स्कूल वैन टकराने से तीन बच्चे घायल:अनिंयत्रित गाड़ी पेड़ से टकराई, नींद आने से हुआ हादसा
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में स्कूल की वैन पेड़ से टकरा गए। जिसमें सैंट फ्रांसिस के तीन बच्चे घायल हो गए। तीनों घर से स्कूल के लिए जा रहे थे। तभी ड्राइवर अनियंत्रित हो गया और गाड़ी पेड़ से लड़ा दी। जिसमें ड्राइवर सहित बच्चे घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 6.30 इको गाड़ी सैंट फ्रांसिस के बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। तभी चालक भूपेंद्र सिंह अचानक गाड़ी लेकर अनियंत्रित हो गया और पेड़ से टकरा गया। घटना के बाद बच्चों की चीख पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग जमा हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाज के लिए लोहिया अस्पताल पहुंचाया। घायल हुए बच्चे घटना में मल्हौर चिनहट निवासी अभिनव इब्राहम सिंह घायल हो गए। जो सेंट फ्रांसिस कॉलेज हजरतगंज में 8वीं क्लास का छात्र है। वहीं ऋषि गार्डेन देवा रोड निवासी आयुष वर्मा और उसका चचेरा भाई अर्नव पटेल को भी चोट आई है। आयुष सैंट फ्रांसिस में 7वीं का छात्र है, वहीं अर्नव 8वीं क्लास में पढ़ता है। आयुष के पैर में व अर्नव के सीने में चोट आई है। दोनों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। चालक के बताया कि अचानक उसको झपकी आ गई थी। जिसके चलते हादसे का शिकार हो गया।
लखनऊ में युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म:कैफे में हुई थी दोस्ती, विरोध पर मारपीट व धमकी
लखनऊ के हजरतगंज की रहने वाली 23 साल की युवती ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अशोक मार्ग हजरतगंज निवासी पीड़िता ने बताया वह लखनऊ यूनिवर्सिटी में बीकॉम अंतिम सेमेस्टर की छात्रा है। पढ़ाई के दौरान यूनिवर्सिटी के पास एक कैफे में उसकी मुलाकात त्रिवेणीनगर निवासी राम अग्रवाल से हुई। आरोप है कि युवक ने दोस्ती कर उससे लगातार बातचीत शुरू की और शादी का वादा करता रहा। युवती का आरोप है कि एक दिन आरोपी उसे बहाने से गोमतीनगर स्थित डीएलएफ इलाके में ले गया। वहां उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इसके बाद भी आरोपी लगातार शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीड़िता का कहना है कि जब इस बारे में उसके परिवार को जानकारी हुई तो उसकी मां आरोपी के पिता की सुभाष मार्ग स्थित दुकान पर बात करने गईं। वहां आरोपी और उसके पिता ने शादी से इनकार कर दिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। युवती का आरोप है कि 31 जनवरी 2026 को आरोपी ने कार में उसके साथ मारपीट की और मोबाइल फोन तोड़ दिया था। इसके अलावा, वह उसे बदनाम करने के लिए परिचितों के बीच गलत बातें फैला रहा है, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। मामले में इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
राजकुमार कॉलेज, (RKC) रायपुर में 11 से 17 अप्रैल 2026 तक CISCE छत्तीसगढ़ ज़ोनल खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में करीब 1370 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 1035 लड़के और 335 लड़कियां शामिल थीं। कुल 10 खेलों में मुकाबले हुए और 22 कोच व प्रबंधक भी मौजूद रहे। प्रतियोगिता में 8 स्कूलों ने भाग लिया। राजकुमार कॉलेज का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा। कॉलेज ने कुल 316 स्वर्ण, 123 रजत और 18 कांस्य पदक जीते। कॉलेज ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी, क्रिकेट, बास्केटबॉल, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे कई खेलों में अलग-अलग आयु वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसके अलावा स्केटिंग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और फुटबॉल में कई वर्गों में उपविजेता (रनर-अप) भी रहा। फुटबॉल में अंडर-15 और अंडर-17 टीम ने छत्तीसगढ़ प्री-रीजनल सुब्रतो कप जीतकर नेशनल स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। कॉलेज प्रबंधन, प्राचार्य और अन्य अधिकारियों ने सभी विजेता खिलाड़ियों, प्रतिभागियों और कोचों को उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
DAVV ने साल 2015 बैच के प्लेसमेंट रिजल्ट घोषित किए। कुलपति प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि यूनिवर्सिटी के UTDS डिपार्टमेंट में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान प्लेसमेंट एक्टिवियां हुई, जिनमें देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस साल कुल 271 कंपनियों ने परिसर में भागीदारी की तथा स्टूडेंट्स को 1091 रोजगार प्रस्ताव मिले। औसत वार्षिक पैकेज 5.3 लाख रुपए रहा, जबकि अधिकतम पैकेज 72 लाख रुपए प्रति वर्ष दर्ज किया गया। प्लेसमेंट में लगभग 56% छात्र एवं 44% छात्राएं शामिल रहीं। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आईईटी ने सर्वाधिक 421 ऑफर मिले, वहीं औसत वेतन 7.74 लाख रुपए रहा। प्रबंधन संकाय में आईएमएस ने 312 ऑफर के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जहां औसत वेतन 6.84 लाख रुपए रहा। विभिन्न क्षेत्रों में कोर, सर्विस, एनालिटिक्स एवं कंसल्टिंग तथा प्रोडक्ट आधारित कंपनियों का संतुलित प्रतिनिधित्व देखने को मिला। प्रमुख कंपनियों जैसे Deutsche Bank, Mastercard, Barclays, ZS Associates, BNY Mellon एवं Nomura ने स्टूडेंट्स को आकर्षक पैकेज पर नियुक्तियां दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया गया कि Microsoft, Amazon, Google एवं X.com में चयनित स्टूडेंट्स ने ये उपलब्धियां ऑफ-कैंपस प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त की हैं। पिछले साल की तुलना में बढ़ी कंपनियां प्रो.सिंघई ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्लेसमेंट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनियों की संख्या 219 से बढ़कर 271 तथा ऑफर 1039 से बढ़कर 1091 हो गए हैं, जबकि औसत वेतन में भी वृद्धि हुई है। यूनिवर्सिटी ने प्लेसमेंट सुधार के लिए केंद्रीय डाटाबेस, कौशल विकास कार्यक्रम, कोडिंग प्रशिक्षण, अनिवार्य इंटर्नशिप तथा उद्योग-पूर्व छात्र सहयोग जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका सकारात्मक प्रभाव इन परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
लखनऊ के विभूति खंड थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की लोहिया संस्थान में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी की लगातार प्रताड़ना के चलते वह मानसिक तनाव में थे, जिसके कारण उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान बालक राम कश्यप के रूप में हुई है, जो अमेठी ओल्ड कैंपस के पास होटल का व्यवसाय करते थे। परिवार का कहना है कि एक पुलिसकर्मी उन्हें लगातार धमका रहा था और दबाव बना रहा था, जिससे वह काफी समय से परेशान चल रहे थे। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक के छोटे बेटे को हाल ही में एक कथित फर्जी केस में फंसाकर गैंगस्टर घोषित कर दिया गया और पिछले सप्ताह उसे जिला बदर कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से ही बालक राम कश्यप गहरे तनाव में आ गए थे। मृतक के भाई सुनील कुमार के मुताबिक लगातार हो रही प्रताड़ना के कारण ही उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ। पुलिसकर्मी आए दिन धमकाता था, जिससे पूरा परिवार दहशत में था। परिजनों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
मुरादाबाद में एक युवती ने अपनी मां और भाई को सरियों और पशुओं के खूंटे से सिर कूचकर मार डाला। घटना मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में भैंसली जमालपुर उर्फ गदापुर गांव की है। पुलिस का कहना है कि घटना को अंजाम देने वाली युवती मानसिक रूप से कमजोर है। उसकी उम्र करीब 23 साल है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से किसी बात पर हुई अनबन के बाद युवती अचानक हमलावर हो गई और उसने इस घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कुंवर आकाश ने मीडिया को बताया कि, युवती को हिरासत में ले लिया गया है। उसके बड़े भाई की तहरीर पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है। पुलिस युवती का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे कोर्ट में प्रस्तुत करेगी। कांठ के गांव भैंसली जमालपुर उर्फ गदापुर के चौकीदार रघुवीर ने कांठ थाने पर घटना की सूचना बुधवार को रात करीब 8 बजे दी। चौकीदार ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात करीब 7 बजे गांव में दो हत्या हो गई हैं। मरने वालों में मां-बेटे शामिल हैं। इस सूचना के मिलते ही पुलिस तुरंत गांव पहुंची। पुलिस पहुंची तो मां - बेटे की लाशें घर के आंगन में पड़ी थीं। मृतका मुन्नी देवी और उसके बेटे राजीव के शव रक्तरंजित थे। पुलिस का कहना है कि इन दोनों की हत्या मुन्नी देवी की बेटी अनीता ने की है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि अनीता का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उसके पिता मदन सिंह की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
भोपाल में अब शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पर धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। पुलिस आयुक्त द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं पर असर बना वजह आदेश में कहा गया है कि ये चौराहे शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित हैं और यहां से एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों के लिए आवागमन होता है। इन जगहों पर धरना-प्रदर्शन या आंदोलन होने से यातायात बाधित होता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। साथ ही एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं मिलती अनुमति पुलिस के अनुसार, अक्सर इन स्थानों पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती है, लेकिन यहां कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। 2 महीने तक लागू रहेगा आदेश पुलिस आयुक्त द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान इन स्थानों पर किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, हड़ताल या पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन पर होगी कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में कानून-व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ग्वालियर में दुश्मनी के चलते घर पर पहुंचकर फायरिंग करने वाले एक बदमाश को पुलिस ने बुधवार शाम गिरफ्तार कर लिया। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने आरोपी को पुरानी छावनी क्षेत्र से दबोचा है। पकड़े गए आरोपी को घटना की पुनर्रचना (सीन रीक्रिएशन) के लिए मौके पर भी ले जाया गया। थाना प्रभारी आलोक परिहार के मुताबिक, 3 अप्रैल को आनंद नगर निवासी लालू यादव के घर पर अजीत गुर्जर, रवि गुर्जर और नारायण छावई ने पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई थी और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर छिप गए थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को सूचना मिली कि आरोपी अजीत गुर्जर पुरानी छावनी इलाके में देखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी और फरियादी के बीच लंबे समय से रंगदारी को लेकर विवाद चल रहा था। पैदल ले जाकर कराया सीन रीक्रिएशन पुलिस आरोपी को पैदल ही घटना स्थल पर लेकर पहुंची। जिस स्थान पर कुछ दिन पहले उसने फायरिंग कर दहशत फैलाई थी, वहां वह सिर झुकाकर चलता नजर आया। पुलिस ने उसे पूरे घटनास्थल पर घुमाकर यह समझा कि आरोपी कहां से आया और किस रास्ते से फरार हुआ था। दो आरोपी अभी फरार पुलिस के अनुसार इस मामले में शामिल अन्य दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर में 1986 के बहुचर्चित हत्याकांड के एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति जेके उपाध्याय की खंडपीठ ने सजायाफ्ता जगदीश की अपील पर सुनवाई के बाद दिया है। 18 जुलाई 1986 का हत्याकांड फतेहपुर के खागा थानाक्षेत्र में 18 जुलाई 1986 को कुंजल प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि बचन सिंह, जगदीश, जोगेश्वर और राम कुमार ने गवियन तालाब के पास कुंजल को घेरकर गोली मार दी। सेशन कोर्ट ने वर्ष 1987 में अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 302/34 के तहत अपराध दोषी ठहराया था। इस निर्णय के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान आरोपी राम कुमार की मृत्यु हो गई तो उसके खिलाफ अपील समाप्त हो गई। अभियोजन ने आरोपों को साबित करने के लिए दो चश्मदीद गवाह और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने इन तथ्यों पर विचार के बाद पाया कि दोनों चश्मदीद गवाह के बयान आपस में मेल नहीं खाते। एक ने कहा कि वे साथ घर से निकले जबकि दूसरे ने कहा कि रास्ते में अचानक मुलाकात हुई। संदेहास्पद हों तो दोषसिद्धि कायम नहीं गवाहों की घटनास्थल पर उपस्थिति भी संदेहास्पद पाई गई। गांव में मजदूर उपलब्ध होने के बावजूद दूसरे गांव जाने का कारण अविश्वसनीय लगा। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश थी, जिससे झूठा फंसाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। गवाहों ने अपने बयान में तीन गोलियां चलने की बात कही जबकि डॉक्टर ने चार निशान बताए। डॉक्टर के अनुसार एक गोली बहुत करीब से चली, जबकि गवाहों ने सातसे दस कदम दूरी बताई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर की स्थिति भी घटनाक्रम से मेल नहीं खाती। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी बदला लेना चाहते थे तो चश्मदीद बेटे को क्यों छोड़ा गया। इससे पूरी कहानी संदिग्ध हो जाती है। कोर्ट ने कहा कि जब घटनाक्रम और साक्ष्य ही संदेहास्पद हों तो दोषसिद्धि कायम नहीं रखी जा सकती। कोर्ट ने माना कि अभियोजन का मामला संदेह से परे साबित नहीं हुआ इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना उचित है। साथ ही जगदीश को बरी करने का आदेश देते हुए उसकी जमानत समाप्त कर दी और जमानतदारों को मुक्त कर दिया।
गुप्त वृन्दावन धाम में चल रहे 14वें पाटोत्सव के तहत तीसरे दिन बुधवार को भव्य रथयात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान कृष्ण और बलराम मोगरे के फूलों से सुसज्जित दिव्य रथ पर सवार होकर भक्तों को आशीर्वाद देने निकले। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए रथ को विशेष रूप से सफेद मोगरे के फूलों से सजाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। रथयात्रा की शुरुआत जगतपुरा फ्लाईओवर स्थित हरे कृष्ण मार्ग से हुई। यात्रा खाटू श्याम सर्किल, राधा रानी सर्किल, अक्षय पात्र सर्किल और जीवन रेखा हॉस्पिटल होते हुए वापस गुप्त वृन्दावन धाम पहुंची, जहां महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। स्वर्ण झाड़ू से हुआ शुभारंभ रथयात्रा का शुभारंभ मार्ग के शुद्धिकरण के लिए स्वर्ण झाड़ू लगाकर किया गया, जो परंपरा और आस्था का विशेष प्रतीक माना जाता है। रथयात्रा का धार्मिक महत्व मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि रथयात्रा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु भगवान के रथ के दर्शन करता है और उसे अपने हाथों से खींचता है, उसे पुनर्जन्म से मुक्ति मिलती है। भक्तों ने पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया और भक्ति भाव से रथयात्रा में भाग लिया।
इंदौर से हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत:अब शहर से 25 रूट्स पर उपलब्ध होंगी सीधी उड़ानें
इंदौर एयरपोर्ट से यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। एलायंस एयर द्वारा शुरू की जा रही दो नई फ्लाइट सेवाओं के बाद इंदौर से कुल 25 रूट्स पर सीधी उड़ानें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और सफर और सुविधाजनक हो जाएगा। दो नई फ्लाइट्स शुरू • इंदौर–जलगांव रूट पर 2 मई से सीधी फ्लाइट शुरू होगी। • दिल्ली के लिए एक अतिरिक्त फ्लाइट भी जोड़ी जा रही है। यह नई सेवा दिल्ली–इंदौर–जलगांव–इंदौर–दिल्ली रूट पर संचालित होगी, जिससे इंदौर और जलगांव के यात्रियों को दिल्ली के साथ बेहतर जुड़ाव मिलेगा। फ्लाइट शेड्यूल (एलायंस एयर) इंदौर → जलगांव प्रस्थान: रात 9:15 बजे आगमन: शाम 7:55 बजे (अगले दिन) जलगांव → इंदौर प्रस्थान: रात 8:00 बजे आगमन: रात 9:00 बजे दिल्ली → इंदौर प्रस्थान: शाम 4:50 बजे आगमन: शाम 6:50 बजे इंदौर → दिल्ली प्रस्थान: रात 9:25 बजे आगमन: रात 11:30 बजे एयरलाइन के अनुसार ये फ्लाइट्स सप्ताह में तीन दिन संचालित की जाएंगी। टिकट बुकिंग जल्द ही शुरू होने वाली है। वर्तमान स्थिति फिलहाल इंदौर एयरपोर्ट से 23 रूट्स पर सीधी फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। यहां रोजाना लगभग 83 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है और प्रतिदिन 10,500 से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। इंदौर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट भी है, हालांकि फिलहाल वह अस्थायी रूप से बंद है। आगे की योजनाएं समर शेड्यूल में मुंबई के लिए एक नई फ्लाइट पहले ही जोड़ दी गई है। इसके अलावा अन्य एयरलाइंस भी जल्द ही नए रूट्स पर सेवाएं शुरू कर सकती हैं। इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल-1 का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी और CISF स्टाफ की कमी के कारण अभी वहां से फ्लाइट्स का संचालन शुरू नहीं हुआ है। उम्मीद है कि मई तक नया टर्मिनल पूरी तरह चालू हो जाएगा। यह नई फ्लाइट्स इंदौर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होंगी। अधिक जानकारी और टिकट बुकिंग के लिए एलायंस एयर की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करें।
वीआईटी भोपाल में टाइफाइड के 5 नए मामले:अब तक कुल मरीज 28; 20 छात्र बुखार के साथ अस्पताल पहुंचे
वीआईटी यूनिवर्सिटी भोपाल में टाइफाइड के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। बुधवार को 5 और छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे कुल संक्रमित छात्रों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।इसी दिन 20 छात्र बुखार की शिकायत लेकर चिरायु मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सभी की ओपीडी में जांच की गई और आवश्यक दवाएं देकर वापस भेज दिया गया।पिछले 11 दिनों में करीब 270 छात्रों को बुखार की समस्या हुई, जिनका इलाज चिरायु मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में किया गया। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. अजय गोयनका के अनुसार, नए संक्रमित छात्रों का इलाज तय टाइफाइड प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है।उधर, संस्थान प्रबंधन का कहना है कि पिछले 10 दिनों में 8 छात्रों को मौसमी बीमारियों के चलते भर्ती किया गया था, जिन्हें अब ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। साथ ही, गर्मी और मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं, ताकि छात्रों के स्वास्थ्य पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
जिला प्रशासन की जनसुनवाई में हलदी, मेहंदी और गले में माला पहने पहुंचे दूल्हे की शिकायत झूठी निकली। मंगलवार को जिस दुल्हें ने घर के सामने नाली की शिकायत की थी, प्रशासन जब वहां पहुंचा तो पता चला वह खुद नाले पर अतिक्रमण करना चाहता था। 25 को उसकी शादी है, जिन दंबगों के लिए उसने शिकायत की, वह भी उसके परिजन निकले। प्रशासन की टीम ने जांच के बाद बुधवार को उसके अतिक्रमण के अलावा नाले पर बने 12 से ज्यादा लोगों के अतिक्रमण हटाए। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर खुशी जताई, क्योंकि गांव में बारिश का पानी इन्हीं के कारण रूकता था। एसडीएम ने बताया कि दुल्हा खुद कुछ लोगों के कहने पर शादी और शिकायत के नाम पर नाले पर कब्जा करना चाहता था। कलेक्टर शिवम वर्मा को मंगलवार को एक दुल्हें ने शिकायत की थी। जांच के लिए एसडीएम प्रियंका चौरसिया को मौके पर टीम के साथ भेजा गया। मामला ग्राम अम्बामोलिया का था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाकर रास्ते को सुगम बनाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केवल एक आपराधिक केस के आधार पर गैंगस्टर केस की एफआईआर की कानूनी वैधता की चुनौती याचिका पर अभियुक्त की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और मुद्दे को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार सहित विपक्षियों से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता तथा न्यायमूर्ति डा अजय कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने कमाल वीर आत्मज की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची का कहना है कि एक आपराधिक केस पर गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही कानून के खिलाफ है। इसलिए 14 मार्च 26 को दर्ज एफआईआर रद की जाय। एफआईआर मुरादाबाद के मझोला थाने में दर्ज है। जिसे चुनौती दी गई है।
हमीदिया अस्पताल में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के गार्ड बुजुर्ग को लाठी से पीटते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग अस्पताल के एच-2 ब्लॉक के बरामदे में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं और ठहरने की जगह नहीं मिली थी। सुबह जब गार्ड वहां पहुंचे तो उन्हें हटाने के दौरान विवाद हुआ और गार्ड्स ने लाठी से मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन गार्ड लगातार उन पर हमला करते रहे। उसी दिन आया मामला, जब रैन बसेरों की घोषणा यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी अस्पतालों में सस्ते रैन बसेरे बनाने की घोषणा की थी। अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने में होने वाली दिक्कतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ठहरने की कमी, बरामदों में रात गुजारने को मजबूर हमीदिया अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए पर्याप्त ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग बरामदों, सीढ़ियों या खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। हालांकि अस्पताल परिसर में रैन बसेरा मौजूद है, लेकिन वहां गंदगी और बदबू के कारण लोग रुकना नहीं चाहते। अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन के अनुसार, बुजुर्ग नशे की हालत में थे और उन्होंने पहले एक गार्ड पर पत्थर फेंका था। इसके बाद यह घटना हुई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद दोनों गार्ड्स की ड्यूटी फिलहाल रोक दी गई है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल से एक दिन पहले पॉक्सो के आरोपी के फरार होने के मामले में उसकी सुरक्षा में लगे दो सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही फरार आरोपी को भी नामजद किया गया है। यह मुकदमा प्रतापगढ़ के मानिकपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर प्रयागराज की नगर कोतवाली में दर्ज किया गया है। उधर, पुलिस दूसरे दिन भी आरोपी की तलाश में दबिश देती रही। हिरासत से फरारी पर दर्ज हुआ मुकदमा मानिकपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें पॉक्सो एक्ट के आरोपी जलालुद्दीन निवासी मानिकपुर और उसकी सुरक्षा में लगे दो सिपाही मगन शर्मा व अनुज कुमार को नामजद किया गया है। आरोप है कि जिला कारागार प्रतापगढ़ से आरोपी को हिरासत में लेकर आए दोनों सिपाहियों ने एसआरएन अस्पताल में उसकी निगरानी में लापरवाही की, जिसका फायदा उठाकर वह फरार हो गया। पहले ही हो चुकी थी सस्पेंशन की कार्रवाई मामले में लापरवाही सामने आने के बाद एसपी प्रतापगढ़ दीपक भूकर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। अब मुकदमा दर्ज होने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी के भागने की पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। फुटेज के अनुसार, शाम करीब 6:15 बजे नीली शर्ट पहने आरोपी ट्रॉमा सेंटर से तेजी से निकलकर मुख्य गेट की ओर भागता दिखाई देता है। फुटेज में यह भी दिखा कि वह अस्पताल से बाहर सड़क की ओर निकल गया, लेकिन इसके बाद वह किस दिशा में गया, इसका कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है। तीन टीमें तलाश में जुटीं फरारी के बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया। फिलहाल प्रयागराज और प्रतापगढ़ पुलिस की संयुक्त टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इलाज और डीएनए टेस्ट के लिए लाया गया था आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जिला जेल से मेडिकल जांच और डीएनए टेस्ट के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल लाया गया था। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराने के दौरान ही उसने मौका पाकर पुलिसकर्मियों को चकमा दे दिया। पुलिस का कहना है कोतवाली प्रभारी नितेंद्र शुक्ला के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। दोनों सिपाहियों को नोटिस तामील करा दिया गया है।
भोपाल कलेक्टोरेट के मीटिंग हॉल में हुई शिक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर मंथन हुआ। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने जिले में जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, लेकिन जिम्मेदार अफसर लिस्ट नहीं दे सके। बैठक में जर्जर स्कूलों के साथ पानी की व्यवस्था, शौचालय, फंड आदि विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष जाट एवं समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों के विकास कार्य में कोई भी लापरवाही ना बरती जाए। जो कार्य बरसों से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। भ्रमण में स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता कम मिलीसमिति अध्यक्ष और सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई। समिति अध्यक्ष जाट ने सहायक यंत्री नरेश भटकारिया को विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं समय सीमा में न करने के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। मीटिंग में ही संबंधित इंजीनियर को हटाने पर सभी ने सहमति बनाई। वहीं, इंजीनियर भटकारिया जर्जर स्कूलों की लिस्ट भी नहीं दे सके। खितवास के हाईस्कूल को मुद्दा भी उठाअध्यक्ष जाट ने खितवास स्थित हाईस्कूल में जिम्मेदारों की लापरवाही और विकास कार्यों में रोड़ा बनने की बात कही। जाट ने नाराजगी भी जताई कि लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाना चाहिए। जाट ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मेंगराकलां के हाई स्कूल की जर्जर हालत देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था। इस बिल्डिंग की दीवारों से पानी रिसता है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समिति के सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि ऐसे लापरवाह ठेकेदार ने सरकार की राशि का दुरुपयोग किया है। निर्माण एजेंसी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया। वहीं, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की बात कही। बैठक में समिति सदस्य विनय मेहर, विक्रम भलेश्वर, सदस्य प्रतिनिधि सुरेश राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय भी मौजूद थे।
बड़वानी जिले के सेंधवा के पास वरला तहसील के बिलवा गांव में बुधवार दोपहर मामा के घर घूमने आए तीन सगे भाई-बहनों की अनेर नदी में डूबने से जान चली गई। ये बच्चे अपनी बड़ी बहन के पास जाने का कहकर घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में नदी में नहाने चले गए और गहरे पानी में समा गए। जानकारी के मुताबिक, देवली गांव के रहने वाले पवन ब्राह्मणे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बिलवा गांव आए थे। उनकी सबसे बड़ी बेटी राधिका पहले से ही मामा के घर रह रही थी। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे उनके तीन छोटे बच्चे-राधा (10), राजवीर (8) और जयवीर (6) अपनी बड़ी बहन से मिलने की बात कहकर निकले थे। नदी किनारे मिले कपड़े और चप्पल जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे, तो परिवार वालों ने तलाश शुरू की। बड़ी बेटी के पास पहुंचने पर पता चला कि बच्चे वहां आए ही नहीं थे। खोजबीन के दौरान अनेर नदी के किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पलें दिखाई दीं। शक होने पर गांव वालों ने नदी में तलाश की, तो गहरे पानी में तीनों बच्चों के शव मिल गए। अस्पताल में रखाए गए शव हादसे की खबर मिलते ही वरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकाला और शाम साढ़े 7 बजे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। वरला थाना प्रभारी नारायण रावल ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
भोजशाला विवाद को लेकर जापी में जारी नियमित सुनवाई के बीच कोर्ट ने अहम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) को निर्देश दिए हैं कि 98 दिनों तक चले सर्वे की संपूर्ण वीडियोग्राफी 27 अप्रैल तक मुस्लिम पक्ष सहित सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने तर्क वीडियो साक्ष्यों के आधार पर प्रस्तुत कर सकें। धार भोजशाला परिसर के अधिकार को लेकर सुनवाई के दूसरे सप्ताह में मुस्लिम पक्ष की ओर से कमाल मौला वेलफेयर ट्रस्ट की याचिका पर डबल बेंच सुनवाई कर रही है। बुधवार को सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या प्रकरण में दिए गए निर्णय के सिद्धांतों का हवाला देते हुए अपने तर्क रखे। इंदौर हाईकोर्ट में उपस्थित एडवोकेट नूर मोहम्मद शेख ने बताया कि बहस फिलहाल टाइटल विवाद, साक्ष्यों की वैधता और याचिका की सुनवाई-योग्यता जैसे कानूनी बिंदुओं पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि एएसआई रिपोर्ट की स्वीकार्यता और उसके मूल्यांकन को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांत इस मामले में भी प्रासंगिक हैं। सर्वे प्रक्रिया पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष के याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने कहा कि उन्होंने प्रारंभ से ही सर्वे की प्रक्रिया और उसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार खुदाई के दौरान कुछ स्थानों पर ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे संरचना को नुकसान पहुंचा और कुछ अवशेषों को एकतरफा रूप से रिकॉर्ड में शामिल करने का प्रयास किया गया। समद का आरोप है कि मुस्लिम पक्ष से जुड़े अवशेषों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि वीडियोग्राफी उपलब्ध होने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और अदालत के समक्ष उनकी आपत्तियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि खुदाई के दौरान हिंदू, मुस्लिम, जैन और बौद्ध सभी पक्षों से संबंधित अवशेष मिले, जिन्हें वीडियोग्राफी में दर्ज तो किया गया, लेकिन तथ्यों के रूप में समान रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया। सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी।
सागर जिले की बीना सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनी गई निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में आगामी 29 अप्रैल को सुनवाई होनी है। इसके पहले बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच दो घंटे तक लंबी चर्चा हुई। सिंघार ने सप्रे के दलबदल केस से जुड़े दस्तावेज और प्रमाणों के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष से एक्शन लेने की बात कही। सिंघार जिस वक्त विधानसभा अध्यक्ष से दलबदल मामले को लेकर चर्चा कर रहे थे। उसी समय बीना विधायक निर्मला सप्रे अपने क्षेत्र में 9 मई से कथावाचक जया किशोरी की कथा में शामिल होने के लिए लोगों को निमंत्रण बांट रहीं थीं। सीएम ने खुद किया था ट्वीट विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से कहा- हम अपना पक्ष तो पहले ही रख चुके हैं। निर्मला सप्रे ने पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में हिस्सा लिया। सारे प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री जी ने खुद अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। कई अखबारों की कटिंग हम प्रमाण के साथ दे चुके हैं। बीना की जनता विधानसभा अध्यक्ष जी की निष्पक्षता को देख रही है, क्या वे निष्पक्ष रहेंगे या नहीं? मैं समझता हूं बीना की जनता को न्याय मिलना चाहिए। अध्यक्ष जी को निर्णय लेना है। मुझे लगता है कि सरकार को ये डर लगता है कि बीना में कांग्रेस जीत जाएगी। इसलिए वो चुनाव नहीं कराना चाहती। सरकार चुनाव से भागना चाहती है सिंघार ने कहा- मैं समझता हूं कि सरकार चुनाव से भागना चाहती है। कहीं न कहीं इसका प्रभाव अध्यक्ष के निर्णय पर पड़ सकता है। हमने अध्यक्ष जी से यही कहा है कि हमने पूर्व में जो प्रमाण दिए हैं। उन पर आपको निर्णय करना है। सुप्रीम कोर्ट के कई ऐसे निर्णय हैं, जिनमें 90 दिन के अंदर निर्णय करना होता है। इसमें तो ढाई साल का समय होने जा रहा है। अब अध्यक्ष जी को लोकतंत्र के मंदिर को बचाने के लिए निष्पक्ष निर्णय करना चाहिए। अध्यक्ष जी अगर निर्णय नहीं करेंगे तो हम इस मामले को न्यायालय में रखेंगे। निर्मला सप्रे दलबदल मामले की टाइमलाइन
लखनऊ बिजली संकट को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमर नाथ मिश्र के साथ एक्सियन राजभवन और अन्य अधिकारियों की बैठक हुई । इस बैठक में अमीनाबाद , लाल बाग ,लाटूश रोड, मौलवीगंज हजरतगंज क्षेत्रों के विद्युत समस्या पर चर्चा हुई । बिजली कटौती और उससे संबंधित समस्याओं के साथ प्रभावित होने वाले व्यापार से अवगत कराया। अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि गर्मी में बिजली कटौती व्यापारियों समेत आदमियों को भी परेशान कर रही है। सबसे ज्यादा समस्या तब होती है जब बिना पूर्व सूचना के ही बिजली काट दी जाती है। अगर पहले से ही सूचना मिल जाए तो लोग अपना वैकल्पिक व्यवस्था कर लें। इसलिए हमारी यह मुख्य मांग है कि बिना प्रथम सूचना के लाइट न काटी जाए। उन्होंने कहा कि एक ऐसा ग्रुप बनाया जिसमें लखनऊ व्यापार मण्डल के प्रतिनिधि और बिजली के अधिकारी जुड़े हुए हो। ताकि बिजली काटने की सूचना पहले ही उस ग्रुप में डाल दी जाए जिससे सभी व्यापारियों को सूचना मिल जाए। व्यापारियों ने कहा की कोई भी फाल्ट होने पर पूरा फ़ीडर न बंद करके सिर्फ उस ट्रांसफार्मर की लाइट काटे। तारो के मकड़जाल को मार्केट से कम करने की मांग किया। बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों ने रस्सी बटान , अमीनाबाद जनाना पार्क में ट्रांसफार्मर बढ़ाने पर सहयोग मांगा जिस पर व्यापारियों ने सहमति दी । बैठक में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र , जितेन्द्र सिंह चौहान , सतीश अग्रवाल केदार बाजपेई , आरिफ के साथ तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
मेरठ के सदर बाजार इलाके में बुधवार रात भैंसाली बस अड्डे के बाहर एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पहले तो लोगों ने कार द्वारा टक्कर मारे जाने का शोर मचा दिया लेकिन फिर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की और रात में ही एएसपी कैंट ने बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि युवक को दौरे पड़ते थे। दौरे के कारण ही वह बेहोश होकर गिरा और उसकी मौत हो गई। पहले एक नजर हादसे पर दिल्ली रोड पर भैंसाली बस अड्डे के बराबर में RM रोडवेज का दफ्तर है। बुधवार देर शाम यहां एक युवक सड़क पार कर रहा था। अचानक वह युवक गिरा, जिसके बाद लोगों ने शोर मचा दिया। लोगों का आरोप था कि कार चालक टक्कर मारकर भागा है। लोग युवक को उठाकर जिला अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। हीमैन बताया जा रहा युवक का नामहादसे के बाद भीड़ जुट गई। युवक की पहचान का प्रयास किया गया लेकिन पहचान नहीं हो पाई। कुछ लोग आनन-फानन में युवक को ई-रिक्शा में डालकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी भी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और उन्होंने युवक की पहचान जली कोठी निवासी शहजाद उर्फ हीमैन पुत्र यासीन के रूप में की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस युवक की मौत की सूचना पाकर सदर बाजार थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। तब तक कुछ पुलिसकर्मी लोगों की मदद से युवक को अस्पताल ले जा चुके थे। पुलिस ने धीरे धीरे भीड़ को हटाया और जाम खुलवा दिया। काफी देर वहां जाम की स्थिति बनी रही। ई-रिक्शा चालक बताया जा रहा युवक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बताया कि मृतक ई रिक्शा चलाने का काम करता था। जिस वक्त हादसा हुआ वह पैदल था। किस वाहन ने टक्कर मारी, वह स्पष्ट नहीं है। एक कार का नंबर पुलिस को सौंपा गया है। हालांकि पुलिस की जांच में एक्सीडेंट की बात नहीं आई है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है। यह भी रही हादसे को लेकर चर्चा जिस कार ने युवक को टक्कर मारी, वह नोएडा नंबर की टैक्सी बताई जा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि जब हादसा हुआ तो कुछ सेकेंड के लिए कार चालक ने ब्रेक लगाए। इसी दौरान अंदर मौजूद सवारियां उतरकर पैदल ही रोडवेज के बराबर वाले रास्ते पर भाग निकलीं। चालक कार लेकर दिल्ली रोड की तरफ फरार हो गया। एएसपी बोलीं- कार ने नहीं मारी टक्कर एएसपी नवीना शुक्ला का कहना है कि कार द्वारा टक्कर नहीं मारी गई है। यह व्यक्ति अपने आप ही अचानक सड़क पर गिर गया। जिस वक्त गिरा बराबर से कार जा रही थी। ऐसी जानकारी कुछ लोगों से मिली है। फिलहाल शव को मोर्चरी भेजा गया है। गुरुवार को सीसीटीवी कैमरे की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने वेंटिलेटर कमी पर जताई नाराजगी:निजी अस्पतालों की फीस नियंत्रण पर भी पूछे सवाल
लखनऊ बेंच ने अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, तो उनके आंकड़े दिखाने का कोई अर्थ नहीं है। सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च हो रहे बजट और अस्पतालों की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने 'वी द पीपल' संस्था की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। न्यायालय ने जोर दिया कि प्रत्येक अस्पताल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यकता पड़ने पर मरीज को समय पर वेंटिलेटर मिले। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य में वेंटिलेटर की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं दिखती। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह केवल निर्धारित न्यूनतम मानकों (जैसे 10-15 बेड पर एक वेंटिलेटर) से संतुष्ट न रहे, बल्कि वास्तविक आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने निजी अस्पतालों की फीस और उनके कामकाज पर भी प्रश्न उठाए। सरकार से पूछा गया कि क्या निजी अस्पतालों की फीस को नियंत्रित करने के लिए कोई नियामक व्यवस्था मौजूद है। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि बड़े अस्पताल केवल लखनऊ तक सीमित न रहें, बल्कि अन्य जिलों में भी स्थापित किए जाएं। साथ ही, सरकारी डॉक्टरों के कम वेतन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह निजी अस्पतालों में उनके पलायन का एक प्रमुख कारण है।
लखनऊ के विकासनगर अग्निकांड को एक सप्ताह हो गए। जिसके बाद लगातार मदद का सिलसिला जारी है। 15 अप्रैल को भीषड़ आग लगी थी जिसमें 250 से अधिक झुग्गीयां जलकर खाक हो गई थी। कपड़े , जेवर , बर्तन , कैश सब कुछ जल गया था। जिसके बाद सैकड़ो लोगों ने आगे बढ़ चढ़कर बस्ती वालों की मदद किया। मदद की कड़ी में राजस्थान के जोधपुर की 'ट्रू होप फाउंडेशन' (True Hope Foundation) भी आई और सहायता किया। संस्था की तरफ से लोगों को दोबारा आशियाना बनाने में मदद करने के लिए हीट-रेसिस्टेंट वॉटरप्रूफ शेल्टर टेंट दिया गया। 10x20 फीट के विशेष टेंट लोगों को उनके आशियाना बनाने के लिए वितरित किया गया। ये खास टेंट भीषण गर्मी और आने वाली बारिश में बेहद लाभदायक साबित होंगे। टेंट के साथ ही लोगों को चटाई बर्तन समेत कई घरेलू जरूरी समान बांटे गए। संस्था के संस्थापक धवल दर्जी ने कहा जब भी कहीं आग लगती ,या आपदा आती है तो लोगों के सामने सबसे बड़ा संकट होता है सर छुपाने की जगह। हम लोग आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सहायता के लिए काम करता है। जिसके तहत पूरे देश में 'सेफर शेल्टर' (Safer Shelter) मुहिम चलाते हैं। हर व्यक्ति को ये कोशिश करना चाहिए कि लोगों की सहायता करें। विशेष कर उन जगहों पर जहां कोई आपदा या मुसीबत आती है वहां बढ़ चढ़कर सहयोग करना चाहिए यही सबसे बड़ी मानवता है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष डिनर में राजस्थानी जायके के जरिए संस्कृति की छटा दिखाई गई। भारत आए साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजकीय भोज की मेजबानी की। इस भोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति ने शाम को गरिमाई किया। इस खास डिनर में मेहमानों को राजस्थान के विभिन्न हिस्सों के पारंपरिक और स्वादिष्ट खाने से रूबरू कराया गया। इस खास मेन्यू को तैयार करने का काम राजस्थान के शेफ डॉ. सौरभ शर्मा और उनकी टीम ने किया। उन्होंने गोविंद गट्टा, चांदी वाली दाल और गुलाब बाटी-चूरमा जैसे व्यंजन मेहमानों को राजस्थान की विविधता से रूबरू कराया। राजस्थानी खान का आनंद लेते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने शेफ और उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा- ये शानदार राजस्थानी भोजन का अनुभव था। वहीं प्रेसिडेंट के सेक्रेट्री दीप्ति उमाशंकर ने डॉ. शेफ सौरभ और उनकी टीम को आयोजन में राजस्थानी पाक विरासत का प्रतिनिधित्व करने की उपलब्धि पर बधाई दी। साथ ही प्रयासों की सराहना करते हुए शुभकामाएं दी। वहीं शशि थरूर ने कहा- राजस्थानी भोजन शाकाहारी होने के साथ ही स्वादिष्ट था। खाने में यह रहा खास शेफ सौरभ और उनकी टीम के शेफ रविंद्र नरुका, शेफ हिम्मत सिंह, शेफ रतिराम प्रजापत और राष्ट्रपति भवन के एग्जीक्यूटिव शेफ मुकेश कुमार ने रॉयल थालियों में राजस्थानी फूड प्रस्तुत किया। जहां उन्होंने जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, जयपुर सहित रॉयल फैमिली के पारंपरिक व्यजनों को आधुनिक रूप से परोसा। इस खास मेन्यू में सभी डिशों ने मेहमानों का ध्यान खींचा। इसमें खास ज्वार के राब से लेकर गोविंद गट्टा, धुंगारी पालक मंगोड़ी, चांदी वाली दाल, जैसलमेरी पुलाव और गुलाब बाटी-चूरमा जैसे व्यंजनों ने मेहमानों को राजस्थान की विविधता से रूबरू कराया। वहीं खीरंद मालपुआ और घेवर जैसी मिठाइयों ने पारंपरिक मिठास का अनुभव कराया। डेढ़ महीने तक की एक-एक डिश पर तैयारी सफलता का श्रेय अपनी मां डॉ. उमा शर्मा और पत्नी डॉ. नेहा शर्मा को देते हुए शेफ सौरभ ने बताया- मेरे परिवार का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण था। इस विशेष मेन्यू को अंतिम रूप देने से पहले लगभग डेढ़ महीने तक गहन शोध किया और अनेक बार ट्रायल किए। उन्होंने राजस्थान की पारंपरिक रसोई, स्थानीय सामग्री और प्राचीन पाक विधियों का गहराई से अध्ययन किया, ताकि हर व्यंजन न केवल स्वाद में उत्कृष्ट हो, बल्कि उसकी प्रस्तुति में भी राजस्थान की असली पहचान झलके। इस दौरान कई बार अलग-अलग मिक्सिंग पर प्रयोग किए गए। इसके बाद प्रत्येक डिश को चयनित कर अंतिम मेन्यू में शामिल किया गया।
SGPGI लखनऊ की रेजिडेंट डॉक्टर ने साथी डॉक्टर पर यौन शोषण और मानसिक प्रताणना का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। मामले में पीड़ित महिला रेजिडेंट डॉक्टर की तहरीर पर SGPGI थाने में BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि पहले आरोपी ने उसे झांसा देकर उसके साथ फिजिकल रिलेशन्स बनाए और उसके बाद जब वो प्रेग्नेंट हो गई तो अबोर्शन का दबाव बनाने लगा। जब पीड़िता ने उसकी बात नहीं मानी तो आरोपी ने उसका शोषण करना शुरू कर दिया। उसे धमकी दी और उसकी बदनामी करने लगा। जिसके चलते पीड़िता मानसिक अवसाद में चली गई। लंबी लड़ाई और कई दरवाजे खटखटाने के बाद आखिरकार उसकी आवाज सुनी गई। दर-दर भटकने को थी मजबूर पश्चिम बंगाल की मूल निवासी महिला रेजिडेंट (एमडी छात्रा) मौजूदा समय SGPGI के हॉस्टल में रहती हैं। पुलिस को दी तहरीर में उसने लिखा है कि उसके एक साथी रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा शादी का झांसा देकर शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। पीड़िया न्याय के लिए दो महीने से भटक रही थी आख़िरकार मंगलवार रात पुलिस ने आरोपी डॉक्टर दिल्ली नागलोई निवासी सचिन गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन वह अभी फरार है। भरोसे से शुरू हुआ रिश्ता, दर्द में खत्म हुआ पीड़िता के अनुसार नवंबर 2023 में दोनों के बीच पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई। सचिन ने शादी का भरोसा दिलाकर उसके करीबियां बढ़ाईं। इसी भरोसे में वह उसके साथ रही, लेकिन यह रिश्ता अगस्त 2024 आते-आते उसके लिए मानसिक और शारीरिक पीड़ा का कारण बन गया। जबरन संबंध, नशा और दबाव के आरोप पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे कई बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। संस्थान के हॉस्टल, विभाग, होटल और कार तक में उसका यौन शोषण किया। इतना ही नहीं, उसे जबरन नशा कराया गया और गर्भनिरोधक गोलियां भी दी जाती रहीं। जब पीड़िता ने शादी की बात कही तो आरोपी पीछे हट गया। उसने दूरी बनानी शुरू कर दी और अन्य लड़कियों से नजदीकियां बढ़ा लीं। विरोध करने पर पीड़िता को ही विभाग में बदनाम किया जाने लगा। इस सबके बीच वह मानसिक रूप से टूट गई और एक बार हॉस्टल में ही आत्महत्या का प्रयास भी किया, लेकिन आसपास के लोगों ने समय रहते बचा लिया। हर दरवाजे पर दी दस्तक, फिर भी देर से मिला न्याय पीड़िता ने 24 फरवरी को पुलिस से शिकायत की। इसके बाद 16 मार्च को विशाखा कमेटी, 24 मार्च को वन स्टॉप सेंटर और 30 मार्च को महिला आयोग में गुहार लगाई, लेकिन उसे सिर्फ इंतजार ही मिला। दो महीनों की जद्दोजहद के बाद मंगलवार रात मामला दर्ज किया गया। SGPGI इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विशाखा कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। फिलहाल पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी डॉक्टर सचिन गुप्ता की तलाश की जा रही है।
देवरिया में सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत:मठिया चौराहे के पास वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मारी
देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना लपकनी इलाके में मठिया चौराहा के पास हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान गौरीबाजार थाना क्षेत्र के लपकनी निवासी रामाकांत चौहान (55) पुत्र दहाड़ी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रामाकांत अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायल रामाकांत को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर फरार वाहन की पहचान करने में जुटी है।
हरदोई में एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो ममेरे भाइयों की मौत हो गई। यह घटना बुधवार रात करीब 8 बजे माधौगंज थाना क्षेत्र के सेलापुर रोड पर गंगा एक्सप्रेस-वे के पास हुई। वे अपनी बहन की शादी का तिलक चढ़ाने जा रहे थे। मृतकों की पहचान बिलग्राम कोतवाली के गनीपुर निवासी 26 वर्षीय ब्रजमोहन मिश्रा और उनके 30 वर्षीय ममेरे भाई अजय पांडेय के रूप में हुई है। ब्रजमोहन अपनी तीसरी बहन का तिलक चढ़ाने माधौगंज थाने के तपनौर जा रहे थे। बुधवार को तिलक का कार्यक्रम था। रात के समय सेलापुर रोड पर गंगा एक्सप्रेस-वे के पास उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई थी। कन्नौज से लौट रहे रूदामऊ के प्रधान कृष्ण कुमार ने सेलापुर के पास दोनों को सड़क पर पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को सीएचसी माधौगंज पहुंचाया। डॉक्टरों ने ब्रजमोहन को मृत घोषित कर दिया, जबकि कुछ ही देर बाद अजय ने भी दम तोड़ दिया। ब्रजमोहन मिश्रा शादीशुदा थे और उनके दो बेटे हैं, जिनमें एक मूकबधिर है। वह अपने दो भाइयों में बड़े थे और उनकी चार बहनें हैं। अजय पांडेय अविवाहित थे और अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पुलिस की शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परीक्षा देकर लौट रहे छात्र पर डंडों-बेल्ट से हमला:जालौन में सिर पर आई गंभीर चोट, घटना CCTV में कैद
जालौन में एक छात्र पर दबंग युवकों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के पास हुई, जहां परीक्षा देकर लौट रहे छात्र को घेरकर मारपीट की गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सामने आया है। मामला कोंच कोतवाली क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, नदीगांव थाना क्षेत्र के सलैया खुर्द गांव निवासी अभिजीत सिंह पुत्र धर्मेंद्र सिंह 22 अप्रैल को बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने कोंच आया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 1 बजे जैसे ही वह कॉलेज से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे कुछ युवकों ने उसे घेर लिया। पीड़ित अभिजीत सिंह का आरोप है कि हमलावरों में रामू यादव, अनुज चंदसौलिया, देव शर्मा और भाई जी गुर्जर समेत अन्य लोग शामिल थे। सभी ने मिलकर गाली-गलौज करते हुए डंडों और बेल्ट से उसकी पिटाई शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से वह संभल नहीं पाया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान उसका साथी अनुज उसे बचाने आया, तो हमलावरों ने उसके साथ भी मारपीट की। हमले में अभिजीत सिंह के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मारपीट के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल छात्र ने उपचार कराया और बुधवार शाम करीब 7 बजे कोंच कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, सीसीटीवी फुटेज में कुछ युवक छात्र को घेरकर बेरहमी से मारते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे घटना की गंभीरता स्पष्ट होती है। सीओ परमेश्वर प्रसाद ने बताया- शिकायत प्राप्त हो गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है और जल्द ही उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर में बुधवार दोपहर मूंग की फसल में सिंचाई करते समय एक किसान कुएं में गिर गया। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। परिजन शव को मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे पोस्टमार्टम के लिए रखवाकर पुलिस को सूचना दी। यह घटना महरौनी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खितवांस में हुई। मृतक की पहचान श्रीपाल (28) बुनकर पुत्र लल्लू के रूप में हुई है। श्रीपाल बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने खेत पर सिंचाई के लिए गया था। लगभग ढाई बजे जब परिजन खेत पर पहुंचे, तो वह वहां नहीं मिला। खोजबीन के दौरान उसका शव खेत में स्थित कुएं के पानी में तैरता हुआ पाया गया। मृतक के छोटे भाई अजय ने बताया कि श्रीपाल चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। उसके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वह खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि भीषण गर्मी के कारण श्रीपाल को कुएं के पास चक्कर आ गया होगा, जिससे वह कुएं में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक ने जानकारी दी कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर रामचरितमानस और संविधान की कसम खाकर जनता के सामने सच्चाई रखने की मांग की है। उपाध्याय ने कहा कि 20 सितंबर 2023 को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ने समर्थन दिया था। इसके बावजूद भाजपा द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि कांग्रेस और विपक्ष ने इसका विरोध किया। कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक (कलेक्ट्रेट परिसर) के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा को महिला विरोधी बताते हुए विरोध जताया गया। भाजपा सांसदों को लिखा पत्र उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ के वर्तमान और पूर्व भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर कहा कि वे जनता को सच्चाई बताएं कि महिला आरक्षण बिल 2023 में सर्वसम्मति से पास हो चुका है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मौजूदा 543 सीटों पर 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग करने को कहा। मुलाकात का समय नहीं मिला उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने उप मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद अरुण साव से मुलाकात के लिए समय मांगा, लेकिन समय नहीं मिला। वहीं रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन वहां भी उनके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। परिसीमन के जरिए लागू करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन के जरिए इसे लागू करने की कोशिश कर रही थी, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। विकास उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से महिला आरक्षण की मांग करती आ रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसे लागू करने की मांग की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की विभिन्न योजनाओं के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह रोक बुधवार को विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए लगाई गई। न्यायालय ने सभी पक्षकारों को मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने बुधवार को 11 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने कहा कि जिन योजनाओं से संबंधित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को चुनौती दी गई है, उन सभी मामलों में राज्य सरकार सहित सभी पक्षकार यथास्थिति बनाए रखेंगे। मामले की सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी। बुधवार को विभिन्न याचियों के अधिवक्ताओं ने अपनी बहस पूरी की। उन्होंने न्यायालय को बताया कि आवास विकास परिषद अधिनियम, 1965 के तहत भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसमें 1894 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख है। हालांकि, याचियों ने तर्क दिया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 अब लागू है, जो भू-स्वामियों के लिए अधिक लाभकारी है। याचियों ने बताया कि 2013 के अधिनियम में पुनर्वास, पुनर्स्थापन और सामाजिक प्रभाव आकलन जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं, जो भू-स्वामियों को अधिक लाभ प्रदान करते हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि यदि अधिग्रहण के समय भू-स्वामी को किसी अन्य प्रावधान के अनुसार अधिक लाभ मिल रहा हो, तो उसी प्रावधान के अनुसार उसकी भूमि अधिग्रहीत की जानी चाहिए। राज्य सरकार और अन्य विपक्षी पक्षकारों की ओर से अगले दिन बहस करने का आग्रह किया गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि सरकार या आवास विकास की ओर से कोई अधिवक्ता बहस नहीं करता है, तो उन्हें लिखित बहस दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी।
लखनऊ सरोजनीनगर में धर्म उत्सव, भजन संध्या:कन्हैया मित्तल के भजनों पर झूमे 15 हजार श्रद्धालु
लखनऊ के सरोजनीनगर में बुधवार की शाम भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। नटुकुर मैदान में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से आयोजित 'धर्म उत्सव' और भजन संध्या में करीब 15 हजार श्रद्धालु जुटे। पूरा मैदान 'राम नाम' के जयघोष से गूंजता रहा और श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शुरुआत में किशोर चतुर्वेदी की प्रस्तुति ने माहौल को ऊर्जावान बना दिया। इसके बाद विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में भजन गायक कन्हैया मित्तल के संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए युवाओं को प्रेरणा लेने का संदेश दिया। राम और राष्ट्र विरोधी सोच को सरोजनीनगर में जगह नहीं मिलेगी डॉ. सिंह ने कहा कि साधारण परिवार से निकलकर कन्हैया मित्तल आज देश के बड़े भजन गायकों में गिने जाते हैं। उन्होंने कुछ मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया भी दी और कहा कि राम और राष्ट्र विरोधी सोच को सरोजनीनगर में जगह नहीं मिलेगी। उनके इस बयान पर लोगों ने जोरदार समर्थन जताया। उन्होंने 'रामरथ श्रवण यात्रा'का जिक्र करते हुए बताया कि हजारों लोगों को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा चुके हैं।साथ ही क्षेत्र में 220 मंदिरों के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य भी कराया गया है।जैसे ही कन्हैया मित्तल मंच पर पहुंचे, माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।उनके लोकप्रिय भजन 'जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे' पर श्रद्धालु झूम उठे। पूरा मैदान भक्ति संगीत में डूबा नजर आया। 15 हजार श्रद्धालु जुटे अपने संबोधन में कन्हैया मित्तल ने लखनऊ से खाटू श्याम जी के लिए यात्रा शुरू करने और शहर में खाटू श्याम दरबार स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। विधायक ने दोनों प्रस्तावों को सहर्ष स्वीकार किया, जिस पर लोगों ने तालियों से स्वागत किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना समेत कई वरिष्ठ अतिथि मौजूद रहे।इस दौरान कन्हैया मित्तल को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।पूरे आयोजन में सुरक्षा, पार्किंग और पेयजल की बेहतर व्यवस्था रही। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर में बुधवार को 'विश्व पृथ्वी दिवस' मनाया गया। इस अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों ने पौधे लगाए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना था। परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिससे हरित वातावरण को बढ़ावा मिल सके। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया गया। पृथ्वी हमारी पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है इस अवसर पर परिसर के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन को गंभीर चिंता का विषय बताया। प्रो. झा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की अपील प्रो. झा ने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल और ऊर्जा बचाने तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझने और समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में प्रो. मदन मोहन पाठक, प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, प्रो. भारत भूषण त्रिपाठी, प्रो. धनीन्द्र कुमार झा, प्रो. अवनीश अग्रवाल, प्रो. गणेश शंकर विद्यार्थी और डॉ. राम बहादुर दूबे सहित कई शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पृथ्वी की रक्षा को एक निरंतर कर्तव्य के रूप में निभाने का संकल्प लिया।
एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित जानीपुर गांव के 25 वर्षीय प्रताप सिंह ने दिल्ली में अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद गांव आकर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें गंभीर हालत में फर्रुखाबाद लोहिया अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। प्रताप सिंह दिल्ली में अपनी पत्नी सोनी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। वह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। सोमवार को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद मंगलवार सुबह प्रताप सिंह अपने पैतृक गांव लौट आए थे। बुधवार शाम को जब परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें उनकी भाभी और भैया शामिल थे, गेहूं काटने के लिए खेतों पर गए हुए थे, तब प्रताप सिंह ने घर पर फंदा लगा लिया। घर में मौजूद छोटे बच्चों ने पड़ोसियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पड़ोसियों ने प्रताप सिंह को फंदे से नीचे उतारा। परिवार के सदस्य उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में रेफर कर दिया गया। लोहिया अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) भेज दिया।
डीपीएस लखनऊ में पृथ्वी दिवस:छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), जूनियर ब्रांच गोमती नगर में बुधवार को पृथ्वी दिवस उत्साह, ऊर्जा और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने पृथ्वी संरक्षण पर आधारित विचार, कविताएं और भाषण प्रस्तुत किए। छोटे बच्चों ने 'पानी बचाओ, पेड़ लगाओ और धरती को सुरक्षित बनाओ' जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए। उनके आत्मविश्वास और पर्यावरण संबंधी समझ ने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। बच्चों ने शिक्षकों के साथ मिलकर पौधे लगाए इसके उपरांत स्कूल परिसर में एक पौधोंरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों ने शिक्षकों के साथ मिलकर पौधे लगाए और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। इस गतिविधि के दौरान उन्हें पौधों के महत्व और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं में ईको परेड और नुक्कड़ नाटक शामिल थे। बच्चों ने रंग-बिरंगे पोस्टर और संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण, जल संकट और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिसकी राहगीरों ने भी सराहना की। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि हमारा साझा घर है, और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कदम उठाने की सलाह दी, जैसे बिजली बचाना, पानी का सही उपयोग करना और प्लास्टिक के उपयोग से बचना।
लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्राओं के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने कॉलेज जीवन की यादें साझा कीं। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें प्राचार्या और प्रवक्ताओं ने हिस्सा लिया। मुस्कान मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का मंच संचालन मुस्कान मिश्रा और अरुंधति ने किया।छात्राओं ने इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रोशनी, वेदिका और निलाक्षी ने नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि शुभांगी सिंह ने स्टैंड-अप कॉमेडी से दर्शकों का मनोरंजन किया। 'मिस फेयरवेल 2026' का खिताब दिया गया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण टाइटल सेरेमनी थी, जिसमें तीन राउंड—रैम्प वॉक, टैलेंट और प्रश्नोत्तरी शामिल थे। दिव्यांशी को 'मिस फेयरवेल 2026' का खिताब दिया गया। रश्मि सिंह प्रथम उपविजेता और नंदिता यादव द्वितीय उपविजेता रहीं। वैष्णवी श्रीवास्तव को 'ऑल राउंडर' और शीतल मिश्रा को 'ब्यूटीफुल स्माइल' के खिताब से सम्मानित किया गया। कॉलेज के दिन जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव प्राचार्या ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज के दिन जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं। उन्होंने छात्राओं से इन यादों को संजोकर रखने और अपने सपनों को पूरा करने की अपील की।कार्यक्रम का आयोजन निलाक्षी शर्मा, वेदिका तिवारी, कोमल रावत, रोशनी, खुशी और शुभांगी की टीम ने किया। सांस्कृतिक समिति की प्रो. सीमा सरकार, प्रो. सीमा पांडे और डॉ. सुकन्या तिवारी ने मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. गीताली रस्तोगी और डॉ. श्वेता उपाध्याय निर्णायक मंडल में शामिल थीं।
महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के एक मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 1-1 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज 23 किलो गांजा तस्करी के मामले में आया है। जानकारी के अनुसार, सिंघोड़ा थाना पुलिस ने पूर्व में इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से लगभग 23 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जरूरी सबूत जुटाए और जांच की। इसके बाद आरोप पत्र बनाकर अदालत में पेश किया गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया। इसी के परिणामस्वरूप उन्हें यह कठोर सजा सुनाई गई। महासमुंद पुलिस द्वारा जिले में नशे के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जबलपुर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बिना अनुमति चल रहे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट पर सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर विजयनगर स्थित एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई प्लांट का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे के अनुसार, बुधवार को एसबीआई कॉलोनी, उखरी रोड स्थित प्लांट का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान बिना आवश्यक अनुमति के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का उत्पादन कर रहा था। प्लांट के पास केवल विक्रय से संबंधित पंजीयन था, जबकि उत्पादन के लिए अलग लाइसेंस अनिवार्य होता है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्लांट केंद्र सरकार के 17 सितंबर 2025 के आदेश के तहत पैकेटबंद पेयजल और मिनरल वाटर की अनिवार्य गुणवत्ता जांच प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31 के तहत कार्रवाई करते हुए अधिकारी ने प्लांट का पंजीयन निलंबित कर दिया। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में प्लांट का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ में छात्रों ने निकाली शिक्षा जागरूकता रैली:तिलक शिशु निकेतन और ZTS फाउंडेशन ने मिलकर किया आयोजन
लखनऊ के कल्याणपुर स्थित तिलक शिशु निकेतन में बुधवार को शिक्षा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने 'ज़िंदगी तुझे सलाम फाउंडेशन' (ZTS) के सहयोग से यह रैली निकाली। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और हर बच्चे को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना था। रैली की शुरुआत स्कूल परिसर से हुई, जिसके बाद छात्र आसपास के इलाकों में पहुंचे और फिर विद्यालय लौटकर कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिन पर 'रोज़ पढ़ो, रोज़ बढ़ो', 'ज्ञान का धन ही सबसे बड़ा धन है' और 'शिक्षित परिवार ही सुख का आधार है' जैसे संदेश लिखे थे। बच्चों ने पूरे जोश के साथ नारे लगाए, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना था। शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का मजबूत आधार राह चलते लोगों ने बच्चों के इस प्रयास को सराहा और कई लोगों ने उनकी सराहना की।इस आयोजन को 'ज़िंदगी तुझे सलाम फाउंडेशन' की निदेशक पूजा सिन्हा और विद्यालय के प्रबंधक तिलक राज मिश्रा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। दोनों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत आधार है। कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से सभी विद्यार्थियों को जलपान वितरित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक, फाउंडेशन के सदस्य और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के अनुशासन, ऊर्जा और इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। यह रैली समाज को यह संदेश देने का एक प्रयास थी कि हर बच्चे की शिक्षा से ही देश का विकास संभव है।
मैनपुरी में कांग्रेस ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि:पहलगाम हमले की बरसी पर कैंडल जलाकर रखा मौन
मैनपुरी में जिला कांग्रेस कमेटी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले की पहली बरसी पर शहीद नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। जिला कांग्रेस कार्यालय मंडी धर्मदास में कैंडल जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को याद किया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शहीदों की स्मृति में मौन रखा और उनके बलिदान को नमन किया। जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि पहलगाम हमले में शहीद हुए नागरिकों का बलिदान देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जोर दिया कि शहीदों की कुर्बानी कभी भुलाई नहीं जा सकती और देश की एकता, अखंडता व सुरक्षा के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। कुलश्रेष्ठ ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कांग्रेस नेता अनुपम शाक्य ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है। इस अवसर पर अरविंद यादव, शरद पचौरी, डॉ. नवीन शर्मा, हरेन्द्र राउत, गौरव कुमार खेड़ा, हिमांशु सेन, पंकज कुमार, सरफराज अहमद सिद्दीकी सहित कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने कैंडल जलाकर वीर शहीदों को नमन किया।
एमिटी स्टूडेंट्स ने SGPGIMS में पौधरोपण किया:विश्व पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, वृंदावन योजना के स्टूडेंट काउंसिल के सदस्यों ने संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के आमंत्रण पर संस्थान का भ्रमण किया । इस अवसर पर विद्यार्थियों ने परिसर में पंचवटी पौधरोपण किया। पंचवटी भारतीय परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह सामान्यतः पाँच पवित्र वृक्षों-पीपल, बरगद, आंवला, बेल और अशोक का समूह होता है, जो पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और आध्यात्मिक महत्व का प्रतीक है। इन वृक्षों का रोपण प्रकृति के संरक्षण और हरित भविष्य की दिशा में एक सार्थक कदम है। पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत विशेष रूप से एसडीजी 13 (जलवायु कार्रवाई) और एसडीजी 15 (स्थलीय जीवन) को बढ़ावा देती है, जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता पर केंद्रित हैं। विद्यालय की प्राचार्या रोली त्रिपाठी ने इस अवसर पर एसजीपीजीआई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने एसजीपीजीआई के इस सराहनीय आमंत्रण और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। पर्यावरणीय प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाता है एमिटी ग्रुप ऑफ स्कूल्स की चेयरपर्सन डॉ. अमिता चौहान के मार्गदर्शन में ऐसे पर्यावरणीय प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो।यह कार्यक्रम छात्रों के लिए न केवल एक शिक्षण अनुभव रहा, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और निभाने के लिए प्रेरित भी करता है।
बलौदाबाजार के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मगरवाय में जमीन विवाद को लेकर एक बेटे ने अपनी 65 वर्षीय मां की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, मृतिका बेबी वर्मा (65) का उनके बेटे धनेश्वर वर्मा उर्फ धन्नू (42) से जमीन बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी बेटे ने गुस्से में जलाऊ लकड़ी (डंडा) उठाकर अपनी मां के सिर पर प्राणघातक हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से देवी बाई की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी लखेश केवंट ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी धनेश्वर वर्मा को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी धनेश्वर वर्मा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
शाहजहांपुर में किसान को गोली मारी:जमीन विवाद में फायरिंग, बदायूं से हायर सेंटर रेफर
शाहजहांपुर में एक किसान को गोली मारकर घायल कर दिया गया। बुधवार देर शाम हुई यह घटना जमीनी विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। गंभीर हालत में किसान को बदायूं जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। घायल किसान की पहचान शाहजहांपुर के थाना कलान स्थित दारानगर गांव निवासी जयवीर (45) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, जयवीर देर शाम अपने खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोग ट्रैक्टर लेकर पहुंचे और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। जब जयवीर इस हमले से बच निकले, तो हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। एक गोली उनके सिर में जा लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। परिजन घायल जयवीर को पहले कस्बा उसावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बदायूं जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद देर रात उन्हें हायर सेंटर भेज दिया गया। परिजनों ने बताया कि गांव में कुछ लोगों के साथ तालाब पर कब्जे को लेकर जयवीर का विवाद चल रहा है। उन्हीं लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया है। जयवीर की पत्नी माला ने इस संबंध में समाधान दिवस और सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आमजन की शिकायत संबंधी संपर्क पोर्टल पर आज सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने खुद समस्याएं सुनीं। जन समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर मोदी ने ऑफिसर से 'संपर्क पोर्टल' पर दर्ज शिकायतों के परिवादियों को सीधे फोन लगाकर कहा कि, हेलो, मैं जिला कलेक्टर सीकर बोल रहा हूं, तो परिवादी भी एक बार के लिए हैरान रह गए। कलेक्टर मोदी ने फोन पर परिवादियों से संबंधित समस्याओं के समाधान का फीडबैक लिया। पेंडिंग शिकायतों को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को पाबंद किया। संपर्क पोर्टल पर संवाद के दौरान नीमकाथाना के फूलचंद ने पेयजल सप्लाई में अनियमितता और अजीतगढ़ के हथोरा निवासी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी ट्यूबवेल पिछले 15 दिनों से खराब है और पानी लीकेज की समस्या के बारे में बताया। दांता निवासी राजेंद्र सिंह ने पिछले 7 दिनों से हैंडपंप खराब होने की शिकायत की। श्रीमाधोपुर के थोई निवासी लोकेश सैनी ने बिजली विभाग द्वारा गलत वीसीआर (VCR) भरने की शिकायत की। जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने पीएचईडी (PHED) के एक्सईएन को तुरंत मौके पर जाकर जांच करने व समाधान करने, बिजली डिस्काॅम के अधीक्षण अभियंता को गलत VCR मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द निस्तारण के आदेश दिए। जिला कलेक्टर मोदी ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को केवल 'डिस्पोज' करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि परिवादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। इस दौरान प्रशासनिक सुधार विभाग की सहायक निदेशक इंदिरा शर्मा, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामकुमार चाहिल, और बिजली डिस्काॅम के अधीक्षण अभियंता सुभाष देवंदा आदि मौजूद थे।
दमोह के लोको इलाके में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को रेलवे का सरकारी कर्मचारी बताकर लड़की वालों को धोखे में रखा, लेकिन ऐन मौके पर बारात न आने से उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने फर्जी दूल्हे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आगर मालवा के रहने वाले मोहनलाल केवट की पहचान दमोह की एक युवती से शादी वाले ऐप के जरिए हुई थी। युवक ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताया और अपनी जाति भी छिपाकर रिश्ता तय कर लिया। 20 अप्रैल को लोको के रेलवे इंस्टीट्यूट हॉल में शादी होनी थी। कार्ड छप चुके थे, खाना तैयार था और मेहमान भी आ चुके थे। बारात का इंतजार और बढ़ता शक दूल्हा अपने दो-तीन दोस्तों के साथ 19 अप्रैल को ही दमोह पहुंच गया था, लेकिन 20 अप्रैल की रात तक जब बारात नहीं आई, तो लड़की वालों को शक हुआ। दूल्हा बार-बार बहाने बनाता रहा कि बारात रास्ते में है, बस आने ही वाली है। जब रात बीत गई और कोई नहीं आया, तब परिजनों ने सीधे कोतवाली थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फर्जी आईडी कार्ड और बदलती कहानियां पुलिस की जांच में पता चला कि युवक ने जो रेलवे का आईकार्ड दिखाया था, वह पूरी तरह फर्जी था। यही नहीं, पकड़े जाने पर युवक ने अपनी कहानी बदलते हुए दावा किया कि वह रेलवे में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए सुपरवाइजर है। उसने यह भी आरोप लगाया कि लड़की वालों के कहने पर ही वह बारात लेकर नहीं आया था, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को झूठ पाया। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में मोहनलाल केवट और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस घटना के बाद से लड़की का परिवार सदमे में है।
हरियाणा के पानीपत के गांव बबैल से पलहेड़ी की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बुधवार देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े दो बच्चों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बच्चे कई फुट दूर उछल कर जा गिरे। हादसे के बाद वहां मौजूद लोग दोनों बच्चों को उठाकर अस्पताल की ओर दौड़। मगर, अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, मृतक आपस में चाचा-भतीजे थे, जिनकी उम्र करीब 14 और सात साल थी। विनीत तीसरी कक्षा में पढ़ता था, जबकि गुनीत आठवीं कक्षा का छात्र था। दोनों के पिता ड्राइवरी करते हैं। इनके परिवार में 4 दिन बाद लड़की की शादी होनी है, जिसकी तैयारी चल रही थी। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन अस्पताल पहुंचे। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा…. सड़क पर खड़े थे, तभी कार ने मारी टक्कर हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान गांव बबैल निवासी 7 वर्षीय विनित पुत्र सोनू और 14 वर्षीय गुणीत पुत्र साहब सिंह के रूप में हुई है। गुणीत परिवार का इकलौता चिराग था। उससे बड़ी लड़की है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे गांव के पास ही सड़क पर थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, पर नहीं बची जान हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में राहगीर और ग्रामीण इकट्ठा हो गए। घायल बच्चों को तुरंत निजी वाहनों की मदद से पानीपत के सिविल अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। कल होगा पोस्टमॉर्टम, परिजनों में कोहराम हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और बच्चों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम कल यानी गुरुवार को करवाया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। कार सवार मौके से हुआ फरार उधर, हादसे के बाद आरोपी कार सवार मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी काफी तेज रफ्तार से कार चला रहा था। हादसे के बाद वह रुका नहीं और तेज स्पीड से ही कार को दौड़ा ले गया। पुलिस अब उसकी तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है। पुलिस को कहना है कि आरोपी को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कैथल जिले की अदालत में डॉक्टर दंपती से जुड़े बहुचर्चित फर्जीवाड़ा मामले में अहम सुनवाई हुई है। कोर्ट ने पुलिस चालान के आधार पर पूर्व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीलम कक्कड़ और उनके पति डॉ. भारत भूषण कक्कड़ के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। दोनों पर सरकारी ड्यूटी के दौरान जजों के फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट के फर्जी अटेंडेंस सर्टिफिकेट बनाकर टीएडीए (TADA) क्लेम करने का आरोप है। बता दें कि डॉ. नीलम कक्कड़ कैथल में डिप्टी सिविल सर्जन के पद पर रह चुकी हैं, जबकि उनके पति डॉ. भारत भूषण कक्कड़ नागरिक अस्पताल में सीनियर मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे हैं। आरोप है कि दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनसे आर्थिक लाभ उठाया। आरटीआई से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा इस मामले का खुलासा गांव रसूलपुर निवासी जयपाल ने आरटीआई के माध्यम से किया था। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे प्रकरण की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने जांच कर मामला दर्ज किया था, फिलहाल दोनों आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। पुलिस ने अपनी जांच के बाद जिला अदालत में दोनों के खिलाफ चालान पेश किया। शिकायतकर्ता के पक्ष से कोर्ट में अजय कुमार गुप्ता और अर्पित गुप्ता ने पैरवी की, अब तक हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने दस्तावेजों का अवलोकन कर पाया कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इसके चलते कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत आरोप तय कर दिए। 16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई अदालत में दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की। इसके बाद न्यायालय ने मामले को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। अब इस केस में अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने गवाह पेश करेगा। मामले की सुनवाई ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMIC) कैथल माधव मित्तल की अदालत में हुई। अब आगे की कार्यवाही गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर होगी, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। फर्जी कोर्ट सर्टिफिकेट्स का इस्तेमाल किया जब 2003 में डॉक्टरों का कैथल से गुरुग्राम तबादला हुआ, तो उन्होंने जॉइन करने के बजाय फर्जी कोर्ट सर्टिफिकेट्स का इस्तेमाल किया। 2020 में शिकायत मिलने पर जब जांच शुरू हुई, तो पाया गया कि आरोपी डॉक्टर 2017 और 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद कैथल के सरकारी अस्पताल में कंसल्टेंट के रूप में काम कर रहे थे।
कांग्रेस राज में रिफाइनरी में देरी और भ्रष्टाचार के सीएम भजनलाल शर्मा के आरोपों पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार किया। गहलोत ने एक्स पर लिखा- रिफाइनरी के काम में भाजपा के कारण अनावश्यक देरी हुई। वहीं अब जल्दबाजी में उद्घाटन के प्रयास में हुई दुर्घटना से ध्यान भटकाने और असफलता छिपाने के लिए मुख्यमंत्री भ्रामक भाषण दे रहे हैं। उन्होंने कहा- घटना के दो दिन बाद भी आधिकारिक तौर पर यह जानकारी नहीं दी गई है कि दुर्घटना क्यों हुई? गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह बयान कि रिफाइनरी में राजस्थान सरकार की 26% भागीदारी पीएम नरेंद्र मोदी ने करवाई पूरी तरह असत्य है। उन्हें शायद जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26% भागीदारी 2013 में हुए शिलान्यास के समय से ही है। गहलोत ने लिखा- पचपदरा में रिफाइनरी के लिए भारत सरकार और एचपीसीएल ने तब यह शर्त रखी थी कि राज्य सरकार 26% हिस्सेदारी ले, तभी यहां रिफाइनरी बनाई जा सकती है। सामान्यतः रिफाइनरी में राज्य सरकार की हिस्सेदारी नहीं होती है, क्योंकि रिफाइनरी कई बार घाटे में चलती है। ऑयल कंपनियों के पास कई रिफाइनरियां होती हैं, जहां कहीं लाभ तो कहीं हानि होती है, जिससे उनकी भरपाई हो जाती है। राज्य की हिस्सेदारी होने पर घाटे का नुकसान राज्य को भी उठाना होगा, लेकिन इस शर्त के कारण राजस्थान को हिस्सेदारी लेनी पड़ी। बीजेपी नेताओं को रिफाइनरी की एबीसीडी पता नहीं गहलोत ने कहा- मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की 'एबीसीडी' भी मालूम नहीं है। उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं। इसी प्रकार वे रिफाइनरी में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। 12 साल से केंद्र और सवा दो साल से राज्य में सरकार होने के बावजूद अभी तक इन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? नेता प्रतिपक्ष जूली बोले- भाजपा सरकार ने रिफाइनरी में रोड़े अटकाए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीएम के बयान पर पलटवार किया। जूली ने एक्स पर लिखा- ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26% हिस्सेदारी शिलान्यास के समय यानी 2013 से ही है। भाजपा सरकार ने तो केवल प्रदेश के विकास में रोड़ा अटकाने के लिए काम चार साल अटाकाया था। जूली ने लिखा- मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि सवा दो साल से सरकार होने के बावजूद घोटाले जैसे कोरे आरोप बचकाने लगते हैं। मुख्यमंत्री का काम ऐसे भ्रामक भाषण देकर जनता को गुमराह करना नहीं, बल्कि कार्रवाई करना है। इन आरोपों से वो केवल राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति कर रहे हैं। जनता सच जानती है।
बलिया पुलिस लाइन में बुधवार शाम रिक्रूट आरक्षियों के लिए 'बड़ा खाना' कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड से पूर्व हुआ, जिसमें पुलिस उपमहानिरीक्षक (आजमगढ़ परिक्षेत्र) सुनील कुमार सिंह, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने रिक्रूट आरक्षियों से संवाद किया। उन्होंने आरक्षियों के लगभग 11 माह के कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण की सराहना की। अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पुलिस सेवा के मूल्यों, कर्तव्यपरायणता और जनसेवा की भावना को सदैव सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। इस दौरान, अधिकारियों ने स्वयं रिक्रूट आरक्षियों को भोजन परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया, जिससे जवानों में विशेष उत्साह और आत्मीयता का वातावरण बना। सभी अधिकारियों और रिक्रूट आरक्षियों ने एकसाथ बैठकर भोजन ग्रहण किया, जिससे आपसी समन्वय, सौहार्द और टीम भावना को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायता मिली। कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, ये रिक्रूट आरक्षी शीघ्र ही पासिंग आउट परेड में शामिल होकर उत्तर प्रदेश पुलिस बल का अभिन्न अंग बनेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जनपद पुलिस द्वारा इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजनों के माध्यम से नवप्रशिक्षित आरक्षियों का मनोबल बढ़ाने, उनमें संगठन के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने और सकारात्मक कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक बलिया, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी कृपा शंकर, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल, समस्त क्षेत्राधिकारीगण और प्रतिसार निरीक्षक बलिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से फर्जी लेटर और AI से बनाए वीडियो को शेयर करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। डीसीपी साउथ राजश्री राज ने बताया- ज्योति नगर थाना पुलिस ने निखिल, बिलाल खान, इनाम अहमद को मध्यप्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया। वहीं अमृता धुमाल को पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया। चारों को बुधवार को जयपुर लाया गया है। AI से बना फर्जी लेटर-वीडियो जांच में सामने आया कि पूर्व सीएम के नाम से संघ प्रमुख भागवत को संबोधित एक फर्जी लेटर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इस लेटर को AI तकनीक की मदद से वीडियो के रूप में भी प्रसारित किया गया। कार्रवाई पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर की गई। पुलिस अब चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी (PC) की मांग करेगी, ताकि उनसे पूछताछ कर पूरे मामले का खुलासा किया जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और इस फर्जी कंटेंट के पीछे शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। MP कनेक्शन और सियासी बयानबाजी इससे पहले मामले की जांच में मध्यप्रदेश कनेक्शन सामने आने के बाद भोपाल पुलिस ने कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई पर हरिश चौधरी और सांसद विवेक टांक ने सवाल उठाए थे। हरीश चौधरी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा था कि कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में रखना निंदनीय है। यह कानून व लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इसे असहमति की आवाज दबाने और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। यह खबर भी पढ़ें… वसुंधरा के फर्जी लेटर मामले में 3 कांग्रेसी हिरासत में:भोपाल पुलिस ने पकड़ा, प्रभारी हरीश चौधरी बोले- रिहा नहीं किया तो कोर्ट जाएंगे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का संघ प्रमुख मोहन भागवत के नाम से सोशल मीडिया पर आए फर्जी लेटर का मामला अब मध्यप्रदेश से जुड़ गया है। लेटर को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर MP कांग्रेस आईटी सेल के 3 कार्यकर्ताओं को भोपाल पुलिस ने हिरासत में लिया है। एमपी के पार्टी प्रभारी हरीश चौधरी और सांसद विवेक तन्खा ने हिरासत पर सवाल उठाए हैं। (पूरी खबर पढ़ें) राजे ने लिखा था- सांच को आंच की जरूरत नहीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर 18 अप्रैल को फर्जी लेटर सामने आया था। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को संबोधित इस फर्जी लेटर में महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी की लाइन से हटकर बातें लिखी थीं। पूरी खबर पढ़िए…
श्योपुर के शिवपुरी रोड पर स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। तीन युवकों ने कार्यालय परिसर में घुसकर न केवल आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाए, बल्कि नारेबाजी भी की। देर शाम भाजपा के जिला उपाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जाट ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि परितोष उर्फ बंजी राठौड़, अमित सोनी और आशीष सेन बिना अनुमति भाजपा कार्यालय में घुस आए। इन लोगों ने वहां लगी शिलापट्टिका पर पार्टी के खिलाफ लिखा- गोभक्ति की नौटंकी करने वाली बीजेपी ने बीफ, कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी है, ये गौ प्रेम है या चंदा प्रेम? इन बातों को लिखकर पोस्टर चिपकाए गए हैं। जब भाजपा पदाधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और पोस्टर हटाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। हिंदुओं को भड़काने की राजनीति इस घटना पर पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'ओछी मानसिकता' करार देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्रमाण है, तो वे कानूनी रास्ता अपनाएं। उन्होंने आगे कहा कि बीफ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चंदा लेने के झूठे आरोप लगाना और ऐसी राजनीति करना सीधे तौर पर हिंदुओं को भड़काने का काम है। पुलिस की कार्रवाई भाजपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सहायक उप निरीक्षक संजय यादव को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
शहीद पथ से युवती ने लगाई छलांग, मौत:सीसीटीवी में पुल की तरफ जाते दिखी, शिनाख्त में जुटी पुलिस
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थानाक्षेत्र में शहीद पथ से युवती ने छलांग लगा दी। जिसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर मृत घोषित कर दिया। पुलिस युवती की शिनाख्त करने में लगी है। इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बताया बुधवार शाम करीब 6:30 बजे पुलिस को ओवरब्रिज से एक लड़की के कूदने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में इलाज के लिए लोहिया अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो गई। युवती की पहचान नहीं हो सकी है। सीसीटीवी व सोशल मीडिया की मदद से पुलिस पहचान करने में लगी है। वहीं पास में लगे एक सीसीटीवी में युवती हुसाड़ियां चौराहे से पुल की तरफ से अकेले जाते हुए दिख रही है। इसके बाद पुल पर अपनी चप्पल उतारती है और नीचे छलांग लगा देती है।
सीतापुर में अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को रौंदा:युवक की मौत, गाड़ी लेकर ड्राइवर मौके से फरार
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र में जसमंडा चौराहे के पास बुधवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, नसीरपुर गांव निवासी रामू (32), पुत्र मुन्नू लाल, किसी काम से जसमंडा गए थे और वहां से वापस अपने घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह जसमंडा चौराहे के निकट पहुंचे। तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रामू गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपी वाहन चालक को पकड़ने का दावा किया गया है। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का कहना है कि रामू परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे, उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उन्नाव में युवती ने फंदा लगाकर की आत्महत्या:कमरे में लटका मिला शव, ग्रेजुएशन का थी छात्रा
उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के लालखेड़ा गांव में बुधवार शाम एक युवती ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान 19 वर्षीय भावना पुत्री सर्वेश कुमार के रूप में हुई है, जो स्नातक की छात्रा थी। घटना बुधवार शाम को हुई जब भावना ने घर की छत पर बने कमरे में कुंडे से दुपट्टे का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतका की मां अंजू के अनुसार, भावना काफी समय से छत के कमरे में थी। शाम को जब अंजू छत पर गईं और आवाज लगाई, तो कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर उन्होंने भावना को फंदे से लटका देखा। यह देखकर वह सन्न रह गईं। परिजनों ने आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से भावना को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलने पर अजगैन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतका के परिवार में उसकी छोटी बहन अन्नू और भाई आदित्य समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली कार्यवाहक प्रभारी मुकुल दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बहादुर राठी हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद:बागपत कोर्ट ने 17 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
बागपत में बहादुर राठी हत्याकांड में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 17-17 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब टीकरी कस्बे में पैसों के विवाद को लेकर बहादुर राठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। अभियोजन पक्ष के प्रस्तुत सबूतों को पर्याप्त मानते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। सजा पाने वालों में टीकरी निवासी नितिन और रोहटा निवासी अमित उर्फ मोनू शामिल हैं। सरकारी अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि न्यायालय ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। करीब एक दशक बाद आए इस फैसले को क्षेत्र में एक अहम न्यायिक निर्णय माना जा रहा है, जिसने यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में कानून अंततः दोषियों तक पहुंचता है।
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित मटियारी के आस्था नगर में बुधवार सुबह एक प्राइवेट बैंककर्मी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने कथित तौर पर महिला मित्र से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया है। मूलरूप से बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र के बेलसर गांव निवासी राजेश मिश्रा का बेटा आकर्ष मिश्रा (26) लखनऊ में प्राइवेट बैंक में सेल्स और क्रेडिट कार्ड बनाने का काम करता था। वह मटियारी स्थित आस्था नगर कॉलोनी में आलोक पांडेय के मकान में किराए पर रह रहा था। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला बताया जा रहा है कि मंगलवार रात आकर्ष ने खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया। बुधवार सुबह उसके दोस्त समीर, अनुराग और संदीप उसे बुलाने पहुंचे, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने और फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो दोस्तों को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर पहुंचने पर देखा कि आकर्ष पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका हुआ था। दोस्तों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर पास के चंदन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाराबंकी निवासी एक युवती से दोस्ती थी पुलिस के अनुसार मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि आकर्ष की बाराबंकी निवासी एक युवती से दोस्ती थी और दोनों के बीच अक्सर बातचीत होती थी। मंगलवार रात करीब 10 बजे दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान आकर्ष ने वीडियो कॉल पर फांसी लगा ली। घटना देखने के बाद युवती ने ही उसके एक दोस्त को फोन कर जानकारी दी। मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के कमरे से मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया गया है। चिनहट पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अमेरिका की शैलजा ने सात समंदर पार आकर यूपी के गाजियाबाद में आकर शादी की। यह शादी धूमधाम से की गई। गाजियाबाद में संजयनगर सेक्टर 23 निवासी विनोद कुमार राघव, पूनम राघव के बेटे विपुल राघव का विवाह धूमधाम से हुआ। विपुल और शैलजा ईटजेल की शादी हापुड़ रोड स्थित अवंतिका काॅलोनी के इम्पीरियल गार्डन एंड रिजोर्टस में धूमधाम से हुई। साधु संत भी शामिल हुए अमेरिका के मैक्सिको नार्थ के रहने वाले जोंस कौर की पुत्री शैलजा (इटलैज) ने गाजियाबाद के विपुल राधव से हिंदू रीति-रिवाज के साथ फेरे लेकर शादी के बंधनों में बंध गई। अब यह अनोखी शादी गाजियाबाद में चर्चा का विषय बनी हुई है। शैलजा ने इस मौके पर कहा कि मुझे बड़ी खुशी हुई है। गाजियाबाद की इस शादी समारोह में कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, पर्यावरण विद् विजयपाल बघेल, भाजपा नेता भानु सिसौदिया, सुनील चौधरी, संजयनगर बालाजी मंदिर के पीठाधीश्वर यून वत्स समेत अनेक साधु संत महात्माओं ने पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विवाह समारोह में परिवार के सदस्यों के साथ सुनील चौधरी समेत अन्य लोग भी शामिल हुए। प्रख्यात संतों ने दिया आशीर्वाद इस शादी में संत-महात्माओं के लिए अलग से मंच बनाया गया। जिसमें हरिद्वार शांति कुंज से आए आचार्य, अलीगगढ़ से आए कथा वाचक सुशील महाराज समेत अलग अलग संत महात्माओं ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। यह शादी सनातन धर्म की रीति रिवाज से हुई। अमेरिका से आए वधु पक्ष के लोगों ने खुशी जताई। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य सुशील मिश्रा हल्द्वानी आचार्य देवेंद्र शास्त्री। अलीगढ़ राम कथा व्यास कपिल शांतिकुंज शक्तिपीठ बुलंदशहर से आए हुए आचार्य द्वारा जयमाला के समय मंत्र उच्चारण एवं शंख ध्वनि से वातावरण गूंज मान हो गया ।आचार्य यूएन वत्स मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद के शमशाबाद में फर्रुखाबाद दिल्ली मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर हाईटेंशन बिजली के पोल से टकरा गई। इस हादसे में 11 हजार वोल्ट की लाइन का पोल टूट गया और उसके सहारे रखा ट्रांसफार्मर भी नीचे गिर गया, जिससे पूरे नगर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कार में सवार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। यह घटना शमशाबाद-फैजबाग रोड पर एक पेट्रोल पंप के पास हुई। एटा जनपद के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव कसेला निवासी अमन कुमार अपनी बहन गौरी मिश्रा और भाई रुद्र मिश्रा के साथ अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव बेचपट्टी से घर लौट रहे थे। सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से बचने के प्रयास में उनकी कार अनियंत्रित होकर पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली का पोल टूट गया और कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। ट्रांसफार्मर गिरने से उसका तेल बाहर निकलने लगा। कार में सवार गौरी मिश्रा को हल्की चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन को कटवाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। बिजली विभाग के जेई जुनैद आलम ने बताया कि हाईटेंशन लाइन का क्षतिग्रस्त पोल ठीक होने के बाद ही आपूर्ति बहाल की जाएगी। थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर भेजी गई थी, हालांकि अभी तक किसी पक्ष से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से पूरे शमशाबाद नगर की बिजली आपूर्ति ठप है।
बालोतरा में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से 1 दिन पहले VVIP मंच पर युवक के चढ़ने के कारण पचपदरा SHO अचलाराम को निलंबित किया गया है। युवक के मंच पर चढ़ने को पीएम की सुरक्षा में चूक मानते हुए जोधपुर रेंज आईजी ने SHO के निलंबन का आदेश जारी किया है। जानकारी के अनुसार- 20 अप्रैल को एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर 'डी' एरिया से होते हुए सीधे VVIP मंच तक पहुंच गया था। उसने मंच पर चढ़कर वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगा। दरअसल, पीएम मोदी का 21 अप्रैल को HPCL रिफाइनरी के लोकार्पण कार्यक्रम में आना प्रस्तावित था। इसके लिए रिफाइनरी से 800 मीटर दूर सभास्थल बनाया गया था। हालांकि 20 अप्रैल को रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लगने के बाद दौरा रद्द कर दिया गया था। RAC जवानों की लापरवाही का आरोप मामले की प्राथमिक जांच में राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के जवानों की लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान युवक को रोकने में विफल रहे, जिसके चलते वह सीधे VVIP मंच तक पहुंच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए रेंज आईजी ने RAC कमांडेंट को पत्र लिखकर दोषी जवानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ये खबर भी पढ़ें- सीएम बोले- कांग्रेस ने रिफाइनरी में घोटाले किए:कहा- वे सामान चोरी करवाते थे; पीएम मोदी ने रिफाइनरी में राजस्थान का हिस्सा 26% करवाया पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग के बाद कांग्रेस नेताओं के बयानों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलटवार किया। चूरू और जोधपुर के ओसियां में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा- रिफाइनरी के उद्घाटन से पहले दुर्भाग्यूपर्ण घटना हो गई। उस पर कांग्रेस के लोग स्तरहीन राजनीति कर रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
शाहजहांपुर में पाइपलाइन फटी, 10 फीट ऊंचा उठा फव्वारा:10 मिनट तक निकलता रहा पानी, रोड पर हुआ जलभराव
शाहजहांपुर में पाइपलाइन फटने से जमीन से करीब 10 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा फूट पड़ा। तेज धार देखकर लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे। लगभग दस मिनट तक पानी निकलता रहा, जिससे इलाके में जलभराव की स्थिति बन गई। पानी की बर्बादी भी हुई। यह घटना सदर बाजार क्षेत्र की चूड़ी वाली गली के पास हुई। इस क्षेत्र में कुछ समय पहले ही नई पाइपलाइन बिछाई गई थी। हालांकि, शहर में जगह-जगह पाइप लीक होने और फटने की घटनाओं से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चूड़ी वाली गली के पास पाइप फटने से पानी का फव्वारा इतनी तेज गति से निकला कि उसकी बौछार करीब दस फीट ऊपर तक गई। इस दृश्य को देखकर राहगीर घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। आसपास के लोगों ने किनारे रुककर रास्ता बदल लिया, जिससे सड़क पर जलभराव हो गया। स्थानीय निवासियों ने तत्काल अधिकारियों को घटना की सूचना दी। इसके बाद एक टीम मौके पर पहुंची और फटे पाइप की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। इससे पहले चौक कोतवाली क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। उस समय भी पाइप फटने से जमीन से पानी का फव्वारा निकला था, जिसकी ऊंचाई लगभग 15 फीट तक थी। उस घटना का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था।
झांसी में पुतला दहन को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा द्वारा अखिलेश यादव और राहुल गांधी के पुतले जलाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके विरोध में सपा की युवजनसभा और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता उसी बीकेडी चौराहे पर पहुंच गए, जहां पहले भाजपा ने प्रदर्शन किया था। हालांकि माहौल तनावपूर्ण हो गया था और कार्यकर्ता योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन करने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया और पुतला दहन रुकवा दिया। विरोध की वजह जान लें…दरअसल, महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव के पारित न होने पर भाजपा लगातार कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों को “महिला विरोधी” बताते हुए प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में शहर के विभिन्न इलाकों में विपक्षी नेताओं के पुतले जलाए जा रहे हैं। बुधवार को बीकेडी चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा और कांग्रेस के झंडों के साथ अखिलेश यादव और राहुल गांधी के चित्र लगे पुतलों को आग के हवाले कर दिया। इसके वीडियो जैसे ही विपक्षी समाजवादी युवजनसभा और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं तक पहुंचे, उनमें नाराजगी भड़क उठी। पुतला लेकर पहुंचे, लेकिन जलाया नहीं सपा युवजनसभा के नेता विश्व प्रताप सिंह और यूथ कांग्रेस के नेता गौरव जैन दर्जनों समर्थकों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ का पुतला लेकर मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने पुतला दहन नहीं किया और उसे पुलिस को सौंप दिया। दो दिन का अल्टीमेटमप्रदर्शनकारियों ने पुलिस को साफ चेतावनी दी है कि अगर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो दिन के भीतर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। गौरव जैन और विश्व प्रताप सिंह ने कहा कि हमने पुलिस के आश्वासन पर भरोसा करते हुए पुतला दहन नहीं किया है। लेकिन अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो झांसी की हर गली और गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले जलाए जाएंगे। बढ़ सकता है सियासी टकरावइस पूरे घटनाक्रम के बाद झांसी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेर रही है, तो वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक उकसावे की कार्रवाई बता रहे हैं।राजनीति के जानकारों की माने तो आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है, जिससे शहर में राजनीतिक टकराव बढ़ने की आशंका भी है।
बड़वानी पुलिस महकमे में बुधवार देर शाम एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला। जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) पद्म विलोचल शुक्ल ने प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से 8 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही लापरवाही के चलते पलसूद और यातायात थाना प्रभारियों को हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी की इस कार्रवाई में पलसूद थाना प्रभारी सुखलाल भंवर और यातायात प्रभारी विनोद कुमार बघेल को उनके पदों से हटाकर रक्षित केंद्र (लाइन) भेज दिया गया है। उनकी जगह अब नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यातायात थाने की कमान अब सूबेदार रजनी भार्गव को दी गई है। इन थानों में बदले गए प्रभारी जिले के कई महत्वपूर्ण थानों के प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है- प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की कवायद एसपी द्वारा किए गए इस बड़े बदलाव का असर जिला मुख्यालय के यातायात थाने सहित जुलवानिया, अंजड़, राजपुर, ठीकरी, पलसूद, निवाली, सिलावद, पानसेमल और नागलवाड़ी थानों पर पड़ा है। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए यह फेरबदल किया गया है।
भिवानी के गांव बलियाली में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतक गांव बलियाली में अपनी मौसी के लड़के की शादी में शामिल होने के लिए आया हुआ था। मृतक उत्तराखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। शादी समारोह के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी विवाद के दौरान उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना का पता लगते ही स्थानीय पुलिस टीम मोके पर पहुंची और जांच में जुट गई। मृतक की पहचान उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रुड़की निवासी करीब 41 वर्षीय राकेश के रूप में हुई है। जो 4 बच्चों (2 बेटी व 2 बेटों) के पिता थे। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। मौसे के बेटे की शादी में आया थाउत्तराखंड का रहने वाला मृतक राकेश अपनी मौके के लड़के रोहित की शादी में शामिल होने के लिए भिवानी के गांव बलियाली आया हुआ था। रोहित की शादी मंगलवार को थी। बारात राजस्थान गई थी। वहां पर शादी के दौरान कुछ युवकों ने बदतमीजी की थी। हालांकि मामला वहां सुलझ गया था। घर में घुसकर बोला हमलाबुधवार को शादी करके वे वापस अपने घर आ गए। इसके बाद बुधवार राकेश व अन्य लोग घर पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक उनके घर में घुस आए, जिन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान राकेश व अन्य को चोटें आई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी बोले- पुलिस जांच में जुटीभिवानी के एसपी सुमित कुमार ने बताया कि मामले का पता लगते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अभी तक परिजनों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। बयान दर्ज होने के बाद मामला स्पष्ट हो पाएगा। वहीं वीरवार को कागजी कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
उदयपुर के टीडी थाना क्षेत्र में रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सड़क किनारे खड़े तीन युवकों को बेरहमी से कुचल दिया। तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर पडुणा गांव स्थित अडा पुलिया के पास देर रात करीब 8 बजे हुआ। हादसा इतना तेज था कि ड्राइवर ने पूरा ट्रैक्टर तीनों युवकों पर चढ़ा दिया। तीनों किनारे से उछलकर सड़क के बीच जा गिरे। दो जनों का सिर कुचल गया। वहीं, तीसरे के हाथ-पैर टूट गए। घटना के तुरंत बाद ट्रैक्टर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर टीडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में राकेश (24) पुत्र जगा मीणा, प्रकाश (29) पुत्र रामलाल मीणा निवासी कगरा पडुणा और गोमाराम (24) पुत्र भगवती लाल मीणा की मौत हो गई। रास्ते में मिले दोस्त से बात कर रहे थे दोनों युवक टीडी थाने के एसआई नारायण लाल ने बताया- राकेश और प्रकाश दोनों शाम करीब 7:30 बजे उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे होते हुए परसाद गांव किसी काम से जा रहे थे। रास्ते में अड़ा पुलिया के पास इनका पड़ोसी और दोस्त गोमाराम मिल गया। ऐसे में राकेश और प्रकाश बाइक हाईवे किनारे लगाकर दोस्त से बात करने लगे। तभी रॉन्ग साइड से आए ट्रैक्टर ने तीनों युवकों पर गाड़ी चढ़ा दी। बाइक भी इसकी चपेट में आ गई। तीनों युवकों को पहले टीडी हॉस्पिटल ले जाया गया। गंभीर हालत होने पर उन्हें एमबी हॉस्पिटल रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। तीनों मजदूरी करते थे। फरार ड्राइवर की तलाश जारी मृतक राकेश के पिता जगा मीणा ने थाने पर ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तीनों के शवों को एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में शिफ्ट कराया। जहां पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। वहीं पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त करते हुए फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। इनपुट: बंशीलाल मीणा, टीडी
अयोध्या में आवास विकास परिषद की ड्रीम प्रोजेक्ट नव्य अयोध्या (ग्रीन फील्ड टाउनशिप) को बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की डबल बेंच ने बुधवार को जमीन अधिग्रहण पर रोक लगा दी। मामले में अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी। करीब पांच साल में पहली बार किसानों को इस तरह की राहत मिली है। दरअसल, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में कई बड़ी परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण हुआ। मुआवजे को लेकर कई याचिकाएं दाखिल हुईं, लेकिन ज्यादातर मामलों में किसानों को राहत नहीं मिल सकी थी। ऐसे में नव्य अयोध्या परियोजना में हाईकोर्ट का यह आदेश अहम माना जा रहा है। परियोजना तीन चरणों में विकसित हो रही है। पहले चरण में करीब 1100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। दूसरे चरण में 300 एकड़ और तीसरे चरण में 400 एकड़ जमीन प्रस्तावित है। तीसरे चरण में ही करीब 1100 किसानों के प्रभावित होने का अनुमान है। श्री सरयू नगर विकास समिति समेत कई याचिकाओं में किसानों ने अधिग्रहण को चुनौती दी थी। प्रभावित किसान गगन जायसवाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। 60 दिन में मुआवजा लेने का था दबावकिसानों का आरोप है कि परिषद अधिग्रहण प्रक्रिया में जल्दबाजी कर रहा था। 27 फरवरी को जारी विज्ञापन में कहा गया था कि 60 दिन के भीतर मुआवजा नहीं लेने पर जमीन पर परिषद का कब्जा मान लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान किसानों के वकील ने दलील दी कि यदि रोक नहीं लगी तो 26 अप्रैल से अधिग्रहण प्रभावी हो जाएगा। इसके बाद न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की पीठ ने हस्तक्षेप करते हुए अधिग्रहण पर रोक लगा दी। चल रहे हैं निर्माण कार्यनव्य अयोध्या परियोजना के तहत टाउनशिप में सड़कों, ड्रेनेज और बिजली उपकेंद्र का निर्माण शुरू हो चुका है। साथ ही गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के लिए भूखंडों की बिक्री भी की जा चुकी है। अधिकारियों को आदेश की जानकारी नहींआवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता डीके गुप्त ने कहा कि उन्हें अभी तक कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है।
फतेहपुर की पिंजरापोल सोसाइटी एवं नैना देवी चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने आज सीकर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई भूमाफियाओं ने मिलकर 1100 बीघा जमीन को केवल 7 करोड़ रुपए में बेच दिया। इतना ही नहीं जिंदा पूर्वजों को सरकारी कागजों में मृत बताया गया और फिर फर्जी डीड भी तैयार करवाई। ट्रस्टी संजय कसेरा,विकास कसेरा सहित अन्य ने बताया कि संत कुमार कसेरा,संजय कसेरा और उनके सहयोगियों ने वर्ष 2011 में एक फर्जी ट्रस्ट डीड तैयार की। इस डीड में सबसे बड़ा अपराध यह किया गया कि परिवार के जो सदस्य और ट्रस्टी उस वक्त जीवित थे, उन्हें मृतदर्शा दिया गया। इस फर्जीवाड़े के जरिए मूल ट्रस्टियों के वारिसों को बेदखल कर दिया गया और फर्जी तरीके से नए लोगों को ट्रस्टी बनाकर ट्रस्ट की कमान हथिया ली गई। इन लोगों ने 1959 की मूल ट्रस्ट डीड की भावनाओं को पूरी तरह कुचल दिया। उन्होंने वर्ष 2011 और वापस 2018 में ट्रस्ट के नियमों में गुपचुप तरीके से ऐसे संशोधन किए,जिससे उन्हें ट्रस्ट की संपत्तियां बेचने और ट्रांसफर करने के सभी अधिकार मिल जाएं। ये संशोधन पूरी तरह अवैध हैं क्योंकि मूल ट्रस्ट डीड में संपत्ति बेचने का कोई प्रावधान ही नहीं था। आरोप है कि करीब 51.661 हेक्टेयर (लगभग 1100 बीघा) भूमि, जिसका बाजार मूल्य आज अरबों रुपए में है। उसे इन लोगों ने मिलीभगत कर मात्र 4.93 करोड़ रुपये ( डॉक्यूमेंट रेट) सहित कुल 7 करोड़ में बेच दिया। यह सीधा-सीधा मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक विश्वासघात का मामला है। यह जमीन महाराव श्री कल्याणसिंहजी द्वारा गौ-सेवा के लिए दी गई थी। पिंजरापोल सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि इस भूमि को लेकर उपखण्ड अधिकारी न्यायालय (प्रकरण 94/2024) और सिविल न्यायालय (प्रकरण 59/2011) में मामले विचाराधीन हैं। न्यायालय ने भूमि के बेचान और कब्जे पर स्पष्ट स्टे(स्थगन आदेश) दे रखा है। इसके बावजूद 6 फरवरी 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मात्र कुछ घंटों के भीतर रजिस्ट्री का खेल खेल दिया गया। अब ट्रस्टी और समिति के लोगों ने मांग की है कि जिंदा पूर्वजों को मृत बताने के मामले में मुकदमा दर्ज हो। जमीन के बिकने के जो भी सेल एग्रीमेंट बने और जो फर्जी डीड तैयार हुई उसे भी निरस्त किया जाए। जमीन को गौचर से बंजर घोषित किया जाए। जिन लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है उनसे ट्रस्ट के मूल रिकॉर्ड जब्त किए जाएं।
पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में ब्रांडेड उत्पादों के नाम पर नकली सामान बेचने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस और निजी जांच टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है। छापेमारी में नकली ‘हार्पिक’ टॉयलेट क्लीनर की बड़ी खेप बरामद हुई है। जानकारी के अनुसार, रेकिट बेंकिशर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से अधिकृत अल्फा इंटेलिजेंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रंजीत कुमार साह को सूचना मिली थी कि ओमलॉन के पास स्थित एक गोदाम में नामी कंपनी के नाम पर नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं। हार्पिक की 103 नकली बोतलें बरामद सूचना के आधार पर 22 अप्रैल 2026 को सुनगढ़ी पुलिस और इंटेलिजेंस टीम ने शैलेंद्र अग्रवाल के गोदाम पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से हार्पिक 200 ml की 103 नकली बोतलें बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, गोदाम मालिक शैलेंद्र अग्रवाल वैध बिल या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद बरामद माल को जब्त कर लिया गया और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है। शिकायतकर्ता रंजीत कुमार साह ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस कार्रवाई में इंटेलिजेंस टीम के सदस्य लालचंद और संजीत कुमार पासवान भी शामिल रहे। थाना प्रभारी नरेश त्यागी ने बताया- मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली उत्पाद कहां तैयार किए जा रहे थे और उनकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में हो रही थी।
सहारनपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम का बुधवार शाम को डीएम अरविंद कुमार चौहान ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जिले में खेल व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह दौरा किया। इस दौरान डीएम ने स्टेडियम में चल रही विभिन्न खेल गतिविधियों का जायजा लिया और खिलाड़ियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। DM ने स्टेडियम में संचालित प्रशिक्षण शिविरों की स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। जिला क्रीड़ा अधिकारी राहुल चोपड़ा ने बताया कि स्टेडियम में बॉक्सिंग, जूडो, रेसलिंग, ताइक्वांडो, बैडमिंटन, स्विमिंग, एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, शूटिंग और क्रिकेट जैसे खेलों के नियमित प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। निरीक्षण के दौरान, डीएम चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खिलाड़ियों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खेल उपकरणों की गुणवत्ता, मैदानों की स्थिति और प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। साथ ही, सरकार द्वारा संचालित खेल योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक खिलाड़ियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाने का भी निर्देश दिया, ताकि जिले से राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकें। उन्होंने स्टेडियम परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डीएम ने इस दौरान मौजूद प्रशिक्षकों और स्टाफ से भी बातचीत की। उन्होंने उनके सुझाव सुने और आश्वासन दिया कि व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान बॉक्सिंग सहायक प्रशिक्षक प्रवीण कुमार, जूडो प्रशिक्षक डॉ. परवेज अली, पुनीत कुमार, लाल धर्मेंद्र प्रताप, गौरव कुमार, प्रियंका चौहान, आदेश कुमार, रूपेश कुमार, बृजेश कुमार, शिवनंदन यादव, सनी कुमार, सुप्रिया रानी, आकाश कुमार और अश्वनी कुमार श्रीवास्तव सहित कई अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में नेशनल हाईवे 43 पर तेज रफ्तार ट्रक ने एक बुजुर्ग को कुचल दिया। सिर में गंभीर चोट के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना पास के CCTV कैमरे में कैद हुई। मामला रामनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान जमुना विश्वकर्मा (56) के रूप में हुई है। उनके माथे की हड्डियां टूट गई थीं। टक्कर के बाद वे सड़क पर तड़पते रहे। ट्रक ड्राइवर गाड़ी नहीं रोककर मौके से भाग गया। नगर परिषद डोला कार्यालय के सामने मारी टक्कर स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 2 बजे जमुना विश्वकर्मा पैदल जा रहे थे। नेशनल हाईवे 43 पर नगर परिषद डोला कार्यालय के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि वे सड़क पर गिर पड़े। CCTV फुटेज में दिखता है कि टक्कर के बाद ट्रक नहीं रुकता। बाइक सवार भी आते-जाते रहे, लेकिन कोई नहीं रुका। बुजुर्ग चिलचिलाती धूप में खून से सने सड़क पर तड़पते रहे। सड़क पर खून बिखरा दिखा। सिर में गंभीर चोटें, खून ज्यादा बहने से गई जान हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग घायल जमुना विश्वकर्मा को बिजुरी स्वास्थ्य केंद्र ले गए। डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर में गंभीर चोटें थीं। काफी खून बह चुका था। हालत नाजुक होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अनूपपुर से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा था ट्रक रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में एक संदिग्ध ट्रक की पहचान की गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक अनूपपुर से रामनगर होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा था। अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज, तलाश जारी पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उसकी तलाश जारी है। जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार करने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों में तेज रफ्तार वाहनों को लेकर नाराजगी है। सड़क सुरक्षा पर सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। ……………………………………. यह खबर भी पढ़ें जबलपुर में कार से युवक को कुचलने का LIVE VIDEO मध्य प्रदेश के जबलपुर में तेज रफ्तार कार ने युवक और बच्चे को कुचल दिया। युवक की मौत हो गई, जबकि बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ है। बच्चे का इलाज निजी अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे के बाद ड्राइवर कार छोड़कर फरार हो गया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
सागर में लगातार गर्मी का असर बढ़ रहा है। दिन का तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया। जिससे स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे गर्मी से परेशान हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी करने का आदेश जारी किया है। कल यानी 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 5वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी। 23 से 30 जनवरी तक छुट्टी घोषितजारी आदेश के अनुसार, जिले में तापमान अधिक होने और आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना के दृष्टिगत शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने की संभावना को देखते हुए प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, केन्द्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, आई.सी.एस.ई., सी.बी.एस.ई. और अन्य मान्यता प्राप्त सभी शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 23 से 30 अप्रैल तक का अवकाश घोषित किया गया है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अध्यापन का समय सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक यथावत रहेगा। शिक्षक विद्यालय में उपस्थित रहकर विद्यालयीन कार्य करेंगे। शासन द्वारा पूर्व से निर्धारित परीक्षा आदि आवश्यक कार्यक्रम यथावत समय सारणी अनुसार संचालित रहेंगे।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की प्रथम बरसी पर महानगर कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर शहीदों को याद किया। कमला नेहरू भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। सभी ने हाथों में पोस्टर और कैंडल लेकर शांति मार्च भी निकाला और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक रहा और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश दिया। सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि पहलगाम की घटना देश के लिए बेहद दुखद और पीड़ादायक थी। इस हमले में निर्दोष लोगों की जान जाना मानवता पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा शहीदों और उनके परिजनों के साथ खड़ी है और ऐसे कायराना कृत्यों की कड़ी निंदा करती है। पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरे देश को एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता और इस तरह के आयोजन हमें उनके बलिदान की याद दिलाते हुए देशहित में एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं। इस मौके पर सेवादल जिला अध्यक्ष फ्लावर नकवी, कविंद्र साहनी, पंकज सिंह, धर्मेंद्र सिंह फास्टर, डॉ. विनोद गुप्ता, अशोक कुमार राय, राष्ट्रीय छात्र संगठन महानगर अध्यक्ष जय प्रताप गुप्ता, विवेक शर्मा, वीरेंद्र सैनी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश में सरकार के 4 साल पूरे हो चुके हैं। दैनिक भास्कर एप ने यूपी में चुने हुए 400 विधायकों के बारे में जनता की पसंद-नापसंद जानने के लिए सर्वे किया। सर्वे के नतीजों से जानिए, यूपी में किसकी हवा है? कौन सी पार्टी जनता की पहली पसंद बन रही है? भाजपा विधायकों से लोग खुश हैं या नाराज? सपा विधायकों को लेकर क्या राय है? NDA के सहयोगी दल उम्मीदों पर कितने खरे उतरे? क्या बसपा की वापसी होगी? इन सवालों का जवाब कल से 2 दिन तक दैनिक भास्कर एप पर देखिए। सर्वे के नतीजों से आप जान पाएंगे कि यूपी के किस इलाके में किस पार्टी का दबदबा है। भाजपा, सपा और बसपा के कौन-कौन से चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। बाहुबली विधायकों को लोगों ने कितना पसंद किया और मुस्लिम सीटों पर क्या तस्वीर बन रही है? मंत्रियों की सीटों का हाल, महिला विधायक पसंद या पुरुष सर्वे में हम बताएंगे कि मंत्रियों की सीटों पर क्या सीन बन रहा है? कितने भाजपा विधायकों की सीटों पर सपा के दावेदार को पसंद किया गया? कितने सपा विधायकों की सीटों पर लोगों ने भाजपा को चुना? पहली बार के विधायकों की सीट पर क्या पैटर्न है? महिला और पुरुष विधायकों में किसे ज्यादा पसंद किया? मुस्लिम विधायकों को लेकर जनता की राय क्या है? 7 हजार रिपोर्टर 75 जिलों, 800 ब्लॉक और 58 हजार पंचायतों में पहुंचे दैनिक भास्कर एप पर यह सर्वे 25 मार्च से 10 अप्रैल तक चला। इसमें 6 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। संभावित उम्मीदवारों के नाम जुटाने के लिए भास्कर के 7 हजार से ज्यादा रिपोर्टर 75 जिलों के 800 ब्लॉक और 58 हजार पंचायतों में पहुंचे। सर्वे में क्षेत्र में सक्रियता, राजनीतिक बैकग्राउंड जैसे मानकों पर संभावित उम्मीदवारों के नाम शामिल किए। लोगों को इनके अलावा अपनी पसंद के उम्मीदवारों के नाम देने का विकल्प भी दिया। पारदर्शिता और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा ये सर्वे सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर किया गया। सर्वे की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हमने ये सुनिश्चित किया कि एक व्यक्ति एक ही बार हिस्सा ले सके। ये भी देखा गया कि कोई व्यक्ति गलत तरीके से अपने पक्ष में या किसी के विरोध में सर्वे न भरवा सके।
चंदौसी जंक्शन पर दिव्यांग बुजुर्ग की मौत:पत्नी के साथ अलीगढ़ दवाई लेने जा रहे था, दमा के मरीज थे
चंदौसी रेलवे स्टेशन पर बुधवार दोपहर एक 65 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ दमा की बीमारी की दवा लेने अलीगढ़ जा रहे थे और ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। यह घटना संभल जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर हुई। मृतक की पहचान जबर सिंह (65) पुत्र झम्मन लाल, निवासी गांव पतरौआ, चंदौसी कोतवाली के रूप में हुई है। जबर सिंह अपनी पत्नी माया के साथ अलीगढ़ जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। बताया गया कि अधिक गर्मी के कारण उन्हें चक्कर आए और वे प्लेटफार्म पर ही गिरकर बेहोश हो गए। पत्नी माया ने उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया, जिस पर जीआरपी पुलिस और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। जीआरपी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुई, जिस समय चंदौसी जंक्शन से बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन गुजरती है। मृतक के बड़े बेटे राकेश ने बताया कि उनके पिता जबर सिंह दमा के मरीज थे और उनकी तबीयत अक्सर खराब रहती थी। वे अपनी मां के साथ दवा लेने अलीगढ़ जा रहे थे, तभी रेलवे स्टेशन पर उनकी मौत की सूचना मिली।
हरदोई में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे लोकार्पण कार्यक्रम और मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अनुनय झा ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ तहसील बिलग्राम के मल्लावां क्षेत्र स्थित राघौपुर में कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जनसभा स्थल, हेलीपैड, पार्किंग और मंच निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। वैकल्पिक मार्गों की तैयारी और पार्किंग स्थलों के निर्धारण के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान पेयजल, अस्थायी शौचालय, चिकित्सा सुविधा, बिजली आपूर्ति और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास मार्गों को सुव्यवस्थित रखने और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण स्थल का भी अवलोकन किया। उन्होंने पर्यावरणीय दृष्टिकोण से कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय के भीतर पूर्ण करने पर जोर दिया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, और सभी संबंधित विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
भोपाल के करीब 40 इलाकों में गुरुवार को 5 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें विनीतकुंज, ऐशबाग, बरखेड़ी, चांदबड़, अशोका गार्डन, सेमरा, तुलसी नगर, अशोक विहार, इंद्रा कॉलोनी समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
सीधी जिले की ग्राम पंचायत पोड़ी में लगी 'कृषि और जन चौपाल' में कलेक्टर विकास मिश्रा का एक्शन देखने को मिला। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कलेक्टर ने मौके पर ही फैसला सुनाया। चौपाल के दौरान जब कलेक्टर ने हाजिरी ली, तो पटवारी अलका त्रिपाठी बिना किसी जानकारी के गायब मिलीं। कलेक्टर ने इसे काम में लापरवाही माना और उन्हें तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। उन्होंने साफ कहा कि जनता की समस्या सुनने के काम में ऐसी मनमर्जी बिल्कुल नहीं चलेगी। बिजली कंपनी और कृषि अधिकारी की कटेगी सैलरी ड्यूटी में ढिलाई बरतने पर बिजली कंपनी इंजीनियर (JE) और कृषि विभाग के अधिकारी सुन्दरलाल रैदास को भी फटकार लगी। कलेक्टर ने इन दोनों को नोटिस थमाया है और सजा के तौर पर इनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। हैंडपंप पर कब्जे वालों पर होगी FIR चौपाल में गांव वालों ने कई गंभीर शिकायतें कीं, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। जिन लोगों ने सरकारी हैंडपंप पर अपना कब्जा कर रखा था, उनके खिलाफ पुलिस में केस (FIR) दर्ज होगा। राशन बांटने वाले सेल्समैन मुकेश सिंह के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच सप्लाई ऑफिसर करेंगे। पंचायत के कामों में गड़बड़ी मिलने पर सचिव और रोजगार सहायक को नोटिस दिया गया है और अब उनकी जांच होगी। चौपाल सिर्फ दिखावा नहीं है कलेक्टर विकास मिश्रा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जन चौपाल कोई दिखावा या फॉर्मेलिटी नहीं है, बल्कि यह जनता से सीधा जुड़ने का जरिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी और जवाबदेही से काम करें ताकि गांव वालों और किसानों की परेशानियों का हल मौके पर ही हो सके। जो भी भ्रष्टाचार या लापरवाही करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सहारनपुर पुलिस ने दो चोरो को किया अरेस्ट:फैक्ट्री और सरकारी अस्पताल से चोरी का सामान बरामद
सहारनपुर की गागलहेड़ी पुलिस ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार शाम को इनके कब्जे से एक फैक्ट्री और सरकारी अस्पताल से चोरी किया गया लोहे का सामान और नकदी बरामद की है। यह मामला तब सामने आया जब 21 अप्रैल 2026 को कपिल विहार निवासी आशीष बालियान ने अपनी मिट्टी के ग्लास बनाने की फैक्ट्री से लोहे के एंगल, पाइप और अन्य सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले फरवरी में राजकीय पशु चिकित्सालय गागलहेड़ी से सरकारी नल का हत्था चोरी होने की घटना भी हुई थी। एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत गागलहेड़ी पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार को उग्राहू से भरतपुर जाने वाले रास्ते से दोनों आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुम्हारहेड़ा निवासी अनुज और छजुपुरा निवासी अकरम के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 12 सरिया, 8 लोहे के पाइप, 2 एंगल और 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद नकदी चोरी किए गए सरकारी सामान को बेचकर हासिल की गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले फैक्ट्री में सेंध लगाकर लोहे का सामान चुराया था। बाद में उन्होंने पशु चिकित्सालय की दीवार फांदकर सरकारी नल का हत्था उखाड़ लिया। चोरी किए गए नल को एक कबाड़ी को बेचा गया था, जिससे मिली रकम में से कुछ उनके पास से बरामद हुई है। पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गागलहेड़ी पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है, जबकि स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
पूर्व विधायक ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन:छावनी क्षेत्र की जनसमस्याओं और लंबित विकास कार्यों पर
कानपुर के छावनी विधानसभा क्षेत्र में व्याप्त जनसमस्याओं और लंबित विकास कार्यों को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया ने नगर आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। ज्ञापन में मुख्य रूप से नालों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य बरसात के दौरान आमजन को होने वाली परेशानियों को रोकना है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के पार्कों के सुंदरीकरण, साफ-सफाई, हरियाली बढ़ाने और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर करने की मांग भी की गई। पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया ने इस दौरान कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया और उम्मीद जताई कि नगर निगम जनहित के इन मुद्दों पर जल्द कदम उठाएगा। इस अवसर पर वार्ड 80 बाबूपुरवा कॉलोनी के पूर्व पार्षद और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष हरि शंकर गुप्ता भी उपस्थित रहे।
सहारनपुर में बुधवार शाम थाना सदर बाजार पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य अभियुक्त मनीष उर्फ डब्बू को अरेस्ट कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को आईटीसी रोड से दबोचा है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दाव (धारदार हथियार) भी बरामद किया गया है। यह मामला 21 अप्रैल 2026 को सामने आया था, जब कोरी माजरा निवासी शुभम ने अपने भाई सौरभ की हत्या कर शव गायब करने की शिकायत थाना सदर बाजार में दर्ज कराई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी मनीष ने घटना का चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि 6 अप्रैल को वह सौरभ को बहला-फुसलाकर रेलवे के खंडहर क्वार्टर में ले गया था, जहां उसका एक साथी पहले से मौजूद था। वहां तीनों ने मिलकर नशा किया। इसी दौरान सौरभ ने आरोपी के साथी का पैसों से भरा बैग छिपा दिया। जब उससे बैग के बारे में पूछा गया तो उसने कोई जानकारी नहीं दी। इस बात से नाराज होकर दोनों आरोपियों ने सौरभ को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। उन्होंने सौरभ को और नशा देकर बेहोश कर दिया और रात के समय दाव से उसकी निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि हत्या के बाद उन्होंने सौरभ का सिर धड़ से अलग कर दिया था और पहचान छिपाने व सबूत मिटाने के उद्देश्य से सिर और हथियार को अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मनीष उर्फ डब्बू का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। उसके खिलाफ चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस फरार दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
सहारनपुर में ऐरोमेड अस्पताल (एम.जे.एस. मेडिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट प्रा.लि.) के निदेशक और प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और लाखों रुपये के भुगतान विवाद के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। देहरादून निवासी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल जैन की शिकायत पर थाना सरसावा पुलिस ने यह कार्रवाई की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। डॉ. अंशुल जैन ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर आरोप लगाया था कि उन्हें सरसावा स्थित उक्त अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएं दीं, लेकिन तय शर्तों के अनुसार उन्हें भुगतान नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। प्रार्थना पत्र के अनुसार, डॉ. जैन ने 27 मई 2023 से अस्पताल में कार्य करना शुरू किया था। अस्पताल प्रबंधन के साथ हुए समझौते में यह तय हुआ था कि ओपीडी और रेफर किए गए मरीजों से होने वाली आय का 40 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टर को और 60 प्रतिशत अस्पताल को मिलेगा। वहीं, डॉक्टर के निजी मरीजों के मामले में 60 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टर और 40 प्रतिशत अस्पताल को मिलना था। डॉ. जैन का आरोप है कि उन्होंने कुल 334 मरीजों का इलाज किया, जिससे अस्पताल को लगभग 1 करोड़ 36 लाख 7 हजार 671 रुपये की आय हुई। इस आय में उनका हिस्सा 81 लाख 29 हजार 621 रुपये बनता था, लेकिन उन्हें टीडीएस सहित केवल 25 लाख 39 हजार 174 रुपये का ही भुगतान किया गया। उनके अनुसार, लगभग 55 लाख 90 हजार 447 रुपये का भुगतान अभी भी बकाया है। उन्होंने बताया कि भुगतान में लगातार देरी और टालमटोल के कारण परेशान होकर उन्होंने 8 अगस्त 2024 को अस्पताल में सेवाएं देना बंद कर दिया। डॉ. जैन का आरोप है कि 8 अक्टूबर 2024 को जब वह अपने पिता के साथ बकाया राशि मांगने अस्पताल पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्रता,गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। डॉ. जैन ने यह भी आरोप लगाया है कि सेवाएं समाप्त करने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन उनके नाम का बोर्ड लगाकर मरीजों को गुमराह करता रहा। उन्होंने इस संबंध में कई अधिकारियों को शिकायतें दीं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा।थाना प्रभारी प्रवेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक सुबोध कुमार को सौंपी गई है। सभी दस्तावेजों और लेनदेन की जांच जारी है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में मार्कशीट निकलवाने का झांसा देकर दलाल ने छात्रा से दो हजार रुपये हड़प लिए। छात्रा के समर्थन में हंगामा हुआ तो पुलिस एक्टिव हो गई और आरोपी को दबोच लिया। बाद में रुपये लौटाने और मांफी मांगने पर आरोपी को छोड़ दिया गया। पूरी घटना पर छात्र नेताओं ने नाराजगी जताई है। पहले जानते हैं पूरा मामला रामपुर की एक छात्रा मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में अपनी बीएड की मार्कशीट निकलवाने पहुंची। यहां एक युवक से छात्रा की मुलाकात हुई, जिसने 24 घंटे के भीतर छात्रा को मार्कशीट दिलाने का आश्वासन दिया और दो हजार रुपये ले लिए। युवक ने छात्रा को अपना मोबाइल नंबर दिया और बुधवार सुबह मार्कशीट देने की बात कही। बुधवार सुबह छात्रा कैंपस पहुंची और युवक का इंतजार करने लगी। काफी देर तक युवक का जब कोई फोन नहीं आया तो छात्रा ने फोन मिलाना शुरु कर दिया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद छात्रा ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर जुटे छात्र नेता छात्रा द्वारा हंगामा किये जाने की सूचना पाकर कई छात्र नेता कैंपस पहुंच गए। छात्रा ने बताया कि UPTET के फार्म की लास्ट डेट 26 अप्रैल है। बीएड की मार्कशीट की आवश्यकता है। जल्दी मार्कशीट निकल जाए इसलिए उस युवक पर भरोसा किया और उसे 2000 रुपये दे दिए। अब वह फोन रिसीव नहीं कर रहा है। हंगामा हुआ तो आई कॉल इस मामले को लेकर छात्र नेताओं ने हंगामा कर दिया। उन्होंने भी आरोपी युवक का फोन मिलाना शुरु कर दिया। कई घंटे बाद शाम को छात्रा के पास आरोपी युवक का फोन आया। छात्रा ने उससे अपने पैसे मांगे तो वह बस अड्डे पर बुलाने लगा। इसके बाद पुलिस ने उससे बात की और यूनिवर्सिटी बुला लिया। रातभर बस अड्डे पर रुकी छात्रा रामपुर से आई छात्रा रातभर बस अड्डे पर ही सोई। उसने बताया कि वह खाना तक नहीं खा पाई है। युवक के आने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। काफी देर गहमागहमी होती रही। छात्रा ने तहरीर तक मांगी गई लेकिन उसने मना कर दिया। बाद में आरोपी ने मांफी मांगी और छात्रा के रुपये लौटा दिए। इसके बाद छात्रा लौट गई। छात्र नेता बोले- परिसर में दलाल सक्रिय छात्र नेता आदेश प्रधान ने रामपुर की छात्रा से हुई इस घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि कैंपस के अधिकांश विभाग के बाहर दलाल एक्टिव हो गए हैं जो भोले-भाले छात्र-छात्राओं को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसा नहीं है कि सीसीएसयू प्रशासन को जानकारी नहीं है लेकिन उसके बावजूद इस तरफ कोई देखने वाला नहीं है।
ग्वालियर के सदर बाजार के सराफा बाजार से गायब हुए गहने आखिरकार पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। CCTV कैमरों में जो दो संदेही महिलाएं गहनों का पाउच उठाते नजर आई थीं वह असल में देवरानी-जेठानी निकली हैं और उनसे पुलिस ने गहने बरामद कर लिए हैं। सदर बाजार से बजाज खाना, सब्जी मंडी, अग्रसेन चौक, नदी संतर, नदीपार टाल से श्रीनगर कॉलोनी थाटीपुर के बीच 3 किलोमीटर के एरिया में पुलिस ने 48 घंटे में 600 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले हैं। इसके बाद 11 पॉइंट पर पुलिस को स्पष्ट फुटेज मिले हैं। जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। एसएसपी धर्मवीर सिंह की निगरानी में क्राइम ब्रांच और मुरार थाना पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया है। पुलिस को दरवाजे पर खड़ा देख संदेही महिलाओं ने तत्काल गहने जिस सूरत में मिले थे उसी सूरत में लौटा दिए हैं। अब फरियादी अपनी तरफ से सीसीटीवी कैमरा लगवाएगा। श्रीनगर कॉलोनी थाटीपुर की निकली संदेही महिलाएंउपनगर मुरार सदर बाजार में 20 अप्रैल की दोपहर 12.53 पर कार से गिरे गहनों को दो संदेही महिलाएं उठाकर ले गई थीं। दोनों महिलाएं श्रीनगर कॉलोनी थाटीपुर की रहने वाली हैं। पुलिस अफसरों को दरवाजे पर खड़े देखा तो दोनों महिलाओं को समझते देर नहीं लगी कि पुलिस यहां क्यों आई है। पुलिस के पूछताछ करने पर उन्होंने गहनों का पाउच निकालकर थमा दिया। सवाल: क्यों नहीं पहुंची थाने, बोलीं-सोचा कोई आएगा तो दे देंगेपुलिस ने दोनों महिलाओं से पूछताछ की है। पुलिस ने पूछ कि उसमें गहने हैं तो वह थाना क्यों नहीं पहुंची। महिलाओं ने बताया कि हमने सोचा कि यह गहने लेकर अपने घर चली जाती हैं। यदि कोई तलाशते हुए आएगा तो वापस कर देंगे। यही कारण था कि गहनों को हमने छुआ तक नहीं है, जिस तरह वह मिले थे वैसे के वैसे रखे हैं। अभी पुलिस महिलाओं की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि महिलाओं का थाना नहीं आना मतलब कहीं न कहीं मन में लालच था। इन पॉइंट पर मिले हैं महत्वपूर्ण CCTV फुटेजजब पुलिस इस मामले में CCTV कैमरे खंगाल रही थी तो तीन किलोमीटर के एरिया में पुलिस ने 600 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले जिस पर 11 पॉइंट पर 50 फुटेज ऐसे मिले जिनमें महिलाएं दिखीं और पुलिस को घटना स्थल से लेकर महिलाओं के घर तक का रूट मिला।ऐसे समझिए पूरा मामलाशहर के आदित्यपुरम ग्रीनवुड स्कूल के पास रहने वाले कृपाल सिंह गुर्जर प्रोजेक्ट इंजीनियर हैं। उनका छोटा भाई सुमित गुर्जर मध्य प्रदेश पुलिस में बतौर आरक्षक शहडोल जिले में पदस्थ है। 19 अप्रैल को सुमित की शादी थी और सोमवार (20 अप्रैल) को नई बहू को विदा कराकर घर लाए थे। 21 अप्रैल को रिसेप्शन का समारोह होना था। घर में खुशियों का माहौल था। नई बहू को उपहार में दिए पुश्तैनी गहनों के लिए नए बॉक्स लेने के लिए कृपाल सिंह, उनकी बहन 20 अप्रैल की दोपहर सदर बाजार पहुंचे थे। यहां उन्होंने पारस ज्वेलर्स के सामने अपनी कार पार्क की और ज्वेलरी शॉप में अंदर चले गए। गहनों का पाउच उनकी बहन के पास था। जिसमें एक रानी हार, पांच अंगूठी वाला हाथ फूल, अंगूठियां लगभग 15 तोला सोना रखा हुआ था। ज्वेलरी शॉप में जाते समय वह गहनों का पाउच उनकी बहन से अनजाने में गिर गया और किसी को याद भी नहीं रहा। जब अंदर पहुंचे और कुछ देर बाद गहनों की जरूरत पड़ी तो देखा कि वह पाउच किसी के पास नहीं है। बाहर आकर कार में भी देखा, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला। इसके बाद वहां हंगामा मच गया।
सहारनपुर नगर निगम ने बुधवार को शहर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर प्रवर्तन दल ने बेहट रोड और नुमायश कैंप क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 50 दुकानों से अस्थायी अतिक्रमण हटाया। इस दौरान एक दर्जन दुकानों से स्थायी कब्जा भी हटवाया गया और अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों से कुल 14 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई आईजीआरएस पोर्टल और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई। निगम ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए यह अभियान चलाया। नुमायश कैंप क्षेत्र में भारतमाता चौक से पानी की टंकी तक विशेष अभियान चलाकर 20 से अधिक दुकानों का अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया और आधा दर्जन दुकानों पर भी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों का सामान जब्त किया गया, जिसे बाद में जुर्माना वसूलने के बाद वापस कर दिया गया। क्षेत्र निवासी प्रदीप त्यागी ने आईजीआरएस पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी तरह, गोपाल नगर निवासी समर वितराना ने जनसुनवाई में एक धुलाई सेंटर के अतिक्रमण की शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि धुलाई सेंटर संचालक ने सड़क पर रेलिंग लगाकर झूला तक लगा रखा था, जिसे तत्काल हटवाकर जुर्माना लगाया गया। सड़क पर रेत-बजरी फैलाकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई की गई। नुमायश कैंप क्षेत्र से करीब 7200 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, बेहट रोड पर बस स्टैंड से कोढ़ियों की पुलिया तक चलाए गए अभियान में 25 से अधिक दुकानों से अस्थायी और पांच दुकानों से स्थायी अतिक्रमण हटाया गया। इस क्षेत्र से लगभग 7 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। अभियान के दौरान प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल एच बी गुरुंग और हरिप्रकाश कसाना सहित पूरी टीम मौजूद रही। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिला आजीविका मिशन की तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक मीना परतें और निशा रानी पड़वार की संविदा सेवा समाप्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। यह कार्रवाई बैगा विकास परियोजना और वाटर शेड योजना की लगभग 63 लाख रुपए की राशि में की गई कथित गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन के बाद की गई है। बिना अनुमति बदल दीं योजनाएं, सीधे किया भुगतान जांच में सामने आया कि निशा रानी पड़वार ने सक्षम अधिकारी (कलेक्टर) की अनुमति और स्वीकृत डीपीआर के बिना ही कई योजनाओं के स्वरूप को बदल दिया। प्रस्तावित हार्टिकल्चर गतिविधियों के स्थान पर धान चक्की, ऑयल मिल, सिलाई मशीन और मिक्सर मशीन जैसी योजनाओं के लिए स्वयं स्वीकृति आदेश जारी कर दिए। साथ ही, सीधे कोटेशन प्राप्त कर राशि का भुगतान भी कर दिया गया, जो संविदा शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। तीन सदस्यीय दल की जांच में पुष्टि वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। संबंधित अधिकारियों को दो बार सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन वे संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। जांच रिपोर्ट में नियमों की अनदेखी और अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और मिशन संचालक भोपाल को सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भेजा है। तीन ब्लॉक प्रबंधकों और नोडल अधिकारियों को चेतावनी कलेक्टर ने इस मामले में अन्य लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्ती दिखाई है। तीन विकासखंडों के मिशन प्रबंधकों—करंजिया के शिवमंगल सिंह, बजाग के नरेंद्र पांडेय और समनापुर के शिव कुमार झरिया को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न महिला आजीविका संगठनों के नोडल अधिकारियों शालिनी चौरसिया, दिनेश कुरूम और नारद श्याम को भी कार्य में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है।
रामपुर में 7 वाहन सीज, 2.47 लाख जुर्माना लगा:ओवरलोडिंग और टैक्स बकाया पर प्रशासन ने की कार्रवाई
रामपुर में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई चेकिंग में नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर बड़ी कार्रवाई की गई। इस विशेष अभियान के दौरान कुल 7 वाहनों को सीज किया गया। इनमें 6 ट्रक और डंपर के साथ 1 बस भी शामिल है। जांच में ओवरलोडिंग, टैक्स बकाया, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) का अभाव, रिफ्लेक्टिव टेप न होना और बिना परमिट संचालन जैसे गंभीर उल्लंघन पाए गए। कार्रवाई जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई। शाहाबाद मंडी क्षेत्र से 2 ट्रक-डंपर और 1 बस को सीज किया गया, जबकि पटवाई थाना क्षेत्र और अजीतपुर चौकी क्षेत्र से भी 2-2 वाहनों पर कार्रवाई हुई। इन सभी वाहनों पर कुल 2.47 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हादसों को रोकने के लिए सघन चेकिंग की गई अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क पर सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना है। विशेषकर रात के समय भारी वाहनों की लापरवाही से होने वाले हादसों को रोकने के लिए यह सघन चेकिंग की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखें और निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि सड़क पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई दिनदहाड़े डकैती के बाद अब पूरे प्रदेश में बैंकों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जा रही है। बुधवार को बालाघाट पुलिस के अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों और प्रतिनिधियों के साथ एक बड़ी बैठक की, ताकि सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता किया जा सके। एडीएसपी निहित उपाध्याय और सीएसपी मयंक तिवारी ने बैठक में साफ कहा कि अब बैंकों और पुलिस के बीच तालमेल पहले से बेहतर होना चाहिए। हर बैंक शाखा को अपने इलाके के थाने और बीट ऑफिसर के संपर्क में रहना होगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। इसके लिए हर बैंक के लिए एक पुलिस नोडल अधिकारी भी तय किया जाएगा। सीसीटीवी और लाइट पर खास जोर अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बैंक के अंदर और बाहर एक भी कोना ऐसा नहीं होना चाहिए जो सीसीटीवी की नजर से बचा हो। साथ ही, रात के समय बैंक के आसपास पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) रखने को कहा गया है ताकि कैमरों में सब कुछ साफ नजर आए। तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए बैंकों को कुछ जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बैंक में ट्रेंड और हथियारबंद गार्डों की तैनाती करनी होगी। पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहने चाहिए। नकदी ले जाते समय पुलिस को जानकारी देना और तालमेल बनाना जरूरी होगा। समय-समय पर होगी मॉक ड्रिल सिर्फ आदेश ही नहीं, बल्कि जमीन पर तैयारी कैसी है, इसे परखने के लिए पुलिस और बैंक कर्मचारी मिलकर 'मॉक ड्रिल' (अभ्यास) भी करेंगे। साथ ही बैंक कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड और सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। एडीएसपी ने भरोसा दिलाया कि इन कदमों से जिले के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो जाएगी कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
प्रयागराज में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन:राहुल, अखिलेश, ममता का पुतला फूंका, 33% आरक्षण की मांग
प्रयागराज में बुधवार को भाजपा महिला मोर्चा ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को संसद में पारित न होने देने के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महिला आरक्षण से जुड़े इस अधिनियम के समर्थन में किया गया। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली। सुभाष चौराहे पर पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद इन नेताओं के प्रतीकात्मक पुतले फूंके गए। भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इसे राजनीतिक स्वार्थ का मुद्दा बना दिया। कार्यकर्ताओं के अनुसार, जब महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अवसर आया, तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका समर्थन करने के बजाय बाधा उत्पन्न की। उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को राजनीतिक, सामाजिक और निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार दिलाने का माध्यम है। इसके लागू होने से महिलाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर मिलेंगे और देश के विकास को गति मिलेगी। महिला मोर्चा की अन्य नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दल वर्षों से महिला अधिकारों की बात करते रहे हैं, वही आज इस महत्वपूर्ण विधेयक के रास्ते में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला मोर्चा इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' को अभियान के रूप में हर जिले, मंडल और बूथ स्तर तक चलाया जाएगा।
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित इचौली गांव में बुधवार शाम लगभग 5 बजे एक विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान 20 वर्षीय अंशिक देवी उर्फ रामा के रूप में हुई है। उसकी शादी 10 फरवरी 2026 को पश्चिम शरीरा निवासी शिवाकांत पुत्र रामसुमेर के साथ हुई थी। शादी के बाद से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा विदा न किए जाने के कारण वह पिछले एक महीने से अपने मायके इचौली में ही रह रही थी। बुधवार देर शाम मृतका की मां सुमन देवी पत्नी देश राज पाल ने कोखराज थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अंशिक देवी ने शाम को जहर खाकर आत्महत्या कर ली, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में कोखराज थाना प्रभारी सीबी मौर्य ने बताया कि मृत विवाहिता के मायके पक्ष ने ससुरालियों पर दहेज मांगने और शादी के बाद से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही करेगी।
देवरिया में बुधवार रात सदर कोतवाली क्षेत्र के शुगर मिल ग्राउंड के पास खड़ी एक कार में पंचायती राज विभाग के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 40 वर्षीय जितेंद्र दुबे के रूप में हुई है, जो बरहज थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के निवासी थे। वह पंचायती राज विभाग में जिला प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और शहर के उमा नगर मोहल्ले में परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे। जितेंद्र दुबे बुधवार शाम करीब 6 बजे कार्यालय से अपने घर जाने के लिए कार से निकले थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने शुगर मिल ग्राउंड के पास सड़क किनारे अपनी कार खड़ी की और उसमें बैठे रहे। काफी देर तक कार में बैठे व्यक्ति में कोई हलचल न देखकर आसपास के दुकानदारों को संदेह हुआ। इसके बाद, रात करीब 8 बजे पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर जितेंद्र दुबे को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी सदर संजय कुमार रेड्डी और कोतवाली प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।

