कानपुर देहात में पिकअप ने मुनीम को रौंदा, मौत:खाना खाने घर जाते समय हादसा, राइस मिल में करते थे काम
कानपुर देहात के रसूलाबाद-बेला मार्ग पर पिकअप ने बाइक सवार बुजुर्ग को कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना गुलपीर शाह बाबा की मजार के पास हुई। घटना शनिवार दोपहर की है। मृतक की पहचान मुनीम रामसिंह (60) के रूप में हुई। देखिए घटना की तस्वीरें… राइस मिल में करते थे काम कस्बा रसूलाबाद के विकास नगर स्थित कटियार राइस मिल में मुनीम के पद पर कार्यरत रामसिंह पुत्र विश्राम सिंह निवासी चितई चौबे उर्फ मटेरा गांव, शनिवार दोपहर करीब एक बजे अपनी बाइक से तुलसी नगर स्थित अपने घर खाना खाने जा रहे थे। बताया गया कि गुलपीर शाह बाबा की मजार के पास अचानक उनकी बाइक में एक बोरी फंस गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक पिकअप ने सड़क पर गिरे रामसिंह को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि रामसिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सीएचसी में कराया गया भर्ती सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस से रामसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद पहुंचाया। वहां चिकित्सक डॉ. दिलदार ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। रामसिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके छोटे भाई यदुनाथ सिंह, पत्नी कुसमा, मां राम जानकी और विवाहित पुत्रियां बीनू प्रीति सहित अन्य परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। एक बेटा पीएसी में है तैनात परिजनों के अनुसार, मृतक का एक पुत्र शिवा उर्फ सोनू इटावा में पीएसी में तैनात है। उनकी दो विवाहित पुत्रियां बीनू यादव और प्रीति यादव हैं। रामसिंह खेती-किसानी भी करते थे और उनके पास लगभग चार बीघा कृषि भूमि थी। कोतवाल एसएन सिंह ने बताया- शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है; तहरीर मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर में गीली लकड़ियों से भरे 3 ट्रक जब्त:अवैध परिवहन करते पकड़े गए, तीन ड्राइवर हिरासत में
डूंगरपुर जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए गठित डीएसटी टीम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गीली लकड़ियों का अवैध परिवहन कर रहे तीन ट्रकों को जब्त किया है। यह कार्रवाई बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर की गई। पुलिस ने तीन ड्राइवरों को भी हिरासत में लिया है। डीएसटी प्रभारी मदनलाल ने बताया कि टीम को बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से गीली लकड़ियों के परिवहन की सूचना मिली थी। इस सूचना पर टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। जांच के दौरान, बिना वैध दस्तावेजों के गीली लकड़ियों का परिवहन करते हुए तीन ट्रक पकड़े गए। पुलिस ने ट्रकों के चालकों को हिरासत में लिया है। इनमें भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर थाना क्षेत्र के सम्बलपुरा निवासी रघुराज राज सिंह, भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के नील की खेड़ी निवासी शेरू उर्फ नानालाल मीणा और उदयपुर जिले के मावली निवासी मनीष शर्मा शामिल हैं। डीएसटी टीम ने तीनों ट्रकों को जब्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाने को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीएसटी टीम ने अब तक पर्यावरण संबंधी अवैध गतिविधियों में शामिल छह क्रेन, चौदह ट्रक और तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।
कोरबा के पसान थाना क्षेत्र में लैंगा-जटगा मुख्य मार्ग पर शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कोयले से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर एक बाइक पर पलट गया। इस दुर्घटना में बाइक सवार एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो पोते मामूली रूप से घायल हो गए। मृतका की पहचान बालकुंवर (62) के रूप में हुई है, जो पसान के धनरास गांव की निवासी थीं। वह अपने दो पोतों के साथ बाइक से इलाज कराकर घर लौट रही थीं। लैंगा-जटगा मुख्य मार्ग की घाटी में पीछे से आ रहे ट्रेलर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग महिला की कोयले में दबने से मौके पर ही मौत हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर पलटते ही बाइक सवार तीनों लोग कोयले के ढेर में दब गए। एक पोता कोयले में पूरी तरह दब गया था, जबकि दूसरा सड़क किनारे जा गिरा। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत मदद की और कोयले में दबे युवक को बाहर निकाला। हालांकि, बुजुर्ग बालकुंवर की कोयले में दबने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उनके दोनों पोतों को मामूली चोटें आई हैं। ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पसान थाना प्रभारी चंद्रपाल खांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रेलर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। दूसरे वाहन की मदद से हटाकर यातायात बहाल किया गया हादसे के बाद सड़क पर बिखरे कोयले को दूसरे वाहन की मदद से हटाकर यातायात बहाल किया गया। मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे और उनकी मौत की खबर सुनकर शोक में डूब गए। ग्रामीणों ने बताया कि लैंगा-जटगा मार्ग की घाटी में अक्सर तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों का कारण बनते हैं। स्थानीय लोगों ने कोयला परिवहन में लगे ट्रेलरों की बेलगाम गति पर चिंता व्यक्त की और प्रशासन से इस मार्ग पर भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण तथा सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घाटमपुर में निकली 10 किमी लंबी महाराणा प्रताप रैली:बुलडोजर पर सजी तस्वीर, युवाओं ने लगाए जयघोष
कानपुर के घाटमपुर में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर युवाओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राहा क्षेत्र से हुई, जहां महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बुलडोजर पर महाराणा प्रताप का चित्र स्थापित कर करीब 10 किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकाली गई। रैली राहा से शुरू होकर घाटमपुर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मठ पंप पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। पूरे रास्ते युवाओं का उत्साह देखने लायक था। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा महाराणा प्रताप के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने रैली का स्वागत किया, जिससे पूरे नगर में देशभक्ति और शौर्य का माहौल बना रहा। मठ पंप पहुंचने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक सरोज कुरील ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध आज भी आजादी, आत्मसम्मान और मातृभूमि के लिए संघर्ष की गाथा सुनाता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। विधायक ने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज व राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। इस दौरान सीमा परिहार, पंकज पांडेय, मनीष तिवारी, सत्यम चौहान, छब्बू सिंह, इंद्रजीत सिंह, शेखर ठाकुर, संगम ठाकुर, शिवनाथ सिंह चौहान और रामनारायण सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अशोकनगर जिले में अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बहादुरपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से धारदार बका बरामद किया गया है। पुलिस को आशंका है कि वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मोलाडेम स्थित दमदमा रोड के सामने एक व्यक्ति धारदार हथियार लेकर संदिग्ध हालत में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में मिला धारदार बका पूछताछ में आरोपी की पहचान सचिन पिता पूरन खटीक (37) निवासी ग्राम अथाईखेड़ा, थाना बहादुरपुर, जिला अशोकनगर के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से धारदार बका बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत धारा 25(बी) आयुध अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर और एसडीओपी महेश शर्मा के मार्गदर्शन में बहादुरपुर थाना पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
सरगुजा में क्रिकेट का आनलाइन सट्टा खेलने के शौकीन व्यवसायी ने लाखों रुपये हारने के बाद सल्फास का सेवन कर लिया। उसे निजी हॉस्पिटल के बाद मिशन हॉस्पिटल में दाखिल किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। व्यवसायी लंबे सयम से क्रिकेट पर ऑनलाइन सट्टा खेलता रहा था। घटना से परिजन सदमें में हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुराना बस स्टैंड के पास अंश ड्राई फ्रूट्स दुकान के संचालक संदीप अग्रवाल (40 वर्ष) ने शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे दुकान में सल्फास खा लिया। उसने घर पहुंचकर अपने पिता राजेंद्र बंसल से कहा कि उसने परिवार को बहुत परेशान किया, अब और परेशान नहीं करेगा। उसने जहर सेवन कर लेने की जानकारी दी। इलाज के दौरान हो गई मौत संदीप अग्रवाल लेकर तत्काल परिजन लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल पहुंचे, जहां से उन्हें मिशन हॉस्पिटल भेज दिया गया। मिशन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को गमगीन महौल में उसका अंतिम संस्कार शंकरघाट में किया गया। संदीप अग्रवाल अपने चार बहनों में एकलौता भाई था। अंश ड्राई फ्रूट्स की दुकान भी अच्छे से चल रही थी। घर में माता-पिता के अलावे पत्नी एवं दो छोटे बच्चे उसपर आश्रित थे। परिचितों के अनुसार सट्टे की आदत के कारण वह लाखों रुपये के कर्जे में आ गया था। आईपीएल के मैचों में बड़ा दांव लगाने के कारण वह लाखों रुपये हार गया था, जिसके कारण वह दबाव में था। बुकी उससे पैसे मांग रहे थे। कोतवाली पुलिस ने परिजनों को बयान दर्ज किया है। हालांकि मृत्यु के तत्काल बाद दर्ज बयान में परिजनों ने सिर्फ घटना की ही जानकारी दी है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। रोज लग रहा करोड़ों का सट्टा आईपीएल के मैचों में रोज करोड़ों रुपये का सट्टा लग रहा है। जानकारों के अनुसार पुराने सभी सटोरिये सट्टा खिलाने में सक्रिय हैं। सट्टा में महादेव बुकिंग एप के सटोरिये भी शामिल हैं। महादेव बुकिंग एप का नाम बदलकर रेडीबुक एप कर दिया गया है। सरगुजा पुलिस आईपीएल के सटोरियों तक पहुंचने में अब तक नाकाम रही है।
चरखी दादरी के सीए से फर्रुखनगर टोल पर विवाद:टोल गेट से गाड़ी निकालने को कहासुनी, बोले- बतमीजी की
चरखी दादरी के रहने वाले सीए के साथ फर्रुखनगर टोल पर गाड़ी निकालने के दौरान विवाद होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद सीए ने एचएसआईडीसी के अधिकारी से बात की, लेकिन उसे वहां भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। चरखी दादरी के गांधी नगर निवासी सचिन ने बताया कि वह वृंदावन गया हुआ था, वहां से अपनी गाड़ी में वापस आ रहा था। इसी दौरान वह फुर्रुखनगर केएमपी टोल पर पहुंचा तो वहां टोल पर 6 लाइनें थी, जिनमें से 2 लाइनें ही चल रही थी। जिनमें लंबी लाइन लगी हुई थी। सचिन ने आरोप लगाया कि जब उसने टोल लाइन से अपनी गाड़ी निकालने का प्रयास किया तो उसे रोक दिया। जबकि उसकी गाड़ी पर फास्ट टैग भी लगा हुआ था। इस बात को लेकर उसका विवाद भी हो गया। सीए सचिन गोयल ने कहा कि उसने एचएसआईआईडीसी के अधिकारी से भी बातचीत की। उसने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उल्टा धमकाते हुए कहने लगा कि जो होता है वह कर लें, कहीं भी जाकर शिकायत कर लें। सचिन ने कहा कि अब वह इस मामले को लेकर कोर्ट का सहारा लेंगे और टोल वालों को नोटिस भी भेजा जाएगा।
करनाल में केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के आवासीय परिसर में शुक्रवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक स्कूल वैन चालक ने वैज्ञानिक के घर में घुसकर अकेली बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया और गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। वारदात के दौरान लूटपाट का भी प्रयास किया गया, लेकिन महिला की चीख सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। शनिवार आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। झूठ बोलकर घर में घुसा आरोपी पुलिस के अनुसार, डॉ. अमरेश चौधरी का ढाई साल का बेटा कैम्ब्रिज मोंटेसरी पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। उसे लाने-ले जाने का काम कृष्णकांत नामक वैन ड्राइवर करता था। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे जब घर में 62 वर्षीय सुमन देवी अकेली थीं, तब कृष्णकांत चारदीवारी फांदकर क्वार्टर डी-15 में पहुंचा। उसने दरवाजे की घंटी बजाकर झूठ बोला कि पोते की तबीयत खराब है और कपड़े बदलने हैं, फिर शौचालय जाने का बहाना बनाकर अंदर चला गया। गला दबाकर हत्या की कोशिश, चेन लूटने का प्रयास शिकायत के मुताबिक, शौचालय से बाहर आते ही कृष्णकांत ने जेब से कपड़ा निकालकर पीछे से सुमन देवी पर हमला कर दिया। उसने उनका गला दबाया और सोने की चेन लूटने की कोशिश की। इस दौरान हुई मारपीट में महिला के चेहरे, सिर और गले पर गंभीर चोटें आईं। पड़ोसियों ने दिखाई सूझबूझ, मौके पर पकड़ा महिला की चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले डॉ. असीम दत्ता और माण्डवी यादव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन संस्थान की बाहरी दीवार पर लगे सुरक्षात्मक तारों में उसका हाथ फंस गया। इस दौरान लोगों ने उसे पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना देकर आरोपी को रामनगर पुलिस के हवाले कर दिया। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। पुलिस को फुटेज सौंप दी गई है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। डॉ. अमरेश चौधरी की शिकायत पर रामनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि आरोपी कृष्णकांत को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
दतिया जिला कुटुंब न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में शनिवार को एक टूटते रिश्ते को नई जिंदगी मिल गई। आपसी विवाद के चलते अलग रह रहे पति-पत्नी ने न्यायालय की समझाइश के बाद अपने मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया। खास बात यह रही कि दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर नए सिरे से रिश्ते की शुरुआत की। जानकारी के अनुसार दंपती का विवाह 14 फरवरी 2025 को हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी ने घर खर्च नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए जिला कुटुंब न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका दायर कर दी। लोक अदालत के दौरान दोनों पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुए। इस दौरान अधिवक्ता अजय सिंह गुर्जर ने पति-पत्नी को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अशोक गुप्ता ने भी दोनों को रिश्ते की अहमियत बताते हुए आपसी सहमति से विवाद खत्म करने के लिए प्रेरित किया। काफी देर चली समझाइश के बाद दोनों राजीनामे के लिए तैयार हो गए। इसके बाद न्यायालय परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला, जब दंपती ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय विजय चंद्र के समक्ष साथ मिलकर जीवन बिताने की शपथ ली। लोक अदालत में हुए इस अनोखे समझौते को देखने के लिए मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। न्यायालय से बाहर निकलते समय दोनों के चेहरे पर मुस्कान थी और परिवार के लोगों ने भी राहत महसूस की।
पानीपत CIA-3 पुलिस ने जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में ग्राहकों के गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और पूर्व ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूब यलगार निवासी कर्नाटक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने बैंककर्मी के साथ मिलकर लॉकर में रखे असली सोने के कड़े को निकालकर उसकी जगह पीतल का कड़ा रख दिया था। इंसार बाजार के सुनार ने खोला नकली कड़े का राज मामले का खुलासा शिमला मौलाना निवासी सुनील की शिकायत पर हुआ। सुनील ने मई 2024 में 19 तोला सोना गिरवी रखकर लोन लिया था। जुलाई 2025 में जब वह लोन चुकता कर अपने गहने वापस लेने पहुंचा, तो उसे कड़े के वजन में कुछ फर्क महसूस हुआ। जब उसने इंसार बाजार में अपने पारिवारिक सुनार से जांच कराई, तो पता चला कि कड़ा पीतल का है, जिस पर सिर्फ सोने की परत (अर्क) चढ़ी हुई थी। कारीगर ने उगला सारा सच सुनार ने जब कड़े की फोटो कारीगरों के ग्रुप में डाली, तो राज खुला कि दीपक भोला नाम के कारीगर के पास यह कड़ा बनने आया था। पूछताछ में दीपक ने बताया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन का तत्कालीन मैनेजर राजेश्वर (राजेसाब) और एक अन्य कर्मी उसके पास आए थे। उन्होंने असली कड़ा दिखाकर उसकी हूबहू नकल तैयार करने को कहा था। पानीपत के कारीगरों के मना करने पर आरोपियों ने दिल्ली से यह नकली कड़ा बनवाया था। साजिश- 40% सोना निकालकर बेच दिया सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेसाब महबूब यलगार ने प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 3 दिन के रिमांड पर आरोपी, साथी की तलाश जारी पुलिस ने आरोपी को सिवाह बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया। शनिवार को उसे माननीय न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस फरार साथी आरोपी की गिरफ्तारी, चोरी किए गए सोने की बरामदगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों ने और कितने ग्राहकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की है।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सांसद कुलदीप इंदौरा ने आमजन की समस्याएं सुनीं। इस जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। लोगों ने बिजली, पानी, कृषि, रोजगार और खरीद व्यवस्था से संबंधित मुद्दे उठाए। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर और मनमोहन सोनी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। सांसद इंदौरा ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और आम नागरिक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकारें उनके समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही हैं। इंदौरा ने विशेष रूप से हनुमानगढ़ जैसे कृषि प्रधान जिले में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने का मुद्दा उठाया, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इंदौरा ने मंडियों में गेहूं और धान की खरीद व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बारदाने की कमी के कारण किसान मंडियों में परेशान हो रहे हैं और समय पर खरीद न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सांसद ने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय संविदा और ठेका व्यवस्था में रखा जा रहा है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित हो रहा है। इंदौरा ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते नशे और ड्रग्स तस्करी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार सख्त कार्रवाई के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र में रेल सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया, विशेषकर सुपरफास्ट ट्रेनों जैसी सुविधाओं का अभाव। दूषित पेयजल की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त इंदौरा ने किसानों को नकली खाद और बीज मिलने की बढ़ती शिकायतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रशासन से इन जनसमस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्पोर्ट्स महोत्सव 2026 के तहत शहर में भव्य इंटर-हॉस्पिटल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। यह पूरी तरह डे-नाइट टूर्नामेंट होगा, जिसे लेकर डॉक्टरों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों के बीच फिटनेस, खेल भावना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। डॉक्टरों की व्यस्त दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट के सभी मुकाबले शनिवार और रविवार को रखे गए हैं। मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे, ताकि डॉक्टर दिनभर मरीजों को देखने के बाद मैदान पर उतर सकें। आयोजकों का कहना है कि इससे डॉक्टरों को तनाव से राहत मिलेगी और उनकी फिटनेस भी बेहतर बनी रहेगी। चार बड़े अस्पतालों के बीच होगी टक्करटूर्नामेंट में शहर के चार प्रमुख अस्पतालों की टीमें हिस्सा लेंगी। इसमें केकेआर हॉस्पिटल, हेरिटेज हॉस्पिटल, एचपीएम हॉस्पिटल और जीआरएस हॉस्पिटल की टीमें मैदान पर एक-दूसरे को चुनौती देंगी। पहले लीग मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके आधार पर सेमीफाइनल की टीमें तय होंगी। 31 मई को होगा फाइनल मुकाबलाटूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 31 मई 2026 को खेला जाएगा। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चलने वाले इस डे-नाइट मैच में दो सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। चार घंटे तक चलने वाले इस महामुकाबले में यह तय होगा कि इस बार क्रिकेट के मैदान पर किस अस्पताल का दबदबा रहेगा। आईएमए का कहना है कि इस आयोजन के जरिए डॉक्टरों के बीच संवाद और तालमेल को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। व्यस्त दिनचर्या के बीच यह टूर्नामेंट डॉक्टरों को एक-दूसरे के करीब आने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मंच देगा। आयोजकों के मुताबिक, खेल भावना के जरिए समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए खेलकूद भी उतना ही जरूरी है, जितना नियमित कामकाज।
सवाई माधोपुर मुख्यालय पर शनिवार को दो दिवसीय लैब असिस्टेंट (प्रयोगशाला सहायक) सीधी भर्ती परीक्षा के पहले दिन 27 परीक्षा सेंटरों पर परीक्षा हुई। यहां पहले दिन 8,359 रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों में से 6,509 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी, जबकि 18,50 स्टूडेंट्स अनुपस्थित रहे। परीक्षा में कुल 77.87 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। प्रशासन ने कड़ी जांच और ड्रेस कोड की पालना के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाई। 9 बजे शुरू हुई एंट्री एडीएम और परीक्षा समन्वयक सुदर्शन सिंह तोमर ने बताया कि परीक्षा के लिए पांच उड़नदस्ते बनाए गए थे। यहां स्टूडेंट्स सुबह करीब 8 बजे से परीक्षा सेंटरों पर पहुंचने लगे थे। सुबह 9 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। यहां कड़ी जांच के बाद ही स्टूडेंट्स को सेंटरों में एंट्री दी गई।प्रयोगशाला सहायक भूगोल सीधी भर्ती परीक्षा शनिवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक पारी में हुई।10 बजे बंद कर दिए गए सेंटरों के गेट परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले यानी सुबह 10 बजे सभी परीक्षा सेंटरों के गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं दी गई। परीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से सेंटरों पर लगातार निगरानी रखी गई। कानों की बालियां व अन्य आभूषण उतरवाएं परीक्षा सेंटरों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। महिला कैंडिडेट्स के हाथों के कंगन, कान की बालियां, बिछिया और अन्य प्रतिबंधित सामान उतरवाए गए। ड्रेस कोड की सख्ती से पालना करवाई गई। सवाई माधोपुर शहर के रणथंभौर चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल में एक महिला अंतिम समय में भागकर परीक्षा केंद्र पर पहुंची। जिसे 9.58 मिनट पर प्रवेश दिया गया।
धार शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। 26 अप्रैल से चल रहे अभियान के तहत अब तक 2710 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 10 लाख 85 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया है। यातायात पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान दो पहिया और चार पहिया वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस टीम ने प्रमुख स्थानों के साथ यातायात थाने के सामने भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया। हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई अभियान के दौरान बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वाले, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले और बिना वैध दस्तावेज के वाहन चला रहे चालकों पर कार्रवाई की गई। यातायात थाना प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। नियम तोड़ने वालों पर आगे भी रहेगी सख्ती थाना प्रभारी ने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को लगातार समझाइश भी दे रही है, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यातायात पुलिस ने लोगों से दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की अपील की है। साथ ही वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और सभी यातायात नियमों का पालन करने को कहा है।
सहारनपुर के देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव रणखंडी में जेल से जमानत पर छूटकर आए युवक का गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकालना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए 12 नामजद और 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद गांव में हलचल का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, 30 अप्रैल को रणखंडी निवासी रवि को अवैध पिस्टल रखने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने रवि को कई दिनों तक अवैध हिरासत में रखा। इसी विरोध में 29 अप्रैल को ग्रामीणों ने देवबंद कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन भी किया था। बाद में पुलिस ने रवि का चालान कर उसे जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय से रवि को जमानत मिलने के बाद उसके समर्थक और ग्रामीण उसे लेने जेल पहुंचे। आरोप है कि गांव लौटने पर रवि का गाजे-बाजे और समर्थकों के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान जमकर नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन भी किया गया। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए रवि राणा, सत्यजीत उर्फ सत्ते, शुभम, आर्यन उर्फ छोटू, रजत उर्फ रज्जी, शेखर, गोल्डी, प्रदीप, अमर, अमन, प्रिंस, सुशील और सुमित को नामजद किया है। इसके अलावा 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर रोजन्त त्यागी का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और आपराधिक मामलों में आरोपित व्यक्तियों का सार्वजनिक स्वागत या जुलूस निकालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्राम पंचायत झाखरी के सीनियर स्कूल में दो नवीन कक्षा कक्षों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में उन्होंने ग्राम पंचायत सेलोता के सीनियर स्कूल में एक नए कक्षा कक्ष का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर विधायक ने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विधायक शंकरलाल डेचा ने बताया कि वर्तमान सरकार का मुख्य ध्येय शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। डेचा ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े लगभग 50 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हुए हैं। इसके तहत 40 से अधिक स्कूलों में नए कमरों का निर्माण किया जा रहा है, और 100 स्कूलों को विधायक मद से लैपटॉप व प्रिंटर प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 1350 करोड़ रुपए की योजनाएं प्रगति पर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु 60 करोड़ रुपए की लागत से पीएचसी-सीएचसी भवनों का निर्माण जारी है। इसके अतिरिक्त, 100 करोड़ रुपए की लागत से ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, और किसानों के हित में 500 करोड़ रुपए के सिंचाई प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है। विधायक ने जोर देते हुए कहा कि सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से सभी 36 कौमों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय अब सिर्फ डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को तराशने वाला बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। विश्वविद्यालय का शारीरिक शिक्षा विभाग तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। कैंपस में विकसित आधुनिक खेल सुविधाएं किसी प्रोफेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी से कम नहीं हैं। यहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सुबह और शाम विशेष प्रशिक्षण सत्रों में कोच की निगरानी में प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढांचा तैयार किया गया है। विभाग के पास सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक और 50 मीटर का स्विमिंग पूल है, जहां खिलाड़ी ओलंपिक स्तर की तैयारी का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा क्रिकेट और फुटबॉल के मैदान, बास्केटबॉल और हैंडबॉल कोर्ट के साथ आधुनिक बॉक्सिंग हॉल भी मौजूद है। कैंपस में आर्चरी (धनुर्विद्या) के लिए अलग रेंज और अत्याधुनिक जिम्नेजियम भी बनाया गया है। इन सुविधाओं का लाभ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बाहरी खिलाड़ी भी उठा रहे हैं। खो-खो और फुटबॉल में शानदार प्रदर्शनइस साल विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि खो-खो में सामने आई। पुरुष टीम ने सत्र 2025-26 की नॉर्थ जोन खो-खो चैंपियनशिप और अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर संस्थान का नाम रोशन किया। फुटबॉल टीम ने भी सेंट्रल जोन टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन से साफ है कि विश्वविद्यालय का ट्रेनिंग सिस्टम तकनीक और फिटनेस पर गंभीरता से काम कर रहा है। क्रिकेट और मार्शल आर्ट्स में भी बढ़ा दबदबाविश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट में यहां के खिलाड़ियों का चयन अंडर-19 भारतीय टीम और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हुआ है। बॉक्सिंग में खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीते हैं। वहीं ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और शतरंज में नॉर्थ जोन उपविजेता बनने जैसी उपलब्धियां भी विश्वविद्यालय के खाते में दर्ज हुई हैं। एथलेटिक्स, जूडो और कराटे में भी प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। खेलो इंडिया में बड़ी पहचान बनाने की तैयारीविश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि खिलाड़ियों को केवल खेल कौशल ही नहीं, बल्कि अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। “खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स” जैसे बड़े आयोजनों में विश्वविद्यालय की बढ़ती भागीदारी और खिलाड़ियों की सफलता यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में CSJMU देश में खेल उत्कृष्टता का बड़ा केंद्र बन सकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक अवसंरचना और नियमित प्रशिक्षण के चलते आने वाले वर्षों में यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
लुधियाना के ऋषि नगर इलाके में आर्थिक तंगी से परेशान एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 48 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कारोबार में मंदी और आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण वह पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे। हालत बिगड़ने पर DMC में करवाया था भर्ती थाना पीएयू के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र पाल चौधरी ने बताया कि पुलिस को आज सुबह सूचना मिली थी कि ऋषि नगर निवासी सोनू कुमार ने जहरीली निगल ली है। परिजनों ने बताया कि जब सोनू की हालत बिगड़ी तो उन्हें तुरंत डीएमसी (DMC) अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का बुरा हाल, पत्नी के बयानों पर कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सोनू कुमार प्रॉपर्टी का काम करते थे। पिछले कुछ समय से काम में लगातार हो रहे घाटे और आर्थिक तंगी के चलते वह काफी परेशान रहने लगे थे। सोनू अपने पीछे पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गया। पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पत्नी ज्योति के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सोनू कुमार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे जिसके चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के औरैया आगमन पर भाजपाइयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। पाल ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रवाद, विकास और नारी सम्मान की राजनीति के साथ खड़ी है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैला रहा है। शहर में एक निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सपा के 'पीडीए' अभियान पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, सपा का नाम बदलकर पीडीए इसलिए रखा गया है क्योंकि पीडीए का अर्थ है 'पावर ऑफ डिंपल अखिलेश'। आज समाजवादी पार्टी केवल परिवारवाद और सत्ता की राजनीति तक सीमित होकर रह गई है। पाल ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन का दौर भूली नहीं है। सपा सरकार के समय प्रदेश में अपराध, गुंडागर्दी और अराजकता चरम पर थी। इसी कारण अखिलेश यादव अब सपा का नाम लेने से बचते हैं और पीडीए का नारा देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सपा का इतिहास आतंक और अराजकता से जुड़ा रहा है, इसलिए जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को सम्मान और भागीदारी देने वाले इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध करने की कीमत विपक्षी दलों को चुकानी पड़ी है। उन्होंने बंगाल, असम और पुडुचेचेरी में विपक्ष की हार को इसी का परिणाम बताया। प्रकाश पाल के साथ भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी भी औरैया आए थे। इस अवसर पर जिला महामंत्री यशवीर सिकरवार, विशाल शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी भूरे चौबे, लल्ला शर्मा, सौरभ भूषण शर्मा, अवधेश भदोरिया, रजनीश पाण्डेय, अवध चतुर्वेदी, राहुल गुप्ता, राघव मिश्रा, शिवा सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कानपुर के रामादेवी स्थित जगदंबा गेस्ट हाउस में शनिवार को महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय सभा के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के सम्मान में राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने और उनके इतिहास को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई गई। क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष लाल सिंह तोमर ने कहा कि देश को आजाद हुए 79 वर्ष हो गए हैं, लेकिन महाराणा प्रताप जैसे योद्धा के बलिदान को शैक्षिक पाठ्यक्रम में लागू करने की ठोस पहल अब तक नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि महाराणा प्रताप की जीवनी और उनके संघर्ष वाले इतिहास को समस्त क्षेत्रीय भाषाओं के शैक्षिक पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए। विकास खंड सरसौल की प्रमुख डॉ. विजय रत्ना ने महाराणा प्रताप की स्मृतियों को ताजा करते हुए कहा कि उनके समाज की क्षत्राणियां अपनी मर्यादा में रहकर समाज को चला रही हैं। उन्होंने महिला-पुरुष समानता पर जोर देते हुए कहा, एक नारी सब पर भारी होती है, वह माता, पत्नी और बेटी का रूप लेती है। डॉ. रत्ना ने समाज के सभी संगठनों को एक मंच पर एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नए लोकतंत्र में नए कानूनों के माध्यम से मौलिक अधिकारों को नष्ट किया जा रहा है और समाज को उपेक्षित किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य चिंतनीय है। उन्होंने भारतीय क्षत्रियों से अपनी संस्कृति, संस्कृत और संस्कारों के प्रचार-प्रसार के लिए अपने परिवार से पहल करने की अपील की। इस समारोह में क्षत्रिय समाज की 19 प्रमुख विभूतियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मनोज भदौरिया, गजेंद्र सिंह, बलराम सिंह, राहुल तोमर सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कासगंज शहर के कासगंज-एटा रोड स्थित ब्रज बाटीका में शनिवार को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय विकास फाउंडेशन ने एक गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रघुराज सिंह और क्षत्रिय समाज के प्रमुख नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया गया। क्षत्रिय विकास फाउंडेशन के संयोजक अनिल कुमार सिंह पुंडीर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कासगंज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे। भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी, क्षत्रिय फाउंडेशन की संरक्षक डॉ. शाशीलता चौहान और राज्यमंत्री रघुराज सिंह ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन को साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताया। उन्होंने समाज से एकजुट होकर समाजहित और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में समाज की मजबूती और युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मानवेन्द्र प्रताप सिंह सनातक् एमएलसी, ठाकुर यशपाल सिंह चौहान पूर्व विधायक,सुरेश प्रताप गांधी पूर्व विधायक, धीरेन्द्र सिंह सोलंकी, विजेंद्र गौर, विमल कुमार सिंह सहित अन्य क्षत्रीय समाज के नेता मौजूद रहे।
यूपी के बरेली में बिजली चोरी और लाइन के को कम करने के लिए बिजली विभाग ने अब अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। शनिवार की सुबह बिजली विभाग की टीम ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत शहर के थाना प्रेमनगर क्षेत्र अंतर्गत सुर्खा बानखाना इलाके में छापेमारी की। इस दौरान विभाग ने उन घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जहाँ लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। सुबह 5 बजे शुरू हुआ 'सफाई' अभियानबिजली विभाग की यह कार्रवाई शनिवार तड़के करीब 5:00 बजे शुरू हुई। अमूमन बिजली चोरी करने वाले लोग सुबह होने से पहले ही अवैध कटिया हटा लेते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए टीम ने अंधेरे में ही दबिश दी। इस अभियान में विभाग के सतर्कता दल (विजिलेंस) के साथ प्रेमनगर पुलिस की भारी मौजूदगी रही, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे की स्थिति को संभाला जा सके। अचानक पहुंची टीम को देखकर इलाके में खलबली मच गई और कई लोग अपने घरों की छत से अवैध तार हटाते नजर आए। ई-रिक्शा चार्जिंग का बड़ा खेल आया सामनेइस छापेमारी के दौरान टीम ने सबसे ज्यादा ध्यान उन घरों पर केंद्रित किया जहाँ चोरी की बिजली से ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे थे। जाँच में पाया गया कि 4 घरों में अवैध रूप से मोटी केबल डालकर ई-रिक्शा चार्जिंग का कमर्शियल काम किया जा रहा था। इससे न केवल विभाग को राजस्व की भारी क्षति हो रही थी, बल्कि ट्रांसफार्मर पर भी लोड बढ़ रहा था। टीम ने मौके पर ही इन ई-रिक्शा की चार्जिंग केबल्स को जब्त कर लिया और संबंधित मकान मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की है। मौके पर काटे गए कनेक्शन और भारी जुर्मानाकार्रवाई के दौरान किला क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (जेई) और लाइन स्टाफ ने घर-घर जाकर मीटरों की रीडिंग और सील की जांच की। जिन उपभोक्ताओं के बिल लंबे समय से बकाया थे, उनके कनेक्शन तुरंत काट दिए गए। अभियान के दौरान 5 घर ऐसे पाए गए जहाँ बिजली मीटर को बाइपास कर सीधे खंभे से कटिया डालकर बिजली का उपयोग हो रहा था। इन सभी पर विभाग ने भारी जुर्माना लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि जुर्माने की राशि जमा न करने पर इनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। लाइन लॉस कम करने पर जोरबिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सुर्खा बानखाना और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों में लाइन लॉस काफी अधिक है। अवैध कटियाबाजी के कारण न सिर्फ राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि बार-बार फाल्ट होने से ईमानदार उपभोक्ताओं को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। विभाग का कहना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण अब बरेली के हर फीडर पर किए जाएंगे। वैध कनेक्शन ही एकमात्र रास्ताकार्यवाही के अंत में विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिजली चोरी एक अपराध है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने बकाया बिलों का भुगतान समय पर करें और यदि किसी का कनेक्शन कट चुका है, तो वह अवैध रूप से बिजली न जोड़ें। विभाग ने चेतावनी दी है कि ई-रिक्शा चार्जिंग जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए यदि घरेलू कनेक्शन या चोरी की बिजली का उपयोग पाया गया, तो भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 49 प्रकरणों का निस्तारण:54.18 लाख रुपये के अवॉर्ड पारित
वल्लभनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 49 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 54 लाख 18 हजार 550 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। यह लोक अदालत राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर के अध्यक्ष प्रेम गढ़वाल (वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने अधिवक्ता लेहरीलाल डांगी और न्यायालय कर्मचारियों के साथ मिलकर पक्षकारों को लोक अदालत का महत्व समझाया। उन्होंने आपसी समझाइश से प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रेरित किया। 22 लाख रुपये के अवॉर्ड पारित लोक अदालत में राजीनामे के आधार पर विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया गया। इसमें सिविल प्रकृति के 2 और भरण-पोषण से संबंधित 1 प्रकरण का निस्तारण हुआ, जिनमें कुल 22 हजार रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। धारा 138 एन.आई. एक्ट से संबंधित 6 प्रकरणों का निस्तारण कर 22 लाख 70 हजार रुपये के अवॉर्ड पारित हुए। इसके अतिरिक्त, नियमित फौजदारी के 4 प्रकरणों का भी निपटारा किया गया। 36 प्रकरणों का समझाइश से निस्तारण प्री-लिटिगेशन के 36 प्रकरणों का भी आपसी समझाइश के माध्यम से निस्तारण किया गया, जिनमें कुल 31 लाख 26 हजार 550 रुपये के अवॉर्ड पारित हुए। इस प्रकार, 13 लंबित और 36 प्री-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 49 प्रकरणों का निपटारा कर 54 लाख 18 हजार 550 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों और ए.वी.वी.एन.एल. के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें एसबीआई वल्लभनगर से जयंत मेनारिया, बैंक ऑफ बड़ौदा वल्लभनगर से प्रियंका चंडालिया और राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक शाखा वल्लभनगर से रोहित जैन शामिल थे। इस दौरान अधिवक्ता मुकेश गोपावत, नारायणलाल गाडरी, दुर्गाशंकर मेनारिया, योगेन्द्र माली और शांतिलाल डांगी ने भी पक्षकारों को लोक अदालत का महत्व समझाते हुए आपसी समझौते से प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रेरित किया।
मुरादाबाद में प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियां शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गईं। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की गई। शहर के 18 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। कई केंद्रों पर अभ्यर्थी निर्धारित समय से पहले ही पहुंच गए थे, जिसके कारण परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ छात्रों ने इसे आसान और सामान्य स्तर का बताया, वहीं कई अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र लंबा होने के कारण सभी सवालों को निर्धारित समय में हल करना चुनौतीपूर्ण रहा। जीव विज्ञान विषय के छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र में कुल 125 सवाल पूछे गए थे, जिन्हें दो घंटे की समय-सीमा में पूरा करना कठिन था। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, दोनों दिनों में कुल 22,639 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। रविवार को भी यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
गोंडा जिले में मोबाइल चोरी और झपट्टामारी की घटनाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की है। देहात कोतवाली पुलिस ने झपट्टामारी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी मोबाइल चोरी के दो आरोपियों को पकड़ा है। देहात कोतवाली पुलिस ने अल्लारक्खा और दादू नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक चोरी का मोबाइल फोन और एक अवैध तमंचा बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने बादशाह उर्फ अयान के साथ मिलकर 6 मई को पल्सर मोटरसाइकिल से झपट्टामारी की घटना को अंजाम दिया था। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दूसरी ओर, गोंडा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर सो रहे यात्रियों के मोबाइल फोन चुराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नफीस और मोहम्मद तोहिद के रूप में हुई है। इनके कब्जे से तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 65,000 रुपये बताई जा रही है। आरपीएफ ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गोंडा रेलवे न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध राय ने बताया कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिन पर आगे की जांच की जा रही है। गोंडा देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने उनके थाना क्षेत्र में एक झपट्टामारी की घटना को अंजाम दिया था और पिछले दो दिनों से फरार चल रहे थे। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
शाजापुर लोक अदालत में दंपती का मिलन:दो साल से अलग रह रहे थे, फिर साथ रहने को हुए तैयार
शाजापुर में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में दो साल से अलग रह रहे एक दंपती ने आपसी समझौते के बाद फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के कारण उनके बच्चे भी मानसिक रूप से परेशान थे। ग्राम कूड़ाना, तहसील गुलाना निवासी घनश्याम सौराष्ट्रीय ने अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए कुटुंब न्यायालय में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 9 के तहत दांपत्य जीवन की पुनर्स्थापना हेतु वाद दायर किया था। यह प्रकरण लोक अदालत में सुनवाई के लिए पहुंचा। लोक अदालत में न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई और उन्हें समझाया गया। काफी देर तक चली चर्चा और समझाइश के बाद पति-पत्नी ने पुराने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने पर सहमति जताई। दोनों ने आपसी राजीनामा प्रस्तुत करते हुए अपने वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देने का निर्णय लिया। इस दौरान अदालत परिसर में सौहार्दपूर्ण माहौल रहा। इस प्रकरण में घनश्याम सौराष्ट्रीय की ओर से अधिवक्ता गिरीश लवरिया, राहुल यादव और सोना बेकी उपस्थित थे। वहीं, दूसरी ओर से अधिवक्ता रीना सक्सेना और पैनल लॉयर विधिक सहायता अधिकारी सईद पठान ने पक्ष रखा। न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों खुशी-खुशी साथ रहने के लिए तैयार हो गए।
फ़रीदाबाद स्थित इंडिया हैबिटैट सेंटर में शनिवार को राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद द्वारा कंक्रीट निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय था- आईएस 456:2025 (मसौदा) के अनुसार कंक्रीट के टिकाऊपन का डिज़ाइन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना। इस कार्यक्रम में निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने भाग लेकर नए मसौदे पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीएसआईआर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार रामनचारला ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश में टिकाऊ और मजबूत निर्माण के लिए कंक्रीट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों ने कंक्रीट निर्माण से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की इस अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक ( मानकीकरण) इंजीनियर संजय पंत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम में राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद के महानिदेशक डॉ. एलपी सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने कंक्रीट निर्माण से जुड़े अलग-अलग विषयों पर जानकारी साझा की। इन सत्रों में परिषद के संयुक्त निदेशक इंजीनियर पीएन ओझा, आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर मनु संथनम, परिषद के पूर्व संयुक्त निदेशक इंजीनियर वीवी अरोरा और टीसीपीएल के अध्यक्ष प्रोफेसर महेश टंडन ने अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने कंक्रीट के टिकाऊपन का डिज़ाइन, निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, गुणवत्ता की जांच और नियंत्रण प्रणाली तथा पूर्व-तनावग्रस्त कंक्रीट से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बच्चा न होने और दहेज की मांग को लेकर एक महिला की कथित तौर पर जहर देकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में महिला के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के चौधकियापुर गांव की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति अंशुमान (27 वर्ष), सास माया देवी (50 वर्ष) और ससुर विजय को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। इन पर पत्नी राधा देवी को जहर देकर मारने का आरोप है, क्योंकि वह संतानहीन थी और दहेज की मांग पूरी नहीं हो रही थी। यह घटना बुधवार शाम को सामने आई, जब चौधकियापुर निवासी अंशू की पत्नी राधा देवी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर ससुरालियों ने उसे शहर के लोधीगंज स्थित नैंसी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे कानपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मामा लालमन (निवासी बेरूईहार, थाना कोतवाली) ने पोस्टमार्टम हाउस में पति और ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनकी भांजी राधा की शादी 5 जून 2020 को हुई थी और उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार अच्छा दहेज भी दिया था। हालांकि, संतान न होने के कारण पति उसे पीटता था। लालमन ने आरोप लगाया कि घटना से दो दिन पहले राधा गांव में ही एक रिश्तेदारी में शादी में गई थी। उसका पति शराब के नशे में वहां आया और जबरन उसे ससुराल ले गया। वहां उसने पानी के पाइप से राधा की पिटाई की और जबरन उसके मुंह में जहर डाल दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मामा ने यह भी बताया कि हालत बिगड़ने पर पति उसे अपने जान-पहचान वाले नैंसी अस्पताल ले गया, जहां उसकी हालत और बिगड़ गई। सुबह कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
करौली जिले में हत्या के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अरविंद उर्फ चालू को गिरफ्तार किया है। उस पर पुरानी रंजिश के चलते अपने साथी के साथ मिलकर लखनसिंह मीना की पत्थरों से कुचलकर हत्या करने का आरोप है। आरोपी अरविंद को मंडरायल चंबल पुल के पास से उस समय पकड़ा गया, जब वह ग्वालियर के रास्ते हैदराबाद भागने की फिराक में था। इस मामले में मुख्य आरोपी लोकेश मीना को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर 'ऑपरेशन हन्ता' अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। 3 मई को पाटौरन निवासी राजकुमार मीना ने अपने पिता लखनसिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने आशंका जताई थी कि गांव के कुछ लोग उन्हें शराब पार्टी के बहाने अपने साथ ले गए थे। जांच के दौरान पुलिस को अंजनी माता मंदिर के पास लोंगटपुर मार्ग पर संदिग्ध हालात में बीयर की बोतलें मिलीं। आसपास तलाश करने पर कुछ दूरी पर लखनसिंह का शव बरामद हुआ। सूचना पर एफएसएल टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 15 वर्ष पहले एक ट्रक दुर्घटना में आरोपी लोकेश के पिता की मौत हो गई थी। इसी घटना को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के अनुसार घटना वाली रात लोकेश और अरविंद, लखनसिंह को शराब पार्टी के बहाने अपने साथ ले गए थे। शराब पीने के दौरान कहासुनी होने पर पहले बीयर की बोतल से हमला किया गया, फिर पत्थरों से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। लगातार तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में शनिवार सुबह बारातियों से भरी एक बस सड़क किनारे महुआ के पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बस में सवार सभी बाराती सुरक्षित बच गए, लेकिन चालक मौके से फरार हो गया। बारातियों ने चालक पर शराब के नशे में बस चलाने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, ब्यौहारी क्षेत्र के ग्राम जमोड़ी से बारात बहेरिया गई थी। दादू एंड संस की बस क्रमांक एमपी 18 पी 0655 दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को लेकर वापस जमोड़ी लौट रही थी। रास्ते में तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही बस अचानक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा भिड़ी। बारातियों का आरोप है कि चालक शुक्रवार रात बारात निकासी के दौरान भी शराब पी रहा था। विरोध करने पर उसने शराब पीना बंद कर दिया था, लेकिन शनिवार सुबह वह फिर नशे की हालत में बस चला रहा था। यात्रियों ने बताया कि उन्होंने कई बार चालक को धीरे चलाने के लिए कहा, लेकिन उसने बात नहीं मानी। फंसे बारातियों को निकाला गया हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, महिलाएं और बच्चे काफी देर तक सहमे रहे। चालक घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरी बस और चालक की व्यवस्था कर सभी बारातियों को सुरक्षित जमोड़ी भेजा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश जारी है।
रोहतक बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट व पूर्व महासचिव रोहित सुहाग के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं, रिकॉर्ड में कथित हेरफेर एवं करोड़ों रुपए के गबन से जुड़े बहुचर्चित मामले में थाना आर्य नगर में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ के आदेशों पर कार्रवाई की है। बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक हुड्डा ने 1 करोड़ 33 लाख रुपए के गबन मामले में शिकायत दी थी। शिकायत में बार एसोसिएशन के वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड में कथित फेरबदल, वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी व बड़ी धनराशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को एसपी को शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में हुई जांच प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के बाद विस्तृत जांच एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में करवाई गई। जांच के दौरान ऑडिट रिपोर्ट, बैंक लेजर, भुगतान रिकॉर्ड, चेक विवरण, बिल एवं अन्य वित्तीय दस्तावेजों का तकनीकी एवं तथ्यात्मक परीक्षण किया। पुलिस जांच में कई गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं उजागर हुई। साधारण कागजों पर मिले थे बिल प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार अनेक बिल क्रमवार एवं तिथि अनुसार उपलब्ध नहीं पाए गए, जबकि कुछ बिल साधारण कागजों पर तैयार किए गए थे। कई दस्तावेजों पर जारीकर्ता एवं प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर तक नहीं थे। कुछ भुगतान ऐसे व्यक्तियों के नाम दर्शाए गए, जो किसी पद पर नहीं थे। विभिन्न खर्चों के लिए निर्धारित कोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया व जमा पूंजी रजिस्टर भी नियमानुसार नहीं मिला। 1 करोड़ 33 लाख रुपए के गबन का था आरोप प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान लगभग 1,33,01,773 रुपए के कथित गबन का मामला सामने आया। इसके आधार पर थाना आर्य नगर में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 204, 414, 406 व 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घटनाक्रम की अवधि 1 नवंबर 2022 से 31 दिसंबर 2023 तक की बताई गई है। FIR दर्ज होने का मेरे संज्ञान में नहीं मामलाबार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र सिंह फौगाट ने कहा कि उनके खिलाफ FIR दर्ज होने का कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है। अगर कोई केस दर्ज हुआ है तो उसकी जानकारी लेंगे और जो भी लीगल कार्रवाई बनेगी, वह करेंगे। आर्य नगर थाने में हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केसपुलिस पीआरओ मनीष ने बताया कि बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट के खिलाफ आर्य नगर थाने में केस दर्ज हुआ है। केस हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
इटावा की यमुना में बिना शोधन गिर रहा अपशिष्ट जल:डीएफओ ने जताई नाराजगी, कार्रवाई के निर्देश
इटावा में शनिवार को डीएफओ विकास नायक की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति और पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में यमुना नदी में बिना शोधन के अपशिष्ट जल छोड़े जाने, कूड़ा निस्तारण, एमआरएफ केंद्रों के संचालन और आगामी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएफओ ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लंबे समय से चालू न होने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान डीएफओ विकास नायक ने एसटीपी की प्रगति पर जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि पिछले आठ से नौ महीनों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन एसटीपी अब तक संचालित नहीं हो सकी है। इसके परिणामस्वरूप, बिना शोधन किया हुआ अपशिष्ट जल सीधे यमुना नदी में मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटलेट से पानी के नमूने लेकर जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। डीएफओ ने नदी में ठोस अपशिष्ट बहने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नगर निगम को यमुना किनारे फैले कूड़े-कचरे की जल्द से जल्द सफाई कराने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश का मौसम नजदीक है और यदि समय पर सफाई नहीं हुई तो सारा कचरा नदी में बह जाएगा, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। बैठक में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन की भी समीक्षा की गई। डीएफओ ने पूछा कि क्या सभी केंद्र सही तरीके से काम कर रहे हैं। भरथना क्षेत्र के संबंध में नगर निगम के ईओ को सभी एमआरएफ केंद्र चालू रखने और बाईपास क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए डीएफओ ने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिए जा चुके हैं। उन्होंने भूमि चिन्हित करने, पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी विभाग को एक सड़क का चयन कर वहां ट्री गार्ड के साथ पौधारोपण कराने को कहा गया। डीएफओ ने विशेष रूप से इमली के अधिक पौधे लगाने पर जोर दिया। बैठक में नगर निगम परिषद के अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज, एआरटीओ प्रदीप देशमणि समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संभल में नगर पालिका परिषद ठेकेदार यूनियन संघ के चुनाव संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और दो उपाध्यक्षों का निर्वाचन हुआ, जबकि कोषाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए।संभल नगर पालिका परिषद से जुड़े ठेकेदारों ने 'ठेकेदार इंडियन संघ नगर पालिका परिषद संभल' का गठन किया है। शनिवार सुबह 9:30 बजे से मतदान शुरू हुआ, जिसमें कुल 35 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव अधिकारी मोहम्मद मशकूर जिलानी की देखरेख में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।यह पहली बार है जब नगर पालिका परिषद संभल में ठेकेदार इंडियन संघ बना और चुनाव कराए गए। चुनाव को लेकर ठेकेदारों में काफी उत्साह देखा गया। अध्यक्ष पद के लिए नजारुल हुसैन व वाहिद हुसैन बबलू, उपाध्यक्ष के लिए नितिन यादव व तेजराम, सचिव के लिए मोहम्मद अथर व तस्लीम और कोषाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद मुकीम मैदान में थे।शाम 4 बजे घोषित चुनाव परिणामों के अनुसार, अध्यक्ष पद पर नजारुल हुसैन ने 21 वोट प्राप्त कर 10 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। सचिव पद पर तस्लीम ने 19 वोट हासिल कर 6 वोटों से विजय प्राप्त की।उपाध्यक्ष पद के लिए नितिन यादव और तेजराम को 16-16 मत मिले। संघ यूनियन ने आपसी सहमति से दोनों को उपाध्यक्ष नियुक्त किया। कोषाध्यक्ष पद पर मोहम्मद मुकीम निर्विरोध चुने गए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नगर पालिका परिषद के 37 सभासद भी वहां मौजूद रहे।चुनाव अधिकारी मोहम्मद मशकूर जिलानी ने बताया कि इस संगठन का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों के साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी या शोषण को रोकना है। उन्होंने कहा कि संघ सभी ठेकेदारों को साथ लेकर उनके हितों के लिए कार्य करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुल 35 वोटों में से 97% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सूरजपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। जिले में अब तक 25,369 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 219 मामलों में न्यायालय ने कुल 20 लाख 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष यातायात अभियान के तहत की गई। पुलिस लगातार जिलेभर में सघन वाहन चेकिंग कर रही है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 219 मामलों में कोर्ट ने लगाया जुर्माना पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 219 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में संबंधित वाहनों को जब्त कर चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा इन मामलों में कुल 20 लाख 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनता है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है। हेलमेट और सीट बेल्ट उल्लंघन पर भी कार्रवाई यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। बिना हेलमेट वाहन चलाने के 2,250 प्रकरण दर्ज किए गए, वहीं बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने के भी 2,250 मामलों में चालानी कार्रवाई हुई। कुल मिलाकर 25,369 प्रकरणों में पुलिस ने 86 लाख 65 हजार 200 रुपये का समन शुल्क वसूला है। दो ड्राइवरों पर हालिया कार्रवाई इसी अभियान के तहत 6 और 7 मई 2026 को यातायात प्रभारी ने कर्मा चौक और अग्रसेन चौक में वाहन चेकिंग की। इस दौरान इनोवा वाहन क्रमांक CG 13 AE 1810 और पिकअप वाहन क्रमांक CG 15 CY 6344 के ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। दोनों वाहनों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई और प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। इनमें इनोवा चालक पर 10,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई सूरजपुर पुलिस का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल ड्राइवर के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसी को देखते हुए पुलिस लगातार जांच अभियान चला रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ जुर्माने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस की अपील सूरजपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शराब पीकर वाहन न चलाएं। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा जनहित से जुड़ा विषय है और इसे लेकर अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस अभियान में जिले के सभी थाना और चौकी स्तर की पुलिस टीमें सक्रिय रूप से शामिल रही हैं।
लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में शुक्रवार रात बीसीए छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक़्त वह अपने कमरे में अकेले था। मां बुलाने पहुंची तो फंदे से लटका मिला। जिसे देखकर माँ की चीख निकल गई। शोर सुनकर पहुंचे परिजनों ने आनन फानन में लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया। जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बालकृष्ण नगर केसरी खेड़ा कृष्णा नगर निवासी आर्यन दीक्षित (21) पुत्र अमित दीक्षित निजी कॉलेज में बीसीए थर्ड ईयर का छात्र था। पिता अमित ने बताया वह निजी काम से रायबरेली गए थे। वहां से लौटने के बाद नीचे कमरे में बैठे हुए थे। तभी आर्यन का एक दोस्त उससे मिलने के लिए घर आया। दोस्त के कहने पर पत्नी अनामिका आर्यन को बुलाने ऊपर कमरे में चली गई। काफी दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर जोर से दरवाजे पर मारा तो दरवाजे की सिटकनी टूट गई और दरवाजा खुल गया। अंदर देखा तो आर्यन चादर के सहारे पंखे से लटका मिला। बेटे को फंदे से लटका देख माँ की चीख निकल गई। इस पर परिवार के बाकी सदस्य भी वहां पहुंच गए। आर्यन को आनन फानन में फंदे से उतारकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है न ही परिवार ने किसी पर आरोप लगाया है। पिता ने बताया शनिवार को बीसीए थर्ड ईयर का पहला एग्जाम था। जिसकी वह काफी तैयारी कर रहा था। मामले में इंस्पेक्टर कृष्णा नगर का कहना है पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। शिकायत के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
बिजनौर जिले में महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर धामपुर में कार्यक्रम आयोजित कर एक बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। धामपुर के राजपूताना रिसॉर्ट में सैकड़ों लोग जयंती समारोह के लिए एकत्र हुए। उन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इसके बाद, सौरभ ठाकुर के नेतृत्व में युवकों ने बाइक रैली निकाली। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. इंद्रदेव सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हम सभी को एक बड़ा संदेश देता है। डॉ. सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप युवाओं और मातृभूमि के लिए कुछ करने की इच्छा रखने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपना स्थान बनाया है। पूर्व विधायक ने आगे कहा कि महाराणा प्रताप ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा। इसमें हिंदू समाज की सभी जातियों के लोग शामिल थे। उनका जीवन हिंदू समाज में समरसता और एकजुटता का एक उदाहरण है, जिससे प्रेरणा लेकर समाज को एकजुट करना चाहिए।
डीडवाना में गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान:भाजपा नेता जोधा ने जयपुर में अधिकारियों से की चर्चा
डीडवाना शहर में लंबे समय से चली आ रही गंदे पानी की निकासी और जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा ने इस गंभीर जनहित के मुद्दे को लेकर जयपुर में RUIDP के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान जोधा ने शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव के कारण आमजन को हो रही परेशानियों, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बरसात के दिनों में यह स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चर्चा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि डीडवाना शहर में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और गंदे पानी की निकासी के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के तहत शहर में आधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था विकसित कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। मुलाकात के बाद जितेंद्र सिंह जोधा ने कहा कि शहर की यह समस्या वर्षों पुरानी है और इसके समाधान के लिए तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही योजना को अंतिम रूप देकर कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे शहरवासियों को गंदगी और जलजमाव से राहत मिल सकेगी।
उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत सेहरा के निर्माणाधीन पंचायत भवन और ग्राम नौगवां स्थित गेहूं खरीदी केंद्र का दौरा किया। इस दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों और किसानों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सेहरा में बन रहे पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इसमें हॉल, सचिव कक्ष और सरपंच कक्ष का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के समय भवन में बिजली व्यवस्था न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पंचायत भवन तक पहुंचने वाली सड़क की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए, ताकि बारिश में ग्रामीणों को असुविधा न हो। उन्होंने भवन में लगे बिजली के स्विच भी चालू कर व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद कलेक्टर राखी सहाय ग्राम नौगवां स्थित गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचीं। यहां उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। केंद्र प्रबंधक ने बताया कि अब तक 3126.5 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। खरीदी केंद्र को 4 हजार बारदाने मिले हैं, जिनमें से 1880 का उपयोग किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्र में किसानों के लिए पेयजल और बैठक व्यवस्था नहीं पाई गई। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खुले में रखे गेहूं को देखकर उन्होंने खराब मौसम की आशंका को देखते हुए तिरपाल की व्यवस्था करने और खरीदे गए गेहूं का शीघ्र परिवहन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
नाबालिग को ले जाने वाला युवक गिरफ्तार:शादी का झांसा देकर फरार हुआ था आरोपी, किशोरी बरामद
फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर भगा ले जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया है। किशोरी की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक सचिन पुत्र स्वर्गीय सर्वेश रैदास पर 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले जाने का आरोप है। घटना के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन किशोरी का पता न चलने पर उसकी मां ने गाजीपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी हनुमान प्रताप सिंह के निर्देशन में एक पुलिस टीम गठित की गई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक हरिनाथ सिंह, कांस्टेबल अभिजीत पाण्डेय और महिला कांस्टेबल पूनम सिंह को सूचना मिली कि फरार युवक नाबालिग किशोरी के साथ गांव के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नाबालिग किशोरी को बरामद कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड स्थित अवैध क्लीनिक सन लाइफ हेल्थ केयर में ऑपरेशन के दौरान मीरा मालतो की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रशासन ने इस मामले में सहिया सारा मालतो को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। इसके अतिरिक्त, ममता वाहन संचालक के साथ किया गया समझौता ज्ञापन MOU भी रद्द कर दिया गया है। गोड्डा एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी के नेतृत्व में गठित एक टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सहिया सारा मालतो, क्लिनिक संचालक मोहम्मद अंसारी (उम्र करीब 58 वर्ष, ग्राम-लीलातरी, थाना- राजाभीठा, जिला गोड्डा) और झोलाछाप डॉ. मो. हेमायतुल्ला (उम्र करीब 27 वर्ष, ग्राम- रन्सी, थाना- बसंतराय, जिला गोड्डा) शामिल हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बड़ी छोटी 34 कैंची बरामद छापेमारी के दौरान कई सामान जब्त किए गए हैं। इनमें 8 लोहे के बेड, 7 लोहे की कुर्सी, 1 लोहे का ओटी बेड, 1 ओटी लाइट, 6 लोहे के स्लाइन स्टैंड, 1 मीटर लगा हुआ ऑक्सीजन सिलेंडर, 1 लोहे का सिलेंडर स्टैंड, 1 एल्युमिनियम का ऑटोक्लेव मशीन, 4 लाल रंग के अग्निशमन यंत्र, 1 स्टील का छोटा ड्रम, ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली बड़ी छोटी 34 कैंची, 1 स्टील ट्रे, 2 सिंगल बेड के गद्दे और 1 मेट्रोला कंपनी का लैंडलाइन फोन शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में बिना निबंधन संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटरों, पैथोलॉजी लैब और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
शहडोल जिले में शुक्रवार-शनिवार की रात तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे शहर के बड़े हिस्से में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं, सिंहपुर और खैरहा क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की सब्जी फसलें बर्बाद हो गईं। शुक्रवार रात करीब 12 बजे के बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में बड़े पेड़ धराशायी हो गए। इस दौरान बिजली के तार और खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए, जिससे शहर के अनेक मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों को रातभर अंधेरे और उमस का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, हालांकि कई कॉलोनियों में देर तक बिजली नहीं पहुंच सकी। बिजली बाधित होने से लोगों को पेयजल संकट और गर्मी का सामना करना पड़ा। बिजली कंपनी की टीमें सुबह से ही कई इलाकों में मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में लाइनें और पोल अधिक क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां सुधार कार्य में समय लग सकता है। 15 मिनट तक ओले गिरे जिले के सिंहपुर और खैरहा क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगभग 15 मिनट तक गिरे ओलों से खेतों में लगी टमाटर, बैंगन, मिर्च सहित कई सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। सब्जी फसलों को नुकसान कृषि वैज्ञानिक डॉ. मृगेंद्र सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि से विशेष रूप से सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें सिंहपुर क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बागपत के संस्कार किड इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित मदर्स डे समारोह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि मां और बच्चों के अटूट रिश्ते का भावनात्मक उत्सव बन गया। नन्हे बच्चों ने गीत, नृत्य, कविताओं और भावुक संदेशों के जरिए अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियों ने ऐसा माहौल बना दिया कि कई माताओं की आंखें नम हो गईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर तालियों, मुस्कानों और भावनाओं से गूंजता रहा। दीप प्रज्वलन के साथ हुई शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मां की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली पहली गुरु होती है। शुरुआत से ही समारोह में उत्साह और अपनापन दिखाई दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां नर्सरी से लेकर बड़ी कक्षाओं तक के बच्चों ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। किसी ने मां के त्याग को कविता में पिरोया तो किसी ने गीतों के माध्यम से मां के प्रेम को अभिव्यक्त किया। बच्चों के मासूम शब्द और अभिनय देखकर उपस्थित अभिभावक भावुक हो उठे। कई बच्चों ने अपनी माताओं के लिए विशेष संदेश भी पढ़े, जिन्हें सुनकर माहौल भावनात्मक हो गया। मंच पर उतरा मां-बेटे का अनमोल रिश्ता कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य और गीतों में मां-बच्चे के रिश्ते की झलक साफ दिखाई दी। बच्चों ने बताया कि मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों का सहारा बनती है। प्रस्तुतियों के जरिए यह संदेश दिया गया कि मां का प्यार निस्वार्थ और अनमोल होता है। दर्शकों ने बच्चों की प्रस्तुति पर जमकर तालियां बजाईं। माताओं ने भी दिखाया उत्साह विद्यालय प्रशासन की ओर से माताओं के लिए म्यूजिकल चेयर, डांस और अन्य मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। माताओं ने भी पूरे उत्साह के साथ इनमें भाग लिया। बच्चों ने अपनी माताओं का उत्साह बढ़ाया और पूरा परिसर पारिवारिक माहौल में बदल गया। विजेता माताओं को सम्मानित भी किया गया। ‘मां बच्चों की पहली पाठशाला’ विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा कि मां बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला होती है। बच्चे सबसे पहले मां से ही संस्कार, अनुशासन और प्रेम सीखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और अभिभावकों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाते हैं। साथ ही बच्चों को अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव भी सिखाते हैं। सेल्फी, मुस्कान और यादगार पल कार्यक्रम के समापन पर बच्चों और माताओं ने साथ मिलकर सेल्फी लीं और इस दिन को यादगार बना लिया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्कूल प्रबंधन ने सभी माताओं को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊंचा होता है और उनका सम्मान हर परिस्थिति में किया जाना चाहिए।
हरदोई में एक अज्ञात शव की शिनाख्त बुजुर्ग के मोबाइल फोन से हुई है। मृतक की पहचान बघौली थाना क्षेत्र के बरखेरवा गांव निवासी सुरेश पाल सिंह के रूप में हुई है, जो खेती-किसानी का काम करते थे। उनके चचेरे भाई सुरेंद्र सिंह ने शुक्रवार रात शव की पहचान की। शनिवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। परिजनों ने बताया कि सुरेश पाल सिंह हरियावां थाना क्षेत्र के देवरिया गांव में अपनी बेटी के घर गए थे। घर लौटते समय पिहानी ओवरब्रिज के पास वे घायल अवस्था में मिले। उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने शिनाख्त न होने के कारण शव को मोर्चरी में रखवा दिया था। पुलिस ने बुजुर्ग के पास मिले मोबाइल फोन से परिजनों को सूचना दी। इसके बाद मृतक के चचेरे भाई सुरेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और शव की शिनाख्त की। परिजनों की उपस्थिति में पुलिस ने शनिवार दोपहर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवारा गया है। परिजनों के शिकायती पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। पहले दिन भूगोल की परीक्षा थी, जो शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस परीक्षा के लिए जिले में 65 केंद्र बनाए गए थे। पहले दिन कुल 19,992 कैंडिडेट रजिस्टर्ड थे। इनमें से 71 फीसदी यानी करीब 14,246 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, 5,746 उम्मीदवार अपसेंट रहे। एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे तक प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों से उनकी चुन्नियां उतरवाई गईं। परीक्षा को देखते हुए हर केंद्र पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई। शहर से सबसे दूर परीक्षा सेंटर 18 किमी दूर कैलाशपुरी गांव में था। बाकि लगभग सेंटर्स शहर के सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज में थे। रविवार को विज्ञान विषय और कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक के पदों के लिए परीक्षा होगी। यह एग्जाम दो पारियों में आयोजित किया जाएगा। पहली पारी सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी। 124 केंद्रों पर यह परीक्षा होगी। जहां 39,330 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्थाएं की गई है। जिला प्रशासन ने नकल रोकने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही एडीएम दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि सभी केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। हर कमरे में अधिकतम 24 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। दो इनविजिलेटर (वीक्षकों) की ड्यूटी लगाई गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। बिना ई-एडमिट कार्ड के एंट्री नहीं मिलेगी। मोबाइल या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह बैन है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले के आरोपी और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि पूरे वसूली नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था। कोयला घोटाले के सरगना व कारोबारी सूर्यकांत ने उसके नाम पर संपत्ति की खरीदी की है। बता दें कि कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू आरोपी नारायण साहू की दो साल से तलाश कर रही थी। उसे करीब दो माह पहले गिरफ्तार किया गया था। वह आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी रहा है। केस में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोयला लेवी की राशि के कलेक्शन और पैसों के ट्रांसफर का भी काम करता था। हाईकोर्ट में लगाई थी जमानत अर्जीईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी के बाद उसे जेल दाखिल गया था, जिसके बाद आरोपी नारायण साहू ने ईडब्ल्यू की विेशेष अदालत में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे खारिज कर दी गई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। इसमें कहा गया कि ईओडब्ल्यू को उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। वह केवल कोराबारी का ड्राइवर था। कोयला घोटाले में उसका कोई हाथ नहीं है। पहले उसे खिलाफ में बयान देने के लिए दबाव बनाया गया, जिसके बाद उसे फंसाने के लिए आरोपी बना दिया गया है। राज्य शासन ने जमानत का किया विरोध राज्य शासन की तरफ से कहा गया कि जांच में यह सामने आया कि नारायण साहू कथित कोल लेवी सिंडिकेट के जरिए करीब 13 करोड़ रुपए की नकद अवैध वसूली में शामिल था। आरोपी पिछले करीब ढाई साल से फरार चल रहा था। एजेंसी की पूछताछ से लगातार बचने की कोशिश कर रहा था। साथ ही जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इस मामले में पहले ही न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। हाईकोर्ट ने माना-एजेंसी के खिलाफ है पर्याप्त सबूतइस मामले में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि नारायण साहू सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि पूरे वसूली नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में माना कि जांच एजेंसियों को नारायण साहू के खिलाफ गंभीर और ठोस सबूत मिले हैं। कोर्ट के अनुसार, नारायण साहू सूर्यकांत तिवारी का भरोसेमंद व्यक्ति था और कथित अवैध वसूली तंत्र में अहम भूमिका निभा रहा था। जांच के दौरान जब्त की गई हैंड रिटन डायरी में भी नारायण साहू के नाम से कई एंट्रियां मिलने का दावा किया गया है। एजेंसियों के मुताबिक, इन दस्तावेजों से करोड़ों रुपए की अवैध वसूली के लेन-देन का लिंक सामने आया है। इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका गंभीर है और उसे जमानत दिए जाने का आधार नहीं बनता।
डीडवाना में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय समाज सहित सर्वसमाज द्वारा विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिससे पूरा शहर भगवामय हो गया। रैली का शुभारंभ रहमान गेट स्थित तिरंगा सर्कल से हुआ। यहां महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा वाली एक विशेष झांकी को रथ पर सजाया गया था। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जयकारों के साथ रैली को रवाना किया गया। रैली में सैकड़ों की संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल थे। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा महाराणा प्रताप अमर रहें और जय राजपूताना के नारे लगा रहे थे, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल बन गया। वाहन रैली तिरंगा सर्कल से शुरू होकर चुंगी चौकी, अशोक स्तंभ, बस स्टैंड और हॉस्पिटल चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह शीतल जल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। रैली के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन और आयोजकों ने अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। रैली का समापन राजपूत सभा भवन में आयोजित एक गोष्ठी के साथ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। अंत में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मावली की 250 साल पुरानी ऐतिहासिक 'बाईजी राज की बावड़ी' के दिन अब संवरने वाले हैं। लंबे समय से उपेक्षा और बदहाली का शिकार रही इस प्राचीन धरोहर को बचाने के लिए स्थानीय युवाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बावड़ी का कायाकल्प करने के लिए व्यापक सफाई अभियान शुरू किया है। बावड़ी से जुड़ा है रियासतकाल का इतिहास मावली कस्बे में स्थित यह बावड़ी मेवाड़ की प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली और स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग 250 से 300 साल पुरानी इस बावड़ी में नक्काशीदार खंभे, कलात्मक सीढ़ियां और सुंदर झरोखे बने हुए हैं, जो इसकी भव्यता को दर्शाते हैं। रियासतकाल में मेवाड़ के राजपरिवार ने महिलाओं (बाईजी राज) की सुविधा के लिए इस भव्य बावड़ी का निर्माण करवाया था। एक समय यह पूरे कस्बे की प्यास बुझाती थी। हालांकि, समय के साथ देखरेख के अभाव में यह अनमोल जल-धरोहर कचरे के ढेर और कंटीली झाड़ियों में बदल गई थी, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व धीरे-धीरे कम होता जा रहा था। युवा समूह में कर रहे सफाई स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से इस धरोहर के जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी। अब मावली के युवाओं के एक समूह ने इस जिम्मेदारी को अपने हाथों में लिया है। युवाओं ने दस्ताने पहनकर, झाड़ू, फावड़े और कचरा बैग के साथ बावड़ी की सीढ़ियों से वर्षों पुराना मलबा, प्लास्टिक और कंटीली झाड़ियां हटाना शुरू कर दिया है। अपनी प्राचीन विरासत को सहेजने के लिए आगे आए इन युवाओं की पहल की पूरे कस्बे में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय प्रशासन भी इस मुहिम में सहयोग करे, तो बावड़ी अपना पुराना गौरव फिर प्राप्त कर सकती है।
शाजापुर स्थित गायत्री शक्तिपीठ का 39वां स्थापना दिवस शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः गायत्री यज्ञ से हुई, जिसके बाद सुबह 8:45 बजे वेदमाता गायत्री, मां सरस्वती और मां दुर्गा को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस कार्यक्रम में नगर के गायत्री परिजनों, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपने-अपने घरों से भोग तैयार कर देवी को अर्पित किया। इसके उपरांत सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान, उपस्थित जनसमूह ने गायत्री शक्तिपीठ की धार्मिक, सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया। स्थापना दिवस समारोह में प्रतिदिन गायत्री उपासना करने और शुद्ध सात्विक भोजन अपनाने का संदेश दिया गया। साथ ही, आगामी अधिकमास में गरासिया घाट स्थित हर्बल गार्डन में आयोजित होने वाले दैनिक यज्ञ में सहभागिता का आह्वान किया गया। इसके अतिरिक्त, गायत्री जयंती-गंगा दशहरा तक अधिक से अधिक बच्चों को गायत्री चालीसा कंठस्थ कराने का संकल्प भी लिया गया। इस अवसर पर शाजापुर की बेटी छवि सक्सेना को पायलट बनने और रागिनी भावसार को एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक मनोरमा सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. लसूड़िया के बाद अब बाणगंगा पुलिस कटघरे में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लसूड़िया थाने के बाद अब बाणगंगा थाना पुलिस पर एक 64 वर्षीय बुजुर्ग को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अनुचित दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 2. नशे में धुत ड्राइवर रोड पर दौड़ा रहा था ट्रैक्टर ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसे ट्रैक्टर चालक को पकड़ा, जो नशे में धुत होकर भी ट्रैक्टर चला रहा था। खास बात तो यह है कि उसके साथ के दोनों लोग भी इसी हालत में थे। ड्राइवर की हालत ऐसी थी कि वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा था और ट्रैक्टर चलाते हुए शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर... 3. एक हफ्ते बाद पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार एक हफ्ते तक दिन और रात को गर्मी से कुछ राहत मिलने के बाद शुक्रवार से फिर मौसम बदलना शुरू हुआ है। एक हफ्ते बाद फिर दिन का पारा फिर करीब 2 डिग्री उछलकर 41 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। पढ़ें पूरी खबर... 4. पुलिस ने किया मॉल्स का सिक्योरिटी ऑडिट विजय नगर थाना क्षेत्र में आने वाले C-21 मॉल और मल्हार मॉल में पुलिस ने शनिवार को सिक्योरिटी ऑडिट किया। यहां सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और क्राइम कंट्रोल करने के लिए एसीपी विजय नगर पराग सैनी और टीआई चंद्रकांत पटेल के नेतृत्व में विजय नगर पुलिस टीम ने मॉल की सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। पढ़ें पूरी खबर... 5. शादी से मुकरा युवक, युवती पक्ष ने किया अपहरण बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवक के अपहरण के मामले में पुलिस ने युवती के भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया, जिसके बाद पुलिस उसे लेकर उज्जैन पहुंची है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर... 6. चोरों ने बनाया पान की दुकान को निशाना कनाडिया इलाके में एक पान दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर पेड़ से ऊपर चढ़े और दुकान की चादर हटाकर वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने दुकान से सिगरेट, पान मसाला, नगदी सहित अन्य सामान ले गए। संचालक ने पुलिस में शिकायत की है। पढ़ें पूरी खबर... 7. राजा रघुवंशी मर्डर-चारों आरोपियों की 4 पाइंट पर जमानत नामंजूर ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के चर्चित हत्याकांड के 4 प्रमुख आरोपियों को लंबे समय तक जेल में ही रहना पड़ सकता है। शिलॉन्ग सेशन कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी राज कुशवाह समेत 4 आरोपियों की जमानत याचिकाएं गुरुवार (7 मई) को खारिज कर दी थीं। पढ़ें पूरी खबर... 8. MPPSC ने जारी की 1220 पदों की चयन सूची मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने पहली बार एक साथ 1220 पदों के लिए चयन सूची जारी की है। शुक्रवार को 1832 मेडिकल ऑफिसर पदों के लिए यह परिणाम घोषित किया गया। करीब 10 दिन के इंतजार के बाद जारी हुई इस सूची में 186 अभ्यर्थियों के नाम सप्लीमेंट्री सूची में भी शामिल किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर... 9. जटिल सर्जरी 17 इंच का कैंसर ट्यूमर निकाला 50 वर्षीय व्यक्ति की जटिल और दुर्लभ कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। मरीज पिछले करीब डेढ़ से दो साल से छाती में बढ़ रहे ट्यूमर से परेशान था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह समय पर ऑपरेशन नहीं करा सका, जिससे कैंसर तेजी से फैलकर फेफड़े, डायफ्राम, लिवर और किडनी तक पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर... 10. 22 जोन और निगम मुख्यालय पर नेशनल लोक अदालत शनिवार को नगर निगम के 22 जोनल ऑफिस सहित नगर निगम मुख्यालय और रजिस्टार ऑफिस में नेशनल लोक अदालत होगी। जिसमें बकायादारों को संपत्तिकर और जलकर के सरचार्ज में छूट मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर...
फरीदाबाद जिला कोर्ट में शनिवार को लगने वाली लोक अदालत वकीलों की हड़ताल के कारण तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली लोक अदालत वकीलों के विरोध के चलते प्रभावित रही। करीब छह घंटे बाद दोपहर करीब 3 बजे जाकर शुरू हो पाई। इस दौरान अपने लंबित चालान और अन्य मामलों के निपटारे के लिए अदालत पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जिला अदालत में लोक अदालत के लिए तीन अदालतें तय की गई थीं, जहां पेंडिंग चालान और अन्य मामलों का निपटारा किया जाना था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों को लेकर अदालत पहुंच गए थे, लेकिन कोर्ट गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया। वकीलों की हड़ताल के कारण कई लोगों को कोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया और लोग बाहर ही खड़े होकर इंतजार करते रहे। घंटों कोर्ट के बाहर खड़े रहे लोग काफी देर तक लोगों को यह भी उम्मीद रही कि थोड़ी देर बाद लोक अदालत शुरू हो जाएगी, इसलिए कई लोग घंटों तक कोर्ट के गेट के बाहर ही खड़े रहे। कुछ लोग मायूस होकर वापस भी लौट गए। कई लोगों का कहना था कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं थी कि वकीलों की हड़ताल के कारण लोक अदालत समय पर नहीं लगेगी। बताया जा रहा है कि वकील पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर थे। वकीलों का आरोप था कि एक जज द्वारा बार एसोसिएशन के प्रधान और अन्य वकीलों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। इसी बात को लेकर वकीलों ने अदालत का कामकाज बंद कर दिया था और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वकीलों की हड़ताल के चलते शनिवार को लगने वाली लोक अदालत भी प्रभावित हो गई और तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। बार और बैंच के बीच हुई मीटिंग इस बीच मामले को सुलझाने के लिए बैंच और बार के बीच बातचीत की गई। बातचीत के बाद जज द्वारा वकीलों से अपने व्यवहार को लेकर माफी मांग ली गई। इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया और दोबारा काम पर लौट आए। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैसला ने बताया कि जज द्वारा माफी मांगने के बाद बैंच और बार के बीच आपसी सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि वकीलों की हड़ताल अब समाप्त हो चुकी है और सभी वकील अपने काम पर लौट आए हैं। दोपहर बाद शुरू हुई कार्रवाई हड़ताल खत्म होने के बाद अदालत का कामकाज फिर से शुरू कर दिया गया और दोपहर करीब 3 बजे लोक अदालत की कार्यवाही भी शुरू हो गई। इसके बाद अदालत में पहुंचे लोगों के चालान और अन्य मामलों की सुनवाई शुरू हुई, जिससे लोगों को राहत मिली। हालांकि कई लोगों को सुबह से दोपहर तक लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन लोक अदालत शुरू होने के बाद लोगों के मामलों का निपटारा किया गया। वकीलों की हड़ताल खत्म होने के बाद अब अदालत का कामकाज सामान्य रूप से चलने लगा है।
औरैया में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने शनिवार को महाराणा प्रताप जयंती मनाई। यह कार्यक्रम जालौन रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में आयोजित किया गया। इसमें समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान को याद किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने किया। उन्होंने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित किया। उपस्थित लोगों ने 'महाराणा प्रताप अमर रहें' के जयघोष लगाए। अपने संबोधन में नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने महाराणा प्रताप को भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्र गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। गुप्ता ने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि कुँवर रविन्द्र सिंह कुशवाह ने महाराणा प्रताप के जीवन को त्याग, संघर्ष और साहस का उदाहरण बताया। राजेश सिंह कुशवाह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन समाज को एकता, संघर्ष और स्वाभिमान का संदेश देता है। अध्यक्ष रामकृपाल सिंह सेंगर ने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का ऐसा महानायक बताया, जिनकी वीरता और स्वाभिमान देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने समारोह में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि दिबियापुर तिराहा पर जल्द ही महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस अवसर पर रामबाबू सिंह सेंगर, दिनेश सिंह सेंगर, पूर्व अध्यक्ष शिवपाल सिंह जादौन, माधव सिंह राजावत, रामवीर चौहान, विनोद सिंह सेंगर, बड़े सिंह गौर, शैलेंद्र प्रधान, मुन्ना सिंह राजावत और पुष्पेंद्र राजावत सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में 200 से अधिक लोग मौजूद रहे।
नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में जिला अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बदले हुए 25 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी की सोशल ऑडिट रिपोर्ट, पृष्ठभूमि और प्रकरण की परिस्थितियों का परीक्षण करने पर यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में पूरी तरह नहीं आता। अदालत ने अपने आदेश में यह भी टिप्पणी की कि आरोपी को सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए, हालांकि उसे लंबी अवधि तक कारावास में रहना होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने मृत्युदंड को निरस्त करते हुए 25 साल की सजा सुनाई। घर से लापता हुई बच्ची, फिर मिली लाश 2 जनवरी 2025 को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली छह साल की बच्ची अचानक घर से लापता हो गई थी। परिवार वालों ने उसे बहुत तलाश किया, पर जब नहीं मिली तो शक के आधार पर पड़ोस में रहने वाले अजय वडिवा के खिलाफ पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद अजय को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह बच्ची को नहर किनारे झाड़ियों में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। हत्या के बाद आरोपी ने बच्ची के शव को नहर के पास एक सुनसान जगह पर फेंक दिया, अगले दिन पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपी ने बताया कि जब बच्ची चिल्लाने लगी तो पकड़े जाने के डर से उसने गला दबा दिया, जिसके चलते बच्ची की मौत हो गई। तीन माह में सुनाया था फैसला सिवनी मालवा थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जिला कोर्ट में चालान पेश किया। नर्मदापुरम जिला सत्र न्यायालय ने तेजी से फैसला सुनाते ही सिर्फ तीन माह मे केस की सुनवाई की। 9 अप्रैल 2025 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले को आरोपी ने चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने मामले पर सुनवाई की। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन, अधिवक्ता मो. साजिद खान ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सिंह उपस्थित हुए। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य “वासनापूर्ण” और “समाज पर कलंक” है, लेकिन सजा तय करते समय केवल अपराध की क्रूरता ही नहीं, बल्कि आरोपी की सामाजिक पृष्ठभूमि, व्यवहार और सुधार की संभावना पर भी विचार करना जरूरी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को 25 साल तक किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और वह लंबे समय तक जेल में रहेगा।
डिंडोरी में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के जवानों का एक सप्ताह का तैराकी प्रशिक्षण शनिवार को नर्मदा नदी के डैम घाट पर संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जवानों को जल आपदाओं से निपटने के लिए तैयार करना था। इसमें बेसिक और एडवांस तैराकी, आपदा उपकरण संचालन और डीआरसी (डिजास्टर रिस्पांस कोड) के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण प्रभारी नरेश साहू और प्रशिक्षक शिवराज ने बताया कि जवानों की क्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए यह एक सप्ताह का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसमें जवानों को जल आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। बाढ़ आपदा संकट और उससे निपटने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को पानी में सुरक्षित प्रवेश करने, सुरक्षित तैराकी करने और ब्रीदिंग इन-आउट तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें बोट हैंडलिंग, पतवार और चप्पू के संचालन का भी गहन प्रशिक्षण दिया गया। जवानों को डीप डाइविंग सेट फिक्स करने, पानी की गहराई में प्रवेश करने और पानी के अंदर से पीड़ितों को निकालने का अभ्यास भी कराया गया। उन्हें बोट के विभिन्न हिस्सों की जानकारी, ओबीएम (आउटबोर्ड मोटर) को माउंट और डिसमाउंट करना, ओबीएम में आने वाले सामान्य अवरोधों और उनके निराकरण के तरीके सिखाए गए। साथ ही, लाइफ जैकेट, लाइफ बायफुट पंप और अन्य बचाव सामग्रियों के सही उपयोग के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। भोपाल जाने वाली पंजाब मेल ट्रेन की जनरल बोगियों में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, जिससे यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ट्रेन में चढ़ना पड़ा। ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। भीड़ इतनी अधिक थी कि कुछ यात्री प्लेटफॉर्म से उतरकर रेल पटरियों पर खड़े हो गए और वहीं से ट्रेन में सवार हुए, जिससे उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया। 3 तस्वीरें देखिए… गाड़ी संख्या 12138 पंजाब मेल अपने निर्धारित समय 1 बजकर 25 मिनट से 24 मिनट की देरी से ललितपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर 1 बजकर 49 मिनट पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही जनरल बोगियों में पहले से ही क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। इसके बावजूद, स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बोगियों में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत की।
अलवर में रविवार को लैब असिस्टेंट (विज्ञान) भर्ती परीक्षा 2026 आयोजित होगी। इस परीक्षा में 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। रविवार को सुबह 10:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक अलवर होकर कोई भी ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, काली मोरी से खैरथल के बीच तीन अंडरपास का काम होने के कारण इस दौरान मेगा ब्लॉक रहेगा। इस वजह से करीब 10 से 12 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है और ये ट्रेनें रेवाड़ी-फुलेरा होकर निकलेंगी। काम की गति को देखते हुए ब्लॉक के समय में थोड़ा बहुत बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे एग्जाम सेंटर तक पहुंचने के लिए पहले से ही यातायात का पुख्ता इंतजाम रखें, ताकि एनवक्त पर किसी परेशानी के कारण परीक्षा से वंचित न रहना पड़े। ट्रेनें बंद रहने से बसों में बढ़ेगा दबाव रविवार को सुबह 10:30 से शाम 6:30 बजे तक ट्रेनें बंद रहेंगी, इसलिए बसों में यात्रियों और परीक्षार्थियों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। इससे पहले शुक्रवार को हुई प्रयोगशाला सहायक परीक्षा के दौरान भी दो-तीन ट्रेनों के डायवर्ट होने से बसों में काफी भीड़ देखी गई थी। इस बार प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 2 पारियों में आयोजित की जाएगी। पहली पारी सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी, जिसमें कुल 21 हजार 528 अभ्यर्थी भाग्य आजमाएंगे। परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइन यह परीक्षा जिला मुख्यालय के साथ-साथ मालाखेड़ा और रामगढ़ उपखंड के कुल 75 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिनमें 24 सरकारी और 51 निजी विद्यालय शामिल हैं। एडीएम सिटी बीना महावर ने बताया- महिला अभ्यर्थी सलवार सूट या साड़ी पहनकर परीक्षा दे सकेंगी। वहीं, सिख धर्म के अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी धारण करने की अनुमति रहेगी, लेकिन उन्हें गहन जांच के लिए परीक्षा केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज तीन दिन में एक नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की है। जानकारी के अनुसार, 6 मई 2026 को फरियादी ने मोहन बड़ोदिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री शाम के समय अपनी मां को खेत से बुलाने गई थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों को आशंका थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले में धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पांच हजार का इनाम था धोषित प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने बालिका की शीघ्र तलाश के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों, सहपाठियों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। जिला साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने राजगढ़ जिले के ग्राम धतरावदा में दबिश दी। पुलिस ने वहां से बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही आरोपी लौकेन्द्र सिंह पिता बाबूसिंह को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
राजस्थान से आई केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) टीम ने एमपी के मंदसौर में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई की है। दलौदा तहसील के लसूड़िया इला गांव में संचालित एक गुप्त मेफेड्रोन लैब से मेफेड्रोन, अफीम, रसायन और ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में टीम ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीएन ने शनिवार दोपहर इस पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया गया। बताया गया कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। खेती की जमीन पर चल रही थी गुप्त लैबसीबीएन को विश्वसनीय और गोपनीय सूचना मिली थी कि दलौदा क्षेत्र के लसूदिया इला गांव के बाहरी इलाके में खेती की जमीन पर बने एक कमरे और उसके आसपास सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की अवैध लैब संचालित की जा रही है। सूचना मिलने के बाद CBN चित्तौड़गढ़-I, II और III डिवीजन के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने कई घंटों तक इलाके की निगरानी, जमीन की मैपिंग और संदिग्ध स्थान की पहचान की। पुष्टि होने के बाद दबिश दी और कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इलाके की संवेदनशीलता के चलते MP यूनिट से मांगी मददसीबीएन अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र की संवेदनशीलता और वहां कानून व्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए मध्यप्रदेश यूनिट से अतिरिक्त ऑपरेशनल सहायता मांगी गई। इसके बाद CBN जावरा निवारक सेल की टीम भी मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। तलाशी में मिला मेफेड्रोन बनाने का पूरा सेटअपसीबीएन टीम ने कमरे और आसपास के इलाके की सघन तलाशी ली, जिसमें मेफेड्रोन निर्माण का पूरा अवैध सेटअप सामने आया। मौके से ड्रग्स तैयार करने में उपयोग किए जा रहे रसायन, उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में यह सामग्री जब्त मेफेड्रोन : 21.189 किलोग्रामअफीम : 0.487 किलोग्राम एचसीएल सहित अन्य केमिकल : 30.800 लीटर। ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण, 10 बैग में भरी लैब सामग्री और निर्माण उपकरण। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में दोनों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीएन अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक, प्रीकर्सर केमिकल्स के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच में जुटा हुआ है। सीबीएन अधिकारियों ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी और गुप्त लैब का ध्वस्तीकरण, क्षेत्र में सक्रिय संगठित नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। विभाग ने कहा कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने और “नशा मुक्त भारत” अभियान को सफल बनाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सीबीएन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे। ऐसे में मन्दसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने तत्काल एक्शन लेते हुए कचनारा चौकी प्रभारी पूर्णिमा सिंह सिरोहिया सहित कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। सीबीएन ने बताया कि पूरी कार्रवाई उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा (राजस्थान) नरेश बुन्देल के मार्गदर्शन में हुई।
पीथमपुर में ट्रक ने साइकिल सवार को कुचला:लंच पर घर जा रहे युवक की मौत, परिवार में मातम
पीथमपुर के महू-नीमच मार्ग पर एक सड़क हादसे में साइकिल सवार युवक की मौत हो गई। दोपहर करीब एक बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान विजय नगर कॉलोनी (नई बगदूंन) निवासी 30 वर्षीय सुजीत पाल के रूप में हुई है, जो शिविका कंपनी में कार्यरत थे। सुजीत कंपनी से लंच करने के लिए अपने घर जा रहे थे। कंपनी से कुछ ही दूरी पर पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर के बाद सुजीत ट्रक के पिछले पहियों के नीचे आ गए, जिससे उनके कमर के नीचे का हिस्सा कुचल गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बगदूंन थाना पुलिस और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने टक्कर मारने वाले ट्रक और उसके चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक सुजीत की एक पांच साल की बेटी है। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने महू-नीमच मार्ग पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
डीग के सीकरी स्थित बाजिव अली चौक चौराहे पर महिला आरक्षण कानून 2023 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने किया। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और आमजन की बड़ी भागीदारी देखी गई। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे लागू करने में हो रही देरी से महिलाओं में निराशा बढ़ रही है। श्वेता यादव ने केंद्र सरकार से इस कानून को बिना किसी विलंब के तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के अधिकारों के लिए अब संघर्ष और तेज किया जाएगा तथा सड़क से सदन तक आवाज उठाई जाएगी। श्वेता यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक और निर्वाचन ढांचे में बदलाव करना चाहती है, जो संविधान पर सीधा आघात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हमेशा महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में रही है, लेकिन भाजपा सरकार परिसीमन के माध्यम से अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार ढांचा बदलना चाहती है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी। इस अवसर पर इंजमाम ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर आम जनता को भ्रमित कर बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। प्रदर्शन में डीग जिला उपाध्यक्ष सकुनत, नगर ब्लॉक अध्यक्ष हेमलता, निरमा महिला सचिव, गीता बाई सचिव, मोना, रेखा, भोतई सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और ओमप्रकाश, सुगड़ सिंह, धर्म सिंह, अज़ीज़ खान, नानक, वीरा पहलवान, रोहितास, योगेश अकरम, यादराम, हबीब जैसे कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या ने यह स्पष्ट कर दिया कि महिला आरक्षण कानून को लागू कराने के लिए अब आंदोलन और तेज होगा।
महाराणा प्रताप रैली के दौरान पथराव:हापुड़ में विवाद के बाद दौरान कई लोग घायल, दो गिरफ्तार
हापुड़ के धौलाना थाना क्षेत्र के देहरा गांव में महाराणा प्रताप जयंती पर निकाली जा रही बाइक रैली के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया। इसके बाद मामूली पथराव और हंगामा हुआ, जिसमें 2-3 लोग घायल हो गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, यह बाइक रैली सिरोधन गांव से देहरा तक निकाली जा रही थी। इसमें बड़ी संख्या में युवक बाइक और चार पहिया वाहनों के साथ शामिल थे। जब रैली देहरा गांव पहुंची, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम चल रहा था, तभी एक दुकान से गुटखा खरीदने को लेकर कुछ युवकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह कहासुनी विवाद में बदल गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। इस दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ और मारपीट की भी सूचना मिली। घटना में मामूली रूप से घायल हुए 2-3 लोगों का मेडिकल कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और स्थिति को काबू में किया। उधर हंगामे को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक केजी सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। SP केजी के अनुसार गुटखा खरीदने को लेकर विवाद हो गया था। 2 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। तहरीर आने पर मामला दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने शनिवार को बूंदी जिले के ग्रामीण अंचलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई गांवों में सफाईकर्मी नदारद मिले और जगह-जगह गंदगी फैली हुई पाई गई। मंत्री ने आबादी के अनुपात में स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के भी सख्त निर्देश दिए। दिलावर सुबह 5 बजे ही अधिकारियों के साथ गांवों में पहुंच गए, जब ग्रामीण उठ रहे थे। उन्होंने केशवरायपाटन और तालेड़ा पंचायत समिति के एक दर्जन से अधिक गांवों की मुख्य सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गांवों में जगह-जगह कचरे के ढेर और बदहाल सफाई व्यवस्था देखकर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम पंचायतों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करने और सफाईकर्मियों का भुगतान समय पर करने के भी निर्देश दिए। मंत्री दिलावर ने सरकारी स्कूलों का भी औचक निरीक्षण किया और आबादी के अनुपात में स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तालेड़ा पंचायत समिति के देलूंदा, सींता, मेहराणा, सुवांसा, जमीतपुरा, तीरथ तथा केशवरायपाटन पंचायत समिति के चड़ी, रडी, गुडली, ईश्वरनगर, इन्द्रपुरिया और केशवरायपाटन शहर का दौरा किया। इन्द्रपुरिया गांव में तालाब में फैली गंदगी देखकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई और तालाब को शीघ्र स्वच्छ करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष कालू लाल जांगिड़ व भाजपा नेता मौजूद रहे निरीक्षण के दौरान मंत्री दिलावर हस्तीनापुर गांव और भीया गांव के पंचायत कार्यालयों में पहुंचे। यहां उन्होंने जनसुनवाई पंजिका का बारीकी से अवलोकन किया। रजिस्टर में शिकायत लेकर आने वाले आमजन के हस्ताक्षर नहीं मिलने पर उन्होंने निर्देश दिए कि नियमानुसार जनसुनवाई रजिस्टर में फरियादियों के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक आमजन की भागीदारी दर्ज नहीं होगी, तब तक जनसुनवाई की सार्थकता सिद्ध नहीं हो सकती। समस्याओं का समाधान कागजों के बजाय धरातल पर होना चाहिए।आबादी के अनुपात में बढ़ाएं स्कूलों में नामांकनइस दौरान शिक्षा मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायतों की आबादी के अनुरूप स्कूलों में छात्र-छात्राओं के नामांकन में वृद्धि की जाए। शिक्षा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक कर अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी स्कूलों के स्तर में और सुधार लाया जा सके।निरीक्षण के दौरान पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता मुकेश माहेश्वरी, अधीक्षण अभियंता संजय शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष कालूलाल जांगिड, योगेन्द्र श्रृंगी, कमल नामा, नरेन्द्र मीणा, विनोद मीणा आदि साथ रहें।
जिले के सिरसी थाना इलाके में एक मारवाड़ी गाय की मौत का अजीबो गरीब मामला सामने आया है। गाय दो पेड़ों के बीच मृत अवस्था में मिली है। इस दौरान उसका शव भी रस्सी से बंधा हुआ मिला। गाय मालिक ने इसे हत्या करार देते हुए एक व्यक्ति पर संदेह जताते हुए शिकायत दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार सिरसी थाना इलाके के ग्राम धानवाड़ी के रहने वाले शैतान सिंह ने अपनी 8 वर्ष की मारवाड़ी गाय को शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे गांव के नाले किनारे चरने के लिए रोजाना की तरह छोड़ दिया था। गाय रोजाना शाम को वापस आ जाती थी, लेकिन शुक्रवार शाम गाय वापस घर नहीं पहुंची थी। रात भर इंतजार के बाद आज सुबह परिवार के लोग गाय को तलाशने के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी गाय धानवाड़ी और म्यांपुर के बीच नाले के पास दिखी। जब नजदीक जाकर देखा तो गाय मृत थी। उसका शव दो पेड़ों के बीच लटका हुआ था। इस दौरान उसका शव रस्सी से बंधा हुआा मिला था। जानकारी मिलने पर गुना से पहुंचे गौसेवकों ने जेसीबी से शव निकलवाया। उसके बाद परिवार के सागर सिंह ने सिरसी थाना पहुंचकर गाय की हत्या कर पेड़ों के बीच लटका देने के आरोप लगाते हुए शिकायत की है। उन्होंने म्यांपुर के रहने वाले एक ग्रामीण पर गाय को जानबूझकर पेड़ों से बांध देने और इसी से उसकी मृत्यु हो जाने की कहते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई है। पुलिस ने फिलहाल मामला जांच में लिया है।
ड्रग्स बनाने की लैब से 2 करोड़ का नशा जब्त:खेती की जमीन पर बना रखा था कमरा ; दो आरोपी गिरफ्तार
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की टीम ने मादक पदार्थ तस्कर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में मेफेड्रोन बनाने वाली लैब का भंडाफोड़ किया है। मौके से 21.189 किलो मेफेड्रोन,आधा किलो करीब अफीम और बड़ी मात्रा में केमिकल्स बरामद किए गए हैं। जब्त नशे के सामान की कीमत 2 करोड़ के आस-पास बताई गई है। मंदसौर जिले के दलौदा तहसील के लसुदिया इला गांव के बाहरी इलाके में ये लैब संचालित थी। टीम ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। फोटो में देखें कैसे चल रही थी गुप्त लैब चित्तौड़गढ़ से टीम मंदसौर पहुंची थी उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा नरेश बुंदेल ने बताया-CBN अधिकारियों को सूचना मिली थी कि खेती की जमीन पर बने कमरे और आस-पास के क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही है। इसके बाद चित्तौड़गढ़-I, II और III डिवीजन की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजा। टीम ने इलाके की निगरानी और मैपिंग कर संदिग्ध जगह की पहचान की। इस काम मे CBN की मध्यप्रदेश यूनिट और जावरा निवारक सेल की मदद भी ली। ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद संयुक्त टीम ने गुरुवार को कमरे और आस-पास के इलाके की तलाशी ली। वहां मेफेड्रोन तैयार करने की गुप्त लैब संचालित मिली। कार्रवाई के दौरान 21.189 किलो मेफेड्रोन, 487 ग्राम अफीम, HCL सहित 30.800 लीटर केमिकल्स और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा 10 बैग में लैब उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। CBN ने मौके से दो लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। मामले में सिंडिकेट के नेटवर्क, केमिकल्स की सप्लाई, फाइनेंशियल ट्रेल और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच की जा रही है।
रिटायर्ड टीचर की दिनदहाड़े बाइक चोरी:मथुरा में घटना सीसीटीवी में कैद, पुलिस जांच में जुटी
मथुरा के दुर्गापुरी इलाके में दिनदहाड़े एक सेवानिवृत्त शिक्षक की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। यह घटना सौँख रोड स्थित थाना कोतवाली क्षेत्र में हुई। चोरी की पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ।जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। दुर्गापुरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक किशन सिंह के पुत्र पवन ने बताया कि उनके पिता की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल घर के बाहर खड़ी थी। पवन किसी काम से बाहर गए थे और लौटने के बाद बाइक खड़ी कर घर के अंदर चले गए। दोपहर के समय गली में सन्नाटा होने का फायदा उठाकर एक युवक बाइक चोरी कर फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी युवक गले में साफी डाले काफी देर तक गली में घूमता रहा और रेकी करता रहा। उसने अपना चेहरा छिपाने का भी प्रयास किया। युवक ने पहले आसपास का माहौल देखा और यह सुनिश्चित किया कि कोई उसे देख तो नहीं रहा। इसके बाद उसने चालाकी से बाइक को बिना स्टार्ट किए पैदल ही गली से बाहर तक घसीटा, ताकि किसी को शक न हो। गली से बाहर पहुंचने के बाद वह बाइक लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित परिवार ने तुरंत कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी युवक की पहचान करने और उसे पकड़ने में जुटी हुई है। पीड़ित परिवार ने आम जनता से अपील की है कि यदि फुटेज में दिख रहा युवक या चोरी हुई बाइक कहीं नजर आती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
रामानुजगंज के ग्राम पीपरौल में शादी के दसवें दिन एक युवक अमित गुप्ता (27) का शव अमरूद के पेड़ से लटका मिला। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है। परिजनों के अनुसार, अमित की शादी 29 अप्रैल को ग्राम लोधा की युवती से हुई थी और 30 अप्रैल को दुल्हन घर आई थी। 8 मई की शाम तक अमित घर में मोटरसाइकिल और कार ठीक कर रहा था। बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया समझ नहीं आ रहा:पिता घरवालों ने बताया कि आज सुबह 4 बजे तक अमित सामान्य था, लेकिन सुबह 6 बजे घर से करीब 300 मीटर दूर एक अमरूद के पेड़ पर उसका शव लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना तत्काल थाने को दी गई। अमित के पिता बसंत गुप्ता ने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया। उन्होंने कहा कि अमित बिल्कुल सामान्य था और उसने कुछ नहीं कहा था। बसंत गुप्ता ने यह भी बताया कि घर में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। घटना पर पुलिश ने मर्ग कायम कर। शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया।
ग्वालियर में शनिवार दोपहर को चार एजेंटों को गिरफ्तार किया है। शहर के पॉश इलाके कैलाश विहार स्थित होटल एचजी (HG) से एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यहां गिरोह होटल के कमरे को अपना कंट्रोल रूम बनाकर देश भर में ठगी का नेटवर्क चला रहा था। चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इस गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। इसमें पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले नंबर से ही म्यूल खातों का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम इनसे पूछताछ कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से दो ग्वालियर, एक मुरैना व एक धाैलपुर राजस्थान का है। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि होटल एचजी के एक कमरे में कुछ संदिग्ध युवक रुके हुए हैं, जो लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने जब दबिश दी, तो वहां से चार आरोपी पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी म्यूल खातों का एक बड़ा नेटवर्क ऑपरेट कर रहे थे। पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) से मिल रहे थे निर्देशजांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के मोबाइल में पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले नंबरों से व्हाट्सएप मैसेज और कॉल आ रहे थे। पाकिस्तान में बैठा हैंडलर ही इन्हें निर्देश दे रहा था कि किस खाते में ठगी का पैसा मंगाना है और उसे कहां ट्रांसफर करना है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी की रकम मंगाता था। क्या होता है म्यूल अकाउंट नेटवर्क? ठग सीधे अपने खाते में पैसे नहीं मंगाते। वे गरीब या लालची लोगों को कुछ कमीशन देकर उनके बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) इस्तेमाल करते हैं। ग्वालियर से पकड़े गए ये एजेंट इसी नेटवर्क को मैनेज कर रहे थे और ठगी की रकम को डार्क वेब या क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजने का काम करते थे। क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद किए हैं। क्राइम ब्रांच की टीम अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि अब तक इन्होंने कितने करोड़ों की ठगी की है और ग्वालियर में इनके और कितने मददगार छिपे हुए हैं।
रायपुर समेत प्रदेशभर में आईपीएल और टी-20 वर्ल्डकप के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क तेजी से फैल गया है। पुलिस ने पिछले चार महीनों में 5 राज्यों से 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बावजूद सट्टा सिंडिकेट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों तक फैला यह नेटवर्क अब भी करोड़ों रुपए के दांव लगवा रहा है। पांच लेयर में फैला सट्टा सिंडिकेट पुलिस जांच में सामने आया है कि सट्टा सिंडिकेट पांच लेयर में काम कर रहा है। स्थानीय स्तर पर आईडी देने वाले एजेंट, मास्टर एजेंट, ऑनलाइन पैनल ऑपरेटर और विदेश या दूसरे राज्यों से नेटवर्क चलाने वाले मुख्य संचालक इसमें शामिल हैं। हालांकि पुलिस की जांच फिलहाल तीसरे लेयर तक ही सीमित है। बड़े ऑपरेटर अब गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मुंबई और कोलकाता में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। 110 से ज्यादा सट्टेबाजी वेबसाइट और ऐप सक्रिय रायपुर सहित प्रदेश भर में 100 से ज्यादा वेबसाइट और ऐप पर सटोरिए खिलाड़ियों से दांव लगवा रहे हैं। इनमें Allpanelexch, Power7777, Classicexch999, Ramco777, Laser247.club,11xplay.pro, FBBET77 , www.Hindu777.com। www.skyexch.biz, DIAMONDEXCH, www.diamondexch99.now, Dhangames, satta matka diamond333, Bet365, सट्टा किंग, रॉयल सट्टा, Cricketbets9.com, Reddy book, Tiger Exchange, 11xplay, parimatch,कोलकाता सट्टा किंग, JMD बुक, गजानंद बुक, सलासार, जैसे पैनल शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड में इस मामले से जुड़े कई लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें विक्रम, सागर, रितेश, गुलशन, कमल,नवीन,रॉकी, दिलीप, मोहसीन, सागर पिंजानी, विनय, नारायण, सौरभ, संजय जसवानी, नमन जग्गी, सरफराज, कपिल, मन्नू, बाबू, पप्पू उर्फ केडी जैसे नाम शामिल हैं। किस तरह से काम करता है सट्टा नेटवर्क जानकारों के अनुसार, सट्टा सिंडिकेट पांच लेयर में काम करता है। पहले लेयर में एडमिन होता है। दूसरे लेयर में सुपर मास्टर, तीसरे लेयर में मास्टर, चौथे लेयर में डीलर और पांचवे लेयर में ग्राहक होता है। ये सब एक दूसरे से कॉर्डिनेट करके सट्टा सिंडिकेट का संचालन करते हैं। किस लेयर में क्या काम होता है सट्टा ऐप सिंडिकेट के काम करने का तरीका पहले लोगों को ज्यादा पैसा कमाने का लालच दिया जाता है। इसके लिए इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म यूज करते हैं। सेलेब्स के जरिए प्रमोशन करवाया जाता है। यूजर सिर्फ वॉट्सऐप नंबर पर ही कॉन्टैक्ट कर सकता है। कॉन्टैक्ट करने पर उसे दो नंबर दिए जाते हैं। एक नंबर पैसा डिपॉजिट करने के लिए होता है। दूसरा नंबर यूजर आईडी के लिए होता है, जिसके जरिए बेटिंग की जाती है। पेमेंट UPI के जरिए प्रॉक्सी बैंक अकाउंट्स में पेमेंट लेते हैं। प्रॉक्सी अकाउंट्स में आने वाला अमाउंट हवाला, क्रिप्टो और दूसरे गैरकानूनी रूट्स के जरिए इधर से उधर किया जाता है। इंडियन बैंक अकाउंट से जुड़ी पेमेंट प्रॉक्सी को बदल देते हैं, मतलब जिस रूट से ट्रांजैक्शन हो रहा है, वो पता नहीं चलता। रूट कुछ और दिखता है, पेमेंट कहीं और जाता है। इस तरह की ज्यादातर वेबसाइट्स साइप्रस, माल्टा, कुराकाओ, मॉरीशस और केमैन आइलैंड जैसे देशों में रजिस्टर्ड हैं। यहां सट्टेबाजी कानूनी है। 5 से 50 हजार में हो रहा सट्टा ऐप तैयार आईटी एक्सपर्ट मोहित साहू के मुताबिक एआई आने के बाद ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म बनाना बेहद आसान हो गया है। अब 5 हजार से 50 हजार रुपए खर्च कर कोई भी ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी ऐप तैयार करवा सकता है। ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर नहीं होते, बल्कि सीधे APK फाइल के जरिए मोबाइल में इंस्टॉल कराए जाते हैं। सरकार को एपीके फाइल की शेयरिंग को बंद कराने का प्रयास करना चाहिए, ताकि नियंत्रण लगाया जा सके। तीन करोड़ से ज्यादा का सामान जब्त कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद सट्टा खिलाने वाले सिंडिकेट के आरोपियों से पुलिस 67 लाख रुपए नकद, 217 मोबाइल, 20 लैपटॉप, 10 कार और 4 बाइक जब्त की हैं। जब्त सामान की कुल कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। चार महीने में 84 से ज्यादा आरोपी पकड़ गए रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान बताया, कि सट्टा खिलाने वाले सटोरियों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। चार महीने में 84 से ज्यादा आरोपी पकड़ गए है। पुलिस ने दूसरे राज्यों में जाकर कार्रवाई की और सिंडिकेट ध्वस्त किया है। सटोरियों पर ये अभियान लगातार जारी रहेगा। 8,400 से ज्यादा अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट और ऐप ब्लॉक कर चुकी सरकार केंद्र सरकार अब तक देशभर में 8,400 से ज्यादा अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट और ऐप ब्लॉक कर चुकी है। बावजूद इसके ऑनलाइन सट्टा कारोबार का अनुमानित टर्नओवर 1.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। भारत में सट्टा बैन, फिर ये सब कैसे चल रहा है? US में रजिस्ट्रेशन, कुराकाओ का लाइसेंस गैंबलिंग करवाने वाली वेबसाइट्स के डोमेन फॉरेन कंट्रीज में बुक होते हैं। इनके सर्वर भी वहीं होते हैं। इन देशों में गैंबलिंग लीगल और टैक्स कम है। वहीं से बैठकर भारत में सट्टा खिलाया जाता है। पड़ताल में सामने आया कि गेमिंग के नाम पर सट्टा खिलाने वाले ज्यादातर मोबाइल ऐप्स महादेव बेटिंग, महादेव बुक या रेड्डी अन्ना बुक के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इस पूरे नेक्सस के पीछे सबसे बड़ा प्लेयर महादेव है। इस ग्रुप की अलग-अलग नाम से 5 हजार से भी ज्यादा वेबसाइट्स हैं। khael.shop, ReddyAnna US के एरिजोना में रजिस्टर्ड हैं। एरिजोना का कानून गैम्बलिंग को सपोर्ट करता है। वहां टैक्स भी कम लगता है। पड़ताल में पता चला कि महादेव बुक के लाइसेंस पर ही ज्यादातर वेबसाइट्स चल रही हैं। महादेव ने कुराकाओ से लाइसेंस लिया है। इसी लाइसेंस से ज्यादातर कंपनियों ने एरिजोना में रजिस्ट्रेशन करवाया है।
मध्यप्रदेश में शनिवार 9 मई को इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की। आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय देने के उद्देश्य से होने वाली इस लोक अदालत में बिजली बिल, जलकर और संपत्ति कर के सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक की छूट का लाभ दिया। इसके साथ ही संपत्ति विवाद, बैंक रिकवरी, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना मुआवजा, पारिवारिक और वैवाहिक विवाद सहित कई मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कराया जा रहा है। 61 पीठों का गठन भोपाल में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय, बैरसिया स्थित सिविल न्यायालय और श्रम न्यायालयों में एक साथ किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से इसके लिए कुल 61 पीठों का गठन किया गया। इन पीठों में सिविल, बैंकिंग, पारिवारिक, श्रम और अन्य लंबित मामलों की सुनवाई कर समझौते के आधार पर निराकरण किया जाएगा। 13 हजार 186 लंबित मामलों पर फोकस बता दें कि, लोक अदालत में इस बार 13 हजार 186 लंबित मामलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा श्रम न्यायालयों से जुड़े 233 प्रकरण और 53 अन्य मामलों का भी निपटारा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस और पारिवारिक विवादों के मामलों पर विशेष फोकस रहेगा ताकि लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिल सके।
बीकानेर बस स्टैंड की दशा सुधारने का प्रयास:रेलवे स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव
बीकानेर रोडवेज बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण और आधुनिक विकास को लेकर शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने प्रमुख शासन सचिव एवं राजस्थान रोडवेज चेयरमैन भवानी सिंह देथा से मुलाकात की। सर्किट हाउस में हुई इस बैठक में बस स्टैंड की वर्तमान व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सुविधाओं की रखी मांग भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने रोडवेज बस स्टैंड को रेलवे स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। नेताओं ने कहा कि बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन वर्तमान सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में यहां आधुनिक और व्यवस्थित सुविधाएं विकसित करना जरूरी हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बस स्टैंड परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, प्रतीक्षालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था करने, पेयजल और शौचालय सुविधाओं में सुधार करने जैसे मुद्दे भी उठाए। साथ ही बस स्टैंड के समग्र सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया गया। कार्रवाई करने का आश्वासन दिया श्याम पंचारिया ने कहा कि बीकानेर जैसे बड़े शहर में रोडवेज बस स्टैंड शहर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाता है तो यात्रियों को राहत मिलेगी और शहर की छवि भी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन की तरह सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा बस स्टैंड बनने से बाहर से आने वाले यात्रियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रमुख शासन सचिव एवं रोडवेज चेयरमैन भवानी सिंह देथा ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि दिए गए सुझावों और प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिला महामंत्री दिलीप सिंह राजपुरोहित, ओबीसी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर सिंह चारण और आईटी जिला संयोजक सुरेंद्र स्वामी भी मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास और जनसंवाद का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना था। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सालमगढ़ में 'ग्राम विकास रथ' के स्वागत के साथ शुरूआत कार्यक्रम की शुरुआत सालमगढ़ में 'ग्राम विकास रथ' के स्वागत के साथ हुई। इस रथ के माध्यम से सरकारी योजनाओं की डिजिटल और दृश्य जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई। कलाकारों ने गीत और नुक्कड़ नाटकों के जरिए सरल भाषा में ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया। इसका लक्ष्य यह संदेश देना था कि ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर कैसे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। समस्याओं का किया समाधान इस दौरान पीएम किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया गया। साथ ही, आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान भी किया गया।
पलवल में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को जान से मारने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विवाहिता को दो मंजिला मकान से धक्का दिया गया और जब वह बच गई तो उसे जलाकर मारने की कोशिश की गई। महिला थाना पुलिस ने विवाहिता के पति सहित चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैंप थाना प्रभारी अश्वनी कुमार के अनुसार, शमशाबाद, पलवल निवासी सविता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी मई 2023 में फरीदाबाद के जसाना गांव निवासी गुलशन से हुई थी। शादी के बाद से ही पति कार, ससुर दो लाख रुपए नकद, सास सोने की अंगूठी और जेठ सोने की चेन की मांग करने लगे। भरपेट खाना ना दिए जाने जाने का आरोप दहेज की मांग पूरी न होने पर सविता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा, यहां तक कि उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था। जब उसने अपने मायके वालों को बताया, तो उसके पिता पंचायत लेकर ससुराल गए। पंचायत में ससुराल वालों ने आश्वासन दिया कि वे आगे से परेशान नहीं करेंगे। हालांकि, जून 2023 में दहेज की मांग को लेकर ससुराल वालों ने सविता के साथ मारपीट की और उसे मकान की दूसरी मंजिल से धक्का दे दिया। इस घटना में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। इसके बाद उसे उसके मायके छोड़ दिया गया, जहां उसके परिवार ने उसका इलाज कराया। पति ने वापस लाने से किया इनकार सविता 15 जून को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी लेकर पलवल पहुंची, लेकिन वह चलने-फिरने में असमर्थ थी। जब उसने ससुराल वालों को अपनी स्थिति बताई, तो पति ने उसे वापस ले जाने से साफ इनकार कर दिया। इस संबंध में दिसंबर 2025 में महिला थाना में एक शिकायत दी गई थी, जिसके बाद 22 दिसंबर को दोनों पक्ष महिला थाने आए और राजीनामा कर ससुराल वाले उसे अपने साथ ले गए थे।
हरियाणा के नारनौल में नेशनल हाईवे नंबर 148 बी पर गांव बड़कोदा बाईपास के नजदीक चेकिंग के दौरान एक लकड़ियों से भरा डंपर पकड़ा गया है। इन लकड़ियों की कीमत हजारों रुपए है। इनको डंपर के ऊपर तिरपाल डालकर छुपाकर ले जाया जा रहा था। वन रक्षक हंसराज ने बताया कि उसे सूचना लगी कि राजस्थान के झुंझुनूं जिला के डुमोली निवासी व्यक्ति लकड़ियों की अवैध सप्लाई करता है। वह अपना एक डंपर लकड़ियों से भरकर नेशनल हाईवे नंबर 148 बी से होते हुए राजस्थान की ओर ले जा रहा है। संदिग्ध डंपर रुकवाया सूचना के आधार पर उसने नेशनल हाईवे पर आते हुए संदिग्ध डंपर को रुकवाया। जिसके बाद उसने डंपर की चेकिंग की। चेकिंग के दौरान डंपर पूरा कड़ी हुई प्रतिबंधित लकड़ियों से मिला। इस पर उसने डंपर को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। झुंझुनूं का रहने वाला हंसराज ने बताया कि राजस्थान के झुंझुनूं जिला के डुमोली निवासी रामनरेश इन लकड़ियों की तस्करी मामले में संलिप्त पाया गया। उन्होंने बताया कि डंपर को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के लिए वन विभाग के कार्यालय में खड़ा कर दिया गया है।
भीलवाड़ा में खान क्षेत्र में नाड़ी में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने नाड़ी के बाहर बच्चों की चप्पल और कपड़े देखे तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से दोनों के शवों को बाहर निकाला। घटना शहर के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में कुंवाडा खान एरिया में आज दोपहर करीब ढाई बजे हुई। एक घंटे बाद मिले शवपुलिस ने बताया-कुंवाडा खान क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाले दो दोस्त अब्बास (12) पिता जाकिर हुसैन और अल्तमस (14) पिता जब्बार मोहम्मद दोपहर करीब 2 बजे कुंवाडा खान की नाड़ी में नहाने के लिए गए थे। इस दौरान दोनों बच्चे नाड़ी के गहरे पानी में डूब गए। वहां से गुजर रहे लोगों ने नाड़ी के बाहर दोनों बच्चों के चप्पल और कपड़े पड़े देखे तो दोनों बच्चों को आवाज लगाई। रेस्पॉन्स नहीं आने पर आसपास उनकी तलाश की, लेकिन जब दोनों नहीं मिले तो पुलिस को सूचना दी गई। सुभाष नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों की बॉडी पानी से बाहर निकाली जा सकी, जिसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से किया इनकारदोनों के शवों को हॉस्पिटल की मोर्च्युरी में रखवाया गया। हालांकि परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद कागजी कार्रवाई कर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस बोली- परिजनों को सौंप दिए गए शवसुभाष नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल राजेंद्र पाल ने बताया कि दोनों बच्चे को कुंवाड़ा खान की नाड़ी में नहाने गए थे। इस दौरान डूबने से उनकी मौत हो गई दोनों के शव महात्मा गांधी अस्पताल लेकर आए, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करने के लिए मना कर दिया। कागजी कार्रवाई करने के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए है, नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
सलूम्बर जिले के थाणा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भारत सरकार की 'स्व-जनगणना' पहल के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल जनगणना को जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां डिजिटल जनगणना को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। स्व जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में बताया स्कूल की प्रधानाचार्य भावना गुप्ता ने प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने स्व-जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया, डिजिटल मकान सूचीकरण और जनगणना के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। गुप्ता ने बताया कि सटीक जनगणना ही देश की योजनाओं और विकास की दिशा निर्धारित करती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। स्कूल से निकाली जागरूकता रैली कार्यक्रम के बाद विद्यालय से एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो पूरे थाणा गांव से गुजरी। छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और संदेश लिए हर नागरिक की हो पहचान, सही समय पर हो जनगणना जैसे नारे लगा रहे थे। इस रैली के माध्यम से ग्रामीणों को डिजिटल जनगणना और मकान सूचीकरण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया गया। निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए क्विज, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 'राष्ट्र विकास में जनगणना का योगदान' विषय पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रधानाचार्य ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। छात्र जगमोहन मीणा को बनाया ब्रांड एंबेसडर विद्यालय के छात्र मोहन मीणा को 'जनगणना ब्रांड एंबेसडर' मनोनीत किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच स्व-जनगणना के 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इसमें डिजिटल प्रक्रिया, जाति जनगणना और ऑनलाइन पंजीकरण शामिल थे। कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार सहित आसपास के लोगों को भी स्व-जनगणना अभियान से जोड़ेंगे और राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। विद्यालय का यह प्रयास क्षेत्र में सराहा जा रहा है।
जबलपुर के संजीवनी नगर के पास स्थित होटल रिलेक्श-इन के कमरा नंबर 9 में जिस महिला का शव मिला था, पुलिस ने उसकी शिनाख्त भेड़ाघाट निवासी दुर्गा बाल्मिक के रूप में की है। महिला 6 मई की शाम को अपने घर से निकली थी, रात को परिवार वालों ने उसे तलाश किया, पर वह नहीं मिली। इस बीच 8 मई को दोपहर को कमरे में उसकी लाश मिली। परिवार वालों का कहना है कि भेड़घाट के पास एक होटल में वह काम करती थी, जबकि पास में ही दूसरी होटल में जम्मन बंसल नाम का युवक भी काम करता था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती भी थी, लेकिन जम्मन की पत्नी को अपत्ति थी। शनिवार को पीएम के बाद दुर्गा का शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है। मृतिका की बहन सोनम कोष्ठा का आरोप है कि जम्मन ही प्लान के तहत उसे होटल ले गया और फिर मार डाला। सोनम ने बताया कि दुर्गा होटल में साफ-सफाई का काम करती है। 6 तारीख को मां के पास आई थी, जो कि धनवंतरी नगर में रहती है। मां ने पेंशन से दुर्गा को 10 हजार रुपए दिए थे। सोनम का कहना है कि वह रुपए भी गायब है। मृतिका की बहन ने बताया कि दुर्गा और जम्मन एक साथ काम करते है, इसलिए दोनों की बात भी होती थी। दमोह निवासी जम्मन की पत्नी भी उसके साथ रहती थी। एक-दो बार उसने दोनों को आपस में बात करते हुए देख लिया था, जिसको लेकर दुर्गा और जम्मन की पत्नी का विवाद भी हुआ था। सोनम ने आशंका जताई है कि प्लान के तहत उसे होटल में बुलाया और फिर मारा गया। डीएसपी भगत सिंह गठोरिया का कहना है, कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो पाएगी। परिवार वालों ने जम्मन नाम के शख्स पर आरोप लगाए है, जिसे कि अभिरक्षा में लिया गया है। पूछताछ चल रही है। यह खबर भी पढ़ें… होटल में मिली महिला की खून से सनी लाश:पुलिस ने जताई हत्या की आशंका जबलपुर के धनवंतरी नगर स्थित एक होटल में शुक्रवार दोपहर महिला की खून से सनी लाश मिली। सूचना पर संजीवनी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस पूछताछ में होटल मैनेजर महिला के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। जांच में यह भी सामने आया कि होटल प्रबंधन ने महिला से कमरा लेते समय न तो आधार कार्ड लिया और न ही उसका नाम-पता दर्ज किया। पढ़ें पूरी खबर...
सीकर में आज सुबह (शनिवार) से आसमान साफ रहने के कारण तेज धूप निकली और दिनभर चलने वाली हवाएं दोपहर तक गर्म होती गईं। पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक मौसम ड्राई रहने की संभावना जताई है। सीकर में अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि मौसम विभाग के मुताबिक, महीने के अंतिम सप्ताह में नौतपा के चलते गर्मी और तेज हो सकती है। हालांकि, बीती रात को सीकर के कुछ इलाकों में ठंडी हवाएं चलीं। पिछले एक सप्ताह से दिन का तापमान 40 डिग्री के नीचे सीकर में पिछले एक सप्ताह से दिन का तापमान 40 डिग्री के नीचे चल रहा है। 3 दिन से गर्मी बढ़ी है, लेकिन हवाएं भी चल रही हैं। सीकर समेत शेखावाटी क्षेत्र में उच्च वायुदाब का क्षेत्र बनने की वजह से फिलहाल बादल छंट गए हैं। सुबह से हवाएं शुरू होकर दोपहर तक गर्म हो रही हैं। आमजन चिलचिलाती धूप से बचाव करते नजर आ रहे हैं। बात करें सीकर के तापमान की तो सीकर जिले के फतेहपुर में कृषि अनुसंधान केंद्र पर स्थित मौसम केंद्र पर आज दिन का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री और आज सुबह का न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि इससे पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। तेज धूप के बीच हवाओं की वजह से आज तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहा। सीकर में अगले एक सप्ताह तक ड्राई रहेगा मौसम जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, सीकर समेत पूरे उत्तरी-पूर्वी राजस्थान में मई महीने के पहले सप्ताह में एक्टिव हुआ नया वेदर सिस्टम अब पूरा हो चुका है। अब अगले 3 दिन तक मौसम ड्राई रहेगा, इस दौरान बादलों की हल्की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस महीने के अंतिम सप्ताह में नौतपा रहेगा।
डूंगरपुर में प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह:15 वर्षीय बालिका की शादी से पहले पहुंची पुलिस और टीम
डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस ने एक बाल विवाह रुकवाया है। चाइल्ड लाइन से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आज 15 वर्षीय बालिका का विवाह होने वाला था, लेकिन जिला प्रशासन की सतर्कता से इसे रोका गया। सीमलवाड़ा तहसीलदार अशोक कुमार शाह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना मिली थी। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए चाइल्ड लाइन, सृष्टि सेवा संस्थान, धम्बोला थाना पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम जब प्रशासक पवन सिंह डामोर के साथ बालिका के घर पहुंची, तो वहां विवाह की तैयारियां चल रही थीं। टीम ने देखा कि बालिका के शरीर पर हल्दी लगी हुई थी और शादी की रस्में निभाई जा रही थीं। बारात आने ही वाली थी। टीम ने मौके पर बालिका के पहचान दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, जनाधार और मार्कशीट की जांच की। कक्षा 7 की मार्कशीट के अनुसार, बालिका की उम्र मात्र 15 वर्ष पाई गई। बाल विवाह की पुष्टि होने पर पुलिस और प्रशासनिक टीम ने बालिका के माता-पिता और परिजनों को कानून की जानकारी दी। टीम ने परिजनों को सख्त हिदायत देते हुए पाबंद किया कि जब तक बालिका की उम्र 18 वर्ष पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक उसका विवाह नहीं किया जाएगा।
लोन कंपनी के 52.63 लाख रुपए लेकर 4 कर्मचारी फरार:मैनपुरी की शाखा के कर्मचारियों पर FIR
आगरा स्थित पैसालो डिजिटल लिमिटेड में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। कम्पनी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में मैनपुरी की बरनाहल शाखा में तैनात चार कर्मचारियों पर 52.63 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। कंपनी के प्रतिनिधि सतेंद्र श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि कम्पनी की शाखा कुंजपुरा रोड, सिरसागंज (गुंजन चौक), जनपद मैनपुरी में संचालित है। जहां दीपक कुमार (सीएसओ), अशोक कुमार (शाखा प्रबंधक), मोनेन्द्र कुमार (सीएसओ) और ओम हरि (सीएसओ) कार्यरत थे। इन सभी की नियुक्ति आगरा स्थित मुख्य कार्यालय से हुई थी और इनकी जिम्मेदारी ऋण वितरित करना तथा ग्राहकों से किस्तें एकत्र कर कम्पनी के खाते में जमा कराना थी। कम्पनी द्वारा कराए गए फील्ड वेरिफिकेशन और ऑडिट में खुलासा हुआ कि चारों कर्मचारियों ने ऋणधारियों से वसूली गई रकम कम्पनी में जमा नहीं की। आरोप है कि दीपक कुमार ने 11,49,453 रुपये, अशोक कुमार ने 2,67,260 रुपये, मोनेन्द्र कुमार ने 20,23,342 रुपये और ओम हरि ने 18,23,665 रुपये अपने पास रख लिए। कम्पनी के अनुसार, 2 मई 2025 को चारों आरोपी आगरा स्थित मुख्य कार्यालय पहुंचे और लिखित रूप में राशि जमा करने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया। बार-बार नोटिस और संपर्क के बावजूद रकम वापस नहीं की गई, बल्कि आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार करते हुए कानूनी कार्रवाई पर गंभीर परिणाम भुगतने और कर्मचारियों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। कम्पनी ने इसे धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक षड्यंत्र का मामला बताते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
सहारनपुर के लालवाला गांव में दो बीघा जमीन को लेकर शुरू हुए विवाद ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया। जमकर पत्थरबाजी हुई, कई लोगों के सिर फूट गए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। दो महिलाओं समेत कई लोगों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पहले गांव में तनाव की दो तस्वीरें देखिए… घटना के बारे में जानिए… लालवाला गांव की दो बीघा जमीन को लेकर ठाकुर समाज और अनुसूचित समाज के लोगों में लंबे समय से तनातनी चल रही थी। शनिवार सुबह मामला उस वक्त भड़क उठा जब एक पक्ष कथित तौर पर जमीन पर कब्जा करने पहुंचा। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया और फिर कहासुनी इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते दोनों समुदायों के लोग लाठी-डंडे और पत्थर लेकर सड़क पर उतर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, गलियों में अफरा-तफरी मच गई, महिलाएं बच्चों को लेकर घरों में छिपती नजर आईं। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। माहौल इतना भयावह हो गया कि गांव में दहशत फैल गई। कई थानों से पुलिस बल पहुंचा, हालात पर पाया काबू सूचना मिलते ही देवबंद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात इतने बेकाबू थे कि स्थानीय पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद आसपास के कई थानों से भारी पुलिस फोर्स और प्रांतीय सशस्त्र बल को बुलाया गया। पुलिस ने गांव को छावनी में बदल दिया। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद हालात और ज्यादा गरमा गए। दो महिला समेत कई लोग घायल बवाल में दो महिलाओं समेत कई लोग को चोट आई है। बताया जा रहा है कि कई लोगों के सिर फूट गए, कई के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में हर तरफ पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुसूचित समाज के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया और निर्दोष लोगों को पीटा गया। वहीं ठाकुर पक्ष का कहना है कि विवादित जमीन उन्होंने खरीदी है और जब वे वहां कब्जा लेने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने हमला बोल दिया और उन पर पथराव शुरू कर दिया। राजनीतिक रंग भी ले रहा मामला घटना की सूचना मिलते ही भीम सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। गांव में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है। प्रशासन किसी भी नई चिंगारी को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। फिलहाल लालवाला गांव में खामोशी है। हालांकि लोग अब भी डरे हुए हैं। पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है।
करौली में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हुई। जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन 74.28 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। कुल 8016 अभ्यर्थियों को इस परीक्षा के लिए आवंटित किया गया है, जिनमें से प्रथम दिन 4008 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। इनमें से 2977 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि 1031 अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा समन्वयक हेमराज परिडवाल ने बताया कि शनिवार को यह परीक्षा एक पारी में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। समन्वयक के अनुसार, रविवार को परीक्षा दो पारियों में आयोजित होगी। पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। प्रशासन और शिक्षा विभाग परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के देवभोग नगर पंचायत में वेतन भुगतान में देरी को लेकर सीएमओ ऑफिस में इंजीनियर और उसके साथियों ने अकाउंटेंट की जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान इंजीनियर और उसके साथियों ने अकाउंटेंट को थप्पड़ जड़े और घूंसा मारा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं कर्मचारी यूनियन ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पहले देखें तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 मई को शाम 5 बजे के बाद नगर पंचायत के सीएमओ कक्ष में हुई। इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को वेतन भुगतान में देरी को लेकर बुलाया था। बहस के दौरान इंजीनियर के साथियों ने संदीप चंद्राकर की पिटाई शुरू कर दी। वायरल वीडियो में संदीप चंद्राकर भी एक व्यक्ति की पगड़ी उतारकर जवाबी हमला करते दिख रहे हैं। मारपीट के दौरान सीएमओ दुष्यंत साहू बीच-बचाव करते नजर आ रहे हैं, जबकि इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक गुस्से में खड़े दिख रहे थे। घटना के बाद एकाउंटेंट संदीप चंद्राकर की शिकायत पर इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर संदीप चंद्राकर के खिलाफ भी देवभोग पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने बताया कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सीएमओ दुष्यंत साहू से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने रिकॉर्डिंग न होने की बात कही थी। अब वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए सीएमओ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी जा रही है। यूनियन ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर कर्मचारी यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं। वहीं प्रभारी सीएमओ दुष्यंत साहू भी इसी यूनियन के पदाधिकारी हैं। अब इस मामले में कर्मचारी यूनियन की एंट्री हो गई है। आज प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने देवभोग पुलिस को ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। विवाद की वजह कुछ और तो नहीं...जांच करेगी पुलिस पुलिस के अनुसार, जरूरी सबूत सीधे पुलिस को देने के बजाय उन्हें सार्वजनिक रूप से वायरल करने की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस इस मामले में सभी संदिग्ध और योजनाबद्ध पहलुओं की जांच कर रही है। इधर इस घटना से नाराज नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी के कारण दूसरी बार नगर पंचायत की छवि खराब करने की कोशिश हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पोस्टिंग यहीं की जाए।
झालावाड़ जिले में रसद विभाग ने अवैध घरेलू गैस सिलेंडरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को विभाग की टीम ने भवानीमंडी क्षेत्र में दबिश देकर सिलेंडर जब्त किए। जिला रसद अधिकारी जितेंद्र कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन अधिकारी गोविंद देथा ने भवानीमंडी में सघन निरीक्षण और दबिश की कार्रवाई की। इस दौरान अवैध रूप से रखे गए 6 घरेलू गैस सिलेंडर और एक इलेक्ट्रिक मोटर बरामद कर जब्त की गई। जब्त की गई सामग्री को नियमानुसार ऋषभ गैस एजेंसी, भवानीमंडी के सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर कोर्ट, झालावाड़ में प्रकरण प्रस्तुत किया गया है। जिला रसद अधिकारी ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग, अवैध भंडारण और अनाधिकृत उपयोग के खिलाफ विभाग लगातार सख्त निगरानी रख रहा है। आमजन को आवश्यक वस्तुओं की सुचारू और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसी कार्रवाईयां जारी रहेंगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही करें। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा सके।
धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने केंदुआडीह में 24 घंटे का अनशन शुरू कर दिया है। विधायक के इस आंदोलन को स्थानीय लोगों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न चेंबर ऑफ कॉमर्स का व्यापक समर्थन मिल रहा है। केंदुआ, लोयाबाद, पुटकी, तेतुलमारी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर पहुंचे। इससे पहले, जिला प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद विधायक ने अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया था। सड़क बंद होने से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही हालांकि, बैठक न होने और जिला प्रशासन व बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल न किए जाने के कारण विधायक ने दोबारा आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। धरनास्थल पर विधायक राज सिन्हा ने कहा कि सड़क बंद होने से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग धनबाद, बोकारो, रांची और जमशेदपुर को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा है और एक महीने से बंद रहने के कारण आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने जोर देकर कहा कि यह एक सरकारी सड़क है और इसे जल्द से जल्द चालू किया जाना चाहिए। विधायक ने प्रशासन और राज्य सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में माडा द्वारा भू-धंसाव वाले क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर लगभग 15 फीट तक खुदाई की गई थी, लेकिन कोई बड़ा खतरा सामने नहीं आया। ऐसे में सड़क बंद रखने के पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। राज सिन्हा ने घोषणा की कि वे जनता की समस्याओं को देखते हुए 24 घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए अनशन पर रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस बीच, स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी सड़क जल्द खोलने की मांग करते हुए प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
पलवल में ट्रेन से कटकर लड़की की मौत:सुसाइड किए जाने की आशंका, घर से हुई थी लापता, युवक करता था चैटिंग
पलवल जिले में 7 मई की रात घर से लापता हुई नौवीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा गौरी का शव 8 मई को रेलवे लाइन से बरामद हुआ। छात्रा की गुमशुदगी का मामला कैंप थाना में दर्ज था। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। आदर्श कॉलोनी, पलवल निवासी कृष्ण ने शिकायत में बताया कि उनके छोटे भाई सोनू की बेटी गौरी 7 मई की रात करीब 12 बजे घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कैंप थाना की किठवाड़ी चौक स्थित पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी। इंस्टाग्राम के जरिए लड़की से बात करता था युवक कैंप थाना पुलिस ने इस संबंध में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी थी। शिकायत में कृष्ण ने आरोप लगाया था कि सौरभ नामक एक युवक से गौरी की चैट और इंस्टाग्राम के जरिए बातचीत होती थी। उन्होंने इस बातचीत का पूरा रिकॉर्ड उसी समय कैंप पुलिस को सौंप दिया था। 8 मई को जीआरपी को किठवाड़ी रेलवे क्रॉसिंग के निकट एक लड़की का शव मिला। सूचना मिलने पर परिजन जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे और शव की पहचान गौरी के रूप में की। परिजनों ने जीआरपी को बताया कि गौरी ने किसी ट्रेन से कटकर आत्महत्या की है। परिजनों ने पुलिस से की कार्रवाई किए जाने की मांग परिजनों ने जीआरपी से पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया और कहा कि आगे की कार्रवाई वे कैंप थाना पुलिस से कराना चाहते हैं, क्योंकि उनकी गुमशुदगी का मामला पहले से ही कैंप थाना में दर्ज है। कैंप थाना पुलिस द्वारा मामले में आगे की जांच की जाएगी। जिसके संबंध में कैंप थाना पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी का मामला दर्ज है, लेकिन अभी लड़की की मौत के बाद परिजनों ने कोई लिखित शिकायत उन्हें नहीं दी है। शिकायत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा की एक युवती से फर्जी दुल्हा बनकर ठगी का मामला सामने आया है। युवती की मैरिज ब्यूरो वेबसाइट पर जान पहचान हुई थी और दोनों की आपस में फोन पर बातचीत होने लगी। युवक ने एक दिन युवती को यूके से भारत आकर मिलने की बात कही। इसके बाद एयरपोर्ट पर सीबीआई एवं इनकम टैक्स विभाग के पकड़ने की बात कहकर झांसे में ले लिया। युवती से ऑनलाइन खाते में पैसे ट्रांजक्शन करवाने को कहा। युवती ने बहकावे में आकर एक लाख से ज्यादा की रकम उसके खाते में भेज दी। जब ठग उससे बार-बार पैसे ट्रांजक्शन करवाने लगा तो उसे शक हो गया। उसके बाद युवती ने पुलिस को शिकायत दी। जिसके बाद अब पुलिस ने पंजाब के पांच आरोपियों को पकड़ा है, जिन्होंने मैरिज ब्यूरों का विज्ञापन देकर ठगी की और जिनके खाते में पैसे आए। जानिएं पूरा मामला साइबर थाना से कार्यकारी प्रभारी सब इंस्पेक्टर सोमबीर ने बताया कि शाह सतनाम पूरा सिरसा निवासी एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 17 अप्रैल 2026 को फेसबुक पर एक मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन देखा और उसमें दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने खुद को यूके (लंदन) का निवासी बताया और कहा कि वह भारत में उससे मिलने आ रहा है। कुछ दिनों बाद साइबर अपराधी का महिला के पास फोन आया कि उससे मिलने के लिए यूके से आ रहा था। जैसे ही वह दिल्ली के एयर पोर्ट पर उतरा तो उसे सीबीआई के अधिकारियों ने पकड़ लिया है और छोड़ने के एवज में 33,150 रुपए की मांग की जा है। महिला ने उक्त आरोपी द्वारा बताई गई बात को सच मानते हुए गुगल पे के जरिए 33150 रुपए ट्रांसफर कर दिए। थोड़ी देर बाद दोबारा फोन आया कि उसे इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने पकड़ लिया है और अब उससे 1,05,000 रुपए की डिमांड की जा रही है। महिला ने उसके बहकावे में आकर 1 लाख 5 हजार रुपए की राशि गुगले पे के जरिए कर दी। जब तक महिला को साइबर ठगी का एहसास हुए तब तक साइबर ठगों ने महिला को कुल 1,38,000 रुपए का चूना लगा दिया। पीड़िता की शिकायत के आधार साइबर थाना सिरसा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने जांच के बाद महत्वपूर्ण सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को पंजाब के जिला मोंगा से गिरफ्तार कर लिए। गिरफ्तार आरोपियों में शिवान्शु उर्फ शिव, सुखजिंद्र सिंह उर्फ सुखा, प्रदीप सिंह उर्फ लक्की और हरप्रीत सिंह उर्फ हेप्पी व चेतन कुमार शामिल हैं। पुलिस के अुनसार, गिरफ्तार 5 आरोपी नशा करने के आदी है और नशे की पूर्ति के लिए ही लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। मामले की गहन जांच अभी जारी है और इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रोहतक में मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 9वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने शहर में कई स्थानों पर कचरे की ट्राली खाली करके नारेबाजी की। वहीं, स्थानीय विधायक भारत भूषण बतरा ने कर्मचारियों को समर्थन दिया और हरियाणा प्रांत के लिए अलग से सफाई कर्मचारी आयोग बनाने की मांग उठाई। कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे विधायक बीबी बतरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांग जायज हैं और वह विधानसभा में भी उनकी बात को उठाने का काम करेंगे। हरियाणा में एससी आयोग बना हुआ है, वहां भी अपनी मांग रखनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों का केंद्र में आयोग बना हुआ है, वैसे ही हरियाणा के लिए आयोग बनना चाहिए, जो वह कर्मचारियों को समय-समय पर देख सके। विधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कर्मचारियों की जायज मांगों के साथ खड़ी है और जहां भी कहेंगे, वह चलने के लिए तैयार है। कर्मचारियों के हक से कुठाराघात होने नहीं दिया जाएगा। कर्मचारियों की आवाज को हर स्तर पर उठाने का काम करेंगे। पुराना आईटीआई मैदान में सड़क पर गिराया कचराकर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान शहर में कई स्थानों पर कचरा गिराते हुए विरोध प्रकट किया। कर्मचारियों ने पुराना आईटीआई मैदान में सीआईए-1 के सामने सड़क पर कचरा गिराते हुए नारेबाजी की। वहीं, सरकूलर रोड पर भी कचरे के ढेर लगे हुए है। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डीसी ने सफाई कर्मचारियों को दी सलाह डीसी सचिन गुप्ता ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर कहा कि उनकी मांगों को लेकर हरियाणा स्तर पर अधिकारी देख रहे हैं। कर्मचारियों को शहर में गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। उनकी जो भी मांग है, उन पर अधिकारी विचार कर रहे हैं। सरकार भी मांगों पर विचार कर रही है। वहीं कर्मचारियों को अपना काम नहीं रोकना चाहिए। कर्मचारियों ने शहरवासियों से मांगा सहयोग नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू टांक ने बताया कि 9 दिन से हड़ताल पर बैठे हुए हैं और सरकार की तरफ से अभी तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। शंभू टांक ने शहरवासियों से मांगों को पूरा करवाने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि उनका साथ दें।
भिवानी के कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री सनातन धर्म जगदीश गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चौथी हरियाणा स्टेट यूथ मुईथाई चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेशभर के 216 खिलाड़ियों (लड़के व लड़कियां) भाग ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता 9 व 10 मई को आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रदेशभर से आए खिलाड़ी भाग लेंगे। मुईथाई स्पोर्ट्स एसोसिएशन हरियाणा के जनरल सेक्रेटरी सोमबीर वशिष्ठ ने बताया कि राज्यस्तरीय चैंपियनशिप का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। जिसमें प्रदेशभर के 216 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं और अपनी प्रतिभाग का लोहा मनवा रहे हैं। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ हरियाणा विद्यालय शिखा बोर्ड के रिटायर्ड असिस्टेंट सेक्रेटरी ओपी नंदवानी व मुईथाई स्पोर्ट्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान राहुल राणा ने गेम का शुरूआत करके किया। इस दौरान बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। खेल से जुड़ने के बाद मोबाइल से दूर रहेंगे बच्चे हरियाणा विद्यालय शिखा बोर्ड के रिटायर्ड असिस्टेंट सेक्रेटरी ओपी नंदवानी ने कहा कि खेल बच्चों के भविष्य के लिए अहम होता है। इस खेल में खिलाड़ी को दो हाथों नहीं 8 हाथों का प्रयोग किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल का भी अहम महत्व होता है। खेल से जुड़ने के बाद खिलाड़ी सुबह जल्दी उठता है तो उसका विकास होता है। खिलाड़ी खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे मोबाइल की तरफ अधिक आक्रर्षित हो गए हैं। जिनका उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए अभिभावकों को भी सचेत रहकर बच्चों पर ध्यान रखने की जरूरत है। खेल से जुड़ने के बाद बच्चे मोबाइल से भी दूर रहेंगे। लड़कियों के लिए यह खेल अहम मुईथाई स्पोर्ट्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान राहुल राणा ने कहा कि इस चैंपियनशिप में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। जो खिलाड़ी यहां से जीतकर जाएंगे, वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह खेल लड़कों से ज्यादा लड़कियों के लिए अहम है। क्योंकि लड़कियों को विपरित परिस्थिति में आत्मरक्षा के गुरों की जरूरत होती है। वहीं नए बच्चों को खेल की तरफ आकर्षित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
खंडवा जिले की मूंदी थाना पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका को महाराष्ट्र के कोपरगांव से बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल को एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के घर से लापता होने की शिकायत मूंदी थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों ने संदेह के आधार पर अपहरण की आशंका जताई थी। शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में टीम गठित की गई। जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के कोपरगांव जाकर दबिश दी। पीड़िता के बयान महिला अधिकारी ने दर्ज किए। जांच के दौरान मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा बढ़ाई गई। इधर, पुलिस ने आरोपी अक्षय पिता कालीचरण (21) निवासी वार्ड नंबर 15, मूंदी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय खंडवा में पेश किया गया। टीआई राजेंद्र नरवरिया ने बताया कि आरोपी अक्षय को कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दिए। पीड़िता की दस्तयाबी और आरोपी की गिरफ्तारी में एसआई अरूण पाटिल, एएसआई कैलाश तिवारी सहित प्रधान आरक्षक अखिलेश यादव, पूजा नरवरे की भूमिका रही।
इंदौर में लारेंस गैंग द्वारा बिल्डिरों को धमकियां देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बिल्डिरों के घर, ऑफिस, प्रॉपर्टी के साथ ही उनके आने-जाने की लोकेशन की रैकी की थी और ये जानकारी आगे उपलब्ध कराई थी। बता दे कि इन बिल्डरों को वाट्सएप और कॉल करके धमकी दी गई थी और उनसे रुपयों की मांग की गई थी। पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम ने इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी राजपाल निवासी नागदा को इंदौर के बिजनेसमैन विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवांर और कुवंर सिंह भूरिया के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने वाले आरोपी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा निवासी उज्जैन को गिरफ्तार किया गया है। टीम को जानकारी मिली थी कि आरोपी राजपाल कसरावद जेल में बंद है और उसके हैरी बॉक्सर से संबंध है। इसके बाद राजपाल से पूछताछ की तो उसने सोनू उर्फ रितेश के बारे में बताया था। जिसने रैकी की कोशिश की थी, जिसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा की जानकारी मिली थी। तीन दिन चली आरोपी से पूछताछ उन्होंने बताया कि आरोपी सचिन की जानकारी राजपाल की निशानदेही पर मिली, जिससे आरोपी सचिन को सायबर तकनीकि और मुखबीर तंत्र की सूचना के आधार पर ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। सचिन को महिदपुर से बुलवाया गया और उससे तीन दिन तक गहन पूछताछ की गई। इसमें वह कई बातें छिपाने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में बताया कि उसने अवैध लाभ अर्जित करने की मंशा से आरोपी राजपाल चंद्रावत को बिल्डर विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवांर और कुवंर सिंह भूरिया के घर, ऑफिस और प्रॉपर्टी की और उनके आने-जाने की लोकेशन की रैकी कर जानकारी खुद आरोपी सचिन व कुलदीप ने राजपाल को दी थी, जो आगे सिग्नल एप का माध्यम से हैरी बॉक्सर को भेजी गई थी। सचिन का पुलिस रिमांड लेकर उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा निवासी महीदपुर जिला उज्जैन, राजपाल चंद्रावत निवासी नागदा और सोनू उर्फ रितेश खंगार निवासी इंदौर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वाट्सएप पर करते थे बात पूछताछ में ये सामने आया है कि आरोपी आपस में वाट्सएप के जरिए बात करते थे और हैरी बॉक्सर से एप के माध्यम से बात करते थे। सचिन के मोबाइल में कई ग्रुप मिले है जो लारेंस गैंग से संबंधित है। बहुत सारे कोर्ड नेम 007 के नाम से मिले है। एलबी यानी लारेंस विश्नोई। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में कुछ देवास और इंदौर के लोगों के शामिल होने की आशंका है। इनमें छानबिन जारी है। इंदौर में क्या प्लानिंग थी, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जोधपुर के प्रमुख और सबसे व्यस्त बाजारों में से एक नई सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस कमिश्नर शरत कविराज और डीसीपी (मुख्यालय-यातायात) शाहीन सी ने स्थानीय व्यापारियों के साथ नई सड़क से घंटाघर तक पैदल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बाजार में यातायात, पार्किंग और अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बाजार से सड़क पर खड़े होने वाले ठेले हटा लिए गए। वहीं, व्यापारियों ने बरामदे भी खाली कर दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन सोनी सहित अन्य व्यापारी भी मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर ने व्यापारियों से यातायात सुगम बनाने को लेकर सीधा संवाद किया। उनसे फीडबैक भी लिया। उन्होंने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुकानों के आगे बने बरामदों को पूरी तरह से खाली रखा जाए, ताकि पैदल चलने वाले आम नागरिक इन बरामदों का आसानी से उपयोग कर सकें। ऐसा होने से मुख्य सड़क पर राहगीरों की भीड़ कम होगी। सड़क का यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा। खुली-खुली नजर आई सड़कें, आमजन ने ली राहत की सांस पुलिस की इस समझाइश और निरीक्षण का असर बाजार में साफ देखने को मिला। नई सड़क से घंटाघर तक आज सड़क का नजारा काफी बदला हुआ नजर आया। सड़क पर न तो यातायात का भारी दबाव था और न ही जगह-जगह ठेले खड़े नजर आए। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने खुशी जताई। स्थानीय व्यापारियों ने भी शहर के मुख्य बाजार को व्यवस्थित करने की पुलिस की इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है। शराब के ठेकों पर औचक जांच, पियक्कड़ों पर कार्रवाई यातायात और अतिक्रमण के निरीक्षण के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने असामाजिक तत्वों पर भी नकेल कसी। पुलिस कमिश्नर ने नई सड़क से घंटाघर के बीच स्थित शराब के ठेकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई शराब के ठेकों पर लोग बैठकर शराब पीते हुए पाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन शराबियों को मौके से पकड़ लिया। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजन और व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात को बेहतर बनाने और अतिक्रमण हटाने की यह प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहनी चाहिए।

