यमुनानगर के गांव रामखेड़ी के युवक गगनदीप की इटली में हुई मौत के बाद उसका शव आज 25 दिन बाद दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने की संभावना है। परिवार ने कर्ज लेकर शव को भारत लाने की व्यवस्था की है। आज रविवार दोपहर गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों के अनुसार गगनदीप की मौत 4 फरवरी को इटली के वेरोना शहर में हुई थी। शव को भारत लाने में पासपोर्ट और अन्य कागजी औपचारिकताओं के कारण लंबा समय लग गया। बताया गया कि गगनदीप का पासपोर्ट इटली के स्थानीय थाने (क्वेस्टूरा) में जमा था। 18 लाख रुपए खर्च करके भेजा था अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत मृतक का शव तभी दूसरे देश भेजा जा सकता है, जब पासपोर्ट को आधिकारिक रूप से जारी व निरस्त (कैंसल) किया जाए। भारतीय दूतावास की सहायता से यह प्रक्रिया पूरी हुई, लेकिन शव लाने में सरकारी स्तर पर कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। पूरा खर्च परिवार को स्वयं उठाना पड़ा। परिजनों ने करीब सात लाख रुपये खर्च होने की बात कही है। गगनदीप 8 अप्रैल 2023 को एक एजेंट के माध्यम से करीब 18 लाख रुपये खर्च कर इटली गया था। वहां वह प्राइवेट सेक्टर में मजदूरी कर रहा था। परिवार का आरोप है कि उसे खेतों में काम पर लगाया गया और पैसे मांगने पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा। डिप्रेशन के कारण हुई मौत लंबे समय तक तनाव और डिप्रेशन के चलते उसकी मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की जांच स्थानीय स्तर पर की गई थी। गांव में पिछले 24 दिनों से मातम का माहौल है। मां परमिंदर कौर बेटे के शव के लौटने का इंतजार कर रही हैं, जबकि पिता जगदेव सिंह पिछले कई वर्षों से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। बहनोई अमनदीप संधू ने बताया कि परिवार के लिए यह समय बेहद पीड़ादायक रहा है। शव आज सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगा, जहां से परिजन उसे गांव लेकर आएंगे। दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में शोक की लहर है।
बरसाना और नंदगांव में लट्ठमार होली खेली जाती है। वहीं गोकुल में छड़ी से होली खेलने की परंपरा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण यहां बाल स्वरूप में हैं और घुटनों के बल चलते हैं। इसलिए उनके साथ लाठियों के बजाय छोटी छड़ी से होली खेली जाती है। गोकुल में होली की शुरुआत नंदभवन से निकलने वाले डोला से होती है। जब डोला यमुना के मुरलीधर घाट पहुंचता है, तो वहां गोपियां छड़ीमार होली खेलती हैं। गोकुल की छड़ीमार होली भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप और उनकी नटखट लीलाओं की स्मृति में प्रेम और उल्लास के साथ मनाई जाती है। यह उत्सव विशेष रूप से बाल गोपाल की छवि को केंद्र में रखकर आयोजित होता है, इसलिए इसमें लट्ठ के बजाय छोटी छड़ी का प्रयोग किया जाता है। छड़ीमार होली क्यों है खास?पौराणिक मान्यता के अनुसार बालकृष्ण गोकुल की गोपियों को माखन चुराकर और शरारतें करके छेड़ा करते थे। इससे नाराज़ होकर गोपियां उन्हें छड़ी लेकर दौड़ाती थीं। उसी प्रसंग की स्मृति में यह परंपरा आज भी जीवित है। गोकुल में श्रीकृष्ण को ‘लाला’ और ‘बाल गोपाल’ के रूप में पूजा जाता है, इसलिए यहां की होली में स्नेह और वात्सल्य की भावना प्रमुख रहती है। चोट से बचाने के लिए केवल छोटी छड़ी से प्रतीकात्मक और प्रेमपूर्ण होली खेली जाती है, जो इस परंपरा को अन्य स्थानों से अलग और खास बनाती है। मुरलीधर घाट से होती है शुरुआतछड़ीमार होली का प्रमुख आयोजन मुरलीधर घाट से आरंभ होता है। मान्यता है कि यहीं श्रीकृष्ण ने पहली बार मुरली बजाई थी। श्रद्धालु यहां एकत्र होकर होली उत्सव का शुभारंभ करते हैं। इससे पहले नंद भवन से भगवान का डोला निकाला जाता है। डोले के साथ होली का उल्लास चरम पर पहुंच जाता है। हुरंगा की परंपराडोला यात्रा के दौरान गोपियों का रूप धारण किए महिलाएं हुरियारों (पुरुषों) पर प्रेमपूर्वक छड़ी बरसाती हैं। इस परंपरा को ‘हुरंगा’ कहा जाता है। इस दौरान पूरा वातावरण फाग, गुलाल और रास-रंग से सराबोर हो उठता है। यहां बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली में बड़े लट्ठों का प्रयोग होता है। वहीं गोकुल की छड़ीमार होली वात्सल्य और कोमल भावनाओं का प्रतीक मानी जाती है। यहां उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि बाल लीला की मधुर स्मृति को जीवंत करना है। गोकुल की यह अनूठी परंपरा धार्मिक आस्था के साथ ब्रज संस्कृति की सजीव झलक भी प्रस्तुत करती है।
होली एवं धुलण्डी पर्व के मद्देनजर जिले में शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए झुंझुनू पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 'फ्लैग मार्च' निकालकर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। एसपी ने कहा कि होली के उल्लास में किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखें। फ्लैग मार्च का उद्देश्य आमजन में विश्वास पैदा करना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली पुलिस का शहर के मुख्य मार्गों पर पैदल मार्च झुंझुनू शहर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए वृताधिकारी (CO) गोपाल सिंह ढाका के नेतृत्व में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मय जाप्ता और RAC के जवानों ने फ्लैग मार्च किया। यह मार्च कोतवाली थाने से शुरू होकर गांधी चौक, शाहु वाला कुंआ, हांडी शाह दरगाह, जेपी जानू स्कूल, रोड नंबर 01, बीडीके अस्पताल और रोडवेज बस डिपो जैसे प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा। मुख्य मार्गों पर गश्त के जरिए पुलिस ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ताकि त्यौहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। बुहाना में भी पुलिस ने संभाली कमान बुहाना कस्बे में भी पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। यहां रामेश्वरलाल (ASI) के नेतृत्व में पुलिस जाप्ते ने कस्बे के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। अफवाहों से बचें और पुलिस का सहयोग करें फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और त्यौहार को आपसी प्रेम व भाईचारे के साथ मनाने का संदेश दिया। एसपी ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना नजर आए, तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
लखनऊ में पैथालॉजी मालिक मानवेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में आशियाना पुलिस मृतक की बेटी कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी में है। घटना के समय कमरे में मौजूद रहने के कारण कृति को इस हत्याकांड का अहम गवाह माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बेटी ने पूछताछ में बताया कि पिता के मरने की असली वजह भाई अक्षत प्रताप ही बता सकता है। …क्योंकि जब उसने गोली चलाई तब मेरी आंख खुली। मैं रोने लगी तो मुझसे बोला चुप हो जाओ नहीं तो तुम्हें भी मार दूंगा। 19 और 20 फरवरी की रात के बाद से कृति भाई को बचाने के लिए सच को छिपाती रही थी। कमरे में मौजूद थी कृति, पुलिस ने पूछे अहम सवाल 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे आरोपी अक्षत ने राइफल से अपने पिता मानवेंद्र सिंह को गोली मार दी थी। घटना के वक्त कृति उसी कमरे में मौजूद थी और गोली की आवाज से उसकी नींद खुल गई थी। पुलिस ने कृति से विस्तार से पूछताछ की है। उससे यह जानने की कोशिश की गई कि गोली चलने के बाद उसने क्या देखा, राइफल कहां पड़ी थी, और आरोपी अक्षत किस स्थिति में था। पुलिस ने यह भी पूछा कि अक्षत ने उसे किस तरह धमकाकर कमरे में बंद किया। इन बयानों को केस की कड़ी मानते हुए विवेचक बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है, ताकि अदालत में ठोस पैरवी की जा सके। राइफल और कारतूस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के तहत आशियाना पुलिस ने घटना में इस्तेमाल राइफल, मौके से बरामद खोखा, कारतूस और मैग्जीन को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पुष्टि करेंगे कि बरामद असलहे से ही गोली चलाई गई या नहीं। यह रिपोर्ट केस डायरी का अहम हिस्सा बनेगी और अभियोजन पक्ष के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद कई तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल सिंह के मुताबिक, आरोपी अक्षत के मोबाइल की कॉल डिटेल्स मंगवाई गई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में किसी और की भूमिका तो नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड से संभावित साजिश या सहयोगियों का सुराग मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा जिस रास्ते से आरोपी पिता के हाथ-पैर ठिकाने लगाने गया था, उन मार्गों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को केस की कड़ी से जोड़कर पूरी घटनाक्रम की शृंखला स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है। --------------------------------------- इससे संबंधित खबरें भी पढ़िए… भास्कर एक्सक्लूसिव - पिता का धड़ ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब देखा : कार में आ जाए, ऐसा नीला ड्रम लाया; लखनऊ में बाप-बेटे के बिगड़े रिश्ते का सच लखनऊ में जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या करने के बाद बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने लाश ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब पर कई वीडियो देखे। (पूरी खबर पढ़िए)
नोएडा में पांच दिन के लिए धारा-163:सामूहिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं, जुलूस और धरना प्रदर्शन पर रोक
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट त्योहार की वजह से धारा 163 जनपद में 2 मार्च से 6 मार्च तक लागू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। धारा 163 लागू रहने के दौरान बिना अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों का एकत्र होना, जुलूस निकालना, धरना-प्रदर्शन करना या किसी प्रकार का सामूहिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, भड़काऊ भाषण देना, सोशल मीडिया पर अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट फैलाना, हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूमना, डीजे या तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों का बिना अनुमति उपयोग करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें…समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 13 फरवरी को कानपुर के दौरे पर थे। यहां अखिलेश यादव ने कानपुर के नाम पर बोलते हुए कहा था कि बीजेपी ने इसे ‘बदनामपुर’ बना दिया है। इस पर भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने पलटवार किया है। कचहरी में शुक्रवार को बार डांसर ने जमकर ठुमके लगाए। बार बाला के मंच पर उतरते ही जमकर हूटिंग हुई। भतीजे की बारात में डांस करते-करते चाचा की मौत हो गई। वह ट्रॉली पर चढ़कर डांस कर रहे थे। अचानक सिर के बल नीचे गिर गए। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरें VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1ः कानपुर कचहरी में बार डांसर ने ठुमके लगाए:'ले ले मजा ले...' गाने पर वकील भी झूमे, VIDEO में रंगारंग होली मिलन समारोह कानपुर की कचहरी में शुक्रवार को बार डांसर ने जमकर ठुमके लगाए। बार बाला के मंच पर उतरते ही जमकर हूटिंग हुई। सीटियां बजीं। शोर मचने लगा। मौका था- होली मिलन समारोह का। पढ़ें पूरी खबर… 2ः अखिलेश को कानपुर वालों से माफी मांगनी चाहिए:सांसद रमेश अवस्थी बोले- 'बदनामपुर' कहकर अपमान किया, कानपुर सुरक्षित, इसलिए सपा को दर्द समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 13 फरवरी को कानपुर के दौरे पर थे। यहां अखिलेश यादव ने कानपुर के नाम पर बोलते हुए कहा था कि बीजेपी ने इसे ‘बदनामपुर’ बना दिया है। इस पर भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने पलटवार किया है। कानपुर को “बदनामपुर” कहने पर उन्होंने कहा- अखिलेश यादव को कानपुर के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… 3ः 12 करोड़ की लैंबोर्गिनी 8 करोड़ में थाने से छूटी:कानपुर कोर्ट में बेल बॉन्ड जमा कराया; आधी रात ट्रक में भरकर ले गए कानपुर में अरबपति कारोबारी केके मिश्रा के बेटे ने जिस 12 करोड़ की लैंबोर्गिनी कार से 6 लोगों को टक्कर मारी थी, वह कार 8.30 करोड़ के बेल बॉन्ड (गारंटी) पर थाने से छूट गई। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सूरज मिश्रा की कोर्ट ने दिन में कार को रिलीज करने का आदेश दिया। आधी रात 12:30 बजे कार थाने से छुड़वाई गई, फिर ट्रक में भरकर ले गए। पढ़ें पूरी खबर… 4ः पनकी मंदिर के पास नाले में महिला का शव मिला:कंबल में लिपटी थी बॉडी, हाथ पर RN लिखा; हत्या कर फेंकने का शक कानपुर में शनिवार सुबह पनकी मंदिर पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर बने नाले में एक महिला का शव मिला। राहगीरों ने 112 नंबर पर पुलिस को इसकी सूचना दी। पनकी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर मोर्चरी के लिए भेजा है। यहां पहचान के लिए शव को रखा गया है। चश्मदीदों ने बताया- नाले में एक पुराना कंबल लिपटा हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर उसमें महिला का शव होने की आशंका हुई। शव नाले के अंदर पत्थर से दबा हुआ था, जिससे पूरी बॉडी ऊपर नहीं आ सकी और सिर्फ महिला का सिर ही दिखाई दे रहा था। पढ़ें पूरी खबर… 5ः कानपुर में ट्रेन की चपेट से युवक की मौत:गंगागंज रेलवे क्रॉसिंग के पास हादसा, पोस्टमॉर्टम करा रही पुलिस कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के गंगागाज रेलवे क्रॉसिंग के पास शुक्रवार रात 36 वर्षीय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान महाराजपुर के गंगागाज निवासी सुनील पुत्र रामकिशन के रूप में हुई है। रात के समय वह रेलवे ट्रैक के पास था, तभी ट्रेन गुजरने के दौरान हादसा हो गया। महाराजपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 6ः प्रेमी से झगड़े के बाद गंगा में कूदकर दी जान:कानपुर में घाट किनारे मिला शव, 6 माह से चल रहा था अफेयर प्रेमी से झगड़े के बाद शुक्रवार देर रात 16 साल की लड़की ने गंगा में कूद कर जान दे दी। शनिवार सुबह उसका शव परमट घाट के किनारे पड़ा मिला। प्रेमी की सूचना पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस ने जांच–पड़ताल कर परिजनों को जानकारी दी। पिता ने बताया कि बेटी का 6 माह से पी. रोड में रहने वाले एक युवक से अफेयर था। जानकारी होने पर वह बेटी की शादी कराने को भी राजी हो गए थे। पढ़ें पूरी खबर… 7ः कानपुर से 350 होली स्पेशल बसें, जानें रूट:लखनऊ 15 मिनट और दिल्ली-गोरखपुर के लिए 30 मिनट में मिल रहीं, 10 मार्च तक सुविधा होली के त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम ने शहर से विभिन्न रूटों पर होली स्पेशल बसें चलाने का फैसला किया है। 28 फरवरी से 10 मार्च तक अधिक यात्रियों वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जिन रूटों पर त्योहार के दौरान बाहर नौकरी करने वाले और पढ़ाई करने वाले लोगों की भीड़ ज्यादा रहती है, वहां बसों की संख्या बढ़ाई गई है। कानपुर रीजन में करीब 750 बसें संचालित हैं, जिनमें से जरूरत के अनुसार स्पेशल बसें लगाई गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…. 8ः ग्रीन पार्क के पास खड़ी कार में लगी आग:10 फीट ऊंची उठीं लपटें, 2 साल पहले बैंक कर्मी ने खरीदी थी कानपुर शहर के ग्रीन पार्क स्टेडियम के पास शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कार से करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं और काला धुआं आसमान में छा गया। घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। ग्रीन पार्क से परमट की ओर जाने वाली सड़क के किनारे खड़ी नेक्सॉन कार अचानक धू-धू कर जलने लगी। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। पढ़ें पूरी खबर… 9ः भतीजे की शादी में डांस करते हुए चाचा की मौत:कानपुर में डीजे ट्रॉली पर चढ़कर नाच रहे थे, सिर के बल नीचे गिरे कानपुर में भतीजे की बारात में डांस करते-करते चाचा की मौत हो गई। वह ट्रॉली पर चढ़कर डांस कर रहे थे। अचानक सिर के बल नीचे गिर गए। रिश्तेदार उन्हें लेकर हैलट पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि सिर पर बहुत चोट लग गई थी। इसलिए कोमा में चले गए। हालत गंभीर थी और मौत हो गई। पूरा मामला किदवई नगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर… 10ः हिंदूवादी-संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपर नगर आयुक्त को चूड़ियां दीं:कानपुर में बोले- पार्कों से मजार और लैंड जिहाद खाली कराएं, नहीं तो होगा आंदोलन कानपुर नगर निगम मुख्यालय में शनिवार दोपहर का नजारा अलग रहा। नगर आयुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपर नगर आयुक्त मो. आवेश को चूड़ियां दीं। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने डिब्बे से निकालकर जैसे ही चूड़ी दी, अधिकारी सकते में आ गए। पर नगर आयुक्त ने ज्ञापन लेने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। बजरंग दल कार्यकर्ता पार्क आदि में बन रही मजार का विरोध करने पहुंचे थे। बजरंग दल के पूर्व संयोजक कृष्णा तिवारी ने बताया कि नगर निगम की भूमि पर लैंड जिहाद के नाम से बड़े बड़े अवैध निर्माण तन गए हैं। पार्कों में अवैध मजारें बना दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 दिन में दो बार कानपुर पहुंचे। पहले 13 फरवरी को शहर में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इसके बाद 25 फरवरी को वह फिर कानपुर पहुंचे। इस दौरे में वह छोटी दुकान से लेकर रेस्टोरेंट और बड़े उद्योगपतियों के यहां तक पहुंचे। दूसरी बार जब अखिलेश कानपुर आए तो 2027 चुनाव में पीडीए से हटकर वोट बैंक की तलाश में दिखे, जिसमें एक बड़े उद्योगपति से लेकर छोटे दुकान तक जाकर उन्होंने वोट बैंक साधने की कोशिश की। अखिलेश बोले- लाल इमली फिर से गुलजार हो सकती है कानपुर में 13 फरवरी को सिविल लाइंस में प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश ने कहा- कानपुर की पहचान औद्योगिक नगरी के रूप में रही है। लाल इमली मिल जैसी मिलों की अपनी पहचान थी। इसे मैनचेस्टर ऑफ इंडिया कहा जाता था। कई दुकानें और पुरानी चीजें गिरा दी गई हैं। अगर कानपुर को लेकर लोगों में ऐसी राय बनेगी तो यहां निवेश कैसे आएगा? उन्होंने कहा- कानपुर में कारोबार और उद्योग बड़े पैमाने पर होने की संभावना है। बस सही दिशा में काम करने की जरूरत है। लाल इमली फिर से गुलजार हो सकती है। सरकार को अपने लोगों को इंसेंटिव देकर मिल में टेक्सटाइल का काम शुरू कराना चाहिए। 2027 में हमारी सरकार होगी तो हम इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करेंगे। पहले पढ़िए 25 फरवरी को कहां जाने का कार्यक्रम था 25 फरवरी को जब अखिलेश कानपुर आए तो उनके तीन कार्यक्रम तय थे। बिना तय कार्यक्रम के 25 फरवरी को कहां पहुंचे पढ़िए… तय कार्यक्रम के अलावा अखिलेश स्वरूप नगर में कारोबारी और सपा कार्यकर्ता अशर अख्तर के घर पहुंचे। यह कार्यक्रम पहले से तय नहीं था। इसके अलावा बिरहाना रोड में समोसे की दुकान से निकलने के बाद वह सोना-चांदी ज्वैलर्स की दुकान पर भी गए। यहां जाने का कार्यक्रम भी तय नहीं था। वापस लखनऊ जाते समय वह जाजमऊ में चमड़ा कारोबारी असद कमाल इराकी के घर रोजा इफ्तार कार्यक्रम में पहुंचे, जहां लोगों से मुलाकात की। सपा जिला इकाई द्वारा जारी प्रोटोकाल में तीन कार्यक्रम थे, लेकिन अखिलेश कुल 6 अलग-अलग जगहों पर पहुंचे। इनमें से तीन जगहों की सूचना पहले जारी कार्यक्रम में नहीं थी। 2027 चुनाव से पहले क्या साध रहे समीकरण? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में शहरी इलाकों में सपा को कम सीटें मिली थीं। ऐसे में अखिलेश शहरी वोट बैंक साधने की कोशिश में हैं। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक महेश शर्मा का कहना है- अखिलेश केवल PDA के सहारे सरकार बनाने की रणनीति में नहीं हैं। वह अपने कोर वोटर के साथ-साथ हर वर्ग के वोट बैंक से कुछ न कुछ लेने की कोशिश में लगे हैं। मुलायम सिंह यादव भी इसी तरह अचानक अलग-अलग जगहों पर पहुंच जाते थे डीएवी कालेज से रिटायर प्रोफेसर समर बहादुर सिंह ने कहा- चुनावी माहौल से पहले इस तरह छोटी दुकान से लेकर बड़े कारोबारी तक पहुंचना वोट बैंक साधने का संकेत हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी इसी तरह अचानक अलग-अलग जगहों पर पहुंच जाते थे। कानपुर को औद्योगिक शहर के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी अहम माना जाता है। ऐसे में 2027 से पहले यहां बढ़ती सक्रियता को चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा सकता है।
कल गोरखपुर आएंगे सीएम योगी:होलिका दहन एवं भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में होंगे शामिल
सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार की सुबह लगभग 11 बजे गोरखपुर आएंगे। होली तक गोरखपुर में ही रहेंगे। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सीएम सोमवार को होलिका दहन के अवसर पर पांडेयहाता से निकलने वाली भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा तथा 4 मार्च की सुबह घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान वह फूलों की होली भी खेलेंगे। भगवान नृसिंह की शोभायात्रा में सीएम अबीर-गुलाल से होली खेलेंगे।सिंगापुर एवं जापान की यात्रा के बाद सीएम लखनऊ लौट चुके हैं। सोमवार को वह गोरखपुर दौरे पर आएंगे। सुबह लगभग 11 बजे गोरखपुर पहुंचने के बाद गोरखनाथ मंदिर जाएंगे। सीएम दिन में मंदिर में ही रहेंगे। इस दौरान अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उसके बाद शाम को होलिका दहन के अवसर पर पांडेयहाता से निकलने वाली भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा में शामिल होंगे। अगले दिन भी सीएम का कोई कार्यक्रम नहीं है। इस दौरान गोरखनाथ मंदिर में उपस्थित रहेंगे। होली के दिन 4 मार्च की सुबह वह घंटाघर पहुंचेंगे और वहां से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा को रवाना करेंगे। इस दौरान वह लोगों को होली की शुभकामनाएं देंगे। इन शोभायात्राओं में समतामूलक समाज का प्रतिबिंब नजर आता है। बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद शोभायात्राओं में शामिल होते हैं। बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगपर्व के आयोजनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहभागिता गोरक्षपीठ के मूल में निहित संदेश के प्रसार का हिस्सा है। रंगों के प्रतीक रूप में उमंग व उल्लास का पर्व होली गोरक्षपीठ के सामाजिक समरसता अभियान का ही एक हिस्सा है। इस पीठ की विशेषताओं में छुआछूत, जातीय भेदभाव और ऊंच नीच की खाई पाटने का जिक्र सतत होता रहा है। समाज मे विभेद से परे लोक कल्याण ही नाथपंथ का मूल है और ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ द्वारा विस्तारित इस अभियान की पताका वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फहरा रहे हैं। गोरक्षपीठ की अगुवाई वाला रंगोत्सव सामाजिक संदेश के ध्येय से विशिष्ट है। सामाजिक समरसता का स्नेह बांटने के लिए ही गोरक्षपीठाधीश्वर दशकों से होलिकोत्सव (भगवान नृसिंह शोभायात्रा) में शामिल होते रहे हैं। 1996 से 2019 तक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले योगी वर्ष 2020 और 2021 के होलिकोत्सव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इसमें शामिल नहीं हुए थे। सफल कोरोना प्रबंधन का पूरी दुनिया में लोहा मनवाने और इस वैश्विक महामारी को पूरी तरह काबू में करने के बाद सीएम योगी 2022 से पांडेयहाता से निकलने वाले होलिकादहन के दिन भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा और घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह होलिकोत्सव शोभायात्रा में सम्मिलित होने लगे। नानाजी देशमुख ने की थी रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरूआत, गोरक्षपीठ ने दी नई ऊंचाईगोरखपुर में भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरुआत अपने गोरखपुर प्रवासकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख ने 1944 में की थी। गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की राख से होली मनाने की परंपरा इसके काफी पहले से जारी थी। नानाजी का यह अभियान होली के अवसर पर फूहड़ता दूर करने के लिए था। नानाजी के अनुरोध पर इस शोभायात्रा का गोरक्षपीठ से भी गहरा जुड़ाव हो गया। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के निर्देश पर महंत अवेद्यनाथ शोभायात्रा में पीठ का प्रतिनिधित्व करने लगे और यह गोरक्षपीठ की होली का अभिन्न अंग बन गया। 1996 से योगी आदित्यनाथ ने इसे अपनी अगुवाई में न केवल गोरखपुर बल्कि समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता का विशिष्ट पर्व बना दिया। अब इसकी ख्याति मथुरा-वृंदावन की होली सरीखी है और लोगों को इंतजार रहता है योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाले भगवान नृसिंह शोभायात्रा का। इस शोभायात्रा में पथ नियोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता करते हैं और भगवान नृसिंह के रथ पर सवार होकर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगों में सराबोर हो बिना भेदभाव सबसे शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
GST चोरी के आरोप में मेरठ जेल में बंद चीनी महिला एलिस ली उर्फ ली तेंगली बेल मिलने के बाद भी बाहर नहीं आ पा रही हैं। इसकी वजह जमानती ना मिलना बताया जा रहा है। 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन जमानती नहीं मिल रहे। अफसरों की मानें तो जब एलिस ली को जमानती मिलेंगे, तब ही वह जेल से बाहर आ सकेंगी। फिलहाल वह जेल में ही रहेंगी। दो तस्वीरें देखें… पहले जानिए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा के बेंगनेस पार्क में टेंटेक इलेक्ट्रानिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी है जो विजुअल डिसप्ले बनाने का काम करती है। GST डिपार्टमेंट ने यहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी पकड़ी थी। विजिलेंस की मदद से कंपनी के मैनेजर विनय कुमार सिंह और कैशियर चीनी महिला एलिस ली उर्फ ली तेंगली को गिरफ्तार कर लिया गया। 27 को पहुंची सलाखों के पीछे 26 अगस्त, 2025 को GST व विजिलेंस के द्वारा यह कार्रवाई की गई थी। टीम विनय व एलिस ली को लेकर मेरठ आई और यहां कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को चार दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तभी से एलिस ली सलाखों के पीछे है। साक्षरता अभियान का उठाया लाभ एलिस ली केवल चाइनीज जानतीं थी लेकिन जेल में चाइनीज कोई नहीं समझ पाता था। शुरआत में इशारों से ही वह अपनी बात कह पाती थी। धीरे धीरे उसने हिंदी को समझना शुरु किया। जेल के भीतर पढ़ाने आने वाली शिक्षिकाओं से सीखना शुरु किया। निशा नाम की एक महिला बंदी से अच्छी दोस्ती हो गई जो एलिस ली को हिंदी सिखाने लगी। निचली अदालतों से जमानत निरस्त एलिस ली के एडवोकेट ने एलिस ली की जमानत के प्रयास शुरु किए लेकिन निचली कोर्ट के साथ ही सेशन से भी जमानत निरस्त हो गई। तमाम कोशिश नाकाम हो रहीं थी। इसके बाद हाईकोर्ट में बेल एप्लीकेशन डालने का निर्णय लिया गया। बेटी से गले लगकर रोती थी एलिस जेल अफसरों की मानें तो गिरफ्तारी के बाद से एलिस का पति हू ली लगातार उसके संपर्क में बना था। वह अपनी बेटी को लेकर एलिस से मिलने आता था। मुलाकात के समय अकसर एलिस ली को अपनी बेटी के गले लगकर रोते हुए देखा गया था। हालांकि धीरे धीरे वह सामान्य होती चली गई। लगभग छह माह बाद मिली बेल एलिस ली 27 अगस्त, 2025 को चौधरी चरण सिंह जिला कारागार पहुंची थी। देखा जाए तो 27 फरवरी को एलिस को छह माह जिला कारागार में पूरे हो चुके हैं। इस दौरान एलिस को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया जाता था। बेल मिली लेकिन जमानती नहीं वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि 17 फरवरी को हाईकोर्ट से एलिस ली को बेल मिल चुकी है। बेल मिलने के बाद एलिस को दो जमानती उपलब्ध कराने हैं लेकिन जमानती नहीं मिल पा रहे हैं। नियमानुसार दो जमानती जरूरी हैं। जब तक जमानती नहीं मिलेंगे, तब तक एलिस को जेल में रहना होगा।
कैथल में डीएसपी पर धमकी देने का आरोप लगाने वाले हेडकांस्टेबल सुनील संधू ने अपनी बर्खास्तगी के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जो करना था, वह कर दिया। अब वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। ऐसे तो किसी भी कर्मचारी को हटा दिया जाएगा। उनको हटाना था, सो हटा दिया, लेकिन अब भी उनके खिलाफ बोला गया तो वे अधिकारियों की पोल पट्टी खोलने का काम शुरू कर देंगे। अब भी भूखे थोड़े मरेंगे, कमाकर खाएंगे। बोले- अधिकारियों ने बनवाई वीडियो सुनील संधू ने कहा कि उन्हें तो घर का बही खाता लिखना है, कोई कुछ भी करे। जो भी कानूनी लड़ाई है, वे लड़ेंगे। ऐसे तो कोई भी अधिकारी किसी को बर्खास्त कर देगा। अगर इनको हमारी जरूरत नहीं है तो कोई बात नहीं, भूखे थोड़े मरेंगे, कमाकर खाएंगे। सुनील ने कहा कि उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने आज तक जितनी भी वीडियो नशा मुक्ति अभियान में डाली हैं, वे सभी प्रशासन ने बनवाई हैं। मुझे मेरी जिंदगी जीने दो ये अधिकारियों के ही आदेश थी कि वीडियो बनाओ और लोगों को जागरूक करो। एक ही दिन में पूरी कहानी बदल दी गई। सुनील ने कहा कि अभी तो उनके ऊपर और भी आरोप लगेंगे कि फलां को ये कह दिया, फलां को जूते मारे। ये तो अधिकारियों का काम है। अब जो करना था कर दिया। अगर अब भी उनके खिलाफ बोलेंगे तो वे अधिकारियों की पोल पट्टी खोलने का काम करेंगे। मुझे मेरी जिंदगी जीने दो। अधिकारियों को बचाने के चक्कर में उप पर आरोप न लगाए जाएं। आरोपों के बाद बर्खास्त बता दें कि हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को बर्खास्त कर दिया गया है। शनिवार को SP उपासना सिंह ने बताया कि सुनील संधू ने DSP पर धमकाने के आरोप लगाए थे। उन्हें इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने के बजाए सोशल मीडिया पोस्ट की। इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। दूसरा, सुनील संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान नशे के साथ आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। अनुशासनहीनता को लेकर सुनील संधू पर कार्रवाई की गई है। सुनील ने डीएसपी पर धमकी का आरोप लगाया था 23 फरवरी को सुनील संधू ने फेसबुक पोस्ट कर कलायत DSP ललित यादव पर नशे के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। संधू की इस पोस्ट के बाद SP उपासना सिंह ने गुहला DSP कुलदीप बेनीवाल को जांच सौंपी थी। इस विवाद के बाद 2 दिन पहले ही सुनील संधू समेत नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। जिला पुलिस मुख्यालय की तरफ से कहा गया कि इन पुलिसकर्मियों ने अनुशासन और नियमों का पालन नहीं किया। अब सुनील को बर्खास्त किया गया है।
गोरखपुर के युवा ने बनाया फूल से खुशबूदार गुलाल:होली में बढ़ी डिमांड, अबतक 1 करोड़ का हो चुका है सेल
होली का त्योहार रंगों के बिना अधूरा है, लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल होने की वजह से त्वचा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में गोरखपुर के दिलेजाकपुर के युवा उद्यमी सहर्ष गुप्ता ने एक नई और सराहनीय पहल की है। उन्होंने फूलों से तैयार होने वाला पूरी तरह प्राकृतिक आर्गेनिक अबीर-गुलाल बनाना शुरू किया है। पहले देखिए 2 तस्वीरें… उनकी इस कोशिश से न सिर्फ लोगों को सुरक्षित रंग मिल रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी फैल रहा है। सहर्ष गुप्ता द्वारा तैयार किया गया अबीर-गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक है। इसमें किसी भी तरह का केमिकल या कृत्रिम रंग नहीं मिलाया जाता। अलग-अलग रंग अलग-अलग फूलों से बनाए जाते हैं। लाल रंग गुलाब और अनार के बीज से तैयार होता है, पीला रंग गेंदा के फूल से, गुलाबी रंग कमल से और नीला रंग इंडिगो फेरा (नील) से बनाया जाता है। खास बात यह है कि पारंपरिक अरारोट की जगह इसमें चावल और मक्के के आटे का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह त्वचा के लिए और भी सुरक्षित बन जाता है। इस आर्गेनिक गुलाल की खुशबू भी इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इसे लगाने पर फूलों की हल्की और प्राकृतिक सुगंध महसूस होती है। यह त्वचा पर चिपकता नहीं है और आसानी से धुल जाता है। चेहरे या शरीर पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए बच्चे और बुजुर्ग भी इसे बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं। इन रंगों की मांग अब तेजी से बढ़ रही है। गोरखपुर के साथ-साथ वाराणसी, नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी इसकी सप्लाई की जा रही है। अब तक 2 लाख से अधिक पैकेट बिक चुके हैं और लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं। यह गुलाल 80 ग्राम के आकर्षक पैक में उपलब्ध है। जिसका दाम 59 रुपये है। इसे ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है। यह ‘स्तुति स्टोर डॉट कॉम’ के साथ-साथ फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध है। फिलहाल दिलेजाकपुर में ही इसकी फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके अलावा गीडा सेक्टर-27 में एक नई औद्योगिक इकाई का निर्माण कार्य चल रहा है। वहां उत्पादन शुरू होने के बाद 50 से 70 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस पहल से अभी तक 15 महिलाओं को सीधे रोजगार मिला है। वे फूलों की सफाई, सुखाने, पीसने और पैकेजिंग का काम करती हैं। इससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है।
झांसी में होली से पहले भक्ति और संगीत का अनोखा संगम देखने को मिला। दिल्ली के मशहूर बैंड “साधो दि बैंड” ने लाइव कॉन्सर्ट में ऐसा समा बांधा कि मुक्ताकाशी मंच मैदान भक्तिमय हो उठा। किले से सटे महाराज गंगाधर राव कला मंच (मुक्ताकाशी मंच) पर आयोजित इस कार्यक्रम में सदर विधायक रवि शर्मा ने बैंड को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। कॉन्सर्ट की शुरुआत होते ही मैदान में मौजूद सैकड़ों लोग झूम उठे। पहले पांच तस्वीरों में देखें लाइव कॉन्सर्ट… भजनों पर झूम उठा क्राउड बैंड के प्रमुख गायक मयंक कश्यप और शिवांग शर्मा ने अपने खास अंदाज में “आज ब्रज में होली है रसिया”, “बगड़ बम बम लहरी”, “श्रीराम जानकी रहते हैं मेरे सीने में”, “मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे राम आएंगे” और “राधिका गोरी से मैया करा दे मेरो ब्याह” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। जैसे ही ये भजन शुरू हुए, लोग अपनी कुर्सियां छोड़कर खड़े हो गए और भक्ति में डूबकर डांस करने लगे। विधायक रवि शर्मा भी समर्थकों के साथ जमकर थिरके। उनकी पत्नी, बेटा और बहू भी पूरे कार्यक्रम में उत्साह के साथ शामिल रहे। मंच के सामने फूलों की होली खेली गई, जिससे माहौल पूरी तरह ब्रज की होली जैसा बन गया। अब पांच तस्वीरों में देखें भक्ति और होली की मस्ती… युवाओं ने की सराहनाकार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। युवाओं ने कहा कि इस तरह के कॉन्सर्ट होते रहना चाहिए। उनका कहना था कि यहां संगीत और भक्ति का सुंदर मेल देखने को मिला। भजनों को नए अंदाज में सुनना बेहद आनंददायक रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजामकार्यक्रम में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यक्रम के दौरान झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल दुबे भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि संगीत मन को सुकून देता है और जब उसमें भक्ति का रंग घुल जाए तो उसका प्रभाव और भी सकारात्मक हो जाता है। होली से पहले हुए इस भव्य आयोजन ने शहरवासियों को भक्ति, संगीत और उत्साह से सराबोर कर दिया।
पंजाब के लुधियाना में बस्ती जोधेवाल के सुखदेव नगर इलाके में गुल्ली-डंडा खेलने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि युवकों ने पहले बुजुर्ग पर गुल्ली मार दी और जब परिवार ने शिकायत की तो बेटे पर ईंटों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई पत्नी से भी मारपीट की गई। “पिता को लगी गुल्ली, समझाने गया तो हमला कर दिया” पीड़ित सरबजीत सिंह ने बताया कि घर के पास खाली प्लॉट में कुछ युवक रोज गुल्ली-डंडा खेलते हैं। कई बार मना करने के बावजूद वे नहीं मानते। आज मेरे पिता सोहन सिंह घर के बाहर चाय पी रहे थे, तभी गुल्ली आकर उन्हें लगी और वह घायल हो गए। मैं काम से लौटा तो पत्नी सुरिंदर कौर ने घटना बताई। सरबजीत ने कहा कि मैं सिर्फ समझाने उनके घर गया था कि मेरी गैरहाजिरी में परिवार को परेशान न करें। इतने में युवकों ने बैडमिंटन रैकेट मेरे मुंह पर मार दिया। मैंने किसी तरह बचाव किया, लेकिन उन्होंने ईंटें बरसानी शुरू कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले में उनका माथा फट गया। जब लोग छुड़वाने आए तो हमलावरों ने उन्हें भी थप्पड़ मारे। पत्नी से भी मारपीट, बच्चियों पर करते हैं कमेंट सुरिंदर कौर ने आरोप लगाया कि जब वह पति को बचाने पहुंचीं तो हमलावरों ने उनसे भी मारपीट की और गर्दन पर नाखून मारे। मोहल्ले की बच्चियों पर भी ये युवक फब्तियां कसते हैं। डर के कारण लड़कियां बाहर नहीं निकल पातीं। पिछले एक महीने से हमें लगातार परेशान किया जा रहा है। परिवार का दावा है कि हमलावरों में एक ऐसा युवक भी शामिल है जिसकी पहले एक महिला से लूट की कोशिश का वीडियो वायरल हो चुका है। नशे में हुड़दंग, पुलिस गश्त नहीं इलाका निवासी रंजना ने कहा कि नशे में धुत्त युवक अक्सर मोहल्ले में हुड़दंग मचाते हैं। “पुलिस की गश्त नहीं होती। आज जब सरबजीत को खून से लथपथ हालत में अस्पताल लाया गया तो हमलावर वहां भी पहुंच गए और धमकी देने लगे। आरोप है कि हमलावरों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए कार्रवाई से बचाने की धमकी दी। घायल सरबजीत सिंह को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में गश्त बढ़ाई जाए और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि मोहल्ले में फैले डर का माहौल खत्म किया जा सके।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पटवारी ने सांसद को नारे लगाने के लिए टोकामध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। जब वे प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान एक रोचक नजारा देखने को मिला। जीतू पटवारी ‘नरेंद्र-सरेंडर’ का नारा लगवा रहे थे। वहां मौजूद सभी लोग नारे लगा रहे थे, लेकिन वहीं बैठीं कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा चुप बैठी रहीं। इस पर जीतू पटवारी ने नारे लगवाते हुए ही उन्हें हाथ लगाकर टोका और नारा लगाने को कहा। अचानक इस तरह टोकने पर कुमारी शैलजा चौंक गईं। उन्होंने जीतू पटवारी से कुछ कहा, लेकिन फिर मुस्कुराते हुए नारे लगाने लगीं। बाद में उन्होंने सिर पर हाथ रखते हुए पास बैठे इंदौर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े से कुछ कहा। इस वाकये पर प्रदर्शन कर रहे सभी लोग ठहाके लगाने लगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान, जल्द करेंगे शादीपंडित धीरेंद्र शास्त्री जल्द ही दूल्हा बनने वाले हैं। उन्होंने अपनी माता के सामने शादी की इच्छा जाहिर कर दी है। धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि उन्होंने माता जी से कह दिया है कि वे उनके लिए लड़की देख लें। उन्होंने कहा कि उनका विवाह होना तय है और यह भी तय है कि जल्द ही इसकी खुशखबरी दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि यह विवाह उनकी व्यक्तिगत इच्छा से नहीं, बल्कि गुरु की आज्ञा और माता की पसंद के अनुसार होगा। ग्रामीणों ने लगाया तराजू, विकास कार्यों को तौलाहरदा जिले की टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक के विकास कार्यों को प्रतीकात्मक रूप से तराजू पर तौला। एक पलड़े में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह की तस्वीर लगाकर एक बॉक्स रखा गया, जबकि दूसरे पलड़े में पूर्व भाजपा विधायक संजय शाह की तस्वीर के साथ बॉक्स रखा गया। तौल के दौरान अभिजीत शाह का पलड़ा भारी दिखाई दिया। इसके बाद आयोजक ने कांग्रेस विधायक के क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को लोगों को बताया। इस मौके पर विधायक अभिजीत शाह मौजूद रहे, जबकि पूर्व विधायक संजय शाह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। बता दें कि अभिजीत शाह रिश्ते में संजय शाह के भतीजे लगते हैं। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि यह ‘तुलादान’ कांग्रेस विधायक के समर्थकों ने किया गया था, इसलिए पलड़ा भारी दिखा। लेकिन सच्चाई यह भी है कि जनता सबका हिसाब रखती है। असली तराजू तो जनता के हाथ में है, और उसमें कौन भारी पड़ेगा, इसका फैसला 2028 के विधानसभा चुनाव में होगा। कूनो में मंत्री को रोका, विधायक को बुलाया ही नहींश्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीते छोड़े गए। इस दौरान राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त और पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी को अधिकारियों ने कूनो पार्क में प्रवेश नहीं करने दिया, जिससे वे नाराज हो गए। सीताराम आदिवासी ने इसे आदिवासियों का अपमान बताया। उन्होंने कहा- यह मेरा क्षेत्र है और मैं यहीं से चुनाव लड़ता हूं। वर्तमान में मैं सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष हूं, इसके बावजूद मुझे कार्यक्रम में नहीं जाने दिया गया। हम आदिवासी हैं, इसलिए हमारी बेइज्जती की जा रही है। वहीं विजयपुर के वर्तमान कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि कूनो में चीते छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें यह जानकारी लोगों से मिली। विधायक ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाता। उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से करने और पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की बात भी कही है। इनपुट सहयोग - गौरव मिश्रा (खजुराहो), संदेश पारे (हरदा), कुलदीप शर्मा (श्योपुर) ये भी पढ़ें - सीएम ने मंत्री का भाषण रोका, बोले- जबरदस्ती ठोके जा रहे: जब उल्टा हो गए कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरे मंच पर मंत्री नागर सिंह चौहान का भाषण रुकवा दिया। उन्होंने साफ कहा कि आज भाषणबाजी नहीं होगी। हालांकि ये हंसी-मजाक के लहजे में कहा। सीएम आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित भगोरिया हाट कार्यक्रम में पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़ें
राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले में एक हफ्ते पहले 10 गिरफ्तारियों और पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के फरार होने से मामला फिर सुर्खियों में है। जल जीवन मिशन के तहत ठेके लेने वाली कंपनियों के मालिक, दलाल और पीएचईडी (जलदाय विभाग) के इंजीनियरों पर मिलीभगत कर 960 करोड़ के घोटाले को अंजाम देने के आरोप हैं। ठेके लेने वाली दो कम्पनियों ने इरकॉन इंटरनेशनल कम्पनी के केरल में चले वाटर प्रोजेक्ट को पूरा करने के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए थे। इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर इन कम्पनियों को यहां ठेके दिए गए। ACB ने 2023 में जब मामला दर्ज किया तो एक नाम ने काफी परेशान किया था... 'विजय शंकर।' इरकॉन कम्पनी के सर्टिफिकेट पर 'विजय शंकर' के साइन थे। ACB इस व्यक्ति तक पहुंचना चाहती थी। वहीं ठेका लेने वाली कम्पनी के मालिक, दलाल और इंजीनियर नहीं चाहते थे कि ACB के सामने कभी 'विजय शंकर' का राज खुले। जांच में साजिशों की पूरी परत खुलती चली गई और 'विजय शंकर' का राज सामने आ गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जल जीवन मिशन में घोटाले की शिकायतें 2023 की शुरुआत से पिछली सरकार, ACB और विभाग के सामने आने लगी थीं। इसके बावजूद मई, 2023 में पीएचईडी (जलदाय विभाग) की वित्तीय समिति ने टेंडर पास कर दिए। कंपनी को करोड़ों के काम करने की स्वीकृति दे दी। इस बीच शिकायतों के आधार पर ACB ने जाल बिछाना शुरू कर दिया। ठेके लेने वाले श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल, श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचन्द जैन, दलाल मुकेश पाठक सहित अन्य संदिग्ध इंजीनियरों की एक-एक एक्टिविटी पर नजर रखी और फोन सर्विलांस पर लिए। महेश, पदमचंद और दलाल मुकेश को उनके खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर ठेके लेने की शिकायतों की जानकारी थी। ACB की सर्विलांस में महेश, पदमचंद और मुकेश की ओर से इंजीनियरों के साथ लेन-देन जाहिर हो चुका था। तीनों की बातचीत में पकड़े जाने की आशंका और बचाव के रास्तों पर भी चर्चाएं शामिल थीं। बातचीत में बार-बार इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी के सर्टिफिकेट का भी जिक्र हो रहा था और एक व्यक्ति का नाम लिया जा रहा था...'विजय शंकर'। कंपनी मालिकों ने टेंडर हासिल करने के लिए इरकॉन की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट लगाए थे। सर्टिफिकेट बता रहा था कि इरकॉन के केरल में वाटर प्रोजेक्ट को श्री गणपति ट्यूबवेल कम्पनी और श्री श्याम ट्यूबवेल कम्पनी द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। ‘विजय शंकर के बारे में पता चल गया तो दिक्कत हो जाएगी’इरकॉन के सर्टिफिकेट जारी करने वाले का नाम 'विजय शंकर' था। इनपर उसके साइन भी थे। महेश और दलाल मुकेश ने आपसी बातचीत में कई बार कहा कि 'ACB को विजय शंकर के बारे में पता नहीं लगना चाहिए। यदि ACB को विजय शंकर के बारे में पता चल गया, तो दिक्कत हो जाएगी।' महेश ने दलाल मुकेश पाठक से ये भी कहा- तुम इरकॉन कम्पनी के ऑफिस जाकर वहां अधिकारियों को मैनेज करो। पैसे देने पड़ें तो दे देना। बस फर्जी सर्टिफिकेट की बात दब जाए। एक बातचीत में मुकेश ठेके लेने वाली कंपनी के मालिक महेश से कहता है- फर्जी प्रमाण पत्रों के मैटर को दबाने के लिए मैं लगातार इरकॉन ऑफिस के अधिकारियों से मिल रहा हूं, लेकिन अभी काम नहीं बन पाया है। कई रिकॉर्डिंग में भी बार-बार विजय शंकर नाम के व्यक्ति का जिक्र हो रहा था। अब ACB की नजरों में विजय शंकर पर जा टिकीं, जिसके बारे में जांच एजेंसी को कोई जानकारी नहीं थी। इस बीच ACB ने अगस्त, 2023 में जल जीवन मिशन में ठेका घोटाले के आरोप में गिरफ्तारियां शुरू कर दीं। पदमचंद जैन भी गिरफ्तार हुआ। इसके बाद ACB ने एक और एफआईआर अक्टूबर 2024 में पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत 22 लोगों के खिलाफ दर्ज की। अप्रैल 2025 को एसीबी ने महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया था। ACB ने सर्टिफिकेट जांच के दायरे में रखा। अगला निशाना इरकॉन कम्पनी की ओर से इस सर्टिफिकेट को जारी करने वाला विजय शंकर था। इंजीनियर का केरल में जांच का नाटक, बाहर नहीं आने दी 'विजय शंकर' की पहचानACB ने 17 फरवरी को दलाल मुकेश पाठक सहित 10 अफसरों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में एक नाम तत्कालीन अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना का भी है। विशाल सक्सेना की जांच रिपोर्ट के कारण 'विजय शंकर' की पहचान शुरू में सामने आ ही नहीं पाई और ACB को भी गुमराह करने की कोशिश की गई। पिछली सरकार के दौरान विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने लगातार मुद्दा उठाया। विभाग के आला अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा था। जलदाय विभाग के आला अधिकारियों ने दिखावे के लिए मामले की जांच शुरू की। जांच अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना को सौंपी गई। विशाल सक्सेना को केरल जाकर इरकॉन कम्पनी के वाटर प्रोजेक्ट से जुड़े कामों को देखना था, जिन्हें श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल कम्पनियों की ओर से पूरा किया गया था। इसके लिए इरकॉन ने इन कम्पनियों को सर्टिफिकेट भी दिए थे। ACB सूत्रों के अनुसार, विभाग के घोटाले में संदिग्ध आला अधिकारियों ने जांच के लिए अपने 'पसंद' के अफसर को भेजा। यदि किसी और इंजीनियर को भेज देते तो सर्टिफिकेट के फर्जी होने की रिपोर्ट सामने आ जाती, जिससे ये मिलीभगत और लेन-देन का खेल पहले ही उजागर हो जाता। विशाल सक्सेना 4 अप्रैल 2023 को केरल पहुंचा। 5 दिन जांच में लगाए और 9 अप्रैल को लौट आया। उसने अपनी रिपोर्ट 13 अप्रैल, 2023 को जलदाय विभाग को सौंप दी। विशाल ने इरकॉन के केरल में पूरे किए वाटर प्रोजेक्ट्स को लेकर पॉजिटिव रिपोर्ट सौंपी। 'विजय शंकर' के दस्तखत वाले सर्टिफिकेट को सही (वेरिफाई) बताया। ACB सूत्रों के अनुसार, विशाल सक्सेना भी संदिग्ध इंजीनियरों में शामिल था। उसे विभाग के आला अधिकारियों ने जानबूझकर मामले को दबाने के लिए भेजा था। इंजीनियर विशाल ने यह जांच तक नहीं की कि सर्टिफिकेट में जिस 'विजय शंकर' के साइन हैं, वो कौन है और इरकॉन कम्पनी में किस पोस्ट पर है। राज छिपाने के लिए कैसे-कैसे खेल, लेकिन सामने आ गया सचपूर्व IAS सुबोध अग्रवाल पर आरोप है कि उन्हें जानकारी थी कि इंजीनियर विशाल सक्सेना ने अपनी जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी कर विजय शंकर के दस्तखत वाले सर्टिफिकेट सही बताए हैं और ठेके लेने के लिए ये फर्जी सर्टिफिकेट लगाए गए। फिर भी अग्रवाल ने ठेके लेने की प्रक्रिया को होने दिया और करोड़ों के वर्ग ऑर्डर भी जारी होने दिए। ACB सूत्रों के अनुसार, 'विजय शंकर' को नामजद किया गया था। उसकी तलाश जारी थी। जलदाय विभाग के दफ्तरों-अधिकारियों को इरकॉन कम्पनी और विजय शंकर की मेल आईडी से मेल किए गए थे। जांच में पता चला कि ठेके लेने के लिए लगाए गए सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन (सत्यापन) जलदाय विभाग के सभी संबंधित दफ्तरों में इरकॉन कम्पनी की ओर से मेल के जरिए किया गया था। सवाल ये था कि ये मेल किसने किए थे? एसीबी ने जांच के दौरान इरकॉन कंपनी को लेटर भेज कर सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन करने और सर्टिफिकेट पर दस्तखत करने वाले 'विजय शंकर' के बारे में पूछा। हाल ही में इरकॉन कम्पनी ने ACB को लेटर भेज कर सर्टिफिकेट के फर्जी होने की बात को पुख्ता कर दिया है। इरकॉन ने कहा है कि उनके यहां 'विजय शंकर' नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इरकॉन की ओर से जलदाय विभाग के दफ्तर में मेल ही नहीं किए गए हैं और कोई सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया गया है। ACB ने इरकॉन के सर्टिफिकेट को लेकर पद्मचंद और महेश से सख्ती से पूछताछ की। पता चला कि दलाल मुकेश ने 'विजय शंकर' के नाम से फर्जी मेल आईडी बनाई हुई है। दलाल मुकेश ने खुद फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर जलदाय विभाग के दफ्तर में सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन किया था। वह इरकॉन कम्पनी की ओर से खुद जलदाय विभाग की मेलों का जवाब दे रहा था। जांच में सामने आया कि पद्मचंद जैन, महेश मित्तल और दलाल मुकेश के बीच ठेका लेने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने की साजिश रची गई थी। मुकेश पाठक (दलाल) ने 15 लाख रुपए में इन दोनों कम्पनियों के लिए इरकॉन इंटरनेशनल कम्पनी के फर्जी सर्टिफिकेट की व्यवस्था की थी। मुकेश के मोबाइल की जांच में ये बात साबित भी हो गई। ट्रैप की कार्रवाई ने खोला 960 करोड़ का घोटालाACB ने 6 अगस्त, 2023 को अलवर और नीमराना के पीएचईडी अफसरों को जयपुर में 2.20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस ट्रैप की कार्रवाई की जांच में 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन के घोटाले का खुलासा हुआ। मायालाल सैनी बहरोड़ व जेईएन प्रदीप नीमराना में कार्यरत थे। दोनों इंजीनियरों को होटल पोलो विक्ट्री के पास से पकड़ा गया। बिल पास करने के एवज में रिश्वत ली जा रही थी। ACB ने रिश्वत देने वाले ठेकेदार पदमचंद जैन और उसकी कंपनी के सुपरवाइजर मलकेत सिंह और एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा। तत्कालीन एडीजी ACB प्रियदर्शी ने कहा था कि इनके मोबाइल को सर्विलांस पर रखा हुआ था। यह रिश्वत की राशि पीएचईडी विभाग बहरोड़ में करवाए गए निर्माण कार्यों के बकाया बिलों को पास करने की एवज में मांगी गई थी। मायालाल सैनी और प्रदीप रिश्वत ले रहे थे। फर्म का ठेकेदार पदमचंद जैन और एक अन्य आदमी रिश्वत दे रहे थे। पदमचंद जैन की फर्म का नाम श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी है। उसके एक रिश्तेदार की कंपनी का नाम श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी है। ----------- जल जीवन मिशन घोटाले की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान- PHED का चीफ इंजीनियर ताज होटल से गिरफ्तार, रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकाने पर भी ACB की छापेमारी, 9 अफसरों को पकड़ा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के फाइव स्टार होटल ताज अरावली से आज (मंगलवार) सुबह गिरफ्तार किया गया। करीब 900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले मामले में यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने की। पढ़ें पूरी खबर...
होलिका दहन कल:प्रदोष काल सायं 6:43 बजे से रात्रि 9:17 बजे तक होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त
होली के त्योहार को लेकर तैयारियों के साथ ही चंग की थाप पर होली गीत सुनाई देने लगे हैं। बाजार में रंग-गुलाल की दुकानों पर रंग व पिचकारी सजने लगी। इस बीच होलिका दहन व धुलंडी पर्व को लेकर असमंजस बना हुआ है। ज्योतिषी पं. सतीराम गौड़ व सुनील जोशी ने बताया कि निर्णय सागर पंचांग के अनुसार 2 मार्च सायं 5.56 बजे पूर्णिमा शुरू होगी, जो अगले दिन 3 मार्च को सांय 5.08 बजे तक रहेगी। ऐसे में होलिका दहन भी 2 मार्च को प्रदोष काल में सांय 6.43 बजे से रात्रि 9.17 बजे तक श्रेष्ठ हैं। पं. गौड़ ने बताया कि भद्रा के सम्बन्ध में शास्त्रों में लिखा गया है कि यदि भद्रा निशीथकाल (मध्य रात्रि) के बाद तक रहे, प्रदोष के समय भद्रा का मुख छोड़कर होलिका का दहन किया जा सकता है। इस वर्ष प्रदोष में भद्रा का मुख नहीं होने से प्रदोष वेला में होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत है। धुलंडी के दिन पड़ने वाला यह खग्रास-ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण संपूर्ण भारत में ग्रस्तोदित रूप में दृश्य होगा। वहीं ये ग्रहण बाड़मेर-जैसलमेर सहित पश्चिमी गुजरात में मांद्य रूप में दृश्य होने से इन क्षेत्रों में सूतक नियम नहीं लगने से 3 मार्च को धुलंडी मनाई जाएगी। बाड़मेर-जैसलमेर जिले में नहीं रहेगा असर ज्योतिषी पं. सतीराम गौड़ ने बताया कि ग्रहण का सूतक 3 मार्च प्रातः 6.20 से सायं 6.47 बजे तक रहेगा। चंद्रग्रहण का विरल छाया में प्रभाव दोपहर 2.14 बजे से शुरू होकर, ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3.20 बजे, मोक्ष सांय 6.47 बजे होगा। लेकिन यह ग्रहण बाड़मेर, जैसलमेर मध्य एवं पश्चिमी गुजरात में मांद्य रूप में दृश्य होगा, अतः इन क्षेत्रों में ग्रहण सम्बन्धित वेध, सूतक, स्नान, दान, पुण्य, कर्म, यम, नियम आदि लागू नहीं होंगे। इस बार खग्रास/ग्रस्तोदित रूप में चन्द्रग्रहण ग्रहण की खगोलीय स्थिति खण्डग्रास एवं खग्रास दो प्रकार से बनते हैं। जब पृथ्वी, सूर्य व चन्द्रमा के बीच में आ जाती हैं तथा पृथ्वी चन्द्रमा के किसी हिस्से को ढकती है तो खण्डग्रास चन्द्रग्रहण होता है। यदि पृथ्वी चन्द्रमा को पूरा ढक लेती है तो खग्रास चन्द्रग्रहण होता है, ऐसे में इस बार ग्रस्तोदित चन्द्रग्रहण हैं, इसमें चन्द्रमा पहले से ही पृथ्वी की छाया में होकर उदित होता है, जिससे वह क्षितिज पर उदय होते समय ही ग्रहणग्रस्त, मलिन या लाल दिखाई देता है।
होली के समय रंगों से एलर्जी के लिए कैसे बचाव करें। गलती से रंग लग जाने ऊपर तुरंत क्या करना चाहिए। इसकी जानकरी देते हुए स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. नवीन कुमार का कहना है कि सभी लोगों को केमिकल वाले रंगों से दूर रहना चाहिए। कोशिश यह करना चाहिए कि हर्बल कलर का ही इस्तेमाल करें। एलर्जी से बचने का सबसे पहला तरीका यही है। 10 से 15 मिनट तक ठंडे पानी से धोएं वहीं अगर गलती किसी ऐसे व्यक्ति को रंग लग जाए जिन्हें पहले से ही रंगों से एलर्जी है। उसके लिए कुछ जरूरी घरेलू उपाय अपनाना चाहिए। जिसमें रंग लगने के बाद किसी भी तरह की साबुन लगा कर 10 से 15 मिनट तक ठंडे पानी से अच्छे से धोना चाहिए। लोशन लगा कर कुछ देर के लिए छोड़ दे उसके बाद उस जगह पर घर में मौजूद कोई भी लोशन लगा कर कुछ देर के लिए छोड़ देना चाहिए। इससे त्वचा मुलायम रहती है और काफी हद तक राहत मिलती। इसके अलावा दिक्कत ज्यादा बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि डॉक्टर के सलाह के बिना कोई भी दवा अपने मन से नहीं लेना चाहिए। नहीं तो दिक्कत बढ़ सकती है। ठंडे पानी से धोने से राहत मिलेगी। होली खेलने से पहले करें ये बचाव तेल या लोशन का मोटा परत लगाएं डॉक्टर का कहना है कि होली खेलने से कुछ मामूली सावधानियों से एलर्जी से बचा सकता है। जिसमें घर से निकलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल या सरसों के तेल की अच्छी मालिश करें। यह स्किन पर एक परत बना देता है। इससे रंग सीधे स्किन के अंदर नहीं जा पाएगा। बालों का भी रखें खयाल रंग और पानी का असर बाल पर भी देखा जाता है। लगातार पानी पड़ने से बाल ड्राई और टाइट हो सकते हैं। ऐसे में बालों की सुरक्षा के लिए खूब सारा तेल लगाएं और उन्हें खुला न छोड़ें। इससे जड़ों तक रंग नहीं पहुंचेगा। तेल लगाने से रंग लगने के बावजूद धुलने के बाद मुलायम रहेंगे। फुल कपड़े पहनने से बचेगा स्किन डॉक्टर की सलाह है कि होली खेलने के लिए हमेशा फुल स्लीव के कपड़ों का ही चयन करें। कोशिश यह रहें शरीर के ज्यादा हिस्से कपड़ों से ढंके रहें। जितने कम हिस्से पर रंग लगेगा, एलर्जी का खतरा उतना ही कम होगा। घरेलू उपाय से मिलेगी राहत वहीं रंग लगने के बाद स्किन लाल हो जाए या खुजली होने पर डॉक्टर ने कुछ जरूरी उपाय भी बताएं हैं। उनका कहना है कि रंग छुड़ाने के लिए साबुन का इस्तेमाल कम करें। दही में बेसन और चुटकी भर हल्दी मिलाकर लगाएं। यह स्किन को साफ भी करेगा और उसे सॉफ्ट भी रखेगा। एलोवेरा जेल या खीरे का रस लाभकारी अगर चेहरे पर जलन हो रही है, तो एलोवेरा जेल या खीरे का रस लगाएं। ये स्किन की जलन को तुरंत शांत करते हैं। जिन लोगों की स्किन ऑयली है, वे मुल्तानी मिट्टी का पैक लगा सकते हैं। यह केमिकल के असर को सोख लेती है। खुजली ज्यादा हो रही हो, तो नारियल तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर लगाने से ठंडक मिलती है। इन गलतियों से बचेंरंग छुड़ाने के लिए स्किन को पत्थर, लूफा या सख्त साबुन से बिल्कुल न रगड़ें। इससे स्किन छिल सकती है और इन्फेक्शन हो सकता है। मिट्टी के तेल या पेट्रोल से रंग साफ करने की गलती कभी न करें, यह स्किन के लिए जहर जैसा है। अगर आंखों में रंग चला जाए, तो उसे रगड़ने के बजाय ठंडे पानी से बार-बार छींटे मारें। कोशिश करें कि सिर्फ नेचुरल या ऑर्गेनिक गुलाल से ही होली खेलें। पक्के रंगों और पेंट से दूर रहने में ही समझदारी है।
राजधानी से सटे प्राचीन भोजपुर मंदिर में एक नवविवाहित युवक को वरमाला की रस्म करने से रोकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा कर्मियों पर रोकने का आरोप लगा रहा है। युवक का कहना है कि वह विधिवत शादी के बाद केवल दो मिनट के लिए वरमाला की रस्म और दर्शन करने पहुंचा था, लेकिन उसे अनुमति लेने की बात कहकर रोका गया। दूसरी ओर मंदिर के पुजारी अनूप गिरी का कहना है कि मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन संरक्षित स्मारक है, इसलिए किसी भी आयोजन के लिए संबंधित विभाग से अनुमति आवश्यक होती है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आपत्ति नहीं है। दैनिक भास्कर ने मामले में संबंधित पक्षों से बात की। जहां युवक ने खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए कहा कि वह केवल दो-तीन मिनट के लिए वरमाला और दर्शन करने गया था, वहीं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर संरक्षित स्मारक है और किसी भी प्रकार की रस्म या आयोजन के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। वीडियो में क्या दिखा?पहले वीडियो में युवक मंदिर परिसर में खड़ा दिखाई देता है और कहता है कि “पूजा से मना नहीं कर रहा है, वरमाला से मना कर रहा है।” वह सवाल करता है कि “भगवान के मंदिर में भी परमिशन लेनी पड़े तो काहे का मंदिर?” दूसरे वीडियो में युवक कहता है कि वह शादी के बाद भगवान शिव के मंदिर में अर्धांगिनी को अपनाने के लिए वरमाला करने आया था, लेकिन “छोटी-छोटी बातों को दिखावा बताकर मंदिर से शादी करने को नीचे दिखाया जा रहा है। वीडियो में मंदिर का सुरक्षाकर्मी ‘सेंट्रल मोन्यूमेंट’ और ‘आर्किलॉजिकल’ से अनुमति लेने की बात कर रहा है। अंत में युवक “हर हर महादेव” के नारे लगाते हुए युवक ने युवती के गले में माला डाली। क्या है पूरा मामला26 तारीख को शादी के बाद भूपेंद्र शर्मा अपनी पत्नी और कुछ परिजनों के साथ भोजपुर मंदिर पहुंचे थे। उनका कहना है कि वैदिक विधि से विवाह पहले ही हो चुका था और वे केवल भगवान शिव के समक्ष वरमाला की प्रतीकात्मक रस्म करना चाहते थे। युवक के अनुसार ढोल, कैमरा और वाहन गेट पर ही रोक दिए गए, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। वे मंदिर के प्रांगण में गए, गर्भगृह में प्रवेश नहीं किया, लगभग 30 सेकंड में वरमाला की रस्म पूरी कर ली। कुल मिलाकर 4-5 मिनट ही परिसर में रुके। युवक सवाल करता है कि “मंदिर में आकर भी अनुमति लेनी पड़े तो कैसे?” इस दौरान ‘हर हर महादेव’ के नारे भी लगाए गए। पुजारी ने क्या कहामंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने बताया कि भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन संरक्षित स्मारक है। ऐसे में सुरक्षा और प्रशासनिक नियम विभाग के अनुसार लागू होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्ट या पुजारी पक्ष की ओर से किसी को आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा कर्मियों ने रोका है तो वह ASI के नियमों के तहत किया गया होगा। पुरातत्व अधिकारियों ने कहापुरातत्व विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि भोजपुर मंदिर, सांची, खजुराहो, भीमबेटका और उदयगिरि जैसे स्मारक केंद्र सरकार के अधीन संरक्षित हैं और इनका संचालन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार यह संरक्षित स्मारक परिसर में किसी भी प्रकार का आयोजन, शूट या सार्वजनिक रस्म पूर्व अनुमति के बिना नहीं की जा सकती। निजी शूटिंग के लिए निर्धारित शुल्क और प्रक्रिया है, जिसे संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृति लेकर पूरा करना होता है। यदि कोई व्यक्ति वरमाला जैसी रस्म भी करना चाहता है, तो उसे पहले अनुमति लेनी चाहिए। संरक्षित स्मारक होने के कारण नियम सख्तभोजपुर मंदिर केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित प्राचीन स्मारक है। ऐसे स्मारकों में आयोजन, फोटोग्राफी, व्यावसायिक शूट या किसी प्रकार की सार्वजनिक रस्म के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, सामान्य दर्शन और पूजा पर कोई रोक नहीं है। विवाद इस बात को लेकर खड़ा हुआ कि क्या अल्प समय की वरमाला जैसी रस्म भी ‘आयोजन’ की श्रेणी में आती है या नहीं। ये खबर भी पढ़ें… दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है शादी के मंच पर जैसे ही दूल्हे ने माइक संभालकर “दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है” गाना शुरू किया, मेहमानों के मोबाइल कैमरे ऑन हो गए। कुछ ही देर में वही वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा और देखते ही देखते वायरल हो गया। दरअसल, गुना की कोकाटे कॉलोनी में रहने वाले शिवाजी सुर्वे की शादी 21 फरवरी को अशोकनगर के देसाईखेड़ा की पद्मिनी से हुई।पूरी खबर पढ़ें
पंचायती विभाग ने कहा- 67 एकड़ में फैले ब्रांबे कैंपस को खाली करे सीयूजे
ब्रांबे स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान का परिसर अब राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है। यह परिसर 67 एकड़ 52 डिसमिल में फैला हुआ है। इसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) को अपना स्थायी कैंपस बनने तक संचालन के लिए दिया गया था। अब सीयूजे नए कैंपस में शिफ्ट हो चुका है। ऐसे में एक ओर पंचायती राज विभाग, जेएसएससी से नियुक्त लेखा पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और नव-नियुक्त कर्मियों के लिए यहां बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग इसी परिसर को प्रस्तावित मेडिकल यूनिवर्सिटी के आधारभूत ढांचे के रूप में देख रहा है। इसी कारण सरकार ने सीयूजे से परिसर खाली करने को कहा है। खाली कराने के आदेश में संशोधन सरकार ने परिसर खाली कराने के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लिखे पत्र में संशोधन किया है। पहले 16 फरवरी को जारी आदेश में दो माह के भीतर परिसर खाली करने को कहा गया था। बाद में 19 फरवरी को संशोधित आदेश जारी कर अविलंब परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दो माह की समय-सीमा टंकण त्रुटि थी। यह है पूरा मामला विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2009 में यह परिसर दो वर्षों की अवधि के लिए सीयूजे को उपयोग हेतु दिया गया था। बाद में संबंधित पक्ष के अनुरोध पर समय-सीमा बढ़ाई गई। हालांकि वर्ष 2015 के बाद आगे कोई अवधि विस्तार नहीं दिया गया। सरकार ने 24 जुलाई 2015 को ही इसकी सूचना सीयूजे को दे दी थी। इसके बावजूद परिसर खाली नहीं किया गया। इधर, सीयूजे ने अपनी अधिकतर शैक्षणिक गतिविधियां नए स्थायी कैंपस में स्थानांतरित कर दी हैं। सरकार का तर्क जेएसएससी से नियुक्त एकाउंट अफसर समेत अन्य नव-नियुक्त कर्मियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र शुरू करना है। पंचायत प्रतिनिधियों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना है। इसी परिसर में प्रस्तावित मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जानी है। आदेशों की पूरी टाइमलाइन 8 जनवरी 2026 : परिसर खाली कराने को पहला पत्र जारी। 2 फरवरी 2026 : खाली करने के लिए स्मार पत्र भेजा गया। 16 फरवरी 2026 : दो माह के भीतर परिसर खाली करने का आदेश। 19 फरवरी 2026 : संशोधित आदेश में अविलंब खाली करने के निर्देश। सरकार का कहना है कि अब जब विश्वविद्यालय अपने नए परिसर में स्थानांतरित हो चुका है, तो राज्य की प्राथमिक परियोजनाओं के लिए इस परिसर का उपयोग किया जाना जरूरी है।
हरियाणा में फरवरी के विदा होते-होते गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गया है। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1C अधिक दर्ज किया गया है, जो आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का संकेत दे रहा है। विशेष रूप से हिसार में तापमान 32.9C दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे गर्म रहा। इसके अलावा नारनौल में तापमान 32.2C, भिवानी में 32.4C, गुरुग्राम में 32.6C, नूंह में 32.7C जैसे क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा गया है। करनाल, सिरसा, जींद, रोहतक और यमुनानगर को छोड़कर सभी शहरों में तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और देखने को मिलेगा। अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री की बढ़ोतरीमौसम विभाग के अनुसार, राज्य में औसत अधिकतम तापमान में 0.3C की वृद्धि हुई है, जो सामान्य से काफी अधिक है। हिसार 32.9C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। अधिकांश जिलों में तापमान 29C से 31C के बीच बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में राज्य के किसी भी स्टेशन पर बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे शुष्क हवाओं ने गर्मी को और बढ़ावा दिया है। रातें भी धीरे-धीरे गर्म हो रही सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि हरियाणा की रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में पिछले कल के मुकाबले 2.6C की भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जो सामान्य से 3.7C अधिक है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान करनाल में 12.8C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हिसार और जींद जैसे शहरों में रात का पारा 16.6C और 16.7C तक पहुंच गया है। अधिकांश क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक का उछाल आया है, जिससे सुबह और शाम की गुलाबी ठंड अब पूरी तरह गायब हो चुकी है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले की रही। इससे 9 देशों में तबाही मच गई है। दूसरी बड़ी खबर पश्चिम बंगाल में 61 लाख वोटर्स के नाम कटने से जुड़ी रही। लखनऊ में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा को ब्राह्मण समाज के लोगों ने कार्यक्रम में बोलने नहीं दिया। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. इजराइली पीएम बोले- खामेनेई के मारे जाने के संकेत:लेकिन सबूत नहीं दिए, ईरान बोला- सुप्रीम लीडर जिंदा; अब तक 200 मौतें अमेरिका और इजराइल ने ईरान के 10 बड़े शहरों पर हमला कर दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के सबसे दुष्ट व्यक्ति खामेनेई मारा गया है। इजराइल का कहना है कि खामेनेई का शव एयर स्ट्राइक से बचे मलबे के नीचे मिला है। हालांकि, ईरान ने कहा कि सुप्रीम लीडर जिंदा हैं। ईरानी रक्षामंत्री की भी मौत: ईरानी रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह समेत 200 से ज्यादा लोगों के मौत की खबर है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं। ईरान ने जवाब में 8 देशों में हमला किया: ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं। इसके अलावा कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला हुआ। इसके बाद उसे खाली करा दिया गया और उसकी लाइट्स बंद कर दी गईं इस जंग से दुनिया में क्या असर पड़ेगा... दुनिया भर के शेयर मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिल सकता है। साथ ही सोना-चांदी के दाम बढ़ सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है, जिससे भारत समेत कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है। पढ़ें पूरी खबर … 2. आंध्र प्रदेश की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में 21 मौतें, धमाके की आवाज 5km दूर तक सुनाई दी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में पटाखा बनाने वाली यूनिट में धमाका हो गया। इसमें 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। धमाके इतना तेज था कि इसकी आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। PM ने ₹2 लाख देने का ऐलान किया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए हर मृतक के परिजनों को दो लाख रुपए देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को ₹50,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर … 3. लखनऊ में BJP सांसद दिनेश शर्मा पर ब्राह्मण भड़के, PCS अफसर ने दोनों हाथों से फरसा लहराया लखनऊ में ब्राह्मण समाज के लोगों ने पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा सांसद दिनेश शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ब्राह्मण प्रबुद्ध समागम में UGC मुद्दे पर नहीं बोलने पर ब्राह्मण समाज नाराज हो गया। वह कुछ ही देर बोल पाए थे कि हंगामा शुरू हो गया। लोग कहने लगे- UGC पर बोलिए। हंगामा और हूटिंग के बीच उन्होंने अपना भाषण अधूरा छोड़ दिया। अलंकार अग्निहोत्री को आयोजकों ने चुप कराना चाहा: कार्यक्रम में निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री भी पहुंचे। वह बोलने लगे तो उन्हें जनता ने नहीं, आयोजकों ने चुप करा दिया। आयोजकों ने कहा- राजनीतिक, मंदिर-चंदा जैसी बातें मत बोलिए, मुद्दे पर बोलिए। इस पर उन्हें सुन रहे लोगों ने अलंकार के समर्थन में नारेबाजी कर हंगामा कर दिया। पढ़ें पूरी खबर… 4. पश्चिम बंगाल में 61 लाख वोटर्स हटे, राज्य में 7 करोड़ से ज्यादा वोटर पश्चिम बंगाल में SIR की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई है। राज्य में 7 करोड़ से ज्यादा वोटर हैं। 61 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। वहीं, 60.06 लाख लोगों के नाम पर अभी भी जांच जारी है। CM ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में 47,000 हटे हैं। मार्च के दूसरे हफ्ते में चुनाव का ऐलान संभव: राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान मार्च के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। वोटिंग तीन फेज में हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर … 5. पाकिस्तान-अफगानिस्तान में 300 लोगों की मौत, 500 घायल; ट्रम्प बोले- पाकिस्तान अच्छा प्रदर्शन कर रहा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों मारे गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या इस संघर्ष में अमेरिका दखल देगा? इस पर उन्होंने कहा;- मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। PAK ने 7 दिन पहले एयरस्ट्राइक की थी: पाकिस्तान ने 21 फरवरी की रात अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए थे, जिसमें 20 से ज्यादा नागरिक मारे गए थे। पाकिस्तान का कहना था कि ये हमले पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए थे। पढ़ें पूरी खबर … 6. पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर, न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुंचा पाकिस्तान की टीम टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई है। टीम को 213 रन का टारगेट चेज कर रही श्रीलंका को 147 रन पर रोकना था। लेकिन पाकिस्तानी टीम ऐसा नहीं कर सकी। इसी के साथ पाकिस्तानी टीम टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई और न्यूजीलैंड की टीम टॉप-4 में पहुंच गई। PCB सलमान आगा को कप्तानी से हटा सकता: पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान अली आगा को कप्तानी से हटाया जा सकता है। टी-20 वर्ल्ड कप में उनके खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड इसपर विचार कर रहा है। दरअसल, PCB के चेयरमैन मोहसिन नकवी वर्ल्ड कप में टीम के प्रदर्शन से बेहद निराश है। ऐसे में यह टूर्नामेंट कई सीनियर प्लेयर्स का आखिरी टूर्नामेंट भी साबित हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर … आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… इंटरनेशनल: इजराइल की ईरान पर एयरस्ट्राइक की 30 PHOTO-VIDEO: तेहरान समेत कई शहरों में इमारतें तबाह; ईरानी मिसाइलों ने इजराइली शहरों को निशाना बनाया (पढ़ें पूरी खबर) उत्तर प्रदेश: इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर को 14 चाकू मारे: सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े हमला, योगी बोले- UP में आतंक की जगह नहीं (पढ़ें पूरी खबर) गुजरात: PM ने साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया: कहा- देश आज हार्डवेयर बनाने के लिए भी पहचाना जा रहा; ₹22,516 करोड़ से बना प्लांट (पढ़ें पूरी खबर) नेशनल: राहुल गांधी का वित्त मंत्री सीतारमण को लेटर: लिखा- एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम के लिए पर्याप्त बजट दें, दिव्यांगता पेंशन से इनकम टैक्स हटाएं (पढ़ें पूरी खबर) नेशनल: केजरीवाल ने कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में पूजा की: मनीष सिसोदिया-संजय सिंह भी साथ रहे; कल दिल्ली शराब नीति केस में बरी हुए (पढ़ें पूरी खबर) नेशनल: ओडिशा में रेप-मर्डर मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार: पहले प्रेमी गलत काम कर छोड़कर भागा, फिर अनजान शख्स ने रेप कर चौथी मंजिल से फेंका (पढ़ें पूरी खबर) मौसम: राजस्थान-MP में तापमान 33C के पार: हरियाणा में आज बूंदाबांदी संभव; हिमाचल प्रदेश मौसम में बदला, अटल टनल के पास बर्फबारी (पढ़ें पूरी खबर) मध्यप्रदेश: नामीबिया, साउथ-अफ्रीका के बाद बोत्सवाना से आए 9 चीते: विशेषज्ञ बोले- जेनेटिक विविधता मजबूत होगी, देश में कुनबा बढ़कर हुआ 48 (पढ़ें पूरी खबर) पंजाब: राहुल गांधी की पंजाब कांग्रेस को चेतावनी: बरनाला में बोले- टीम प्लेयर बनो, वरना मैं ठीक कर दूंगा, पार्टी से बड़ा कोई नहीं (पढ़ें पूरी खबर) उत्तर प्रदेश: रिंकू सिंह अलीगढ़ से कोलकाता रवाना: टीम इंडिया से जुड़ेंगे, रिश्तेदारों से बोले- मां का ख्याल रखना; भाई ने पिता की अस्थियां विसर्जित कीं (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... लोगों ने डस्टबिन से मिठाई लूटी यूपी के हापुड़ में डस्टबिन से होली की मिठाई लूटने की लोगों में होड़ मच गई। दरअसल, फूड सेफ्टी एंड ड्रग डिपार्टमेंट ने मिलावट वाली मिठाईयों को डस्टबिन में फेंक दिया था, जिसके बाद वहां से गुजर रहे राहगीर मिठाई लूटने लगे। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… आज का एक्सप्लेनर: ईरान पूरे मिडिल ईस्ट पर हमले क्यों कर रहा; जानिए ट्रम्प-नेतन्याहू का असली मकसद और क्या अमेरिका को उल्टा पड़ेगा दांव भास्कर एक्सप्लेनर: जब ईरान ने 53 अमेरिकियों को बंधक बनाया: छुड़ाने गए 8 कमांडोज की लाश लौटी, 444 दिनों तक अमेरिका कैसे गिड़गिड़ाता रहा ग्राउंड रिपोर्ट: 114 साल पुरानी मस्जिद पर सेंट्रल विस्टा की तलवार: प्रोजेक्ट के नक्शे से गायब, कोर्ट के भरोसे के बाद भी टूट चुकी एक मस्जिद शंकराचार्य पर यौन उत्पीड़न के आरोपों में कितना दम: वकील ने पूछा- एक ही बटुक क्यों पेश हुआ; मार्कशीट में बालिग होने का दावा अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी: को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था आपका पैसा- अपनी वसीयत जरूर बनवाएं: जानें बनाने की पूरी लीगल प्रोसेस, कौन सी इंफॉर्मेशन जरूरी, बनवाने के 10 कानूनी फायदे ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
गाजियाबाद के यूट्यूबर सलीम वास्तिक को धमकियां मिल रही थीं। उन्हें अंदाजा था कि वो सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए डेढ़ साल पहले लोनी में उन्होंने 55 गज में एक घर बनवाया। वहीं से यूट्यूब पर इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ बोलने लगे। यहां से 2Km दूर अपनी पत्नी और बेटे उस्मान को दिल्ली के अशोकविहार में रखा। दैनिक भास्कर टीम जब इस कॉलोनी में पहुंची, किसी को पता ही नहीं था कि सलीम कहां रहते हैं? शायद सलीम खुद ही नहीं चाहते थे कि कोई जाने कि उनका परिवार कहां रहता है? सलीम इस वक्त भी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) में जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। गले को काटने का प्रयास किया गया था, डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है। अब उनके पेट का ऑपरेशन होना बाकी है। उन्हें इंटरनल ब्लीडिंग हो रही है। लिवर डैमेज हुआ है। वहीं, बाइक पर आए बदमाशों को तलाश करने के लिए पुलिस की 3 टीमों ने करीब 180 CCTV देखे हैं। सलीम वास्तिक के घर से 2.5Km दूर बदमाश दिल्ली बॉर्डर पर CCTV में नजर आए हैं। वह हेलमेट लगाए हुए हैं। जो बदमाश बाइक चल रहा था, उसने शर्ट-जींस और जैकेट पहना था, पीछे बैठे बदमाश ने कुर्ता-पजामा पहना हुआ था। बाइक TVS कंपनी की है, दोनों उबड़-खाबड़ रास्तों पर दिल्ली की तरफ जाते हुए दिखे हैं। पुलिस दिल्ली के अंदर सर्च ऑपरेशन चला रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लोग कैमरे पर नहीं बोले, डर…कहीं पुलिस थाने न लेकर जाएइस्लाम धर्म को छोड़ चुके सलीम वास्तिक का गला जिस घर में काटने का प्रयास हुआ, दैनिक भास्कर टीम वहां पहुंची। दिल्ली और गाजियाबाद के बार्डर पर जंगल का इलाका, लोनी इलाके में यहां मुख्य सड़क से करीब 8 फीट नीचे गेहूं के खेत में एक किसान सिंचाई करते हुए मिले। हमने पूछा कि सलीम वास्तिक का घर कौन सा है? इतना सुनते ही किसान ने कहा कि अच्छा मीडिया से हो। हां, कहने पर कहा कि इसे हिंदू मुस्लिम का रंग दिया जा रहा है। हमला होने के बाद से तरह-तरह की बातें चल रही हैं, लेकिन मेरा नाम मत लिखना, न ही मेरा कोई फोटो लेना। मैं सलीम वास्तिक को ज्यादा नहीं जानता। बस इतना कहूंगा कि यह लगातार मुस्लिम धर्म के खिलाफ बोल रहे थे। खुद की वीडियो बनाकर उन्हें दूसरों को भेजते थे। एक बात सोचिए, सुबह दिन निकलते ही कोई हमला क्यों करेगा। वह मारने के इरादे से इसलिए आए कि न तो कोई पड़ोसी होगा, न ही कहीं पुलिस मिलेगी। सलीम के घर के अंदर कैमरे लगे हैं। जिन्होंने चाकू से गला काटा, वह कैमरे में दिख गया होगा, पुलिस को सब कुछ पता चल गया होगा। जहां सलीम का घर, उसके आसपास घर नहींसलीम वास्तिक लोनी इलाके में जिस मकान में रहते थे, वह 55 गज का छोटा मकान है। उसके दोनों तरफ खाली प्लॉट हैं। यह सलीम का अपना घर है, जिसे डेढ़ साल पहले उन्होंनें प्लॉट खरीदकर बनाया था। ऊपर तिरंगा लगा हुआ है, पानी की टंकी है। यहां दिन में भी उनके पास हिंदू और मुस्लिम दोनों ही धर्म के लोग मिलने आते थे। सामने ऊबड़ खाबड़ कच्चे रास्ते हैं। एक गाजियाबाद नंबर की सफेद रंग की कार घर के सामने रास्ते में खड़ी थी। पड़ोसी लोग कैमरे के सामने बोलने से डरते दिखे, उन्हें डर है कि सलीम के साथ बड़ी घटना हुई है, यह मामला धर्म के खिलाफ बोलने से जुड़ा है। पुलिस लगातार यहां आ-जा रही है। लोग घबराए हुए हैं कि अगर हमने कुछ बोला तो पुलिस उनसे भी पूछताछ करने के लिए थाने लेकर जाएगी। सलीम वास्तिक के घर के सामने खेल रहे एक 14 साल के लड़के ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब सलीम पर हमले का शोर मचा, तब लोग पहुंचे, मैं भी पीछे खड़ा था। पड़ोस की महिला बता रही थीं कि सामने के रास्ते से बाइक पर दो लड़के आए थे, वह हमला करके इसी रास्ते से भाग भी गए, यहां 2 तरफ जंगल का रास्ता है। बंद घर में अंदर ही CCTV, बाहर कैमरे नहींसलीम वास्तिक पर जहां हमला हुआ है, वह घर पूरी तरह से बंद है। बाहर छोटा गेट है, बराबर में लोहे का शटर लगा हुआ है। ऊपर से भी यह बंद है। यानी बाहरी कोई भी व्यक्ति इस घर में घुस नहीं सकता। दूसरी बात यह सामने आई कि यहां बाहर की तरफ कोई CCTV नहीं लगा था, जबकि अंदर कैमरा लगा होना बताया गया। इससे यह साफ होता है कि सलीम को खुद पर होने पर हमले का अंदाजा था। गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में सलीम के बेटे और पत्नी से भी पूरा मामले की जानकारी ली है। उच्च अधिकारियों ने अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क कर मेडिकल स्थिति जानी। जहां बताया गया कि गले की सर्जरी हो चुकी है। पेट में चाकू लगने से लीवर डैमेज हो गया है। 2 महीने पहले शिकायत पर अकाउंट बंद हुआसलीम वास्तिक के खिलाफ 2 महीने पहले पुलिस में एक शिकायत हुई थी। वह दिल्ली के वजीरपुर के रहने वाले अनीस अहमद अंसारी ने करवाई थी। वह कहते हैं- एक व्यक्ति जो खुद को एक्स मुस्लिम कहता है, जब इस्लाम त्याग दिया, तो सिर पर टोपी क्यों लगाते हो? वह मुसलमानों वाला नाम क्यों रखे हुए है? मैंने सलीम के खिलाफ अशोक विहार थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद इसकी फेसबुक आईडी को ब्लॉक किया जाए। यह पैसे के लालच में मुसलमानों को बदनाम करता है। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उसने गुनाह किया है, मैंने माना है कि भारत देश में धर्म को मानने की आजादी है। कोई भी आदमी कानून की अवहेलना नहीं कर सकता। धार्मिक ग्रंथ को गलत नहीं बता सकता। पड़ोसी बोले- 15 दिन में आती थी पत्नीसलीम के पड़ोस में रहने वाली 40 साल की नाजरीन ने बताया- सलीम अकेले इस मकान में रहते थे। वह यह बताते थे कि मेरी पत्नी और बेटा कहीं अशोक विहार में रहते हैं। सुबह के समय जब शोर मचा कि मार गए…मार गए…भाग गए। मैं मौके पर पहुंची, तो सलीम खून से लथपथ हालत में तड़प रहे थे। उनके गले और पेट से खून बह रहा था। लोगों की भीड़ लग गई, इतना पता चला कि सामने के रास्ते से हमलावर भागे हैं। लेकिन उनके आने की और सलीम के घर में घुसने की जानकारी नहीं हुई। सलीम का घर अक्सर बंद रहता था। उनकी पत्नी 15 से 20 दिन में यहां आती थी, साफ सफाई करके चली जाती थी। सलीम के दोस्त ही चाय या खाना लाते थे, कभी-कभी बेटा भी उनका खाना देकर चला जाता था। ये साजिश, घर में घुसकर गला काट दियापड़ोस में रहने वाले 55 साल के मोहम्म्द जहरुद्दीन ने बताया कि सलीम यहां अकेले रहते थे। मैं तो अपने बेटे के पास रोटी खाने आया था। इतना पता चला है कि 2 दिन पहले मैसेज आया। क्या मैसेज आया यह तो पुलिस और मीडिया वालों को पता होगा। इस तरह से घर में घुसकर गला काट देना, इसमें कुछ बड़ी साजिश हो सकती है। पुलिस पूरी सच्चाई के साथ केस का खुलासा करे। पड़ोसी बोले- कभी पत्नी और बेटा नहीं देखा सलीम की कॉलोनी में रहने वाले कारपेंटर मोमीन ने बताया कि मैंने इस घर में कभी सलीम वास्तिक की पत्नी और बेटे को नहीं देखा। वह अकेले ही रहते थे। बाहर भी कम जाया करते थे। इतना पता चला कि इसी मकान के अंदर एक ऑफिस बना हुआ था, जिसमें वह कुछ यू ट्यूब चैनल चलाते थे। हमले के बाद उन्हें अस्पताल लेकर दिल्ली गए तो वहीं पर परिवार के लोग बताए गए। पुलिस की 5 टीमें, बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ाई सलीम पर हमले के मामले में सीएम योगी ने कहा कि हमलावर बख्शे नहीं जाएंगे। गाजियाबाद पुलिस की 5 टीमें लगाई गईं हैं। घर में लगे कैमरे की पूरी डीवीआर पुलिस ले गई। जो नामजद कराए गए हैं उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि यह भी चर्चा है कि हमलावर साजिश तो कर सकते हैं, मगर मारने वाले लोग भाड़े के गुंडे हो सकते हैं। ………ये पढ़ें - इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर को 14 चाकू मारे:सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े हमला, योगी बोले- UP में आतंक की जगह नहीं गाजियाबाद में इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े ऑफिस में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। गला रेतने की कोशिश की। चीखने पर हमलावर उन्हें अधमरा छोड़कर फरार हो गए। पढ़िए पूरी खबर…
जलती चिताएं, रोते-बिलखते लोग और चिता की राख से होली खेलते नागा साधु-संन्यासी। यह नजारा इस समय काशी के मणिकर्णिका घाट पर देखने को मिला। यहां शनिवार को मसाने की होली खेली गई। कोई गले में नरमुंडों की माला डाले था, तो कोई डमरू की थाप पर नाचता दिखाई दिया। हालांकि बैरिकेडिंग और पुलिस फोर्स के कड़े पहरे से होली का उत्सव फीका नजर आया। VIDEO देखिए…
रक्षा राज्य मंत्री बोले: सरकार ने रोका है तो अन्य विवि को कैसे मिल रही है एमएसीपी
रांची| डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में एमएसीपी पर लगी रोक को हटाने को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। शनिवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल डॉ. मनोज के नेतृत्व में मिले और एमएसीपी को बिना किसी नोटिफिकेशन के रोके जाने की जानकारी दी। इसके बाद रक्षा राज्य मंत्री ने तत्कालीन लोकभवन के अधिकारी को फोन लगाया और बात की। लोकभवन से बताया गया कि सरकार ने रोक लगा रखी है। इस पर रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों को कैसे मिल रहा है? लोकभवन के अधिकारी ने बताया कि एक सप्ताह में स्थायी वीसी की नियुक्ति हो जाएगी। इसके साथ ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। इस पर राज्य रक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द एमएसीपी दिलाइए और हड़ताल खत्म कराइए। प्रतिनिधियों में महासचिव रोहित सिंह, शैलेन्द्र कुमार, संतोष कुमार, अजीत दत्ता, मंगल उरांव समेत अन्य शामिल थे। इस कारण नहीं मिलेगा वेतन-पेंशन डीएसपीएमयू में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शिक्षकों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्तों को वेतन-पेंशन नहीं मिलेगा। क्योंकि हड़ताल के कारण एक भी फाइल मूवमेंट नहीं हो रहा है। यानि इस बार डीएसपीएमयू में कार्यरत और रिटायर्ड कर्मियों की होली फीकी रहेगी। वहीं रांची यूनिवर्सिटी में वेतन-पेंशन दो या तीन मार्च को अकाउंट में चला जाएगा।
1 मार्च से आधिकारिक रूप से ठंड का सीजन खत्म माना जाता है, गर्मी दस्तक देने लगती। इस बार मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल मार्च अब तक के सबसे गर्म महीनों में शामिल हो सकता है। उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना जताई गई है। 2025 में मार्च महीने में कई जिलों में तापमान 35 से 38 डिग्री तक गया था। इस बार इससे भी 3-4 डिग्री ज्यादा रह सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल है मार्च का मौसम कैसा रहेगा? गर्मी कितनी बढ़ेगी? इसका कितना असर फसलों पर पड़ेगा? इस रिपोर्ट में पढ़िए… अब तक कैसा रहा मौसम नोएडा स्थित स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत बताते हैं- यूपी में 2 साल के मुकाबले इस बार कम ठंड रही। दिसंबर-जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहे। इस बार एक्सट्रीम ठंड देखने को नहीं मिली। ला-नीना एक्टिव नहीं होने की वजह से ठंड ज्यादा नहीं पड़ सकी। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश भी यही बताते हैं। कहते हैं- इस बार प्रदेश में सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता भी कम रही। इससे ठंड के सीजन में बारिश भी सामान्य से कम हुई। मार्च में कैसा रहेगा मौसम मार्च के पहले हफ्ते से ही बदल जाएगा मौसमबीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव कहते हैं- मार्च के पहले हफ्ते से मौसम पूरी तरह बदलने लगेगा। गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। दिन और रात, दोनों के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मार्च के आखिरी हफ्ते तक यूपी के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम को लेकर IMD की चेतावनी मार्च में कैसी रहेगी बारिश की स्थिति मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च 2026 में पूरे देश में औसतन सामान्य बारिश होने की संभावना है। यानी मार्च महीने में देश में औसतन करीब 30 मिमी बारिश होती है। इस बार भी बारिश इसी के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि, सभी जगह एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। देश के कई हिस्सों में सामान्य या उससे थोड़ी ज्यादा बारिश हो सकती है। लेकिन, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जहां मार्च में वैसे भी बहुत कम बारिश होती है। इसलिए वहां ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा। फरवरी में सामान्य से ज्यादा रहा तापमानवैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, यूपी में फरवरी- 2026 में सबसे गर्म दिन के दौरान अधिकतम तापमान लगभग 29-31 डिग्री या उससे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य फरवरी के तापमान से काफी अधिक था। कानपुर में 23 फरवरी को पारा करीब 29.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसे इस सीजन का सबसे गर्म दिन बताया गया है। यह तापमान उस समय के लिए रिकॉर्ड रहा, क्योंकि फरवरी में आमतौर पर इतना हाई टेंपरेचर नहीं दर्ज होता। इसी तरह 24 फरवरी को वाराणसी में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बहुत ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने जताई फसलों को लेकर चिंता फसलों के लिए कैसा रहेगा मार्च? बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर पीके सिंह के अनुसार, मार्च का महीना रबी की फसल (गेहूं, जौ, चना, मटर) के लिए जरूरी समय माना जाता है। लेकिन, इस बार सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पीके सिंह कहते हैं- मौसम विभाग के अनुसार, तापमान औसत से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ने की आशंका है। गेहूं इस समय दाना बनने और पकने की अवस्था में है। अगर तापमान तेजी से बढ़ता है, तो दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते। इससे उत्पादन घट सकता है। समय से पहले तेज गर्मी पड़ने पर फसल जल्दी पक जाती है और दानों का आकार छोटा रह जाता है। सरसों की फसल भी अंतिम चरण में है। चना और अन्य दलहनी फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ेगी, 45 डिग्री तक जाएगा पारा, फरवरी में ही असर दिखा, जानिए 2026 में कैसा रहेगा मौसम अभी फरवरी का आधा महीना भी नहीं हुआ है। यूपी में गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम हल्की ठंड जरूर है, लेकिन दोपहर की धूप चुभने लगी है। बीते ठंड के मौसम में यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में सर्दी ने लोगों को खूब परेशान किया। पढ़िए पूरी खबर…
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज। इस वक्त इनकी ही चर्चा है। इसकी दो वजहें हैं। पहली- दो बटुकों के जरिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म का मुकदमा दर्ज करवाना। दूसरी- पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर हैं। रेप, गो-तस्करी, फर्जीवाड़ा जैसे गंभीर धाराओं में 27 केस दर्ज हैं। लेकिन, आज हम चर्चा की दूसरी वजह के बारे में जानेंगे। आशुतोष पर पहला मुकदमा तो 16 साल की उम्र में हो गया था। इसके बाद जमीन कब्जा करने के लिए रजिस्ट्रार के फर्जी साइन किए, उसमें मुकदमा हुआ। जज के रूम में रखी पत्रावली में फर्जी साइन करके गैर जमानती वारंट (NBW) जारी करवा दिया। जमीन कब्जाने के लिए ट्रस्ट बनाए। गो-तस्करी के मामले में एसपी को रिश्वत देने पहुंच गए। स्कूल के लिए घर कब्जाया और फिर विधवा से रेप का आरोप। ऐसे ही तमाम मामले दर्ज हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने इन मुकदमों से जुड़े लोगों से बात की। उनका पक्ष जाना। FIR और पुलिस की कार्रवाई को देखा। आज की संडे बिग स्टोरी में हम आशुतोष महाराज पर दर्ज मुकदमों की बात करेंगे… 16 साल की उम्र में पहला केस हुआ यूपी के शामली जिले में कांधला कस्बा है। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर है रायजादगान इलाका। यहीं आशुतोष पांडेय का घर है। उनके पिता राजेंद्र शर्मा रोडवेज में कंडक्टर थे। आशुतोष का शुरुआती नाम अश्विनी शर्मा था। कुछ वक्त के बाद नाम बदलकर आशुतोष पांडेय कर लिया। बाद में नाम के आगे भृगवंशी लिखने लगे। 5 साल पहले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज नाम कर लिया। अब इसी नाम से खुद की पहचान बताते हैं। 2002 में पहली बार आशुतोष पर मुकदमा दर्ज हुआ। धाराएं 324, 504, 506 लगीं। इन धाराओं का मतलब है- जानबूझकर चोट पहुंचाना, अपमानित करना और धमकी देना। पुलिस प्रशासन बीच-बीच में आशुतोष पांडेय पर दर्ज मुकदमों की लिस्ट जारी करता है। 2019 तक की जो लिस्ट है, उसमें कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं। इस वक्त तक कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। आशुतोष के बारे में जानकारी हासिल करने पर पता चला कि जितने मुकदमे दर्ज हैं, उससे कहीं अधिक आशुतोष ने दूसरे लोगों पर दर्ज करवाए हैं। आशुतोष के खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमों से जुड़े लोगों से हमने बात की। स्कूल के लिए जमीन कब्जाई, विधवा से रेप का आरोपबात 2010 की है। उस वक्त आशुतोष पांडेय ने कांधला में ही एक स्कूल खोला। इसके लिए वहीं की एक विधवा महिला का घर किराए पर लिया। कुछ दिन तो किराया दिया, लेकिन फिर कब्जा कर लिया। किराया भी नहीं दिया। दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि 2012 में आशुतोष उस विधवा महिला के घर में घुसे और उसके साथ रेप किया। महिला ने कांधला में केस दर्ज करवाया। पीड़िता के बेटे दिल्ली में रहते हैं। वो बताते हैं- मां के साथ रेप करने का मुकदमा कैराना में शुरू हुआ। ये उसे खारिज करवाने इलाहाबाद हाईकोर्ट चला गया। स्टे भी मिल गया। हम भी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे, अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने स्टे हटाया। आशुतोष को जेल भेजा। ये करीब 25 दिन तक जेल में रहा। हम आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जैसे-तैसे हमने केस लड़ा। इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई है। जल्द ही आशुतोष को सजा मिलेगी। इलाके में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं, जो इसे अच्छा बता दे। यह सिर्फ फ्रॉड करता है। 20 बीघा जमीन कब्जाने के लिए ट्रस्ट बनाने का आरोपहमारी टीम ने कांधला में तमाम लोगों से बात की। इसी में एक थे तरुण अग्रवाल। तरुण का घर आशुतोष के पास ही है। वह बताते हैं- कांधला में रामलीला कमेटी के पास करीब 20 बीघा जमीन है। यह जमीन वैश्य समाज के लोगों ने ही दान की थी। 150 साल से रखरखाव भी हम लोग ही कर रहे हैं। 2008 में हम सभी ने रामलीला कमेटी का रजिस्ट्रेशन करवाया। फिर उसी के हिसाब से आगे बढ़ने लगे। आशुतोष को यह पसंद नहीं आया। उसने जमीन पर कब्जे की साजिश रचनी शुरू कर दी। तरुण कहते हैं- साल, 2008 में आशुतोष ने दूसरे नाम से रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई कर दिया। उस वक्त हमारे यहां सहारनपुर में रजिस्ट्रेशन का काम होता था। आशुतोष ने हमारे वाले रजिस्ट्रेशन की पत्रावली में रजिस्ट्रार के फर्जी साइन किए। हमारी कमेटी की जो पत्रावली थी उसे निलंबित कर दिया। उसकी सर्टिफाइड कॉपी भी ले ली। उसे ही लेकर ये इलाहाबाद हाईकोर्ट चला गया। कहा कि रजिस्ट्रार ने कमेटी को सस्पेंड किया है। जब इस पत्रावली की जांच हुई, तो रजिस्ट्रार ने बताया कि ये मेरे सिग्नेचर ही नहीं हैं। फिर आशुतोष का झूठ पकड़ा गया। 2012 में रजिस्ट्रार ने धोखेबाजी का मुकदमा दर्ज करवाया था। तरुण बताते हैं- फर्जीवाड़ा करने में यह व्यक्ति बहुत आगे रहा है। 2017 में इसने कैराना में एक जज साहब के रिकॉर्ड रूम में घुसकर उन्हीं के फर्जी साइन करके ऑर्डर शीट बदलवा दी। 3 लोगों के खिलाफ NBW जारी हो गया। वे तीनों लोग भागकर इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे। जांच हुई, तो पता चला कि ऐसा कोई ऑर्डर ही नहीं दिया गया। ये ऑर्डर शीट ही नकली है। जज साहब ने 2017 में केस दर्ज करवाया। इस मामले की जांच शामली क्राइम ब्रांच कर रही थी। झूठ बोलकर 25 बीघा जमीन लिखवा लीकांधला के ही स्थानीय लोगों से पता चला कि आशुतोष पांडेय ने 2006 में पड़ोस के ही कृष्णपाल गुर्जर से नजदीकी बढ़ाई। ऐसा इसलिए, क्योंकि कृष्णपाल के पास 25 बीघा जमीन थी। आशुतोष ने उन्हें कहा कि आपकी इस जमीन पर लोन मिल जाएगा। आपको बहुत पैसा भी नहीं देना होगा। कृष्णपाल तैयार हो गए। दूसरी तरफ, आशुतोष ने रजिस्ट्रार ऑफिस में सेटिंग कर ली। कृष्णपाल को कह दिया कि जो भी पूछा जाए, बस हां-हां करना है। कृष्णपाल ने ऐसा ही किया। उनकी पूरी 25 बीघे जमीन अपने नाम करवा ली। जब यह मामला खुला तो हंगामा हो गया। कृष्णपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 5 साल तक मुकदमा चला और फिर बैनामा वापस हुआ था। आरोप है कि उस वक्त आशुतोष ने 8 लाख रुपए लिए थे। कहा था कि इतना पैसा कोर्ट कचहरी में खर्च हो गया। एसपी ने स्टिंग के जरिए गो-तस्करी में पकड़ाआशुतोष की क्राइम हिस्ट्री खंगालने पर एक मामला गोंडा का मिलता है। ये मामला 2012 का है, गो-तस्करी से जुड़ा है। आशुतोष ने उस वक्त गोंडा के एसपी नवनीत कुमार राणा से मुलाकात की। कहा कि गोंडा की सीमा से पशुओं से लदा ट्रक जाने दिया जाए। अभी पुलिस रोकती है, इसके लिए हम पैसा दे देंगे। एसपी को पहले तो यह सिरफिरा लगा, लेकिन बाद में उन्होंने गंभीरता से लेते हुए उसे अगले दिन बुलाया। एसपी नवनीत राणा ने इसकी सूचना डीआईजी समेत कई अधिकारियों को दी। ऑफिस में सीसीटीवी कैमरा लगवाया। आशुतोष 24 जनवरी को दिन में 11 बजे ऑफिस पहुंचा। 500-500 की दो गड्डियां यानी 1 लाख रुपए एसपी के सामने रख दिए। यह सब कुछ कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया। आशुतोष के साथ पशु तस्कर इब्राहिम और फिरोज को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। केस का ट्रायल चल रहा है। फर्जी लेटर पैड से जेलर का ट्रांसफर रुकवाया थाआशुतोष पांडेय 2008 में लखनऊ जेल में बंद थे। वहां इनकी उस वक्त के जेलर हेमंत गुप्ता से अच्छी बनने लगी थी। बाद में जमानत पर छूट गए, लेकिन व्यवहार बना रहा। जेलर का ट्रांसफर हो गया। आशुतोष ने ट्रांसफर रुकवाने के लिए फर्जीवाड़ा किया। उस वक्त बसपा की सरकार थी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा का प्रभाव था। आशुतोष ने सतीश मिश्रा का फर्जी लेटर पैड बनाया। फिर एक नोट बनाकर खुद ही विभाग में जाकर दे आए। जेलर का ट्रांसफर रुक गया। जब इस मामले की जांच शुरू हुई तो सब दंग रह गए, क्योंकि सतीश मिश्रा ने कोई लेटर ही नहीं जारी किया था। पुलिस ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में आशुतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। उस वक्त सीओ हजरतगंज बीएस गरबयाल ने शामली के एसपी देहात राजूबाबू सिंह से बात की। पुलिस ने कांधला में छापेमारी की, लेकिन उस वक्त आरोपी आशुतोष घर से फरार थे। कई बार पुलिस की गिरफ्त से भागे, 25 हजार के इनामी आशुतोष के खिलाफ जब भी मुकदमा दर्ज होता, वह फरार हो जाते थे। अक्सर पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करती थी। अलग-अलग मामलों में 5 से ज्यादा बार जेल जा चुके हैं। 2019 में आशुतोष गो-तस्करी के एक मामले में लंबे वक्त तक फरार रहे थे। प्रशासन ने आशुतोष पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। शामली में प्रशासन ने ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया। इसके तहत जिन लोगों पर इनाम था, उन्हें खोजा जाने लगे। 2 अक्टूबर, 2019 को आशुतोष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया। आशुतोष के लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए शामली पुलिस ने इन्हें हिस्ट्रीशीटर बना दिया। इनकी हिस्ट्रीशीट संख्या 76A थी। आशुतोष ब्राह्मण युवजन सभा में शामिल हो गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। अलग-अलग जिलों में अपना कैडर बढ़ाया। शंकराचार्य का मामला सामने आया, तो कानपुर के वकील पंकज दीक्षित सामने आए। ये भी कभी ब्राह्मण युवजन सभा से जुड़े रहे थे। पंकज दीक्षित कहते हैं- आशुतोष महाठग है। वो लोगों को प्रलोभन देकर सपा की सरकार में नौकरी दिलवाने के नाम पर वसूली करता था। 2018 में हमने कानपुर में स्वरूप नगर थाने में मुकदमा लिखवाया था। इसकी आदतों की वजह से संगठन की छवि खराब हो रही थी। इसलिए इसे बाहर किया गया। पंकज दीक्षित कहते हैं- न सिर्फ यूपी, बल्कि अलग-अलग राज्यों में भी इसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। सीएम योगी और पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मांग है कि इस मामले की गंभीरता से जांच करवाएं। आशुतोष शातिर अपराधी है। संत समाज में एकता और सम्मान बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों की पृष्ठभूमि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ‘सपा सरकार में लगे केस में दम नहीं’पिछले दिनों आशुतोष पांडेय ने दावा किया था कि उनके ऊपर जो मुकदमे दर्ज हैं, सभी सपा की सरकार में दर्ज किए गए। सभी मुकदमे राजनीतिक हैं। हमने हिस्ट्रीशीट देखी तो पता चला कि 2012 से 2017 के बीच 5 मुकदमे ही दर्ज हुए। बाकी के मुकदमे या तो उसके पहले की बसपा सरकार में दर्ज हुए या फिर 2017 के बाद दर्ज हुए। भाजपा की सरकार में आशुतोष को इनामी बनाया गया। इन्हीं कारणों से 2022 के विधानसभा चुनाव में आशुतोष भाजपा के खिलाफ हो गए थे। वह सपा का खुलकर प्रचार करने लगे थे। अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एक विजय यात्रा शुरू की थी। यूपी के अलग-अलग जिलों में गए। मीडिया से बात करते हुए कहते थे- 10 मार्च को हम योगी आदित्यनाथ का पिंडदान करेंगे। ब्राह्मण एकजुट हैं और वह अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने जा रहे। इसकी वजह यह है कि योगी सरकार में 700 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या हुई है। ढाई हजार से ज्यादा ब्राह्मणों पर फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भेजा। शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने लगा रखी है रोक आशुतोष पांडेय ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य पर FIR दर्ज हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से पेश हुए वकील पीएन मिश्रा ने कुछ बातें रखीं। जैसे- जब घटना होना बताया उसके काफी वक्त बाद FIR कराई गई, इससे संदेह पैदा होता है। जिन बटुकों का रेप होना बताया जा रहा, वह कभी शंकराचार्य के आश्रम में नहीं रहे। कहा गया कि पीड़ित बटुक हरदोई के स्कूल में रेगुलर स्टूडेंट हैं, इस वक्त परीक्षा दे रहे हैं। फिर वो कैसे शंकराचार्य के आश्रम के छात्र हो सकते हैं? अगर दो बटुकों ने आरोप लगाया, तो मजिस्ट्रेट के सामने एक ही बटुक को क्यों पेश किया गया? वकील के इन्हीं पॉइंट पर जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। सुनवाई अब मार्च के तीसरे हफ्ते में होगी। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अरेस्ट स्टे का विरोध किया। लेकिन, जज ने इसे अनसुना कर दिया। आशुतोष अलग-अलग समय पर अलग-अलग पार्टियों का समर्थन करते रहे हैं। इस वक्त वह खुद को श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही मस्जिद ईदगाह वाद संख्या 4 में मुख्यवादी बताते हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष बताते हैं। मुझे जान का खतरा, मैं अब केस नहीं लड़ूंगा हमने इन सारे मामलों को लेकर आशुतोष पांडेय से बात की। वह कहते हैं- पॉक्सो का जो मामला शंकराचार्य पर दर्ज हुआ है, उस मामले में मैंने सिर्फ सूचना दी है। नियम भी यही है कि जब भी आपको जानकारी मिले, आप सूचना दे सकते हैं। इस मामले में अब मैं कोई पैरवी नहीं करूंगा। मुझे धमकी मिल रही है। मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा। मुझे पुलिस सुरक्षा चाहिए, लेकिन मिल नहीं रही। खुद ऊपर दर्ज मामलों और हिस्ट्रीशीटर के बारे में पूछने पर आशुतोष पांडेय कहते हैं- हां मैं हिस्ट्रीशीटर रहा हूं। अगर मैं गलत हूं तो मुझे पुलिस आकर गिरफ्तार करे। अब तक बाहर क्यों छोड़ रखा है? ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… हमें अपने गुरु पर पूरा भरोसा:काशी में बटुक बोले- फंसाने की हुई साजिश; शंकराचार्य के श्री विद्या मठ में 400 बच्चे ले रहे धर्म की शिक्षा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर 2 बटुकों से यौन शोषण के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अब कोर्ट इस मामले में मार्च के तीसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा। पढ़ें पूरी खबर
9 लाख अंत्योदय कार्डधारियों को 13 माह से नहीं मिल रही चीनी, आठ माह से दाल-नमक का भी वितरण नहीं
पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची राज्य की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों में करीब 9 लाख अंत्योदय कार्डधारकों को पिछले 13 महीनों से चीनी नहीं मिल रही है। वहीं, सभी राशनकार्डधारकों को जुलाई 2025 से चना दाल और नमक का वितरण भी नहीं हो पाया। हालांकि, चावल और गेहूं का वितरण नियमित रूप से जारी है। योजना के अनुसार, प्रत्येक अंत्योदय कार्डधारक को हर माह 1 किलो चीनी और सभी राशनकार्डधारकों को 1 किलो चना दाल और 1 किलो नमक मिलना चाहिए। जानकारी के अनुसार, चीनी की आपूर्ति के लिए लगातार टेंडर जारी किए जा रहे हैं, लेकिन सफलता न मिलने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है। राज्य में करीब 2.61 करोड़ लोगों को PDS के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाता है, जिनमें करीब 25 लाख ग्रीन राशन कार्डधारक शामिल हैं। फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन, रांची जिला शाखा के अध्यक्ष ज्ञानदेव झा ने बताया कि होली जैसे त्योहारों पर भी अंत्योदय कार्डधारकों की थाली से मिठास गायब है, और 13 महीनों से चीनी का वितरण नहीं हुआ है।
मेयर चुनाव: रांची, धनबाद, मानगो, चास व आदित्यपुर में ही करीब 90 हजार वोट रद्द
सिर्फ रांची नगर निगम में 40 हजार वोट निरस्त झारखंड में 18 साल बाद बैलेट पेपर से हुए नगर निगम चुनाव में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। सिर्फ मेयर पद के लिए पड़े वोटों में से ही एक लाख से अधिक मतपत्र रिजेक्ट हो चुके हैं। रांची, धनबाद, जमशेदपुर (मानगो व आदित्यपुर) और बोकारो के चास नगर निगम में ही करीब 90 हजार वोट बेकार चले गए। अन्य नगर निगमों के आंकड़े जुड़ने पर यह संख्या एक लाख के पार पहुंच चुकी है। हालांकि प्रशासन ने अभी आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन अलग-अलग राउंड की काउंटिंग से जो स्थिति सामने आई है, वह चिंताजनक है। रांची में मेयर पद के लिए 4,45,922 वोट पड़े। पांच राउंड की गिनती में ही करीब 40 हजार वोट निरस्त होने की बात सामने आई। धनबाद में आठवें राउंड तक 4,27,535 वोटों की गिनती हुई, जिसमें 29,022 वोट रिजेक्ट हो गए। मानगो नगर निगम (जमशेदपुर): 90,857 वोटों में से 7,969 वोट अमान्य घोषित हुए। आदित्यपुर नगर निगम: 80,492 वोटों में से 7,121 वोट रिजेक्ट हुए। वहीं, चास नगर निगम में कुल 77,053 वोट पड़े, जिनमें 5,258 वोट खारिज हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ मेयर पद ही नहीं, बल्कि वार्ड पार्षद पद के लिए पड़े वोटों में भी करीब एक लाख से अधिक मतपत्र रिजेक्ट हुए हैं। सभी निकायों की विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग के पास पहुंचने के बाद वास्तविक समेकित आंकड़ा सामने आएगा। 1. ईवीएम से बैलेट पर लौटने से समझने में गलती हुई: लंबे समय से राज्य के मतदाता ईवीएम से मतदान के आदी थे। बैलेट पेपर पर सही स्थान पर मुहर लगाने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त जानकारी का अभाव रहा। कई मतदाताओं ने गलत तरीके से मुहर लगा दी, जिससे उनके मतपत्र अमान्य कर दिए गए। 2. उम्मीदवारों की लंबी सूची, गलत बॉक्स में मुहर: कई नगर निगमों में मेयर पद के लिए बड़ी संख्या में प्रत्याशी मैदान में थे। इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी। किसी ने नाम के सामने निर्धारित बॉक्स की जगह लाइन के ऊपर या नीचे मुहर लगा दी। रांची में रोशनी खलखो के नाम के सामने खाली स्थान था, जहां अधिकतर लोगों ने मुहर लगा दी। निर्धारित स्थान से बाहर लगी मुहर के कारण बड़ी संख्या में वोट रिजेक्ट हो गए। 3. जागरूकता अभियान के लिए पहल नहीं हुई: राज्यभर में प्रशासन की ओर से बैलेट पेपर से मतदान को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया। बूथ स्तर पर भी मतदाताओं को प्रक्रिया समझाने की विशेष पहल नजर नहीं आई। इसका असर यह हुआ कि कई मतदाताओं को सही तरीके से मतदान की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई।
रांची में फ्लैट में बुलाकर बी फार्मा की छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी फरार
रांची के बड़गाईं में रहने वाले एक युवक पर प्रतिष्ठित कॉलेज की बी फार्मा छात्रा से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोपी का नाम सचिन कुमार महतो है। पीड़िता ने इस संबंध में सदर थाना में 26 फरवरी को एफआईआर दर्ज कराई है। छात्रा ने बताया कि वह बोकारो की रहने वाली है। अभी रांची के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बी फार्मा की पढ़ाई कर रही है। सचिन से उसकी जान-पहचान थी। उसने फोन कर मिलने के बहाने अपने कमरे पर बुलाया। इसके बाद खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया गया। बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन जब उसे होश आया तो वह रिम्स के समीप पड़ी थी। आरोपी ने विरोध करने पर छीना मोबाइल पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी 25 फरवरी की रात करीब आठ बजे उसे अपने फ्लैट पर ले गया था। थोड़ी देर बाद वह गलत हरकत करने लगा। विरोध करने पर उसका मोबाइल फोन छीन लिया, ताकि वह किसी को सूचना न दे सके। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
जनगणना-ट्रेनिंग ली अब उनका प्रैक्टिकल 6-7 को:मोबाइल हैक होने का डर, टीम को किया अलर्ट
पहली बार मकान और आबादी की गणना मोबाइल एप से होना है। इसलिए जो अधिकारी-कर्मचारी ये काम करेंगे उन्हें साइबर ठगों से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। अभी चार्ज अधिकारियों व उनके स्टाफ की चार दिन की ट्रेनिंग हो चुकी है। इसी दौरान ऐसी कई बातें उन्हें बताई गईं जो साइबर ठगी से उन्हें बचाएंगी। जिन्होंने ट्रेनिंग ले ली है उन्होंने क्या सीखा, इसके लिए दो दिन प्रैक्टिकल भी होंगे। डेटा नैतिकता, गोपनीयता, सुरक्षा आदि को लेकर मास्टर ट्रेनर्स ने वह सारे टिप्स अधिकारियों को बताए जो जनगणना मुख्यालय ने बताए हैं। इसमें पहला सबक यह बताया गया कि मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें। कैसे करेंगे, यह भी समझाया गया और निर्देश दिए गए कि 15 अंकों का आईएमईआई कहीं भी डायरी में नोट करके रखें। इसके बिना डिवाइस को सुरक्षित रखना मुश्किल होगा। काम के दौरान या घर से मोबाइल गुम हो जाए तो इसकी सूचना तत्काल अधिकारी को देनी होती ताकि जनगणना का डेटा ब्लॉक हो। अब प्रैक्टिकल में भी बताएंगे सावधानी: जनगणना के पहले चरण में मकान गिने जाएंगे। इसमें लगभग छह हजार अधिकारी-कर्मचारी लगेंगे। इन्हें 24 से 27 फरवरी के बीच ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सारी सावधानी व क्या करना है और क्या नहीं यह भी बता दिया गया है। इसके बाद उन्होंने कितना सीखा, यह जानने के लिए वर्तमान में ट्रेनिंग लेने वाले 60 से ज्यादा चार्ज अधिकारी व उनके कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट में प्रैक्टिकल 6 व 7 मार्च को होना है।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगाए गए 410 सीसीटीवी कैमरे 4 महीने बाद भी रॉन्ग साइड वाहन चालकों पर कार्रवाई शुरू नहीं कर पाए हैं। 8.21 करोड़ रुपए की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अक्टूबर में कैमरे लगा दिए गए, इंटरनेट और डेटा फीडिंग भी पूरी हो गई, लेकिन वन-वे मार्गों पर संकेतक और रोड मार्किंग नहीं होने के कारण चालान प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी। इसका मुख्य कारण जिम्मेदार अधिकारियों की प्लानिंग में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। वन-वे चिन्हित मार्गों पर कैमरे तो लग गए लेकिन इन पर संकेतक पर ध्यान नहीं दिया। अब वन-वे मार्गों पर साइनेज लगाने के नाम पर नगर निगम ने सड़कों पर रोड मार्किंग, रोड पार्किंग सभी कार्यों के लिए 1.80 करोड़ का टेंडर कर दिया। लेकिन यह काम भी अभी शुरू नहीं हो सका है। शहर के प्रमुख चिन्हित मार्ग यह कैमरे शहर में अपराध व ट्रैफिक नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएंगे। इन व्यवस्था के लिए पुलिस ने 58 स्थान चिन्हित कर स्मार्ट सिटी को दिए थे। इस व्यवस्था से अब कहीं से भी कोई वाहन रॉन्ग साइट नहीं निकल पाएगा, यह कैमरे अक्टूबर में लग गए थे। पुलिस रॉन्ग साइड वाहनों पर नियंत्रण के साथ ही आपराधिक घटनाओं के बाद बदमाशों का रूट ट्रैक करने के लिए भी इन कैमरों का उपयोग कर रही है। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने शहर की 107 लोकेशन पर 410 बुलेट और पीटी जेड कैमरा ( पैन टिल्ट जूम कैमरा) लगाने के साथ ही उसमें इंटरनेट व डाटा भी फीड कर दिया है। कंपनी से 5 साल तक इन कैमरों का मेंटेनेंस भी करेगी। तीन विभाग की लापरवाही, जिन्होंने नहीं निभाई जिम्मेदारी सीसीटीवी कैमरों ने काम शुरू किया, हवाला कलेक्शन एजेंट से लूट के सुराग भी दिएकैमरे लगाने वाली कंपनी को प्रोजेक्ट को 31 दिसंबर तक पूरा करने का टारगेट दिया गया था। कंपनी का दावा है कि कैमरे लग चुके हैं और उनमें इंटरनेट, डाटा सहित सभी तकनीकी काम पूरे हो चुके हैं। दो दिन पूर्व कंपू क्षेत्र में लूट के मामले में भी बदमाशों के फुटेज इन्हीं कैमरों से मिले। कैमरों के लिए 107 लोकेशन तय की गई थीं, इनमें पुलिस विभाग ने 58 लोकेशन, नगर निगम ने 30 लोकेशन और स्मार्ट सिटी ने 19 लोकेशन पर कैमरे लगवाए हैं। साइनेज लगने के बाद शुरू हो सकेंगे चालानसीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो गया है। कैमरों ने काम कर रहे है। पुलिस को कंपू के एक केस में फुटेज भी दिए थे। रॉन्ग साइड वाहनों पर कार्रवाई वन-वे मार्गों पर साइनेज न होने के कारण शुरू नहीं हुई है। नगर निगम को यह काम करा रहा है, जल्द कैमरे रॉन्ग साइड वाहनों पर कार्रवाई शुरू कर देंगे। -नागेंद्र सक्सेना, ई-गवर्नेंस मैनेजर, स्मार्ट सिटी परियोजना साइनेज के टेंडर हो गए शहर में सड़कों पर रोड मार्किंग, पार्किंग लाइन सहित सभी तरह के साइनेज के लिए 1.80 करोड़ का टेंडर हो गया है। वन-वे मार्गों पर साइनेज का काम जल्द शुरू हो जाएगा। -अमित गुप्ता, सहायक यंत्री ट्रैफिक सेल, नगर निगम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से 14 वर्षीय बच्ची को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका लगाकर देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी कांग्रेस आईएनसी (इंडियन नेशनल कांग्रेस) थी, लेकिन आज आईएनसी नहीं बची है। अब वह आईएनसी की जगह एमएमसी यानी ‘मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस’ बन गई है। प्रधानमंत्री के इस बयान के दौरान सभागार में मौजूद झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने साउंड म्यूट करा दिया। कुछ देर बाद केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दोबारा साउंड ऑन कराया। इसके बाद डॉ. अंसारी नाराज होकर कार्यक्रम से बाहर चले गए। बाहर आकर डॉ. इरफान अंसारी ने मीडिया से कहा कि हर मंच को राजनीतिक नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार इस तरह की बयानबाजी करेगी तो राज्य सरकार केंद्र से नि:शुल्क एचपीवी टीका नहीं लेगी। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार अपने संसाधनों से टीका खरीदकर बच्चियों को उपलब्ध कराएगी। वहीं, संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण बीच में म्यूट कराना उचित नहीं था। उन्होंने इसे मर्यादा और संस्कार से जुड़ा बताया। कहा कि जनता के लिए बड़ा उपहार है। सभी को इसका स्वागत करना चाहिए। इरफान ने पहले कहा था-बेटियों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम इस घटना से पहले स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा था कि यह पहल बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। वैक्सीन को राज्य में शुरू करने के लिए सरकार लंबे समय से प्रयास कर रही थी। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में एचपीवी टीके की एक खुराक की कीमत लगभग 4,000 रुपए है, जबकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में यह टीका नि:शुल्क दिया जाएगा। राज्य में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी, लेकिन 15वां जन्मदिन नहीं हुआ, ऐसी बालिकाओं को यह टीका लगाया जाएगा। मार्च-अप्रैल 2026 से तीन महीने तक अभियान चलाया जाएगा। झारखंड में भी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत के साथ ही झारखंड में भी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। रांची के सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संयुक्त रूप से अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में 14 वर्ष 3 माह की सलोनी कुमारी को एचपीवी का टीका लगाया गया। इस मौके पर सिविल सर्जन रांची, राज्य स्तरीय अधिकारी और चिकित्सा कर्मी उपस्थित थे।
भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के संरक्षण-संवर्धन के उद्देश्य से राजधानी के हिंदी भवन में 1 मार्च 2026, रविवार को दोपहर 2 बजे से भव्य सनातन हिंदू धर्मसभा आयोजित की जाएगी। धर्म सुधाकर सेवा समिति के तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन में राष्ट्रीय स्तर के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे। विशेष अतिथि के रूप में प्रियंक कानूनगो उपस्थित रहेंगे, जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के सदस्य हैं। मुख्य अतिथि के रूप में रामेश्वर शर्मा शामिल होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर चेतन भार्गव अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। सभा में नगर और बाहर से पधारने वाले धर्माचार्यों व विद्वानों की ज्ञानमयी वाणी का लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा। इनमें वैदज्ञ पौराणिक आचार्य पंडित बृजेश भार्गव, लेखराज शर्मा, संजय चौबे, डॉ. रमेश प्रसाद त्रिपाठी, डॉ. मनोज शास्त्री (विदिशा), आचार्य रवि शास्त्री, कृष्ण चेतन (चित्रकूट), डॉ. शिवदत्त मिश्र, पंडित कपिल शर्मा, अवधेश चौबे और राजपुरोहित सहित अन्य विद्वान शामिल रहेंगे। आयोजक आचार्य पंडित योगेंद्र शास्त्री के अनुसार धर्मसभा का मूल उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल सिद्धांत धर्म, सत्य, करुणा, सेवा और राष्ट्रभक्ति—का प्रचार-प्रसार करना है। उनका कहना है कि भौतिकवाद और आधुनिकता के प्रभाव से युवा पीढ़ी परंपराओं से दूर होती जा रही है। ऐसे में इस प्रकार के आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि यह धर्मसभा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को पुनः जागृत करने का सशक्त माध्यम बनेगी। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होकर समापन तक चलेगा। आयोजन में शहर सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
भाजपा नए चेहरों को लाने में जुटी, कांग्रेस-झामुमो आ सकते हैं साथ
रांची नगर निगम का चुनाव परिणाम एक ही दिन में आ गया है। शहर की सरकार मिल गई है। लेकिन अभी तक कोरम अधूरा है, क्योंकि अब रांची का डिप्टी मेयर कौन बनेगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। होली के बाद मेयर और पार्षदों का शपथ ग्रहण होगा। उसी दिन डिप्टी मेयर का चुनाव भी होगा। डिप्टी मेयर बनने की रेस में कई दावेदार हैं। लेकिन इस बार डिप्टी मेयर की कुर्सी काफी महंगी हो गई है। क्योंकि, पिछले दो चुनाव में जिस तरह वार्डों में भाजपा नेताओं का दबदबा था, वह किला इस बार ध्वस्त हो गया है। पिछली बार 53 में 27 से वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते थे। लेकिन इस बार इनकी संख्या 16 पर सिमट गई है। मतलब भाजपा के कोटे में 11 पार्षद कम हो गए हैं। इस चुनाव में कांग्रेस से जुड़े सबसे अधिक 18 नेता पार्षद बने हैं। वहीं, झामुमो से जुड़े 7, राजद से जुड़े 3 और 9 नए चेहरे जीतकर आए हैं। इसलिए भाजपा के लिए सीधे तौर पर डिप्टी मेयर की कुर्सी हासिल करना बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में भाजपा ने 9 नए चेहरों को अपने पाले में करने के लिए पासा फेंक दिया है। नए चेहरों से संपर्क साधा जा रहा है। क्योंकि, भाजपा से जुड़े वार्ड 1 से तीसरी बार पार्षद बने नकुल तिर्की और वार्ड 20 से जीते सुनील यादव दावेदारी कर रहे हैं। इसी बीच वार्ड 27 से जीतने वाली बबली सोनी को भाजपा अपने पाले में लाने में जुट गई है। क्योंकि, डिप्टी मेयर के लिए सोनी भी मजबूती से दावेदारी कर रही हैं। इधर, कांग्रेस से जुड़ी वार्ड 18 की पार्षद आशा देवी डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। तीसरी बार लगातार जीत दर्ज की है। वहीं, झामुमो से वार्ड 21 से मो. एहतेशाम चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। पार्षदों में बिखराव नहीं हो, इसलिए कांग्रेस- झामुमो एक साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। वहीं, वार्ड 22 के पार्षद मो. असलम और वार्ड 17 के पार्षद मो. सलाउद्दीन भी डिप्टी मेयर चुनाव लड़ेंगे। गैर आदिवासी के बनने की संभावना, अल्पसंख्यक भी दावेदार डिप्टी मेयर की कुर्सी पर गैर आदिवासी पुरुष पार्षद को बैठाने का समीकरण तैयार किया जा रहा है। क्योंकि, मेयर की कुर्सी आदिवासी महिला के पास चली गई है। इसलिए कांग्रेस-झामुमो किसी अल्पसंख्यक पुरुष पार्षद को चुनाव में उतार सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस कोटे से महिला पार्षद को डिप्टी मेयर बनाने के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। दूसरी ओर वार्ड 22 से मो. असलम और वार्ड 17 से मो. सलाउद्दीन भी अपनी दावेदारी मजबूत किए हुए हैं। इन दावेदारों की मजबूती की वजह... नकुल तिर्की : वार्ड एक से तीन बार पार्षद रहे। एक बार इनकी प|ी पार्षद रहीं। भाजपा से जुड़े हैं। क्षेत्र में अच्छी पकड़ और अनुभव है। लेकिन 25 पार्षदों का जुगाड़ करना चुनौती होगी। सुनील यादव : वार्ड 20 से तीन बार पार्षद बने। एक बार इनकी प|ी पार्षद रही हैं। अपर बाजार जैसे क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। भाजपा से जुड़े हैं। पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए दावेदारी कर रहे हैं। बबली सोनी : किसी पार्टी से नहीं जुड़ी हैं, लेकिन भाजपा नेता का समर्थन है। भाजपा में शामिल करने की कवायद चल रही है। महिला पार्षदों में मजबूत दावेदार हैं। क्योंकि, कई पार्षदों को मैनेज करने में भाजपा नेता लगे हुए हैं। आशा देवी : वार्ड 18 से सबसे अधिक पैसा खर्च करने वाली प्रत्याशी सोमवित माजी को पटखनी दी है। तीसरी बार पार्षद बनी है। भाई राजेश गुप्ता छोटू कांग्रेस के पुराने और पकड़ वाले नेता हैं। इसलिए कांग्रेस का समर्थन मिल सकता है। मो. एहतेशाम : वार्ड 21 से तीसरी बार पार्षद बने। एक बार इनकी प|ी पार्षद रही हैं। झामुमो से जुड़े। सभी क्षेत्रों में अच्छी पकड़ है। पार्टी का भी सपोर्ट है। ऐसे में मजबूत दावेदार हो सकते हैं। मो. असलम : वार्ड 22 से लगातार तीसरी बार पार्षद बने। एक बार इनकी प|ी पार्षद बनी थीं। रांची में सबसे अधिक 5226 वोट से जीते हैं। रांची की अच्छी समझ है। जनता के मुद्दे को लेकर अफसरों को घेरने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए दावेदारी मजबूत है। मो. सलाउद्दीन : वार्ड 17 से चुनाव जीते हैं। इनकी प|ी भी वार्ड 16 से पार्षद बनी हैं। क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। निगम बोर्ड की बैठक में जनता के मुद्दे पर मुखर रहे हैं। इसलिए दावेदारी मजबूत है। पार्षद अब चुनाव का खर्च निकालने में जुटे, वारा-न्यारा शुरू डिप्टी मेयर की कुर्सी का सपना देखने वाले पार्षदों के लिए अपने पाले में 25 पार्षदों को लाना बड़ी चुनौती बन गई है। क्योंिक, अब पार्षद इसी बहाने चुनाव में हुए खर्च निकालने का जुगाड़ लगाने में लग गए हैं। चुनाव में जीत दर्ज करने वाले कई पार्षदों ने निर्धारित राशि पांच लाख रुपए से अधिक खर्च की है। इससे उनका बजट बिगड़ गया है। लेकिन डिप्टी मेयर का चुनाव उनके लिए वरदान बन गया है। डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ने वाले संभावित पार्षद सबसे पहले मित्रता- परिचय के आधार पर पार्षद जोड़ रहे हैं। इसके साथ खर्च का वहन करने का वादा भी कर रहे हैं। शनिवार देर रात तक पार्षदों की घेराबंदी के लिए कई स्तर पर बैठकों का दौर जारी था। अब राजनीतिक दल भी डिप्टी मेयर का चुनाव कराने में जुटेगी।
राजस्थान में समय से पहले गर्मी की दस्तक ने लोगों के पसीने छुटा दिए। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिनभर आसमान साफ रहा और तेज धूप रही। बाड़मेर के बाद फतेहपुर ऐसा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर, पिलानी, बीकानेर में अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले 2 दिन मौसम में कोई विशेष बदलाव नहीं होने, जबकि होली, धुलंडी पर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी होने की संभावना जताते हुए तेज गर्मी रहने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा गर्मी सीकर के पास फतेहपुर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दोपहर के बाद चूरू, जयपुर, अलवर के एरिया में कहीं-कहीं हल्के बादल छाए और इन शहरों में हल्की उमस भी रही। जयपुर, बाड़मेर में रात में भी हल्की गर्मी राजधानी जयपुर, बाड़मेर, फलोदी में शनिवार रात में भी हल्की गर्मी महसूस हुई। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। फलोदी में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर में 21.4, जयपुर में 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मार्च के पहले सप्ताह में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने राज्य में मार्च के महीने में तेज गर्मी का अनुमान जताया है। संभावना है कि मार्च के तीसरे सप्ताह से कई शहरों में हीटवेव का भी दौर शुरू हो सकता है। वहीं मार्च के पहले सप्ताह में तेज गर्मी पड़ने की भी संभावना है। इस दौरान अधिकांश शहरों का तापमान 31 से 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
राजधानी रांची को एक मॉडल शहर बनाने की दिशा में काम करेंगे : रोशनी खलखो
रांची नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित महापौर प्रत्याशी रौशनी खलखो ने अपार मतों से ऐतिहासिक विजय दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई और शहर में जश्न का माहौल बन गया। इसी उपलक्ष्य में रविवार अपराह्न 1 बजे ओटीसी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक भव्य विजय यात्रा निकाली गई। विजय यात्रा के दौरान रोशनी खलखो ने कहा कि रांची नगर निगम में अब विकास कार्यों को गति दी जाएगी। स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण मुक्ति और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। आश्वस्त किया कि वे सभी वर्गों को साथ लेकर चलेंगी और रांची को एक मॉडल शहर बनाने की दिशा में काम करेंगी। रोशनी खलखो ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत रांची की जनता की जीत है। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों व जयकारों के साथ महापौर का किया स्वागत विजय यात्रा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी. सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल सहित भाजपा के प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयकारों के साथ नवनिर्वाचित महापौर का स्वागत किया। नेताओं ने इसे विकास और सुशासन पर जनता की मुहर बताया। विजय यात्रा ओटीसी मैदान से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर समाप्त हुई, जहां समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
दुबई में फंसा रांची का युवक, वीडियो भेज परिजनों को दी युद्ध की जानकारी
रांची| दुबई में काम की तलाश में गए रांची के एक युवक ने अपने परिजनों को वीडियो रिकॉर्डिंग भेजकर वहां चल रहे युद्ध की जानकारी दी है। वीडियो में उस युवक ने कहा कि यहां के हालात गंभीर हैं। वह स्वदेश लौटना चाहता है, पर उसे कुछ उपाय नहीं दिख रहा है। इसकी जानकारी मिलने के बाद रांची में रहने वाले युवक के परिजनों ने चिंता जताई है और तत्काल वहां से किसी तरह निकलने का आग्रह किया है। बताया जाता है कि दुबई में रांची समेत झारखंड के अन्य लोग भी फंसे हो सकते हैं और सभी लगातार वहां से सुरक्षित स्वदेश लौटने की कोशिश में हैं। मालूम हो कि अमेरिका व इस्राइल ने ईरान समेत खाड़ी के कुछ देशों पर हमला कर दिया है, जिससे वहां की स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है। रोजगार की तलाश में झारखंड समेत बिहार के लोग बड़ी संख्या में खाड़ी देशों में जाते हैं।
इंदौर में मेंस राइट्स के लिए कार्यरत संस्था ‘पौरुष’ इस बार अलग तरीके से होली का दहन करेगी। 2 मार्च को शाम 4 बजे महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड के सामने ‘पुत्र-हंता होलिका’ का दहन किया जाएगा। थीम पौराणिक ही है, जिसमें असुर राजा हिरण्यकश्यप अपने बेटे भक्त प्रहलाद को बहन होलिका के माध्यम से आग में जलाकर मारने का कुत्सित प्रयास किया था। लेकिन, चेहरे महिला आरोपियों के होंगे। ये देश की वे 11 आरोपी महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने बच्चों की जघन्य तरीके से हत्या की थी। इसमें दो आरोपी महिलाओं को निचली कोर्ट फांसी की सजा हो चुकी है। बाकी महिलाओं के केस विधाराधीन है। संभवत: ऐसा यह पहली बार हो, जब देश में इस थीम पर होलिका का दहन किया जाएगा। बेटे के टुकड़ों को सूटकेस में भर दिया संस्था अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा का कहना है कि होलिका के पुतले में बीच में बेंगलुरू की सीईओ सूचना सेठ का चेहरा रहेगा। उसने कोर्ट के आदेश के बावजूद अपने 4 वर्षीय बेटे को इंडोनेशियन एनआरई पति वेंकटरमण से नहीं मिलने दिया। यही नहीं उसने गोवा के होटल में ले जाकर मासूम बेटे के 34 टुकड़े कर दिए थे। फिर उन टुकड़ों को सूटकेस में भर दिया। होलिका के अन्य चेहरों में उत्तर प्रदेश की सीमा, मुस्कान, प्रियंका और दुर्गावती, तमिलनाडु की भारती व शरण्य, राजस्थान की संजू, ग्वालियर की ज्योति राठौर, हरियाणा की पूनम, गुजरात की सुनीता शर्मा जैसी आरोपी मां शामिल हैं। जानिए, आरोपी महिलाओं के खौफनाक किस्से सामाजिक जागृति के लिए जरूरी संस्था सदस्य मिलिंद अग्रवाल ने बताया कि समाज में फैली गंदी सोच को उजागर करने और परिवारों को तबाही से बचाने के लिए सामाजिक जागृति के लिए जघन्य आरोपी मांओं की होलिका के रूप में दहन किया जाएगा। महिला कानूनों के दुरुपयोग से ग्रसित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा इस आयोजन में शामिल होना चाहिए। बच्चों को लेकर भी कानून सही नहीं है। कानून में बच्चों को उनके पिता को मिलने के लिए माह में तीन घंटे की सुविधा है, जो अन्याय है। कई पिता तो ऐसे हैं जो पांच, सात साल अपने बच्चों को चेहरा भी नहीं देख सके हैं। 15 सालों से इंदौर में सक्रिय है पौरुष संस्था पौरुष इंदौर में पिछले 15 वर्षों से मेंस राइट्स के लिए कार्यरत है। संस्था झूठे दहेज प्रकरण, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, चाइल्ड कस्टडी, चाइल्ड विजिटेशन, तलाक और अन्य महिला कानूनों के दुरुपयोग से प्रभावित परिवारों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की काउंसिलिंग करती है। साथ ही निःशुल्क कानूनी सहायता भी प्रदान करती है। अवैध गिरफ्तारी और रिश्वत मांगने जैसे मामलों में भी संस्था पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का कार्य करती है। संस्था वर्ष 2011 से सक्रिय है, जबकि इसका पंजीकरण वर्ष 2018 में कराया गया। संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा हैं। संस्था समय-समय पर विभिन्न आयोजन करती रहती है। इससे पहले भी इंदौर में संस्था ने सोनम रघुवंशी का पुतला दहन करने का ऐलान किया था। दशहरा पर पुतला दहन प्रस्तावित था, लेकिन सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने 25 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा था कि जब तक कोर्ट द्वारा दोष सिद्ध नहीं किया जाता, तब तक इस तरह के आयोजन को रोका जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने पुतला दहन पर रोक लगाते हुए कहा था कि ऐसा कृत्य लोकतांत्रिक रूप से पूरी तरह अस्वीकार्य है। देखिए आयोजन से जुड़ी तस्वीरें
सरकारी जमीन मुक्त:‘मस्जिद’ के नाम पर अवैध निर्माण... MYH के पीछे 25 हजार वर्गफीट कब्जा हटाया
एमवायएच के पीछे और सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के पास मस्जिद के नाम पर किए गए अवैध निर्माण को प्रशासन ने शनिवार को तोड़ दिया। करीब 25 हजार वर्गफीट शासकीय जमीन कब्जे से मुक्त करवाई। डेढ़ घंटे चली कार्रवाई में बाउंड्रीवॉल, कॉमन टॉयलेट, हॉल के आगे का हिस्सा और गार्डन एरिया जेसीबी से हटाया गया। सुबह 7.30 बजे एसडीएम घनश्याम धनगर, तहसीलदार कमलेश कुशवाह, एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा, एसीपी तुषार सिंह, निगम जेडओ गीतेश तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दो पोकलेन, तीन जेसीबी, 100 निगमकर्मी व 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे। कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन समझाइश के बाद कार्रवाई जारी रही। प्रशासन ने हॉल का शेष हिस्सा मस्जिद कमेटी को 7 दिन में हटाने के निर्देश दिए। कार्रवाई तहसीलदार कोर्ट के आदेश पर की गई, जिसमें 300 वर्ग फीट मस्जिद छोड़ अन्य निर्माण को अवैध माना गया था। तहसीलदार कोर्ट में दावे खारिजसरकारी जमीन पर अतिक्रमण मामले में तहसीलदार कोर्ट ने वक्फ बोर्ड व मस्जिद प्रबंधन के दावों को खारिज कर दिया था। तहसीलदार कमलेश कुशवाह ने आदेश में कहा कि 1985 में केवल 300 वर्ग फीट निर्माण की अनुमति थी, जबकि बाद में करीब 30 हजार वर्ग फीट तक विस्तार कर लिया गया। नजूल रिकॉर्ड में शासकीय भूमि दर्जएसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार जमीन जूनी इंदौर तहसील के सीआरपी लाइन क्षेत्र स्थित ब्लॉक नंबर 12 (नया सर्वे 38) में है। करीब 0.70 एकड़ भूमि नजूल रिकॉर्ड में शासकीय दर्ज है। यह रेसीडेंसी एरिया के अनसर्वेड हिस्से में आती है। स्थानीय शिकायत पर मामला कोर्ट पहुंचा था। दस्तावेज में ‘मस्जिद’ शब्द अलग हैंडराइटिंगजांच में सामने आया कि 9 सितंबर 1985 को दी गई अनुमति में मस्जिद का निर्माण केवल 300 वर्ग फीट क्षेत्र में स्वीकृत था। गूगल सैटेलाइट इमेज से भी पुष्टि होती है कि प्रारंभिक निर्माण छोटा था। बाद में दस्तावेज में ‘मस्जिद’ शब्द अलग हैंडराइटिंग से जोड़ा गया।
पीबीएम हॉस्पिटल परिसर में यूरोलॉजी विभाग के यूरो साइंसेज सेंटर की बिल्डिंग 9 साल में करीब 12.50 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी अनसेफ है। 100 बेड के सेंटर में 150 मरीज भर्ती हैं। नेफ्रोलॉजी विभाग में किडनी के मरीजों की डायलिसिस का हॉल ही जर्जर हालत में है। बिल्डिंग अधूरी और जर्जर होने के कारण किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू नहीं हो पा रही है। एसपी मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के लिए दानदाता और यूआईटी ने मिलकर यूरो साइंसेज सेंटर के लिए अलग-अलग भाग का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य 2008 से 2017 तक रुक-रुक कर होता रहा। हालात यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी दोनों ही भाग अधूरे पड़े हैं। छत पर वार्ड बनाए जाने थे, लेकिन नहीं बनाए गए। छत को भी ऐसे ही छोड़ दिया गया। बारिश के कारण पानी भरने से सरिए फूल चुके हैं। मरीजों के लिए लिफ्ट तक नहीं है। पीडब्ल्यूडी ने बिल्डिंग को अनसेफ घोषित कर दिया है। पिछले दिनों अहमदाबाद से आए इंजीनियरों ने बिल्डिंग को बंद करने का सुझाव दिया था। दरअसल इस बिल्डिंग के लिए शुरू में दानदाता ने 2.50 करोड़ दिए थे। बाद में दानदाता और यूआईटी ने 4.50-4.50 करोड़ खर्च करने की बात कही। बताया जा रहा है कि पूरा पैसा खर्च ही नहीं किया और बिल्डिंग को अधूरा छोड़ दिया गया। कॉलेज प्रशासन और यूआईटी ने भी इसकी कोई जांच तक नहीं कराई। अब इसे तोड़कर दोबारा तैयार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज ने जिला कलेक्टर से डीएमएफटी के तहत बिल्डिंग के लिए 6.7 करोड़ रुपए मांगे हैं। भास्कर इनसाइट- उपकरणों के लिए 14 करोड़ नहीं मिल रहे यूरोलॉजी विभाग में उपकरणों की खरीद के लिए पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने सीएसआर फंड से 14 करोड़ रुपए देने का आश्वासन दिया था। यह पैसा समय पर नहीं मिला तो पीएम रिलीफ फंड में ट्रांसफर हो जाएगा। इसकी फाइल ऊर्जा विभाग में अटकी हुई है। कॉलेज प्रशासन कई बार चक्कर लगा चुका है, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ी। यदि यह बजट मिलता है तो यूरोलॉजी के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद की जा सकेगी। इससे मरीजों का इलाज और सुगम हो सकेगा। किडनी ट्रांसप्लांट शुरू नहीं हो पा रहा संभाग के सबसे बड़े पीबीएम हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा यूरो साइंसेज बिल्डिंग के कारण शुरू नहीं हो पा रही है, जबकि डॉक्टरों और स्टाफ की ट्रेनिंग हो चुकी है। सेंटर में 100 बेड के लिए माकूल वार्ड, 20 प्राइवेट कॉटेज और लिफ्ट की जरूरत बताई गई है। वर्तमान में 96 बेड हैं, लेकिन मरीजों का भार 150 प्रतिशत तक है। इस बिल्डिंग के आधुनिक तरीके से भव्य निर्माण होने पर संभाग के चारों जिलों सहित आसपास के 50 हजार से ज्यादा मरीजों को फायदा होगा। बिल्डिंग सिर्फ 40% ही बनी यूरो साइंसेज सेंटर की बिल्डिंग का काम 40 प्रतिशत ही हो पाया है। 60 फीसदी निर्माण कार्य बाकी है। मानव सेवा समिति ने करीब 60 लाख रुपए खर्च कर फर्नीचर उपलब्ध कराया, तब जाकर डॉक्टरों को बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां नसीब हुईं। बिल्डिंग में दीवारें, छत, गुंबद, प्लास्टर, लैंडस्केपिंग, पार्किंग और लिफ्ट का काम बाकी पड़ा है। मेडिकल कॉलेज की एक रिपोर्ट में निर्माण कार्य घटिया स्तर का बताया गया है। ''यूरो साइंसेज सेंटर की बिल्डिंग निर्माण के लिए जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने बिल्डिंग अनसेफ बता दी है। नया भवन बनने तक मरीजों को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।-डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, प्रिंसिपल, एसपी मेडिकल कॉलेज
पेस्ट कंट्रोल पर सवाल, संक्रमण का खतरा:एमवायएच - बार-बार ‘रास्ता’ काट रही बिल्ली, अब ओटी तक पहुंची
एमवाय अस्पताल में फिर गंभीर चूक सामने आई है। शनिवार को एक बिल्ली ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच गई। सर्जरी ओटी से मेन ओटी तक मूवमेंट देखा गया। ओटी में बिल्ली की चहलकदमी से संक्रमण की आशंका है। इससे पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पर प्रबंधन ने संबंधित कंपनी को एक और नोटिस दिया। काम संभालने के बाद दो महीने में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर कंपनी को आधा दर्जन नोटिस दिए जा चुके हैं। हाई रिस्क जोन में है ओटीऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और लेबर रूम ‘वैरी हाई रिस्क’ क्षेत्र हैं, जहां संक्रमण मुक्त वातावरण जरूरी है। ऐसे क्षेत्रों में बाहरी जीव की मौजूदगी मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत संक्रमण जोखिम बढ़ाती है। स्टाफ का कहना है ओटी परिसर में रक्त और जैविक अपशिष्ट की गंध जानवरों को आकर्षित कर सकती है, इसलिए प्रवेश नियंत्रण और कचरा प्रबंधन दोनों का सख्त होना जरूरी है। एमवाय में हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव, टीबी, एचआईवी संक्रमित और गंभीर गैंगरीन की सर्जरी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे में संक्रमण नियंत्रण में चूक से स्थिति गंभीर हो सकती है। मॉनिटरिंग में लापरवाहीफैसिलिटी मैनेजमेंट के तहत सफाई, सुरक्षा और कम्प्रेहेंसिव पेस्ट कंट्रोल का जिम्मा निजी एजेंसी को दिया है। पेस्ट कंट्रोल साप्ताहिक आधार पर किए जाने का दावा है। हालांकि लगातार सामने आ रही घटनाएं संकेत देती हैं कि मैदानी निगरानी प्रभावी नहीं है। भास्कर इनसाइट - चूहे-बिल्ली के मामले 6 माह से लगातार सामने आ रहे 31 अगस्त 2025 : एनआईसीयू में भर्ती एक नवजात बच्ची के पैर के पंजे और एड़ी चूहों द्वारा कुतरने की घटना सामने आई।2 सितंबर 2025 : उसी वार्ड में एक अन्य नवजात के सिर पर चूहे द्वारा कुतरने की घटना हुई। बाद में संक्रमण और अन्य जटिलताओं के चलते दोनों नवजातों की मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मृत्यु का कारण पूर्व संक्रमण और चिकित्सकीय जटिलताएं बताया।10 सितंबर 2025 : चूहों की समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने निजी पेस्ट कंट्रोल एजेंसी पर 1 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया। परिसर में पिंजरे और ग्लू ट्रैप लगाए गए तथा अतिरिक्त पेस्ट कंट्रोल कार्रवाई की गई।15 फरवरी 2026 : अस्पताल के एचआईवी (एआरटी सेंटर) वार्ड और ओटी कॉम्प्लेक्स के पास बिल्लियों की आवाजाही देखी गई, जिससे संक्रमण नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ी।19 फरवरी 2026 : अस्पताल परिसर में बिल्ली द्वारा बच्चों को जन्म देने का वीडियो वायरल हुआ। वार्ड के भीतर जानवरों की मौजूदगी ने सुरक्षा और स्वच्छता पर फिर सवाल खड़े किए।21 फरवरी 2026 : बिल्लियों की एंट्री रोकने में विफल रहने पर सफाई व्यवस्था संभाल रही एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। अस्पताल प्रशासन ने जानवरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए और नगर निगम की मदद ली। मामला जानकारी में है, एजेंसी लापरवाह, फिर दे रहे नोटिसमामला जानकारी में आया है। कई बार चेतावनी के बाद भी कंपनी द्वारा सफाई और सुरक्षा में लापरवाही की जा रही है। इस संबंध में नोटिस जारी किया है। स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। - डॉ. अशोक यादव, अधीक्षक, एमवायएच
कुछ सोशल मीडिया इनफ्लुंजर पर ब्रज की होली को बदनाम करने का आरोप लगा है। अपने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ इन्फ्लुंजर वीडियो पोस्ट करते हुए दावा कर रहे हैं कि लट्ठमार होली के दौरान महिला और लड़कियों से अभद्रता और बदतमीजी की गई। सोशल मीडिया पर होली को बदनाम करने के वीडियो पोस्ट होने के बाद मथुरा पुलिस हरकत में आई और होली को बदनाम करने वाले इन्फ्लुंजर की पहचान कर उनके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर किये वीडियो पोस्ट ब्रज की सुप्रसिद्ध होली को देखने के लिए देश विदेश से लाखों की संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। इस होली को विश्व में फोटो,वीडियो के जरिये घर घर पहुंचाने में मीडिया सक्रीय भूमिका निभा रही है वहीं बड़ी संख्या में सोशल मीडिया इंफ्लूजर भी यहां की होली के वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे लोग हैं जो पुराने वीडियो इस वर्ष के बताकर ब्रज की होली को बदनाम कर रहे हैं। पोस्ट किये जा रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है लट्ठमार होली के दौरान लड़कियों और महिलाओं से अभद्रता और बदसलूकी की गयी। पुराने वीडियो से होली की छवि बिगाड़ने वालों पर कसा शिकंजा सोशल मीडिया इंफ्लूजर द्वारा ब्रज की होली को बदनाम करने की साजिश अब भारी पड़ने वाली है। बरसाना की लठामार होली, वृंदावन और मथुरा में रंगभरनी एकादशी के दौरान महिलाओं व युवतियों के साथ जबरन रंग लगाने और अभद्रता से जुड़े पुराने वीडियो फिर से प्रसारित कर धार्मिक नगरी की छवि धूमिल करने वालों पर पुलिस सख्त हो गई है। एसएसपी के निर्देश पर पुराने वीडियो चलाने वाले यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बदनाम करने वाले इंफ्लूजर किये जायेंगे नामजद ब्रज की होली विश्व विख्यात सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा है, जिसे कुछ लोग सनसनी फैलाने और व्यूज बटोरने के लिए गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। कई वर्ष पुराने वीडियो को इस वर्ष का बताकर प्रसारित किया जा रहा है। जिससे देश-विदेश में गलत संदेश जा रहा है। इससे न सिर्फ धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी प्रश्न चिह्न खड़ा होता है। एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर पुलिस की आइटी सेल ने ऐसे वीडियो और अकाउंट की पहचान का काम शुरू कर दिया है। किया जायेगा मुकदद्मा दर्ज साइबर सेल सोशल मीडिया के विभिन्न अकाउंट्स की निगरानी कर रही है और उन लिंक, चैनलों व प्रोफाइल्स की सूची तैयार कर रही है, जो पुराने और भ्रामक वीडियो को नए वीडियो का बताकर पेश कर रहे हैं। जांच के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि त्योहार आस्था और उल्लास का प्रतीक हैं। इन्हें सस्ती लोकप्रियता और फर्जी प्रचार का माध्यम बनाने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ब्रज की परंपरा के नाम पर अव्यवस्था फैलाने या पुरानी घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। त्रेता से डाल रहे विघ्न ब्रज की होली को बदनाम करने के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार में चीनी मिल और गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि त्रेता युग में विश्वामित्र का यज्ञ विध्वंस किया तभी तो भगवान राम और लक्ष्मण को लेकर गए। जब त्रेता युग में ऐसे लोग पैदा होते रहे हैं तो अब तो कोई बात ही नहीं है।
हिसार के सीनियर न्योरोसर्जन डॉक्टर उमेश कालड़ा के आवास और अस्पतालों पर इन्कम टैक्स की रेड 84 घंटे बाद खत्म हो गई है। शनिवार तक इन्कम टैक्स की टीमें सर्वे करती रहीं। टीम अपने साथ कुछ कागजात और अस्पताल का रिकॉर्ड ले गई है। इसके अलावा सर्वोदय अस्पताल बिक्री के संबंधित दस्तावेजों को भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। बुधवार 25 फरवरी सुबह 6 बजे इन्कम टैक्स की टीमों ने रेड की थी। सभी तरह की जांच के बाद अब नारनौल के रहने वाले डॉक्टर विनित यादव इनकम टैक्स की रड़ार पर हैं। हिसार में उन्होंने मार्च 2025 में डॉक्टर उमेश कालड़ा से सर्वोदय अस्पताल की डील की थी। 102 करोड़ रुपए में पूरा सौदा हुआ था। इसके बाद सर्वोदय अस्पताल के खातों में वित्तिय गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच में पता चला कि सर्वोदय अस्पताल बेचने के बाद भी डॉ. उमेश कालड़ा का पेन कार्ड नए अकाउंट के साथ अटैच किया गया था। इस कारण आयकर टीमें डॉ. उमेश के यहां पहुंची। हालांकि डॉ. उमेश ने यह स्पष्ट किया कि वह यह अस्पताल अगस्त 2025 में डॉ. विनित यादव को सेल कर चुके हैं। डॉ. उमेश यादव ने एग्रीमेंट आयकर विभाग के अधिकारियों दिखाया। अस्पताल के कमरे सील किएआयकर विभाग की टीम ने सर्वोदय अस्पताल के कमरे सील कर दिए हैं। इसके अलावा पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में कर लिया है। आयकर विभाग की गुरुग्राम शाखा के ज्वाइंट कमिश्नर गौरव बंसल की अगुवाई में पूरे छापामार कार्रवाई की गई। इस टीमें रोहतक, अंबाला और चंडीगढ़ के भी अधिकारी शामिल रहे। दैनिक भास्कर एप ने डॉ. उमेश कालड़ा से बात की तो उन्होंने बताया कि टीम ने यहां तीन दिन तक जांच की मगर टीम के हाथ ऐसा कुछ नहीं लगा। सर्वेश अस्पताल और रिश्तेदारों के यहां भी सर्वे हो चुका है और टीमें चली गई हैं। विनित यादव ने छह महीने में 8 अस्पताल खरीदेंजांच में पता चला कि 102 करोड़ रुपए में सर्वोदय अस्पताल खरीदने के बाद भी डॉ. विनित ने 8 अस्पताल और खरीद लिए। जांच में सामने आया कि डॉ. विनित ने डॉ. उमेश कालड़ा को पूरी पेमेंट किए बिना ही सर्वोदय अस्पताल को शुरू कर दिया जबकि कागजातों में लिखा है कि पूरी पेमेंट के बाद ही वह अस्पताल को संचालित कर पाएंगे। टीम ने जांच में पाया कि सर्वोदय अस्पताल में 95 बेड हैं और 200 बेड के बिल बने हुए हैं। इसके अलावा और भी कई अनियमिताएं पाई गई। टीम ने उमेश कालड़ा के सर्वेश अस्पताल में पार्टनर डॉ. राजकुमार आहुजा, डॉ. मदान और सेक्टर 13 में डॉ. अविराज के यहां भी छापेमारी की।
हम लोग बनारस घूमने के लिए जा रहे थे, इसके लिए हमने पांच–छह दिन पहले ऑनलाइन बस टिकट बुक किया था। उस समय किराया करीब दो हजार रुपए था, लेकिन आज सुबह अचानक मैसेज आया कि हमारी टिकट कैंसिल हो गई है। अब जब दोबारा टिकट देखने जा रहे हैं तो कीमत दोगुना दिखा रही है। भोपाल के रहने वाले सिद्धेश्वर कर्राहे ने ये तकलीफ बयां की। ऐसी दिक्कत का सामना उन्हें ही नहीं बल्कि कई यात्रियों को करना पड़ा। कई यात्रियों ने दोगुना किराया देकर यात्रा शुरू की तो कई ने यात्रा रद्द कर दी। दरअसल, मध्यप्रदेश में नई परिवहन नीति के खिलाफ प्रदेशभर के बस ऑपरेटर्स ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। हालांकि दो दिन पहले ही ऑनलाइन टिकट कैंसिल बता दिया गया और ऑफलाइन रेट 3 गुना तक बढ़ा दिए गए। शनिवार देर रात चर्चा के बाद बस संचालकों की सीएम और प्रशासन से कुछ मांगों पर सहमति बनने से दो मार्च से होने वाली हड़ताल स्थगित हो गई है। यात्री और विशेषज्ञ हड़ताल के ऐलान को पैसे लूटने का ड्रामा तक करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि दिवाली पर भी ऐसा ही ड्रामा किया गया था और मुनाफाखोरी के बाद सब काम पर लग गए थे। अचानक टिकट कैंसिल होने से यात्रियों की कैसी फजीहत हुई? नई परिवहन नीति में ऐसा क्या है जिसके विरोध में बस संचालक उतरे हैं? क्या हड़ताल की चेतावनी एक बार फिर मुनाफाखोरी का ड्रामा थी…इस रिपोर्ट में पढ़िए… ट्रेन की कन्फर्म टिकट न बस की कोई गारंटी आईएसबीटी बस स्टैंड पर विनय पांडेय मिले। उन्होंने बताया कि ट्रेन में लंबी वेटिंग के चलते भोपाल से रीवा बस से जाने का प्लान बनाया था, लेकिन बस ऑपरेटर्स की हड़ताल के चलते दुविधा में फंसे हैं। उन्होंने कहा, होली पर घर जाना था। ट्रेन की कन्फर्म टिकट नहीं मिल रही है और न बस की कोई गारंटी है। अब बस का किराया भी पहले से डबल हो गया है। महंगी हुआ टिकट, दिवाली में फ्लाइट के बराबर थे रेट अभी भी कई रूटों पर टिकटों के दाम बढ़ गए हैं। भोपाल से वाराणसी के लिए 3 मार्च का टिकट 5-6 हजार रुपए हो गया है, जो आम दिनों में 1200 रुपए तक होता है। भोपाल से मुंबई का किराया 7 हजार तक दर्शाया गया है, जो आम दिनों में 1500 तक होता है। यह पहली बार नहीं है जब त्योहारों पर बस संचालकों की मनमानी चल रही है। पिछले साल दिवाली में भी कई बसों में आग लगने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तो कई ऑपरेटर्स ने बसों का संचालन रोक दिया। इसकी आड़ में कई ने यात्रियों से पांच से छह गुना तक किराया वसूला था। 800-900 की जगह 4 से 5 हजार तक वसूला गया था। नई परिवहन नीति में ऐसा क्या जिसका विरोध… मध्यप्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति का उद्देश्य प्रदेश में बस सेवा को संगठित, सस्ती और तकनीक आधारित बनाना है। इसके तहत ‘मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा’ शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी मिले। सरकार चाहती है कि यात्रियों को नियमित, सुरक्षित और समयबद्ध बस सेवा उपलब्ध हो। इस योजना के लिए 101 करोड़ 20 लाख रुपए की प्रारंभिक अंशपूंजी स्वीकृत की गई है। राज्य स्तर पर एक होल्डिंग कंपनी बनाई जाएगी, जो विभिन्न कंपनियों और रूट संचालन पर नियंत्रण रखेगी। बस स्टैंड और अन्य अधोसंरचना का विकास PPP मॉडल पर किया जाएगा। निजी बस ऑपरेटर्स को भी तय रूट और अनुबंध के तहत जोड़ा जाएगा। साथ ही, बस संचालन की निगरानी के लिए आईटी प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जिससे पूरी व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी बने। रूट होल्डिंग कंपनी के हाथ में जाने की आशंका नई परिवहन नीति को लेकर निजी बस संचालकों की मनमानी खत्म हो सकती है। ऑपरेटर्स को डर है कि कहीं यह मॉडल उनके पारंपरिक संचालन को सीमित न कर दे।सभी रूट होल्डिंग कंपनी के नियंत्रण में आ गए और अनुबंध आधारित व्यवस्था लागू हुई, तो स्वतंत्र रूप से बस चलाने की छूट कम हो सकती है। साथ ही, सरकारी या अर्ध-सरकारी बसों की एंट्री से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे मुनाफा घटने का अंदेशा है। आने वाले समय मे हमारे धंधे पर बड़ी निजी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा और छोटे बस ऑपरेटर खत्म हो जाएंगे। बस संचालकों पर कार्रवाई हो सकती है यात्री सेवा परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि मध्य प्रदेश में राज्य सड़क परिवहन निगम (एमपीआरटीसी) वर्तमान में अस्तित्व में नहीं है। 1 अप्रैल से सरकार एमपीआरटीसी के माध्यम से वाहनों का संचालन शुरू करना चाहती है। प्रदेश के मोटर मालिकों का दावा है कि संचालन एमपीआरटीसी के जरिए नहीं, बल्कि उनके द्वारा होना चाहिए। इसको लेकर वे सरकार पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर वे कभी भी हड़ताल पर जाते हैं, तो यह जनहित के खिलाफ होगा और यातायात विभाग का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा जारी अनुज्ञापत्र की शर्तों का उल्लंघन करने पर मोटर मालिकों पर जुर्माना, अर्थदंड लग सकता है, साथ ही परमिट निरस्त करने का अधिकार भी विभाग को है।
सेंट पॉल स्कूल और क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़े शहर के महेश (मैक्स) गनोरकर अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के चौथे कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट से नवंबर 2026 में चुनाव लड़ने वाले हैं। भारतीय मूल के गनोरकर न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में 18 सालों से मजबूती से डटे हैं, बल्कि अमेरिकी लोगों को भारतीय संस्कृति और हिंदुत्व के बारे में बिना किसी शास्त्र प्रवचन के आसान भाषा में समझा और सिखा भी रहे हैं। इसके लिए वे एक किताब पर भी काम कर रहे हैं, जो जल्द ही अंग्रेजी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं में भी प्रकाशित की जाएगी। हाल ही में इंदौर आए गनोरकर ने भास्कर से चर्चा में बताया अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के साथ वर्ष 2008 से जुड़े हैं। तब से अब तक उन्होंने अपनी राजनीतिक गतिविधियों के माध्यम से समाजवाद के खिलाफ जमकर आवाज उठाई है। उन्होंने लोगों को अध्यात्म, धर्म, अपनी पहचान और अपने परिवार से जुड़कर रहने का संदेश दिया है। गनोरकर कहते हैं कि अमेरिका को श्रेष्ठ बनाने के लिए जरूरी है कि सभी रंग, वर्ग और संस्कृतियों के लोग एक साथ सामंजस्य बनाकर जिएं। गनोरकर खुद भी अमेरिका में रहकर भारतीय संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं। 1996 में भारतीय मूल की मॉरेशियस महिला से विवाह किया, जिसके बाद उन्होंने तीन बच्चों का ख्याल रखने के लिए नौकरी छोड़कर घर पर रहने का निर्णय लिया। घर संभालते हुए उन्होंने राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया। गनोरकर कहते हैं कि उन्होंने बच्चों को भारतीय परंपरा के अनुसार हर सुबह उठकर पूजा करने के बाद ही घर से निकलने की शिक्षा दी है। साथी हर महीने पूर्णिमा पर उनके निवास पर सत्यनारायण कथा आयोजित की जाती है। गनोरकर मूलतः अमरावती के पास के छोटे से गांव दरियापुर के रहने वाले प्रतिष्ठित जमींदार परिवार के वंशज हैं, जहां पर उनका खेती-बाड़ी का बड़ा काम है। टैरिफ का विरोध, क्योंकि अंततः ग्राहकों को चुकाना पड़ता है मूल्य गनोरकर बताते हैं कि वे भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों में अत्यधिक टैरिफ लगाने के सख्त खिलाफ हैं, क्योंकि किसी भी प्रकार का ट्रेड टैरिफ का भार अंततः आम जनता पर ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे चाहते हैं कि उनकी पार्टी के नेता और अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप पुनः विचार करें और टैरिफ को खत्म करें, जिससे फ्री और फेयर ट्रेड स्थापित किया जा सके। नवंबर में होंगे यूएस कांग्रेस के जनरल इलेक्शन नवंबर में होने वाले जनरल इलेक्शन भारतीय संसद व्यवस्था में लोकसभा चुनाव के समान हैं। हालांकि, अमेरिका में प्रेसीडेंट का चुनाव अलग से होता है। यूएस हाउस ऑफ कांग्रेस में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चयनित कांग्रेस मैन का कार्यकाल 2 वर्ष का होता है। रिपब्लिक पार्टी की ओर से गनोरकर को पिछले महीने टिकट मिला। अब उनके समक्ष डेमोक्रेटिक पार्टी से कौन चुनाव लड़ेगा, इसका निर्णय 3 मार्च को होने वाले डेमोक्रेटिक प्राइमरी इलेक्शन में होगा। डेमोक्रेटिक पार्टी से वैलेरी फूशी, निदा आलम और मैरी पैटरसन टिकट की दौड़ में हैं। वैलेरी फूशी वर्तमान में इस सीट पर निर्वाचित हैं।
राज्य सरकार के मोटे तौर पर कुल 56 विभाग हैं, जिनमें जनता से जुड़े काम होते हैं। तीन साल में लोकायुक्त संगठन ने 30 विभागों में ऐसे रिश्वतखोर कर्मचारियों को रंगेहाथ पकड़ा है जो छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों से रिश्वत मांग रहे थे। राजस्व, गृह, नगरीय विकास और पंचायत व ग्रामीण विभाग रिश्वत मांगने वालों में सबसे आगे हैं। गरीब किसानों की जमीनों का नामांतरण, बंटांकन, ऋण पुस्तिका देने के बदले राजस्व विभाग के पटवारी पकड़े गए हैं। एफआईआर के बाद जमानत के नाम पर मदद करने, चालान कमजोर पेश करने के नाम पर पुलिसकर्मी घूस लेते पकड़े गए हैं। वहीं नगरीय विकास विभाग के तहत आने वाली नगर निगम, पालिकाओं के इंजीनियर, दरोगा, अकाउंटेंट भी पकड़े गए हैं। ट्रैप के साथ ही चालान भी तेजी से पेश कर रहे ट्रैप के साथ ही चालान भी तेजी से पेश किए जा रहे हैं। सजा होने के बाद राजसात की कार्रवाई के प्रकरण भी दायर किए गए हैं। कुल 8 प्रकरणों में 30 करोड़ रुपए से अधिक की काली कमाई को राजसात करने के लिए अर्जी दायर कर की गई है। - डाॅ. राजेश सहाय, लोकायुक्त एसपी भास्कर इनसाइट - नामांतरण, फाइल आगे बढ़ाने, स्कूल मान्यता जैसे मामलों में घूस ली 1. भूमि नामांतरण : खुड़ैल तहसील में एक सरकारी बाबू ने किसान की जमीन का नामांतरण करने के लिए ₹50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।2. राजस्व विभाग : बदनावर तहसील में पटवारी ने मानचित्र सुधारने और फाइल आगे बढ़ाने के लिए ₹20 हजार रुपए की रिश्वत ली।3. नगर निगम : नगर निगम के सुपरवाइजर/ दरोगा को ₹3 हजार रुपए (कई मामलों में 10-20 हजार) की रिश्वत लेते पकड़ा गया। इन मामलों में अक्सर सार्वजनिक सेवाओं का काम जैसे फाइल प्रोसेसिंग, शुल्क छूट, कनेक्शन आदि शामिल थे।4. शिक्षा विभाग : शिक्षा विभाग के एक अधिकारी/प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने स्कूल मान्यता में रियायत देने के लिए लगभग ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी।5. इंदौर नगर निगम के जोनल ऑफिस के सुप्रीटेंडेंट को भी लगभग ₹20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
सर्वाइकल कैंसर से निजात दिलाने एचपीवी टीकाकरण
भास्कर संवाददाता|सागर जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शनिवार से शुरूआत हो गई है। जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर आरती यादव ने दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान शिवाजी वार्ड की कल्पना यादव को जिले का पहला एचपीवी टीका लगाया गया। टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें यू-विन (U-Win) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाण पत्र सौंपा गया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी, सिविल सर्जन डॉ. आरएस जयंत, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष जैन, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. विपिन खटीक, संभागीय प्रोजेक्ट ऑफिसर नीरज नागर सहित सभी डीएचओ, डीपीएम और टीकाकरण टीम उपस्थित रही। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण की सफलता में मुख्य रूप से जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान रहेगा। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में एएनएम शबनम खान ने कुशलतापूर्वक टीकाकरण संपन्न किया। इस दौरान बबीता गौड व पूजा पटेल ने यू-विन पोर्टल पर तत्काल पंजीयन किया। दावा किया जा रहा है कि यह टीका महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है। शासन द्वारा यह टीका मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बाजार में इसका मूल्य कम से कम 4000 रुपए है।
एआई आधारित शोध और प्रबंधन प्रणाली भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार बनेगी '
सागर | राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय में 14वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय पिछले 13 वर्षों से इस शैक्षणिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय उप कुलगुरु प्रो. नीरज तोपखाने ने कराया। सम्मेलन की विषय-वस्तु का औचित्य एसवीएन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च के प्राचार्य प्रो. रवीश कुमार साहू ने प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए उप कुलाधिपति आदित्य प्रखर तिवारी ने कहा कि नवाचार और तकनीक सतत विकास की आधारशिला हैं। एआई आधारित शोध और प्रबंधन प्रणाली भविष्य की प्रगतिशील अर्थव्यवस्था का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि एआई विशाल डेटा का तीव्र और सटीक विश्लेषण कर निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है। कुलगुरु डॉ. ध्रुव कुमार द्विवेदी ने आभार व्यक्त किया। तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों द्वारा प्रश्नोत्तर और शैक्षणिक विमर्श के माध्यम से विषयों की गहन समीक्षा की गई। ज्ञान विनिमय की इस प्रक्रिया ने अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा दी। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. एसपी व्यास ने कहा कि वैज्ञानिक जिज्ञासा को ज्ञान और ज्ञान को आविष्कार में बदलता है। जीवन की सार्थकता तभी है जब उपलब्धियां समाज को सकारात्मक दिशा दें। डॉ. केके राव ने पारिवारिक वातावरण को बच्चों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण बताया। आईजीईसी सागर के प्रो. डॉ. मनीष सोनी ने कहा कि एआई शोध अंतर की पहचान और डेटा विश्लेषण में सहायक है। माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान के प्रो. सीएस मालवी ने सोलर ऊर्जा को स्वच्छ और सतत ऊर्जा स्रोत बताते हुए इसके व्यापक उपयोग पर जोर दिया। होक्काइडो विश्वविद्यालय से संबद्ध सलाहकार डॉ. दीपक सिंह ने तकनीक के संतुलित उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल निर्भरता के दुष्प्रभावों से बचते हुए विवेकपूर्ण उपयोग ही समग्र विकास का मार्ग है। रसायन विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. एपी मिश्रा ने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित सृजनात्मकता का होगा। आयोजन सचिव डॉ. शिवांगी मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। कुलाधिपति डॉ. अजय कुमार तिवारी ने सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में डॉ. सुनीता जैन, डॉ. शैलेन्द्र पाटिल, डॉ. बीवी तिवारी, डॉ. ऋषि चौबे, डॉ. आकाश शर्मा, डॉ. आरके सिंह, डॉ. अभिषेक तिवारी, डॉ. केके शुक्ला, डॉ. सुनीता दीक्षित सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने उपस्थिति रहे।
पुलिस का खुलासा: जमीनी विवाद पर कटरबाजों ने चाकू से की थी हत्या
कोतवाली पुलिस ने रानीपुरा में हुई हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार जमीनी विवाद पर वारदात हुई थी। 5 आरोपियों ने चौरसिया दंपती पर चाकू से हमला किया था। आरोपियों में एक बालिग, बाकी 4 नाबालिग हैं। सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। ज्यादातर आरोपी कटरबाज बताए जा रहे हैं। इनमें तीन पर पहले से अपराध दर्ज हैं। जमानत पर बाहर आए थे। सीएसपी ललित कश्यप ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते समोसा का ठेला लगाने वाले चंद्रेश चौरसिया व उनकी पत्नी पर आरोपियों ने धारदार चाकू से हमला किया था। घटना में गंभीर रूप से घायल चंद्रेश को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घायल पत्नी का इलाज चल रहा है। मामले में कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल व स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24-48 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। उनसे पूछताछ में वारदात का खुलासा हुआ है। आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त चाकू जब्त किया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक चंद्रेश बघेल, प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार, आरक्षक नीलेश, अजय परमार, हेमंत सिंह शामिल थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए लोगों को आश्वस्त किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान के चलते दो चरण में प्रशिक्षण
उज्जैन | मीडिएशन फॉर नेशन कैंपियन 2-0 के अंतर्गत जिला न्यायालय में न्यायाधीशगण हेतु राज्य स्तरीय रेफरल संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। राष्ट्र के लिए अभियान कार्यक्रम न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा मुख्य न्यायाधिपति मप्र उच्च न्यायालय एवं मुख्य-संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व तथा न्यायमूर्ति विवेक रुसिया प्रशासनिक न्यायाधिपति मप्र उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण 14 फरवरी को जबलपुर एवं भोपाल संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु तथा द्वितीय चरण दिनांक 28 फरवरी 2026 को इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के न्यायिक अधिकारियों हेतु आयोजित किया गया।
चोरी की 3 वारदातें, युवक पर हमला किया
शहर में शहर में पिछले कुछ दिनों में चोरी की तीन वारदातें सामने आई हैं। एक वारदात में चोरों ने युवक पर हथियार से हमला किया। युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। तीनों मामलों में पुलिस को अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है। पहली घटना 18 फरवरी की रात करीब 2 बजे की है। पार्श्वनाथ कॉलोनी में मनोहरसिंह सोलंकी के सूने मकान में बदमाशों ने चोरी का प्रयास किया। आवाज सुनकर आसपास के लोग जागे। लोग मौके पर जमा हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी अर्जुन सिंह भी पहुंचे। ललकारने पर बदमाशों ने उन पर हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। अर्जुन सिंह की आंख में गंभीर चोट आई। इंदौर में उनका ऑपरेशन हुआ। सीसीटीवी फुटेज में तीन बदमाश नजर आए हैं। शनिवार को कॉलोनीवासी एसपी प्रदीप शर्मा से मिले। एसपी ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। दूसरी घटना नागझिरी थाना क्षेत्र के मंगल रेसीडेंसी की है। बाइक से आए 3 चोरों में से एक गरिमा जोशी के सूने मकान में घुसा। दरवाजा तोड़ा। नकदी व कीमती सामान चुरा कर ले गया। घटना के समय गरिमा बच्चों के साथ बड़नगर गई थीं। तीसरी घटना नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के वसंत विहार की है। 22-23 फरवरी की दरमियानी रात चार्टर्ड अकाउंटेंट ललित झा के घर में दो बदमाश घुस गए। बदमाशों ने ग्राउंड फ्लोर का ताला तोड़ा और घर में सामान उथल-पुथल किया। घटना के समय ललित परिवार के साथ फर्स्ट फ्लोर पर सो रहे थे। रात करीब 2.30 से 3 बजे के बीच नीचे आवाज आई। उनकी नींद खुल गई। बदमाश फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे। जाली वाला गेट तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। वे फर्स्ट फ्लोर में घर के भीतर नहीं पहुंच सके। ललित ने डायल-100 पर कॉल कर सूचना दी। पुलिस के आने से पहले बदमाश भाग निकले। ललित ने बताया बदमाशों के पास हथियार थे। वे बाहर निकलते तो हमला हो सकता था। फुटेज में दो बदमाश नजर आए हैं।
अस्पताल में भीड़ प्रबंधन और मेंटेनेंस में सुधार के लिए कहा
भास्कर संवाददाता | उज्जैन कायाकल्प योजना के तहत जिला अस्पताल चरक भवन में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए स्टेट टीम ने शनिवार को निरीक्षण किया। डॉ. सुधीर डहेरिया सीएमएचओ सीहोर, डॉ. विशाल शुक्ला डीएचएस भोपाल और डॉ. विनोद परमार डीएच रायसेन की तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, पर्ची काउंटर, ऑपरेशन थिएटर, भर्ती वार्ड, शिशु ओपीडी, लेबर रूम, शिशु वार्ड और दवा स्टोर का निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी में पर्ची के लिए लगने वाली लंबी लाइन को लेकर सुधार के सुझाव दिए और अस्पताल के सिविल वर्क में मेंटेनेंस बेहतर रखने के निर्देश भी दिए। टीम ने अलग-अलग वार्डों में भ्रमण कर मरीजों, स्टाफ और परिजन से अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी ली।
भारत विकास परिषद की प्रांतीय बैठक आज
उज्जैन | भारत विकास परिषद के प्रांतीय अंतिम सत्र की बैठक 1 मार्च को उज्जैन में होगी। बैठक चिंतामण रोड स्थित गार्डन में परिषद की अवंतिका शाखा की मेजबानी में होगी। शाखा अध्यक्ष अजय मिश्रा ने बताया बैठक मध्य क्षेत्र के रीजन अध्यक्ष सुनील कोठारी, रीजनल संगठन सचिव सुनील लवंगीकर और रीजनल गतिविधि संयोजक सेवा प्रदीप चोपड़ा के आतिथ्य में होगी। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष घनश्याम पोरवाल करेंगे।
बस संचालकों ने की हड़ताल स्थगित
अब 2 मार्च से बसों का संचालन बंद नहीं होगा। मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शनिवार रात भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना स्थगित कर दिया। एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन और शिवकुमार शर्मा (उज्जैन) ने बताया कि सीएम डॉ. यादव ने एसोसिएशन की सभी मांगें मान ली है। ये भरोसा भी दिलाया कि सरकार बस संचालकों का नुकसान नहीं होने देगी। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर प्रदेश में बसों के संचालन की तैयारी कर रही थी। इस नीति से बस संचालकों को अपना अस्तित्व और कारोबार खत्म होता नजर आ रहा था। लिहाजा सरकार की उक्त नीति के विरोध में बस संचालकों ने 2 मार्च से संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी।
बलवाड़ी महिला मंडल ने फाग उत्सव मनाया
भास्कर संवाददाता | वरला/बलवाड़ी बलवाड़ी स्थित श्री सर्वेश्वर मंदिर परिसर में बलवाड़ी महिला मंडल ने फाग उत्सव आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई। कार्यक्रम की मुख्य आयोजक विजया सुरेश लड्ढा ने बताया बलवाड़ी नगर में महिला मंडल के तत्वाधान में निरंतर सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी के तहत फाग उत्सव मनाया। इसमें मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा की सजीव झांकी बनाई। इसके साथ ही मंदिर की फूलों से सजावट की गई। इस दौरान महिलाओं ने फाग गीत गए और गरबा खेला। महिलाओं के लिए प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। महिलाओं ने फूलों और गुलाल से सूखी होली खोली। होली पर सभी महिलाओं से सूखी होली खेलने का आह्वान कर पानी बचाने का संकल्प दिलाया गया।श्री सर्वेश्वर मंदिर परिसर के पुजारी भट्ट जी ने विशेष रूप से ग्यारस के मौके पर पूजा अर्चना कराई। महा आरती के बाद लड्डू और फलों का प्रसाद वितरण किया गया।
88 प्रतिभागियों ने यूथ पार्लियामेंट संसद मंचन में लिया हिस्सा
बड़वानी | शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मेवाड़े शासकीय पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना से विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट संसद मंचन कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य व नोडल अधिकारी डॉ. रणजीतसिंह मेवाड़े के मार्गदर्शन में हुआ। संचालन डॉ. रंजना चौहान व डॉ. राजमल सिंह राव ने किया। मुख्य अतिथि सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने विद्यार्थियों को संसद की कार्रवाई, संसदीय परंपराओं व नीति-निर्माण की प्रक्रिया बताई। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि यूथ पार्लियामेंट युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों व कर्तव्यनिष्ठा का विकास करता है। रासेयो जिला संगठक डॉ. आरएस मुझाल्दा ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। यूथ पार्लियामेंट के विषय आपातकाल के 50 वर्ष-लोकतंत्र के लिए सबक 88 पंजीकृत प्रतिभागियों ने सहभागिता की। निर्णायक डॉ. डीके वर्मा, डॉ. कीर्ति पटेल, अधिवक्ता अंतिम मंडलोई, आदित्य शर्मा व आशीष मेहरा रहे।
बांके बिहारी मंदिर में रंगभरी एकादशी पर मनाया फागोत्सव
बड़वानी | शहर के बांके बिहारी मंदिर में रंगभरी एकादशी पर रात को फागोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उत्सव में ठाकुरजी को कुंज में विराजित किया। भक्तों ने गुलाल और फूलों से होली खेली। रसिया के मधुर पदों का गायन सचिन गुप्ता और निलेश गुप्ता ने किया, जिनका साथ आनंद गुप्ता व हर्ष गुप्ता ने दिया। परिषद अध्यक्ष डॉ. द्वारकादास महाजन ने बताया कि 5 मार्च को ग्राम चोली से आने वाले रसिकजनों द्वारा रसिया के पदों का विशेष आयोजन होगा। जिसमें लगभग 2 क्विंटल गुलाब की पत्तियों से फाग खेली जाएगी। समाज सचिव श्याम गुप्ता ने सभी वैष्णवजनों से उत्साहपूर्वक शामिल होने की अपील की है। समाज अध्यक्ष बालकृष्ण गुप्ता ने बताया श्रीरामकृष्ण मंदिर परिसर में 2 मार्च को होली दहन और 4 मार्च को धुलेंडी उत्सव मनाया जाएगा।
बोकराटा व कुली में लगा भोंगर्या हाट, की खरीदारी
भास्कर संवाददाता | बड़वानी शुक्रवार को ग्राम बोकराटा और कुली में भोंगर्या हाट लगाया गया। दोनों स्थानों पर हजारों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ा। कुली में दूसरी बार लगे भोंगर्या हाट में आसपास के गांवों से दो हजार से अधिक ग्रामीण ढोल लेकर पहुंचे। यहां 10 ढोल के साथ ग्रामीणों ने ढोल‑मांदल और बांसुरी की धुन पर जमकर नृत्य किया और उत्सव का आनंद लिया। नर्मदा पार कर धार जिले के ग्रामीण भी इसमें शामिल हुए। बोकराटा के हाट में करीब पांच हजार लोग शामिल हुए। यहां भी ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ उत्साहपूर्वक भोंगर्या मनाया। बच्चों ने भी मेले में खूब मस्ती की। दोनों स्थानों पर खाने‑पीने की वस्तुओं, खिलौनों और होली के सामान की बड़ी संख्या में दुकानें लगीं, जिन पर ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने विशेष पॉइंट बनाकर निगरानी रखी। बोकराटा में जागृत आदिवासी दलित संगठन के कार्यकर्ताओं ने शराब दुकान बंद कराई और अवैध गतिविधियों पर नजर रखी। शनिवार को गंधावल में भोंगर्या हाट लगेगा। यहां पर भी हजारों लोग शामिल होकर होली पूजन व खाद्य सामग्री की खरीदी करेंगे।
वाद-विवाद, निबंध व चित्रकला स्पर्धा हुई
बड़वानी | शहर के शासकीय कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर वाद-विवाद, निबंध व चित्रकला स्पर्धा आयोजित की गई। वाद-विवाद स्पर्धा के पक्ष में ममता अलावे प्रथम व प्राची रंदे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विपक्ष में आयुषी गेहलोत ने प्रथम व दीक्षा भाबर द्वितीय रही। निबंध में प्रियंका चौगड़ प्रथम व आयुषी गेहलोत द्वितीय स्थान पर रही। चित्रकला में प्राची रंदे प्रथम व नंदिता सेन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. कविता भदौरिया ने कहा ऐसी गतिविधियां छात्राओं में नई सोच, तर्कशक्ति व वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करती हैं।
विद्यार्थियों को दी वैज्ञानिकों की जानकारी
बड़वानी | भगवान बिरसा मुंडा शासकीय कॉलेज पाटी में भारतीय ज्ञान परंपरा अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर प्रश्नोत्तरी व वैज्ञानिक आविष्कार और नवाचार विषय पर व्याख्यान हुआ। प्राचार्य डॉ. परवेज मोहम्मद ने कहा- विज्ञान अंधविश्वासों के उन्मूलन में सहायक है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक शोध और नवाचार जरूरी है। नोडल अधिकारी प्रो. जया न्यावत ने सीवी रमन, भाभा, विक्रम साराभाई, जेसी बोस और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों और जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए।
गंधावल में भोंगर्या हाट में लिया झूलों का आनंद
बड़वानी | आदिवासी क्षेत्रों में इन दिनों भोंगर्या हाट का उत्साह चरम पर है। शनिवार को विकासखंड पाटी के गंधावल में आयोजित भोंगर्या हाट में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चे हाट में पहुंचे। इससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना है। ढोल‑मांदल की थाप पर युवा झूमते नजर आए, समूहों में पहुंचे युवक‑युवतियों के रंग-बिरंगे परिधान और पारंपरिक आभूषण हाट की रौनक बढ़ाते रहे। हाट में खानपान की दुकानों पर भी भारी भीड़ रही। जलेबी, भजिया, सेंव, गुड़ और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का परिवारों ने भरपूर स्वाद लिया। होली पर्व को देखते हुए हार, कंगन, खजूर, चना और रंग-गुलाल की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने पारंपरिक आभूषण खरीदे, जबकि बच्चे खिलौनों की दुकानों पर जमकर मोलभाव करते नजर आए। बच्चों और युवाओं के लिए लगाए गए मिकी माउस झूला, आकाश झूला, जहाज झूला और जंपिंग झूलों ने मेले की रौनक बढ़ा दी। कई बालिकाओं ने अपने हाथों में नाम गुदवाए, परिवारों ने फोटो स्टूडियो में समूह फोटो खिंचवाकर पलों को कैमरे में कैद किया। हाट में लोकसभा सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी और विधायक राजन मंडलोई भी पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी रामदास यादव व चौकी प्रभारी आशीष शर्मा और पुलिसकर्मी तैनात रहे। रविवार को चेरवी और चौकी में भोंगर्या हाट लगेगा।
विद्यार्थियों ने क्रांतिकारी आजाद को दी श्रद्धांजलि
बड़वानी | ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने बताया स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ से महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथियों पर विशेष कार्यक्रम किए जाते हैं। वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर विद्यार्थियों को जीवन और संघर्षों की जानकारी दी गई।
अबकी बार मार्च महीने में मध्य प्रदेश जमकर तपेगा। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है। मौसम विभाग की माने तो मार्च के पहले सप्ताह में हल्की बारिश होने का भी अनुमान है, जबकि दूसरे सप्ताह से गर्मी असर दिखाने लगेगी। दिन के साथ रातें भी गर्म होंगी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को गर्मी का अपडेट भी जारी किया है। इसके मुताबिक, मार्च से मई के बीच पूरे प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना जताई है। दिन के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी। मार्च से ही असर बढ़ेगा। हालांकि, हीट वेव का असर अप्रैल-मई में ही ज्यादा रहेगा। बारिश का भी अनुमानमार्च में मध्य प्रदेश में बारिश का भी अनुमान है। दरअसल, 4 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। जिसका असर 2 दिन बाद एमपी में भी देखने को मिल सकता है। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। सिस्टम के असर से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान भी जताया है। 30 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार पहुंचाइससे पहले शनिवार को प्रदेश के 30 शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक रहा। भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.1 डिग्री, ग्वालियर में 32.5 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा खरगोन में 35 डिग्री दर्ज किया गया। मार्च में तीनों मौसम का असरमध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगेमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुईइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में फरवरी में ही अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है और कई शहरों में तापमान 33C से ऊपर पहुंच गया है। एमपी में सबसे गर्म खरगोन में तापमान 34.8 डिग्री पहुंच गया। हालांकि राजस्थान में शनिवार सुबह से जयपुर, दौसा सहित कई जिलों में बादल छाए हुए है। हरियाणा में भी पारा 31C पार कर गया है, हालांकि आज से कुछ इलाकों में बादल और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। पर्यटक बड़ी संख्या में अटल टनल के पास बर्फबारी देखने पहुंचे, जिससे वहां जाम लग गया। पंजाब और चंडीगढ़ में धुंध व तेज हवा के चलते कुछ इलाकों में यलो अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग की केदारघाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई है। आज कई जिलों में बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी की संभावना है। प्रदेश के मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान -25.8C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। अगले 2 दिन मौसम का हाल:
छह साल पहले लापता हुए जिस चार साल के बच्चे को ढूंढने के लिए परिजन 20 हजार किमी तक घूमे। मुंबई, दिल्ली एवं भोपाल के साथ नेपाल बार्डर तक के चक्कर लगाते रहे लेकिन परिजनों को क्या पता था कि उनका बच्चा उनके घर से महज 400 मीटर की दूरी पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे नीचे मारकर गाड़ दिया गया है। छह साल में एक दिन ऐसा नहीं गया कि परिजनों ने बच्चे को नहीं ढूंढा हो। अंध विश्वास के चक्कर में फंसकर परिजनों ने झाड़ फूंक करने वालों के कहने पर चार बार गांव को भी जिमा दिया। इनके कहने पर आए दिन सत्संग तक कराते रहे। पर बच्चे के जिंदा होने की उनकी आशा तब टूट गई जब पुलिस ने 15 फरवरी को शक के आधार पर एक पड़ोसी को पकड़ कर पूछताछ की और उसने कबूल किया कि उसने बच्चे की हत्या कर शव दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के नीचे जमीन में गाड़ दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस तीन बार उस स्थान पर खुदाई करवा चुकी लेकिन बच्चे के कोई अवशेष नहीं मिले। घटनाक्रम के अनुसार 16 अगस्त 2020 को बांदीकुई थाना क्षेत्र के ऊनबड़ा गांव की एक ढाणी के पास घर आंगन में खेल रहा चार साल का बच्चा अचानक अपने घर से गायब हो गया था। परिजनों ने इसके अगले दिन ही बांदीकुई पुलिस थाने में रिर्पोट दर्ज कराई। एक महीने तक तो पुलिस परिजनों के साथ बच्चे को ढूंढने में लगी रही। लेकिन इसके बाद पुलिस चुप बैठ गई, लेकिन परिजनों ने तलाश जारी रखी। परिजनों ने बताया कि घटना के पांच महीने तक वे बच्चे को बांदीकुई के आसपास क्षेत्र जयपुर, अलवर, महवा सहित आसपास के गांवों में ढूंढते रहे। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद वे यह सोचकर मुंबई चले गए कि कोई गिरोह बच्चे का अपहरण कर उससे कहीं भीख तो नहीं मंगवा रहे। वर्ष 2021 जुलाई में वे पूरे महीने भर मुंबई में रहे और रेलवे स्टेशन, सार्वाजनिक जगहों पर बच्चे को तालाश किया लेकिन पता नहीं लगा। इसके बाद मार्च 2022 में दिल्ली में भी गए और यहां अलग-अलग जगह बच्चे को ढूंढा लेकिन पता नहीं चल सका। किसी ने कहा कि गिरोह के लोग बच्चे को यूपी ले जा सकते है। इस पर परिजन आगरा, लखनऊ, कानपुर में भी गए। वर्ष 2024 मार्च में भोपाल में किसी बच्चे का शव मिला था। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को मिलने पर यहां से परिजन भोपाल गए और डीएनए टेस्ट करवाया। लेकिन वह बच्चा उनका नहीं था। चार साल में चार बार जीमण किएबच्चे की तलाश में परिजन इस कदर खो चुके थे कि उन्हें अंधविश्वास की बातों में उलझना पड़ गया। उन्होंने बताया कि इन छह सालों में वे कई झाड़ फूंक करने वाले के पास गए। हमेशा वे यही कहते रहे कि उनका बच्चा जिंदा एवं सुरक्षित है। जल्दी ही मिल जाएगा। इनके कहने पर वे फिर से मुंबई, दिल्ली, नागपुर, हरियाणा तक गए। लेकिन बच्चा नहीं मिला। इसके बाद भी उन्होंने ऐसे लोगों पर से विश्वास नहीं हटाया। कुछ ने तो इतना डरा दिया कि तुम्हारे परिवार से माता नाराज है उनको मनाने के लिए पूरे गांव का जीमण करो। इस पर वर्ष 2021 से 24 के बीच चार बार गांव का जीमणा तक कर दिया। लेकिन बच्चा नहीं मिला। इस वर्ष फरवरी माह की शुरुआत में भी वे बच्चे की तलाश में एक भोपा के पास गए। जिस पर भोपा ने उन्हें आश्वस्त किया था कि आपका बच्चा जिंदा व सुरक्षित है। जल्दी ही मिल जाएगा।
पंजाब के इंटरनेशनल सर्कल कबड्डी खिलाड़ी जग्गू मानसा का फूट-फूट कर रोते हुए का वीडियो सामने आया है। 9 मिनट के वीडियो में खिलाड़ी ने गांव की पंचायत पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। खिलाड़ी ने कहा कि सभी उसका घर गिराने की कोशिश में हैं। मैं घर चिट्टा बेचकर नहीं, मेहनत से बनाया है। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने वालों को कल सुबह 10 से शाम 5 बजे बोहा दाना मंडी में आमने-सामने होने की चुनौती भी दे डाली। जग्गू मानसा जिला के हाकम वाला गांव के रहने वाले हैं। जग्गू पंजाब में सर्कल कबड्डी के बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं। पिछले महीने वह कनाडा में टूर्नामेंट खेल के आए हैं। जग्गू का एक 7 साल का बेटा है। परिवार में पत्नी के अलावा माता-पिता हैं। वीडियो में जग्गू की 4 अहम बातें… सरपंच ने कहा- मामला व्यक्तिगत रंजिश का नहींवहीं गांव के सरपंच सुखविंदर ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरपंच ने कहा कि मामला व्यक्तिगत रंजिश का नहीं बल्कि सरकारी नियमों का है। सरकार की योजना के तहत पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। जग्गू का घर जिस जमीन पर है वह सरकारी रिकॉर्ड में बचत की जमीन है। सरपंच बोले- सरकार से बात करेंगेउन्होंने कहा कि गांव में सिर्फ जग्गू ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं जिनके घर सरकारी जमीन पर बने हैं। हम जग्गू के खिलाफ नहीं हैं। वह हमारे गांव का मान है। हम कोशिश करेंगे कि सरकार से बात कर इस मसले का कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके।
मध्य प्रदेश में सहारा इंडिया के 9 लाख से ज्यादा छोटे-मध्यम निवेशकों की ₹6,689 करोड़ की पूंजी फंसी हुई है। विधानसभा में पूर्व मंत्री और राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के जमाकर्ताओं को अब तक केवल ₹355 करोड़ ही वापस मिले हैं, जो कुल राशि का महज 5% है । अफसरों ने छिपाई 123 एफआईआर की जानकारी123 FIR में से सिर्फ 4 की जानकारी दी सिंह ने सदन में आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस विभाग सहारा के खिलाफ दर्ज 123 एफआईआर की जानकारी छिपा रहे हैं। सदन में सरकार की ओर से केवल 4 एफआईआर का ही जिक्र किया गया, जो संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। देश में 39 लाख लोगों को मिले 8,429 करोड़केंद्र सरकार के 'सहारा रिफंड पोर्टल' के जरिए देशभर के निवेशकों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया जारी है । ताजा स्थिति के अनुसार देशभर से करोड़ों निवेशकों ने आवेदन किए हैं, जिनमें से अकेले एमपी से 9,06,661 आवेदन मिले हैं । एमपी में प्राप्त आवेदनों में से अब तक केवल 1,55,049 आवेदन ही प्रोसेस किए जा सके हैं । 50 हजार प्रति निवेशक खातों में भेजी जा रही राशि वर्तमान में प्रति निवेशक 50,000 रुपए तक की राशि सीधे आधार लिंक बैंक खातों में भेजी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने रिफंड की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया है। एमपी के कई थानों में एफआईआरकांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, सहारा इंडिया समूह के खिलाफ मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं । विदिशा जिले में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां विदिशा देहात, सिरोंज, पथारी और कुरवाई जैसे थानों में करीब 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं । ग्वालियर में भी कैंपू, मुरार, भितरवार और क्राइम ब्रांच को मिलाकर 11 मामले सामने आए हैं। दतिया जिले के कोतवाली, बड़ोनी, सेवढ़ा, भांडेर और इंदरगढ़ थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज हैं । मुरैना जिले में कोतवाली, कैलारस और जौरा थानों को मिलाकर 7 प्रकरण दर्ज किए गए हैं । रायसेन जिले के बेगमगंज, बरेली, मंडी और रायसेन सिटी थानों में 5 मामले दर्ज हैं । सीहोर जिले के नसरुल्लागंज और आष्टा थानों में 4 प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा, भोपाल में ईओडब्ल्यू (EOW) और जहांगीराबाद थानों को मिलाकर 3 एफआईआर दर्ज हैं । सागर के बांदा, मोती नगर और बीना थानों में 3 मामले हैं । शिवपुरी के कोतवाली और पिछोर में 3, रतलाम के रिंगनोद, आलोट और जावरा में 3, तथा गुना कोतवाली में 2 एफआईआर दर्ज पाई गई हैं। बड़वानी, रीवा, सतना, मंडला, कटनी, पन्ना, बुरहानपुर, अशोकनगर, देवास, मंदसौर, खरगोन, भिंड, नीमच, शहडोल और उज्जैन जिलों में भी 1-1 एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि हुई है । इन सभी मामलों में मुख्य रूप से आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (अमानत में खयानत), 409, 120-बी (साजिश) और मध्य प्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2000 की धारा 6(1) के तहत कार्रवाई की गई है । मैंने सवाल पूछा तो मुख्यमंत्री जी ने गलत जवाब दियाकांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बताया - मैंने विधानसभा में ये प्रश्न पूछा था कि सहारा समूह के चिटफंड घोटाले में मध्य प्रदेश के कितने निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है? मैंने यह भी पूछा था कि इस मामले में मध्य प्रदेश में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं? मुझे गृह मंत्री जो स्वयं मुख्यमंत्री जी हैं उन्होंने मुझे गलत उत्तर दिया। उन्होंने उत्तर में बताया कि मात्र चार एफआईआर भोपाल में हुई हैं। जबकि मेरे पास पूरी जानकारी है मैंने विधानसभा के अंदर कहा भी था कि पिछले 6 साल में 123 एफआईआर सहारा समूह के ऊपर दर्ज हुई हैं। मैंने सदन में पूछा कि निवेशकों का कितना पैसा फंसा हुआ है और अब तक कितना पैसा वापस दिया गया है। उसके उत्तर में आंकडे़ नहीं दिए गए। जब मैंने सदन के अंदर राज्यमंत्री जी से पूछा तो उन्होंने स्वीकारा कि इसमें करीब साढे़ छह हजार करोड़ रुपए अटके पडे़ हैं। जो निवेशक छोटे परिवार के हैं किसान हैं, छोटे व्यापारी, घरेलू महिलाओं ने अपना पैसा सहारा समूह में जमा किया था। उनको यह कहा गया था कि तीन साल में वो राशि दोगुना हो जाएगी। अफसोस की बात ये है कि उनको न्याय नहीं मिल पाया। सदन के अंदर मंत्री ने बताया कि साढे़ छह हजार करोड़ में से मात्र 300 करोड़ की रिकवरी हो पाई। ये मामला केन्द्र सरकार का गृह मंत्रालय देख रहा है फिर भी 5% वसूली हो पाई है। मैंने सदन के अंदर यह भी कहा कि इतनी बड़ी रकम अटकी पड़ी है, दूसरी तरफ 23 हजार करोड़ लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत दे रही है। तो क्या बचे हुए 6 हजार करोड़ रुपए छोटे निवेशकों को सरकार नहीं दे सकती। हमने यह मांग की है कि सहारा समूह की जो जमीनें हैं उनका प्रकाशन करके नीलामी करके छोटे निवेशकों को पैसा वापस लौटाना चाहिए।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला के अटेली कस्बा के पास गांव गढ़ी में स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध माता महासर के मंदिर में चोरों ने हजारों रुपए का सामान चोरी कर लिया। इस बारे में नारनौल निवासी व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव गढ़ी में महासर माता के प्रसिद्ध कुलदेवी मंदिर परिसर में बनी लक्ष्मण दल नारनौल की धर्मशाला में चोरी का मामला सामने आया है। घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। नारनौल शहर के मौहल्ला सिलाखाना निवासी राकेश कुमार अग्रवाल ने इस बारे में पुलिस को दी शिकायत दी है। पूर्वजों ने बनाई है धर्मशाला शिकायत में बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा गढ़ी महासर में लक्ष्मण दल नारनौल के नाम से धर्मशाला का निर्माण कराया गया था, जिसकी देखरेख वे स्वयं करते हैं। यहां प्रत्येक माह विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है तथा नवरात्रों में दस दिनों तक श्रद्धालुओं की सेवा की जाती है। कमरे के ताले टूटे मिले उन्होंने बताया कि बीते कल जब वे भंडारे की तैयारी के लिए धर्मशाला पहुंचे तो कमरों के ताले टूटे हुए मिले। अंदर रखे फ्रिज, कूलर, गैस सिलेंडर, पंखे और बर्तन सहित अन्य सामान चोरी पाया गया। अंदेशा है कि चोरों ने रात के समय वारदात को अंजाम दिया। पहले भी हो चुकी चोरी वहीं मंदिर में इससे पहले भी छतर समेत अनेक सामान की दो बार चोरियां हो चुकी हैं। अब शिकायत मिलने पर थाना अटेली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसआई बाबूलाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा साक्ष्य जुटाए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर वित्त मंत्री दूसरी बार कल यानी 2 मार्च को बजट पेश करेंगे। इस बार बजट 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.15 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। मुख्यमंत्री सैनी इस बजट में 10 बड़े सेक्टरों जैसे- उद्योग, स्टार्टअप, बड़े शहरों में नए सेक्टर, टेक्निकल एजुकेशन AI, रिसर्च, एग्रीकल्चर पर फोकस करेंगे। हालांकि, कुछ लोगों को इस बजट से निराशा हो सकती है। इसका मुख्य कारण प्रदेश पर लगातार बढ़ता कर्ज (3,52,819 करोड़) है, जिसके चलते कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास युवाओं को झटका लग सकता है। मुख्यमंत्री सैनी ने घोषणा की थी कि सरकार CET पास बेरोजगार युवाओं को 9 हजार रुपए मासिक भत्ता देगी, जिसका युवा इस बजट में बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, इस बार युवाओं को राहत मिलती नहीं दिख रही। अब जानिए किस सेक्टर को क्या मिलने का अनुमान... जानिए पिछले बजट की क्या स्थिति हरियाणा सरकार का दावा है कि उसने अपने घोषणा पत्र में 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 60 को सरकार ने पहले साल में ही पूरा कर लिया है, जबकि 120 पर काम चल रहा है। पिछले बजट का 80 फीसदी 11 विभागों ने इस्तेमाल कर लिया है, जबकि 21 विभागों ने 70 फीसदी से ज्यादा इस्तेमाल किया है। 31 मार्च तक पिछले बजट का लगभग दो लाख करोड़ रुपए तक इस्तेमाल हो जाएगा, जो 2025-26 के बजट का 98 प्रतिशत होगा। 34.14 लाख लोग पेंशन का लाभ ले रहे वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 34.14 लाख लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार 'हर घर-हर गृहिणी' योजना के तहत 1 लाख 80 हजार रुपए से कम आय वाले परिवारों को गैस सिलेंडर 500 रुपए में देती है, बाकी राशि सरकार सब्सिडी के तौर पर देती है। लगभग 12.62 लाख लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपए हरियाणा सरकार के अनुसार, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत राज्य में 9,22,452 महिला लाभार्थियों को प्रति माह 2100 रुपए की राशि दी जा रही है। इसके अलावा, सरकार किसानों की 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद रही है। इन योजनाओं के कारण बजट पर काफी दबाव है, क्योंकि सरकार सामाजिक कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिन पर बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च होता है।
स्पीकर पर पुलिस ने कहा- नियमों का पालन करें
कोरबा | होली पर्व के लिए बाजार के सजकर तैयार होने के साथ ही खरीदारी करने लोग बाहर निकलने लगे हैं। इस कारण से शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों के बाजार में भीड़ बढ़ने के साथ यातायात का दबाव बढ़ने लगा है। इस दौरान लोग दुकानों में खरीदारी के लिए जाते समय सड़क पर ही बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ी कर रहे हैं। इस कारण शहर के पावर हाउस रोड और घंटाघर-निहारिका मार्ग पर जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। आमजन को आवाजाही में परेशानी हो रही है। जिसे ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस की टीम लगातार व्यावसायिक क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर रही है। इस दौरान पुलिस अधिकारी लाउड स्पीकर के जरिए वाहन चालकों और आम नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने के साथ ही सड़क पर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ी नहीं करने की अपील कर रहे हैं। साथ ही नियमों की अनदेखी करने पर वाहनों के चक्के पर लॉक लगाने व चालान की चेतावनी देने के बाद भी नहीं मानने वालों पर सीधे कार्रवाई की जा रही है।
महिलाएं सामान बांटने पहुंचीं, ग्रामीणों ने लौटाया
कोरबी चोटिया | पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के बीजाडांड़ में निजी कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में धरना जारी है। शनिवार को एसईसीएल रानीअटारी विजय वेस्ट के अधिकारी और महिला मंडल की सदस्य सामान बांटने पहुंचे थे। यहां के ग्रामीणों ने उनसे सामान लेने से इनकार कर दिया। सब एरिया मैनेजर जे साहू के साथ महिला मंडल के सदस्य बच्चों के लिए कपड़े, महिलाओं के लिए साड़ी और नाश्ता लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना था कि समाधान नहीं होता, तब तक किसी के बहकावे में नहीं आएंगे।
दंतैल फिर लौटा, बैगामार में सब्जी फसल चौपट की
कोरबा | वन मंडल कोरबा के कुदमुरा रेंज में दंतैल हाथी रात के समय धरमजयगढ़ वन मंडल से बैगामार पहुंच गया। यहां दो किसानों की सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इधर कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज में घूम रहे तीन हाथी शनिवार रात फुलसर नाला पहुंच गए। गांव में न घुसे इसके लिए पटाखे फोड़ते रहे। कोरबा वन मंडल में अभी दंतैल हाथी ही अधिक नुकसान पहुंचा रहा है। कभी भी वह धरमजयगढ़ वन मंडल लौटने के बाद फिर से वापस आ जाता है। इसकी वजह से वन विभाग की टीम को सीमा क्षेत्र में निगरानी रखने कहा गया है। दंतैल इसके पहले चचिया के आसपास घूम रहा था। इस वजह से फिर से जाने की संभावना है। केंदई रेंज में तीन हाथी अब एक हो गए हैं। ग्रामीण जगत कोराम ने बताया कि इसमें दंतैल हाथी भी शामिल है।
राशन बांटने में गड़बड़ी कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
कोरबा | जिला कांग्रेस ने शुक्रवार को जिला खाद्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत की है। जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष व पार्षद मुकेश राठौर, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने आरोप लगाया कि उचित मूल्य की दुकानों में गंभीर अनियमितता की जा रही है। खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण ही हितग्राहियों को परेशान होना पड़ रहा है। फरवरी का राशन अभी तक नहीं मिल पाया है। ऐसे कई संचालक हैं जो एक से अधिक दुकान का संचालन कर रहे हैं। इसकी वजह से भी लोगों को परेशानी हो रही है। एक बार में पूरा राशन नहीं देते। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। राशन दुकानों को समय सारणी के अनुसार खोलने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस समस्या को देखते हुए फरवरी और मार्च का राशन एक साथ दिया जाए।
पानी की किल्लत: 3 वार्डों में आपूर्ति ठप
कोरबा| नगर निगम क्षेत्र के मुड़ापार समेत आसपास बस्तियों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल रहा है। इससे वार्डों में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। शहर के रविशंकर जोन कार्यालय के सामने बनी पानी टंकी से पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। रंगो का त्योहार होली पर्व पर लोगों के घरों में पानी की खपत बढ़ जाती है। मगर निगम की ओर से पर्व से पहले ही मुड़ापार, चिमनीभट्ठा व रामनगर में पानी सप्लाई वार्ड के लोगों की जरूरत के हिसाब से नहीं किया जा रहा है। शाम को 15 मिनट से भी कम पानी की सप्लाई की जा रही है। इससे वार्डवासियों की परेशानी बढ़ गई है। इन बस्तियों के लगभग 3500 आबादी पीने के पानी की सप्लाई चरमराने से प्रभावित है।
नाली में डाला कचरा 5 हजार लगा जुर्माना
भास्कर न्यूज | कोरबा नगर निगम ने मेगा स्वच्छता ड्राइव के तहत शनिवार को वार्ड क्रमांक 2 पटेल पारा और 3 साकेत नगर में सफाई अभियान चलाया। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने वार्डों में पैदल भ्रमण कर सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने डीडीएम रोड पर नाली में कचरा डालने पर नाराजगी जताई। इसके बाद होटल संचालक पर 5 हजार जुर्माना लगाया गया। निगम वार्डों में स्वच्छता ड्राइव चल रहा है। चौथे दिन पटेल पारा वार्ड में नालियों और सड़कों की सफाई की गई। आयुक्त ने कहा कि अतिक्रमण, दुकानों में डस्टबिन नहीं रखने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। सफाई के बाद कीटनाशक दावों का छिड़काव भी कराया जा रहा है। निगम आयुक्त ने इस दौरान घर-घर पहुंचकर लोगों से सफाई के संबंध में चर्चा की। सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पेयजल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को समय पर समस्याओं का निराकरण करने कहा। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही दीदियों से भी चर्चा की। होटल संचालकों को चेतावनी दी गई है कि अपशिष्ट पदार्थ नाली में न डालें। इससे गंदगी फैलने के साथ ही जाम होने की समस्या होती है। आयुक्त ने कहा कि सभी के सहयोग से ही शहर को सुंदर शहर बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान अपर आयुक्त विनय मिश्रा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय तिवारी के साथ ही अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज
कोरबा| 2 मार्च को होलिका दहन के बाद 4 मार्च को होली पर्व मनाया जाएगा। 21 मार्च को ईद-उल-फितर भी है। इन त्योहारों को शांति और सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में मनाए जाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक 1 मार्च की दोपहर 12 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी।
गेवरा-दीपका| अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दीपका इकाई होली पर रंगोत्सव ’ये दीपका की होली’ का आयोजन 1 मार्च रविवार को कर रहा है। यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दुर्गा पंडाल प्रगति नगर दीपका में होगा। आयोजन समिति ने बताया कि यह होली मिलन समारोह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और युवा उत्साह को समर्पित रहेगा।
कुएं में गिरकर हाथी के बच्चे की हुई मौत
राउरकेला | केन्दुझर जिला के सदर रेंज अंतर्गत काठबाउंशुली गांव में मोहन चरण महांत के कुएं में गिरने से लगभग एक वर्ष का हाथी शावक मर गया। देर रात करीब 3 बजे 10 हाथियों का झुंड गांव के पास सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान एक शावक पास के कुएं में गिर पड़ा। बताया गया कि झुंड के अन्य हाथी उसे निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी ऊपर से गिरा पत्थर शावक के सिर पर लग गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकाला। वन विभाग ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मृत शावक को पद्मपुर नर्सरी में दफनाया जाएगा।
रेलवे लाइन किनारे अतिक्रमण हटाया
बिसरा | बिसरा के नया बस्ती में रेलवे लाइन के पास बने कई मकान शनिवार को बेदखली अभियान के दौरान तोड़ दिए गए। प्रशासन ने बताया कि रेलवे के विकास और बुनियादी ढांचा विस्तार कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र खाली कराना जरूरी था। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की गई, हालांकि माहौल तनावपूर्ण रहा। इधर कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन मकानों को गिराया गया, उनमें से कुछ के पास भूमि पट्टा था। उनका यह भी आरोप है कि बेदखली से पहले प्रभावित परिवारों को न तो मुआवजा दिया गया और न ही किसी तरह की पुनर्वास व्यवस्था की गई। इसी वजह से पुनर्स्थापन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेदखली अभियान जारी रहा।
किसानों के खातों में 349.59 करोड़ ट्रांसफर
भास्कर न्यूज | रायगढ़ होली से पहले प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को बिलासपुर जिला के बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह और वृहद किसान सम्मेलन में एक सिंगल क्लिक से प्रदेश के 25 लाख 28 हजार किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। कृषक उन्नति योजना के तहत रायगढ़ जिले के 72,693 किसानों को 349 करोड़ 59 लाख रुपए मिले। राशि जमा होने के संदेश मोबाइल पर आते ही किसानों में उत्साह का माहौल बन गया। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि यह दिन किसानों के सम्मान का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुसार 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का वादा पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की होली खुशहाल हो, इसलिए त्योहार से पहले ही यह राशि जारी की गई। उन्होंने बताया कि न तो बारदाने की कमी हुई और न भुगतान में देरी। नगर निगम ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है। जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलखो ने कहा कि किसानों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। गोपाल अग्रवाल ने कहा कि योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता चौहान ने कहा कि सरकार अपने वादे निभा रही है और किसान हित सर्वोपरि है। सभापति डिग्रीलाल साहू ने कहा कि किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान से समृद्धि के रास्ते खुले हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि जिले के 72,693 किसानों को आदान सहायता राशि दी गई है। कलेक्टर के निर्देश पर सभी विकासखंड मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित हुए। उप संचालक कृषि अनिल वर्मा ने बताया कि धान बोनस की राशि एकमुश्त किसानों के खातों में जमा की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में रामश्याम डनसेना, श्रीकांत सोमावार, सुभाष पाण्डेय, रत्थू गुप्ता, पावन अग्रवाल, मधु पटेल, अभिजीत बबन पठारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
विवाद में चाकू मारकर कर दी हत्या, दो आरोपियों को उम्रकैद
भास्कर न्यूज | रायगढ़ मामूली विवाद के बाद दो लोगों ने मिलकर दंपत्ति पर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में युवक की मौत हो गई वहीं उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। खैरपुर में रहने वाले छोटन राम और उनकी पत्नी लालती देवी पर मोहल्ले के देवव्रत और कार्तिकराम तुरी ने चाकू से हमला कर दिया। अभियोजन के अनुसार, 24 जनवरी 2023 को गृहप्रवेश की तैयारी के दौरान गली मरम्मत पर देवव्रत से विवाद हुआ। रात सवा 8 बजे देवव्रत मोटरसाइकिल लेकर आया तो लालती ने आपत्ति जताई। झगड़े के बाद वह चला गया, लेकिन कार्तिकराम के साथ लौटकर गाली-गलौज की। सब्जी काटने वाली लोहे की छुरी से लालती के पेट पर वार किया। बीच-बचाव में छोटन राम के पेट पर भी प्रहार हुआ। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाते समय छोटन राम की मौत हो गई, जबकि लालती गंभीर रूप से घायल। छोटन के साला मुन्ना कुमार ने कोतरा रोड थाने में धारा 307, 302, 34 के तहत शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। द्वितीय अपर सत्र न्यायालय के जज जितेंद्र कुमार ठाकुर ने सुनवाई के बाद 56 वर्षीय कार्तिकराम तुरी और 29 वर्षीय देवव्रत कुमार सिन्हा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर 3 माह अतिरिक्त जेल होगी।
झिरपानी गांव में महिला की हत्या, क्षेत्र में दहशत
भास्कर न्यूज | राउरकेला सुंदरगढ़ जिले के कुटरा ब्लॉक अंतर्गत किरींगिसिरा पंचायत के झिरपानी गांव में गुरुवार दोपहर 42 वर्षीय महिला की निर्मम हत्या के बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। मृतका की पहचान सरोजिनी एक्का (42) के रूप में हुई है। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। उनकी बेटी संबलपुर में कॉलेज की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा वर्तमान में चल रही मैट्रिक परीक्षा दे रहा है। घटना का खुलासा तब हुआ जब उनका बेटा मैट्रिक की परीक्षा देकर घर लौटा और अपनी मां को घर के अंदर खून से लथपथ हालत में पड़ा पाया। यह भयावह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गया और तुरंत शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांववासी मौके पर पहुंचे और कुटरा पुलिस को जानकारी दी। तत्परता दिखाते हुए कुटरा थाना की पुलिस टीम गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच से यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि हत्या के पीछे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
कलेक्टर ने पुसौर में निर्माणाधीन नाली और सड़क की प्रगति देखी
भास्कर न्यूज | रायगढ़ शनिवार को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने नगर पंचायत पुसौर का निरीक्षण कर विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति देखी। कलेक्टर ने लाइब्रेरी निर्माण, बोड से कॉलेज तक बनने वाले बीटी रोड और नाली निर्माण, पानी टंकी, पुष्प वाटिका, चंदन तालाब सौंदर्यीकरण और रानी सागर सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के प्रति गंभीर रहने और सभी कार्य तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के साथ अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियांशु टोप्पो, तहसीलदार अनुराधा पटेल, सीएमओ ललित साहू, उप अभियंता गजेंद्र साहू, नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा तथा अध्यक्ष प्रतिनिधि मोहित सतपति और उपाध्यक्ष उमेश साव मौजूद रहे।
प्रतिबंधित सामान बेचने वाले 35 दुकानदारों पर जुर्माना
भास्कर न्यूज | रायगढ़ रायगढ़ पुलिस ने आखिरकार शहर में नशे में उपयोग करने वाले सामान की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पूरे जिले में अभियान चलाकर नशा में उपयोग करने वाली सामग्री को जब्त किया गया। इस दौरान 35 दुकानदारों पर जुर्माना किया गया और उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। पान ठेलों और किराना दुकानों में खुलेआम बिक रहे गोगो-रिजला को लेकर भास्कर ने लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। 15 फरवरी को ‘नशा खुलेआम : गोगो 10 चिलम 20 में’ और 24 फरवरी को ‘एसपी ऑफिस, कोतवाली से चंद कदम दूर खुलेआम बिक रहा गोगो और चिलम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। वहीं एसएसपी सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को फटकार लगाकर नशे के उपयोग की सामग्रियों की बिक्री पर कार्रवाई करने कहा। इस क्रम में शुक्रवार को जिले के कोतवाली, कोतरा रोड, जूटमिल, पुसौर, तमनार व लैलूंगा थाना क्षेत्र के पान ठेलों, दुकानों और अड्डेबाजी वाली जगहों पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान गोगो बेचते पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संचालकों पर जुर्माना लगाया। थाना दुकानदार क्षेत्र कोतवाली 6 दुकानदार राजीव नगर, रामपुर, ढिमरापुर, इंदिरा नगर और चांदमारी चक्रधर नगर 4 दुकानदार मेडिकल कॉलेज के पास, पंजरी प्लांट कोतरारोड 6 दुकानदार किरोड़ीमल नगर, पतरापाली, भगवानपुर पुसौर 4 दुकानदार बोरोडिपा, बाजार चौक बस्ती तमनार 5 दुकानदार मुख्य बाजार, राम मंदिर के पास, बस स्टैंड लैलूंगा 5 दुकानदार अटल चौक एवं आसपास जूटमिल 5 दुकानदार सांगीतराई, कांशीराम चौक, ट्रांसपोटनगर, कबीर चौंक, कयाघाट विभाग ने दबिश दी थाना कोतरा रोड क्षेत्र में किरोड़ीमल नगर, पतरापाली और भगवानपुर क्षेत्र में छह दुकानों पर दबिश देकर सामग्री जब्त की गई। इन दुकान संचालकों पर 800-800 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। थाना पुसौर क्षेत्र में बोरोडिपा और बाजार चौक बस्ती में संयुक्त टीम की ओर से की गई कार्रवाई में चार दुकान संचालकों पर 400-400 रुपए का जुर्माना किया गया। इसी प्रकार थाना लैलूंगा क्षेत्र में डॉ. प्रिया सिंह व पुलिस टीम ने अटल चौक और आस-पास की दुकानों की जांच कर दुकानदारों पर 200-200 रुपए का जुर्माना किया। नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी ^पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने गोगो की बिक्री को लेकर पान ठेलों व किराना दुकानों पर दबिश दी। यहां से नशे की सामग्री भी जब्त कर दुकानदारों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई। पुलिस का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री बने सुशांत
नरियरा | युवा पार्षद सुशांत बंजारे को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, नरियरा मंडल का महामंत्री नियुक्त किया गया। नियुक्ति के बाद कार्यकर्ताओं, वार्ड वासियों और नगर वासियों में उत्साह का माहौल रहा। सुशांत बंजारे ने कहा कि संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए युवाओं को जोड़ने, जनसंपर्क बढ़ाने और रचनात्मक कार्यक्रमों पर जोर दिया जाएगा।
जिले में किसानों के खातों में आए 450.85 करोड़ रुपए
भास्कर न्यूज | जांजगीर होली पर्व से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य स्तरीय धान बोनस वितरण कार्यक्रम में 25 लाख 28 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों के खातों में 10,324 करोड़ रुपए की आदान सहायता राशि भेजी। जांजगीर–चांपा जिले के 1,18,927 किसानों के बैंक खातों में कुल 450 करोड़ 85 लाख 45 हजार 132 रुपए डीबीटी से जमा किए गए। जिला मुख्यालय जांजगीर स्थित ऑडिटोरियम भवन में कार्यक्रम हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी–कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी हुआ, जिसके माध्यम से किसानों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसान सम्मान का दिन है। प्रदेश के लाखों किसानों ने धान समर्थन मूल्य पर बेचा है और सरकार ने वादा निभाते हुए बोनस राशि सीधे खातों में भेजी है, ताकि किसान होली का त्योहार खुशी से मना सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी नीतियों के प्रति प्रतिबद्ध है—शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, केसीसी की सुविधा, खाद पर सब्सिडी और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार जैसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
हाई रिस्क-वे: 273 करोड़ के हाईवे पर गड्ढे-दरार
जांजगीर| बिलासपुर से जांजगीर तक 2016 में बना नेशनल हाईवे आज भी कई तकनीकी खामियों से जूझ रहा है। निर्माण के कुछ ही वर्षों में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर पुटपुरा से अकलतरा इंदिरा उद्यान तक कई जगह छोटे-छोटे गड्ढे बन गए हैं। इंदिरा उद्यान के पास डिवाइडर के आसपास अंधेरा रहने से हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। करीब 273 करोड़ रुपए की लागत से तैयार लालखदान से बनारी तक के हिस्से में भी कई स्थानों पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अमरताल मंदिर के पास सड़क पर छोटे गड्ढे और दरारें दिख रही हैं।
चॉकलेट-किशमिश के पैकेट में गांजा तस्करी
भास्कर न्यूज | जांजगीर जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने एक अनोखी और चौंकाने वाली गांजा तस्करी का खुलासा किया है। थाना चांपा पुलिस ने दो नाबालिगों से 6.7 किलो गांजा बरामद किया है। वे चॉकलेट-किशमिश के पैकेट में छिपाकर गांजा तस्करी की जा रही थी। पकड़ा गया गांजा बाजार मूल्य में लगभग ₹3.43 लाख का बताया जा रहा है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन चांपा के ओवरब्रिज के नीचे दो किशोर गांजा बेचने के लिए पैकेट में छुपाकर ग्राहक खोज रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दो नाबालिगों को पकड़ लिया। कब्जे से चॉकलेट-किशमिश के पैकेट में पैक कुल 6.7 किलो गांजा और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
9वीं व 11वीं की नई समय सारणी जारी, परीक्षा 30 से
जांजगीर| शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा की संशोधित समय सारणी जारी कर दी गई है। परीक्षा 30 मार्च से 9 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। 30 मार्च को 9वीं हिन्दी और 11वीं अंग्रेजी की परीक्षा होगी। 1 अप्रैल को 9वीं अंग्रेजी और 11वीं हिन्दी, 2 अप्रैल को 9वीं संस्कृत तथा 11वीं इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, कृषि विज्ञान के तत्व, गणित और भौतिक शास्त्र के प्रश्नपत्र रखे गए हैं। 4 अप्रैल को 9वीं विज्ञान और 11वीं राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन और उद्यान शास्त्र की परीक्षा होगी। 6 अप्रैल को 9वीं सामाजिक विज्ञान तथा 11वीं गणित, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी, मत्स्य और कुक्कुट पालन विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
बिजली विभाग ने ली सुध लटके तार को किया ठीक
भास्कर न्यूज | जांजगीर ग्राम मुलमुला में गुड़ी के पास बिजली के खंभे से तार नीचे लटक रहा था। ग्रामीणों ने बताया था कि तार बहुत नीचे होने से हादसे का खतरा बना हुआ था और राहगीरों को नुकसान पहुंच सकता था। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए लटक रहे तार को सही ऊंचाई पर शिफ्ट कर दिया है।

