा धीमा और खिंचा हुआ लगता है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी पकड़ बनाती है और क्लाइमैक्स तक आते-आते असर छोड़ती है। फिल्म में एक्टिंगरणवीर सिंह पूरी फिल्म की जान हैं। जसकीरत और हमजा—दोनों किरदारों में उन्होंने अलग-अलग बॉडी लैंग्वेज और एटीट्यूड दिखाया है। एक्शन, गुस्सा और इमोशन, हर जगह वो स्क्रीन पर छाए रहते हैं।राकेश बेदी इस बार भी सरप्राइज पैकेज हैं। आर. माधवन जब भी स्क्रीन पर आते हैं, फिल्म को मजबूती देते हैं। संजय दत्त का प्रेजेंस अच्छा है, लेकिन सीमित है। अर्जुन रामपाल का किरदार इस बार उतना खतरनाक नहीं बन पाया।सारा अर्जुन को स्क्रीन टाइम कम मिला है, लेकिन अपने हिस्से में वो असर छोड़ती हैं। उनका किरदार और गहराई पा सकता था। फिल्म में डायरेक्शन और तकनीकी पक्षआदित्य धर ने फिल्म का स्केल और बड़ा किया है। रिसर्च और डिटेलिंग में मेहनत दिखती है, खासकर जब फिल्म असली घटनाओं को छूती है। लेकिन यही कोशिश कई जगह फिल्म को भारी और थोड़ी डॉक्यूमेंट्री जैसी भी बना देती है।पहले पार्ट की टाइट कहानी यहां थोड़ी ढीली पड़ती है। कई सीन लंबे लगते हैं और कुछ ट्विस्ट पहले से अंदाजा हो जाते हैं। हालांकि सेकंड हाफ में डायरेक्शन संभलता है और क्लाइमैक्स मजबूत बनता है।सिनेमैटोग्राफी और एक्शन सीक्वेंस शानदार हैं। बैकग्राउंड स्कोर खासकर क्लाइमैक्स में प्रभावशाली है, लेकिन एडिटिंग और टाइट हो सकती थी। फिल्म का म्यूजिकम्यूजिक इस बार फिल्म की कमजोर कड़ी है। पहले पार्ट जैसा असर नहीं बन पाता। कुछ जगह पुराने गानों का इस्तेमाल किया गया है, जबकि ‘आरी आरी’ और 'जान से गुजरते' जैसे एक-दो गाने ही याद रह जाते हैं। बैकग्राउंड स्कोर जरूर माहौल बनाने में सफल रहता है। फिल्म पर फाइनल वर्डिक्टधुरंधर 2 एक बड़ी और महत्वाकांक्षी फिल्म है, जो एक्शन, पॉलिटिक्स और रियल इवेंट्स को जोड़कर अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश करती है। हालांकि इसकी लंबाई, ढीली पटकथा और कुछ अधूरे किरदार इसे पहले पार्ट जितना दमदार नहीं बनने देते। फिर भी, रणवीर सिंह की शानदार परफॉर्मेंस, मजबूत सेकंड हाफ और असरदार क्लाइमैक्स इसे एक अच्छा थिएटर एक्सपीरियंस बनाते हैं। अगर आपने पहला पार्ट पसंद किया था, तो यह फिल्म जरूर देखें, बस उम्मीदें थोड़ी संतुलित रखकर।
रितेश देशमुख की फिल्म 'राजा शिवाजी' का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। जियो स्टूडियोज और मुंबई फिल्म कंपनी ने एलान किया है कि इस फिल्म का पहला लुक टीजर 19 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' के साथ बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। दर्शकों को इस फिल्म की पहली झलक आज 'धुरंधर' के पेड प्रिव्यू के दौरान ही सिनेमाघरों में मिल चुकी है। सिर्फ थिएटर में दिखेगा पहला टीजर मेकर्स ने इस टीजर को फिलहाल 'सिनेमा एक्सक्लूसिव' रखने का फैसला किया है। यानी इसे देखने के लिए आपको थिएटर ही जाना होगा। इस टीजर के जरिए छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके शौर्य की एक झलक पेश की जाएगी। फिल्म में रितेश देशमुख न केवल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि वे खुद इसका निर्देशन भी कर रहे हैं। स्वराज्य की नींव रखने वाले योद्धा की कहानी 'राजा शिवाजी' फिल्म एक ऐसे बेटे की कहानी है जिसने अत्याचारी ताकतों के खिलाफ खड़े होने की शपथ ली और स्वराज्य की नींव रखी। रितेश देशमुख ने इस फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया है। फिल्म का उद्देश्य इस ऐतिहासिक गाथा को न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक मिसाल के रूप में पेश करना है। 1 मई को दुनिया भर में होगी रिलीज 'राजा शिवाजी' का निर्माण ज्योति देशपांडे और जेनेलिया देशमुख ने जियो स्टूडियोज और मुंबई फिल्म कंपनी के बैनर तले किया है। फिल्म 1 मई, 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। यह दिन महाराष्ट्र दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है, जो फिल्म की रिलीज के लिए काफी खास माना जा रहा है।
रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' के पेड-प्रिव्यू शोज कई जगहों पर रद्द हो गए हैं। इसके पीछे का कारण डिजिटल डिलीवरी में आई तकनीकी समस्याओं को बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में डबिंग की दिक्कत से शोज कैंसिल हुए हैं, वहीं दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में भी कंटेंट देरी से पहुंचने की वजह से शोज 30 मिनट तक लेट शुरू हुए हैं। डायरेक्टर आदित्य धर ने इस अव्यवस्था के लिए सोशल मीडिया पर दर्शकों से माफी मांगी है। डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी इस बीच डायरेक्टर आदित्य धर खुद ने दर्शकों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया। उन्होंने अपडेट दिया कि तकनीकी और लॉजिस्टिकल गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और तमिल-तेलुगु भाषाओं के शोज आज रात 9 बजे से शुरू हो जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल यानी 19 मार्च की मुख्य रिलीज के लिए कंटेंट आज शाम तक सभी जगह उपलब्ध करा दिया जाएगा ताकि सुबह के शोज सुचारू रूप से चल सकें। साउथ में डबिंग की समस्या, रिफंड प्रक्रिया शुरू हैदराबाद, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में नॉन-हिंदी (तमिल, तेलुगु आदि) प्रीव्यू शोज को रद्द करना पड़ा है। थिएटर मालिकों के मुताबिक, डबिंग में कुछ तकनीकी खामियों की वजह से फिल्म का कंटेंट समय पर ‘क्यूब’ पर अपलोड नहीं हो पाया। कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे शहरों में सिनेमाघरों ने शोज कैंसिल कर दर्शकों को रिफंड देना शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ सिनेमाघरों में नॉन-हिंदी वर्जन की जगह हिंदी वर्जन के प्रीव्यू दिखाए जा रहे हैं ताकि दर्शक निराश न हों। दिल्ली-मुंबई और नोएडा में भी आधे घंटे की देरी सिर्फ साउथ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद जैसे महानगरों में भी हिंदी शोज शुरू होने में देरी देखी गई। नोएडा के पीवीआर सुपरप्लेक्स के मैनेजर के अनुसार, डिजिटल कंटेंट सिनेमाघरों तक देरी से पहुंचा, जिसकी वजह से कई शोज 30 मिनट तक लेट हो गए। 5 भाषाओं में कल होगी पैन-इंडिया रिलीज फिल्म का पहला भाग यानी 'धुरंधर' (2025) सिर्फ हिंदी में आया था, लेकिन इस बार इसे बड़े पैमाने पर पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज किया जा रहा है। 'धुरंधर 2' कल 19 मार्च को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। पहले पार्ट को दक्षिण भारत में मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद मेकर्स ने सीक्वल को इतनी भाषाओं में डब करने का फैसला लिया था।
नोरा फतेही पैन इंडिया फिल्म केडीःद डेविल के गाने सरके चुनर तेरी सरके की रिलीज से विवादों में हैं। अश्लील गाने पर विवाद बढ़ने के बाद अब एक्ट्रेस ने बयान जारी कर साफ कहा है कि उनसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना अप्रूवल या परमिशन गाने को हिंदी में बना लिया। एक्ट्रेस ने मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने लिरिकल गाने को बिना इजाजत लिए उनकी AI इमेज के साथ रिलीज किया। एक्ट्रेस ने ये भी माना कि गाना वाकई अनुचित है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सॉन्ग लॉन्च इवेंट में पहुंचकर मिलीं। हिंदी गाना देखकर एक्ट्रेस खुद शॉक में थीं। विवाद पर नोरा फतेही ऑफिशियल सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट कर कहा- ‘मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं।' 'मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था।’ वीडियो में नोरा ने आगे कहा, ‘जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए।’ नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए कई आरोप नोरा फतेही ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है, ‘उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी।’ ‘मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है। क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है।’ नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने कहा, ‘हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं।’ वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदोरिया ने सरके चुनरिया गाने की अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ बता दें कि ये हिंदी गाना पहले ही बैन कर दिया है। इस गाने को यूट्यूब से भी हटा दिया है। हालांकि विवाद जारी है। मंगलवार को नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने शिकायत मिलने के बाद सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी तरफ लिरिसिस्ट रकीब आलम ने मामले पर सफाई देते हुए दावा किया है कि ये विवादित गाना उन्होंने नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर ने लिखा है।
चेक बाउंस मामले में फंसे बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि क्योंकि राजपाल ने अब तक बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा जमा कर दिया है, इसलिए उन्हें फिलहाल वापस जेल नहीं भेजा जाएगा। अब मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि अगली सुनवाई की तारीख को टाला नहीं जाएगा और मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। कोर्ट ने इसे राजपाल के लिए आखिरी मौके की तरह देखने को कहा है। आज जमा किया 25 लाख का डिमांड ड्राफ्ट सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि राजपाल ने अब तक शिकायतकर्ता कंपनी 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' को 4.25 करोड़ रुपए चुका दिए हैं। वकील ने आज कोर्ट में 25 लाख रुपए का एक और डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा किया। इसके साथ ही कोर्ट में रेगुलर बेल (नियमित जमानत) की अर्जी भी दी गई, क्योंकि राजपाल की अंतरिम जमानत आज खत्म हो रही थी। कोर्ट ने पूछा- क्या लोन लिया था? कार्यवाही के दौरान जज ने राजपाल यादव से सीधे सवाल किया कि क्या उन्होंने लोन लिया था? इस पर एक्टर ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे लिए थे। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजपाल को पहले भी पैसे लौटाने के कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने समय पर भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने इसे राजपाल के लिए आखिरी मौके की तरह देखने को कहा है। राजपाल बोले- 'जेल जाने से हुआ भारी नुकसान' राजपाल यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 2016 के आदेश के मुताबिक उन्हें 10.40 करोड़ रुपए चुकाने थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने एक दोस्त की 28 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी सुरक्षा के तौर पर दिए थे। राजपाल ने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष बकाया पैसे लेने के बजाय उन्हें जेल भेजने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जेल जाने की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई, जिससे उन्हें एक फिल्म प्रोजेक्ट में 22 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके राजपाल राजपाल यादव इन दिनों 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। यह मामला उनकी साल 2010 की फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिए गए कर्ज से जुड़ा है। राजपाल ने बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। ब्याज और पेनल्टी के साथ यह रकम अब बढ़कर 9 करोड़ रुपए हो गई है। मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। अब उन्हें 1 अप्रैल तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई है।
पंजाबी सुपरस्टार, सिंगर दिलजीत दोसांझ के दिल लुमिनाटी इंडिया टूर 2024 ने पंजाबी म्यूजिक के इतिहास में कमाई का रिकॉर्ड तोड़ा है। दिल-लुमिनाती टूर ने 943 करोड़ रुपए कमाए। इसका खुलासा मार्च 2026 में आई सोशियो इकोनॉमिक इम्पैक्ट रिपोर्ट में किया गया है। इस टूर से 114 करोड़ रुपए टैक्स मिला, जबकि 1.2 लाख लोगों को रोजगार मिला है। दिलजीत दोसांझ के दिल लुमिनाटी इंडिया टूर 2024 ने देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई दी। अर्न्स्ट एंड यंग (EY) की ताजा सोशियो इकोनॉमिक रिपोर्ट के मुताबिक, 13 शहरों में 14 शो वाले इस टूर ने कुल 943 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया। इससे 114 करोड़ टैक्स के रूप में आए। यह आंकड़ा भारतीय कलाकार के लाइव टूर का नया बेंचमार्क है। रिपोर्ट में बताया गया है कि, टूर के दौरान 3.2 लाख से ज्यादा दर्शकों ने शो देखे। दिल्ली का शो तो रिकॉर्ड 55 हजार दर्शकों के साथ देश का सबसे बड़ा शो बना। EY रिपोर्ट के अनुसार, टिकट बिक्री और स्पॉन्सरशिप से 276 करोड़ का डायरेक्ट रेवेन्यू मिला, जबकि होटल, ट्रैवल, खान-पान, शॉपिंग और लोकल सर्विसेज में फैंस के खर्च से 553 करोड़ रुपए आए। टैक्स में 111 करोड़ GST और बाकी लोकल परमिशन फीस शामिल हैं। सवा लाख दिहाड़ी के बराबर रोजगार दिया सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस टूर ने 1.18 लाख मैन डे रोजगार दिया है। लॉजिस्टिक्स, सिक्योरिटी, स्टेज प्रोडक्शन, टेक्निशियन और लोकल वेंडर्स समेत हजारों लोगों को सीधा रोजगार मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि, टियर-2 और टियर-3 शहरों से 49% दर्शक आए, जबकि 38% फैंस दूसरे शहरों से ट्रैवल करके शो में शामिल हुए और कई ने अपनी ट्रिप 2-5 दिन बढ़ा दी जिससे टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला। दिलजीत बोले- हमने मिलकर कुछ एतिहासिक किया हैदिलजीत ने टूर के सफल समापन पर फैंस और टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमने मिलकर कुछ ऐतिहासिक बनाया है। पंजाबी रूट्स को ग्लोबल अपील के साथ जोड़ने वाले दिलजीत ने साबित कर दिया कि घरेलू कलाकार अब बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक और आर्थिक गति पैदा कर सकते हैं। इस टूर ने भारतीय लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई दिशा दी है। EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े लाइव इवेंट्स अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को पावर देते हैं। यह सफलता सिर्फ दिलजीत की नहीं, बल्कि पूरे भारत की लाइव म्यूजिक इंडस्ट्री की जीत है। आने वाले समय में और बड़े टूर की उम्मीद जाग रही है।
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' की रिलीज से कुछ घंटे पहले डायरेक्टर आदित्य धर ने फैंस से एक खास गुजारिश की है। फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया पर एक लंबी और इमोशनल पोस्ट लिखकर लोगों से फिल्म के सस्पेंस को लीक न करने की अपील की है। 19 मार्च को रिलीज होने वाली इस फिल्म के प्रीव्यू शोज आज यानी 18 मार्च से शुरू हो चुके हैं, जिसे लेकर मेकर्स काफी सतर्क हैं। आदित्य धर ने इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि वे चाहते हैं कि दर्शक फिल्म के हर ट्विस्ट और इमोशन को उसी तरह महसूस करें, जैसा कि उन्हें महसूस करने के लिए बनाया गया है। फिल्म के सीक्रेट्स बचाने की गुजारिशआदित्य ने लिखा, मैं आपसे एक दिली गुजारिश करता हूं... कृपया स्पॉयलर शेयर न करें! हर फैन को थिएटर में बिना किसी जानकारी के जाने दें, ताकि वे फिल्म देखते समय खुद को सरप्राइज महसूस कर सकें। निर्देशक ने अपनी पोस्ट में इनडायरेक्टली पायरेसी का मुद्दा भी उठाया। पायरेसी के खिलाफ भी बोले आदित्यउन्होंने कहा कि फिल्म को फोन पर धुंधली इमेज में नहीं, बल्कि थिएटर के अंधेरे में परिवार और दोस्तों के साथ देखना चाहिए। उन्होंने लिखा, हमने धुरंधर: द रिवेंज में अपना दिल लगा दिया है। फिल्मों का अनुभव थिएटर में ही लिया जाना चाहिए, जहां आप अजनबियों के साथ भी एक ही तरह की भावनाएं महसूस करते हैं। कल रिलीज होगी फिल्मकल यानी 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली इस फिल्म में लंबी स्टारकास्ट है। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, आर माधवन, राकेश बेदी, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। माना जा रहा है कि यह जासूसी थ्रिलर फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। आदित्य ने अपने नोट का अंत 'भारत माता की जय' के साथ किया।
फिल्म केडीः द डेविल के अश्लील गाने सरके चुनर तेरी सरके के विवाद पर डायरेक्टर प्रेम जोगी ने सफाई दी है। उनका कहना है कि ये पूरा गाना बोतल पर बना है, जिसे पूरा सुने बिना ही लोग निष्कर्ष पर पहुंच गए। उनका ये भी कहना है कि अगर किसी की सोच गलत है तो वो गाने को गलत ही समझेगा। डायरेक्टर प्रेम के अलावा उनकी पत्नी रक्षिता ने भी विवाद पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये गाना अश्लील है तो जब चोली के पीछे जैसे गाने या डर्टी पिक्चर आई तब उस पर आपत्ति क्यों नहीं ली गई। फिल्म केडीः द डेविल के डायरेक्टर प्रेम जोगी ने हाल ही में बैंग्लोर टाइम्स को दिए इंटरव्यू में विवाद पर कहा, “अगर किसी का नजरिया सही है, तो वह इस गाने को गलत तरीके से नहीं लेगा। जब भी किसी महिला का मामला होता है, लोग सबसे बुरा क्यों सोच लेते हैं? लोग असली वीडियो देखे बिना या संदर्भ समझे बिना रिएक्शन दे रहे हैं।” आगे डायरेक्टर कहते हैं, “सेंसर बोर्ड किसी कारण से है। मुझे उन पर भरोसा है और मैं उनके फैसले के साथ खड़ा रहूंगा। अगर कुछ लोग इस गाने को कोई लेबल देना चाहते हैं, तो वे स्वतंत्र हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि मेरा इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं है।” बातचीत में प्रेम जोगी ने ये भी कहा है कि भले ही हिंदी गाना हटा दिया गया है, लेकिन इसका कन्नड़ वर्जन हटाया नहीं जाएगा। वे आलोचना को खारिज नहीं कर रहे, लेकिन उनका कहना है कि वो ऐसे मामलों से निपटने के लिए तैयार हैं। डायरेक्टर की पत्नी ने चोली के पीछे गाने पर उठाया सवाल विवाद के बीच डायरेक्टर प्रेम की पत्नी रक्षिता ने भी कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर गाने और डायरेक्टर के समर्थन वाले कई पोस्ट शेयर किए हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा है, जब ‘फीलिंग्स’(पुष्पा-2 का गाना), ‘ड्रीमम वेकअपम’ (अय्या मूवी का गाना), ‘चोली के पीछे’ (खलनायक का गाना) या ऐसे ही 100 गानों में एक जैसी बातें थीं, तब सबको ठीक लगा। जब पूरी फिल्म आई जिसमें दिखाया गया कि एक्टर्स ने पूरी फिल्म में यौन संबंध बनाए, तब भी सबको ठीक लगा। लेकिन एक गाने पर इतना बड़ा मुद्दा बना दिया गया। मैं सिर्फ इसे समझने की कोशिश कर रही हूं, ताकि समझ सकूं कि ऐसा क्यों हो रहा है।” डायरेक्टर की पत्नी ने इस समय डर्टी पिक्चर पर भी सवाल उठाए, जो बोल्ड कंटेंट के लिए विवादों में थी। क्या है पूरा विवाद? पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
फिल्म केडीः द डेविल के गाने सरके चुनर पर विवाद जारी है। नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माए गए अश्लील लिरिक्स वाले इस गाने को आपत्ति के बाद यूट्यूब से हटा दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद अब नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी तरफ लिरिसिस्ट ने दावा किया है कि ये विवादित गाना उन्होंने नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर ने लिखा है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने मंगलवार को इन संस्थाओं को नोटिस जारी करते हुए इस गाने से जुड़े विवाद की जांच करने और 2 हफ्ते में एक्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अध्यक्षता नेशनल ह्यूमन राइट कमिशन की बेंच मेंबर प्रिंयांक कानूनगो कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टता से इस गाने पर लगाए गए आरोप मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन है। इस मामले को ह्यूमन राइट एक्ट 1993 के तहत संज्ञान में लिया गया है। नेशनल ह्यूमन राइट कमिशन को मिली शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा है कि अपकमिंग फिल्म केडीः द डेविल के हाल ही में जारी हुए गाने में अश्लील और यौन संकेत देने वाले डबल मीनिंग बोल हैं, जो सार्वजनिक रूप से प्रसारण और खासकर बच्चों के लिए ठीक नहीं है। ये कंटेंट सोशल मीडिया, टीवी और कई प्लेटफॉर्म्स में उपलब्ध है, जिससे नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ और नैतिक वातावरण पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में ह्यूमन राइट कमिशन को हस्तक्षेप करने, मामले का संज्ञान लेने और इस तरह के कंटेंट पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। विवादित गाने के खिलाफ दर्ज हुईं कई शिकायतें ह्यूमन राइट्स कमिशन के अलावा कर्नाटक और हरियाणा के स्टेट कमिशन फॉर वीमन ने भी सेंसर बोर्ड को शिकायत भेजकर चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा फिल्म के मेकर्स के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया है। फिल्म के लिरिसिस्ट ने दी सफाई, कहा- गाना मैंने नहीं लिखा विवाद के बीच फिल्म के लिरिसिस्ट रकीब आलम ने एक स्टेटमेंट जारी कर विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि ये गाना उन्होंने नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर प्रेम ने लिखा है। उन्होंने इस गाने को सिर्फ हिंदी में ट्रांसलेट किया है। लिरिसिस्ट रकीब आलम ने स्टेटमेंट में कहा, “कुछ ही घंटों में बहुत कुछ हो गया है और मैंने खुद को ऐसी स्थिति में पाया, जिसके लिए मैं तैयार नहीं था। हालांकि मेरे अनुरोध के बाद निर्देशक प्रेम ने गाना हटा लिया है, फिर भी मैं आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ‘सरके चुनर तेरी सरके’ के मूल बोल मैंने नहीं लिखे हैं। आगे उन्होंने कहा, यह गाना फिल्म के निर्देशक प्रेम ने कन्नड़ में लिखा था और मेरी भूमिका केवल उसका हिंदी में अनुवाद करने तक सीमित थी। एक गीतकार के रूप में मुझे अपने लिखे शब्दों पर गर्व है, और मूल लेखन और अनुवाद के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि इससे मेरे योगदान को लेकर कोई भी गलतफहमी दूर हो जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “यह समझना जरूरी है कि जब आप किसी फिल्म के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं, तो आप उसकी शर्तों को पूरा करने के लिए बाध्य होते हैं। कन्नड़ के मूल बोल पढ़ने के बाद मैंने इस गाने का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था, लेकिन मुझसे इसे हिंदी में अनुवाद करने के लिए कहा गया और कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार मुझे अपनी भूमिका निभानी पड़ी। प्रेम मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने उन्हें चेतावनी दी थी और आगे न बढ़ने का अनुरोध भी किया था। हालांकि, उन्हें पता था कि वे क्या कर रहे हैं और इस गाने से क्या चाहते हैं।” बता दें कि रकीब आलम इससे पहले पुष्पा और पुष्पा 2 फिल्मों के लिए भी गाने लिख चुके हैं। क्या है गाने सरके चुनर तेरी सरके का पूरा विवाद पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत हो गई है। देश में कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगा दी गई, जिससे आम जनता के बीच भी सिलेंडर के लिए मारामारी हो रही है। इसी बीच एक्टर अक्षय कुमार ने इस किल्लत पर रिएक्शन दिया है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना ने खबर मिलते ही इंडक्शन खरीद लिया है। अक्षय कुमार मंगलवार को बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बने थे। इस दौरान उनसे गैस सिलेंडर की किल्लत होने पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने कहा, “तो मेरी पत्नी ने परसों, देखिए, अभी तक तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन जो नया ओवन आया है, जो इंडक्शन जैसा है, तो हमने दो खरीद लिए हैं। तो आप भी खरीद लीजिए।” जब एक्टर से पूछा गया कि क्या वो इंडक्शन उनके घर पहुंच गया है, तो एक्टर ने कहा, “फिलहाल तो मुझे यह नहीं पता, लेकिन मुझे इतना मालूम है कि मेरी पत्नी ने उसे ऑर्डर कर दिया है। वह घर पर पहुंचा है या नहीं, यह मुझे अभी तक पता नहीं है।” गोलमाल 5 में नजर आएंगे अक्षय कुमार बता दें कि अक्षय कुमार के पास इन दिनों कई बड़ी फिल्में हैं। वो जल्द ही फिल्म भूत बंगला में नजर आएंगे, जो एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है। 2 अप्रैल को रिलीज होने वाली इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, तब्बू, परेश रावल और राजपाल यादव अहम किरदारों में हैं। इसके अलावा अक्षय वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 3 और हैवान में भी नजर आने वाले हैं। इसके अलावा अक्षय ने हाल ही में रोहित शेट्टी की गोलमाल फ्रैंचाइली की 5वीं फिल्म गोलमाल भी शुरू कर दी है।
रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल चुका है। 19 मार्च को रिलीज हो रही इस मोस्ट अवेटेड फिल्म को सेंसर बोर्ड से भी सर्टिफिकेट मिल चुका है। हाल ही में आई वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने फिल्म को A (एडल्ट ओनली) सर्टिफिकेट दिया है। यानी 18 साल से कम उम्र के लोग इस फिल्म को नहीं देख सकेंगे। पहले पार्ट से भी लंबी होगी धुरंधर 2 धुरंधर के पहले पार्ट का रनटाइम 214 मिनट यानी 3 घंटे 34 मिनट था, हालांकि अब धुरंधर 2 इससे भी लंबी होने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, धुरंधरः द रिवेंज का रनटाइम 229 मिनट होने वाला है। यानी ये फिल्म 3 घंटे 49 मिनट की होगी। इसी के साथ धुरंधर 2, बॉलीवुड की सबसे लंबी फिल्मों की लिस्ट में 6वें नंबर पर जगह बना चुकी है। फिल्म में इन सीन में बदलाव की मांग फिल्म का रनटाइम 1 मिनट 34 सेकंड कम हुआ इन सभी बदलावों के साथ फिल्म का 1 मिनट 34 सेकंड का रनटाइम भी कम किया गया है। अगर ये बदलाव न होते तो फिल्म 230 मिनट से भी लंबी होती। 19 मार्च को रिलीज होगी धुरंधर 2 फिल्म धुरंधर 2, 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। आज रात 8 बजे से इसका पेड प्रिव्यू शुरू किया जाएगा। फिल्म में रणवीर सिंह, सारा अर्जुन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल अहम किरदारों में हैं। आदित्य धर ने फिल्म निर्देशित की है। इसका पहला पार्ट सुपरहिट रहा था। फिल्म भारत में सबसे ज्यादा कलेक्शन करने वाली बॉलीवुड फिल्म रही। वहीं धुरंधर 2025 की भी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म है।
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के जिया खान डेथ केस में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 3 जून 2013 को जिया खान का शव उनके जुहू स्थित अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटका मिला। जिया की मौत के 4 दिन बाद उनके घर से 6 पन्नों का नोट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सूरज पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करवाया। उनकी मां की शिकायत के बाद जिया के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मौत से चंद मिनटों पहले तक जिया ने सूरज को कई कॉल किए थे, वो उनके घर भी गई थीं। जिया की मां ने इस समय सूरज पर हत्या के आरोप भी लगाए। उन्होंने जिया की डेडबॉडी की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें चोट के कई निशान थे। हालांकि दूसरी तरफ सूरज की मां ने कहा कि जिया एक बार मां से झगड़े के बाद रोती हुईं उनके घर आई थीं, उनके सिर से खून निकल रहा था। जिया की मौत के दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें सूरज के पिता आदित्य पंचोली, जिया की बिल्डिंग में नजर आए। जुलाई 2014 में सीबीआई ने केस की जांच शुरू की, जिससे केस के कई और एंगल भी सामने आए। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- क्यों मौत से पहले सूरज के घर गई थीं जिया खान जिया खान केस में जनवरी 2014 में जुहू पुलिस ने 447 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद जुलाई 2014 में केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया। दिसंबर 2015 में सभी तथ्यों की जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दायर की। चार्जशीट के अनुसार, जिया खान डेथ केस की जांच में कॉल रिकॉर्ड्स निकालने से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनट पहले तक उनकी बॉयफ्रेंज सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। सीबीआई की जांच के मुताबिक, रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। जिस दिन जिया की मौत हुई, उस दिन दोपहर को वो बहन कविता के लिए जूलरी लेने बांद्रा गई थीं। कविता 3 जून को मौत वाले दिन ही रात 3 बजे की फ्लाइट से मुंबई लैंड करने वाली थीं। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही जिया की मौत हो गई। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार, सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जूलरी डिजाइनर से बात करने के बाद जिया ने गुस्से में सूरज को दोबारा कॉल किया और उन पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। जिया को नाराज होता देख सूरज ने उस जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और जिया से अगले दिन की अपॉइंटमेंट की बात कहने पर सवाल किया। इस पर डिजाइनर ने उन्हें यही कहा कि वो अगले दिन ही मिलेंगी। कुछ देर बाद सूरज ने फिर जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और कहा कि वो जिया को कॉल कर उनकी गलतफहमी दूर करें। जूलरी डिजाइनर ने जिया को कॉल भी किए, लेकिन उनका नंबर व्यस्त था। इस समय जिया ने सूरज को कई कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10 बजकर 22 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया। दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई, जो आज तक साफ नहीं है। इसके थोड़ी देर बाद जिया अचानक सूरज के घर पहुंच गईं। उन्होंने पहुंचकर सूरज को कॉल किया, लेकिन उनका नंबर तब बंद था। जिया ने सूरज के हाउसहेल्प को भी कॉल किया। सूरज के कहने पर उसके घरेलू सहायक ने जिया से झूठ कहा कि वह अपने पिता आदित्य पंचोली के साथ मीटिंग में है। लेकिन जब हाउस हेल्प ने जिया को बाहर खड़ा देखा तो उसने सूरज को इसकी जानकारी दी। जब तक सूरज ने किसी को उसे अंदर बुलाने के लिए भेजा, जिया वहां से जा चुकी थी। इसके बाद सूरज ने उन्हें मैसेज कर फोन करने को कहा। जिया ने रात 10:45 बजे उसे कॉल किया। सीबीआई के अनुसार, दोनों के बीच हुई तीखी बातचीत को सूरज के हाउसहेल्प और घर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी सुना। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि जिया रात 10:48 बजे घर लौटी। सूरज ने 10:54 बजे उसे फिर कॉल किया और यह दोनों के बीच आखिरी बातचीत थी। इसके बाद 10:56 से 11:21 बजे के बीच सूरज द्वारा भेजे गए दस मैसेज का जिया ने कोई जवाब नहीं दिया। रात 11:20 बजे जब जिया की मां पार्टी से घर लौटीं, तब तक जिया की मौत हो चुकी थी। अबॉर्शन में आए कॉम्प्लिकेशन, डॉक्टर की सलाह के बावजूद अस्पताल नहीं गए सूरज सीबीआई जांच के दौरान उस डॉक्टर का भी बयान लिया गया, जिसने जिया के अबॉर्शन के लिए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन दिया था। डॉक्टर के बयान के अनुसार, जिया की मौत से 5 महीने पहले यानी जनवरी 2013 में वो प्रेग्नेंट हुईं। उन्हें 4 हफ्ते का गर्भ था। सूरज ने डॉक्टर से कॉल पर मदद ली और जिया को खिलाई। दवाई दिए जाने के 2 दिन बाद सूरज ने डॉक्टर को कॉल कर कहा कि आधा फीटस (भ्रूण का आधा हिस्सा) जिया के अंदर फंसा हुआ है। ये अबॉर्शन के कॉम्प्लिकेशन में शामिल होता है। डॉक्टर ने सूरज से कहा कि वो तुरंत जिया को अस्पताल लाएं, लेकिन सूरज ने ऐसा नहीं किया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सूरज उस समय बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे। कोई स्कैंडल न बने इस डर से वो जिया को अस्पताल नहीं ले गए। कुछ देर बाद उन्होंने फिर डॉक्टर को कॉल किया और कहा कि वो खुद आधा हिस्सा निकालने में जिया की मदद कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस अबॉर्शन प्रोसेस से जिया का काफी खून बह गया था। कुछ दिक्कतों के बाद दोनों ने आधा बचा हुआ हिस्सा निकाला और उसे टॉयलेट में बहा दिया। केस की हर एंगल से जांच की गई। सूरज पंचोली पर धारा 309 आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप थे, लेकिन दूसरी तरफ उनकी मां राबिया बार-बार जोर दे रही थीं कि उनकी बेटी की हत्या हुई है। सीबीआई ने हत्या के एंगल से जांच करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी दोबारा देखा। लंबी जांच के बाद सीबीआई भी इसी नतीजे पर पहुंची कि मौत का कारण दम घुटना ही था। एक्ट्रेस के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। उनके गले पर बने निशान उस दुपट्टे के ही थे, जिससे उन्होंने फांसी लगाई थी। पुलिस जांच पर भी उठाए गए सवाल जांच में पुलिस की लापरवाही की भी बात सामने आई। पुलिस ने उस दुपट्टे को जांच के दायरे में ही नहीं लिया, जिससे एक्ट्रेस ने फांसी लगाई थी। साथ ही एक्ट्रेस के घर से फॉरेंसिक टेस्ट के लिए जब्त की गईं चीजों में वो ट्रैक सूट भी नहीं मिला, जो जिया ने मौत से कुछ घंटे पहले पहना था। घर से मिले सीसीटीवी फुटेज में एक्ट्रेस रात करीब 10 बजकर 48 मिनट पर घर लौटी थीं। तब उन्होंने नीला ट्रैक सूट पहना था, लेकिन जब उन्होंने आत्महत्या की, तो उन्होंने वो कपड़े नहीं पहने थे। अगर उन्होंने घर लौटकर कपड़े बदले भी हों, तो वो जा कहां सकते थे। पूरे घर की तलाश में वो कपड़े नहीं मिले। जांच में ये भी सामने आया कि जिया खान, सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में आने से पहले जयदीप और एलेक्स नाम के लड़कों से रिलेशनशिप में थीं। दो ब्रेकअप के बाद से ही एक्ट्रेस डिप्रेशन में थीं। सबूतों की कमी के चलते बरी हुए सूरज पंचोली जिया खान की मौत के 10 साल बाद 28 अप्रैल 2023 में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने केस पर फैसला सुनाते हुए सबूतों के आभाव पर सूरज पंचोली को धारा 309 से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जिस समय जिया की मौत हुई, तब उनकी मां ने ही उन्हें पहली बार देखा। पोस्टमार्टम में एक्ट्रेस की मौत को आत्महत्या माना गया। करीब 40 गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस आत्महत्या के नतीजे पर पहुंची। सीबीआई ने भी इसे आत्महत्या ही माना। अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश किए गए सबूत इस बात को साबित करने में नाकाम रहे कि सूरज पंचोली ही जिया की मौत के जिम्मेदार थे। सबूतों की कमी के चलते कोर्ट ने सूरज को बरी कर दिया। फाइनल हियरिंग में जिया के साथ फिल्म गजनी और हाउसफुल में काम कर चुकीं एसोसिएट प्रोड्यूसर अंजली का बयान भी शामिल किया गया। अंजली ने पूछताछ में साफ कहा था कि जिया खान करियर से नाखुश थीं। उन्हें फिल्में मिलनी लगभग बंद हो गई थीं, जिससे वो परेशान चल रही थीं। मौत से कुछ साल पहले 2008 में एक्ट्रेस डॉक्टर राहुल दत्ता से डिप्रेशन के लिए कंसल्ट कर रही थीं। एक्ट्रेस ने तब डॉक्टर से कहा था कि वो काम न मिलने से परेशान हैं और जयदीप, एलेक्स से ब्रेकअप के बाद इमोशनली टूट गई हैं। उन्होंने एक्ट्रेस के 7 सेशन लिए थे। 2 सेशन एक्ट्रेस के घर में ही हुए, जिसमें उन्होंने हिप्नोसिस की मदद ली। अप्रैल 2013 में जिया उनके क्लीनिक भी गई थीं। उन्होंने कहा था कि वो नींद के इंजेक्शन लेना चाहती हैं, क्योंकि 3-4 नींद की गोलियां खाने के बाद भी उन्हें नींद नहीं आती। जांच में ये भी सामने आया कि नवंबर 2012 में भी जिया कलाई काटकर आत्महत्या करने की कोशिश कर चुकी थीं। तब सूरज पंचोली ने जिया की मां को इसकी जानकारी दी थी। मौत से पहले जिया खान एक्स बॉयफ्रेंड एलेक्स से भी संपर्क करने की कोशिश कर चुकी थीं। सुसाइड नोट पर भी उठाए गए सवाल जजमेंट सुनाते हुए कोर्ट ने ये भी कहा कि जिया का सुसाइड नोट उनकी मौत के बाद उनकी मां को अचानक मिलना भी संदेह पैदा करता है। वो सुसाइड नोट भी जिया की मां राबिया यानी शिकायतकर्ता की डायरी के पन्नों पर लिखा गया था। राबिया ने वो पन्ने पुलिस को सौंपने से इनकार किया और इन्हें इलेक्टॉनिक मीडिया के जरिए खुद सर्कुलेट करवा दिया। सुसाइड नोट में जिया ने कहीं भी सूरज का जिक्र नहीं किया था, न ही ये कहा था कि उन्होंने सूरज के बच्चे का अबॉर्शन करवाया। ये भी साफ नहीं है कि वो सुसाइड नोट वाकई जिया ने ही लिखा है या इससे छेड़छाड़ हुई। कोर्ट ने ये भी कहा कि जिया की मौत के ठीक बाद 4 जून 2013 को राबिया का स्टेटमेंट लिया गया था, तब उन्होंने मर्डर का जिक्र नहीं किया न ही सूरज को दोषी ठहराया। वो लेटर्स भी राबिया को 7 जून को मिले, इसके बावजूद उन्होंने अचानक 10 जून को शिकायत दर्ज करवाते हुए कई संगीन आरोप लगाए। स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज ए.एस. सय्यैद ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जिया पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर रही हैं। वो सुसाइड टेंडेसी की थीं। फिल्में न मिलने से भी परेशान थीं। और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत भी सूरज को दोषी ठहराने के लिए काफी नहीं है। कोर्ट का फैसला आने के बाद जिया खान की मां ने मीडिया से कहा, मुझे सीबीआई और जांच एजेंसी से निराशा है। जिन्होंने मेरी बच्ची की हत्या पर आंखों में पट्टी बांद ली। मैंने एक-एक सबूत दिए। मैं अपनी बच्ची के लिए लड़ूंगी। अगर मुझे सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा, तो भी जाऊंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान राबिया खान ने भावुक होकर कहा, ‘मैं इंसाफ के रास्ते पर चलती रही, दर-बदर भटकती रही और लगातार न्याय की गुहार लगाती रही। लेकिन मुझे हमेशा यही महसूस हुआ कि न्याय व्यवस्था के हाथ बंधे हुए हैं। जब भी मैं कोर्ट जाती थी, तो ऐसा लगता था जैसे मैं किसी अदालत में नहीं, बल्कि किसी बाजार में खड़ी हूं जहां सब कुछ पहले ही खरीदा जा चुका है।' राबिया आगे कहती हैं, 'अब मैं और क्या कहूं? पुराने जख्म कुरेदने से कोई फायदा नहीं। अगर यह किसी प्रॉपर्टी का मामला होता, तो दो लोगों के बीच बंटवारा करके मामला तुरंत खत्म कर दिया जाता। लेकिन यहां क्या बंटेगा? मेरी बेटी तो इस दुनिया से जा चुकी है। सब चोर हैं, मुझे तो जज तक ने कह दिया था कि उनके हाथ बंधे हुए हैं। अब मेरी बस यही दुआ है कि मेरी बेटी के कातिलों को इतनी लंबी जिंदगी मिले कि वे खुद भगवान से मौत की भीख मांगें लेकिन उन्हें मौत भी नसीब न हो।’ केस कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट इकबाल ममदानी कहते हैं, ‘जब भी कोई मामला हाई प्रोफाइल होता है तो उसके साथ कई तरह के दबाव भी जुड़े होते हैं। पुलिस पर भी दबाव होता है, मीडिया पर भी और कई बार सिस्टम के दूसरे हिस्सों पर भी। कई बार बाहर जो कहानी दिखाई देती है, उसके पीछे की असली तस्वीर कुछ और होती है।’ इकबाल आगे कहते हैं, पुलिस को ऊपर से आने वाले दबावों को भी संभालना होता है और साथ ही मीडिया व सार्वजनिक नजरों के बीच जांच भी करनी होती है। जिया खान का मामला भी शुरू से ही विवादों में रहा। उनकी मां लगातार जांच पर सवाल उठाती रही हैं। ऐसे मामलों में कई बार कुछ सवाल ऐसे रह जाते हैं जिनका जवाब पूरी तरह सामने नहीं आ पाता। इसलिए यह केस आज भी कई लोगों के लिए एक अनसुलझे सवाल की तरह बना हुआ है। कैसे हुई थी जिया खान और सूरज पंचोली की दोस्ती निशब्द और गजनी जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं जिया खान देशभर में पहचान बना चुकी थीं। साल 2012 में उन्हें फेसबुक में एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली, जो सूरज पंचोली ने भेजी थी। सूरज तब महज 20 साल के थे, जबकि जिया 25 साल की थीं। उनके पिता आदित्य पंचोली नामी एक्टर थे और मां जरीना वाहब भी एक्ट्रेस थीं। तारीफों से शुरू हुई बातचीत जल्द ही दोस्ती में बदल गई। सूरज ने चैटिंग में ही जिया को बताया कि वो उनके घर के पास में ही रहते हैं। लंबी चैट्स के बाद दोनों ने सिंतबर 2012 में पहली मुलाकात की। सूरज कई बार जिया के घर भी गए थे। शुरुआत में दोनों दोस्त रहे, लेकिन फिर दोनों रिलेशनशिप में आ गए। रिलेशनशिप में आने के 8 महीने बाद ही जिया ने आत्महत्या कर ली। जिस समय जिया खान का निधन हुआ, उस समय सूरज पंचोली, बॉलीवुड डेब्यू की तैयारी कर रहे थे। उन्हें सलमान खान ने अपने प्रोडक्शन की फिल्म हीरो से लॉन्च किया था। इसी फिल्म से सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी ने भी डेब्यू किया था। जिया खान सुसाइड केस में नाम आने के बाद सूरज पंचोली की इमेज को मीडिया ट्रायल से काफी नुकसान हुआ। न्ययूॉर्क में जन्मीं जिया खान, असल नाम नफीसा 20 फरवरी 1988 को जिया खान का जन्म न्यूयॉर्क सिटी में हुआ। उनकी मां राबिया खान एक जमाने में हिंदी सिनेमा में बतौर एक्ट्रेस काम कर चुकी थीं। उनके पिता अली रिज्वी एक अमेरिकन बिजनेसमैन थे। जिया महज 2 साल की थीं, जब उनके पिता परिवार को छोड़कर चले गए। उनकी आंटी भी पाकिस्तानी एक्ट्रेस थीं। पति से अलग होने के बाद राबिया ने दूसरी शादी कर ली, जिससे उन्हें 2 बेटियां कविता और करिश्मा हुईं। 6 साल की उम्र में जिया ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला में उर्मिला मातोंडकर का किरदार देखकर हीरोइन बनने का सपना देखा था। मैनहैटन के ली स्टार्सबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट में एक्टिंग क्लासेस लेते हुए ही जिया को कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे। जिया महज 16 साल की थीं, जब उन्हें मुकेश भट्ट की फिल्म तुमसा नहीं देख में इमरान हाशमी के साथ कास्ट किया गया था। हालांकि शूटिंग शुरू करने से पहले ही जिया ने वो फिल्म छोड़ दी। उनका और डायरेक्टर दोनों का मानना था कि वो एक मैच्योर रोल के लिए काफी छोटी हैं। जिया के फिल्म छोड़ने के बाद दीया मिर्जा ने उन्हें रिप्लेस किया। इसके बाद उन्हें राम गोपाल वर्मा की फिल्म निशब्द में अमिताभ बच्चन के साथ कास्ट किया गया। महज 18 साल की उम्र में अमिताभ बच्चन के साथ बोल्ड सीन देने पर जिया की काफी आलोचना हुई और फिल्म भी विवादों में रही। एक्टिंग के अलावा जिया ने फिल्म का गाने टेक इट को आवाज भी दी थी। निशब्द के बाद जिया खान आमिर खान के साथ फिल्म गजनी में नजर आईं। इसके अलावा वो अक्षय कुमार की हाउसफुल में भी दिखीं, ये उनके करियर की आखिरी फिल्म रही। (नोट- ये खबर जिया खान के जजमेंट पेपर्स, केस कवर करने वाले क्राइम रिपोर्टर इकबाल ममदानी, जिया की मां के इंटरव्यू के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी लेते हुए लिखी गई है) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ……………………………………………………. पार्ट-1, शॉपिंग की, फिर फंदे पर मिली जिया खान की लाश:मौत से आधे घंटे पहले बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली के घर गई थीं तारीख- 3 जून 2013 जगह- फ्लैट नंबर 102, सागर संगीत सोसाइटी, जुहू, मुंबई एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान उनसे मिलने के लिए लंदन से आई थीं। जिया का पूरा परिवार लंदन में ही रहता था, वो खुद भी वहीं जन्मी थीं, लेकिन काम के सिलसिले में उन्होंने मुंबई में घर ले रखा था। जिया खान की बहन कविता का बर्थडे था, वो उसी दिन आधी रात 3 बजे हीथ्रो की फ्लाइट से बर्थडे सेलिब्रेट करने मुंबई पहुंचने वाली थीं। जिया बेहद एक्साइटेड थीं और बहन के लिए तोहफा लेना चाहती थीं। उस रोज वो मां के साथ कविता के लिए गोल्ड जूलरी लेने बांद्रा गईं। लौटते हुए शाम हो गई, हल्की बारिश भी हो रही थी। जिया ने खुशी-खुशी मां से कहा कि वो खुद ड्राइव करना चाहती थीं। जिया बार-बार कविता को मैसेस कर रही थीं। पूरी कहानी पढ़िए… अगले हफ्ते 23-24 मार्च को बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के 10वें और आखिरी एपिसोड में पढ़िए एक्ट्रेस मीनाक्षी थापर हत्याकांड की निर्मम कहानी, जिनका धड़ सेप्टिक टैंक में और सिर जंगलों में मिला था। ……………………………………………………. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए……………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए………………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…
शाहरुख खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर रोमांस का जादू बिखेरने की तैयारी में हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘किंग’ के बाद किंग खान एक बिग बजट रोमांटिक फिल्म में नजर आ सकते हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म में उनका लुक काफी अलग और विंटेज स्टाइल का होगा, जो दर्शकों के लिए नया अनुभव लेकर आएगा। पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक यह फिल्म क्लासिक लव स्टोरी पर आधारित होगी, जिसमें इमोशंस और पुराने दौर की फीलिंग्स को मॉडर्न टच के साथ पेश किया जाएगा। मेकर्स इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि दर्शकों को एक भव्य सिनेमैटिक अनुभव मिल सके। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख इस फिल्म में एक परिपक्व और गहराई वाले किरदार में दिखाई देंगे। उनका यह अवतार उनके पुराने रोमांटिक इमेज की याद दिलाएगा, जिसे दर्शकों ने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘वीर-ज़ारा’ जैसी फिल्मों में खूब पसंद किया था। लंबे समय बाद वे इस जोनर में वापसी कर रहे हैं, जिससे फैंस की उत्सुकता और भी बढ़ गई है। फिल्म की कहानी, डायरेक्टर और बाकी स्टारकास्ट को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इंडस्ट्री में इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मेकर्स इस फिल्म को इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोट करने की योजना बना रहे हैं। गौरतलब है कि शाहरुख खान ने पिछले कुछ सालों में ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी एक्शन फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की है। अब वे फिर से अपने रोमांटिक अंदाज में लौटने वाले हैं, जो उनके करियर की पहचान रहा है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो यह फिल्म आने वाले समय में बॉलीवुड की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। फैंस को अब इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ANI से बातचीत में कंगना ने कहा कि बॉलीवुड अश्लीलता की सारी हदें पार कर चुका है” और ऐसे कंटेंट पर सख्ती जरूरी है। दरअसल, यह गाना फिल्म KD: The Devil का है, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। रिलीज के साथ ही गाने के बोल और विजुअल्स को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे वल्गर और अशोभनीय बताते हुए आपत्ति जताई। बढ़ते विरोध के बीच इस गाने को यूट्यूब समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया है। विवाद के बाद वकील विनीत जिंदल ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत में गाने को अत्यधिक अश्लील और यौन संकेतों से भरा बताया गया। मामले ने तूल पकड़ने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया। इसके बाद निर्माताओं ने गाने को तुरंत हटाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि गाना रिलीज होते ही विवादों में आ गया था और लगातार इसकी आलोचना हो रही थी। कुछ सेलेब्स और सिंगर्स ने भी इसके कंटेंट पर सवाल उठाए थे। फिलहाल, गाना हटाए जाने के बाद फिल्म की प्रमोशनल रणनीति पर असर पड़ने की चर्चा है। हालांकि, मेकर्स की ओर से इस पूरे विवाद पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ‘केडी: द डेविल’ एक पैन-इंडिया कन्नड़ एक्शन-क्राइम फिल्म है, जिसमें ध्रुवा सरजा, संजय दत्त, शिल्पा शेट्टी और रेश्मा नानैया मुख्य भूमिकाओं में हैं। 1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म 30 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की संपत्ति को लेकर कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनकी बेटियां जान्हवी कपूर व खुशी कपूर ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। Live Law की रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरा मामला चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड स्थित श्रीदेवी की एक प्रॉपर्टी से जुड़ा है। इस संपत्ति को लेकर एक व्यक्ति ने दावा किया है और इसी के तहत उसने चेंगलपट्टू की जिला अदालत में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, चेंगलपट्टू ने कपूर परिवार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इस याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने की मांग की थी। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ अब बोनी कपूर और उनकी बेटियों ने मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह मुकदमा कानूनन टिकाऊ नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। कपूर परिवार का तर्क है कि संपत्ति से जुड़े सभी अधिकार और दस्तावेज उनके पक्ष में हैं, ऐसे में इस तरह के दावे निराधार हैं। वहीं, याचिकाकर्ता का दावा है कि संपत्ति को लेकर कुछ अधिकार उसके पास भी हैं, जिनकी कानूनी जांच जरूरी है। इसी आधार पर उसने कोर्ट में मामला दायर किया है। अब इस पूरे विवाद पर अंतिम फैसला हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर श्रीदेवी की विरासत से जुड़ा है। उनके निधन के बाद से ही उनकी संपत्तियों और अधिकारों को लेकर समय-समय पर खबरें सामने आती रही हैं। फिलहाल, मद्रास हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कपूर परिवार को राहत मिलती है या नहीं।
अपकमिंग फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का नया गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ रिलीज होते ही विवाद में फंस गया है। आम लोगों के विरोध और कानूनी शिकायतों के बाद यूट्यूब से हटा दिया गया है। संजय दत्त और नोरा फतेही पर फिल्माए गए इस गाने पर अश्लीलता फैलाने का आरोप है। अश्लील लिरिक्स और विजुअल्स को लेकर सोशल मीडिया पर भी गाने का भारी विरोध किया जा रहा है। वहीं ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के चेयरमैन प्रसून जोशी को आधिकारिक पत्र लिखकर गाने के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। AICWA का कहना है कि इस तरह का अश्लील और डबल मीनिंग कंटेंट भारतीय सिनेमा के लिए स्वीकार्य नहीं है। यूट्यूब से हटा गाने का वीडियो जैसे ही यह गाना स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुआ, यूजर्स ने इसके बोल और विजुअल्स को 'फूहड़' और 'डबल मीनिंग' बताया। विवाद इतना बढ़ा कि रिलीज के महज एक दिन बाद ही मेकर्स ने इसे हटा लिया। अब यूट्यूब पर गाने के लिंक को क्लिक करने पर वीडियो उपलब्ध नहीं है, यह वीडियो प्राइवेट है का मैसेज दिखाई दे रहा है। नोरा फतेही ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से इस गाने के वीडियो को डिलीट कर दिया है। अरमान मलिक और हरभजन सिंह ने जताया विरोध इस गाने को लेकर सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री और खेल जगत की हस्तियों ने भी नाराजगी जताई है। सिंगर अरमान मलिक ने सोशल मीडिया पर इस गाने की आलोचना करते हुए इसे गीत-लेखन के क्षेत्र में “गिरावट की नई मिसाल” बताया। वहीं, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी गाने के कंटेंट का कड़ा विरोध किया है। लोगों का कहना है कि नोरा के डांस स्टेप्स और एक्सप्रेशंस काफी वल्गर हैं, जिसका युवाओं पर गलत असर पड़ेगा। NHRC का नोटिस और दिल्ली पुलिस में शिकायत गाने के खिलाफ कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने आपत्तिजनक बोल के इस्तेमाल को लेकर फिल्म के मेकर्स को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, सोशल एक्टिविस्ट और एडवोकेट ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में इस गाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह गाना समाज में अश्लीलता को बढ़ावा देता है। शिकायतकर्ता ने लिरिसिस्ट रकीब आलम, डायरेक्टर प्रेम और कंपोजर अर्जुन जान्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिल्म 'केडी' का आइटम नंबर है सरके चुनर यह गाना फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का एक आइटम नंबर है। इसमें नोरा फतेही ने घाघरा-चोली पहनकर डांस किया है। गाने का हुक स्टेप, जिसमें नोरा अपने पल्लू का इस्तेमाल करती हैं, रिलीज के साथ ही चर्चा में आ गया था। हालांकि, फिल्म के मेकर्स, संजय दत्त या नोरा फतेही की तरफ से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का नया गाना ‘चांद देख लेना’ का टीजर रिलीज हो गया है। इस टीजर में प्यार, इंतजार और जुदाई की एक बेहद भावुक कहानी की झलक देखने को मिल रही है। फिल्म के पहले गाने ‘मातृभूमि’ को जहां 50 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, वहीं वेलेंटाइन डे पर रिलीज हुए ‘मैं हूं’ को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। अब तीसरे गाने ‘चांद देख लेना’ का टीजर फैंस के बीच चर्चा में है। इस गाने में चित्रांगदा सिंह और सलमान खान की केमिस्ट्री दिल छू लेने वाली है। टीजर में एक आर्मी ऑफिसर की जिंदगी का वह पहलू दिखाया गया है, जो सिर्फ जंग के मैदान तक सीमित नहीं, बल्कि घर पर इंतजार कर रहे रिश्तों की भावनाओं से भी जुड़ा है। टीजर में चित्रांगदा का किरदार अपने पति का इंतजार करता नजर आता है, जो बॉर्डर पर ड्यूटी निभा रहे हैं। छोटी-छोटी झलकियों के जरिए यह गाना उन परिवारों की कहानी बयां करता है, जो दूरियों और अनिश्चितता के बीच भी अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हैं। ‘चांद देख लेना’ गाना उस एहसास को खूबसूरती से दिखाता है, जब दूर रहकर भी एक ही चांद के नीचे दो दिल जुड़े रहते हैं। गौरतलब है कि फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था, जिसे बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ किया गया है, ताकि कहानी के भाव और बलिदान को और गहराई से दिखाया जा सके। इस फिल्म को सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने प्रोड्यूस किया है, जबकि निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। फिल्म में बहादुरी, त्याग और इंसानियत की कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।
ऋतिक रोशन के प्रोडक्शन हाउस 'HRX फिल्म्स' और ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो ने नई कॉमेडी फिल्म 'मेस' बनाने का ऐलान किया है। इस फिल्म का निर्देशन 'लूटकेस' और 'क्रू' जैसी फिल्में बना चुके राजेश ए. कृष्णन करेंगे। यह फिल्म एक ऐसी रात की कहानी है जहां चोर एक सनकी आदमी के घर में फंस जाते हैं। इसमें चोरों का एक गैंग एक ऐसे आदमी के घर में चोरी करने के इरादे से घुसता है जिसे ओसीडी (OCD - ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) है। यानी वह सफाई और चीजों को व्यवस्थित रखने के मामले में काफी सनकी है। घर में घुसने के बाद चोरों के लिए वहां से जिंदा और सुरक्षित निकलना ही सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऋतिक और ईशान रोशन करेंगे प्रोड्यूस इस फिल्म को ऋतिक रोशन और उनके भाई ईशान रोशन अपने बैनर 'HRX फिल्म्स' के तहत प्रोड्यूस कर रहे हैं। HRX फिल्म्स और प्राइम वीडियो के बीच यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है। इससे पहले दोनों ने मिलकर थ्रिलर सीरीज ‘स्टॉर्म’ का ऐलान किया था। फिल्म की स्क्रिप्ट को राजेश कृष्णन और कपिल सावंत ने अमेरिकी लेखक पॉल सोटर की एक ओरिजिनल कहानी के आधार पर तैयार किया है। ऋतिक रोशन ने कहा- राजेश कृष्णन का विजन शानदार ऋतिक रोशन ने इस पार्टनरशिप पर खुशी जताते हुए कहा, प्राइम वीडियो के साथ हमारी साझेदारी हमें साहसी और नई तरह की कहानियां कहने का मौका दे रही है। राजेश कृष्णन कॉमेडी के साथ बेहतरीन नैरेटिव बुनने की काबिलियत रखते हैं। 'मेस' के लिए उनका विजन शुरुआत से ही असाधारण रहा है। वहीं प्राइम वीडियो इंडिया के हेड निखिल मधोक ने कहा कि फिल्म की कहानी और इसके मजेदार किरदार दर्शकों को अंत तक बांधे रखेंगे। डायरेक्टर राजेश कृष्णन का ट्रैक रिकॉर्ड राजेश ए. कृष्णन को फिल्म इंडस्ट्री में उनके अलग और कॉमिक स्टाइल के लिए जाना जाता है। उन्होंने साल 2019 में 'लूटकेस' फिल्म से बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में कदम रखा था। हाल ही में आई उनकी फिल्म 'क्रू' ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। वे मशहूर वेब सीरीज 'ट्रिपलिंग' के पहले सीजन को भी डायरेक्ट कर चुके हैं। राजेश ने बताया कि 'मेस' की दुनिया कॉमेडी और अफरा-तफरी का एक अनोखा मेल है, जो दर्शकों को अपनी सीट से चिपकने पर मजबूर कर देगी।
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के पिता और स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को आज मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 90 साल के सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के कारण 17 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब एक महीने तक चले इलाज के बाद अब उनकी तबीयत में काफी सुधार है और डॉक्टर्स ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक उनका डिस्चार्ज प्रोसीजर पूरा हो चुका है, लेकिन वे अभी हॉस्पिटल में ही हैं। एक महीने से लीलावती अस्पताल में थे भर्ती सलीम खान सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जलील पारकर की देखरेख में थे। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती उम्र की वजह से उन्हें कुछ कॉम्प्लिकेशंस हो रहे थे। जांच में मामूली ब्रेन हैमरेज की बात सामने आई थी, जिसके बाद न्यूरोसर्जन डॉ. नितिन डांगे ने उनकी एक छोटी सर्जरी (DSA प्रोसीजर) की थी। उनकी उम्र को देखते हुए रिकवरी में थोड़ा समय लगा, लेकिन अब वे पूरी तरह स्टेबल हैं। शुरुआती इलाज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहे सलीम इलाज के शुरुआती दौर में सलीम खान को कुछ समय के लिए वेंटिलेटर पर भी रखा गया था। डॉ. जलील पारकर ने बताया था कि हैमरेज के बाद छोटा प्रोसीजर जरूरी था जो सफल रहा। हाल ही में एक इफ्तार पार्टी के दौरान अरबाज खान ने पैपराजजी से बात करते हुए बताया था कि पिता की सेहत अब काफी बेहतर है और वे सुधार कर रहे हैं। हाल जानने पहुंचे थे शाहरुख और आमिर खान सलीम खान के अस्पताल में रहने के दौरान पूरा खान परिवार उनके साथ खड़ा रहा। बेटे सलमान खान, अरबाज खान और सोहेल खान लगातार अस्पताल के पहुंचते रहे। शाहरुख खान और आमिर खान भी सलीम खान का हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। इसके अलावा, सलीम खान के पुराने साथी और दिग्गज लेखक जावेद अख्तर ने भी अस्पताल जाकर अपने दोस्त की सेहत की जानकारी ली थी। एक्टिंग से शुरू हुआ था करियर सलीम खान ने 60 के दशक में बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 'तीसरी मंजिल' जैसी फिल्मों में छोटे रोल किए, लेकिन बाद में उन्होंने राइटिंग को अपना पेशा बनाया। 60 के दशक के अंत में उनकी मुलाकात जावेद अख्तर से हुई और 'सलीम-जावेद' की आइकॉनिक जोड़ी बनी। इस जोड़ी ने 'शोले', 'दीवार', 'जंजीर', 'डॉन' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी 24 फिल्में लिखीं, जिनमें से 20 फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं। 1982 में जावेद अख्तर से अलग होने के बाद भी उन्होंने 'नाम' और 'प्यार किया तो डरना क्या' जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।
टीवी एक्ट्रेस जन्नत जुबैर और उनके छोटे भाई अयान जुबैर के साथ नवी मुंबई के पनवेल में मारपीट की घटना हुई है। सोमवार को दिनदहाड़े हाईवे पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और मारपीट की। जन्नत ने सोशल मीडिया पर एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब वे दोनों सुरक्षित हैं और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। एक्ट्रेस ने कहा- हम सुरक्षित हैं, अफवाह न फैलाएं स्टेटमेंट में कहा गया की, हम सबको अपडेट देना चाहते हैं कि जन्नत और अयान के साथ कल हाईवे पर दिनदहाड़े मारपीट और पीछा करने की घटना हुई। अभी पुलिस अथॉरिटीज एक्टिवली मामले को देख रही हैं और जांच जारी है। जन्नत और अयान अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। हम आपकी चिंता और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे इस मामले में किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं और बिना पुख्ता जानकारी के कुछ भी शेयर न करें। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के जरिए आरोपियों की तलाश कर रही है। 'फुलवा' से मिली थी पहचान, सोशल मीडिया पर हैं करोड़ों फॉलोअर्स जन्नत जुबैर ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट टीवी शो 'फुलवा' से की थी। इस शो से उन्हें घर-घर में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने 'काशी' और 'तू आशिकी' जैसे पॉपुलर शोज में लीड रोल निभाया। जन्नत ने बॉलीवुड फिल्म 'हिचकी' में भी काम किया है और वे 'खतरों के खिलाड़ी 12' जैसे रियलिटी शो का हिस्सा रही हैं। जन्नत भारत की सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली डिजिटल इन्फ्लुएंसर में से एक हैं, जिनके सोशल मीडिया पर करोड़ों चाहने वाले हैं। भाई अयान भी 'गली बॉय' में आ नजर चुके जन्नत के छोटे भाई अयान जुबैर ने ऐतिहासिक शो 'जोधा अकबर' में छोटे सलीम का किरदार निभाकर अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद वे 'चक्रवर्ती अशोक सम्राट' और 'महाबली हनुमान' जैसे शोज में दिखे। फिल्मों की बात करें तो अयान रणवीर सिंह की 'गली बॉय' और टाइगर श्रॉफ की 'बागी 3' जैसी बड़ी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। अयान अपनी बहन जन्नत के साथ अक्सर सोशल मीडिया वीडियो में नजर आते हैं।
टीवी सीरियल 'इश्कबाज' में दादी का रोल निभाकर फेमस हुईं एक्ट्रेस नवनींद्र बहल का निधन हो गया है। वो 76 साल की थीं। नवनींद्र ने टीवी शोज के अलावा कई बड़ी बॉलीवुड फिल्मों में भी अहम किरदार निभाए थे। उनके बेटे और फिल्ममेकर कानू बहल ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट लिखकर इस खबर की पुष्टि की है। बेटे ने लिखा- मेरी मार्गदर्शक और गुरु अलविदा एक्ट्रेस के बेटे कानू बहल ने अपनी मां की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कानू ने लिखा, मेरी टाइटन, मेरा विश्वास, मेरा प्यार, मेरी मार्गदर्शक, मेरी गुरु, मेरा दिल। अलविदा मां, जब तक तुम मुझे दोबारा जन्म न दो। मेरी आंखें हमेशा तुम्हारी उस मुस्कान और प्यारी हंसी को याद करेंगी। मेरी आत्मा को रोशन करने के लिए शुक्रिया। कानू के इस पोस्ट पर अनुराग कश्यप सहित इंडस्ट्री के कई लोगों ने दुख जताया है। 3 साल की उम्र में शुरू की थी एक्टिंग सफर नवनींद्र बहल का कला और थिएटर से बहुत पुराना नाता था। उन्होंने महज 3 साल की उम्र में पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया था। पंजाब से ताल्लुक रखने वाली नवनींद्र ने लंबे समय तक थिएटर की दुनिया में काम किया और बाद में सिनेमा और टीवी का रुख किया। उनकी सादगी और मंझे हुए अभिनय की वजह से उन्हें हमेशा चुनौतीपूर्ण रोल मिलते रहे। 'क्वीन' और 'माचिस' जैसी फिल्मों में दिखीं नवनींद्र के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने गुलजार की फिल्म 'माचिस' से अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद वो दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'ओए लकी, लकी ओ' और कंगना रनौत स्टारर 'क्वीन' में भी नजर आईं। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, उन्होंने 'द प्राइड' और 'द गुरु' जैसे इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में भी काम किया था। टीवी पर उन्होंने 'इश्कबाज' और 'दिल बोले ओबेरॉय' में नकुल मेहता की दादी का रोल निभाया, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। पति का 2021 में हुआ था निधन नवनींद्र बहल के पति ललित बहल भी इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर और डायरेक्टर थे। ललित बहल का साल 2021 में दिल्ली में कोविड-19 की वजह से निधन हो गया था। नवनींद्र और ललित की जोड़ी ने थिएटर और सिनेमा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया था। पति के जाने के बाद नवनींद्र अपने बेटे कानू बहल के साथ रहती थीं।
वेब सीरीज ‘संकल्प’ में अपने दमदार किरदार से चर्चा में आए अभिनेता क्रांति प्रकाश झा का मानना है कि दिग्गज निर्देशक प्रकाश झा के साथ काम करना किसी पाठशाला में सीखने जैसा अनुभव है। क्रांति कहते हैं कि इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके लिए डेस्टिनी जैसा रहा। शो में उन्हें महान अभिनेता नाना पाटेकर के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला, जिसे वह अपने करियर का बड़ा सौभाग्य मानते हैं। अपने किरदार की तैयारी से लेकर शूटिंग के यादगार पलों और ओटीटी के बढ़ते महत्व तक, क्रांति प्रकाश झा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने अनुभव, चुनौतियों और आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर खुलकर बात की। पेश है बातचीत के कुछ खास अंश.. आप वेब सीरीज ‘संकल्प' से कैसे जुड़े? सच कहूं तो मैं इसे अपनी डेस्टिनी मानता हूं। आप सालों तक मेहनत करते रहते हैं और अचानक एक दिन आपका कोई सपना सच हो जाता है। मुझे शो की प्रोड्यूसर दिशा जी का फोन आया था, जिसके बाद मैं प्रकाश झा सर से मिलने गया। उनसे मिलने के बाद चीजें तय हुईं और उन्होंने मुझे इस किरदार के लिए चुन लिया। मेरे लिए यह किस्मत की बात है कि मुझे इतने बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का मौका मिला। प्रकाश झा के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? मैं उन्हें निर्देशक से ज्यादा एक अध्यापक मानता हूं। उनका कलाकारों के साथ वही रिश्ता होता है जो एक गुरु का अपने शिष्य के साथ होता है। वे हर बारीकी को बहुत अच्छे से समझाते हैं। लेकिन हाँ, उनके साथ काम करते वक्त आपको हमेशा सतर्क पर रहना पड़ता है, क्योंकि आपको उनके विजन को सही साबित करना होता है। उन्होंने आप पर भरोसा किया है, तो आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि आप उनके निर्णय को सही ठहराएं। सीरीज की शूटिंग के दौरान आपके सामने मुख्य चुनौतियां क्या थीं? सबसे बड़ी चुनौती झा सर के विजन पर खरा उतरना और उसे जस्टिफाई करना था। हर एक सीन, हर एक कॉमा, हर एक शब्द के पीछे के कारण को समझना और अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। अगर यह बाहर निकलकर लोगों को पसंद आ रही है, तो इसमें झा सर का ही सबसे बड़ा हाथ होगा सेट पर अन्य कलाकारों (संजय कपूर, जीशान, कुबरा सैत) के साथ कैसा माहौल था? मेरे ज्यादातर सीन नाना सर के साथ ही थे, संजय कपूर जी के साथ मेरे सीन नहीं हैं लेकिन सेट का माहौल एक परिवार जैसा था। बाकी मेरे अपने व्यक्तिगत सीन्स थे। हम सब साथ में खाना खाते थे। प्रकाश झा सर के सेट की सबसे अच्छी बात यह है कि वहां सबको समानता दी जाती है। चाहे कोई बहुत बड़ा एक्टर हो या नया, सबके साथ एक जैसा व्यवहार होता है। यह अनुशासन और समानता वाकई सीखने लायक है। नाना पाटेकर के साथ काम करना आपके लिए कितना सौभाग्यपूर्ण रहा? यह एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। इस सीरीज के फॉर्मेट की खूबसूरती ही यही है कि मुझे दो दिग्गजों के साथ काम करने का अवसर मिला। एक तरफ प्रकाश झा सर जैसे दिग्गज निर्देशक और दूसरी तरफ नाना पाटेकर सर जैसे महान कलाकार। नाना सर के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए बहुत गर्व और सीखने वाली बात रही। प्रकाश झा सर अक्सर कलाकारों को रिपीट करते हैं, क्या आगे के लिए कोई बात हुई? उन्होंने बस इतना कहा था कि तुम लंबी रेस के घोड़े हो।’ बाकी तो समय ही बताएगा। हर इंसान हर किरदार में फिट नहीं हो सकता, लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है कि भविष्य में अगर कोई ऐसा किरदार होगा जिसमें उन्हें मेरी जरूरत लगेगी, तो वे मुझे जरूर बुलाएंगे। क्या आप प्रकाश झा से पारिवारिक रूप से जुड़े हैं, जैसा कि कुछ लोगों को लगता है? बहुत से लोगों को यही लगता है क्योंकि हमारा सरनेम (झा) एक है, पर ऐसा है नहीं। हमारे बीच अध्यापक और विद्यार्थी जैसा रिश्ता है। मजेदार बात यह है कि जिस दिन मेरे माता-पिता ने मेरा नाम ‘क्रांति प्रकाश झा' रखा, शायद उसी दिन मेरी किस्मत में लिख दिया गया था कि मैं कभी न कभी ‘प्रकाश झा' सर के साथ काम करूंगा। आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स और ‘रक्तांचल 3' के बारे में क्या अपडेट है? ‘रक्तांचल' के तीसरे सीजन की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। अब यह अमेज़न एमएक्स पर आएगा। अगले दो-तीन महीनों में यह रिलीज हो सकता है, आप इसका पोस्टर एमएक्स के पेज पर देख सकते हैं। इसके अलावा भी कुछ प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। इस सीरीज के लिए आपकी विशेष तैयारी क्या थी? मेरे लिए कोई भी काम नॉर्मल नहीं होता। मैं हर सीन को अपना आखिरी सीन मानकर करता हूं। इस किरदार (कस्तूरी) में एक तरह की डार्कनेस है, जो मेरे निजी स्वभाव में नहीं है। इसलिए मैंने शूटिंग से 10 दिन पहले खुद को सबसे अलग कर लिया था ताकि उस इंटेंसिटी को पकड़ सकूं। फिर जब आपके साथ इतने दिग्गज कलाकार और महान निर्देशक हों, तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देना ही होता है। यह एक चुनौती होती है, और आलस्य की कोई गुंजाइश नहीं होती। शूटिंग का सबसे यादगार पल कौन सा रहा? मेरा पहला सीन ही सबसे यादगार था। वह सीरीज का सबसे भारी और इंटेंस सीन था जहां ‘माट साहब' और ‘कस्तूरी' के बीच टकराव होता है। मुझे सुबह ही बताया गया कि आज सबसे हेवी सीन शूट करना है। एक तरफ महान प्रकाश झा सर कैमरे के पीछे थे और सामने महान नाना पाटेकर सर। वह पल मैं कभी नहीं भूल सकता। आप अपने करियर में ओटीटी के महत्व को कैसे देखते हैं? ओटीटी बहुत ही बेहतरीन माध्यम है। इसने लेखकों, एडिटर्स, म्यूजिशियंस और एक्टर्स सभी के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। आज जनता के हाथ में पावर है और अब हमें सिर्फ सिनेमा हॉल के भरोसे नहीं रहना पड़ता। यह एक नया आयाम है जहां काम की कमी नहीं है। क्या भविष्य में आप अभिनय के अलावा निर्देशन या निर्माण में भी हाथ आजमाएंगे? बिल्कुल, मैं भविष्य में फिल्में बनाना और निर्देशित करना चाहूंगा। खासकर मैं अपनी भाषा (बिहारी भाषाओं) में फिल्में करना चाहता हूं। जैसा कि मैं पहले भी करता रहा हूं। इसके लिए सही समय, स्थान और धन की जरूरत होती है। जब ईश्वर मौका देंगे, मैं यह जरूर करूंगा।
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-9 में जानिए कहानी, जिया खान डेथ केस की। जिया का शव उनके अपार्टमेंट में मिला, पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया लेकिन उनकी मां राबिया ने इसे मर्डर कहा, वजह थी जिया के गले में मिला एक गहरा निशान। तारीख- 3 जून 2013 जगह- फ्लैट नंबर 102, सागर संगीत सोसाइटी, जुहू, मुंबई एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान उनसे मिलने के लिए लंदन से आई थीं। जिया का पूरा परिवार लंदन में ही रहता था, वो खुद भी वहीं जन्मी थीं, लेकिन काम के सिलसिले में उन्होंने मुंबई में घर ले रखा था। जिया खान की बहन कविता का बर्थडे था, वो उसी दिन आधी रात 3 बजे हीथ्रो की फ्लाइट से बर्थडे सेलिब्रेट करने मुंबई पहुंचने वाली थीं। जिया बेहद एक्साइटेड थीं और बहन के लिए तोहफा लेना चाहती थीं। उस रोज वो मां के साथ कविता के लिए गोल्ड जूलरी लेने बांद्रा गईं। लौटते हुए शाम हो गई, हल्की बारिश भी हो रही थी। जिया ने खुशी-खुशी मां से कहा कि वो खुद ड्राइव करना चाहती थीं। जिया बार-बार कविता को मैसेस कर रही थीं। घर आकर जिया रेस्ट करने लगीं। रात के करीब साढ़े 8 बजे थे, जब उनकी मां राबिया ने कहा कि उन्हें अपनी दोस्त के घर जाना है। जवाब में जिया ने कहा, मैं भी फैजान (भाई जैसा दोस्त) से मिलने जा रही हूं, शो (गेम ऑफ थ्रोन) देखूंगी और फिर एक घंटे में आ जाऊंगी। आकर आपसे घर में ही मिलूंगी। जिया और राबिया साथ घर से निकले। राबिया ने रिक्शा किया और जिया पैदल ही दूसरी दिशा में चली गईं। फैजान चंद कदमों की दूरी पर ही रहते थे। मां राबिया उस दिन करीबी दोस्त एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू के घर गईं। वहीं खाना खाया। रात 9 बजकर 37 मिनट पर राबिया ने जिया को कॉल कर कहा कि वो याद से खाना खा लें। दरअसल, जिया को एक नई फिल्म मिली थी, उस फिल्म में उन्हें वजनी दिखना था, जिसके लिए उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा खाना खाने की सलाह मिलती रहती थी। कुछ मिनट बात कर राबिया ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद उस पार्टी में एक्टर आदित्य पंचोली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। जिया खान उस समय आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में थीं। कुछ दिनों से उनके रिश्ते में अनबन चल रही थी। जिया अक्सर मां से बताती थीं कि सूरज उनके साथ बुरा सलूक करते हैं। जैसे ही राबिया ने देखा कि आदित्य पंचोली भी वहां आए हुए हैं, तो वो असहज होकर करीब पौने 11 बजे निकल गईं। राबिया घर लौटीं तो गौर किया कि सारी लाइट्स ऑन हैं, जबकि वो जिया के साथ सारी लाइट्स बंद कर निकली थीं। बेडरूम में पहुंचीं, तो देखा वहां कि भी सारी लाइट्स जल रही हैं, जिया का हैंड बैग फर्श पर पड़ा था। राबिया को कुछ अटपटा लगा। वो फ्रेश होने बाथरूम गईं, लाइट्स वहां की भी ऑन थीं। तभी उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा स्लाइड किया। मंजर देख उनकी चीख निकल गई। बेटी जिया उस कमरे के पंखे से फांसी लगा चुकी थीं। राबिया दौड़ते हुए पहुंचीं और पैर पकड़ लिए। बेटी का शरीर अब भी गर्म था। उन्होंने मदद के लिए चिल्लाया, जिससे पड़ोस के कुछ लोग पहुंच गए। जिया के शरीर को फंदे से उतारा गया। उस समय डॉक्टर अग्रवाल वहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि जिया की मौत हो चुकी है। रात 3 बजे जिया की बहन कविता ने मुंबई में लैंड किया। जैसे ही उन्होंने फोन एयरप्लेन मोड से हटाया तो उनके पास कई मैसेजेस आए हुए थे। जैसे ही उन्होंने मैसेज खोले, तो उसमें लोग उन्हें सांत्वना दे रहे थे। शुरुआत में कविता कुछ समझ नहीं पाईं, लेकिन जब दूसरे मैसेज देखे तो उन्हें बहन जिया की मौत की खबर मिली। वो घर पहुंचीं तो देखा फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया की भीड़ उनके घर में थी। उस रोज अंजू महेंद्रु भी पहुंची, जिनके घर में कुछ घंटों पहले ही राबिया ने डिनर किया था। दैनिक भास्कर ने अंजू महेंद्रू से संपर्क किया, लेकिन वो इस केस के बारे में कोई बात नहीं करना चाहतीं। जिया की मौत की खबर मिलने के 3 घंटे बाद आदित्य पंचोली भी राबिया से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन इस समय उनके साथ सूरज पंचोली नहीं आए। जबकि जिया की मौत के समय सूरज उन्हें डेट कर रहे थे। मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में जिया का पोस्टमार्टम किया गया और 3 जून की सुबह 7 बजे उनका शव परिवार को सौंप दिया गया। 4 जून को ही उनके अपार्टमेंट से जनाजा उठाया गया। जुहू के सोनापुर कब्र वाला में उनके जनाजे की नमाज हुई जिसके बाद उन्हें जुहू के कब्रिस्तान में दफ्नाया गया। फिल्म इंडस्ट्री की तमाम बड़ी हस्तियां उनके जनाजे में शामिल हुईं, जिनमें आमिर खान, प्रेम चोपड़ा, किरण राव, रितेश देशमुख जैसे कई स्टार्स शामिल हैं। जनाजे में आदित्य पंचोली का हुआ मीडिया से झगड़ा जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली भी पहुंचे। कार से उतरते हुए उन्होंने मीडिया से बदसलूकी की और उनका ट्रायपोड तोड़ दिया। मीडिया ने उन्हें घेर लिया और हर्जाना भरने को कहा। इस समय आदित्य ने धमकी देते हुए कहा कि वो उन पर कार चढ़ा देंगे। जमकर बहस हुई, जिसके बाद आदित्य को कैमरापर्सन को 25 हजार रुपए का हर्जाना देना पड़ा। साथ ही वहां मौजूद भीड़ के दबाव में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जिया की मौत 3 जून की रात 11 बजे से 11 बजकर 30 मिनट के दरमियान हुई थी। इसके महज चंद मिनटों बाद ही मां राबिया घर पहुंची थीं। अगर मां कुछ देर पहले पहुंचतीं तो जिया को बचाया जा सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत फांसी लगाने से हुई थी। इसके अलावा उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। पुलिस जांच में सामने आया कि जिया ने मौत से पहले आखिरी बार बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली को कॉल किया था। उस रात साढ़े 10 बजे से साढ़े 11 बजे तक जिया खान और सूरज के बीच कई बार कॉल पर बात हुई। सूरज ने कुछ कॉल उठाए और कुछ का जवाब नहीं दिया। सूरज ने साढ़े 11 बजे जिया को कई मैसेज भी किए, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। बिल्डिंग के सीसीटीवी फुजेट देखने में सामने आया कि उस रात जिया करीब 9 बजे मां के साथ घर से निकली थीं। कुछ देर बाद वो घर लौट आईं। रात करीब 10 बजे वो एक और बार बाहर निकलीं और फिर 10 बजकर 48 मिनट पर घर लौटीं। मौत से पहले सूरज ने भिजवाए थे फूल 4 जून को सूरज पंचोली को जुहू पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि वो और जिया ब्रेकअप कर चुके थे। सूरज ने पुलिस बयान में कहा कि वो लंबे समय से जिया से ब्रेकअप करने की कोशिश कर रहे थे। 3 जून को उन्होंने जिया को फूल भिजवाए, जो ब्रेकअप के लिए थे। हालांकि जिया की मां ने दावा किया कि वो फूल सूरज ने इसलिए भिजवाए, क्योंकि जिया को 2 नई फिल्मों और एक गाने में काम मिला था। उसी दिन जिया की मां राबिया का भी बयान लिया गया। राबिया ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जिया फिल्मों में कम काम मिलने से परेशान चल रही थीं। 2 जून को वो साउथ फिल्म के ऑडिशन के लिए हैदराबाद गई थीं, लेकिन उनका ऑडिशन अच्छा नहीं रहा। उन्हें वजन बढ़ाने को कहा गया था। सूरज और राबिया के अलावा जिया के कुक, वॉचमैन और कुछ पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई। मौत के बाद जिया के कमरे से मिला 6 पन्नों का नोट, लिखा था- सपने छीन लिए जिया की मौत के 6 दिन बाद उनकी बहन को 6 पन्नों का एक नोट मिला, जिसमें जिया ने साफ लिखा था कि लेटर मिलने से पहले वो दुनिया से जा चुकी हैं। उनकी मां राबिया ने वो 6 पन्ने शेयर करते हुए एक नोट में लिखा, मीडिया और इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों का मानना है कि करियर की दिक्कतों के चलते वो डिप्रेशन में थीं। लेकिन सच ये है कि ये सूरज पंचोली और उनके पिता आदित्य पंचोली के अब्यूज और ट्रॉमा की वजह से हुआ। जिया ने मुझसे और अपनी बहनों से इस बारे में बात की थी, यही बात उन्होंने लेटर में भी लिखी है। मां ने उस नोट में लिखा कि जिया की मौत के 3 दिन बाद उनकी छोटी बहन जिया द्वारा लिखी गईं कुछ कविताओं को ढूंढ रही थीं। वो जिया की प्रेयर मीट में उन कविताओं को पढ़ना चाहती थीं। वो पन्ने ढूंढते हुए उन्हें जिया के वॉलेट बॉक्स में 6 पन्ने मिले। जिन्हें वो सार्वजनिक कर रही हैं। जिया ने वो 6 पन्ने जिस शख्स के लिए लिखे, वो कोई नहीं बल्कि सूरज पंचोली थे। नोट्स के अनुसार, सूरज ने उनके साथ मारपीट की और उनका अबॉर्शन करवाया। जिया खान के नोट्स के अनुसार- पेज-1 मुझे नहीं पता यह तुम्हें कैसे कहूं। लेकिन अब कह ही देती हूं, क्योंकि अब मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। मैंने तो पहले ही सब कुछ खो दिया है। अगर तुम यह पढ़ रहे हो, तो शायद मैं जा चुकी होऊंगी या जाने वाली होऊंगी। मैं अंदर से टूटी हुई हूं। तुम्हें शायद यह पता न हो, लेकिन तुमने मुझे इतनी गहराई से प्रभावित किया कि तुमसे प्यार करते-करते मैंने खुद को ही खो दिया। फिर भी तुमने मुझे हर दिन टॉर्चर किया। इन दिनों मुझे कोई रोशनी दिखाई नहीं देती। मैं जागती हूं और चाहती हूं कि काश मुझे जागना ही न पड़े। एक समय था जब मैंने तुम्हारे साथ अपनी जिंदगी देखी थी, तुम्हारे साथ एक भविष्य देखा था। लेकिन तुमने मेरे सपनों को चकनाचूर कर दिया। मैं अंदर से मरी हुई महसूस करती हूं। मैंने कभी भी खुद को किसी को इतना नहीं दिया था, न ही किसी की इतनी परवाह की थी। तुमने मेरे प्यार का बदला धोखे और झूठ से दिया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ा कि मैंने तुम्हें कितने तोहफे दिए, या तुम्हारे लिए मैं कितनी खूबसूरत लगती थी। मुझे प्रेग्नेंट होने से डर लगता था, लेकिन फिर भी मैंने खुद को पूरी तरह तुम्हें सौंप दिया। पेज 2 तुमने मुझे जो दर्द हर दिन दिया है, उसने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया है। तुमने मेरी आत्मा तक को तोड़ दिया। मैं न ठीक से खा पा रही हूं, न सो पा रही हूं, न सोच पा रही हूं और न ही सामान्य रूप से काम कर पा रही हूं। मैं हर चीज से दूर भाग रही हू। अब मुझे अपने करियर की भी कोई चाह नहीं रही। जब मैं तुमसे पहली बार मिली थी, मैं महत्वाकांक्षी और अनुशासित थी। फिर मैं तुमसे प्यार कर बैठी। मुझे लगा था कि प्यार मुझमें सबसे अच्छा रूप बाहर लाएगा। समझ नहीं आता कि किस्मत ने हमें क्यों मिलाया। मैंने जो भी दर्द, रेप और एब्यूज या टॉर्चर सहा मैं उसे डिजर्व नहीं करती हूं। मुझे तुम्हारी तरफ से कोई प्यार और वादा नहीं दिखता। मुझे बस डर लगता है कि तुम मुझे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर करोगे। तुम्हारी जिंदगी सिर्फ लड़कियां और पार्टी है और मेरी, तुम और काम। अगर मैं यहां रही तो तुम्हे याद करूंगी और तुम्हारे लिए तरसती रहूंगी। पेज 3 मेरे 10 साल के करियर और सपनों को अलविदा। मैंने तुम्हें कभी नहीं बताया, लेकिन मुझे तुम्हारे बारे में एक मैसेज मिला था कि तुम मुझे धोखा दे रहे हो। मैंने उसे अनदेखा किया और तुम पर भरोसा करने का फैसला किया। तुमने मुझे शर्मिंदा किया। मैं कभी बाहर नहीं गई, न ही किसी और के साथ रही। मैं एक वफादार इंसान हूं। मैंने कभी किसी और से करीबी रिश्ता नहीं बनाया। मैं सिर्फ चाहती थी कि तुम वही दर्द महसूस करो जो तुम मुझे हर समय महसूस कराते थे। कोई और लड़की तुम्हें उतना प्यार नहीं दे सकती जितना मैंने दिया। मैं यह अपने खून से लिख सकती हूं। यहां मेरे लिए चीजें बेहतर हो रही थीं, लेकिन क्या फायदा, जब जिसे तुम प्यार करते हो वही तुम्हें अपमानित करे, मारने की धमकी दे, धोखा दे, दूसरी लड़कियों से कहे कि वे खूबसूरत हैं, या जब तुम उनके घर जाओ। पेज 4 अब मेरे पास कहीं जाने की जगह नहीं है। तुम प्यार की बातें करते हो या मेरे सामने झूठ बोलते हो, फिर उन्हीं लड़कियों के पीछे उनकी गाड़ी में चले जाते हो या उनके परिवार का अपमान करते हो। तुमने कभी मेरी बहन से भी मुलाकात नहीं की। मैंने तुम्हारी बहन के लिए तोहफे खरीदे थे। तुमने मेरी आत्मा तोड़ दी। अब मेरे पास जीने की कोई वजह नहीं बची। मैंने तुम्हारे लिए सब कुछ किया। मैं हम दोनों के लिए मेहनत कर रही थी। लेकिन तुम कभी मेरे सच्चे साथी नहीं बने। मेरा भविष्य खत्म हो गया, मेरी खुशियां मुझसे छिन गईं। मैं हमेशा तुम्हारे लिए अच्छा चाहती थी। जो थोड़ा पैसा था, वह भी तुम्हारे बेहतर भविष्य के लिए लगाने को तैयार थी। लेकिन तुमने कभी मेरे प्यार की कद्र नहीं की। तुमने मेरे चेहरे पर लात मारी। मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट नहीं बची। मेरा टैलेंट, मेरे सपने, सब छीन लिए। तुमने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। पेज 5 तुमने मुझे इतना दुख दिया कि मैं दस दिन तक तुम्हारे लिए रोती रही और तुम्हें फर्क भी नहीं पड़ा। तुम्हें मेरे लिए कुछ खरीदा तक नहीं। गोवा की वेकेशन ही मेरा बर्थडे गिफ्ट थी, लेकिन उसके बाद भी तुमने धोखा दिया। मैंने तुम्हारे लिए खर्च किया। मैंने हमारे बच्चे को गिरा दिया, जबकि इससे मुझे गहरा दुख हुआ। तुमने मेरा क्रिसमस और मेरा बर्थडे भी खराब कर दिया। जब मैं तुम्हारा जन्मदिन खास बनाने की कोशिश कर रही थी, तब तुम वेलेंटाइन डे पर मुझसे दूर रहे। तुमने वादा किया था कि एक साल पूरा होने पर हम सगाई करेंगे। तुम्हें जिंदगी में सिर्फ पार्टी, औरतें और मतलब की चीजें चाहिए थीं। मुझे सिर्फ तुम और मेरी खुशी चाहिए थी। लेकिन तुमने दोनों ही मुझसे छीन लिए। मैंने तुम्हारे ऊपर बिना किसी मतलब पैसा खर्च किया। पेज 6 तुम मेरे चेहरे पर हंसते थे, जब मैं तुम्हारे लिए रोती थी। अब इस दुनिया में मेरे पास जीने के लिए कुछ नहीं बचा। काश तुमने मुझे वैसे प्यार किया होता जैसे मैं तुम्हें करती थी। मैंने हमारे भविष्य और हमारी सफलता के सपने देखे थे। लेकिन अब मैं यहां से सिर्फ टूटे हुए सपनों और खाली वादों के साथ जा रही हूं। अब मैं सिर्फ सो जाना चाहती हूं और फिर कभी न जागूं। मैं कुछ भी नहीं रह गई हूं। मेरे पास सब कुछ था, फिर भी मैं तुम्हारे साथ रहते हुए भी अकेली महसूस करती थी। तुमने मुझे अकेला और इनसिक्योर महसूस कराया। मैं इससे कहीं ज्यादा हूं। मां की शिकायत पर हुई थी सूरज पंचोली की गिरफ्तारी जिया का नोट मिलने के बाद राबिया खान ने सूरज पंचोली को बेटी की मौत का जिम्मेदार बताते हुए जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। 10 जून 2013 को सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। सूरज को आर्थर रोड जेल के उसी सेल में रखा गया जहां 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को भी रखा जा चुका था। सूरज के पेरेंट्स आदित्य पंचोली और जरीना वाहब ने उन्हें बेल दिलवाने की कई कोशिशें कीं। कई बार उनकी बेल याचिका खारिज हो गई। उन्हें 21 दिनों तक जेल में रहना पड़ा, जिसके बाद 2 जुलाई 2013 को उन्हें जमानत पर छोड़ा गया। उन्हें 50 हजार के निजी मुचलके, देश न छोड़ने समेत कई शर्तों पर बेल मिली थी। जिया की मां का दावा- गले में थे गहरे जख्म, CBI जांच की मांग की सूरज को बेल मिलने के कुछ महीने बाद जिया खान की मां ने उन पर हत्या के आरोप लगाए। उन्होंने अक्टूबर 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की। उनका कहना था कि पुलिस ने केस की जांच सही तरह नहीं की। उनकी बेटी की हत्या हुई है, क्योंकि उसके गले में फांसी नहीं बल्कि एक नुकीली चीज के निशान हैं। उन्होंने बेटी जिया खान की डेडबॉडी की एक तस्वीर भी जारी की, जिसमें उनके गले पर वाकई गहरा जख्म था। राबिया ने दावा किया कि उनके शरीर पर चोट के कई और निशान थे। लंबी जद्दोजहद के बाद जुलाई 2014 में ये केस CBI को सौंपा गया। राबिया के अनुसार, उनके घर के पर्दे कभी बंद नहीं होते, लेकिन उस दिन थे। उनके कमरे का हैंडल भी टूटा हुआ था। जिया की डेडबॉडी में वाकई गहरे जख्म थे। जो दुपट्टे से नहीं बने थे। जिया की मां के अनुसार वो किसी नुकीली चीज या रिस्ट वॉच का निशान था। मौत से ठीक पहले बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली के घर गई थीं जिया खान जांच में ये भी सामने आया कि उस रोज सूरज से कॉल पर बात करने के बाद जिया उनके घर भी गई थीं, लेकिन कुछ देर बाद ही लौट आईं। केस चल ही रहा था कि सूरज की मां जरीना वाहब ने जिया से जुड़े कई अटपटे दावे किए। उनके अनुसार, जिया ने करीब 4-5 बार पिछले फेल रिलेशनशिप के चलते आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि जिया ने ही फेसबुक के जरिए सूरज से पहली बार बात की और दोस्ती बढ़ाई। उन्होंने ये भी कहा कि जिया और उनकी मां का रिश्ता ठीक नहीं था। एक बार मां से झगड़े के बाद उनके सिर से काफी खून बह रहा था, वो रोती हुईं सूरज के घर पहुंची थीं। केस तब और उलझ गया, जब जिया खान की मां राबिया ने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज का एक क्लिप जारी किया, जिसमें जिया की मौत के दिन सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली, बिल्डिंग के कैमरे में कैद हुए। जिया की मौत की की जांच के दौरान कई बड़े सवाल खड़े हुए। पहला सवाल- अगर जिया ने आत्महत्या की तो उनके गले में वो चोट के निशान कैसे आए? दूसरा सवाल- जिया ने सूरज से आखिरी बार कॉल पर क्या बात की, जिया उनके घर क्यों गईं? तीसरा सवाल- क्या वाकई जिया और उनकी मां का रिश्ता ठीक नहीं था? चौथा सवाल- वो लड़की कौन थी, जिसकी वजह से जिया और सूरज का झगड़ा हुआ? आखिरी सवाल- जिया की मौत की असल वजह क्या थी? जानिए सभी सवालों के जवाब कल जिया खान डेथ केस के पार्ट-2 में। …………………………………………………….. पार्ट-2, मौत से पहले जिया खान का हुआ सूरज से झगड़ा: अबॉर्शन के बाद फीटस बाथरूम में बहाया, सुसाइड नोट पर उठे सवाल जिया खान के कॉल रिकॉर्ड्स से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनटों पहले तक उनकी बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। सीबीआई की जांच के मुताबिक रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि वो उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सूरज का झूठ पकड़ा जाने पर जिया ने उन्हें फिर कॉल किया। पूरी कहानी पढ़िए कल… ………………………………………………….. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए……………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए………………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

