कार की टक्कर से दो युवकों की मौत:हनुमानगढ़ के गोलूवाला में हादसा, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया
हनुमानगढ़ के गोलूवाला थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। परिजनों ने कार ड्राइवर पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात करीब 9:30 बजे फतेवाली ढाणी निवासी राजीव सिंह (40) और पृथ्वीराज (35) अपनी बाइक पर गांव लौट रहे थे। गोलूवाला क्षेत्र में भगत सिंह कॉलेज के सामने केंचिया की ओर से आ रही एक कार (नंबर पीबी 03 एसी 8157) ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से राजकीय अस्पताल गोलूवाला पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद राजीव सिंह को मृत घोषित कर दिया। पृथ्वीराज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन बीकानेर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कार चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी वाहन चालक की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक गोलूवाला मंडी में एसी रिपेयरिंग का काम करते थे। वे देर रात काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
बुलंदशहर कलेक्ट्रेट को आईएसओ 9001:2015 प्रमाणपत्र मिला है। इसके साथ ही बुलंदशहर प्रदेश की पहली कलेक्ट्रेट बन गई है, जिसे यह अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणपत्र 20 अप्रैल 2026 को प्रदान किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि आमजन को उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम है। कलेक्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन प्रणाली के मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित की गई है। इससे नागरिकों को सेवाएं निर्धारित समय सीमा में मिल रही हैं और अनावश्यक भटकाव में कमी आई है। इस उपलब्धि के लिए डीएम कार्यालय, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय और राजस्व रिकॉर्ड रूम सहित 30 पटलों का कायाकल्प किया गया है। फाइलों का व्यवस्थित रखरखाव, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को इस प्रमाणन का आधार बताया गया है। प्रशासन ने जानकारी दी कि सभी कार्मिकों को गुणवत्ता प्रबंधन, कुशल प्रशासन और जनसामान्य से बेहतर व्यवहार के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। एक गुणवत्ता नीति लागू की गई और सभी कार्यालयों में उसका पालन सुनिश्चित कराया गया। Quality Austria Central Asia संस्था द्वारा परीक्षण के बाद बुलंदशहर कलेक्ट्रेट को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे जनहित, पारदर्शिता और बेहतर सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस उपलब्धि से जिले की प्रशासनिक कार्यशैली को नई पहचान मिली है।
हरदोई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता अखिलेश पाठक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नीलू सत्यार्थी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए हैं। दोनों नेताओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर अखिलेश पाठक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने अखिलेश पाठक को 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद सवायजपुर सीट से अखिलेश पाठक को प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो सवायजपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। अखिलेश पाठक 2012 में भाजपा के टिकट पर शाहाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। वह भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे हैं और जिले की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शाहाबाद सीट से मौजूदा विधायक रजनी तिवारी को फिर से प्रत्याशी बनाया था। इससे नाराज होकर अखिलेश पाठक ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था, जिसके बाद भाजपा नेतृत्व ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। निष्कासन के बाद से अखिलेश पाठक राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे, लेकिन किसी भी दल से औपचारिक रूप से नहीं जुड़े थे। विधानसभा चुनाव से पहले उनका सपा में शामिल होना सवायजपुर और शाहाबाद विधानसभा क्षेत्रों की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश पाठक के सपा में आने से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी। साथ ही, भाजपा और अन्य दलों के लिए चुनौती भी बढ़ सकती है। हालांकि, टिकट को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा, लेकिन अखिलेश पाठक की इस एंट्री से हरदोई की सियासत में नए समीकरण बनने की संभावना है।
कोटा के एमबीएस अस्पताल में सोमवार देर रात ईसीजी टेक्निशियन के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद ईसीजी टेक्निशियन के पद पर काम कर रहे स्टाफ में आक्रोश देखने को मिला। इस घटना के विरोध में मंगलवार को ईसीजी टेक्निशियनस ने अस्पताल अधीक्षक से मुलाकात की और कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने की मांग की। इस दौरान दो घंटे सांकेतिक रूप से ईसीजी डिपार्टमेंट में काम बंद रखा गया। साथ ही चेतावनी दी गई है कि मारपीट करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो पूर्ण रूप से काम बहिष्कार कर दिया जाएगा। निविदा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष दिलीप ने कहा कि रात के समय टेक्निशियन अक्सर अकेले काम करते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही मांग रखी कि रात की ड्यूटी में स्टाफ बढ़ाया जाए और महिला कार्मिकों की भी तैनाती सुनिश्चित की जाए।वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ.धर्मराज मीणा ने बताया कि पीड़ित टेक्निशियन का रात में ही मेडिकल करवाकर शिकायत थाने में दे दी गई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी कारण के टेक्निशियन के साथ मारपीट की गई, जो पूरी तरह गलत है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के समय अस्पताल में चार सिविल गार्ड और दो होमगार्ड तैनात थे, लेकिन मरीजों के साथ आई भीड़ ज्यादा होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। अब अतिरिक्त गार्ड तैनात किए जाएंगे, महिला गार्ड भी लगाई जा रही हैं और ड्यूटी सिस्टम में बदलाव किया जाएगा। अधीक्षक ने बताया कि ईसीजी में हमारे पास मेल वर्कर ज्यादा है, फीमेल कम है, ऐसे में रात में मेल वर्कस की डयूटी ज्यादा आती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चौकी पर भी दो पुलिसकर्मियों की डयूटी रहती है जबकि यहां पंद्रह का स्टाफ स्वीकृत है। इसके लिए भी एसपी को लिखा गया है। साथ ही प्रिसिंपल को भी लिखा है। अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे। गौरतलब है कि 60 वर्षीय महिला मरीज नूरजा बेगम को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। ईसीजी स्टाफ विष्णु प्रकाश ने बताया कि जैसे ही मरीज को लाया गया, उन्होंने एंट्री की और पूछा कि उनके साथ महिला अटेंडेंट है या नहीं। महिला अटेंडेंट मौजूद थी, इसलिए उन्हें अंदर ले लिया गया। स्टाफ ने कपड़ों संबंधी जरूरी निर्देश दिए, जिनका अटेंडेंट ने पालन किया। ईसीजी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी गई। इसी बीच उनके परिजन बाहर आ गए और गलत हरकत का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और मारपीट शुरू कर दी।
सुल्तानपुर जनपद के उच्च प्राथमिक विद्यालय रामनगर प्रथम पूरे चेती (कूरेभार) में शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन किया। यूनियन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को संबोधित एक मांग पत्र अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें एक शिक्षक के स्थानांतरण को रद्द करने की मांग की गई है। शिकायत पत्र के अनुसार, विद्यालय में पहले अंजनी नंदन पाण्डेय, राम राज और पीयूष सिंह सहित तीन शिक्षक कार्यरत थे। 16 जून 2025 को अंजनी नंदन पाण्डेय को एआरपी (ARP) नियुक्त किया गया, जिससे विद्यालय में शिक्षकों की संख्या घटकर दो रह गई। हाल ही में, विभाग ने शिक्षक पीयूष सिंह का भी स्थानांतरण कर दिया है। पीयूष सिंह के स्थानांतरण के बाद, अब पूरे विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक राम राज पर आ गई है। विद्यालय में कुल 70 छात्र नामांकित हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि अकेले एक शिक्षक के लिए इतने छात्रों को पढ़ाना और अन्य प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन करना असंभव है, जिससे विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राम विशाल मौर्य और तहसील उपाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी जीत बहादुर सिंह ने बीएसए से शिक्षक पीयूष सिंह के स्थानांतरण को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने पीयूष सिंह को उनके मूल विद्यालय रामनगर प्रथम में पुनः संबद्ध करने का आग्रह किया, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सके। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो अभिभावक और किसान संगठन मिलकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
करौली के मासलपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गया था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने सूनी हवेली को निशाना बनाया। चोरों ने पांच कमरों के ताले तोड़कर लाखों रुपये का सामान चुरा लिया और फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फतेहपुर गांव निवासी महेंद्र सिंह जादौन ने पुलिस को बताया कि उनका पूरा परिवार करौली में एक शादी समारोह में गया हुआ था। घर खाली होने का फायदा उठाकर अज्ञात चोर हवेली में घुस गए। चोरों ने एक-एक कर पांच कमरों के ताले तोड़े और अंदर रखा कीमती सामान समेट लिया। चोरी गए सामान में पीतल के चार बड़े परात और छह कलश, स्टील की दो बड़ी टंकियां जिनमें घरेलू बर्तन भरे थे, तथा चांदी के आभूषण जैसे पायल, टीका, नथ और अंगूठी शामिल हैं। इसके अलावा, चोरों ने बक्सों के ताले तोड़कर कंबल, चादरें और बैग सहित अन्य घरेलू सामान भी चुरा लिया। पीड़ित के अनुसार, इस वारदात में करीब 3 से 4 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। परिवार को चोरी की जानकारी अगले दिन दोपहर बाद तब हुई, जब वे घर लौटे। घर के अंदर कमरों के दरवाजे खुले पड़े थे और सामान बिखरा हुआ था। महेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे का सामान भी हवेली में रखा था, जिसे चोर अपने साथ ले गए। उनका बेटा बेंगलुरु में रहता है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि चोरी में किसी बाहरी व्यक्ति के बजाय आसपास के ही कुछ असामाजिक तत्वों का हाथ हो सकता है। पड़ोसियों ने रात के समय बर्तनों के गिरने की आवाज भी सुनी थी, लेकिन उन्हें चोरी की आशंका नहीं हुई, जिससे चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना की सूचना मासलपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
शाजापुर नगर में पानी की समस्या को लेकर मंगलवार को नगर पालिका परिषद में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्षदों ने नपा परिसर में मटकी फोड़कर विरोध जताया और आरोप लगाया कि कई वार्डों में अघोषित जल संकट बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष बोले-सिर्फ 15-20 मिनट के लिए ही मिल रहा पानी नेता प्रतिपक्ष अजीज मंसूरी ने बताया कि कई वार्डों में सिर्फ 15 से 20 मिनट के लिए ही पानी मिल रहा है, वह भी कम दबाव से। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सीएमओ से कई बार चर्चा की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ‘जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही’ मंसूरी ने आरोप लगाया कि सीएमओ जनप्रतिनिधियों की बातों को भी अनसुना कर रहे हैं, जिससे जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मटकी फोड़कर जिम्मेदारों का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन से पहले नपा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ने समर्थन देते हुए इसे ध्वनि मत से पारित किया। सभी ने इसे महिलाओं के विकास के लिए अहम कदम बताया। नपा अध्यक्ष बोले-नगर में पानी की कोई कमी नहीं वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने जल संकट के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि नगर में पानी की कोई कमी नहीं है। जहां समस्या आ रही है, वहां बिजली कटौती के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है। अध्यक्ष ने बताया कि जिन क्षेत्रों में नलों से पानी नहीं पहुंच पाता, वहां नगर पालिका की ओर से निःशुल्क टैंकर भेजकर व्यवस्था की जा रही है।
'वो मां से शादी करना चाहता था...' मासूम भाई के हत्यारे के खिलाफ बहन सेजल के ये बोल एकतरफा प्रेम के जुनून की दरिंदगी की तरफ इशारा करते हैं। दरअसल, सतना के सिद्धार्थ नगर बैंक कॉलोनी में सोमवार को 11 वर्षीय शिवराज रजक उर्फ बादल की जघन्य हत्या के बाद उसका शव नीले ड्रम के अंदर मिलने के सनसनीखेज मामले में जिस आरोपी मथुरा रजक का नाम सामने आया है, सेजल उसी का जिक्र रोते हुए कर रही थी। आरोपी अभी फरार है। पुलिस की तीन टीमें उसकी धरपकड़ के लिए हर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। दैनिक भास्कर ने इस वारदात की तह तक जाकर घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित परिजनों, आस-पड़ोस के लोगों और पुलिस सूत्रों से बातचीत के बाद जो कहानी निकलकर सामने आई, वह बेहद ही चौंकाने वाली है। पहले जान लेते हैं घटनाक्रम के बारे में... गला रेतकर हुई 11 साल के बच्चे की हत्यासतना के कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में सोमवार को पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले 11 वर्षीय शिवराज उर्फ बादल रजक की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसके शव को घर के अंदर एक नीले ड्रम में छिपाकर आरोपी फरार हो गया। मृतक शिवराज का परिवार बेहद साधारण जीवन जी रहा था। पिता महाराष्ट्र के नासिक में एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, जबकि मां आशा रजक घर-घर जाकर झाड़ू-पोछा कर परिवार का खर्च चलाती थीं। बड़ी बहन सेजल कॉलेज में पढ़ने के साथ नौकरी की तलाश कर रही है, और एक भाई शिवाकांत भी कंप्यूटर की दुकान में काम करता है। पिता को छोड़ मां एवं तीनों बच्चे संतोष विश्वकर्मा के मकान में किराए से रहते थे। सोमवार की सुबह भी हर दिन की तरह मां और भाई काम पर निकल गए और बहन भी नौकरी की तलाश में चली गई, जबकि मासूम शिवराज घर में अकेला रह गया। 10.30 बजे घर में घुसा था आरोपीकरीब 10:30 बजे के आसपास आरोपी, जो पहले से ही परिवार के संपर्क में था, घर में दाखिल हुआ। मौके का फायदा उठाकर उसने मासूम को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने धारदार हंसिया से शिवराज का गला बेरहमी से रेत दिया। मासूम को संभलने तक का मौका नहीं मिला, घर की चारदीवारी के भीतर ही उसकी जिंदगी खत्म कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ने अपनी दरिंदगी को छिपाने की पूरी कोशिश की। उसने शिवराज के शव को घर में रखे नीले प्लास्टिक ड्रम में डाल दिया और ऊपर से कपड़े भर दिए। इसके बाद बाहर से घर के दरवाजे पर ताला लगाकर फरार हो गया। उधर, दोपहर लगभग 1:30 बजे बहन सेजल घर पहुंची तो बाहर से ताला लगा देख उसने मां आशा को फोन लगाया। घर पर ताला लगा होने की बात सुनकर मां का माथा चौंक गई। वह फौरन घर पहुंची और खिड़की से झांककर देखा तो कमरे का पंखा चल रहा था और लाइट जल रही थी। मां-बेटी ने आस-पड़ोस में शिवराज की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस बीच मां को अनहोनी की शंका हुई तो वह मथुरा रजक की ड्राईक्लीन की दुकान पहुंची, लेकिन वह भी बंद थी। अंत में पुलिस को सूचना दी गई। बिस्तर और तकिए पर खून से सने मिलेमौके पर पहुंची पुलिस घर का ताला तोड़कर अंदर घुसी तो कमरे का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए, बिस्तर और तकिए पर खून ही खून, दीवारों पर खून के छींटे। वहीं दीवार के पास रखे नीले ड्रम में पुलिस ने झांककर देखा तो उसमें शिवराज का खून से सना शव पड़ा था। ड्रम के ऊपर ही हंसिया रखी थी, जिससे बच्चे का गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिसकर्मियों ने रोते-बिलखते परिवार को कमरे के बाहर किया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। टीआई सुदीप सोनी और एफएसएल के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। टीम द्वारा कई जगहों से फिंगरप्रिंट लिए गए। मौका मुआयना करने के बाद मासूम का शव ड्रम से बाहर निकाला गया। शव के गले पर धारदार हथियार से रेतने का गहरा निशान मिला। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हंसिया और शव के ऊपर रखे गए रक्तरंजित कपड़े जब्त कर लिए हैं। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस संदिग्ध आरोपी मथुरा रजक (45 वर्ष) की तलाश में जुटी है। मां से एकतरफा प्यार करता है आरोपीदरअसल, मृतक शिवराज के पिता रमेश रजक मूलतः सतना जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र के नयागांव के रहने वाले हैं। पूरा परिवार सतना की बैंक कॉलोनी में संतोष विश्वकर्मा के किराए के मकान में रहता है। रमेश पिछले लगभग 10 साल से महाराष्ट्र के कई शहरों में रहकर मजदूरी करता है और बीच-बीच में सतना आता रहता है। यहां उसकी पत्नी आशा और तीनों बच्चे मृतक शिवराज, बड़ा बेटा शिवाकांत और बेटी सेजल ही रहते हैं। आशा लोगों के घरों में काम करती है, जबकि बेटी सेजल कॉलेज में पढ़ाई के साथ काम की तलाश कर रही है। बेटा शिवाकांत 8वीं कक्षा में पढ़ाई के साथ सेमरिया चौक स्थित गोपाल कॉम्प्लेक्स में एक कंप्यूटर की दुकान में नौकरी भी करता है। बैंक कॉलोनी में ही मथुरा रजक की कपड़ों में प्रेस करने की दुकान है। रमेश की बेटी सेजल के अनुसार, मथुरा कई साल से उसकी मां के पीछे पड़ा है। एकतरफा प्रेम के चलते वह उस पर शादी करने का दबाव बनाता है। सेजल की इस बात की पुष्टि आस-पड़ोस के लोगों ने भी की है। वारदात के एक दिन पहले भी मथुरा ने आशा से विवाद किया था, जो हाथापाई तक पहुंच गया था। दुकान में लगाई थी फटकारपुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आशा मोहल्ले के एक घर में काम करती है। वहां उसने अपनी आपबीती सुनाई, तो घर के मालिक ने सोमवार की सुबह दुकान पहुंचकर मथुरा को जमकर फटकार लगाई और भविष्य में आशा को तंग न करने की नसीहत दी। माना जा रहा है कि इसी के बाद मथुरा आशा के घर गया और वहां आशा तो नहीं मिली, लेकिन उसने बदला लेने की नियत से मासूम शिवराज के साथ इस खौफनाक घटना को अंजाम दे दिया। पति-पत्नी में हुआ था विवादमहाराष्ट्र के नासिक में एक टाइल्स फैक्ट्री में काम करने वाला मृतक शिवराज का पिता रमेश वारदात के लगभग 15 दिन पहले सतना आया था। 10 दिन पहले पत्नी आशा के देर से घर लौटने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद रमेश नयागांव चला गया था। सूत्रों के मुताबिक, आशा के प्रति मथुरा की दीवानगी की बात रमेश को भी पता थी। इसी कारण वह जब भी सतना आता था, उसका मथुरा से विवाद होता था। सीधी का रहने वाला है मथुराइस जघन्य हत्याकांड में पुलिस को संदिग्ध जिस मथुरा रजक की तलाश है, वह मूलतः सीधी जिले का रहने वाला है। एडिशनल एसपी शिवेश सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी की धरपकड़ के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं, जो सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होगा। यह भी पढ़ें… 5वीं के छात्र का गला रेता, नीले ड्रम में छिपाया:सतना में खून से सना मिला तकिया और कमरा मध्यप्रदेश के सतना में 11 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर शव नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी घर के बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। घटना कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में सोमवार दोपहर की है। बच्चे के लापता होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ताला तोड़कर घर में घुसी। अंदर का मंजर सिहराने वाला था—बिस्तर पर रखी तकिया खून से सनी थी, दीवारों पर खून के छींटे थे और बिस्तर से लेकर ड्रम तक खून के निशान पड़े थे। मृतक की पहचान शिवराज रजक (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा 5वीं का छात्र था। तलाशी के दौरान पुलिस ने नीले ड्रम से बच्चे का शव बरामद किया। आरोपी मथुरा रजक (45) पर हंसिया से गला रेतकर हत्या करने का आरोप है। पूरी खबर पढ़िए…
भारतीय मजदूर संघ ने मंगलवार को रायसेन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उनके लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई। संघ ने कहा कि अलग-अलग विभागों, उद्योगों और संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनके समाधान से न केवल श्रमिकों को राहत मिलेगी, बल्कि कामकाज की व्यवस्था भी बेहतर होगी। 17 मांगों में सर्विस सिक्योरिटी एक्ट की मांगज्ञापन में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए “आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट” लागू करने या निगम मंडल के गठन की प्रमुख मांग रखी गई। इसके साथ ही श्रम कानूनों का पालन, 8 घंटे से अधिक काम पर ओवरटाइम और वेतन सीधे विभाग से दिलाने की बात कही गई। संघ ने हर माह की 7 तारीख तक वेतन और वेतन पर्ची देने, अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि और नियमित भर्ती में अवसर देने की मांग की। बिना जांच के नौकरी से निकालने पर रोक लगाने और शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच के बाद ही कार्रवाई करने की बात भी कही गई। ईएसआई-ईपीएफ और बीमा बढ़ाने का प्रस्तावज्ञापन में ईएसआई और ईपीएफ जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने और 62 वर्ष तक सेवा देने का प्रावधान करने की मांग रखी गई। साथ ही दुर्घटना बीमा राशि 20 लाख रुपए करने, श्रेणी उन्नयन और कौशल विकास प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश के खिलाफ अपील के लिए विभागीय समिति गठित करने की मांग की, ताकि कर्मचारियों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिल सके।
एटा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामरन जी और अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध योगेंद्र सिंह ने डायल 112 और पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक पुलिस लाइंस स्थित बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित की गई। इसमें पुलिस सेवा में सुधार और जन-शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने कॉलर से विनम्र और मर्यादित भाषा में बात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलर को पूरी तरह संतुष्ट करना प्रत्येक कर्मी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त, सभी पुलिसकर्मियों को अपनी कार्यवाही के दौरान बॉडीवर्न कैमरे का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने घटना स्थल पर तत्काल पहुंचने और 'अर्ली अराइव' कमेंट डालने पर विशेष ध्यान देने को कहा। निर्देश दिए गए कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर 30 मिनट के भीतर समस्त कार्यवाही पूरी कर एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) दाखिल की जाए। एटीआर में घटना का पूरा विवरण और पीआरवी द्वारा की गई कार्यवाही का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है। अपर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह ने रिस्पांस टाइम को न्यूनतम रखने की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में पीड़ित तक कम से कम समय में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। ड्यूटी के दौरान किसी भी पीआरवी कर्मी को शराब या किसी भी प्रकार के नशे में नहीं होने की सख्त हिदायत दी गई। चेतावनी दी गई कि चेकिंग के दौरान मदिरापान की स्थिति में पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पीआरवी की चेकिंग विभिन्न अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से की जाएगी। इसलिए सभी कर्मियों को सतर्क रहकर अपनी ड्यूटी का निर्वहन करने और चेकिंग रजिस्टर का साफ-सफाई के साथ रखरखाव करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना के मामलों में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए भी विशेष रूप से निर्देशित किया गया।
डीडवाना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की 'मॉनिटरिंग एवं परामर्शदात्री समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा प्राधिकरण के अध्यक्ष नाहर सिंह मीणा ने की। प्राधिकरण के सचिव महावीर सिंह चारण ने बताया कि बैठक में समिति के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता जयप्रकाश भी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) कार्यालय द्वारा पिछले एक माह में किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने लंबित प्रकरणों की स्थिति, उनके निस्तारण की गति और जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क कानूनी सहायता के आंकड़ों का गहन अवलोकन किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा ने डिफेंस काउंसिल प्रणाली को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को समय पर और प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन में विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही, विधिक सेवा योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे, जिससे हर जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय मिल सके।
अलीगढ़ में भीषण गर्मी से लोग बेहाल:39 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान, नमी का स्तर 12% पर आया
अलीगढ़ में भीषण ने लोगों को हाल–बेहाल कर दिया है। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे गर्मी से बचने के लिए जद्दोजहद करते दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियल तक पहुंचने के साथ ही हवा में नमी का स्तर गिरकर 12% रह गया है। शुष्क हवाओं ने 'लू' जैसा अहसास कराना शुरू कर दिया है। लोग चेहरे और सिर को गमछे, दुपट्टे और हेलमेट से ढंककर ही बाहर निकल रहे हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाजारों में लोगों की कम आवाजाही रही। दोपहर में लोग गन्ने और बेल के जूस का सहारा लेते हुए नजर आए। क्वार्सी चौराहा, सेंटर पॉइंट, अनूपशहर रोड और रामघाट रोड पर गन्ने के जूस के ठेलों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। पानी की तलाश में भटकते पक्षी गर्मी का कहर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी टूट रहा है। तालाबों और गड्ढों के सूखने के कारण पक्षी पानी की बूंद-बूंद के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। नगर निगम के बराबर में चाय की दुकान के पास एक कबूतर बेतहाशा गर्मी में नीचे गिर गया। इसे वहां पर मौजूद बच्चे आर्यन ने दुकान से कप लेकर उसमें पानी भरा और प्यासे कबूतर को पानी पिलाया। सावधानी बरतने की सलाह एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। दिन में तरल पदार्थ लेने चाहिए। घर से खाली पेट न निकलें और समय–समय पर पानी पीते रहें।
पेंशनर्स ने सरकार को दी चेतावनी:10 मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
बरेली में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित 10 प्रमुख मांगें शामिल थीं। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में पेंशनर्स एकजुट हुए। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वयं दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचकर पेंशनर्स से ज्ञापन लिया, जिससे इस मुद्दे की गंभीरता का पता चलता है। पेंशनर्स महंगाई और लंबे समय से लंबित लाभों के कारण सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने का आग्रह कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतनमान का लाभ देना और कोरोना काल में रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते का भुगतान शामिल है। इसके अतिरिक्त, रेलवे किराए में पहले जैसी छूट बहाल करने, पेंशन कटौती की अवधि 15 साल से घटाकर 10 साल करने और 65 वर्ष की आयु के बाद हर 5 साल में 5% पेंशन बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है। सबसे अहम मांगों में पेंशन को आयकर से मुक्त करने का मुद्दा है, जिसे पेंशनर्स ने अपने जीवन-निर्वाह से जुड़ा एक बड़ा सवाल बताया। पेंशनर्स का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी, अन्यथा वे आगे आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं। ज्ञापन सौंपते समय वरिष्ठ पेंशनर्स ने कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए।
पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास:हनुमानगढ़ कोर्ट ने 2021 के मामले में सुनाया फैसला
हनुमानगढ़ सेशन कोर्ट ने पत्नी हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश तनवीर चौधरी की अदालत ने गांव अराईयांवाली निवासी आत्माराम उर्फ लाभा पुत्र मंगूराम को दोषी करार देते हुए 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। लोक अभियोजक मनोज शर्मा ने बताया कि यह प्रकरण 22 अक्टूबर 2021 का है। अराईयांवाली निवासी रूकमा देवी उर्फ रूकिया पत्नी आत्माराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस संबंध में मृतका के पिता महावीर निवासी रावतसर ने टाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवादी महावीर ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसका दामाद आत्माराम उसकी बेटी रूकमा को काफी समय से परेशान कर रहा था। इसे लेकर पंचायत भी हुई थी, लेकिन वह नहीं माना। महावीर ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वह सरदारशहर क्षेत्र के एक गांव में नरमा चुगाई के लिए गया था। फोन पर उसे रूकमा की मौत की सूचना मिली। अराईयांवाली पहुंचकर उसने देखा तो कमरे में उसकी बेटी का शव पड़ा था। महावीर ने आरोप लगाया था कि रूकमा के पति आत्माराम ने उसकी बेटी के सिर पर चोट मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में हनुमानगढ़ टाउन पुलिस थाने में धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। लोक अभियोजक मनोज शर्मा ने जानकारी दी कि मामले की सुनवाई के दौरान 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा, 44 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मृतका के पति आत्माराम उर्फ लाभा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यदि अर्थदंड जमा नहीं करवाया जाता है, तो दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कोटा-बूंदी क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद को सुचारू और तेज बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सीएडी सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक में एफसीआई, राजफैड, तिलमसंघ, एनसीसीएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जब तक जिले का तय लक्ष्य पूरा नहीं हो, तब तक कोई भी खरीद केंद्र बंद नहीं किया जाए। बिरला ने कहा कि मंडियों और क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी स्थिति में खाली हाथ नहीं लौटना पड़े। एमएसपी पर गेहूं बेचने में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आगामी दिनों में खरीद बढ़ने की संभावना को देखते हुए गेहूं के उठाव और गोदामों में अनलोडिंग की गति तेज करने के निर्देश दिए। एफसीआई गोदामों के बाहर ट्रकों की लंबी कतारों पर नाराजगी जताते हुए बिरला ने कहा कि कोई भी वाहन दो दिन से ज्यादा खड़ा न रहे, इसके लिए लेबर बढ़ाई जाए। साथ ही, एक रैक क्षमता का गेहूं खरीदते ही उसे रेलवे यार्ड तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि समय पर परिवहन हो सके। लॉजिस्टिक व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी के कारण तुलाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खराब बारदाना मिलने पर उसे तुरंत बदलने को भी कहा गया। बिरला ने मंडियों में तुलाई कांटों की संख्या बढ़ाने, किसानों के लिए छाया, पानी और तिरपाल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर पीयूष समारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
भोपाल के वार्ड-48 से BJP पार्षद अरविंद वर्मा ने सिस्टम से नाराज होकर मंगलवार को खुद कचरा फेंका। उन्होंने तगारी में कचरा उठाया और फिर उसे गाड़ी में डाला। उनका कहना था कि स्वास्थ्य अधिकारी को सुबह से दोपहर तक कई बार कहा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पार्षद वर्मा ने बताया, वार्ड के प्रमुख इलाके शाहपुरा स्थित अजय नगर में बीती रात एक शादी समारोह था। जिसका कचरा पड़ा था। इसे उठाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी भावना पटेरिया और सफाई दरोगा शेख उवैस को मंगलवार सुबह से कॉल करता रहा, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। मजबूरन दोपहर 2 बजे उन्हें ही मोर्चा संभालना पड़ा, क्योंकि कचरे की वजह से राहगीरों का गुजरना मुश्किल हो रहा था। उनकी परेशानी को देखते हुए खुद ही कचरा साफ करना तय किया। देखिए दो तस्वीरें… निगम की कचरा गाड़ी में फेंकास्वास्थ्य अधिकारी और दरोगा द्वारा सुनवाई नहीं होने से पार्षद नाराज हो गए। हालांकि, कचरा साफ करने के दौरान निगम की गाड़ी आ गईं। नाराज पार्षद वर्मा ने खुद ही कचरा गाड़ी में फेंका। भास्कर ने जिम्मेदारों को कॉल किए, नहीं उठायापार्षद वर्मा का आरोप है कि निगम के अधिकारी-कर्मचारी निरंकुश हो गए हैं। वे पार्षदों की बात ही नहीं सुनते हैं। आज भी ऐसा ही हुआ। पार्षद के आरोपों का भास्कर ने भी रियलिटी चेक किया। पहले स्वास्थ्य अधिकारी पटेरिया को कॉल किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद अपर आयुक्त हर्षित तिवारी को कॉल किया, पर उन्होंने भी कॉल रिसीव करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इधर, पीड़ित के साथ जमीन पर बैठे भोपाल कलेक्टरभोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मंगलवार को पहली बार जनसुनवाई की। सुबह 11 बजे से उन्होंने आवेदकों से बात करना शुरू की। इस दौरान दिव्यांग महिला माया संतोरिया अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंची। कलेक्टर मिश्रा ने उन्हें आता देखा। वे खुद ही उनके पास पहुंचे और जमीन पर बैठकर समस्या सुनीं। कलेक्टर ने बताया कि जनसुनवाई में जमीन से जुड़े प्रकरण सामने आए हैं। वहीं, आरटीओ कर्मचारी की शिकायत मिली कि एक रिटायर्ड कर्मचारी की पेंशन नहीं दे रहा और रुपए मांग रहा है। मामलों की जांच कराकर समाधान कराया जाएगा।
भिलाई में एक युवक के जन्मदिन पर उसके उपर जानलेवा हमला हो गया। तीन युवकों ने शराब पीने के लिए पैसे मांगते हुए मारपीट कर दी। मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और बीयर की बोतल फोड़कर युवक की पीठ पर हमला कर दिया। घायल युवक ने अपने पिता के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के. पाल चक्रवर्ती ने बताया कि वह प्राइवेट आईटीआई का छात्र है। 20 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे वह अपने दोस्तों विशेष सिंह, निलम प्रतीक और के0 जोएल के साथ विशेष सिंह का जन्मदिन मनाने सेक्टर-07 मार्केट के पास मैदान में गया था। सभी वहां इकट्ठा होकर जन्मदिन मना रहे थे, तभी डी अजय, एस विजय और ए मयंक वहां पहुंचे और बिना बात के गाली-गलौज करने लगे। विवाद के बाद दूसरे जगह जाकर मनाने लगे जन्मदिनपीड़ित के मुताबिक डी अजय ने विशेष सिंह को गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान के. पाल ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद सभी दोस्त वहां से निकलकर भिलाई क्लब के सामने जयंती स्टेडियम पहुंच गए और वहां केक काटने लगे। लेकिन कुछ देर बाद वही तीनों आरोपी फिर वहां आ गए। आरोप है कि उन्होंने फिर से गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा कि “अकेले-अकेले बर्थडे मना रहे हो” और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। बोतल तोड़कर पीठ पर माराइसी दौरान एक आरोपी ने बीयर की बोतल तोड़कर के0 पाल की पीठ पर मार दिया, जिससे उसे चोट आई और खून निकलने लगा। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। पीड़ित ने इसके बाद इस घटना की जानकारी अपने पिता योगेश राव को दी और उनके साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। तीनों के खिलाफ अपराध पंजीबद्धपुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों डी अजय, एस विजय और ए मयंक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें पकड़कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के इरम गर्ल्स डिग्री कॉलेज, इंदिरा नगर में स्नातक और परास्नातक की जूनियर छात्राओं ने अपनी सीनियर्स को विदाई दी । इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रैम्प वॉक और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण रहा। कॉलेज प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रबंधक डॉ. के. एस. बज्मी यूनुस, निदेशक इ. के. एस. फैज़ी यूनुस, सचिव इ. के. एस. सैफी यूनुस, प्राचार्या डॉ. सीमा खान और प्रधानाचार्या सहर सुल्तान मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में जर्रीन अब्बास, डॉ. फरहीन फातिमा और डॉ. आयशा अब्बासी शामिल थीं। अतिथियों और निर्णायकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। रैम्प वॉक में स्नातक की 15 छात्राओं ने हिस्सा लिया कार्यक्रम का शुभारंभ वंशिका के एकल नृत्य घर मोहे परदेशिया से हुआ, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रैम्प वॉक में स्नातक की 15 छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रतीक्षा, नमरा, अंजली और आयुषी ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि बीएससी की लायबा और हिमांशी ने भी नृत्य प्रदर्शन किया। अंशिका और हिमांशी की संगीतमय प्रस्तुति को भी सराहा गया। 'मिस इरम' का चयन तीन चरणों में किया गया: रैम्प वॉक, प्रश्नोत्तर राउंड और एक्टिविटी राउंड। इन तीनों चरणों में छात्राओं के प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चुनाव किया गया। प्रथम और द्वितीय रनरअप भी घोषित किए गए समारोह में 'मिस इरम' (स्नातक और परास्नातक) के साथ प्रथम और द्वितीय रनरअप भी घोषित किए गए। कई विशेष खिताब भी दिए गए, जिनमें ब्यूटीफुल आईज, ब्यूटीफुल स्माइल, ब्यूटीफुल हेयरस्टाइल और ब्यूटीफुल ड्रेस शामिल थे। स्टार परफॉर्मर (स्नातक) का पुरस्कार अनम को और परास्नातक का खिताब शामिया को प्रदान किया गया।सर्वश्रेष्ठ उपस्थिति का अवार्ड अनम, रौशनी, शैली, वंशिका, ज़ैनब, वनीषा, श्रुति और अंजली को मिला। कार्यक्रम के समापन पर सचिव इ. के. एस. सैफी यूनुस ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूरे कार्यक्रम की सराहना करते हुए 'मिस इरम' विजेताओं को बधाई दी। यह विदाई समारोह सीनियर्स के लिए यादगार रहा, जबकि जूनियर्स ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया।
महेंद्रगढ़ में आगामी 3 मई को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) परीक्षा को लेकर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और परीक्षा केंद्र अधीक्षकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह नकल मुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। सुबह 11 बजे से प्रवेश उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। डीसी ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11:00 बजे से शुरू होगा और दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ये ले जाने पर पाबंदी उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, घड़ी, वॉलेट, रुमाल, आभूषण या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए पेन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा केंद्र पर ही उपलब्ध कराया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी बाहर से कोई स्टेशनरी न लाएं। पहचान पत्र लाना अनिवार्य अभ्यर्थियों को अपने साथ एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज की दो फोटो और एक वैध मूल पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। बैठक के दौरान नीट कोऑर्डिनेटर ओपी यादव ने पीपीटी के माध्यम से केंद्र अधीक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया, नगराधीश डॉ. मंगल सैन, डीएसपी भारत भूषण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 2.8 के पास मंगलवार को एक तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। जिससे दो युवकों की मौत हो गई। कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर के बाद मोटरसाइकिल में आग लग गई। पुलिस के अनुसार, UP 78 GA 4445 नंबर की एमजी हेक्टर कार ने सामने से आ रही बाइक (UP 96 S 1510) को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवरामपुर पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान रविकरण (26) पुत्र मतगंजन, निवासी ग्राम पतौड़ा और महेंद्र (35) पुत्र रामबहोरी, निवासी ग्राम अहिरन पुरवा, थाना भरतकूप के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्ती बढ़ाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है। थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- प्रारंभिक जांच में हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
अयोध्या जिले सुचित्तागंज नगर पंचायत में दो नए सभासदों ने शपथ ली। शासन की ओर से नामित दो नए सदस्यों आशीष तिवारी राम अवतार यादव को एसडीएम सोहावल सविता ने नगर पंचायत कार्यालय सभागार में शपथ दिलाई। इस अवसर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकापुर विधायक डॉ अमित सिंह एवं भाजपा जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी रहे। विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि सभी नव-नामित सभासदों को एक नई जिम्मेदारी मिली है और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा में जुट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही जनप्रतिनिधियों का मुख्य दायित्व है। भाजपा जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि दो नए सभासदों के नामित होने से नगर पंचायत को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने नव-नामित सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे कर्तव्य मार्ग पर डटे रहें और पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि कर्तव्यनिष्ठा का यह संस्कार हमें प्रारंभिक शिक्षा से ही मिलता है। उप जिलाधिकारी सविता ने 74वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय स्वशासन के तहत नगर निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आप सभी को इस व्यवस्था में कार्य करने के लिए नामित किया गया है, जो एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शपथ के अनुरूप सत्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आरती श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले सभासदों की संख्या 15 थी, लेकिन दो नए नामांकन के बाद अब कुल संख्या बढ़कर 17 हो गई है। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष रेशमा भारती समेत सभासद एवं क्षेत्र के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
विजयपुर जनसुनवाई में 84 आवेदन आए:दिव्यांग को मौके पर पेंशन, 12 को आवास योजना का लाभ
श्योपुर के विजयपुर में मंगलवार को नवागत कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसमें कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को आवेदनों का तत्परता से समाधान करने और साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। जनसुनवाई के दौरान ग्राम सुनवई निवासी दिव्यांग बालक गोलू गौर को तत्काल दिव्यांग पेंशन स्वीकृत की गई। सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से उसे अब प्रतिमाह 600 रुपये की पेंशन मिलेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 हितग्राहियों के नाम सूची में जोड़े गए। इसके साथ ही उनके एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) जारी करने के निर्देश दिए गए। ग्राम लाडपुरा की दिव्यांग महिला लक्ष्मी जाटव और हरदौल का पुरा की कई महिलाएं इस योजना में शामिल की गईं। मैदावाली की पिस्ता आदिवासी के मामले में चौथी किस्त का फंड ट्रांसफर ऑर्डर रिजेक्ट हो गया था, जिसे दोबारा जारी करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, पांचों कॉलोनी के चंद्रपाल के प्रकरण में भी किस्त जारी करने के आदेश दिए गए। ग्राम हरदौलपुरा के मानसिक दिव्यांग बालक मेहताब आदिवासी के मामले में कलेक्टर ने 7 दिनों के भीतर जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी कर पेंशन दिलाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि आवश्यकता पड़ने पर वे घर जाकर औपचारिकताएं पूरी करें। सारंगपुर निवासी बवन आदिवासी को मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का लाभ देने और लाडपुरा के मिथिलेश जाटव को पीएम किसान सम्मान निधि से जोड़ने के लिए राजस्व विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का सकारात्मक समाधान प्राथमिकता से किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके।
बुरहानपुर के रास्तीपुरा इलाके में देशी-विदेशी शराब दुकान खुलने के विरोध में रहवासियों ने पहले जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद दोपहर में बड़ी संख्या में लोग दुकान के सामने इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के चलते इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही सीएसपी गौरव पाटील, कोतवाली टीआई एसआर सोलंकी और यातायात टीआई राजेश बारवाल मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। काफी देर तक चले हंगामे के बाद जब दुकान का शटर बंद किया गया, तो प्रदर्शनकारियों ने तालियां बजाकर खुशी जाहिर की और धीरे-धीरे मौके से हट गए। देखिए विरोध की तीन तस्वीरें… मंदिरों और स्कूल के पास दुकान खोलने का विरोध एमआईसी सदस्य धनराज महाजन के नेतृत्व में रहवासियों ने शिकायत में बताया कि यह वाइन शॉप शनवारा के लिए आवंटित थी, लेकिन इसे रास्तीपुरा के पुराना नाका क्षेत्र में खोला जा रहा है, जो हनुमान, भैरव और श्रीकृष्ण मंदिर से महज 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुकान के पास ही स्कूल-कॉलेज के बस स्टॉप हैं, जहां से बच्चे रोजाना गुजरते हैं। महिलाओं की आवाजाही भी अधिक रहती है और इसी क्षेत्र में धार्मिक आयोजन भी होते हैं। रहवासियों ने मांग की है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक दुकान बंद रखी जाए।
टीकमगढ़ में मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में आउटसोर्स कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकारी विभागों में चल रही ठेकेदारी प्रथा के विरोध में जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री कमलेश गंगेले ने कहा कि संघ प्रदेश के सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ रहा है। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक अलग निगम मंडल बनाया जाए। साथ ही, 'समान काम-समान वेतन' का नियम लागू हो ताकि कर्मचारियों को उनके काम का पूरा हक मिल सके। शोषण रोकने और सुविधाओं पर जोर ज्ञापन में ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे शोषण को बंद करने की मांग उठाई गई है। संघ ने मांग की है कि श्रम कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए। कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा दी जाए। 6 घंटे से अधिक काम न लिया जाए और अगर ज्यादा काम कराया जाता है, तो उसका अलग से ओवरटाइम भुगतान हो। ईएसआई (ESI) और ईपीएफ (EPF) जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से मिलें। आंदोलन की चेतावनी कर्मचारियों का कहना है कि विभागों में उनके साथ अन्याय हो रहा है, जिसे अब खत्म किया जाना चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी इन जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुरादाबाद पुलिस ने बुलंदशहर में तैनात एडिशनल सिविल जज आसमा सुल्ताना के पिता और शहर के मशहूर अल्वीना बेकरी के संचालक मोहम्मद असद की हत्या के मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद जफर के घर की कुर्की कर ली है। हिस्ट्रीशीटर असद बेकरी संचालक मोहम्मद असद का सगा साला है। प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे विवाद की वजह से उसने अपने सगे बहनोई की गोली मारकर हत्या कर दी थी।घटना 27 फरवरी को नागफनी थाना क्षेत्र में देर शाम करीब 7:30 बजे हुई थी। घटना के समय मोहम्मद असद अपने छोटे साले डेनियल के साथ स्कूटी से तरावीह की नमाज पढ़ने जा रहे थे। तभी पीछे से बाइक पर आए जफर ने असद को पास से गोली मारी थी। इसके बाद मौके से फरार हो गया था। इस मामले में परिजनों ने हिस्ट्रीशीटर जफर, उसके दो बेटों, दामाद और दोस्त के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश रचने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में अभी तक जफर के दामाद और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। जबकि जफर और उसके दो बेटे अभी भी फरार हैं। पिछले दिनों एसएसपी सतपाल अंतिल ने फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर जफर और फरार उसके दोनों बेटों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया था। डीआईजी ने इसे बढ़ाकर 50-50 हजार रुपए कर दिया था। SSP सतपाल अंतिल के निर्देश पर पुलिस की टीमें लगातार फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही हैं। आरोपियों के जम्मू में छिपे होने की आशंका पर पुलिस टीमों ने वहां भी संभावित ठिकानों पर छापामारी की। लेकिन आरोपियों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। पुलिस ने इस बीच मंगलवार को नागफनी में हिस्ट्रीशीटर जफर के घर की कुर्की कर ली है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के मकान को सील कर दिया है। जबकि उसके घर में मिले सामान को पुलिस ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर ले गई। पुलिस की कोशिश है कि फरार चल रहा जफर और उसके दोनों बेटे जल्द से जल्द पुलिस के हाथ लग जाएं। इसके लिए जफर के रिश्तेदारों और करीबियों पर भी पुलिस की नजरें हैं।
सरपंच पति पर हमले के 6 आरोपी गिरफ्तार:शादी विवाद में हुई घटना, कोर्ट में पेश कर जेल भेजा
बालाघाट। हट्टा थाना क्षेत्र के कोहकाडीबर में सरपंच पति आतिश लिल्हारे पर जानलेवा हमले के मामले में हट्टा पुलिस ने मंगलवार को फरार चल रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह घटना 7 अप्रैल को कोहकाडीबर में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद के बाद हुई थी। नौ आरोपियों ने मिलकर सरपंच पति आतिश लिल्हारे पर प्राणघातक हमला किया था। गंभीर रूप से घायल आतिश का इलाज वर्तमान में गोंदिया अस्पताल में चल रहा है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मंगलवार को जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनमें चिमनलाल बिरनवार (65), राजू बिरनवार (35), गुड्डु उर्फ मोतीलाल बिरनवार (40), शैलेन्द्र मस्करे (45), सीताराम मस्करे (45) और योगेश बिसेन शामिल हैं। ये सभी आरोपी कोहकाडीबर गांव के निवासी हैं। इससे पहले, हट्टा पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। इनमें कोहकाडीबर निवासी महेश पिता श्रीराम पिछोडे (32), राजेन्द्र पिता पीतमलाल मस्करे (35) और सीताराम पिता सोहनलाल जामरे (37) शामिल थे। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त उभारी और लोहे की रॉड भी जब्त की थी।
झालावाड़ में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक पहल के तहत मंगलवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सरस्वती मूकबधिर आवासीय स्कूल और नवजीवन योजना के छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने मिनी सचिवालय में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान कलेक्टर ने एक अनुवादक के माध्यम से छात्रों से बातचीत की और उनकी आगे की पढ़ाई, लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से विमुक्त समुदाय की छात्रा पूजा से मुलाकात की, जिसने पारिवारिक विरोध के बावजूद दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की है। कलेक्टर ने पूजा की परिस्थितियों को देखते हुए उसकी पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को पूजा को विभागीय आवासीय स्कूल में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि पूजा जैसी बेटियां समाज के लिए प्रेरणा हैं और भविष्य में अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बन सकती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से उसे हर संभव सहयोग मिलेगा। छात्रों द्वारा बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग पर, कलेक्टर ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को स्कूल में स्मार्ट बोर्ड और एलईडी स्क्रीन लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, स्कूल संचालक संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारी और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
उदयपुर के निजी स्कूल में सिर पर पोल गिरने से तीसरी क्लास के बच्चे की मौत को लेकर आज दोपहर तीन बजे से शहर के गोवर्धन विलास पुलिस थाने के बाहर सर्व सामाजिक संगठन उदयपुर के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने प्रदर्शन करते हुए बच्चे की मौत पर न्याय मांगा। सभी ने अपनी बात रखी और आक्रोश जताते हुए कहा कि बच्चे की मौत के मामले में उसके परिवार को न्याय मिले। बच्चे की मौत में कौन जिम्मेदार है और क्या-क्या लापरवाहियां रही और किसके स्तर पर रहीं इसकी जांच हो। थानाधिकारी के समक्ष सभी ने एक स्वर में कहा कि हत्या का मामला दर्ज करते हुए स्कूल संचालक को गिरफ्तार किया जाए। परमवीरसिंह दुलावत ने कहा कि हादसे के पूरे सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाए और अगर फुटेज के साथ छेड़छाड़ की होगी तो बर्दाश्त नहीं होगा। बाद में थानाधिकारी राजेंद्र सिंह चारण ने अब तक की गई पुलिस कार्रवाई से सभी को बताया। थानाधिकारी ने कहा कि सोमवार को जो रिपोर्ट दी गई उसके अनुसार ही कार्रवाई की गई। इस पर सभी ने कहा कि परिवार के सदस्य और रिश्तेदार सोमवार को सदमे में है और कल जल्दबाजी में रिपोर्ट दी। इसके बाद आज एक और रिपोर्ट पुलिस को दी गई जिसमें स्कूल संचालक पर हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की। आसपास के थाने से जाब्ता बुलाया विरोध प्रदर्शन के बीच आसपास के पुलिस थाने से जाब्ता गोवर्धन विलास थाने में बुलाया गया। नाई थानाधिकारी मुकेश सोनी भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा की द्ष्टि से थाने के वहां पर जाब्ता बढ़ाया गया है। जानिए बच्चे की मौत वाली घटना के बारे में गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में सेंट एंथोनी स्कूल में सोमवार 12:30 बजे तीसरी कक्षा का छात्र छात्र महर्थ राजसिंह (8) पुत्र देवेन्द्र पाल सिंह चौहान की मौत हो गई थी। आरके पुरम तीतरड़ी में रहने वाला ये बच्चा हैंडबॉल के पोल पर लटका था। तभी उसका बैलेंस बिगड़ गया था। पोल सीधे बच्चे के सिर पर आकर गिर गया था। ये खबर पढ़े… स्कूल में 8 साल के बच्चे पर गिरा पोल, मौत:इकलौते बेटे का शव देख पिता बेहोश, सेंट एंथोनी स्कूल में हैंडबाल खेलते वक्त हुआ हादसा
सीहोर में मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनसुनवाई के दौरान सूदखोरों से परेशान एक महिला ने सांकेतिक फांसी लगाकर विरोध दर्ज कराया। गंगा आश्रम निवासी ज्योति बेस ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने आम के पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत रोक लिया। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने ज्योति को सुरक्षित जनसुनवाई सभागार में पहुंचाया। यहां तहसीलदार अमित सिंह ने उन्हें सीएसपी से मिलकर शिकायत रखने की सलाह दी। ज्योति बेस का आरोप है कि फॉरेस्ट कॉलोनी के सूदखोरों ने उनके पति रुद्र प्रताप को कर्ज के जाल में फंसा लिया। पहले 2.5% ब्याज पर पैसा दिया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 से 20% कर दिया गया। महिला के अनुसार, 10 लाख रुपए के बदले वे अब तक करीब 60 लाख रुपए चुका चुके हैं। पति ने जहर खाया, भोपाल में चल रहा इलाज सूदखोरी से परेशान होकर उनके पति ने कीटनाशक जहर खा लिया। वर्तमान में उनका इलाज भोपाल के एक अस्पताल में चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि ब्याज चुकाने के लिए उनका मकान और गहने तक बेचने पड़े। अब परिवार किराए के मकान में रह रहा है और आर्थिक तंगी के चलते बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। धमकियों का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी ज्योति का कहना है कि सूदखोर लगातार उन्हें और उनकी मदद करने वालों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, तहसीलदार, सीएसपी और कोतवाली टीआई सहित सभी अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे कलेक्ट्रेट में वास्तविक फांसी लगाकर आत्महत्या करेंगी, जिसकी जिम्मेदारी सूदखोरों के साथ प्रशासन और पुलिस की होगी।
सहारनपुर में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में हिंदुस्तानी पसमांदा मंच द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम बयान सामने आए। मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिजवान अंसारी ने संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों को विस्तार से रखा। प्रेस वार्ता के दौरान रिजवान अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तानी पसमांदा मंच देश के उस मेहनतकश मुस्लिम वर्ग की आवाज है, जिसने सदियों से अपने कौशल और परिश्रम के बल पर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। इसके बावजूद यह वर्ग सामाजिक भेदभाव, राजनीतिक उपेक्षा और तथाकथित सेक्युलर दलों की वोट बैंक राजनीति के कारण अपने अधिकारों से वंचित रहा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पसमांदा समाज अपनी अलग पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करे। इस दौरान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से RSS के बारे में जो धारणाएं बनाई गई हैं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं। उनके मुताबिक RSS न तो मुसलमानों का दुश्मन है और न ही कट्टरता का प्रतीक, बल्कि यह संगठन राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की बात करता है। वहीं, मुस्लिम धर्मगुरुओं और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग समुदाय को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। अंसारी ने कहा कि मुसलमानों को RSS से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपने ही समाज के उन लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है, जो उन्हें गुमराह करते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि पसमांदा मंच का संघर्ष केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
फसल अवशेष जलाने से लगी आग, पेट्रोल पंप तक पहुंची:पिपराइच-कप्तानगंज मार्ग पर एक घंटे आवागमन हुआ बाधित
कुशीनगर जिले के कप्तानगंज तहसील क्षेत्र के बोदरवार इलाके में गेहूं के अवशेष जलाने से भीषण आग लग गई। आग की लपटें पिपराइच-कप्तानगंज मार्ग तक पहुंच गईं, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और कई वाहन इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। इस दौरान सड़क पर धुएं और आग की लपटों का एक वीडियो भी सामने आया है। सड़क पर धुएं का घना गुबार और तेज लपटों ने स्थिति को और भयावह बना दिया। खासकर सीएनजी वाहनों में सवार लोग दहशत में आ गए और अपनी गाड़ियों को हटाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। लगभग एक घंटे तक धुएं और राख के कारण मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आग नजदीकी पेट्रोल पंप तक पहुंचने लगी। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने तुरंत पानी का छिड़काव शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर पेट्रोल पंप को सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील दोहराई है। उप निदेशक कृषि अतिन्द्र सिंह ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और मृदा की उर्वरता कम होती है। इसके साथ ही यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फसल अवशेष जलाना एक दंडनीय अपराध है और इसकी निगरानी सैटेलाइट के माध्यम से की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर 2500 रूपए से 15000 रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हनुमानगढ़ में 3 घंटे बिजली कटौती कल:शंकरनगर जीएसएस रखरखाव से कई कॉलोनियां प्रभावित होंगी
हनुमानगढ़ में बुधवार को शहर के कई इलाकों में करीब तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। शंकरनगर जीएसएस से निकलने वाले फीडरों में रखरखाव कार्य के कारण सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। फीडर इंचार्ज साहबराम ने बताया कि इस दौरान श्यामसिंह कॉलोनी, चंडीगढ़ हॉस्पिटल रोड, टाउन-जंक्शन रोड, दारासिंह कॉलोनी और ज्योति कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। विभाग द्वारा यह कार्य लाइन की मरम्मत और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह बिजली कटौती ऐसे समय में हो रही है जब जिले में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे दिन के समय बिना बिजली के रहना मुश्किल हो सकता है। सुबह के समय कटौती से पानी की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की व्यवस्था मोटर के जरिए की जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्धारित कटौती के अलावा शहर में लगातार अघोषित बिजली कट भी हो रहे हैं। इससे घरों, दुकानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। गर्मी के चलते कूलर और पंखों पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में बिजली कटौती से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बस्ती में भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रस्तावित 'महिला जन आक्रोश सम्मेलन' की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिला कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने की। इसमें पूर्व सांसद और असम प्रभारी हरीश द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि यह सम्मेलन 23 अप्रैल को बस्ती के अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह सम्मेलन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बूथ स्तर तक अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का आह्वान किया। 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जनपद के प्रत्येक मंडल में भी महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। विवेकानंद मिश्र ने बताया कि पार्टी के जनप्रतिनिधि, महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करेंगे। विद्यालयों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों पर भी अभियान चलाया जाएगा। सम्मेलन की सफलता के लिए बूथ समितियों को मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान बैठक में जिला उपाध्यक्ष शालिनी मिश्रा, शिवानी सिंह, सुषमा चौधरी, मीना पाण्डेय, निर्मला श्रीवास्तव, संध्या दीक्षित और मृदुला शुक्ला सहित कई महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं।
माटी कला उद्यमियों को 10 लाख तक का ऋण:मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के तहत मिलेगा लाभ
मऊ जिले में माटी कला से जुड़े उद्यमियों और शिल्पकारों को मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने दी। राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शासन द्वारा सभी जनपदों को लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हो रहे नुकसान के मद्देनजर प्लास्टिक से निर्मित कप, प्लेट आदि के उपयोग पर प्रतिबंध के बाद मिट्टी के पात्रों के उपयोग और उनके औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देना है। योजना के तहत, 18 से 55 वर्ष की आयु के पारंपरिक माटी कला कारीगरों, उद्यमियों, शिल्पकारों, समूहों और समितियों को बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। इसमें बैंक द्वारा ऋण धनराशि का 95 प्रतिशत और उद्यमी का स्वयं का अंशदान 5 प्रतिशत दिए जाने का प्रावधान है। पूंजीगत ऋण की धनराशि पर 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी के रूप में अनुदान भी प्राप्त होगा। 5 लाख रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदक का कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, संगीत पैलेस, निजामुद्दीनपुरा, मऊ, या मोबाइल नंबर 7408410764 और 7905331603 पर संपर्क कर सकते हैं।
जमतरा गांव में नर्मदा से रेत खनन के दौरान डूबने से हुई युवक की मौत के मामले में मंगलवार दोपहर 1 बजे ग्रामीणों ने जबलपुर-मंडला रोड पर चक्काजाम कर दिया। दोपहर 3 बजे तक रोड जाम रहा। मानक वर्मा नर्मदा से रेत निकालने के दौरान सोमवार को पुलिस-प्रशासन की टीम को देखते हुए नदी में कूद गया था जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों में कार्रवाई को लेकर गुस्सा था। पीएम के बाद जैसे ही मानक का शव गांव लाया गया तो सैकड़ों ग्रामीण जमा हुए और जबलपुर-मंडला रोड पर चक्काजाम कर दिया। जानकारी लगते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पुहंची और प्रदर्शनकारियों की समझाने में जुटी रही। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग ग्रामीणों की मांग है कि दोषी पुलिस-प्रशासन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। आरोप है कि एक सिपाही ने युवक को जानबूझकर नदी में डुबाया, जिससे उसकी मौत हुई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए और चक्काजाम समाप्त किया गया। पांच लाख रुपए की सहायता दी गई है एएसपी एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत ली गई है, जिसकी जांच करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि रेडक्रास फंड से एक लाख रुपए की राशि दी गई है। शासन की ओर से चार लाख रुपए दिए जाते हैं, वह भी दिए गए हैं। मर्ग दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है। ग्रामीणों ने कुछ आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच करवाई जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो निश्चित रूप से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला शांत है। ये खबर भी पढ़ें… माइनिंग टीम से डरकर नर्मदा में लगाई छलांग, मौत मध्य प्रदेश के जबलपुर में अवैध खनन के खिलाफ सोमवार दोपहर करीब 2 बजे रेड के दौरान माइनिंग टीम से डरकर युवक ने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। डूबने से उसकी मौत हो गई। उसके 4-5 साथी मौके से भाग गए। मामला बरेला थाना क्षेत्र के खिरैनी रेत घाट का है।पूरी खबर पढ़ें
धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र की राजबाड़ी ग्वाला पार्टी में मंगलवार को शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग ने एक घर को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। आग लगते ही स्थानीय लोगों ने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, संकरी और अतिक्रमित सड़कों के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। घर में रखा अधिकांश सामान बचाया नहीं जा सका कड़ी मशक्कत के बाद दो दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस घटना में पीड़ित परिवार के घर का फर्नीचर, कपड़े और दस्तावेज सहित लाखों रुपए की संपत्ति जलकर राख हो गई। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा अधिकांश सामान बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर स्थिति का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विधायक ने बाघमारा अंचल अधिकारी से फोन पर बात कर आपदा प्रबंधन विभाग के तहत उचित मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं। इसी वजह से दमकल की गाड़ियों को समय पर पहुंचने में बाधा हुई और आग ने विकराल रूप ले लिया।फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जींद में चल रहे किसानों के धरने पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर टिप्पणी की और सरकार को 'तानाशाह' बताया। टिकैत ने कहा कि अगर दुष्यंत चौटाला किसान आंदोलन के समय भाजपा का साथ छोड़कर किसानों के बीच आते, तो आज वे हरियाणा के मुख्यमंत्री होते। उन्होंने चौटाला को सलाह दी कि उन्हें सबसे पहले अपने गांव चौटाला जाकर परिवार से सलाह करनी चाहिए, फिर किसानों के बीच आना चाहिए। हिसार पुलिस के साथ दुष्यंत चौटाला के विवाद पर बोलते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि परिवार में अगर झगड़ा होगा तो भाजपा उन्हें अकेले-अकेले कर देगी। उन्होंने चौटाला को परिवार को एकजुट करने और फिर किसानों के बीच आने की सलाह दी। हरियाण सरकार तानाशाह, नहीं सुन रही किसानों की बात : टिकैत टिकैत ने सरकार को 'तानाशाह' बताते हुए कहा कि वह किसानों की बात नहीं सुन रही है। उन्होंने घोषणा की कि अब वे चंडीगढ़ जाएंगे और वहां पंचायत करेंगे, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने 2013 में बने एक नए कानून में राहुल गांधी के प्रमुख योगदान का भी जिक्र किया। टिकैत ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी को 'बेवकूफ साबित' करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है और अपनी पूरी आईटी सेल को इस काम में लगा रखा है। उन्होंने हरियाणा के कांग्रेस नेताओं से 'त्याग' करने और मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा छोड़ने का आह्वान किया। महेंद्र सिंह टिकैत और चौधरी देवीलाल के संबंधों का भी उल्लेख टिकैत ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत और चौधरी देवीलाल के संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब चौधरी देवीलाल थे, तब किसानों के बीच उनका सम्मान था। टिकैत ने टिप्पणी की कि जब परिवार बंट जाता है, तो सरकार पहले शामिल करती है और फिर अलग कर देती है।
सुलतानपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश (जनपद शाखा-सुलतानपुर) ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। यह प्रदर्शन तिकोनिया पार्क में आयोजित किया गया था। ज्ञापन संगठन के जिला अध्यक्ष घनश्याम श्रीवास्तव और जिला मंत्री विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में सौंपा गया। इसमें पेंशनभोगियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में वित्त विधेयक 2025 में संशोधन कर पुराने पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के दायरे में लाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने और कोविड-19 के दौरान रोके गए 18 महीने के डी.ए./डी.आर. के एरियर का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई। अन्य मांगों में वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत की छूट पुनः शुरू करना और पेंशन को पूरी तरह से आयकर से मुक्त करना शामिल है। एसोसिएशन ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का भी आग्रह किया। पेंशनरों ने 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर पांच वर्ष पर पेंशन में 5 प्रतिशत की वृद्धि की मांग की। इसके साथ ही, पेंशन के राशिकरण (Commutation) की कटौती को 15 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पर ही बंद करने की मांग भी रखी गई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि देश के पेंशनरों में असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन 10 बिंदुओं पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स उपस्थित थे। उन्होंने अपनी एकता का प्रदर्शन करते हुए 'सेवानिवृत्त कर्मचारी एकता जिंदाबाद' के नारे भी लगाए।
अनूपपुर की केवई नदी पर 9 बैराज निर्माण पर आपत्ति:युवाओं ने दी जन आंदोलन और जल सत्याग्रह की चेतावनी
अनूपपुर जिले की केवई नदी पर एक निजी कंपनी द्वारा बनाए जा रहे अनिकट और प्रस्तावित 9 बैराजों के निर्माण को लेकर मंगलवार को जन सुनवाई में गंभीर सवाल उठाए गए। कोतमा क्षेत्र के युवाओं और किसानों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'स्टॉप वर्क ऑर्डर' जारी करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी की पुरानी पर्यावरण मंजूरी (EC) 26 नवंबर 2022 को समाप्त हो चुकी थी, जबकि नई मंजूरी 11 सितंबर 2025 को मिली। इस अंतरिम अवधि के दौरान ही 31 जुलाई 2025 को जल संसाधन विभाग और कंपनी के बीच अनुबंध हस्ताक्षरित कर लिया गया। युवाओं का तर्क है कि वैध EC के बिना किया गया कोई भी अनुबंध शुरुआत से ही शून्य है। पर्यावरण मंजूरी की शर्तों के अनुसार, नदी और प्लांट के बीच बफर जोन तथा ग्रीन बेल्ट होना अनिवार्य है ताकि प्राकृतिक बहाव प्रभावित न हो। हालांकि, मौके पर सीधे नदी के बीचों-बीच कंक्रीट का अनिकट बनाया जा रहा है। शिकायत में जल संसाधन विभाग की इस उल्लंघन पर चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं। एक बड़ा आरोप यह भी है कि कंपनी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) को दिए गए आवेदन में 9 बैराजों की जानकारी छिपाई। नियमों के मुताबिक, जानकारी छिपाना या भ्रामक डेटा देना EC निरस्त करने का पर्याप्त आधार है। आरोप है कि कंपनी ने सोन नदी से पानी लेने की अनुमति तो ली, लेकिन केवई नदी पर 9 बैराजों के निर्माण की बात छुपा ली। इन बैराजों की अनुमति बिना जनसुनवाई के देना सीधे तौर पर जनता के अधिकारों का हनन बताया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि ये 9 बैराज बनते हैं, तो सरकार की करोड़ों की 'नल-जल योजना' और सीतामढ़ी सिंचाई परियोजना पूरी तरह ठप्प हो जाएगी। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि उन्होंने इस संबंध में एक माह पूर्व भी आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं की गई है।
कानपुर देहात के सिठमरा क्षेत्र में विश्व पृथ्वी दिवस से एक दिन पूर्व प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों को पृथ्वी संरक्षण की शपथ दिलाई गई और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को बताया कि वर्ष 2026 के लिए पृथ्वी दिवस की थीम हमारी शक्ति, हमारा ग्रह निर्धारित की गई है। तोमर ने कहा कि यह दिवस नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सामूहिक प्रयासों का संदेश देता है। इस अवसर पर नेपाल से पर्यावरण योद्धा सम्मान प्राप्त पर्यावरण मित्र नवीन कुमार दीक्षित ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने समझाया कि अनावश्यक बिजली का उपयोग पृथ्वी का अपमान करने जैसा है और बच्चों से बिजली, पानी तथा प्राकृतिक संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की। शिक्षिका माया देवी ने विश्व पृथ्वी दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रदूषण को कम करने के लिए प्रेरित करना है। शिक्षक गुंजन पाण्डेय ने बताया कि इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1970 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति लोगों को सचेत करना था। कार्यक्रम के अंत में प्राथमिक विद्यालय सिठमरा के प्रधानाध्यापक अरविंद राजपूत ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बच्चों को मिली यह जानकारी उनके जीवन में उपयोगी साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आकर्षक पोस्टर बनाए और पृथ्वी को स्वच्छ, सुंदर तथा हरा-भरा बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर शिक्षिका पूजा दिवाकर, अनुदेशक प्रियंका यादव सहित विद्यालय का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।
बूंदी जिले की लबान ग्राम पंचायत में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए पहली बार एनसीसीएफ (NCCF) द्वारा केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सरपंच बुद्धि प्रकाश मीना ने विधिवत कांटे का पूजन कर खरीद प्रक्रिया की शुरुआत की। गांव में पहली बार गेहूं खरीद केंद्र खुलने से स्थानीय किसानों में उत्साह देखा गया। अब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज की मंडियों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत होगी। कार्यक्रम के दौरान सरपंच बुद्धि प्रकाश मीना ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ओम बिरला के प्रयासों से ही क्षेत्र के किसानों को यह महत्वपूर्ण सुविधा मिल पाई है। इस मौके पर ठेकेदार हरिओम गुर्जर, पंचायत सचिव रतन सिंह पंवार, जीएसएस अध्यक्ष रामहेत मीना, गिरिराज मीना, वार्ड पंच रामस्वरूप मीणा, हरिओम मीना, नारायण मीना, दौलतराम मीना, सुखदेव स्वामी, मुरलीधर शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस पहल को किसानों के लिए बेहद लाभकारी बताया और सरकार तथा जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
रायसेन में मंगलवार शाम करीब 4 बजे इंदौर से सागर जा रही एक स्लीपर कोच बस में अचानक आग लग गई। घटना सेहतगंज के पास हुई, जहां बस के अगले हिस्से से लपटें उठती देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका, जिससे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिल गया। बस में करीब 50 यात्री सवार थे। आग लगते ही बस के अंदर तेजी से धुआं भर गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग दरवाजे खोलकर तुरंत बाहर निकले और संभावित धमाके के डर से करीब 200 मीटर दूर जाकर खड़े हो गए। देखिए तीन तस्वीरें… बैटरी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंकाप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग चालक की सीट के नीचे और स्टीयरिंग के पास से शुरू हुई। शुरुआती जांच में बस की बैटरी में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। स्थिति बिगड़ने से पहले ही चालक और परिचालक ने मौके पर पानी डालकर आग पर काबू पा लिया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर तनाव बना रहा, लेकिन आग बुझने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इन दिनों रायसेन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे वाहनों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है।
कैथल में विदेश से रिश्तेदार बनकर 23 लाख हड़पे:एक आरोपी गिरफ्तार, नोएडा का रहने वाला
कैथल के चीका क्षेत्र के एक बुजुर्ग से विदेश से रिश्तेदार बनकर 23 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने विदेशी नंबर से कॉल करके ठगी की थी। पकड़े गए आरोपी की पहचान जरारा पिपरी यूपी हाल नोएडा निवासी साकिव मोहम्मद के रूप में हुई है। विदेशी नंबर से कॉल की चीका के वार्ड नंबर 16 निवासी संतोख की शिकायत अनुसार उसके दो बेटे 15 साल से इटली गए हुए है तथा उसके साले गांव कसौर निवासी बहादुर के भी दो बेटे बलराज व मनजीत भी इटली गए हुए है। मनजीत बचपन से ही उनके घर रहता था इसलिए वह उससे बेटों की तरह प्यार करता था। शिकायतकर्ता अनुसार 29 मई 2023 को उसके पास विदेशी नंबर से कॉल आई। काल करने वाले ने कहा कि फुफड जी मैं मनजीत बोल रहा हूं, जो वह आरोपी की बातों में आ गया और भावना में बहकर उसने अपनी पत्नी से भी आरोपी की बात करवाई। 15 दिन बाद भारत आने की बात कही आरोपी ने उससे कहा कि वह 15 दिन बाद भारत आ रहा है और उसने इटली के डोंकरों से कागजात बनवाए है जिनके 3 लाख रुपए बनते है जो अभी देने हैं। आप 3 लाख रुपए अभी भेज दो। जो उसने आरोपी को मनजीत समझकर 15 हजार रुपए बताए गए बैंक खाता में जमा करवा दिए। इसके बाद दूसरे युवक की कॉल आई और कहने लगा कि उसने मनजीत के कागजात तैयार करवाए है। उसकी मां बीमार है और उसे रुपयों की सख्त जरूरत है। इसलिए आप और रुपए भेजों। इसके बाद उसने 2 लाख 85 हजार रुपए और जमा करवा दिए। इसके बाद दोबारा कॉल आने पर और मां ज्यादा बीमार होने के नाम पर उसने एक लाख रुपए और जमा करवा दिए। बहाने बनाकर हड़पी राशि शिकायतकर्ता अनुसार इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने कॉल करके उसे कहा कि मनजीत का एक्सीडेंट हो गया है जिसमें विदेशी युवक चोट लगने से कोमा में चला गया है और मनजीत उसे अस्पताल लेकर गया है। मनजीत के पास लाइसेंस भी नहीं है जिसके कारण मनजीत को एक लाख 80 हजार रुपए जुर्माना लगा है। इतना कहने पर उसने एक लाख 80 हजार रुपए और जमा करवा दिए। इसके बाद आरोपियों ने उससे पुलिस के नाम पर 2 लाख 20 हजार रुपए व जज को देने के नाम पर 3 लाख रुपए हड़प लिए। इसके बाद आरोपियों ने उससे कहा कि एक्सीडेंट में घायल युवक की मौत हो गई है और मामले को रफा दफा करने के लिए 50 लाख रुपए मागें है लेकिन हमने 6 लाख रुपए में बात की है। इसलिए उसने हड़बडाहट में 6 लाख रुपए और जमा करवा दिए। शिकायतकर्ता अनुसार आरोपी बार बार कोई न कोई बहाना बनाकर उससे कुल 23 लाख रुपए हड़प गए। पांच आरोपी पहले पकड़े जा चुके इसके बाद उसने अपने साले बहादुर से बात की तो उसे पता चला कि मनजीत सिंह को बिलकुल ठीक है और उसने रुपए भी नहीं मांगे है और इसके बाद उसने अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। जिस बारे में साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि उक्त मामले में पहले ही 5 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपी साकिव मोहम्मद द्वारा ठगी के लिए अपने 2 बैंक खाते व आरोपी सुनील व सलीम को खाते आगे साइबर ठगों को उपलब्ध करवाए थे। आरोपी साकिव मोहमद से व्यापक पूछताछ के लिए न्यायालय से दो दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
ईंधन के ढेर में आग, तीन भैंसें बुरी तरह झुलसीं:दमकल की देरी पर ग्रामीणों ने जताया रोष
डीग के कामां थाना क्षेत्र के रांफ गांव में अज्ञात कारणों से ईंधन (कड़बी और भूसा) के ढेरों में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में बाड़े में बंधी तीन भैंसें बुरी तरह झुलस गईं। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना दोपहर के समय हुई, जब रिहायशी इलाके के पास रखे ईंधन के ढेरों में आग लगी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल निजी नलकूपों और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे तत्परता नहीं दिखाते, तो आग आसपास के मकानों तक पहुंच सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने अपने स्तर पर काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने की सूचना कई दमकल केंद्रों को दी गई थी, लेकिन कोई भी समय पर नहीं पहुंचा। बाद में कामां अग्निशमन दमकल को सूचित किया गया। दमकल के पहुंचने से पहले ही ईंधन और भूसा जलकर राख हो चुका था और तीनों पशु गंभीर रूप से झुलस चुके थे। बाद में, दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर पूरी तरह काबू पाया। इस अग्निकांड में पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए थे। ये नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने अपने लेटर में लिखा कि 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने टीवी पर देश को संबोधित किया। पीएम ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण बिल रोकने का आरोप लगाया। सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सवाल उठाए। उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। वेणुगोपाल ने नियम 222 के तहत यह नोटिस दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में इसके खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। ---------------
देश भर में चर्चित रहा मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल मंगलवार को लगभग 13 महीने बाद कोर्ट में पेश किए गए। इस दौरान मृतक सौरभ की मां और भाई भी कोर्ट में पहुंचे जहां वह मुस्कान और साहिल को देखते ही आक्रोषित हो गए और रोते हुए आंसुओं के साथ अपना गुस्सा जाहिर करने लगे। दैनिक भास्कर ने जब उन दोनों से बात की तब उन्होंने अपनी पीड़ा और गुस्सा जाहिर किया सुनिए क्या बोले दोनों सौरभ की मां ने बताया कि पिछले 1 साल से हमारे घर में किसी की भी मानसिक हालत ठीक नहीं है। हम इस प्रकरण से दुखी हैं और तनाव में है। हमें जल्द से जल्द इन दोनों को फांसी की सजा मिलता देखना चाहते हैं। क्योंकि हम नहीं चाहते जिस प्रकार इन्होंने मेरे घर को बर्बाद किया है किसी और का भी घर बर्बाद हो खर्चे में नहीं थी कोई कमी सौरभ की मां ने बताया कि मेरा बेटा मुस्कान को खर्चे के लिए कोई कमी नहीं करता था। हर एक शौक उसका पूरा करता था। आज तक हमने अपने बेटे से 1 रूपया भी नहीं लिया था। उसकी सारी कमाई मुस्कान पर ही खर्च होती थी। मुस्कान के खर्च पूरा करने के लिए ही सौरभ मर्चेंट नेवी में गया था इसका खर्चा हमने दिया था। वह नौकरी से भी लगभग 50 हजार रूपया महीने का खर्च मुस्कान को भेजता था। न हमारी बहू न हमारी पोती सौरभ की मां ने रोते हुए कहा कि मुस्कान हमारी बहू नहीं है, यदि हमारी बहू होती तो ऐसा काम हमारे बच्चे के साथ न करती। मुस्कान को अगर सौरव के साथ रहना नहीं था तो अलग हो जाती। वहीं उसने 5 महीने पहले हुई मुस्कान की बेटी के बारे में कहा कि यह बेटी सौरव नहीं बल्कि साहिल की है इसलिए यह भी हमारी पोती नहीं है। मिले हुए हैं मुस्कान के मां-बाप उन्होंने कहा कि मुस्कान के मां-बाप सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी कर जो फांसी की मांग कर रहे हैं वह सिर्फ अपना बचाव करने के लिए है। असलियत में वह भी इस प्रकरण में मिले हुए हैं। यदि उनको ऐसा कुछ अंदेशा था तो उन्हें हमें बताना चाहिए था, हम उनके हर एक मांग पूरी करते लेकिन मेरे बच्चे के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। फांसी होने पर समझूंगा फाइनल कोर्ट में पहुंचे सौरभ के भाई ने कहा कि मैं इस केस को तभी फाइनल समझुंगा जब दोनों को फांसी हो जाएगी। एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, 22 गवाही होने के बाद भी अभी तक सजा नहीं सुनाई जा रही है। हम हर एक दिन इसी के बारे में सोच सोच कर परेशान हैं कि हमारे भाई के साथ ऐसा करने वाले आज भी जिंदा हैं। हालांकि कोर्ट द्वारा इस मामले में अब अगनी तारीख 28 अप्रैल तय की गई है। अब देखना यह होगा कि मुस्कान और साहिल की सुनवाई के बाद अगली तारीख में क्या निर्णय लिया जाता है।
हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला एवं हिसार सीआईए इंचार्ज विवाद में सिरसा जिला लोकसभा सीट से पूर्व आईआरएस एवं पूर्व MP सुनीता दुग्गल ने आज मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, मुझे नहीं लगता कि इतने बड़े पद पर रहे हैं, आप डिप्टी सीएम हर चुके हैं। उसमें दिख रहा है कि आप खुद जाकर किस तरीके से खिड़की खोल रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि आप इतने बड़े औदे पर या पद पर जाकर आपके एक डिग्निटी होती है, उसको तार-तार नहीं करना चाहिए। पूर्व एमपी दुग्गल बोली, अगर कोई बात है या इश्यू है, उनको आप फोन करके बात कर सकते हैं। आप अपने जो सहयोगी है, उसके जरिए बात करवा सकते हैं कि इनसे बात करिए, क्या दिक्कत है। आप लोगों ने भी देखा है। मुझे नहीं लगता कि इतने बड़े औदे से आप या इतने बड़े परिवार से आते हैं। जहां से चौ. देवीलाल जी उप प्रधानमंत्री तक रह चुके हैं। आज सब उनको नमन करते हैं, उनका कभी ऐसा व्यवहार देखा है। उन्होंने बहुत ही सज्जन तरीके से गरिमापूर्ण तरीके से बातचीत की। बाकी सब आप समझदार है। यह बयान मंगलवार दोपहर को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस सिरसा में पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने दिया। महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष नहीं माना : पूर्व सांसद पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा, विपक्ष ने खिलाफत में एकत्रित होकर इस बिल को पास नहीं होने दिया, जबकि सबको एक साथ होना चाहिए। हमारी सरकार महिलाओं को आरक्षण देना चाहती थी, पर विपक्ष ने माना नहीं। सरकार परिसीमन कर 800 से ज्यादा सीट हो जाती और उसमें 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को लोकसभा व विधानसभा में मिल जाता।
बालाघाट में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले मंगलवार को ठेका श्रमिकों ने शोषण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। श्रमिकों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारी राजकुमार मोहारे, जिलाध्यक्ष योगेश यादव सहित बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया। प्रदर्शनकारी बोले-नियमित काम, लेकिन सुविधाएं नहीं जिलाध्यक्ष योगेश यादव ने आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के प्रति दमनकारी नीतियां अपना रही है। संघ ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और नियोक्ताओं की मिलीभगत से श्रमिकों से 8 घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। साथ ही मनमाने स्थानांतरण से भी श्रमिकों को परेशान किया जा रहा है। ‘समान कार्य-समान वेतन’ की मांग प्रमुख मांगों में ‘समान कार्य-समान वेतन’ लागू करना और ठेका श्रमिकों के शोषण पर रोक लगाना शामिल है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय मजदूर संघ बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगा।
घरौंडा की अनाज मंडी में लगी आग:गोदामों के बीच गली में डाला था कचरा, पास में लगा व्यापारियों का गेहूं
करनाल जिले के घरौंडा की नई अनाज मंडी में दोपहर के समय कचरे में आग लगने से हड़कंप मच गया। वेयरहाउस गोदामों के बीच गली में फैले कचरे में लगी आग से पूरी मंडी में धुआं फैल गया। समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो वेयर हाउस के गोदाम तक आग पहुंच सकती थी। कचरा गोदाम की दीवार के नीचे ही डाला हुआ है। इसके अलावा गली के सामने ही आढ़तियों ने गेहूं को तिरपाल से ढक कर रखा हुआ है, जिससे तेज हवा से चिंगारी चट्टो तक भी पहुंच सकती थी। घटना के बाद मार्किट कमेटी और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गली में फैले कचरे में अचानक लगी आग मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे मंडी के वेयरहाउस गोदामों के बीच वाली गली में पड़े मंडी से निकले गेहूं के कचरे में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते गली में धुआं भर गया। गली के दोनों ओर गोदाम थे और सामने गेहूं के चट्टे तिरपाल से ढके हुए रखे थे। ऐसे में आग फैलने का खतरा काफी ज्यादा था। व्यापारियों और मजदूरों में मचा हड़कंप आग लगते ही आढ़तियों और व्यापारियों के हाथ-पांव फूल गए। मजदूरों ने तुरंत गेहूं के चट्टों के आसपास पानी का इंतजाम किया। मौके पर मौजूद एक व्यापारी ने बताया कि अचानक पूरे इलाके में धुआं फैल गया, जिससे डर का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि अगर आग चट्टों या गोदाम तक पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। श्रमिक ने जताई साजिश की आशंका मौके पर काम कर रहे एक श्रमिक रूपेश ने बताया कि मंडी में कचरे में अपने आप आग नहीं लगती, बल्कि कोई शरारती तत्व इसे लगाता है। हालांकि यह साफ नहीं है कि आग किसने लगाई। लेकिन जिस जगह आग लगी थी, वहां बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि मंडी का कचरा गली में ही डाल दिया जाता है और इसे उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। फायर ब्रिगेड को करना पड़ा कड़ा संघर्ष घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायरकर्मी धीर सिंह ने बताया कि गली में कचरा ज्यादा फैला हुआ था, जिससे आग बुझाने में परेशानी आई। घरौंडा क्षेत्र में कोहंड, कालरम, हसनपुर, फुरलक रोड और अन्य स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई है, कहीं पर कचरे में आग लगी है तो कहीं पर फसल अवशेषों में आग लगी हुई है। जहां पर बड़ी गाड़ी भेजी हुई है और मंडी में आग बुझाने के लिए छोटी गाड़ी को बार-बार फायर स्टेशन जाकर पानी भरना पड़ा। मार्किट कमेटी ने मानी व्यवस्था की कमी इस मामले में मार्किट कमेटी के उप सचिव सुनील कुमार ने बताया कि मंडी के लिए अलग से डंपिंग यार्ड की व्यवस्था नहीं हो पाई थी। सीजन के चलते कहीं जगह खाली नहीं थी, इसलिए कचरा मंडी में ही डाला जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि किसी शरारती तत्व ने कचरे में आग लगाई है। उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दी गई थी और आग पर काबू पा लिया गया है। साथ ही आश्वासन दिया कि अब मंडी में कचरा डालना बंद करवाया जाएगा और जल्द ही उसे उठवाया जाएगा। घटना के बाद मार्किट कमेटी और सफाई ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है। अगर समय रहते कचरे का निपटान किया जाता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
शाहजहांपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम से दो सगी बहनों को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। युवतियां औरैया जिले की रहने वाली हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बरेली मोड़ के पास से पकड़ा है। युवतियों के पिता ने 16 अप्रैल को इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटियों को बहला-फुसलाकर भगाया गया है। इसके बाद पुलिस ने युवतियों की तलाश शुरू की। दरअसल, शाहजहांपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न जिलों से लोग शामिल हुए थे। औरैया जिले का एक परिवार भी इस कार्यक्रम में आया था, जिसमें ये दोनों युवतियां भी शामिल थीं। कुछ दिन पहले वे लापता हो गईं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद युवतियों के परिवार से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि दोनों बहनें दो युवकों के साथ गई थीं। पुलिस ने युवतियों और आरोपियों की तलाश के लिए एक टीम गठित की। मुखबिर की सूचना पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को बरेली मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय रवि (औरैया निवासी) और 20 वर्षीय नंद किशोर (फिरोजाबाद निवासी) के रूप में हुई है। चौक कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और युवतियों को भी बरामद कर लिया गया है।
बूंदी में मंगलवार को उड़ान योजना के राज-सिमस पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा के निर्देशानुसार उपनिदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं, ऋचा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई। इसका उद्देश्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान करना था। बैठक में महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक भैरू प्रकाश नागर ने लाभार्थियों के ऑनलाइन पंजीकरण, सेनेटरी नैपकिन की आपूर्ति और उनके सुचारु वितरण की पूरी प्रक्रिया समझाई। विभाग के वरिष्ठ सहायक रवि राज मिश्रण ने उपस्थित महिला सुपरवाइजर्स को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में योजना का सफल संचालन सुनिश्चित कर सकें। इस बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी आदित्य सिंह, नैनवा के बाल विकास परियोजना अधिकारी मोहनीश गुर्जर, विभाग की सूचना सहायक राशि श्रृंगी, विधिक परामर्शदाता विनिता अग्रवाल और मास्टर ट्रेनर योगेश सेन सहित समस्त महिला पर्यवेक्षक मौजूद रहीं। सहायक निदेशक ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर जानकारी दी जाए, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके। बैठक के दौरान विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना की भी जानकारी दी गई। राज-सिमस पोर्टल के सही उपयोग, पारदर्शिता बनाए रखने और समयबद्ध कार्य निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
लुधियाना के औद्योगिक इलाके ग्यासपुरा में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक नामी साइकिल पार्ट्स निर्माण इकाई में आग लग गई। घटना ढंडारी के पास स्थित बिग बेन साइकिल पार्ट्स फैक्ट्री की है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। दोपहर 2 बजे जनरेटर से शुरू हुई आग जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में लोहे के साइकिल पार्ट्स बनाने का काम चल रहा था। दोपहर करीब 2 बजे अचानक जनरेटर रूम से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फायर अफसर आतीश राय ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण जनरेटर में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी: मिनटों में पाया काबू आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक आसपास के इलाके में डर का माहौल था और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि,दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए कुछ ही मिनटों में आग को पूरी तरह बुझा दिया और इसे फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया। बड़ा हादसा टला, जानमाल का नुकसान नहीं राहत की बात यह रही कि जिस समय आग लगी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। विभाग के अनुसार किसी भी व्यक्ति के घायल होने या झुलसने की कोई खबर नहीं है। आग बुझने के बाद प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन ने राहत की सांस ली और इलाके में स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है।
महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी कस्बे में मंगलवार दोपहर पुलिस ने पिज्जा कैफे पर अचानक छापेमारी कर दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। डीएसपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई, जिसमें थाना प्रभारी भगत सिंह सहित पुलिस टीम भी मौजूद रही। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कस्बे के कुछ पिज्जा कैफे में युवक-युवतियों के बैठने के दौरान अनुचित गतिविधियां हो रही हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने योजना बनाकर दोपहर बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। कई जगह की छापेमारी पुलिस टीम ने एक साथ करीब पांच से छह पिज्जा कैफे पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से कैफे में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग घबराकर इधर-उधर निकलते नजर आए, वहीं कैफे संचालकों में भी हलचल मच गई। व्यवस्थाओं की जांच की छापेमारी के दौरान पुलिस ने कैफे में मौजूद लोगों से पूछताछ की और वहां की व्यवस्थाओं की जांच की। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़े आपराधिक मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है और आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
झज्जर में पार्ट टाइम जॉब के नाम पर साइबर ठगी के मामले में झज्जर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला से करीब 11 लाख रुपए अपने खाते में डलवा चुका था। मामले में एक संगठित गिरोह की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। साईबर थाना प्रभारी सोमवीर ने बताया कि पीड़ित महिला को व्हाट्सएप पर मैसेज मिला, जिसमें घर बैठे टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। शुरुआत में आरोपियों ने महिला को कुछ मुनाफा देकर विश्वास में लिया। इसके बाद वह उनके निर्देश पर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करती रही। धीरे-धीरे आरोपी उससे करीब 11 लाख रुपए डलवा चुके थे। जब महिला ने पैसे निकालने की कोशिश की तो रकम नहीं निकली, बल्कि और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया गया। इसके बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना झज्जर में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के बाद सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान रोहित निवासी राजेंद्र पार्क, गुरुग्राम के रूप में हुई है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस ठगी में एक पूरा गिरोह सक्रिय हो सकता है। अब पुलिस डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए जॉब ऑफर, टास्क या निवेश से जुड़े लालच में न आएं और बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें। संदिग्ध मामलों की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़गाडी ग्राम पंचायत के श्यामपुर-हटूपुर गांव में मंगलवार को बिजली के शॉर्ट सर्किट से खेतों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक बंदर की करंट लगने से मौत हो गई। सूखी नरवाई में लगी यह आग देखते ही देखते गांव की घनी बस्ती की ओर बढ़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शी अनूप दीक्षित ने बताया कि एक बंदर अचानक बिजली के ट्रांसफार्मर पर गिर गया। करंट लगने से बंदर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, लेकिन इसी दौरान हुए जोरदार फाल्ट से निकली चिंगारियां खेतों में गिरीं। तेज हवा और भीषण गर्मी के चलते चिंगारियों ने तुरंत विकराल आग का रूप ले लिया और खेतों में खड़ी नरवाई धू-धू कर जलने लगी। बस्ती की ओर बढ़ी लपटें, ग्रामीणों में दहशत ग्रामीण मुल्लू पाल के अनुसार, आग ने देखते ही देखते आसपास के कई पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं जब गांव की रिहायशी बस्ती की ओर बढ़ने लगा, तो लोग दहशत में आ गए। अपने घरों और मवेशियों को बचाने के लिए ग्रामीण बाल्टियां और पानी लेकर दौड़ पड़े। डेढ़ घंटे बाद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड घटना के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई। नायब तहसीलदार शशिकांत दुबे ने सूचना मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड को जानकारी दी, इसके बावजूद दमकल की टीम करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। प्रशासन की इस सुस्ती को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने खुद पाया आग पर काबू जब दमकल समय पर नहीं पहुंची, तो ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए खुद ही आग बुझाना शुरू किया। गांव के लोगों ने एकजुट होकर बाल्टी, पानी और डंडों की मदद से घंटों मशक्कत की और आखिरकार आग को बस्ती में घुसने से पहले रोक लिया। ग्रामीणों की इस सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया और जान-माल का नुकसान होने से बच गया।
बड़वानी जिले के पिछोड़ी गांव बेटे द्वारा गोली मारकर पिता की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है।घटना के 28 घंटे बाद भी आरोपी बेटा चंदन बडोले फरार है। हैरानी की बात यह है कि फरार आरोपी सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है और धमकी भरे पोस्ट डाल रहा है। पुलिस के मुताबिक, करीब 4 घंटे पहले उसने इंस्टाग्राम पर अपने भतीजे के साथ खुद की फोटो साझा की। इस पोस्ट में उसने धमकी भरे अंदाज में लिखा, 'यह मेरे भाई का बेटा है। आज इसकी मां यानी मेरे भाई की पत्नी की शादी हो रही है। मेरे बाप के कारण यह शादी हो रही है। अगर यह शादी हुई तो मैं शादी करने वाले को और शादी करवाने वालों को भयानक मौत दूंगा।' पिता को मानता था परिवार टूटने का जिम्मेदार पता चला है कि आरोपी और उसके भाई की पत्नियां दोनों को छोड़कर चली गई थीं। दोनों के एक-एक बच्चा है। अपना और भाई का परिवार टूटने का जिम्मेदार भी वो पिता को मानता था। परिजनों ने बताया कि मृतक जगन के दो पुत्र है। पहला बेटा चंदन बडोले है। दूसरा बेटा कुंदन बडोले है। चंदन की पत्नी उसे छोड़कर 2023 में चले गई थी। वहीं आरोपी के छोटे भाई कुंदन की शादी गांव के ही जगदीश पिता हागरिया के साथ हुई थी। मगर कुंदन की पत्नी ने भी कुंदन को 2025 में छोड़ दिया था। दोनों के बीच विवाद होते थे। लड़की उसी गांव की ही थी। दोनों समधियों की आपस में अच्छी दोस्ती भी थी। कुंदन के पिता जगन ने लड़की के पिता जगदीश से राजीनामा से रिश्ता तोड़ दिया। इस दौरान दोनों में समझौता हुआ कि उनके बच्चे को कुंदन रखेगा। इस बात से आरोपी चंदन बडोले काफी नाराज हुआ था। उसी के कारण पहले भी विवाद हुए थे। उसके भाई की शादी का रिश्ता खत्म होने का कारण वो अपने पिता को मानता था। दादा-दादी के साथ रहती है बेटीथाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि चंदन की पत्नी दो साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। उसकी एक बेटी है, जो दादा-दादी के साथ रहती थी। आरोपी गांव में स्थायी रूप से नहीं रहता था। करीब 15 दिन पहले भी वह आया था, तब भी संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। सिर को चीरकर निकली बुलेट, 2 लाख मांग रहा था सोमवार दोपहर करीब 12 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के कहार मोहल्ला स्थित आंगनवाड़ी भवन के पास नर्मदा फलिया में हुई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय जगन बडोले के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटा चंदन बडोले की उम्र 32 साल है और वह पहले वेल्डिंग की दुकान चलाता था। मृतक की पत्नी और आरोपी की मां गौरी बाई ने पुलिस को बताया कि चंदन लगातार रुपयों की मांग कर रहा था। जगन बडोले ने पहले भी बेटे को करीब दो लाख रुपये दिए थे, लेकिन वह और पैसों के लिए दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर घर में लंबे समय से तनाव चल रहा था। सोमवार को पिता-पुत्र के बीच फिर तीखी बहस हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। गौरी बाई के अनुसार, इसी दौरान चंदन ने आपा खो दिया और घर में रखी पिस्तौल से पिता के सिर में गोली मार दी। गोली कनपटी को चीरते हुए निकल गई और जगन बडोले की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… बहस से शुरू हुआ विवाद, गोली तक पहुंचा सोमवार दोपहर पिता-पुत्र के बीच पैसों को लेकर फिर तीखी बहस हुई। बहस बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। इसी दौरान चंदन ने आपा खो दिया और घर में रखी पिस्तौल से फायरिंग कर दी। वारदात गांव के कहार मोहल्ला स्थित आंगनवाड़ी भवन के पास, नर्मदा फलिया में हुई। जमीन और पुराने विवाद की भी जांच परिजनों के मुताबिक, परिवार के पास लगभग 7 एकड़ जमीन है, जिसमें 5 एकड़ खलघाट और 2 एकड़ पिछोड़ी में है। जमीन और पैसों को लेकर पहले भी पिता-पुत्र के बीच विवाद होते रहे हैं। पिछोड़ी की 5 एकड़ जमीन सरदार सरोवर परियोजना की डूब में चली गई थी। इसके बदले खलघाट में जमीन आवंटित की गई थी। आरोपी चंदन का व्यवहार पिछले कुछ समय से आक्रामक हो गया था। वह आर्थिक दबाव में भी था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह अपने ही पिता की हत्या कर देगा।
आगर मालवा में भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई ने मंगलवार को आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने कंपनी गार्डन से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसएलआर प्रीति चौहान को ज्ञापन दिया। सामाजिक सुरक्षा और वेतन को लेकर उठाए सवाल ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थानों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें सामाजिक सुरक्षा, उचित वेतन और श्रम कानूनों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। संघ ने ‘आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट’ या निगम मंडल के गठन की मांग की है। ओवरटाइम, समय पर वेतन और सीधा भुगतान की मांग संघ ने मांग रखी कि 8 घंटे से अधिक कार्य पर ओवरटाइम दिया जाए और हर माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वेतन पर्ची उपलब्ध कराने और बिचौलिया प्रथा समाप्त कर सीधे विभाग से भुगतान की व्यवस्था करने की बात कही गई। ज्ञापन में अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि, संविदा या नियमित भर्ती में प्राथमिकता, बिना जांच के सेवा समाप्ति पर रोक और शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी शामिल है। ईएसआई, ईपीएफ और बीमा कवर की मांग संघ ने ईएसआई, ईपीएफ, 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, समान कार्य के लिए समान वेतन और साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही सेवा समाप्ति के खिलाफ अपील के लिए एक समिति गठित करने का अनुरोध किया गया। संघ ने नियमित कार्यों में लगे कर्मचारियों को 62 वर्ष तक सेवा का अवसर देने और रिक्त पदों पर समायोजन के लिए नीति बनाने की भी मांग की। भारतीय मजदूर संघ ने अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
कौशांबी में भारत यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी अशोक कुमार पाण्डेय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना करारी थाना क्षेत्र के छोटा अड़हरा गांव में 19 अप्रैल रविवार देर शाम हुई थी, जहां कुल्हाड़ी से हमला कर एक युवक की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब आठ साल से प्रेम-प्रसंग को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक भारत यादव (30) ने आठ साल पहले ननिहाल में रह रही एक लड़की को भगाकर शादी कर ली थी। इसके बाद वह गांव नहीं आता था और महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी में काम करता था। छह साल पहले उसकी पत्नी गांव आकर रहने लगी थी। मृतक की पहचान छोटा अड़हरा गांव निवासी भारत यादव पुत्र छोटेलाल के रूप में हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक कौशांबी, क्षेत्राधिकारी मंझनपुर और करारी थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार दोपहर को पुलिस ने मुख्य आरोपी अशोक कुमार पाण्डेय पुत्र शिवबरन पाण्डेय को अड़हरा मोड़ नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसपी कौशांबी ने बताया कि इस मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी आकाश पाण्डेय और अंकित पाण्डेय पुत्रगण अशोक कुमार पाण्डेय फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक कौशांबी द्वारा 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने जानकारी दी कि घटना के खुलासे और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस लगातार विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में पिपरिया के एक वेयरहाउस संचालक ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं एक साल से गोदाम में पड़ा है, लेकिन उसे उठाने के लिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पैसे की मांग कर रहे हैं। भुगतान नहीं करने पर जानबूझकर गेहूं का उठाव रोका जा रहा है। पालीवाल के अनुसार, वर्ष 2023-24 का गेहूं वेयरहाउस से खाली कराने के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद एक साल बीतने के बाद भी गेहूं का उठाव नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नॉन शाखा प्रभारी आयुष अवधिया और सर्वेयर भरत कुमार द्वारा पैसे की मांग की जा रही है, और मांग पूरी नहीं करने पर जानबूझकर गेहूं को नहीं उठाने से रोका गया है। पहले भी भुगतान नहीं करने पर हुआ नुकसानपालीवाल ने बताया कि वर्ष 2021-22 में भी 169 क्विंटल गेहूं को डीजीसी घोषित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने 20 हजार रुपये की मांग पूरी नहीं की थी। इस कार्रवाई की सूचना भी उन्हें समय पर नहीं दी गई। कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देशशिकायत पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने नॉन के जिला प्रबंधक को वेयरहाउस जाकर गेहूं की स्थिति जांचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि गेहूं की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुसार है, तो नियमानुसार उसका उठाव किया जाए। ग्राम पंचायतों में भी शुरू हुई जनसुनवाईइसी दिन से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में भी जनसुनवाई शुरू की गई, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। यह व्यवस्था कलेक्टर के निर्देश पर लागू की गई है। जनसुनवाई के दौरान इस बार आवेदकों को कक्ष में बैठने की व्यवस्था की गई और गर्मी को देखते हुए शरबत भी उपलब्ध कराया गया।
सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा खंड के बीडीपीओ डॉ. स्टालीन सिद्धार्थ सचदेवा ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में 279वीं रैंक हासिल की है। वे मूल रूप से राजस्थान के सूरतगढ़ के निवासी हैं। यह उनकी दूसरी सफलता है, इससे पहले उन्होंने 2023 में 352वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन तब कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। डॉ. सचदेवा हरियाणा में एचसीएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। नौकरी के साथ आरएएस की पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण था : सिद्धार्थ डॉ. सचदेवा ने बताया कि हरियाणा में प्रशासनिक सेवा में होने के कारण आरएएस की पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण था। कार्य की अधिकता के कारण उन्हें दिन में समय नहीं मिल पाता था। इसलिए, उन्होंने रात में दो से तीन घंटे तक पढ़ाई की। इस दौरान उनके दोस्त पुष्पेंद्र चाहर (अध्यापक) ने उन्हें पूरा सहयोग और हौसला दिया। डॉ. स्टालीन सिद्धार्थ सचदेवा के पिता एसके सचदेवा इंजीनियर हैं, जबकि उनके बड़े भाई लेनिन सचदेवा आर्किटेक्ट हैं। उनकी माता पिंकी गृहिणी हैं। इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और पूरे क्षेत्र में गर्व महसूस किया जा रहा है। उनके चयन की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने परिवार को बधाई दी।
जमीन विवाद में बेटे ने की थी पिता की हत्या:आरोपी बोला- जमीन नाम करने को कहा तो पिता ने मना किया था
फर्रुखाबाद जनपद के मेरापुर थाना क्षेत्र में 19 अप्रैल को जमीन विवाद में एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी बेटे मोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसने टकोरा नामक औजार से पिता की जान ली थी। यह घटना गांव नदौरा में हुई थी। बड़े बेटे मोहन सिंह का अपने पिता से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। पिता ने जमीन अपने नाम करने या पोते अमन के नाम करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद कहासुनी बढ़ गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी मोहन सिंह ने बताया कि वह खेत से आया था और उसके हाथ में टकोरा था। विवाद के दौरान उसने उसी टकोरे से पिता पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मोहन सिंह फरार हो गया था। मृतक के दूसरे बेटे नेक राम ने आरोपी भाई मोहन सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजीव पांडे और उनकी टीम ने मोहन सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया टकोरा भी बरामद कर लिया है। आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
भदोही में उत्तर प्रदेश होमगार्ड के पदों पर एनरोलमेंट-2025 की भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा को सफल, निष्पक्ष और नकल-विहीन बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि यह परीक्षा जनपद भदोही के कुल 6 केंद्रों पर 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी, पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इन तीन दिनों में कुल 14,976 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें प्रत्येक पाली में 2496 और प्रतिदिन 4992 अभ्यर्थी भाग लेंगे। जिलाधिकारी ने परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः नकल-विहीन, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे, जो परीक्षा की निगरानी करेंगे। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति तथा बैठने की समुचित व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री समय पर और सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को परीक्षा ड्यूटी में संवेदनशीलता बरतने और महिलाओं से धार्मिक सामग्री न उतरवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
उज्जैन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और मॉडल हर्षा रिछारिया के संन्यास लेने के बाद मंगलवार को सिलीगुड़ी की एक छात्रा ने संन्यास ले लिया। शास्त्रों का अध्ययन कर रही भारती चैतन्य के संन्यास की परम्परा पूजन विधि करीब दो घंटे तक चली। माता-पिता के पिंडदान की प्रक्रिया के बाद भारती चैतन्य का नाम साध्वी रीत प्रज्ञानंद गिरी हो गया। मंगलनाथ मार्ग स्थित गंगाघाट पर मोनी तीर्थ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर सुमनाजी महाराज ने छात्रा को विधि विधान से दीक्षा दी। छात्रा ने खुद का भी पिंडदान किया। मोनी आश्रम में तीन दिन में दूसरी बार है जब किसी युवती ने सांसारिक जीवन त्यागकर विधि-विधान से संन्यास लिया है। 22 वर्ष से सांसारिक जीवन से मोह नहीं रहा सिलीगुड़ी की रहने वाली भारती ने बताया कि उनका शुरू से ही सनातन धर्म से विशेष लगाव रहा है। 22 वर्ष से सांसारिक जीवन से मोह नहीं रहा। ग्रेजुएशन करने के बाद संस्कृत में शास्त्रों की शिक्षा अर्जित कर रही हूं। इससे पहले दिल्ली, काशी, हरिद्वार में रहकर पढ़ाई की। अभी भी पढ़ाई अधूरी है। शास्त्रों के ज्ञान के लिए पढ़ाई पूरी करुंगी। सनातन के लिए काम करने की इच्छा उन्होंने कहा कि मेरा हर कार्य विश्व कल्याण के लिए है। इसीलिए संन्यास लिया है। आगे भी सनातन धर्म के लिए काम करने की इच्छा है। सनातन धर्म की विचारधारा को समर्पित लोग ही संन्यास ग्रहण करते हैं। भारती चैतन्य 2014 से 2019 तक उज्जैन में रहकर मोनी आश्रम में शिक्षा ग्रहण करती थीं। फिर साधना सदन हरिद्वार में पढ़ाई की। अब काशी में अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी। इसके बाद वापस उज्जैन में आकर मोनी आश्रम में रहेंगी। ये खबर भी पढ़िए… उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने रविवार को अक्षय तृतीया पर संन्यास ले लिया। उन्हें उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास दीक्षा दी। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई। दरअसल,जीआरपी की टीम प्लेटफॉर्म पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध यात्री पर पुलिस की नजर पड़ी। जब उससे पूछताछ की गई और उसके सामान की तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। 10 से 200 की नोट बरामद यात्री के पास मौजूद सूटकेस, बैग और एक बोरे से कुल लगभग 16 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। खास बात यह रही कि यह रकम छोटे नोटों में थी 10 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के नोट बड़ी मात्रा में पाए गए। पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति कॉस्मेटिक का व्यापारी है और वह यह नकदी वाराणसी से शाहजहांपुर लेकर जा रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में कैश और वह भी छोटे नोटों में ले जाने के पीछे का स्पष्ट कारण वह तुरंत नहीं बता सका, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया। पूछताछ में व्यक्ति की पहचान रवि गुलाटी के रूप में हुई है, जो तिलहर, शाहजहांपुर का निवासी है। वह बनारस से बेगमपुरा ट्रेन के जरिए शाहजहांपुर जा रहा था। आयकर विभाग कर रही पूछताछ जीआरपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को इसकी सूचना दे दी है। अब आयकर विभाग इस बात की जांच करेगा कि बरामद की गई रकम वैध है या नहीं और इसके स्रोत क्या हैं। फिलहाल, पुलिस ने यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।
कनाडा में 11 अप्रैल को नाव दुर्घटना में जान गंवाने वाले भारतीय युवक राघव सोनी उर्फ राघवेंद्र (32) का शव 10 दिन बाद भी भारत नहीं भेजा गया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगू निवासी राघव सोनी के शव को सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए शीघ्र भारत लाने की मांग की जा रही है। इस संबंध में, विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए कार्यरत बूंदी के कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने मंगलवार को राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक याचिका दायर की है। शर्मा राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक भी हैं। चर्मेश शर्मा ने नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के नाम भी एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। राघव सोनी उर्फ राघवेंद्र, जो चित्तौड़गढ़ जिले के बेगू के निवासी थे, की मृत्यु 11 अप्रैल को कनाडा के टोरंटो के पास ब्रैमटन शहर की हर्ट लेक झील में डूबने से हुई थी। परिवार के लिए एक-एक पल काटना मुश्किल हुआमौत के 10 दिन बाद भी दिवंगत देह को अंतिम संस्कार के लिये भारत नहीं भेजने से पीड़ित परिवार के लिए एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है। राघवेंद्र के परिजनों ने विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए काम करने वाले कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा से मदद का आग्रह किया। जिसके बाद शर्मा ने इस विषय में राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर करने के साथ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज करवायी है।अंतरराष्ट्रीय कानूनो का उल्लंघन- चर्मेश शर्माराष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम दायर याचिका में चर्मेश शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनो के अनुसार किसी भी देश में मौत होने पर सम्मानजनक अंतिम संस्कार प्रत्येक दिवंगत देह का प्राकृतिक, वैधानिक और ईश्वरीय अधिकार है। इसलिये राघव सोनी की दिवंगत देह को मौत के 10 दिन बाद भी कनाडा से भारत नहीं भेजना अंतरराष्ट्रीय कानूनो का उल्लंघन है। शर्मा ने याचिका के माध्यम से इस विषय में भारत सरकार के माध्यम से कनाडा सरकार और प्रशासन से कूटनीतिक समन्वयकर शीघ्र राघव सोनी की दिवंगत देह को सम्मानजनक का अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवार के पास भारत भेजने की मांग की है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी पहुंचा मामलाकनाडा में भारतीय नागरिक राघव सोनी की मौत के 10 दिन बाद भी दिवंगत देह को भारत नहीं भेजने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली तक भी पहुंच गया है। शर्मा ने इस विषय में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष के नाम भी आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है। शर्मा ने कहा कि सम्मानजनक अंतिम संस्कार भी मानव अधिकारों के श्रेणी में आता है और मानव अधिकार आयोग को इसमें हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
नगर निगम में 'संभव दिवस' पर जनसुनवाई:नगर आयुक्त ने शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए
मंगलवार को भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में 'संभव दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर आयुक्त जग प्रवेश ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं। वृंदावन जोनल कार्यालय में सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक ने जनसुनवाई की। इस अवसर पर नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान, नगर आयुक्त ने प्राप्त सभी शिकायतों का संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। भूतेश्वर जोन में कुल 9 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 4 अतिक्रमण, 1 सफाई, 1 स्ट्रीट लाइट, 1 हैंडपंप मरम्मत और 1 स्थानांतरण से संबंधित थीं। इनमें से एक सफाई से जुड़ी शिकायत का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, वृंदावन जोन में कुल 5 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 3 शिकायतें जलकल विभाग से संबंधित और 2 शिकायतें सफाई व्यवस्था से जुड़ी थीं। इन सभी मामलों में अधिकारियों को जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। जनसुनवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, सहायक नगर आयुक्त कल्पना सिंह चौहान, सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, अधिशासी अभियंता निर्माण अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता जल राम कैलाश तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामगोपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
चंदौली के सैयदराजा में तीन चोर गिरफ्तार:कीनाराम बिल्डिंग मैटेरियल दुकान से चोरी का सामान बरामद
चंदौली जिले के सैयदराजा थाना पुलिस ने मंगलवार को दुधारी नहर के पुल के पास से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीनों ने 17 अप्रैल की रात स्थानीय कीनाराम बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी के दो समरसेबल मोटर और एक बैटरी बरामद की है। पुलिस टीम आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके नेटवर्क की जांच कर रही है। यह चोरी की घटना सैयदराजा नगर पंचायत के वार्ड संख्या छह स्थित कीनाराम बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान में 17 अप्रैल की रात हुई थी। चोरों ने दुकान से कई कीमती सामान चुरा लिए थे। इसी मामले की जांच के दौरान सैयदराजा थाना पुलिस टीम ने मंगलवार को दुधारी नहर के पुल के पास से इन तीनों संदिग्धों को पकड़ा। उनके कब्जे से चोरी के दो समरसेबल पंप मोटर और एक ट्यूबलर बैटरी बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सैयदराजा थानाक्षेत्र के छत्रपुरा गांव निवासी सौरभ तिवारी, मनराजपुर गांव निवासी बहादुर और छत्रपुरा निवासी केशरी उर्फ खेसारी वर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने उन्हें चोरी का सामान बेचने की योजना बनाते समय दबोचा। पुलिस टीम में सैयदराजा थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र, लालधर यादव, नंद किशोर सिंह, संतोष सिंह चंदेल और शंकर प्रसाद शामिल थे।
आगरा जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी करने वाले गैंग को पकड़ा है। इनके पास से चोरी किए गए आभूषण, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पकडे़ गए आरोपियों में 4 पुरुष और एक महिला है। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आगरा कैंट जीआरपी थाना प्रभारी संदीप तोमर ने बताया कि चेकिंग के दौरान जीआरपी ने 5 संदिग्ध लोगों को पकड़ा। इनसे पूछताछ की गई तो बताया कि ये लोग ट्रेन में यात्री बनकर सफर करते हैं। रात को मौके मिलते ही ये लोग यात्रियों का बैग व सामान चोरी कर लेते थे। इसके बाद स्टेशन पर उतर जाते थे। इनके खिलाफ आगरा कैंट जीआरपी में तीन मुकदमे दर्ज हैं। इनके पास से सोने का एक पेंडेंट, दो जोड़ी कान के झुमके, तीन अंगूठी, चांदी की पायल, 5 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपी में बाघलाल निवासी औरेया, अजूबा, प्रताप, प्रीतिपाल व महिला सलमा निवासीगण ताजगंज हैं।
बांसवाड़ा में सोमवार की सुबह दो बाइकों की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। हादसा पीपलखूंट थाना क्षेत्र के बोरीपी गांव के पास हुआ था। पीपलखूंट थाने के हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान महावीर उर्फ मालविया पिता लक्ष्मण निनामा निवासी दाता के रूप में हुई है। सोमवार सुबह महावीर अपने घर से घरेलू सामान खरीदने के लिए केलामेला जा रहा था। इसी दौरान बोरीपी-नलापाड़ा मार्ग पर सामने से आ रही एक अन्य बाइक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद घायल महावीर को महात्मा गांधी अस्पताल बांसवाड़ा लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। उदयपुर ले जाते समय रास्ते में ही महावीर ने दम तोड़ दिया। परिजनों की मौजूदगी में कार्रवाई हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को एमजी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार दोपहर में परिजनों की रिपोर्ट और मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुलंदशहर के कल्याण सिंह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करना था। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण विषय पर उन्मुख किया गया। छात्रों ने इस विषय पर प्रभावशाली भाषण भी प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और स्टाफ की सक्रिय सहभागिता से एक जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसने समाज में सकारात्मक संदेश दिया। इसके अतिरिक्त, संबद्ध चिकित्सालय में भी एक विशेष व्याख्यान और रैली का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीर सिंह और बायोकेमिस्ट्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पा मित्तल के निर्देशन और मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. दिव्या वर्मा (विभागाध्यक्ष, नेत्र विज्ञान), डॉ. दुष्यंत (विभागाध्यक्ष, फिजियोलॉजी), डॉ. पूजा (विभागाध्यक्ष, फॉरेंसिक मेडिसिन), डॉ. सौरभ शर्मा, डॉ. निधि शर्मा, डॉ. कल्पना कुलश्रेष्ठ, डॉ. ममता रानी, डॉ. रीना रानी वर्मा, डॉ. आशा जोशी, डॉ. तूबा तनवीर, डॉ. शिवानी सिंह, डॉ. स्वाति सारस्वत, डॉ. अंकिता सिंह, डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. प्रांशी, डॉ. नेहा ठाकुर, डॉ. अलका रानी, डॉ. निशा भारती, डॉ. स्वाति सिंह, डॉ. खुशबू, डॉ. रिचा गर्ग और डॉ. रितु प्रिया चौधरी सहित अन्य संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों एवं स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही। महाविद्यालय प्रशासन ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों के उत्साह और सहयोग की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अलवर के नौगांवा थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कॉन्स्टेबल द्वारा ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। दिल्ली जाने के लिए ट्रक का इंतजार कर रहे ड्राइवर को कॉन्स्टेबल ने लात और थप्पड़ मारे, साथ ही खींचकर सड़क पर पटक दिया। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। ट्रक ड्राइवर के परिजनों ने पुलिस पर अवैध वसूली और मारपीट का आरोप लगाया है। घटना के बाद एसपी सुधीर चौधरी ने आरोपी कॉन्स्टेबल अनुराग को लाइन हाजिर कर दिया है। कॉन्स्टेबल को अलवर पुलिस लाइन भेजा गया है। घटना रसगन गांव के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की पुलिया नंबर 85 पर सोमवार दोपहर 3 बजे हुई है। सबसे पहले देखिए मारपीट के 4 PHOTOS…. दिल्ली जाने के लिए खड़ा था युवक भरतपुर जिले के सीकरी थाना क्षेत्र के जौनपुर गांव के रहने वाले हाकम खां ने बताया- उसका भाई राजू (35) पुत्र सुभान खां अपनी गाड़ी दिल्ली खड़ी कर घर आया था। मेरा भाई और अन्य ड्राइवर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे की 85 नंबर पुलिया से ही ट्रकों में बैठते और उतरते है। ये लोग ट्रकों से ही आते हैं और ट्रकों से ही जाते है। सोमवार दोपहर 3 बजे मेरा छोटा भाई राजू और खलासी 85 नंबर पुलिया पर दिल्ली जाने के लिए खड़े थे। वहां से आ रहे ट्रक ने इनको देखकर गाड़ी रोक ली। जब ये लोग ट्रक में बैठने लगे तो वहां मौजूद पुलिसवालों ने कहा कि यहां क्या कर रहे हो, तो मेरे भाई ने कहा कि हम गाड़ी में बैठकर वापस दिल्ली जा रहे है। इस पर पुलिसवालों ने कहा कि यहां से गाड़ी में बैठने की इजाजत नहीं है। हल्की से कहासुनी के बाद पुलिसवाले ने कहा कि 200 रुपए दे दो। जब मेरे भाई ने पैसे नहीं देने को लेकर बहस की तो इसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिसवाले ने लात-थप्पड़ मारे और सड़क पर ही पटक दिया। मेरे भाई के साथ वाले युवक अनुज ने मेरे पास फोन किया, तो मैं घर से वहां पहुंचा। मैंने वहां जाकर देखा की इसकी हालत बहुत खराब है, जिसके बाद नौगांवा अस्पताल के डॉक्टर्स को दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला। जिसके बाद इसे अलवर रेफर कर दिया। लेन सिस्टम को लेकर समझाइश कर रही थी पुलिस-डीएसपी रामगढ़ डीएसपी पिंटू कुमार ने बताया-मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई। नौगांवा थाने के कॉन्स्टेबल अनुराग को मंगलवार को लाइन हाजिर कर दिया है। मामले में जांच की जाएगी। डीएसपी ने बताया-पुलिस वहां पर अपने कैंपेन के अनुसार लेन समझाइश कर रही थी। इस दौरान वीडियो बनाने को लेकर कहासुनी हो गई, जो लड़ाई-झगड़े में बदल गई। अवैध वसूली के आरोप पर डीएसपी ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है।
कैथल में हरियाणा सरस्वती हरिटेज बोर्ड के उप-चेयरमेन धुम्मन सिंह किरमच मंगलवार को हरियाणा-पंजाब बोर्डर पर स्थित पिसोल गांव में प्राचीन मां सरस्वती मंदिर परिसर में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में हरियाणा सरस्वती हरिटेज बोर्ड का गठन हुआ था। उस वक्त सरस्वती में केवल 10 किलोमीटर मे ही पानी चलता था। यह नदी विलुप्त होने के कागार पर थी। पिछले 10 वर्षों के अथक प्रयासों से सरस्वती नदी में 400 किलोमीटर में पानी बह रहा है। अब मंदिर पर लगभग नौ लाख रुपए की लागत से घाट बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त मंदिर की एक परिक्रमा ओर बनाई जाएगी। विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा शैड का निर्माण किया जाएगा ताकि इसका उपयोग आयोजित होने वाले भंडारे व अन्य कार्यक्रमों के लिए किया जा सके। जिले का ऐतिहासिक स्थान यह मां सरस्वती मंदिर जिले का ऐतिहासिक स्थान है। इस स्थान पर सरस्वती नदी बहती रही है, पुराने समय में यहां पर लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार करने के बाद उनके पिंड दान करने आते थे। लोगों की आस्था और सुविधा को देखते हुए इस पद्धति को दोबारा विकसित किया जाएगा। लोगों की इस मंदिर के प्रति काफी आस्था है। इस क्षेत्र में बड़े-बडे़ ऋषि मुनियों ने तपस्या की थी, जिनकी वजह से यह क्षेत्र पावन बना है। बलराम ने महायज्ञ किया था उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में महाभारत के समय बलराम युद्ध में शामिल न होकर उन्होंने द्वारका से लेकर आदिबद्री तक सरस्वती की यात्रा की थी। यह वर्णन सभी ग्रंथो में आता है। उन्होंने इस पदयात्रा के दौरान इस क्षेत्र को देखा था, यहां पर बलराम ने महायज्ञ किया था, ताकि इस क्षेत्र में शांति बनी रहे। इस मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति लगभग 1400 वर्ष पुरानी है। उन्होंने कहा कि महाभारत कालीन युद्ध के दोरान भगवान श्री कृष्ण ने 48 कोस की परिधि में चार यक्षों की डयूटी लगाई थी, जिनमें एक यक्ष इस क्षेत्र में थे।
जींद जिले के उचाना के एसडीएम रमित यादव अलेवा पहुंचे और बीडीपीओ कार्यालय में समाधान शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के निर्देश पर एसडीएम ने यह शिविर लगाया। जिसमें उन्होंने सप्ताह में एक दिन अलेवा तहसील में उपस्थित होकर लोगों की शिकायतें सुनने की वर्षों पुरानी मांग पूरी की। स्थानीय निवासियों राजेंद्र, सुभाष और मांगे राम ने बताया कि अलेवा से उचाना की दूरी लगभग 35 से 40 किलोमीटर है। छोटे-छोटे कार्यों के लिए उचाना आने-जाने में पूरा दिन लग जाता था। उपमंडल बनने के बाद से ही अलेवा के लोगों की यह मांग थी कि एसडीएम उचाना की एक दिन अलेवा में ड्यूटी लगाई जाए। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने अब इस मांग को पूरा किया है, जिससे छोटे कामों के लिए लोगों को उचाना नहीं जाना पड़ेगा। मंगलवार को लगाया जाएगा समाधान शिविर एसडीएम रमित यादव ने बताया कि विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के निर्देश पर हर मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बीडीपीओ कार्यालय अलेवा में समाधान शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि अब अलेवा ब्लॉक के लोगों को छोटे-मोटे कार्यों के लिए उचाना जाने की आवश्यकता नहीं होगी। लोगों की लंबे समय से थी मांग विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने पुष्टि की कि अलेवा ब्लॉक के निवासियों की लंबे समय से यह मांग थी कि सप्ताह में एक दिन उचाना के एसडीएम अलेवा तहसील में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि अब हर मंगलवार को एसडीएम सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अलेवा के बीडीपीओ कार्यालय में समाधान शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का त्वरित निवारण करेंगे।
पति की मौत के 3 दिन बाद पत्नी का सुसाइड:कुरुक्षेत्र के PG में लगाया फंदा; 3 साल पहले की थी लव मैरिज
कुरुक्षेत्र में विवाहिता ने सुसाइड कर लिया। तीन दिन पहले उसके पति ने भी करनाल में सुसाइड किया था। दोनों ने करीब 3 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों के बीच आपसी अनबन ने एक प्रेम कहानी का अंत कर दिया। झगड़े के बाद विवाहिता कुरुक्षेत्र में एक पीजी में रह रही थी। पुलिस की सुसाइड केस में छानबीन जारी है। युवती के माता पिता को जींद से बुलाया गया है। चार पॉइंट में समझें पूरा मामला 1. जींद की रहने वाली थी युवती: पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, जींद के नंदगढ़ गांव की रहने वाली देवी (21 वर्ष) ने तीन साल पहले करनाल जिले के तरावड़ी के निवासी विक्रम (26 वर्ष) के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों तरावड़ी में किराए के मकान में रह रहे थे। 2. दोनों में अनबन: कुछ समय से पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी। विवाद इतना बढ़ा कि करीब एक महीने पहले देवी अपने पति को छोड़कर कुरुक्षेत्र चली गई। वहां वह सेक्टर-13 स्थित एक पीजी (PG) में रहने लगी और नौकरी की तलाश कर रही थी। 3. पति ने की आत्महत्या: पत्नी देवी के चले जाने से आहत विक्रम करनाल के गांव चौपड़ी में अपनी नानी के पास चला गया। वहां एक किराए के कमरे में रहने लगा। तीन दिन पहले, जब उसके कमरे से बदबू आने लगी, तो लोगों को शक हुआ। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो विक्रम का शव फंदे से लटका मिला। 4. पत्नी ने भी लगाया फंदा: पति की मौत के गम या आपसी तनाव के चलते सोमवार रात को कुरुक्षेत्र के पीजी में देवी ने भी आत्महत्या कर ली। काफी देर तक जब देवी के कमरे में कोई हलचल नहीं हुई और कमरा अंदर से बंद मिला, तो आसपास के लोगों ने खिड़की से झांककर देखा। अंदर देवी का शव फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने शुरू की छानबीन देवी के सुसाइड का पता लगते ही पीजी संचालक ने कुरुक्षेत्र पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। आज देवी के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस उसके माता पिता का इंतजार कर रही है। कुरुक्षेत्र डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार ने बताया कि मृतका के माता-पिता को सूचित कर दिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
महोबा जिला पंचायत अध्यक्ष विवादों में:ब्राह्मण समाज ने पद से हटाने की मांग की, ज्ञापन सौंपा
महोबा में जिला पंचायत अध्यक्ष जे.पी. अनुरागी के बयानों को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश है। ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग की है। आरोप है कि जे.पी. अनुरागी ने कथावाचकों, धार्मिक ग्रंथों और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी कर जिले का सामाजिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है। इन विवादित बयानों के बाद महोबा जिले में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ के जिला संयोजक आदर्श तिवारी के अनुसार, पहला मामला 14 अप्रैल का है, जब एक सभा के दौरान अनुरागी ने रामायण, गीता और कथावाचकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने ऑनलाइन आकर माफी भी मांगी थी। विवाद तब और बढ़ गया जब 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर जे.पी. अनुरागी फेसबुक लाइव आए। आरोप है कि इस लाइव के दौरान उन्होंने इटावा की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए विप्र समाज की महिलाओं और नारी शक्ति का अपमान किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक गरिमामय पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग न केवल निंदनीय है, बल्कि यह समाज को बांटने और शांति भंग करने की कोशिश है। ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति विशेष की आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन पूरे समाज, धार्मिक ग्रंथों और महिलाओं को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले को लेकर प्रदीप पांडे और अनुज तिवारी ने प्रशासन से मांग की है कि जे.पी. अनुरागी को उनके पद से तुरंत मुक्त किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
अजमेर में विधायक अनिता भदेल ने कहा- संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ रुकने के बाद विपक्ष द्वारा जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है। अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह कहा। उन्होंने संविधान संशोधन विधेयक-2026, परिसीमन विधेयक-2026 और 'केंद्र शासित प्रदेश कानून विधेयक' को लेकर विपक्ष के रुख पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया- विपक्ष की ओछी राजनीति के चलते महिला आरक्षण से जुड़ी पहल रुक गई। इससे देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के इतिहास का शर्मनाक पल बताया। कहा- विपक्ष ने भ्रम फैलाकर क्षेत्रीय भावनाएं भड़काई विधायक अनिता भदेल ने कहा- केंद्र सरकार महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाई थी, लेकिन कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इसका समर्थन नहीं कर महिलाओं की आकांक्षाओं के प्रति अपनी उदासीनता दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया- विपक्ष ने ओबीसी महिला, परिसीमन और दक्षिण भारत के नाम पर भ्रम फैलाकर क्षेत्रीय भावनाएं भड़काने का प्रयास किया। वहीं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- वे इतने गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारी से बोलने के बजाय हल्की टिप्पणी करते नजर आए। कहा- महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही सरकार विधायक अनिता भदेल ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों से समर्थन की अपील की थी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर भी विपक्ष राजनीति करता नजर आया। उन्होंने कहा- महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोकसभा में अवरोध के बावजूद केंद्र सरकार नारी सम्मान और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को आगे बढ़ाती रहेगी और आने वाले समय में इसे पूरा किया जाएगा।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप रोज शाम 5 बजे एक ही जगह पर शहर की दिन भर की बड़ी खबरें पढ़ सकते हैं। कब-क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ…। 1. एक्सिस-बैंक की पूर्व मैनेजर बोली- अफसर गंदी बातें करते थे एक्सिस बैंक की पूर्व महिला मैनेजर ने वरिष्ठ अधिकारियों पर शारीरिक, मानसिक शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मंगलवार को कलेक्टर को 'जनसुनवाई' में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। पढ़ें पूरी खबर... 2. कांग्रेसी नेताओं को हाईकमान ने तलब किया नगर निगम परिषद की बैठक में हुए वंदे मातरम विवाद को लेकर कांग्रेस के अनुशासन समिति ने बुधवार को इंदौर कांग्रेस के सभी नेताओं को देवास बुलाया है। इसके साथ ही कांग्रेस के सभी मुस्लिम पार्षदों को भी बुलाया गया है। पढ़ें पूरी खबर... 3. स्टार एयर की 31 मई तक सभी फ्लाइट्स कैंसिल देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोंदिया और मुंबई के बीच सीधी उड़ानों का संचालन करने वाली स्टार एयर ने 31 मई तक के लिए अपनी सभी उड़ानों को निरस्त कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर... 4. संपदा 2.0 में रजिस्टर्ड सेल डीड में गड़बड़ी संपदा 2.0 सिस्टम के माध्यम से रजिस्टर्ड एक सेल डीड में कथित रूप से सुनियोजित और चरणबद्ध तरीके से छेड़छाड़ कर उसे दोबारा रजिस्टेशन से गुजारने का मामला सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर... 5. पलासिया से गायब मासूम, रात 2 बजे मिला पलासिया थाना क्षेत्र में 4 साल का मासूम लापता होने से हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने महज 12 घंटे में बच्चे को सकुशल परिजनों से मिलवा दिया। पढ़ें पूरी खबर... 6. डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव का शेड्यूल जारी प्रतिष्ठित डेली कॉलेज (DC) में बोर्ड चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से चल रहे विवादों के बीच चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता ने चुनाव का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर... 7. भागीरथपुरा चौकी में युवक की मौत भागीरथपुरा चौकी में श्रीराम पुत्र रमेशचंद झा की मौत के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने चौकी प्रभारी संजय धुर्वे और सिपाही योगेंद्र कोरव को हटा दिया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। पढ़ें पूरी खबर... 8. डेली कॉलेज में BJP प्रशिक्षण वर्ग पर पूर्व CM बिफरे प्रतिष्ठित डेली कॉलेज में 22 अप्रैल से आयोजित होने जा रहे भारतीय जनता पार्टी के सात राज्यों के वरिष्ठ नेताओं के प्रशिक्षण वर्ग ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस आयोजन की तैयारियों के बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और संस्थान के संरक्षक दिग्विजय सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। पढ़ें पूरी खबर... 9. शादी से पहले हल्दी लगा दूल्हा कलेक्टर कार्यालय पहुंचा सिर पर सेहरा सजाने की तैयारी चल रही है, घर में मेहमानों की चहल-पहल है, हल्दी की रस्म पूरी हो चुकी है, लेकिन शादी से ठीक पहले एक दूल्हा अपने घर का रास्ता खुलवाने के लिए इंदौर कलेक्टर की जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने गुहार लगाता नजर आया। पढ़ें पूरी खबर... 10. शराब नीलामी में राजस्व की 'राजधानी' बना शहर प्रदेश में साल 2026-27 के लिए शराब दुकानों की नीलामी ने सरकार के खजाने को लबालब कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया में एक बार फिर 'मिनी मुंबई' कहे जाने वाले इंदौर ने अपनी आर्थिक ताकत का लोहा मनवाया है। पढ़ें पूरी खबर…
रेवाड़ी में कार सवार दो युवकों द्वारा युवती को नग्न हालत में कार में डालकर ले जाने का मामला सामने आया है। घटना गांव लाला रोझुवास रोड पर झोझ (पूजा स्थल) के पास की बताई जा रही है। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी। जिसके बाद 2 थानों की पुलिस घटनास्थल की तरफ दौड़ी। तब तक कार सवार युवती के साथ मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस अब मामले की तह तक जाने के लिए कोसली नंबर की ऑल्टो कार की तलाश कर रही है। हालांकि, जाटूसाना थाना पुलिस ने अभी तक ऐसी कोई शिकायत मिलने से इंकार किया है। राहगीरों ने दी सूचना जानकारी के अनुसार, नहर के पास गांव लाला और रोझुवास के रास्ते पर मंगलवार सुबह नग्न अवस्था में एक लड़की दिखाई दी। जिसके चेहरे पर चोट के निशान थे। कुछ समय बाद ऑल्टो में सवार होकर दो युवक वहां आए और जबरदस्ती युवती को नग्न अवस्था में कार में डालकर कोसली की तरफ फरार हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। जब तक पुलिस वहां पहुंची तब तक कार सवार युवती को लेकर फरार हो चुके थे। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद भी पुलिस घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी। मौके पर आई थी पुलिस गांव लाला के सरपंच प्रतिनिधि ताराचंद ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने अपने स्तर पर इसका पता लगाने का प्रयास किया। वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर ड्राइवर ने मुझे बताया कि कार में आए युवक नशे की हालात में दिखाई दे रहे थे। जो लड़को को लेने के बाद कोसली की तरफ चले गए। रोहड़ाई थाने से पुलिस आने की बात कह रहा था। इससे ज्यादा तो वह कुछ नहीं बता पाया। मामले में कितनी सच्चाई है इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। डीएसपी बोले- कार मिलने पर होगा खुलासा डीएसपी कोसली विद्यानंद ने बताया कि इस बारे में कंट्रोल रूम से वीटी आई थी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। कुछ लोगों ऐसी घटना का जिक्र किया है। पुलिस अब कार का पता लगा रहा है, ताकि घटना की सचाई का पता लगाया जा सके। जब तक कार नहीं मिल जाती, तब तक इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
धमतरी में 192 कांस्टेबलों का बड़े पैमाने पर तबादला:दो सूचियां जारी, DRG और महिला आरक्षक भी शामिल
धमतरी में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर बड़े पैमाने पर कांस्टेबलों का तबादला किया गया है। प्रशासनिक कसावट और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से कुल 192 आरक्षकों को एक ही दिन में जारी दो अलग-अलग सूचियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया है। इन तबादलों में 31 महिला आरक्षक और DRG के 17 जवान शामिल हैं। इन सभी को जिले के विभिन्न थानों और रक्षित केंद्र में नई पदस्थापना दी गई है। जिले की कई पुलिस चौकी में कॉन्स्टेबल की बड़ी फेरबदल स्थानांतरित किए गए आरक्षकों को थाना धमतरी, अर्जुनी, कुरूद, मगरलोड, नगरी, सिहावा, भखारा, रुद्री और विभिन्न पुलिस चौकियों में भेजा गया है। यह फेरबदल लंबे समय बाद किया गया है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के आदेश पर यह बड़ा फेरबदल किया गया है। जारी आदेश में सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
झांसी में बारात बस के छोड़कर चल देने से दूल्हा के चाचा इतने नाराज हो गए कि उन्होंने अपनी जान ही दे दी। दरअसल, बारात लेकर आ रही बस रास्ते में रोकी गई थी। दूल्हे के चाचा भी उतरकर किसी काम में व्यस्त हो गए। इतने में बस चल दी। लगभग 20 मीटर आगे लोगों ने बस रुकवाई। मगर नाराज चाचा ने बस में बैठने से मना कर दिया। बेटी-दामाद ने मनाकर उनको बस में बैठा लिया। फिर बारात विवाह घर पहुंची। विवाह घर के बाहर बेटी को पर्स और मोबाइल देकर चाचा गायब हो गए। ढूंढ़ने पर भी नहीं मिले। सुबह विवाह घर से लगभग 100 मीटर दूर पेड़ पर उनकी लाश लटकी मिली। इससे शादी की खुशियां मातम में बदल गई। ये पूरा मामला मोंठ कस्बे का है। बुआ के बेटे की शादी में आए थे मृतक का नाम ईश्वर सिंह (57) पुत्र बदलू प्रसाद कोरी था। वह कानपुर नगर के जूही के रहने वाले थे। मृतक के बेटे रोहित वर्मा ने बताया कि मेरे पिता ईश्वर सिंह इलेक्ट्रीशियन थे। वे बुआ के बेटे अगन कुमार के बेटे की शादी में राजपुर गांव गए थे। वहां से सोमवार शाम को बारात में मोंठ जा रहे थे। वे बस में सवार थे। रास्ते में बाथरूम करने के लिए उतरे तो बस चल दी। लगभग 15 से 20 मीटर आगे बस को रुकवाया गया। इसी बात से पिता नाराज हो गए। तब बहन और जीजा ने मनाकर उनको बस में बैठा लिया। रात को बारात मोंठ के पीतांबरा विवाह घर पहुंच गई। बेटी को पर्स और मोबाइल लेकर गायब हुए बेटे ने आगे बताया- पिता विवाह घर के अंदर नहीं गए। बाहर ही बहन को अपना मोबाइल और पर्स देकर चले गए। बहन ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने। बहन ने आवाज लगाई, लेकिन डीजे बज रहा था तो कोई सुन नहीं पाया। बहन अंदर से परिजनों को बुलाकर लाई, लेकिन तब तक पिता जा चुके थे। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की। मगर उनका कोई सुराग नहीं लगा। आज सुबह दोबारा उनको तलाशा जा रहा था। विवाह घर से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में एक पेड़ पर पिता गमछे से फंदा बनाकर लटके हुए थे। इसके बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मानसिक रूप से परेशान थे भतीजे योगेंद्र ने बताया कि चाचा ईश्वर सिंह मानसिक रूप से परेशान रहते थे। उनका इलाज भी चल रहा था। उनको छोटी-छोटी बात पर बहुत गुस्सा आ जाता था। इसी वजह से उन्होंने सुसाइड किया है। सुसाइड के बाद विवाह घर में मातम छा गया। परिजन रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। ईश्वर के दो बेटे रोहित और मोहित है। दोनों अविवाहित है। जबकि बेटी नेहा की शादी हो चुकी है।
बैतूल में मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी पहले शिवाजी ऑडिटोरियम में एकत्र हुए, जहां धरना दिया गया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मधुकर साबले ने बताया कि यह प्रदर्शन पूरे देश में आउटसोर्सिंग और ठेका मजदूरों की समस्याओं को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मचारियों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही न्यूनतम वेतन की गारंटी है। कर्मचारियों ने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक ठोस नीति बनाई जाए, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए। उनकी अन्य मांगों में समय पर वेतन भुगतान, ईपीएफ-ईएसआई जैसी सुविधाएं, ओवरटाइम का भुगतान और बिना कारण नौकरी से निकाले जाने पर रोक शामिल है। कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र स्थित तकरोही इलाके में पार्क में कुत्ते को घुमाने और शौच कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। घर से खींचकर बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह बेहोश हो गई। पीड़ित पक्ष ने इंदिरा नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। संस्कृति इन्क्लेव निवासी पीड़िता ने बताया उनके घर के पीछे स्थित पार्क में कॉलोनी निवासी अजय जायसवाल की बड़ी बेटी रात करीब 8:21 बजे अपने पालतू कुत्ते को घुमा रही थी और उसे शौच करा रही थी। सार्वजनिक पार्क में जानवरों के प्रवेश पर रोक होने का हवाला देते हुए पीड़िता ने इस घटना की फोटो खींचकर कॉलोनी के व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर कर दी। सफारी से महिला के घर पहुंचे हमलावर आरोप है कि इस बात से नाराज होकर रात करीब 10 बजे अजय जायसवाल की दोनों बेटियां, उनकी पत्नी, एक पुरुष व महिला मित्र सफारी गाड़ी से अर्चना के घर पहुंच गए। सभी लोग गेट पीटते हुए गाली-गलौज करने लगे। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने गेट खोला तो आरोपियों ने जबरन घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। उन्हें बाल पकड़कर घसीटा। लात-घूंसों से पीटा। एक युवक ने उनके सीने पर जोरदार वार किया। पीड़िता ने अश्लील हरकत करने का भी आरोप लगाया। घटना के दौरान शोर सुनकर जब उनके पति बाहर आए। तब तक आरोपी उन्हें बुरी तरह पीटकर मौके से फरार हो गए। मारपीट में वह बेहोश हो गई थीं। होश आने पर उन्होंने घटना की जानकारी दी। मामले की सूचना पुलिस को दी। मामले में इंस्पेक्टर इंदिरा नगर अजय नारायण सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
झाबुआ जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने चार माह से वेतन न मिलने पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। डाटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी स्किल ग्रुप-डी के इन कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक समस्याओं को लेकर यह कदम उठाया। सेडमेप और मेसर्स कायरोस सॉफ्ट टेक लिमिटेड के माध्यम से नियुक्त इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नियुक्ति के समय से ही कभी भी समय पर मानदेय नहीं मिला है। पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने के कारण उन्हें घर का राशन, बच्चों की फीस और दैनिक खर्चों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अपनी आर्थिक बदहाली का हवाला देते हुए तत्काल भुगतान की मांग की। इस मामले में विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि बजट के अभाव के कारण भुगतान रुका हुआ है। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि शासन से बजट आवंटित होते ही प्राथमिकता के साथ उनके लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि, कर्मचारी अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में हर महीने उन्हें निश्चित समय पर उनका वेतन मिल सके।
डीग में अवैध शराब सहित दो आरोपी गिरफ्तार:एक मोटरसाइकिल जब्त, आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
डीग कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 240 पव्वा देशी सादा शराब और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक रामनरेश मीणा ने बताया कि सोमवार को उपनिरीक्षक अजय यादव अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। मुखबिर की सूचना पर सहारई रोड पर नाकाबंदी की गई। इस दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई, जिनके पास से अवैध शराब मिली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरव (20) पुत्र मेघश्याम और जितेंद्र (40) पुत्र सोरन सिंह, निवासी सहारई, थाना सदर डीग के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 19/54 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अमृत गिल मंगलवार को आगरा पहुंची। जहां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान प्रेस वार्ता कर महिला सशक्तिकरण, महिला आरक्षण और परिसीमन पर पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि ठोस संवैधानिक और कानूनी अधिकार देकर मजबूत करने में भरोसा रखती है। गिल ने कहा-आजादी के बाद कांग्रेस सरकारों ने महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए। 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया गया। इससे लाखों महिलाएं सरपंच, पार्षद और मेयर बनकर नेतृत्व में आईं। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा से संरक्षण कानून 2005, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून 2013, समान वेतन कानून 1976, दहेज निषेध कानून 1961 और मातृत्व लाभ कानून 1961 कांग्रेस सरकारों की ही देन है। हिंदू उत्तराधिकार कानून 1956 से बेटियों को संपत्ति में अधिकार मिला तो हिंदू विवाह कानून 1955 से महिलाओं को विवाह, तलाक और पुनर्विवाह का कानूनी हक मिला। प्रवक्ता ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया गया। संसद और विधानसभाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने ही महिला आरक्षण बिल आगे बढ़ाया और 2010 में राज्यसभा से पारित कराया। अमृत गिल ने कहा कि आज महिला आरक्षण पर कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण रिटेन डॉक्यूमेंट के आधार पर मिले। पार्टी मांग करती है कि पहले जातीय जनगणना हो, फिर उस जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर यह बिल पारित किया जाए। महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए। मजबूत लोकतंत्र के लिए महिलाओं की बराबर हिस्सेदारी जरूरी है।उन्होंने नारा दिया- महिला शक्ति को दो उड़ान, कांग्रेस के साथ बनेगा मेरा देश महान!
भिवानी के नया बाजार एरिया में लेंटर ढलाई का काम करने आए 2 युवक हादसे के कारण करीब 20-22 फीट ऊंचाई से गिर गए। वहीं मशीन गिरने के कारण युवक मशीन के नीचे दब गए। इस हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए भिवानी के नागरिक अस्पताल में लाया गया। जिनमें से एक युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया। वहीं मामले की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान मध्यप्रदेश के जिला टिकमगढ़ निवासी करीब 18 वर्षीय हरदेश पाल के रूप में हुई है। वहीं घायल की पहचान ग्यारसी के रूप में हुई है। मृतक हरदेश की मां पानाबाई ने बताया कि वे नया बाजार में लेंटर ढलाई के लिए गए थे। उसका बेटा व वह मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान मशीन पलट गई। जिसके बाद उसका बेटा ऊपर से गिर गया। जिसके कारण उसके बेटे की गरदन दब गई थी। कोई भी बचाने के लिए नहीं आया। वह खुद ही अपने बेटे को निकालने का प्रयास करती रही। लेकिन किसी ने मदद नहीं की। कोई ठेकेदार व मालिक भी बचाने नहीं आया। वह खूद खून से लथपथ हो गई। उनके बेटे को न्याय दिलाया जाए। तीन भाई-बहन थेमृतक हरदेश के भाई विक्की ने बताया कि वे कुल तीन बहन-भाई है। जिनमें से 2 भाई व एक बहन है। सबसे बड़ा वह खुद (विक्की) है। वहीं दूसरे नंबर का हरदेश है, जबकि छोटी एक बहन है। हरदेश फिलहाल मेहनत मजदूरी करने के लिए भिवानी आया हुआ था और वे परिवार के साथ भिवानी की नेताजी कॉलोनी में रहते हैं। लापरवाही का केस दर्जभिवानी के सिविल लाइन थाना एसएचओ सुमित कुमार ने बताया कि नया बाजार में लेंटर ढलाई के बाद मशीन की सफाई करते समय 2 युवक नीचे गिर गए और मशीन भी ऊपर गिर गई। जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा घायल है। इस हादसे के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। जिसके आधार पर ठेकेदार व मकान मालिक के खिलाफ लारवाही का केस दर्ज कर लिया है। वहीं मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
भीलवाड़ा में CA ने बेटी होने पर कार को पिंक बैलून से सजाया और बेटी आई है, खुशियों की बहार लाई है के पोस्टर चिपकाकर कार को पूरे शहर में घुमाया। जहां भी उन्हें बच्चे दिखाई देते, दोनों दंपती उन्हें बैलून बांटते हुए घर पहुंचे। बिटिया आने की खुशी में CA ने पूरे घर को भी पिंक बैलून से सजाया। लोगों ने रास्ते में गाड़ी रुकवा कर पति-पत्नी को बधाइयां भी दी। मामला भीलवाड़ा के ज्योति नगर का है। यहां CA और बैंक में पोर्टफोलियो मैनेजर संतोष पोरवाल और उनकी पत्नी रूचि पोरवाल के यहां शनिवार को MG हॉस्पिटल में बेटी का जन्म हुआ था। तस्वीरों में देखें सेलिब्रेशन… कार का डेकोरेशन कर पूरे शहर में घुमाया संतोष बताते हैं- बेटी हुई तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा, मैंने पोस्टर छपवाए और बैलून से कार का डेकॉरेशन करवाया। इसके बाद बिटिया और पत्नी को अस्पताल लेने पहुंचा। अस्पताल से घर करीब 5 किलोमीटर दूर है। ऐसे में, अस्पताल से रवाना हुए तो इसी कार में निकले और पूरे शहर में कार को घुमाया। इसमें मंदिरों के सामने से गुजरे, भगवान् के दर्शन करते हुए और रास्ते में बच्चे मिले तो उन्हें बैलून बांटे। बोले- बेटी 2 घर संभालती है संतोष का कहना है कि उन्हें पहली संतान के रूप में भगवान ने लक्ष्मी स्वरूप बेटी दी है, ये किसी वरदान से कम नहीं है उनका कहना है कि बेटियां केवल सौभाग्यशाली परिवार में जन्म लेती हैं। बेटा एक घर को संवरता है जबकि बेटियां दो घर को संभालती है। इसलिए आज मैं काफी खुश हूं और मेरे परिवार के दूसरे लोग भी काफी खुश हैं।
उकलाना क्षेत्र के गांव कालीरावण स्थित सुखराम मेमोरियल पब्लिक स्कूल के कक्षा आठ के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन सीखने और नए अनुभवों से भरपूर रहा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर विश्विद्यालय (एचएयू) के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक कृषि तकनीकों और प्रकृति की विविधता से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों से मुलाकात की और आधुनिक खेती की बारीकियों को समझा। कृषि विशेषज्ञों ने बच्चों को हाइड्रोपोनिक्स (बिना मिट्टी के पानी में खेती) और एयरोपोनिक्स (हवा में पौधों को उगाने की तकनीक) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि सीमित संसाधनों और कम स्थान में भी पौष्टिक फसलें उगाई जा सकती हैं, जो भविष्य की खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। बॉटनिकल गार्डन का भ्रमण कराया इसके बाद विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डन का भ्रमण किया। यहां उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ पौधों, रंग-बिरंगे फूलों और औषधीय जड़ी-बूटियों को देखा। शिक्षकों ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बलविंदर सिंह ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों को किताबों में पढ़ी गई जानकारी को व्यवहारिक रूप में समझने का अवसर मिलता है। भ्रमण के दौरान स्कूल स्टाफ और विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक भी विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे। विद्यार्थियों के चेहरों पर नई जानकारी प्राप्त करने की खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों ने बताया कि पहली बार उन्होंने पानी और हवा में पौधों को उगते हुए देखा, जो उनके लिए किसी अद्भुत अनुभव से कम नहीं था।
डूंगरपुर में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चौरासी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब के नशे में वाहन चलाने वाले 16 बाइक सवारों के खिलाफ एक्शन लिया है। चौरासी थाने के सीआई भंवर सिंह ने बताया कि वैजा चौकी प्रभारी हजारीलाल के नेतृत्व में स्टेट हाईवे-54 पर वैजा चौकी के सामने नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें 16 बाइक सवार शराब के नशे में बाइक चलाते हुए पाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी बाइक सवारों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया और उनके वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि नशे में वाहन चलाने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को एक और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा आयोजन की मेजबानी मिली है। शहर में चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस (BWC-4) 2026 का आयोजन 3 से 5 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। यह कॉन्फ्रेंस ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी, जबकि 3 जुलाई को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो. डॉ. रवि डोसी ने बताया कि इस मंच पर देश-विदेश के विशेषज्ञ एकत्र होकर पल्मोनरी मेडिसिन और श्वसन रोगों में नवीनतम शोध, तकनीक और उपचार पद्धतियों पर चर्चा करेंगे। प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप विशेष रूप से युवा डॉक्टरों और पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहेंगी। डॉ. डोसी ने कहा कि टीबी और अन्य श्वसन रोग आज भी बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में वैज्ञानिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का आदान-प्रदान मरीजों तक बेहतर उपचार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 11 विशेष वर्कशॉप्स, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी पर फोकस इस बार कॉन्फ्रेंस का मुख्य आकर्षण 11 प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स होंगी। इनमें इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी की 5 एडवांस्ड वर्कशॉप्स के अलावा पीएफटी, सीवियर अस्थमा, टीबी, पल्मोनरी रिसर्च और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक, क्लिनिकल मैनेजमेंट और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। NTEP अपडेट्स पर स्पेशल सेशन कॉन्फ्रेंस में नेशनल ट्युबक्योलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) से जुड़े अपडेट्स पर भी विशेष सत्र रखा गया है। इसमें टीबी उन्मूलन अभियान, नई गाइडलाइंस, आधुनिक जांच तकनीक, दवा प्रबंधन और जटिल मामलों के उपचार पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और विविध सत्र कार्यक्रम में पल्मोनरी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन, थोरैसिक सर्जरी, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, रेस्पिरेटरी रिसर्च और ब्रोंकोपल्मोनरी रिहैबिलिटेशन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन, क्लिनिकल वर्कशॉप, क्विज, लाइव डिस्कशन और नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित होंगे। आयोजन समिति में प्रो. महेंद्र के. बैनारा (चेयरमैन), डॉ. अपार जिंदल (साइंटिफिक कमेटी चेयरमैन), डॉ. सलील भार्गव और डॉ. लोकेन्द्र दवे (पैट्रन) शामिल हैं। जल्द शुरू होगा अर्ली बर्ड रजिस्ट्रेशन डॉ. डोसी ने बताया कि अर्ली बर्ड रजिस्ट्रेशन शीघ्र प्रारंभ होगा। इच्छुक डॉक्टर, रेजिडेंट्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ प्रोफेशनल्स आधिकारिक वेबसाइट bwcindore.com के माध्यम से पंजीयन करा सकेंगे।

