अमरोहा के नौगावां सादात थाना क्षेत्र में मुरादाबाद के हिस्ट्रीशीटर इदरीस की हत्या के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब तक रंजिश के एंगल से जांच कर रही पुलिस का फोकस प्रेम-प्रसंग की ओर मुड़ गया है। इस सिलसिले में एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि उसके कथित प्रेमी सलमान की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इदरीस का शव गुरुवार सुबह कुमखिया गांव के पास मुरादाबाद रोड स्थित एक आम के बाग में मिला था। बदमाशों ने उसकी गला रेतकर हत्या की थी और शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से वार किए थे। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को भी बुरी तरह कुचल दिया गया था। जेब से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के मासूमपुर निवासी इदरीस के रूप में हुई। हत्या कहीं और, शव बाग में फेंकने की आशंका घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि इदरीस की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और बाद में शव को आम के बाग में लाकर फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की मां रहीसन की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। 13 जुलाई को जेल से छूटा था इदरीस पुलिस के अनुसार इदरीस पर चोरी, नकबजनी समेत करीब 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह ट्रैक्टर चोरी के एक मामले में 13 जुलाई को जमानत पर जेल से बाहर आया था। पोस्टमार्टम में सामने आई बेरहमी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि इदरीस के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था, जिससे उसकी खोपड़ी की हड्डियां टूट गई थीं। इसके बाद गर्दन पर तीन स्थानों पर धारदार हथियार से हमला किया गया। पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर भी कई वार किए गए, जबकि पेट समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से गोदने के निशान मिले। शरीर पर मारपीट के कई चोटों के निशान भी मिले हैं, जिससे हत्या से पहले प्रताड़ित किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस बोली- जल्द होगा खुलासा सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि जांच के दौरान प्रेम-प्रसंग से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। एक महिला से पूछताछ की जा रही है, जबकि सलमान की तलाश जारी है। दोनों का आमना-सामना कराने के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
बदायूं में होमगार्ड जवान को पिकअप ने मारी टक्कर, मौत:ड्यूटी से लौटते समय हादसा, चालक फरार
बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे पिकअप की टक्कर से होमगार्ड जवान की मौत हो गई। देर रात ड्यूटी से लौटते समय हादसा हुआ। मौके पर मौजूद राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी। ड्यूटी से लौटते समय हादसा मृतक की पहचान हरीराम के रूप में हुई है। होमगार्ड जवान हरीराम पुत्र रामस्वरूप जो थाना हजरतपुर में ड्यूटी पर तैनात था, अपनी ड्यूटी पूरी कर गांव बबई भटपुरा लौट रहा था। म्याऊं से निकलने के बाद ढका पुलिया से पहले एक अज्ञात वाहन ने उसे सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हरीराम की मौके पर ही मौत हो गई। हरीराम गांव बबई भटपुरा का मूल निवासी था। सुबह टहलने निकले लोगों ने उसे सड़क पर पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर हरीराम को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौका पाकर टक्कर लगने के बाद चालक पिकअप वाहन लेकर फरार हो गया है।
रामपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज के परिजनों ने स्टाफ पर बाहर के मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन मंगाने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है। मामला शुक्रवार रात करीब 8 बजे का है। उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी अमन अपनी 24 वर्षीय बहन आरजू के साथ रामपुर में रिश्तेदारी में आए थे। इसी दौरान आरजू की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। 'पहले बाहर से इंजेक्शन लाने को कहा' अमन का आरोप है कि उपचार शुरू करने से पहले इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदकर लाने के लिए कहा। जब उन्होंने पूछा कि अस्पताल में दवा उपलब्ध क्यों नहीं है, तो उन्हें बाहर से ही इंजेक्शन खरीदने की बात कही गई। अमन के मुताबिक, मरीज की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए स्टाफ ने जल्द इंजेक्शन लाने का दबाव बनाया। इसके बाद उन्होंने मेडिकल स्टोर से ₹400 के दो इंजेक्शन खरीदे, जिसके बाद ही उपचार शुरू किया गया। 'गरीब मरीजों को होती है परेशानी' परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में लोग मुफ्त दवा और उपचार की उम्मीद लेकर आते हैं। यदि इमरजेंसी में भी बाहर से दवा और इंजेक्शन मंगाए जाएंगे तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरजेंसी में तैनात कुछ कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। सीएमएस बोले- शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.सी. सक्सेना ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले भी स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि किसी भी मरीज को बाहर की दवा न लिखी जाए। यदि आदेशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने दिए जांच के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल में दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और बाहर से दवा लिखने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीकर सदर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई करते हुए 202 ग्राम अफीम के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी भी जब्त कर ली। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने जब्त की अफीम सदर थाना SHO पवन कुमार चौबे ने बताया कि सांवली मेडिकल कॉलेज के सामने नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान लोसल की तरफ से एक बलेनो कार आती हुई दिखाई दी। जो पुलिस की गाड़ी को देखकर वापस अपनी गाड़ी को घूमाने लगे। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक लिया। गाड़ी में चार लड़के बैठे हुए थे। जब वह संदिग्ध लगे तो उनकी गाड़ी की तलाशी ली गई। जिसमें गियर बॉक्स के पास एक प्लास्टिक की थैली में 202 ग्राम अफीम मिली। जिसे पुलिस ने जप्त करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं मामले में चार आरोपी राकेश कुमार (26) पुत्र अर्जुन लाल, प्रदीप सैनी(24) पुत्र मनोहरलाल, मुकेश कुमार जांगिड़ (21) और रविंद्र कुमार (27) पुत्र राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। चारों ही आरोपी झुंझुनू जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल अब इस मामले की जांच लोसल SHO संगीता मीणा को सौंप दी गई है। अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि आरोपी इस अफीम को खुद सेवन करने के लिए लाए थे या फिर किस जगह इसकी सप्लाई देने जा रहे थे। पुलिस अफीम के मुख्य तस्कर की भी तलाश कर रही है।
अजमेर में मौसम पूरी तरह सुहाना बना हुआ है। शहर में रुक-रुककर फुहारों का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार सुबह 8:30 बजे तक 4.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो पिछले दिनों की तुलना में ठंडे मौसम का एहसास करा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जून से लेकर अब तक मानसून सीजन में जिले में कुल 301.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही बारिश से मौसम खुशनुमा बना हुआ है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव और फिसलन की स्थिति भी बन सकती है।
हरियाणा के नारनौल में ट्रेन की चपेट में आने से एक 30 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में हो गया। जिसके चलते कुछ टुकड़े ट्रैक के आसपास तो कुछ ट्रैक से बाहर नीचे नाले में जा गिरे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस मृतक की शिनाख्त कर रही है। शहर के महत्ता चौक के पास राजकीय पालीटेक्निक संस्थान के नजदीक बने रेलवे अंडर पास के ऊपर सुबह करीब चार बजे एक अज्ञात व्यक्ति माल गाड़ी की चपेट में आ गया। इससे उसके शरीर के कई टुकड़े हो गए। पहले पहुंची डायल 112 सुबह नांगल चौधरी रोड स्थित सब्जी मंडी में सब्जी लेने जाने वाले लोगों ने अंडरपास के पास खून व व्यक्ति के शव के टुकड़े देखे। जिस पर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर डायल 112 मौके पर पहुंची तथा जांच की। झाड़ियों के पास मिले टुकड़े जांच करने पर पाया कि रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों तथा नीचे नाले में मृतक के शव के टुकड़े पड़े थे। जिससे अंदाजा लगाया गया कि व्यक्ति की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। इस पर स्थानीय पुलिस ने रेलवे जीआरपी को इसकी सूचना दी। नहीं हो पाई शिनाख्त सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने मुआयना किया, वहीं शव की शिनाख्त करने की कोशिश की, मगर बुरी तरह कटा होने के कारण शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। इस पर जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त के लिए डेडबॉडी नागरिक अस्पताल में रखवा दी। शव को लिया कब्जे में इस बारे में जीआरपी चौकी इंचार्ज कैलाशचंद ने बताया कि उन्हें रेलवे ट्रैक के पास शव मिलने की सूचना मिली थी। जिसके बाद जीआरपी ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लिया है। मृतक की शिनाख्त की जा रही है।
कन्नौज में साइबर ठगों ने होमगार्ड विभाग के एक कंपनी कमांडर को उनके बेटे की फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर ₹4 लाख की ठगी कर ली। हालांकि, पीड़ित की त्वरित शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगों के बैंक खाते को फ्रीज करा दिया, जिससे पूरी रकम सुरक्षित हो गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के खिदिरपुर बाग का है। यहां रहने वाले शिवप्रसाद होमगार्ड विभाग में कंपनी कमांडर के पद पर तैनात हैं। 23 जुलाई को उनके मोबाइल पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगी व्हाट्सएप डीपी वाले नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका बेटा दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। बेटे को छोड़ने के नाम पर मांगे ₹4 लाख कॉल करने वाले ठग ने बेटे को छोड़ने के एवज में ₹4 लाख की मांग की। बेटे की गिरफ्तारी और बदनामी की बात सुनकर घबराए शिवप्रसाद ने बिना सत्यापन किए ठगों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ₹4 लाख ट्रांसफर कर दिए। ठगी का अहसास होते ही पुलिस से की शिकायत रकम भेजने के कुछ ही देर बाद शिवप्रसाद को ठगी का संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के संज्ञान में पहुंचते ही साइबर थाना प्रभारी ध्यानेन्द्र प्रताप सिंह और उनकी टीम सक्रिय हो गई। बैंक के सहयोग से रकम कराई फ्रीज साइबर पुलिस ने बैंक अधिकारियों और साइबर पोर्टल की मदद से संबंधित बैंक खाते को तत्काल फ्रीज करा दिया। इससे ट्रांसफर किए गए ₹4 लाख सुरक्षित हो गए और साइबर ठग रकम निकालने में सफल नहीं हो सके। पुलिस की अपील- डरें नहीं, पहले करें सत्यापन साइबर थाना प्रभारी ध्यानेन्द्र प्रताप सिंह ने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से गिरफ्तारी, डिजिटल अरेस्ट या किसी मुकदमे का भय दिखाकर पैसे मांगता है, तो घबराएं नहीं। पहले संबंधित एजेंसी से सत्यापन करें और बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में धनराशि ट्रांसफर न करें।
जैसलमेर में शनिवार को बारिश का येलो अलर्ट:अलसुबह से बूंदाबांदी जारी, बढ़िया बरसात से किसान खुश
जैसलमेर और पोकरण क्षेत्र में बीते चौबीस घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। शुक्रवार शाम को नहरी इलाकों में बारिश का दौर रहा, वहीं जैसलमेर शहर में रात 8 बजे के बाद बारिश का दौर शुरू रहा जो रिमझिम के तौर पर रात भर जारी रहा। शनिवार सुबह भी आसमान में बादलों का डेरा रहा व सुबह से ही हल्की-हल्की बूंदाबांदी जारी है, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए शनिवार को भी झमाझम बारिश और गरज-चमक का यलो अलर्ट जारी किया है तथा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। शनिवार को भी बूंदाबांदी जारी जैसलमेर के नहरी बेल्ट में शुक्रवार शाम को कई स्थानों पर अच्छी बरसात हुई। जिले के नहरी इलाकों 192 RD, 31 BD ,29 PD में हल्की बारिश व 20 तुली में बढ़िया बारिश होने की जानकारी है। मानसूनी बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। जिले में शुक्रवार देर शाम शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार सुबह भी हल्की रिमझिम के साथ जारी रहा। शनिवार को भी सुबह से आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और हल्की-हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग का येलो अलर्ट जैसलमेर में शनिवार को भी हल्की-हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला लगातार बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को भी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
फर्रुखाबाद में आज 6 घंटे बिजली गुल:शमशाबाद में 11 केवी लाइन और उपकेंद्र पर होगा मरम्मत कार्य
फर्रुखाबाद के शमशाबाद में आज 11 केवी विद्युत लाइन और उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। इसके चलते उपभोक्ताओं को छह घंटे तक बिजली की आपूर्ति नहीं मिलेगी। यह कार्य ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। आज शनिवार को शमशाबाद के टाउन फीडर फैजाबाद और नौगमा फीडर पर 11 केवी लाइन की मरम्मत की जाएगी। साथ ही, विद्युत उपकेंद्र में नई वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) लगाने का कार्य भी प्रस्तावित है। इन उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली नहीं मिलेगी। एसडीओ ने उपभोक्ताओं से कार्य के दौरान सहयोग की अपील की है। आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता एसडीओ से 9151990454 और अवर अभियंता से 9151990461 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गौरतलब है कि हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर अक्सर 11 केवी लाइन में फॉल्ट की समस्या आ जाती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इसी समस्या से निजात पाने और आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए यह मरम्मत कार्य किया जा रहा है।
जौनपुर में मॉनसून की शुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विभाग मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड को लेकर सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले बुखार के मरीजों की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में ओपीडी में तैनात डॉक्टरों को पत्र जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. संजय कनौजिया ने बताया कि वर्तमान में संक्रमण का मौसम चल रहा है। इसे देखते हुए बुखार के मरीजों की मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमित मरीजों की पहचान कर उनका उचित इलाज किया जा सके। डॉ. कनौजिया ने जानकारी दी कि अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 450 मरीजों की जांच की जा रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 500 से 550 मरीजों तक किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल में आवश्यक दवाओं और जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण खांसी, सर्दी और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रतिदिन 200 से अधिक ऐसे मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इन मरीजों के रक्त की जांच करा रहे हैं, ताकि डेंगू, मलेरिया या अन्य संक्रामक बीमारियों का समय रहते पता चल सके। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए भीड़ देखी जा रही है।
बिहार के औरंगाबाद जिले के मनहार की रहने वाली 22 साल की नेहा का शव कोडरमा में रेलवे ट्रैक से बरामद हुआ है। उसका शव धनबाद-गया रेल खंड के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत टीनवाटांड के पास आज सुबह मिला। मृतका के बैग से बरामद आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई है। उसके पिता का नाम संजय कुमार सिन्हा के रूप में हुई है। बैग से बरामद पेपर से पता चला कि वह पेशे से शिक्षिका थी। वह शुक्रवार शाम से लापता थी। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कोडरमा रेलवे स्टेशन के ट्रैकमैन धनबाद-गया रेल खंड की अप तथा डाउन लाइन का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान अपलाइन के पोल संख्या 394/27 के पास एक महिला का शव पड़ा मिला। ट्रैकमैन ने तत्काल इसकी सूचना कोडरमा आरपीएफ को दी। जिसके बाद जवान मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। बैग से मिले कागजात से हुई पहचान घटनास्थल से बरामद एक बैग में रखे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मृतका की पहचान नेहा कुमारी के रूप में हुई। बैग से औरंगाबाद जिले के दाउदनगर स्थित एक विद्यालय के बच्चों की मार्कशीट, नेहा के कॉलेज के सर्टिफिकेट और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी मिले हैं। आरपीएफ ने प्रारंभिक जांच में आशंका जताई है कि नेहा जिस ट्रेन से यात्रा कर रही थी, संभवतः उसी से गिरने के कारण उसकी मौत हुई है। हालांकि, मामले की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की जा रही है। घटना की सूचना मृतका के परिजनों को दे दी गई है। शुक्रवार शाम से लापता थी नेहा मृतका की बहन लवली सिन्हा ने बताया कि वह और नेहा दाउदनगर स्थित डिवाइन स्ट्रीम मिशन स्कूल में साथ पढ़ाती थीं। शुक्रवार को नेहा स्कूल से पढ़ाने के बाद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए निकली थी। लवली के अनुसार, नेहा रोज शाम 5 बजे तक ट्यूशन पढ़ाकर घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन देर शाम तक वह वापस नहीं आई। परिजनों ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में मैसेज करने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। रात करीब 8 बजे जब दोबारा कॉल किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी का सन्हा दर्ज कराया था। इधर घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। परिजन कोडरमा पहुंचने वाले हैं।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश तथा बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बुलंदशहर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी का पानी तटीय इलाकों तक पहुंचने लगा है, जिससे कई प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। घाटों पर जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती कर दी गई है। पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिले के अहार, अवंतिका देवी घाट, अनूपशहर, नरोरा और रामघाट पर पानी सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया है। अनूपशहर में गंगा घाट की अधिकांश सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। वहीं प्रसिद्ध जाह्नवी द्वार आरती स्थल से गंगा का जलस्तर अब महज डेढ़ फुट नीचे रह गया है। खादर क्षेत्र के जंगलों तक पहुंचा पानी जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा का पानी खादर क्षेत्र के जंगलों में भी फैलने लगा है। इससे स्थानीय पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे और चराई की समस्या खड़ी होने की आशंका है। हालांकि फिलहाल किसी आबादी या फसल को नुकसान की सूचना नहीं है। बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी जल निगम और ड्रेनेज विभाग के अनुसार, बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने का असर बुलंदशहर में दिखाई दे रहा है। पहले बैराज से 78,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 58,572 क्यूसेक और गुरुवार सुबह 57,773 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया, जिससे गंगा का जलस्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कच्चे घाटों पर स्नान न करने की अपील की है। पक्के घाटों पर पानी के भीतर बैरिकेडिंग कराई गई है ताकि लोग गहरे पानी में न जा सकें। सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। साथ ही खादर क्षेत्र के राजस्व कर्मियों को भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम बोले- स्थिति नियंत्रण में जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। खादर क्षेत्र के सभी लेखपालों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिले में कहीं भी आबादी या फसलों को नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
हरदोई में तंत्र-मंत्र की आड़ में विवाहिता और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़ित पति की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर कोतवाली में एक कथित तांत्रिक समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने मासूम बेटे की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए पुलिस से दोनों की सकुशल बरामदगी की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, उसकी पत्नी 18 जुलाई की रात करीब दो बजे घर से डेढ़ वर्षीय बेटे विनायक के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। आरोप है कि वह घर में रखे जेवरात और 10 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। काफी तलाश के बाद भी दोनों का कोई पता नहीं चला। रिश्तेदारों से मिली आरोपी की जानकारी पीड़ित का कहना है कि बाद में रिश्तेदारों के माध्यम से जानकारी मिली कि उसकी पत्नी को शिवा पुत्र स्व. राजेश, निवासी ग्राम सुंदरपुर टिकरा, थाना संडीला, अपने साथ ले गया है। शिकायत में शिवा को तंत्र-मंत्र करने वाला व्यक्ति बताया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस घटना में गंगाचरण, सुधीर, मंजू और सोनू ने भी सहयोग किया। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मासूम की सुरक्षा को लेकर जताई आशंका पीड़ित पति ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आशंका जताई है कि आरोपी तंत्र-मंत्र के नाम पर उसके डेढ़ वर्षीय बेटे को नुकसान पहुंचा सकता है। उसने पुलिस से पत्नी और बच्चे को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने की मांग की है। पुलिस ने शुरू की जांच शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और महिला व बच्चे की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रायबरेली में डलमऊ विकासखंड की ग्राम पंचायत ऐहार में लाखों रुपये की लागत से निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) देखरेख के अभाव में बदहाल हो गया है। गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और गीले-सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के उद्देश्य से बनाए गए इस सेंटर में लंबे समय से कोई काम नहीं हो रहा है। इसके चलते यह केंद्र और राज्य सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायती राज अधिकारी ने जांच शुरू करा दी है। ग्राम पंचायत ऐहार में स्थापित रिसोर्स रिकवरी सेंटर का उद्देश्य गांव से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण करना था, ताकि ग्रामीण क्षेत्र स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बन सकें। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी सेंटर का संचालन शुरू नहीं हो सका और कूड़ा निस्तारण की पूरी व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। जर्जर हो रहा भवन, परिसर में उगी झाड़ियां रखरखाव के अभाव में आरआरसी सेंटर का भवन धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है। परिसर में झाड़-झंखाड़ और घास उग आई है, जिससे यह साफ दिखाई देता है कि लंबे समय से यहां कोई गतिविधि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना का कोई लाभ गांव को नहीं मिल रहा है। बजट की बर्बादी का आरोप स्थानीय लोगों ने सेंटर के बंद पड़े रहने पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजनाओं को केवल कागजों में पूरा दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उनका कहना है कि यदि रिसोर्स रिकवरी सेंटर का संचालन समय पर शुरू होता, तो गांव की स्वच्छता व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता था। कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे प्रदर्शन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरआरसी सेंटर को चालू कर कचरा निस्तारण की व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जिला पंचायती राज अधिकारी ने शुरू कराई जांच मामले का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रेवाड़ी में सदर थाना क्षेत्र के गांव की युवती अपनी बड़ी भाभी के भाई के साथ फरार हो गई। घर से लाइब्रेरी के लिए निकली युवती 9:18 पर वहां पहुंची और 9:33 पर निकली वहां से निकल गई। जब शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों को इसका पता चला। जिस पर परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी। मां की शिकायत पर सदर पुलिस ने गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अपने साथ ले गया विवेक मां ने अपनी शिकायत में बताया कि विवेक की बहन उनके घर की बड़ी बहू है। विवेक अक्सर अपनी बहन से मिलने उनके घर आता- जाता रहता था। इसी दौरान विवेक ने बहला- फुसलाकर उसकी बेटी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। रिश्तेदारी के चलते परिवार का हिस्सा होने के कारण उस पर किसी प्रकार का कोई शक भी नहीं हुआ। गांव की लाइब्रेरी में जाती थी सदर पुलिस को दी शिकायत में मां ने बताया कि उसकी बेटी तैयारी कर रही थी। जिसके लिए हररोज 9 से 3 तक गांव में बनी लाइब्रेरी में जाती थी। 22 जुलाई की सुबह 9 बजे लाइब्रेरी जाने के लिए घर से निकली। जब शाम तक वापस नहीं आई तो उसकी तलाश शुरू की। जिसमें पता चला कि वह 9:18 पर लाइब्रेरी पहुंची और 9:33 पर वहां से निकल गई थी। उसकी बड़ी बहू का भाई विवेक उसे अपने साथ ले गया। उन्होंने पुलिस से अपनी बेटी की तलाश करने की गुहार लगाई।
गोरखपुर में चिपचिपी गर्मी ने किया बेहाल:धूप और नमी ने बढ़ाई परेशानी, शाम तक हल्की बारिश के आसार
गोरखपुर में शनिवार की शुरुआत उमस भरे मौसम के साथ हुई। सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन इसके बावजूद तेज और चुभने वाली धूप निकलने से मौसम बेहद असहज हो गया। धूप और बादलों की लगातार आवाजाही के बीच हवा में नमी इतनी अधिक है कि लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। सुबह के समय ही घरों से बाहर निकलने वाले लोग पसीने से तरबतर नजर आए। बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थानों पर उमस का असर साफ दिखाई दिया और लोग छांव की तलाश करते रहे। हवा चली, लेकिन नमी ने बेअसर कर दी ठंडक शहर में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, लेकिन हवा में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण इनका असर महसूस नहीं हो रहा है। आमतौर पर तेज हवा गर्मी से राहत देती है, लेकिन इस समय वातावरण में नमी अधिक होने से गर्मी और चिपचिपाहट दोनों बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक आर्द्रता के कारण शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे उमस और अधिक महसूस होती है। यही वजह है कि तापमान सामान्य रहने के बावजूद लोगों को भीषण गर्मी जैसा एहसास हो रहा है। 33 डिग्री तापमान, लेकिन महसूस हो रही ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को गोरखपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि तापमान बहुत अधिक नहीं है, लेकिन नमी का स्तर बढ़ने से “फील लाइक” तापमान इससे कहीं ज्यादा महसूस हो रहा है। दोपहर के समय तेज धूप के कारण उमस और बढ़ सकती है, जिससे लोगों की परेशानी भी बढ़ने की संभावना है। दिनभर धूप-बादलों की आंख-मिचौली जारी रहेगी मौसम का मिजाज पूरे दिन बदलता रहेगा। कभी तेज धूप तो कभी हल्के बादल छाने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। हालांकि बादलों की मौजूदगी के बावजूद मौसम में खास राहत मिलने के आसार नहीं हैं। धूप निकलते ही उमस और अधिक बढ़ सकती है, जिससे बाहर निकलने वाले लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। शाम को हल्की बारिश से मिल सकती है राहतमौसम विभाग ने शाम के समय शहर और आसपास के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। यदि बारिश होती है तो तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है और उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल भारी बारिश के संकेत नहीं हैं, इसलिए दिनभर गर्मी और चिपचिपाहट का असर बना रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों की सलाह, लापरवाही पड़ सकती है भारीविशेषज्ञों का कहना है कि उमस भरे मौसम में शरीर से लगातार पसीना निकलने के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर को ढकने, हल्के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि उमस भरी गर्मी उनके स्वास्थ्य पर अधिक असर डाल सकती है।
लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा के पास शुक्रवार रात चलती सीएनजी अर्टिगा कार में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कार में चालक समेत छह लोग सवार थे। 39वीं वाहिनी एसएसबी के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आग की चपेट में आने से कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे गौरीफंटा के निकट कजरिया सीमा चौकी से करीब 200 मीटर पहले की है। अर्टिगा कार पीलीभीत से गौरीफंटा की ओर जा रही थी। इसी दौरान कार के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही क्षणों में वाहन आग की लपटों से घिर गया। एसएसबी और ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता जानकारी के अनुसार, शाहजहांपुर जिले के खुटार निवासी प्रभाकर वर्मा पुत्र सुरेंद्र पाल वर्मा अपनी अर्टिगा कार (यूपी-27 बीक्यू-9602) से रिश्तेदारों और परिचितों के साथ गौरीफंटा जा रहे थे। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही 39वीं वाहिनी एसएसबी की एफ समवाय गौरीफंटा के कजरिया सीमा चौकी पर तैनात जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कार के दरवाजे खोलकर चालक समेत सभी छह यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कार पूरी तरह जलकर नष्ट आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरी कार उसकी चपेट में आ गई और वह पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों की जांच घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आग इंजन से शुरू होने की बात सामने आई है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
पाली शहर के मंडिया रोड क्षेत्र में शुक्रवार को बारिश के दौरान जेके डाइंग फैक्ट्री के बाहर रंगीन पानी सड़क पर फैल गया। किसानों की सूचना पर राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम मौके पर पहुंची और पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। किसानों ने फैक्ट्री से प्रदूषित पानी छोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन ने इसे बारिश के पानी के ओवरफ्लो होने का मामला बताया। किसानों की शिकायत पर टीम पहुंची मंडिया रोड क्षेत्र में बारिश के दौरान फैक्ट्री के बाहर रंगीन पानी फैलने की सूचना मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी की और सड़क पर फैले पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए। किसानों ने लगाया प्रदूषित पानी छोड़ने का आरोप किसान वागाराम विश्नोई ने आरोप लगाया कि बारिश का फायदा उठाकर किसी फैक्ट्री संचालक ने जानबूझकर रंगीन और प्रदूषित पानी सड़क पर छोड़ा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। फैक्ट्री प्रबंधन ने दी सफाई फैक्ट्री मालिक कानमल पोरवाल ने बताया कि बारिश का पानी फैक्ट्री के स्टोरेज टैंक में पहुंच गया था। टैंक भर जाने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गया। उनका कहना है कि जानबूझकर कोई प्रदूषित पानी बाहर नहीं छोड़ा गया। पहले से जारी हैं सख्त निर्देश सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संगीत लोढ़ा के आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सीईटीपी ने निर्देश दिए थे कि किसी भी फैक्ट्री का एक बूंद भी अपशिष्ट जल परिसर से बाहर नहीं आना चाहिए। आदेशों में यह भी कहा गया था कि फैक्ट्री के बाहर प्रदूषित पानी मिलने पर संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसका कंसेंट टू ऑपरेट भी निरस्त किया जा सकता है।
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सहारनपुर निवासी अंकुश सहगल के खिलाफ शादी का झूठा वादा कर रेप के आरोप में चल रही आपराधिक कार्रवाई रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता वयस्क थी और अपनी इच्छा से रिश्ते में शामिल हुई थी। ऐसे में केवल शादी का वादा पूरा न होने के आधार पर रेप का मामला नहीं बनता। मामले के अनुसार अगस्त 2019 में अंकुश सहगल और नैनीताल जिले की एक महिला की मुलाकात टिंडर ऐप पर हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध और आपसी सहमति से शारीरिक रिश्ते में बदल गई। मार्च 2021 में महिला ने अंकुश के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत एफआईआर दर्ज कराई। आरोप था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। कोर्ट ने माना कि मामले में शुरुआत से धोखाधड़ी या शादी के नाम पर छल करने की मंशा साबित नहीं होती। इसलिए मुकदमे की कार्रवाई जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में शुरुआत से ही विवाह का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाए गए हों और धोखा देने की मंशा साबित हो जाए, तो आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। लेकिन इस मामले के तथ्यों में ऐसा नहीं पाया गया। इसके बाद कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में लंबित पूरी आपराधिक कार्रवाई रद्द कर दी।
इटावा शहर में शुक्रवार रात चलती बाइक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में वह जलकर राख हो गई। राहत की बात रही कि बाइक सवार समय रहते नीचे उतर गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सामने स्थित कॉलोनी के बाहर शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सड़क पर चल रही थी, तभी अचानक उसमें शॉर्ट सर्किट हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। राहगीरों ने बुझाई आग, लेकिन नहीं बच सकी बाइक आग लगते ही बाइक सवार ने तत्काल वाहन रोक दिया। धू-धूकर जलती बाइक को देखकर सड़क के दोनों ओर से आ रहे वाहन भी रुक गए। बाइक मालिक और आसपास मौजूद लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। मोबाइल में कैद हुई घटना घटना के दौरान वहां मौजूद एक राहगीर ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। आग की लपटों में घिरी बाइक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक मालिक से घटना की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी ह्यूमन वॉल बनाकर खड़े हुए हैं। उनके हाथों में संदेश देने वाले तरह-तरह के पोस्टर हैं। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
पानीपत जिले के हलदाना चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव महावटी में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए नकदी और सोने-चांदी के लाखों रुपए के जेवरात चोरी कर लिए। वारदात उस समय हुई जब मकान मालिक हरियाणा रोडवेज में अपनी ड्यूटी पर गया हुआ था और उसकी पत्नी व बच्चे रिश्तेदारी में गए हुए थे। सुबह घर लौटने पर मुख्य दरवाजे और अलमारियों के ताले टूटे मिले। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुबह 8 बजे घर पहुंचे तो चोरी का पता लगा गांव महावटी निवासी सतीश कुमार, जो हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी नियमित ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी और बच्चे भी अपने मामा के घर चले गए थे। घर पूरी तरह खाली होने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। सतीश ने बताया कि जब वह सुबह करीब 8 बजे अपने घर पहुंचे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो दोनों लोहे की अलमारियों के ताले भी टूटे पड़े थे और पूरे घर का सामान बिखरा हुआ था। अलमारियों में रखा कीमती सामान गायब था। इससे साफ हो गया कि चोर घर में आराम से घुसे और पूरी तलाशी लेने के बाद सामान समेटकर फरार हो गए। 80 हजार कैश समेत सोने-चांदी के आभूषण गायब पीड़ित के अनुसार चोर घर से 80 हजार रुपए नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने का हार, एक सोने का मंगलसूत्र, एक सोने का टीका, एक जोड़ी सोने की झुमकी, एक चांदी की तागड़ी तथा एक चांदी का गुच्छा चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही हलदाना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस चोरी की वारदात में किसी पेशेवर गिरोह की संलिप्तता के पहलू पर भी जांच कर रही है।
औद्योगिक नगरी पीथमपुर स्थित राऊ-पीथमपुर बायपास पर शनिवार सुबह स्थानीय निवासियों ने ट्रक निर्माता कंपनियों की स्टाफ बसों की आवाजाही रोककर प्रदर्शन किया। 20 जुलाई को बस की टक्कर से घायल 17 वर्षीय रागिनी पासी की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए लोग कंपनी प्रबंधन से परिजनों के लिए आर्थिक मुआवजे की मांग की है। इस दौरान मौके पर पुलिस-प्रशासन का कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा है। तेज रफ्तार बस ने दो युवतियों को मारी थी टक्कर जानकारी के अनुसार, 20 तारीख को एक ट्रक निर्माता कंपनी की तेज रफ्तार स्टाफ बस ने उत्कर्ष कॉलोनी के पास चौराहे पर दो युवतियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में सुनील पासी की 17 वर्षीय बेटी रागिनी और एक 19 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। एक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम शुक्रवार को इलाज के दौरान रागिनी की मौत हो गई। वहीं दूसरी युवती का पैर बुरी तरह जख्मी है और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद से ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आर्थिक मदद की मांग को लेकर स्टाफ बसें रोकी रागिनी की मौत के बाद आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शनिवार सुबह उत्कर्ष कॉलोनी के पास लोगों ने कंपनी की स्टाफ 7 बसें रोक दी। इसमें इंदौर और आसपास के क्षेत्र से करीब 150 लोग बैठकर कंपनी की ओर जा रहे थे। रहवासी पीड़ित परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए कंपनी से तत्काल उचित मुआवजा और सहायता राशि देने की मांग कर रहे है। बीती शाम रागिनी का अंतिम संस्कार किया गया था। मौके पर नहीं पहुंचा पुलिस-प्रशासन, बढ़ा तनाव प्रदर्शन के दौरान घटनास्थल पर तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटना के बाद न तो कंपनी प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि आया और न ही स्थानीय पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और गहरा गया।
दीपके बोले- बैरिकैड्स लगाकर जंतर-मंतर को जेल बनाया गया:मेट्रो स्टेशन और सीपी पर दुकाने बंद कीं
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा- जंतर-मंतर को बैरिकैड्स लगाकर जेल बना दिया। मुझे नहीं पता कि PM को धर्मेंद्र प्रधान में ऐसा क्या टैलेंट दिखता है कि उन्हें बचाने के लिए पूरी दिल्ली का जीना हराम कर दिया। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
बिलासपुर जिले के मलेरिया प्रभावित कोटा इलाके में बारिश के बाद मलेरिया ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। जंगली गांव में 4 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। जबकि, 34 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित पाए गए। सभी के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इधर, मलेरिया के मामलों और बच्चों में कुपोषण की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने फील्ड स्तर पर निगरानी तेज कर दी है। शुक्रवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कोटा विकासखंड के मलेरिया प्रभावित गांव औरापानी, नवाडीह और मझगांव का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मलेरिया नियंत्रण, कुपोषण उन्मूलन और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोटा मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित औरापानी गांव से लगभग दो किलोमीटर अंदर जंगल में रामलाल यादव का परिवार रहता है। परिवार के सदस्य पेशे से किसान हैं। उनका जंगल में दैहान भी है। छह सदस्यों के इस परिवार में तीन बच्चों की तबीयत खराब हुई, जिस पर उनकी जांच कराई गई, जिसमें मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई। बारिश में मौसमी बीमारी का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट बारिश के दौरान ग्रामीण इलाकों में मौसमी बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है। मलेरिया के मरीज मिलने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्राथमिक परीक्षण के बाद तीनों बच्चों को सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में भर्ती बच्चों की पहचान राकेश, लोकेश और हेमलता के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच बताई गई है। फिलहाल, विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अब तक चार मरीज मिले, 34 को बुखार कोटा क्षेत्र के औरापानी के बाद शुक्रवार को नवाडीह गांव में भी मलेरिया का एक मरीज मिला है। मरीज की पहचान 25 वर्षीय संजय यादव के रूप में हुई है। उनका शुरुआती इलाज उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव में किया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान नवाडीह में 34 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं। सभी के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। गांव में अब तक 237 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण घरों के आसपास पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है, जिससे मलेरिया फैलने की आशंका जताई जा रही है। फील्ड पर उतरे कलेक्टर- अफसरों को दी चेतावनी कलेक्टर संजय अग्रवाल और सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने शुक्रवार सुबह 11 बजे मलेरिया प्रभावित गांव औरापानी और उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव का निरीक्षण किया। उन्होंने मझगांव और औरापानी के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया। कलेक्टर ने मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि मौसमी बीमारी के किसी भी मामले की तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। वहीं, सीएमएचओ ने कलेक्टर को बताया कि आसपास के सभी गांवों की मितानिनों को निर्देशित किया गया है कि अधिक बुखार वाले मरीजों को तुरंत अस्पताल भेजें। साथ ही लोगों को घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, जलभराव खत्म करने और गड्ढों में जमा पानी निकालने के लिए जागरूक किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोटा प्रवेश पैकरा, तहसीलदार कोटा, मलेरिया अधिकारी वी.के. वैष्णव, बीपीएम कोटा सहित संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर, सीएचओ, आरएचओ और मितानिन उपस्थित रहे। अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचे कलेक्टर आंगनबाड़ी केंद्र मझगांव में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। इसके बाद वे एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचे और परिजनों से चर्चा कर बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर में भर्ती कराने के लिए समझाइश दी। परिवार ने अगले ही दिन बच्चे को एनआरसी ले जाने की सहमति दी। कलेक्टर ने परिजनों को बच्चों के पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल के प्रति भी जागरूक किया। कोटा के 72 गांव संवेदनशील गौरतलब है कि बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र के 72 गांव पहले से मलेरिया प्रभावित क्षेत्र घोषित हैं। बारिश के मौसम में इन इलाकों में हर वर्ष मलेरिया के मरीज बढ़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सर्वे, जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चला रहा है।
हाथरस में शनिवार को लगातार चौथे दिन भी कई महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रद्द रहा, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे की ओर से बताया जा रहा है कि चार दिन पहले साहिबाबाद में मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण रेल संचालन प्रभावित हुआ है। हालांकि, शहर में इस बात की भी चर्चा है कि दिल्ली में चल रहे आंदोलन के मद्देनजर ट्रेनों के रद्द होने का संबंध उससे हो सकता है। इस संबंध में रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हाथरस किला स्टेशन से चलने वाली एचएडी (HAD) पैसेंजर तथा टूंडला से दिल्ली जाने वाली टीएडी (TAD) पैसेंजर ट्रेन शनिवार को लगातार चौथे दिन भी रद्द रहीं। एचएडी पैसेंजर हाथरस किला स्टेशन से संचालित होने वाली प्रमुख ट्रेन है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री अपनी यात्रा के लिए निर्भर रहते हैं। रोजाना यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी दोनों पैसेंजर ट्रेनें सुबह हाथरस से दिल्ली के लिए रवाना होती हैं और उत्तर मध्य रेलवे ट्रैक पर हाथरस के सभी प्रमुख स्टेशनों पर ठहरती हैं। इनके निरस्त होने से सबसे अधिक दिक्कत दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को हुई, जो नियमित रूप से इन ट्रेनों से सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचे यात्री लौटे वापस, बसों का लेना पड़ा सहारा शनिवार सुबह बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी मिली। इसके बाद कई लोग बिना यात्रा किए ही वापस लौट गए, जबकि अन्य यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों और दूसरे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि पिछले चार दिनों से उन्हें लगातार इसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व सूचना नहीं मिलने से बढ़ी नाराजगी यात्रियों ने रेलवे प्रशासन पर समय से सूचना नहीं देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी उन्हें स्टेशन पहुंचने के बाद ही मिलती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। कई यात्री घंटों तक स्टेशन पर ट्रेन चलने की उम्मीद में इंतजार करते रहे। रेलवे की आधिकारिक पुष्टि सिर्फ तकनीकी कारणों पर रेलवे सूत्रों के अनुसार, साहिबाबाद में मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ है, जिसकी वजह से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। वहीं, ट्रेनों को दिल्ली में चल रहे आंदोलन से जोड़कर की जा रही चर्चाओं की रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यात्रियों ने मांग की है कि ट्रेनों के संचालन की स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह से पहले छात्रों को राहत देने जा रहा है। विवि सत्र 2025-26 के विभिन्न पाठ्यक्रमों की मार्कशीट का वितरण शनिवार से शुरू करेगा। ये मार्कशीट कॉलेजों को सौंपी जाएंगी, जहां से छात्रों को आगे वितरित की जाएंगी। विवि प्रशासन ने बताया कि छलेसर कैंपस से कॉलेज 25 से 27 जुलाई तक मार्कशीट ले सकेंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि वितरण कोड के हिसाब से होगा। कॉलेज का कोई अधिकृत शिक्षक या कर्मचारी ही मार्कशीट ले सकता है। कर्मचारियों को प्राधिकरण पत्र के साथ आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। विवि ने कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि मार्कशीट मिलते ही छात्रों में तुरंत बांट दी जाएं। समस्या के समाधान की कोशिशविवि में हर साल मार्कशीट और डिग्री को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। हेल्प डेस्क पर भी मार्कशीट सबसे बड़ा मुद्दा रहती है। इसी को देखते हुए दीक्षांत से पहले वितरण शुरू किया गया है ताकि छात्रों को परेशानी न हो। धीमा मूल्यांकन बनी चुनौतीवहीं विवि के लिए अधूरे परीक्षाफल और आवासीय संस्थानों का मूल्यांकन कार्य सिरदर्द बना हुआ है। कई पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन धीमी गति से चल रहा है। शिक्षकों की कमी से भी दिक्कत आ रही है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद फेल और कम अंक की शिकायतें भी मिल रही हैं। दीक्षांत में बंटेंगे 89 मेडल, नरेंद्र को मिलेंगे 4 स्वर्ण डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 3 अगस्त को होगा। विवि ने मेडल सूची पर शुक्रवार तक आपत्तियां मांगी थीं। कुल 14 आपत्तियां मिलीं, जिनमें से 13 का निस्तारण कर दिया गया, एक खारिज हुई। अब सूची में कोई बदलाव नहीं होगा।इस बार 89 मेडल दिए जाएंगे। मेडिकल शिक्षा के अलग होने से संख्या घटी है। सबसे अधिक 4 स्वर्ण पदक आरबीएस के एमए छात्र नरेंद्र कुमार को मिलेंगे।दीक्षांत के लिए मेडल और पीएचडी छात्रों को ऑनलाइन पास जारी होंगे। छात्रों को लिंक पर फॉर्म भरकर माता-पिता का विवरण और आधार कार्ड अपलोड करना होगा।
मवाना क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे एनएच-34 पर गांव तिगरी फ्लाईओवर के पास तेंदुआ देखा गया। इसी दौरान मवाना खुर्द-बहसूमा बाईपास स्थित भैंसा टोल प्लाजा के पास तेंदुए का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रही लगभग एक मिनट की वीडियो में तेंदुआ टोल प्लाजा के आसपास खेतों की ओर बनी चारदीवारी पर चहलकदमी करता दिखाई दे रहा है। बताया गया है कि टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने शुक्रवार शाम तेंदुए को चारदीवारी पर घूमते हुए देखा और उसका वीडियो बनाया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र के लोगों में तेंदुए को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इससे पहले भी भैंसा टोल प्लाजा के आसपास झाड़ियों में तेंदुए के बैठे होने का वीडियो वायरल हुआ था। अब दोबारा तेंदुआ दिखाई देने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। टोल प्लाजा कर्मचारियों और ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सर्च अभियान चलाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा।
कानपुर में पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद:साली को भी आजीवन कारावास, 25-25 हजार का जुर्माना
कानपुर महानगर में दो साल पहले हुई एक हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एंटी डकैती कोर्ट) ने पत्नी की हत्या कर शव गायब करने के जुर्म में पति और उसकी सगी छोटी बहन (साली) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, फतेहपुर के भागलपुर गांव निवासी रामबाबू ने अपनी बेटी सुनैना की शादी अप्रैल 2017 में रेउना के कटरी निवासी शैलेंद्र उर्फ शैलेश से की थी। शादी के कुछ समय बाद शैलेंद्र के अवैध संबंध अपनी साली मैना देवी से हो गए। जब पत्नी सुनैना को इन अवैध संबंधों का पता चला, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। इसी विरोध के चलते पति शैलेंद्र और साली मैना देवी ने मिलकर सुनैना को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी हत्या कर दी। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सुनैना के शव को यमुना नदी में फेंक दिया। उन्होंने मायके वालों को गुमराह करने के लिए यह झूठी कहानी भी गढ़ी कि सुनैना किसी के साथ भाग गई है। 2 फरवरी 2024 को शैलेंद्र ने खुद अपने ससुर को फोन कर पत्नी के गायब होने की झूठी सूचना दी थी। पिता की शिकायत पर पुलिस ने पहले गुमशुदगी और बाद में शव मिलने पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने इसे धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाना) में बदल दिया। मछुआरों की मदद से 5 फरवरी को यमुना नदी से सुनैना का शव बरामद किया गया था। कोर्ट में एडीजीसी आशीष तिवारी और अभियोजन पक्ष ने मामले की दमदार पैरवी की। अदालत के सामने कुल 8 महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह पेश किए गए, जिनके आधार पर दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
डिंडौरी जिला अस्पताल में मरीज को सलाइन के बजाय मिनरल वाटर की ड्रिप चढ़ाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय, सिविल सर्जन डॉ. मरावी और ड्यूटी डॉक्टर भरत संत को कारण बताओ नोटिस दिया है। 3 अगस्त तक जवाब देना है। वहीं, नर्स भावना चौधरी को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर का कहना है कि इलाज के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। मेडिकल एक्सपर्ट्स भी इसे गलत मानते हैं। पहली बार ड्यूटी डॉक्टर मीडिया के सामने आए। उनके मुताबिक मिनरल वॉटर की ड्रिप नहीं चढ़ाई है, बल्कि गैस्ट्रिक लैवेज प्रक्रिया से नाक के जरिए पानी से उसका पेट साफ किया था। इधर, मरीज भी स्वस्थ है, वह अपने घर चला गया है। दैनिक भास्कर ने ड्यूटी डॉक्टर भरत संत, सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय, कलेक्टर अंजू पवन भदौर और एनएचएम के रिटायर्ड डॉक्टर पंकज से से बात कर मामले को समझने की कोशिश की। पढ़िए रिपोर्ट… डॉक्टर बोले– मरीज की जान बचाना प्राथमिकता ड्यूटी डॉक्टर भरत संत ने बताया कि 22 जुलाई की दोपहर 2:15 बजे में सत्यम यादव (18) पिता कपूर यादव भर्ती हुआ। उसने चूहा मार दवा खाई थी। पेट से जहर निकालने के लिए पहले नॉर्मल सलाइन वाटर से गैस्ट्रिक लवाज करवाया। इसके बाद पेट को और साफ करने के लिए मैंने खुद राॅयल्स ट्यूब के जरिए ल्यूक मिनरल वाॅटर से गैस्ट्रिक लैवेज करवाया। मिनरल वाटर मरीज या उसके परिजन से नहीं, बल्कि स्टाफ से मंगवाई थी। वह हल्का गरम था। मरीज को आईवी ड्रिप यानी नसों में सुई के जरिए ड्रिप नहीं लगाई थी। मरीज को ऑब्जर्वेशन में रखा था। वह स्वस्थ होकर चला गया था। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया होगा। इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। नर्स की भी कोई गलती नहीं है। उसने वही किया जो मैने कहा था। हमने पढ़ाई भी की और प्रैक्टिकल भी किया हुआ है। मरीज बोला– मैं स्वस्थ हूं, कोई शिकायत नहीं वार्ड-5 पीपल टोला के रहने वाले सत्यम यादव ने बताया कि मुझे सर्दी खांसी थी। दोपहर करीब 12:30 बजे घर पर गोलियों की पुड़िया रखी थी। उसी के साथ चूहा मार दवा भी रखी थी। करीब डेढ़ घंटे बाद उल्टियां होने लगीं। देखा, तो अहसास हुआ कि धोखे से जहर खा लिया। इसके बाद दोस्तों के साथ अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर ने नाक के जरिए पानी दिया है। ड्रिप नहीं लगाई। डॉक्टर ने तो जान बचाई है। अब पूरी तरह स्वस्थ हूं। CMHO बोले– प्रोटोकॉल के तहत किया इलाज सीएमएचओ डॉक्टर मनोज पांडेय ने बताया कि जहर का जो प्रोटोकॉल है, उसके हिसाब से नाक में नली डालकर पेट की सफाई की गई है। पहले नाॅर्मल सलाइन से सफाई के बाद हल्के गर्म पानी से सफाई की गई है। दावा है कि बोतल में भरे पानी का तापमान 25 से 26 डिग्री था। जिस पानी को हम पी सकते हैं, उससे सफाई भी कर सकते हैं। इससे पहले, गुरुवार को सीएमएचओ ने कहा था कि इलाज में गंभीर लापरवाही हुई है। डॉक्टर बोले– यह प्रैक्टिकल में सीखा इंदौर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन में पदस्थ डॉक्टर कामता प्रसाद धुर्वे बताते हैं कि प्रैक्टिकल के दौरान सीनियर्स भी करते थे। हमने भी इस प्रोसेस को पढ़ा और प्रैक्टिकल किया है। डॉक्टर की प्राथमिकता मरीज की जान बचाना रहती है। नोटिस में लिखा– मरीज को खतरा हो सकता थाकलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सलाइन वाटर उपलब्ध होने के बावजूद बिना वरिष्ठ चिकित्सक से सलाह के बिना मरीज के इलाज में पैक्ड मिनरल वॉटर बोतल का उपयोग किया गया। यह गंभीर त्रुटि है, जिससे मरीज को खतरा हो सकता था। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई है। मरीज की सुरक्षा के प्रति सावधानी का अभाव है। इसमें म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन किया गया है। एक्सपर्ट्स बोले- इन्फेक्शन हो सकता है नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के रिटायर्ड डायरेक्टर पंकज शुक्ला कहते हैं कि गैस्ट्रिक लैवेज में पेट के अंदर प्लास्टिक ट्यूब डालनी होती है। स्टमक का जहर निकालकर धोना पड़ता है। ऐसा दो से तीन बार करना होता है। शर्त है कि इसमें नॉर्मल सलाइन की बोतल लेते हैं। इससे सेल्स डैमेज नहीं होतीं। मेडिकेटेड ग्रेड वाली चीज से धाेना चाहिए था। यह र्स्टलाइज होती है। मेडिकल टेस्टेड होती है। वहीं, मिनरल पानी की बोतल से स्टर्लाइज नहीं होता। इससे इन्फेक्शन का खतरा है। नॉर्मल पानी यूज करना गलत है। सरकार को एनएचएम द्वारा बनाया गया स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल (STP) को हर अस्पताल में लागू करना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें- सलाइन की जगह चढ़ाई मिनरल वाटर की ड्रिप डिंडौरी जिला अस्पताल में एक मरीज को सलाइन की जगह मिनरल वाटर की ड्रिप लगा दी गई। ऐसा करने वाले डॉक्टर को ड्यूटी नर्स ने टोका भी, लेकिन वह नहीं माना। वार्ड में मौजूद दूसरे लोगों ने इसका वीडियो बना लिया। पढ़ें पूरी खबर…
बुरहानपुर जिले में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा अटैच शिक्षकों को उनकी मूल शालाओं में वापस भेजने के आदेश के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जहां शिक्षा विभाग ने आदेश जारी होते ही कार्रवाई शुरू कर दी, वहीं जनजातीय विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इससे बड़ी संख्या में शिक्षक अब भी विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग ने तत्काल जारी किए निर्देश राज्य शिक्षा केंद्र ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि किसी भी कार्यालय या संस्था में प्रतिनियुक्ति (अटैचमेंट) पर कार्यरत शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनकी मूल संस्था में भेजा जाए, ताकि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। शिक्षा विभाग ने इस आदेश का पालन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए। जनजातीय विभाग में अब भी जारी है अटैचमेंट इसके विपरीत जनजातीय विभाग में अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है। जिले के विभिन्न विकासखंडों और कार्यालयों में कई शिक्षक एवं जनशिक्षक आज भी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार खकनार कार्यालय में राज्य शिक्षा केंद्र से जुड़े चार कर्मचारी (एक बीआरसी, एक बीएसी, एक बाबू और एक चपरासी) अटैच हैं। वहीं जनजातीय विभाग में देड़तलाई में 1, सिरपुर में 2, डोईफोड़िया में 2, खकनार में 1, तुकईथड़ में 2, नेपानगर में 1, नावरा में 1, भातखेड़ा में 1 और अंबाड़ा में 1 जनशिक्षक सहित कुल 12 जनशिक्षक अभी भी अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। सहायक आयुक्त बोले- जरूरत पड़ी तो विभाग भी जारी करेगा आदेश जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने कहा कि शिक्षकों को स्वयं राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन शिक्षकों को राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर लिया था, उन्हें वापस भेजने का आदेश भी वहीं से जारी होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके विभाग में आदेश का पालन नहीं हो रहा है तो विभाग की ओर से भी पत्र जारी कर संबंधित शिक्षकों को कार्यमुक्त कराया जाएगा। स्थानांतरण के कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी सहायक आयुक्त के अनुसार हाल ही में हुए स्थानांतरण के कारण कई शिक्षक जिले से बाहर चले गए हैं। इससे जनजातीय विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। ऐसे में विभाग चाहता है कि प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षक जल्द से जल्द अपनी मूल शालाओं में लौटें, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कागजों तक सीमित रह गया आदेश शिक्षा विभाग जहां आदेश के पालन में सक्रिय नजर आ रहा है, वहीं जनजातीय विभाग की धीमी कार्रवाई के कारण राज्य शिक्षा केंद्र का यह महत्वपूर्ण निर्देश अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों और हाल ही में सामने आए NEET पेपर लीक मामले को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे के विरोध में आज लुधियाना में आम आदमी पार्टी की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है। पार्टी ने इस प्रदर्शन को ‘थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ’ नाम दिया है। इसके तहत कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आरती चौक पर गूंजेगी थालियों की आवाज तय कार्यक्रम के अनुसार, यह धरना-प्रदर्शन आज शाम 4 बजे फिरोजपुर रोड स्थित आरती चौक पर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में थालियां लेकर सड़कों पर उतरेंगे और थाली बजाकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। छात्रों के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की कथित छात्र विरोधी नीतियों का विरोध करना है। विधायक से लेकर वॉलंटियर्स तक होंगे शामिल इस रोष प्रदर्शन में लुधियाना आम आदमी पार्टी का पूरा संगठन शामिल होगा। पार्टी के सभी विधायक, चेयरमैन, पार्षद, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स इसमें हिस्सा लेंगे। एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील आम आदमी पार्टी लुधियाना (शहरी) के जिला प्रधान एवं चेयरमैन जतिंदर सिंह खंगूड़ा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की कथित लापरवाही का खामियाजा देश के लाखों मेहनती युवा भुगत रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि छात्रों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाई जाए, ताकि उनकी मांगों को प्रभावी तरीके से जनता और सरकार तक पहुंचाया जा सके।
रेलवे टिकट दलाली के 22 साल पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी ने आखिरकार रेलवे कोर्ट रायपुर में सरेंडर कर दिया। आरोपी पिछले 15 साल से दुबई में रहकर ड्राइवरी का काम कर रहा था। उसके खिलाफ साल 2012 से स्थायी गिरफ्तारी वारंट (पीएनबीडब्ल्यू) जारी था। आरपीएफ दुर्ग की लगातार कार्रवाई, परिवार से संपर्क और समझाइश के बाद आरोपी भारत लौटा और शुक्रवार को अपने वकील के साथ विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में पेश हुआ। आरपीएफ के मुताबिक रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट दुर्ग में वर्ष 2004 में रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत टिकट दलाली का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में तिजेंदर सिंह उर्फ टिंकू (46) निवासी लक्ष्मी नगर, सुपेला के खिलाफ विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर ने 18 अप्रैल 2012 को स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। लंबे समय तक आरोपी के नहीं मिलने से वारंट लंबित था। आरपीएफ की टीम जब वारंट में दर्ज पते पर पहुंची तो पता चला कि आरोपी वहां नहीं रहता है। जांच के दौरान मुखबिर से जानकारी मिली कि वह कई साल पहले पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला स्थित अपने गांव चला गया था। इसके बाद आरपीएफ की टीम बटाला पहुंची और उसके घर पर पूछताछ की। पंजाब जाने पर पता चला दुबई में कर रहा ड्राइवरी आरोपी के माता-पिता और पत्नी ने टीम को बताया कि तिजेंदर सिंह पिछले करीब 15 साल से दुबई में रहकर ड्राइवर की नौकरी कर रहा है। इसके बाद आरपीएफ ने परिवार को वारंट की प्रति और नोटिस सौंपा। साथ ही आरोपी और उसके परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया। उन्हें समझाया गया कि अदालत में पेश होकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद आरोपी दुबई से भारत लौट आया। 24 जुलाई को वह अपने वकील के साथ विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में पेश हुआ। अदालत में उसने स्वीकार किया कि वारंट और नोटिस में दर्ज नाम और पता उसी का है। साथ ही उसने अपने खिलाफ दर्ज अपराध भी स्वीकार कर लिया। अदालत ने सुनाई एक दिन की सजा अदालत ने आरोपी को एक दिन की टीआरसी (टिल द राइजिंग ऑफ कोर्ट) की सजा सुनाई और 5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। जुर्माना भरने के बाद मामले का निपटारा कर दिया गया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर वारंट तामील अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रायपुर के मार्गदर्शन में आरपीएफ पोस्ट दुर्ग की टीम ने इस पुराने मामले की फाइल फिर से खोली और आरोपी की तलाश शुरू की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए रीवा से बड़ी संख्या में छात्र और युवा ट्रेन से दिल्ली रवाना हुए। यात्रा के दौरान ट्रेन के भीतर छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारों से कई कोच गूंज उठे। छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर भी थे, जिनके माध्यम से उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जताई। ट्रेन के अंदर की नारेबाजी के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल होने निकले छात्र प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने बताया कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं। उनका कहना है कि वे छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेने की जरूरत है। लाठीचार्ज के विरोध में जताया आक्रोश छात्रों का कहना है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वे राजधानी पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से रीवा सहित विंध्य क्षेत्र के कई युवा आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। ट्रेन में लगातार लगते रहे नारे यात्रा के दौरान छात्र पूरे उत्साह के साथ नारे लगाते रहे। कई कोचों में छात्रों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारों से ट्रेन का माहौल गूंजता रहा। इस दौरान कई छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर भी दिखाई दिए। यात्रियों का भी गया ध्यान ट्रेन के भीतर चल रही नारेबाजी और प्रदर्शन के कारण अन्य यात्रियों का भी ध्यान इस ओर गया। छात्रों ने यात्रा के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग उठाई और अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखने की बात कही। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ट्रेन के अंदर नारेबाजी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र एक साथ नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की बात छात्रों का कहना है कि वे दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय की आवश्यकता है और इसी मांग को लेकर वे आंदोलन का हिस्सा बनने राजधानी जा रहे हैं।
लुधियाना के नीला झंडा रोड स्थित एक आटा चक्की में शुक्रवार देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। घटना के समय चक्की की पहली मंजिल पर गुरचरन सिंह परिवार के साथ सो रहे थे। धुआं उठने से उनकी नींद खुली। इसके बाद उन्होंने लोगों को मदद के लिए बुलाया। लोगों की तत्परता से परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले आटा चक्की की ग्राउंड फ्लोर पर लगी। देखते ही देखते धुआं और लपटें फैलने लगीं। आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके के पार्षद पति सिमू भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। वहीं, दमकल विभाग के फायर अफसर राजिंदर अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। विभाग की 2 से 3 फायर टेंडर करीब एक घंटे तक आग बुझाने में जुटी रहीं, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आटा चक्की में रखा सामान जलकर क्षतिग्रस्त गनीमत रही कि आग केवल ग्राउंड फ्लोर तक ही सीमित रही और पहली मंजिल पर बने रिहायशी हिस्से तक नहीं पहुंची। हालांकि, आग से आटा चक्की में रखा सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गुरचरन सिंह का परिवार पूरी तरह सुरक्षित बच गया। नुकसान का आकलन किया जा रहा दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। विभाग की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी मास लीव लेकर 21 जुलाई से लगातार हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पीएसपीसीएल का सप्लाई सिस्टम लड़खड़ाने लगा है। कंज्यूमर कंप्लेंट कर रहे हैं और घंटों तक उनकी कंप्लेंट सॉल्व नहीं हो रही। पब्लिक की परेशानी को देखते हुए पीएसपीसीएल मैनेजमेंट कर्मचारियों को काम पर लौटने को कह रही है, लेकिन कर्मचारी दो-दो दिन करके हड़ताल आगे बढ़ा रहे हैं। पीएसपीसीएल मैनेजमेंट ने अब हड़ताल कर्मचारियों पर सख्ती दिखाते हुए नो वर्क नो पे का फॉर्मूला लागू करने के आदेश जारी कर दिए। मैनेजमेंट ने साफ कर दिया कि जो कर्मचारी मास लीव लेकर हड़ताल में शामिल हैं उनका वेतन काट दिया जाएगा। इसलिए जो कर्मचारी चाहते हैं कि सेलरी न कटे वो काम पर लौट जाएं। हालांकि बिजली कर्मियों की हड़ताल 26 जुलाई तक है और मुलाजिम संगठन इसे आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। 5 दिन से पीएसपीसीएल के कर्मचारियों ने कामकाज किया ठप पी.एस.ई.बी. एम्पलाइज ज्वाइंट फोरम, बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब, एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स, ग्रिड सब-स्टेशन एम्पलाइज यूनियन, पावरकाम एंड ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन और कई अन्य सहयोगी संगठनों से जुड़े कर्केमचारी छह दिन से हड़ताल पर हैं। पहले कर्मचारी संगठनों ने 21 से 24 जुलाई तक सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल का ऐलान किया था। मैनेजमेंट और संगठनों के बीच मांगों को लेकर कोई बात नहीं बनी, तो मुलाजिमों ने इसे बढ़ाकर 25 और 26 जुलाई तक कर दिया। पिछले पांच दिन से प्रदेश भर में कर्मचारियों ने कामकाज ठप किया है। राज्यभर के PSPCL और PSTCL दफ्तरों में जोरदार रोष प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जबकि पेंशनर्स विंग की तरफ से 'जेल भरो आंदोलन' जैसी गतिविधियों से सरकार और प्रबंधन पर दबाव बनाया जा रहा है। पावरकॉम को क्यों करना पड़ा यह आदेश जारी? हड़ताल के चलते फील्ड में काम ठप होने से प्रशासनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से पावरकॉम मैनेजमेंट के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। दफ्तरों और ग्रिड सब-स्टेशनों पर ताले जैसी स्थिति बनने और कामकाज पूरी तरह रुकने के कारण मैनेजमेंट को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। प्रबंधन का मानना है कि यदि इस स्थिति पर तुरंत लगाम न लगाई गई, तो बिजली ढांचे को संभालना और नियमित कार्यप्रणाली को चलाना असंभव हो जाएगा। इसी प्रशासनिक मजबूरी और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मैनेजमेंट ने यह सख्त रुख अपनाया है। हड़ताल के कारण आम लोगों को हो रही हैं ये दिक्कतें… मैनेजमेंट की सख्त कार्रवाई, 'डाईज नॉन' लागू स्थिति की गंभीरता और जनता की परेशानियों को देखते हुए PSPCL मैनेजमेंट ने सभी इंजीनियर-इन-चीफ, जनरल मैनेजर और मुख्य इंजीनियरों को पत्र जारी करके स्पष्ट आदेश दिए हैं। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि सामूहिक अवकाश या हड़ताल पर रहने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का इस अवधि का वेतन ‘डाईज नॉन’ माना जाए। इसका सीधा मतलब यह है कि 'काम नहीं तो वेतन नहीं' के नियम के तहत इन दिनों की गिनती ड्यूटी से गैर-हाजिरी के रूप में होगी और कर्मचारियों का उस समयावधि का वेतन काट लिया जाएगा। मैनेजमेंट ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को इन निर्देशों की जमीन पर सख्त पालना करने को कहा है। इस कड़े फैसले के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मुलाजिम संगठनों और पावरकॉम प्रबंधन के बीच टकराव और ज्यादा बढ़ सकता है।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पूर्व सरपंच पति ने अफेयर के शक के चलते दूसरी पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। पति ने पहले उसे शराब पिलाई, फिर सब्जी काटने वाले चाकू से गला काटकर धड़ से अलग कर दिया है। शव को घर के पीछे फेंककर फरार हो गया था। महिला का शव करीब 6 दिनों तक घर के पीछे ही पड़ा रहा। जब शव सड़ने लगा, उसमें कीड़े पड़ गए और पूरे इलाके में बदबू फैलने लगी तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है। आरोपी को गांव से ही गिरफ्तार किया गया है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, महिला झुनकी कुंजाम (35) अपने पति लक्ष्मण कुंजाम के साथ (36) के साथ दंतेवाड़ा जिले के गोंदपाल गांव में रहती थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से ये दंतेवाड़ा के कतियाररास में रह रहे थे। आरोपी पति पूर्व सरपंच भी रह चुका है। पुलिस की माने तो आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर लंबे समय से संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 17 जुलाई को हुआ विवाद, फिर हत्या 17 जुलाई को दोनों के बीच फिर से विवाद हुआ। आरोपी शराब के नशे में था। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने घर में रखे चाकू से पत्नी पर हमला कर उसका गला काट दिया। गला धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर के पीछे फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। जब लाश सड़ गई थी, कीड़े पड़े और बदबू आने लगी तो लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घर के पीछे महिला का शव बरामद किया गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि पति वारदात के बाद से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सबसे पहले शक पति पर गया, क्योंकि घटना के बाद से वह गांव से गायब था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और अब उसे हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया। जिसके बाद उसे 24 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है। पहली पत्नी से थे 4 बच्चे, दूसरी शादी के बाद बना हत्यारा जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण कुंजाम की पहली पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। पहली पत्नी से उसके चार बच्चे हैं। पहली पत्नी की मौत के बाद उसने झुनकी कुंजाम से दूसरी शादी की थी। वारदात के वक्त बच्चे घर में नहीं थे। ASP बोले- जांच जारी है दंतेवाड़ा के ASP आरके बर्मन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि, पति ने ही पत्नी की हत्या की है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जिसे कोर्ट में पेशकर जेल भी भेज दिया गया है। जानकारी मिलने के ठीक 24 घंटे के अंदर ही टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
भीड़-भाड़ वाले माहौल में किसी की आवाज सुनना अचानक क्यों मुश्किल हो जाता है? उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों की याददाश्त तेज बनी रहती है, जबकि कुछ लोगों में भूलने की समस्या क्यों बढ़ने लगती है? अनिश्चित परिस्थितियों में हमारी भावनाएं किस तरह बदलती हैं? और सड़क पर अचानक सामने आए खतरे को देखकर हमारा मस्तिष्क पल भर में कैसे सतर्क हो जाता है? इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशने का काम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर की कॉग्निटिव ब्रेन डायनेमिक्स लैब (CBDL) में किया जा रहा है। स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के प्रोफेसर दीपांजन रॉय के नेतृत्व में यह प्रयोगशाला मानव मस्तिष्क के कार्य करने के तरीके पर अत्याधुनिक शोध कर रही है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि हमारा मस्तिष्क ध्यान (Attention), स्मृति (Memory), भावनाओं (Emotion), भाषण को समझने (Speech Perception) और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को कैसे ढालता है। यह शोध भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित कई राष्ट्रीय परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इसके परिणाम भविष्य में मानसिक एवं तंत्रिका तंत्र संबंधी रोगों के बेहतर उपचार, स्वास्थ्य सेवाओं, मस्तिष्क से प्रेरित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Brain-inspired AI) तथा नई न्यूरो-प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शोर-शराबे में भी बातचीत समझने की क्षमता पर शोध रोजमर्रा की जिंदगी में हम केवल सुनकर ही नहीं, बल्कि सामने वाले के होंठों की गतिविधियों और चेहरे के हाव-भाव देखकर भी बातचीत समझते हैं। विशेष रूप से शोर वाले वातावरण में यह प्रक्रिया और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ताओं ने पाया है कि मस्तिष्क को हल्की विद्युत उत्तेजना (Electrical Stimulation) देकर यह प्रभावित किया जा सकता है कि वह सुनी और देखी गई जानकारी को किस प्रकार एक साथ जोड़ता है। उन्होंने मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों, जिन्हें सामान्य भाषा में ब्रेन वेव्स (Brain Waves) कहा जाता है, का अध्ययन करते हुए यह भी दिखाया कि कुछ विशेष मस्तिष्कीय तरंगें हमारी सुनने और समझने की क्षमता को बदल सकती हैं और कई बार ऐसी ध्वनियों का अनुभव भी करा सकती हैं, जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं। यह शोध भविष्य में सुनने और बोलने में कठिनाई झेल रहे लोगों के लिए उन्नत सहायक उपकरण (Assistive Technologies) और आधुनिक श्रवण उपकरण (Auditory Prosthetics) विकसित करने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। याददाश्त को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम दुनिया भर में बढ़ती बुजुर्ग आबादी के साथ याददाश्त में आने वाले बदलावों को समझना वैज्ञानिकों के सामने एक बड़ी चुनौती है। आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता यह अध्ययन कर रहे हैं कि ध्यान केंद्रित करने की विभिन्न प्रक्रियाएँ हमारी कार्यशील स्मृति (Working Memory) को किस प्रकार प्रभावित करती हैं। इसके लिए ईईजी (EEG), एमईजी (MEG) तथा आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। शोध के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क में कौन-कौन से परिवर्तन होते हैं और किन संकेतों के आधार पर भविष्य में स्मृति ह्रास (Memory Loss) या मानसिक क्षमताओं में गिरावट की पहचान पहले से की जा सकती है। यह अध्ययन माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (MCI) और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया जैसी उम्र से जुड़ी तंत्रिका संबंधी बीमारियों की शुरुआती पहचान और बेहतर उपचार विकसित करने में मददगार साबित हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भावनाओं का अध्ययन आज दुनिया भर में अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety) और ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर (OCD) जैसी मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए आईआईटी जोधपुर की टीम वास्तविक जीवन जैसी परिस्थितियां तैयार कर फंक्शनल एमआरआई (fMRI) जैसी उन्नत तकनीकों की मदद से अध्ययन कर रही है। शोधकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि अलग-अलग परिस्थितियों में लोगों का मस्तिष्क भावनाओं को किस प्रकार समझता और नियंत्रित करता है। इस शोध से ऐसे जैविक संकेत (Neurocognitive Markers) पहचानने में मदद मिल रही है, जिनके आधार पर भविष्य में मानसिक रोगों की पहचान, निगरानी और उपचार अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। अचानक आने वाले खतरों पर मस्तिष्क कैसे प्रतिक्रिया देता है? कल्पना कीजिए कि आप सड़क पार कर रहे हैं और अचानक तेज रफ्तार वाहन आपकी ओर आता दिखाई देता है। ऐसे समय में हमारा मस्तिष्क कुछ ही क्षणों में पूरे शरीर को सतर्क कर देता है।आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ताओं ने उन विशेष मस्तिष्कीय नेटवर्क और ब्रेन वेव्स की पहचान की है, जो अचानक आने वाली घटनाओं पर हमारा ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अध्ययन से यह भी पता चला है कि हमारा मस्तिष्क महत्वपूर्ण और गैर-जरूरी व्यवधानों में अंतर कैसे करता है। यह शोध एडीएचडी (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) सहित ध्यान से जुड़ी कई समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने तथा उनके उपचार के नए उपाय विकसित करने में सहायक हो सकता है। भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मिलेगा नया आधार आईआईटी जोधपुर में किया जा रहा यह शोध केवल मानव मस्तिष्क को समझने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों को समाज के लिए उपयोगी तकनीकों में बदलना भी है।इस शोध के परिणाम भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संचार तकनीकों तथा सहायक उपकरणों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, उम्र से जुड़ी बीमारियों और संचार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए नई संभावनाएँ भी खोल सकते हैं। प्रोफेसर दीपांजन रॉय ने कहा-मानव मस्तिष्क विज्ञान की सबसे जटिल प्रणालियों में से एक है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि मस्तिष्क जानकारी को कैसे ग्रहण करता है, अनिश्चित परिस्थितियों में कैसे निर्णय लेता है और जीवन के विभिन्न चरणों में स्वयं को कैसे अनुकूलित रखता है। न्यूरोसाइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक ब्रेन इमेजिंग तकनीकों को एक साथ जोड़कर हम ऐसे वैज्ञानिक सिद्धांत विकसित करना चाहते हैं, जिनके आधार पर भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त, संचार क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने वाली नई तकनीकों और उपचारों का विकास किया जा सके।
बीकानेर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत जेएनवीसी थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से कुल 88.72 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) और दो वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। हापासर रोड पर पहली कार्रवाई, 27 ग्राम एमडी मिली जेएनवीसी थाना पुलिस ने हापासर रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक ब्रेजा कार को रोककर तलाशी ली। कार चालक राधेश्याम देदड़ (28) निवासी जाटों का मोहल्ला, हापासर (जामसर) के कब्जे से 27 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कार जब्त कर ली। स्वर्ण जयंती कॉलोनी रोड पर दो आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई स्वर्ण जयंती आवासीय कॉलोनी रोड पर की गई। यहां एक स्विफ्ट कार की तलाशी में 30.81 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद हुई। इस मामले में प्रेम कुमार विश्नोई (22) निवासी गंगापुर (गजनेर) और अशोक विश्नोई (25) निवासी रानी बाजार, कोटगेट थाना क्षेत्र को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वाहन भी जब्त कर लिया। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच की जा रही है। ऑपरेशन नीलकंठ के तहत अभियान जारी पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन नीलकंठ के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बलिया की एक अदालत ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अविनाश सिंह उर्फ गोधन और ताहिर अंसारी को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कनविक्शन' अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर अभियुक्तों को दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि 14 नवंबर 2020 को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय अपनी टीम के साथ थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर अभियुक्तों अविनाश सिंह उर्फ गोधन (निवासी सिसवारकला, थाना नगरा) और ताहिर अंसारी (पुत्र निजामुद्दीन अंसारी, निवासी नई बाजार, थाना टाउन, जनपद बक्सर, बिहार) के कब्जे से 1 किलो 900 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था। इस बरामदगी के आधार पर थाना नगरा पुलिस ने नियमानुसार विधिक कार्यवाही की थी। इस मामले में अभियोजन अधिकारी कुंज बिहारी गुप्ता ने पैरवी की।
धार जिले में नागदा-गुजरी ओवरब्रिज के नीचे स्थित इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और कई दिनों से यहां जलभराव बना हुआ है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने से वाहन चालकों को उनका अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जलभराव के कारण सफर बना जोखिमभरा बारिश के पानी से सड़क पूरी तरह ढक गई है। गड्ढों में भरे पानी के कारण वाहन चालकों को यह समझ नहीं आता कि सड़क समतल है या गहरी। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन अचानक गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। भारी वाहन जैसे ट्रक और बस जब तेज गति से गुजरते हैं तो सड़क पर भरा गंदा पानी उछलकर बाइक सवारों और राहगीरों पर गिरता है। कई बार अचानक पड़े पानी के छींटों और गड्ढों के कारण चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। हजारों लोगों की आवाजाही, फिर भी नहीं हो रही मरम्मत इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग का यह हिस्सा प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही वाला प्रमुख मार्ग है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत और जल निकासी की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगातार जलभराव के कारण सड़क की स्थिति दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग स्थानीय निवासी विजय ने बताया कि कई दिनों से सड़क पर पानी भरा हुआ है और गड्ढों के कारण लोगों का सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सेजल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यहां कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई कर सड़क को सुरक्षित बनाने की अपील की है।
कोटा में अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट:तापमान गिरा, घने काले बादल छाए, 28 से फिर बदलेगा मौसम
कोटा में अगले दो दिन तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज सुबह से आसमान में काली घटाएं छाई हुई है। तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने 28 जुलाई से मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई है। वहीं शुक्रवार को मौसम साफ रहा आसमान में बादल छाए रहे। लेकिन बारिश नहीं हुई। लोग बारिश का इंतजार करते रहे। लोग गर्मी व उमस से परेशान रहे। शुक्रवार को अधिकतम पारा 31.9 और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा।बीते एक सप्ताह से अधिकतम पारा 30 डिग्री व न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 24 जुलाई तक औसत से 27% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 24 जुलाई तक औसत 291 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 211.5 मिमी बारिश हुई है। कोटा बैराज की क्षमता 112.06 Mcum है। 24 जुलाई सुबह 8 बजे तक कोटा बैराज 110.09 Mcum भरा है।
रायबरेली में 48 लीटर अवैध शराब बरामद:विशेष अभियान में 320 किलो लहन नष्ट, 4 केस दर्ज
रायबरेली में अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत 48 लीटर कच्ची शराब और 320 किलोग्राम लहन बरामद किया गया है। इस संबंध में आबकारी अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज किए गए हैं। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 रोबिन आर्य और आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-4 ने अपनी टीम के साथ विभिन्न स्थानों पर सघन छापेमारी की। यह छापेमारी महराजगंज तहसील के थाना बछरावां अंतर्गत ग्राम पश्चिम गाँव, उफरापुर और नन्दाखेड़ा में की गई। इसके अतिरिक्त, थाना डीह क्षेत्र के ग्राम आटी और ठकुराइन का पुरवा स्थित अवैध कच्ची शराब निर्माण के अड्डों और संदिग्ध घरों को भी निशाना बनाया गया। छापेमारी के दौरान कुल 48 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की गई। साथ ही, 320 किलोग्राम लहन (शराब बनाने में प्रयुक्त सामग्री) भी बरामद हुआ, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से इस प्रकार की प्रवर्तन कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई से अब तक जिला आबकारी विभाग द्वारा 500 लीटर से अधिक अवैध कच्ची शराब और 2000 क्विंटल से अधिक लहन नष्ट किया जा चुका है। इस अवधि में दो दर्जन से अधिक आरोपियों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं।
बरेली में शनिवार, 25 जुलाई को मौसम का मिजाज सुहावना बना हुआ है। सुबह से आसमान में बादल छाए हैं और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पूरे दिन हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवा में नमी अधिक होने से दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है। 25 जुलाई तक कमजोर रहेगा मानसूनमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ने और मानसूनी द्रोणी के दक्षिण की ओर खिसकने के कारण उत्तर प्रदेश में 25 जुलाई तक मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की ही संभावना है। फिलहाल बरेली समेत आसपास के जिलों के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। 26 जुलाई से फिर बदलेगा मौसममौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार के अनुसार 26 जुलाई से मानसूनी द्रोणी दोबारा उत्तर की ओर बढ़ने लगेगी। इसके साथ ही प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। 27 जुलाई से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। मौसम विभाग का मानना है कि अगले सप्ताह बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं। अगले चार दिन रुक-रुककर हो सकती है बारिशसात दिन के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 27 जुलाई से बादलों की सक्रियता बढ़ेगी। 28 जुलाई को बरेली और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जुलाई को भी रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। लगातार होने वाली बारिश से खरीफ फसलों, विशेषकर धान और गन्ने की खेती को फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों और शहरवासियों को मिलेगी राहतपिछले कुछ दिनों से बारिश कम होने के कारण खेतों में नमी घटने लगी थी। अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों को सिंचाई की चिंता से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं शहरवासियों को भी तेज धूप और उमस से राहत मिली है। सुबह और शाम के समय मौसम काफी सुहावना बना हुआ है और तापमान सामान्य से कम महसूस हो रहा है। मौसम विभाग ने बरतने को कहा एहतियातमौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर अधिक देर तक न रुकें। बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय फिसलन और जलभराव वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें। अगले दो से तीन दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
दौसा में एक बार फिर एक पेट्रोल पंप पर थार कार सवार बदमाश टंकी फुल करवाने के बाद पैसे दिए बिना फरार हो गए। उन्हें रोकने की कोशिश में एक सेल्समैन कार का पीछा भी किया। यह एक महीने में दूसरी वारदात है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर रेटा गांव स्थित राहुल फिलिंग स्टेशन पर शुक्रवार शाम का है। जहां थार सवार युवक 3740 रुपए का डीजल भरवाने के बाद बिना पैसे दिए फरार हो गया, जिसका सीसीटीवी भी सामने आया है। सीसीटीवी में थार सवार डीजल भरवाने के बाद चकमा देकर फरार हो जाता है। पम्प संचालक राजेश कुमार ने बताया कि थार गाड़ी ड्राइवर डीजल भरवाने के बाद ऑनलाइन भुगतान को लेकर काफी देर तक गुमराह करता रहा। सेल्समैन द्वारा बार-बार भुगतान को लेकर कहा गया तो ड्राइवर अपने परिजनों से ऑनलाइन भुगतान कराने की बात करता रहा। पहले देखें घटनाक्रम से जुड़े फोटोज… चकमा देकर फरार हुआ इसी दौरान पीछे से ट्रेक्टर-ट्रॉली के डीजल लेने आने पर थार ड्राइवर को आगे लेने के लिए बोला तो चकमा देकर बिना पैसे दिए गाड़ी लेकर भाग निकला। पम्प पर मौजूद सेल्समैन द्वारा दूसरी कार से थार का पीछा भी किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पेट्रोल पम्प संचालक ने सिकन्दरा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। जिस पर थाना इंचार्ज सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर थार गाड़ी की तलाश में जुट गए। एक महीने में दूसरी ऐसी वारदात 5 जुलाई को नेशनल हाइवे पर कांदोली स्थित पेट्रोल पंप से कार सवार बदमाश 4 हजार का पेट्रोल भराकर फरार हो गए थे। जिन्हें पकड़ने के प्रयास में पंप पर कार्यरत सेल्समैन भी चोटिल हो गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी छुट्टन लाल (22) निवासी सलेमपुरा, राहुवास और पवन महावर (23) निवासी बोरदा सवाई माधोपुर गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त कार जब्त कर ली थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी मौज-मस्ती और शौक पूरे करने के लिए अपराध करते थे। वारदात के दौरान वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे या नंबर प्लेट हटा देते थे ताकि पहचान न हो सके। ………………. यह खबर भी पढ़िए… 1. कार में 4 हजार का पेट्रोल भरवाकर बदमाश फरार, VIDEO:UPI से पेमेंट की बहानेबाजी, कार रोकने पहुंचे सेल्समैन को 100 मीटर तक घसीटा दौसा में 5 जुलाई को एक पेट्रोल पंप पर कार सवार बदमाश टंकी फुल करवाने के बाद पैसे दिए बिना फरार हो गए थे। उन्हें रोकने की कोशिश में एक सेल्समैन करीब 100 मीटर तक कार के साथ घसीटता चला गया था। इसके बाद वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया था। पढ़े पूरी खबर… 2. 4 हजार का तेल भरवाकर भागने वाले 2 बदमाश गिरफ्तार:सेल्समैन ने रोका तो घसीटते ले गए थे, कार जब्त, 2 फरार दौसा में सदर थाना पुलिस ने 5 जुलाई को हुई कालाखो स्थित पेट्रोल पंप पर चार हजार रुपए का पेट्रोल भरवाकर भागने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पढ़े पूरी खबर…
बिलासपर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर पार्टी चल रही थी। जिसमें छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस कार्यक्रम में गाना गाने के बाद प्रोफेसर बाथरूम में गिरे मिले। जिससे कार्यक्रम बंद करना पड़ा। दरअसल, यूनिवर्सिटी में 23 जुलाई को कुलपति प्रो. चक्रवाल का 5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ। कुछ दिन पहले ही उन्हें एक्सटेंशन देने का आदेश जारी किया गया था। इस मौके पर अधिकारियों ने प्रो. चक्रवाल से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। वहीं, शुक्रवार सुबह विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. चक्रवाल और कुलसचिव अश्वनी दीक्षित ने सुरक्षाकर्मियों और सफाई कर्मियों को फूड पैकेट बांटे। शाम को पार्टी का आयोजन, गाना गा रहे प्रोफेसर को आया अटैक शुक्रवार शाम को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए रजत जयंती सभागार (ऑडिटोरियम) में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें प्रो. शैलेंद्र कुमार ने भी गीत प्रस्तुत किए। शाम 6.30 बजे तक वे पांच गीत गा चुके थे, लेकिन छठा गीत गाने के दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने गाना बीच में ही रोक दिया। बाथरूम में बेहोश पड़े मिले प्रोफेसर जिसके बाद वो बाथरूम चले गए। कुछ देर बाद फोटोग्राफर ने उन्हें बाथरूम में बेहोश देखा। इसकी सूचना अधिकारियों को दी। आनन-फानन में उन्हें व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल ले जाया गया। वहां, कुलपति सहित सभी अधिकारी पहुंच गए। कुछ देर तक उनका उपचार चला, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिष्ठाता की मौत की सूचना मिलने पर उनकी पत्नी की तबीयत भी खराब हो गई। वहीं, उनके बेटे, जो पटना में डॉक्टर हैं, उन्हें भी सूचना दे दी गई है। उनके शनिवार को शहर पहुंचने की संभावना है। कैंपस की एंबुलेंस नहीं पहुंची, रजिस्ट्रार अपनी कार से ले गए अस्पताल छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई गई, लेकिन वह नहीं पहुंची। इसके बाद रजिस्ट्रार अश्वनी दीक्षित अपनी कार से उन्हें अस्पताल लेकर गए। बताया जाता है कि जहां कार्यक्रम चल रहा था, वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है, जहां एंबुलेंस उपलब्ध रहती है, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। इसलिए रजिस्ट्रार अपनी कार से उन्हें व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल लेकर गए। यह भी चर्चा है कि विश्वविद्यालय से अस्पताल की दूरी लगभग 8.4 किलोमीटर है। ऐसे में उन्हें अस्पताल पहुंचाने में भी समय लगा। आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी किए थे प्रो. शैलेंद्र कुमार सिविल इंजीनियरिंग के प्रख्यात शिक्षाविद् थे। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी की और एनआईटी जमशेदपुर में अध्यापन के बाद 2011 में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े। वे प्रोफेसर, प्रभारी कुलसचिव और छात्र कल्याण अधिष्ठाता रहे। उनके नाम अनेक शोधपत्र, पुस्तकें, पेटेंट और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शोध उपलब्धियां दर्ज हैं।
प्रयागराज के खीरी इलाके पाठकपुर और डीही पटखा गांव गांव में 15 दिनों से कटखैने कुत्तों (स्ट्रीट डॉग) का आतंक जारी है। जानवरों के मांस खाने के आदि हो चुके इन कुत्तों ने अब तक 12 से अधिक लोगों पर हमला कर उनके शरीर के मांस नोंच लिए हैं। गांववालों ने पीट पीटकर एक कुत्ते को मार डाला लेकिन 5 कुत्तों का आतंक थम नहीं रहा है। अब वह झुंड में घूम घूम कर हमला कर रहे हैं। शुक्रवार रात कुत्तों ने यशपाल नामक युवक पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया। 15 दिनों से छोटे बच्चों का स्कूल जाना बंद है, महिलाएं लाठी लेकर निकल रहीं। शिकायत के बाद अभी तक स्वास्थ्य विभाग समेत किसी भी विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। इसे लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है। अब तो कुत्ते शिकार की तलाश में गौशाला के अंदर घुस रहे हैं। गांववालों का कहना है कि सभी कुत्ते मांस खाने के आदि हो गए। अब जानवर नहीं मिल रहे तो इंसान पर हमला कर रहे हैं। इन्हें पकड़कर गांव से ही हटाना होगा। या फिर इंजेक्शन लगाना होगा। ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ते जानवरों का मांस खींचकर तालाब के पास ले जाते हैं। उसी तालबा में पानी पीते और बैठे रहते हैं। ऐसे में तालाब का पानी भी दूषित हो गया है। दूसरे जानवरों के पीने लायक पानी नहीं बचेगा। बच्चे घरों में कैद, स्कूल जाना बंद एक हफ्ते से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। बच्चों को घरों के बाहर खेलने नहीं दिया जा रहा है। उन्हें घर से निकलने की मनाही है। पशुओं को बाड़े के अंदर बांधा जा रहा है। बकरे, बकरी घरों में कैद हैं। महिलाएं घर से बाहर निकल रहीं तो उनके हाथों में लाठी है। खेतों में किसानी करने वाले पुरुष और महिलाएं लाठी लेकर बैठती हैं। यह दशहत, खौफ तेंदुए का नहीं बल्कि स्ट्रीट डॉग (आवारा कुत्तों) का है। मरे जानवरों को खा खाकर 5 स्ट्रीट डॉग आदमखोर हो गए हैं। मरे मवेशियों को खाने के बाद अब वह गाय, बछिया, बकरे बकरियों पर हमला कर उनके मांस नोंच रहे हैं। कुत्ते इतने आदमखोर और खूंखार हो गए हैं कि, वह इंसानों को देख हमला कर टूट पड़ रहे। प्रयागराज के खींरी इलाके के पाठकपुर और डीही पटखा गांव में कुत्तों का खौफ यूं है कि मानों तेंदुआ गांव में घुस आया हो। जब कुत्तों को कुछ भी खाने को नहीं मिलता तो वह घर में घुसकर हमला कर देते हैं। दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने एक कुत्ते को पीट-पीटकर मारने के बाद उसे पेड़ से टांग दिया। अभी भी 4 खूंखार कुत्ते खौफ का सबब बने हैं। 3 तस्वीर देखिए… पहले जानिए खूंखार बने कुत्तों का मामला प्रयागराज में कटखन्ने कुत्तों ने कई लोगों पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया। अलग-अलग घरों में घुसकर 12 लोगों को नोच दिया। इससे गांव के लोग भड़क गए। गुस्साए लोगों ने कुत्ते को घेरकर उसे लाठियों से पीट दिया। इससे उसकी मौत हो गई। नाराज लोग कुत्ते की बॉडी को घसीट कर गांव के बाहर ले गए और एक पेड़ से लटका दिया। घटना 19 जुलाई की है। घायल लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो जानकारी सामने आई। कुत्ते की पिटाई के बाद उसे मारकर लटकाने वाले लोगों का कहना है कि इससे दूसरे कुत्ते डरेंगे। मामला जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर खीरी इलाके के पाठकपुर गांव का है। मंजू देवी बोलीं-घर से लाठी लेकर निकलती हूं पाठकपुर गांव के राजकुमार की पत्नी मंजू कुशवाहा जहां भी जाती हैं उनके हाथ में लाठी होती है। मंजू ने बताया कि उनके देवर पर कुत्ते ने हमला कर मांस नोंच लिया। उसी दिन से वह अपनी नातिनों जान्हवी और मानवी को स्कूल नहीं भेज रही हैं। मंजू का कहना है कि मरे जानवरों को खाने के बाद अब कुत्ते इंसान खाने के लिए हमला कर हैं। अब आसपास के गांवों के कुत्ते भी इधर दिखने लगे हैं। रोका न गया तो वह भी मांस खाने लगेंगे। श्मशान घाट के पास गड्ढों में कंकाल ही कंकाल असल में तालाब और श्मशान घाट के पास खाली जगहों पर मरे जानवर फेंके जाते हैं। कुत्तों ने इन्हीं शवों को खाना शुरू कर दिया। गुड्डों में बहुत सारे कंकाल, हडि्डयां पड़ी हैं। गांववालों का कहना है कि कुत्ते यहीं जानवरों के मांस को नोंचते रहते थे। जब उन्हें मरे जानवर नहीं मिल रहे तो पहले बकरे बकरियों, बछियों पर हमला किया अब इंसानों पर टूट पड़ रहे। कुत्तों का झूंड मांस खाने का आदि हो गया गांव के राजकुमार ने बताया कि जिन से दिन कुत्तों ने हमला करना शुरू किया है तब से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे घर में कैद हैं। चार कुत्ते घूम रहे, देखते ही हमला कर देते हैं। कुत्तों का झुंड मांस खाने का आदि हो गया है। अब विस्तार से पूरा मामला जानिए… यमुनापार इलाके के खीरी थाना क्षेत्र के पाठकपुर गांव में इन दिनों कुत्तों का खौफ हावी है। यहां के कुत्ते लोगों को देखते ही हमला कर दे रहे हैं। इन कुत्तों की संख्या पांच के करीब है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क पर गौशाला और तलाब है। इसी के पास शमशान भी है। गौशाला के जो मवेशी मर जाते हैं उन्हें शमशान के पास फेंक दिया जाता है। गांव के अन्य जानवर भी मरते हैं तो यहीं फेंके जाते हैं। जानवरों के शवों को कुत्ते नोंच कर खाते रहते हैं। शवों के खाने की आदत से ही 5 कुत्ते हमलावर हो गए। अब ये कुत्ते पूरे गांव के लोगों पर हमला कर रहे हैं। पति-पत्ती दोनों को नोच दिया इसी बीच 19 जुलाई की सुबह एक खूंखार कुत्ता राघवेंद्र शुक्ला के घर में घुस गया। उन्हें बुरी तरह से नोच लिया। बचाने के लिए दौड़ीं पत्नी अनुराधा शुक्ला पर भी हमला कर उनके चेहरे को नोच लिया। पति-पत्नी की चीख सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उसके बाद लोगों ने कुत्ते की तलाश शुरू कर दी। दोपहर में करीब 35 से 40 लोगों ने लाठी, बल्लम आदि लेकर उसे घेर लिया। कुत्ते ने बचने के लिए दौड़ लगाई, लेकिन भीड़ ने उसे पकड़कर पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद गांव के प्राइमरी स्कूल के पास तालाब किनारे बगीचला में लगे एक पेड़ की डाल से उसे टांग दिया। किसी का चेहरा नोचा तो किसी छाती पर पंजा मारा गांव के लोगों के मुताबिक 5-6 कुत्ते पिछले एक सप्ताह से लोगों को परेशान कर रहे हैं। गांव के ही राघव मुरारी शुक्ला, गायत्री देवी वर्मा, इंद्रलाल कुशवाहा उनकी सात साल की बेटी पर हमला कर काट लिया। इंद्र लाल के हांथ की उंगलियां तक नोंच लीं। राघवेंद्र के चेहरे पर कई गहरे घाव हो गए। राघव मुरारी के सीने और हांथ में गहरा घाव है। गांव के लोगों ने डीएम, एसडीएम कोरांव और खीरी थाने में प्रार्थना पत्र दिया है।
वाराणसी की डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटिलिजेंस (DRI) ने लखनऊ कार्यालय की सटीक सूचना पर डीडीयू जंक्शन से एक महिला को 7.11 करोड़ के सोने के साथ गिरफ्तार किया है। गुरुवार की शाम पकड़ी गई महिला को शुक्रवार की देर शाम पूछताछ की। इसके बाद DRI ने उसे वाराणसी कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सप्तम कृष्ण कुमार की अदालत में पेश किया गया। जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। DRI के अधिकारियों ने महिला के पास मिले सोने की जांच कराई तो उसकी शुद्धता विशेषज्ञों ने 99.5 प्रतिशत बताई। यह सोना बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल लाया गया। उसके बाद कुछ बिहार से महिला ने ट्रेन पकड़ी। एसी-2 से यह सोना दिल्ली ले जाया जा रहा था। पकड़ी गई महिला मधु शर्मा, हुगली पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। उसके पास सोने की 42 बार और 20 कट पीस मिले हैं। लखनऊ से मिला था इनपुट DRI के अधिकारियों ने बताया- लखनऊ के कार्यालय से इनपुट मिला था कि बांग्लादेश के रास्ते तस्करी करके लाया गया सोना डीडीयू जंक्शन (मुगलसराय) के रास्ते दिल्ली ले जाया जा रहा है। इसपर गुरुवार की शाम सटीक सूचना पर ब्रह्मपुत्र मेल पर DRI की टीम संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंची थी। प्लेटफार्म नंबर 7 पर शाम 5 बकर 30 मिनट पर यह ट्रेन आकर रुकी। जिसके बाद एसी-2 कोच के सामने संदिग्ध महिला को रोक लिया। तलाशी में निकली 42 गोल्ड बार DRI अधिकारियों के अनुसार - महिला ने पूछताछ में अपना नाम मधु शर्मा (44) निवासी हुगली, पश्चिम बंगाल बताया। उसने बताया की सोना बांग्लादेश से आया है। जिसे दिल्ली ले जाया जा रहा था। महिला कर्मियों ने तलाशी ली तो उसके पास से 42 गोल्ड बार और 20 कट पीस मिले। जो उसने कमरबंद में काले कपड़े और अखबार में छुपाकर रखे हुए थे। पूछताछ के बाद कोर्ट में किया गया पेश DRI ने उससे पूछताछ के बाद वाराणसी ले आई। यहां आवश्यक कार्रवाई के बाद शुक्रवार की दोपहर महिला को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सप्तम कृष्ण कुमार की अदालत में पेश किया गया। जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गोल्ड टेस्टिंग में 99.5 प्रतिशत असली बताया गया है।
लखनऊ में शनिवार को भाजपा का बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम होगा। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का जन्मदिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर ऑडिटोरियम में 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पूर्वांचल के बड़े ओबीसी चेहरे पर दांव मऊ जिले से आने वाले दारा सिंह चौहान को भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में गिना जाता है। वह लोनिया-चौहान (चौहान) समुदाय से आते हैं, जिसकी पूर्वांचल के कई जिलों में अच्छी आबादी मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह समुदाय प्रदेश की करीब 30 से 40 विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है, खासकर मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, वाराणसी और आसपास के इलाकों में। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आकलनों के अनुसार राज्य की आबादी में इस समुदाय की हिस्सेदारी करीब 2 से 3 प्रतिशत मानी जाती है। दल बदल के बाद फिर भाजपा में अहम भूमिका दारा सिंह चौहान 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में चले गए थे। बाद में उन्होंने फिर भाजपा का दामन थाम लिया और योगी सरकार में उन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया। गाजीपुर की घोसी सीट के उपचुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन भाजपा अब भी उन्हें पूर्वांचल के प्रभावशाली ओबीसी चेहरे के रूप में आगे बढ़ा रही है। ओबीसी समीकरण को मजबूत करने का संदेश राजनीतिक जानकार इस कार्यक्रम को केवल जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि भाजपा के व्यापक सामाजिक और जातीय संतुलन साधने के अभियान के रूप में देख रहे हैं। कुर्मी समाज से आने वाले प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, मौर्य समाज के प्रमुख नेता केशव प्रसाद मौर्य और ब्राह्मण चेहरे ब्रजेश पाठक की मौजूदगी को भी विभिन्न सामाजिक वर्गों तक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गैर-यादव ओबीसी वर्गों को अपने साथ मजबूती से जोड़ने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है।
कोटा जिले में डेंगू से ज्यादा स्क्रबटायफस के मरीज रिपोर्ट हुए हैं। चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक मलेरिया का 1, डेंगू के 50, स्क्रबटायफस के 104 और चिकनगुनिया के 7 मरीज मिले हैं। डेंगू से दोगुने स्क्रबटायफस मरीज मिलने के पीछे की बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि अब यह बीमारी ग्रामीण क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रह गई, बल्कि शहरी क्षेत्र में भी इसके पिस्सू की मौजूदगी है, जो शहरी क्षेत्र के आउटर एरिया में लोगों को बीमार कर रहा है। अप्रैल में स्क्रबटायफस के 20 केस मिले हैं। जुलाई में मरीज घटकर 4 रह गए। कोटा में डेंगू-स्क्रबटायफस को लेकर मानसून और इसके बाद का सीजन चुनौतीपूर्ण होता है। गांव से ज्यादा शहर में फैली बीमारी वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार स्क्रबटायफस के 104 केस में से ग्रामीण क्षेत्र में 33 और शहरी क्षेत्र में 71 केस रिपोर्ट हुए हैं। अब तक शहर में कम मरीज मिलते थे, क्योंकि इसके पिस्सू ज्यादातर झाड़ियों और खेतों वाले इलाके में होते हैं। शहर के विज्ञान नगर में 7, कुन्हाड़ी में 6, भीमगंजमंडी में 5, बोरखेड़ा में 5, गोविंद नगर में 5, नयागांव में 5 केस मिले हैं। वहीं, अनंतपुरा में 4, छावनी में 4, काला तालाब में 4, महावीर नगर में 4, रंगबाड़ी में 3, रानपुर में 3, डीसीएम में 2, केशवपुरा में 2, पुरोहितजी की टापरी में 2, शॉपिंग सेंटर में 2, सूरजपोल में 2, टिपटा में 2, सूरजपोल में 2, दादाबाड़ी में 1, सकतपुरा में 1, तलवंडी में 1, नांता में 1 केस। इटावा ग्रामीण ब्लॉक में 10, कैथून 9, सांगोद 6, चेचट 4 और सुल्तानपुर ब्लॉक में 4 मरीज मिले हैं।
अशोकनगर में शहर की पेयजल व्यवस्था को प्रभावित कर रही अमाही तालाब से पानी चोरी के खिलाफ नगर पालिका और देहात थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार देर रात की गई छापेमारी में तालाब के भीतर चल रही चार मोटरें जब्त की गईं। इन मोटरों के जरिए तालाब का पानी निकालकर खेतों की सिंचाई की जा रही थी, जिससे शहर की एक लाख से अधिक आबादी की पेयजल आपूर्ति पर संकट गहरा रहा था। देर रात संयुक्त टीम ने मारा छापा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) विनोद उन्नीतान के नेतृत्व में करीब 15 सदस्यीय टीम और देहात थाना पुलिस ने देर रात अमाही तालाब क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया। टीम ने तालाब के आसपास कई स्थानों पर तलाशी ली, जहां पानी के अंदर बड़ी क्षमता की मोटरें चलती हुई मिलीं। इन मोटरों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान चारों मोटरों को मौके से जब्त कर लोडिंग वाहन में रखकर नगर पालिका परिसर लाया गया। 15 दिनों से मिल रही थीं शिकायतें नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि रात के अंधेरे में कुछ लोग अमाही तालाब से अवैध रूप से पानी निकाल रहे हैं। पहले भी कई बार कार्रवाई की योजना बनाई गई थी, लेकिन सूचना पहले ही लीक हो जाने के कारण आरोपी मोटरें हटाकर फरार हो जाते थे। इस बार गोपनीय रणनीति के तहत अचानक छापेमारी की गई, जिससे आरोपियों को संभलने का मौका नहीं मिला और मोटरें मौके से जब्त कर ली गईं। पेयजल संकट के बीच बढ़ी चिंता जिले में इस बार सामान्य से कम बारिश होने के कारण अमाही तालाब का जलस्तर लगातार घट रहा है। यही तालाब शहर की पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में सिंचाई के लिए अवैध रूप से पानी निकालने से आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है। नगर पालिका का कहना है कि शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई सीएमओ विनोद उन्नीतान ने बताया कि अमाही तालाब से पानी चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति तालाब से अवैध रूप से पानी निकालते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं तालाब से अवैध रूप से पानी निकाले जाने की जानकारी मिले तो तत्काल नगर पालिका या पुलिस को सूचित करें, ताकि शहर की पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।
नरसिंहपुर जिला अस्पताल में शुक्रवार शाम एक दुर्लभ और जटिल प्रसव के दौरान आपस में जुड़े (कंजॉइंट) जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी कराई और प्राथमिक उपचार के बाद दोनों नवजातों को बेहतर इलाज के लिए तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पेट से जुड़े हैं बच्चे, परिजन और डॉक्टर हैरान बम्होरी सोकलपुर निवासी कुब्जा कुशवाहा को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन से जन्मे दोनों बच्चों की शारीरिक संरचना आपस में जुड़ी देखकर परिजन और मेडिकल स्टाफ हैरान रह गया। दोनों एक दुसरे से पेट से जुड़े हैं। विशेषज्ञ सर्जनों की टीम जबलपुर में करेगी जांच जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चों को जरूरी चिकित्सकीय देखभाल दी। दोनों नवजातों के शरीर आपस में जुड़े होने के कारण संभावित पृथक्कीकरण (सेपरेशन) सर्जरी और विस्तृत जांच के लिए उन्हें जबलपुर भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ सर्जनों की टीम आगे का इलाज तय करेगी।
प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र के अठैसा प्रीतमपुर गांव में 70 वर्षीय वृद्ध की हत्या कर शव को घर के अंदर दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के दूसरे दिन भी आरोपी छोटा बेटा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय जगदीश द्विवेदी अपने सबसे छोटे बेटे विजय के साथ रहते थे। कई दिनों तक दोनों के दिखाई नहीं देने पर पड़ोसियों ने दिल्ली और गुरुग्राम में रहने वाले उनके अन्य बेटों को सूचना दी। गुरुवार को जब परिजन घर पहुंचे तो मकान से दुर्गंध आ रही थी। दरवाजा खोलने पर कमरे के अंदर जमीन में दफन वृद्ध का शव मिला। छोटे बेटे पर हत्या का मुकदमा मृतक के मझले बेटे की तहरीर पर पुलिस ने छोटे भाई विजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि हत्या के बाद शव को घर के अंदर गड्ढा खोदकर दफनाया गया और आरोपी मौके से फरार हो गया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। शव अत्यधिक सड़-गल जाने के कारण मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया है और डीएनए जांच के लिए भी नमूने लिए हैं। शव को मोड़कर तीन फीट गहरे गड्ढे में दफनाया जांच के दौरान शुरुआती आशंका थी कि शव को गड्ढे में डालने के लिए हाथ-पैर तोड़े गए होंगे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि हाथ-पैर नहीं तोड़े गए थे। शव को मोड़कर करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में दफनाया गया था। अंतिम संस्कार के बाद आरोपी की तलाश जारी पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने बेल्हादेवी के निकट सई नदी तट पर जगदीश द्विवेदी का अंतिम संस्कार कर दिया। महेशगंज थाना प्रभारी संदीप तिवारी ने बताया कि आरोपी विजय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उसे जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
बाराबंकी में खरीफ सीजन में यूरिया और डीएपी की बढ़ती मांग के बीच जिले के किसानों को खाद के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों और बी-पैक्स केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं, क्योंकि स्टॉक खत्म होने की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन की लगातार जांच के बावजूद निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर खाद अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें यूरिया की एक बोरी करीब 500 रुपये और डीएपी 1800 रुपये तक खरीदनी पड़ रही है। छोटे और सीमांत किसानों का कहना है कि फसल बचाने की मजबूरी में वे महंगे दाम पर खाद खरीद रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के डर से शिकायत करने से भी बच रहे हैं। 13 उर्वरक केंद्रों का किया गया निरीक्षण जिला कृषि अधिकारी ने शुक्रवार को सिरौलीगौसपुर और नवाबगंज तहसील के 13 उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इनमें दो सहकारी समितियां और 11 निजी दुकानें शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर निर्धारित दर पर यूरिया का वितरण होता मिला। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों के बयान भी दर्ज किए। स्टॉक खत्म, एक दुकानदार पर मुकदमा कोटवाधाम स्थित साधन सहकारी समिति में निरीक्षण के समय तक 230 बोरी यूरिया का वितरण हो चुका था और पूरा स्टॉक समाप्त हो गया था। वहीं, अधिक कीमत पर यूरिया बेचने की शिकायत सही पाए जाने पर रामनगर के भैरमपुर स्थित मेसर्स अब्दुल हाई खाद भंडार के संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक दिन में बांटी गई हजारों बोरी खाद कृषि विभाग के अनुसार, पीओएस मशीन की सर्वर समस्या अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। शुक्रवार को सहकारी केंद्रों से 23 हजार बोरी यूरिया, 2397 बोरी डीएपी और 519 बोरी एनपीके का वितरण किया गया। वहीं निजी बिक्री केंद्रों से 77,024 बोरी यूरिया, 6211 बोरी डीएपी और 7254 बोरी एनपीके किसानों को उपलब्ध कराई गई। किसानों से शिकायत करने की अपील कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री और भूमि अभिलेख के आधार पर नजदीकी समिति या अधिकृत बिक्री केंद्र से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त करें। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली या अन्य अनियमितता सामने आए तो उसकी शिकायत तत्काल कृषि विभाग से करें।
फिरोजाबाद। श्रावण मास में आयोजित होने वाले कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस को तीन प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव देने का निर्णय लिया है। इससे हरिद्वार जाने वाले कांवड़ यात्रियों को यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि ट्रेन संख्या 14113/14114 सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस को 30 जुलाई और 13 अगस्त को अप एवं डाउन दोनों दिशाओं में रायवाला, मोतीचूर और ज्वालापुर रेलवे स्टेशनों पर दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। भीड़ और जाम से मिलेगी राहत रेल प्रशासन के अनुसार, कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में इन स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव होने से श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही सड़क मार्ग पर निर्भरता कम होने से जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रा से पहले समय की जानकारी लेने की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन के समय और अस्थायी ठहराव की जानकारी अवश्य प्राप्त करने की अपील की है। रेलवे के इस फैसले का कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है।
इटावा स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई की फैकल्टी ऑफ फार्मेसी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) की ओर से जारी रेटिंग में फैकल्टी ऑफ फार्मेसी को 'A' ग्रेड प्रदान किया गया है। इसके साथ ही संस्थान ने उत्तर प्रदेश में चौथा और देशभर में 29वां स्थान हासिल किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं, बेहतर शोध सुविधाओं और विद्यार्थियों को दिए जा रहे व्यावहारिक प्रशिक्षण का परिणाम है। इस सफलता से विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कुलपति बोले- टीमवर्क का नतीजा कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में आधुनिक लैब, शोध के बेहतर अवसर, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और उद्योग एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण पर लगातार काम किया जा रहा है। इसी वजह से यूपीयूएमएस की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है। शिक्षा और शोध में नए मानक स्थापित करने का लक्ष्य कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रमुख सरकारी संस्थानों में शामिल यूपीयूएमएस सैफई की फैकल्टी ऑफ फार्मेसी उत्तर प्रदेश के प्रमुख सरकारी फार्मेसी शिक्षण संस्थानों में शामिल है। संस्थान समय-समय पर शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहा है। QCI की इस रेटिंग ने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 136.25 सेंटीमीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 50 सेंटीमीटर नीचे है। बढ़ते जलस्तर के चलते गंगा का पानी शहर के पांचाल घाट स्थित पक्के घाट तक पहुंच गया है। प्रशासन तटवर्ती क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नरौरा बांध से 48,653 क्यूसेक तथा हरिद्वार से 69,459 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। इसके चलते आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। तटवर्ती गांवों के करीब पहुंचा गंगा का पानी गंगा का बढ़ता जलस्तर सुंदरपुर और तीस राम की मढ़ैया जैसे तटवर्ती गांवों के निकट पहुंच गया है। इसके कारण सोता नल की धार तेज हो गई है और उसका रुख गांवों की ओर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों में कटान की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग लगातार नदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पांचाल घाट पर लाल झंडियां, दूसरी ओर झोपड़ियों में घुसा पानी शहर के पांचाल घाट पर गंगा का पानी पक्के घाट तक पहुंच चुका है। खतरे के निशान को देखते हुए घाट पर लाल रंग की चेतावनी झंडियां लगा दी गई हैं। वहीं गंगा के दूसरी ओर उत्तरी बंधा क्षेत्र में रहने वाले कुछ पांडा परिवारों की झोपड़ियों में भी पानी घुसने लगा है, जिससे वहां रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। रामगंगा फिलहाल खतरे से नीचे दूसरी ओर रामगंगा नदी का जलस्तर अभी गेज स्तर से नीचे बना हुआ है। खोह, हरेली और रामनगर से रामगंगा में 1,119 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल रामगंगा से तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक दिन का तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर और दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रहा। अगले 48 घंटे प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई कुल बारिश सामान्य श्रेणी में है। हालांकि, औसत से 18% कम बारिश (–18% डिपार्चर) दर्ज की गई है, जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में सामान्य माना जाता है। इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे में धरमजयगढ़ में सबसे ज्यादा 30MM बारिश हुई। इसके अलावा लैलूंगा, कोरबा, कापू और खरसिया में 20-20MM बीजापुर, नया बाराद्वार, करतला, साल्हेवारा, लाल बहादुर नगर, कांसाबेल, पथलगांव और मानपुर में 10-10 MM बारिश दर्ज की गई। अगले 48 घंटे का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। वहीं मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। क्यों सक्रिय है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून द्रोणिका फिलहाल जैसलमेर, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के निम्न दबाव क्षेत्र, कोटा, गुना, सीधी और डाल्टनगंज होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक* फैली हुई है। वहीं उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में उसी क्षेत्र में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसका असर छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों पर पड़ सकता है। रायपुर का मौसम राजधानी रायपुर में 25 जुलाई को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। क्या है –18% डिपार्चर? मौसम विभाग के मानकों के अनुसार, –19% से +19% तक की वर्षा को सामान्य माना जाता है। इसलिए प्रदेश में फिलहाल बारिश औसत से 18% कम होने के बावजूद मानसून की स्थिति सामान्य श्रेणी में बनी हुई है।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने शनिवार सुबह ATM कार्ड बदलकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। सुबह करीब 6:30 बजे चिलवा टिल्ला-जसोई मार्ग पर हुई मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश और एसपी (ग्रामीण) अक्षय संजय महाडीक के निर्देशन में थाना तितावी पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने भागने की कोशिश करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वसीम के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी मोबिन और नदीम को कॉम्बिंग अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया गया। एक माह पहले हुई ₹1 लाख की ठगी का खुलासा थाना तितावी प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी बुलंदशहर जिले के थाना सलेमपुर क्षेत्र के गांव चिट्टा के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि करीब एक माह पहले तितावी क्षेत्र में ATM कार्ड बदलकर एक लाख रुपये की ठगी की वारदात को भी इसी गिरोह ने अंजाम दिया था। पुलिस अन्य घटनाओं के संबंध में भी उनसे पूछताछ कर रही है। 51 ATM कार्ड, स्वाइप मशीनें और हथियार बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51 ATM कार्ड, दो स्वाइप मशीनें, 38 हजार रुपये नकद, .315 बोर का एक तमंचा, दो खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है। मुख्य आरोपी पर 20 मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार घायल आरोपी वसीम के खिलाफ थाना खुर्जा और थाना तितावी समेत विभिन्न थानों में करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही बरामद ATM कार्ड किन लोगों के हैं और उनका इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
जालोर के औद्योगिक क्षेत्र उप-डाकघर में 441 खातों से करोड़ों रुपए के गबन के तीन मामलों में जोधपुर महानगर सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य साजिशकर्ता और पूर्व पोस्टल एजेंट रमेश कुमार गहलोत को 7 साल के कठोर कारावास और 1.49 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में फोरेंसिक जांच और फिंगरप्रिंट रिपोर्ट के आधार पर फर्जी अंगूठे और हस्ताक्षर कर गबन करना साबित हुआ। 441 खातों से करोड़ों रुपएके गबन का मामला पीठासीन अधिकारी भूपेन्द्र कुमार सनाढ्य की अदालत ने जालोर औद्योगिक क्षेत्र उप-डाकघर में 441 खातों से करोड़ों रुपए के गबन के तीन अलग-अलग मामलों में यह फैसला सुनाया। मुख्य साजिशकर्ता और पूर्व पोस्टल एजेंट रमेश कुमार गहलोत को 7 साल के कठोर कारावास और 1.49 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा दी गई। दूसरे मुख्य आरोपी की ट्रायल के दौरान हुई मौत इस घोटाले के दूसरे मुख्य आरोपी तत्कालीन उप डाकपाल गणपतसिंह देवड़ा की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई थी। हालांकि शुरुआती जांच में 841 खातों से कुल 2.30 करोड़ रुपए के गबन का मामला सामने आया था। एफएसएल रिपोर्ट में फर्जी अंगूठे और हस्ताक्षर की पुष्टि कोर्ट में एफएसएल और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ की रिपोर्ट में साबित हुआ कि एजेंट ने अनपढ़ खाताधारकों के आहरण पत्रों पर खुद ही दाएं और बाएं हाथ के अंगूठे लगाए थे। कई मामलों में लक्ष्मी और मदनलाल सहित अन्य खाताधारकों के नाम बदलकर फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए। एफएसएल ने इन विवादित हस्ताक्षरों को सीधे एजेंट रमेश कुमार गहलोत से जोड़ा। जांच शुरू होने पर 35 लाख रुपएलौटाए एजेंट रमेश कुमार गहलोत (एजेंसी कोड 760) अपनी पत्नी हेमलता के नाम आवंटित महिला प्रधान बचत योजना एजेंसी का काम भी खुद देखता था। उसने तत्कालीन उप डाकपाल गणपतसिंह देवड़ा के साथ मिलकर सैकड़ों आरडी और एमआईएस खाताधारकों के फर्जी आहरण पत्र तैयार किए। उप डाकपाल ने मूल हस्ताक्षरों का मिलान किए बिना इन निकासियों को मंजूरी दे दी। विशिष्ट लोक अभियोजक भगवानसिंह भंवरिया ने अदालत को बताया कि एजेंट ने गबन की राशि से कई संपत्तियां खरीदीं। विभागीय जांच शुरू होने पर तत्कालीन उप डाकपाल गणपतसिंह देवड़ा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 35 लाख रुपए डाकघर में वापस जमा कराए थे। कोर्ट बोला- सह आरोपी की मौत से अपराध खत्म नहीं होता बचाव पक्ष ने दलील दी कि लोक सेवक उप डाकपाल की मृत्यु के बाद अकेले निजी एजेंट को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) और आपराधिक साजिश के मामले में सजा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सह-साजिशकर्ता की मृत्यु से जीवित आरोपी का अपराध समाप्त नहीं हो जाता। अदालत ने माना कि रमेश कुमार ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोक सेवक के साथ मिलकर राजकोष को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि उसे खातों के मिथ्याकरण के आरोप से बरी किया गया, क्योंकि तकनीकी और कानूनी रूप से खातों और पासबुक में प्रविष्टि करने का अधिकार केवल पोस्टमास्टर यानी लोक सेवक के पास था, एजेंट के पास नहीं। अदालत ने माना कि उसने सीधे खाताधारकों से नहीं, बल्कि डाकघर की व्यवस्था के जरिए गबन किया। तीन मामलों में इतने खातों से गबन साबित सिरोही मंडल के तत्कालीन डाकघर अधीक्षक की शिकायत और विभागीय ऑडिट के बाद सीबीआई ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट पेश की थी। अदालत में तीनों मामलों में निम्न गबन साबित हुआ- पहला केस (सेशन केस 02/2015): 5 एमआईएस और 41 आरडी यानी कुल 46 खातों से 5,41,741 रुपए का गबन साबित हुआ। दूसरा केस (सेशन केस 03/2015): 4 एमआईएस और 68 आरडी यानी कुल 72 खातों से 14,86,734 रुपए का गबन साबित हुआ। तीसरा केस (सेशन केस 06/2015): 323 आरडी खातों से 1,34,32,537 रुपए के गबन का मामला साबित हुआ।
साहिबाबाद में मालगाड़ी डिरेल होने का असर:दिल्ली रूट की कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द, दैनिक यात्री परेशान
फिरोजाबाद। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के छह डिब्बे बेपटरी होने के बाद रेल यातायात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। बहाली कार्य जारी होने के कारण रेल प्रशासन ने दिल्ली, नई दिल्ली और शकूरबस्ती रूट की कई पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के डिरेल होने के बाद ट्रैक बहाली का काम लगातार जारी है। रेल यातायात पर दबाव कम करने और संचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कई पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है। ये पैसेंजर ट्रेनें रहीं रद्द रेल प्रशासन के अनुसार अलीगढ़-दिल्ली, अलीगढ़-नई दिल्ली, खुर्जा-शकूरबस्ती, टूंडला-दिल्ली, दनकौर-शकूरबस्ती, हाथरस-हाथरस किला और हाथरस किला-दिल्ली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रद्द किया गया है। ट्रेनों के लगातार रद्द होने से दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनें बंद होने से उन्हें सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ यात्रा खर्च भी बढ़ गया है। खुर्जा तक ट्रेन चलाने की मांग रेल यात्री महेश चंद्र ने बताया कि टूंडला-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन को कम से कम खुर्जा तक संचालित किया जाना चाहिए। इससे बरहन, जलेसर रोड, हाथरस, अलीगढ़ और खुर्जा तक आने-जाने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी। यात्रियों ने रेल प्रशासन से जल्द से जल्द ट्रेनों का संचालन सामान्य करने और खुर्जा तक सेवा शुरू करने की मांग की है।
सीतापुर के बिसवां कोतवाली क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत और डॉक्टर पर लापरवाही के आरोपों को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच समिति की अध्यक्षता एसडीएम बिसवां विश्व सर्वेश कुमार सिंह करेंगे। समिति में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार देशमणि और सीएचसी बिसवां के अधीक्षक को भी शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल पर लगे आरोपों की पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पीलिया का चल रहा था इलाज मामला कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शंकरगंज स्थित सीता हॉस्पिटल का है। यहां ग्राम कोटरा निवासी 35 वर्षीय छोटेलाल भार्गव का पीलिया का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी सुनीता का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने उपचार में लापरवाही बरती और हालत गंभीर होने के बावजूद समय रहते उन्हें किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर नहीं किया, जिससे उनके पति की जान चली गई। मौत के बाद अस्पताल में हुआ हंगामा युवक की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राम माधव सिंह और कस्बा इंचार्ज सुधाकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद होगी कार्रवाई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेखों और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय बैलेंस बिगड़ने से यात्री ट्रैक पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। ट्रेन की चपेट में आने से उनका दायां पैर भी कट गया। हादसे का लाइव सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। मृतक की पहचान ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के एरिया मैनेजर संदीप कुमार सिन्हा (58) के रूप में हुई थी। बताया जा रहा है कि, संदीप कुमार सिन्हा रोज की तरह रायपुर जाने के लिए दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उनके पास रेलवे का मासिक पास था। वे अक्सर ट्रेन से ही रायपुर आना-जाना करते थे। देखिए यह तस्वीरें… लोकल छोड़ सुपरफास्ट पर बैठने के लिए दौड़े थे जानकारी के मुताबिक, 23 जुलाई की सुबह करीब 5:45 बजे दुर्ग-रायपुर लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर खड़ी थी। इसी दौरान पुणे-हटिया सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंची। एक्सप्रेस ट्रेन कुछ मिनट रुकने के बाद रवाना होने लगी। इसी बीच संदीप कुमार सिन्हा ने लोकल ट्रेन छोड़कर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। वे तेजी से दौड़कर चलती ट्रेन में चढ़ने लगे, लेकिन इसी दौरान उनके हाथ में रखा लैपटॉप बैग फिसल गया। बैग कलाई तक खिसकने से उनका संतुलन बिगड़ गया। वहीं, ट्रेन के गेट पर लगी रॉड पर उनकी पकड़ भी कमजोर पड़ गई। देखते ही देखते उनका पैर फिसल गया, वे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच ट्रैक पर गिर पड़े। पैर कटा, खून ज्यादा बहने से हुई मौत ट्रेन की चपेट में आने से उनका दायां पैर कट गया। ज्यादा खून बहने के कारण उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। घटना के तुरंत बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और रेलवे प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने उन्हें ट्रैक से बाहर निकाला और तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान उनके पास मिले दस्तावेजों से हुई। वे ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की रायपुर शाखा में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चुरी भेजा। अब सीसीटीवी फुटेज हो रहा वायरल हादसे के 2 दिन बाद सोशल मीडिया पर हादसे का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे एक बार फिर चलती ट्रेन में चढ़ने के खतरे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। रेलवे लगातार यात्रियों से अपील करता है कि किसी भी हालत में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें। कुछ सेकंड बचाने की कोशिश कई बार पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। यह हादसा भी उसी लापरवाही का नतीजा है। रेल पुलिस की शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। रेलवे पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। …………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… दुर्ग रेलवे-स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय गिरा यात्री,VIDEO: 50 मीटर तक घसीटता रहा, प्लेटफॉर्म-ट्रेन के बीच फंसा; आरपीएफ जवान ने बचाई जान दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने समय एक यात्री का संतुलन बिगड़ गया, वो चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। यह देखकर स्टेशन पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के एएसआई निरंजन ने तेजी दिखाते हुए यात्री की जान बचा ली। वीडियो रविवार की रात की है। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) प्रशासन ने गोपनीयता व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक नया रोड मैप तैयार कर लिया है। इसमें मानवीय-भौतिक संसाधन के साथ अत्याधुनिक तकनीक का भी पूरा उपयोग होगा। साथ ही नए बदलाव व सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार की मदद ली जाएगी। ताकि जो आयोग की ताकत है, उसे बरकरार रखा जाए। जो कमियां हैं, उन्हें दूर कर एक मजबूत सुरक्षित सिस्टम बनाया जा सके। पिछले ढाई साल से आयोग में सदस्य ले.कर्नल केसरी सिंह को करीब एक महीने पहले (20 जून को) अध्यक्ष पद का कार्यभार सौंपा गया। उनके अनुभव का असर अब दिखने लगा है। केसरी सिंह ने इस दौरान न केवल इंटरनल ऑडिट कराया, बल्कि कमियों को चिह्नित कर भविष्य के लिए रोड मैप भी तैयार कर लिया। साथ ही इसके लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी और मोनिटरिंग सिस्टम भी बनाया है। सबसे पहले कराई इन्टरनल ऑडिट, सदस्यों ने समझी कार्यप्रणाली सूत्रों के अनुसार- अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करते ही सबसे पहले ले. कर्नल केसरी सिंह ने इंटरनल ऑडिट कराई। इसमें आयोग के हर विभाग - परीक्षा, गोपनीय, विधि, आईटी और प्रशासन की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण कराया गया। पिछले सालों के रिकॉर्ड, फाइलों के निपटारे की गति, कर्मचारियों की जवाबदेही और पेपर की सुरक्षा व्यवस्था को खंगाला गया। इसकी रिपोर्ट तैयार की गई। इसके अनुरूप ही रोडमैप तैयार किया गया है। केसरी सिंह की पहल पर हाल ही में सभी सदस्यों को आयोग की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन कराकर कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया। कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट, कैडिडेट्स की संख्या बढ़ाना RPSC में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट की व्यवस्था फिलहाल सिर्फ 5 हजार अभ्यर्थियों के लिए है। इसी वजह से RAS, स्कूल लेक्चर जैसी बड़ी भर्तियों में पेपर-पेन मोड पर निर्भर रहना पड़ता था। आयोग ने इन्फ्रास्ट्रक्चर को 5 गुना बढ़ाने का टारगेट सेट किया है। यानी अब एक साथ 25 हजार अभ्यर्थी CBT दे सकेंगे। इसके लिए कईं स्तर पर काम करने की प्लानिंग की गई है। प्रदेश में कईं शहरों में बड़े CBT सेंटर बनाए जाएंगे। उनकी मॉनिटरिंग RPSC खुद करेगा। एक साथ 25 हजार लॉगिन झेलने के लिए डेडिकेटेड सर्वर और बैकअप सिस्टम लगेगा। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हर सेंटर पर 360 डिग्री कैमरा, फेस रिकग्निशन और लाइव मॉनिटरिंग। कोई मोबाइल या डिवाइस अंदर नहीं जा पाएगा। सीबीटी से पेपर लीक की सम्भावना लगभग नामुमकिन, रिजल्ट भी जल्दी मिलेगा और मानवीय त्रुटियों की सम्भावना कम रहेगी। AI की मदद, 20% से ज्यादा फर्क तो दोबारा जांच लिखित परीक्षाओं में नंबर देने में गड़बड़ी को लेकर कोई शिकायत नहीं हो इसके लिए आयोग कॉपी जांच में एआई का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है। यूपीएससी इस पर काम कर रहा है और RPSC भी अब AI की मदद लेगा। AI स्कैन करके ये तय करेगा कि नंबर तर्कसंगत हैं या नहीं। आयोग में कॉपी की जांच दो एग्जामिनर की ओर से की जाती है। इसमें वैरीएशन होने पर तीन एग्जामिनर की ओर से जाती है। अब आयोग एआई की मदद से कॉपी की जांच कराने की कवायद कर रहा है। तीनों एग्जामिनर के नंबरों में 20 प्रतिशत का अंतर आने पर ऐसा होगा। इसमें कैंडिडेट्स को कोई नुकसान नहीं हो, इसलिए संशय की स्थिति फिर से एग्जामिनर से चेक कराएंगे। ताकि मानवीय त्रुटि को दूर किया जा सके। इससे त्रुटियों की गुंजाइश खत्म होगी और अभ्यर्थी को भरोसा होगा कि नंबर मेहनत के हिसाब से मिले हैं। सम्भाग स्तर पर एग्जाम हॉल बनाने की कवायद आज भी इंटरव्यू, कुछ परीक्षाएं और दस्तावेज सत्यापन सिर्फ अजमेर मुख्यालय पर आयोग में होते हैं। दूर दराज के कैंडिडेट्स को आवागमन में परेशानी होती है। इसके लिए आयोग ने सरकार को चिट्ठी लिखी है कि राजस्थान के 6 संभागों में 5000 क्षमता वाले स्थायी एग्जाम कॉम्प्लेक्स बनाए जाएं। इसमें कंप्यूटर, इंटरव्यू बोर्ड रूम, स्ट्रॉन्ग रूम, हेल्प डेस्क और वेटिंग एरिया आदि हो। इससे अभ्यर्थी को अजमेर आने की जरूरत नहीं होगी और सुरक्षा ज्यादा होगी। साथ ही भविष्य में कई जिलों में परीक्षा और इंटरव्यू संभव हो सकेंगे। इससे समय व धन की बचत होगी। तय तारीख पर हो एग्जाम, कैलेंडर सिस्टम लागू कैलेंडर सिस्टम के अनुसार तय तारीख पर एग्जाम हो और कोई परीक्षा में बदलाव नहीं करना पडे़। इसके लिए पहले से आगे होने वाले एग्जाम डेट पूरी तैयारी के साथ डिसाइड करने का रोड मैप डिसाइड किया है। साथ ही पहले से तय एग्जाम की डेट पर एग्जाम हो, इसके लिए पुख्ता व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए है। ताकि कैंडिडेट्स परेशान नहीं हो। अगर इसमें बदलाव होगा तो इसके लिए जवाबदारी तय होगी। पेपर की सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम परीक्षा आयोजन व पेपर की सुरक्षा की सुरक्षा के लिए कईं गोपनीय इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोग का प्रयास है कि ऐसा सिस्टम तैयार हो, जिसमें सेंध लगाना नामुमकिन हो। आयोग के अध्यक्ष केसरी सिंह आईटी एक्सपर्ट भी है और भारतीय सेना में मिसाइल टेक्नॉलोजी से जुडे़ रहे। ऐसे में पेपर की सुरक्षा में एआई का सदुपयोग कैसे हो, इस पर भी तैयारी की जा रही है। समयबद्ध हो डीपीसी, विभागों में हो समन्वय डीपीसी समय पर हो, इसके लिए सदस्यों के बीच संतुलित रूप से विभागों का बंटवारा कर जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही आयोग की ओर से जल्दी से जल्दी डीपीसी बैठक शेड्यूल की जाएगी। आयोग प्रबन्धन का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर ऐसे प्रकरणों का निस्तारण कर दिया जाता है। साथ ही आयोग के सभी विभागों में आपसी समन्वय हो, इसके लिए भी रूपरेखा तैयार की गई है। ताकि आपसी तालमेल से काम समय पर हो सके। चाहे परीक्षा आयोजन का मामला हो, सुरक्षा का हो, या विभागीय कामकाज, इसकी पूरी प्लानिंग की गई है। अनुभव व जानकार होने का मिल रहा फायदा जानकारों का कहना है कि नियमानुसार 6 साल या 62 साल की उम्र तक के लिए, जो भी कम हो, कोई भी अध्यक्ष रह सकता है, लेकिन सरकार की ओर से अधिकांश बार रिटायर्ड अफसरों को मौका दिया जाता रहा है। ऐसे में करीब दो साल अध्यक्ष रह पाते हैं। आयोग की कार्यप्रणाली व व्यवस्थाओं को समझने के लिए काफी समय लग जाता है। इस बात को पूर्व अध्यक्षों ने भी स्वीकार किया है। नियुक्त किए जाने वाले अध्यक्ष को काम करने के लिए पूरा समय नहीं मिल पाता। लेकिन केसरी सिंह पिछले ढाई साल से आरपीएससी के मेंबर है और आयोग की कार्यप्रणाली से पूर्व में परिचित है। सेना की पृष्ठभूमि से आने की वजह से वो समयबद्धता और प्लानिंग पर जोर देते हैं। उनके पहले से आयोग के अनुभव व कार्यप्रणाली का जानकार होने का फायदा मिल रहा है, कि वे पद ग्रहण करने के साथ ही एक्टिव हो गए है। बता दें कि उनको 9 अक्टूबर 2023 को आयोग का सदस्य बनाया गया और उनका कार्यकाल 8 अक्टूबर 2029 तक है। ………… पढें ये खबर भी… RPSC अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी बोले-नई भर्तियां समय पर करवाएंगे:गति और गोपनीयता के निर्देश दिए, कहा- जाति-धर्म नहीं, निष्ठा ही हमारी पहचान राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में सोमवार को सदस्यों के लिए विशेष ओरिएंटेशन और कार्यालय निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की पहल पर हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयोग की कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और विभागीय जिम्मेदारियों की बेहतर समझ विकसित कर पारदर्शिता, जवाबदेही और समन्वय को मजबूत करना था। (पूरी खबर पढ़ें)
अजमेर शहर में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई क्षेत्रों में सड़क पर जलभराव, जर्जर भवन, बिजली की तारों से टकराते पेड़ और खुले सीवरेज चैंबर से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, भास्कर समाधान पर उठाई गई शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए केसरगंज में बंद पड़ा हैंडपंप दोबारा चालू कराया गया और बापू नगर स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी में जाम नाली की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था सुचारु की गई। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… बीना बिड़ला बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' अजमेर के केसरगंज क्षेत्र से प्रकाश लोहार ने समस्या पोस्ट की थी कि भगवान आदिनाथ रोड स्थित हैंडपंप कई महीनों से बंद पड़ा है। समस्या सामने आने के बाद सहायक अभियंता बीना बिड़ला ने संबंधित टीम को मौके पर भेजकर के समस्या का समाधान करवा दिया। जिससे स्थानीय लोगों को पानी की सुविधा मिलने लगी है। हैंडपंप चालू होने से लोगों को मिली राहत केसरगंज क्षेत्र में भगवान आदिनाथ रोड स्थित हैंडपंप के लंबे समय से बंद होने की समस्या का समाधान हो गया है। शिकायतकर्ता प्रकाश लोहार ने बताया कि कई महीनों से बंद पड़ा हैंडपंप अब दोबारा चालू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की सुविधा मिलने लगी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हैंडपंप चालू होने से रोजमर्रा की पानी की परेशानी दूर हुई है। नागरिकों ने समाधान के लिए संबंधित विभाग का आभार जताया। नाली की सफाई होने से गंदे पानी की समस्या खत्म अजमेर। बापू नगर स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी में जाम नाली और गंदे पानी की समस्या का समाधान कर दिया गया है। शिकायतकर्ता धनेश कुमार गोधा की शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने नाली की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु किया। धनेश कुमार गोधा ने बताया कि सफाई कार्य पूरा होने से गंदा पानी सड़क पर फैलना बंद हो गया है और क्षेत्र में दुर्गंध की समस्या भी खत्म हो गई है। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए विभाग का आभार व्यक्त किया। अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… सड़क पर जलभराव और गड्ढों से बढ़ी परेशानी आनासागर रोड स्थित नया बाड़ा, ओंकार नगर, बसंत विहार क्षेत्र में सड़क पर गड्ढों और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी जोहारी लाल जाट ने बताया कि सड़क पर पानी भरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत होती है। साथ ही हादसे का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। जर्जर भवन बना हादसे का कारण, कार्रवाई की मांग साईं बाबा मार्ग स्थित कृष्ण कन्हैया कॉलोनी में एक जर्जर भवन लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी दशरथ ने बताया कि भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से भवन का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। बिजली की तारों से टकरा रहे पेड़, करंट का खतरा अशोक विहार कॉलोनी, गली नंबर 2, सुभाष नगर में पेड़ों की शाखाएं बिजली की तारों से टकरा रही हैं। स्थानीय निवासी अरुण भारद्वाज ने बताया कि बारिश के दिनों में इससे करंट फैलने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सीवरेज चैंबर का टूटा ढक्कन बना खतरा सर्वोदय कॉलोनी, पुलिस लाइन स्थित मकान नंबर 6-7 के बाहर सीवरेज चैंबर का ढक्कन टूटा हुआ है। स्थानीय निवासी राजीव जैन ने बताया कि खुले चैंबर के कारण लोगों के गिरने और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द ढक्कन की मरम्मत कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1. पंचशील नगर में सीवर टैंक की समस्या का हुआ समाधान:सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी आई सामने 2.अजमेर में पृथ्वीराज पुरी से हाथीभाटा तक समस्याओं की तस्वीर:बिजली कनेक्शन में देरी से रुका निर्माण कार्य, कार्रवाई के बाद बदली कई इलाकों की स्थिति 3.एक्सईएन राकेश गहलोत बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में एक साल से खुले चैम्बर की समस्या हुई हल, आना सागर की रोड लाइट भी सुधरीं, चूहों और बिजली के तारों की समस्या 4.चीफ हैल्थ इंस्पेक्टर रमेश बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में 20 साल पुरानी पेयजल समस्या का समाधान, महीनों बाद सफाई होने से लोग खुश 5.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 6.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 8.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 9.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 10.भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार
रतलाम के बिलपांक थाना अंतर्गत पवन चक्कियों पर डकैती की योजना बना रहे 8 बदमाशों को पकड़ा है। एक आरोपी नाबालिग है। इनके पास से हथियार समेत इलेक्ट्रॉनिक कटर व 5 किलो से अधिक गांजा भी मिला है। पुलिस ने बदमाशों को 23 जुलाई की रात पकड़ा। 24 जुलाई की रात पुलिस ने बदमाशों का खुलासा किया। बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि महू-नीमच रोड फोरलेन पर सरवड़ के पास स्थित एक खंडहर में 08 बदमाश को हथियारों के साथ बैठे है। बदमाश में पास में स्थित पवन चक्की पर डकैती डालने की योजना बना रहे है। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। रतलाम ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला व थाना प्रभारी बिलपांक अयुब खान द्वारा पुलिस टीम बनाकर घेराबंदी की। पुलिस टीम ने मौके पर 8 व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में एक जह मिले। जो पवन चक्की पर डकैती डालने की योजना बना रहे थे। डकैती कर बोलेरो से भागने वाले थे बदमाशों क्षेत्र में बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी 09 सीपी 0586 से पहुंचे थे। जो पुलिस को मौके पर मिली। डकैती के बाद इसी बोलेरो वाहन से भागने की योजना थी। पुलिस ने इनके पास से 2 धारदार तलवार, 05 दरांते, 1 इलेक्ट्रॉनिक कटर समेत 5.428 किलोग्राम गांजा भी बरामद किया गया। इसके अलावा मौके से शराब के खाली क्वार्टर, बीड़ी के बंडल, डिस्पोजल एवं पानी की खाली बोतलें भी बरामद की है। बदमाशों में एक नाबालिग शामिल विनोद (19)पिता गौतम डिण्डोर, अनिल (19)पिता प्रभु मईड़ा, कैलाश (25)पिता जोखा निनामा, संदीप (26) पिता धारासिंह निनामा, रामलाल (28)पिता जीवन निनामा सभी निवासी ग्राम आम्बापाड़ा, थाना सरवन, जिला रतलाम, सुरेंद्र मईड़ा (21)पिता पुंजा मईड़ा निवासी ग्राम रामगढ़, थाना आम्बापुरा, जिला बांसवाड़ा (राजस्थान), सतीश (26)पिता कालू कटारा, निवासी ग्राम जमुनिया, थाना सरवन, जिला रतलाम व एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा पास स्थित पवन चक्की पर डकैती डालने की योजना बनाना स्वीकार किया गया। बिलपांक थाना पुलिस ने धारा 310(4), 310(5) बीएनएस, 25 आर्म्स एक्ट एवं 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर बदमाशों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।
सीकर शहर में लोग दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' सेगमेंट के माध्यम से लगातार अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से नाली जाम, जलभराव, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के बाद कई मामलों में कार्रवाई भी हो रही है। इसी क्रम में शिवसिंहपुरा क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को ठीक कर लोगों को राहत दी गई, जबकि गोकुलपुरा ग्राम में नालियों की सफाई कर जलभराव की समस्या दूर की गई। वहीं कुछ समस्याएं अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’गोकुलपुरा ग्राम के वार्ड नंबर 43 से यतीश ने मुख्य चौक पर नालियों की सफाई नहीं होने से जलभराव की समस्या के बारे में बताया था। समस्या सामने आने के बाद नगर निगम के एइएन अमित स्वामी ने संबंधित टीम के माध्यम से नालियों की सफाई करवाई। अब नालियों की सफाई होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिली है। शिवसिंहपुरा में बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान नवलगढ़ रोड स्थित रॉयल रेजीडेंसी के पास शिवसिंहपुरा क्षेत्र से नितेश ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। समस्या पर संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्ट्रीट लाइट को ठीक कर दिया। अब रात के समय क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी रहने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है। गोकुलपुरा में गंदी नालियों का हुआ समाधान गोकुलपुरा ग्राम के वार्ड नंबर 43 से यतीश ने मुख्य चौक पर नालियों की सफाई नहीं होने से जलभराव की समस्या के बारे में बताया। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर नालियों की सफाई करवाई और जमा कचरा हटाया। इससे पानी की निकासी सुचारु हो गई। अब मुख्य चौक पर जलभराव की समस्या खत्म होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को राहत मिली है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… नाली जाम होने से फैला गंदा पानी धोबियों का मोहल्ला क्षेत्र में नाली जाम होने से गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। इससे लोगों और विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता मुकेश सिंह ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से कचरा जमा हो रहा है और बदबू फैल रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द सफाई कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। सड़क और नाली नहीं होने से बारिश में भरा पानी धोद रोड क्षेत्र में सड़क और नाली नहीं होने से बारिश का पानी जमा हो गया है। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता मो.फारूक खोखर ने बताया कि लंबे समय से सड़क और नाली निर्माण नहीं होने से हर बारिश में जलभराव की समस्या बनी रहती है। उन्होंने जल्द निर्माण कार्य कराने की मांग की है। पीपराली सर्किल पर जमा कचरे का ढेर जयपुर-झुंझुनूं बायपास स्थित पीपराली सर्किल पर खुले में कचरा डाले जाने से गंदगी बढ़ गई है। शिकायतकर्ता मुकेश ने बताया कि रोजाना कचरा जमा होने से बदबू फैल रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने नगर परिषद से नियमित सफाई और कचरा उठाने की मांग की है। नालियों में मिट्टी भरने से जल निकासी बाधित किसान कॉलोनी, चरण सिंह नगर में नालियों में मिट्टी भरने की समस्या सामने आई है। शिकायतकर्ता राजवीर सिंह शेखावत ने बताया कि इससे बारिश और गंदे पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से नालियों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को जल्द सुचारु करने की मांग की है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.सीकर के जगमालपुरा रोड पर स्ट्रीट लाइट हुई ठीक:सड़क, नालियों की सफाई, जल निकासी और बेसहारा पशुओं से जुड़ी समस्याएं आई सामने 2.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में मिलता हल:सरकारी ट्यूबवैल हुआ ठीक, पानी की सप्लाई ठीक करवाने वाले जेईएन हरिराम बने 'स्टार ऑफिसर' 3.कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:टूटी सड़क, अधूरे निर्माण और बेसहारा पशुओं की समस्या आई सामने, जेइएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.रेल्वे अंडरपास में जलभराव की समस्या का हुआ समाधान:टूटी सीवरेज लाइन, आवारा पशु और सड़क-पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से परेशान लोग 5. सीकर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या का हुआ समाधान:जाम नालियां, टूटी नाली और टूटे सीवर चेंबर की शिकायतें भी सामने आई, जेईएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.चांदपोल में महज 1 घंटे में साफ हुआ कचरा:सीकर के राघव विहार में परिषद ने बनाई पक्की सड़क, AEN विकास बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7.राघव विहार में सड़क निर्माण की समस्या का हुआ समाधान:शहर में सड़क, नाली, पेयजल, सीवर और बेसहारा पशुओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8.भास्कर समाधान: एईएन विकास बने 'स्टार ऑफिसर':कचरे और स्ट्रीट लाइट की समस्य का हुआ समाधान, पानी, टूटी सड़क और नालियों का समाधान अभी बाकी 9.आनंद नगर में बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:नाली, सड़क, बिजली, पेयजल और पार्किंग से जुड़ी कई समस्याएं आई सामने, कई समाधानों पर काम जारी 10.भास्कर समाधान : जलभराव की समस्या से मिली राहत:सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की परेशानी बरकरार, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर'
राजधानी में कहीं सड़क पर बने गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं तो कहीं जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और सड़क किनारे फैला कचरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। जयपुर के अलग-अलग इलाकों से ऐसी ही समस्याएं दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सामने आई हैं। प्रताप नगर, वैशाली नगर और पत्रकार कॉलोनी के लोगों ने सड़क, सीवर और सफाई से जुड़ी समस्याएं पोस्ट की हैं। वहीं, कुछ मामलों में संबंधित विभागों ने कार्रवाई करते हुए राहत भी दी है। मालवीय नगर और शास्त्री नगर में समस्याओं का समाधान किया गया। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… सड़क पर गड्ढा होने से हादसों का डरजयपुर के प्रताप नगर सेक्टर 9 अजय मार्ग से सड़क पर बने गड्ढे की समस्या सामने आई है। क्षेत्रवासी लक्ष्मण वर्मा ने लिखा कि पिछले 2 महीने से बारिश का पानी रोड पर भर रहा है। बीच सड़क पर गड्ढा होने के कारण हादसों का भी डर बना रहता है। कुछ समय पहले 2-3 बार हादसे हो चुके हैं। सीढ़ियों के पास बना सीवर चैंबर ओवरफ्लोवैशाली नगर के सेक्टर 6 के पार्क की टूटी सीढ़ियों के कारण आस-पास के लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, पार्क की सीढ़ियों के पास सीवर चैंबर है, सीढ़ियां टूटने के कारण वो सीवर की गंदगी अब रोड पर आने लगी है। जिससे क्षेत्रवासियों के दिक्कत हो रही है। साथ ही अंदर जाने में भी परेशानी आती है। हल्की बारिश में ही टापू बनी कॉलोनीप्रताप नगर सेक्टर 5 के मुख्य गेट बिजली ऑफिस के पास जलभराव के बारे में समस्या सामने आई है। यहां के रहने वाले योगेंद्र गुप्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि थोड़ी सी बारिश में ही रोड पर बहुत सारा पानी भर जाता है। साथ ही सड़क में गड्ढे होने के कारण पानी में पता नहीं चल पाता है और कई बार लोग चोटिल हो गए है। बच्चों और राहगीरों के लिए परेशानीपत्रकार कॉलोनी के लिटिल फीट स्कूल के पास रहने वाले सौरभ ने समस्या पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लिखा कि सड़क पर लोगों ने कचरा जमा कर लिया है। आस-पास के ठेलेवाले और दुकानदार यहीं पर कचरा डालते है। इस रास्ते से गुजरने वालों को बदबू का सामना करना पड़ता है और स्कूल के बच्चों के लिए भी सही नहीं है। सड़क की समस्या का हुआ समाधानमालवीय नगर के प्रधान मार्ग सेक्टर 3 से दिलीप कुमार खत्री ने कुछ समय पहले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर खराब सड़क की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि था कि रोड बहुत टूट गई थी। ऊंची-नीची सड़क के कारण लोगों को वाहन चलाने में भी परेशानी हो रही थी। हालांकि, समस्या पोस्ट होने पर संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। सीवर चैंबर की समस्या खत्म शास्त्री नगर के भट्ठा बस्ती से अर्पित ने दैनिक भास्कर पर सीवर चैंबर की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि सीवर का चैंबर टूटा था। समस्या सामने आने पर वार्ड पार्षद ने तुरंत एक्शन लिया और समाधान करवा दिया है। शिव कुमार बने 'पब्लिक के स्टार'जयपुर शहर के शास्त्री नगर के रहने वाले अर्पित ने कुछ समय पहले सीवर की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि चैंबर टूटने और रोड के ऊपर उठने से लोगों को समस्या हो रही थी। राहत की खबर है कि पोस्ट होने पर वार्ड पार्षद शिव कुमार ने चैंबर ठीक करवाकर लोगों को राहत पहुंचाई है। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.चित्रकूट नगर में सीवर ओवरफ्लो, आमेर में बदहाल सड़क:कहीं अतिक्रमण तो कहीं बंद स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, जयपुर की समस्याओं की तस्वीर 2.जयपुर में 'भास्कर समाधान' पर लोग उठा रहे आवाज:कल्याणपुरा में धंसी सड़क, मांग्यावास में सीवर ओवरफ्लो, केशुपुरा और भृगु पथ में मिली राहत 3.समस्याओं पर बढ़ी कार्रवाई, कई इलाकों में लोगों को राहत:सीवर, सड़क, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट की शिकायतें आई सामनें, अशोक बोहरा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 4.जयसिंहपुरा खोर में सड़क की समस्या का हुआ समाधान:बिजली मीटर, सीवर ओवरफ्लो, झुके पोल की समस्याएं आई सामने, ओम थानवी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.जयपुर में नागरिक समस्याओं का हो रहा समाधान:नित्यानंद नगर में सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, महावीर कॉलोनी में 20 दिनों से हो रही गंदे पानी की सप्लाई 6.जयपुर के 6 इलाकों की 6 तस्वीरें:कहीं सड़क, तो कहीं लाइट का इंतजार, कुछ जगहों पर सीवर और कचरे से परेशान लोग, शिकायतों के बाद शुरू हुई कार्रवाई 7.जयपुर के रामगंज, सांगानेर और झालाना में एक्शन:पाइपलाइन लीकेज, सीवर और बिजली का संकट दूर, एक्शन लेने वालीं निवर्तमान मेयर कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 8.झोटवाड़ा और शास्त्री नगर में जनता परेशान:आगरा रोड और मांग्यावास को मिली बड़ी राहत, पार्षद और निगम के एक्शन से कई इलाकों में समाधान 9.जयपुर में जनसमस्याओं पर तुरंत एक्शन:लापरवाही के खिलाफ धरातल पर दिखा बड़ा असर, निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल की तत्परता से बड़ी कार्रवाई 10.शास्त्री नगर में मनोज मुदगल ने करवाई सफाई:जयपुर के कई इलाकों से हटा कचरा, तो कई जगहों पर सीवर और गंदगी से जूझ रहे लोग
उदयपुर के अलग-अलग इलाकों में सड़क, सफाई, नाली और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं गैस पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो कहीं नाले में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। न्यू भोपालपुरा में सड़क धंसने और एकलव्य कॉलोनी में जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर नागरिकों ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की है। मीरा नगर, मनोहरपुरा और अन्य क्षेत्रों से आई इन समस्याओं पर लोगों ने समाधान की मांग की है। वहीं, कुछ समस्याओं पर विभागों ने कार्रवाई करते हुए राहत भी पहुंचाई है। मठ माद्री और बलीचा-प्रतापनगर क्षेत्र में बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान किया गया है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… गैस पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की दुर्दशाउदयपुर शहर के मीरा नगर से खुदी हुई सड़क की समस्या दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट हुई है। क्षेत्रवासी आयूष पंचोली ने लिखा कि गैस पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई थी। जिसके बाद पूरा मलबा ऐसे ही रोड पर छोड़ दिया गया है। लोगों के घरों के बाहर टूटी सड़क का मलबा पड़ा रहने से समस्या आ रही है। गंदगी की बदबू से परेशान क्षेत्रवासीमनोहरपुरा इलाके के रहने वाले हातिम झाढ़ोल ने 'भास्कर समाधान' पर समस्या लिखी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बने नाले में नगर-निगम ने जाली तो लगा दी है, लेकिन उसकी सफाई नहीं की गई है। जाली लगने के बाद कचरा एक जगह जमा हो रहा है। जिससे आने वाला बदबू के कारण लोगों को जीना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल पंप के सामने सड़क धंसने का मामलाउदयपुर शहर के न्यू भोपालपुरा पेट्रोल पंप के सामने सड़क धंसने की समस्या पोस्ट हुई है। क्षेत्र के रहने वाले आशीष केसरी ने पोस्ट में लिखा कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा बारिश के बाद अंदर धंस गया, जिससे बीच रोड पर गड्ढा बन गया है। इस गड्ढे के कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि इसका जल्द समाधान किया जाए। घरों की नींव तक पहुंचा नाली का पानीसज्जनगढ़ रोड की एकलव्य कॉलोनी से डॉ. बाल गोपाल शर्मा ने समस्या लिखी कि UIT कॉलोनी होने के बाद भी घर के ठीक पास पूरी कॉलोनी के लिए एक नाला है। जिसके कारण कॉलोनी में गंदा पानी आता है। लोगों का कहना है कि पहले JCB लगवाकर लोगों ने अपने आप ही इसे साफ करवा लिया था। लेकिन ये समस्या अभी भी बनी है और अब पानी घरों की नींव में भी जाने लगा है। कई दिनों से बंद रोड लाइट हुई ठीकशहर के मठ माद्री क्षेत्र NH 48 के रहने वाले शिवराज ने 'भास्कर समाधान' पर कुछ दिनों पहले बंद रोड लाइट के बारे में पोस्ट किया था। जिसमें लिखा था कि होटल रेडिसन के पास की रोड लाइट खराब होने से काफी समस्या आ रही था। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। बलीचा चौराहा से नेला सरकारी स्कूल तक अंधेरा खत्मउदयपुर शहर के प्रताप नगर बलीचा चौराहा से नेला सरकारी स्कूल तक लगी सभी स्ट्रीट लाइट्स बंद होने के बारे में समस्या पोस्ट हुई थी। क्षेत्रवासी बी.एल कटारा ने लिखा था कि डेढ़ किलोमीटर के एरिया में लाइट न होने से काफी परेशानी आती थी। हालांकि समस्या पोस्ट होने के बाद यूडीए के एईएन ने इसका समाधान करवा दिया है। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। अनिल तम्बोली बने 'स्टार ऑफिसर'उदयपुर के नेला क्षेत्र में रहने वाले बीएल कटारा ने बलिचा - प्रतापनगर हाईवे पर करीब 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में लगी रोड लाइट्स के खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसके बाद यूडीए के एईएन अनिल तम्बोली ने तुरंत एक्शन लिया और समाधान करवा दिया है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.सवीना मंडी से अणुव्रत नगर तक नागरिक समस्याएं:गड्ढे, गंदगी और बंद नालियों से परेशान लोग, उदयपुर से 'भास्कर समाधान' पर सामने आईं शिकायतें 2.उदयपुर के हिरण मगरी में सड़क का इंतजार:झामर कोटड़ा रोड पर जलभराव, कहीं नाली का कचरा तो कहीं बेसहारा पशुओं का डर 3.'भास्कर समाधान' पर भरोसा कायम:टूटी सड़क और टूटे चैम्बर का समाधान, कचरा, जलभराव और पानी की समस्या पर काम जारी, लोकेश गारु बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.उदयपुर से सामने आईं 5 बड़ी समस्याएं:मीरा नगर में बिजली के तार बने खतरा, भुवाना रोड पर खुला चैंबर, शिकायत के बाद ठीक हुई स्ट्रीट लाइट 5.उदयपुर के भुवाना और बेड़वास में कार्रवाई:खतरनाक स्पार्किंग और गंदगी की समस्या दूर, पहाड़ा में स्ट्रीट लाइट गुल और रेलवे क्रॉसिंग के पास झुके बिजली के पोल 6.उदयपुर में बंद लाइटें और कीचड़ से फूटा गुस्सा:आदिनाथ और महावीर कॉलोनी की जनता बेहाल, गोवर्धन कल्याण के प्रयासों से ठीक हुआ सीवर का ढक्कन 7.आम जनता की समस्याओं को मिला मंच:उदयपुर में सड़क पर फैला कीचड़ तो कहीं नालियां हुईं बंद, अधिकारियों को पाबंद कर वार्डों में शुरू कराया सफाई अभियान 8.उदयपुर में सड़क और रोड लाइटें हुई ठीक:कई इलाकों में अब भी गंदगी और झूलते तारों की समस्या, कनिष्ठ अभियंता रवि जैन बने ‘स्टार ऑफिसर’ 9.आठ साल पुरानी नाले की समस्या का हुआ समाधान:जनसमस्याओं पर कार्रवाई जारी, समाधान से लोगों को मिली राहत, प्रमोद कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 10.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं की खुली पोल:सीवर और गंदगी की शिकायतों पर निगम ने दिखाया एक्शन, अजय घारू बने आज 'पब्लिक के स्टार'
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद दादाबाड़ी में बिजली के तारों की लंबित समस्या का समाधन हो गया। वहीं महावीर चौक में सालों से कचरे से भरे प्लॉट की सफाई हुई तो गली के लोगों केचेहरे पर मुस्कान आ गई। पहले एक नजर आज के प्रमुख समाधानों पर… समस्या पोस्ट की तो मिल गया हल निर्मला सोनी ने दादाबाड़ी से बिजली के तारों के पेड़ों में उलझने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि गणेश तालाब सेक्टर–1 में मुख्य मार्ग पर बिजली के तारों में पेड़ों की शाखाएं उलझी हुई हैं। इनसे बारिश में करंट–शॉर्ट सर्किट आने का खतरा बना हुआ है। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने पेड़ों की छंटाई करवाकर समस्या का समाधान करवा दिया है। वार्ड प्रभारी मुश्ताक बने 'पब्लिक के स्टार' कोटा के तीन बत्ती सर्किल रोड, महावीर चौक, दादाबाड़ी से एक यूजर ने खाली प्लॉट में कचरा डालने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने पोस्ट में बताया कि महावीर नगर विस्तार योजना हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 5 में एक खाली प्लॉट है। लोगों ने कचरा डालकर इसे पूरा भर दिया है। कचरा बारिश में सड़ रहा है। हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर वार्ड 87 के वार्ड प्रभारी मुश्ताक खान ने समस्या का समाधान करवा दिया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… नाले में भरी कचरे और टहनियां ‘भास्कर समाधान’ पर रावतभाटा रोड से सुरेश कुमार मीना ने नाले की सफाई न होने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने लिखा है कि अहिंसा सर्किल, श्रीनाथपुरम में मेडिकल कॉलेज कैम्पस के नाले कचरे और पेड़ों की टहनियों से भरे पड़े हैं। कचरा उठाने वाली गाड़ी के नियमित न आने से डस्टबिन के आसपास भी कचरा फैला है। समाधान करवाएं। झुके पेड़ के गिरने का डर कोटा के इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया में सिटी मॉल के रोड नंबर 4 पर एक पेड़ सड़क पर झुका हुआ है। फोटो खींचकर यह समस्या हमें एक जागरूक स्थानीय नागरिक ने भेजी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह पेड़ काफी दिनों से रोड पर झुका हुआ है और कभी भी गिर सकता है। निगम जल्द एक्शन लें ताकि किसी तरह की जनहानि को टाला जा सके। मेन रोड पर खुला चैम्बर प्रेमनगर अफोर्डेबल योजना से हरिओम वर्मा ने खुले चैम्बर की समस्या पोसट की है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी के ए ब्लॉक, मेन रोड पर सीवरेज चैम्बर का ढक्कन कई दिनों से खुला हुआ है। मुख्य रास्ते पर होने के कारण अक्सर लोग इससे बचने के फेर में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। निगम अधिकारियो–कर्मचारियों से इसे जल्द ढकने की अपील है। गली की स्ट्रीट लाइट खराब कोटा के बलीता रोड, वर्धमान रॉयल सिटी से रामस्वरूप सेन ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या शेयर की है। उन्होंने लिखा है कि कई दिनों से गली की स्ट्रीट लाइट खराब है लेकिन शिकायत के बाद भी निगम के कर्मचारी इसे ठीक करने नहीं आ रहे हैं। बारिश के मौसम में रात को अंधेरे में निकलना पड़े तो परेशानी होती है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
बीकानेर में दो दिन तक अच्छी बारिश के बाद मानसून की रफ्तार फिर धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले में बारिश की संभावना नहीं है और अगले तीन दिन मौसम शुष्क रह सकता है। इससे तापमान और उमस बढ़ने के आसार हैं। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार पर भी असर पड़ सकता है। बीकानेर संभाग में बारिश के आसार नहीं मौसम विभाग की ओर से शनिवार को जारी अलर्ट में पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन बीकानेर संभाग के लिए मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। हालांकि जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। दो दिन में 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है तापमान बारिश के बाद फिलहाल बीकानेर का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो सामान्य से थोड़ा कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मौसम शुष्क रहा तो अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान फिर बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। इसके साथ ही उमस भी बढ़ने की संभावना है। खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर इस बार बीकानेर में मानसून अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं रहा है। बीच-बीच में हुई बारिश के बावजूद जिले में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। यदि आने वाले दिनों में भी मानसून कमजोर रहा तो खरीफ फसलों की बुवाई और उनकी बढ़वार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों की नजर अब मानसून की अगली सक्रिय लहर पर टिकी हुई है।
सागर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। शुक्रवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की दो अलग-अलग टीमों ने गढ़पहरा, देवरी और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्कूली वाहनों की गहन जांच की। इस दौरान कुल 27 स्कूली वाहनों और अन्य यात्री वाहनों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के दौरान एलपीजी गैस किट लगी वैन, बिना फिटनेस चल रही स्कूल बस और बिना बीमा एवं एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन वाले वाहन पकड़े गए। परिवहन विभाग ने तीनों वाहनों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। LPG किट लगी वैन से गैस किट हटाकर जब्त की गई जांच के दौरान देवरी क्षेत्र में वैन क्रमांक MP-49 BB-1464 में एलपीजी गैस किट लगी मिली। अधिकारियों ने वाहन की जांच की तो पता चला कि उस समय वाहन गैस किट से संचालित नहीं हो रहा था और उसका कनेक्शन अलग कर दिया गया था। हालांकि, भविष्य में गैस किट का दोबारा उपयोग न किया जा सके, इसलिए परिवहन विभाग ने मौके पर ही गैस किट निकलवाकर जब्त कर ली। अधिकारियों का कहना है कि स्कूली वाहनों में एलपीजी किट का उपयोग सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरा बन सकता है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में गैस रिसाव या आग लगने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए ऐसे वाहनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बिना बीमा और छह साल से एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन वाली वैन मिली कार्रवाई के दौरान वैन क्रमांक MP-09 V-7389 बच्चों को लेकर जाते हुए मिली। जांच में पाया गया कि वाहन एलपीजी गैस किट से संचालित हो रहा था। दस्तावेजों की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि वाहन का बीमा समाप्त हो चुका है, जबकि उसका पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) करीब छह वर्ष पहले ही समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वाहन में बच्चों को बैठाकर स्कूल लाने-ले जाने का काम किया जा रहा था। परिवहन विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए वाहन को तत्काल जब्त कर लिया। बिना फिटनेस चल रही स्कूल बस भी पकड़ी गई निरीक्षण के दौरान पारस स्कूल की बस (MP-11 P-0391) बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के बच्चों को परिवहन करती हुई मिली। नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल बस का समय-समय पर फिटनेस परीक्षण कराना अनिवार्य है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में है। बिना फिटनेस के वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है और इससे बच्चों की सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा होता है। इसी कारण बस को भी जब्त कर लिया गया। टाटा मैजिक भी मिली नियमों के विपरीत संचालित अभियान के दौरान टाटा मैजिक (MP-15 T-2981) भी बिना फिटनेस और बिना बीमा के संचालित होती मिली। जांच में वाहन के आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं पाए गए। विभाग ने इस वाहन को भी जब्त कर परिवहन कार्यालय परिसर में खड़ा करा दिया। स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष फोकस परिवहन विभाग का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र के दौरान बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। स्कूल वाहनों में फिटनेस, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास, जीपीएस और चालक की पात्रता जैसे सभी सुरक्षा मानकों की लगातार जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी स्कूल वाहन में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। RTO ने अभिभावकों से की खास अपील क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेनगुरिया ने कहा कि कुछ वाहन संचालक नियमों की अनदेखी कर एलपीजी गैस किट लगाकर स्कूल वाहन चला रहे हैं। ऐसे वाहनों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी जांच अभियान जारी रहेगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को केवल फिटनेस प्रमाणित और सुरक्षित स्कूल वाहनों में ही भेजें। यदि कोई वाहन ओवरलोड हो, एलपीजी गैस किट से संचालित हो, बिना फिटनेस या बिना आवश्यक दस्तावेजों के चलता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत परिवहन विभाग को दें। लगातार चलेगा अभियान परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिलेभर में स्कूल वाहनों की जांच आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ वाहन जब्ती और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे
नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को शाहपुर नगर में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। यह कैंडल मार्च जय स्तंभ चौराहा से शुरू होकर महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा तक निकाला गया। मार्च में शामिल सभी कार्यकर्ताओं ने दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र महाजन ने इस अवसर पर कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार सख्त रवैया नहीं अपना रही है। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस हमेशा छात्र-छात्राओं के साथ खड़ी है और इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलवंत सिंह पाटील ने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में विफल रही है। पाटील ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का इस्तीफा, और छात्रों के लिए निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र के अलावडा स्थित चौमा गांव में मोबाइल पर बात करते-करते युवक कुएं में गिर गया। युवक कुएं की मुंडेर पर बैठकर फोन पर बात कर रहा था। तभी अचानक असंतुलित होकर 25 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। हादसे में युवक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसे अलवर जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। फोन पर बात करते-करते खोया संतुलन प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामगढ़ के चौमा गांव निवासी युवक अभिषेक कुएं की मुंडेर पर बैठा था। वहीं पर बैठे-बैठे बात करने लग गया। तभी उसकानीचे गिर संतुलन बिगड़ गया और वह कुएं में गिर गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण अंदर से अभिषेक के चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत कुएं की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए रस्सियों की मदद से कड़ी मशक्कत कर अभिषेक को सुरक्षित बाहर निकाला। अभिषेक के सिर में गंभीर चोट लगी है। परिजन आनन-फानन में उसे रामगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल अलवर रेफर कर दिया।
भीलवाड़ा के जहाजपुर क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक लग्जरी कार से 351 किलो 220 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया। नाकाबंदी देखकर चालक कार को मोड़कर भाग निकला और बाईपास के पास वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। तलाशी में कार से 21 प्लास्टिक के कट्टों में डोडा चूरा और अजमेर व गुजरात की दो अलग-अलग नंबर प्लेट भी मिलीं। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। नाकाबंदी देखकर कार मोड़कर भागा चालक जहाजपुर थाना प्रभारी दयाराम चौधरी ने बताया कि एसपी सागर राणा के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चावंडिया चौराहे से जहाजपुर की ओर नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान शक्करगढ़ की तरफ से सफेद रंग की एक किया कैरेंस कार आती दिखाई दी। नाकाबंदी देखकर चालक ने कार को मोड़ लिया और मौके से भागने का प्रयास किया। संदेह होने पर पुलिस ने कार का पीछा किया। बाईपास के आगे चालक कार को सड़क किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। 21 प्लास्टिक के कट्टों में मिला 351 किलो 220 ग्राम डोडा चूरा कार की तलाशी लेने पर उसमें 21 प्लास्टिक के कट्टों में अवैध डोडा चूरा मिला। कार को थाने लाकर वजन कराया गया, जिसमें कुल 351 किलो 220 ग्राम अवैध डोडा चूरा पाया गया। पुलिस ने डोडा चूरा और तस्करी में प्रयुक्त किया कैरेंस कार को जब्त कर लिया। अजमेर और गुजरात की दो नंबर प्लेट भी मिलीं तलाशी के दौरान कार से अजमेर और गुजरात की दो अलग-अलग नंबर प्लेट भी बरामद हुईं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबर प्लेटों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और डोडा चूरा की खरीद-फरोख्त व तस्करी नेटवर्क के संबंध में जांच जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में जहाजपुर थाना प्रभारी दयाराम चौधरी, हेड कांस्टेबल राजेश, कांस्टेबल मंगल सिंह, संदीप, विजय कुमार, बाबूलाल और रिकम शामिल रहे।
सीधी जिले में विश्व बाघ दिवस-2026 के अवसर पर शनिवार सुबह 'रन फॉर टाइगर' का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि संजय टाइगर रिजर्व द्वारा आयोजित इस 5 किलोमीटर लंबी जागरूकता दौड़ का मुख्य उद्देश्य बाघ और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कलेक्ट्रेट चौक से जमोड़ी डिपो तक दौड़ यह मैराथन सुबह 7 बजे कलेक्ट्रेट चौक से शुरू होकर जमोड़ी डिपो तक आयोजित की गई। मुख्य अतिथि डॉ. अनुप मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ का शुभारंभ किया। इस आयोजन में विभिन्न स्कूलों के लगभग 240 विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और वन विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी सम्मानित दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए मेडल, प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में डीएफओ राजेश कन्ना टी समेत वन विभाग के कई अधिकारी और मानसेवी जिला वन्यप्राणी अभिरक्षक डॉ. कैलाश तिवारी मौजूद रहे। डीएफओ बोले- पारिस्थितिकी तंत्र का आधार हैं बाघ विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डीएफओ राजेश कन्ना टी ने कहा कि बाघ संपूर्ण वन पारिस्थितिकी तंत्र का मुख्य आधार हैं। उन्होंने बताया कि संजय टाइगर रिजर्व द्वारा 24 जुलाई से 29 जुलाई तक बाघ संरक्षण को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
मध्य प्रदेश में एथेनॉल के नाम पर गरीबों और कुपोषितों के 1160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले के तार महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से भी जुड़ गए हैं। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि छिंदवाड़ा के एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए आवंटित चावल महाराष्ट्र के गोंदिया और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिलों की राइस मिलों तक भी पहुंचा है। घोटाले में पूर्व मंत्री और बालाघाट भाजपा के जिलाध्यक्ष रामकिशोर कांवरे के परिवार की राइस मिल हर्ष इंडस्ट्रीज का नाम भी जुड़ गया है। मिल के पार्टनर विनोद शर्मा को पुलिस ने 24 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया है। कावरे के भाई कुमार और भतीजे अविनाश से भी कई दौर की पूछताछ की गई है। डीवीआर और अन्य दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं। भास्कर ने जब पूर्व मंत्री कांवरे से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने सवाल सुनने के बाद फोन काट दिया। वॉट्सएप पर भेजे गए मैसेज का भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि चावल घोटाले में संलिप्तता उजागर होने के बाद कांवरे ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मदद मांगी थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। सरकार ने गरीबों और कुपोषित बच्चों के हिस्से के चावल के घोटाले की जांच में पुलिस को फ्री हैंड दिया है। यही वजह है कि पुलिस ने कांवरे के परिजन के स्वामित्व वाली हर्ष इंडस्ट्रीज के पार्टनर विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। कांवरे के परिजन से भी लंबी पूछताछ का दौर जारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बालाघाट से करीब 10 किलोमीटर दूर टेकाड़ी गांव स्थित हर्ष इंडस्ट्रीज में एथेनॉल प्लांट का चावल मिलने के डिजिटल सबूत मिले हैं। इस घोटाले में गिरफ्तार एक अन्य राइस मिलर सुरेंद्र राणा को पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन का रिश्तेदार बताया जा रहा है। हर्ष इंडस्ट्रीज में पहुंचा था एथेनॉल प्लांट का चावल जांच में पता चला है कि छिंदवाड़ा के एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए वेयरहाउस से रवाना हुआ चावल का ट्रक हर्ष इंडस्ट्रीज पहुंचा था। पुलिस को इसके सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। डीवीआर जब्त कर ली गई है। रजिस्टर में भी इसकी एंट्री मिली है। इसी आधार पर पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए हर्ष इंडस्ट्रीज के संचालकों पर शिकंजा कसा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हर्ष इंडस्ट्रीज ही चावल घोटाले का सेंटर पॉइंट रही है। कैसे लगी घोटाले की भनक? एथेनॉल प्लांट की बजाय राइस मिल पहुंचे चावल के ट्रक मामले का खुलासा 2 जून को नवेगांव वेयरहाउस (बालाघाट) से एवीजे एथेनॉल प्लांट (छिंदवाड़ा के बोरगांव) भेजे गए तीन ट्रक चावल की जांच के दौरान हुआ। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इनका उपयोग एथेनॉल उत्पादन के लिए होना था। हालांकि, 3 जून को इनमें से एक ट्रक बालाघाट की संचेती राइस मिल में मिला, जबकि बाकी दो ट्रक भी छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट तक नहीं पहुंचे। घटना सामने आने के बाद पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच शुरू की। 50 दिन की जांच, 18 रसूखदार आरोपी, 12 गिरफ्तार घोटाले की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस की 20 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम 50 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं कर पाई है। अब तक 18 रसूखदार आरोपियों को पुलिस ने नामजद किया है। इनमें से 12 गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के अलावा फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के दिल्ली मुख्यालय के अधिकारी भी इस घोटाले की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा एफसीआई का रीजनल ऑफिस भी समानांतर जांच कर रहा है। जांच का फोकस इस बात पर है कि एथेनॉल प्लांट के लिए 50 लाख मीट्रिक टन चावल का आवंटन करने में नीति को कहां-कहां और किस-किस ने दरकिनार किया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जिन 21 एथेनॉल प्लांटों ने चावल खरीदा, उन्होंने वे बैग कब और किसे बेचे। खाद्य मंत्री बोले- एफसीआई केंद्र की एजेंसी, हमारा रोल नहीं राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से जब भास्कर ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। एफसीआई और एथेनॉल प्लांट दोनों ही केंद्र सरकार से जुड़े विषय हैं।
नरसिंहपुर जिले में खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन प्रणाली किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। लोकल केंद्रों के बजाय दूरस्थ केंद्रों के टोकन जारी होने के कारण किसानों को खाद लेने के लिए 120 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। 16 बोरी यूरिया के लिए देने पड़ा 3200 रुपए ऑटो किराया गोटेगांव तहसील के तरवारा गांव निवासी रोशन पटेल को 16 बोरी यूरिया के लिए 120 किलोमीटर दूर सालीचौका केंद्र का ई-टोकन मिला। खाद लाने के लिए उन्हें 3200 रुपए में ऑटो किराए पर लेना पड़ा, जिससे प्रति बोरी 200 रुपए केवल परिवहन पर ही खर्च हो गए। अलग-अलग समय पर मिले टोकन किसानों के अनुसार ई-टोकन बुकिंग का कोई निश्चित समय तय नहीं है। दिन या रात में किसी भी वक्त स्लॉट खुलने के कारण 15-15 दिनों तक मोबाइल पर नजर रखनी पड़ रही है। हीरापुर के मनोज पटैल भी 40 किलोमीटर दूर से सालीचौका पहुंचे, जहां ऑटो चालकों द्वारा 2000 रुपए तक किराया मांगा जा रहा है। फसल प्रभावित होने की आशंका, नजदीकी केंद्रों से खाद देने की मांग मक्का की फसल में समय पर यूरिया न डालने से उत्पादन घटने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों ने ई-टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, स्लॉट बुकिंग का समय निश्चित करने और अपने नजदीकी केंद्रों से ही यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिरसा लोकसभा सीट से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा आज शनिवार को सिरसा दौरे पर रहेंगी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक पहुंचेगी। यहां जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की मीटिंग लेंगे। पहले वह आमजन की जनसमस्या सुनेंगी और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। शनिवार सुबह करीब 11 बजे मीटिंग का समय रखा है। यह मीटिंग बरनाला रोड स्थित स्थानीय पंचायत भवन में रखी गई है। प्रशासन की ओर से तैयारी कर ली गई है। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहेंगे। पुलिस की ओर से भी सख्त की गई है। शहर के अलावा सभी हलकों से आमजन अपनी समस्या लेकर आएंगे। 10 बजे के बाद लोगों की भीड़ जुटना शुरू होंगी। देखना होगा कि कांग्रेस के सभी विधायक इस मीटिंग में आंएगे या नहीं। इनेलो विधायक भी पहुंचने के आसार है। सभी अधिकारी रहेंगे उपस्थित इस दौरान मीटिंग में संबंधित विभाग अपनी योजनाओं और कार्य की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे। डीसी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को बैठक में उपस्थित रहने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी विधायक, जिला परिषद चेयरमैन और अन्य अधिकारियों को निमंत्रण दिया गया है। इस खबर को बाद में अपडेट किया जाएगा। विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा इस बार सैलजा की अधिकारियों से पिछली मीटिंग के दौरान विभिन्न मुद्दों पर जो चर्चा हुई थी, उन पर भी जवाब लिया जाएगा। इससे पहले मार्च माह में दिशा की मीटिंग हुई थी। उस दौरान शहर में सीवरेज, पेयजल समस्या एवं टूटी सड़कों से लेकर और सरकारी स्कूलों में विभिन्न संसाधनों की कमी के आदि मुद्दे उठाए गए। इन पर सांसद ने अधिकारियों से संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए कहा था।
गुना शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोप है कि आरोपी ने युवती के नाबालिग रहने के दौरान उसे बहला-फुसलाकर कई वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय युवती ने 7 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि 14 फरवरी 2019 को आरोपी कवि यादव उसे गुना की दुर्गा कॉलोनी स्थित अपने कमरे पर ले गया। वहां उसने शादी का वादा कर उसके साथ पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर आरोपी लगातार कई वर्षों तक उसके साथ संबंध बनाता रहा। जब भी वह शादी की बात करती, आरोपी अपनी बहनों की शादी का हवाला देकर टाल देता था। गर्भवती होने पर कराई गर्भपात की कोशिश पीड़िता ने बताया कि करीब एक साल पहले वह गर्भवती हो गई थी। इस दौरान आरोपी ने उसे दवा लाकर खिलाई, जिससे गर्भपात हो गया। इसके बाद भी मई 2026 तक आरोपी शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाता रहा। जब युवती ने दोबारा शादी की बात की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। विरोध करने पर उसने युवती और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। परिजनों ने की थी समझाने की कोशिश पीड़िता ने पूरी घटना अपने माता-पिता को बताई। इसके बाद उसके पिता आरोपी के घर शादी की बात करने पहुंचे, लेकिन आरोपी और उसके परिवार ने रिश्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार युवती की शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस बीच आरोपी की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय के रोजगार अधिकारों को लेकर दिल्ली सरकार से पूछा कि जब सरकारी भर्ती विज्ञापनों में रिक्तियां केवल पुरुष और महिला श्रेणी में बांटी जाती हैं, तो ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति कैसे होगी। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि सिर्फ आवेदन पोर्टल में थर्ड जेंडर का विकल्प जोड़ना इस समस्या का समाधान नहीं है। अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आवेदन पोर्टल में तीसरे लिंग का विकल्प जोड़ दिया गया है और याचिकाकर्ता आवेदन कर चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों को आरक्षण देने का फैसला न्यायिक आदेश से नहीं, बल्कि विधायिका के स्तर पर किया जा सकता है। कोर्ट बोला- वे भी इंसान हैं, सहानुभूति से देखें याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि शिक्षकों की भर्ती समेत कई सरकारी विज्ञापनों में अब भी पद ‘पीजीटी बायोलॉजी (महिला)’ और ‘पीजीटी केमिस्ट्री (पुरुष)’ जैसी श्रेणियों में बांटे जाते हैं। इस पर पीठ ने कहा, “वे भी इंसान हैं, उन्हें सहानुभूति से देखें।” कोर्ट ने यह भी कहा कि आवेदन करने के बाद भी ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को यह कहकर बाहर किया जा सकता है कि वे तय श्रेणी में फिट नहीं बैठते। इसी मुद्दे पर अदालत ने दिल्ली सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। इनपुट में अगली सुनवाई की तारीख की जानकारी नहीं दी गई है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अब सोशल-मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे कोर्ट की कार्यवाही:सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- न्यायालय 24x7 एंटरटेनमेंट चैनल नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट की सुनवाई की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग बिना पहले से अनुमति लिए सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट नहीं की जा सकती। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि इस फैसले से मीडिया की खबरों पर कोई रोक नहीं लगेगी। पूरी खबर पढ़ें…
टोंक के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) में हाई रिस्क गर्भवती महिला का सफल इलाज किया गया। उनियारा क्षेत्र की प्रसूता कविता मीणा की डिलीवरी के बाद बच्चेदानी फटने की गंभीर स्थिति बनी, जिस पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने समय रहते ऑपरेशन किया। उपचार के दौरान चार यूनिट खून चढ़ाया गया। फिलहाल मां और नवजात बेटी दोनों स्वस्थ हैं। पोस्ट डिलीवरी के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत प्रमुख विशेषज्ञ एवं स्त्री-प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता राजोरा ने बताया कि प्रसूता कविता मीणा पत्नी ओमप्रकाश मीणा निवासी खोल्या, उनियारा को 19 जुलाई शाम 5:13 बजे प्रसव समय निकल जाने (पोस्टडेटिज्म) के कारण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र टोंक में भर्ती कराया गया। जांच और सोनोग्राफी में गर्भस्थ शिशु के चारों ओर एम्नियोटिक द्रव (पानी) की कमी मिली। इसके बाद परिजनों की सहमति से प्रसव की प्रक्रिया शुरू की गई। डॉ. राजोरा ने बताया कि प्रसूता ने 21 जुलाई अल सुबह 4:27 बजे एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात की नियमित जांच कर उन्हें ऑब्जर्वेशन वार्ड में भर्ती किया गया। जांच में बच्चेदानी फटने की आशंका मिली दोपहर में डॉक्टरों के राउंड के दौरान प्रसूता ने पेशाब कम आने की शिकायत की। इसके बाद तुरंत जांच की गई। जांच में मरीज का बीपी सामान्य से कम मिला। साथ ही खून की कमी और बच्चेदानी की स्थिति भी सामान्य नहीं लगी। इसके बाद सोनोग्राफी और खून की जांच करवाई गई। रिपोर्ट में बच्चेदानी फटने (यूटेराइन रप्चर) की आशंका और उसके आसपास खून के थक्के जमा होने की पुष्टि हुई। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों की सहमति लेकर तुरंत ऑपरेशन का फैसला किया गया। विशेषज्ञ टीम ने किया जटिल ऑपरेशन प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. सुनीता राजोरा के नेतृत्व में प्रमुख विशेषज्ञ सर्जन डॉ. निसर्ग कुलश्रेष्ठ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णा गुर्जर तथा ओटी टीम के रामनरेश शर्मा, मनोज उपाध्याय और नीरज सैनी ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान बच्चेदानी के निचले हिस्से में रप्चर और आसपास खून के थक्के मिले, जिन्हें सफलतापूर्वक रिपेयर किया गया। चार यूनिट खून चढ़ाया गया ऑपरेशन के दौरान प्रसूता को 3 यूनिट रक्त चढ़ाया गया, जबकि पूरे उपचार के दौरान कुल 4 यूनिट रक्त दिया गया। उपचार के समय मरीज का हीमोग्लोबिन भी काफी कम था, जिसे रक्त चढ़ाकर सामान्य स्तर पर लाया गया। शनिवार सुबह तक मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य रही। प्रसूता पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती है, जहां अनुभवी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में उसका इलाज जारी है। हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध: पीएमओ पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने कहा कि जिला हॉस्पिटल और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र टोंक में हाई रिस्क गर्भवतियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक सुविधाएं और सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने जिले की सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से समय पर सरकारी हॉस्पिटल आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं देने और हर मरीज का सुरक्षित इलाज सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। परिजनों ने कहा- जयपुर जैसा इलाज मिला प्रसूता की परिजन ममता मीणा ने बताया कि प्रसव के बाद कविता की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। एक समय उन्हें तुरंत जयपुर ले जाने का विचार आया, लेकिन डॉ. सुनीता राजोरा पर भरोसा होने के कारण उन्होंने ऑपरेशन की सहमति दे दी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा। उनके अनुसार पहले ऐसे मामलों में जयपुर जाने की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब टोंक में भी हाई रिस्क ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो रहे हैं, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में करोड़ों रुपए के लोहा चोरी सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस अब तक कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह, कुछ BSP अधिकारियों, ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर, क्रेन ऑपरेटर और स्क्रैप कारोबारियों समेत 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि ये किसी एक व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश के सबसे सुरक्षित स्टील प्लांट में आखिर लोहा चोरी कैसे होती थी? क्या ट्रक सीधे प्लांट में जाता था, लोहा भरता था और बाहर निकल आता था? ऐसा बिल्कुल नहीं था। पुलिस जांच के मुताबिक, इसके लिए पूरा सिस्टम तैयार किया गया था। फ्ल्यू डस्ट की आड़ में लोहा छिपाया जाता था, ट्रकों के GPS और नंबर प्लेट बदले जाते थे, तय समय पर गेट पार कराया जाता था और फिर गोदाम के रास्ते रोलिंग मिलों तक पहुंचा दिया जाता था। यानी यह सिर्फ लोहा चोरी की कहानी नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क की कहानी है, जो पुलिस के मुताबिक प्लांट के अंदर से शुरू होकर बाहर खरीदार तक फैला हुआ था। इस एक्सप्लेनर में आसान भाषा में समझिए कि जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया है और पूरा खेल कैसे चलता था… यहीं बनता है देश के बड़े प्रोजेक्ट्स का स्टील भिलाई स्टील प्लांट केवल एक फैक्ट्री भर नहीं है, बल्कि देश के सबसे अहम स्टील प्लांट्स में से एक है। यहां बनने वाला स्टील भारतीय रेलवे की पटरियों, बड़े पुलों, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, नेशनल हाईवे और रक्षा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इस प्लांट से कथित तौर पर संगठित तरीके से लोहा चोरी का मामला सिर्फ करोड़ों रुपए के नुकसान तक सीमित नहीं माना जा रहा। यह देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक संपत्ति और रणनीतिक उत्पादन व्यवस्था की सुरक्षा से जुड़ा भी गंभीर मामला है। स्टेप 1: फ्ल्यू डस्ट के बहाने बाहर निकलता था कीमती लोहा भिलाई स्टील प्लांट में जब स्टील बनता है, तो उसके साथ बड़ी मात्रा में फ्ल्यू डस्ट यानी धूल और राख भी निकलती है। नियमों के मुताबिक इसे ट्रकों में भरकर प्लांट से बाहर भेजा जाता है। यही पूरी प्रक्रिया इस कथित चोरी की सबसे बड़ी आड़ बन गई। पुलिस जांच के मुताबिक, सिंडिकेट ने इसी सिस्टम का फायदा उठाया। आरोप है कि फ्ल्यू डस्ट के नीचे कीमती लोहे की प्लेटें और कटिंग रख दी जाती थीं, फिर ऊपर से दोबारा फ्ल्यू डस्ट डाल दी जाती थी। बाहर से देखने पर ट्रक में सिर्फ डस्ट नजर आती थी, लेकिन उसके नीचे लाखों रुपए का लोहा छिपा होता था। पुलिस इस मामले में ठेकेदार, BSP के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है। स्टेप 2: चोरी के लिए पहले से तय रहते थे ट्रक और लोग पुलिस जांच के मुताबिक, लोहा चोरी किसी भी ट्रक से नहीं की जाती थी। इसके लिए पहले से कुछ खास ट्रक और ड्राइवर तय रहते थे। इन्हीं ट्रकों का इस्तेमाल फ्ल्यू डस्ट की आड़ में लोहा बाहर निकालने के लिए किया जाता था। एक ट्रक में करीब 30 से 40 टन तक लोहा छिपाकर ले जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस का दावा है कि यह काम कोई अकेला नहीं करता था। जांच में ट्रांसपोर्टर, BSP के कुछ अधिकारी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, क्रेन ऑपरेटर और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की कथित भूमिका सामने आई है। यानी ट्रक चुनने से लेकर उसे प्लांट से बाहर निकालने तक पूरी प्रक्रिया पहले से तय रहती थी। स्टेप 3: यहीं से शुरू होती थी ट्रक की ट्रैकिंग हर ट्रक सबसे पहले बिल्टी लेकर वे-ब्रिज पहुंचता था। यहां उसकी एंट्री होती, ट्रक का वजन दर्ज किया जाता यही धर्मकांटा होता है और उसमें GPS लगाया जाता था, ताकि प्लांट के अंदर उसकी आवाजाही पर नजर रखी जा सके। इसके बाद ट्रक फ्ल्यू डस्ट लोड करने के लिए स्लैग डंपिंग ग्राउंड जाता था। लोडिंग पूरी होने के बाद ट्रक दोबारा वे-ब्रिज लौटता था। स्टेप 4: यहीं से शुरू होता था नंबर प्लेट और GPS बदलने का खेल पुलिस जांच के मुताबिक, फ्ल्यू डस्ट लोड होने के बाद ट्रक वापस वे-ब्रिज पहुंचता था। यहीं से कथित तौर पर पूरा खेल शुरू होता था। ट्रक में लगा GPS निकाल लिया जाता था और उसकी नंबर प्लेट भी बदल दी जाती थी। इसके बाद ट्रक को एक तय जगह ले जाया जाता था, जहां फ्ल्यू डस्ट का कुछ हिस्सा उतार दिया जाता था। फिर ट्रक SMS-3 यूनिट पहुंचता था। यहां क्रेन की मदद से उसके अंदर कीमती लोहे की प्लेटें और कटिंग लोड की जाती थीं। आखिर में ऊपर से फिर फ्ल्यू डस्ट की मोटी परत बिछा दी जाती थी, ताकि बाहर से देखने पर ट्रक में सिर्फ डस्ट ही नजर आए और नीचे छिपा लोहा दिखाई न दे। स्टेप 5: दो ड्राइवर और निजी ऑपरेटर संभालते थे पूरा खेल पुलिस जांच के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में दो अलग-अलग ड्राइवर लगाए गए थे। एक ड्राइवर ट्रक को तय जगह तक लाता था, जबकि दूसरा उसे आगे लेकर जाता था। इसके अलावा कुछ निजी ऑपरेटर भी तैनात थे, जिनकी जिम्मेदारी ट्रकों की मूवमेंट पर नजर रखना, लोहा लोड कराना और पूरी प्रक्रिया को तय प्लान के मुताबिक पूरा कराना थी। यह काम इस तरह किया जाता था कि ट्रक की आवाजाही सामान्य लगे और किसी को शक न हो। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे ऑपरेशन में और किन-किन लोगों की भूमिका थी। स्टेप 6: सुरक्षा जांच पर भी उठ रहे हैं सवाल लोहा लोड होने के बाद ट्रक फिर से वे-ब्रिज पहुंचता था। यहां से वजन दर्ज होने के बाद उसे प्लांट के गेट की ओर भेजा जाता था, जहां बाहर निकलने से पहले सुरक्षा जांच होती थी। इस जांच में CISF के जवान भी तैनात रहते थे। जानकारी के मुताबिक, फ्ल्यू डस्ट से भरे ट्रकों की जांच के लिए एक लंबी लोहे की रॉड डस्ट में डालकर देखा जाता था कि उसके नीचे कोई दूसरी चीज तो नहीं छिपाई गई है। लेकिन पुलिस जांच में सवाल उठे हैं कि अगर इसी तरीके से लोहा बाहर निकाला जा रहा था, तो सुरक्षा जांच में यह पकड़ में क्यों नहीं आया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिन जगहों पर चोरी की सबसे ज्यादा आशंका थी, वहां CCTV कैमरे क्यों नहीं लगे थे और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक हुई या किसी स्तर पर मिलीभगत थी। स्टेप 7: नो-एंट्री टाइमिंग का भी उठाया जाता था फायदा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी वाले ट्रकों की एंट्री और एग्जिट का समय पहले से तय रहता था। सुबह ट्रक फ्ल्यू डस्ट लोड करने के लिए प्लांट के अंदर जाते थे। इसके बाद तय जगह पर उनमें लोहा लोड किया जाता था, लेकिन उन्हें तुरंत बाहर नहीं निकाला जाता था। आरोप है कि ट्रकों को नो-एंट्री टाइमिंग का इंतजार कराया जाता था। जैसे ही तय समय आता, चोरी का लोहा लेकर ट्रक प्लांट से बाहर निकल जाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एक दिन में कितने ट्रकों से लोहा बाहर भेजा जाएगा, यह भी पहले से तय रहता था। इस पूरे काम की जिम्मेदारी कथित तौर पर कुछ तय लोगों के पास थी, जो ट्रकों की आवाजाही पर नजर रखते थे। स्टेप 8: एक जैसे ट्रकों से सुरक्षा व्यवस्था को देते थे चकमा पुलिस जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट एक ही रंग के दो ट्रकों का इस्तेमाल करता था। मान लीजिए, अगर पीले रंग के ट्रक में चोरी का लोहा बाहर भेजना होता था, तो उसी रंग का दूसरा ट्रक भी प्लान का हिस्सा होता था। आरोप है कि प्लांट के अंदर पहुंचने के बाद दोनों ट्रकों की नंबर प्लेट और GPS बदल दिए जाते थे। बाहर से देखने पर दोनों ट्रक एक जैसे दिखते थे। ऐसे में CCTV फुटेज में भी सिर्फ एक ही रंग का ट्रक नजर आता था और उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके से सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने की कोशिश की जाती थी। स्टेप 9: पुराने नंबर और गुप्त चेंबर का भी इस्तेमाल पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ट्रकों में 15 साल पुराने, बंद हो चुके वाहनों के नंबर लगाए जाते थे। इतना ही नहीं, कुछ ट्रकों में गुप्त चेंबर भी बनाए गए थे। आरोप है कि इनमें स्क्रैप या लोहा छिपाकर प्लांट से बाहर ले जाया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इन ट्रकों की जांच के दौरान यह सब पकड़ में क्यों नहीं आया और आखिर इतने लंबे समय तक यह तरीका कैसे चलता रहा। स्टेप 10: वजन बराबर रखने के लिए पहिए तक उतार दिए जाते थे पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ ट्रकों के साथ अलग ही तरीका अपनाया जाता था। आरोप है कि ये ट्रक 18 पहियों के साथ प्लांट में दाखिल होते थे, लेकिन बाहर निकलते समय 16 पहियों के साथ निकलते थे। जांच के मुताबिक, प्लांट के अंदर ही ट्रक के दो पहिए उतार दिए जाते थे। इसके बाद जितना वजन उन पहियों का होता था, उतने ही वजन का करीब 200 किलो स्क्रैप ट्रक में भर दिया जाता था। इससे ट्रक का कुल वजन लगभग वही रहता था और वजन जांच के दौरान किसी तरह का बड़ा अंतर दिखाई नहीं देता था। स्टेप 12: गोदाम में होती थी छंटाई और दूसरी गाड़ियों में शिफ्टिंग पुलिस जांच के मुताबिक, प्लांट से बाहर निकलने के बाद चोरी का लोहा सीधे खरीदार के पास नहीं भेजा जाता था। पहले उसे अकलोरडीह स्थित गोदाम में उतारा जाता था। यहां लोहे की छंटाई की जाती थी और जरूरत पड़ने पर उसे दूसरी गाड़ियों में भी शिफ्ट किया जाता था। आरोप है कि इसी गोदाम में फ्ल्यू डस्ट अलग की जाती थी और लोहे को अलग-अलग खरीदारों तक भेजने की तैयारी होती थी। पुलिस के मुताबिक, इसी जगह से पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन संचालित होती थी। स्टेप 13: फर्जी बिल से चोरी का लोहा बन जाता था 'लीगल' आरोप है कि इसके बाद AK Traders के जरिए कथित तौर पर फर्जी बिल तैयार किए जाते थे, ताकि लोहे को वैध माल दिखाया जा सके। इसके बाद यही लोहा रायपुर समेत दूसरे शहरों की रोलिंग मिलों तक पहुंचाया जाता था, जहां उसे बेच दिया जाता था। इस तरह पुलिस के मुताबिक, प्लांट से लेकर गोदाम और फिर खरीदार तक पूरा नेटवर्क पहले से तय तरीके से काम करता था। स्टेप 14: ऐसे कमाता था पूरा सिंडिकेट पुलिस जांच के मुताबिक, प्लांट से निकाला गया चोरी का लोहा सबसे पहले करीब 32 रुपए प्रति किलो की दर से दलालों को बेचा जाता था। इसके बाद दलाल यही लोहा AK Traders को देते थे। फिर AK Traders इसे करीब 36 रुपए प्रति किलो में रोलिंग मिलों तक पहुंचाता था। यानी एक ही लोहा कई हाथों से होकर गुजरता था। हर चरण में उसकी कीमत बढ़ती जाती थी। जबकि बाजार में इसी लोहे की कीमत करीब 50 से 55 रुपए प्रति किलो बताई गई है। पुलिस का मानना है कि इसी अंतर से पूरे नेटवर्क में शामिल लोग मोटा मुनाफा कमाते थे। स्टेप 15: हर दिन कितना लोहा बाहर जाता था? पुलिस जांच के मुताबिक, रोजाना करीब 20 ट्रकों में से 3 ट्रकों का इस्तेमाल कथित तौर पर लोहा चोरी के लिए किया जाता था। वहीं, कुछ सूत्रों का दावा है कि कई दिनों में कम से कम 5 ट्रकों से लोहा प्लांट से बाहर भेजा जाता था। एक दिन में करीब 200 टन तक लोहा बाहर निकाले जाने का अनुमान है और यह पूरा खेल सप्ताह में करीब चार दिन चलता था। अगर इसी पैटर्न को आधार मानकर जनवरी 2026 से जून 2026 तक का हिसाब लगाया जाए, तो करीब 20,800 टन (2.08 करोड़ किलो) लोहा प्लांट से बाहर गया होगा। बाजार में लोहे की कीमत 50 से 55 रुपए प्रति किलो के हिसाब से देखें, तो इसकी अनुमानित कीमत करीब 104 से 114 करोड़ रुपए बैठती है। पुलिस जांच में सामने आए आंकड़ों के आधार पर देखें तो अगर जनवरी 2026 से जून 2026 तक सप्ताह में 4 दिन और प्रतिदिन करीब 200 टन लोहा बाहर निकाला गया, तो छह महीने में करीब 20,800 टन लोहा प्लांट से बाहर गया होगा। बाजार भाव के हिसाब से इसकी कीमत करीब 104 से 114 करोड़ रुपए बैठती है। कॉन्ट्रैक्चुअल लेबर के आई-कार्ड से प्लांट में एंट्री पुलिस जांच के मुताबिक, कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह कॉन्ट्रैक्चुअल लेबर का आई-कार्ड इस्तेमाल कर बीएसपी प्लांट में आता-जाता था। आरोप है कि प्लांट के भीतर उसका इतना प्रभाव था कि उसने वहीं अपना एक ऑफिस बना रखा था। पुलिस के अनुसार, इसी ऑफिस से ट्रकों की आवाजाही, लोडिंग, लोगों के बीच तालमेल और पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जाती थी। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि प्लांट के अंदर उसे यह सुविधा किन अधिकारियों या कर्मचारियों की मदद से मिली और इतने लंबे समय तक उसकी आवाजाही पर किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाया। यह वर्जन ज्यादा नेचुरल है और पाठक के मन में अगला सवाल भी खड़ा करता है कि आखिर इतनी सुरक्षा के बीच किसी बाहरी व्यक्ति का प्लांट के अंदर ऑफिस कैसे चल रहा था? 6 सिंडिकेट सक्रिय, यूनियन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल भिलाई स्टील प्लांट में 114 करोड़ रुपए की लोहा चोरी के मामले के बीच अब अन्य तरह की चोरी के आरोप भी सामने आए हैं। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने दावा किया है कि प्लांट में लोहा ही नहीं, बल्कि कॉपर, पीतल और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की चोरी करने वाले कई सिंडिकेट सक्रिय हैं। उनके अनुसार, ऐसे करीब 6 अलग-अलग गैंग लंबे समय से काम कर रहे हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विधायक ने ट्रांसपोर्टर यूनियन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्लांट में वाहनों की एंट्री यूनियन की निगरानी में होती है और बिना एंट्री शुल्क के किसी वाहन को प्रवेश नहीं मिलता। उन्होंने दावा किया कि प्रति ट्रिप करीब 850 रुपए तक वसूले जाते हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर वाहन की आवाजाही पर निगरानी रहती है, तो चोरी से जुड़े ट्रक प्लांट के अंदर-बाहर कैसे आते-जाते रहे। विधायक ने बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अलग-अलग सिंडिकेट लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों और दावों की जांच जारी है और अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विधायक बोले- ट्रांसपोर्ट सिस्टम की भी हो जांच विधायक रिकेश सेन लगातार इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ स्क्रैप या लोहा चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसके तार टेंडर प्रक्रिया और ट्रांसपोर्ट सिस्टम से भी जुड़े हो सकते हैं। रिकेश सेन का दावा है कि इस मामले को लेकर पहले भी एक अज्ञात व्यक्ति ने शिकायत पत्र भेजा था। रिकेश सेन का आरोप है कि मामला सामने आने के बाद चोरी में इस्तेमाल की गई कई गाड़ियों को काटकर डिस्मेंटल कर दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। विधायक ने बीएसपी की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्लांट में ट्रांसपोर्ट का काम एक ही यूनियन की मोनोपली में है। इस वजह से दूसरे राज्यों या दूसरी कंपनियों के ट्रांसपोर्टर यहां आसानी से काम नहीं कर पाते। उन्होंने दावा किया कि अगर यह यूनियन हड़ताल पर चली जाए, तो बीएसपी प्रबंधन को भी उसके सामने झुकना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर एक ही नेटवर्क का इतना नियंत्रण था, तो चोरी के ट्रकों की आवाजाही पर किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाया। CISF की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास है। प्लांट से बाहर निकलने वाले ट्रकों की जांच, गेट पर निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस जांच के मुताबिक फ्ल्यू डस्ट की आड़ में महीनों तक कीमती लोहा प्लांट से बाहर जाता रहा, तो सुरक्षा व्यवस्था इसे पकड़ क्यों नहीं सकी? क्या जांच में कहीं चूक हुई या फिर सुरक्षा व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया? पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी की आशंका वाले कुछ स्थानों पर CCTV कैमरे नहीं थे और जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और क्या किसी स्तर पर मिलीभगत थी। इस संबंध में अभी तक CISF की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… BSP लोहा चोरी केस, GM-AGM अरेस्ट: प्लांट के अंदर से आरोपियों की कर रहे थे मदद; फ्लू डस्ट की आड़ में स्क्रैप चोरी भिलाई स्टील प्लांट से 1 करोड़ का लोहा चोरी: फ्लाई-ऐश के नीचे छिपाकर ले जाते थे, 4 अरेस्ट, वाहन समेत 3 करोड़ का माल जब्त
भिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र के चिलौंगा गांव में प्रसाद के बहाने एक परिवार को बेहोश कर लूट की साजिश रचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के एक युवक ने पटिया वाले बाबा का प्रसाद बताकर बर्फी दी, जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था। बर्फी खाने के बाद 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद होश आने पर उसने प्रसाद खाने की बात बताई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ की। थाना प्रभारी अरविंद सिंह सिकरवार के मुताबिक आरोपी ने वारदात की साजिश स्वीकार करते हुए अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।पटिया वाले बाबा का प्रसाद बताकर दी बर्फीचिलौंगा निवासी 75 वर्षीय रामेश्वर दयाल शर्मा ने सुरपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि 22 जुलाई की रात करीब 8 बजे वह अपनी पत्नी श्रीदेवी, बेटे सुनील शर्मा, नाती मनीष शर्मा और पड़ोसियों के साथ घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान गांव का मोहित भदौरिया एक डिब्बे में बर्फी लेकर पहुंचा और उसे मुरैना के पटिया वाले बाबा का प्रसाद बताकर दे गया। परिवार में केवल उनकी पत्नी श्रीदेवी ने वह प्रसाद खाया, जबकि अन्य लोगों ने प्रसाद नहीं खाया।सुबह बेहोश मिली महिला, अस्पताल में कराया भर्तीरात में सभी लोग सो गए। अगले दिन सुबह श्रीदेवी अचेत अवस्था में मिलीं। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भिंड लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया। बुजुर्ग महिला को दो दिन बाद होश 24 जुलाई की सुबह आया। उसने परिवार को बताया कि उसने रात में प्रसाद के रूप में दी गई बर्फी खाई थी। इसके बाद परिजनों ने बची हुई मिठाई सुरक्षित रखकर पुलिस को सूचना दी। इसलिए फेल हो गया लूट का प्लानपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों की योजना पूरे परिवार को नशीला प्रसाद खिलाकर लूट की वारदात को अंजाम देने की थी। लेकिन परिवार में केवल बुजुर्ग महिला ने ही बर्फी खाई, जबकि अन्य सदस्यों ने प्रसाद नहीं खाया। यही कारण रहा कि नशीले पदार्थ का असर पूरे परिवार पर नहीं हुआ। वहीं, परिवार का एक युवक रात करीब दो बजे तक घर की छत पर बैठकर मोबाइल चला रहा था। इस दौरान आरोपी अपने कुछ साथियों के साथ दो से तीन बार घर के आसपास भी घूमे, लेकिन घर में लोगों की गतिविधियां जारी रहने और पूरा परिवार बेहोश नहीं होने के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके।आरोपी ने पूछताछ में साजिश कबूलीसुरपुरा थाना प्रभारी अरविंद सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने वारदात को अंजाम देने की साजिश स्वीकार की है। आरोपी ने इस षड्यंत्र में शामिल कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।
आगरा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा है। अपने दो दिवसीय दौरे पर वह वे 342 करोड़ रुपए की लागत वाली कुल 53 बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। फतेहाबाद रोड स्थित टाटा मैदान में जनसभा करेंगे। शनिवार दोपहर 3:40 बजे वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। सबसे पहले वह विभागों की ओर से लगाई गई सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी देखेंगे। इसके बाद कई योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी देंगे। जनसभा के बाद योगी शाम 4:55 बजे कमिश्नरी सभागार पहुंचेंगे। करीब एक घंटा प्रशासनिक और विभागीय कामों की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके अलावा शाम 6 बजे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। टाटा मैदान और खंदारी स्थित आरबीएस कॉलेज परिसर में दो हेलीपैड बनाए गए हैं। शुक्रवार को दिनभर डीएम, पुलिस कमिश्नर, सीडीओ और पुलिस प्रशासन के सभी आला अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इन प्रमुख परियोजनाओं का होगा शिलान्यास 17 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण शिलान्यास के साथ ही मुख्यमंत्री 50.06 करोड़ रुपए की लागत से पूरी हो चुकी 17 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें बंदियों की सहूलियत के लिए जिला कारागार में लगभग 8 करोड़ रुपए से बनी नई बैरक शामिल हैं। इसके अलावा खंदारी बापू नगर में 57 लाख से बनी सीसी सड़क, 4.86 करोड़ से पालीवाल पार्क का विकास और सौंदर्यीकरण के काम और सिकंदरा में करोड़ों रुपए की लागत से बनी आरसीसी पुलिया और डक्ट का उद्घाटन भी है। आधुनिक और उद्योगों का नया हब बनी ताजनगरी योगी सरकार की ओर से 9 सालों में कई परियोजनाएं धरातल पर उतारी गईं। इनमें शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बदलने वाला आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने वाली गंगाजल परियोजना सबसे प्रमुख हैं। इसके अलावा व्यवस्थित शहरी विस्तार के लिए 5,142 करोड़ रुपए की लागत वाली 'ग्रेटर आगरा' (10 हाई-टेक टाउनशिप) और 'अटलपुरम' जैसी आवासीय योजनाओं की शुरुआत की गई है। बेहतर ग्लोबल कनेक्टिविटी के लिए आगरा सिविल एन्क्लेव (एयरपोर्ट) के नए टर्मिनल का निर्माण, छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम, ओडीओसी योजना से पेठा, गजक, आगरा का पराठा से आगरा के व्यंजनों और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत लेदर और हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई संजीवनी दी गई है। इसके साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज के आधुनिकीकरण और सीएम ग्रिड रोड जैसी सुविधाओं ने आगरा को पश्चिमी यूपी का एक प्रमुख आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बना दिया है। रविवार को 'कैशलेस योजना' का उद्घाटन करेंगे शनिवार की रात सर्किट हाउस में योगी रुकेंगे। इसके बाद रविवार को सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक डॉ. आंबेडकर विवि के खंदारी स्थित शिवाजी मंडपम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 'कैशलेस योजना' का उद्घाटन करेंगे। सुबह 11:30 बजे से डॉ. आंबेडकर विवि के खंदारी कैंपस से केंद्रीय हिन्दी संस्थान के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां बने हेलीपैड से हेलिकॉप्टर द्वारा मैनपुरी के लिए रवाना होंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार 25 जुलाई को केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया है। यह लगातार चौथा दिन है जब प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सुबह 7:30 बजे से प्रभावित स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद रखी गई है और यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहने की बात कही गई है। सड़क मार्ग पर भी बढ़ा दबाव मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से बहादुरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर केंद्रीय दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों और दूसरे परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे सड़क मार्ग पर भी दबाव बढ़ने और यात्रियों को अतिरिक्त समय लगने की स्थिति बन रही है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री-एग्जिट बंद सुरक्षा कारणों से प्रभावित स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोरबाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान समेत 18 स्टेशन शामिल हैं। हालांकि कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को लाइन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है। बहादुरगढ़ के यात्रियों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी दिल्ली मेट्रो पर लगातार सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण बहादुरगढ़ की तरफ से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नौकरी पेशा लोगों और व्यापारियों को मेट्रो के बजाय बस, कैब और ऑटो जैसे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे कई यात्रियों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है और अतिरिक्त किराया भी देना पड़ रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि दिल्ली जाने से पहले मेट्रो की ताजा स्थिति और अपने रूट की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि बंद स्टेशनों के कारण बीच रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े।
उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक और दिव्य श्रृंगार किया गया। तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। प्रथम घंटाल बजाकर 'हरि ओम' का जल अर्पित किया गया। अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। उन्हें बिल्वपत्र, रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला, चांदी की मुंडमाला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। मस्तक पर त्रिपुंड, त्रिशूल, डमरू और शेषनाग का रजत मुकुट धारण कराया गया। इसके साथ ही भगवान गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय का पूजन कर महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। कपूर आरती के बाद नैवेद्य अर्पित कर महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म धारण करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के जयकारों से गूंज उठा।
जोधपुर के आधे से ज्यादा शहर में 27 जुलाई को पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अनुसार जल भंडारण जलाशयों के साथ-साथ फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों की जरूरी सफाई व रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। PHED नगर वृत्त जोधपुर के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया कि शहर के सभी फिल्टर हाउस से जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इसके चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई का शेड्यूल एक दिन आगे खिसका दिया गया है। इन इलाकों में बदला पानी की सप्लाई का शेड्यूल: कायलाना, चौपासनी और सूरपुरा फिल्टर हाउस: इन क्षेत्रों में 27 जुलाई को होने वाली सप्लाई अब 28 जुलाई को और 28 जुलाई की सप्लाई 29 जुलाई को होगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस: इन क्षेत्रों (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आसपास) में 27 जुलाई को सुबह 10 बजे तक जलापूर्ति सामान्य रहेगी। इसके बाद, यहाँ 28 जुलाई की सप्लाई 29 जुलाई को और 29 जुलाई की सप्लाई 30 जुलाई को की जाएगी।
अजमेर जिले के एक सरकारी स्कूल के PTI और सीनियर टीचर को छात्राओं से बैड टच और अश्लील चैट करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जानकारी दी तो छात्राओं ने अपने घर जाकर टीचर की हरकत के बारे में बताया। परिजनों की शिकायत पर दोनों टीचर को पहले स्कूल से हटाया गया। इसके बाद सस्पेंड कर दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त किए हैं। प्रिंसिपल ने देखा आरोपी शिक्षक का मोबाइल, मिली अश्लील चैट छात्राओं ने घर जाकर पीटीआई और सीनियर टीचर की हरकतों के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने स्कूल आकर प्रधानाचार्य से कहा- शिक्षक बच्चियों को अश्लील संदेश भेज रहे हैं। इसके अलावा बैड टच करते हैं। धमकी देते है कि घर पर बताया तो फेल कर देंगे। शिकायत के बाद प्रधानाचार्य ने आरोपी शिक्षक का मोबाइल फोन चेक किया तो अश्लील चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले। इस दौरान परिजनों और स्कूल स्टाफ के बीच कुछ कहासुनी भी हुई। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया सस्पेंड शिक्षा विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर अजमेर स्थित संयुक्त निदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच के लिए विभागीय कमेटी का गठन किया गया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। (इनपुट सहयोग: प्रदीप चौधरी, कालेसरा)
सहारनपुर में दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है। छुटमलपुर निवासी एक महिला ने अपनी बेटी के ससुराल पक्ष पर शादी के बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मामले में एसएसपी से शिकायत के बाद शुक्रवार शाम को करीब 6 बजे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, छुटमलपुर निवासी महरोज ने बताया कि उनकी बेटी सानिया की शादी 15 नवंबर 2025 को सरसावा थाना क्षेत्र के भटपुरा निवासी बिलाल से हुई थी। आरोप है कि विदाई के समय ससुराल पक्ष ने समधी मिलाई नहीं मिलने की बात कहकर पांच लाख रुपये नकद की मांग की और रकम मिलने तक बेटी को विदा करने से इनकार कर दिया। दो लाख रुपये देने के बाद हुई विदाई का आरोप पीड़िता की मां का कहना है कि रिश्तेदारों की मदद से दो लाख रुपये की व्यवस्था कर ससुराल पक्ष को दिए गए, जिसके बाद बेटी की विदाई हो सकी। पांच लाख और बुलेट बाइक की मांग का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद पति बिलाल, सास गुलशन, ससुर अनीस और अन्य पर पांच लाख रुपये नकद तथा बुलेट बाइक की मांग को लेकर विवाहिता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने और घर में बिजली-पानी की सुविधा तक बंद कर देने की बात भी कही गई है। छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास का भी आरोप प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पति के बहनोई ने विवाहिता के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया। शिकायत करने पर पति और अन्य परिजनों ने उसे चुप रहने का दबाव बनाया। पीड़िता की मां का यह भी आरोप है कि बातचीत के लिए मायके पक्ष के पहुंचने पर पति ने मारपीट की और तीन तलाक देने की बात कही। एसएसपी से शिकायत के बाद जांच शुरू पीड़िता की मां का कहना है कि पहले सरसावा थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

