वाराणसी में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने काशी, गोमती और वरुणा जोन में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। राजपत्रित अधिकारीगण के साथ सीएम डैशबोर्ड, लंबित विवेचनाओं, सुगम यातायात व्यवस्था पर मंथन किया। इसके साथ ही जिले में विभिन्न घटनाओं पर सवाल भी उठाए। सबसे पहले तीनों जोन के डीसीपी को सीएम डैशबोर्ड के विभिन्न पैरामीटर्स पर अद्यतन प्रविष्टियों की शुद्धता, समयबद्ध निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी एसीपी, एडीसीपी और थानाध्यक्षों को गैंगस्टर एक्ट, जघन्य अपराध, एनडीपीएस एक्ट एवं गोवध अधिनियम से संबंधित प्रकरणों में लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण की बात कही। हत्या, लूट समेत विभिन्न अपराधों में वांछित आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी पर बल दिया गया। महाशिवरात्रि के दृष्टिगत शिवालयों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस एवं महिला पुलिस बल की तैनाती, विस्तृत ब्रीफिंग तथा सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु अतिक्रमण हटाओ अभियान, यातायात नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, अवैध पार्किंग व ओवरस्पीडिंग पर कार्यवाही करते हुए ZFD अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति संवेदनशील एवं व्यवहारकुशल रहने की बात कही। सीएम डैशबोर्ड के बताए मानक • मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न श्रेणियों में दर्ज प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा में खामियां मिली, इन्हें बेहतर करने को कहा। • गैंगस्टर एक्ट, जघन्य अपराधों, NDPS, गोवध अधिनियम की लंबित विवेचनाओं के शीघ्र अभियुक्तों की गिरफ्तारी की बात कही। • डैशबोर्ड पर प्रविष्टियों की शुद्धता, समयबद्ध अद्यतन एवं तथ्यात्मक सत्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। • प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश प्रदान किए गए। • शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए गए। • समस्त राजपत्रित अधिकारीगण को निर्देशित किया गया कि सीएम डैशबोर्ड के पैरामीटर्स पर साप्ताहिक बैठक आयोजित कर समीक्षा करें । महाशिवरात्रि पर्व के लिए जारी किए निर्देश • महाशिवरात्रि पर्व के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए समुचित सुरक्षा, यातायात एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। • प्रमुख शिवालयों पर श्रद्धालुओं की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने हेतु जिग-जैग बैरिकेडिंग व्यवस्था लागू करने हेतु निर्देशित किया गया । • सभी प्रमुख मंदिरों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की ड्यूटी लगाई जाए ताकि भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रूप से सुनिश्चित की जा सके। • महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सहायता के दृष्टिगत पर्याप्त महिला पुलिस बल की भी ड्यूटी लगाई जाए, जिससे उन्हें सुरक्षित एवं सहज वातावरण उपलब्ध हो सके। • तैनात पुलिस बल को पूर्व में विस्तृत ब्रीफिंग देकर भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं संवेदनशील व्यवहार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाने हेतु निर्देशित किया गया । • सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाए, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। यातायात को लेकर सख्त दिखे सीपी • सुगम यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत अतिक्रमण के विरूद्ध लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। • जाम संभावित स्थलों को चिन्हित कर विशेष यातायात प्लान लागू करें, आवागमन बाधित न हो और नागरिकों को सुविधा मिले। • यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर प्रभावी एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए । • आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक अभियान चलाकर हेलमेट, सीट बेल्ट एवं निर्धारित दिशा में चलने के निर्देश दिए। • अवैध पार्किंग, ओवरस्पीडिंग, हेलमेट/सीट बेल्ट उल्लंघन, नशे में ड्राइविंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। • सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु ZFD अभियान सघन रूप से संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया । • दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया ।
शिव के विवाहोत्सव में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ कान्हा का भाव भी जुड़ गया। काशी में भगवान विश्वेश्वर की बारात और शादी के लिए कान्हा ने उपहार भेजे हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर पहली बार कृष्ण जन्मस्थली से बाबा के विवाह की सामग्री आई है। सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे प्रतिनिधियों ने बाबा को उनके विवाह की सामग्री समर्पित की। पहली बार भगवान शिव के विवाह से जुड़े वस्त्र और श्रृंगार का सामान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा से काशी लाया गया। इन प्रतिनिधियों का काशी विश्वनाथ धाम न्यास ने भव्य स्वागत किया। महाशिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ का भव्य श्रृंगार इन वस्त्रों और आभूषणों से किया जाएगा। भगवान शिव के विवाह में प्रयुक्त होने वाले नेग-पंचमेवा, फलाहारी चढ़ावा, वस्त्र, आभूषण और अन्य श्रृंगार सामग्री मथुरा से काशी लाए गए। इन सामग्रियों को विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में तैयार किया गया है। मथुरा में सूर्योदय के बाद विशेष वाहन से विवाह सामग्री वाराणसी लाया गया। ब्रजवासियों ने हरि-हर के स्वरूप का साक्षात्कार करते हुए पुष्पवर्षा कर सामग्री को विदा किया तो काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा के बीच मंदिर न्यास और श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। इससे पहले रंग भरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ को मथुरा से अबीर-गुलाल भेजे जाते हैं। डमरू और पुष्पवर्षा के बीच भेंट की स्वीकार पिछले साल श्री काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ मिलकर नवाचार में नेग और उपहार भेजने की परंपरा शुरू की। इसके साथ ही विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा के बीच उपहारों के आदान-प्रदान का क्रम शुरू हुआ। विश्वनाथ धाम की ओर से लड्डू गोपाल के लिए भस्म, अबीर-गुलाल, फल-फूल, मिठाई, वस्त्र, चाकलेट आदि भेंट किया गया था। सोमवार को मंदिर न्यास के अधिकारियों ने बताया कि काशी–मथुरा के मध्य सनातन सांस्कृतिक समन्वय की परंपरा को बढ़ाते हुए मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थली मंदिर न्यास से पधारे सम्मानित प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। की ओर से भगवान विश्वेश्वर के लिए लाए गए पावन उपहारों को श्रद्धापूर्वक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को महाशिवरात्रि पर्व पर हस्तगत किया गया। डमरू शंख एवं मंत्रोच्चार की ध्वनि के बीच भेंट को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने स्वीकार किया। मथुरा श्री कृष्ण जन्मस्थली हेतु उपहार, भगवान श्री विश्वेश्वर को अवलोकित कराने के उपरांत, समारोहपूर्वक मथुरा से पधारे गणमान्यों को भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। मथुरा से पधारे लड्डू गोपाल के आदरणीय प्रतिनिधि जनों को विधिपूर्वक भेंट दक्षिणा इत्यादि के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विदा किया।
वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में UGC एक्ट के विरोध में प्रदर्शन मार्च निकालने वाले छात्रों को नोटिस जारी किया गया है। इन छात्रों से विश्वविद्यालय प्रशासन ने जवाब मांगा है। मेल भेजकर सभी को फिजिकली बोर्ड के सामने पेश होने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बीएचयू ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को बिना सूचना या अनुमति किसी आंदोलन या प्रदर्शन में शामिल नही होने की गाइडलाइन भी दोहराई है। वहीं कैंपस में ऐसी गतिविधि पर सवाल उठाते हुए अनुशानहीनता की श्रेणी में रखा है। सभी को 11 फरवरी तक का समय दिया गया है। बीएचयू में 29 जनवरी को सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने UGC एक्ट के विरोध में प्रदर्शन किया था और इसके बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में मार्च निकाला था। यूजीसी रेगुलेशन- 2026 के विरोध में जुलूस में शामिल होने वालों पर बीएचयू प्रशासन ने जांच बैठा दी है। विश्वविद्यालय के छात्र नेता और सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी बिल को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता डॉ मृत्युंजय तिवारी समेत दर्जनों छात्रों को काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने गतिविधियों को लेकर मेल से नोटिस भेजा गया है। नोटिस में बीएचयू ने कहा कि दिनांक 29 जनवरी 2026 को यूजीसी बिल के विरोध में जुलूस पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है। इसमें शामिल होने के संबंध में जांच समिति का गठन किया गया है। और इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक छात्र को अपना स्पष्टीकरण देना होगा। छात्र गठित जांच समिति के समक्ष दिनांक 11 फरवरी 2026 को सायं काल 5 बजे मुख्य आरक्षण अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपना लिखित बयान दर्ज करने का कष्ट करें। चेतावनी के साथ कार्रवाई की बात कही गई, साथ ही उपस्थति होकर अपना पक्ष रखने को कहा। उधर, नोटिस के बाद छात्रों में बीएचयू प्रशासन को लेकर भारी आक्रोश है। छात्रों का कहना है कि इस लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना भी अब अपराध हो गया है क्या ? विश्वविद्यालय प्रशासन या मान रहा है कि वह दमनकारी रवैया बनाकर छात्रों को अपनी बात रखने से रोक लगा। छात्र नेता डॉक्टर मृत्युंजय तिवारी आजाद ने कहा कि चाहे कुल कितना भी नोटिस दे लेकिन मैं इस यूजीसी रेगुलेशन 2026 का आजीवन विरोध करता रहूंगा और मेरा विरोध सड़क से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक जारी रहेगा कि जब तक की इस रेगुलेशन की विसंगतियों को दूर करके सामान्य वर्ग के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म नहीं किया जाता। UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशंस, 2026।' इसके तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी।
16वें वित्त आयोग का नया शहरी रोडमैप मॉडल लागू हुआ तो अगले 5 साल (2026-31) में देश में 12 करोड़ नए शहरी लोग होंगे। मतलब, शहरों की संख्या और दायरा दोनों बढ़ेगा। गांवों के लोग शहरी सीमा में शामिल हो जाएंगे। यानी जिन गांव-कस्बों से पलायन करके लोग नजदीक के शहरों में आएंगे, उन तक शहरों की सीमा खुद पहुंच जाएगी। शहरीकरण का यह अब तक का सबसे बेहतर मॉडल बताया जा रहा है। इसी के तहत शहरों को आगे फंड का बंटवारा होगा। इस मॉडल के तहत नगरीय निकायों के कमिश्नर या सक्षम अधिकारी और मेयर या समकक्ष चेयरमैन बिना शर्त 52% तक फंड खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा 21% थी। निकायों की 3 जवाबदेही भी तय की गई मॉडल में फंड का दो तरह से बंटवारा पहला: शहरी निकायों को 45% राशि। यानी 3.56 लाख करोड़ रु.। यह 15वें वित्त आयोग (2020-25) की तुलना में 230% ज्यादा है। दूसरा: मध्यम दर्जे के बड़े 22 शहरों को 56 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। क्या फायदा- नियोजित शहरी विकास के लिए फंड मिलेगा। छोटे शहरों को व्यवस्थित रूप से बड़ा बनने में मदद मिलेगी। एक शर्त भी जोड़ी है, जिसके मुताबिक नगरीय निकायों को फंड पाने के लिए समय पर चुनाव कराने होंगे। ऑडिट रिपोर्ट और राज्य स्तरीय लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। स्टेट फाइनेंस कमीशन सक्रिय हो। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… बजट 2026- अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट: लखनऊ, भोपाल-जयपुर जैसे शहरों को ₹5000 करोड़ मिलेंगे, चुनावी राज्य तमिलनाडु-बंगाल को रेल कॉरिडोर की सौगात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को 2026 का बजट पेश किया था। संसद में 85 मिनट के भाषण में उन्होंने अब तक के सबसे बड़े रक्षा बजट, टैक्स फाइल में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान किया था। सिटी इकोनॉमिक रीजंस (CIR) के तहत अगले 5 साल के लिए टियर-2/3 शहरों के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड के लिए रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें…
पूरामुफ्ती में पोंगहट पुल के पास रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12वीं के छात्र प्रियम श्रीवास्तव की मौत हो गई। वह दोस्त की बहन की शादी में शामिल होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक आगे चल रही ट्रक में पीछे से जा भिड़ी। गंभीर चोट आने की वजह से उसकी मौत हो गई। इकलौता बेटा था घर कामुंडेरा नीमसराय कॉलोनी निवासी देवेंद्र श्रीवास्तव प्रिंटिंग प्रेस का काम करते हैं। परिवार में पत्नी ग्रीष्मा और इकलौता बेटा प्रियम था। देवेंद्र के मुताबिक प्रियम 12वीं का छात्र था और उसकी पढ़ाई कानपुर से चल रही थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहा था। कोचिंग के दौरान उसके कई दोस्त बने थे।शाम 7 बजे निकला था घर सेरविवार को करेली इलाके में उसके एक दोस्त की बहन की शादी थी। शाम करीब सात बजे बाइक से घर से निकला। शादी समारोह में शामिल होने के बाद प्रियम तीन बाइकों पर अपने दोस्तों के साथ बम्हरौली निवासी एक दोस्त को घर छोड़ने गया। वहां से लौटते समय रात करीब 12 बजे जैसे ही वह पोंगहट पुल के पास पहुंचा, आगे चल रहे एक ट्रक के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। अस्पताल ले जाने से पहले ही थमी सांससंतुलन बिगड़ने से प्रियम की बाइक ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद उसके दोस्त तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस बोलीपूरामुफ्ती थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जो तथ्य सामने आएंगे, आगे कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन युक्त कफ़ सिरप को नशे के लिए तस्करी करने के मुख्य आरोपी भोला जायसवाल की जब्त की गई संपत्तियों के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने प्रॉपर्टी रिलीज करने की मांग में दाखिल भोला जायसवाल की याचिका पर दिया है। याचिका का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता व एजीए प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने कहा कि याची का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में कोडीन युक्त सिरप की सप्लाई नशे के लिए की जाती है। इस कारोबार से उसने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है। इसमें एक मर्सिडीज कार और लगभग 40 करोड़ की अचल संपति वाराणसी में पाई गई है। बैंकों में भी करोड़ों रुपये जमा है। इस आमदनी का कोई वैध जरिया नहीं मिला है। पुलिस की जांच से पता चला है कि यह सारी कमाई कफ़ सिरप के अवैध कारोबार से की गई है। वहीं याची के अधिवक्ता का कहना था कि सोनभद्र की स्पेशल कोर्ट एनडीपीएस ने जल्दबाजी में प्रॉपर्टी अटैच करने का आदेश किया है। याची जेल में बंद होने के कारण उचित तरीके से अपना पक्ष नहीं रख पाया था। जब्त की गई संपत्ति उसकी वैध कमाई की है इसलिए इसे रिलीज किया जाए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सनबीम ओमैंस कालेज अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान है या नहीं, इस वैधानिक मुद्दे पर केंद्र व राज्य सरकार सहित अन्य विपक्षियों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है और याचिका के निस्तारण की तिथि 23 मार्च नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरुपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने सनबीम ओमैंस कालेज वाराणसी की याचिका पर दिया है। याची कालेज का कहना है कि माइनारिटी वेनेफिट एक्ट 1961किसी शिक्षण संस्थान पर जब तक लागू नहीं होता जबतक कि केंद्र सरकार से अनुमोदन लेकर राज्य सरकार ने गेट में अधिसूचित न कर दिया हो। याची कालेज को माइनारिटी एक्ट के तहत अधिसूचित नहीं किया गया है इसलिए अल्पसंख्यक आयोग को हस्तक्षेप करने और विपक्षी संख्या पांच की बहाली करने का आदेश देने का क्षेत्राधिकार नहीं है। आयोग ने अधिकार से बाहर जाकर आदेश दिया है जिसे अवैध होने के कारण रद्द किया जाय। याची ने चेयरमैन पी एस एम कालेज आफ डेंटल एण्ड रिसर्च केस के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और राज्य सरकार से पूछा कि माइनारिटी एक्ट लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। विस्तृत जवाब दाखिल करें। तब तक विपक्षी की नियुक्ति मामले की यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है।
महाकुंभ में टॉप ट्रेंड बनी महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा अपनी फिल्म का ट्रेलर भी प्रयागराज से ही लांच करेंगी। इस वक्त प्रयागराज में माघ मेला का आयेाजन चल रहा है। ऐसे में शूटिंग पूरी करने के बाद महाकुंभ गर्ल मोनालिसा अपनी फिल्म का ट्रेलर जारी करने के लिए माघ मेला पहुंच रही हैं। माला बेचने से लेकर फिल्म की एक्ट्रेस बनने तक का सफर तय करने वाली बंजारन मोनालिसा ने अपना वीडियो जारी किया है। फिल्म के डॉयरेक्टर सनोज मिश्र भी माघ मेले में आने को लेकर भावुक हैं। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की डेब्यू फ़िल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” “The Diary of Manipur” का OFFICIAL TRAILER LAUNCH “ माघ मेले में किया जाएगा। इस अवसर पर फ़िल्म के कलाकार मोनालिसा, अमित राव, अभिषेक त्रिपाठी, दिनेश त्रिवेदी और निर्देशक सनोज मिश्रा व टीम मीडिया के समक्ष उपस्थित रहेंगे। इसका आयोजन माघ मेला में श्री देवरहा बाबा मंच न्यास (शास्त्री पुल के नीचे, संगम लोवर मार्ग) पर होगा। जानिये सरोज मिश्र ने मीडिया से क्या कहा इस मामले में फिल्म के डॉयरेक्टर सरोज मिश्र ने माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद को लेकर भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के बाद फिल्म निर्देशक सनोज मिश्र के साथ प्रयागराज प्रशाशन ने किया नया हंगामा.... मै सनोज मिश्र सनातनी फिल्म निर्देशक मैने फिल्म राम की जन्मभूमि के लिए अपने घर पर हुए हमले को सहन किया, फिल्म काशी टू कश्मीर के लिए अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की धमकी को सहन किया, गजनवी फिल्म के लिए जान की बाज़ी लगाई, फिल्म द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल के लिए ममता बनर्जी सरकार के कोप का शिकार हुआ अनेक मुकदमे हुए और जान बचाकर बंगाल से भागना पड़ा , मैने यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज की प्रेरणा और पूर्वोत्तर के राज्यों में हुए ईसाई धर्म परिवर्तन और आरक्षण जैसी विसंगति पर मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री श्री एन. बिरेन सिंह जी के साथ उत्तराखण्ड के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के सहयोग से फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर का निर्माण किया जिसका पहला चित्र उन्होंने जारी किया.. इसमें महाकुंभ की गरीब लड़की मोनालिसा को पढ़ा लिखा कर फिल्म अभिनेत्री बनाया गया है , जिसके पहला ट्रीजर प्रयागराज के माघ मेला के अंत में करना चाहता था जब पूरा मेला उजड़ चुका है , प्रशाशन फिर भी उसकी अनुमति मुझे नहीं दे रहा है …अब जेल ही क्यों न हो जाए फिल्म का पहला लुक कल निर्धारित समय पर जारी होगा।
पुलिस थाना मुहाना, जयपुर दक्षिण द्वारा ऑनलाइन ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडियामार्ट व जस्ट डायल जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी फर्म बनाकर व्यापारियों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने तीन साल से फरार मास्टरमाइंड केशव उगन झा को झारखंड के झुमरी तलैया (कोडरमा) से गिरफ्तार किया है। वहीं उसके सहयोगी चंदन शंकर झा को पुणे (महाराष्ट्र) से डिटेन कर गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर थाना मुहाना में मुकदमा दर्ज होने के बाद विशेष टीम का गठन किया गया था। इस प्रकरण में जयपुर की सनप्रो इन्फ्राटेक प्रा.लि. कंपनी से स्टील प्लेट सप्लाई के नाम पर करीब एक करोड़ 17 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ऐसे दिया ठगी को अंजाम उन्होंने बताया- पीड़ित रामस्नेही, निदेशक सनप्रो इन्फ्राटेक प्रा.लि., ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि नेपाल के रिद्धि-सिद्धि पावर प्रोजेक्ट के लिए स्टील प्लेट की आवश्यकता थी। इसी दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर केशव एंटरप्राइजेज नामक फर्म से संपर्क हुआ। सौदा तय होने के बाद आरोपी ने पहले कुछ माल भेजकर भरोसा जीता और फिर फर्जी बिल्टी व ट्रक नंबर देकर शेष रकम खाते में डलवा ली। इसके बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गया। जांच में सामने आया कि जिस पते पर फर्म दर्ज थी, वहां कोई स्टील कंपनी नहीं बल्कि ऑटोमोबाइल पार्ट्स फैक्ट्री संचालित थी। गिरोह का शातिर तरीका पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले छोटी मात्रा में असली माल भेजकर व्यापारियों का विश्वास जीतते थे। बाद में बड़े ऑर्डर लेकर फर्जी दस्तावेज, बिल्टी और वाहन नंबर के जरिए रकम हड़प लेते थे। कई मामलों में भरोसा बढ़ाने के लिए एडवांस राशि भी लौटा दी जाती थी। गिरोह के सदस्य खुद को फर्म के कर्मचारी, मैनेजर और पर्सनल असिस्टेंट बताकर बात करते थे, जिससे फर्म को बड़ी और भरोसेमंद कंपनी के रूप में पेश किया जा सके। ठगी की रकम तुरंत अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली जाती थी। हर वारदात के बाद नया सिम, नया खाता और नई फर्जी फर्म बनाकर दोबारा ठगी की जाती थी। तकनीकी जांच से गिरफ्तारी थानाधिकारी गुरभूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। एफसी ओमप्रकाश डोबर की भूमिका से झुमरी तलैया, झारखंड से केशव उगन झा (40) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने देशभर में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, बेंगलुरु, गोवा सहित कई राज्यों में सैकड़ों व्यापारियों से करोड़ों रुपये की ठगी करना स्वीकार किया है। अब तक 14 से अधिक मामलों में शिकायत दर्ज होने की पुष्टि हुई है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी आरोपी ने बताया कि वह अधिकतर 2 से 10 लाख रुपए की ठगी करता था, ताकि पीड़ित कानूनी कार्रवाई से बचें। पुलिस बैंक खातों की जांच कर अन्य थानों को जानकारी दे रही है। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्त दोनों आरोपियों केशव उगन झा (40) पुत्र उगन झा, निवासी कछुआ, थाना लखनौर, जिला मधुबनी (बिहार) और चंदन शंकर झा (24) पुत्र शंकर झा, निवासी फ्लैट नंबर-103, एसवाई कॉर्नर, मौसी लक्ष्मीनगर, भोसरी, पुणे (महाराष्ट्र) को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और मामलों के खुलासे की संभावना है।
लखनऊ में सफारी गाड़ी चलाते समय ड्राइवर के जूते की लेस एक्सीलरेटर में फंस गई। इससे गाड़ी की स्पीड बेकाबू हो गई। वह बाइक और फॉर्च्यूनर से टकरा गई। इस एक्सीडेंट में 3 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और 2 लोग बुरी तरह घायल हो गए। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र की है। एक्सीडेंट में दोनों फोरव्हीलर क्षतिग्रस्त हुईं। बाइक सवार और सफारी ड्राइवर के पिता घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षतिग्रस्त वाहनों को थाने में लाकर खड़ा कर दिया गया है। HCL से इकाना की ओर जा रहे थे सोमवार देर शाम शशि कपूर (पुत्र सुरेंद्र कुमार, निवासी मौर्य नगर, जानकीपुरम, लखनऊ) अपने परिवार के साथ सफारी गाड़ी (UP 14 BZ 0605) से HCL की ओर से इकाना स्टेडियम जा रहे थे। गाड़ी चलाते समय शशि कपूर के जूते की लेस एक्सीलरेटर में फंस गई, जिससे गाड़ी अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित सफारी तेज गति से सड़क पर खड़ी एक मोटरसाइकिल और फॉर्च्यूनर गाड़ी से टकरा गई। टक्कर से मोटरसाइकिल और फॉर्च्यूनर कार क्षतिग्रस्त हो गईं। मोटरसाइकिल चालक लक्ष्मण (पुत्र सरवन, निवासी लखीमपुर खीरी, हाल पता नीलमथा, सुशांत गोल्फ सिटी) घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए पीजीआई ट्रामा सेंटर भेजा गया। सफारी चालक शशि कपूर के पिता को भी चोटें आई हैं, जिन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षतिग्रस्त वाहनों को थाने लाकर खड़ा किया गया है। इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि तहरीर मिलने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर हाईकोर्ट में सोमवार को एक केस की सुनवाई के दौरान वकील और जज के बीच में कड़ी बहस हो गई। वकील के कुछ कहने पर जज नाराज हुए और ऐसे शब्द कह दिए जिससे वकील आहत हो गया। हाईकोर्ट के गलियारों से यह बातचीत बाहर निकली और दिन भर चर्चा रही। मामला तूल पकड़ता उससे पहले जज राजेश कुमार गुप्ता, अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया व स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया की आपस में मुलाकात हुई और उनके बीच सुलह हो गई। हालांकि मामला प्रशासनिक जस्टिस तक भी पहुंचा है। इस सुनवाई में अधिवक्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। दरअसल सोमवार को हाईकोर्ट में कोर्ट रूम नंबर दस में जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की कोर्ट थी। जिसमें लिस्टेट केस नंबर तीन पर जो केस लगा था उसमें सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया कोर्ट में वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेस) के जरिए जुड़े थे। जब वह अपने केस से संबंधित एफआईआर को पढ़ रहे थे तो बीच में बोलते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए एडवोकेट भदौरिया को टोका कि वह पूरी एफआईआर पढ़ें। इस पर अधिवक्ता भदौरिया ने भी जवाब दिया कि मेरी बहस पूरी हो जाए, इसके बाद पढूंगा। अधिवक्ता के आरोप के बाद जज हुए नाराज इसी बीच सुनवाई के दौरान एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि हम 20-20 साइटेशन देते हैं, लेकिन आदेश में उनका उल्लेख तक नहीं किया जाता है। इसको लेकर जस्टिस गुप्ता ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि यदि कोई आपत्ति है तो उसकी एसएलपी लगा सकते हैं। इसके बाद अधिवक्ता वीसी से कट हो गए, जबकि जज गुप्ता ने ऐसा कुछ कहा जो बाद में अधिवक्ता को पता लगा तो वह आहत हो गए। इसके बाद वहां वकीलों में भी इसको लेकर गुस्सा हुआ, लेकिन शाम तक एडवोकेट अवधेश भदौरिया, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया व जज गुप्ता के बीच बातचीत के बाद मामला खत्म हो गया। एडवोकेट भदौरिया बोले- मेरी बात पर जज साहब नाराज हो गए थे मैं, केस की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ा था। मैंने मामले में जो केस लॉ मेंशन किए हैं। उनको कंसीडर कर लिया जाए, ऐसा कोर्ट में निवेदन किया। इसी बात पर जज साहब नाराज हो गए। इसी दौरान मैं वीसी से हट गया था। बाद में मुझे पता लगा कि मेरी बात पर जज साहब नाराज हुए थे। जिसके बाद मैं स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया के साथ जज साहब से मिला और जो गिले शिकवे थे वह दूर हो गए।
भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन के फेज-2 के रूट पर अब उत्तर विधायक आतिफ अकील ने आपत्ति उठाई है। भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान में से अंडरग्राउंड रूट निकलने पर विधायक अकील ने मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों से कहा कि क्या मेट्रो के लिए कब्रिस्तान में ही जगह मिली है? यहां हमारे बाप-दादा दफन है। कई कब्र हैं। इसलिए कब्रिस्तान में से मेट्रो कतई न गुजरे। विधायक अकील ने बताया कि मेट्रो भोपाल टॉकीज स्थित शाही कब्रिस्तान से होकर न गुजरे, इसके लिए शाही वक्फ बोर्ड ने न्यायालय में केस लगाया था। जिसमें उन्हें स्टे मिला हुआ है। इस स्टे की आगे की सुनवाई के लिए न्यायालय ने कहा कि दोनों पक्ष बैठकर बात कर लें। इसी सिलसिले में सोमवार को मीटिंग और निरीक्षण किया गया। इस दौरान अफसरों से कहा कि कब्रिस्तानों में से मेट्रो के कार्य को हटाया जाए। इसे कहीं और शिफ्ट किया जाए। इस दौरान मप्र वक्फ बोर्ड के सदस्य हसन जैदी, सदस्य आजम खान एवं मेट्रो अफसर मौजूद थे। यह है मेट्रो का फेज-2बता दें कि 21 दिसंबर से भोपाल में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो दौड़ने लगी है। अब दूसरे फेज के रूट यानी, सुभाषनगर से करोंद तक का काम चल रहा है। इसकी कुल लंबाई 16.74 किमी है। दूसरे फेस में सुभाषनगर से करोंद की कुल दूरी 9.74 किमी लंबा है, लेकिन 8.77 किमी में होगा। इसमें से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिस पर 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस काम की शुरुआत हो चुकी है। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा पर स्टेशन बनेंगे। वहीं, बाकी 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसी रूट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। भोपाल में ब्लू लाइन के रूट को अंडरग्राउंड करने की मांगइससे पहले सांसद आलोक शर्मा भदभदा से रत्नागिरी तक मेट्रो के ब्लू लाइन प्रोजेक्ट पर आपत्ति जता चुके हैं। यातायात सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने कहा था कि भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज चौराहे तक मेट्रो का रूट अंडरग्राउंड हो। विधायक भगवानदास सबनानी ने भी सहमति जताई थी। हालांकि, इस रूट पर काम पिछले 7 महीने से चल रहा है। पिलर भी बनने शुरू हो गए हैं। पूरा रूट एलिवेटेड है। बाद में मेट्रो कॉरपोरेशन ने इस मांग को खारिज भी कर दिया था।
भोपाल में 90 डिग्री एंगल वाले ऐशबाग ब्रिज और ठिगने मेट्रो स्टेशन के बाद एक और नया अजूबा सामने आया है। राजधानी के करोंद इलाके में हाईटेंशन लाइन के टावर (पोल) के नीचे से सड़क निकाल दी गई, जो किसी 'एफिल टॉवर' सड़क की तरह है। मामला सामने आने के बाद अब यह पोल सुर्खियां बंटोर रहा है। करोंद की विनायक कॉलोनी में कई साल से हाईटेंशन का पोल एफिल टॉवर जैसा खड़ा है, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि इसके नीचे से ही सड़क भी निकाल दी गई। लोग पैदल चलने के साथ अपनी कार और मोटरसाइकिलों से आना-जाना भी करते हैं। ऐसे में हाईटेंशन लाइन के चपेट में आने का डर बना रहता है। कई साल से खड़ाकरोंद के महेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि यह पोल उन्हीं के वार्ड में हैं, जिसे वे कई साल से देखते आ रहे हैं। पहले आसपास रहवासी इलाका नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे आबादी बसने लगी। वर्तमान में अच्छी आबादी यहां रहती हैं। इस तरह खतरा बढ़ गया है। बारिश में करंट फैलने का डररहवासियों ने बताया कि टावर के नीचे से बड़ी गाड़ियां नहीं निकल पाती। दूसरी ओर, बारिश के दिनों में करंट फैलने का डर रहता है। भोपाल राजधानी है, सरकार को हाईटेंशन लाइन और टावर को लेकर ध्यान देना चाहिए। दोनों को ही शिफ्ट किया जाना चाहिए। बिजली कंपनी हटाने के प्रयास में जुटीदूसरी ओर, बिजली कंपनी भी इस टावर को अन्य जगह शिफ्ट करने में लगी है। कई बार इस पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन ये टावर और हाईटेंशन लाइन नहीं हट पाई। सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह टावर फिर से सुर्खियों में आ गया है।
इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में 24 जनवरी की रात बदमाशों ने एक व्यवसायी के बंगले में घुसकर चोरी का प्रयास किया था। व्यापारी की पत्नी के चिल्लाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। पुलिस ने फुटेज के आधार पर जांच करते हुए बांक टांडा क्षेत्र में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऐसे हुआ खुलासा थाना प्रभारी टीआई तारेश सोनी के अनुसार, कनक एवेन्यू में रहने वाले व्यवसायी अनिल जायसवाल के बंगले में तीन से अधिक बदमाशों ने चोरी का प्रयास किया था। आरोपी पोर्च में घुसने के बाद दरवाजा तोड़ने लगे थे। इसी दौरान अनिल जायसवाल की पत्नी की नींद खुल गई और उन्होंने सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों को देखा। सूचना मिलते ही पुलिस की एफआरवी सबसे पहले मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो आरोपी बांक टांडा क्षेत्र के दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। बांक टांडा से पकड़े गए आरोपी पुलिस के अनुसार, बांक क्षेत्र की जानकारी रखने वाले विक्रम चौहान की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों में फलिया निवासी भदरि सिंह पिता भूरेलाल ग्रेवाल, मालपुरा निवासी ग्राम खनिअंबा टांडा, धावसिंह पिता मंगरसिंह, ध्यान सिंह पिता कमरू शामिल हैं। ये आरोपी इस वारदात में शामिल पाए गए। लगातार मुखबिर की सूचना पर लसूडिया पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अनिल जायसवाल के बंगले में चोरी के प्रयास की वारदात स्वीकार की है। आरोपी वारदात के लिए बोलेरो वाहन से आए थे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
लखनऊ के इटौंजा कस्बे में एक गोदाम में भारी मात्रा में विस्फोटक होने की सूचना से सोमवार देर रात हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर मौजूद रही। जांच के बाद पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, इटौंजा कस्बे में जुबैर ट्रेडर्स के नाम से जुबैर का गोदाम है। सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली कि गोदाम में बड़ी संख्या में विस्फोटक पदार्थों का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही एडीसीपी नॉर्थ ऋषभ रुणवाल, एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह और इंस्पेक्टर इटौंजा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोदाम के आसपास बैरिकेडिंग लगाई गोदाम के आसपास सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि कोई भी व्यक्ति वहां न पहुंच सके। सूचना फैलते ही कस्बे और आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद गोदाम खुलवाकर बम निरोधक दस्ते की मदद से जांच शुरू की गई। एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के दौरान गोदाम में विस्फोटक पदार्थ मिले हैं। इसके अलावा गोदाम में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण भी किया गया था। फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है। मंगलवार को पुलिस टीम दोबारा जांच करेगी, जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर गोदाम मालिक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में आगामी महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सोमवार रात 9 बजे पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने थाना पुलिस के साथ जागेश्वर मंदिर, पूजा स्थलों और जुलूस मार्गों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों की जांच, पार्किंग व्यवस्था और श्रद्धालुओं के प्रवेश-निकास मार्गों को सुव्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। पुलिस के अनुसार, महाशिवरात्रि के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगी। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एक अलग यातायात योजना तैयार की गई है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महाशिवरात्रि के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु निर्भय होकर पूजा-अर्चना कर सकें और पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।
पत्नी ने पति को गर्लफ्रेंड संग पकड़ा:सोनभद्र के मॉल में जमकर मारपीट, पुलिस ने समझा-बुझाकर घर भेजा
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस रोड स्थित एक शॉपिंग मॉल में दो महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि एक महिला ने अपने पति को उसकी प्रेमिका के साथ शॉपिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। घटना शनिवार देर शाम की है। बताया जा रहा है कि एक युवक अपनी प्रेमिका के साथ शॉपिंग मॉल पहुंचा था। इसी दौरान उसकी पत्नी भी शॉपिंग मॉल में पहुंच गई। शॉपिंग मॉल में उसने अपने पति को अपनी गर्लफ्रेंड के साथ खरीदारी करते देखकर उसका का गुस्सा भड़क गया और उसने तुरंत गर्लफ्रेंड से भिड़ंत कर ली। इस दौरान पति मौके से फरार हो गया। इसके बाद पत्नी और प्रेमिका के बीच तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इस दौरान गाली-गलौज और दांत काटने जैसी घटनाएं भी हुईं। मॉल में मौजूद लोगों और महिला कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। लगभग 15 मिनट तक चली इस झड़प का किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पूरे मामले में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि पत्नी अपने पति को लेकर कोतवाली आई थी। उसने शिकायत की कि उसका पति अपनी प्रेमिका पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पति को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
ललितपुर में विवाहिता ने कीटनाशक का सेवन किया:गंभीर हालत में भर्ती, पति-ससुर पर मारपीट का आरोप
ललितपुर में सोमवार शाम एक विवाहिता ने कीटनाशक दवा का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। विवाहिता ने अपने पति और ससुर पर मारपीट व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। यह घटना कस्बा बांसी की है, जहां 22 वर्षीय रानी पत्नी देवेंद्र ने अपने घर में रखे कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया है। रानी ने बताया कि उसका पति उसके साथ मारपीट करता है, और ससुर भी गाली-गलौज करते हैं। उसने आरोप लगाया कि सोमवार को उसके पिता और चाचा उसे लेने ससुराल आए थे, लेकिन ससुरालियों ने उसे नहीं भेजा। रानी के पिता और चाचा के जाने के बाद पति और ससुर ने उसके साथ फिर से मारपीट की। इसी से आहत होकर उसने कीटनाशक दवा का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। चिकित्सक उसकी हालत पर नजर रखे हुए हैं।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जिले में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग की टीम ने मंडी समिति गेट संख्या एक के पास कार्रवाई करते हुए तीन ओवरलोड डंपरों को सीज किया और चार अन्य डंपरों का चालान कर 2 लाख 56 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। यह अभियान सघन वाहन चेकिंग के तहत चलाया गया, जिसमें चार दर्जन से अधिक डंपरों की जांच की गई। जांच के दौरान ओवरलोड पाए गए वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए ओवरलोड वाहन संचालकों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। जिले में कुल 10 चेक प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि नियमित रूप से वाहनों की जांच की जा सके। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि जिले में ओवरलोड डंपरों को किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने डंपर संचालकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित क्षमता के अनुसार ही वाहन चलाने और प्रशासनिक कार्रवाई से बचने की अपील की।
संभल की शाही जामा मस्जिद एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। इस बार मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने मोहम्मद कासिफ पर मस्जिद के नाम पर अवैध चंदा वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस आरोप के बाद मुस्लिम समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए हैं, जो पहले से ही मस्जिद के प्रबंधन और अधिकार को लेकर विवाद में हैं। सोमवार को चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में बयान देते हुए जफर अली ने थाना रायसत्ती क्षेत्र के मोहल्ला पंजू सराय निवासी मोहम्मद कासिफ के शाही जामा मस्जिद ट्रस्ट से जुड़े होने के दावे पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट कोई भी व्यक्ति पंजीकृत करा सकता है, लेकिन मस्जिद की इंतजामिया कमेटी का गठन मुस्लिम समाज द्वारा पगड़ी बांधकर किया जाता है और वही वैध प्रबंधन संस्था है। किसी प्रकार के लेन-देन से इनकार जफर अली के अनुसार, कासिफ के चाचा स्वर्गीय लड्डन खां, जो पूर्व में कमेटी के उपाध्यक्ष थे, ने भी एक समय ट्रस्ट बनाने की बात कही थी। तब मस्जिद में इस पर आपत्ति जताई गई थी, जिसके बाद उन्होंने ट्रस्ट को बंद करने और किसी प्रकार के लेन-देन से इनकार किया था। आरोप है कि वह ट्रस्ट आज तक बंद नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विश्वास में आकर उन्होंने और कासिफ के सगे चाचा ने कुछ दस्तावेज, पहचान पत्र और हस्ताक्षर दिए थे, जिनका कासिफ ने कथित रूप से दुरुपयोग किया। जफर अली ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और चंदौसी कोर्ट में चल रहे सभी मामलों में केवल इंतजामिया कमेटी ही पक्षकार है और मोहम्मद कासिफ का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। ट्रस्ट और कमेटी दो अलग-अलग संस्थाएं इंतजामिया कमेटी और ट्रस्ट के अंतर को स्पष्ट करते हुए जफर अली ने कहा कि ट्रस्ट और कमेटी दो अलग-अलग संस्थाएं हैं। ट्रस्ट पंजीकरण का अर्थ यह नहीं कि ट्रस्ट या कासिफ का मस्जिद के प्रबंधन से कोई अधिकारिक संबंध है। गौरतलब है कि 19 नवंबर 2024 को सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट, चंदौसी में हिंदू पक्ष ने शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा किया था। इसके बाद 19 और 24 नवंबर को हुए सर्वे के दौरान 24 नवंबर को हिंसा भड़क उठी थी। तभी से शाही जामा मस्जिद लगातार विवादों और सुर्खियों में बनी हुई है।
रामपुर जनपद के थाना शहजादनगर क्षेत्र के नरखेड़ा गांव स्थित एक तालाब से सोमवार सुबह नौ बजे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक की पहचान शोएब के रूप में हुई है। घटना के लगभग 12 घंटे बीत जाने के बाद भी मृतक के परिजनों ने थाना शहज़ादनगर में कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस फिलहाल परिजनों की तहरीर का इंतजार कर रही है, ताकि उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने बताया कि नरखेड़ा गांव के तालाब से एक युवक का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों की ओर से जो भी तहरीर प्राप्त होगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। थाना प्रभारी शहज़ादनगर कुलदीप सिंह ने जानकारी दी कि युवक की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई प्रतीत हो रही है। मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह करीब 9 बजे तालाब में शव मिलने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर मिलने के बाद ही मामले में स्थिति साफ हो पाएगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से विवाह किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर अपराजिता सामाजिक समिति ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित थाने पहुंचाया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कार्रवाई से पहले ही आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। यह घटना सोमवार देरशाम की पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के एक गांव की बताई जा रही है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर उससे विवाह कर लिया। किशोरी की उम्र कानूनी विवाह योग्य न होने के बावजूद यह विवाह कराया गया, जो बाल विवाह निषेध कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले की जानकारी मिलते ही अपराजिता सामाजिक समिति की सक्रिय सदस्य कविता मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समिति ने किशोरी को अपने संरक्षण में लेकर पूरा कलंदर थाने पहुंचाया और पुलिस को किशोरी के नाबालिग होने से संबंधित जानकारी व तथ्यों से अवगत कराया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी। समिति के अनुसार, उनके हस्तक्षेप से पहले ही विवाह करने वाला आरोपी युवक गांव से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। समिति ने बताया कि किशोरी का बयान दर्ज कराया जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई बाल विवाह निषेध अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में की जाएगी। साथ ही किशोरी की सुरक्षा और काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। इस प्रकरण को लेकर प्रभारी निरीक्षक पूरा कलंदर मनोज शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
वेव सिटी पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति कम्प्यूटरीकृत धर्मकांटे में वजन की हेराफेरी कर एक कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है। यह मामला तब सामने आया जब आरएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के एचआर विभाग के असिस्टेंट मैनेजर आकाश त्यागी ने वेव सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के धर्मकांटे पर वजन में हेराफेरी कर सरिया और लोहे का सामान चोरी किया जा रहा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने चेकिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। उसे अरबन होम्स से बम्हेटा शाहपुर की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से तीन इलेक्ट्रॉनिक चिप, आठ रिमोट और 12,650 रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह आरएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में स्टोर इंचार्ज के पद पर कार्यरत था। आरोपी धर्मकांटे के वेब्रिज सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट लगाकर वजन कम दिखाता था। इस तरीके से वह प्रत्येक ट्रक से लगभग 600 से 700 किलोग्राम लोहे का सामान बचा लेता था, जिसे बाद में बेचकर मोटी रकम कमाता था। आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि वह एक ट्रक से लगभग 40,000 से 50,000 रुपये तक कमा लेता था। कुछ दिन पहले जब वह धर्मकांटे में पुरानी चिप हटाकर नई चिप लगा रहा था, तभी वहां मौजूद गार्ड ने उसे देख लिया, जिसके बाद उसकी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्रवण कुमार (लगभग 31 वर्ष), निवासी ग्राम बदलेपुर, जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
हापुड़ में पूर्व राज्यमंत्री मदन चौहान पर हमला:पिस्टल से फायरिंग की कोशिश, आरोपी फरार
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव हिरणपुरा में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे पूर्व राज्यमंत्री मदन चौहान पर कार सवार युवकों ने हमला करने का प्रयास किया। मदन चौहान ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन पर पिस्टल तान दी और फायरिंग करने की कोशिश की। हालांकि गोली नहीं चल सकी। साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। कार सवार युवक रास्ते में खड़े थे मदन चौहान के अनुसार, सोमवार को वह अपनी इनोवा कार से गांव हिरणपुरा में एक परिचित के यहां सगाई समारोह में जा रहे थे। एक्सप्रेस-वे से उतरकर जैसे ही वह गांव में प्रवेश करने लगे, रास्ते में कुछ कार सवार युवक खड़े मिले। उन्होंने बताया कि युवकों के हाथों में हथियार थे और उनकी गाड़ी के पास आते ही एक आरोपी ने पिस्टल निकालकर फायरिंग का प्रयास किया, लेकिन गोली नहीं चल पाई। घटना के बाद कार में मौजूद सुरक्षाकर्मी बाहर निकले तो आरोपी मौके से फरार हो गए। पूर्व मंत्री ने इस घटना को गंभीर बताते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा जताया और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि मदन चौहान की पहचान कद्दावर नेताओं में होती है। वह लगातार तीन बार गढ़मुक्तेश्वर सीट से विधायक रह चुके हैं। अखिलेश सरकार में उन्हें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया था। हालांकि 2017 के चुनाव में वह भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक कमल मलिक से पराजित हो गए थे। इसके अवाला वह मूल रूप से गढ़मुक्तेश्वर कस्बे में स्याना रोड के रहने वाले हैं और उन्हें दिवंगत अमर सिंह के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता है।
पतंग की डोर से गेहूं की बोरी कटने पर मारपीट:एक दूसरे का छप्पर फूंका, 10 लोग घायल
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के भाटी खुर्द गांव में सोमवार रात एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पतंग की डोर से गेहूं की बोरी कटने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद मारपीट और आगजनी तक पहुंच गया, जिसमें कुल 10 लोग घायल हो गए। चुन्नू के परिवार की एक लड़की गेहूं की बोरी लेकर जा रही थी, तभी हसीम के परिवार के एक लड़के द्वारा उड़ाई जा रही पतंग की डोर से बोरी फट गई। इस बात पर दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच कहासुनी हुई। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले बारात जाने को लेकर भी दोनों पक्षों में तनाव था। सोमवार रात करीब 9 बजे पुराना विवाद फिर से सामने आया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसके बाद एक-दूसरे के छप्परों में आग लगा दी गई। आगजनी की इस घटना में कई छप्पर जलकर राख हो गए। मारपीट में एक पक्ष से चुन्नू, शहीदुर, शाहबाज, इरशाद और कमल घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से हासिम, गुड्डू, गड्डू, अकराम और गोलू घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग पर काबू पाया गया। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। थाना अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट और आगजनी की घटना हुई है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बुलंदशहर के 17 नगर निकायों में अब 18.05 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। शासन की ओर से नगर निकायों को मिलने वाली टाइड और अनटाइड ग्रांट की दूसरी किश्त जारी कर दी गई है। इसमें सबसे ज्यादा धनराशि नगर पालिका बुलंदशहर को मिली है, जबकि सबसे कम राशि नगर पालिका डिबाई के खाते में आई है। नगर निकाय क्षेत्रों में सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए शासन टाइड, अनटाइड ग्रांट और स्टांप शुल्क से वसूली गई राशि का भुगतान करता है। इसी क्रम में अब दूसरी किश्त जारी होने के बाद नगर निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। इस धनराशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए संबंधित नगर निकाय अधिकारी प्रस्ताव तैयार करेंगे। इन प्रस्तावों को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद सड़कों और नालियों के निर्माण समेत अन्य कार्य शुरू कराए जाएंगे। सबसे अधिक 5.17 करोड़ रुपये नगर पालिका बुलंदशहर को जारी किए गए हैं, जबकि नगर पालिका डिबाई को सबसे कम 92.62 लाख रुपये मिले हैं। नगर पंचायतों में औरंगाबाद को सबसे ज्यादा 42.70 लाख रुपये और ककोड़ को सबसे कम 14.31 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। नगर निकायवार जारी धनराशि (टाइड + अनटाइड फंड)- बुलंदशहर नगर पालिका – 5,17,63,040, खुर्जा – 3,84,78,332 ,सिकंदराबाद – 2,31,34,319, जहांगीराबाद – 1,54,14,116, गुलावठी – 1,17,59,945, अनूपशहर – 1,08,13,541, स्याना – 1,00,77,449, शिकारपुर – 97,70,744, डिबाई – 92,62,490, औरंगाबाद – 42,70,501, नरौरा – 36,16,197, पहासू – 31,13,785, खानपुर – 28,74,263, बुग्रासी – 24,77,007, छतारी –19,22,017, भवन बहादुर नगर –16,76,653 और ककोड़ – 14,31,289 शासन से जारी इस धनराशि के बाद नगर निकाय क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों के शुरू होने की उम्मीद जगी है।
मथुरा में सड़क हादसा, ग्राम प्रधान की मौत:दिल्ली-आगरा हाईवे पर बाइक डिवाइडर से टकराई, साथी घायल
मथुरा में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर फरह के समीप एक सड़क हादसे में वर्तमान ग्राम प्रधान बृजपाल की मौके पर ही मौत हो गई। उनके एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मूशेपुर निवासी बृजपाल प्रधान (पुत्र नवल सिंह) अपने एक साथी के साथ अपाचे मोटरसाइकिल से दिल्ली से अपने गांव लौट रहे थे। फरह क्षेत्र में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतना भीषण था कि बृजपाल प्रधान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बृजपाल वर्तमान में गांव मूशेपुर के प्रधान थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि बृजपाल किसी कार्य से दिल्ली गए थे और वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। बृजपाल अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने अज्ञात वाहन से टक्कर की आशंका जताई है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र के ग्राम डामौकुंडा में एक हत्या की वारदात सामने आई है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। बांगो थाना पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना तब सामने आई जब मृतिका के बेटे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि घर में केवल उसके माता-पिता रहते थे। घटना वाले दिन उसके पिता कल्लू उर्फ कल्याण सिंह ने उसे फोन कर बताया कि उसकी मां उठ नहीं रही है और उसे घर आने को कहा। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बांगो थाना पुलिस को मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसके बाद एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण किया और पंचनामा की कार्रवाई की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी भेजा गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि महिला की सामान्य मौत नहींए उसकी हत्या की गई है। जिसके आधार पर अपराध दर्ज कर जांच में लिया गया। जांच के दौरान, 41 वर्षीय मृतिका हिरोंडिया के पति 42 वर्षीय कल्याण सिंह पर संदेह गहराया, क्योंकि घटना की सूचना उसी ने अपने पुत्र को दी थी और घटना के समय घर में केवल वे दोनों ही मौजूद थे। संदिग्ध कल्याण सिंह से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि पिछले 2-3 दिनों से वह अपनी खराब पड़ी मोटरसाइकिल बनवाने के लिए पत्नी से पैसे मांग रहा था। पत्नी ने यह सोचकर पैसे देने से मना कर दिया कि वह शराब पीकर पैसे खर्च कर देगा। आरोपी ने बताया कि 07 फरवरी 2026 को भी उसने पैसे की मांग की। पैसे न देने पर उसने अपनी पत्नी हिरोंडिया मरावी का अपने हाथों से गला दबाकर हत्या कर दी। घटना को सामान्य दिखाने के लिए उसने शव को सोई हुई अवस्था में लिटा दिया और खुद शराब पीकर कमरे में बेसुध पड़ा रहा, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। मृतिका और आरोपी के दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि दोनों बेटे अविवाहित हैं और कटघोरा स्थित बर्फ फैक्ट्री में काम करते हैं। घर पर पति-पत्नी ही रहते थे। बांगो थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कक्षा 11 विजेता दीपक चमके अंशुमन सीरीज अव्वल:सरस्वती विद्या मंदिर जैमिनीपुरम में क्रिकेट फाइनल
मुरादाबाद के द्रौपदी रतन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जैमिनीपुरम में 4 फरवरी से चल रहे खेल टूर्नामेंट का समापन क्रिकेट फाइनल मैच के साथ हुआ। इस रोमांचक मुकाबले में कक्षा 11 की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कक्षा 11 के छात्र दीपक कश्यप ने अपनी टीम का नेतृत्व किया और निर्णायक भूमिका निभाई। उन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। वहीं, पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाने पर कक्षा 11 के ही अंशुमन को 'मैन ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर सभासद भगवानदास ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के प्रधानाचार्य ब्रह्मपाल सिंह ने घोषणा की कि विद्यालय में हर साल खेल टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाएगा। कॉलेज के प्रबंधक काव्य सौरव जैमिनी ने विद्यालय को खेल अकादमी के रूप में विकसित करने और सभी खेलों के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अध्यापिका सरोज गुप्ता, माया सक्सेना, रुचि रस्तोगी, दीपिका गुप्ता, विजय वीर सिंह और काजल सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह का समापन विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।
जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा:मुख्य सचिव एसपी गोयल ने एक्स पर साझा किया प्रगति का VIDEO
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को एक्स पर एयरपोर्ट के कार्य प्रगति का वीडियो साझा किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग से लेकर एयरपोर्ट सर्विलांस रडार और नेविगेशन सिस्टम तक सभी आवश्यक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव द्वारा साझा किए गए वीडियो में एयरपोर्ट के संचालन के लिए जरूरी हर पहलू की प्रगति को दर्शाया गया है। वीडियो में एयरपोर्ट की एक्सेस रोड, ईंधन टैंक, ऑपरेशन सेंटर, जल और सीवेज व्यवस्था, चेक पोस्ट, टर्मिनल बिल्डिंग, घरेलू टर्मिनल काउंटर, ई-गेट्स, बैगेज हैंडलिंग, लाउंज, विमानों के लिए एप्रन, कार्गो टर्मिनल, सोलर फार्म, एटीसी, सीएनजी पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, रनवे, नेविगेशन सिस्टम और टैक्सी-वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति दिखाई गई है। फिलहाल, सिर्फ एयरोड्रम लाइसेंस से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जो अंतिम चरण में बताई गई हैं। एयरपोर्ट का प्रथम चरण कुल 1334 हेक्टेयर में विकसित हुआ है। दिसंबर 2024 में एयरपोर्ट के रनवे पर इंडिगो के यात्री विमान को उतारकर सफल ट्रायल किया गया था। इसके बाद, वर्ष 2025 में अक्टूबर अंत और नवंबर के पहले सप्ताह में भी रनवे पर छोटे विमान को उतारकर उपकरणों का परीक्षण किया गया। एयरपोर्ट का निर्माण कर रही कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (YIAL) ने दो बार स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को यात्री बनाकर चेक-इन, बोर्डिंग और बैगेज हैंडलिंग सहित अन्य यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया था। उद्घाटन के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा। नोएडा एयरपोर्ट के आसपास के इलाके को भी यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) ने विकसित करने की तैयारी तेज कर दी है। एयरपोर्ट के आसपास सेक्टर-8, 8डी, 11, 4ए, 5ए और 5 को विकसित करने के लिए तेजी से भूमि खरीदी जा रही है। सेक्टर-8डी में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस प्रस्तावित हैं। यीडा सेक्टर-8डी के लिए थोरा और दयौरार गांव की जमीन खरीदी जा रही है। विगत दिवस ही यहां के करीब 30 किसानों की सूची जारी कर इन्हें आपत्ति के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके अलावा आसपास विकसित होने वाली विकास परियोजनाओं को भी तेजी से अंतिम रूप देने की तैयारी है।
इटावा में दो साल पुराने छेड़छाड़ मामले में पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश विनीता विमल ने आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे एक साल कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ सिंह ने बताया कि यह मामला बलरई थाना क्षेत्र का है। 8 अगस्त 2023 को एक नाबालिग लड़की अपने घर पर अकेली थी, तभी गांव का उज्ज्वल उर्फ लुक्का पुत्र माखन सिंह उसके घर में घुस आया और छेड़छाड़ करने लगा। लड़की के शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि उज्ज्वल पहले भी फोन पर लड़की से अश्लील बातें करता था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उज्ज्वल के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हुई, जहां अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने सरकार की ओर से पैरवी की। कोर्ट ने पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उज्ज्वल को पॉक्सो एक्ट के तहत संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, लेकिन छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में दोषी पाया।
सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित ग्रैंड सिनेमा हॉल में 'गोदान' फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया गया। यह फिल्म भारत की संस्कृति और गौ संरक्षण विषय पर आधारित है। सोमवार को भाजपा के नगर विधायक राजीव गुंबर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से सिनेमा हॉल पहुंचकर फिल्म देखी। फिल्म में गौ माता के महत्व, ग्रामीण जीवन में उनकी उपयोगिता और सामाजिक भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस प्रदर्शन से उपस्थित कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। इस अवसर पर नगर विधायक राजीव गुंबर ने बताया कि 'गोदान' फिल्म भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को दर्शाने वाली एक प्रेरणादायक प्रस्तुति है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और फिल्म में गौ संरक्षण के ग्रामीण तरीकों तथा इससे समाज को होने वाले लाभों को दिखाया गया है। गुंबर ने आगे बताया कि पारंपरिक ग्रामीण व्यवस्था में गाय का गोबर प्राकृतिक खाद के रूप में उपयोगी है, जबकि गोमूत्र को लेकर भी विभिन्न पारंपरिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इसके अतिरिक्त, गाय का दूध स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है और भारतीय खानपान व जीवनशैली में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। राजीव गुंबर ने ऐसी सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश देने वाली फिल्म बनाने के लिए निर्माताओं को बधाई दी। उन्होंने सहारनपुर की जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में यह फिल्म देखें और भारतीय संस्कृति के इस महत्वपूर्ण पहलू को समझें। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म में किसी प्रकार की विद्वेषपूर्ण भावना नहीं है, बल्कि गौ सेवा, संरक्षण और संवेदनशीलता के संदेश को प्रमुखता दी गई है। फिल्म का मूल उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, पशु संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है।
संतकबीरनगर के शहीद जवान को अंतिम विदाई:गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई श्रद्धांजलि, हजारों लोग उमड़े
संतकबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के सियर खुर्द गांव में आज शहीद जवान राम अधीन यादव को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। हजारों की संख्या में लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़े। राम अधीन यादव छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान नक्सलियों द्वारा किए गए हमले में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया था। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को देखकर हर आंख नम हो गई। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'शहीद राम अधीन यादव अमर रहें' के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। गांव और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग जवान के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। शहीद की खबर सुनकर परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी मां की आंखें नम थीं, जबकि पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार और गांव में हर कोई इस वीर सपूत को गर्व के साथ याद कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि राम अधीन यादव बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर पूरे जिले का मान बढ़ाया है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सरकार से शहीद परिवार को सम्मान, सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना की टुकड़ी द्वारा दी गई अनुशासित सलामी ने मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। जवान की शहादत पर गर्व और दुख का मिला-जुला भाव हर चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
जन भवन प्रांगण में चार दिनों तक चली 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का सोमवार को भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रदर्शनी में रचनात्मकता, नवाचार और जनभागीदारी ने इसे अब तक की सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनी बना दिया। 6 से 9 फरवरी तक आयोजित इस प्रदर्शनी को 3.5 लाख से अधिक आगंतुकों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा, जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से यह आयोजन लाखों लोगों तक पहुंचा। इस वर्ष कुल 1690 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए 7771 प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जिनमें से निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद 1719 विजेताओं का चयन किया गया। संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को आमजन से विशेष सराहना मिली। उन्होंने इसे प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण बताते हुए कर्नल दीपक कुमार और उनकी टीम की प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि यह प्रदर्शनी हर वर्ष नए आयाम छू रही है और अब बच्चों, युवाओं व परिवारों की सक्रिय भागीदारी इसमें साफ दिखाई दे रही है। कला हर व्यक्ति के भीतर, उसे मंच देने की जरूरतजन भवन में प्रदर्शित कलात्मक मॉडलों और वस्तुओं की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कला हर व्यक्ति के भीतर निहित होती है, आवश्यकता केवल उसे पहचानकर बाहर लाने की है। उन्होंने रचनात्मक वस्तुओं के निर्माण को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज में नवाचार और आत्मविश्वास बढ़ता है। प्रदर्शनी में रामायण, श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने, राष्ट्रध्वज तिरंगे के इतिहास जैसे विषयों पर आधारित मॉडलों को राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का सशक्त प्रस्तुतीकरण बताया। उन्होंने कारागार विभाग सहित सभी प्रतिभागियों से भविष्य में और अधिक नवाचारपूर्ण मॉडल प्रस्तुत करने का आह्वान किया। रूफटॉप गार्डनिंग स्वास्थ्य और पर्यावरण का माध्यमराज्यपाल ने रूफटॉप सब्जी एवं बागवानी को पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के लिए प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से इसमें जुड़ने और घरों की छतों पर फल, फूल और सब्जियों के पौधे लगाने की अपील की। किसानों के योगदान की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समाज का पोषण किसानों के परिश्रम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यदि किसान न हो तो भोजन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रदर्शनी के दौरान किसानों के लिए स्वास्थ्य जांच, कैंसर, डेंटल और टीबी जांच शिविरों को उन्होंने जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। 155 स्टॉल, 46 हजार टिकट और 40 लाख की बिक्रीप्रदर्शनी में कुल 155 स्टॉल लगाए गए। चार दिनों में लगभग 46 हजार टिकटों की बिक्री से करीब 9 लाख रुपये की आय हुई, जबकि किसानों और उत्पादकों ने लगभग 40 लाख रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की। उद्यान मंत्री बोले- यह प्रदर्शनी बनेगी मील का पत्थरकार्यक्रम में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि फल, फूल और सब्जियों की कलात्मक प्रस्तुतियों के साथ भारतीय सेना के शौर्य का प्रदर्शन प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी उद्यान विभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगी और कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में और तेजी से काम करना होगा। इस वर्ष 23 वर्गों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को चल वैजयन्ती और 5100 रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्राकृतिक फूलों से बनी आकृतियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों, रेलवे, सेना और नगर निगम सहित विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और विशिष्ट पुरस्कार दिए गए। स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभाक्विज, लेटर राइटिंग और स्टाम्प डिजाइन प्रतियोगिताओं में लखनऊ के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। विजेता बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में रचनात्मकता और प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहन मिला। राज्यपाल ने आयोजन से जुड़े सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रतिभागियों, किसानों और आगंतुकों को बधाई देते हुए आशा जताई कि ऐसे आयोजन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक होंगे तथा समाज, पर्यावरण और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समापन समारोह की 7 तस्वीरें…
सीआरपीएफ जवान की कार अटल परिसर में घुसी:धमतरी में हादसा, जवान घायल; इलाज के लिए रायपुर रेफर
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक सीआरपीएफ जवान सड़क हादसे का शिकार हो गया। उसकी कार अनियंत्रित होकर अटल परिसर में जा घुसी, जिससे वह घायल हो गया। जवान को इलाज के लिए पहले जिला अस्पताल और फिर रायपुर रेफर किया गया है। यह घटना धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के सेहराडबरी संबलपुर चौक के पास स्थित अटल परिसर में हुई। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायल जवान की पहचान ग्राम पीपरछेड़ी, थाना अर्जुनी निवासी 35 वर्षीय राजीव साहू पिता रामेश्वर के रूप में हुई है। राजीव साहू श्रीनगर में सीआरपीएफ में पदस्थ हैं और छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। रविवार को राजीव अपनी कार से धमतरी आए थे और वापस लौटते समय सेहराडबरी अटल परिसर चौक के पास उनकी कार अनियंत्रित हो गई। घटना के बाद उन्हें रात में जिला अस्पताल लाया गया। सोमवार को परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर ले गए।
प्रयागराज में रिटायर दरोगा की बहू सोमवार को फंदे पर लटकी मिली। स्कूल से आकर छह साल की बेटी पुकारती रही लेकिन दरवाजा नहीं खुला। परिवारवालों ने दरवाजे के सुराख से भीतर झांका तो बहू को फंदे पर लटका देख स्तब्ध रह गए। उसने ऐसा क्यों किया, फिलहाल यह सामने नहीं आ सका है। मायकेवाले रायपुर से आने के लिए चल दिए हैं। पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया जाएगा। नौ साल पहले हुई थी शादी32 साल की विभा पांडेय मूल रूप से मेजा की रहने वाली थी। उसकी शादी नौ साल पहले शिवकुटी के भुलई का पुरा में रहने वाले रोहित पांडेय से हुई थी। रोहित के पिता सुरेश पांडेय पुलिस विभाग में दरोगा के पद से रिटायर हैं। घर में रोहित का छोटा भाई, उसकी पत्नी, मां भी हैं। पुलिस के मुताबिक, रोहित ने बताया कि उन्हें किडनी की बीमारी है और वह मंगलवार को सुबह ही दवा लेने चले गए।दोपहर एक बजे के करीब स्कूल से आई बेटीमां व भाई की पत्नी अपने काम में व्यस्त थीं। दोपहर में एक बजे के करीब पिता बेटी को स्कूल से लेकर घर आए और उसे छोड़कर चले गए। बेटी कमरे में जाने लगी तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। वह मां-मां कहकर पुकारती रही लेकिन दरवाजा नहीं खुला। कई बार पुकारा, नहीं मिला जवाबउसकी आवाज सुनकर उनकी मां व भाई की पत्नी भी आ गईं। उन्होंने भी कई बार आवाज दी लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जानकारी पर वह भी आ गए। दरवाजे के सुराख से भीतर झांका गया तो विभा फंदे पर लटकी दिखाई दी। किसी तरह दरवाजा खोला गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और फिर शव को मर्चरी भेजा गया। पति बोला, सब कुछ सामान्य थापुलिस के मुताबिक, परिवारवालों से पूछताछ की गई लेकिन वह कोई वजह नहीं बता सके। पति ने बताया कि सुबह वह दवा लेने जा रहा था तब भी सबकुछ सामान्य था। पत्नी ने किसी तरह की परेशानी की बात नहीं बताई। उसके पास मोबाइल नहीं था। मायकेवालों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम शिवकुटी के प्रभारी एसओ बृजेश यादव ने बताया कि मायकेवालों को सूचना दे दी गई है। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने भी किसी तरह की बात नहीं बताई है। उनका कहना है कि सब कुछ ठीक चल रहा था। मंगलवार को मायकेवालों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कोरबा पुलिस ने एसबीआई के चीफ मैनेजर के घर हुई चोरी के मामले में मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी किए गए लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण एक फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। यह घटना मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दादर खुर्द मार्ग स्थित एक सूने मकान में शुक्रवार रात को हुई थी। यह मकान एसईसीएल कर्मी नवनीत नाथ का है, जिसमें एसबीआई के चीफ मैनेजर राजू मोदी अपने परिवार के साथ किराए पर रहते हैं। घटना के समय राजू मोदी अपने परिवार के साथ रायपुर गए हुए थे। रात में चोरी, सोने के जेवरात लूटे गए शुक्रवार सुबह रायपुर जाने के बाद, परिवार रात लगभग 1 बजे घर लौटा। ताला खोलकर अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। बेडरूम में खिड़की की रॉड टूटी हुई थी, जिससे उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ। तत्काल 112 और मानिकपुर चौकी पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। चोरों ने घर से लगभग डेढ़ लाख रुपए के सोने के जेवरात चुराए, जिनमें चार सोने की चेन, लॉकेट, अंगूठी और टॉप शामिल थे। हालांकि, वे 20 हजार रुपए नकद और लैपटॉप जैसे महंगे सामान नहीं ले गए थे। पुलिस ने मौके पर डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया। डॉग 'बाघा' ने घटनास्थल से गंध लेकर लगभग 1 किलोमीटर दूर पोड़ी बहार मैदान तक पीछा किया, जहां वह शराब की खाली बोतल तक पहुंचा। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपियों ने चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण 'मधुर फाइनेंस' में गिरवी रखे हैं। पुलिस ने तुरंत फाइनेंस संस्था से संपर्क किया और विधिवत कार्रवाई करते हुए सभी आभूषण बरामद कर लिए। बरामद आभूषणों का आज के बाजार मूल्य के अनुसार कुल अनुमानित मूल्य लगभग 11,11,000 रुपए आंका गया है। पुलिस ने इस मामले में 31 वर्षीय संजय वैष्णव उर्फ गोलू, निवासी निहारिका साडा कॉलोनी, क्वार्टर नंबर D-18, और उसकी 50 वर्षीय मां लव कुमारी वैष्णव को गिरफ्तार किया है।
जांजगीर-चांपा जिले में पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल दो धारदार चाकू और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस के अनुसार, सिवनी नैला निवासी राकेश सूर्यवंशी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका छोटा भाई रोशन सूर्यवंशी उर्फ छोटे दादू 7 फरवरी की रात करीब 10 बजे अपने दोस्त के साथ गांव के तालाब की ओर घूमने निकला था। रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि अम्हा तालाब के पास आशीष सूर्यवंशी और अतुल महंत से विवाद के बाद रोशन पर चाकू से पेट में जानलेवा हमला किया गया। घायल रोशन सूर्यवंशी को परिजन तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। फरारी के दौरान भी हथियार से किया हमला घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। फरारी के दौरान आरोपी आशीष सूर्यवंशी ने नैला निवासी यशवंत यादव पर भी गाली-गलौज करते हुए हत्या की नीयत से धारदार हथियार से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस संबंध में प्रार्थी मनोज कुमार यादव की रिपोर्ट पर आरोपी आशीष सूर्यवंशी के विरुद्ध हत्या के प्रयास का एक अलग मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना, कोतवाली और नैला चौकी की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने अलग-अलग स्थानों से दोनों आरोपियों अतुल महंत (19 वर्ष), निवासी ग्राम कन्हईबंद, और आशीष सूर्यवंशी (22 वर्ष), निवासी भाठापारा, नैला को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है।
छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्ड (CAF) के वेटिंग कैंडिडेट पिछले 50 दिनों से नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कई दफा गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकत करने उनके बंगले पहुंचे है। दो-तीन बार मुलाकात हुई। लेकिन कोई सपष्ट जवाब नहीं मिला। ऐसे में कैंडिडेट्स लगातार गृहमंत्री शर्मा के बंगले लगातार पहुंच रहे हैं। इसके पीछे कैंडिडेट्स का कहना है कि पहली तीन मुलाकात के बाद गृहमंत्री के अधिकारी अब उन्हें मंत्री शर्मा से मिलने ही नहीं दे रहे हैं। दरअसल, पहली मुलाकात में गृहमंत्री ने कैंडिडेट्स को कोर्ट जाने को कह दिया था। दूसरी मुलाकात में उन्होंने सीएम से पूरे मामले में बात करने का आश्वासन दिया था। तीसरी मुलाकात में उन्होंने कैंडिडेट्स को बताया था कि सीएम से बात नहीं हो पाई है। वो बात करेंगे। बातचीत का अपडेट जानने के लिए ही कैंडिडेट्स लगातार गृहमंत्री हाउस पहुंच रहे हैं। कैंडिडेट्स का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उनकी मांग को सही बताया है। उनके समर्थन में लेटर भी लिख चुके है। लेकिन गृहमंत्री के यहां से उन्हें कोई रिप्लाई नहीं मिल रहा है। सोमवार को भी कैंडिडेट्स का डेलिगेशन सुबह से शाम तक गृहमंत्री हाउस के बाहर डटे रहे।लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। कैंडिडेट्स का आरोप है कि सुबह गृहमंत्री हाउस के अधिकारियों ने उन्हें तस्वीर खींचने के बहार ले गए। और गृहमंत्री से मुलाकात किए बगैर निकल गए। शाम को भी लंबे इंतजार के बाद कैंडिडेट्स से ये कह दिया गया कि मंत्री विजय शर्मा रेस्ट रूम में जा चुके हैं। अगली सुबह आइए। मुलाकात नहीं हो पाने से कैंडिडेट्स से भारी नाराजगी है। अब समझिए भर्ती का पूरा मामला 7 साल पहले 2018 में जब भर्ती आई थी, तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। मेरिट लिस्ट के बाद वेटिंग लिस्ट जारी की गई थी। मेरिट लिस्ट में शामिल युवाओं की भर्ती कर ली गई। वेटिंग लिस्ट वाले 417 कैंडिडेट्स से कहा गया कि अभी पद खाली नहीं है, ऐसे में उनकी भर्ती रोक दी गई है। 50 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेट ओवर एज लेकिन आगे मेरिट लिस्ट में शामिल कई कैंडिडेट्स मेडिकल में आउट हो गए, कुछ ने नौकरी छोड़ दी। सीट खाली हुई, लेकिन इन सब के बीच सरकार भी बदल गई। कांग्रेस ने इन वेटिंग लिस्ट वाले कैंडिडेट्स की भर्ती पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। वक्त के साथ इन 417 में से 250 से ज्यादा यानी 50 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेट ओवर एज हो गए हैं। आगे किसी भर्ती के काबिल नहीं हैं। दरअसल, जब भर्ती हुई थी उस वक्त सभी अभ्यर्थी 28 से 32 वर्ष के थे, लेकिन ज्वॉइनिंग नहीं मिलने से आज इन्हीं अभ्यर्थियों की उम्र 36 से 40 साल पहुंच गई है। अभ्यर्थियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल के पास जाकर गुहार लगाई, लेकिन मदद नहीं मिल सकी। आर्म्स फोर्स में पिछले 6 साल से भर्ती भी नहीं 2018 से लेकर अब तक कई पद खाली हो चुके हैं। इन पदों पर भर्ती नहीं हुई है। पिछले 6 सालों में अब तक सीएएफ में भर्ती नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, जब तक नई वैकेंसी नहीं आ जाती, तब वेटिंग लिस्ट वाले कैंडिडेट्स वैलिड ही माने जाते हैं। अगर शासन चाहे तो अभी भी इन्हें रिक्त पदों पर भर्ती कर सकती है। मौजूदा स्थिति में 65,439 जवान कार्यरत छत्तीसगढ़ में पुलिस बल में हजारों पद रिक्त हैं। यह रिक्तियां करीब 10 से 15 साल से हैं। इसके बाद भी इन पदों पर भर्तियां नहीं हो रही है। इधर छत्तीसगढ़ की जनसंख्या भी तेजी से बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस के पास डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव फोर्स, छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स और छत्तीसगढ़ टेलीकॉम फोर्स में कुल 83,259 पद स्वीकृत हैं। इनमें से मौजूदा स्थिति में 65,439 जवान कार्यरत हैं। लेकिन 17,820 पद लंबे समय से खाली हैं। प्रदेश में 13 IPS तो 129 DSP की जरूरत छत्तीसगढ़ में पुलिस बल में जवानों की कमी की वजह से लगातार कार्यरत अफसरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस बल को अभी 13 आईपीएस अफसरों की जरूरत है। प्रदेश में 142 स्वीकृत पदों में वर्तमान में 129 आईपीएस अफसर कार्य कर रहे हैं। वहीं पुलिस बल में डीएसपी/एएसपी के 513 पद स्वीकृत हैं। इसमें 384 डीएसपी ही कार्यरत हैं। प्रदेश को अभी भी 129 डीएसपी की जरूरत है। इसके अलावा इंस्पेक्टर के 64 पद भी रिक्त पड़े हैं। कॉन्स्टेबल और सूबेदार के ज्यादातर पद खाली पुलिस विभाग में सूबेदार का मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की जांच करना और थाना स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करना होता है। वहीं कॉन्स्टेबल जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा पेट्रोलिंग, जांच में सहायता, FIR दर्ज करना, और विशेष आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का काम करते हैं। लेकिन प्रदेश में सूबेदार के 80 स्वीकृत पदों में केवल 3 सूबेदार ही काम कर रहे हैं। दूसरी ओर हेड कॉन्स्टेबल के 827 और कॉन्स्टेबल के 10436 पद अभी भी रिक्त हैं। जांच हो रही प्रभावित पुलिस बल की कमी की वजह से प्रदेशभर में अपराधों की जांच पेंडिंग है। रिक्त पदों के भरने से अपराधों की जांच में तेजी आएगी। इधर, रायपुर जिले में अपराधों की जांच बेहतर और जल्द होने का दावा है। रायपुर में साल 2024 में 17693 अपराध दर्ज किए गए थे। जनवरी 2025 तक 1713 मामले पेंडिंग थे। अक्टूबर 2024 में पुलिस बल में भर्ती निकाली गई। इस भर्ती के माध्यम से कुल 341 पदों को भरा जाना है। जिसमें 278 एसआई के पद, 19 सूबेदार, 14 प्लाटून कमांडर, 11 उप निरीक्षक (विशेष शाखा), 4 उप निरीक्षक (अंगुल-चिन्ह), 1 उप निरीक्षक (प्रश्नाधीन दस्तावेज) जैसे पद शामिल है। इसके अलावा 5 उप निरीक्षक (कंप्यूटर) और 9 उप निरीक्षक (साइबर क्राइम) के पदों पर भर्ती होनी है। लेकिन इसकी प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। वहीं कॉन्स्टेबल की भर्ती भी नहीं हो सकी है। .............................................. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... CAF अभ्यर्थियों ने पूछा-क्यों न हम नक्सली बन जाएं:गृहमंत्री शाह को लिखा पत्र, कहा-सरेंडर करने पर नक्सलियों को सुविधाएं,लेकिन क्वालिफाई कैंडिडेट को नौकरी नहीं छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स (CAF) की 2018 आरक्षक भर्ती विवादों में है। कोर्ट के आदेश के बाद भी 8 साल से वेटिंग लिस्ट के 417 अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हुई। अभ्यर्थियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिखा है। पूछा है कि नौकरी नहीं मिलने पर क्यों न हम नक्सली बन जाएं। पढ़ें पूरी खबर...
टोंक में सोमवार को नर्सिंग छात्र ने अपने ननिहाल में पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुबह 11 बजे तक भी कमरे से बाहर नहीं निकलने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन हलचल नहीं होने पर गेट तोड़कर घुसे तो युवक लटका हुआ था। परिजन युवक को उतारकर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में हुई। सूचना पर थाना प्रभारी नेमीचंद भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। परिजनों को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला हैं। थानाधिकारी नेमीचंद गोयल ने बताया- कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। उसके परिजन उसकी जांच के लिए अस्पताल लाए है। इस पर टीम तुरंत अस्पताल पहुंची। जहां जानकारी लेने पर पता चला कि बलाइयों का चौक (टोडारायसिंह) निवासी हेमंत(22) मेहंदवास गेट के पास संघपुरा स्थित अपने मामा के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वहां चुन्नी से बनाए फंदे से पंखे पर लटककर सुसाइड कर लिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि युवक नर्सिंग का छात्र है। परिजनों की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर मौत के कारणों की जांच की जा रही है। इधर, परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव ले गए।
मेरठ के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला को धमकी मिली है। सोमवार को इस मामले में महिला एसएसपी कार्यालय पहुंची और मदद की गुहार लगाई। उसका कहना है कि शादाब की टीम के लोग तरह तरह से धमकी देकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। पहले एक नजर महिला की कहानी मूलरूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली यह महिला है, जो वर्ष 2017 में मेरठ आकर रहने लगी थी। महिला की मुजफ्फरनगर निवासी सोनू से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई और फिर दोनों ने लव मैरिज कर ली। इस कारण दोनों गांव छोड़कर मेरठ आ गए और इंचौली क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। उसका पति बैट्री का काम करता था जो अकसर बाहर ही रहता था। परिवार में उसका एक बेटा भी है। घर चलाने के लिए वह भी काम करती थी। अब जानिए कैसे जुड़ी जकाती से महिला कि फरवरी-2025 में उसकी मुलाकात इंचौली निवासी शादाब जकाती से हुई। सोशल मीडिया के जरिए वह उससे मिली थी। उसकी रील देखने के बाद शादाब ने उसे अपने साथ काम करने के लिए राजी कर लिया। वह अपनी रील में उसे रखता। काफी रील उसकी ऐसी हैं, जिसमें वह शादाब जकाती के साथ है। बंधक बनाकर रखने का आरोप महिला बोली- शुरुआत में उसे लगा शादाब जकाती उसकी मदद करना चाहता है, इसलिए अपने घर पर भी काम दिया है। लेकिन धीरे धीरे वह उसकी हरकतों को समझने लगी। एक दिन विरोध करने पर उसने उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे दी। यहां तक कहा कि पुलिस उसका कुछ नहीं कर सकती है। वह बहुत डर गए। इसका फायदा उठाकर शादाब व उसका परिवार शोषण करने लगा। शादाब के खिलाफ मुकदमा तीन दिन पहले इंचौली थाने में शादाब जकाती के खिलाफ रेप समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद महिला की परेशानी बढ़ गई। मकान मालिक ने मकान खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया, जिसके बाद चांदनी का परिवार दहशत में आ गया। घर पर आकर दी गई धमकी सोमवार को महिला फिर एसएसपी दफ्तर पहुंच गई। महिला ने बताया कि उसे व उसके परिवार को धमकी मिलने लगी है। यह धमकी कोई और नहीं बल्कि शादाब जकाती दिलवा रहा है। महिला ने बताया कि 6 फरवरी की रात शादाब जकाती की टीम का शारिक घर आया और बुरा भला कहने लगा। उसने शादाब को फोन मिलाया और स्पीकर पर कर दिया। इस घटना के बाद से वह और उसका परिवार डरा है। परिवार की सुरक्षा की मांग महिला की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ब्रजेश तोमर एडवोकेट का कहना है कि शादाब जकाती खुद सामने नहीं आ रहा। वह अपनी टीम के लोगों से धमकी दिलाकर डरा धमका रहा है। इंचौली पुलिस पीड़ित की सुनवाई नहीं कर रही है, जिस कारण यहां आना पड़ रहा है।
सीकर जिले के खाटूश्यामजी में सोमवार को गेट लगाने को लेकर हंगामा हुआ। खाटूश्यामजी थाने के SHO ने एक युवक की कॉलर पकड़कर बीच सड़क पर पटक दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हाथापाई दिख रही है। वीडियो में लोग पुलिस के इस बर्ताव का विरोध करते हुए कह रहे हैं कि यह गलत है और पुलिस को हाथ नहीं उठाना चाहिए था। मामले पर SHO पवन कुमार ने कहा कि गेट लगाने का विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस के साथ हाथापाई की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके कारण स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को मजबूरन हस्तक्षेप करना पड़ा। खाटूश्यामजी में 21 से 28 फरवरी तक खाटूश्यामजी मेले का आयोजन होगा। अब देखिए, घटना से 3 PHOTOS… खाटूश्यामजी में SHO ने युवक को पटका स्थानीय लोगों के अनुसार, खाटू कस्बे में मोदी चौक मार्ग पर मेला शुरू होने से पहले भीड़ नियंत्रण के लिए लोहे का गेट लगाया जा रहा था। इसी बीच खाटूश्यामजी थाने के SHO पवन कुमार चौबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने गेट लगाने का विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और हाथापाई करने की कोशिश की। बचाव करने आए हेड कांस्टेबल को भी नहीं बख्शा SHO पवन कुमार चौबे ने कथित तौर पर तेज आवाज में बात कर रहे एक युवक की कॉलर पकड़ी और उसे जमीन पर पटक दिया। वीडियो में हेड कांस्टेबल राहुल को बीच-बचाव करने की कोशिश करते हुए भी देखा जा सकता है, लेकिन SHO पवन कुमार चौबे ने गुस्से में आकर युवक को नीचे गिरा दिया। SHO पवन कुमार चौबे का कहना है कि गेट लगाने के दौरान लोगों ने विरोध करते हुए पुलिस से गाली-गलौज की और हाथापाई करने की कोशिश की। सीकर SP प्रवीण नायक नूनावत ने कहा है कि वीडियो सामने आया है और इसके आधार पर जांच की जाएगी।
सीतापुर में नगर के बड़े चौराहे के निकट स्थित गैस बिल्डिंग की एक दुकान में रखे सिलेंडर में तेज विस्फोट हुआ। जिससे सोमवार शाम को अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना जोरदार था कि सिलेंडर का ऊपरी हिस्सा तेज आवाज के साथ उड़कर काफी दूर जा गिरा। उसके टुकड़े आसपास बिखर गए। मामला बिसवा कोतवाली क्षेत्र का है। अचानक हुए विस्फोट से क्षेत्र में दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार बड़े चौराहे के पास एराज उर्फ पप्पू की गैस बिल्डिंग की दुकान में रखे एक ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक गैस का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की चपेट में आकर दुकान संचालक समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घायलों में दुकान स्वामी एराज और आमिर पुत्र वसीर शामिल है। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए मुख्य चौराहे पर यातायात भी बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने क्षेत्र को खाली कराकर मलबा हटवाया और घटना की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्य चौराहे जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर रखना खतरनाक हो सकता था। इस प्रकार का कार्य अत्यंत जोखिम भरा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्र में ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जाए तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक 20 वर्षीय युवक ने संदिग्ध हालात में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। माती गांव निवासी रंजीत रावत मजदूरी करता था। परिजनों के मुताबिक सोमवार दोपहर रंजीत ने शराब पीने के लिए अपनी मां संगीता से रुपए मांगे। मां ने पैसे देने से इनकार किया तो वह घर में रखी मां की बिछिया लेकर बेचने जाने लगा। इसी बात को लेकर घर में जमकर विवाद और कहासुनी हुई। झगड़े के बाद रंजीत घर से निकल गया। शाम करीब 5 बजे गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर लोगों ने उसे बेर के पेड़ से मफलर के सहारे लटका देखा। इसकी जानकारी तुरंत परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिवार में पिता राजाराम, मां संगीता, चार बहनें और एक छोटा भाई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
संदिग्ध हालत में विवाहिता की मौत:बागपता में मां की तहरीर पर पति सहित तीन पर केस दर्ज, जांच जारी
बागपत के रटौल कस्बे में 20 वर्षीय विवाहिता जुलैखा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जुलैखा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। जुलैखा का विवाह लगभग पांच महीने पहले रटौल निवासी रहमान पुत्र लायक से हुआ था। मृतका के परिजन मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और पिछले 30 वर्षों से लोनी के पावी में रह रहे हैं। दामाद रहमान ने जुलैखा की मौत की सूचना उसके मायके पक्ष को दी। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। मृतका की मां ने अपने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जुलैखा के साथ मारपीट की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मृतका की मां जेलीना खातून की तहरीर पर जुलैखा के पति रहमान, रहमान की बहन संजो और संजो के पति सद्दाम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है। सीओ रोहन चौरसिया ने बताया कि मृतका की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में गोमतीनगर में सहारा इंडिया को आवंटित रही करीब 245 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित नए विधान भवन और सचिवालय परिसर के लिए शासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इस दिशा में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक कंसल्टेंसी कंपनी नियुक्त की है, जो जमीन का तकनीकी सर्वे और फिजिबिलिटी स्टडी करेगी। दो महीने में देनी होगी पूरी रिपोर्ट कंसल्टेंसी कंपनी को दो महीने के भीतर जमीन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट में जमीन की सटीक सीमाएं, मौजूदा भौतिक स्थिति, वर्तमान उपयोग, निर्माण की संभावनाएं और चुनौतियां का आकलन किया जाएगा। यह रिपोर्ट LDA के जरिए शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के बाद शासन लेगा अंतिम फैसला कंसल्टेंसी कंपनी की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि 245 एकड़ जमीन पर नया विधान भवन और सचिवालय परिसर किस स्वरूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। लीज रद्द होने के बाद शुरू हुई प्रक्रिया गौरतलब है कि सहारा इंडिया को दी गई इस जमीन की लीज लखनऊ नगर निगम द्वारा रद्द कर दी गई है। जमीन के गलत इस्तेमाल और शर्तों के उल्लंघन को इसकी वजह बताया गया है। अब पूरी जमीन शासन के नियंत्रण में है, जिसके बाद कंसल्टेंसी सर्वे को पहली अहम कड़ी माना जा रहा है। PWD और आवास विभाग भी रहेंगे समन्वय में परियोजना को लेकर आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि PWD को विशेष कार्य इकाई बनाकर निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर काम करने को कहा गया है। कंसल्टेंसी कंपनी की रिपोर्ट इन विभागों के लिए ब्लूप्रिंट का काम करेगी।
CRPF ने सुकमा में नक्सली हथियार डंप पकड़ा:65 बीजीएल राउंड जब्त, बड़ी वारदात टली
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 223वीं बटालियन को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों ने नक्सलियों का एक हथियार डंप बरामद किया है, जिसमें 65 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) राउंड जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई सटीक आंतरिक खुफिया सूचना के आधार पर की गई। एफओबी रायगुडेम क्षेत्र में एफ कंपनी और क्यूएटी (QAT) द्वारा एक संयुक्त एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में सीआरपीएफ के डीएसएमडी (DSMD) और के-9 दस्ते ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्लास्टिक के ड्रम में दबाकर रखे गए 65 बीजीएल राउंड बरामद के-9 डॉग 'मार्ज' की मदद से जंगल क्षेत्र में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए इस डंप का पता चला। तलाशी के दौरान प्लास्टिक के ड्रम में दबाकर रखे गए कुल 65 बीजीएल राउंड बरामद किए गए। सुरक्षा बलों के अनुसार, बरामद विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए कर सकते थे। समय रहते इस डंप के पकड़े जाने से एक संभावित हमले को विफल कर दिया गया है। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन लगातार जारी है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल विरोधी अभियान और अधिक तेज़ी से चलाया जाएगा।
9 लड़कियों को रौंदने वाला आरोपी गिरफ्तार:गंगा एक्सप्रेसवे पर 4 की गई थी जान, पुलिस ने कार बरामद की
रायबरेली में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में चार युवतियों की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार भी बरामद कर ली है। आरोपी की पहचान कौशाम्बी निवासी विकास मिश्रा के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना बीते दिन देर शाम की है। चूली गांव की कुछ युवतियां एक भोज कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान वे निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंच गईं। प्रयागराज की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार टियागो कार ने उन्हें कुचल दिया। इस हादसे में चार युवतियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। इसके साथ ही, निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पूरे मामले को विस्तार से पढ़िए… चूली गांव में एक नया मंदिर बना है। रविवार को मंदिर में भंडारा था। चूली, कोडर और हनुमानगंज गांव के तमाम लोग भंडारे में प्रसाद लेने पहुंचे थे। शाम करीब 7 बजे कोडर गांव की 10-12 लड़कियां और महिलाएं पैदल अपने गांव लौट रही थीं। कोडर गांव से चूली गांव में बने मंदिर की दूरी करीब 1 किलोमीटर है। चूंकि, एक्सप्रेसवे के किनारे रोड को खोदा गया है इसलिए सभी लोग गंगा एक्सप्रेसव पर चढ़कर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे पर लालगंज की तरफ से आ रही तेज रफ्तार टियागो कार ने 9 लड़कियों को रौंद दिया। घटना की जानकारी होने के बाद दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची। प्रसाद लेकर लौट रहीं लड़कियों में मोनिका भी थी। वह उस मंजर को याद कर सहम सी जाती है। उसने बताया- कार उसके बगल से गुजरी थी। वह घटना का जिक्र करते करते चुप हो जाती है। विनय कुमार ने बताया कि हादसे के समय कार की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इनकी जान गई मृतकों में शालिनी (22) पुत्री जंग बहादुर, रश्मि (14) पुत्री रामरतन और आसमां (18) कोडर गांव की थीं। वहीं हिमांशी (23) पुत्री दल बहादुर अलीगंज डिहवा गांव की थी। वह अपने बहन के गांव कोडर करीब 15 दिन पहले घूमने आई थी। हिमांशी की दो बहनें रामावती व कर्मावती की शादी एक ही घर में हुई है। हिमांशी भंडारा के बाद दीदी से जल्द घर आने की बात कही थी।बेटी की मौत की सूचना पर मां गंगादेई सीएचसी जगतपुर पहुंची और दहाड़े मारकर रो पड़ीं। मां ने बताया कि हिमांशी ने कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। बहन के घर घूमने आई थी। पिता का पहले ही निधन हो चुका है।
बिजनौर में एक दशक पुराने भूमि विवाद में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) श्रेय शुक्ला ने नंदलाल, घनश्याम, केशव और ईश्वर को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने सभी पर 88 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 8 जुलाई 2016 का है, जब धामपुर क्षेत्र के परमावाला गांव निवासी सुरेंद्र सिंह की भूमि विवाद में ईंट से हमला कर हत्या कर दी गई थी। सुरेंद्र की पत्नी सविता ने धामपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी प्रमोद शर्मा ने बताया कि सविता ने अपनी शिकायत में कहा था कि गांव के बनवारी के बेटों नंदलाल, घनश्याम और केशव से उनका जमीनी विवाद चल रहा था, जिस पर कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके बावजूद, 8 जुलाई 2016 को नंदलाल, घनश्याम, केशव (बनवारी के बेटे) और ईश्वर (नंदलाल का बेटा) विवादित भूमि पर जबरन निर्माण कार्य कर रहे थे। जब सविता, उनके पति सुरेंद्र सिंह और बेटी तन्नु ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने सुरेंद्र सिंह को नीचे गिराकर उनके पेट पर ईंट और अद्धे से कई बार वार किया। इस हमले में सुरेंद्र सिंह मौके पर ही बेहोश हो गए, और सविता को भी चोटें आईं। इलाज के दौरान सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। लोक अभियोजक ने मामले से जुड़े आठ गवाहों को अदालत में पेश किया। जिन्होंने घटना का समर्थन किया। अदालत ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई।
कोटा में कोर्ट परिसर के बाहर फैमिली ड्रामा सामने आया है। बताया जा रहा है जीजा से शादी करने आई साली, भाई को देखकर भाग गई।बहन को पकड़ने भाई ने सड़क पर दौड़ लगाई। इस दौरान जीजा साले के बीच बहस भी हुई। कलेक्ट्रेट चौकी पर मौजूद कांस्टेबल ने दोनों पक्षी से समझाइश की। घटना दोपहर साढ़े तीन बजे के आसपास की है।फैमिली ड्रामे को किसी ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इधर कलेक्ट्रेट पुलिस चौकी इंचार्ज नवल किशोर शर्मा का कहना है कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं है। ना ही किसी पक्ष ने कोई रिपोर्ट दी है। बताया जा रहा है कि जीजा अपनी पत्नी के साथ विवाहिता साली से शादी करने कोर्ट में आए। इसी बात का पता साले को लग लग गया। वो भी कोर्ट पहुंच गया। उसने दोनों बहनों से समझाइश की। लेकिन वो नहीं मानी। भाई अपनी बहन को पकड़कर घर ले जाने लगा। बहन, गेट के पास से हाथ छुड़ाकर भाग गई। उसे पकड़ने के लिए भाई भी पीछे दौड़ा। उसी दौरान जीजा ने एतराज जताया। दोनों के बीच बहस हो गई। बाद में जीजा साली को साथ लाया। उसी समय वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने दोनों पक्ष से समझाइश की। पत्नी का कहना है की उसकी बहन और पति दोनों एक दूसरे से प्यार करते है। बहन मरने की धमकी देती है। नयापुरा थाना सीआई संदीप विश्नोई ने बताया की कोर्ट परिसर में व परिसर के बाहर दिनभर झगड़े होते रहते है। हो सकता है कोई पारिवारिक मामला हो। हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई।
गाजीपुर के नेहरू स्टेडियम में स्वर्गीय गुलाब चंद्र राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 के तहत रविवार को दो मुकाबले खेले गए। इन मैचों में स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर और नॉर्थ ईस्ट रेलवे ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराया। यह प्रतियोगिता अंबुज हॉकी सोसाइटी द्वारा 8 से 12 फरवरी तक आयोजित की जा रही है। लीग कम नॉकआउट प्रणाली पर आधारित इस राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। दिन का पहला मुकाबला प्रयागराज और स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर के बीच खेला गया। इसमें स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर ने प्रयागराज को 6-1 से पराजित किया। गोरखपुर की ओर से दिव्या ने दो गोल (9वें और 37वें मिनट में) और आरिका ने हैट्रिक सहित तीन गोल (12वें, 29वें और 36वें मिनट में) किए। ममता ने 16वें मिनट में एक गोल दागा। प्रयागराज के लिए एकमात्र गोल पुष्पांजलि ने 5वें मिनट में किया। दूसरा मुकाबला नॉर्थ ईस्ट रेलवे और रामपुर के बीच हुआ, जिसमें नॉर्थ ईस्ट रेलवे ने 8-2 से जीत दर्ज की। रेलवे की ओर से काजल ने तीन गोल (7वें, 18वें और 33वें मिनट में), सुमिता ने दो गोल (16वें और 27वें मिनट में) और सिमरन ने दो गोल (29वें और 34वें मिनट में) किए। रमनप्रीत ने 35वें मिनट में एक गोल किया। रामपुर की तरफ से शोभा ने 5वें और प्रियांशी ने 39वें मिनट में गोल किए। पहले मैच की मुख्य अतिथि बीती सिंह और दूसरे मैच के मुख्य अतिथि कृष्णानंद सिंह रहे। बृजेश यादव, मोहम्मद सफी, रश्मि, करन आदित्य, नीरज और आसिफ इकबाल ने इन मुकाबलों में निर्णायक की भूमिका निभाई।
इनर व्हील क्लब ने किया चेयरमैन विजिट कार्यक्रम:लखनऊ में डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन पिया नारायण हुईं शामिल
लखनऊ के निराला नगर स्थित 'द रेनेंट' होटल में इनर व्हील क्लब ऑफ लखनऊ ने 'ऑफिशियल चेयरमैन विजिट' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन पिया नारायण मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। क्लब की सदस्यों ने समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान क्लब अध्यक्ष शिखा राज ने इनर व्हील क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों और उनकी उपलब्धियों की जानकारी दी। इसके पश्चात, सचिव सीए पल्लवी अग्रवाल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें क्लब की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण शामिल था। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की अपील मुख्य अतिथि पिया नारायण ने अपने संबोधन में इनर व्हील के अंतरराष्ट्रीय थीम 'स्टेप अप एंड लीड बाय एग्जांपल' के बारे में बताया। उन्होंने सभी सदस्यों से एकजुट होकर समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता करने और महिला सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की । इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 'शेड्स ऑफ पिंक' थीम था। इस अवसर पर क्लब की कई वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं। सभी ने समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और भविष्य में और बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया।
संभल में प्रेम-प्रसंग के शक में एक सिक्योरिटी गार्ड युवक की कथित हत्या का मामला सामने आया है। युवक का शव घर के बरामदे में पंखे से लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। घटना संभल जनपद के हयातनगर थाना क्षेत्र के कमालपुर सराय शाहपुर गांव की है। मृतक की पहचान 20 वर्षीय अजय कुमार पुत्र स्वर्गीय मुन्नू के रूप में हुई है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को घर ले जाने के बजाय गांव से लगभग एक किलोमीटर पहले अनुपशहर रोड पर रखकर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही एएसपी कुलदीप सिंह और सीओ आलोक भाटी के साथ हयातनगर, कैलादेवी, नखासा और संभल थानों की पुलिस तथा पीएसी व आरआरएफ मौके पर पहुंची। शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ जाम लगभग 40 मिनट तक चला। परिजनों ने अजय की हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद रात करीब 8:30 बजे पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया। मृतक के बड़े भाई संजीव कुमार ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6 बजे जब वह और उनकी पत्नी लक्ष्मी जागे, तो अजय घर के बरामदे में फांसी के फंदे से लटका मिला। उस समय घर का लोहे का दरवाजा बाहर से बंद था। अजय छह भाइयों में चौथे नंबर पर था। संजीव कुमार के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे पड़ोसी मुनिपाल और गांव के किशोरी के पिता नेत्रपाल, उनके चाचा अभीताभ, ऋषिपाल और धर्मपाल उनके घर आए थे और अजय को अपने साथ बुलाकर ले गए थे। उन्होंने बताया कि उस रात उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी और नवजात बेटे को दवा देने के बाद वे सो गए थे। सुबह उठने पर अजय का शव फंदे पर लटका मिला। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि उनके भाई का गांव की एक किशोरी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस संबंध में थाना पुलिस को हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी गई है, लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार, करीब दो महीने पहले पंचायत के बाद अजय नौकरी के लिए चंडीगढ़ चला गया था और जीरकपुर की एक सोसाइटी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत था। पंचायत में यह तय हुआ था कि लड़की की शादी होने तक वह गांव नहीं आएगा। बेटे के जन्म और बहन की गोदभराई के कार्यक्रम के चलते अजय को गांव बुलाया गया था। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान रंजिश के चलते उसकी हत्या की गई।
बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक डॉक्टर की चलती कार पर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान कार का शीशा टूट गया, हालांकि डॉक्टर सुरक्षित बच गए। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के अमेरा गांव निवासी डॉ. गोविंद झंझरा चौराहे पर क्लिनिक चलाते हैं। सोमवार रात करीब आठ बजे वह क्लिनिक बंद कर अपनी कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दोहाई मोड़ के पास जंगल क्षेत्र में पहुंचने पर लाल रंग की कार में सवार कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी पर गोली चला दी। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। डॉ. गोविंद ने किसी तरह अपनी जान बचाई और तत्काल यूपी 112 पर घटना की सूचना दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि हमलावर फतेहपुर की दिशा में फरार हो गए। सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस ने नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। मोहम्मदपुर खाला थाना पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद डॉ. गोविंद अपने परिचितों के साथ मोहम्मदपुर खाला थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। इस संबंध में कोतवाल आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'संगीत साधकों की गोष्ठी' नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संघ की महानगर शाखा ने यह आयोजन गोमती नगर स्थित भागीरथी भवन प्रेक्षागृह में किया। यह कार्यक्रम भारतीय संगीत परंपरा को समर्पित था। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और ओंकार ध्वनि से हुई। इसके बाद शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, भजन-कीर्तन, ऑर्केस्ट्रा, बैंड और संघ घोष की विविध प्रस्तुतियाँ दी गईं। आशुतोष की टीम ने 'भजो राम सीते' और 'सरकार तुम्हारे महफिल में तकदीर बनाई जाती है' जैसे भजन प्रस्तुत किए। श्रीराम अकादमी के छात्रों ने भी बैंड प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक यात्रा को संगीत के जरिये प्रस्तुत किया इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश प्रसाद उपस्थित रहे। संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, प्रख्यात ध्रुपद गायक पंडित विनीत कुमार द्विवेदी, पद्मश्री विद्या बिन्दु सिंह, नव युग कन्या महाविद्यालय की प्रोफेसर मंजिला उपाध्याय और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण सहित सैकड़ों संघ कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य भारतीय संगीत के माध्यम से राष्ट्रभाव, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक अनुशासन को जनमानस तक पहुँचाना था। इसे संघ की 100 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा को संगीत के जरिए प्रस्तुत करने का एक विशेष प्रयास माना गया।
लखीमपुर में तालाब में डूबने से बच्ची की मौत:घर के पास खेलते समय हुआ हादसा, पुलिस जांच जारी
लखीमपुर के खीरी थाना क्षेत्र के लगूचा इलाके में सोमवार को एक 6 वर्षीय बच्ची की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बच्ची की पहचान बरतिरवा मजरा इकबालपुर निवासी दिनेश कुमार की पुत्री अंजलि के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अंजलि अपने घर के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते वह पड़ोस में स्थित एक पानी भरे तालाब के पास चली गई और गहरे पानी में डूब गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही खीरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव वाले गड्ढों और तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
ड्रेनेज में छोड़ा केमिकल मिला अपशिष्ट जल:इंदौर में 3 औद्योगिक यूनिट पर 1 लाख 70 हजार का स्पॉट फाइन
इंदौर नगर निगम की टीम ने सोमवार को नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि कुछ इकाइयां केमिकल युक्त अपशिष्ट जल सीधे ड्रेनेज लाइन में छोड़ रही थीं, जिससे ड्रेनेज सिस्टम को नुकसान पहुंच रहा था और पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इस गंभीर अनियमितता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा संबंधित इकाइयों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई की गई। जोन क्रमांक 17 के अंतर्गत की गई कार्रवाई में यूनो ट्रेडर्स पर 1 लाख रुपए, रॉयल ट्रेडर्स पर 50 हजार रुपए और एम.एम. ट्रेडर्स पर 20 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया गया। इस प्रकार तीन इकाइयों पर कुल 1 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना किया गया। कार्रवाई के दौरान सीएसआई सत्येंद्र सिंह तोमर, ड्रेनेज सब इंजीनियर सिद्धांत मेहता सहित ड्रेनेज सुपरवाइजर और बल्क सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही।
सीकर में पोस्टेड ड्रग कंट्रोल ऑफिसर बलदेव चौधरी को ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर (डीसीओ) से असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर (एडीसी) के पद पर पदोन्नति मिली है। बलदेव चौधरी अभी ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर्स इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में पिछले 4 वर्षों से काम कर रहे हैं। बलदेव चौधरी ने अंतर्राज्यीय समन्वय (इंटर स्टेट काॅर्डिनेशन) को सुदृढ़ किया है, जिसके माध्यम से नार्कोटिक्स, मादक पदार्थों के दुरुपयोग तथा नशीली व दुरुपयोग की जा रही औषधियों (स्प्यूरियस एवं मिसयूज्ड ड्रग्स) की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्रवाई की गई है। बलदेव चौधरी अभी विभिन्न राज्यों की ड्रग कंट्रोल एजेंसियों, प्रवर्तन संस्थाओं और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर दोषियों की पहचान, गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की है। इससे अवैध ड्रग नेटवर्क पर इफेक्टिव कंट्रोल हुआ और औषधि नियमन व्यवस्था को मजबूती मिली है। बलदेव चौधरी को उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिला स्तर पर 3 बार सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही, उन्हें राजस्थान सरकार द्वारा ‘स्टेट मेरिट अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। बलदेव चौधरी जी के एडीसी पद पर पदोन्नत होने पर स्वागत-सम्मान समारोह हुआ। इस दौरान CMHO डॉ. अशोक महरिया के साथ जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नेहरा, सुनील सहल, अशोक गोयल, बसंत कलावटिया, रूपाराम शेषमा, मनोज गोरा, विकास शर्मा, दिनेश शर्मा समेत केमिस्ट एसोसिएशन, फार्मासिस्ट एसोसिएशन, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर्स इंडिया वेलफेयर एसोसिएशन एवं अडकसर विकास समिति ने बलदेव चौधरी को बधाइयां दी।
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेड सेकेंड टीचर भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार RPSC के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को जमानत दे दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कटारा को अंतरिम जमानत देते हुए राज्य सरकार से मामले में अब तक की जांच और अन्य पहलुओं पर 2 सप्ताह में जवाब मांगा है। अगस्त 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट ने बाबूलाल कटारा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कटारा ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। हालांकि जमानत मिलने के बाद भी फिलहाल कटारा को जेल में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि वह एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले और ईडी मामले में भी गिरफ्तार है।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर वकील विवेक जैन ने पैरवी की। उन्होंने कहा- गिरफ्तारी के समय कटारा से कोई भी आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई। किसी भी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। जांच एजेंसी ने केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगाए हैं और उनसे कोई बरामदगी नहीं हुई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाबी हलफनामा (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करें।अदालत ने कहा- हलफनामे में चार्जशीट का विवरण, अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या, आरोप तय होने की स्थिति, यदि आरोप तय नहीं हुए हैं तो देरी के कारण, मुकदमे की प्रगति, याचिकाकर्ता का आपराधिक रिकॉर्ड और क्या किसी सह-आरोपी को जमानत दी गई है। इन सभी बिंदुओं का उल्लेख किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी अनुमति दी कि राज्य सरकार द्वारा जवाबी हलफनामा दाखिल किए जाने के एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता प्रत्युत्तर (रीजॉइंडर) दाखिल कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत अगली सुनवाई की तिथि तक प्रभावी रहेगी, बशर्ते ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च, 2026 को निर्धारित की गई है। चलती बस में पेपर हल करवा रहे थेउदयपुर जिले के बेकरिया थाना पुलिस ने 24 दिसंबर 2022 को एक बस को पकड़ा था। पेपर लीक के सरगना चलती बस में द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के 49 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर हल करवा रहे थे। इसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। एसओजी के अनुसार, कटारा को इस परीक्षा के पेपर और उत्तर कुंजी तैयार करने का दायित्व मिला था। लेकिन उसने पेपर लीक कर दिया। कटारा के घर से 51.20 लाख रुपए नकद और 541 ग्राम सोने के 9 आभूषण बरामद हुए थे। परीक्षा से 60 दिन पहले ही पेपर हुआ लीकचार्जशीट से सामने आया था कि 24 दिसंबर 2022 को होने वाले सीनियर टीचर एग्जाम का पेपर परीक्षा से 60 दिन पहले अक्टूबर में ही लीक हो गया था। RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा पेपर तैयार होते ही सभी सेट की मूल कॉपी अपने सरकारी आवास पर ले गया था। कटारा के पास विशेषज्ञों से पेपर सेट कराने की जिम्मेदारी थी। कटारा ने अपने भांजे विजय डामोर से सभी सवाल रजिस्टर में लिखवा लिए। इसके बाद उसने प्रिंटिंग के लिए पेपर वापस ऑफिस में जमा करा दिया। भांजे विजय के लिखे रजिस्टर को कटारा ने मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा को दिया। शेर सिंह ने इसकी फोटो अपने मोबाइल में खींची। फोटो से पेपर टाइप कर गिरोह को बेच दिया। बाद में सबूत मिटाने के लिए रजिस्टर को जला दिया।
इंदौर के रॉबर्ट नर्सिंग होम परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। यहां 30 करोड़ रुपए की लागत से 100 बिस्तरों का एक अत्याधुनिक नया अस्पताल भवन बनाया जाएगा। यह जानकारी कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े ने रॉबर्ट नर्सिंग होम परिसर में आयोजित बैठक के दौरान दी। नया भवन 24 हजार वर्गफीट क्षेत्र में निर्मित किया जाएगा और यह जी प्लस-4 (भूतल सहित चार मंजिला) होगा। भवन में स्त्री रोग, हृदय रोग विभाग, आईसीयू, सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसमें जनरल और स्पेशल दोनों प्रकार के वार्ड बनाए जाएंगे। तीन महीने में पूरी होगी निर्माण प्रक्रिया की तैयारी कमिश्नर डॉ. खाड़े ने बताया कि नए भवन के निर्माण से संबंधित सभी औपचारिक प्रक्रियाएं आगामी तीन महीनों में पूरी कर ली जाएंगी। बैठक में रॉबर्ट नर्सिंग होम ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित भवन की डिजाइन प्रस्तुत की गई, जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। रॉबर्ट नर्सिंग होम वर्षों से दे रहा रियायती उपचार डॉ. खाड़े ने कहा कि रॉबर्ट नर्सिंग होम इंदौर का वर्षों पुराना और प्रतिष्ठित अस्पताल है, जहां सभी वर्गों के मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां रियायती दरों पर इलाज उपलब्ध कराया जाता है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ही इस नए अत्याधुनिक 100 बिस्तरों वाले भवन का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए परिसर में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर लिया है। बैठक में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य और आर्किटेक्ट रहे मौजूद बैठक में रॉबर्ट नर्सिंग होम ट्रस्ट की ओर से डॉ. विजयसेन यशलहा, डॉ. मुकेश खापरा, किशोर रघुवंशी, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, सर्वज्ञ भटनागर, सिस्टर अर्चना तथा आर्किटेक्ट पीके केमकर उपस्थित रहे। बैठक में अस्पताल से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई।
कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक निजी अस्पताल में 34 वर्षीय कांवड़ यात्री मुलायम सिंह यादव की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कानपुर देहात के शिवली निवासी रोहित यादव ने बताया कि उनके चचेरे भाई मुलायम सिंह यादव (34) 5 फरवरी को कांवड़ यात्रा के लिए घर से निकले थे। गुरुवार रात करीब 8 बजे चौबेपुर क्षेत्र में भगदड़ मचने से वह गिर गए, जिससे उनकी छाती की दो पसलियां टूट गईं और हाथ में भी चोट आई। उन्हें उपचार के लिए कल्याणपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, 6 फरवरी को इलाज में लापरवाही देखने के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधक से शिकायत की और मुलायम को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। इस पर प्रबंधक ने बेहतर इलाज का आश्वासन दिया और चार दिनों के भीतर उनसे 3.5 लाख रुपये ले लिए। रविवार रात अचानक अस्पताल ने मुलायम सिंह यादव की मौत की सूचना दी। मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल के बाहर फिर से हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर भी परिजनों ने अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। मृतक मुलायम सिंह यादव किसानी करते थे। उनके परिवार में पत्नी रिंकी, तीन बेटियां, मां सरोज देवी और पिता दीवान सिंह हैं। कल्याणपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि मृतक के पिता ने अस्पताल के खिलाफ तहरीर दी है। सीएमओ की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के चोरों ने एक जैन मंदिर को निशाना बनाया। चोरों ने मंदिर परिसर से लोहे का दानपात्र तोड़कर उसमें रखी लगभग 2 लाख रुपये की नकदी चुरा ली। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। कैंट बंगला नंबर-99 निवासी दीपक जैन ने बताया कि उनकी 'जैन दादादाड़ी' नामक संस्था है। सोमवार सुबह मंदिर में सफाई करने आए कर्मचारी ने उन्हें चोरी की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर दीपक जैन ने देखा कि लोहे का दानपात्र गायब था और लकड़ी का दानपात्र टूटा हुआ था। दीपक जैन ने बताया कि खोजबीन करने पर लोहे का दानपात्र मंदिर परिसर से करीब 10 मीटर दूर दीवार के पीछे टूटा हुआ मिला। उसमें रखी 2 लाख रुपये की नकदी गायब थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम को घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दीपक जैन ने अपने घर के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी अरविंद राय ने बताया कि दीपक जैन की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।
नई दिल्ली से गाजियाबाद जा रही एक मालगाड़ी साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के पास बेपटरी हो गई। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई, जब कपलिंग टूटने के कारण मालगाड़ी के दो पहिए पटरी से उतर गए। हादसे के बाद मालगाड़ी मुख्य लाइन पर ही खड़ी रही, जिससे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। यह मालगाड़ी विशाखापत्तनम से लोहा लेकर नई दिल्ली पहुंची थी और गाजियाबाद जा रही थी। साहिबाबाद स्टेशन से पहले तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम ने पाया कि कपलिंग टूटने से दो पहिए ट्रैक से उतर गए थे, जिससे रेलवे ट्रैक को भी काफी नुकसान हुआ। 2 तस्वीर देखिए… हादसे की जानकारी मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे का स्थानीय अमला मौके पर पहुंचा। सुरक्षा के इंतजाम किए गए और क्षेत्र को घेर लिया गया। मालगाड़ी में भारी मात्रा में लोहा लदा होने के कारण उसे वापस पटरी पर लाने में काफी दिक्कतें आईं। तकनीकी टीम को मरम्मत और बहाली के काम में सात घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मालगाड़ी मुख्य लाइन पर खड़ी रही। पीछे से आने वाली ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। रेलवे कर्मियों ने क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत की और सभी आवश्यक जांच के बाद शाम 5 बजे के बाद मालगाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया। रेलवे मुख्यालय ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम ने लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और अन्य संबंधित स्टाफ के बयान दर्ज किए हैं। जीआरपी के सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और किसी यात्री ट्रेन पर सीधा असर नहीं पड़ा। रेलवे प्रशासन ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
'ऑपरेशन प्रहार-2' के तहत लुधियाना जिले में खन्ना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में जिले के तीनों सब-डिवीजनों खन्ना, पायल और समराला में 151 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 125 अपराधी तत्वों को हिरासत में लिया गया, जिनमें गैंगस्टर, नशा तस्कर, वांछित अपराधी और संदिग्ध शामिल हैं। वहीं माछीवाड़ा साहिब की पंजाबी गायिका परमजीत कौर पम्मी और उनके भाई सरवन सिंह भी गिरफ्तार किए गए हैं। गैंगस्टरों, ड्रग पेडलर्स को बनाया निशाना एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि पुलिस की कई टीमों ने सुबह करीब 4 बजे से पूरी योजना और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में गैंगस्टरों, ड्रग पेडलर्स और सक्रिय अपराधियों को निशाना बनाया गया। हिरासत में लिए गए 125 लोगों में 3 सक्रिय गैंगस्टर, 45 वांछित अपराधी, अपराध रोकथाम अधिनियम के तहत 46 लोग, 2 फरार आरोपी और पूछताछ के लिए 29 संदिग्ध शामिल हैं। पंजाबी गायिका और भाई गिरफ्तार इसी अभियान के तहत, माछीवाड़ा साहिब में कोहाड़ा रोड स्थित अडियाना बस स्टैंड के पास गश्त के दौरान पुलिस ने एक युवक और एक महिला को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 8 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में उनकी पहचान रहीमाबाद खुर्द गांव के सरवन सिंह और परमजीत कौर के रूप में हुई, जो भाई-बहन हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, परमजीत कौर पहले पंजाबी गायिका रह चुकी हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह के तेवर फिर से बगावती दिखे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र के साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ से चुनाव लड़ेंगे। बृहस्पति सिंह ने फिलहाल नई पार्टी के गठन को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं कहा है, लेकिन वे यह बोलने से नहीं चूके कि विपक्ष अपना काम ठीक से नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेसियों के सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। कांग्रेस में निपटो-निपटाओ का खेल चल रहा है। बृहस्पति सिंह ने सोमवार को मंदिर में पूजा-अर्चना कर जनसंपर्क शुरू किया। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल लोगों से मिलेंगे। पुरानी भूल-चूक को लेकर क्षमा मांगेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में आगे मुझे क्या करना है, कांग्रेस के बड़े नेता और पार्टी तय करेगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस कमेटी का हाल पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसी न हो। बेवकूफ बनाने से नहीं होगा काम बृहस्पति सिंह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में ताना बाना, बड़े नेताओं के हिटलरशाही इसी तरह चलती रहेगी, तो जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता के बीच जगह बनाने के लिए उनका दिल जीतना और काम करना होगा। पूर्व विधायक ने कहा कि सभी को एकजुट होकर काम करना पड़ेगा। लड़ने और बेवकूफ बनाने से काम नहीं होगा। पिछली बार भी छत्तीसगढ़ की जनता आशीर्वाद देने के लिए खड़ी थी। जनता, व्यापारी सभी वर्ग साथ देने के लिए तैयार थे, लेकिन लोगों के भाग्य में नहीं लिखा था। बृहस्पति सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस के लोगों को सद्बुद्धि देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। कांग्रेस में निपटो-निपटाओ का खेल बंद करें, यही जनता चाहती है। नई पार्टी को लेकर निर्णय नहीं पूर्व विधायक ने नई पार्टी के गठन को लेकर कहा कि अभी इसपर विचार नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और पूरे छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ेंगे।
हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली में एक युवती ने अपने लिव-इन पार्टनर और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई, और जबरन रेप भी किया गया। उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने का आरोप भी लगाया है। इच्छा के विरुद्ध कई बार संबंध बनाए पीड़िता के अनुसार, वह 25 जून 2025 को 19 वर्षीय तनिश सेठी के साथ लिखित सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी थी। युवती ने आरोप लगाया कि इस दौरान तनिश और उसके माता-पिता ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार संबंध बनाए गए। जब युवती ने तनिश के माता-पिता से शिकायत की, तो उन्होंने शादी का हवाला देकर उसे चुप रहने को कहा। विरोध करने पर की मारपीट पीड़िता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया गया। डीएसपी हेडक्वार्टर कपिल अहलावत ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित युवती के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीएम से मिला था राष्ट्रीय बाल पुरस्कार उल्लेखनीय है कि आरोपी तनिश सेठी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। डबवाली उपमंडल से 10वीं कक्षा के छात्र तनिश उन 29 बच्चों में शामिल थे, जिन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह सम्मान मिला था। विजेताओं को एक लाख रुपए, मेडल और ब्लॉकचेन तकनीक से डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए थे। इस अवसर पर स्थानीय लघु सचिवालय में उपायुक्त अनीश यादव, तनिश के पिता अजय, माता सरीना रानी और बड़े भाई सत्यम भी मौजूद थे।
शासकीय विभागों, निकायों, पंचायतों में काम करने वाले अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारियों, स्कीम वर्कर्स, सहकारिता एवं असंगठित ठेका श्रमिकों सहित अन्य सभी श्रमिक कर्मचारी संगठन 12 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे। सरकारी विभागों के निजीकरण, श्रम कानूनों को खत्म करने के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है। इस हड़ताल में प्रदेश भर के चार लाख कर्मचारी अधिकारी शामिल होने वाले हैं। आल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थायी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के आह्वान पर हड़ताल को सरकारी विभागों के अस्थायी आउटसोर्स कर्मचारियों के दर्जनभर संगठनों ने समर्थन दिया है। इस दिन सभी जिलों में एक साथ धरना प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर पीएम-सीएम के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। वासुदेव शर्मा ने कहा कि आज देश का हर मजदूर, हर अस्थायी कर्मचारी, हर स्कीम वर्कर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है। सरकार द्वारा लेबर कोड, निजीकरण और ठेका प्रथा के नाम पर श्रमिकों के शोषण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह हड़ताल अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ-साथ प्रदेश के मेहनतकश वर्ग के आर्थिक हितों को संरक्षित कराने की लड़ाई है। 10 से 20 साल से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारी आज भी असुरक्षा में हैं और 2 से 5 हजार रुपए में नौकरी करने को मजबूर हैं। सरकार ने सरकारी सेक्टर का निजीकरण करके सरकारी नौकरियां हमेशा हमेशा खत्म कर दी हैं, चपरासी तक की सरकारी नौकरी नहीं दी जा रही है, जिस कारण गरीब, मध्यम वर्ग आर्थिक संकट में फंस चुका है। इन मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही 24 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उसके 2 क्लासमेट के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है। छात्रा ने सात नवंबर 2025 की रात घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। छात्रा के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी को कोचिंग में साथ पढ़ने वाले हार्दिक त्रिपाठी और माहीराज तिवारी लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहे थे। दोनों ने शादी का झांसा देकर छात्रा से संबंध बनाए और बाद में उसके वीडियो, फोटो और वॉट्सएप चैट वायरल करने की धमकी देने लगे। मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी पिता ने बताया कि आत्महत्या वाले दिन शाम करीब 7:30 बजे कोचिंग से लौटते समय बेटी ने मां को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। उसने कहा था कि दोनों युवक लगातार दबाव बना रहे हैं, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। परिजनों के मुताबिक आत्महत्या से पहले छात्रा की दोनों आरोपियों से फोन पर बातचीत भी हुई थी। घटना के बाद कमरे से मिले मोबाइल फोन की जांच करने पर पूरे मामले की जानकारी सामने आई। पीड़ित पिता ने पहले थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर चिनहट पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के स्वार क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि उसने उसे मृत घोषित कर दूसरी शादी कर ली। पीड़ित महिला अपने बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक के पास न्याय की गुहार लेकर पहुंची है। स्वार कोतवाली के मोहल्ला रसूलपुर निवासी शन्नो ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका निकाह 8 दिसंबर 2017 को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र के सरवाखेड़ा बड़ा गांव निवासी सद्दाम हुसैन से हुआ था। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें एक पांच साल की बेटी और एक तीन साल का बेटा शामिल है। शन्नो का आरोप है कि लगभग चार साल पहले जब वह गर्भवती थी, तब उसके पति ने दूसरी शादी करने की धमकी देते हुए उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद से वह अपने मायके में रहने को मजबूर है। पीड़िता का कहना है कि हाल ही में उसे जानकारी मिली कि उसके पति ने उसे मृत बताकर एक अन्य महिला से दूसरा निकाह कर लिया है। यह महिला पहले से एक बच्चे की मां है। शन्नो ने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर वह लगातार पुलिस से गुहार लगा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपने जिंदा होने के प्रमाण और बच्चों के दस्तावेजों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने थाना प्रभारी स्वार को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, आरोपी पति सद्दाम हुसैन ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। फिलहाल, यह मामला जांच के दायरे में है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पीजीआई का अचानक निजी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के सेवा भाव और सीखने की परंपरा की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने पीजीआई परिसर में बनाए गए “आई लव पीजीआई कम टू लर्न, गो टू सर्व” सेल्फी प्वाइंट को खास तौर पर सराहा। सीएम ने कहा कि यह संदेश छात्रों और यहां आने वाले लोगों को समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता है। डॉक्टर देश और समाज के लिए मिसाल मुख्यमंत्री ने कहा कि पीजीआई सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां से निकलने वाले डॉक्टर देश और समाज की सेवा की मिसाल बनते हैं। उन्होंने संस्थान के कामकाज और मरीजों के प्रति समर्पण की भी प्रशंसा की। पीजीआई प्रशासन के मुताबिक यह सेल्फी प्वाइंट संस्थान के निदेशक विवेक लाल की कल्पना पर तैयार किया गया है। जिसका उद्देश्य छात्रों और आगंतुकों में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यह पहल पीजीआई की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा को सबसे अहम माना जाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 फरवरी को विद्यार्थियों के बीच बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए। वे शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित ‘परीक्षा पर संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने परीक्षा को लेकर बच्चों के डर, तनाव और दबाव पर बात की और उन्हें लक्ष्य पर फोकस, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि वे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक बनकर आए हैं और अपना वादा निभाने यहां पहुंचे हैं। विद्यार्थियों से सीधा संवाद, शंकाओं का समाधान स्कूल शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा जीवन की अंतिम कसौटी नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास की पहचान है। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपने सवाल रखे, जिनका मुख्यमंत्री ने सरल और प्रेरक शब्दों में समाधान किया। एकाग्रता और चिंतन-मनन पर दिया जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल रटने के बजाय चिंतन और मनन को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाएं। इससे विषय की समझ गहरी होती है और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन होता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा को भय का कारण न बनाएं। असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हर असफलता आगे बढ़ने का नया रास्ता दिखाती है। मेहनत और लक्ष्य पर फोकस का संदेश संवाद के दौरान कई विद्यार्थियों ने बताया कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, शिक्षक और राजनेता बनना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और उसे पाने के लिए लगातार मेहनत जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुशासन, परिश्रम और दूरदर्शिता से ही देश और व्यक्ति आगे बढ़ता है। परीक्षा को उत्सव की तरह लें स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा शब्द सुनते ही बच्चों में तनाव आ जाता है, जबकि इसे एक अवसर और उत्सव की तरह देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने से परिणाम बेहतर आते हैं। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। परीक्षा पर संवाद कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय शिल्पा गुप्ता सहित विभाग के कई अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम किया।
गोरखपुर में सड़क चौड़ीकरण और विद्युत लाइन शिफ्टिंग का काम किए जाने के कारण मंगलवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। यह कार्य प्रशासनिक और तकनीकी जरूरतों के तहत कराया जा रहा है, ताकि आगे चलकर बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रह सके। प्रभावित उपकेंद्र और फीडर की जानकारीविद्युत विभाग के अनुसार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक विद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर से जुड़े 11 KV राम जानकी नगर, नकहा और फेस फोर फीडर, विद्युत उपकेंद्र भटहट का 11 KV भटहट फीडर, साथ ही विद्युत उपकेंद्र खोराबार से जुड़े इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपीलविभागीय अधिकारियों का कहना है कि तय समय में लाइन शिफ्टिंग और संबंधित तकनीकी कार्य पूरा कर लिया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे असुविधा को देखते हुए आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और विभाग को सहयोग करें।
ईशानगर में मेमो ट्रेन से कटा युवक का पैर:ट्रेन पकड़ने की कोशिश में हादसा, हालत गंभीर, ग्वालियर रेफर
छतरपुर जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र में सोमवार करीब 5 बजे एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में युवक का एक पैर कट गया। घायल की पहचान ईशानगर निवासी देवेंद्र उर्फ मुन्नू विश्वकर्मा के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, देवेंद्र सुबह मेमो ट्रेन पकड़ने का प्रयास कर रहा था, तभी वह ट्रेन के नीचे आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरक्षक धर्मेंद्र मिश्रा और पायलट सूरज अहिरवार की डायल-112 टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने एफआरव्ही की मदद से घायल युवक को तुरंत छतरपुर जिला चिकित्सालय पहुंचाया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। घायल की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। डायल-112 टीम ने बताया कि सूचना पर त्वरित कार्रवाई कर घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं।
जमीन विवाद को लेकर युवक को पीटा, VIDEO:बातचीत करने के बहाने बुलाया था, सभासद समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
हरदोई के संडीला कोतवाली क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक युवक की सरेराह पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए एक सभासद सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह विवाद मोहल्ला महतवाना निवासी अनुज जायसवाल और मोहल्ला बड़ा कुआं निवासी मन्नान अहमद, सभासद आफताब तथा भोलू के बीच करीब एक हजार वर्गफीट जमीन को लेकर है। पीड़ित अनुज जायसवाल ने आरोप लगाया है कि रविवार को तीनों आरोपी उसके घर आए और बातचीत के बहाने उसे स्टेशन रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास बुलाया। अनुज के वहां पहुंचते ही आरोपियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब अनुज ने इसका विरोध किया, तो तीनों ने मिलकर उसे सड़क पर पीटा। स्थानीय लोगों और राहगीरों के मौके पर जमा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली में सीसीटीवी फुटेज के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई। अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
चंडीगढ़ में पर्यावरण नियमों की अनदेखी पड़ी भारी:CPCB ने नगर निगम पर 2.37 लाख का जुर्माना लगाया
चंडीगढ़ में पर्यावरण सुरक्षा के नियमों की अनदेखी करना नगर निगम को महंगा पड़ गया। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) ने डड्डूमाजरा डंपिंग साइट पर बिना जरूरी अनुमति के बायोमाइनिंग का काम शुरू करने पर नगर निगम पर 2.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सीपीसीसी ने नगर निगम से कहा है कि वह तय समय के अंदर 2.37 लाख रुपये का जुर्माना जमा करें। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो नगर निगम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अनुमति के बिना काम शुरू किया सीपीसीसी के मुताबिक, नगर निगम ने ठोस कचरे के निपटान के लिए बायोमाइनिंग का काम शुरू किया, लेकिन इसके लिए जरूरी कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) नहीं लिया गया। बिना जरूरी अनुमति लिए मशीनें लगाकर काम शुरू करना पर्यावरण कानून और कचरा प्रबंधन के नियमों का साफ उल्लंघन है। सीपीसीसी ने साफ कहा है कि किसी भी तरह के कचरा प्रोसेसिंग या निपटान का काम शुरू करने से पहले पर्यावरणीय अनुमति लेना जरूरी है। इसके बावजूद नगर निगम ने नियमों को नजरअंदाज कर काम शुरू कर दिया, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, डड्डूमाजरा डंपिंग साइट पर करीब 12 से 13 हजार मीट्रिक टन पुराना कचरा पड़ा हुआ है। इसी कचरे को हटाने के लिए बायोमाइनिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
गुरुग्राम के भोंडसी थाना क्षेत्र में स्थित ट्रेटेक कंपनी के एक कर्मचारी की बहादुरगढ़ में सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक के साथी कर्मचारियों ने सोमवार देर शाम कंपनी परिसर में जमकर हंगामा किया। वे मृतक के परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे, जिसके बाद कंपनी प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। बता दे कि मूल रूप से बिहार निवासी हरेंद्र ट्रेटेक कंपनी में पिछले 25 साल से ऑनरोल कार्यरत थे। कंपनी प्रबंधन ने तीन दिन पहले हरेंद्र को बहादुरगढ़ में किसी कंपनी के काम से भेजा था। गत रविवार को जब हरेंद्र खाना खाने के लिए कंपनी से बाहर गए, तो किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। मुआवजे की मांग को लेकर किया प्रदर्शन कर्मचारियों का आरोप है कि हरेंद्र को कंपनी के काम से भेजा गया था, जहां यह हादसा हुआ। सोमवार को हरेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रात करीब 8 बजे हरेंद्र का शव ट्रेटेक कंपनी लाया गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। तीन बच्चों का था पिता कर्मचारियों ने हरेंद्र के तीन नाबालिग बच्चों के लिए उचित मुआवजे की मांग की, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से मुआवजे पर कोई सहमति नहीं बनी। भोंडसी थाना प्रभारी सुरेंद्र ने बताया कि यह मामला बहादुरगढ़ में हुए सड़क हादसे में कर्मचारी की मौत का है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए हंगामा कर रहे हैं। धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी मुआवजे पर सहमति न बनने के बाद कर्मचारियों ने काम छोड़कर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। सोमवार रात 8 बजे तक कर्मचारी कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहे और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
फिरोजाबाद के जसराना क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक महिला और दस वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्राम श्योडा निवासी कौशल किशोर अपनी चाची शीला देवी और छोटे भाई अभिकुमार (10) के साथ ग्राम नगला जइया से दावत खाकर घर लौट रहे थे। उनकी बाइक जैसे ही कस्बा पाडम स्थित पुलिस चौकी के सामने पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कौशल किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। शीला देवी और अभिकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने यातायात नियंत्रित कर सामान्य किया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। शुक्रवार सुबह पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि भटनागर परियोजना से प्रभावित परिवारों के अधिकारों की पैरवी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें धारा 151 के तहत हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में दौड़न बांध स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक अमित भटनागर को रिहा नहीं किया जाता और प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों की कानूनी गारंटी नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 गांवों में चूल्हा नहीं जलेगा। इस विरोध के चलते दौड़न बांध का निर्माण कार्य लगातार पांचवें दिन भी पूरी तरह ठप रहा। तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगायाप्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल मुआवजे की नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने दोहराया कि जब तक उनके अधिकार सुनिश्चित नहीं किए जाते, वे बांध स्थल से पीछे हटने वाले नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की गई है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं उठाने पर “शांति भंग” के नाम पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सामाजिक कार्यकर्ता की गिरफ्तारी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विरोध के चलते एसडीएम को लौटना पड़ाग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ढोढन ग्राम में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब ग्रामीणों को हटाने पहुंचे एसडीएम को विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। वहीं अमित भटनागर की गिरफ्तारी को लेकर बिजावर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन ग्रामीणों की चेतावनी स्पष्ट है कि यदि जल्द ही रिहाई और संवाद की पहल नहीं की गई, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
बालाघाट शहर के प्रसिद्ध शिवसांई मंदिर में 'श्रीराम दरबार' की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन शुरू हो गया है। सोमवार को जयपुर से विशेष रूप से लाई गई वियतनाम स्टोन (पत्थर) से निर्मित प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई। मन्नत भंडारा समिति द्वारा आयोजित यह धार्मिक महोत्सव 9 फरवरी से शुरू होकर 17 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रामकथा और विभिन्न अनुष्ठानों की धूम रहेगी। नगर भ्रमण पर निकले 'रामलला' सोमवार शाम को शिवसांई मंदिर से श्रीराम दरबार की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे के साथ निकली यह यात्रा महावीर चौक, राजघाट, पुराने श्रीराम मंदिर और हनुमान चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल हुईं। जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। नगर भ्रमण के बाद प्रतिमा को वापस मंदिर लाया गया, जहाँ अब प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू होगी। मंगलवार से जलाधिवास और रामकथा का आरंभ 10 फरवरी से धार्मिक विधि-विधान की शुरुआत होगी। कथा व्यास पंडित परिणित कृष्ण दुबे द्वारा प्रतिमा का जलाधिवास कराया जाएगा। इसी के साथ मंदिर परिसर में श्रीराम कथा का मंगलाचरण और सात श्लोकों से वंदना की जाएगी। 11 से 14 फरवरी तक चलने वाले अनुष्ठानों में पुष्याधिवास, फलाधिवास, कलश स्नान और तैयाधिवास जैसे महत्वपूर्ण संस्कार संपन्न किए जाएंगे। 15 को प्राण-प्रतिष्ठा और 17 को भंडारा महोत्सव का मुख्य आकर्षण 15 फरवरी को होने वाली भगवान श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इसके अगले दिन, 16 फरवरी को रामकथा में रावण मोक्ष और प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया जाएगा, जिसके साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा। समापन के अवसर पर 17 फरवरी, मंगलवार को दोपहर 1 बजे से रात 8:30 बजे तक 'मन्नत भंडारा' का आयोजन होगा। मन्नत भंडारा समिति ने बालाघाट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस 8 दिवसीय भक्ति उत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।
केंद्रीय रेल मंत्रालय ने राजपुरा बाइपास लाइन के लिए मंजूरी दी है। इस पर करीब 411.96 करोड़ की की लागत आएगी। यह लाइन 13.46 किलोमीटर लंबी परियोजना है। जिसका उद्देश्य अंबाला–जालंधर रेल कॉरिडोर पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कम करना है। यह दावा केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की तरफ से दी गई है। उनकी तरफ से इस संबंधी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की गई। केंद्रीय राज्य रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि नई लाइन शंभू में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से राजपुरा को बाइपास किया जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी, यात्री ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा और भविष्य में नॉर्दर्न रेलवे की क्षमता और मजबूत होगी। कौली से शंभू जाएंगी मालगाड़ी केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बठिंडा या मालवा से आने वाली माल गाड़ियां पहले कौली के रास्ते राजपुरा जाती थीं। राजपुरा में एक बहुत बड़ा जंक्शन है, जहां ट्रैफिक की बहुत बड़ी समस्या थी। क्योंकि वहां से कई सुपरफास्ट ट्रेनें चलती हैं, जिनमें शताब्दी और वंदे भारत शामिल हैं,जिससे दिक्कत आती थी। राजपुरा मेन लाइन से होते हुए करीब 100 किलोमीटर चलने के बाद ये सहारनपुर से डीएफसी पर चढ़ती थीं। अब 440 करोड़ की लागत से कौली से शंभु तक सीधे बाइसपास बनेगा। इससे गाड़िां वहीं से फ्रेट कॉरिडोर पर चढ़ जाएंगी। इससे न तो पैसेंजर गाड़ियों को दिक्कत आएगी और न ही मालगाड़ियों को। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से यह संभव हुआ है। इससे पैसेंजर और इंडस्ट्री का फायदा होगा।
सीधी शहर के पटेल पुल पर रविवार शाम एक तेज रफ्तार बोलेरो ने अपाची बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार दो युवक बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। टक्कर के बाद अस्पताल पहुंचे घायल बाइक पर विवेक विश्वकर्मा और धीरेंद्र जैसवाल सवार थे। पटेल पुल पर बोलेरो की टक्कर से दोनों सड़क पर गिर पड़े और उनके हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। चालक के साथ मारपीट और तोड़फोड़ हादसे के बाद मामला और बिगड़ गया। बोलेरो चालक सत्यम सिंह (निवासी सिंगरौली) ने कोतवाली थाने में शिकायत की है कि दुर्घटना के बाद तीन अनजान लोगों ने उसे रास्ते में रोककर पीटा और गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। चालक का कहना है कि लोग हादसे के बाद काफी गुस्से में थे। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए भिजवाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घायल युवक के भाई और उसके साथियों ने गुस्से में आकर बोलेरो में तोड़फोड़ की थी। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र के ग्राम काचरिया चंद्रावत निवासी आकाश कुमार लकुम का केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में चयन हुआ है। उनके पिता का नाम श्यामलाल लकुम है। इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। ग्रामीण परिवेश से आने वाले आकाश ने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। चयन के बाद आकाश कुमार ने उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित नव आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र (आरटीसी) में एक वर्ष का बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने शारीरिक दक्षता, अनुशासन, हथियार संचालन और राष्ट्रसेवा से जुड़े सभी आवश्यक कौशलों में निपुणता प्राप्त की। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद जब आकाश कुमार पहली बार पिपलियामंडी पहुंचे, तो नगरवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों ने पुष्पमालाओं से उनका अभिनंदन किया और देशसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने आकाश कुमार के चयन को ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि आकाश ने यह सिद्ध कर दिया है कि लगन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से किसी भी गांव का युवा देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नगरवासियों ने आकाश कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा। सभी ने उन्हें देशसेवा के पवित्र दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाने के लिए शुभकामनाएं दीं।
गोंडा में न्यायिक कार्यों में गंभीर अनियमितता और लापरवाही के आरोपों पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सोमवार देर शाम उपजिलाधिकारी (न्यायिक) तरबगंज न्यायालय में तैनात रीडर राजेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिलाधिकारी के अनुसार, निलंबित कर्मचारी पर 43 वर्ष पुराने वादों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का गंभीर आरोप है, जिससे शासन स्तर पर जिले की छवि प्रभावित हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 1982 में निस्तारित वादों के विरुद्ध दाखिल बाजदायर और विलंब माफी प्रार्थना-पत्रों को पीठासीन अधिकारी के विधिवत आदेश के बिना ही पोर्टल पर मूल वाद के रूप में दर्ज कर लिया गया और ऑनलाइन तिथियां भी अंकित कर दी गईं। इसके कारण ये प्रकरण पोर्टल पर सबसे पुराने मामलों की सूची में प्रदर्शित होने लगे। संबंधित पत्रावलियों में न तो कोई ऑर्डर शीट उपलब्ध पाई गई और न ही इन मामलों को कभी पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सक्षम आदेश के बिना वादों को पोर्टल पर फीड कर तिथियां निर्धारित की जाती रहीं। न्यायालयी पत्रावलियों के रख-रखाव, पोर्टल अपडेट और न्यायिक कार्यों में बरती गई इस गंभीर लापरवाही के कारण वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। रीडर द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किए जाने से उनकी सत्यनिष्ठा भी संदिग्ध प्रतीत हुई है। निलंबन अवधि के दौरान राजेश कुमार पाण्डेय को वित्तीय हस्त पुस्तिका के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, बशर्ते वह किसी अन्य सेवायोजन या व्यवसाय में संलग्न न होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। प्रकरण की विभागीय जांच के लिए अपर उपजिलाधिकारी द्वितीय को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
हांसी जिले के बास थाना क्षेत्र के खरबला गांव में सोमवार को एक 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान खरबला की मोहिता के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हांसी के नागरिक अस्पताल भेजा। ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप मृतका के पिता धर्मवीर, जो मालवी निवासी और वर्तमान में जुलाना में रहते हैं, ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। धर्मवीर ने बताया कि मोहिता की शादी वर्ष 2017 में खरबला के कुलदीप से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में गाड़ी की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। मानसिक तनाव में रहती थी- परिजन परिजनों का आरोप है कि ससुराल के सभी सदस्य मिलकर मोहिता के साथ दुर्व्यवहार करते थे, जिससे वह मानसिक तनाव में रहती थी। धर्मवीर ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है और उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। मोहिता अपने पीछे सात वर्ष और तीन वर्ष की दो छोटी बेटियों को छोड़ गई है। मृतका का पति कुलदीप पेशे से चिनाई का मिस्त्री है। बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमॉर्टम कराया घटना की जानकारी मिलते ही बास थाना प्रभारी बलवान सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को फंदे से नीचे उतरवाया और आवश्यक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए हांसी भेजा। देर शाम मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मायके पक्ष के बयान किए दर्ज थाना प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना जिले के जगराओं के सतलुज दरिया किनारे खैहरा बेट क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ किसानों और ग्रामीणों का पक्का धरना अब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधे टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। जहां प्रशासन धरना हटवाने की तैयारी कर रहा है, वहीं किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बल प्रयोग किया गया तो आंदोलन सड़कों पर उतरेगा। बता दे कि प्रशासन ने धरना स्थल पर सख्ती बरतने और प्रदर्शन समाप्त करवाने के संकेत दिए हैं। इसे लेकर किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि जब तक अवैध खनन पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसान खुद करेंगे रखवाली वहीं सोमवार को खैहरा बेट में हुई एक बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि ग्रामीण अब खुद क्षेत्र की निगरानी करेंगे। इसके तहत अवैध रेत खनन को रोकने के लिए रात के समय पहरा लगाया जा रहा है।बैठक के अंत में किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो धरना स्थल पर किसानों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आंदोलन को जिला और राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा। चार दिन से किसानों का प्रदर्शन जारी बता दे कि किसान पिछले चार दिनों से दिन-रात सतलुज दरिया किनारे पक्का धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। धरने में शामिल किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध रेत खनन से सतलुज दरिया का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है, जिससे खेतों में कटाव बढ़ रहा है, भू-जल स्तर गिर रहा है और गांवों की सुरक्षा को खतरा है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। किसान ने प्रशासन को दी चेतावनी किसान यूनियन खैहरा के प्रधान सुखविंदर सिंह खैहरा ने कहा कि यह आंदोलन किसानों की जमीन, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा अगर प्रशासन ने दबाव बनाकर या बल प्रयोग कर धरना हटाने की कोशिश की तो किसान चुप नहीं बैठेंगे कई लोग रहे उपस्थित बैठक में नौजवान प्रतिनिधि, आसपास के गांवों के पंच-सरपंच बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व सरपंच हरदीप सिंह लक्की खैहरा, पार्षद रविंद्रपाल राजू कामरेड, किसान नेता जसपाल सिंह, मनजीत सिंह, नगर कौंसिल के पूर्व प्रधान जतिंदरपाल राणा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव के सुरक्षित आयोजन के लिए यातायात डायवर्जन प्लान पर समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह महोत्सव कुबरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक चलेगा। बैठक के दौरान कुबरेश्वर धाम का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया। पुलिस कंट्रोल रूम सीहोर में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, देहात जोन संजय तिवारी, पुलिस उप महानिरीक्षक, देहात रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और एसपी दीपक शुक्ला उपस्थित थे। इसमें सीहोर, रेलवे (भोपाल-सीहोर), भोपाल देहात, भोपाल शहर और देवास जिले के अधिकारियों ने भाग लिया। रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा के मद्देनजर मार्गों पर यातायात डायवर्जन किया गया है। यह डायवर्जन 12 फरवरी की सुबह 6 बजे से 21 फरवरी की सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। भारी वाहनों के लिए यह रहेगी व्यवस्थाभोपाल की ओर से आने वाले भारी वाहन थाना-परवलिया अंतर्गत मुबारकपुर जोड़ और थाना-खजूरी अंतर्गत तुमड़ा जोड़ से श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-शाजापुर-मक्सी होते हुए देवास-इंदौर जाएंगे। इसी प्रकार, देवास और इंदौर से आने वाले भारी वाहन देवास से मक्सी-शाजापुर-ब्यावरा-कुरावर-श्यामपुर होते हुए भोपाल की ओर जाएंगे। छोटे वाहनों के लिए यह रहेगी व्यवस्थाभोपाल से आष्टा-देवास-उज्जैन-इंदौर जाने वाले छोटे वाहन और सवारी वाहन सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए अमलाहा से आष्टा, देवास, उज्जैन, इंदौर पहुंचेंगे। इंदौर-उज्जैन-देवास से भोपाल जाने वाले छोटे वाहन और सवारी वाहन आष्टा-अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़-न्यू क्रिसेंट चौराहा होते हुए भोपाल जाएंगे। सभी डायवर्जन पॉइंट्स पर लगेंगे सीसीटीवीहालांकि, भोपाल और इंदौर-देवास-उज्जैन से कुबरेश्वर धाम सीहोर कथा स्थल पर आने वाले वाहन अपने नियमित मार्ग हाईवे से बिना किसी डायवर्जन के सीधे कथा स्थल तक पहुंचेंगे। उन्हें धाम पर बनाई गई विभिन्न पार्किंग में अपने वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी डायवर्जन पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग, टेंट, टेबल-कुर्सी, संकेतक सहित पर्याप्त बल और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इन सभी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं और गतिविधियों का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा। ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय पर विशेष निगरानी रखने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी होल्डिंग एरिया भी बनाए जाएंगे। नक्शे की मदद से समझिए, कैसा रहेगा ट्रेफिक प्लान…
चंडीगढ़ के सेक्टर-16 अस्पताल के बाहर पेड़ के नीचे कपड़ों में लिपटी मिली नवजात बच्ची जिंदगी की जंग हार गई। गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराई गई बच्ची को डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और उसे लावारिस छोड़ने वाले माता-पिता की तलाश की जा रही है। घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। सेक्टर-16 अस्पताल के एंट्री गेट के पास बने रैन बसेरा के नजदीक एक पेड़ के नीचे कपड़ों में लिपटी नवजात बच्ची रोती हुई मिली थी। बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी। वहां से गुजर रहे एक ऑटो ड्राइवर ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। नाभि से जुड़ी नाल भी नहीं थी कटीसूचना मिलने पर सेक्टर-17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत पीजीआई में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक बच्ची की नाभि से जुड़ी नाल तक कटी नहीं थी, जिससे अंदेशा है कि जन्म के तुरंत बाद ही उसे वहां छोड़ दिया गया था। पीजीआई में इलाज के दौरान डॉक्टरों की टीम बच्ची को बचाने में जुटी रही। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच कर रही सेक्टर-17 थाना पुलिस अब उस इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही विभिन्न अस्पतालों से हाल ही में हुए बच्चों के जन्म से जुड़े रिकॉर्ड भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, लेकिन जांच लगातार जारी है। बच्ची को लावारिस छोड़ने वाले माता-पिता की पहचान होते ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेवाड़ी जिले में हसला के जिला प्रधान मनोज कुमार फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। मसानी के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर ने एसपी के सामने फरियाद लगाई थी। जिसके बाद मॉडल टाउन थाना पुलिस ने जिला प्रधान सहित सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अभी छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग सीआरपीएफ इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि उसकी फिलहाल छतीसगढ़ में पोस्टिंग है। 2013 में उसने रामगढ़ रोड रेवाड़ी की राम बिहार कॉलोनी में 1118 गज जमीन खरीदी थी। जिसकी रजिस्ट्री और इंतकाल उसकी पत्नी पुष्पा के नाम है। जिसकी शिकायत उसने 14 दिसंबर 2025 को शहर थाना में दी थी। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मनोज और दयाकिशन अच्छे दोस्त विजय ने बताया कि मनोज उनके गांव का ही रहने वाला है। मनोज और तीतरपुर निवासी दयाकिशन उसके अच्छे दोस्त हैं। दोनों का उसके घर आना-जाना है। दोस्ती की आड में उन्होंने उसकी पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाकर इकरारनामा करवा लिया। जिसमें यह जमीन मनोज की मां कमला देवी और चीताडूंरा के पूर्ण सिंह को बेच दी। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस एसपी को दी शिकायत में सीआएपीएफ इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने पर उसने 14 दिसंबर को इसकी शिकायत शहर थाना पुलिस में दी। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान मनोज कुमार ने अपने उपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
भीनमाल के उप जिला अस्पताल में लगी आग,VIDEO:सभी वार्डों से मरीजों को सुरक्षित निकाला, बड़ा हादसा टला
जालोर के भीनमाल उप जिला अस्पताल में सोमवार रात 8:00 बजे आग लग गई। सूचना पर 8:20 दमकल मौके पर पहुंची और 8.50 बजे तक आग पर काबू पा लिया। आग सूचना मिलते ही मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. दिनेश जांभाणी मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस स्टाफ के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। मरीजों को किया शिफ्टडॉ. दिनेश जांभाणी ने बताया-रात 8 बजे सूचना मिली कि अस्पताल के पीछे वाले हिस्से में रखे वेस्टेज में आग लग गई है। इस पर दमकल को सूचना देने के साथ अस्पताल प्रशासन मौके पर पहुंचा। इस दौरान पीछे वाले हिस्से के पास स्थित वार्डों को खाली कराकर अस्पताल में दूसरी जगह शिफ्ट किया। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… 30 मिनट में पाया काबूरात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर दमकल मौके पर पहुंची और 30 मिनट में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। समय रहते उठाए गए कदमों से कोई जनहानि नहीं हुई। कारणों का पता लगाने में जुटा अस्पताल प्रशासनडॉ. दिनेश जांभाणी ने बताया-आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन चिकित्सा कर्मियों और एम्बुलेंस स्टाफ की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। … यह भी पढ़े SMS हॉस्पिटल में आग लगी, 8 मरीजों की मौत:ट्रॉमा सेंटर के ICU में शॉर्ट सर्किट से हादसा; अधीक्षक-ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज को हटाया, XEN निलंबित जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात आग लग गई। हादसे में 8 मरीजों (हॉस्पिटल स्टाफ के अनुसार) की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
लुधियाना से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक राजिंद्रपाल कौर छीना घायल हो गई हैं। उनका माथा फट गया। बताया जा रहा है कि वॉशरूम में अचानक उनका पैर फिसल गया और उनका माथा टैप (नल) पर जा लगा। चेहरा खून से लथपथ होने के कारण उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद पारिवारिक सदस्य उन्हें तुरंत प्राइवेट अस्पताल लेकर गए, जहां उनका सोमवार सुबह उपचार हुआ। इसके बाद देर शाम उनके माथे पर करीब 24 टांके लगे हैं। टांके लगने के बाद विधायक छीना को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वह बेड रेस्ट पर हैं। विधायक के पति ने यह जानकारी दी… 6 महीने पहले हुआ था कार का एक्सीडेंट करीब 6 महीने पहले लुधियाना साउथ विधानसभा सीट से AAP)की विधायक राजिंद्रपाल कौर छीना का एक्सीडेंट हो गया था। उस समय एक्सीडेंट में उनके चेहरे पर 45 टांके लगे थे। उस समय दिल्ली से लौटते समय खनौरी बॉर्डर के पास छीना की इनोवा गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में विधायक और उनका गनमैन घायल हो गए थे। उस समय उन्हें पहले कैथल के अस्पताल ले जाया गया। यहां से उन्हें लुधियाना के अस्पताल में रेफर किया गया। BJP पर पैसे की पेशकश के आरोप लगाए थे राजिंद्रपाल कौर छीना 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक बनीं। 2024 में राजिंदरपाल कौर छीना उन 3 विधायकों में शामिल थीं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें फोन कॉल के जरिए BJP में शामिल होने पर पैसे देने की पेशकश की गई। तब AAP ने आरोप लगाया था कि BJP ने पंजाब में फिर से ऑपरेशन लोटस शुरू कर दिया है और अरविंद केजरीवाल की पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। AAP ने वह नंबर भी जारी किया था, जिससे विधायकों को कॉल आई थी। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना की महिला AAP विधायक का एक्सीडेंट:दिल्ली से लौटते वक्त खनौरी बॉर्डर पर इनोवा डिवाइडर से टकराई; चेहरे पर 45 टांके लगे पंजाब में लुधियाना साउथ विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक राजिंद्रपाल कौर छीना की एक्सीडेंट के बाद पहली तस्वीर सामने आई है। वह घर पर आराम कर रही हैं। एक्सीडेंट में उनके चेहरे पर 45 टांके लगे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

