बुलंदशहर में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, एक अपराधी घायल:ककोड़ थाना क्षेत्र में फायरिंग के बाद हुई गिरफ्तारी
बुलंदशहर के ककोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस और स्वाट टीम के बीच हुई मुठभेड़ में एक वांछित बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। यह मुठभेड़ हसनपुर लड़ोकी बम्बे के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस टीम ने बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रुकने का इशारा किया। हालांकि, वह नहीं रुका और धनौरा की ओर भागने का प्रयास करने लगा। पीछा करने के दौरान बदमाश की बाइक कच्चे रास्ते पर फिसल गई। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल बदमाश की पहचान कुलदीप पुत्र जयन्ती प्रसाद, निवासी ग्राम धनौरा, थाना ककोड़, जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई है। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश कुलदीप के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, चार जिंदा और दो खोखा कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, कुलदीप अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 15 मई 2026 को थाना ककोड़ क्षेत्र में जितेंद्र उर्फ जीतू पर फायरिंग की घटना में शामिल था। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि यह घटना अमित जाट गैंग द्वारा सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी। इस संबंध में थाना ककोड़ में बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस इस अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।
गोंडा के नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप प्रतियोगिता के दूसरे दिन ग्रीको रोमन कुश्ती के परिणाम घोषित किए गए। इसमें हरियाणा और उत्तर प्रदेश का दबदबा रहा। हरियाणा ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें 3 स्वर्ण, 5 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश ने 3 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 7 पदक हासिल किए। महाराष्ट्र ने 1 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। दिल्ली, राजस्थान और झारखंड को भी एक-एक स्वर्ण पदक मिला है। 45 किलोग्राम भार वर्ग में झारखंड के अनूप कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हरियाणा के शुभम दूसरे स्थान पर रहे। पंजाब के पवन करहिसिंग और हरियाणा के देव कटारिया ने तीसरा स्थान साझा किया। 48 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के अविनाश वीरू चेतक ने स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के अर्जुन ने रजत पदक हासिल किया, जबकि हरियाणा के लक्ष्य और मोनू को कांस्य पदक मिला। 51 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तर प्रदेश के विशाल पाल ने पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र के पृथ्वीराज गणपति जामदार दूसरे स्थान पर रहे, जबकि महाराष्ट्र के सुयश श्रीकांत पाटिल और हरियाणा के राहुल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 55 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा के योगेश ने स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश के अभिनव यादव ने रजत पदक हासिल किया, जबकि मध्य प्रदेश के योगेश और महाराष्ट्र के धीरज डफले को कांस्य पदक मिला। 60 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तर प्रदेश के प्रिंस नैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हरियाणा के दिलबर सिंह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के नकुल और उत्तर प्रदेश के शिवम यादव ने तीसरा स्थान साझा किया। 65 किलोग्राम भार वर्ग में दिल्ली के ललित ने स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के सत्यम ने रजत पदक हासिल किया, जबकि राजस्थान के अनिल कुमार यादव और महाराष्ट्र के कौशल दीपक गायकर को कांस्य पदक मिला है। देखें 3 तस्वीरें… 71 किलोग्राम भार वर्ग में राजस्थान की सूर्य वैष्णव ने पहला स्थान प्राप्त किया। पंजाब के अरमान प्रीत सिंह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि दिल्ली के विजेंद्र और पंजाब के सुखमान सिंह को कांस्य पदक मिला। 80 किलो भार वर्ग में हरियाणा के अंशु को प्रथम स्थान, यूपी के विशाल को दूसरा स्थान, राजस्थान के अमित हजारीलाल गुर्जर को तीसरा स्थान और हरियाणा के हितेश को तीसरा स्थान मिला है। 92 किलो वर्ग में यूपी के कार्तिक को प्रथम स्थान, यूपी के अनुज यादव को दूसरा स्थान, हरियाणा के हर्ष तोमर को तीसरा और हरियाणा के सूरजमल को तीसरा स्थान मिला है। 110 किलो भार वर्ग में हरियाणा के हर्ष दलाल को प्रथम स्थान, हरियाणा के हार्दिक ओहल्यान को दूसरा स्थान, चंडीगढ़ के वंश हुड्डा को तीसरा और पंजाब के युवराज सिंह को तीसरा स्थान मिला है।अगर इस प्रतियोगिता के रैंकिंग की बात करें तो 195 पॉइंट के साथ हरियाणा ने प्रथम, 137 पॉइंट के साथ यूपी ने दूसरा, 94 पॉइंट के साथ महाराष्ट्र ने तीसरा, 81 पॉइंट के राजस्थान में चौथा और 67 पॉइंट के साथ पंजाब ने पांचवा स्थान हासिल किया है। कैसरगंज बीजेपी सांसद हुआ व यूपी कुश्ती संघ अध्यक्ष करण भूषण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू ने सभी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र लेकर के सम्मानित किया है। इस प्रतियोगिता में भी 500 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया था जिन्होंने अलग-अलग 10 वेट कैटेगरी में अपनी प्रतिभा दिखाई है।
बलरामपुर में पुलिस आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई है। यह परीक्षा जिले के छह केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आयोजित की जा रही है। पहले दिन अभ्यर्थियों को गहन जांच और सत्यापन के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा को नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारी पुलिस बल, सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, तीन दिवसीय यह भर्ती परीक्षा 8 से 10 जून तक दो पालियों में आयोजित की जा रही है। जिले के सभी छह केंद्रों पर प्रत्येक पाली में कुल 2448 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि सभी छह केंद्रों पर दो पालियों में आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा शुरू हो चुकी है। भगवती आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज में 240, बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज में 384, महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज में 384 और महारानी देवेंद्र कुंवरि बालिका इंटर कॉलेज में 240 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, महारानी लाल कुंवरि महाविद्यालय के कला संकाय में 720 और वाणिज्य संकाय में 480 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी नामित किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। प्रवेश द्वारों पर पहचान पत्रों का सत्यापन, तलाशी और अन्य सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर आने वालों पर विशेष निगरानी रखी गई। भर्ती परीक्षा के मद्देनजर जिले में सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक रूट डायवर्जन लागू किया गया है। बहराइच, गोंडा, उतरौला और तुलसीपुर मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि भर्ती परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा गोंडा के 15 परीक्षा केंद्रों पर तीन दिवसीय सिपाही भर्ती परीक्षा आज से शुरू हो गई है। पहले दिन परीक्षार्थियों को त्रिस्तरीय सघन चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई। सुरक्षा के मद्देनजर, जूते और मोजे उतरवाकर गहन तलाशी ली जा रही है। इसके बाद बायोमेट्रिक पुष्टि होने पर ही उन्हें परीक्षा हॉल में जाने की अनुमति मिल रही है। इस बार परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पहले ही सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसी भी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का कलावा या महिला परीक्षार्थियों का मंगलसूत्र नहीं उतरवाया जा रहा है। धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए किसी भी धर्म से जुड़ी वस्तुओं को हटाने का निर्देश नहीं है। आज प्रथम पाली में 6024 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी है, जबकि दूसरी पाली में भी इतनी ही संख्या में परीक्षार्थी शामिल होंगे। गोंडा जिला मुख्यालय पर बने जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। परीक्षा व्यवस्था में 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज विभाग ने 20 बसें आरक्षित की हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार विभिन्न रूटों पर चलाया जा रहा है। वहीं परीक्षा देने के लिए अयोध्या फतेहपुर और आजमगढ़ से आए परीक्षार्थियों ने कहा कि सीएम योगी ने रोडवेज बस में आधा किराया देने का ऐलान किया था। लेकिन हम लोगों से पूरा किराया लिया गया है आधा किराया हम लोगों से नहीं लिया गया है। परीक्षा को लेकर हम लोगों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है किसी भी प्रकार की दिक्कत परीक्षा में हम लोगों को नहीं होगी।
यूपी में सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर बरेली में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिससे होकर ही अभ्यर्थी अपने कमरों तक पहुंच पा रहे हैं। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और एलआईयू की टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली की गुंजाइश न रहे। सुबह से ही केंद्रों पर लगी युवाओं की लंबी कतारेंपरीक्षा दो पारियों में आयोजित की जा रही है। पहली पारी की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होनी है, लेकिन इसके लिए सुबह 8 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ और लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलने लगीं। बरेली कॉलेज समेत शहर के तमाम प्रमुख केंद्रों पर दूर-दूर से आए युवाओं में परीक्षा को लेकर भारी उत्साह नजर आया। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के कारण चेकिंग की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया ताकि समय रहते सभी अभ्यर्थी अपनी सीट पर बैठ सकें। सिपाही बनने का सपना, मगर मन में एक अनजाना डरबरेली कॉलेज को इस परीक्षा के लिए एक बड़ा केंद्र बनाया गया है। यहां आए अभ्यर्थियों की आंखों में खाकी वर्दी पहनने और देश सेवा करने का एक बड़ा सपना साफ तैरता नजर आया। परीक्षा देने पहुंचे युवाओं ने बताया कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए दिन-रात एक करके बहुत अच्छी तैयारी की है। लिखित परीक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ वे रोजाना सुबह मैदान में दौड़ने भी जाते हैं। हालांकि, इतनी कड़ी मेहनत के बाद भी उनके मन में एक अजीब सा डर बना हुआ है। युवाओं का कहना है कि मेहनत में कोई कमी नहीं है, बस डर इस बात का है कि कहीं पहले की तरह इस बार भी पेपर लीक न हो जाए। सरकार को इस पर पूरी कड़ाई बरतनी चाहिए। तीन दिनों चलेगी परीक्षायह बड़ी परीक्षा 8, 9 और 10 जून यानी कुल तीन दिनों तक चलेगी। इसके लिए जिले भर में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन तीन दिनों में कुल मिलाकर 52,500 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। हर दिन दो पालियों में परीक्षा होगी, जिसमें प्रत्येक पाली में 8,750 उम्मीदवार बैठेंगे। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए एसटीएफ और दूसरी खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह एक्टिव हैं। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए 700 से ज्यादा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। 10 जून तक शहर की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है ताकि जाम की स्थिति न बने। दो शिफ्टों का टाइम टेबल और रिपोर्टिंग का समयअभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए प्रशासन ने समय का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। पहली शिफ्ट का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तय किया गया है, जिसके लिए रिपोर्टिंग टाइम सुबह 8:00 बजे से 9:30 बजे तक का रखा गया था। इसके बाद दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को दोपहर 1:00 बजे से 2:30 बजे के बीच केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। देरी से आने वाले अभ्यर्थियों को एंट्री नहीं दी जाएगी। इन 19 केंद्रों पर हो रही है परीक्षाबरेली में जिन मुख्य जगहों पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उनमें बरेली कॉलेज का ब्लॉक-ए, ब्लॉक-बी, ब्लॉक-सी, ब्लॉक-डी और ब्लॉक-ई शामिल हैं। इसके अलावा बरेली इंटर कॉलेज, बिशप मंडल, दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज रिठौरा, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज ब्लॉक-ए व ब्लॉक-बी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, केपीआरसी कला केंद्र इंटर कॉलेज, कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, साहू गोपीनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और विष्णु इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया है। दस जिलों के युवा आए बरेली, यहां के बच्चे भी बाहर गएइस परीक्षा के लिए बड़े स्तर पर रूट प्लान तैयार किया गया है क्योंकि बरेली में कुल 10 अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थी पेपर देने पहुंचे हैं। इन जिलों में आगरा, पीलीभीत, बिजनौर, मथुरा, बदायूं, रामपुर, संभल, शाहजहांपुर, सीतापुर और हरदोई शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ, बरेली के रहने वाले करीब 37,544 अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों में गए हैं। इस बड़े फेरबदल को देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी सुरक्षा के साथ-साथ ट्रेनों और बसों के सुचारू संचालन की व्यवस्था की गई है।
उन्नाव में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती (एनरोलमेंट-2025) की लिखित परीक्षा सोमवार को शुरू हुई। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह परीक्षा आयोजित की गई। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी की थी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। पहली पाली में कुल 3662 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई, जबकि पुलिस बल के साथ सादी वर्दी में भी कर्मियों को तैनात किया गया था। नकल या अनियमितता रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध था। परीक्षा अटल बिहारी इंटर कॉलेज, डीएसएन इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ओपीडी इंटर कॉलेज, श्यामलाल इंटर कॉलेज, एसएवी इंटर कॉलेज और अचलगंज सहित कुल 12 केंद्रों पर आयोजित की गई। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश और सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा की तथा केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। प्रशासन ने बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र भी स्थापित किए। इन केंद्रों पर परीक्षा केंद्रों की जानकारी, यातायात मार्ग और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। उन्नाव में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती (एनरोलमेंट-2025) की लिखित परीक्षा सोमवार को शुरू हुई। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह परीक्षा आयोजित की गई। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी की थी।परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। पहली पाली में कुल 3662 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई, जबकि पुलिस बल के साथ सादी वर्दी में भी कर्मियों को तैनात किया गया था। नकल या अनियमितता रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध था।परीक्षा अटल बिहारी इंटर कॉलेज, डीएसएन इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ओपीडी इंटर कॉलेज, श्यामलाल इंटर कॉलेज, एसएवी इंटर कॉलेज और अचलगंज सहित कुल 12 केंद्रों पर आयोजित की गई। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश और सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा की तथा केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।प्रशासन ने बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र भी स्थापित किए। इन केंद्रों पर परीक्षा केंद्रों की जानकारी, यातायात मार्ग और अन्य वश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। लखनऊ की अभ्यर्थी बोलीं, एक साल से कर रही हूं तैयारी परीक्षा देने लखनऊ से उन्नाव पहुंची एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला प्रयास है और तैयारी को लेकर वह पूरी तरह आत्मविश्वास में हैं। यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि अपने साधन से आने के कारण उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं सरकार द्वारा पुलिस भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने पर उन्होंने संक्षिप्त रूप से धन्यवाद व्यक्त किया।आगरा समेत कई जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए आगरा, लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, फतेहपुर और अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उन्नाव पहुंचे। कई अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। प्रवेश द्वारों पर सघन तलाशी और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया गया।डीएम और एसएसपी ने संभाली कमान परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह स्वयं मॉनिटरिंग करते नजर आए। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की गई थी, जो लगातार केंद्रों की निगरानी कर रहे थे।सहायता केंद्रों से मिली राहत दूसरे जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र खोजने और यातायात संबंधी जानकारी देने के लिए पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि सहायता केंद्रों की वजह से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में काफी सुविधा मिली और समय की बचत भी हुई।
सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की ओर से एफिलिएशन सर्टिफिकेट (संबद्धता प्रमाण पत्र) जारी कर दिया गया है। इससे जिले में क्रिकेट गतिविधियों के संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो जाएगा है। दीनदयाल कुमावत की कार्यकारिणी को घोषित किया था अवैध इससे पूर्व आरसीए की एडहॉक कमेटी ने सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ को वैधानिक मान्यता प्रदान की थी। साथ ही आरसीए के पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत एवं उनके नेतृत्व वाली जिला क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी को अवैध घोषित कर दिया था। अब एफिलिएशन सर्टिफिकेट जारी होने के बाद सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ को आरसीए की अधिकृत इकाई के रूप में मान्यता मिल गई है। इससे जिले के क्रिकेट खिलाड़ियों को आरसीए के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिताओं और चयन प्रक्रियाओं में भाग लेने का मार्ग और अधिक स्पष्ट हो गया है।जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने इसे जिले के क्रिकेट हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे तथा जिले में क्रिकेट गतिविधियों को नई गति मिलेगी। आपको बता दें कि हाल ही में जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद राजेश गोयल उर्फ राजू चक्की को चुना गया था। जिसके बाद जिला क्रिकेट संघ को एफिलिएशन सर्टिफिकेट दिया गया है।
कासगंज शहर की गली कोरियान इलाके में एक ब्यूटी पार्लर संचालिका के घर चोरी की वारदात सामने आई है। पीड़िता बिंदु मिश्रा ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से नगदी और जेवरात चोरी हो गए हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। बिंदु मिश्रा शहर के एक मॉल में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चोर उनके घर से लगभग 4 लाख रुपये की नगदी और कीमती जेवरात चुरा ले गए। चोरी का पता चलने पर परिवार में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी आंचल चौहान, इंस्पेक्टर प्रवेश राणा और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा संभावित सुरागों की तलाश शुरू की है। जांच टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और पड़ोसियों तथा स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जल्द ही चोरी की इस घटना का खुलासा करने का दावा किया है।
महराजगंज में आरक्षी भर्ती परीक्षा शुरू:तीन दिन, छह पालियों में 34,560 अभ्यर्थी; 554 पुलिसकर्मी तैनात
महराजगंज में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती परीक्षा-2025 आज से शुरू हो गई है। जनपद के 13 परीक्षा केंद्रों पर तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 34,560 अभ्यर्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। प्रत्येक पाली में 5,760 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग पुलिस कार्यालय स्थित एकीकृत कंट्रोल रूम से की जा रही है। कुल 554 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को शांतिपूर्ण तथा नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए तैनात किया गया है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जबकि जोनल मजिस्ट्रेट लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों का ई-केवाईसी सत्यापन कराया गया है और हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। जिले के 13 परीक्षा केंद्रों में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज धनेवा-धनेई, डॉ. भीमराव अंबेडकर पीजी कॉलेज, महामाया आईटी पॉलिटेक्निक, जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी, गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक इंटर कॉलेज, महाराजगंज इंटर कॉलेज, दिग्विजय नाथ इंटर कॉलेज चौक, शिवजपत सिंह जनता इंटर कॉलेज भिटौली, एंग्लो संस्कृत इंटर कॉलेज घुघली, डीएवी नारंग इंटर कॉलेज, पंचायत इंटर कॉलेज परतावल तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज आनंदनगर शामिल हैं। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने, निर्धारित नियमों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या अनुचित साधनों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अलवर के रैणी थाना क्षेत्र के भणकपुरा गांव में रविवार शाम युवक 11 हजार वॉल्ट बिजली के करंट की चपेट में आ गया। जिससे उसके दोनों हाथ व कमर का हिस्सा झुलसा है। भणकपुरा निवासी 41 वर्षीय रतनलाल पुत्र बद्री प्रसाद का अलवर जिला अस्पताल में इलाज जारी है। गंभीर घायल हुए युवक रतनलाल के चाचा ने बताया कि रविवार को अंधड़ आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। बिजली का तार लगाने के लिए रतनलाल बिजली के खंभे पर चढ़ गया। तार लगाते समय अचानक करंट का झटका लगा। बाद में पता चला कि जिस प्लास से तार जोड़ रहा था उसमें ही कट लगा हुआ था। जिससे करंट लगा और युवक दूर जाकर गिरा। उसके दाेनों हाथ झुलस गए। कमर का हिस्सा भी झुलसा है। पहले उसे रैणी अस्पताल लेकर गए। वहां से अलवर रैफर कर दिया। अलवर अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि अभी युवक की हालत खतरे से बाहर है। करंट लगने के बाद युवक को तुरंत अस्पताल लेकर आए। जिससे प्राथमिक उपचार जल्दी हो सका। थोड़ी सी लापरवाही के कारण युवक की जान पर आफत आ गई।
यूपी के पीलीभीत में चलती बस में 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार छू गया। करंट का जोरदार झटका लगने से बस के चालक पिता और कंडक्टर बेटे की मौत हो गई। इस दौरान बस में आग भी लग गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब बस बरेली से बारात लेकर गांव वापस लौटी थी। सभी बारातियों को उतारने के बाद बस चालक बस को टर्न लेकर घुमा रहा था। इसी दौरान एक ओवरहेड हाईटेंशन तार बस को टच कर गया। पूरी बस में करंट दौड़ गया। करंट इतना जोरदार था कि पिता ने मौके पर अपनी ड्राइविंग सीट पर ही एक सांस में दम तोड़ दिया। सीट से चिपके रह गए। वहीं तेज झटके से बेटा भी दूर जा गिरा। उसके दोनों पैर झुलस कर गल गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, पर काफी प्रयास के बाद उसकी जान भी नहीं बचाई जा सकी। बस चालक ने तीन साल पहले कर्ज लेकर यह बस खरीदी थी। पिता–पुत्र साथ मिलकर इस बस को चलाते थे। फिलहाल पुलिस ने दोनों को शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। घटना मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र के गौनेरी गांव की है। तस्वीरें देखिए- पूरा मामला विस्तार से– नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मद फारूख निवासी सज्जन (65) अपने बेटे सुभान (16) के साथ प्राइवेट बस चलाते थे। दोनों शादी–पार्टियों की बुकिंग लेते थे। करीब एक महीने पहले उन्हें जहानाबाद कोतवाली क्षेत्र के गौनेरा गांव निवासी चांद बाबू ने अपनी शादी के लिए बुकिंग दी थी। शनिवार को सज्जन और उनका बेटा अपनी बस से चांद बाबू की बारात को लेकर बरेली गए थे। रविवार रात बारात वापस लौटी थी। रात करीब 10:30 बजे बस वापस गौनेरा गांव पहुंची थी। रात करीब 111 बजे सभी बारातियों को बस से उतारने के बाद सज्जन बस को वापस मोड़ रहे थे। तभी ऊपर से गुजर रहा एक ओवरहेड 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार बस की छत को छू गया। पूरी बस में करंट दौड़ गया। जोरदार करंट के झटके से सज्जन ने अपनी ड्राइविंग सीट पर ही दम तोड़ दिया। वहीं गेट के पास खड़ा उनका बेटा सुभान तेज झटके के कारण बस से उछलकर करीब 3 फुट दूर बाहर जा गिरा। इसके बाद करंट के कारण बस में आग लग गई। आग देखकर गांव के लोग मदद को दौड़े। बस पर तार लटका देख, बिजली विभाग को सूचित किया और शटडाउन लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सज्जन को बस से बाहर निकाला, पर तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। गंभीर रूप से घायल सुजान को स्थानीय जहानाबाद सीएचसी पहुंचाया। कुछ देर के इलाज के बाद सुभान ने भी सीएचसी में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। बेटे के पैरों की पूरी चमड़ी उतरी डॉक्टरों ने बताया– करंट काफी जोरदार था। तेज झटके के कारण सज्जन को तत्काल हार्टअटैक आ गया। स्टीयरिंग पकड़े होने के कारण उनके हाथ में करंट से झुलसने का निशान है। वहीं बेटे सुभान के पैरों की पूरी चमड़ी उतर गई है। जिला अस्पताल भेजे गए दोनों शव, आज होगा पोस्टमॉर्टम घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सदर नताशा गोयल, जहानाबाद थाना प्रभारी जयशंकर सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल और जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी भेज दिया गया। हालांकि परिजनों ने रात में ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पर आज दोनों शवों का पीएम होगा। तीन साल पहले कर्ज लेकर खरीदी थी बस परिजनों ने बताया– सज्जन ने करीब तीन वर्ष पहले कर्ज और अपनी जमा पूंजी से यह बस खरीदी थी। इसी बस के जरिए वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। बस ही परिवार की आय का मुख्य साधन थी। सज्जन के दो बेटे थे, जिनमें सुभान छोटा था। पिता और पुत्र की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हाईटेंशन लाइन के कारण हादसा, कोई तहरीर नहीं जहानाबाद थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया– हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बस चालक और उसके बेटे की मौत हुई है। अब तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'करोड़ों की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए बेटे को मुस्लिम बनाया':शामली में पिता बोले- महिला जिम ट्रेनर ने फंसाया, फर्जी निकाह किया ‘मेरे 27 साल के बेटे को जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्यार के जाल में फंसाया। फिर धर्मांतरण करवाकर हिंदू से मुस्लिम बनाया। बाद में फर्जी तरीके से निकाह कर लिया।’ ये कहना है कि शामली के करोड़पति दवा कारोबारी देवराज सिंह का। उन्होंने कहा, बेटे ने पाकिस्तान का यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर रखा था। दिन भर उसी पर वीडियो देखा करता था। चांदनी से शादी की बात हम लोगों को बिल्कुल पता नहीं थी। बेटा जब हम लोगों से अलग हुआ, तब हमें शादी की बात पता चली। इस लड़की की नजर मेरे इकलौते बेटे की करोड़ों की प्रापर्टी पर है, तभी इसने बेटे को फंसाया है। पूरी खबर पढ़िए…
छतरपुर जिले के ईसानगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पनोठा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बिना मुंडेर (रेलिंग) वाली छत से नीचे गिरकर 60 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल महिला को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान 60 वर्षीय बती बाई के रूप में हुई है। वह रात के समय अपने घर की बिना मुंडेर वाली छत पर सो रही थीं। बताया जा रहा है कि देर रात वह संभवतः बाथरूम जाने के लिए उठी होंगी। इसी दौरान अंधेरा होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे छत से नीचे आ गिरीं। सुबह घायल अवस्था में मिलीं, इलाज के दौरान मौतसुबह जब परिजनों की नींद खुली, तो उन्होंने बती बाई को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा पाया। गनीमत थी कि उस वक्त उनकी सांसें चल रही थीं। परिजन आनन-फानन में उन्हें लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में भी महिला की हालत नाजुक बनी हुई थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालांकि, ग्वालियर ले जाते वक्त अस्पताल गेट के पास ही एंबुलेंस में उनकी मौत हो गई। बिना मुंडेर की छतें बन रहीं जानलेवा हादसों का कारणजिले में बिना मुंडेर वाली छत से गिरकर मौत होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। ग्रामीण अंचलों में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे मकान हैं जिनकी छतों पर रेलिंग या मुंडेर नहीं बनी है, जिसके चलते रात के अंधेरे में ऐसे जानलेवा हादसे होते रहते हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर छत निर्माण के दौरान सुरक्षा के लिहाज से मुंडेर बनवाने की आवश्यकता और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।
चतरा शहर के बस स्टैंड में मेदांता हॉस्पिटल के नाम से संचालित अस्पताल में इलाज के दौरान 20 वर्षीय गर्भवती बैजंती देवी और उनके आठ महीने के अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। मृतका लावालौंग थाना क्षेत्र के चुकु गांव निवासी लाटो गंझू की पत्नी थी। परिजनों के अनुसार, तीन जून को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबर से जुड़ी तस्वीरें देखें… जहां तीन दिनों के भीतर इलाज के नाम पर करीब 25 हजार रुपए वसूल लिए गए। छह जून को अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति गंभीर बताते हुए ऑपरेशन के लिए 40 हजार रुपए की मांग की। जब परिजनों ने असमर्थता जताई तो महिला को गंभीर हालत में जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचते ही महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। खून चढ़ाने में लापरवाही का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में बिना उचित जांच के महिला को खून चढ़ाया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि नौ हजार रुपए लेकर एक यूनिट खून चढ़ाया गया, जो अधिकृत ब्लड बैंक से नहीं लाया गया था। बिना क्रॉस-मैचिंग और जरूरी जांच के सिर्फ ब्लड ग्रुप के आधार पर खून चढ़ाया गया। इससे पहले गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद महिला की हालत भी लगातार बिगड़ती चली गई। इस पूरे मामले ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इलाज में भारी लापरवाही की बात स्वीकार की है। प्रशासन ने अस्पताल किया सील, जांच जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। उपायुक्त के निर्देश पर पहुंची टीम ने अस्पताल के ओपीडी, वार्ड और मुख्य गेट को बंद कर दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को अस्पताल में कोई डॉक्टर या कर्मी नहीं मिला, सभी फरार पाए गए। वहां भर्ती एक अन्य मरीज को तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद सिविल सर्जन कार्यालय की कार्यप्रणाली और जिले में संचालित निजी नर्सिंग होमों के नेटवर्क पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर मामले की गहन जांच में जुटे हैं।
पानीपत के चांदनीबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे एक 10 वर्षीय बच्चे को अकेला पाकर 35 वर्षीय पड़ोसी ने दबोच लिया। आरोपी ने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर झाड़ियों में उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वारदात का खुलासा तब हुआ जब दोपहर के समय मां ने बच्चे के खून से सने कपड़े देखे। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर आरोपी पड़ोसी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। ट्यूशन से लौटते वक्त रास्ते में मासूम को बनाया हवस का शिकार पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि उसका 10 वर्षीय बेटा रोजाना की तरह गांव में ही ट्यूशन पढ़ने के लिए गया हुआ था। दोपहर के समय जब वह ट्यूशन पढ़कर वापस अपने घर लौट रहा था, तो रास्ते में वह लघुशंका (पेशाब) करने के लिए एक स्थान पर रुका। इसी दौरान वहां घात लगाए बैठा उनका 35 वर्षीय पड़ोसी राकेश अचानक वहां आ धमका। आरोपी ने मासूम बच्चे को अकेला देखकर पीछे से दबोच लिया। बच्चे ने जब विरोध करना चाहा, तो आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी देकर वहीं पास की झाड़ियों में खींच ले गया, जहां उसने मासूम के साथ कुकर्म किया। खून से सने कपड़े धोते वक्त मां के सामने आया सच, रो पड़ा बच्चा दरिंदगी को अंजाम देने के बाद आरोपी बच्चे को बदहवास हालत में छोड़कर मौके से भाग गया। डरा हुआ मासूम चुपचाप रोते हुए अपने घर पहुंचा और लोक-लाज व डर के मारे किसी को कुछ नहीं बताया। दोपहर के समय जब बच्चे की मां रोजाना की तरह कपड़े धो रही थी, तो उसने अपने बेटे के कपड़ों पर खून के गहरे साक्ष्य (खून से सने कपड़े) देखे। मां ने घबराकर जब बच्चे से इस बारे में सख्ती से पूछा, तो सहमे हुए मासूम ने डर के मारे कह दिया कि उसे खेलते वक्त कहीं चोट लग गई है। हालांकि, जब मां ने चोट दिखाने और देखने की जिद की, तो बच्चा फूट-फूटकर रोने लगा। मां के गले लगकर उसने पड़ोसी राकेश द्वारा झाड़ियों में की गई पूरी आपबीती बयां कर दी, जिसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। चार महीने पहले भी की थी घिनौनी कोशिश, तब माफी मांगकर छूटा था आरोपी पीड़ित मां ने पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी राकेश बेहद विकृत मानसिकता का है। उसने करीब 4 महीने पहले भी उनके बेटे के साथ इसी तरह कुकर्म करने का घिनौना प्रयास किया था। उस समय बच्चे ने घर पर बताया था, जिसके बाद गांव में दोनों पक्षों की बैठक हुई थी। उस दौरान आरोपी राकेश और उसके परिवार वालों ने पैर पकड़कर अपनी गलती के लिए लिखित व मौखिक माफी मांग ली थी, जिसके कारण समाज और बदनामी के डर से परिवार ने मामला वहीं रफा-दफा कर दिया था। लेकिन आरोपी की नीयत नहीं सुधरी और उसने दोबारा मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
गाजियाबाद में बंद मकान में चोरी:वारदात के समय घरवाले नहीं थे मौजूद, डीसीपी ग्रामीण से की शिकायत
गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र में चोरों ने एक बंद मकान से सोने-चांदी के जेवरात और नगदी चोरी कर ली। पीड़ित का आरोप है कि घटना के दो दिन बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिसके बाद उसने डीसीपी ग्रामीण से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। घेर में सो रहा था परिवार भोजपुर थाना क्षेत्र के किल्हौड़ा गांव निवासी सोहनपाल सिंह खेती-किसानी का काम करते हैं। उनके अनुसार, वारदात वाली रात वह अपने परिवार के साथ घर से अलग स्थित घेर में सो रहे थे। देर रात चोरों ने उनके मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और वहां रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नगदी चोरी कर फरार हो गए। सुबह घटना की जानकारी होने पर परिवार के होश उड़ गए। गांव के तीन युवकों पर जताया शक पीड़ित ने गांव के तीन युवकों पर चोरी करने का शक जताते हुए पुलिस को नामजद तहरीर दी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पर मुकदमा दर्ज न करने का आरोप सोहनपाल सिंह का आरोप है कि घटना को दो दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले की जानकारी सार्वजनिक करने पर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। इसी से नाराज होकर उन्होंने डीसीपी ग्रामीण से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई। डीसीपी ग्रामीण से की शिकायत पीड़ित ने डीसीपी ग्रामीण को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने, चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस बोली- जांच जारी, जल्द होगा खुलासा मामले में एसीपी मोदीनगर का कहना है कि पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
डीग जिले के पहाड़ी-गोपालगढ़ मार्ग पर एक तेज रफ्तार थार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार 10 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्ची को पहाड़ी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। आरोप है कि घायल बच्ची के इलाज में देरी हुई और अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठेसामाजिक कार्यकर्ता हरेत फौजी बुराना ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में न तो पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध है और न ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं। साथ ही, अस्पताल परिसर में उचित प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी भी बताई गई। हरेत फौजी बुराना ने घटना और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल घायल बच्ची का उपचार जारी है।
KGMU के यूरोलॉजी विभाग में सामने आए करोड़ों रुपये के कथित दवा घोटाले की जांच निर्णायक मोड़ में पहुंच गई है। जांच समिति की नजर अब विभाग के दवाओं के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक सिंह पर है। शनिवार को उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सोमवार को दोबारा पूछताछ होगी। जांच समिति ने संकेत दिए हैं कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। मृत मरीजों के नाम पर दवा इंडेंट पर उठे सवाल जांच के दौरान समिति ने उन इंडेंट और बिलों को लेकर सवाल पूछे, जिनमें ऐसे मरीजों के नाम दर्ज पाए गए जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। जांच अधिकारियों ने जानना चाहा कि मृत मरीजों के नाम पर दवाओं की मांग कैसे जारी हुई और उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किस आधार पर किए गए। सूत्रों के अनुसार, डॉ. विवेक सिंह इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। सोमवार को फिर होगी पूछताछ जांच समिति के अध्यक्ष और KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि मामले की अंतरिम रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है, लेकिन अभी कई बिंदुओं पर जांच जारी है। सोमवार को डॉ. विवेक सिंह से दोबारा पूछताछ की जाएगी और उसी दिन जांच को अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा। मृत मरीजों को दिखाया गया भर्ती जांच में अब तक सामने आया है कि यूरोलॉजी विभाग में कई ऐसे मरीजों के नाम पर दवाएं मंगाई गईं, जिनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। रिकॉर्ड में उन्हें भर्ती दर्शाते हुए दवाओं के इंडेंट जारी किए गए। संबंधित बिलों और दस्तावेजों पर विभागीय अधिकारियों के हस्ताक्षर भी मिले हैं। अब जांच समिति यह पता लगाने में जुटी है कि इन दवाओं का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ और उन्हें किस प्रकार खपाया गया। रिकॉर्ड खंगालने में मिले कई संदिग्ध मामले डॉ. केके सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान कई संदिग्ध मामलों की पहचान की है। समिति को मिले रिकॉर्ड में कुछ प्रकरण डॉ. विवेक सिंह की निगरानी से जुड़े पाए गए हैं। इसी आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई KGMU प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में जमानत पर रिहा हुए 9 आरोपियों ने कारों का काफिला निकालकर रैली की। इस दौरान उन्होंने स्टंटबाजी करते हुए रील बनाई, जिसमें कुछ आरोपी कार की खिड़कियों से बाहर लटकते नजर आए। आरोपियों ने सड़क पर जमकर हुड़दंग मचाया। साथ ही उन पर राहगीरों के साथ मिसबिहेव करने का भी आरोप है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रैली निकालने के बाद कुछ युवक कार सवारों का माला पहनाकर स्वागत करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान आतिशबाजी भी की जा रही है और जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने मौके पर रेड मारकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट कतई नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामला भाटापार शहर थाना क्षेत्र का है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक आरोपियों का नाम आदित्य साहू (22), सागर धींवर (27), मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या (21), वसीम अली (20), संतोष उर्फ छोटू मनहरे (25), सागर यादव (24), आशीष ध्रुव (21), हेमंत भाट (20) और ओम ध्रुव (20) है। सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट, हुड़दंग, सार्वजनिक शांति भंग करने, आपराधिक साजिश रचने और सामूहिक रूप से अपराध करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग समय पर जेल भेजा गया था। जमानत के बाद मचाया हुड़दंग 5 जून की रात सभी आरोपी जेल से रिहा हुए। रात करीब 10 बजे उन्होंने कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड पर तेज रफ्तार कारों और बाइकों की रैली निकाली। इस दौरान आरोपियों ने हुड़दंग मचाया औरमोहल्ले के लोगों के साथ बदसलूकी की आरोपियों ने इस हुड़दंग का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्शन में आई। पुलिस टीम ने मौके पर दी और घेराबंदी कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस बोली- जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट नहीं सभी के खिलाफ BNS की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्होंने न्यायिक रिमांड पर दोबारा जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एसपी ओपी शर्मा ने कहा कि जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट नहीं है। ऐसी हरकतें कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि दोबारा सजा को न्योता देने जैसी हैं। खौफ फैलाने वाली रैलियां निकालने और सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चलती BMW में सनरूफ खोलकर गर्लफ्रेंड ने किया डांस, VIDEO: मोबाइल निकालकर रील बनाई; रिटायर्ड फॉरेस्ट ऑफिसर के बेटे को पुलिस ने पकड़ा, कार जब्त छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कार सवार युवती ने खतरनाक तरीके से स्टंटबाजी की। युवती चलती BMW कार की सनरूफ खोलकर डांस करती नजर आई, इसका वीडियो भी सामने आया है। घटना चकरभाठा थाना क्षेत्र के रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे की है। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब के फाजिल्का जिले के एक होटल में उदयपुर के फर्टिलाइजर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट का शव संदिग्ध हालत में मिला। वह अबोहर में कंपनी के डीलर्स से मीटिंग करने के लिए गए थे। जब ड्राइवर के बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी वह बाहर नहीं आए तो पुलिस बुलाई गई। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो वह बेड पर मृत पड़े हुए थे। पास ही टेबल पर कुछ बचा हुआ खाना और एक शराब की बोतल भी मिली है। हालांकि मृतक की बॉडी पर कोई चोट के निशान नहीं मिले है। इनकी मौत कैसे हुई, पुलिस इसकी जांच में जुटी हुई है। घटना रविवार दोपहर की है। पटेल फोस्केम लिमिटेड कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट थेमृतक के ड्राइवर मुकेश कुमार ने बताया कि उदयपुर के हिरण नगरी सेक्टर-6 में रहने वाले प्रबल कानूनगो शनिवार शाम को अबोहर पहुंचे थे। वह पटेल फोस्केम लिमिटेड नाम की फर्टिलाइजर कंपनी में मार्केटिंग के वाइस प्रेसिडेंट थे। उन्हें रविवार को कंपनी के डीलरों से मीटिंग करनी थी। ड्राइवर ने बताया कि अबोहर आने के बाद प्रबल कानूनगो होटल सनबीम के कमरा नंबर 104 में ठहरे हुए थे। उन्हें छोड़ने के बाद ड्राइवर अपने घर सारदुलशहर चला गया। बाद में मीटिंग में जाने से पहले ड्राइवर मुकेश ने कानूनगो को कॉल की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। मुकेश को चिंता हुई तो उसने तुरंत एक अन्य ड्राइवर को प्रबल कानूनगो को देखने के लिए होटल में भेजा। गेट नहीं खोला तो पुलिस बुलाई, अंदर लाश मिलीमुकेश के अनुसार, दूसरा ड्राइवर होटल सनबीम पहुंचा। उसने अधिकारी के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। गेट नहीं खुला तो ड्राइवर को कुछ शक हुआ। उसने तुरंत होटल मैनेजर को बताया। मैनेजर ने भी अपने स्टाफ के साथ कोशिश की, लेकिन तब भी दरवाजा नहीं खुला। शक गहराने पर होटल मैनेजर ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इसके बाद पुलिस ने आकर दरवाजा तोड़ा तो कानूनगो अपने बेड पर मृत पड़े हुए थे।
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के किरहाई गांव में रविवार-सोमवार दरमियानी रात अधेड़ व्यक्ति की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। सूचना के बाद टीआई विजय सिंह पारस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतक की पहचान किरहाई गांव निवासी पतिराम कोल (50) पिता श्यामलाल कोल के रूप में हुई है। घटना देर रात करीब 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। युवकों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, देर रात 5 से 6 युवक मृतक के घर के बाहर गाली-गलौज कर रहे थे। शोर सुनकर पतिराम कोल जब घर से बाहर निकले, तो युवकों ने उन पर धारदार हथियार और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल पतिराम की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। घटनास्थल से पुलिस को एक बाइक भी बरामद हुई है, जिसे आरोपी जल्दबाजी में छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने घेराबंदी कर कुछ संदिग्धों को पकड़ लिया है। पुलिस ने संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिस से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। इस मामले में कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ जारी है।
25 हजार का इनामी बदमाश कानपुर में गिरफ्तार:बेकनगंज पुलिस ने सहयोगी समेत दो को दबोचा
कानपुर के बेकनगंज पुलिस को रविवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पकड़े गए आरोपी शातिर अपराधी पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बेकनगंज पुलिस ने रविवार विभिन्न मुकदमों में वांछित चल रहा आरोपी तस्लीम उर्फ राहिल पुत्र अमीन, निवासी तलाक महल, थाना बेकनगंज, लंबे समय से फरार था। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट भी जारी था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी अपने एक सहयोगी के साथ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी की पहचान मोहम्मद लईक उर्फ मो. रफीक, निवासी रेल पटरी क्षेत्र, थाना बेकनगंज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तस्लीम उर्फ राहिल के खिलाफ मारपीट, धमकी, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह काफी समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। वहीं उसके सहयोगी मोहम्मद लईक का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है और उसके खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बोले बेकनगंज थाना प्रभारी थाना बेकनगंज के प्रभारी मोईन खान के बताया की पकड़े गए दोनों युवक शातिर अपराधी है इनके ऊपर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। दोनों पर 25, हजार का ईनाम भी घोषित था। रविवार को पुलिस टीम ने मुख़बिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया।
नोएडा में जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-52 स्थित फोनरवा कार्यालय में आयोजित गोष्ठी के दौरान नागरिकों की समस्याओं की समीक्षा के बाद चौकी इंचार्ज सेक्टर-110 को निलंबित कर दिया गया, जबकि थाना प्रभारी सेक्टर-49 को लाइन हाजिर किया गया। इसके अलावा थाना फेस-2, सेक्टर-24 और सेक्टर-58 के थाना प्रभारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। बैठक में विभिन्न आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने पुलिस-जन संवाद, यातायात जाम, सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। शिकायतों के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लक्ष्मी सिंह ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर नियमित रूप से जाम की स्थिति बनती है, वहां आवश्यकता के अनुसार यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। पीजी और किराएदारों का किया जाए सत्यापनसेक्टरों और सोसाइटियों की सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़ी रहने वाली स्कूली बसों के खिलाफ कार्रवाई, लावारिस वाहनों का सत्यापन और साप्ताहिक बाजारों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में किरायेदारों और पीजी संचालकों के सत्यापन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पुलिस कमिश्नर ने सभी मकान मालिकों को किरायेदारों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने के लिए कहा। सीसीटीवी और गश्त बढ़ाने के निर्देशसुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संवेदनशील और सुनसान स्थानों को चिन्हित कर वहां नियमित गश्त बढ़ाने तथा नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। पुलिस कमिश्नर ने एक नई पहल के तहत सभी पुलिस अधिकारियों को फोनरवा पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक-एक पार्क गोद लेने और वहां सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। नियमित रुप से होगी बैठकइसके अलावा तय किया गया कि प्रत्येक डीसीपी महीने में एक बार, थाना प्रभारी 15 दिन में एक बार और चौकी प्रभारी हर सात दिन में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थानीय समस्याओं की समीक्षा करेंगे। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव नारायण मिश्र, डीसीपी साद मियां खान, डीसीपी शैलेन्द्र कुमार सिंह, डीसीपी ट्रैफिक अभय कुमार मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
UP पुलिस भर्ती की तीन दिवसीय परीक्षा आज (8 जून) से शुरू हो रही है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को जाने की अनुमति दी जा रही है। किसी भी संदिग्ध परीक्षार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। एआई बेस्ड कैमरे की निगरानी से कंट्रोल रूम से भी प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर निगरानी की जा रही है। 8 से 10 जून तक होने वाली इस परीक्षा में 1.32 लाख अभ्यर्थी शामिल हों रहे हैं। इसके लिए 50 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। विभिन्न शहरों में परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों को सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। यूपी परिवहन की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर उन्हें 50% किराए में छूट दी जा रही है। वहीं प्रतिदिन दो पालियों में होने के चलते परीक्षा 6 पालियों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम पाली का समय प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली का समय दोपहर 03:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक होगा।कुल 50 परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 22,032 अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा। इन केंद्रों पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। इसके अलावा पुलिस, एसटीएफ, एलआईयू, इंटेलिजेंस समेत कई अन्य एजेंसियां भी अलर्ट हैं।
कानपुर में ट्रक ने पिता-पुत्र को मारी टक्कर:सचेंडी के धर्मंगदपुर नहर पुल पर पिता की मौत, बेटा घायल
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के धर्मंगदपुर नहर पुल पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्र को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। उन्नाव जिले के असोहा ब्लॉक के बौमऊ गांव निवासी दयाशंकर शर्मा अपने पुत्र के साथ प्लेटिना मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। सुबह जब वे धर्मंगदपुर नहर पुल के पास पहुंचे तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर जा गिरे। हादसे में दयाशंकर शर्मा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सचेंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजा। वहीं मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक काफी तेज गति से चल रहा था। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर भागने का प्रयास करने लगा, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। दुर्घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है, जिसके बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सचेंडी थाना प्रभारी दीना नाथ मिश्रा ने बताया- ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है तथा चालक की तलाश की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
शहर में पिछले कुछ दिनों से मौसम में आए बदलाव के बाद अब गर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने के साथ ही राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने ग्वालियर सहित पूरे संभाग में तापमान बढ़ा दिया है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार सुबह का न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में अचानक हुई इस बढ़ोतरी के कारण रविवार दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में रहने को प्राथमिकता देते दिखे। रविवार को 40 डिग्री पर रहा पारा मौसम विभाग के अनुसार पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण क्षेत्र में बादल और हल्की बूंदाबांदी हुई थी, जिससे तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, अब यह प्रणाली आगे बढ़ चुकी है और इसके प्रभाव के खत्म होते ही गर्म हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जिसका सीधा असर तापमान पर दिख रहा है। रविवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक शहर का तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम रही। दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग गर्मी से बचाव के लिए छाते, गमछे और पानी की बोतलों का उपयोग करते देखे गए। गर्मी का असर बढ़ने के आसार मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस पांडे के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आगे निकल जाने से अब बूंदाबांदी की संभावना कम हो गई है। इसके चलते अगले 48 घंटों में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं क्षेत्र के तापमान को और बढ़ाएंगी, जिससे दिन के समय लू जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
फरीदाबाद में डबुआ थाना क्षेत्र के गाजीपुर के इलाके में शनिवार (6 जून) मिले किशोर के शव की पहचान हो गई है। पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम आकाश (15) है जो अपने दोस्त के घर जाने के लिए निकला था और इसके बाद उसका कोई सुराग नही लगा। पुलिस अब दोस्त की तलाश कर रही है। दोस्त के घर जाने के लिए निकला था डबुआ थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक आकाश नंगला एंक्लेव का रहने वाला है। शुक्रवार को वह अपने दोस्त रोहित के घर गया था। लेकिन 6 जून की सुबह उसका शव गाजीपुर इलाके में उड़ीया कालोनी के खेतों में मिला था। खेतों में मिला था शव मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि किशोर के गले पर सफेद गमछा कसकर बंधा हुआ था और गर्दन पर दबाव के निशान थे। चेहरे पर खून लगा हुआ था, जिससे प्रथम नजर में गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका बनी। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए ईएसआइसी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। शुरुआत में आसपास के लोगों से पूछताछ और विभिन्न थाना क्षेत्रों में सूचना देने के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर देखकर स्वजन थाने पहुंचे और शव की पहचान आकाश के रूप में की। पुलिस कर रही फरार दोस्त की तलाश उन्होंने पुलिस को बताया कि आकाश अपने दोस्त रोहित के साथ गया था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। इसी आधार पर पुलिस अब रोहित की तलाश कर रही है। डबुआ थाना इंचार्ज संग्राम सिंह दहिया ने बताया कि हत्या के पीछे की परिस्थितियों का पता रोहित से पूछताछ के बाद चल सकता है। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन आज नामांकन दाखिल करेंगी। सुबह 11 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय में सीएम डॉ मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह और मंत्री, विधायक कार्यकर्ता इकट्ठे होंगे। इसके बाद सभी नेतागण विधानसभा जाएंगे। करीब 12:30 बजे नामांकन दाखिल कराएंगे। आधी रात हुई घोषणा कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के सामने तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने को लेकर बीजेपी में लगातार मंथन और बैठकों का दौर चल रहा था। रविवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने दिन भर सीएम हाउस में मंथन किया। अलग-अलग दौर में विभिन्न नेताओं से मुलाकातें की इसके बाद देर शाम बीजेपी ऑफिस में क्षेत्रीय संगठन् मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बैठक हुई। इसके बाद तीनों नेता रात करीब आठ बजे सीएम हाउस पहुंचे। यहां भी एक घंटे तक बैठक चली इसी दौरान केन्द्रीय नेतृत्व की ओर से उम्मीदवार उतारने की सहमति मिल गई। सीएम डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अजय जामवाल और महेन्द्र सिंह से चर्चा के बाद महेश केवट के नाम को आगे बढ़ाया। उधर, आधी रात को महेश केवट को प्रत्याशी घोषित करने का अधिकारिक आदेश भी जारी हो गया। राज्यसभा की रेस में शामिल रहे नेता भी जाएंगे नामांकन दाखिल करानेमीनाक्षी नटराजन का नामांकन दाखिल कराने के लिए वे नेता भी विधानसभा जाएंगे जो राज्यसभा की रेस में शामिल रहे हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव, कमलेश्वर पटेल, सज्जन सिंह वर्मा नामांकन दाखिल कराएंगे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कर्नाटक और तेलंगाना के पीसीसी चीफ भी नामांकन दाखिल कराने विधानसभा जाएंगे। मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं महेश केवट
हरियाणवी लोक कलाकार पेप्सी शर्माका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पेप्सी शर्मा गाजियाबाद जिले के निवाड़ी क्षेत्र स्थित पतला गांव के निवासी थे। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने हरियाणवी लोक कला और रागिनी गायन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने अपने मंचीय कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में लोकप्रियता हासिल की। उनकी प्रस्तुतियों को ग्रामीण और लोक संस्कृति से जुड़े दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जाता था। पेप्सी शर्मा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों और रागिनी कार्यक्रमों में नियमित रूप से प्रस्तुति देते थे। उनकी शैली और लोकभाषा से जुड़े गीतों ने उन्हें हरियाणवी लोक कला जगत में एक अलग स्थान दिलाया। उनके निधन की सूचना मिलते ही मोदीनगर और निवाड़ी क्षेत्र के गांवों में शोक का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों, प्रशंसकों और कलाकारों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेप्सी शर्मा ने अपने छोटे से गांव से निकलकर लोक मंचों पर जो पहचान बनाई, वह क्षेत्र के लिए गर्व की बात थी। उनके निधन को हरियाणवी लोक कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
बुलंदशहर के सिकंदराबाद नगर की हीरा कॉलोनी में सोमवार सुबह एक सड़क हादसे में 75 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। महिला अपनी रोजाना की मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं, तभी हीरा कॉलोनी के सामने सड़क पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। घायल महिला को उपचार के लिए सिकंदराबाद के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। हादसे की तस्वीरें… 10 साल पहले हुई थी पति की मौत मृतका की पहचान हीरा कॉलोनी निवासी सुशीला देवी (75) के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय विष्णु दत्त की पत्नी थीं। परिजनों ने बताया कि उनके पति का निधन लगभग 10 वर्ष पहले हो चुका था। परिवार में उनका एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है। पुत्र श्याम बहादुरगढ़ स्थित सोमानी सेरामिक्स लिमिटेड में कार्यरत है और मां की मृत्यु की सूचना मिलते ही घर पहुंच गया। परिवार में शोक का माहौल घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने महिला का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया, जिसे वे घर ले गए। मोहल्ले में भी मृतका के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की जा रही है। कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है, जिसने यह हादसा किया।
उत्तर प्रदेश भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी भर्ती परीक्षा बिजनौर जिले में आज से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 10 जून तक चलेगी, जिसमें कुल 31,968 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को नकल विहीन और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। प्रत्येक पाली में 5,328 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। जिले में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, बिजनौर इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, हृदयानंद सार्वजनिक इंटर कॉलेज झालू, केपीएस कन्या इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज मंडावली, किसान इंटर कॉलेज पीलीचौकी, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज झालू, राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज, वर्धमान डिग्री कॉलेज और श्री विदुर गुरु गृह इंटर कॉलेज विदुरकुटी शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षार्थियों को सघन चेकिंग के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। नकल रोकने के लिए 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 12 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 12 सह-केंद्र व्यवस्थापक तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिले भर के कई थानाध्यक्षों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस के जवान स्वाट,सर्विलेंस के माध्यम से और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार निगरानी रख रहे हैं।
आज फिर बदलेगा मौसम,तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट:कल से बढ़ेगा तापमान;सुबह से तेज हवाएं चल रही
अलवर जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। सोमवार सुबह से ही कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे मौसम में हल्की ठंडक बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार शाम के समय हवाओं की रफ्तार और बढ़ सकती है तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। पिछले करीब 12 दिनों से जिले में मौसम बार-बार करवट ले रहा है। कभी घने बादल छा रहे हैं तो कभी बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल रहा है। वहीं बीच-बीच में तेज धूप निकलने से उमस और गर्मी भी महसूस हो रही है। बीते दिनों आए तेज तूफान के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हुए थे। शनिवार और रविवार को भी सुबह तेज धूप रही, लेकिन शाम होते ही मौसम पलट गया। रविवार शाम को तेज आंधी और बारिश ने कई इलाकों में असर दिखाया। अब सोमवार शाम को भी मौसम बदलने की संभावना है, जबकि मंगलवार से मौसम साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी के साथ गर्मी का असर बढ़ने के संकेत हैं।
पीलीभीत के करेली थाना क्षेत्र के लदुपुरा गांव में देर रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार बोलेरो कार की टक्कर से यह दुर्घटना हुई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को गोला बिलसंडा हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। हालांकि, देर रात पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद रास्ता खोल दिया गया। जानकारी के अनुसार, लदुपुरा निवासी 40 वर्षीय बालेराम पेशे से मजदूर था। वह मजदूरी कर लौट रहा था और रात के समय सड़क किनारे खड़ा था। तभी एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बालेराम हवा में उछलकर दूर जा गिरा। दुर्घटना के बाद चालक कार सहित मौके से फरार हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ बालेराम को एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बालेराम की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। घटना की सूचना करेली थाना पुलिस को दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब दो घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस की इस देरी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीएचसी से शव को स्ट्रेचर पर बाहर निकाला और उसे गोला बिलसंडा हाईवे पर रख दिया। ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच में रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया, जिससे हाईवे पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। देर रात पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात सामान्य हो सका। हाईवे जाम होने और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बिलसंडा और करेली थाने की पुलिस तुरंत भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष विपिन शुक्ला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों से गहन बातचीत की। पुलिस ने ग्रामीणों को आरोपी कार चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का ठोस भरोसा दिलाया। पुलिस के इस लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और देर रात हाईवे से शव हटाकर जाम को पूरी तरह खोल दिया गया, जिसके बाद यातायात पुनः सामान्य हो सका।
जयपुर में एक घर के अंदर से वॉशिंग मशीन चोरी का मामला सामने आया है। बाइक पर आए दो बदमाशों ने महज 1 मिनट में वारदात को अंजाम दिया। दिन-दहाड़े चोरों की करतूत घर में लगे CCTV फुटेज में कैद हो गई। मुहाना थाना पुलिस फुटेज के आधार पर बाइक सवार चोरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया- चोरी की वारदात मुहाना मण्डी के केसर चौराहा निवासी भगवत सिंह राजावत के घर हुई। बुधवार सुबह करीब 10:45 बजे चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। घटनाक्रम के मुताबिक, बाइक सवार दो बदमाशों ने घर की रैकी की। रैकी के बाद घर के मेन गेट के बाहर बाइक लेकर दोनों बदमाश रुके। पीछे बैठा बदमाश उतरकर मेन गेट खोलकर अंदर घुसा। महज एक मिनट में पोर्च में रखी वॉशिंग मशीन उठाकर बाइक पर रखकर साथी के साथ फरार हो गया। घरवालों के बाहर निकलकर देखने पर वॉशिंग मशीन गायब मिली। घर में लगे CCTV फुटेज खंगालने पर चोरी की वारदात का पता चला। मुहाना थाना पुलिस ने फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। सोमवार सुबह करीब 5 बजे दादरी फ्लाईओवर पर एक कंटेनर ने आगे चल रहे ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत मृतक चालक की पहचान फर्रुखाबाद निवासी सदानंद पुत्र उत्पल के रूप में हुई है। वह कंटेनर में दिल्ली से सहारनपुर होते हुए बनारस के लिए माल ले जा रहा था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार संभवतः नींद आने के कारण कंटेनर अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। कंटेनर की बॉडी में फंसा शव आगे चल रहे ट्रक के चालक जितेंद्र पुत्र यदु नंदन यादव ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनके ट्रक का एक्सल टूट गया और वह अनियंत्रित हो गया। उन्होंने बड़ी मुश्किल से ट्रक को संभाला। नीचे उतरकर देखने पर पता चला कि कंटेनर चालक बुरी तरह से कंटेनर की बॉडी में फंसा हुआ था। स्थानीय पुलिस को दी सूचना घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। 112 नंबर की टीम और दौराला थाना इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभाला और राहत कार्य शुरू किया। टक्कर के बाद फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने तुरंत ट्रैफिक को सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया, जिससे यातायात सुचारु हो सका। इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि- ड्राइवर लाइसेंस और बिल्टी के आधार पर चालक की पहचान की गई और उसके परिवार को सूचित कर दिया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को फ्लाईओवर से हटाकर मार्ग को साफ कराया। देखिए तस्वीरें…
जालौन में अचानक हुई बारिश:गर्मी से राहत मिली, 40 डिग्री से नीचे आया पारा
जालौन में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छाए और कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लगभग 10 मिनट तक हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से तात्कालिक राहत मिली और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, हवा न चलने के कारण ठंडक अधिक देर तक नहीं रही और उमस फिर महसूस होने लगी। पिछले कई दिनों से जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ था, जिससे भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित था। इस अचानक हुई बारिश से लोगों को कुछ देर के लिए राहत मिली। बारिश शुरू होते ही सड़कों पर मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़े। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस समय खेतों में मूंग की फसल कटी हुई पड़ी है, जबकि कई खेतों में फसल अभी खड़ी है। अचानक हुई बारिश से इन फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने आशंका जताई है कि यदि मौसम इसी तरह खराब रहा तो उन्हें आर्थिक क्षति हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
धौलपुर में समर फुटबॉल लीग 21 से होगी शुरू:जूनियर की 8 और सीनियर की 4 टीमें लेंगी भाग
धौलपुर में जिला फुटबॉल संघ की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और फुटबॉल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 21 जून से समर फुटबॉल लीग का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग की 8 और सीनियर वर्ग की 4 टीमें भाग लेंगी। जिले के खिलाड़ियों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, और टीम चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की उभरती फुटबॉल प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नियमित प्रतियोगिताओं के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, ऐसे में यह आयोजन उनके लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगा। ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया टीमों का गठनकोच असलम खान ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें जूनियर वर्ग की 8 और सीनियर वर्ग की 4 टीमें शामिल हैं। सभी टीमों का गठन ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, ताकि प्रतियोगिता में संतुलन बना रहे और मुकाबले रोमांचक हों। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक टीम में बेटियों को भी शामिल किया गया है, जिससे महिला खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। चयन प्रक्रिया में 180 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लियाजिला फुटबॉल संघ के सचिव संदीप राणा ने बताया कि चयन प्रक्रिया में 180 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन, फिटनेस और खेल कौशल के आधार पर किया गया है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खिलाड़ियों को किया जाएगा सम्मानितआयोजकों ने बताया कि लीग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान भी की जाएगी। उनका मानना है कि यह लीग खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करेगी। जिला फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने खेल प्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह समर फुटबॉल लीग धौलपुर में फुटबॉल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का नया मंच प्रदान करेगी।
यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा आज से अमेठी में शुरू हो गई है। यह परीक्षा 10 जून तक चलेगी। जिले के 12 निर्धारित केंद्रों पर कुल 28,512 अभ्यर्थी तीन दिनों में परीक्षा देंगे। प्रशासन ने नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कड़ी सुरक्षा जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कागज और अन्य प्रतिबंधित सामान की गहन तलाशी ली जा रही है। प्रत्येक केंद्र पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पूरे जिले को तीन जोन और 12 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह से ही अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। पुलिस अधीक्षक अमेठी, सरवणन टी, लगातार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी अभ्यर्थी को परेशानी न हो और नकल की कोई गुंजाइश न रहे। आपात स्थिति से निपटने के लिए हर केंद्र के बाहर यूपी-112 की पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) और एम्बुलेंस तैनात की गई है। परीक्षा में शामिल होने के लिए गोरखपुर सहित प्रदेश के कई जिलों से अभ्यर्थी अमेठी पहुंचे हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर अभ्यर्थियों के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि सोशल मीडिया सेल अफवाहों पर निगरानी कर रहा है।
सिंगरौली जिले के देवसर मुख्य बाजार में रविवार देर रात भीषण आग लग गई। गौरव साइकिल स्टोर के मकान में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ऊंची लपटें देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के व्यापारी और नागरिक मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, देवसर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था न होने के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। आग बुझाने के लिए बरगवां से दमकल वाहन बुलाया गया, जिसके पहुंचने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। चार दिन में आगजनी की दूसरी बड़ी घटना यह चार दिन में दूसरी बड़ी अग्निकांड की घटना है। इससे पहले शुक्रवार को भी देवसर बाजार में सड़क किनारे स्थित छह दुकानों में सिलेंडर फटने से आग लग गई थी। घटना में भी लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया था। लगातार दूसरी बार आगजनी की घटना से व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्रवासियों ने देवसर में स्थायी फायर ब्रिगेड केंद्र स्थापित करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में दमकल वाहन दूरस्थ क्षेत्रों से आने के कारण कीमती समय बर्बाद हो जाता है, जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका रहती है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही मामले में जियावान थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए गए और बरगवां से दमकल वाहन बुलाया गया। उन्होंने पुष्टि की कि देवसर में फिलहाल दमकल वाहनों की स्थायी व्यवस्था नहीं है, लेकिन प्रशासन स्तर पर इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
लुधियाना के 33 फूटा रोड, मुंडिया में दो बदमाशों ने रविवार को तीन से चार दुकानों को निशाना बनाया। लगभग 25 मिनट के भीतर लुटेरों ने मेडिकल स्टोर, मुनियारी, बाइक प्वाइंट और एक अन्य दुकान में घुसकर नकदी चोरी की। इससे पहले, राधा स्वामी रोड पर करीब 100 मीटर दूरी पर स्थित एक दुकान को भी उन्होंने लगभग 4:30 बजे टारगेट किया था। उसके बाद 4:40 पर बाकी तीन दुकानों पर चोरी की। इस केस में बड़ी बात यह है कि 3 से 4 दुकानों में चोरी होने के बावजूद चौकी मुंडिया कलां की पुलिस या थाना जमालपुर की पुलिस मौका तक देखने नहीं गई। इलाके के दुकानदार चोरी की घटनाओं से परेशान है। उनका कहना है कि पुलिस की पेट्रोलिंग ना होने के कारण चोर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। 25 मिनट में 4 दुकानों में की चोरी जानकारी देते हुए दुकानदार संजीव ने बताया कि 33 फूटा रोड मुंडिया में उनकी मुनियारी की दुकान है। उनके साथ ही मेडिकल स्टोर है और बाइक पुवाइंट है। बदमाशों ने पहले करीब 100 मीटर की दूरी पर राधा स्वामी रोड पर एक दुकान में चोरी की। फिर हमारी दुकानों को निशाना बनाया। दो चोर 4:40 पर दुकानों के ताले तोड़ने आ गए। एक रैकी कर रहा था तो दूसरा शटर का ताला सब्बल से तोड़ कर अंदर दाखिल होने की कोशिश में था। इन चोरों ने कुल 25 मिनट में तीन दुकानों पर चोरी की। चोरों ने चेहरे पर्ने के साथ छिपाए हुए थे। सीसीटीवी चैक करने पर चोरी का खुलासा संजीव ने कहा कि मेरी दुकान से चोर करीब 8 से 9 हजार रुपए ले गए। किराना दुकान से 7 से 8 हजार ले गए। सैनी बाइक पुवाइंट से चोरों ने करीब 1 लाख से अधिक की नकदी चुराई है। सुबह जब दुकानदार दुकानें खोलने आए तो उन्होंने ताले टूटे देखे। सीसीटीवी चैक किए तो घटना का पता चला। पुलिस चौकी मुंडियां कलां को सूचित कर दिया है, लेकिन घटना होने के बावजूद अभी तक कोई पुलिस कर्मी मौका तक देखने नहीं आया। प्रशासन से अपील है कि दुकानदारों की सुरक्षा का यकीनी बनाए ताकि अपना व्यापार बिना किसी डर भय के कर सके।
बुलंदशहर के राजे बाबू रोड स्थित ऑनेस्ट योग साधना केंद्र में आठ सप्ताह की योग बंधु प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को रिपोर्ट कार्ड, पुरस्कार और योग बंधु उपाधि प्रदान की गई। केंद्र प्रभारी महेश अरोड़ा और योग गुरु कृष्ण गोपाल गोयल ने बताया कि यह प्रतियोगिता 6 अप्रैल से 31 मई 2026 तक आठ सप्ताह के लिए आयोजित की गई थी। इसमें कुल 28 योग साधकों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के योग अभ्यास, अनुशासन, ज्ञान और समर्पण का मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, प्रतिभागियों को सप्ताह में कम से कम पांच दिन योग कक्षा में उपस्थित रहना अनिवार्य था। इसके अतिरिक्त, योगासन और प्राणायाम का प्रदर्शन, योग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर तथा भारत और धर्म से जुड़े विषयों पर उनके ज्ञान का भी आकलन किया गया। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में राजीव राघव ने प्रथम, उमेश चंद्र ने द्वितीय, विजय कुमार अग्रवाल ने तृतीय, दिनेश कुमार चौहान ने चतुर्थ और क्षेत्रपाल सिंह ने पांचवां स्थान हासिल किया। सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। महेश अरोड़ा, संजीव बंसल और राजेंद्र अग्रवाल को प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए गए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास का भी माध्यम है। ऑनेस्ट योग साधना केंद्र ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को योग के प्रति जागरूक करता है। केंद्र संचालकों ने बताया कि यहां निःशुल्क योग प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे उठा रहे हैं।
जयपुर के IT बिजनेसमैन के साथ हुए हनीट्रैप ब्लैकमेल कांड के दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी लड़की (हनीट्रैप गर्ल) और उसके कथित बॉयफ्रेंड ने पुलिस को स्टेटमेंट दिए। इसमें दोनों की अलग-अलग कहानियां सामने आई हैं। बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि जयपुर के बिजनेसमैन को ठगने के बाद लड़की ने उसके भी प्राइवेट फोटो-वीडियो मोबाइल में सेव कर लिए थे। इसके जरिए वो उसे ब्लैकमेल करने लगी। दबाव में आकर वह भी उसका पार्टनर बन गया और दोनों मिलकर ब्लैकमेल के खेल में जुट गए। मास्टरमाइंड बताई जा रही जोधपुर की रहने वाली लड़की ने बताया की जिस बिजनेसमैन को पीड़ित बताया जा रहा है, उसने कई बार रेप किया। गर्भवती (प्रेग्नेंट) होने पर कई बार जबरन अबॉर्शन (गर्भपात) करवाया। मारपीट की और अंगुली तक तोड़ दी। पार्ट-1 (लिंक सबसे आखिरी में है) में हमने आपको ब्लैकमेल कांड के पीड़ित के साथ आपबीती और पुलिस पड़ताल में सामने आया सच बताया था। आज पार्ट-2 में पढ़िए- ब्लैकमेल के आरोपियों का पुलिस के सामने कबूलनामा… सबसे पहले पढ़िए आरोपी लड़की के बॉयफ्रेंड ने पुलिस को क्या बताया… गाजियाबाद से MBA पासआउट 36 साल के आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी 5 साल पहले एक टीचर से शादी हुई थी। गुरुग्राम में एक कंपनी में नौकरी के दौरान ही उसकी लड़की (ब्लैकमेल की मुख्य आरोपी) से जान-पहचान हुई थी। बातचीत के बाद दोनों में नजदीकियां हो गई थीं। लड़की को पता था- मेरी शादी हो चुकी है। उसने भी जयपुर के बिजनेसमैन के साथ अपनी रिलेशनशिप के बारे में मुझे बता रखा था। लड़की ने युवक को बताया था कि वह जयपुर के बिजनेसमैन से शादी करना चाहती थी। वो भी इसके लिए तैयार था। धीरे-धीरे उनके बीच लड़ाई-झगड़ा होने लगा। वो उसे फोन और मैसेज करके परेशान करता था और उसके बदले व्यवहार के कारण अब वो उससे शादी नहीं करना चाहती है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया- उसी लड़की ने मुझे बताया कि वो काफी पैसे वाला है। ये सब पता चलने के बाद हम दोनों ने मिलकर बिजनेसमैन को ब्लैकमेल करने का प्लान बनाया था। मैंने लड़की को प्लान बताया- उससे रुपयों की वसूली करनी होगी। अगर वो हमें रुपए नहीं देता है तो उसको धमकी दो कि रुपए नहीं डालेगा तो तेरी फोटो व वीडियो वायरल कर दूंगी। इसके बाद मैंने अपने वॉट्सएप को आरोपी लड़की के सिस्टम से कनेक्ट कर बिजनेसमैन को धमकी देते हुए पैसों की डिमांड भेजी। ये सब मैसेज वही भेजती थी। मुझे भी करने लगी थी ब्लैकमेल आरोपी युवक ने पुलिस को बताया कि असल में वो लड़की मुझे भी ब्लैकमेल कर रही थी। उसने अपने मोबाइल की मेमोरी में हमारे कुछ प्राइवेट फोटोज व वीडियो सेव कर रखे थे। बार-बार कहने के बाद भी वो डिलीट नहीं करती थी। वो कई बार शादी का प्रेशर भी बनाती थी….ऐसे में दोनों ने एक-दूसरे के साथ शादी करने का प्लान भी बना लिया था। इसी साल अप्रैल में दोनों अपनी-अपनी कंपनी के काम से एक साथ बेंगलुरु गए थे। दोनों एक ही होटल में रुके थे। इसके बाद 23 अप्रैल 2026 को दोनों भूटान भी साथ में गए थे और 4 दिन बाद 27 अप्रैल 2026 को वापस लौटे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक ने बताया- 1 मई 2026 को उसके UPI पर जयपुर के बिजनेसमैन ने 10 हजार रुपए भेजे थे। इस पर उसने मुझे कहा था- मैंने तो 50 हजार बोला था। दस हजार रुपए रिसीव होने के बाद मैंने पेमेंट मैसेज अपने UPI अकाउंट से डिलीट कर दिया था। हालांकि मैं कभी उस बिजनेसमैन से आमने-सामने नहीं मिला। अब वो कहानी जो आरोपी लड़की ने पुलिस को बताई.... भास्कर टीम ने इस मामले में आरोपी लड़की के एक्सक्लूसिव बयान निकलवाए जो उसने पुलिस को दिए थे। उसने पुलिस को बताया कि वो कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट है। साल 2017 की 1 जून को जयपुर के बिजनेसमैन के इंस्टीट्यूट में बीटेक का इंटर्नशिप करने आई थी। बिजनेसमैन वहां पढ़ाता था। 45-50 दिन की इंटर्नशिप के बाद वह जोधपुर अपने घर लौट गई थी। इसके बाद बिजनेसमैन ने उसे अपने मोबाइल नंबर से कॉल और वॉट्सएप मैसेज करना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत होने लगी। बाद में प्यार हो गया। लड़की ने पुलिस को बताया कि साल 2018 में वो बेंगलुरु की एक कंपनी में जॉब करने लगी। बिजनेसमैन भी तब नियमित रूप से बेंगलुरु आने लगा था। इस बीच कोविड आया तो वो जोधपुर आकर वर्क फ्रॉम होम करने लगी थी। इस दौरान उसने बिजनेसमैन से शादी का कहा तो उसने बार-बार झूठा दिलासा दिया। लड़की ने आरोप लगाया कि बिजनेसमैन ने शादी का झांसा देकर कई बार फिजिकल रिलेशन बनाए। उसके मना करने के बावजूद कई बार उसके जबरन अबॉर्शन भी करवाया। कई बार मारपीट की…एक बार तो अंगुली भी तोड़ डाली। आरोपी लड़की ने पुलिस को बताया…. फरवरी 2022 में उसे पहली बार पता चला कि बिजनेसमैन पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का बाप भी है। भेद खुलने पर वो मिन्नतें करने लगा और कहने लगा कि उसका अपनी पत्नी प्रीति के साथ रिश्ता अच्छा नहीं है। तब उसने पत्नी को तलाक (डायवोर्स) देने की बात कहते हुए फिर से झांसे में लिया। ऐसे में आरोपी लड़की ने अपने घरवालों को भी बता दिया कि वह उससे शादी करना चाहती है। अक्टूबर 2022 में लड़की के पिता जयपुर आए और बिजनेसमैन के परिवार से मिले। इसके बाद बिजनेसमैन ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। साल 2023 में दोनों के बीच वाद-विवाद चलता रहा। जून 2024 में लड़की बिजनेसमैन के घर गई, जहां उनके परिवार से भी मुलाकात हुई। वहां पता चला कि बिजनेसमैन उसे धोखा दे रहा था। बिजनेसमैन पर आरोप- 15 लाख रुपए की डिमांड की लड़की ने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से बिजनेसमैन ने उससे 15 लाख रुपए की डिमांड की। इस पर उसने लोन लेकर 10 लाख रुपए बिजनेसमैन को दिए थे। उसने सिर्फ 50-60 हजार रुपए ही वापस किए। मई 2024 में वो गुरुग्राम (हरियाणा) शिफ्ट हो गई थी। सुरक्षा के लिए उसने अपने भाई को भी बुला लिया। 4 अप्रैल 2025 को बिजनेसमैन भी गुरुग्राम पहुंच गया और धमकियां देने लगा। अगले दिन 5 अप्रैल को प्राइवेट होटल में जबरन रिलेशन बनाए। 13 अप्रैल 2025 को बिजनेसमैन ने फिर से धमकियां देना शुरू कर दिया। 3 मई 2025 को उसका पूरा परिवार फिर से जयपुर में बिजनेसमैन के घर गया। उस दौरान बिजनेसमैन के सास-ससुर भी वहीं थे। 15 मई 2025 को अपनी प्राइवेट फोटोज लीक होने की शिकायत गुरुग्राम पुलिस स्टेशन में की। बाद में कंपनी के काम से बेंगलुरु चली गई। 22 अप्रैल 2026 को बिजनेसमैन भी बेंगलुरु इवेंट में पहुंच गया, तब कंपनी ने उसे ब्लैकलिस्ट करवा दिया। आरोप- बिजनेसमैन ने न्यूड फोटो कंपनी में सहकर्मियों को भेजे आरोपी लड़की ने पुलिस को बताया कि उसने कभी भी बिजनेसमैन को न्यूड फोटो या वीडियो नहीं भेजे, न ही कोई धमकी दी। जिसे कथित बॉयफ्रेंड बताया जा रहा है, उससे मुलाकात गुरुग्राम में ही जॉब के दौरान हुई थी। लड़की ने आरोप लगाया कि बिजनेसमैन ने ही उसकी फोटोज मेरे दोस्त (कथित बॉयफ्रेंड) और सहकर्मियों को भेजी थी….इसके बाद उसने दोस्त को अपना पक्ष बताया। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई थी। जयपुर पुलिस बोली- लड़की के खिलाफ पहले भी हो चुका है चालान जयपुर के महेश नगर पुलिस स्टेशन इंचार्ज सीआई सुरेश यादव ने बताया कि हनीट्रैप की आरोपी लड़की के खिलाफ पहले ही एक मामले में चालान हो चुका है। अब हालिया दर्ज कराए गए मामले में भी उसके खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। लड़की को जोधपुर से 28 मई को गिरफ्तार किया गया और उसके मोबाइल व लैपटॉप को जब्त किया गया है। उसके सहयोगी को 30 मई को दिल्ली से गिरफ्तार कर उसके पास से भी इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए गए हैं। एफएसएल से जांच करवाई जा रही है। मजबूत एविडेंस के आधार पर जल्द ही चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा (ज्यूडिशियल कस्टडी) में जेल भेजा गया है। पार्ट-1 यहां पढ़ें… हाई प्रोफाइल लड़की चला रही थी कॉर्पोरेट हनीट्रैप गैंग, बिजनेसमैन की न्यूड फोटो बनाकर ऑफिस में की वायरल, आरोप- 7 करोड़ का प्रोजेक्ट छीना हनीट्रैप में फंसाकर IT बिजनेसमैन को ब्लैकमेल करने वाली लड़की उसी की कंपनी में इंटर्न रह चुकी थी। पीड़ित का आरोप है कि लड़की ने ब्लैकमेल कर 7 करोड़ का AI प्रोजेक्ट भी हथिया लिया था। इस ब्लैकमेलिंग कांड में उसका एक कथित बॉयफ्रेंड भी साथ दे रहा था…(CLICK करें)
कौशांबी में आरक्षी एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा आज से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को जिले के आठ केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 17,856 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा प्रत्येक दिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने सभी आठ परीक्षा केंद्रों, कंट्रोल रूम, स्ट्रॉन्ग रूम और सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए कुल 315 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें अपर पुलिस अधीक्षक, 4 क्षेत्र अधिकारी, 22 निरीक्षक, 31 उप निरीक्षक, 45 मुख्य आरक्षी, 123 आरक्षी, 62 महिला आरक्षी, 7 उप निरीक्षक टीपी और 20 हेड कांस्टेबल टीपी शामिल हैं। यह भर्ती परीक्षा निम्नलिखित आठ केंद्रों पर आयोजित की जा रही है: आदर्श इंटर कॉलेज सराय अकिल, करारी इंटरमीडिएट कॉलेज करारी, कस्तूरबा गांधी कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज भरवारी, हुबलाल इंटरमीडिएट कॉलेज भरवारी, नेशनल इंटरमीडिएट कॉलेज भरवारी, महात्मा ज्योतिबाफुले गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज टेंवा, एसएवी इंटरमीडिएट कॉलेज सैनी और सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज सराय अकिल।
कुशीनगर जिले में उत्तर प्रदेश आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा-2025 सोमवार से शुरू होगी। यह परीक्षा पांच केंद्रों पर तीन दिनों तक, सोमवार से बुधवार तक, दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसमें 12 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को नकलविहीन, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रश्नपत्र बॉक्स सुरक्षित और समय पर खुलवाने, प्रश्नपत्र वितरण तथा उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटी सी चूक भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। नकल माफिया पर नकेल प्रशासन ने सॉल्वर गैंग और हाईटेक नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के चश्मों सहित सभी संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की जाएगी। पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं की आशंका को देखते हुए हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को नकल के नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने को कहा। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती, उनकी जांच और अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम पूरी परीक्षा अवधि के दौरान अलर्ट मोड में रहेगी। पडरौना नगर पालिका ने अभ्यर्थियों के लिए नगर के रैन बसेरे में रहने और खाने की व्यवस्था की है। अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल ने परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और शुभकामनाएं दीं। उनके लिए भोजन भी उपलब्ध कराया गया। गर्मी को देखते हुए अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रत्येक केंद्र पर एंबुलेंस और चिकित्सकीय टीम भी तैनात रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन का दावा है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाएगा।
चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में दो दिनों से लापता 18 वर्षीय युवक प्रमोद कुमार का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक गड़िया गांव निवासी देवलाल यादव का पुत्र था। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे प्रमोद घर में खाना खा रहा था, तभी उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन पर बात करने के बाद वह परिजनों से यह कहकर घर से निकला कि उसका एक दोस्त गड़िया पुल के पास मिलने आ रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। शनिवार सुबह जब परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो उसकी मोटरसाइकिल गड़िया नदी के पुल पर लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। नदी किनारे बालू के नीचे मिला शव पुलिस को सूचना मिली कि कान्हाचट्टी प्रखंड के गंभारिया स्थित नदी किनारे बालू के ढेर के नीचे एक शव दबा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बालू हटवाकर शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान प्रमोद कुमार के रूप में हुई। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रमोद की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बालू में दबाया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। जांच में जुटी पुलिस, कई संदिग्ध हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में पुलिस बल ने इलाके में कैंप कर लिया है। राजपुर थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने प्रमोद के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगालनी शुरू कर दी है। संदेह के आधार पर कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला आपसी रंजिश का है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।
प्रतापगढ़ में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पहला दिन आज से शुरू हो गया है। जिले में कुल 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां अगले तीन दिनों में 33 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सुबह 8 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई। सघन चेकिंग और बायोमेट्रिक अटेंडेंस के बाद ही उन्हें कॉलेज परिसर में प्रवेश दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें तीन लेयर की तलाशी शामिल है। नकल विहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा संपन्न कराने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है। सभी परीक्षा केंद्र पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। इस बार की परीक्षा में शिक्षकों को भी परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक हाउसिंग सोसाइटी में बिल्डिंग से प्लास्टर गिरने से हुई मौत मामले में बिसरख पुलिस ने एक्शन लिया है। पुलिस ने मेंटेनेंस इंचार्ज को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे में 40 साल के विकास चावला की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। बाइक से जाते समय हुआ हादसा यह घटना शनिवार शाम बिसरख थाना क्षेत्र स्थित अरिहंत अम्बर सोसाइटी में हुई। विकास चावला सोसाइटी परिसर में बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बिल्डिंग से प्लास्टर का एक बड़ा टुकड़ा टूटकर उनके सिर पर गिर गया। सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद उनका बाइक से संतुलन बिगड़ गया और वह पास की दीवार से टकरा गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल विकास को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेंटेनेंस इंचार्ज गिरफ्तार मृतक के भाई की शिकायत पर बिसरख पुलिस ने बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने मेंटेनेंस इंचार्ज दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी पर आरोप शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी निम्बस के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि भवन के रखरखाव में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। एओए ने पहले भी उठाया था मुद्दा सोसाइटी के एओए (एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स) अध्यक्ष तुषार ने घटना को बेहद दुखद बताया। उनका कहना है कि सोसाइटी में मरम्मत कार्य को लेकर बिल्डर और एओए के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि बिल्डर को मरम्मत कराने के लिए अदालत से भी निर्देश मिले थे, लेकिन आवश्यक कार्य नहीं कराया गया। एओए ने इस संबंध में जिला प्रशासन को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस कर रही जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। सोसाइटी के रखरखाव, सुरक्षा मानकों और जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में शनिवार शाम तेज रफ्तार डंपर बेकाबू होकर सब्जी की दुकान में घुस गया। हादसे में दुकान के अंदर सो रहे दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। गोयला गांव निवासी हसमत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 6 जून को शाम करीब 4:15 बजे अपट्रान चौराहे के पास डंपर (UP79 AT 6350) का चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान डंपर डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन अनियंत्रित होकर उनकी सब्जी की दुकान में घुस गया और पलट गया। हादसे के समय दुकान में हसमत का बेटा आसिफ (21) और बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला निवासी कल्लू (26) सो रहे थे। डंपर की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से कल्लू की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। तीन अन्य दुकानों को भी नुकसान डंपर पलटने से आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। वारिस अली, मोहम्मद मुन्ना और मोहम्मद मन्ना की दुकानों में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जुट गए। पीड़ित हसमत की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस डंपर चालक की तलाश कर रही है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
सिरसा के गांव सुचान में जमीन पर कब्जा मामले में आज सोमवार को सीएम विंडो कमेटी ने मीटिंग बुलाई है। पंचायत विभाग के अफसरों ने शिकायतकर्ता, सरपंच और कब्जा करने के आरोप पक्ष को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। उनसे हर पहलू पर जानकारी ली जाएगी और जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। ग्रामीण संजय के अनुसार, आज वे मीटिंग में सुबह करीब 11 बजे तक एकजुट होंगे। इसे लेकर ग्रामीणों में मकान मालिकों की ओर से सीएम विंडो पर शिकायत की थी। ग्रामीणों की मांग है कि उनको घरों में आने-जाने के लिए रास्ता दिया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके घर के एक तरफ आगे की ओर रेलवे लाइन है और वहां पर रेलवे ने दीवार बनवा दी है। वो रास्ता बंद हो गया है। मकान के दूसरी ओर बैकसाइड वह कब्जे वाली जमीन है, जहां पर कब्जाधारी ने फसल बुवाई कर रखी है। वहां से आने-जाने नहीं देता। इस कारण लोग अपने घरों में आने-जाने के लिए बिना रास्ता परेशान रहते हैं। लोगों को रेलवे की दीवार को लांघकर ऊपर से आना-जाना पड़ता है। सभी ने घरों में सीढ़िया लगा रखी है। चाहे बड़े बुजुर्ग, महिलाएं या बच्चे हो, उनको दीवार के ऊपर से जाना पड़ता है। कोई भी व्हीकल घर तक लाना मुश्किल हो जाता है। आरोप-प्लॉट बेचने पर रास्ता देने को कहा, बाद में मुकर गया ग्रामीण संजय कुमार का आरोप है कि गांव में रेलवे लाइन के साथ लगती करीब 5 एकड़ जमीन वन विभाग एवं सरकारी जमीन है, जिस पर गांव के ही एक व्यक्ति ने काफी सालों से कब्जा किया हुआ है। जब कब्जाधारी व्यक्ति ने उनको प्लॉट बेचे थे तो उस समय 15 फुट रास्ता देने को कहा था। कुछ दिन तक वे उस रास्ते से गुजरते रहे। मगर बाद में उसने रास्ता बंद कर लिया और यहां खाली जगह पर फसल बुवाई कर दी। जब यहां से गुजरते हैं तो उक्त व्यक्ति उनके साथ झगड़ा करता है और आने-जाने से रोकता है। लोगों का यह भी आरोप है कि इस जमीन का पटवारी से जमाबंदी निकलवाई तो इसका कोई मालिक नहीं मिला। यह सुचान पंचायत के अंतर्गत आती है। मगर पंचायत इसे अपनी जमीन से बताने से मना कर रही है। सरपंच प्रतिनिधि के अनुसार, पंचायत की जमाबंदी अलग होती है।
हरियाणा के पूर्व DGP बीएस संधु के पीएस की कार का शीशा तोड़कर सामान चोर कर लिया गया। कार से चोर नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। घटना के संबंध में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जींद जिले के गांव उचाना खुर्द निवासी शिवदेव पुत्र भगत सिंह ने बताया कि वह पूर्व पुलिस महानिदेशक बीएस संधू के निजी सचिव के रूप में कार्यरत हैं। वह अपने परिवार के साथ सेक्टर-5 पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में आयोजित मेले में आए थे। उन्होंने अपनी मारुति ब्रेजा कार को मेला प्रबंधन द्वारा निर्धारित पार्किंग में खड़ा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रात करीब 9:48 बजे जब वह मेले का भ्रमण कर वापस अपनी कार के पास पहुंचे तो कार की पिछली सीट की कंडक्टर साइड वाली खिड़की टूटी हुई मिली। जांच करने पर कार में रखा 17 हजार रुपये नकद, एसबीआई बैंक खाते की चेक बुक और एक चांदी का ब्रेसलेट गायब मिला। पार्किंग फीस के बावजूद सुरक्षा नहींशिवदेव ने आरोप लगाया कि मेले की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी मेला प्रबंधन की थी, लेकिन घटना के बाद उनकी शिकायत पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। मेल प्रबंधन ने पार्किंग फीस के नाम पर 50 रुपए की पर्ची भी काटी थी। उन्होंने अज्ञात चोरों के साथ-साथ मेला प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 और 324(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक यशपाल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीलीभीत में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा सोमवार को जिले के छह निर्धारित केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षा के पहले दिन अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश देने से पहले गहन जांच की गई। सुरक्षा दिशानिर्देशों के तहत, बेल्ट, पर्स, डिजिटल घड़ियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मुख्य गेट पर ही बाहर रखवा लिए गए। अभ्यर्थियों की तीन स्तरों पर सघन जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह परीक्षा सोमवार, मंगलवार और बुधवार (तीन दिन) तक दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इस तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 13,884 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। जिले के छह प्रमुख केंद्र उपाधि महाविद्यालय, ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, रामा इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, एसएन इंटर कॉलेज और राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। बाहरी जिलों जैसे बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, मुरादाबाद और लखीमपुर खीरी से आने वाले हजारों परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्टेशनों पर पीने के पानी, ठहरने और पंखे-कूलर की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए तीन प्रमुख ट्रेनों (टनकपुर-पीलीभीत डेमू, पीलीभीत-डालीगंज पैसेंजर और बरेली सिटी-पीलीभीत डेमू) के समय में भी आंशिक बदलाव किया गया है ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो।
सिंगरौली के जयंत बस स्टैंड चौराहे पर सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा सड़क किनारे स्थित एक ठेले के पास हुआ। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार अत्यधिक गति में थी। नियंत्रण खोने के बाद कार पलट गई और सड़क किनारे खड़ी एक बाइक और एक स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। कार में पांच लोग सवार थे, सभी सुरक्षित जानकारी के अनुसार, कार में पांच लोग सवार थे। वाहन पलटने के बाद सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। उन्हें मामूली चोटें आई हैं, लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार सवार सभी लोग हादसे के कुछ देर बाद मौके से चले गए। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त वाहनों के बारे में जानकारी एकत्र की। कार के नीचे फंसी बाइक को निकालने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस अब दुर्घटनाग्रस्त कार के मालिक और उसमें सवार लोगों की पहचान करने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना ही हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालेगी।
लुधियाना में 6 जून को दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी (कटड़ा) जा रही स्पेशल ट्रेन के यात्रियों की जान उस समय बाल-बाल बच गई, जब स्टेशन पर रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रेन के एक स्लीपर कोच में अचानक दरार (क्रैक) पाई गई। रेलवे ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत कोच को बदल दिया। इस गंभीर तकनीकी खामी को देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में क्या आया सामने? रेलवे की तकनीकी टीम और इंजीनियरों की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। छिपा हुआ जंग: कोच के निचले और संवेदनशील हिस्सों (Critical Areas) में अंदरूनी रूप से भारी क्षरण (Corrosion) और जंग लग चुका था। दिखाई नहीं दी खराबी: यह जंग कोच के ऐसे हिस्सों में था जो सामान्य तौर पर बाहर से नजर नहीं आता। लगातार दौड़ने के कारण धातु कमजोर हुई और वहां क्रैक डेवलप हो गया। रेलवे का 'मिशन सेफ्टी': अगले 7 दिन में बदलेगी व्यवस्था, ये 7 कड़े कदम लागू घटना के बाद रेलवे ने देश भर के सभी ICF (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों के लिए एक बड़ा सेफ्टी ड्राइव (सुरक्षा अभियान) छेड़ दिया है। रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक ये सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं:-
गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के रघुराज नगर टिकरी में देर रात एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जहां इसमें भोजपुरी के मशहूर कलाकार समर सिंह, निशा उपाध्याय, आस्था सिंह और अनुपमा यादव ने अपनी प्रस्तुति दी। कलाकारों ने भोजपुरी और फिल्मी गानों पर दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में कलाकारों को देखने के लिए गोंडा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों बस्ती और अयोध्या समेत अन्य स्थानों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। हालांकि, भीड़ बैरिकेडिंग तोड़कर सीधे मंच के पास पहुंच गई। इस दौरान कलाकारों को कई बार अपने कार्यक्रम कुछ देर तक रोक करके लोगों को समझाना भी पड़ा है लेकिन फिर भी लोग नहीं मान रहे थे। कलाकारों ने कई बार मंच से लोगों से पीछे हटने की अपील भी की। इस दौरान स्थानीय लोग भोजपुरी कलाकारों के साथ नाचते और मनोरंजन करते दिखे। कुर्सियों पर बैठे लोग भी खड़े होकर कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन में प्रस्तुतियों को रिकॉर्ड किया और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया। समर सिंह के गाने धूप में ना निकला करो रूप की रानी कहीं गोरा रंग काला ना पड़ जाए और अनुपमा यादव के यह कैसा रिश्ता है यह कैसा नाता है देख के तुझको मुझे चैन आता है पर दर्शक जमकर थिरके है। इन भोजपुरी कलाकारों ने गोंडा आने से पहले अपने-अपने वीडियो सोशल मीडिया पर बना करके डाले थे जिसके चलते भारी संख्या में लोग इन्हें देखने के लिए पहुंचे हुए थे और देर रात तक चले इस कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में लोग गोंडा ही नहीं बल्कि अयोध्या और बस्ती के भी आए हुए थे।
जयपुर में लिव-इन पार्टनर के घर के सामान सहित गहने-कैश चोरी कर भागने का मामला सामने आया है। झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेलर युवती ने 2 लाख रुपए की डिमांड की। युवती का दूसरे लड़के से अफेयर था। उसने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस स्टेशन में पीड़ित युवक की ओर से ब्लैकमेलर युवती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। ASI लालाराम ने बताया कि जयपुर के रहने वाले 40 साल के युवक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह यहां रहकर प्राइवेट जॉब करता है। पड़ोस में रहने के कारण आरोपी युवती से बातचीत होने लगी। उसने आए दिन मारपीट करने के कारण पति को तलाक देकर अलग रहना बताया। बातचीत के दौरान कहा कि वह लिव-इन में रहने को तैयार है। साल-2024 में 100 रुपए के स्टाम्प बनाकर दोनों लिव-इन में रहने लगे। आरोप है कि लिव-इन पार्टनर को घर पर छोड़कर सुबह अपने काम पर चला गया। पीछे से लिव-इन पार्टनर आरोपी युवती घर का पूरा सामान लोडिंग में भरकर चुरा ले गई। शाम को वापस आने पर पूरा घर खाली था। सोने-चांदी के गहने, 30 हजार रुपए सहित पूरा सामान गायब था। आरोपी युवती को कॉल करने पर उसने धमकी दी। युवती ने कहा कि दो लाख रुपए नहीं देने पर रेप केस करवा दूंगी। ब्लैकमेल कर रुपए मांगने के साथ ही जान से मरवाने की धमकी दी। जानकारी करने पर दूसरे लड़के से अफेयर चलने के कारण चोरी कर भागने का पता चला। पीड़ित की ओर से कोर्ट से आदेश करवाकर आरोपी युवती के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया।
धौलपुर में सांसद जाटव का पुतला फूंका:ब्राह्मण-अग्रवाल समाज ने बयान के विरोध में निकाला मार्च
धौलपुर में करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव के कथित बयान के विरोध में रविवार को ब्राह्मण एवं अग्रवाल समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। विप्र फाउंडेशन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सांसद का पुतला फूंका गया और उनके खिलाफ नाराजगी जताई गई। प्रदर्शनकारी स्टेशन रोड पर एकत्र हुए और वहां से हनुमान तिराहे तक विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सांसद के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बयान को समाज के सम्मान पर आघात बताया और भजनलाल जाटव मुर्दाबाद और माफी मांगो जैसे नारे लगाए। हनुमान तिराहे पर हुई सभाहनुमान तिराहे पर पहुंचकर विरोध मार्च एक सभा में बदल गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सांसद भजनलाल जाटव के फोटो में आग लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभा को संबोधित करते हुए विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को किसी विशेष समाज के प्रति अमर्यादित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद के बयान से ब्राह्मण एवं अग्रवाल समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांगवक्ताओं ने सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बयान पर खेद व्यक्त नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शाहजहांपुर के रोजा जंक्शन पर रविवार रात 9 बजे करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। NRMU पदाधिकारियों ने ट्रेन से खींचकर वेंडरों की पिटाई की, जबकि जीआरपी और आरपीएफ बल मौके पर मौजूद था। इस दौरान कुछ यात्री भी मारपीट की चपेट में आए। मारपीट उसी ट्रेन में वेंडरों के साथ की गयी, जिस ट्रेन के लोको पायलट को आलमनगर में वेंडरों ने पीटा था। रोजा जंक्शन पर मारपीट के वीडियो सामने आए हैं। यह घटना आलमनगर में एक लोको पायलट के साथ हुई मारपीट के विरोध में हुई। आलमनगर स्टेशन पर लोको पायलट पर हमले की सूचना मिलने के बाद NRMU के कई पदाधिकारी विरोध प्रदर्शन के लिए रात में ही रोजा जंक्शन पहुंच गए थे। आरपीएफ और जीआरपी को प्रदर्शन की जानकारी मिली तो पुलिस बल भी जंक्शन पर पहुंचा। ट्रेन आने से पहले प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर भी खड़े होकर विरोध जताया। जिस ट्रेन के लोको पायलट के साथ मारपीट हुई थी, उसी ट्रेन के आने का इंतजार किया गया। जीआरपी और आरपीएफ की लापरवाही यह रही कि नारेबाजी के बावजूद पदाधिकारियों को प्लेटफॉर्म से नहीं हटाया गया। पुलिस बल की संख्या प्रदर्शनकारियों के मुकाबले काफी कम थी,जिसके कारण वे करीब आधे घंटे तक स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाए। वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस जैसे ही प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर रुकी, NRMU के पदाधिकारी कोच की ओर दौड़ पड़े।सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि कई लोग ट्रेन के अंदर घुसकर कुछ वेंडरों को पकड़कर प्लेटफॉर्म पर खींच लाए और उनकी पिटाई की। जीआरपी और आरपीएफ बल मौजूद होने के बावजूद बेबस दिखा और वेंडरों को बचाने में सफल नहीं हो सका।प्लेटफॉर्म पर चंगुल से छूटकर भागे वेंडरों और अन्य लोगों को नरमू पदाधिकारियों ने दौड़ाया।इस दौरान नरमू पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पूरा घटनाक्रम अधिकारियों के सामने हुआ।उस ट्रेन का ठहराव सिर्फ 2 मिनट था लेकिन वह बीस मिनट बाद आगे के लिए रवाना की गई। यहां तक ट्रेन के आने से कुछ मिनट पहले उसी ट्रैक पर खड़े होकर NRMU पदाधिकारियों ने नारेबाजी की, जिस पर वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस को आना था।नारेबाजी के दौरान आरपीएफ और जीआरपी फोर्स देखता रहा। चर्चा है कि ट्रेन के अंदर से खींचकर मारपीट करने वाले लोगों को चिन्हित करना शुरू कर दिया गया है। क्योंकि जिस समय घटना हुई थी। उस समय के कई वीडियो वायरल हुए है। जिसमे साफतौर पर मारपीट दिख रही है। माना जा रहा है कि इस घटना के बाद जीआरपी की तरफ से बड़ी कार्रवाई की सकती है।
बाइक टच होने पर दो भाइयों से मारपीट, सिर फूटा:जान से मारने की धमकी दी; बड़वानी में तीन युवकों पर केस
बड़वानी के पाला बाजार क्षेत्र में बाइक टच होने के विवाद को लेकर तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। बड़वानी थाना कोतवाली पुलिस ने अभिषेक बोडाना की शिकायत पर मुज्जसिर उर्फ असफाक, आमिन मंसूरी और अनस के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में नवलपुरा निवासी अभिषेक बोडाना ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे वह दोस्तों गोपाल यादव, चिराग राठौड़, आयुष वर्मा और रोहित मंडलोई के साथ कारंजा चौराहे से लक्ष्मी टॉकीज की ओर जा रहा था। इसी दौरान पाला बाजार में वाल्मीकि प्रतिमा के सामने आरोपी मुज्जसिर और उसके दो साथी मिले। विवाद पहले बाइक टच होने की बात को लेकर शुरू हुआ, जहां आरोपियों ने अभिषेक के साथ गाली-गलौज की। हाथ-मुक्कों से दोनों भाइयों के साथ मारपीट अभिषेक के विरोध करने पर मुज्जसिर ने उसकी कॉलर पकड़ ली। इसके बाद अभिषेक ने अपने बड़े भाई शुभम बोडाना को मौके पर बुलाया। आरोप है कि आरोपियों ने शुभम के साथ भी गाली-गलौज की। विवाद बढ़ने पर उन्होंने पत्थर और हाथ-मुक्कों से दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। घटना में अभिषेक और शुभम के सिर में चोटें आईं और खून बहने लगा। आरोपियों ने जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज घटना के बाद अभिषेक अपने भाई शुभम, रोहित बोडाना और संतोष सोनगरा के साथ बड़वानी थाने पहुंचा। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। बड़वानी पुलिस ने बताया कि फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी मुज्जसिर उर्फ असफाक, आमिन मंसूरी और अनस के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी) (गाली-गलौज), 115(2) (मारपीट), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सीहोर जिला मुख्यालय और तहसील क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली है। तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश से पूरा इलाका तरबतर हो गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सीहोर तहसील क्षेत्र में कुल 36 मिलीमीटर (लगभग 1.41 इंच) बारिश दर्ज की गई है। इस अच्छी बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। बारिश के कारण पिछले 24 घंटों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सुबह से छाए बादलों और ठंडी हवाओं के चलते लोगों ने एसी और कूलर बंद कर दिए हैं और मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। दोपहर बाद हुई इस सवा इंच बारिश से कई सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव भी देखने को मिला। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अमृत बनी बारिशयह मानसूनी बारिश खेती-किसानी के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खेतों की तैयारी और आगामी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बिल्कुल अमृत के समान है। अच्छी बारिश देखकर क्षेत्र के किसान काफी उत्साहित हैं और बुवाई की तैयारियों के लिए उन्होंने खेतों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। अगले 48 घंटों के लिए गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्टबारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान सीहोर और इसके आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश जारी रहने की पूरी संभावना है।
कोटा अभेडा बायोलॉजिकल पार्क से डेढ़ साल पहले बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किए गए रिवाइल्ड बाघ को जल्द ही एक्लोजर से छुटकारा मिलेगा। बाघ को जल्द ही खुले जंगल में रिलीज किया जाएगा। रविवार शाम को फॉरेस्ट की टीम ने नर बाघ आरवीटी -7 को रेडियो कॉलर पहनाया गया। बाघ को कुछ दिन एंक्लोजर में रखकर मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके बाद उसे खुले जंगल में रिलीज कर दिया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) कोटा एवं क्षेत्र निदेशक, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बताया 5 दिसम्बर, 2024 को नर शावक को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के रामगढ़ महल क्षेत्र स्थित 5 हेक्टेयर रीवाइल्डिंग एनक्लोजर में शिफ्ट किया था। जहां उसे से RVT-7 कोड नाम दिया गया। एंक्लोजर में रहते हुए बाघ ने पिछले 1 साल 6 महीने के दौरान चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर व अन्य प्राकृतिक शिकार उपलब्ध कराकर सफलतापूर्वक शिकार कौशल विकसित कराया गया। मानव हस्तक्षेप से दूर रखा गया। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राजस्थान अरुण प्रसाद द्वारा 4 जून 2026 को जारी स्वीकृति के अनुसार RVT-7 को रेडियो कॉलर पहनाने के के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की अनुमति प्रदान की गई है। इसी क्रम में मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की मौजूदगी में रविवार शाम 6:43 बजे बाघ को सुरक्षित रूप से ट्रैंक्विलाइज किया गया। रेडियो कॉलर लगाए जाने के बाद वर्तमान में RVT-7 को कुछ दिनों तक उसी रीवाइल्डिंग एनक्लोजर में निगरानी हेतु रखा जाएगा। उसके स्वास्थ्य एवं व्यवहार का सूक्ष्म अवलोकन किया जा सके। अगले 5 से 7 दिनों में सभी मानकों के संतोषजनक पाए जाने पर उसे रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक वन क्षेत्र में रिलीज किया जाएगा। बता दें रणथंभौर में बाघिन टी 114 की मौत के बाद उसके दो शावक (नर व मादा) को 1 फरवरी 2023 को कोटा अभेडा बॉयोलोजिकल पार्क में लाया गया था। उस समय शावकों की उम्र ढाई माह थी। पार्क में वनकर्मियों ने इनका पालन पोषण किया। जिसके बाद नर शावक को 4 दिसंबर 2024 को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर में रिलीज किया था।
सतना में 10 दिन बाद पारा 40 डिग्री पार:उमस भरी गर्मी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
सतना जिले में गर्मी का असर एक बार फिर बढ़ गया है। दस दिन बाद अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय लोगों को उमस और तेज धूप का सामना करना पड़ा। इससे पहले 28 मई को पारा 45.1 डिग्री सेल्सियस था। तेज हवाओं के साथ हुई प्री-मानसून बारिश ने मौसम में ठंडक ला दी थी, जिसके कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले सप्ताह भर लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, इस दौरान अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कभी-कभी तेज हवा और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। रविवार को सुबह हवा में नमी 44 प्रतिशत और शाम को 27 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में मानसून पहुंच चुका है। इसके जल्द ही आगे बढ़ते हुए सतना समेत रीवा संभाग में 18 से 20 जून तक दस्तक देने की संभावना है।
झारखंड टी-20 लीग की बहुप्रतीक्षित ट्रॉफी यात्रा गिरिडीह से भव्य तरीके से शुरू हुई। रांची टाइटंस टीम की ट्रॉफी को सलूजा गोल्ड के कॉर्पोरेट कार्यालय से विधिवत रवाना किया गया। इस दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ट्रॉफी यात्रा जैसे-जैसे शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरी, क्रिकेट प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ती रही। जगह-जगह लोगों ने ट्रॉफी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके साथ तस्वीरें खिंचवाकर अपने उत्साह का इजहार किया। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक बड़े उत्सव का रूप दे दिया। 10 जून से रांची में शुरू होगी ऐतिहासिक लीग झारखंड क्रिकेट के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रही यह पेशेवर टी-20 लीग 10 जून से रांची के क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगी। रांची टाइटंस टीम को सलूजा गोल्ड ने खरीदा है, जिससे इस टीम को मजबूत कॉर्पोरेट समर्थन मिला है। ट्रॉफी यात्रा राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण करते हुए पुनः रांची पहुंचेगी। जहां लीग का उद्घाटन मुकाबला खेला जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस लीग का उद्देश्य राज्य के क्रिकेट को नई दिशा देना और स्थानीय खिलाड़ियों को बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। गिरिडीह में ट्रॉफी ने कई प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया, जहां लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इसका स्वागत किया। युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, महापौर प्रमिला मेहरा, डिप्टी महापौर सुमित कुमार तथा सलूजा गोल्ड के चेयरमैन अमरजीत सिंह सलूजा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अमरजीत सिंह सलूजा ने कहा कि यह लीग झारखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पहल है, जो युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने इसे राज्य के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि गिरिडीह की भागीदारी से यहां के खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह है। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह लीग झारखंड के क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
हरियाणवी लोक कलाकार पेप्सी शर्माका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पेप्सी शर्मा गाजियाबाद जिले के निवाड़ी क्षेत्र स्थित पतला गांव के निवासी थे। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने हरियाणवी लोक कला और रागिनी गायन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने अपने मंचीय कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में लोकप्रियता हासिल की। उनकी प्रस्तुतियों को ग्रामीण और लोक संस्कृति से जुड़े दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जाता था। पेप्सी शर्मा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों और रागिनी कार्यक्रमों में नियमित रूप से प्रस्तुति देते थे। उनकी शैली और लोकभाषा से जुड़े गीतों ने उन्हें हरियाणवी लोक कला जगत में एक अलग स्थान दिलाया। उनके निधन की सूचना मिलते ही मोदीनगर और निवाड़ी क्षेत्र के गांवों में शोक का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों, प्रशंसकों और कलाकारों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेप्सी शर्मा ने अपने छोटे से गांव से निकलकर लोक मंचों पर जो पहचान बनाई, वह क्षेत्र के लिए गर्व की बात थी। उनके निधन को हरियाणवी लोक कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
अमेठी में आज सुबह शौच के लिए जा रहे एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ियावा गांव में हुई। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान लोढ़ियावा गांव निवासी हीरालाल द्विवेदी (70) के रूप में हुई है। वह सुबह करीब 5:30 बजे खेतों की ओर शौच के लिए जा रहे थे। नेशनल हाईवे के पास पहुंचने पर पीछे से आए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को जगदीशपुर ट्रामा सेंटर ले गए। वहां डॉक्टरों ने हीरालाल द्विवेदी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के भतीजे जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने 112 पर घटना की सूचना दी थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। भतीजे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में गर्लफ्रेंड से बात करने के शक में बॉयफ्रेंड ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक्स बॉयफ्रेंड की जमकर पिटाई कर दी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। वहीं, मामले में शामिल 5 नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद एक छात्रा से पुराने परिचय और उससे बातचीत को लेकर हुआ था। बॉयफ्रेंड ने युवक को मिलने के बहाने बुलाया और मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान एक आरोपी और पांच नाबालिगों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया गया। मामले सुपेला थाना क्षेत्र का है। देखिए पहले ये तस्वीरें- पुरानी दोस्ती बनी विवाद की वजह शिकायतकर्ता एक्स बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि करीब 1 साल पहले उसकी छात्रा से दोस्ती थी। दोनों के बीच कुछ समय तक बातचीत होती रही, लेकिन बाद में उसने छात्रा से संपर्क करना बंद कर दिया था। 5 जून को उसे पंकज विश्वकर्मा (21) का फोन आया, जिसने खुद को छात्रा का बॉयफ्रेंड बताया और मिलने के लिए कहा। उसने मिलने से इनकार कर दिया, लेकिन अगले दिन फिर फोन कर उस पर मिलने का दबाव बनाया गया। कैफे में हुई मुलाकात इसके बाद 6 जून की रात करीब 9:30 बजे वह अपने चचेरे भाई के साथ नेहरू नगर स्थित अमनिक कैफे पहुंचा। वहां पहले से मौजूद युवक और उसके साथियों ने उससे बातचीत शुरू की। इसी दौरान छात्रा से पुराने परिचय और बातचीत को लेकर विवाद बढ़ गया। कहासुनी के बाद मारपीट दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों के साथ प्लास्टिक पाइप से हमला कर दिया। हथियार दिखाकर डराने का आरोप पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि कुछ आरोपियों ने धारदार हथियार दिखाकर डराने-धमकाने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल प्लास्टिक पाइप सहित अन्य सामान जब्त कर लिया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि स्कूल की छात्रा से बातचीत को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोपियों ने पीड़ित युवक को मिलने के लिए बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पीड़ित पक्ष की पहचान कर शिकायत दर्ज की गई और वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। …………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… युवक बोला- TI ने मारा थप्पड़, चाबी छीनी, VIDEO: वीडियो बनाकर उंगली दिखाई, बिना नंबर प्लेट बाइक रोकने पर विवाद, पुलिस बोली- दस्तावेज नहीं दिखाए छत्तीसगढ़ के धमतरी में गुरुवार-शुक्रवार रात TI और युवक के बीच तीखी बहस हो गई। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली बाइक को रोका, जिस पर दंपती और उनकी बच्ची सवार थे, जो मूवी देखकर लौट रहे थे। आरोप है कि TI ने उसे थप्पड़ मारा और बाइक की चाबी छीन ली। पढ़ें पूरी खबर…
प्रदेश सरकार की लखनऊ में सहारा शहर की जमीन पर नए विधानभवन कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है। इसके तहत इस जमीन पर नया विधानसभा भवन, सचिवालय, मुख्ममंत्री आवास और अन्य सकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। इसके लिए 245 एकड़ जमीन चिह्नित हुई है। इसमें नगर निगम द्वारा सहारा शहर के लिए दी गई 170 एकड़ और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की 75 एकड़ जमीन शामिल है। इस योजना पर काम भी शुरू हो गया है। LDA ने कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन सबके बीच मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और लखनऊ नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने सभी पक्षों को 31 जुलाई 2026 तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार, एलडीए और नगर निगम के जवाब के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी। इस रिपोर्ट में पढ़िए सहारा शहर के लिए जमीन की लीज से लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाने तक का घटनाक्रम… 22 अक्टूबर 1994 को सहारा को मिली थी जमीन सहारा शहर की करीब 170 एकड़ जमीन नगर निगम ने वर्ष 1994 में सहारा समूह को लीज पर दी थी। शर्त थी कि यहां आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी और बड़ी जमीन पर ग्रीन एरिया रखा जाएगा। नगर निगम का आरोप है कि लीज की शर्तों का पालन नहीं हुआ। निर्धारित उपयोग के बजाय परिसर में कई बड़े निर्माण किए गए और नियमों का उल्लंघन हुआ। इसी आधार पर नगर निगम ने 8 सितंबर 2025 को लीज रद्द कर दी और 11 सितंबर को जमीन खाली कराकर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके बाद नगर निगम ने सहारा शहर के गेट सील कर दिए और परिसर का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। सहारा समूह ने कार्रवाई गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने नगर निगम की कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी। कंपनी का कहना था कि 2 सितंबर 2017 को एक आर्बिट्रेशन मामले में इसी जमीन को लेकर उसके पक्ष में फैसला आया था। वह लीज का नवीनीकरण कराने के लिए निर्धारित राशि जमा करने को भी तैयार थी, लेकिन नगर निगम ने उस आदेश की अनदेखी करते हुए लीज समाप्त कर दी। हालांकि, 22 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि चूंकि सहारा-सेबी विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रही है, इसलिए इस विवाद पर फैसला करने का अधिकार भी सर्वोच्च न्यायालय के पास है। विधानभवन कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए LDA ने कंसल्टेंट के लिए आवेदन मांगा इन सबके बीच सरकार ने सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई। LDA ने इस पर तेजी से काम भी शुरू कर दिया। इसके लिए करीब 245 एकड़ जमीन चिह्नित की गई। जिसमें सहारा शहर की लीज खत्म करके नगर निगम की ओर से अपने कब्जे में ली गई 170 एकड़ और एलडीए की 75 एकड़ जमीन शामिल है। विधानसभा कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत विधानसभा भवन के साथ सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और अन्य सरकारी कार्यालय बनाया जाएगा। LDA द्वारा जारी आरएफपी यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के अनुसार, नए विधानभवन कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट के चयन की प्रक्रिया चल रही। कंपनियां 23 मई से 21 जून तक आवेदन कर सकती हैं। कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट चयन के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण अवधि तय की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सहारा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। 29 मई 2026 को मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई की। सुनवाई में शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार, लखनऊ नगर निगम और एलडीए को नोटिस जारी करते हुए 31 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सहारा शहर जमीन विवाद को लेकर पूरी टाइम लाइन --------------------------------- सुब्रत रॉय की लग्जरी सहारा सिटी में प्राइवेट झील, जल महल; 170 एकड़ की आलीशान दुनिया में अब सन्नाटा लखनऊ में 170 एकड़ में फैला है सहारा शहर। यहां कभी सुब्रत राय, उनका परिवार रहता था। बड़े-बड़े अभिनेताओं से लेकर राजनेता यहां पहुंचते थे, लेकिन अब यहां सन्नाटा पसरा है। सहारा सिटी अडाणी को बेचने की बात हो रही है। इस बीच, लीज खत्म होने पर नगर निगम ने यहां ताले लगा दिए हैं। सहारा का यह साम्राज्य आलीशान है। इसे आम लोगों ने कभी देखा नहीं है। (दैनिक भास्कर के ड्रोन से देखिए सहारा शहर)
उत्तराखंड के टिहरी जिले में देवप्रयाग के गंगा दर्शन होटल के पास 2 जून को एक इनोवा कार बेकाबू होकर अलकनंदा नदी में गिर गई थी। हादसे में कार सवार श्रद्धालु गंगा के तेज बहाव में बह गए थे। दुर्घटना के छह दिन बाद रविवार को लापता ज्योत्सना (16) परिहार का शव घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर कौड़ियाला क्षेत्र में बरामद किया गया। इस हादसे में अब तक ड्राइवर समेत परिवार के पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आयुष्मान (12) गंभीर रूप से घायल है और ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं ज्योत्सना की मां गुड्डी परिहार और बहन नम्रता अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। गाजियाबाद के इंजीनियर की तलाश के दौरान मिला शव एसडीआरएफ की टीम रविवार को कौड़ियाला क्षेत्र में गंगा नदी में बहे गाजियाबाद के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तलाश कर रही थी। इसी दौरान नदी के तेज बहाव में एक युवती का शव दिखाई दिया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने पर शव की शिनाख्त देवप्रयाग हादसे में लापता ज्योत्सना परिहार (16) पुत्री हरीश परिहार के रूप में हुई। शव परिजनों को सौंप दिया गया। 2 जून को बद्रीनाथ से लौटते समय हुआ था हादसा सड़क हादसा 2 जून को देवप्रयाग स्थित गंगा दर्शन होटल के पास हुआ था। बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर लौटते समय इनोवा कार बेकाबू होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। नदी के तेज बहाव के बीच चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले दिन ही ड्राइवर सहित चार लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि मां और दो बेटी लापता हो गए थे। एकमात्र जीवित बचा 12 साल का आयुष्मान दुर्घटना में केवल 12 साल का आयुष्मान को ही समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। गंभीर हालत में उसे पहले श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल भेजा गया। वर्तमान में उसका इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है। मां और बहन की तलाश में जारी सर्च ऑपरेशन ज्योत्सना का शव मिलने के बाद भी उसकी मां गुड्डी परिहार और बहन नम्रता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें लगातार गंगा नदी के विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार नदी का तेज बहाव और मटमैला पानी खोज अभियान में बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद बचाव दल संभावित डेंजर जोन और नदी किनारे के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
रीवा शहर के लोगों के लिए लंबे समय बाद अच्छी खबर आई है। नगर निगम ने 8 जून से मिहिर सेन तरणताल आम नागरिकों के लिए खोल दिया है। अब शहरवासी यहां आकर तैराकी का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए नगर निगम ने पंजीयन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। करीब तीन दशक से अधिक पुराने इस तरणताल का हाल ही में जीर्णोद्धार कराया गया है, जिसके बाद इसे दोबारा शुरू किया गया है। सदस्यता और प्रति घंटा शुल्क दोनों विकल्प नगर निगम ने तैराकी करने वालों के लिए दो तरह की व्यवस्था बनाई है। जो लोग नियमित रूप से तैराकी करना चाहते हैं, उनके लिए 2500 रुपए प्रतिमाह की सदस्यता तय की गई है। वहीं जो लोग कभी-कभार तैराकी करना चाहते हैं, वे 100 रुपए प्रति घंटे का शुल्क देकर भी पूल का उपयोग कर सकेंगे। तीन सत्रों में होगी तैराकी तरणताल में तैराकी के लिए दिनभर में तीन अलग-अलग सत्र निर्धारित किए गए हैं। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सभी लोगों के लिए स्विमिंग पूल खुला रहेगा। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे से 6 बजे तक का समय केवल महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। इसके बाद शाम 6 बजे से 8 बजे तक फिर सभी लोगों को तैराकी की अनुमति रहेगी। नगर निगम के अनुसार एक समय में अधिकतम 30 लोगों को ही पूल में प्रवेश दिया जाएगा, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। पंजीयन के लिए जरूरी होंगे दस्तावेज तरणताल में प्रवेश के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन के समय आधार कार्ड, वोटर आईडी, अंकसूची या जन्म प्रमाण पत्र में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए माता-पिता या अभिभावक की लिखित अनुमति जरूरी होगी। वहीं पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तरणताल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बच्चों के लिए विशेष नियम नगर निगम ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग नियम बनाए हैं। 5 से 14 वर्ष तक के बच्चों के साथ अभिभावक का मौजूद रहना अनिवार्य होगा। बिना अभिभावक के इस आयु वर्ग के बच्चों को पूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम तरणताल में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक सत्र में लाइफगार्ड और प्रशिक्षित तैराकी प्रशिक्षक मौजूद रहेंगे। जिन लोगों को तैरना नहीं आता, उन्हें केवल कम गहराई वाले हिस्से में ही रहने की अनुमति होगी।इसके अलावा किसी भी संक्रामक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को पूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, ताकि अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर कोई खतरा न हो। डाइविंग पूल फिलहाल रहेगा बंद नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल स्विमिंग पूल को ही शुरू किया गया है। डाइविंग पूल सुरक्षा कारणों से अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही उसके संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। निजी एजेंसी चयन की प्रक्रिया जारी नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार तरणताल के संचालन और रखरखाव के लिए निजी एजेंसी चयन की प्रक्रिया अभी जारी है। हालांकि लोगों की सुविधा और मांग को देखते हुए नगर निगम ने स्वयं इसके संचालन का निर्णय लिया है, ताकि शहरवासियों को तैराकी की सुविधा का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और इस सार्वजनिक सुविधा का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें।
हापुड़ के बाबूगढ़ कोतवाली क्षेत्र में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर रविवार देर रात एक सड़क हादसा हो गया। सवारियों से भरे एक ऑटो की अचानक ब्रेक लगाए खड़े ट्रक से टक्कर हो गई, जिसमें ऑटो चालक सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। रविवार देर रात पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर एक ट्रक चल रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने किसी कारणवश अचानक ब्रेक लगा दिए। इसी दौरान पीछे से आ रहा सवारियों से भरा ऑटो ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में 30 वर्षीय रूपचंद (पुत्र रोहतास), 28 वर्षीय दीपा (पत्नी रूपचंद, निवासी बहादुरगढ़), 22 वर्षीय मयंक शर्मा (पुत्र गोपाल शर्मा, निवासी बहादुरगढ़), 20 वर्षीय शिवम (पुत्र राकेश) और 19 वर्षीय ऑटो चालक तरुण (पुत्र दीप, निवासी मोहल्ला चोपला शोके वाला, गढ़मुक्तेश्वर) घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हापुड़ भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बाबूगढ़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद, दुर्घटनाग्रस्त ऑटो और ट्रक को सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था को सामान्य किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण ट्रक के अचानक ब्रेक लगाना माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर गौर कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी में नहाते समय फतेहपुर पुट्ठी का 19 वर्षीय युवक तेज बहाव में बह गया। पूर्व सैनिक देशपाल तोमर का बेटा रजत तोमर अपने दोस्त मनु तोमर के साथ वहॉ घूमने गया था। हरिद्वार घूमने निकला था युवक यह घटना रविवार सुबह करीब सात बजे की है। रजत अपने दोस्त मनु के साथ शनिवार को हरिद्वार घूमने निकला था। वे शामली में मनु के मामा के घर गए और वहां से बाइक लेकर हरिद्वार होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचे थे। नदी के तेज बहाव की चपेट में आया अलकनंदा नदी के किनारे पहुंचने पर पहले मनु ने स्नान किया और रजत ने उसके फोटो-वीडियो बनाए। इसके बाद जब रजत स्नान करने लगा, तो मनु उसके फोटो खींच रहा था। बताया गया कि फोटो खिंचवाते समय रजत ने नदी में बंधा एक तार छोड़ दिया, जिससे वह नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। मनु ने तुरंत शोर मचाया, लेकिन कुछ देर बाद रजत दिखाई देना बंद हो गया। घटना की सूचना मिलने पर रुद्रप्रयाग पुलिस ने गोताखोरों की मदद से रजत की तलाश शुरू की। दोस्तों और परिवार को दी जानकारी दोपहर करीब दो बजे मनु ने गांव में दोस्तों और परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद रजत के पिता, पूर्व सैनिक देशपाल तोमर, जयवीर, अभिषेक, सचिन, रोहित समेत अन्य लोग कई गाड़ियों से रुद्रप्रयाग पहुंचे। कई घंटे की तलाश के बाद भी रजत का कुछ पता नहीं चला। सचिन ने बताया कि सोमवार को नदी में दोबारा तलाश अभियान चलाकर रजत को खोजा जाएगा।
पाली शहर के रामदेव रोड श्री सिद्ध बालाजी मंदिर के पास रविवार शाम को एक शाम नागणेचिया माताजी और बाबा रामदेव के नाम भजन संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें भजन कलाकाों ने मां नागणेचिया और बाबा रामदेव की स्तुति में एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन कलाकार महेंद्रसिंह राठौड़ ने गणपति वंदना से भजन संध्या की शुरूआत की। उसके बाद भजन गायक रमेश माली, दिनेश राणा, मोहित राठौड़, मोहनुद्दीन मनचला, प्रकाश माली, गजेन्द्र राव, अनिता जांगिड़, तेजपाल नरवर जैसे भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन संध्या में मनोज रिया एण्ड पार्टी दिल्ली ने शिव विवाह, भरत आरती, बालजी सहित कई मनमोहक झांकियां की प्रस्तुति दी। दीपिका राव जोधपुर ने भजनों पर डांस की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। मंच संचालन ओम आचार्य ने किया। आयोजक मनीष राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथि के रूप में गादीपति नागणेचिया माता धाम (धुंधाड़ा) मदनसिंह महाराज, गादीपति श्रीकृष्ण धाम (गुड़ा मांगालियां) महंत महेंद्रानन्द गिरी महाराज, जाडन ओम आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी फ़ुलपुरी महाराज, ढाबर मठ के ओमकारगिरी व विष्णुगिरी महाराज, नेम भारती पाटवा, सिद्ध बालाजी मंदिर पुजारी केसरदास, गणपतदास, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, महावीरसिंह सुकरलाई, चुन्नीलाल चाड़वास, राकेश भाटी, सुमित्रा जैन, ओमा चौधरी, नीलम बिड़ला, प्रकाश सांखला, बाबूलाल बोराणा, जोगाराम, आनंद सोलंकी सहित कई जने मौजूद रहे।
छतरपुर शहर के कोतवाली थाना परिसर में एक घायल युवक द्वारा जमकर हंगामा करने का मामला सामने आया है। युवक पुलिस पर कार्रवाई न करने और उसकी रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक घायल अवस्था में थाने पहुंचा था और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा था। सुनवाई न होने से नाराज होकर उसने थाना परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान युवक ने पुलिस अधिकारियों के सामने जमकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, उसने जान से मारने और गोली मारने जैसी धमकियां भी दीं। पुलिसकर्मियों ने उसे शांत कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह लगातार आक्रोशित ही रहा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलथाने के अंदर पुलिस के सामने चल रहे इस पूरे ड्रामे का वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और थाने की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हो रही है। वीडियो और युवक के दुर्व्यवहार की जांच में जुटी पुलिसपुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। थाने में युवक के दुर्व्यवहार और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस युवक की शिकायत और वायरल वीडियो, दोनों ही पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
बूंदी जिले के नैनवां कस्बे में पुलिस ने रविवार देर शाम कार्रवाई करते हुए 50 टन अवैध बजरी का स्टॉक जब्त किया। कस्बे के छोटी पड़ाप क्षेत्र में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध खनन और बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।थानाधिकारी सहदेवसिंह मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। अवैध रूप से जमा किए गए बजरी के स्टॉक को मौके से जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की सूचना खनिज विभाग को दी है। खनिज विभाग इस संबंध में आगे की कार्रवाई करेगा।थानाधिकारी मीणा ने बताया कि रविवार शाम को छोटी पड़ाप में अवैध रूप से बजरी स्टॉक करने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर बजरी के स्टॉक को जब्त करने की कार्रवाई की गई। मौका पाकर भाग छूटे आरोपीजांच के दौरान बजरी का स्टॉक करने वाले एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, हालांकि वह मौके पर नहीं मिला।इस कार्रवाई में थानाधिकारी सहदेवसिंह मीणा के साथ हेड कॉन्स्टेबल हंसराज, कॉन्स्टेबल राकेश, रामप्रसाद और सुरेश शामिल थे।
बदायूं मारपीट मामले में आरोप तय:मस्जिद के लिए चंदा मांगने गए बुजुर्गों को पीटने वाले पर चार्जशीट
बदायूं में मस्जिद निर्माण के लिए चंदा मांगने गए मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों के साथ मारपीट और उनकी टोपी उतरवाने के आरोपी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया था। यह घटना 15 फरवरी को थाना इस्लामनगर इलाके के कस्बा रुदायन में हुई थी। सहसवान कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहीउद्दीनपुर निवासी अब्दुल सलाम, मोहल्ला कटरा निवासी आरिफ और मोहल्ला रुस्तम निवासी जावेद मस्जिद निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने गए थे। उन्होंने रुदायन निवासी अक्षय नामक युवक से चंदा मांगा और मुस्लिम आबादी वाले इलाके का पता पूछा। आरोप है कि इससे बौखलाए अक्षय ने तीनों बुजुर्गों के साथ मारपीट की। जब वे वहां से भागने लगे, तो उनकी टोपियां भी उतरवा दी गईं। दूसरी ओर, अब्दुल सलाम द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया था कि वे रुदायन में किसी निजी काम से गए थे और घर लौट रहे थे। तभी स्कूटी सवार अक्षय ने हॉर्न बजाना शुरू किया और रास्ता न मिलने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से बढ़ा और शासन तक पहुंच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अक्षय पुत्र राजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की गहन जांच के बाद अब आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
नर्मदापुरम के स्लम क्षेत्र में रहने वाले छात्र तनिष्क नरवाड़े ने जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता हासिल कर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। तनिष्क ने ऑल इंडिया स्तर पर 5000वीं रैंक प्राप्त की है। खास बात यह है कि उसने किसी बड़े शहर में जाकर कोचिंग नहीं की और न ही किसी निजी मेंटर की मदद ली। उसने घर पर रहकर केवल मोबाइल के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। पढ़ाई का माहौल नहीं, फिर भी नहीं छोड़ा लक्ष्य तनिष्क जिस क्षेत्र में रहते हैं, वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का माहौल बहुत ज्यादा नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने जेईई एडवांस जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनकी सफलता के पीछे उनकी दादी और चाचा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परिवार ने हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया और पढ़ाई जारी रखने के लिए सहयोग किया। पूरी पढ़ाई हिंदी माध्यम से की तनिष्क की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उनकी पूरी स्कूली शिक्षा हिंदी माध्यम से हुई है। उन्होंने नर्मदापुरम के रसूलिया हाई स्कूल और ज्ञान उदय विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 12वीं पास करने के बाद उन्होंने एक साल का ड्रॉप लिया और पूरी तरह जेईई की तैयारी में जुट गए। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की और पहली ही कोशिश में जेईई एडवांस परीक्षा पास कर ली। तीन साल की उम्र में खो दिए थे माता-पिता तनिष्क का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। जब वह मात्र तीन वर्ष के थे, तब एक हादसे में उनके माता-पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी दादी और चाचा ने किया। उनके चाचा राजेश नरवाड़े, जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, ने बताया कि तनिष्क बचपन से ही उनके साथ रह रहा है। उन्होंने बताया कि 12वीं पास करने के बाद तनिष्क ने उनसे मोबाइल फोन मांगा था। उस समय उन्हें लगा था कि कहीं पढ़ाई प्रभावित न हो जाए, लेकिन तनिष्क ने मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई के लिए किया और आज परिणाम सबके सामने है। मोबाइल बना सफलता का माध्यम आमतौर पर छात्रों को मोबाइल से दूरी बनाकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है, लेकिन तनिष्क ने साबित कर दिया कि यदि तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो वही मोबाइल सफलता का सबसे बड़ा साधन भी बन सकता है। उन्होंने मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन क्लास, अध्ययन सामग्री और टेस्ट सीरीज का उपयोग कर अपनी तैयारी पूरी की। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मेहनत सफलता का रास्ता बनाते हैं। ऑनलाइन क्लास से की तैयारी तनिष्क ने फिजिक्स वाला की ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अपनी तैयारी की। नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने जेईई एडवांस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। जेईई एडवांस का परिणाम आने के बाद तनिष्क और उनके परिवार को दिल्ली बुलाया गया। वहां आयोजित एक कार्यक्रम में उनका सम्मान किया गया। उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 5 लाख रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। चाचा राजेश नरवाड़े ने बताया कि दिल्ली आने-जाने के लिए हवाई यात्रा का पूरा खर्च भी कोचिंग संस्थान ने वहन किया। साथ ही तनिष्क की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाने की भी घोषणा की गई है। स्वागत कर बढ़ाया हौसला रविवार रात दिल्ली से लौटने के बाद नर्मदापुरम के नेहरू पार्क में आयोजित सुरीला कार्यक्रम में तनिष्क का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अखिलेश खंडेलवाल और उनकी टीम ने तनिष्क को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। तनिष्क नरवाड़े की कहानी केवल एक परीक्षा में सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास, पारिवारिक सहयोग और कठिन परिस्थितियों के बावजूद सपनों को साकार करने की कहानी है। उनकी उपलब्धि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।
अजमेर के गंज थाना क्षेत्र के नजदीक नहर मोहल्ले में चोर एक सूने मकान के ताले तोड़कर लाखों रुपए की नकदी, जेवरात और घरेलू सामान चुरा ले गए। चोर छत के रास्ते मकान में दाखिल हुए और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया। वारदात का पता तब चला जब किराएदार अपने गांव से लौटकर आया। पुलिस के अनुसार ओसवाल स्कूल के पास नहर मोहल्ला निवासी मोहम्मद गफूर अपने परिवार सहित मुंबई गए हुए हैं। मकान में किराएदार चांद मोहम्मद रहता था, जो घटना के समय अपने गांव गया हुआ था। इसी दौरान सूने मकान को निशाना बनाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चोर छत के रास्ते घर में घुसे और मुख्य दरवाजा तोड़कर सभी अलमारियों को खंगाला। पीड़ित पक्ष के अनुसार घर से करीब डेढ़ लाख रुपए नकद, आठ तोला सोने के जेवरात, पीतल और स्टील के बर्तन, गैस सिलेंडर और ओवन चोरी हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। गंज थाना क्षेत्र के बेहद नजदीक हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रेकी कर वारदात का शक पुलिस को आशंका है कि चोरों ने पहले मकान की रैकी की थी और उन्हें यह जानकारी थी कि घर कई दिनों से बंद है। छत तक पहुंचने के रास्ते और समय की जानकारी होने के कारण इसे सुनियोजित वारदात माना जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों और किराएदारों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही क्षेत्र में किराएदारों के सत्यापन की स्थिति की जांच की जा रही है।
25 हजार का इनामी तस्कर गिरफ्तार:नौ महीने बाद पकड़ा गया, हरियाणा से जुड़े तार
बस्ती पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने नौ महीने से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अवैध शराब की खेप ले जा रहे ट्रक से फरार होने का आरोप है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हरियाणा के झज्जर जिले के बादली थाना क्षेत्र स्थित खेडका गुज्जर निवासी प्रहलाद पुत्र सुखदेव के रूप में हुई है। वह थाना कोतवाली में दर्ज अवैध शराब तस्करी के एक मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला 9 सितंबर 2023 का है। उस दिन बस्ती टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक से अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की गई थी। कार्रवाई के दौरान चालक प्रहलाद पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया था। इसके बाद उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की गई थी। फरारी के दौरान आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। साथ ही, धारा 87 बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत कुर्की उद्घोषणा की कार्रवाई भी की गई। पुलिस ने उसके निवास स्थान पर मुनादी कराकर न्यायालय के आदेशों का पालन कराया, लेकिन वह लगातार पुलिस की पकड़ से दूर रहा। प्रभारी निरीक्षक मोतीचंद के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने टोल प्लाजा क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी प्रहलाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
रायबरेली के सलोन तहसील अंतर्गत साहिबगंज क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या बढ़ गई है। गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों मवेशी सड़कों और खेतों में घूम रहे हैं। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है और किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, साहिबगंज के मुख्य मार्गों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा देखा जा सकता है। सड़क के बीच बैठे इन मवेशियों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से जोखिम का सामना करना पड़ता है। किसानों को भी इन मवेशियों से भारी नुकसान हो रहा है। रात के समय ये मवेशी खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नष्ट कर देते हैं, जिससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो रही है और उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन इस समस्या के प्रति उदासीन है। गौशालाओं की कमी और मवेशियों के उचित प्रबंधन के अभाव से ग्रामीणों में असंतोष है। साहिबगंज निवासी किसान रामलाल और स्थानीय दुकानदार मुखिया ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा मवेशियों को न तो गौशाला भेजा गया और न ही उनके लिए कोई सुरक्षित स्थान निर्धारित किया गया है। क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से साहिबगंज में तत्काल गौशाला निर्माण और सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान न होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
उन्नाव नगर पालिका परिषद ने बरसात से पहले शहर को जलभराव की समस्या से मुक्त रखने के उद्देश्य से 72 घंटे का विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। यह अभियान पर्यावरण दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत चलाया जा रहा है। नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा के प्रतिनिधि भानु मिश्रा ने बताया कि इसके तहत शहर की मुख्य सड़कों और प्रमुख नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाएगी। भानु मिश्रा ने जानकारी दी कि शहर में नाला सफाई का कार्य नियमित रूप से पहले से चल रहा है। हालांकि, मानसून के मद्देनजर अब यह विशेष 72 घंटे का अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य सामान्य रूप से नौ दिनों में होने वाले कार्य को तीन दिनों में पूरा करना है। इसके लिए कर्मचारियों और सफाई कर्मियों की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार 24 घंटे कार्य करेंगी। नगर पालिका का उद्देश्य बरसात से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई सुनिश्चित कर शहर को स्वच्छ, सुंदर और जलभराव मुक्त बनाना है। यह अभियान पूर्व तैयारियों का हिस्सा है, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अभियान के पहले दिन कुछ कर्मचारियों के देर से पहुंचने पर भानु मिश्रा ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझकर निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा को अवगत कराया जाएगा और उनके स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जलभराव की समस्या पर भानु मिश्रा ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में नगर पालिका ने शहर के अधिकांश क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नगर पालिका करीब 95 प्रतिशत सफल रही है। इस साल 99 प्रतिशत सफलता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका विश्वास है कि पिछले दो वर्षों की तरह इस बार भी शहर में जलभराव की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। नगर पालिका की आधुनिक मशीनरी का उल्लेख करते हुए भानु मिश्रा ने बताया कि हाल ही में एक अत्याधुनिक 4-इन-1 जेसीबी मशीन खरीदी गई है, जिसे जल्द ही जनता की सेवा में लगाया जाएगा। इसके अलावा 3DX, 2DX तथा अन्य छोटी-बड़ी मशीनें भी नगर पालिका के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पहले नालों की सफाई का कार्य ठेके और किराये की मशीनों के माध्यम से कराया जाता था, जिससे खर्च अधिक होता था और अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते थे। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में नालों की सफाई पर कुल 1 करोड़ 11 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, जो मुख्य रूप से मजदूरी और डीजल पर व्यय हुए हैं। अधिकांश संसाधन नगर पालिका के अपने होने के कारण किराये पर मशीनें लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी। भानु मिश्रा ने कहा कि नगर पालिका का बजट पहले जैसा ही है, लेकिन वर्तमान नेतृत्व में उसका बेहतर और पारदर्शी उपयोग किया जा रहा है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान रायपुर (माना) में 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर का मौसम शहर में आज (8 जून) बादल छाए रहने, गरज-चमक, धूलभरी आंधी और बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
आगरा में फिर बढ़ी गर्मी, तापमान 41°C पार:सुबह से निकल रही तेज धूप, 11 जून को हीटवेव का अलर्ट
आगरा में एक बार फिर से गर्मी अपना असर दिखा रही है। दिन का तापमान 41C के पार पहुंच गया है। तेज धूप के बीच उमस लोगों को बेहाल कर रही है। हालांकि शाम को चलने वाली हवाएं मौसम को सुहाना बना रही हैं। सोमवार सुबह से तेज धूप निकल रही है। आंधी-बारिश की आज कोई संभावना नहीं है। मौसम खुला रहेगा। शनिवार की अपेक्षा रविवार को दिन के तापमान में एक डिग्री और रात के तापमान में 0.8C की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 41.4C और न्यूनतम तापमान 25.8C रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 40.4C और न्यूनतम तापमान 25C रहा था। शाम को हवाएं चलने की वजह से रात का तापमान सामान्य से 2.6C कम है। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति थम गए बादल, बढ़ेगी उमस पिछले दिनों आए अंधड़ और बारिश के बाद अब मौसम साफ हो गया है। हालांकि रविवार रात को तेज हवाओं की वजह से मौसम सुहाना हो गया था। हल्की बूंदाबांदी ने गर्मी से थोड़ी राहत दी। मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है। शुरुआती दिनों में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बाद में आसमान साफ रहेगा। बारिश के बाद निकली तेज धूप के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे उमस और चुभन वाली गर्मी का असर अधिक महसूस होगा। बाहर निकलने पर लोगों को पसीने और गर्म हवाओं से परेशानी हो सकती है। 45 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ता रहेगा। दिन का तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। सोमवार को दिनभर तेज धूप रहने का अनुमान है, जबकि शाम के समय हल्की हवा चल सकती है। 11 जून को हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 11 जून तक आंधी और बारिश के कोई मजबूत संकेत नहीं हैं। 11 जून को हीटवेव को लेकर अभी से अलर्ट किया है। ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
मुजफ्फरनगर के शहर कोतवाली क्षेत्र में शामली रोड स्थित हनुमान चौक के पास रविवार रात करीब 9 बजे ई-रिक्शा में सवार यात्रियों और बाइक सवार युवकों के बीच मारपीट हो गई। मामूली कहासुनी के बाद यह विवाद सड़क पर हंगामे में बदल गया। बताया जा रहा है कि बाइक सवार युवकों ने ई-रिक्शा को तेज गति से ओवरटेक किया था। इस दौरान रिक्शा में बैठे कुछ यात्रियों ने बाइक सवारों को टोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष सड़क पर ही एक-दूसरे से भिड़ गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ में से ही किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई तहरीर दी गई है या नहीं। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
सवाई माधोपुर में अंजूमन इस्लामिया शहर कमेटी ने नगर परिषद के जेईएन, एईएन, आयुक्त, ठेकेदार और तत्कालीन पार्षद पर चंदे से निर्मित भवन को सरकारी निर्माण दिखाकर लाखों रुपए का भुगतान उठाने का आरोप लगाया है। कमेटी की ओर से इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), मुख्यमंत्री सतर्कता और अन्य संबंधित विभागों को शिकायत भेजी गई है। क्या है मामला अंजूमन इस्लामिया शहर सवाई माधोपुर कमेटी के सदस्य इफ्तेखारउद्दीन ने बताया - मिर्जा मोहल्ला स्थित अंजूमन इस्लामिया स्कूल में कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ाई होती है। स्कूल में कक्षा-कक्षों की कमी को देखते हुए कमेटी ने चंदा एकत्र कर परिसर में बाउंड्री वॉल, मुख्य गेट, टीनशेड, रंग-रोगन, एक हॉल, लैटरिंग और बाथरूम का निर्माण कराया था। शिकायत के अनुसार यह निर्माण कार्य वर्ष 2022 में ठेकेदार रशीद भाई द्वारा कराया गया था। हालांकि धन की कमी के कारण हॉल की छत का निर्माण नहीं हो सका था। विधायक कोटे से दो नए हॉल की हुई थी घोषणा कमेटी के अनुसार बाद में तत्कालीन विधायक दानिश अबरार से दो नए हॉल के निर्माण के लिए विधायक कोटे से राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया। इस पर विधायक ने स्कूल परिसर में दो हॉल निर्माण के लिए 15 लाख रुपए की घोषणा की और जिला परिषद को अनुशंसा भेजी। इसके बाद जिला परिषद ने कार्य स्वीकृत किया और नगर परिषद सवाई माधोपुर को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया। नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया के बाद यह कार्य गंगापुर सिटी की एक फर्म को आवंटित कर दिया। शिकायत में क्या लगाए गए आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यादेश मिलने के बाद ठेकेदार आकाश कुमार ने आदेश की शर्तों का पालन नहीं किया और निर्माण शुरू करने से पहले स्कूल प्रबंधन या कमेटी से कोई चर्चा नहीं की। आरोप है कि तत्कालीन पार्षद शाहरूख के साथ सांठगांठ कर कार्य प्रारंभ किया गया। कमेटी का कहना है कि विधायक कोटे से स्वीकृत राशि से दो नए हॉल बनाए जाने थे, लेकिन इसके बजाय वर्ष 2022 में चंदे से बने हॉल, लैटरिंग और बाथरूम को ही सरकारी निर्माण दिखा दिया गया। फर्जी माप पुस्तिका तैयार करने का आरोप शिकायत में नगर परिषद की तत्कालीन जेईएन रीना मीणा पर ठेकेदार और पार्षद के साथ मिलकर फर्जी माप पुस्तिका (एमबी) तैयार करने का आरोप लगाया गया है। कमेटी का दावा है कि एमबी में जिन कार्यों को सरकारी निर्माण बताया गया, वे पहले ही संस्था द्वारा चंदे के पैसे से कराए जा चुके थे। आरोप यह भी है कि एईएन चंद्रप्रकाश कौशिक, एक्सईएन सूरजमल और तत्कालीन आयुक्त देवेश जिंदल ने बिना मौके का निरीक्षण किए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद ठेकेदार को भुगतान जारी कर दिया गया। एसीबी और मुख्यमंत्री सतर्कता को शिकायत कमेटी ने पूरे मामले को सरकारी राशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़ा बताते हुए एसीबी, मुख्यमंत्री सतर्कता सहित विभिन्न विभागों को शिकायत भेजी है। शिकायत में मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदार और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। तत्कालीन आयुक्त बोले, मामला पुराना है याद नहीं मामले को लेकर तत्कालीन आयुक्त देवेन्द्र जिंदल का कहना है कि मामला पुराना है, इसलिए याद नहीं है। ज्यादा जानकारी जेईएन ही दे सकती है। जबकि जेईएन रीना मीणा से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं एईएन चंद्रमोहन कौशिक का कहना है कि यह मामला उनके ज्वाइन करने से पहले का है। एमबी रिपोर्ट पर अपने साइन होने की बात बात एईएन कौशिक कहते हैं कि इसे क्रॉस चेक करके ही बता पाऊंगा।
फर्रुखाबाद में रात से ही अभ्यर्थी पहुंचे:आठ जनपदों से आए, कई ने स्टेशन-बस स्टैंड पर गुजारी रात
फर्रुखाबाद में पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई है। पहले दिन आठ जिलों से कुल 13,440 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। यह परीक्षा जिले के 19 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। सुबह की पाली में परीक्षा देने वाले कई अभ्यर्थी रविवार देर रात ही जिले में पहुंच गए थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में उन्हें रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर रात गुजारनी पड़ी। पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए ललितपुर, अमरोहा, रामपुर, हरदोई सहित अन्य जनपदों से अभ्यर्थी आए हैं। ललितपुर और अमरोहा के कई अभ्यर्थी रविवार रात को ही पहुंच गए थे। रात के समय कुछ अभ्यर्थी पढ़ाई करते दिखे, तो कुछ आराम करते नजर आए। अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें रुकने की व्यवस्था के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी, जिसके चलते उन्हें बस स्टैंड पर ही रुकना पड़ा। ललितपुर से आए राकेश ने बताया कि वे अपनी बेटी का पेपर दिलाने आए हैं और कहीं और जाने की व्यवस्था न होने के कारण उन्होंने बस स्टैंड पर ही रुकना उचित समझा। हालांकि, समाजसेवियों ने अभ्यर्थियों के लिए धर्मशालाओं और मंदिरों में रुकने की व्यवस्था की थी। इन स्थानों पर गद्दे और पंखे भी लगवाए गए थे ताकि अभ्यर्थियों को गर्मी से राहत मिल सके। इसके बावजूद, जानकारी के अभाव और अन्य कारणों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सार्वजनिक स्थानों पर ही रुके रहे।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। आज नामांकन का अंतिम दिन है। बावजूद इसके भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर जारी है। इसी बीच आज ही मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने अपने कक्ष में भाजपा विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। जिसमें उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर, झामुमो और कांग्रेस ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। आज झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी नामांकन दाखिल करेंगे। परिमल नाथवानी को एनडीए का समर्थन मिलने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। बैजनाथ दो और प्रणव एक सेट में करेंगे नामांकन बैजनाथ राम के लिए दो सेट में नामांकन पत्र तैयार किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक सेट पर 10-10 विधायकों के हस्ताक्षर शामिल हैं। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा का एक सेट में नामांकन पत्र तैयार किया गया है। जिसमें कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, राधाकृष्ण किशोर, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, नमन विक्सल कोनगाड़ी, भूषण बाड़ा, सुरेश बैठा और कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह के नाम शामिल हैं। कांग्रेस की ओर से दूसरे सेट में झामुमो विधायकों के हस्ताक्षर भी जोड़े जाने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि अब तक इस चुनाव के लिए कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं। जिनमें झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा, भाजपा के गौरव वल्लभ और निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में परिमल नाथवानी, साईं विजय रेड्डी और रवि कुमार यादव शामिल हैं, लेकिन रविवार देर रात तक भाजपा की ओर से उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं होने से सस्पेंस बरकरार है। मुख्यमंत्री बोले-एकजुट होकर गठबंधन प्रत्याशी को जिताएं कांग्रेस के पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा रविवार को फिर मुख्यमंत्री से मिले। इन नेताओं से मुलाकात के बाद हेमंत सोरेन ने देर शाम में महागठबंधन के सभी 56 विधायकों को अपने आवास पर बुलाया। बैठक में मंत्री इरफान अंसारी, चमरा लिंडा और माले विधायक अरूप चटर्जी नहीं पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी से एकजुट होकर गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों को जिताने का आह्वान किया। तय हुआ कि दोनों प्रत्याशी बैजनाथ राम व प्रणव झा सोमवार सुबह 11 बजे नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गठबंधन दल के नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में दोनों प्रत्याशी भी मौजूद थे। परिमल नाथवानी का दावा- हमारे पास 10 प्रस्तावक निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा कर पार्टियों की नींद उड़ा दी है। नाथवानी के आने से राज्यसभा चुनाव काफी रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। वे रविवार रात करीब 12:30 बजे रांची पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को दोपहर एक से दो बजे के बीच नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान उनके साथ 10 प्रस्तावक होंगे। लेकिन प्रस्तावक कौन होंगे, यह बताने से इनकार कर दिया। जब उनसे भाजपा का समर्थन मिलने संबंधी सवाल पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। ये समीकरण बन रहे एक सीट पर झामुमो की जीत तय महागठबंधन के पास कुल 56 1- विधायक हैं। इनमें झामुमो के 34 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 28 वोट चाहिए। ऐसे में एक सीट पर झामुमो की जीत तय है। अपने प्रत्याशी को जिताने के बाद भी झामुमो के पास छह वोट बचेंगे। महागठबंधन एकजुट रहा तो कांग्रेस जीतेगी कांग्रेस के 16 विधायक 2-हैं। झामुमो के प्रथम वरीयता के 28 वोट के बाद छह वोट बचते हैं। राजद के चार व माले के दो विधायक हैं। सभी एकजुट रहे तो कांग्रेस की जीत तय है। क्रॉस वोटिंग हुई तो नाथवानी जीत जाएंगे भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा 3- है। पूर्व सांसद परिमल नाथवानी को समर्थन दे सकती है। एनडीए में भाजपा के 21 और आजसू-जदयू व लोजपा के एक-एक वोट हैं। यानी कुल 24 वोट। यानी जीत से चार वोट कम। क्रॉस वोटिंग हुई तो नाथवानी जीत सकते हैं।
चित्तौड़गढ़ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में स्वीकृत 16 पदों में से 11 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। वर्तमान में केंद्र सिर्फ 5 कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है। स्टाफ की भारी कमी के कारण किसानों तक नई कृषि तकनीक, उन्नत बीज, फसल संरक्षण और वैज्ञानिक खेती से जुड़ी जानकारी पहुंचाने में चुनौतियां बढ़ रही हैं। रोजाना सैकड़ों किसानों के पहुंचने और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बावजूद सीमित कर्मचारियों को कई जिम्मेदारियां एक साथ निभानी पड़ रही हैं। एक वैज्ञानिक संभाल रहा पूरे केंद्र का काम कृषि विज्ञान केंद्र में 6 वैज्ञानिकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल केवल एक वैज्ञानिक ही कार्यरत है। वही सीनियर साइंटिस्ट होने के साथ केंद्र प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। तीन टेक्निकल असिस्टेंट के पदों में से सिर्फ एक कर्मचारी मौजूद है, जिसे तकनीकी कार्यों के साथ अकाउंट्स का काम भी देखना पड़ रहा है। यह कर्मचारी भी डेप्युटेशन पर नियुक्त है। कई महत्वपूर्ण पद खाली केंद्र में दोनों सेक्शन ऑफिसर के पद रिक्त हैं। स्टेनोग्राफर भी डेप्युटेशन पर कार्यरत है। दो ड्राइवरों में से एक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में से भी केवल एक कर्मचारी ही मौजूद है। ऐसे में कई प्रशासनिक और तकनीकी जिम्मेदारियां सीमित स्टाफ पर आ गई हैं, जिससे काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। रोज 200 से 250 किसान पहुंचते हैं कृषि विज्ञान केंद्र में प्रतिदिन करीब 200 से 250 किसान जानकारी लेने आते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान यह संख्या बढ़कर 400 से 450 तक पहुंच जाती है। किसानों को नई खेती तकनीक, रोग एवं कीट नियंत्रण, उन्नत फसल किस्मों और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी जाती है। केंद्र में हर महीने 5 से 6 प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। गांव-गांव जाकर दे रहे प्रशिक्षण इन दिनों ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत कृषि विज्ञान केंद्र की टीम 22 दिनों तक लगातार गांवों में पहुंचकर किसानों को प्रशिक्षण दे रही है। खेतों में डेमोंस्ट्रेशन लगाकर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। हालांकि कर्मचारियों की कमी के कारण यह अभियान भी अतिरिक्त चुनौती बन गया है और कई बार एक ही कर्मचारी को कई भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं। किसानों की जरूरतें बढ़ीं, पद भरने की मांग कृषि विज्ञान केंद्र किसानों और वैज्ञानिक खेती के बीच महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। जिले में खेती से जुड़े कार्यों और नई तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना जरूरी माना जा रहा है। इससे किसानों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी और कर्मचारियों पर बढ़ रहा अतिरिक्त कार्यभार भी कम होगा। फिलहाल केंद्र का स्टाफ सीमित संसाधनों में कामकाज संभाल रहा है।
लुधियाना के डेहलों इलाके में सड़क पार कर रही एक दिव्यांग महिला को अज्ञात कार सवार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन रोकने की बजाय मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला के सिर में ज्यादा चोट लगी, जिस कारण उसकी मौत हुई। मृतक महिला का नाम बलजीत कौर है। उसके शव का आज सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जाएगा। थाना डेहलों की पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टक्कर मारकर आरोपी फरार जानकारी देते हुए पति गुरमुख सिंह निवासी गांव गोपालपुर ने बताया कि उनकी पत्नी बलजीत कौर उर्फ वावी 6 जून 2026 को डेहलों आई हुई थी। वह घर से खाना खाकर पैदल ही गोपालपुर बस स्टैंड की तरफ चली गई, जहां से उसने कपड़े लेने मायके जाना था। वह सड़क पार कर रही थी कि तभी अज्ञात कार ड्राइवर ने उसे टक्कर मारी और फरार हो गया। वह खून से लथपथ सड़क पर तड़पती रही। उसकी शादी को 4 साल हुए हैं। अभी कोई बच्चा नहीं था। कुछ देर बाद वह खुद सड़क पर किसी काम से निकला। उसने रास्ते में देखा कि लोगों की काफी भीड़ जमा थी। जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि उसकी पत्नी बलजीत कौर गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ी हुई थी। अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से की गई पड़ताल में पता चला कि किसी अज्ञात वाहन ड्राइवर ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मारी है। वह दिव्यांग थी। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही थाना डेहलों पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 और 281 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार वाहन और ड्राइवर की पहचान की जा सके।
मैंने अपनी बेटी को इसलिए मार डाला, क्योंकि वो मेरी निगाह से बाहर हो गई थी। उसे बेटे की तरह रखा लेकिन उसने नाक कटवा दी। मेरी बात पर नहीं रही, तो वह बेटी थी या दुश्मन? यह बयान किशन गुर्जर (70) ने पुलिस के सामने दिया है। उसने बताया कि 8 मई 2026 को अपनी बेटी जूली गुर्जर (33) को फंदे पर लटका दिया था। इसके बाद बेटों रामसेवक (50) और दीपू (35) के साथ मिलकर शव को खेत में ले जाकर जला दिया। वारदात के 26 दिन बाद जब राज खुला, तब 3 जून को पुलिस ने किशन, रामसेवक और दीपू गुर्जर को हिरासत में ले लिया। उनकी आधिकारिक गिरफ्तारी घोषित नहीं की गई है। घटनास्थल पर मिली हडि्डयों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। तब तक तीनों थाने के लॉकअप में ही रहेंगे। मामला डबरा थाना क्षेत्र के लखिया गांव का है। इस पेचीदा केस को समझने के लिए दैनिक भास्कर ने ग्वालियर एसपी धर्मवीर यादव से बात की। जानने की कोशिश की कि आरोपियों ने क्यों और कैसे वारदात को अंजाम दिया? पहले बेटी का गला दबाया, फिर फंदे पर लटकाया किशन गुर्जर ने पुलिस को बताया कि गांव के बाहर खेत के पास घर बना है। 8 मई की रात करीब 10 बजे बेटी जूली गुर्जर से विवाद हुआ। झगड़ा बढ़ने पर गुस्से में बेटी का गला दबा दिया। वह बेसुध होकर गिर पड़ी। इसके बाद फंदा बनाकर फांसी पर लटका दिया। थोड़ी देर बाद शव को ठिकाने लगाने रामसेवक और दीपक गुर्जर को बुलाया। रात करीब 12 बजे शव को ट्रैक्टर में डालकर तीनों एक किलोमीटर दूर नहर किनारे बने खेत पर पहुंचे। यहां शव को जला दिया। करीब दो घंटे तक चिता ठंडी होने का इंतजार करते रहे। इसके बाद आग पर मिट्टी डालकर ठंडा किया। बची हडि्डयों और अवशेषों को खेत में ही इधर-उधर फेंक दिया। कुछ को जमीन में गाड़ दिया। सुबह करीब 4 बजे घर आकर तीनों सो गए। शांति के लिए पूजा कराई, कन्याभोज भी दिया किशन पेशे से किसान है। परिवार का समाज में प्रभाव है। उसने बताया कि घर आकर आत्मा की शांति के लिए गुपचुप तरीके से पूजा-पाठ किया। 12 दिन बाद कन्याभोज भी कराया। दिन बीत रहे थे, लेकिन हर पल डर रहता था कि राज उजागर न हो जाए। रिश्तेदार जूली के बारे में पूछते थे, तो गोलमोल जवाब देना पड़ता था। सोचते थे कि आखिर कब तक छुपाएंगे। तीनों घर पर तो दहशत में रहते थे लेकिन लोगों को दिखाने के लिए सामान्य दिनों की तरह घूमना-फिरना कर रहे थे। सख्ती करने पर कबूला हत्या का जुर्म करीब 20 दिन तक जब जूली नहीं दिखी, तो गांव में कानाफूसी शुरू हो गई। लोगों को शक हुआ कि गुस्सैल प्रवृत्ति के किशन ने उसकी हत्या तो नहीं कर दी? गांव की चर्चा पुलिस तक भी पहुंच गई। 3 जून को एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर, डबरा देहात थाना प्रभारी आईपीएस मनोज कुमार, एसडीओपी सौरभ कुमार, सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा गांव पहुंचे। किशन गुर्जर समेत दोनों बेटों को टेकनपुर चौकी ले आए। यहां तीनों से बारी-बारी जूली के बारे में पूछताछ की। सख्ती करने पर किशन ने पूरी कहानी बता दी। गांव के ही लड़के से थे बेटी के संबंध किशन ने पुलिस को बताया कि गांव के ही एक लड़के से बेटी के प्रेम संबंध हो गए थे। 5 मई को वह घर से लापता हो गई। देहात थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। 7 मई को मुरैना के चखौटी गांव से उसे बरामद किया गया। इसके बाद किशन लगातार बेटी को समझाता रहा कि वह लड़के से प्रेम संबंध खत्म कर ले। समाज में लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। उसे लगने लगा कि जूली ने उसकी नाक कटवा दी। समाज में मुंह काला कर दिया। 7 मई को पूरी रात सो नहीं पाया। बेटी की हत्या करने का मन बना लिया। पति से तलाक हुआ, एक बेटा है जूली की शादी 10 मई 2010 को डबरा के भैंसनारी गांव में रहने वाले रंजीत गुर्जर से हुई थी। दोनों को एक बेटा भी है। पति-पत्नी के बीच किसी न किसी बात पर विवाद होता रहता था। तीन साल पहले जूली मायके लखिया आकर रहने लगी थी। रंजीत ने भितरवार थाना और एसपी कार्यालय में आवेदन दिए थे। बाद में तलाक के लिए केस भी लगा दिया था। रंजीत का कहना है कि जब से वह गई है, हमारा उससे लेना-देना नहीं था। हमें तो अखबारों के माध्यम से उसकी मौत की जानकारी लगी है। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- पुलिस के पास फिलहाल पुख्ता सबूत नहीं हैं, जिसके आधार पर इसे हत्या करार दिया जाए। आरोपियों का कबूलनामा तो है लेकिन खेत में मिले हड्डियों के अवशेष की लैब रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि हड्डियां जूली की हैं या किसी जानवर की। रिपोर्ट में इंसानी हड्डियों की बात आती है तो डीएनए जांच कराई जाएगी, जिससे स्पष्ट होगा कि ये जूली की ही हैं। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीनियर क्रिमिनल लॉयर बृजेश पांडे का कहना है कि केस डीएनए रिपोर्ट पर निर्भर है। जब तक अवशेषों का डीएनए टेस्ट पॉजिटिव नहीं आ जाता, तब तक केस में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। ये खबर भी पढ़ें… बेटी की गला घोंटकर हत्या, साड़ी से फंदे पर लटकाया ग्वालियर के सिरोल में सात दिन पहले लापता हुई 13 साल की छात्रा की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। हत्या उसके सौतेले पिता ने ही की थी। मोबाइल फ्लाइट मोड पर डालकर शव को भिंड के मौ में सिंध नदी में फेंक आया था। उसे लगा था कि बेटी का शव मगरमच्छ खा जाएंगे, जिससे मौत का राज कभी सामने नहीं आएगा। पढे़ं पूरी खबर…
रोहतक में बाग वाली गली खुलने के बाद कॉलोनीवासियों के बुलावे पर पहुंचे पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गली रोकने के लिए बड़ा खेला हुआ है। उन्हें शक है कि इसके पीछे 2005-14 की सरकार में गुंडागर्दी करने वालों का हाथ है, जो लोगों की जमीनों को हथियाने का काम करते थे। पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि कुछ लोग घर में बैठे है, वो फ्रंट में ना आना चाहते हो, लेकिन गली रोकने के मामले में पीछे उनका ही हाथ है। उनकी गुंडागर्दी 10 साल चली थी, आज भाजपा सरकार में नहीं चल रही, इसलिए ऐसी हरकतें कर रहे है। लेकिन कोई कितना बड़ा ताकतवर हो, पालिटिकल ताकतवर हो, कितना ही ताकतवर कुर्ते पैजामे वाला हो, उसका ठाड्यापन नहीं चलने देंगे। गली रोकने के पीछे किसी की शरारत मनीष ग्रोवर ने कहा कि 50-60 साल से जहां मकान बने हो, रजिस्ट्री हो चुकी हो, सरकारी विभाग की तरफ से सुविधाएं दी गई हो, वहां गली में मिट्टी व ईंट डालना, कोई ना कोई शरारत है। बेसक कोर्ट का बहाना लेकर कागज लाए हो, लेकिन उस कागज से गली को अपनी मुठ्ठी में करना, एक आदमी का काम नहीं है, इसके पीछे कोई ना कोई मोटा जाल है। घटनाक्रम के पीछे किसी के लंबे हाथमनीष ग्रोवर ने कहा कि भाजपा के साढे 11 साल के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है कि जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया हो। इसके पीछे किसी के लंबे हाथ है। भाजपा सरकार से पहले जिन्हें गुंडागर्दी करने की आदत थी, लोगों की जमीन हथियाने की आदत थी, उन लोगों पर ही शक है कि इस मामलें में वही लोग पीछे है। जमीन हथियाने के पीछे माफिया का हाथ मनीष ग्रोवर ने कहा कि जमीन हथियाने के पीछे कोई ना कोई माफिया व गुड़ा तत्व का हाथ है। आज जिनकी दुकानें बंद हो चुकी है, इस सरकार में जिनकी नहीं चलती और जो 2005 से 2014 तक गुंडागर्दी करते थे, उन लोगों पर ही शक है। वही लोग तंग कर रहे है, लेकिन भाजपा गुंडों को पनपने नहीं देगी। मकान व गली को टूटने नहीं देंगे।
हरदा जिले के छीपाबड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पड़वातारापुर में एक 28 वर्षीय नवविवाहित युवक ने अज्ञात कारणों के चलते कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार शाम एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पड़वातारापुर निवासी लवकेश (28) पिता पूनमचंद देवड़ा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, लवकेश इंदौर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। गत 4 जून को वह अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़कर अपनी मार्कशीट लेने के लिए गांव आया हुआ था। 6 जून की रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद उसने अपने ही घर में रखी 'चारामार' (कीटनाशक) पी ली। इलाज के दौरान निजी अस्पताल में तोड़ा दमकीटनाशक पीने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तत्काल खिरकिया अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में रातभर और रविवार सुबह तक उसका उपचार चला। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां रविवार शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। बसंत पंचमी पर हुई थी शादी, पुलिस कर रही जांचमृतक के छोटे भाई भूपेंद्र देवड़ा ने बताया कि लवकेश दोनों भाइयों में बड़ा था। इसी साल 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन जलकुआ में उसकी शादी हुई थी। महज 6 महीने में ही इस घटना से परिवार सदमे में है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया है। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
अलीगढ़ में युवक को मारी गोली:चचेरे भाई के साथ मारपीट होने पर बचाने पहुंचा था, घायल हालत में भर्ती
अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र स्थित जीवनगढ़ में रविवार देर रात फायरिंग का मामला सामने आया है। यहां चचेरे भाई के साथ हो रही मारपीट रोकने पहुंचे 18 साल के युवक को बदमाशों ने गोली मार दी। गोली उसके हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। चचेरे भाई को बचाने पहुंचा था युवक घायल नावेद ने बताया कि उसके चचेरे भाई साजिद के साथ कुछ युवक मारपीट कर रहे थे। शोर सुनकर वह घर से बाहर आया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उसके साथ भी हाथापाई शुरू कर दी। नावेद के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर एक युवक ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली उसके हाथ में लगी और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। 7-8 युवक मौके पर थे मौजूद घायल युवक ने बताया कि घटनास्थल पर सात से आठ युवक मौजूद थे। इनमें से दो युवकों के पास तमंचे थे। एक आरोपी फायरिंग कर रहा था, जबकि दूसरा हथियार लोड कर रहा था। आसपास के लोगों के विरोध और भीड़ जुटने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। घर के सामने हुई वारदात घायल के बहनोई सद्दाम ने बताया कि घटना उनके घर के ठीक सामने हुई। उनका आरोप है कि रजा नगर के कुछ युवक विवाद के दौरान वहां पहुंचे थे और बीच-बचाव करने आए नावेद को निशाना बना लिया। उन्होंने बताया कि इलाके में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है, जिससे आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

