भारतीय सेना ने सियाचिन, लेह-लद्दाख में तैनात सैनिकों के लिए 3.50 लाख 'कोट कांबैट' का ऑर्डर दिया है। कानपुर की ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) द्वारा निर्मित यह जैकेट दुश्मनों को चकमा देने और अत्यधिक ठंड से बचाने में सक्षम होगी।
ओडिशा के सुंदरगढ़ में बारिश का कहर: 84 मकान जमींदोज, लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त
सुंदरगढ़ जिले में सात दिनों की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे कुल 84 कच्चे मकान ढह गए हैं।
अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा का ऐलान, ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद
दिल्ली दंगों के दौरान IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.बता दें कि IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हुई थी. देखें...
नाबालिग लड़की का अपहरण, फिर दो दिन तक किया रेप!
उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई को एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया. इसके बाद उसके साथ दो दिनों तक रेप किया गया. जिस जगह से लड़की लापता हुई, वह कोतवाली से महज 100 मीटर की दूरी पर है.
यूपी में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, जबकि कुछ जगहों पर उमस बनी हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार बढ़ने से तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
UP International Trade Show 2026: मुख्यमंत्री ने जोड़ा कि यह शो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया और मेक फार द वर्ल्ड के विजन को बढ़ाने और प्रदेश की असीमित क्षमता प्रदर्शित करने का मंच भी है।
योगी सरकार की नामकरण नीति: सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक न्याय की नई पहचान
योगी आदित्यनाथ ने भदोही का नाम संत रविदासनगर कर सांस्कृतिक पुनर्स्थापना और सामाजिक समरसता की अपनी दृष्टि को बढ़ाया है। यह नामकरण वंचितों के गौरव को राष्ट्रीय स्मृति में लाने और मुगलकालीन नामों को बदलने का प्रयास है।
20 जुलाई को क्या हुआ? CJP प्रदर्शन में जख्मी पुलिस के परिजनों ने बताया
जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उन्होंने मीडिया से अपनी आपबीती साझा की. एक घायल पुलिसकर्मी की बेटी ने कहा कि मेरे पिता घर आए तो उनकी वर्दी में खून लगा हुआ था. प्रदर्शन में घायल एक ASI की पत्नी ने कहा कि पुलिसवालों को पत्थर से मारा गया. देखें वीडियो.
मिथिलांचल का अनूठा लोकपर्व मधुश्रावणी 3 से, नवविवाहिताएं 14 दिनों तक खाएंगी बिना नमक वाला खाना
Madhushravani Date:मिथिलांचल का पवित्र मधुश्रावणी व्रत 3 अगस्त से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगा, जिसमें नवविवाहिताएं पति की दीर्घायु के लिए 14 दिनों तक बिना नमक का भोजन कर भगवान शिव और माता गौरी की पूजा करती हैं।
टीकमगढ़ में लोकायुक्त ने एक स्वास्थ्यकर्मी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की मांग का हिस्सा थी।
लखनऊ में सरकारी नौकरी का झांसा देकर छात्रा से ऐंठे दस लाख, पैसे वापस मांगने पर धमकाया
लखनऊ में सरकारी नौकरी का झांसा देकर एक छात्रा से दस लाख रुपये की ठगी की गई। जालसाजों ने प्रशासनिक पहुंच का रौब दिखाकर पैसे ऐंठे और वापस मांगने पर धमकाया, जिसके बाद चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
धार्मिक कार्यक्रम कर मान सरकार क्यों सवालों के घेरे में? देखें पंजाब आजतक
पंजाब में भगवंत मान सरकार इन दिनों धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी राजनीतिक और सामाजिक पहुंच बढ़ाने में जुटी है...लेकिन रोपड़ में सरकार के एक धार्मिक कार्यक्रम ने अब मान सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है... आरोप है कि ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम के लिए सरकारी कॉलेज के स्पोर्टस ग्राउंड को इस तरह बर्बाद किया गया कि ..वहां पर बने एथलेटिक्स ट्रैक्स को उखाड़ दिया गया...मैदान में जगह-जगह गड्ढे कर दिए गए. देखें...
'हाईकोर्ट से इंसाफ मिलेगा...', सजा के बाद ताहिर हुसैन का पहला बयान
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की सजा पर आज फैसला आ गया. ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को सजा सुनाई गई है.
उत्तराखंड में भूस्खलन से बंद हुआ चोपता-बद्रीनाथ हाईवे
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में चोपता-बद्रीनाथ हाईवे पर पिंग्लापानी के पास भीषण भूस्खलन हुआ. पूरी पहाड़ी सड़क पर आ गिरी, जिससे हाईवे पर आवाजाही रोक दी गई. तुंगनाथ जा रहे श्रद्धालुओं ने घटना का वीडियो कैमरे में कैद किया. वीडियो में देखें भूस्खलन से कैसे यातायात हुआ प्रभावित और लोगों ने कैसे किया रिकॉर्ड.
दिल्ली: अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद
2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना थी जिसने समाज को झकझोर दिया. दिल्ली पुलिस ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी.
गुरुग्राम में मानेसर वालों की बल्ले-बल्ले, हरसरू और वजीरपुर में दो करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य
मानेसर की डिप्टी मेयर रीमा चौहान ने हरसरू और वजीरपुर गांवों में लगभग 2.26 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
Bihar में किसानों के साथ खेत में नजर आईं वैशाली की DM
बिहार के वैशाली में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने किसानों के साथ खेत में उतरकर धान की रोपाई की और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया. उन्होंने किसानों से बातचीत कर खेती की जानकारी ली और अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के निर्देश दिए. इस पहल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की पहली सूची जारी की है। इसमें पूर्व आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा और पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह सहित पीडीए फॉर्मूले पर आधारित विभिन्न समुदायों के चेहरे शामिल हैं।
CJP प्रदर्शन में हिंसा का खौफनाक सच आया सामने!
दिल्ली में हालिया प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना के बाद की पीड़ा साझा की. परिवारों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों की हालत देखकर वे गहरे सदमे में थे. उन्होंने कहा कि घटना के बाद न्याय की उम्मीद में कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया गया है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है.
गुरुग्राम में बनेगा 100 बेड का नया खेल हॉस्टल, खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
गुरुग्राम के नेहरू स्टेडियम में 100 बेड वाले नए खेल हॉस्टल के निर्माण की योजना तैयार की गई है। यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की थी और इसमें 50-50 बेड लड़के-लड़कियों के लिए होंगे।
20 तारीख की हिंसा के पीछे CJP का क्या रोल? दिपके ने दिया दवाब
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई हिंसा में अपने संगठन या समर्थकों की किसी भूमिका से इनकार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा आंदोलन को बदनाम करने की साजिश थी और इसे लेकर कई सवाल भी उठाए.
गुरुग्राम में अरबों की सरकारी जमीन पर गरजा बुलडोजर, 20 अवैध दुकानों को किया ध्वस्त
गुरुग्राम के सेक्टर-42 में गोल्फ कोर्स रोड पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की अरबों की सरकारी जमीन पर बनी 20 अवैध दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया।
दरभंगा में 13 करोड़ का पुल अधूरा, हर दिन जान हथेली पर रख नदी पार कर रहे ग्रामीण
दरभंगा के कमला बलान नदी पर 13 करोड़ का पुल निर्धारित तिथि बीत जाने के सात माह बाद भी अधूरा है, जिससे 15 हजार से अधिक ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव से आवागमन कर रहे हैं।
लोकसभा में प्रियंका वाड्रा द्वारा आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि को 'गोमूत्र विशेषज्ञ' कहने पर CSJMU के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने नाराजगी जताई है।
CM Dhami ने गदरपुर को दी रोडवेज बस स्टेशन की सौगात, शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का भी किया अनावरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर में बहुप्रतीक्षित रोडवेज बस स्टेशन का लोकार्पण किया, जिससे क्षेत्रवासियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
जयराम महतो का जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को खुला समर्थन, सियालजोरी मामले पर भी बोले
Jharkhand Politics: जयराम महतो ने सियालजोरी मामले में धनबाद कोर्ट में पेशी के दौरान जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन किया।
अंबाला में लव मैरिज की रंजिश में घर में घुसकर दूल्हे की मां पर हमला, ईंट मारकर किया घायल
प्रेम विवाह की रंजिश में अंबाला शहर के जोगीवाड़ा में दूल्हे की मां पर घर में घुसकर हमला किया गया।
झारखंड में पुलिस बल की लगातार कमी: 31 जुलाई तक 35 अधिकारी सेवानिवृत्त, गश्त पर असर
झारखंड में कनीय पुलिस अधिकारियों की लगातार सेवानिवृत्ति से बल की कमी हो रही है, जिससे पुलिस गश्त और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस वर्ष 31 जुलाई तक 35 अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिस पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी चिंता व्यक्त की है।
कानपुर किडनी कांड में आहूजा अस्पताल के डॉक्टर दंपती समेत चार आरोपियों को जमानत मिल गई है। हाई कोर्ट से डॉक्टर दंपती को जबकि अन्य दो अस्पताल संचालकों को जिला जज कोर्ट से राहत मिली है।
जमशेदपुर में मलेरिया का कहर: 2 और CRPF जवान अस्पताल में भर्ती, जिले में मिले 58 नए मरीज
पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का खतरा लगातार बना हुआ है, जहां दो और सीआरपीएफ जवानों को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया और एक की हालत गंभीर है।
'आप BJP से हैं क्या?' पुलिसकर्मियों के परिजनों के सवाल पर बोले राहुल गांधी
संसद परिसर में मकर द्वार के बाहर पत्रकार द्वारा 20 जुलाई की हिंसा में घायल हुए दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिजनों की मांगों पर सवाल पूछने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भड़क गए. उन्होंने सवाल का जवाब देने के बजाय पत्रकार से कहा, आप बीजेपी से हैं क्या? और बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए.
क्या राजनीति छोड़ेंगे Shehzad Poonawalla?
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला के एक्स बायो में बदलाव के बाद उनके सक्रिय राजनीति छोड़ने और पार्टी से इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि उन्होंने ऐसी किसी घोषणा की पुष्टि नहीं की है. इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अब भी उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता बताया गया है. फिलहाल उनके कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा जारी है.
Kanwar Yatra Special Trains:कांवड़ यात्रा के लिए रेलवे ने दिल्ली से हरिद्वार वाया मेरठ सिटी स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इसी के साथ दिल्ली से सहारनपुर जाने वाली ट्रेन को हरिद्वार तक विस्तारित कर दिया गया है।
दर्जी निकला आतंकी! CM शुभेंदु समेत कई नेताओं का कर रहा था रेकी
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठनों से कथित संबंध के शक में हावड़ा निवासी हमीम मंडल को बर्धमान से गिरफ्तार किया है. वह कई दिनों से निगरानी में था और महीनों से उस पर नजर रखी जा रही थी. उसके मोबाइल से पाकिस्तान के संपर्कों से बातचीत के सबूत मिले हैं. पुलिस शहजाद भट्टी गैंग से उसके संबंध की भी जांच कर रही है.
उमर अब्दुल्ला और पायल के तलाक को SC की मंजूरी, 17 साल से रह रहे थे अलग
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रहीं पत्नी पायल अब्दुल्ला का 17 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता आधिकारिक तौर पर समाप्त होने जा रहा है. दोनों पक्षों द्वारा आपसी सहमति से तलाक लेने और एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी लंबित कानूनी मुकदमों को वापस लेने की जानकारी दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का निपटारा करने की बात कही है.
झारखंड में सड़कों और मोहल्लों के नामकरण पर नई नियमावली, नगर विकास विभाग ही तय कर सकेगा नाम
झारखंड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों के नामकरण के लिए नई नियमावली बनाई है। इसके तहत जाति-सूचक, सांप्रदायिक या अपमानजनक नामों पर प्रतिबंध रहेगा और नाम तय करने का अधिकार अब राज्य स्तरीय नामकरण प्राधिकरण के पास होगा।
भिवंडी में भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत, मलबे में दबे कई लोग, देखें
महाराष्ट्र के भिवंडी में कोहिनूर नाम की 4 मंजिला इमारत गिर गई है. मलबे में 8 से 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. पिछले कई दिनों से इमारत की मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके 3 पिलर को तोड़ दिया था, जिससे इमारत अपनी मजबूती खो बैठी और आखिरकार भरभरा कर गिर गई. हादसे के बाद मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. NDRF की टीम के साथ-साथ भिवंडी पुलिस के जवान और फायर ब्रिगेड की टीम मौजूद है.
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाएगी यूपी सरकार, सीएम योगी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने और मंडियों के आधुनिकीकरण के निर्देश दिए हैं।
यूपी में शिक्षकों ने खोला मोर्चा, पुरानी पेंशन बहाली समेत 15 मांगों को लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन बहाली सहित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों के त्वरित निस्तारण की मांग की।
'मंत्रालय की कैंटीन में एक भी कीड़ा नहीं?' FDA के दावे पर हाईकोर्ट का शक
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंत्रालय कैंटीन की असल स्थिति का पता लगाने के लिए चार वकीलों की एक खास कमेटी बनाई है, जो वहां जाकर खुद अपनी आंखों से निरीक्षण करेगी कि वहां कितनी सफाई है.
Meerut News: अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने मेरठ के दिल्ली रोड पर दीपक होटल के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मुस्लिम व्यक्ति हिंदू नाम से होटल चला रहा है।
खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित, 2 विमान तिरुवनंतपुरम डायवर्ट
खराब मौसम को देखते हुए दो उड़ानों को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया है. गंतव्य हवाई अड्डों के लैंडिंग के लिए तैयार होने पर यह उड़ानें रवाना की जाएंगी.
'प्रदर्शन में थे क्रिमिनल बैंकग्राउंड वाले 2873 लोग', दिल्ली पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान आपराधिक बैकग्राउंड वाले 2873 लोग मौजूद थे. इन अपराधियों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और तकनीकी तरीकों से की गई है. अब चर्चा इस बात की हो रही है कि जंतर मंतर की तरह ही लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में भी बाहर यही फेशियल रिक्गनिशन सिस्टम लगा होता तो क्या पता चलता?
पटना की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है, लेकिन नतीजों से पहले ही बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। हाल ही में आरजेडी (RJD) का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए तेज-तर्रार नेता मृत्युंजय तिवारी ने चुनावी नतीजों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा ठोक दिया है। मृत्युंजय तिवारी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा है कि 3 अगस्त को जब मतपेटी खुलेगी, तो बांकीपुर में विरोधियों का नामोनिशान मिट जाएगा और उनकी जमानत तक जब्त हो जाएगी।3 अगस्त के नतीजों पर मृत्युंजय तिवारी का सबसे बड़ा दावाबीजेपी के पाले में आते ही मृत्युंजय तिवारी लगातार विपक्ष और क्षेत्रीय दलों पर हमलावर हैं। बांकीपुर सीट पर हुए मतदान के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार जनता ने विकास और राष्ट्रवाद के नाम पर एकतरफा वोट किया है। 3 अगस्त को आने वाले नतीजों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विरोधी दल चाहे जितने भी दावे कर लें, लेकिन बांकीपुर की समझदार जनता ने विपक्ष के खोखले वादों को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने दावा किया कि मतों की गिनती के दिन वोटों का ऐसा सैलाब दिखेगा कि विरोधी खेमे में सन्नाटा पसर जाएगा।आरजेडी छोड़ने के बाद बीजेपी के पक्ष में बनाई मजबूत जमीनगौर करने वाली बात यह है कि बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले मृत्युंजय तिवारी का आरजेडी से इस्तीफा देना और बीजेपी ज्वाइन करना बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा है। सालों तक लालू प्रसाद यादव की पार्टी का मजबूत चेहरा रहे मृत्युंजय तिवारी के इस कदम ने आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की है। बीजेपी में आने के बाद उन्होंने बांकीपुर में एनडीए (NDA) उम्मीदवार के पक्ष में जमकर पसीना बहाया है, और यही वजह है कि वह नतीजों को लेकर इतने आश्वस्त नजर आ रहे हैं।प्रशांत किशोर और विपक्षी धड़े पर जमकर साधा निशानाचर्चा यह भी है कि बांकीपुर में 'जन सुराज' के अभियान और अन्य विपक्षी दलों की सक्रियता से मुकाबला त्रिकोणीय दिख रहा था, लेकिन मृत्युंजय तिवारी ने इन सभी कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए प्रशांत किशोर (PK) की रणनीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सोशल मीडिया की हवा और जमीन की हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर होता है। उनके मुताबिक, विपक्ष ने चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीके अपनाने की भी कोशिश की, लेकिन बांकीपुर का गढ़ हमेशा की तरह इस बार भी अभेद्य रहेगा। अब सबकी निगाहें 3 अगस्त की सुबह पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि मृत्युंजय तिवारी का यह दावा कितना सच साबित होता है।
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और FIR... IIT कानपुर के प्रोफेसर पर पत्नी के आरोप
IIT कानपुर के एक प्रोफेसर के खिलाफ उनकी पत्नी ने घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, मारपीट और वैवाहिक क्रूरता के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें पति पर एक सहकर्मी और पहले एक पीएचडी छात्रा के साथ संबंध होने का भी आरोप है. शिकायत करने वाली महिला खुद भी संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. इस मामले में आरोपी प्रोफेसर का पक्ष अभी सामने नहीं आया है.
बिहार विधानसभा चुनाव 2026 की सियासी बिसात बिछ चुकी है, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पटना की वीआईपी सीट बांकीपुर की हो रही है। 'जन सुराज' के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरने की अटकलों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पटना के एक जाने-माने ज्योतिषी ने प्रशांत किशोर की कुंडली और ग्रहों की चाल को देखते हुए एक बेहद चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।प्रशांत किशोर की कुंडली में 'राजयोग' और बांकीपुर का समीकरणपटना के ज्योतिषी के मुताबिक, प्रशांत किशोर की राशि और वर्तमान में चल रही ग्रहों की महादशा उनके पक्ष में एक मजबूत राजनीतिक माहौल तैयार कर रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य और गुरु की स्थिति प्रशांत किशोर को जनता के बीच एक मसीहा के रूप में स्थापित कर रही है। बांकीपुर सीट, जो पारंपरिक रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, वहां इस बार ग्रहों का हेरफेर किसी बड़े उलटफेर की ओर इशारा कर रहा है। ज्योतिषी का दावा है कि अगर प्रशांत किशोर इस सीट से ताल ठोकते हैं, तो वह एक नया इतिहास रच सकते हैं।जन सुराज की पदयात्रा और जमीनी हकीकत का ज्योतिषीय कनेक्शनपिछले काफी समय से बिहार के गांवों और शहरों में पदयात्रा कर रहे प्रशांत किशोर ने जमीन पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राजनीतिक विश्लेषक जहां इसे जनता से जुड़ने का प्रयास मान रहे हैं, वहीं ज्योतिषी इसे 'शनि और मंगल' के सकारात्मक प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं। इस ज्योतिषीय दावे के अनुसार, जन सुराज के अभियान को युवाओं और महिलाओं का जो मौन समर्थन मिल रहा है, वह मतदान के दिन एकतरफा नतीजों में बदल सकता है। बांकीपुर की जनता इस बार पारंपरिक राजनीति से हटकर एक नए विकल्प को चुन सकती है।बांकीपुर सीट पर क्यों टिकी हैं पूरे बिहार की निगाहें?पटना शहर के केंद्र में स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट हमेशा से ही बिहार की सबसे हॉट सीटों में से एक रही है। यहां प्रबुद्ध मतदाता, मध्यम वर्ग और युवाओं की तादाद सबसे ज्यादा है। ज्योतिषी की इस भविष्यवाणी ने न सिर्फ जन सुराज के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली पैदा कर दी है। हालांकि, राजनीति में अंतिम फैसला जनता का होता है, लेकिन इस ज्योतिषीय दावे ने बांकीपुर के चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशांत किशोर वाकई बांकीपुर फतह कर बिहार की राजनीति में कोई नया कीर्तिमान स्थापित कर पाते हैं।
बिहार के भोजपुर (आरा) जिले का चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। अक्षय कुमार पर आरोप है कि उसने आत्मसमर्पण कर चुके सोशल एक्टिविस्ट भरत तिवारी को पहली गोली मारी थी। इस गिरफ्तारी के बाद से इस कथित एनकाउंटर को लेकर कई नए राज खुलने की उम्मीद है।कौन है आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार?अक्षय कुमार बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में सिपाही के पद पर तैनात है। 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलौटी गांव में हुए इस एनकाउंटर के दौरान वह एसटीएफ टीम का हिस्सा था। प्राथमिक जांच और एफआईआर (FIR) के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान अक्षय कुमार ने अपनी सरकारी पिस्टल से 4 राउंड फायरिंग की थी। तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर फरार चल रहे इस जवान को आखिरकार आरा पुलिस और एसटीएफ ने दबोच लिया।सरेंडर के बाद गोली मारने का क्या है पूरा विवाद?मृतक भरत तिवारी के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का शुरू से ही आरोप था कि यह एकतरफा और पूरी तरह से फर्जी एनकाउंटर है। 28 वर्षीय भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी या शूटर नहीं थे, बल्कि वह बाढ़, विस्थापन और गरीबों के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले एक सोशल एक्टिविस्ट थे।मौत से ठीक पहले भरत तिवारी सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव कर रहे थे। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भरत ने अपनी पिस्टल दूर फेंक दी थी और पुलिस के सामने पूरी तरह सरेंडर कर चुके थे। परिजनों का आरोप है कि निहत्थे होने और आत्मसमर्पण करने के बावजूद एसटीएफ जवान अक्षय कुमार ने सीधे उन पर गोली चला दी। वह गोली भरत की जांघ में लगी और वह वहीं गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें और गोलियां मारी गईं।मुख्यमंत्री की मुलाकात और प्रशासनिक फेरबदलइस संवेदनशील मामले को लेकर पूरे बिहार में सामाजिक और सियासी आक्रोश देखने को मिल रहा है। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार को पटना बुलाकर मुलाकात की थी और न्याय का भरोसा दिया था।इस मामले में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पाए जाने के बाद शाहपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश मालाकार सहित 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ (SDPO) राजेश कुमार शर्मा और एसडीओ (SDO) संजीत कुमार को भी उनके पदों से हटाकर मुख्यालय व सामान्य प्रशासन विभाग में भेज दिया गया है。अब आगे क्या? फॉरेंसिक जांच पर टिकी निगाहेंमामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट के आदेश पर शाहपुर पुलिस, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार और मृतक भरत तिवारी के पास से बरामद सभी हथियारों को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) जांच के लिए भेजा गया है। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि किस सरकारी हथियार से चली गोली भरत तिवारी को लगी थी। फिलहाल पुलिस आरोपी जवान से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
मुजफ्फरपुर में युवती का चेहरा असली, तस्वीरें फर्जी... AI से रची ब्लैकमेलिंग की साजिश
मुजफ्फरपुर में एक युवती को AI तकनीक का दुरुपयोग कर बनाई गई अश्लील तस्वीरों और निजी दस्तावेजों से ब्लैकमेल किया जा रहा है। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है, जिसमें फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और मोबाइल नंबरों की निगरानी की जा रही है।
पिछले लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय से जेल में बंद निलंबित IAS विनय चौबे को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। विनय चौबे ने अपनी बेल के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट में विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। झारखंड हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर बेल की गुहार लगाई थी। जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए निर्देश दिया है कि विनय चौबे देश छोड़कर नहीं जा पाएंगे और वे मामले से जुड़े गवाहों को किसी भी तरह से प्रभावित या संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। साथ ही उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने को कहा गया है। सुनवाई के दौरान चौबे के अधिवक्ताओं ने दलील दी थी कि इस मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है और यह मामला वर्ष 2009-10 के कार्यकाल से जुड़ा हुआ है। 28 अप्रैल को खारिज हुई थी जमानत याचिकाइससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जिस मामले में विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, वह हजारीबाग जिले में हुआ लैंड स्कैम का मामला है। ACB ने इस संबध में कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है। इस केस में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद अब विनय चौबे जेल की सलाखों के बाहर आ सकते हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं जिनमें JPSC और JSSC-CGL शामिल हैं में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में झारखंड के भाजपा सांसदों ने शुक्रवार को संसद में मौन प्रदर्शन किया। उन्होंने इन मामलों की CBI जांच की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू भी मौजूद रहें। झारखंड भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों पर आदित्य प्रसाद साहू ने कहा, जब से कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में सरकार चल रही है, तब से अभी तक जितने भी JPSC, JSSC-CGL और सभी परिक्षाओं से पहले बड़े स्तर पर प्रश्न पत्र लीक किए जाते रहे हैं। इस बार भी JPSC, JSSC-CGL परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र लीक हुए हैं मगर वहां की सरकार बेसुध सोई हुई है। कांग्रेस के समर्थन से चलने वाली सरकार इस तरह के घोटाले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होकर युवाओं के रोजगार को छीनने का काम कर रही है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि जो कांग्रेस दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है, वहीं झारखंड में इन कांग्रेस वालों का मुंह बंद है। CID को भी जांच का काम सौंपा गया है: महुआ माजीइधर, JMM राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा, इसके लिए ज़िम्मेदार अधिकारी, यानी चेयरमैन से इस्तीफा ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने किसी और के बोलने या पहल करने का इंतजार नहीं किया। उन्होंने तुरंत इस्तीफा लिया और इसमें शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू हो गई है। CID को भी जांच का काम सौंपा गया है और वह इस पर तेज़ी से काम कर रही है। हमारे मुख्यमंत्री हालात को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है। बुधवार को संसद परिसर में की थी नारेबाजी इससे पहले बुधवार को झारखंड के भाजपा सांसदों ने संसद परिसर स्थित मकर द्वार पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। सांसदों ने जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की सीबीआई जांच की मांग की। राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों को भड़का रही है जबकि झारखंड के जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल सहित अन्य भर्ती परीक्षा घोटाला पर उनकी जुबान पर ताला लगा है। अगर कांग्रेस सही में छात्रों के मुद्दे पर गंभीर है तो वह सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर उनके इस्तीफा की मांग करें। उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में तो झारखंड के 19 बच्चों की मौत हो गई थी लेकिन कांग्रेस चुप रही।
प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के एक करोड़ रुपए के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और उसके दो साथियों मोछू मुर्मू तथा गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा को अदालत ने 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। गुरुवार को धनबाद पुलिस की ओर से दायर रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने मंजूरी दी। अब पुलिस शुक्रवार से तीनों को औपचारिक रूप से रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू करेगी। तीनों एक टाटा मैजिक वाहन से मोछू मुर्मू के घर जा रहे थेतीनों माओवादियों को 28 जुलाई की देर शाम सुरक्षा बलों ने बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों एक टाटा मैजिक वाहन से मोछू मुर्मू के घर जा रहे थे। गिरफ्तारी के समय तीन एके-47 राइफलें और अन्य हथियार-गोला-बारूद बरामद किए गए थे। सुरक्षा बल इसे झारखंड-बिहार में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सफलता मान रहे हैं। राष्ट्रीय एजेंसियां और चार राज्यों की पुलिस भी करेगी पूछताछ सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक रिमांड के दौरान सिर्फ झारखंड पुलिस ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी पूछताछ करेंगी। जिला पुलिस ने संबंधित एजेंसियों और राज्यों को इसकी सूचना दे दी है। मिसिर बेसरा के नेटवर्क को देखते हुए बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की पुलिस टीमें भी पूछताछ में शामिल होंगी। लेवी, फंडिंग और हथियारों के नेटवर्क पर रहेगा फोकस14 दिन की रिमांड के दौरान जांच एजेंसियां माओवादी संगठन के लेवी सिंडिकेट, शहरी नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेंगी। गिरफ्तार नक्सलियों की निशानदेही पर सारंडा, पारसनाथ और बूढ़ा पहाड़ जैसे इलाकों में छिपाए गए हथियारों के जखीरे और बंकरों की तलाश में छापेमारी भी की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, पोलित ब्यूरो के शीर्ष सदस्य रहे मिसिर बेसरा से पूछताछ के आधार पर संगठन के अन्य फरार शीर्ष माओवादी नेताओं के ठिकानों और उनकी रणनीति से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। साथ ही एनआईए और पड़ोसी राज्यों की पुलिस अपने-अपने राज्यों में दर्ज मामलों में तीनों की रिमांड या औपचारिक गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाएगी।
आरोपियों के बयान और टीडीपीएल के कंप्यूटर से मिले डिजिटल साक्ष्यों के बाद जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीआईडी के अनुसार, पूछताछ में डेटा टेंपरिंग, ओएमआर शीट में हेराफेरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं। उनका पासपोर्ट भी जब्त कर विदेश यात्रा का ब्योरा खंगालना शुरू किया है। शुक्रवार को उन्हें तीसरी बार पूछताछ के लिए तलब किया गया है। उनकी गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। 21 जुलाई की शाम दिया था इस्तीफाबताते चलें कि जेपीएससी कार्यालय में 21 जुलाई की शाम सीआईडी और रांची पुलिस की छापेमारी के बाद चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 22 जुलाई को इस्तीफा मंजूर कर लिया था। पीटी में चयनित अभ्यर्थी के पास नहीं मिली ओएमआर शीटइधर, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने हजारीबाग पुलिस की मदद से एक और अभ्यर्थी सुमन सौरभ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोप है कि उसने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) अनुचित माध्यमों का इस्तेमाल कर पास की थी। पूछताछ में उसने यह बात स्वीकार भी कर ली। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या-16/2026 के तहत की गई है। अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण करने की बात स्वीकार कीगिरफ्तारी के दौरान सुमन सौरभ के पास से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी नहीं मिली। सीआईडी का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण करने की बात स्वीकार की है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सीआईडी को सबसे अहम सबूत परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय से मिला। एजेंसी के दफ्तर से जब्त कंप्यूटर की फोरेंसिक जांच में पता चला कि उसमें जेपीएससी पीटी परीक्षा के प्रश्न और उत्तर पहले से स्टोर थे। ओएमआर शीट भी वहां से मिली। इससे संकेत मिलता है कि परीक्षा में सुनियोजित तरीके से सेटिंग और धांधली की तैयारी की गई थी। छठे दिन भी आठ आरोपियों से घंटों हुई पूछताछवहीं, सीआईडी मुख्यालय में गुरुवार को लगातार छठे दिन आठ आरोपियों से पूछताछ जारी रही। इनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान व मो. एबाद तथा टीडीपीएल के कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार शामिल हैं। बुधवार को रिमांड पर लिए गए तीन अन्य आरोपियों से भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों का आरोपियों के बयानों से मिलान कर रही है।
झारखंड के विभिन्न जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को सामान्यत आसमान में बादल छाए रहेंगे और राज्य के अनेक स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश या मेघ गर्जन होने की प्रबल संभावना है। साथ ही वज्रपात का भी अलर्ट जारी किया गया है। 40-50km/h की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। राज्य में अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है। इसके बाद उसके अगले दो दिनों में इसमें (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। सर्वाधिक बारिश तंतनगर में दर्ज वहीं, राज्य में अब तक सामान्य से 25% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले 24 घंटे में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश 37.2 एमएम तंतनगर (पश्चिमी सिंहभूम) में दर्ज की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस सरायकेला में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस कांके में दर्ज की गई। अब भी झारखंड में 25% कम बारिश 1 जून से 30 जुलाई तक बारिश के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में 499.3 मिमी की जगह मात्र 372.6 मिमी वर्षा हुई है। यह अब भी औसतन 25% कम है। कई जिलों में स्थिति और भी खराब है, जहां 50% से अधिक तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी चतरा (-62%), गढ़वा (-62%), पाकुड़ (-58%), देवघर (-55%) और गोड्डा (-48%) में है। बोकारो (-36%), गिरिडीह (-45%), कोडरमा (-48%) और पलामू (-43%) जैसे जिलों में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। दूसरी ओर कुछ जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है, जहां पश्चिमी सिंहभूम में 18% अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सिमडेगा (-1%) और सरायकेला-खरसावां (-6%) सामान्य के करीब रहे। राजधानी रांची में भी अब तक 15% कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से इस कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है।
चाईबासा में उच्चस्तरीय बैठक:तीन राज्यों की जॉइंट स्ट्राइक; बचे माओवादियों की और तेज होगी घेराबंदी
झारखंड, बंगाल और ओडिशा ने बनाई संयुक्त रणनीति, ड्रग्स व सीमा पार अपराध भी निशाने पर अंतर्राज्यीय सीमा पर सक्रिय माओवादियों, नशा तस्करों और शातिर अपराधियों के खिलाफ अब तीन राज्य मिलकर आर-पार की जंग छेड़ने जा रहे हैं। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के आला पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में ऐसे संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया। तीनों राज्यों की पुलिस साझा रणनीति के तहत कार्रवाई करेगी, ताकि सीमा पार कर बच निकलने वाले अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसा जा सके। चाईबासा स्थित एसपी कार्यालय में डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा की अध्यक्षता में इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में तीनों राज्यों के दो डीआईजी और आठ एसपी शामिल हुए। बैठक में तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों के बीच खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त ऑपरेशन व सीमा पार अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए समन्वित कार्रवाई पर सहमति बनी। सीमा पार अपराध रोकने को साझा ऑपरेशन व इंटेलिजेंस शेयरिंग पर सहमतिइन अपराधों पर संयुक्त फोकसमाओवादी और उग्रवादी संगठनों के नेटवर्क व सुरक्षित ठिकानों पर कार्रवाई।ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर रोक।पशु तस्करी और सीमा पार सक्रिय संगठित अपराधियों की गिरफ्तारी। एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल पर नजरबैठक में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी और सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। हाल में पूर्वी सिंहभूम से सटी पश्चिम बंगाल सीमा पर उसके और उसके साथियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद संयुक्त घेराबंदी की रणनीति बनाई गई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। बैठक में तीनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदबैठक में झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के डीआईजी, एसएसपी, एसपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। एक साथ सभी अधिकारियों ने सभी संगठित अपराध के खिलाफ सीमावर्ती जिलों में लगातार संयुक्त अभियान चलाने और रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने पर भी सहमति जताई।
प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के एक करोड़ रुपए के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और उसके दो साथियों मोछू मुर्मू तथा गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा को अदालत ने 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। गुरुवार को धनबाद पुलिस की ओर से दायर रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने मंजूरी दी। अब पुलिस शुक्रवार से तीनों को औपचारिक रूप से रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू करेगी। तीनों माओवादियों को 28 जुलाई की देर शाम सुरक्षा बलों ने बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों एक टाटा मैजिक वाहन से मोछू मुर्मू के घर जा रहे थे। गिरफ्तारी के समय तीन एके-47 राइफलें और अन्य हथियार-गोला-बारूद बरामद किए गए थे। सुरक्षा बल इसे झारखंड-बिहार में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सफलता मान रहे हैं। - शेष पेज 11 पर
मुख्यमंत्री ने कम आवंटन का हवाला देकर केंद्र से छात्रवृत्ति मद में अधिक सहायता मांगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए केंद्रीय छात्रवृत्ति सहायता बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड को वास्तविक जरूरत के मुकाबले बहुत कम राशि मिल रही है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में केंद्रांश बढ़ाने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने लिखा कि झारखंड सामाजिक और आर्थिक रूप से विकासशील राज्य है, जहां आधी से अधिक आबादी पिछड़ा वर्ग, एसटी, एससी और अन्य वंचित समुदायों से आती है। राज्य सरकार सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर वर्ग तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लेकिन केंद्र से मांग के अनुरूप बजट नहीं मिलने के कारण लाखों विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। आंकड़ों का दिया हवाला...मांग और आवंटन में बड़ा अंतर मुख्यमंत्री ने पत्र में वित्तीय वर्षवार आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए वर्ष 2024-25 में राज्य ने 66.14 करोड़ रुपए की मांग भेजी थी, जबकि केंद्र से केवल 12.61 करोड़ रुपए मिले। वर्ष 2025-26 में 45.91 करोड़ रुपए की मांग के मुकाबले सिर्फ 3.95 करोड़ रुपए जारी किए गए। पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में वर्ष 2024-25 के लिए 353.21 करोड़ रुपए की मांग के एवज में 33.57 करोड़ रुपए मिले। वहीं वर्ष 2025-26 में 370.87 करोड़ रुपए की मांग के मुकाबले केवल 58.22 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2024-25 में 23.78 करोड़ रुपए और 2025-26 में 32.70 करोड़ रुपए का नोटेशनल एलोकेशन किया गया, जो राज्य की जरूरतों की तुलना में बेहद कम है। एसटी, एससी व अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति पर भी चिंता: मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने एसटी विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए कोई राशि जारी नहीं की। वर्ष 2024-25 में जारी 200 करोड़ रुपए वास्तव में वर्ष 2022-23 का बकाया और 2023-24 की पहली किस्त थी। वर्ष 2023-24 का 58% केंद्रांश तथा 2024-25 और 2025-26 का पूरा केंद्रांश अभी भी लंबित है। मुख्यमंत्री जल्द केंद्राश जारी करने का आग्रह किया है।
बड़ी राहत:अब मृत व रिटायर शिक्षकों के आश्रितों को भी मिलेगा ग्रेड-1 का लाभ
सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने के बाद सरकार ने बदला 2019 का संकल्प, वित्तीय लाभ से जुड़ी शर्त हटाई झारखंड सरकार ने करीब दो दशक से चले आ रहे अप्रशिक्षित शिक्षकों के सबसे बड़े सेवा विवाद पर बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज किए जाने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नया संकल्प जारी कर वर्ष 2019 के उस प्रावधान को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत मृत और सेवानिवृत्त अप्रशिक्षित शिक्षक ग्रेड-1 के वित्तीय लाभ से वंचित थे। अब ऐसे शिक्षकों के आश्रित या स्वयं सेवानिवृत्त शिक्षक विभाग में दावा प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे उन्हें नियमानुसार वित्तीय लाभ मिल सकेगा। सरकार ने वर्ष 2015 में 1987, 1988, 1994 और 1999-2000 में नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 वरीयता देने का निर्णय लिया था। इसके बाद अन्य वर्षों में नियुक्त शिक्षकों ने भी समान लाभ की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। सरकार ने वर्ष 2019 में लाभ का दायरा बढ़ाया, लेकिन एक शर्त जोड़ दी कि मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। झारखंड हाईकोर्ट ने 19 सितंबर 2023 को इस शर्त को रद्द कर दिया। इसके खिलाफ सरकार पहले एलपीए व फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची, पर राहत नहीं मिली। इसके बाद सरकार को नया संकल्प जारी करना पड़ा। किन पर होगा नए आदेश का असरअब 1982, 1983, 1984, 1986, 1987, 1988, 1994 और 1999-2000 में नियुक्त पात्र अप्रशिक्षित शिक्षकों के अलावा वर्ष 2012 तक अनुकंपा के आधार पर नियुक्त पात्र शिक्षकों के मामलों में भी यह व्यवस्था लागू होगी। यदि संबंधित शिक्षक की मृत्यु हो चुकी है या वह सेवानिवृत्त हो चुका है, तो उसके आश्रित या संबंधित शिक्षक आवेदन देकर अपना दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। जानिए क्या है ग्रेड-1ग्रेड-1 सरकारी प्रारंभिक विद्यालय के शिक्षकों का पहला प्रोन्नति ग्रेड है। इसका सीधा असर वरिष्ठता, वेतनमान, अगली प्रोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभ पर पड़ता है। विवाद इस बात पर था कि अप्रशिक्षित शिक्षकों की वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से मानी जाए या प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से। अदालतों ने नियुक्ति तिथि को ही आधार माना। इधर, कक्षपाल भर्ती परीक्षा: जेएसएससी ने अधूरे आवेदन के कारण 57,113 फॉर्म रिजेक्ट किएरांची| झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने झारखंड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के अपूर्ण 57,113 आवेदन रद्द कर दिए हैं। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के संकल्प के बाद अधिकतम आयु सीमा की गणना 1 अगस्त 2025 के बजाय 1 अगस्त 2019 से की गई थी। इसके बाद आयोग ने अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करने और त्रुटियां सुधारने का अवसर भी दिया, लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। इन कारणों से आवेदन हुए रद्द41,526 आवेदन: केवल रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की।14,403 आवेदन: रजिस्ट्रेशन के बाद परीक्षा शुल्क जमा नहीं किया। 34 आवेदन: एससी/एसटी से अन्य श्रेणी में बदलाव के बाद निर्धारित अतिरिक्त शुल्क जमा नहीं किया।1,150 आवेदन: नाम, पिता-माता का नाम, पता और जन्मतिथि समान होने के कारण डुप्लीकेट पाए गए। ऐसे मामलों में एक वैध आवेदन छोड़कर बाकी सभी रद्द कर दिए गए।
पेयजल, सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े बड़े बांधों की व्यापक तकनीकी जांच शुरू, विशेषज्ञ देंगे सुझाव झारखंड के सभी बड़े बांधों (डैम) का पहली बार व्यापक तकनीकी हेल्थ चेक होगा। झारखंड गठन के बाद पहली बार दो स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसियां इन बांधों की सुरक्षा और मजबूती का आकलन करेंगी। राज्य के अधिकांश बड़े बांध 50 से 60 वर्ष पुराने हो चुके हैं। ऐसे में उनकी वर्तमान स्थिति की वैज्ञानिक जांच कर यह देखा जाएगा कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए कितने सुरक्षित हैं। जल संसाधन विभाग ने राज्य के महत्वपूर्ण बांधों की कॉम्प्रिहेंसिव डैम सेफ्टी इवैल्यूएशन के लिए दो स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल (आई-पी-ओ-ई) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य केवल बांधों की तकनीकी मजबूती का आकलन करना नहीं, बल्कि भविष्य में संभावित दुर्घटना, बाढ़, पेयजल आपूर्ति में बाधा और सिंचाई संकट जैसी स्थितियों को समय रहते रोकना भी है। विशेषज्ञ पैनल में डैम डिजाइन, निर्माण, भूविज्ञान, हाइड्रोलॉजी, हाइड्रो-मैकेनिकल सिस्टम, इंस्ट्रूमेंटेशन और भूकंप विज्ञान के विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ प्रत्येक बांध की संरचनात्मक स्थिति, पानी के दबाव को सहने की क्षमता, फाटकों एवं उपकरणों की कार्यक्षमता और सुरक्षा मानकों का स्वतंत्र आकलन करेंगे। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी हैलाखों लोगों की जीवनरेखा हैं बांधझारखंड के बांध लाखों लोगों की जीवनरेखा हैं। रांची की अधिकांश जलापूर्ति गेतलसूद डैम से होती है। कई जिलों की सिंचाई परियोजनाएं भी बड़े बांधों पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि किसी बांध में तकनीकी कमजोरी या सुरक्षा संबंधी खामी रह जाती है तो उसका सीधा असर पेयजल, खेती, उद्योग और बाढ़ नियंत्रण पर पड़ सकता है। क्यों जरूरी है यह स्वतंत्र जांचबांध कई दशक पुराने हैं। समय के साथ उनकी संरचना, मशीनरी और सुरक्षा प्रणाली की नियमित जांच जरूरी हो जाती है। वहीं, जलवायु परिवर्तन के कारण कम समय में अत्यधिक बारिश और अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। यह मूल्यांकन बताएगा कि मौजूदा परिस्थितियों में बांध कितने सुरक्षित हैं। कहां सुधार की जरूरत है। 2021 में डैम सेफ्टी एक्ट लागू : डैम सेफ्टी एक्ट-2021 लागू होने के बाद सभी राज्यों के लिए बड़े बांधों की समय-समय पर स्वतंत्र तकनीकी जांच कराना जरूरी किया गया है। इसी के तहत झारखंड सरकार विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल बना रही है। पैनल तकनीकी मूल्यांकन करेगा। सुरक्षा संबंधी सुझाव देगा। डैमों की सुरक्षा व फाटकों की गुणवत्ता का आकलन होगाविभागीय स्तर पर समय-समय पर बांध और फाटकों की जांच होती रहती है, लेकिन समेकित और स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन अधिक प्रभावी होगा। इससे बांधों और फाटकों की गुणवत्ता का सही आकलन होगा और आने वाले कई वर्षों तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। -अशोक कुमार, सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर, डब्ल्यूआरडी
झारखंड-बिहार की जानी-मानी कंपनी मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी 10 से अधिक कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। टैक्स चोरी, अघोषित आय और बेनामी संपत्तियों की पुख्ता सूचना के आधार पर विभाग की टीमों ने झारखंड, बिहार और हरियाणा (गुरुग्राम) के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में आयकर विभाग के 200 से अधिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए हैं। अलग-अलग टीमों ने मुख्य कार्यालयों से लेकर कॉर्पोरेट दफ्तरों तक एक साथ अभियान चलाया। 10 से अधिक सहयोगी और कथित फ्रंट कंपनियां भी आयकर विभाग के रडार पर हैं। 5000 करोड़ रुपए से अधिक का सालाना टर्नओवररामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में शामिल है। कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तहत सड़क और हाईवे, पुल-पुलिया, स्टेडियम, बड़े आवासीय कॉम्प्लेक्स और माइनिंग प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी का टर्नओवर 5000 करोड़ रुपए से अधिक है।
JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी राजधानी रांची में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। गुरुवार का यह प्रदर्शन आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में हुआ। आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में यह प्रदर्शन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ और राजभवन तक पहुंचा। राजभवन के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और बैरिकेडिंग की गई थी। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ इस दौरान छात्रों ने JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी है, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनकी मांग है कि परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत दोबारा आयोजित की जाए। साथ ही, छात्रों ने इस पूरे मामले की CBI जांच कराने की भी मांग की है। नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई: प्रदर्शनकारी प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने शिक्षक (आचार्य) नियुक्ति प्रक्रिया में भी कथित घोटाले का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने JAC से लंबित JTET परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने की भी मांग की। छात्रों ने यह भी बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है, अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका या अंक देखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता और भर्ती परीक्षाएं समय पर नहीं होने से युवाओं में बेरोजगारी और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 10 अगस्त को वे विधानसभा का घेराव करेंगे। छात्रों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर झारखंड को भी दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर बड़े छात्र आंदोलन का केंद्र बनाया जाएगा।
पटना और नालंदा समेत 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,
बिहार के मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली है और राज्यभर में मानसून एक बार फिर से पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। बादलों की आवाजाही और उमस के बीच मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के निवासियों के लिए एक नया अपडेट जारी किया है। ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी पटना और नालंदा सहित कुल 18 जिलों में झमाझम बारिश होने के पूरे आसार हैं। इस दौरान केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज रफ्तार से हवाएं चलने और कई जगहों पर आकाशीय बिजली यानी वज्रपात (Lightning) गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसे लेकर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।पटना और नालंदा समेत इन 18 जिलों पर मंडरा रहा बारिश का सायामौसम विभाग की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, जिन 18 प्रमुख जिलों में मानसून की विशेष मेहरबानी और चेतावनी देखने को मिल रही है, उनमें पटना, नालंदा, गया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के साथ-साथ कई अन्य उत्तरी और दक्षिणी हिस्से शामिल हैं। इन इलाकों में पिछले कुछ घंटों से बन रहे बादलों के सिस्टम के कारण दोपहर या शाम के समय अचानक तेज मानसुनी बौछारें पड़ने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश कुछ फसलों के लिहाज से राहत लेकर आई है, लेकिन शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या फिर से सिर उठा सकती है।
वोटिंग से ठीक पहले आधी रात को थाने पहुंचे प्रशांत किशोर, पुलिसकर्मी से जमकर हुई तीखी बकझक
बिहार की सियासत में हर दिन कुछ नया और सनसनीखेज देखने को मिलता है। विधानसभा उपचुनाव या आगामी चुनावों के मतदान से ठीक पहले बांकीपुर से एक बहुत बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) बीती रात अचानक बीच-सड़क और सीधे थाने जा पहुंचे। आधी रात के वक्त थाने के भीतर पुलिसकर्मियों और प्रशांत किशोर के बीच तीखी बकझक और बहस का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर वोटिंग से ठीक पहले ऐसा क्या हुआ कि पीके को थाने का रुख करना पड़ा।आधी रात को थाने का दरवाजा खटखटाने की क्यों पड़ी जरूरतप्राप्त जानकारी के मुताबिक, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान की सरगर्मी अपने चरम पर थी। इसी दौरान कुछ स्थानीय गतिविधियों और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं के साथ हो रही कथित ज्यादती या प्रशासनिक दबाव की सूचना मिलते ही प्रशांत किशोर खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए रात के सन्नाटे में थाने पहुंच गए। थाने के अंदर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। पीके ने दो टूक शब्दों में पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और चेतावनी दी कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की तानाशाही या पक्षपातपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पुलिसर्किमयों के साथ तीखी तनातनी, समर्थकों की भीड़ हुई जमाजैसे ही प्रशांत किशोर के थाने में मौजूद होने की खबर फैली, उनके समर्थक और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में थाने के बाहर जुटने लगे। पुलिसकर्मियों और प्रशांत किशोर के बीच तीखे संवाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे पूरी दृढ़ता के साथ नियमों और कानूनों का हवाला देते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि चुनाव के मुहाने पर खड़े इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे से पुलिस और राजनीतिक दलों के बीच टकराव की स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है।बांकीपुर के चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ेगा इस घटना का असरबिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर लगातार 'जन सुराज' अभियान के जरिए पारंपरिक पार्टियों को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में वोटिंग से ठीक पहले आधी रात का यह घटनाक्रम चुनावी समीकरणों को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है। विपक्षी दल और जन सुराज के समर्थक इसे प्रशासन के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अमला भी अपनी सफाई देने में जुटा है। इस पूरी घटना के बाद बांकीपुर सीट पर मतदान के दौरान सुरक्षा और सतर्कता और अधिक बढ़ा दी गई है, और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस सियासी घमासान का जनता के बीच क्या संदेश जाता है।
चक्रधरपुर रेल मंडल में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक रेल परिचालन प्रभावित रहेगा। इस दौरान अलग-अलग तिथियों में 13 ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि 18451 हटिया-पुरी तपस्विनी एक्सप्रेस 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक अपने तय समय से एक घंटे देर से हटिया से खुलेगी। वहीं, रेल यात्रियों की सुविधा के लिए धनबाद होकर आगरा कैंट और कानपुर सेंट्रल से कोलकाता के लिए साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। दोनों ट्रेनें डीडीयू, सासाराम, गया, कोडरमा, पारसनाथ, गोमो के रास्ते चलेंगी। यह ट्रेनें रहेंगी रद़् इधर, नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण रद्द प्रमुख ट्रेनों में 58659/58660 हटिया-राउरकेला पैसेंजर 18309/18310 संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस 18175 /18176 हटिया- झारसुगुड़ा मेमू 18601/18602 हटिया-टाटानगर एक्स. 18105/18106 राउरकेला-जयनगर एक्स. 18641/18642 हटिया-दुर्ग एक्स. 15028/15027 गोरखपुर-संबलपुर एक्स. 18452/18451 तपस्विनी एक्स. शामिल है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने की विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणावहीं, 04157 कानपुर-कोलकाता 29 सितंबर तक हर मंगलवार सुबह 8 बजे खुलकर रात 8:40 बजे धनबाद होती हुई अगली सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 04158 कोलकाता-कानपुर 30 सितंबर तक हर बुधवार को सुबह 7:25 बजे खुलकर दोपहर 12:45 बजे धनबाद होती हुई देर रात 1:25 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इस ट्रेन में 2 एसी का एक, 3 एसी के 4, स्लीपर के 9 और जनरल क्लास के 8 कोच होंगे। 01911 आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल ट्रेन 30 जुलाई से 24 सितंबर तक हर गुरुवार को सुबह 3:40 बजे खुलकर रात 8:40 बजे धनबाद होती हुई अगली सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 09112 कोलकाता-आगरा कैंट ट्रेन 31 जुलाई से 25 सितंबर तक हर शुक्रवार को सुबह 7:25 बजे खुलेगी और दोपहर 12:45 बजे धनबाद होती हुई अगली सुबह 8 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी। इस ट्रेन में 2 एसी का एक, 3 एसी के 2, स्लीपर के 10 और जनरल क्लास के 4 कोच होंगे। धनबाद-शकूर बस्ती ट्रेन का 31 अगस्त तक विस्ताररेलवे ने धनबाद से शकूर बस्ती के बीच चलाई जा रही साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की परिचालन अवधि में विस्तार किया है। इसकी अवधि 1 अगस्त को समाप्त हो रही थी। अब 03639 धनबाद-शकूर बस्ती स्पेशल 3 से 31 अगस्त तक हर सोमवार और शुक्रवार को चलेगी। वहीं, 03640 शकूर बस्ती-धनबाद 4 अगस्त से 1 सितंबर तक हर मंगलवार और शनिवार को चलेगी। इस स्पेशल ट्रेन का समय और ठहराव पूर्ववत रहेगा। बोगियों के कंपोजिशन में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
झारखंड के विभिन्न जिलों में बारिश होने का सिलसिला जारी है। हालांकि बुधवार को दोपहर बाद मौसम साफ हो गया। इसकी वजह से लोगों को थोड़ी उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ा। वहीं, राज्य में अब तक सामान्य से 25% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। गुरुवार को सामान्यत आसमान में बादल छाए रहेंगे और राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश या मेघ गर्जन होने की संभावना है। वहीं, आकाशीय बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 अगस्त तक रोजाना बारिश की संभावनामौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। हालांकि इस दिन देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहेबगंज में भारी बारिश होने की संभावना है। इधर, पिछले 24 घंटे में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। जबकि एक जगह भारी बारिश भी दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश 72.0 एमएम बंदगांव (पश्चिम सिंहभूम) में दर्ज की गई। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड किया गया। अगले चार दिनों में बढ़ेगा का तापमानमौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों में दो-चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। अब भी झारखंड में 25% कम बारिश 1 जून से 29 जुलाई तक बारिश के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में 489.2 मिमी की जगह मात्र 362.8 मिमी वर्षा हुई है। यह अब भी औसतन 25% कम है। कई जिलों में स्थिति और भी खराब है, जहां 50% से अधिक तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी चतरा (-61%), गढ़वा (-62%), पाकुड़ (-58%), देवघर (-56%) और गोड्डा (-48%) में है। बोकारो (-35%), गिरिडीह (-47%), कोडरमा (-50%) और पलामू (-42%) जैसे जिलों में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। दूसरी ओर कुछ जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है, जहां पश्चिमी सिंहभूम में 19 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सिमडेगा (-1%) और सरायकेला-खरसावां (-3%) सामान्य के करीब रहे। राजधानी रांची में भी अब तक 15% कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से इस कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है।
गेतलसूद और हटिया डैम में 11 फीट कम पानी, अगस्त की बारिश से आस
जुलाई समाप्त होने को है, लेकिन रांची के तीनों प्रमुख जलाशयों में पिछले वर्ष की तुलना में पानी का भंडारण काफी कम है। इसका सबसे बड़ा असर शहर की पेयजल व्यवस्था पर पड़ सकता है, क्योंकि रांची की 90% से अधिक आबादी की जलापूर्ति गेतलसूद डैम पर निर्भर है। फिलहाल जलापूर्ति सामान्य है, लेकिन अगस्त और सितंबर में सामान्य से कम बारिश हुई तो आने वाले महीनों में पेयजल प्रबंधन चुनौती बन सकता है। इस वर्ष जून-जुलाई में अपेक्षित बारिश नहीं होने से रांची में अब तक सामान्य से करीब 15% कम वर्षा दर्ज की गई है। गेतलसूद डैम की कुल क्षमता 36 फीट है, लेकिन 29 जुलाई तक जलस्तर 25.03 फीट रहा, जो क्षमता से करीब 11 फीट कम है। हटिया डैम का जलस्तर 38.05 फीट से घटकर 27.09 फीट पर पहुंच गया है, यानी करीब 11 फीट कम। वहीं गोंदा डैम में भी पिछले वर्ष की तुलना में 4 फीट कम पानी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब अगस्त और सितंबर की बारिश ही आगे की स्थिति तय करेगी। शहर के लिए इसलिए अहम है गेतलसूद डैम रांची की 90% से अधिक आबादी को यहीं से पेयजल की आपूर्ति होती है। प्रतिदिन 35-37 एमजीडी पानी सप्लाई की जाती है। जलस्तर कम रहने पर गर्मी में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।अगस्त-सितंबर में अच्छी बारिश होने पर जलाशय तेजी से भर सकते हैं। 29 जुलाई को डैमों का जलस्तरडैम पिछले वर्ष इस वर्ष क्षमता गेतलसूद 30.09 25.03 36 हटिया 38.05 27.09 38 गोंदा 25.05 24.02 28(जलस्तर फीट में) फिलहाल पानी की आपूर्ति सामान्य, लेकिन नजर अगस्त-सितंबर की बारिश पर, कम हुई तो संकटपेयजल विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल शहर में जलापूर्ति सामान्य है और उपलब्ध जल भंडारण से नियमित आपूर्ति की जा रही है। हालांकि यदि अगले दो महीनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जलाशयों में पर्याप्त स्टोरेज नहीं बन पाएगा। इसका असर अगले गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति पर पड़ सकता है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है बारिश के रुख पर नजर रखना जरूरी : अभी घबराने की जरूरत नहीं है। अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश होने पर भी डैम तेजी से भर सकते हैं। इसलिए अभी जलसंकट की आशंका जताना जल्दबाजी होगी। हालांकि बारिश के रुख पर लगातार नजर रखना जरूरी है। बारिश कम हुई तो संकट बढ़ सकता है।
तेलंगाना में भी झारखंड की संस्कृति को जीवित रखना सराहनीय : सुदेश महतो
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में झारखंडी एकता समाज का स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री व आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। हैदराबाद एयरपोर्ट पहुंचने पर समाज के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। समारोह में सुदेश महतो ने कहा कि गृह राज्य से दूर रहकर भी झारखंड की संस्कृति, भाषा और सामाजिक समरसता को जीवित रखना सराहनीय है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि तेलंगाना में रह रहे झारखंड के सभी परिवार उनके अपने परिवार की तरह हैं और उनके सुख-दुख तथा प्रगति के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने उपस्थित प्रवासियों से अपील की कि वे अपनी पेशेवर योग्यताओं के साथ-साथ झारखंड की कला, भाषा और परंपराओं के संवाहक बनें। इससे देश भर में राज्य की विशिष्ट पहचान मजबूत होगी। समाज के अध्यक्ष विनोद यादव और महासचिव किशोर कुमार ने भी संबोधित किया।
एलबी सिंह के 1.02 करोड़ रुपए जब्त, 160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन, तस्करी और लेवी वसूली के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को शुरू हुई 31 ठिकानों पर छापेमारी बुधवार को पूरी हुई। पीएमएलए, 2002 के तहत अनिल गोयल, एल.बी. सिंह, हरेंद्र चौहान और उनके सहयोगियों व रिश्तेदारों के नेटवर्क पर हुई इस कार्रवाई में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। ईडी ने एल.बी. सिंह के करीब 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा अलग-अलग परिसरों से 1.02 करोड़ रुपए का अघोषित कैश जब्त किया गया। जांच में 200 से ज्यादा अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, सेल डीड और अन्य अहम रिकॉर्ड भी मिले हैं। एजेंसी को आशंका है कि ये संपत्तियां अपराध की कमाई से खरीदी गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 500 करोड़ से अधिक हो सकती है। ईडी ने आरोपियों के नियंत्रण वाली संस्थाओं के लेखा-जोखा से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। -शेष पेज 9 पर पहली कार्रवाई: नवंबर 2025 में छापे के दौरान मिले थे कई सुराग यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने इस नेटवर्क पर कार्रवाई की है। इससे पहले नवंबर 2025 में भी अनिल गोयल, एल.बी. सिंह और उनके सहयोगियों के धनबाद व दुमका स्थित करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। तब डेढ़ सौ से अधिक जमीन के दस्तावेज और 2.20 करोड़ रुपए नकद मिले थे। जांच में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े साक्ष्य भी मिले थे। उसी कार्रवाई में मिले डिजिटल सुरागों और दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने के बाद ईडी ने अब यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने बढ़ाई जांच ईडी की जांच पुलिस की दर्ज एफआईआर और कोर्ट में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है। पुलिस जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट धनबाद व आसपास के जिलों में अवैध कोयला खनन, तस्करी व कोयला उठाव पर अवैध लेवी वसूली के संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। आरोपियों ने अपराध से अर्जित बड़ी रकम को अलग-अलग संस्थाओं और लोगों के जरिए घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की। इसी रकम से चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। आगे क्या...समन करेगा ईडी, संपत्तियों को किया जाएगा प्रोविजनल अटैचईडी अब संबंधित कारोबारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए रांची बुलाएगा। 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश और कथित बेनामी संपत्तियों की लेयरिंग की जांच होगी। संबंधित सीए, अकाउंटेंट और वित्तीय सलाहकार भी एजेंसी के रडार पर रहेंगे। जांच का फोकस इस बात पर होगा कि फर्जी कंपनियों के जरिए अघोषित नकदी को बैंकिंग सिस्टम में वैध रूप कैसे दिया गया। साक्ष्यों का मिलान होते ही ईडी इन संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट की प्रक्रिया शुरू करेगा। छापे में क्या मिला 160 करोड़: एल.बी. सिंह के म्यूचुअल फंड फ्रीज। 1.02 करोड़ रुपए: अघोषित नकद जब्त। 200 अचल संपत्तियां : दस्तावेज-सेल डीड जब्त। डिजिटल साक्ष्य : कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और शेल कंपनियों के लेखा-जोखा से जुड़े दस्तावेज जब्त।
झारखंड में 43.74 लाख वोटरों के नाम कट सकते हैं
झारखंड में 43 लाख 74 हजार 272 वोटरों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के अंतिम दिन बुधवार तक इन मतदाताओं ने इन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया। अब 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में इनके नाम एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) सूची में शामिल रहेंगे। इसके बाद 5 अगस्त से ही दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। दावा-आपत्ति के दौरान संबंधित मतदाता आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रख सकेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के पहले चरण इन्यूमरेशन फेज का काम संपन्न हो गया। 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिकेशन किया जाना है। इसी दिन एएसडीडी सूची भी प्रकाशित की जाएगी। दोनों सूचियों को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सॉफ्ट कॉपी और सभी मतदान केंद्र के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए 2 को हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। बोकारो में सबसे ज्यादा नाम कटेंगे विधानसभा वार हटाए जाने वाले नामों की सूची
गिरफ्तार नक्सली मिसिर बेसरा पर 175 केस, चलेगा स्पीडी ट्रायल
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (209 कोबरा बटालियन) ने एक संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ के तहत माओवादियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षा बलों ने भाकपा (माओवादी) के इकलौते सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य और ₹2.20 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर को उसके शीर्ष सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में घेराबंदी कर की गई। मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने ₹1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने ₹1.20 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तार नक्सलियों पर घोषित कुल ₹2.35 करोड़ की इनाम राशि अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों में बांटी जाएगी। गिरिडीह में संगठन को मजबूत करने की थी तैयारी पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली गिरिडीह के पारसनाथ इलाके में संगठन को दोबारा खड़ा करने और अपनी जड़ें मजबूत करने की फिराक में थे। लगातार मिल रहे खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां उनके हर मूवमेंट पर नजर रख रही थीं। मई से जारी अभियानों से बैकफुट पर माओवादी झारखंड में माओवाद के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों से नक्सली संगठन की कमर टूट चुकी है: 21 मई 2026: 27 नक्सलियों ने 18 अत्याधुनिक हथियारों और करीब 3,000 कारतूसों के साथ सरेंडर किया। 13 जुलाई 2026: ₹20 लाख का इनामी रवींद्र गंझू (RCM) गिरफ्तार। 17 जुलाई 2026: ₹25 लाख का इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर (SAC) गिरफ्तार। वहीं, बबिता (ACM) ने आत्मसमर्पण किया। 28 जुलाई 2026: 16 अन्य कमांडरों व कैडरों ने 11 अत्याधुनिक हथियारों और 1,562 कारतूसों के साथ पुलिस के समक्ष हथियार डाले। जानिए... कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या मिला? बरामदगी: एके-47 रायफल: 3 मैगजीन: 8 जीवंत कारतूस: 288 गिरफ्तार माओवादी कमांडरों का ब्योरा: इनाम के ₹2.35 करोड़ पुलिसकर्मियों में बांटे जाएंगे झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई: मिसिर बेसरा समेत शीर्ष माओवादी कमांडर गिरफ्तार
अक्टूबर से इंडिगो सभी उड़ानें पुन: बहाल करेगी, एयर इंडिया दिल्ली-मुंबई के लिए दे सकती है नई फ्लाइट
बरसात के मौसम में हवाई यात्रियों की संख्या घटने का असर अब रांची एयरपोर्ट की उड़ानों पर भी दिखने लगा है। जुलाई से सितंबर के बीच यात्रियों की संख्या घटने से रांची एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन सीमित कर दिया गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने चार उड़ानें फिलहाल बंद कर दी हैं, जबकि इंडिगो ने पांच रूटों पर फेरे कम किए हैं। एयरलाइंस अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में शादी-विवाह का सीजन नहीं होने, व्यापारिक यात्राओं में कमी और खराब मौसम के कारण उड़ानों में देरी की आशंका रहने से यात्रियों की संख्या कम हो जाती है। इसी को देखते हुए कंपनियों ने मांग के अनुरूप उड़ानों का संचालन सीमित किया है। कंपनियों का दावा है कि अक्टूबर से मांग बढ़ने के साथ सभी उड़ानें दोबारा नियमित कर दी जाएंगी। हालांकि, यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि अक्टूबर से अधिकांश उड़ानें फिर अपनी पूर्व निर्धारित फ्रीक्वेंसी के साथ संचालित होंगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस रांची से दिल्ली और मुंबई के लिए नई विमान सेवा शुरू करने की तैयारी में है। वहीं इंडिगो ने गोवा और गुवाहाटी के लिए नई उड़ानों का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा पुणे, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नाइट फ्लाइट शुरू करने की योजना है। बरसात में घटती है हवाई यात्रियों की संख्या : श्रवण झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की सिविल एविएशन सबकमेटी के चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया ने बताया कि बरसात के मौसम में व्यापारिक गतिविधियां और हवाई यात्रा दोनों घट जाती हैं। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की जिन उड़ानों का संचालन बंद हुआ है, उनमें तीन समर स्पेशल फ्लाइट्स थीं, जिन्हें पहले से मई-जून तक ही संचालित किया जाना था। यात्रियों की अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए त्योहारी सीजन से अतिरिक्त उड़ानें फिर शुरू होने की संभावना है। रांची से जल्द शुरू होंगी पुणे, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए तीन नई नाइट फ्लाइट रांची एयरपोर्ट से हवाई यात्रियों को जल्द नई सुविधा मिल सकती है। इंडिगो ने 25 अक्टूबर से पुणे, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए रात में तीन नई उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्तावित समय के अनुसार उड़ानें रात 10 बजे, रात 1 बजे और तड़के 3 बजे संचालित होंगी। इससे रांची की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। जून में रांची से 27 विमानों का संचालन होता था, अभी यह घटकर 22 रह गई है वर्ष 2026 के अप्रैल से जून तक रांची एयरपोर्ट में 6,86,370 यात्रियों का आवागमन रांची एयरपोर्ट में हुआ है, जो पिछले साल से करीब 6 प्रतिशत कम है। {जून 2026 में 1629 विमानों का आवागमन हुआ। जून 2025 में 1550 विमानों का आवागमन हुआ था। {इस साल जुलाई में 29 तारीख तक प्रति दिन 40-44 विमानों के हिसाब से 1380 विमानों का आवागमन हुआ। {जून तक रांची एयरपोर्ट में प्रतिदिन 7600 से 8000 यात्रियों का आवागमन होता था, जो जुलाई में 6000 पैसेंजर रह गया है। जून में रांची से जहां 27 विमानों का संचालन होता था, वहीं जुलाई में यह फ्लाइट्स की संख्या करीब 22 तक पहुंच गई है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से एक जुलाई से चार विमानों की संख्या कम की है। इनमें दिल्ली से रांची आकर दिल्ली जाने वाली दो फ्लाइट हैं और मुंबई और हैदराबाद जाने वाली दो फ्लाइट हैं। वहीं, इंडिगो ने कई विमानों के फेरे कम कर दिए हैं। शाम में रांची से 7.50 बजे अहमदाबाद जाने वाला विमान अभी सात दिन नहीं, बल्कि पांच दिन उड़ान भर रहा है। दोपहर डेढ़ बजे पटना जाने वाला विमान भी अब सात की जगह 5 दिन ही उड़ान भर रहा है। शाम में रांची से 7.40 बजे चेन्नई जाने वाले विमान का फेरा घटाकर 4 दिन कर दिया है। दोपहर में कोलकाता जाने वाली एक फ्लाइट अब सात की जगह तीन दिन ही उड़ान भर रही है। इसी तरह देर शाम हैदराबाद जाने वाले विमान का भी फेरा घटाकर तीन दिन कर दिया गया है।
सीआईडी ने पीटी सफल अभ्यर्थियों से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी मांगी
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच का दायरा बढ़ाते हुए सीआईडी ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित सभी अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है। उनसे फॉरेंसिक जांच में सहयोग करने को कहा गया है। सीआईडी ने अभ्यर्थियों को 30 जुलाई से 5 अगस्त 2026 के बीच पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी की फोटो या पीडीएफ भेजने का निर्देश दिया है। यह नोटिस जेपीएससी के पोर्टल पर भी अपलोड कराया गया है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए वाट्सएप नंबर 9934309058 और ईमेल आईडी complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in जारी की गई है। जांच एजेंसी ने कहा है कि जिन अभ्यर्थियों के पास कार्बन कॉपी उपलब्ध नहीं है, वे अपना रोल नंबर और उसके उपलब्ध नहीं होने का कारण लिखित रूप में वाट्सएप या ईमेल से निर्धारित अवधि के भीतर भेजें। सीआईडी का मानना है कि मूल ओएमआर शीट और कार्बन कॉपी के फॉरेंसिक मिलान से नंबरों में कथित हेराफेरी और टेंपरिंग की सच्चाई सामने आएगी। पूछा: ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा का जिम्मा क्यों सीआईडी की पूछताछ का बड़ा केंद्र परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को दिया गया ठेका है। जांच में यह सवाल प्रमुख है कि ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद कंपनी का भौतिक सत्यापन क्यों नहीं कराया गया। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या किसी शीर्ष राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव में नियमों को दरकिनार कर एजेंसी को काम दिया गया। साथ ही, परीक्षा संचालन में गड़बड़ियों की जानकारी मिलने के बाद आयोग ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। एजेंसी के 3 गिरफ्तार कर्मियों से आमने-सामने पूछताछ पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद सीआईडी ने बुधवार को जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी और तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी पांच आरोपियों की रिमांड दो दिन और बढ़ा दी। उधर, एजेंसी के तीन अन्य गिरफ्तार कर्मियों हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार से भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जांच का फोकस ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी, डेटा टेंपरिंग और फर्जी रोल नंबरों के जरिए मेधा सूची में ग्रेस मार्क्स देने के आरोपों पर है। पूर्व अध्यक्ष ख्यांग्ते से दूसरे दिन भी नौ घंटे पूछताछ जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव, सेवानिवृत्त आईएएस एल. ख्यांग्ते से बुधवार को लगातार दूसरे दिन करीब नौ घंटे पूछताछ की गई। इससे पहले मंगलवार को भी उनसे साढ़े आठ घंटे तक सवाल-जवाब हुए थे। पूछताछ पूरी नहीं होने पर सीआईडी ने उन्हें वहीं नया समन थमाते हुए 31 जुलाई को फिर पेश होने का निर्देश दिया है। एजेंसी को संदेह है कि परीक्षा में कथित धांधली से अर्जित बेनामी संपत्ति और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच में विदेश यात्राओं का भी संबंध हो सकता है। इसी आधार पर उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है और विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जेपीएससी के अध्यक्ष एल. ख्यांगते के इस्तीफे के बाद आयोग के फैसलों की पड़ताल में सामने आया है कि पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में एक परीक्षक द्वारा प्रतिदिन जांची जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 कर दी गई थी। एक उत्तर पुस्तिका में 42 पृष्ठ होते हैं। ऐसे में पहले जहां एक परीक्षक प्रतिदिन 25 उत्तर पुस्तिकाओं के करीब 1,050 पन्नों का मूल्यांकन करता था, वहीं यह सीमा बढ़ने के बाद उसे 50 उत्तर पुस्तिकाओं के 2,100 पन्नों का मूल्यांकन करना पड़ रहा है। जेपीएससी की मुख्य परीक्षा वस्तुनिष्ठ नहीं, बल्कि वर्णनात्मक होती है। इसमें परीक्षक को हर उत्तर पढ़कर उसकी तथ्यात्मक शुद्धता, विश्लेषण, प्रस्तुति और प्रश्न के अनुरूप उत्तर का मूल्यांकन करना होता है। हर उत्तर पर अंक देने से पहले उसका अलग-अलग आकलन करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में एक दिन में 2,100 पन्नों का मूल्यांकन करने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या हर उत्तर को समान समय और गंभीरता मिल पाती होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कई बार एक अंक से चयन और असफलता तय होती है। इसलिए मूल्यांकन की गुणवत्ता पूरी चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। 25 से 50 कॉपी करने का आखिर आधार क्या था? सूत्रों के अनुसार, लंबे समय तक आयोग में प्रतिदिन 25 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था लागू थी। बाद में पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में इसे बढ़ाकर 50 कर दिया गया। विशेषज्ञों का सवाल है कि यह फैसला किसी शैक्षणिक अध्ययन, विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा या वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर लिया गया था, या लंबित परीक्षाओं और परिणामों में तेजी लाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया। उनका कहना है कि यदि आयोग के पास इस निर्णय का कोई ठोस आधार था तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। जेपीएससी ने पारंपरिक ऑफलाइन व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए कंप्यूटर आधारित डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली भी लागू की थी। शिक्षाविदों का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन आधुनिक व्यवस्था है, लेकिन इसके लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन, मजबूत तकनीकी ढांचा और स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करने की क्षमता भी जरूरी होती है। उनका मानना है कि अधिकांश शिक्षक अभी भी पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली में अधिक सहज हैं। आगे क्या... ओएमआर शीट की फॉरेंसिक जांच बताएगी सर्वर में जवाब बदले गए थे या नहीं अब सीआईडी एजेंसी के सर्वर से मिले डिजिटल डेटा और अभ्यर्थियों से जुटाई जा रही ओएमआर कार्बन कॉपियों का समानांतर फॉरेंसिक मिलान करेगी। यदि सर्वर में दर्ज जवाब और अभ्यर्थी की कार्बन कॉपी में अंतर मिलता है, तो संबंधित परिणाम रद्द करने के साथ आपराधिक साठगांठ की कड़ियों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच की इस दिशा से आयोग के कई पूर्व पदाधिकारियों और मामले से जुड़े लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
झारखंड में बिजली व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ऊर्जा विभाग को कई अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिले। अनियोजित बिजली कटौती का स्थायी समाधान निकाला जाए और किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने पर अधिकतम 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए। बुधवार को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान होना चाहिए। इसके लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए दो अलग-अलग बिजली लाइनों की व्यवस्था की जाए। इससे यदि एक लाइन में खराबी आए तो दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति जारी रहेगी और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज होगी मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग में रिक्त पदों पर पहले चरण में 35 प्रतिशत नियुक्तियां जल्द पूरी करने को कहा, ताकि मानव संसाधन की कमी दूर हो सके। ट्रांसमिशन नेटवर्क होगा आधुनिक, उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक चार पोल वाले ट्रांसमिशन ढांचे की जगह मोनोपोल और अन्य आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे कम जमीन की जरूरत होगी, शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों को कम परेशानी होगी औरभविष्य की बढ़ती बिजली जरूरतों के अनुरूप मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने हुंडरू, जोन्हा समेत अन्य जलप्रपातों से जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन कराने तथा सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की पुरानी और नई मशीनों का तकनीकी मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों से सौर ऊर्जा खरीदने की योजना तैयार करने को कहा। 10 दिन में दूर करें ग्रिड परियोजनाओं की अड़चनें: बोकारो, धनबाद और हजारीबाग में ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड निर्माण में भूमि संबंधी बाधाओं को सीएम ने गंभीरता से लिया। जिलों के उपायुक्तों और वन विभाग के अफसरों को आपसी समन्वय से अगले 10 दिनों के भीतर सभी अड़चनें दूर कर परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।
25 साल, 175 कांड... मिसिर बेसरा के इशारे पर रची गईं बड़े हमले की साजिशें
जहानाबाद जेल ब्रेक से गिरिडीह शस्त्रागार लूट तक में थी भूमिका ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ में 2.20 करोड़ के इनामी माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद झारखंड-बिहार में उसके 25 साल के आपराधिक नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2001 से 2026 तक मिसिर के खिलाफ 175 मामले दर्ज हैं। उसके साथ गिरफ्तार 15 लाख के इनामी मेहनत के खिलाफ 137 और एसीएम गौरव के खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं। बिहार के बहुचर्चित जहानाबाद जेल ब्रेक की रणनीति बनाने में मिसिर और उसके सहयोगियों की भूमिका थी। नवंबर 2005 में गिरिडीह के होमगार्ड शस्त्रागार से माओवादियों ने 186 राइफलें लूट ली थीं। इससे पहले सितंबर 2001 में हजारीबाग के चर्चू क्षेत्र में सीआरपीएफ जवानों पर हमले में 12 जवान शहीद हुए थे। अक्टूबर 2001 में धनबाद के तोपचांची में जैप जवानों पर हमला कर 13 पुलिसकर्मियों की जान ली गई थी। दोनों घटनाओं में बड़ी संख्या में हथियार लूटे गए थे। पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला, दो अंगरक्षक की हत्या 4 जनवरी 2022 को पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा के झिलरुवां में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमले में उनके दो अंगरक्षकों की मौत हुई थी। हमलावर दो इंसास और एक एके-47 लूट ले गए थे। इसके बाद सुरक्षा बलों के दबाव बढ़ने पर माओवादी दस्ते ने जंगलों में आईईडी का इस्तेमाल बढ़ाया। 2025 में छोटानागरा और जराईकेला में आईईडी विस्फोटों में दो सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और कई घायल हुए। मार्च 2026 में किनाबीर जंगल में भी मुठभेड़ के बाद आईईडी विस्फोट में कोबरा के दो जवान घायल हुए थे। बिटकल सोय जंगल में गश्ती दल पर हमला, 26 पुलिसकर्मी शहीद पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर के बिटकल सोय जंगल में पुलिस गश्ती दल पर घात लगाकर किए गए हमले में 26 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। हमले के बाद माओवादी बड़ी संख्या में राइफल, एसएलआर, रिवॉल्वर, पिस्तौल, ग्रेनेड और वायरलेस सेट लूट ले गए थे। पुलिस रिकॉर्ड में इस हमले को माओवादी हिंसा की बड़ी घटनाओं में शामिल किया गया है।
4 साल में 129 प्रतिशत बढ़ी संपत्ति, 1.11 करोड़ का हिसाब नहीं दे पाए CWC मैनेजर
हजारीबाग के सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (सीडब्ल्यूसी) के मैनेजर रवि रंजन कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार होने के बाद अब सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने उनके और उनकी पत्नी प्रीति कुमारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक नया मामला दर्ज किया है। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि मैनेजर रवि रंजन कुमार ने महज चार साल की सेवा अवधि (1 अप्रैल 2022 से 24 अप्रैल 2026) के दौरान अपनी और अपनी पत्नी के नाम पर आय के सभी ज्ञात स्रोतों से 1 करोड़ 11 लाख 35 हजार 204 रुपए (129.12 प्रतिशत) अधिक की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। आरोपी मैनेजर इस अकूत संपत्ति का सीबीआई अधिकारियों के सामने कोई संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए, जिसके बाद 27 जुलाई को सीबीआई एसीबी रांची में पति-पत्नी के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से संपत्ति बनाने की प्राथमिकी दर्ज की गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी सीबीआई एसीबी के पुलिस निरीक्षक रवि शंकर प्रसाद को सौंपी गई है। पटना-रांची में जमीन-मकान के दस्तावेज मिले 24 अप्रैल 2026 को शिकायतकर्ता से उसका आवंटित काम जारी रखने के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते मैनेजर रवि रंजन कुमार रंगे हाथ गिरफ्तार हुए थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने मैनेजर के आवास पर छापेमारी की, जहां से 22 लाख रुपए कैश, 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 70 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों के कागजात बरामद हुए। बरामद दस्तावेजों से पता चला कि मैनेजर ने पटना, प्रयागराज और रांची जैसे प्रमुख शहरों में बेशकीमती जमीन और मकान खरीदे हैं। 27 जुलाई 2026 को घूसकांड के बाद शुरू हुई डीए जांच के आधार पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक और नई एफआईआर दर्ज की। के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से संपत्ति बनाने की प्राथमिकी दर्ज की गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी सीबीआई एसीबी के पुलिस निरीक्षक रवि शंकर प्रसाद को सौंपी गई है। सीबीआई ने 1 अप्रैल 2022 से 24 अप्रैल 2026 तक की अवधि को चेक पीरियड मानकर पूरा कच्चा-चिट्ठा खंगाला है। इसमें कुल वैध आय 86,23,448 (सभी वैध स्रोतों से) मिली। जबकि इस अवधि में कुल खर्च 93,56,500.76 (जो आय से भी ज्यादा था) था। वहीं बनाई गई कुल संपत्तियां 1,04,02,151.70 (चल-अचल) पाई गईं। कुल बेनामी/अवैध संपत्ति 1,11,35,204.42 (आय से 129.12% अधिक) पाई गई। उनकी पत्नी प्रीति कुमारी गृहिणी हैं, इसके बावजूद उनके नाम पर करोड़ों की संपत्तियां खरीदी गईं।
रांची के मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों को बिहार, छत्तीसगढ़, एमपी व हरियाणा के प्रतिनिधियों से कम मिलता है मानदेयझारखंड में नगर निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को पड़ोसी राज्य बिहार, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम मानदेय मिलेगा। क्योंकि, नगर विकास विभाग ने आठ वर्ष पहले तय किए गए मानदेय के आधार पर ही भुगतान करने की स्वीकृति दी है। फिलहाल मानदेय बढ़ोत्तरी से संबंधित प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में नगर निगम के मेयर को प्रति माह 10 हजार, डिप्टी मेयर को 9 हजार और पार्षदों को 7 हजार रुपए मानदेय दिए जाएंगे। यह मानदेय अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। मेयर को जहां 10 हजार प्रतिमाह मानदेय और वाहन व भत्ता के रूप में 25 हजार रुपए मिलते हैं, वहीं बिहार में यह करीब 40 हजार रुपए है। डिप्टी मेयर को 15 हजार रुपए के अलावा वाहन व अन्य भत्ता, पार्षदों को 12 हजार रुपए मिलते हैं। छत्तीसगढ़ में मेयर को प्रति माह 11 हजार के अलावा अन्य भत्ते मिलते हैं। हरियाणा में मेयर को वाहन, ड्राइवर के अलावा 30 हजार मिलते हैं। सीनियर डिप्टी मेयर को 25 हजार और डिप्टी मेयर को 20 हजार व पार्षदों को 15 हजार रुपए मिलते हैं। वहीं, मध्यप्रदेश में मेयर को 26400 रुपए व अन्य भत्ता, पार्षदों को 14400 रुपए मिलते हैं। इससे जनप्रतिनिधियों में काफी नाराजगी है। मानदेय मिलने से बढ़ेगा मनोबल, प्रतिनिधियों की जवाबदेही होगी तय मानदेय मिलने के बाद जनप्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ेगा और उनकी जवाबदेही भी तय होगी। जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा होती है कि वे रोजाना अपने वार्ड में उपलब्ध रहें, लोगों की शिकायतों को सुने और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएं। अभी कई मुहल्लों में प्रतिनिधि नियमित भ्रमण नहीं करते हैं। इस वजह से सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, साफ- सफाई, पानी सहित अन्य समस्या से प्रभावित लोग अपनी बात अपने प्रतिनिधियों तक नहीं पहुंचा पाते हैं। क्षेत्र भ्रमण बढ़ने से आम लोगों तक पार्षद पहुंच पाएंगे और समस्याओं का समाधान भी करा पाएंगे। अगले सप्ताह 4 माह का मानदेय एक साथ मिलेगा रांची नगर निगम के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को चुनाव जीतने के चार माह बाद भी मानदेय नहीं मिला है। मेयर-डिप्टी मेयर और 53 वार्डों के पार्षद बिना मानदेय के काम कर रहे हैं। क्योंकि, रांची नगर निगम ने मानदेय बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा था,लेकिन विभाग की ओर से इसमें बढ़ोत्तरी पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। पुराने मानदेय के आधार पर ही भुगतान की स्वीकृति दी गई। सभी जनप्रतिनिधियों को अगले सप्ताह एक साथ चार माह के मानदेय का भुगतान किया जाएगा। अभी तक सभी प्रतिनिधि अपने संसाधन से क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। वार्डों में विकास कार्यों की निगरानी, लोगों की समस्याओं का समाधान, योजनाओं का निरीक्षण और बैठकों में भागीदारी जैसी जिम्मेदारियों के निर्वहन का खर्च अपने पॉकेट से कर रहे हैं।
आदिवासी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देगी सरकार : डॉ. इरफान
रांची| झारखंड सरकार राज्य की पारंपरिक आदिवासी चिकित्सा पद्धति (एथनो मेडिसिन/होड़ोपैथी) के संरक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन और इसके जनहित में उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एथनो मेडिसिन (एनआईईएम) और आदिवासी तरंग ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर इस संबंध में एक प्रस्ताव सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी चिकित्सा पद्धति के ऐतिहासिक महत्व और जनस्वास्थ्य में इसकी उपयोगिता पर प्रस्तुति दी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती प्राकृतिक उपचार और आदिवासी ज्ञान की समृद्ध विरासत से परिपूर्ण है। इस अमूल्य धरोहर का वैज्ञानिक परीक्षण और दस्तावेजीकरण समय की बड़ी मांग है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि विशेषज्ञों की जांच और वैज्ञानिक शोध में यह पद्धति प्रभावी पाई जाती है, तो राज्य सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। आधुनिक चिकित्सा के साथ पारंपरिक चिकित्सा का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों और आदिवासी समाज के जानकारों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा के साथ पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक कसौटी पर परखकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
बिहार के किशनगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के बहादुरगंज इलाके में पिछले सप्ताह नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की। आरोप है कि इस केस में मोहम्मद सदाकत नामक युवक का नाम भी आरोपी के रूप में शामिल किया गया है, जबकि वह पिछले चार महीनों से भारत में ही नहीं है और रूस में रहकर पढ़ाई या काम कर रहा है।वीडियो जारी कर मोहम्मद सदाकत ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांगकिशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने रूस से एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सदाकत ने एफआईआर में अपना नाम दर्ज होने पर हैरानी जताते हुए कहा कि जब वह पिछले 4 महीनों से लगातार रूस में निवास कर रहे हैं, तो वह बहादुरगंज में हुए नीट विरोधी प्रदर्शन में कैसे शामिल हो सकते हैं? उन्होंने बिहार प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा एफआईआर से अपना नाम तुरंत हटाने की गुहार लगाई है।मामले पर किशनगंज एसपी हरि मोहन शुक्ला का बयानसदाकत के वायरल वीडियो और इस पूरे मामले पर जब न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) ने किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) हरि मोहन शुक्ला से संपर्क किया, तो उन्होंने इस दावे की सीधी पुष्टि या खंडन करने से परहेज किया। एसपी हरि मोहन शुक्ला ने कहा कि नीट प्रदर्शनों से संबंधित जिन लोगों को किसी भी तरह की कोई शिकायत या आपत्ति है, वे अपने शिकायत निवारण के लिए सीधे पुलिस प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।बिहार सरकार का बड़ा फैसला: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापसइस विवाद के बीच बिहार सरकार ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 26 जुलाई को सुबह 6:00 बजे से पहले हुई घटनाओं से संबंधित सभी दर्ज एफआईआर, शिकायतें और शो-कॉज नोटिस वापस लिए जा रहे हैं।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए या जेल भेजे गए सभी लोगों को तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह आयोजित बिहार बंद के दौरान पुलिस ने कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से लगभग आधे नाबालिग छात्र थे।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स सड़क पर उतरे और संविधान यात्रा निकाली। बुधवार को राजधानी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में छात्र जुटे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि एग्जाम में हुई गड़बड़ी की CBI जांच कराई जाए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 'झामुमो-कांग्रेस सरकार युवाओं के भविष्य का सौदा बंद करें' और 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारे भी लगाए। तेज बारिश में उत्साह नहीं हुआ कम गौरतलब है कि झारखंड के छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर अपनी मांगों को लेकर रांची की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को राजधानी रांची में मूसलाधार बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रदर्शनकारी छाता लेकर पैदल मार्च के लिए निकाले और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि जब तक राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शी सुधार नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त, आंदोलनरत छात्रों ने सभी राजनीतिक दलों को चेतावनी दी है कि वे इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने या इसका श्रेय लेने का प्रयास न करें। फिरायालाल चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं संविधान यात्रा के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान कचहरी चौक से फिरायालाल चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। इसका असर मेन रोड, रेडियम रोड और लालपुर रोड तक देखा गया, जहां वाहन धीमी गति से चलते रहे।
बिहार की सियासत में चुनावी सरगर्मी हमेशा उफान पर रहती है, और जैसे-जैसे उपचुनावों का वक्त नजदीक आ रहा है, बयानों और कानूनी शिकंजों का दौर भी तेज हो गया है। आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के माहौल के बीच राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के खिलाफ स्थानीय थाने में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज करा दी गई है। इस बड़ी घटना के सामने आते ही राजधानी पटना के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।क्या है पूरा मामला और क्यों गरमाई है बांकीपुर की सियासत?प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही चुनावी गतिविधियों और सभाओं के दौरान दिए गए बयानों को लेकर यह शिकायत दर्ज कराई गई है। विपक्षी दलों और स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का आरोप है कि चुनाव आचार संहिता और स्थानीय प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच-पड़ताल कर रहा है। हालांकि, जन सुराज के खेमे की तरफ से इन तमाम आरोपों को राजनीति से प्रेरित और विरोधियों की हताशा करार दिया गया है।उपचुनाव से पहले जनता के बीच तेज हुई राजनीतिक हलचलबांकीपुर सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और वीआईपी सीटों में गिनी जाती रही है। यहां हर दल अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। प्रशांत किशोर द्वारा लगातार राज्य सरकार और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर किए जा रहे तीखे हमलों के बीच यह कानूनी शिकंजा कसना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में चुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प और संघर्षपूर्ण होने वाला है। बहरहाल, थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाती है।
बिहार के बक्सर जिले से प्रशासनिक सक्रियता और जनता के बीच मिसाल पेश करने वाली एक बेहद शानदार तस्वीर सामने आई है। पवित्र सावन महीने के दौरान शिव भक्तों और कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर बक्सर की तेज-तर्रार और धाकड़ जिला मजिस्ट्रेट (DM) साहिला हीर खुद मैदान में उतर चुकी हैं। वह किसी दफ्तर या बैठक में बैठने के बजाय अपनी पूरी प्रशासनिक टीम और पुलिस अधिकारियों के अमले के साथ सीधे शहर के प्रमुख शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। डीएम के इस धरातलीय एक्शन को देखकर न सिर्फ प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, बल्कि पूरे जिले की आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच उनकी कार्यशैली की जोरदार चर्चा हो रही है।आधी सावन बीतने के बाद भी मंदिरों और रूट पर लगातार पैनी नजरसावन के पवित्र महीने में बक्सर के प्रसिद्ध नाथ बाबा मंदिर सहित तमाम छोटे-बड़े शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। गंगा तट से जल भरकर आने वाले शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रहे, इसके लिए डीएम साहिला हीर ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने मंदिर परिसर के भीतर और बाहर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भक्तों की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मौके पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, जनता ने की जमकर तारीफनिरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय दुकानदारों, मंदिर प्रबंधन समिति और आम नागरिकों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने पुलिस बल को निर्देश दिया कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। एक महिला आईएएस अधिकारी और जिला मुखिया के रूप में इस तरह जमीन पर उतरकर खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साहसिक कदम ने यह साबित कर दिया है कि बक्सर प्रशासन जनता की सेवा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सोशल मीडिया और स्थानीय चौपालों पर डीएम साहिला हीर के इस जमीनी दौरे की खूब सराहना हो रही है।
1986 में प्राथमिक शिक्षक की नौकरी के लिए मांगे गए आठ हजार रुपए की कथित रिश्वत नहीं दे पाने का गुस्सा मिसिर बेसरा को माओवादी संगठन तक ले गया। करीब 40 साल बाद एक करोड़ रुपए का इनामी भाकपा(माओवादी) का पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर अब पुलिस की गिरफ्त में है। कभी झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के त्रि-सीमांत सारंडा और कोल्हान के जंगलों में जिस माओवादी का प्रभाव था, उसका 17 साल पुराना अभेद्य गढ़ अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मिसिर की गिरफ्तारी सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। लंबे समय तक जिस क्षेत्र को संगठन का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादियों का प्रभाव लगातार कमजोर हुआ है। तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा, जिसे भेदना आसान नहीं थामिसिर बेसरा सिर्फ एक माओवादी नेता नहीं, बल्कि संगठन के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक का प्रमुख संचालक माना जाता था। उसकी सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया था। बाहरी घेरा (आउटर रिंग) : कोल्हान और सारंडा के प्रवेश मार्गों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जन-मिलिशिया और सेंट्री पोस्ट तैनात रहते थे। रास्तों को आईईडी और स्पाइक होल्स से सुरक्षित किया गया था।मध्य घेरा (मिडिल रिंग) : ''अनल मांझी'' और ''अनमोल'' जैसे दुर्दांत कमांडरों के दस्ते हर गतिविधि पर नजर रखते थे और किसी भी हलचल पर सुरक्षा बलों का मुकाबला करते थे।भीतरी घेरा (इनर रिंग) : 10-12 चुनिंदा प्रशिक्षित बॉडीगार्ड 24 घंटे ऑटोमैटिक हथियारों के साथ 100 मीटर के दायरे में उसकी सुरक्षा में तैनात रहते थे। रणनीति बदलकर पुलिस ने कमजोर किया सुरक्षा कवचसुरक्षा बलों ने सीधे टकराव के बजाय पिछले दो वर्षों में ऑपरेशन मेगाहातुबुरु और ऑपरेशन कोल्हान के तहत मिसिर बेसरा के बाहरी रसद नेटवर्क, आईईडी तंत्र और सुरक्षा घेरे को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया। धीरे-धीरे उसकी सुरक्षा ढाल टूटती चली गई और संगठन का प्रभाव भी घटने लगा। 2007 में गिरफ्तारी, 2009 में पुलिस हिरासत से दुस्साहसिक फरारी मिसिर बेसरा का आपराधिक इतिहास कई चर्चित घटनाओं से जुड़ा रहा है।2007:झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों ने एक गुप्त अभियान में उसे पहली बार गिरफ्तार किया।23 जून 2009:चाईबासा कोर्ट में पेशी के दौरान माओवादी दस्ते ने पुलिस वाहन पर हमला कर ताबड़तोड़ फायरिंग की और उसे पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया। इस फरारी के बाद उसने सारंडा और कोल्हान के जंगलों को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया और लंबे समय तक संगठन की गतिविधियों का संचालन करता रहा।पीरटांड़ के मदनडीह निवासी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य है। उस पर हत्या, आईईडी ब्लास्ट, पुलिस पर हमला और आर्म्स एक्ट के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सारंडा, कोल्हान, पारसनाथ और ट्राइजंक्शन (झारखंड-ओडिशा-बंगाल) उसका मुख्य कार्यक्षेत्र था।2003-04 में पश्चिम सिंहभूम के बिटकिलसोय और बलिबा में आईईडी ब्लास्ट की साजिश उसी ने रची थी, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर से सशस्त्र नक्सलियों ने पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया था, इसके बाद से ही वह फरार था। बॉडीगार्ड्स ने छोड़ा साथ, कैडर भी हो गए थे अलगपिछले कुछ महीनों में संगठन के भीतर कई बड़े बदलाव हुए। शीर्ष कमांडर अनल मांझी के मारे जाने के बाद मिसिर बेसरा का सुरक्षा तंत्र कमजोर पड़ गया। लगातार पुलिस कैंप स्थापित होने और रसद आपूर्ति बाधित होने से उसके दस्ते के 16 से 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। संसाधन घटने और गिरफ्तारी के बढ़ते खतरे के कारण उसके कई बॉडीगार्ड भी संगठन छोड़कर भाग निकले। अलग-थलग पड़ चुके मिसिर बेसरा को आखिरकार झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में मंगलवार को बंगाल की खाड़ी से बने डीप डिप्रेशन का असर साफ तौर पर देखने को मिला। सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश पूरे दिन जारी रही। रांची में दिनभर में करीब 16 से 20 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज के लिए रांची में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आज भी कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 30 जुलाई तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी और सिमडेगा में भी भारी बारिश का असर देखा गया। राज्यभर में बारिश का अलर्ट, वज्रपात का खतरा अधिक मौसम विभाग के मुताबिक आज झारखंड के अधिकांश जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, देवघर, दुमका, पलामू, गुमला, लोहरदगा, लातेहार समेत 22 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। खासतौर पर वज्रपात का खतरा अधिक बताया गया है। जिसके मद्देनजर लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे कई जिलों में मौसम सुहावना हो गया है। वहीं अच्छी बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। हालांकि राज्य में अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश खेती के लिहाज से अहम मानी जा रही है। शहर के कई इलाकों में हुआ जलजमाव लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। लालपुर, हरमू, किशोरगंज, अशोक नगर, कांटा टोली, पंडरा और डोरंडा समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। कई जगहों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं बारिश के चलते बिजली व्यवस्था भी प्रभावित रही। कोकर, महावीर नगर, सुंदर विहार, पहाड़ा मंदिर, रातू रोड और धुर्वा सहित कई इलाकों में दिनभर बिजली आती-जाती रही। बिजली विभाग के अनुसार बुधवार को भी कुछ क्षेत्रों में मरम्मत कार्य के कारण घंटों पावर कट रह सकता है। लगातार खराब मौसम ने शहर की सामान्य दिनचर्या को काफी हद तक प्रभावित कर दिया है। बारिश ने पकड़ी रफ्तार फिर भी 26 प्रतिशत कम वर्षा 1 जून से 28 जुलाई तक बारिश के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में 478.3 मिमी की जगह मात्र 352.4 मिमी वर्षा हुई है। अब भी औसतन 26 प्रतिशत कम है। कई जिलों में स्थिति और भी खराब है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी चतरा (-61%), गढ़वा (-62%), पाकुड़ (-60%), देवघर (-56%) और गोड्डा (-50%) में है। बोकारो (-36%), गिरिडीह (-47%), कोडरमा (-52%) और पलामू (-41%) जैसे जिलों में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। दूसरी ओर कुछ जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है, जहां पश्चिमी सिंहभूम में 16 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सिमडेगा (-3%) और सरायकेला-खरसावां (-1%) सामान्य के करीब रहे। राजधानी रांची में भी अब तक 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से इस कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है।
झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान में जुटे सुरक्षा बलों को सबसे बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ रुपए के इनामी शीर्ष नक्सली मिसिर बेसरा को गिरिडीह जिले से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ रीजनल कमेटी सदस्य 15 लाख के इनामी नक्सली मेहनत उर्फ मोछू और गौरव उर्फ सौरव भी पकड़ा गया। कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। करीब दो दशक से फरार चल रहा मिसिर बेसरा सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। अब राज्य में एक करोड़ का इनामी सिर्फ एक नक्सली असीम मंडल बचा है। सारंडा-कोल्हान में लाल आतंक का अंत मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है यह गिरफ्तारी झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ी उपलिब्ध है। अब तीनों नक्सलियों को गुप्त स्थान पर रखकर पुलिस, आईबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। जंगलों में छिपाकर रखे गए अत्याधुनिक हथियार और आईईडी की जानकारी जुटा रही है। नक्सलियों को लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले ओवरग्राउंड वर्करों का पता लगाया जा रहा है। सटीक सूचना पर घेराबंदी, बिना गोली चलाए पकड़ाया सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि सारंडा में बढ़ते दबाव के बाद मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ गिरिडीह और पारसनाथ की पहाड़ियों के रास्ते नए ठिकाने की तलाश में निकल रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन सुदर्शन शुरू किया। मंगलवार देर शाम पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कोबरा कमांडोज ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए नक्सली दस्ते को घेर लिया। अचानक हुए इस एक्शन से मिसिर बेसरा और उसके साथियों को संभलने का मौका नहीं मिला। पीरटांड़ के मदनडीह निवासी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य है। उस पर हत्या, आईईडी ब्लास्ट, पुलिस पर हमला और आर्म्स एक्ट के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सारंडा, कोल्हान, पारसनाथ और ट्राइजंक्शन (झारखंड-ओडिशा-बंगाल) उसका मुख्य कार्यक्षेत्र था। 2003-04 में पश्चिम सिंहभूम के बिटकिलसोय और बलिबा में आईईडी ब्लास्ट की साजिश उसी ने रची थी, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर से सशस्त्र नक्सलियों ने पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया था, इसके बाद से ही वह फरार था। इसलिए बड़ी है यह कामयाबी मिसिर बेसरा सिर्फ एक कमांडर नहीं है, बल्कि माओवादी केंद्रीय समिति का सक्रिय सदस्य है। वह झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के नक्सली नेटवर्क की रणनीति तय करता था। पिछले दो दशक से सारंडा जंगल और कोल्हान क्षेत्र में समानांतर सरकार चलाने और आईईडी विस्फोट से सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की मुख्य साजिश मिसिर ही रचता था। तीन स्तरीय घेरे में रहता था मिसिर बेसरा मिसिर बेसरा सिर्फ एक माओवादी नेता नहीं, बल्कि संगठन के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक का प्रमुख संचालक माना जाता था। उसकी सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया था। पहले चक्र में सारंडा के प्रवेश मागों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जन-मिलिशिया और सेंट्री पोस्ट तैनात रहते थे। रास्तों को आईईडी और स्पाइक होल्स से सुरक्षित किया गया था। सुरक्षा का दूसरे घेरे में अनल मांझी और अनमोल जैसे दुर्दात कमांडर थे। ये हर गतिविधि पर नजर रखते थे। किसी भी हलचल पर सुरक्षा बलों का मुकाबला करते थे। तीसरा घेरा 10-12 चुनिंदा प्रशिक्षित बॉडीगार्ड 24 घंटे ऑटोमैटिक हथियारों के साथ 100 मीटर के दायरे में उसकी सुरक्षा में तैनात रहते थे।
स्वर्णरेखा से कांवरिए उठाएंगे सुल्तानगंज से लाया गंगाजल, स्नान के लिए 10 टैंकर रहेंगे
पवित्र सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। 3 अगस्त को सावन की पहली सोमवारी है। कांवरियों की सुविधा के लिए स्वर्णरेखा नदी तट को साफ-सुथरा किया जा रहा है। यहीं से हजारों कांवरिया जल उठाएंगे। इसके लिए सुल्तानगंज से गंगाजल लाया जा रहा है। स्वर्णरेखा नदी तट के पास 4000 लीटर वाले 10 टैंकरों में इस जल को मिलाया जाएगा। मेयर रोशनी खलखो, उप महापौर नीरज सिंह और पार्षद पवन तिर्की ने मंगलवार को सुल्तानगंज से जल लाने के लिए 12,000 लीटर क्षमता वाले टैंकर को रवाना किया। यह टैंकर दो दिन बाद गंगाजल लेकर लौटेगा। नगर निगम और समिति द्वारा लगाए जाने वाले 4-4 हजार लीटर के 10 टैंकर नदी तट के किनारे कांवरियों के लिए रहेंगे। श्रद्धालु टैंकर के जल से स्नान भी कर सकेंगे। बाबाधाम और भागलपुर जाने वाली ट्रेनों में बढ़ी भीड़, कई में लंबी वेटिंग रांची | श्रावणी मेले को लेकर बाबाधाम और भागलपुर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। इसका असर ट्रेनों पर भी दिख रहा है। कई नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कुछ ट्रेनों में सीटें सीमित होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालु कन्फर्म टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं। हालांकि यात्रियों के लिए राहत की बात है कि रेलवे की ओर से चलाई जा रही श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों में अभी सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा जसीडीह जाने वाली कई ट्रेनों में भी जगह मिल रही है। 500 अतिरिक्त जवान होंगे तैनात, 90 सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग सावन में राजधानी के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। इसे देखते हुए पूरी रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सावन की पहली सोमवारी के लिए विशेष तैयारी की गई है। पहाड़ी मंदिर समेत सभी शिवालयों में रविवार रात से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा। पहली सोमवारी को लेकर 500 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। थानेदारों और बाइक पेट्रोलिंग दस्ते को लगातार गश्त का निर्देश दिया गया है। शहर के कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से भीड़ पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए अलग से पुलिस बल तैनात किया गया है। मंदिर समिति के ऑफिस में कंट्रोल रूम बनाया गया है। पुलिस अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और संदिग्धों पर तुरंत कार्रवाई होगी। भीड़ का फायदा उठाकर चोर, पॉकेटमार, चेन और मोबाइल स्नेचर सक्रिय हो जाते हैं। इनसे निपटने के लिए पुलिस के जवान सादे लिबास में मंदिरों में मुस्तैद रहेंगे। प्रमुख मंदिरों में सादे लिबास में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी उचक्कों पर कड़ी नजर रखेंगे। रांची से भागलपुर यात्रा 18603 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस: सभी श्रेणी की सीटों में 20 अगस्त तक वेटिंग, स्लीपर में 50 से ज्यादा वेटिंग। {13403 वनांचल एक्सप्रेस : स्लीपर में 5 अगस्त तक लंबी वेटिंग। इसके बाद 9 अगस्त तक आरएसी। रांची से जसीडीह यात्रा 18603 रांची-गोड्डा एक्स.: सभी श्रेणियों में 8 अगस्त तक लंबी वेटिंग {15027 मौर्या एक्स. : स्लीपर क्लास में 6 अगस्त तक वेटिंग, आगे भी कम सीट। भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम : भीड़ नियंत्रण के लिए युवा दल, महिला दल, पुलिस बल और जिला प्रशासन के कर्मियों की विशेष टीम बनाई गई है। जिला प्रशासन ने शिव भक्तों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि जलार्पण के समय गहने न पहनें और मोबाइल घर पर ही रखकर आएं। इसके अलावा, मंदिर परिसर में शीशे से बनी पूजन सामग्री के उपयोग और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि कांच टूटने से कोई दुर्घटना न हो। पहाड़ी मंदिर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था होगी, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर पहली बार कृत्रिम झरनापहली बार स्वर्णरेखा तट पर श्रद्धालुओं के लिए कृत्रिम झरने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 8000 लीटर क्षमता वाला टैंकर लगाया गया है। रविवार से यह झरना शुरू हो जाएगा। टैंकर में गंगाजल मिश्रित जल रहेगा, जो झरने के रूप में प्रवाहित होगा। स्टेन रोज क्लब के प्रवक्ता मंटू लाला ने बताया कि यह पूरी व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी। क्लब की ओर से कांवरियों के लिए नाश्ता, चाय, पानी और दातून का प्रबंध रहेगा। स्थल पर मेडिकल शिविर, पार्किंग और लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
बिल्डर अखिलेश के घर से चोरी 65 लाख के जेवर मुजफ्फरपुर से बरामद, सोना व्यवसायी गिरफ्तार
अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड नंबर-4बी स्थित बिल्डर अखिलेश पांडेय के घर 9 जुलाई को हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की जांच में एसआईटी को एक और बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मुजफ्फरपुर से चोरी के करीब 400 ग्राम सोने और मोती के आभूषण बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 65 लाख रुपए आंकी गई है। मामले में सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस कांड में अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। इससे पहले पुलिस घटना में प्रयुक्त जगुआर कार (UP-78 EM-0101), चोरी के आभूषण और 17.36 लाख रुपए नकद बरामद कर चुकी है। जांच के दौरान एसआईटी समीर खान तक पहुंची। -शेष पेज 9 पर मास्टरमाइंड इरफान समेत 3 आरोपी अब भी फरार गिरोह का मास्टरमाइंड मो. इरफान उर्फ उजाले, उसके सहयोगी अफरोज उर्फ समीर उर्फ शमीम और नवीन शर्मा अब भी फरार हैं। चोरी के दौरान इरफान घर में घुसकर वारदात को अंजाम देता था, जबकि उसके साथी बाहर निगरानी करते थे। तीनों की गिरफ्तारी के लिए झारखंड समेत कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है। 23 जुलाई को इरफान और अफरोज की प|ियां गुलशन परवीन और शकीला उर्फ लाडली को गिरफ्तार किया जा चुका है। अखिलेश पांडेय ने गहनों की पहचान की जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड मो. इरफान उर्फ उजाले और उसके सहयोगियों द्वारा चोरी किए गए गहनों को समीर खान ही खपाता था। वह गहने बेचकर मिलने वाली रकम किस्तों में इरफान तक पहुंचाता था। बरामद आभूषणों की पहचान के लिए कारोबारी अखिलेश पांडेय को बुलाया गया, जिन्होंने सभी गहनों की पहचान कर ली।
साल 1986 में शिक्षक की नौकरी के लिए नहीं दे पाया आठ हजार रुपए रिश्वत तो बन गया माओवादी कमांडर
1986 में प्राथमिक शिक्षक की नौकरी के लिए मांगे गए 8,000 रुपये की कथित रिश्वत नहीं दे पाने का गुस्सा उसे माओवादी संगठन तक ले गया। करीब 40 साल बाद वही पूर्व शिक्षक व भाकपा (माओवादी) का पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर अब पुलिस की गिरफ्त में है। कभी झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के त्रि-सीमांत सारंडा और कोल्हान के जंगलों में जिस माओवादी का प्रभाव था, उसका 17 साल पुराना अभेद्य गढ़ अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मिसिर की गिरफ्तारी सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। लंबे समय तक जिस क्षेत्र को संगठन का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादियों का प्रभाव लगातार कमजोर हुआ है। मिसिर बेसरा सिर्फ एक माओवादी नेता नहीं, बल्कि संगठन के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक का प्रमुख संचालक माना जाता था। उसकी सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया था। बाहरी घेरा (आउटर रिंग) : कोल्हान और सारंडा के प्रवेश मार्गों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जन-मिलिशिया और सेंट्री पोस्ट तैनात रहते थे। रास्तों को आईईडी और स्पाइक होल्स से सुरक्षित किया गया था। मध्य घेरा (मिडिल रिंग) : 'अनल मांझी' और 'अनमोल' जैसे दुर्दांत कमांडरों के दस्ते हर गतिविधि पर नजर रखते थे और किसी भी हलचल पर सुरक्षा बलों का मुकाबला करते थे। भीतरी घेरा (इनर रिंग) : 10-12 चुनिंदा प्रशिक्षित बॉडीगार्ड 24 घंटे ऑटोमैटिक हथियारों के साथ 100 मीटर के दायरे में उसकी सुरक्षा में तैनात रहते थे। { 2007 में गिरफ्तारी, 2009 में पुलिस हिरासत से दुस्साहसिक फरारी { मिसिर बेसरा का आपराधिक इतिहास कई चर्चित घटनाओं से जुड़ा रहा है। 2007: झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों ने एक गुप्त अभियान में उसे पहली बार गिरफ्तार किया। 23 जून 2009: चाईबासा कोर्ट में पेशी के दौरान माओवादी दस्ते ने पुलिस वाहन पर हमला कर ताबड़तोड़ फायरिंग की और उसे पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया। इस फरारी के बाद उसने सारंडा और कोल्हान के जंगलों को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया और लंबे समय तक संगठन की गतिविधियों का संचालन करता रहा। सुरक्षा बलों ने सीधे टकराव के बजाय पिछले दो वर्षों में ऑपरेशन मेगाहातुबुरु और ऑपरेशन कोल्हान के तहत मिसिर बेसरा के बाहरी रसद नेटवर्क, आईईडी तंत्र और सुरक्षा घेरे को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया। धीरे-धीरे उसकी सुरक्षा ढाल टूटती चली गई और संगठन का प्रभाव भी घटने लगा। पिछले कुछ महीनों में संगठन के भीतर कई बड़े बदलाव हुए। शीर्ष कमांडर अनल मांझी के मारे जाने के बाद मिसिर बेसरा का सुरक्षा तंत्र कमजोर पड़ गया। लगातार पुलिस कैंप स्थापित होने और रसद आपूर्ति बाधित होने से उसके दस्ते के 16 से 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। संसाधन घटने और गिरफ्तारी के बढ़ते खतरे के कारण उसके कई बॉडीगार्ड भी संगठन छोड़कर भाग निकले। अलग-थलग पड़ चुके मिसिर बेसरा को आखिरकार झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
डूरंड कप : आज इंडियन एयरफोर्स व डिफेंडर्स एफसी के बीच मुकाबला
135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप-2026 में बुधवार को बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। शाम सात बजे से होने वाले इस मैच में इंडियन एयरफोर्स फुटबॉल टीम का सामना श्रीलंका की डिफेंडर्स एफसी से होगा। दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला काफी अहम होगा। डिफेंडर्स एफसी अपने पहले मैच में जमशेदपुर एफसी से 0-5 की हार के बाद वापसी की कोशिश करेगी, जबकि इंडियन एयरफोर्स विजयी शुरुआत के इरादे से मैदान में उतरेगी। इधर, आयोजकों के अनुसार मैच के लिए टिकट का वितरण शुरू है। दर्शक निर्धारित टिकट काउंटरों से नि:शुल्क पास प्राप्त कर सकेंगे। काउंटर पर टिकट 11 बजे से शाम 4 बजे तक मिलेंगे। आयोजकों ने दर्शकों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच को देखते हुए समय से पहले स्टेडियम पहुंचें। प्रवेश केवल वैध टिकट पर निर्धारित गेट से ही मिलेगा। स्टेडियम में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और प्रतिबंधित सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
सदर अस्पताल : डॉक्टर ऑनलाइन लिखेंगे दवा, ‘आभा’ में रहेगा रिकार्ड
रिम्स के बाद अब राजधानी के सदर अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। अस्पताल में ‘हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम’’ (एचएमआईएस) को पूरी तरह लागू किया जाएगा। इसके तहत सबसे बड़ा बदलाव ई-प्रिस्क्रिप्शन के रूप में दिखेगा। अब मरीजों को रजिस्ट्रेशन पर्ची लेकर डॉक्टर के सामने हाथ से दवा लिखवाने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर मरीज की जांच के बाद कंप्यूटर पर ही बीमारी, जांच और दवाओं का पूरा ब्योरा दर्ज करेंगे। इसके बाद मरीज को इसका प्रिंटआउट दे दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। विभिन्न विभागों में 82 नए कंप्यूटर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में करीब 27-28 ओपीडी में कंप्यूटर इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीज का पूरा इलाज एक डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रहेगा। डॉक्टर यह देख सकेंगे कि मरीज पहले किस बीमारी का इलाज करा चुका है, कौन-कौन सी दवाएं दी गई थीं और कौन-कौन सी जांच कराई गई थी। यदि मरीज किसी दूसरे सरकारी अस्पताल में भी जाता है तो वहां भी आभा आईडी के जरिए उसकी मेडिकल हिस्ट्री देखी जा सकेगी। मरीजों को होंगे ये बड़े फायदे डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन : कंप्यूटर से छपा साफ-सुथरा ई-प्रिस्क्रिप्शन मिलेगा। सुरक्षित रिकॉर्ड : मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट आभा आईडी में सुरक्षित रहेगी। कागजों से मुक्ति : पुराने पर्चे और रिपोर्ट खोने या साथ लेकर घूमने का डर नहीं रहेगा। सटीक इलाज : डॉक्टरों को पुरानी बीमारियों की जानकारी मिलने से बेहतर इलाज में मदद मिलेगी। ऐसे होगा लाभ... ई-प्रिस्क्रिप्शन की शुरुआत डॉक्टरों को हाथ से दवा लिखने की जरूरत नहीं, जांच व दवाइयों का पूरा ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज होगा 82 नए कंप्यूटर लग रहे ओपीडी सेवाओं को पहले चरण में किया जा रहा डिजिटल, 27-28 ओपीडी में काम जारी ऑटोमैटिक क्यूआर पेमेंट बिल बनते ही सिस्टम खुद जनरेट करेगा क्यूआर कोड, ऑनलाइन भुगतान होगा आसान। आभा के पेमेंट गेटवे से जुड़ेगा सदर अस्पताल सिर्फ ई-प्रिस्क्रिप्शन ही नहीं, सदर अस्पताल में आभा पोर्टल आधारित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे भी शुरू किया जाएगा। अभी कई बार मरीजों या उनके परिजनों को रजिस्ट्रेशन के बाद खुद राशि दर्ज कर क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान करना पड़ता है। नई व्यवस्था में जैसे ही बिल तैयार होगा, सिस्टम स्वतः उसी राशि का क्यूआर कोड जनरेट कर देगा। मरीज केवल उसे स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और आसान होगी। क्या है एचएमआईएस सिस्टम यह अस्पताल की सभी सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की व्यवस्था है। इसके जरिए मरीज का रजिस्ट्रेशन, ओपीडी, प्रिस्क्रिप्शन, लैब जांच, रेडियोलॉजी, दवा वितरण, बिलिंग और मेडिकल रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे। इससे कामकाज पेपरलेस और पारदर्शी हो जाएगा। भविष्य में इसी सिस्टम से जांच और दवा वितरण भी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी ओपीडी सेवाओं को डिजिटल बनाया जा रहा है। डॉक्टर मरीजों का पूरा रिकॉर्ड एचएमआईएस पर दर्ज करेंगे, जो मरीज की आभा आईडी से जुड़ जाएगा। भविष्य में इसी सिस्टम से जांच, दवा वितरण और अन्य सेवाएं भी ऑनलाइन होंगी। भर्ती मरीजों का इलाज भी इसी तर्ज पर होगा। यदि मरीज किसी दूसरे सरकारी अस्पताल में भी जाता है, तो वहां आभा आईडी से उसकी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे। कागजात संभालने का झंझट खत्म होगा।
आरटीई में आधी सीटें अब भी खाली:कांके में सबसे ज्यादा 217, नामकुम और नगड़ी में 89-89 बच्चों का इंतजार
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर पहले चरण का नामांकन पूरा होने के बावजूद जिले में 50% से अधिक सीटें अब भी खाली हैं। सबसे अधिक रिक्तियां कांके, नामकुम और नगड़ी प्रखंड में हैं। जिले के 116 निजी स्कूलों में उपलब्ध 1147 सीटों में से पहले चरण में केवल 555 बच्चों का नामांकन हो सका, जबकि 592 सीटें अब भी खाली हैं। अब इन सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे अधिक 217 सीटें कांके प्रखंड के 56 स्कूलों में खाली हैं। इसके बाद नामकुम और नगड़ी में 89-89, रातू में 59, खलारी में 54 और मांडर में 31 सीटें रिक्त हैं। वहीं, चान्हो प्रखंड के दो स्कूलों में एक भी नामांकन नहीं हुआ। जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि शहर के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों को छोड़ अधिकांश निजी स्कूलों में पर्याप्त आवेदन नहीं आते, जिससे सीटें खाली रह जाती हैं। 1499 आवेदनों में 1036 हुए पात्र, ऑनलाइन लॉटरी 5 को सत्र 2026-27 के लिए 1499 आवेदन प्राप्त हुए थे। दस्तावेजों की जांच के बाद 1036 आवेदन ऑनलाइन लॉटरी के लिए पात्र पाए गए। दूसरे चरण के लिए आवेदन 2 अगस्त तक www.rteranchi.in पर किए जा सकते हैं। दूसरे चरण में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था और पात्र पाए गए हैं। नए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। ऑनलाइन लॉटरी 5 अगस्त को रांची समाहरणालय में होगी। प्रखंडवार स्कूलों में रिक्त सीटें, यहां दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी पिछले साल भी आधी सीटें नहीं भरीं: सत्र 2025-26 में जिले के 120 निजी स्कूलों की 1217 आरटीई सीटों के लिए 1744 आवेदन आए। इसमें 1057 वैध आवेदनों की लॉटरी हुई, लेकिन 672 बच्चों का ही नामांकन हो सका। 9 स्कूलों की 93 सीटों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया था, जबकि 11 स्कूलों में 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।
मुख्यमंत्री बोले- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे झारखंड में अब ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया और आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। खासकर हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस को सरल बनाने पर सरकार का फोकस रहेगा, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें। इसी दिशा में मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच एमओयू हुआ। इसके तहत जमशेदपुर के घोड़ाबांधा के पास मनपीटा में राज्य का पहला इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) स्थापित होगा। केंद्र सरकार देगी 17 करोड़, टाटा मोटर्स करेगी तकनीकी सहयोग यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी। कुल 22.03 करोड़ रुपए की लागत में केंद्र सरकार 17 करोड़, राज्य सरकार 3.21 करोड़ और टाटा मोटर्स सीएसआर एवं तकनीकी सहयोग के तहत 1.82 करोड़ का योगदान देगी। 10 हजार से ज्यादा लोगों को मिला ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस: सीएम ने कार्यक्रम में राज्य के 10 हजार से अधिक नागरिकों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस भी सौंपे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और लाइसेंस की प्रक्रिया भी अधिक सुलभ बनाई जाएगी, ताकि वे परिवहन क्षेत्र में रोजगार-स्वरोजगार के अवसर हासिल कर सकें। करीब 22.03 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह संस्थान 11.80 एकड़ सरकारी जमीन पर विकसित होगा। निर्माण शुरू होने के बाद इसे करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। यहां हर साल 3000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें 1800 से 2000 युवाओं को ट्रक, ट्रेलर और बस जैसे हेवी मोटर व्हीकल चलाने का प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि 1000 से 1200 युवाओं को लाइट मोटर व्हीकल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिलाओं के लिए अलग बैच भी चलेंगे।

