वाराणसी पुलिस अब 10 साल पुराने अपराधियों की कुंडली तैयार करेगी। हल्के के दरोगा और बीट के सिपाही गांव-गांव और शहर तक इन अपराधियों की सक्रियता की निगरानी करेंगे। इसकी निगरानी की रिपोर्ट बनेगी और लापरवाह दरोगा-सिपाहियों पर गाज गिरेगी। पुलिस पूर्व अपराधियों की सक्रिय पैरवी करते हुए हालिया अपराधों के साथ-साथ पूर्व मामलों में प्राप्त जमानत निरस्तीकरण के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। सरकारी वकील के जरिए कोर्ट में प्रभावी रूप से जमानत रद कराने का प्रयास करेगी। आदतन एवं गैंग बनाकर अपराध करने वालों के विरुद्ध धारा 111/112 बीएनएस की कार्रवाई कर आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा। अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध जब्तीकरण की कार्रवाई होगी। मोहल्लों, गांवों एवं कालोनियों में सक्रिय शोहदों, गुण्डों एवं असामाजिक तत्वों का चिन्हीकरण किया जाएगा। वाराणसी में अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम थानेदारों को पुलिस कमिश्नर ने शुक्रवार रात बेहतर पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। साइबर अपराधियों पर सरेंडर होने वाले पुलिस अफसरों को वज्र अभियान में सक्रिय होने के गुर सिखाए। शुक्रवार रात 11 बजे वाराणसी यातायात लाइन सभागार में मोहित अग्रवाल ने मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में सख्त एवं सक्रिय पुलिसिंग में साइबर अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन तथा श्रावण माह की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साइबर अपराधियों के विरुद्ध Cy-वज्र अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई, फ्रॉड नंबर, म्यूल अकाउंट एवं साइबर हॉटस्पॉट पर कार्रवाई तथा जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। विवेचनाओं का 90/60 दिवस की अवधि से पूर्व निस्तारण, ई-साक्ष्य एवं ई-समन की शत-प्रतिशत कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। आदतन एवं संगठित अपराधियों पर निगरानी, गैंगस्टर प्रवृत्ति के अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई, अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती, गुणवत्तापूर्ण जांच, जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था तथा स्कूल-कॉलेजों के आसपास एंटी रोमियो अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। श्रावण माह के दृष्टिगत मंदिरों, कांवड़ मार्गों एवं घाटों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, पुलिस सहायता केंद्र, पिकेट एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। RTC योजना के तहत चिन्हित मार्गों पर अतिक्रमण हटाकर यातायात सुगम बनाने सड़क सुरक्षा, रॉन्ग साइड ड्राइविंग एवं अवैध पार्किंग के विरुद्ध अभियान चलाने पर जोर दिया गया। इस दौरान समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी/चौकी प्रभारी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
रायपुर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने शुक्रवार को पुलिस लाइन ग्राउंड में बड़े स्तर पर बलवा (रायट कंट्रोल) ड्रिल आयोजित की। करीब 595 अधिकारी और कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे तक अभ्यास कर दंगा, उपद्रव और भीड़ को नियंत्रित करने की तकनीकों का प्रशिक्षण लिया। अभ्यास के दौरान जवानों को अलग-अलग परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और समन्वय के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रशिक्षण दिया गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने ली सलामी जनरल परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने परेड की सलामी ली। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों और जवानों की वर्दी, अनुशासन तथा एमटी शाखा के वाहनों का निरीक्षण किया। मार्च पास्ट के बाद उनके निर्देश पर बलवा ड्रिल का आयोजन किया गया। बलवा ड्रिल का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त (लाइन) नीलेश कुमार द्विवेदी ने किया। अभ्यास के दौरान जवानों को अलग-अलग दलों में बांटा गया। इनमें अश्रु गैस दल, केन पार्टी, लाठी पार्टी और रायफल पार्टी शामिल रही। सभी टीमों ने दंगाई भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा घेरा बनाने, चरणबद्ध कार्रवाई और संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने का प्रदर्शन किया। ड्रिल में नए कानून की जानकारी भी दी ड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों को नई आपराधिक कानून व्यवस्था के तहत लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। जवानों को बताया गया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में कार्रवाई करते समय वैधानिक प्रक्रियाओं और कानूनी दायित्वों का पालन किस तरह किया जाए। जवानों को आपात स्थिति से निपटने प्रशिक्षण अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने कहा कि ऐसे नियमित अभ्यास का उद्देश्य जवानों को किसी भी आपात स्थिति, प्रदर्शन, हिंसक भीड़ या उपद्रव के दौरान तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने के लिए तैयार रखना है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान जवानों को अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, साप्ताहिक परेड और बलवा ड्रिल में कुल 595 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ड्रिल में ये अफसर रहे मौजूद अभ्यास के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) डी.आर. पोर्ते, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) रमेश येरेवार और रक्षित निरीक्षक अनीष सारथी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अभ्यास का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड में पुलिस की खामिया उजागर होने लगी हैं। प्रशासन चाहे जो दावे करे लेकिन हकीकत यही है कि अगर रोहटा पुलिस गंभीरता दिखाती तो ललिता गौतम को बचाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को मेरठ आए पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश का भी यही मानना है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरु से ही मामले में ढिलाई बरती। नतीजा यह हुआ कि पीड़ित परिवार का भरोसा टूटा और उसे सड़क पर उतरना पड़ा। शुक्रवार को सिवाया टोल प्लाजा पर पीड़ित परिवार से वार्ता के बाद बाहर निकले पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश ने दैनिक भास्कर से वार्ता की। प्रेम प्रकाश ने कहा कि 11 मई को ललिता गौतम ने अपनी हत्या का अंदेशा जाहिर किया था। यदि पुलिस इसका संज्ञान ले लेती तो शायद ललिता जिंदा होती। इसके बाद कुछ ऐसे स्टेटमेंट सामने आ गए, जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदलने और परिवार की इज्जत को प्रभावित करने का काम किया जो नहीं होना चाहिए था। विवेचक भी नहीं दे पाए सवालों के जवाब सिवाया टोल प्लाजा पर पीड़ित परिवार से वार्ता के बाद चंद्रशेखर आजाद व पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश ने कानूनी प्रक्रिया को भी जाना। बाकायदा मुकदमे के विवेचक को बुलाया गया लेकिन वह पूर्व आईपीएस के सवालों का संतुष्टि भरा जवाब नहीं दे सके। इसके बाद विवेचक को संवेदनशीलता के साथ काम करने व दोषियों को कतई ना बख्शे जाने के निर्देश दिए गए। प्रेम प्रकाश बोले- अपराधी की कोई जाति नहींवार्ता के दौरान प्रेम प्रकाश की तरफ से कई सवाल किए गए लेकिन कोई उचित जवाब नहीं मिला। उन्होंने हिदायत दी कि पुलिस को निष्पक्ष भाव से काम करना चाहिए। अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। सच्चाई को सामने लाने का काम पुलिस का है। अफसरों को डिमांड से भी अवगत कराया प्रेम प्रकाश ने कहा कि इस तरह की वारदात में कुछ गाइड लाइन पहले से जारी हैं। मसलन पीड़ित परिवार की मदद के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कई अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई है। शस्त्र लाइसेंस इनमें प्रमुख है। इसके अलावा वह युवती अपने परिवार में सर्वाधिक पढ़ी लिखी थी। इसलिए उसके परिवार को नौकरी का लाभ भी मिले। पूर्व आईपीएस बोले- एसएसपी को नहीं जाना था प्रेम प्रकाश ने कहा कि यह अपने आप में चौकाने वाली बात है कि एसएसपी मौके पर पहुंचे। जबकि पहले से कई एसपी वहां इन लोगों से वार्ता कर रहे थे। संभवत: एसएसपी अविनाश पांडेय को गलत चीजे बताई गईं। जिस कारण वह इतना आक्रोशित हो गए। जबकि ट्रेनिंग में इस तरह की स्थिति से निपटना बताया जाता है। डीएम-एसएसपी से करी मुलाकात सिवाया टोल पर परिजनों से वार्ता के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इसके बाद चंद्रशेखर ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को सबोधित किया तो पूर्व एडीजी पुलिस प्रेम प्रकाश एक प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर जिलाधिकारी डा. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय से वार्ता के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। गांव में सुरक्षा की उठाई गई मांग प्रेम प्रकाश ने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। दो साल पहले भी इसी परिवार का कोई विवाद हुआ लेकिन समझौता करा दिया गया। अब फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके अनुसार आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों की देखरेख में शुरु होगी। गांव में सुरक्षा का मुद्दा भी इस दौरान उठाया गया।
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों और अपराधों पर लगाम लगाने में निरंकुश इंस्पेक्टर वीरेंद्र सोनकर पर कार्रवाई की गाज गिरी। अधिकारियों को गुमराह करके अपराधियों की मदद के आरोपों के बीच शुक्रवार शाम पुलिस कमिश्नर ने थानाध्यक्ष चौबेपुर वीरेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया। बताया गया कि पिछले दिनों दुष्कर्म, लूट की वारदातों और एक किशोरी के अपहरण-बिक्री की वारदातों पर लापरवाह एसएचओ ने पुलिस की खूब फजीहत कराई। वीरेंद्र को क्राइम मीटिंग के बीच ही सीपी ने फटकार लगाई और क्लास लगाते हुए तत्काल ही लाइन में आमद कराने का आदेश दिया। वीरेंद्र कई थानों पर तैनाती के बावजूद असफल इंस्पेक्टर साबित हुए लेकिन अफसरों से गठजोड़ के बीच कुर्सी पाते रहे। कई बार विवादों में रहने वाले वीरेंद्र को शिवपुर से हटाया गया था। लेकिन इनकी शिकायतें मिलती रहीं। माना जा रहा है कि किशोरी के अपहरण और कानपुर में बेचने के मामले में लापरवाही वीरेंद्र सोनकर पर कार्रवाई की बड़ी वजह है और अब उनको चार्ज मिलना मुश्किल है। पिछलें दिनों एक पक्ष पर दबाव बनाकर युवकों पर फर्जी केस लिखने का भी आरोप लगा था। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सक्रिय पुलिसिंग के दिशा-निर्देश देते हुए नए इंस्पेक्टर की चौबेपुर में तैनाती कर दी है। जंसा में इंस्पेक्टर अनिल कुमार शर्मा को चौबेपुर का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा सीपी ने अपने पीआरओ सत्यजीत सिंह को थानाध्यक्ष जन्सा बनाया है। अभिषेक पाण्डेय को पुलिस लाइन से साइबर क्राइम थाना पर भेजा है। सीपी के एक्शन के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है।
सौतेले पिता की उम्रकैद की सजा बरकरार:हाईकोर्ट ने बेटे की हत्या के दोषी को नहीं दी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो साल के मासूम बच्चे अभिमन्यु की हत्या के मामले में सौतेले पिता प्रदीप उर्फ अमन की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है।न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के 27 मई 2022 के फैसले के खिलाफ दायर आपराधिक अपील को खारिज कर दिया। जानिये कब का है हत्याकांड घटना 28 अक्टूबर 2015 की है। गोरखपुर के चिलुवाताल थाना क्षेत्र में मुन्नी देवी अपने दूसरे पति प्रदीप उर्फ अमन चौरसिया के साथ किराए के मकान में रहती थी। मुन्नी देवी का पहला पति मंटू था, जिससे उसका पुत्र अभिमन्यु पैदा हुआ था। आरोप है कि प्रदीप, अभिमन्यु को अपना सगा बेटा न होने के कारण अक्सर पीटता था। घटना वाले दिन सुबह करीब 11 बजे मुन्नी देवी बर्तन धो रही थी, तभी बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची और देखा कि प्रदीप उसके बेटे को पीट रहा था। उसे देखकर आरोपी वहां से भाग गया, और अभिमन्यु की मौके पर ही मौत हो गई। गवाही विश्वसनीय साबित हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की गर्दन पर चोट के निशान और गले की हड्डी टूटी हुई पाई गई। मौत का कारण गला दबाने से हुआ दम घुटन बताया गया। मुकदमे में नौ गवाह पेश किए गए, जिनमें से चार गवाह मुकर गए, जिनमें तहरीर लिखने वाले सुभाष धर दुबे भी शामिल थे। हालांकि कोर्ट ने पाया कि मां मुन्नी देवी की गवाही पूरी तरह विश्वसनीय है। कोर्ट ने कहा कि एक मां, जिसने अपने पहले पति को छोड़कर आरोपी से विवाह किया, वह अपने ही बेटे के असली हत्यारे को बचाकर झूठे में अपने पति को क्यों फंसाएगी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रिश्तेदार होना किसी गवाह को हितबद्ध नहीं बनाता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई कमी या अवैधता नहीं पाई और आरोपी की अपील को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। आरोपी 31 अक्टूबर 2015 से जेल में बंद है और उसे आईपीसी की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास व 20,000 रुपये जुर्माने की सजा पहले ही सुनाई जा चुकी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अलीगढ़ के अकराबाद थाना क्षेत्र के एक हत्याकांड में जुगेंद्र सिंह, डिप्टी सिंह और रामवीर को अपराध से बरी कर दिया है। तीनों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अलीगढ़ ने 2 जून 2022 को धारा 302/34 आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जानिये क्या है मामला 9/10 अगस्त 2004 की रात करीब 2:15 बजे भगवान सिंह नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई पप्पू सिंह की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी नैहना उर्फ मन्नू, जुगेंद्र, रामवीर और डिप्टी ने तमंचों से हमला किया था।मकसद यह बताया गया कि नैहना के जुगेंद्र की बहन शशि से अवैध संबंध थे, जिसका विरोध मृतक ने किया था। कोर्ट ने कहा गवाहों की गवाही को अस्वाभाविक और अविश्वसनीय बताया गया।रात के अंधेरे में गहरी नींद में सोए लोगों का अचानक हमलावरों को पहचान लेना संदिग्ध पाया गया। घटनास्थल पर बिजली कनेक्शन न होने और मंदिर से चोरी की बिजली के दावे ने रोशनी में पहचान की बात कमजोर कर दी। मेडिकल रिपोर्ट में केवल एक गोली का घाव मिला, जबकि चश्मदीदों ने दो गोली चलने की बात कही यह विरोधाभास कोर्ट को गंभीर लगा। बरामद तमंचों की फोरेंसिक जांच में वे हत्या में इस्तेमाल हथियार से मेल नहीं खाए, और बरामदगी खुले, सार्वजनिक स्थानों से होना भी संदेह पैदा करता है। मकसद को भी अफवाह और सुनी-सुनाई बात पर आधारित मानते हुए गढ़ा हुआ और बाद में जोड़ा गया करार दिया गया। सबूत पेश करने में फेल कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, और ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन नहीं किया। नतीजतन दोनों अपीलें स्वीकार करते हुए दोषसिद्धि रद्द कर दी गई और आदेश दिया गया कि तीनों अपीलकर्ता, यदि किसी अन्य मामले में वांछित न हों, तो तुरंत रिहा किए जाएं।
जबलपुर पुलिस ने शुक्रवार शाम देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुहागी के पन्नी मोहल्ला स्थित एक मकान पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से 2 महिलाओं समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। लंबे समय से एक महिला के घर पर देह व्यापार संचालित हो रहा था। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने सीधे एसपी संपत उपाध्याय से की थी। शुक्रवार को एसपी के निर्देश पर एएसपी अन्नू बेनीवाल के नेतृत्व में सीएसपी आशीष जैन, महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा और आधारताल टीआई विपिल ताम्रकार समेत पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां से कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई। पुलिस सभी आरोपियों को आधारताल थाने लेकर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि महिला के घर पर रोज दूर-दूर से पुरुष और महिलाएं आते थे। इसे लेकर कई बार पड़ोसियों से विवाद भी हुआ था। दो युवकों को ग्राहक बनाकर भेजा सीएसपी ने बताया कि शुक्रवार शाम एएसपी अन्नू बेनीवाल ने एसपी को मिली सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आधारताल थाना क्षेत्र के पन्नी मोहल्ला स्थित निमेष विनोदिया के मकान पर दबिश दी गई। कार्रवाई से पहले पुलिस ने दो युवकों को ग्राहक बनाकर भेजा। वहां देह व्यापार के लिए एक हजार रुपए में सौदा तय हुआ। पुलिस द्वारा भेजे गए युवक ने मकान के बाहर पहुंचकर तय संकेत के अनुसार तीन बार इशारा किया। इसके बाद पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दी। दरवाजा खुलते ही 41 वर्षीय महिला बाहर मिली। वहीं, पास में मुकेश और आरुप आपत्तिजनक हालत में बैठे थे। पुलिस जब अंदर के कमरे में पहुंची तो वहां एक अन्य महिला के साथ कुछ लोग मौजूद मिले। महिला पूरे नेटवर्क की मास्टरमाइंड जांच में पता चला कि पूरे नेटवर्क की मास्टरमाइंड एक महिला है, जो शहर के अलग-अलग इलाकों से महिलाओं को बुलाकर 500 से 1000 रुपए में सौदा तय कराती थी। हिरासत में ली गई एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसे धमकी दी जाती थी कि यदि उसने कहे अनुसार काम नहीं किया तो उसके पति को वीडियो और पूरी जानकारी भेज दी जाएगी। पुलिस ने मौके से अभय सिंह, सुबोध सिंह और संजय चौरसिया को भी गिरफ्तार किया। संजय ने पूछताछ में बताया कि मकान में रहने वाली महिला मोबाइल पर लड़कियों की फोटो भेजकर ग्राहकों से डील करती थी। पसंद आने पर सौदा तय किया जाता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान मकान से तीन कुत्ते भी मिले। पुलिस के अनुसार, महिला ने उन्हें घर के बाहर इसलिए बांध रखा था ताकि किसी के आने पर वे भौंककर उसे सतर्क कर दें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने अतुल कुमार व 9 अन्य याचियों को टी जी टी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में अनन्तिम रूप से बैठने देने का आदेश दिया है। याचियों की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि यह मामला आशुतोष मिश्रा व 176 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य केस में दिनांक 09.जुलाई .2026 को पारित आदेश जैसा ही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता संजय कुमार ओम ने भी इस तथ्य पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने इस याचिका को विचाराधीन याचिकाओं के साथ सम्बद्ध करने का आदेश दिया और विपक्षियों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने हेतु चार सप्ताह और याचियों को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने हेतु दो सप्ताह का समय दिया। आयोग को निर्देश दिया गया कि वह याचियों को 11.जुलाई .2026 को आयोजित होने वाली सहायक अध्यापक पद की लिखित (मुख्य) परीक्षा में आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराकर अनन्तिम रूप से बैठने की अनुमति दे। यह स्पष्ट किया गया कि याचियों का परिणाम इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।आयोग को इस आदेश की प्रमाणित प्रति की आवश्यकता नहीं होगी। वह हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से आदेश की प्रामाणिकता सत्यापित कर सकता है।समय की कमी को देखते हुए कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता से आयोग को आदेश तत्काल संप्रेषित करने की अपेक्षा की।
बढ़ती गर्मी और लू के खतरे से भोपाल शहर को सुरक्षित बनाने के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पहल पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) और भोपाल नगर निगम के बीच एमओयू साइन हुए। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन और एनआईयूए की ओर से निदेशक डॉ. डेबोलिना कुंडू ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव के शमन के लिए अध्ययन एवं पायलट परियोजना के अंतर्गत हस्ताक्षरित हुआ, जो अमृत 2.0 रिफॉर्म्स के तहत देश के 12 चयनित शहरों में क्रियान्वित की जा रही है। 5 करोड़ की वित्तीय मदद होगीभोपाल नगर निगम को हीट एडेप्टेशन एवं मिटिगेशन हस्तक्षेपों के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय 5 करोड़ रुपए का अनुदान देगा। प्रोजेक्ट की अवधि 15 महीने है। ऐसे करेंगे हॉट स्पॉट की पहचानसेटेलाइट डेटा एवं आधुनिक तकनीक के माध्यम से भोपाल के उन क्षेत्रों की मैपिंग की जाएगी, जहां तापमान शहर के औसत से अधिक रहता है। इसके बाद आर्थिक एवं सामाजिक रूप से संवेदनशील बस्तियों और कामकाजी वर्गों की पहचान कर उन्हें गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। कूल रूफ टेक्नोलॉजीशहर की इमारतों एवं छतों पर तापमान कम करने वाली तकनीकों (कूल रूफिंग, विशेष कोटिंग) को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, ग्रीन कवर बढ़ाने, छायादार सार्वजनिक स्थानों के निर्माण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नागरिकों को लू से बचाव के उपाय सिखाने हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। भोपाल नगर निगम एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेगा, जो शहर-स्तरीय आधारभूत आकलन, यूएचआई सत्यापन, हस्तक्षेप योजना के क्रियान्वयन एवं नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार होंगे। निगम द्वारा एक दीर्घकालिक हीट रेजिलिएंट सिटी फ्रेमवर्क एवं प्लान भी तैयार किया जाएगा।
भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय युवक ने अपनी कथित प्रेमिका के घर में घुसकर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता शुक्रवार सुबह तब चला, जब घर के परिजन ने किचन में युवक का शव फंदे पर लटका देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक मुकेश मालवीय निवासी पामाखेड़ी, सिरोंज (विदिशा) किसान परिवार से था और इन दिनों राहुल नगर स्थित अपने चाचा के यहां रह रहा था। जांच में सामने आया कि उसकी पास में रहने वाली युवती से दोस्ती थी। परिजन द्वारा युवती का मोबाइल रख लेने और दोनों की बातचीत बंद कराए जाने के बाद युवक मानसिक तनाव में था। गुरुवार देर रात वह दीवार फांदकर युवती के घर में घुसा और किचन में फांसी लगा ली। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने ऐन वक्त पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। जबकि पिछले करीब चार महीने से नरोत्तम चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। प्रदेश भाजपा ने उनका नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से मिले फीडबैक, सत्ता-संगठन के संतुलन और चुनावी रणनीति को देखते हुए पार्टी ने आखिरी समय में उम्मीदवार बदलने का फैसला किया। सीएम से मुलाकात के बाद सिंगल नाम गयासूत्रों के मुताबिक 6 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद प्रदेश भाजपा ने दतिया सीट के लिए केंद्रीय नेतृत्व को डॉ. नरोत्तम मिश्रा का सिंगल नाम भेजा था। इसके बाद दिल्ली में कराए गए फीडबैक में नरोत्तम की स्थिति उतनी मजबूत नहीं मिली। उनके बेटे सुकर्ण मिश्रा को लेकर भी आंतरिक रिपोर्ट मंगाई गई, जिसमें माहौल पक्ष में नहीं बताया गया। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने जीत की संभावना को देखते हुए आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगा दी। जीतते तो एमपी में नया पावर सेंटर बन जातेराजनीतिक जानकारों के मुताबिक नरोत्तम मिश्रा शिवराज सरकार में नंबर-2 की भूमिका वाले नेताओं में रहे हैं। यदि वे उपचुनाव जीतते तो उन्हें फिर मंत्री बनाए जाने और अहम विभाग मिलने की चर्चा तेज हो जाती। इससे प्रदेश सरकार और संगठन में एक नया पावर सेंटर खड़ा हो सकता था। इसे भी टिकट बदलने के बड़े कारणों में माना जा रहा है। दिग्गज नेताओं के बीच संतुलन भी वजह मौजूदा सरकार में कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जैसे प्रभावशाली नेता पहले से मौजूद हैं। वहीं शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीडी शर्मा भी प्रदेश की राजनीति में प्रभाव रखते हैं। ऐसे में पार्टी किसी नए शक्ति केंद्र के उभरने का जोखिम नहीं लेना चाहती थी। माना जा रहा है कि आलाकमान ने इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए आशुतोष तिवारी को मौका दिया। ब्राह्मण वोट बैंक साधने के लिए आशुतोष पर दांव भाजपा ने नरोत्तम की जगह भी ब्राह्मण चेहरे पर ही भरोसा जताया। दतिया में 30 हजार से ज्यादा ब्राह्मण और लगभग इतनी ही संख्या में जाटव मतदाता हैं। भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में ब्राह्मण और कुशवाह समाज की अहम भूमिका मानी जाती है। ऐसे में पार्टी ने संघ की पृष्ठभूमि वाले स्थानीय ब्राह्मण नेता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। शाह के करीबी होने के बावजूद नहीं मिला टिकट नरोत्तम मिश्रा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। वे कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी के रणनीतिकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। इसके बावजूद उनका टिकट कटना भाजपा के भीतर बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट बदलने के बाद सबसे बड़ी चुनौती नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों की नाराजगी दूर करना है। दतिया के जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह समेत कई पदाधिकारियों ने खुलकर नाराजगी जताई है। दतिया, डबरा और ग्वालियर तक विरोध के स्वर सामने आए हैं। जिले से बूथ तक नरोत्तम समर्थकों का नेटवर्क दतिया जिले में भाजपा के जिला पदाधिकारियों से लेकर बूथ स्तर तक बड़ी संख्या में नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सक्रिय हैं। ऐसे में उन्हें साथ लेकर चुनाव लड़ना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा। संगठन के सामने असंतोष को थामते हुए चुनावी एकजुटता बनाए रखना सबसे बड़ी परीक्षा होगी। आशुतोष बोले- बड़ा मन करके आशीर्वाद दीजिएउम्मीदवार घोषित होने के बाद आशुतोष तिवारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताया। उन्होंने कहा कि उनका आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेगा। भाजपा कार्यालय से निकलते समय उन्होंने मौजूद नेताओं से कहा, “बड़ा मन करके आशीर्वाद दीजिए।” CM और प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिष्ठा भी दांव परयदि नरोत्तम उम्मीदवार होते तो चुनावी प्रबंधन का बड़ा हिस्सा उनके भरोसे रहता। अब उम्मीदवार बदलने के बाद पूरी रणनीति नए सिरे से बनानी होगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का यह पहला उपचुनाव है, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए भी यह प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। ऐसे में आशुतोष तिवारी की जीत सरकार और संगठन, दोनों के लिए अहम होगी। ------------------ यह खबर भी पढ़ें…दतिया से नरोत्तम नहीं, आशुतोष तिवारी BJP कैंडिडेट दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए BJP ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। टिकट की घोषणा के बाद भाजपा में बगावत शुरू हो गई। नरोत्तम मिश्रा के समर्थक और व्यापारी और महिलाएं सड़कों पर उतर आए। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मुरादाबाद पुलिस ने शुक्रवार को शातिर ठगों के एक गैंग को पकड़ा है। गैंग मेंबर्स उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के रहने वाले हैं। गैंग सीधे-साधे लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। ऐसी ही एक घटना को गैंग ने मुरादाबाद में अंजाम दिया। जिसके बाद पुलिस ने गैंग को धर दबोचा। पुलिस ने गैंग के कब्जे से एक लाख से अधिक कैश, हथियार, कार और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।SP सिटी रण विजय सिंह ने शुक्रवार शाम प्रेस कांफ्रेंस करके इस गैंग के पकड़े जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई को फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली के गांव हसनापुर निवासी महेंद्र कुमार ने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की सूचना दी थी। महेंद्र ने पुलिस को बताया कि नौकरी लगवाने के नाम पर कुछ युवकों ने उसके साथ ठगी की है। जिनमें से एक उसका पूर्व परिचित है। महेंद्र ने कहा कि उसके परिचित काव्यांश ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर मुरादाबाद बुलाया था। यहां आने पर उसने अपने साथियों के साथ उसे अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद उसके पास जो भी रकम थी वह मारपीट कर ले ली। पहले भी आरोपी उससे काफी रकम नौकरी के नाम पर ले चुका था। पैसे वापस मांगने पर काव्यांश ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे मारा पीटा और फायारिंग भी की। महेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। एसएसपी सतपाल अंतिल के आदेश पर पुलिस की 4 टीमों ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास शुरू कर दिए। शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में काव्यांश शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी रामपुरम एक्सटेन्शन सोसायटी फ्लैट न0 30 थाना आईटीआई जनपद उधमसिंह नगर उत्तराखण्ड ,अक्षय पुत्र जगत सिंह निवासी शकरपुरी कालोनी बाजपुर रोड काशीपुर थाना आरटीआई जनपद उधमसिंह नगर उत्तराखण्ड , दीपक पुत्र राम अवतार सिहं निवासी कुंडेश्वरी बंगाली कालोनी पच्चा वाला थाना आईटीआई जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड,गुलशेर पुत्र शमशेर पहलवान उर्फ इरशाद अली निवासी ग्राम हरियावाला इस्लामनगर निकट नई मस्जिद थाना कुंडा जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड और सूरज बोहरा पुत्र हरीश सिंह बोहरा निवासी शामपुरम ओम विहार कालोनी काशीपुर थाना आईटीआई जिला ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, एक लाख आठ हजार रुपए, घटना में इस्तेमाल की गई कार और तमंचे व चाकू आदि सामान बरामद किया है।
उत्तर मध्य रेलवे को मिले नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी:डॉ. शिवम शर्मा ने संभाला कार्यभार
उत्तर मध्य रेलवे के नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) के रूप में डॉ. शिवम शर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी के मुख्य यातायात योजना प्रबंधक के पद पर पदोन्नत होने के बाद संभाली है। डॉ. शिवम शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (Sr. DOM) के पद पर कार्यरत थे। उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में यह उनकी दूसरी पारी है। इससे पहले वर्ष 2021-22 में भी वह उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ का दायित्व निभा चुके हैं। डॉ. शर्मा भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं। रेलवे में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, उप मुख्य दावा अधिकारी तथा मंडल ट्रैफिक मैनेजर, टूंडला जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उप मुख्य दावा अधिकारी के रूप में उन्होंने प्रयागराज में रेलवे दावा अधिकरण की पीठ स्थापित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके इस योगदान के लिए अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। रेलवे सेवा के अलावा डॉ. शिवम शर्मा प्रतिनियुक्ति पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में निदेशक के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। करीब तीन वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में निदेशक तथा बाद में सोनीपत स्थित उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान हरियाणा में खेलों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कराया। वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान वह भारतीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा रहे थे। डॉ. शिवम शर्मा ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डेंटल सर्जरी (BDS) की डिग्री प्राप्त की है। अपने प्रशासनिक अनुभव, कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें उत्तर मध्य रेलवे के ऊर्जावान एवं गतिशील अधिकारियों में गिना जाता है। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में जनसंपर्क व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होगी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ स्थित महामना हॉल में शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता आई.बी. सिंह की पुस्तक 'नेताजी: भारत की अनकही गाथा' का विमोचन किया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका, सेना, साहित्य और इतिहास जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम को याद किया, उनके विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजन राय थे। विशिष्ट अतिथियों में लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी शाही (सेवानिवृत्त), वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका सुनीता एरन, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी और अवध बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एल.पी मिश्रा शामिल रहे। सभी अतिथियों ने पुस्तक का लोकार्पण किया और लेखक के प्रयास की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महानायक थे, जिनका साहस, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक नेताजी के जीवन से जुड़े कई ऐसे पहलुओं और तथ्यों को सामने लाती है, जिन पर अब तक अपेक्षाकृत कम चर्चा हुई है। यह पाठकों को उनके व्यक्तित्व और योगदान को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करेगी। लेखक आई.बी सिंह ने बताया कि पुस्तक लिखने का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को नेताजी के संघर्ष, दूरदृष्टि और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से परिचित कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक इतिहास के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवाओं के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। समारोह के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, अधिवक्ताओं, साहित्यकारों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति, इतिहास और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई।
इंदौर के छत्रीबाग स्थित पावन सिद्धधाम श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में शुक्रवार से सप्त दिवसीय श्री ब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। ध्वजारोहण, वैदिक अनुष्ठानों, महाभिषेक और संत प्रवचनों के बीच आरंभ हुए इस उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रातःकाल वेंकटरमण गोविंदा, श्रीनिवास गोविंदा नाम-जप परिक्रमा और शृंगार आरती के बाद दक्षिण भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार गरुड़ ध्वजा का पूजन एवं आरोहण किया गया। नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी श्री विष्णुप्रपन्नाचार्यजी महाराज के सान्निध्य में दक्षिण भारत से पधारे विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। गरुड़ ध्वजा को स्वर्ण स्तंभ पर स्थापित कर विशेष भोग अर्पित किया गया। आयोजकों के अनुसार गरुड़ ध्वजारोहण का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा, वातावरण की शुद्धि तथा उत्सव के निर्विघ्न संपन्न होने की मंगलकामना करना है। वैष्णव परंपरा में इसे ब्रह्मोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक अनुष्ठान माना जाता है। ध्वजारोहण के साथ अंकुरारोपण, कंकणधारण, विद्वत वरण तथा सप्तदिवसीय यज्ञ का शुभारंभ भी किया गया। यजमान रमेश चितलांगया परिवार के संकल्प के साथ रजत कलशों की सहस्त्रधारा से श्री रामानुज स्वामीजी महाराज का महाभिषेक संपन्न हुआ। इस दौरान स्वर्ण एवं रजत पुष्पों से विशेष अर्चना की गई। संतों ने दिया भक्ति और शरणागति का संदेश संत सभा में स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्यजी महाराज ने कहा कि भगवान के उत्सवों में सहभागिता ही सच्ची भक्ति का स्वरूप है। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर में सांसारिक चिंताओं को छोड़कर प्रभु चिंतन और नाम-स्मरण में समय बिताने का आग्रह किया। युवराज स्वामी माधवप्रपन्नाचार्यजी महाराज ने आचार्य परंपरा की महत्ता बताते हुए कहा कि गुरु ही भक्त को भगवान के चरणों तक पहुंचाने का माध्यम होते हैं, इसलिए आचार्य के प्रति श्रद्धा और आज्ञापालन वैष्णव जीवन का आधार है। इस अवसर पर अयोध्या से पधारे श्री अनंताचार्य स्वामीजी और मुमुक्षरामजी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए। सायंकालीन सत्र में श्री रामानुज स्वामीजी की भव्य सवारी रजत वाहन पर निकाली गई। वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला के विद्यार्थियों के वैदिक पाठ और सीहोर से आए भजन गायक हर्षित शास्त्री की प्रस्तुति ने भक्तिमय वातावरण बना दिया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन के बीच झूमते हुए प्रभु की परिक्रमा में शामिल हुए। उत्सव के पहले दिन विशेष शृंगार में भगवान वेंकटेश बर्फीली घाटी और शेषनाग की छत्रछाया में विराजमान दिखाई दिए। कृत्रिम हिमवर्षा और जलधाराओं से सुसज्जित यह अलौकिक दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।
प्रयागराज में देर शाम छात्रों ने शुक्रवार को मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अंबेडकर छात्रावास में जातिगत उत्पीड़न के आरोपों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के विरोध में किया गया। छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक पर रोक, नई शिक्षा नीति-2020 वापस लेने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने की मांग की। यह जुलूस सलोरी स्थित अंबेडकर छात्रावास से बैंक रोड तक निकाला गया। जुलूस के बाद एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि यूपी लेखपाल, यूपीएसआई, टीजीटी, पीजीटी, नीट और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी कई भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। उनका कहना था कि इन गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने अंबेडकर छात्रावास की अधीक्षिका पर जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने कहा कि प्रदेश में जातिगत घटनाएं और परीक्षा संबंधी अनियमितताएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई प्रमुख परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामलों पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है। शशांक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्रनेता श्रीकांत अंबेडकर ने उच्च शिक्षा संस्थानों और छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव तथा शिक्षा क्षेत्र में लगातार फंड कटौती पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। आइसा इलाहाबाद की अध्यक्ष सोनाली ने बताया कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में देशभर के छात्र एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। राजनीतिक विज्ञान के शोध छात्र बृजेश ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के नियमों में बार-बार बदलाव से अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने और युवाओं के हितों की रक्षा करने की मांग की।
पैसों के विवाद में कुल्हाड़ी से पिता की हत्या:बदायूं में गर्दन पर किया वार, आरोपी बेटा फरार
बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक युवक ने पैसों के विवाद में अपने पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना बिनावर थाना क्षेत्र के ब्यौर गांव की है। मृतक की पहचान राधेलाल (60) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राधेलाल रात में अपनी बैठक में सो रहे थे। इसी दौरान उनके सबसे छोटे बेटे अहिवरन ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बिनावर थाना पुलिस और सिटी राहुल पांडे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अहिवरन स्वयं सहायता समूह का संचालन करता था। समूह की किस्त जमा करने के लिए उसने अपने पिता से रुपये मांगे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में उसने पिता की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शराब पीने का आदी बताया जा रहा है और वह अपने पांच भाइयों में सबसे छोटा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। सीओ सिटी राहुल पांडे ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में जमीन के विवादों को सुलझाने में सभी तहसीलों के तहसीलदार और उप जिलाधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। शुक्रवार देर शाम संगम सभागार में आईजीआरएस और राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को यह जानकारी मिली। बैठक में सामने आया कि जमीन बंटवारे (धारा-116) के 95 मामले पिछले पांच साल से भी अधिक समय से लंबित हैं। इसी तरह, धारा-24 (पैमाइश/पत्थरगणी) के 50 मामले तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। इसके अलावा, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और सुधार से संबंधित एक वर्ष से लंबित सभी मामलों को तत्काल निपटाने का निर्देश दिया गया। डीएम ने राजस्व विभाग के अफसरों की हीलाहवाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस महीने हर हाल में सभी लंबित मामलों का निस्तारण करें। उन्होंने अंश निर्धारण से जुड़े सभी लंबित मामलों को 15 जुलाई तक सुलझाने का भी निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी के सामने जब एक ही तरह के प्रकरणों की बार-बार आ रही शिकायतें पहुंचीं, तो उन्होंने मौके पर ही 8 गंभीर शिकायतकर्ताओं की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की। ये मामले चकमार्ग पर अवैध कब्जे, सीमाचिह्न, पत्थरगढ़ी और भूमि विवादों से जुड़े थे। डीएम ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर इन शिकायतों का निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि जमीन के विवादों को गंभीरता से लेते हुए खुद मौके पर जाएं और निष्पक्ष व गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटारा करें। जिन तहसीलों की रैंकिंग धारा-34 (म्यूटेशन), धारा-80 (गैर-कृषि भूमि घोषणा) और धारा-116 में खराब है, उन्हें विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के मामलों में सीधे तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के बाद किसी भी तहसील में म्यूटेशन का कोई भी प्रकरण निर्धारित समयसीमा के बाद लंबित पाया गया, तो संबंधित अधिकारी और पटल प्रभारी के विरुद्ध तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में बाइक को टक्कर मारकर पकड़ा वाहन चोर:दो साथी फरार, चोरी करने के लिए किराए पर लाते थे बदमाश
इंदौर के हीरा नगर पुलिस ने ऐसे बदमाश को पकड़ा है, जो अपने साथियों के साथ शहर में आकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी गांव से युवकों को किराए पर लेकर आता था। उन्हें 1500 से 2000 रुपए दिए जाते थे। पुलिस अब उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी है। टीआई सुशील पटेल ने बताया कि रात में गश्त के दौरान पुलिस इलाके में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान धार निवासी दिलीप पिता मदन भूरिया अपने साथियों के साथ बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए इलाके में पहुंचा था। पुलिस ने जब उनका पीछा किया तो आरोपी अलग-अलग बाइक से भागने लगे। पुलिस ने टक्कर मारकर दिनेश को गिरा दिया और उसे पकड़कर थाने ले आई। पूछताछ में उसके कब्जे से चोरी की दो बाइक बरामद हुईं। उसने ये बाइक इंदौर और देपालपुर क्षेत्र से चुराना कबूल किया। किराए पर लाते थे युवक दिनेश ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कई वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी ने बताया कि वे गांव से 1500 से 2000 रुपए में युवकों को किराए पर लेकर चोरी करने इंदौर आते थे। फिलहाल पुलिस दिनेश के फरार साथियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
कानपुर में रिटायर्ड दरोगा के बेटे पर फायरिंग:24 दिन बाद पनकी नहर किनारे झाड़ियों से मिला हथियार
कानपुर के कल्याणपुर में सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे को गोली मारने के मामले में पुलिस ने घटना के 24 दिन बाद शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वारदात में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा बरामद कर लिया। मुख्य आरोपी दीपांकर उपाध्याय ने पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पनकी नहर किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा तमंचा और उसमें लगा एक जिंदा कारतूस बरामद कराया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस के मुताबिक, आवास विकास-3 निवासी सेवानिवृत्त दरोगा रवींद्र सिंह का बेटा प्रदीप 16 जून को अपने बीमार ताऊ का हालचाल लेने घर आया था। आरोप है कि उसी शाम दीपांकर उपाध्याय, गोकुल शुक्ला, पनका निवासी रोहित सिंह उर्फ बाबू ठाकुर और उनके अन्य साथियों ने उसे गजानन स्कूल के पीछे स्थित पार्क में बुलाया। वहां शराब पीने के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि पहले प्रदीप की बेल्ट से पिटाई की गई। इसके बाद गोकुल और रोहित ने उसे पकड़ लिया और दीपांकर ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली प्रदीप के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद प्रदीप के भाई की तहरीर पर कल्याणपुर थाने में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। 20 जून को तीनों आरोपियों ने किया था सरेंडर घटना के बाद पुलिस का दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी दीपांकर उपाध्याय, गोकुल शुक्ला और रोहित सिंह उर्फ बाबू ठाकुर ने 20 जून को कानपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। तब से तीनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं। पुलिस ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद होने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। बरामद तमंचे को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दोबारा जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है। कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव तिवारी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए सीजेएम-2 कोर्ट से मुख्य आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कराई गई थी। शुक्रवार सुबह आरोपी को जेल से लाकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर आवास विकास के पास पनकी नहर किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को दोबारा जेल भेज दिया गया।
लखीमपुर में मासूम से छेड़छाड़ का आरोप:किशोर पर FIR, आरोपी पक्ष ने CCTV फुटेज जांच की मांग की
लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, मोहल्ला भीतर निवासी अरविंद कुमार रस्तोगी की तहरीर पर कोतवाली मोहम्मदी में मुकदमा संख्या 401/2026 दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी के साथ शंकरपुर राजा निवासी किशोर ने कथित रूप से छेड़छाड़ की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 9/10 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह को सौंपी है। विवेचक द्वारा पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, आरोपी किशोर के माता-पिता ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाए, जिससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। विवेचक उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी उपलब्ध साक्ष्यों, जिनमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल है, का परीक्षण किया जाएगा। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वहीं, पीड़िता के परिजनों ने फिलहाल मीडिया से बात करने से इनकार किया है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों का 'चिता आंदोलन' शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन भी पांचवें दिन में पहुंच गया। इस बीच पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारी आठ दिन बाद आंदोलन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को और तेज करते हुए 'मिट्टी सत्याग्रह' के चौथे दिन, 'जल सत्याग्रह' के तीसरे दिन के साथ 'फांसी सत्याग्रह' भी शुरू कर दिया। यह परियोजना मझगांय, रूंझ, नेगुवा समेत कई गांवों के परिवारों को प्रभावित कर रही है। मुआवजा नहीं मिलने तक जमीन अधिग्रहण नहीं होने देंगेआंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अधिकारियों के सामने प्रभावित परिवारों की समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उनकी जमीन और मकानों का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। उन्होंने भू-अर्जन कानून 2013 का हवाला देते हुए कहा कि कानून की धारा 38(1) और 38(2) के अनुसार, पूरा मुआवजा दिए बिना जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कानून का पालन नहीं कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि आमरण अनशन शुरू होने के पांच दिन बाद भी प्रशासन ने अनशन पर बैठे लोगों का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताया। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। देखें तस्वीरें…
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत इस वर्ष इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में 21 लाख पौधे लगाए जाएंगे और 51 हजार जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। अभियान का औपचारिक शुभारंभ 12 जुलाई, रविवार को बीएसएफ कैंपस, बुढ़ानिया में एक लाख पौधों के रोपण के साथ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहेंगे। विजयवर्गीय ने बताया कि अभियान के तहत 6 से 10 फीट ऊंचाई के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और कम समय में वे विकसित होकर वृक्ष बन सकें। हरियाली में भी नंबर वन बनेगा इंदौर विजयवर्गीय ने कहा कि स्वच्छता में लगातार देश का नंबर-1 शहर रहने वाला इंदौर अब हरियाली के क्षेत्र में भी नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में इंदौर में रिकॉर्ड स्तर पर वृक्षारोपण हुआ है। पहले चरण में 51 लाख और दूसरे चरण में 15.30 लाख पौधे लगाए गए थे, जबकि इस वर्ष 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण अभियान 5 जुलाई से शुरू हो चुका है। अब तक करीब ढाई लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। रेवती रेंज में 12.40 लाख से अधिक पौधे लगाकर इंदौर ने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। देवगुराड़िया से सिरपुर तक हरियाली का विस्तार मंत्री ने बताया कि शहर और आसपास के कई बड़े क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। देवगुराड़िया के पीछे स्थित टेकरी पर एक लाख से अधिक, सिरपुर तालाब के पीछे एक लाख और राऊ तालाब के किनारे 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी और वन क्षेत्रों में भी पौधारोपण किया जाएगा। ‘मां की बगिया’ अवधारणा के तहत केवल फलदार पौधों का रोपण होगा। अभियान में मालवा की जलवायु के अनुकूल महोगनी, मौलसरी, जामुन, नीम, बरगद, पीपल, कचनार, आम, कटहल, नींबू, संतरा, मौसंबी, सीताफल और अनार समेत कई प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सिंचाई के लिए विशेष व्यवस्था बुढ़ानिया क्षेत्र की पथरीली जमीन को चुनौती बताते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि पौधों के संरक्षण और सिंचाई के लिए यशवंत सागर से पाइपलाइन बिछाकर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त किए गए हैं। साथ ही अलग टीम बनाई गई है, जो पौधों की देखभाल और सिंचाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वर्षा को आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शहर और आसपास का क्षेत्र जितना हरा-भरा होगा, वर्षा की संभावना भी उतनी बेहतर होगी। 'पेड़ लगाओ, पानी बचाओ' बनेगा जन आंदोलन विजयवर्गीय ने बताया कि इस वर्ष अभियान को जल संरक्षण से भी जोड़ा गया है। 'पेड़ लगाओ, पानी बचाओ' के संदेश के साथ 51 हजार घरों की छतों से वर्षा जल को भूगर्भ में पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय विरासत तैयार करने का प्रयास है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी पत्र लिखकर अभियान में शामिल होने और वृक्षारोपण करने का आमंत्रण देने की बात कही।
आईएसआई एजेंट को शरण के आरोपी की जमानत खारिज:हाईकोर्ट ने 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को शरण देने तथा भारतीय सेना और वायुसेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध कराने के आरोपितमेरठ के मोहम्मद अशफाक अंसारी उर्फ अशफाक अंसारी की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। हालांकि अदालत ने माना कि आरोपी 27 नवंबर 2015 से जेल में बंद है और मुकदमे की सुनवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसलिए ट्रायल कोर्ट को छह माह के भीतर मुकदमे का निस्तारण करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। स्वतंत्रता राष्ट्र सुरक्षा से ऊपर नहींन्यायमूर्ति अशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437(6) के तहत 60 दिनों में विचारण पूरा न होने पर जमानत का प्रावधान आरोपी को पूर्ण एवं अविच्छेद्य अधिकार नहीं देता। मजिस्ट्रेट उचित कारण दर्ज कर जमानत से इनकार कर सकता है। अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शीघ्र सुनवाई का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को राष्ट्र की सुरक्षा से ऊपर नहीं रखा जा सकता। सरकारी वकील ने विरोध कियाअपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने ज़मानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि, आरोपी ने पाकिस्तानी नागरिक एवं कथित आईएसआई एजेंट मोहम्मद एजाज उर्फ मोहम्मद कलाम को करीब 20 माह तक अपने घर में शरण दी। इस दौरान उसे हिंदी, फोटोग्राफी और वीडियो मिक्सिंग का प्रशिक्षण दिलाया तथा भारतीय सेना एवं वायुसेना से संबंधित संवेदनशील सूचनाएं ई-मेल के माध्यम से पाकिस्तान और बांग्लादेश भेजने में सहयोग किया। बचाव पक्ष ने लंबी न्यायिक हिरासत, आरोपपत्र दाखिल होने, आरोप तय होने तथा अब तक एक भी गवाह का परीक्षण न होने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया, लेकिन ट्रायल कोर्ट को छोटी-छोटी तिथियां तय कर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए छह माह के भीतर मुकदमे का निष्पादन करने का निर्देश दिया है।
सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र के दासापुर गांव में शुक्रवार देर शाम करीब 6 बजे रास्ते से पानी निकालने को लेकर हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गांव के दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद दबंगों ने पिता-पुत्र पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में पुत्र के गले में बांका लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि पिता भी हमले में लहूलुहान हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, दासापुर गांव निवासी आलोक कुमार और उनके पुत्र देवेंद्र कुमार का रास्ते से पानी निकालने को लेकर गांव के ही राजेंद्र से विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि राजेंद्र ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दोनों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले के दौरान देवेंद्र कुमार के गले में बांका लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पिता आलोक कुमार को भी मारपीट में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल सीतापुर रेफर कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
प्रदेश में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक माह तके विशेष अभियान चला है। सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्राधिकरण ने की तरफ से राज्यव्यापी विशेष निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जोधपुर में संचालित स्लीपर बसों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बसों की जांच करते हुए मोटर वाहन अधिनियम, 1988, AIS-119 (Rev.1): 2016 एवं राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाली बसों को जब्त किया गया एवं उनके चालान भी बनाए गए। इन बिंदुओं पर की गई विशेष जांच चेकिंग के दौरान यह भी जांच की गई कि स्लीपर बसों द्वारा AIS-119 के प्रावधानों की पालना की जा रही है अथवा नहीं। निरीक्षण में वाहनों में पर्याप्त इमरजेंसी गेट का अभाव, बैठक क्षमता में परिवर्तन, वाहन के पीछे चेसिस काटकर नियम विरुद्ध बनाए गए लगेज स्पेस, छत पर लगेज कैरियर का निर्माण, वाहनों का ओवरहैंग तथा बसों में लगे स्लीपर की लंबाई एवं फर्श से ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होना आदि बिंदुओं की जांच की गई। ये संयुक्त निरीक्षण दल रहा उपस्थितइस कार्रवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर अध्यक्ष दिनेश त्यागी,सचिव राकेश रामावत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा और सचिव डॉ. मनीष हरजाई ने जोधपुर क्षेत्र में संचालित लग्जरी, स्लीपर बसों के लिए गठित संयुक्त निरीक्षण दल को साथ औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निरीक्षण के दल के सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल सिंह लखावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पुष्पेन्द्र सिंह, परिवहन निरीक्षक मोहम्मद फिरोज और उड़नदस्ता (फ्लाईंग) टीम शामिल रहे।
गाजियाबाद में 8 साल के बच्चे की करंट से मौत हो गई। परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि इलाके में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर में करंट फैलने की शिकायत पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। घटना टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित इकबाल कॉलोनी में शुक्रवार शाम को हुई। करंट की चपेट में आया 8 साल का अयान बिजली के पोल के पास पहुंचा, वहां वह नाली के किनारे गया, इसी दौरान 2 अन्य बच्चे उसे पकड़कर खींचने लगे। बच्चे 10 कदम ही चले थे तभी अयान करंट की चपेट में आ गया। जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसकी सीसी टीवी फुटेज भी सामने आई है। पड़ोस में रहने वाले राशिद ने बताया कि वहां लंबे समय से बिजली के खंभे अथवा ट्रांसफार्मर में करंट आने की समस्या बनी हुई थी। कई बार बिजली विभाग को इसकी जानकारी देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। परिजनों में मचा कोहराम हादसे के बाद अयान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने संबंधित बिजली विभाग की लापरवाही से मौत होना बताया। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही का परिणाम है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में जांच की जा रही है।
नीमच शहर में शुक्रवार शाम आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के आगमन पर एक विशाल अभिनंदन यात्रा निकाली गई। यह यात्रा देर रात 10 बजे तक चली, जिससे पूरी नीमच नगरी भक्ति और अध्यात्म के रंग में रंग गई। शनिवार को दशहरा मैदान स्थित टाउन हॉल में एक विराट धर्मसभा का आयोजन होना है। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज इस भव्य धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए शुक्रवार शाम विशेष चार्टर्ड विमान से नीमच पहुंचे। हवाई पट्टी पर उनके उतरते ही श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों में उत्साह का माहौल देखा गया। समाजसेवी संतोष चोपड़ा, नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और गौरव चोपड़ा सहित अन्य लोगों ने महाराज श्री का बुके भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर गरोठ विधायक चंदर सिंह सिसोदिया, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश भारद्वाज और समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और उद्योगपतियों ने महाराजश्री को सूत की मालाएं पहनाकर उनका अभिवादन किया। फूलों की वर्षा के बीच निकली अभिनंदन यात्रा हवाई पट्टी पर स्वागत के बाद स्वामी कैलाशानंद जी महाराज की भव्य अभिनंदन यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए उत्कृष्ट स्कूल के पीछे स्थित नगरपालिका अध्यक्ष के निवास स्थान तक निकाली गई। पूरी यात्रा के दौरान मार्ग धार्मिक जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह बनाए गए स्वागत द्वारों पर खड़े होकर महाराज श्री पर फूलों की वर्षा की। शनिवार को टाउन हॉल में सजेगी धर्मसभा आयोजन समिति के अनुसार, शनिवार को सुबह 11:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक दशहरा मैदान के टाउन हॉल में एक दिवसीय विशाल धर्मसभा का आयोजन होगा। इसमें आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज अपने आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से जनता का मार्गदर्शन करेंगे। इस महा-आयोजन में देश के कोने-कोने से प्रख्यात संत-महात्मा, प्रतिष्ठित उद्योगपति और हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए आयोजन स्थल पर बैठने की उत्तम व्यवस्था, ठंडे पेयजल, पुख्ता सुरक्षा और सुचारू पार्किंग के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर को आकर्षक रोशनी और धार्मिक ध्वजाओं से सजाया गया है। चोपड़ा परिवार का कहना है कि यह आयोजन नीमच की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को देश में एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित सीएमएस विशाल खंड सभागार में कृष्ण प्रताप सिंह की जयंती पर 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृष्णप्रताप विद्याविन्दु लोकहित न्यास, शिव सिंह सरोज स्मारक समिति और अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सहयोग में संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत कृष्ण प्रताप सिंह और अखंड प्रताप सिंह के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का उद्देश्य केवल शब्दों की रचना करना नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशील, संस्कारित और जागरूक बनाना है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति, धर्म, सेवा और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। भक्ति साहित्य भारतीय आध्यात्मिक चिंतन का समृद्ध दस्तावेज सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने 'संत विवेक-2026' के विशेषांक की सराहना की, जिसे उन्होंने भक्ति साहित्य, भारतीय आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत का समृद्ध दस्तावेज बताया। उन्होंने डॉ. विद्या विन्दु के संपादकीय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और भक्ति परंपरा का प्रेरक चित्रण है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि माता-पिता के प्रति सम्मान ही ईश्वर भक्ति का पहला कदम है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने साहित्यकारों का अभिनंदन किया और आभार व्यक्त किया। शिव सिंह सरोज स्मारक समिति की अध्यक्ष रमा सिंह ने समाज में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। ये मौजूद रहे इस अवसर पर पद्मश्री अनिल रस्तोगी, डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. दिनेश प्रताप सिंह, चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. मांडवी सिंह, सरिता सिंह, डॉ. शुभदा पाण्डेय, डॉ. मीनू खरे, पद्मश्री राम कठिन सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, इन्द्रासन सिंह 'इन्दु', अर्चना शुक्ला, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट तथा डॉ. दिवाकांत मिश्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की कई विभूतियों को स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, कई युवा प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
बरेली में 2 साइबर ठग गिरफ्तार:ऑनलाइन गेम के जरिए लोगों को फंसाते, खाते कर देते थे खाली
अगर आप भी ऑनलाइन गेम खेलते हैं या मोबाइल पर गेम खेलने के दौरान मिलने वाले ऑफर और लिंक पर क्लिक करते हैं, तो सावधान हो जाइए। साइबर अपराधी अब ऑनलाइन गेम को भी ठगी का जरिया बना चुके हैं। बरेली पुलिस ने ऐसे ही दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को ऑनलाइन गेम के नाम पर अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों से रुपये ट्रांसफर करा लेते थे। शुक्रवार रात करीब 10 बजे साइबर थाना पुलिस ने इस पूरे गिरोह का खुलासा किया। कई राज्यों के लोगों को बना चुके हैं शिकार एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में साइबर सेल, साइबर थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के लोगों से साइबर ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस जांच में दोनों आरोपियों के बैंक खातों में कुल 2.96 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन मिला। यह रकम साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के आधार पर चिन्हित की गई। मामले में थाना सुभाषनगर और थाना हाफिजगंज में मुकदमे दर्ज थे, जिनकी जांच के दौरान दोनों आरोपियों की पहचान हुई। ऑनलाइन गेम के बहाने लोगों को फंसाता था देवेंद्र गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र सिंह (25) पुत्र सत्येंद्र सिंह निवासी शिवनगर, मढ़ीनाथ, थाना सुभाषनगर का है। पुलिस के अनुसार उसके बैंक खाते में 16,680 रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को ऑनलाइन गेम खेलने के लिए प्रेरित करता था। गेम के दौरान अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ितों से बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। इसके बाद पैसे विभिन्न माध्यमों से निकाल लिए जाते थे। दूसरा आरोपी शिवम गंगवार (20) पुत्र शिव कुमार है। वह मूल रूप से थाना हाफिजगंज क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में कर्मचारी नगर, थाना इज्जतनगर में रह रहा है। पुलिस के मुताबिक उसके बैंक खाते में 2.80 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला। पूछताछ में उसने भी स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी करता था और ठगी की रकम अपने खाते में मंगवाता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। लगातार कार्रवाई कर रही है बरेली पुलिस बरेली पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। एक दिन पहले भी पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। एसएसपी अनुराग आर्य का बयानएसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि आजकल साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऑनलाइन गेम, निवेश, लोन, केवाईसी अपडेट और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल एप या ऑनलाइन गेम पर भरोसा न करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी के कहने पर अपने बैंक खाते से रुपये ट्रांसफर न करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान भारत में नहीं है। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराता है या पैसे मांगता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। तुरंत कॉल काटें और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं ये 10 सावधानियां
लखनऊ में अवध फाउंडेशन 'परिवार एवं सामाजिक संबंधों का वर्तमान स्वरूप' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन करेगा। यह संगोष्ठी जानकीपुरम सेक्टर-एफ स्थित फाउंडेशन के कार्यालय सभागार में शाम 4 बजे से शुरू होगी। इसका मुख्य उद्देश्य बदलते समय में कमजोर होते पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम का मार्गदर्शन स्वामी धीरेन्द्र वशिष्ठ करेंगे। फाउंडेशन के अध्यक्ष सूरजदेव शुक्ल ने प्रेसवार्ता में बताया कि संगोष्ठी में कई वक्ता अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इनमें काशीनाथ पाण्डेय, जी.आर.पी. शुक्ल, शिवकुमार पाण्डेय और षष्ठ कुमार शुक्ल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिवार की बदलती भूमिका, सामाजिक चुनौतियों और रिश्तों में बढ़ती दूरियों पर गंभीर चर्चा करना है। परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई शुक्ल ने आगे कहा कि वर्तमान समय में परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है, लेकिन बदलती जीवनशैली, बढ़ती व्यस्तता और सामाजिक विकृतियों के कारण पारिवारिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन विषयों पर समाज को संवेदनशील बनाने और समाधान खोजने के लिए ऐसे संवाद आवश्यक हैं। संगोष्ठी में इस बात पर विचार-विमर्श किया जाएगा कि पारिवारिक रिश्तों को कैसे मजबूत बनाया जाए। साथ ही, परिवारों में आपसी विश्वास और संवाद को कैसे बढ़ाया जाए तथा सामाजिक बुराइयों के प्रभाव को किस प्रकार कम किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञ इन विषयों पर अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं सूरजदेव शुक्ल ने बताया कि यह आयोजन फाउंडेशन की नियमित सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जुलाई के अंत तक एक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। संस्था भविष्य में शिक्षा, बाल प्रतियोगिताओं, स्वास्थ्य शिविरों, नारी सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे विभिन्न विषयों पर भी कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसका उद्देश्य समाज के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देना है।
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दिल्ली में तैनात फायरमैन राजेश कुमार के 26 लाख रुपए के सोने के जेवरात पुलिस थाने से गायब होने के मामले में कोर्ट के इस्तगासे पर कार्रवाई हुई है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली थाने में सदर थाने के कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 30 मई को ज्वेलरी खरीदकर घर लौटते समय हादसे में गई थी जानजानकारी के अनुसार, कुलौद खुर्द निवासी राजेश कुमार 30 मई 2026 को मातेश्वरी ज्वैलर्स से दो सोने की हमेल और 10 सोने के सिक्के खरीदकर घर लौट रहे थे। खाजपुर पुराना के पास तेज रफ्तार कार की टक्कर से उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद उनका बैग पुलिस की कस्टडी में पहुंचा, जिसमें सोने के जेवरात रखे हुए थे। एफआईआर के मुताबिक, क्रेन ड्राइवर शक्ति सिंह ने बैग और हेलमेट महिला कॉन्स्टेबल संतोष को सौंपा था। बैग को सदर थाने में स्टील की बेंच पर रखा गया, लेकिन बाद में उसमें रखे जेवर गायब मिले। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेवर पुलिस कस्टडी से चोरी हुए हैं। दावा- सीसीटीवी फुटेज में दिखा था बैग ले जाते हुएमामले में पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में सदर थाने का कॉन्स्टेबल संदीप कुमार बैग उठाकर थाने से बाहर ले जाता हुआ दिखाई दिया था। इसी आधार पर कोर्ट के आदेश पर अब उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि कॉन्स्टेबल संदीप कुमार 30 जून 2026 से बिना सूचना ड्यूटी से गैरहाजिर था। इसके कारण उसे निलंबित किया जा चुका है। उसने 10 जुलाई को ही अपनी आमद दर्ज करवाई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। बता दें कि यह मामला पहले बगड़ थाने में दर्ज हुआ था, लेकिन क्षेत्राधिकार के कारण एफआर लगा दी गई। इसके बाद मृतक राजेश कुमार के मौसेरे भाई कैलाश डांगी ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद कोर्ट के इस्तगासे से कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, 2008 बैच का कॉन्स्टेबल संदीप जिले के कई थानों में तैनात रह चुका है, ऐसे में मामला दर्ज होते ही पुलिस ने उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ के चिनहट स्थित उत्कर्ष इंटरनेशनल स्कूल में 6 से 10 जुलाई तक आयोजित अंग्रेजी एवं हिंदी साहित्य सप्ताह 2026 का शुक्रवार को समापन हो गया। पांच दिवसीय इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि विकसित करना था। साहित्य सप्ताह के दौरान स्कूल ने युवा लेखकों और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इनमें लघु कथा लेखन, कॉमिक बुक लेखन, कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा और पुस्तक लेखन जैसी गतिविधियां शामिल थीं। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में अपनी कल्पनाशीलता और भाषा कौशल का प्रदर्शन किया। पढ़ने और लिखने की आदत जीवनभर सीखने की ताकत समापन समारोह की मुख्य अतिथि लखनऊ साहित्य महोत्सव ‘मेटाफोर’ की संस्थापक एवं निदेशक कनक रेखा चौहान रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ने और लिखने की आदत जीवनभर सीखने की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने छात्रों को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और अपने विचारों को लेखन के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। साहित्य सृजनशील व्यक्तित्व के निर्माण का आधार इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पुस्तक समीक्षा, कविता पाठ और नुक्कड़ नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। उनकी रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास की उपस्थित अतिथियों ने प्रशंसा की।स्कूल की निदेशक वाग्मिता श्रीवास्तव ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल भाषा सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संवेदनशील और सृजनशील व्यक्तित्व के निर्माण का आधार भी है।
हरदोई मेडिकल कॉलेज में मरीजों की हड्डी जोड़ने वाले इंप्लांट दोगुने दामों पर खरीदने का मामला सामने आया है। दावा है तीमारदार को फर्जी बिल भी दिया गया। शहर के सुभाष नगर निवासी व लखनऊ की एक फार्मा कंपनी के एरिया मैनेजर दीपक शुक्ला (30) इसका शिकार हुए। 3 जुलाई की रात सड़क हादसे में उनकी दाहिनी जांघ की हड्डी टूट गई थी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को दीपक का करीब 1:30 ऑपेरशन हुआ। दीपक के ससुर सर्वेश मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने उन्हें एक इंप्लांट सप्लायर का नंबर दिया। सप्लायर ने फिक्सटर और अन्य आवश्यक सामान के लिए उनसे 30,030 रुपये लिए, जबकि अन्य इंप्लांट सप्लायर अवनीकांत उर्फ भोला ने बताया कि बाजार में इसकी कीमत 12 से 14 हजार रुपये है। सप्लायर ने तीमारदार के नाम पर बिल काटने के बजाय सीधे मेडिकल कॉलेज (ASMC) के नाम पर फर्जी बिल जारी कर दिया। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 27जून को भी एक मरीज से 31,500 रुपये वसूलने का मामला सामने आया था। उस समय तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रह्मप्रकाश और इंप्लांट सप्लायर के बीच विवाद हुआ था। इस घटना के बाद प्राचार्य जेबी गोगोई ने डॉ. ब्रह्म प्रकाश से विभागाध्यक्ष का प्रभार लेकर सीएमएस डॉ. चंद्र कुमार को सौंप दिया। लोगों में चर्चा है कि संबंधित डॉक्टरों के संपर्क में कई इंप्लांट सप्लायर रहते हैं। डॉक्टर अपनी मर्जी के मुताबिक, इंप्लांट सप्लायर से संपर्क कर तिमादारों को इंप्लांट उपलब्ध कराते हैं। इससे डॉक्टरों के बीच नूरा कुश्ती आम बात हो चुकी है। इंप्लांट ज्यादा दामों पर मिलने से गरीब मरीजों और उनके तिमारदारों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. चंद्रकुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर इंप्लांट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। तीमारदार की आपसी सहमति से सप्लायरों से सामान लिया जाता है। कहा यदि कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कराई जाएगी।
एल नीनो पर तकनीकी व्याख्यान आयोजित:विशेषज्ञों ने मानसून कमजोर और सूखे का खतरा बताया
लखनऊ के इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में 'एल नीनो एवं वैश्विक जलवायु' विषय पर एक तकनीकी व्याख्यान आयोजित किया गया। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि एल नीनो का असर भारत सहित पूरी दुनिया के मौसम और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसके कारण मानसून कमजोर हो सकता है, जिससे वर्षा कम होने, सूखे और जल संकट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. भरत राज सिंह, निदेशक (सामान्य/तकनीकी), स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ ने एल नीनो को एक प्राकृतिक जलवायु घटना बताया। उन्होंने समझाया कि इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से के समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है, जिसका असर वैश्विक वायुमंडलीय प्रणाली पर पड़ता है और कई देशों के मौसम में बड़े बदलाव आते हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है प्रो. सिंह ने बताया कि भारत में एल नीनो के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है। इससे कृषि उत्पादन में कमी, खाद्यान्न संकट, भूजल स्तर में गिरावट और पेयजल तथा सिंचाई के लिए पानी की समस्या उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इसके अतिरिक्त, खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दुनिया के अन्य हिस्सों में एल नीनो के कारण बाढ़, भीषण गर्मी, जंगलों में आग और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव जैसी चरम मौसमी घटनाएं देखने को मिलती हैं। प्रो. सिंह ने जलवायु परिवर्तन, चरम मौसमीय घटनाओं और पर्यावरण संरक्षण पर वैज्ञानिक अनुसंधान तथा आधुनिक तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बदलती जलवायु के अनुरूप प्रभावी नीतियां बनाने, जन-जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती कार्यक्रम की अध्यक्षता आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के अध्यक्ष इं. वी.पी सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे तकनीकी व्याख्यान अभियंताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सिरसा जिले के रानियां में एक डॉक्टर की मोटरसाइकिल चोरी मामले में अजीब मोड़ आया है। वारदात के बाद 24 घंटे बाद चोरी हुई बाइक को भी खुद डॉक्टर ने ढूंढ निकाला। खास बात है कि बाइक का तो पता चला गया, परंतु उसके पार्ट्स गायब मिले। बाइक से अधिकांश सामान निकाला हुआ था और उसे लावारिस हालत में छोड़ा हुआ था। शक जताया जा रहा है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्ध युवक आसपास के हैं और वे काफी शातिर थे। उन्होंने बाइक के पार्ट्स निकालकर बेच दिए, ताकि किसी को पता न चले और वे फंस न सके। अब सवाल ये हैं कि उन्होंने ये पार्ट्स किसे बेचे हैं। क्या पुलिस इसका खुलासा कर पाएगी या ये सवाल दबकर रह जाएंगे। इस तरह चोरों ने ये वारदात की, जिसकी काफी चर्चा है। पुलिस को दी शिकायत में गम धोतर से भूप सिंह ने रानियां थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया, रानिया रोड पर उनका बालाजी हॉस्पिटल बीडीपीओ ऑफिस है। वह स्वयं पेशे से एक डॉक्टर हैं। बीती वीरवार रात करीब 8 बजे उन्होंने अपनी हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (नंबर HR 44K 2680) अस्पताल के बाहर खड़ी की थी। जब वह मरीज देखने के बाद घर जाने के लिए बाहर आया, तो उनकी बाइक गायब थी। सीसीटीवी कैमरों से हुआ खुलासा शक के आधार पर उन्होंने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पता चला कि दो अज्ञात युवक बाइक लेकर फरार हो गए थे। उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे और पहचान कर पाना मुश्किल था। डॉक्टर भूप सिंह ने बताया कि उन्होंने रात भर अपनी बाइक ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पता नहीं चला। आज शुक्रवार को उन्हें उनकी बाइक बालासर रोड पर पेपर मिल के पास आधी-अधूरी हालत में मिली। बाइक की पहचान कर ली। मगर चोरों ने बाइक का काफी सामान निकाल लिया था। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द ऐसे चोरों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
हाईवे पर कंटेनर की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत:दो घायल; पत्नी को ससुराल छोड़कर लौट रहा था
ललितपुर में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर एक अज्ञात कंटेनर की टक्कर से बाइक सवार एक राजमिस्त्री की मौत हो गई। इस हादसे में उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यह घटना असाऊपुरा गांव के निकट हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक की हालत गंभीर होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मृतक की पहचान रात 9 बजे थाना बार के ग्राम देवरान निवासी 25 वर्षीय भगवान दास पुत्र जगदीश के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि भगवान दास अपनी पत्नी और बच्चों को उनके मायके ग्राम टपरियन छोड़कर वापस लौट रहा था। रास्ते में उसके दोनों दोस्त उससे मिल गए थे और वे एक ही बाइक पर सवार होकर आ रहे थे। घायलों की पहचान ग्राम बर्खिरिया निवासी नीरज और विजय सहारिया के रूप में हुई है। ये दोनों मृतक भगवान दास के दोस्त थे। भगवान दास अपने तीन भाई और एक बहन में तीसरे नंबर पर था। उसके तीन पुत्र हैं। वह इंदौर में राजमिस्त्री का काम करता था और 15 दिन पहले ही एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए इंदौर से अपने गांव आया था।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में जमीन विवाद को लेकर हुए हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। सिविल लाइन रूद्री थाना क्षेत्र के इस मामले में न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र कुमार ध्रुव को दोषी पाया। सुरेंद्र ने गाली-गलौज करते हुए आरीनुमा लोहे के हथियार से हमला कर हत्या का प्रयास किया था। एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष 14 नवंबर को ग्राम बेन्द्रा नवागांव निवासी निरंजन ढीमर ने सिविल लाइन रूद्री थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया था कि जमीन विवाद की रंजिश के चलते आरोपी सुरेंद्र कुमार ध्रुव ने उसे अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे लकड़ी काटने वाले आरीनुमा हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में निरंजन ढीमर के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई थी। शिकायत के बाद सिविल लाइन रूद्री पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरेंद्र कुमार ध्रुव, पिता स्व. श्रीराम ध्रुव, उम्र 39 वर्ष, निवासी बेन्द्रा नवागांव, उपरपारा, थाना सिविल लाइन रूद्री, जिला धमतरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के लोधी गांव में शुक्रवार को एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक अपनी पत्नी के मायके जाने से नाराज था और उसे वापस बुलाने की जिद पर अड़ा था। इस घटना से गांव में करीब आधे घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक शराब के नशे में था। उसकी पत्नी मायके चली गई थी, जिससे वह आक्रोशित होकर टावर पर चढ़ गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और परिजनों ने भी युवक को समझाने का प्रयास किया। पुलिस, प्रशासन और परिवार के सदस्य लगभग आधे घंटे तक लगातार युवक से बातचीत करते रहे। लगातार समझाइश और परिजनों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतर आया। इसके बाद मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
उदयपुर चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक के लिए रिश्वत लेते एक दलाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। बांसवाड़ा की एसीबी टीम ने दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं कार्रवाई की भनक लगने पर संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल कार्यालय से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। एसीबी के अनुसार- परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी लैब में सोनोग्राफी मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर का नाम जोड़ना है। इसकी पंजीयन स्वीकृति जारी करने की एवज में 1.30 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। एसीबी उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन और पुलिस उपअधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एसीबी टीम ने ये कार्रवाई की। जांच के दौरान डॉ. रतन बिलवाल की ओर से दलाल अब्दुल कादिर के माध्यम से 30 हजार रुपए रिश्वत लेने पर सहमति जताई गई। डॉक्टर ऑफिस छोड़कर हुए फरार ट्रैप कार्रवाई के दौरान अब्दुल कादिर ने 30 हजार रुपए गिनकर प्राप्त किए। हालांकि कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी अब्दुल ने रिश्वत की राशि कार्यालय में रख दी और मौके से भागने का प्रयास किया। एसीबी ने उसका पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, डॉ. रतन बिलवाल कार्रवाई की सूचना मिलते ही कार्यालय छोड़कर फरार हो गए। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी दलाल से पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे जांच जारी है।
आगरा में 10 साल की बच्ची की अपहरण की सनसनी फैल गई। बच्ची शाम को डांस एकेडमी गई थी। इसके बाद वो वापस नहीं आई। घर पर 40 लाख रुपए की फिरौती का लेटर मिला। पुलिस को बताने पर बच्ची को जान से मारने की धमकी दी गई थी। माता-पिता घबरा गए। पुलिस को सूचना दी। हालांकि तीन घंटे बाद बच्ची सकुशल घर पर वापस आ गई। अब पढ़िए पूरा मामलामाधव कुंज निवासी मनीष अग्रवाल की प्रतापपुरा चौराहे पर भगवान की पोशाकों की दुकान है। नौ वर्ष की बेटी दिव्यांका ने पांच दिन पहले ही घर के पास स्थित डांस एकेडमी एमजे वायरस में डांस सीखने के लिए प्रवेश लिया था। चाचा महीप सिंह ने बताया कि भतीजी दिव्यांका को पिता मनीष रोज की तरह उसे एकेडमी में छोड़कर आए थे। शाम साढे सात बजे मां नेहा ने घर के गेट पर एक कागज पड़ा देखा। जिसने पढ़ने के बाद उनके होश उड़ गए। अब पढ़िए लेटर में क्या लिखा हैलेटर में लिखा था कि आपकी बेटी हमारे पास है, बेटी को वापस पाना चाहते हो तो शनिवार सुबह चार बजे 40 लाख रुपये लेकर आ जाओ। बेटी को लेने केवल उसके माता-पिता के अलावा कोई और आया तो वह नहीं दी जाएगी। पुलिस को दी तो आपकी बेटी कभी आपको नहीं मिल पाएगी। कल सुबह पैसा लाओ और अपनी बेटी को ले जाओ। मेरा बंदा आएगा बाइक से चेक करेगा और पिता को लेकर जाएगा। साढ़े तीन घंटे बाद बच्ची लौटकर वापस आ गई बच्ची के अपहरण और फिरौती का पत्र मिलने की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। वह सीसीटीवी फुटेज करने में जुटी थी। इसके करीब साढ़े तीन घंटे बाद बच्ची लौटकर वापस आ गई। अभी पुलिस ने उससे पूछताछ नहीं की है कि वह इतने समय तक कहां रही। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास का कहना है कि पुलिस ने सीसीटीवी चेक किए हैं जिसमें बच्ची अकेले ही घर वापस आती दिख रही है। अभी बच्ची से बातचीत की जा रही है।
लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में शुक्रवार को साढ़े 12 बजे बिजली गुल हो गई। मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों को इमरजेंसी में इलाज उपलब्ध कराया गया। करीब आधे घंटे बाद बिजली आई। तब जाकर मरीज-तीमारदार और डॉक्टर-कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। अंधेरे में डूबे तमाम विभाग बिजली जाते ही इमरजेंसी, रेडियोलॉजी विभाग, ओपीडी और वार्ड अंधेरे में डूब गए। सबसे गंभीर स्थिति इमरजेंसी में रही। जहां करीब आधे घंटे तक डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च के सहारे मरीजों का इलाज किया। इस दौरान किसी मरीज को ऑक्सीजन लगाई जा रही थी, किसी को ग्लूकोज चढ़ाने के लिए वीगो लगाया जा रहा था। जबकि गंभीर घायलों के टांके भी मोबाइल की रोशनी में लगाए गए। मरीजों की सांसें उस समय अटक गईं, जब बिजली जाने के बाद न तो जनरेटर चला और न ही इनवर्टर बैकअप काम आया। बिजली ठप होने का असर रेडियोलॉजी विभाग पर भी पड़ा। एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचें प्रभावित हुईं। वार्डों में एयर कंडीशनर बंद हो गए। जिससे उमस और गर्मी के बीच मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ गई। कई मरीज बेड पर पसीने से तर-ब-तर पड़े रहे। जबकि तीमारदार हाथ से हवा करते नजर आए। करीब एक बजे बिजली आई तब मरीजों के साथ डॉक्टर-कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। अल्ट्रासाउंड ठप, गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी लोकबंधु अस्पताल में बीते दो दिनों से एक अल्ट्रासाउंड मशीन खराब है। शिकायत के बावजूद अधिकारी मशीन दुरुस्त कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं की जांच ठप हो गई है। महिलाएं प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर से जांच कराने को मजबूर हैं। लोकबंधु अस्पताल तीन अल्ट्रासाउंड मशीन हैं। दो रेडियोलॉजिस्ट और एक सोनोलॉजिस्ट तैनात हैं। दो मशीनों पर सामान्य बीमारी से पीड़ित 70 से 80 मरीजों जांच की जाती है। जबकि तीसरी मशीन से गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। दो दिन पहले गर्भवती महिलाओं की जांच कराने वाली मशीन बिगड़ गई। प्रतिदिन 50 से 60 गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की जा रही थी। शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं ने जांच ठप होने से नाराज होकर हंगामा किया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने मरीजों से एक से दो दिन में मशीन ठीक कराने का वादा किया। इसके बाद गर्भवती महिलाएं मानी। अल्ट्रासाउंड 23 जुलाई तक इंतजार वहीं दूसरी बीमारी से पीड़ितों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में फिलहाल 23 जुलाई की तारीख दी जा रही है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों को नई तारीख देकर वापस भेजा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जांच में देरी से कई मरीजों के इलाज पर भी असर पड़ रहा है। मरीजों ने जल्द मशीन ठीक कर जांच व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है। दलाल सक्रिय अल्ट्रासाउंड मशीन गड़बड़ाने से जांच पूरी तरह से ठप हो गई है। इस दौरान अस्पताल में निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के दलाल सक्रिय हो गए हैं। जो मरीजों को बाहरी केंद्रों पर जांच कराने के लिए बहला-फुसलाने में जुटे हैं।
धार जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात एक खाली कंटेनर के केबिन में भीषण आग लग गई। घटना सोनू रेस्टोरेंट के पास हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हालांकि, समय रहते चालक कंटेनर से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। कंटेनर क्रमांक NL-01 Q-8148 पीथमपुर से अहमदाबाद की ओर टू-व्हीलर वाहन लेने जा रहा था। सोनू रेस्टोरेंट के पास पहुंचते ही केबिन से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के कारण कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चालक फिरोज ने बताया कि चलते समय अचानक बैटरी में धमाका हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत कंटेनर से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही पलों में आग ने पूरे केबिन को घेर लिया। दमकल ने आग पर काबू पायासूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस ने यातायात सुचारु कराया। कंटेनर खाली होने के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल नौगांव थाना पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल लेक्चरर्स से वाइस प्रिंसिपल पद पर होने वाली पदोन्नति के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से जारी कॉमन सीनियरिटी लिस्ट को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि साल 2015 की भर्ती प्रक्रिया से चयनित सभी व्याख्याताओं की नई कॉमन सीनियरिटी लिस्ट समान आधार पर तैयार की जाए और उसी के आधार पर चार महीने के भीतर वाइस प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने आदेश में कहा- साल 2015 की एक ही चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त सभी व्याख्याताओं को समान चयन वर्ष का लाभ मिलना चाहिए। राज्य सरकार को निर्देश दिया कि साल 2018 की भर्ती में अपनाए गए सिद्धांतों के अनुरूप नई कॉमन सीनियरिटी सूची तैयार कर राजस्थान शिक्षा सेवा नियम, 2021 के तहत पदोन्नति की कार्रवाई पूरी की जाए। प्रक्रिया में कोई प्रशासनिक या कानूनी बाधा आती है, तो सरकार आवश्यक आदेश या अधिसूचना जारी कर उसका समाधान करे। समानता के अधिकार का उल्लंघन: अधिवक्ताओं की दलील याचिकाकर्ताओं के सीनियर वकील मनोज भंडारी, डॉ. विकास बालिया, अध हनुमान सिंह चौधरी और विवेक श्रीमाली सहित अन्य वकीलों ने दलील दी कि साल 2015 की एक ही भर्ती प्रक्रिया से चयनित व्याख्याताओं के लिए अलग-अलग वरिष्ठता मानदंड अपनाना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा- समान चयन प्रक्रिया से नियुक्त सभी अभ्यर्थियों की एक ही कॉमन वरिष्ठता सूची बनाई जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची के आधार पर की गई पदोन्नतियां अनेक वरिष्ठ एवं पात्र व्याख्याताओं के वैधानिक अधिकारों को प्रभावित करेंगी। इसलिए पहले विधिसम्मत और समान सिद्धांतों पर आधारित नई वरिष्ठता सूची तैयार करना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने दिए नई सूची बनाने के निर्देश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने विवादित कॉमन वरिष्ठता सूची को रद्द करते हुए राज्य सरकार को चार महीने के भीतर नई सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि इसी नई सूची के आधार पर उपप्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना मानिकपुर जंगल के पास हुई, जब बाबा बछराज कुंवर धाम से लौट रही एक अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, झारखंड के गढ़वा जिले के ग्राम चिनिया निवासी श्रद्धालु अर्टिगा वाहन से बाबा बछराज कुंवर धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आए थे। दर्शन के बाद वापस लौटते समय शुक्रवार शाम करीब 4 बजे मानिकपुर जंगल के पास उनका वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। झारखंड के 7 लोग घायल इस हादसे में जितन तुरी (55 वर्ष), निवासी ग्राम चिनिया, झारखंड की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में घायल होने वालों में राजेश तुरी (38 वर्ष), संदीप तुरी (20 वर्ष), जयप्रकाश यादव (32 वर्ष), विनोद तुरी (35 वर्ष), प्रभुनाथ (65 वर्ष), अनिल तुरी (31 वर्ष) और सुनी तुरी शामिल हैं। ये सभी झारखंड के ग्राम चिनिया के निवासी हैं। बताया गया है कि वाहन मालिक जयप्रकाश यादव स्वयं कार चला रहे थे और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। राजेश तुरी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विजय कुमार ने एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल सभी लोगों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और गंभीर घायलों की स्थिति पर चिकित्सक लगातार निगरानी रख रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
भोपाल के करीब 50 इलाकों में शनिवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें अयोध्या नगर, सेमरा, विनीतकुंज, दामखेड़ा, चांदबड़, दानिशकुंज, आशीर्वाद कॉलोनी, रोहितास फेस-1, कान्हाकुंज समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
सिरसा जिले के डबवाली शहर थाना क्षेत्र से एक युवक के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ बाइक पर घर से निकला था। बाद में उसकी बाइक, जूते और बच्ची का स्कूल बैग राजस्थान नहर के किनारे मिले, जिससे परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताई है। पुलिस को दी गई शिकायत में गांव चौटाला निवासी जगदीश कुमार ने बताया कि उनका छोटा भाई दयाराम (30) अलीका पेट्रोल पंप पर कार्यरत है। करीब आठ साल पहले दयाराम ने गांव चौटाला की दर्शना से प्रेम विवाह किया था। उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी रितिका है। बिना बताए घर से निकला शिकायत के मुताबिक, लगभग 10 दिन पहले दयाराम की पत्नी दर्शना अपने पिता के साथ मायके चली गई थी। इसके बाद से दयाराम मानसिक रूप से परेशान था। बीती रात वह अपनी बेटी रितिका को बाइक पर साथ लेकर बिना किसी को बताए घर से निकल गया। परिजनों ने बताया कि रात करीब 10 बजे तक दयाराम से फोन पर बात हुई थी। हालांकि, अगले दिन दोपहर तक उसने फोन नहीं उठाया और बाद में उसका मोबाइल भी बंद हो गया। तलाश के दौरान राजस्थान नहर के किनारे उसकी मोटरसाइकिल, जूते, बच्ची का स्कूल बैग और सैंडल पड़े मिले। परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि दयाराम ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली होगी, या उसे किसी ने छिपा रखा है, अथवा वह स्वयं कहीं चला गया है। उन्होंने पुलिस से गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की जल्द से जल्द तलाश करने की मांग की है। थाना शहर डबवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस युवक की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में शुक्रवार शाम एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था, रिस्पॉन्स टाइम और आपातकालीन तैयारियों का आकलन करना था। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय और 6वीं वाहिनी विसबल के सेनानी सिद्धार्थ चौधरी के मार्गदर्शन में यह अभ्यास शाम करीब 4:45 बजे किया गया। इस मॉक ड्रिल में जबलपुर पुलिस, हाईकोर्ट सुरक्षा बल, बम निरोधक दस्ता (BDDS), फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान उच्च न्यायालय परिसर, न्यायाधिपतियों और कोर्ट रूम की सुरक्षा का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसमें आगजनी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने का भी अभ्यास शामिल था। अभ्यास के दौरान परिसर में 'आतंकी हमले' की स्थिति निर्मित की गई। सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 'डमी आतंकवादियों' को मार गिराया और 3 को 'जिंदा' पकड़ा। बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने विस्फोटक की खोज कर उसे सुरक्षित नष्ट करने का अभ्यास किया। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में सीपीआर (CPR) देने का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास के दौरान माननीय मुख्य न्यायाधिपति, अन्य न्यायाधिपतिगण, रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह राठौर, रजिस्ट्रार प्रशासन हर्ष सिंह बहरावत और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीएल परतेती सहित पुलिस तथा उच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सहायक उप निरीक्षक अजय परोचे के निर्देशन में यह ड्रिल संपन्न हुई, जिसने उच्च न्यायालय की सुरक्षा तैयारियों को प्रदर्शित किया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने गौशालाओं में पेयजल संकट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे प्रशासन की गंभीर विफलता माना है। हाईकोर्ट ने कहा-साल 2023-24 के बजट में ट्यूबवेल स्थापना की घोषणा के बावजूद हजारों गौशालाएं आज भी बुनियादी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। 'गौ ग्राम सेवा संघ' की अवमानना याचिका पर जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि 21 जुलाई तक एक विस्तृत टाइम-बाउंड शेड्यूल प्रस्तुत किया जाए, जिसके अनुसार 1 अक्टूबर तक हर हाल में कार्य शुरू किया जा सके। इसके साथ ही अदालत ने सुझाव दिया कि जिन क्षेत्रों में भूजल उपलब्ध नहीं है, वहां वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था पर विचार किया जाए। कोर्ट ने आदेश दिया कि मानसून तक सभी गौशालाओं में अस्थायी पेयजल व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रखी जाए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 जुलाई 2026 को होगी। गौशालाओं का हाल वकील मोती सिंह राजपुरोहित ने पैरवी करते हुए बताया- राजस्थान में कुल 3,861 पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं। इनमें से 1,641 गौशालाओं में ट्यूबवेल उपलब्ध हैं, जबकि 2,220 गौशालाओं में अब भी पेयजल के लिए ट्यूबवेल की जरूरत है। इनमें से भी 740 गौशालाओं में तत्काल स्थायी पेयजल व्यवस्था करने की आवश्यकता है। बेंच ने क्या कहा खंडपीठ ने कहा - साल 2022 से लगातार आदेश दिए जाने के बावजूद धरातल पर उम्मीद के अनुसार प्रगति (प्रोग्रेस) नहीं दिखी। सरकार की ओर से अस्थायी जलापूर्ति के दावे किए गए हैं, लेकिन कोर्ट ने माना कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल अस्थायी राहत देना नहीं, बल्कि सभी जरूरतमंद गौशालाओं के लिए स्थायी पेयजल ढांचा विकसित कराना है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को तीन चरणों में तैयार कार्ययोजना की जानकारी दी। इसके तहत सरकारी भूमि पर स्थित 387, निजी भूमि पर संचालित 234 तथा दान या किराए की भूमि पर स्थित 323 गौशालाओं में क्रमवार पेयजल अवसंरचना विकसित की जाएगी। अधिकारियों ने वित्त विभाग से बजट स्वीकृति लेकर शीघ्र कार्य शुरू करने का भरोसा दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि चार वर्षों से काम शुरू नहीं होना चिंताजनक है और प्रथम दृष्टया यह अवमानना का मामला बनता है। हालांकि, अधिकारियों के आश्वासन को देखते हुए कोर्ट ने फिलहाल अवमानना की कार्रवाई स्थगित रखी है। ये खामियां बनीं हाईकोर्ट की सख्ती की वजह साल 2022 के विस्तृत आदेश के बाद भी सरकार ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। दूसरी तरफ, सरकार हर साल शराब (लिकर) और स्टांप ड्यूटी पर 'गौ सेवा' के नाम पर करीब 3 हजार करोड़ रुपए का सरचार्ज जमा कर रही है। लेकिन इस राशि का उपयोग सरकार के अन्य खर्चों में किया जाने लगा। यानी गायों के नाम पर आने वाला पैसा उनकी सुविधाओं पर खर्च नहीं हो रहा है। साल 2022 में 'गौ ग्राम सेवा संघ' ने इन सभी गौशालाओं में गायों के पीने के पानी और अन्य सुविधाओं के लिए प्रयास शुरू किया था, जिस पर हाईकोर्ट ने गायों की इस गंभीर समस्या और संवेदना को समझा।
जजेज ने जांची लग्जरी बसें, 6बसें सीज, 16 के चालान:बस अग्निकांड की घटनाओं के बाद रालसा चला रहा अभियान
प्रदेश में बस अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने प्रदेश में लग्जरी बसों की चैकिंग का एक महीने का अभियान चला रखा है। इसमें जयपुर सहित 7 प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) लंबी दूरी की लग्जरी बसों में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं। जयपुर में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर प्रथम और द्वितीय के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्र में लग्जरी बसों की जांच की। डीएलएसए मेट्रो-1 के सचिव (जज) किशोर कुमार तालेपा ने आगरा रोड पर रिंग रोड के पास लग्जरी बसों की जांच की। इसमें उन्होंने सुरक्षा मानकों की पालना नहीं करने वाली 4 बसों को सीज किया। वहीं 9 बसों के चालान किए। उन्होंने करीब 5 लाख 26 हजार के चालान किए। बसों के निरीक्षण की देखें PHOTOS परमिट और फिटनेस सस्पेंड वहीं, जयपुर विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर द्वितीय की सचिव (जज) पल्लवी शर्मा ने भांकरोटा बस स्टैंड पर बसों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में बसों के इमरजेंसी गेट और विंडो के सामने अतिरिक्त सीट-बर्थ लगाई गई थी। सचिव ने मौके पर ही ऐसी 2 बसों को सीज किया और 7 बसों के चालान किए। उन्होंने परिवहन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर केवल जुर्माना ही नहीं लगाया जाए। ऐसी बसों के परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट तुरंत निलंबित किए जाए और मॉडिफाइड बसों को जब्त किया जाए।
पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया गया। गुरुवार की रात ऑपरेशन के दौरान थिएटर की बिजली गुल हो गई और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी विफल रहीं। चिकित्सकों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर ऑपरेशन पूरा करना पड़ा, जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था। यह घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे हुई, जब एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन चल रहा था। बिजली गुल होने और बैटरी बैकअप सिस्टम काम न करने के कारण डॉक्टरों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में ही ऑपरेशन पूरा करना पड़ा। अस्पताल में रोजाना आते हैं 2-3 हजार मरीज जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 2 से 3 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं और हर महीने 25 से 30 ऑपरेशन होते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2024 में इसे 100 से 200 बेड का किया गया था, लेकिन अस्पताल में सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। अस्पताल की बिजली हॉटलाइन से जुड़ी होने के बावजूद लगातार गुल हो रही है। जनरेटर और इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी अक्सर विफल साबित हो रही हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की जांच कराई जा रही : उप सिविल सर्जन इस संबंध में उप सिविल सर्जन डॉ. संजय सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर में बिजली कैसे गुल हुई, इसकी जांच की जाएगी।
रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में पूज्य देवकीनंदन ठाकुर की श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति का संदेश दिया गया। आयोजकों ने बताया कि कथा स्थल पर नो तिलक, नो एंट्री का नियम रखा गया है। सभी श्रद्धालु तिलक लगाकर पहुंचे, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में नजर आया। ध्रुव और राजा बलि की कथा सुनाकर बताया भक्ति का महत्व महाराज ने कहा कि जीवन में पद और सम्मान से ज्यादा जरूरी सेवा भावना है। उन्होंने ध्रुव और राजा बलि की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान की भक्ति करने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने कहा कि जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, उन्हें अच्छा फल मिलता है और बुरे कामों का परिणाम भी भुगतना पड़ता है। महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत जीवन जीने की सही राह दिखाती है। इससे मन को शांति मिलती है और जीवन में सही सोच आती है। उन्होंने कहा कि लोग मनोरंजन के लिए समय निकाल लेते हैं, लेकिन भगवान की कथा के लिए अक्सर देर से पहुंचते हैं। यदि लोग नियमित रूप से कथा और सत्संग से जुड़ें, तो उनका जीवन सुख, शांति और आनंद से भर सकता है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 8 से 14 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर में हो रहा है। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन किया जाएगा।
बिंदायका थाना पुलिस ने 24 घंटे में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी सुनसान और बंद मकानों की रेकी कर चोरी करता था। वारदात के बाद सुनसान स्थानों पर बने खंडहरों में छिपकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था। पुलिस ने आरोपी मनोज जसमेरा उर्फ राहुल (23) निवासी सिरसी को पकड़ा। आरोपी मनोज की निशानदेही पर सुनसान खंडहर में छिपाकर रखे चोरी के दो महंगे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ ईयरफोन, ईयरबड्स और पावर बैंक बरामद किए। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- परिवादी हंसराज वर्मा ने बिंदायका थाने में 6 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह जयपुर में ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी पार्टनर के रूप में कार्य करते हैं और सिरसी क्षेत्र में किराए के कमरे में रहते हैं। 4 जुलाई को ड्यूटी से लौटने पर कमरे का दरवाजा खुला मिला और अंदर रखा सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर दो मोबाइल फोन, ब्लूटूथ ईयरफोन, ईयरबड्स, 35 वॉट का पावर बैंक और 3,500 रुपए चोरी होना पाया गया। परिवादी ने बताया- दोनों मोबाइल फोन उसकी आजीविका का मुख्य साधन थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। सीसीटीवी-मुखबिर की सूचना से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मनोज को सुनसान स्थान पर बने एक खंडहर से गिरफ्तार कर लिया। नशे की लत के लिए करता था चोरी पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नशे की लत पूरी करने के लिए बंद मकानों की रेकी कर मौका मिलने पर चोरी करता था। चोरी का सामान सस्ते दामों में बेचकर नशा करता था। आरोपी ने बताया- चोरी के 3,500 रुपए उसने खाने-पीने और नशे में खर्च कर दिए। वारदात के बाद वह हुलिया बदल लेता और घटनास्थल के आसपास रहकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था। शक होने पर वह सुनसान खंडहरों में छिप जाता और बाद में नई वारदात की रेकी शुरू कर देता था।
योगिनी एकादशी के मौके पर अंजड़ और तलून के बाबा खाटूश्याम मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। शुक्रवार को सुबह से लेकर देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन का आनंद लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। इस अवसर पर दोनों मंदिरों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। रंग-बिरंगे फूलों, गहनों और सुंदर पोशाक से किया गया बाबा खाटूश्याम का श्रृंगार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन के दौरान तलून में खाटूश्याम जनकल्याण सेवा समिति की तरफ से भक्तों को 51 हजार सिद्ध रुद्राक्ष बांटे गए। श्रद्धालुओं ने इसे बाबा श्याम का प्रसाद मानकर बड़े चाव से ग्रहण किया। रुद्राक्ष लेने के लिए मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। पूरे दिन में करीब 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर माथा टेका। सुबह 5 बजे से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान मंदिरों में सुबह 5 बजे से ही पूजा-पाठ के कार्यक्रम शुरू हो गए थे। पंडित बसन्त शर्मा ने विधि-विधान से बाबा श्याम के साथ-साथ मंदिर में मौजूद भगवान पशुपतिनाथ महादेव, सालासर बालाजी, श्रीराम दरबार और श्रीकृष्ण दरबार की विशेष पूजा कराई। इसके बाद इंदौर से खास तौर पर मंगवाए गए फूलों से सभी देवी-देवताओं का मनमोहक श्रृंगार किया गया। बाबा श्याम को सुंदर बागा, कानों में कुंडल, सिर पर चांदी का मुकुट और छत्र पहनाया गया। सुबह 7:30 बजे मंगला आरती के साथ आम भक्तों के लिए दर्शन शुरू हुए। सुबह 9 बजे के बाद से ही भीड़ तेजी से बढ़ने लगी और 11:30 बजे हुई भोग आरती में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पैदल निशान (ध्वज) लेकर मंदिर पहुंचे और बाबा को अर्पित कर सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। महिलाओं ने भजन और नृत्य से बांधा समां पूरे दिन मंदिर में महिला भक्तों की खासी चहल-पहल रही। ढोल-मंजीरों की थाप पर नाचते-झूमते हुए महिलाओं ने बाबा श्याम के एक से बढ़कर एक भजन गाए और माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। यह सिलसिला दिनभर चलता रहा। शाम को 7 बजे हजारों भक्तों की मौजूदगी में भव्य संगीतमय महाआरती की गई। इसके बाद रात 9 बजे से स्थानीय भजन गायकों ने अपनी सुमधुर आवाज में देर रात तक श्याम भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिसमें भक्त झूमते नजर आए। भीड़ को संभालते हुए मंदिर समिति और स्वयंसेवकों ने दर्शन, प्रसाद और रुद्राक्ष वितरण की बेहतरीन व्यवस्था संभाली।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें थिरोट गांव जाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद चंद्रशेखर टोल के पास ही धरने पर बैठ गए। आखिरकार पीड़ित परिवार को गांव से सिवाया टोल स्थित कार्यालय में बुलाकर उनकी मुलाकात कराई गई। इस दौरान हाल ही में आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश भी उनके साथ मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक चली बातचीत में चंद्रशेखर ने परिवार से पूरे घटनाक्रम, पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज की जानकारी ली। परिवार ने सांसद को बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान महिलाओं तक को नहीं बख्शा और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। महिलाओं ने उन्हें चोटों के निशान भी दिखाए। इस पर चंद्रशेखर आजाद ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने पीड़ित परिवार की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच, एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता तथा प्रभावित परिवार के पुनर्वास संबंधी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने इन मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बोले- जिन्हें मरहम लगाना था, उन्होंने जख्म दिया मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इतने गंभीर मामले में जिस प्रकार पीड़ित दलित परिवार के साथ व्यवहार किया गया, वह अधिकारियों की जातिवादी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जिस समय परिवार के जख्मों पर मरहम लगाने की आवश्यकता थी, उस समय उन्हें और अधिक पीड़ा देने का काम किया गया। इससे परिवार भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहा है। एसएसपी के रवैये पर जताई नाराजगी उन्होंने मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के रवैये पर भी तीखा हमला बोला। कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ जो कुछ हुआ, वह बेहद शर्मनाक है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी के इशारे पर यह कार्रवाई की गई। एसएसपी पहले से मानसिक रूप से तैयार थे, जिसकी झलक उनकी भाषा और व्यवहार में दिखाई देती है। इतने वरिष्ठ पद पर बैठे अधिकारी को अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि यदि शीर्ष स्तर पर ऐसा रवैया अपनाया जाएगा तो अधीनस्थ अधिकारियों से संवेदनशीलता की अपेक्षा नहीं की जा सकती। सात दिन का अल्टीमेंटम वरना आंदोलन नगीना सांसद ने जिला प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन मेरठ तक सीमित नहीं रहेगा। इसके बाद राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार की सुरक्षा, एससी-एसटी एक्ट के तहत सभी वैधानिक लाभ और प्रभावित परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था शामिल है। बोले- फिर तो यह गोली भी चलवा देंगे चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसी अधिकारी का ऐसा व्यवहार पहले नहीं देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी टिप्पणी या छोटे विवाद पर अधिकारी इस हद तक आक्रोशित हो सकते हैं कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ मारपीट करें, तो यह लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि अधिकारियों का गुस्सा इस स्तर तक पहुंच सकता है तो यह आशंका भी पैदा होती है कि भविष्य में इससे अधिक कठोर कदम भी उठाए जा सकते हैं। गोली भी चलवा सकते हैं। तथ्यों को छिपाने का हो रहा प्रयास नगीना सांसद ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी अधिकारियों द्वारा खेद व्यक्त न करना और आंदोलन में शामिल लोगों को जेल भेज देना इस बात की ओर संकेत करता है कि कहीं न कहीं कुछ तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले का माहौल सामान्य नहीं है और कुछ लोग जातीय तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी पार्टी इन मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। संविधान ने दिया आंदोलन का अधिकार बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं, लेकिन लोकतंत्र में सड़क पर संघर्ष भी संवैधानिक अधिकार है। जब लोगों को न्याय नहीं मिलता तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है। किसान आंदोलन इसका बड़ा उदाहरण रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आर्थिक रूप से कमजोर दलित परिवार लंबे समय तक अदालतों में मुकदमा लड़ने का खर्च उठा सकते हैं। ऐसे में लोकतांत्रिक आंदोलन ही उनकी आवाज बनता है। जिलाधिकारी को सुननी होगी जनता की आवाज चंद्रशेखर ने प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दलित समाज के लोग अपनी बात उठाते हैं तो उसे गलत क्यों माना जाता है। उन्होंने पूछा कि जिन अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया, क्या वे बता सकते हैं कि उन्होंने पिछली बार किसी अन्य वर्ग के लोगों के साथ ऐसा कब किया था। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा मिलने से इनकार किए जाने पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि जनता से संवाद प्रशासन की जिम्मेदारी है। मेरठ की घटना जातिगत भेदभाव का नतीजा सांसद ने घोषणा की कि यदि निर्दोष लोगों को रिहा नहीं किया गया और न्याय नहीं मिला तो आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से संसद का सत्र शुरू होगा, लेकिन इसके बाद भी आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं आंदोलन में बैठेंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में एक सांसद के कपड़े फाड़े जाते हैं और मेरठ में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की पिटाई होती है। आखिर यह किस कानून और किस पुलिस एक्ट के तहत किया जा रहा है। उनका आरोप था कि यह पूरा मामला जातिगत भेदभाव और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ दिखाई देता है।
जयपुर के जवाहर कला केंद्र की सुरेख आर्ट गैलरी में शुक्रवार से चित्रकार नवीन स्वामी की एकल चित्र प्रदर्शनी 'भाव' की शुरुआत हुई। 13 जुलाई तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में कलाकार ने अमूर्त (Abstract) चित्रों के माध्यम से मानवीय भावनाओं, मनोस्थितियों और भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों को बेहद सरल रंगों और ज्यामितीय आकृतियों में अभिव्यक्त किया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार विद्यासागर उपाध्याय, नाथूलाल वर्मा, जगमोहन माथोडिया, मीनू श्रीवास्तव, मनीष शर्मा ने किया। इस मौके पर चित्रकार विनय शर्मा, पवन शर्मा, सोहन जाखड़, डॉ रजनीश हर्ष, संगीता सिंह, चन्द्रशेखर सेन सहित कई कलाकार मौजूद रहे। प्रदर्शनी के लिए 2 साल से जुटे बीकानेर के रहने वाले चित्रकार नवीन स्वामी करीब दो दशक से कला साधना में जुटे हैं। उन्होंने बताया- इस प्रदर्शनी की तैयारी में उन्हें लगभग दो साल का समय लगा। प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी चित्र उनके व्यक्तिगत अनुभवों, मनोभावों और जीवन के अलग-अलग मूड्स का कलात्मक रूप हैं। उन्होंने कहा- यह उनके भीतर के भावों की यात्रा है, जिन्हें उन्होंने रंग, आकृतियों और प्रतीकों के माध्यम से कैनवास पर उतारा है। शृंखला में सादगीपूर्ण अभिव्यक्ति को प्रमुखता नवीन स्वामी ने बताया- मैंने पूरी शृंखला में सरल रंगों और सादगीपूर्ण अभिव्यक्ति को प्रमुखता दी। चित्रों में किसी भी रंग की मिक्सिंग नहीं की गई है, बल्कि प्रत्येक रंग को उसकी मूल अवस्था में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया- हर रंग किसी विशेष भाव का प्रतिनिधित्व करता है और उसी भाव के अनुरूप चित्रों की आकृतियां तथा संरचना तैयार की गई है। उन्होंने बताया- प्रदर्शनी के कई चित्रों में उन्होंने शब्दों और छोटे-छोटे टेक्स्ट का प्रयोग किया है। वहीं कुछ चित्रों में पशु-पक्षियों के प्रतीकों को शामिल किया गया है। कुछ कैनवास पूरी तरह सादे रखे गए हैं, ताकि दर्शक स्वयं अपने भावों के अनुसार उन्हें महसूस कर सकें। उनका मानना है कि कला केवल देखने की नहीं बल्कि महसूस करने की प्रक्रिया है। सभी भावों का किया उपयोग प्रदर्शनी की विशेषता यह भी है कि इसमें प्रयुक्त ज्यामितीय आकृतियां भारतीय पारंपरिक संस्कृति और लोक स्थापत्य से प्रेरित हैं। कलाकार ने इन आकृतियों के माध्यम से आधुनिक अमूर्त कला और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सुंदर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है। प्रदर्शनी में दर्शकों को प्रेम, करुणा, हास्य, क्रोध, भय, आशावाद, आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प, भ्रम, संवेदनशीलता, आक्रामकता, आध्यात्मिक ज्ञान और अन्य मानवीय भावनाओं को अमूर्त रूप में देखने का अवसर मिल रहा है। इन भावों को सरल रंगों, रेखाओं और प्रतीकात्मक संरचनाओं के जरिए प्रस्तुत किया गया है, जिससे प्रत्येक चित्र दर्शकों को अपने भीतर झांकने के लिए प्रेरित करता है।
उदयपुर शहर की भूपालपुरा थाना पुलिस ने राह चलती महिला से मोबाइल और नकदी से भरा हैंडबैग छीनने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गए 2 महंगे मोबाइल बरामद किए हैं। भूपालपुरा थानाधिकारी सुनील चारण ने बताया कि आरोपी हसमुख (20) पुत्र हीरालाल वडेरा, निवासी पारेवी नालघाटी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से लूटा गया एक एप्पल (Apple) कंपनी का आईफोन और दूसरा वनप्लस (OnePlus) फोन बरामद किया गया है। इस वारदात में शामिल उसके एक सहयोगी नाबालिग को भी पुलिस ने डिटेन (निरुद्ध) किया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। होटल से खाना खाकर लौट रही थी महिला थानाधिकारी ने बताया कि 16 मई 2026 को पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि वह भूपालपुरा स्थित रामबाग होटल से खाना खाकर अपने निवास की तरफ जा रही थी। जैसे ही वह शास्त्री सर्किल के पास पहुंची, पीछे से एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए। उन्होंने महिला के कंधे पर लटका हैंडबैग झपट्टा मारकर छीन लिया और तेजी से फरार हो गए। बैग में थे दो मोबाइल और नकदी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि छीने गए हैंडबैग में उसके दो कीमती मोबाइल, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और करीब 2500 रुपए नकद थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) पिछले सप्ताह सील की गई 37 में से 4 बिल्डिंगों की सील अस्थाई रूप से खोलेगा। एमडीए वीसी अनुभव सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा कि, सील सिर्फ इसलिए खोली जा रही है ताकि बिल्डिंग मालिक नापजोख कराकर एमडीए से अपनी कंपाउंडिंग करा सकें। वीसी ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान इन इमारतों में अस्पताल या कोचिंग संस्थान संचालित करने की छूट हरगिज नहीं होगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो बिल्डिंग को सील करने के साथ ही अग्रिम विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। जिन बिल्डिंगों की सील अस्थाई रूप से खोलने के निर्देश वीसी ने दिए हैं उनमें 3 कोचिंग सेंटर और एक अस्पताल शामिल है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने 37 बिल्डिंगें सील की थीं पिछले दिनों लखनऊ में एक कोचिग में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर ऐसी इमारतों को सील किया गया था। जिनके पास फायर एनओसी नहीं थी। ऐसी इमारतें भी सील की गई थीं, जिनके पास संबंधित प्राधिकरणों से स्वीकृत मानचित्र नहीं थे या फिर स्वीकृत कार्य के अलावा इमारतों में दूसरे कार्य संचालित किए जा रहे थे। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने भी अभियान चलाकर कुल 37 इमारतों को सील किया था। इनमें मैरिज हॉल, हॉस्पिटल, कोचिंग सेंटर, होटल आदि शामिल थे। एमडीए वीसी अनुभव सिंह ने बताया कि, इन सभी सील इमारतों के स्वामियों को मुरादाबाद महायोजना-2031 के अनुसार शमन मानचित्र प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए थे। दीपा हॉस्पिटल और 3 कोचिंग सेंटरों की सील खुलेगी वीसी का कहना है कि सील की गई इमारतों में से 4 के मालिकों की ओर से शमन मानचित्र के लिए अपनी बिल्डिंगों की सील को अस्थाई रूप से खोलने का अनुरोध किया गया था, ताकि वे नापजोख करके शमन मानचित्र तैयार कराकर कंपाउंडिंग की गणना करा सकें। इस अनुरोध पर मैसर्स स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर, जेनेसिस कोचिंग सेंटर, अन-एकेडमिक कोचिंग सेंटर और दीपा हॉस्पिटल की बिल्डिंगों की सील स्थलीय माप कराने के लिए अस्थाई रूप से खोली जा रही है। वीसी बोले-कोचिंग चलाने की छूट नहीं होगी वीसी अनुभव सिंह ने स्पष्ट किया है कि सील खुलने का मतलब यह नहीं है कि कोचिंग संचालकों को इन बिल्डिंगों में कोचिंग चलाने की छूट मिल गई है। यहां किसी भी प्रकार की एक्टिविटीज की इजाजत नहीं होगी। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वीसी ने कहा कि अवैध रूप से किसी भी संस्थान का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। बिल्डिंग का मानचित्र जिस कार्य के लिए स्वीकृत है उसमें नियमानुसार उसी एक्टिविटीज की छूट होगी।
नीमच शहर के एक बड़े हिस्से में रविवार को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक यानी चार घंटे बिजली गुल रहेगी। यह कटौती 33 केवी बस स्टैंड फीडर पर जरूरी लाइन मेंटेनेंस (रखरखाव) के काम की वजह से की जाएगी। नीमच शहर के असिस्टेंट इंजीनियर के मुताबिक, इस मेंटेनेंस काम के कारण 33/11 केवी बस स्टैंड ग्रिड से जुड़े सभी मुख्य फीडर प्रभावित होंगे। इनमें कीर्ति नगर फीडर, मेशी शोरूम फीडर, महू रोड फीडर, वॉटर वर्क्स फीडर और सिटी फीडर शामिल हैं। इन फीडरों से जुड़े मुख्य इलाकों जैसे नीमच सिटी, इंदिरा नगर, महू रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, यादव मंडी, जिला अस्पताल और सिविल हॉस्पिटल जैसे हाई-वोल्टेज उपभोक्ता क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। बिजली कंपनी की उपभोक्ताओं से अपील बिजली कंपनी ने आम जनता और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सुबह के अपने जरूरी काम बिजली कटौती के समय से पहले ही निपटा लें। इसके साथ ही कंपनी ने साफ किया है कि काम की जरूरत को देखते हुए बिजली कटौती के इस समय को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है।
राजस्थान जूनियर एक्वाटिक चैम्पियनशिप-2026 में उदयपुर के बालाजी तरणताल (बीटीएस स्विमिंग क्लब) के नौ तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक जीते। इनमें 4 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इसमें सबसे बेहतर प्रदर्शन संध्या ने किया। उन्होंने अकेले 4 पदक जीतकर क्लब की सबसे सफल तैराक बनने का गौरव हासिल किया। यह प्रतियोगिता उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में आयोजित हुई। इसमें व्यक्तिगत और रिले स्पर्धाओं में उदयपुर के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया और कई पदक अपने नाम किए। संध्या ने 200 मीटर बटरफ्लाई में रजत पदक जीता। इसके अलावा 100 मीटर बटरफ्लाई, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) और 4100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक हासिल किए। मंथन कुमावत ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक जीता। वहीं 100 मीटर बटरफ्लाई और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक अपने नाम किए। हिमांश मालवीय ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक जीता। सुभाष भाकर ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक हासिल किया। अमन वैष्णव ने 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 450 मीटर मेडले रिले में कांस्य पदक जीते। सौरभ कुमावत, संयम मीणा और नंदिनी सिंह बल्ला ने भी अपनी-अपनी रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) दीपक गौड़, जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल और तैराकी प्रशिक्षक पियूष सुखवाल, संदीप सोनी और परेश पटेल ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी।
छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। 25 जनवरी को जारी पिछली तबादला सूची के महज 167 दिन बाद आधा दर्जन से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल दी गईं। राजनांदगांव रेंज के आईजी बालाजी राव सोमावर को हटाकर अजय कुमार यादव को कमान सौंपी गई है। वहीं, कोरिया में भाजपा नेता को कार समेत जिंदा जलाने की घटना के बाद एसपी हरीश राठौर को हटाकर नई पदस्थापना दी गई। इधर, जुआ-सट्टा की शिकायत मिलने के बाद बलौदाबाजार की एसपी भावना गुप्ता को मुख्यालय वापस बुलाया गया। सरकार ने कई जिलों के एसपी बदलकर कानून-व्यवस्था मजबूत करने का संदेश दिया है। राजनांदगांव रेंज आईजी बने अजय यादव तबादला सूची में सबसे अहम बदलाव अजय कुमार यादव का है। उन्हें नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद से हटाकर राजनांदगांव रेंज का पुलिस महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है। वहीं राजनांदगांव रेंज के तत्कालीन आईजी बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर भेजा गया है। बस्तर आईजी प्रशांत कुमार अग्रवाल की भी पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना की गई है। 12 जिलों के एसपी बदले गए जारी आदेश के मुताबिक, 12 जिलों के SP बदले गए हैं। 4 DIG स्तर के अधिकारियों का तबादला हुआ है। रायपुर जोन के 3 DCP को बस्तर भेजा गया है। रॉबिन्सन गुरिया को पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद से पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), रायपुर नगरीय बनाया गया है। उमेश प्रसाद गुप्ता बीजापुर एसपी जिलों में भी बड़े पैमाने पर एसपी बदले गए हैं। चंद्रमोहन सिंह को दंतेवाड़ा, हरीश राठौर को कोरिया, भावना पांडेय को धमतरी, राय गौरव रामप्रवेश को बलौदाबाजार-भाटापारा, उमेश प्रसाद गुप्ता को बीजापुर और मयंक गुर्जर को सुकमा जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा संदीप कुमार पटेल को नारायणपुर, चव्हाण किरण गंगाराम को बालोद, योगेश कुमार पटेल को सूरजपुर, जितेंद्र कुमार यादव को कबीरधाम और सुनील शर्मा को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देखें ट्रांसफर लिस्ट…
झांसी में यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा 2026 में अभ्यर्थी की जगह पेपर देते पकड़े गए सॉल्वर सुमित कुमार बघेल को जेल में ही रहना पड़ेगा। शुक्रवार को कृते सत्र न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने आरोपी सुमित की जमानत याचिका खारिज कर दी। वह 11 जून से जेल में बंद हैं। डीजीसी मृदुल श्रीवास्तव ने बताया- इंस्पेक्टर अतुल कुमार ने 10 जून 2026 को नवाबाद थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि वह बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के परीक्षा भवन का केंद्र प्रभारी था। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान कुलदीप पुत्र बालमुकुंद नाम के युवक की प्राथमिक जांच और बायोमेट्रिक जांच में एग्जाम के लिए पात्र पाए जाने पर परीक्षा रूम में बैठने दिया। मगर इनपुट मिला कि उक्त परीक्षार्थी को परीक्षा समाप्त होने के बाद बायोमेट्रिक टीम से फिर से eKYC किए जाने के लिए रोका जाए, क्योंकि इसके द्वारा विभिन्न नामों से पूर्व में परीक्षा दी गई है। परीक्षा खत्म होने पर बायोमेट्रिक टीम ने फिर से Iris ( रेटिना टेस्ट), FPS (फिंगर) एवं face captureing (फेस मैपिंग) कराया गया। जो वह मिस मैच पाया गया। पूछताछ में खुला था भेद पूछताछ करने पर परीक्षार्थी ने अपना नाम सुमित कुमार बघेल बताा। वह आगरा के पिडोरा थाना क्षेत्र के स्याहीपुरा का रहने वाला है। आरोपी कुलदीप के स्थान पर परीक्षा देने आया था। उसकी कुलदीप से दो लाख रुपए में परीक्षा पास कराने की डील हुई थी। इससे पहले भी वह परीक्षाएं दे चुका था। 31 अगस्त 2024 को उसने खुद सिपाही परीक्षा दी थ्ज्ञी। इसके बाद दो लाख रुपए लेकर मनोज सलोत्री के स्थान पर होमगार्ड भर्ती परीक्षा अलीगढ़ में जाकर दी थी। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करके आरोपी को जेल भेद दिया था।
देवा पहलवान पर मारपीट, चौथ वसूली का आरोप:VHP ने कोतवाली घेरी, ASP ने जांच के आदेश दिए
मथुरा के थाना कोतवाली क्षेत्र में भूतेश्वर अखाड़े से जुड़े पहलवान देवा पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यकर्ता के भाई से मारपीट और चौथ वसूली मांगने का आरोप लगा है। पुलिस की कथित लापरवाही से नाराज VHP कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे थाना कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। VHP नेताओं ने बताया की यह घटना 20 जून की बताई जा रही है। आरोप है कि पहलवान देवा ने VHP कार्यकर्ता दीपक के भाई शीतल से चौथ वसूली की मांग की थी। शीतल के इनकार करने पर देवा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अखाड़े परिसर में उसके साथ मारपीट की। इस हमले में शीतल गंभीर रूप से घायल हो गया। VHP नेता नितिन चौधरी ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, पुलिस ने आरोपी देवा पहलवान को केवल चार घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया। साथ ही, मुकदमे में भी हल्की धाराएं लगाई गईं, जिससे संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। इसी विरोध के चलते VHP कार्यकर्ता थाना कोतवाली पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर ASP आशना चौधरी मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। ASP आशना चौधरी ने मामले की निष्पक्ष जांच और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके भरोसे के बाद VHP कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
नागौर में अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (अविविनिल) की ओर से आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते शनिवार को शहर के कई क्षेत्रों में 2 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। निगम ने उपभोक्ताओं से असुविधा से बचने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां करने की अपील की है। सहायक अभियंता कैलाश चंद जैन ने बताया- 33/11 केवी जीएसएस बंसीवाला से संचालित 11 केवी बंसीवाला फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 8 बजे से 10 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद रखरखाव कार्य के दौरान लोहरा का चौक, लोहियों का चौक, बंसीवाला मंदिर क्षेत्र, माही दरवाजा, भारत टॉकीज के पास, गांधी चौक, हीरावाड़ी सहित आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली निगम ने बताया कि निर्धारित समय में रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि कार्य की प्रगति के अनुसार समय में परिवर्तन भी संभव है। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के हस्तम गांव में शुक्रवार दोपहर झूला झूलते समय रस्सी टूटने से एक 11 वर्षीय बालक की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, हस्तम गांव निवासी सुरेश कुमार का पुत्र सूरज (11) अपने घर के बाहर बने कच्चे बरामदे में लकड़ी की धन्नी में रस्सी बांधकर झूला झूल रहा था। इसी दौरान अचानक रस्सी टूट गई, जिससे वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और अचेत हो गया। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल एक निजी वाहन से सीएचसी ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद सूरज को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को घर ले आए। मृतक के पिता सुरेश कुमार ने बताया कि सूरज तीन भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर का था। वह हस्तम प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। बिसंडा थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि उन्हें इस घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है।
मऊगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन कर रहे 5 वाहनों को जब्त किया गया है। शुक्रवार को इन सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खनिज विभाग की टीम ने मऊगंज इलाके में चेकिंग के दौरान एक ट्रेलर (नंबर UP 63 BT 3408) को बिना किसी वैध दस्तावेज के गिट्टी ले जाते हुए पकड़ा और उसे मौके पर ही जब्त कर लिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों पर भी गिरी गाज इसके अलावा, टीम ने पिपराही क्षेत्र में छापा मारकर गिट्टी का अवैध परिवहन कर रही दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। वहीं खटखरी-मऊगंज हाईवे पर चेकिंग के दौरान दो ट्रक (नंबर MP 19 HA 6463 और MP 21 JG 9701) भी अवैध गिट्टी ले जाते हुए पकड़े गए। थानों की कस्टडी में भेजे गए वाहन जब्त किए गए इन सभी वाहनों को नियम के मुताबिक मऊगंज पुलिस थाने, पिपराही पुलिस चौकी और खटखरी पुलिस चौकी की कस्टडी में सुरक्षित खड़ा करवा दिया गया है। खनिज विभाग अब वाहन मालिकों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन का केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और स्टॉक जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
कानपुर में बिजली और नगर विकास से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे तक केस्को मुख्यालय में केस्को और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक हुई।बैठक में केस्को की बिजनेस प्लान और आरडीएसएस मॉडर्नाइजेशन योजना के साथ-साथ नगर निगम की सीएम ग्रिड योजना एवं अन्य विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों विभागों ने परियोजनाओं के दौरान आपसी समन्वय और सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। बैठक में तय किया गया कि विकास कार्यों के दौरान यदि किसी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या समन्वय संबंधी बाधा आती है तो उसका समाधान दोनों विभाग आपसी संवाद और सहमति से प्राथमिकता के आधार पर करेंगे। इसका उद्देश्य जनहित से जुड़े कार्यों को बिना किसी अनावश्यक देरी के निर्धारित समय में पूरा कराना है। बैठक की अध्यक्षता केस्को की प्रबंध निदेशक ने की। इसमें केस्को की ओर से निदेशक (तकनीकी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न विकास परियोजनाओं के बेहतर समन्वय पर अपने सुझाव दिए।
बेमेतरा के बेरला मंडी प्रांगण में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नए बच्चों का स्वागत किया, कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल बांटी और बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद विजय बघेल, विधायक दीपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। पौधरोपण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण से हुई। इसके बाद मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया गया। नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें मुफ्त किताबें और पढ़ाई की सामग्री भी दी गई। इस दौरान कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल बांटी गई। साथ ही जिले के होनहार विद्यार्थियों और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। स्टेडियम और गौरव पथ के लिए करोड़ों की घोषणा विधायक दीपेश साहू ने बेरला क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगें उपमुख्यमंत्री के सामने रखीं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने 50 लाख रुपए की लागत से स्टेडियम, 10 लाख रुपए से आहाता निर्माण और नगर पंचायत बेरला में 2 करोड़ रुपए की लागत से गौरव पथ बनाने की घोषणा की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री भीमभौरी पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय शिक्षक तुलाराम परगनिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने किसान सामुदायिक भवन और नए शासकीय महाविद्यालय भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। भीमभौरी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने जल आवर्धन योजना के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए 4 करोड़ रुपए और अन्य विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। पीएम आवास की चाबी और सहायता राशि के चेक बांटे गए कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को घर की चाबी और राशन कार्ड दिए गए। नए विद्यार्थियों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र भी बांटे गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत एक महिला हितग्राही को 80 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक दिया गया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो सके।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष अश्विनी परांजपे राजवाड़े ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से प्रदेश के 22 जिलों में महिला मोर्चा जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। इसी क्रम में हरदा से योगमाया शर्मा को महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। योगमाया शर्मा इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री के पद पर कार्य कर चुकी हैं। वह स्वदेशी जागरण मंच और नार्मदीय ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी रही हैं। योगमाया शर्मा लंबे समय से समाजसेवा और राजनीति में सक्रिय हैं। उनसे पहले अनिता अग्रवाल भाजपा महिला मोर्चा की हरदा जिलाध्यक्ष थीं।
कानपुर कचहरी के पास एक अधिवक्ता का पुलिस कांस्टेबल को पीटते हुए शुक्रवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही डीसीपी ईस्ट ने जांच का आदेश दिया। प्राथमिक जांच के बाद विवाद कर रहे कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। जांच के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दोनों कांस्टेबल हैं विवादित, एक पहले से चल रहा सस्पेंड और गैरहाजिर एसीपी लाइन आनंद ओझा ने बताया कि शुक्रवार शाम को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दो पुलिस कर्मी और एक अधिवक्ता के बीच मारपीट और विवाद हो रहा है। जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रहे दोनों कांस्टेबलों में से एक आरक्षी काफी समय से निलंबित एवं गैरहाजिर चल रहा है। वहीं, दूसरे कांस्टेबल को प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता एवं अशोभनीय आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राथमिक जांच में कांस्टेबल नशे में धुत लग रहा है। वहां मौजूद लोगों ने भी कांस्टेबल के नशे में होने के दौरान विवाद की बात कही है। इसे देखते हुए कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी को तोड़फोड़, मारपीट, धमकी और रंगदारी मांगने के मामले में जिला जज की अदालत से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। जिला जज अनमोल पाल ने सुनवाई करते हुए सशर्त अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। कोर्ट ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें और इतनी ही राशि का निजी बंधपत्र देना होगा। झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी फजलगंज थाने में दर्ज एफआईआर में 22 सितंबर 2025 की सुबह करीब 11:30 बजे शरदपत सिंहानिया अपने घर के ऑफिस में मौजूद थे। तभी प्रणवपत सिंहानिया, सुयश अस्थाना, अनूप अस्थाना, बिजेंद्र नाथ मिश्रा और नरेश चंद्र त्रिपाठी अंदर घुस आए, वहां तोड़फोड़ की और विरोध करने पर मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने एक कीमती घड़ी छीन ली, संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी। अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत की मंजूर आरोपियों ने हर महीने एक लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। इसी मामले में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए नरेश चंद्र त्रिपाठी ने जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
जबलपुर उच्च न्यायालय ने बालाघाट शहर के पावर हाउस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रभावितों की याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को आए इस फैसले से अतिक्रमणकारियों को बड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को 13 जुलाई को बालाघाट तहसीलदार के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह याचिका उन लोगों ने दायर की थी जिन्होंने पावर हाउस क्षेत्र की सरकारी जमीन पर अस्थायी मकान बनाकर कब्जा किया हुआ था। प्रशासन इस जमीन पर तहसील भवन का निर्माण करना चाहता है, जिसके लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि तहसीलदार याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का मौका दें और एक महीने के भीतर उन्हें वैकल्पिक आवास (दूसरे घरों) में शिफ्ट करने पर निर्णय लें। इसी निर्देश के तहत याचिकाकर्ताओं को आने वाली 13 जुलाई को तहसीलदार के सामने अपना पक्ष रखने को कहा गया है। नोटिस और विरोध के बाद कोर्ट पहुंचे थे लोग दरअसल, पावर हाउस क्षेत्र की सरकारी जमीन पर रहने वाले लगभग 60 से 65 लोगों को बेदखली के लिए महीनों पहले नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब प्रशासनिक अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा, तो वहां भारी विरोध हुआ। इस दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी मनोज पमनानी ने बरसात के मौसम तक अतिक्रमण न हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। इसके बाद अतिक्रमणकारियों ने राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया। ठुकराया था पीएम आवास का प्रस्ताव इससे पहले, प्रशासन ने कब्जाधारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में शिफ्ट होने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। न्यायालय ने अब साफ कर दिया है कि यदि याचिकाकर्ता तहसीलदार द्वारा तय किए गए वैकल्पिक आवास में जाने से मना करते हैं, तो तहसीलदार आदेश के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे।
बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र में एक खेत में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से 12 वर्षीय बालिका की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार दोपहर बिसंडी गांव में हुई, जब किशोरी बकरी चराने गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, बिसंडी गांव निवासी प्रिया (12) पुत्री मनोज वर्मा अपनी नानी के साथ खेतों की ओर बकरी चराने गई थी। इसी दौरान, बारिश के पानी से भरे लगभग आठ फीट गहरे गड्ढे के पास उसका पैर फिसल गया और वह उसमें गिरकर डूब गई। कुछ देर बाद, पास में भैंस चरा रही उसकी नानी तुलसा ने प्रिया को गड्ढे में देखा और शोर मचाया। आवाज सुनकर पड़ोसी नवल यादव मौके पर पहुंचे और किशोरी को बाहर निकाला। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसंडा ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता मनोज वर्मा ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने खेत से मिट्टी निकालकर अपने घर की भराई कराई थी, जिससे यह गहरा गड्ढा बन गया था। यह गड्ढा बारिश के पानी से भर गया था। परिवार लगभग 15 दिन पहले ही हरियाणा से ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर गांव लौटा था। प्रिया दो भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर की थी। बिसंडा थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से किशोरी की मौत हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
किशोरी का अपहरण करने वाले को चार साल कैद:महाराजपुर में खरीदारी करने गई थी, पांच साल बाद आया फैसला
महाराजपुर में 14 साल की किशोरी को अगवा करने वाले युवक को एडीजे–13 रश्मि सिंह की कोर्ट ने चार साल कैद व 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुलाई 2020 में बाजार से सामान खरीदने गई किशोरी को युवक अगवा कर ले गया था, पीड़िता के नाना ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। महाराजपुर थानाक्षेत्र निवासी वादी ने बताया कि 24 जुलाई 2020 दोपहर 2 बजे उनकी 14 वर्षीय नातिन गृहस्थी का सामान लेने के लिए रामनगर बाजार गई थी। इस दौरान बेटी का अपहरण हो गया, जिसपर उन्होंने महाराजपुर निवासी अजय सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर आरोपी अजय सिंह यादव को अरेस्ट कर जेल भेजा था। मामला एडीजे–13 रश्मि सिंह की कोर्ट में ट्रायल पर था। विशेष लोक अभियोजक भावना गुप्ता ने बताया कि सबूतों के आधार पर आरोपी अजय सिंह को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है।
मडियादो में दो भालुओं की लड़ाई:वीडियो आया सामने, ग्रामीणों को देख जंगल की ओर भागे
दमोह जिले की हटा तहसील के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व के मडियादो बफर क्षेत्र में दो भालुओं की लड़ाई का एक वीडियो शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया। ग्रामीणों ने दूर से अजीब आवाजें सुनकर मौके पर पहुंचकर इस घटना को देखा। ग्रामीणों ने बताया कि जब वे जंगली इलाके से गुजर रहे थे, तब उन्हें भालुओं के लड़ने की आवाज सुनाई दी। वे खेतों की ओर पहुंचे, जहां दो भालू आपस में लड़ रहे थे। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया। जैसे ही ग्रामीण भालुओं के करीब गए, वे जंगल की ओर भाग गए। पहली बार कैमरे में कैद हुई लड़ाई मडियादो क्षेत्र को पन्ना टाइगर रिजर्व में शामिल किए जाने के बाद से यहां बड़ी संख्या में जंगली जानवर देखे जाते हैं। इस क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या सबसे ज्यादा है, और वे अक्सर ग्रामीणों को दिखाई देते हैं। भालू भी यहां देखे गए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब मडियादो बफर क्षेत्र में दो भालू एक साथ लड़ते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। जंगली जानवरों से समृद्ध है इलाका मडियादो का यह विशाल क्षेत्र पन्ना टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। यहां बाघों ने भी कई बार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे यह इलाका बाघ, तेंदुआ, भालू और अन्य जंगली जानवरों से समृद्ध है।
कोटा सहित हाड़ौती के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक चम्बल गार्डन जल्द ही निखरे हुए स्वरूप में नजर आएगा। नगर निगम ने चम्बल गार्डन के पुनर्विकास के लिए 80 करोड़ से अधिक की कार्ययोजना तैयार की है। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को कामों का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा तथा कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा भी मौजूद रहेंगे। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि लोक सभा अध्यक्ष के निर्देश पर कोटा शहर के सौंदर्यीकरण एवं नागरिक सुविधाओं की कई योजनाओं पर निगम काम कर रहा है। इसी दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में चम्बल गार्डन के पुनर्विकास काम शुरू किए जा रहे हैं। कोटा व हाड़ौती की पहचान और हर परिवार की पहली पसंद रहा ऐतिहासिक चम्बल गार्डन अब एक बार फिर अपनी खोई हुई रौनक वापस पाएगा। 1980 के दशक से लेकर नई सदी के शुरुआती सालों तक यह गार्डन बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और सैलानियों की सबसे पसंदीदा सैरगाह हुआ करता था। समय के साथ पर्याप्त रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं के अभाव में चंबल गार्डन की चमक फीकी पड़ गई और यहां आने वाले लोगों की संख्या लगातार कम होती चली गई। प्रकृति और पर्यटन का नया आकर्षण चंबल गार्डन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां प्रकृति और संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। नदी से सटे क्षेत्र का भी नवीनीकरण किया जाएगा। प्रसिद्ध लक्ष्मण झूले को आधुनिक डिजाइन के साथ नए स्वरूप में तैयार किया जाएगा। बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, टॉय ट्रेन और आकर्षक कलात्मक मूर्तियां गार्डन की नई पहचान बनेंगी। भव्य प्रवेश द्वार, राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ और आकर्षक लैंडस्केपिंग से इसकी सुंदरता और बढ़ेगी। मनोरंजन के साथ सेहत भी स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए 1.7 किलोमीटर लंबा सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक तथा ट्रैफिक गार्डन की ओर 800 मीटर का ट्रैक बनाया जाएगा। ग्लास ब्रिज, नदी किनारे ओपन एयर थिएटर, फाउंटेन और लेजर शो इस क्षेत्र को दिन के साथ-साथ रात में भी आकर्षण का केंद्र बनाएंगे। नदी तट पर एक साथ 400 लोगों के योग करने की सुविधा वाला योग स्थल, ओपन जिम, टेनसाइल रूफ वाले बैडमिंटन कोर्ट और फूड कोर्ट भी विकसित किए जाएंगे। ट्रैफिक गार्डन को चंबल गार्डन से जोड़ने के लिए पैदल रैंप बनाया जाएगा, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को सुविधा मिलेगी। गार्डन में मियावाकी फॉरेस्ट और गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस विकसित किए जाएंगे, जो जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देंगे।
सरगुजा कांग्रेस ने कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को बदनाम करने के लिए केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरगुजा कांग्रेस ने कांग्रेस कार्यालय से रैली निकाली और कलेक्टोरेट चौक पर प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार लगातार कांग्रेस के नेताओं के विरुद्ध झूठे मामलों को हवा दे रही है और इसकी आड़ में जांच एजेंसियों के माध्यम से उनके विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस नेताओं को परेशान करने की कोशिश कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जांच एजेंसियों के माध्यम से लगातार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके परिवार के सदस्यों, पूर्व केबिनेट मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। रामगोपाल अग्रवाल कहीं फरार नहीं थे। उनर झूठे आरोप लगा उन्हें गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा पूरे देश मे विपक्ष को समाप्त कर तानाशाही स्थापित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से वो पहले विपक्षी नेताओं पर झूठे आरोप लगाती है, फिर उनके पीछे जांच एजेंसियों को छोडती है। लेकिन भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार के मोबाईल ऑडियो वायरल हो जाने के बावजूद उनके खिलाफ अपराध तक दर्ज नहीं करती। भाजपा के इस दोहरे चरित्र को जनता देख रही है और उसे उसके इस करनी की सजा भी वही देगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में तेज बारिश के बीच रैली निकाल पुतला दहन किया गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पुतला दहन रोकने का भी प्रयास किया, किन्तु कार्यकर्ता पुतला दहन करने में कामयाब रहे। ये रहे उपस्थित पुतला दहन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी श्रीवास्तव, शफ़ी अहमद, द्वितेंद्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, मो इस्लाम, रामविनय सिंह साथ ही प्रशांत सिंह, इंद्रजीत सिंह धंजल, दुर्गेश गुप्ता, संजय सिंह, अशफाक अली, मो हसन, कलीम खान, मो बाबर, जमील खान, विकल झा, जीवन यादव सहित युकां व महिला कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।
बांदा में पुरानी रंजिश में घर में घुसकर हमला:कुल्हाड़ी-सब्बल से मारपीट, दंपती समेत 3 घायल; 1 रेफर
बांदा के मरका थाना क्षेत्र के भभुआ गांव में पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने एक व्यक्ति के घर में घुसकर हमला कर दिया। हमले में जय प्रकाश समेत उनके परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल जय प्रकाश को जिला अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। घायल जय प्रकाश ने बताया कि घटना शुक्रवार दोपहर करीब 4:30 बजे की है। उनके अनुसार, गांव के कुछ लोग अचानक उनके घर में घुस आए और मारपीट शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया और बीच-बचाव का प्रयास किया, तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी और सब्बल से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान उनका भतीजा भी घायल हो गया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके सिर में लाठी लगने से चोट आई। भतीजे को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि जय प्रकाश का इलाज जारी है। जय प्रकाश का आरोप है कि हमलावर तमंचा भी लेकर आए थे और उन्हें जान से मारने की नीयत से हमला किया। उनका कहना है कि आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था और उसी पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना की तहरीर पुलिस को देने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में अरपा नदी के किनारे कोनी स्थित संभागीय कमिश्नर कार्यालय के पीछे 22.50 करोड़ रुपए की लागत से 1900 मीटर लंबी और 35 फुट चौड़ी सड़क का निर्माण अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस सड़क में एंट्री और एग्जिट न होने के कारण इसकी उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने हाल ही में अपने निरीक्षण दौरे के दौरान इस सड़क की उपयोगिता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने इस मामले की जांच की मांग की है। विधायक शुक्ला ने एक बयान में कहा कि जनता के पैसे का उपयोग जनहितैषी योजनाओं और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर होना चाहिए। उन्होंने इस कथित निर्माण को 'भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक' बताया। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क की योजना और निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर निगम कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के एमडी प्रकाश कुमार सर्वे ने बताया कि कोनी और मंगला में एसटीपी निर्माण के अतिरिक्त 22.50 करोड़ रुपए की लागत से यह सड़क बनाई जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि कोनी में निर्माणाधीन इस सड़क का कोई एग्जिट नहीं है। एमडी सर्वे के अनुसार, यह सड़क पूर्व प्रस्तावित है, लेकिन अब धूरीपारा रोड में इसका एग्जिट बनाने का प्रस्ताव किया जा सकता है। भविष्य में इसे पीडब्ल्यूडी के प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट से भी जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एजी ऑफिस पुल के नीचे सूदखोरों जीजा-साले के आतंक से परेशान होकर एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे आकर सुसाइड कर लिया। मृतक दो बच्चों का पिता था और लंबे समय से दो सूदखोरों के भारी ब्याज और धमकियों से मानसिक रूप से प्रताड़ित चल रहा था। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर सूदखोर जीजा-साले (जितेन्द्र-कल्ला) और सूदखोर के दोस्त गजेन्द्र को ठहराया है। घटना शुक्रवार को एजी ऑफिस पुल के नीचे की है। पुलिस ने सुसाइड नोट को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस सूदखोरों की तलाश कर रही है। परेशान होकर उठाया आत्मघाती कदम शहर के उपनगर मुरार त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा किसान हैं। वह मूल रूप से बघेल गांव के रहने वाले हैं, लेकिन अभी त्यागी नगर में बलि बाबा की पुलिया के पास रहते हैं। तिलक सिंह ने त्यागी नगर में रहने वाले जितेन्द्र ढमोले उर्फ जितेन्द्र शर्मा के साले कल्ला शर्मा से छह महीने पहले पांच लाख रुपए उधार लिए थे। हाल ही में 3 लाख रुपए तिलक ने कल्ला को वापस दे दिए थे, लेकिन वह बकाया दो लाख रुपए और मांग रहा था। जिस पर तिलक ने एक महीने में रुपए देने का वादा किया था, लेकिन जितेन्द्र और कल्ला उस पर दबाव डाल रहे थे कि उन्हें पैसा अभी चाहिए। गुरुवार को उसे धमकाया था और अपने ही एक मित्र गजेन्द्र पुरोहित को भी बीच में लिया। सूदखोरों ने मृतक को धमकाया कि वह उसे घर से घुसकर मारेंगे। इससे वह काफी घबरा गया था। जिस पर तिलक सिंह ने एजी ऑफिस पुल के नीचे ट्रैक पर आकर ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही उनके बदहवास परिजन और विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। सुसाइड नोट में लिखा प्रताड़ना का दर्द पुलिस को मृतक तिलक सिंह के पास से जो सुसाइड नोट मिला है। नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने जितेन्द्र शर्मा और कल्ला शर्मा नाम के दो व्यक्तियों से 5 लाख रुपए ब्याज पर उधार लिए थे। तिलक सिंह इस कर्ज में से 3 लाख रुपये वापस भी कर चुके थे। बाकी बचे 2 लाख रुपए के लिए आरोपी जितेन्द्र और कल्ला उन पर दबाव बना रहे थे उनका कहना है था कि उनको दो लाख रुपए आज ही चाहिए वरना वह उसको घर में घुसकर मारेंगे। इससे तंग आकर तिलक ने लिखा कि सोचा घर में घुसकर यह मारेंगे उससे अच्छा है कि मैं खुद अपनी जान दे दूं। मेरी मौत की वजह जितेन्द्र और उसका साला कल्ला है। मांगा 20 टका ब्याज, घर से उठाकर की मारपीट जब तिलक ने इतना भारी और नाजायज ब्याज देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी दबंगई पर उतर आए। वे तिलक को उनके घर से जबरन उठाकर ले गए, उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकियां दीं। इसी लगातार मिल रही प्रताड़ना और बदनामी से तंग आकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। सूदखोरों ने जब कर्जा दिया था तो 3 टका ब्याज की बात की थी, लेकिन अब 20 टका ब्याज मांग रहे थे। परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, पुलिस ने शुरू की जांच घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। नोट में नामजद दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बेटा बोला- सूदखोर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे घटना के बाद मृतक के बेटे अजीत सिंह ने बताया कि मेरे पिता को आरोपी जितेन्द्र ढमोले और उसका साला कल्ला शर्मा बहुत ज्यादा परेशान कर रहे थे। हमने 5 लाख में से 3 लाख रुपए उन्होंने वापस भी कर दिए थे, लेकिन वे बचे हुए पैसों पर 20% का भारी ब्याज मांग रहे थे। पापा के साथ मारपीट की गई और लगातार धमकियां दी गईं। जिससे तंग आकर पिता ने यह कदम उठाया है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया तिलक सिंह राणा की सुसाइड के मामले में एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। नोट में जिन लोगों के नाम लिखे हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अभी सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। आगे जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में शुक्रवार को दिनभर बारिश हुई। इसके बाद शाम को शहर की कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया। सचिवालय से चारबाग तक जाम लगा रहा। पॉलीटेक्निक से कमता तक वाहन रेंगते रहे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सामने जाम लगा। शहीद पथ फ्लाईओवर की ओर से आने वाली सड़क पर भी कामता चौराहे तक लंबा जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दिए। राहगीरों का कहना है कि बारिश के दौरान और उसके तुरंत बाद शहर में अक्सर ऐसी स्थिति बन जाती है। शाम के समय दफ्तरों की छुट्टी होने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर जाम लग जाता है। इससे लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहनों का दबाव बढ़ने से हुई समस्या बारिश हल्की पड़ते ही बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यालयों और दफ्तरों से घर के लिए निकले। एक साथ वाहनों का दबाव बढ़ने से कई जगह यातायात धीमा पड़ गया और लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। निशातगंज पुल से हनुमान सेतु मंदिर की ओर आने वाले मार्ग पर जाम लग गया। शाम करीब 6:40 बजे यहां लंबा जाम जैसी स्थिति बनी रही। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। सर्विस रोड पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं ऑटो चालक सतीश ने बताया कि वह करीब पांच मिनट से जाम में फंसे हुए हैं। उनके आगे वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी और देखते ही देखते पीछे भी गाड़ियों की कतार बढ़ती चली गई। इससे यातायात पूरी तरह रेंगता नजर आया। शहीद पथ फ्लाईओवर की ओर से आने वाली सड़क पर भी कामता चौराहे तक लंबा जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दिए। राहगीरों का कहना है कि बारिश के दौरान और उसके तुरंत बाद शहर में अक्सर ऐसी स्थिति बन जाती है। शाम के समय दफ्तरों की छुट्टी होने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है, जिससे प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर जाम लग जाता है। इससे लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
भिंड जिले के गोरमी थाना क्षेत्र के डिडौना गांव में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर ठग ने एक किसान के बैंक खाते से कुछ ही मिनटों में दो ट्रांजेक्शन कर 99 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित का कहना है कि उसने किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक खाते की कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं की थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, डिडौना गांव निवासी रामप्रकाश पुत्र बाबूराम शर्मा का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। 11 मई 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे उनके मोबाइल पर 39 हजार रुपये खाते से कटने का संदेश आया। वह इसे समझ पाते, इससे पहले ही 60 हजार रुपये का दूसरा ट्रांजेक्शन भी हो गया। कुछ ही मिनटों में खाते से कुल 99 हजार रुपये निकल गए। बिना ओटीपी दिए ही खाते से राशि कटीराशि कटने की जानकारी मिलते ही रामप्रकाश ने बैंक से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने गोरमी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं दी थी, फिर भी उनके खाते से रकम निकाल ली गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे साइबर धोखाधड़ी मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर ट्रेल के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 25 से 30 महिला मरीज भगंदर (फिस्टुला), पाइल्स (बवासीर) और गुदा से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर पहुंच रही हैं। गलत खान-पान और अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण महिलाओं में पेट व गुदा से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। संकोच छोड़ आगे आ रही हैं महिलाएंअस्पताल की वरिष्ठ सर्जन डॉ. अत्रेयी शाहा ने बताया कि पहले अस्पताल में इन बीमारियों के इलाज के लिए मुख्य रूप से पुरुष डॉक्टर ही उपलब्ध होते थे। इस वजह से महिला मरीज शर्म और संकोच के कारण अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाती थीं और बीमारी को दबाए रखती थीं। लेकिन अब अस्पताल में महिला डॉक्टर की मौजूदगी के कारण महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी परेशानी साझा कर रही हैं, जिससे सही समय पर उनका इलाज संभव हो पा रहा है। ओपन सर्जरी के मुकाबले लेजर तकनीकभगंदर (फिस्टुला) का इलाज अब लेजर तकनीक से शत-प्रतिशत संभव है और यह तकनीक मरीजों के लिए सबसे बेहतर और सुरक्षित है। इस विधि में शरीर पर कोई बड़ा चीरा नहीं लगता है। कट न लगने के कारण मरीज का घाव बहुत तेजी से भरता है। ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद ब्लीडिंग की समस्या नहीं होती। मरीज को अस्पताल में ज्यादा दिनों तक रुकना नहीं पड़ता और अमूमन दूसरे दिन ही छुट्टी मिल जाती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अभी लेजर विधि से ऑपरेशन की स्थायी व्यवस्था नहीं है और इसकी तैयारी जल्द ही शुरू होने वाली है, फिर भी मरीजों की सुविधा को देखते हुए वह अपने घर से लेजर ऑपरेशन मशीन अस्पताल लेकर आती हैं और महिलाओं की सर्जरी लेजर विधि से कर रही हैं। जरूरत पड़ने पर पारंपरिक तरीके से भी ऑपरेशन किए जा रहे हैं। कब्ज है पाइल्स की मुख्य वजहडॉक्टर के अनुसार, पाइल्स (बवासीर) होने का मुख्य कारण कब्ज (Constipation) है। यदि समय रहते कब्ज को नियंत्रित न किया जाए, तो पाइल्स होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खान-पान में सुधार और नियमित दिनचर्या अपनाकर इस बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मरीजों को सलाह दी है कि मलद्वार से खून या मवाद आने जैसी समस्याओं को अनदेखा न करें और शर्म छोड़कर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बवासीर,फिशर और फिस्टुला में अंतर बवासीर (Piles): मलाशय या गुदा में सूजी हुई और उभरी हुई नसें यानी रक्त वाहिकाएं होती हैं। इनमें बिना दर्द के लाल खून आ सकता है, या बाहरी मस्सों में हल्के दर्द की समस्या हो सकती है। फिशर (Fissure): कठोर मल के कारण गुदा की परत या त्वचा पर एक छोटा सा कट या दरार पड़ जाती है। मल त्याग के दौरान या बाद में इसमें तेज और लंबे समय तक रहने वाला चुभने वाला दर्द होता है और चमकीला लाल खून आता है। फिस्टुला (Fistula): यह गुदा के अंदर एक संक्रमित ग्रंथि से त्वचा तक बनी एक असामान्य छोटी सुरंग होती है। इसमें लगातार सूजन और तेज दर्द के साथ गुदा के पास के किसी छिद्र से मवाद या रक्त का स्राव होता रहता है।
दिल्ली सरकार ने पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं की नई टीम की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायक अभय कुमार वर्मा को दिल्ली सरकार का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक अनिल कुमार शर्मा और हरीश खुराना को सरकार का प्रवक्ता बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी जनसंवाद सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी समयबद्ध तरीके से जनता और मीडिया तक पहुंच सकेगी। क्या रहेगा प्रवक्ताओं का मुख्य दायित्व? नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ता विभिन्न समसामयिक विषयों पर दिल्ली सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रेस और मीडिया से संवाद: वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे और मीडिया के साथ प्रभावी ताल
भारतमाला हाईवे पर पकड़ी स्विफ्ट कार, 425 ग्राम MD बरामद:तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, गाड़ी जब्त
जालोर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और स्थानीय पुलिस ने भारतमाला हाईवे पर हरियाली गांव की सरहद में एक स्विफ्ट कार से 425 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया। कार में सवार 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार को पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार- एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि दो-तीन व्यक्ति स्विफ्ट कार में डावल गांव की ओर से हरियाली क्षेत्र में किसी व्यक्ति को अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई देने आने वाले हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दो अलग-अलग दल बनाकर जोधपुर और सांचौर की ओर से निगरानी शुरू की। कार्रवाई के दौरान भारतमाला हाईवे के पास हरियाली की सरहद में संदिग्ध स्विफ्ट कार दिखाई दी। कार में सवार तीनों युवक नीचे उतरकर किसी का इंतजार कर रहे थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर कार की तलाशी ली गई, जिसमें 425 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ स्विफ्ट कार को जब्त कर तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपियों में डावल निवासी सुरेश कुमार उर्फ लाखाराम, हिन्डवाड़ा निवासी श्रवण (21) और डावल निवासी अशोक (24) शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से मादक पदार्थ के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।
नीति और प्रौद्योगिकी शोध संस्थान Esya सेंटर ने अपनी नई रिपोर्ट Balancing Efficiency and Equity: Evidence from India's Technology-Intermediated Transport Services under the GST Regime जारी करते हुए चेतावनी दी कि यदि जीएसटी कानून की धारा 9(5) के तहत सब्सक्रिप्शन आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर जीएसटी लागू किया गया तो इससे ड्राइवरों की आय घट सकती है। यात्रियों का किराया बढ़ सकता है और ऑफ-प्लेटफॉर्म (बिना बिल) टैक्सी सेवाओं को बढ़ावा मिलने के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार- प्रस्तावित टैक्स व्यवस्था कानूनी रूप से जटिल होने के साथ-साथ व्यवहारिक रूप से लागू करना भी कठिन होगा, क्योंकि सब्सक्रिप्शन आधारित प्लेटफॉर्म केवल ड्राइवर और यात्री को जोड़ने का माध्यम होते हैं। किराया तय करने और भुगतान लेने की जिम्मेदारी स्वयं ड्राइवर की होती है। 13 शहरों में 2,100 से अधिक लोगों पर हुआ अध्ययन Esya सेंटर की यह स्टडी देश के 13 शहरों में 1,044 ड्राइवरों और 1,059 यात्रियों यानी कुल 2,103 प्रतिभागियों से बातचीत पर आधारित है। अध्ययन में तेजी से लोकप्रिय हो रहे Software-as-a-Service (SaaS) आधारित राइड-हेलिंग मॉडल का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार- इस मॉडल में ड्राइवर प्लेटफॉर्म को निश्चित सब्सक्रिप्शन शुल्क देते हैं, लेकिन किराया स्वयं तय करते हैं। सीधे यात्री से भुगतान प्राप्त करते हैं और पूरी कमाई अपने पास रखते हैं। प्लेटफॉर्म न तो किराया निर्धारित करता है और न ही भुगतान का संचालन करता है। GST लागू करना व्यवहारिक रूप से मुश्किल: रिपोर्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर धारा 9(5) के तहत जीएसटी लागू करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि अधिकांश ड्राइवर जीएसटी पंजीकरण की निर्धारित सीमा से कम आय अर्जित करते हैं। अध्ययन में यह भी कहा गया कि विभिन्न राज्यों की Advance Ruling Authorities द्वारा समान कारोबारी मॉडल पर अलग-अलग फैसले दिए जाने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे टैक्स व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है और डिजिटल मोबिलिटी क्षेत्र में समान प्रतिस्पर्धा नहीं रह गई है। ड्राइवर क्यों पसंद कर रहे हैं सब्सक्रिप्शन मॉडल? सर्वे के अनुसार, 86 प्रतिशत ड्राइवर बुकिंग प्राप्त करने के लिए सब्सक्रिप्शन आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, जबकि 56 प्रतिशत ड्राइवरों का मानना है कि इस मॉडल में प्लेटफॉर्म का खर्च कम होने से उनकी कुल आय बेहतर रहती है। GST लागू होने पर ड्राइवरों को ये हैं बड़ी चिंताएं रिपोर्ट के मुताबिक यदि धारा 9(5) के तहत किराए पर जीएसटी लगाया गया तो… यात्रियों पर भी पड़ेगा सीधा असर रिपोर्ट के अनुसार किराया बढ़ने का सीधा असर यात्रियों के बजट पर पड़ेगा। विशेष रूप से महिलाओं, कम आय वर्ग के लोगों तथा रात में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ऐप आधारित सेवाएं महंगी हो सकती हैं। सर्वे में शामिल यात्रियों में 68 प्रतिशत ने कहा कि यदि किराया केवल 5 प्रतिशत भी बढ़ा तो वे ऐप से कैब या ऑटो बुक करना कम कर देंगे। लगभग आधे यात्रियों ने कहा कि वे फिर से पारंपरिक टैक्सी या ऑटो सेवाओं का उपयोग शुरू कर सकते हैं। लगभग 90 प्रतिशत यात्रियों ने ऐप आधारित सेवाओं में उपलब्ध सुरक्षा फीचर्स को बेहद महत्वपूर्ण बताया। Esya सेंटर की डायरेक्टर बोलीं- टैक्स ढांचे को तकनीक के साथ बदलना होगा Esya सेंटर की डायरेक्टर मेघना बाल ने कहा- भारत का मोबिलिटी सेक्टर तेजी से बदल रहा है और नए प्लेटफॉर्म मॉडल ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को अधिक विकल्प और पारदर्शिता दे रहे हैं। उन्होंने कहा- रिसर्च से स्पष्ट है कि सब्सक्रिप्शन मॉडल ड्राइवरों को आय का बेहतर अनुमान और यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराता है। इसलिए जरूरी है कि टैक्स और कानूनी ढांचा भी नई तकनीक के अनुरूप विकसित किया जाए। टैक्स नियमों में बदलाव की जरूरत: विशेषज्ञ ईवाई (EY) की टैक्स पार्टनर जयश्री पार्थसारथी ने कहा- डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के विकास के साथ अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में भी बदलाव आवश्यक है। उनके अनुसार जैसे-जैसे प्लेटफॉर्म सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। वैसे-वैसे जीएसटी नियमों को भी नई व्यावसायिक संरचना के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। सरकार से क्या मांग की गई? Esya सेंटर ने अपनी रिपोर्ट में सरकार से सिफारिश की है कि जीएसटी अधिनियम की धारा 9(5) केवल उन्हीं प्लेटफॉर्म पर लागू की जाए, जहां प्लेटफॉर्म स्वयं किराया तय करता हो या यात्रियों से भुगतान वसूलने पर उसका सीधा नियंत्रण हो। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि यात्रियों की सुरक्षा, ड्राइवर सत्यापन और यात्रा निगरानी जैसे कानूनी दायित्व निभाने को किसी प्लेटफॉर्म के व्यवसाय या भुगतान पर नियंत्रण का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। सुरक्षा संबंधी उपायों को टैक्स लगाने का आधार बनाने से बचने की आवश्यकता है। 'भारत टैक्सी' जैसे ड्राइवर-केंद्रित मॉडल का भी उल्लेख रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार और उद्योग ऐसे समय में ड्राइवरों की आय बढ़ाने तथा यात्रियों को किफायती और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने के नए मॉडल तलाश रहे हैं। 'भारत टैक्सी' जैसे ड्राइवर-केंद्रित प्लेटफॉर्म इसी दिशा में एक उदाहरण हैं, जिनका उद्देश्य ड्राइवरों की आय में पारदर्शिता और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।
फलोदी नगर परिषद ऑफिस में 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' के तहत एक विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 76 लाभार्थियों ने योजना के लिए पंजीकरण करवाया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी का लाभ पहुंचाना था। बड़ी संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर नगर परिषद कमिश्नर अनिल विश्नोई, एसडीएम पूजा चौधरी, डिस्काम XEN महेश दैया, AEN सहीराम विश्नोई और JEN अरविंद कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। शिविर में कुल पांच अधिकृत डीलरों ने हिस्सा लिया। इनमें से महालक्ष्मी सौर ऊर्जा केंद्र ने सर्वाधिक 57 पंजीकरण किए। संस्था के डायरेक्टर आदित्य व्यास ने बताया कि पंजीकरण करवाने वाले सभी लाभार्थियों को प्रोत्साहन के तौर पर 5,000 रुपए का गिफ्ट वाउचर और एक गिफ्ट हैंपर दिया गया। योजना में लाभ उठाने की अपील डिस्काम XEN महेश दैया ने जानकारी दी कि जो उपभोक्ता शिविर में पंजीकरण नहीं करवा पाए, वे भविष्य में भी योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, नवीनतम बिजली बिल, बैंक पासबुक और एक सक्रिय मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। प्रशासन ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ें और सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली बिलों में बचत करें।
श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में चोरों ने एटीएम मशीनों को निशाना बनाया है। बदमाशों ने एक ही रात में तीन एटीएम पर धावा बोल दिया। शातिर चोरों ने कटर का इस्तेमाल कर मशीनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन मजबूत लॉक के कारण तिजोरी नहीं खुल सकी और करोड़ों का कैश लूटने से बच गया। वारदात की शुरुआत बस स्टैंड के पास पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम से हुई। रात के अंधेरे में एक चोर एटीएम पर पहुंचा और भारी वस्तु से मशीन पर लगातार वार किए। मशीन का बाहरी हिस्सा और स्क्रीन टूट गई, लेकिन चोर नकदी निकालने में नाकाम रहा। इसके बाद बदमाशों ने पुरानी धानमंडी इलाके में SBI बैंक के दो एटीएम को निशाना बनाया। यहां चोरों ने कटर मशीन का सहारा लिया और मशीनों को तोड़ने की पूरी कोशिश की। बाहरी पैनल और स्क्रीन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कैश ट्रे का लॉक टूटने से बच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सभी एटीएम और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज में दिख रहे युवक की तलाश शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद लोगों ने पुलिस गश्त की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कहा जा रहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में रात के समय गश्त कमजोर रहने के कारण ऐसी वारदातें बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से श्रीगंगानगर जिले में एटीएम चोरी के प्रयास लगातार हो रहे हैं। चोरों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। आगे की जांच जारी है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 10 जुलाई से बढ़ाकर 20 जुलाई कर दी है। छात्रों की मांग और वेबसाइट पर आई तकनीकी समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय ने यह आखरी मौका दिया है। शुक्रवार शाम तक यूजी और पीजी में कुल 1,40,261 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जबकि 1,15,111 छात्र-छात्राओं ने फीस जमा कर अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली। यूजी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 5 मई से और पीजी के लिए 17 जून से चल रहे हैं। अब दोनों ही पाठ्यक्रमों के लिए 20 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। प्रवेश समन्वयक प्रो. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के आवेदन में किसी प्रकार की गलती है, वे भी 20 जुलाई तक उसमें संशोधन करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रजिस्ट्रेशन का आखरी मौका होगा। छात्रों का कहना था कि गुरुवार और शुक्रवार को वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतों के कारण कई अभ्यर्थी आवेदन पूरा नहीं कर सके। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया। अब रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ने के कारण कॉलेजों और संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। 22 जुलाई को विश्वविद्यालय का 38वां दीक्षांत समारोह प्रस्तावित है, जिसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
कासगंज शहर में 6 जुलाई को हुई ऋषभ सक्सेना की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार रात मृतक के परिजनों और समर्थकों ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर गांधी मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मामले में न्याय की मांग की। मृतक के पिता प्रदीप कुमार ने कोतवाली कासगंज में तहरीर देकर कई लोगों पर बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रिश्तेदारी के माध्यम से ऋषभ की पहचान एक युवती से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। तहरीर के अनुसार, सोशल मीडिया पर मिले वीडियो और कथित सुसाइड नोट से पता चलता है कि दोनों शादी करना चाहते थे। आरोप है कि बीती 10 मई को युवती के परिजनों ने शादी का झांसा देकर ऋषभ को बुलाया, जहां उसे कथित रूप से बंधक बनाकर जबरन एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान युवक का मानसिक उत्पीड़न भी किया गया। मृतक के पिता का कहना है कि इस घटना के बाद ऋषभ लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा और अंततः उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने युवती सुहानी सोलंकी, उसकी मां नीलम सोलंकी, भाई तथा अन्य नामजद लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

