छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त कर दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर और सरगुजा संभाग के नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के लिए आदेश जारी किया है। इस सूची में कुल 32 शहरी निकाय शामिल हैं। रायपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा 11 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इन नियुक्तियों का काफी समय से इंतजार किया जा रहा था। हाल ही में नगरीय प्रशासन मंत्री और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी संकेत दिए थे कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। अब विभाग ने आधिकारिक सूची जारी कर इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। रायपुर संभाग के कई निकायों में नियुक्तियां रायपुर नगर निगम के अलावा माना कैंप, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, आरंग, मंदिर हसौद, अभनपुर, खरोरा, कुनरा, समोदा और चंदखुरी के नगरीय निकायों में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विभिन्न नगर निकायों में भी मनोनयन किया गया है। सरगुजा संभाग में भी जारी हुई सूची सरगुजा संभाग के अंबिकापुर नगर निगम सहित बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कई नगर निकायों में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से निकायों के कार्यों में जनभागीदारी और अनुभव का लाभ मिलेगा। लंबे समय से था इंतजार निकाय चुनाव के बाद से ही एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर चर्चा चल रही थी। अब सूची जारी होने के बाद संबंधित निकायों में मनोनीत पार्षदों की भूमिका भी शुरू हो जाएगी। विभाग के आदेश में कहा गया है कि ये नियुक्तियां छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत की गई हैं। सभी मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति अगले आदेश तक लागू रहेगी। देखिए पूरी सूची
गोरखपुर में उद्यमी ओमप्रकाश जालान के घर पहुंचे योगी:स्वास्थ्य की ली जानकारी, बच्चों को दिया आशीर्वाद
गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार देर शाम उद्यमी ओमप्रकाश जालान के बरगदवा स्थित आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और हाल में हुए उपचार के बारे में जानकारी लेते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की। अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ओमप्रकाश जालान के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ली और परिवार के लोगों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालान परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और बच्चों से भी बातचीत करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर ओमप्रकाश जालान की पत्नी पूनम जालान, अनुज जालान, राधा जालान, तनुज जालान, जया जालान, संचित जालान, कविता जालान समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
धार में कार और बाइक भिड़ीं, युवक की मौत:चार लोग बाइक पर सवार थे; दो बालिकाओं समेत तीन घायल
धार जिले के तलवाड़ा क्षेत्र के पास गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार को एक कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर से हुआ। हादसे के वक्त बाइक पर चार लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान एक युवक ने दम तोड़ दिया। खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। तीन का उपचार चल रहाहादसे में घायल दो बालिकाओं की पहचान आशापुर निवासी वर्षा और भारती के रूप में हुई है। एक अन्य घायल का भी उपचार जिला अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतक की शिनाख्त के प्रयास कर रही है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है।
जौनपुर में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे से 6 बजे तक नगर निकायों की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने जौनपुर नगर पालिका परिषद के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में नगर निकायों द्वारा संचालित विभिन्न विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और जलभराव की समस्या के प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरे कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में अनियमितता, लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, वहां कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। इन बोर्डों पर कार्य का नाम, स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि सहित अन्य आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए, ताकि आमजन को जानकारी मिल सके। जिलाधिकारी ने अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को भी कहा। अंत में, जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर फुटपाथ एवं सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए पैदल चलने वालों के लिए निर्धारित स्थानों को पूरी तरह से खाली कराया जाए। दुकानों के बाहर लगाए गए स्थायी बोर्ड, होर्डिंग एवं अन्य अवरोधक, जो आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, उन्हें नियमानुसार हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों की सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लंबे समय से खड़े अनुपयोगी, जर्जर वाहनों को चिन्हित कर नियमानुसार हटाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करते हैं।
लखनऊ में दसवीं मोहर्रम पर निकलने वाले आशूरा के जुलूस को देखते हुए शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने पुराने लखनऊ के 18 प्रमुख मार्गों पर सुबह 7 बजे से डायवर्जन लागू करने का फैसला किया है। जुलूस सुबह 10 बजे नाजिम साहब इमामबाड़ा से शुरू होकर बाजारखाला होते हुए तालकटोरा कर्बला पहुंचेगा। पुलिस के अनुसार जुलूस समाप्त होने तक आवश्यकता के अनुसार डायवर्जन लागू रहेगा। हालांकि आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन और स्कूली वाहनों को प्रतिबंधित मार्गों से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है। पुराने लखनऊ में इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन टूड़ियागंज, नक्खास, हैदरगंज, बुलाकी अड्डा, मिल एरिया, एवरेडी तिराहा, विक्रम कॉटन मिल, रणजीत सिंह बिल्डिंग, भूसामंडी, मवैया, फूलमंडी और तालकटोरा क्षेत्र में यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। जुलूस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। महानगर क्षेत्र में सुबह 9 बजे से बदलेगा ट्रैफिक आशूरा के जुलूस को देखते हुए महानगर क्षेत्र में सुबह 9 बजे से डायवर्जन लागू किया जाएगा। अयोध्या रोड, कमता और जीटीआई से आने वाली रोडवेज व सिटी बसों को बादशाहनगर के बजाय विजयीपुर अंडरपास, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, डिगडिगा और 1090 चौराहा होकर भेजा जाएगा। हजरतगंज से निशातगंज और गोल मार्केट की ओर जाने वाले वाहनों को बंधा रोड, हनुमान सेतु, आईटी चौराहा, कपूरथला और सर्वोदयनगर पुल मार्ग से निकाला जाएगा। वहीं बादशाहनगर, निशातगंज, लेखराज मार्केट, कुकरैल बंधा और पोस्ट ऑफिस महानगर क्षेत्र में भी वैकल्पिक रूट लागू रहेंगे। तेलीबाग में दोपहर 1 बजे से डायवर्जन तेलीबाग क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से यातायात व्यवस्था बदली जाएगी। तेलीबाग पुल चौराहा से आने वाले वाहनों को तेलीबाग बाजार के बजाय बंगला बाजार पुल मार्ग से भेजा जाएगा। वहीं सुभानीखेड़ा चौराहे से आने वाले वाहनों को देवीखेड़ा रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से जुलूस के दौरान निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से जुलूस मार्ग पर जाने से बचने की अपील की है।
वकील नाजिया इलाही खान द्वारा सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर खरगोन के मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में गुरुवार शाम 6 बजे मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपकर आरोपी महिला के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) के तहत कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। पॉडकास्ट के दौरान टिप्पणी से हुआ विवादयह पूरा विवाद एक पॉडकास्ट के दौरान नाजिया इलाही खान द्वारा दिए गए बयानों के बाद शुरू हुआ। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नाजिया इलाही ने इस्लाम के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद साहब और हजरत आयशा के निकाह और उनकी उम्र के अंतर को लेकर बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि पैगंबर साहब के निजी जीवन पर की गई यह टिप्पणी उनके प्रति गहरी गुस्ताखी है। पैगंबर साहब की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता शाहरुख मिर्जा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुस्लिम समाज के लिए हज़रत मोहम्मद साहब सबसे अधिक सम्माननीय और अजीज हैं। उनकी शान में किसी भी प्रकार की गुस्ताखी को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। वहीं, समाजसेवी सुल्तान भुट्टो ने आरोप लगाया कि नाज़िया इलाही बीते कई दिनों से लगातार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए मुस्लिम समाज तथा इस्लाम धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं। इससे समूचे देश के युवाओं में गहरा रोष है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी नफरती बयानबाजी पर तुरंत लगाम लगाई जानी चाहिए।
सहारनपुर में स्वास्थ्य सेवाओं और संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीकाकरण की खराब प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति और अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। प्रसव मामलों की होगी जांच बैठक में मुजफ्फराबाद और सरसावा क्षेत्र में हुई प्रसव संबंधी घटनाओं को गंभीरता से लिया गया। डीएम ने डब्ल्यूएचओ के डॉ. आनंद को पूरे मामले की जांच कर कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्कूली बच्चों की स्वास्थ्य जांच में तेजी लाने को कहा गया। महानिदेशक स्वास्थ्य, लखनऊ की सूची के अनुसार आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आयुष्मान कार्ड अगली बैठक से पहले बनवाने के निर्देश भी दिए गए। मातृ मृत्यु के हर मामले की होगी पड़ताल मातृ मृत्यु दर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की गहन जांच कराने के लिए विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्राथमिक उद्देश्य आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 1 जुलाई से चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर डीएम ने डीपीआरओ और नगर निगम अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी कूड़े के ढेर या गंदगी दिखाई नहीं देनी चाहिए। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां से पानी निकासी, झाड़ियों की सफाई और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि 1 से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक घर-घर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। डेंगू रोकथाम के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान बैठक में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने को कहा। साथ ही आगामी पल्स पोलियो अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी राष्ट्रीय क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, परियोजना निदेशक प्रणय कृष्ण, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ समेत विभिन्न सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर में बिहार में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर मुज़फ्फ़रनगर में हिंदू रक्षा दल ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कैंडल मार्च निकाला। संगठन के कार्यकर्ताओं ने भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। हिंदू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष शैंकी शर्मा और युवा जिला अध्यक्ष हेमंत शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार देर शाम करीब 7:30 बजे कैंडल मार्च रुड़की रोड स्थित पाल धर्मशाला से शुरू हुआ। यह मार्च शिव चौक होते हुए तुलसी पार्क पहुंचा, जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां और मशाल लेकर भरत भूषण तिवारी के समर्थन में प्रदर्शन किया। तुलसी पार्क पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन पुलिस प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन सब इंस्पेक्टर शशि थरूर को दिया गया, जिसमें मामले की उच्चस्तरीय जांच, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सहित कई मांगें शामिल थीं। जिला अध्यक्ष शैंकी शर्मा ने कहा कि यदि एनकाउंटर में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि हिंदू रक्षा दल इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा। वहीं युवा जिला अध्यक्ष हेमंत शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी को न्याय मिलने तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
शाम करीब साढ़े सात-आठ बजे खाना खाने के बाद वे स्कूल गए। फिर रात करीब साढ़े 11 बजे वापस आए और बोले कि स्कूल में वॉचमैन नहीं है। इसलिए मैं आज स्कूल में ही सोऊंगा। मैं चौक गई कि आप स्कूल में क्यों सोएंगे, वॉचमैन नहीं हो? लेकिन वे कुछ नहीं बोले और स्कूल चले गए। इतना कहते ही साक्षी की आंखों में आंसू आ गए। कुछ सैकेंड रूकने के बाद बोली कि पता होता कि सुबह पति की लाश देखने को मिलेगी तो उन्हें स्कूल बिलकुल नहीं जाने देती। मेरा तो पूरा परिवार उजड़ गया। दो छोटे-छोटे बच्चे है। अकेली क्या करूंगी। मुझे न्याय चाहिए। इस मामले में हमने स्कूल प्रिंसिपल का पक्ष जानना चाहा लेकिन उनका फोन बंद आ रहा था। दरअसल पाली शहर के टैगोर नगर में रहने वाले 30 साल के राघवेन्द्र पुत्र एसएन शर्मा की गुरुवार सुबह टैगोर नगर स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल में फंदे पर बॉडी लटकी मिली थी और स्कूल के रेकर्ड रूम में आग लगी थी। राघवेन्द्र इसी स्कूल में बाबू का काम करता था। फोन नहीं उठाया तो सुबह स्कूल गईसाक्षी ने बताया कि गुरुवार सुबह उन्हें (राघवेन्द्र) को कई कॉल किए लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस पर गाड़ी लेकर स्कूल गई। वहां आग लग रही थी, समझ नहीं आ रहा था कि क्या करू। दो लड़के दिखे उनसे कहा कि दरवाजा खोलो। फिर घर आई भय्या को लेकर वापस गई। तब तक लोग एकत्रित हो गए। फायर बिग्रेड आई, गेट खोला। इस दौरान एक आदमी ने मुझे इनकी फोटो दिखाई जिसमें वे फंदे पर लटके हुए थे। रोते हुए मां बोली-मेरे बेटे को धोखे से बुलाकर मारा, न्याय चाहिएघटना को लेकर मृतक राघवेन्द्र की मां पुष्पादेवी कहती है कि मेरे बेटे को मार कर लटका दिया। धोखे से बुलाया। कोई भी नहीं कह सकता था कि वह ऐसा कर सकता था। वह स्कूल को लेकर परेशान था। कहता था कि आपको क्या बताऊ, आप परेशान हो जाओंगे। मेरा तो घर टूट गया। छोटे-छोटे पोता-पोती है अब मैं क्या करू। कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे परिजन, समाज के लोग, नहीं करवाया पोस्टमार्टमइधर गुरुवार शाम को मृतक के परिजन और समाज के लोग कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। वे मामले में प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। फिलहाल वे पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए है। मृतक के मौसी के लड़के नीरज शर्मा ने कहा कि 20 पेज के नोट में साफ लिखा है कि प्रिंसिपल से प्रताड़ित था। मामले में प्रिंसिपल की गिरफ्तारी हो। मृतक कमाने वाला अकेला था। उसके परिवार में से एक को नौकरी दी जाए और आर्थिक सहायता दी जाए। यह भी पढ़े - प्रिंसिपल से परेशान बाबू ने आत्महत्या की:20 पेज का सुसाइड नोट लिखकर स्कूल में फंदे से लटका, परिजन बोले- हत्या के बाद शव लटकाया पिता की मौत के 21 दिन बाद हुई थी शादीमृतक राघवेन्द्र की साक्षी से 26 फरवरी 2020 में सामाजिक रीति-रिवाज से शादी हुई थी। राघवेन्द्र की बारात अजमेर गई थी। शादी से महज 10 दिन पहले राघवेन्द्र के पिता की अचानक मौत हो गई थी। लेकिन शादी की सारी बुकिंग हो चुकी थी। ऐसे में सादे समारोह के तहत राघवेन्द्र की शादी की गई। राघवेन्द्र एमएससी, बीएड तक की पढ़ाई की थी और साक्षी ने एमएसी तक की पढ़ाई की थी। शादी के बाद दोनों को एक लड़का और एक लड़की हुई। परिवार खुश था लेकिन इस हादसे से पूरा परिवार टूट गया। दो बच्चों की जिम्मेदारी साक्षी और उसकी सास पुष्पादेवी के कंधों पर आ गई है। हत्या की धारा में करवाया मामला दर्जघटना को लेकर मृतक के मामा राकेश पुत्र जगदीश ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें राघवेन्द्र की हत्या होने और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी है। मामले में SHO रविन्द्रसिंह खिंची ने कहा कि मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्जकर जांच शुरू की है।
सहारनपुर में अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिता संपन्न:चार जिलों के खिलाड़ियों ने दिखाया बेहतरीन प्रदर्शन
सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (SDCA) द्वारा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित अंडर-16 इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट प्रतियोगिता गुरुवार शाम को संपन्न हो गई। अंबाला रोड स्थित ज्ञान कलश इंटर स्कूल मैदान में 22 से 25 जून तक चली इस प्रतियोगिता में चार जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में सहारनपुर-A, सहारनपुर-B, मुजफ्फरनगर और शामली की टीमों ने भाग लिया। युवा खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उनमें खासा उत्साह देखने को मिला। एसडीसीए सचिव यशपाल ने बताया कि जिले में क्रिकेट गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने एसडीसीए के डायरेक्टर और मार्गदर्शक मोहम्मद अकरम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में सहारनपुर में क्रिकेट को नई दिशा मिली है और युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। एसडीसीए चेयरमैन परविंदर सिंह ने भी मोहम्मद अकरम के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। एसडीसीए अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि अकरम के सहयोग से जिले के कई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है और एसडीसीए भविष्य में भी युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास करता रहेगा। प्रतियोगिता के मैचों का संचालन अंपायर नीरज चौधरी, दीपक सैनी और आसिफ रजा ने किया। स्कोरर की जिम्मेदारी हरीश चौहान ने निभाई। यूपीसीए की ओर से उमंग शर्मा ने ऑब्जर्वर के रूप में प्रतियोगिता की निगरानी की और आयोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन अवसर पर यूपीसीए एपेक्स काउंसिल सदस्य लतीफ उर रहमान, एसडीसीए कोषाध्यक्ष गोपाल कृष्ण कालरा, उपाध्यक्ष रवि सिंघल, संयुक्त सचिव ऋषि चौधरी, मीडिया मैनेजर सैयद मशकूर सहित एसडीसीए के पदाधिकारी, सदस्य और सभी कोच मौजूद रहे।
हरदोई से जुड़ी मिश्रिख लोकसभा सीट से सांसद अशोक रावत को भाजपा के प्रदेश संगठन में नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। जिससे उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी नई प्रदेश टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में जारी इस सूची में संगठन के सभी छह मोर्चों के प्रमुखों के नामों का ऐलान किया गया है। इस नई टीम में कई प्रमुख चेहरों को जगह मिली है, जिनमें हरदोई की मिश्रिख लोकसभा सीट से सांसद अशोक रावत का नाम सबसे अहम है। पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अशोक रावत मिश्रिख संसदीय क्षेत्र से चार बार सांसद रह चुके हैं। क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए संगठन ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने साल 2004 और 2009 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर संसद में प्रवेश किया था। इसके बाद, उन्होंने भाजपा का दामन थामा और साल 2019 के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर शानदार जीत दर्ज की। अशोक रावत का परिवार हरदोई की राजनीति में गहरा दखल रखता है। उनके परिवार के लोग ब्लॉक प्रमुख से लेकर विधायक तक के पद मौजूद हैं। उनके सगे चाचा रामपाल वर्मा हरदोई की बालामऊ विधानसभा सीट से वर्तमान भाजपा विधायक हैं। वहीं, उनके चचेरे भाई प्रभाष वर्मा हरदोई की सांडी विधानसभा सीट से वर्तमान भाजपा विधायक हैं। इसके अतिरिक्त, अशोक रावत के परिवार में ही ब्लॉक प्रमुख और गांव के प्रधान की कुर्सी भी है। भाजपा ने अशोक रावत को एससी मोर्चा की कमान सौंपकर आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। उनके संगठनात्मक कौशल और मजबूत पारिवारिक व राजनीतिक पृष्ठभूमि का लाभ पार्टी को आने वाले दिनों में मिलने की उम्मीद है।
सहारनपुर के भूतेश्वर इंटर कॉलेज मैदान पर एसबीबीए क्रिकेट एकेडमी द्वारा आयोजित अंडर-14 समर क्रिकेट लीग का पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला गया। गुरुवार शाम को हुए इस रोमांचक मैच में टीम व्हाइट ने टीम ब्लैक को 4 विकेट से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। टॉस जीतकर टीम व्हाइट ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी टीम ब्लैक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पूरी टीम 15 ओवर में 93 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। टीम ब्लैक के लिए वंशिका ने 33 और रेयांश ने 43 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, जिससे टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सकी। ब्लैक को बड़ा स्कोर बनाने से रोका टीम व्हाइट के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। पृथ्वीराज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि अर्जुन को 2 सफलताएं मिलीं। अन्य गेंदबाजों ने भी किफायती प्रदर्शन कर टीम ब्लैक को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। 94 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम व्हाइट ने 12.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 95 रन बनाए और मुकाबला जीत लिया। टीम की जीत में राघवेंद्र ने 33 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि पृथ्वी ने 25 रन का योगदान दिया। टीम ब्लैक की ओर से सुशांत ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि वैदिक ने 2 विकेट हासिल किए। हालांकि, टीम व्हाइट के बल्लेबाजों ने संयम से खेलते हुए लक्ष्य प्राप्त कर लिया। शानदार प्रदर्शन के लिए राघवेंद्र को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। आयोजकों और उपस्थित अतिथियों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की। इस दौरान कोच राजीव गोयल, टप्पू, रणधीर कपूर, भूपेंद्र कछल और संजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और क्रिकेट प्रेमी मौजूद रहे।
रामपुर में प्रेम विवाह के एक मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ से पहुंचे एक सब इंस्पेक्टर और युवती के परिजनों को गुरुवार को हिंदू संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा। काफी देर तक चले विवाद और पुलिस हस्तक्षेप के बाद युवती को उसके पति के साथ रहने की अनुमति दे दी गई, जबकि जांच के लिए आए अधिकारी और परिजन बिना युवती को साथ लिए वापस लौट गए। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के भिलाई की रहने वाली अलीशा खातून का संपर्क रामपुर के सैनीनगर निवासी जोगेंद्र सिंह से फेसबुक के माध्यम से हुआ था। दोनों के बीच बातचीत के बाद प्रेम संबंध स्थापित हो गए। बताया जाता है कि अलीशा 10 मई 2026 को रामपुर आ गई थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी मामले की जांच के सिलसिले में भिलाई से सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह राजपूत, युवती की मां परवीन बेगम और भाई मोहम्मद समीर गुरुवार को रामपुर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी कलेक्ट्रेट पहुंच गए। विश्व हिंदू परिषद के नेता अनिल वशिष्ठ, अविनाश पटेल समेत कई कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। उनका कहना था कि युवती को उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं नहीं ले जाया जा सकता। इस दौरान हिंदू संगठन के नेताओं और छत्तीसगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख सिविल लाइंस थाना पुलिस और नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने युवती का पक्ष जानने के लिए उससे बातचीत की। युवती ने पुलिस के समक्ष लिखित और वीडियो बयान देकर स्पष्ट किया कि वह अपनी इच्छा से जोगेंद्र सिंह के साथ रह रही है और उसी के साथ रहना चाहती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती बालिग है, इसलिए कानूनन उसे अपनी पसंद के अनुसार जीवनसाथी चुनने और उसके साथ रहने का अधिकार है। युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने उसे उसके पति के साथ रहने की अनुमति दे दी। छत्तीसगढ़ से आए सब इंस्पेक्टर ने युवती का लिखित और वीडियो बयान अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करने के लिए सुरक्षित कर लिया। मामले के निस्तारण के बाद युवती अपने पति के साथ चली गई, जबकि उसकी मां, भाई और जांच अधिकारी बिना उसे साथ लिए वापस लौट गए। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई युवती के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
डेढ़ घंटे की बारिश से रायसेन के निचले इलाके डूबे:महामाया चौक पर दो फीट पानी भरा, आंधी से बिजली गुल
रायसेन में गुरुवार शाम करीब 7 बजे तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक लगातार हुई इस बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। महामाया चौक पर करीब 2 फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहन ड्राइवरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। रामलीला मैदान और महामाया चौक जैसे निचले इलाकों में भी पानी भर गया। तेज हवाओं के कारण शहर की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई। 10 दिन देरी से पहुंचा है मानसूनजिले में बुधवार से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भी भारी बारिश हुई थी, जिसके बाद गुरुवार शाम 7 बजे से फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। इस लगातार बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का मौसम पूरी तरह बदल गया है। रायसेन जिले में 1 जून से अब तक कुल 77.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस बार मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था, लेकिन अब यह पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ सीजन की बुआई ने अब गति पकड़ ली है। रायसेन जिले में धान का रकबा अधिक होने के कारण किसान धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बुआई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है, जिससे किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है।
महामेधा नागर बनीं भाजपा प्रदेश मंत्री:ग्रेटर नोएडा की निवासी, युवा नेतृत्व को मिला सम्मान
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए गौतमबुद्ध नगर की युवा नेता महामेधा नागर को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है। भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में मिली इस जिम्मेदारी के बाद दादरी और पूरे गौतमबुद्ध नगर में खुशी का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने इसे क्षेत्र और युवा महिला नेतृत्व के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। महामेधा नागर मूल रूप से दादरी क्षेत्र के ग्राम अच्छेजा की रहने वाली हैं। भाजपा ने उन्हें प्रदेश संगठन में शामिल कर युवा नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण को मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर महामेधा नागर का राजनीतिक और सामाजिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक किया। इसके बाद फैकल्टी ऑफ लॉ से एलएलबी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017-18 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव लड़ा और सचिव पद पर जीत दर्ज की। छात्र राजनीति में उनकी यह जीत उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली साबित हुई। 'दिल्ली की पैड वुमन' के नाम से मिली पहचान DUSU सचिव रहते हुए महामेधा नागर ने महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सैनिटरी पैड पर टैक्स हटाने को लेकर चलाए गए अभियान में उनकी सक्रिय भूमिका रही। इसी वजह से उन्हें दिल्ली की पैड वुमन के नाम से भी पहचान मिली। महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करने के कारण वे छात्र राजनीति से निकलकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय चेहरा बन गईं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किया भारत का प्रतिनिधित्व महामेधा नागर अमेरिका और थाईलैंड सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। सामाजिक परिवर्तन और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्हें यूनेस्को और सार्क सहित कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। पश्चिमी यूपी में गुर्जर समाज का मजबूत प्रतिनिधित्व भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गुर्जर समाज को दो प्रतिनिधित्व मिले हैं, जिनमें महामेधा नागर भी शामिल हैं। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिमी यूपी में सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। कार्यकर्ताओं में उत्साह महामेधा नागर की नियुक्ति के बाद दादरी, गौतमबुद्ध नगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि उनकी संगठनात्मक क्षमता, शिक्षा, सामाजिक सरोकार और युवा नेतृत्व का अनुभव प्रदेश संगठन को मजबूती देगा। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि दादरी की बेटी ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया है और अब वह
जोधपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार या नौकर रखने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही बुलेट मॉडिफाई करने वाले गैराज संचालकों के खिलाफ भी पुलिस एक्शन लेगी। DCP हेडक्वार्टर शाहीन सी. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत 2 अलग-अलग प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 27 जून 2026 से 25 अगस्त 2026 तक पूरे जोधपुर आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र में प्रभावी रहेंगे। जारी आदेशों के मुताबिक, अब बिना वेरिफिकेशन के किराएदार या नौकर रखने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वाहनों पर फैंसी नंबर प्लेट लगाने, कारों पर ब्लैक फिल्म (शीशे) चढ़ाने और बुलेट या अन्य बाइक को मॉडिफाई करने वाले गैराज संचालक भी पुलिस के रडार पर रहेंगे। 15 दिन में कराना होगा वेरिफिकेशन डीसीपी शाहीन सी. के मुताबिक, जोधपुर शहर में बिना पुलिस वेरिफिकेशन और बिना पुख्ता पहचान पत्र के किराएदार, घरेलू नौकर, ड्राइवर, चौकीदार और निजी कर्मचारियों को रखने पर पाबंदी लगा दी गई है। इन्हें रखने के 15 दिनों के भीतर इनका पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा कमिश्नरेट के सदर बाजार, करवड़, मंडोर, शास्त्रीनगर, एयरपोर्ट और महामंदिर थाना क्षेत्रों में घरेलू नौकरों और संदिग्ध तत्वों द्वारा अंजाम दी गई गंभीर वारदातों का हवाला दिया गया है। आदेश के तहत अब मकान मालिकों और व्यावसायिक संस्थानों के स्वामियों को अपने यहां काम करने वाले या रहने वाले लोगों की पूरी व्यक्तिगत जानकारी और मोबाइल नंबर संधारित (रिकॉर्ड) करना होगा। इसके अलावा उन्हें राजकॉप (RajCop) ऐप के वेरिफिकेशन फीचर के ज़रिए या सीधे थाने में जाकर किराएदारों और नौकरों आदि का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना होगा। गैराज संचालकों पर शिकंजा जारी आदेश के अनुसार, सड़कों पर बुलेट और पावर बाइक के साइलेंसर मॉडिफाई कर पटाखे जैसी आवाज़ निकालने वाले हुड़दंगियों के साथ-साथ अब ऐसा करने वाले मैकेनिकों की भी खैर नहीं है। इसके अलावा, वाहनों पर अमानक और फैंसी नंबर प्लेट लगाने वाले गैराज संचालकों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है; क्योंकि अपराधी अक्सर ऐसी नंबर प्लेटों का फायदा उठाकर वारदात के बाद फरार हो जाते हैं और पुलिस उन्हें ट्रैक नहीं कर पाती। जारी आदेश के मुताबिक, कोई भी गैराज संचालक या मैकेनिक किसी भी बाइक में तेज आवाज़ निकालने वाला मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं लगाएगा। नंबर प्लेट के नियम पुलिस के मुताबिक, वाहनों पर केवल परिवहन विभाग की ओर से तय किए गए मापदंडों के अनुसार ही नंबर प्लेट लगाई जाएगी। बिना आरसी (R/C - रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) या वेरिफिकेशन के कोई भी फैंसी, डिजाइनदार या छोटे-बड़े आकार की नंबर प्लेट नहीं बनाई जाएगी। आरसी (R/C) की शर्तों के खिलाफ जाकर वाहनों की खिड़कियों के शीशों पर काली फिल्म लगाना, आगे-पीछे हैवी बंपर लगाना या किसी भी तरह का अवैध मॉडिफिकेशन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई (एक्शन) करेगी।
साइबर सिटी गुरुग्राम से एक पुलिसकर्मी द्वारा ऑटो ड्राइवर से बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा विवाद कथित तौर पर मुफ्त में सफर करने को लेकर शुरू हुआ। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने ऑटो ड्राइवर से मुफ्त सवारी की मांग की थी। जब ऑटो ड्राइवर ने इससे साफ इनकार कर दिया, तो पुलिस जवान अपना आपा खो बैठा। सरेराह गालियां देने का आरोप उसने सरेराह ऑटो ड्राइवर को कथित तौर पर भद्दी-भद्दी गालियां देना और धमकाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी और ऑटो ड्राइवर के बीच तीखी बहस साफ देखी जा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग जनता की सुरक्षा का दम भरने वाली पुलिस के ऐसे रवैये को अस्वीकार्य बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को साझा कर गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से आरोपी जवान के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस विभाग द्वारा इस मामले की जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार है।
महराजगंज में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने गुरुवार को थाना कोतवाली क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ ताजिया जुलूस के निर्धारित मार्गों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। फ्लैग मार्च नगर तिराहे से शुरू होकर शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों से गुजरा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने जुलूस मार्गों पर सुरक्षा प्रबंध, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। किसी भी अवांछनीय गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने जुलूस मार्गों पर मौजूद व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसपी ने कहा कि सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं और पुलिस बल लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर निगरानी बनाए रखे। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और गणमान्य लोगों से संवाद भी किया। इस अवसर पर लोगों से मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की गई। आमजन से अनुरोध किया गया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करें। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि महराजगंज पुलिस जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में अपने धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर सकें।
राजसमंद जिले में निर्जला एकादशी का पर्व गुरुवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। चारभुजा धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। विष्णु स्वरूप भगवान श्री चारभुजानाथ के दर्शन के लिए मंदिर परिसर से लेकर मीराबाई मंदिर चौक और सूरजपोल ढलान तक लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु घंटों तक लाइन में खड़े रहकर दर्शन का इंतजार करते नजर आए। महिलाओं ने पारंपरिक रीति से अर्पित किए जल कलश निर्जला एकादशी पर व्रतधारी महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान चारभुजानाथ की पूजा-अर्चना की। महिलाएं समूहों में मंगल गीत गाते हुए घरों से निकलीं और मिट्टी के कलशों में पवित्र जल भरकर मंदिर पहुंचीं। कलशों के ऊपर श्रीफल, दक्षिणा और पूजन सामग्री रखी गई। मंदिर में विधिवत पूजा के बाद महिलाओं ने भगवान के चरणों में जल कलश अर्पित किए। सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं ने भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और शांति की कामना की। गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी महिलाओं ने जल कलश अर्पित कर पूजा-अर्चना की। हनुमान धाम और आमज माता मंदिर में भी रही भीड़ क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। रोकड़िया हनुमान धाम और आमज माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं सेवंत्री स्थित रूपनारायण मंदिर में सड़क की खराब स्थिति के कारण अपेक्षाकृत कम श्रद्धालु पहुंचे, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और पुजारियों में नाराजगी देखने को मिली। श्रीनाथजी मंदिर में विशेष दर्शन, दिनभर चली गिरिराज परिक्रमा निर्जला एकादशी पर श्रीनाथजी की हवेली में भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और विशेष दर्शन किए। मंदिर में प्रभु श्रीनाथजी का कलियों से विशेष श्रृंगार किया गया। नगर में दिनभर गिरिराज परिक्रमा करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर दान-पुण्य किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
दतिया में सनातन धर्म के सबसे कठिन और महत्वपूर्ण व्रतों में से एक, ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी निर्जला ग्यारस गुरुवार को दतिया में बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं ने बिना अन्न और जल ग्रहण किए महासंकल्प का कड़ा पालन किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष की सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है। दिनभर पूर्ण रूप से निराहार और निर्जल उपवास रखने के बाद शाम को शहर के प्रमुख ठाकुर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ठाकुर श्री बड़े गोविंद मंदिर ठाकुर श्री बिहारी जी मंदिर में दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब देखा गया। इन मंदिरों में ठाकुर जी ने भगवान श्री हरि के मनमोहक रूप में दर्शन दिए। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान की आरती उतारी और अपने सामर्थ्यानुसार दान-पुण्य कर मंदिरों में चढ़ावा चढ़ाया। ठाकुर बड़े गोविंद के पुजारी पं. मनीष गोस्वामी ने बताया कि निर्जला एकादशी वर्ष का सबसे कठिन व्रत है। इस भीषण गर्मी में बिना जल के रहना साधक के संयम और अटूट श्रद्धा की परीक्षा लेता है, इसलिए इसका आध्यात्मिक महत्व सबसे अधिक है। भीमसेन से जुड़ी है इस व्रत की कथापौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास से कहा था कि वे अपनी तीव्र भूख के कारण हर महीने आने वाली दो एकादशियों का व्रत नहीं रख सकते। तब महर्षि व्यास ने उन्हें वर्ष में केवल एक बार ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के दिन पूर्ण रूप से निर्जल रहकर व्रत करने की सलाह दी थी। इसी कारण इसे भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी भी कहा जाता है। शहर में जगह-जगह बांटे गए ठंडे पेय और शरबतइस भीषण गर्मी के मौसम में दान-पुण्य का विशेष महत्व होने के कारण दतिया शहर में जगह-जगह उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए ठंडे पेय, गन्ने के रस और बेल के शरबत की व्यवस्था (छबील) की गई। श्रद्धालुओं ने आज के दिन मिट्टी के घड़े (कलश), खरबूजा, आम, पंखा, कपड़े और सत्तू का बढ़-चढ़कर दान किया। मंदिरों में सुबह से ही ऊं नमो भगवते वासुदेवाय के मंत्रोच्चार गूंजते रहे। आम और बेल का शरबत पीकर किया व्रत का पारायणज्योतिषविदों के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन (द्वादशी) के सूर्योदय तक चलता है। दतिया में भगवान विष्णु के दर्शन और पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने आम तथा बेल का शरबत ग्रहण कर अपने व्रत का पारायण (व्रत खोलना) किया। डॉक्टरों और जानकारों ने सलाह दी है कि इस भीषण गर्मी को देखते हुए बीमार और बुजुर्ग लोग अपनी सेहत को ध्यान में रखकर ही इन कड़े नियमों का पालन करें।
संभल में सरकारी बंजर भूमि से जुड़े एक मामले में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद राजस्व निरीक्षक अमरनाथ शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह मामला गुन्नौर तहसील के सैंडोरा गांव का है। यह प्रकरण गांव सैंडोरा स्थित गाटा संख्या 1016 की बंजर भूमि से संबंधित है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि काश्तकार देवेंद्र सिंह ने इस भूमि की मेढ़ काटकर उसे अपने खेत में मिला लिया था। शिकायतकर्ता ने 2 फरवरी 2026 को इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि 3 फरवरी 2026 को राजस्व निरीक्षक अमरनाथ शर्मा और लेखपाल अनुज कुमार ने कार्रवाई के नाम पर 20 हजार रुपये लिए, लेकिन भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया। रुपये वापस किए जाने संबंधी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी गुन्नौर को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान रुपये के लेन-देन संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई, जिसे उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 का गंभीर उल्लंघन माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर उप जिलाधिकारी गुन्नौर ने लेखपाल अनुज कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और राजस्व निरीक्षक अमरनाथ शर्मा के निलंबन की संस्तुति की थी। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अमरनाथ शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने प्रकरण में विभागीय कार्यवाही शुरू करने और लेखपाल की भूमिका की जांच के भी निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मोहर्रम पर बस्ती में रूट डायवर्जन लागू:26 जून शाम 4 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
मोहर्रम पर्व के मद्देनजर जनपद बस्ती में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष रूट डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 26 जून को शाम 4 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बस्ती पुलिस द्वारा जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार, ताजिया जुलूस के विभिन्न मार्गों से गुजरने के दौरान वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि यह कदम सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। जब जुलूस कंपनीबाग से गांधीनगर होते हुए रोडवेज की ओर बढ़ेगा, तब कंपनीबाग से गांधीनगर जाने वाले वाहनों को फव्वारा तिराहा, रौता तिराहा और मालवीय तिराहा होकर रोडवेज तिराहा से अपने गंतव्य तक जाने की अनुमति होगी। इसी प्रकार, जब जुलूस रोडवेज से दक्षिण दरवाजा की ओर जाएगा, तब मालवीय तिराहा से आने वाले वाहनों को रोडवेज तिराहा और अस्पताल चौराहा होकर अपने गंतव्य तक भेजा जाएगा। जुलूस के दक्षिण दरवाजा से मंगल बाजार की ओर जाने के दौरान, दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन और करुवा बाबा मार्ग होकर वाहन अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं, करुवा बाबा की ओर से मंगल बाजार जाने वाले वाहनों को रेलवे स्टेशन और दक्षिण दरवाजा होते हुए मंगल बाजार के रास्ते भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, जब जुलूस करुवा बाबा से पाण्डेय बाजार की ओर जाएगा, तब मंगल बाजार से आने वाले वाहनों को रेलवे स्टेशन पूर्वी क्रासिंग बरदहिया मार्ग से भेजा जाएगा। पाण्डेय बाजार की ओर से आने वाले वाहनों को बरदहिया पूर्वी क्रासिंग और रेलवे स्टेशन मार्ग से अपने गंतव्य तक जाने की अनुमति होगी। बस्ती पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट डायवर्जन का पालन करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। मोहर्रम जुलूस के दौरान सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर गुरुवार शाम करीब 7 बजे हुए सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार नारायणपुर निवासी जगदीश (45) अपनी पत्नी राजकुमारी (42) के साथ बाइक से किसी कार्य से जा रहे थे। जब वे सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर घरवासपारा मोड़ के समीप पहुंचे, तभी सड़क पर जा रही एक मवेशी अचानक उनकी बाइक के सामने आ गया। इससे बाइक मवेशी से टकरा गई और अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार दोनों पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिश्रिख भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद राजकुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके पति जगदीश की हालत गंभीर होने पर उनका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। राजकुमारी की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मेजा के कुकुरकटवा गांव में हुए ट्रिपल मर्डर के आरोपियों पर प्रयागराज पुलिस ने रिकॉर्ड समय में कार्रवाई की है। तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने महज सात दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी और वारदात के दसवें दिन चार आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा दिया। प्रयागराज में यह संभवतः पहला मामला है, जिसमें किसी हत्या के मुकदमे में इतनी तेजी से पहले चार्जशीट और फिर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस केस को प्राथमिकता पर लिया गया था। 15 जून को हुई थी वारदातकुकुरकटवा गांव में 15 जून की रात बुजुर्ग श्यामलाल गुप्ता, अमरावती और इंद्रावती की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह गांव वालों को वारदात की जानकारी हुई तो इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विरोध का एंगल सामने आया। इसके बाद 17 जून को मुख्य आरोपी हिमांशु यादव समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 22 जून को दाखिल हुई चार्जशीटहत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, आरोपियों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और अन्य दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड समय में विवेचना पूरी की। वारदात के सिर्फ सात दिन बाद, 22 जून को सभी पांच आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इनमें एक नाबालिग आरोपी भी शामिल है। चार पर गैंगस्टर, नाबालिग बाहरचार्जशीट दाखिल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु यादव, उसके भाई अंकित यादव, साथी निहाल गौतम और ग्राम प्रधान गुड्डू यादव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने की संस्तुति भेजी। पुलिस कमिश्नर की मंजूरी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को चारों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर दी गई। मामले के पांचवें आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई नहीं की गई। उसे पहले ही किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर राजकीय संप्रेषण गृह में भेजा जा चुका है। पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी कार्रवाईआमतौर पर हत्या जैसे गंभीर मुकदमों में चार्जशीट दाखिल होने में कई हफ्ते या कई बार महीनों का समय लग जाता है। लेकिन इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी, विवेचना, चार्जशीट और गैंगस्टर की कार्रवाई को रिकॉर्ड समय में पूरा कर दिया। कहा यह भी जा रहा है कि यह कार्रवाई जघन्य अपराध के मामलों में न सिर्फ प्रयागराज बल्कि पूरे प्रदेश में नजीर बनेगी।
जालोर शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर रतनपुरा गांव में गुरुवार शाम कपड़े धोने गई महिला का पैर फिसलने से वह कुएं (बेरे) में गिर गई। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू चलाकर महिला को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कपड़े धोते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार रतनपुरा के ब्राह्मणवाला बेरा निवासी उषा देवी (पत्नी पुनमाराम माली) गुरुवार शाम करीब 4 बजे बेरे पर कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे कुएं में जा गिरीं। बच्चों ने देखा तो मच गया हड़कंप महिला को कुएं में गिरते हुए पास में मौजूद कुछ बच्चों ने देख लिया। बच्चों ने तुरंत दौड़कर ग्रामीणों और परिजनों को सूचना दी। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया गया। ट्रैक्टर और रस्सियों से निकाला बाहर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और रस्सियों की मदद से महिला को बाहर निकालने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उषा देवी को कुएं से बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलने पर सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। अस्पताल पहुंचने से पहले मौत सिविल डिफेंस टीम ने महिला को तत्काल अपने वाहन से जालोर के राजकीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में आउटसोर्स कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर कासना कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। GIMS के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि 15 जून से आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। हड़ताल की वजह से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। OPD गेट पर धरना, मरीजों को हुई परेशानी अस्पताल प्रशासन के मुताबिक प्रदर्शनकारी ओपीडी के मुख्य प्रवेश द्वार और पंजीकरण काउंटर के पास धरना दे रहे थे। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कई बार कर्मचारियों से बातचीत कर धरना समाप्त करने या स्थान बदलने का आग्रह किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन का आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोग उग्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुर्सियां, मेज और शीशे तोड़ने का आरोप निदेशक की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की गई। कुर्सियां, मेज, फर्नीचर और दरवाजों के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इसके अलावा अस्पताल कर्मचारियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि आंदोलन के दौरान कुछ बाहरी अराजक तत्व भी मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने में भूमिका निभाई। 51 लोगों को लिया गया था हिरासत में घटना के बाद पुलिस ने बुधवार रात कार्रवाई करते हुए 27 पुरुष और 24 महिलाओं समेत कुल 51 लोगों को हिरासत में लिया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तोड़फोड़ और हंगामे में किन लोगों की प्रत्यक्ष भूमिका रही। इसके लिए अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम में दर्ज हुआ मुकदमा कासना कोतवाली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें नामजद कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संगठनों की भूमिका भी जांच के दायरे में एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। हड़ताल को समर्थन देने पहुंचे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर कानून व्यवस्था प्रभावित करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
डीएम ने आंगनबाड़ी में जुड़वा बच्चियों का जन्मदिन मनाया:नवीन पुष्टाहार से केक काट पोषण का संदेश दिया
प्रयागराज के कटरा बख्तियारी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गुरुवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने जुड़वा बच्चियों कृतिका और इशिका का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर 'नवीन पुष्टाहार' से तैयार केक काटा गया, जो पोषण अभियान को बढ़ावा देने की एक अनूठी पहल थी। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया कि सरकारी पुष्टाहार न केवल पौष्टिक है, बल्कि स्वादिष्ट भी हो सकता है और इससे केक जैसे व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने बच्चियों को उपहार भी भेंट किए। केंद्र में मौजूद 21 बच्चों ने 'आहा टमाटर बड़े मजेदार' जैसे भावगीत प्रस्तुत किए, जिसकी जिलाधिकारी ने सराहना की। उन्होंने बच्चों की तैयारी और आत्मविश्वास को देखकर आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुनीता सिंह की प्रशंसा की। जिलाधिकारी ने इस दौरान पोषण मिशन की जमीनी हकीकत का भी जायजा लिया। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी (शहर प्रथम) को निर्देश दिए कि नई टीएचआर (THR) रेसिपी का लाभ प्रत्येक घर तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से लाभार्थियों को नई रेसिपी की विशेषताओं, उपयोग विधि और लाभों के बारे में पूरी जानकारी दी जाए। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि लाभार्थियों को पुष्टाहार के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के बदले मानकों के तहत नई टीएचआर रेसिपी का वितरण शुरू किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि अब लाभार्थियों की श्रेणी 4 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। नई रेसिपी में आयरन, कैल्शियम, जिंक, विटामिन-ए, फोलेट, विटामिन बी-6 और बी-12 जैसे सात प्रमुख सूक्ष्म पोषक तत्वों को शामिल (फोर्टीफाइड) किया गया है, जिससे यह और भी अधिक पौष्टिक हो गई है। डीएम ने बच्चों को दी पोषण पोटलीजिलाधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से 01 गर्भवती महिला, 03 धात्री महिलाओं और 07 बच्चों को मासिक पुष्टाहार वितरित किया। साथ ही, बच्चों के पोषण स्तर में तीव्र सुधार के लिए 07 बच्चों को विशेष 'पोषण-पोटली' भी प्रदान की गई। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने भी बच्चों को पुष्टाहार के साथ-साथ केले वितरित किए। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी व अभिभावक उपस्थित रहे।
जोधपुर शहर में 27 जून, शनिवार को पानी की सप्लाई नहीं होगी। इस दौरान जोधपुर शहर के फिल्टर हाउस से जुड़े सभी इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के SE राजेंद्र मेहता ने बताया- फिल्टर हाउस के मेंटेनेंस (रखरखाव) कार्य के चलते 27 जून को होने वाली पानी की सप्लाई 28 जून को और 28 जून को होने वाली पानी की सप्लाई 29 जून को होगी। यह रहेगा नया शेड्यूल इन फिल्टर हाउस से जुड़े सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी के सभी सेक्टर्स, पाल बाईपास और शिल्पग्राम के आस-पास के इलाकों में 27 जून को सुबह 10:00 बजे होने वाली सप्लाई सामान्य रहेगी। हालांकि, इन इलाकों में इसके बाद 28 जून को होने वाली सप्लाई 29 जून को और 29 जून को होने वाली सप्लाई 30 जून को की जाएगी।
रोहतक में कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने देशभर में पेपर लीक और भर्ती घोटालों के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी छात्रों की गूंज अभियान की शुरुआत की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रेसवार्ता के दौरान इंदौरा ने कहा कि यह 40 दिवसीय अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज उठाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की विफलताओं को उजागर करना है। कुलदीप इंदौरा ने नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले को लेकर देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग सांसद ने पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, संबंधित अधिकारियों और उनके राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, जिससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में विफल रही है। इंदौरा ने स्पष्ट किया कि यह केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, भविष्य और देश के विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। यह तीन मांगे उठाई कुलदीप इंदौरा ने तीन प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पूरी परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और परीक्षा तथा भर्ती के लिए एक वार्षिक कैलेंडर लागू करना। उन्होंने बताया कि 30 जून से छात्र संपर्क अभियान, नुक्कड़ बैठकें और पर्चा वितरण कार्यक्रम शुरू होंगे। जुलाई में साप्ताहिक कार्यक्रम, कैंपस संपर्क और अंबेडकर संवाद आयोजित किए जाएंगे। अभियान के पहले चरण का समापन 1 अगस्त को 28 शहरों में कलेक्टरेट घेराव और 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम के साथ होगा। छात्रों से अभियान से जुड़ने की अपील उन्होंने छात्रों और युवाओं से “छात्रों की गूंज” अभियान से जुड़ने तथा अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। इस अवसर पर हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निशित कटारिया ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के सपनों को लगातार तोड़ रही है। हरियाणा समेत पूरे देश में युवा बेरोजगारी, भर्ती में देरी और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का “छात्रों की गूंज” अभियान युवाओं की आवाज को मजबूती देगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगा। कटारिया ने कहा कि आज का युवा निष्पक्ष परीक्षा, समय पर भर्ती और पारदर्शी व्यवस्था चाहता है। कांग्रेस युवाओं की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के रोहतक शहरी जिला अध्यक्ष कुलदीप केडी, ग्रामीण जिलाध्यक्ष बलवान रंगा,पूर्व एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव गौरव तुशीर, प्रदेश मीडिया चेयरमैन प्रदीप यादव, युवा कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष सुशील हुड्डा आदि मौजूद रहे।
चंदौसी के कर्नाटक कैफे रेस्टोरेंट की चिमनी में आग लग गई। कर्मचारियों ने 40 मिनट में दो फायर इंस्ट्रूमेंट सिलेंडरों की मदद से आग पर काबू पाया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दमकल विभाग ने जांच के बाद रेस्टोरेंट को बंद करा दिया है। यह घटना संभल जनपद के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन रोड पर गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे हुई। रेस्टोरेंट की चिमनी से अचानक तेज धुआं निकलने लगा, जिसके बाद आग की लपटें दिखाई दीं। रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने तुरंत आग बुझाने के लिए उपलब्ध फायर इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल किया। आग पर पूरी तरह काबू पाने में लगभग 40 मिनट का समय लगा। इस बीच, किसी राहगीर ने दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग बुझने के बाद स्थिति का जायजा लिया। चंदौसी कोतवाली पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची। फिलहाल, रेस्टोरेंट को बंद कर दिया गया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। दमकल विभाग यह भी जांच कर रहा है कि रेस्टोरेंट संचालन के लिए सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। रेस्टोरेंट मालिक हिमांशु पंवार ने बताया कि दोपहर की तेज गर्मी और चिमनी में तेल-ग्रीस जमा होने के कारण आग लगी थी। उन्होंने पुष्टि की कि उनके पास मौजूद दो सिलेंडरों से आग पर नियंत्रण पा लिया गया था। थाना प्रभारी संत कुमार ने बताया कि रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली थी, पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। जनहानि की कोई सूचना नहीं है, दमकल विभाग अपनी जांच कर रहा है, पुलिस टीम को जाँच करने के लिए कहा गया है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए पर्यावरण रत्न सम्मान-2026 से सम्मानित ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दुबे का सिविल लाइन स्थित वृंदावन हॉल में भव्य सम्मान समारोह आयोजित कर अभिनंदन किया गया। देशभर में केवल पांच पर्यावरण योद्धाओं को यह सम्मान प्रदान किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ से अमिताभ दुबे का चयन हुआ है। कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ संरक्षक हैप्पी सिब्बल, जेसीआई की वरिष्ठ सदस्य लीना वाढेर, वरिष्ठ सदस्य भारत तिवारी और प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष शर्मा सहित कई वक्ताओं ने अमिताभ दुबे के पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि ग्रीन आर्मी के हजारों स्वयंसेवकों की वर्षों की मेहनत और समर्पण की पहचान है। हजारों स्वयंसेवकों की वर्षों की मेहनत अपने संबोधन में अमिताभ दुबे ने कहा कि पर्यावरण रत्न सम्मान-2026 ग्रीन आर्मी के प्रत्येक पर्यावरण सैनिक, स्वयंसेवक, प्रशिक्षक, विद्यार्थी, मातृशक्ति और प्रकृति प्रेमी को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन हजारों लोगों की सामूहिक तपस्या का परिणाम है, जिन्होंने धरती, जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार कार्य किया है। समारोह में रूपाली दुबे ने भी इसे संस्था के सभी सदस्यों की सामूहिक उपलब्धि बताया। अमिताभ दुबे ने संस्था की मीडिया टीम, विशेषकर शशिकांत यदु, हेमंत ठाकुर और पी.के. तिवारी के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों को और अधिक गति देने का संकल्प लिया।
धार के ज्ञानपुरा क्षेत्र स्थित नितेश अग्रवाल के फार्म हाउस में गुरुवार शाम को करीब 8 फीट लंबा धामन सांप दिखाई दिया। सांप इमली के एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया था, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर सर्प मित्र भय्यू राम मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू शुरू होते ही सांप एक शाखा से दूसरी शाखा पर तेजी से जाने लगा। वह कई बार पेड़ की ऊंचाई पर पहुंच गया, जिससे उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया। काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सर्प मित्र ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ाभय्यू राम ने बताया कि धामन सांप, जिसे स्थानीय भाषा में घोड़ा पछाड़ भी कहते हैं, यह जहरीला नहीं होता है। उन्होंने यह भी बताया कि वे कई वर्षों से सांप के संरक्षण का कार्य कर रहे हैं और अब तक 10 से 12 हजार से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। रेस्क्यू के बाद धामन सांप को सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया।
अयोध्या के रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। शिष्टाचार भेंट के दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय विकास, वन संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। रामचंद्र यादव ने केंद्रीय मंत्री के सामने रुदौली क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उन्होंने विशेष रूप से नगर पंचायत मां कामाख्या धाम में वन विभाग की ओर से विकसित किए जा रहे पार्क की प्रगति और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा की। मां कामाख्या धाम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर विधायक ने कहा कि मां कामाख्या धाम क्षेत्र में विकसित हो रहा पार्क पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मां कामाख्या धाम की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। रुदौली-मिल्कीपुर के वन क्षेत्रों पर विशेष चर्चा मुलाकात के दौरान रुदौली और मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्रों में वन क्षेत्र के संरक्षण और विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विधायक ने बताया कि अयोध्या जनपद का सबसे बड़ा वन क्षेत्र इन्हीं दोनों विधानसभा क्षेत्रों में स्थित है। ऐसे में यहां हरित आवरण बढ़ाने, वन संपदा के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाओं की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्र में वन आधारित पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की भी मांग की। केंद्रीय मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा रामचंद्र यादव के अनुसार, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्षेत्र के वन क्षेत्रों के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार को नई गति दे सकता है। मां कामाख्या धाम आने का न्योता मुलाकात के दौरान विधायक ने केंद्रीय मंत्री को मां कामाख्या धाम के दर्शन के लिए आमंत्रित किया। इस पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि अवसर मिलने पर वह अवश्य धाम पहुंचकर दर्शन करेंगे। विधायक ने इस मुलाकात को क्षेत्र के विकास, वन संरक्षण और पर्यावरणीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
डिंडौरी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग आयुक्त ने गुरुवार को शहपुरा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) रीना सिंह राठौर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नपा अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल की शिकायत पर की गई है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा जारी आदेश में रीना सिंह राठौर पर वित्तीय अनियमितताओं, बिना स्वीकृति निर्माण कार्य कराने, परिषद को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और शासकीय योजनाओं में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नियमों की अनदेखी हुई आदेश के अनुसार, सीएमओ रीना सिंह राठौर पर जेम पोर्टल और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से परिषदीय कार्यों से संबंधित सामग्री क्रय में नियमों की अनदेखी करने और शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप है। उन पर बिना सक्षम स्वीकृति के नगर में सीसी रोड निर्माण कराने और अपने परिजनों को परिषदीय एजेंसी नियुक्त कर लगभग दो लाख रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत बिना आवश्यकता के बोरवेल निर्माण कराने और शासकीय राशि के दुरुपयोग का भी उल्लेख किया गया है। विभागीय आदेश में यह भी कहा गया है कि परिषद अध्यक्ष और पार्षदों की जानकारी के बिना कार्य किए गए, जिससे निकाय को आर्थिक क्षति हुई। पूर्व में प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट में भी कई वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। जांच में स्वागत द्वार निर्माण, दुकानों के आवंटन और अन्य कार्यों में नियम विरुद्ध भुगतान व प्रक्रियागत त्रुटियां सामने आने का दावा किया गया है। चार मामलों में जांच लंबित रीना सिंह राठौर के विरुद्ध वर्तमान में चार अन्य मामलों में भी विभागीय जांच लंबित बताई गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग जबलपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
गुरुग्राम की PCPNDT (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) टीम ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के मेरठ में बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने एक डिकॉय ऑपरेशन चलाया, जिसमें गर्भवती महिला को नकली ग्राहक बनाकर भेजा गया। जांच में सामने आया कि सरधना स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में दलाल नदीम गुरुग्राम की गर्भवती महिलाओं से 15 से 20 हजार रुपए लेकर भ्रूण के लिंग की जानकारी उपलब्ध कराता था। गर्भ में लड़की होने की स्थिति में गर्भपात कराने की व्यवस्था भी की जाती थी। 25 जून को गुरुग्राम और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने डिकॉय ग्राहक के माध्यम से कार्रवाई की। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
खन्ना में 150 साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा:रिक्शा ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, बिजली के खंभे टूटे
खन्ना के खटीकां मोहल्ला स्थित जोगिंदर शर्मा पप्पी पार्क में गुरुवार दोपहर करीब 150 साल पुराना एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि एक रिक्शा चालक ने समय रहते फुर्ती दिखाते हुए अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शी सुनील शर्मा ने बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे यह पेड़ अचानक टूटकर गिरा। पेड़ गिरने के समय वहां लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। उसी दौरान एक रिक्शा चालक पेड़ के नीचे से गुजर रहा था। उसने पेड़ को गिरते देख तुरंत रिक्शा छोड़ा और पीछे हटकर अपनी जान बचाई। कुछ सेकंड की देरी से वह गंभीर हादसे का शिकार हो सकता था। पेड़ गिरने से बिजली के खंभे टूट गए सुनील शर्मा ने यह भी बताया कि घटना से कुछ देर पहले ही स्थानीय निवासी सन्नी शर्मा अपने परिवार के साथ उस जगह से निकले थे। पेड़ गिरने से कई बिजली के खंभे टूट गए और बिजली की तारें आसपास के मकानों पर गिर गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, ताकि किसी को करंट न लगे। घटना की जानकारी विदेश दौरे पर गए पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद को दी गई। मंत्री ने तुरंत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए और बिजली विभाग की टीमों को मौके पर भेजा। इसके बाद क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और खंभों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। रात में राहत कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए जनरेटरों की व्यवस्था की गई और नगर काउंसिल ने फ्लड लाइटें लगाईं। प्रशासन ने बिजली विभाग को जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर भर्ती की गई प्रसूताओं को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। डॉक्टरों के अनुसार, वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखी गई एक प्रसूता को अब वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं अन्य प्रसूताओं की स्थिति भी पहले से बेहतर बताई जा रही है। वहीं मामला सामने आने के बाद डिलीवरी बंद कर दी थी। इसके बाद गुरुवार को पहली नॉर्मल डिलीवरी हुई। वहीं दावा किया जा रहा है कि एक-दो दिन में ओटी भी शुरू कर दी जाएगी। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की ओर से गुरुवार को इनकी हेल्थ अपडेट जारी की गई है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- पावटा हॉस्पिटल में एडमिट 6 प्रसूताओं की हालत में सुधार है। वहीं एम्स में एडमिट प्रसूता को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सर्जरी के बाद आठ प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया था। ओटी में नहीं मिला था किसी तरह का इंफेक्शन इससे पूर्व बुधवार को पावटा के ओटी की कल्चर रिपोर्ट आ गयी थी। इस रिपोर्ट में ओटी में किसी तरह का संक्रमण नहीं मिला था। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज की टीम को प्रसूताओं को दी गयी मेडिसिन की रिपोर्ट का इंतजार है। इधर, ओटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज ने ओटी शुरू करने की परमिशन दे दी है। पीएमाओ डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- एक-दो दिन में ओटी शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही प्रसूताओं को भी एक-दो दिन में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 8 प्रसूताओं की तबीयत में सुधार एम्स में 2 और पावटा में एडमिट 6 प्रसूताओं की तबीयत में सुधार है। पावटा हॉस्पिटल में एडमिट सभी प्रसूताओं के कैथेड्रल को हटा दिया गया है। वहीं एम्स प्रशासन ने बताया कि वहां एडमिट 2 प्रसूताओं की हालत में सुधार है। जिनमे से एक को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। गुरुवार को इनके परिजनों से भी मुलाकात करवाई गई थी। ये खबर भी पढ़ें… पावटा अस्पताल की ओटी में नहीं मिला इंफेक्शन:प्रसूता का पति बोले- अब मूवमेंट करने लगी पत्नी; अगले हफ्ते से शुरू हो सकते हैं ऑपरेशन पावटा हॉस्पिटल की ओटी में नहीं मिला इंफेक्शन:एडमिट 6 महिलाओं में हल्का इंफेक्शन; इनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव; एम्स टीम ने लिए बयान जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; चिकित्सा मंत्री बोले- 50% महिलाएं सीजेरियन चाहती हैं, वे दर्द नहीं चाहती प्रसूताओं को लगाए गए ड्रिप सहित 25 दवा-इंजेक्शन पर रोक:7 दिन पहले हुई थी पहले बैच की सप्लाई, पहली बार 8 महिलाओं को लगा था गहलोत बोले-वसुंधरा सरकार में अच्छे मंत्री थे खींवसर:इस बार पता नहीं कौनसा ग्रहण लग गया, बयान उल्टे पड़ रहे है प्रसूता का पति बोला- डिलीवरी से पहले सही थी पत्नी:अब कुछ हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी; फेफड़ों में पानी भरा, लीवर-किडनी पर असर
उदयपुर में नगर निगम की टीम ने लगातार दूसरे दिन फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वालों पर बड़ा एक्शन लिया। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर टीम ने गुरुवार को शहर के चार बड़े कमर्शियल प्रतिष्ठानों को सीज कर दिया। इन सभी को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन इन्होंने लापरवाही जारी रखी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। उधर, मानसून को देखते हुए निगम आयुक्त ने फतहसागर को भरने वाली मदार नहर और गुमानिया वाला नाला की सफाई व्यवस्था का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। 4 प्रतिष्ठान सीज किए, पहले दी थी चेतावनीनगर निगम की टीम ने जिन चार जगहों को सीज किया, उनमें सेक्टर-3 की मीरा होटल, गुलाब बाग स्थित ग्रैंड सीता होटल, सेक्टर-14 का एक रेस्टोरेंट और सेक्टर-3 सेवा आश्रम स्थित ग्रैंड गिफ्ट कॉम्प्लेक्स में चल रही एक कोचिंग शामिल है। सीएफओ बाबूलाल चौधरी ने बताया कि इन जगहों पर जांच के दौरान आग बुझाने के जरूरी इंतजाम नहीं मिले। न तो वहां इमरजेंसी के समय बाहर निकलने का कोई रास्ता था और न ही इन लोगों ने फायर एनओसी ले रखी थी। बार-बार नोटिस देने के बाद भी जब संचालकों ने सुधार नहीं किया, तो लोगों की जान की सुरक्षा के लिए यह सख्त कदम उठाना पड़ा। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने साफ कर दिया है कि उदयपुर में अब बिना फायर एनओसी के एक भी कमर्शियल बिल्डिंग या दुकान नहीं चलने दी जाएगी। जब तक ये संस्थान पूरे इंतजाम करके फायर एनओसी नहीं ले लेते, तब तक इनके ताले नहीं खुलेंगे। उन्होंने शहर के सभी व्यापारियों से इसमें सहयोग करने की अपील की है। कार्रवाई के दौरान फायर ऑफिसर शिवराम मीणा, नवदीप सिंह बग्गा और सीआई मांगीलाल डांगी मौजूद रहे। मदार नहर का दौरा, निकले 5 डंपर कचरामानसून की तैयारियों को लेकर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना खुद फील्ड में उतरे। उन्होंने हेल्थ ऑफिसर सत्यनारायण शर्मा को साथ लेकर फतहसागर झील को भरने वाली मदार नहर का बारीकी से निरीक्षण किया। आयुक्त ने देखा कि नहर में कई जगह कचरा और झाड़ियां फंसी हैं, जिससे बारिश का पानी रुक सकता है। उन्होंने तुरंत अतिरिक्त टीमें लगाकर सफाई के निर्देश दिए। कमिश्नर के आदेश पर मौके से तुरंत पांच डंपर कचरा और गंदगी बाहर निकाली गई। इसके साथ ही गुरुवार से ही शहर के प्रमुख गुमानिया वाला नाला को साफ करने का काम भी युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया गया है ताकि बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की स्थिति न बने।
यातायात पुलिस ने मोहर्रम की 10 वीं तारीख के मौके पर शहर में डायवर्जन व्यवस्था लागू की है। इस कड़ी में शुक्रवार सुबह 9 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक डायवर्जन व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इसी तरह, गैर जनपदों से आने वाले वाहनों को शुक्रवार से रविवार तक के लिए बदले मार्ग से आना-जाना होगा। इसके लिए 26 से 28 जून को रात 10 से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डायवर्जन प्रभावी रहेगा। गंगा बैराज से होकर जाएंगे लखनऊडीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने बताया कि शहर से लखनऊ की ओर जाने वाले हल्के व्यावसायिक वाहन गंगा बैराज होते हुए पहाड़पुर-कहवापुर-शुक्लागंज मार्ग का प्रयोग करेंगे। इटावा की ओर से आने वाले वाहन जिन्हें लखनऊ की ओर जाना है, वह रामादेवी से प्रयागराज हाईवे से बक्सर मोड़-सुमेरपुर मोड़ (छाछीराईखेड़ा) फतेहपुर से होते हुए उन्नाव-लालगंज हाईवे से लखनऊ की ओर जाएंगे। लखनऊ की ओर जाने के लिए महोबा व हमीरपुर से आने वाले वाहन घाटमपुर से जहानाबाद-बकेवर-पतारा होते हुए एनएच-19 पर स्थित बक्सर मोड़ से लखनऊ की ओर जाएंगे। महोबा व हमीरपुर से आने वाले वाहन जो लखनऊ की ओर जाना चाहेंगे वह एनएच-34 पर स्थित आनूपुर मोड़ होते हुए बरीपाल स्टेशन मार्ग से जहानाबाद के रास्ते एनएच-19 से बक्सर मोड़ होते हुए जा सकेंगे। ऐसे ही लखनऊ की ओर जाने के लिए कन्नौज की ओर से आने वाला ट्रैफिक एनएच-34 पर स्थित रामेश्वर धाम मंदिर के कट से एसएच-40 पर उन्नाव-हरदोई मार्ग से उन्नाव से जा सकेंगे। बिल्हौर-चौबेपुर की ओर से आने वाला यातायात जिन्हें लखनऊ की ओर जाना है, वह चौबेपुर से बिठूर मार्ग से उन्नाव-हरदोई मार्ग से निकलेंगे। शुक्रवार सुबह इस तरह से लागू होगा डायवर्जन - नीलम मेमोरियल से कोई भी वाहन रामलला मंदिर रावतपुर की ओर नहीं जा सकेंगे। ये वाहन मसवानपुर, सिलिंडर चौराहा से होकर जा सकेंगे। - एकता चौराहे से रामलला मंदिर की ओर कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा, ये वाहन नमक फैक्ट्री चौराहा होकर जायेंगे। - डबल पुलिया, मसवानपुर चौराहा की ओर कोई भी वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन छपेड़ा पुलिया से नौ नंबर क्रासिंग से जायेंगे। - मसवानपुर चौराहे से डबल पुलिया की ओर कोई वाहन नहीं जा सकेगा। ये वाहन दलहन क्रासिंग से होकर जायेंगे। - उन्नाव से आने वाले वाहन गंगा बैराज से कर्बला की तरफ नहीं जाएंगे। ये वाहन गंगा बैराज से बनियापुरवा मोड़ से एनआरआइ सिटी होते हुए जा सकेंगे। - सिग्नेचर ग्रीनसिटी बस अड्डे की तरफ से आने वाले वाहन मैनावती मार्ग तिराहे से कर्बला की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें मैनावती मार्ग तिराहा से बाएं मुड़कर डीपीएस स्कूल, एनआरआइ सिटी होते हुए जा सकेंगे। - रेव-थ्री वीआइपी रोड़ की ओर से आने वाले वाहन रानीघाट तिराहे से आगे कंपनी बाग की तरफ नहीं जाएंगे। ये वाहन रानीघाट तिराहा से बाएं मुड़कर राजीव पेट्रोल पंप होकर जायेंगे। - रावतपुर तिराहे से कंपनी बाग कर्बला होकर उन्नाव जाने वाले वाहन रावतपुर तिराहे से आगे नहीं जा पाएंगे। ये वाहन जीटी रोड, जाजमऊ गंगापुल होकर जा सकेंगे।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पलटवार किया है। दरअसल, गहलोत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का पक्ष लेते हुए किरोड़ी लाल मीणा पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने का बयान दिया था। अब किरोड़ी लाल ने गहलोत को 'गांधारी-दर्शन' छोड़कर सच का सामना करने की सलाह दी है। गहलोत पर निशाना साधते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा- गांधी दर्शन की बात करने वाले अशोक गहलोत को गांधारी-दर्शन त्यागकर सत्य का सामना करना चाहिए। प्रदेश के मुखिया के रूप में पांच वर्षों तक कुशासन देने वाले अशोक गहलोत आज तथ्यों की माँग कर रहे हैं, जबकि तथ्य उनकी सरकार के काले कारनामों की गवाही खुद देते आ रहे हैं। गहलोत राज में रीट भर्ती महाभ्रष्टाचार का कुंभ साबित हुई किरोड़ी लाल मीणा ने आगे लिखा- जल जीवन मिशन में हुए घोटालों के तथ्यों के आधार पर ही कांग्रेस सरकार के आपके खासमखास मंत्री महेश जोशी आज जेल की हवा खा रहे हैं। REET भर्ती परीक्षा को उनके प्रिय शिक्षा मंत्री ने 'महाकुंभ' कहा था, लेकिन वह युवाओं के सपनों के साथ महाभ्रष्टाचार का कुंभ सिद्ध हुआ। आखिरकार मेरे द्वारा जुटाए गए तथ्यों के आधार पर ही गहलोत साहब को रीट लेवल-2 की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। SI भर्ती परीक्षा में भी मेरे द्वारा अनियमितताओं के तथ्य प्रस्तुत करने पर कार्रवाई हुई, जिसके बाद आयोग के सदस्य और फर्जी तरीके से चयनित अभ्यर्थी जेल गए। गहलोत सत्ता के मोह में पांच साल कुर्सी से चिपके रहे किरोड़ी लाल ने लिखा- RAS भर्ती परीक्षा में कांग्रेस सरकार में बैठे लोगों द्वारा किए गए घिनौने खेल से तो पूरा प्रदेश अच्छी तरह परिचित है। गहलोत साहब खुद सत्ता के मोह में किसी भी कीमत पर पाँच साल तक कुर्सी से चिपके रहे और उनके मंत्रियों व विधायकों ने प्रदेश को भ्रष्टाचार, लूट और प्रशासनिक अराजकता की आग में झोंक दिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आगे लिखा- गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज ने 'श्रीरामचरितमानस' में सत्य ही लिखा है- 'पर उपदेस कुसल बहुतेरे। जे आचरहिं ते नर न घनेरे। --- यह खबर भी पढ़िए… किरोड़ीलाल मीणा बोले- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए:1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे; जनहित में लड़ा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए। हम आंदोलन करते थे तो मुकदमे लगा देते थे। 1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे हैं। जनता के हित में लड़ने के कारण मुकदमे लगे। पढ़ें पूरी खबर
मुज़फ़्फ़रनगर में मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में गुरुवार शाम करीब 7 बजे जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने SP सिटी अमृत जैन के साथ शहर में मोहर्रम जुलूस मार्ग और कर्बला स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने जुलूस मार्ग पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आयोजकों, धर्मगुरुओं और स्थानीय नागरिकों से भी संवाद किया, उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी से मोहर्रम का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जुलूस निर्धारित मार्ग से ही निकाला जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान, ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विद्युत लाइनों या अन्य अवरोधों के कारण कोई दुर्घटना न हो। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के आदेश दिए गए। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर बृजेश कुमार शर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
बिजनौर में गुरुवार को नवी मोहर्रम का जुलूस-ए-अलम निकाला गया। इसमें शिया समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए, जो सीनाजनी और मातम करते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह जुलूस काजीपाड़ा से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ देर रात मोहल्ला बुखारा में संपन्न होगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। मोहल्ला काजीपाड़ा स्थित मरहूम अली अब्बास के आवास से गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे जुलूस शुरू हुआ। यह अपने परंपरागत मार्गों से होते हुए रात लगभग 11 बजे मोहल्ला बुखारा के इमामबाड़े पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस से पहले, दोपहर 2 बजे मोहल्ला काजीपाड़ा में मरहूम अली अब्बास के आवास पर एक मजलिस का आयोजन किया गया। मौलाना कमाल ताहिर ने इमाम हुसैन की शहादत का वाकया पेश किया। उन्होंने कर्बला के मकसद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जुल्म के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और जालिम का एकजुट होकर मुकाबला करना चाहिए। इस अवसर पर बिजनौर के डॉक्टर नीरज चौधरी ने छबील लगाकर अजादारों को पानी और शरबत पिलाया। जुलूस में तनवीर राजा, अफरोज नकवी, रईस हैदर, गुड्डू और जफर हसनैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। पेदी, सिर्धनी, छज्जू पूरा, बुखारा और हुसुपूरा की अंजुमनों ने भी इस जुलूस में भाग लिया।
बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र में गुरुवार को गंगा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां चंदनपुर गांव के पास गंगा नदी में डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों मृतक अपने दोस्तों के साथ बाइक से गंगा स्नान करने आए थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गहरे पानी में जाने से बिगड़ा संतुलन मिली जानकारी के मुताबिक, बगुला नगला गांव के रहने वाले पांच दोस्त बाइक पर सवार होकर गंगा स्नान के लिए निकले थे। उझानी क्षेत्र के चंदनपुर गांव के पास सभी युवक नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान 25 वर्षीय विवेक (पुत्र लीलाधर) और 22 वर्षीय कृष्णा उर्फ नन्हें (पुत्र दाताराम) अचानक नहाते-नहाते गहरे पानी में चले गए। पानी का बहाव तेज होने के कारण दोनों खुद को संभाल नहीं पाए और डूबने लगे। कछला पुलिस मौके पर पहुंची युवकों को डूबता देख घाट पर मौजूद उनके साथियों और अन्य लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और कछला चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद निकाले गए शव गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब 6:30 बजे पहले कृष्णा उर्फ नन्हें को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। इसके बाद दूसरे युवक विवेक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रहा। कुछ देर बाद गोताखोरों ने विवेक का शव भी गंगा नदी से बरामद कर लिया। परिजनों में मचा कोहराम हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के गांव पहुंची, कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही रोते-बिलखते परिजन भी गंगा घाट पर पहुंच गए। अपने जवान बेटों के शव देखकर माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वाणिज्य महाविद्यालय (कॉमर्स कॉलेज) ने नए सेशन 2026-27 के लिए बी.कॉम. फर्स्ट सेमेस्टर की फाइनल मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। यह लिस्ट कॉलेज की 170 कोर सीटों के लिए निकाली गई है। जिन स्टूडेंट्स ने एडमिशन के लिए फॉर्म भरा था, वे कॉलेज के नोटिस बोर्ड या यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं। कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि इसके बाद अगली मेरिट लिस्ट 30 जून को जारी की जाएगी। सीट पक्की करने के लिए जल्द करानी होगी फीस जमा कॉमर्स कॉलेज के डीन प्रो. शूरवीर सिंह भाणावत ने बताया कि इस पहली अस्थाई मेरिट लिस्ट में जिन स्टूडेंट्स का नाम आया है, उन्हें अपनी सीट पक्की करने के लिए जल्द से जल्द फीस जमा करानी होगी। इसके लिए ऑनलाइन फीस जमा करने की तारीख 26 जून से 29 जून तक तय की गई है। स्टूडेंट्स को इसी तय समय में अपनी फीस ऑनलाइन मोड में ट्रांसफर करनी होगी। जनरल कैटेगरी की कटऑफ 87.6 प्रतिशत रही एडमिशन कमेटी की संयोजक डॉ. शिल्पा वर्डिया ने बताया कि इस बार जनरल कैटेगरी की कटऑफ 87.6 प्रतिशत रही है। वहीं ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की कटऑफ 80 प्रतिशत गई है। अनुसूचित जाति (एससी) की कटऑफ 68.20 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की कटऑफ 54.60 प्रतिशत रही है। 29 जून तक फीस जमा नहीं हुई तो एडमिशन होगा कैंसिल डॉ. वर्डिया ने कहा कि जो भी स्टूडेंट 29 जून तक अपनी फीस जमा नहीं कराएगा, उसका एडमिशन अपने आप कैंसिल हो जाएगा। इसके बाद बची हुई सीटों पर अगली लिस्ट के स्टूडेंट्स को मौका दिया जाएगा। इधर, बी वॉक की संयोजक डॉ. आशा शर्मा ने बताया कि बी वॉक फर्स्ट सेमेस्टर में एडमिशन के लिए भी मेरिट लिस्ट बहुत जल्द वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी स्टूडेंट्स से अपील की है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय पर ऑनलाइन फीस जमा कर दें, ताकि एडमिशन का पूरा काम बिना किसी परेशानी के पूरा हो सके। स्टूडेंट्स इस बात का ध्यान रखें कि केवल लिस्ट में नाम आने से एडमिशन पक्का नहीं होगा, जब तक कि फीस जमा होने की रसीद जनरेट न हो जाए। देरी करने पर यह सीट वेटिंग लिस्ट वाले दूसरे स्टूडेंट्स को दे दी जाएगी।
रोहतक पुलिस ने सांपला के परशुराम भवन में एक शादी समारोह के दौरान हुई फायरिंग के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस घटना में तीन महिलाएं घायल हो गई थीं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है। मामले की जांच जारी है। शहर सांपला चौकी प्रभारी ने बताया कि यह घटना 23 जून 2026 को हुई थी। हसनपुर, सोनीपत निवासी पूजा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूजा अपने मामा के लड़के की शादी में खेड़ी सांपला आई हुई थीं। घायल महिलाओं का अस्पताल में चल रहा इलाज प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शादी समारोह के दौरान अचानक गोली चलने की आवाज आई। गोली लगने से हिमांशी, सरोज और रेखा घायल हो गईं। तीनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले की जांच चौकी शहर सांपला के उप-निरीक्षक महेंद्र द्वारा की गई। जांच के दौरान, 24 जून 2026 को खेड़ी सांपला निवासी दीपक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई राइफल भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी दीपक के खिलाफ थाना सांपला में धारा 109(1), बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और 25-54-59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कन्नौज में मोहर्रम और ताजिया जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कानपुर जोन के डीआईजी यमुना प्रसाद ने गुरुवार शाम को पुलिस बल के साथ रूट मार्च किया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों और ताजिया मार्गों का निरीक्षण किया। डीआईजी यमुना प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के साथ शाम 6 बजे से रात 7:30 बजे तक पैदल मार्च किया। उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों का भी जायजा लिया और कानून-व्यवस्था की स्थिति का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर डीआईजी यमुना प्रसाद ने आमजन, व्यापारियों और संभ्रांत नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने सभी को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए मोहर्रम को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। रूट मार्च समाप्त होने के बाद, पुलिस लाइन में सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या अराजकता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की गलत सूचना या भड़काऊ सामग्री को रोका जा सके।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 17 जून को खेत में मिली युवती की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में पता चला कि युवती की हत्या उसके पिता, चाचा और बड़े पिता ने मिलकर की थी। परिवार के लोग उसके लव मैरिज से नाराज थे। इसी वजह से उन्होंने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। मामले में मुख्य आरोपी पिता को पुलिस ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम तुरेंगा का है। अब जानिए पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को ग्राम तुरेंगा स्थित खेत में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था। शव के गले और शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान मिले थे। इसके बाद थाना पटेवा में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक सूचना के जरिए मृतका की पहचान करने का प्रयास किया। बाद में मृतका की पहचान बागबाहरा निवासी रानी कुमारी सिंह के रूप में हुई, जिसकी पुष्टि उसके पति ने की। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रानी कुमारी सिंह ने इंटर कास्ट लव मैरिज किया था, जिससे उसके पिता उमेश सिंह, चाचा दिनेश सिंह और बड़े पिता राजेश सिंह नाराज थे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद सुनसान खेत में धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। सबूतों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम गुजरात के सूरत पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी उमेश सिंह (50 वर्ष) को थाना पुना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर हत्या की थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।
तीन महीने बाद परिवार से मिली लापता महिला:मंदसौर की संस्था ने अस्वस्थ महिला को घर पहुंचाया
मंदसौर की अनामिका जनकल्याण सेवा समिति ने राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की एक लापता महिला को तीन माह बाद गुरुवार को उसके परिजनों से मिलाया है। मानसिक रूप से अस्वस्थ रानी नाम की इस महिला का यह 58वां सफल पुनर्वास है, जिसे संस्था ने अंजाम दिया है। संस्था की संस्थापक अनामिका जैन ने बताया कि करीब तीन महीने पहले दलौदा पुलिस रानी को मंदसौर स्थित आश्रय गृह लेकर आई थी। उस समय महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और अपने परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया था कि वह पानी भरने घर से निकली थी और रास्ता भटक गई। आश्रय गृह में महिला की नियमित देखभाल, काउंसलिंग और संवाद के माध्यम से धीरे-धीरे उसकी पहचान संबंधी जानकारी सामने आई। संस्था की टीम के लगातार प्रयासों से उसके निवास स्थान का पता चला, जिससे ज्ञात हुआ कि वह राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की निवासी है। पति अक्सर मारपीट करता थाबातचीत के दौरान महिला ने बताया कि उसके पति द्वारा शराब के नशे में अक्सर मारपीट की जाती थी, जिसके कारण वह मानसिक तनाव में रहती थी। इसी तनावपूर्ण स्थिति में वह घर छोड़कर निकल गई थी और भटकते हुए मंदसौर पहुंच गई थी। इसके बाद समिति ने विभिन्न माध्यमों से महिला के परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद परिवार से संपर्क स्थापित हुआ और उन्हें रानी के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई। गुरुवार को महिला के पिता रतनलाल भील सहित अन्य परिजन मंदसौर पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रानी को उनके सुपुर्द कर दिया गया। 58 महिलाओं का सफल पुनर्वासअपनी बेटी को वापस पाकर भावुक हुए पिता रतनलाल भील ने कहा कि पिछले तीन माह से पूरा परिवार उसकी तलाश में परेशान था। उन्होंने अनामिका जनकल्याण सेवा समिति की संस्थापक अनामिका जैन एवं पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। अनामिका जैन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बेसहारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं घर से लापता महिलाओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना तथा उन्हें उनके परिवारों से पुनः मिलाना है। संस्था लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है और अब तक 58 महिलाओं का सफल पुनर्वास कर चुकी है।
मुजफ़्फ़रनगर के भोपा रोड स्थित चर्चित इवान अस्पताल में करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। अस्पताल के CEO की शिकायत पर SSP के आदेश के बाद थाना नई मंडी पुलिस ने अस्पताल के तीन पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में दो वर्षों के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के गबन और वित्तीय रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप लगाया गया है। अस्पताल के सीईओ विजय कुमार जैन ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि आरोपी कर्मचारी वर्षों से संस्थान से जुड़े हुए थे। उन्हें नकद लेन-देन, बैंकिंग कार्य, कंप्यूटर संचालन और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। आरोप है कि इसी विश्वास का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने नकद पुस्तिका, बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और कंप्यूटर डेटा में कथित हेराफेरी कर बड़ी धनराशि का गबन किया। शिकायत में मुख्य आरोपी के रूप में अक्षय बंसल का नाम दर्ज कराया गया है। इसके अलावा जांच के दौरान तृप्ति गुप्ता और अमित गुप्ता की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता की आशंका है। उनका यह भी कहना है कि इतनी बड़ी हेराफेरी किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं थी और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना नई मंडी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, नकद लेन-देन, कंप्यूटर डेटा और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। वहीं, जिन पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
तेज रफ्तार कार ने बाइक-साइकिल को रौंदा:मैनपुरी के किशनी में चाचा-भतीजी की मौत, तीन गंभीर घायल
मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में चाचा-भतीजी की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा किशनी नगर से करीब दो किलोमीटर दूर हरचंदपुर गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार इको कार ने बाइक और साइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे में भिटारा निवासी 50 वर्षीय स्वदेश पाल पुत्र दयाराम और उनकी 16 वर्षीय भतीजी लवली पाल पुत्री अखिलेश पाल की मौत हो गई। स्वदेश पाल किशनी मंडी के पास रहते थे। गुरुवार शाम करीब पांच बजे दोनों बाइक से गांव भिटारा में चल रही भागवत कथा में शामिल होने जा रहे थे। टक्कर के बाद खाई में पलटी कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैनपुरी की ओर से आ रही तेज रफ्तार इको कार ने हरचंदपुर के पास बाइक और एक साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन खाई में पलट गया। तीन घायलों को सैफई रेफर किया गया हादसे में हरचंदपुर निवासी साइकिल सवार दिवारीलाल प्रजापति पुत्र प्रभुदयाल, कार चालक विनोद पुत्र ओमप्रकाश निवासी गणेशपुर (कोतवाली मैनपुरी) तथा आनंद पुत्र देशराज निवासी नगला गुसाईं (थाना कुरावली) गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को मिनी पीजीआई सैफई रेफर कर दिया गया। सीएचसी पहुंची पुलिस और अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष छत्रपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों और मृतकों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने स्वदेश पाल और लवली पाल को मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों में मचा कोहराम घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन सीएचसी किशनी पहुंच गए। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सीओ भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी ने भी अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। वहीं हरचंदपुर प्रधान प्रतिनिधि सुखदेव तोमर, फरेंजी प्रधान रणवीर शाक्य, भाजपा समान मंडल अध्यक्ष अखिलेश शर्मा और सपा नेता डॉ. शिवम यादव उर्फ वैभव समेत कई लोग अस्पताल पहुंचे।
गोंडा में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। इसके तहत, अब कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय शुक्रवार से सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगे। यह आदेश जनपद के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। इसमें परिषदीय विद्यालय, सहायता प्राप्त स्कूल, मान्यता प्राप्त स्कूल, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य सभी बोर्डों द्वारा संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय शामिल हैं। जिला प्रशासन ने यह निर्णय छात्र-छात्राओं को भीषण गर्मी, बढ़ते तापमान और लू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए लिया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, स्कूलों के समय में किया गया यह बदलाव अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगा। इसका अर्थ है कि जब तक मौसम में सुधार नहीं होता या जिला प्रशासन की ओर से कोई नया निर्देश जारी नहीं किया जाता, तब तक सभी विद्यालय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी विद्यालयों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी विद्यालय आदेश की अवहेलना करता पाया जाता है या निर्धारित समय के बाद कक्षाएं संचालित करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के इस फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को घर लौटने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
महिला साइबर ठग ने एक कारोबारी को करीब पांच माह तक लालच के जाल में फंसाकर 3.16 करोड़ रुपये ठग लिए। डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग कर करोड़ों रुपये कमाने का आरोपी ने झांसा दिया। पांच माह तक निवेश करने के बाद भी रकम नहीं निकली तो कारोबारी को संदेह हुआ। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-150 में रहने वाले रवि राजपाल ने पुलिस को बताया कि वह लेदर कारोबारी हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। 31 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सऐप पर शेयर ट्रेडिंग संबंधी संदेश आया। महिला ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा था संदेश संदेश किसी रिया नाम की महिला ने भेजा था। उसने खुद को डिजिटल गोल्ड एक्सचेंज की जानकार बताया। रवि के मोबाइल नंबर को एसजीई एक्स नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़ दिया। ग्रुप में महिला ठग के साथ अन्य सदस्य भी डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में मुनाफा होने के स्क्रीन शाट साझा करते। रवि के पूछने पर महिला ने ठग ने बताया कि उसने पांच साल में कई करोड़ रुपये डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में कमाए हैं। पार्ट टाइम इनकम की जा सकती है। पहले निवेश में 19000 का मुनाफा महिला ठग ने रवि को भी लिंक भेजकर एसजीए एक्स नाम की ऐप डाउनलोड कराया। उस पर पंजीकरण कराकर सबसे पहले 19 अप्रैल को 44 हजार रुपये का निवेश कराया। दो दिनों में ऐप पर 19 हजार रुपये का मुनाफा दिखने लगा। उन्होंने रकम को वापस अपने बैंक खाते में निकालकर देखा तो रकम क्लिक करते ही खाते में आ गई। 21 बार में डालें 3 करोड़ 16 लाख इससे रवि को महिला ठग पर विश्वास हो गया। महिला ठग के कहने पर रवि लगातार निवेश करने लगे। 26 मई तक पीड़ित कारोबारी ने 21 बार में तीन करोड़ 16 लाख दो हजार 423 रुपये ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऐप पर छह करोड़ से ज्यादा का पोर्टफोलियो दिखने लगा। रवि जैसे ही रकम निकालने का प्रयास करता। महिला ठग और रकम निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने की बात कहकर टरका देती। इससे रवि को संदेह हुआ। अलग-अलग राज्यों में खुले बैंक खातों में पहुंची रकमपुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि पीड़ित ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी, वह देश के विभिन्न राज्यों में खोले गए थे। इनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडू, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और झारखंड आदि हैं। पुलिस इन बैंक खातों में जमा रकम को फ्रीज कराने का प्रयास कर रही है।
कांकेर जिले के धनेलीकन्हार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों ने BMO डॉ. शशांक गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने BMO पर मनमानी, दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए उनके हटाने की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदर्शन करीब 6 घंटे तक जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बावजूद कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कर्मचारियों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना और मनमानी का आरोप प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों का आरोप है कि BMO डॉ. शशांक गुप्ता के कार्यकाल में कर्मचारियों के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद मजबूर होकर उन्हें कार्यालय का घेराव करना पड़ा। आवेदन भी आया सामने प्रदर्शन के दौरान एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता का आवेदन भी सामने आया है, जिसमें आरएचओ नंदिनी जैन ने तत्कालीन एचओएम/अधिकारी पर मानसिक तनाव देने और कार्य में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। आवेदन में कार्य संचालन में आ रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए संबंधित कर्मचारी को मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने की मांग की गई है। हालांकि इस आवेदन को लेकर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। समझाइश के बाद भी नहीं माने कर्मचारी सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और BMO को हटाने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस बल रहा तैनात कार्यालय घेराव और बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
महासमुंद जिले के बहुचर्चित 1.5 करोड़ रुपये के एलपीजी गैस गबन मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब जांच का फोकस फरार आरोपियों को संरक्षण और सहायता देने वाले लोगों पर भी पहुंच गया है। इसी कड़ी में मुंबई निवासी चार लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। गुरुवार को सभी चारों महासमुंद पुलिस के सामने पेश हुए, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर सार्थक सिंह ठाकुर की फरारी के दौरान कथित रूप से मदद करने वाले जोगेंद्र सिंह, राजू माइकल, राकेश साह और प्रशांत पाटिल को 22 जून को नोटिस जारी किया गया था। 92 मीट्रिक टन गैस बेचने का आरोप जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरार आरोपियों को आर्थिक, तकनीकी या अन्य किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई गई। जांच में सामने आया है कि 24 दिसंबर को जब्त किए गए छह गैस कैप्सूलों से करीब 92 मीट्रिक टन एलपीजी गैस निकालकर लगभग 90 लाख रुपये में बेच दी गई थी। बाद में पूरे मामले को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी पंचनामा और दस्तावेज तैयार किए गए। पुलिस के मुताबिक, 26 मार्च को तत्कालीन खाद्य अधिकारी अजय यादव और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर गैस की मात्रा का आकलन करने सिंघोड़ा थाना पहुंचे थे। वहां छह कैप्सूलों में लगभग 105 मीट्रिक टन गैस होने की जानकारी मिलने के बाद कथित रूप से गैस खपाने की साजिश रची गई। एक करोड़ की डील, 90 लाख में हुआ सौदा विवेचना में यह भी सामने आया है कि गैस एजेंसी संचालकों से संपर्क साधने के बाद रायपुर निवासी मनीष चौधरी के माध्यम से ठाकुर पेट्रोकेमिकल से बातचीत हुई। प्रारंभिक स्तर पर एक करोड़ रुपये की डील की चर्चा थी, लेकिन बाद में सौदा 90 लाख रुपये में तय किया गया। पुलिस का दावा है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा तत्कालीन खाद्य अधिकारी अजय यादव को मिला, जबकि शेष रकम विभिन्न स्तरों पर बांटी गई। लेनदेन को वैध दर्शाने के लिए 30 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन भी किया गया था, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। फर्जी पंचनामा और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जांच एजेंसियों के अनुसार, गैस निकालने के बाद 6 और 8 अप्रैल को खाली कैप्सूलों का वजन कराया गया। उस दौरान न तो वास्तविक मालिक मौजूद थे और न ही स्वतंत्र गवाह। इसके बावजूद खाद्य विभाग कार्यालय में कथित रूप से फर्जी पंचनामा तैयार कर आधिकारिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। पुलिस को दस्तावेजों में दर्ज समय और वजन कांटे के रिकॉर्ड में भी गंभीर विसंगतियां मिली हैं, जिससे फर्जीवाड़े और कूट रचना की आशंका और मजबूत हुई है। आरंग ढाबे में हुई थी गोपनीय बैठक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि कोर्ट से सुपुर्दनामा आदेश और पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद 20 अप्रैल को आरंग स्थित एक ढाबे में पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और संतोष ठाकुर के बीच गोपनीय बैठक हुई थी। पुलिस के अनुसार, इस बैठक में मामले में एक जैसे बयान देने और जिम्मेदारी से बचने की रणनीति पर चर्चा हुई थी। कई आरोपी पहले से जेल में मामले में तत्कालीन खाद्य अधिकारी अजय यादव, भाजपा नेता पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी, ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मैनेजर, संतोष सिंह ठाकुर और सार्थक सिंह ठाकुर पहले से न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं आरोपियों की मदद करने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, शासकीय कार्य में अनियमितता, आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आ सकती हैं नई कड़ियां मुंबई से बुलाए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियां अब मामले में नए नाम और नई कड़ियों के सामने आने की संभावना जता रही हैं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये के एलपीजी गबन मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे घोटाले की परतें खुलती जा रही हैं। अब पुलिस की नजर उन सभी लोगों पर है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आरोपियों को संरक्षण देने या पूरे षड्यंत्र को अंजाम तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
कौशांबी के मंझनपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कैंडल मार्च निकालकर बेसमेंट में संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की मांग की गई। यह कार्यक्रम 25 जून की शाम 7 बजे जिला मुख्यालय मंझनपुर में आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर जिला संयोजक सुशील कुमार सोनकर ने कहा कि ABVP पूरे प्रदेश में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों, विद्यालयों और अन्य संस्थानों की व्यापक जांच की मांग कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले संचालकों के साथ-साथ बिना उचित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की पुष्टि किए लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सुशील कुमार सोनकर ने बताया कि कौशांबी जिले में बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थान, अस्पताल और दुकानें आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में तत्काल नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे संस्थानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और छात्र-छात्राओं व आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। प्रांत सह मंत्री शिव बाबू चौधरी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित के मुद्दों पर मुखरता से कार्य करती है। परिषद केवल समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनके समाधान के लिए भी निरंतर प्रयास करती है। इस कार्यक्रम में प्रांत सह मंत्री शिव बाबू चौधरी, मंझनपुर तहसील संयोजक वंश केसरवानी, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य गौरव मिश्रा, मंझनपुर नगर अध्यक्ष हर्ष कुमार, नगर उपाध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता, चिकित्सक दीपक कश्यप, नगर मंत्री अभिराज सिंह, दीपक राजपूत, पश्चिम शरीरा नगर मंत्री आदित्य सिंह, टेवा नगर मंत्री अनिल साहू, चायल तहसील संयोजक प्रशांत मणि पांडेय, सिराथू तहसील संयोजक आनंद सिंह पटेल और पवन भट्ट सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
खंडवा जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। शिकायतों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग में जिले के विभिन्न विकासखंडों की कई शिकायतें तय समय सीमा के बाद भी लंबित हैं। शिकायतों के निराकरण में देरी को प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है। इन बीएमओ को जारी हुए नोटिस 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के मामलों में डॉ. शैलेंद्र कटारिया (बीएमओ, खालवा), डॉ. आनंद ओनकर (बीएमओ, पुनासा, मूंदी एवं ओंकारेश्वर), डॉ. आशीषराज मिश्रा (बीएमओ, हरसूद), डॉ. प्रवीण बिरला (बीएमओ, छैगांवमाखन), डॉ. नीलम मिश्रा (बीएमओ, किल्लौद) और डॉ. अनिल तंतवार (बीएमओ, पंधाना) को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। शिकायतों के निराकरण में देरी बर्दाश्त नहीं होगी कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की प्राथमिकता वाली व्यवस्था है। इसमें दर्ज शिकायतों का समय पर और संतोषजनक निराकरण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित शिकायतों का जल्द निराकरण करने और भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि का भी ध्यान रखने को कहा है, ताकि लोगों को एक ही समस्या के लिए बार-बार शिकायत दर्ज न करानी पड़े।
सहारनपुर पुलिस ने गुरुवार को दो थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर 12 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई कोर्ट से जारी वारंटों के आधार पर की गई। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कोतवाली नगर और कुतुबशेर क्षेत्रों में दबिश देकर इन आरोपियों को उनके घरों से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसएसपी अभिनन्दन के निर्देश पर जिले में वांछित और वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली नगर पुलिस ने छह वारंटियों को गिरफ्तार किया। इनमें इंद्रा कैंप कॉलोनी निवासी भारत, अर्जुन और सुनील शामिल हैं, जिनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी थे। इसके अतिरिक्त, ज्वालानगर निवासी मुन्ना और किशनपुरा नाला पटरी निवासी जयनारायण शर्मा को भी पुलिस ने पकड़ा। अदालत में उपस्थित न होने पर कार्रवाई कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार, पकड़े गए कुछ आरोपियों पर आबकारी अधिनियम, चोरी और एनआई एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। ये आरोपी लंबे समय से कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। दूसरी ओर, थाना कुतुबशेर पुलिस ने भी छह वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनमें हबीबगढ़ निवासी अंकित, जीतवाला निवासी काका सैनी, हबीबगढ़ निवासी सीमा, नंदपुरी कॉलोनी निवासी राहुल ओमकार, नयाबांस मानकमऊ निवासी मोहसीन और बितिया निवासी आदित्य उर्फ बिल्ला शामिल हैं। कुतुबशेर पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे विभिन्न मामलों में न्यायालयों में मुकदमे विचाराधीन हैं। वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में उपस्थित न होने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। दोनों थाना क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई में कुल 12 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पीलीभीत में समाजवादी पार्टी की मछलीशहर से विधायक रागिनी सोनकर ने गुरुवार शाम पूरनपुर के सिरसा चौराहे पर आयोजित सद्भावना सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान भाजपा सरकार की नीतियों और जनसमस्याओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और हाल के घटनाक्रमों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। विधायक रागिनी सोनकर ने लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड का उल्लेख करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनकी क्षति की भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं के प्रति सरकार का रवैया संवेदनशील नहीं रहा। विधायक ने प्रदेश और देश में बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम नागरिकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए। रागिनी सोनकर ने कोरोना महामारी के दौरान की व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं थी, जिसके चलते लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई परिवार प्रभावित हुए। सद्भावना सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अपने संबोधन के अंत में विधायक ने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और जनहित के मुद्दों पर एकजुट रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों में परिवर्तन के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों ने भी संगठन की गतिविधियों और जनसंपर्क अभियानों पर चर्चा की तथा कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर के गढ़ी नत्थेखां गांव में जगमग योजना के तहत बिछाई गई 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत का कारण बन रही है। ग्रामीणों का दावा है कि योजना लागू होने के बाद से अब तक क्षेत्र में दर्जनों मोरों की मौत बिजली के तारों की चपेट में आने से हो चुकी है। हाल ही में एक और मोर की करंट लगने से मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के मंदिर से लेकर राजीव के स्विमिंग पूल तक का क्षेत्र मोरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। यह एक घना रिहायशी इलाका है, जहां लोग अपनी छतों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखते हैं। दाना चुगने के बाद उड़ान भरते समय मोर अक्सर हाई-टेंशन तारों से टकराकर करंट की चपेट में आ जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में औसतन हर महीने दो मोरों की मौत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई करंट लगने की पुष्टि वन विभाग को सौंपे गए मृत मोर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी करंट लगने से मौत की पुष्टि की है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा के पशु चिकित्सक डॉ. नवीन जोशी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मृत मोर की उम्र लगभग चार वर्ष थी। जांच में उसके पेट, आंतों और श्वास नली में गंभीर रक्तस्राव पाया गया। फेफड़ों में बिना जमा हुआ खून मिला तथा लीवर और किडनी में सूजन दर्ज की गई। रिपोर्ट में मोर की मौत का कारण स्पष्ट रूप से करंट लगना बताया गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं से वन्यजीव प्रेमियों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग और बिजली विभाग से मांग की है कि संवेदनशील रिहायशी क्षेत्र में हाई-टेंशन तारों को इंसुलेटेड किया जाए या उन्हें भूमिगत किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में और अधिक मोरों की जान जा सकती है।
हाल ही में शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से सांसद संजय दीना पाटिल पर पत्रकारों को धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। पत्रकार संजय दीना पाटिल से शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत द्वारा मुंबई पुलिस आयुक्त को लिखे गए पत्र और उनकी पार्षद बेटी राजुल पाटिल के उद्धव ठाकरे के साथ बने रहने के फैसले पर प्रतिक्रिया लेने पहुंचे थे। इसी दौरान पाटिल कथित तौर पर भड़क गए और पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी। पाटिल ने पत्रकारों से कहा- मेरे मामलों में दखल क्यों देते हो? दोबारा आए तो मार डालूंगा। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। मामला इतना बढ़ गया कि खुद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सामने आकर कहना पड़ा- मैंने संजय दीना पाटिल को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि आपने कोई अनुचित टिप्पणी की है, तो आपको खेद व्यक्त करना चाहिए। इन दो सवालों पर भड़क गए पाटिल महाराष्ट्र में जारी राजनीति गर्माहट के बीच पत्रकार अपना काम कर रहे थें। उनका काम सवाल पूछना है, जो वो करेंगे ही। इसी क्रम में पत्रकारों ने उनसे उनकी बेटी (कॉरपोरेटर) राजुल पाटिल के स्टैंड पर सवाल पूछा, जिन्होंने साफ कहा है कि वह अपने पिता के पाला बदलने के बाद भी उद्धव ठाकरे की पार्टी (UBT) के साथ ही रहेंगी। इसके अलावा दूसरा सवाल यह था कि उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में मांग की गई है कि पाटिल के उस पुराने बयान पर कार्रवाई हो, जिसमें उन्होंने कहा था कि दल-बदल का विरोध करने वालों पर वह बम फेंकेंगे और उनके घरों में घुसकर मार डालेंगे। अब पत्रकारों ने जैसे ही ये दो सवाल पूछे, शिवसेना सांसद भड़क उठे। सांसद पाटिल ने पत्रकारों को गाली देते हुए कहा कि तुम लोग मेरे मामलों में अपनी नाक क्यों घुसा रहे हो? अगर दोबारा आए, तो जान से मार डालूंगा। बैकफुट पर आए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस पूरे विवाद के बाद जब राज्य विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरा, तो उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की। शिंदे ने हा कि संजय दीना पाटिल का इरादा पत्रकारों का अपमान करने का नहीं था। अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्होंने माफी मांगने की इच्छा जताई है। शिंदे ने कहा कि मैंने उनसे साफ कह दिया है कि अगर आपके मुंह से कोई गलत बात निकली है, तो आपको माफी मांगनी चाहिए। शिंदे ने कहा कि उन्होंने पाटिल से स्पष्ट कहा है कि यदि उनसे कोई अनुचित टिप्पणी हुई है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 से लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियों और परिवारों पर हमलों की राजनीति हो रही है, जिससे पाटिल नाराज थे, लेकिन उनका गुस्सा मीडिया के खिलाफ नहीं था। संजय राउत ने कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी गुरुवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती को पत्र लिखकर सांसद संजय दिना पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पाटिल हाल ही में सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हुए हैं और उन पर प्रदर्शनकारियों पर बम फेंकने की कथित टिप्पणी करने का आरोप है। राउत ने आरोप लगाया कि पाटिल ने कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ विरोध करता है, तो वह उन पर बम फेंकेंगे, उनके घरों में घुसेंगे और उन्हें मार डालेंगे। गौरतलब है कि सोमवार को शिंदे गुट में शामिल होने के बाद भी संजय दीना पाटिल के बयान विवादों में रहे थे। उस समय उन्होंने अपने पिता पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि हमने पांच लोगों को मार दिया था। हालांकि, उन्होंने इस बयान का कोई विस्तृत संदर्भ नहीं दिया था। ------------------------ महाराष्ट्र से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें… उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल:4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सोमवार को फिर बगावत हो गई। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। पूरी खबर पढ़ें…
भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की नई टीम 6 महीने लेट घोषित हुई। लंबे समय से जमे चेहरों को किनारे करते हुए 50% से ज्यादा नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। अब बड़े चेहरों को प्रमोट करने की तैयारी चल रही है। भाजपा गठबंधन सहयोगियों की 'दबाव की राजनीति' को कम करना चाहती है। यही वजह है कि पश्चिम में रालोद से गठबंधन के बावजूद गुर्जर और जाट नेताओं को तरजीह दी गई। ऐसा ही पूर्वांचल में राजभर और मौर्य चेहरों के साथ किया गया। 25 पदाधिकारी सिर्फ ओबीसी कैटेगरी के हैं। लिस्ट घोषित होने के साथ सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि सीएम योगी ने खास हस्तक्षेप नहीं किया। पहले जानते हैं कि यह लिस्ट 6 महीने लेट कैसे हो गई… पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सूची को फाइनल करने में केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच लंबी खींचतान चली। इसकी 2 वजह सामने आईं- युवा मोर्चा पर रार - युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद के लिए निखिल मणि तिवारी, हर्षवर्धन सिंह और रोहित मिश्रा के बीच कड़ी टक्कर थी। तीनों की पार्टी के ही अलग-अलग ताकतवर नेता पैरवी कर रहे थे। उनके बीच बराबर विरोध भी बना हुआ था। यही वजह है कि एक नाम पर सहमति बनने में वक्त लगा। आखिरकार रोहित मिश्रा के नाम पर मुहर लगी। रोहित अभी तक युवा मोर्चा में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। काशी क्षेत्र का पेंच - काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष का नाम सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति से तय होता है। यही वजह है कि यह पद फाइनल होने में काफी वक्त लगा। योगी ने बनाई दूरी, हावी रही धर्मपाल-पंकज चौधरी की पसंद सबसे बड़ा सियासी संकेत यह मिला कि सीएम योगी ने संगठन के कामकाज और नियुक्तियों में बिल्कुल दखल नहीं दिया। पूरी सूची में ज्यादातर नाम महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की पसंद के शामिल किए गए हैं। उनके और धर्मपाल सिंह के समन्वय को 'दिल्ली-लखनऊ ट्यूनिंग' के तौर पर देखा जा सकता है। इस टीम में मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले एकमात्र नेता कामेश्वर सिंह हैं, जिन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि, जानकार कहते हैं कि कामेश्वर किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। यही वजह है कि उनका चुनाव सही माना जा रहा है। दिग्गजों को हटाया, कुछ प्रमोट होंगे इस फेरबदल में कई बड़े विकेट भी गिरे हैं। प्रदेश टीम से उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी, संतोष सिंह और विजय बहादुर पाठक जैसे दिग्गज नेताओं को हटा दिया गया है। यह राज्य की राजनीति में कई बड़े संकेत दे रहा है। चर्चा है कि प्रदेश महामंत्री के पद से हटाए गए अमरपाल मौर्य और गोविंद शुक्ला को भले ही यूपी टीम में जगह न मिली हो। लेकिन, उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की केंद्रीय टीम में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसीलिए यूपी के इन कद्दावर महामंत्रियों को केंद्र में ले जाना दिखाता है कि उन्हें 'नाराज' करने की जगह 'प्रमोट' किया जा रहा है। यह सवर्ण और मौर्य (ओबीसी) समीकरण को राष्ट्रीय स्तर पर साधे रखने की कवायद है। ‘परफॉर्म या बाहर जाओ’ का मैसेज लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद संगठन पर जो सुस्ती के आरोप लगे थे, यह बदलाव उसकी बड़ी सर्जरी की तरह है। लंबे समय से जमे नेताओं को हटाकर 50% से ज्यादा नए चेहरे लाना यह साबित करता है कि पार्टी ने 'परफॉर्म या बाहर जाओ' का संदेश दिया है। जिससे साल-2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा जा सके। PDA के मुकाबले BJP का 'ओबीसी कार्ड' पार्टी ने इस बार सोशल इंजीनियरिंग का खास ध्यान रखा है। 54 सदस्यों वाली इस टीम में 27 पदाधिकारी ओबीसी वर्ग से बनाए गए हैं। इसमें भी किसी एक जाति को नहीं, बल्कि ओबीसी के अंदर आने वाली सभी प्रमुख जातियों को प्रतिनिधित्व देकर संतुलन साधा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के वक्त भी ऐसा ही दिखा था। अब संगठन में भी पिछड़ों को तवज्जो दी गई है। ये मैसेज 2027 के चुनाव में भाजपा के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। 2027 के लिए साधे गए राजनीतिक समीकरण सपा के 'PDA' नैरेटिव की काट - भाजपा ने 21 सवर्ण, 25 ओबीसी, 7 दलित और 1 ST शामिल किए हैं। पूरी तरह से जातिवादी नैरेटिव को तोड़ने का प्रयास किया गया है। साथ ही सवर्णों की नाराजगी को खत्म करने की भी कोशिश हुई है। सहयोगी पार्टियों पर निर्भरता कम की - पश्चिम में रालोद, पूर्वांचल में सुभासपा और अपना दल के साथ भाजपा का गठबंधन है। इसके बावजूद संगठन में गुर्जर, राजभर, मौर्य और चौहान नेताओं को बड़ी जगह दी है। यह दिखाता है कि भाजपा अपने स्वतंत्र वोटबैंक को कमजोर नहीं होने देना चाहती। पूरी लिस्ट देखिए- -------------------------- यह खबर भी पढ़ें - यूपी भाजपा की नई टीम में पूजा पाल उपाध्यक्ष बनीं, राजनाथ के छोटे बेटे की एंट्री, OBC की संख्या 16 से बढ़कर 25, ठाकुर-ब्राह्मण कम हुए विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में गुरुवार को भाजपा की नई टीम का ऐलान कर दिया गया। 64 पदाधिकारियों की इस लिस्ट में 52 लोगों को प्रदेश कार्यकारिणी यानी प्रदेश टीम में जगह मिली है। इनमें 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, 8 महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्ष हैं। इसके अलावा, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारी भी बनाए गए हैं। पढ़िए पूरी खबर...
गुरुवार को ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान को ध्वस्त करने वाले लोग आज संविधान की कॉपी हाथ में लेकर घूम रहे हैं और इसकी सच्चाई देश का युवा अच्छी तरह समझता है। मंत्री पटेल ने यह बयान राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए देश में छात्रों की गूंज अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा को लेकर कहा कि परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है और परिणाम का इंतजार किया जाना चाहिए। इमरजेंसी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आपातकाल को पढ़ाए बिना देश का इतिहास अधूरा रहेगा। दरअसल, राहुल गांधी द्वारा छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश में छात्रों की गूंज अभियान शुरू किया गया है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा की बात करने वालों का इतिहास सभी जानते हैं और युवा वर्ग भी सब समझता है। नीट परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री पटेल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री पहले ही सभी आवश्यक जानकारी दे चुके हैं। परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई है तथा अब सभी को परिणाम का इंतजार करना चाहिए। वहीं इमरजेंसी को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसे पढ़ाए बिना न तो स्वतंत्रता का इतिहास पूरा हो सकता है और न ही लोकतंत्र को बचाने के संघर्ष की सही जानकारी मिल सकती है। आपको बता दें कि मंत्री प्रहलाद पटेल ग्वालियर के राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित आपातकाल एक काला अध्याय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां वक्ताओं ने आपातकाल के दौर और उसके लोकतांत्रिक प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर में कहा- जो पार्टी आज लोकतंत्र और संविधान की बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं। वही पार्टी राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव न करवाने के रोज नए-नए बहाने ढूंढ रही है। सच तो यह है कि भाजपा जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के दिए हुए संविधान का गला घोंट रही है। कोर्ट द्वारा दी गई मियाद खत्म होने जा रही है, लेकिन प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों का कोई अता-पता नहीं है। देश के मतदाताओं ने सूझबूझ दिखाई, वरना बदल देते संविधान टीकाराम जूली ने देश के जागरूक मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा- गनीमत है कि देश के वोटरों ने सूझबूझ दिखाई। इस बार भाजपा को उतनी सीटें नहीं दीं। वरना '400 पार' का खोखला नारा देने वाले ये लोग बाबा साहेब के बनाए पवित्र संविधान को ही बदल डालते। संविधान को खत्म करने की मंशा रखने वालों को देश की जनता ने संसद में ही सीमित कर दिया है, लेकिन राजस्थान में इनकी दमनकारी और अलोकतांत्रिक नीति अब भी साफ नजर आ रही है। जहां ये स्थानीय चुनावों से लगातार भाग रहे हैं। नारी वंदन का नाटक करने वाली सरकार में सुरक्षित नहीं बेटियां टीकाराम जूली ने कहा- भाजपा केवल 'नारी वंदन' का ढोंग करती है और महिला आरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें करती है। अलवर में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने राजस्थान को झकझोर कर रख दिया। यह घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है, जिसने पूरे प्रदेश का सिर शर्म से झुका दिया है। सीएम के काफिले के चक्कर में झुलसी पीड़िता से मिला प्रतिनिधि मंडल टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल प्रताप नगर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता रेशू गुप्ता और उनके परिजनों से मुलाकात की। गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री के काफिले को निकालने के चक्कर में पुलिस ने पीड़िता रेशू गुप्ता के फूड स्टॉल को जबरन हटा दिया था और स्टॉल पर रखे खौलते हुए गर्म पानी से रेशू गुप्ता बुरी तरह झुलस गईं। जूली ने कहा- एक तरफ सरकार वीआईपी कल्चर खत्म करने की बातें करती है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के काफिले के नाम पर एक गरीब बेटी की रोजी-रोटी को उजाड़कर उसे जिंदगी और मौत के मुंह में धकेल दिया जाता है।
हनुमानगढ़ की गोलूवाला थाना पुलिस ने अवैध पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने एक दुकान से लगभग 2545 लीटर पेट्रोल और डीजल जब्त किया है। इस मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वृताधिकारी मीनाक्षी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने खोथावाली बस स्टैंड स्थित एक दुकान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान दुकान में प्लास्टिक ड्रमों और जरीकनों में बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल का अवैध भंडारण पाया गया। पुलिस ने मौके से पांच प्लास्टिक ड्रम और एक प्लास्टिक जरीकन में लगभग 1100 लीटर पेट्रोल तथा सात प्लास्टिक ड्रमों में करीब 1445 लीटर डीजल बरामद किया। कुल मिलाकर, लगभग 2545 लीटर पेट्रोलियम पदार्थ जब्त किया गया। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने खोथावाली निवासी ललित कुकणा और संघर निवासी कमलेश गोदारा के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गोलूवाला थाने में मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच हनुमानगढ़ जंक्शन थानाधिकारी रामचंद्र कसवा को सौंपी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जब्त पेट्रोलियम पदार्थ कहां से प्राप्त किया गया था और इसका उपयोग या बिक्री किस उद्देश्य से की जानी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण और कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में वृताधिकारी मीनाक्षी के साथ एसआई लालबहादुर चंद्र, कांस्टेबल सीताराम और डीआर कांस्टेबल संजय भी शामिल रहे।
रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए भुवनेश्वर और लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) के बीच एक फेरे के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। गाड़ी संख्या 08407 भुवनेश्वर-एलटीटी स्पेशल 26 जून को रात 11 बजे भुवनेश्वर से रवाना होगी और 27 जून को दोपहर 12:55 बजे रायपुर तथा 2 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इसके बाद गोंदिया, नागपुर, बडनेरा, अकोला, भुसावल, नासिक और कल्याण होते हुए 28 जून को सुबह 9 बजे एलटीटी पहुंचेगी। ट्रेन मार्ग में नाराज मर्थापुर, डेकेनाल, तालचेर रोड, अंगुल, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटलागढ़, कांटाबाजी, खरियार रोड और महासमुंद रोड समेत कई स्टेशनों पर ठहरेगी। रेलवे का कहना है कि इस स्पेशल ट्रेन से मुंबई रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में अतिरिक्त एसी कोच वहीं 18030/18029 शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाने का निर्णय लिया है।रेलवे के अनुसार 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में यह सुविधा 27 जून से 3 जुलाई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अतिरिक्त एसी-3 कोच 29 जून से 5 जुलाई 2026 तक लगाया जाएगा।रेलवे का कहना है कि अतिरिक्त कोच लगने से अधिक यात्रियों को कन्फर्म आरक्षण मिल सकेगा और यात्रा के दौरान सुविधा बढ़ेगी।
छतरपुर जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र में हुई दो चोरियों का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि अर्टिगा कार की किस्तें नहीं चुका पाने पर एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 25 हजार रुपये के चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की है। मामले में गिरोह के पांच अन्य सदस्य अभी फरार हैं। यह चोरी 5 जून की रात ग्राम गुढ़ो निवासी सुरेंद्र यादव और हरि सिंह यादव के घरों में हुई थी। चोर घरों से नकदी और आभूषण लेकर फरार हो गए थे। पीड़ितों की शिकायत पर हरपालपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। दो आरोपियों को किया गिरफ्तारमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और तकनीकी जांच के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेंद्र यादव निवासी दामुपुरवा, थाना मुस्करा, जिला हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) और अजीत राजपूत निवासी खड़ेही लोधन, थाना मुस्करा, जिला हमीरपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। कार की किस्तें नहीं दे पाया तो चोरी का प्लान बनायापुलिस जांच में पता चला कि धीरेंद्र यादव ने हाल ही में अर्टिगा कार खरीदी थी। कार की किस्तें चुकाने में परेशानी होने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं, चोरी में शामिल पांच अन्य फरार आरोपियों, शेष चोरी गए माल और वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और एसडीओपी नौगांव अमित मेश्राम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेश सिंह सिकरवार सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आगरा पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय शराब तस्करी गैंग:30 लाख रुपए की शराब पकड़ी, तीन तस्कर गिरफ्तार
आगरा के थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक कैंटर, एक मारुति विटारा ब्रेजा कार, तीन मोबाइल फोन, एक डोंगल, 3,500 रुपये नकद तथा 350 पेटी अवैध शराब और बीयर बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि बुधवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि झरना नाले के पास फिरोजाबाद हाईवे पर खड़े एक कैंटर में पंजाब से लाई गई अवैध शराब भरी हुई है। उसके आगे-आगे एक ब्रेजा कार चल रही है, जिसमें शराब के नमूने रखे गए हैं और उसका उपयोग ग्राहकों को सैंपल दिखाने के लिए किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर कैंटर और कार को कब्जे में ले लिया। मौके से राजस्थान निवासी बभूताराम, हरियाणा के पानीपत निवासी अनिल कुमार और जगदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने गुरुवार को गोरखपुर में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास, राजकीय महिला शरणालय के नवीन भवन एवं राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) किशोर न्याय बोर्ड (क्षमता 100 निर्माण) के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लायी जाए।कमिश्नर ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानक के अनुरूप गुणवत्ता एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा किया जाए। गुणवत्ता में कमी होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण 47.38 करोड़ की लागत से कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। परियोजना प्रबन्धक द्वारा मौके पर बताया गया कि काम की भौतिक प्रगति 7 प्रतिशत है। राजकीय महिला शरणालय गोरखपुर के नवीन भवन का निर्माण 8.05 करोड़ की लागत से कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएस-1 द्वारा कराया जा रहा है जिसकी वर्तमान में भौतिक प्रगति 80 प्रतिशत है। कार्यदायी संस्था सीएण्ड डीएस-यूनिट 14 द्वारा 14.87 करोड़ की लागत से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) किशोर न्याय बोर्ड (क्षमता 100 निर्माण) का निर्माण कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कार्य की भौतिक प्रगति 63 प्रतिशत पायी गयी।
अमरकंटक में डेढ़ घंटे तेज बारिश:अनूपपुर जिले में मानसून की आहट, मुख्यालय में छाए बादल
मध्यप्रदेश में 25 जून से मानसून की दस्तक के पूर्वानुमान के बीच गुरुवार को अनूपपुर जिले में भी मानसून की आहट महसूस की गई। सतपुड़ा और मैकाल पहाड़ियों के बीच बसे अमरकंटक में डेढ़ घंटे से अधिक समय तक झमाझम बारिश हुई, जबकि जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में काले बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। पवित्र नगरी अमरकंटक में शाम लगभग 5:30 बजे से 7 बजे तक तेज गर्जना, चमक और हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश से संपूर्ण क्षेत्र तरबतर हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में वर्षा की प्रतीक्षा की जा रही थी, क्योंकि बारिश न होने के कारण उमस भरी गर्मी और तपिश का सामना करना पड़ रहा था। अमरकंटक में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस था, जो वर्षा के बाद काफी गिर गया। वहीं, अनूपपुर जिला मुख्यालय, राजेंद्रग्राम, जैतहरी, भालूमाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आसमान में काले बादलों की उमड़-घुमड़ के साथ हल्की से तेज हवाएं चलीं। यहां भी गर्मी से राहत मिली। अनूपपुर का दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री दर्ज किया गया। अब तक दर्ज हुई बारिश भू अधीक्षक अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में 1 जून से अब तक 27.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसत 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मानसून समय से विलंब से आ रहा है, और अब तक जिले में 100 मिमी से अधिक वर्षा हो जानी चाहिए थी। अब तक हुई बारिश में अनूपपुर में 15.3 मिलीमीटर, कोतमा में 7 मिलीमीटर, बिजुरी में 3.6 मिलीमीटर, जैतहरी में 40.8 मिलीमीटर, वेंकट नगर में 30.9 मिलीमीटर, पुष्पराजगढ़ में 43 मिलीमीटर, अमरकंटक में 45 मिलीमीटर और बेनीबारी में 36.2 मिलीमीटर दर्ज हुई है।
आगामी 5 जुलाई की सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक करनाल जिले के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों में सहायक जिला अटॉर्नी (ग्रुप-बी) पद की स्क्रीनिंग परीक्षा होगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकल रहित बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कई तरह की पाबंदियां लागू की गई हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो सके। जारी आदेशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के परिसर और उनके 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 लागू रहेगी। इस दौरान पांच या पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक रहेगी। साथ ही हथियार, लाठी, तलवार, बरछा, कुल्हाड़ी, गंडासा, चाकू जैसे हथियार लेकर आने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इन लोगों को मिलेगी छूट यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य लोक सेवकों पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा सिख समुदाय के लोग धार्मिक प्रतीक के रूप में मियान बंद कृपाण लेकर आ सकेंगे। फोटोस्टेट दुकानें भी रहेंगी बंद जिलाधीश डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि परीक्षा के दिन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा केंद्रों के आसपास सभी फोटोस्टेट दुकानें बंद रहेंगी। यह कदम नकल की संभावनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। उल्लंघन पर होगी कार्रवाई प्रशासन ने साफ किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को दिए निर्देश उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि परीक्षा को सफल और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारी समय रहते अपनी तैयारियां पूरी करें। प्रशासन की प्राथमिकता है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
हरियाणा में सरकारी फंड की कथित हेराफेरी से जुड़े बहुचर्चित मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व IAS अधिकारी और हरियाणा सरकार के पूर्व प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत भेजा गया है। CBI ने पंचकूला की विशेष CBI कोर्ट में दाखिल आवेदन में कहा है कि आरोपी को रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है, सबूत नष्ट करा सकता है और जांच पर असर डाल सकता है। सीबीआई के अनुसार, यह मामला सरकारी विभागों के बैंक खातों के जरिए सरकारी धन को फर्जी संस्थाओं तक पहुंचाने की कथित साजिश से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि पंकज अग्रवाल उस अवधि में स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में प्रधान सचिव के पद पर थे और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच की अनुमति हरियाणा सरकार पहले ही दे चुकी है। 22 जून को घर से किया था गिरफ्तार CBI ने कोर्ट को बताया कि पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 को रात 8:30 बजे सेक्टर-19B, चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से BNSS की धारा 35(1)(c) के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया और 25 जून को कोर्ट में पेश किया गया। एजेंसी का कहना है कि आरोपी के खिलाफ ऐसे अपराध दर्ज हैं जिनमें 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। CBI ने इन डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों से सामना कराया CBI बोली- मोबाइल से सबूत डिलीट किए गए CBI ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी के मोबाइल उपकरणों से अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य डिलीट या नष्ट किए गए हैं। एजेंसी ने आशंका जताई कि यदि आरोपी को छोड़ा गया तो वह अन्य संदिग्धों को भी सबूत नष्ट करने के लिए प्रभावित कर सकता है। एजेंसी ने कहा कि सरकारी धन की कथित हेराफेरी की पूरी रकम का पता लगाना अभी बाकी है और सोने की खरीद, संपत्तियों तथा अन्य लाभों की जांच की जा रही है। 14 दिन की न्यायिक हिरासत के पीछे वजह
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक युवक को पाईल्स के ऑपरेशन के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी हालत बिगड़ने और बाद में उसकी मौत हो जाने के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके बाद मामले को लेकर चक्काजाम करते हुए 1 करोड़ के मुआवजा की मांग की है। मिली जानकारी के मुताबिक खरसिया के पुरानी बस्ती का रहने वाला राघवेन्द्र मिश्रा गुरूवार की सुबह अपने बेटे तामेश्वर मिश्रा 27 साल को बवासीर के अपॉरेशन के लिए खरसिया के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां दोपहर में इलाज के दौरान तामेश्वर की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसके परिजनों को यह कहा गया कि यह बेहोश है और इसे होश नहीं आ रहा है। इसे रायगढ़ अस्पताल ले जाओ, इसके बाद जब उसे एंबुलेंस से रायगढ़ ले जा रहे थे, तो उन्हें जानकारी हुई कि युवक की मौत हो गई है। ऐसे में चपले के पास से वे वापस खरसिया अस्पताल लौट आए और आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर दिया। दोषियों पर कार्रवाई की मांग मृतक के परिजनों का आरोप है कि उपचार और ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण युवक की जान गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और 1 करोड़ मुआवजा की मांग की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाईइस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया है। मामले में पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है।
बुरहानपुर में मोहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस अलर्ट पर है। शुक्रवार को मोहर्रम की 10वीं तारीख है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार शाम शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस ने त्यौहार के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। शहरभर में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रहेगी। पुलिस की तकनीकी टीम सोशल मीडिया पर भी सक्रियता से निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक पोस्ट करने, फॉरवर्ड या लाइक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एएसपी प्रदीप शेंडे ने बताया कि फ्लैग मार्च का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना नहीं था, बल्कि जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाना था। फ्लैग मार्च जय स्तंभ से शुरू होकर शौकत मैदान, रोशन चौक, पाला बाजार, मंडी चौक, सुभाष चौक, गांधी चौक, फूल चौक, रस्सी वाला तिराहा, अंडा बाजार, कोतवाली थाना, सुभाष चौक और मंडी चौक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा और वापस जय स्तंभ पर समाप्त हुआ। इस फ्लैग मार्च में रक्षित निरीक्षक सुनील दीक्षित, कोतवाली, लालबाग, शिकारपुरा और गणपति नाका के थाना प्रभारी, समस्त थाना स्टाफ और थाना क्षेत्र के विशेष पुलिस अधिकारी शामिल रहे।
डीग में 26 जून को 7 घंटे बिजली बाधित:गैंट्री लाइन मेंटेनेंस के कारण प्रभावित होगी आपूर्ति
डीग में शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेडीवीवीएनएल) ने 132 केवी जीएसएस डीग पर गैंट्री लाइन के रखरखाव कार्य के कारण यह घोषणा की है। इस दौरान कुल सात घंटे तक विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सहायक अभियंता कार्यालय, जेडीवीवीएनएल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 132 केवी जीएसएस डीग से निकलने वाले 33 केवी फीडर 'भाई' और जनूथर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति मुख्य रूप से प्रभावित होगी। यह कार्य आवश्यक रखरखाव का हिस्सा है। बिजली कटौती का असर जनूथर, जाटोलीथून, पान्हौरी, बेढम, ककड़ा, गारोली, गुलेना, थ्योरावली, शेरावाड़ा सहित इन संबंधित फीडरों से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी देखा जाएगा। इन सभी इलाकों में निर्धारित अवधि के लिए बिजली बंद रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान होने वाली असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। यह रखरखाव कार्य सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
लुधियाना के समराला में चंडीगढ़ रोड पर दो पक्षों के बीच हुई झड़प में तलवारों, कृपाणों और ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। बाजीगर बस्ती में हुई इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पहले पक्ष के जोगिंदर सिंह भोला ने आरोप लगाया कि देर बीते रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच 15 से 20 युवक तीन गाड़ियों में उनके घर पहुंचे। उन्होंने आते ही पथराव शुरू कर दिया और घर के बाहर खड़ी तीन कारों, एक मोटरसाइकिल, फ्रिज तथा कूलर को क्षतिग्रस्त कर दिया। भोला के अनुसार, हमलावर नशे की हालत में थे। हमले के दौरान परिवार में अफरा-तफरी मच गई और घर में मौजूद सात माह की गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। परिजन बोले- हमलावरों ने दरवाजे तोड़ने की कोशिश की परिजनों ने बताया कि हमलावरों ने घर के दरवाजे तोड़ने की कोशिश की और जान से मारने की धमकियां भी दीं। इस घटना में करनैल सिंह के पैर में गंभीर चोट लगी है। उन्होंने कहा कि उनका विवाद से सीधा संबंध नहीं था। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विरोधी पक्ष नशा बेचने के धंधे से जुड़ा हुआ है और रोकने पर रंजिश रखता है। इस झड़प में उनके पक्ष के भी कई लोग घायल हुए हैं। डीएसपी करमजीत सिंह ग्रेवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि करनैल सिंह और जोगिंदर सिंह एक पक्ष से, जबकि वजीर सिंह और उसका भाई दूसरे पक्ष से संबंधित हैं। दोनों परिवार आमने-सामने रहते हैं। कुछ दिन पहले गली में वाहन खड़ा करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसका समझौता भी हो गया था। हालांकि, बीती रात यह विवाद फिर भड़क गया। डीएसपी ने बताया कि करनैल सिंह पक्ष का एक व्यक्ति और वजीर सिंह पक्ष के तीन सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में 4 इलाकों में घरों को बनाया निशाना:जेवर-नकदी समेत लाखों की चोरी, CCTV में कैद हुए चोर
लखनऊ में चोरों ने चिनहट, गोमतीनगर, इंदिरानगर और मड़ियांव क्षेत्र में चार घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के जेवर, नकदी और कीमती सामान चोरी कर लिया है। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। 20 मिनट में घर साफ कर गए चोर चिनहट के मल्हौर निवासी विनोद कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, वह 16 जून को परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गए थे। इसी दौरान 19 जून की रात करीब 1:40 बजे तीन चोर उनके घर की बाउंड्री वॉल फांदकर अंदर घुस गए। चोर महज 20 मिनट में घर से 11 हजार रुपए नकद और सोने की चेन चोरी कर फरार हो गए। पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। अगले दिन घर पहुंचने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। बंद घर से लाखों के जेवर और महंगी घड़ियां चोरी गोमतीनगर के विराट खंड निवासी कुमुद जोशी ने पुलिस को बताया कि 19 जून को चोरों ने उनके बंद घर को निशाना बनाया। आरोपी घर से लाखों रुपए के जेवर, करीब आठ लाख रुपए कीमत की घड़ियां और चांदी के सिक्के चोरी कर ले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गोमतीनगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। ताला तोड़कर लॉकर खंगाले इंदिरानगर के तकरोही निवासी प्रकाश कश्यप ने बताया वह 20 जून की शाम परिवार के साथ एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने गोंडा गए थे। 21 जून की रात करीब एक बजे लौटने पर घर के मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारी के लॉकर टूटे पड़े थे। चोर 40 हजार रुपए नकद, करीब डेढ़ किलो चांदी के सिक्के और लाखों रुपए कीमत का सोने का हार चोरी कर ले गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इंदिरानगर इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मड़ियांव में भी चोरी की वारदात मड़ियांव क्षेत्र में भी चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
उदयपुर के अंबामाता थाना इलाके में गुरुवार सुबह एक युवक पर 7-8 बदमाशों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। यह वारदात सज्जनगढ़ की पहाड़ियों पर चल रहे उर्स के दौरान हुई, जहां युवक जियारत करने गया था। बदमाशों ने युवक को घेर लिया, जिसके बाद वह अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागता रहा। बदमाशों ने जब युवक को पकड़ा, तो उस पर चाकू से कई वार किए। इस हमले में युवक के हाथ पर गंभीर घाव हो गए, जिससे उसके हाथ की नसें कट गईं। वारदात की सूचना मिलते ही अंबामाता थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुँचाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। युवकों ने बिना कुछ कहे हमला किया थानाधिकाारी दलपत सिंह ने बताया- गवर्नमेंट प्रेस किशनपोल का रहने वाला शाहनवाज (24) पिता शौकत अली भी सुबह करीब 7 बजे दरगाह पर जियारत करने गया था। वो वापस नीचे लौट रहा था, तभी अचानक 7 - 8 युवकों ने उसे रास्ते में घेर लिया। घायल के अनुसार उन युवकों ने बिना कुछ कहे सीधे शाहनवाज पर चाकू से हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए भागता रहा युवक चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों के हाथ में धारदार चाकू थे और वे शाहनवाज पर लगातार वार कर रहे थे। शाहनवाज खुद को बचाने के लिए चीखते हुए भागने लगा। जब बदमाशों ने उस पर सीधे वार करना चाहा तो उसने अपने हाथ आगे कर दिए। इस दौरान चाकू के गहरे घाव लगने से उसके हाथ की नसें कट गईं और खून बहने लगा। वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले। उर्स की वजह से वहां काफी भीड़ थी, इसलिए अचानक हुई इस चाकूबाजी से लोग सहम गए। लहूलुहान शाहनवाज को अस्पताल में भर्ती कराया चश्मदीदों ने बताया - आसपास के लोगों ने तुरंत अंबामाता थाना पुलिस को फोन किया। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान शाहनवाज को अंबामाता अस्पताल लेकर गई। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे तुरंत महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। सज्जनगढ़ बाबा के उर्स जा रहा था युवक़ शाहनवाज के पिता शौकत अली ने बताया- मेरा बेटा मोहर्रम की नौवीं पर सज्जनगढ़ बाबा के उर्स में शामिल होने के लिए सुबह घर से निकला था, लेकिन कुछ ही देर बाद उस पर हमले की खबर आ गई। शाहनवाज पर हमला क्यों किया गया और हमला करने वाले बदमाश कौन थे। पुलिस उर्स में आए लोगों और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है। अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया- पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के इनपुट्स जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की सदन बैठक गुरुवार को महापौर प्रवेश वाही की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वच्छता, जलभराव, नालों की सफाई और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। सत्ता पक्ष ने बैठक को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित और सफल बताया, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े कई अहम सवालों पर चर्चा से बचने का प्रयास किया गया। सदन में विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और सुझाव रखे। मानसून से पहले जलभराव की चुनौती मानसून से पहले जलभराव की चुनौती, नालों की डी-सिल्टिंग, कूड़ा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई। निगम प्रशासन के अनुसार नागरिक हितों से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए, जो विकास कार्यों को गति देने में सहायक होंगे। महापौर प्रवेश वाही ने कहा सदन में पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि जलभराव और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निगम मानसून से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और तैयारियों पर काम कर रहा है। आम आदमी पार्टी ने की नागरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग वहीं, आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हाल के दिनों में सामने आई इमारत ढहने की घटनाओं, अग्निकांडों, संभावित जलभराव और नागरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की मांग की। विपक्ष का आरोप था कि इन विषयों पर निगम प्रशासन और सत्ता पक्ष की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। बैठक के दौरान निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा मानसून तैयारियों को लेकर फील्ड स्तर पर काम तेज कर दिया गया है। जहां भी कमियां सामने आएंगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उनका कहना था कि निगम का लक्ष्य नागरिकों को न्यूनतम परेशानी के साथ बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। बैठक ने साफ संकेत दिया कि मानसून प्रबंधन, स्वच्छता और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में निगम प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा के प्रमुख विषय बने रहेंगे।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में एक कोचिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बैतूल नगर पालिका के सीएमओ ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों और मूलभूत सुविधाओं की जांच की। लखनऊ हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद कई शहरों में सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण अभियान शुरू किए गए हैं। कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने ज्ञान कुंज कोचिंग, सुपर-100 कोचिंग तथा आरपीएस मेडिटेक कोचिंग संस्थान का दौरा किया। इस दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया। भवनों की स्थिति का भी किया परीक्षण नगर पालिका की टीम ने कोचिंग संस्थानों के भवनों की संरचनात्मक स्थिति का भी अवलोकन किया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भवन कहीं से जर्जर या विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण न हों। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी की व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश सीएमओ ने संस्थान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी जारी रहेगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को रोका जा सके।
प्रतापगढ़ में मोहर्रम पर्व की तैयारियां तेज:जिला प्रशासन और पुलिस ने ताजिया मार्गों का निरीक्षण किया
प्रतापगढ़ में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला कलेक्टर शुभम चौधरी और पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पैदल मार्च कर ताजिया मार्गों का निरीक्षण किया। कल निकलेगा ताजियों का जुलूस मुस्लिम समुदाय द्वारा शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर शहर के विभिन्न इलाकों से ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा। इन ताजियों की शहर के मानक चौक पर सलामी दी जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जुलूस के दौरान कोई बाधा न आए और पर्व शांति, सौहार्द तथा भाईचारे के साथ संपन्न हो। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर शुभम चौधरी और एसपी बी. आदित्य ने उन सभी मार्गों का जायजा लिया जहां से ताजिए गुजरेंगे। अधिकारियों ने मार्ग में मौजूद अतिक्रमणों को चिन्हित किया और उन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए, ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। पैदल मार्च के दौरान अधिकारियों ने बिजली के झूलते तारों की स्थिति का भी निरीक्षण किया और संबंधित विभाग को उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने तथा मार्गों पर साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए कलेक्टर शुभम चौधरी ने मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि मोहर्रम का पर्व पूरी सुरक्षा, शांति और आपसी सद्भाव के साथ संपन्न हो। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आमजन से भी पर्व के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
बालाघाट में शौचालय पर गिरी बिजली:दीवार ढहने से 9 वर्षीय बालक की मौत, मलबे से निकाला शव
बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र के तुमाड़ी गांव में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से शौचालय की दीवार ढह गई। इस हादसे में 9 वर्षीय रियांश नगपुरे (पिता जितेंद्र नगपुरे) की मौत हो गई, जो दीवार के मलबे में दब गया था। परिजनों ने उसे तत्काल सिविल अस्पताल वारासिवनी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी जयराम गौतम ने बताया कि रियांश गांव के शासकीय स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। वह गुरुवार को शाम करीब 4:30 बजे स्कूल से घर लौटा था। इसके बाद वह घर से कुछ दूरी पर स्थित शौचालय गया था। इसी दौरान खराब मौसम के चलते शौचालय पर आकाशीय बिजली गिरी, जिससे दीवार गिर गई और रियांश उसकी चपेट में आ गया। थाना प्रभारी पवन यादव ने बताया कि बालक स्कूल से आने के बाद शौचालय गया था, जहां आकाशीय बिजली गिरने से दीवार ढह गई और वह उसमें दब गया। सिविल अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बालक के शव को सुरक्षित फ्रीजर में रखवा दिया है और शुक्रवार को उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया गया है कि घटना के समय घर में केवल बालक की मां मौजूद थीं। उन्होंने ही पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद रियांश को अस्पताल ले जाया गया।
धार शहर के हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े में ताजिया निर्माण को लेकर चल रहे विवाद में इंदौर हाईकोर्ट ने गुरुवार को मुस्लिम समाज को अंतरिम राहत दी है। आदेश के बाद देर शाम पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ताला खोला गया। पीडब्ल्यूडी अधिकारी भास्कर मालवीय ने प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत इमामबाड़े का ताला खोला। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल तथा ताजिया कमेटी के पदाधिकारी और समाजजन भी मौजूद रहे। इमामबाड़ा खुलने के बाद मोहर्रम से संबंधित तैयारियों की प्रक्रिया शुरू की गई। एक दिन में चाबी सौंपने के लिए कहा थाकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि सरकारी इमामबाड़े की चाबियां याचिकाकर्ता सिद्दीक को एक दिन के भीतर सौंपी जाएं। यह अनुमति मोहर्रम पर्व के लिए 30 जून तक ताजिया निर्माण और अन्य धार्मिक गतिविधियों के संचालन के लिए दी गई है। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नूर अहमद शेख और अशर अली वारसी ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता लंबे समय से सरकारी ताजिया कमेटी से जुड़े हुए हैं और पूर्व में भी इसी स्थान पर ताजिया निर्माण की परंपरा निभाते रहे हैं। सीमित अवधि के लिए अंतरिम राहतवहीं, राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सोनल गुप्ता और उप महाधिवक्ता श्रेया राज सक्सेना ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ताओं को वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराए जा चुके हैं और विवादित स्थल को लेकर पूर्व में भी न्यायालयों द्वारा निर्णय दिए जा चुके हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामला अभी विचाराधीन है। याचिकाकर्ताओं ने यह आश्वासन दिया है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद इमामबाड़ा यथास्थिति में प्रशासन को वापस सौंप दिया जाएगा। ऐसे में, न्यायालय ने सीमित अवधि के लिए अंतरिम राहत प्रदान की। एसडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकारी इमामबाड़े की चाबियां याचिकाकर्ता को सौंपें और 1 जुलाई दोपहर 12 बजे तक पुनः कब्जा प्राप्त करें। संरचना में बदलाव नहीं किया जाएगान्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवधि में इमामबाड़े में किसी प्रकार का स्थायी निर्माण, तोड़फोड़ या संरचना में बदलाव नहीं किया जाएगा। संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट का आदेश सामने आने के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े पहुंचे। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई। धार्मिक गतिविधियां की जा सकेंगीताजिया कमेटी के सदर मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि उच्च न्यायालय से पारित आदेश के अनुसार हटवाड़ा स्थित इमामबाड़े में ताजिया निर्माण एवं मोहर्रम से जुड़े कार्यक्रमों के लिए अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार 1 जुलाई तक ताजिया निर्माण सहित धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। आदेश मिलने के बाद मुस्लिम समाज में खुशी का माहौल है और मोहर्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं।
आईजी ने खैरथल में पुलिस व्यवस्था देखी:पेंडिंग केस, बीट सिस्टम और साइबर अपराध पर फीडबैक लिया
खैरथल जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने गुरुवार को खैरथल पहुंचकर जिले की पुलिस व्यवस्था का गहन जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला पुलिस मुख्यालय, कलेक्ट्रेट और खैरथल थाने में बैठकों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से सीधे संवाद कर कानून-व्यवस्था, लंबित प्रकरणों, बीट प्रणाली, साइबर अपराध नियंत्रण और पुलिस वेरिफिकेशन जैसे विषयों पर समीक्षा की। दोपहर करीब 2 बजे आईजी राहुल प्रकाश खैरथल-तिजारा जिला पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय, एडिशनल एसपी जया सिंह, डीएसपी, थाना प्रभारियों और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग ली। बैठक में लंबित प्रकरणों के निस्तारण, बीट व्यवस्था की प्रभावशीलता, अपराध नियंत्रण और थानों की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत फीडबैक लिया गया। कलेक्टर से प्रशासनिक समन्वय, कानून व्यवस्था पर की चर्चा इसके बाद आईजी राहुल प्रकाश दोपहर 3:45 बजे जिला कलेक्टर निवास पहुंचे, जहां उन्होंने जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश से मुलाकात कर प्रशासनिक समन्वय और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। शाम 4:15 बजे आईजी खैरथल थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ बैठक कर बेहतर पुलिसिंग, जनसहभागिता, अपराध रोकथाम और साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश दिए। थाना परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी राहुल प्रकाश ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई है और साइबर क्राइम पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के नेतृत्व में खैरथल-तिजारा और भिवाड़ी पुलिस जिलों में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई है, जिससे साइबर अपराध के ग्राफ में कमी आई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में अभी और अधिक सशक्त कार्य करने की आवश्यकता है। पुलिस वेरिफिकेशन को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश आईजी ने CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने, निजी कैमरों को भी पुलिस नेटवर्क से जोड़ने और पुलिस वेरिफिकेशन को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन अपराध नियंत्रण में बेहद सहायक है और इसे हर नागरिक को करवाना चाहिए। जयपुर जिले में इसे प्राथमिकता से लागू किया गया है और अब भिवाड़ी तथा खैरथल-तिजारा जिलों में भी इसे सख्ती से लागू कराने के लिए एसपी को निर्देशित किया जाएगा। आईजी राहुल प्रकाश ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाता है तो वह अपराध की श्रेणी में आ सकता है और ऐसी स्थिति में एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। इस दौरान किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव, खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव, किशनगढ़बास थाना प्रभारी बनवारीलाल मीणा सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
जयपुर में श्री गोविंददेवजी मंदिर में गुरुवार को निर्जला एकादशी पर विशेष दर्शन व्यवस्था की गई। सुबह मंगला दर्शन से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। दिनभर विभिन्न झांकियों के दर्शन के लिए हजारों भक्त मंदिर पहुंचे और ठाकुर श्रीजी के विशेष श्रृंगार व जलयात्रा झांकी के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन के अनुसार निर्जला एकादशी के अवसर पर मंगला झांकी से पहले ठाकुर श्रीजी का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुर श्रीजी को लाल बूटीदार नेटवर वेशभूषा धारण कराई गई। फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही मुकुट और छड़ी से अलंकृत किया गया। मंदिर में पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने अलग-अलग झांकियों में ठाकुरजी के दर्शन किए। ठाकुर श्रीजी को धराई सोने की पिचकारीराजभोग झांकी के दौरान जलयात्रा के विशेष दर्शन कराए गए। इस दौरान ठाकुर श्रीजी को सोने की पिचकारी धराई गई। गर्मी के मौसम को देखते हुए ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए खरबूजा, तरबूज, इस्तरी और सिकरन पूड़ी का भोग अर्पित किया गया। जलयात्रा झांकी के दर्शन सुबह 11:15 बजे से 11:45 बजे तक हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। निर्जला एकादशी के अवसर पर जयपुर शहर में भी धार्मिक उत्साह देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और मंदिरों के आसपास शरबत, ठंडा पानी और अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों और श्रद्धालुओं को निशुल्क शीतल पेय वितरित किए गए। कई स्थानों पर लोगों ने सेवा भाव से जलसेवा कर निर्जला एकादशी का पुण्य लाभ अर्जित किया। जलयात्रा की विशेष झांकी अब 29 जून को मंदिर प्रशासन के अनुसार जलयात्रा उत्सव श्रृंखला के तहत अब अगली विशेष झांकी ज्येष्ठाभिषेक के रूप में 29 जून को आयोजित होगी, जिसके दर्शन सुबह 11:15 बजे से 11:45 बजे तक होंगे।
बाड़मेर की नवगठित चौहटन नगरपालिका में शहर सेवा शिविर लगा। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल गुरुवार को कैंप में पहुंचीं। यहां लोगों को स्टेट ग्रांट के पट्टे वितरित किए गए। चौहटन विधायक आदूलाल भी शिविर में मौजूद रहे। चौहटन विधायक आदूराम ने बताया- शहर सेवा शिविर के तहत पट्टे वितरित किए हैं। लंबे समय से इनके पास पट्टे नहीं थे। शहर के अंदर रहते हैं। उनको किसी भी तरह का लोन लेना हो तो आसानी से मिल जाएगा। इन शिविरों में पट्टे की शुरूआत हुई है। स्टेट ग्रांट के पट्टे बनाकर दिए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कहा- ग्रामीण नगर पालिका में हमने प्लानिंग की है कि यहां पर पट्टे दिए जाएंगे। क्योंकि ग्राम पंचायत से नई नगर पालिका बनी है। इसलिए यहां पर पट्टे देने का काफी स्कोप है। ग्राम पंचायत से नगरपालिका बना चौहटन दरअसल, ग्राम पंचायत से चौहटन नई नगर पालिका बनी। इसको लेकर लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति थी। चर्चा थी कि ग्राम पंचायत की ओर से जारी पट्टों को नगर पालिका की मान्यता नहीं मिलेगी। साथ ही यह भी कहा जा रहा था कि नगरपालिका में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। भ्रामक चर्चाओं पर विराम लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से समझाइश की और शंका को दूर किया। कलेक्टर और विधायक ने सुनी समस्याएं कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और विधायक आदूराम मेघवाल ने इस दौरा लोगों की पानी, बिजली समेत अनेकों समस्याओं को सुना है। उन समस्याओं को जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा- चौहटन नगर पालिका के अंतर्गत आने वाली हमने अभी कॉलोनियां लिस्टेट करवा दी है। पुरानी आबादी के लोगों को स्टेट ग्रांट के पट्टे 1 रुपए में दिए जाए। प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्टेट ग्रांट के पट्टे जारी किए जाएं। इसके अलावा भी कृष्ण लैंड को कंवर्ट कर जो कॉलोनियां बनी है। उसमें भी पट्टे दिए जाएं। 69 ए के पट्टे दिए जाएंगे। इसके लिए एसडीएम को निर्देशित कर दिया गया है।
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से आपातकाल की स्मृतियां एवं दिल्ली विश्वविद्यालय, विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। किरोड़ीमल महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और कार्यकर्ताओं ने आपातकाल के दौर, लोकतांत्रिक संघर्षों और युवाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे: प्रो. भाटिया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा दौर था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए। प्रो. राजकुमार भाटिया ने कहा, आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार था। उस दौर के संघर्षों और बलिदानों को याद रखना इसलिए जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व को समझ सकें। संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि और भास्कराचार्य कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अवनीश मित्तल ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए इतिहास के ऐसे अध्यायों को समझना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक और सक्रिय रहने का आह्वान किया।
कोरबा में मानिकपुर चौकी क्षेत्र के शारदा विहार पेट्रोल पंप के पास स्थित इंडिकैश एटीएम में गुरुवार आधी रात चोरी का असफल प्रयास किया गया। दो नकाबपोश युवकों ने एटीएम मशीन को निशाना बनाते हुए उसे तोड़कर नकदी निकालने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा अलार्म बजने के बाद उन्हें मौके से भागना पड़ा। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने एटीएम के सामने वाले पैनल को तोड़कर कैश बॉक्स तक पहुंचने का प्रयास किया। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने किसी औजार का इस्तेमाल किया था। हालांकि, एटीएम का सुरक्षा सिस्टम सक्रिय होते ही अलार्म बज उठा, जिससे घबराकर दोनों आरोपी फरार हो गए। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात पूरी घटना एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में दोनों आरोपी नकाब पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथों में औजार भी नजर आ रहे हैं, जिनकी मदद से वे मशीन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। सुबह खुला चोरी के प्रयास का मामला घटना की जानकारी गुरुवार सुबह तब सामने आई, जब आसपास की दुकानें खुलीं। दुकानदारों ने एटीएम का टूटा हुआ पैनल देखा और तत्काल इसकी सूचना एटीएम प्रबंधन तथा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एटीएम के टूटे हिस्से और बदमाशों द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ औजारों को जब्त कर लिया है। साथ ही आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। फुटेज खंगाल रही पुलिस मानिकपुर चौकी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस पेट्रोल पंप, आसपास की दुकानों और मुख्य सड़क पर लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने जताई चिंता स्थानीय लोगों का कहना है कि मुड़ापार मुख्य मार्ग पर स्थित इस एटीएम के आसपास देर रात तक नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। उनका आरोप है कि इसी कारण क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। लोगों ने इलाके में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश पुलिस ने एटीएम प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, अतिरिक्त निगरानी कैमरे लगाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की सलाह दी है। फिलहाल चोरी के प्रयास का मामला दर्ज कर पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।
नीमच जिला अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स एक प्रसूता को लगाए जाने वाले इंजेक्शन सिरिंज में भरकर उसके बेड पर ही रखकर भूल गई। इस लापरवाही की वजह से महिला को रातभर जरूरी दवा नहीं मिल सकी और वह दर्द से तड़पती रही। सुबह जब परिजनों को इस बात का पता चला, तो उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी नहीं आया स्टाफ ग्राम अलेहड़ के रहने वाले दशरथ धनगर ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी सीमा को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां 22 जून की सुबह ऑपरेशन के जरिए उनकी डिलीवरी हुई थी। बुधवार रात को ड्यूटी स्टाफ ने एंटीबायोटिक और दर्द कम करने वाले इंजेक्शन सिरिंज में तो भरे, लेकिन उन्हें महिला के बेड पर ही छोड़ दिया। मरीज के पति ने बताया कि काफी देर तक जब कोई इंजेक्शन लगाने नहीं आया, तो उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से कई बार मिन्नतें कीं। इसके बावजूद कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी प्रसूता की सुध लेने नहीं पहुंचा। इंजेक्शन न मिलने से महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और ऑपरेशन वाले टांकों में असहनीय दर्द शुरू हो गया। लिखित शिकायत के बाद जागा अस्पताल प्रबंधन गुरुवार सुबह जब इस बात का खुलासा हुआ, तो गुस्साए परिजनों ने वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता देख अस्पताल के अधिकारी और वार्ड इंचार्ज मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पीड़ित महिला सीमा ने रुंधे गले से कहा कि जो लापरवाही आज उनके साथ हुई है, वैसी किसी और मरीज के साथ न हो। इसके बाद परेशान पति दशरथ ने पूरे मामले की लिखित शिकायत सिविल सर्जन से की। लापरवाही करने वालों को नोटिस, होगी सख्त कार्रवाई इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में आ चुकी है। बुधवार रात को डिलीवरी वार्ड में जो भी स्टाफ तैनात था, उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने माना कि जिला अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है, जिससे कर्मचारियों पर काम का दबाव रहता है, लेकिन मरीजों की सेहत के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आते ही दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बिजली तार चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार:आउ-चिमाणा के बीच 5 लाख के तार चोरी मामले में कार्रवाई
जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) और चाखू थाना पुलिस ने आउ से चिमाणा के बीच निर्माणाधीन विद्युत लाइन से हुई तार चोरी की वारदात का खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और वारदात में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया गया है। चोरी हुए तारों की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया कि 15 मई 2026 को चाखू पुलिस थाने में परिवादी ओमसिंह ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मरुधरा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा आउ से चिमाणा के बीच 33 केवी विद्युत लाइन का कार्य चल रहा था। 3 मई 2026 को अज्ञात चोरों ने तीन किलोमीटर की लाइन से तार और अन्य सामान चुरा लिया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और फील्ड सूचना एकत्रित कर जांच शुरू की। घटना में शामिल आरोपी सलीमदीन पुत्र नसीर खां मुसलमान निवासी घंटियाली को दस्तयाब कर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी सलीमदीन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस आरोपी से चोरी किए गए विद्युत तार और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है। साथ ही, इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
बड़वानी में अवैध रेत खदान में युवक की मौत:परिजनों ने जबरन मजदूरी पर ले जाने का आरोप लगाया
बड़वानी जिले के ग्राम पिपलुद में 25 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गरमा गया है। जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने युवक के मिट्टी से सने शव को देखकर आरोप लगाया कि उसकी मौत अवैध रेत खदान में काम करते समय खदान धंसने से हुई है। मृतक की पहचान बावनगजा निवासी बबलू (25) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि बबलू को अक्सर मजदूरी के लिए बुलाया जाता था और घटना वाले दिन भी उसे ग्राम पिपलुद स्थित रेत खदान में काम करने के लिए ले जाया गया था। उनका आरोप है कि रेत निकालने के दौरान मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे बबलू मलबे में दब गया। साथी मजदूर बबलू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है। मृतक के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि बबलू को कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध भी मजदूरी के लिए ले जाया जाता था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए अवैध रेत खनन और जबरन मजदूरी के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के आधार पर करेंगे कार्रवाई शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि पुलिस को युवक की मौत की सूचना मिलने पर वे जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

