डिजिटल समाचार स्रोत

...

आशा भोसले ने राजस्थानी फिल्मों में भी गाए थे गाने:शब्दों की ट्रेनिंग हुई, डायरेक्टर ने 25 हजार बोलकर 7 हजार दिए फिर भी कुछ नहीं बोलीं

सिंगर आशा भोसले का शुक्रवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कई भाषाओं में गाने गए। इनमें से राजस्थानी भी एक है। उन्होंने अपने करियर में 14 राजस्थानी फिल्मों के 45 गाने गाए। 8 से ज्यादा राजस्थानी भजनों को भी अपनी आवाज दी। वहीं, 2019 में वे जयपुर में हुए एक कार्यक्रम में भी आई थीं। जहां उन्होंने गीतकार प्रसून जोशी के साथ अपने दिल की बात की थी। आशा भोसले को याद करते हुए राजस्थानी एक्टर-डायरेक्टर क्षितिज कुमार ने बताया- मेरी राजस्थानी फिल्म के लिए उन्होंने गाना गाया था। गाने से पहले मुंबई में राजस्थानी शब्दों को लेकर उनकी ट्रेनिंग हुई। इसके लिए मैंने उन्हें सिर्फ 7 हजार रुपए दिए थे, लेकिन उन्होंने बिना रोक टोक के वो ले लिए। जानिए कैसे राजस्थानी फिल्मों में शुरू हुआ आशा भोसले का सफर… राजस्थानी फिल्मों में आशा भोसले की गायकी का श्रेय संगीतकार पंडित शिवराम को जाता है। उन्होंने 1961 में फिल्म ‘बाबासा री लाडली’ में आशाजी से पहली बार राजस्थानी भाषा में पांच गीत गवाए। इनमें ‘ओ रंग रंगीलो आलीजो...’, ‘बोल पंछीड़ा रे…’, ‘सूती थी रंग म्हैल में…’ और महेंद्र कपूर के साथ सुपरहिट डुएट ‘हिवड़ै सूं दूर मत जा….’ गीत गाए। इसके बाद ‘नानीबाई को मायरो’ में भी आशाजी ने अपनी आवाज दी। इसमें “म्हारो छैलभंवर केसरियो बनड़ो...” और “म्हाने चूनड़ी ओढ़ाजा...” जैसे गीत लोकप्रिय हुए। कभी रीजनल के रूप मे नहीं देखा राजस्थानी फिल्म विशेषज्ञ एमडी सोनी ने बताया- उस दौर में आशाजी ने ‘धणी लुगाई’, ‘गणगौर’, ‘गोपीचंद भरथरी’ और ‘ढोला मरवण’ जैसी फिल्मों में भी अपनी गायकी से चार चांद लगाए। राजस्थानी सिनेमा के दूसरे दौर में संगीतकार नारायण दत्त ने फिल्म ‘म्हारी प्यारी चनणा’ (1983) के सभी आठ गीत आशाजी से गवाकर इतिहास रच दिया। इनमें ‘सावण आयो रे…’, ‘चांदड़लो चढ़ आयो गिगनार…’ और ‘झिरमिर झिरमिर रे…’ जैसे गीत श्रोताओं की जुबां पर कई साल तक रहे। आशा भोसले ने कभी राजस्थानी सिनेमा को रीजनल के रूप में नहीं देखा, वे हमेशा अच्छी कंपोजिशन के साथ जुड़ना चाहती थीं। 14 राजस्थानी फिल्मों में 45 गाने गाए इसके बाद ‘थारी म्हारी’, ‘घर में राज लुगायां को’, ‘चूनड़ी’, ‘बेटी हुई पराई रे’, ‘बीनणी होवै तो इसी’ और ‘राधू की लिछमी’ (1996) जैसी फिल्मों में भी उनकी आवाज ने राजस्थानी सिनेमा को समृद्ध किया। कुल मिलाकर 14 फिल्मों में करीब 45 गीतों को आशाजी ने अपनी आवाज दी। फिल्मों के अलावा आशाजी ने राजस्थानी भजनों में भी अपनी विशेष पहचान बनाई। वर्ष 1981 में जारी एलपी रिकॉर्ड ‘म्हारा थे ही धणी हो गोपाल’ को मास्टरपीस माना जाता है, जिसमें गीतकार भरत व्यास के लिखे भजनों को उन्होंने अपनी आवाज दी। गाने के लिए दिए थे सात हजार रुपए राजस्थानी एक्टर-डायरेक्टर क्षितिज कुमार ने बताया- 1996 में आई मेरी राजस्थानी फिल्म राधू की लक्ष्मी का गाना ‘रात ढलती जाए’ आशा जी ने गाया था। आरडी बर्मन साहब की डेथ हो गई थी, उसी समय में आशाजी से मिलने के लिए डेट ले रहा था। एक महीने बाद उनकी तरफ से समय दिया, जब वहां गया तो मैंने इस गाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पूछा- क्या यह बच्चों का गाना है। मैंने मना कर दिया। हारमोनियम पर गाकर बताया तो वे गाने की कंपोजिशन से बेहद प्रभावित हुईं। इस गाने पर दो घंटे तक हमारी बातचीत चली। मुम्बई में ही इसे रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने एक-एक शब्द की जानकारी ली। घर पर कई दिनों तक राजस्थानी शब्दों की ट्रेनिंग भी हुई। कंपोजिंग पसंद आ जाती तो वह किसी भी इंडस्ट्री को छोटा बड़ा नहीं समझती। रिेकॉडिंग के बाद मुझे कहा- तुम मुम्बई में नए हो, किसी प्रकार की कोई परेशानी हो तो सीधे बताना। अब मैं आपको एक रोचक बात बताता हूं। इस गाने के लिए हमारी 25 हजार पर बात हुई थी, लेकिन मैंने सात हजार रुपए ही दिए। उन्होंने बिना किसी रोक-टोक के वह ले लिए। गाने की दी सहमति, रिकॉर्ड नहीं करने का मलाल वीणा म्यूजिक के डायरेक्टर केसी मालू ने बताया- मैं गाना उनके साथ करना चाहता था। इसी सिलसिले में आशाजी से मिलने भी गया था। उन्होंने राजस्थानी गाने के लिए हामी भी भरी थी, लेकिन मैं ही गाना तैयार नहीं कर पाया। उन्होंने मुझे बताया कि जयपुर से महिपाल और भरत व्यास उनके मित्र थे। आशाजी ने ही मुझे बताया था कि राजस्थानी में आठ भजन उन्होंने गाए थे। मैं यह सुनकर हैरान था। ये भजन भरत व्यास ने लिखे थे। उन्होंने कहा कि आशाजी के हामी भरने के बाद भी मैं काम नहीं कर पाया। मैं उनके लिए गाना बनवा नहीं पाया। इसका आज तक अफसोस रहेगा। उन्होंने कई राजस्थानी फिल्मों में गाने गाए है। जब भी किसी ने गाने के लिए कहा, किसी को उन्होंने कभी मना नहीं किया। हमारी मैग्जीन स्वर सरिता लगातार पढ़ती थीं, उसी आधार पर मेरी मुलाकात हुई थी। ये भी पढ़ें… दोस्तों ने रुपए दिए, घर से भागकर मुंबई गए असरानी:जयपुर में काम किया, अजमेर में कहा था- सिंधी ने कभी भी भीख नहीं मांगी बॉलीवुड के हास्य अभिनेता असरानी का मुंबई में निधन हो गया। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और कला के प्रति गहरी लगन की मिसाल रहा है। उनका असली नाम गोवर्धन असरानी था। वे एक मध्यमवर्गीय सिंधी परिवार से थे। उनके पिता भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान से जयपुर आ बसे और यहां कालीन की दुकान खोली। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:48 pm

आशा भोसले को कभी खराब आवाज बताकर स्टूडियो से निकाला:12,000 गानों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया; लता के साये से निकलकर बनाई पहचान

भारतीय संगीत जगत की सबसे वर्सेटाइल सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने अपनी आवाज से सात दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। लेकिन9 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद अपना करियर शुरू करने वाली आशा ताई को शुरुआती दौर में भारी संघर्ष करना पड़ा। 1947 में एक रिकॉर्डिस्ट ने उन्हें 'खराब गला' कहकर रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने 20 भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और अपना नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज कराया। आशा जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की 'आदर्श' छवि के बीच खुद को साबित करना था। उन्होंने चतुराई से अपनी आवाज में वेस्टर्न टच और मॉड्यूलेशन को पिरोया, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता था। जब लोगों को लगा कि वे सिर्फ कैबरे गा सकती हैं, तब उन्होंने 'उमराव जान' की गजलें गाकर अपनी गायिकी को साबित किया। आशा भोसले ने शास्त्रीय संगीत से लेकर कैबरे, पॉप और गजल तक हर शैली में अपनी महारत साबित की। महाराष्ट्र के सांगली में जन्म, पिता शास्त्रीय गायक रहे आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वह प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और थिएटर कलाकार पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थीं। घर में संगीत का माहौल शुरू से ही था। उनके भाई-बहन लता मंगेशकर, मीना खडीकर, उषा मंगेशकर और हृदयनाथ मंगेशकर भी संगीत की दुनिया से ही जुड़े रहे। जब आशा सिर्फ 9 साल की थीं, तब 1942 में उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। पिता के जाने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। परिवार को सहारा देने के लिए लता और आशा ने बहुत कम उम्र में गाना और फिल्मों में छोटी भूमिकाएं निभाना शुरू कर दिया था। मराठी फिल्म से बॉलीवुड तक का सफर आशा भोसले ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत 1943 में एक मराठी फिल्म 'माझा बाळ' के गाने ‘चला चला नव बाड़ा’ से की थी। हिंदी सिनेमा में उन्हें पहला मौका 1948 में फिल्म 'चुनरिया' के गाने 'सावन आया' से मिला। शुरुआती दौर में आशा को वे गाने मिलते थे जिन्हें प्रमुख गायिकाएं जैसे लता मंगेशकर, शमशाद बेगम या गीता दत्त छोड़ देती थीं। उस समय उन्हें अक्सर फिल्मों में विलेन, डांसर या साइड किरदारों के लिए गाने के लिए बुलाया जाता था। आवाज को खराब बताया, स्टूडियो से रिजेक्शन मिला आज जो आवाज दुनिया भर में पहचानी जाती है, एक समय उसे भी नकारा गया था। 1947 में, जब आशा अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं, तब फिल्म ‘जान पहचान' (संगीतकार: खेमचंद प्रकाश) के एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए वे किशोर कुमार के साथ फेमस स्टूडियो गई थीं। वहां के रिकॉर्डिस्ट रॉबिन चटर्जी ने उनकी आवाज सुनने के बाद कहा था, यह आवाज नहीं चलेगी, इनका गला खराब है, किसी और को बुलाओ। उस समय आशा को यह कहकर स्टूडियो से बाहर कर दिया गया था कि उनकी आवाज अच्छी नहीं है। इस घटना से किशोर कुमार काफी दुखी हुए थे। रात के 2 बज चुके थे और दोनों महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन पर उदास बैठे थे। तब आशा ने ही किशोर दा को ढांढस बंधाते हुए कहा था कि उनकी आवाज को कोई नहीं रोक सकता। इस रिजेक्शन ने आशा को तोड़ा नहीं, बल्कि और बेहतर बनने की प्रेरणा दी। आरडी बर्मन रहे करियर के बड़े टर्निंग पॉइंट्स 50 और 60 के दशक में बॉलीवुड में लता मंगेशकर, शमशाद बेगम और गीता दत्त का दबदबा था। शमशाद बेगम अपनी खनकदार आवाज और गीता दत्त अपने दर्द भरे और वेस्टर्न अंदाज वाले गानों के लिए मशहूर थीं। जब गीता दत्त अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों के चलते रिकॉर्डिंग से दूर होने लगीं, तब ओ.पी. नैयर और एस.डी. बर्मन जैसे संगीतकारों ने आशा भोसले की तरफ रुख किया। 1950 के दशक में नैयर ने आशा की आवाज की खनक को पहचाना। 1954 में फिल्म 'मंगू' से शुरू हुआ उनका साथ 'सीआईडी' (1956) और 'नया दौर' (1957) तक आते-आते ब्लॉकबस्टर साबित हुआ। नया दौर का गाना 'मांग के साथ तुम्हारा' और 'उड़े जब जब जुल्फें तुम्हारी' ने उन्हें मुख्यधारा की टॉप सिंगर्स में शामिल कर दिया। इसके बाद 1960 और 70 के दशक में संगीतकार आरडी बर्मन (पंचम दा) के साथ उनकी जोड़ी ने संगीत की परिभाषा बदल दी। पंचम दा ने आशा से 'दम मारो दम' (हरे रामा हरे कृष्णा) और 'पिया तू अब तो आजा' (कारवां) जैसे वेस्टर्न और जैज स्टाइल के गाने गवाए, जिन्होंने आशा को 'क्वीन ऑफ इंडिपॉप' बना दिया। जब लता के साये से बाहर आईं आशा आशा भोसले के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी ही बहन लता मंगेशकर के साथ कॉम्पिटिशन करना था। उस दौर में लता जी की आवाज को 'आदर्श' माना जाता था। आशा ने चतुराई से अपनी आवाज के साथ प्रयोग किए। उन्होंने महसूस किया कि अगर वह लता जैसी ही शैली अपनाएंगी, तो वह कभी अपनी पहचान नहीं बना पाएंगी। उन्होंने वेस्टर्न टच, मॉड्यूलेशन को अपनी आवाज में पिरोया, जो उस समय किसी अन्य सिंगर के पास नहीं था। उन्होंने गीता दत्त और शमशाद बेगम जैसे सिंगर्स को उनके ही दौर में कड़ी टक्कर दी और बाद में अलका याग्निक, कविता कृष्णमूर्ति और सुनिधि चौहान जैसी पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनीं। जब लोगों को लगा कि वे सिर्फ कैबरे गा सकती हैं, तब 1981 में फिल्म 'उमराव जान' आई। संगीतकार खय्याम के निर्देशन में आशा ने 'दिल चीज क्या है' और 'इन आंखों की मस्ती के' जैसी बेहतरीन गजलें गाकर क्लासिकल गायिकी में भी लता मंगेशकर के बराबर अपनी जगह पक्की कर ली। आशा भोसले का पहला बड़ा सम्मान और वर्ल्ड रिकॉर्ड आशा भोसले के करियर के सबसे हिट गाने सिंगिंग के अलावा कुकिंग और सफल रेस्तरां बिजनेस आशा भोसले केवल एक महान गायिका ही नहीं, बल्कि एक शानदार कुक भी थीं। वह अक्सर कहती थीं कि अगर वह सिंगर न होतीं, तो एक रसोइया होतीं। उनके हाथ के बने 'कढ़ाई गोश्त' और 'बिरयानी' के मुरीद राज कपूर से लेकर ऋषि कपूर तक रहे। अपने इसी शौक को उन्होंने बिजनेस में बदला। उन्होंने 'Asha's' नाम से रेस्तरां की एक ग्लोबल चैन शुरू की। उनका पहला रेस्तरां दुबई में खुला, जिसके बाद कुवैत, बर्मिंघम, मैनचेस्टर और अबू धाबी जैसे शहरों में भी इसे विस्तार मिला। वह अपने रेस्तरां के शेफ्स को खुद ट्रेनिंग देती थीं। ब्रिटिश बैंड के साथ गाया आखिरी गाना आशा भोसले की आवाज सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं थी, बल्कि इंटरनेशनल म्यूजिक वर्ल्ड में भी उनका उतना ही सम्मान था। मार्च 2026 में रिलीज हुई मशहूर ब्रिटिश वर्चुअल बैंड ‘गोरिल्लाज’ की नौवीं एल्बम ‘द माउंटेन’ (पर्वत) में उनका गाना शामिल है। द शैडोई लाइट नाम के इस ट्रैक को अब उनके शानदार करियर के आखिरी अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। इसमें उन्होंने ब्रिटिश आर्टिस्ट ग्रफ राइस और सरोद उस्ताद अमान-अयान अली बंगश के साथ काम किया था। गोरिल्लाज बैंड बनाने वाले डेमन अलबर्न असल में 70 के दशक के बॉलीवुड संगीत और आरडी बर्मन के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने कई इंटरव्यू में आशा भोसले की आवाज को 'साइकडेलिक' और 'एक्सपेरिमेंटल' बताया था। यही वजह थी कि उन्होंने अपनी इस नई एल्बम को भारत में रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में आशा ताई के अलावा अनुष्का शंकर ने भी साथ काम किया है। वहीं आशा अपने अंतिम वर्षों में म्यूजिक रियलिटी शोज में जज के रूप में और लाइव कॉन्सर्ट्स में सक्रिय रहीं। 2023 में भी उन्होंने अपने 90वें जन्मदिन पर दुबई में परफॉर्म किया था। उनकी आवाज में जो ताजगी 1950 में थी, वही 92 साल की उम्र तक बरकरार रही।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 3:21 pm

नहीं रहीं सुरों की मल्लिका आशा भोसले:गरीबी में बहन लता के साथ चोरी-छिपे स्कूल जाती थीं, कभी बीच रिकॉर्डिंग स्टूडियो से निकाला गया

सुरों की मल्लिका आशा भोसले का आज 92 साल की उम्र में निधन हो गया। सिंगर को शनिवार रात चेस्ट इन्फेक्शन के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। आशा भोसले बीते 70 सालों से हिंदी सिनेमा का हिस्सा थीं। उन्होंने कई भाषाओं में रिकॉर्ड 12 हजार गाने गाए। उनके बिना हिंदी सिनेमा की कल्पना करना भी मुश्किल है, हालांकि एक समय ऐसा था जब ये कहकर आशा भोसले को रिकॉर्डिंग स्टूडियो से निकाल दिया गया कि उनकी आवाज खराब है। आज दुनियाभर के कई होटलों की मालकिन आशा भोसले का बचपन गरीबी में बीता। तंगहाली का वो आलम था कि वो बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ चोरी-छिपे स्कूल जाती थीं, जिससे पिता को फीस न देना पड़े। हालांकि पकड़े जाने पर उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। पढ़िए आशा भोसले की जिंदगी से जुड़े ऐसे ही अनसुने किस्से- बहन के साथ चोरी-छिपे स्कूल जाती थीं आशा भोसले 8 सितंबर 1933 में आशा भोसले का जन्म ब्रिटिश इंडिया के सांगली में हुआ। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर, रंगमंच कलाकार थे। घर में तंगहाली का वो आलम था कि बड़ी बहन लता मंगेशकर का जब स्कूल में दाखिला करवाया गया, तो वो आशा को चोरी-छिपे स्कूल ले जाने लगीं। मास्टर से छिपकर वो आशा को साथ बैठा लेती थीं। स्कूल जाते हुए महज दो दिन ही हुए थे कि एक रोज मास्टरजी ने चोरी पकड़ ली। उन्होंने दोनों को क्लासरूम से बाहर कर दिया और कहा कि एक फीस में एक ही बच्चा स्कूल आ सकता है। दोनों घर लौट गए। अगले दिन लता ने फैसला किया कि वो छोटी बहन को पढ़ाएंगी। उन्होंने पिता से बात कर स्कूल से अपना नाम कटवा दिया और अपनी जगह बहन आशा का एडमिशन करवाया। आशा महज 9 साल की थीं, जब उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। ऐसे में लता ने ही संघर्ष कर हिंदी सिनेमा में कदम रखा और बहन की परवरिश की। परिवार पहले पुणे और फिर मुंबई आकर बसा। यहां महज 10 साल की उम्र में आशा भोसले ने गाना शुरू कर दिया। उन्हें पहला ब्रेक मराठी फिल्म माझा बल (1943) के गाने चला चला नाव बला से मिला। आशा महज 15 साल की थीं, जब उन्हें हिंदी फिल्म चुनरिया का सावन आया गाने का मौका मिला। उस दौर में नूर जहां, शमशाद बेगम जैसी सिंगर्स की इंडस्ट्री में पकड़ थी। लता मंगेशकर भी धीरे-धीरे पहचान बना रही थीं, लेकिन आशा इस लिस्ट में कहीं नहीं थीं। उन्हें सिर्फ तब ही मौके मिलते थे, जब फिल्ममेकर्स या तो बड़ी सिंगर्स की फीस चुका नहीं पाते थे या दूसरी सिंगर्स इनकार कर देती थीं। गाना रिकॉर्ड करने पहुंचीं, तो आवाज पर ताना देकर स्टूडियो से निकाला गया आशा भोसले को एक बार खराब आवाज बताकर किशोर कुमार के साथ रिकॉर्डिंग स्टूडियों से बाहर निकाल दिया गया था। 1947 की बात है। आशा, किशोर कुमार के साथ फेमस स्टूडियों में राज कपूर और नरगिस स्टारर फिल्म ‘जान पहचान' के लिए एक गाना रिकॉर्ड करने गई थी। इस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर खेमचंद प्रकाश थे। तब स्टूडियो में कोई खास सुविधा नहीं होती थी, माइक भी सिर्फ एक ही रहता था और गायकों को उसके सामने खड़े होकर गाना पड़ता था। आशा और किशोर दा ने जैसे ही गाना शुरू किया, वहां रिकॉर्डिस्ट रॉबिन चटर्जी ने धीरे से म्यूजिक डायरेक्टर खेमचंद्र से बंगाली में कहा- इन दोनों की आवाज माइक में अच्छी नहीं लग रही, दूसरे सिंगर लाओ। पास खड़े किशोर दा ये बात समझ गए और उन्होंने आशा से कहा कि यहां कुछ गड़बड़ है। उनका गाना भी रोक दिया गया और थोड़ी देर में ही उन्हें वहां से निकल जाने को कहा गया। रात के 2 बज चुके थे। दोनों इस अपमान से टूट गए और वहां से निकलकर महालक्ष्मी स्टेशन के पास बैठे और ये चर्चा करने लगे कि आखिर उनसे कहां चूक हुई। सालों बाद किशोर कुमार ने लिया था, अपने और आशा के अपमान का बदला 1957 तक आशा भोसले हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकी थीं। उनके गाने उड़ें जब-जब जुल्फें तेरी काफी हिट रहा था। किशोर कुमार भी अपनी पहचान बना चुके थे। कामयाबी मिलने के बाद एक रोज उन्हें फिर उसी स्टूडियो में रिकॉर्ड करने का मौका मिला। वहां रॉबिन चटर्जी भी मौजूद थे, जिन्होंने सालों पहले उन्हें और आशा को स्टूडियो से निकलवाया था। आशा ताई तो झिझक में कुछ कह नहीं सकीं, लेकिन किशोर कुमार ने मौके का फायदा उठाया और रिकॉर्डिस्ट से कहा- क्यों, आपने तो कहा था कि हम गा नहीं सकते। आप देख लीजिए कि अब हम कहां हैं। 16 की उम्र में की भागकर शादी, बहन से बिगड़े रिश्ते 10 साल की उम्र में गाना शुरू करने वालीं आशा भोसले को महज 16 साल की उम्र में अपने सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से प्यार हो गया। गणपत राव उम्र में 15 साल बड़े थे। वो जानती थीं कि परिवार इस रिश्ते को कभी नहीं अपनाएगा, तो उन्होंने 16 की उम्र में घर से भागकर गणपत राव से शादी की। यह फैसला उनके लिए खुशियों से ज्यादा तकलीफें लेकर आया। शादी के बाद उन्हें अपने पति और ससुराल वालों से अच्छा व्यवहार नहीं मिला। वक्त बीतता गया, लेकिन रिश्ते में कड़वाहट बढ़ती ही रही। षादी से आशा को 3 बच्चे हुए। कुछ साल बाद, शक और तनाव से भरे इस रिश्ते ने आखिरकार दम तोड़ दिया। गणपतराव ने उन्हें घर से निकाल दिया। उस वक्त आशा दो बच्चों के साथ थीं और तीसरे बच्चे की मां बनने वाली थीं। मजबूरी में उन्हें अपने मायके लौटना पड़ा। साल 1960 में दोनों अलग हो गए। बेटी ने गोली मारकर की आत्महत्या, बेटे की कैंसर से हुई मौत आशा भोसले और गणपत राव के तीन बच्चे थे। उनके बड़े बेटे हेमंत भोसले ने शुरुआत में पायलट के तौर पर काम किया, लेकिन बाद में संगीत की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने कुछ यादगार गाने भी दिए, हालांकि उनका सिंगिंग करियर ज्यादा लंबा नहीं चला। 2015 में कैंसर के कारण उनका निधन हो गया। आशा की बेटी वर्षा भोसले, एक जानी-मानी कॉलमनिस्ट थीं। उन्होंने पति से तलाक के बाद 55 साल की उम्र में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके सबसे छोटे बेटे आनंद भोसले ने बिजनेस और फिल्म निर्देशन की पढ़ाई की और आज वे अपनी मां के करियर को संभालते थे। आरडी बर्मन की मां ने कहा था, आशा से शादी करनी है, तो लाश से होकर गुजरना होगा गणपत राव से तलाक लेने के बाद आशा भोसले की जिंदगी में आरडी बर्मन हमसफर बनकर आए। दोनों की मुलाकात 1966 में हुई, जब वो तीसरी मंजिल में साथ काम कर रहे थे। दोनों ने ओ हसीना जुल्फों वाली…, और ओ मेरे सोना रे सोना रे को आवाज दी। आरडी बर्मन, पिता एसडी बर्मन की लेगेसी से कुछ अलग करना चाहते थे। जैज, कैबरे का ट्रेंड लाते हुए उन्हें आशा भोसले की आवाज का सहारा मिला। दोनों ने पिया तू अब तो आजा…, दम मारो दम…. जैसे गानों बनाए, जिसे आशा भोसले को कैबरे क्वीन कहा जाने लगा। प्रोफेशनल रिश्ता जल्द ही नजदीकियां बढ़ने की वजह बना। पंचम दा, उम्र में आशा से 6 साल छोटे थे और 1971 में उनका पहली पत्नी रीटा से तलाक हो चुका था। उनकी शादी विवादों में थी। घरेलु झगड़े बढ़ने से वो घर छोड़कर होटल में रहने लगे थे। 9 साल बाद जब उन्होंने आशा से शादी करने का फैसला किया तो परिवार खिलाफ हो गया। मां ने साफ इनकार कर दिया। आरडी बर्मन की मां दोनों के रिश्ते से इतनी खफा दी कि उन्होंने साफ कह दिया कि जब तो वो जिंदा हैं, तब तक दोनों की शादी नहीं हो सकती और अगर वो ये शादी करना चाहते हैं तो आशा को अपनी मां की लाश के ऊपर से घर में लाना होगा। ये सुनकर आरडी बर्मन बिना कुछ कहे ही वहां से चले गए। दोनों शादी करना चाहते थे, हालांकि मां की नाराजगी के चलते ऐसा मुमकिन नहीं था। कुछ सालों के बाद आरडी बर्मन की मां बेहद बीमार रहने लगीं और उन्होंने किसी को भी पहचाना बंद कर दिया, जिसके बाद आरडी बर्मन और आशा ने 1980में शादी कर ली। शादी के महज 14 सालों बाद ही 1994 में आरडी बर्मन का निधन हो गया, और आशा फिर एक बार अकेली हो गईं। आरडी के निधन से पहले उनकी फाइनेंशिल कंडीशन ठीक नहीं थी जिसके चलते आशा और वो अलग रहा करते थे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 2:39 pm

सनी की ‘बॉर्डर 3’ पर काम शुरू:जेपी फिल्म्स के बैनर तले अब फैंटेसी एडवेंचर वॉर फिल्म भी बनेगी

सनी देओल और वरुण धवन स्टारर ‘बॉर्डर 2’ की सफलता के बाद अब जेपी फिल्म्स ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा रोडमैप तैयार कर लिया है। 362 करोड़ के घरेलू कलेक्शन के साथ फिल्म ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति और रियल-लाइफ हीरोइज्म का क्रेज आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए निर्माता निधि दत्ता ने एक मेगा प्लान तैयार किया है, जिसके केंद्र में सनी को रखा गया है। ‘बॉर्डर 3’ पर काम शुरू हो चुका है। सनी ही मुख्य चेहरा बने रहेंगे। ‘बॉर्डर 3’ से सनी की देशभक्ति की इमेज फिर मजबूत होगी सनी की ‘बॉर्डर 3’ को 2027 का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। यह सनी की देशभक्ति वाली इमेज को एक बार फिर बड़े स्तर पर स्थापित करेगा। वहीं नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ में सनी का ‘हनुमान’ के रूप में नजर आना उनके करियर का एक नया और दिलचस्प अध्याय होगा। वह फिल्म के दोनों पार्ट्स में नजर आएंगे। वायुसेना पर एक नई फिल्म भी शुरू करेगा जेपी फिल्म्स जेपी फिल्म्स अब अपने पारंपरिक वॉर जोन से बाहर निकलते हुए एक बड़े बजट की फैंटेसी एडवेंचर फ्रेंचाइज पर भी काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट स्टूडियो के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसकी कहानी और राइटिंग प्रोसेस में खुद निधि शामिल हैं और यह देश की कई लोकेशंस में शूट होगी। चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में भी सनी का कैमियो हो सकता है। जेपी फिल्म्स भारतीय वायुसेना पर भी एक नई फिल्म भी शुरू करने जा रहा है। करियर को काफी रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं सनी ‘गदर 2’ की जबरदस्त सफलता के बाद सनी ने अपने करियर की दिशा को काफी रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ाया है। अब उनका फोकस ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर है, जो उन्हें सिर्फ स्टार ही नहीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस का मजबूत पिलर भी बनाए रखें। 2027 तक सनी के पास कई फिल्में हैं जो 1000 करोड़ क्लब तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। इस लाइनअप में ‘सफर’ नाम की एक इमोशनल ड्रामा है, जिसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है। ​निधि दत्ता पर भी है विरासत को आगे ले जाने की चुनौती ​निधि ने ‘पलटन' और ‘घुड़चढ़ी' जैसी फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाई है। अब उनके कंधों पर ‘बॉर्डर' जैसी विरासत को आगे ले जाने का मौका है। ‘बॉर्डर 2' ने यह साबित किया कि बड़े परदे पर सनी का गुस्सा आज भी दर्शक जुटा सकता है। बता दें कि एक तरफ सनी जहां ‘बॉर्डर 3' और एयर फोर्स ड्रामा में देशभक्ति का जज्बा जगाएंगे, वहीं ‘फैंटेसी एडवेंचर' के जरिए अलग अवतार में दिखेंगे। जेपी फिल्म्स की ओर से अगले कुछ महीनों में ‘बॉर्डर 3' की आधिकारिक कास्टिंग अनाउंस होगी।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 1:59 pm

विराट कोहली की जर्सी पाकर खुश हुईं कोरियन कंटेंट क्रिएटर:RCB की जर्सी को किस किया, कहा- मैं कोरियन RCB फैन हूं

IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की फैन और दक्षिण कोरियाई कंटेंट क्रिएटर मिशेल का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे भारत से आए एक पार्सल को अनबॉक्स करती नजर आईं। पार्सल में RCB की लाल जर्सी थी, जिस पर नंबर 18 और विराट कोहली लिखा हुआ था। जर्सी देखते ही मिशेल ने इसे गले से लगाया और पहनकर अपनी खुशी जाहिर की। मिशेल ने अपने वीडियो में कहा कि लोग कहते हैं RCB के पास ग्लोबल फैंस नहीं हैं, लेकिन वे कोरिया से टीम को पूरा सपोर्ट करती हैं। कंटेंट क्रिएटर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, 'मैं एक कोरियन RCB फैन हूं। मुझे जर्सी भले ही देर से मिली हो, लेकिन टीम के लिए मेरा प्यार कभी देर से नहीं आया।' वीडियो पर लोगों के जबरदस्त रिएक्शन सामने आए मिशेल के वीडियो पर कई लोगों ने रिएक्शन दिया। एक यूजर ने लिखा, “RCB का फैन होकर मैं बहुत खुश हूं।” वहीं, दूसरे ने कहा, “RCB सिर्फ एक फ्रेंचाइजी नहीं, हमारी भावनाएं हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “कोई इन्हें RCB मैच का टिकट दिला दो।” मिशेल RCB पर कई वीडियो बना चुकी हैं मिशेल इंस्टाग्राम पर @sausabe के नाम से जानी जाती हैं। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब 32.6K फॉलोअर्स हैं। वो अपने इंस्टाग्राम पर मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, ट्रैवल से जुड़े वीडियो शेयर करती हैं। उन्होंने RCB, विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट टीम से रिलेटेड कई कंटेंट भी पोस्ट किए हैं। वे अक्सर RCB की जर्सी पहनकर वीडियो बनाती हैं। मिशेल भारत की यात्रा कर चुकी हैं और उन्होंने यहां की कई ट्रैवल रील्स शेयर की हैं।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 12:16 pm

दावा- सलमान की 'मातृभूमि' में चीन का नाम नहीं होगा:रक्षा मंत्रालय की आपत्ति के बाद कंटेंट में बदलाव, 40% फिल्म रीशूट

सलमान खान की अपकमिंग फिल्म मातृभूमि को लेकर नई खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं ताकि भारत-चीन के बेहतर होते कूटनीतिक संबंधों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। गौरतलब है कि फिल्म का नाम पहले बैटल ऑफ गलवान रखा गया था, जिसे इस साल बदलकर मातृभूमि कर दिया गया। यह फिल्म 2020 में भारत और चीन के बीच हुए संघर्ष पर आधारित थी। हाल ही में दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हुए हैं, इसलिए रक्षा मंत्रालय को फिल्म के कंटेंट को लेकर कुछ आपत्ति थी। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में बताया गया है कि मंत्रालय के निर्देश के अनुसार फिल्म में चीन का नाम नहीं लिया जाएगा। करीब 40% फिल्म दोबारा शूट की गई रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, “पहले यह फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय के कहने पर सलमान खान और डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने फिल्म को दोबारा शूट किया और कहानी में थोड़ा फिक्शन एंगल जोड़ दिया। लगभग 40% फिल्म दोबारा शूट की गई, जिसमें रोमांटिक सीन और बैकस्टोरी भी जोड़ी गई। मेकर्स ने नई फिल्म मंत्रालय को भेजी ताकि उन्हें NOC मिल सके, लेकिन मंत्रालय को अभी भी कुछ चिंताएं हैं।” सूत्र ने आगे बताया, “सलमान खान से यह भी कहा गया कि फिल्म में चीन का नाम बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह बात पहले ही मेकर्स को बता दी गई थी। इस महीने जो नया वर्जन जमा किया गया है, उसमें चीन का कहीं जिक्र नहीं है।” फिल्म 17 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन शूटिंग और कंटेंट में बदलाव के कारण इसे टाल दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, सलमान खान जल्द ही दिल राजू के साथ अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर सकते हैं। इस फिल्म में नयनतारा भी नजर आएंगी और इसका डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली करेंगे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 10:15 am

दिग्गज गायिका आशा भोसले को हार्ट अटैक:ब्रिच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया

बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले को शनिवार को हार्ट अटैक आया। उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है, लेकिन उनकी हालत को लेकर अस्पताल या परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह खबर अपडेट हो रही है..

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 8:48 pm

राम गोपाल वर्मा बोले- दाऊद को क्रेडिट क्यों न दें:अंडरवर्ल्ड डॉन की वजह से ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ बनाई, आज भी कमा रहा हूं

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पर ऐसा बयान दिया, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई। उन्होंने कहा कि अगर दाऊद इब्राहिम नहीं होते, तो वह ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ जैसी फिल्में नहीं बना पाते। फिल्म फेयर को दिए इंटरव्यू में राम गोपाल वर्मा ने अंडरवर्ल्ड और अपनी फिल्मों के कनेक्शन पर बात की। उन्होंने बताया कि अपनी आत्मकथा ‘गन्स एंड थाइज’ को दाऊद इब्राहिम को समर्पित किया था, लेकिन पब्लिशर्स ने उनका नाम हटा दिया। उनका कहना है कि वह दाऊद को क्रेडिट क्यों न दें, क्योंकि उन्हीं की वजह से उनकी कई आइकॉनिक फिल्में बन पाईं। राम गोपाल वर्मा ने कहा, “अगर दाऊद इब्राहिम नहीं होता, तो मैं ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ नहीं बनाता। मैं आज जो कमा रहा हूं, वह कहीं न कहीं उसी की वजह से है।” इस बयान से बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के पुराने रिश्तों पर बहस छिड़ गई। 90 के दशक में बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का प्रभाव काफी ज्यादा था। कई सितारों और निर्माताओं ने उस दौर में धमकी भरे कॉल्स मिलने की बात कबूली थी। हालांकि, राम गोपाल वर्मा का दावा है कि उन्हें कभी ऐसी धमकी नहीं मिली। इसके पीछे वह एक वजह बताते हैं। राम गोपाल के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड के लोगों को उनकी फिल्में ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ पसंद आई थीं। इसी वजह से उन्होंने कभी उन्हें परेशान नहीं किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह उनके “सोलमेट” जैसे बन गए थे, इसलिए उन्हें डरने की जरूरत नहीं पड़ी। सत्या’ और ‘कंपनी’ जैसी फिल्में मुंबई अंडरवर्ल्ड से प्रेरित मानी जाती हैं। इन फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में गैंगस्टर जॉनर को नई पहचान दी और दर्शकों को अपराध जगत के करीब ले जाने की कोशिश की। राम गोपाल वर्मा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोग इसे उनके काम की ईमानदार स्वीकारोक्ति मान रहे हैं, तो कुछ इसे अंडरवर्ल्ड का ग्लोरीफिकेशन बता रहे हैं। वर्मा अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए जाने जाते रहे हैं और इस बार भी उन्होंने वही अंदाज रखा।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:04 pm

मासूम शर्मा ने फिर स्टेज से गालियां दीं,VIDEO:देहरादून शो में बोले- गुंडा मारने आया, मैंने उसे कहा, हरियाणा छोड़कर यहां आ

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर स्टेज पर गाली दी। शनिवार को वह उत्तराखंड के देहरादून में DAV कॉलेज में शो करने पहुंचे थे। इस दौरान, मासूम ने मंच से कहा कि कोई गुंडा मुझे मारने के लिए आया था। मैंने उसे कहा कि मैं देहरादून में प्रोग्राम कर रहा हूं, अगर तेरे में दम है तो यहां आ। हरियाणा छोड़कर यहां आ, टाइम रख ले। इस दौरान मासूम ने मंच से ही गालियां भी दीं। इस लाइव प्रोग्राम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। उनके जाने के बाद मासूम शर्मा मंच पर भड़क गए, जिसका वीडियो भी सामने आया। विवाद के बाद मासूम ने वीडियो जारी कर घटना के बारे में बताया और माफी भी मांगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह बदमाश कौन है। जानिए वीडियो में मासूम ने क्या कहा… बदमाश चक्कर काट रहा था मासूम शर्मा ने वीडियो जारी कर कहा, “मैं शो करने के लिए देहरादून आया हुआ था और पिछली रात से यहीं एक होटल में रुका हुआ था। यहां एक बदमाश चक्कर काट रहा था। मेरी टीम ने भी मुझे इस बारे में बताया था, लेकिन पहले मुझे लगा कि वह यूं ही घूम रहा है।” चाचा के बेटे को फोन कर उल्टा बोला मासूम ने आगे कहा कि एक घंटे बाद, अमेरिका से मेरे चाचा के बेटे का फोन आया। उस बदमाश ने उसे फोन करके उल्टा-सीधा बोला। इसके बाद, मैं और मेरी टीम रात भर सो नहीं पाए। रात भर हमें इसी बात का स्ट्रेस रहा। फिर मैंने उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। वही गुस्सा मेरा स्टेज पर निकल गया। अगर किसी भी भाई या बहन को मेरे शब्दों से ठेस पहुंची हो, तो मैं माफी मांगता हूं। मासूम के भाई बोले- गैंगस्टर तंग कर रहा मासूम शर्मा के भाई विकास ब्राह्मणवास ने दैनिक भास्कर को बताया कि एक गैंगस्टर मासूम को तंग कर रहा है। वह कुछ बदमाशों के साथ हथियार लेकर देहरादून पहुंचा था। मासूम शर्मा एक फाइव स्टार होटल में रुके हुए थे। बदमाश उस होटल में जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिली। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 6:35 pm

थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ ऑनलाइन लीक:पूजा हेगड़े ने पाइरेसी के खिलाफ सख्त संदेश दिया, बोलीं- फिल्म हजारों लोगों मेहनत नतीजा, बड़े पर्दे पर देखें

तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ ऑनलाइन लीक होने के बाद इंडस्ट्री में चिंता बढ़ी है। फिल्म की फीमेल लीड एक्ट्रेस पूजा हेगड़े ने इसे दुखद बताया और दर्शकों से इसे थिएटर में देखने की अपील की। पूजा हेगड़े ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि फिल्म सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि हजारों लोगों की मेहनत, क्रिएटिविटी और त्याग का नतीजा होती है। उन्होंने कहा कि लीक होना तकनीशियन और कलाकार के सम्मान को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे पाइरेसी को बढ़ावा न दें और फिल्म को बड़े पर्दे पर एंजॉय करें। इससे पहले भी कई सेलेब्स, जिनमें रजनीकांत, चिरंजीवी, सूर्या और सिवकार्तिकेयन शामिल हैं, इस लीक पर नाराजगी जता चुके हैं। फिल्म के मेकर्स ने सख्त बयान जारी कर कहा कि यह गंभीर डिजिटल पाइरेसी का मामला है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। बढ़ते विवाद के बीच मेकर्स ने अभी तक आधिकारिक रिलीज डेट घोषित नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे बड़े पैमाने पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है और इसे विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि फिल्म 22 जून 2026 को विजय के 52वें जन्मदिन पर रिलीज हो सकती है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 6:12 pm

‘धुरंधर 2’ के मेकर्स पर क्रिएटिव चोरी का आरोप:फिल्ममेकर राजीव राय ने कहा- बिना अनुमति गाने रीक्रिएट और इस्तेमाल किए गए

फिल्ममेकर राजीव राय ने ‘धुरंधर 2’ के मेकर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी फिल्म ‘त्रिदेव’ के गाने ‘ओए ओए’ और ‘तिरछी टोपीवाले’ को बिना अनुमति रीक्रिएट कर फिल्म में इस्तेमाल किया गया है। DNA India को दिए इंटरव्यू में राजीव राय ने कहा कि उनकी फिल्म के गानों का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया और इसे क्रिएटिव चोरी माना जाना चाहिए। राजीव राय ने कहा कि उन्होंने ये गाने किसी दूसरी फिल्म में इस तरह इस्तेमाल के लिए नहीं बनाए थे। उनका आरोप है कि डायरेक्टर आदित्य धर और उनकी टीम ने बिना सही लाइसेंस और अधिकार के इन्हें रीमिक्स किया, जिससे मूल रचनाकारों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ। इस मामले में राजीव राय ने ‘धुरंधर 2’ और इसके प्रोडक्शन हाउस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में क्रिएटिव वर्क की चोरी बढ़ रही है और इसे रोकना जरूरी है। उनका कहना है कि रीमेक के नाम पर पुराने गानों की असल पहचान बदली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विवाद तब बढ़ा जब सामने आया कि ‘धुरंधर 2’ का गाना ‘रंग दे लाल’ त्रिदेव के ट्रैक ‘ओए ओए’ का रीक्रिएटेड वर्जन है। इस पर ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामला अदालत में पहुंच चुका है। राजीव राय ने कहा कि यह सिर्फ एक गाने का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी क्रिएटिव इंडस्ट्री के सम्मान का सवाल है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति पुराने गानों का इस्तेमाल जारी रहा, तो भविष्य में ओरिजिनल क्रिएटर्स का काम खत्म हो जाएगा। इस बीच, ‘धुरंधर 2’ की टीम की तरफ से अभी तक विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन विवाद से इसकी छवि पर असर पड़ने लगा है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 4:43 pm

‘पापा, शो देखने आओगे? गालियां हैं’:समय रैना ने पिता को रात के 4 बजे किया मैसेज, जवाब सुनकर दर्शक हंस पड़े

कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में बताया कि उनके शो ‘स्टिल अलाइव’ में गालियां होने के कारण वह पिता को बुलाने में हिचकिचा रहे थे। गौरतलब है कि समय रैना इन दिनों अपने शो ‘स्टिल अलाइव’ स्पेशल को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनके मम्मी-पापा भी नजर आ रहे हैं। यह वीडियो शो की स्क्रीनिंग के दौरान का है, जहां वह दर्शकों के सामने पिता को भेजा गया मैसेज पढ़ते हैं। बता दें कि समय ने रात के लगभग 4 बजे अपने पिता को मैसेज कर पूछा, पापा, कल आओगे आप शो देखने? थोड़ी गालियां हैं उसमें, इसलिए पूछने में शर्म आ रही थी, पर ज्यादा नहीं हैं। इसके जवाब में उनके पिता ने बहुत ही कूल अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हमने 'धुरंधर', 'द फैमिली मैन' और 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' भी देखी है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं है।” समय रैना के पिता का यह जवाब सुनकर दर्शक हंस पड़े। समय का शो पिता को काफी पसंद आया और उन्होंने बेटे पर गर्व जताया। बता दें कि इस शो में समय ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो से जुड़े विवाद, एफआईआर और अन्य घटनाओं पर भी चर्चा की। साल 2025 में शो में रणवीर अल्लाहबादिया के एक जोक के बाद शो विवादो में घिर गया था। विवाद के चलते शो के कई वीडियो हटाने पड़े और माफी भी मांगनी पड़ी थी। हालांकि, समय रैना ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह जल्द ही ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का नया सीजन लेकर आ सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 3:32 pm

अक्षय कुमार के इवेंट में बेकाबू भीड़, बड़ा हादसा टला:मॉल में फैंस एस्केलेटर पर चढ़े और जान जोखिम में डाली, सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठे

अक्षय कुमार के इवेंट में फैंस की दीवानगी खतरनाक दिखी। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल में फिल्म ‘भूत बंगला’ के प्रमोशन के दौरान हुई घटनाओं ने फैंस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। अक्षय कुमार अपने को-स्टार्स राजपाल यादव और वामिका गब्बी के साथ प्रमोशन के लिए मॉल पहुंचे थे। देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई। हालात बिगड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बनी। लोग जान जोखिम में डालते नजर आए। वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ फैंस बेहतर व्यू के लिए एस्केलेटर की रेलिंग पर चढ़ गए। ग्राउंड फ्लोर पर बैरिकेड्स टूटे और लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़े। यह स्थिति बड़े हादसे में बदल सकती थी। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या ऐसे पब्लिक इवेंट्स के लिए सही सुरक्षा इंतजाम थे? बंद जगह में हजारों की भीड़ जुटना और कंट्रोल का टूटना, मॉल मैनेजमेंट और इवेंट ऑर्गनाइजर्स की तैयारियों पर सवाल उठाता है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स नाराज दिखे। कई लोगों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि स्टार्स और उनकी टीम को ऐसे इवेंट्स में फैंस की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। हालांकि, इस दौरान अक्षय कुमार स्टेज पर शांत नजर आए और फैंस से बातचीत करते रहे। लेकिन भीड़ का बेकाबू होना बड़ी चेतावनी है। फिल्म ‘भूत बंगला’ 17 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। लेकिन प्रमोशन के दौरान सामने आई तस्वीरें सवाल छोड़ती हैं कि क्या स्टारडम के नाम पर लोगों की जान जोखिम में डालना सही है?

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 3:15 pm

मधुबाला की बायोपिक में धुरंधर फेम एक्ट्रेस की चर्चा:दावा- लीड रोल में सारा अर्जुन नजर आ सकती हैं, आधिकारिक घोषणा बाकी

हिंदी सिनेमा की खूबसूरत अदाकाराओं में गिनी जाने वाली मधुबाला की बायोपिक को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। फिल्म में उनकी भूमिका कौन निभाएगा, इसे लेकर नए नाम सामने आ रहे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीड रोल के लिए सारा अर्जुन का नाम सबसे आगे है। फिल्म को संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस करेंगे, जबकि निर्देशन जसमीत के रीन करेंगी। सारा अर्जुन इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। इसी के बाद उनके करियर को नया मोड़ मिला और अब उन्हें मधुबाला जैसी आइकॉनिक शख्सियत का किरदार निभाने का मौका मिल सकता है। टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है। 2026 के आखिर तक इसकी शूटिंग शुरू हो सकती है। फिल्म 50-60 के दशक के गोल्डन एरा को बड़े स्तर पर दिखाएगी। इसमें मधुबाला की फिल्मों के साथ उनकी निजी जिंदगी, खासकर रिश्ते, संघर्ष और कम उम्र में हुई मौत को विस्तार से दिखाया जाएगा। इस किरदार के लिए सारा अर्जुन को खास तैयारी करनी होगी। वह लुक टेस्ट, डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज पर काम करेंगी, ताकि मधुबाला की ग्रेस और स्क्रीन प्रेजेंस को सही तरीके से पर्दे पर उतार सकें। मधुबाला की बायोपिक के लिए पिछले कुछ समय में कई बड़ी एक्ट्रेसेस के नाम सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कियारा आडवाणी का नाम जोड़ा गया था। हाल ही में अनीत पड्डा को लेकर भी खबरें आई थीं कि वह इस रोल के लिए चुनी जा सकती हैं। अब ताजा रिपोर्ट्स में सारा अर्जुन का नाम सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर सामने आया है। अगर कास्टिंग फाइनल होती है, तो यह उनके करियर का बड़ा ब्रेक साबित हो सकता है। दर्शकों को हिंदी सिनेमा के ग्लैमरस और रहस्यमयी दौर को करीब से देखने का मौका मिलेगा। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 2:06 pm

डेलनाज ईरानी ने तलाक के बाद नहीं ली थी एलिमनी:एक्ट्रेस बोलीं- शांति को प्राथमिकता दी, पूर्व पति ने कद्र नहीं की थी

एक्ट्रेस डेलनाज ईरानी ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में पूर्व पति राजीव पॉल से तलाक (2012) के बाद एलिमनी न लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि शादी 1998 में हुई थी, 2010 में सेपेरेशन हुआ और उन्होंने लीगल बैटल से ज्यादा मेंटल पीस को प्रायोरिटी दी। डेलनाज ईरानी ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके लिए तलाक आसान फैसला नहीं था, क्योंकि वह एक पारसी मिडिल क्लास परिवार से आती हैं, जहां तलाक आम बात नहीं रही। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में लंबे समय तक रिश्ते निभाए गए हैं, इसलिए यह इमोशनली उनके लिए मुश्किल समय था। डेलनाज के अनुसार, मीडिया में 2010 में सेपेरेशन की खबर आई, लेकिन उनके रिश्ते में दरार काफी पहले आ चुकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता से शादी में चल रही समस्याओं को छुपाकर रखा था। उनके पिता को 2010 में हार्ट अटैक आया था और 2011 में उनका निधन हो गया। एलिमनी को लेकर डेलनाज ने कहा, “मुझे कुछ भी नहीं मिला। असल में, जो मेरा था, मैंने उसे जाने दिया। ऐसा नहीं है कि मैंने किसी चीज को अपने पास रखा हो,” एक्ट्रेस ने कहा कि तलाक काफी उलझा हुआ था क्योंकि एक पार्टनर तलाक चाहता था और दूसरा नहीं। उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मैंने इसे ऐसे ही छोड़ दिया। मैंने इसे जाने दिया क्योंकि मैंने हर चीज से ऊपर अपनी शांति को चुना।” बता दें कि डेलनाज और राजीव पॉल की मुलाकात 1993 में टीवी शो परिवर्तन के सेट पर हुई थी, जिसके बाद 1998 में शादी हुई। हालांकि, आपसी मतभेदों के चलते 14 साल बाद उनका रिश्ता खत्म हो गया। तलाक के बाद डेलनाज ईरानी लंबे समय से डीजे पर्सी करकरिया के साथ रिलेशनशिप में हैं। वहीं, राजीव पॉल फिलहाल सिंगल लाइफ जी रहे हैं।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 12:03 pm

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर में रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के मेमोरियल पर गए। जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि दी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की। पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि एक्टर ने संघ के दूसरे सरसंघचालक एम एस गोलवलकर के मेमोरियल पर जाकर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। रणवीर दोपहर करीब 4 बजे मुंबई से चार्टर्ड फ्लाइट से नागपुर पहुंचे। वे रेशिमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर गए, जो RSS से जुड़ा प्रमुख स्थान है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दौरा छोटा, लेकिन अहम रहा। उन्होंने RSS पदाधिकारियों के साथ कई विषयों पर बातचीत की, हालांकि इन चर्चाओं की जानकारी पब्लिक नहीं की गई है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी उनके आने और जाने की पुष्टि की। रणवीर सिंह शाम करीब 8 बजे वापस मुंबई लौट गए। मोहन भागवत से मुलाकात की टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह ने नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की। यह मुलाकात RSS हेडक्वार्टर में हुई, हालांकि संगठन ने कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। RSS से जुड़े लोगों ने रेशिमबाग स्थित स्मृति भवन में उनके दौरे की पुष्टि की है। हालांकि, उनके इस दौरे का उद्देश्य साफ नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रणवीर सिंह ने RSS के स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक वीडियो मैसेज जारी कर अपनी शुभकामनाएं दी थीं। बता दें कि रणवीर का यह दौरा ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है और इसने दुनिया भर में 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा लिए हैं।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 10:53 am

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर के रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के मेमोरियल पर गए। उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि दी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से बातचीत की। पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि एक्टर ने संघ के दूसरे सरसंघचालक एम एस गोलवलकर के मेमोरियल पर नागपुर में उन्हें श्रद्धांजलि दी। रणवीर सिंह दोपहर करीब 4 बजे मुंबई से चार्टर्ड फ्लाइट से नागपुर पहुंचे। इसके बाद वे सीधे रेशिमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर गए, जो RSS से जुड़ा प्रमुख स्थान है। यहां उन्होंने कुछ समय बिताया और वरिष्ठ सदस्यों के साथ चर्चा की। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दौरा छोटा लेकिन महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने RSS पदाधिकारियों के साथ कई विषयों पर बातचीत की, हालांकि इन चर्चाओं का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। अभिनेता की मौजूदगी के कारण इस दौरे पर खास ध्यान गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी उनके आगमन और प्रस्थान की पुष्टि की। रणवीर सिंह शाम करीब 8 बजे वापस मुंबई लौट गए। मोहन भागवत से मुलाकात की टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह ने नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। यह मुलाकात RSS हेडक्वार्टर में हुई, हालांकि संगठन ने कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। RSS ने रेशिमबाग स्थित स्मृति भवन में उनके दौरे की पुष्टि की है। हालांकि, उनके इस दौरे का उद्देश्य साफ नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रणवीर सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के 100 साल पूरे होने के अवसर पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी शुभकामनाएं दी थीं। बता दें कि रणवीर का यह दौरा ऐसे समय में सामने आया है जब उनकी फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है और इसने दुनिया भर में 1600 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 10:53 am

सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मिले:टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया, रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की

जामनगर में अनंत अंबानी के 31वें जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद एक्टर सलमान खान ने इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मुलाकात की और उनकी टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया। बता दें कि भीमा खूंटी एक अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेटर हैं और गुजरात व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। वह पोरबंदर, गुजरात के रहने वाले हैं और एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी पहचान रखते हैं। भीमा खूंटी ने अपने इंस्टाग्राम पर जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें देखा जा सकता है कि सलमान जामनगर से निकलते समय कड़ी सुरक्षा के बीच भीमा खूंटी से मिलने के लिए रुके। उन्होंने भीमा खूंटी की टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया और कुछ समय बातचीत भी की। सलमान से मिलने के बाद भीमा ने लिखा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती, वे सिर्फ हिम्मत देखते हैं। क्रिकेट के मैदान से लेकर सलमान खान से मुलाकात तक का सफर उनके लिए गर्व का पल रहा। रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की वहीं, रणवीर सिंह भी जामनगर एयरपोर्ट पर भीमा खूंटी से मिले। वीडियो में रणवीर उनके सामने घुटनों पर बैठकर बातचीत करते, ऑटोग्राफ देते और हाथ मिलाते नजर आए। रणवीर सिंह से मुलाकात को लेकर भीमा ने इमोशनल पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भूलते और आज का दिन उन्हीं में से एक था। भीमा ने रणवीर सिंह की सादगी, विनम्रता और सम्मान की भावना की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुपरस्टार होना अलग बात है, लेकिन एक अच्छा इंसान होना ही असली स्टार बनाता है। बता दें कि सलमान खान और रणवीर सिंह जामनगर में आयोजित अनंत अंबानी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 10:00 am

धुरंधर फिल्म की अभिनेत्री सारा अर्जुन महाकाल मंदिर पहुंची:मां के जन्मदिन पर महाकाल का आशीर्वाद लेने भस्म आरती में शामिल हुई

हाल ही में रिलीज फिल्म धुरंधर की अभिनेत्री सारा अर्जुन शनिवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उनके साथ पिता राज अर्जुन और मां सान्या भी मौजूद थीं। सारा ने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सारा अर्जुन पहली बार महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने भस्म आरती में हिस्सा लिया और करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहीं। इस दौरान उन्होंने “जय महाकाल” के जयकारे लगाए और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। नंदी जी के कान में मांगी मुराद आरती के बाद सारा ने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कही। इसके बाद गर्भगृह की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सत्कार भी किया गया। ‘यहां आकर बहुत अच्छा लगा’ दर्शन के बाद सारा ने कहा कि महाकाल के दर्शन कर उन्हें बेहद सुकून मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ खास नहीं मांगा, बस सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। धुरंधर फिल्म से उन्हें खास पहचान मिली है। वे हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। सारा अर्जुन ने बहुत कम उम्र में विज्ञापनों और फिल्मों से करियर शुरू किया था।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:06 am

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

फिल्म ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ पर रजत कपूर, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। रजत कपूर ने फिल्म में अभिनय के साथ इसे लिखा, डायरेक्ट किया और अपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ प्रोड्यूस किया है। उन्होंने बताया कि सोहराब हांडा ऐसा किरदार है जो हर किसी का ध्यान खींचता है। रणवीर शौरी और विनय पाठक ने कहानी और किरदारों की गहराई पर बात की। यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म 10 अप्रैल को ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। सवाल: फिल्म का टाइटल ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ दिलचस्प है। सोहराब में ऐसा क्या है कि हर किरदार उससे जुड़ जाता है? जवाब / रजत कपूर: सोहराब हांडा एक खास इंसान है। कुछ लोग कमरे में आते ही माहौल अपने कब्जे में ले लेते हैं। सोहराब भी वैसा ही है। उसे हर किसी का ध्यान चाहिए और वह ऐसा करने का तरीका ढूंढ लेता है। उसकी पर्सनैलिटी मैग्नेटिक है। सवाल: रणवीर, आप सोहराब हांडा के बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब / रणवीर शौरी: जैसा रजत सर ने कहा, वह हमेशा ध्यान चाहता है। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं जिन्हें ज्यादा भाव चाहिए होता है। वह अलग-अलग लोगों से अलग तरीके से जुड़ता है, लेकिन एक बात कॉमन है- उसे अटेंशन चाहिए। सवाल: विनय जी, आप सोहराब हांडा का किरदार निभा रहे हैं। इसके लिए आपको क्या करना पड़ा? जवाब / विनय पाठक: मेरे लिए यह आसान था, क्योंकि स्क्रिप्ट अच्छी तरह लिखी गई थी। रजत बहुत रिसर्च करके लिखते हैं। हर किरदार असल जिंदगी से जुड़ा लगता है। इसलिए निभाना आसान हुआ। सभी किरदारों में गहराई और रोचकता है। सवाल: रजत जी, फिल्म के किरदार असल जिंदगी से प्रभावित हैं। क्या किसी खास व्यक्ति से प्रेरित होकर आपने कहानी लिखी? जवाब / रजत कपूर: किसी एक व्यक्ति को देखकर किरदार नहीं लिखा जाता। हम अनुभवों, दोस्तों और आसपास के लोगों से छोटी-छोटी बातें लेकर किरदार बनाते हैं। फिल्म में सभी किरदार खास हैं, ताकि रिश्ते अच्छे से दिखाए जा सकें। सवाल: क्या लिखते वक्त सारे किरदार आपके दिमाग में साफ होते हैं? जवाब / रजत कपूर: हां, एक आइडिया होता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। बाद में एक्टर्स किरदार को और निखार देते हैं। सवाल: रणवीर, जब आपने कहानी सुनी तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब / रणवीर शौरी: रजत कुछ नया लिखते हैं तो उसे पढ़ने का उत्साह रहता है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है। फिल्म ऊपर से साधारण लग सकती है, लेकिन अंदर से अलग और खास है। रजत कपूर:: फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं- हर एक शानदार है। इतने अच्छे एक्टर्स का साथ काम करना खास अनुभव है। सवाल: विनय जी, फिल्म में जिस तरह से पिता-पुत्र का रिश्ता दिखाया गया है। इससे आप कितना जुड़ाव महसूस करते हैं? जवाब / विनय पाठक: किरदार भले काल्पनिक हो, लेकिन उसमें सच्चाई है। कई बार लगेगा कि ये हमारे आसपास के लोग हैं। यही अच्छे किरदार की पहचान है कि वह असली लगे। रजत कपूर: अगर दर्शकों को लगे कि वे इन किरदारों को जानते हैं, तो वही फिल्म की असली सफलता है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई भावनात्मक या मुश्किल पल आया? जवाब / रणवीर शौरी: कई सीन में 15 किरदार एक साथ थे। ऐसे सीन करना मुश्किल और रोमांचक था। रजत कपूर: इतने किरदारों को एक फ्रेम में सही तरीके से दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यही मजा था। शुरुआत में सब अराजक लगता था, फिर धीरे-धीरे सेट हो जाता था। सवाल: अप्लॉज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब / रजत कपूर: बहुत अच्छा। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत हां कहा और पूरे समय सपोर्टिव रहे। उन्होंने काम में दखल नहीं दिया, जिससे काम आसान हो गया। सवाल: इस फिल्म को किस जॉनर में रखेंगे? जवाब / रजत कपूर: यह मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन सिर्फ “किसने किया” नहीं, बल्कि “क्यों किया” पर ज्यादा फोकस है। सवाल: विनय जी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद में आए बदलाव को कैसे देखते हैं? जवाब / विनय पाठक: यह बदलाव अच्छा है। अब कहानी आधारित फिल्में बन रही हैं। ओटीटी के आने से प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, जिससे हर तरह की कहानियों को मौका मिल रहा है। सवाल: आज के कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में इस फिल्म को कहां रखते हैं? जवाब / रजत कपूर: मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा चल रहा है। हमने एक फिल्म बनानी चाही और बना दी। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा। रणवीर शौरी: ऐसी फिल्मों की एक खास ऑडियंस होती है। वह बड़ी नहीं होती, लेकिन मौजूद जरूर है। विनय पाठक: हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस धीरे-धीरे बढ़े।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:30 am

दीपिका चिखलिया ने रामायण फिल्म पर कसा तंज:कहा- रामायण ऐसी बनाओ कि 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाए

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ पर रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सीता का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया ने तंज कसा है। दीपिका चिखलिया ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा, रामायण ऐसी बनाओ कि लोग 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाएं। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर निशाना नहीं साधा, लेकिन उनके इस पोस्ट को फिल्म के भारी-भरकम बजट और पुराने शो की सादगी से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि रामायण की आत्मा उसकी भावनाओं में होती है, न कि सिर्फ पैसे खर्च करने में। टीजर की तारीफ भी कर चुकी हैं एक्ट्रेस दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले दीपिका ने 'रामायण ' के टीजर की काफी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, मैंने टीजर देखा और यह बहुत भव्य है। यह वाकई बहुत ही शानदार लग रहा है। मेकर्स ने इसे बहुत अच्छे से बनाया है। मैं खुद इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। दो हिस्सों में आएगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितेश तिवारी की 'रामायण' एक बड़े स्तर पर बनाई जा रही फ्रैंचाइजी होगी। इसे दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला हिस्सा दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा। वहीं, कहानी का दूसरा और अंतिम भाग अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज करने की योजना है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 8:28 pm

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर का पॉपुलर एक्शन थ्रिलर शो '24' एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने वाला है। इस बार यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (JioHotstar) पर स्ट्रीम किया जाएगा। शो की वापसी की खबर के बीच अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म को एक अनोखी चेतावनी दी है, जिसने फैंस के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है। शो के दोनों सीजन 24 अप्रैल से स्ट्रीम किए जाएंगे। अनिल कपूर की 'चेतावनी' से बढ़ा सस्पेंस अनिल कपूर ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने जियो हॉटस्टार को टैग करते हुए लिखा- जियो हॉटस्टार, तुम्हारे पास 24 घंटे हैं। इसके साथ ही कैप्शन में उन्होंने जोड़ा- वरना मैं मामला अपने हाथ में ले लूंगा। हालांकि अनिल ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है। इस पोस्ट के बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि क्या शो का तीसरा सीजन भी आने वाला है। 24 अप्रैल से शुरू होगी स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर यह हाई-ऑक्टेन थ्रिलर सीरीज 24 अप्रैल से उपलब्ध होगी। प्लेटफॉर्म ने फैसला किया है कि दर्शकों के लिए हर शुक्रवार को शो के 8 एपिसोड ड्रॉप किए जाएंगे। इस शो को भारत में लॉन्ग-फॉर्मेट स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जाता है। एक्टर बोले- मेरे दिल के बहुत करीब है यह प्रोजेक्ट शो की वापसी पर अपनी बात रखते हुए अनिल कपूर ने कहा, मैंने सालों में कई इंटेंस और एक्शन रोल किए हैं, लेकिन '24' मेरे लिए कभी सिर्फ एक शो नहीं था। यह एक अलग ही एड्रेनालिन रश था। इसके रियल-टाइम फॉर्मेट ने मुझे एक एक्टर के तौर पर काफी चैलेंज किया। मैं एक्साइटेड हूं कि अब जियो हॉटस्टार के जरिए दर्शक इस रोमांच को एक बार फिर से महसूस कर पाएंगे। अमेरिकी सीरीज का ऑफिशियल रीमेक है '24' बता दें कि यह शो इसी नाम की मशहूर अमेरिकी सीरीज का इंडियन अडैप्टेशन है। इसमें अनिल कपूर ने एंटी-टेररिस्ट यूनिट (ATU) के एजेंट जय सिंह राठौड़ का मुख्य किरदार निभाया है। शो की सबसे बड़ी खासियत इसका 'रियल-टाइम' फॉर्मेट है, जिसमें 24 एपिसोड के जरिए 24 घंटों की कहानी दिखाई जाती है। भारत में इसके अब तक दो सीजन आ चुके हैं।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 6:39 pm

अक्षय कुमार से मिलने नंगे पैर पैदल निकला फैन:राजकोट से 700 किमी चलकर मुंबई पहुंचा, एक महीने इंतजार के बाद मुलाकात हुई

मुंबई में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार से मिलने के लिए गुजरात के राजकोट निवासी अशोक कंजारिया ने 700 किलोमीटर पैदल यात्रा की। वह 17 फरवरी 2026 को तिरंगा लेकर बिना जूते पहने राजकोट से निकले और 18 दिन में मुंबई पहुंचे। हालांकि, मुंबई पहुंचने के बाद कई दिनों तक अक्षय से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने शहर में ही रुककर कोशिश जारी रखी। वह कई बार अक्षय कुमार के घर के बाहर पहुंचे, लेकिन उनसे मिलने में सफलता नहीं मिली। 'देश गुजरात' की रिपोर्ट के अनुसार, अशोक कंजारिया ने हार नहीं मानी और करीब एक महीने तक मुंबई में इंतजार किया। इस दौरान वह फुटपाथ और रेलवे स्टेशन पर रहे। उनके लगभग 14 हजार रुपये खर्च हुए। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे राजकोट में उनका इंतजार कर रहे थे। 8 अप्रैल को आखिरकार मुलाकात हुई 6 मार्च को मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें पूरे एक महीने तक इंतजार करना पड़ा। आखिर में 8 अप्रैल को मुलाकात हो सकी। अक्षय कुमार ने अपनी सिक्योरिटी टीम को उन्हें बुलाने के निर्देश दिए थे। अशोक ने मौका न निकल जाए, यह सोचकर सुबह 7 बजे जुहू पहुंच गए। फिर सुबह 8:30 बजे उनकी अक्षय कुमार से मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान अक्षय ने अशोक को 'खुश रह बेटा' कहकर आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। साथ ही अक्षय ने अशोक को नंगे पैर चलने से मना किया और इसे गलत बताया।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 3:22 pm

डायरेक्टर सनोज बोले- सत्य की जीत हुई:कहा- मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर झूठे आरोप लगवाए; फरमान खान पर पॉक्सो एक्ट लगने पर खुशी जताई

फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने महाकुंभ की वायरल गर्ल 'मोनालिसा' की शादी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के फैसले पर खुशी जताई है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 मार्च 2026 को हुई शादी के दौरान उनकी उम्र सिर्फ 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। इस रिपोर्ट के बाद मोनालिसा के पति फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आयोग के मोनालिसा को नाबालिग घोषित किए जाने के बाद सनोज ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और मोनालिसा के परिवार को बदनाम करने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई थी। सनोज के मुताबिक, मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उनसे झूठे आरोप लगवाए गए थे, लेकिन अब सच सबके सामने है। बोले- मुझे फंसाने के लिए रची गई साजिश विवाद के दौरान मोनालिसा ने अपने माता-पिता और डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने माता-पिता के चरित्र पर सवाल उठाए थे और सनोज पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। अब सनोज मिश्रा का कहना है कि ये सब फरमान के बहकावे में आकर कहा गया था। सनोज मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि विवाद के दौरान उन पर छेड़छाड़ के जो आरोप लगाए गए थे, वे पूरी तरह झूठे थे। सनोज ने कहा, मोनालिसा एक भोली लड़की है, उसे बहला-फुसलाकर मेरे और उसके माता-पिता के खिलाफ किया गया। उसके दिमाग में मेरे खिलाफ जहर भरा गया ताकि मुझे जेल भेजा जा सके। इन विवादों की वजह से मैं इतना टूट गया था कि कई बार मन में सुसाइड करने का ख्याल आया, लेकिन भगवान ने मुझे हिम्मत दी। 'लव जिहाद' और संगठनों पर उठाए सवाल सनोज मिश्रा ने इस पूरे मामले को 'लव जिहाद' से जोड़ते हुए कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने भी PFI और CPI-M जैसे संगठनों की इस मामले में भागीदारी पर चिंता जताई है। सनोज का दावा है कि मोनालिसा को बालिग दिखाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज तैयार किए गए थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि एक गहरा षड़यंत्र था जिसे 'प्यार' का नाम देकर दबाने की कोशिश की गई। परिवार का साथ देने की मिली सजा सनोज ने बताया कि वे शुरू से ही मोनालिसा के माता-पिता के साथ खड़े रहे। जब परिवार ने अपनी बेटी को नाबालिग बताया, तो सनोज ने उनकी आवाज को हर मंच पर उठाया। उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। सनोज ने कहा, मेरा गुनाह क्या था? क्या लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर फिल्म बनाना गुनाह है? मुझे चुप कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन मैं पीछे नहीं हटा। शादी से शुरू हुआ था विवाद मोनालिसा महाकुंभ के दौरान अपनी तस्वीरों की वजह से चर्चा में आई थीं। 11 मार्च 2026 को उन्होंने फरमान खान से शादी कर ली थी, जिसके बाद से ही उनकी उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया था। सनोज मिश्रा और परिवार का दावा था कि वे नाबालिग हैं, जबकि फरमान उन्हें 18 साल का बता रहा था। अब आयोग की जांच में यह साफ हो गया है कि शादी के वक्त मोनालिसा की उम्र महज 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 3:06 pm

सलमान के कंधे पर अचानक शख्स ने रख दिया हाथ:सिक्योरिटी हो गई अलर्ट, तुरंत हटाया; एक्टर ने शांत रहने का इशारा किया

सलमान खान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जैसे ही उनके ऊपर एक शख्स ने उनके कंधे पर हाथ रखने की कोशिश की, उनकी सिक्योरिटी टीम तुरंत अलर्ट हो गई। दरअसल, वीडियो में जब सलमान खान जामनगर एयरपोर्ट से बाहर निकल रहे थे, वह भीड़ के बीच एक बच्चे के साथ पोज देते दिख रहे हैं। इसी दौरान एक शख्स उनके करीब आता है और कंधे पर हाथ रखने की कोशिश करता है। तभी सलमान की सिक्योरिटी टीम तुरंत अलर्ट हो जाती है और उस शख्स को पीछे हटा देती है। इस बीच सलमान भी उस शख्स की ओर देखते हैं और बच्चे के साथ खड़े रहते हैं। साथ ही वे सुरक्षा टीम को शांत रहने का इशारा भी करते हैं। सलमान ने दी अनंत अंबानी को जन्मदिन की बधाई बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी का आज जन्मदिन है। सलमान खान ने अनंत के साथ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं और जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, “सबसे निस्वार्थ, सबसे दयालु इंसान और कई लोगों के लिए प्रेरणा, मेरे छोटे भाई अनंत को जन्मदिन की शुभकामनाएं।” अनंत के लिए एक और पोस्ट में सलमान ने लिखा, “ये बात सुन लो, अगर याददाश्त कमजोर है तो लिख लो… ये आदमी देश को भी आगे ले जाएगा। मेरे छोटे भाई अनंत लंबी उम्र जिएं… दिल और दिमाग से असली अंबानी अनंत अंबानी… एकदम साफ दिल वाला इंसान।”

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 2:05 pm

साकिब सलीम बोले- रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में है:डेब्यू फिल्म के लिए 7-8 महीने ऑडिशन दिए, पहला एड नहीं मिलता तो फैमिली बिजनेस संभालता

वेब सीरीज ‘कप्तान’ को लेकर साकिब सलीम चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने किरदार, तैयारी और एक्टिंग प्रोसेस साझा किया। वे प्रोजेक्ट चुनने से पहले स्क्रिप्ट और डायरेक्टर का विजन समझते हैं। ‘कप्तान’ में किरदार को रियल बनाने के लिए फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के साथ ह्यूमर और इंसानी कमजोरियां जोड़ीं। उन्होंने फिल्म ‘83’ के 6 महीने के क्रिकेट ट्रेनिंग एक्सपीरियंस को करियर का खास फेज बताया। साथ ही शुरुआती दिनों, यश राज फिल्म्स के साथ डेब्यू और ऑडिशन स्ट्रगल पर बात की। उन्होंने कहा कि आज भी वे सीखने और खुद को बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं। पेश हैं साकिब सलीम से बातचीत के प्रमुख अंश: सवाल: ‘कप्तान’ को लेकर रोल चुनने का प्रोसेस क्या है? जवाब: मैं पहले स्क्रिप्ट पढ़ता हूं। कहानी समझ आए और मजा आए, तभी करता हूं। फिर डायरेक्टर के विजन के अनुसार खुद को ढालता हूं। मेरा मानना है कि हर फिल्म और शो का प्रोसेस अलग होता है, क्योंकि हर डायरेक्टर की सोच अलग होती है। सवाल: ‘कप्तान’ में आपके किरदार ‘समर’ को लेकर आपने क्या इनपुट दिए? जवाब: मेरा एक ही फीडबैक था कि किरदार सिर्फ सीरियस या हीरोइक ना लगे। उसमें ह्यूमर और इंसानी कमजोरियां भी होनी चाहिए। हमने कोशिश की कि वह एक रियल इंसान लगे, जो गलतियां भी करता है और उनसे सीखता भी है। सवाल: इस रोल के लिए कितनी तैयारी की? जवाब: काफी मेहनत की। करीब 7-8 किलो वजन कम किया। किरदार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का है, जो हमेशा फील्ड पर रहता है, इसलिए फिटनेस और एजिलिटी जरूरी थी। सवाल: आपने कहा कि हर प्रोजेक्ट का प्रोसेस अलग होता है, क्या आप कोई उदाहरण देना चाहेंगे? जवाब: कबीर खान की फिल्म ‘83’ का प्रोसेस अलग था। उन्होंने 6 महीने तक सिर्फ क्रिकेट खेलने को कहा। एक्टिंग बाद में, पहले टीम बनानी थी। यह मेरे करियर का यूनिक अनुभव था। सवाल: ‘83’ में क्या चुनौती रही? जवाब: सबसे बड़ी चुनौती थी कि पुरानी स्टाइल भूलनी पड़ी। मोहिंदर अमरनाथ की तरह खेलना, उनका चलना और बैटिंग स्टाइल सीखना था। जो चीज पहले से आती है, उसे भूलकर नई चीज सीखना मुश्किल होता है। सवाल: आपका एक्टिंग करियर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरी शुरुआत दिलचस्प रही। मैं एक दोस्त के साथ ऑडिशन देने गया था, उसका नहीं हुआ और मेरा हो गया। पहला काम एक ऐड में मिला, जिसके लिए 25 हजार रुपए मिले। मैं टाइमपास के लिए गया था। शाम को फोन आया कि आप सिलेक्ट हो गए हैं, 25 हजार का बजट है। मैं घबरा गया और बोला कि मेरे पास 25 हजार नहीं हैं देने के लिए, लगा मुझे पैसे देने पड़ेंगे। फिर उन्होंने हंसकर कहा कि आपको पैसे मिलेंगे। अगर पहला ऐड नहीं मिलता, तो मैं दिल्ली जाकर फैमिली बिजनेस संभालता। मैं पापा से कहकर आया था कि एक साल खुद को एक्सप्लोर करना चाहता हूं। थोड़ा झूठ बोला, क्योंकि सीधे बोलता तो शायद मानते नहीं। उसी साल फिल्म मिल गई, फिर उन्हें मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। सवाल: डेब्यू फिल्म कैसे मिली? जवाब: लंबा ऑडिशन प्रोसेस चला। यश राज फिल्म्स की कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा ने 7-8 महीने तक अलग-अलग सीन करवाए। कभी गाना, कभी एक्टिंग। ऐसा लगा जैसे वर्कशॉप चल रही हो। फिर यश राज फिल्म्स की ‘मुझसे फ्रेंडशिप करोगे’ मिली। मैं खुद को लकी मानता हूं कि शुरुआत इतनी बड़ी कंपनी के साथ हुई। सवाल: करियर का सबसे बड़ा चैलेंज क्या रहा? जवाब: मैं हंसते-बोलते रहता हूं, इसलिए कई बार लोग सीरियसली नहीं लेते। उन्हें मेरी मेहनत नहीं दिखती। अब सीख लिया है कि लोगों का परसेप्शन बदलने की कोशिश नहीं करनी, बस काम ईमानदारी से करना है। सवाल: इतने सालों के करियर में इंस्पिरेशन कहां से मिलती है? जवाब: मैं हर किसी से सीखता हूं। मैंने सलमान खान, रणवीर सिंह, वरुण धवन, तापसी पन्नू और रानी मुखर्जी जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। सभी से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। सवाल: क्या अब भी आप ऑडिशन देने के लिए तैयार रहते हैं? जवाब: बिल्कुल। अगर मुझे किसी फिल्ममेकर के साथ काम करना है, तो मैं खुद जाकर ऑडिशन देने को तैयार हूं। रिजेक्शन से डरना नहीं चाहिए, यह एक्टर के काम का हिस्सा है। सवाल: लेकिन कई एक्टर्स रिजेक्शन से डरते हैं, आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: देखिए, रिजेक्शन एक्टर के डीएनए में होता है। हमें इसे पर्सनली नहीं लेना चाहिए। कई बार रोल आपके लिए नहीं होता, इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छे एक्टर नहीं हैं। मैं तो आज भी ऑडिशन देने में शर्माता नहीं हूं, क्योंकि यही हमारे काम का हिस्सा है। सवाल: बढ़ती एक्सपेक्टेशंस और प्रेशर को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब: मैं अपना बेस्ट देने पर ध्यान देता हूं। लोगों की सोच कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन अपनी मेहनत और ईमानदारी को कंट्रोल कर सकता हूं। आजकल कई बार गलत जानकारी भी फैलती है, इसलिए उससे बचना जरूरी है। सवाल: आज के समय में सोशल मीडिया और इंफॉर्मेशन ओवरलोड को कैसे देखते हैं? जवाब: आज बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन है, लेकिन सही से ज्यादा गलत फैल रही है। सबको सबसे पहले खबर देनी है, इसलिए कई बार सही जानकारी नहीं आती। मैं कोशिश करता हूं कि इस शोर से थोड़ा दूर रहूं। सवाल: अगर मौका मिले तो किसकी बायोपिक करना चाहेंगे? जवाब: मैं विराट कोहली की बायोपिक करना चाहूंगा। मुझे क्रिकेट बहुत पसंद है और लोग भी कहते हैं कि मैं यह रोल कर सकता हूं। सवाल: आपको किस तरह की किताबें पढ़ना पसंद है? जवाब: मुझे स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी की किताबें पढ़ना पसंद है। जैसे युवराज सिंह, शेन वॉर्न, क्रिस गेल और आंद्रे अगासी की किताबें पढ़ी हैं। मुझे लोगों के अनुभव जानना अच्छा लगता है। सवाल: आपके लिए सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता है कि मैं 15 साल से इंडस्ट्री में हूं। मेरे माता-पिता और बहन मेरे साथ हैं, यही सबसे बड़ी बात है। बाकी जो मिल रहा है, वह बोनस है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 1:13 pm

अनंत अंबानी का 31वां जन्मदिन:जामनगर के आसपास सभी गांवों में हुआ भोज, बॉलीवुड और उद्योग जगत की हस्तियां पहुंची

कारोबारी मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अबानी आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर गुजरात के जामनगर में भव्य सेलिब्रेशन हो रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए बॉलीवुड समेत उद्योग जगत की कई हस्तियां जामनगर पहुंच चुकी हैं। अनंत का बर्थडे को सिर्फ जामनगर में ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी अलग-अलग तरीके से सेलिब्रेट किया जा रहा है। अनंत ने गुरुवार को जामनगर में गो सेवा की। एक लाख से ज्यादा गायों को छप्पन भोग लगाया। जामनगर में आसपास के सभी गांवों भोज का आयोजन किया गया था। भोज में आईं सभी महिलाओं को साड़ियां गिफ्ट में दी गईं। इसके अलावा जामनगर के गांवों में बच्चों को स्कूल की किट भी बांटी गई। इसके अलावा अनंत अंबानी ने देश के कई बड़े मंदिरों को करोड़ों का दान दिया है। तस्वीरों में अनंत अंबानी का बर्थडे सेलीब्रेशन… -------------------- अनंत अंबानी के बर्थडे सेलिब्रेशन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... अनंत अंबानी को सेलेब्स ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं:सलमान ने बताया प्रेरणादायक इंसान, शाहरुख बोले- अच्छे काम करते रहो बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी का आज जन्मदिन है। इसका सेलिब्रेशन गुजरात के जामनगर में हो रहा है। इसमें शामिल होने कई बॉलीवुड सितारे पहुंचे। सलमान खान ने अनंत अंबानी के साथ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 12:40 pm

‘आपका आत्मविश्वास हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है’:आदित्य धर ने संदीप रेड्डी वांगा की धुरंधर 2 को लेकर पोस्ट पर किया रिएक्ट

फिल्ममेकर आदित्य धर ने फिल्म धुरंधर 2 को लेकर संदीप रेड्डी वांगा की पोस्ट पर रिएक्ट किया। वांगा ने सोशल मीडिया पर फिल्म की तारीफ करते हुए कुछ इंडस्ट्री लोगों पर चुनिंदा विरोध करने का आरोप लगाया था। आदित्य धर ने X पर रिएक्ट करते हुए लिखा कि उन्हें वांगा का अपने विचारों पर डटे रहना पसंद है। उन्होंने कहा, “आप जिस तरह अपनी बात रखते हैं और सही समय पर जवाब देते हैं, उसमें ईमानदारी और विश्वास दिखता है, जिसकी मैं रिस्पेक्ट करता हूं।” धर ने आगे कहा कि वांगा हमेशा बिना शोर-शराबे के अपने सिनेमा का सपोर्ट करते हैं। उन्होंने लिखा, “ऐसा आत्मविश्वास हमें अपनी आवाज पर भरोसा करने और आगे बढ़ने की याद दिलाता है।” प्रभास को बताया लीजेंड, ‘स्पिरिट’ के लिए दी शुभकामनाएं धर ने एक्टर प्रभास को लीजेंड बताया और वांगा की आने वाली फिल्म स्पिरिट के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अगर कभी जरूरत हो तो वह मदद के लिए तैयार हैं। इससे पहले वांगा ने फिल्म को लेकर हो रही आलोचना पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, “लेखकों और एक्टर्स ने प्रोपेगेंडा पर अपने करियर बनाए और इंडस्ट्री चुप बैठी रही। अब वही लोग धुरंधर का मजाक उड़ा रहे हैं। अगर आपकी पहली प्रतिक्रिया मजाक उड़ाना है, तो आप खुद को लिबरल नहीं कह सकते।” वांगा ने आगे लिखा था, सीधी बात पर आते हैं… मैं आदित्य धर और रणवीर सिंह से कहना चाहता हूं कि यह बुरी नजर ऐसे नहीं जाएगी… मुट्ठी भर लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा… पूरा खेत जलाना पड़ेगा। मैंने कल रात ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ देखी… शानदार फिल्म है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 12:25 pm

मूवी रिव्यू – ‘डकैत एक प्रेम कथा’:प्यार से बदले तक पहुंचने की कहानी है, मृणाल ठाकुर की दमदार एक्टिंग, जानिए कैसी है फिल्म

‘डकैत: एक प्रेम कथा’ एक ऐसी फिल्म है जो शुरुआत में लव स्टोरी लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इमोशनल और गहरी कहानी में बदल जाती है। डायरेक्टर शनेल देव ने इसमें रिश्तों, हालात और फैसलों के असर को दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का ट्रीटमेंट थोड़ा अलग रखने की कोशिश की गई है, जहां कहानी सीधी न होकर परतों में आगे बढ़ती है। हालांकि, यह अंदाज हर दर्शक को पूरी तरह बांध पाए, ऐसा जरूरी नहीं। फिल्म की कहानीकहानी हरि, यानी अदिवि शेष और सरस्वती उर्फ जूलियट, यानी मृणाल ठाकुर के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। यह एक ऐसा रिश्ता है, जो प्यार से शुरू होकर धोखे और हालातों में टूट जाता है। दोनों अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं। लेकिन यही रिश्ता उनके लिए परेशानी बन जाता है। एक झूठ और हालातों के दबाव में सरस्वती की गवाही, हरि को जेल पहुंचा देती है। सालों जेल में रहने के बाद हरि बाहर निकलता है। अब उसका मकसद सिर्फ आजादी नहीं है, बल्कि अपने अतीत से हिसाब बराबर करना भी है। इसके लिए वह देश छोड़कर भागने की योजना बनाता है, और उसे पैसों की जरूरत होती है। इसी बीच हरि की मुलाकात फिर से सरस्वती से होती है। अब वह एक अलग जिंदगी जी रही है और खुद भी बड़ी मजबूरी में फंसी हुई है। हालात ऐसे बनते हैं कि दोनों को साथ आना पड़ता है। वे मिलकर एक बड़ा और जोखिम भरा कदम उठाने का फैसला करते हैं। यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। प्यार, बदला और मजबूरी तीनों एक साथ टकराते हैं। फिल्म इसी टकराव के जरिए दिखाती है कि वक्त और हालात कैसे रिश्तों को बदल देते हैं। और कैसे कुछ फैसले पूरी जिंदगी की दिशा बदल देते हैं। फिल्म में एक्टिंग फिल्म में अदिवि शेष हर सीन में पूरी तरह नजर आते हैं। उन्होंने अपने किरदार को अलग बनाने की कोशिश की है। हालांकि, कुछ जगहों पर उनका प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला लगता है। मृणाल ठाकुर फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने अपने किरदार की भावनाओं को अच्छे तरीके से निभाया है और कई सीन में असर छोड़ती हैं। सपोर्टिंग कास्ट में अनुराग कश्यप, प्रकाश राज और अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार हैं। लेकिन उन्हें ज्यादा स्क्रीन टाइम या गहराई नहीं मिल पाती। फिल्म का डायरेक्शन, स्टोरी और टेक्निकल पहलू फिल्म का डायरेक्शन शनेल देव ने किया है। उन्होंने कहानी को परतों में दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा लगता है। वहीं दूसरा हिस्सा कहानी को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाता है। स्क्रीनप्ले में उतार-चढ़ाव है। इसकी वजह से कुछ जगह फिल्म की पकड़ कमजोर पड़ती है। सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और विजुअल ट्रीटमेंट काफी प्रभावित करता है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी कई सीन में फिल्म को सपोर्ट करता है। हालांकि, कुछ सीन और एक्शन सीक्वेंस उतने असरदार नहीं बन पाते। इसी वजह से फिल्म पूरी तरह से अपना असर नहीं छोड़ पाती। फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोरफिल्म के गाने औसत हैं और ज्यादा देर तक याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर जरूर फिल्म की मजबूती है, जो कई सीन को बेहतर बनाता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्टडकैत: एक प्रेम कथा एक ऐसी फिल्म है जो एक अलग अंदाज में रिश्तों और हालातों की कहानी कहने की कोशिश करती है। इसमें अच्छे कलाकार और कुछ प्रभावशाली पल हैं, लेकिन कमजोर पकड़ इसे और बेहतर बनने से रोकती है। कुल मिलाकर, यह एक शांत और साधारण फिल्म है जिसे आप एक बार देख सकते हैं।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 10:44 am

मूवी रिव्यू- एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा:शानदार कलाकारों के बावजूद, कमजोर पटकथा और ढीली रफ्तार के कारण मिस्ट्री थ्रिलर असर छोड़ने में नाकाम

मिस्ट्री-थ्रिलर जॉनर में बनी ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट के साथ शुरू होती है, लेकिन कमजोर कहानी और धीमी रफ्तार के कारण यह फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती। रजत कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शानदार स्टारकास्ट तो है, मगर कंटेंट उस स्तर का नहीं बन पाया, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रख सके। यह फिल्म ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। इस फिल्म की लेंथ 1 घंटा 4 0 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी एक पार्टी से शुरू होती है, जहां दोस्तों का एक ग्रुप एनिवर्सरी सेलिब्रेशन के लिए इकट्ठा होता है। इसी दौरान सोहराब हांडा नाम का एक व्यक्ति मृत पाया जाता है, जिसकी हत्या गला काटकर की गई होती है। इसके बाद शुरू होती है जांच, जिसमें हर किरदार शक के घेरे में आता है और उनके बीच छिपे राज सामने आने लगते हैं। हालांकि कहानी का प्लॉट दिलचस्प है, लेकिन स्क्रीनप्ले काफी कमजोर है। फिल्म कई जगह भटकती नजर आती है और मिस्ट्री का असर उतना मजबूत नहीं बन पाता, जितना होना चाहिए था। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है। विनय पाठक अपने किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं और उनकी परफॉर्मेंस काफी नेचुरल लगती है। सौरभ शुक्ला भी अपने रोल में दमदार नजर आते हैं और स्क्रीन पर पकड़ बनाए रखते हैं। वहीं रणवीर शौरी और रजत कपूर जैसे कलाकार भी अपने अनुभव का असर दिखाते हैं। हालांकि बाकी सहायक कलाकारों की एक्टिंग सामान्य है और वे ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाते। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष कैसा है? डायरेक्शन की बात करें तो रजत कपूर का प्रयास साफ दिखता है, लेकिन कहानी और पटकथा कमजोर होने की वजह से फिल्म प्रभावित होती है। फिल्म शुरू से अंत तक दर्शकों को बांधे रखने में असफल रहती है। तकनीकी रूप से फिल्म ठीक-ठाक है, लेकिन इसमें कोई खास नई बात या प्रभावशाली ट्रीटमेंट देखने को नहीं मिलता। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर कैसा है? फिल्म में कोई खास गाने नहीं हैं, जिससे इसका एंटरटेनमेंट वैल्यू थोड़ा कम हो जाता है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी सामान्य है और कई जगह सीन के असर को मजबूत करने में नाकाम रहता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखे या नहीं? अगर आप मिस्ट्री फिल्मों के शौकीन हैं और सिर्फ अच्छे कलाकारों की एक्टिंग देखना चाहते हैं, तो इसे एक बार देखा जा सकता है। लेकिन अगर आप एक कसावट भरी कहानी और मजबूत थ्रिल की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 10:28 am

अनंत अंबानी को सेलेब्स ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं:सलमान ने कहा प्रेरणादायक इंसान, शाहरुख बोले- अच्छे काम करते रहो, रणवीर ने गाना गाया

बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी का आज जन्मदिन है। इसका सेलिब्रेशन गुजरात के जामनगर में हो रहा है। इसमें शामिल होने कई बॉलीवुड सितारे पहुंचे। सलमान खान ने अनंत अंबानी के साथ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। उन्होंने जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, सबसे निस्वार्थ, सबसे दयालु इंसान और कई लोगों के लिए प्रेरणा, मेरे छोटे भाई अनंत को जन्मदिन की शुभकामनाएं। अनंत के लिए एक और पोस्ट में सलमान ने लिखा, ये बात सुन लो, अगर याददाश्त कमजोर है तो लिख लो… ये आदमी देश को भी आगे ले जाएगा। मेरे छोटे भाई अनंत लंबी उम्र जिएं… दिल और दिमाग से असली अंबानी अनंत अंबानी… एकदम साफ दिल वाला इंसान। शाहरुख खान ने भी दी बधाई शाहरुख खान ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अनंत को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, अनंत अंबानी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं… आप ऐसे ही अच्छे काम करते रहें और हमेशा सही और सकारात्मक चीजों के साथ खड़े रहें। आपका काम लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाता रहे। भगवान आपको हमेशा अच्छी सेहत और खुशियां दे। रणवीर सिंह ने पार्टी में गाना गाया रणवीर सिंह ने भी अनंत को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर की। वहीं, अनंत अंबानी के बर्थडे सेलिब्रेशन से रणवीर का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे सिंगर मोहित चौहान के साथ गाना गाते नजर आ रहे हैं। एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने भी अनंत अंबानी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं सबसे बड़ी प्रेरणा और सबसे दयालु इंसान को। आपका धन्यवाद, जो आप सभी को एक बेहतर इंसान बनना सिखाते हैं।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 9:45 am

रणवीर सिंह ने कास्टिंग काउच का सामना किया:पिता ने घर-गाड़ी बेची, थिएटर में झाड़ू-पोंछा लगाया, धुरंधर से बॉलीवुड के बड़े स्टार बने

बचपन से अमिताभ बच्चन जैसा बनने का सपना देखने वाले रणवीर सिंह का सफर संघर्ष, जुनून और आत्मविश्वास की मिसाल है। फिल्मों में जगह बनाने के दौरान उन्हें कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया। स्ट्रगल के दिनों में वह पृथ्वी थिएटर में झाड़ू-पोंछा लगाने और छोटे-मोटे काम करते रहे। इस दौरान उनके पिता ने सपना पूरा करने के लिए घर और गाड़ी बेच दी। लंबी मेहनत के बाद उन्हें बैंड बाजा बारात से बॉलीवुड में डेब्यू मिला, जिससे उन्हें पहचान मिली। उतार-चढ़ाव के बाद धुरंधर ने उनके करियर को नई ऊंचाई पर पहुंचाया और उन्हें बड़ा स्टार बना दिया। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं रणवीर सिंह के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। अमिताभ बच्चन जैसा बनना चाहता था रणवीर सिंह ने ABP के साथ बातचीत में बताया था- बचपन से ही मेरा सपना एक्टर बनने का था। मैं अमिताभ बच्चन जैसा बनना चाहता था। उनकी फिल्में जैसे शहंशाह, तूफान और अजूबा देखकर मुझे प्रेरणा मिलती थी। मैं छोटा और थोड़ा मोटा बच्चा था, लेकिन जब कोई पूछता कि बड़े होकर क्या बनोगे, तो मैं बिना सोचे कहता था-“हीरो बनूंगा।” मैं बाकी बच्चों की तरह बाहर खेलने नहीं जाता था। मैं घर में बैठकर वीसीआर पर फिल्में देखता था, म्यूजिक सुनता था और फिल्मी मैगजीन पढ़ता था। मेरी दादी ने मुझे सबसे ज्यादा प्रोत्साहित किया। वह मुझे अमिताभ बच्चन की फिल्में दिखाती थीं और कहती थीं कि तुझे बड़ा होकर इनके जैसा बनना है। वहीं से यह सपना पक्का हो गया। सात साल की उम्र में मैंने पहली बार गार्डन में परफॉर्म किया था। मैंने अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘हम’ के गाने ‘जुम्मा चुम्मा’ पर डांस किया था। वही मेरा पहला स्टेज अनुभव था। एडवरटाइजिंग कंपनी में कॉपीराइटर के तौर पर काम किया पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने एडवरटाइजिंग कंपनी में कॉपीराइटर के तौर पर काम किया, क्योंकि मुझे लिखने का शौक था। स्कूल में एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जिसमें हमें प्रोडक्ट के लिए विज्ञापन बनाना था और मैं पहले स्थान पर आया था। मुझे नाम और टैगलाइन सोचने में मजा आया, तभी लगा कि इसे प्रोफेशन बना सकता हूं। फिर पता चला कि यह काम करने वालों को कॉपीराइटर कहते हैं, इसलिए मैंने यह बनने का तय किया। कुछ दिन काम किया, लेकिन दिल नहीं लगा। उसके बाद मैं अमेरिका गया और वहां से एक्टिंग की पढ़ाई करके लौटा, ताकि बॉलीवुड में सपना पूरा कर सकूं। एक्टिंग क्लास में सिर्फ एक सीट बची थी मैं क्लासेस के लिए देर से रजिस्टर कर रहा था, इसलिए ज्यादातर क्लासेस भर चुकी थीं। सिर्फ एक क्लास ‘एक्टिंग वन’ में एक सीट बची थी। मैंने वही एडमिशन ले ली। पहले दिन प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें यह नहीं जानना कि हम कौन हैं या कहां से आए हैं। हर स्टूडेंट को स्टेज पर जाकर गाना, डांस या कुछ और परफॉर्म करना होगा। मैं स्टेज पर गया और मेरे पास बस एक ही चीज थी- फिल्म “दीवार” का डायलॉग। चार-पांच साल से मैंने एक्टिंग नहीं की थी। कॉलेज और स्कूल में मुझे बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड मिलते थे, लेकिन काफी समय से वो छूट गया था। फिर भी मैंने पूरी ईमानदारी और जज्बे के साथ डायलॉग बोला। क्लास में बैठे अमेरिकन स्टूडेंट्स को मेरी भाषा समझ नहीं आई, लेकिन मेरे इमोशन और एनर्जी ने उन्हें छू लिया। सबने रिएक्ट किया। उन्हें समझ नहीं आया मैं क्या कह रहा हूं, लेकिन कुछ तो था उस परफॉर्मेंस में। फिल्मी बैक ग्राउंड नहीं, फिर भी हीरो बनने की जिद चार साल अमेरिका में बिताने के बाद 2007 में मैं मुंबई लौट आया। वापस आते ही बचपन का सपना फिर जाग गया कि फिल्मों में हीरो बनना है। यह रास्ता आसान नहीं था, क्योंकि मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था, लेकिन मैंने ठान लिया था कि मुझे यही करना है। मैं मुंबई के बांद्रा इलाके में पला-बढ़ा हूं, जहां सलमान खान, आमिर खान और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारे रहते हैं। लेकिन वहां रहना और उनके जैसा बनना अलग बातें हैं। संघर्ष के शुरुआती दिनों में शाद अली ने मेरा साथ दिया मेरे संघर्ष के शुरुआती दिनों में मेरे दोस्त शाद अली ने मेरा साथ दिया। उस समय वह अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘झूम बराबर झूम’ कर रहे थे और विज्ञापनों का निर्देशन भी कर रहे थे। मैंने उनसे नौकरी मांगी, तो उन्होंने मुझे असिस्टेंट डायरेक्टर रख लिया। मुझे लगा यह अच्छा मौका है, क्योंकि इससे मैं सेट पर जाकर एक्टर्स और कास्टिंग डायरेक्टर्स से मिल सकूंगा और इंडस्ट्री में पहचान बना सकूंगा। करीब डेढ़ साल तक मैंने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान मैंने क्राउड कंट्रोल, कास्टिंग और प्री-प्रोडक्शन जैसे कई काम किए। मैं पूरी तरह असिस्टेंट डायरेक्टर की तरह काम कर रहा था। असिस्टेंट डायरेक्टर की नौकरी छोड़ दी फिर मैंने बड़ा फैसला लिया और असिस्टेंट डायरेक्टर की नौकरी छोड़ दी। डेढ़ साल काम करने के बाद जब मैंने खुद को देखा, तो आंखों के नीचे काले घेरे थे और पेट भी निकल आया था। तब मुझे लगा कि इस हालत में मैं एक्टर नहीं बन पाऊंगा। इसके बाद मैंने पूरा ध्यान फिर से एक्टिंग पर लगाया। यूनिवर्सिटी में थिएटर की पढ़ाई की थी और कुछ नाटक किए थे, लेकिन वह बीच में छूट गया था। अब मैंने दोबारा एक्टिंग सीखनी शुरू की। मुझे लगा कि पश्चिमी ड्रामा की ट्रेनिंग मिल गई है, अब भारतीय एक्टिंग भी सीखनी चाहिए। इसलिए मैंने इंडियन एक्टिंग क्लासेस जॉइन कीं और स्टेज पर काम शुरू किया। शाद अली ने मुझे सलाह दी थी कि फिल्मों में आने से पहले थोड़ा ड्रामा और थिएटर करना चाहिए। उन्होंने कहा-“तेरी वेस्टर्न ट्रेनिंग हो गई है, अब थोड़ी देसी ट्रेनिंग ले ले।” उनकी बात मानकर मैंने किशोर नमित कपूर के एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया। मां की चिता पर रोना था वहां जो ट्रेनिंग मिली, वो काफी फिल्मी थी। पहले ही टेस्ट में सिचुएशन दी गई- “मां की चिता पर रोना।” अब सोचो, इससे ज्यादा फिल्मी क्या हो सकता है! रोते-रोते नीचे देखना और फिर ऊपर देखना, आंखों में अंगारे। पूरी तरह फिल्मी स्टाइल में एक्टिंग सिखाई जाती थी। मैं थोड़ा फ्रस्ट्रेट हो गया था। मैंने शाद को मैसेज किया- “यह कहां भेज दिया आपने? मेरी जो एक्टिंग है, वो भी खराब हो जाएगी।” लेकिन उन्होंने कहा- “शुरू किया है तो पूरा कर।” मैंने कोर्स पूरा किया, लेकिन लगा कि अब मुझे और रियल, हार्डकोर एक्टिंग सीखनी चाहिए। तभी मैंने तय किया कि थिएटर करना है। इसके बाद मैंने लंबा वक्त पृथ्वी थिएटर में बिताया। मैं रोज सुबह 8 बजे से पहले पहुंच जाता था और रात 11 बजे तक वहीं रहता था। मुझे हिंदी ड्रामा में काम करना था और मैं बाकी स्ट्रगलर्स की तरह वहीं डटा रहता था। मकरंद देशपांडे मुझे देखते ही निकल जाते थे उन दिनों मैं मकरंद देशपांडे के थिएटर ग्रुप में काम पाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जैसे ही मैं उनसे मिलने जाता, वो मुझे देखकर निकल जाते थे। शायद उन्हें पहले से पता चल जाता था कि कोई लड़का काम मांगने आने वाला है। फिर मैंने खुद ही रास्ता निकाला। पता चला कि उनके रिहर्सल सुबह 8 बजे शुरू होते हैं, तो मैं 7:30 बजे पहुंच जाता था। कमरे का ताला खोलता, फैन ऑन करता, झाड़ू लगाता और एक्टर्स के लिए चाय-नाश्ता लाता। रिहर्सल में दिव्या जगदाले, निवेदिता भट्टाचार्य और यशपाल शर्मा जैसे कलाकार काम कर रहे थे। मुझे देखकर सब हैरान थे और पूछते थे कि यह लड़का कौन है और किसने बुलाया है। मकरंद सर सोचते थे कि उनके असिस्टेंट ने बुलाया होगा, असिस्टेंट सोचता था कि मकरंद सर ने बुलाया होगा और बाकी लोग समझते थे कि कोई नया बंदा होगा। लेकिन सच यह था कि मैं खुद ही वहां पहुंच जाता था। एक्टर्स के लिए चाय-समोसे लाता था मैं चुपचाप बैठकर रिहर्सल देखता, एक्टर्स को क्यू देता, चाय-समोसे लाता और जब सब खत्म हो जाता, तो सफाई करता- झाड़ू लगाता, लाइट और फैन बंद करता। सेट तोड़ना, पेंटिंग करना, बढ़ई का काम, कारपेंटर, पेंटर, लोडर और सेट वर्कर जैसे कई काम किए। यही मेरे संघर्ष का सबसे कठिन दौर था। मैं उस समय थिएटर ग्रुप में नौकरी करता था। साल 2008 के आसपास मैं थिएटर में छोटे-मोटे रोल कर रहा था। पृथ्वी थिएटर में 1 साल 8 महीने बिताने के बाद मैंने फिल्मों में किस्मत आजमाने का फैसला किया। उस समय बॉलीवुड में स्ट्रगलर के लिए पोर्टफोलियो या बायोडाटा तैयार करना जरूरी होता है। पढ़ाई और स्ट्रगल के दौरान पिता ने घर-गाड़ी बेच दी मैं सिंधी परिवार में पैदा हुआ। मेरे पिता जगजीत सिंह भभनानी ने मेरे सपने के लिए बहुत कुछ दांव पर लगाया। मेरी पढ़ाई और स्ट्रगल के दौरान उन्हें बड़ा घर बेचना पड़ा। हम छोटे घर में शिफ्ट हो गए। उन्होंने अपनी कार बेच दी और बस में सफर करने लगे, सिर्फ इसलिए कि मैं एक दिन फिल्मों में सपना पूरा कर सकूं। मेरे पास पोर्टफोलियो बनवाने के लिए पैसे नहीं थे। फिर भी मैंने आठ महीने मेहनत करके अच्छा पोर्टफोलियो तैयार किया। मैंने बॉडी बनाई, ट्रेनर रखा और सप्लीमेंट्स लिए। यह सब मेरे पिता ने जैसे-तैसे मैनेज किया। मैं हर चीज में बेस्ट चाहता था, चाहे फोटोग्राफर, शूट या प्रिंटिंग हो। प्रिंटिंग के लिए मैं रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक बैठा रहता था, ताकि डिस्काउंट मिल सके। मैं हर पोर्टफोलियो खुद जाकर प्रिंट करवाता था। शुरुआत में मुझे फिल्मों में काम नहीं मिला, लेकिन टीवी से वीजे बनने और विज्ञापनों में मॉडलिंग के ऑफर आने लगे। लेकिन मैंने तय कर लिया था कि मुझे सिर्फ हीरो बनना है, इसलिए मैंने वे सारे ऑफर मना कर दिए। कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा मेरे स्कूल के एक दोस्त ने, जो खुद भी स्ट्रगल कर रहा था, मुझे एक आदमी से मिलवाया। उसने कहा कि वह काम दिला सकता है। मैंने उसे फोन किया, तो उसने शाम 8 बजे अंधेरी वाले घर आने को कहा। मैं वहां पहुंचा। अंदर जाते ही मुझे अजीब लगा। कमरा छोटा था और दीवारों पर भद्दी पेंटिंग्स और अटपटी बातें लिखी थीं। मैंने उसे पोर्टफोलियो दिया, लेकिन उसने ठीक से देखा नहीं और एक तरफ रख दिया। तभी मुझे समझ आ गया कि कुछ ठीक नहीं है। फिर उसने कहा कि मुझे स्मार्ट और सेक्सी बनना पड़ेगा, तभी आगे बढ़ पाऊंगा। इसके बाद वह गलत बातें करने लगा और मुझसे गलत मांगें करने लगा। तब मुझे साफ समझ आ गया कि यह सही जगह नहीं है। मैंने तुरंत मना किया और वहां से निकल गया। जाते समय उसका रिएक्शन ऐसा था जैसे मैं उसका दिल तोड़कर जा रहा हूं, लेकिन मुझे पता था कि मैंने सही फैसला लिया। लेकिन इंडस्ट्री में एंट्री आसान नहीं थी। 2006-2007 में रिसेशन था, फिल्में कम बन रही थीं, खासकर न्यू कमर्स के लिए। स्ट्रगलिंग एक्टर्स अपने रास्ते खोज रहे थे। मैं भी 8 महीने तक अलग-अलग जगहों पर ऑडिशन देता रहा। अली अब्बास जफर ने यशराज में एंट्री कराई फिर मेरे दोस्त अली अब्बास जफर ने मेरे लिए रास्ता बनाया। उस समय वे यशराज फिल्म्स में असिस्टेंट डायरेक्टर थे। बाद में उन्होंने मेरे साथ फिल्म ‘गुंडे’ भी बनाई। मैंने उनसे कहा कि वे मेरे लिए रास्ता बना दें। उन्होंने मेरा पोर्टफोलियो यशराज के वाइस प्रेसिडेंट अक्षय विधानी को दे दिया। मैंने बस यही चाहा था कि कोई मेरा ऑडिशन दिला दे, क्योंकि मुझे भरोसा था कि मौका मिला तो मैं खुद संभाल लूंगा। इसके बाद मैं यशराज की कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा से मिला। शानू ने 16 साल की उम्र में मेरा पार्टी में डांस देखकर कहा था कि तेरे में कुछ बात है। उस समय उन्हें भी नहीं पता था कि वे आगे चलकर कास्टिंग में आएंगी। उन्होंने मुझे मौका दिलाने में मदद की। फिर एक दिन उन्होंने मैसेज करके बताया कि आदित्य चोपड़ा मुझसे मिलना चाहते हैं। यह सुनकर मुझे यकीन नहीं हुआ, क्योंकि मैं सोचता था कि यशराज सिर्फ बड़े स्टार्स के साथ काम करता है। लेकिन उन्होंने कहा कि वे नए चेहरे को लॉन्च करना चाहते हैं और मुझे YRF के इन-हाउस कास्टिंग डिवीजन में ऑडिशन देना चाहिए। ऑडिशन में बार-बार नर्वस रहा था मैं गया, क्योंकि मुझे लगा यही वह मौका है जिसका मैं लंबे समय से इंतजार कर रहा था। शुरू में ऑडिशन मैंने अनुष्का शर्मा के साथ दिया। लेकिन बाद के ऑडिशनों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया, क्योंकि मैं नर्वस हो गया था। फिर आदित्य चोपड़ा ने बुलाकर कहा कि मैं पहली बार बहुत अच्छा लगा था, लेकिन बाद में कमजोर पड़ गया। ‘बैंड बाजा बारात’ के लिए चुन लिया गया फिर एक मीटिंग में उन्होंने बताया कि पहले ऑडिशन में ही उन्हें लगा था कि मेरे अंदर कुछ खास है। उन्होंने कहा कि वे मेरे लंबे करियर की संभावना देखते हैं और कुछ बातें याद रखने को कहा। यह सुनकर मैं भावुक हो गया। बाहर आकर रो पड़ा और मम्मी व शानू को फोन किया। आखिरकार मुझे ‘बैंड बाजा बारात’ के लिए चुन लिया गया। पहली ही फिल्म से धमाकेदार सफर शुरू हुआ बैंड बाजा बारात 2010 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, लेकिन रणवीर सिंह के जोश और ऊर्जा से भरे अभिनय को दर्शकों और आलोचकों ने सराहा। इसी फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने लेडीज वर्सेस रिकी बहल और लूटेरा जैसी फिल्मों में अभिनय क्षमता दिखाई। खास तौर पर लूटेरा में उनके अभिनय और अंदाज की तारीफ हुई, हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं बन पाई। वर्सेटाइल एक्टर के रूप में स्थापित कर दिया 2013 में गोलियों की रासलीला: राम-लीला ने रणवीर के करियर को नई ऊंचाई दी। यह उनकी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म में उनकी और दीपिका पादुकोण की केमिस्ट्री को दर्शकों ने पसंद किया और उनकी परफॉर्मेंस ने उन्हें वर्सेटाइल एक्टर के रूप में स्थापित कर दिया। इसके बाद उन्होंने बाजीराव मस्तानी और पद्मावत जैसी बड़ी फिल्मों में शानदार काम किया। इन फिल्मों ने कमाई के साथ आलोचनात्मक सराहना हासिल की। बार-बार खुद को साबित करने की कोशिश रणवीर का करियर हमेशा लगातार सफलता से भरा नहीं रहा। 2019 के बाद जयेशभाई जोरदार और सर्कस जैसी फिल्मों से उन्हें उतनी बॉक्स ऑफिस सफलता नहीं मिली, जितनी उम्मीद थी। आलोचना के बावजूद उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाकर खुद को बार-बार साबित करने की कोशिश की। धुरंधर करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म बनी कुछ लोगों ने उनके अभिनय को कभी-कभी ओवर-द-टॉप कहा, लेकिन रणवीर ने इन आलोचनाओं को ताकत बनाया और अभिनय में बदलाव लाते रहे। 2025 में रिलीज हुई धुरंधर उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। इसके बाद आई ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने भी उनकी सफलता को आगे बढ़ाया और जबरदस्त कमाई कर रही है। ____________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... तापसी पन्नू बोलीं- फिल्में फ्लॉप हुईं, पनौती कहा गया:हीरोइन बनने पर संदेह था, कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों से इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाई दिल्ली के एक साधारण परिवार से निकलकर इंजीनियरिंग करने वाली तापसी पन्नू ने कभी नहीं सोचा था कि वह ग्लैमर इंडस्ट्री में पहचान बनाएंगी। मॉडलिंग से शुरुआत कर उन्हें साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मौका मिला, लेकिन वहां लंबे समय तक सिर्फ ग्लैमरस किरदारों तक सीमित रहीं। कई फिल्मों के फ्लॉप होने पर उन्हें पनौती कहा गया, जिससे आत्मविश्वास को गहरा झटका लगा।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 4:30 am