लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र में बुधवार रात पत्नी से फोन पर विवाद के बाद ड्राइवर ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मड़ियांव थाने में तहरीर दी है। वहीं आलमबाग थानाक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। कसाईबाड़ा निवासी शोएब सिद्दीकी वाहन चालक थे। उनके बहनोई साहिल ने बताया पहली पत्नी की बीमारी के चलते करीब दो साल पहले मौत हो गई थी। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी उमैरा है। इसके बाद उन्होंने बेबी से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था। करीब तीन महीने पहले दूसरी पत्नी अपनी बेटी को लेकर गोमतीनगर के उजरियांव स्थित बहनोई के घर चली गई थी। परिजनों के अनुसार बुधवार रात शोएब की पत्नी से फोन पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। काफी देर तक झगड़ा होता रहा। कुछ देर बाद शोएब शांत हो गया। रात करीब 12:30 बजे भांजा कमरे में पहुंचा तो शोएब दुपट्टे के सहारे पंखे से लटके मिले। शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। युवक को लगा करेंट, मौतवहीं आलमबाग में गुरुवार सुबह घर में प्लग का तार बदलते समय करंट लगने से युवक की मौत हो गई। आलमबाग शांतिपुरम निवासी अंकित मिश्रा कुछ समय से एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम कर रहे थे। अंकित के जीजा मलिक ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह घर में प्लग का तार बदल रहे थे। इसी दौरान खुला तार उनके हाथ में छू गया और वह करंट की चपेट में आ गए। अंकित की चीख सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फर्श पर अचेत पड़े मिले। घबराए परिजन उन्हें आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंकित घर का एकलौता बेटा था। घटना के बाद पिता और मां बदहवास हो गए। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इंदौर नगर निगम अब शहर के सिनेमाघरों में बिना अनुमति प्रदर्शित किए जा रहे विज्ञापनों पर सख्ती करेगा। गुरुवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में निर्णय लिया गया कि सिनेमाघरों में दिखाए जा रहे सभी विज्ञापनों का मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम-2017 के तहत पंजीयन कराया जाएगा और उनसे निर्धारित लाइसेंस शुल्क वसूला जाएगा। बैठक में शहर के विकास, जल प्रबंधन, आवास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हालांकि महापौर के निर्देश पर विभिन्न जोनों में प्रस्तावित कॉलोनियों के रेट जोन परिवर्तन के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था। एमआईसी ने शहर के श्मशान और कब्रिस्तानों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्णय लिया। इंदौर जलप्रदाय प्रणाली के तहत ओवरहेड टैंकों के लिए फीडर मेन लाइन बिछाने, जोड़ने, टेस्टिंग और कमीशनिंग के कार्यों को मंजूरी दी गई। साथ ही वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में 10 नए रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। पुरानी प्रतिमा हटाकर नई लगाने का प्रस्ताव बैठक में छोटी ग्वालटोली स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल रोटरी के सौंदर्यीकरण के तहत पुरानी प्रतिमा हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। एयरपोर्ट रोड स्थित पंचशील नगर में सीएसआर मद से स्क्रैप धातु से सेवन स्टार स्मारक बनाने, फूटी कोठी चौराहे पर संत श्री सेवालाल ब्रिज निर्माण से क्षतिग्रस्त सर्विस रोड के पुनर्निर्माण और चंदन नगर चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण में बाधक प्राइमरी सीवर लाइन को शिफ्ट करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। सफाई मित्रों की तर्ज पर अब ड्रेनेज कर्मचारियों को भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के तहत प्रस्तावित 8100 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने की स्वीकृति दी गई। बैठक में निगम के 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र, इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन और शहरभर की पुरानी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में बदलने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
दुर्ग जिले के रिसाली में करीब 13 महीने पुराने हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर उर्फ पटवारी डोमेन्द्र को हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यदि वह यह राशि जमा नहीं करता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त सश्रम जेल की सजा काटनी होगी। अब जानिए पूरा मामला अभियोजन के अनुसार, यह घटना 5 मई 2025 की दोपहर करीब एक बजे की है। रिसाली तालाब पार क्षेत्र निवासी मोहन ताम्रकार अक्सर आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर गाली-गलौज करने से मना करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना वाले दिन भी आरोपी शराब के नशे में तालाब किनारे बैठकर जोर-जोर से गालियां दे रहा था। जब मोहन ताम्रकार ने उसे फिर से टोका, तो आरोपी भड़क गया। आरोपी ने मोहन से कहा, तुम मुझे रोज रोकने वाले कौन होते हो, आज तुम्हें खत्म कर दूंगा। इसके बाद उसने शराब की टूटी हुई कांच की बोतल उठाई और मोहन ताम्रकार के सीने में जोरदार वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोहन ताम्रकार जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी अजय कुमार साहू ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को विनायक अस्पताल रिसाली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलते ही नेवई पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, सादी मिट्टी और अन्य सबूत जब्त किए। शव परीक्षण में भी सीने पर घातक चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, जब्ती से जुड़े कागजात और अन्य सबूतों से अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत साबित हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष ने मांगी थी नरमी आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह उसका पहला अपराध है और वह आदतन अपराधी नहीं है। इसलिए उसे न्यूनतम दंड दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामला “विरल से विरलतम” श्रेणी का नहीं है, इसलिए मृत्युदंड जैसी सजा उचित नहीं होगी। कोर्ट ने मृत्युदंड से किया इनकार सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि मृत्युदंड सिर्फ बहुत ही दुर्लभ और सबसे जघन्य मामलों में ही दिया जाता है। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य गंभीर और निंदनीय है, लेकिन यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में नहीं आता। अदालत ने यह भी कहा कि सजा तय करते समय सिर्फ आरोपी की उम्र या उसकी पारिवारिक स्थिति नहीं देखी जाती, बल्कि अपराध की गंभीरता और उसका समाज पर क्या असर पड़ेगा, यह भी देखा जाता है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया कि अपराध के हिसाब से उचित और संतुलित सजा देना जरूरी है। उम्रकैद की सजा सुनाई सभी सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर उर्फ पटवारी डोमेन्द्र को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी माना। इसके बाद न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
लखनऊ में गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन ने छबील और प्रसाद वितरित किया
लखनऊ में सिखों के पंचम गुरु श्री अर्जन देव का शहीदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 'सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन' ने कानपुर रोड स्थित विजय नगर में छबील (मीठा शीतल जल) और प्रसाद वितरण सेवा का आयोजन किया। इस सेवा का लाभ बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उठाया। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और क्षेत्रीय पार्षद सौरभ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए गुरु अर्जन देव के त्याग, मानव सेवा और समर्पण के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। सिख इतिहास में उनके योगदान के बारे में बताया इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरु अर्जन देव के जीवन, उनके बलिदान और सिख इतिहास में उनके योगदान के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि सत्य, सहिष्णुता और धर्म की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संस्था गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप मानव सेवा और समाजहित के कार्यों को भविष्य में भी जारी रखेगी। सेवा कार्यक्रम में 'सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन' के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह डी.पी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखविंदर पाल सिंह, उपाध्यक्ष रणवीर सिंह कालसी और लखनऊ अध्यक्ष कुलवीर सिंह सोढ़ी सहित कई पदाधिकारी, सदस्य और सेवादार उपस्थित थे।
लखनऊ में गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:गुरुद्वारा सचखंड साहिब में विशेष दीवान
राजधानी लखनऊ में गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा सचखंड साहिब, गोमती नगर में श्रद्धा और भक्ति के साथ विशेष दीवान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ हुई। इसके बाद संगत ने सुखमनी साहिब का पाठ किया, जबकि बच्चों ने भी श्रद्धापूर्वक सुखमनी साहिब का पाठ कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान गुरबाणी शब्द कीर्तन का आयोजन हुआ। भूपेंद्र कौर, भगवनत कौर और ज्योति कौर ने मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ दिया। बड़ी संख्या में संगत ने कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु घर की हाजिरी लगाई। दीवान की समाप्ति के बाद गुरु का लंगर और छबील सेवा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से लंगर ग्रहण किया और छबील वितरण में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर ग्रंथी गुरप्रीत सिंह ने गुरु अर्जन देव के जीवन, बलिदान और मानवता के लिए उनके संदेश के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस हमें सेवा, त्याग, सत्य और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मंदसौर की पिपलियामंडी पुलिस ने गुरुवार शाम नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 400 ग्राम एमडी ड्रग, 10.5 किलो डोडाचूरा और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। इसके बाद फटाका मार्केट से काचरिया रोड पर घेराबंदी की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान महफुज पिता शफी मोहम्मद पिंजारा (19), निवासी खजुरी रूंडा थाना गरोठ और वसीम पिता खाजु मंसूरी (20), निवासी सगोरिया थाना शामगढ़ के रूप में बताई। 8 लाख की एमडी ड्रग बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 400 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इसके अलावा 10.5 किलोग्राम डोडाचूरा भी जब्त किया गया। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा एसपी-125 मोटरसाइकिल (MP14ZK0628) भी जब्त कर ली गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पिपलियामंडी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 और 22 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। मामले की जांच जारी है।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में एक घर के बाहर पेट्रोल बम फेंकने का मामला सामने आया है। घटना को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। घर के बाहर फेंका पेट्रोल बम जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है। बम्होरी निवासी केशव बिल्थरे और मनोज बिल्थरे के घर के सामने बाइक सवार 3 से 4 युवक पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कुछ युवक बाइक से आते और कुछ ही सेकंड में पेट्रोल बम फेंककर भागते दिखाई दे रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी है, लेकिन अब तक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार ने घटना के बाद बम्होरी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद जांच की रफ्तार धीमी है। उनका कहना है कि पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में डर का माहौल है। कई परिवार रात के समय खुद निगरानी करने को मजबूर हैं। पुलिस बोली- जल्द होगी गिरफ्तारी एडिशनल एसपी आदित्य पतले ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। बकस्वाहा पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
देवरिया में जिला पंचायत सदस्य से लाठी-डंडों से मारपीट:चार के खिलाफ केस दर्ज, जान से मारने की धमकी दी
देवरिया जिले में बरहज पूर्वी क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य सुमन भारती ने मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। इस मामले में बरहज थाने में दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गुरुवार शाम को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भीखमपुरा गांव निवासी सुमन भारती ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्हें मायके से बुलाया गया था। आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य सविता यादव के पति मनोज यादव, सविता यादव और दो अन्य लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उनके साथ मारपीट की। सुमन भारती के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। मारपीट के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना के बाद उन्होंने बरहज थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बरहज पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष विशाल उपाध्याय ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जबकि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
बदायूं में बरेली-मथुरा हाईवे पर करुआ पुल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में छह महिलाओं की मौत के बाद गुरुवार को पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। विधायक हरीश शाक्य ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से प्रत्येक मृतक महिला के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस हादसे में जान गंवाने वाली छह महिलाओं के परिजनों को कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई गई। विधायक ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विधायक ने मृतका राजकुमारी के पति डाल सिंह को उनकी पत्नी और बेटी नारायण देवी की मौत पर दो-दो लाख रुपये के चेक दिए। नारायण देवी की सहायता राशि का चेक उनके पति जितेंद्र उर्फ इंस्पेक्टर को सौंपा जाएगा। इसी प्रकार, मृतका सरला और आरती के पतियों, प्रेमा देवी के बेटे गंगाधर और रेवती के बेटे रामवीर को भी दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। सहायता राशि मिलने के दौरान पीड़ित परिवारों की आंखें नम थीं। इस अवसर पर तहसीलदार दीपक कुमार, लेखपाल सुरजीत, मुदित उपाध्याय सहित चेयरमैन जगदीश सिंह लोनिया, मंडल अध्यक्ष मोहित सिंह तोमर और अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
करीब डेढ़ साल से कानूनी विवाद में उलझी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2025 को जारी अपना अंतरिम स्थगन आदेश समाप्त करते हुए आयोग को मुख्य परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी है। हालांकि आरक्षण, मेरिट और माइग्रेशन से जुड़े संवैधानिक मुद्दों पर सुनवाई जारी रहेगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष गुरुवार को यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। देर शाम तक प्रकरण नहीं आने पर याचिकाकर्ताओं की ओर से ही अदालत से अनुरोध किया गया कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटा दी जाए और शेष कानूनी प्रश्नों पर अलग से सुनवाई की जाए। याचिकाओं में प्रारंभिक परीक्षा के वर्गवार कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने, आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को अनारक्षित पदों पर समायोजित नहीं करने तथा आयु सीमा में छूट लेने वाले अभ्यर्थियों के अनारक्षित वर्ग में माइग्रेशन संबंधी नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। इन्हीं मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2025 को मुख्य परीक्षा के आयोजन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। गुरुवार को याचिकाकर्ताओं के आग्रह को स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने अपना स्थगन आदेश समाप्त कर दिया और एमपीपीएससी को मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी। हालांकि याचिकाओं में उठाए गए आरक्षण, मेरिट और माइग्रेशन से जुड़े मूल कानूनी प्रश्न अभी भी विचाराधीन हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को होगी। विवाद के प्रमुख बिंदू 7 साल से देरी झेल रहे अभ्यर्थी राज्य सेवा 2021 राज्य सेवा 2022 एमपीपीएससी 2025 मामले की टाइमलाइन* ये खबर भी पढ़ें… MPPSC SET पेपर में गड़बड़ी...टिक लगे प्रश्न पत्र बांटे MPPSC स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) 2025 के दौरान परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। भोपाल के कमला नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल सेंटर पर 300 में से करीब 150 अभ्यर्थियों को पहले से टिक मार्क लगे आंसर शीट बांटे गए। कैंडिडेट्स का आरोप है कि कॉपी में रफ वर्क भी किया गया था।पूरी खबर पढ़ें
नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख की ठगी:बस्ती के साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज, पुलिस ने की जांच शुरू
बस्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना बस्ती में 17 जून को मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना 20 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भरतपुर निवासी नंदलाल पुत्र रामदेव ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके साथियों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे विभिन्न माध्यमों से कुल छह लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। रकम लेने के बाद न तो नौकरी मिली और न ही पैसा वापस किया गया। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना बस्ती में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के निवासी गार्नीपूड़ी सतीश पुत्र गार्नीपूड़ी थमैया नायडू को नामजद किया गया है। उसका वर्तमान पता बोवेनपल्ली, सिकंदराबाद (तेलंगाना) बताया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत ने बताया कि मामले की गहन विवेचना की जा रही है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच में मां और उसकी तीन मासूम बेटियों की हत्या के आरोपी बालकराम को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीशचंद्र शुक्ल ने बताया कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के पकड़िया दीवान ग्राम निवासी आरोपी बालकराम ने वर्ष 2018 में अपने भाई संतोष की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद बालकराम अपने मृत भाई की पत्नी सुमन के साथ शादी का झांसा देकर रहने लगा। उसका मुख्य उद्देश्य सुमन पर संतोष की हत्या का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाना था। इस दौरान सुमन की दो और बेटियां हुईं, लेकिन उसने पति की हत्या का मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया। सुमन के इनकार करने पर आरोपी बालकराम ने अपने साथी अनिरुद्ध की मदद से उसे फोन कर गांव के बाहर बुलाया। सुमन अपनी तीन बेटियों, 11 वर्षीय नंदिनी, छह वर्षीय अंशिका और तीन वर्षीय लाडो के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची। वहां से आरोपी बालकराम उन्हें घुमाने के बहाने लखीमपुर खीरी जनपद ले गया और सिसैया चौराहे के पास उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शवों को शारदा नदी में फेंक दिया था। इस मामले में मृतका की मां ने मोतीपुर थाने में बेटी सुमन और बच्चियों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान, लखीमपुर के थाना खमरिया इलाके की एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बालकराम को महिला और उसकी बेटियों के साथ देखा गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को आरोपी के अधिवक्ता की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उसे खारिज कर दिया।
शाजापुर में गुरुवार रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। यह हादसा ट्रैफिक पॉइंट के आगे स्थित डिपो के पास हुआ। गनीमत रही कि हादसे में कार सवार दोनों लोग बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। अंधेरा होने के कारण नहीं दिखा डिवाइडर कार चालक नईम खां ने बताया कि वे फाइनेंस का काम करते हैं और शाजापुर किसी काम से आए थे। शाम को वे वापस देवास लौट रहे थे। उनके मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर काफी अंधेरा था और वहां कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा था, जिससे सड़क के बीच बना डिवाइडर दिखाई नहीं दिया। वाहन की गति धीमी थी, लेकिन अचानक अगला पहिया डिवाइडर पर चढ़ने से कार अनियंत्रित होकर पलट गई। स्थानीय लोगों ने सीधी की कार, यातायात बहाल हादसे के बाद सड़क पर करीब 10 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही और यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की मदद से पलटी हुई कार को सीधा कराया और उसे सड़क किनारे खड़ा करवाया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा सामान्य हो सका। जगह-जगह अतिक्रमण से बढ़ रहा है हादसों का खतरा स्थानीय निवासी रोहित ने बताया कि डिपो के पास सड़क किनारे अतिक्रमण काफी बढ़ गया है। फल और सब्जी विक्रेताओं द्वारा ठेले लगाने और वहां आने वाले खरीदारों द्वारा बेतरतीब वाहन खड़े करने से सड़क संकरी हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस डार्क स्पॉट और अतिक्रमण की वजह से यहां पहले भी कई हादसे हो चुकी हैं।
फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के करनपुरदत्त मार्ग पर गुरुवार की देर शाम ई-रिक्शा को बचाने में एक ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे ट्रैक्टर ट्राली पर सवार नौ लोग घायल हो गए सभी को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया यहां से एक घायल को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। ग्राम जटपुरा निवासी दिनेश की बेटी रुचि की कल बारात आनी है। ऐसे में परिवार के लोग ट्रैक्टर ट्राली लेकर अमृतपुर शाम के समय टेंट का सामान लेने आए थे। यह लुक टेंट का सामान लेकर वापस गांव जा रहे थे। कुछ लोग ट्रॉली पर सवार थे तो कुछ लोग ट्रैक्टर पर बैठे हुए थे। बताया गया कि सामने से आ रही ई रिक्शा को बचाने को लेकर ट्रैक्टर ट्राली साइड से की ऐसे में पलट गई। ट्रॉली पलटते ही उसमें सवार युवक नीचे दब गए और कई लोग सड़क पर जा गिरे। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण तत्काल राहत कार्य में जुट गए और घायलों को ट्रॉली के नीचे तथा आसपास से बाहर निकाला गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही थाना अमृतपुर पुलिस और क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्य उपाध्याय मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए पांच 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं। स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस, पुलिस वाहनों तथा निजी गाड़ियों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर पहुंचाया गया। हालांकि चार घायल सीरियल लोहिया अस्पताल चली जाए जबकि पांच घायल राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होकर लोहिया अस्पताल आए। यहां से घायल अंकित को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। जबकि अन्य घायलों का उपचार यहां जा रही है। ट्रैक्टर ट्राली पलटने में 20 वर्षीय प्रेम सिंह 18 वर्ष सुधांशु 35 वर्षीय पुष्पेंद्र 22 वर्षीय अंकित 18 वर्षीय सनी कुमार 17 वर्षीय प्रांशु 21 वर्षीय गौरव 19 वर्षीय अजय और 20 वर्षीय आदित्य घायल हुए। प्रेम सुधांशु पुष्पेंद्र और अंकित को निजी वाहन से सीधा लोहिया अस्पताल लाया गया था जबकि अन्य पांच घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से रेफर होकर लोहिया अस्पताल आए थे। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार हादसे की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली इसके बाद दो ही अस्पताल पहुंचे यहां घायलों से जानकारी ली। घायल ने बताया सामने से ई रिक्शा आ रहा था उसको बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर ट्राली पलट गई। बताया ट्रैक्टर अमित चल रहा था ट्रैक्टर ट्राली पलटते ही वह कूद गया। जिससे उसके चोट नहीं आई है। कल बारात आनी है ऐसे में घर में हलवाई भी लगा हुआ था। बारात को लेकर तैयारियां भी चल रही थी। जैसे ही वहां हादसे की सूचना पहुंची परिवार व रिश्तेदार घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। बाद में यह लोग लोहिया अस्पताल पहुंचे। वही कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी सहित अमृतपुर थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी भी लोहिया अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया अमृतपुर में ट्रैक्टर ट्राली पलटने से नौ लोग घायल हुए थे। सभी लोग यहां आए हैं। एक घायल को गंभीर हालत में रेफर किया गया है। अन्य का उपचार जारी है। सभी की हालत ठीक है। नरवीर ने बताया कल भतीजी रुचि की बारात आ रही है। ऐसे में परिवार व रिश्तेदार लोग ट्रैक्टर ट्राली से टेंट का सामान लेने गए हुए थे। वहां से वापस आते समय ट्रैक्टर ट्राली पलट गई उसी में यह लोग घायल हुए हैं।
यूपी बोर्ड ने 9वीं, 11वीं के पंजीकरण शुरू किए:शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कार्यक्रम जारी
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 और 11 के छात्रों के अग्रिम पंजीकरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। परिषद ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालयों से समयसीमा का कड़ाई से पालन करने तथा सभी शैक्षिक विवरण सही दर्ज कराने की अपील की है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कक्षा 9 और 11 में प्रवेश की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। हाईस्कूल कंपार्टमेंट परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों के लिए कक्षा 11 में प्रवेश की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 तय की गई है। प्रधानाचार्य 25 अगस्त तक प्रति छात्र 40 रुपये पंजीकरण शुल्क कोषागार में जमा कराएंगे। इसके बाद वे विद्यार्थियों का विवरण परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। अपलोड किए गए विवरणों का मिलान 26 अगस्त से 5 सितंबर तक किया जाएगा। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो 6 से 20 सितंबर तक संशोधन का अवसर मिलेगा। इस अवधि में नए विद्यार्थियों का विवरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। पंजीकृत छात्रों की अंतिम नामावली 30 सितंबर तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करनी होगी। परिषद ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, विषय, फोटो और अन्य सभी विवरण प्रमाणपत्रों के अनुरूप सही होने अनिवार्य हैं। कक्षाध्यापक और प्रधानाचार्य अभिलेखों से मिलान करने के बाद ही विवरण वेबसाइट पर अपलोड करें। किसी भी त्रुटि या विसंगति की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय की होगी। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के सभी शैक्षिक विवरण पहले ही जांच लें, ताकि भविष्य में प्रमाणपत्रों में संशोधन की आवश्यकता न पड़े।
संतकबीरनगर में एक युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। घटना बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी गांव का है। जानकारी के अनुसार, मृतक युवक हिंदू समुदाय से संबंधित बताया जा रहा है। वहीं हत्या का आरोप एक मुस्लिम युवक पर लगाया जा रहा है। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला लड़की से जुड़े विवाद से संबंधित प्रतीत हो रहा है। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। खबर अपडेट की जा रही है….
राजगढ़ के खिलचीपुर में गुरुवार को एनएच-52 पर ओकरनाथ मंदिर के पास कंटेनर और ट्रेलर की जोरदार भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि सामने अचानक आई मारुति कार को बचाने के प्रयास में यह हादसा हुआ। हादसे के बाद दोनों वाहन सड़क पर आड़े हो गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। कार बचाने में हुआ हादसा जानकारी के अनुसार कंटेनर (क्रमांक HR 55 AP 1498) दिल्ली से मारुति ऑटो पार्ट्स लेकर नागपुर जा रहा था। कंटेनर चालक हेमराज भील झालावाड़ की ओर से राजगढ़ की तरफ आ रहा था। इसी दौरान ओकरनाथ मंदिर के पास अचानक सामने मारुति कार आ गई। कार को बचाने के प्रयास में कंटेनर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गया। ट्रेलर भी हुआ क्षतिग्रस्त ट्रेलर (क्रमांक RJ 21 GD 7529) भोपाल से कोयला लेकर राजस्थान के ब्यावर जा रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर ही आड़े हो गए। हादसे में एक चालक के सिर में हल्की चोट आई, जबकि दोनों वाहन चालक गंभीर हादसे से बाल-बाल बच गए। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। वाहनों को सड़क से हटाकर आवागमन फिर से सामान्य कराया गया।
नौशाद हत्याकांड: 4 भाइयों को उम्रकैद की सजा:बिजनौर में 2017 की मामूली कहासुनी के बाद हुई थी हत्या
बिजनौर में किरतपुर क्षेत्र के बुध बाजार में नौ साल पहले मामूली कहासुनी के बाद नौशाद की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में अपर जिला जज प्रथम प्रशांत मित्तल की अदालत ने चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) जितेंद्र पाल राजपूत ने बताया कि यह घटना 18 अक्टूबर 2017 को किरतपुर थाना क्षेत्र के भनेड़ा में हुई थी। भनेड़ा निवासी बाबू पुत्र कल्लू ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बाबू की चचेरी बहन समरीन के रिश्ते की बात सोनू पुत्र मकसूद से चल रही थी। रिश्ते की बातचीत के दौरान बाबू के चाचा जहूर और मकसूद के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद मकसूद के बेटे सोनू उर्फ रिजवान, इमरान, हिफजान, जावेद और इरफान चाकू-छुरे लेकर मौके पर पहुंच गए। वादी का पुत्र नौशाद बीच-बचाव करने गया, तभी मकसूद और उसके पांचों बेटों ने नौशाद पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में नौशाद गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोग उसे तुरंत सरकारी अस्पताल किरतपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने छह आरोपियों को नामजद करते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और सोनू उर्फ रिजवान की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। सभी आरोपियों को जेल भेजकर छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गंभीर धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी मकसूद की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य आरोपी जावेद को नाबालिग मानते हुए उसका मामला किशोर बोर्ड न्यायालय में भेजा गया। गुरुवार को समस्त कार्रवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सोनू उर्फ रिजवान, इमरान, हिफजान और इरफान नामक चारों सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग के 7 IFS अफसरों का ट्रांसफर किया है। यह सभी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अधिकारी हैं। रायपुर से लेकर बस्तर तक के अधिकारियों को नई जगहों पर पोस्टिंग मिली है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी किया है।
आगरा में खेत की मेड़ विवाद में फायरिंग, VIDEO:लाठी-डंडे चलने से दो घायल, 6 के खिलाफ केस दर्ज
आगरा के खांडा गांव में खेत की मेड़ काटने को लेकर हुए विवाद में फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति तमंचा लहराते हुए गोली चलाता दिख रहा है। यह घटना बुधवार दोपहर की है। विवाद राम लखन और सत्यवीर नामक दो पक्षों के बीच खेत की मेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ। शुरुआती कहासुनी जल्द ही लाठी-डंडों से हुई झड़प में बदल गई। इसी दौरान, एक पक्ष के व्यक्ति ने तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी। इस झगड़े में राम लखन के भाई मुन्नेश का भाई घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के लिए एत्मादपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घायल का उपचार जारी है। घटना से जुड़ा एक 17 सेकंड का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक युवक तमंचा लहराते हुए दिख रहा है, जबकि अन्य लोग लाठी-डंडे लिए गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। पीड़ित राम लखन की शिकायत पर थाना बरहन पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। राम लखन की तहरीर के आधार पर सत्यवीर, बनवारी पुत्र मुरारी, रवि, धर्मेंद्र, सर्वेंद्र पुत्र बनवारी और मुन्ना पुत्र सत्यवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रतिवादी पक्ष के राम नारायण के सिर में भी चोट आई है। थाना बरहन के प्रभारी गुरबीर सिंह ने बताया- मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तमंचा लहराने वाले युवक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने दोनों पक्षों को मजरूम चिट्ठी दी है और हवाई फायरिंग की पुष्टि की गई है।
मथुरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोसीकलां क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने बिना लाइसेंस संचालित एक डेयरी पर छापा मारकर 600 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया और बायलर सील कर दिया। साथ ही विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर नगला उटावर स्थित उमर की डेयरी पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डेयरी बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। रिफाइंड ऑयल, दूध और पनीर के लिए नमूने कार्रवाई के दौरान टीम ने रिफाइंड पॉमोलिन ऑयल, मिश्रित दूध और पीली चना दाल का एक-एक नमूना संग्रहित किया। इसके अलावा पनीर के दो नमूने भी लेकर परीक्षण के लिए सुरक्षित किए गए। अस्वास्थ्यकर हालात में मिला 600 किलो पनीर निरीक्षण में डेयरी परिसर में लगभग 600 किलोग्राम पनीर अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में भंडारित पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को संभावित खतरा देखते हुए विभाग ने पूरे पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया। डेयरी का बायलर भी किया सील खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई के दौरान डेयरी में उपयोग किए जा रहे बायलर को भी सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय टीम ने गोपाल बाग स्थित रामवीर प्रधान की डेयरी का भी निरीक्षण किया। यहां से पनीर का एक नमूना लेकर परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई सहायक खाद्य आयुक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मिलावटी और मानकविहीन खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विधि राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी:अहमदाबाद में होगी प्रतियोगिता
उदयपुर की प्रतिभावान तैराक विधि सनाढ्य आगामी सीनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में राजस्थान की टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। जिला खेल अधिकारी डॉ महेश पालीवाल ने बताया कि विधि सनाढ्य अहमदाबाद में जून के अंत में आयोजित होने वाली सीनियर तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेगी। विधि का चयन उनके हालिया उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। विधि ने हाल ही में जयपुर में आयोजित सीनियर तैराकी प्रतियोगिता के 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक इवेंट में नया राजस्थान रिकॉर्ड कायम किया था। इसी प्रदर्शन की बदौलत विधि ने राज्य टीम में जगह बनाई है। विधि वर्तमान में राजस्थान सरकार की पंच गौरव योजना के तहत महाराणा प्रताप खेलगांव में तैराकी की ट्रेनिंग ले रही हैं।
संभल में युवक ने गंगा में छलांग लगाई:राजघाट पुल से कूदा, NDRF और गोताखोरों को सुराग नहीं मिला
संभल में एक मानसिक रूप से बीमार युवक ने राजघाट गंगा पुल से छलांग लगा दी। स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन गंगा में तेज बहाव के कारण युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। यह घटना गुरुवार शाम करीब 05:30 बजे जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना बबराला क्षेत्र के राजघाट गंगा पुल पर हुई। छलांग लगाने वाले 20 वर्षीय युवक की पहचान अरविंद पुत्र दुबे के रूप में हुई है, जो धनारी थाना क्षेत्र के भकरौली गांव का निवासी है। अरविंद अपने भाई अमित के साथ राजघाट गंगा आया था। भाई अमित ने बताया कि अरविंद गंगा में स्नान करने के लिए कह रहा था। जब अमित कुछ खाने के लिए रुका, तो अरविंद पुल की ओर चला गया और अचानक गंगा में कूद गया। अमित ने उसे रोकने का प्रयास किया था। घटना की जानकारी मिलते ही थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम ने लगभग तीन घंटे तक बचाव अभियान चलाया, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका। गंगा में पानी का तेज बहाव होने के कारण युवक के बहकर दूर जाने की आशंका है, जिसे देखते हुए जगह-जगह जाल लगाए गए हैं। अंधेरा अधिक होने के कारण रात 08:30 बजे बचाव अभियान रोक दिया गया, जिसे अब शुक्रवार सुबह 5 बजे से फिर शुरू किया जाएगा। युवक के लापता होने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। थाना प्रभारी नितेश सहरावत ने बताया कि युवक के पुल से गंगा नदी में कूदने की सूचना मिली थी, जिसके बाद बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि युवक काफी समय से मानसिक रूप से बीमार चल रहा था।
कन्नौज में ऑटो पलटा, महिला की मौत:औरैया के बेला से तिर्वा आ रही थी, तेज रफ्तार के कारण हादसा
कन्नौज जिले के उमर्दा कस्बे के पास एक ऑटो पलटने से उसमें सवार एक महिला की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ठठिया थाना क्षेत्र के भगवंतपुर गांव निवासी 45 वर्षीय प्रेमा देवी पत्नी नरेश सिंह की इस हादसे में मृत्यु हो गई। प्रेमा देवी कुछ दिन पहले अपनी बेटी के ससुराल आगरा गई थीं। गुरुवार शाम वह औरैया जिले के बेला कस्बे से ऑटो में सवार होकर तिर्वा की ओर आ रही थीं। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के उमर्दा कस्बे के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार के कारण ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में प्रेमा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस की सहायता से उन्हें तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इंदरगढ़ थानाध्यक्ष नीलम सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा। तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश के मुरैना में रोटी बनाने से इनकार करने पर एक राजमिस्त्री ने मजदूर की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात बुधवार शाम की है। घायल मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला था। गुरुवार को युवक का शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोपी राजमिस्त्री के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। देखिए तीन तस्वीरें… पढ़िए पूरी खबर… मृतक मंजीत (20) थाना क्षेत्र के इटावा जिले के ग्राम करवा खुर्द का रहने वाला था। उसे करीब एक महीने पहले गांव का ही एक राजमिस्त्री मजदूरी कराने के बहाने अपने साथ मध्य प्रदेश के मुरैना लेकर आया था। बुधवार शाम को काम खत्म होने के बाद राजमिस्त्री ने मंजीत से खाना और रोटी बनाने को कहा। मंजीत ने जब रोटी बनाने से मना कर दिया, तो राजमिस्त्री आगबबूला हो गया और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सिर पर लोहे की पाइप से मारा विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर राजमिस्त्री ने पास ही पड़ा लोहे का भारी पाइप उठा लिया। उसने मंजीत के सिर पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए। मंजीत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में घायल मंजीत को मुरैना के एक अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन चोट इतनी गहरी थी कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव पहुंचा युवक का शव मंजीत की मौत की खबर मिलते ही उसके भाई रंजीत कुमार और मामा जगत सिंह तुरंत मुरैना पहुंचे और पुलिस से मामले की जानकारी ली। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम जब मंजीत का शव उसके पैतृक गांव करवा खुर्द पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। मंजीत की मौत से उसके भाई मंजू, मंगल, रंजीत समेत मां केशवन और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोपी राजमिस्त्री के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद गुरुवार को परिजनों को सौंपकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोरबा के नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक 01 सोमवारी बाजार प्रेमनगर में पिछले डेढ़ महीने से अघोषित बिजली कटौती और हाफ लाइन की समस्या से वार्डवासी परेशान हैं। इस समस्या को लेकर वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीपका बिजली ऑफिस पहुंचकर कनिष्ठ अभियंता, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को ज्ञापन सौंपा। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार कर सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो समस्त वार्डवासी बिजली कार्यालय की तालाबंदी और उग्र घेराव करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वार्ड-1 के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है और जनता को हर मूलभूत समस्या के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद दीपका बिजली विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पार्षद ने आगे कहा कि राज्य सरकार हर साल विद्युत मंडल को व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपए का ठेका देती है, लेकिन ठेकेदारों के गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही के कारण आमजन प्रताड़ित हो रहे हैं। एक ओर बिजली नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर मनमाने बिल भेजकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने एक हफ्ते में सुधार न होने पर 'ऐतिहासिक घेराव' की बात दोहराई। प्रदर्शन में शामिल श्यामबाई, चवनबाई पटेल, सरस्वती कैवर्त्य, आशा सिंह, रोमा बाई, चमेली पटेल, लता उरांव, सीमा श्रीवास्तव, बीना चौहान और संजू सिंह सहित अन्य महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई। सौंपे गए ज्ञापन में वार्डवासियों ने लिखित अल्टीमेटम दिया है कि 7 दिन के भीतर हाफ लाइन की समस्या दूर कर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने गुरुवार को सीए फाइनल मई-2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में पाली के भी कई स्टूडेंट ने CA एग्जाम पास किया। ऐसे में उनके परिजनों ने मुंह मीठा करवाकर उन्हें बधाई दी। पाली शहर के वीडी नगर में रहने वाली साक्षी भंसाली, सेंचुरी गार्डन रोड रहने वाले अर्जुनसिंह चौहान, महावीर नगर रहने वाले दिव्यम मेहता, पाली जिले के नाडोल रहने वाली मीनू कुमावत और रानी में रहने वाले मुकेश सुथार ने सीए एग्जाम पास किया। इसकी जानकारी मिलने पर परिजनों ने उनका मुंह मीठाकरवा कर बधाई दी। सभी का कहना है कि वे रोजाना सात से 10 घंटे पढ़ाई करते थे। सोशल मीडिया से कुछ दूरी बनाकर रखते थे ताकि पढ़ाई पर फोक्स कर सके।
शामली में थाना भवन ब्लॉक क्षेत्र के गांव बाबरी के मजरा रघुनाथपुर में एक चार वर्षीय बच्चे की रोटावेटर की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना बाग की जुताई के दौरान हुई। मृतक बच्चे का नाम कृष था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार गांव रघुनाथपुर निवासी बाबूराम अपने बाग में ट्रैक्टर और रोटावेटर से जुताई कर रहे थे। उनके साथ उनके दो पोते, पांच वर्षीय नितिन और चार वर्षीय कृष (पुत्र सत्येंद्र उर्फ काला), भी ट्रैक्टर पर बैठे थे। जुताई के दौरान रोटावेटर में एक तार फंस गया, जिसके बाद बाबूराम ने ट्रैक्टर बंद कर दिया और तार निकालने के लिए नीचे उतर गए। इसी दौरान, ट्रैक्टर पर बैठे बड़े पोते नितिन ने खेल-खेल में चाबी घुमा दी, जिससे ट्रैक्टर अचानक स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम में चार वर्षीय कृष ट्रैक्टर से नीचे गिर गया और पीछे चल रहे रोटावेटर की चपेट में आ गया। कृष की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे के समय रोटावेटर के पास मौजूद बाबूराम बाल-बाल बच गए। उन्होंने तुरंत बच्चों को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक कृष की मृत्यु हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कृष की मौत से परिवार में गहरा दुख छा गया। परिजनों ने बताया कि कृष परिवार का सबसे छोटा बच्चा था। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार सदमे में है। दोपहर में कृष का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने इस घटना को दुखद बताते हुए खेतों में काम करते समय बच्चों को कृषि यंत्रों से दूर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रयागराज में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपे जाने के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर जुटकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों तथा उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को विधायी और नीतिगत संरक्षण दिए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि इन शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय के नियमों और पात्रताओं के अनुसार पूरी तरह वैध थीं, इसलिए बाद में लागू किए गए मानकों को पूर्व प्रभाव से उन पर लागू करना न्यायसंगत नहीं है। जिलाध्यक्ष कामतानाथ ने कहा कि वर्षों से शिक्षा सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता और योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर दिया कि नियुक्ति के समय लागू नियमों के आधार पर चयनित शिक्षकों पर बाद में निर्धारित पात्रता मानदंड लागू करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। जिला महामंत्री राम आसरे सिंह ने बताया कि इस मुद्दे से देशभर के लाखों शिक्षक और उनके परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों का मनोबल दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार और संसद से इस मामले में आवश्यक विधायी या नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की। महासंघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि यह ज्ञापन कार्यक्रम देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ आयोजित किया गया। जिला संगठन मंत्री जाह्नवी जोशी ने बताया कि अगले चरण में संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर विशेष प्रावधान या विधायी संशोधन की मांग की जाएगी। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में मणिशंकर द्विवेदी, योगेंद्र प्रसाद मिश्रा, मिथिलेश यादव, कुसुम मिश्रा, रविकांत, आदित्य मौर्य, अरुण शुक्ला, मोहम्मद इमरान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और महासंघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सहारनपुर में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार शाम मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों को सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा हेलमेट, सीट बेल्ट, शराब पीकर वाहन चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी और तेज रफ्तार के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने और वाहनों से स्टंट करने वालों के खिलाफ केवल चालान ही नहीं, बल्कि वाहनों को बंद करने जैसी प्रभावी कार्रवाई भी की जाए। बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस पर कार्रवाई डॉ. रूपेश कुमार ने कहा कि यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का डेटा परिवहन विभाग को उपलब्ध कराया जाए। इससे उनके ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और अन्य दस्तावेजों के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकेगी। सड़क दुर्घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले चालकों के खिलाफ भी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तैनात हों एंबुलेंस बैठक में स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और अन्य आवश्यक स्थानों पर एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही 108 और 112 एंबुलेंस सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वर्षा से पहले बंद होंगे अवैध कट मंडलायुक्त ने सड़क निर्माण एजेंसियों को वर्षा ऋतु से पहले सभी मार्गों पर बने अवैध कटों को बंद कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत, सुधारात्मक कार्य और आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाने को भी कहा गया। हरिद्वार-मुजफ्फरनगर मार्ग पर अवैध कटों के संबंध में एनएचएआई को निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए कार्यशालाएं आयोजित कराने तथा चित्रकला, रंगोली और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद बैठक में डॉ. रूपेश कुमार के अलावा शिपू गिरि, यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई और ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
दौसा जिले के बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र के पातरखेड़ा गांव के जंगल में गुरुवार शाम को एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। घटनाक्रम का पता चलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए। पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। डिप्टी एसपी मौके पर पहुंचे मामले की गंभीरता को देखते हुए बांदीकुई डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर निर्देश दिए। मृतक युवक की उम्र करीब 35 साल है, जिसने ब्लू जींस और व्हाइट चैक शर्ट पहनी हुई है। शव को उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ कर मृतक की पहचान करने तथा मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
रायपुर में ज्ञानभारतम् मिशन के तहत चलाए जा रहे विरासत संरक्षण अभियान के दौरान ओड़िया भाषा की 120 साल पुरानी 11 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं। ये पांडुलिपियां रायपुर निवासी कमल वैद्य के पास सुरक्षित रखी गई थीं। अब इन्हें संरक्षित करने और रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिले में पुरानी पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को खोजकर सुरक्षित रखने का काम किया जा रहा है। इस अभियान के तहत मिली सामग्री को ज्ञानभारतम् पोर्टल पर भी दर्ज किया जा रहा है। पुरानी पांडुलिपियां को सुरक्षित रखने की कोशिश कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कमल वैद्य के कार्यालय पहुंचकर पांडुलिपियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पांडुलिपियां और ताम्रपत्र हमारी संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस योगदान के लिए उन्होंने कमल वैद्य को शॉल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान हमारी प्राचीन ज्ञान-संपदा को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर नगर निगम उपायुक्त अंजलि शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से वीरवार को घोषित किए गए सीए फाइनल (CA Final) के नतीजों में लुधियाना के होनहारों ने अपनी कामयाबी का डंका बजाया है। मई महीने में आयोजित की गई इस बेहद कठिन परीक्षा में लुधियाना जिले से कुल 338 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 79 विद्यार्थियों ने सीए फाइनल को क्लियर कर इतिहास रच दिया है। लुधियाना शाखा के चेयरमैन सीए विकास गोयल ने परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शहर की मानवी ने 600 में से 415 अंक हासिल कर लुधियाना में पहला स्थान (सिटी टॉपर) और ऑल इंडिया में 38वां रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं, तनवीर कौर ने 409 अंकों के साथ शहर में दूसरा और ऑल इंडिया 44वां रैंक पाया है। रिंकू कुमार ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 408 अंकों के साथ ऑल इंडिया 45वां रैंक हासिल किया है। सफलता की दास्तान: जानिए कैसे पूरा हुआ इन सितारों का सीए बनने का ख्वाब सिटी टॉपर मानवी: शौक-शौक में सोचा सीए कर के देखते हैं, 13 घंटे पढ़ाई कर पाई ऑल इंडिया 38वीं रैंक सिटी टॉपर मानवी की सफलता की कहानी बेहद दिलचस्प है। एक साधारण किराना दुकान चलाने वाले की बेटी मानवी ने कभी दबाव में आकर पढ़ाई नहीं की। पिता की करियाना (किराना) की दुकान है और मां हाउसवाइफ हैं। मानवी ने बताया कि कॉमर्स बैकग्राउंड होने के बावजूद उनका कोई तय प्लान नहीं था कि सीए ही करना है। उन्होंने बस शौक-शौक में सोचा कि चलो एक बार सीए की परीक्षा देकर देखते हैं। लेकिन जब तैयारी शुरू की, तो पूरे समर्पण के साथ रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ाई की। मानवी के मुताबिक, दूसरे पेपर में उन्हें थोड़ी दिक्कत जरूर आई थी और मन में डर भी था, लेकिन कड़ी मेहनत के दम पर वह पेपर भी बहुत अच्छा रहा और नतीजा आज सबके सामने है। तनवीर कौर (AIR 44): बुआ की बेटी की शादी और भाई का रोका छोड़ा, 30% तक ली AI की मददशहर में दूसरा और देश में 44वां रैंक हासिल करने वाली तनवीर कौर ने सीए बनने के लिए अपनी खुशियों और पारिवारिक समारोहों तक का त्याग कर दिया। तनवीर के पिता म्यूचुअल फंड का काम करते हैं और मां हाउसवाइफ हैं। तनवीर ने बताया कि उन्होंने कॉलेज में एडमिशन ले लिया था, लेकिन बीकॉम में मात्र एक महीना लगाने के बाद ही उन्होंने सीए करने का मन बनाया। जब उन्होंने अपने दिल की बात घर वालों को बताई, तो पूरे परिवार ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया। परीक्षा की तैयारी के दौरान तनवीर के घर में बुआ की शादी थी, लेकिन उन्होंने पढ़ाई के लिए शादी में न जाने का कड़ा फैसला लिया। इतना ही नहीं, पेपरों के दौरान सगे कजिन भाई का रोका (सगाई) था, वे वहां भी शामिल नहीं हुईं। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करने वाली तनवीर ने अपनी तैयारी में लगभग 30% मदद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से ली। रिंकू कुमार (AIR 45): फैक्ट्री सुपरवाइजर के बेटे ने रचा इतिहास, दोस्त के साथ 11वीं में जो कसम खाई थी, आज पूरी हुई। ऑल इंडिया 45वां रैंक हासिल करने वाले रिंकू कुमार की कामयाबी इस बात का सबूत है कि अगर पक्का इरादा हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। रिंकू के पिता एक फैक्ट्री में सुपरवाइजर हैं और मां घरेलू महिला हैं। सीमित आय के बावजूद परिवार ने रिंकू की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। रिंकू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दोस्त को भी दिया। उन्होंने बताया कि 11वीं कक्षा में दोनों दोस्तों ने एक साथ सीए बनने का फैसला किया था। दोनों ने साथ मिलकर रोजाना 12 से 13 घंटे कड़ी मेहनत की और आज दोनों ने एक साथ इस कठिन परीक्षा को पास कर अपनी दोस्ती का फर्ज निभाया है। रिंकू ने बताया कि अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए उन्होंने तकनीक का सहारा लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पढ़ाई में बहुत मदद ली।
एमसीबी जिले के कठौतिया में चोरी के शक में ग्रामीणों ने दंपती की बेदम पिटाई कर दी। मारपीट में घायल युवक को इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर पत्नी का बयान दर्ज किया। जानकारी के मुताबिक, मृतक राजकुमार मूलतः मध्य प्रदेश के सागर जिला अंतर्गत ग्राम पमखेड़ी का रहने वाला था। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिला अंतर्गत ग्राम कठौतिया स्थित ससुराल आया था। उसकी पत्नी परमिला अपने मायके में डेढ़ माह पहले शुगर से पीड़ित पिता को देखने के लिए आई थी। 14 जून की रात को करीब एक बजे उसका पति शराब पीने के बाद सागर वापस चलने के लिए कहा। दंपती निकले तो चोरी का आरोप लगा पिटाई परमिला ने बताया कि उसने पिता के बीमार होने का हवाला देकर कुछ दिन रूकने के लिए कहा तो उसका पति से विवाद हो गया। विवाद के बाद गुस्से में राजकुमार घर जा रहा हूं, कहते हुऐ अपने ससुराल घर से निकल गया। पति के निकलने के बाद परमिला उसे खोजते हुए निकली। रात करीब तीन बजे वह ग्राम बिछली तक पहुंच गई, यहां उसका पति सड़क के किनारे मिला। वह पति को वापस घर जाने के लिए मना रही थी। देर रात दोनों को देखकर ग्राम बिछली निवासी गजरूप सिंह सहित अन्य लोग वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने चोरी के शक में दंपती की बेदम पिटाई कर दी। मारपीट में राजकुमार को गंभीर चोटें आईं। वहीं महिला को चेहरे, पीठ, कुल्हे में चोटें आई थीं। महिला किसी तरह ग्रामीणों के चंगुल से निकलकर मायके पहुंची और घरवालों को घटना की जानकारी दी। इलाज के दौरान पति की मौत घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और राजकुमार और परमिला को हॉस्पिटल पहुंचाया। राजकुमार की स्थिति गंभीर देखते हुए मनेंद्रगढ़ से उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गुरुवार को राजकुमार की मौत हो गई। स्थानीय चौकी पुलिस ने मामले में घरवालों का बयान दर्ज किया। शव का पोस्टमॉर्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मणिपुर पुलिस ने बताया कि केस डायरी एमसीबी पुलिस को भेजी जा रही है। मामले में पूर्व में दर्ज अपराध में हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
मोबाइल टॉवर पर चढ़ युवक ने किया हंगामा:पैसे दिलाने की मांग; नीचे उतरते ही पुलिस को चकमा देकर फरार
प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के बेलगांव में बुधवार शाम एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। उसने गांव के लोगों से उधार लिए गए पैसे वापस दिलाने की मांग करते हुए करीब एक घंटे तक हंगामा किया। पुलिस के आश्वासन के बाद युवक नीचे उतरा, लेकिन तुरंत ही पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। 28 वर्षीय आकाश पटेल नामक युवक शाम करीब 7:30 बजे टॉवर पर चढ़ा था। उसने आरोप लगाया कि गांव के कई लोगों ने उससे उधार में पैसे लिए हैं, लेकिन वे उसे वापस नहीं कर रहे हैं। युवक ने प्रशासन से अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने युवक को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद युवक टॉवर से नीचे उतर आया। हालांकि, नीचे उतरते ही वह पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। सीओ कुंडा ने बताया कि यह मामला पैसे के लेनदेन से संबंधित है। युवक टॉवर से उतरने के बाद फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।
मुज़फ़्फ़रनगर के शहर कोतवाली क्षेत्र में पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती देर रात ओम पुंडीर को गोली मारने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो आरोपी नाबालिग हैं। जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि आपसी टशनबाजी और कहासुनी थी, जिसने कुछ ही देर में खूनी रूप ले लिया। पुलिस जांच के मुताबिक घायल ओम पुंडीर और आरोपी पहले से एक-दूसरे के परिचित थे। सभी युवक अक्सर एक साथ घूमते-फिरते थे। बीती बुधवार की शाम पहले रामपुर तिराहे पर किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। इसके बाद दोनों पक्ष अलग-अलग वाहनों से आगे बढ़े, लेकिन एक-दूसरे का पीछा करते हुए दीदाहेड़ी गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिर आमने-सामने आ गए। यहां दोबारा विवाद बढ़ा और इसी दौरान एक आरोपी ने पिस्टल से ओम पुंडीर पर फायर कर दिया। गोली लगते ही ओम सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़ा, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल ओम को तीन युवक जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। पुलिस ने उसी समय घटनास्थल का निरीक्षण कर खून के नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए थे। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए कनिष्क चौधरी और आयुष राणा समेत चार आरोपियों को दबोच लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और अन्य साक्ष्य जुटाने के साथ आरोपियों से पूछताछ जारी है।
फतेहाबाद जिले के रतिया में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला सचिव गुरप्रीत सिंह हैप्पी ने विधायक जरनैल सिंह पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन बलदेव ग्रोहा को सौंपी है। गुरप्रीत सिंह हैप्पी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब विधायक जरनैल सिंह उपायुक्त कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। हैप्पी ने उन्हें नमस्ते की, जिसके जवाब में विधायक ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस व्यवहार से उन्हें और उनके समर्थकों को ठेस पहुंची है। धानक समाज की बैठक बुलाने की घोषणा इस घटना के बाद, गुरप्रीत सिंह ने धानक समाज की जल्द बैठक बुलाने की घोषणा की है ताकि पूरे मामले पर चर्चा की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इस शिकायत को भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में भी लाया जाएगा। गुरप्रीत सिंह हैप्पी ने इस विवाद को सोशल मीडिया पर भी उठाया है, जिसके बाद उनके समर्थकों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इससे रतिया का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। चेयरपर्सन प्रीति खन्ना गुट का करीबी है हैप्पी राजनीतिक गलियारों में इस आरोप को खेमेबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। गुरप्रीत सिंह हैप्पी को नगर पालिका चेयरपर्सन प्रीति खन्ना गुट का करीबी माना जाता है। वहीं, विधायक जरनैल सिंह और खन्ना परिवार के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद बताए जा रहे हैं। इस घटना ने शहर में पूर्व चेयरमैन मदन वधवा प्रकरण जैसी स्थितियों की याद दिला दी है। हालांकि, विधायक जरनैल सिंह की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं इस संबंध में जब रतिया विधायक जरनैल सिंह से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन की जिला कार्यकारिणी का गठन गुरुवार को जिला अध्यक्ष चतर सिंह जाटव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आदेश गूगल, जयपाल सिंह, लोमन सिंह वर्मा और रवि कुमार (सराय काजी) को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं भाजपा छोड़कर आए वेदपाल सिंह (किनापुर) तथा समाजवादी पार्टी छोड़कर आए मेहताब और फहीम माहेगिरी ने अपने समर्थकों के साथ भीम आर्मी भारत एकता मिशन की सदस्यता ग्रहण की। चतर सिंह जाटव ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने संगठन की नीतियों और कार्यशैली से प्रभावित होकर भीम आर्मी ज्वाइन की है। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा गरीब, कमजोर और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने तथा उनके हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ने का काम करता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न के मामलों को भीम आर्मी लगातार प्रमुखता से उठाती रही है। कार्यक्रम में संगठन की मजबूती और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान विकास हरित, अमित वीर, आकाश निम्मी, प्रशांत बौद्ध, बंटी गंगानगर, आदिल समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोरबा जिले के दीपका नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को विवाद हो गया। तहसील कार्यालय के पास दुकान खोलने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारी बिना निरीक्षण पूरा किए लौट गए। यह विवाद आबकारी विभाग द्वारा तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान संचालित करने के प्रस्ताव को लेकर था। स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, नगर पालिका सीएमओ नेतराम रत्नेश, नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित स्थल पर शराब दुकान खोलने का कड़ा विरोध किया। पार्षद ने तर्क दिया कि आवासीय क्षेत्र और तहसील कार्यालय के पास दुकान खुलने से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होगी। पार्षद और एसडीएम के बीच तीखी बहस प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल और एसडीएम तन्मय खन्ना के बीच तीखी बहस हुई। एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय आकर चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने जवाब दिया कि वे कार्यालय में भी आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे। इसी दौरान आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे और पार्षद के बीच भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए और उंगली उठाकर बात की, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए। लोगों ने जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया। हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम हंगामा और नारेबाजी बढ़ने पर, एसडीएम सहित पूरी टीम बिना निरीक्षण पूरा किए ही वापस लौट गई। बाद में, एसडीएम तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल प्रस्तावित स्थल की स्थिति जानने के लिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीन वन विभाग की पाई जाती है, तो वहां शराब दुकान नहीं खोली जा सकती। आबकारी विभाग के अधिकारी का कहना है कि निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद और उनके समर्थकों ने एसडीएम सहित जिला प्रशासन की टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया। मौके पर काफी हंगामा और बहस की स्थिति बन गई थी। माहौल बिगड़ता देख आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर ने बीच-बचाव कर लोगों को शांत कराने और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की।
नर्मदा नदी में महिला का शव मिला:बालाघाट की रहने वाली थी मृतक; पीएम रिपोर्ट का इंतजार
मंडला शहर के छोटे रपटा पुल के समीप स्थित घाट पर गुरुवार शाम नर्मदा नदी में एक महिला का शव मिला है। स्थानीय लोगों ने नदी में एक महिला को उल्टा तैरते हुए देखा। काफी देर तक शरीर में कोई हलचल न होने पर लोगों को संदेह हुआ। पास जाकर देखने पर महिला अचेत अवस्था में मिली, जिसके बाद उसे नदी से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी पीयूष मिश्रा, कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। परिजनों को दी सूचना कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया कि मृतका की पहचान कृष्णा देशमुख (56 वर्ष), निवासी ग्राम सिंगोड़ी, जिला बालाघाट के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराया जाएगा। परिजनों के बयान, पंचनामा कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर महिला की मौत के कारणों का पता लगाया जा सकेगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
भोपाल के बोट क्लब पर गुरुवार को नगर निगम ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर बड़ी कार्रवाई की। यहां से 30 किलो पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त की गई। साथ ही 15 व्यापारियों के विरुद्ध स्पॉट फाइल की कार्रवाई की। कमिश्नर संस्कृति जैन ने बड़ा तालाब किनारे बोट क्लब क्षेत्र में पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते गुरुवार को अमले ने कार्रवाई की। निगम के स्वास्थ्य विभाग के अमले ने बोट क्लब क्षेत्र में वेंडर्स पर छापामार कार्रवाई की और खाद्य पदार्थ आदि परोसने व पैक करने में उपयोग की जा रही पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्माकोल की सामग्री जब्त की। 5 हजार रुपए का जुर्माना निगम ने व्यापारियों के विरुद्ध 5 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। अमले ने वेंडर्स को समझाइश दी कि वे पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक व थर्माकोल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक सामग्री का उपयोग करें।
रतलाम नामली क्षेत्र में जमीन पर कब्जे के विवाद को लेकर गुरुवार शाम कुछ ग्रामीण कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों से मुलाकात नहीं होने पर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि जमीन विवाद में बिना जांच के पुलिस कार्रवाई कर रही है और कृषि भूमि से जुड़े मामले में गलत तरीके से हस्तक्षेप किया जा रहा है। अचानक चक्काजाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने समझाइश देकर ग्रामीणों को उठाया सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर हटाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन नव आरक्षक बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी देर तक समझाइश दी। बाद में लोगों को सड़क से हटाकर उनकी समस्या सुनी गई। भीड़ देखकर एसपी-एसपी वाहन रोककर ग्रामीणों से मिले इस दौरान ही एसपी अमित कुमार और एएसपी विवेक कुमार लाल वहां से ऑफिस की तरफ जा रहे थे। भीड़ देखकर अपने वाहन से उतरे फिर ग्रामीणों के पास पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से उनकी समस्या पूछी और आवेदन देखे। एसपी ने कहा कि यह मामला राजस्व विभाग और एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और वहां से चले गए। ग्रामीणों ने जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया ग्रामीणों का कहना है कि मेवासा गांव में उनके परिवार की जमीन का बंटवारा हो चुका है और सभी लोग अपने हिस्से में खेती कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोग उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 17 जून को पुलिस और पटवारी मौके पर आए थे, लेकिन सीमांकन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई और उनके परिवार के एक सदस्य को थाने में बैठा लिया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाया जाए।
कुरुक्षेत्र जिले के पिपली में शाम को सिंधी स्वीट्स की बिल्डिंग में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग सबसे पहले दुकान की पहली मंजिल पर रखे खाली मिठाई के डिब्बों और फोम में लगी। इस कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही मिनटों में पूरे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, आग की लपटें बढ़ते-बढ़ते हुए एसी यूनिट तक पहुंच गई। इसके बाद एसी में धमाके होने लगे और इमारत से धुएं का गुबार निकलता दिखाई दिया। आसपास के दुकानदारों और लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शीशे तोड़कर घुसी टीम आग पहली मंजिल पर लगे होने के कारण दमकल कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंदर तक पहुंचने और आग पर काबू पाने के लिए टीम को पहली मंजिल के शीशे तोड़ने पड़े। करीब आधे घंटे तक चले अभियान के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग बेकाबू होने का रहा खतरा शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। समय रहते दमकल विभाग के पहुंच जाने से आग को भवन के दूसरे हिस्सों और अन्य कमरों तक फैलने से रोक लिया गया। यदि आग कुछ देर और बेकाबू रहती तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। इससे आसपास की बिल्डिंग तक भी आग पहुंच सकती थी। शॉप के पास नहीं थी फायर NOC फायर ब्रिगेड की ओर से दावा किया गया कि जांच के दौरान बिल्डिंग में बड़ी लापरवाही सामने आई। सिंधी स्वीट्स के पास फायर NOC नहीं थी। इसके अलावा आग से निपटने के लिए मौके पर कोई फायर सेफ्टी उपकरण भी उपलब्ध नहीं मिला। विभाग की ओर से इस मामले में नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व राज्यमंत्री गनीमत रही कि घटना में किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग से बिल्डिंग को काफी नुकसान हुआ। आग लगने की सूचना मिलने पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा अपने बेटे साहिल सुधा के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अभी सिंधी स्वीट्स संचालक नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।
हिसार जिले के अग्रोहा थाना क्षेत्र में अपने छोटे भाई द्वारा कथित रूप से लगातार प्रताड़ित किए जाने से परेशान एक युवक ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाए है। युवक ने पत्नी के साथ सोशल मीडिया पर लाइव आकर आत्महत्या करने की चेतावनी दी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार गांव मलापुर निवासी सोमदत्त ने आरोप लगाया कि उसका छोटा भाई लंबे समय से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहा है। इस संबंध में वह पहले भी अग्रोहा थाना में शिकायत दे चुका है, लेकिन उसकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। युवक का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उसे न्याय नहीं मिल रहा, जिससे वह और उसका परिवार बेहद परेशान है। सोशल मीडिया पर लाइव होकर दी आत्मदाह की चेतावानी युवक का कहना है कि गुरुवार को वह अपनी पत्नी रीना के साथ एक बार फिर शिकायत लेकर अग्रोहा थाना पहुंचा था। वहां भी संतोषजनक कार्रवाई न होने से निराश दंपती ने थाना परिसर से ही सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण शुरू कर दिया। लाइव के दौरान दोनों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की। लाइव वीडियो में सोमदत्त ने कहा कि यदि शुक्रवार तक उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वह अपनी पत्नी सहित आत्महत्या करने को मजबूर होगा। उसने अपनी संभावित मौत के लिए अपने छोटे भाई और संबंधित पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। थाना प्रभारी बोले-मामले को सुलझा दिया थाना परिसर से लाइव आकर आत्महत्या की चेतावनी देने की घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर अग्रोहा थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने बताया कि सोमदत्त द्वारा एक शिकायत अपने भाई के खिलाफ अग्रोहा थाना पुलिस को दी है। इस मामले को सुलझा दिया गया है।
प्रतापगढ़ में आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक ने नगर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी ने पुलिस बल के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के घंटाघर, प्रमुख बाजारों और आसपास के इलाकों में पैदल गश्त (फ्लैग मार्च) किया। इस दौरान भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई। गश्त के दौरान एसपी ने आमजन, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने जुलूस मार्गों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पूरे जनपद में लगभग 197 स्थानों पर ताजिया दफन किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, 700 से अधिक ताजिया अलग-अलग स्थानों पर स्थापित किए जाते हैं और विभिन्न दिनों में उनके जुलूस निकाले जाते हैं। नगर कोतवाली क्षेत्र को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, क्योंकि यहां विभिन्न जुलूस एकत्रित होते हैं और ताजिया उठाई जाती है। इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। एसपी ने जानकारी दी कि पूर्व में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में सभी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, ताजिया की ऊंचाई निर्धारित सीमा में रहेगी, डीजे की आवाज और उसकी ऊंचाई भी सीमित रखी जाएगी। जुलूसों की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी ताकि किसी भी अव्यवस्था को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
सतना शहर में नकली नोट खपाने वाले गिरोह की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। इस बार ठगों ने जिला अस्पताल को निशाना बनाया। गुरुवार सुबह ओपीडी में उमड़ी भीड़ के बीच एक अज्ञात व्यक्ति 100 रुपए का नकली नोट देकर पर्ची कटवाने में सफल रहा। यह मामला तब उजागर हुआ जब दोपहर में कैश मिलान के दौरान नोट संदिग्ध पाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सुबह मरीजों और परिजनों की भारी भीड़ के कारण काउंटर पर तेजी से लेन-देन हो रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने 100 रुपए का नोट देकर ओपीडी पर्ची बनवाई। नोट पहली नजर में पूरी तरह असली प्रतीत हुआ, इसलिए काउंटर ऑपरेटर आशीष शुक्ला को कोई संदेह नहीं हुआ। दोपहर में कैश की गणना के दौरान नोट पर शक हुआ। जांच में पाया गया कि नोट का कागज सामान्य नोट की तुलना में कमजोर था और उसमें सुरक्षा संबंधी कई विशेषताएं नहीं थीं। अलग-अलग एंगल से परीक्षण के बाद नोट के नकली होने की पुष्टि हुई। 10 दिन पहले भी ऐसा हुआ थाओपीडी काउंटर के ऑपरेटर आशीष शुक्ला ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। करीब 10 दिन पहले भी अस्पताल के विभिन्न काउंटरों पर नकली नोट मिलने की शिकायत सामने आई थी। उस समय भी मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन के माध्यम से संबंधित बैंक को दी गई थी। मामले की सूचना अस्पताल प्रशासन को दे दी गई है। चूंकि ओपीडी संचालन आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से किया जाता है, इसलिए जमा राशि की जिम्मेदारी भी संबंधित संस्था की होगी। नकली नोट को नियमानुसार रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा कर आवश्यक प्रतिवेदन के साथ प्रबंधन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बड़ा सवाल: शहर में कहां से आ रहे नकली नोट? लगातार सामने आ रहे मामलों ने शहर में नकली नोटों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले सरकारी संस्थान में नकली नोट आसानी से खपाए जा रहे हैं, तो बाजारों और छोटे व्यापारियों के बीच ऐसे नोटों के चलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
लखनऊ के इंदिरानगर में विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में विवाहिता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं विभूतिखंड थानाक्षेत्र में बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इंदिरानगर के तकरोही निवासी पूर्वी चौहान (25) ने बुधवार शाम घर में फंदा लगाकर जान दे दी। भाई सूरज ने बताया कि छह साल पहले पूर्वी ने संजय से लव मैरिज किया था। संजय एक फोटो स्टूडियो में काम करता है। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही संजय और उसकी तीन बहनें दहेज की मांग को लेकर पूर्वी को प्रताड़ित करने लगी थीं। सूरज के मुताबिक, बुधवार रात संजय ने पूर्वी की पिटाई की थी। इसके बाद वह घर से बाहर चला गया। मारपीट से आहत होकर पूर्वी ने कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगा लिया। घर लौटने पर संजय ने उसे लटका देखा। घटना की जानकारी मिलने पर इंदिरानगर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद सूरज ने थाने पहुंचकर पति और उसकी तीन बहनों के खिलाफ तहरीर दी। इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि पति संजय को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। बीएससी नर्सिंग छात्रा फंदे से लटके मूल रूप से आजमगढ़ के सराय गांव निवासी साक्षी यादव (18) पुत्री धर्मेंद्र यादव बीएससी नर्सिंग की छात्रा था। परिजनों के मुताबिक, साक्षी ने इसी साल इंटर पास किया था। वह पिछले दो महीने से चचेरे भाई अंकित के साथ वास्तुखंड स्थित किराए के मकान में रहकर बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। गुरुवार सुबह अंकित काम पर चला गया था और साक्षी कमरे में अकेली थी। कुछ देर बाद उसकी एक सहेली उससे मिलने पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर उसने अंकित को सूचना दी। सूचना मिलते ही अंकित मौके पर पहुंचा। मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। वह पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते कमरे तक पहुंचा तो देखा कि साक्षी पंखे से चादर के सहारे लटकी हुई थी। यह देखकर वह चीख पड़ा। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। विभूतिखंड पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। जांच के बाद शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साक्षी के पिता धर्मेंद्र किसान हैं। किसान हैं। परिवार में पत्नी संगीता, दो बेटियां और एक बेटा हैं।
संभल में बहन की शादी के दिन भाई की मौत:शादी की सजावट करते समय करंट लगा, दो बहनों में इकलौता भाई था
संभल में बहन की शादी की तैयारियों के दौरान बिजली का करंट लगने से भाई की मौत हो गई। घटना चंदौसी तहसील के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के मुड़ियाखेड़ा गांव में हुई। किशोर की पहचान 15 साल के दीपक कुमार के रूप में हुई है। गुरुवार दोपहर 2 बजे दीपक घर में शादी की सजावट के लिए बिजली की फिटिंग कर रहा था। इसी दौरान नंगे तार के संपर्क में आने से उसे तेज करंट लगा। वह गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर गया। ग्रामीण तुरंत दीपक को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी। शाम 5:30 बजे गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दीपक अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। छह महीने पहले दीपावली के त्योहार पर उसके पिता राजेंद्र सिंह का निधन हो गया था। उसकी मां कई साल पहले बच्चों को छोड़कर जा चुकी थी, जिसके बाद घर की सारी जिम्मेदारियां दीपक के कंधों पर आ गई थीं। दीपक की बहन काजल की शादी मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील के विजयपुर गांव से हो रही थी। काजल का विवाह अपनी बड़ी बहन अनुष्का के देवर दुर्गपाल पुत्र हरपाल सिंह से तय हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण गांव के लोगों और ताऊ नेकस सिंह ने मिलकर शादी की तैयारियां की थीं। कुछ सामान भी इकट्ठा किया था। दीपक अपनी बहन की शादी को लेकर काफी उत्साहित था, लेकिन इस दुखद घटना से शादी का माहौल गमगीन हो गया। बारात रात 9 बजे आनी थी, लेकिन अब 12 बजे बारात आएगी, भाई की मौत के बाद बहुत ही सादगी के साथ शादी की रस्में पूरी की जाएगी। बहन अपने हाथों पर अपने पिया के नाम की मेहंदी सजाकर उसका इंतजार कर रही थी उसे क्या पता था, शादी के बाद जिस घर को छोड़कर जाने वाली है उससे पहले उसका भाई इस दुनिया से ही चला जाएगा। ताऊ नेकस सिंह ने बताया कि बिजली का करंट लगने से लड़के की मौत हुई है। भतीजी की शादी है और उसके पिता की मौत दीपावली के त्योहार पर हो गई थी, गांव के सभी लोगों ने मिलकर शादी की तैयारी की थी कुछ सामान इकट्ठा किया था। तहेरे भाई दुर्गेश ने बताया कि घर की स्थिति काफी कमजोर थी और शादी की तैयारी में मेरा भाई खुद ही लगा हुआ था बिजली का करंट लगने उसकी मौत हो गई।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र समस्याओं की अनदेखी और कथित फर्जी नियुक्तियों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में सिस्टम सड़ चुका है, भ्रष्टाचार मुक्त विश्वविद्यालय चाहिए, फर्जी नियुक्तियों की जांच करो और छात्रों का हक वापस दो जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉकरोच के मुखौटे और चित्रों का इस्तेमाल किया। छात्र नेता आदेश प्रधान और शशिकांत गौतम ने कहा कि जिस प्रकार गंदगी और सड़ांध में कॉकरोच पनपते हैं, उसी प्रकार विश्वविद्यालय में फैले भ्रष्टाचार, प्रशासनिक निष्क्रियता और जवाबदेही की कमी ने पूरे शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर दिया है। इसी संदेश को जनता और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर हुई विवादित नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक मनमानी के आरोप लगाए। आदेश प्रधान ने दावा किया कि रूबी खान और नासर की फर्जी नियुक्तियां की गईं। आरोप है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में कार्य नहीं किया, फिर भी उनके खातों में कई महीनों तक वेतन भेजा गया, जिससे लाखों रुपये का घोटाला हुआ। उन्होंने सहायक अभियंता मनीष कुमार मिश्र की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिन पर रोक लगनी चाहिए। आकाश भड़ाना और अनुज भड़ाना ने कहा कि छात्र कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। शुभम उपाध्याय और शान मोहम्मद ने विश्वविद्यालय में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पेयजल, पुस्तकालय, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग भी उठाई। रविंद्र प्रधान, शेखर, अक्षय सिंह और अरुण पाल ने परीक्षा मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में प्राप्त अंक और ऑनलाइन दर्ज अंकों में अंतर पाया गया है। उन्होंने मांग की कि यदि यह गलती शिक्षकों या संबंधित एजेंसी की है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। छात्रों ने कहा कि CCSU को ए-प्लस ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय होने के नाते पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा। छात्र नेताओं ने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय में एक दिवसीय सत्याग्रह के साथ राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखने और पाप का घड़ा फोड़ो कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा तथा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है। छात्रों का आरोप है कि ज्ञापन लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कुलपति आवास के गेट पर अपना ज्ञापन चस्पा कर दिया। प्रदर्शन में आदेश प्रधान एडवोकेट, आकाश भड़ाना, शशिकांत गौतम, अरुण पाल, शान मोहम्मद, शेरा जाट, हैप्पी चपराना, संदीप गौतम, युधिष्ठिर भाटी, तस्लीम, अक्षय, शेखर, अवनीश पवार, शुभम उपाध्याय, हरीश, अनिकेत, इरफान, नितिन गर्ग, फुरकान, दीपक शर्मा, दक्ष पुरी, वरुण सिंह, अजय त्यागी समेत बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
हिसार घग्गर ड्रेन पर गेट बनाने और बारिश से पहले पानी निकासी की व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर किसान सभा हरियाणा के प्रतिनिधि मंडल ने वीरवार को जिला उपायुक्त सिरसा को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने घग्गर ड्रेन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। किसान सभा नेता राजेंद्र रूपावास ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में बारिश सीजन से पहले ड्रेन के दोनों तरफ के बांधों को पक्का और मजबूत करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, घग्गर के पानी की वापसी रोकने के लिए जल्द से जल्द गेट लगाने और पानी को लिफ्ट करके घग्गर में डालने के लिए अधिक क्षमता वाले स्थायी पंप की व्यवस्था करने की मांग की गई। जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक अस्थायी पंप सेट लगाने की भी मांग दोहराई गई। सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल जिला उपायुक्त ने प्रतिनिधि मंडल को जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि, किसान सभा ने इस मौके पर सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि पहले गेट बनाने के लिए ईंटों से जो ढांचा तैयार किया गया था, अब विभाग द्वारा गलत ड्राइंग के कारण उसका दोबारा निर्माण किया जा रहा है। किसान सभा ने पूछा कि उस समय अधिकारियों ने इस गेट को आरसीसी से क्यों नहीं बनाया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। डीसी से मिलने के बाद, प्रतिनिधि मंडल ने कार्यकारी अभियंता संदीप माथुर और संदीप शर्मा से भी ड्रेन से संबंधित मुद्दों पर बातचीत की। किसान सभा ने चिंता व्यक्त की कि प्रशासन के पास अभी तक पानी को लिफ्ट करके घग्गर में डालने की कोई योजना नहीं है, जिससे दर्जनों गांव इस बार भी बर्बादी का मंजर देखने को मजबूर होंगे। उन्होंने इस स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने दिया दस दिन में गेट लगाने का आश्वासन अधिकारियों ने गेट के मुद्दों पर आश्वासन दिया है कि 10 दिन में गेट बनाकर लगा दिया जाएगा। किसान सभा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 22 जून को चौपटा तहसील में आंदोलन किया जाएगा और 25 जून को सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी का घेराव किया जाएगा। इस अवसर पर किसान सभा महासचिव सुमित दलाल, पार्षद संदीप धीरनवास, विष्णुदत्त शर्मा, सुभाष भादु, सुरजीत, राजेंद्र भरोंखा, हमजिंदर, गुरदिता, मदन खोथ, अभिमन्यु, मोहनलाल और श्रवण मंदौरी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
मैहर में मोहर्रम को लेकर शांति समिति बैठक:प्रशासन ने की सौहार्दपूर्ण आयोजन की अपील
मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार शाम मैहर कोतवाली थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के गणमान्य नागरिकों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता सीएसपी महेंद्र सिंह ने की, जबकि कोतवाली थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान मोहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। आयोजन समिति के सदस्यों से समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और आमजन को असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा वैकल्पिक मार्गों एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी योजना तैयार की गई। बैठक में नगर पालिका सीएमओ प्रिंस अग्रवाल, यातायात प्रभारी विक्रम पाठक, जेई एस.एन. त्रिपाठी सहित विभिन्न समाजों और धर्मों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। असामाजिक तत्वों से सतर्क रहें अंत में थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने सभी नागरिकों से मोहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने की सलाह दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी सजगता का परिचय दिया। उन्होंने खरहरा जंगल में एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वाड्रफनगर अस्पताल से एक गर्भवती महिला को गंभीर स्थिति में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। रास्ते में खरहरा जंगल के पास अचानक महिला को प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, 108 एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी नंदन कुमार शर्मा और चालक ने बिना समय गंवाए सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने एम्बुलेंस के भीतर ही महिला का सफल प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को तत्काल वापस वाड्रफनगर अस्पताल लाया गया। वहां दोनों को भर्ती कर आवश्यक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने गुरुवार को मंत्रालय में कलेक्टर, निगम कमिश्नर समेत मेट्रो, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, हाउसिंग बोर्ड, बिजली समेत कई विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ली। कहा कि भोपाल को अतिक्रमण से मुक्त करें। भू-माफियाओं पर सख्ती हो और आवासीय प्रोजेक्ट में तेजी लाए। मंत्री सारंग ने कहा, विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आमजन से जुड़े विषयों का तत्काल कार्रवाई की जाए। भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने के लिए अधिकारियों को मंत्री ने निर्देश दिए। अवैध निर्माणों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे भोपाल में अभियान चलाकर भू-माफियाओं और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि और विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने अवैध प्लॉटिंग और अवैध भवन निर्माण को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। जहां-जहां अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं या अवैध निर्माण हो रहे हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अवैध कब्जे बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री सारंग ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। साथ ही अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अतिक्रमण रोकने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मंत्री सारंग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जनहित के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं को मिलेगी नई गति बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने निशातपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्रवाई आगे बढ़ाने के सुझाव दिए। साथ ही रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर वहां आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश दिए। ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। बैठक में चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को सुझाव दिए कि इस भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए। जिससे जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा सके। बारिश से पहले जर्जर भवनों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐशबाग के 600 जर्जर मकान होंगे खाली बैठक में ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने बताया कि यहां लगभग 600 मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। इन मकानों को तत्काल खाली कराया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाए। ताकि बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। गौतम नगर के जर्जर पुलिस क्वार्टरों पर भी होगी कार्रवाई मंत्री सारंग ने गौतम नगर क्षेत्र स्थित जर्जर पुलिस आवासों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन भवनों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ऐसे भवनों को असुरक्षित घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे करें। जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें। अन्ना नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सुभाष नगर में अस्पताल निर्माण का मार्ग होगा प्रशस्त बैठक में जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर क्षेत्र में प्रस्तावित अस्पताल परियोजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। समाधान के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना नरेला विधानसभा स्थित गोकुल धाम क्षेत्र की आवासीय समस्या पर चर्चा करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन संबंधित बिल्डर द्वारा परियोजना अधूरी छोड़ दिए जाने के कारण रहवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। जिससे वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और रहवासियों को राहत मिल सके।
शहडोल के ब्यौहारी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नगर परिषद की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। गुरुवार को आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान एक अनोखी घटना देखने को मिली, जब ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से एक कुत्ते को ज्ञापन सौंप दिया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी ने नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं, कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आमसभा भी की, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। वक्ताओं ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनसमस्याओं के निराकरण की मांग की। ब्लॉक अध्यक्ष आयुष ताम्रकार ने बताया कि धरना स्थल पर ज्ञापन सौंपने के लिए तहसीलदार का लंबे समय तक इंतजार किया गया। हालांकि, कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद कार्यालय के सामने सड़क पर धरना देते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। कांग्रेस ने दी थी चेतावनी आयुष ताम्रकार ने आगे बताया कि धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो वे आवारा कुत्ते को ज्ञापन सौंपेंगे। काफी देर इंतजार के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष आयुष ताम्रकार एक कुत्ते को लेकर पहुंचे और उसे प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासनिक उदासीनता के कारण ऐसा विरोध ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण कांग्रेस को यह प्रतीकात्मक विरोध करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिला संगठन महासचिव विनोद ताम्रकार, हरिमोहन तिवारी, लाल बहादुर सिंह सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झांसी में गुरुवार को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के शिवपुरी से निकली मशाल यात्रा भी झांसी पहुंची। पिछले 21 वर्षों से लगातार पूर्व जेल अधीक्षक डॉ. बीएस मौर्य रानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में शिवपुरी से झांसी तक पैदल मशाल यात्रा लेकर आते हैं। यात्रा की 3 तस्वीर देखिए… वीरांगना को श्रद्धांजलि अर्पित की गुरुवार देर शाम जैसे ही मशाल यात्रा झांसी की सीमा में पहुंची, उसका जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा जुलूस के रूप में रानी लक्ष्मीबाई पार्क पहुंची, जहां शहरवासियों ने वीरांगना को श्रद्धांजलि अर्पित की। सन 1857 में अंग्रेजों से झांसी को सुरक्षित रखने के लिए वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई ने मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी का नारा देते हुए संघर्ष का आगाज किया था। वह अपनी अंतिम सांस तक झांसी के लिए युद्ध करती रहीं और 18 जून को वीरगति को प्राप्त हुईं। तभी से वह विश्व इतिहास में वीरता और साहस की प्रतीक के रूप में अमर हैं। महिलाओं के लिए शक्ति का स्रोत मानी जाने वाली रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस पूरे शहर में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि रानी लक्ष्मीबाई पार्क पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। पैदल सफर तय कर वह गुरुवार शाम झांसी पहुंचे इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के शिवपुरी से बुधवार सुबह 9 बजे मशाल यात्रा शुरू की गई थी। यात्रा का नेतृत्व कर रहे पूर्व जेल अधीक्षक डॉ. बीएस मौर्य हाथों में मशाल लेकर झांसी के लिए रवाना हुए थे। लगभग 100 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर वह गुरुवार शाम झांसी पहुंचे। यात्रा के स्वागत के लिए शहर में जगह-जगह पंडाल लगाए गए थे। विभिन्न स्थानों पर डॉ. बीएस मौर्य को मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। शहर के प्रमुख इलाइट चौराहे पर पहुंची मशाल यात्रा का भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह सहित अन्य भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। यात्रा में रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप में सजी एक युवती को घोड़ी पर बैठाया गया था। वहीं स्कूली बैंड भी यात्रा में शामिल रहा। इसके बाद मशाल यात्रा रानी लक्ष्मीबाई पार्क पहुंचकर संपन्न हुई। 21 साल से आ रही मशाल मध्य प्रदेश के शिवपुरी से मशाल लेकर झांसी पहुंचे पूर्व जेल अधीक्षक डॉ. बीएस मौर्य ने बताया कि वह बुधवार सुबह 9 बजे मशाल लेकर शिवपुरी से निकले थे और दो दिन पैदल चलने के बाद झांसी पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 21 वर्षों से लगातार शिवपुरी से झांसी तक मशाल यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी वीरांगना की तरह देश को ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें तथा स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को जानें और उनसे प्रेरणा प्राप्त करें।
झांसी में एक्सीडेंट में घायल युवक की मौत:नोएडा में 7 दिन पहले घायल हुआ था, परिजन घर लाए थे
झांसी में सड़क हादसे में घायल युवक की गुरुवार को मौत हो गई। वह नोएडा में काम करता था। वहां 7 दिन पहले अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गए थे। परिजन इलाज के लिए घायल को झांसी मेडिकल कॉलेज लाए थे। यहां पर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक का नाम देवेंद्र अहिरवार (46) पुत्र तुलसीराम अहिरवार था। वह पूंछ थाना क्षेत्र के बाबई गांव का रहने वाला था। बेटी ने बताया कि पापा देवेंद्र नोएडा में प्राइवेट काम करते थे। पूरा परिवार उनके साथ रहता था। 11 जून को पापा काम पर जा रहे थे। उनको अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। अननोन नंबर से आई थी कॉल अननोन नंबर से हमारे पास फोन आया। तब पता चला कि पापा का एक्सीडेंट हो गया। हम लोग काशीराम अस्पताल पहुंचे तो पापा बेहोश थे। बुधवार को पापा को झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। यहां पर उनकी मौत हो गई। देवेंद्र की 4 बेटी और एक बेटा है।
धमतरी में टोल प्लाजा पर आरक्षक सस्पेंड:ट्रक ड्राइवर से मारपीट के आरोप में एसपी ने किया लाइन अटैच
धमतरी जिले में एक ट्रक ड्राइवर से मारपीट के आरोप में एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई धमतरी के मरौद टोल प्लाजा पर हुई घटना के बाद की गई। पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। जानकारी के अनुसार, थाना कुरूद में पदस्थ आरक्षक पवन बर्मन पर मरौद टोल प्लाजा के पास एक ट्रक ड्राइवर के साथ अनुचित व्यवहार और मारपीट करने का आरोप है। यह मामला पुलिस अधीक्षक धमतरी के संज्ञान में आया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने आरक्षक पवन बर्मन को तत्काल निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उन्हें पुलिस लाइन रूद्री से अटैच कर दिया गया है। कुरूद थाना प्रभारी की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित आरक्षक अपने ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं था और बिना अनुमति के अनुपस्थित पाया गया। प्रारंभिक जांच में उसका आचरण पुलिस विभाग के अनुशासन, मर्यादा और सेवा नियमों के खिलाफ माना गया है। पुलिस विभाग ने कहा है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर ऐसे निर्देश दिए जाते हैं कि वे कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे विभाग की छवि खराब हो या आम लोगों का भरोसा प्रभावित हो। आरक्षक का यह व्यवहार विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। फिलहाल मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा जिले के खंड डबवाली की उप-तहसील गोरीवाला में उप-तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर कई गांव के जमींदारों ने रोष व्यक्त किया। भारतीय किसान एकता कालावाली के हलका प्रधान सुखदेव सिंह के नेतृत्व में किसानों और जमींदारों ने लघु सचिवालय में शिफ्ट हुए उप-तहसील कार्यालय के मेन गेट पर हरियाणा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि पिछले एक माह से उप-तहसीलदार और पटवारी कार्यालय से गायब हैं। सप्ताह में सोमवार और वीरवार को रजिस्ट्री व अन्य कार्यों के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं, लेकिन इन दिनों में भी कार्यरत उप-तहसीलदार अपनी सीट पर नहीं बैठते। किसानों को बिना काम हुए वापस लौटना पड़ रहा कई किलोमीटर का सफर तय कर उप-तहसील कार्यालय में पहुंचे जमींदारों और किसानों को बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ता है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें उप-तहसीलदार या पटवारी की अनुपस्थिति की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती, जबकि उन्हें टोकन तक उपलब्ध करवा दिए जाते हैं। इसके बावजूद निर्धारित दिन पर रजिस्ट्री नहीं हो पाती। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि गोरीवाला उप-तहसील केवल नाम की ही उप-तहसील बनकर रह गई है, यहां किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो रहा है। लोगों को जहां खाद व स्प्रे के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है, वहीं रजिस्ट्री के लिए भी लाइनों में लगने के बावजूद काम नहीं हो रहा है। उपायुक्त से समस्या के समाधान की मांग किसानों ने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले कई दिनों से फतेहाबाद से दो पार्टियां रजिस्ट्री करवाने के लिए सुबह से ही उप-तहसील कार्यालय पर पहुंच रही थीं। कागज कार्रवाई पूरी होने और टोकन मिलने के बावजूद उप-तहसीलदार के न बैठने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। किसानों और जमींदारों ने उपायुक्त से मामले का संज्ञान लेने और समाधान की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि यदि उप तहसीलदार किसी कारणवश नहीं पहुंच पाते हैं, तो किसी अन्य सक्षम अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए ताकि लोगों के काम न रुकें।
दुर्ग के राजीव भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नक्सलवाद, सांसदों की कथित खरीद-फरोख्त और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल को लेकर कई सवाल उठाए। बघेल ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आज भी नेताओं और अधिकारियों को जेड प्लस जैसी सुरक्षा दी जा रही है। ऐसे में नक्सलवाद खत्म होने का दावा केवल राजनीतिक प्रचार है। उन्होंने सांसदों के दल बदलने और नई पार्टियों में शामिल होने की घटनाओं को लोकतंत्र की खरीद-बिक्री बताया। बघेल के अनुसार, संसद को लोकतंत्र का मंदिर नहीं बल्कि मंडी बना दिया गया है। भूपेश बघेल ने दुर्ग में राष्ट्रीय और प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने नक्सलवाद, महंगाई, बिजली दर वृद्धि, शिक्षा व्यवस्था और राम मंदिर चोरी मामले जैसे विषयों पर सवाल उठाए। उन्होंने नक्सल मुक्त होने के सरकार के दावों को केवल प्रचार बताया। बघेल ने कहा कि नक्सल मुक्त प्रदेश तभी माना जाएगा जब नक्सल क्षेत्रों से पैरामिलिट्री फोर्स के कैंप हटा लिए जाएंगे और नेताओं के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। बघेल ने जोर दिया कि आज भी नक्सल प्रभावित इलाकों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को एक्स, वाई और जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है। यह दर्शाता है कि खतरा अभी टला नहीं है और केवल बयानों से नक्सलवाद समाप्त नहीं होगा। भूपेश ने केंद्र पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। एनडीए के बढ़ते कुनबे और विभिन्न दलों के सांसदों के भाजपा समर्थक दलों में शामिल होने पर भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास निराश्रित पेंशन या नगर पालिका और नगर पंचायतों के कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। हालांकि, सांसदों और विधायकों को कथित तौर पर खरीदने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था संसद को बाजार में बदल दिया गया है। सांसदों की खरीद-बिक्री हो रही है और सत्ता के लिए जनादेश का खुलेआम अपमान किया जा रहा है। बघेल ने कहा कि जिस दल को पिछले चुनाव में महज 822 वोट मिले थे, वह आज लोकसभा में बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मोदी के 12 साल को बताया काला अध्याय केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा चलाए जा रहे “12 साल बेमिसाल” अभियान पर भी भूपेश बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में नरेंद्र मोदी का कार्यकाल एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी दौर में नोटबंदी हुई, जीएसटी लागू किया गया और कोरोना काल के दौरान अचानक लॉकडाउन लगाया गया। इन फैसलों से करोड़ों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लाखों मजदूर सड़कों पर आ गए और हजारों लोगों की जान चली गई। भूपेश बघेल ने कहा कि देश आज महंगाई की मार झेल रहा है और इसके लिए केंद्र सरकार की गलत आर्थिक एवं विदेश नीति जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और देश लगातार दबाव की राजनीति का सामना कर रहा है। नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग नीट परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। बघेल ने कहा कि कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं और वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। राम मंदिर चोरी मामले पर उठाए सवाल अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में चोरी की घटना को लेकर भी भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना में सबसे पहले एफआईआर दर्ज होती है, लेकिन यहां बिना एफआईआर के ही जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच हो रही है तो एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। इससे संदेह पैदा होता है कि कहीं न कहीं कुछ छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग अब जवाब देने से बच रहे हैं। बिजली दर वृद्धि को बताया जनता पर अत्याचार प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर घरेलू, गैर घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे और गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। किसानों को भी राहत नहीं दी गई और कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी गई। बघेल ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं को गलत बिल भेज रहा है। कई उपभोक्ताओं को एक ही माह में अलग-अलग बिल प्राप्त हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर के जरिए खपत बढ़ाकर दिखाने और अनुबंध भार बिना सहमति बढ़ाने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हुई पत्रकार वार्ता दुर्ग में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, रिसाली महापौर शशि सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा के ऑनलाइन पंजीयन और पहचान प्रक्रिया को लेकर जशपुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन सामने आया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों कोरवा समाज के लोगों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। पंजीयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप धरनारत लोगों का कहना है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा पहाड़ी कोरवा परिवारों का ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है, लेकिन कई वास्तविक पात्र परिवारों को सूची से बाहर रखा जा रहा है। उनका आरोप है कि वर्षों से पहाड़ी कोरवा समुदाय में शामिल किए जाने की मांग के बावजूद कई परिवारों को अब तक मान्यता नहीं मिली है। 2002 के सर्वे में नाम, फिर भी सूची से बाहर मनोरा विकासखंड के पटिया गांव से आए जगमेल राम ने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन के दौरान उनसे मिसल बंदोबस्त सहित कई दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में शासन द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में उनका नाम शामिल था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आधिकारिक सूची में जगह नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शासन के रिकॉर्ड में नाम दर्ज है तो अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग क्यों की जा रही है। पहाड़ी और दिहाड़ी कोरवा के वर्गीकरण पर सवाल बगीचा विकासखंड के पंडरसीली गांव से पहुंचे बिफनाथ ने कहा कि पहाड़ी और दिहाड़ी कोरवा समुदाय के बीच कृत्रिम भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के बीच वर्षों से सामाजिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं तथा वैवाहिक रिश्ते भी स्थापित होते रहे हैं। ऐसे में दोनों वर्गों को अलग-अलग मानने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए। लंबे समय से उठ रही मांग प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पहाड़ी और दिहाड़ी कोरवा के बीच किए जा रहे वर्गीकरण को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में कई बार शासन और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इससे समाज में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा धरना धरने पर बैठे लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता और विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक वे सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने से नहीं हटेंगे। प्रशासन ने शुरू की चर्चा स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा शुरू की। समाचार लिखे जाने तक आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह और जशपुर एसडीएम वी.आर. मस्के आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे। क्या बोले सहायक आयुक्त सहायक आयुक्त संजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2002 के सर्वेक्षण में छूट गए लोगों को सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर संभाग मुख्यालय भेजा गया है। प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद पात्र लोगों को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
झज्जर में भारतीय जनता पार्टी के कमलम कार्यालय में वीरवार को संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने की। बैठक में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और जिला प्रभारी कैप्टन भूपेन्द्र ने जिले में चल रहे संगठनात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मंडलवार, संगठनात्मक गतिविधियों, बूथ सशक्तिकरण अभियान, सक्रिय सदस्यता, आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों तथा संगठन द्वारा सौंपे गए विभिन्न दायित्वों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश नेतृत्व ने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने, सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर विशेष बल दिया। जिलाध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने प्रदेश नेतृत्व का स्वागत करते हुए कहा कि झज्जर जिला संगठन को सौंपे गए प्रत्येक दायित्व का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना, भाजपा नेता संजय कबलाना, जिला महामंत्री दयाकिशन, जय किशन छिल्लर, चिराग पुरुथी, विनोद बाढ़सा, राजेश राठी, प्रमैन्द्र जांगड़ा सहित संगठन के विभिन्न दायित्ववान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्यावर नगर परिषद के आयुक्त श्रवण राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर नियम विरुद्ध और अनियमित तरीके से ले-आउट प्लान स्वीकृत करने का आरोप है। स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार श्रवण राम के खिलाफ इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है। उन्हें राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान श्रवण राम का मुख्यालय स्थानीय निकाय विभाग निदेशालय, जयपुर रहेगा। नियमानुसार देय जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान नगर परिषद ब्यावर द्वारा किया जाएगा। यह निलंबन आदेश स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत के मुरथल में नेशनल हाईवे पर एक सरकारी बैंक कर्मचारी की बुजुर्ग मां से लूट की वारदात हुई है। मुरथल हवाई अड्डा ढाबे के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने इंडिया पोस्ट बैंक के कर्मचारी की कार रुकवाकर उनकी मां को धक्का दिया और रुपयों और मोबाइल से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर मुरथल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अंबाला शहर के बलदेव नगर (सेक्टर-7) निवासी मुकुल जोगिंद्र पाल ने पुलिस को बताया कि वह इंडिया पोस्ट बैंक में कार्यरत हैं। 17 जून 2026 को वह अपनी मां पूनम कालड़ा के साथ कार से दिल्ली से अंबाला लौट रहा था। मुरथल हवाई अड्डा ढाबे के पास हेलमेट पहने दो बाइक सवारों ने उनकी कार को रोका और बताया कि टायर में खराबी है। टायर की जांच करने नीचे उतरा था बैंक कर्मी मुकुल जैसे ही टायर की जांच करने के लिए कार से नीचे उतरा, तो एक बदमाश ने कार की खिड़की से उसकी मां पूनम को धक्का दिया। बदमाश ने महिला के हाथ से बैग छीन लिया और दोनों आरोपी बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए। इस अचानक हुई वारदात के कारण पीड़ित बाइक का नंबर नोट नहीं कर पाए। छीने गए बैग में लगभग 3 से 4 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन था। मुरथल थाना पुलिस ने मुकुल की शिकायत पर अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304 (झपटमारी/लूट) के तहत मुकदमा नंबर 186 दर्ज किया है। पुलिस हाईवे और आसपास के ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
वाराणसी के BSA आफिस में गुरुवार को 12460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के क्रम में काउंसलिंग कराई गई। यहां पहुंचे भावी शिक्षकों को चेयर तक नहीं मिल सकी। यही कारण रहा है कि इन्हें जमीन पर ही बैठना पड़ा। जमीन पर बैठकर ही इन भावी शिक्षकों ने फार्म भरे और फिर काउसंलिंग कराई। इस संबंध में BSA भूपेंद्र सिंह का कहना है भीड़ ज्यादा होने की वजह से कुछ लोगों को बैठने में असुविधा हुई होगी। वहीं, दूसरी ओर करीब 15 अभ्यर्थियों की काउंसलिग नहीं हो सकी। यहां इन अभ्यर्थियों को यह बताया गया कि आप लोगों की काउंसलिंग नहीं होगी क्योंकि आप सब 29 जनवरी के पहले के अपीलकर्ता नहीं है। अल्का शर्मा ने कहा, 10 वर्षों से इस भर्ती के लिए हम लोग इंतजार कर रहे हैं लेकिन आज तक न्याय नहीं मिला। अनीता शर्मा ने कहा, पहले हम लोगों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया लेकिन यहां आने के बाद बताया गया कि काउंसलिंग नहीं होगी। बीएसए से भी मिले लेकिन नहीं उन्होंने कहा, कि उच्चाधिकारियों का आदेश इस लिए 29 जनवरी के पहले के अपीलकर्ताओं की काउंसलिंग नहीं हो पाएगी। जिनका चयन हो गया उनका भी दोबारा नाम सूची मेंअनीता बताती हैं कि बीएसए आफिस में 24 लोगों के नाम सूची में हैं लेकिन तीन से चार ऐसे लोग हैं जिनका चयन हो चुका है। मेरिट में भी कुछ गड़बड़ी है। अभ्यर्थी रेनू कहती हैं, सुप्रीम कोर्ट के आर्डर में ये कहीं भी नहीं लिखा गया है कि 29 जनवरी 2026 के बाद के अभ्यर्थियों को नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद भी हमारा नाम नहीं शामिल किया जा रहा है। 52 वर्ष के कृष्ण कांत भी नौकरी के लिए यहां चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अफसरों की मनमानी के चलते यहां हम लोगों को दौड़ाया जा रहा है। इस संबंध में BSA भूपेंद्र सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं उसी क्रम में काउंसलिंग कराई गई है।
बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र के दुर्गडीह में ग्राम पंचायत भवन के सामने टेंट लगाकर क्रेशर कारोबार से जुड़े लोगों और ट्रक ड्राइवरों से रंगदारी टैक्स वसूलने वाले एक हिस्ट्रीशीटर को बिल्हा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों द्वारा लगाए गए अवैध टेंट को उखाड़ कर फेंक दिया। बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 12, बिल्हा निवासी महेश शर्मा (47 वर्ष) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर 3 बजे ग्राम पंचायत दुर्गडीह के सत्यप्रकाश घृतलहरे (उर्फ सत्या), उसके भाई दिलेश घृतलहरे, सोना कोसले, नारायण रात्रे, सुनील अनंत और अन्य साथी मिलकर क्रेशर में चलने वाले ट्रक ड्राइवरों से शराब पीने के बहाने अवैध रूप से पैसों की मांग करते थे। आरोपियों ने ट्रक ड्राइवर के साथ की मारपीट शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने ट्रक ड्राइवर पुन्नू यादव और मोनू राजपाल के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि क्रेशर मालिकों को बता दें कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक कोई गाड़ी नहीं जाने दी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अवैध रूप से ग्राम पंचायत भवन के सामने टेंट लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को रोकते थे। वे रॉयल्टी चेक करने का बहाना बनाकर जबरन वसूली करते थे और शासन-प्रशासन को भी धमकी देते थे। पुलिस ने आरोपी को घेरकर पकड़ा टीआई तोप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर अपराध दर्ज कर बिल्हा पुलिस ने एक टीम गठित की। टीम ने सत्यप्रकाश घृतलहरे (उर्फ सत्या उर्फ प्रदीप) की तलाश कर उसे सिरगिट्टी क्षेत्र में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ अवैध उगाही और मारपीट करने की बात स्वीकार की है। प्रकरण के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
धमतरी में बिजली से 40 पशुओं की मौत:राजस्थान के भेड़पालक को लाखों का नुकसान, इलाके में हड़कंप
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 40 पशुओं की मौत हो गई। यह घटना बुधवार (17 जून) देर रात तेज गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान हुई। यह हादसा धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम डूमरपाली में हुआ। मृतकों में 39 भेड़ें और एक बकरा शामिल हैं। इस घटना से पशुपालक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्थान से आए भेड़ पलकों को हुआ भरी नुकसान जानकारी के अनुसार, मगरलोड विकासखंड के ग्राम डूमरपाली स्थित एक नर्सरी में राजस्थान से आए भेड़पालक अपने पशुओं के साथ डेरा डाले हुए थे। बुधवार देर रात हुई बारिश और गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरी, जिससे उनके 40 पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। अगले दिन बड़ी संख्या में मृत पशुओं को देखकर ग्रामीणों में चर्चा फैल गई। थाने में नहीं मिली सूचना मगरलोड थाना प्रभारी प्रमोद अमलतास ने बताया कि पशुओं की मौत की सूचना अभी तक थाने में नहीं मिली है। सूचना प्राप्त होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट जिले के तीनटोला नवेगांव में बाड़ी विवाद को लेकर एक महिला के साथ मारपीट की गई। घटना का वीडियो सामने आने और घायल महिला को गुरुवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद परिजनों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। 15 जून की घटना, सिर और कमर में गंभीर चोट जिला अस्पताल में उपचाराधीन पीड़ित महिला सुनीता दमाहे ने बताया कि यह घटना बीते 15 जून की है। बाड़ी विवाद को लेकर पटले परिवार की तीन महिलाओं और दो पुरुषों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इस हमले में उनके सिर और कमर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। गुरुवार को दर्द अधिक बढ़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। बेटे ने बनाया वीडियो, परिजनों ने लगाया पुलिस पर आरोप मारपीट के दौरान महिला के बेटे ने घटना का पूरा वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब वायरल हो रहा है। परिजनों का आरोप है कि घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और वे खुलेआम घूम रहे हैं। TI बोले- दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज इस पूरे मामले में रामपायली थाना प्रभारी धर्मराजसिंह बघेल ने बताया कि परिजनों के आरोप निराधार हैं। घटना को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके आधार पर पुलिस ने काउंटर केस दर्ज कर लिया है। घायल महिला की एमएलसी जांच भी कराई गई है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
सोनीपत में जल बोर्ड कर्मचारी बनकर ठगी:पानी कनेक्शन काटने की धमकी, APK लिंक भेजकर 2.96 लाख रुपए हड़पे
सोनीपत सिटी के सुजान सिंह पार्क इलाके में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को जल बोर्ड का कर्मचारी बताकर पानी और सीवर का कनेक्शन काटने की धमकी दी। इसके बाद एक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन (APK) इंस्टॉल करवाकर पीड़ित के बैंक खातों से करीब 2.96 लाख रुपए हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर सोनीपत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सुजान सिंह पार्क निवासी शैलेंद्र पाल सिंह डडियाला, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने पुलिस को बताया कि 27 मई 2026 को उनके वॉट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। आरोपियों ने उन्हें दूसरे नंबर पर कॉल करने को कहा और धमकी दी कि यदि जल बोर्ड की आईडी अपडेट नहीं की गई, तो पानी-सीवर का कनेक्शन काट दिया जाएगा। लिंक भेजकर 2.96 लाख रुपए ठगे इसके बाद ठगों ने उनके वॉट्सएप पर 'Dulbharyanacitizenservice.apk' नाम से एक संदिग्ध लिंक भेजा। उन्होंने पीड़ित से कहा कि कनेक्शन चालू रखने के लिए इस लिंक के माध्यम से केवल 13 रुपए का भुगतान करें। पीड़ित ने जैसे ही उस लिंक पर अपनी जानकारी साझा की, ठगों ने उनके फोन का एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खातों में सेंध लगा दी। शातिरों ने अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 2 लाख 95 हजार 999 रुपए निकाल लिए। कई जगह खरीदारी और भुगतान किए इस राशि का उपयोग जोमैटो (Zomato), ईजी ट्रिप प्लानर्स (Easy Trip Planners) और रिलायंस डिजिटल (Reliance Digital) पर खरीदारी और भुगतान के लिए किया गया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शैलेंद्र पाल की लिखित शिकायत के आधार पर सोनीपत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 18 जून 2026 को अज्ञात ठगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340 और 61 के तहत मुकदमा नंबर 69 दर्ज किया है। पुलिस उन बैंक खातों और लेनदेन आईडी को ट्रेस कर रही है, जहां यह रकम ट्रांसफर की गई है।
ब्यावर की रायपुर थाना पुलिस ने एक मकान में हुई नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और वारदात में प्रयुक्त बुलेट बाइक सहित करीब 5 लाख रुपए का माल बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में उप कारागृह जैतारण भेज दिया गया है। रात में घर में घुसकर चुराए थे जेवर और नकदी पुलिस के अनुसार, ग्राम पाबूर कीरो की ढाणी निवासी ढगलाराम पुत्र भीखाराम कीर ने 17 मई 2026 को रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 15 मई की रात वह घर के बाहर सो रहे थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घर के अंदर थे। 16 मई की रात करीब डेढ़ बजे अज्ञात चोर मकान में घुस गए और कमरे व लोहे के बक्से का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा 50 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले में प्रकरण संख्या 94/2026 धारा 331(4) एवं 305ए बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया और वृत्ताधिकारी रायपुर बंशीलाल पाण्डर के सुपरविजन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पूछताछ में कबूला जुर्म, बरामद हुआ चोरी का सामान जांच के दौरान पुलिस ने पाबूर कीरो की ढाणी, रायपुर निवासी अशोक पुत्र शेषाराम कीर (29) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर सोने की कंठी, सोने का टीका, जोधा बाली, चांदी की पुनछा, 11 नग चांदी की बिछुड़ियां, चांदी की गले की चेन तथा 25 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। वारदात में प्रयुक्त बुलेट भी जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बुलेट बाइक संख्या आरजे-68 ई-9595 भी जब्त कर ली है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
बिजली तार चोरी: तीन आरोपी गिरफ्तार:लाखों का माल बरामद, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
सिवनी जिले के आदेगांव थाना क्षेत्र में बिजली के एल्युमिनियम और केबल तारों के चोरी के मामले में पुलिस ने गुरुवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लाखों रुपए मूल्य की सामग्री भी बरामद की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद शाम करीब 5 बजे न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल लखनादौन भेज दिया गया है। मामले में अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि नरसिंहपुर जिले के ग्राम बचई निवासी अर्जुन सिंह राजपूत ने 15 जून को आदेगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि 8 ड्रम एल्युमिनियम बिजली तार और 4 ड्रम 50 स्क्वेयर एमएम के केबल तार का गायब कर उन्हें खुर्द-बुर्द कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान थाना स्तर पर अलग-अलग टीमों का गठन किया गया और संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश की गई। जांच के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म स्वीकार कर लिया। इनको किया गिरफ्तार इसके बाद उनकी निशानदेही पर गबन की गई संपत्ति बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के सिमडेगा जिले के पतिअम्बा निवासी प्रमोद प्रसाद उर्फ बबलू (40), सिवनी जिले के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के दतनी निवासी टेकचंद चन्द्रवंशी (41) तथा अरी थाना क्षेत्र के गोकलपुर निवासी अतुल राहंगडाले (34) शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए तारों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गबन की गई सामग्री को कहीं बेचा गया था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष धुर्वे के नेतृत्व में आदेगांव थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
राजनांदगांव के सोमनी थाना क्षेत्र स्थित मनगट्टा के 'विसलीइंग वुड रिसॉर्ट' में भिलाई की 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान भिलाई निवासी मुस्कान तिवारी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मुस्कान अपने कुछ साथियों के साथ मनगट्टा स्थित रिसॉर्ट में ठहरी थी। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, देर रात वह बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाई गई थी। घटना की जानकारी रिसॉर्ट प्रबंधन को सुबह करीब 8 बजे मिली। इसके बाद युवती को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरे मामले में सबसे संदिग्ध बात यह है कि मुस्कान के साथ रिसॉर्ट आए उसके अन्य साथी सुबह होने से पहले ही वहां से फरार हो गए। साथियों का इस तरह बिना बताए चले जाना पुलिस के लिए बड़े सवाल खड़े कर रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की हर एंगल से जांच शुरू कर दी है। फिलहाल रिसॉर्ट के कर्मचारियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, युवती के साथ आए फरार साथियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल शव को मर्चुरी में रखवा दिया गया है और फरार संदेही साथियों की तलाश जारी है।
झालावाड़ जिले के पुलिस विभाग में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा जारी दो अलग-अलग तबादला सूचियों में कुल 106 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इन आदेशों के तहत, 63 सहायक उपनिरीक्षकों (एएसआई) और 43 हेड कॉन्स्टेबलों को विभिन्न थानों एवं शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और प्रशासनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से इन तबादलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस व्यापक फेरबदल के बाद सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने नवीन पदस्थापन स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि लगभग डेढ़ माह पहले जिले में बड़ी संख्या में हेड कॉन्स्टेबलों को पदोन्नत कर एएसआई बनाया गया था। पदोन्नति के बाद उत्पन्न हुई नई जिम्मेदारियों और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह तबादला सूची जारी की गई है। पुलिस विभाग के इस कदम से विभिन्न थानों और शाखाओं में कार्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की उम्मीद है।
सिरोही के पावापुरी के पास गुरुवार शाम एक कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके से गुजर रहे एक ऑटो ड्राइवर ने इसका वीडियो बनाया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, यह घटना राजमार्ग स्थित सिरोही सदर थाना क्षेत्र में हुई। सिरोही की ओर आ रही कार में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग लगते ही कार में सवार लोग तुरंत बाहर निकल आए और सुरक्षित दूरी पर चले गए। कार में कितने लोग सवार थे और यह किसकी थी, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। इसी दौरान, वहां से गुजर रहे एक ऑटो ड्राइवर ने अपने चलते ऑटो से ही इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार सड़क किनारे खड़ी है। उसके दरवाजे खुले हुए हैं और आग की लपटें कार के भीतर से बाहर तक फैल रही हैं। यह वीडियो सिरोही जिले में तेजी से फैल रहा है।
कोतवाली थाना पुलिस एक युवक को अवैध गांजे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई DSP सिटी गोपाल सिंह ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील की टीम की ओर से की गई। DSP गोपाल ढाका ने बताया कि 18 जून 2026 को कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील को मुखबिर (गुप्तचर) से पुख्ता सूचना मिली कि हाइवे बाईपास रोड पर स्थित 'होटल सिगड़ी' के पास जैकी नाम का एक लड़का बैठा है। उसके पास अवैध मादक पदार्थ (गांजा) है और वह उसे किसी को बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही थानाधिकारी मय टीम के तुरंत एक्शन में आए और होटल सिगड़ी के पास पहुंचे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को दबोच लिया। 93 ग्राम गांजा बरामद, एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज पुलिस ने जब पकड़े गए युवक की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 93 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जैकी (उम्र 22 वर्ष) पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी गोगामेड़ी के पास, वारिसपुरा (थाना सदर, झुंझुनू) बताया। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी जैकी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अचानक सभी मंत्रियों को रात 9 बजे CM हाउस बुलाया है। अचानक मिले बुलावे से कई मंत्री अपने कार्यक्रम रद्द कर रायपुर के लिए रवाना हुए। चर्चा है कि ये बैठक कोरिया में हुई भाजपा नेता की हत्या और लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे को लेकर बुलाई गई है। हालांकि, बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। पिछले कई दिनों से मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चा चल रही थी। ऐसे में मुख्यमंत्री की इस अचानक बुलाई गई बैठक को लेकर कई तरह के सियासी कयास लगाए जा रहे हैं। कई मंत्री कार्यक्रम छोड़कर रायपुर पहुंचे बताया जा रहा है कि कुछ मंत्री दिनभर अपने प्रभार वाले जिलों और सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त थे, लेकिन देर शाम उन्हें तत्काल रायपुर पहुंचने के निर्देश मिले। निर्देश मिलते ही मंत्री राजेश अग्रवाल सरगुजा से रायपुर पहुंचे। वहीं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एमसीबी में आयोजित कार्यक्रम को बीच में छोड़कर रायपुर पहुंचे हैं। इन विषयों पर चर्चा होने की संभावना इस बैठक में आगामी प्रशासनिक निर्णयों, संगठनात्मक गतिविधियों, विधानसभा सत्र की तैयारी और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक किसी भी विषय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि देर रात होने वाली इस बैठक से क्या बड़े फैसले निकलकर सामने आते हैं।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पिता को मारने के लिए बेटे ने चाकू निकाल लिया। इस दौरान उनका विवाद शांत कराने के लिए पहुंचे आरक्षक पर युवक ने डंडे से हमला कर दिया, जिससे आरक्षक का सिर फट गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, आरोपी युवक को पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया है। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि कुदुदंड निवासी सागर सूर्यवंशी का बुधवार रात अपने पिता मुन्ना सूर्यवंशी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के दौरान वह गाली-गलौज करते हुए घर में रखे धारदार चाकू निकाल लिया। इस दौरान वह पिता पर हमला करने दौड़ा। डरे-सहमे मुन्ना सूर्यवंशी ने किसी तरह खुद को बचाया और पुलिस को सूचना दी। युवक ने आरक्षक पर डंडे से किया हमला इस घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना क्षेत्र की ईगल-02 डायल-112 टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी सागर को घेर लिया और उसके हाथ से चाकू छीन लिया। इसी दौरान आरोपी ने अचानक एक भारी डंडा उठाकर आरक्षक मोरज सिंह के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक मोरज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी मानसिक रोगी, चल रहा इलाज घटना के बाद सिविल लाइन थाने का अतिरिक्त पेट्रोलिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़कर थाने ले आया। शुरुआती जांच और परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि सागर सूर्यवंशी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है और उसका काफी समय से मानसिक इलाज चल रहा है। आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, आरक्षक पर हमला करने वाले आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पन्ना जिले के अजयगढ़ की सिंहपुर घाटी में गुरुवार की शाम दो बाइक्स की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, छतेनी निवासी पुष्प राज सिंह (32) अजयगढ़ से अपने घर लौट रहे थे। सिंहपुर घाटी के मोड़ पर एक बस को ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी मोटरसाइकिल सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों पर सवार लोग सड़क पर गिर गए। ये हुए घायल इस सड़क हादसे में कुल छह लोग घायल हुए हैं। घायलों में छतेनी निवासी पुष्प राज सिंह (पिता रामशंकर, 32), गुठला निवासी आशीष पाल (पिता राजा भैया पाल, 18), गुठला निवासी गौरी बाई (पति रामकरण, 28) और कितपुरा निवासी प्रमोद कुमार पाल (पिता सियाराम, 45) शामिल हैं। दो अन्य घायलों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
गोलीकांड में युवक को फंसाने का आरोप:थाने पहुंचे लोग, बोले-FIR में नाम नहीं, फिर भी बदनाम किया जा रहा
झुंझुनूं के गुढ़ा गौड़जी कस्बे में करीब दो महीने पहले हुए चर्चित गोलीकांड मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। सर्व समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय युवक प्रशांत शर्मा को सुनियोजित तरीके से मामले में फंसाने और उसकी छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर झूठे वीडियो और पोस्टर वायरल किए जा रहे हैं। इस कथित राजनीतिक द्वेषपूर्ण कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को सर्व समाज के लोगों ने थाने पहुंचकर थानाधिकारी गौरव प्रधान को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ये है पूरा मामला ज्ञापन में बताया - 4 अप्रैल को भोड़की चौराहे पर हुए गोलीकांड हुआ था। उसमें प्रशांत शर्मा का दूर-दूर तक कोई रोल नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पोस्टर वायरल कर उसे इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। राजनीतिक साजिश का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे रोहित खराड़िया नाम का युवक और कुछ अन्य राजनीतिक लोग हैं। समाज के लोगों का कहना है कि रोहित खराड़िया स्वयं इस मामले में जेल जा चुका है। पुलिस पूछताछ और गिरफ्तारी के दौरान भी उसने प्रशांत शर्मा का नाम नहीं लिया था। वहीं मूल एफआईआर में भी प्रशांत का नाम शामिल नहीं है। 'प्रशांत का रिकॉर्ड बेदाग, फिर भी बदनाम किया जा रहा' ज्ञापन में बताया गया कि प्रशांत शर्मा के खिलाफ आज तक किसी भी थाने में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। इसके बावजूद राजनीतिक द्वेष के चलते उसे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। समाज के लोगों ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाला व्यक्ति आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ गुढ़ा गौड़जी थाने में लूट, जानलेवा हमला और आगजनी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस बोली- जांच में भी सामने नहीं आया नाम गुढ़ा थानाधिकारी गौरव प्रधान ने बताया कि सर्व समाज के लोगों ने ज्ञापन देकर शिकायत की है कि रोहित खराड़िया नामक व्यक्ति द्वारा गोलीकांड मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक एप्लीकेशन और वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें प्रशांत शर्मा को मुख्य अभियुक्त बताया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि न तो एफआईआर में और न ही अब तक की जांच में प्रशांत शर्मा का नाम सामने आया है। मामले की जांच वर्तमान में सीओ नवलगढ़ द्वारा की जा रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय, आयुष, रोहित, कपिल शर्मा, आशीष, रामसिंह, हिमांशु, विनोद कुमार सहित सर्व समाज के दर्जनों लोग मौजूद रहे।
हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के नगला भूरा गांव में गुरुवार शाम एक मकान से एक युवक और एक विवाहिता के शव मिलने से हड़कंप मच गया। विवाहिता की पहचान 25 साल की प्रियंका पत्नी विनीत और युवक की पहचान 26 साल के प्रकाश पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है। दोनों भूरा गांव के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, मामला अफेयर का लग रहा है। शुरुआती जांच में आशंका है कि युवक ने पहले विवाहिता की गला दबाकर हत्या की और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है।
बिलासपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के 200 रुपए बिल चुकाने को लेकर बदमाशों ने जमकर बवाल किया। युवकों ने अस्पताल में कर्मचारियों से बहसबाजी की, फिर गार्ड के साथ गाली-गलौज कर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही युवकों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर पत्थरबाजी भी की। घटना सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, बोरी फैक्ट्री के पास तिफरा निवासी नारायण मिश्रा न्यू जनता अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 15 जून की रात वह अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान रात करीब 12.20 बजे दो युवक इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। इलाज के बाद दोनों युवक बिल भुगतान को लेकर अस्पताल के कर्मचारियों वाशु और प्रियंका से विवाद करने लगे। चाकू दिखाकर जान से मारने दी धमकी अस्पताल परिसर में बढ़ते विवाद को देखकर गार्ड नारायण मिश्रा ने दोनों को समझाने और बहस बंद करने के लिए कहा। शिकायत के अनुसार गार्ड की बात सुनकर दोनों युवक भड़क गए और गालियां देने लगे। आरोप है कि उन्होंने अपने पास रखा धारदार चाकू निकाल लिया और उसे लहराते हुए गार्ड को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दोनों अस्पताल से बाहर निकल गए। अस्पताल में की तोड़फोड़ गार्ड ने पुलिस को बताया कि बाहर निकलने के बाद आरोपियों ने अस्पताल के सामने पत्थर फेंककर कांच में तोड़फोड़ की। पत्थर और टूटे हुए कांच के टुकड़े लगने से उन्हें चोटें आईं। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद डॉ. राजेश कुमार यादव, कर्मचारी वाशु, प्रियंका और जय ने पूरा घटनाक्रम देखा। पूछताछ में आरोपियों की पहचान आदित्य बनसोड़ और युवराज के रूप में हुई। शिकायत के आधार पर सिरगिट्टी पुलिस ने आदित्य बनसोड़, युवराज और अन्य के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के अलावा बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 324(4) और 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में विरोध में उतरे टीचर:बोले-2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के भविष्य पर संकट
झुंझुनूं में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से स्थायी छूट और सेवा सुरक्षा की मांग की।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान) के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 23 अगस्त 2010 को TET को न्यूनतम पात्रता के रूप में लागू किया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के फैसले के बाद 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवा शर्तों, वरिष्ठता, पदोन्नति और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका तर्क है कि उनकी नियुक्तियां उस समय लागू नियमों और चयन प्रक्रिया के अनुसार हुई थीं, इसलिए बाद में बने पात्रता मानदंड उन पर लागू नहीं किए जाने चाहिए। ज्ञापन में शिक्षकों ने मांग की कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। साथ ही उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सभी सेवा लाभों को कानूनी संरक्षण दिया जाए। महासंघ ने केंद्र सरकार से आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाकर प्रभावित शिक्षकों को स्थायी राहत देने की भी मांग की है। प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है, इसलिए उनके भविष्य को अनिश्चितता में नहीं डाला जाना चाहिए।
शिवगंज शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे आमजन परेशान हैं। खासकर महिलाएं अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। नगर पालिका में शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं होने पर अब उन्होंने तहसीलदार से मदद मांगी है। शहर की गलियों और मोहल्लों में आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, बुजुर्ग भी बाहर जाने से कतराने लगे हैं। दोपहिया वाहन चालक भी कुत्तों के अचानक सामने आने से दुर्घटनाओं की आशंका से ग्रस्त रहते हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अपने छोटे बच्चों को घरों से बाहर भेजना बंद कर दिया है। उनके अनुसार कुत्ते छोटे बच्चों को देखते ही उन पर झपट पड़ते हैं। यदि बच्चों के हाथ में खाने की कोई चीज हो, तो कुत्ते उस पर हमला कर देते हैं। महिलाओं ने पहले नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि शिकायत पत्र लेने से भी इनकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और आवारा कुत्तों से जल्द निजात दिलाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे सिरोही कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएंगी। महिलाओं ने यह भी बताया कि उन्होंने ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विदिशा कुरवाई तहसील में जमीन विवाद को लेकर कार्रवाई न होने से नाराज एक युवक गुरुवार को अनोखे तरीके से विरोध जताने एसपी कार्यालय पहुंचा। युवक पिंड भरकर अधिकारियों से न्याय की मांग करता नजर आया। जानकारी के अनुसार, कुरवाई तहसील निवासी गजेंद्र दांगी का गांव के कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि जिस जमीन पर वह खेती कर रहे थे, वहां कुछ लोग पहुंचे और ट्रैक्टर रुकवा दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घर में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप गजेंद्र दांगी का कहना है कि 15 जून को कुछ लोग उनके घर पहुंचे और तोड़फोड़ व आगजनी की घटना की। साथ ही उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज करवा दिया गया। उनका दावा है कि उनके पास जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं और निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। पिंड भरकर जताया विरोध कार्रवाई न होने से नाराज होकर युवक पिंड भरकर एसपी कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से न्याय की मांग की। उसका कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। इस मामले में एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों की ओर से प्रकरण दर्ज हैं। मामले की जांच कुरवाई एसडीओपी को सौंपी गई है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति का उल्लंघन कर तीन एएनएम के तबादले किए जाने के मामले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बुधवार को सख्त कार्रवाई की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में पदस्थ स्थापना लिपिक सहायक ग्रेड-2 बबीता खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्रवाई प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बिना स्थानांतरण आदेश जारी करने पर की गई। जानकारी के अनुसार, एएनएम रचना श्रीवास्तव, शबनम और रेखा निरंजन के तबादले प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बिना किए गए थे। जांच में पाया गया कि ये आदेश राज्य शासन की स्थानांतरण नीति और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत थे। कलेक्टर ने इसे प्रशासनिक अनुशासनहीनता और नियमों का गंभीर उल्लंघन माना। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्थापना लिपिक बबीता खरे का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय छतरपुर निर्धारित किया गया है, और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस कार्रवाई के साथ ही, कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी सख्त निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ को निलंबित कर्मचारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर 15 दिनों के भीतर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि बिना सक्षम स्वीकृति के तबादला आदेश जारी होने के मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में विभागीय स्तर पर और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
चंडीगढ़ के मौलीजागरां में 10-12 बदमाशों ने द्वारा युवक की हत्या मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है।आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में रेड कर रही है। जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह दुश्मनी थी। डीएसपी रामगोपाल ने बताया पुलिस ने 15 जून, 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता आकाश ने पुलिस को बताया था कि 14 जून की रात उसका दोस्त 31 वर्षीय तोता राम अपनी बहन से मिलने मौली जागरा आया था। इसी दौरान मौली जागरण कॉम्प्लेक्स के मकान नंबर 2501 के पास 10 से 15 लोगों ने उस पर हमला कर दिया। हमलावरों के पास चाकू, तलवार, डंडे और अन्य धारदार हथियार थे। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते टोटा राम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे आकाश को भी चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल टोटा राम को सेक्टर-6 पंचकूला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानिए कैसे पकडे़ आरोपी पुलिस ने शिकायतकर्ता की पहचान के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 22 वर्षीय अरमान कुमार उर्फ आशु निवासी मौली जागरा और 18 वर्षीय समीर निवासी राजीव कॉलोनी, सेक्टर-17 पंचकूला शामिल हैं। दोनों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान 25 वर्षीय सुमित और 19 वर्षीय कृष उर्फ किशु के रूप में हुई है। दोनों राजीव कॉलोनी, सेक्टर-17 पंचकूला के रहने वाले हैं। कृष उर्फ किशु पहले भी एक आपराधिक मामले में नामजद रह चुका है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। निशानदेही पर हथियार बरामद पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। आरोपी समीर की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया, जबकि अरमान कुमार उर्फ आशु की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया दातरनुमा धारदार हथियार बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों हथियारों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। इसके अलावा वारदात से जुड़े अन्य सबूत भी बरामद किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा… बचने के लिए दौड़ा युवक: 47 सेकंड की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। मृतक तोता अपने दोस्त के साथ गली से गुजर रहा था। तभी बदमाश वहां पहुंचे और आते ही दोनों पर हमला शुरू कर दिया। हमले से बचने के लिए तोता भागने लगा, लेकिन कुछ दूरी पर जाकर गिर पड़ा। नीचे गिरा, सिर-छाती पर वार किए: नीचे गिरते ही बदमाशों ने उसके सिर और छाती पर चाकू-तलवारों से ताबड़तोड़ वार किए। महज 15 सेकेंड में उस पर 8 वार किए गए। इसके बावजूद तोता किसी तरह उठकर दोबारा भागने लगा, लेकिन आगे जाकर अन्य बदमाशों ने उसे फिर पकड़ लिया। इसके बाद सभी बदमास उस पर लगातार वार करते रहे। मरने तक करते रहे वार, फिर भाग गए: फुटेज में तोता पर 16 से अधिक वार होते दिखाई दे रहे हैं। आखिर में वह सड़क पर गिर गया, जिसके बाद भी बदमाश नहीं रुके और उस पर वार करते रहे। जब बदमाशों को यकीन हो गया कि उसकी मौत हो चुकी है, तब वे मौके से फरार हो गए।
करौली में डीएनटी (घुमंतू एवं विमुक्त जाति) समाज, वंचित ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 27वां जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलनकारियों ने रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता की तिथि जल्द घोषित करने की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा और 1 जुलाई को जयपुर में महा-पड़ाव आयोजित किया जाएगा। रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे आंदोलनकारी राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में लोग राजरानी पैलेस से रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रदर्शन के बाद सहायक जिला कलेक्टर प्यारेलाल सोंथवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। दो वर्षों से आंदोलनरत है डीएनटी समाज ज्ञापन में बताया गया कि डीएनटी समाज पिछले दो वर्षों से लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार के साथ पहले भी वार्ता हुई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। 10 प्रतिशत अलग आरक्षण सहित कई मांगें आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग डीएनटी समाज को अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण देने की है। इसके अलावा राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने, आवासीय पट्टे देने, भूमि आवंटन, शिक्षा और अन्य सामाजिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया है। आरक्षण के उपवर्गीकरण की भी उठाई मांग संगठनों ने ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के भीतर आरक्षण के उपवर्गीकरण की मांग करते हुए कहा कि इससे आरक्षण का लाभ सभी जरूरतमंद और वंचित समुदायों तक समान रूप से पहुंच सकेगा। आंदोलनकारियों का दावा है कि प्रदेश के करीब 150 समाज इस अभियान से जुड़े हुए हैं। सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी ज्ञापन में मुख्यमंत्री स्तर पर दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने, लंबित मांगों के समाधान पर स्पष्ट चर्चा करने और वार्ता की तिथि व समय जल्द घोषित करने की मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा 1 जुलाई को जयपुर में महा-पड़ाव के जरिए सरकार पर दबाव बढ़ाया जाएगा।
दतिया जिले के गोपालपुर कंजर डेरा में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने 2600 किलोग्राम गुड़लाहन को मौके पर नष्ट किया और 53 बल्क लीटर हाथभट्टी शराब जब्त की। इस मामले में दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आबकारी टीम ने बड़ौनी पुलिस के सहयोग से गोपालपुर कंजर डेरा में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान, एक गड्ढे में छिपाकर रखा गया 2000 किलोग्राम गुड़लाहन और एक जरीकेन से 45 बल्क लीटर हाथभट्टी शराब बरामद हुई। इसके अतिरिक्त, एक अन्य स्थान पर तीन ड्रमों में 600 किलोग्राम गुड़लाहन और 40 पाउच में भरी 8 बल्क लीटर कच्ची शराब भी मिली। कुल मिलाकर, 2600 किलोग्राम गुड़लाहन और 53 बल्क लीटर शराब जब्त की गई। आबकारी अधिकारियों ने गुड़लाहन के नमूने लेने के बाद शेष सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल हो रहे तीन ड्रम भी नष्ट किए गए। जब्त की गई शराब को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विभाग के अनुसार, जब्त और नष्ट की गई सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 2.73 लाख रुपए है। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रतापगढ़ की पारसोला थाना पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 3 किलो 410 ग्राम अवैध डोडाचूरा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पारसोला थानाधिकारी राकेश कटारा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसे अंजाम दिया। रोडवेज बस की चेकिंग के दौरान युवक ने भागने की कोशिश की थाना अधिकारी राकेश कटारा ने बताया -थाना परिसर के सामने नाकाबंदी की गई थी। मुगांणा की ओर से आ रही एक रोडवेज बस को जांच के लिए रोका गया। बस से उतरकर एक व्यक्ति अपने हाथ में पीले रंग का कट्टा लेकर भागने का प्रयास करने लगा। उसकी संदिग्ध हरकतों को देखते हुए पुलिस टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। आरोपी को किया गिरफ्तार पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रभुलाल उर्फ दयाराम थोरी (49) बताया। पुलिस ने उसके कब्जे वाले कट्टे की तलाशी ली, जिसमें अवैध आधा कुचला अफीम डोडाचूरा बरामद हुआ। इसका वजन 3 किलो 410 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पारसोला थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी से मादक पदार्थ के स्रोत और तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
भिंड के लहार क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कांक्शी सरकार धाम में इस वर्ष दिसंबर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 17 से 21 दिसंबर 2026 तक यहां कथा वाचन करेंगे। तिथियां तय होने के बाद आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले डबरा स्थित नवग्रह मंदिर में कथा कार्यक्रम के दौरान महामंडलेश्वर संत रामदास महाराज के आग्रह पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कांक्शी सरकार धाम में कथा करने की सहमति दी थी। उस समय उन्होंने कथा करने की घोषणा की थी, लेकिन तारीखें तय नहीं हुई थीं। दिसंबर में पांच दिन चलेगी कथा गुरुवार को जारी कार्यक्रम के अनुसार, कथा 17 दिसंबर से 21 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। तिथियां सामने आने के बाद क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। दंदरौआ धाम के प्रवक्ता दर्ज त्रिपाठी ने बताया कि बागेश्वर धाम सेवा मंडल ने कथा की तिथियां तय कर दी हैं। आयोजन को लेकर शुरुआती तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही विभिन्न समितियों का गठन किया जाएगा, जिसमें यातायात, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और श्रद्धालुओं की सुविधा जैसी व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि कथा में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को देखते हुए आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने की तैयारी की जा रही है।
नाथद्वारा में आयोजित शहरी सेवा शिविर का गुरुवार को जिला प्रभारी सचिव आरती डोगरा ने निरीक्षण किया। राज्य सरकार के जनकल्याणकारी अभियानों को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कहा- लोगों को परेशानी न हो प्रभारी सचिव आरती डोगरा ने शिविर में लगे काउंटरों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर आवेदन प्रक्रिया और कार्यों के निस्तारण की जानकारी ली। पट्टे मिले तो खिले चेहरे इस अवसर पर प्रभारी सचिव ने पात्र लाभार्थियों को अपने हाथों से भूमि एवं आवास के पट्टे, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए। पट्टे मिलने पर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी नजर आई। कई परिवारों ने लंबे इंतजार के बाद मिले मालिकाना हक के दस्तावेजों के लिए प्रशासन का आभार जताया। निरीक्षण के दौरान आरती डोगरा ने नगर पालिका अधिकारियों से लंबित प्रकरणों की जानकारी लेकर उनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, उपखंड अधिकारी भागीरथ सिंह, नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी सौरभ कुमार जिंदल सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

