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पलामू का पारा 1°C हुआ:15 जिलों में 10 डिग्री से नीचे है तापमान, 13 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट, 18 से राहत

झारखंड में शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ है। बुधवार को मेदिनीनगर (पलामू) प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा। जहां न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं गुमला को दूसरा सबसे ठंडा जिला माना गया। जहां पारा 1.8 डिग्री तक पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में यहां न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि इससे पहले लगातार पांच दिनों तक गुमला में तापमान 2 डिग्री या उससे नीचे बना रहा। ठंड के कारण लोगों को सुबह और रात के समय कड़ाके की ठिठुरन झेलनी पड़ रही है। कई इलाकों में सर्द हवाओं के साथ कनकनी भी महसूस की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। 15 जिलों में 10 डिग्री से नीचे है पारा राज्य के 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इनमें पांच जिले ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री से भी नीचे चला गया। रांची में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री, जमशेदपुर में 9.4, बोकारो में 5.5, डाल्टेनगंज में 4.7 और खूंटी में 3.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा लातेहार में 8.1, सरायकेला में 6.6, पश्चिमी सिंहभूम में 7.0, देवघर में 9.5 और धनबाद में 9.6 डिग्री तापमान रहा। ठंड के चलते सुबह-शाम सड़कों पर आवाजाही कम दिखी। गरीब, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। 13 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट मौसम विभाग, रांची केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। राज्य के उत्तर-पश्चिमी, मध्यवर्ती और दक्षिणी हिस्सों के 13 जिलों में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और जमशेदपुर में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 18 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:49 am

मथुरा में चला MVDA का बुलडोजर:तीन अवैध कॉलोनियों पर हुई कार्यवाही, देरी और खर्च वसूली पर उठे सवाल

मथुरा–वृंदावन विकास प्राधिकरण का अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान एक बार फिर चर्चा में है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर, जब शहर में तिल-गुड़ की मिठास और उत्सव का माहौल था उसी दिन भक्ति वेदांता मंदिर क्षेत्र जैंत में MVDA का बुलडोजर गरज उठा। प्राधिकरण ने यहां तीन अवैध कॉलोनियों को जमींदोज कर दिया जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। 6 महीने पहले जारी किये थे नोटिस कार्रवाई के साथ ही MVDA की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर इस बात को लेकर कि जब जुलाई 2025 में ही ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी हो चुके थे तो फिर छह महीने बाद कार्रवाई क्यों की गई और इस दौरान अवैध निर्माण कैसे फलते-फूलते रहे। जुलाई माह में ही ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए जा चुके थे इसके बावजूद करीब छह माह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस देरी ने न केवल अवैध कॉलोनाइजर्स को समय दिया बल्कि प्रशासनिक सख्ती पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। ध्वस्तीकरण के बाद एक और अहम सवाल यह है कि कार्रवाई में खर्च हुई सरकारी धनराशि की वसूली अवैध कॉलोनाइजर्स से कब की जाएगी। पूर्व में भी ऐसे मामलों में वसूली को लेकर सुस्ती देखी गई है जिससे प्राधिकरण की सख्ती महज़ दिखावटी न बन जाए। यहां हुई कार्यवाही पहले मामले में सुरेश चंद्र द्वारा भक्ति वेदांता मंदिर जैंत में करीब 6000 वर्ग मीटर क्षेत्र में आरसीसी सड़क बनाकर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। प्राधिकरण ने समय रहते नोटिस जारी कर निर्माण रोकने और नक्शा विधिवत पास कराने के निर्देश दिए लेकिन आदेशों को नजर अंदाज कर दिया गया। दूसरे मामले में मेघा चौरसिया द्वारा मंदिर के समीप लगभग 9 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में गिट्टी डालकर सड़क निर्माण करते हुए अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी। वहीं तीसरे प्रकरण में सोहन शर्मा द्वारा हनुमंत विहार आवासीय योजना के दोनों गेटों के बीच लगभग 3500 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। एमवीडीए की जांच में तीनों स्थानों पर कोई भी नक्शा पास नहीं पाया गया। अभियान रहेगा जारी यह पूरी कार्रवाई MVDA उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी एन के निर्देश पर प्रवर्तन दल द्वारा की गई। मौके पर जैंत थाना पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। MVDA सचिव आशीष कुमार सिंह का कहना है कि अवैध निर्माण और कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:41 am

यमुनानगर मां हत्याकांड: आरोपी बेटे व दोस्त का रिमांड पूरा:जेल भेजे, चेहरे पर नहीं दिखा पछतावा; ठंडे दिमाग से दिया वारदात को अंजाम

यमुनानगर में सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी गोमित राठी और उसके दोस्त पंकज का चार दिन का पुलिस रिमांड पूरा हो चुका है। रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस हत्याकांड में चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार दिन की पूछताछ के दौरान आरोपी गोमित के व्यवहार में किसी तरह का पछतावा नजर नहीं आया। मां की निर्मम हत्या को लेकर उसके चेहरे पर कोई अफसोस या भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखी, जिससे जांच अधिकारियों भी हैरान रहे। पुलिस का कहना है कि आरोपी पूरी तरह से ठंडे दिमाग से वारदात को अंजाम देने और बाद में खुद को बचाने की साजिश रचता रहा। साक्ष्यों के आधार पर तैयार होगा मजबूत केस रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी गोमित और उसके दोस्त पंकज से कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार, डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल और आपसी संपर्क से जुड़े तथ्य शामिल हैं, जो इस पूरे हत्याकांड की कडिय़ों को जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार करने में मदद करेंगे। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद गोमित देश से बाहर भागने की तैयारी में था और अपने दोस्त पंकज की मदद से अलग-अलग ठिकानों पर छिपता रहा। पंकज ने न सिर्फ उसे पनाह दी, बल्कि सबूत छिपाने और फरारी में भी सहयोग किया। पुलिस दोनों के रोल की गहराई से जांच कर रही है। चार्जशीट तैयार करने में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब जांच का अगला चरण चार्जशीट तैयार करने का है। इसमें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, मोबाइल लोकेशन, गवाहों के बयान और रिमांड के दौरान बरामद सभी साक्ष्यों को शामिल किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अदालत में चार्जशीट पेश कर मामले में सख्त सजा सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। इंगलैंड से चुपचाप लौटकर की मां की हत्या यमुनानगर के सढौरा क्षेत्र के श्यामपुर गांव में 24 दिसंबर को सरपंच जगबीर सिंह की पत्नी बलजिंद्र कौर (45) की लाश पशु-बाड़े में संदिग्ध हालत में मिली। जांच में खुलासा हुआ कि हत्या महिला के ही बेटे ने की। वह अपनी गर्लफ्रेंड से इंटरकास्ट शादी करना चाहता था, लेकिन मां इसके खिलाफ थी। इसी रंजिश और पैसों की तंगी के चलते उसने हत्या की साजिश रची। आरोपी 18 दिसंबर को चुपचाप इंगलैंड से भारत आया, करनाल में पीजी लेकर छिपा रहा और 24 दिसंबर की शाम चुपचाप गांव आया और अंधेरे में पशु-बाड़े में छिपकर मां पर कुल्हाड़ी से हमला किया, फिर गला दबाकर हत्या कर दी। शव को हादसा दिखाने के लिए पानी के हौद में डाल दिया। इसके बाद वह वापस करनाल जाकर छिप गया और खुद को विदेश में बताता रहा। हत्या के बाद दुखी बेटे का किया नाटक मां की मौत के बाद वह दुखी बेटे का नाटक करता रहा, अंतिम संस्कार में शामिल हुआ, मुखाग्नि दी और पुलिस जांच से बचने के लिए जल्द इंग्लैंड भागने की कोशिश की। गांव के ही दोस्त पंकज ने उसे छिपाने और भगाने में मदद की। मोबाइल लोकेशन, ट्रैवल हिस्ट्री और पारिवारिक विवाद सामने आने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। रिमांड में हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और कपड़े भी बरामद हुए।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:39 am

नोएडा में दिल्ली की युवती से रेप:शादी का दिया झांसा, एक साल पहले हुई थी दोस्ती

शादी का झांसा देने के बाद फेज-3 थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में बुलाकर युवती से रेप करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दिल्ली निवासी पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक, पीड़िता दिल्ली के जैतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने जैतपुर थाने में शून्य अपराध संख्या पर एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचना के लिए एफआईआर ट्रांसफर होकर आई है। एफआईआर में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात बिसरख थाना क्षेत्र निवासी एक युवक से हुई थी। दोनों के बीच शुरुआत में दोस्ती हुई। धीरे-धीरे करके दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। आरोप है कि युवक ने उसे शादी का झांसा दिया। वह सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव के एक होटल में उसे ले गया। जहां उसने रेप किया। इसके बाद जब युवती ने उससे शादी करने के लिए कहा तो वह मुकर गया। उसने फोन से संपर्क तोड़ लिया। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:36 am

लुधियाना में मासूम पर आवारा कुत्तों ने किया हमला:पतंग लूटने गए बच्चे पर 3 कुत्तों ने नोचा, सिर का मांस तक खा गए कुत्ते

लुधियाना में पक्खोवाल रोड स्थित ओमेक्स फ्लैट्स के पास गांव ठाकुरवाल में आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला। यहाँ तीन आवारा कुत्तों ने एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे अर्पित पर जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना खौफनाक था कि कुत्तों ने बच्चे के सिर को बुरी तरह नोंच डाला।हाला की बच्चे का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है पिता ने बताया पूरा मामला अर्पित के पिता जो पास ही के एक फार्म हाउस में माली का काम करते हैं ने बताया कि उनका बेटा रोज की तरह फार्म हाउस के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक पतंग कटकर आई जिसे पकड़ने के लिए अर्पित थोड़ा आगे चला गया। वहां पहले से मौजूद तीन आवारा कुत्तों ने अचानक उस पर हमला करदिया । कुत्तों ने मासूम को जमीन पर गिरा लिया और उसके सिर और शरीर को बुरी तरह नोंचना शुरू कर दिया। पिता बोले अगर कोई नहीं आता तो जान ले लेते कुत्ते बच्चे की चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग मदद के लिए पहुंचे कुत्ते अर्पित को लहूलुहान कर चुके थे। पिता ने बताया कुत्ते बहुत ही खतरनाक थे उन्होंने मेरे बेटे का सिर पूरा नोंच लिया था। अगर सही समय पर लोग उसे बचाने न आते तो वे उसे मार ही डालते। बता दें कि अर्पित की मां घरों में झाड़ू-पोछा कर परिवार के पालन-पोषण में हाथ बटाती हैं। निजी अस्पताल में चल रहा इलाज घटना के तुरंत बाद अर्पित को लहूलुहान हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि जख्म इतने गहरे और हालत इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत रेफर कर दिया। परिजन अब उसे एक निजी अस्पताल में ले गए हैं जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पिता की प्रशासन से अपील: पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। पिता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज उनके बच्चे के साथ यह हादसा हुआ है कल किसी और का बच्चा भी इनका शिकार बन सकता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:30 am

हाथरस अर्बन सिटी का तैयार होगा मास्टर प्लान-2041:तेलंगाना की कंपनी का चयन, 4 हजार हेक्टेयर में बनेगी, नौ महीने में बनेगा प्लान

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) वेस्ट यूपी में हाथरस अर्बन सिटी बसाने जा रहा है। इसके लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी तेलंगाना की आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड को सौंपी है। यह ग्रीनफील्ड अर्बन सेंटर लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और इसका मास्टर प्लान साल 2041 तक की विकास रूपरेखा तय करेगा। अधिकारियों के अनुसार, कंसल्टेंट का चयन बोली के जरिए किया गया। जिसमें तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया था। आरवी इंजीनियरिंग ने 1.25 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली लगाई, जबकि गरुड़ यूएवी सॉफ्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की वित्तीय बोलियां इससे अधिक रहीं। यह मास्टर प्लान यमुना एक्सप्रेसवे मास्टर प्लान के फेज-2 के तहत हाथरस अर्बन सेंटर के लिए तैयार किया जाएगा। प्रस्तावित योजना क्षेत्र 2,000 से 4,000 हेक्टेयर के बीच होगा। परियोजना सीमा में होने वाले किसी भी बदलाव को भी कंसल्टेंट के कार्यक्षेत्र में शामिल किया गया है। GIS फार्मेट में बनेगा मास्टर प्लान मास्टर प्लान को URDPFI गाइडलाइंस 2014, यूपी इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट एक्ट, 1976 और अन्य लागू राज्य व केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। यह योजना GIS फॉर्मेट में विकसित होगी। नौ महीने में तैयार होगा प्लानअधिकारियों ने बताया कि परियोजना की अवधि नौ माह तय की गई है, जिसमें अंतिम वैधानिक स्वीकृति का समय शामिल नहीं होगा। कार्य की शुरुआत 15 दिनों के अंदर इंसेप्शन रिपोर्ट से होगी, इसके बाद मौजूदा स्थिति का आकलन, विजन प्लानिंग, ड्राफ्ट मास्टर प्लान, हितधारकों से परामर्श और अंत में YEIDA व अन्य सक्षम प्राधिकरणों की मंजूरी के बाद मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:30 am

कैथल में कार्य में अनियमितता पर ठेकेदार को नोटिस:गुहला विधायक द्वारा नगरपालिका अधिकारियों को फटकार लगाने का मामला, वीडियो आया था सामने

कैथल के सीवन में एक तालाब के कार्य में अनियमितता बरतने के मामले में नगरपालिका प्रबंधन की ओर से अब संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से आदेश जारी किए गए हैं कि काम को नियम के अनुसार किया जाए और इसमें सही सामग्री का प्रयोग किया जाए। साथ ही दो दिन में पुरानी सामग्री को हटाकर दोबारा नए सिरे से कार्य शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। काम सही न करने पर ठेकेदार को कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। बता दें कि इस कार्य के लिए नरवाना की एजेंसी को नगरपालिका की ओर से ठेका दिया गया है। विधायक का वीडियो आया था सामने इस मामले में गुहला विधायक देवेंद्र हंस द्वारा नगर पालिका के जेई को फटकार लगाने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में विधायक ने जेई प्रवीण कुमार को कड़ी फटकार लगाई। वीडियो में विधायक ने कहा कि कि तालाब पर जो भी कार्य किया गया है, उसे तोड़कर दोबारा नियमों के अनुसार बनाया जाए। साथ ही जो निर्माण सामग्री तालाब के सौंदर्यीकरण में प्रयोग की गई है, उसके सैंपलों की जांच करवाई जाए कि वह नियम के अनुसार सही है या नहीं। अब उसी पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर काम दोबारा करने के आदेश दिए हैं। 35 लाख में होना है काम वीडियो को लेकर जब विधायक देवेंद्र हंस से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस तालाब के सौंदर्य करण के लिए नगर पालिका की ओर से करीब 35 लाख रुपए का ठेका दिया गया था, लेकिन काम में अनियमितता बरती गई। संबंधित जेई द्वारा भी इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। भ्रष्टाचार सहन नहीं होगा विधायक ने यह भी बताया कि तालाब के सौंदर्यीकरण में प्रयोग की जा रही सामग्री तो सही नहीं मिली, दूसरी ओर तालाब को गहरा करने के लिए करीब 8 से 10 फीट तक मिट्टी उठाने का टेंडर था। मिट्टी भी 10 फुट से ज्यादा उठवा दी गई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता और पारदर्शिता प्राथमिकता मामले को लेकर नगरपालिका सीवन चेयरपर्सन हेमलता सैनी और उनके प्रतिनिधि संदीप सैनी ने कहा कि इस बारे में ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। काम को दोबारा नियम के अनुसार करने के आदेश दिए गए हैं। क्षेत्र में किसी भी प्रकार के घटिया या लापरवाहीपूर्ण कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:06 am

रजाई की दुकान फूंकने वाले 3 दबंग गिरफ्तार:कहासुनी के बाद दी थी अंजाम भुगतने की धमकी, फुटपाथ पर लगी दुकान में लगाई थी आग

बरेली के प्रेमनगर थाना पुलिस ने सड़क किनारे फुटपाथ पर रजाई की दुकान में आग लगाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में रोहित उर्फ लालू, उसका भाई मोहित और उनका साथी प्रकाश शामिल है। पुलिस ने इन तीनों को एमवी इंटर कॉलेज के पास से घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि विवाद के बाद उन्होंने रंजिश निकालने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया है। 12 जनवरी को दर्ज हुआ था मुकदमाघटना के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 12 जनवरी को पीड़ित आशीष गुप्ता ने तहरीर दी थी कि उसकी रजाई और कंबल की दुकान में आग लगा दी गई है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर इन तीनों युवकों के नाम सामने आए। पुलिस ने पहले इस मामले में धारा 326 (एफ) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया था, जिसे विवेचना के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए धारा 326 (जी) में तब्दील कर दिया गया। 8 लाख का माल और ई-रिक्शा जलकर हुआ था राखगिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 11 जनवरी को दुकान पर काम करने वाले पूजन नाम के व्यक्ति से उनकी किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई थी। उस वक्त आरोपियों ने देख लेने की धमकी दी थी। उसी रात करीब 2 बजे रंजिश के चलते उन्होंने दुकान में आग लगा दी। इस अग्निकांड में पीड़ित आशीष गुप्ता का करीब 8 लाख रुपये का कीमती सामान, दुकान के पास खड़ा एक ई-रिक्शा, दो मोबाइल और गल्ले में रखे 27 हजार रुपये जलकर खाक हो गए थे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:00 am

इटावा में दो पक्षों में मारपीट-पथराव, VIDEO:मैरिज होम के सामने बाइक से टक्कर मारने पर विवाद, तीन लोग घायल

इटावा में एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। कोतवाली थाना क्षेत्र के कृष्णा मैरिज होम के सामने दो पक्षों के बीच मारपीट और पथराव हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। हालांकि दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहा। घटना बीती रात कोतवाली क्षेत्र स्थित कृष्णा मैरिज होम में एक शादी समारोह के दौरान हुई। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के सरकारी इमामबाड़ा निवासी राजू अपने ममेरे भाई की शादी में शामिल होने परिवार सहित इटावा आए थे। रात में राजू के भाई चांद बाबू और मैनपुरी के भोगांव निवासी अजहर शादी स्थल से बाहर चाय पीने गए थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार बाइक ने चांद बाबू को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर लगने के बाद घायल चांद बाबू को संभालने के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई। शादी में मौजूद लोगों ने बाइक सवार को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। इसके तुरंत बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। आरोप है कि कुछ देर बाद वही बाइक सवार अपने लगभग दस साथियों के साथ वापस लौटा। उन्होंने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई और आसपास पड़े ईंट-पत्थरों से पथराव होने लगा। इस अचानक हुए हमले से शादी समारोह में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस मारपीट और पथराव में चांद बाबू, अजहर और गाड़ीपुरा निवासी साकिद गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अधिकांश आरोपी फरार हो चुके थे। हालांकि, पुलिस ने मुख्य बाइक सवार को पकड़कर थाने भेज दिया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:00 am

जिन्होंने दिया भाजपा को वोट, उनके घरों पर चलेगा बुलडोजर:नगर निगम की 300 घरों को आखिरी मोहलत, अधिकारी बोले-खुद तोड़ो घर वरना देना होगा बुलडोजर का खर्च

बरेली नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि खलीलपुर रोड पर किए गए अवैध निर्माणों को हर हाल में हटाया जाएगा। अधिकारी का कहना है कि इन लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके मकान बना लिए हैं, जिसके कारण अब सड़क चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट में बाधा आ रही है। निगम ने कुल 300 मकानों को चिन्हित कर उन पर लाल निशान लगा दिए हैं और सभी को औपचारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अभियंता राठी ने चेतावनी दी है कि यदि लोगो ने स्वयं अपने घरों को नहीं तोड़ा, तो नगर निगम बुलडोजर की कार्रवाई करेगा और इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च भी संबंधित मकान स्वामियों से ही वसूला जाएगा। देखे जिन घरो में लाल निशान लगे है वहां की कुछ तस्वीरें सैकड़ों वर्षों की विरासत पर मंडराया संकट का सायासीबीगंज क्षेत्र के खलीलपुर रोड पर रहने वाले परिवारों के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि उनके परिवार यहां कई पीढ़ियों से, लगभग सौ वर्षों से रह रहे हैं। जिन घरों की दीवारों पर आज नगर निगम ने लाल निशान लगाए हैं, उनमें लोगों की जीवनभर की खून-पसीने की कमाई और यादें जुड़ी हुई हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जमापूंजी इन आशियानों को बनाने में लगा दी और अब बुढ़ापे की दहलीज पर उनसे उनकी छत छीनी जा रही है। सड़क चौड़ीकरण के दावे पर उठ रहे हैं सवालनगर निगम जहां एक तरफ सड़क चौड़ीकरण को इस कार्रवाई का मुख्य आधार बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोग इन दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। लोगों का तर्क है कि सड़क पहले से ही 12 मीटर चौड़ी है और किनारे पर पक्का नाला भी बना हुआ है। ऐसे में सड़क को और कितना चौड़ा किया जाना है, यह समझ से परे है। लोगों ने निगम के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई केवल डराने और भ्रष्टाचार के उद्देश्य से की जा रही है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे इस कार्रवाई को रोकने के बदले पैसों की मांग की गई है। मलबे में तब्दील होने से पहले दे देंगे जानमकानों पर लगे लाल निशानों को देखकर महिलाओं और बुजुर्गों का बुरा हाल है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत करके एक-एक ईंट जोड़ी थी, ताकि उनके बच्चों को सिर छिपाने की जगह मिल सके। यदि बुलडोजर चला तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे भाजपा के कट्टर समर्थक हैं और हमेशा सरकार के साथ खड़े रहे, लेकिन आज उन्हीं की सरकार में उन्हें बेघर किया जा रहा है। पीड़ितों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अपने आशियाने को मलबे में तब्दील होते देखने के बजाय अपनी जान देना बेहतर समझेंगे। सरकार से इंसाफ की मांगफिलहाल नगर निगम की टीम चेतावनी देकर मौके से लौट गई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बरकरार है। प्रभावित परिवार अब सरकार से मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह जमीन वास्तव में सरकारी है, तो इतने वर्षों तक निगम कहां सोया हुआ था? बिजली के कनेक्शन, पानी के बिल और हाउस टैक्स लेने के बाद अब इसे अवैध बताना सरासर अन्याय है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्रवाई को रोका जाए, अन्यथा सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो जाएंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:00 am

कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:IIT में सेल्फी वाला समोसा, सोने से लदे किन्नर; अजय राय बोले- दरोगा के घर बुलडोजर कब चलेगा

नमस्कार, कानपुर में कल (बुधवार) की बड़ी खबरें…यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय बुधवार को अचानक कानपुर पहुंचे। सचेंडी में गैंगरेप पीड़िता के पिता से बात की। पिता के कंधे पर हाथ रखकर भरोसा दिया कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। वहीं बिल्हौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही एक आशा कार्यकर्ता बेहोश हो गई। उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। IIT कानपुर में स्टूडेंट्स, टीचरों में समोसे के प्रति दिवानगी है। इस दीवानगी को पूरा करने के लिए एक इंजीनियर ने एक अनोखा समोसा बनाया। फिर हर प्रोफेसर की मेज पर एक समोसा पहुंचा दिया। इस समोसे के साथ लोग सेल्फी ले रहे हैं। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें 1. कानपुर गैंगरेप पीड़िता के पिता से मिले अजय राय:बोले- मेरे आने से पहले पुलिस बिटिया को जबरन ले गई, सरकार क्या छिपाना चाह रही यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय बुधवार को अचानक कानपुर पहुंचे। सचेंडी में गैंगरेप पीड़िता के घर आए। यहां पीड़िता के पिता से बात की। उन्हें पिता के कंधे पर हाथ रखकर भरोसा दिया कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। अजय राय ने कहा- 14 साल की लड़की के साथ एक दरोगा ने रेप किया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी दरोगा को भागने का मौका दिया। पुलिस का आदमी है, कहां भाग कर जाएगा। पढ़ें पूरी खबर 2. बिल्हौर में धरना प्रदर्शन के दौरान आशा बेहोश:सीएचसी कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप, हंगामा बिल्हौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं में से एक आज बेहोश हो गईं। इस घटना के बाद अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने सीएचसी कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ठंड के कारण बेहोश हुई आशा कार्यकर्ता को तत्काल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र राजपूत ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पढ़ें पूरी खबर 3. सोने-चांदी से लदे किन्नर रहे आकर्षक:कानपुर में देशभर से आए ट्रांसजेंडर, बोले- यजमान हमें ये गहने नेग देते हैं कानपुर में चल रहे किन्नर सम्मेलन में देश भर से हजारों किन्नर शामिल हो रहे हैं। उनका रहन-सहन और पहनावा हर किसी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। महंगी साड़ियां और सोने-चांदी से लदे किन्नर कर किसी के सामने आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस बारे में किन्नरों ने बताया कि यह समाज की खुशहाली का प्रतीक है। लोगों के घर में जब कोई खुशी आती है, शादी होती है या बच्चे का जन्म होता है। पढ़ें पूरी खबर 4. कानपुर में 24 घंटे में 3.4℃ गिरा तापमान:दिन में तेज धूप ने दी राहत, अमृत भारत 18 घंटे लेट आईं; रात की ठंड बढ़ी कानपुर शहर में गलन भरी ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। बुधवार सुबह कोहरा नहीं रहा, विजिबिलिटी सामान्य रही। बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री गिरकर 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 5.4 डिग्री कम है। देर रात से चली सर्द हवाओं ने गलन को बढ़ाया। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो कि सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। देर शाम एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 250 के पार पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर 5. कानपुर में युवक ट्रेन के आगे कूदा:पत्नी बोली- दो साल से बीमार थे, आंख से न दिखने पर परेशान रहते थे गोविंद नगर में दो साल से पैरालाइसिस की बीमारी से परेशान युवक ने दादानगर क्रासिंग पर ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। युवक मंगलवार शाम घर पर मोबाइल छोड़ कर निकल गया था। काफी देर बाद नहीं लौटा तो तलाश की गई, रेलवे ट्रैक पर देर रात उसका शव मिला। जेब में मिले वोटर कार्ड से शव की शिनाख्त हुई। मृतक की पत्नी ने बताया कि दाएं हिस्से में पैरालाइसिस होने के कारण पति को एक आंख से कम दिखाई देता था, जिससे वह परेशान रहते थे। पढ़ें पूरी खबर 6. गंगा घाट पर मकर संक्रांति पर उमड़ी भीड़:कानपुर में श्रद्धालुओं ने स्नान किया, सूर्य को अर्घ्य देकर दान दिया मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार सुबह कानपुर के सरसैया घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के से ही लोग गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचने लगे और श्रद्धा के साथ गंगा में डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं ने सूर्य नमस्कार भी किया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, घाट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि नगर निगम कर्मी साफ-सफाई व्यवस्था में लगातार जुटे रहे। पढ़ें पूरी खबर 7. कानपुर IIT में सेल्फी वाला समोसा:मूंज की कटोरी में रखा गया, इंजीनियर ने समोसा शेप का पेपर वेट बनाया आईआईटी कानपुर नाम सुनते ही हाई-टेक लैब, रिसर्च और इनोवेशन की तस्वीर उभरती है, लेकिन इस बार चर्चा किसी रोबोट या सैटेलाइट की नहीं, बल्कि देसी समोसे की है। आईआईटी कानपुर में अब समोसा सिर्फ खाने की चीज नहीं रहा, बल्कि पेपर वेट बनकर सबका ध्यान खींच रहा है। आईआईटी कानपुर के रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केन्द्र के असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अंकित सिंह बताते हैं कि कैंपस में चाय-समोसे का जबरदस्त क्रेज है। स्टूडेंट्स हों या स्टाफ, चाय और समोसे के बिना दिन अधूरा लगता है। इसी देसी दीवानगी से समोसा शेप का पेपर वेट बनाने का आइडिया सामने आया। पढ़ें पूरी खबर 8. बिठूर में फर्नीचर दुकान में लगी आग:शॉर्ट सर्किट की आशंका, 40 लाख का सामान जला कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के मंधना बाजार में देर रात एक फर्नीचर की दुकान में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख गश्त कर रही पुलिस ने तत्काल दुकान मालिक और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पढ़ें पूरी खबर 9. DPS प्रिंसिपल नियुक्ति की जांच पर उठे सवाल:कानपुर नगर निगम की टीम कर रही जांच, विशेष सचिव ने CM ऑफिस को दी जानकारी कानपुर नगर निगम के डीपीएस इंटर कालेज नवाबगंज के प्रिंसिपल की नियुक्ति और प्रमोशन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उनकी नियुक्ति और प्रमोशन को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। विभाग के अनुसार अभी यह जांच जारी है। लेकिन, शिकायतकर्ता ने फिर आरोप लगाया है कि जांच पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी अधिकारी किसी दबाव के कारण मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस मामले में IGRS पर शिकायत करने के बाद भी प्रिंसिपल के मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 10. HBTU में पैर से आलू साफ करने वाला मेस-कर्मचारी हटा:श्रीधराचार्य हास्टल की मेस कमेटी बदलेगी, वीसी ने जांच के लिए बनाई कमेटी हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के श्रीधराचार्य हास्टल में पैरों में चप्पल पहनकर आलू साफ करने वाले कर्मचारी को हटा दिया गया। इसके अलावा मेस कमेटी का रिव्यू किया जा रहा है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) प्रो. सीएल गहलोत ने बताया कि मेस कमेटी को बदला जाएगा। इसके अलावा वीसी प्रो. समशेर ने हास्टल की समस्याओं को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वह कमेटी हास्टल की समस्याओं की जांच करके वीसी को रिपोर्ट सौंपेंगी। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:00 am

हरियाणा में DSE ने पूछे TGT से चॉइस सेंटर:295 जेबीटी हुए हैं टीजीटी प्रमोट, प्रदेश में खाली हैं 401 पोस्ट

हरियाणा में जेबीटी से टीजीटी प्रमोट हुए टीचरों से हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशालय ने चॉइस सेंटर पूछा है। ऐसे टीचरों को 16 जनवरी रात 12 बजे तक सेंटर चाॅइस भरने का अवसर दिया है। उसके बाद पोर्टल पर ऑप्शन बंद हो जाएगा। हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2025 में 295 जेबीटी को टीजीटी के पद पर प्रमोट किया था। इनको चॉइस सेंटर के लिए 401 ऑप्शन दिए गए हैं। नए टीजीटी के जॉइन करने पश्चात भी 106 पोस्ट प्रदेश में खाली रहेंगी। टीजीटी के पास कोई भी चाॅइस सेंटर नहीं भरने का विकल्प भी मौजूद रहेगा। लेकिन उसके लिए उन्हें ऑनलाइन अपनी सहमति दर्ज करवानी होगी। सभी टीजीटी को पोस्टिंग एमआईएस पोर्टल पर दर्ज उनकी प्वाइंट अनुसार दी जाएगी। पदोन्नति प्रक्रिया और आवश्यकताएं:

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:00 am

1.79 करोड़ का पशु शवदाह प्लांट 4 माह में बंद:मृत गायों के ढेर लगने पर हंगामा, तब चंडीगढ़ नगर निगम जागा, 25 कर्मचारियों पर सस्पेंशन की तलवार

चंडीगढ़ मेयर हरप्रीत कौर बबला और नगर निगम कमिश्नर ने जिस एनिमल कारकस इनसिनरेशन प्लांट का उद्घाटन किया, वह चार माह बाद ही बंद हो गया। नतीजा यह निकला कि सात दिन से यहां पर आस पास से आने वाली करीबन 50 मृतक गाय का संस्कार नहीं हो सका। कारकस प्लांट के बरामदे में मृत गाय के शव लावारिस पड़े होने पर मौके पर पहुंचे समाज सेवियों ने खूब हंगामा किया। सोया हुआ प्रशासन जागा, मेयर हरप्रीत कौर बबला, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार और डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव मौके पर पहुंचे। पूरा दिन बीत जाने के बाद भी कई सवाल ऐसे हैं, जिनके जवाब के लिए अब जांच कमेटी बना दी गई है। प्रशासक यह पता लगाने के लिए कि गाय की मौत कैसे हुई, गाय का पोस्टमॉर्टम करवाएगा ओर आगे की जांच की जाएगी। बहरहाल देर रात तक मखनमाजरा की गोशाला और कारकस प्लांट पर काम करने वाले 23-25 कर्मचारियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई होने का दावा मेयर हरप्रीत कौर बबला की तरफ से किया गया। मगर इसके लिखित में ऑर्डर जारी नहीं किए गए हैं। सवाल जिनके जवाब अभी भी नहीं मिले मशीन खराब हुई मुंबई से पार्ट का इंतजार करते रहे अधिकारी विभागीय सूत्रों अनुसार मशीन में 300 किलो के पशु का शव रखकर उसे जलाया जा सकता है। मगर यह बात सामने आ रही है कि बड़ो पशु को रखने की वजह से इसकी प्लेट टूट गईं और यह प्लेट मुंबई से ही मिलती हैं। अगर सात दिन से मशीन बंद थी तो इसके अधिकारी किस चीज का इंतजार कर रहे थे। अब बात सामने आ रही है कि प्लेटें मुंबई से बाय एयर आ रही हैं, तो पहले इसका इंतजाम क्यों नहीं किया जा रहा है। मखनमाजरा की गौ शाला के प्रबंध पर भी सवाल कारकस प्लांट के साथ साथ अब मखनमाजरा की गौशाला के प्रबंध पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब समाज सेवी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मखन माजरा की गोशाला में भी गौ को रखने के प्रबंध ठीक नहीं थे। वहां 800 में से 400 गायब गायब हो चुकी हैं। बची हुई गाय गौबर के बीच में पड़ी हुई थीं और ठंड से कांप रही थीं। कुछेक गाय तो समाज सेवियों के सामने ही दम तोड़ रही थीं। कहीं यह गाय इसी गौ शाला में तो नहीं मरी हैं। इसकी भी जांच की मांग समाज सेवियों की तरफ से उठाई जा रही है। गाय की मौत के कारणों और इतने शव कहां से आए जांच होगीडिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव का कहना है कि कारकस प्लांट की मशीन कब से खराब थी, क्यों खराब थी और इसे ठीक क्यों नहीं करवाया गया। यह तो जांच का विष्य है हीं, हम यह भी जांच करवा रहे हैं कि इन गाय की मौत कैसे हुई है। कहां पर हुई। हम गाय का पहले पोस्टमॉर्टम करवाएंगे और इनकी मौत का कारण पता लगने के बाद ही इनका संस्कार किया जाएगा। यही नहीं हम नगर निगम की कार्य प्रणाली की भी जांच करवा रहे हैं। मशीन कब से बंद थी और क्यों बंद थी हमें नहीं बताया, मेयरसवाल- कारकस प्लांट का उदघाटन आपने किया, मशीन बंद कैसे हुईजवाब- यही तो हम पता लगाने का प्रयास कर रहे हैंसवाल- कब बंद हुईजवाब- इसकी जानकारी भी कर्मचारियों ने हमें नहीं दीसवाल- अब क्या पता चला, हल क्या होगाजवाब- कोई कर्मचारी दो दिन, कोई तीन और कोई सात दिन बता रहा है सवाल- मशीन की समस्या दूर कब होगीजवाब- मशीन की कुछ पलेट्स मुंबई से आनी हैं, हम इसे बाय ऐयर मंगवा रहे हैं सवाल- गाय के इतने शव कहां से आए और मौत कैसे हुईजवाब- यही तो जांच का विष्य है, डिप्टी कमिश्नर साहिब ने कहा है कि पोस्टमार्टम होंगे और जांच करवाई जाएगी। सवाल- मखन माजरा गौ शाला नगर निगम के अधीन है, वहां भी हालत ठीक नहीं थेजवाब देने से पहले ही फोन कट गया।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 6:00 am

गोरखपुर महोत्सव में 100 की जलेबी, 50 का एक लड्डू:दुकान ढूंढते पहुंच रहे लोग, बोले- ऐसा टेस्ट कहीं नहीं मिलता, कस्टमर्स की उमड़ी भीड़

गोरखपुर महोत्सव के चौथे दिन भी जबरदस्त उत्साह देखा गया। हजारों की संख्या में लोग चम्पा देवी पार्क में पहुंच रहे हैं। घरेलू, खाने- पीने और तमाम जरूरत की समान के स्टाॅल पर लोगों का हुजूम नजर आया। एक तरफ सामानों की जमकर खरीदारी हो रही है तो दूसरी ओर लजीज व्यजनों का आनंद लिया जा रहा है। महोत्सव में मिल रही 100 रुपए की हरियाणा स्पेशल जलेबी और 50 रुपए का राजस्थानी चूरमा के लड्डू आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लोग इन डिशों के दीवाने हैं। सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब धूम मची हुई है। इतना ही नहीं 250 ग्राम की एक जलेबी को खाने के लिए लोग दूर- दराज से महोत्सव में पहुंच रहे हैं और स्टॉल ढूंढ कर जलेबी की मिठास का आनंद ले रहे हैं। इसके अलावा चाट के चटकारे से लेकर डोसा, रोल सैंडविच और खाने- पीने की तमाम चीजों ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। फूड कोड में बच्चों से लेकर बड़ों की भीड़ दिखाई पड़ रही है। गोवा तक धूम मचाई 100 रुपए की जलेबी हरियाणा से आकर स्पेशल जलेबी की दुकान लगाने वाले नरेश कुमार ने बताया- हमारी जलेबी मनमोहिनी जलेबी है। गोवा जैसे मच्छी-भात खाने वाले शहर में भी इसने धूम मचाई। वहां तक हम लोग लेकर इसे गए हैं। लोगों खूब चटकारे लेकर खाएं और नाम हुआ वहां। हर जगह के लोग इस जलेबी को पसंद करते हैं। इन चीजों से बनती यह स्पेशल जलेबी नरेश ने बताया- हमारे पूर्वजों ने यह कारोबार शुरू किया और अब हम इसे चला रहे हैं। हम जलेबी बनाने के लिए मैदा, बेसन और सूजी की स्पेशल घोल तैयार करते हैं। शुद्ध देसी घी में तलते हैं और चासनी के लिए चीनी का इस्तेमाल करते हैं। यह एक जलेबी 250 ग्राम का होता है। यह ठंडा होने के बाद भी कुरकुरा रहता है। 1 साल तक करते इंतजार नरेश ने बताया कि जब से यह महोत्सव लग रहा है, हम तबसे गोरखपुर में स्टॉल लगाते हैं। लोग साल भर इंतजार करते हैं हमारी इस खास जलेबी का। वहीं एक ग्राहक सिद्धि ने बताया मैं महोत्सव में किसी साल नहीं आती लेकिन सिर्फ इस जलेबी की वजह से इस बार आई हूं। सोशल मीडिया पर मैंने इसके बारे में देखा था और मैं ढूंढती हुई यहां आई। वाकई टेस्ट बहुत अच्छा है। राजस्थानी चूरमा लड्डू के दीवाने हुए लोग महोत्सव में आकर राजस्थानी खाने ने भी धूम मचाई है। राजस्थान का फेमस डिश दाल- बाटी, गट्टे की सब्जी, मूंग दाल का हलवा और 50 रुपए के चूरमा के लड्डू के लोग दीवाने हुए हैं। जयपुर से आकर स्टॉल लगाने वाले सतनाम ने बताया- हमारे यहां सबसे ज्यादा दाल- बाटी, चूरमा का कॉम्बों प्लेट लोग खाने के लिए आते हैं। चूरमा का लड्डू जो लोग भी खाते यही कहते हैं कि आपका लड्डू एक नंबर है। मिक्स आटा, ड्राई फ्रूट और देशी घी से तैयार होता सतनाम ने बताया हम चूरमा के लड्डू को मिक्स आटा, भर-भर के ड्राई फ्रूट और सबसे खास बात शुद्ध देसी घी में बनाते हैं। यह सेहत के लिए फायदेमंद और टेस्ट में बेस्ट होता है। कटोरी चाट के चटकारे लिए लोग अन्य प्रदेशों की फेमस आइटम के साथ चाट और फुल्की की दुकान पर भी खूब भीड़ उमड़ रही है। गुप्ता चाट की स्पेशल मसाले वाली चाट लोगों को खूब पसंद आ रही है। एक कस्टमर अजय चौधरी ने कहा- इनका चाट बहुत बढ़िया है। जितनी तारीफ की जय कम है। 10 में से 9 नंबर दूंगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:58 am

दिग्विजय के ग्राउंड पर जीतू पटवारी क्लीन बोल्ड:सीएम के साथ फोटो की होड़ में मची खींचतान; कांग्रेस को नरोत्तम मिश्रा की चिंता

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के लिए कांग्रेस की चिंताभाजपा में 'दादा' के नाम से मशहूर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की हालत इन दिनों अपनी ही पार्टी में बेरोजगार जैसी हो गई है। मतलब उनके पास न तो सत्ता और न ही संगठन में कोई खास जिम्मेदारी है। ऐसे में कांग्रेस ने उनकी चिंता की है। कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मध्य प्रदेश को चरागाह बना रखा है। एक कुरियन हैं, एक मुरुगन हैं। ये दोनों लोग साउथ से आते हैं। भाजपा का जो नेता बरसों से यहां काम कर रहा है, उसका अधिकार आप छीन रहे हैं। सज्जन वर्मा ने कहा- भाजपा की लीडरशिप अपने ही नेताओं का हक मार रही है। जैसे नरोत्तम मिश्रा हैं। उनमें काम करने की शक्ति है, माद्दा है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी उनका नाम चला था, लेकिन जब भी मौका आता है, उन्हें आश्वासन देकर नए कपड़े सिलवा देते हैं। ऐसे लोगों को भाजपा को मौका देना चाहिए। सज्जन वर्मा के इस बयान को नरोत्तम मिश्रा के लिए राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस के इस रुख से भले ही दतिया के 'दादा' के अरमानों को हवा मिल गई हो, लेकिन सियासी हकीकत यह है कि भाजपा में फैसले दिल्ली में बैठे शीर्ष नेता ही करते हैं। पटवारी क्लीन बोल्ड, बोले- हार के बाद ही जीत हैदिग्विजय सिंह के ग्राउंड पर बल्लेबाजी करने उतरे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एक बॉल पर क्लीन बोल्ड हो गए। पटवारी दिग्विजय सिंह के विधायक बेटे जयवर्धन सिंह के साथ राघौगढ़ में एक स्पोर्ट्स फेस्टिवल में शामिल हुए थे। बल्लेबाजी में हाथ आजमाने के बाद मंच पर बोलने की बारी आई तो जीतू पटवारी ने मुस्कुराते हुए कहा- जिंदगी की यही रीत है, हार के बाद ही जीत है। उन्होंने पास ही खड़े विधायक जयवर्धन सिंह के लिए कहा- जेवी भैया इस बार आपकी सरकार नहीं बनी। पिछली बार बनी थी, आप मंत्री बन गए थे। अगली बार फिर बन जाओगे। पटवारी ने भले ही इशारों में कांग्रेस की सरकार बनने और जयवर्धन के मंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी। लेकिन राजनीति की पिच को लेकर जानकारों का कहना है कि यहां हर कदम संभलकर रखना पड़ता है, क्योंकि जरा-सी चूक पर खिलाड़ी सीधे ‘क्लीन बोल्ड’ हो सकता है। सीएम के आभार के बहाने मंत्री का शक्ति प्रदर्शन रायसेन जिले में एक सिंचाई परियोजना के लिए राशि मंजूर होने पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल किसानों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताने सीएम हाउस पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान भी उनके साथ मौजूद थे। जब किसान मुख्यमंत्री से मिलने और उनका आभार जताने पहुंचे, तो उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। स्थिति यह हो गई कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को लोगों को जल्दी-जल्दी आगे बढ़ाना पड़ा। किसी को आगे खींचा गया तो किसी को हल्का धक्का भी देना पड़ा। हालांकि मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने आराम से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका स्वागत और आभार जताया। अब इस पूरे घटनाक्रम को सीएम के सामने मंत्री के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि मोहन मंत्रिमंडल में विस्तार होना है और ऐसे में मुखिया की नजरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना राजनीतिक तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है। गुजराती रंग में रंगे नजर आए मामा शिवराज सिंहराजनीति का असली मजा इन दिनों ‘मामा जी’ यानी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान लेते नजर आ रहे हैं। पत्नी साधना सिंह के साथ गुजरात दौरे पर पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के आदर्श गांव हणोल का दौरा किया, जहां वे पूरी तरह गांव के रंग में रंगे दिखाई दिए। गांव पहुंचते ही शिवराज सिंह और साधना सिंह का पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों रथ पर सवार होकर पूरे गांव में घूमे और ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीणों के साथ गरबा भी खेला। उन्होंने खुद कुएं से पानी निकालकर अपने साथ मौजूद केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया को पिलाया। इसके बाद वे खाट पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते भी नजर आए। यहीं नहीं, शिवराज सिंह ने गांव की परंपरा के मुताबिक सुपड़ा लेकर अनाज का कचरा भी निकाला और खुद को एक आम ग्रामीण की तरह गतिविधियों में शामिल किया। कुल मिलाकर मामा जी एक बार फिर अपने अंदाज में नजर आए। वे जहां भी जाते हैं, वहां सुर्खियों में आने का मौका नहीं छोड़ते और अपने सहज, देसी अंदाज से लोगों का ध्यान खींच ही लेते हैं। इनपुट सहयोग - विजय सिंह बघेल (भोपाल), आशीष रघुवंशी (गुना) ये भी पढ़ें - भाजपा नेता ने धमकाया- शहर की फिजा बिगाड़ दूंगा: कलेक्टर के सामने बांसुरी बजाकर शिकायत वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा नहीं जाने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। उनके इस फैसले को लेकर कांग्रेस के अंदर ही अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दिग्विजय सिंह के फैसले से पार्टी में कहीं खुशी का माहौल है तो कहीं मायूसी भी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:56 am

बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्जी एफडी घोटाला:बैंक मित्र ने 50 से ज्यादा खाताधारकों से करोड़ों की ठगी की, फर्जी राशिदें थमाई

लखनऊ के मोहन रोड स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में तैनात बैंक मित्र द्वारा फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक मित्र ने 50 से अधिक खाताधारकों को झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। पीड़ितों के मुताबिक किसी ग्राहक के खाते से 33 लाख रुपये, किसी से 10 लाख तो किसी अन्य खाताधारक के 6 लाख रुपये गायब हैं। जब एफडी की अवधि पूरी होने पर खाताधारकों ने रकम निकालनी चाही, तब पता चला कि उन्हें दी गई एफडी रसीदें और बैंक से जुड़े दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। 2 करोड़ जब्त होने का दावा, बैंक की चुप्पी पीड़ित खाताधारकों का दावा है कि मामला उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने करीब 2 करोड़ रुपये की राशि जब्त की है। हालांकि, इस संबंध में बैंक की ओर से अब तक कोई लिखित या आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसे लेकर ग्राहकों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शाखा में हड़कंप, प्रदर्शन से कामकाज प्रभावित फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद बैंक शाखा में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पीड़ित खाताधारक शाखा पहुंचे और आरोपी बैंक मित्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक बैंक का कामकाज भी प्रभावित रहा। 4-5 साल से चल रहा था खेल ग्राहकों का आरोप है कि यह धोखाधड़ी पिछले चार से पांच वर्षों से चल रही थी। बैंक मित्र ने बैंक की प्रक्रिया और भरोसे का हवाला देकर ग्राहकों का विश्वास जीता और उसी का फायदा उठाते हुए फर्जी एफडी के जरिए भारी रकम हड़प ली। पुलिस जांच शुरू, विभागीय कार्रवाई के आदेश मामले की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शाखा प्रबंधक हिमांशु कुकरेती के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बैंक मित्र शिवा राव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कुछ ग्राहकों को उनकी राशि लौटाने का आश्वासन दिया है, लेकिन पीड़ित किसी भी आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ित खाताधारकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमा पूंजी जल्द वापस नहीं की गई, तो वे बैंक स्तर पर आंदोलन तेज करेंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:48 am

नो मैपिंग वाले 7871 मतदाताओं को बुलाया, 3665 ही आए

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में जिले में 25143 मतदाता ऐसे मिले हैं जिनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हुई है। यानी इनके या इनके माता, पिता या किसी परिजन का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिला है। अब इन मतदाताओं को नोटिस भेजकर जवाब देने बुलाया जा रहा है। अब तक जिले में 7871 को नोटिस देकर बुलाया गया है, लेकिन जवाब देने के लिए करीब 46.18 प्रतिशत यानी 3665 मतदाता ही आए हैं। मतदाता सूची में नाम बनाए रखने में मतदाता रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में 23 दिसंबर को मतदाता सूची का अंतरिम प्रकाशन किया गया है। इसके बाद नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है। सुनवाई की जा रही है। जिले में कुल 25143 मतदाता नो मैपिंग वाले आए हैं। इन सभी 25143 मतदाताओं के नोटिस तैयार हैं, बीएलओ नोटिस भेजकर सुनवाई के लिए बुला रहे हैं। 7871 लोगों को नोटिस देकर बुलाया गया, इनमें से 3665 मतदाताओं ने आकर अफसरों के सामने अपना जवाब दिया है। बाकी सुनवाई के लिए अब तक नहीं आए हैं। जिले की आठों विधानसभा में नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस भेजकर जवाब देने बुलाया जा रहा है। देवरी विधानसभा में सबसे कम लोग अपना जवाब देने आए हैं। यहां 832 लोग नो मैपिंग वाले हैं। इन सभी को नोटिस देकर बुलाया गया। अब तक मात्र 95 यानी केवल 11.41 प्रतिशत मतदाता जवाब देने आए हैं। जवाब देने वालों में सबसे आगे बीना विधानसभा के मतदाता हैं। यहां अब तक 650 को बुलाया गया है। इनमें से 550 यानी 84 प्रतिशत सुनवाई में शामिल हुए और अपने जवाब दिए हैं। सागर व बंडा विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता भी सुनवाई के लिए नहीं आ रहे हैं। सागर में अब तक जारी नोटिस में से 35.07 व बंडा में 25.49 प्रतिशत मतदाताओं ने आकर जवाब दिया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:47 am

राजघाट से मोतीनगर रोड पर खुला नाला दे रहा हादसे को न्योता

राजघाट तिराहे से मोतीनगर रोड तक किए गए सड़क चौड़ीकरण के दौरान बालाजी मंदिर मार्ग के मोड़ पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। यहां सड़क के एक ओर नाला खुला पड़ा है। नाले के ऊपर स्लैब या सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से यह स्थान बेहद खतरनाक बन गया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:45 am

दिन व रात का तापमान सामान्य से ज्यादा, अब छाएंगे बादल, बूंदाबांदी की भी संभावना

मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हवाओं के रुख में आए बदलाव के कारण सागर में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। बुधवार को शहर के न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री का उछाल आया, जिससे यह बढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान भी 26.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है। दिन में धूप के तेवर तीखे होने और रात में बादलों की लुकाछिपी के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड से फिलहाल राहत मिली है। तापमान बढ़ने के साथ हवा में नमी के स्तर में भी गिरावट आई है। बुधवार सुबह हवा में नमी की मात्रा में 18 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 61% पर आ गई। शाम होते-होते नमी का स्तर और गिरकर 54% रह गया। हवा में नमी कम होने से दिन के समय हल्की शुष्क सर्दी महसूस की जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:44 am

राजस्थान में तापमान -3 डिग्री, 2 दिन बारिश की चेतावनी:पाला पड़ने से फसलें खराब, आज शीतलहर का अलर्ट, कल से फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान में बर्फ जमा देने वाली सर्दी का दौर अब भी जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 6 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। वहीं, 16 जनवरी से शीतलहर से राहत मिलने और 19 जनवरी से हल्की बारिश की संभावना जताई है। बुधवार को हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के ग्रामीण इलाकों में तेज सर्दी के कारण बर्फ जम गई। 15 शहरों का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन माउंट आबू में तापमान माइनस 3 डिग्री रहा। हनुमानगढ़ के रावतसर, पल्लू, नोहर के ग्रामीण इलाकों में खेतों में बर्फ जम गई और फसलों में पाला पड़ गया। हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे शेखावाटी के इलाकों सहित कई और जिलों में अब भी रात में तेज सर्दी है। यहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे है। इनमें अलवर, पिलानी, सीकर, जैसलमेर, चूरू, गंगानगर, नागौर, सिरोही, फतेहपुर, करौली, दौसा, लूणकरणसर, झुंझुनूं, पाली शामिल हैं। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में रहा सुबह भले ही प्रदेश में तेज सर्दी रही हो, लेकिन दिन चढ़ने और धूप निकलने के बाद लोगों को तेज सर्दी और शीतलहर से राहत मिली। कल दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में और 26.4 डिग्री सेल्सियस जवाई (पाली) के इलाके में दर्ज हुआ। वहीं, राजधानी जयपुर में तापमान 23.8 डिग्री रहा। 19 जनवरी से बदल सकता है मौसम मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 19 जनवरी से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इस सिस्टम का असर जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है। 19-20 जनवरी को इन ​एरिया में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:44 am

बांदा में मकर संक्रांति पर लगता है आशिकों का मेला:भूरागढ़ किले में प्रेमी-प्रेमिका का मंदिर, 150 साल पुरानी है राजकुमारी और नट की कहानी

मकर संक्रांति पर बांदा में अनोखा मेला लगता है। इसे आशिकों का मेला कहते हैं। प्रेमी-प्रेमिका की समाधि पर नट बाबा मंदिर बना है। जहां कपल पूजा पाठ कर अपने प्यार के लिए मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहां प्रेमी-प्रेमिका की मनोकामना पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने के बाद समाधि पर रेवड़ी और फूल चढ़ाते हैं। शादीशुदा जोड़े भी यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। ये परंपरा आज की नहीं, बल्कि करीब 175 साल पुरानी है। इसके पीछे एक अनोखी प्रेम कहानी भी है। मकर संक्रांति के दिन ही किले के राजा की बेटी ने प्रेमी की हत्या के बाद किले से कूदकर जान दे दी थी। दोनों की प्रेम कहानी अमर हो गई। जिसके बाद से हर साल मकर संक्रांति पर यहां भव्य मेला लगता चला आ रहा है। पहले आपको किले से जुड़ी प्रेम कहानी पढ़वाते हैं… बांदा जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर भूरागढ़ किला है। करीब 6 एकड़ में फैला ये किला अब खंडहर में तबदील हो चुका है। किले के नीचे ही प्रेमी-प्रेमिका समाधि बनी है जो आज भी गुलजार है। मान्यता है कि सन् 1850 में महोबा के सुगिरा के रहने वाले नोने अर्जुन सिंह भूरागढ़ दुर्ग (अब भूरागढ़ किला) राजा थे। यहां से करीब 40 किमी दूर मध्य प्रदेश के सरबई गांव में नट जाति के 21 साल के बीरन रहते थे। बीरन कई घंटों तक रस्सियों पर चलन, उल्टे पैर दौड़ने और कई फीट लंबे बांसों के सहारे छलांग लगाने में माहिर थे। बीरन इसी भूरागढ़ किले में नौकर थे और अपना हैरतअंगेज करतब दिखाया करते थे। जिसका लुत्फ राजा के साथ प्रजा भी उठाती थी। राजा की एक बेटी थी सोनालिका। राजा की बेटी को मगरमच्छ से बीरन ने बचायाखुद को नट बीरन के वंशज बताने वाले फर्सलान बताते हैं- एक दिन राजा नोने अर्जुन सिंह की बेटी सोनालिका अपनी दोस्तों के साथ किले से सटकर बहने वाली केन नदी में नहाने गईं। तभी मगरमच्छ ने उन पर अटैक कर दिया। मगरमच्छ देखकर सहेलियों ने शोर मचाया तो आनन-फानन में राजा के सैनिक पहुंचे, लेकिन मगरमच्छ से लड़ने की हिम्मत कोई नहीं जटा पाया। राजकुमारी को नट बीरन से हुआ प्यारउसी समय किले में बीरन करतब दिखा रहे थे। शोर मचने पर वो दौड़कर नदी में कूद गए। मगरमच्छ से लड़कर बीरन ने राजा की बेटी की जान बचाई। लंबे इलाज के बाद राजा की बेटी को होश आया। उसने जान बचाने वाले का नाम पूछा। बीरन की मगरमच्छ से लड़ने की हिम्मत देखकर राजा की बेटी को उससे प्यार हो गया। फर्सलान बताते हैं- लंबे समय तक दोनों छिप छिपकर मिलते रहे। लेकिन इसकी भनक राजा को नहीं हुई। बीरन लंबे बांसों के सहारे छलांग लगाकर राजा की बेटी से मिलने किले के कमरे में घुस जाया करते थे। राजा ने बेटी से शादी की रखी शर्तराजा को दोनों के मिलने की खबर मिल गई। राजा ने बेटी को बुलाकर फटकारा। कहने लगे कि एक नौकर से तुम्हारी शादी नहीं कर सकता। लेकिन बेटी बीरन से ही शादी करने की जिद पर अड़ गई। काफी मनाने के बाद जब बेटी नहीं मानी तो राजा ने बीरन से सशर्त शादी कराने की बात कही। नट बीरन मंदिर में पूजा करने वाले पुजारी रतन यादव बताते हैं- किले से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर बांबेश्वर पर्वत है। राजा ने कहा कि उस पर्वत से किले तक कच्चे सूत की रस्सी बांधी जाएगी। अगर उसपर अपने पैरों से चलकर बीरन किले तक आ गया, तो मैं धूमधाम से उसके साथ अपनी बेटी की शादी करूंगा। यही नहीं राजपाठ भी बीरन के नाम कर देगा। ये शर्त सुनकर राजा की बेटी के होश उड़ गए। लेकिन राजकुमारी के प्यार में बीरन नट ने शर्त स्वीकार कर ली। इसके बाद राजा ने मकर संक्रांति के दिन शर्त पूरी करने की बात कही। 14 जनवरी 1850 को पूरी होनी थी शर्तरतन कहते हैं- 14 जनवरी 1850 को मकर संक्रांति के दिन बाम्बेश्वर पर्वत से लेकर केन नदी होते हुए भूरागढ़ किले तक सूत की मोटी रस्सी बांधी गई। इसके बाद बीरन शर्त के अनुसार रस्सी पर चलकर आने लगा। करतबों में माहिर बीरन नट ने सूत पर चलते हुए केन नदी पार कर ली और भूरागढ़ दुर्ग की तरफ बढ़ने लगा। ये देखकर राजकुमारी खुश हो गईं लेकिन राजा परेशान हो गया। बड़े मुनीम ने नट बीरन की हत्या का रचा षड़यंत्रराजा अपने बड़े मुनीम से कहने लगा कि अब इसी नट से बेटी की शादी करानी पड़ेगी। लेकिन मुनीम ने राजा को षड़यंत्र रचने को कहा। कहने लगा कि से सूत की रस्सी काट दी जाए तो बीरन गिर जाएगा। शर्त पूरी नहीं होगी तो शादी नहीं होगी। लेकिन ये रस्सी किसी कुल्हाड़ी और बांके से नहीं कटेगी। इसके लिए मोची के पास मिलने वाली रापी (चमड़ा काटने वाला औजार) लानी होगी। रस्सी कटी तो 80 फीट की ऊंचाई से गिरे नट बीरनराजा ने किले में मौजूद मोची से वापी मंगवाई और चुपके से किले की दीवार से बंधे सूत को काट दिया। सूत कटते ही नट बीरन करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे नदी की चट्टानों पर गिर गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्रेमी की मौत पर राजकुमारी ने भी जान दीइधर, राजकुमारी सोनालिका किले की खिड़की से अपने प्रेमी को देख रही थीं। उसके गिरते ही वो बाहर आईं। रस्सी कटने और पिता के षड़यंत्र के बारे में सुना तो खिड़की से जाकर छलांग लगा दी। राजकुमारी की भी मौके पर ही मौत हो गई। किले के नीचे बना मंदिरफर्सलान बताते हैं- दोनों की मौत के बाद किले के नीचे ही हमारे पूर्वजों ने नट बीरन और उनकी प्रेमिका सोनालिका की प्रेम कहानी को याद रखने के लिए समाधि बनवा दी। इसी समाधि पर लोग पूजा-पाठ करने लगे। बाद में 1925 में इसी समाधि पर मंदिर का निर्माण हुआ। अब ये मंदिर महाबली नट बीरन बाबा के नाम से प्रसिद्ध है। जहां हर साल मकर संक्रांति पर मेला लगता है। सबसे ज्यादा यहां प्रेमी जोड़े ही अपनी मन्नत मांगने आते हैं। मनोज बोले- अपनी प्रेमिका के लिए मन्नत मांगने आया हूंबुधवार को भूरागढ़ किले में पहुंचे मनोज ने कहा- मैं भी एक लकड़ी काजल से प्यार करता हूं। हमारा प्यार सफल हो, इसके लिए मन्नत मांगने आया हूं। यहां जो भी आता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। मैं भी इसीलिए आया हूं। मैंने अपनी प्रेमिका का नाम भी यहीं आकर अपने हाथ में गुदवाया है। यहां मेरे जैसे कई प्रेमी और प्रेमिका आए हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें डॉग कर रहा बजरंगबली और मां दुर्गा की परिक्रमा, VIDEO:बिजनौर में तीन दिनों से बिना खाए-पिए चल रहा; भीड़ उमड़ी यूपी के बिजनौर से हैरान करने वाला सामने आया है। यहां एक डॉग बीते तीन दिन से मंदिर में बजरंगबली और मां दुर्गा की प्रतिमा के चारों ओर घूम रहा है। लोग इस घटना को परिक्रमा मान रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉग ने पहले दो दिन हनुमानजी की प्रतिमा के चक्कर लगाए। बुधवार को उसने मां दुर्गा की प्रतिमा के चारों ओर घूमना शुरू किया है। बिना रुके और खाए–पिए उसकी परिक्रमा जारी है। थकने पर एक पैर को उठा लेता है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:43 am

धोखाधड़ी:सोनम बन बेरोजगार युवतियों को फंसाता रहा अमन, 5 मामले दर्ज

मंत्री, नेता व अधिकारियों का खास बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज अमन पाठक के खिलाफ शहर के सिविल लाइन थाने में भी एफआईआर दर्ज हुई है। सोनम के नाम से सोशल साइट्स पर फेक आईडी बनाकर वह बेरोजगार लड़कियों को जाल में फंसा रहा था। उसने जैसीनगर की 3 युवतियों को इंदौर-भोपाल में हाई सैलरी पर जॉब दिलाने और मकरोनिया के एक युवक को सागर नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। इसके पहले एक अन्य युवती को महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद पर भर्ती के नाम पर जाल में फंसा था। इसी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। सिविल लाइन व मोतीनगर थाने में अब तक ऐसे 5 मामलों में एफआईआर हुई है। ठगी की रकम 9 लाख से ज्यादा है। गोपालगंज थाने में दो और मामले जांच में हैं। रहली विधानसभा क्षेत्र के गढ़ाकोटा का रहने वाला अमन भाजपा नेताओं के बीच काफी दखल रखता है। उसने केंद्रीय मंत्री, सीएम, डिप्टी सीएम, मंत्री और अमूमन सत्ता-संगठन के सभी बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाए। वीडियो-फोटो सोनम नाम की फेक आईडी के जरिए सोशल साइट्स पर डालता और लड़कियों को जॉब दिलाने की गारंटी लेता। चैटिंग के दौरान जब कोई युवक-युवती जॉब की बात करती तो सोनम लिखती है कि मेरे भाई अमन की नेता, मंत्री व अधिकारियों से अच्छी पहचान है। वह नौकरी दिला सकता है। इसके बाद सौदेबाजी होती थी। अमन अपनी कार पर डिप्टी सीएम प्रतिनिधि की नेम प्लेट लगाकर रखता था। मोतीनगर पुलिस ने यह कार जब्त की है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि बुधवार को ठगी के शिकार दो और लोग आवेदन लेकर थाने पहुंचे थे, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गोपालगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है। जिलेभर से ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि जैसीनगर की तीन युवती व मकरोनिया के एक युवक की रिपोर्ट पर अमन पाठक के खिलाफ जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया है। तीन युवतियों से 5 लाख 80 हजार रु. और एक युवक से 1 लाख 75 हजार रु. ऐंठे हैं। परिचित व रिश्तेदारों के खातों में ऑनलाइन पेमेंट कराया ठग अमन पाठक नकद राशि लेने के अलावा अपने परिचित, परिजन व रिश्तेदारों के खातों में ऑनलाइन भी रकम डलवा रहा था। सागर व गढ़ाकोटा के किसी सुधांशु व दीपक का नाम भी सामने आ रहा है। हाईप्रोफाइल नामों के जुड़ाव के कारण इस मामले को दबाने का प्रयास भी चला। ठगी के शिकार लोगों को पैसे लौटाने का आश्वासन, कभी दबाव तो कभी लालच दिया गया। दावा किया जा रहा है कि यदि महिला बाल विकास विभाग में हुई सुपरवाइजर की भर्ती की जांच हो तो ठगी के और भी मामले सामने आ सकते हैं। नए मामलों में सुयश शर्मा नाम के युवक को नगर निगम में फायरमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर 15000 रुपए ऑनलाइन व भोपाल बुलाकर 60 हजार रुपए नगद लिए गए। रोहित चौबे के परिजन को महिला बाल विकास में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.55 लाख रुपए ऐंठे जाने का मामला सामने आया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:43 am

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन:वक्ता बोले -आधुनिक तकनीक शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत में व्यापक परिवर्तन ला रही

मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में “गुणवत्ता नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर एक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 300 से 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें मोहम्मद अतीक ने अध्यक्षता की। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. एस. जमील क़ाज़मी ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया, जबकि डीन एकेडमिक्स इमरान खान ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर हुई चर्चा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अनिल भंडारी ने अपने मुख्य वक्तव्य में गुणवत्ता नियंत्रण, गुणवत्ता आश्वासन, जोखिम प्रबंधन तथा नियामक अनुपालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकें शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। एआई के व्यावहारिक उपयोगों पर जोर तकनीकी सत्रों के दौरान विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्ता प्रणाली, फार्मास्यूटिकल एवं औद्योगिक प्रक्रियाओं में एआई के व्यावहारिक उपयोगों पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। प्रतिभागियों ने सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न भी रखे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक समिति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं कौशल-विकास से संबंधित गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:40 am

रात का पारा भी चढ़ा, कोहरा अलसुबह तक सिमटा

मकर संक्रांति के साथ दिन और रात का पारा चढ़ने लगा है। इसी तरह कोहरे का दायरा अलसुबह तक सिमटकर रह गया है। शाम ढलने के बाद भी सर्द हवा का ज्यादा असर महसूस नहीं हो रहा है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहा, जबकि न्यून. तापमान 11.2 डिग्री पर पहुंच गया है। आर्द्रता सुबह 88 और शाम को 56 फीसदी रही। हवा की रफ्तार सुबह शून्य और शाम को 6 किलोमीटर दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आसमान साफ रहने से दिन में धूप के तेवर तीखे होने लगेंगे, जबकि रात में सर्द हवा एक सप्ताह तक ठंड का एहसास करवाएगी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:38 am

लापरवाही:फ्रीगंज ब्रिज निर्माण के चलते पिलर के लिए खोदे गड्ढे, पुरानी पाइप लाइन फूटी, तीन दिन से लगातार बह रहा हजारों गैलन पानी

फ्रीगंज ब्रिज के पास बन रहे नए ओवरब्रिज के लिए पोल गाड़ने को खोदे गए गड्ढे ने निर्माण एजेंसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गड्ढा खोदते समय पुरानी डायरेक्ट पाइपलाइन फूट गई। इससे तीन दिन से हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है।सबसे बड़ी परेशानी यह है कि नगर निगम की पीएचई टीम और रेलवे अफसरों को जानकारी नहीं कि लाइन कहां से जुड़ी है और इसका वॉल कहां से बंद होगा। दोनों विभागों के कर्मचारी सुधार में जुटे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। कर्मचारियों ने बताया कि यह पाइपलाइन करीब 60-70 साल पुरानी है। तब के कर्मचारी अब नहीं हैं। इस कारण इसकी कनेक्टिविटी की जानकारी किसी के पास नहीं है। लाइन करीब 7-8 फीट गहराई में है। पानी खाली करे बिना सुधार मुश्किल है। ब्रिज के पोल खड़े करने वाली कंपनी को भी तीन दिन से काम रोकना पड़ा है। ट्रैक्टर का इंजन लगाया फिर भी पानी खत्म नहीं हुआ : मरम्मत के लिए पानी में उतरकर मशक्कत कर रहे निगम पीएचई के कर्मचारियों ने बताया इस गड्ढे से पानी ही खत्म नहीं हो रहा, क्योंकि जो लाइन फूटी है, वह बड़ी लाइन है और 24 घंटे चालू रहती है। ट्रैक्टर का इंजन चालू कर गड्ढे का पानी खत्म करने का भी प्रयास किया, ले​किन पाइपलाइन से इतना ज्यादा पानी बाहर निकल रहा है कि इंजन से खाली नहीं हो सका। जल्द मरम्मत करवाएंगे : पीएचई के ईई वैभव भावसार ने कहा क्षेत्र में पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम चल रहा है। जो पाइपलाइन फूटी उसकी जानकारी लेंगे और जल्द से मरम्मत करवाकर व्यर्थ बह रहा पानी रोकेंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:37 am

भोपाल में 1Kg चांदी के रेट 2.70 लाख रुपए:25 इलाकों में गुल रहेगी बिजली; राजधानी में जानिए कब-क्या खास

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:37 am

दहेज प्रताड़ना के मामले बढ़े:इस साल ससुराल में 426 बहुओं पर हुआ अत्याचार, कई महिलाओं ने तंग आकर किया सुसाइड

ग्वालियर में ‘बहुएं’ दहेज के लिए रोज प्रताड़ित हो रही हैं। शादी के कुछ ही समय बाद कई घरों में पति, सास और ससुर बहुओं पर दहेज को लेकर ताने कसने लगते हैं। ताने धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक यातना में बदल जाते हैं। रोज की प्रताड़ना से टूटकर कई महिलाएं जानलेवा कदम उठाने तक को मजबूर हैं। पुलिस के आंकड़े कहते हैं कि साल 2025 में 1733 परिवारों में पति-पत्नी के बीच झगड़े हुए। 426 महिलाओं ने दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर पति और ससुराल वालों पर केस दर्ज कराया। 2023 की बात करें तो 341 मामले सामने आए थे। यानी दो सालों में 24.9% दहेज प्रताड़ना के केस बढ़े हैं। 2024 में 497 बहुओं ने पुलिस से मदद मांगी थी। साफ है कि 2 सालों में दहेज प्रताड़ना के केस बढ़े हैं। विशेषज्ञों की मानें तो दहेज प्रथा की जड़ में शिक्षा का अभाव और लालच बड़ा कारण है। जब तक सोच नहीं बदलेगी और कानून का सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक बहुओं की पीड़ा यूं ही बढ़ती रहेगी। इन 4 केसों से समझिए... दहेज की आग में कैसे बुझ गईं जिंदगियां पीड़िता बातों को न छुपाएं, तुरंत शिकायत करें, तभी रुकेगी सुसाइड दहेज प्रथा समाज की गंभीर समस्या है। शिक्षा का अभाव और लालच ही पारिवारिक कलह के सबसे बड़े कारण हैं। जिन परिवारों में पैसों को रिश्तों से ऊपर रखा जाता है, वहां विवाह लंबे समय तक नहीं टिकते। ससुराल में महिलाओं को मिलने वाले रोज़-रोज़ के ताने धीरे-धीरे शारीरिक हिंसा का रूप ले लेते हैं। बदनामी के कारण कई महिलाएं समय पर शिकायत नहीं करतीं। यदि पीड़िता या उसके परिजन समय रहते पुलिस से संपर्क करें तो आत्महत्या जैसे मामलों को रोका जा सकता है। -रश्मि भदौरिया, टीआई, महिला थाना

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:36 am

SIR:नो मैपिंग नोटिस के 10 दिन में 8625 की सुनवाई, 7 गुना बाकी, सीईओ के निर्देश- 7 दिन में करें डिस्पोजल

एसआईआर पार्ट-2 में सारे काम की रफ्तार धीमी है। अब 30 दिन बाकी हैं, इस दौरान नो मैपिंग वाले 59 हजार 915 वोटरों की सुनवाई होनी है। पिछले 10 दिन में सिर्फ 8 हजार 625 की सुनवाई हो सकी है। रफ्तार ऐसी ही रही तो 14 फरवरी तक काम पूरा होने पर संशय है। यही स्थिति नए नाम जुड़वाने के लिए जमा हुए फॉर्म की है। अभी तक 20 हजार 768 फॉर्म जमा हो चुके हैं। निराकरण 33 फीसदी है। बुधवार को वीसी में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कामकाज की ​इस स्थिति को रफ्तार देने के लिए कहा। उन्होंने यहां तक कहा कि वोटर को अनावश्यक परेशान न किया जाए। नए नाम जुड़वाने वाले फॉर्म का निराकरण सात दिन में कर लिया जाए। कई दिक्कतों से प्रोग्रेस पर असर, कुछ सुझाव भी वोटर से न मांगे दस्तावेज लॉजिकल एरर में 3 लाख 20 हजार वोटर हैं। इनकी उम्र, पिता-दादा के नाम में गलती है। इन्हें ठीक करने वोटर के घर पहुंचकर बीएलओ दस्तावेज मांग रहे हैं। ऐसी शिकायतें सीईओ तक पहुंचीं, इसी कारण उन्होंने रिकॉर्ड देखकर एरर सुधारने के लिए कहा। फॉर्म कम, जल्दी निपटाएं अभी तक 20 हजार से ज्यादा लोग नए नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 258 फॉर्म 45 दिन से अधिक पुराने हैं पर इनका निराकरण नहीं हुआ है। जमा हुए फॉर्म कम हैं, क्योंकि घोषणा पत्र के साथ बीएलओ 2003 की डिटेल मांग रहे हैं। फील्ड में जाकर खुद देखें नोटिस के बाद भी वोटर सुनवाई के लिए नहीं पहुंच रहा है। क्योंकि 2003 की डिटेल उसके पास नहीं है। सीईओ ने कहा कि नोटिस वाले वोटर के घर के पास जांच करें, संतुष्ट होने पर नोटिस का निराकरण करें। डर और न घट जाए वोटर एसआईआर पार्ट-1 में 2 लाख 52 हजार वोटर कट चुके हैं। अफसरों को डर है कि कुछ नो मैपिंग के नोटिस सुनवाई में भी कम होंगे। वहीं नए नाम जुड़वाने में लोगों की रुचि नहीं है। इसलिए अफसर व राजनैतिक दल चिंता में हैं। उनको इस बात का डर है कि कहीं नो-मैपिंग के कारण वोटर और न घट जाएं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:34 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:ईरान से भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह; कोहली 5 साल बाद फिर नंबर-1, यूपी BJP अध्यक्ष बोले- SIR तो सरकार की जिम्मेदारी

नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान में मौजूद भारतीयों से जुड़ी रही। भारत सरकार ने उन्हें तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी बीजेपी अध्यक्ष के SIR को लेकर दिए बयान पर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान में हालात बिगड़े, भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह, तेहरान में 300 शवों को दफनाया गया ईरान में हिंसक प्रदर्शन के बीच भारत सरकार ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं, इसलिए भारतीय नागरिक बिना देरी किए ईरान छोड़ दें। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें। प्रदर्शनकारी को मौत की सजा: ईरान में 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। ईरान में महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। पढ़ें पूरी खबर... 2. काशी के मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़ने का विरोध, लोग बोले- बिना बताए अहिल्याबाई की मूर्ति हटाई काशी के मणिकर्णिका घाट को तोड़ा जा रहा है। यहां नए सिरे से घाट तैयार होगा। स्थानीय लोग मंदिर तोड़े जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शिवलिंग और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को गिरा दिया गया। एक पुजारी ने कहा कि घाट में 300 साल पुराना शिव मंदिर था और वो वहां पूजा करते थे। लेकिन बिना बताए मंदिर को तोड़ दिया गया और सारा सामान फेंक दिया गया। 3 साल पहले PM मोदी ने शिलान्यास किया था: साल 2023 में PM मोदी ने पुनर्निर्माण के काम का शिलान्यास किया था। बाढ़ की वजह से करीब डेढ़ साल से काम बंद था। अब इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट को नए तरीके से तैयार किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर... 3. यूपी BJP अध्यक्ष बोले- SIR सरकार की जिम्मेदारी, ड्राइविंग सीट पर हम नहीं यूपी के BJP के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि SIR सरकार की जिम्मेदारी है। संगठन हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। लेकिन ड्राइविंग सीट पर सरकार ही है। चौधरी ने ये बातें बीते मंगलवार (13 जनवरी) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्षों की बैठक में कही। पंकज चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वे दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करके लौटे हैं। अब इस बयान को सत्ता के गलियारों में सरकार और संगठन के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा। चौधरी ने बैठक में कहा- SIR सरकार की जिम्मेदारी है, हमें केवल सहयोग कर सकते हैं कि हर पात्र का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो सके। पढ़ें पूरी खबर... 4. विराट कोहली 5 साल बाद नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बने, टॉप-10 में 4 भारतीय बैटर विराट कोहली 5 साल बाद ICC वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बन गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 93 रन की पारी से उन्हें फायदा मिला। रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसके। वहीं, दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल पहुंच गए हैं। टॉप-10 में 4 भारतीय बल्लेबाज हैं। विराट-रोहित के अलावा शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर हैं। कोहली 825 दिन तक नंबर-1 स्पॉट पर रहे: विराट ने अक्टूबर 2013 में पहली बार टॉप रैंकिंग हासिल की थी। विराट कुल मिलाकर 825 दिनों तक नंबर-1 स्थान पर रह चुके हैं। कोई अन्य भारतीय बल्लेबाज वनडे में इतने दिनों तक नंबर-1 नहीं रहा है। दुनिया में वे इस मामले में 10वें स्थान पर हैं। पढ़ें पूरी खबर... 5. आठ महीने बाद तेजप्रताप की लालू फैमिली में वापसी, लालू बोले- अब वो साथ ही रहेंगे 8 महीने बाद तेजप्रताप यादव की लालू प्रसाद यादव परिवार में वापसी हुई। तेजप्रताप ने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा। इसमें लालू यादव भी पहुंचे और कहा कि वो तेजप्रताप से नाराज नहीं है। वो परिवार के साथ ही रहें। वहीं, तेजप्रताप ने कहा, 'लालू की असली पार्टी अब जनशक्ति जनता दल है। तेजस्वी राजद का विलय जनशक्ति जनता दल में कर दें।' तेज प्रताप बिहार यात्रा पर निकलेंगे: तेज प्रताप ने कहा कि जल्द ही हम पूरे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे, कब से निकलेंगे, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनकी पार्टी MCD इलेक्शन लड़ेगी। तेजप्रताप का वो पोस्ट देखिए, जिस पर लालू ने उन्हें निकाला था पढ़ें पूरी खबर... 6. चांदी तीन दिन में ₹34 हजार बढ़ी, ₹2.78 लाख प्रति किलो बिक रही सोने-चांदी लगातार तीसरे दिन भी ऑलटाइम हाई रहे। एक किलो चांदी की कीमत 14,480 रुपए बढ़कर 2,77,512 रुपए हो गई है। तीन दिन में चांदी 34 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब तक 1,91,495 रुपए प्रति किलो बढ़ी है। सोना ₹1.42 लाख पहुंचा: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,533 रुपए बढ़कर 1,42,015 रुपए पर बंद हुआ। पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब तक 65,853 रुपए बढ़ चुका है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... भगवान शिव को चढ़ाए गए 60 हजार से ज्यादा केकड़े गुजरात के सूरत में स्थित रामनाथ घेला महादेव मंदिर में पौष एकादशी पर अनोखी आस्था दिखी। भगवान शिव को एक दिन में 60 हजार से ज्यादा जीवित केकड़े चढ़ाए गए। मान्यता है कि इससे कान की बीमारियां ठीक होती हैं। हालांकि, फिर सभी केकड़ों को तापी नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों की पैतृक संपत्ति के काम पूरे होंगे। कन्या राशि के लोगों को कारोबार में मौके मिलेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:34 am

यूपी के टोल प्लाजा पर 50 करोड़ की अवैध वसूली:टोल मालिक सपा नेता जेल गया, सपाई बोले- BJP विधायक ने पकड़वाया

यूपी के जिला सहारनपुर में पुलिस-प्रशासन की टीम ने 9 जनवरी को टोल प्लाजा मालिक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया। इस टोल प्लाजा पर सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से जबरन टोल टैक्स वसूला जा रहा था। SP सागर जैन ने कहा- एक साल में करीब 50 करोड़ रुपए की टोल वसूली अवैध तरीके से कर ली गई, ऐसा अनुमान है। बाकी हम 5 साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं, उससे चीजें और क्लियर होंगी। टोल प्लाजा के मालिक कमलजीत प्रधान समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। नकुड़ विधानसभा सीट से टिकट मांगने की दौड़ में हैं। सपा नेता सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि मौजूदा BJP विधायक मुकेश चौधरी ने सपा नेता को पकड़वाया है, जिससे उनका पॉलिटिकल फ्यूचर बना रहे। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर पूरा मामला समझा। पुलिस अफसरों से बात करके जाना कि फर्जीवाड़ा कैसे हो रहा था? सपा और भाजपा नेताओं से भी इस कंट्रोवर्सी पर अलग-अलग बात की। यह रिपोर्ट पढ़िए... सबसे पहले पूरा केस समझिए टोल मालिक समेत चार गिरफ्तार, फर्जी रसीदें बरामदसहारनपुर DM मनीष बंसल को पिछले दिनों सूचना मिली कि सरसावा टोल प्लाजा पर हर ट्रैक्टर-ट्रॉली से 130 रुपए वसूले जा रहे हैं। जबकि हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से टोल वसूली का कोई नियम ही नहीं। DM ने एक टीम बनाई और 9 जनवरी को छापेमारी कराई। इसमें शिकायत सही मिली। मामले में टोल प्लाजा मालिक कमलजीत प्रधान, टोल मैनेजर कालू सिंह राणावत, टोल-कर्मी अक्षय कुमार और सागर की गिरफ्तारी हुई। इनसे एक रसीद बुक, 8 कटी हुई रसीदें और 3 पर्चियां मिलीं, जिन पर वसूली का विवरण लिखा था। क्षेत्रीय लेखपाल रामप्रसाद गुप्ता ने थाना सरसावा में FIR कराई। 12 जनवरी को सहारनपुर की सिविल कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। हर ट्रैक्टर-ट्रॉली से लिए जाते थे 130 रुपएवसूली का खेल समझने के लिए हमने सहारनपुर के SP (ग्रामीण) सागर जैन से फोन पर बात की। उन्होंने बताया- हर ट्रैक्टर-ट्रॉली से 130 रुपए वसूले जा रहे थे। इसके लिए टोल प्लाजा संचालक ने अपने स्तर पर फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं, जो किसानों को पैसे लेकर दी जाती थीं। शुरुआती पूछताछ में टोल प्लाजा मालिक कमलजीत ने करीब एक साल से वसूली होने की जानकारी दी है। एक अनुमान के मुताबिक, करीब 50 करोड़ रुपए की अवैध वसूली हो चुकी थी। हम टोल प्लाजा का 5 साल का डेटा खंगाल रहे हैं। सभी डॉक्यूमेंट्स की छानबीन की जा रही है। अभी तक की जानकारी में पता चला है कि पिछले साल भी कमलजीत प्रधान के पास ही टोल संचालन का जिम्मा था। इस पूरे केस की बारीकी से जांच चल रही है। जांच में कुछ और युवकों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। सहारनपुर में 50 हजार किसान कर रहे पॉपुलर की खेतीआखिर इतनी ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कहां से आ रहीं, जिन्हें टोल प्लाजा वालों ने कमाई का जरिया बना लिया। यह जानने के लिए हमने जानकारों से बात की। दरअसल, सहारनपुर में लकड़ी पर नक्काशी (वुड कार्विंग) का बड़ा काम है। यहां लकड़ी के फर्नीचर और इससे जुड़े सजावटी सामान तैयार करके पूरे देश-विदेश में सप्लाई किए जाते हैं। इस वजह से पॉपुलर की खेती बहुत होती है। मौजूदा वक्त में सहारनपुर में 50 हजार से ज्यादा किसान पॉपुलर की खेती कर रहे हैं। सहारनपुर से सटा हरियाणा राज्य का यमुनानगर है, जहां प्लाईवुड की 350 से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। सहारनपुर और देहरादून रीजन के पॉपुलर की ज्यादातर सप्लाई यमुनानगर की फैक्ट्रियों को होती है। प्रतिस्पर्धा इतनी ज्यादा है कि प्लाईवुड फैक्ट्रियों ने अपने-अपने कांटे सहारनपुर के खेतों में लगा दिए हैं, जहां सीधे खेत से पॉपुलर के पेड़ इकट्ठा करके फैक्ट्रियों तक पहुंचाए जाते हैं। टोल प्लाजा से रोजाना गुजरते हैं 13 हजार से ज्यादा वाहनसहारनपुर से यमुनानगर की पॉपुलर फैक्ट्रियों तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता कस्बा सरसावा है। सरसावा को पार करते ही टोल प्लाजा पड़ता है। ये हाईवे देहरादून को पंचकूला से भी जोड़ता है। स्थिति ये है कि हर मिनट ट्रैक्टर-ट्रॉली इस टोल प्लाजा को पार करती है। सरसावा से भरी हुई ट्रॉलियां जाती हैं और यमुनानगर से खाली होकर आती हैं। इसी क्षेत्र में यमुना नदी बहती है, जहां खनन होता है। खनन की ट्रैक्टर–ट्रॉलियां भी यहीं से गुजरती हैं। हमने टोल प्लाजा पर पहुंचकर वहां मौजूदा कर्मचारियों से ऑफ कैमरा बात की। उन्होंने बताया कि पिछले साल 13 हजार वाहन रोजाना इस टोल प्लाजा से गुजरते थे। एक साल में ये संख्या अब और बढ़ गई है। हालांकि, उन्होंने इसका सटीक डेटा नहीं बताया। हमने पूछा- अब टोल का संचालन कैसे हो रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि टोल मालिक/मैनेजर जेल चले गए। कर्मचारी जैसे-तैसे टोल प्लाजा चला रहे। हमने कुछ देर तक टोल प्लाजा पर खड़े होकर सच्चाई परखी। पुलिस एक्शन के बाद से अब ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से टोल वसूली बंद कर दी गई है। हमने कई ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवरों से बात करने की कोशिश की, लेकिन रोजाना यहां से गुजरने की वजह से वो ऑन कैमरा बातचीत करने को तैयार नहीं हुए। सपा नेता बोले- कमलजीत ने SIR में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया, इसलिए जेल भेजाअब इस पूरे प्रकरण में राजनीति भी शुरू हो गई है। कुछ सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नकुड़ क्षेत्र से मौजूदा BJP विधायक मुकेश चौधरी ने अपना पॉलिटिकल करियर बचाए रखने के लिए प्रतिद्वंद्वी कमलजीत प्रधान को जेल भिजवा दिया है। दरअसल, कमलजीत सिंह सरसावा क्षेत्र में गांव शेखपुरा का रहने वाला है। वो समाजवादी पार्टी से नकुड़ विधानसभा सीट से टिकट मांग रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कमलजीत की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी मौजूद है। कमलजीत के जेल जाते ही सोशल मीडिया वॉर शुरू हो गई है। सपा के तमाम लोग कमलजीत के पक्ष में आ गए हैं। वो इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। सहारनपुर में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फरहद गाड़ा कहते हैं- कमलजीत हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। इस नाते सपा का प्रतिनिधिमंडल उनके घर गया। फैमिली का कहना है कि हमारा टोल प्लाजा से कोई मतलब नहीं। सरसावा एसओ ने फोन करके कमलजीत को बुलाया। कमलजीत खुद थाने गए थे, न कि पुलिस उन्हें लेकर गई। इसके बाद करीब 7-8 घंटे तक कमलजीत को अलग-अलग थानों में घुमाते रहे। पुलिस ने उनके घरवालों को कुछ नहीं बताया और अचानक कमलजीत को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। अब पुलिस कह रही कि पिछले एक साल से टोल प्लाजा पर अवैध वसूली हो रही थी। हमारा कहना है कि अगर ऐसा हो रहा था तो पुलिस-प्रशासन ने पिछले एक साल से किसानों से ये लूट क्यों होने दी? फरहद गाड़ा, कमलजीत को जेल भेजने के पीछे दूसरी कहानी बताते हैं। कहते हैं- पिछले दिनों सहारनपुर में SIR का काम चला। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दे रखा था कि वो एक-एक बूथ पर जाकर चौकन्ना रहें। 20 दिसंबर को जिला प्रशासन ने बीएलओ के साथ 36 सहायक लगाए, जो विशेष समुदाय (मुस्लिम) के थे। इसके बाद 26 दिसंबर को सहायकों की दूसरी लिस्ट आई। इसमें 36 में से 31 मुस्लिम सहायकों के नाम काट दिए गए। हम इस बाबत DM के पास गए। कमलजीत प्रधान ने सोशल मीडिया पर आकर उन सभी मुस्लिम नामों की लिस्ट पढ़ डाली, जिन्हें सहायक कार्य से हटाया गया था। सत्ता के लोगों को ये बात चुभी और उन्होंने खुन्नस में कमलजीत को जेल भेज दिया। कमलजीत को साजिश का शिकार बनाया गया है। पूर्व BJP विधायक ने भी कार्रवाई पर उठाए सवालपूर्व भाजपा विधायक शशिबाला पुंडीर ने फेसबुक पर 2 पोस्ट डालकर टोल प्लाजा मामले में कमलजीत प्रधान की अरेस्टिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा- कमलजीत प्रधान को राजनीति का शिकार बनाया गया है। वह लड़का बहुत प्रोग्रेस कर रहा था। उसको झूठा फंसाया गया है। राजनीति करनी चाहिए, लेकिन इतना गिरकर नहीं। मुख्यमंत्री जी को भी पत्र लिखूंगी कि अपने जनप्रतिनिधियों पर ध्यान नहीं देते, उनकी जांच नहीं करते, जिन्होंने जिला लूट खाया। एक दूसरी पोस्ट में शशिबाला पुंडीर ने लिखा- मैं आज जेल में जाकर कमलजीत से मिली हूं। सारी घटना पूछी। कमलजीत के नाम सरसावा टोल प्लाजा पर कहीं कुछ नहीं है। टोल पहले उसके नाम पर था, अब नहीं है। उसका कहीं कोई पैसे का ट्रांजैक्शन टोल प्लाजा से नहीं है। मैंने डीएम से भी निष्पक्ष जांच के लिए कहा है। BJP विधायक बोले- कमलजीत मेरा भतीजा, मैंने तो छुड़ाने के प्रयास किएइस प्रकरण में लगातार लग रहे आरोपों पर नकुड़ क्षेत्र से BJP विधायक मुकेश चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- कमलजीत मेरा भतीजा है। हमारे दोस्त का मित्र है। मेरे चुनाव में साथ रहा। मैं उसे क्यों जेल भिजवाऊंगा? राजनीतिक रूप से मेरा नाम लिया जा रहा। मेरा इसमें कोई रोल नहीं। घटना वाले दिन मेरे पास उनके चचेरे भाई के लड़के का फोन आया और उसने पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद मैंने अधिकारियों से फोन पर बात की। अधिकारियों ने मुझे पूरी कार्रवाई समझाई। रुद्रसेन जी (सपा नेता) हमारे बड़े भाई हैं। उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। हमें खुद टोल की पूरी जानकारी नहीं थी। इसके बाद मैंने सरकारी शासनादेश मंगवाकर पढ़ा था। उसमें स्पष्ट है कि ट्रैक्टर के पीछे कुछ भी जुड़ा हो, उससे टोल नहीं ले सकते। ये पुष्टि हो चुकी है कि टोल लिया जा रहा था। विधायक ने आगे कहा- कमलजीत को छुड़ाने के लिए हमारे मंत्री बृजेश सिंह, विधायक कीरत सिंह ने भी अधिकारियों को फोन किया। फोन करने वालों में मैं अकेला नहीं था। उसके सबसे संबंध हैं। जिसने चुनाव में मेरे साथ काम किया हो, मैं उसे कैसे बंद करवा दूंगा। 2 साल से टोल उसके पास ही है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें... 'भाजपा नेता संगीत सोम मीट कारोबारी हैं', मेरठ में सपा विधायक अतुल प्रधान के गंभीर आरोप यूपी के मेरठ की सरधना सीट से विधायक रह चुके संगीत सोम एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह शाहरुख खान की IPL टीम केकेआर में शामिल मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने की मांग को लेकर चर्चा में आए। संगीत सोम की गिनती फायर ब्रांड नेता के रूप में होती रही है। लेकिन, बांग्लादेश के विरोध के बाद उनके अतीत के रिकॉर्ड को लेकर सरधना से मौजूदा सपा विधायक अतुल प्रधान ने उन पर हमला बोला है। उनके अतीत के कुछ दस्तावेज भी उन्होंने पेश किए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में संगीत सोम किसी मीट के उत्पादन या निर्यात के काम में शामिल रहे हैं? अगर सच है, तो किन-किन कंपनियों में वे रहे? किस पद पर रहे? कब तक रहे? अब क्या स्थिति है? पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:33 am

आचार्य ने लंगोटिया यार के रंगीन राज खोले:IAS को कैलेंडर ले डूबा; अखिलेश के योद्धा ने सेंगर को बताया बेकसूर

ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है....

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:31 am

प्रयागराज माघ मेले में वाटर लेजर शो का जलवा:रोशनी और पानी का संगम, VIDEO में देखिए समुद्र मंथन, महाकुंभ की कहानी

प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। आज मकर संक्रांति पर श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। यहां यमुना के काली घाट पर राेज शाम को वाटर लेजर शो हो रहा है। त्रिवेणी की महिमा के साथ महाकुंभ, समुद्र मंथन की कहानी को लेजर शो के जरिए दिखाया जा रहा है। VIDEO में देखिए अद्भुत नजारा...

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:31 am

सतुआ बाबा बोले- विधर्मियों को रफ्तार से रौंद देंगे:उनकी जगह सिर्फ पाकिस्तान; प्रयागराज माघ मेला में लैंड रोवर, पोर्श कारों से चलते हैं...

विधर्मियों के लिए भारत में जगह नहीं है, उनका स्थान पाकिस्तान है, वो समय पर पहुंच जाए, क्योंकि यहां विकास का राफेल उड़ चुका है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सतुआ बाबा ने ये बातें कही। बाबा माघ मेला की सुर्खियों में बने हुए हैं। शाही लाइफ स्टाइल को अक्सर वो इंज्वाय करते दिखते हैं। 14 जनवरी को 3 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर छोड़कर स्पोर्ट्स कार पोर्शे टर्बो 911 ले ली है, इस कार की कीमत करीब 4.40 करोड़ बताई जा रही है। हमने पूछा- हर दिन आप नई सवारी में दिखते हैं। सतुआ बाबा कहते हैं- मुझे इनका शौक नहीं, सिर्फ इतना पता है कि इनमें बैठूंगा, तो ये मुझे काशी, प्रयागराज, अयोध्या पहुंचा देंगी। ये सनातन की रफ्तार है। सनातन को बांटने वाले, जो राम पर गोलियां चलाने वाले हैं, उनको इन्हीं गाड़ियों की रफ्तार से रौंद दिया जाएगा। योगी मंच से सतुआ बाबा से जुड़ने के संदेश देते हैं, इस पर वह कहते हैं- उन्होंने मेरे लिए नहीं, संन्यासी स्वरूप के लिए कहा। पीले रंग के कुर्ते-धोती में बेहद सामान्य दिखने वाले सतुआ बाबा के आश्रम में पॉलिटिकल और ब्यूरोक्रेसी की हस्तियों का ताता लगा रहता है, वो सबसे मिलते भी हैं, मगर सबसे ज्यादा ध्यान आश्रम में रहने वाले कल्पवासियों का रख रहे हैं। सतुआ बाबा का ​पूरा इंटरव्यू पढ़िए… सवाल : कभी चार्टर्ड प्लेन, कभी 4 करोड़ की कार, कभी ठेला, इन नई सवारी का राज?जवाब : सतुआ बाबा कल भी थे, आज भी हैं, हर कुंभ और माघ मेले में रहते हैं। व्यक्ति की सोच अलग-अलग है, मैं अध्यात्म के सबसे बड़े मेले में हूं, जिसे माघ मेला कहते हैं। मुझे लगता है कि यहां हर चीज से जुड़ाव होना चाहिए। हमारा भारत तो यही सिखाता है। सवाल : क्या लग्जरी कारों का आपको शौक है?जवाब : न मुझे शौक है, न मुझे इन गाड़ियों की खूबियों का कुछ पता है। मुझे तो सिर्फ गाड़ी में चलने का पता है। काशी से बैठूंगा तो प्रयागराज आ जाऊंगा। यहां से बैठूंगा तो अयोध्या चला जाऊंगा, इसके सिवा कुछ नहीं। हमारा तो मकसद सिर्फ पड़ाव तक पहुंचने का है। मुझे इन गाड़ियों के नाम नहीं पता हैं, ये भी नहीं पता कि कितने की आती हैं? उसके लिए गूगल बाबा हैं। सवाल : आप अध्यात्म से जुड़े हैं, फिर इतनी महंगी गाड़ियों में क्यों चलते हैं?जवाब : क्या अध्यात्म इन गाड़ियों में नहीं चल सकता है? क्या सनातन को मानने वाला इन गाड़ियों में बैठ नहीं सकता है? ये सनातन की रफ्तार है, सनातन को बांटने, दबाने के लिए जो लोग प्रयास कर रहे थे, जो राम पर गोलियां चलाने वाले हैं, उनको इन्हीं गाड़ियों की रफ्तार से रौंद दिया जाएगा। सवाल : आपको नहीं लगता कि संत को लग्जरी गाड़ियों में देखकर गलत समझा जाएगा?जवाब : क्या भारत का सनातन इतना कमजोर है...गाड़ियों में बैठने से कोई गलत समझेगा। भारत में लोकतंत्र है, जिसको जो समझना है, वो समझे। मेरे लिए जेसीबी, बुलेट, ठेला, जीप, डिफेंडर और फरारी भी महंगा है। ये हमारा विषय नहीं है, हमें तो सिर्फ अपने पड़ाव तक पहुंचकर सनातन की ध्वजा को आगे बढ़ाना है। सवाल : CM ने मंच से कहा कि सतुआ बाबा से जुड़ना जरूरी है, इसका आशय?जवाब : मैं अध्यात्म में हूं, जो सनातन से जुड़ेगा, वो भारत का होगा। जो नहीं जुड़ेगा, भारत को जातियों में तोड़ने का काम करेगा। उसको तो मणिकर्णिका घाट ही जाना पड़ेगा। क्योंकि उस घाट पर मेरा आश्रम है। वहीं पर अंतिम संस्कार होता है। जो भारत से नहीं जुड़ेगा, उसका तो रामनाम सत्य ही होगा। सवाल: योगी ने प्रयागराज के मंच से जो कहा, वो आपके लिए कहा था?जवाब : व्यक्तिगत मेरे लिए नहीं, बल्कि मेरे संन्यासी स्वरूप के लिए कहा गया था। सबकी अपनी-अपनी सोच है। सवाल : आपने श्रद्धालुओं के लिए बहुत व्यवस्थाएं की है, CM ने भी सराहना की?जवाब : माघ मेला में श्रद्धालुओं का आगमन रहता है, श्रद्धा भक्ति के साथ जो यहां आ रहे हैं, एक संत होने के नाते कर्तव्य है कि उन्हें आश्रय दिया जाए। यही काम हम यहां पर कर रहे हैं। इतना कहना चाहता हूं कि जिन्होंने अंधकार में गरीब की कुटिया में लाइट नहीं दी। जिन्होंने भूखे को भोजन नहीं दिया। जिन्होंने रोड पर रफ्तार नहीं दी थी। अब ये प्रधानमंत्री मोदी और योगीजी का भारत है, यहां सब कुछ अच्छा होगा। विकास की रफ्तार तेज होगी। सवाल : माघ मेला में जो आ रहे हैं, उन्हें क्या संदेश देते हैं?जवाब : श्रद्धा-भक्ति के साथ यहां आए, त्रिवेणी संगम पर स्नान करें। अपने परिवार और समाज को एक करें। माघ मेला ही नहीं, पूरा भारत ही विश्व में चर्चा में आ गया है। 500 सालों के बाद राम अयोध्या पहुंच सके। भारत में प्रकाशमय सूर्य खिल चुका है। आपने देखा होगा कि महाकुंभ में 75 करोड़ लोगों ने इसी त्रिवेणी में स्नान किया था। ----------------------------- ये पढ़ें - सतुआ बाबा की सुपरकार, 4.40 करोड़ की पोर्शे, तिलक लगाकर आरती की; ठेले से लेकर चार्टर्ड प्लेन में नजर आए माघ मेले में सबसे ज्यादा चर्चा में सतुआ बाबा हैं। अपने शाही ठाठ बाट और लग्जरी गाड़ियों के शौक के लिए जाने जाने वाले सतुआ बाबा मेले में कभी ठेले तो कभी ऊंट की सवारी करते नजर आए। अब बाबा अपनी नई सुपर कार के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने 3 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर छोड़कर स्पोर्ट्स कार पोर्श टर्बो 911 ले ली है। इस कार की कीमत करीब 4.40 करोड़ बताई जा रही है। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:31 am

मायावती जोर से चिल्लाईं- आप हरिजन कहकर जलील कर रहे...:यही तेवर देखकर कांशीराम ने चुना; 70वें जन्मदिन पर पढ़िए बहनजी के अनसुने किस्से

दिल्ली का इंदरपुरी इलाका। एक छोटा-सा खस्ताहाल मकान। दिसंबर, 1977 की एक सर्द रात थी। अचानक रात 11 बजे किसी ने घर की कुंडी खटखटाई। घर के मालिक प्रभुदास ने दरवाजा खोला, तो देखा कि बाहर मुड़े-तुड़े कपड़ों में गले में मफलर डाले, लगभग गंजा हो चला एक अधेड़ शख्स खड़ा था। उस अधेड़ ने अपना परिचय दिया- ‘मैं बामसेफ का अध्यक्ष हूं…आपकी बेटी को पुणे में एक भाषण देने के लिए आमंत्रित करने आया हूं।’ ये शख्स कोई और नहीं, कांशीराम थे। जो प्रभुदास की छठी संतान मायावती के संबंध में बात कर रहे थे। इस एक मुलाकात ने मायावती की जिंदगी बदल दी। IAS बनने का सपना देखने वाली ये लड़की आगे चलकर देश के सबसे बड़े सूबे यूपी की 4 बार सीएम बनीं। समर्थक उन्हें प्यार से ‘बहनजी’ कहकर बुलाते हैं। आज मायावती का 70वां जन्मदिन है। इस मौके पर दैनिक भास्कर में पढ़िए उनकी जिंदगी के कुछ अनोखे किस्से… पहले पढ़ते हैं मायावती की किस बात से कांशीराम प्रभावित हुए हुआ ये कि एक दिन पहले दिल्ली के कान्सटीट्यूशन क्लब में 21 साल की मायावती ने उस समय के स्वास्थ्य मंत्री राज नारायण पर जबरदस्त हमला बोला था। राज नारायण अपने भाषण में दलितों को बार-बार 'हरिजन' कहकर संबोधित कर रहे थे। इसके बाद जब मायावती मंच पर पहुंची तो जोर से चिल्लाईं, ‘आप हमें 'हरिजन' कह कर अपमानित कर रहे हैं।’ मायावती के तीखे तेवरों की चर्चा अगले दिन दिल्ली के अखबारों की बड़ी-बड़ी हेडलाइन बनकर छपी थी। यही खबर पढ़कर कांशीराम उनके घर पहुंचे। आईएएस की तैयारी में जुटी मायावती के घर बिजली नहीं थी। वह लालटेन की रोशनी में पढ़ रही थीं। कांशीराम की जीवनी कांशीराम 'द लीडर ऑफ दलित्स' में बद्री नारायण लिखते हैं, ‘कांशीराम ने मायावती से पहला सवाल पूछा कि वो क्या करना चाहती हैं? मायावती ने कहा कि वो आईएएस बनना चाहती हैं, ताकि अपने समुदाय के लोगों की सेवा कर सकें।’ कांशीराम ने कहा- तुम आईएएस बनकर क्या करोगी? मैं तुम्हें एक ऐसा नेता बना सकता हूं, जिसके पीछे एक नहीं कई 'कलेक्टरों' की लाइन लगी रहेगी। तुम सही मायने में तब अपने लोगों की सेवा कर पाओगी। मायावती की समझ में तुरंत आ गया कि उनका भविष्य कहां है? हालांकि उनके पिता इसके सख्त खिलाफ थे। वे नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी आईएएस की तैयारी छोड़कर कांशीराम के आंदोलन में शामिल हो और उनके साथ घूमे। मायावती अपनी आत्मकथा 'बहुजन आंदोलन की राह में मेरी जीवन संघर्ष गाथा' में लिखती हैं कि एक दिन उनके पिता उन पर चिल्लाए। कहने लगे- तुम कांशीराम से मिलना बंद करो और आईएएस की तैयारी फिर से शुरू करो, वरना तुरंत मेरा घर छोड़ दो। मायावती ने अपने पिता की बात नहीं मानी। उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और पार्टी ऑफिस में आकर रहने लगीं। उनकी जीवनी लिखने वाले अजय बोस अपनी किताब 'बहनजी- ए पॉलिटिकल बायोग्राफी' में लिखते हैं, ‘मायावती ने स्कूल अध्यापिका के तौर पर मिलने वाले वेतन के पैसों को उठाया, जिन्हें जोड़ रखा था। एक सूटकेस में कुछ कपड़े भरे और उस घर से बाहर आ गईं। एक लड़की का घर छोड़कर अकेले रहना उस समय बड़ी बात थी। मायावती असल में किराए का कमरा लेकर रहना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसलिए पार्टी ऑफिस में रहना उनकी मजबूरी थी। उनके और कांशीराम के बीच बहुत ही अच्छी 'केमिस्ट्री' थी। दोनों ने मिलकर बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाया और फिर 1984 बहुजन समाज पार्टी की नींव रखी। संघर्ष के दिनों में दलित मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए कांशीराम के साथ मायावती कई-कई किमी साइकिल से यात्रा करती थीं। मायावती बचपन से दृढ़ और बहादुर थींमायावती का जन्म 15 जनवरी, 1956 में दिल्ली में हुआ था। उनके पिता प्रभुदास गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के पैतृक गांव बादलपुर में एक डाकघर कर्मचारी थे। वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए दिल्ली शिफ्ट हो गए थे। मायावती की मां का नाम रामरती था। मायावती 9 भाई-बहनों में छठे नंबर पर हैं। मायावती ने बीए करने के बाद दिल्ली के कालिंदी कॉलेज से एलएलबी और बाद में बीएड किया। राजनीति में आने से पहले वह दिल्ली के एक स्कूल में टीचर के रूप में काम करती थीं। उनके बचपन का एक किस्सा बहुत मशहूर है। मायावती 5वीं में पढ़ रही थीं। उनके भाई सुभाष को जन्मे 2 दिन ही हुए थे। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। पिता प्रभुदास किसी काम के चलते बाहर गए हुए थे और मां इस स्थिति में नहीं थीं कि बेटे को अस्पताल ले जाएं। सबसे पास का सरकारी अस्पताल 7 किमी दूर था। तब मायावती अपने भाई को अकेले ही कंधे पर उठाकर पैदल अस्पताल के लिए निकल पड़ी थीं। छोटी-सी उम्र की एक बच्ची अपने भाई को कंधे पर लेकर जब अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों को भी आश्चर्य हुआ। उन्होंने सुभाष का इलाज किया और कुछ घंटों बाद मायावती अपने भाई को लेकर घर वापस आ गईं। मायावती के भाई सुभाष की मौत 2016 में हुई थी। 40 साल पुराना मायावती का भाषण...जब जनता मुरीद हुई14 अप्रैल, 1984 को कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी बना ली। मायावती की उस वक्त पार्टी में नंबर-2 की पोजिशन थी। पार्टी के विस्तार के लिए शुरू किए गए जन जागरण अभियान की कमान मायावती संभाल रही थीं। वह हर दिन कभी पैदल, तो कभी साइकिल से कई-कई रैलियां करती थीं। 1986 में 30 साल की मायावती एक सभा को संबोधित करने हरिद्वार पहुंचीं। उस वक्त हरिद्वार यूपी का ही हिस्सा था। वहां उन्होंने जो भाषण दिया, वह इतना ऐतिहासिक था कि सारे दलित और पिछड़ा वर्ग एकजुट हो गए। नतीजा ये रहा कि वह 1989 का लोकसभा चुनाव जीत गईं। बसपा का वोट शेयर बीजेपी से ज्यादा हो गया। मायावती ने मंच पर से ही जनता से एक-एक कर पांच सवाल पूछे, फिर अपने ही अंदाज में उसके जवाब दिए। अजय बोस अपनी किताब में लिखते हैं- मायावती जनता से मुखातिब होकर पूछती हैं कि क्या आप लोग मुझे ऐसे दलित व्यक्ति का नाम बता सकते हैं, जो पिछले 40 सालों में कांग्रेस सरकार की आर्थिक योजनाओं के कारण फला-फूला हो? जनता चुप रही। फिर मायावती खुद उसका जवाब देते हुए कहती हैं- तो तुम मानते हो कि कांग्रेस ने दलितों को मूर्ख बनाया? जनता हां में जोर से जवाब देती है, ‘हां, कांग्रेस ने हम सबको मूर्ख बनाया।’ मायावती ने इसके बाद दूसरा सवाल पूछा, ‘1952 के पहले चुनाव के बाद से हर चुनाव में कांग्रेस के 95% वोट दलितों के होते हैं और सिर्फ 5% वोट ब्राह्मणों के। लेकिन कांग्रेस शासित राज्यों में या फिर केंद्र में 5% दलित मंत्री होते हैं और 55% ब्राह्मण मंत्री। देश के 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में एक भी दलित नहीं है। तुम्हारे ख्याल से ऐसा क्यों हैं? भीड़ चिल्लाते हुए बोली, ‘आप ठीक कहती हैं, कांग्रेस ने हमें मूर्ख बनाया।’ मायावती जोश से भर चुकी भीड़ के सामने फिर कहती हैं- हम सब जानते हैं कि ये ऊंची जाति के मनुवादी नहीं चाहते कि दलित अच्छा खाए, अच्छे कपड़े पहने और अच्छा काम करे। तो क्या कोई ऐसी मशीन राज्य में या केंद्र में ऐसी बनाई जा सकती है जो इन ऊंची जाति वाले लोगों और मंत्रियों का हृदय परिवर्तन कर दे। भीड़ चिल्लाकर कहती है, नहीं, यह नामुमकिन है, वे हमसे नफरत करते हैं, वे कभी हमारी भलाई नहीं चाहेंगे। मायावती चौथा सवाल पूछती हैं कि दलितों को आरक्षण देने वाले बाबा साहेब किसी मनुवादी संगठन में शामिल होते तो क्या कुछ कर पाते? भीड़ से जवाब आता है कि कभी नहीं। वे लोग बाबा साहेब अंबेडकर को कभी भी ऐसा नहीं करने देते। फिर मायावती आखिरी सवाल दागती हैं- क्या आप नहीं चाहते कि दमन और शोषण झेल रहे दलितों के लिए अलग पार्टी बनाई जाए? मायावती पूरी रौ में आ चुकी होती हैं। फिर कहती हैं- क्या तुम लोग यह नहीं चाहते कि दमन और शोषण के शिकार 85% लोग मिलकर अपनी अलग पार्टी बनाएं? मायावती के इस आखिरी सवाल के बाद जनता नारा लगाना शुरू कर देती है... कांशीराम तुम संघर्ष करो, हम सब तुम्हारे साथ हैं। मायावती तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं। मायावती के इस भाषण का कमाल था कि दलित तेजी से बसपा से जुड़ने लगे। वह बसपा के विस्तार में जुट गईं। 15 अगस्त, 1987 को दिल्ली की जामा मस्जिद पर वह पार्टी के भाईचारा बनाओ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज उन्हें सुनने पहुंचा था। मायावती कहती हैं कि आजादी से पहले देश में 33% मुस्लिमों के पास नौकरी थी, आज महज 2% नौकरी रह गई है। इस भाषण का प्रभाव कुछ ऐसा हुआ कि मुस्लिम वोटर कांग्रेस से दूर होते चले गए। नतीजा ये रहा कि बसपा को 1989 के लोकसभा चुनाव में 10% वोट मिले। यह भाजपा को मिले वोट शेयर से 2.5% ज्यादा था। मायावती ने पहला चुनाव 84 में लड़ा, लेकिन हार गईं। 1985 में बिजनौर सीट पर हुए उपचुनाव फिर मैदान में उतरी। उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी जगजीवन राम की बेटी मीरा कुमारी से था। मायावती ये चुनाव भी हार गईं। 4 साल बाद वे 1989 में बिजनौर से ही चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा में पहुंची थीं। फिर 1998, 1999 और 2004 में लगातार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुईं। यही नहीं, 1999 में वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) संसदीय दल की नेता भी बनीं। मायावती 1994 में राज्यसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुईं। वो कांड जिसके चलते मायावती ने साड़ी पहननी छोड़ीरामजन्मभूमि आंदोलन के बाद मुलायम सिंह यादव ने 1992 में समाजवादी पार्टी नाम से नई पार्टी बनाई। भाजपा बाबरी विध्वंस के चलते जनसमर्थन के उफान पर थी। सपा ने भाजपा को टक्कर देने के लिए बसपा से गठबंधन किया। रिजल्ट आया तो सपा 109 और बसपा 67 सीटें जीतने में कामयाब रही। भाजपा 177 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन सत्ता के लिए बहुमत नहीं जुटा पाई। मुलायम सिंह ने कांग्रेस समेत दूसरे छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बना ली। मायावती गठबंधन की सरकार पर बारीक नजर बनाए हुए थीं। वह सरकार के निर्णयों में पूरा दखल देती थीं। 1995 में यूपी पंचायत चुनाव में सपा को बड़ी जीत मिली। 50 जिलों में से 30 पर सपा का परचम फहरा। 9 जिलों में भाजपा, पांच पर कांग्रेस और बसपा को सिर्फ एक सीट ही मिली। यहीं से मुलायम सिंह यादव बसपा के विधायकों को अपने खेमे में करने की कोशिश करने लगे। उधर, भाजपा इस गठबंधन को तोड़ने के लिए बसपा पर डोरे डाल रही थी। 23 मई, 1995 को मुलायम सिंह यादव ने अस्पताल में भर्ती कांशीराम से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, उसी रात कांशीराम ने भाजपा के लालजी टंडन से फोन पर गठबंधन को लेकर बात की। जब मायावती अस्पताल पहुंचीं, तो उनसे कांशीराम ने पूछा कि क्या वो सीएम बनेंगी? 1 जून, 1995 को मायावती लखनऊ पहुंचीं और गठबंधन टूटने का ऐलान कर दिया। इसके अगले दिन ही गेस्ट हाउस कांड के रूप में यूपी की सियासत का सबसे काला अध्याय लिखा गया। 2 जून, 1995 को लखनऊ के मीराबाई स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती बसपा के विधायकों के साथ मीटिंग कर रही थीं। समर्थन वापस लेने से मुलायम सिंह यादव के समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। अजय बोस अपनी किताब में लिखते हैं- सैकड़ों की संख्या में सपा के कार्यकर्ता और विधायक गेस्ट हाउस में घुस आए। कुछ बसपा विधायकों को जबरन अपने साथ ले गए। कई विधायकों के साथ मारपीट तक करने लगे। मायावती ने भीड़ से बचने के लिए खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। मायावती को गेस्ट हाउस कांड से बचाने वालों में पुलिस अफसर विजय भूषण और सुभाष सिंह बघेल की बड़ी भूमिका थी। इन्होंने ही उन्मादी सपा कार्यकर्ताओं को पीछे खिसकने पर मजबूर किया। मीडियाकर्मियों की मौजूदगी भी सपा कार्यकर्ताओं की राह में रोड़ा बन गई थी। बाद में वहां भाजपा के विधायक भी पहुंच गए। इनमें ब्रह्मदत्त द्विवेदी की बड़ी भूमिका बताई जाती है। मायावती ने ताउम्र उन्हें अपना बड़ा भाई माना और कभी भी उनकी सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। खैर, हम कहानी में आगे बढ़ते हैं। देर रात जब गेस्ट हाउस में भारी पुलिस फोर्स पहुंची, तो माहौल पूरी तरह से शांत हुआ। तब मायावती को बाहर निकाला गया। मायावती अपनी आत्मकथा 'मेरा संघर्षमय जीवन एवं बहुजन समाज मूवमेंट का सफरनामा' में लिखती हैं कि 'मुलायम सिंह का आपराधिक चरित्र उस समय सामने आया, जब उन्होंने अपने बाहुबल का इस्तेमाल करते हुए न सिर्फ हमारे विधायकों का अपहरण करने की कोशिश की, बल्कि मुझे मारने का भी प्रयास किया। उसी रात भाजपा के समर्थन से राज्यपाल ने यूपी की पहली दलित सीएम के तौर मायावती को शपथ दिलाई। इस तरह 3 जून, 1995 से 18 अक्टूबर, 1995 तक वह प्रदेश की पहली दलित सीएम बनीं। भाजपा के ही समर्थन से वह दूसरी बार 21 मार्च, 1997 को, तीसरी बार 3 मई, 2002 में सीएम बनीं। राजनीति में सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग कर मायावती ने 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा को अकेले बहुमत दिलवा दिया। इस तरह वह 12 मई, 2007 को चौथी बार खुद की पार्टी की बहुमत के साथ सीएम बनीं। लंबे बालों वाली मायावती ने क्यों कराए शॉर्ट हेयरमायावती ने जब राजनीति शुरू की तो उनके लंबे बाल हुआ करते थे। यहां तक कि जब पहली बार लोकसभा में पहुंचीं, तब भी वह बाल लंबे रखती थीं। पर 90 के दशक के अंत में मायावती एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचीं तो उनकी हेयर स्टाइल बदली हुई थी। लंबे बालों की जगह शॉर्ट हेयर कट में वह मीडिया के सामने पहुंची थीं। बाद में ये खबर की सुर्खियां भी बनी। पोनी टेल बांधने वाली मायावती को शॉर्ट हेयर स्टाइल में देखना बहुत से लोगों के लिए अचंभे का विषय था, क्योंकि उस दौर में शॉर्ट हेयर फैशन माना जाता था। कुछ दिनों बाद मायावती ने एक इंटरव्यू में खुद इसका रहस्य खोला था। बताया था कि 'एक दिन में कई कार्यक्रमों में जाना पड़ता है। बड़े बालों की वजह से कई बार कंघी करने में समय खराब होता था। इसलिए मैंने अपना टाइम बचाने के लिए बालों को कटवाना ही बेहतर समझा। जब 1 वोट से गिरवाई वाजपेयी की सरकारमायावती के मिजाज के बारे में भविष्यवाणी करना बहुत कठिन है। बात 17 अप्रैल, 1999 की है। जयललिता के समर्थन वापसी के चलते तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से लोकसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहा। सरकार आश्वस्त थी, क्योंकि चौटाला एनडीए खेमे में वापस आने का ऐलान कर चुके थे। मायावती की तरफ से संकेत मिले थे कि उनकी पार्टी मतदान में भाग नहीं लेगी। उस दिन संसद भवन के पोर्टिको में जब अटल बिहारी वाजपेयी अपनी कार में बैठ रहे थे तो पीछे आ रही मायावती ने चिल्ला कर कहा था 'आपको चिंता करने की जरूरत नहीं।’ मतदान से कुछ समय पहले, संसदीय कार्यमंत्री कुमारमंगलम ने बसपा सांसदों से बात कर कहा, अगर आपने सहयोग किया तो शाम तक मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री हो सकती हैं। सरकार के खेमे में बढ़ती गतिविधियों को देखकर शरद पवार मायावती के पास पहुंचे। मायावती ने उनसे सीधा सवाल किया, ‘अगर हम सरकार के खिलाफ वोट करते हैं तो क्या सरकार गिर जाएगी?’ पवार ने हां में जवाब दिया। जब बहस के बाद वोटिंग का समय आया तो पूरे सदन में सन्नाटा छाया हुआ था। बसपा वोटिंग का बहिष्कार करने की बजाय इस प्रक्रिया में शामिल हो गई। मायावती, आरिफ मोहम्मद खां और अकबर अहमद डंपी की तरफ देखकर गरजीं, 'लाल बटन दबाओ' ये उस जमाने की सबसे बड़ी 'राजनीतिक कलाबाजी' थी। परिणाम 'फ्लैश' हुआ तो वाजपेयी सरकार 1 मत से विश्वास मत खो चुकी थी। कांशीराम को बंधक बनाने का लगा आरोपअजय बोस लिखते हैं- कांशीराम गर्म मिजाज के शख्स थे। उनकी जुबान भी खराब थी। नाराज होने पर उन्हें अपने हाथ इस्तेमाल करने में भी कोई परहेज नहीं था। मायावती भी मुखर थीं। वो भी कांशीराम के लिए उतने ही चुनिंदा शब्दों का इस्तेमाल करती थीं, जितने कांशीराम करते थे। मायावती कांशीराम के प्रति बहुत 'पजेसिव' थीं। अगर कोई भी शख्स उनके पास 5 मिनट से अधिक बैठ जाता, तो वो कमरे में किसी न किसी बहाने से आ जाती थीं। गिरती सेहत के कारण कांशीराम ने 15 दिसंबर, 2001 में मायावती को अपना राजनीतिक वारिस घोषित कर दिया। 14 सितंबर, 2003 को कांशीराम को लकवा की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। तब मायावती सीएम थीं। उन्होंने कांशीराम की देखभाल का सारा जिम्मा अपने हाथों में ले लिया। इसी दौरान कांशीराम के परिवार ने मायावती पर उन्हें बंधक बनाकर रखने के आरोप लगाए। हाईकोर्ट में याचिका तक दाखिल की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद कांशीराम की मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कांशीराम की स्थिति को जांचने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया। लेकिन, फैसला आने से पहले ही याचिकाकर्ता मां की मौत होने से केस खारिज हो गया। अजय बोस अपनी किताब में लिखते हैं कि कांशीराम के अंतिम दिनों में जिस तरह मायावती ने उनकी सेवा की, उसकी मिसाल मिलना बहुत मुश्किल है। वह पूरे तीन साल तक मायावती के घर में रहे। जिस तरह से मायावती अपने हाथों से उनके कपड़े धोती और उन्हें खाना खिलाती, वो बताता था कि कांशीराम के लिए उनके दिल में क्या जगह थी। उस समय कांशीराम उन्हें कुछ देने की स्थिति में नहीं थे। मायावती जो कुछ भी उनके लिए कर रही थीं, वो सिर्फ उनके प्रति स्नेह-वश कर रही थीं। 9 अक्टूबर, 2006 में उनके निधन पर मायावती ने मुखाग्नि दी थी। मायावती के कमरे में कोई जूता पहन कर क्यों नहीं जा सकता2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा और रालोद ने गठबंधन किया था। गठबंधन दल के नेताओं की देवबंद में संयुक्त रैली थी। इस रैली में मायावती, अखिलेश यादव और अजीत सिंह को शामिल होना था। मंच पर मायावती और अखिलेश यादव पहुंच चुके थे। अजीत सिंह जूता पहन कर मंच पर चढ़ने के लिए आगे बढ़े कि तभी बसपा के एक नेता ने उन्हें रोक दिया। उनसे जूते उतारने के लिए कहा। बोला कि बहन मायावती को ये पसंद नहीं कि वो जब मंच पर चढ़ें तो उनके अलावा कोई वहां जूता पहने रहे। अजीत सिंह को अपने जूते उतारने पड़े और तब जाकर उन्हें मंच पर मायावती के साथ खड़े होने का मौका मिला। मायावती के जीवनीकार अजय बोस लिखते हैं कि सफाई के प्रति मायावती की 'सनक' के पीछे भी एक कहानी है। दरअसल, जब मायावती पहली बार लोकसभा में चुन कर आईं तो उनके तेल लगे बाल और देहाती लिबास तथाकथित संभ्रांत महिला सांसदों के लिए मजाक का विषय बन गया था। वो अक्सर शिकायत करती थीं कि मायावती को बहुत पसीना आता है। उनमें से एक वरिष्ठ महिला सांसद से यहां तक कहा था कि वो मायावती से कहें कि वो अच्छा 'परफ्यूम' लगा कर सदन में आया करें।’ मायावती के नजदीकी लोगों के मुताबिक, बार-बार उनकी जाति का उल्लेख करके ये आभास दिलाने की कोशिश करते कि दलित अक्सर गंदे होते हैं। इसका उन पर बड़ा गहरा असर पड़ा। मायावती ने इसके बाद हुक्म दिया कि उनके कमरे में कोई भी व्यक्ति वो चाहे जितना बड़ा ही क्यों ना हो, जूता पहन कर नहीं जाएगा। मायावती की एक और जीवनीकार नेहा दीक्षित ने भी कारवां पत्रिका में लिखती हैं कि मायावती में सफाई के लिए इस हद तक जुनून है कि वो अपने घर में दिन में तीन बार पोंछा लगवाती हैं। भ्रष्टाचार के आरोप, राजनीतिक के नेपथ्य में जाना और फिर कमबैक की कोशिश2007 से 2012 तक यूपी में 5 साल पूरे बहुमत से शासन करने वाली मायावती ने दलितों के लिए खूब काम किए। लखनऊ से लेकर नोएडा तक दलित नायकों के पत्थरों की मूर्तियां तक लगवाईं। वह अपने समर्थकों से महंगे गिफ्ट लेती थीं। 2012 के आखिरी तक उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे। ताज कॉरिडोर मामले से लेकर एनआरएचएम घोटाले में उनके नाम खूब उछाले गए। साल- 2012 में उन्होंने राज्यसभा के नामांकन पत्र के समय 112 करोड़ की कुल संपत्ति होने का हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने दिल्ली के मशहूर सरदार पटेल मार्ग पर करोड़ों रुपए देकर 22 और 23 नंबर की कोठियों का सौदा किया। इसके अलावा अपने पुश्तैनी गांव बादलपुर में उन्होंने शाही शान-शौकत वाली आलीशान कोठी बनवाई। 2012 वाले हलफनामे में ही उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास लगभग एक करोड़ मूल्य के आभूषण हैं। मायावती के नजदीकी रिश्तेदारों पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगे। इन आरोपों से वह कानूनी दांव-पेंच में घिरती चली गईं। इसी के साथ बसपा का ग्राफ भी गिरता चला गया। 2012 में प्रमुख विपक्षी दल वाली बसपा 2014 के लोकसभा में अपना खाता तक नहीं खोल पाई। 2017 विधानसभा में तीसरे नंबर पर खिसक गई। 2019 में सपा-रालोद से गठबंधन किया तो लोकसभा में 10 सांसद जीते। लेकिन, 2022 के विधानसभा में बसपा का वोट शेयर गिरकर 12.88% रह गया। दो साल बाद हुए लोकसभा में ये वोट शेयर 9 के नीचे पहुंच गया। आज लोकसभा में एक भी बसपा का सांसद नहीं है। विधानसभा में भी सिर्फ एक विधायक है। मायावती राजनीतिक रूप से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही हैं। हालांकि, 2025 में बसपा सुप्रीमो ने एक बार फिर कमबैक की ताकत का प्रदर्शन किया है। भतीजे आकाश को पार्टी में अंदर-बाहर करने वाली मायावती अब अपने भतीजे को पार्टी में नंबर-2 का ओहदा दे चुकी हैं। 9 अक्टूबर, 2025 को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लाखों की भीड़ जुटाकर मायावती ने एक बार फिर 2027 विधानसभा के लिए पार्टी की उम्मीदों को जिंदा कर दिया है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें- मेरठ में जहां युवक को जिंदा जलाया, वहां से रिपोर्ट, OBC बनाम ठाकुर की राजनीति 'मुजफ्फरनगर से सोनू मुझसे मिलने आ रहा था। फोन करके कहने लगा कि मौसी मैं 80 हजार लेकर आ रहा हूं, भैया के साथ बाइक खरीदने जाएंगे। यही उसकी आखिरी बात थी। तब क्या पता था कि सोनू मुझसे मिल ही नहीं पाएगा। कोई ऑटो वाला उसको मार डालेगा।' पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am

एलिवेटेड रोड के नाम पर बिजली सिस्टम से खिलवाड़:बिजली कंपनी की आपत्ति- शिफ्टिंग में अमानक सामान, गर्मी में बिजली संकट

एलिवेटेड रोड के दूसरे चरण में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की शिफ्टिंग का हो रहा काम मार्च के बाद गर्मी के सीजन में शहरवासियों की परेशानी बढ़ा सकता है। खुद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने नोटिस में इस बात का उल्लेख किया है कि ठेकेदार मैसर्स मनोज वर्मा द्वारा बिना टेस्टिंग के उपकरण व अन्य सामान लगाया जा रहा है। इसलिए इस सामान की क्वालिटी को लेकर संदेह है। यदि खराब क्वालिटी का सामान लग गया तो गर्मी में सप्लाई में व्यवधान आने की संभावना है। जिस कारण उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ेगा। गिरवाई से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के लिए इस रूट पर मौजूदा बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को हटाया जा रहा है। साथ ही दूसरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार द्वारा बिजली कंपनी और लोक निर्माण विभाग की ईएंडएम विंग के नियम व अनुबंध शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा। बल्कि खुद की मर्जी से काम किया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार को इन जिम्मेदार विभागों के अधिकारी भी बचाव करते हुए संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। ठेकेदारों के इंकार पर अफसरों की चुप्पी बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 19 करोड़ से अधिक का ठेका मैसर्स मनोज वर्मा फर्म को दिया गया है। वहीं इस मामले में काम की गुणवत्ता और नियमों की अवहेलना के मामले में जब फर्म के मनोज वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ग्वालियर में साकेत सेंगर को पेटी कांट्रेक्ट पर काम दे दिया है, और उन्हीं के द्वारा काम किया जा रहा है। इसलिए इस काम के बारे में कुछ भी वह ही बता सकते हैं। वहीं साकेत सेंगर का कहना है कि मुझे तो मनोज वर्मा ने साइड पर बुलाया था, मैं कोई काम नहीं कर रहा। मूल और पेटी कांट्रेक्ट के मामले को लेकर दोनों के अपने-अपने दावों के बीच सवाल ये खड़ा हो गया है कि जब दोनों ही काम करने से इंकार कर रहे हैं तो काम कर कौन रहा है? इस मामले में अधिकारी भी ऊपरी दबाव को देखकर चुप्पी साधे हुए हैं। पत्र भेजा, गर्मी में सप्लाई सिस्टम में परेशानी बढ़गीसामान की टेस्टिंग कराए जाने के लिए ईएंडएम काे पत्र भेजा है। बताया गया है कि यदि बिना टेस्टिंग अमानक उपकरण लग गए तो गर्मी के सीजन में सप्लाई सिस्टम में परेशानी आएगी।-श्रीनिवास यादव, डीजीएम/ एसटीसी बिजली कंपनी

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am

यूपी के सबसे बड़े राजनीतिक खानदान की बहू डिंपल यादव:न गहनों का शौक, न दिखावे का, 48वें बर्थडे पर पढ़िए पूरी कहानी

जब भारतीय राजनीति में दिखावा, लग्जरी और शानो-शौकत की होड़ मची है, तब एक ऐसी महिला जो इन सबसे कोसों दूर रहती हैं। विवादों से भी खुद को दूर रखती हैं। उनकी सादगी की मिसालें दी जाती हैं। यानी बिल्कुल सिंपल। जी हां, बात हो रही है यूपी के सबसे बड़े राजनीतिक खानदान के सबसे बड़े नेता अखिलेश यादव की पत्नी के बारे में। वह राजनीति में मुलायम की लोकसभा सीट मैनपुरी की विरासत संभाल रही हैं। आज उनका जन्मदिन है। डिंपल मैनपुरी से दूसरी बार सांसद हैं। वह कन्नौज लोकसभा सीट का भी प्रतिनिधित्व दो बार कर चुकी हैं। डिंपल यादव को न ताे गहनों का शौक है और न दिखावे का। बात एक साल पुरानी है। मार्च का महीना था, डिंपल मैनपुरी से लखनऊ लौट रही थीं। रास्ते में दो गाड़ियों का एक्सीडेंट हो गया। मौके पर पुलिस और सहायता पहुंचने में समय लग रहा था। डिंपल अपनी गाड़ी से उतरीं, देखा दोनों पक्ष आपस में विवाद कर रहे थे। उन्होंने न सिर्फ दोनों पक्षों को समझाया बल्कि दोनों को अलग-अलग अपनी गाड़ियों से अस्पताल भिजवाया। अलग-अलग अस्पताल इसलिए कि कहीं वहां दोनों पक्ष दोबारा न भिड़ जाएं। डिंपल के बर्थडे पर पढ़िए उनके जीवन से जुड़ी बातें... अखिलेश ने वापस कर दिया था हीरे का हारडिंपल को गहनों का शौक बिल्कुल नहीं है। साल- 2021 में एक नेता मिलने पहुंचे तो डिंपल के लिए हीरे का हार लेकर आए थे। अखिलेश यादव ने उक्त नेता से पूछा कि ये क्या है? नेताजी ने कहा कि मैडम के लिए छोटा सा उपहार है। अखिलेश ने दोबारा पूछा कि है क्या? नेता ने डिब्बा खोलकर अखिलेश यादव को दिखाया। सामने इम्पोर्टेड हीरे का हार था। अखिलेश यादव ने पूछा कभी देखा है उन्हें गहने पहने हुए? आदत खराब न करो। उन्हें इन चीजों का शौक नहीं। इसे वापस ले जाओ। खुद को विवादों से दूर रखा डिंपल यादव ने हमेशा खुद को विवादों से दूर ही रखा। बड़े से बड़े विवादित सवालों का जवाब भी उन्होंने अपनी शख्सियत की ही तरह बड़ी सादगी से दिया। जुलाई, 2025 में जब पार्लियामेंट की मस्जिद के इमाम सपा के नेताओं को लेकर पहुंचे तो उसमें डिंपल भी मौजूद थीं। उनकी मौजूदगी पर कुछ मौलवियों ने सवाल उठाए, जिसके बाद उस पर डिबेट शुरू हो गई। लेकिन, डिंपल ने इस मसले पर खामोश रह कर खुद को विवादों से दूर कर लिया। 1978 में पुणे में जन्मी डिंपल यादव एक अनुशासित भारतीय सेना के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रिटायर्ड कर्नल राम चंद्र सिंह रावत और मां चंपा रावत है। मूलरूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से ताल्लुक रखने वाले परिवार की वजह से उनका बचपन अलग-अलग शहरों पुणे, बठिंडा, अंडमान-निकोबार और लखनऊ में बीता। आर्मी पब्लिक स्कूल, लखनऊ से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। सेना के माहौल ने उनमें अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सादगी के बीज बोए। बचपन से ही घुड़सवारी उनका जुनून रहा। लखनऊ के रेसकोर्स और कैवेलरी क्लब में वे नियमित रूप से ट्रेनिंग लेती रही हैं। किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं डिंपल-अखिलेश की लव स्टोरीडिंपल और अखिलेश यादव की प्रेम कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं। दोनों की पहली मुलाकात लखनऊ में एक कॉमन दोस्त के घर पर हुई। उस समय डिंपल को पता ही नहीं था कि अखिलेश मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। दोस्ती प्यार में बदली और चार साल तक यह रिश्ता चला। अखिलेश ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई के लिए गए, तो भी ये रिश्ता न सिर्फ बना रहा, बल्कि और मजबूत होता गया। शादी के लिए शुरुआत में दोनों परिवार राजी नहीं थे। शायद इसकी वजह ये भी थी कि डिंपल राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती थीं। मुलायम सिंह यादव को अंतरजातीय विवाह के साथ उत्तराखंड आंदोलन के कारण आपत्ति थी। अखिलेश ने अपनी दादी मूर्ति देवी को अपनी लव स्टोरी बताई। दादी की हामी के बाद परिवार मान गया। आखिरकार 24 नवंबर, 1999 को लखनऊ में शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना जैसे सेलिब्रिटी भी शामिल हुए। बागवानी का भी शौकशादी के बाद डिंपल ने राजनीति से दूरी बनाए रखी। एक दशक तक वे घर और बच्चों पर फोकस रहीं। उनके 3 बच्चे हैं। बेटियां अदिति और टीना हैं, बेटा अर्जुन है। परिवार के साथ समय बिताना उनका सबसे बड़ा शौक है। इसके अलावा उन्हें बागवानी का भी शौक है। जब अखिलेश यादव की सरकार यूपी में थी, उस समय उन्होंने बहुत से ऐसे पेड़ बाहर से मंगाकर लखनऊ की सड़कों के किनारे लगवाए जो अलग-अलग मौसम में अलग-अलग तरह के फूलों के जरिए अपने रंग बिखेरते हैं। हार गईं थी पहला चुनाव, फिर चुनी गई निर्विरोध2009 में डिंपल ने पहली बार फिरोजाबाद से चुनाव लड़ा। लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस के राजबब्बर ने उन्हें हरा दिया। 2012 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो कन्नौज सीट से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। यहां उपचुनाव हुआ और डिंपल निर्विरोध सांसद चुनी गईं। उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी महिला और देश की 44वीं व्यक्ति बनीं, जिन्हें निर्विरोध चुना गया। 2014 में भी उन्होंने जीत दर्ज की। 2019 में कन्नौज में भाजपा के सुब्रत पाठक ने उन्हें हरा दिया। 2022 में नेताजी मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया, तो मैनपुरी में उपचुनाव हुआ। सपा ने डिंपल को प्रत्याशी बनाया, जहां से वे बड़े अंतर से चुनाव जीतीं। 2024 में भी इस जीत को बरकरार रखा। सादगी जो सबको हैरान करती हैडिंपल यादव की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी है। कॉटन या सिल्क की सादी साड़ियां, बिना जेवरात के लुक, सिंपल ब्लाउज, यही उनका स्टाइल है। 48 साल की उम्र में भी वे सबसे अलग नजर आती हैं। लोकसभा में अक्सर अखिलेश और डिंपल आगे और पीछे की सीटों पर नजर आते हैं। यहां भी वे अपनी सादगी की वजह से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहती हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें... 'माघ मेले में दातून नहीं बिक रही...झूठे वीडियो बन रहे', दूर-दूर से बेचने आए लोग बोले- कोई फ्री भी नहीं ले रहा प्रयागराज के माघ मेले में दातून के बिजनेस को लेकर चर्चा है। कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें लोग दावा कर रहे कि दातून बेचकर हर दिन 1 हजार से ज्यादा रुपए कमा रहे हैं। कई तो पूरे मेले में लाखों रुपए कमाने का दावा कर रहे हैं। इन वीडियो को देखकर तमाम लोग माघ मेले में दातून बेचने चले आए। यहां कुछ दिन रहे, लेकिन बाद में अपने घर लौट गए। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am

हिसार में प्री-बजट की मीटिंग सीएम लेंगे आज:धारा-166 लागू, सुबह से शाम तक शहर में रहेंगे, मंत्री गंगवा होंगे शामिल

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज हिसार जिले में प्री-बजट को लेकर किसानों व पार्षदों के साथ बैठक करेंगे, वह सुबह करीब 10 बजे एचएयू आ सकते हैं, वह शाम 4 बजे तक हिसार में रहेंगे। इस दौरान वह चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में बजट को लेकर किसानों व कृषि वैज्ञानिकों संग चर्चा करेंगे। इस दौरान कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मौजूद रहेंगे। इसके बाद वह करीब बजे गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में पार्षदों व सरपंचों के साथ प्री-बजट पर सुझाव ले सकते हैं। इस दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा उपस्थित रहेंगे। हिसार में प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को डीसी महेंद्र पाल एवं एसपी शशांक कुमार सावन ने विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा डीसी ने प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल, मंच व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा घेरा एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नजर न आए। इसके पश्चात डीसी एवं एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखी जाए, पार्किंग स्थलों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बिजली, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, चिकित्सा सुविधा एवं अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष बल दिया। एसपी ने सीसीटीवी से निगरानी के आदेश एसपी शशांक कुमार सावन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के दृष्टिगत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रम स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यातायात पुलिस को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि रूट डायवर्जन, ट्रैफिक कंट्रोल एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर पहले से ठोस योजना तैयार की जाए। हिसार में धारा-163 रहेगी लागू वहीं जिलाधीश महेंद्र पाल ने आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा अन्य स्थलों के दौरे के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थलों पर कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में वर्णित प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल को ड्रोन नियम 2021 के तहत रेड जोन घोषित करते हुए निषेधाज्ञा के आदेश पारित किए गए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am

दूषित पानी पर हेल्पलाइन नंबर...सियासत शुरू:जबलपुर में कांग्रेस का दावा- गंदा पानी पी रहे लोग, महापौर बोले- दिखा दो, इनाम दूंगा

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रदेशभर में जल की शुद्धता की जांच की जा रही है। इसी बीच जबलपुर में दूषित पानी की शिकायतों को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस और नगर निगम दोनों ने अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। नगर निगम का दावा है कि जल सुनवाई और हेल्पलाइन पर नाममात्र की शिकायतें मिली हैं। वहीं, कांग्रेस ने अपनी हेल्पलाइन जारी की है और दावा किया है कि बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं। इस ‘हेल्पलाइन पॉलिटिक्स’ के बीच हकीकत यह है कि शहर के कई इलाकों में आज भी नालों में डूबी पाइप लाइनों से जलापूर्ति हो रही है। कांग्रेस का आरोप- अब भी नहीं चेता निगमकांग्रेस के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा का कहना है कि इंदौर की घटना के बाद भी जबलपुर नगर निगम नहीं जागा। कई क्षेत्रों में लोग आज भी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि महापौर शिकायतें न मिलने की बात कह रहे हैं। यही वजह है कि जनता का भरोसा नगर निगम से उठता जा रहा है। एक साल से आ रहा गंदा पानीनेपियर टाउन, रसल चौक निवासी सीनियर सिटीजन राजेंद्र कुमार का कहना है कि उनके घर पिछले एक साल से नल में गंदा पानी आ रहा है। कई बार नगर निगम में शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। निजी स्तर पर पाइपलाइन भी चेक करवाई, फिर भी गंदगी का स्रोत नहीं मिल पाया। राजेंद्र के मुताबिक सप्लाई शुरू होते ही बेहद गंदा पानी आता है, कुछ देर बाद थोड़ा साफ होता है, लेकिन फिर दोबारा गंदा हो जाता है। मजबूरी में वे पीने का पानी खरीदकर उपयोग कर रहे हैं। H2S टेस्ट किट से जांचकांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने राजेंद्र के घर H2S टेस्ट किट से पानी की जांच की। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं को साधारण केमिकल बोतलें दी गई हैं, जिनमें पानी भरने के बाद तीन दिन में उसकी गुणवत्ता सामने आ जाती है। महापौर बोले-विधिवत लैब टेस्ट कराना चाहिएजबलपुर नगर निगम के महापौर जगत बहादुर अन्नू ने कहा कि कांग्रेस द्वारा हेल्पलाइन जारी करना सकारात्मक कदम है, लेकिन शिकायतों को सही जगह तक पहुंचाकर विधिवत लैब टेस्ट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल राजनीति के लिए गंदे पानी का मुद्दा उठाना उचित नहीं है। मीम और वीडियो जारीदूषित पानी के मुद्दे पर कांग्रेस ने महापौर और एमआईसी सदस्यों को लेकर मीम वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो में गंदे पानी की आपूर्ति वाले क्षेत्रों को दिखाने का दावा किया गया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:30 am

रामकृष्ण आश्रम:क्राइम ब्रांच की जांच पर सवाल आरोपी तुषार ने 2.5 करोड़ निकाले, रिकवरी जीरो

रामकृष्ण मिशन आश्रम के साथ हुई 2.53 करोड़ की ठगी के मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की भूमिका सवालों के घेरे में है। इस केस के प्रमुख आरोपियों में से एक, तुषार गोमे ने 10 जनवरी से 28 मार्च 2025 के बीच चेक से ढाई करोड़ रुपए निकाले। ये राशि अलग-अलग लोगों के खाते में ट्रांसफर हुई थी। इससे ये स्पष्ट है कि तुषार व उसके साथियों ने रामकृष्ण मिशन आश्रम के साथ हुई 2.53 करोड़ की ठगी के अलावा देशभर में अन्य जगह भी डिजीटल अरेस्ट की वारदात को अंजाम दिया और उससे प्राप्त राशि तुषार गोमे ने चेक के माध्यम से निकाली। हालांकि, क्राइम ब्रांच अभी तक उससे एक रुपया भी बरामद नहीं किया जा सका है। बता दें कि तुषार गोमे 19 अप्रैल 2025 से जेल में बंद है। इन कारणों से क्राइम ब्रांच की जांच पर उठे सवाल पूरा मामला एक नजर में ... 11 अप्रैल 2024 को रामकृष्ण मिशन आश्रम के तत्कालीन सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद के साथ 2,52,99,000 रुपए की डिजीटल ठगी हुई। डिजीटल अरेस्ट कर उनके साथ घटना को अंजाम दिया गया। इसकी रिपोर्ट क्राइम ब्रांच में 15 अप्रैल को दर्ज की गई। एटीएम से 30.49 लाख, चेक से 95.51 लाख निकाले क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में जो जवाब पेश किया, उसमें बेहद चौकाने वाली जानकारी सामने आई। इसमें खुलासा हुआ कि शुरुआत में ठगी की राशि 2.53 करोड़, को 10 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। उसके बाद इसी राशि को 538 अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद एटीएम से 30.49 लाख (61 बैंक खातों से), 15 बैंक खातों से चेक के माध्यम से 95.51 लाख रुपए निकाले गए। इसके अलावा अन्य माध्यम से 42 बैंक खातों में 96.53 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। जवाब में ये भी बताया गया कि इस केस में कार्रवाई करते हुए कुल 178 बैंक खातों को होल्ड किया गया है। इसमें होल्ड की गई राशि 9.70 लाख रुपए है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:28 am

जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में स्क्रीनिंग और ऑडियोमेट्री जांच बंद

बच्चों में जन्मजात विकारों का पता लगाने के लिए जिला अस्पताल मुरार में बनाए गए जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में ओई स्क्रीनिंग और उनके सुनने की क्षमता का पता लगाने के लिए होने वाली ऑडियोमेट्री जांच बंद है। करीब दो माह पहले कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने बच्चों के लिए लगाया झूला फटा होने पर नाराजगी जताते हुए उसे जल्द ठीक कराने के आदेश दिए थे। कलेक्टर के आदेश के दो माह बाद भी अभी तक मशीनें ठीक होना तो दूर झूला भी ठीक नहीं हुआ है। इसके चलते इन जांचों के लिए बच्चों को जेएएच जाना पड़ रहा है। जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में 0 से 6 साल तक के बच्चों में जन्मजात दोष, कमियां, बीमारियां और विकासात्मक देरी (4डी) जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का शीघ्र पता लगाने और उपचार के लिए विशेषज्ञ सेवाएं एक ही छत के नीचे प्रदान करता है। जिला अस्पताल मुरार में बना जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में पूरे जिले से मरीज आते हैं। इसके बाद भी यहां मरीजों को सुविधा मिल रही हैं। इस मामले में अस्पताल के प्रबंधक डॉ.राजेश बिरथरिया का कहना है कि मशीन के ऑर्डर कर दिए हैं। झूला एक-दो दिन में ठीक हो जाएगा। केंद्र में अग्निशमन यंत्र भी खाली केंद्र में आगजनी से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां कहने को तो अग्निशमन यंत्र रखा हुआ है लेकिन वह खाली है। इतना ही नहीं उसमें यह तक नहीं लिखा है कि आखिरी बार अब इसमें गैस भरी गई और उसकी एक्सपायरी कब की है। ऐसी स्थिति में अगर कभी आगजनी की घटना हुई तो कैसे निपटा जाएगा इसका अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:26 am

एक त्योहार, 2 जिले और 2 तारीखें...:लोकल छुट्टियों को लेकर ग्वालियर-दतिया में अंतर

नए साल में ग्वालियर और दतिया जिले में 3-3 छुट्टी के लिए बुधवार को दोनों कलेक्टर ने अलग-अलग आदेश जारी किए। इसमें त्योहारों की तारीख अलग-अलग हैं। दतिया कलेक्टर के आदेश में 5 मार्च (गुरुवार) को होली की भाईदूज पर लोकल छुट्टी का उल्लेख है। वहीं ग्वालियर के आदेश में 4 मार्च को शुक्रवार बताते हुए होली की दौज पर छुट्टी घोषित की। ऐसे ही ग्वालियर में 18 जून (गुरुवार) को लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस पर लोकल छुट्टी, 11 नवंबर (बुधवार) को भाई दौज पर ऐच्छिक अवकाश के दिन छुट्टी घोषित की। वहीं दतिया कलेक्टर ने 29 अक्टूबर (गुरुवार) को करवाचौथ, 20 नवंबर (शुक्रवार) को देव उठनी ग्यारस पर छुट्टी घोषित की है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:25 am

कोर्ट का 222 दिन की देरी माफ करने से इनकार:ग्वालियर में 14 बीघा जमीन बिना लड़े हारा शासन; हाई कोर्ट ने कहा-सुधरने को तैयार नहीं पुलिस

जडेरुआ खुर्द (ग्वालियर-भिंड रोड) स्थित 14 बीघा जमीन का केस मप्र शासन बिना गुण दोष पर बहस हुए ही हार गया। शासन ने कई वर्ष पहले करोड़ों रुपए की ये जमीन पुलिस विभाग को दे दी थी। लेकिन ट्रायल कोर्ट में जमीन के मालिकाना हक का केस हार गई। बाद में इस जमीन को लेकर 2007 में शासन ने हाई कोर्ट में रामसेवक के खिलाफ याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान जब 2008 में उनकी मृत्यु हो गई लेकिन इसके बावजूद उनके वारिसों को केस में पक्षकार नहीं बनाया गया। इसी के चलते हाई कोर्ट ने जनवरी 2025 में शासन की याचिका खारिज कर दी। याचिका को फिर से सुनवाई पर लेने एक याचिका दायर की गई। उसे पेश करने में भी 222 दिन की देरी हुई। देरी को माफ करने शासन की ओर से आवेदन दिया गया। हाई कोर्ट ने शासन से जब पूछा कि देरी के लिए कौन पुलिस अधिकारी जिम्मेदार है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? मंगलवार 14 जनवरी को कोर्ट में डीजीपी का आदेश (12 जनवरी) पेश किया गया। इसमें तत्कालीन सीएसपी राजीव जंगले को परिनिंदा की सजा दी गई। कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा- विभाग अपने तरीकों को सुधारने के लिए तैयार नहीं है। इन तारीखों से समझें मामला

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:24 am

रंगनाथ मंदिर में मनाया गया विवाहोत्सव:वैदिक मंत्रों के मध्य हुआ अभिषेक,माता गोदा जी ने लिए भगवान के साथ फेरे

दक्षिण भारतीय शैली के उत्तर भारत में स्थित विशालतम रंगनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान का विवाहोत्सव का आयोजन किया गया । दो दिवसीय आयोजन में बुधवार को माता गोदा (लक्ष्मी) जी का वैदिक मंत्रों के मध्य अभिषेक किया गया। यहां देर शाम विवाह मंडप में भगवान का गोदा जी के साथ विधि विधान से विवाह कराया गया। मकर संक्रांति पर होता है आयोजन धार्मिक नगरी वृंदावन के विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर में श्री गोदा रंगमन्नार विवाहोत्सव का दिव्याकर्षक आयोजन वैदिक परंपरानुसार किया गया। यहां प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर श्री रामानुज संप्रदाय के उत्तर भारत में सर्व प्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में श्री लक्ष्मी स्वरूपा गोदम्मा जी का विवाहोत्सव भगवान विष्णु स्वरूप रंगनाथ भगवान के साथ पौष मास में मनाया जाता है। यह है मान्यता श्री वैष्णव संप्रदाय की धार्मिक मान्यतानुसार दक्षिण भारत के विल्लीपुत्तुर नामक ग्राम निवासी भगवद भक्त विष्णुचित्त भट्ट नाथ स्वामी की पुत्री रूप में अवतरित गोदा जी ने भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए पौष मास में धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक कठिन व्रत का निर्वाहन किया। माह पर्यंत दिव्य प्रबंध पाठ कर तिरुप्पावे की रचना की। व्रत पूर्ण होने पर श्री भूदेवी अवतार गोदा जी को भगवान रंगनाथ ने सहधर्मिणी रूप में वरण किया। सहस्त्र धारा अभिषेक किया मंगलोत्सव की बेला में मां गोदाम्मा का केसर मिश्रित हल्दी, चन्दन से लेपन कर पवित्र नदियों के जल से सहस्त्र धारा अभिषेक करने के बाद सुवासित तेल से केश बनाए गए। इसके बाद नवीन पोशाक आभूषण धारण करवा कर कुंभ आरती की गई। विवाह मंडप के समक्ष हुई माला अदला बदली विवाह की मांगलिक रस्म वैदिक मंत्रोचार के साथ अदा की गई। विवाह उत्सव के अंतर्गत पुष्करिणी द्वार के समीप माला अदला बदली की गई। इसमें मंदिर के पुजारी नाचते गाते माता गोदा जी की माला भगवान रंगनाथ के लिए और भगवान रंगनाथ की माला गोदा जी के लिए लेकर गए।यह क्रम 3 बार चला। इस दर्शन को कर श्रद्धालु अभिभूत हो गए। माला अदला बदली के बाद भगवान रंगनाथ और माता गोदा जी की आरती की गई और फिर दोनों को मंडप में ले जाया गया। विवाह मंडप में हुआ विवाह विवाह मंडप में भगवान रंगनाथ और माता गोदा जी का विवाह उत्सव हुआ। राजू स्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य विवाह उत्सव कराया। इससे पहले मंगलवार को माता गोदा जी अपनी सखियों को जगाने गईं। इसके बाद उनको हल्दी लगाई और मेंहदी लगाई गई थी। मंदिर के महंत जी ने भात दिया। दो दिवसीय इस आयोजन के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति के साथ साथ मंगल वैवाहिक माहौल में रंगा नजर आया।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:24 am

व्यवसायी के घर फायरिंग मामले का खुलासा, यूपी के दो शूटर समेत 6 अपराधी गिरफ्तार

रामगढ़ पुलिस की एसआईटी टीम ने नया मोड़ स्थित व्यवसायी डब्बू सिंह के आवास पर फायरिंग करने वाले छह अपराधियों को गिरफ्तार कर अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पिस्टल, एक देसी कट्टा, 42 गोलियां, आठ मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि अनुसंधान के दौरान सामने आया कि राहुल दुबे गैंग और सत्यम शुक्ला उर्फ आशीष शुक्ला के आदेश पर रंगदारी नहीं मिलने के कारण गोलीबारी की गई थी। पुलिस ने कुजू के राजू कुमार करमाली, मुकेश करमाली, रांची के रंजीत साव, यूपी जौनपुर के जयेश पाल को देसी कट्टा, गोली और मोबाइल के साथ तथा सन्नी सिंह को पिस्टल और गोलियों के साथ गिरफ्तार किया। यूपी के दो शूटरों पर दर्ज हैं कई मामले गिरफ्तार आरोपियों में यूपी के दो बड़े शूटर जयेश पाल और सन्नी सिंह उर्फ आशुतोष सिंह पर यकई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। राहुल दुबे ने सत्यम शुक्ला के साथ मिलकर दोनों शूटरों को पैसे देकर रांची के एक बड़े व्यवसायी की हत्या की जिम्मेदारी दी थी। इनमें राज कुमार करमाली पर मांडू (कुजू) थाना में 2. रंजीत साव पर रांची में 2 और मांडू थाना में 1, जयेश पाल पर जौनपुर के 5 थानों में और सन्नी सिंह पर अयोध्या और जौनपुर के 5 थानों में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:22 am

रांची रॉयल्स ने दिल्ली को 6-2 से हराकर टॉप फोर में, लांसर्स ने हैदराबाद को 1-0 से हराया

रांची के मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में जारी मेंस हॉकी इंडिया लीग 2025-26 में बुधवार को खेले गए दो मुकाबलों में दर्शकों को अलग-अलग अंदाज का हाई-वोल्टेज खेल देखने को मिला। पहले मुकाबले में वेदांता कलिंगा लांसर्स ने हैदराबाद तूफान्स को 1-0 से हरा कर लगातार चौथी जीत दर्ज की और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। वहीं दिन के दूसरे मुकाबले में रांची रॉयल्स ने कप्तान टॉम बून की ऐतिहासिक पांच गोल की पारी की बदौलत एसजी पाइपर्स को 6-2 से हराकर जोरदार वापसी की और चौथे स्थान पर छलांग लगा दी। पहले मुकाबले में वेदांता कलिंगा लांसर्स ने अनुशासित डिफेंस और शानदार काउंटर अटैक के दम पर हैदराबाद तूफान्स को 1-0 से मात दी। मैच का एकमात्र गोल अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स (40वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए किया, जो इस सीजन का उनका पांचवां गोल भी रहा। पहले क्वार्टर में दोनों टीमें संतुलित नजर आईं। हैदराबाद ने बॉल पजेशन ज्यादा रखा, लेकिन गोल के मौके लांसर्स ने बनाए। लियाम हेंडरसन को शुरुआती बढ़त दिलाने का मौका मिला, लेकिन गोलकीपर जीन-पॉल डैनेबर्ग ने शानदार बचाव कर स्कोर बराबर बनाए रखा। दूसरे क्वार्टर में हैदराबाद ने दबाव बढ़ाया और सर्कल एंट्री में बढ़त बनाई, लेकिन गोल के सामने फिनिशिंग कमजोर रही। लांसर्स के हेंडरसन का एक शक्तिशाली शॉट पोस्ट से टकरा गया, जिससे गोल का मौका चूक गया। तीसरे क्वार्टर में खेल का रुख बदल गया। पेनल्टी कॉर्नर पर अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने सटीक ड्रैग फ्लिक से गेंद को जाल में पहुंचाया और लांसर्स को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद टीम ने मजबूत डिफेंस अपनाया और अंतिम क्वार्टर में हैदराबाद को गोल पर कोई प्रभावी शॉट लगाने का मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ लांसर्स अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:21 am

सरकारी स्कूलों को इस वित्तीय वर्ष में नहीं मिली विकास राशि, कार्य बाधित

झारखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को प्रतिवर्ष मिलने वाली विद्यालय विकास निधि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जारी नहीं की गई है। इस कारण प्रदेश के हजारों सरकारी विद्यालयों में दैनिक शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य बाधित हो गए हैं। शिक्षकों को विद्यालय संचालन के लिए जरूरी सामग्री अपनी जेब से खरीदनी पड़ रही है और कई विद्यालयों में बुनियादी व्यवस्था चरमरा गई है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई और प्रशासन के लिए आवश्यक खल्ली, झाड़ू, शौचालय सफाई सामग्री, साबुन, उपस्थिति पंजी, कैश बुक, मध्यान्ह भोजन पंजी, लेजर बुक, मीटिंग बुक और अन्य 40–45 प्रकार के अनिवार्य रजिस्टर की खरीद विकास निधि से होती है। लेकिन निधि नहीं मिलने से यह सब सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सबसे खराब स्थिति उन विद्यालयों की है, जहां एकल शिक्षक या पारा शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहा है। सीमित मानदेय में कार्यरत पारा शिक्षकों के लिए निजी खर्च के साथ विद्यालय संचालन का खर्च उठाना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे ऐसे विद्यालयों की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। विकास निधि के अभाव में विद्यालयों का रंग-रोगन नहीं हो पा रहा है, भवन जर्जर दिखने लगे हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:21 am

पोस्टिंग की प्रतीक्षा: रांची में स्थानांतरित 166 शिक्षकों को छह महीने बीत जाने के बाद भी नहीं मिला स्कूल

प्राथमिक शिक्षक... 15 दिन में स्कूलों में पोस्टिंग करने का था निर्देश, शिक्षकों का लंबा हुआ इंतजार रांची में अंतर जिला तबादला के माध्यम से आए 166 सहायक शिक्षकों की छह माह बाद भी स्कूलों में पोस्टिंग नहीं हो सकी है। आज भी इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित होने का इंतजार है, जबकि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने स्थानांतरण के 15 दिनों के भीतर शिक्षकों को विद्यालय आवंटित कर पदस्थापित करने के लिए कहा था। रांची जिला इस आदेश के पालन में न सिर्फ पीछे है, बल्कि अब यह प्रशासनिक उदासीनता उदाहरण बन चुका है। विभिन्न जिलों से रांची जिले में स्थानांतरित शिक्षकों को पोस्टिंग में विलंब की वजह भी नहीं बताई गई है। बताते चलें कि राज्य के 24 जिलों में से 19 जिलों ने समय पर पदस्थापन कर दिया है। केवल पांच जिले रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और एक अन्य जिला ऐसा है, जहां आज भी स्थानांतरित शिक्षक बिना पदस्थापन के हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या रांची जिले की है। शिक्षकों का आरोप है कि डीएसई कार्यालय से संपर्क करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। लेकिन स्कूलों में पोस्टिंग नहीं की जाती है। स्थिति यथावत बनी हुई है। यह टालमटोल अब प्रशासनिक शैली बन चुकी है। शिक्षकों ने कहा कि इसमें जवाबदेही भी नहीं है और समय सीमा भी नहीं। शिक्षकों ने शीघ्र स्कूलों में पदस्थापन की मांग की है। स्थानांतरित होने के बाद स्कूलों में पोस्टिंग नहीं होना सिर्फ लापरवाही नहीं, शिक्षकों को मानसिक, शारीरिक रूप से परेशान करना है। स्कूली शिक्षा विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर संबंधित जिलों को पदस्थापन का निर्देश दिया जाना चाहिए। तबादला के 6 माह बाद पदस्थापन नहीं होना समझ से परे है। - नसीम अहमद, मुख्य प्रवक्ता,शिक्षक संघ बीमारी, दिव्यांगता और पारिवारिक मजबूरी जैसे मानवीय आधार पर अंतर जिला तबादला किया गया था। शिक्षकों ने कहा कि नगर निकाय चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। आचार संहिता लागू होते ही पदस्थापन फिर तकनीकी कारणों से रोका जा सकता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:21 am

सरकार बनाने की नहीं, झारखंड की अस्मिता व संस्कृति बचाना बड़ी चुनौती : आदित्य साहू

प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अभी संघर्षों और चुनौतियों का समय है। हम सभी के लिए झारखंड में सरकार बनाने की नहीं, बल्कि आज झारखंड की अस्मिता और संस्कृति बचाने की बड़ी चुनौती है। भले ही हम विरोधियों के झूठ-फरेब के कारण सरकार नहीं बना पाए। लेकिन जनता का भरोसा आज भी भाजपा पर है। जनता हमें उम्मीद भरी नजरों से देख रही। सभी को पता है कैसे आए दिन घोटाले उजागर हो रहे हैं। राज्य के जल, जंगल,जमीन पर डाका डाला जा रहा। लैंड जिहाद, लव जिहाद के सहारे कैसे गरीब आादिवासी दलितों की जमीन लूटी जा रही। उन्हें परंपरा व संस्कृति से काटने का लगातार बड़े पैमाने पर षडयंत्र चल रहा है। राज्य घुसपैठियों की शरण स्थली बन गया है। घुसौपैठियों को सत्ता का संरक्षण है। आदित्य साहू बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। आदित्य ने कहा कि वे एक अदना सा कार्यकर्ता थे। कुच्चू बूथ पर पर वोट की पर्ची काटने का काम करते थे। लेकिन भाजपा ही है जो साधारण से साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के शीर्ष तक पहुंचा सकती है। दूसरे किसी दल में यह संभव नहीं। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें एक सुसज्जित सेना की अगुवाई करने के योग्य पार्टी ने समझा है। यह बड़ा ही गुरुत्तर दायित्व है। वे कण- कण पार्टी को समर्पित करने की कोशिश करेंगे। वे भले अगली पंक्ति में बैठे दिखेंगे, लेकिन उनका मन हमेशा पार्टी के अंतिम पायदान पर बूथों पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं से जुड़ा रहेगा। कार्यकर्ता पार्टी का आधार हैं। वे सौभागशाली हैं कि संगठन के पास अनुभवी और प्रभावशाली नेतृत्व का खजाना है। प्रदेश भाजपा के निर्वतमान अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार ने झारखंड को गर्त में धकेल दिया है। विधि- व्यवस्था ध्वस्त है। अपराधी बेलगाम हैं और पुलिस वसूली में मस्त है। एक तरफ पुलिस की वसूली और दूसरी ओर भ्रष्टाचार है। हमारे सामने चुनौतियां हैं। हमें संघर्ष करना होगा। राज्य गठन को 25 साल हो गए। पीछे मुड़कर देखते हैं तो प्रदेश की यात्रा जहां तक पहुंचनी थी, उसमें थोड़ी कसर रह गई है। आज जिस प्रकार की चुनौती है, उसका डटकर मुकाबला करना है, तो एक-एक बूथ को संगठन से मजबूत करना है। भाजपा लगातार झारखंड की समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रही है। भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा। आगे की अधूरी लड़ाई हम सब आदित्य साहू के नेतृत्व में लड़ेंगे व भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। चुनाव अधिकारी एवं केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में संगठन को मजबूती मिलेगी और झारखंड में भाजपा की मजबूत सरकार बनेगी। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि झारखंड के जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा की लड़ाई अब भाजपा कार्यकर्ता आदित्य के नेतृत्व में लड़ेंगे और ऐतिहासिक विजय प्राप्त करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदित्य साहू के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने कहा कि नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। हम सब मिलकर इनके नेतृत्व में संगठन को मजबूत करेंगे और जोर -शोर से झारखंड की सत्ता में आएंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:20 am

20 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले के आरोपी कैशियर ने ईडी के दो अफसरों पर केस किया

चुटिया निवासी संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारियों पर मारपीट, जानलेवा हमला, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक शुभम को नामजद आरोपी बनाया गया है। संतोष पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के स्वर्णरेखा शीर्ष कार्य प्रमंडल रांची में शहरी जलापूर्ति योजना की राशि में से 20 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला करने के आरोपी हैं। पीएचईडी प्रमंडल रांची में कार्यरत कैशियर संतोष कुमार को पूर्व में रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह जमानत पर जेल से बाहर हैं। घोटाले के इस मामले की जांच ईडी कर रहा है। इधर, संतोष की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, संतोष को 12 जनवरी को सुबह 10 बजे ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश मोबाइल फोन पर दिया गया था। वह सुबह 9.45 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि अपराह्न करीब 1.35 बजे सहायक निदेशक प्रतीक ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया, जहां पहले से शुभम मौजूद थे। पूछताछ के दौरान उनसे आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर दोनों अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई और गालियां दी गईं। आरोप नहीं स्वीकारने पर धमकी भी दी । पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार के विरुद्ध 18 दिसंबर 2023 में रांची के सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उन पर आरोप था कि उन्होने मार्च 2020 में एलएंडटी कंपनी के फर्जी बिल के आधार पर 2.17 करोड़ रुपये को फर्जी खाते में हस्तांतरित कर लिया था। इसी केस के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर दर्ज किया और अनुसंधान कर रही है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे 16 जनवरी को दोबारा ईडी कार्यालय में उपस्थित होने से संबंधित आवेदन जबरन लिखवाया गया और रात 10.45 बजे तक उन्हें कार्यालय में रोके रखा गया, ताकि वे घटना की सूचना अपने परिवार, अधिवक्ता, थाना या मीडिया को न दे सकें। छोड़ते समय भी उन्हें और उनके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई। इधर, एयरपोर्ट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने डंडे से संतोष पर हमला किया और जान से मारने की नीयत से लगातार मारते हुए कहा कि अगर मर भी जाओगे तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मारपीट के कारण उनका सिर फट गया और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। संतोष कुमार का आरोप है कि अपराह्न करीब 2 बजे उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां सिर में छह टांके लगे। अस्पताल में भी उन्हें धमकाया गया कि डॉक्टर को चोट लगने की सच्चाई न बताएं, अन्यथा उन्हें और उनके परिवार को जेल भेज दिया जाएगा। प्राथमिकी के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद उन्हें दोबारा ईडी कार्यालय ले जाया गया, जहां साक्ष्य मिटाने की नीयत से जबरन खून से सनी टी-शर्ट उतरवा कर नई टी-शर्ट पहनाई गई। आरोप है कि इसके बाद उनसे इंसिडेंट रिपोर्ट लिखे एक कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए गए, जिसे उन्हें पढ़ने तक नहीं दिया गया।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:19 am

झारखंड में नगर निगम को दो वर्गों में बांटने पर सुनवाई पूरी, हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

झारखंड के नगर निगम को दो वर्गों में बांटने के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ता शांतनु कुमार चंद्रा की ओर से कोर्ट को बताया गया कि संविधान में नगर निगमों के वर्गीकरण का कोई प्रावधान नहीं है। राज्य सरकार ने संविधान के खिलाफ जाकर नगर निगम का वर्गीकरण किया है। राज्य सरकार कार्यपालक आदेश जारी कर इस तरह के प्रावधान को लागू नहीं कर सकती। लेकिन सरकार ने नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर कुल 9 नगर निगम को दो भागों वर्ग क आैर वर्ग ख में बांट दिया है। वर्ग क में रांची-धनबाद को रखा गया है। वर्ग ख में अन्य नगर निगम को रखा गया है। इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए। धनबाद में मेयर का पद अनारक्षित करने पर भी आपत्ति याचिकाकर्ता ने जनसंख्या के आधार पर धनबाद में मेयर का पद अनारक्षित करने और गिरिडीह नगर निगम को आरक्षित करने पर भी आपत्ति जताई। कोर्ट को बताया गया कि राज्य में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर नगर निकाय चुनाव कराया जा रहा है। वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार धनबाद में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 2 लाख है। इसलिए वहां मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना चाहिए था। लेकिन धनबाद में मेयर का पद अनारक्षित कर दिया गया। वहीं, गिरिडीह में अनुसूचित जाति की जनसंख्या मात्र 30 हजार है, लेकिन वहां मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। सरकार की यह नीति भी संविधान के खिलाफ है। कोर्ट के फैसले से प्रभावित हो सकती है चुनाव प्रक्रिया राज्य के कुछ नगर निकायों का तीन साल तो कुछ का पांच साल पहले ही कार्यकाल पूरा हो गया है। निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट को बताया ​है कि 30 मार्च से पहले चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे। लेकिन अगर हाईकोर्ट का फैसला सरकार के वर्गीकरण या आरक्षण नीति के खिलाफ आता है तो चुनाव प्रक्रिया टल सकती है या फिर इसमें बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:18 am

जिलों ने कंफर्मेशन की फाइल निदेशालय को नहीं भेजी, राज्य के 4449 हाईस्कूल शिक्षक सर्विस के 24 माह बाद भी अस्थायी

रांची समेत राज्य के सभी जिलों में वर्ष 2023 में नियुक्त 4449 हाईस्कूल शिक्षक अब तक अपनी सेवा के 24 महीने पूरे कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा कंफर्म नहीं की गई है। नियम के अनुसार, नियुक्ति के बाद अधिकतम दो साल की प्रोबेशन अवधि होती है। इस अवधि में सेवा संतोषजनक रहने पर शिक्षक की नौकरी स्थायी (कंफर्म) की जानी चाहिए। दो साल बीत जाने के बाद भी सैकड़ों शिक्षक अब तक तकनीकी रूप से अस्थायी माने जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनके खिलाफ न कोई विभागीय जांच चल रही है, न कोई कोर्ट का स्टे है और न ही सेवा से जुड़ी कोई समस्या। इसके बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। निदेशालय ने पत्र लिखा, जिलों ने सूची नहीं भेजी हाईस्कूल शिक्षकों के कंफर्मेशन को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को पत्र लिखकर कंफर्म होने वाले शिक्षकों की सूची मांगी थी। इसके बावजूद अधिकांश जिलों ने अब तक सूची नहीं भेजी है। इससे साफ है कि मामला जिला स्तर पर ही अटका हुआ है। 3 चरण में हुई थी नियुक्ति 18 मई 2023 : 3459 शिक्षक 16 अक्टूबर 2023 : 827 शिक्षक 10 दिसंबर 2023 : 163 शिक्षक कंफर्मेशन नहीं होने से तीन बड़ी परेशानियां {तबादला नहीं हो पा रहा: सेवा कंफर्म होने के बाद ही शिक्षक तबादला प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। कंफर्मेशन न होने से वे वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं। इससे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और निजी जीवन पर असर पड़ रहा है। {बैंक लोन में दिक्कत: अधिकांश बैंक स्थायी (कंफर्म) नौकरी को ही लोन का आधार मानते हैं। प्रोबेशनर होने के कारण शिक्षकों को होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। {करियर व प्रमोशन पर असर: कंफर्म पद पर रहते हुए ही शिक्षक एनओसी लेकर उच्च पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंफर्मेशन न होने से प्रमोशन, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर ग्रोथ पर सीधा असर पड़ रहा है। जानिए... क्या कहता है स्थायी करने का नियम {नियुक्ति के बाद शिक्षक को अधिकतम 2 साल के लिए प्रोबेशन पर रखा जाता है। {इस अवधि में कार्य संतोषजनक रहने पर कंफर्मेशन आदेश जारी करना जरूरी है। {कंफर्मेशन की प्रक्रिया जिला स्थापना समिति के माध्यम से पूरी करनी होती है। {बिना कारण देरी होना प्रशासनिक लापरवाही माना जाता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:18 am

झारखंड ने 2 स्वर्ण और 1 रजत पर कब्जा जमाया

रांची मणिपुर के खुमान लम्पक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 14 से 18 जनवरी तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया- एसजीएफ आई) अंडर-19 वर्ग में झारखंड के खिलाड़ियों ने पहले ही दिन शानदार शुरुआत करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया है। झारखंड की उभरती तीरंदाज प्रिया महली ने 30 मीटर और 40 मीटर इंडियन राउंड में बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं, बालक वर्ग में घनश्याम झामुड़ा ने 30 मीटर इंडियन राउंड में शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक हासिल किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से पूरे राज्य में खुशी की लहर है। झारखंड की टीम स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के नेतृत्व में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले रही है। टीम के साथ गए कोच और मैनेजर रोहित कुमार, गंगाधर, ललिता लुगुन, प्रवीण बजराई एवं एचओडी सुशील कच्छप ने खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका असर पहले दिन के प्रदर्शन में साफ नजर आया। प्रिया महली की दोहरी स्वर्णिम सफलता पर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता झारखंड की अन्य बालिका खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इस शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्रशासकीय पदाधिकारी सच्चिदानंद द्विवेदी तिग्गा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग सहित राज्य खेल कोषांग के सदस्यों ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कहा कि इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा ।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:17 am

शादी से पहले उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाना पति के साथ मानसिक क्रूरता : हाईकोर्ट

चाईबासा सदर अस्पताल में नाबालिग बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। पीड़ित परिवार के परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा है कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है, जो बच्चों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने लापरवाही के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की है, जबकि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों और रक्त सुरक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती है। इसलिए इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया जाए। विशेष संवाददाता|रांची झारखंड हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े फैमिली कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दाखिल मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि विवाह से पहले पत्नी द्वारा अपनी उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना पति के साथ मानसिक क्रूरता के दायरे में आता है। अदालत ने कहा है कि ऐसी स्थिति में वैवाहिक संबंध निभाना संभव नहीं है। अदालत ने इस निर्देश के साथ तलाक के खिलाफ पत्नी की अपील याचिका खारिज कर दी और फैमिली कोर्ट के तलाक दिए जाने के आदेश को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट का निर्णय न तो मनमाना है और न ही साक्ष्यों के विपरीत। अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह विश्वास पर आधारित होता है और यदि शुरुआत में ही महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया जाए, तो यह मानसिक क्रूरता मानी जाएगी। ऐसे में फैमिली कोर्ट के आदेश में किसी प्रकार के हस्तक्षेप की जरुरत नहीं है। गुमला जिले से जुड़े इस मामले में पति ने वर्ष 2022 में फैमिली कोर्ट गुमला में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-13 के तहत तलाक की याचिका दाखिल की थी। पति ने आरोप लगाया था कि 15 अप्रैल, 2019 को हुई शादी से पहले पत्नी ने अपनी वास्तविक उम्र और आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई। पति का कहना था कि पत्नी की उम्र लगभग 40 वर्ष थी जबकि शादी के समय 27 वर्ष बताई गई। इसके अलावा पत्नी हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुकी थी और जमानत पर बाहर थी। इस बात की जानकारी भी विवाह से पहले नहीं दी गई। पति ने आरोप लगाया कि शादी के बाद पत्नी उसे और उसके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देती थी। हालांकि, सुनवाई दौरान पत्नी ने फैमिली कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों में आरोपों से इंकार किया। लेकिन अदालत ने पत्नी की ओर से दाखिल अपील याचिका को खारिज कर दिया। रांची| झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड में अंतिम जमानत मिलने के बावजूद एक युवक को अगवा करके अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव की अदालत ने सरकार से पूछा कि युवक को कब हिरासत में लिया गया और कब छोड़ा गया ? किस मामले में और कब उसे खूंटी थाना भेजा गया? इस दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद कांके थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। थाना प्रभारी ने स्पष्टीकरण दे दिया है। इस पर अदालत ने पुलिस को विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को निर्धारित की है। अदालत ने युवक के परिजनों को खूंटी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर रांची के एसएसपी, कांके और खूंटी के थाना प्रभारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए। थाना प्रभारी की ओर से अदालत को बताया गया कि देवव्रत नाथ शाहदेव को न तो अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और न ही किसी प्रकार की जबरदस्ती की गई। कांके थाना क्षेत्र के एक मामले में देवव्रत नाथ शाहदेव अप्राथमिक अभियुक्त है। इस मामले में उन्हें अग्रिम जमानत मिली है। इस कांड का मुख्य अभियुक्त अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि देवव्रत नाथ शाहदेव का संपर्क फरार अभियुक्त से बना हुआ है। वह उसे आर्थिक सहयोग भी दे रहा है। साक्ष्य को प्रभावित करने और गवाहों को धमकाने की भी आशंका जताई गई है। मालूम हो कि देवव्रत नाथ शाहदेव के पिता दामोदर नाथ शाहदेव ने हैवियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दाखिल की है। मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई थी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:16 am

हाई कोर्ट का फैसला...:आधार व वोटर आईडी किसी व्यक्ति की जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं माने जा सकते

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड और वोटर आईडी किसी व्यक्ति की जन्मतिथि का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माने जा सकते। ये दस्तावेज स्व-घोषणा के आधार पर बनाए जाते हैं और केवल पहचान के उद्देश्य से होते हैं। यह टिप्पणी जस्टिस जय कुमार पिल्लई की एकलपीठ ने की है। अतिरिक्त कलेक्टर (धार) के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी। अतिरिक्त कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका हिर्लीबाई की सेवानिवृत्ति को गलत मानते हुए उन्हें पुनः बहाल कर दिया था। चूंकि पद एक ही स्वीकृत था, इसलिए वर्तमान पदस्थ सहायिका को सेवा से हटा दिया गया था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की नीति के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी कर जून 2018 में उनकी नियुक्ति की गई थी। इससे पहले वही पद हिर्लीबाई के पास था, जिन्हें सेवा अभिलेख में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 5 मार्च 2017 को सेवानिवृत्त कर दिया गया था। इस आदेश को उस समय कभी चुनौती नहीं दी गई। करीब दो साल बाद हिर्लीबाई ने अपील दायर कर दावा किया कि उनकी जन्मतिथि 5 मार्च 1955 नहीं, बल्कि 1 जनवरी 1964 है, जिसका आधार उन्होंने आधार कार्ड और वोटर आईडी को बताया। याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका नहीं दिया, जो न्याय सिद्धांत का उल्लंघन हाईकोर्ट ने कहा कि सेवा अभिलेख में दर्ज जन्मतिथि को स्वीकार कर लेने और रिटायरमेंट के बाद उसे चुनौती देना सेवा कानून के विपरीत है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अपीलीय प्राधिकारी ने देरी और लैचेस (Delay Laches) के सिद्धांत की अनदेखी की, जो घातक है। कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता (प्रमिला) को बिना सुनवाई का अवसर दिए सेवा से हटाया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है। इन कारणों से हाईकोर्ट ने अपीलीय आदेश और याचिकाकर्ता की सेवा समाप्ति को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया और याचिकाकर्ता को आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर पुनः बहाल करने के निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:16 am

गुब्बारे बेचने वाले बिहार के दंपती ने किया था अंश-अंशिका का अपहरण

धुर्वा के मौसीबाड़ी से अपहृत अंश कुमार (5) और उसकी बहन अंशिका कुमारी (4) को बुधवार सुबह रांची पुलिस ने रामगढ़ के अहमद नगर स्थित एक घर से बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों के अपहरण के आरोपी नव खेरवार उर्फ सूर्या (24) और उसकी प|ी सोनी कुमारी (20) को गिरफ्तार कर लिया है। नव खेरवार बिहार के औरंगाबाद के बारून का निवासी है, जबकि सोनी कुमारी रामगढ़ के कोठार की रहने वाली है। ये दोनों धुर्वा के शालीमार बाजार में गुब्बारे बेचते थे। अंश और अंशिका 2 जनवरी को पिता से 10 रुपए लेकर घर के पास ही एक दुकान से चूड़ा खरीदने निकले थे। पांच रुपए में लॉलीपॉप खरीदकर दोपहर करीब 2:35 बजे लौट रहे थे। तभी नव खेरवार और सोनी ने दोनों को उठा लिया। दो दिन तक दोनों बच्चों को उसके घर से करीब एक किमी दायरे में ही छिपाकर रखा। फिर चुपचाप वहां से निकल गए। इधर पुलिस बच्चों की तलाश में खाक छानती रही। बुधवार सुबह सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक और रांची एसएसपी राकेश रंजन को बच्चों के चितरपुर के अहमद नगर में होने की सूचना मिली। इसके बाद रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने वहां छापेमारी कर दोनों बच्चों को बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को पता चला है कि ये दोनों अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियांसीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचकर बच्चों को मुक्त कराया, वह प्रशंसनीय है। मैं इस अभियान को यहीं पर नहीं छोड़ रहा। ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए आपराधिक गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। पास, 3 दिन हटिया रेलवे स्टेशन के पास बच्चों को रखाअपहर्ताओं ने अपहरण के बाद दोनों बच्चों को दो दिन तक उसके घर से महज एक किमी दूर शालीमार बाजार के पास ​छुपाकर रखा। फिर ऑटो से दोनों बच्चों को लेकर हटिया स्टेशन पहुंचा। तीन दिन तक स्टेशन के पास ही बच्चों के साथ रहा। सात जनवरी को दोनों आरोपी बच्चों को लेकर ट्रेन से रामगढ़ पहुंचे। वहां से चितरपुर के अहमद नगर गए। वहां रोशन आरा के घर ​किराए पर कमरा लिया, जहां दोनों बच्चों के साथ रह रहे थे। बच्चे भी उनके साथ आराम से रह रहे थे, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन मुखबिरों को सूचना मिल गई और वे पकड़े गए। डीजीपी बोलीं- 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, 5000 वाहनों का हुआ सत्यापन डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि बच्चों को ढूंढ़ने के लिए रांची के ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें सिटी एसपी व ट्रैफिक एसपी सहित 48 अधिकारी थे। इस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 5000 से ज्यादा गाड़ियों का सत्यापन किया। बच्चों की सूचना देने वालों को चार लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा की गई। इस संबंध में रोजाना 1000 से ज्यादा फोन कॉल पुलिस को आए। कई राज्यों में ऐसे मामलों से संबंधित अभियुक्तों की छानबीन की गई। झारखंड में महत्वपूर्ण स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और हाट-बाजार की छानबीन की गई। पूरे मामले की निगरानी खुद सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक कर रहे थे। उन्होंने पूरे देश में ह्यू एंड क्राई नोटिस भी जारी किया। दो दिन शालीमार बाजार के मकान मालकिन बोलीं-गरीब जानकर किराए पर कमरा दिया पुलिस ने मकान मालिकन रोशन आरा और उनकी नतिनी से भी पूछताछ की। रोशन ने कहा-उन दोनों ने खुद को पति-प|ी बताया। कहा कि वे पटना में फेरी का काम करते थे। घर टूट जाने के कारण यहां आए हैं। उनके साथ दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। हमने गरीब समझकर उन्हें 1000 रुपए के किराए पर उन्हें कमरा दे दिया। बच्चे अपने माता-पिता के साथ अपहरण के आरोपी पुलिस ने अपहरण के आरोपी नव खेरवार और उसकी प|ी को किया गिरफ्तार

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:16 am

आदित्य साहू प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष

राज्यसभा सदस्य और प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को बुधवार को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। केंद्रीय मंत्री व प्रदेश चुनाव अधिकारी जुएल उरांव ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में इसकी घोषणा की। आदित्य साहू अब अगले तीन वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी की झारखंड इकाई का नेतृत्व करेंगे। जुएल उरांव ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन प्राप्त हुआ था, जो आदित्य साहू का था। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परिषद की 21 सीटों के लिए भी 21 नेताओं को निर्वाचित घोषित किया। - पेज दो भी पढ़ें राष्ट्रीय परिषद के 21 सदस्य निर्वाचित झारखंड से राष्ट्रीय परिषद के लिए जिन नेताओं को निर्वाचित किया गया, उनमें कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा, संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, अभयकांत प्रसाद, यदुनाथ पांडेय, पशुपति नाथ सिंह, रवींद्र कुमार राय, दिनेशानंद गोस्वामी, दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, समीर उरांव, अनंत ओझा, गीता कोड़ा, अमर कुमार बाउरी, नीलकंठ सिंह मुंडा, भानु प्रताप शाही और जीतू चरण राम शामिल हैं। जनता का भरोसा भाजपा पर: आदित्य प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आदित्य साहू ने कहा कि हमें एक साथ दो-दो जिम्मेवारी निभानी है। संगठन को और मजबूत करना है। दूसरी ओर राज्य की भ्रष्ट सरकार की सत्ता से जनता को मुक्ति दिलानी है। जनता को अब भी भाजपा पर ही ​भरोसा है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:15 am

प्रिंस यशवंतराव होलकर मणिकर्णिका घाट पहुंचे:मूर्तियों की पूजा की, प्रणाम कर प्रशासन से बोले- इन्हें हमें सौंप दें, हम दोबारा स्थापित करेंगे

वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को तोड़ा जा रहा है। यहां रखी मूर्तियों में भी टूट-फूट हुई है। यह जानकारी लगने के बाद खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटीज ट्रस्ट के प्रेसीडेंट यशवंतराव होलकर तृतीय आज घाट पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमाओं की पूजा कर सफेद कपड़े से ढंक दिया ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे। उन्होंने वाराणसी के निगमायुक्त, संभागायुक्त और अन्य अफसरों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति बताई। यशवंतराव होलकर ने कहा कि क्षतिग्रस्त मूर्तियां हमें सौंप दी जाए, ताकि हम उन्हें यहां फिर से स्थापित कर सकें, जिससे लोगों की श्रद्धा बनी रहे। वाराणसी के कलेक्टर सत्येंद्र ने कहा कि घाट की मूर्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्हें सुरक्षित रखा गया है। कुछ लोग AI से घाट के गलत वीडियो बनाकर जारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के लिए हर साल लाखों लोग आते हैं। जगह की कमी रहती है और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई आती है। उन समस्याओं को देखते हुए परियोजनाओं को विकसित किया गया है। प्रशासन ने इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियों को उसी स्थान पर लगाया जाएगा। मणिकर्णिका का घाट पर कलाकृतियां को संरक्षित कराया गया है। जो इसे लेकर भ्रम फैला रहे हैं उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। यशवंतराव बोले- घाट की हालत खराब, हमने मांगी प्रतिमाएंइधर, यशवंतराव होलकर ने वाराणसी से वीडियो जारी कर घटनाक्रम के बारे में बताया और कहा कि स्थानीय प्रशासन से पूरा सहयोग मिल रहा है। वीडियो में उन्होंने आगे कहा कि 'मणिकर्णिका घाट पर मां अहिल्या देवी द्वारा विकसित घाट की तोड़फोड़ के बाद आज मैं यहां काशी आया हूं। आज उसकी हालत क्या हो गई है, मेरे पीछे देख सकते हैं। स्थानीय प्रशासन संभागायुक्त और निगमायुक्त से मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी दी है। मैंने उनसे मांग की है कि इस घटना की जांच की जाए। जो जिम्मेदार लोग हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। ये सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मां साब की चार प्राचीन प्रतिमा जो मां साब ने खुद स्थापित की थी, अब दो बची है। तोड़फोड़ के बाद सरकार ने उन प्रतिमाओं को सुरक्षित कर लिया है। हमने प्रशासन से मांग की है कि इन प्रतिमाओं को खासगी ट्रस्ट को सौंप दिया जाए। ताकि हम सही ढंग से उन्हें मंदिर में रख सकें। अफसरों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। हम मां से प्रार्थना करते हैं कि जिन लोगों ने ये गलती की है उन्हें माफ करें। और हम इस प्राचीन घाट को फिर से बनाएं।' इंदौर के इतिहासकार बोले- देवी अहिल्या द्वारा विकसित घाटों में ये प्रमुखइंदौर के इतिहासकार और समाजसेवी सुनील मतकर ने दैनिक भास्कर को बताया कि देवी अहिल्या बाई होलकर ने देशभर में कई घाटों का निर्माण और मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया है। इनमें मणिकर्णिका घाट प्रमुख है। देवी अहिल्या बाई होलकर द्वारा विकसित किए जाने के कारण इसके लिए हमारी आस्था और बढ़ जाती है। प्रशासन द्वारा यहां जो कार्रवाई की गई है हम उसका विरोध करते हैं। मूर्तियों को संरक्षित किया जाए और इन्हें फिर से स्थापित किया जाए इसके लिए क्षत्रिय धनगर समाज की ओर से गुरुवार शाम को बैठक रखी गई है। इसमें हम आगे की रणनीति तय करेंगे। यह है पूरा मामला वाराणसी के मणिकर्णिका महाश्मशान घाट के पुनर्विकास का कार्य चल रहा। संस्था ने घाट पर निर्माण का कार्य शुरू किया है। इस बीच पक्के घाटों के पत्थरों को तोड़ा जा रहा है। उन्हें बड़ी नाव की मदद से गंगा पार भेजा जा रहा। वहीं, इस कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद 300 साल पुरानी मणि (पत्थर की बनी हुई संरचना) भी हटाई गई है‌। लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लेकिन, प्रशासन ने लोगों को समझा-बुझाकर कर शांत कराया। विरोध की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अब जानिए क्या है प्रोजेक्ट 18 करोड़ से मिलेगा नया स्वरूप मणिकर्णिका का पुनर्विकास कार्य CSR फंड से 18 करोड़ रुपए में किया जाना है। इससे नगर निगम की देख-रेख में कार्यदायी संस्था बना रही है। संस्था के अधिकारियों के अनुसार, 29 हजार 350 वर्गमीटर एरिया में काम कराया जाना है। यहां की मिट्‌टी दलदली है। इसलिए 15 से 20 मीटर नीचे तक पाइलिंग कराई गई है। सख्त मिट्टी तक पाइलिंग का काम किया गया है। जिससे बाढ़ में यहां के निर्माण में किसी भी तरह की दिक्कत न हो। 25 मीटर ऊंची चिमनी बनेगी ताकि घरों तक न पहुंचे राख इस श्मशान घाट पर 25 मीटर ऊंची चिमनी लगाई जाएगी। जिससे चिता की रखा हवा के साथ उड़ जाए और आसपास रहने वाले लोगों के घरों में न जाए। कायाकल्प में शवों के स्नान के लिए पवित्र जलकुंड, अपशिष्ट ट्रॉलियां, मुंडन क्षेत्र होंगे। चारों तरफ से कवर दाह संस्कार क्षेत्र में पांच बर्थ, सर्विस एरिया, अपशिष्ट संग्रह की व्यवस्था, सीढ़ियां, वेटिंग एरिया, भूतल पर पंजीकरण कक्ष, खुले में दाह संस्कार के लिए 18 प्लेटफॉर्म, लकड़ी भंडारण क्षेत्र, सामुदायिक प्रतीक्षाकक्ष, दो सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। यहां पूरा निर्माण कार्य चुनार और जयपुर के पत्थरों से किया जाएगा। 84 प्रमुख घाटों में शामिल है मणिकर्णिका मणिकर्णिका काशी के 84 प्रमुख घाटों में शामिल है। यह देवी अहिल्याबाई होल्कर के बनाए 5 घाटों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी जगह पर भगवान विष्णु की मणि गिरी थी, जिससे इसका नाम मणिकर्णिका पड़ा। घाट पर पारंपरिक स्थापत्य, ऐतिहासिक शिल्पकला और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। देवी अहिल्याबाई ने यहां तीर्थयात्रियों के लिए कई सुविधाओं का विकास कराया था। अब जानिए मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के बारे में ये खबर भी पढ़ें... इंदौर में सज्जन सिंह वर्मा ने दिया धरना वाराणसी (काशी) में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को ध्वस्त करने से पूरे देश के साथ-साथ इंदौर में भयंकर जनाक्रोश पैदा कर दिया है। इंदौर शहर कांग्रेस के नेतृत्व में आज राजबाड़ा स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा के समक्ष विशाल मौन धरना आयोजित किया गया। कांग्रेस द्वारा आयोजित मौन धरने मे मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस घटना पर कहा कि यह भाजपा सरकार का सनातन आस्था पर सीधा और घिनौना प्रहार है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:15 am

लगातार सामने आ रहे नए मरीज:भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त ही नहीं, किडनी-लिवर, ऑर्गन फेल्योर भी हो रहे

भागीरथपुरा में दूषित पानी से लगातार मौतें हो रही हैं। अकसर लोग दूषित पानी के कारण होने वाली समस्या को पेट की बीमारी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर किडनी और लिवर पर होता है। दूषित पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों को चपेट में ले लेते हैं। कई बार ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बन जाती है। एक्सपर्ट्स की संयुक्त राय है कि दूषित पानी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि पूरे शरीर को धीरे-धीरे बीमार करने वाली समस्या है। शुरुआत उल्टी-दस्त से, फिर किडनी व लिवर तक पहुंच जाता है संक्रमण बच्चों पर असर ज्यादा खतरनाकपीडियाट्रिशियन बताते हैं कि बच्चों का शरीर दूषित पानी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है। बार-बार डायरिया से उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। वहीं फ्लोराइड और आर्सेनिक जैसे रसायन हड्डियों, दांतों और त्वचा को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। 27 मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी, 8 आईसीयू में भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार क्षेत्र में संक्रमण के 3 नए मरीज सामने आए हैं। फिलहाल शहर के विभिन्न अस्पतालों में 27 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 8 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। अब तक 440 मरीज पहुंचे अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 24 दिसंबर से अब तक कुल 440 मरीजों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। राहत की बात यह है कि इनमें से 413 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि नए मरीजों की संख्या में गिरावट आई है, लेकिन सतर्कता कम नहीं की गई है। स्वास्थ्य टीमें भागीरथपुरा में लगातार घर-घर सर्वे कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की मौके पर ही जांच कर ओआरएस और जरूरी दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:15 am

व्यवसायी का पुत्र अगवा; इंडोनेशिया के नंबर से मांगी 5 करोड़ की फिरौती

एसिया के उपाध्यक्ष उद्यमी देवांग गांधी के व पुत्र कैरव गांधी का फिरौती के लिए अपहरण किया गया है। अपहर्ताओं ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिए बुधवार को परिजनों से संपर्क किया और कैरव की सकुशल वापसी के लिए 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। इस मामले में न तो परिजन और न ही पुलिस कुछ बता रही है। प्रारंभिक के अपहरण में इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। मंगलवार की देर शाम कैरव की गाड़ी कांदरबेड़ा के समीप लावारिस स्थिति में मिली थी। परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद भी पुलिस ने लापता का मामला माना था। इधर, बुधवार को फिरौती का फोन आने के बाद देवांग गांधी के बयान पर इंडोनेशिया के नंबर (+62-831-94765544) के संचालक के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई। कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की सात टीमें झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा में बदमाशों की तलाश में जुटी है। कार की फॉरेंसिक जांच कर फिंगर प्रिंट के जरिए अपराध में शामिल बदमाशों की पहचान की कोशिश की जा रही है। वहीं, कॉल डिटेल और उस क्षेत्र में उस समय सक्रिय मोबाइल फोन की कॉल डंपिंग के जरिए जानकारी इकट्ठा की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि अपहर्ता उन्हें लेकर पश्चिम बंगाल या बिहार की ओर जा सकते हैं। पिता को आया था वॉट्सएप कॉल मंगलवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में 16 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को लेकर बैठक चल रही थी। इस बैठक में देवांग गांधी के मोबाइल पर 10 बार वॉट्सएप कॉल आया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। कुछ कॉल को कट कर दिया। बैठक के बाद दोपहर दो बजे कैरव गांधी के बारे में जानकारी लेने के लिए फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। इसके बाद कंपनी में फोन किया तो पता चला कि उनका बेटा कंपनी नहीं पहुंचा। फिर मैसेज आया, जिसमें बेटे की अपहरण की बात लिखी गई थी। तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस लिखी जिस स्कॉर्पियो से अपहरण की आशंका, उसका नंबर बाइक का निकला पुलिस ने घटना के बाद कैरव गांधी से घर से निकलने से लेकर कांदरबेड़ा जाने तक के मार्ग का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। पुलिस जांच में पता चला कि कैरव की कार के आगे-पीछे एक ही नंबर की स्कॉर्पियो कई बार गुजरी। स्कॉर्पियो पर पुलिस का बोर्ड लगा हुआ था। स्कॉर्पियो पर लगे नंबर की जांच की गई तो वह किसी बाइक का नंबर था। अंदेशा लगाया जा रहा है कि टोल प्लाजा से बचने के लिए अपहरणकर्ताओं ने पुलिस का बोर्ड लगाया था। पुलिस की टीम चांडिल से आगे रांची, रामगढ़ से बिहार को जाने वाले मार्ग का फुटेज खंगाल कर स्कॉर्पियो का पता लगाने में जुटी है। कार में मिला 25 लाख का चेक पुलिस ने कैरव के मोबाइल का लोकेशन जांचा, तो अंतिम लोकेशन मंगलवार सुबह 11:30 बजे मरीन ड्राइव बिंदल मॉल के पास मिला। इसके बाद पुलिस और परिजन चांडिल से लेकर हाइवे पर तलाशने लगे। इसी दौरान कैरव की कार कांदरबेड़ा के पास सिल्वर सैंड रिसॉर्ट के सामने लवारिस अवस्था में मिली। कार में चाबी और 25 लाख का चेक मिला। इसी चेक को लेकर कैरव बैंक अॉफ इंडिया बिष्टुपुर जाने की बात कह कर दिन के सवा दस बजे निकला था।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:14 am

भोपाल के ड्रग तस्कर अबान का लग्जरी लाइफ स्टाइल:कोठी के पोर्च में करोड़ों की बाइक-कारें; जिम में ली थी ड्रग की पहली खुराक

इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाडिया पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में भोपाल के ड्रग तस्कर अबान शकील को गिरफ्तार किया है। अबान भोपाल में सेंट माइकल स्कूल और सेंट माइकल क्रिकेट अकादमी चलाता है। बॉडी बिल्डिंग का शौकीन है। अबान ने पुलिस को बताया कि भोपाल में जिमिंग के दौरान उसने एमडी ड्रग्स का सेवन शुरू किया था। नशे में वर्कआउट करने के दौरान वेट लिफ्टिंग करने पर वजन का एहसास नहीं होता। अबान थार से ड्रग डिलीवरी देने के इंतजार में था, इसी दौरान पुलिस की गिरफ्त में आ गया। वह भोपाल के लोकल तस्करों से ड्रग लेकर इंदौर में खपाने का काम करता था। इंदौर के कुछ खास लाउंज और पब में उसके ग्राहक थे। अबान दस हजार रुपए प्रति ग्राम के हिसाब से ड्रग्स बेचता था। मुखबिर की सूचना पर पकड़ में आया13 जनवरी को इंदौर पुलिस को सूचना मिली थी कि अबान शकील कनाडिया में नशीले पदार्थों की खेप लेकर आने वाला है। मुखबिर के बताए रोड पर घेराबंदी कर पुलिस ने अबान की थार को रोक लिया। तलाशी में 5.5 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई। शुरुआती पूछताछ में अबान ने बताया कि किसी को शक न हो, इसलिए ड्रग सप्लाई के लिए वह खुद की ही थार का उपयोग करता था। आधे एकड़ में बनी करोड़ों रुपए की कोठीअबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान में आधा एकड़ में बनी करोड़ों रुपए की कोठी में रहता है। उसके घर के पोर्च में लग्जरी कारें खड़ी रहती हैं। सेंट माइकल स्कूल चलाने में उसकी बहन भी सहयोगी है। पुराने भोपाल का रहने वाला अबान आमतौर पर नए भोपाल के क्लब और लाउंज में उठता-बैठता था। ड्रग्स पैडलर बाबा ने दी थी एमडीअबान शकील ने इंदौर पुलिस को बताया कि उसे ड्रग्स बाबा ने दी थी। भोपाल का ड्रग पैडलर बाबा पार्टी और पब में नशा करने वालों को ड्रग्स मुहैया कराता है। अबान ने बताया कि वह शनिवार को दोस्तों के साथ पार्टी करता था। इसी दौरान एक पब में उसकी बाबा से पहचान हुई थी। मोबाइल में मिली नशे को लेकर चैटिंगअबान के मोबाइल में बाबा और उसके बीच वाट्सऐप चैट भी मिली है। इसमें नशा देने के लिए बाबा उससे कोडवर्ड में बात कर रहा था। वह करीब दो साल से इसी तरह के नेटवर्क में जुड़ा है। बाबा पुलिस के लिए मुखबिरी भी करता है।सूत्रों के मुताबिक, बाबा ने तीन लोगों को मिलाकर 60 ग्राम एमडी दी थी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में साढ़े 5 ग्राम का ही केस बनाया है। अबान के पिता भी बॉडी बिल्डर थेअबान के पिता शकील मध्य प्रदेश के पुराने और नामी बॉडी बिल्डर रहे हैं। कोरोना काल में उनकी मौत हो गई थी। शकील ने ही सेंट माइकल स्कूल की नींव रखी थी। सेंट माइकल क्रिकेट एकेडमी की शुरुआत भी उन्होंने ही की थी। इस एकेडमी से रणजी से लेकर स्टेट तक खेलने वाले कई क्रिकेटर निकले। शकील फिटनेस को लेकर बेहद संजीदा रहते थे। महिला ड्रग तस्कर से संबंधों की पड़तालइससे पहले 15 नवंबर 2025 को भोपाल की टीला जमालपुरा पुलिस ने ड्रग तस्करी के मामले में अक्सा खान (25) को गिरफ्तार किया था। वह ग्राहक के इंतजार में इस्लामी गेट के पास खड़ी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। अक्सा के कब्जे से 9 ग्राम एमडी और 1.52 लाख रुपए का मोबाइल जब्त किया गया है। अक्सा भी कोहेफिजा में ही 5-2 चित्रांश अपार्टमेंट में रहती है। तलाशी लेने पर उसके पर्स के अंदर छोटी-छोटी 8 पारदर्शी पन्नियों में 9 ग्राम एमडी मिली थी। वह फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल में है। सूत्रों के मुताबिक अक्सा, अबान के पैडलर के तौर पर काम करती थी। इस इनपुट पर भोपाल पुलिस ने अबान के लोकल नेटवर्क की गोपनीय जांच शुरू कर दी है। हाई प्रोफाइल फैमिली से ताल्लुक रखती है अक्साअक्सा उर्फ आसिया खान भोपाल के कोहेफिजा के हाई प्रोफाइल घराने से ताल्लुक रखती है। उसके पिता आजम, शहर के एयरपोर्ट रोड स्थित बड़वई स्पोर्ट्स ग्राउंड का संचालन करते हैं। आसिया बी.कॉम ग्रेजुएट है और शहर के अलग-अलग हुक्का लॉज पर उसका उठना-बैठना है। ये खबर भी पढ़ें... 10 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त, अंतरराष्ट्रीय कीमत 50 करोड़ आगर मालवा जिले में नर्सरी की आड़ में चल रही MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। नारकोटिक्स विभाग ने शनिवार तड़के आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी पर छापा मारकर 31 किलो 250 ग्राम MD ड्रग्स जब्त की है। जब्त ड्रग्स की कीमत घरेलू बाजार में करीब 10 करोड़ जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:13 am

झारखंड में डिजिटल इलाज की तैयारी, 54 विशेषज्ञ बहाल होंगे

झारखंड सरकार ने राज्य में मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ा जाएगा, ताकि इलाज तेज, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण हो सके। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी मेडिकल कॉलेज और जिला स्तर पर दो-दो तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी। इस तरह राज्यभर में कुल 54 तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत होगी। इनमें जिला अस्पतालों के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) मैनेजर के 42 पद और मेडिकल कॉलेजों में 12 पद हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बहाली के लिए पद सृजन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मंत्री की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव प्रशासी पदवर्ग समिति को भेजा जाएगा। समिति की मंजूरी मिलते ही बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी पद संविदा के आधार पर भरे जाएंगे। क्या है मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना क्या है मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना झारखंड में डिजिटल इलाज की तैयारी, 54 विशेषज्ञ बहाल होंगे झारखंड सरकार ने राज्य में मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ा जाएगा, ताकि इलाज तेज, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण हो सके। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी मेडिकल कॉलेज और जिला स्तर पर दो-दो तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी। इस तरह राज्यभर में कुल 54 तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत होगी। इनमें जिला अस्पतालों के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) मैनेजर के 42 पद और मेडिकल कॉलेजों में 12 पद हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बहाली के लिए पद सृजन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मंत्री की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव प्रशासी पदवर्ग समिति को भेजा जाएगा। समिति की मंजूरी मिलते ही बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी पद संविदा के आधार पर भरे जाएंगे। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी योग्यता... बीटेक/बीटेक या कोई इंजीनियरिंग डिग्री या एमबीए/पीजी डिप्लोमा (मैनेजमेंट) या पब्लिक हेल्थ/एमबीबीएस/बीडीएस या में मास्टर डिग्री जरूरी है। कम से कम 4 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। सरकारी परियोजना में 2+ वर्ष का अनुभव (वरीयता) और एमएस ऑफिस में दक्षता अनिवार्य है। नियुक्त विशेषज्ञ मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के साथ-साथ आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन से जुड़े सभी तकनीकी कार्य भी देखेंगे। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी योग्यता... बीटेक/बीटेक या कोई इंजीनियरिंग डिग्री या एमबीए/पीजी डिप्लोमा (मैनेजमेंट) या पब्लिक हेल्थ/एमबीबीएस/बीडीएस या में मास्टर डिग्री जरूरी है। कम से कम 4 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। सरकारी परियोजना में 2+ वर्ष का अनुभव (वरीयता) और एमएस ऑफिस में दक्षता अनिवार्य है। नियुक्त विशेषज्ञ मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के साथ-साथ आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन से जुड़े सभी तकनीकी कार्य भी देखेंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:12 am

रांची-अजमेर स्पेशल ट्रेन बंद करने से यात्रियों में नाराजगी

रांची-अजमेर स्पेशल ट्रेन को रेलवे ने दिसंबर में बंद कर दिया। झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के सह सचिव ऋतिक राज ने लोहरदगा रेलवे लाइन पर स्थित पुल संख्या-115 में आई खराबी को ट्रेन के परिचालन बंद करने का मुख्य कारण बताया है। इस ट्रेन के बंद किए जाने से लोगों में भारी नाराजगी है। रांची व आसपास के लोगों को अजमेर जाने के लिए इस ट्रेन का बड़ा महत्व था। झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन ने इस पर सवाल उठाया है। पूछा है कि जब अन्य ट्रेनों का संचालन परिवर्तित मार्ग मेसरा-बरकाकाना के रास्ते किया जा रहा है, तो रांची-अजमेर स्पेशल एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग से क्यों नहीं चलाया गया। ट्रेन को नियमित करने की मांग को लेकर कई बार जेडआरयूसीसी और डीआरयूसीएस के सदस्यों के साथ रेलवे यूजर्स एसोसिएशन ने दक्षिण-पूर्व रेलवे और डीआरएम रांची से आग्रह भी किया, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने कहा कि लोहरदगा लाइन के डिस्टर्ब रहने तक यह ट्रेन अब नहीं चलेगी। लेकिन यह ट्रेन नॉर्दर्न-वेस्टर्न रेलवे की है, रांची रेल मंडल की नहीं। आगे इसे चलाने पर नॉर्दर्न-वेस्टर्न रेलवे ही विचार कर सकता है। ट्रेन को लेकर यात्रियों को है रेलवे के फैसले का इंतजार यूजर्स एसोसिएशन का कहना है कि इस ट्रेन के पुनः संचालन को लेकर रांची मंडल से अनुमति मिल चुकी है, लेकिन अन्य जोनों से क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण अब तक परिचालन शुरू नहीं हो सका है। रांची और झारखंड के यात्रियों को अब रेलवे के फैसले का इंतजार है। इधर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस पर विचार हो सकता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:11 am

नियम तोड़ने वाले 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता होगी रद्द

झारखंड में फार्मेसी शिक्षा के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े पर अब बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। विभागीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी-फार्मा) पाठ्यक्रम संचालित कर रहे राज्य के 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन संस्थानों को सरकार की ओर से जारी किया गया ‘लेटर ऑफ कंसेंट’ अब निरस्त किया जाएगा। जांच में खुलासा हुआ है कि इन संस्थानों ने न तो सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया और न ही इसके लिए आवेदन किया। हैरानी की बात यह है कि कई संस्थानों के पास न तो खुद की जमीन है, न भवन, न पर्याप्त शिक्षक और न ही नन-टीचिंग स्टाफ। यह कार्रवाई यूं ही नहीं हुई। दैनिक भास्कर ने लगातार खबरें प्रकाशित कर झारखंड में फार्मेसी शिक्षा के नाम पर चल रहे खेल को उजागर किया था। भास्कर की रिपोर्टिंग के बाद ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जांच समिति का गठन किया गया। अब जांच रिपोर्ट के बाद उन संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी है। जांच समिति ने उजागर की सच्चाई स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश पर अगस्त 2025 में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति की अध्यक्षता विभागीय उप सचिव रंजीत लोहरा कर रहे थे। समिति ने राज्य के कुल 71 फार्मेसी संस्थानों की भौतिक जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में कॉलेज न तो सरकारी प्रावधानों का पालन कर रहे हैं और न ही फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों पर खरे उतरते हैं। जिन 34 संस्थानों को मान्यता से बाहर करने की तैयारी है, उनके खिलाफ फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली को पत्र भेजकर 2025-26 में नए नामांकन पर रोक लगाने की अनुशंसा की जाएगी। छात्रों की परीक्षा और रजिस्ट्रेशन पर भी संकट स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिन संस्थानों ने अब तक वैध एनओसी नहीं ली है, उनके छात्रों का परीक्षा पंजीकरण रोका जा सकता है। केवल लेटर ऑफ कंसेंट के आधार पर परीक्षा लेने की अंतरिम व्यवस्था को वर्ष 2025-26 से समाप्त कर दिया जाएगा। 36 अन्य संस्थानों पर भी संकट जांच में 36 ऐसे फार्मेसी कॉलेज भी चिह्नित किए गए हैं, जहां आंशिक रूप से भवन और भूमि तो है, लेकिन टीचिंग व नन-टीचिंग स्टाफ की भारी कमी है। इन संस्थानों ने भी अब तक एनओसी नहीं ली है। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:10 am

11वीं में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, टेस्ट के बाद प्रोविजनल एडमिशन

राजधानी के निजी स्कूलों में कक्षा 11वीं में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जनवरी के पहले सप्ताह से ही कई स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं। अधिकतर स्कूल जनवरी के अंतिम सप्ताह तक नामांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। फॉर्म स्कूलों की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। फॉर्म भरने के बाद छात्रों का ऑफलाइन माध्यम से एडमिशन टेस्ट लिया जाएगा। उसमें चयनित छात्रों को पहले प्रोविजनल एडमिशन मिलेगा, जबकि 10वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद अंकों और एप्टीट्यूड टेस्ट के आधार पर ही फाइनल सीट कंफर्म की जाएगी। वहीं, बेहतर एकेडमिक रिकॉर्ड और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके छात्रों को कई स्कूलों में डायरेक्ट एडमिशन की सुविधा भी दी जा रही है। बेहतर करियर के लिए स्टूडेंट्स नए संस्थान में लेते हैं नामांकन नर्सरी से 10वीं तक एक ही स्कूल में पढ़ने के बाद बच्चे उस स्कूल के वातावरण में पूरी तरह ढल जाते हैं। लेकिन उनमें हमेशा बेहतर करने और बेहतर संस्थान में पढ़ने की इच्छा रहती है। ऐसे शिक्षण संस्थान जहां स्टूडेंट्स को लगता है कि उनके करियर के लिए जाना जरूरी है, 10वीं के बाद वे उसका चुनाव करते हैं। नए संस्थान में जाने के बाद जीवन में भी नयापन आता है और वे एक नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। कब किस स्कूल में मिल रहा 11वीं का एडमिशन फॉर्म जेवीएम: जनवरी के अंतिम सप्ताह से नामांकन के लिए फॉर्म मिलेगा। कीमत 2000 रुपए रखी जा सकती है। फॉर्म स्कूल की वेबसाइट www.jvmshyamali.com पर भी उपलब्ध होगी। लगभग एक महीने तक नामांकन के लिए स्कूल का पोर्टल खुला रहेगा। डीपीएस: 10 जनवरी से नामांकन के लिए फॉर्म उपलब्ध है, जो 30 जनवरी तक मिलेगा। स्कूल की वेबसाइट www.dpsranchi.com पर इच्छुक छात्र रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। फॉर्म की कीमत 3500 रुपए है। एप्टीट्यूड टेस्ट की तिथि भी जल्द घोषित की जाएगी। एकेडमिक और स्पोर्ट्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र डायरेक्ट एडमिशन भी ले सकते हैं। केरलि स्कूल: जनवरी के अंतिम सप्ताह में नामांकन के लिए फॉर्म उपलब्ध होंगे। स्कूल की वेबसाइट www.kairlyschool.com पर जाकर स्टूडेंट फॉर्म भर सकते हैं। कीमत 2000 रुपए है। लगभग 20 दिन तक स्टूडेंट फॉर्म भर सकेंगे। नामांकन के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट अॉफलाइन होगा। डीएवी, गांधीनगर: 15 जनवरी से नामांकन के लिए फॉर्म उपलब्ध होंगे। पैरेंट्स स्कूल के फी काउंटर से अॉफलाइन भी फॉर्म ले सकते हैं। सुबह 8.30 बजे से 1.00 बजे के बीच स्कूल आकर फॉर्म लिया जा सकता है। वहीं, स्कूल की वेबसाइट davgandhinagar.com पर भी फॉर्म उपलब्ध है। पैरेंट्स वेबसाइट से डाउनलोड कर फॉर्म भरने के बाद अॉफलाइन जमा कर सकते हैं। फॉर्म का शुल्क 1500 रुपए है। शारदा ग्लोबल स्कूल : 11वीं में नामांकन के लिए फॉर्म 18 जनवरी से मिलना शुरू हो जाएगा। कीमत 1200 रुपए है। www.sardaglobalschool.com पर फॉर्म मिलेगा। अॉफलाइन फॉर्म स्कूल से मिलेगा। राजेश पिल्लई, प्रिंसिपल, केरलि स्कूल सिटी एंकर

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:09 am

ये लालच की इंतेहा है:चाइनीज मांजे से फिर सड़कें लहूलुहान...

चंद कारोबारियों के लालच व कुछ पतंगबाजों की थोड़ी देर की मौज-मस्ती के कारण बुधवार को भी शहर की सड़कों पर लोग लहू-लुहान होते रहे। मकर संक्रांति पर दिनभर में एक दर्जन से ज्यादा लोग चाइनीज मांजे के शिकार हुए। तीन इमली ब्रिज पर बाइक सवार हेमराज चौरसिया (29) का गला बुरी तरह कट गया। सड़क खून से सन गई। पांच पक्षियों की मौत हो गई, 15 घायलावस्था में रेस्क्यू सेंटर भेजे गए। जूनी इंदौर ब्रिज, जयरामपुर कॉलोनी, नंदानगर, धार रोड, रीगल, एयरपोर्ट रोड पर भी कई लोग मांजे की चपेट में आए। अभी कुछ बोल नहीं पा रहा हैपंपकर्मी हेमराज के भाई कालू ने बताया कि उसका 4 घंटे तक ऑपरेशन चला। अभी उसे कुछ भी बोलने और खाने-पीने से परहेज रखने को कहा है। डॉक्टरों ने कहा है कि 2-3 दिन में स्थिति देखेंगे। यदि ठीक नहीं हुआ तो एक और सर्जरी करना पड़ेगी। गनीमत है उसका कंठ नहीं कटा, वरना जान भी जा सकती थी। ये भी जख्मी : खून की धार देख आने-जाने वाले लोग भी घबरा गए नंदानगर के महेश सोनी को गले में चोट आई। बंगाली चौराहे पर एक युवक की नाक पर कट लगा। मानव निवासी रामानंद नगर की ठुड्डी कट गई। 10 टांके आए। एयरपोर्ट पर एक जवान का गाल कटा। जूनी इंदौर ब्रिज पर प्रेम कुमार भंडारी की डोर से ठुड्डी कट गई। खूब खून बहा। आठ टांके आए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:08 am

राजधानी के 'मंत्री वाले बंगले में मरीजों का डेरा':गोपाल भार्गव के सरकारी आवास में बीमार बच्चों के लिए बना प्ले स्कूल जैसा गेस्ट रूम

एमपी में कई ऐसे नेता हैं जो किसी पद पर नहीं हैं फिर भी मंत्रियों वाले सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए हुए हैं। वहीं भोपाल में ही मंत्रियों वाला एक ऐसा बंगला है जो मरीजों का ठिकाना बना हुआ है। राजधानी के 74 बंगला क्षेत्र के बंगला नंबर बी-1 जो कि सागर जिले की रहली से विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का सरकारी आवास है। मंत्री के तौर पर भार्गव को आवंटित हुआ यह घर अब मरीजों का घर बना हुआ है। बच्चों के लिए प्ले स्कूल की तरह बनाया गेस्ट रूमगोपाल भार्गव की पुत्रवधु शिल्पी भार्गव ने बीमार बच्चों विशेषकर जिन्हें दिल से जुड़ी बीमारियां हैं उनके ठहरने के लिए एक खास गेस्ट रूम प्ले स्कूल की तर्ज पर तैयार कराया है। इस किड्स गेस्ट रूम में बच्चों के लिए झूला, खिलौने से लेकर बच्चों के लिए स्पेशल बेड की व्यवस्था की है। बीमार बच्चों का मूड ठीक रखने के लिए दीवारों पर कार्टून और आकर्षक पेंटिंग्स बनवाई हैं। मरीजों के लिए 50 बिस्तर गोपाल भार्गव के बंगले में बीमार मरीजों के लिए 50 बिस्तरों के तीन हॉल रेनोवेट कराए गए हैं। इस बंगले में मरीजों के रुकने से लेकर आने-जाने के लिए एम्बुलेंस, भोजन और राजधानी के अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं। मरीजों के लिए खास मेन्यूभार्गव के बंगले में इलाज के पहले और बाद में रुकने वाले मरीजों के लिए सुबह नाश्ते, चाय के साथ दो टाइम फ्री भोजन की व्यवस्था है। इसे गोपाल जी की रसोई नाम दिया है। इस किचन में अलग-अलग दिनों में मरीजों के लिए मलाई कोफ्ता, मटर पनीर, पालक पनीर, शाही पनीर, बैगन भर्ता, बैगन मसाला, सेव टमाटर, आलू टमाटर, आलू पालक, भिंडी, आलू मैथी की भाजी, कढ़ी-पकौड़ा, बूंदी रायता, दाल तड़का, दाल फ्राइ, दाल मखनी, मूंग दाल, दलिया, जीरा राइस, हलवा, खिचड़ी, गरम रोटियों के साथ अचार, पापड़, चटनी और सलाद परोसा जाता है। हर रविवार को तीन एम्बुलेंस से भोपाल पहुंचते हैं मरीजगोपाल भार्गव के गृह नगर गढ़ाकोटा स्थित निज निवास गणनायक से तीन एम्बुलेंस हर रविवार को भोपाल के लिए मरीजों को लेकर रवाना होती हैं। जिन मरीजों को भोपाल में इलाज के लिए आना होता है वे गढ़ाकोटा आवास पर रजिस्ट्रेशन कराते हैं। रविवार सुबह 10 बजे तक गढ़ाकोटा पहुंचने के बाद मरीजों को एम्बुलेंस से भोपाल रवाना कर दिया जाता है। भोपाल में भार्गव के बंगले पर पहुंचते ही कर्मचारी मरीजों का पंजीयन करते हैं। इसमें मरीज का आधार कार्ड, बीमारी की जानकारी लेकर मरीज से इलाज के लिए अस्पताल का नाम पूछते हैं। फिर जांचें कराकर इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती करा दिया जाता है। आने-जाने, रुकने-खाने और इलाज सब फ्रीगोपाल भार्गव के क्षेत्र के मरीजों को गढ़ाकोटा, रहली से भोपाल तक आने-जाने की व्यवस्था फ्री है। भोपाल में रुकने और भोजन भी निशुल्क है। इलाज की व्यवस्था आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री सहायता से कराई जाती है यदि इन माध्यमों से भी इलाज में मदद नहीं मिल पाई तो गोपाल भार्गव अपने निजी फंड से इलाज की व्यवस्था करते हैं। अभिषेक भार्गव ने मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर भास्कर को जानकारी दीभास्कर: प्ले स्कूल जैसा गेस्ट रूम बनाने के पीछे की क्या सोच है? अभिषेक भार्गव: इसके पीछे मेरी पत्नी शिल्पी भार्गव की सोच है। वे ही वेदिका फाउंडेशन का संचालन करती हैं। उनकी सोच ऐसी थी कि जो बीमारी से ग्रस्त बच्चे होते हैं उनमें चिडचिड़ापन रहता है। जब बच्चे अनजान माहौल में जाते हैं तो असहज हो जाते हैं। शिल्पी भी एक मां हैं इसलिए बच्चों के मन को वे भी समझती हैं। उन्होंने इसीलिए यह एक कॉन्सेप्ट बनाया कि जब बच्चे इलाज के लिए आएं तो उन्हें ऐसा माहौल दें जहां प्ले स्कूल की तरह खिलौने, झूले हों। ताकि बच्चे यहां आकर न डरें, उन्हें अनुकूल वातावरण देने की कोशिश है। भास्कर: इस बंगले में रेनोवेशन का काम चल रहा है, काफी बदला सा लग रहा है?अभिषेक भार्गव: क्षेत्र से यहां पर बहुत सारे मरीज इलाज करवाने आते हैं। उनके लिए तमाम व्यवस्थाएं देने का काम हम लोग 25 वर्षों से कर रहे हैं। साल-दर-साल उसमें बेहतरी करने का प्रयास करते हैं। इसे और रेनोवेट किया है। ज्यादा से ज्यादा मरीज यहां पर रुक सकें इसके लिए व्यवस्थाएं बढ़ा रहे हैं। 2004 में जब गोपाल भार्गव मंत्री बने तब से यहां यह व्यवस्था भोपाल में हम लोग चला रहे हैं। पहले जब मरीज यहां पर आते थे तो उनके रुकने, खाने-पीने की समस्या रहती थी। ये भी जानकारी नहीं रहती थी कि इलाज कहां पर कराएं। उनके रूकने से लेकर आने-जाने, भोजन और इलाज की व्यवस्था हम लोग करते हैं। कई मरीज आर्थिक अभाव के कारण इलाज नहीं करवा पाते। रविवार को गढ़ाकोटा निवास से मरीजों की संख्या के अनुसार एंबुलेंस चलतीं हैं वहां ये भोपाल तक निशुल्क एंबुलेंस आती है। भोपाल के बडे़ अस्पताल जिनमें कई प्रायवेट अस्पतालों में हम लोग निशुल्क इलाज कराते हैं। भास्कर: यदि किसी मरीज की मृत्यु हो जाए तो उसके शव को पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था है?अभिषेक भार्गव: कभी ऐसा होता है कि किसी मरीज की मृत्यु हो जाए तो हमारे वाहन से ही उनके शव को घर तक पहुंचाते हैं। जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी...हमारे और भी प्रकल्प हैं। जैसे किसी की हमारे क्षेत्र में जब मृत्यु हो जाती है तो बरमान घाट पर मां नर्मदा में अस्थि विसर्जन होता है। अस्थि विसर्जन के लिए भी हमारी ओर से यह व्यवस्था बनाई है कि अस्थि विसर्जन के लिए लोग फोन पर हमारे कार्यालय में संपर्क करते हैं तो उनके आने-जाने की व्यवस्था हमारी तरफ से करते हैं। बरमान घाट पर रहली क्षेत्र के लोगों के लिए अलग पंडित जी, नाई की व्यवस्था है। नर्मदा जी में अस्थि विसर्जन के लिए नाव की व्यवस्था भी है। ये सारी व्यवस्थाएं भैया गोपाल भार्गव अपने क्षेत्र में करते आ रहे हैं। तेरहवीं संस्कार में सहयोग हो या बेटियों के कन्यादान में मदद करनी हो यथायोग्य सहायता गोपाल जी करते हैं। भास्कर: मंत्री बनने के बाद कुछ असर आया क्या? अभिषेक भार्गव: जब सरकार में मंत्री थे तो लोग कहते हैं कि मंत्रियों के यहां ऐसी चीजें होती रहती हैं। लेकिन अब दो साल से हम सरकार में मंत्री नहीं हैं लेकिन, कोई प्रकल्प बंद नहीं हुआ। क्योंकि ये व्यवस्थाएं हम शासकीय रूप से नहीं करते बल्कि निजी स्तर से करते हैं। जैसे यह सरकारी बंगला है तो यहां पर सिविल का काम जरूर सरकार ने कराया है लेकिन, बाकी के जो भी काम हैं साजो सामान है या मरीजों के लिए जो व्यवस्थाएं हैं वो सारी निजी खर्चे से होती हैं। ये एंबुलेंस भी निजी खर्चे पर चलतीं हैं। हमारे पिताजी का ध्येय वाक्य है निरंतर कर्म, यही मेरा धर्म। भास्कर: आपकी ये व्यवस्थाएं सिर्फ रहली विधानसभा के लोगों के लिए हैं क्या दूसरे क्षेत्रों के लोग भी आते हैं?अभिषेक भार्गव: हम लोग बाध्यता इसलिए रखते हैं क्योंकि बहुत प्रयास के बाद भी यहां पर अधिकतम सौ लोगों के रूकने की व्यवस्था हो पाती है। सोचिए एक घर में सौ लोग हों तो उनके लिए होटल या आश्रम चाहिए होगा। बहुत ज्यादा भीड न हो इसलिए बाध्यता रखते हैं। कई बार क्षेत्र के रिश्तेदार हमारे क्षेत्र के किसी व्यक्ति को लेकर आ जाते हैं तो उनके लिए पिताजी मना नहीं करते। वो लोग भी यहां पर रुकते हैं। कोई गरीब ऐसा है जिसके पास कोई व्यवस्था नहीं हैं उसके लिए भी यहां व्यवस्था करते हैं। कुल मिलाकर 90% यहां पर क्षेत्र और 10% बाहर के लोग रहते हैं। भास्कर: बच्चों में भी क्या क्षेत्र के मरीजों को ही प्राथमिकता रहती है?अभिषेक भार्गव: वेदिका फाउंडेशन में हमने क्षेत्र की बाध्यता नहीं रखी। ह्रदय रोग से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त बच्चा रहली नहीं पूरे भारत देश ही नहीं दुनिया का कोई बच्चा संपर्क करता है तो उसके आने-जाने और इलाज सर्जरी की पूरी व्यवस्था हम करते हैं। भास्कर: बंगले में मरीजों के लिए व्यवस्थाएं कर दीं आपके परिवार का कौन यहां रहता है?अभिषेक भार्गव: मजेदार बात ये है कि हमारे परिवार का कोई यहां नहीं रहता। पिताजी को जब काम होता है तब वे यहां आते हैं। बाकी मरीजों की देखरेख में लगा रहता स्टाफ यहां रहता है। जो बच्चे एग्जाम देने के लिए भोपाल आते हैं उनके लिए भी यहां व्यवस्था रहती है। यहां पर एक हॉल, एक पिताजी का पूजा कक्ष, शयन कक्ष और एक ऑफिस...बस ये निजी हमारे लिए हैं बाकी पूरा बंगला मरीजों और क्षेत्र के लोगों के लिए है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:06 am

करनाल से आई थी शराब, 7 जनवरी को बनी:भिवानी में एक की मौत, 5 गंभीर, पिता बोले- बिना बताए घर से गया था

भिवानी के गांव जाटू लोहारी में 14 जनवरी को शराब के सेवन से एक व्यक्ति की मौत व 5 लोगों की गंभीर हालत के बाद शराब ठेके को सील कर दिया। वहीं जिस बैच की शराब पी थी, उसको भी सील कर दिया है। ताकि किसी अन्य के साथ कोई घटना ना होने का खतरा रहे। इधर, पुलिस जांच के अनुसार शराब करनाल से लाई गई थी। वहीं इसकी मेन्यूफेक्चरिंग डेट (उत्पादन तिथि) 7 जनवरी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक की पहचान भिवानी के गांव जाटू लोहारी निवासी जितेंद्र के रूप में हुई है। वहीं हरकेश, अनिल, सुदेश उर्फ कालू, कृष्ण और अर्जुन की हालत गंभीर हो गई थी। करनाल से भिवानी पहुंचे पूरे शराब के बैच को ही सील किया गया है। ताकि इसका जांच से पहले इस्तेमाल ना हो पाए। वहीं शराब के सैंपल लेकर भी जांच के लिए भेज दिया गया है। ट्रक ड्राइवरी करता है जितेंद्र, 10 दिन से घर पर थागांव जाटू लोहारी निवासी जितेंद्र के पिता नृतक ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। वहीं उसको 4 बच्चे (3 बेटे व एक बेटी) थे। जिसमें से सबसे बड़ा बिट्‌टू, दूसरे नंबर का जितेंद्र, तीसरे नंबर की पिंकी व सबसे छोटा रवि उर्फ टोनी था। रवि उर्फ टोनी की करीब ढाई-तीन साल पहले हो गई थी। अब जितेंद्र की भी मौत हो गई, वहीं अब उसके पास एक बेटा व एक बेटी बची है। उसने बताया कि उसका बेटा जितेंद्र ट्रक ड्राइवर था। जो करीब 10 दिन से ट्रक की ड्राइवरी की ड्यूटी करके घर आया था और करीब 10 दिन से ही घर पर था। बिना बताए सुबह घर से गया थाउसने बताया कि जितेंद्र सुबह करीब 7 बजे घर से गया था। जितेंद्र की शादी हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद जितेंद्र व उसकी पत्नी अलग-अलग हो गए। सुबह के समय बिना बताए घर से करीब 7 बजे निकला था। बाद में पता लगा कि जितेंद्र की मौत हो गई। करनाल से आई थी शराबभिवानी के एसपी सुमित कुमार ने बताया कि गांव जाटू लोहारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं जो 5 लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनमें से 3 को छुट्‌टी मिल चुकी है और 2 का उपचार चल रहा है। वहीं घटनास्थल से शराब की 4 खाली बोतल मिली थी। वहीं शराब के सैंपल भी लिए गए हैं। साथ ही उस बैच में करनाल से जितनी भी शराब आई थी, उसको सील कर दिया गया है। ताकि आगे किसी भी प्रकार की घटना की संभावना ना रहे। 7 जनवरी को बनी थी शराबघटना का पता लगने के बाद डीएसपी दलीप सिंह व बवानीखेड़ा एसएचओ ओम प्रकाश के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं एक्साइज इंस्पेक्टर अमरजीत व डीईटीसी भी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने शराब ठेके को सील करके सैंपल लेकर भेज दिए। वहीं पुलिस जांच के अनुसार यह शराब 7 जनवरी को बनी (तैयार हुई) थी। इन बोतलों पर 7 जनवरी की मेन्यूफेक्चरिंग डेट मिली है। सीन ऑफ क्राइम की टीम भी घटना का पता लगते ही मौके पर पहुंची और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:05 am

हनी ट्रैप!:महिला ने विधायक से मांगे दो करोड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस की तब केस दर्ज

धरमपुरी के भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर का आरोप है कि मदद मांगने आई एक महिला और उसके पति ने केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे दो करोड़ रुपए मांगे। घटना दिसंबर माह की है, जिसके लिए उन्होंने 23 दिसंबर को ही पुलिस को आवेदन दे दिया था। मंगलवार को मुख्यमंत्री से भी मिले। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस ली, उसके बाद धार पुलिस ने केस दर्ज किया। अभी केस उनकी होटल मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ है। विधायक ठाकुर का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन से अपेक्षित सहयोग ही नहीं मिल पा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि भाजपा सरकार में भाजपा विधायक की ही सुनवाई क्यों नहीं हो रही, तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए। प्रेस वार्ता के बाद बुधवार देर शाम महिला दीपिका ठाकुर और उसके पति कासिम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर विधायक ने नहीं, बल्कि उनकी होटल मैनेजर बबीता पाटीदार द्वारा दर्ज कराई गई है। धार-भोपाल कहीं सुनवाई नहीं 1. विधायक के अनुसार, महिला 23 दिसंबर को उनके धामनोद स्थित कार्यालय पर आर्थिक सहायता मांगने पहुंची। उस समय विधायक भोपाल में थे, इसलिए महिला कार्यालय में ही रुक गई।2. अगले दिन महिला विधायक के भोपाल स्थित निवास पर पहुंची और 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मांगी। विधायक ने एक हजार रुपए देकर उसे वापस भेज दिया। इसके बाद महिला ने झूठे मामले में फंसाने और बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।3. विधायक का कहना है कि भोपाल से जाने के करीब एक घंटे बाद महिला ने फोन कर आरोप लगाया कि उसे गलत काम के लिए भोपाल बुलाया गया था और 2 करोड़ रुपए नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। इस पर मैंने तत्काल भोपाल से एसपी और आईजी को फोन कर सूचना दी और व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन भी भेजा।4. विधायक के अनुसार, महिला का पति कानपुर का रहने वाला है और फिलहाल खलघाट में किराए के मकान में रह रहा है। महिला उसे पिछले दो वर्षों से जानती है और उसके साथ रह रही है। विधायक का आरोप : एसपी ने कहा, विधायक पर भी हो सकता है केसविधायक ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसपी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। एसपी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी तो विधायक के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज हो सकता है। इसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जहां से उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला। विधायक के आवेदन पर विधि संगत कार्रवाई कर रहे हैं विधायक द्वारा दिए गए आवेदन की जांच की जा रही है। उस पर विधि-संगत कार्रवाई की जा रही है। विधायक से चर्चा हो चुकी है और उन्हें स्थिति से अवगत करा दिया है। सहयोग नहीं करने जैसी कोई बात नहीं है।-मयंक अवस्थी, एसपी धार

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:04 am

बोर्ड ने कहा, लोकेशन बदलें:वायु प्रदूषण गलत जांच रहा निगम, 4 स्टेशनों पर रोक

शहर में साफ हवा की मॉनिटरिंग की भी पोल खुलने लगी है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत नगर निगम के चार वायु प्रदूषण मापन केंद्रों की लोकेशन पर सवाल उठाए हैं। इनके डाटा को ऑनलाइन पोर्टल से हटाते हुए उपयोग पर भी रोक लगा दी है। रिपोर्ट में लिखा है कि इन केंद्रों से भ्रामक और नीतिगत निर्णयों को प्रभावित करने वाला डाटा जनरेट हो रहा है। वायु प्रदूषण मापन केंद्रों की जगह तुरंत बदली जाए। पोर्टल पर पिछले आठ दिनों 8 में से 7 केंद्र बंद दिख रहे हैं। इनमें से चार नगर निगम के हैं। शहर में 2019-20 से इन केंद्रों पर मापन चल रहा है। केंद्र के सामने हमारी वायु गुणवत्ता अच्छे मानक पर खरी उतरी और शहर को सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी से राहत भी दी गई। सीएस की समीक्षा के लिए तैयार नोट में भी इंदौर की आबोहवा बेहतर है। हालांकि इस संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड और निगम अफसर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन पत्र जारी होने के बाद 7 जनवरी से सभी चार केंद्रों का डाटा ऑनलाइन नहीं दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के मुताबिक बीते सप्ताह एक्यूआई 120 से 220 तक दर्ज किया जा रहा है।ये सिफारिशें की गईं - उपकरण वैज्ञानिक और गाइडलाइन से लगाएं।- डाटा डिस्प्ले नहीं करें, विश्लेषण उपयोग नहीं करें।- वेंडरों की कमियां सुधारें।- केलिब्रेशन, वेलिडेशन के लिए नगर निगम कुशल अधिकारी नियुक्त करें।- केंद्रों की नियमित जांच करवाएं। रिपोर्ट में यह कमियां बताईं चार केंद्रों पर मिली बड़ी गड़बड़ी दिसंबर 2025 में प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रेमचंद उछारिया के नेतृत्व में एक टीम इंदौर आई थी और मापन कार्यों की जांच की। पोर्टल और डाटा की जांच करने के बाद एयरपोर्ट, रीजनल पार्क, रेसीडेंसी और मेघदूत पार्क के केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इनमें गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:02 am

हिसार में मर्डर करने गया था हिस्ट्रीशीटर मनोज:मार नहीं पाया, लौटते समय साथियों से झगड़ा हुआ, गुरुग्राम में पार्टनर ने गोली मारी

हरियाणा के गुरुग्राम में गाजियाबाद के हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। मनोज अपने दोस्त तनिष और टैक्सी ड्राइवर लोकेश के साथ एक व्यक्ति का मर्डर करने हिसार गया था। लौटते समय तीनों में झगड़ा हो गया। मानेसर के पास तनिष ने उसकी बगल में गोली मार दी। उसके बाद मनोज को जख्मी हालत में छोड़कर दोनों भाग गए। मनोज किसी तरह हिम्मत जुटा कर ड्राइविंग सीट पर पहुंचा और बोलेरो स्टार्ट कर 5 किमी दूर खेड़की दौला टोल तक पहुंच गया। वहां उसने टोलकर्मियों से कहा कि उसे गोली मारी गई है, अस्पताल पहुंचा दो। हालांकि, फेफड़ा फटने की वजह से बाद में उसकी मौत हो गई। मामले की जांच करते हुए मानेसर क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली के पटपड़गंज के रहने वाले टैक्सी ड्राइवर लोकेश को दिल्ली से अरेस्ट किया है। 21 साल का लोकेश 12वीं पास है। सिलसिलेवार जानिए कैसे आपस में ही उलझ गए बदमाश 12 जनवरी को खाटू श्याम गया भाई टोनी का कहना है कि मनोज राजस्थान के धार्मिक स्थल खाटू श्यामजी दर्शन के लिए गया था। दोस्त तनिष उसके साथ था। मंगलवार शाम को मनोज ओझा NH-48 दिल्ली-जयपुर हाईवे से दिल्ली की तरफ लौट रहा था। शाम को 4:48 बजे उसने अपने भाई को वाइस मैसेज में बताया कि तनिष ने उसे गोली मार दी है। घटना के बाद से तनिष लापता है। टोनी बताया कि मनोज करीब 5 बजे अपनी बोलेरो कार चलाते हुए खेड़की दौला टोल प्लाजा पर पहुंचा और एम्बुलेंस से मदद मांगी। उसने टोलकर्मियों को बताया कि 5 किमी पहले उसे किसी ने गोली मार दी है। उसे अस्पताल पहुंचाया जाए। वह घायल हालत में तड़प रहा था। मनोज की बोलेरो कार से दो लोडेड पिस्टल, मैगजीन और कुल 26 कारतूस बरामद हुए, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने हमले के दौरान जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की होगी। बोलेरो के लेफ्ट साइड के पायदान पर बिखरा खूनपुलिस जांच में कार के लेफ्ट साइड के पायदान यानी फुटबोर्ड पर खून के दाग मिले हैं। फोरेंसिक टीम ने खून और बोलेरो की खिड़कियों से सेंपल और फिंगरप्रिंट लेकर जांच के लिए भेजे। अनुमान लगाया जा रहा है कि हमलावर को भी शायद गोली लगी होगी और यह उसका खून हो सकता है। कार के अंदर या बाहर गोली का कोई निशान नहीं है। अपराधी बैकग्राउंड, 16 मामले दर्जजांच में पता चला कि मनोज ओझा आपराधिक पृष्ठभूमि का था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट और चोरी सहित कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह दो मामलों में सजायाफ्ता था और 2025 में जमानत पर जेल से बाहर आया। पुलिस का मानना है कि यह पुरानी रंजिश या गैंग वॉर का मामला हो सकता है। क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रहीइस संबंध में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि खेड़की दौला थाना पुलिस और मानेसर CIA टीम संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। टैक्सी ड्राइवर लोकेश को अरेस्ट कर लिया है, जबकि तनिष की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस दौरान आरोपी हत्या की वजह पूछी जाएगी। साथ ही हिसार में किस व्यक्ति का मर्डर करना था, इसकी भी जानकारी लेनी है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:00 am

गोरखनाथ मेला में रोज पहुंच रहे हजारों लोग-VIDEO:परिवार-दोस्तों संग इन्जॉय कर रहे, रोमांच, खरीदारी और स्वाद का दिख रहा संगम

गोरखनाथ मंदिर परिसर में चल रहे खिचड़ी मेले में इन दिनों जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रोजाना हजारों की संख्या में लोग मेला घूमने पहुंच रहे हैं और परिवार व दोस्तों के साथ मेले का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। बच्चे हों या बड़े, हर किसी के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। मेले में लगे ऊंचे-ऊंचे और रोमांचक झूले लोगों को खूब लुभा रहे हैं। 360 डिग्री झूला, डबल डिस्क और कोलंबस जैसे झूलों पर लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है। इसके साथ ही इस बार पहली बार आई ‘जलपरी’ बच्चों और बड़ों दोनों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। जलपरी को देखने के लिए लोगों में होड़ मची है।मेले के अंदर कदम रखते ही हर तरफ शोर, संगीत और खुशियों का माहौल नजर आता है। मनोरंजन के साथ-साथ खरीदारी के शौकीनों के लिए भी मेले में बहुत कुछ है। इटावा से आए हैंडमेड वुडन आइटम इस बार मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर सामने आए हैं। लकड़ी से बनी सुंदर और यूनिक कलाकृतियों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बात करते हुए सिद्धि पाण्डेय ने कहा, “मैं मेला घूमने आई हूं, आकर बहुत अच्छा फील हो रहा है। अभी मैं झूला झूलकर आई, मजा आ गया। प्रशासन की भी काफी अच्छी व्यवस्था है।” वहीं देवरिया से आईं सारिका ने बताया, “मंदिर में दर्शन की हूं, अब मेला घूमना है। श्रृंगार के सामान और बच्चों के लिए खिलौने लूंगी।”मेले में हर बार की तरह इस बार भी ‘मौत का कुआं’ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां स्टंट मैन बाइक के साथ-साथ कार से भी खतरनाक स्टंट दिखा रहे हैं, जिसे देखकर दर्शक दंग रह जा रहे हैं। इसके अलावा गुब्बारे फोड़ने वाली शूटिंग रेंज में लोग अपना निशाना आजमा रहे हैं।खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी मेले में खूब इंतजाम हैं। खजला, खाजा और मेले के पारंपरिक पकवानों का लोग जमकर स्वाद ले रहे हैं। खाने की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है।मेले में सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है। श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हर गतिविधि पर पुलिस की नजर बनी हुई है, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के मेले का आनंद उठा सकें।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:00 am

राव इंद्रजीत बोले- सरकार बनवाने का वाजिब इनाम नहीं मिला:राजस्थान में कहा- कई बार सरकार बनवाई; हमारे साथ भेदभाव हुआ

केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर सियासत में पूरा हक न मिलने की पीड़ा सार्वजनिक मंच पर उजागर की। बोले- हम सरकारें बनाते हैं, मगर उसके बदले में वाजिब इनाम नहीं मिलता, तो क्या मैं गलत कहता हूं। लोग यूं कहते हैं कि इंद्रजीत सिंह अगर सीएम से नहीं लड़ता तो हमारे फीत लग जाती, हम चेयरमैन बन जाते, हम शायद मिनिस्टर बन जाते। अरे मैं यू कहता हूं कि अगर हम किसी का साथ नहीं देते तो ये पार्टी सत्तासीन नहीं होती, तुम कहां के होते फिर। राव ने सेना में अहीर रेजिमेंट न बनने पर भी रोष जताया। बोले- हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी, इसलिए अहीर रेजिमेंट नहीं बनी। राव इंद्रजीत सिंह 14 जनवरी को राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव सोहली में एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित रहे थे। अब इसकी एक वीडियो सामने आई है। पढ़िए…मंच से राव इंद्रजीत ने क्या बातें उठाईं​​​​​​ सभी CM से रहा छत्तीस का आंकड़ाराव इंद्रजीत के बारे में मशहूर है कि उनका हर सीएम के साथ 36 का ही आंकड़ा रहता है। जब कांग्रेस में थे और भूपेंद्र हुड्डा 2 बार सीएम रहे, तब राव इंद्रजीत की उनसे ठनी रही। सार्वजनिक मंचों पर भी लड़ाई देखने को मिली। उसके बाद भाजपा सरकार में 2 कार्यकाल मनोहरलाल खट्टर सीएम रहे, तब भी राव इंद्रजीत की उनसे तल्खी रही। अब नायब सैनी कैनिबेट में राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव मंत्री हैं। बावजूद इसके राव ने सीएम नायब सैनी के मंच से ही कहा था कि हमने भाजपा की सरकार बनवाई, हमारी बात सुननी पड़ेगी। डिनर डिप्लोमेसी से राजनीतिक दबाव बनाते रहे हैं रावकांग्रेस में रहते हुए भी राव इंद्रजीत अपनी डिनर डिप्लोमेसी का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करते रहे थे। यही नहीं भाजपा में शामिल होने के बाद भी यह क्रम जारी रखा। अगस्त 2015 में जब मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बने कुछ महीने ही हुए थे, तब राव ने पहले सांसदों को डिनर दिया। उसके बाद अहीरवाल के विधायकों को डिनर पर बुलाया था। अब नायब सरकार के दौरान भी राव इंद्रजीत ने चंडीगढ़ में आरती राव के सरकारी आवास पर दक्षिण हरियाणा के विधायकों को डिनर दिया। हरियाणा में ये इकलौता सियासी परिवार, जिसके पास 2 मंत्री पद​​​​​​​भाजपा आमतौर पर एक व्यक्ति एक पद या एक परिवार एक पद के फॉर्मूले पर चलती रही है। एक परिवार से एक ही टिकट की थ्योरी भी है। वर्तमान में हरियाणा में राव का इकलौता सियासी परिवार है, जिसके पास 2 मंत्री पद हैं। राव इंद्रजीत खुद केंद्र में राज्यमंत्री हैं जबकि उनकी बेटी आरती राव प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। स्वर्गीय बंसीलाल परिवार के पास भी 2 सियासी पद हैं, लेकिन मंत्री पद एक ही है। बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी राज्यसभा सदस्य हैं, वहीं उनकी बेटी श्रुति चौधरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:00 am

एमपी में टेम्परेचर 5 डिग्री से नीचे...सर्द हवा से ठिठुरन:ग्वालियर-भोपाल में भी सर्दी का असर; वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मावठा गिरने के आसार

मध्यप्रदेश में सर्द हवा से ठिठुरन बढ़ गई है। इससे कई शहरों में रात के पारे में गिरावट हुई है। शहडोल और कटनी में पारा 5 डिग्री से नीचे है, जबकि ग्वालियर-भोपाल की रातें भी सर्द है। मौसम विभाग की माने तो 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इसके असर से 3-4 दिन बाद एमपी में मावठा यानी, बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी हिस्से के पास से एक ट्रफ गुजर रही है, लेकिन इसका असर प्रदेश में नहीं है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस को स्ट्रॉन्ग बताया जा रहा है इसलिए कई जिलों में बारिश या बादल की स्थिति बनने के आसार है। दूसरी ओर, पूर्व-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 204 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को भोपाल समेत कई जिलों में दिन में भी सर्द हवाएं चली। हालांकि, तेज धूप खिलने की वजह से ठंड से राहत भी मिलती रही। उत्तरी हिस्से में कोहरे का असरप्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर बरकरार है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, सतना, गुना, राजगढ़, रतलाम, मंडला समेत कई जिलों में हल्का कोहरा रहा। कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जन शताब्दी समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कल्याणपुर-करौंदी सबसे ठंडे, ग्वालियर में 7.1 डिग्री दर्ज प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड और कोहरे का असर है। मंगलवार-बुधवार की रात शहडोल के कल्याणपुर में 4.8 डिग्री और कटनी के करौंदी में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में 5.8 डिग्री, मंदसौर-चित्रकूट में 6.1 डिग्री, खजुराहो में 6.2 डिग्री, उमरिया में 6.8 डिग्री, दतिया-मंडला में 7 डिग्री, राजगढ़-नौगांव में 7.2 डिग्री, पचमढ़ी में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, दमोह-सीधी में 9 डिग्री, रायसेन-श्योपुर में 9.4 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9.8 डिग्री, इंदौर में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। कोल्ड वेव या कोल्ड डे का अलर्ट भी नहींमौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में कहीं भी कोल्ड वेव यानी, शीतलहर का अलर्ट नहीं है। न ही कहीं कोल्ड डे रहेगा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:00 am

अमित बोला- पुलिस फंसी है, इसलिए सपोर्ट कर रही:गैंगरेप पीड़िता के भाई ने कहा- इंसाफ नहीं मिला तो पेट्रोल डालकर मर जाएगा पूरा परिवार, AUDIO

आपने बहुत बड़ी गलती की है, आपने दरोगा अमित कुमार मौर्या के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है। देखिए सच्चाई से कोई पीछे नहीं हटता, ठीक है। आपने उनका नाम दर्ज करा कर अपनी सात जन्मों तक पीढ़ी में दाग लगा दिया… आप समझिए। अपने नाम की इज्जत बनाई जाती है, जो लाइफ आप जी रहे हो, ऐसी लाइफ नहीं जीते हैं…. इससे अच्छी लाइफ जियो, ये जो आपने दाग लगा लिया है, इसे साफ रखो और सुनो… ये सब करने से कोई फायदा नहीं बाद में आपको पैसे लेने पड़ेंगे। घटना से जुड़ा 16 मिनट 59 सेकेंड का ऑडियो आया सामने कानपुर में गैंगरेप के आरोपी 50 हजार के इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्या के पक्ष में पीड़िता के भाई को वाट्सएप मैसेज के जरिए धमकाने वाले सीतापुर के अमित त्रिवेदी के गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को कानपुर लेकर पहुंची। पूछताछ में पुलिस के हाथ आरोपी अमित और पीड़िता के भाई के बीच हुई बातचीत का 16 मिनट 59 सेकेंड की एक ऑडियो क्लिप हाथ लगी। अब आप पढ़िए कि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई। अमित बोला- दाग लगा लिया है, इसे साफ रखो अमित – हेलो, दोस्त आप कानपुर से बोल रहे हो ? पीड़िता का भाई– हा भैया कानपुर से बोल रहे, आप कौन ? अमित– आपकी बहन के साथ गैंगरेप हुआ है ? पीड़िता का भाई– हां भैया हुआ है। अमित–ये जो आपने दाग लगा लिया है, इसको साफ रखो, ये सब करने से कोई फायदा नहीं, बाद में आपको पैसे लेने पड़ेंगे। पीड़िता का भाई– अच्छा भैया, आप कह रहे है कि जमानत हो गई है उनकी। अमित– वो बाहर से जमानत हो गई, बाकी वो साक्ष्य जुटाने के लिए, समझ गए, वो सही साबित कर लेंगे, पुलिस उनका सपोर्ट करेगी, हमारी बात सुनो। विवाद बनाकर, पूर्णतया समझ लीजिए। जैसे वो आपकी बहन है, वैसे वो हमारी बहन है… रात को कोई शौच के लिए नहीं जाता है, और जिन लोगों ने आपको उकसाया है। वो बाद जब आपके साथ गलत करेंगे तो आप रो नहीं पाओगे। पीड़िता का भाई– भैया ये जो मेडिकल रिपोर्ट आई है, तो क्या हम लोग झूठी घटना बता रहे हैं ? अमित– मेरी बात तो सुनो, कहने का मतलब ये है, आपने जो अमित मौर्या दरोगा जी का जो नाम लिया, उनको सेवा करने दो, जैसे उनकी नौकरी चली जाएगी। तुम्हारी हेल्प कौन करेगा बताओ ? यहां फूट पड़ जाएगी। इसलिए आपसे निवेदन है कि आप पूर्णतया अच्छी लाइफ जीने की कोशिश करो, ये सब अच्छी बात नहीं है। हमारे कहने का मतलब है कि आप शुरुआत में ही मामला मैनेज कर लो, जो आप अभी करोगे, वो बाद में करना पड़ेगा और आपकी लाइफ ऐसी हो जाएगी कि आप भूखे मरेंगे। जब आपके साथ कोई गलत करेगा तो आपका सपोर्ट कोई नहीं करेगा, जो अभी आपके साथ में हैं, वो कल आपके साथ ही गलत करेंगे और आप कुछ नहीं कर पाएंगे और आप सिर्फ रोएंगे। ये रियल मान लो, जिन लोगों के उकसाने पर आप चल रहे हैं, वो ही आपके दुश्मन होंगे। पीड़िता का भाई– हमे किसी ने उकसाया नहीं है भैया। अमित ने कहा- घर में शौच न होना आपकी जिम्मेदारी अमित– मेरी बात सुनो, कहने का मतलब ये है कि मामला शांत कर लो, और उनकी नौकरी से मत खेलो। मेरा नाम अमित त्रिवेदी हैं, मेरी बात सुनो, हम आपके भाई समान है। हम आपके हितैशी हैं, आपको जीवन में बहुत समस्या का सामना करना पड़ेगा। अच्छी लाइफ जीने की कोशिश करो, उनसे ही आप अच्छी लाइफ बनवा लो। पीड़िता का भाई– भैया तो क्या बहन के साथ जो गलत हुआ, उसका न्याय नहीं मिलेगा ? अमित– देखिए रात को शौच के लिए कोई नहीं जाता है। पीड़िता का भाई– भैया अगर घर में शौच नहीं है तो कहां जाएगा आदमी ? अमित– तो ये आपकी जिम्मेदारी है। आपकी समस्या है, यदि आपके घर में शौचालय नहीं बना है। अभी पुलिस फंसी है तो आपका सपोर्ट कर रही है, बाद में अपने सिपाही को नहीं छोड़ेगी। अगर दरोगा ने गलत किया तो शादी करा दो ये बातें रिकार्ड कर लो, कि आप भूखों मरोगे और कोई आपका सपोर्ट नही करेगा। पीड़िता का भाई– क्यो भूखे मरेंगे ? हम आपसे मांगने आ रहे है क्या ? अमित– ऐसी कंडीशन आ जाएगी, भाई। पीड़िता का भाई– मैं तो गलत के खिलाफ लडूंगा, उसकी सजा दिलवाएं बिना मैं बैठूंगा नहीं, क्योंकि उसने हमारी इज्जत से खिलवाड़ किया है। अमित– आप सच्चाई से मत भागिए, अभी संभल जाइए, जितना हमको ज्ञान है, आपका आखिरी में वहीं करोगे। अगर उन्होंने गलत किया है, तो उनसे शादी करवा दो। पीड़िता का भाई– क्यों करवा दूं मैं उनसे शादी। पूरा घर पेट्रोल डालकर मर जाऊंगा, लेकिन शादी नहीं करुंगा। अमित– अगर आप पेट्रोल डाल लोगे तो इससे आपका ही नुकसान होगा, पीड़िता का भाई– जब इज्जत नहीं रहेगी तो पेट्रोल डालकर मर जाएंगे भैया। आप आ जाइएगा हमारे घर मिल लीजिएगा। अमित– अच्छा तो ये रियल में आपकी बहन के साथ गलत हुआ है। वहां के लोग बता रहे थे कि वो गश्त पर गए, उनके सामने लड़की ने आरोप लगा दिया। पीड़िता का भाई– हम क्या मजाक रहे हैं, जो एफआईआर कराई है। अगर इंसाफ नहीं मिला तो पेट्रोल डालकर पूरा घर मर जाएगा। अमित– यार बेइज्जती हो रही है भाई। पीड़िता का भाई– आप आकर मिलना हमसे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:58 am

मृत व्यक्ति को जिंदा बताकर बनाए पांच विक्रय पत्र:दुबई में रहने वाले बरकतउल्ला की मौत के बाद भी बिकती रही जमीन

इंदौर जिले के ग्राम सिंहासा में स्थित 12.66 हेक्टेयर जमीन को उसके मालिक की मौत के बाद भी बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। दुबई में रहने वाले बरकतउल्ला पिता कुदरतउल्ला का 7 अक्टूबर 2010 को निधन हो चुका था, इसके बावजूद उन्हें जीवित बताकर जमीन के विक्रय पत्र रजिस्टर्ड करा दिए गए। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) इंदौर ने महिला समेत चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक ग्राम सिंहासा, तहसील मल्हारगंज में स्थित यह जमीन बरकतउल्ला और करामतउल्ला के नाम दर्ज थी। बरकतउल्ला वर्ष 1980 से दुबई में रह रहे थे और उन्होंने 10 मार्च 1996 को अब्दुल कय्यूम को आम मुखत्यार नियुक्त किया था। जांच में सामने आया कि बरकतउल्ला की मौत के बाद भी उनके जीवित होने का झूठा शपथ पत्र तैयार किया गया। आरोप है कि आम मुखत्यार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2010-11 में रुबीना पति अजमतउल्ला और अजमतउल्ला पिता बरकतउल्ला के पक्ष में कुल पांच विक्रय पत्र पंजीकृत कराए। इनमें करीब 1.02 करोड़ रुपए का भुगतान दर्शाया गया। जांच में शपथ पत्रों में ओवरराइटिंग, काटछांट और फोटो में अंतर पाया गया। ईओडब्ल्यू ने रुबीना, अजमतउल्ला, इलतीफत अली और जावेद अली सैय्यद को आरोपी बनाया है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:57 am

आस्था, श्रद्धा और विश्वास का संगम:20 हजार श्रद्धालुओं ने किए मां बिजयासन के दर्शन, मां नर्मदा में लगाई डुबकी

मकर संक्रांति पर बुधवार को उत्तरी तट आंवलीघाट पर आस्था, श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। अलसुबह से ही नर्मदा में स्नान-दान के लिए श्रद्धालु पहुंचे। यहां आस्था की डुबकी लगाकर देवी धाम सलकनपुर की ओर रवाना हुए। कई श्रद्धालु एकादशी के कारण मकर संक्रांति का पर्व बुधवार और गुरुवार दोनों दिन मना रहे हैं। मंदिर के महंत प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि बुधवार को देवी धाम सलकनपुर में लगभग 20 से 30 हजार श्रद्धालुओं ने मां बिजयासन के दर्शन कर पुण्य लाभ लिया।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:57 am

विधायक गोलू शुक्ला की बस ने युवक को रौंदा:टायर के नीचे हाथ फंसा, आक्रोशित लोगों ने बस धकेलकर बचाई जान, फिर बस को आग लगा दी

भाजपा विधायक गोलू शुक्ला से जुड़ी शुक्ला ब्रदर्स की बस ने बुधवार सुबह फिर एक युवक को टक्कर मार दी। रेलवे माल गोदाम के पास तेज रफ्तार बस की टक्कर से बाइक सवार युवक बस के नीचे फंस गया और उसके हाथ पर बस का अगला पहिया चढ़ गया। तुकोगंज टीआई जितेंद्र यादव के अनुसार, हादसा सुबह 10.40 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 के सामने हुआ। बाणगंगा क्षेत्र के कुशवाह नगर निवासी संतोष माणिकराव पंडाग्रे (22) बाइक से ड्यूटी पर जा रहा था। तभी शुक्ला ब्रदर्स की बस (एमपी 09 एफए 8820) के चालक ने लापरवाही से टक्कर मारकर बस का अगला पहिया उसके हाथ पर चढ़ा दिया। युवक को गंभीर हालत में तत्काल एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है। बयान के आधार पर पुलिस ने बस चालक आजाद खान पर केस दर्ज किया है और लाइसेंस जब्त कर जेल भेजा गया है। 5 मिनट मौत से सामना : टक्कर के बाद युवक संतोष का हाथ बस के अगले टायर के नीचे दबा था। वह 5 मिनट तक तड़पते हुए चीख रहा था, लेकिन बस चालक इस दौरान फरार हो गया। मौके पर जुटी भीड़ ने बस को पीछे किया और घायल युवक को बाहर निकाला। इसके बाद बस को आग लगा दी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:55 am

आत्मनिर्भर गोशाला...:जिलों में नहीं मिल रहे भागीदार, तीसरी बार टेंडर

गोवंश को रखने की बेहतर व्यवस्था के लिए मप्र में आत्मनिर्भर गोशाला के प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। प्रोजेक्ट में न्यूनतम 5 हजार गायों को रखनी की सुविधा वाली गोशाला विकसित होगी, जो खुद के स्रोतों से अपना खर्च निकालेंगी। इनका विकास निजी समूहों की भागीदारी से होगा। हालांकि, पशुपालन एवं डेयरी विभाग को निजी भागीदार ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। पशुपालन विभाग पुरे प्रदेश में 50 स्वावलंबी गोशालाएं खोलने की योजना बनाई है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो सालों में प्रदेश की सड़कों पर बेसहारा गायें भटकती न दिखाई दें। वर्तमान में कुल 22 गोशालाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इन आधुनिक स्वावलंबी गोशालाओं में न्यूनतम 5 हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी। 4 से 5 करोड़ आएगा खर्च बीते कई हफ्तों से पशुपालन विभाग टेंडर निकालकर निजी भागीदारों की तलाश कर रहा है। हालांकि, प्रक्रिया में अब तक खास सफलता नहीं मिली है। जबलपुर, सागर, विदिशा, छतरपुर, देवास सहित लगभग 18 जिलों में इन गोशालाओं की स्थापना के लिए दो बार टेंडर निकाले जा चुके हैं, हाल ही में तीसरी बार टेंडर निकाले गए हैं। पहले चरण में सिर्फ रायसेन और दमोह में ही एक-एक निजी समूह मिले और दूसरे चरण में भी 3 से 4 जिलों में ही बोलियां मिलीं। अब 18 जिलों के लिए तीसरी बार टेंडर जारी हुए हैं, जिनकी अंतिम तारीख 27 जनवरी है। निजी समूहों के द्वारा इन गोशालाओं का निर्माण होना है। एक परिसर पर 4 से 5 करोड़ का खर्च आएगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:53 am

रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस आज:सामने आएगा गवर्ने‌स में एआई के इस्तेमाल का रोडमैप

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस -2026 का शुभारंभ करेंगे। इसमें राज्य शासन के कामकाज में एआई के इस्तेमाल और आर्थिक परिवर्तन का रोडमैप पेश किया जाएगा। यह कॉन्फ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर एआई इंडिया मिशन की मदद से आयोजित की जा रही है। इस दौरान मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शोकेस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कॉन्र्फेंस को मुख्य सचिव अनुराग जैन, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे। एसीएस संजय दुबे ने बताया कि इसी कांफ्रेंस में मप्र स्पेसटेक पॉलिसी भी लॉन्च की जाएगी। कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस स्थगित भोपाल| मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रस्तावित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस स्थगित कर दी गई है। इसकी नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। इससे पहले दिसंबर के अंतिम सप्ताह और इसके बाद 5 जनवरी को भी यह कांफ्रेंस स्थगित कर दी गई थी। वीसी से होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में सभी कलेक्टर, संभागायुक्त, एसपी से अक्टूबर माह में सौंपे गए लक्ष्यों की प्रगति पर चर्चा होनी है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:51 am

मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस:दशकों से लंबित प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग कर तय वक्त में कराएंगे पूरा

मप्र में कई दशकों से अटके और देरी से चल रहे राष्ट्रीय स्तर के 101 से अधिक विकास परियोजनाओं का काम अब तेज गति से किया जाएगा। केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफॉर्म को सक्रिय कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इन प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सीएम हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति प्लेटफॉर्म से देशभर में अटकी निवेश परियोजनाओं को फिर से सक्रिय कराकर पूरा करके दिखाया है। अब मप्र में भी केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय से बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट का काम तेज गति से किया जाएगा। केंद्रीय प्रोजेक्ट की मप्र में मौजूदा प्रगति सिर्फ 48% है अभी तक मप्र का सिर्फ जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन रेल प्रोजेक्ट ही प्रगति प्लेटफार्म की मॉनीटरिंग में शामिल था। अब इसके दायरे में मौजूद सभी प्रोजेक्ट आ जाएंगे। मप्र में वर्तमान में केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों से जुड़े 101 बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें झांसी-सिंगरौली रेल लाइन, इंदौर-मनमाड़ नई रेललाइन, पीएम मित्रा पार्क, भोपाल व इंदौर मेट्रो, केन-बेतवा लिंक और पार्वती कालीसिंध-चंबल लिंक से जुड़े बांध और नहर प्रोजेक्ट शामिल हैं। सीएम ने बताया कि इन प्रोजेक्ट की मौजूदा प्रगति सिर्फ 48% है। प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए इन प्रोजेक्ट को उनकी तय मियाद से भी पहले 100% पूरा किया जाएगा। इसमें राज्य सरकार पूरी मदद करेगी। केंद्र ने मप्र को बताई अपने प्रोजेक्ट से जुड़ी 436 परेशानी, मप्र सरकार ने 432 दूर की सीएस ने बताया कि पीएमजी समीक्षा में केंद्रीय परियोजनाओं के संबंधित 322 समस्याएं चिह्नित की गई थीं। अब तक राज्य सरकार ने 312 का समाधान कर दिया है। प्रगति प्लेटफार्म के जरिए मप्र से जुड़ी 39 परियोजनाओं की समीक्षा की गई, इसमें भी 124 समस्याएं चिन्हित हुईं, जिनमें से राज्य सरकार ने 120 का समाधान कर दिया है। राज्य सरकार ने पीएमजी और प्रगति दोनों की समीक्षा में जो परेशानी आई थी उनका 97% निराकरण कर दिया है। सर्वाधिक 77 सड़क प्रोजेक्ट से जुड़ी थी। इंदौर में 800 करोड़ के अमृत 2.0 का भूमिपूजन इंदौर में अमृत 2.0 प्रोजेक्ट के तहत 800.19 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले कामों का बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन किया। राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में सीएम ने शुरुआत में भागीरथपुरा हादसे का जिक्र किया। सीएम ने कांग्रेस पर तंज करते हुए कहा कि आप लाशों पर राजनीति करेंगे, तो इंदौर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा हममें से जो लोग गुजर गए हैं, उन्हें बाबा महाकाल अपने चरणों में स्थान दें। सीएम बोले- पीएम मोदी के शब्दों में, हर माहौल में आगे बढ़ने का नाम इंदौर है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के लोग आपदा के समय राजनीति का अवसर तलाशते हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:50 am

अब ऑपरेशन में कम जोखिम:एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने बनाई देसी सर्जिकल डिवाइस, डिजाइन को पेटेंट

अब ऑपरेशन थिएटर में कम खून बहेगा, सर्जरी जल्दी पूरी होगी और मरीज को कम जोखिम झेलना पड़ेगा। दरअसल, एम्स भोपाल के डॉक्टरों के एक स्वदेशी नवाचार किया है। इसके तहत इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रोकॉटरी एंड सक्शन डिवाइस फॉर सर्जरी नाम का उपकरण बनाया है। इस डिवाइस को हाल ही में भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से डिजाइन पेटेंट मिला है। दरअसल, अब तक सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को बार-बार उपकरण बदलने की जरूरत पड़ती थी। इससे रक्तस्राव पर तुरंत नियंत्रण करने के लिए बार-बार सक्शन का उपयोग करना पड़ता था। इससे ऑपरेशन की अवधि बढ़ती थी। वहीं, खून भी ज्यादा बहता था और मरीज को ऑपरेशन की पर्याप्त जटिलताओं और जोखिम से गुजरना पड़ता था। इस नई डिवाइस से सबसे बड़ा फायदा बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर मरीजों को मिलेगा। यह डिजाइन खासतौर पर मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में यानी सर्जन की दक्षता बढ़ाने और ऑपरेशन के नतीजों को बेहतर बनाने में मदद करेगा। साथ ही मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट्स और युवा सर्जनों के प्रशिक्षण के लिए भी यह उपयोगी साबित हो सकता है। आत्मनिर्भर भारत की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप इस डिजाइन को एम्स के कार्डियोथोरेसिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम वट्‌टी, यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केतन मेहरा, क्षितिज युगबोध और डॉ. एकता जैन ने मिलकर बनाया है। यह उपलब्धि भारत में चिकित्सक-नेतृत्व वाले मेडिकल डिवाइस नवाचार को दर्शाती है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:47 am

चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्ती..:4 दुकानदार, 2 नाबालिगों पर केस दर्ज

राजधानी में चाइनीज मांझे के खिलाफ भोपाल पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में अयोध्यनगर थाना क्षेत्र में 2 दुकानदारों के खिलाफ चाइनीज मांझा बेचने पर केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पिपलानी थाना क्षेत्र में भी दो दुकानदार संकेत जैन व संजय जैन और चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने वाले दो नाबालिग बच्चों पर केस दर्ज किया गया है। हाल ही में हुई घटनाओं के बाद भोपाल पुलिस इलाकों की दुकानों में चाइनीज मांझे को लेकर जांच कर रही है। इसके लिए एक टीम गठित की गई है। जो थाना क्षेत्र की दुकानों की तलाशी लेती है। अयोध्यानगर...दुकान पर बिकता मिला चाइनीज मांझा अयोध्या नगर थाना पुलिस ने दो दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अयोध्यानगर एफ सेक्टर के संतोष जैन किराने की जनरल स्टोर चलाते हैं। साथ ही दुकान पर चाइनीज मांझा भी रखते थे। मंगलवार को राउंड के दौरान पुलिस ने उनकी दुकान पर चाइनीज मांझा बिकता पाया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं, नरेला जोड़ स्थित जीतेंद्र गौतम भी दुकान का संचालन करते हैं। उनकी दुकान पर भी पुलिस की टीम को चाइनीज मांझा मिला। पिपलानी थाना पुलिस ने दो नाबालिग बच्चों पर चाइनीज मांझा से पतंग उड़ाने का मामला दर्ज किया है। परिजनों को भी थाने बुलाया गया है। वहीं इलाके दो दुकानदारों पर भी केस दर्ज किया गया है। चाइनीज मांझा खुरदुरा होता है : अयोध्यानगर थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि चाइनीज मांझे की पहचान उसके खुरदुरे पन से लगाई जाती है। उसके खुरदुरे होने के कारण ही वो उससे कट लगता है। उन्होंने बताया कि चाइनीज मांझे में कांच और नाइलोन जैसे केमिकल का उपयोग किया जाता है। जिससे वो शार्प हो जाता है। ऐसे में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कट लग जाता है। वहीं, आम मांझा धागे का बना होता है। इससे कोई नुकसान नहीं होता है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:46 am

पीडीएस राशन में गड़बड़ी:मां कंकाली स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष पर एफआईआर

भोपाल के कोलुआ खुर्द स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर मां कंकाली स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष एवं विक्रेता किरण चौकसे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना बिलखिरिया में दर्ज हुआ है। कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) भोपाल में पदस्थ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मयंक द्विवेदी ने शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच कर रिपोर्ट सौंपी थी। जांच के दौरान दुकान पर स्थल सूचक पीला बोर्ड और स्टॉक-भाव सूची बोर्ड नहीं लगे पाए गए, जो नियमों के खिलाफ है। पीओएस मशीन/ एईपीडीएस पोर्टल के अनुसार दर्ज स्टॉक और मौके पर मिले स्टॉक में भी बड़ा अंतर मिला। जांच में गेहूं 902 किलो अधिक और फोर्टिफाइड नमक 107 किलो अधिक पाया गया, जबकि फोर्टिफाइड चावल 7 किलो कम और शक्कर 7 किलो कम मिली। अवैध भंडारण की आंशका, जांच के बाद कार्रवाई अधिकारियों के अनुसार इससे शक्कर और फोर्टिफाइड चावल के व्यपवर्तन, गेहूं व फोर्टिफाइड नमक का फर्जी वितरण दिखाकर अवैध भंडारण की आशंका सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह मामला मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 11(1), 11(8), 11(10), 13(2), 18 और प्राधिकार पत्र की शर्त 3, 4, 9, 10, 18 व 29 का उल्लंघन पाया गया, जो दंडनीय अपराध है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चन्द्रभान सिंह जादौन ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:44 am

अनियंत्रित कार डिवाइडर पर चढ़ी, सिग्नल का पोल तोड़ा, ड्राइवर फरार

जेपी अस्पताल के पास बुधवार शाम 7 बजे एक तेज रफ्तार कार डिवाइडर पर चढ़ते हुए चौराहे पर लगे सिंग्नल के पोल से जा टकराई। हादसे में कार का बोनट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। कार का नंबर एमपी-04 सीएल 1005 है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय सिग्नल पर कई वाहन खड़े थे। गनीमत रही कि पोल गिरने से किसी कोई चोट नहीं आई है। घटना के बाद से ही ड्राइवर फरार है। घटना होते ही मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने घटना की सूचना टीटी नगर थाने में दी। इसके बाद पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने कार को टोचन करके थाने पर लाकर खड़ी कर दिया है। ड्राइवर की तलाश जारी है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:43 am

वल्लभनगर में जन्मदिन के दिन बीसीए के छात्र ने लगाई फांसी

अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में जन्मदिन के दिन ही बीसीए थर्ड ईयर के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने बताया कि मृतक की मां ने जानकारी दी है कि युवक शराब पीकर घर आया था। इसके बाद वो अपने कमरे में चला गया। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि सुशील चौरसिया (23) वल्लभनगर झुग्गी बस्ती में रहता था। बुधवार को ही सुशील का जन्मदिन था। सुशील बीसीए की तीसरे साल की पढ़ाई कर रहा है। सुशील के पिता रामस्वरूप पुताई का काम करते हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के समय पिता काम पर गए थे। वहीं, मां घर के बाहर बैठी थी। सुशील घर में आता है और दरवाजा अंदर से बंद कर लेता है। काफी देर बाद भी जब सुशील बाहर नहीं निकलता है, तो उसकी मां दरवाजा खटखटाती हैं। दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों की मदद से गेट को तोड़ा जाता है। इसके बाद अंदर जाकर देखने पर सुशील साड़ी से फांसी का फंदा बनाकर पंखे में लटका रहता है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बेरोजगार युवक ने लगाई फांसी, पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश इधर, पिपलानी थाना क्षेत्र में 2 महीने से बेरोजगार युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस का कहना है कि 26 वर्षीय मनोज यादव हथाईखेड़ा में रहता था। वो मजदूरी करता था। 2 महीने से उसे कोई काम नहीं मिला था। मनोज शराब पीने का आदी था। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी मनोज दो बार फांसी लगाने की कोशिश कर चुका था। लेकिन, समय रहते परिजनों ने उसे देख लिया था और बचा लिया था। पुलिस को मनोज के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना के समय मनोज घर पर अकेला था। मनोज की मां दूसरे घरों में काम करने गई थी।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:42 am

30 साल बाद भी अधूरी बर्रई-कलियासोत सड़क, नहर के बाईं ओर की झुग्गीबस्ती सबसे बड़ी बाधा

बर्रई से कलियासोत तक लगभग 12.10 किमी 4 लेन सड़क 30 साल बाद भी अधूरी है। तमाम बाधाओं के बाद साल 2022 में कलियासोत नहर के दाईं ओर की सड़क बन पाई। लेकिन नहर के बाईं ओर की टू लेन सड़क तो फाइलों से ही बाहर नहीं निकल पा रही है। जब नहर के दाईं ओर सड़क का निर्माण जारी था उस समय साल 2021-22 के बजट में बाईं ओर की सड़क भी मंजूर हो गई थी। बजट में इसके लिए 70 करोड़ रुपए रखे गए थे। बजट की मंजूरी के बाद पीडब्ल्यूडी ने इसका प्लान बनाया तो इसकी वास्तविक लागत 77 करोड़ 57 लाख रुपए आंकी गई। इस बीच सड़क के लिए आरक्षित जमीन पर झुग्गियां और दूसरे अतिक्रमण बढ़ते जा रहे हैं और साल दर साल निर्माण सामग्री के बढ़ते दाम और बदले हुए एसओआर (शैड्यूल ऑफ रेट्स) को देखते हुए इसकी लागत में और वृद्धि से इंकार नहीं किया जा सकता। 8 लाख को सीधा फायदा सड़क बनने से कटारा हिल्स, होशंगाबाद रोड, बावड़िया कला, सलैया, शाहपुरा, कोलार और चूना भट्‌टी की कनेक्टिविटी सीधी हो जाएगी। इस इलाके में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को मदद मिलेगी और 8 लाख आबादी को फायदा होगा। 2021 में मंजूर हुई थी बाईं ओर की सड़क, फाइनेंस कमेटी ने नहीं दी हरी झंडी केवल सड़क निर्माण के लिए 500 झुग्गियों को हटाना होगा इस सड़क के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा शाहपुरा इलाके की बाबा नगर झुग्गीबस्ती है। शाहपुरा पहाड़ी से लेकर नीचे नहर के किनारे तक बड़ी संख्या में झुग्गियां बनी हुईं हैं और यह लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। आज की स्थिति में यदि इलाके की अन्य झुग्गियों को छोड़ भी दिया जाए तब भी केवल सड़क के निर्माण के लिए लगभग 500 झुग्गियों को हटाना होगा। इसी तरह बावड़ियां कला और शाहपुरा में दुकानें और गुमठियां भी सड़क की जमीन बन गई हैं। इस सड़क के निर्माण की प्लानिंग के साथ ही बावड़िया आरओबी को भी डबल करना होगा। तमाम अड़चनों के बाद इस तरह बन पाई टू लेन सड़क... 2018 में कलियासोत नहर के दाईं ओर लगभग 50 करोड़ रुपए से सड़क निर्माण शुरू हुआ। झुग्गियां और दूसरे अतिक्रमण हटाने में ऐसी देरी हुई कि 2022 तक 9.5 किमी सड़क बन पाई। दाईं ओर की शेष सड़क चूना भट्टी इलाके की हरियाली को बचाने के लिए रोक दी गई। लेकिन इी सड़क से जुड़ी हुई कोलार की फोर लेन रोड बन जाने से इस इलाके की चूना भट्‌टी से कनेक्टिविटी सुधर गई है। साल 2021-22 के बजट में बाईं ओर भी 10.30 किमी सड़क निर्माण को मंजूरी मिली थी। 50 करोड़ से ज्यादा का प्रोजेक्ट, ईएफसी की मंजूरी जरूरी50 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता वाली एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) की अनुमति जरूरी है। इसके लिए प्रयास जारी है। अगली बैठक में यह अनुमति मिल सकती है। -संजय मस्के, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी, भोपाल मुख्यमंत्री को देंगे सड़क की जानकारीयह सड़क हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र बर्रई से शुरू होती है। इसके लिए रामेश्वर ने पीडब्ल्यूडी से लेकर मुख्य सचिव तक को इसके लिए पत्र लिखे हैं। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी इससे अवगत कराएंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:40 am

मंगलवार को जहां नहीं मिली थी क्लोरीन, वहां के पानी की दोबारा जांच, अब ठीक मिला स्तर

नगर निगम के जिन वार्डों में जल सुनवाई के दौरान पानी की जांच में क्लोरीन की मात्रा 0 पीपीएम मिलने के बाद बुधवार को नगर निगम के अफसरों ने नए सिरे से पानी के सैंपल की जांच कराई। इसमें क्लोरीन की मात्रा 0 पीपीएम से बढ़ी मिली है। नगर निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर उदित गर्ग ने बताया कि फिल्टर प्लांट पर पानी को बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए क्लोरीन मिलाई जाती है और यह पानी सप्लाई के दौरान घरों तक पहुंचनी चाहिए। जिन स्थानों पर क्लोरीन नहीं मिली थी। वहां से दोबारा सैंपल लेकर जांच कराई। इसमें तय मात्रा में क्लोरीन मिली है। फिर भी अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि हर वार्ड में ये जांच कर देखे कि कहीं पर इस तरह कोई शिकायत तो नहीं आ रही है। सप्लाई लाइन से सप्लाई होने वाले पानी के नियमित सैंपल कराए जा रहे हैं। ताकि तय पैरामीटर उसमें हैं या नहीं ये पता चल सके। ये जांच वार्ड 8, 77 और 78 में भी हुई। यहां पर अब 0.2 मिग्रा प्रति लीटर क्लोरीन मिली। 519 लीकेज ठीक किए नगर निगम ने गंदे पानी की शिकायतों के बाद बुधवार को 251 पानी के नमूने लिए। अब तक कुल 3937 जल नमूने लिए जा चुके हैं, जिनमें 1384 नमूने झुग्गी बस्ती क्षेत्रों के हैं। सभी नमूनों का परीक्षण निगम की 8 प्रयोगशालाओं में किया जा रहा है। नगर निगम ने शहर में 34 स्थानों पर पाइप लाइनों के लीकेज सुधारे हैं और अब तक 519 लीकेज ठीक किए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:38 am

सड़क सुरक्षा का नया मॉडल:9 जिलों में दो कैटेगरी में तैनात होंगे आईआईटी मद्रास से ट्रेंड ‘स्वयंसेवक’

मप्र के 9 जिलों में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार यह पहल शुरू कर रही है। इसका मकसद सड़क हादसों में फौरन मदद, सड़क सुरक्षा जागरूकता और वैज्ञानिक तरीके से रोड सेफ्टी ऑडिट कराना है। इसके लिए दो तरह के स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे। इनमें सामान्य स्वयंसेवक और तकनीकी स्वयंसेवक शामिल हैं। सड़क सुरक्षा मित्रों को सेव लाइफ फाउंडेशन और आईआईटी मद्रास का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी ट्रेनिंग देगा। इन स्वयंसेवकों को छिंदवाड़ा, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खरगोन, रीवा, सागर और सतना में नियुक्त किया जाएगा। सामान्य स्वयंसेवक सड़क हादसे की स्थिति में तुरंत मदद करेंगे। आसपास के लोगों में सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता भी फैलाएंगे, जबकि तकनीकी स्वयंसेवक इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के होंगे। इनकी जिम्मेदारी सड़क सुरक्षा ऑडिट करने की होगी। इन्हें हादसों के संभावित स्थानों और ब्लैक स्पॉट की पहचान करनी होगी। उनकी रिपोर्टिंग के लिए एक अलग नेटवर्क बनाने की भी योजना बनाई जा रही है। यह कवायद न केवल सड़क सुरक्षा को सामुदायिक आंदोलन बनाने के लिए की जा रही है, बल्कि सड़क हादसों में फौरन मदद मुहैया करवाना भी इसका मकसद है। इससे प्रशिक्षित वॉलेंटियर का ऐसा समूह तैयार होगा, जो मौके पर सही तरीके से काम कर सकेंगे। प्रमाणित स्वयंसेवकों को रोड सेफ्टी ऑडिटर का दर्जा मिलेगा। इसके लिए छात्र, युवा, प्रोफेशनल्स, गैर-सरकारी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता अपने जिले के कलेक्टर कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सामान्य कैटेगरी वाले हादसे के बाद मददगार बनेंगे... तकनीकी वालों को सड़क सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:37 am

युवती ने पहले नजदीकी बढ़ाई:हनीट्रैप में फंसाकर ‌15 लाख रुपए वसूले, निगमकर्मी ने सल्फास खाकर जान दी

कोलार थाना क्षेत्र में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से परेशान नगर निगम के एक कर्मचारी सुल्तान खान (30) ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। वह छह महीनों से दबाव में था। आरोप है कि एक युवती ने उसे प्रेम और भरोसे में फंसाया। इसके बाद ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की। इसके लिए चार लोगों का गिरोह सक्रिय था। इनमें से एक खुद को थाना प्रभारी बताकर कॉल और मैसेज से धमकाता था। इन पर छह महीने में 15 लाख रुपए ऐंठने का आरोप है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि युवती नेहा चौरसिया ने पहले सुल्तान से नजदीकी बढ़ाई। भरोसा जीतने के बाद पैसों की मांग की। युवती से जुड़े चारों लोग अलग-अलग नंबरों से कॉल और मैसेज पर लगातार धमकियों और दबाव से सुल्तान मानसिक रूप से टूटता चला गया। 161 मिस्डकॉल दे रहे धमकी के सबूत सुल्तान के फोन से चैट और कॉल डिटेल सामने आई हैं। इनमें गालियां और मिलने का दबाव साफ दिख रहा है। सुल्तान ने युवती और उसके साथियों के कुल पांच नंबर मोबाइल में सेव कर रखे थे। एक नंबर ‘माई वाइफ’ और एक ‘अंकल टीआई’ के नाम से सेव था। मोबाइल में युवती के 161 मिस्ड कॉल मिले हैं। उसके साथियों के भी कई मिस्ड कॉल दर्ज हैं। भाई को बताया - युवती को दिए थे 15 लाख रुपए मृतक के छोटे भाई सलमान के अनुसार, सुल्तान ने इलाज के दौरान बताया था कि उसने युवती को 15 लाख रुपए दिए थे। उसने मोबाइल में मौजूद चैट और स्क्रीनशॉट भी दिखाए थे। मंगलवार शाम तक युवती सुल्तान को कॉल कर रही थी। उसी रात 9 बजे उसने सलफास खा लिया। एक साल पहले तलाक, तभी से परेशान था सुल्तानसुल्तान खान (30) नगर निगम में ड्राइवर था और थुआखेड़ा कोलार में रहता था। करीब एक साल पहले उसका पत्नी से तलाक हो चुका था। उसके दो बच्चे हैं। तलाक के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। करीब छह महीने पहले उसका संपर्क युवती से हुआ था। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। नेहा नाम की युवती का नाम सामने आया है। मृतक के मोबाइल की भी जांच चल रही है। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -संतोष कुमार, जांच अधिकारी

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:35 am

अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर सख्त:खेतों की जमीन पर प्लॉट काट रहे थे, 10 कॉलोनाइजरों पर एफआईआर

अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई को लेकर कलेक्टर की नाराजगी अब जमीन पर दिखने लगी है। प्रशासन ने एक ही दिन में 10 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा 6 अन्य मामलों में एफआईआर के आवेदन पहले ही थानों को भेजे जा चुके हैं। इन 6 मामलों में दस्तावेज पूरे नहीं हैं। इसलिए फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार गुरुवार या शुक्रवार तक इन मामलों में भी केस दर्ज हो जाएंगे। प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के लिए 115 कॉलोनियों की सूची तैयार की है। यह कार्रवाई पंचायत अधिनियम के तहत की जा रही है। देहात एसपी आरएस प्रजापति ने बताया कि परवलिया और ईटखेड़ी थानों में 10 एफआईआर के आवेदन मिले हैं। इनके आधार पर जमीन मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। परवलिया थाना प्रभारी रोहित नागर के अनुसार, उनके थाने में 3 एफआईआर के आवेदन आए हैं। इनमें अहमद अनीस, ऐमन अनीस और सालेह अनीस के नाम शामिल हैं। कुराना क्षेत्र में तीनों के नाम पर डेढ़-डेढ़ एकड़ जमीन है। इस पर अवैध कॉलोनी विकसित की गई। प्लॉट बेचने के सबूत भी मिले हैं। ईटखेड़ी थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने बताया कि उनके थाने में 6 एफआईआर की प्रक्रिया चल रही है। एफआईआर के बाद प्रॉपर्टी मालिकों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। सस्ती जमीन खरीदी, महंगे दाम पर प्लॉट बेच रहे जांच में सामने आया है कि कॉलोनाइजर 200 से 500 रुपए प्रति वर्ग फीट के रेट पर कृषि भूमि खरीदते हैं और केवल मुरम-गिट्टी डालकर अस्थायी सड़क बनाकर प्लॉटिंग कर देते हैं। इसके बाद इन्हीं प्लॉटों को 1 हजार से 1500 रुपए प्रति वर्ग फीट तक की दर से बेचा जा रहा है। कई जगह न सड़क है, न नाली, न बिजली-पानी की व्यवस्था, फिर भी टीएंडसीपी से मंजूर कॉलोनियों के बराबर दाम वसूले जा रहे हैं। इन इलाकों में होगी कार्रवाई... प्रशासन ने जगदीशपुर, मुबारकपुर, सेवनिया ओंकारा, कोटर, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, सुरैया नगर, छावनी पठार, कान्हासैया, सिंकदराबाद, शोभापुर, जहेज, कोलुआखुर्द, नरेला वाज्याफ्त, बंगरसिया, अरेड़ी, परेवाखेड़ा, हज्जामपुरा ईटखेड़ी सड़क, अरवलिया, चौपड़ा कलां, बांसिया, गोलखेड़ी और बसई को कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है। एफआईआर, तोड़फोड़ होगी जिन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेगी, वहां एफआईआर के साथ तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की जाएगी। सभी एसडीएम को निर्देश दे चुके हैं। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर पुलिस मिलते ही कार्रवाई 113 अवैध कॉलोनियों की लिस्ट बना ली है। पुलिस बल उपलब्ध होते ही कार्रवाई करेंगे। दो थानों में एक ही दिन में 10 से ज्यादा एफआईआर करा रहे हैं। -विनोद सोनकिया, एसडीएम, हुजूर

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:33 am