लखनऊ में स्कूली वाहनों पर 15 दिन का सख्त अभियान:पहले दिन 13 वाहन सीज, 28 का हुआ चालान
लखनऊ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिलेभर में स्कूली वाहनों की सघन जांच की जा रही है। अभियान के पहले ही दिन कार्रवाई करते हुए कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और कुछ को थानों में खड़ा करा दिया गया। कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई परिवहन विभाग की चार प्रवर्तन टीमों ने कानपुर रोड, दुबग्गा, काकोरी, सीतापुर रोड, आशियाना और महानगर समेत कई इलाकों में एक साथ चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन वाहनों को खासतौर पर निशाने पर रखा गया जिनकी फिटनेस, परमिट या अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं थे। 13 वाहन सीज, 28 का चालान अभियान के दौरान 13 स्कूली वाहनों को फिटनेस और परमिट समाप्त मिलने पर थानों में खड़ा करा दिया गया, जबकि 28 वाहनों का चालान किया गया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नए पोर्टल से होगी निगरानी परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए UPISVMP (upisvmp.com) पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल पर सभी स्कूलों को अपने वाहनों और चालकों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। अभियान के दौरान अधिकारी स्कूलों में जाकर वाहनों का भौतिक निरीक्षण और तकनीकी जांच भी करेंगे। जांच के समय वाहन की फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। मानक पूरे न होने पर फिटनेस रद्द जांच में यदि कोई वाहन मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसकी फिटनेस तत्काल निरस्त कर दी जाएगी। संबंधित स्कूलों और वाहन मालिकों को दोबारा फिटनेस हासिल करने के निर्देश दिए जाएंगे। हर स्तर पर निगरानी की व्यवस्था इस पूरी व्यवस्था की निगरानी परिवहन आयुक्त से लेकर एआरटीओ, जिलाधिकारी, डीआईओएस और बीएसए स्तर तक की जाएगी। सभी अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन आईडी दी गई है, जिससे स्कूलों और वाहनों का निरीक्षण ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा।
लखनऊ में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना एक युवक को भारी पड़ गया। आशियाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने Swiggy कस्टमर केयर बनकर 95,999 रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित निगम कुमार के मुताबिक, 8 मार्च को उन्होंने Swiggy से खाना ऑर्डर किया था। डिलीवरी में देरी होने पर ऑर्डर कैंसिल कर दिया। रिफंड के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर ढूंढकर कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। कुछ देर बाद एक अन्य नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया और एक फाइल भेजकर कहा कि इसे खोलते ही पैसा वापस आ जाएगा। पीड़ित ने जैसे ही फाइल खोली, खाते से दो बार में कुल 95,999 रुपए निकल गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद अब आशियाना थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करवाई है।
विवाहिता की मौत पर किन्नरों का हंगामा:ससुरालीजनों पर लगाया हत्या का आरोप,पुलिस जांच में जुटी
आगरा के थाना कमलानगर क्षेत्र में विवाहिता की मौत के बाद किन्नरों ने जमकर हंगामा किया। किन्नरों का आरोप है कि युवती को ससुरालीजनों ने गला दबाकर मारा है। मृतका का विवाह किन्नरों ने ही किया था और वे उसे अपनी मुंहबोली बेटी मानते थे। हंगामा करने वाले किन्नरों का नेतृत्व यमुना पार टेड़ी बगिया के किन्नर अध्यक्ष कर रहे थे, जो मृतक लड़की का चाचा है। किन्नरों ने घर में तोड़फोड़ की और गेट तोड़ने की कोशिश की, साथ ही शीशे भी फोड़े। किन्नरों का कहना है कि युवती की शादी ससुरालीजनों ने बहुत ही धूमधाम से की थी, लेकिन बाद में वे उसे प्रताड़ित करने लगे। किन्नरों का आरोप है कि ससुरालीजनों ने युवती को गला दबाकर मार डाला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और किन्नरों को शांत करने की कोशिश की जा रही है। किन्नरों का कहना है कि वे अपनी मुंहबोली बेटी के लिए न्याय चाहते हैं और ससुरालीजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लखनऊ में संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और अपडेट रखने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी आवंटित आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का डोर-टू-डोर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, इस अभियान से जहां संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट होगा, वहीं फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर भी लगाम लगेगी। फिलहाल कई संपत्तियों के रिकॉर्ड अधूरे या अनुपलब्ध हैं, जिससे न केवल प्राधिकरण का काम प्रभावित होता है, बल्कि आवंटियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। डिजिटाइजेशन से जुड़ेगा पूरा डेटा LDA पहले से ही संपत्तियों की फाइलों को डिजिटल रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है। सत्यापन अभियान के जरिए जमीनी हकीकत और रिकॉर्ड का मिलान कर डेटा को पूरी तरह सटीक बनाया जाएगा। एजेंसी करेगी सर्वे, कर्मचारियों को मिलेंगे आईडी कार्ड सत्यापन का जिम्मा पीसीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी प्रा. लि. को दिया गया है। एजेंसी के कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। सभी कर्मचारियों को प्राधिकरण की ओर से आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे, ताकि लोग उनकी पहचान कर सकें। आवंटियों से मांगी जाएंगी जरूरी जानकारी सर्वे के दौरान संपत्ति मालिकों से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र लिए जाएंगे। इसके लिए LDA ने सभी जोन के अधिकारियों को प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोग इस प्रक्रिया से अवगत रहें। लोगों से सहयोग की अपील उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें। इससे न केवल रिकॉर्ड दुरुस्त होगा, बल्कि भविष्य में मिलने वाली सेवाएं भी अधिक आसान और पारदर्शी बनेंगी।
कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र स्थित भैसहा मेले में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा एक बड़ा झूला अचानक टूट गया, जिससे लगभग 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार, झूला 3-4 बार घूमने के बाद चरमराने लगा था। हालांकि, झूला ऑपरेटर ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। कुछ ही देर में झूला टूट गया, जिससे उसमें बैठे लोग नीचे आ गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। जिले से 108 एंबुलेंस की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, जो घायलों को नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचा रही हैं। तस्वीरों में देखिए हादसा… मौके पर प्रशासन और पुलिस टीम मौजूद है और राहत-बचाव कार्य जारी है। प्रशासन द्वारा घायलों की स्थिति और हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। भैसहा मेला कुशीनगर के खड्डा तहसील के भैसहां गांव में नारायणी नदी के तट पर स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर के पास लगता है। यह मेला चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है, जिसमें पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार और नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बताया गया है कि यह मेला 30 तारीख से शुरू हुआ था और गुरुवार को स्नान के बाद समाप्त होना था। हालांकि, मेले के समापन से पहले ही यह दुर्घटना हो गई।खड्डा विधायक विवेकानन्द पांडेय ने कहा कि आज 2 घंटे के अंदर हमारे क्षेत्र में दो घटनाएं हो गई है जिसमें पहली घटना सिसवा गोपाल में हुई थी जिसमें अभी तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और इस समय ये घटना क्षेत्र को दहला दिया , सबको उचित इलाज करा कर जिला अस्पताल रेफर किया गया है आगे इलाज जारी है
चंडीगढ़ में क्रेस्ट घोटाले के मामले में पुलिस ने करीब 83 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस केस में क्रेस्ट के अकाउंट्स विभाग के प्रमुख साहिल कुक्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में चंडीगढ की आर्थिक अपराध शाखा में 12 मार्च 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों—अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि—पर लगभग 83,04,85,582 रुपये की ठगी का आरोप है। शिकायत क्रेस्ट सेक्टर-19 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा दी गई थी। अकाउंट्स हेड की अहम भूमिका सामने आई जांच के दौरान सामने आया कि साहिल कुक्कर का मोबाइल नंबर ही आईडीएफसी बैंक में क्रेस्ट के खाते से जुड़ा हुआ था। खाते से होने वाले सभी लेन-देन की एसएमएस जानकारी इसी नंबर पर आती थी। इसके अलावा, फर्जी बैंक स्टेटमेंट तैयार करने में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद साहिल कुक्कर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब उसे 3 अप्रैल 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। कैश ट्रेल खंगाल रही पुलिस पुलिस अब इस मामले में पैसों की पूरी कड़ी (कैश ट्रेल) को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धोखाधड़ी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और किन लोगों तक पहुंची। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है। एक आईएफएस अफसर का नाम आया सामने चंडीगढ़ में क्रेस्ट और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। मामले में गिरफ्तार प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह पर आरोप है कि उसने करीब 2.50 करोड़ रुपये अपनी मां, दोस्त और अपने खातों में ट्रांसफर करवाए। अब इस मामले के तार एक आईएफएस अफसर तक भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि यह मामला चंडीगढ़ प्रशासन के बड़े अधिकारियों तक पहुंच सकता है। सूत्रों के मुताबिक, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और कुछ चैट्स पुलिस के हाथ लगी हैं, जिनमें संबंधित आईएफएस अफसर द्वारा सुखविंदर को गिरफ्तारी से पहले भागने और अग्रिम जमानत लेने की सलाह देने की बात सामने आई है। पुलिस जल्द ही इस आईएफएस अफसर से पूछताछ कर सकती है। वहीं, मामले को गंभीरता से देखते हुए इसे सीबीआई को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। मां और दोस्त के खातों में ट्रांसफर किए पैसे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने पूछताछ में बताया कि सुखविंदर सिंह ने करीब 2.5 करोड़ रुपये अपने खाते, अपनी मां सुरिंदर कौर के खाते और अपने दोस्त दीपक के खाते में ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा कैपको फिनटैक और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट नाम की कंपनियों के जरिए भी करोड़ों रुपये का गड़बड़झाला किया गया। आरोप है कि कुछ पैसा नकद लिया गया और बाद में एचडीएफसी बैंक में जमा कराया गया। शेल कंपनियों के कर्मचारियों ने भी किया खुलासा जांच में पता चला है कि शेल कंपनियों से जुड़े कर्मचारियों-मनीष, भूपिंदर सिंह और अमरजीत पाल सिंह-ने माना है कि उन्होंने सुखविंदर को नकद पैसा दिया था। इससे घोटाले का दायरा और बढ़ गया है। इस मामले में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पूर्व सीएफओ नलिनी भी जांच के घेरे में आ गई हैं। पुलिस ने नलिनी की बहन के घर से कार, लैपटॉप, पेन ड्राइव और जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। हालांकि नलिनी ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि वह धार्मिक यात्रा पर गई हुई हैं और लौटने के बाद जांच में शामिल होंगी। ऑडिट मैनेज करने के लिए लगवाए गए सोलर पैनल रिभव ऋषि ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हर तीन महीने में बैंक की ऑडिट होती थी। उनकी ब्रांच में ऑडिटर के रूप में नरेश सुखीजा और दीपक कुमार आते थे। ऑडिट में गड़बड़ियों को छिपाने के लिए उन्हें खुश रखने के उद्देश्य से उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए गए। इसके लिए ऋषि ने अपने सेविंग अकाउंट से रकम ट्रांसफर कर क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल के खाते में डाली थी। पुलिस ने हाल ही में सुखविंदर अबरोल को भी गिरफ्तार किया है, जिसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
बैंकिंग प्रणाली में भरोसे को झटका देने वाले मिसरोद शाखा भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक पियूष चतुर्वेदी और सहअभियुक्त मोहनसिंह सोलंकी को दोषी ठहराया है। सीबीआई प्रकरणों की सुनवाई कर रही अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलम शुक्ला की अदालत ने दोनों को विभिन्न धाराओं में 7-7 वर्ष के कठोर कारावास सहित जुर्माने की सजा सुनाई। 2014 में फर्जीवाड़ा, 2016 में हुई शिकायत मामला जुलाई 2014 का है, जब बैंक ऑफ इंडिया की मिसरोद शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कई व्यक्तियों और फर्मों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टर्म लोन और कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत की। इन खातों से संबंधित वास्तविक खाताधारकों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई और रकम आहरित कर ली गई।इस अनियमितता की शिकायत वर्ष 2016 में सीबीआई एसीबी भोपाल को दी गई, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू हुई। ‘विजन कम्प्यूटर’ के नाम पर 12.5 लाख का खेल जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ‘मेसर्स विजन कम्प्यूटर’ के नाम पर 12.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया। इसके लिए कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया गया और बाद में यह राशि खाताधारक की जानकारी के बिना मोहनसिंह सोलंकी द्वारा संचालित अन्य फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। कोर्ट ने बढ़ाईं धाराएं, साक्ष्यों के आधार पर सजा सीबीआई ने शुरू में आरोप पत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में पेश किया था। लेकिन सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने धारा 467, 468 और 471 को भी शामिल किया और इन्हीं धाराओं में दोष सिद्ध पाया। अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना वहीं, पियूष चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(d) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना, तथा जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास सुनाया गया।
अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मारी:उन्नाव में चाचा-भतीजे की मां समेत तीन घायल, रेफर
उन्नाव में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में चाचा, भतीजा और भतीजे की मां शामिल हैं। यह घटना पुरवा थाना क्षेत्र के हाबूसा पुलिया के पास उस समय हुई जब वे घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, पुरवा थाना क्षेत्र के काली खेड़ा निवासी सोनेलाल (50 वर्ष) अपने भतीजे सुमित और सुमित की मां तारावती के साथ बाइक से घर जा रहे थे। हाबूसा पुलिया के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और तीनों सवार दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सोनेलाल को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सुमित और तारावती को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी हैं और उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने आरोपी वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्कूलों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर गंभीरता से विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह आदेश स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इसका उद्देश्य रियल टाइम में ट्रैफिक को नियंत्रित करना है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स द्वारा वर्ष 2020 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। इस याचिका पर पहले भी सुनवाई हो चुकी है और न्यायालय ने स्कूलों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के संबंध में कई निर्देश दिए हैं। इस बार की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से एक अनुपालन रिपोर्ट पेश की गई। इसमें 18 स्कूलों में तैनात मार्शलों के कामकाज का आकलन प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ स्कूलों में मार्शल ट्रैफिक नियंत्रण में प्रभावी हैं, जबकि कई स्कूलों के मार्शलों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई। सुनवाई के दौरान डीसीपी, ट्रैफिक रवीना त्यागी ने न्यायालय को बताया कि स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रमुख चौराहों और सड़कों की निगरानी की जा रही है। इसी तर्ज पर स्कूलों के आसपास सीसीटीवी लगाने से ट्रैफिक को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। इस पर न्यायालय ने राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों और स्कूल प्रबंधनों के साथ बैठक कर इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया जाए। सुनवाई में यह भी जानकारी दी गई कि सरकार ने लोरेटो स्कूल का गेट नंबर 6ए खोलने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। इससे छात्रों को स्कूल परिसर के अंदर छोड़ा जा सकेगा और ट्रैफिक का दबाव कम होगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में बुधवार को 10वां लंतरानी हास्य उत्सव हंसी और ठहाकों के बीच आयोजित किया गया। हर साल 1 अप्रैल को होने वाला यह अनोखा कार्यक्रम इस बार भी अपने खास अंदाज के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मौजूद रहे। आयोजन की खास बात यह रही कि यहां पारंपरिक सम्मान के बजाय मजाकिया अंदाज में अतिथियों को अनोखे उपहार दिए गए। कार्यक्रम के सूत्रधार सर्विस संस्थान की ओर से बृजेश पाठक को खाली सिलेंडर भेंट किया गया, जबकि अपर्णा बिष्ट यादव को लॉलीपॉप देकर सम्मानित किया गया। हास्यपूर्ण उपहार देकर माहौल को मनोरंजक बनाया पूरे आयोजन का मकसद गंभीरता से हटकर लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना रहा। मंच पर अतिथियों को ऊंट-पटांग और हास्यपूर्ण उपहार देकर माहौल को मनोरंजक बनाया गया, जिससे दर्शक लगातार ठहाके लगाते रहे। इस अवसर पर ‘लंका रानी सम्मान’ दिल्ली के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. प्रवीण शुक्ला को प्रदान किया गया। उनके साथ मंच पर हास्य कवि चेतन चर्चित, हेमंत पांडे, उत्कर्ष उत्तम और मुकुल महान ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं पढ़ी कार्यक्रम में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं सुनाकर दर्शकों को देर तक बांधे रखा। कविताओं के बीच-बीच में चुटीले संवाद और हल्के-फुल्के व्यंग्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।हंसी के इस अनोखे उत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि व्यस्त जिंदगी के बीच ऐसे आयोजन लोगों को सुकून और मुस्कुराने का मौका देते हैं।
ग्वालटोली थानाक्षेत्र में IDFC बैंक की गेट-टू-गेदर पार्टी के दौरान नशे में धुत दो कर्मचारियों ने साथी कर्मचारी को बुरी तरह पीटने के बाद कपड़े तक फाड़ दिए। इस दौरान महिला सहकर्मी ने बीच बचाव का प्रयास किया तो आरोपी कर्मचारियों ने उन्हें सड़क पर घसीट कर पीटा, जिससे उनके कपड़े भी फट गए। इस दौरान आरोपी उनकी चेन भी लूट गए। पीड़ित महिला कर्मी कोतवाली थाने पहुंची जहां बाद में घटनास्थल ग्वालटोली निकला। जिसके बाद पीड़िता ने वहां पहुंचकर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी। पार्टी में 20 से 25 लोग शामिल हुए थे केशवपुरम में रहने वाली महिला मालरोड स्थित IDFC बैंक में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट्स चेंबर के पास उनके बैंक की गेट-टूगेदर पार्टी थी, जिसमें करीब 20 से 25 लोग शामिल हुए थे। आरोप है कि नशे में धुत बैंक के दो कर्मचारी शिव सिंह और विवेक ने साथी कर्मचारी विवेक यादव के साथ मारपीट करते हुए उन्हें चप्पलों से पीटा जिससे उनके कपड़े तक फट गए। इस पर उन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया तो दोनों ने उन्हें बाल पकड़कर घसीटा और सड़क पर गिराकर पीटा जिससे उनके कपड़े तक फट गए। मारपीट के दौरान दोनों ने उनकी चेन तक लूट ली। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों धमकाते हुए भाग निकले। इस पर वह साथी कर्मचाारियों के साथ पहले महिला थाना और बाद में कोतवाली पहुंची, जहां घटनास्थल का थाना ग्वालटोली बताया गया। पुलिस बोली- लूट का आरोप गलत इस पर पीड़िता ने ग्वालटोली थाने पहुंचकर एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया को तहरीर दी। एसीपी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर उन्हें मेडिकल के लिए भेजकर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। लूट का आरोप गलत है।
राजधानी के विश्वेश्वरैया सभागार में बुधवार को ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और कला का रंगीन संगम देखने को मिला। ‘लखनऊ ओडिशा समाज’ की ओर से आयोजित उत्कल दिवस समारोह इस बार खास रहा। कार्यक्रम को महान ओडिसी नृत्य गुरु केलुचरण महापात्र के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित किया गया, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। समारोह की मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखिका और शिक्षाविद् डॉ. सरोजिनी साहू रहीं। साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें ‘लखनऊ ओड़िया साहित्य सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने समाज में महिलाओं के सामने मौजूद ‘ग्लास सीलिंग’ को तोड़ने और पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने में साहित्य की अहम भूमिका पर जोर दिया। सम्मान-पत्र का वाचन समाज के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सुकांत चौधरी ने किया। वर्षभर की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष गोपबंधु पटनायक के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सचिव प्रोफेसर डी.आर. साहू ने वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान समाज की वार्षिक स्मारिका ‘निर्मल्य’ का विमोचन भी किया गया। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष (सेवानिवृत्त आईपीएस) एस.एन. सबत ने ओड़िया संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज के प्रयासों की सराहना की। ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं शाम होते ही सांस्कृतिक संध्या ने माहौल को जीवंत कर दिया। आईसीसीआर से मान्यता प्राप्त कलाकार डॉ. मनोरंजन प्रधान और मिनति प्रधान की मंडली ने ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भावपूर्ण अभिव्यक्ति और लयबद्ध मुद्राओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा और ओडिशा की सांस्कृतिक सुगंध लखनऊ में महसूस की गई। ओड़िया फूड फेस्टिवल का आयोजन किया कार्यक्रम के अंत में ओड़िया फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जहां पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ गया।यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि लखनऊ में रह रहे ओड़िया समुदाय की एकजुटता, सांस्कृतिक पहचान और विरासत के गर्व का सशक्त प्रदर्शन बनकर उभरा।
महावीर के सिद्धांतों पर गोमती नगर में आयोजन:RSS और साप्ताहिक मिलन ने 2625वीं जयंती पर किया कार्यक्रम
अहिंसा, सत्य और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भगवान महावीर के 2625वें जन्मकल्याणक पर गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजन किया गया। महावीर स्वामी साप्ताहिक मिलन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में शाम 5 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि महावीर के सिद्धांत—अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य—आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और तनाव के बीच इन मूल्यों को अपनाना समय की जरूरत है। उनके विचार सामाजिक समरसता और शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अहिंसा और सहिष्णुता का संदेश बेहद जरूरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि महावीर का जीवन दर्शन पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में अहिंसा और सहिष्णुता का संदेश बेहद जरूरी हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुई। इसके बाद संगोष्ठी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए महावीर के जीवन और उनके उपदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुतियों ने लोगों को आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ने का काम किया। ये रहे मौजूद इस मौके पर अवनीश अवस्थी, नेहा जैन, अजीत शासने, अनीता भटनागर जैन और पीयूष सिंह चौहान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अनीता जैन ने पांच अणुव्रत की विस्तार से जानकारी दी, जबकि अजीत शासने ने जैन धर्म और पर्यावरण के संबंध पर प्रकाश डाला। अवनीश अवस्थी ने कहा कि विश्व में शांति का मार्ग महावीर के सिद्धांतों से ही संभव है।
इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे बनी पॉश कॉलोनी शांति निकेतन में मंगलवार दोपहर एक कार से हादसा हो गया। सड़क पर खेल रहे एक बच्चे के ऊपर से कार के दोनों पहिए गुजर गए। घटना का बुधवार को सीसीटीवी वायरल हो गया। हादसे में कार मालिक संजय अग्रवाल ने बच्चे का बॉम्बे अस्पताल में उपचार कराया। उसके पैर में फ्रैक्चर है। वहीं, अपने ड्राइवर को खुद थाने भेजकर एफआईआर दर्ज कराई। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक मंगलवार दोपहर को एक व्यक्ति संजय अग्रवाल का ड्राइवर कार लेकर निकला था। रास्ते में दो बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान एक बच्चे के ऊपर से कार का पहिया गुजर गया। हादसे की जानकारी संजय को लगी तो उन्होंने खुद उसे अस्पताल भेजा। वहीं, उपचार कराने के बाद मामले में ड्राइवर को थाने भेजकर जानकारी दी। मंगलवार को ही इस मामले में ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर हो गई थी। देखें हादसे की 3 तस्वीरें…
लखनऊ में 150वीं मां गोमती महाआरती:चैत्र पूर्णिमा पर सनातन महासभा ने झूलेलाल वाटिका में की
चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर सनातन महासभा ने बुधवार को झूलेलाल वाटिका स्थित गोमती तट पर 150वीं आदि गंगा माँ गोमती महाआरती और सनातन समागम का आयोजन किया। शाम होते ही नदी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। स्वामी कौशिक चैतन्य और स्वामी आनंद नारायण के सानिध्य में सात मंचों से शंखनाद और मंत्रोच्चार किया गया। माँ गोमती की महाआरती आरंभ होते ही घाट दीपों से जगमगा उठा। इस दौरान 'हर-हर महादेव' और 'जय माँ गोमती' के जयकारे गूंजे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना की महाआरती से पूर्व श्री महालक्ष्मी धन प्राप्ति महायज्ञ आयोजित किया गया। आचार्यों के मार्गदर्शन में यजमानों ने लगभग दो घंटे तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस यज्ञ में विश्व शांति और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर सनातन महासभा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण ने युवाओं को गोमती नदी के संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नदी केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार है, जिसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं महाआरती के पश्चात 251 दीपों से गोमती तट रोशन हो गया। नदी किनारे दीपों की रोशनी से आकर्षक दृश्य निर्मित हुआ। बच्चों और महिलाओं के लिए रामायण, गीता और शरीर विज्ञान पर आधारित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।।भजन गायिकाओं शशि गुप्ता, मीरा तिवारी और गीता निगम ने भजन प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण भक्तिपूर्ण हो गया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। ये रहे मौजूद कार्यक्रम के समापन पर धर्म विस्तार के संकल्प के साथ पदाधिकारियों को गंगाजल और कृपाण भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष रवि कचरू, उमेश त्रिपाठी, सुधांशु शुक्ल, पल्लवी सिंह, संजीव पांडेय, राकेश अग्रवाल, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सुशील तिवारी, सुनीता गोस्वामी, अतुल तिवारी, रेनू शर्मा, तेजस्वी गोस्वामी और शक्ति सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजसेवी उपस्थित थे।
गोरखपुर के बेनीगंज स्थित भाजपा महानगर कार्यालय में मंगलवार को मनोनीत पार्षदों के स्वागत और अभिनंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा महानगर इकाई की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महानगर संयोजक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त पार्षदों का स्वागत करना और उन्हें उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देना रहा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोरखपुर नगर निगम में मनोनीत किए गए 10 पार्षदों का कार्यक्रम में सम्मान किया गया। इनमें दुर्गेश बजाज, चंदन आर्या, आलोक सिंह विशेन, वीर सिंह सोनकर, शिवम पाण्डेय, रितेश सिंह बब्बू, अष्टभुजा श्रीवास्तव, संजय कुमार वैश्य, अरविंद निषाद और ममता जायसवाल शामिल रहे। सभी पार्षदों को फूलमालाओं से स्वागत कर मंच पर सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। जिम्मेदारी निभाने की सलाह कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महानगर इकाई के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा और अन्य मोर्चों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर नवनियुक्त पार्षदों का स्वागत किया और संगठन की मजबूती का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि पार्षद बनने के बाद जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें और उनका समाधान कराने का प्रयास करें। साथ ही विकास कार्यों पर ध्यान देने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने की बात कही गई। नवनियुक्त पार्षदों ने जताया आभार नवनियुक्त पार्षदों ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसके लिए वे प्रदेश के मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वे पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम करेंगे और जनता के विश्वास को बनाए रखने की कोशिश करेंगे। कार्यक्रम का संचालन महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने किया। इस दौरान अच्युतानंद शाही, शशिकांत सिंह, जितेन्द्र चौधरी जीतू, अमिता गुप्ता, रमेश प्रताप गुप्ता, दयानंद शर्मा, वीरेंद्र पांडेय, श्वेता श्रीवास्तव, पदमा गुप्ता, मनोज अग्रहरी, अनुपमा पांडेय, रजूला रावत, रागीनी जायसवाल सहित कई पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छात्र की हत्या के पांचवे दिन थाने का घेराव:हत्यारों के घरों पर बुलडोजर चलाने और सरकारी नौकरी की मांग
बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के संजय नगर अशोक विहार में इंटरमीडिएट के छात्र शिवा पटेल की निर्मम हत्या के विरोध में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ इज्जतनगर थाने का घेराव किया। पीड़ित परिवार के साथ बड़ी संख्या में वकील भी पहुंचे। उन लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और मामले में फरार अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मामूली विवाद में सीने पर उतारे चाकूघटना बीते शुक्रवार 27 मार्च की है, जब 17 वर्षीय शिवा पटेल अपने घर पर खाना खा रहा था। तभी उसके कुछ दोस्त उसे बुलाकर घर से महज 400 मीटर दूर चार खंभा गली में ले गए। वहां विवाद के दौरान आरोपियों ने शिवा को पकड़ लिया और गौरव नामक युवक ने उसके सीने, पेट और पीठ पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। शनिवार सुबह इलाज के दौरान शिवा ने दम तोड़ दिया। शिवा के भाई हिमांशु ने बताया कि हमलावरों ने साजिश के तहत उसे घेरा था और चाकू इतने गहरे मारे थे कि उसकी आंतें तक बाहर आ गई थीं। हाईकोर्ट के वकील पहुंचे पीड़ित के घर, सुरक्षा और मुआवजे की मांगबुधवार को हाईकोर्ट के वकील अमरेंद्र सिंह बाहुबली पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्र की हत्या को जघन्य अपराध बताते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने, परिवार को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने केवल 3 आरोपियों को पकड़ा है, जबकि मौके पर एक दर्जन से अधिक लोग मौजूद थे। आश्वासन के बाद शांत हुए लोगप्रदर्शन के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे, तो इंस्पेक्टर के मौजूद न होने पर आक्रोश बढ़ गया। फोन करने पर इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह ने खुद को बीमार बताया, जिससे भीड़ और भड़क गई। हालांकि, बाद में इंस्पेक्टर ने मौके पर आकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम दिल्ली में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मप्र के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन् महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार, एल मुरुगन, दुर्गादास उईके मौजूद थे। इस बैठक में मध्य प्रदेश के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर (मुरैना), आशीष दुबे (जबलपुर), महेंद्र सिंह सोलंकी (देवास), राहुल सिंह लोधी (दमोह), सुधीर गुप्ता (मंदसौर), डॉ. राजेश मिश्रा (सीधी) और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी मौजूद थे। 6 अप्रैल को 18 जिलों में बीजेपी कार्यालयों का भूमिपूजन भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर 6 अप्रैल को प्रदेश के 18 जिलों में भाजपा के जिला कार्यालयों का एक साथ भूमिपूजन होगा। इन भूमिपूजन समारोहों में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल वर्चुअल जुडेंगे। स्थानीय जिला अध्यक्ष, विधायक, सांसद और मंत्री गण अपने जिले में भूमिपूजन में मौजूद रहेंगे।
गोरखपुर के रहने वाले राम सिंह यादव को दैनिक भास्कर ऐप पर आयोजित कॉन्टेस्ट में बंपर इनाम मिला है। मोबाइल की दुकान चलाने वाले राम सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि नियमित रूप से खबरें पढ़ने की आदत ही उन्हें इस इनाम तक लेकर आई। उन्हें LG का डबल डोर फ्रिज पुरस्कार के रूप में मिला है, जिससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। दैनिक भास्कर से बातचीत में राम सिंह यादव ने कहा कि मैं पिछले करीब पांच सालों से रोजाना दैनिक भास्कर ऐप पर खबरें पढ़ रहा हूं। इस ऐप पर मुझे अपने गोरखपुर जिले की खबरों के साथ-साथ देश-विदेश की भी पूरी जानकारी मिल जाती है। फोटो और वीडियो के साथ खबरें होने से समझना आसान हो जाता है और किसी खबर को छोड़ना नहीं पड़ता। सही जवाब दिए और मिल गया इनाम उन्होंने बताया, “कुछ दिन पहले ऐप पर कॉन्टेस्ट चल रहा था। मैंने सोचा कि इसमें हिस्सा लेना चाहिए। मैंने सभी सवालों के सही जवाब दिए। इसके बाद मुझे पता चला कि मेरा नाम बंपर इनाम के लिए चुना गया है। जब मुझे LG का डबल डोर फ्रिज मिला तो मुझे बहुत खुशी हुई। यह मेरे लिए बड़ी बात है।” जानिए कोन हैं राम सिंह… राम सिंह यादव ने बताया कि वह शंकरपुर, बेलघाट के रहने वाले हैं और अपनी मोबाइल की दुकान से परिवार का खर्च चलाते हैं। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी, भाई-बहन और बच्चे समेत कुल 8 सदस्य हैं। उन्होंने कहा, “यह इनाम हमारे पूरे परिवार के लिए काफी काम का है। इससे घर की जरूरतों में मदद मिलेगी और सभी लोग बहुत खुश हैं।” राम सिंह ने बातचीत में कहा, “जो छात्र पढ़ाई कर रहे हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए दैनिक भास्कर ऐप बहुत फायदेमंद है। यहां करंट अफेयर्स की अच्छी जानकारी मिलती है। रोज पढ़ने से ज्ञान भी बढ़ता है और तैयारी भी मजबूत होती है।”
राजधानी जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने लूट की वारदात का 24 घंटे में खुलासा करते हुए हिस्ट्रीशीटर सोहेल कुरैशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूट का सामान भी बरामद कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्मैक और शराब के नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए चोरी, जेबतराशी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देता था। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 30 मार्च को पीड़ित गुरुदयाल दमन पुत्र कजोड़मल, उम्र 31 साल, निवासी नारदपुरा रोड, नागल सुसावतान, आमेर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया कि वह देर रात करीब 3 से 4 बजे के बीच ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे के पास विक्रम टैम्पो लेकर जा रहा था, तभी एक युवक अचानक आया और उसकी जेब से जबरदस्ती पर्स निकालकर फरार हो गया। पीड़ित के पर्स में 9 हजार रुपए नकद, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। इस पर ट्रांसपोर्ट नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। ऐसे देता था वारदात को अंजाम डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुनसान स्थानों पर राह चलते लोगों को निशाना बनाता था। मौका मिलते ही वह जेबतराशी, चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है और वह थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। पुलिस के अनुसार आरोपी स्मैक और शराब के नशे का आदी है और नशे के लिए पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता था। सैकड़ों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंची पुलिस मामला दर्ज होने के बाद गठित पुलिस टीम ने घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सैकड़ों कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और पुराने चालानशुदा अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध सोहेल कुरैशी (27) को डिटेन किया। पूछताछ में आरोपी ने लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और बाद में जेल भेज दिया गया।
भोपाल देहात के नजीराबाद थाने के प्रभारी अरुण शर्मा को एसपी ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया है। उन पर गांजा तस्करों से 1.70 लाख रुपए की वसूली कर बिना कार्रवाई किए छोड़ने के आरोप हैं। एसपी ने एसडीओपी वैशाली करहालिया के प्रतिवेदन पर कार्रवाई की है। थाना प्रभारी की विभागीय जांच शुरू कर दिए गई है। जानकारी के मुताबिक नजीराबाद इलाके से आरोपी सीताराम यादव उर्फ राधे यादव और जितेंद्र यादव को 30 मार्च को 430 ग्राम गांजा सहित आरक्षक मनोज धाकड़ ने हिरासत में लिया और थाने लेकर आया। थाना प्रभारी अरुण शर्मा को दोनों आरोपियों द्वारा गांजा बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश में घूमते हुए हिरासत में लिए जाने की बात बताई। बाद में आरक्षक ने ही बिचौलिया का काम किया। कार्रवाई न करने के ऐवज में दोनों आरोपियों से लाखों रुपए की मांग की गई। आरोपियों और पुलिस के बीच 1.70 रुपए में कार्रवाई न करने को लेकर सौदा ते हुआ। रकम मिलने के बाद आरोपियों पर बिना किसी कार्रवाई किए उन्हें थाने से छोड़ दिया गया। जिसकी जानकारी एसडीओपी वैशाली करहारिया को मिली। उन्होंने टीआई की करतूत के खिलाफ प्रतिवेदन तैयार किया और एसपी को अवगत कराया। जिसके आधार पर एसपी ने आरक्षक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई तय की है।
इंदौर के मांगलिया स्थित भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। मामला BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के फ्लीट कार्ड और लॉयल्टी ऐप से जुड़ा है। पुलिस ने इंदौर के 7 व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने BPCL के पेमेंट गेटवे और लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कराई, जबकि कंपनी के खाते में पैसे नहीं गए। फ्लीट कार्ड से ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए जारी किया जाता है। इससे ड्राइवर नकद पैसे रखे बिना पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। पैसा सीधे कंपनी के बैंक खाते से कटता है। BPCL स्टेशन पर भरवाते थे डीजल-पेट्रोल BPCL ने 17 दिसंबर 2021 से फ्लीट, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए लॉयल्टी ऐप के माध्यम से पेमेंट गेटवे सुविधा शुरू की। इस ऐप से ग्राहक नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज कर सकते हैं। रिचार्ज के बाद वॉलेट का पैसा देशभर के BPCL स्टेशन पर डीजल-पेट्रोल भरवाने में इस्तेमाल होता है। लॉयल्टी ऐप और पेमेंट गेटवे में सेंध BPCL का लॉयल्टी ऐप रेजरपे और पाइनलैब्स पेमेंट गेटवे के साथ जुड़ा है। रेजरपे के माध्यम से रिचार्ज की राशि सीधे BPCL के खाते में जाती है। 31 मार्च 2023 को रेजरपे की जोखिम मूल्यांकन टीम ने BPCL को बताया कि लॉयल्टी ऐप और गेटवे सिस्टम में संदिग्ध रिचार्ज हुए हैं। कंपनी ने डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि 1093 ग्राहकों के वॉलेट में 129 करोड़ रुपए का रिचार्ज हुआ था, जबकि बैंक खाते में पैसा जमा नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने सभी खाते ब्लॉक किए और कुछ रकम वापस ली। तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाया गया मांगलिया पुलिस चौकी प्रभारी विश्वजीत सिंह तोमर के अनुसार, BPCL के प्रादेशिक प्रबंधक (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आरोपियों में विशाल सिंह, शशि सिंह, दलवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, वाहिक खान, नरेंद्र सिंह वासू और बलबीर सिंह हैं। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर अपने फ्लीट वॉलेट में पैसा दिखाया, जबकि कंपनी के खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई। इसके बाद वे लगातार डीजल भरवाते रहे। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को पता था कि उनके खातों से पैसा कट नहीं रहा है, फिर भी उन्होंने इसका गलत फायदा उठाया। बाद में कंपनी ने रकम लौटाने को कहा, लेकिन उन्होंने पैसे वापस नहीं किए। फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया जांच में पाया गया कि इंदौर के 7 व्यापारी और ट्रांसपोर्टर इस स्कैम में शामिल थे। उन्होंने ऐप और गेटवे की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया और ईंधन भरवाया। मांगलिया पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह धोखाधड़ी केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इसके तार देश के कई शहरों से जुड़े हैं। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और आरोपियों की पहचान हो सकती है। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें एमपी में किल्लत की अफवाह, पेट्रोल पंपों पर भीड़ मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने हालात अचानक बिगाड़ दिए। सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों के कारण लोग घबरा गए और पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगह लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों इंतजार करते रहे। पढ़ें पूरी खबर…
गुरु नानक एजुकेशनल सोसाइटी में आयोजित कविता प्रतियोगिता में एलकेजी के छात्र आरुष पाठक ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। नन्हे छात्र की इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। आरुष पाठक ने अंग्रेजी माध्यम की कविता एली द एलीफेंटपढ़ी है। आरुष की उम्र 6 वर्ष है और वह lkg का छात्र है। एलजी किताब का यह बुक है और यह शुरुआत से ही पड़ रहा है। कविता पढ़ने की प्रेरणा अपनी शिक्षिकाओं से मिला है। आरुष पाठक के पिता अपूर्व पाठक ने बताया कि आरुष को बचपन से ही कविता पढ़ने और सुनाने में विशेष रुचि है। वह पढ़ाई के प्रति भी बेहद सजग रहता है और हर समय कुछ नया सीखने का प्रयास करता है। विद्यालय के शिक्षकों ने भी आरुष की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उसकी अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में आरुष इसी तरह आगे बढ़कर विद्यालय और जनपद का नाम रोशन करेगा। शिक्षिका पूजा यादव,साधना शर्मा,शीलम पाण्डेय ,नेहा विश्वकर्मा व मंजू ने उज्जवल भविष्य की कामना की
पीएम ने 'मन की बात' में की सराहना:मेरठ के अरुण कुमार को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित
मेरठ के सरुरपुर खुर्द निवासी अरुण कुमार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता का ऑनग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री ने 29 मार्च को 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके इस कार्य की सराहना की थी। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने कलेक्ट्रेट सभागार में संयुक्त रूप से अरुण कुमार को शॉल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान के अवसर पर अरुण कुमार ने बताया कि नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक उनके घर का बिजली बिल शून्य आया है। साथ ही, उन्होंने कुल 1333 रुपये की बिजली ग्रिड को निर्यात की है। उन्हें राज्य सरकार और भारत सरकार से 1,08,000 रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। अरुण कुमार ने कहा कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद उनका परिवार बहुत खुश है और उन्हें इस योजना से काफी लाभ हुआ है। इस अवसर पर यूपीनेडा मेरठ के परियोजना प्रभारी, ई.जी सोलर सोल्यूशन के एमडी लोकेश वत्स, मैसर्स गेट सोलर ई.पी.सी इंडिया के शगुन सोनकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिरला मंदिर के पास शराब दुकान खुली:स्थानीय लोगों और महिलाओं ने किया विरोध, पुलिस मौके पर पहुंची
मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र में बिरला मंदिर के पास एक नई शराब की दुकान खुलने पर विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को दुकान के पहले ही दिन स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। आबकारी विभाग द्वारा नए वित्तीय वर्ष के तहत शराब की दुकानों का नया आवंटन किया गया है। इसी क्रम में बंगाली कॉलोनी में स्थित एक शराब की दुकान को स्थानांतरित कर बिरला मंदिर के समीप खोला गया है। मंदिर के पास दुकान खुलने की जानकारी मिलते ही क्षेत्रवासियों में नाराजगी फैल गई। शाम करीब पौने सात बजे दर्जनों महिलाएं और पुरुष दुकान के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए दुकान को तुरंत अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंदिर के पास शराब की दुकान खुलने से धार्मिक भावनाएं आहत होंगी और क्षेत्र का माहौल भी खराब होगा। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बिरला मंदिर चौकी प्रभारी अजीत मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रदर्शनकारियों ने चौकी प्रभारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें दुकान को दूसरी जगह ले जाने की मांग की गई थी। चौकी प्रभारी अजीत मलिक ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत होकर वापस लौट गए। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर के ऐतिहासिक स्थल शेख चेहली मकबरे के पास चीनी मस्जिद की साइड पर अंधेरे में चल रहे निर्माण कार्य पर हिंदू पक्ष के लोगों ने सख्त एतराज जताया। आरोप लगाया कि बिना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) की अनुमति के निर्माण चल रहा था। मौके की नजाकत को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। आसपास के लोगों ने बताया कि यह मुद्दा काफी पुराना है। करीब 5 साल पहले भी इसी जगह पर निर्माण शुरू हुआ था। तब ASI के नोटिस के बाद काम को बंद करवाया गया था, लेकिन आज रात फिर से मस्जिद के पास लेंटर डालने का काम चालू कर दिया गया। इससे दोनों पक्ष के बीच ठन गई। अंधेरे में चल रहा था निर्माण वार्ड-32 के पार्षद (MC) सुधीर चुघ ने बताया कि रात करीब 8-9 बजे मस्जिद के पास अंधेरे में निर्माण कार्य हो रहा था। इसके बारे में निर्माण करने वाले से पूछताछ की और परमिशन मांगी गई, जिस पर निर्माण करने वाले उनसे उलझ पड़े। इससे आसपास के लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए। पुलिस को शिकायत कर बुलाया इससे दोनों पक्ष के बीच ठन गई। विरोध होते देख निर्माण करने वाले लोग उनको धमकी देकर फरार हो गए। साथ ही उन लोगों ने उनकी शिकायत पुलिस में कर दी। उन लोगों के पास यहां कोई भी निर्माण करने की परमिशन नहीं है। करीब 5 साल पहले ASI ने नोटिस देकर काम बंद करवाया था। ASI की परमिशन होगा निर्माण MC सुधीर चुघ ने बताया कि शेख चेहली का मकबरा ऐतिहासिक स्थल है। यह ASI के अधीन आता है। इसलिए इसके 100 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करने के लिए ASI की परमिशन जरूरी होती है। उसके बाद ही इस एरिया में निर्माण कार्य हो सकता है। मांग है कि ASI मामले की जांच करे। शिकायत के आधार पर होगी कार्रवाई- बलजीत सिंह थाना कृष्णा गेट के SHO बलजीत सिंह ने बताया कि मस्जिद के पास निर्माण करने को लेकर विवाद हुआ था। सूचना पाकर DSP हेड क्वार्टर सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्ष को शांत करवाने के बाद ASI के नियम के अनुसार निर्माण रुकवा दिया गया। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
कुशीनगर में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्वास्थ्य, निवेश, पर्यटन और प्रतिभा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कॉन्क्लेव के तहत एक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने इसे हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और समाज में अनुशासन व सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में महापरिनिर्वाण स्थल पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की संभावनाओं पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। विधायक मनीष जायसवाल ने सत्र की अध्यक्षता की, जिसमें विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सत्र में बताया गया कि कुशीनगर कृषि संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है। यहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं। सांसद विजय कुमार दुबे ने कहा कि कुशीनगर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि यहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। सांसद ने निवेशकों से क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की अपील की। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में सुधार होगा। कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में पराली से बायो-सीएनजी उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विभिन्न कंपनियों के सहयोग से 25 बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। कुशीनगर में भी बड़े स्तर पर सीएनजी उत्पादन की योजना है। इससे हजारों घरों को गैस आपूर्ति संभव हो सकेगी। अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) मुकेश मेश्राम ने कहा कि यह कॉन्क्लेव कुशीनगर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जनपद में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सड़क नेटवर्क और लॉजिस्टिक सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
ड्यूटी पर पुलिसकर्मी को मिर्गी का दौरा आया:साथियों ने तत्परता से अस्पताल पहुंचाया, जान बची
मथुरा के टैंक चौराहा क्षेत्र में बुधवार को ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। दौरा पड़ते ही पुलिसकर्मी सड़क पर गिरकर तड़पने लगा, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिसकर्मी चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभाल रहा था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह सड़क पर गिर गया। इस घटना को देखकर मौके पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन लोग तुरंत स्थिति को समझ नहीं पाए। इसी बीच, वहां से गुजर रहे दो अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बीमार पुलिसकर्मी को संभाला। उन्होंने बिना समय गंवाए उसे अपनी बाइक पर बैठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से पुलिसकर्मी की जान बच गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुलिसकर्मी की हालत खतरे से बाहर बताई है। चिकित्सकों के अनुसार, उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इजरायली संसद द्वारा हाल ही में पारित सज़ा-ए-मौत के फैसले की कड़ी निंदा की है। बुधवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इस फैसले को फलस्तीनियों के खिलाफ भेदभाव और मानवता पर हमला बताया। सांसद बर्क ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह फैसला केवल एक नया कानून नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का प्रमाण है जो अब बेनकाब हो चुका है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कानून का उद्देश्य न्याय देना नहीं, बल्कि एक विशेष पहचान, यानी फलस्तीनियों को निशाना बनाना हो, तो 'इंसाफ की भावना मर चुकी होती है'। उन्होंने इस कानून को पूरी तरह भेदभावपूर्ण बताया। बर्क के अनुसार, स्टेट ऑफ इजरायल को नकारने की मंशा जैसे अस्पष्ट आरोपों के आधार पर अब मौत की सज़ा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जहाँ दलीलें समाप्त हो जाती हैं, वहाँ अक्सर ताकतवर मौत का डर पैदा करने लगता है। सांसद बर्क ने इस स्थिति को नस्लकुशी करार दिया, जो दुनिया की आँखों के सामने हो रही है। उन्होंने कहा कि इसे किसी और नाम से पुकारना सच्चाई से मुँह मोड़ना होगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। बर्क ने कहा कि जब दुनिया की प्रतिक्रिया उदासीन होती है और शक्तिशाली देशों की जवाबदेही तय नहीं होती, तो धीरे-धीरे अन्याय को ही सामान्य मान लिया जाता है। सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस बात पर जोर दिया कि फलस्तीन की गलियों में जो कुछ हो रहा है, वह केवल फलस्तीनियों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के अस्तित्व पर हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाली पीढ़ियाँ सवाल करेंगी कि जब न्याय का जनाज़ा निकल रहा था और मासूमों का खून बह रहा था, तब लोग कहाँ थे। उन्होंने लोगों से अपनी आवाज़ उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि अत्याचार के खिलाफ खामोश रहना भी अत्याचारी का साथ देना ही है।
पुलिस 25 साल में गवाह नहीं पेश कर पाई:बाइक चोर को कोर्ट उठने तक की सजा, 2000 रुपए का जुर्माना
हरदोई में 25 साल पुराने बाइक चोरी के एक मामले में पुलिस एक भी गवाह पेश नहीं कर पाई। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रिचा वर्मा ने आरोपी बनारसी को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला 17 अक्टूबर 2001 को शहर कोतवाली में तत्कालीन कोतवाल ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि मझरेता पुलिया पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान एक बाइक पर दो लोग आते दिखे। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान सीतापुर जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र के बांसमंडी निवासी राजू उर्फ रिजवान और बनारसी के रूप में बताई। पुलिस ने दावा किया कि वे जिस बाइक पर सवार थे, वह चोरी की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी रिजवान उर्फ राजू की मौत हो गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोई भी गवाह पेश नहीं किया जा सका। शेष आरोपी बनारसी ने अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय में पेश होकर जुर्म कबूलने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उसने अपनी गरीबी और मामले के 25 साल पुराने होने का हवाला देते हुए कहा कि वह मुकदमा नहीं लड़ना चाहता और भविष्य में कोई गलत काम न करने का भरोसा दिलाया। उसने कम से कम सजा देने की अपील की। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सीजेएम ने पाया कि आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और अभियोजन पक्ष 25 साल में उसके खिलाफ एक भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। इन तथ्यों के आधार पर सीजेएम ने अभियुक्त बनारसी को न्यायालय उठने तक की सजा और 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
मेरठ के एसएसपी ने बुधवार को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के अनुसार, 16 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया है। इस फेरबदल के तहत कई महत्वपूर्ण थानों और शाखाओं में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें अपराध शाखा, साइबर थाना, कोतवाली, गंगानगर, कंकरखेड़ा और देहलीगेट जैसे प्रमुख थाने शामिल हैं, ताकि पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। आदेश के अनुसार, निरीक्षक महावीर सिंह को रेलवे रोड से साइबर थाना भेजा गया है, जबकि मथुरा राठौर को साइबर थाना से रेलवे रोड स्थानांतरित किया गया है। जितेंद्र सिंह को कोतवाली से कंकरखेड़ा और विनय कुमार सिंह को कंकरखेड़ा से गंगानगर थाना भेजा गया है। पंकज कुमार सिंह को अपराध शाखा सरधना से कोतवाली, अनुप सिंह को गंगानगर से नौचंदी और इरम सिंह को नौचंदी से अपराध शाखा में तैनाती मिली है। अतुल कुमार सिंह को देहलीगेट, कमलेश कुमार को कोतवाली अपराध शाखा और महिला उपनिरीक्षक प्रीति सिंह को बहसूमा से पुलिस लाइन भेजा गया है। योगेश कुमार को बहसूमा से साइबर थाना, पूजा पंवार को मेडिकल से रोहटा, सचिन कुमार को स्वाट टीम से बहसूमा और अनुराग सिंह को रोहटा से टीपी नगर स्थानांतरित किया गया है। देवेंद्र कुमार मिश्रा को अहलपुरा चौकी से मुंडाली थाना भेजा गया है, जबकि रामगोपाल सिंह को मुंडाली से एसएसआई खरखौदा की जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। इस फेरबदल को पुलिसिंग को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संभल में 6 दिन से लापता युवक का शव मिला:पेड़ों के बीच नाले से बरामद, भांग खाने का आदी था
संभल जिले में छह दिन से लापता एक 24 वर्षीय युवक का शव भांग के पेड़ों के बीच एक नाले से बरामद हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक 27 मार्च से लापता था।यह घटना संभल जनपद के थाना ऐंचौड़ा कम्बोह क्षेत्र के गांव धारंगपुर की है। युवक की पहचान धारंगपुर निवासी मोहम्मद सलमान (24 वर्षीय) पुत्र इसरार के रूप में हुई है। सलमान 27 मार्च की शाम को घर से लापता हो गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी थी, हालांकि कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई थी। बुधवार शाम करीब 4 बजे युवक का शव मिलने की सूचना पर ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। नाले से शव बाहर निकालने के बाद परिजनों का बुरा हाल हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक भांग पीने का शौकीन था और आशंका जताई जा रही है कि भांग के पेड़ों के निकट बने नाले में गिरकर डूबने से उसकी मौत हुई है। थाना प्रभारी लवनीश चौधरी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को सूचना देकर सभी साक्ष्य एकत्र कराए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शास्त्री नगर स्थित रंगोली मंडप में आयोजित ‘तिजोरी समर एग्जीबिशन’ ने बुधवार को शहरवासियों को फैशन और लाइफस्टाइल का शानदार अनुभव दिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस मेले में रात 8 बजे तक खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी रही। फ्री एंट्री के चलते महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दिल्ली, लखनऊ, बनारस, बरेली समेत कई शहरों से आए 70 से अधिक ब्रांड्स ने अपने लेटेस्ट कलेक्शन पेश किए। एथनिक वियर, डिजाइनर ज्वेलरी, होम डेकोर और हैंडमेड प्रोडक्ट्स की स्टॉल्स पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। आयोजकों के अनुसार, इस एग्जीबिशन का उद्देश्य मेरठ के लोगों को एक ही छत के नीचे अलग-अलग शहरों के प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराना था, जिसमें वे सफल रहे। पूरे दिन आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और विजिटर्स ने इसे “बेहतरीन शॉपिंग एक्सपीरियंस” बताया।
कौशांबी में गैस लीकेज से घर में आग लगी:एक परिवार के 6 लोग झुलसे, 4 गंभीर;
कौशांबी के सदर कोतवाली क्षेत्र के ऊनों गांव में बुधवार देर शाम गैस लीकेज के कारण एक घर में आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के 6 लोग झुलस गए। जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, ऊनों निवासी अमीर चंद धुरिया की पत्नी आशा देवी देर शाम गैस पर खाना बना रही थीं। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में लीकेज के चलते आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से अमीरचंद धुरिया (46), उनकी पत्नी आशा देवी (40), दामाद श्रवण कुमार (30) और बेटी सरिता देवी (15) गंभीर रूप से झुलस गए। इनके अलावा, बेटा आदित्य और बड़ी बेटी खुशबू भी मामूली रूप से घायल हुए हैं। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही एंबुलेंस कर्मी मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
रायबरेली में ट्रैक्टर-बाइक टक्कर में युवक की मौत:दूसरा गंभीर घायल; मौके पर ही गई जान
रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में गूढ़ा-ओसाह संपर्क मार्ग पर सेमरगंज गांव के पास एक ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो युवकों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। दूसरे गंभीर घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सक की सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बहुदा खुर्द गांव निवासी अनूप कुमार राजपूत (22 वर्ष) पुत्र विश्राम अपने गांव के विनोद विश्वकर्मा (25 वर्ष) पुत्र राजाराम के साथ मोटरसाइकिल से अपनी ससुराल अकबरगंज जा रहे थे। गूढ़ा-ओसाह संपर्क मार्ग पर सेमरगंज गांव के पास पहुंचते ही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में डॉक्टरों ने विनोद कुमार को मृत घोषित किया, जबकि गंभीर रूप से घायल अनूप कुमार को जिला अस्पताल रेफर किया गया। शिवगढ़ थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत हुई है और दूसरा घायल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीलीभीत में सौतेले पिता पर दुष्कर्म का आरोप:डरा-धमका कर बनाया शिकार, बेटी हुई गर्भवती; केस दर्ज
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में एक सौतेले पिता पर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। यह घटना तब उजागर हुई जब किशोरी के गर्भवती होने का पता चला। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थी। बुधवार को पेट में तेज दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि किशोरी गर्भवती है। जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। लोक-लाज के डर के कारण किशोरी चुप रही जब मां ने बेटी से पूछताछ की, तो किशोरी ने बताया कि उसका सौतेला पिता लंबे समय से उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा था। विरोध करने पर आरोपी उसे और उसकी मां को जान से मारने की धमकी देता था। लोक-लाज और डर के कारण किशोरी अब तक चुप रही थी। पीड़िता की मां ने जब इस बारे में अपने पति से बात की, तो उसने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि यदि पुलिस में शिकायत की गई, तो वह गंभीर परिणाम भुगतेगा। इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर बरखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। बरखेड़ा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष प्रेमेंद्र कुमार ने बताया- पीड़िता की मां के शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
KGMU में एक विभाग के अध्यक्ष पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही पाए गए हैं। लिहाजा उनकी दो इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी गई है। वहीं दूसरे विभाग के डॉक्टर पर मरीज को बाहर की दवा लिखने के आरोप में चार्ज शीट देने का फैसला हुआ है। वहीं अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश व ज्वाइनिंग संबंधी मामले को राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला हुआ है। बुधवार को कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में KGMU कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा मामले रखे गए। इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में फंसे एक विभाग के अध्यक्ष पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप लगे विभागाध्यक्ष पर ठाकुरगंज के निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोप लगे थे। मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने विभागाध्यक्ष का वीडियो, पर्चे KGMU को मुहैया कराए थे। शिकायत के आधार पर KGMU प्रशासन ने जांच कराई थी। जांच में प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही मिले थे। KGMU कार्यपरिषद ने आरोपी विभागाध्यक्ष के दो इंक्रीमेंट रोकने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी है। दूसरे डॉक्टर को मिली चार्जशीट वहीं, एक अन्य विभाग के डॉक्टर पर मरीज को बाहर की दवा लिखने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में आरोप सही मिले हैं। जांच कमेटी की संस्तुति के आधार पर कार्यपरिषद ने आरोपी डॉक्टर को चार्जशीट देने का फैसला सुनाया है। इसी प्रकार अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश संबंधी मामला राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला कार्यपरिषद ने सुनाया है। पूर्व कुलपति ने तीन साल की छुट्टी की अनुमति ली थी। इसी दौरान राज्यपाल ने कुलपति का कार्यकाल छह माह और बढ़ा दिया था। लेकिन पूर्व कुलपति ने अवकाश आगे बढ़ाने के लिए नियमानुसार KGMU में अर्जी नहीं दी थी। करीब तीन माह से उनकी ज्वाइनिंग का मसला लटका है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) खेलो इंडिया बास्केटबॉल एकेडमी की चार महिला खिलाड़ियों को जूनियर भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम के चयन ट्रायल के लिए आमंत्रित किया गया है। इन खिलाड़ियों में रेवाडिह वार्ड की निवासी अंजलि कोडापे के साथ एकेडमी की रेवा कुलकर्णी, रूमी कोनवर और श्वेता सिंह शामिल हैं। इनका चयन लुधियाना में आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। भारतीय बास्केटबॉल संघ ने इन खिलाड़ियों को 10 से 12 अप्रैल तक चेन्नई में होने वाले चयन ट्रायल के लिए बुलाया है। चयनित खिलाड़ी फीबा एशिया कप (SABA क्वालिफायर्स) में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके बाद, वे 13 अप्रैल से 4 मई तक चेन्नई में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भी हिस्सा लेंगी। अंजलि कोडापे की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि के पिता ड्राइवर हैं और उनकी माता घरों में काम करती हैं। अंजलि छह बहनों में सबसे बड़ी हैं। अंजलि की तीन अन्य बहनें भी बास्केटबॉल खेलती हैं। अंजलि और उनकी बहन अदिति कोडापे ने सिंगापुर में आयोजित NBA राइजिंग स्टार इन्विटेशनल टूर्नामेंट में भी भाग लिया है। उनकी बहनें अदिति और पावनी ने नेशनल लेवल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। छत्तीसगढ़ की वनांचल क्षेत्रों से प्रतिभाओं को निखारने का श्रेय अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव और कालवा राधा राव को जाता है। उन्होंने रेवाडिह जैसे क्षेत्रों में बास्केटबॉल कोर्ट बनवाकर बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कई खिलाड़ी आज राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं और सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं। अंजलि और उनकी बहनों की इस उपलब्धि का पूरा श्रेय कोच कालवा राजेश्वर राव और राधा राव को दिया जाता है। साथ ही शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेवाडिह की शिक्षिका संजू मिश्रा और प्रधान पाठक अनुपराम कंवर का प्रोत्साहन भी सराहनीय रहा है। प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में: रेवा कुलकर्णी: एशियन बास्केटबॉल प्रतियोगिता (डिवीजन II) में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय युवा टीम की कप्तान रह चुकी हैं।अंजलि, रूमी और श्वेता: जूनियर नेशनल में शानदार खेल के दम पर भारतीय ट्रायल में जगह बनाई।शिक्षा और समर्थन: अंजलि और उनकी बहनों की प्रतिभा को देखते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव ने उन्हें प्रवेश देकर उनके खेल और शिक्षा को नई ऊंचाई दी है।
धमतरी में बिना पर्ची कफ सिरप बेचा:संयुक्त टीम ने ग्राहक बनकर कार्रवाई की, मेडिकल स्टोर सील
धमतरी में बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली कफ सिरप बेचने पर एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राहक बनकर दुकान से कफ सिरप खरीदा। जब्त किए गए सिरप का नाम प्लेनोकॉफ बताया गया है। यह कार्रवाई धमतरी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के आमातालाब स्थित सुश्रुता मेडिकल स्टोर पर की गई। संयुक्त टीम में सीएसपी, ड्रग इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार, कोतवाली टीआई और कोतवाली व कांकेर पुलिस टीम के सदस्य शामिल थे। टीम के पहुंचते ही मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई। सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि कांकेर पुलिस से सूचना मिली थी कि कांकेर में एक लड़के के पास से प्लेनोकॉफ सिरप मिला था, जिसमें कोडिन पाया जाता है। कोडिन का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है और इसकी बिक्री डॉक्टर की लिखित पर्ची के बिना प्रतिबंधित है। सीएसपी ने चेतावनी दी कि चंद पैसों के लिए लोगों का जीवन दांव पर न लगाएं, भविष्य में ऐसी कार्रवाई को और बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जाएगा। कांकेर पुलिस की सूचना के आधार पर, धमतरी के सुश्रुता मेडिकल स्टोर से भी इसी तरह के सिरप खरीदे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद, एक 'पॉइंटर' (गुप्त ग्राहक) भेजकर 8-9 सिरप खरीदे गए, जिसमें संचालक को बिना पर्ची के बेचते हुए पाया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। इसके बाद, टीम ने धमतरी के होलसेल रखेचा मेडिकल स्टोर पर भी स्टॉक की जांच की। पुलिस को अन्य मेडिकल स्टोर्स और जिलों में भी प्रतिबंधित दवाएं बेचे जाने की जानकारी मिली है, और आने वाले हफ्तों में ऐसी और कार्रवाईयां देखने को मिलेंगी। दुकान का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश करेंगे सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी दवा में पाया गया कंपोजीशन एनडीपीएस एक्ट के शेड्यूल में आता है, तो उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि यह शेड्यूल एच1 ड्रग है और बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बेचा जा रहा है, तो दुकान का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। सीएसपी ने बताया कि कोडिन का बैच, लाइसेंस और 8-9 कोडिन जब्त कर लिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी अगर ऐसा कोई सामान बड़ा पैमाने पर बेचा गया तो सभी दुकानों में लगातार जांच की जाएगी। सीएसपी ने कहा कि ये दवा समाज के लिए खतरनाक है और इसे कभी भी नहीं बेचना चाहिए।
पाली में 65 साल की बुजुर्ग महिला की जंगल में लाश मिली है। महिला के पैरों को बेरहमी से काटा गया। शुरुआती जांच में आशंका है महिला की हत्या की गई और गहने नहीं निकलने पर उसके पैरों को काटकर लुटेरे गहने ले गए। गंभीरता को देखते हुए एसपी मोनिका सैन भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामला पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र के काराड़ी गांव का है। पुलिस के अनुसार- काराड़ी गांव निवासी 65 साल की प्यारी देवी पत्नी रामलाल दोपहर की करीब 12 बजे घर से निकली थी। वह देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों को शाम को गांव में नाडी के पास जंगल में उसकी बॉडी मिली और उसके पैर निर्मम तरीके से कटे हुए थे। गले भी चोट के निशान थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। गहनों के लिए पैर काटने की आशंकापुलिस को आशंका है कि लूट के इरादे से आए बदमाशों ने बुजुर्ग महिला को अकेला देखकर उसकी हत्या की। उसके पैरों में पहने नहीं निकले तो उसके पैर काटकर गहने लेकर भाग गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मोनिका सैन भी मौके पर पहुंची और मारवाड़ जंक्शन एसएचओ राजेन्द्र कुमार पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पहले भी ऐसी हो चुकी है वारदातबता दें कि मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में कुछ साल पहले भी एक बुजुर्ग महिला की बॉडी इसी हालत में मिली थी। उसके भी पैर कटे हुए थे। जांच में सामने आया था कि बदमाशों ने पैर में पहने गहने नहीं खुलने पर महिला की नृशंस हत्या की थी। ये खबर भी पढ़िए… महिला के पैर काटकर 2.5 किलो चांदी के कड़े लूटे:गला रेतकर हत्या की, घटना से गुस्साए लोगों ने जाम लगाया सवाई माधोपुर में चांदी के कड़ों के लिए 65 साल की महिला बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पहले महिला का गला काटा, इसके बाद दोनों पैर काटकर अलग कर दिए। पूरी खबर पढ़िए
इटावा में सड़क हादसे में महिला की मौत:शादी समारोह में जाते समय हुआ हादसा, परिजनों में शोक का माहौल
ऊसराहार थाना क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में बुधवार शाम करीब 8 बजे एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी, तभी तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। मृतक की पहचान ग्राम किरतपुर निवासी 55 वर्षीय मलेशा पत्नी करन सिंह के रूप में हुई है। वह गांव में रामवीर पुत्र जगन्नाथ सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए जा रही थीं। जानकारी के अनुसार, मलेशा सड़क पार कर रही थीं, तभी सामने से आ रही पल्सर मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल मलेशा को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी सरसई नावर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी बलराज सिंह भाटी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को राजनांदगांव जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, जिले को 3 अन्य एम्बुलेंस की स्वीकृति भी मिली है, जिससे कुल 13 नई अत्याधुनिक एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध हो गई हैं। इन 13 एम्बुलेंस में 8 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं। इनका संचालन जीवीके ईएमआरआई (GVK EMRI) द्वारा किया जाएगा। ये एम्बुलेंस जीपीएस, मोबाइल डेटा टर्मिनल और लोकेशन बेस्ड सर्विस जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। इनका लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट के भीतर प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) देना है। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई गति डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नई संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस मिलने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि ये एम्बुलेंस आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों जैसे बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, नेबुलाइजर और ऑक्सीजन से लैस हैं। नई प्रणाली (मोबाइल डेटा टर्मिनल) के माध्यम से अब एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन और रिस्पॉन्स टाइम की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद की काली छाया से बाहर निकलकर स्थायी शांति की ओर बढ़ रहा है। डॉ. सिंह ने इस ऐतिहासिक बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के मजबूत नेतृत्व को दिया। डॉ. सिंह ने बताया कि इस योजना का आगाज़ वर्ष 2011 में हुआ था। राजनांदगांव जिले में अब तक 1,26,990 लोगों को समय पर उपचार मिला है। पिछले वर्ष 8,463 महिलाओं ने आपातकालीन प्रसूति और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े सांसद संतोष पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं, महापौर मधुसूदन यादव ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि उन्नत तकनीक से लैस ये वाहन आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करेंगे।
ललितपुर में हजरत बाबा सदनशाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर सालाना उर्स के दूसरे दिन बुधवार शाम समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दरगाह पर पीडीए चादर चढ़ाई। इस दौरान सपा नेताओं ने देश में आपसी भाईचारे, अमन-चैन और सौहार्द के लिए दुआ मांगी। उन्होंने उर्स के पवित्र अवसर पर एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प भी लिया। जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव ने बताया कि बाबा सदनशाह की दरगाह सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। यहां सभी धर्मों और वर्गों के लोग एक साथ आकर श्रद्धा अर्पित करते हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष भजन लाल कुशवाहा, तिलक बानोनी, निर्भान सिंह, मो. अनवर खान, पूजा यादव, बाबूलाल पाल, नसीर पठान, नगराध्यक्ष अभि जैन खजुरिया, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष परवेज पठान, अभिलाषा कुशवाहा, युवजन सभा जिलाध्यक्ष अरशद मंसूरी, राहुल रजक नीलू, छात्रसभा जिलाध्यक्ष गौरव विश्वकर्मा, नौशाद खान, अभि जैन पंसारी, जाविद खान, जुनैद अख्तर, अमन मंसूरी, अमन छोटू और जितेन्द्र जोशी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
आगरा में पत्नी को जहर देने वाले दरोगा की ऑडियो सामने आई है। ऑडियो में दरोगा एक कॉल गर्ल को बुलाने की बात कह रहा है। सिपाही ने उससे कह रहा है कि 9 हजार में में आई है। उसकी फोटो आपको भेज दी है। ये ऑडियो उसकी पत्नी मीनाक्षी ने वायरल की है। मीनाक्षी का कहना है कि ये कॉल रिकॉड तब हुई थी, जब लोकेश अपने मौसी के लड़के से बात कर रहा था। तभी बीच में सिपाही कृष्ण को फोन आ गया था। कॉन्फ्रेस पर लेने के दौरान ये बातें रिकॉर्ड हो गईं। जब मैंने फोन चेक किया तो इसकी करतूत के बारे में पता चला। पत्नी मीनाक्षी ने पति दरोगा पर अन्य महिलाओं के साथ संबंध होने के आरोप लगाए है। जिसकी मीनाक्षी ने चैट भी वायरल की है। जिसमें कोई महिला उसे हैप्पी बर्थडे विश कर रही है। इसमें लोकेश बोलता है, थैंक्स मेरी लाइफ। मीनाक्षी ने दावा किया है कि ये वहीं महीला है जिससे इसके अवैध संबंध है। अब ये ओडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। पत्नी को जहर देने के आरोप में दरोगा लोकेश बुधवार को लाइन हाजीर कर दिया, लेकिन मुकदमा नहीं लिखा गया। इसके बाद ससुराल वालो ने शुक्रवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से शिकायत की। इसके बाद डीसीपी सिटी अली अब्बास के पास भेजा गया। इसके बाद दरोगा पर मुकदमा दर्ज किया जा सका। मीनाक्षी के परिजन अब उसे अपने घर फरीदाबाद ले गए है। अब पूरा मामला विस्तार से… मीनाक्षी फरीदाबाद के वल्लभगढ़ क्षेत्र के चांदपुर गांव की रहने वाली है। उसकी मां ने बताया कि 21 अप्रैल, 2021 को बदायूं के रामपुर के रहने वाले लोकेश भाटी से बेटी की शादी की थी। लोकेश थाना न्यू आगरा में तैनात हैं। दोनों लॉयर्स कालोनी में किराए के मकान में रहते हैं। दोनों का 6 महीने का बच्चा भी है। लोकेश को दहेज में स्कार्पियो कार दी थी, लेकिन वह फॉर्च्यूनर मांगता रहता था। डिमांड न पूरी न होने पर बेटी को तलाक देने की धमकी देता था। लोकेश के अन्य लड़कियों के साथ अफेयर हैं। इसका विरोध करने पर वह बेटी को मारता पीटता है। जब जहर दे दिया तो हमने थाने में इसकी शिकायत की। लेकिन वर्दी का रौब दिखाकर पुलिस हमें ही धमका रही। आज फिर फ्लैट फॉर्च्यूनर के लिए बहस की दरोगा की पत्नी मीनाक्षी ने बताया- पति लोकेश रविवार को करीब 3 बजे घर पर खाना खाने के लिए आए थे। खाना खाने के बाद उन्होंने घर पर बात की। कुछ देर बाद फोन काट दिया। इसके बाद मेरे पास आए और बोले मैंने जो कहा था, तुमने जवाब नहीं दिया। मैंने कहा कि क्या जवाब नहीं दिया, तो बोले कि मैंने तुमसे एक फ्लैट और फॉर्च्यूनर गाड़ी के लिए बोला था। पिता ने शादी में 1 करोड़ खर्च किएमैंने कहा- मेरे पिता ने शादी में एक करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अभी शादी को दो साल हुए हैं। हमारे पास इतने पैसे नहीं कि हम तुम्हें फ्लैट और गाड़ी दे सकें। इसके बाद उन्होंने मारपीट शुरू कर दी, और मुझे जहर दे दिया। मेरी तबीयत खराब होती देख लोकेश घर से भाग गए। इसके बाद पड़ोसियों ने मुझे हॉस्पिटल पहुंचाया। दरोगा को लाइन हाजिर किया आगरा में पत्नी को जहर देने वाले दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सूचना मिलते ही महिला के परिजन फरीदाबाद से आगरा पहुंचे। उन्होंने दरोगा के खिलाफ थाना न्यू आगरा में शिकायत दी थी। पिता ने दरोगा लोकेश भाटी पर फॉर्च्यूनर कार की मांग पूरी न होने पर बेटी मीनाक्षी के साथ मारपीट कर जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- शिकायत और पीड़िता के बयान के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच थाना न्यू आगरा में की जा रही है। इसको देखते हुए आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है।
प्रयागराज में एक दिन पहले पकड़े गए इंटर डिस्ट्रिक्ट जाली करेंसी रैकेट सरगना विवेक यादव पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है। पुलिस व एसओजी की दो टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। उधर जेल भेजे गए धर्मेंद्र कुमार के बारे में एक अहम जानकारी सामने आई है। पता चला है कि उसका पिता व भाई भी जाली करेंसी की तस्करी में लिप्त हैं। पिता-भाई भी हुए थे नामजद2019 में धर्मेंद्र जाली तस्करी के जिस मामले में जेल गया, उसमें उसका पिता राजाराम व भाई शशी भी मुल्जिम थे। हालांकि वह मौके से नहीं पकड़े गए थे। इस मुकदमे में तीनों बाप-बेटों के साथ पांच लोगों को आरोपी बनाया गया। तब उसके कब्जे से 51850 रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही राजाराम व शशि भाग निकले थे जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया। जेल में रहने के दौरान संपर्क में आयाधर्मेंद्र ने पूछताछ में खुद बयान दिया था कि वह अपने दोस्त शनि व संदीप के साथ नकली नोट बनाता है। इसके बाद उसका भाई व पिता इन नोटों को खपाते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक धर्मेंद्र ने एक दिन पहले जेल भेजे जाने से पहले हुई पूछताछ में यह भी बताया है कि जेल में रहने के दौरान विवेक से हुई जो एक अन्य बंदी से मिलने आता था। इसके बाद ही बाहर निकलने के बाद उसने विवेक के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर जाली नोट तैयार करने का धंधा शुरू कर दिया। इस तरह से बना नेटवर्कविवेक ने ही उसे बताया था कि वह इन नोटों की सप्लाई करके ज्यादा पैसा कमा सकते हैं। इसके बाद ही विवेक ने ही उसकी मुलाकात अपने रिश्तेदार भदोही के राहुल व विवेक कुमार यादव से कराई। इस तरह से यह पूरा नेटवर्क काम करने लगा। सरगना विवेक ने इस काम के लिए धर्मेंद्र को अपना कमरा भी दे दिया और फिर इसी कमरे में लैपटॉप व प्रिंटर की मदद से जाली करेंसी तैयार की जाने लगी। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि सरगना पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। यह है पूरा मामलाएक दिन पहले सरायइनायत पुलिस ने इस गैंग के चार मेंबरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 1.18 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद हुए जिनमें 500 के 200 और 100 रुपये के 183 नोट शामिल हैं। इस रैकेट को देवरिया से ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार मेंबरों में से दो भदोही और दो देवरिया के रहने वाले हैं। रैकेट का सरगना देवरिया का ही रहने वाला विवेक यादव है। जो जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है और अब विधायक का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
महाराजगंज के नौतनवा क्षेत्र में एक युवक और युवती ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इंटरसिटी एक्सप्रेस के सामने कूदने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना नौतनवा थाना क्षेत्र में महुआरी ढाले के पास का है। पुलिस के अनुसार, गोरखपुर से आ रही इंटरसिटी एक्सप्रेस (15106) जब भागीरथपुर स्टेशन से आगे महुआरी ढाले के पास पहुंची। तभी युवक और युवती अचानक ट्रेन के सामने कूद गए। ट्रेन की चपेट में आने से दोनों के शरीर क्षत-विक्षत हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही लोको पायलट ने तत्काल आरपीएफ फरेंदा को सूचना दी। इसके बाद नौतनवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक युवक की पहचान भागीरथपुर गांव निवासी गोलू कनौजिया के रूप में हुई है। जबकि युवती की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया- ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई है। युवक की पहचान हो चुकी है और युवती की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
युवक ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया:पुलिस ने कहा- स्टंटबाजी कर रहा था, हेलमेट न पहनने पर चालान किया
लोनार कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर चौराहे पर बुधवार देर शाम एक युवक ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया है। बावन कस्बे के मोहल्ला भीख थोक निवासी कंपाउंडर मोहित का कहना है कि पुलिस ने उन्हें रोका और कहासुनी के बाद उनकी पिटाई की। इस दौरान भागने की कोशिश में वह एक ट्रैक्टर से टकराकर घायल हो गए। वहीं, बावन चौकी इंचार्ज अरुण कुमार शुक्ला ने पिटाई के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि युवक बाइक पर स्टंटबाजी कर रहा था और उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। शाम 7:07 बजे उसका चालान किया गया था। चौकी इंचार्ज ने यह भी बताया कि घटना स्थल पर एक ट्रैक्टर ने उनके सरकारी वाहन को टक्कर मार दी थी, जिसमें वह बाल-बाल बचे। इस संबंध में ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह घायल युवक से मिलने मेडिकल कॉलेज भी पहुंचे और उसके परिजनों से बात की।
लखनऊ में लिवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग को समय पर इलाज नहीं मिला। अस्पतालों के चक्कर काटने में उनकी जिंदगी चली गई। परिवारीजनों का आरोप है कि गोरखपुर से लेकर लखनऊ के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर को लेकर भटकते रहे। इसमें मरीज का कीमती समय गुजर गया। बलरामपुर अस्पताल में मरीज को बड़ी मुश्किलों में आईसीयू में बेड मिला। इलाज के कुछ समय बाद ही मरीज की सांसें थम गईं। देवरिया निवासी पारथ नाथ पांडेय (65) को सांस लेने में तकलीफ थी। पीलिया भी था। परिवारीजनों ने पहले उन्हें गोरखपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिवारीजन बुधवार को मरीज को लेकर KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां करीब एक घंटे तक मरीज एंबुलेंस में तड़पता रहे। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली न होने की बात कहते हुए बलरामपुर अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इससे पहले परिवारीजन मरीज को लेकर अन्य अस्पताल भी गए थे। करीब 12:30 बजे बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। कुछ मिनट पहले पहले ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अस्पताल से निकले थे। जबकि प्रमुख सचिव, डीजी हेल्थ, एडी मंडल समेत अन्य डॉक्टर इमरजेंसी में मौजूद थे। एम्बुलेंस में ज्यादा बिगड़ी कंडीशन बेटे चंद्रप्रकाश पांडेय ने बताया- इमरजेंसी में पर्चा बनाने से लेकर फाइल बनने तक करीब आधे घंटे का समय बीत गया। इस दौरान एंबुलेंस में मरीज की हालत और भी बिगड़ गई थी। इमरजेंसी के डॉक्टरों ने मरीज को सीधे एसएसबी ब्लॉक के आईसीयू में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए। परिवारीजन मरीज को एंबुलेंस से लेकर आईसीयू पहुंचे। वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती कर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। मरीज की हालत गंभीर थी। मरीज की मौत हो गई।
गोरखपुर में बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे लिटिल फ्लावर चौक के पास अचानक आग लग गई। घटना राप्ती नगर विद्युत वितरण खंड के शाहपुर उपखंड अंतर्गत विष्णु मंदिर फीडर की है। यह आग 250 KVA ट्रांसफार्मर के पास भड़की, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में लपटें तेज हो गईं। ट्रांसफार्मर के पास से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं और काला धुआं दूर से दिखाई देने लगा। आसपास के घरों और दुकानों में मौजूद लोग बाहर निकल आए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। आधे घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग घटना के तुरंत बाद लोगों ने बिजली उपकेंद्र पर फोन कर सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद लोग बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। हालांकि आग इतनी तेज थी कि इसे काबू में लाना आसान नहीं था। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास करते हुए करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरे इलाके में धुआं और तनाव का माहौल बना रहा। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली बंद नहीं की जाती, तो ट्रांसफार्मर में बड़ा धमाका हो सकता था। इससे आसपास के घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता था। लोगों की तत्परता से बड़ी घटना टल गई। किनारे पड़े कूड़े से फैली आग आग कैसे लगी, इसे लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी पास में पड़े कुंडे में गिर गई, जिससे आग लग गई। वहीं बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि कुंडे में पहले से किसी ने आग लगा दी थी। अधीक्षण अभियंता रणजीत चौधरी ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग नहीं लगी थी। उनके अनुसार ट्रांसफार्मर के पास स्थित केबल बॉक्स में आग लगी थी, जिससे लपटें उठीं और लोगों को लगा कि ट्रांसफार्मर जल रहा है।
महाराष्ट्र के जालना जिले में नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने एक टेम्पो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सभी पीड़ित मजदूर हैं। हादसा कडवांची गांव के पास तब हुआ जब महिला मजदूर एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम खत्म कर टेम्पो से घर लौट रही थीं। टेम्पो स्टार्ट होने ही वाला था कि मुंबई की ओर जा रहे ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शव सड़क पर बिखर गए। टेम्पो में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे की 2 तस्वीरें… एक मृतक की पहचान अभी नहीं हुई मृतकों की पहचान अलकाबाई आडमने (45), लक्ष्मीबाई मदन (35), मीना आडमने (45), कंचन आडमने (50), ताराबाई चौधरी (60), कडूबाई मदन (55) और सुमन आडमने (70) के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आठ लोगों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
शहर के बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में बुधवार को भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। मौका था सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेषों के दर्शन का, जिसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से आयोजित इस खास कार्यक्रम में भक्तों ने न केवल पावन अवशेषों के दर्शन किए, बल्कि प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना का संकल्प भी लिया। जैसे ही अवशेषों का रथ परिसर में पहुंचा, पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालु अपने आराध्य के इन पवित्र अंशों की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखे। झांसी से कानपुर पहुंची देशव्यापी यात्रा सोमनाथ मंदिर के इन पवित्र अवशेषों की यह यात्रा एक बड़े संकल्प का हिस्सा है। संस्था के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर द्वारा सोमनाथ मंदिर में लिए गए संकल्प के बाद इन अवशेषों को देशव्यापी यात्रा पर निकाला गया है। यह यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए और लोगों को जागरूक करते हुए आगे बढ़ रही है। बुधवार को यह पावन यात्रा झांसी से चलकर कानपुर पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने पूरे उत्साह और गाजे-बाजे के साथ इसका स्वागत किया। पुनर्स्थापना के संकल्प से जुड़े श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे भक्तों के बीच केवल दर्शन की ही होड़ नहीं थी, बल्कि अपनी विरासत को सहेजने का जज्बा भी साफ दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सोमनाथ के इन प्राचीन अवशेषों के सामने सिर झुकाया और प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना के कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रण लिया। लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को करीब से जानने का मौका मिलता है। आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा पूरा परिसरबीएनएसडी शिक्षा निकेतन का परिसर बुधवार को किसी शिवालय की तरह नजर आ रहा था। फूलों की सजावट और धूप-दीप की खुशबू के बीच श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वालंटियर्स भी मुस्तैद रहे। दर्शन के लिए आए बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई भक्तों ने कहा कि सोमनाथ जाना हर किसी के लिए तुरंत संभव नहीं होता, लेकिन शहर में ही इन मूल अवशेषों के दर्शन प्राप्त होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।देशभर में घूम रही है यह पावन धरोहरसोमनाथ ज्योतिर्लिंग के ये अवशेष अपनी यात्रा के दौरान जिस भी शहर में जा रहे हैं, वहां का माहौल शिवमय हो रहा है। कानपुर में दर्शन का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यह साफ था कि धर्म और आस्था के प्रति लोगों का जुड़ाव आज भी बेहद गहरा है। अब यह यात्रा अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगी, जहां अन्य शहरों के लोग भी इन ऐतिहासिक और धार्मिक अवशेषों के साक्षी बन सकेंगे।
छावनी परिषद मेरठ ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल की है। परिषद ने फरवरी 2022 से जुलाई 2022 तक की अवधि का लंबित भविष्य निधि (PF) अंशदान और उस पर देय ब्याज सफलतापूर्वक कर्मचारियों के खातों में जमा करा दिया है। यह PF अंशदान पहले ही संबंधित PF कार्यालय को भेजा जा चुका था। हालांकि, तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से यह राशि कर्मचारियों के खातों में दिखाई नहीं दे रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस जटिल और लंबित समस्या का समाधान छावनी परिषद मेरठ के मुख्य अधिशासी अधिकारी जाकिर हुसैन ने किया। उन्होंने निरंतर प्रयास, सक्रियता और समर्पण के साथ व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर प्रभावी समन्वय स्थापित किया। उनके प्रयासों से न केवल मूल धनराशि, बल्कि उस पर देय ब्याज भी कर्मचारियों को दिलाया गया। इस सराहनीय कार्य से कर्मचारियों में संतोष और प्रसन्नता का माहौल है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने एकत्र होकर मुख्य अधिशासी अधिकारी जाकिर हुसैन से भेंट की। उन्होंने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। कर्मचारियों ने उनके इस उत्कृष्ट और कर्मचारी हितैषी कार्य के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। छावनी परिषद मेरठ प्रशासन अपने कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। परिषद ने भविष्य में भी इस प्रकार के लंबित मामलों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
बड़वानी में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है और पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा नजर आ रहा है। बुधवार शाम को शहर में पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु झूमते-गाते शामिल हुए। वहीं, कल यानी 2 अप्रैल को शहर में कई जगहों पर पूजन और भंडारों का आयोजन होगा। संकट मोचन तीर्थ हनुमान टेकड़ी से शुरू हुई यह पालकी यात्रा झंडा चौक के श्रीराम कृष्ण मंदिर से आगे बढ़ रही है। ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा है। शहर के अलग-अलग रास्तों से गुजर रही इस यात्रा का लोग फूलों से स्वागत कर रहे हैं। इससे पहले सुंदरकांड और अखंड रामायण पाठ जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी पूरे हो चुके हैं। कल होगा भंडारा, उमड़ेगी भीड़ हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर गुरुवार को शहर में कई जगहों पर प्रसादी बांटी जाएगी। नवलपुरा के श्री बजरंग सेवा समिति सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक भंडारा कराएगी। इसके अलावा सेगांव हनुमान टेकड़ी पर भी शाम से प्रभु की इच्छा तक प्रसादी वितरण चलता रहेगा। इन आयोजनों में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सेवा समितियों ने पूरी की तैयारियां मंदिर समितियों और सेवादारों ने भंडारे के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। समितियों ने लोगों से अपील की है कि वे परिवार के साथ इन कार्यक्रमों में पहुंचें और धर्म का लाभ उठाएं। शहर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी खास ध्यान रखा जा रहा है ताकि श्रद्धालु आराम से दर्शन और भोजन कर सकें।
मेरठ में हिन्दू स्वाभिमान संस्थान ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रवि भट्ट के नेतृत्व में मेरठ के डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संस्थान ने वन विभाग की उपजाऊ जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। संस्थान ने बताया कि तहसील मवाना, जिला मेरठ के ग्राम किशोरपुर, फिरोजपुर, लालपुर, हाजीपुर गांवडी, मनोहरपुर और बघेवई सहित अन्य गांवों में वन विभाग की खेती योग्य जमीन है। आरोप है कि कैराना, शामली के कुछ दबंग व्यक्तियों ने वन विभाग के अधिकारियों और रेंजरों की मिलीभगत से इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इन व्यक्तियों द्वारा सरकारी जमीन पर फसलों की बुआई की जा रही है। इसके साथ ही, वे इस जमीन पर मजार आदि का निर्माण कराने की भी कोशिश कर रहे हैं, जिससे भविष्य में सरकारी जमीन पर स्थायी अवैध कब्जे का खतरा बढ़ गया है। संस्थान ने शिकायत की है कि कई बार शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गई हैं। आरोप है कि अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं और वे कानून की परवाह नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण ग्राम समाज के लोगों में रोष व्याप्त है और उन्हें भविष्य में किसी अनहोनी घटना का डर सता रहा है। हिन्दू स्वाभिमान संस्थान ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सरकारी जमीन को मुक्त कराने की मांग की है।
लखनऊ की विशेष PMLA कोर्ट ने सहारनपुर के खनन माफिया और पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल उर्फ बाला को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के तहत उसकी करीब 995.75 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश भी दिया गया है। लंबे समय से फरार इकबाल के खिलाफ यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन समेत कई गंभीर आरोपों के चलते की गई है। ED की जांच में सामने आया कि मोहम्मद इकबाल को कई बार समन जारी किया गया, लेकिन वह जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि वह भारत छोड़कर दुबई (UAE) में रह रहा है और कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहा है। शेल कंपनियों के जरिए 7 चीनी मिलों की खरीद में गड़बड़ीजांच एजेंसियों के अनुसार, मोहम्मद इकबाल और उसके सहयोगियों ने शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश की 7 चीनी मिलों को बेहद कम कीमत पर खरीदा। इन सौदों के दौरान फर्जी लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा पाया गया, जिस पर ED ने विस्तृत जांच की। अवैध खनन में भी भूमिका, दूसरों के नाम पर लिए पट्टे सहारनपुर क्षेत्र में अवैध खनन के मामलों में भी मोहम्मद इकबाल की भूमिका सामने आई है। जांच में पता चला कि खनन पट्टे अन्य व्यक्तियों के नाम पर लिए गए थे, जबकि उनका वास्तविक संचालन इकबाल के नियंत्रण में था। इस तरीके से अवैध खनन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। यूनिवर्सिटी समेत करोड़ों की संपत्तियां पहले ही कुर्क प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान मोहम्मद इकबाल की कई संपत्तियों को पहले ही कुर्क कर लिया था। इनमें करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्तियों के साथ उसकी एक निजी यूनिवर्सिटी भी शामिल है। ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) से जुड़ी हुई हैं। कोर्ट ने FEO एक्ट के तहत दिया आदेश लखनऊ की विशेष अदालत ने Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के तहत कार्रवाई करते हुए मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने जांच से बचने के लिए देश छोड़ा और बार-बार बुलाने के बावजूद पेश नहीं हुआ, ऐसे में कानून के प्रावधानों के तहत उसकी संपत्तियों को जब्त किया जाना उचित है।
गोरखपुर में 6 अप्रैल को होने वाले भाजपा के स्थापना दिवस को पार्टी बड़े स्तर पर मनाने जा रही है। इसके लिए बूथ स्तर से लेकर गांव-बस्ती तक कार्यक्रमों की विस्तृत योजना तैयार की गई है। रानीडीहा स्थित जिला कार्यालय पर हुई बैठक में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपते हुए सभी कार्यक्रम तय किए गए। जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बताया गया कि स्थापना दिवस जिले के हर बूथ पर उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव दिखाई दे। तीन दिन तक सजे रहेंगे कार्यालय 5, 6 और 7 अप्रैल तक भाजपा के मंडल, जिला और अन्य कार्यालयों को फूल, स्वदेशी लाइटिंग और रंगोली से सजाया जाएगा। 6 अप्रैल को सभी कार्यालयों पर ध्वजारोहण किया जाएगा और मिष्ठान वितरण होगा। इसके साथ ही कार्यकर्ता अपने घरों पर भी कमल ध्वज फहराकर स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मनाएंगे। प्रत्येक बूथ पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इस दौरान भाजपा की विचारधारा और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। कार्यकर्ता घर-घर जाकर ध्वज लगाने का अभियान भी चलाएंगे। संगोष्ठी से लेकर गांव-बस्ती तक चलेगा अभियान 6 और 7 अप्रैल को बूथ स्तर पर संगोष्ठियां आयोजित होंगी। इसके बाद 7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी गांवों में जाकर स्वच्छता अभियान चलाएंगे, लाभार्थियों से संवाद करेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। 8 और 9 अप्रैल को जिला स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम को लेकर है जबरदस्त उत्साह बैठक में निवर्तमान जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने भी अपने विचार रखे। संचालन जिला उपाध्यक्ष जगदीश चौरसिया ने किया। इस दौरान पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह, चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दुनिया के कई देशों के बीच मचे घमासान और बढ़ती दूरियों ने आज पूरी मानवता को संकट में डाल दिया है। चारों तरफ मचे इस हाहाकार और अशांति के बीच अब आध्यात्मिक शक्तियों के जरिए विश्व में शांति बहाली की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में प्रजापति ब्रह्मकुमारीज, नवीन नगर सेवा केंद्र की ओर से विशेष राजयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शांति यज्ञ के जरिए न केवल संपूर्ण विश्व की सुख-समृद्धि की कामना की गई, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए 'सकाश सेवा' (पॉजिटिव वाइब्रेशंस) के माध्यम से योग क्रियाएं भी संपन्न हुईं। कुलपति के निवास पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब शांति और सकारात्मकता का यह खास कार्यक्रम कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय सर्वज्ञसिंह कटियार के निवास स्थान पर आयोजित किया गया। यहां बीके रितेश कटियार और सेंटर इंचार्ज बीके अर्चना दीदी की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह शांत और आध्यात्मिक नजर आया। सेंटर इंचार्ज अर्चना दीदी ने इस दौरान बताया कि वर्तमान में कुछ देशों की आपसी महत्वाकांक्षा ने पूरी पृथ्वी को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। ऐसे में राजयोग ही वह माध्यम है, जिससे हम अपने मन की शांति के साथ-साथ दुनिया में भी प्रेम और भाईचारे का संदेश फैला सकते हैं। राजयोग और सकाश सेवा से बदली फिजा इस राजयोग सभा का संचालन बीके राजेंद्र प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम में राजयोग की बारीकियों को समझाते हुए बताया गया कि कैसे ध्यान और एकाग्रता के जरिए हम अशांत मन को स्थिर कर सकते हैं। 'सकाश सेवा' के दौरान उपस्थित सभी भाई-बहनों ने सामूहिक रूप से अपनी मानसिक शक्तियों को विश्व कल्याण के लिए केंद्रित किया। लोगों का मानना था कि जब सामूहिक रूप से शुभ संकल्प किए जाते हैं, तो उसका प्रभाव प्रकृति और समाज दोनों पर पड़ता है। समाज के विभिन्न वर्गों ने निभाई भागीदारीविश्व शांति की इस मुहिम में केवल संस्था के सदस्य ही नहीं, बल्कि शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। पूर्व आयकर अधिकारी शरद प्रकाश अग्रवाल और जानी-मानी साहित्यकार व समाजसेविका सीमा अग्रवाल 'जागृति' ने भी इसमें हिस्सा लिया और शांति की इस पहल को सराहा। आयोजन में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में भी शांति और संयम को अपनाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। बहनों में मुख्य रूप से बीके स्वर्ण लता, ममता, प्रियंका, स्वाति, अनुपम, किरण, मंजू गोयल, मधु जैन, नीता और संतोषी ने हिस्सा लिया। वहीं भाइयों में बीके वीरेंद्र सिंह, रिंकू जायसवाल और राम सेवक चौरसिया सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विश्व को युद्ध और विनाश की विभीषिका से बचाने के लिए प्रार्थना की।
ललितपुर में जाखलौन क्षेत्र के किसान नेता की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। मृतक की पहचान ग्राम बम्हौरी पठार निवासी 30 वर्षीय सोवरन सिंह के रूप में हुई है, जो भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) में पिपरई न्याय पंचायत के अध्यक्ष थे। घटना के समय वह रात करीब 10 बजे खेत से भूसा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद उन्हें पहले ललितपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर किया गया। बाद में उन्हें ग्वालियर भेजा गया, जहां 1 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और भाकियू नेताओं में आक्रोश फैल गया। बुधवार दोपहर प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर एम्बुलेंस में शव रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार विश्वकर्मा, सीओ सिटी सुनील भारद्वाज और विद्युत अभियंता ग्रामीण विशाल सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और किसानों से बातचीत कर आश्वासन दिया कि पाली क्षेत्र के अवर अभियंता निश्चय वर्मा का तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए, जहां देर शाम अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का आरोप है कि जिस जर्जर बिजली खंभे के गिरने से सोवरन सिंह की मौत हुई, उसे हटवाने के लिए वे कई बार बिजली विभाग को ज्ञापन दे चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।इस दौरान प्रदर्शन के दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष लाखन सिंह पटेल सहित विशाल सिंह, पहाड़ सिंह, जगदीश, शिशुपाल, मलखान, राजेश यादव, बृजेश, पंकज, शैतान सिंह, शंकर, कप्तान सिंह, हृदेश यादव मुखिया, हरपाल सिंह, रहीश सिंह, चंदन सिंह और नीलम सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
पीलीभीत जिले के शाही रेलवे स्टेशन पर तीन दिन पहले अचेत अवस्था में मिले एक 65 वर्षीय वृद्ध की बुधवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान बरेली जिले के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के ग्राम सरैदा निवासी मुंशीलाल के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, मुंशीलाल तीन दिन पूर्व अपने घर से गजरौला क्षेत्र में रहने वाले अपने साले के बेटे नेत्रपाल से मिलने जा रहे थे। यात्रा के दौरान जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शाही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े। स्टेशन पर वृद्ध को बेसुध पड़ा देख रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई। उन्हें पीलीभीत के जिला अस्पताल पहुंचाया गया और भर्ती कराया गया। पिछले तीन दिनों से चिकित्सक उनकी जान बचाने का प्रयास कर रहे थे। मुंशीलाल की मौत की सूचना उनके गांव सरैदा पहुंचते ही परिजनों में शोक छा गया। मृतक के पुत्र ओमप्रकाश व अन्य परिजन पीलीभीत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहानाबाद थाना अध्यक्ष प्रदीप बिश्नोई ने बताया कि वृद्ध के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्राथमिक जांच में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने को मौत का कारण माना जा रहा है, हालांकि मृत्यु के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने इस संबंध में वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
अनूपपुर जिले के कोतमा इलाके में रेउसा गांव के जंगल में एक जली कार मिली है। बुधवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को इसकी खबर मिली, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। देर शाम को थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला ने बताया कि कार इतनी बुरी तरह जल चुकी है कि उसे पहचान पाना भी मुश्किल हो रहा है। पुलिस की टीम ने जंगल में करीब तीन-चार घंटे तक छानबीन की और सबूत जुटाने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस हर एंगल से कर रही है जांच आसपास के गांव वालों से भी पूछताछ की गई है, पर अभी तक किसी ने कुछ खास जानकारी नहीं दी है। पुलिस ने जेसीबी की मदद से जली हुई कार को जंगल से बाहर निकलवाया और पास के ही एक गांव में सुरक्षित रखवा दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामला गंभीर है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है ताकि जल्द ही सच सामने आ सके।
मुरादाबाद पुलिस ने बुधवार रात कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले बदमाश को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। आशु उर्फ मोंटी उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर था। उसपर हत्या-लूट समेत 33 मुकदमे दर्ज थे। सिविल लाइंस इलाके में पोस्टमॉर्टम हाउस के पास एनकाउंटर हुआ। आशु रंगदारी के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुधवार रात सिविल लाइंस इलाके में घेराबंदी की। पोस्टमॉर्टम हाउस के पास पुलिस को देखकर वह बाइक से भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में बदमाश को 2 गोली लगी। इनमें एक गोली सीधे सीने में जा लगी। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं, एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वेस्ट यूपी का कुख्यात अपराधी उधम सिंह 4 साल, 8 माह और 5 दिन बाद 26 मार्च को जेल से जमानत पर बाहर आया था। उसकी रिहाई के बाद मेरठ पुलिस ने अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद से वेस्ट यूपी के तमाम जिलों की पुलिस अलर्ट मोड पर थी। ऐसे उधम सिंह के संपर्क में आयासाल 2010 में आशु चड्ढा उर्फ मोंटी एक हत्या के मामले में जेल गया था। जेल में रहते हुए उसका संपर्क कुख्यात उधम सिंह गैंग के लोगों से हुआ। बाहर आने के बाद वह इस गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया। जमानत मिलने के बाद वह लगातार लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम देने लगा। इसके कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो गए। होम डेकोर आइटम विदेशो में एक्सपोर्ट करते हैं शुभम ग्रीन विला निवासी अरशू ढल की बजीरचंद एक्सपोर्ट्स के नाम से फर्म है। वह ब्रास, ग्लास और वुडन के होम डेकोर आइटम 125 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट करते हैं। अरशु ने पुलिस को बताया-12 मार्च की रात करीब 8 बजे मेरे मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मिस्ड कॉल आई। लगभग एक मिनट बाद व्हाट्सएप पर फिर से कॉल आई। जब मैंने कॉल रिसीव की, तो सामने वाले ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। इसके बाद मैंने कॉल काट दी। थोड़ी देर बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर कहा कि जल्दी पांच करोड़ रुपए का इंतजाम करो। 14 मार्च को दोपहर करीब ढाई बजे आरोपी ने फिर से व्हाट्सएप किया और धमकी दी कि तुम उधम सिंह को नहीं जानते। रकम नहीं दी तो जान से मार देंगे। इसके अगले ही दिन बाइक सवार बदमाश मेरी फैक्ट्री के गेट पर पहुंचकर फायरिंग कर दी। गार्ड ने दर्ज कराई थी फायरिंग की FIRफायरिंग की घटना के बाद सिक्योरिटी गार्ड उमेश ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी मुरादाबाद सतपाल अंतिल पहले मेरठ में तैनात रहे हैं। इस वजह से उधम सिंह गैंग के बारे में अच्छे से जानते थे। उन्होंने गैंग का पता लगाने के लिए 5 टीमें लगाईं। जमानत पर बाहर आया था आशुहापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला आशु उर्फ मोंटी हाल ही में जेल से जमानत पर छूटा था। इसके बाद से फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। बुधवार रात करीब 9 बजे आशु मुरादाबाद के अरशु ढल के पास रंगदारी लेने के लिए पहुंचा। वह जैसे ही पोस्टमॉर्टम हाउस के पास पहुंचा, पुलिस ने उसे घेर लिया। खुद को घिरता देख आशु ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आशु को दो गोलियां लगीं, जिनमें से एक गोली सीने में लगी। वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 8 साल में 260 अपराधी एनकाउंटर में ढेरराज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 260 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 31,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 10,000 से ज्यादा को गोली मारी गई। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बहराइच में महिला ने सिपाही को थप्पड़ मारे, VIDEO: विवाद सुलझाने आई पुलिस टीम पर हमला बहराइच में विवाद सुलझाने आई डायल-112 की टीम पर महिलाओं ने हमला कर दिया। महिला ने सिपाही को 2 थप्पड़ मारे। इसके बाद सिपाही ने भी महिला को एक थप्पड़ जड़ दिए। इस बीच वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोगों ने महिला को वहां से हटाया, तभी आगे आकर उसने सिपाही को एक और थप्पड़ मार दिया। ग्रामीणों ने किसी तरह मामला शांत कराकर पुलिस वालों को बचाया। पढ़ें पूरी खबर…
सिवनी में तेज बारिश, लखनादौन-आदेगांव में ओले गिरे:किसानों को खेतों में रखी कटी फसलें खराब होने का डर
सिवनी जिले में बुधवार शाम को मौसम बदल गया। तेज धूप और उमस के बाद जिले के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई, वहीं लखनादौन और आदेगांव जैसे इलाकों में ओले भी गिरे। इस बदलाव से लोगों को गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। जिले में फसलें पककर तैयार हैं और कटाई का काम चल रहा है। कई जगहों पर कटी हुई फसलें खुले आसमान के नीचे खेतों में ही रखी हैं। ऐसे में अचानक हुई इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के खराब होने का डर सता रहा है। लखनादौन, आदेगांव और धूमा में तेज हवा की वजह से खड़ी फसलें भी जमीन पर बिछ गई हैं। शाम से रात तक रुक-रुक कर हुई बारिश सिवनी शहर के साथ-साथ कुरई, केवलारी और बरघाट में शाम होते ही घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। रात साढ़े आठ बजे तक रुक-रुक कर पानी गिरता रहा और बिजली भी कड़कती रही। मौसम खराब होने की वजह से शहर के कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या भी बनी रही। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसी ही बारिश और गरज-चमक बनी रह सकती है। प्रशासन ने जारी की सावधानी की सलाह मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए कलेक्टर शीतला पटले ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें और सुरक्षित जगहों पर रहें। साथ ही, आंधी-तूफान और बिजली गिरने के डर को देखते हुए पशुओं को खुले में न छोड़ने और खुद भी घरों के अंदर रहने को कहा है।
टोंक में वन विभाग की टीम पर खनन माफिया द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना में 5 वनकर्मी घायल हुए है। हमलवार जब्त किया हुआ ट्रैक्टर-ट्रॉली भी छुड़वाकर ले गए। आरोपियों ने विभाग की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। वनपाल ने निवाई थाने में मामला दर्ज कराया है। घटना थाना क्षेत्र में रक्तांचल पर्वत के पीछे बुधवार दोपहर को हुई। अवैध पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी थी थानाधिकारी घासीराम मीणा ने बताया- सहायक वनपाल जगदीश गुर्जर के नेतृत्व में गश्ती दल सरकारी वाहन से गश्त कर रहा था। इसी दौरान उन्हें अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई दी। गश्ती दल को देखकर ट्रैक्टर ड्राइवर ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर फरार हो गया। जब गश्ती दल ट्रैक्टर-ट्रॉली को निवाई रेंज लेकर आ रहा था, तभी बिना नंबर की बाइक पर श्योसिंहपुरा सीदड़ा निवासी बाबू और रमेश समेत 7-8 लोग आए और झगड़ा करने लगे। आरोपियों ने मोबाइल बंद करवा दिया और हमला कर दिया। हमलावर ट्रैक्टर ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाकर ले गए। वन विभाग के ये कर्मचारी हुए घायल हमले में सहायक वनपाल नरेंद्र सिंह राठौड़, विनोद चौधरी, कल्पना राजावत, वन रक्षक बर्मा चौधरी और वाहन चालक मोहम्मद यूसुफ घायल हुए हैं। राजकार्य में बाधा, मारपीट, हमला करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
दो पक्षों में मंगलवार को रुपयों के लेनदेन को लेकर हुई मारपीट और एयरगन से फायरिंग के मामले में भगवानपुरा के ग्रामीणों ने अलीगढ़ थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दोनों पक्ष की ओर से मारपीट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक गंभीर घायल को जयपुर रेफर किया गया है। ग्रामीणों ने आज बुधवार की दोपहर एसपी को भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया था। इसमें पीड़ित धर्मराज समेत पंचायत समिति सदस्य फ़ोरू लाल मीणा ने ASI बाबू लाल पर आरोपियों से मिलीभगत और अवैध बजरी खनन करने वाले बजरी माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया है। एसपी राजेश कुमार मीना का कहना है कि इस मामले में संबंधित डीएसपी, थाना प्रभारी को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दस हजार रुपए के कारण दो पक्षों में हुआ विवादअलीगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया- उनियारा निवासी आकाश गोयल ने भगवानपुरा निवासी धर्मराज मीणा को करीब 40 हजार रुपए के बिल्डिंग मेटेरियल के सामान दिए थे। करीब दस हजार रुपए बाकी है। इसको लेकर दोनों पक्ष में तय हुआ कि धर्मराज दस हजार रुपए के बदले आकाश गोयल को गेहूं का भूंसा (कांकला) देगा। मामले में आकाश गोयल ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉली धर्मराज के गांव भेजी और खुद भी एक कार में सात-आठ युवकों के साथ भगवानपुरा धर्मराज के पास पहुंचे। जहां आकाश गोयल की आपसी कहासुनी को लेकर धर्मराज से झगड़ा हो गया। इस दौरान दोनों पक्ष में मारपीट हो गई। इसमें आकाश गोयल समेत दोनों पक्ष के पांच लोगों को अंदरूनी चोटे आई है। इसमें आकाश गोयल को सिर में चोट होने से जयपुर रेफर किया है, जबकि अन्य स्थानीय हॉस्पिटल में इलाज किया गया। धर्मराज का आरोप है कि आकाश गोयल के पक्ष के लोगों की ओर से हवाई फायरिंग की गई थी। हालांकि पुलिस ने आकाश गोयल के पक्ष के लोगों द्वारा एयरगन से हवाई फायरिंग करने की बात कही है। मामले को लेकर एक पक्ष के धर्मराज, पंचायत समिति सदस्य फोरू लाल मीणा समेत अन्य ग्रामीणों ने मंगलवार शाम को अलीगढ़ थाने पहुंचकर आकाश गोयल और अन्य कार सवार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। लेकिन उस दिन मामला दर्ज नहीं किया। एसपी ने दिए कार्रवाई के निर्देशपंचायत समिति सदस्य फोरू लाल मीणा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें थाने से भगा दिया, जबकि वे क्षेत्र से पंचायत समिति सदस्य होने के नाते धर्मराज के कहने पर थाने गए थे। ऐसे में नाराज होकर भगवानपुरा के पीड़ित लोग एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर एसपी राजेश कुमार मीना से न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने मामले में उनियारा डीएसपी और अलीगढ़ थाना प्रभारी को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अलीगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि इस मामले में आज दोनों पक्ष के लोगों की ओर से एक दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहडोल जेल में कैदी ने खुद को घायल किया:रेप केस में उमक्रैद की सजा काट रहा, नुकीली चीज गले पर मारी
शहडोल जिला जेल में बुधवार सुबह एक कैदी ने खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के अगले ही दिन कैदी ने यह आत्मघाती कदम उठाया, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी देर शाम मिली। जानकारी के मुताबिक, कैदी का नाम पंकज कटारे है। उसे हाल ही में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद से ही वह काफी परेशान चल रहा था। बुधवार सुबह जब जेल का स्टाफ बैरक में चेकिंग के लिए पहुंचा, तो पंकज घायल हालत में मिला और उसके गले से खून बह रहा था। नुकीली चीज से गले पर किया वार शुरुआती जांच में पता चला है कि पंकज ने किसी नुकीली धातु की चीज से अपने गले पर वार किया था। जेल के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे संभाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने समय रहते उसके गले में टांके लगाए, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है। अकेलेपन और तनाव की वजह से उठाया कदम जेल प्रशासन का कहना है कि पंकज लंबे समय से मानसिक तनाव में था। उससे मिलने के लिए परिवार का कोई सदस्य नहीं आता था और उसके पास कानूनी मदद की भी कमी थी। इसी अकेलेपन और भारी सजा के डर से वह डिप्रेशन में चला गया था। जेल की सुरक्षा और काउंसलिंग पर जोर इस घटना के बाद जेल में निगरानी और कड़ी कर दी गई है। जानकारों का मानना है कि जिन कैदियों को गंभीर मामलों में बड़ी सजा मिलती है, उनकी समय-समय पर काउंसलिंग और मानसिक जांच बहुत जरूरी है, ताकि वे ऐसे कदम न उठाएं। प्रशासन अब कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की बात कह रहा है।
शक्तिपीठ मां शारदा देवी धाम के समग्र कायाकल्प के लिए प्रस्तावित 'मां शारदा लोक' परियोजना अब धरातल पर उतरने को तैयार है। बुधवार को रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और आईजी गौरव राजपूत ने मैहर पहुंचकर मास्टर प्लान की समीक्षा की। परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के साथ एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। तीन जोन में बंटा होगा 'मां शारदा लोक' कंसलटेंसी एजेंसी 'धरोहर' द्वारा प्रस्तुत लेआउट के अनुसार, घंटाघर चौक से लेकर मुख्य मंदिर, आल्हा ताल, आल्हा अखाड़ा और मेला परिसर को तीन अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। सुविधाएं: परिसर में आधुनिक मुंडन संस्कार भवन, विशाल यज्ञशाला, भजन संध्या स्थल और नवग्रह वाटिका का निर्माण होगा। श्रद्धालु मार्ग: परिक्रमा पथ पर आकर्षक शेल्टर और विश्राम स्थल बनाए जाएंगे ताकि भक्तों को धूप और बारिश से राहत मिल सके। 15 मई तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश कमिश्नर बीएस जामोद ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि 15 मई तक टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य हर हाल में शुरू कर दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि निर्माण के दौरान त्रिकूट पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और इसके धार्मिक स्वरूप से कोई समझौता न किया जाए। सीमित भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए उन्होंने सुगम दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही। रोपवे की क्षमता बढ़ाने समेत अन्य प्रस्ताव रखे आईजी गौरव राजपूत ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से सुझाव दिया कि भविष्य में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाए। वहीं, कलेक्टर रानी बाटड ने पुलघटा क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग, रोपवे की क्षमता बढ़ाने और बंधा बैरियर के समीप एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण का प्रस्ताव रखा। अधिकारियों ने किया निरीक्षण बैठक के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित निर्माण स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। जल्द ही संबंधित विभागों द्वारा एक संयुक्त सर्वे किया जाएगा, जिसके बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप देकर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन समिति और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बुजुर्ग महिला की आंख निकालकर हत्या कर दी गई। हमले में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक अवैध संबंध की आशंका को लेकर 2 पक्षों में विवाद हुआ था। आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी का शेख सलीम नाम के युवक से अफेयर है। 3 आरोपी शेख सलीम को मारने पहुंचे थे, लेकिन वह घर पर नहीं था। इसके बाद आरोपियों ने घर के सदस्यों पर हमला कर दिया। पीड़ितों ने बताया कि जो सामने आया उन्हें मारा। घायल छात्रा ने बताया कि तलवार से गाय-बकरी की तरह लोगों को काटा। दादी का गला रेत कर आंख निकाल लिए। भाई का चेहरा कट गया है। चाची पर भी हमला किया। वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद 3 आरोपियों ने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। यह मामला रतनपुर थाना क्षेत्र के पेंडरवा गांव का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, पेंडरवा गांव निवासी शेख सलीम का गांव की एक महिला से कथित अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था। दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और झगड़े हो चुके थे। लेकिन बुधवार को इसी पुरानी रंजिश के चलते सुरेश श्रीवास और उसके दो नाबालिग बेटों ने मिलकर दूसरे पक्ष के घर में घुसकर हमला बोल दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस दौरान जो सामने आया, उस पर ही वार किया गया। इस हमले में बुजुर्ग महिला मुराद बी (60 साल) की हत्या कर दी गई। हमलावरों ने महिला की आंख तक निकाल ली। 7 लोग गंभीर रूप से घायल इस हमले में दूसरे पक्ष के कुल 7 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायलों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घायलों में रेहाना बेगम, शहनाज बेगम, शेख सुहान, परी परवीन, अलीशा परवीन, सना परवीन, साहिस्ता परवीन शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट घटना की जानकारी मिलते ही जिले के एसएसपी रजनेश सिंह पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। गांव में हालात तनावपूर्ण देखे गए, जिसके बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों ने किया सरेंडर इधर, घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी खुद ही पुलिस थाने पहुंच गए और सरेंडर कर दिया। फिलहाल, पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि राज्यपाल का दौरा बताकर पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी।
हांसी जिले के नारनौंद स्थित नाड़ा गांव में बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक घर में आग लग गई। इस हादसे में 65 वर्षीय बिमला देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। आग में अपनी मां को बचाने के प्रयास में उनका बेटा नवनीत भी गंभीर रूप से झुलस गया। दोनों घायलों को पहले जींद के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से बिमला देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया था। महिला के शव का पोस्टमार्टम वीरवार को पीजीआई रोहतक में कराया जाएगा। घर में पेट्रोल से भड़की आग पुलिस के अनुसार, बिमला देवी लंबे समय से बीमार थीं और रीढ़ की हड्डी की समस्या के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थीं। घटना के समय वह घर में चारपाई पर लेटी हुई थीं।उनका बेटा नवनीत मजदूरी पर जाने के लिए तैयार हो रहा था। बताया गया है कि घर में अचानक आग लग गई। कमरे में पेट्रोल की केनी रखी होने के कारण आग तेजी से फैली और देखते ही देखते पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय नवनीत की 5 वर्षीय बेटी भी उसी कमरे में मौजूद थी। आग की लपटें देखकर बच्ची घबरा गई और चिल्लाने लगी। मां को बचाते वक्त झुलसा बेटा बच्ची की आवाज सुनकर नवनीत तुरंत कमरे में गया। बच्ची किसी तरह कमरे के एक कोने में खड़ी हो गई थी, लेकिन बिमला देवी आग की चपेट में आ चुकी थीं। नवनीत ने अपनी मां को आग से बचाने और बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दौरान वह खुद भी गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। शॉर्ट सर्किट से घर में लगी आग जींद अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बिमला देवी को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अनूपपुर जिले में 2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर निकलने वाली शोभायात्रा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन व यातायात पुलिस ने कमर कस ली है। एसपी मोती उर रहमान के निर्देशन में शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं, ताकि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जाम की स्थिति न बने। भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 2 अप्रैल की सुबह 6 बजे से जुलूस के समापन तक शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। इस अवधि के लिए पूर्व में जारी किए गए सभी प्रकार के वाहनों के विशेष परमिट को भी अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है। आपातकालीन सेवाओं को रहेगी छूट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और ड्यूटी पर तैनात शासकीय वाहनों जैसी आपातकालीन सेवाओं को आवागमन की पूर्ण छूट रहेगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए जुलूस के मार्ग और शहर की संभावित भीड़ का आकलन कर आवश्यकतानुसार 'नो-एंट्री' के नियमों में बदलाव किया जाएगा। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस की अपील यातायात पुलिस ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें। शहर के प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जो शोभायात्रा के दौरान सुगम और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करेगा। जुलूस की समाप्ति के बाद ही सामान्य यातायात बहाल किया जाएगा।
लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार स्थिति ट्रॉमा सेंटर में ड्यूटी पर तैनात ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के साथ अभद्रता और मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा डॉक्टर को गालियां देकर पिटाई की जा रही है। इस बीच घटना को लेकर जानकीपुरम थाने में पीड़ित डॉक्टर की तरफ से तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, ट्रॉमा सेंटर प्रभारी ने भी शिकायत विधिक कार्रवाई के लिए शिकायत फॉरवर्ड की है। घटना मंगलवार की बताई जा रही है। बुधवार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में देरी को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश भी दिखा। 2 तस्वीरें देखिए… ये था पूरा मामला जानकारी के मुताबिक सैरपूर क्षेत्र के पूरब गांव निवासी एक महिला का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। वह इलाज के लिए जानकीपरम ट्रॉमा सेंटर 15 दिन पहले आई थी। वहां पर उसे कच्चा प्लास्टर चढाया गया था। परिवारीजनों ने प्लास्टर के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। मंगलवार को वह दोबारा पक्का प्लास्टर चढवाने आई तो उससे फिर 800 रुपए मांगे गए। महिला ने रुपए न होने की बात कही। मामले की जानकारी पर स्थानीय नेता रज्जन पांडे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उनकी डॉक्टर से तीखी बहस भी हुई। मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इसी बीच डॉक्टर और लोगों के बीच हाथापाई शूरू हो गई। काफी देर तक ट्रॉमा में बवाल चला। पीड़ित डॉक्टर ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस में तहरीर दी है। डॉक्टर ने पैसे मांगने के आरोपों काे सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि मरीज के साथ आए लोग बाहर से प्लास्टर खरीदकर लाने की जिद कर रहे थे। मेरे मना करने पर दबाव बना रहे थे। इसका विराेध किया तो मारपीट शुरू कर दी।
जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक विशनाराम बिश्नोई के निर्देश पर पूरे जिले में व्यापक नाकाबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना और अपराधियों में भय का माहौल बनाना है। पुलिस द्वारा जिले के सभी प्रमुख थाना क्षेत्रों और मुख्य राजमार्गों पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिसकर्मी संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रहे हैं और वाहन चालकों के दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के चलते कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। जयसमंद चौकी के बाहर स्पेशल नाकाबंदी अभियान के तहत सराड़ा सर्कल की जयसमंद चौकी के बाहर विशेष नाकाबंदी की गई। यहां एडिशनल एसपी रतन चावला, सराड़ा डीएसपी चांदमल सिंघारिया और सराड़ा थाना प्रभारी रमेश चंद्र के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी की और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नाकाबंदी के दौरान बिना हेलमेट, बिना दस्तावेज और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। कई चालकों के चालान काटे गए और उन्हें नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। पुलिस ने मौके पर ही वाहन चालकों के लाइसेंस, आरसी और इंश्योरेंस जैसे जरूरी दस्तावेजों की जांच की। अपराधियों को सख्त संदेश देना उद्देश्य एडिशनल एसपी रतन चावला ने बताया- जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नाकाबंदी और चेकिंग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अभियान के दौरान एडिशनल एसपी रतन चावला ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान जिले को अपराध मुक्त बनाने और लोगों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ग्रेटर नोएडा में 16 प्रतिबंधित कछुए बरामद:तस्कर गिरफ्तार, दिल्ली में होनी थी सप्लाई
ग्रेटर नोएडा की जारचा पुलिस ने प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 16 प्रतिबंधित कछुए और एक मोपेड बरामद की है। बरामद कछुओं की बाजार कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने बुधवार को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की। समाना नहर से बुलंदशहर की ओर जाने वाले रास्ते पर एक मोपेड सवार को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 16 प्रतिबंधित कछुए बरामद हुए। इस दौरान पुलिस ने हरियाणा के पानीपत निवासी गगन नामक तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से मोपेड के अलावा कछुए पकड़ने का एक जाल भी मिला। पुलिस ने वन विभाग की टीम को बुलाकर बरामद कछुओं को उनके सुपुर्द कर दिया। जारचा थाने में आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी इन कछुओं को अलग-अलग जगहों से पकड़कर दिल्ली ले जा रहा था, जहां उसे इनकी सप्लाई करनी थी। आरोपी ने बताया कि इन कछुओं को उनके पंजों के आधार पर बेचा जाता है। 20 पंजे वाले कछुए की कीमत बहुत अधिक होती है, जिसे दिल्ली में 50 हजार रुपये से अधिक में बेचा जाता है। इसके बाद इनकी सप्लाई विदेश में भी होती है, जहां ये लाखों रुपये में बिकते हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
सहारनपुर में सैलून में घुसकर मारपीट और लूट:दरोगा पर पक्षपात का आरोप, पीड़ित ने SSP से लगाई गुहार
सहारनपुर के थाना मंडी क्षेत्र स्थित गणेश विहार सरदार कॉलोनी में बुधवार को एक सैलून में घुसकर मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। वायरल वीडियो में कई युवक सैलून संचालकों के साथ मारपीट करते दिख रहे हैं। पीड़ित परिवार ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पुत्र अर्जुन और सुमित इलाके में सैलून चलाते हैं। आरोप है कि 25 मार्च 2026 को दोपहर में कुछ युवक दुकान पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने मोटरसाइकिल की चेन, तमंचे की बट और अन्य हथियारों से हमला किया, जिससे दोनों भाइयों को चेहरे और आंख के पास गंभीर चोटें आईं। पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने दुकान में तोड़फोड़ की और गल्ले से करीब 50 हजार रुपये की लूट भी की। शोर सुनकर मौके पर आए स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर पीड़ितों को बचाया। जाते समय आरोपियों ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद थाना मंडी पहुंचने पर पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की और न ही मेडिकल कराया। इसके बजाय पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर ही कार्रवाई करने की बात कही। परिवार ने इसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित अर्जुन ने बताया कि पूर्व में भी आरोपियों के साथ विवाद हुआ था, लेकिन तब पुलिस ने कार्रवाई के बजाय समझौता करा दिया था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में एक पुलिसकर्मी ने पक्षपात करते हुए उनके परिजनों के साथ अभद्रता और मारपीट की, जिससे उनके पिता की हालत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा लूटी गई रकम की बरामदगी की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आई हैं। जहाँ सड़क किनारे शांति से बैठे एक बेजुबान बछड़े को एक काले रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो ने बेरहमी से रौंद डाला। ये कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि सीसीटीवी में कैद वो खौफनाक सच है जिसे देखकर आपका कलेजा कांप जाएगा। आरोप है कि काले रंग की इस स्कॉर्पियो को जेल में तैनात एक सिपाही चला रहा था, जिसने मासूम बेजुबान पर गाड़ी चढ़ाने से पहले एक बार भी ब्रेक नहीं मारे। घटना के बाद से ही बरेली के गौरक्षकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज हो चुका है। सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल, जानबूझकर कुचलने का आरोपकिप्स मिठाई के मोड़ के पास हुई इस घटना में साफ दिख रहा है कि स्कॉर्पियो चालक ने बछड़े को देखने के बावजूद गाड़ी नहीं रोकी और उसे कुचलते हुए आगे निकल गया। शिव सेना के जिला अध्यक्ष हनी सिंह और आजाद हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित राठौर का आरोप है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या है। जेल सिपाही पर लगा आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIRशिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपी कार जेल में तैनात सिपाही कुलदीप यादव की है और घटना के वक्त वही गाड़ी चला रहा था। गौरक्षकों के बढ़ते दबाव और तहरीर के बाद प्रेमनगर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शिव सेना जिला अध्यक्ष हनी सिंह की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 30 मार्च की रात हुई इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।- सुरेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक, प्रेमनगर थाना हिंदू संगठनों ने की सख्त कार्रवाई की मांगघटना के बाद से ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि एक पुलिसकर्मी द्वारा इस तरह की अमानवीय हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल पुलिस सिपाही की भूमिका और सीसीटीवी की टाइमलाइन की जांच कर रही है।
मथुरा में गेहूं के खेत में मिला नरकंकाल:10-15 दिन पुराना होने की आशंका, डीएनए से शिनाख्त होगी
मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में अधरिया गांव के पास एक गेहूं के खेत में बुधवार को नरकंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी कर मामले की जांच शुरू कर दी और फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया। पुलिस के अनुसार यह नरकंकाल तैवतिया मैरिज होम से आगे नीमगांव रोड पर स्थित ग्राम अधरिया के पास विवावली गांव के मौजा पाराशर के जंगल में सतीश शर्मा के गेहूं के खेत में पाया गया। खेत में फसल आंधी के कारण झुक चुकी थी, जिस पर कंकाल पड़ा होने की वजह से काफी समय तक किसी की नजर नहीं पड़ी। घटनास्थल से पुलिस को कंकाल के करीब पांच कदम की दूरी पर डार्क मेहंदी रंग की शर्ट और 28 कदम दूर काली पैंट बरामद हुई। पास में चप्पलें भी मिलीं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सभी बरामद वस्तुओं को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। इस बीच अलीगढ़ से आए युवक दुर्गेश ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर कंकाल अपने भाई पिंटू सिंह का होने की आशंका जताई। परिजनों के अनुसार पिंटू सिंह अलीगढ़ के नयावांस का निवासी था और एक ढाबे पर काम करता था। वह शराब का आदी था और 24 मार्च से लापता था। मांट थाना प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नरकंकाल लगभग 10 से 15 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शव की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। परिजनों द्वारा जताई गई आशंका के बाद डीएनए परीक्षण के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट करवाने आई पारुल तोमर की हालत में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक अब किडनी डोनेटर आयुष का इन्फेक्शन भी कम हो रहा है। लेकिन हमारे यहां ट्रांसप्लांट के बाद जिस ICU की जरूरत होती है, वो नहीं है। हमने इनको रैफर करने के लिए पत्र लिखा है। अब इनको डाइट में लिक्विड डाइट दी जा रही है। आखिर आयुष और पारुल का आज का दिन कैसा रहा ये जानने के लिए हमने GSVM के प्रिंसिपल डॉक्टर संजय काला से बातचीत की। पारुल की हालत में हो रही सुधार किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए मुजफ्फरनगर की रहने वाली पारुल तोमर कानपुर के कल्याणपुर आई थी। जिसके बाद पुलिस ने पूरे रैकेट को पकड़ा था। सोमवार की रात करीब दस बजे पुलिस ने हेलट स्थित PGI के ICU में एडमिट कराया था। मंगलवार को पारुल की हेल्थ बिगड़ती जा रही थी। जिसके बाद आज पारुल का हीमोग्लोबिन बढ़ा है। इसके साथ ही आज मूंग की दाल और दलिया का लिक्विड दिया गया। अब पारुल की हालत में सुधार हो रही है। पारुल मेरठ की रहने वाली है। इसके पति 8 वीं तक का मेरठ में स्कूल चलाते है। इनके परिवार मे पति के अलावा दो बच्चे हैं। आयुष का इनफ़क्शन कम हो रहा आयुष चौधरी MBA का स्टूडेंट है। जबकि बिहार के समस्तीपुर का मूल निवासी है। आयुष को किडनी रैकेट के दलाल शिवम अग्रवाल ने ब्रेन वॉश करके कल्याणपुर निजी अस्पताल में उसकी एक किडनी निकाली गई थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आयुष को PGI में सोमवार की रात 10 बजे उसे एडमिट कराया गया था। हालांकि मंगलवार की रात में आयुष घाव में इन्फेक्शन बढ़ने लगा था। जिसके बाद आज आयुष की हालत में सुधार हुआ है। आज आयुष को डाइट में दलिया और मूंग की दाल का पानी दिया गया है। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया पहले से अब तबीयत में सुधार हो रहा है। लखनऊ रेफ़र किये जाएंगे मरीज मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर संजय काला ने बताया दोनों मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है;। चूंकि हमारे यहां किडनी से रिलेटेड कोई इलाज नहीं है, एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं है। इस लिए हमने CMO के माध्यम से लखनऊ के KGMC, SGPGI और RMLH में भर्ती करवाने के लिए पत्र लिखा है। जिससे दोनों मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। उम्मीद है, जल्द ही इनको लखनऊ शिफ्ट किया जाएगा।
मथुरा में हाईटेक निगरानी शुरू:70 स्थानों पर 280 ANPR कैमरे, वाहनों की हर गतिविधि पर नजर
मथुरा पुलिस ने अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पुलिस लाइन में स्थापित एकीकृत उच्च तकनीक नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत भी मौजूद रहे। यह व्यवस्था Vacmet India Limited की सामाजिक उत्तरदायित्व योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई है। इसके तहत जिले की सीमाओं, प्रमुख मार्गों और चौराहों पर 48 स्थानों पर 192 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। पहले से स्थापित 22 स्थानों के 88 कैमरों को जोड़कर अब कुल 70 स्थान निगरानी प्रणाली के दायरे में आ गए हैं। एकीकृत नियंत्रण कक्ष पूरी तरह संचालित हो चुका है। कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट पढ़कर डेटा सुरक्षित करते हैं, जिससे किसी भी वाहन की आवाजाही का रिकॉर्ड आसानी से मिल सकेगा। वाहन के रंग, कंपनी और मॉडल के आधार पर भी खोज की सुविधा उपलब्ध है। पुलिस के अनुसार इन कैमरों से चोरी के वाहनों की पहचान, दुर्घटना के बाद फरार वाहनों की तलाश और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी में मदद मिलेगी। साथ ही ट्रैफिक जाम की स्थिति की पूर्व जानकारी मिलने से श्रद्धालुओं और आम लोगों के आवागमन को सुगम बनाया जा सकेगा। उच्च गुणवत्ता वाले ये कैमरे दिन-रात और हर मौसम में काम करने में सक्षम हैं तथा लगभग दो महीने तक का डेटा सुरक्षित रख सकते हैं। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से जिले में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी।
नीमच में हनुमान जन्मोत्सव और कर्नाटक के राज्यपाल के दौरे को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। त्योहार के दौरान निकलने वाले जुलूसों और मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया की मौजूदगी में शहर के खास इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च नीमच सिटी के सरदार मोहल्ला, नया बाजार और मीणा मोहल्ला जैसे प्रमुख रास्तों से गुजरा। इसके बाद कैंट और बघाना थाना क्षेत्रों में भी पुलिस ने पैदल गश्त की। इस मार्च में सीएसपी किरण चौहान के साथ शहर के सभी थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए। ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जाएगी नजर एसपी अंकित जायसवाल ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने इलाकों में शांति समिति की बैठकें करें और गड़बड़ी फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखें। इस बार भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील नीमच पुलिस ने खास तौर पर युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी गलत या भड़काऊ पोस्ट शेयर न करें। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और त्योहार को मिल-जुलकर खुशी के साथ मनाने की बात कही है। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
सहारनपुर प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। सभी स्कूल वाहनों की निगरानी और फिटनेस जांच अनिवार्य कर दी गई है। बुधवार शाम डीएम मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूली वाहनों के लिए तैयार नए पोर्टल की जानकारी दी गई और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी स्कूल प्रबंधन को आवंटित आईडी से पोर्टल पर लॉगिन कर वाहनों का पूरा विवरण अपलोड करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में संचालित सभी वाहनों की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक में 15 अप्रैल तक चलने वाले विशेष फिटनेस जांच अभियान पर जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि तय अवधि में सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच पूरी की जाए। वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र और सुरक्षा मानकों के बिना कोई वाहन संचालित नहीं होगा। डीएम ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और तकनीकी खराबी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। डीएम ने सभी स्कूलों को 15 दिन के भीतर ‘स्कूली वाहन सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इसमें वाहन सुरक्षा, ड्राइवर की योग्यता और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक अरविंद पाठक और एआरटीओ प्रवर्तन एम.पी. सिंह ने पोर्टल के तकनीकी उपयोग और प्रवर्तन कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित महाजन, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
भदोही जनपद के चौरी थाना क्षेत्र के जगदीशपुर (सुजान) गांव में मंगलवार शाम करीब 5 बजे एक बुजुर्ग पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल 65 वर्षीय बच्चन राम की इलाज के दौरान मौत हो गई। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, बच्चन राम पुत्र स्वर्गीय सिधारी गौतम पाल तिराहा पर सामान खरीदने गए थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी श्रवण कुमार (28) पुत्र दीनानाथ ने अचानक उन पर चाकू से कई वार कर दिए। घटना को देख आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। बचाव के लिए पहुंचे अशोक, दिनेश पाल समेत अन्य लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक हमलावर कई बार चाकू से वार कर चुका था। गंभीर रूप से घायल बच्चन राम खून से लथपथ हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत नाजुक होने पर भदोही के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राम अवतार ने घायल को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मृतक के परिवार में शोक की लहर है। बच्चन राम के चार पुत्र- बृजभूषण (48), सुरेश (45), प्रवीण (40) और प्रमोद (38) हैं। उनका भतीजा भी उसी चौराहे पर सिलाई की दुकान चलाता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पथाना प्रभारी रामसरिक गौतम ने बताया कि मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
राजधानी जयपुर में चेन स्नैचिंग का आतंक:एक दिन में 3 वारदातें, पुलिस गश्त पर उठे सवाल
जयपुर में बाइक सवार बदमाशों ने लगातार चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देकर लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है। बुधवार को शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन बड़ी वारदातें सामने आईं, जबकि इससे एक दिन पहले वैशाली नगर में भी इसी तरह की घटना हुई थी। लगातार बढ़ती घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली वारदात – बजाज नगर थाना क्षेत्रदोपहर के समय महेश नगर फाटक के पास खड़ी वृद्ध महिला ब्रह्मा शर्मा को बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बनाया। ब्रह्मा शर्मा इमली वाला फाटक, ज्योति नगर की निवासी हैं और एक स्थानीय स्कूल में शिक्षिका हैं। बदमाश मोटरसाइकिल पर आए और उनके गले से सोने की चेन तोड़कर फरार हो गए। दूसरी वारदात – जवाहर सर्किल थाना क्षेत्रमालवीय नगर के सेक्टर-10 में रेलवे लाइन के पास राजेश जैन अपनी स्टेशनरी दुकान पर कार से उतरे ही थे कि जीटी पुलिया की तरफ से आए बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से चेन झपट ली। वारदात के बाद आरोपी तेजी से मौके से भाग निकले। तीसरी वारदात – शिप्रा पथ थाना क्षेत्रशाम के समय पटेल मार्ग पर ऑटो का इंतजार कर रही नेहा जैन को दो बदमाशों ने निशाना बनाया। सफेद बाइक पर आए दोनों बदमाशों ने उनके गले से चेन तोड़ी और पलक झपकते ही फरार हो गए। उस समय नेहा अपनी सहयोगी के साथ खड़ी थीं। मंगलवार को भी हुई थी वारदातइससे पहले मंगलवार सुबह वैशाली नगर के क्विंस रोड पर निर्माण नगर निवासी आस्था त्रिपाठी जिम जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से चेन तोड़ ली और फरार हो गए। लगातार हो रही इन घटनाओं से शहरवासियों में डर का माहौल है। खासकर महिलाएं और बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन एक के बाद एक हो रही वारदातों ने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
डिंडौरी जिले के शहपुरा स्थित संदीपनी स्कूल में बुधवार को आयोजित 'शाला प्रवेश उत्सव' कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक ओम प्रकाश धुर्वे ने अधिकारियों पर निशाना साधा। मंच से अधिकारियों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि यदि उन्हें भविष्य में कैबिनेट में जगह मिली, तो वे ऐसा नियम बनाएंगे जिसके तहत सरकारी अधिकारियों के बच्चों को अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में ही पढ़ना होगा। ऐसा न करने वाले अधिकारियों का प्रमोशन रोक दिया जाएगा। मंच पर मौजूद थे कलेक्टर और एसडीएम विधायक धुर्वे ने यह बयान उस समय दिया जब मंच पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, जनपद अध्यक्ष प्रियंका आर्मो और नपा अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल उपस्थित थीं। उन्होंने निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों की शिक्षा पद्धति की सराहना की और कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शासकीय स्कूलों के छात्र बेहतर परिणाम दे रहे हैं। पांचवीं बोर्ड में डिंडौरी के प्रदर्शन की सराहना विधायक ने जिले के शैक्षणिक स्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि हाल ही में घोषित कक्षा पांचवीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों में डिंडौरी जिला पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के शिक्षकों की मेहनत को दिया और कहा कि यह साबित करता है कि सरकारी स्कूलों में प्रतिभा की कमी नहीं है। कलेक्टर बोलीं- 'मैं भी सरकारी स्कूल की उपज' कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने विधायक की बात का समर्थन करते हुए अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी शासकीय स्कूल में ही हुई है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे समय की पाबंदी का ध्यान रखें और बच्चों के भविष्य को गढ़ने में इसी तरह समर्पण दिखाएं। कलेक्टर ने जिले के पांचवीं में द्वितीय और आठवीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पूरी टीम को बधाई दी। शिक्षकों को समय पर स्कूल आने की हिदायत कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नए सत्र के बच्चों का स्वागत किया। विधायक धुर्वे ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें, ताकि ग्रामीण अंचल के बच्चों को जिला मुख्यालय या निजी स्कूलों की ओर न भागना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा में समानता तभी आएगी जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी सरकारी तंत्र पर भरोसा दिखाएंगे।
बागपत में 13 अवैध निर्माणों को नोटिस:7 दिन में जवाब नहीं तो सीलिंग-ध्वस्तीकरण कार्रवाई
बागपत विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। मेरठ रोड क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रहे 13 भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी भवन मालिकों को सात दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर संबंधित भवनों को सील या ध्वस्त कर दिया जाएगा। प्राधिकरण ने नोटिसों में स्पष्ट किया है कि आवासीय या व्यावसायिक निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति का परीक्षण अनिवार्य है। यदि निर्माण बिना अनुमति के पाया जाता है, तो उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित भवन स्वामी की होगी। अवैध मानते हुए सील करने की कार्रवाई प्राधिकरण के अनुसार, यह अभियान मेरठ रोड पर अनियंत्रित निर्माणों को रोकने और क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह भविष्य में यातायात, जल निकासी, सुरक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। प्राधिकरण ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित व्यक्ति सात दिनों के भीतर मानचित्र स्वीकृति से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो इसे अंतिम अवसर माना जाएगा। इसके बाद संबंधित भवन को अवैध मानते हुए सील या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। नोटिसों में संबंधित लोगों को कार्यालय में उपस्थित होकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यदि मानचित्र स्वीकृत है, तो उसकी प्रति और संबंधित अनुमोदन पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अव्यवस्थित निर्माण पर रोक लगने और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से होने की उम्मीद है। अनधिकृत निर्माण न केवल कानूनी जोखिम पैदा करता है, बल्कि भविष्य में बिजली, पानी, सड़क और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ाता है। ऐसी कार्रवाई शहरों को बेहतर ढंग से विकसित करने में सहायक होती है।
खंडवा में रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर अब तक 500 से ज्यादा मकान तोड़ दिए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, इसी बीच नौवें दिन मंदिर तोड़े जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया। रेलवे की जेसीबी ने एक भीलटदेव के मंदिर को तोड़ दिया। इससे पहले मूर्ति को पानी की टंकी में फेंक दिया। घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने हिंदुत्व की पहरेदारी करने वाली भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। सूरजकुंड क्षेत्र में मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया तो मौके पर हिंदू जागरण मंच के संयोजक माधव झा सहित कई लोग पहुंचे और विरोध जताया। माधव झा ने कहा कि रेलवे की जमीन में मंदिर से पहले चर्च और दरगाह हैं, लेकिन उन्हें तोड़ने की हिमाकत तक नहीं की जा रही। मंदिर को तोड़ा गया और मूर्तियों सहित मलबे को पानी के टैंक में बहा दिया। इधर, रेलवे अधिकारियों से कहासुनी के बीच तय किया गया कि अब पहले चर्च और दरगाह टूटेगी, उसके बाद बाकी का अतिक्रमण तोड़ जाएगा। इसके अलावा हिंदूवादी नेता डॉ. अनीस अरझरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खंडवा को पाकिस्तान बना दिया गया हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- कहां है? बीजेपी नेताखंडवा में बुधवार को मंदिर तोड़ने के दो घटनाक्रम हुए हैं। सुबह नागचून रोड़ पर भी भीलटदेव का मंदिर तोड़ा गया। इस घटना को कारोबारी श्याम हेमवानी द्वारा एक मुस्लिम कॉलोनाइजर को जमीन बेचने के लिए अंजाम दिया गया। वहीं शाम को रेलवे ने भीलटदेव मंदिर तोड़ दिया। मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर ने कहा कि, यह घटनाएं भाजपा की सरकार में हो रही हैं। जो हिंदूत्व के नाम पर वोट मांगती हैं। अब भाजपा के नेता कहां छिप गए हैं।
मथुरा में संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू:जागरूकता रैली निकाली गई, 30 अप्रैल तक चलेगा दस्तक अभियान
मथुरा में संचारी रोगों की रोकथाम के उद्देश्य से 1 से 30 अप्रैल तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का बुधवार को शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान भी संचालित किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधा वल्लभ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर से एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। रैली में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बाल विकास सेवा विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं नगर निगम मथुरा-वृंदावन के कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली के समापन के बाद आयोजित सभा में अधिकारियों ने संचारी रोगों से बचाव की विस्तृत जानकारी दी और सभी कर्मचारियों को जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वीबीडी) डॉ. अनुज चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गोपाल गर्ग सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि लोगों को अपने घरों और आसपास जलभराव नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने पानी के बर्तनों को ढककर रखने, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने और शरीर को ढककर रखने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का पूरा सेवन करना चाहिए। लोगों को चेतावनी दी गई कि तेज बुखार में एस्प्रिन या ब्रूफिन जैसी दवाओं का बिना डॉक्टरी सलाह के उपयोग न करें। इस अभियान के माध्यम से जनपद में व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाकर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण का लक्ष्य रखा गया है।
मोबाइल दुकान में चोरी करने वाला गिरफ्तार:विजयराघवगढ़ में रॉड से शटर का ताला तोड़कर 18 फोन चुराए थे
विजयराघवगढ़ पुलिस ने मोबाइल दुकान में हुई चोरी का मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार किया है और उसके पास से चोरी के 85 हजार रुपए के मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर वाली पल्सर बाइक जब्त की है। इस मामले में दो और आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। विजयराघवगढ़ के वार्ड नंबर 9 में रहने वाले अश्फाक हुसैन की मेन रोड पर 'के.जी.एन. मोबाइल' के नाम से दुकान है। 28 और 29 मार्च की रात को चोरों ने दुकान का शटर उखाड़ा और अंदर घुस गए। उन्होंने दुकान से 18 मोबाइल फोन और काउंटर में रखे 15 हजार रुपए नकद पार कर दिए थे। अश्फाक की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू की थी। पूछताछ में चोर ने कबूला जुर्म पुलिस ने शक के आधार पर कैमोर इलाके के धवैया गांव के रहने वाले महाबीर बर्मन को पकड़ा। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने सच उगल दिया। महाबीर ने बताया कि वह अपने दो साथियों, रहीश खान और अली के साथ बिना नंबर की बाइक पर आया था और लोहे की रॉड से शटर का ताला तोड़कर चोरी की थी। उसने यह भी माना कि उसने रीवा और बरही जैसे दूसरे जिलों में भी चोरियां की हैं। फरार साथियों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने पकड़े गए महाबीर के पास से चोरी के मोबाइल और बाइक जब्त कर ली है। उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया है। फिलहाल उसके दो साथी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
रानी लक्ष्मीबाई वार्ड के गौर नदी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बनाई जा रही मस्जिद के अवैध हिस्से को ढहा दिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे नदी तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया था। राजस्व विभाग की जांच और पटवारी द्वारा किए गए सीमांकन में यह सामने आया कि खसरा नंबर 137 की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। जहां सिर्फ 450 वर्ग फीट निजी भूमि थी, वहां 1500 वर्ग फीट में अवैध रूप से मस्जिद का विस्तार और निर्माण किया जा रहा था। इस अवैध निर्माण के कारण 'रज्जाक डेरी' से होकर गौर नदी तक जाने वाला पुराना रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। जमीन मूल रूप से दुबे परिवार की थी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उस ढांचे को जमींदोज कर दिया, जिसने रास्ता रोका था, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। संयुक्त तहसीलदार, क्षेत्रीय पटवारी और पुलिस चौकी प्रभारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस अतिक्रमण को हटाया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, यह जमीन मूल रूप से दुबे परिवार की थी। वारिस के लापता होने का फायदा उठाकर कुछ लोग यहां अवैध धार्मिक निर्माण और विस्तार कर रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था की आड़ में सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस भूमि पर फिर से अतिक्रमण की कोशिश करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कर्रही रोड स्थित शराब ठेकों के बाहर नशेबाजी, अभद्रता से परेशान महिलाओं का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। सुबह शराब ठेके खुलते उससे पहले महिलाएं पहुंच गईं और दुर्गा चालीसा का पाठ करने लगीं। इसके बाद दुकानों के आगे धरना देकर बैठ गईं। दुकान खोलने पहुंचे सेल्समैनों ने महिलाओं को देख मालिक और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस पहुंची, हालांकि महिलाओं के गुस्से को देख कोई कार्रवाई नहीं की। हंगामा बढ़ने पर एडीएम सिटी, जिला आबकारी अधिकारी और एडीपीसी साउथ पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं को कानूनी बाध्यताएं बताते हुए दुकानें खुलवा दी, इस पर महिलाएं शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गईं। 25 फरवरी को भी किया था प्रदर्शन कर्रही रोड पर शराब के तीन ठेके हैं। इलाके की प्रेमा, लक्ष्मी, नितरेखा तिवारी, रानी तिवारी, रानी गुप्ता, रागिनी आदि ने बताया कि शराब ठेकों में शराब पीने के बाद अभद्रता होती है। महिलाओं, बेटियों का निकलना दूभर रहता है। शाम के वक्त तो स्थिति और खराब हो जाती है। ठेका हटाने को लेकर बीती 25 फरवरी को प्रदर्शन किया था। इस पर ठेका स्थानांतरित कराए जाने का आश्वासन मिला था, लेकिन नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद भी ठेका नहीं हटवाया गया। अब कंपोजिट दुकान माडल शाप हो गई, जिससे लोग कैंटीन में बैठकर शराब पी सकेंगे। इससे अराजकता और बढ़ेंगी, जिसके चलते महिलाएं धरना दे रही हैं। उधर सेल्समैन और ठेका संचालकों की शिकायत पर पुलिस पहुंची, हालांकि पुलिस ने आबकारी से जुड़ा मामला बता पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद एडीएम सिटी राजेश कुमार, जिला आबकारी अधिकारी राजेश सिंह और एडीपीसी योगेश कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद महिलाओं को अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने उनकी एक नहीं सुनीं।
उदयपुर के कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। गहलोत ने सवाल किया कि राज्य की भाजपा सरकार ने अभी तक इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत का गठन क्यों नहीं किया है। गहलोत ने बुधवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कन्हैयालाल के बेटे यश के पोस्ट को टैग करते हुए यह सवाल उठाया। गहलोत ने लिखा- कन्हैयालाल के दोनों हत्यारे भाजपा के कार्यकर्ता थे, इसलिए भाजपा इनको सजा नहीं होने दे रही है। कन्हैयालाल टेलर के यश ने 31 मार्च को एक पोस्ट में अमित शाह के उस बयान को याद दिलाया था, जिसमें उन्होंने राजस्थान सरकार से विशेष अदालत बनाने की मांग की थी। सरकार ने विशेष अदालत का गठन नहीं किया गहलोत ने 'एक्स' पर लिखा- उदयपुर में दिवंगत कन्हैयालाल के परिवार को न्याय पाने के लिए भाजपा सरकार से गुहार लगानी पड़ रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनावों के दौरान यह भ्रम फैलाया था कि राजस्थान सरकार ने विशेष अदालत का गठन नहीं किया है, जबकि यह मामला शुरू से ही एनआईए के अधीन है और एनआईए की विशेष अदालत में ही इसकी सुनवाई चल रही है आरोप आप कांग्रेस सरकार पर लगा रहे थेगहलोत ने अमित शाह को संबोधित करते हुए लिखा- भाजपा की राजस्थान में सरकार बने सवा दो साल हो चुके हैं। आपकी सरकार ने अभी तक इस मामले में वह विशेष अदालत क्यों नहीं बनाई है, जिसका आरोप आप कांग्रेस सरकार पर लगा रहे थे? अपराधियों को अभी तक सजा दिलाने में विफल रही गहलोत ने लिखा- भाजपा ने इस मामले पर केवल राजनीति की है। अगर भाजपा सरकार चाहती तो इस मुकदमे की 'डे-टू-डे' हियरिंग (रोजाना सुनवाई) करवाती और अभी तक दोषियों को सजा हो जाती, परन्तु अभी तक भाजपा सरकार की एनआईए 160 गवाहों में से 40 गवाहों की गवाही तक नहीं करवा सकी है। कन्हैयालाल के दोनों हत्यारे भाजपा के कार्यकर्ता थे, इसलिए भाजपा इनको सजा नहीं होने दे रही है। एक तरफ पूरे देश में सांप्रदायिकता का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा इतने संगीन मामले में अपराधियों को अभी तक सजा दिलाने में विफल रही है। बेटे यश ने एक्स पर वीडियो पोस्ट किया 31 मार्च को कन्हैयालाल के बेटे यश तेली ने एक पोस्ट की थी। इसमें यश ने लिखा- गृहमंत्री अमित शाह के कहे अनुसार तो विशेष अदालत बनाने का काम राजस्थान सरकार का है। मेरी सरकार से विनती है कि पिताजी कन्हैयालाल के केस में विशेष अदालत बनाए ताकि उन आतंकवादियों, जिन्होंने वीडियो बनाकर कबूला है कि कन्हैयालाल साहू का मर्डर हमने ही किया है, उनको फांसी की सजा मिल सके। मेरे पिताजी की अस्थियों का गंगा माता के प्रवाह में विसर्जन हो सके। उन्होंने सरकार और मंत्रालय को भी टैग किया।
रायबरेली के हरचंदपुर क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान आशुतोष मिश्रा उर्फ दीपांशु (30) के रूप में हुई है, जो मिल एरिया थाना क्षेत्र के हारदासपुर का निवासी था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से हरचंदपुर के गढ़ी खास स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था। वह पहले लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में भी रह चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक को शराब पीने की लत थी। हालांकि, शव की स्थिति और घटनास्थल के हालात को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक की मां बीना मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की गई है और पुलिस से न्याय की मांग की है। सूचना पर हरचंदपुर थानाध्यक्ष हरिकेश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष हरिकेश सिंह ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह आखिरी बार किसके साथ देखा गया था। दिनदहाड़े फैक्ट्री के पास शव मिलने से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

