रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन कॉलोनी में कारोबारी के घर करीब 70 लाख रुपए की चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महज 12 दिन पहले घर में खाना बनाने के लिए रखा गया कुक अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। परिवार के नया रायपुर जाने का फायदा उठाकर आरोपियों ने बेडरूम में रखी अलमारी को पेचकस से खोला और उसमें रखी नकदी व जेवरात लेकर भाग निकला। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच करके आरोपी को पकड़ा है। आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा अफसर जल्द करेंगे। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, मोवा निवासी कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल ने महेंद्र कुमार यादव को 14 जुलाई से घर में रसोइए के तौर पर काम पर रखा था। महेंद्र पहले भी करीब आठ दिन उनके यहां काम कर चुका था। इस वजह से उसे घर की दिनचर्या और परिवार की गतिविधियों की जानकारी थी। परिवार के बाहर जाते ही वारदात रविवार को पंकज अग्रवाल परिवार के साथ दोपहर करीब 2 बजे निजी काम से नया रायपुर गए थे। घर में उस समय कुक महेंद्र मौजूद था। शाम करीब 7 बजे परिवार लौटा तो मुख्य दरवाजा बंद मिला। अंदर अंधेरा था। पीछे की तरफ जाने पर गेट खुला मिला और बेडरूम का दरवाजा भी खुला था। 51.50 लाख रुपए कैश गायब अंदर जाकर देखा तो अलमारी के दोनों दरवाजे खुले थे। जांच में 51.50 लाख रुपए कैश गायब मिले। इसके अलावा पत्नी और बेटी के सोने के कंगन, गले का सेट, कान के आभूषण, गिन्नियां, झुमके, टॉप्स, ब्रेसलेट और करीब 20 चांदी के सिक्के भी नहीं थे। मोबाइल बंद कर फरार हुआ था कुक आरोप महेंद्र ने चोरी की और लैपटॉप बैग में सामान भरकर फरार हो गया। घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद है। पंडरी पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। फोरेंसिक टीम की मदद से जांच की जा रही है। कॉलोनी और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल नंबर, पुराने रिकॉर्ड, बिहार स्थित पते और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
शाहजहांपुर में जन अधिकार पार्टी का प्रदर्शन:जातिगत जनगणना, पेट्रोल-डीजल रेट और रोजगार की मांग
शाहजहांपुर में जन अधिकार पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जातिगत जनगणना कराने की मुख्य मांग रखी गई। पार्टी ने पेट्रोल-डीजल सस्ता करने और बेरोजगारों को रोजगार देने की भी मांग की। पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि जातिगत जनगणना भागीदारी का आधार है और यह उनका अधिकार है। जन अधिकार पार्टी पूरे भारत में जातिगत जनगणना कराने की मांग करती है ताकि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी कंपनियों और उद्योगपतियों को कम दाम पर बेचे जाने का विरोध किया। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए। इसके अतिरिक्त, केंद्र और राज्य सरकारों से पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने का आग्रह किया गया, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। जन अधिकार पार्टी ने अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को भी सामान्य वर्ग के छात्रों की तरह छात्रवृत्ति प्रदान करने की मांग की। उन्होंने नई शिक्षा नीति का भी विरोध किया और पूरे देश में शिक्षा का पाठ्यक्रम एक समान करने की वकालत की। पदाधिकारियों ने सरकार से इन सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल सोमवार को उमरिया पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पांचवें वित्त आयोग की राशि का उपयोग सोलर लाइट लगाने में करना उचित नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि इस राशि का उपयोग श्मशान घाट जैसे मूलभूत और प्राथमिकता वाले विकास कार्यों पर किया जाना चाहिए। अपने दौरे के दौरान मंत्री पटेल ग्राम कटरिया में मछडार नदी के उद्गम स्थल और ग्राम मरदरी में उमडार नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना करेंगे। वे इन स्थानों पर वृक्षारोपण भी करेंगे। उन्होंने छोटी नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। मंत्री के अनुसार, इन नदियों को बारहमासी बनाने के लिए कंक्रीट के निर्माण के बजाय स्थानीय प्रजातियों के अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाने चाहिए। उन्होंने शुद्ध जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए नदियों को बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। भाजपा पद के लिए काम नहीं करती दतिया में टिकट कटने और भविष्य में नेताओं के टिकट से जुड़े सवालों पर मंत्री पटेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद का मोह नहीं है और वे पद से मुक्त होना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी में कोई भी व्यक्ति केवल पद के लिए काम नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि यह सवाल कांग्रेस के नेताओं से पूछा जाना चाहिए, क्योंकि वे कभी भी पद छोड़ सकते हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल के इस दौरे को नदी संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है।
फिरोजाबाद के थाना लाइनपार क्षेत्र के गुंदाऊ गांव में जमीनी विवाद को लेकर रविवार रात दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सोमवार को पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। पीड़ित देवेंद्र पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम गुंदाऊ ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोग उनकी आबादी की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी विवाद के चलते आरोपी आए दिन गाली-गलौज और झगड़ा करते रहते हैं। देवेंद्र के अनुसार, शनिवार को आरोपियों ने उनके परिवार पर हमला कर दिया। इस मारपीट में देवेंद्र, उनकी बहन सीमा, भाभी सावित्री और मां चंदा देवी सहित अन्य परिजन घायल हो गए। पीड़ित ने चरण सिंह पुत्र गुरदयाल सिंह, विनोद पुत्र चरण सिंह, आशीष पुत्र जय सिंह, राहुल पुत्र जय सिंह, अनूप पुत्र जय सिंह, संत कुमार पुत्र भूरी सिंह और अमन पुत्र शिवकुमार सहित अन्य लोगों पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हिसार जिले के उकलाना में बिजली विभाग के सब डिवीजन कार्यालय में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। एचएसईबी वर्कर यूनियन और अनुबंधित बिजली कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर कर्मचारियों ने सोमवार को दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी की और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान मोनूदीन ने की, जबकि मंच संचालन सब यूनिट सचिव आत्मा राम ने किया। इस दौरान दोनों यूनियनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि फील्ड में तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण लाइन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना था कि कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती को लेकर यूनियन का विरोध यूनियन नेताओं ने कहा कि इस संबंध में कई बार लिखित नोटिस देने के साथ-साथ उपमंडल अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि कार्यालय में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल यानी फील्ड में भेजने के बजाय कार्यालय में ही रखा जा रहा है, जबकि फील्ड में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। कर्मचारी नेताओं ने यह भी दावा किया कि उच्च अधिकारियों द्वारा तकनीकी कर्मचारियों को फील्ड में तैनात करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए और किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित उपमंडल अधिकारी की होगी। कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी दोनों कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा आगामी रणनीति की घोषणा जल्द की जाएगी। प्रदर्शन में यूनिट उपप्रधान अनिल कुमार, यूनिट चेयरमैन दलेर, सब यूनिट सचिव सोनू चाहर, कैशियर रामनिवास, जगप्रवेश, शिवपाल, मुनीश कुमार, जसवंत, भूप सिंह, राजेश, सतीश, नरेंद्र, उपेंद्र, रामफल, कपिल, सुदेश, दयावंती, राहुल, विपिन, मोनू, सचिन सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों ने भाग लिया।
गृह रक्षा उपकेंद्र कुचामन सिटी में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित अभियान के तहत एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र डीडवाना-कुचामन के कंपनी कमांडर जसवंत सिंह, प्रशिक्षण प्रभारी दुलाराम और महावीर प्रसाद सहित कई होमगार्ड जवानों ने पौधे लगाए। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और जवानों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और उनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। गृह रक्षा उपकेंद्र कुचामन सिटी के प्लाटून कमांडर श्रवण राम ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और हरित वातावरण के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में उपेन्द्र सिंह, महेन्द्र बिजारणियाँ, मुन्नाराम, घनश्याम, प्रकाश चन्द्र कुमावत, शुभकरणदान चारण, गुमानाराम, गंगाधर, मनोज, प्रभु दयाल कुमावत, ईश्वरराम, पूरणमल कुमावत, नानूराम और पूरणमल स्वामी सहित बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान मौजूद रहे।
शाजापुर जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालित करने वाली महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य सोमवार दोपहर करीब 1 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अपनी कई समस्याओं और कमीशन में की गई कटौती के विरोध में प्रधानमंत्री और कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर आलोक वर्मा को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने कमीशन बढ़ाने सहित अन्य मांगों के निराकरण की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन ने जून 2018 से महिला स्वयं सहायता समूहों को शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी दी थी। समूह की महिलाएं वर्षों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। कोरोना के दौरान भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए राशन वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा था। बिना सूचना के कटौती शुरू महिलाओं के अनुसार, पहले उचित मूल्य दुकानों का मासिक कमीशन 8,400 रुपए था, जिसे बाद में बढ़ाकर 10,500 रुपए किया गया था। उनका आरोप है कि हाल ही में बिना किसी पूर्व सूचना के कमीशन राशि में कटौती कर दी गई है। कुछ दुकानों का कमीशन 8,000 रुपए और वर्ष 2023 के बाद शुरू हुई दुकानों का कमीशन घटाकर 5,500 रुपए कर दिया गया है। महिलाओं का कहना है कि इतनी कम राशि में दुकान का किराया, बिजली बिल, इंटरनेट, परिवहन और अन्य खर्च वहन करना मुश्किल हो गया है। 25 हजार करने की मांग ज्ञापन में उचित मूल्य दुकान संचालकों का मासिक कमीशन न्यूनतम 25,000 रुपए करने, कमीशन की कटौती की गई राशि वापस करने, नियमित समय पर भुगतान करने, पंचायत स्तर पर दुकान के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने और खाद्यान्न परिवहन व तुलाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, सर्वर और पीओएस मशीन की तकनीकी समस्याओं का समाधान, तुलावटी का मानदेय, सेल्समैन का वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं देने की मांग भी रखी गई। इतने में दुकान चलाना संभव नहीं महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य कोमल राजपूत ने कहा कि इतने कम कमीशन में राशन दुकान चलाना संभव नहीं है, क्योंकि इसमें दुकान का किराया और तौलने वाले का खर्च भी शामिल नहीं हो पाता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कमीशन नहीं बढ़ाया गया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में राशन दुकानें बंद कर शांतिपूर्ण हड़ताल की जाएगी।
गोरखपुर में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। दोपहर 12 बजे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद सभी ने एक-एक कर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि डॉ. कलाम केवल एक वैज्ञानिक या राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि वे करोड़ों युवाओं के मार्गदर्शक थे। उन्होंने अपने ज्ञान, सादगी और दूरदर्शी सोच से देश के विकास और सुरक्षा को एक नई पहचान दी। उनका पूरा जीवन देश सेवा, शिक्षा और युवाओं के मार्गदर्शन में बीता। उनका समर्पण और विचार हम सभी को हमेशा सही राह पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।राजेश तिवारी ने आगे कहा कि डॉ. कलाम के बताए रास्ते पर चलना और देश को प्रगति की ओर ले जाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर उपस्थित कांग्रेसियों ने डॉ. कलाम के सपनों का मजबूत और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बारिश के बीच सीएम मान ने दी लुधियाना को सौगात:लोहारा स्कूल में 'वर्धमान ब्लॉक' का किया उद्घाटन
लुधियाना पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भारी बारिश के बीच लुधियाना वासियों को शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम सौगात दी। खराब मौसम और बारिश की परवाह किए बिना सीएम मान जिले के लोहारा स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित 'वर्धमान ब्लॉक' (Vardhman Block) का विधिवत उद्घाटन किया। सोमवार को लुधियाना में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद कार्यक्रम को टाला नहीं गया। सीएम भगवंत मान पूरे तय समय के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। झमाझम बारिश के बीच हुए इस उद्घाटन समारोह ने यह कड़ा संदेश दिया कि पंजाब सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसके आड़े कोई भी मौसम नहीं आ सकता। बारिश के बावजूद वहां मौजूद स्थानीय लोगों, शिक्षकों और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोहारा के सरकारी प्राइमरी स्कूल में तैयार हुआ यह नया ब्लॉक कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है। स्मार्ट क्लासरूम: बच्चों को अब जमीन पर या जर्जर कमरों में नहीं, बल्कि हवादार और शानदार क्लासरूम में बैठने का मौका मिलेगा। जगह की कमी हुई दूर: स्कूल में छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लंबे समय से नए कमरों की जरूरत थी, जो अब इस ब्लॉक के बनने से पूरी हो गई है। बेहतर माहौल: इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर से सरकारी स्कूल के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूलों जैसी आधुनिक शिक्षा और शानदार माहौल मिल सकेगा। बारिश के चलते प्रशासन को करनी पड़ी मशक्कत बारिश की वजह से लुधियाना पुलिस और जिला प्रशासन को व्यवस्था संभालने में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी। कार्यक्रम स्थल पर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और ट्रैफिक पुलिस ने भी बारिश के बीच सीएम के काफिले और आम जनता के लिए रूट को सुचारू रखा। उद्घाटन के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्थानीय विधायकों की मौजूदगी में सीएम ने स्कूल परिसर का जायजा भी लिया। यह कदम पंजाब सरकार के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर उन्हें 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गड़ेरी में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग की घटना हुई है। एक महिला और उनके बेटे ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर कब्जा करने के प्रयास में कुछ लोगों ने उन पर गोलियां चलाईं। इस हमले में वे बाल-बाल बच गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरोजवती पत्नी रोशन सिंह ने शहर कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि गांव के राजकुमार, अभिषेक, अनोय (सभी पुत्र राजकुमार), पिंकल (निवासी गड़ेरी) और पिंटेल पुत्र भंडारी (निवासी बिछवां) उनकी जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। जब सरोजवती ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर अवैध हथियारों से कई राउंड फायरिंग की। सरोजवती और उनके बेटे ने भागकर अपनी जान बचाई। पीड़िता का दावा है कि एक गोली उनके बेटे के बेहद करीब से गुजरी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने अपने मोबाइल फोन में पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया। पीड़िता के अनुसार, वायरल वीडियो में दो आरोपी स्पष्ट रूप से अवैध तमंचे लिए दिखाई दे रहे हैं। आरोपियों को जब वीडियो बनाए जाने का पता चला तो वे हथियार छिपाकर मौके से फरार हो गए। सरोजवती ने आरोप लगाया है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इसी साल 2 जनवरी को भी इन्हीं आरोपियों ने उनके पति के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोपी अभिषेक के खिलाफ पहले से हत्या का मुकदमा दर्ज है और वह जेल भी जा चुका है।
हरदा में पवित्र सावन माह के दौरान विभिन्न मंदिरों में पूरे महीने रामसत्ता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें क्षेत्र की प्रसिद्ध भजन मंडलियां 24 घंटे खड़े होकर हरि कीर्तन करती हैं। आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की खुशहाली, अच्छी बारिश और विश्व कल्याण की कामना करना है। रामसत्ता की शुरुआत शहर के 125 साल पुराने पट्टाभिराम मंदिर से गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर होती है। यहां आठ दिनों तक आयोजन चलता है। इसके बाद अखंड ज्योति खेड़ीपुरा मोहल्ले के खेड़ापति मंदिर पहुंचती है, जहां सात दिन तक रामसत्ता होती है। फिर यह गाडरी मंदिर जाती है और वहां भी सात दिन तक आयोजन होता है। अंत में रामसत्ता गोलापुरा के गोसाई मंदिर और फिर गोलापुरा के श्रीराम मंदिर पहुंचती है। समापन पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। 40 साल से परंपरा60 वर्षीय कैलाश शर्मा ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से हरदा के सभी मंदिरों में होने वाली रामसत्ता में शामिल हो रहे हैं। बैरागढ़ के रामेश्वर कुशवाहा ने बताया कि भजन मंडलियां भगवत भजनों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्धि, अच्छी बारिश और विश्व कल्याण की कामना करती हैं। गढ़ीपुरा मोहल्ले में स्थित 125 साल पुराने गुरु गोंदवलेकर महाराज के श्री पट्टाभिराम मंदिर में वर्षों से गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। आठ दिवसीय महोत्सव में देश के कई शहरों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं। यहां सातों दिन 24 घंटे अलग-अलग पारियों में रामसत्ता और अखंड राम नाम जाप का आयोजन होता है। दुबई से आए इलेक्ट्रिक इंजीनियर आशुतोष गोड़बोल ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने के लिए हरदा आए हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ही भक्तों को भवसागर से पार लगाने का मार्ग दिखाते हैं। मंदिर के विश्वस्त मंडल के सदस्य अनंता गोडबोले ने बताया कि श्री सद्गुरु ब्रह्म चैतन्य महाराज गोंदवलेकर द्वारा स्थापित इस मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान सात दिनों तक रामसत्ता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें महिलाएं और नगर की प्रसिद्ध भजन मंडलियां भजन प्रस्तुत कर रही हैं।
गोंडा में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जन आक्रोश पैदल मार्च निकाला। सपा नेता सूरज सिंह के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता नगर कोतवाली के पास इकट्ठे हुए। उन्होंने नगर कोतवाली से कलेक्ट्रेट तक लगभग ढाई किलोमीटर का मार्च किया। डीएम प्रियंका निरंजन को 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह पैदल मार्च दोपहर 12 बजे शुरू हुआ। कार्यकर्ता डीजे के साथ हाथों में समाजवादी और तिरंगा झंडा लिए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। दोपहर 12:40 बजे वे गोंडा कलेक्ट्रेट पहुंचे।। समाजवादियों ने देशव्यापी, प्रदेशव्यापी और जिलाव्यापी समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया है। उनकी प्रमुख मांगों में खाद की कमी, सिलेंडर की समस्या, शहर में जल भराव, बिजली की समस्या, जर्जर ट्रांसफार्मर, पुलिस उत्पीड़न, सरकारी अस्पतालों में कुव्यवस्था, बजाज चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान में देरी, सीवर लाइन की समस्या, नगर में जाम और जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के आदेश का विरोध शामिल था। जन आक्रोश पैदल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने चंदा चोर गद्दी छोड़, जौहर यूनिवर्सिटी बचाओ शिक्षा का सम्मान बचाओ, हर बेटी की यही पुकार बंद करो उत्पीड़न और अत्याचार और पेपर लीक बंद करो माफियाओं पर कार्रवाई करो जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए सपा नेता सूरज सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में जिन भी समाजवादियों पर गलत तरीके से मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, सपा सरकार आने पर उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खाद,बिजली,सिलेंडर की समस्या, पुलिस उत्पीड़न,अस्पतालों की दुर्व्यवस्था,गन्ना भुगतान में देरी, बाढ़ से कटान, शहर में जल भराव, तहसील में भ्रष्टाचार, पार्किंग की कमी और छुट्टा जानवरों की समस्या को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार इन समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने उनकी मांगों पर विचार करने और समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन के दौरान सपा जिला अध्यक्ष अरशद हुसैन, पूर्वएमएलसी रणविजय सिंह,मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड जिला अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप उर्फ दीपू यादव,छात्र सभा जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह उर्फ मोनू सिंह,अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष अफजल खान,लोहिया वाहिनी जिला अध्यक्ष लालचंद गौतम सहित भारी संख्या में समाजवादी उपस्थित रहे।
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा उद्घाटन के महज 12 दिन बाद धंस गया। रविवार को कोरारी के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर बारिश के दौरान सड़क का लगभग पांच से सात मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा लोकार्पित किया गया था। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर शनिवार को लगातार बारिश के बीच सड़क का एक हिस्सा धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। सपा नेता मधुसूदन यादव ने क्षतिग्रस्त सड़क का वीडियो साझा करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाया। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने यह भी बताया कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। विधायक गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे छोटी-छोटी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में हजारों किलोमीटर सड़कें, एक्सप्रेसवे और हाईवे बन रहे हैं, ऐसे में किसी एक स्थान पर तकनीकी कमी आने पर पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाना केवल राजनीति है। कार्रवाई के सवाल पर विधायक ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा, जहां कहीं भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को लंगड़ा हाफिज मस्जिद परिसर में चिन्हित निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति बनने के बाद मस्जिद कमेटी ने स्वयं सड़क चौड़ीकरण की जद में आए हिस्से को हटाने का निर्णय लिया और मजदूरों के माध्यम से ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू कराया। इससे पहले मस्जिद कमेटी ने प्रभावित 24 दुकानों को खाली कराकर मस्जिद परिसर के पूर्व दिशा में उपलब्ध स्थान पर नई दुकानों के निर्माण का कार्य भी शुरू करा दिया है। दुकानदारों के अनुसार, नई दुकानें तैयार होने के बाद प्रभावित व्यापारियों को वहीं स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी आजीविका पर कम से कम असर पड़े। गौरतलब है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान प्रशासनिक टीम ने लंगड़ा हाफिज मस्जिद के उत्तरी हिस्से पर लाल निशान लगाकर प्रभावित क्षेत्र चिन्हित किया था। इसके बाद प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच कई दौर की वार्ता हुई, जिसके बाद आपसी सहमति से निर्माण हटाने का फैसला लिया गया। यह पहली मस्जिद नहीं है, जिसने परियोजना में सहयोग करते हुए स्वयं निर्माण हटाया है। इससे पहले करीमुल्ला बेग मस्जिद, निसारन मस्जिद, अली रजा खान मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद की कमेटियां भी अपने मजदूरों के माध्यम से सड़क चौड़ीकरण की जद में आए हिस्सों को हटाकर बाद में नवीनीकरण का कार्य करा चुकी हैं। प्रशासन का कहना है कि दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रभावित धार्मिक स्थलों और व्यापारियों के साथ आपसी सहमति बनाकर कार्य कराया जा रहा है, ताकि विकास कार्य समय पर पूरा हो सके और किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
रोहतक में गौरक्षा दल के सदस्यों ने साधु संतों के साथ मिलकर गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन किया। गौरक्षा दल के सदस्यों ने गाय को सम्मान दिलाने की मांग करते हुए 5 लाख एक हजार हस्ताक्षर करवाकर एक पोटली डीसी सचिन गुप्ता को सौंपी। गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष मेसा सीसर ने बताया कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश के साधु समाज व गौभक्तों ने मिलकर अभियान चला रखा है। पहला प्रदर्शन ब्लॉक स्तर पर 27 अपैल को किया गया। आज 27 जुलाई को जिला स्तर और 27 अक्टूबर को राज्य स्तर पर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया जाएगा। देश के प्रधानमंत्री से कर रहे मांग मेसा सीसर ने कहा कि आज लोगों से गौमाता की रक्षा के लिए करवाए गए हस्ताक्षरों की एक पोटली डीसी को दी है। गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर रहे है, क्योंकि देश का राजा तो प्रधानमंत्री ही होता है। आज सनातन धर्म को मानने वालों की सरकार है, इसलिए सरकार से मांग कर रहे है। मांग रखेंगे तभी सरकार ध्यान देगी मेसा सीसर ने कहा कि बिना मांगे तो मां भी दूध नहीं देती। हम सरकार से मांग कर रहे है, तभी तो सरकार इस तरफ ध्यान देगी। अगली मांग चंडीगढ़ में सीएम व राज्यपाल से की जाएगी। इसके बाद जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर पीएम के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। भाजपा सरकार में भी गौमाता को सम्मान नहीं मिला तो टूटेगी आशामेसा सीसर ने कहा कि आज सनातनियों की सरकार है, इसलिए अभी नहीं तो कभी नहीं। अगर भाजपा सरकार में भी गौमाता को सम्मान नहीं दिलवा पाए तो फिर गौभक्तों की आशा ही टूट जाएगी। सभी गौभक्त चाहते हैं कि गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाएगा। पूरे देश में गौहत्या होनी चाहिए बंद लावारिश पीड़ित पशु सेवा संघ के अध्यक्ष जगदीश मलिक ने कहा कि पूरे देश से गौहत्या बंद होनी चाहिए। गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। गाय को पशु मंत्रालय में न रखकर अलग से गौ मंत्रालय बनाना चाहिए। साथ ही सड़कों पर घूम रहे गौवंश को गौशालाओं तक पहुंचाना चाहिए। 3 माह में करवाए 5 लाख एक हजार हस्ताक्षर जगदीश मलिक ने कहा कि तीन महीने के अंदर लोगों से 5 लाख एक हजार हस्ताक्षर करवाए गए है, जो गौमाता को सम्मान दिलवाना चाहते है। अभी तक गौशालाओं में सरकार की तरफ से प्रति पशु मात्र 10, 15 व 25 रुपए प्रतिदिन दिए जाते है, वो भी छह माह मिल रहे है। ग्रांट पूरे साल बढ़ाकर दी जानी चाहिए। साथ ही गौशालाओं में शेड बनवाए जाए।
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता व हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक एजेंसी की व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किया जाता, तब तक NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ लंबे समय से खाली पड़े विभागीय पदों को भरने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाएंगे। झज्जर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गीता भुक्कल ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि छात्रों और कांग्रेस के संयुक्त संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री से अपील की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने और धरना देने के लिए मजबूर न होना पड़े। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देने की जरूरत पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने परिवार और देश से दूर होकर अवैध रास्तों से विदेश जाने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए देश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। भुक्कल ने कहा कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक माहौल मिलेगा तो वे नशे और अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां लागू करने की मांग की। रमेश जाखड़ बने कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष उधर, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सेवा दल के झज्जर जिला अध्यक्ष के रूप में रमेश जाखड़ को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस दौरान नवगठित जिला कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए। विधायक गीता भुक्कल ने नई कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस सेवा दल पार्टी का सेवा संगठन है, जिसने हमेशा संगठन को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि झज्जर जिला कांग्रेस सेवा दल आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेगा। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष रमेश जाखड़ ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन पर विश्वास जताकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, यह उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवा दल सेवा भाव को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आमजन तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का काम करेगा। कार्यक्रम में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के गौरव पथ स्थित राजकुमार सराफ के मकान में शनिवार शाम से रविवार शाम तक कार्रवाई हुई। शुरुआत में इसे ED की रेड से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन FIR कॉपी के अनुसार यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से की गई है। इसके अलावा IT ने भी मामले में कार्रवाई की है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने करीब 11.38 करोड़ रुपए के बैंक लोन घोटाले के मामले में धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टरों, गारंटर, अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से बैंक को धोखा देकर लोन की राशि का गलत इस्तेमाल किया और बैंक को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया। साफ शब्दों में कहे तो सभी पर कैश क्रेडिट से पैकिंग क्रेडिट चुकाने का आरोप है। धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड बॉक्साइट की बिक्री और निर्यात का कारोबार करती थी। कंपनी से जुड़ी KSR इंफ्रा और केपेक्स 2 एंटरप्राइजेज नाम की दो अन्य फर्में भी संचालित की जा रही थीं। इसी कारोबार के लिए कंपनी ने बैंक से लोन लिया था। 7 मई को बैंक ने की शिकायत CBI की FIR के अनुसार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया रीजनल ऑफिस रायपुर के डिप्टी जनरल मैनेजर और रीजनल हेड रणधीर कुमार ने 7 मई 2026 को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि कंपनी और उसके जिम्मेदार लोगों ने बैंक से मिली क्रेडिट सुविधा का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की। 15 करोड़ की एक्सपोर्ट पैकिंग क्रेडिट सुविधा ली जांच में सामने आया कि 19 अप्रैल 2023 को कंपनी को 15 करोड़ रुपए की Export Packing Credit (EPC) सुविधा मंजूर हुई थी। इसमें 5 करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट (CC) सीमा और 7.50 करोड़ रुपए की लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) सीमा शामिल थी। सिस्टर कंसर्न के जरिए रकम घुमाने का आरोप CBI के अनुसार, कंपनी ने लोन की रकम को सीधे कारोबार में लगाने के बजाय अपनी सहयोगी फर्मों भारत मल्टी ट्रेड, क्रिस एंटरप्राइजेज और राधे कृष्णा एंटरप्राइजेज के खातों में ट्रांसफर किया। जांच में यह भी सामने आया कि भारत मल्टी ट्रेड के मालिक संतोष कुमार रमानी, कंपनी की सहयोगी फर्म Kpex 2 Enterprises से जुड़े हैं। क्रिस एंटरप्राइजेज के मालिक कृतार्थ सोनी, कंपनी के गारंटर कुशल सोनी के भाई हैं। कैश क्रेडिट से पैकिंग क्रेडिट चुकाने का आरोप CBI का आरोप है कि कंपनी ने कैश क्रेडिट खाते से निकाली गई रकम को अलग-अलग फर्मों के जरिए घुमाकर उसी दिन पैकिंग क्रेडिट खाते में जमा कराया। इससे ऐसा दिखाया गया कि पैकिंग क्रेडिट का भुगतान किया गया है। जांच में सामने आए प्रमुख लेन-देन CBI का कहना है कि इस तरह करीब 4.51 करोड़ रुपए की राशि को घुमाकर पैकिंग क्रेडिट खाते में समायोजित किया गया। 12 अक्टूबर 2024 को खाता हुआ NPA बैंक के अनुसार, कंपनी समय पर लोन नहीं चुका सकी। इसके बाद 12 अक्टूबर 2024 को लोन खाता NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया। 31 जनवरी 2026 तक बैंक का 11.38 करोड़ रुपए बकाया था। इन पर दर्ज हुई FIR CBI ने इस मामले में धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, कंपनी की डायरेक्टर राजलक्ष्मी सराफ, अभिषेक गुप्ता, गारंटर कुशल सोनी, अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। आरोपियों के खिलाफआपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, लेखा में हेराफेरी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है। CBI करेगी जांच CBI का कहना है कि शुरुआती जांच में बैंक के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और लोन राशि के दुरुपयोग के पर्याप्त आधार मिले हैं। अब मामले में सभी वित्तीय लेन-देन, संबंधित कंपनियों, बैंक अधिकारियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जाएगी।
डिंडोरी जिले के गंभीर बीमारियों से पीड़ित 10 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सोमवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज और अन्य अनुबंधित अस्पतालों में रेफर किया गया। बच्चों के साथ उनके परिजन और स्वास्थ्य विभाग के दो डॉक्टर भी भेजे गए हैं, ताकि भर्ती और उपचार की प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके। दो डॉक्टर करेंगे उपचार प्रक्रिया में सहयोग स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. हर्षवर्धन सिंह धुर्वे और डॉ. आकाश सिंदराम को बच्चों के साथ भेजा है। दोनों डॉक्टर अस्पताल में भर्ती कराने, आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी कराने और उपचार प्रक्रिया में परिजनों की सहायता करेंगे। तीन सरकारी योजनाओं के तहत मिलेगा मुफ्त इलाज स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चों का इलाज मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और राज्य बीमारी सहायता योजना के तहत कराया जाएगा। इन योजनाओं के माध्यम से जन्मजात विकृतियों, हृदय रोग, कैंसर, किडनी, लीवर, न्यूरो सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क उपचार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इन बच्चों को भेजा गया जबलपुर इलाज के लिए भेजे गए बच्चों में 10 माह का लक्ष्य, 4 साल के मेघाबाई, 9 साल के शिवम मरावी, साढ़े चार साल के आशीष, 7 साल के रोहित, 4 साल की काव्या, 13 वर्षीय दामिनी उइके और मनीषा सहित कुल 10 बच्चे शामिल हैं। सभी बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय दस्तावेजों के साथ जबलपुर रवाना किया गया। पात्र परिवार ऐसे उठा सकते हैं योजना का लाभ स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ये योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही हैं। पात्र हितग्राही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय या कलेक्टर कार्यालय में आवेदन कर इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मजदूरी पर जाते समय वाहन ने बाइक को मारी टक्कर:हरदोई में युवक की मौत, साथी लखनऊ रेफर
हरदोई में बिल्हौर-कटरा हाईवे पर मल्लावां चौराहे के पास सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे एक सड़क हादसा हो गया। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर किया गया है। युवक की शादी पिछले साल 5 मई को ही हुई थी। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के बंदीपुर गांव निवासी 25 वर्षीय संदीप मजदूरी करते थे। उनके छोटे भाई सत्यवान के अनुसार, संदीप सोमवार तड़के 3:30 बजे अपने 23 वर्षीय दोस्त आकाश के साथ बाइक से मजदूरी के लिए घर से निकले थे। वे एक निर्माणाधीन मकान पर मिक्सर मशीन पहुंचाने जा रहे थे। मशीन पहुंचाने के लिए ही दोनों घर से जल्दी निकले थे। मल्लावां चौराहे के पास पहुंचते ही किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने चीख-पुकार सुनकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने एंबुलेंस से दोनों घायलों को पहले मल्लावां सीएचसी और फिर हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने सुबह 6:50 बजे संदीप को मृत घोषित कर दिया। आकाश की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। संदीप की शादी पिछले साल 5 मई को सुमन के साथ हुई थी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि यह दुर्घटना दूसरे थाना क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुलतानपुर में गौ रक्षा वाहिनी उत्तर प्रदेश ने सोमवार दोपहर 12:30 बजे एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया को ज्ञापन सौंपा। गौ माता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने, जिले की गौशालाओं की बदहाल व्यवस्था में सुधार लाने और बेजुबान पशुओं के संरक्षण समेत 30 मांगें उठाई गईं। यह ज्ञापन प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह के नेतृत्व में दिया गया। प्रदेश के प्रभारी एवं सनातन विचारक सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का आधार हैं। उन्होंने उप्र सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर गौ माता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की संस्तुति की। जिले की सभी गौशालाओं का विशेष निरीक्षण कराने, उनकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की। सर्वेश कुमार सिंह ने जिले में संचालित सभी पशु बाजारों की वैधता, लाइसेंस और गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने 'बेजुबान पशु संरक्षण, गौशाला निगरानी एवं पशु बाजार जांच समिति' के गठन का सुझाव दिया। इस समिति में गौ रक्षा वाहिनी सहित सक्रिय गौसेवी संगठनों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई, ताकि निगरानी व्यवस्था पारदर्शी बन सके। प्रदेश महामंत्री जयशंकर दुबे ने घायल एवं बेसहारा गौवंश तथा अन्य बेजुबान पशुओं के लिए प्रत्येक विकासखंड स्तर पर पशु एम्बुलेंस, 24 घंटे आपातकालीन हेल्पलाइन और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने जिला पशु चिकित्सालय में ट्रॉमा सेंटर, रिकवरी सेंटर और अस्थायी आश्रय गृह की तत्काल व्यवस्था करने पर भी जोर दिया। गौशालाओं का मासिक सामाजिक ऑडिट और प्रशासनिक समीक्षा अनिवार्य रूप से कराने की बात कही। प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह, प्रदेश महामंत्री जयशंकर दुबे, मुख्य संरक्षक राकेश सिंह दद्दू, संरक्षक मोंटी मिश्रा, जिला संयोजक उदय प्रकाश मिश्रा, अंकित अग्रहरि (अध्यक्ष, बृजरानी गौ सेवा समिति), पूनम सिंह (महिला जिला अध्यक्ष), बृजेश श्रीवास्तव बंटू (जिला उपाध्यक्ष), प्रदीप कसौधन, मुकेश कसौधन, किरण सोनी, शशिधर द्विवेदी, अनिल अग्रहरि, लकी बरनवाल, रजनी सिंह, राजवीर श्रीवास्तव और गोलू यादव सहित गौ रक्षा वाहिनी उत्तर प्रदेश के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रेवाड़ी में सोमवार सुबह नांगल मूंदी के पास एक अनियंत्रित कार पेड़ से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे से मौके पर हड़कंप मच गया। जिसमें कार चालक कंपनी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना के बाद डहीना चौकी पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी। गांव से कंपनी जाते समय एक्सीडेंट जानकारी के अनुसार गांव गोठड़ा निवासी अनिल कंपनी में काम करते हैं। सोमवार सुबह वे अपनी कार में सवार होकर गांव से कंपनी जा रहे थे। इसी दौरान बुड़ौली से निकलने के बाद जब उसकी कार नांगल मूंदी सती मंदिर के पास पहुंची, तो किसी वाहन को बचाने के चक्कर में कार अनियंतित्र होकर पेड़ से टकरा गई। जिससे कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। सुनाई दी जोरदार धमाके की आवाज जानकारी के अनुसार जैसे ही कार पेड़ से टकराई तो जोरदार धमाका हुआ। जिससे आसपास के लोग और राहगीरों की भीड़ घटना स्थल पर पहुंची। हादसे में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। ड्राइवर को घायल अवस्था में कार से बाहर निकालकर एंबुलेस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना के बाद डहीना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
देवरिया जिले के भटनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात एक स्टाफ नर्स ने प्रभारी चिकित्साधिकारी पर ड्यूटी के दौरान प्रताड़ना और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टाफ नर्स ने मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। वहीं, प्रभारी चिकित्साधिकारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विभागीय कार्रवाई से जोड़कर देखा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने जांच समिति गठित कर दी है। स्टाफ नर्स ने शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी ड्यूटी के दौरान लगातार उनका उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना करते हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी बोले- लापरवाही पर दिया था नोटिस दूसरी ओर, प्रभारी चिकित्साधिकारी ने स्टाफ नर्स के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि संबंधित स्टाफ नर्स को फरवरी से जुलाई के बीच कार्य में लगातार लापरवाही बरतने के कारण कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। उन्होंने बताया कि केवल संबंधित स्टाफ नर्स ही नहीं, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी कार्य में अनियमितता मिलने पर नोटिस दिए गए हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी के मुताबिक, हाल ही में स्टाफ नर्स को लेबर रूम से हटाकर ओपीडी में तैनात किया गया था, जिसके बाद उनके द्वारा यह शिकायत की गई। सीएमओ ने गठित की जांच समिति मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि स्टाफ नर्स की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक समिति गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच समिति सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वीडियो भी आया सामने मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच भी समिति करेगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच में जुटा है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर रविवार को गौरक्षक दलों ने भरतपुर में रैली निकाली। रैली शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। गौरक्षक दलों ने बताया कि भरतपुर शहर में 3 लाख 37 हजार लोगों से गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने के पक्ष में साइन करवाए गए हैं। इन साइन किए हुए कागजों को कलेक्टर को सौंपकर गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने और इसके लिए कानून बनाने की मांग की गई। मुख्य बाजारों से निकली रैली गौरक्षक राहुल सैनी ने बताया कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग को लेकर पूरे देश में गौरक्षक दल रैली निकाल रहे हैं। इसी के तहत भरतपुर में भी शहर के मुख्य बाजारों से रैली निकाली गई। रैली का समापन कलेक्ट्रेट पर हुआ। इसके बाद कलेक्टर को गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया। 3 लाख 37 हजार लोगों से करवाए साइन गौरक्षक दलों ने बताया कि भरतपुर शहर में इस मांग के समर्थन में 3 लाख 37 हजार लोगों से साइन करवाए गए हैं। इन सभी साइन किए हुए कागजों को कलेक्टर को सौंपा गया। गौरक्षकों का कहना है कि ये सभी साइन भरतपुर शहर के लोगों से करवाए गए हैं। उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करे और गाय के लिए कानून बनाए।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के चित्तौड़ प्रांत की दो दिवसीय प्रांत स्तरीय बैठक उदयपुर जिले के फतहनगर में संपन्न हुई। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी कार्ययोजना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान बांसवाड़ा के करण सिंह को बजरंग दल का नया चित्तौड़ प्रांत संयोजक नियुक्त किया गया। संगठन ने सौंपी नई जिम्मेदारी बैठक में संगठन पदाधिकारियों ने करण सिंह को प्रांत संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी। बताया गया कि वे लंबे समय से जमीनी स्तर पर सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। संगठन ने उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। संगठन विस्तार और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा दो दिवसीय बैठक में विहिप और बजरंग दल के संगठन विस्तार, आगामी कार्यक्रमों और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने तथा समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। 'सनातन को बदनाम करने के प्रयासों का वैधानिक तरीके से करें विरोध' बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विहिप के केंद्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ऐसे राष्ट्रविरोधी प्रयासों का लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से संगठित होकर विरोध किया जाए।
बालाघाट के 21 युवाओं ने PM मोदी से की बात:सीमावर्ती गांवों को पहला गांव मानने की सोच विकसित करें
बालाघाट जिले के 21 युवाओं ने रविवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ‘माय भारत (मेरा युवा भारत)’ और ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज’ पहल के तहत कलेक्टर कार्यालय में आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को देश का आखिरी गांव नहीं, बल्कि पहला गांव मानने की सोच विकसित करनी होगी। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और सीमावर्ती क्षेत्रों के सशक्तीकरण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा की इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। कलेक्टर ने युवाओं के अनुभव और सुझाव जाने कार्यक्रम में युवाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए कलेक्टर मृणाल मीणा मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाप्त होने के बाद उन्होंने ‘माय भारत’ के युवा स्वयंसेवकों से संवाद किया। कलेक्टर ने युवाओं के अनुभव, सुझाव और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और बालाघाट के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। ये अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में ‘माय भारत’ के जिला युवा अधिकारी प्रांजल अग्रवाल, लेखा अधिकारी सी.आर. जंघेला, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी राहुल बारेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डूंगरपुर में 'गौ सम्मान आव्हान अभियान' के तहत शहर में गौ सम्मान यात्रा निकाली गई। गौ भक्तों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और उनके संरक्षण के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की। यह अभियान गौ संरक्षण और गौ संवर्धन का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। अभियान की शुरुआत में जिलाध्यक्ष मांगीलाल प्रजापत, विनोद पांचाल और राजकुमारी प्रजापत सहित कई गौ भक्त शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मैदान में एकत्रित हुए। लक्ष्मण मैदान से शुरू हुई यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। इस दौरान पूरे मार्ग में गौ भक्तों में भारी उत्साह देखा गया और शहर 'भारत माता' व 'गौ माता' के जयकारों से गूंज उठा। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद गौ भक्तों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौ माता को तत्काल 'राष्ट्रमाता' घोषित करने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए देशभर में एक सख्त केंद्रीय कानून लागू करने, तथा गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और देख-रेख के लिए केंद्र स्तर पर एक अलग 'केंद्रीय गौसेवा मंत्रालय' का गठन करने की मांग की गई है।
बलिया में गंगा कटान से प्रभावित बैरिया क्षेत्र के ब्यासी गांव में कटान देखने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पहुंचे। काफीले को देखकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने परिवहन मंत्री के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। पूरे गांव के लोगों ने मंत्री दयाशंकर की गाड़ी को घेर लिया और कहा- इन्हें कटान पर ले चलो। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा- अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा लिखित चाहिए। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि हर साल अधिकारी और नेता आते हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार कटान से खेत, मकान गंगा में समा जाता है। उनका आरोप है कि अब तक केवल अस्थायी बचाव कार्य किए जाते हैं, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा। महिलाओं ने कहा- लिखित भरोसा चाहिए, सिर्फ वादा नहीं विरोध कर रही महिलाओं ने मंत्री से कहा कि अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कटान रोकने के लिए स्थायी परियोजना लागू कराने की मांग की। कहा कि सरकार लिखित रूप से भरोसा दे कि इस बार समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। महिलाओं का कहना था कि हर साल गंगा उनकी जमीन निगल रही है और कई परिवार अपना सबकुछ छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। कुछ देर तक तनावपूर्ण रहे हालात ग्रामीणों के विरोध के चलते मौके पर कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सुरक्षा में तैनात पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद मंत्री का काफिला आगे बढ़ सका। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों के सामने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे थे मंत्री परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र के गंगा तटीय इलाकों का दौरा कर रहे थे। उन्होंने ब्यासी गांव में कटान प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली। इससे पहले भी मंत्री जिले के विभिन्न गंगा तटीय इलाकों का निरीक्षण कर कटान रोधी कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठा चुके हैं और अधिकारियों को सुधार के निर्देश दे चुके हैं। हर साल कटान की मार झेलते हैं गंगा किनारे के गांव बैरिया तहसील के गंगा किनारे बसे कई गांव हर मानसून में कटान की चपेट में आ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी बोल्डर पिचिंग और बचाव कार्य कुछ समय के लिए राहत देते हैं, लेकिन गंगा का रुख बदलते ही कटान फिर शुरू हो जाती है। इसी कारण ग्रामीण लंबे समय से स्थायी कटान रोधी परियोजना की मांग कर रहे हैं। हाल के महीनों में भी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सरकार के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- नोएडा में 6 साल के बच्चे की मौत के 5-जिम्मेदार:अथॉरिटी के सीईओ ने कभी जांच नहीं की; ठेकेदार मनमानी करता रहा ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने 6 साल के मासूम आव्यान की जिंदगी छीन ली। इस मामले में 5 लोगों की सीधी लापरवाही सामने आई है। न तो ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कभी निर्माण कार्यों और सुरक्षा मानकों की जांच कराई और न ही ठेकेदार ने सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए। अफसरों की ढिलाई की वजह से ठेकेदार लगातार मनमानी करता रहा। पूरी खबर पढ़ें…
फतेहाबाद पुलिस ने टोल के पास पकड़ा नशा तस्कर:होटल के नजदीक ग्राहक ढूंढ रहा था; जेब से मिली हेरोइन
फतेहाबाद की सदर थाना पुलिस के अंतर्गत आने वाली चौकी दरियापुर की टीम ने एक युवक को नशा तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है। आरोपी युवक से 6.93 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी होटल के पास ग्राहक ढूंढ रहा था। नेशनल हाईवे के पास हेरोइन लिए खड़ा था सदर थाना प्रभारी प्रहलाद राय ने बताया कि दरियापुर चौकी प्रभारी बलवान अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं अपराधों की रोकथाम के लिए मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि फतेहाबाद शहर के शक्ति नगर निवासी सोनू हेरोइन बेचने का कार्य करता है। वह इस समय नेशनल हाईवे पर दरियापुर-भावदीन टोल स्थित पंजाबी होटल के पास ग्राहकों की तलाश में मौजूद है। लोअर से मिली 6.93 ग्राम हेरोइन सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखकर संदिग्ध युवक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे काबू कर लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान सोनू के रूप में बताई। नियमानुसार तलाशी लेने पर उसकी लोअर की दाहिनी जेब से एक पारदर्शी मोमी लिफाफे में 6.93 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई।एसएचओ ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध थाना सदर फतेहाबाद में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(b), 61 एवं 85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उससे उसके नेटवर्क के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
बरेली में सोमवार को गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों, गौ सेवकों और साधु-संतों ने विशाल पदयात्रा निकाली। शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए हजारों की संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रशासन की ओर से एडीएम ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका ज्ञापन केवल डीएम अविनाश सिंह ही स्वीकार करेंगे। एडीएम के पहुंचने के बाद गौ सेवकों में नाराजगी बढ़ गई और सभी कलेक्ट्रेट गेट पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कहा कि जब तक डीएम स्वयं नहीं आएंगे, तब तक धरना जारी रहेगा। कलेक्ट्रेट गेट पर गूंजे जय श्रीराम के नारेधरने के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर डीजे की व्यवस्था की गई। यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शन में शामिल लोग जय श्रीराम और जन्म-जन्म का नाता है, गाय हमारी माता है जैसे नारे लगाते रहे। साधु-संत और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरना स्थल पर मौजूद रहे। गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांगप्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए। इसी मांग को लेकर उन्होंने पदयात्रा निकालकर प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजने की तैयारी की है। हालांकि डीएम के मौके पर नहीं पहुंचने से मामला धरने में बदल गया। धरने और बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के चलते कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास कर रहा है। छह माह से चल रहा है देशव्यापी हस्ताक्षर अभियानआंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, गो सम्मान आह्वान अभियान पिछले करीब छह महीने से देशभर में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गोहत्या पर केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और गो-चारा नीति लागू करने समेत 30 से अधिक मांगें उठाई गई हैं। इन मांगों के समर्थन में देशभर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर सरकार तक पहुंचाने का दावागौसेवकों का दावा है कि अभियान के दूसरे चरण के तहत देशभर के सभी जिलों से 15 करोड़ से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाले प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को जिलाधिकारियों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले चरण में अप्रैल 2026 में करीब पांच करोड़ हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन तहसीलों के माध्यम से सौंपे गए थे। इस बार बरेली से भी करीब 75 हजार हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रशासन को सौंपा जाना था। पदयात्रा निकालकर पहुंचे कलेक्ट्रेटइसी अभियान के तहत सोमवार सुबह गो सेवकों, साधु-संतों और हिंदू संगठनों ने पूजा-अर्चना के बाद शहर में पदयात्रा निकाली। हाथों में भगवा ध्वज और मांगों से जुड़े बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपने की तैयारी थी। हालांकि डीएम के स्थान पर एडीएम के पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई और डीएम अविनाश सिंह को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए। जिसके बाद सभी गौसेवकों को अंदर बुला लिया गया और डीएम ने खुद ज्ञापन लिया।
सुल्तानपुर में जर्जर सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग को लेकर जिला कांग्रेस सेवा दल ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लंभुआ तहसील और नगर पंचायत कोइरीपुर क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द मरम्मत कराने की मांग की। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि लंभुआ तहसील की ग्राम सभा सोनावा में गलिपान हाईवे से सरस्वती शिशु मंदिर होते हुए सती मैया चौराहा और कोइरीपुर स्टेशन-रामगंज रेलवे क्रॉसिंग तक जाने वाली लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। एक-एक फीट गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा कांग्रेस सेवा दल ने आरोप लगाया कि सड़क पर कई स्थानों पर एक-एक फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। कोइरीपुर बाजार की सड़क भी बदहाल ज्ञापन में नगर पंचायत कोइरीपुर के शिवाले से मुख्य बाजार तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह मार्ग दिनभर व्यस्त रहता है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। मौके पर जांच कर मरम्मत कराने की मांग कांग्रेस सेवा दल ने जिलाधिकारी से मांग की कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर भेजकर दोनों सड़कों का निरीक्षण कराया जाए और लोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से तत्काल मरम्मत एवं पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी के साथ दिनेश कुमार, अजहर नवाज और आशुतोष सोनी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए पुलिस विभाग की तर्ज पर कार्यवाहक व्यवस्था समाप्त कर पूर्णकालिक एसडीओ (उप वन मंडल अधिकारी) नियुक्त करने का निर्णय लागू किया है। हाल ही में प्रदेशभर के 186 वन अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इस प्रक्रिया में बुरहानपुर जिले के छह वन अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिला है। पदोन्नति के बाद दो अधिकारी पूर्णकालिक एसडीओ बन गए हैं, जबकि चार रेंजरों को एसडीओ पद पर पदोन्नत किया गया है। वन विभाग में लागू हुई नई व्यवस्था राज्य सरकार ने वन विभाग में कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कार्यवाहक एसडीओ की व्यवस्था के स्थान पर पूर्णकालिक एसडीओ की नियुक्ति की है। इससे अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी और प्रशासनिक अधिकार मिलेंगे। हाल ही में जारी पदोन्नति आदेश के तहत प्रदेशभर में 186 वन अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। बुरहानपुर के छह अधिकारियों को मिला लाभ इस पदोन्नति में बुरहानपुर जिले के छह वन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है। इससे जिले के वन प्रशासन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। पदोन्नति के बाद नेपानगर के एसडीओ विक्रम सुलिया और बुरहानपुर के एसडीओ अजय सागर अब प्रभारी नहीं, बल्कि पूर्णकालिक एसडीओ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। सरकार के इस निर्णय से दोनों अधिकारियों को स्थायी प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होंगे। चार रेंजर बने एसडीओ पदोन्नति सूची में जिले के चार रेंजरों को भी एसडीओ पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें शाहपुर की श्यामलता मेरावी, धूलकोट के मनोज वास्कले, खकनार के रितेश उईके और बुरहानपुर के लक्षा सोलंकी शामिल हैं।पदोन्नति के बाद चारों अधिकारी एसडीओ बन गए हैं। हालांकि फिलहाल उनकी पदस्थापना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे अपनी-अपनी वर्तमान रेंज में ही कार्य करते हुए नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में सोमवार को उन्नाव में समाजवादी पार्टी (अल्पसंख्यक सभा) ने प्रदर्शन किया। पार्टी पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह को सौंपकर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष व विधिसम्मत समीक्षा कराने की मांग की। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज़ खान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। ज्ञापन में कहा गया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय हजारों छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है। ऐसे में किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पहले संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। बोले- निर्माण के समय नहीं लागू था विकास प्राधिकरण जिलाध्यक्ष नियाज़ खान ने कहा कि जिस गांव में विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया था, उस समय वह क्षेत्र किसी विकास प्राधिकरण के अधीन नहीं था। उस दौरान उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 के तहत निर्माण अनुमति की आवश्यकता भी नहीं थी। उनका दावा है कि बाद में इस क्षेत्र को विकास प्राधिकरण के दायरे में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था। अनियमितता हो तो कानूनी कार्रवाई करें, भवन न गिराएं ज्ञापन में कहा गया कि यदि भूमि या निर्माण से संबंधित किसी प्रकार की अनियमितता है तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। सरकार चाहे तो नियमानुसार जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई कर सकती है, लेकिन भवनों को ध्वस्त करने से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसे शिक्षा और जनहित का विषय बताते हुए कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की गई। छात्रों के भविष्य का हवाला सपा नेताओं ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले छात्रों के हित, शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय जनसामान्य पर पड़ने वाले प्रभाव का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग ज्ञापन में राज्यपाल से अनुरोध किया गया कि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, ताकि शिक्षा का यह संस्थान सुरक्षित रह सके और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त कर शासन स्तर पर भेजे जाने का आश्वासन दिया।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब फर्रुखाबाद में गंगा नदी पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर 136.20 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से महज 40 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार बढ़ते जलस्तर से गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है, जबकि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले एक-दो दिनों में नदी चेतावनी स्तर को पार कर सकती है। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। नरौरा बांध से छोड़ा गया 53,211 क्यूसेक पानी रविवार को नरौरा बांध से 53,211 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया था। इसका प्रभाव आने वाले समय में फर्रुखाबाद क्षेत्र में और अधिक देखने को मिल सकता है। जल संसाधन विभाग का अनुमान है कि इससे गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा गंगा के साथ-साथ रामगंगा नदी का जलस्तर 134.45 मीटर दर्ज किया गया है। रविवार को खो बैराज से 50 क्यूसेक, हरेली बैराज से 140 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 2,323 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिससे रामगंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन अलर्ट, तटवर्ती गांवों पर नजर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए पहले से की गई तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। तटवर्ती गांवों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
डीडवाना के छोटी खाटू स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा में चोरी की वारदात सामने आई है। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार सुबह बैंक खुलने पर कर्मचारियों ने पीछे की खिड़की टूटी हुई पाई। तत्काल उच्च अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोर बैंक की पीछे की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे थे। वारदात को अंजाम देने से पहले, बदमाशों ने बैंक के सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा अलार्म की वायरिंग काट दी थी ताकि उनकी पहचान न हो सके। सूचना मिलते ही खुनखुना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बैंक परिसर और आसपास से साक्ष्य जुटाए हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया कि कितनी नकदी या अन्य सामान चोरी हुआ है, इसका खुलासा वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने और बैंक रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और बैंक प्रबंधन ने भी उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है।
गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और भारत को गो हत्या मुक्त देश घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को उदयपुर में गो भक्तों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में गो भक्त, साधु-संत, गोशाला संचालक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शन की शुरुआत टाउन हॉल से निकाली गई रैली से हुई। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर गो माता के सम्मान और संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए। रैली जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान गो भक्त अपने साथ गो माता को भी कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचे। कलेक्ट्री के बाहर रामधुन, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपते हुए गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने व गो हत्या पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गो माता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक है। इसलिए सरकार को गो संरक्षण के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर के गो भक्त दिल्ली कूच कर व्यापक आंदोलन करेंगे।
देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी का शव नदावर घाट पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक रविवार शाम ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के नदावर घाट की है। स्थानीय लोगों ने नदी में एक शव उतराता देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी थे मृतक शव की पहचान पंडित हरैया गांव निवासी 78 वर्षीय ललन तिवारी, पुत्र स्वर्गीय राजकिशोर तिवारी के रूप में हुई। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि ललन तिवारी उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। रिटायरमेंट के बाद भी वह सलेमपुर नगर के एक निजी विद्यालय में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य कर रहे थे। ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकले थे परिजनों के मुताबिक, ललन तिवारी रविवार शाम घर से यह कहकर निकले थे कि उन्हें विद्यालय में ड्यूटी पर जाना है। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। सोमवार सुबह नदावर घाट पर शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार में दो बेटे मृतक के परिवार में दो पुत्र हैं। बड़ा बेटा डबल तिवारी नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा छोटे तिवारी खेती-बाड़ी से जुड़ा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गौ माता को राष्ट्रीय माता दर्जा देने की मांग:बागपत में हिंदू संगठनों ने DM को सौंपा ज्ञापन
बागपत कलेक्ट्रेट में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत बड़ी संख्या में गौ रक्षक और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। यह अभियान देश के सभी जिला मुख्यालयों पर चलाया जा रहा है, जहाँ हिंदू संगठन के लोग गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। बागपत में भी कार्यकर्ताओं ने विजय मंत्र का जाप किया और अपनी मांग दोहराई। इस दौरान भाजपा नेता मनुपाल बंसल ने कहा कि यह सनातन धर्म की एक बड़ी और महत्वपूर्ण मांग है। उन्होंने सरकार से इस मांग को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता लगभग दो घंटे तक बागपत कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे। उन्होंने जिलाधिकारी अस्मिता लाल को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांग पर त्वरित कार्रवाई की अपील की। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में हिंदू संगठन के लोग शामिल थे।
गोरखधाम एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। चलती ट्रेन में महिला यात्रियों ने चादर का घेरा बनाकर सुरक्षित डिलीवरी कराई। ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचने पर पहले से मौजूद रेलवे की मेडिकल टीम ने जच्चा-बच्चे को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। दरअसल, गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस पंजाब के भठिंडा से गोरखपुर तक जाती है। रविवार को गाजियाबाद और कानपुर के बीच गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सूचना मिलने पर टीटीई और आरपीएफ ने रेलवे प्रशासन को अलर्ट किया। इस बीच कोच में मौजूद महिला यात्रियों ने पुरुष यात्रियों को बाहर कर चादर के सहारे सुरक्षित प्रसव कराया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों ने महिला की मदद करने वाली सहयात्रियों की सराहना की। महिला यात्रियों ने कराई सुरक्षित डिलीवरी एस-1 कोच की सीट नंबर 32 पर यात्रा कर रही गर्भवती महिला को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया। बस्ती निवासी सहयात्री शीला तिवारी ने इसकी जानकारी टीटी को दी। टीटी ने पहले महिला का टिकट बनवाकर उसे सीट उपलब्ध कराई। इसके बाद महिला यात्रियों ने चादर की ओट बनाकर सुबह 5:10 बजे सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। कानपुर सेंट्रल पर पहले से तैयार थी मेडिकल टीम घटना की सूचना टीटी और आरपीएफ ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन को दी। ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर-9 पर पहुंचने से पहले ही आरपीएफ कर्मी, मेरी सहेली टीम और मेडिकल स्टाफ तैनात कर दिए गए। ट्रेन सुबह 6:25 बजे कानपुर पहुंची, जहां डॉक्टर रितेश और उनकी टीम ने मां-बेटे की जांच की। दोनों स्वस्थ मिलने पर उन्हें एंबुलेंस से उर्सला अस्पताल भेज दिया गया। पति बोले- लगा था ट्रेन में डिलीवरी कैसे होगी महिला के पति फिरोज ने बताया- प्रसव पीड़ा शुरू होने पर वह काफी घबरा गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि चलती ट्रेन में डिलीवरी कैसे होगी। लेकिन कोच में मौजूद महिला यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और सुरक्षित प्रसव कराया। बच्चे के जन्म के बाद पूरे डिब्बे में खुशी का माहौल बन गया और यात्रियों ने दंपति को बधाई दी।
चूरू जिले के राजलदेसर थाना क्षेत्र में स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक महिला से मारपीट की गई। मनचले युवक और उसकी मां ने महिला को रास्ते में रोककर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित महिला ने राजलदेसर पुलिस थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि एक युवक पिछले सात-आठ दिनों से उसकी बेटी और स्कूल की अन्य बच्चियों का छेड़छाड़ की नीयत से पीछा कर रहा था। महिला ने इसकी शिकायत लेकर आरोपी के घर संपर्क किया था। आरोपी के परिजनों ने उस समय माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न होने का आश्वासन दिया था। हालांकि, इसके अगले ही दिन 23 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे, जब पीड़िता स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही थी, तो आरोपी युवक ने उसकी स्कूटी रुकवा ली। इसी दौरान आरोपी की मां भी वहां पहुंच गई। दोनों ने पीड़िता को अकेला पाकर गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके साथ मारपीट की, जिससे पीड़िता के सिर व शरीर पर चोटें आईं। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी वहां से भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने पीड़िता को पुलिस या किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाया है, जिसमें सिर व गर्दन में चोटें आने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी युवक व उसकी मां के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शाजापुर में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हिंदू समाज और गौभक्तों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर गौवंश संरक्षण और संवर्धन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्यप्रदेश राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एसडीएम मनीषा वास्कले को दिया गया। ज्ञापन में संपूर्ण देश में गौवंश की सुरक्षा, सेवा और सम्मान के लिए एकीकृत केंद्रीय कानून बनाने तथा एक स्वतंत्र गोपालन मंत्रालय की स्थापना की मांग की गई। गौभक्तों ने कहा कि गौवंश केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, पर्यावरण और सतत विकास से भी जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। ज्ञापन में बताया गया कि 27 अप्रैल 2026 को देशभर की हजारों तहसीलों से गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाकर शासन को प्रार्थना पत्र भेजे गए थे। सोमवार को जिला मुख्यालय पर यह ज्ञापन उसी मांग के अनुस्मरण में पुनः सौंपा गया है। ज्ञापन में गौवंश के वध और तस्करी पर कठोर कार्रवाई करने, ऐसे अपराधों को संज्ञेय एवं गैर-जमानती बनाने तथा दोषियों की संपत्ति जब्त करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला और प्रत्येक जिले में आदर्श गो अभयारण्य या बड़ी गोशाला स्थापित करने का भी आग्रह किया गया। अन्य मांगों में राजमार्गों पर घायल गौवंश के उपचार के लिए गो-वाहिनी एम्बुलेंस और गो चिकित्सा केंद्र शुरू करना शामिल है। गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और चारा प्रबंधन के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग भी रखी गई। राघवेंद्र आश्रम छापरी के महंत रघुनाथ दास ने मीडिया से चर्चा में कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए और गौवंश की सुरक्षा के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने हाईवे और मुख्य मार्गों पर लावारिस घूमने वाले गौवंश को सड़क हादसों से बचाने के लिए पर्याप्त गौशालाओं और अभयारण्यों की व्यवस्था करने पर जोर दिया। गौभक्तों ने बताया कि यह अभियान देशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय गौभक्त, संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
राजगढ़ जिला अस्पताल में ऑक्सीजन बूस्टर संयंत्र शुरू हो गया है। इससे अस्पताल अपनी जरूरत की ऑक्सीजन पूरी कर सकेगा। जरूरत पड़ने पर जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों को भी सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाएगी। मध्य प्रदेश में धार के बाद राजगढ़ ऐसा दूसरा जिला है, जहां यह अत्याधुनिक संयंत्र लगाया गया है। जिला अस्पताल में पहले से मेडिकल ऑक्सीजन बनाने के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट संचालित हैं। इन प्लांटों से ऑक्सीजन तैयार होती थी, लेकिन कम प्रेशर के कारण सिलेंडर भरने में परेशानी आती थी। अब नए ऑक्सीजन बूस्टर संयंत्र से यह समस्या दूर हो जाएगी। एक साथ 8 सिलेंडर भर सकेंगेसिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि प्लांट से बनने वाली ऑक्सीजन करीब 5 बार प्रेशर पर निकलती है। नया बूस्टर संयंत्र इसका प्रेशर बढ़ाकर करीब 150 बार तक कर देता है। इससे एक साथ आठ ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकेंगे। पहले की तुलना में अब सिलेंडर तेजी से भरेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराए जा सकेंगे। प्राइवेट और अन्य सरकारी अस्पतालों में हो सकेगी सप्लाईडॉ. शर्मा ने बताया कि यह संयंत्र कलेक्टर के सहयोग और भारत सरकार की सहायता से स्थापित किया गया है। इसके शुरू होने से जिला अस्पताल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर जिले के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। भविष्य में किसी भी आपात स्थिति या ऑक्सीजन की अधिक मांग होने पर जिले को बाहर से ऑक्सीजन मंगाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
बिजनौर बैराज से लगातार हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण बुलंदशहर जिले में गंगा नदी और गंग नहर का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर अब गंगा के तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है। जलस्तर में अचानक हुई इस बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। पिछले दो दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। जिले के अहार, अवंतिका देवी घाट, अनूपशहर, नरोरा और रामघाट पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। पानी का प्रवाह इतना तेज है कि घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। इसके अलावा, जल निगम और ड्रेनेज विभाग के अनुसार गंगा का पानी तटीय खादर क्षेत्र के जंगलों में घुस चुका है। इससे स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों के चारे और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हादसों की रोकथाम और गंगा तटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है। पक्के घाटों पर जल-बैरिकेडिंग की गई है और कच्चे घाटों पर स्नान पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे असुरक्षित घाटों पर स्नान न करें। बुलंदशहर के जिलाधिकारी (डीएम) कुमार हर्ष ने बताया, गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। खादर क्षेत्र के सभी लेखपालों को मुस्तैद रहने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल आबादी और फसलों को कोई नुकसान नहीं है, स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।
पश्चिम बंगाल और बिहार के सैकड़ों मजदूर इन दिनों झालावाड़ जिले के पनवाड़ इलाके में धान की रोपाई का कार्य कर रहे हैं। ये मजदूर अपने गृह राज्यों से लगभग 1000 से 1500 किलोमीटर दूर आकर यह काम करते हैं। जिले में धान की रोपाई का कार्य 1 जुलाई से 15 अगस्त तक चलेगा। ये मजदूर 2 महीने बाद कटाई के समय फिर से झालावाड़ लौटेंगे। झालावाड़ में रोपाई का काम पूरा होने के बाद ये बिहार में रोपाई करते हैं, जबकि पंजाब में रोपाई का काम वे पहले ही कर चुके हैं। पनवाड़ में चावल की होती है अच्छी पैदावारजिले के पनवाड़ क्षेत्र में चावल की अच्छी किस्म की पैदावार होती है, जहां लगभग 10,000 हेक्टेयर में धान की रोपाई की जाती है। पनवाड़ के अलावा, भवानीमंडी और अकलेरा क्षेत्रों में भी धान की रोपाई का कार्य किया जाता है। इन राज्यों के मजदूरों का संपर्क क्षेत्र के किसानों से मोबाइल पर ही हो जाता है, जिससे वे निर्धारित समय पर पनवाड़ पहुंच जाते हैं। कमाई के आकलन के अनुसार, एक मजदूर रोपाई से 2 महीने में लगभग 60,000 रुपए कमाता है, जबकि कटाई के दौरान उसे 70,000 रुपए मिलते हैं। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि बिहार और बंगाल के मजदूर रोपाई और कटाई का कार्य बहुत सावधानी से करते हैं। उनकी कटाई में स्थानीय मजदूरों की तुलना में दो बोरी धान अधिक मिलता है, क्योंकि बाहरी मजदूर सावधानी से काम करते हैं जिससे वेस्टेज नाममात्र का होता है। नहर में पानी की सुविधा के चलते बढ़ा क्षेत्र का रकबाकिसान पूरीलाल ने बताया कि हर साल धान का रकबा बढ़ता जा रहा है। यहां हरिश्चंद सागर से पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। झालावाड़ जिले के हिचर से कोटा जिले के सांगोद तक करीब से 30 किलोमीटर लंबी नहरी तंत्र से अच्छी संख्या में धान की फसल पैदा हो रही है। खजूरी गांव के मोडूलाल गुर्जर और पनवाड़ के बजरंगलाल सुमन करीब 25 साल पहले अपने रिश्तेदारों से पांच-पांच किलो पाकिस्तानी बासमती धान का बीज लेकर आए थे। पहली ही फसल में बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा मिलने के बाद आसपास के किसानों का भरोसा बढ़ा और धीरे-धीरे धान की खेती पूरे नहरी क्षेत्र में फैल गई। आज यह इलाके की प्रमुख नकदी फसल बन चुकी है। इस वर्ष बेहतर उत्पादन की उम्मीदक्षेत्र में अब पंजाब की तर्ज पर फसल चक्र विकसित हो गया है। खरीफ में धान और रबी में गेहूं की खेती से किसानों को वर्षभर 2 मजबूत फसलें मिल रही हैं। कालीसिंध नदी के अतिरिक्त पानी को विशेष नहर प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था संचालित है। इस बार अच्छी बारिश और नहरों में समय पर पानी मिलने से खेत लबालब हैं। किसानों को उम्मीद है कि इस वर्ष उत्पादन के साथ मुनाफा भी रिकॉर्ड स्तर पर रहेगा।
जिले के आवदा थाना क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव में बीती रात चोरों ने दो घरों को निशाना बनाया। चोरों ने एक किराना दुकान से करीब 20 हजार रुपये का सामान चुरा लिया, जबकि पड़ोसी के घर से एक मोटरसाइकिल भी ले गए। जानकारी के अनुसार, चंद्रपुरा निवासी लोकेश जांगिड़ के मकान में संचालित किराना दुकान की पिछली दीवार तोड़कर अज्ञात चोर अंदर घुस गए। चोर दुकान में रखा लगभग 20 हजार रुपये कीमत का किराना सामान लेकर फरार हो गए। इसी दौरान, चोरों ने पड़ोस में रहने वाले शिशुपाल कर्ण के घर को भी निशाना बनाया। उनके घर के बाहर खड़ी एक बाइक चोरी कर आरोपी मौके से भाग निकले। एक ही रात में दो स्थानों पर हुई चोरी की इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर आवदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी गई है। आवदा थाना प्रभारी धर्मेंद्र मालवीय ने बताया कि चोरी की सूचना पर पुलिस टीम ने जांच-पड़ताल की है। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है और चोरों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुलिस जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।
फरीदाबाद के दयालबाग चौकी क्षेत्र स्थित मेवला महाराजपुर रेलवे फाटक के पास सोमवार सुबह एक रेलवे ट्रैक पार करते समय एक अज्ञात व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और इसकी सूचना तुरंत जीआरपी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रेलवे ट्रैक से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी। रेलवे ट्रैक पर 2 हिस्सों में पड़ा मिला शव जीआरपी थाना से पहुंचे सब-इंस्पेक्टर धनीराम ने बताया कि सुबह करीब 7:15 बजे ओल्ड फरीदाबाद कंट्रोल रूम को एक ट्रेन के लोको पायलट और स्थानीय लोगों के माध्यम से सूचना मिली थी कि मेवला महाराजपुर रेलवे फाटक के पास एक व्यक्ति ट्रेन से कट गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां करीब 40 से 45 वर्ष आयु के एक व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर 2 हिस्सों में पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार आसपास के लोगों ने बताया कि मृतक अक्सर रेलवे फाटक के आसपास नशे की हालत में घूमता रहता था। इसी आधार पर माना जा रहा है कि वह नशे की हालत में ट्रैक पार करने लगा और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पहचान कराने का प्रयास कर रही पुलिस सब-इंस्पेक्टर धनीराम ने बताया कि फिलहाल शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। यदि 72 घंटे के भीतर उसकी पहचान नहीं होती है, तो नियमानुसार पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस उसकी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करेगी। साथ ही पहचान के लिए आसपास के थानों और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। 'रेलवे फाटक बंद होने पर ट्रैक पार न करें' जीआरपी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रेलवे फाटक बंद होने पर कभी भी ट्रैक पार करने की कोशिश न करें। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। तेज गति से आने वाली ट्रेन को देखकर संभलने का मौका नहीं मिलता, इसलिए हमेशा फाटक खुलने का इंतजार करें और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें। पुलिस का कहना है कि ऐसी सावधानी बरतकर कई बड़े हादसों से बचा जा सकता है।
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर ₹1 लाख नकद और लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। मकान मालिक बीमार मां की देखभाल के लिए घर में ताला लगाकर दूसरे घर गए थे। सोमवार सुबह लौटने पर मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला और घर का सामान बिखरा पड़ा था। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के गणेश मंदिर के पास श्री बिहार कॉलोनी निवासी अरविंद कुमार सक्सेना डिल्लन फूड लिमिटेड में सेल्स ऑफिसर हैं। रविवार को उनकी मां सत्या सक्सेना की तबीयत खराब होने पर वह घर में ताला लगाकर शिंदे की छावनी स्थित उनके घर चले गए थे। इसी दौरान चोरों ने सूने मकान में वारदात को अंजाम दिया। नकदी और जेवर समेट ले गए चोर अरविंद जब सोमवार सुबह परिवार के साथ लौटे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। कमरे में अलमारी खुली थी और सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि चोर ₹1 लाख नकद, तीन सोने की अंगूठियां, 'ओम' लिखा सोने का लॉकेट, पेंडेंट वाला मंगलसूत्र, सोने की चेन, सोने का पेंडेंट, सफेद मोतियों की माला और दो जोड़ी भारी चांदी की पायल चोरी कर ले गए। फिंगरप्रिंट और सीसीटीवी से जांच सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट से घटनास्थल की जांच कराई गई और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों का पता लगाया जा सके। टीआई बोले- जांच जारी बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए दूसरे घर गए थे। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दौसा के लालसोट में नई बिजली लाइन बिछाने के दौरान करंट लगने से निजी कंपनी के कर्मचारी की मौत हो गई। छोटे भाई की मौत की खबर लगने के बाद अलवर में मौजूद बड़े भाई को भी हार्ट अटैक आ गया और उसकी भी जान चली गई। हादसा रविवार सुबह 9 बजे झांपदा थाना क्षेत्र के संवासा जीएसएस के पास उस समय हुआ जब नई लाइन डालने के दौरान ऊपर से जा रही पुरानी बिजली लाइन के तार टच हो गया। ठेका कंपनी डाल रही थी नई बिजली लाइन झांपदा थाने के एएसआई जगदीश प्रसाद ने बताया-संवासा जीएसएस से 11 केवी की नई लाइन रविवार को ठेका कंपनी ओरिएंटल सेल्स कॉर्पोरेशन द्वारा डाली जा रही थी। अलवर के कठूमर के तसई गांव के गौरवाली मोहल्ला निवासी कंपनी का कर्मचारी जितेंद्र चौहान उर्फ जीतू (28) नई लाइन पर तार लगा रहा था। इसी दौरान नई लाइन ऊपर से गुजर रही पुरानी बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। पुरानी लाइन में बिजली चालू थी, जिसके कारण नई लाइन में भी करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आने से जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जितेंद्र के शव को लालसोट जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया, जहां मेडिकल टीम ने परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कर शव सौंप दिया। बड़े भाई को भी हार्ट अटैक आया जितेंद्र की मौत की सूचना जैसे ही घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। छोटे भाई की मौत का समाचार सुनते ही बड़े भाई प्रकाश चौहान (32) को गहरा सदमा लगा और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। परिजन प्रकाश को लेकर तुरंत कठूमर सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कहा कि प्रकाश पिछले कुछ समय से बीमार भी चल रहे थे, लेकिन वह छोटे भाई का सदमा सह नहीं पाया। 6 भाईयों में से दो की ही हुई थी शादी जितेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे को छोड़ गया है, जबकि प्रकाश अविवाहित थे। दोनों छह भाइयों के संयुक्त परिवार में रहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वे भूमिहीन हैं और पिता अतरसिंह गांव में घर के बाहर लकड़ी के छोटे से खोखे पर रोजमर्रा का सामान बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। छह भाइयों में केवल दो की ही शादी हुई थी। रविवार शाम को ही दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों भाईयों की अर्थी एक साथ उठी।
नया राजपुरा में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल को जाने वाला मुख्य मार्ग बारिश के बाद कीचड़ से भर गया है। इससे स्कूली स्टूडेंट्स और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग गांव और स्कूल को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चों के फिसलने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है, जिससे अभिभावकों को बच्चों को गोद में उठाकर या वैकल्पिक रास्तों से स्कूल पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से अब तक मार्ग की मरम्मत या कीचड़ हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन, पंचायत राज विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से तत्काल मरम्मत कार्य कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उनका उद्देश्य स्टूडेंट्स और ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।
छतरपुर के अजयपार धाम में चंदा चोरी के आरोप:हिसाब-किताब के सवाल पर संचालक ने नहीं दिया जवाब
छतरपुर जिले के कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में दानपेटी की राशि को लेकर विवाद सामने आया है। धाम की दानपेटी से 25 हजार रुपये गायब होने की चर्चा के बीच चढ़ावे की राशि को लेकर हुई बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विवाद बढ़ने के बाद अजयपार धाम के संचालक करन कुशवाहा उर्फ भगत जी मीडिया के सामने आए। उन्होंने दानपेटी की राशि के गबन के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि 15 हजार रुपये उनकी साधना यात्रा के दौरान पेट्रोल और अन्य खर्चों में खर्च हुए। वहीं, 10 हजार रुपये उनके साथ मौजूद सेवादारों के भोजन, रहने और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए। वीडियो को लेकर पूछे जाने पर भगत जी ने पहले इसे भ्रम फैलाने की कोशिश बताया। बाद में उन्होंने माना कि वीडियो और उसमें दिखाई गई बातचीत सही है, लेकिन उसे अधूरी जानकारी के साथ पेश किया गया है। उनका कहना है कि पूरे मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। हिसाब-किताब की बात की तो नहीं दिया जवाबमीडिया ने जब दानपेटी की राशि के हिसाब-किताब, रखरखाव और पारदर्शिता को लेकर सवाल किए तो बातचीत के दौरान ही मीडियाकर्मियों को बाहर जाने के लिए कह दिया गया। कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में करन कुशवाहा उर्फ भगत जी नियमित रूप से दरबार लगाते हैं। वे विभिन्न बीमारियों और समस्याओं के समाधान का दावा करते हैं। बागेश्वर धाम की तर्ज पर लगने वाले इस दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फिलहाल, दानपेटी की राशि को लेकर सामने आए विवाद और वीडियो के बाद धाम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, भगत जी ने अपने स्तर पर पूरी राशि का हिसाब बताते हुए सभी आरोपों को खारिज किया है। मामले में यदि प्रशासनिक जांच होती है, तो उसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राजसमंद के श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा से सूरत जा रही निजी यात्री बस से 140 पेटी अंग्रेजी बीयर बरामद की है। पुलिस ने शराब ले जा रहे बस चालक और खलासी को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान बस की पिछली सीटों के नीचे खास तौर पर बनाए गए बॉक्सों से बीयर की पेटियां मिलीं। दोनों के पास शराब ले जाने के जरूरी दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने बस भी जब्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 19/54 के तहत मामला दर्ज किया है। नाकाबंदी में बस रोककर तलाशी ली पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देश पर थाना इंचार्ज विक्रम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाकाबंदी की थी। इसी दौरान भीलवाड़ा से सूरत जा रही एक निजी यात्री बस को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बस की पिछली सीटों के नीचे खास तौर पर बनाए गए बॉक्स मिले। इन बॉक्सों को खोलने पर उनमें 140 पेटी अंग्रेजी बीयर रखी हुई मिली। चालक और खलासी के पास नहीं थे दस्तावेज थाना इंचार्ज विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस ने बस के चालक और खलासी से शराब ले जाने के वैध दस्तावेज मांगे। दोनों कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 19/54 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों की पहचान पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चारभुजा थाना क्षेत्र के रिछेड़ निवासी भेरूलाल और देवगढ़ थाना क्षेत्र के लाखागुड़ा निवासी राजू के रूप में हुई है। पुलिस ने शराब के साथ बस को भी जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी राजू के खिलाफ आबकारी अधिनियम का एक और मामला पहले से दर्ज है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। कार्रवाई में श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इटावा में चाय दुकान में सिलेंडर फटा:एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू, दीवार तोड़कर बुझाई लपटें
इटावा के भरथना कस्बे में सोमवार सुबह 10 बजे एक चाय की दुकान में गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। तेज धमाके के साथ हुए विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि दमकल कर्मियों को करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार दुकान की दूसरी ओर की दीवार तोड़कर आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना भरथना कस्बे के जवाहर रोड स्थित एसएवी इंटर कॉलेज के सामने की है। यहां चाय की दुकान चलाने वाले शिवराम निवासी मोहल्ला रजागंज दुकान पर दूध गर्म कर रहे थे। इसी दौरान गैस सिलेंडर में अचानक तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण टीम को दुकान के दूसरी ओर की दीवार तोड़नी पड़ी, जिसके बाद अंदर तक पानी पहुंचाकर आग पर काबू पाया जा सका। दुकान संचालक शिवराम ने बताया कि दूध गर्म करते समय अचानक गैस सिलेंडर फट गया, जिससे पूरी दुकान में आग फैल गई। आग से दुकान में रखा सामान जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने राहत कार्य की निगरानी की। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं। प्रारंभिक तौर पर सिलेंडर फटने को आग लगने की वजह माना जा रहा है। फिलहाल किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
दुर्ग जिले में दो अलग-अलग जल हादसों में तीन युवाओं की डूबने से मौत हो गई। पाटन क्षेत्र के जामराव एनीकेट में रविवार (26 जुलाई) को नदी में बहा युवक सोमवार सुबह मृत मिला, जबकि पुलगांव क्षेत्र की शिवनाथ नदी में शुक्रवार को डूबे दो किशोरों में से दूसरे का शव भी सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। दोनों मामलों में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने घंटों तक सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया। पिकनिक के दौरान नदी में बहा युवक पहली घटना रायपुर के देवपुरी कमल विहार निवासी टोमेश ध्रुव (22) की है। वह रविवार शाम अपने 11 दोस्तों के साथ पाटन क्षेत्र के जामराव एनीकेट पिकनिक मनाने गया था। खारून नदी में नहाने के दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही अमलेश्वर पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। रविवार देर रात तक तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह दोबारा शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन में सुबह करीब 9:05 बजे SDRF के डीप डाइविंग विशेषज्ञों ने करीब 30 फीट गहराई से टोमेश का शव बरामद किया। जन्मदिन की खुशी मातम में बदली दूसरी घटना पुलगांव थाना क्षेत्र के छातागढ़ के पास पेपरछेड़ी-गनियारी स्थित शिवनाथ नदी की है। यहां शुक्रवार शाम सात दोस्त जन्मदिन मनाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान रेहान (14) और आरव बंजारे (13) तेज बहाव में बह गए। तीन दिन बाद मिला दूसरे किशोर का शव रेस्क्यू अभियान के दौरान शनिवार को रेहान का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बरामद कर लिया गया था। वहीं आरव बंजारे की तलाश लगातार जारी रही। सोमवार सुबह नगपुरा गांव के स्टॉप डैम में शव फंसे होने की सूचना पर SDRF की टीम मौके पर पहुंची और डीप डाइविंग के जरिए शव बाहर निकाला। शव की पहचान आरव बंजारे, निवासी बॉम्बे आवास, उरला (दुर्ग) के रूप में हुई। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव क्षतिग्रस्त हो चुका था। कठिन परिस्थितियों में चला बचाव अभियान दोनों घटनाओं में SDRF की टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जामराव एनीकेट में तेज बहाव और गहराई के बीच 30 फीट नीचे से शव निकाला गया, जबकि शिवनाथ नदी में तीन दिन तक लगातार सर्च अभियान चलाकर दूसरे किशोर का शव बरामद किया गया। बारिश के मौसम में सतर्क रहने की अपील लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनती नदियों, एनीकेट और स्टॉप डैम में न उतरें तथा पिकनिक के दौरान भी जल स्रोतों के पास विशेष सावधानी बरतें।
दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा को 342 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात तो दी ही, भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भी भर गए। बड़े से लेकर छोटे नेताओं तक से उन्होंने मुलाकात की। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और आम लोगों के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत करने का प्रयास किया।जनप्रतिनिधियों से लेकर छोटे कार्यकर्ताओं, सामाजिक व कारोबारी संगठनों से मुलाकात कर उन्होंने उनके साथ खूब तस्वीरें भी खिंचवाईं। पहले आगरा में भाजपा की स्थिति के बारे में जानिये… दरअसल, अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होना है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में भाजपा ने आगरा में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। जिले की सभी 9 सीटों पर केसरिया लहराया। भाजपा प्रत्याशियों को आगरा के वोटरों ने जबरदस्त समर्थन दिया। 2017 के चुनाव में तो 3 प्रत्याशियों को 50% से अधिक वोट मिले। वहीं, किसी भी प्रत्याशी को 40% से कम वोट नहीं मिले। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने 2017 के परिणाम को दोहराया। सभी सीटों पर कमल खिलाया। CM योगी अभी से हुए सक्रिय ऐसे में भाजपा ब्रज में अपनी पकड़ को कमजोर नहीं होने देना चाहती। पिछले दो चुनावों की तरह से 2027 में भी ब्रज में प्रचंड जीत के साथ भाजपा प्रदेश में एक बार फिर से सत्ता पर काबिज होना चाहती है। ऐसे में सीएम योगी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। चुनाव नजदीक देख वे सिर्फ अधिकारियों के साथ मीटिंग करने या जनसभा तक ही सीमित नहीं रहे। पार्टी के पदाधिकारियों के साथ-साथ पूर्व पदाधिकारियों और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर रहे हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा को देखते हुए सभी से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की अपील की। इससे पहले CM योगी जब भी आगरा आए तो उन्होंने सिर्फ जनप्रतिनिधियों से ही मुलाकात की थी। अधिकारियों के साथ बैठक कर वे सीधे अपनी अगली मंजिल की ओर रवाना हो जाते थे। मगर, अब वे मंडल स्तर तक के भाजपा कार्यकर्ताओं से सीधे मुलाकात कर रहे हैं। 25-26 जुलाई के दौरे के दौरान सीएम की यह बदली हुई रणनीति साफ दिखाई दी… 2017 में चुनाव परिणाम 2022 का चुनावी परिणाम
भिवानी के लघु सचिवालय के बाहर विभिन्न संगठनों ने सोमवार को विरोध स्वरूप हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पहले शहर में गो सम्मान अभियान के तहत यात्रा निकाली और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए देरी से पहुंचे, तो गो सम्मान अभियान यात्रा में शामिल लोग लघु सचिवालय के बाहर बैठ गए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। भिवानी में सोमवार को गो हत्या बंद करने व गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर गो सम्मान अभियान किया गया। इस दौरान विभिन्न संगठनों व साधु संतों ने गोवंशों के साथ यात्रा निकाली। इस यात्रा का नेतृत्व नंदी ने किया। ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे थे अधिकारी वहीं यह यात्रा संतों के सानिंध्य में भिवानी के प्रेक्षा विहार से शुरू हुई। इसके बाद घंटाघर, हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड होते हुए लघु सचिवालय पहुंची। इस दौरान उन्होंने हस्ताक्षर किया गया ज्ञापन राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जब तक अधिकारी ज्ञापन नहीं लेने पहुंचे, तो इस मार्च में शामिल लोग लघु सचिवालय के गेट पर ही बैठ गए और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
औद्योगिक नगरी पानीपत के असंध रोड स्थित रिलायंस स्टोर के पास देर रात बेखौफ बदमाशों ने वारदात को अंजाम देते हुए एक सिक्योरिटी गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया। तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड का रास्ता रोककर तार लिपटे डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बदमाश पीड़ित को अधमरा कर उससे करीब 6500 रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। यही नहीं, साक्ष्य मिटाने और मदद न बुला पाने की नीयत से बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल गार्ड करीब एक घंटे तक बदहवास हालत में सड़क पर पड़ा रहा। घर लौट रहा था गार्ड, बदमाशों ने घेरा जानकारी के अनुसार, पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड मनदीप देर रात अपनी ड्यूटी और काम खत्म करने के बाद बाइक से अपने घर की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह असंध रोड पर रिलायंस स्टोर के पास पहुँचा, तभी तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन (6) नकाबपोश/अज्ञात बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। जब तक मनदीप कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया। बदमाशों के हाथों में तार लिपटे हुए खतरनाक डंडे थे, जिनसे उन्होंने सीधे मनदीप के सिर पर जोरदार वार कर दिया। एक घंटे तक लहूलुहान पड़ा रहा पीड़ित सिर पर डंडा लगते ही मनदीप बाइक समेत सड़क पर नीचे गिर गया। इसके बाद सभी बदमाश उस पर टूट पड़े और उसकी टांगों तथा सिर पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। बर्बरता से की गई मारपीट के कारण मनदीप मौके पर ही बेहोश हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मनदीप की जेब से करीब 6,500 रुपए की नकदी निकालकर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने मनदीप के मोबाइल फोन को भी पत्थर या हथियार से बुरी तरह तोड़ दिया ताकि वह किसी को फोन न कर सके। गंभीर रूप से घायल मनदीप करीब एक घंटे तक सड़क किनारे खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पहुंचाया अस्पताल घटना के करीब एक घंटे बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर सड़क किनारे पड़े लहूलुहान मनदीप पर पड़ी। राहगीर ने बिना देर किए इंसानियत दिखाते हुए मनदीप को तुरंत पास के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि असंध रोड और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
बारां में अवैध देसी पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार:पठान साहब की बावड़ी के पास गश्त के दौरान दबोचा
बारां कोतवाली थाना पुलिस ने गश्त के दौरान एक युवक को अवैध देशी पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है।एसआई सुरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ गश्त और चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मिलन रिसोर्ट के आगे पठान साहब की बावड़ी के पास एक संदिग्ध युवक खड़ा दिखाई दिया। पुलिस ने युवक को रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने माथना रोड निवासी 26 वर्षीय अजय सुमन पुत्र प्रहलाद को गिरफ्तार कर लिया।आरोपी अजय सुमन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि वह यह अवैध पिस्टल कहां से लाया था और इसे रखने का उसका उद्देश्य क्या था।
बहराइच में दो घंटे की मूसलाधार बारिश से बदला मौसम:छह डिग्री गिरा तापमान, घाघरा का जलस्तर बढ़ा
बहराइच जिले में सोमवार सुबह अचानक मौसम ने करवट बदली। तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। किसानों को भी धान की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। सुबह करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद जिले का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। नगर और ग्रामीण दोनों इलाकों में हुई इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। धान की फसल के लिए चिंतित किसान अब इस बारिश को लाभदायक मान रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस बीच, पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से मात्र सात सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की समीक्षा बैठक 29 जुलाई को नई दिल्ली में होगी। बैठक की अध्यक्षता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठनात्मक कामकाज, विधानसभा के मानसून सत्र में पार्टी की रणनीति और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा संगठन को मजबूत करने, विभिन्न जिलों में पार्टी की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नकटी विस्थापन, कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है। मानसून सत्र के बाद पार्टी की आगे की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर भी मंथन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश संगठन से जुड़े कुछ अहम मुद्दों और भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व दिशा-निर्देश दे सकता है। दीपक बैज और चरणदास महंत बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और संगठन की गतिविधियों का फीडबैक केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखेंगे।प्रदेश कांग्रेस में बदलाव की चर्चाओं के बीच हो रही बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में संगठन में बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 29 जुलाई को दिल्ली में होने वाली समीक्षा बैठक को इन चर्चाओं के बीच अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में संगठन की स्थिति, प्रदेश नेतृत्व और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक के एजेंडे में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कानपुर में 6 दिन पहले हुए सड़क हादसे में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला अपने भाई के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम से बाइक पर घर लौट रही थी, तभी तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद राहगीरों ने कार चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। हादसा बिठूर थाना क्षेत्र में कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर हुआ था। पुलिस ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई की जा रही है। महिला की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। समारोह से लौट रही थीं कल्याणपुर के न्यू अशोक नगर निवासी आदित्य शुक्ला की 42 वर्षीय पत्नी आराधना शुक्ला के दो बेटे पीयूष और प्रसून हैं। पति ने बताया कि आराधना शिवराजपुर में रिश्तेदार के घर आयोजित कंछेदन समारोह में शामिल होने गई थीं। 21 जुलाई की सुबह वह अपने भाई आशुतोष के साथ बाइक से घर लौट रही थीं। पीछे से कार ने मारी टक्कर रामनगर स्थित कानपुर-अलीगढ़ हाईवे के एलीवेटेड हिस्से पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में आराधना गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनके भाई आशुतोष को भी चोटें आईं। परिजन आराधना को तिलक नगर स्थित कनिष्क हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सिरसा में नहर किनारे मिला युवक का शव:शरीर पर चोट के निशान; हत्या कर फेंके जाने की आशंका
सिकसा जिले में रानियां क्षेत्र के गांव मोजदीन में कसाबा माइनर के किनारे एक युवक का शव मिला है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों ने शव देखकर संबंधित पुलिस चौकी को सूचना दी। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। शिनाख्त के लिए शव को सिरसा के सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। जानकारी के अनुसार, यह शव मोजदीन से माधोसिंघाना रोड से होकर गुजरने वाली कसाबा माइनर में मिला। युवक की उम्र लगभग 28 वर्ष प्रतीत हो रही है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यह शव मोजदीन के पास बाबा आमिर शाह डेरा के बिल्कुल नजदीक नहर किनारे मिला। शरीर पर मिले चोट के निशान, हत्या की आशंका प्रत्यक्षदर्शियों ने युवक की हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि युवक के शरीर पर कुछ चोटों के निशान भी हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने युवक की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया है। मौके पर पुलिस के साथ-साथ फोरेंसिक लैब की टीमें भी पहुंचीं और जांच में जुट गईं। पुलिस ने युवक के शव को शिनाख्त के लिए सिरसा के सिविल अस्पताल में भिजवा दिया है।
रायसेन जिले के सांची थाना क्षेत्र में रविवार देर रात स्कूटी और बाइक की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान सांची निवासी 22 वर्षीय ऋषभ आचार्य पुत्र नरेश आचार्य के रूप में हुई है। हादसा इतना गंभीर था कि ऋषभ की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, वह घर का इकलौता कमाने वाला था। घायल जिला अस्पताल रेफरघायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद विदिशा जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही सांची थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, ऋषभ आचार्य सांची में किराए के मकान में रहकर काम करता था। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह स्कूटी और बाइक की आमने-सामने की टक्कर सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिरोही जिले के 2 अलग-अलग गांवों में रविवार देर रात कॉमन क्रेट सांप के डंसने से 2 युवक मूर्छित हो गए। उन्हें तत्काल सिरोही के सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को वार्ड में भर्ती किया गया है और वे अगले 24 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। पहली घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे की है। रमेश पुत्र नगाराम माली अपने घर में बाथरूम से बाहर आ रहे थे, तभी बाथरूम के पाइप में छिपे एक सांप ने उनके दाहिने पैर में डस लिया। रमेश ने तुरंत सांप को देखा और उसे मारकर एक प्लास्टिक के जार में बंद कर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने मृत सांप देखने के बाद उनका इलाज शुरू किया। घर में टहलते समय पैर में डसादूसरी घटना गोल गांव में हुई। कमलेश कुमार मीणा खाना खाने के बाद घर में टहल रहे थे, तभी एक कॉमन क्रेट सांप ने उनके पैर में डस लिया। कमलेश ने सांप को देखकर पास ही रहने वाले स्नैक केचर इकबाल खान को बुलाया। इकबाल ने सांप को पकड़ा और उसे प्लास्टिक के जार में बंद कर कमलेश कुमार के साथ सिरोही ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। ट्रॉमा सेंटर में दोनों मरीजों का लगभग 1 घंटे तक इलाज किया गया, जिसके बाद उन्हें थोड़ी राहत मिली। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें वार्ड में भर्ती कर 24 घंटे के लिए डॉक्टरों की गहन निगरानी में रखा गया है।
नागौर जिले के छोटी खाटू कस्बे में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में चोर बैंक की पीछे की खिड़की तोड़कर अंदर घुस गए। चोरी की वारदात से पहले बदमाशों ने CCTV कैमरों व अलार्म सिस्टम की वायरिंग काट दी, ताकि वारदात रिकॉर्ड न हो सके। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार सुबह बैंक खुलने पर कर्मचारियों को घटना का पता चला। सूचना मिलने पर खुनखुना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। बैंक खुलने पर घटना का पता चला जानकारी के अनुसार, चोर बैंक की पीछे की तरफ लगी खिड़की तोड़कर अंदर घुसे। बैंक में घुसते ही उन्होंने CCTV कैमरों और अलार्म सिस्टम की वायरिंग काट दी। इसके बाद बैंक में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। बैंक में शनिवार और रविवार के चलते दो दिन की छुट्टी थी। सोमवार सुबह कर्मचारी बैंक पहुंचे तो पीछे की खिड़की टूटी मिली। अंदर सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों और खुनखुना थाना पुलिस को सूचना दी। कितनी चोरी हुई, जांच के बाद होगा खुलासा सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैंक का निरीक्षण कर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। फिलहाल बैंक से कितनी नकदी या अन्य सामान चोरी हुआ है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बैंक अधिकारियों की जांच और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल सकेगा। पुलिस बैंक और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 7 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक आधार पर जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश के मुताबिक, संजीता गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक बनाया गया है। वहीं एस. वेंकटाचलम को कार्यकारी संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। अमरनाथ प्रसाद सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पद पर बने रहेंगे। उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा अभिषेक कुमार सिंह को प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में वन संरक्षक बनाया गया है। गुरुनाथन एन. को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। वहीं प्रणय मिश्रा को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक तथा प्रोजेक्ट एलीफैंट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रमेश कुमार जांगड़े को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक का प्रभारी बनाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूची में पहले तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना 31 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 4 राज्यों के शिक्षामंत्रियों का इस्तीफा मांगा जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने केरल, झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि जहां भी गैर-एनडीए सरकारें हैं, उन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। वहां के शिक्षामंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्ष के नेता पंजाब, कर्नाटक, केरल और झारखंड में पेपर लीक पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। केरल में कांग्रेस की सरकार है, झारखंड में इंडी गठबंधन, पंजाब में AAP की सरकार है। इन राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। इन नेताओं को अपनी पार्टी या गठबंधन के शिक्षामंत्रियों से इस्तीफा मांगना चाहिए। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 (आजाद द्वार) पर दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र जुटे और पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे छात्रों कोगेट से बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्रों ने गेट के पास ही बैठकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। 5 तस्वीरें देखिए- प्रदर्शन के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
वाराणसी में सोमवार को करीब 150 संतों और बटुकों ने डीएम कार्यालय को घेरा। संत करीब 2.4 किलोमीटर की यात्रा निकालते हुए सुबह 10 बजे बुलडोजर से लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। बुलडोजर में 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन था। डीएम कार्यालय परिसर में संतों और बटुकों ने अपनी मांगों को लेकर एक घंटे तक भजन और मंत्रोच्चारण किया। इसके बाद संतों की बात सुनने एडीएम पहुंचे। संतों ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उन्हें दिया। ज्ञापन में उन्होंने गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग की। उन्होंने देशभर में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून और केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना सहित 30 से अधिक मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। इससे पहले संतों ने 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत प्रार्थना-यात्रा की। जनजागरण रैली निकाली। गोपूजन और शंखनाद से हुआ शुभारंभ सोमवार सुबह आठ बजे शिवपुर मिनी स्टेडियम से गो-संकीर्तन यात्रा निकाली गई। इसमें साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बुलडोजर में 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन रखा था। साथ ही अन्य कागजात और पूजन सामग्री थी। यात्रा में गोमाता भी शामिल रही। करीब 2.4 किलोमीटर की यात्रा निकालते हुए 150 से अधिक साधु-संत और बटुक बुलडोजर लेकर सुबह 10 बजे डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां सभी परिसर में बैठ गए। उन्होंने गो माता राष्ट्र माता किनारे लगाए। भजन और मंत्रोच्चारण किया। यह पूरा कार्यक्रम 11 तक चला। डीएम कार्यालय के बाहर ADM ने संतों के हाथों से ज्ञापन लिया। देशभर के डीएम को दिया जा रहा ज्ञापन यात्रा में शामिल जगतगुरु बालकदास ने कहा कि देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। लगभग 25 से 30 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं। जिनकी प्रतियां विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को सौंपी जा रही हैं। इन हस्ताक्षरों के माध्यम से केंद्र सरकार से गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गोवंश की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की जा रही है। हम चाहते हैं ऐसा सख्त कानून बनाया जाए। जिससे भारत में गोहत्या पूरी तरह रुक सके। कोई भी गो माता को नुकसान न पहुंचा सके। 6 महीने से चल रहा है अभियान उन्होंने बताया कि पिछले करीब 6 माह से देशभर में संतों, गोसेवकों और गोभक्तों के नेतृत्व में गो सम्मान आह्वान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने और कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, शिक्षा व मानव जीवन से जुड़े विषयों को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति में शामिल करने सहित 30 से अधिक मांगें सरकार के सामने रखी गई हैं। पहले चरण में 5 करोड़, अब 15 करोड़ से ज्यादा हस्ताक्षर बताया कि पहले चरण में 27 अप्रैल 2026 को देश की लगभग 5,000 तहसीलों से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित ज्ञापन सरकार को भेजा गया था। मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के बाद दूसरे चरण में अब 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के नाम अनुस्मारक ज्ञापन भेजा गया है। वाराणसी की ओर से भी करीब 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है। अब संतों की प्रमुख मांगों के बारे में जानिए …………………..ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर चढ़ावा चोरी- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज:सरकार स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी; अयोध्या जेल में बंद 8 आरोपियों की भी पेशी होगी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज यानी सोमवार को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने यूपी सरकार स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। बता दें कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई (20 जुलाई) में यूपी सरकार को नए सिरे से विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया था और अब तक हुई जांच की रिपोर्ट मांगी थी। पढ़ें पूरी खबर
जालोर के रानीवाड़ा निवासी सुनील कुमार पुत्र रमेश कुमार ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद किया। सुनील का चयन ‘मेरा भारत’ पोर्टल के जरिए सीमावर्ती गांवों के भ्रमण के लिए हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धारचावला-उपरेला क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों का दौरा किया और वहां के लोगों, विकास और जीवन को करीब से देखा। प्रधानमंत्री से बातचीत में सुनील ने अपने अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की सड़कें अब राजस्थान की सड़कों को टक्कर दे रही हैं। सुनील ने राजस्थान के करीब 50 डिग्री तापमान से हिमाचल के करीब 0 डिग्री तापमान वाले इलाकों तक जाने का अनुभव भी प्रधानमंत्री के साथ साझा किया। ‘मेरा भारत’ पोर्टल से हुआ चयन सुनील ने बताया कि वह राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र से आते हैं। ‘मेरा भारत’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद उनका चयन हुआ और उन्हें हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में जाने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए इस तरह सीमावर्ती गांवों में जाना देश को करीब से समझने का बड़ा अवसर है। वहां जाकर लोगों की जिंदगी, गांवों की स्थिति और विकास के कामों को करीब से देखने का मौका मिला। 50 डिग्री से 0 डिग्री तापमान तक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी के सवाल पर सुनील ने बताया कि राजस्थान और हिमाचल के सीमावर्ती गांवों की भौगोलिक स्थिति अलग है, लेकिन दोनों जगह के लोगों में देश के लिए प्यार, सम्मान और अपनापन एक जैसा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के करीब 50 डिग्री तापमान से निकलकर हिमाचल के करीब 0 डिग्री तापमान वाले इलाके में पहुंचना ऐसा था, जैसे जिंदगी पूरी तरह बदल गई हो। इसके बावजूद वहां के लोगों ने इतना अपनापन दिया कि उन्हें परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर होने का अहसास नहीं हुआ। बोले- हिमाचल की सड़कें राजस्थान को टक्कर दे रहीं सुनील ने बताया कि हिमाचल जाने से पहले उनके मन में कई सवाल थे। वह सोचते थे कि पहाड़ों के बीच बसे गांवों में सड़कें कैसी होंगी, बिजली होगी या नहीं और वहां के लोगों की जिंदगी कैसी होगी। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनका नजरिया बदल गया। उन्होंने कहा, “हिमाचल की सड़कें राजस्थान की सड़कों को टक्कर दे रही हैं।” सुनील ने बताया कि स्थानीय ड्राइवर ने उन्हें बताया कि पहले इन इलाकों की सड़कें बहुत खराब थीं। बड़े वाहन भी वहां से नहीं निकल पाते थे। अब वहां बड़े हाईवे बन गए हैं और लोगों के घरों तक सड़क पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि वाहन जहां तक जाएगा, उसके बाद पैदल चलना पड़ेगा। लेकिन उनकी गाड़ी शिविर और गांव तक पहुंच गई। आजादी के बाद पहली बार गांवों में पहुंची बिजली सुनील ने प्रधानमंत्री को बताया कि हिमाचल के ग्रामीणों और बुजुर्गों ने उन्हें बताया कि आजादी के बाद पहली बार उनके गांवों में बिजली पहुंची है। उन्होंने पहली बार अपने घरों में बल्ब जलते देखे। सुनील के अनुसार, ग्रामीणों ने बताया कि पहले अंधेरा होने के बाद लोग घरों से बाहर नहीं निकलते थे। अब बिजली आने के बाद रात में बैडमिंटन तक खेला जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में सोलर प्लेट से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। राजस्थान में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के बारे में पहले से जानकारी होने के बावजूद हिमाचल के सीमावर्ती गांवों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल देखना उनके लिए अलग अनुभव रहा। रोज दोस्तों और परिवार को भेजते थे फोटो-वीडियो सुनील ने बताया कि वह हिमाचल से रोज अपने दोस्तों और परिवार के साथ फोटो और वीडियो शेयर करते थे। इसके बाद लोग उनसे पूछते थे कि वह वहां कैसे पहुंचे और उनका चयन कैसे हुआ। उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘मेरा भारत’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया था। चयन होने के बाद उन्हें सीमावर्ती गांवों के भ्रमण का मौका मिला। हिमाचल के लोगों को राजस्थान आने का न्योता सुनील ने बताया कि हिमाचल के जिन लोगों से वह मिले, उनसे अब भी उनका संपर्क बना हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए हिमाचल के ग्रामीणों को राजस्थान आने का निमंत्रण दिया। सुनील ने कहा कि हिमाचल के लोग राजस्थान आएं और बाड़मेर, जैसलमेर और तनोट माता के दर्शन जरूर करें। मोदी बोले- भ्रमण करने से भ्रम दूर होते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि भ्रमण करने से भ्रम दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि देश के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोग राजस्थान, हिमाचल या कश्मीर के हों, भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से दूर हो सकते हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से सभी देश से गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ सीमावर्ती गांवों को देश के ‘पहले गांव’ के रूप में विकसित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि सुनील ने खुद वहां जाकर इस बदलाव को देखा और उसका अनुभव किया है।
जैन साधु मुनिराज निपुणरत्नविजयजी महाराज साहब का चातुर्मास प्रवेश रविवार को महाराष्ट्र के भायंदर में हुआ। इस मौके पर जापान से 81 श्रद्धालु भी पहुंचे। श्री थराद त्रिस्तुतिक जैन संघ, मुंबई ने 'मग्गदयाणं' नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया। देखिए 5 तस्वीरें… जापान से आए श्रद्धालु डॉ. प्रदीप संघवी ने बताया कि जापान से आए सभी श्रद्धालु गुरुदेव पुण्य सम्राट श्रीमद् जयंतसेन सूरीश्वरजी से प्रभावित हैं। वे उनके शिष्य मुनिराज निपुणरत्नविजयजी महाराज से जुड़े हुए हैं। किसी जैन मुनि के चातुर्मास प्रवेश में विदेश से इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना खास माना जा रहा है। शोभायात्रा के साथ हुआ प्रवेश चातुर्मास प्रवेश से पहले शोभायात्रा निकाली गई। यह नवकार पार्श्वनाथ जिनालय और गुरुमंदिर से होकर नूतन थराद भवन, जयंतगिरि स्थित चातुर्मास स्थल पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं ने नवकार मंत्र, गुरु वंदना, भजन और जयघोष के साथ मुनिश्री का स्वागत किया। झाबुआ जिले से भी 100 से ज्यादा श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। मंगल प्रवेश के बाद अग्रवाल ग्राउंड में धर्मसभा हुई। इसमें मुनिश्री ने धर्म, संयम, अहिंसा, सदाचार और आत्मकल्याण का संदेश दिया। साथ ही चातुर्मास के दौरान होने वाले स्वाध्याय, तप, पूजा-अनुष्ठान और धार्मिक शिविरों की जानकारी भी दी। भायंदर में पहला चातुर्मास भायंदर में मुनिश्री का यह पहला चातुर्मास है। इसे लेकर स्थानीय जैन समाज में खास उत्साह रहा। कार्यक्रम के लिए स्वागत द्वार, सजावट, स्वयंसेवक, पार्किंग, चिकित्सा और पेयजल सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। मुनिराज निपुणरत्नविजयजी पिछले करीब 25 सालों से संयम जीवन का पालन कर रहे हैं। उन्होंने धर्म प्रचार, स्वाध्याय, तप और नैतिक मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह उनका दूसरा स्वतंत्र चातुर्मास है। इससे पहले वर्ष 2022 में उन्होंने झाबुआ में चातुर्मास किया था। उनका सांसारिक परिवार मूल रूप से झाबुआ जिले के कुंदनपुर का है, जो वर्तमान में दाहोद में रहता है।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ा, VIDEO:पहाड़ों की बारिश और बांधों से छोड़े पानी ने बढ़ाई चिंता
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और विभिन्न बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी अब चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है, जिससे गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। उधर हरिद्वार-नरौना बांध से एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 110.91 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार सुबह 11 बजे तक यह बढ़कर 111.20 मीटर पहुंच गया। गंगा के लिए चेतावनी बिंदु 112 मीटर निर्धारित है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग ने आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई है। जुलाई की शुरुआत में भी गंगा के जलस्तर में तेजी देखी गई थी, हालांकि उसके बाद कुछ दिनों तक गिरावट दर्ज की गई थी। अब पिछले दो दिनों से एक बार फिर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर का असर रविवार को आनंदघाट पर भी दिखाई दिया, जहां गंगा का पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और वे सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों में पानी का बहाव बढ़ा है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न बांधों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी को भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण माना जा रहा है। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो नदी जल्द ही चेतावनी बिंदु को पार कर सकती है। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। वहीं सिंचाई विभाग और केंद्रीय जल आयोग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उदयपुर जिले की टीडी थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-48 पर स्टंटबाजी करने और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों की 20 पावर बाइक जब्त की हैं। यह कार्रवाई थानाधिकारी देवेंद्र सिंह मांडव के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने नेशनल हाईवे-48 पर विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच की। इस दौरान स्टंटबाजी, तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि नेशनल हाईवे-48 पर आए दिन होने वाली एक्सीडेंट और पावर बाइक चालकों द्वारा स्टंट करने की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। थानाधिकारी ने बताया- ऐसे वाहन चालक न केवल अपनी जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने वाहनों के दस्तावेजों, हेलमेट की अनिवार्यता, संशोधित (मॉडिफाइड) साइलेंसर, तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने सहित अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पावर बाइकों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
पन्ना में किलकिला नदी के पास दफनाए गए एक मृत भ्रूण को पुलिस ने रविवार, 26 जुलाई को कब्र खोदकर बाहर निकाला। जिला अस्पताल में भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया गया। उसकी मां की पहचान के लिए डीएनए जांच हेतु जैविक नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला ने 2 हजार देकर दफनाने को कहा था पुलिस के अनुसार, धाम मोहल्ला निवासी राकेश डुमार ने थाने में लिखित सूचना दी थी। राकेश सफाई और अंतिम संस्कार का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई की सुबह एक वृद्ध महिला ने उन्हें निजी अस्पताल के बाहर बुलाया था। महिला ने कपड़े में लिपटा मृत भ्रूण सौंपते हुए उसे दफनाने के लिए कहा और इसके बदले 2 हजार रुपए दिए। राकेश ने भ्रूण को किलकिला नदी पुल के पास दफना दिया। हालांकि, घटना की सूचना पुलिस को चार दिन बाद दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अस्पताल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी रोहित मिश्रा पुलिस बल के साथ संबंधित निजी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल से मरीज भर्ती और ओपीडी का रिकॉर्ड जब्त किया है। अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की DVR भी जांच के लिए ली गई है। गर्भनाल पर मिला मेडिकल क्लैंप पुलिस के अनुसार, भ्रूण की गर्भनाल पर नीले रंग का मेडिकल क्लैंप लगा मिला। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह क्लैंप अस्पताल में लगाया गया था या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि राकेश ने घटना के चार दिन बाद पुलिस को सूचना क्यों दी। पोस्टमार्टम और DNA रिपोर्ट का इंतजार थाना प्रभारी रोहित मिश्रा ने बताया कि मामले में मर्ग दर्ज कर विवेचना की जा रही है। अस्पताल के रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच जारी है। पोस्टमार्टम और DNA रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी। पुलिस भ्रूण की मां और उसे दफनाने के लिए कहने वाली महिला की पहचान सहित पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़े… पन्ना के बेनिसागर तालाब में दो भ्रूण मिले: मछवारे ने पानी में देखकर पुलिस को दी सूचना पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के बेनिसागर तालाब में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब लोगों ने पानी में दो बच्चों के भ्रूण देखे। दोनों भ्रूण के शवों के बीच लगभग 10-10 फीट की दूरी थी। इस घटना की सूचना तेजी से फैली और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पढ़े पूरी खबर…
कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र स्थित खपरामोहाल के पंपेश्वर मंदिर में चोरों ने देर रात ताला तोड़कर दान पेटी और भगवान शिव के पास रखा तांबे का नाग चोरी कर लिया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सोमवार दोपहर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। मंदिर प्रबंधन के अनुसार यह पहली बार नहीं है। पिछले साल भी चोर मंदिर से तांबे का नाग और पीतल का त्रिशूल चुरा ले गए थे। लगातार हो रही चोरियों से श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पंपेश्वर मंदिर के इंचार्ज राकेश सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह मंदिर पहुंचने पर मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो दान पेटी और भगवान शिव के पास रखा तांबे का नाग गायब था। इसके बाद रेलबाजार पुलिस को सूचना दी गई। दान पेटी में कितनी रकम थी, इसका अभी आकलन नहीं हो सका है। पहले भी हो चुकी है चोरी राकेश सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी मंदिर से तांबे का नाग और पीतल का त्रिशूल चोरी हो चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। घटना के बाद पुलिस ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में तीन संदिग्ध नजर आए हैं, जिनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। थाना प्रभारी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी रेलबाजार थाना प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि मंदिर में चोरी की शिकायत मिली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। मामले में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
डीडवाना में आदि गौड़ ब्राह्मण समाज की बैठक समाज भवन में हुई। सियाराम कौशिक ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें समाज के उत्थान, संगठन को मजबूत करने और आगामी सामाजिक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि समाज के अध्यक्ष और नई कार्यकारिणी की घोषणा जल्द की जाएगी। सदस्यों ने प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने और समाज हित से जुड़े रचनात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया। यह भी तय हुआ कि अगली मासिक बैठक 30 अगस्त को होगी। इस बैठक में जुलाई माह के प्रस्तावों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा।बैठक में आदि गौड़ ब्राह्मण समाज के युवा, वरिष्ठजन और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने समाज की एकता, संगठन और विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात चोरी:ड्राई फ्रूट-नकदी भी लेकर गए, दुकान खोलने पर चला पता
जयपुर के हरमाड़ा में एक ही रात में मकान और दुकान में चोरी होना सामने आया है। बदमाश ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात, ड्राई फ्रूट और अन्य सामान चुराकर ले गए। पुलिस ने दोनों घटना स्थलों पर पहुंचकर सबूत साक्ष्य जुटाए और आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। ताला तोड़कर अंदर घुसे, दुकान खोलने पर चला पता पुलिस के अनुसार- शांति नगर कॉलोनी में रविवार रात एक सूने मकान को निशाया बनाया। मकान मालिक घर पर नहीं थे। इसका फायदा उठाकर ताला तोड़कर चोर अंदर घुसे और सोने-चांदी के जेवरात व नकदी चुराकर ले गए। दूसरी घटना बैनाड रोड स्थित एक किराना दुकान की है। बदमाश दुकान में घुसकर ड्राई फ्रूट सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। दुकानदार ने सुबह दुकान खोली, तब चोरी का पता चला। हरमाड़ा थाना पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की वारदातों का खुलासा किया जाएगा।गातार हो रही चोरी की घटनाओं से क्षेत्रवासियों में डर और असुरक्षा का माहौल है।
शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने रविवार सुबह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। सरपंच अतर सिंह लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे सिरसौद-पिछोर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सरपंच सड़क पर लेट गए। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को बिना रोके निकलने दिया। सुबह करीब 9 बजे बिजली विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म हुआ। प्रतिदिन 10-12 घंटे बिजली काटी जा रहीग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लोड सेटिंग के नाम पर रोज 10 से 12 घंटे बिजली काटी जा रही है। रात में होने वाली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। बार-बार बिजली जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। गर्मी और उमस के कारण लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में अंधेरे के कारण एक महिला छत से गिरकर घायल भी हो गई थी। चक्काजाम की सूचना मिलते ही अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। 15 गांवों के लोग परेशानसरपंच अतर सिंह लोधी ने बताया कि क्षेत्र में एक घंटे बिजली देने के बाद अगले घंटे फिर कटौती कर दी जाती है। इस तरह की लोड सेटिंग से सिरसौद सहित आसपास के करीब 15 गांवों के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। सरपंच ने आरोप लगाया कि सिरसौद से करीब पांच किलोमीटर दूर करैरा कस्बे में लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती नहीं की जाती, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली काटी जा रही है। इससे ग्रामीणों में भेदभाव की भावना है। ग्रामीणों ने चक्काजाम की चेतावनी दीबिजली विभाग के अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि सरपंच अतर सिंह लोधी ने चेतावनी दी कि यदि लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती जारी रही तो ग्रामीण फिर सड़क पर उतरकर चक्काजाम करेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले भी सिरसौद के ग्रामीण इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के उत्तमपुरा इलाके में पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर एक महिला के घर के बाहर फायरिंग की घटना सामने आई है। शनिवार देर रात हुई इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पैसों के विवाद के बाद चली गोली उत्तमपुरा निवासी ऊषा पिप्पल (21) पत्नी योगेश निगम ने आरोप लगाया है कि पैसों के लेन-देन को लेकर प्रियांशु राठौर और उसके साथियों से विवाद हुआ था। महिला का कहना है कि पहले आरोपियों ने उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और इसके बाद उसके घर के बाहर पहुंचकर फायरिंग कर दी। शनिवार देर रात हुई घटना घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। अचानक हुई फायरिंग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। मोबाइल में कैद हुई पूरी घटना फायरिंग के दौरान आसपास मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच तेज कर दी गई। वीडियो के आधार पर जांच शुरू सीएसपी दीपाली चंदेरिया ने बताया कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। आरोपियों पर होगी वैधानिक कार्रवाई पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ में सोमवार को गौ सम्मान अभियान के तहत सोमवार को टीकमगढ़ में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। सुबह 'श्री राम जय राम जय जय राम' विजय महामंत्र का जाप किया गया। इसके बाद रैली निकालकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर विवेक श्रोतिय को ज्ञापन सौंपा गया। साधु-संत और बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल प्रदर्शन में बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज, विजय राघव मंदिर के महंत सुधीर मिश्रा, फलाहारी महाराज सहित साधु-संत, गौ सेवक और शहर के लोग शामिल हुए। अभियान के संयोजक सुधीर मिश्रा और राहुल तिवारी ने बताया कि यह अभियान देशभर की 5,410 तहसीलों में एक साथ चलाया जा रहा है। तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन प्रदर्शनकारियों ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। आयोजकों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को जिले की सभी तहसीलों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए थे। सोमवार को जिला स्तरीय ज्ञापन अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया गया। पोस्टर और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा आयोजकों ने बताया कि मांगों को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर और हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनवाना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया गया है। जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के साधु-संत और गौ भक्त जुटकर आंदोलन करेंगे। चुनाव में भी मुद्दा बनाने की बात महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि गौ माता भारत की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उनका समर्थन उसी पार्टी को होगा, जो गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, बूचड़खाने बंद करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग का समर्थन करेगी।
ग्वालियर में सोमवार को भी बारिश नहीं हुई, जिससे लोगों को तेज धूप और भीषण उमस का सामना करना पड़ा। सुबह से ही धूप तेज रही और हवा में नमी बढ़ने से दिनभर चिपचिपी गर्मी बनी रही। शहर का न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ग्वालियर में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कोई मौसमी सिस्टम सक्रिय होने पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। विभाग का अनुमान है कि 30 जुलाई के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की संभावना है। दिनभर गर्मी और उमस का असर रविवार को सुबह 5:30 बजे तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस था, जो दोपहर तक बढ़कर 35.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। शाम 5:30 बजे भी तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार तेज धूप और नमी के कारण दिनभर उमस बनी रही। बाजारों में भी दिखा असर पिछले दो दिनों से बारिश नहीं होने का असर जनजीवन पर भी दिखाई दिया। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम रही। जरूरी काम से बाहर निकले लोग छाते, गमछे और पानी की बोतल के सहारे गर्मी से बचने की कोशिश करते नजर आए। मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। शहरवासियों को अब 30 जुलाई के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।
सिवनी पुलिस ने 103 वारंटी किए गिरफ्तार:नाइट कांबिंग ऑपरेशन में 80 निगरानी बदमाशों की जांच
सिवनी पुलिस ने रविवार देर रात अपराधियों और फरार वारंटियों पर नकेल कसने के लिए विशेष नाइट कांबिंग ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर यह अभियान रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने कुल 103 वारंटियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 45 स्थायी वारंट और 58 गिरफ्तारी वारंट शामिल थे। कुल 102 पुलिसकर्मी शामिल थे इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा ने किया। ऑपरेशन में चार राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी और कुल 102 पुलिसकर्मी शामिल थे। अभियान शुरू होने से पहले, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और जवानों को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। देर रात होटल, लॉज, ढाबों की जांच रात्रिकालीन कांबिंग गश्त के दौरान पुलिस ने जिले के 80 निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा बदमाशों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। इसके अतिरिक्त, होटल, लॉज, ढाबों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने 180 से अधिक संदिग्ध वाहनों की जांच कर उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाइट कांबिंग ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य फरार अपराधियों को गिरफ्तार करना, वारंटों का शीघ्र निष्पादन करना, असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। ऐसे अभियान अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक होते हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी सिवनी पुलिस ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
लखनऊ में डिलीवरी बॉय ने की आत्महत्या:पंखे से लटका मिला शव, परिवार में कमाने को लेकर होता था विवाद
लखनऊ के मड़ियाँव थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह 8 बजे फूड डिलीवरी कर्मी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान मोहम्मद तौफ़ीक़ के रूप में हुई है, जो एक निजी फूड डिलीवरी कंपनी में कार्यरत था। परिजनों ने बताया कि घटना के समय घर में उसकी मां मौजूद थीं, जबकि पिता शहर से बाहर थे। पंखे से लटका मिला शव तौफ़ीक़ जिस कमरे में सोता था, उसी कमरे में उसका शव पंखे से लटका हुआ मिला। मृतक की मां रुबीना ने बताया कि घटना के समय वह किसी काम से बाहर गई थीं। जब वह लौटीं तो उन्होंने अपने बेटे को पंखे से लटका देखा, जिसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। कमाई को लेकर होता था विवाद मृतक के पिता मोहम्मद रफ़ी उर्फ गुड्डू कारपेंटर का काम करते हैं और पिछले एक सप्ताह से शहर से बाहर हैं। उन्हें भी घटना की जानकारी दे दी गई है। मृतक की एक बड़ी बहन है जो मड़ियाँव क्षेत्र के गौस नगर में रहती है। बहन ने पुलिस को बताया कि तौफ़ीक़ का अक्सर परिवार में अपनी बहन, भाई और मां से कमाई को लेकर विवाद होता रहता था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच पुलिस ने बताया कि परिजनों से प्रारंभिक जानकारी ली गई है। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सोमवार को पंचायत चुनाव समय पर कराने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई होगी। इस संबंध हाईकोर्ट ने जवाब मांगा था कि बताएं कि पंचायत चुनाव समय पर क्यों नहीं कराए जाएंगे। इससे पहले 28 अप्रैल को पंचायत चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी करने की मांग में दाखिल याचिका को पहले से लंबित इम्तियाज हुसैन की याचिका के साथ संबद्ध करने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति अजित कुमार एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ के समक्ष जब याचिका सुनवाई के लिए पेश हुई थी तो याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इसी मांग में एक अन्य याचिका पर सुनवाई के लिए नियत है। इस पर कोर्ट ने इस याचिका को इम्तियाज हुसैन की याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया। क्या है पूरा मामला गौरतलब है कि इम्तियाज हुसैन की याचिका में मांग की गई है कि राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न करने का विस्तृत कार्यक्रम जारी रखने का निर्देश दिया जाए। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव 26 मई 2026 या उससे पहले हो जाने चाहिए।इस पर हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से एक हलफनामा मांगा था। कोर्ट ने पूछा था कि आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 ई के जनादेश के अनुसार चुनाव संपन्न कराने की स्थिति में है या नहीं। कोर्ट का कहना था कि राज्य निर्वाचन आयोग से यह अपेक्षा की जाती है कि चुनाव कराने का पूरा कार्यक्रम अंतिम रूप देकर अगली सुनवाई की तारीख से पहले रिकॉर्ड पर लाया जाए। हालांकि उसके बाद से इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। 8 अप्रैल को सुनवाई टली थी इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर नहीं हो सकी। लंच बाद मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन अत्याधिक केसों की वजह से मामला नहीं सुना जा सका। अब सुनवाई की नई तारीख आएगी। हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच को मामले की सुनवाई करनी है। 17 मार्च को याचिका दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था। पूछा था कि समयसीमा पर चुनाव क्यों नहीं हो सकते। 17 मार्च के बाद मामले की सुनवाई 25 मार्च को होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों सुनवाई टल गई थी। पहले जानिये 17 मार्च को हाईकोर्ट ने क्या कहा था ‘पंचायत चुनाव समय सीमा के भीतर चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं? संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे या नहीं?’ यह सवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा था। कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव- 2026 को लेकर आयोग से चुनाव की तैयारियों की स्थिति साफ करने को कहा है। दरअसल, यूपी में पंचायत चुनाव टाले जाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में है। 17 मार्च को याचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें मांग की गई है कि जिला पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत और समयबद्ध कार्यक्रम कोर्ट के सामने पेश किया जाए। मामले की सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच ने की। राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताईयाचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन ने कोर्ट में दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक की तारीख से अधिकतम 5 साल तक ही हो सकता है, इससे ज्यादा नहीं। इसलिए समय पर चुनाव कराना जरूरी है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दलील दी गई कि यूपी पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12-BB के अनुसार प्रधान के सामान्य चुनाव या उपचुनाव की तिथि तय करने की अधिसूचना जारी करना राज्य सरकार का दायित्व है। यह अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श से जारी की जाती है। आयोग से मांगी गई सफाईसभी पक्षों को सुनने के बाद हाकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि 19 फरवरी, 2026 की मौजूदा अधिसूचना के हिसाब से क्या वह पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में है? कोर्ट ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव 26 मई, 2026 तक या उससे पहले संपन्न हो जाने चाहिए। 2 मई को खत्म हो जाएगा कार्यकाल यूपी में पंचायत चुनाव 2021 में हुए थे। इस आधार पर ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 2 मई को खत्म हो जाएगा। यही वजह है कि पंचायत चुनाव अप्रैल से जून 2026 तक होना प्रस्तावित है। पंचायत चुनाव में देरी की दो वजहें… पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का काम भी 27 मार्च को पूरा होगा। इसी दिन मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अप्रैल-मई में ही पंचायत चुनाव कराने की तैयारी थी। लेकिन अब प्रदेश का बड़ा प्रशासनिक, शिक्षक और कर्मचारी अमला जनगणना के लिए हाउस लिस्टिंग के कार्य में जुटेगा। भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, सितंबर तक हाउस लिस्टिंग का काम चलेगा। उससे पहले पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में सपा समेत सभी राजनीतिक दल भी सितंबर के बाद पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं। सरकार और संगठन भी नहीं चाहते समय पर चुनाव होंभाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी और सरकार भी समय पर चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव में कई तरह के राजनीतिक जोखिम हैं। पहला तो गांवों में पार्टी के ही कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक रंजिश बढ़ जाएगी। दूसरा प्रत्याशी चयन नहीं होने से नाराज पार्टी के कार्यकर्ता दूसरे दलों से टिकट लेकर पार्टी को कमजोर कर सकते हैं। जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में यदि पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता, तो इसका सीधा असर विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। 2021 में भी पंचायत चुनाव के पहले चरण का अनुभव योगी सरकार और भाजपा के लिए अच्छा नहीं था। उसका डैमेज कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। पंचायतराज विभाग की तैयारी नहींराज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायतीराज विभाग को पत्र लिखा था कि पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारण कर सूची सौंपी जाए। आरक्षण का निर्धारण करने के लिए पंचायती राज विभाग को एक कमेटी बनानी है। कमेटी ही 2021 और 2015 के पंचायत आरक्षण के आधार पर 2026 के लिए आरक्षण निर्धारित करेगी। आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में करीब 2 महीने का समय लगता है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कमेटी का गठन करने की कवायद भी शुरू नहीं की गई है। विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारी ने भी संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव की फिलहाल कोई तैयारी नहीं है। सरकार में भी उच्च स्तर से इसके लिए कोई संकेत नहीं मिला है।
जयपुर में एक पड़ोसी युवक द्वारा युवती से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। बातचीत करने के बहाने आरोपी पड़ोसी ने युवती को बुलाया और सूना पाकर उसके साथ गलत हरकत की। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, जयपुर की रहने वाली 20 वर्षीय युवती के साथ यह वारदात हुई। पड़ोसी होने के कारण आरोपी युवक से उसकी सामान्य बातचीत थी। आरोप है कि पड़ोसी युवक ने उसे बातचीत के बहाने धोखे से मिलने बुलाया। जब युवती वहां पहुंची, तो आरोपी ने उसे अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकी भी दी। आरोपी की इस हरकत से डरी-सहमी पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गुस्साए परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के
उमरिया में कांग्रेस संगठन ने NSUI के जिला अध्यक्ष मो. असलम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर पार्टी के अधिकृत विजय मार्च के समानांतर अलग से मशाल जुलूस निकालकर अनुशासनहीनता करने का आरोप लगाया गया है। नोटिस बांधवगढ़ विधानसभा प्रभारी राकेश जैन ने जारी किया है। नोटिस के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पहले सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस ने कार्यक्रम में बदलाव करते हुए सभी जिलों में विजय मार्च निकालने के निर्देश दिए। इसी के तहत उमरिया जिला कांग्रेस कमेटी ने अधिकृत विजय मार्च निकाला था। इसमें पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। आरोप है कि इसी कार्यक्रम के दौरान मो. असलम ने अलग से मशाल जुलूस निकाला। नोटिस में पूछे- अलग कार्यक्रम क्यों आयोजित किया? नोटिस में मो. असलम से पूछा गया है कि मशाल जुलूस क्या पार्टी के किसी अधिकृत निर्देश पर आयोजित किया गया था। यदि ऐसा था तो संबंधित आदेश प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उनसे अलग कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य, पार्टी को इससे होने वाले लाभ, कार्यक्रम के पीछे की मंशा और जिला कांग्रेस कमेटी से अनुमति या समन्वय के संबंध में भी जवाब मांगा गया है। पहले भी समझाने का उल्लेख नोटिस में कहा गया है कि मो. असलम को पूर्व में भी अनुशासनहीन गतिविधियों को लेकर समझाया जा चुका है। इसके बावजूद उनके आचरण में सुधार नहीं होने का उल्लेख करते हुए इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना गया है। 3 दिन में देना होगा जवाब मो. असलम को नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भेजी जाएगी।
पलामू के मेदिनीनगर स्थित बाईपास रोड के JMP कॉम्प्लेक्स में रविवार देर रात एक सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय विनोद पांडे के रूप में हुई है। वह नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहरा गांव के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजे एक युवक स्कूटी से कॉम्प्लेक्स पहुंचा। कुछ देर बाद अपने दो अन्य साथियों को भी बुला लिया। तीनों आरोपी काफी देर तक गार्ड के साथ परिसर में घूमते रहे। फिर गेट के पास पहुंचकर बेहद करीब से सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही विनोद पांडे की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर फरार हो गए। 15 जुलाई की बर्थडे पार्टी विवाद से जुड़ रही कड़ी पुलिस जांच में इस हत्याकांड का कनेक्शन 15 जुलाई को इसी कॉम्प्लेक्स में हुई एक बर्थडे पार्टी से जुड़ता नजर आ रहा है। उस दिन डांसर बुलाने और देर रात तक तेज आवाज में म्यूजिक बजाने को लेकर कॉम्प्लेक्स कर्मियों और पार्टी में शामिल लोगों के बीच जमकर हंगामा और मारपीट हुआ था। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बताया जा रहा है कि मैनेजर सोनू सिंह और पार्टी में शामिल लोगों के बीच हुए विवाद में विनोद पांडे भी मौजूद थे। पुलिस को शक है कि उसी रंजिश में इस हत्या को अंजाम दिया गया है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना रात करीब ढाई बजे कॉम्प्लेक्स के मालिक जटेश्वर महतो को मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसमें तीन संदिग्ध युवक नजर आए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच भेज दिया गया है। एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं, इस मामले में आज कोर्ट में सुनवाई भी होनी है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि पार्टी में शामिल कुछ लोग हाई-प्रोफाइल पृष्ठभूमि और राजनीतिक कनेक्शन से जुड़े हो सकते हैं।
आगरा में ताजमहल पर एक बंदर ने कोरिया की महिला पर्यटक पर हमला कर दिया। बंदर ने पर्यटक के हाथ में काट लिया। उसके हाथ से खून की धारा बह निकली। करीब एक घंटे तक पर्यटक को एंबुलेंस नहीं मिली। वह दर्द से तड़पती रही। तब महिला के साथी ने वहां पर मौजूद लोगों से पूछा कि व्हेयर वी गो? इसके बाद घायल महिला पर्यटक को ताजमहल में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार किया गया। एंबुलेंस नहीं आने पर पर्यटक को बैटरी कार बुलाकर शांति मांगलिक अस्पताल भेजा गया। महिला पर्यटके दर्द से तड़पने का वीडियो सामने आया है। वहीं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने लापरवाही बरतने वाले एंबुलेंस चालक के विरुद्ध सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है। रिपब्लिक आफ कोरिया की किम मेह अपने साथी के साथ रविवार सुबह करीब 7 बजे ताजमहल देखने पहुंची थीं। उन्होंने आनलाइन टिकट बुक करा रखी थीं। किसी ने उन्हें विदेशी पर्यटकों के लिए शू कवर और पानी की बोतल टिकट विंडो के पास स्थित काउंटर से निशुल्क मिलने की जानकारी दी। किम का साथी टिकट विंडो पर शू-कवर और पानी की बोतल लेने चला गया। जबकि किम मेह सीढ़ियों के पास खड़े होकर इंतजार कर रही थीं। अचानक आए बंदर ने किम के दाएं हाथ में काट लिया। जिससे खून बहने लगा। पर्यटक के चीखने पर लोगों ने बंदर को भगाया। विदेशी पर्यटक और उसके साथी ने एंबुलेंस उपलब्ध कराने को कहा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान और एएसआइ कर्मचारी ने एंबुलेंस चालक को फोन किया। उसने पहले पांच मिनट और फिर 10 मिनट में आने की बात कही, लेकिन वह एक घंटे तक नहीं आया। विदेशी पर्यटक बंदर द्वारा काटे जाने और खून बहने से बेहाल थीं। यह देखकर उन्हें ताजमहल में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार किया गया। एंबुलेंस नहीं आने पर पर्यटक को बैटरी कार बुलाकर शांति मांगलिक अस्पताल भिजवाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोबंदर काटने के बाद परेशान पर्यटक और उसके साथी के दो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। इनमें एक वीडियो 55 सेकेंड का है। इसमें एक युवक कह रहा है कि बंदर ने फारेनर को काट लिया है। देखिए उसके खून निकल रहा है। वीडियो में कपल पूर्वी गेट की तरफ जाते हुए दिख रहा है। युवक कह रहा है कि बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है। वह किसी को भी खा जाते हैं। जगह-जगह बोर्ड लगा दिए हैं। इन्हें पकड़वाना चाहिए। दूसरा वीडियो 15 सेकेंड का है। इसमें किम दर्द से तड़प रही हैं। उनका साथी पूछ रहा है कि व्हेयर वी गो। एसआइएस गार्ड डिस्पेंसरी चलने की कहता है। वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि एंबुलेंस चालक राजीव की ड्यूटी सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक की शिफ्ट में थी। फोन किए जाने के बाद भी वह एक घंटे तक नहीं आया। पर्यटक को बैटरी कार से अस्पताल भिजवाया गया। सीएमओ को एंबुलेंस चालक के समय पर नहीं आने के बारे में पत्र भेजा गया है।
रायपुर के एक निजी मॉल में आयोजित किताबें और बातें कार्यक्रम में शनिवार को लेखक अक्षत गुप्ता पाठकों से रूबरू हुए। द हिडन हिंदू पुस्तक श्रृंखला के लेखक ने अपने लेखन, भारतीय पौराणिक कथाओं, इतिहास और जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में अक्षत गुप्ता ने लेखन की प्रक्रिया, अपनी पुस्तकों के विषय और सोच पर बात की। इस दौरान मौजूद पाठकों ने भी उनसे कई सवाल पूछे, जिनके उन्होंने जवाब दिए। हंसने की तरह रोना भी सामान्य है बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, हंसने के समय चेहरा नहीं छुपाते, तो रोने के समय चेहरा क्यों छुपाना? उन्होंने कहा कि भावनाओं को स्वीकार करना और उन्हें व्यक्त करना जरूरी है। बता दें अक्षत गुप्ता की द हिडन हिंदू पुस्तक श्रृंखला और द नागा वॉरियर्स : बैटल ऑफ गॉड्स भारतीय पौराणिक कथाओं, इतिहास और रहस्य पर आधारित हैं।
सोन नदी से अतिथि शिक्षक का शव मिला:SDRF ने सुबह 7 बजे शुरू की तलाश; मछली पकड़ते समय डूबे थे
अनूपपुर के जैतहरी थाना क्षेत्र में जैतहरी थाना क्षेत्र के दूधिया घाट के पास सोन नदी में रविवार शाम डूबे अतिथि शिक्षक महेंद्र चौधरी (40) का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने सुबह करीब 7 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया था। शव उसी स्थान के आसपास मिला, जहां शिक्षक के डूबने की बात सामने आई थी। साथी शिक्षक के साथ मछली पकड़ने गए थे महेंद्र चौधरी रविवार सुबह अपने साथी शिक्षक विजय चौधरी के साथ दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए थे। दोनों ने घाट के एक हिस्से में मछली पकड़ने के बाद दूसरे छोर पर जाने का फैसला किया। शाम करीब 4:30 बजे नदी पार करते समय किनारे से करीब 10 मीटर पहले महेंद्र का पैर पानी के अंदर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। साथी विजय ने उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरकर मदद करने की कोशिश की। हालांकि, पानी के अंदर खुद खिंचने का खतरा महसूस होने पर उन्होंने महेंद्र का हाथ छोड़ दिया। इसके बाद महेंद्र पानी में डूब गए। रात तक तलाश, सुबह मिला शव घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम रविवार शाम से रात करीब 9 बजे तक तलाश करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह 7 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया गया। कुछ देर बाद टीम ने शव बरामद कर लिया। ग्रामीणों ने घाट के गहरे और ऊबड़-खाबड़ होने के कारण पानी में उतरकर तलाश करने से मना कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अनूपपुर जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ टीम बुलाई थी। पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी भेजा गया है। शव पर चोट या कटने के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। कुछ स्थानों पर कीड़े या मछलियों से खुरचने जैसे निशान मिले हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, घटनास्थल पर पानी गहरा और गड्ढेनुमा है। प्रारंभिक तौर पर पैर जलकुंभी या किसी अन्य वस्तु में उलझने की आशंका है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। टीचर स्कूल परिसर में ही रहते थे महेंद्र चौधरी शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर, मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक थे और स्कूल परिसर में ही रहते थे। रविवार को वे साथी शिक्षक विजय चौधरी के साथ दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान नदी पार करते समय हादसा हो गया।
दमोह जिले के नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र के इमलाई गांव में रविवार रात एक होटल में तोड़फोड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। होटल संचालक के दो बेटे घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सिगरेट नहीं मिलने पर विवाद का आरोप होटल संचालक जोगेंद्र अहिरवार ने बताया कि बटियागढ़ रोड स्थित उनकी होटल पर रविवार शाम वे अपने बेटों शुभम और अंकित के साथ बैठे थे। इसी दौरान गांव का अशोक पटेल सिगरेट मांगने आया। दुकान में सिगरेट नहीं होने की बात कहने पर उसने जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप है। इसके बाद जोगेंद्र शिकायत दर्ज कराने पुलिस चौकी चले गए। पुलिस चौकी में थे, तब होटल में पहुंच गए आरोपी जोगेंद्र अहिरवार के अनुसार, पुलिस चौकी में रहते समय उनके बेटे का फोन आया कि अशोक पटेल अपने बेटों के साथ होटल में घुस आया है। आरोप है कि वहां तोड़फोड़ की गई और शुभम व अंकित के साथ मारपीट की गई। जब वे लौटे तो होटल का सामान बिखरा पड़ा था और दोनों बेटे घायल मिले। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल घटना से जुड़ा एक वीडियो सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर होटल संचालक को जातिसूचक गालियां देते और धमकी देते हुए दिखाई दे रहा है। दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। चार आरोपियों पर केस दर्ज देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अशोक पटेल, उसके बेटे लोकेश और भानु पटेल तथा चंद्रशेखर पटेल के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं।
संभल में सोते-सोते हेड कांस्टेबल की मौत:सुबह जगाने पर नहीं उठे, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
संभल में तैनात एक हेड कांस्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में सोते समय मौत हो गई। सोमवार सुबह जब साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। यह घटना सोमवार सुबह करीब 6 बजे चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र स्थित कृषि मंडी समिति के पुलिस लाइन परिसर में हुई। मृतक हेड कांस्टेबल की पहचान गौतमबुद्ध नगर के जेवर गांव निवासी रामानंद सागर (39) पुत्र स्व. छगालाल के रूप में हुई है। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, रामानंद सागर रोजाना की तरह बैरक में सोए हुए थे। सुबह काफी देर तक नहीं उठने पर साथियों ने उन्हें आवाज दी और जगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। संदेह होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर बोले- पोस्टमार्टम से साफ होगी मौत की वजह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई में डॉ. जयकिशन ने जांच के बाद रामानंद सागर को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 2011 बैच के हेड कांस्टेबल थे रामानंद सागर रामानंद सागर वर्ष 2011 बैच के हेड कांस्टेबल थे। उन्होंने मुरादाबाद मंडल के बिजनौर जिले से 29 अप्रैल 2025 को संभल में आमद कराई थी। पुलिस लाइन के आरआई अशोक कुमार ने बताया कि रामानंद सागर चार दिन पहले ही बैरक में शिफ्ट हुए थे। इससे पहले वह थाना रजपुरा में तैनात थे। कुछ समय पहले ही उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। परिजनों को दी गई सूचना थाना बहजोई प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल रामानंद सागर की मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है और वे संभल के लिए रवाना हो चुके हैं।
कोटा के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में मादा पैंथर की मौत के मामले में फॉरेस्ट विभाग की टीम ने तीन और शिकारियों को पकड़ा है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सभी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब तक इस मामले में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी के पास पोटाश, क्लच-वायर और चाकू मिले सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि पैंथर की मौत के मामले में गठित एसआईटी ने 21 जुलाई को विशाल हरिजन को गिरफ्तार किया था। आरोपी के घर की तलाशी के दौरान करीब दो किलोग्राम पोटाश, क्लच वायर, दो चाकू, मोटा तार और एक मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किया था। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर अब लक्की अर्जुन, और रामपाल को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी नया गांव इलाके के आसपास के रहने वाले है। अदालत ने सभी आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। आरोपियों के पास से कांटेदार जानवर साही का फोटो भी मिला है। शुरूआती जांच में आरोपियों ने सूअर के शिकार के फंदा लगाना बताया है। मामले की जांच अभी जारी है। विशेष जांच दल अवैध शिकार से जुड़े संभावित नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच कर रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये था मामला 5 जुलाई को कोटा के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में शिकार के लगाए गए फंदे में फंसकर मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया था। मादा पैंथर की उम्र करीब 3-4 साल थी और बोराबास रेंज के बफर एरिया में उसका लगातार मूवमेंट रहता था। पैंथर की मौत के मामले में फॉरेस्ट विभाग में जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। --- ये खबर भी पढ़े- कोटा में मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा:शिकार के लिए लगाए फंदे में फंसी, रातभर संघर्ष करती रही; वन विभाग ने बढ़ाई पेट्रोलिंग कोटा के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में शिकार के लगाए गए फंदे में फंसकर मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शनिवार रात को मादा पैंथर फंदे में फंसी थी, जिससे बाहर निकलने के लिए वह रातभर संघर्ष करती रही। आखिरकार रविवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। विभाग ने मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया है। (पूरी खबर पढ़ें) मुकन्दरा में तेंदुए की मौत के पीछे शिकार की साजिश:पोटाश और क्लच वायर के साथ शिकारी गिरफ्तार, तार के फंदे में फंसा था तेंदुआ मुकन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में तार के फंदे में फंसकर हुई तेंदुए की मौत के मामले में वन विभाग की विशेष जांच टीम को बड़ी सफलता मिली है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वन्यजीवों के अवैध शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। वन विभाग अब इस मामले में संभावित शिकार नेटवर्क की भी जांच कर रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)

