सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक के रेट्रो लुक वाली AI तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। आम लोगों के बाद अब यूपी के नेता भी इस ट्रेंड में शामिल हो गए हैं। AI की मदद से उनकी तस्वीरों को पुराने जमाने के कपड़ों, हेयरस्टाइल, रंगों और कैमरा इफेक्ट के साथ 80s वाला लुक दिया जा रहा है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपनी रेट्रो तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- “1980 का दशक और हम।” रायबरेली सदर विधायक अदिति सिंह ने तस्वीर के साथ लिखा- “थोड़ा रेट्रो, भरपूर एटिट्यूड। हेलो, 80s।” देखें कुछ नेताओं की तस्वीरें….
यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में जिला और शहर अध्यक्षों की जारी की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर की गई है। दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया कि सोहेल अख़्तर अंसारी की ओर से 9 सितंबर 2026 को अल्पसंख्यक विभाग के जिला एवं शहर अध्यक्षों की एक सूची जारी की गई थी। आरोप है कि यह सूची प्रदेश प्रभारी रूबी खान को विश्वास में लिए बिना और राष्ट्रीय चेयरमैन की अनुमति के बगैर जारी की गई। निर्धारित कार्यप्रणाली के विपरीत जारी हुई सूचीसोहेल अख़्तर अंसारी को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय चेयरमैन के अनुमोदन के बिना की गई कोई भी नियुक्ति मान्य नहीं होगी। पत्र में कहा गया है कि विभाग की निर्धारित कार्यप्रणाली के विपरीत जारी की गई इन नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। 'नियुक्त किए गए लोग पदाधिकारी नहीं होंगे'यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक के संयोजक अमनदीप सिंह गंभीर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्पसंख्यक कांग्रेस इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची में जिन लोगों को जिला या शहर अध्यक्ष बनाया गया था, वे अल्पसंख्यक कांग्रेस के पदाधिकारी नहीं माने जाएंगे। क्या है मामला?9 सितंबर 2026 को जिला और शहर अध्यक्षों की सूची जारी की गई।सूची जारी करने से पहले प्रदेश प्रभारी को विश्वास में नहीं लिया गया।राष्ट्रीय चेयरमैन की अनुमति भी नहीं ली गई।राष्ट्रीय चेयरमैन के निर्देश पर नियुक्तियों पर तत्काल रोक लगा दी गई।जारी सूची में शामिल सभी नियुक्तियां रद्द मानी जाएंगी।
कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र में आने वाले ठाकुर रवेला स्थित एक फार्म हाउस में चोरी हो गई है। अज्ञात चोरों ने फार्म हाउस में घुसकर लाखों का सामान चुरा लिया। चोर सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज और पालतू डॉग के पप्पी भी ले गए। पीड़ित ने रजगामार चौकी में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। रानी रोड कोरबा के 25 वर्षीय अक्षत शर्मा का यह फार्म हाउस ठाकुर रवेला में है। सुबह ग्रामीण रवि कुमार राठिया ने अक्षत को सूचना दी कि उनके फार्म हाउस से कुछ लोग सामान चोरी कर रहे हैं। जब अक्षत मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि फार्म हाउस का ताला टूटा हुआ था और अंदर से कई सामान गायब थे। पीड़ित अक्षत शर्मा ने बताया कि उनके फार्म हाउस से पहले भी जर्मन शेफर्ड नस्ल के डॉग के पप्पी चोरी हो चुके हैं। इस बार चोर 6 पप्पी, सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज, स्माई मशीन, कंबल, गरम लकड़ी काटने के 3 बर्वट, पलंग, खाना बनाने के बर्तन और अन्य औजार चुरा ले गए। इसके अलावा लगभग 2.5 किलोमीटर 5 डी मीटर की केबल वायर और अन्य छोटे कीमती सामान भी चोरी हुए हैं। अक्षत शर्मा ने बताया कि वह कोरबा में रहते हैं और रोज फार्म हाउस आते-जाते हैं। उनके फार्म हाउस पर एक ऑफिस और एक कमरा था, जहां सामान रखा था। जब उन्होंने जाकर देखा, तो कमरे का ताला टूटा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने पुलिस में लाखों की चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने बुधवार को रजगामार-ओमपुर चौकी प्रभारी को लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने आवेदन में चोरी हुए सामानों की सूची देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर सामान बरामद कर लिया जाएगा।
सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिसकी निगरानी आपदा प्रबंधन और पशु संसाधन विभाग कर रहा है।
बीजेपी नेता संजय नरूका दी अलवर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं, उपाध्यक्ष पर इंद्र यादव का चयन हुआ है। दोनों ही निर्विरोध चुनाव चुने गए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- को-ऑपरेटिव बैंक में 70 साल से कांग्रेस का कब्जा था। हमारे दोनों नेतृत्व कर्ताओं के कारण यह समाप्त हो गया। दोनों के निर्वाचन के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने को-ऑपरेटिव बैंक के जरिए गांव के लोगों के जीवन में सुधार करने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- अलवर को-ऑपरेटिव बैंक का बिजनेस 900 करोड़ रुपए का था। जबकि हमारे यहां पर सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक का बिजनेस करीब 1 लाख करोड़ रुपए का है। उसी मुकाम पर हम अलवर को-ऑपरेटिव व्यवसाय को लेकर जाएंगे। गांव-गांव में कॉपरेटिव के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम करेंगे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- अलवर में लंबे समय के बाद को-ऑपरेटिव बैंक का निर्वाचन हुआ है। संजय नरूका निविर्रोध चेयरमैन और युवा नेता इंद्र यादव डिप्टी चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं। को-ऑपरेटिव, डेयरी, फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन और एसएचजी इन चार मुकाम के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। कांग्रेसियों का 70 साल से था कब्जा को-ऑपरेटिव बैंक में 70 साल से कांग्रेस का कब्जा था। हमारे दोनों नेतृत्व कर्ताओं के कारण यह समाप्त हो गया। एक तरह से अलवर को-ऑपरेटिव को भ्रष्टाचार की जकड़न से मुक्त कराया है। जैसे अलवर डेयरी की क्षमता को एक लाख लीटर से निकालकर तीन लाख लीटर पर लेकर जा रहे हैं। गृह मंत्री ने इसे 5 लाख लीटर लेकर जाने को कहा है।
जोधपुर में कचरे से बनेगी बिजली:90 प्रतिशत तक काम पूरा; वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का जल्द होगा ट्रायल
जोधपुर नगर निगम अब कचरे से बिजली प्रोडक्शन करने की तैयारी कर रहा है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इसे लेकर जल्द ही ट्रायल रन भी शुरू होगा। इसे लेकर बुधवार को नगर निगम आयुक्त राुल जैन ने केरू स्थित इस प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इसका 90 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुकका है। बुधवार को वे इस प्लांट पर पहुंचे और यहां बॉयलर, कचरे से बिजली उत्पादन तथा बिजली सप्लाई की प्रक्रिया की जानकारी ली। ट्रायल रन के लिए शामिल किया जाएगा कचरा आयुक्त ने बताया कि प्लांट के ट्रायल रन के लिए कचरा एकत्रित करने का कार्य शुरू किया जाएगा। लगभग एक महीने तक कचरे का स्टॉक शामिल कर इस प्लांट को ट्रायल रन पर शुरू करने का प्लान है। बुधवार को उन्होंने एसएलएफ साइट का भी निरीक्षण किया। एसएलएफ प्लांट का कार्य भी अंतिम चरण में है और आगामी एक माह में इसके पूर्ण होने की संभावना है। आयुक्त ने कहा कि आगामी तीन दिनों में नगर निगम के अधिकारी वेस्ट टू एनर्जी पूरे प्लांट का विस्तृत असेसमेंट करेंगे। आयुक्त राहुल जैन ने केरू परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके बाद उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट तथा पुराने कचरे के प्रथक्करण कार्य का निरीक्षण किया। केरू साइट पर लगभग सात लाख टन पुराने कचरे निस्तारण किया जा रहा है। नोटिस जारी करने के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान वेस्ट प्लांट में काम सही नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता संपत मेघवाल, एसई भरत टेपण, एक्सईएन प्रवीण गहलोत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इधर, 100 MLD ट्रीटेड वाटर गांवों तक पहुंचाने की तैयारीसालावास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाला उपचारित पानी अब किसानों की खेती के लिए उपयोग में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भारत सरकार, राज्य सरकार , नगर निगम जोधपुर, CEEW एवं इजरायल दूतावास के सहयोग से किए जा रहे इस नवाचार के तहत करीब 100 MLD उपचारित पानी पाइपलाइन के माध्यम से आसपास के गांवों तक पहुंचाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि बुधवार को इजरायल दूतावास की टीम ने CEEW एवं नगर निगम की टीम के साथ सालावास STP का निरीक्षण किया। टीम ने सालावास, किसनासर एवं सरेचा गांवों का दौरा कर स्थानीय किसानों से बातचीत भी की। इस प्रोजेक्ट के तहत किसान साल में 2 से 3 फसलें ले सकेंगे। राज्य सरकार, भारत सरकार, इजरायल दूतावास एवं CEEW मिलकर कार्य काम कर रहे है। नगर निगम आगामी महीने में इसकी डीपीआर बनाकर राज्य सरकार को भेजेगा। राहुल जैन ने कहा कि यदि यह परियोजना सफल होती है तो जोधपुर नगर निगम देश में इस प्रकार के नवाचार को प्रभावी रूप से लागू करने वाला निकाय होगा।
खरगोन जिले के सेगांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का 23 साल का एक युवक स्नैपचैट पर 16 साल की नाबालिग से दोस्ती कर उससे मिलने 1200 किलोमीटर दूर सेगांव पहुंच गया। पुलिस ने युवक को छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी अबूझर मुनीम अहमद कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश से सेगांव आया था। उस पर नाबालिग से स्नैपचैट पर संपर्क कर ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाने के बहाने दोस्ती करने का आरोप है। मंगलवार देर शाम वह दूसरी बार नाबालिग के साथ लोनारा रोड स्थित सेगांव बाजार पहुंचा। एक मंचूरियन की दुकान पर ऑनलाइन पेमेंट के दौरान युवक के नाम से भुगतान हुआ, तो दुकानदार को शक हुआ। इसके बाद दूसरी दुकान पर भी ऐसे ही भुगतान होने पर लोगों का शक और बढ़ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक नाबालिग के साथ घूम रहा था। लव जिहाद का शक होने पर कुछ हिंदू संगठन के लोगों ने रात में उसे पकड़ा और पूछताछ की। इसके बाद उसे सेगांव पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में युवक ने खुद को सहारनपुर जिले का बताया। आरोप है कि बातचीत के दौरान वह खुद को कभी सीआईडी अफसर, कभी डॉक्टर तो कभी कोचिंग टीचर बताता था। सेगांव पुलिस चौकी प्रभारी जीएस चौहान ने युवक को पुलिस को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई की। ऊन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को खरगोन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। चौकी प्रभारी जीएस चौहान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच चल रही है।
मिर्जापुर में साइबर ठगी का शिकार हुए 39वीं वाहिनी पीएसी निवासी आशीष बिंद को राहत मिली है। कोतवाली कटरा पुलिस की साइबर सेल ने उनके खाते से UPI के जरिए निकाली गई 18,800 रुपये की पूरी रकम वापस करा दी है। पुलिस ने बैंक और मर्चेंट से तालमेल बिठाकर यह कार्रवाई की। आशीष बिंद के साथ ऑनलाइन साइबर ठगी हुई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैंक खाते से UPI के जरिए तीन बार में कुल 18,800 रुपये निकाल लिए थे। रकम निकलने की जानकारी होते ही पीड़ित ने तुरंत कोतवाली कटरा की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और इसे नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज किया। साइबर सेल ने लेन-देन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की और रकम के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने संबंधित बैंक और मर्चेंट से संपर्क करके ठगी की रकम को समय रहते होल्ड करा लिया। कोतवाली कटरा की साइबर सेल टीम की कार्रवाई के बाद बुधवार 9 सितंबर 2026 को होल्ड कराई गई 18,800 रुपये की धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस आ गई। रकम वापस मिलने के बाद आशीष बिंद थाना कोतवाली कटरा पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और साइबर क्राइम टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। पुलिस ने उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक भी किया। टीम ने लोगों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग या UPI से जुड़ी जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देरी किए संबंधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक नीरज पाठक, निरीक्षक रामप्रीत यादव, उपनिरीक्षक कृष्णकांत त्रिपाठी, कांस्टेबल इरफान अंसारी और साइबर सेल थाना कोतवाली कटरा की टीम शामिल रही।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा- पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं हुआ है। न्यायाधीश उमा शंकर व्यास और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह 17 सितंबर तक आदेशों के पालन की प्रगति और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट पेश करें। अगर आदेशों का पालन नहीं होता है तो खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात विभाग और कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिवों को अगली सुनवाई पर खुद कोर्ट में पेश होना होगा। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित, अनिल भंडारी, सुशील सोलंकी और दिनेश चौधरी ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया- खंडपीठ ने 18 मार्च को आदेश दिया था। इसमें कहा गया था कि नई भर्ती होने तक मौजूदा अध्यक्ष और सदस्यों को हटाया न जाए। उन्हें काम करते रहने दिया जाए। साथ ही, जिन अध्यक्ष और सदस्यों को हटाया जा चुका है, उन्हें तय उम्र तक नियमों के हिसाब से दोबारा सेवा में लेने को भी कहा गया था। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभाग सिर्फ उन्हीं अध्यक्ष और सदस्यों को सेवा विस्तार दे रहा है, जिन्होंने सिंगल बेंच में रिट याचिका लगाई है। इसे खंडपीठ के आदेश की अवहेलना बताया गया। सुनवाई के दौरान राज्य सेवा अपीलेट अधिकरण में सदस्य की नियुक्ति का मुद्दा भी उठा। जोधपुर में कार्यरत एक सदस्य की 31 जुलाई को मौत हो गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 5 अगस्त को जल्द नियुक्ति के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है। इससे अधिकरण में न्यायिक कामकाज पर असर पड़ रहा है। राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने बताया- आदेशों के पालन के लिए ऊंचे स्तर पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कोर्ट से कुछ और समय देने की अपील की। इस पर खंडपीठ ने कहा कि 27 जनवरी, 24 फरवरी, 18 मार्च और 5 अगस्त को आदेश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कोर्ट ने 17 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
बिहार में बाढ़ प्रभावितों की संख्या पहुंची 41 लाख के पार, 84 प्रखंड की 517 ग्राम पंचायतें घिरी
बिहार में नदियों के रौद्र रूप के कारण 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत कार्यों के तहत हजारों बाढ़ पीड़ितों को भोजन और सूखा राशन बांटा गया है, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
तीज में राशि के हिसाब से करें पूजा और दान, पति की लंबी आयु से अखंड सौभाग्य तक मिलेंगे ये शुभ फल
हरतालिका तीज पर राशि के अनुसार पूजा और दान करने से पति की लंबी आयु, दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसमें सौभाग्य पेटिका, वस्त्र, अन्न और फल-पकवान दान का विशेष महत्व बताया गया है।
सवाई माधोपुर नगर परिषद में 65.37% मतदान:सर्वाधिक मतदान बूथ नंबर 66 नामदेव भवन रामकुई में 84.66% रहा
सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र में मतदान की अंतिम रिपोर्ट जारी हो गई है। कुल 94 मतदान केंद्रों पर 92,713 मतदाता दर्ज थे, जिनमें से 60,609 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल मतदान प्रतिशत 65.37% रहा। इनमें पुरुष मतदाताओं का मतदान 34.33% और महिला मतदाताओं का 31.05% रहा। सबसे अधिक मतदान बूथ संख्या 66 पर हुआ बूथवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मतदान प्रतिशत में काफी अंतर देखने को मिला। सबसे अधिक मतदान बूथ संख्या 66 (नामदेव भवन रामकुई, कमरा नंबर-2) पर 84.66% रहा। इसके बाद बूथ 64 (अंजूमन इस्लामिया उच्च माध्यमिक विद्यालय) में 84.14%, बूथ 59 (मदरसा तालीमुल कुरआन, देसवालियान, कमरा नंबर-2) में 83.66%, बूथ 60 में 80.61% और बूथ 41 में 78.68% मतदान हुआ। वहीं सबसे कम मतदान बूथ संख्या 74 (न्यू मॉडर्न पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय, पटेल नगर) पर 46.76% रहा। बूथ 32 (महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, हाउसिंग बोर्ड) में 47.89%, बूथ 80 में 49.87%, बूथ 83 में 49.74% और बूथ 84 में 49.10% मतदान दर्ज किया गया। सवाई माधोपुर के इस मतदान पर इतने वोट पड़े
घाटमपुर थाने में तैनात इंस्पेक्टर के चालक द्वारा विधायक सरोज कुरील व उनके पीआरओ के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर विधायक सरोज कुरील बुधवार को समर्थकों के साथ थाने पहुंच गईं। विधायक ने इंस्पेक्टर मनोज भदौरिया से कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान उनकी विधायक के पीआरओ मनीष तिवारी से नोकझोंक भी हुई। घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया से कहा कि वह अपने जीप चालक व उसकी जबान को काबू में रखें। विधायक ने खरी खोटी सुनाने के साथ कहा चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करें। अभद्र भाषा का प्रयोग करने को लेकर विधायक प्रतिनिधि मनीष तिवारी की भी थाना प्रभारी से काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वहीं चालक अभद्र भाषा के प्रयोग से इन्कार करता रहा। जिसके सामने चालक ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, जब विधायक ने उसे सबके सामने उसे पेश किया तो चालक ने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। विधायक सरोज कुरील ने बताया कि चालक को हटाने के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई। उन्होंने जल्द हटाने का आश्वासन भी दिया है।
हरदोई जिले में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा A H1N1) के 16 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भावनाथ पांडे ने बुधवार शाम 6:55 बजे बताया कि जिले में अब तक 16 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें कुछ मरीज लखनऊ, बरेली और शाहजहांपुर के हायर सेंटर में भर्ती हैं, जबकि कुछ मरीज होम आइसोलेशन में हैं। वहीं, हरदोई मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू से संबंधित अब तक 21 जांच की जा चुकी हैं। इनमें किसी भी मरीज का सैंपल पॉजिटिव नहीं आया है। तीन मरीजों की हालत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी यूडीएसपी (यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस प्लेटफॉर्म) के आंकड़ों के मुताबिक, अर्बन हरदोई के धर्मशाला मार्ग निवासी 40 वर्षीय आरती गुप्ता की निजी पैथोलॉजी में जांच पॉजिटिव आई है। बावन ब्लॉक के महोलिया शिवपार निवासी 45 वर्षीय आराधना उपाध्याय की तबीयत में सुधार नहीं होने पर उन्हें केजीएमयू लखनऊ ले जाया गया। आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। शाहाबाद के एगवां निवासी 27 वर्षीय मुन्नी बेगम को सांस लेने में परेशानी होने पर बरेली के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में 21 जांच, सभी सैंपल निगेटिव हरदोई मेडिकल कॉलेज में अब तक स्वाइन फ्लू से संबंधित 21 जांच की गई हैं। हालांकि, इनमें किसी भी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेवी गोगोई ने बताया कि संस्थान पूरी तरह अलर्ट पर है। लैब से लेकर सैंपल कलेक्शन तक सभी स्तरों पर निगरानी की जा रही है। संपर्क में आए लोगों की बनाई जा रही सूची संक्रमण की रोकथाम के लिए सीएमओ ने बावन, शाहाबाद समेत अर्बन हरदोई के स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमित मरीजों के घर और आसपास के इलाकों का दौरा कर रही हैं। मरीजों के संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर उन्हें बचाव के लिए प्रोफिलैक्सिस दवाएं दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कार्रवाई की जियोटैग फोटो के साथ रिपोर्ट भी मांगी है। भरावन, बावन और मल्लावां में कराया गया छिड़काव सीएमओ के मुताबिक, भरावन, बावन और मल्लावां में नए मरीज मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और छिड़काव भी कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। छींकने-खांसने से फैलता है संक्रमण स्वाइन फ्लू सांस संबंधी वायरल संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से निकलने वाली बूंदों और दूषित सतहों के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं।
टोंक जिला मुख्यालय पर मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दरबार में जिला स्तरीय साक्षरता दिवस कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दरबार स्कूल एवं परिक्षेत्र के विद्यार्थियों की साक्षरता जागरूकता रैली से हुई। विद्यार्थी हाथों में साक्षरता संदेश लिखी तख्तियां थामे जोश से नारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। अधिकारी बोले- साक्षरता अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रैली के बाद आयोजित मुख्य समारोह में सहायक परियोजना अधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी ने विभाग के एक्शन प्लान को लेकर कहा- साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हर दृष्टिकोण से समझ विकसित करने और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने का एक राष्ट्रीय मिशन है। कार्यक्रम में जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी तुलसीदास ने साक्षरता के विविध स्वरूपों को रेखांकित करते हुए इस कार्य को पूर्ण सेवा भाव से करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने चयनित शिक्षार्थियों (लर्नर्स) को ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 10 वीं के फॉर्म भरवाकर आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। ब्लॉक समन्वयक पुरुषोत्तम जायसवाल ने टोंक ब्लॉक में संचालित साक्षरता गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट साझा की, वहीं प्रभारियों व नवसाक्षरों ने अपने अनुभव मंच से साझा किए। समारोह के अंत में साक्षरता क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले नवसाक्षरों, चयनित लर्नर्स, सर्वेयरों, साक्षरता प्रभारियों एवं ब्लॉक समन्वयक को अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, सर्वेयर तथा बड़ी संख्या में नवसाक्षर उपस्थित रहे।
उदयपुर में एक महिला ने अपने सगे भाई के खिलाफ तत्कालीन सरपंच की मिलीभगत से धोखाधड़ी से भूमि हड़पने का मामला दर्ज कराया है। प्रार्थिया मधु व्यास पत्नी स्व. सुरेंद्र कुमार व्यास निवासी कांकरोली ने बड़गांव थाने में शिकायत दी। इसमें बताया- मेरे स्व. पिता सुंदरलाल की बड़ी गांव में 2.315 हैक्टेयर भूमि है। मेरे भाई भूपेंद्र जोशी ने 17 जून 2003 को तत्कालीन सरपंच और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर एक फर्जी नक्शा तैयार किया। इसमें यह झूठ दिखाया गया कि सुंदरलाल की कोई बेटी नहीं है। फिर धोखाधड़ी से पूरी जमीन का नामांतरण अपने नाम करवा लिया। जबकि हम 4 बहनें (दिनेश, गिरीजा, लीला, मधु) हैं और चारों जीवित हैं। हमारा इकलौता भाई भूपेंद्र है। शिकायत में बताया कि शक होने पर मैंने हाल ही नामांतरण की नकल विभाग से प्राप्त की तो धोखाधड़ी का पता लगा। मैंने भाई से इसका कारण पूछा तो वह कूटरचित दस्तावेजों को ही सही ठहराने लगा। प्रार्थिया का आरोप है कि मेरे भाई ने तत्कालीन सरपंच और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुकेश चौधरी ने बताया कि मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल मैं चुनाव ड्यूटी में हूं। फ्री होकर इस मामले की जांच करूंगा।
संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल ने बुधवार शाम गुन्नौर तहसील के जुनावई विकासखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने बझांगी, उदिया नगला और तोतापुर गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार से जलस्तर की जानकारी ली और रिंग बांध की स्थिति को लेकर जरूरी निर्देश दिए। बझांगी में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश डीएम ने शाम 6:30 बजे से रात 8:15 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उनके साथ एडीएम सत्यप्रिय सिंह, सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, सीएमओ तरुण पाठक और एसडीएम अवधेश कुमार मौजूद रहे। डीएम ने बझांगी और उसके मजरों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। संबंधित एमओआईसी को शिविरों में डॉक्टर और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था करने को कहा। फसलों के नुकसान पर बीमा शिविर लगाने को कहा डीएम ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की भी जानकारी ली। उन्होंने बझांगी और उसके मजरों में जल्द बीमा शिविर लगाकर किसानों को जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रभावित गांवों में नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने को कहा। पेयजल की व्यवस्था के लिए पानी के टैंकर, पानी की टंकी और अन्य जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। खराब हैंडपंपों को दोबारा बोर कराने को भी कहा गया। लेखपाल रोजाना करेंगे गांवों का दौरा डीएम ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि लेखपाल लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेते रहें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के लिए पर्याप्त चारे और टीकाकरण की व्यवस्था करने को कहा गया। प्रभावित इलाकों में जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता और संचालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बिजली और राशन व्यवस्था की भी समीक्षा डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सौर ऊर्जा से जुड़ी व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राशन वितरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने अंत्योदय राशन कार्ड धारकों समेत सभी पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार राशन उपलब्ध कराने को कहा। बझांगी मार्ग पर गड्ढों के आसपास होगी बैरिकेडिंग डीएम ने बझांगी मार्ग की स्थिति का भी जायजा लिया। सड़क पर गड्ढों और निर्माण कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गड्ढों के कारण कोई हादसा न हो, इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए।
वाराणसी में बुधवार शाम 55 साल के शख्स की पीटकर हत्या कर दी गई। पिटाई से घायल आजाद मिश्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी के साथ तनाव का माहौल बन गया। परिजनों के मुताबिक, आजाद मिश्रा बिहार में काम करते थे और करीब चार दिन पहले ही घर लौटे थे। उनकी पत्नी मधु मिश्रा करीब 50 वर्ष की हैं। दंपती की कोई संतान नहीं है। परिजनों ने पड़ोसी चचेरे भाई नागेंद्र मिश्रा (40) पर आजाद के साथ मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के मिश्रा मोहल्ले का है। पहले से चल रहा था विवाद, परिजनों ने शिकायतों का किया दावा परिजनों का कहना है कि आजाद और नागेंद्र पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि नागेंद्र पक्ष की ओर से आए दिन विवाद किए जाने की शिकायत भी की गई थी। परिजनों ने दावा किया कि नागेंद्र के खिलाफ चिरईगांव पुलिस चौकी में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी। परिवार का आरोप है कि पूर्व में दी गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो घटना को टाला जा सकता था। परिजनों ने चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की सुनवाई और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शाम 4:30 से 5 बजे के बीच की घटना परिजनों के अनुसार घटना बुधवार शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और मारपीट की परिस्थितियों के साथ इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई की भी होगी जांच घटना के बाद पूरा गांव सकते में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आजाद मिश्रा और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की वजह क्या थी और घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। वहीं, परिजनों की ओर से पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
SIR में कट गया मतदाता सूची से नाम? घबराएं नहीं! जानें वापस नाम जुड़वाने का आसान तरीका और जरूरी नियम
मतदाता सूची से नाम कटने पर घबराएं नहीं, भारत निर्वाचन आयोग ने इसे वापस जुड़वाने की सरल प्रक्रिया बताई है। फॉर्म-6 भरकर और आवश्यक दस्तावेज जमा करके आप अपना नाम पुनः शामिल करा सकते हैं।
महराजगंज में एक सड़क हादसे में ओबरी गांव के शंभू गंभीर रूप से घायल हो गए। बुधवार को चौक बाजार से लौटते समय कन्या इंटर कॉलेज के पास उनकी मोटरसाइकिल अचानक बेकाबू होकर सड़क पर गिर गई। इस हादसे में शंभू को कई गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल शंभू को तुरंत महराजगंज के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की खबर मिलते ही शंभू के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। हादसे के बाद से परिवार में चिंता का माहौल है। फिलहाल, घायल शंभू का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
चंडीगढ़ में STA का एक्शन:63 वाहनों के 7.5 लाख रुपए के चालान, पांच जब्त; आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
चंडीगढ़ में चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किए जाने के बाद बुधवार को स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) एक्शन में आ गई। शहर में चेकिंग के दौरान 63 वाहनों के चालान किए गए, जबकि पांच वाहन जब्त किए गए। इस दौरान करीब साढे सात लाख रुपए के चलान किए गए है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पहले ही ड्राइवरों को किया था अलर्ट STA ने इससे पहले जिन कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए थे उनसे जुड़े चालकों को ऐप के जरिए सवारियां नहीं उठाने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। ऑटो, टैक्सी या बस बिना वैध परमिट के चलती पकड़ी गई तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10 हजार रुपए तक का चालान हो सकता है। इसके अलावा परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर भी चालान और वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।बार-बार नोटिस के बाद भी ढिलाई: प्रशासन ने जिन कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए। उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस और रिमाइंडर जारी किए, लेकिन उनकी ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सचिव नितीश सिंगला (PCS) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कंपनियों को नियमों का पालन करने के पर्याप्त अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर 'चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025' के नियम 17 के तहत दोनों कंपनियों के लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित किए गए हैं।
हापुड़ में निजी अस्पताल में बुधवार शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र में मेरठ रोड का है। इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत मजीदपुरा निवासी छन्नू खां को मेरठ रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया बुजुर्ग की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। कुछ देर तक परिजन अस्पताल में मौजूद रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्हें समझाकर शांत कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई। लिखित शिकायत मिलने पर होगी जांच थाना प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि मेरठ रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हुई है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। उल्टी-दस्त, खांसी-जुकाम, टाइफाइड और बुखार जैसी बीमारियों के मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से इमरजेंसी वार्ड में भीड़ लगी हुई है। अस्पताल आने वाले मरीजों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं और उनकी हालत के हिसाब से इलाज और जरूरी दवाएं दे रहे हैं। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग अलग-अलग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह जानकारी सर्वेश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को दूषित पानी और खुले में रखे खाने से बचने और साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है। साथ ही, लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है
कुरुक्षेत्र जिले के झांसा के गोरखा गांव में पोल्ट्री फार्म के बाहर खेल रहे 19 महीने के बच्चे को जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के डसने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान आरभ के रूप में हुई है। आरभ का बड़ा भाई आरुस (6) है। आरभ का परिवार मूल रूप से नेपाल के मोरंग जिले के रतुआमाई गांव का रहने वाला है, लेकिन करीब 6 साल से गोरखा गांव में किसान के पोल्ट्री फार्म पर रहकर लेबर का काम करत है। बेटे की मौत ने परिवार को इकझोर के रख दिया। जोर-जोर से चिल्लाया बेटा रीकु ने बताया कि उसका छोटा बेटा आरभ शाम करीब 4 बजे पोल्ट्री फार्म के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक सांप ने उसे डस लिया। सांप के डसने के बाद बच्चा जोर-जोर से चिल्लाने लगा। हालांकि किसी ने सांप को नहीं देखा, लेकिन कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। LNJP अस्पताल में तोडा दम वे बच्चे को तुरंत इलाज के लिए LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान आरभ की मौत हो गई। हालांकि डॉक्टरों ने बच्चे के शरीर पर सांप के डसने के निशाने थे। उसका शरीर भी नीला पड़ा चुका था। वाइपर सांप के काटने की आशंका झांसा पुलिस ने रीकू के दिए बयान पर इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया। उधर, फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि बच्चे को किसी वाइपर सांप के काटने की आशंका है। उसके शरीर पर करीब डेढ़ सेंटीमीटर दूर डसने के निशान थे।
उत्तर प्रदेश में पंचायतीराज विभाग ने 'मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार' शुरू किया है, जिसके तहत 10 उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को 50-50 लाख रुपये मिलेंगे।
सीकर में नशे के सप्लायर गिरफ्तार:एक को मध्यप्रदेश और दूसरे को बारां से पकड़ा, अब मुख्य आरोपी की तलाश
सीकर की नेछवा थाना पुलिस ने 2 स्मैक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी को पुलिस ने मध्यप्रदेश और दूसरे को बारां में दबिश देकर पकड़ा। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। नेछवा थाना SHO रमेश मीणा ने बताया- थाना इलाके में एनडीपीएस एक्ट मामले में 22 अगस्त और 5 सितंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ में उन्होंने जो नाम बताएं उसके आधार पर सप्लायर बंटी कुमार (27) पुत्र राम सिंह मीणा निवासी बारां और लक्ष्मी नारायण (32) नानूराम निवासी जिला मंदसौर, मध्य प्रदेश को घर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से अब तक की इन्वेस्टीगेशन में सामने आया कि इनके लोकल सप्लायर माल खरीदने और फिर थाना इलाके में उसकी सप्लाई करते थे। अब आरोपियों से पूछताछ जारी है की मुख्य आरोपी कौन है। इससे माल खरीदकर लोकल गुर्गों को सप्लाई किया जाता था। यह खबर भी पढ़ें : सीकर में दो युवतियां लापता:युवक के साथ 2 लाख रुपए की साइबर ठगी, पढ़ें क्राइम की अन्य खबरें सीकर से 2 युवतियों के लापता होने और एक युवक के साथ 2 लाख रुपए की साइबर ठगी के अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।(पूरी खबर पढ़ें)
आजमगढ़ में पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर उगाही:जहानागंज थाने का कंप्यूटर ऑपरेटर हुआ निलंबित
आजमगढ़ जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने जिले के जहानागंज थाने पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र कुमार यादव को ड्यूटी के निर्वहन में घोर लापरवाही अनुशासनहीनता और पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर पैसे लेने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया है। जिले में पुलिस कर्मियों के निलंबित किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। जिले में विगत ढाई महीने के भीतर 32 से अधिक पुलिस कर्मियों को लापरवाही आर्थिक अपराध और अपराधियों से साथ गांठ करने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर निलंबन के साथ-साथ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसे में सभी पुलिसकर्मियों से अपील की जाती है कि वह अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से पालन करें। लगातार चल रही है कार्रवाई बताते चले कि जिले में बड़ी संख्या में डबल और ट्रिपल पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपियों के नाम सामने आए हैं। जिनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करके जेल भी भेजा जा चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सचिन पायलट से मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस में नई उम्मीद जताई और कहा कि पायलट के आने से पार्टी को फायदा होगा।
बांदा में आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही जिले के 21 अधिकारियों पर भारी पड़ी है। शिकायतों की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों का सितंबर 2026 का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। शिकायतों के निस्तारण में मिली कमियां जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। इसमें सामने आया कि कुछ अधिकारियों ने शिकायतों का अपेक्षित गुणवत्ता के साथ निस्तारण नहीं किया। कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से भी संतोषजनक फीडबैक नहीं मिला। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए न किया जाए। शिकायत के प्रत्येक बिंदु की गंभीरता से जांच कर तथ्यों के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए। इन 21 अधिकारियों का वेतन रोका खराब फीडबैक और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर इन अधिकारियों का सितंबर माह का वेतन रोका गया है- अधिशासी अभियंता विद्युत, बांदा ग्रामीण अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण सहायक विकास अधिकारी पंचायत, कमासिन जिला समाज कल्याण अधिकारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, महुआ एलडीएम, बांदा एसडीएम, अतर्रा एसडीएम, पैलानी जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी चिकित्साधिकारी, कमासिन बाल विकास परियोजना अधिकारी, नरैनी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, बड़ोखर खुर्द तहसीलदार, अतर्रा एसडीएम, बबेरू प्रभागीय वन अधिकारी, बांदा खंड विकास अधिकारी, नरैनी तहसीलदार, बबेरू जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, तिंदवारी तहसीलदार, नरैनी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, बबेरू शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना भी जरूरी डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत का निस्तारण करने के साथ ही शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि उसकी वास्तविक समस्या का समाधान हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि शिकायतों को लंबित रखना या बिना वास्तविक समाधान के उनका निस्तारण दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को जनशिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता देने और शिकायतकर्ता को पुख्ता एवं संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
गोंडा में बुधवार शाम करीब 7 बजे बच्चों के विवाद को लेकर दो गुटों में मारपीट हो गई। पहले बच्चों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद बच्चों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को जानकारी दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के बैदौरा बाजार सिसई जंगल का है। बच्चों के विवाद के बाद आमने-सामने आए लोग जानकारी के मुताबिक, जमाल और इरशाद के बच्चों के बीच पहले कहासुनी हुई थी। दोनों पक्षों के बच्चों ने एक-दूसरे को गाली दी। इसके बाद उन्होंने अपने-अपने घर जाकर घटना की जानकारी दी। बुधवार शाम करीब 7 बजे दोनों पक्षों के लोग बच्चों की बात को लेकर पूछताछ करने लगे। इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई और मारपीट शुरू हो गई। चप्पल और मुक्कों से मारपीट का वीडियो वायरल वायरल वीडियो में कुछ लोग एक-दूसरे पर चप्पल, मुक्के और थप्पड़ बरसाते नजर आ रहे हैं। कुछ महिलाएं और युवक बीच-बचाव करते भी दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों के लोग काफी देर तक आपस में झगड़ते रहे। मारपीट में जमाल को चोट आई। परिवार के लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले गए। यहां उनका इलाज कराया गया। घटना के दौरान मौके पर काफी लोग जुट गए थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खरगूपुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष राजेश तिवारी ने बताया कि बच्चों की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पूछताछ के दौरान मारपीट हुई थी। वायरल वीडियो की जांच कराई गई है। दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाकर कार्रवाई की जा रही है।
पथरिया में लूट का मुख्य आरोपी बुधवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर कस्टडी से भाग निकला। घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस की कई टीमें ड्रोन कैमरे की मदद से आरोपी की तलाश में जुट गई हैं। केरबना रोड पर सतपारा तिराहे के पास रविवार रात बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक ग्रामीण को घेरकर चांटा मारा और मोबाइल समेत 2 हजार रुपए नकद छीन लिए थे। पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपी भोला आदिवासी और उसके दो नाबालिग साथियों को पकड़ा था। ऐसे हुआ फरार पूछताछ के दौरान आरोपी भोला ने पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि उसने छीना हुआ सामान मॉडल स्कूल के पास छिपाया है। पथरिया पुलिस जब बुधवार दोपहर उसे पुलिस गाड़ी से मॉडल स्कूल के पास लेकर पहुंची, तो गाड़ी से उतरते ही भोला पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। पुलिसकर्मियों ने पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। ड्रोन से तलाश, नया केस दर्ज होगा आरोपी के भागने की खबर मिलते ही एसडीओपी प्रिया सिंधी मौके पर पहुंचीं। आरोपी को ढूंढने के लिए झाड़ियों और आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरे से भी खोजबीन की गई, लेकिन देर शाम तक उसका सुराग नहीं लगा। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं और पुलिस कस्टडी से भागने पर उसके खिलाफ अलग से नया केस दर्ज किया जा रहा है।
जगराओं में बुधवार देर शाम सिधवां बेट से किशनपुरा जाने वाले रास्ते पर गुरुद्वारा भौरा साहिब के पास हुए सड़क हादसे में 62 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसकी 58 वर्षीय पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा थाना सिधवां बेट क्षेत्र में हुआ। सिधवां बेट निवासी जसवंत सिंह (62) अपनी पत्नी गुरदीप कौर (58) के साथ मोटरसाइकिल पर गुरुद्वारा भौरा साहिब जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक स्कॉर्पियो कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो एक युवती चला रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों पति-पत्नी सड़क पर गिर गए। हादसे में जसवंत सिंह को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरदीप कौर भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार युवतियों ने मौके से भागने के बजाय घायल दंपती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दोनों को पहले जगराओं के निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद जसवंत सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि गुरदीप कौर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लुधियाना रेफर कर दिया गया। थाना सिधवां बेट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और स्कॉर्पियो चालक की भूमिका की जांच कर रही है।
लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में मरीजों को अब सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। अस्पताल में डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के समन्वय से सुपर स्पेशलिटी ओपीडी शुरू की जा रही है। इसमें न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी की विशेषज्ञ सेवाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही अस्पताल में न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ओटी और स्ट्रोक यूनिट भी शुरू की जाएगी। इन सुविधाओं से ब्रेन स्ट्रोक, न्यूरोसर्जरी, किडनी और हदय संबंधी गंभीर रोगों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। इन सेवाओं और सुविधाओं का शुभारंभ 10 सितंबर को सुबह 10 बजे होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे। स्ट्रोक यूनिट की होगी शुरुआत अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि नई सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के शुरू होने से मरीजों को एक ही परिसर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। खास तौर पर स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत गंभीर मरीजों के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बिल्डिंग के निर्माण के फर्जीवाड़े में पुलिस ने 3 और आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार किया। एसीपी बोरानाड़ा हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में हुई कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (RSRDC) के तीन जिम्मेदार अधिकारियों को शिकंजे में लिया। पुलिस ने RSRDC के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश शर्मा, CPM अजीत कुमार सांघी और प्रोजेक्ट डायरेक्टर (विद्युत) शिवहरे माहौर को पकड़ा है। मामले में अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक वीरेंद्र गर्ग को 8 सितंबर को हरिद्वार से पकड़ा था। बिल्डिंग में खामियां आने पर साल 2024 में किया था मामला दर्ज पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने बताया- हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग का कंट्रक्शन साल 2011 में शुरू किया गया था। इसे 2019 में हैंडओवर किया गया था। इसके बाद इसका उद्घाटन हुआ। बिल्डिंग के हैंडओवर करने के बाद से ही कई खामियां सामने आई। इसमें सेंट्रल डोम में दरारे आने के साथ ही कई जगहों पर फॉल सीलिंग, आग लगने की घटनाएं भी सामने आई थी। इन सभी घटनाओं की जांच के लिए IIT जोधपुर, IIT बॉम्बे सहित एजेंसियों ने जांच में कई खामियां पाई गई। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम का गठन भी किया गया। इसे लेकर साल 2024 में कुड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था। कई जगह दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा जांच में कंट्रक्शन करने वाली कंपनी, फायर सिस्टम लगाने वाली कंपनी सहित मॉनिटरिंग करने वाले RSRDC के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इस पर पुलिस की 12 अलग-अलग स्पेशल टीमें बनाई गई थी। वहीं साइबर की 4 स्पेशल टीमों का गठन किया गया था। टीम ने पिछले कुछ दिनों में आरोपियों को पकड़ने के लिए जोधपुर, जयपुर, कोटा, बूंदी, अजमेर, अलवर के अलावा गुरुग्राम, दिल्ली NCR, पंजाब के पटियाला कपूरथला, लुधियाना और उत्तराखंड के हरिद्वार में दबिश दी थी। कंस्ट्रक्शन मालिक सहित अब तक ये गिरफ्तार VCL कंपनी के मालिक वीरेंद्र गर्ग, RSRDC में कार्यरत रहे और हाल में XEN जयपुर दीपक मित्तल, तत्कालील AEN RSRDC अजय किशन मुथा को 8 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा RSRDC के तत्कालीन AEN जितेंद्र शर्मा , नवीन राय तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर RSRDC, JK कंपनी के मालिक रामेश्वर दयाल, फायर इंस्टॉलेशन कंपनी के मालिक गोपाल लाल खंडेलवाल को 7 सितंर को गिरफ्तार किया था। पुलिस गिरफ्तार अधिकारियों और ठेकेदारों से पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में किस स्तर पर गड़बड़ी की गई। पुलिस के अनुसार फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ये खबरें भी पढ़ें... हाईकोर्ट की बिल्डिंग निर्माण में गड़बड़ी पर कंट्रक्शन-कंपनी मालिक गिरफ्तार:दो साल से फरार था 50 हजार का इनामी; हरिद्वार से पकड़कर लाई पुलिस जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट के भवन निर्माण में गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे वीरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी (वीसीएल ग्रुप) के मालिक वीरेंद्र गर्ग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। RSRDC में कार्यरत रहे और हाल में XEN जयपुर दीपक मित्तल, तत्कालील AEN RSRDC अजय किशन मुथा को मंगलवार को गिरफ्तार किया। (पूरी खबर पढ़ें) 220 करोड़ के हाईकोर्ट भवन में घटिया निर्माण:5 आरोपी गिरफ्तार, साल 2024 में दर्ज हुआ था मामला जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के भवन निर्माण में गड़बड़ियों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (RSRDC) के 3 अधिकारियों और कंपनी के कर्मचारियों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। (पूरी खबर पढ़ें) जोधपुर हाईकोर्ट का डोम कभी भी ढह सकता है:IIT मुंबई की रिपोर्ट में दावा, कोर्ट ने सीएस-डीजीपी को पेश होने के निर्देश दिए राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के नई बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट में बिल्डिंग के करीब 21 मीटर ऊंचे सेंट्रल डोम के कभी भी ढहने की आशंका जताई गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर खुद संज्ञान लिया। (पूरी खबर पढ़ें)
पंढरीनाथ थाना क्षेत्र के मच्छी बाजार में बुधवार शाम लोडिंग गाड़ी की टक्कर के बाद दो पक्षों में मारपीट हो गई। विवाद में गुरफान कुरैशी, उस्मान कुरैशी और आमिर कुरैशी ने निजाम खान के साथ मारपीट की। घटना में निजाम को चोट आई। वहीं, बाद में हुई मारपीट में दूसरे पक्ष के लोगों को भी चोटें आई हैं। पुलिस के मुताबिक, लोडिंग गाड़ी की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि पहले कुरैशी परिवार के लोगों ने निजाम के साथ मारपीट की। इसके बाद निजाम दौड़ते हुए मदद के लिए अपने परिचितों के पास पहुंचा और दूसरे पक्ष के लोगों के साथ भी मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की। हफ्ता वसूली के आरोप से पुलिस का इनकार दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हफ्ता वसूली के आरोप लगाते रहे और एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया। अधिकारियों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मारपीट और लोहे की रॉड व टॉमी से हमला करने की धाराओं में केस दर्ज किया है। दोनों पक्षों का मेडिकल भी कराया गया है।
इंदौर के खजराना क्षेत्र के ताज नगर शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा कि काम तो खूब कराता हूं, लेकिन लोग वोट देते नहीं। मुस्लिम बाहुल्य वार्ड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अपने मन पर हाथ रखकर देखिए जितना काम होता है, उतना ही वोट मिलता है। आप चार वोट दें, आठ वोट दें, जितने वोट आपके मन में हों, दीजिए लेकिन वोट काम के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आपकी अपनी पार्टी है, काम करने वाली पार्टी है और काम करने वाले व्यक्ति का साथ देना चाहिए। मेरे सामने कांग्रेस के उम्मीदवार भी हैं और दूसरे उम्मीदवार भी हैं। लेकिन मैं आपसे सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मैं जितना आपके बीच आता हूँ, उतना ही आपके सुख-दुख में शामिल होने का प्रयास करता हूँ। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पार्षद रुबीना खान आदि मौजूद रहे। विकास के काम में भेदभाव नहीं जिन लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, उनके लिए भी मैंने विकास के काम करने में कभी भेदभाव नहीं किया। खजाने की जनता के जो भी लोग अपने दुख-दर्द लेकर मेरे पास आते हैं, खासकर इलाज के लिए, मैं सभी का ध्यान रखता हूँ और जरूरत पड़ने पर अस्पताल हो या कोई अन्य चिकित्सा सुविधा—हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करता हूँ। मेरी सोच हमेशा यही रही है कि किसी ने मुझे वोट दिया है या नहीं दिया, इससे उसके अधिकार और मेरे कर्तव्य में कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। करनी जैसी, उसके साथ वैसा व्यवहार नहीं किया बल्कि जनता की सेवा करना है। वार्ड 39 में 1. 63 करोड़ से बन रहा विद्यालय वार्ड 39 में 1. 63 करोड़ से ताजनगर शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय परिसर में हिंदी विद्यालय के नए भवन के निर्माण किया जा रहा है। इसमें विधायक हार्डिया ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यालय को हिंदी माध्यम की मान्यता दिलाने के साथ इसे कक्षा 10वीं तक किए जाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। लंबे समय से क्षेत्र के रहवासी एवं पार्षद रुबीना इक़बाल खान विद्यालय में हिंदी माध्यम की कक्षाएं शुरू करने और स्कूल को दसवीं तक किए जाने की मांग कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान हाजी मोहम्मद इकबाल खान ने आरआई-2 रोड पर स्वीकृत पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू कराने की मांग रखी। महापौर एवं विधायक ने टंकी का निर्माण शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया।
सोनीपत शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह जमा कूड़े के ढेर अब हादसों का कारण बन रहे हैं। बुधवार देर शाम बस स्टैंड के पास कूड़े के एक बड़े ढेर में अचानक आग लग गई। कूड़े का यह ढेर दुकानों के बिल्कुल करीब था, जिससे मौके पर दहशत फैल गई। आसपास के दुकानदार और राहगीर घबरा गए। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता देख स्थानीय लोगों में डर फैल गया, क्योंकि पास में कई दुकानें थीं और आग फैलने से बड़ा नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोग कर रहे आग पर काबू पाने की कोशिश सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात देखे। पुलिस ने बिना देरी किए फायर ब्रिगेड को फोन कर दिया। गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरे शहर की सफाई व्यवस्था खराब हो गई है। बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और स्थानीय लोग फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का इंतजार कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
सागर जिले में अवैध और खराब शराब की बिक्री का मामला सामने आने के बाद रायसेन जिले का आबकारी विभाग हरकत में आ गया है। कलेक्टर के निर्देश पर विभाग ने जिले में एक खास जांच अभियान शुरू किया है। इसके लिए चार आबकारी वृत्तों के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें जिले की 66 शराब दुकानों की बारीकी से जांच कर रही हैं। इस अभियान के तहत दुकानों पर रखी शराब की वैधता और गुणवत्ता जांची जा रही है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि शराब का स्रोत वैध है या नहीं। अगर किसी शराब पर शक होता है, तो उसके सैंपल लेकर रासायनिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही, बोतलों पर लगे होलोग्राम को स्कैन करके भी उनकी जांच की जा रही है। आबकारी विभाग के मुताबिक, पिछले साल भी ग्राम चंदोड़ा में नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था। यह इलाका सागर जिले की सीमा से लगा हुआ है। उस कार्रवाई में 472 पेटी जहरीली शराब जब्त की गई थी। इस मामले के आरोपी अभी जेल में हैं। सहायक आयुक्त आबकारी डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी ने बताया कि अवैध शराब से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अवैध शराब की जानकारी देने के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: 8319168606 और 9340734493।
पटना में 16 लाख चालान पेंडिंग, फिर भी नहीं सुधरी ड्राइविंग; लोक अदालत में मिलेगी 50% छूट
पटना में 16 लाख से अधिक यातायात चालान लंबित हैं, जो सड़क हादसों में 756 मौतों के बावजूद नियमों की अनदेखी दर्शाते हैं। 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में इन चालानों पर 50% तक छूट के साथ निपटारा करने का अवसर मिलेगा।
चित्रकूट में भाद्रपद मास अमावस्या मेले को लेकर पुलिस ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार रात 8 बजे सीतापुर स्थित मंदाकिनी भवन में एसपी अरुण कुमार सिंह ने 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को ब्रीफिंग दी। एएसपी पीयूष कांत राय भी मौजूद रहे। पुलिस का लक्ष्य मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। चार जिलों की पुलिस संभालेगी सुरक्षा अमावस्या मेले में बांदा, हमीरपुर और महोबा समेत चार जिलों की पुलिस ड्यूटी करेगी। एसपी ने कहा कि अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं। श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में स्नान करते हैं और मंदिरों में दर्शन करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। समय पर ड्यूटी स्थल पहुंचने के निर्देश एसपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी स्थल पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता से जिम्मेदारी निभाने को कहा। ड्यूटी में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सभी पुलिसकर्मियों को वायरलेस हैंडसेट और लाउड हेलर रखने के निर्देश दिए गए। इससे आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने और कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। घाट और मंदिरों पर रहेगी खास निगरानी जोनल और सेक्टर प्रभारियों को लगातार अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्हें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और कामकाज पर नजर रखने को कहा गया। स्नान घाट, मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रहेगी। संदिग्ध लोगों और वस्तुओं पर भी नजर रखी जाएगी। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर फोकस महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई हैं। यातायात व्यवस्था के लिए तैयार डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया है। पुलिस अधिकारी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर व्यवस्थाएं संभालेंगे। अधिकारियों से तालमेल के साथ काम करने की अपील ब्रीफिंग में नगर सीओ सत्येन्द्र सिंह, मऊ सीओ फहद अली, राजापुर सीओ यामीन अहमद, सीओ लाइन्स राज कमल, सीओ फायर यदुनाथ सिंह और प्रतिसार निरीक्षक राम शीष यादव समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। एसपी ने सभी पुलिसकर्मियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने के निर्देश दिए।
नोएडा एयरपोर्ट पर पहली बार रूसी सेना के तीन सैन्य विमान उतरे हैं। नए एयरपोर्ट पर किसी भी विदेशी विमान की यह पहली लैंडिंग है। इन विमानों की लैंडिंग को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पुतिन का विमान भी नोएडा एयरपोर्ट पर ही उतर सकता है। एयरपोर्ट प्रबंधन इसकी तैयारियों में लगा हुआ है। तीनों सैन्य विमान मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे। इनमें रूसी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आईएल-76 भी शामिल था। इन विमानों में रूसी सेना की एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी भारत आए हैं। बुधवार को भी तीनों हवाई जहाज एयरपोर्ट के रनवे पर पूरे दिन खड़े रहे। इससे पहले विदेशी सैन्य विमानों की लैंडिंग ज्यादातर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होती थी। एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारी और रूसी टीमें विमानों की निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा देख रहे हैं। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होगा। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होंगे। सैन्य विमानों की लैंडिंग अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल से जुड़ी है। एयरपोर्ट पर इनके उतरने के बाद विदेशी राष्ट्रपति के विमान के उतरने की संभावना और बढ़ गई है।
बालाघाट के लालबर्रा में बुधवार को पुलिस ने सर्राठी नदी किनारे कच्ची शराब बनाने के लिए रखा महुआ लाहन नष्ट किया। बोंगीटोला में 12 से 15 ड्रम और 20 मटकों में लाहन भरा मिला। पुलिस ने एक नाबालिग से 55 लीटर कच्ची महुआ शराब भी बरामद की है। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। ड्रम और मटकों में भरा मिला लाहन पुलिस को बोंगीटोला में नदी किनारे कच्ची शराब बनाने के लिए लाहन रखे होने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर 12 से 15 ड्रम और 20 मटकों में रखा महुआ लाहन नष्ट किया। नाबालिग से 55 लीटर कच्ची शराब मिली कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग से 55 लीटर कच्ची महुआ शराब भी बरामद की। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और शराब के स्रोत की जांच कर रही है। अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है। अवैध शराब बनाने, रखने, ले जाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। मामले में शामिल लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान अब जनहित स्वास्थ्य पोर्टल के माध्यम से 45 कार्यदिवस में ऑनलाइन होगा।
बरेली में एक डॉक्टर की दूसरी शादी रुक गई। मंडप सज चुका था, मेहमान आ चुके थे और खाना भी तैयार था, लेकिन तभी दूल्हे की पहली पत्नी वहां पहुंच गई। उसने खुद को डॉक्टर की पत्नी बताया और शादी का विरोध किया, जिससे समारोह में हंगामा मच गया। इसके बाद दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा और शादी टल गई। यह मामला बारादरी थाना क्षेत्र के सूफी टोला निवासी निजी चिकित्सक डॉ. बुशरा फरहत अंसारी से जुड़ा है। डॉ. बुशरा ने आरोप लगाया है कि उनके पति बदायूं जिले के एक सरकारी अस्पताल में एमओआईसी पद पर तैनात हैं। उनका कहना है कि पति पहली शादी खत्म किए बिना ही नवाबगंज की एक युवती से दूसरी शादी करने की तैयारी में थे। डॉ. बुशरा के अनुसार, पति के दूसरी युवती से संबंधों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। जब उन्हें पति की दूसरी शादी की जानकारी मिली, तो वह सीधे शादी वाले घर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुल्हन के परिवार को बताया गया था कि डॉक्टर की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। जब वही महिला शादी वाले घर में जिंदा सामने आई, तो वहां हड़कंप मच गया। विवाद की खबर डॉक्टर तक पहुंची, जिसके बाद वह बारात लेकर नहीं आए। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शादी की तैयारियां रुकवा दीं। पुलिस युवती को थाने ले गई। बाद में परिजनों के समझाने पर युवती ने कहा कि जब तक डॉक्टर और उनकी पहली पत्नी का तलाक नहीं हो जाता, तब तक वह डॉक्टर से दूर रहेगी। थाना प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शादी की तैयारियां रुकवा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पहली शादी कायम होने के बावजूद दूसरी शादी की तैयारी और पहली पत्नी को मृत बताए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में शिक्षकों, पीआरडी जवानों, रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का तोहफा दिया है। इस पहल से इन सभी वर्गों और उनके आश्रित परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी।
मेरठ में 9 सितंबर को हरिशंकरी पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत बरगद, पीपल और पिलखन के पौधों का रोपण किया गया। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ शहर और जिले को हरा-भरा, स्वस्थ एवं सुंदर बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में लोकभारती, बेटियाँ फाउंडेशन, गायत्री परिवार, पहल, किचन गार्डन, हरीतिमा, डेरा सच्चा सौदा सहित विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने सहभागिता की। इस दौरान लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। हरिशंकरी पौधरोपण अभियान को सफल बनाने में डॉ. सुमित उपाध्याय ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया। कार्यक्रम के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
करीब डेढ़ साल पहले मंदिर के बाहर खेल रही नाबालिग को रुपए देने के बहाने ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवान कारावास की सजा सुनाई है। फैसला विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने सुनाया है। आरोपी कृष्णा (26)पिता बद्रीलाल मालीवाड निवासी ग्राम धोलका थाना बिलपांक जिला रतलाम को बीएनएस की धारा 137(2) एवं लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण की धारा 5 (एल)/6, के तहत आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। डेढ़ साल पहले की घटना उपनिदेशक अभियोजन रतलाम आशा शाक्यवार ने बताया घटना 15 नवंबर 2024 की है। पीड़िता की मां शाम करीबन 4 बजे घर आई। नाबालिग रो रही थी। उसने बेटी से पूछा क्या हुआ। तब उसने बताया कि कि वह व उसका भाई दोनों मंदिर के बाहर खेल रहे थे। तभी खेलते समय कृष्णा ने उसे पैसे देने के बहाने बुलाकर मंदिर के पीछे बने कमरे में हाथ पकड़कर ले गया। फिर उसके साथ अभियुक्त कृष्णा ने गंदा काम किया। बाद में उसे छोड़कर बोला कि अब तु तेरे घर जा। वह रोती रोती हुई घर गई। उसके घर के पास में रहने वाले पड़ोसी को बताया कि उसके पापा के दोस्त कृष्णा ने उसके उसके साथ गंदा काम किया है। तब पड़ोसी ने उसके पति के काम से लौटकर आने पर जानकारी दी। पीड़िता की मां व पिता के घर आने पर नाबालिग को बिलपांक थाने लेकर थाने ले जाकर शिकायत की। दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ था केस नाबालिग की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया। जांच के बाद आरोपी को गिरप्तार किया। पुलिस द्वारा अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। कोर्ट ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को गंभीर धाराओं में दोषी पाया। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक रतलाम दीप्ति कनासे द्वारा की गई।
प्रतापगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में बुधवार को अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 53 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला अपर न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम आतिफ शमीम की अदालत ने सुनाया। 2017 में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप अभियोजन के मुताबिक, घटना 18 अप्रैल 2017 की रात की है। पट्टी थाना क्षेत्र के रहने वाले अशोक कुमार उर्फ बबलू पर 15 साल की नाबालिग से दुष्कर्म करने का आरोप था। आरोप है कि उसने रात करीब 2 बजे पीड़िता को अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। अभियोजन ने बताया कि आरोपी करीब एक साल से पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। शादी के लिए दबाव बनाने पर मारपीट का आरोप अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने जब आरोपी पर शादी के लिए दबाव बनाया तो उसने उसके साथ मारपीट की। गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। इसके बाद पीड़िता को वहां से भगा दिया गया। 8 गवाह और 10 दस्तावेजी सबूत पेश किए मामला अदालत पहुंचने के बाद अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ 8 गवाह पेश किए। इसके साथ 10 दस्तावेजी साक्ष्य भी अदालत में रखे गए। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार पांडेय ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। पीड़िता के हित में खर्च होगी जुर्माने की राशि गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अशोक कुमार उर्फ बबलू को दोषी माना। कोर्ट ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 53 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता के हित में खर्च की जाए। इसका इस्तेमाल इलाज, मानसिक आघात की भरपाई और पुनर्वास के लिए किया जाएगा।
मैनपुरी के जिला अस्पताल में डॉक्टरों के लिए मेडिकोलीगल और पोस्टमॉर्टम से जुड़ी एक ट्रेनिंग हुई। इसका मकसद डॉक्टरों को मेडिकोलीगल मामलों और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जरूरी जानकारी देना था। बुधवार को अस्पताल के सीएमएस राज सिंह ने डॉक्टरों को मेडिकोलीगल मामलों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया समझाई। उन्हें जरूरी कागज बनाने, सबूतों को संभालकर रखने और पोस्टमॉर्टम से जुड़ी खास बातों की जानकारी दी गई। डॉक्टरों को बताया गया कि इन मामलों में मेडिकल जांच और रिपोर्ट बनाते समय सभी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग में पोस्टमॉर्टम के दौरान शव की जांच करने, जरूरी बातों को सही तरीके से लिखने और रिपोर्ट तैयार करने के अलग-अलग पहलुओं पर भी चर्चा हुई। डॉक्टरों को समझाया गया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट किसी भी केस की जांच में एक जरूरी मेडिकल दस्तावेज होती है। इसलिए इसे बनाते समय खास सावधानी और निष्पक्षता रखनी चाहिए। इस ट्रेनिंग में डॉक्टरों ने मेडिकोलीगल और पोस्टमॉर्टम से जुड़े कई विषयों पर जानकारी हासिल की। उन्हें इन मामलों में आने वाली रोजमर्रा की दिक्कतें और उनके समाधान पर भी चर्चा करने का मौका मिला। जिला अस्पताल में हुई इस ट्रेनिंग से डॉक्टरों को मेडिकोलीगल मामलों को संभालने और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को नियमों के हिसाब से पूरा करने में मदद मिलेगी। इस ट्रेनिंग का मकसद डॉक्टरों की काम करने की क्षमता और जानकारी बढ़ाना है। स्वास्थ्य विभाग का मकसद ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम से मेडिकल सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना है। साथ ही, मेडिकोलीगल मामलों में सही और वैज्ञानिक प्रक्रिया को पक्का करना भी इसका लक्ष्य है।
नगरीय निकाय चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान में झुंझुनूं जिले के दिव्यांग मतदाताओं ने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। जिले की 9 नगरीय निकायों में दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कुल 1,346 पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं में से 1,154 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार दिव्यांग मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 85.73 प्रतिशत दर्ज किया गया। दिव्यांग मतदाताओं के लिए रहीं खास सुविधाएं प्रभारी अधिकारी, दिव्यांग मतदाता सुविधा प्रकोष्ठ एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अरविंद ओला ने बताया- नगर परिषद झुंझुनूं, बगड़, सुल्ताना, नवलगढ़, जाखल, डूंडलोद, मुकुंदगढ़, उदयपुरवाटी और खेतड़ी में दिव्यांग मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ मतदान किया। मतदान के दौरान प्रशासन की ओर से दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, व्हीलचेयर और सुगम प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा जरूरतमंद मतदाताओं के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। मतदान केंद्रों पर स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं ने दिव्यांग मतदाताओं की सहायता करते हुए उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाने और मतदान प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। जागरूकता अभियान भी चलाए गए उन्होंने बताया- मतदान से पहले दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए गए। इसके सकारात्मक परिणाम मतदान के दिन देखने को मिले, जब बड़ी संख्या में दिव्यांग मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिला प्रशासन ने दिव्यांग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को लोकतंत्र के प्रति उनकी जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि सभी मतदाताओं को बिना किसी बाधा के मतदान का अवसर उपलब्ध कराना निर्वाचन प्रक्रिया की प्राथमिकता रही।
बेमेतरा जिले में स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटर और ऑटो पंचिंग जैसी नई तकनीक लागू होने के साथ ही वर्षों से मीटर रीडिंग का काम कर रहे कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को बेमेतरा विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ के सदस्य कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नौकरी बचाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ के अनुसार, बेमेतरा जिले में करीब 200 मीटर रीडर काम कर रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से मीटर रीडिंग, बिलिंग और फील्ड से जुड़े काम संभाल रहे हैं। जिले में करीब 200 मीटर रीडर मीटर रीडरों का कहना है कि स्मार्ट और प्रीपेड मीटर आने के बाद पारंपरिक तरीके से मीटर रीडिंग की जरूरत कम हो जाएगी। ऐसे में लंबे समय से विभाग से जुड़े कर्मचारियों को काम से हटाने के बजाय उनके अनुभव और योग्यता का दूसरे कार्यों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। KYC से लेकर शिकायत निवारण तक काम देने की मांग संघ ने मांग की है कि मीटर रीडरों को KYC, स्मार्ट मीटर से जुड़े फील्ड कार्य, मीटर जांच, उपभोक्ता सर्वे, डाटा सत्यापन, कनेक्शन की जांच और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण जैसे कामों में लगाया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से फील्ड में काम कर रहे हैं और बिजली उपभोक्ताओं, कनेक्शन, मीटर तथा स्थानीय क्षेत्रों की अच्छी जानकारी रखते हैं। इस अनुभव का उपयोग नई व्यवस्था में भी किया जा सकता है। प्रदेश में करीब 5 हजार रीडरों पर असर की आशंका संघ के मनोज ने बताया कि नई व्यवस्था का असर प्रदेश में करीब 5 हजार मीटर रीडरों पर पड़ सकता है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जिनकी उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है और वे लंबे समय से इसी काम पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि अचानक रोजगार खत्म होने से कर्मचारियों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए तकनीक में बदलाव जरूरी है, लेकिन उसके साथ वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। बोले- तकनीक बदले, रोजगार नहीं मीटर रीडरों ने कहा कि वे नई तकनीक के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि तकनीकी बदलाव के कारण वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को बेरोजगार न किया जाए। विभाग उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर दूसरे कार्यों में समायोजित करे, ताकि नई व्यवस्था का लाभ भी मिले और कर्मचारियों की आजीविका भी बनी रहे।
मैनपुरी में 36 घंटे बाद LPG टैंकर सीधा हुआ:दन्नाहार थाना क्षेत्र में पलटने से बंद रहा यातायात बहाल
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह मैनपुरी-घिरोर मार्ग पर हुमायूंपुर और बॉट्रॉली गांव के बीच एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर पलट गया था। करीब 36 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ और टैंकर को सीधा कर दिया गया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन, दमकल कर्मियों और मथुरा-कानपुर से आई रेस्क्यू टीमों ने चैन की सांस ली। मार्ग पर यातायात भी शुरू हो गया है। यह टैंकर मथुरा रिफाइनरी से करीब 17 टन एलपीजी गैस लेकर नेपाल जा रहा था। चालक दिनेश चंद्र ने बताया कि रास्ते में अचानक गोवंश सामने आने से वाहन का संतुलन बिगड़ गया और टैंकर सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद गैस रिसाव शुरू होने की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। एहतियात के तौर पर करीब दो किलोमीटर के इलाके को सील कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। गैस रिसाव के कारण मैनपुरी-घिरोर मार्ग पर करीब 36 घंटे तक यातायात बंद रहा। लोगों से आग, चिंगारी और आग लगाने वाली किसी भी चीज के इस्तेमाल से दूर रहने की अपील की गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मथुरा और कानपुर से विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें और रिफाइनरी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मंगलवार सुबह से बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे तक लगातार दिन-रात अभियान चलाया गया। लगातार 36 घंटे की मेहनत के बाद टैंकर को सुरक्षित रूप से सीधा किया गया। इसके बाद पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग और प्रतिबंध हटा दिए गए। मैनपुरी-घिरोर मार्ग पर यातायात फिर से शुरू हो गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता गैस रिसाव को रोकने के साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही।
पटना में बिहार पोल्ट्री और एक्वा एक्सपो शुरू, रोजगार के नए अवसर
पटना के ज्ञान भवन में चौथे बिहार पोल्ट्री एंड एक्वा एक्सपो-2026 का शुभारंभ हुआ, जिसमें 80 कंपनियों ने आधुनिक तकनीकें प्रदर्शित कीं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पोल्ट्री और एक्वा क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं पर जोर दिया, जो किसानों को नई जानकारी देगा।
योगी सरकार ने विशेष शिक्षकों और कार्यरत अध्यापकों के लिए स्पेशल टीईटी 2026 की प्रक्रिया स्पष्ट की है। टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को यह परीक्षा दोबारा नहीं देनी होगी, जबकि अन्य को 3 नवंबर 2026 को होने वाली परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा।
हांसी जिला पुलिस ने बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना हांसी ने निवेश के नाम पर 18.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पकड़ा और उससे 1.10 लाख रुपए बरामद किए। वहीं, सीआईए नारनौंद ने निर्माणाधीन 132 केवी बिजली घर से केबल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना हांसी पुलिस ने निवेश के नाम पर 18.50 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में अशोक देवदिगा को गिरफ्तार किया है। अशोक देवदिगा न्यू पनवेल वेस्ट, रायगढ़, महाराष्ट्र का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से 1 लाख 10 हजार रुपए बरामद किए हैं। शेयर निवेश में मोटे मुनाफे का दिया लालच सहायक उप निरीक्षक रामबिलास ने बताया कि हांसी के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मई 2025 में फेसबुक के जरिए उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी। इसके बाद व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। आरोपियों ने उसे यूएसडीटी (USDT) और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके लिए उसका ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट बनवाया गया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता ने जून से अगस्त 2025 के बीच अलग-अलग तरीकों से कुल 18 लाख 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। पीड़ित ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। साइबर थाना हांसी में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी अशोक देवदिगा को गिरफ्तार कर लिया। निर्माणाधीन बिजली घर से चुराई केबल दूसरी कार्रवाई में, सीआईए नारनौंद ने गांव किन्नर (मिर्चपुर) में निर्माणाधीन 132 केवी बिजली घर से केबल चोरी के मामले में टिंकू निवासी बास आजमशाहपुर, जिला हांसी को गिरफ्तार किया है। सीआईए नारनौंद के मुख्य सिपाही विजय कुमार ने बताया कि 3/4 अगस्त की रात अज्ञात चोरों ने निर्माणाधीन बिजली घर से कंट्रोल केबल को काटकर चोरी कर लिया था। इस संबंध में थाना नारनौंद में मामला दर्ज किया गया था। CIA टीम ने जांच के दौरान आरोपी टिंकू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे चोरी की गई केबल की बरामदगी और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान चोरी की गई केबल बरामद करने के साथ-साथ वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
अनूपपुर शहर की सड़कों पर बुलेट से पटाखों जैसी आवाज निकालने और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वालों पर यातायात पुलिस ने कार्रवाई की। बुधवार दोपहर से शुरू हुए इस अभियान में पुलिस ने शाम तक 13 बुलेट के मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए और चालकों पर 13 हजार का जुर्माना भी लगाया। जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि पुलिस टीम सामतपुर तिराहा, अमरकंटक तिराहा और अंडरब्रिज तिराहा पर लगातार चेकिंग कर रही है। चेकिंग के दौरान कंपनी के साइलेंसर बदलकर पटाखों जैसी आवाज निकालने वाली गाड़ियों को रोककर उनके साइलेंसर तुरंत निकाले गए और चालान काटा गया। लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया कि प्रदूषण कंट्रोल और पुलिस मुख्यालय के आदेश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। एसपी ने चालकों को सख्त हिदायत दी है कि सड़कों पर स्टंटबाजी और शोरबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाएगा। यातायात पुलिस ने साफ किया है कि यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
रामदेवरा मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 3 जोड़ी यानी कुल 6 नई मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इससे नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सीधी व सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन संख्या 04741 और 04742 श्रीगंगानगर-पोकरण मेला स्पेशल का संचालन 12 सितंबर से 26 सितंबर तक किया जाएगा। निर्धारित तिथियों में यह ट्रेन कुल 15 फेरे पूरी करेगी, जिससे दोनों तरफ के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इस मेला स्पेशल ट्रेन में कुल 17 कोच लगाए गए हैं। इनमें 15 साधारण श्रेणी (जनरल) के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं। ट्रेनों का टाइम टेबल ट्रेनों की वापसी यात्रा
मऊगंज जिले के नईगढ़ी में बुधवार शाम देवगना पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बाइक सड़क पर अचानक आए कुत्ते से टकरा गई। टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई। हादसे में बाइक चालक शंकर साकेत (36) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी नईगढ़ी में प्राथमिक उपचार के बाद रीवा रेफर किया गया। बाजार जाते समय सड़क पर आया कुत्ता शंकर साकेत वार्ड क्रमांक-7, नगर परिषद नईगढ़ी के रहने वाले हैं। बुधवार शाम वह बाइक से घर से नईगढ़ी बाजार की ओर जा रहे थे। देवगना पेट्रोल पंप के पास अचानक कुत्ता सड़क पर आ गया, जिससे बाइक उससे टकरा गई। सड़क पर गिरने से गंभीर चोट आईं कुत्ते से टकराने के बाद बाइक का संतुलन बिगड़ गया और शंकर सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत सीएचसी नईगढ़ी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद रीवा भेजा अस्पताल में डॉक्टरों ने शंकर का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर रीवा रवाना हो गए।
इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए 24 घंटे के भीतर 50 हजार से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन किया है। पार्टी का दावा है कि अब तक डेढ़ लाख से अधिक पंजीयन हो चुके हैं। इस उपलब्धि पर बुधवार शाम कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने परदेशीपुरा चौराहे पर आतिशबाजी की और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल हुए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की मौजूदगी में हुए आयोजन में कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रेशन की संख्या को लेकर खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों में सरकार के प्रति बढ़ता असंतोष पंजीयन के जरिए सामने आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के जुड़ने से प्रदेश भाजपा में भी हलचल मच गई है। छात्रों के मुद्दे उठाने का दावाशहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज उठा रही है। लोकसभा सत्र के दौरान राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। इससे छात्रों में उम्मीद जगी है कि राहुल गांधी के माध्यम से उनकी समस्याएं उठेंगी और उनका समाधान हो सकेगा। चौकसे ने कहा कि भाजपा की दिल्ली और भोपाल सरकार के रवैये को लेकर छात्रों में नाराजगी है। कांग्रेस विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी नाराजगी को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी।
पटना में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच निजी लैब में रैपिड किट से हो रही जांचों को स्वास्थ्य विभाग आधिकारिक पुष्टि के लिए मान्य नहीं मानता। इससे दो संदिग्ध मौतों के बाद जांच व्यवस्था और सरकारी आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं।
गोरखपुर में एक गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के बाथरूम में कैमरा लगाया गया था। एक छात्रा ने यह आरोप लगाते हुए मंगलवार की देर रात 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मोहद्दीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में कैंट थाने की पुलिस फोर्स पहुंची। बाथरूम में एक एंड्रायड मोबाइल रखा गया था, जिसका कैमरा ऑन था। कैमरे का फेस टॉयलेट की तरफ था। छात्रा का आरोप है कि मोबाइल चेक करने पर कई लड़कियों के वीडियो भी मिले हैं। जिन्हें पुलिस ने डिलीट भी कराया है। कुछ वीडियो वायरल भी हो रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि हॉस्टल की वार्डन ने अपना मोबाइल बाथरूम में रिकॉर्डिंग ऑन करके रखा था। वार्डन ने पुलिस को बताया कि लड़कियों के इधर-उधर सेनेटरी पैड फेंकने की वजह से रात में 10 बजे मोबाइल रिकॉर्डिंग मोड में ऑन करके बाथरूम में लगाया था। 20 कमरों में 26 लड़कियां रहती हैं कैंट इलाके के मोहद्दीपुर में एक गर्ल्स हॉस्टल चलता है। यहां 20 कमरों में 26 लड़कियां रहती हैं। ये सभी शहर के कॉलेजों में पढ़ने और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाली लड़कियां हैं। पुलिस के मुताबिक, 2 दिन पहले एक छात्रा हॉस्टल में आई है। 8 सितंबर को वह रात में बॉथरूम गई। इस दौरान उसकी नजर टीन शेड में फंसे मोबाइल पर पड़ी। फिर उसने पहले अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया। इसके बाद हॉस्टल की दूसरी लड़कियों को बुलाकर पूरी बात बताई। मोबाइल चेक करने पर 3 घंटे की रिकॉर्डिंग मिली जिस फोन से रिकॉर्डिंग की जा रही थी, वह सैमसंग कंपनी का 3 कैमरे वाला एंड्रायड मोबाइल था। उसमें 5-6 लड़कियों के बाथरूम में बैठने के वीडियो मिले। इसके बाद लड़कियों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। एक लड़की ने पुलिस को सूचना दे दी। साथ ही अपने घरवालों को भी इस बारे में बताया। कई लड़कियों ने वीडियो अपने मोबाइल में भी ले लिए। सूचना मिलते ही पीआरवी और कैंट पुलिस रात करीब 12 बजे गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। वहां महिला वार्डन लड़कियों को समझाने की कोशिश कर रही थीं। काफी देर तक हॉस्टल में हंगामा चलता रहा। पुलिस ने वार्डन का मोबाइल कब्जे में लेकर कई वीडियो डिलीट किए। लड़कियों के मोबाइल से भी वीडियो डिलीट कराए। इसके बाद भी कुछ वीडियो वायरल हो गए। किराए का घर लेकर हॉस्टल चलाती है महिला पुलिस के मुताबिक, घर के मालिक से बात हुई है। उन्होंने बताया कि महिला उनका घर किराए पर लेकर कई साल से गर्ल्स हॉस्टल चला रही है। आज तक कभी कोई शिकायत नहीं मिली। महिला वार्डन ने भी पुलिस को बताया कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह कैमरे लगाए हैं। उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेरी कोई गलत मंशा नहीं थी। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि रात को सूचना मिली थी। पुलिस टीम गई थी। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है। शिकायत मिलने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- योगी बोले- हम उनमें से नहीं, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जहन्नुम जाओगे सीएम योगी बुधवार को वाराणसी में थे। यहां उन्होंने पहले की सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा- घर से बाहर कैसे निकलें, 9 साल पहले यह सवाल था। कहां तक जाना है, आज यह सवाल है। पहले घर से बाहर निकलने में बेटियां डरती थीं, आज ऐसी कोई चिंता नहीं।हमने कह दिया है कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो दो ही जगह होगी- जेल या जहन्नुम। हम उन लोगों में नहीं हैं कि वोटबैंक के लिए किसी माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं। पढ़ें पूरी खबर...
बालाघाट के किरनापुर थाने में एक गर्भवती महिला ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। महिला सावित्री चौधरी के चेहरे पर आज भी पुलिस का डर साफ दिखाई देता है, जबकि घटना को एक सप्ताह से ज्यादा हो गया है। बुधवार को सावित्री ने बताया कि वह कपड़े सिल रही थी, तभी बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के चार पुलिसकर्मी उनके घर आए। वे उन्हें और उनके पति को थाने ले गए, जहां उनके साथ पट्टे और डंडे से मारपीट की गई। क्या कहते हैं नियम महिला अधिवक्ता माधुरी कटरे ब्रम्ह ने बताया कि नियमानुसार, किसी भी महिला से सूर्यास्त से लेकर सूर्योदय तक पूछताछ नहीं की जा सकती है। साथ ही, किसी भी महिला पर कानूनी कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मी का मौजूद रहना अनिवार्य है। एसपी ने की कार्रवाई इस मामले के सामने आने के बाद 7 सितंबर को एसपी आदित्य मिश्रा ने किरनापुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी टीम बनाई गई है, जिससे दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। एसआईटी गठित हुए दो दिन बीत चुके हैं, पीड़िता सावित्रीबाई का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, अब तक इस मामले में उनके बयान नहीं लिए गए हैं।
सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण और डिजिटल माध्यमों से जोड़ने के उद्देश्य से जयपुर में विशेष ‘फिल्म-इन-एजुकेशन’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। सोमरंजन फाउंडेशन, उदयपुर की ओर से बुबुगाओ कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से आयोजित कार्यशाला में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का आयोजन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पानों का दरीबा और सुभाष चौक स्थित राजकीय विद्यालय में किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को मोबाइल फिल्ममेकिंग के माध्यम से फिल्म निर्माण और डिजिटल कंटेंट तैयार करने की बारीकियों से परिचित कराया गया। मोबाइल बना रचनात्मकता का माध्यम कार्यशाला में विद्यार्थियों को स्टोरीटेलिंग, कंटेंट क्रिएशन, कैमरा संचालन, वीडियो मेकिंग और एक्टिंग सहित विभिन्न डिजिटल एवं रचनात्मक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से कहानी को दृश्य रूप देने, कैमरे के अलग-अलग एंगल समझने और वीडियो तैयार करने की प्रक्रिया को करीब से जाना। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि प्रभावी कहानी कहने के लिए केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि विषय की समझ, रचनात्मक सोच और प्रस्तुति भी महत्वपूर्ण होती है। विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने के साथ ही इन तकनीकों को स्वयं आजमाकर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। डिजिटल युग में नए अवसरों से परिचित कराना उद्देश्य सोमरंजन फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. बेला मलिक ने बताया- कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को फिल्ममेकिंग, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल स्किल्स में दक्ष बनाना है। उन्होंने कहा- डिजिटल माध्यमों के तेजी से विस्तार के साथ इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए करियर के नए अवसर सामने आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही इन कौशलों से परिचित कराना उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने में मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा- मोबाइल फोन आज केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम भी बन चुका है। इसके सही इस्तेमाल के जरिए विद्यार्थी अपनी कहानियों और विचारों को व्यापक मंच तक पहुंचा सकते हैं। आयोजक ऋषभ जैन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी मोबाइल फिल्ममेकिंग और डिजिटल स्किल्स जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी और रचनात्मक कौशल का विकास भी महत्वपूर्ण है। इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को तकनीक के रचनात्मक इस्तेमाल की दिशा दिखाने के साथ उनके आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता को भी मजबूत कर सकती हैं। विद्यार्थियों ने सीखा कहानी को पर्दे तक पहुंचाने का तरीका कार्यशाला में विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण की शुरुआती अवधारणाओं से लेकर वीडियो तैयार करने तक की प्रक्रिया को समझा। मोबाइल से शूटिंग करने, दृश्य की योजना बनाने, अभिनय करने और कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने जैसे पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का संचालन सोमरंजन फाउंडेशन की ट्रेनर्स सुनाक्षी और दिव्यांश गोयल ने किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ गतिविधियों में हिस्सा लिया और मोबाइल के माध्यम से रचनात्मक कंटेंट तैयार करने का अनुभव प्राप्त किया।
बिहार में 26 जिलों के लगभग 42 हजार सरप्लस शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है, जिसमें शिक्षकों को उनके दिए गए विकल्प वाले विद्यालय मिले हैं।
जगराओं में रायकोट रोड पर सोनालीका ट्रैक्टर एजेंसी के पास बुधवार को चलते मोटरसाइकिल में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। मोटरसाइकिल सवार युवक ने समय रहते छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते बाइक आग के गोले में तब्दील हो गई। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। मोटरसाइकिल मालिक गगनदीप सिंह निवासी चुंगी नंबर-5 ने बताया कि उनके पल्सर मोटरसाइकिल की टंकी वाली मोटर में खराबी थी। उन्होंने इसे जगराओं स्थित बजाज एजेंसी से ठीक करवाया था। इसके बाद वह अपने दोस्त कुलदीप सिंह के साथ मोटरसाइकिल लेकर वापस लौट रहे थे। घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बना गगनदीप के अनुसार, जब वे रायकोट रोड पर सोनालीका एजेंसी के पास पहुंचे तो अचानक मोटरसाइकिल में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी। स्थिति को देखते हुए कुलदीप सिंह ने तुरंत मोटरसाइकिल से छलांग लगा दी और सुरक्षित बच गए। आग की लपटें देखकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग लगने से मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आसपास काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अग्रोहा के किरमारा धाम की पार्किंग से चोरी हुई आल्टो कार के मामले में थाना अग्रोहा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई कार भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेंद्र निवासी बन मन्दोरी, जिला फतेहाबाद के रूप में हुई है। थाना प्रभारी अग्रोहा निरीक्षक ईश्वर सिंह ने बताया कि सिवानी बोलान निवासी प्रदीप कुमार ने 12 अगस्त 2026 को शिकायत दी थी कि वह किरमारा धाम में धोक मारने के लिए आया था। उसने अपनी आल्टो कार धाम के बाहर पार्किंग में खड़ी की थी। करीब दो घंटे बाद वापस लौटने पर कार वहां से गायब मिली। शिकायत के आधार पर थाना अग्रोहा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी से मिला सुराग मामले की जांच ASI विनोद कुमार की टीम द्वारा की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ साइबर सेल की सहायता ली। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी राजेंद्र की निशानदेही पर चोरी की गई आल्टो कार बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान उससे वारदात के संबंध में पूछताछ करने के साथ यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह वाहन चोरी की अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है या नहीं। वाहन चोरी पर पुलिस की कार्रवाई जारी पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धांत जैन ने कहा कि जिले में वाहन चोरी सहित संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जा रहा है।
हत्यारों को फांसी दो, हत्यारों का एनकाउंटर करो जैसे नारे लगाते हुए कारोबारी अमित गुप्ता के परिजनों ने बुधवार शाम कैडिंल मार्च निकाला। ओम चौराहे से परिजन और मोहल्ले के लोग नीरक्षीर चौराहे पर पहुंचे और चौक पर मोमबत्तियां जलाते हुए बैनर लगाकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। कैंडल मार्च निकाले जाने की जानकारी पाकर काकादेव थाने का फोर्स पहुंचा। आक्रोशित परिजनों ने अल्टीमेटम दिया कि चार दिन का समय दे रहे है, अगर घटना का खुलासा नहीं हुआ तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद परिजन घर लौट गए कैंडल मार्च के दौरान चौतरफा जाम लग गया, जिसे खुलवाने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सिर पर ईंट से ताबड़-तोड़ वारकर मारा काकादेव नवीन नगर निवासी कारोबारी अमित कुमार गुप्ता की गड़रियनपुरवा में खरादी की दुकान और ओम चौराहे पर मार्केट है। बेटे रुद्र प्रताप ने बताया कि शनिवार देर रात पिता दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी ओम चौराहे के पास चार युवक नशे की हालत में गाली गलौज कर रहे थे, इस दौरान एक युवक बीच सड़क पर टायलेट करने लगा। इस पर पिता ने टोका तो आरोपी और उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर चारों ने ईंट से ताबड़तोड़ सिर पर कई वार कर दिए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद हमलावर उनके पैर पर कार चढ़ाते हुए भाग निकले। सोमवार देर रात अनुराग हास्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बुधवार शाम कारोबारी के दोनों बेटों रुद्रप्रताप और अर्पित उर्फ निहाल के साथ ही पत्नी शिवानी, दोनों भाई मनोज व राकेश ने मुहल्ले वालों के साथ मिलकर ओम चौराहे से करीब 100 लोगों के साथ कैडिंल मार्च निकाला। परिजनों ने हत्यारों का इनकाउंटर करने उन्हें फांसी देने जैसी मांगों को लेकर नारेबाजी की और नीरक्षीर चौराहे पर बैनर लगाकर चौक पर मोमबत्तियां लगाई। इस दौरान काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम फोर्स के साथ पहुंचे। कैंडिल मार्च के दौरान चौतरफा जाम लग गया। घटना के बाद परिजन नारेबाजी करते हुए वापस घर लौट गए। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता, विजय नगर निवासी कुशल श्रीवास्तव समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
टीकमगढ़ में बुधवार शाम करीब 7 बजे सेल सागर चौराहे से कोतवाली रोड तक लंबा जाम लग गया। करीब आधे घंटे तक चौराहे के चारों रास्तों पर वाहनों की कतारें लगी रहीं। बाजार में भीड़ और सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण लोगों को परेशानी हुई। ट्रैफिक पुलिसकर्मी के नहीं होने से बढ़ी परेशानी स्थानीय निवासी सोमिल खान ने बताया कि चौराहे पर आमतौर पर एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहता है। बुधवार शाम पुलिसकर्मी के मौके पर नहीं होने से वाहन चालक मनमाने तरीके से निकलने लगे। इससे जाम और बढ़ गया। लोगों ने खुद ही वाहनों को निकालने की कोशिश की। मुख्य बाजार में चार पहिया वाहनों पर रोक की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में चार पहिया वाहनों और टैक्सियों की आवाजाही सीमित की जाए। सड़क किनारे लगने वाली दुकानें और हाथ ठेले हटाने की भी मांग की गई है। लोगों के मुताबिक इससे बाजार में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकती है। सिविल लाइन रोड पर सड़क किनारे बसों की पार्किंग सिविल लाइन रोड पर दोनों तरफ वाहनों की पार्किंग और खाने-पीने के ठेलों से भी यातायात प्रभावित हो रहा है। पुलिस लाइन के मुख्य गेट के सामने चार स्कूल बसें सड़क किनारे खड़ी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे सड़क संकरी हो जाती है और हादसे का खतरा बना रहता है। योजनाओं के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं मुख्य बाजार की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पहले कई योजनाएं बनाई जा चुकी हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार उनका असर जमीन पर नहीं दिख रहा है। जाम और सड़क किनारे पार्किंग की समस्या लगातार बनी हुई है।
पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने बिहार में रेल ओवरब्रिज (आरओबी) और पहुंच पथ निर्माण कार्यों की समीक्षा की, जिसमें 55 में से 8 आरओबी पूरे हो चुके हैं।
भारतीय वायुसेना (IAF) 14 से 16 सितंबर 2026 तक राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में एक मेगा अभ्यास 'ड्रोनाथन-2026' का आयोजन करने जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस उच्चस्तरीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना और अत्याधुनिक स्वदेशी मानव रहित हवाई प्रणालियों, काउंटर-यूएएस यानी एंटी-ड्रोन तकनीकों की परिचालन क्षमता का परीक्षण करना है। इस विशाल आयोजन में देश भर की शीर्ष रक्षा निर्माता कंपनियां, उभरते हुए स्टार्टअप्स, शोध संस्थान और भारतीय वायुसेना व तीनों सेनाओं के उच्चाधिकारी भाग लेंगे। पोकरण की भीषण गर्मी, रेतीले तूफानों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच स्वदेशी ड्रोन निर्माता अपने उत्पादों का सजीव और कठिन परीक्षण प्रस्तुत करेंगे। भाग लेने वाली प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनियां और स्टार्टअप्स 'ड्रोनाथन-2026' में भारत के रक्षा उद्योग के कई प्रमुख खिलाड़ी और अग्रणी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स शामिल हो रहे हैं। कौन-कौन से प्रमुख ड्रोन लेंगे हिस्सा और क्या होगी उनकी खासियत? इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से चार श्रेणियों के ड्रोन और उनसे जुड़ी प्रणालियों को पोकरण के आसमान में उतारा जाएगा: पोकरण में प्रदर्शन का स्वरूप और परीक्षण के कड़े मानक पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज अपनी अत्यधिक गर्मी, रेतीली तेज हवाओं और खुले इलाके के लिए पहचानी जाती है। वायुसेना के लिए यह इलाका वास्तविक युद्ध का माहौल तैयार करता है। भविष्य के युद्धों और वायुसेना के लिए 'ड्रोनथान-2026' का महत्व हाल ही में रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व के युद्धों ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्धों का रुख अब सस्ते, सटीक और घातक ड्रोन के हाथों में है। भारतीय वायुसेना 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत विदेशी रक्षा प्रणालियों पर अपनी निर्भरता पूरी तरह समाप्त करना चाहती है। 'ड्रोनाथन-2026' के माध्यम से वायुसेना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ सीधे रक्षा सौदे करेगी। इससे न केवल भारतीय रक्षा उद्योग को अरबों रुपये का बल मिलेगा, बल्कि सीमाओं (चीन व पाकिस्तान बॉर्डर) पर तैनात भारतीय सेना को पलक झपकते ही आधुनिक और अभेद्य ड्रोन तकनीक से लैस किया जा सकेगा। प्रमुख स्वदेशी ड्रोन एवं उनकी क्षमताएं
पेंशन सत्यापन से लेकर स्मार्ट क्लास तक, यूपी में सरकारी योजनाओं को 'AI' से रफ्तार दे रही योगी सरकार
योगी सरकार उत्तर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सुशासन को नई दिशा दे रही है। समाज कल्याण विभाग शिक्षा, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी अहम योजनाओं में AI का उपयोग कर पारदर्शिता और गति बढ़ा रहा है, जिससे लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।
सिरसा जिले के डबवाली स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों को नशे के बुरे असर के प्रति जागरूक करने के लिए एक पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। यह कार्यक्रम कॉलेज की एंटी ड्रग कमेटी के संयोजक सुरेश कुमार के निर्देशों पर हुआ। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विक्रम बंसल ने इसकी अध्यक्षता की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अलग-अलग पोस्टरों के जरिए नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान को अच्छे से दिखाया। इन पोस्टरों से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। युवा देश का भविष्य, नशे से दूर रहें : डॉ. विक्रम इस मौके पर प्राचार्य डॉ. विक्रम बंसल ने विद्यार्थियों से कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर देश बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने एंटी ड्रग कमेटी के जागरूकता प्रयासों की तारीफ भी की। एंटी ड्रग कमेटी के संयोजक सुरेश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद विद्यार्थियों को नशे के बुरे असर के बारे में बताना है। साथ ही उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक करना है, ताकि वे खुद भी नशे से दूर रहें और दूसरे लोगों को भी जागरूक कर सकें। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज का स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,783 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका लक्ष्य 2029-30 तक पूरा होना है।
भोपाल स्थित नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर एनएसओ छात्र संगठन का धरना बुधवार को लगातार 33वें दिन भी जारी रहा। संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने नर्सिंग काउंसिल कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने मंत्री और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नर्सिंग शिक्षा संचालक बीनू कुशवाहा और नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार उपेंद्र धोते को पद से हटाने की मांग की है। फर्जी शिक्षक स्टाफ के बावजूद मिल रही मान्यता का आरोपसंगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर ने बताया कि प्रदेश के सभी नर्सिंग कॉलेजों में फर्जी नर्सिंग शिक्षक स्टाफ होने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार और नर्सिंग काउंसिल भोपाल द्वारा सत्र 2026-27 की मान्यता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में सत्र 2026-27 की मान्यता के लिए भरे गए ऑनलाइन फॉर्म में करीब छह दर्जन से ज्यादा ऐसे नर्सिंग स्टाफ के दस्तावेज पाए गए, जो पहले से ही सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं। इसके बावजूद इन कॉलेजों की मान्यता रद्द नहीं की गई, बल्कि बाकी बचे कॉलेजों को भी मान्यता देने की तैयारी की जा रही है। अवैध कमाई का आरोप, ऊपर तक पहुंचने की बातगोपाल पाराशर ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार और नर्सिंग शिक्षा संचालक बीनू कुशवाहा द्वारा जमकर अवैध कमाई की जा रही है और इस अवैध कमाई का हिस्सा ऊपर के अधिकारियों व मंत्रियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से लगातार मांग की जा रही है कि नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के बाद ही मान्यता दी जाए, ताकि फर्जी और डुप्लीकेट फैकल्टी पर रोक लग सके, लेकिन संतरी से लेकर मंत्री तक इस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में भी स्थायी शिक्षकों की जगह डेप्युटेशन पर आए हॉस्पिटल नर्सिंग स्टाफ को शिक्षक के तौर पर दिखाया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि सभी सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों के स्टाफ की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर मान्यता रद्द करने की कार्यवाही की जाए। पुराने सत्रों के छात्रों का भविष्य अब भी अधर मेंसंगठन ने बताया कि 2020, 2021 और 2022 सत्र के छात्र बीते छह साल से रिजल्ट, परीक्षा और स्कॉलरशिप जैसी समस्याओं को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक इनका कोई समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि जब सरकार और काउंसिल ने ही मान्यता दी थी, तभी छात्रों ने नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन लिया था, इसलिए फर्जी मान्यता देने और हाईकोर्ट में केस लगने का जिम्मेदार छात्रों को नहीं ठहराया जा सकता। संगठन ने मांग की कि फर्जी मान्यता देकर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले सभी दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जाए, और जिस तरह से भी संभव हो, सभी प्रभावित छात्रों के रिजल्ट, आगामी परीक्षा और स्कॉलरशिप की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। साथ ही आगे भ्रष्टाचार रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और नर्सिंग शिक्षकों के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए। मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नर्सिंग व पैरामेडिकल शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है, क्योंकि नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों को मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से हटाकर क्षेत्रीय यूनिवर्सिटीज़ में जोड़ दिया गया है। उनका कहना है कि इन कॉलेजों को दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज मेडिकल शिक्षा के अंतर्गत आते हैं और मेडिकल यूनिवर्सिटी से मिली डिग्री की वैल्यू सरकारी नौकरी और विदेशों में कहीं ज्यादा मानी जाती है। आगे की रणनीति -दिल्ली और CM आवास तक पहुंचेगा आंदोलन संगठन ने चेतावनी दी है कि आगे मुख्यमंत्री आवास पर और दिल्ली में भी आंदोलन व ज्ञापन दिया जाएगा, साथ ही अब काउंसिल के भीतर घुसकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन माननीय हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है। संगठन ने मांग की कि फर्जी फैकल्टी लगाने वाले कॉलेजों की मान्यता रद्द की जाए, जिन सरकारी कर्मचारियों के दस्तावेज कॉलेजों में लगाए गए हैं उनकी डिग्री व रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाए, इन कॉलेजों की मान्यता खत्म की जाए और सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए, ताकि भविष्य में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके। इसके अलावा संगठन ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने की अपील की है।
जोधपुर में 3 दिन पहले दो बदमाशों ने नशे में तलवार और चाकू दिखाकर दो अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर लूट की वारदात की थी। पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे उचियाड़ा स्थित जाणियों की ढाणी में दबिश देकर मुख्य आरोपी राकेश जाणी उर्फ रोकी (27) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की कार भी जब्त कर ली है। बता दें कि 7 सितंबर की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच आरोपी सफेद रंग की कार से गुड़ा विश्नोइयान स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे थे। गाड़ी से उतरने के बाद बदमाशों ने हाथ में तलवार और चाकू लेकर पंप कर्मचारी सुंदरलाल को उठाया। इसके बाद चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए 7,300 नकदी और मोबाइल छीन लिया। मैनेजर बाबूराम बचाव के लिए दौड़े तो आरोपियों ने उन पर भी तलवार से हमले का प्रयास किया। आरोपियों ने डांगियावास स्थित सुरेंद्र गोदारा फिलिंग स्टेशन पर भी उसी रात लूट करना स्वीकार किया है। घटना के बाद विवेक विहार थानाधिकारी भवानीसिंह निपु के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों के हुलिए की पहचान की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पकड़ा आरोपी राकेश से मिली जानकारी के आधार पर सह-आरोपी रवि विश्नोई (19) को पकड़ने डोली गांव बालोतरा में पुलिस टीम पहुंची। पुलिस को देखकर रवि खेत की तरफ भागने लगा। इस पर कॉन्स्टेबल कैलाश और शैतानाराम ने लगभग 1 किलोमीटर तक पीछा कर उसे दौड़कर दबोच लिया। DCP कमल शेखावत ने आमजन से सुरक्षा के लिहाज से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगाने की अपील की है। बता दें कि आरोपियों ने डांगियावास थाना क्षेत्र में भी वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों को डिटेन किया था।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान में बुधवार को पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने निपानिया और टिगरिया के कंजर डेरों पर दबिश देकर करीब 2400 किलो महुआ लाहन जब्त किया। इसकी कीमत करीब 2.40 लाख रुपए बताई गई है। मामले में आबकारी कानून के तहत तीन केस दर्ज किए गए हैं। दोनों जगह से लाहन बरामद किया जिला आबकारी अधिकारी आरसी बारोड़ के निर्देश पर टीम ने निपानिया और टिगरिया में कार्रवाई की। मौके से महुआ लाहन बरामद कर उसके सैंपल लिए गए। लाहन को मौके पर नष्ट किया सैंपल लेने के बाद टीम ने बाकी लाहन को फैलाकर नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में किया जा रहा था। आबकारी कानून के तहत तीन केस दर्ज मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(च) के तहत तीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मामले से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। आगे भी जारी रहेगा अभियान कार्रवाई कलेक्टर ऋजु बाफना और एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर की गई। इसमें मोहन बड़ोदिया थाने की पुलिस के साथ सहायक जिला आबकारी अधिकारी निमिषा परमार, आबकारी उप निरीक्षक सुरेश पटेल, महेंद्र परमार और प्रहलाद सिंह चौहान समेत विभाग के कर्मचारी शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
श्योपुर निषादराज भवन में बुधवार को आयोजित पंच-सरपंच सम्मेलन में जमकर हंगामा हो गया। सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के भाषण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने गांवों में विकास काम ठप होने पर तीखे सवाल दाग दिए। बात इतनी बढ़ गई कि मंच पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सांसद जब मंच से सरकारी योजनाओं और 60 नई सड़कों की मंजूरी का दावा कर रहे थे, तभी पच्चीपुरा के उप सरपंच महेंद्र सिंह गुर्जर अपनी जगह खड़े हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गांव में डेढ़ किलोमीटर सड़क की मांग बरसों से पेंडिंग है। जब उप सरपंच सवाल पूछते हुए मंच की तरफ बढ़े, तो अफसरों ने उन्हें रोका। इस बीच सांसद भाषण खत्म कर वहां से रवाना हो गए। काम न मिलने से नाराजगी सांसद के जाने के बाद बाकी सरपंचों ने भी जमकर हंगामा किया। प्रतिनिधियों का कहना था कि पहले मनरेगा में काम नहीं मिल रहा था और अब नई योजनाओं से भी पंचायतों को बजट नहीं मिल पा रहा, जिससे गांवों में विकास रुक गया है। वहीं बर्धा सरपंच कप्तान जाट ने आरोप लगाया कि पंचायतों की सफाई के लिए आने वाला पैसा सरपंचों तक पहुंच ही नहीं रहा है। नाश्ते पर भी भड़के अव्यवस्थाओं से नाराज पंच-सरपंचों का गुस्सा आयोजन के इंतजामों पर भी फूटा। प्रतिनिधियों ने परोसे गए घटिया नाश्ते को लेकर जमकर विरोध जताया और कार्यक्रम के आयोजकों को खरी-खोटी सुनाई। सम्मेलन में दिनभर पंचायत प्रतिनिधियों की नाराजगी के चलते माहौल गरमाता रहा।
नगर निगम के ब्रह्मनपुरी वार्ड से भाजपा पार्षद योगेश जोहरी (55) का बुधवार शाम दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। करीब 10 दिन पहले अचानक पेट में परेशानी होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। स्थानीय डॉक्टरों से उपचार के बाद उन्हें करीब एक सप्ताह पहले दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में किडनी से जुड़ी परेशानी सामने आने के बाद उनका इलाज चल रहा था। बुधवार शाम निधन की खबर मिलते ही नगर निगम के पार्षदों, परिजनों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। योगेश जोहरी पार्षद होने के साथ हार्डवेयर का कारोबार भी करते थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद पहले अलीगढ़ में उपचार कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दिल्ली ले गए थे। 15 साल के बेटे समेत तीन बच्चों को छोड़ गए परिजनों के मुताबिक योगेश जोहरी अपने पीछे तीन बच्चों, 15 वर्षीय बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार में मातम पसरा है। परिजन दिल्ली से शव लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं। देर रात शव अलीगढ़ पहुंचने की संभावना है। अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह होगा। पार्षदों और भाजपा नेताओं ने जताया शोक निधन पर भाजपा की शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा, पार्षद दल के मुख्य सचेतक पुष्पेंद्र सिंह जादौन, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश उपाध्याय मांची समेत पार्षदों और शुभचिंतकों ने शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने योगेश जोहरी के निधन को नगर निगम और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
उत्तराखंड में दिसंबर से होने वाली जनगणना के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें विभागों को कार्मिक उपलब्ध कराने से इनकार करने पर कार्रवाई होगी।
नालंदा से जारी 180 सिम कार्ड से 24 राज्यों में 65 लाख की साइबर ठगी, चार गिरफ्तार
नालंदा के बिहारशरीफ से जारी 180 सिम कार्ड का उपयोग कर देश के 24 राज्यों में 65 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई। बिहार पुलिस ने इस मामले में दो टेलीकॉम रिटेलर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।
झांसी में दो मंजिला मकान में आग लगी:माता-पिता को बचाने अंदर घुसा बेटा, तीनों झुलसे, दो स्कूटी भी जली
झांसी में बुधवार को दो मंजिला मकान में आग लग गई। इससे पोर्च एरिया में खड़ी दो स्कूटी धूं-धूं कर जलने लगी और दंपती कमरे के अंदर फंस गए। कॉलोनी के लोग पानी डालकर आग पर काबू पाने लगे। तभी उनका बेटा पहुंच गया। माता-पिता को आग में घिरा देखकर वह घर के अंदर घुस गया। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पा लिया। लेकिन तब तक दंपती और उनका बेटा झुलस चुके थे। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सराय मोहल्ले का है। पति दिव्यांग, पत्नी के पैर में रॉड डली सराय मोहल्ला निवासी रमेश साहू (57) मुंबई में ट्रेलर का काम करते हैं। 10 दिन पहले ही वह घर आए थे। यहां उनकी पत्नी बबीता साहू (50) और तीन बेटे रहते हैं। रमेश दिव्यांग हैं, जबकि बबीता का कुछ समय पहले पैर टूट गया था। लगभग बीस दिन पहले ही उनके पैर का प्लास्टर कटा है। अभी उनको चलने-फिरने में दिक्कत है। बुधवार को बबीता खाना बना रही थी। दो बेटे छत पर थे, जबकि तीसरा बेटा राजा (21) बाहर गया था। बेटे प्रिंस ने बताया- मकान के पोर्च एरिया में दो स्कूटी खड़ी थी। इस दौरान शॉर्ट सर्किट से दोनों स्कूटी में आग लग गई। जो बढ़कर मकान में फैल गई। इस वजह से माता-पिता भाग नहीं पाए और लपटों में घिर गए। आग देख कॉलोनी के अमजद मंसूरी समेत अन्य लोगों ने पानी डाला। तब तक राजा भी आ गया। माता-पिता को अंदर फंसा देखकर वह आग के बीच में घर के अंदर घुस गया। किसी तरह लोगों ने आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक रमेश, उनकी पत्नी बबीता और बेटा राजा झुलस चुके थे। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आग से दोनों स्कूटी भी जल गई।
डिंडौरी जिले के शहपुरा तहसील के बिछिया गांव में बुधवार को जमीन के विवाद में एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ सोनम राय को जमीन का कब्जा दिलाने पहुंची थी। टीम के लौटते ही जमीन पर पहले कब्जा रखने वाले श्याम लाल राय का बेटा राजू राय टावर पर चढ़ गया और कूदने की धमकी देने लगा। करीब दो घंटे बाद समझाने पर वह नीचे उतरा। सीमांकन के बाद सोनम राय को मिला कब्जा शहपुरा तहसीलदार आरपी मार्को के मुताबिक सोनम राय की जमीन का कब्जा दिलाने का आदेश था। इसी के तहत राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ बिछिया गांव पहुंची। जमीन का सीमांकन करने के बाद सोनम राय को कब्जा दिलाया गया। चचेरे भाई ने टावर पर चढ़कर विरोध किया जमीन पर सोनम राय के बड़े पिता श्याम लाल राय का कब्जा था। टीम के लौटने के दौरान श्याम लाल का बेटा राजू राय मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने नीचे कूदने की धमकी दी और जमीन पर कब्जा दिलाने का विरोध किया। अधिकारियों ने समझाकर युवक को नीचे उतारा राजस्व और पुलिस अधिकारियों ने राजू राय को समझाया कि जमीन उसके नाम पर नहीं है। परिजनों और अधिकारियों की समझाइश के बाद करीब दो घंटे बाद वह टावर से नीचे उतर आया। सरकारी काम में बाधा की शिकायत होगी तहसीलदार आरपी मार्को ने बताया कि राजू राय के खिलाफ बिछिया पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इसमें सरकारी काम में बाधा डालने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया जाएगा।
मध्य प्रदेश राज्य ट्रायथलॉन अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी अन्वी खंडूरी ने ICSE नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित इस अकादमी की खिलाड़ी अन्वी ने प्रतियोगिता की 50 मीटर बैकस्ट्रोक एवं 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किए। 50 मीटर और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में दिखाया दमखम अन्वी खंडूरी ने अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय देते हुए 50 मीटर बैकस्ट्रोक तथा 200 मीटर बैकस्ट्रोक, दोनों ही स्पर्धाओं में कांस्य पदक प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उनका यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। निरंतर मेहनत और अनुशासन लाया रंग अन्वी की इस उपलब्धि के पीछे उनकी लगातार मेहनत, अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण की अहम भूमिका रही है। मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी में उन्हें जो उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल रहा है, उसी की बदौलत वे अपनी खेल प्रतिभा को लगातार निखार पा रही हैं। अकादमी में जश्न का माहौल अन्वी खंडूरी की इस उपलब्धि से मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी में खुशी की लहर दौड़ गई है। अकादमी के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने उन्हें दो कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उनकी इस सफलता को प्रदेश की उभरती हुई खेल प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान ICSE नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में दो पदक जीतकर अन्वी खंडूरी ने न सिर्फ अपनी प्रतिभा साबित की है, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का गौरव भी बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि यह भी दर्शाती है कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को कितना बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मुहैया कराया जा रहा है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने दी हार्दिक बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने अन्वी खंडूरी को ICSE नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीतने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अन्वी का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने अन्वी के उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगामी प्रतियोगिताओं में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
महासमुंद जिले में संभाग स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं को लेकर शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि विभाग ने पहले से तय आयोजन स्थल बदलकर प्रतियोगिता दूसरे स्थान पर करा दी, लेकिन नए स्थल पर खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाओं का पर्याप्त इंतजाम नहीं था। गर्मी, जगह की कमी, शौचालय और छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम नहीं होने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। आयोजन स्थल की कथित अव्यवस्थाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। 8 सितंबर को बसना में आयोजित प्रतियोगिता में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी और बलौदाबाजार समेत कई जिलों से 200 से ज्यादा खिलाड़ी पहुंचे थे। प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने पहुंचे खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने आयोजन स्थल की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। शिकायतकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र देकर आयोजन स्थल बदलने और व्यवस्थाओं में सुधार कराने की मांग की है। टीन शेड के नीचे गर्मी से परेशान हुए खिलाड़ी शिकायत के मुताबिक, आयोजन स्थल पर टीन शेड होने के कारण अंदर काफी गर्मी थी। वहां पंखे और कूलर लगाए गए थे, लेकिन खिलाड़ियों का आरोप है कि इसके बावजूद गर्मी से पर्याप्त राहत नहीं मिली। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि खिलाड़ियों की सेहत और खेल सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल का चयन किस आधार पर किया गया। संभाग स्तर की प्रतियोगिता में चार जिलों से 200 से ज्यादा खिलाड़ियों के पहुंचने की संभावना पहले से थी। इसके बावजूद आयोजन स्थल की क्षमता और वहां उपलब्ध सुविधाओं का पर्याप्त आकलन किया गया या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। छोटी जगह में बैठने और आराम की भी दिक्कत शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आयोजन स्थल की जगह खिलाड़ियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसके चलते खिलाड़ियों को बैठने, आराम करने और प्रतियोगिता के आयोजन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि जिस प्रतियोगिता में उन्हें अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और बेहतर प्रदर्शन के लिए पहुंचना था, वहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए ही परेशान होना पड़ रहा है। शौचालय कम, छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम नहीं व्यवस्थाओं को लेकर सबसे गंभीर शिकायत शौचालय और चेंजिंग रूम को लेकर सामने आई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में वॉशरूम नहीं हैं। वहीं, छात्राओं के लिए अलग चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी नहीं की गई। यह स्थिति केवल आयोजन की व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि छात्राओं की सुविधा, निजता और गरिमा से भी जुड़ी है। ऐसे में इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता के लिए आयोजन स्थल का चयन और वहां की तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खिलाड़ियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाले आयोजन स्थल की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर खिलाड़ियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। इन वीडियो में खिलाड़ियों की ओर से गर्मी, जगह की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर नाराजगी जताई गई है। सोशल मीडिया पर सामने आए इन वीडियो के बाद आयोजन की तैयारियों और स्थल चयन को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। खिलाड़ियों और अभिभावकों का कहना है कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अभिभावकों ने कहा- बच्चों की सुविधाओं से समझौता ठीक नहीं अभिभावकों का कहना है कि बच्चे उत्साह और उम्मीद के साथ संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। ऐसे में पेयजल, बैठने की पर्याप्त जगह, शौचालय और छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आयोजन की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता कर प्रतियोगिता कराना उचित नहीं है। खासकर जब आयोजन स्थल पहले से तय होने के बाद बदला गया हो, तो नए स्थल का चयन करने से पहले वहां की व्यवस्थाओं का पूरा आकलन किया जाना चाहिए था। कोच पर वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया इसी बीच सोशल मिडिया में वीडियो पोस्ट करने और वीडियो बनाए जाने का विरोध करते हुए प्रबंधन के लोगों ने सेमरिया से आए हुए कोच के साथ दुर्व्यवहार करते हुए कॉलर पकड़ा कर वीडियो डिलीट करने का दबाव भी बनाया गया। साथ ही शाम 5 बजे जिस खेल का ससमापन होना था वहां अव्यवस्था के चलते देर रात तक खेल चलते रहे। पहले तय जगह बदली, नए स्थल की तैयारी पर सवाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल आयोजन स्थल बदलने को लेकर है। जब प्रतियोगिता के लिए पहले से स्थान निर्धारित था, तो उसे बदलकर नया स्थल चुनने से पहले क्षमता, गर्मी से बचाव, पेयजल, शौचालय, छात्राओं के चेंजिंग रूम, बैठने की जगह और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की गई थी या नहीं, यह सवाल अब उठ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन देकर तत्काल व्यवस्था सुधारने और जरूरत पड़ने पर आयोजन स्थल बदलने की मांग की हैसाथ ही शाम 5 बजे जिस खेल का ससमापन होना था वहां अव्यवस्था के चलते देर रात तक खेल चलते रहे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ……………… इस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए 16 किमी पैदल चलीं छात्राएं, प्रिंसिपल हटाए गए:वॉर्डन को नोटिस, स्कूल में 3 महीने से बिजली बंद, पढ़ाई और सफाई की समस्या थी सरगुजा के शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राएं सोमवार को 16 किमी पैदल चलकर कलेक्टर के पास पहुंचीं और अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने बताया कि स्कूल में 3 महीने से बिजली नहीं है, फिजिक्स-केमेस्ट्री की पढ़ाई ठीक नहीं हो रही और मेस की सफाई व्यवस्था भी खराब है। …पढ़िए पूरी खबर
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर में हुए रोड शो को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति रोड शो किए जाने के कारण जयपुर की जनता को करीब पांच घंटे तक जाम और यातायात अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। खाचरियावास ने कहा- रोड शो के कारण आम लोगों, व्यापारियों, कर्मचारियों और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा- जो मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान बिना अनुमति प्रतिबंधित वॉल सिटी में रोड शो कर जनता को घंटों जाम में फंसा सकते हैं, वे जयपुर और राजस्थान का भला कैसे करेंगे? 'ढाई साल में नहीं भरे सड़कों के गड्ढे' प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- ढाई साल से जयपुर और राजस्थान की जनता विभिन्न समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर से विधायक हैं। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी जयपुर से विधायक हैं। इसके बावजूद जयपुर की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा सके। उन्होंने आरोप लगाया- कांग्रेस सरकार के समय बनी सड़कों की मरम्मत तक भाजपा सरकार ठीक से नहीं कर सकी। उनके मुताबिक केवल रोड शो करने से जयपुर की जनता की समस्याएं नहीं छिपाई जा सकतीं। 'जनता वोट से देगी जवाब' कांग्रेस नेता ने कहा- जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर वोट के जरिए इसका जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को जयपुर की जनता का समर्थन मिल रहा है। भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर ढाई साल के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने और जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- रोड शो से जनता की समस्याएं नहीं छिपेंगी। जयपुर की जनता अब दिखावा नहीं, बल्कि विकास और जवाबदेही चाहती है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में शादी का झांसा देकर विधवा महिला से संबंध बनाने के आरोप में पुलिस ने जीरापुर निवासी शाहरुख खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, महिला ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने महिला के साथ संबंध बनाए। घटना 14 जून की रात करीब 9 बजे खिलचीपुर थाना क्षेत्र में महिला के घर पर होने की बात शिकायत में कही गई है। 29 अगस्त को दर्ज हुआ था केस पुलिस ने महिला की शिकायत पर 29 अगस्त को शाम 6.55 बजे केस नंबर 346/26 दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। बुधवार को उसे जीरापुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया। बातचीत और अन्य तथ्यों की जांच जारी पुलिस महिला और आरोपी के बीच हुई बातचीत, शादी के वादे और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। महिला की पहचान गुप्त रखी गई है।
दिल्ली को विश्वस्तरीय, पर्यावरण-अनुकूल और हरित शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बीच साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से मुलाकात की। छात्रों ने दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ वायु को बढ़ावा देना विषय पर तैयार अध्ययन रिपोर्ट मंत्री को सौंपी। इस दौरान पर्यावरण एवं वन विभाग के सचिव विजय कुमार बिधूड़ी भी मौजूद रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली का वायु प्रदूषण केवल राजधानी तक सीमित समस्या नहीं, बल्कि पूरे एयरशेड से जुड़ा मुद्दा है। इसके समाधान के लिए पूर्वानुमान आधारित क्षेत्रीय रणनीति, एकीकृत निगरानी व्यवस्था और पूरे एनसीआर में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। छात्रों ने ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, ग्रीन मोबिलिटी और उत्सर्जन मानकों में सुधार जैसे उपाय भी सुझाए। छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली की पर्यावरणीय चुनौतियां जटिल हैं, लेकिन नवाचार, तकनीक और सामूहिक प्रयासों से इनका समाधान संभव है। कचरा प्रबंधन और ई-बसों पर फोकस मंत्री ने कहा कि दिल्ली में रोजाना करीब 13 हजार मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, जबकि 30-35 हजार मीट्रिक टन पुराना कचरा मौजूद है। इसके निपटान के लिए सरकार सर्कुलर इकोनॉमी और संसाधन पुनर्प्राप्ति पर काम कर रही है। प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा भी लगातार बढ़ाया जा रहा है। यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए औद्योगिक अपशिष्ट जल के उच्चस्तरीय उपचार को अनिवार्य किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार तात्कालिक उपायों के साथ दीर्घकालिक व्यवस्थाओं पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आर्थिक विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ दिल्ली को हरित राजधानी बनाने का लक्ष्य है।
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के डिजाइन एवं कला संकाय के दृश्य कला विभाग की ओर से ‘सृजन संवाद’ के अंतर्गत विशेष कला संवाद एवं डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दृश्य कला विभाग के करीब 200 स्टूडेंट्स शामिल हुए, जिसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को प्रतिष्ठित कलाकारों के अनुभवों से रूबरू कराने, उनकी रचनात्मक प्रक्रिया को समझने और कला के विभिन्न आयामों पर प्रत्यक्ष संवाद का अवसर प्रदान करना था।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने स्टूडेंट्स से संवाद किया। उन्होंने कला शिक्षा, भारतीय कला एवं संस्कृति, रचनात्मक अभिव्यक्ति तथा कलाकार की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्टूडेंट्स को निरंतर अभ्यास, प्रयोगधर्मिता और अपनी विशिष्ट कलात्मक पहचान विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध भारतीय समकालीन दृश्य कलाकार एवं अमूर्त चित्रकार विजय एम. धोरे ने भी विद्यार्थियों के साथ बातचीत की। उन्होंने स्टूडेंट्स से समकालीन कला, अमूर्त चित्रकला, अपनी रचनात्मक यात्रा तथा कला-सृजन की प्रक्रिया से जुड़े अनुभव साथ साझा किए।कार्यक्रम में प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा एवं विजय एम. धोरे ने अपनी-अपनी कला विधा एवं रचनात्मक शैली में विद्यार्थियों के समक्ष लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने कलाकारों की कार्यप्रणाली, तकनीक, विचार प्रक्रिया एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रत्यक्ष रूप से समझा। डेमोंस्ट्रेशन के बाद स्टूडेंट्स ने दोनों कलाकारों से कला, तकनीक, सृजन प्रक्रिया, समकालीन कला, कला शिक्षा एवं भविष्य की संभावनाओं से जुड़े प्रश्न किए। दोनों वरिष्ठ कलाकारों ने विजुअल आर्ट डिपार्टमेंट में उपलब्ध स्टूडियो, कला गतिविधियों एवं रचनात्मक वातावरण का अवलोकन किया। कलाकारों ने पूर्णिमा द्वारा कला एवं रचनात्मक शिक्षा को दिए जा रहे प्रोत्साहन, विकसित किए जा रहे कलात्मक वातावरण एवं उपलब्ध संसाधनों की सराहना की। सेशन के दौरान दोनों कलाकारों द्वारा निर्मित मूल कलाकृतियों को यूनिवर्सिटी की कला-संपदा के रूप में संरक्षित किया जाएगा। ये कलाकृतियां पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के लिए महत्वपूर्ण कलात्मक धरोहर होने के साथ-साथ भविष्य के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेंगी। इस अवसर पर डिजाइन एवं कला संकाय की प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मंजरी राय एवं डीन डॉ. जितेंद्र शर्मा के साथ सम्पूर्ण दृश्य कला विभाग की फैकल्टी मेंबर्स भी मौजूद रहे। भारतीय समकालीन दृश्य कलाकार अमित कल्ला ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया और पूरे सत्र को प्रभावी एवं संवादात्मक रूप से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम का आयोजन दृश्य कला विभाग के एचओडी प्रमेंद्र कुमार द्वारा किया गया, जबकि समन्वय डॉ. राजकुमार पांडेय ने किया। ‘सृजन संवाद’ विद्यार्थियों के लिए कला के क्षेत्र में प्रत्यक्ष अनुभव, संवाद और सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इस पहल के माध्यम से स्टूडेंट्स को प्रतिष्ठित कलाकारों की कला प्रक्रिया को करीब से समझने तथा अपनी रचनात्मक सोच को विस्तार देने का अवसर मिला।
सरगुजा में गाड़ियों से फर्राटे भर रहे तीन नाबालिगों पर कार्रवाई करते हुए यातायात पुलिस ने मामला कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट ने तीनों वाहनों के स्वामियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सरगुजा पुलिस ने कहा है कि भविष्य में भी नाबालिगों के मामले में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, नाबालिगों के वाहन चलाने को लेकर पहले भी कई बार जागरूकता अभियान चलाया गया है। पुलिस ने पेरेंट्स से नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने की अपील की थी। इसके बावजूद कुछ पेरेंट्स नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी राजेश अग्रवाल ने नाबालिगों के वाहन चलाने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने कहा है कि आगे भी नाबालिगों को वाहन देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। तीन नाबालिगों पर कार्रवाई, 75 हजार का जुर्माना अंबिकापुर यातायात पुलिस प्रभारी विजय कैवत्य की टीम ने 3 नाबालिगों को बाइक से फर्राटे भरते हुए पकड़ा। तीनों के परिजन वाहन मालिक हैं। तीनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मामला कोर्ट में पेश किया गया। जिला न्यायालय ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199(ए) के तहत तीनों वाहन मालिकों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। तीनों मामलों में कोर्ट ने कुल 75 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। सरगुजा पुलिस ने कहा कि नाबालिग बच्चे भारी ट्रैफिक या आपात स्थिति में वाहन चलाने के लिए पूरी तरह सक्षम नहीं होते। ऐसे में उनके खुद के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है। पुलिस ने पेरेंट्स से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। स्कूली बच्चे भर रहे सड़क पर फर्राटे पुलिस की समझाइश के बाद भी सरगुजा में स्कूली छात्र-छात्राओं को परिजन आसानी से बाइक और स्कूटी थमा दे रहे हैं। स्कूल टाइम में ये नाबालिग बाइक व स्कूटी से फर्राटे भरते देखे जा सकते हैं। इसके अलावे कोचिंगों में पढ़ने वाले नाबालिग भी अपनी दुपहिया वाहनों से पहुंचते हैं। सरगुजा एसपी राजेश अग्रवाल ने कहा कि नाबालिगों के वाहन चलाने के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सभी अभिभावकों से अपील की जाती है कि वे नाबालिगों को वाहन न सौंपें, अन्यथा कार्रवाई कर मामला कोर्ट भेजा जाएगा।
अलीगढ़ में भाजपा नेताओं समेत अन्य लोगों को कथित हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने के मामले में आरोपी अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अनूप कौशिक को नियमित जमानत मिल गई है। बुधवार को एडीजे प्रथम की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। इससे पहले पुलिस की तलाश के बीच अनूप ने कोर्ट में सरेंडर किया था। सरेंडर के बाद निचली अदालत से उनकी जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। अब नियमित जमानत मिलने से अनूप कौशिक को बड़ी राहत मिली है। पहले सरेंडर किया, फिर खारिज हुई जमानत अनूप कौशिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस दबिश दे रही थी। इसी बीच उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के बाद उन्होंने निचली अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अदालत ने अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई, जहां से उन्हें अंतरिम जमानत मिली। अब एडीजे प्रथम की अदालत ने उनकी नियमित जमानत मंजूर कर दी है। महिला और पति की गिरफ्तारी के बाद सामने आया नाम इस मामले में आरोपी महिला काजल उर्फ पूजा और उसके पति श्रवण कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी और अधिवक्ता निधीश कांत भट्ट की शिकायत पर बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायत के मुताबिक, फेसबुक के जरिए महिला से संपर्क हुआ था। आरोप है कि फ्लैट बेचने के बहाने क्वार्सी बाईपास क्षेत्र में बुलाया गया। वहां कथित तौर पर नशीला पदार्थ खिलाकर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए। आरोप है कि फोटो-वीडियो वायरल करने और दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रकम मांगी गई। शिकायतकर्ता ने डर के कारण 2 लाख रुपए देने और बाद में 5 लाख रुपए और मांगे जाने का आरोप लगाया था। बरौली चेयरमैन से 8 लाख लेने का भी आरोप जांच के दौरान बरौली नगर पंचायत चेयरमैन मनोज सिंह की शिकायत भी सामने आई थी। आरोप है कि उन्हें भी फ्लैट दिखाने के बहाने बुलाया गया। इसके बाद कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर 25 लाख रुपए की मांग की गई। पुलिस जांच में आशंका जताई गई थी कि इस तरह कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस को कुछ आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, कितने लोग इस कथित नेटवर्क के निशाने पर आए और कितनी रकम की वसूली हुई, यह विवेचना पूरी होने के बाद ही साफ होगा। जमानत के बाद भी जारी रहेगी जांच अनूप कौशिक को नियमित जमानत मिलने से उन्हें न्यायिक राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की विवेचना जारी रहेगी। पुलिस अब आरोपों से जुड़े साक्ष्यों, कथित नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका और पैसों के लेनदेन की जांच करेगी। कोर्ट से जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में आरोपों की अंतिम स्थिति कोर्ट में सुनवाई और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

