हरियाणा में ग्रुप-सी के 3112 विभिन्न पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट आया है। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन संख्या 02/2026 के अंतर्गत विभिन्न पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे अपना आवेदन पत्र अंतिम तिथि (15 फरवरी रात 11.59 बजे) से पहले यथाशीघ्र भरें। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने खुद सोशल मीडिया पर आकर इसको लेकर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि सभी अभ्यर्थियों को ये बताना जरूरी है कि आवेदनों के लिए लास्ट डेट नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों को देखकर और पूरी सावधानी के साथ फॉर्म भरना चाहिए, यदि फॉर्म भरते समय कोई त्रुटि हो जाती है तो आयोग इसको लेकर कोई भी करेक्शन पोर्टल नहीं खोलेगा। कोई फीस नहींहरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने अपने एक्स अकाउंट (पहले ट्विटर) के जरिए हरियाणा सीईटी फेज-2 की जानकारी दी है। आयोग ने साफ किया है कि इस भर्ती के लिए किसी भी कैटेगरी के उम्मीदवार को कोई फीस नहीं देनी है। आवेदन से पहले उम्मीदवारों को सरकारी भर्ती का नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ने की सलाद दी जाती है।HSSC ग्रुप C मेन्स परीक्षा 2026 के लिए योग्यता शैक्षणिक योग्यता: आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पद पर निर्भर करती है। इसमें 10+2, डिप्लोमा, ITI, या अन्य तकनीकी योग्यताएं शामिल हो सकती हैं। उम्मीदवारों ने हिंदी या संस्कृत पढ़ी होनी चाहिए।आयु सीमा: उम्मीदवारों की उम्र 18 से 42 साल के बीच होनी चाहिए। हरियाणा सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उम्र में छूट दी जाएगी।चयन प्रक्रियायोग्य आवेदकों की शॉर्टलिस्टिंग CET स्कोर के आधार पर होती है। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार लिखित मेन्स परीक्षा देंगे। मेन्स एग्जाम की तारीख उचित समय पहले आधिकारिक वेबसाइट पर दी जाएगी। कुछ पदों के लिए स्किल टेस्ट की भी देना पड़ सकता है। जो उम्मीदवार सभी चरणों को पास करेंगे, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच के लिए बुलाया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विज्ञापन संख्या 04-2024, 08-2024, 09/2024 एवं 11-2024 के तहत पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को इस नोटिफिकेशन के लिए नया एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। ताजा जानकारी के लिए वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
सेक्टर-15ए में रहने वाले पूर्व आईएएस को ई-चालान का मैसेज भेजकर जालसाजों ने उनके क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग करके 1.91 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेवानिवृत्त पूर्व आईएएस ने दी शिकायत में बताया कि 29 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक संदेश आया। संदेश में निर्धारित गति से वाहन चलाने पर जुर्माना लगने की जानकारी थी। अतिरिक्त जुर्माने से बचने के लिए तत्काल भुगतान करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद पांच जनवरी को एक और एसएमएस आया। उसमें कहा गया कि यह एसएमएस परिवहन मंत्रालय की ओर से है। जुर्माना जल्द जमा करने के कहा गया। 500 रुपए जुर्माना ट्रांसफर किए 1.91 लाख जालसाजों ने कार नंबर पूछा और एक फार्म भरवा लिया। जालसाजों ने 500 रुपये जुर्माना बताया। पीड़ित ने अपने अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड से जुर्माना जमा कर दिया। कार्ड से संबंधित जानकारी साझा की। साथ ही पुष्टि करने के लिए जालसाजों से मिले लिंक पर क्लिक किया। इसके कुछ समय बाद ही मोबाइल पर आए मैसेज से पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 1,191,417 रुपये कट गए। साइबर क्राइम पोर्टल पर दी शिकायत उन्होंने तुरंत ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर जानकारी दी। साथ ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी ने लेनदेन करने का आरोप शिकायतकर्ता पर ही लगाया। इसलिए रुपये वापस नहीं किए जा सकते। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्यू नोएडा के लिए 80 गांवों को जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा की दर यमुना और ग्रेटरनोएडा की तर्ज पर हो सकती है। इसके अलावा अन्य विकल्प तलाशे जा रहे है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि न्यू नोएडा के किसानों के साथ एक एग्रीमेंट टू सेल किया जा सकता है। ये एग्रीमेंट 11 महीने के होगा जिसमें किसान पहले प्राधिकरण को जमीन बेचेगा। यदि प्राधिकरण किसान से जमीन लेने को मना कर दे उसके बाद वो थर्ड पार्टी को जमीन देंगे। हालांकि शासन स्तर पर इसका अंतिम फैसला लिया जाएगा। इससे पहले यहां तीन नायाब तहसीलदारों को नियुक्त किया जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से तीन नामों को सुझाया गया था जिसे शासन ने अप्रूवल दे दिया है। जल्द न्यू नोएडा के लिए एक अस्थाई ऑफिस बना दिया जाएगा। न्यू नोएडा 209.11 वर्गकिमी में बसाया जाना है। इसके लिए अक्टूबर 2024 में अधिसूचना जारी की गई थी। प्राधिकरण ने बताया न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण कैसे किया जाएगा इसका एक प्रजेंटेशन लखनऊ में किया गया था। जिसमें हाइब्रिड मॉडल के बारे में जानकारी दी गई थी। इन दोनों के जरिए ही अधिग्रहण किया सकता है। चार फेज में बसेगा शहरन्यू नोएडा 209.11 वर्गकिमी में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाएगा। 2023-27 तक इसके 3165 हेक्टेयर को विकसित किया जाएगा। इसी तरह 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर एरिया को विकसित किया जाएगा। इसके बाद 2032-37 तक 5908 हेक्टेयर और अंत में 2037-41 तक 8230 हेक्टेयर जमीन को विकसित करने का प्लान है। गांवों के प्रधानों से की जाएगी बातचीतसामरिक क्षमता से न्यू नोएडा बेहद महत्वपूर्ण है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस के साथ जहां जीटी रोड अलग होती है। सबसे पहले वहां से लगे गांव की जमीन का अधिग्रहण शुरू किया जा सकता है । इस गांव में जोखाबाद, सांवली भी आता है। इन गांवों के प्रधान से बातचीत की जाएगी। जोखाबाद और ग्राम सांवली में ही डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) का आस्थाई कार्यालय बनाया जा सकता है।
दतिया विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आज (मंगलवार) मानसून रखरखाव कार्य किया जा रहा है। इसके चलते 33 के.व्ही और 33/11 के.व्ही सबस्टेशनों पर मरम्मत होगी। सुरक्षा कारणों से संबंधित फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में आज दिन में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। अलग-अलग फीडरों पर 4 से 5 घंटे तक कटौती की जाएगी। कंपनी के अनुसार, 33 के.व्ही डगरई फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इस दौरान यहां मेंटेनेंस का काम किया जाएगा। इन इलाकों में सुबह 10 बजे से नहीं आएगी लाइट वहीं, 11 के.व्ही फीडरों से जुड़े इलाकों में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक विद्युत आपूर्ति प्रभावित होगी। इसके तहत सिदंवारी, धीरपुरा, शास्त्रीनगर, बीकर आवादी-1, दुरसड़ा, गोराघाट, सिलोरी, बगोनकला, जिगना, केशर परासुरा, लमकना, ओरीना और सोनागिर आवादी फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी। काम के हिसाब से बढ़ सकता है समय विद्युत विभाग ने इस असुविधा के लिए नागरिकों से खेद व्यक्त किया है और सहयोग की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि घटाई या बढ़ाई जा सकती है।
सरधना के सुनीता हत्याकांड के आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर डाली गई याचिका में आज वादी पक्ष रूलिंग पेश करेगा। इस मामले में पारस सोम के अधिवक्ता की ओर से उसकी उम्र को लेकर याचिका डाली गई है, जिसमें वारदात के वक्त पारस सोम को साढ़े 17 वर्ष का बताया गया है। 31 जनवरी को हुई सुनवाई में वादी पक्ष के अधिवक्ता ने अपोज करते हुए वर्ष 2005 से जुड़ी एक रूलिंग पेश करने का दावा किया था। पहले जानते हैं क्या है कपसाड़ कांड मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में 8 जनवरी को गांव का पारस सोम इसी गांव की दलित समाज की रूबी को अगवा करके ले गया। जाते समय उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ता चला गया। पुलिस ने हत्या व अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। 10 जनवरी को गिरफ्तार हुआ पारस गांव में तनाव बढ़ता चला गया। SSP डा. विपिन ताडा ने पुलिस की 10 टीमें आरोपी पारस की गिरफ्तारी व रूबी की बरामदगी के लिए लगा दीं। 10 जनवरी की रात पुलिस को दोनों की लोकेशन सहारनपुर में मिली, जिसके बाद पुलिस ने पारस सोम को गिरफ्तार करते हुए रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। 11 जनवरी से जेल में बंद है पारस सोम अगले दिन 11 जनवरी को कड़ी सुरक्षा में रूबी के कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। यहां से रूबी को काउंसलिंग के लिए आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। जबकि कोर्ट ने आरोपी पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तभी से पारस जेल में बंद है। रूबी को काउंसलिंग के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया। बचाव में सामने आया तीन वकीलों का पैनलकई दिन तक मामला सुर्खियों में रहा। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा ने पारस को नाबालिग करार देते हुए उसके केस को जुबेनाइल बोर्ड में ट्रांसफर कराने का ऐलान कर दिया। कुछ साक्ष्य भी एकत्र किए, जिसके अनुसार पारस की उम्र लगभग साढ़े 17 वर्ष बैठ रही थी। अभी तक दो तारीख पर सुनवाई पारस को नाबालिग घोषित कराने की जो याचिका है, उसमें पारस के अधिवक्ताओं ने शाहनवाज बनाम उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2011 की रूलिंग का हवाला दिया है। उनका कहना है कि शाहनवाज पर भी हत्या व जानलेवा हमले का मुकदमा था। वारदात के वक्ता उसकी उम्र 17 वर्ष 10 माह थी। उसने हाईस्कूल का सर्टिफिकेट कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसका केस जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले में अभी तक दो तारीख लग चुकी हैं। आज वादी पक्ष पेश करेगा रूलिंग कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए इस प्रकरण से जुड़े लोगों को नोटिस जारी किया। 31 जनवरी की तारीख में केवल पीड़ित पक्ष से युवती का भाई पहुंचा। उनके अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट की प्रतिवादी पक्ष द्वारा पेश की गई रूलिंग को अपोज किया और उम्र का सही आंकलन करने के लिए पारस का कक्षा पांच का सर्टिफिकेट मंगाए जाने की मांग की। कोर्ट ने रूलिंग के बारे में पूछा तो वादी पक्ष ने मंगलवार को रूलिंग पेश करने का दावा किया।
बीकानेर खेजड़ी बचाओ, प्रकृति बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को पर्यावरण प्रेमियों और संतों ने ऐलान किया है कि खेजड़ी के संरक्षण के लिए कठोर कानून जब तक नहीं बनेगा, महापड़ाव जारी रहेगा। मां अमृता देवी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि एक पेड़ की कीमत सौ बेटों से भी बढ़कर होती है। जब हत्या की सजा मौत या उम्रकैद है तो खेजड़ी काटने की सजा मात्र एक हजार रुपए जुर्माना क्यों? खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज में जनसभा के साथ ही महापड़ाव का आगाज हो गया। महापड़ाव में शामिल होने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित पंजाब और हरियाणा से भी बड़ी संख्या में बसों और निजी वाहनों में सवार होकर हजारों लोग पहुंचे। मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज के सानिध्य में हुई जनसभा में संतों ने कड़े लहजे में कहा कि यह सरकार खुद को सनातनी कहती है, लेकिन सनातन कहीं नजर नहीं आ रहा। सनातनी पेड़ों की रक्षा करते हैं ना कि उन्हें उजाड़ते हैं। एक पेड़ की कीमत एक हजार रुपए लगाई है, जबकि एक पेड़ की कीमत सौ बेटों से बढ़कर होती है। यही सनातनी संस्कृति है। पर्यावरण संरक्षण समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यह तो टेलर है। पूरी फिल्म अभी बाकी है। संविधान के अनुरूप नहीं चले तो राजस्थान सरकार का नेपाल जैसा हश्र होगा। जनसभा सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। शाम तक चली। आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने भीड़ ज्यादा होने के कारण कलेक्ट्रेट तक जुलूस के रूप में जाने का कार्यक्रम कैंसिल कर दिया। उनके आग्रह पर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और एसपी कावेंद्र सागर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन लेने पहुंचे। 10 साल में काटे दो लाख पेड़, 60 हजार बीघा से अधिक जमीन पर लग रहे सोलर प्लांट बीकानेर | जिले में सोलर प्लांट लगाने के नाम पर एक 10 साल में दो लाख पेड़ काटे जा चुके हैं। इनमें खेजड़ी, बाबुल, जाल, कुमटा, देशी बबूल, हिंगोटा, रोहिड़ा आदि प्रजातियां शामिल हैं। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में पर्यावरण विभाग के प्रोफेसर अनिल छंगाणी ने यह जानकारी दी। 4786 मेगावाट के प्लांट चल रहे हैं। आने वाले सालों में 9618 मेगावाट के सोलर प्लांटों से विद्युत उत्पादन शुरू हो जाएगा। ये सभी प्लांट 60 हजार बीघा से अधिक जमीन पर लग रहे हैं। इनमें एनटीपीसी, पावर ग्रिड कोर्पोरशन, कोल इंडिया, एनएलसी, भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी जैसी सरकारी कंपनियां हैं। इनमें से 20 हजार 672 बीघा जमीन पर प्राइवेट कंपनियां 5168 मेगावाट के प्लांट लगा रही हैं। 1400 मेगावाट के लिए सनब्रिज, एक हजार मेगावाट के लिए बिल्ड विजन जैसी बड़ी प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों ने निवेश किया है। पांच सौ मेगावाट तक बिजली उत्पादन करने वाली छोटी कंपनियां भी हैं। पूगल में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम 2 हजार मेगावाट, आरएसडीसीएल प्रथम चरण में एक हजार मेगावाट और दूसरे चरण में भी एक हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। इसी प्रकार 450 मेगावाट का प्लांट छत्तरगढ़ में आरएसडीसीएल लगा रही है। यह दोनों सरकारी कंपनियां कुल 4450 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। एक्सपर्ट के अनुसार एक मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने के लिए करीब चार बीघा जमीन की जरूरत पड़ती है, जबकि कंपनियों ने भविष्य में ज्यादा बिजली बनाने के उद्देश्य से अधिक जमीनें खरीदी हैं। विधायक रविंद्र सिंह ने मां अमृता देवी बिल की फाइल लहराते हुए कहा-यह कानून आया तो खेजड़ी नहीं काट सकेंगे जनसभा में शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने लाल बस्ते में बंद मां अमृता देवी बिल की फाइल लहराते हुए कहा, इसे बनाने में छह महीने लगे थे। बिल राज्य सरकार को सौंप दिया गया है। यदि यह बिल लाया जाता है तो कोई सपने में भी खेजड़ी और हरे पेड़ों को नहीं काट सकेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो खेजड़ी बचाने के लिए विधानसभा का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बिश्नोई समाज के नेतृत्व में सभी समाज को आना होगा। रविंद्र सिंह को सुनने के लिए जनसभा में क्रेज देखा गया। बिहारी बोले- खेजड़ी बचाने के लिए इसी सत्र में कठोर कानून आएगा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि खेजड़ी के संरक्षण के लिए इसी सत्र में कठोर कानून लाया जा रहा है। खेजड़ी बचाने के लिए 71 साल में कोई नया कानून नहीं आया। यह कानून संतों और पर्यावरण प्रेमियों की ताकत से बनेगा। भजनलाल सरकार जल्दी ही नए कानून की घोषणा करेगी, जिसमें जुर्माने के साथ सजा का दायरा भी बढ़ेगा। रामानंद महाराज की घोषणा, 363 लोग अनशन पर बैठेंगे पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज ने मंच से अनिश्चितकालीन महापड़ाव की घोषणा करते हुए कहा कि सभी संतों सहित 363 लोग अनशन पर बैठेंगे। खेजड़ी के लिए कानून नहीं बनने तक अनशन जारी रहेगा। महापड़ाव बिश्नोई धर्मशाला के सामने चलेगा। उनके बोलने के साथ ही अनशन पर बैठने के लिए हजारों हाथ खड़े हो गए। जनसमूह ने शाम का भोजन करने से मना कर दिया। तब रामानंद महाराज और संयोजक परसराम बिश्नोई मंच से समझाते हुए शांति की अपील की।
पीलीभीत के पूरनपुर नगर स्थित मोहल्ला साहूकारा में सोमवार रात दो युवकों के बीच विवाद हो गया। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर हिंदू-मुस्लिम टकराव की अफवाहें फैल गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और तनावपूर्ण माहौल को शांत कराया। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे मोहल्ला साहूकारा में फरदीन और सनी नामक दो युवकों के बीच कहासुनी हुई। थाना अध्यक्ष पवन पांडे के मुताबिक, प्राथमिक जांच में यह विवाद सिगरेट पीने को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते झगड़ा इतना बढ़ गया कि सनी ने फोन कर अपने कुछ अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि मौके पर पहुंचे सनी के साथियों ने उकसावे वाली कार्रवाई की और एक समुदाय विशेष के प्रति अभद्र गालियों तथा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। गाली-गलौज और शोर-शराबा सुनकर मोहल्ले के अन्य लोग भी घरों से बाहर आ गए। चूंकि यह मामला दो अलग-अलग समुदायों के युवकों के बीच था, इसलिए पूरे क्षेत्र में जल्द ही यह अफवाह फैल गई कि एक बड़ा सांप्रदायिक विवाद हो गया है। तनाव की सूचना मिलते ही कोतवाल पवन पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की सक्रियता देख हंगामा कर रहे युवक वहां से भाग खड़े हुए। कुछ ही देर बाद क्षेत्राधिकारी (CO) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह दो व्यक्तियों का निजी विवाद था, जिसे कुछ लोग गलत रंग देने की कोशिश कर रहे थे। थाना अध्यक्ष पवन पांडे ने बताया, दो युवकों के बीच सिगरेट पीने को लेकर विवाद की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम भेजकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संभल बीजेपी की जिला मंत्री मीनाक्षी सागर ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाया। मीनाक्षी सागर सोमवार को लखनऊ पहुंचीं। वह उत्तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी के जनपद संभल की चंदौसी विधानसभा क्षेत्र से आती हैं। कांग्रेस में शामिल होने के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और संभल के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शर्मा भी मौजूद थे। प्रोफेसर मीनाक्षी सागर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी संविधान विरोधी है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला, दलित, मजदूर, गरीब और किसान विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है। सागर के अनुसार, भाजपा बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और पार्टी में कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुनी जाती। मीनाक्षी सागर ने कांग्रेस में शामिल होने के अपने फैसले का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संविधान की रक्षा, देश में भाईचारे और हर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महात्मा गांधी और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों पर चलती रही है और सभी वर्गों को सम्मान देती है। इस अवसर पर संभल के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, संभल शहर अध्यक्ष शिव किशोर गौतम और चंदौसी के पूर्व नगर अध्यक्ष मुनेश कुमार जोशी सहित कई अन्य नेता मौजूद थे। मीनाक्षी सागर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर खड़गवंशी के कार्यकाल से लेकर अब तक पार्टी की जिला मंत्री थीं। वह चंदौसी के एसएम कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं।
नमस्कार, कानपुर में कल (सोमवार) की बड़ी खबरें… कानपुर में अलग–अगल सड़क हादसों में बाइक सवार दंपत्ति समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पोस्ट ऑफिस में पैसे जमा कराने के नाम पर लोगों से करीब 40 लाख की ठगी करने वाली सरकारी टीचर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 4 जनवरी को आरोपी पति को पुलिस ने जेल भेजा था। मूक-बधिर बच्चों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। उनसे अपने हावभाव के जरिए सवाल किए। खुद तैयार किए भजन पर नृत्य किया। युवक का मर्डर करने वाले को पुलिस ने 35 साल बाद गिरफ्तार कर लिया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें 1: सस्पेंशन के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे अलंकार अग्निहोत्री:कहा- केंद्र सरकार में केवल दो लोगों की चलती, दिल्ली से बड़ा आंदोलन शुरू होगा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में इस्तीफा देकर पूरे देश में चर्चा में आए बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री प्रयागराज पहुंचे। वह अपने निलंबन की कार्यवाही क़ो लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में वह प्रयागराज में अपने विधि सलाहकारों से मिलें। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंनें कहा कि वह निलंबन को चैलेंज करेंगे। केंद्र सरकार एक कंपनी की तरह चल रही है। इसमें सिर्फ दो लोगों की ही चलती है। एक मोदी की, दूसरे अमित शाह की। उन्होंने कहा कि SC-ST एक्ट मे शांसोधन कराना ही अब मेरी मुख्य लड़ाई है। इसके लिए दिल्ली से बड़ा आंदोलन शुरू होगा। अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाले हैं। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था। मां बैंक में थीं। 1998 में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में अलंकार को 21वां स्थान मिला। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक किया और नौकरी करने लगे। 2014 में जब अलंकार के सभी छोटे भाई सेटल हो गए। बहन की शादी हो गई, तो उन्होंने नौकरी छोड़कर UPPCS की तैयारी की और 2019 में एग्जाम क्वालिफाई किया। 2: प्रेमानंद महाराज से पूछा- क्या करें कि हिम्मत न टूटे:मूक-बधिर बच्चों ने भजन पर डांस किया, संत हाथ जोड़कर एकटक देखते रहे; VIDEO कानपुर के मूक-बधिर बच्चों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। उनसे अपने हावभाव के जरिए सवाल किए। खुद तैयार किए भजन पर नृत्य किया। इस दौरान महाराजजी भजन में लीन दिखाई दिए। हाथ जोड़कर एक टक बच्चों को निहारते रहे। दरअसल, रविवार शाम राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त दिव्यांग डेवलपमेंट सोसायटी की अध्यक्ष मनप्रीत कौर मूक बधिर बच्चों को लेकर पहुंची थीं। मनप्रीत ने कहा- ये बच्चे सुन या बोल नहीं सकते। कुछ लोग हमें पागल कहते हैं। चालाक कहते हैं। ऐसा करें कि हमारी और बच्चों की हिम्मत न टूटे। क्या करें? पढ़ें पूरी खबर 3: कानपुर में रोड एक्सीडेंट में दंपत्ति समेत 5 की मौत:महाराजपुर में सड़क पार करने के दौरान कार ने दो दोस्तों को रौंदा कानपुर में अलग–अगल सड़क हादसों में बाइक सवार दंपत्ति समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पहली घटना चकेरी थानाक्षेत्र में हुई, जहां बर्रा निवासी बड़े भाई के घर जा रहे बाइक सवार दंपत्ति को तेज रफ्तार लोडर ने रौंद दिया। हादसे में बाइक सवार पति की मौके पर मौत हो गई। वहीं पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरी घटना महाराजपुर थानाक्षेत्र की है, जहां सड़क पार करने के दौरान दो दोस्तों को कार सवार ने टक्कर मारी, हादसे में दोनों की मौत हो गई। वहीं तीसरी घटना में रामादेवी फ्लाई ओवर पर वाहन ने युवक को कुचल दिया। हालांकि शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पढ़ें पूरी खबर 4: पोस्ट ऑफिस ठगी की मास्टर माइंड महिला टीचर अरेस्ट:फर्जी रसीदें थमाकर हड़पे थे 40 लाख, पति से तलाक लेकर अलग रह रही थी पोस्ट ऑफिस में पैसे जमा कराने के नाम पर लोगों से करीब 40 लाख की ठगी करने वाली सरकारी टीचर को अनवरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। टीचर इतनी शातिर थी कि लोगों से ठगी करने के बाद पति से तलाक लिया और नजीराबाद निवासी दूसरे युवक के साथ रहने लगी थी। एक साल पहले उसकी महोबा स्थित सरकारी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर नियुक्ति हो गई थी। आरोपी महिला पोस्ट ऑफिस में एजेंट थी, उसने अपने पति और सास के साथ मिलकर लोगों से ठगी की। बीते 4 जनवरी को आरोपी पति को पुलिस ने जेल भेजा था। पढ़ें पूरी खबर 5: 35 साल से फरार 50 हजार का इनामी अरेस्ट:कानपुर में रंजिश को लेकर गोली मारकर की थी हत्या, गोंडा में छिपा था कानपुर के कर्नलगंज में 42 साल पहले दो पहलवानों की रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में फरार चल रहे हत्यारोपी को पुलिस ने 35 साल बाद चकेरी से गिरफ्तार कर लिया। वह 1990 से फरार चल रहा था उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह गोंडा में नाम बदलकर रहने के साथ ही सब्जी का ठेला लगाकर जीवन यापन कर रहा था। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दो पहलवानों की के गुटों में रंजिश में को लेकर सुल्तान नाम के युवक की वर्ष 1984 में गोंडा जनपद के खुडारे ददरा रसूलपुर खान ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पढ़ें पूरी खबर 6: कानपुर से होकर नहीं गुजरेगा रेलवे कॉरिडोर:फाइनेंशियल कैपिटल, फिर भी बड़ी सौगात नहीं प्रदेश की फाइनेंशियल राजधानी कहे जाने वाले कानपुर को इस बार रेलवे बजट में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली–हावड़ा रेल रूट पर स्थित कानपुर सेंट्रल देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल है, जहां से रोजाना सबसे ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं। इसके बावजूद 12 लाख करोड़ रुपए के हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बजट में कानपुर को सीधे तौर पर कोई सौगात नहीं मिली। आम बजट 2026 में देश को कुल 7 नए हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर मिले हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश को दो कॉरिडोर दिए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर 7: सेंट्रल टू नौबस्ता, टनल में ट्रैक का काम पूरा:अब 21 स्टेशनों के साथ 'सुपरफास्ट' होगा कानपुर मेट्रो से सफर,10 दिन में ट्रायल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में मेट्रो रेल का सपना अब तेजी से हकीकत बनता जा रहा है। शहरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी यह है कि कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बिछाई जा रही अप-लाइन की टनल में ट्रैक निर्माण का काम शनिवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही मेट्रो परियोजना अपने दूसरे बड़े पड़ाव पर पहुंच गई है। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने अगले 10 दिनों के भीतर इस नए सेक्शन पर ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी कर ली है। ट्रायल सफल होने के बाद शहर के सबसे व्यस्त इलाकों से गुजरते हुए लोग सीधे नौबस्ता तक मेट्रो से सफर कर सकेंगे, जिससे सड़क यातायात पर दबाव भी कम होगा। पढ़ें पूरी खबर 8: कानपुर में हज यात्रियों की ट्रेनिंग:668 लोग जाएंगे मदीना, 350 से ज्यादा लोगों को ट्रेंड किया गया कानपुर में हज 2026 की तैयारियों के तहत तंजीम खुद्दाम आज़मीने हज की ओर से दूसरा हज प्रशिक्षण शिविर ग़रीब नवाज़ मैरिज हॉल, बांसमंडी में आयोजित किया गया। शिविर में हज की तैयारी और अरकान से जुड़ी बारीक जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण के लिए करीब 350 आज़मीने हज पहुंचे। आयोजकों के अनुसार कानपुर शहर से कुल 668 लोग हज के सफर पर जाएंगे। इनमें 331 महिलाएं हैं, जबकि 64 हज यात्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है। पढ़ें पूरी खबर 9: कानपुर में किशोरी का अपहरण, FIR दर्ज:युवक पर पहले भी नाबालिग को भगाने का आरोप; पुलिस ढूंढ रही कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र से 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव का ही एक युवक किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर 16 जनवरी की रात घर से भगा ले गया। घटना के बाद से किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजन गहरे सदमे में हैं। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी रात में अचानक घर से गायब हो गई। परिवार ने रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर काफी खोजबीन की। पढ़ें पूरी खबर 10: कानपुर में आज बारिश का अलर्ट:बर्फीली हवा ने गलन बढ़ाई, तेजस 12 और राप्ती सागर 13 घंटे लेट कानपुर में सोमवार सुबह मौसम साफ है। बर्फीली हवा ने गलन बढ़ा दी है। आने वाले 24 घंटों में बारिश होगी। पूरा दिन बादल छाए रहेंगे। रविवार को न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटे में 0.9 डिग्री गिरकर 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 0.8 डिग्री ज्यादा रहा। अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ आया है। जिसके चलते दिन और रात बादल छाए रहेंगे। हवा की गति कम रहेगी। पढ़ें पूरी खबर
कैथल जिले में स्वास्थ्य विभाग इसी सप्ताह नागरिक अस्पताल में कीमोथेरेपी डे केयर सेंटर शुरू करेगा। अब कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए रोहतक और चंडीगढ़ जैसे मेडिकल कॉलेजों में नहीं जाना पड़ेगा। इसके लिए विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। इस केंद्र में केवल कैथल ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के मरीजों को इलाज मिल सकेगा, उन्हें इलाज के लिए लंबा सफर तय करने से छुटकारा मिलेगा। साथ ही उनके धन और समय की भी बचत होगी। कैथल जिले में 550 कैंसर मरीज कैथल में करीब 550 कैंसर मरीज हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कैथल ने दो डॉक्टरों को झज्जर के सिविल अस्पताल से ट्रेनिंग दिलाई है। ट्रेनिंग करके आए डॉक्टरों में डॉक्टर आरडी चावला और डॉ. ललित जांगड़ा शामिल हैं। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ से भी दो लोगों को ट्रेनिंग दिलाई गई है। एक ही दिन में होगा इलाज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डे केयर सेंटर में मरीज सुबह आकर दाखिल हो सकेंगे और दिनभर इलाज के बाद उन्हें रात को ही छुट्टी दे दी जाएगी। इसके बाद वे अपने घर जा सकेंगे। ऐसे ही आगे की प्रक्रिया रहेगी, उन्हें समय अनुसार अस्पताल के डे केयर सेंटर में बुलाया जाएगा और इलाज के बाद छुट्टी देकर उन्हें आगे दोबारा आने का समय बताया जाएगा। कमरे समेत अन्य सुविधाएं जुटाई सिविल सर्जन डॉ. डॉक्टर रेनू चावला ने बताया कि डे केयर सेंटर के लिए अस्पताल में कमरे व अन्य सुविधाएं जुटाई गई हैं, डॉक्टर भी ट्रेनिंग करके आ गए हैं। मरीजों को यहां पर निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध हो सकेगी, जहां पर कम दूरी पर कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है, वहां के लोग कैथल सिविल अस्पताल में आकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल जिले में तीन दिन पूर्व दिखाई दिया तेंदुआ अब ग्रामीणों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। जहां एक ओर ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुआ अभी भी गांव के आसपास मौजूद है और लगातार नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि गांव में फिलहाल तेंदुए की कोई मौजूदगी नहीं है और ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। बीते गुरुवार की रात नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव दताल में ग्रामीणों ने खेतों की ओर तेंदुआ देखने का दावा किया था। इस संबंध में दैनिक भास्कर डिजिटल में भी समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद वाइल्ड लाइफ व वन विभाग और प्रशासन हरकत में आया था। हालांकि अब तीन दिन बीतने के बावजूद तेंदुए को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। ग्रामीणा बोले- घर के अंदर घुसा आया सोमवार को ग्रामीणों की दहशत उस समय और बढ़ गई, जब गांव के ही राजाराम नामक व्यक्ति ने दावा किया कि तेंदुआ उसके घर के अंदर घुस आया। राजाराम ने बताया कि तेंदुआ उसके घर में घुसा था और यदि समय रहते ध्यान न दिया जाता, तो पशुओं को नुकसान पहुंच सकता था। इससे पहले भी तेंदुआ खेतों के बीच से गुजरता हुआ दिखाई दिया था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पंस समिति चेयरमैन भी पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पंचायत समिति चेयरमैन कर्मपाल यादव, गांव के सरपंच जिलेसिंह सहित रोहताश, अनिल, सचिन, विकास और सुरेन्द्र सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने या गांव से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है। दिखाई दिए पांवों के निशान ग्रामीण रोहताश व राजाराम ने बताया कि उन्होंने गांव में कई जगह तेंदुए के पांवों के निशान देखे हैं। उन्होंने कहा कि इसके आधार पर भी ग्रामीणों का दावा सही है कि गांव में तेंदुआ मौजूद है। अभी स्पष्ट सबूत नहीं वहीं वन विभाग की ओर से वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर चरण सिंह ने बताया कि तेंदुए की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि दो कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है, जो तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए सर्च अभियान चला रहे हैं। अभी तक तेंदुए के पैरों के निशान या कोई अन्य स्पष्ट सबूत नहीं मिला हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे डरे नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। दोनों में विरोधाभाष फिलहाल तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के दावों में विरोधाभास बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं, जबकि ग्रामीण तब तक आश्वस्त नहीं हैं, जब तक तेंदुए की स्पष्ट पुष्टि या पकड़ में नहीं हो जाता।
केंद्रीय बजट में पंजाब के लिए कुछ न देने का आरोप लगाने वाले विरोधी नेताओं को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने करारा जवाब दिया है। बिट्टू ने कहा कि अकेले रेल मंत्रालय के आंकड़े जारी करके कहा कि बजट में पंजाब के लिए 5673 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। बिट्टू ने कहा कि पिछली सरकारों से अगर रेलवे की इस रकम की तुलना करें तो यह 25 गुणा से ज्यादा है। बिट्टू ने कहा इसी तरह अन्य मंत्रालयों से भी पंजाब के लिए बड़ी सौगातें दी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट को जब डिटेल से पढ़ेंगे तो पंजाब के लिए बहुत कुछ मिलेगा। रेल बजट में 25 गुना की ऐतिहासिक बढ़ोतरी विपक्ष को आंकड़ों के जरिए घेरते हुए रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि 2009-2014 (UPA सरकार) के दौरान पंजाब के लिए औसत वार्षिक रेल बजट मात्र 225 करोड़ रुपये था। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 5,673 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह आवंटन यूपीए की तुलना में लगभग 25 गुना अधिक है। इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प, ₹26,382 करोड़ के प्रोजेक्ट्स रेल राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में पंजाब में कुल 26,382 करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इसमें ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।पंजाब के स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 'अमृत स्टेशन योजना' के तहत 30 स्टेशनों का पुनर्निमाण हो रहा है। स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर 1,311 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुक्तसर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) और आनंदपुर साहिब स्टेशनों पर पुनर्विकास का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। कनेक्टिविटी में सुधार, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें: बिट्टू ने कहा कि पंजाब में प्रीमियम ट्रेन सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। वर्तमान में पंजाब में 6 जोड़ी वंदे भारत सेवाएं संचालित हो रही हैं। आम आदमी के लिए सुविधाजनक 1 जोड़ी सेवा शुरू की गई है। नेटवर्क विस्तार और 100% इलेक्ट्रिफिकेशन: बिट्टू ने कहा कि साल 2014 के बाद से पंजाब में लगभग 400 किलोमीटर नए ट्रैक बनाए गए हैं। बिट्टू ने तुलना करते हुए कहा कि यह विस्तार फिलीपींस जैसे देश के पूरे रेल नेटवर्क से भी ज्यादा है। पंजाब ने 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है। 2014 से अब तक 1,715 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है। राज्य में 414 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं ताकि रेल यात्रा सुरक्षित और बाधा रहित हो सके। साथ ही 'कवच' (स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली) के तहत 149 किलोमीटर का कार्य स्वीकृत किया गया है।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 3 फरवरी, दिन मंगलवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिए दे सकते हैं।
प्रदेश के लगभग 36 हजार निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1 अप्रैल से निशुल्क विद्यार्थियों को प्रवेश में संशय की स्थिति बन रही है। राज्य सरकार इस बार नया शिक्षा सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू करने जा रही है। जिसके तहत शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी निशुल्क सीटों पर होने वाले प्रवेश के लिए भी इस बार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होनी थी। फरवरी माह शुरू हो गया है मगर राज्य सरकार ने अभी तक निशुल्क प्रवेश का टाइम फ्रेम घोषित नहीं किया है। छात्र-छात्राएं पिछले एक माह से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में दिसंबर माह में राज्य सरकार को निशुल्क प्रवेश के प्रस्ताव भिजवाए थे। लेकिन राज्य सरकार ने उन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं देते हुए शिक्षा विभाग से दोबारा प्रस्ताव मांगे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने दोबारा प्रस्ताव बना कर भेज दिए हैं। अब राज्य सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। उसी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी की तिथि निर्धारित की जाएगी। पिछले साल 9 अप्रैल को निकली लॉटरी पिछले साल 9 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का वरीयता क्रम निर्धारण किया गया। आरटीई के तहत सशुल्क बालकों के प्रवेश के आधार पर वरीयता में चयनित निशुल्क प्रवेश के अंतिम चरण का आवंटन 31 अगस्त को किया गया। जिसमें सामने आया कि 308064 अभ्यर्थियों में से 237407 को प्रदेश के 31720 स्कूलों में निशुल्क प्रवेश मिला है। “इस बार प्रवेश प्रक्रिया जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी और प्रवेश में भी विलंब होगा। -गिरिराज खैरीवाल, प्रदेश समन्वयक, प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस “आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियां चल रही है।-चंद्र किरण पंवार, आरटीई प्रभारी, प्रारंभिक शिक्षा
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। 'शादी' वाले गाने पर धीरेंद्र शास्त्री ने लगाए ठहाकेबाबा रामदेव और एक्टर राजपाल यादव के बाद अब एक नन्हे बुंदेली गायक ने भी पंडित धीरेंद्र शास्त्री को शादी के लिए छेड़ दिया। सागर जिले के गढ़ाकोटा निवासी रोशन पटेल नाम के बच्चे ने तंबूरा बजाते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सामने बुंदेली गीत ‘नन्ना मोरो ब्याह करा दे रे… चाहे मिले उड़ीसा वारी…’ गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। बच्चे का यह गीत सुनकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ठहाके लगाकर हंस पड़े। मंच पर मौजूद अन्य लोग भी खुद को हंसने से नहीं रोक पाए। दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री की शादी को लेकर काफी समय से चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अब तक विवाह तय नहीं हो पाया है। ऐसे में जब बच्चे ने यह गीत छेड़ा, तो माहौल कुछ अलग ही रंग में नजर आया। गौरतलब है कि हाल ही में राजस्थान के रामगंज मंडी में कथा के दौरान बाबा रामदेव ने मंच से पंडित धीरेंद्र शास्त्री को लेकर कहा था कि उन्होंने तो लड़की भी देख ली है। जडेजा की बॉल पर शिवराज सिंह ने घुमाया बल्लाराजनीति के धुरंधर और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब क्रिकेट के मैदान पर उतरे, तो ऐसा बल्ला घुमाया कि गेंद सीधा बाउंड्री के पार जा गिरी। शिवराज सिंह ने क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की गेंद पर दमदार शॉट लगाया। मौका रायसेन में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह का था। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा विशेष रूप से शामिल हुए। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मंत्री विश्वास सारंग और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई जनप्रतिनिधि भी मंच पर मौजूद रहे। समापन समारोह को देखने करीब 10 हजार लोग पहुंचे। इससे पहले विदिशा में सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव को आमंत्रित किया गया था। अब लोग यह कहने लगे हैं कि भले ही शिवराज सिंह चौहान केंद्र की राजनीति में सक्रिय हों, लेकिन तस्वीरें बयां कर रही हैं कि मध्य प्रदेश में उनकी मौजूदगी और पकड़ आज भी उतनी ही मजबूत है। सीएम ने जमाई डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की झांकीमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हाल ही में रीवा दौरे पर पहुंचे थे। यहां मंच से उन्होंने डिप्टी सीएम और स्थानीय विधायक राजेंद्र शुक्ल की जमकर तारीफ की। इसी दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ही डिप्टी सीएम के समर्थकों ने राजेंद्र शुक्ल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिस पर खुद डिप्टी सीएम ने उन्हें इशारों में शांत कराया। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि राजेंद्र शुक्ल उनके सबसे बेहतर काम करने वाले मंत्रियों में से एक हैं और उनके दिल-दिमाग में हमेशा रीवा ही बसा रहता है। इस पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने तुरंत कहा- विंध्य भी। तब मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए रीवा के साथ विंध्य का नाम भी जोड़ दिया। भाजपा विधायक ने खोली अपनी ही सरकार की पोलसिंगरौली जिले के देवसर से भाजपा विधायक राजेंद्र मेश्राम ने अपनी ही सरकार के विकास दावों पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं मिलते और अस्पतालों में डॉक्टर नजर नहीं आते। ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि कागजों पर दिखाया जा रहा विकास जमीन पर कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने आंगनवाड़ियों की बदहाल स्थिति पर भी कड़ी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि न मरीजों को दवाइयां मिल रही हैं और न ही बच्चों को सही पोषण। ऐसे में जिले के विकास की बातें महज दिखावा हैं। विधायक के इन बयानों के बाद मंच पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया और अधिकारी असहज नजर आए, जबकि मौजूद जनता ने तालियों के साथ उनका समर्थन किया। इनपुट सहयोग - देव शाक्य (रायसेन), अभिलाष मिश्रा (रीवा), राजकुमार द्विवेदी (सिंगरौली) ये भी पढ़ें -एसपी साहब का शक्ति प्रदर्शन, नेताओं जैसा रोड शो; लेडी अफसर ने पूछे गांधी जी के विचार तो भड़के कांग्रेसी बड़वानी के एसपी जगदीश डावर के रिटायरमेंट पर ऐसा जुलूस निकाला गया, मानो किसी बड़े नेता का रोड शो हो। शहरभर में बैनर-पोस्टर लगाए गए और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। अब चर्चा यह है कि रिटायर्ड एसपी जगदीश डावर राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
भारत सरकार ने हालिया बजट में कंटेंट क्रिएटर्स लैब स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में ये लैब बनेंगी, जहां छात्र एनिमेशन, वीएफएक्स (विजुअल इफेक्ट्स) और गेमिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के कोर्स कॉर्डिनेटर डॉ धनंजय चोपड़ा ने बताया कि इसका उद्देश्य युवाओं को बेहतर कंटेंट रेडी और प्रस्तुत करने के लिए तैयार करना है ताकि वे रोजगार के नए अवसर हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल नए जमाने की तकनीकों से युवाओं को लैस करने पर केंद्रित है। जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, चिप कम्युनिकेशन, ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी जैसी उन्नत तकनीकों का दौर चल रहा है। आज हर बच्चे के पास स्मार्टफोन है और यदि वे अपनी क्रिएटिविटी को इन तकनीकों से जोड़ दें, तो वे प्रोफेशनल क्रिएटिव कंटेंट क्रिएटर्स बन सकते हैं। मानव की सोच, भाषा, स्टोरीटेलिंग और तकनीक का यह संगम बेहतरीन कंटेंट पैदा करेगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय पहले से वेब मीडिया प्रोडक्शन और एनिमेशन में छात्रों को प्रशिक्षित कर रहा है। अब यहां गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स पर जोर बढ़ेगा ताकि छात्र इन्हें व्यापक रूप से उपयोग कर सकें।समय माइक्रो-ड्रामा और माइक्रो-कंटेंट का है, जहां कम समय में प्रभावी संदेश देना जरूरी है। स्कूल स्तर से ही इसकी शुरुआत करने से छात्रों की क्रिएटिव एनर्जी सकारात्मक दिशा में चैनलाइज होगी। मोबाइल से लैस स्कूली बच्चे कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में कूद पड़ेंगे। जिससे उभरते बाजार में उनकी मजबूत उपस्थिति बनेगी। यह कदम न केवल रोजगार सृजित करेगा। बल्कि भारत को वैश्विक कंटेंट हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
‘मुझे लोरेटो स्कूल में एडमिशन चाहिए, इसलिए मैं मम्मी के साथ मुख्यमंत्री से मिलने आई थी। सीएम ने कहा है कि एडमिशन हो जाएगा।’ यह बातें लखनऊ की नन्ही बच्ची अनाबिया अली ने कही। मुख्यमंत्री जनता दरबार में अनाबिया ने सीएम योगी से कहा, ‘मेरा एडमिशन करा दीजिए।’ बच्ची का अंदाज देख योगी मुस्कराने लगे। उन्होंने पूछा, 'किस क्लास में एडमिशन चाहिए? बच्ची ने जवाब में कहा- नर्सरी में सर। VIDEO में देखिए सीएम का अनोखा अंदाज…
पंजाब के सरकारी स्कूलों व सरकारी अस्पतालों में इन दिनों रंग-रोगन करने का काम चल रहा है। स्कूलों व अस्पतालों पर जो रंग हो रहा है वही कंबीनेशन आम आदमी पार्टी के झंडे पर का भी है। विपक्षी दलों ने सरकारी इमारतों के कलर कंबीनेशन पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री परगट ने भाजपा पर शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप लगाया और आम आदमी पार्टी को भाजपा की B टीम बताया। परगट सिंह ने कहा कि आप सरकार ने तो बिल्डिंगों को ही अपने झंडे के रंग में रंग दिया है। परगट सिंह का आरोप है कि सरकार ने बाकायदा रंग के कोड लिखकर डिपार्टमेंट को भेजे हैं ताकि रंग में कोई फर्क न हो। लुधियाना सिविल अस्पताल को भी उसी रंग में रंग दिया गया है। परगट सिंह बोले 'शिक्षा और स्वास्थ्य का राजनीतिकरण' पूर्व ओलंपियन और कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। परगट सिंह का आरोप है कि सरकार जनहित के पैसों का इस्तेमाल अपनी पार्टी की ब्रांडिंग के लिए कर रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी संपत्तियों को किसी विशेष राजनीतिक दल के कार्यालय की तरह पेश किया जा रहा है। स्कूलों और अस्पतालों को उन रंगों में रंगा जा रहा है जो आम आदमी पार्टी के झंडे का हिस्सा हैं। इसके लिए बकायदा ठेकेदारों को खास 'कलर कोड' दिया गया है। क्या सरकार यह भूल गई है कि यह पैसा जनता का टैक्स है, किसी पार्टी का फंड नहीं? ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इसे शिक्षा प्रणाली पर खतरा बताया अकाल तख्त साहिब के पूर्व कार्यकारी जत्थेदार और अब शिरोमणि अकाली दल पुनर-सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने X पर लिखा, “आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब के सरकारी स्कूलों को अपने पार्टी झंडे के रंगों में रंगने का आदेश देना न केवल बेहद शर्मनाक है, बल्कि शिक्षा प्रणाली के लिए गंभीर खतरा भी है।” उन्होंने आगे लिखा, “स्कूल और बच्चे किसी राजनीतिक पार्टी के प्रचार के साधन नहीं हैं। बच्चों और शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव में लाने की कोशिश निंदनीय है और शिक्षा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। सरकारी स्कूल राज्य की संपत्ति हैं, किसी एक पार्टी की नहीं। उन्हें राजनीतिक रंगों में रंगना बच्चों की स्वतंत्र सोच और शिक्षा की आजादी पर हमला है। हम ऐसे राजनीतिक दबाव में जारी आदेशों की निंदा करते हैं और इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को राजनीति से मुक्त रखना सरकार की जिम्मेदारी है।” इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए आनंदपुर साहिब से AAP सांसद और पार्टी प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग का कहना है कि इसमें कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के झंडों में अलग-अलग रंग हैं। नीला रंग शिअद का है। भगवा भाजपा का है। लाल रंग कम्युनिस्टों का है। यह कंबीनेशन अफसरों ने चुना है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रंगों के चयन के पीछे कोई राजनीतिक सोच नहीं पंजाब के डायरेक्ट जनरल स्कूल एजुकेशन अरविंदर कुमार ने कहा कि सिर्फ उन स्कूलों में पेंट किया जा रहा है जिनमें पांच साल या उससे पहले से कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कलर कंबीनेशन को सलेक्ट करने में कोई राजनीतिक सोच नहीं थी। 852 स्कूलों और 40 अस्पतालों पर किया जा रहा है रंग जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार प्रदेश भर में 852 स्कूलों और 40 के करीब अस्पतालों पर रंग रोगन करवाया जा रहा है। इन सभी इमारतों पर पीले व नीले रंग का कंबीनेशन किया जा रहा है। स्कूलों का ऑर्डर 22 दिसंबर को हुआ स्कूलों में रंग रोगन करवाने का आदेश डायरेक्ट जनरल स्कूल एजुकेशन ने 22 दिसंबर 2025 को जारी किया था। लेकिन यह आदेश अब सामने आया है। अब तक ज्यादातर स्कूलों में रंग रोगन का काम पूरा भी हो चुका है। वहीं अस्पतालों को लेकर सेहत विभाग का आदेश अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया। जबकि अस्पतालों पर भी रंग का काम चल रहा है। किस जिले में कितने स्कूलों में हो रहा पेंट मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में सबसे अधिक 102 स्कूलों में कलर कोडिंग होगी। इसके अलावा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के गृह जिले रूपनगर (रोपड़) में 37, लुधियाना में 70, अमृतसर में 84, बठिंडा में 43, फाजिल्का में 63, गुरदासपुर में 59, होशियारपुर में 39, जालंधर में 40, पटियाला में 63, तरनतारन में 32, मोहाली में 30, मानसा में 29, फिरोजपुर में 22, फरीदकोट में 20 और मोगा में 19 स्कूल शामिल हैं। स्कूलों में इस तरह रहेगा कलर कंबीनेशन DGSE द्वारा DEOs को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि बरामदों और गलियारों (स्कूल भवन के बाहरी हिस्से) को “एनामेल रैप्सोडी” और “एग कस्टर्ड” रंगों में पेंट किया जाए, जबकि कक्षाओं की अंदरूनी दीवारों को “एनामेल ब्रॉन्ज मिस्ट” और “सी ओट्स” रंग से रंगा जाए। आदेश के साथ एक चित्रात्मक प्रस्तुति भी संलग्न है, जिसमें स्कूल की बाहरी इमारत पीले और नीले रंग में दिखाई गई है।
मथुरा के प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर पर 2 गंभीर आरोप लगे। पहला- स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों का ब्रेनवॉश करते हैं। इस्लाम को बेहतर हिंदू धर्म को खराब बताते हैं। दूसरा- स्कूल में जबरन नमाज पढ़वाते हैं, राष्ट्रगान नहीं करवाते। 24 घंटे के अंदर हेडमास्टर जान मोहम्मद को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सस्पेंड कर दिया। इसके बाद जान मोहम्मद की तबीयत बिगड़ गई। वो छुट्टी लेकर अपने घर आगरा चले गए। क्या स्कूल में वाकई इस्लामिक माहौल बनाया जा रहा है? शिकायत करने वाले लोग क्या पेरेंट्स हैं? यह सब जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम नौहझील इलाके में पहुंची। स्कूल के अंदर और बाहर पेरेंट्स और बच्चों का जमावड़ा था। बातचीत के दौरान सामने आया कि यहां कुल 235 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें 89 मुस्लिम हैं, बाकी हिंदू बच्चे हैं। स्कूल स्टाफ में 8 लोग तैनात हैं, इनमें 7 हिंदू हैं। यानी सिर्फ हेडमास्टर ही गैर हिंदू हैं। हमने सभी से बात की। एक नई कहानी सामने आई। ये पूरा मामला एक लोकल BJP नेता के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा। ये भी पता चला कि शिकायत होने के बाद एक्शन हो गया, लेकिन जांच अभी शुरू नहीं हुई है। जबरन नमाज पढ़वाने, राष्ट्रगान न करवाने जैसे आरोपों पर टीचर हैरान थे। यहां विवाद सामने आए- स्कूल कैंपस से सटी हुई जमीन बाउंड्रीवॉल की जद में आ रही थी। इसका विरोध एक खास वर्ग की तरफ से हो रहा था। जिन लोगों ने शिकायत की, वो उन्हीं के ग्रुप के बताए जा रहे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... ये मामला शुरू कहां से हुआ, ये जानिए BJP नेता ने कहा- बच्चे राष्ट्रगान गाते हैं, हेडमास्टर डांटते हैं...BJP के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने 30 जनवरी को BSA रतन कीर्ति को लेटर भेजा। आरोप लगाया कि स्कूल में हेडमास्टर जान मोहम्मद बच्चों को बहला-फुसलाकर इस्लाम धर्म के लिए प्रेरित करते हैं। बच्चों का ब्रेनवॉश करके उनसे नमाज पढ़वाते हैं। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करते हैं। स्कूल कैंपस में हेडमास्टर की मौजूदगी में बाहर से तब्लीगी जमात के लोग बुलाए जाते हैं। ये लगो बच्चों पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाते हैं। बच्चों को यह भी बताया जाता है कि दुनिया का सर्वोत्तम धर्म इस्लाम ही है। स्कूल में राष्ट्रगान नहीं कराया जाता। अगर बच्चे राष्ट्रगान गाने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें डांट दिया जाता था। खुद हेडमास्टर कभी राष्ट्रगान नहीं करते। जब दुर्गेश प्रधान से पूछा गया कि आपको ये सारे फैक्ट कैसे पता चले? क्या आप खुद वहां देखने गए थे? उन्होंने कहा कि मेरे पास गांव के ही लोग शिकायत लेकर आए थे। इसके बाद मैंने खंड शिक्षा अधिकारी को एक लेटर भेजा था। खंड शिक्षा अधिकारी ने लेटर BSA को भेजा। उसके बाद 31 जनवरी को हेडमास्टर जान मोहम्मद को सस्पेंड कर दिया गया। इस स्कूल को प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं, मांट के साथ संबद्ध कर दिया गया। BSA ने डिटेल जांच के लिए BEO छाता और BEO मांट की एक टीम बना दी है। ये टीम जांच के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। किसान बोले- यहां कभी राष्ट्रगान नहीं होताBJP नेता दुर्गेश प्रधान के पास खड़े किसान अमर सिंह ने बताया- मैं स्कूल गया था, वहां बच्चे खेलते दिखे। मैं टीचर्स से पूछा तो उन्होंने कहा कि क्या हमारे पास यही काम रह गया है। सरकार ने हमें और भी काम दिए हैं। इस स्कूल में मैं आता-जाता रहता हूं, कभी राष्ट्रगान होते नहीं सुना। यहां कभी जन-गण-मन नहीं होता, वंदे मातरम् नहीं होता। 26 जनवरी पर आया तो बच्चों की आवाज तक सुनाई नहीं दी। स्कूल के बच्चों की बात बच्ची ने कहा- यहां हिंदू-मुस्लिम जैसा कुछ नहीं इसके बाद हमारी टीम स्कूल पहुंची। गांव के लोग कैंपस में इकट्ठा हो चुके थे। पुलिस भी थी, स्कूल पढ़ने पहुंचे बच्चे क्लास छोड़कर बाहर आ गए थे। उन्हें ठीक से पता नहीं था कि पूरा मामला क्या है? क्लास-5 में पढ़ने वाली प्रियांशी से हमने कुछ सवाल किए। उसने कहा- सर ने कभी कुछ गलत नहीं पढ़ाया। वो बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। यहां हिंदू-मुस्लिम जैसी कोई बात नहीं होती थी। हर रोज राष्ट्रगान भी होता है। हमने राष्ट्रगान सुनाने के लिए कहा, तो प्रियांशी ने कैमरे पर राष्ट्रगान का कुछ हिस्सा भी सुनाया। बच्ची बोली- ये सब गलत बात, सर अच्छा पढ़ाते हैं...यहीं हमारी एक और बच्ची से मुलाकात हुई। हमने पूछा- सर कैसा पढ़ाते हैं? बच्ची कहती हैं- वो बहुत अच्छा पढ़ाते हैं, मैंने कभी नहीं सुना कि उन्होंने कहा हो कि हिंदू धर्म गलत है। न वो किसी के बारे में बात करते हैं। इसके बाद हमने बच्चों के पूरे ग्रुप से पूछा- सर कैसा पढ़ाते हैं। इस पर सभी ने मुस्कुराते हुए कहा कि सर, अच्छा पढ़ाते हैं। अब गांव के उन लोगों की बात, जिनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं… मैं भतीजों को छोड़ने आता हूं, हर रोज राष्ट्रगान होता हैकैंपस में बड़ी संख्या में पेरेंट्स भी पहुंचे थे। स्कूल से 300 मीटर दूर रहने वाले प्रवीण कुमार कहते हैं- सिर्फ राजनीतिक मामला है, ऐसा कुछ नहीं है। मेरे 2 बेटे इस स्कूल में पढ़ते हैं। इस स्कूल में रोजाना बच्चों को छोड़ने आता हूं। यहां राष्ट्रगान भी होता है, हर रोज क्लास भी होती है। महिला बोलीं- बच्चों के लिए भगवान हैं सरस्कूल के पास में रहने वाली महिला पूजा कहती हैं- मैं मंदिर गई थीं। वहां पता चला कि सर को सस्पेंड कर दिया गया है। यह सुनते ही मैं घर नहीं गई, सीधे यहां आ गई। मेरे बच्चे यहीं पढ़े हैं। सर ने पढ़ाया, जिसकी वजह से वो हमेशा 1st या 2nd आए। वह बच्चों के लिए भगवान हैं, उन्हें बदनाम किया जा रहा। किसान बोले- आरोपों से स्कूल का कोई लेना-देना नहींकिसान इंद्रपाल कहते है- मास्टर साहब का व्यवहार बहुत अच्छा है। मेरी बेटी-बेटा बीएससी कर रहे हैं। दोनों यहीं से पढ़े हुए हैं। इन आरोपों का स्कूल से कोई लेना-देना ही नहीं है। वो हिंदू-मुस्लिम नहीं करते। 26 जनवरी पर हम गांववालों को बुलाया जाता है। राष्ट्रगान होता है, बूंदी बांटी जाती है। संजय बोले- स्कूल में CCTV, सबकी निगरानी होती हैगांव के संजय पांडेय कहते हैं- ये सिर्फ राजनीतिक मामला है। मेरा घर इस स्कूल के पास में है। मेरे 2 भतीजे इस स्कूल में पढ़ते हैं। मैं रोज उन्हें छोड़ने स्कूल आता हूं। यहां रोज राष्ट्रगान होता है। अब आप देखिए कि शिकायत करने वाले कस्बे के हैं ही नहीं। वो तो बाहर के हैं। ये लोग गांव का माहौल खराब कर रहे। इस स्कूल में CCTV लगे हैं, इनकी हर हरकत की मानीटरिंग होती है। यहां कैसे नमाज करवाएंगे? स्कूल में बाउंड्री नहीं, हेडमास्टर बनवा रहे थे, यही झगड़े की जड़गांव में रहने वाले राजन कहते हैं- इस स्कूल में बाउंड्री नहीं है। आप लोग तो आते-जाते देख सकते हैं कि यहां क्या हो रहा? किसी को नमाज पढ़ते नहीं देखा। हेडमास्टर साहब, इस स्कूल की बाउंड्रीवाल बनवाने का प्रयास कर रहे थे। स्कूल के बगल वाली जमीन का कुछ हिस्से का विवाद चल रहा है। वो लोग वहां बाउंड्री नहीं बनाने दे रहे हैं। हमें लगता है कि इन्हीं लोगों ने बगल के गांव के लोगों से मिलकर शिकायत करवा दी। अब हेडमास्टर साहब सस्पेंड हो गए हैं। अब स्कूल स्टाफ की बात टीचर बोली- मैं 2014 से पढ़ा रही, हेडमास्टर मुझसे भी पहले से यहां तैनातबच्चों और पेरेंट्स की बात को समझते हुए हम स्कूल के अंदर पहुंचे। यहां एक टीचर खड़ी दिखी। उन्होंने बताया- मैं 2014 से स्कूल में पढ़ा रही हूं। हेडमास्टर मुस्लिम जरूर हैं, लेकिन उन्हें देखकर आप ये नहीं कह सकते। मेरी पोस्टिंग से पहले से वो यहां पर तैनात थे। टीचर कामना अग्रवाल ने बताया- सर ने कभी भेदभाव नहीं किया। खाना बांटना हो, स्कूल में बच्चे पढ़ाने हों या फिर सामाजिक क्षेत्र में काम करना, सभी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उनके बोलचाल, हाव-भाव और व्यवहार से लगता नहीं कि वह मुस्लिम हैं। वो तो घर के बड़े की तरह व्यवहार करते हैं। टीचर ने कहा- यहां SIR का भी एक विवाद हुआ, फिर सस्पेंशन ही आयासहायक अध्यापक लक्ष्मी ने बताया- वह हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं। कभी काम में देरी हो जाती थी, तो सर पहले हम लोगों को भेजते थे फिर खुद जाते थे। फिर लक्ष्मी ने दबी आवाज में बताया कि मैं SIR प्रक्रिया में लगी थी। मेरे पास ज्यादातर मुस्लिम वोटर हैं। कुछ लोग आए थे और फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति लगाने के लिए कहा। इस पर मैंने अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि अधिकतम 10 फॉर्म दिए जा सकते हैं। मैंने उन लोगों से यही कहा कि 10 फॉर्म लेकर जाइए। बाद में वह लोग पता नहीं क्या सोच बैठे? इसके बाद सीधे ये आरोप और हेडमास्टर के सस्पेंशन की खबर ही आई। लक्ष्मी ने कहा कि शिकायत करने वाले इस गांव के रहने वाले नहीं हैं। उन्हें इस स्कूल के हालात दिख रहे हैं। लेकिन, इस स्कूल के आसपास रहने वालों को कुछ पता नहीं है। आप सबसे बात करिए, कोई हेडमास्टर के खिलाफ नहीं बोलेगा। हेडमास्टर की बात पढ़िए आरोप लगाने वाले कौन, मैं जानता तक नहींहेडमास्टर जान मोहम्मद स्कूल में नहीं थे। सस्पेंड होने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई है। वो अपने परिवार के पास आगरा चले गए थे। हमने फोन पर उनसे मामले को समझने का प्रयास किया। वह कहते हैं- मैं नौहझील के गांव राम नगला का ही रहने वाला हूं। मेरी 2 बेटियां, 1 बेटा है। मुझे पता नहीं कि ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे? स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को एक जैसा ही समझता आया हूं। आरोप लगाने वाले कौन लोग हैं? उन्हें भी मैं जानता नहीं। तबीयत ठीक होने के बाद अधिकारियों के पास जाऊंगा। ---------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'ब्राह्मण सांसदों ने क्या घुंघरू पहन रखा है', बरेली सिटी मजिस्ट्रेट बोले- हालात सिविल वॉर जैसे 'क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं। ब्राह्मण सांसद-विधायकों से पूछना चाहता हूं- क्या बहन-बेटियों का सड़कों पर रेप होगा, तब भी चुप रहोगे। क्या घुंघरू पहन रखा है, कब बोलेंगे? प्रयागराज डीएम किसके लिए रोटी सेंक रहा था? क्या वह शंकराचार्य है?' यह बातें बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कही। पढ़ें पूरी खबर...
मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की गोरखपुर में हत्या की गई। उसकी जिंदगी में आया पहला प्यार ही मौत का कारण बना। मुंबई में जिस विजय के साथ वो लिव-इन में रही। वही विजय बेटे का बाप बनने के सिर्फ 1 साल बाद ही प्रिया से दूर हो गया। दोनों के बीच नाराजगी कुछ ऐसी हुई कि 9 साल तक दोनों ने एक-दूसरे की जिंदगी में झांका तक नहीं। इस बीच विजय की संध्या से शादी हुई और वो 2 बेटियों का पिता बना। 2022 में वो अपनी पत्नी और बेटियों को लेकर मुंबई शिफ्ट हो गया। दोनों बेटियों का नाम कॉन्वेंट स्कूल में लिखवाया। यहीं से उसकी जिंदगी में यूटर्न आया। इंस्टाग्राम पर 1 बार फिर उसकी मुलाकात अपने पहले प्यार प्रिया से हुई। दोनों मिलने लगे, साथ रहने भी लगे। अब प्रिया विजय पर 2 तरह के दबाव बनाने लगी। पहला- बेटे को बाप का नाम दो। दूसरा- बेटे का अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन कराओ। विजय को दुनिया के सामने 2 शादियां दिखाना गंवारा नहीं था। इसलिए वो प्रिया को 1680 Km दूर गोरखपुर लाया और बेरहमी से उसे मार डाला। इस बनती-बिगड़ती लव स्टोरी में न तो प्रिया के बेटे को हक मिल सका, न ही विजय ही पत्नी संध्या के साथ जिंदगी जी सकेगा। हत्या के वक्त उससे हुई कुछ गलतियों ने उसे कानून के फंदे में फंसा दिया। विजय, पत्नी संध्या और उसके ससुर को पुलिस ने जेल भेजा है। पढ़िए प्यार और मर्डर की कहानी… इंश्योरेंस ऑफिस में प्यार, फिर 1 साल का लिव-इन गोरखपुर के सहजनवां इलाके के माडर गांव का रहने वाला विजय कुमार साहनी पढ़ने में शुरू से ही तेज था। वह लंबे समय से मुंबई के चारकोप, कांदिवली में रह रहा था। वहीं से उसने पढ़ाई भी पूरी की थी। विजय ने हाईस्कूल और कॉमर्स से ग्रेजुएशन मुंबई में अपने बड़े भाई के पास रहकर किया। साल- 2012 में उसे HDFC लाइफ इंश्योरेंस में एजेंट की नौकरी मिल गई। वहां वेकेंसी ओपन हुई, तो प्रिया शेट्टी भी पहुंची। तब विजय साहनी से उसकी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों का अच्छा परिचय हो गया। एक महीने में ही दोनों बेहद नजदीक आ गए। विजय भी प्रिया की खूबसुरती का कायल हो चुका था। इसलिए उसने किराए का घर लिया। इसमें वह लिव-इन में प्रिया के साथ रहने लगा। एक साल तक दोनों खुशी-खुशी साथ रहे। इसी बीच प्रिया प्रेग्नेंट हो गई। तब विजय ने एक मंदिर में जाकर प्रिया से शादी कर ली। प्रिया विजय के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरने लगी थी। साल 2013 में प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। इस दौरान विजय भी साथ था। लेकिन, इसी बीच विजय के स्वभाव में बदलाव आने लगा था। उसका मन अब प्रिया से भर गया था। किसी भी तरह उससे दूरी बनाना चाहता था। दोनों के बीच छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे। एक दिन विजय घर छोड़कर चला गया। उसने कहीं और किराए पर घर ले लिया। परिचितों की सलाह देने पर उसने हमेशा के लिए प्रिया से पीछा छुड़ाने के लिए तलाक का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट से एक नोटिस प्रिया के पते पर भी गया। लेकिन, इससे पहले प्रिया उस किराए के घर से कहीं और जा चुकी थी। इसलिए तलाक की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। विजय के गोरखपुर लौटने और दूसरी शादी की कहानी 2 साल बाद विजय ने घर आकर संध्या से दूसरी शादी कीसाल- 2013 के बाद विजय का प्रिया से संपर्क नहीं हुआ। अब उसे लग रहा था कि वह हमेशा के लिए उसकी जिंदगी से जा चुकी है। वह 2014 में अपने गांव आया। यहां पर घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। 2015 में पीपीगंज की संध्या से उसकी शादी हुई। दोनों खुशी-खुशी साथ रहने लगे। विजय और संध्या की 2 बेटियां हुईं। इस दौरान विजय की नौकरी मुंबई में ही चल रही थी। इश्योरेंस सेक्टर में उसने अच्छी तरक्की की। धीरे-धीरे वह 1.5 लाख महीने की सैलरी तक पहुंच गया। 2019 में विजय गांव आया और यहीं से इश्योरेंस का काम करने लगा। 2022 में उसने तय किया कि संध्या और दोनों बेटियों के साथ दोबारा मुंबई जाएगा और वहीं रहेगा। फिर दोबारा मुंबई चला गया। यहां उसने दोनों बेटियों का एडमिशन कॉन्वेंट स्कूल में कराया। एक अच्छी कॉलोनी में घर किराए पर लिया। इस तरह से हैप्पी मैरिज लाइफ जीने लगा। पुराना प्यार प्रिया की लाइफ में वापसी, विजय पर बना दबाव बेटे के लिए विजय ने पैसा देना शुरू किया, फिर साथ रहने लगेऑफिस में एक दिन काम करते हुए विजय को इंस्टाग्राम पर प्रिया की एक रील नजर आई। उसने मैसेज करके प्रिया से हाल-चाल पूछा। यहीं से दोनों की दोबारा बातचीत शुरू हो गई। विजय को पता चला कि उसका बेटा 9 साल का हो चुका है। ये भी पता चला कि प्रिया की माली हालत ठीक नहीं। वह घर चलाने के लिए लोगों के घरों में खाना बनाती है। तब विजय ने अपने बेटे के लिए प्रिया को पैसा देना शुरू किया। प्रिया शराब बहुत पीती थी। इसलिए जल्द ही वह विजय को अपने घर भी बुलाने लगी। विजय और प्रिया दोनों घर में ही शराब पीते और साथ रहने लगे। ये सब धीरे-धीरे संध्या को पता चलने लगा, क्योंकि कई-कई दिन विजय घर लौटकर नहीं आता था। संध्या को विजय के मोबाइल से प्रिया के बारे में पता चला। विजय भी अब संध्या को धोखा नहीं देना चाहता था। इसलिए उसने दोनों महिलाओं की मुलाकात भी कराई। लेकिन, इससे हालात और बिगड़ गए। बच्चों के भविष्य से शुरू हुआ आखिरी टकरावपुलिस के मुताबिक, संध्या के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे थे, जबकि प्रिया का बेटा सरकारी स्कूल में था। बच्चों के हक और भविष्य को लेकर झगड़ा बढ़ गया। साल- 2025 में संध्या ने यह बात अपने पिता रामबिलास को बताई। इसके बाद सबने कहा कि ठीक है, तुम लोग वहां अकेले हो। एक काम करो, प्रिया को गोरखपुर लेकर आओ। यहीं पर परिवार बैठकर फैसला कर लेगा कि आगे करना क्या है? गोरखपुर बुलाकर रची गई हत्या की साजिशवारदात से 4 दिन पहले 26 जनवरी को तीनों ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। पहला दिन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिताया। अगले दिन बुढ़िया माई स्थान और गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए। फिर विजय ने संध्या और प्रिया के साथ होटल के कमरे में शराब पी। विजय 8 बोतल शराब लाया था। इसके बाद ऑटो से पीपीगंज सभी पहुंचे, यहां संध्या की ससुराल है। यहां ऑटो चालक से विवाद हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑटो को वहीं छोड़ दिया। संध्या ने अपने घर कॉल की, तो उसके पिता की स्कूटी परिवार का एक सदस्य उन लोगों को दे गया। स्टेशन रोड के CCTV में तीनों इसी स्कूटी पर जाते दिखे थे। रात करीब 10 बजे तीनों स्कूटी से सहजनवां की ओर निकले। रास्ते में नशे की हालत में प्रिया हंगामा करने लगी। इसी दौरान विजय और संध्या ने उसे घर न ले जाकर हत्या की योजना बना ली। सुनसान स्थान पर नशे में बेसुध प्रिया की गर्दन दबाकर हत्या कर दी। लेकिन, दोनों को डर था कि वो पकड़े जाएंगे। इसलिए विजय ने प्रिया के शरीर से वो सारी चीजें हटा दीं, जिससे उसकी पहचान हो सकती थी। यही वजह है, पुलिस को प्रिया की बॉडी न्यूड मिली थी। उसके चेहरे पर ईंट से 8 से 10 बार प्रहार किया, जिससे चेहरा बिगड़ जाए। इसके बाद विजय पत्नी के साथ ससुराल आ गया। दूसरे दिन सुबह उठकर विजय ने अपने चेहरे की दाढ़ी और सिर के बाल हटवा दिए। जिससे अगर CCTV में कहीं उसका चेहरा दिखे भी, तो पहचाना न जाए। अब अरेस्टिंग की कहानी ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को दिया पहला क्लूSP नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया- 30 जनवरी को पीपीगंज के बरघट्टा पुल के नीचे एक महिला की न्यूड लाश मिली थी। इसके बाद CCTV और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस की एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई। इसी बीच घटना वाली रात CCTV में एक स्कूटी पर 3 लोग जाते दिखे। संदिग्ध मानकर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई। पहला क्लू एक ऑटो वाले से मिला। जिसने मरने वाले साथ एक पुरुष और महिला को देखा था। यही क्लू धीरे-धीरे हमें विजय और संध्या तक लेकर गया। आखिरकार उन्होंने अरेस्टिंग के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें जेल भेजा गया है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें - गर्लफ्रेंड की हत्या कर टकला हो गया बॉयफ्रेंड, मुंबई से गोरखपुर लाया, चेहरा कूचा, न्यूड कर लाश फेंकी गोरखपुर में 30 जनवरी की सुबह मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की हत्या करके लाश फेंक दी गई। कातिल ने प्रिया के चेहरे पर ईंट से कई वार किए। उसे पूरी तरह न्यूड कर दिया था। जिससे जब भी पुलिस को बॉडी मिले, तो महिला की पहचान न हो सके। पढ़िए पूरी खबर…
राजस्थान क्राइम फाइल्स में आज जालोर का 17 वर्ष पुराना केस। जालोर रेलवे स्टेशन के पास एक घर में परिवार के चार लोग एक सुबह बेहोश हालत में मिले। इनमें से एक की मौत हो गई थी। यह बात आस-पड़ोस से दूर-दूर तक फैलते देर न लगी। परिवार को हॉस्पिटल ले जाया गया तो एक और मौत हो गई। परिवार के दो लोग दम तोड़ चुके थे और दो की हालत गंभीर थी। उन्हें पहले जोधपुर और फिर जयपुर रेफर किया गया। अफसोस उन दोनों को भी नहीं बचाया जा सका। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से शहर में दहशत का माहौल हो गया। अब सवाल यह था कि क्या ये सामूहिक आत्महत्या थी या हत्या? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 3 जुलाई 2007 को जालोर का एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ घर पर था। बारिश हो रही थी। व्यक्ति परिवार से कहता है कि वह अपने पैतृक गांव जाकर सुबह तक लौट आएगा। पत्नी सुबह खाना खिलाकर रवाना करती है। घर में दो बेटे और बेटी पिता से कहते हैं- सुबह जल्दी आ जाना। पिता गांव की ओर निकल जाता है। 4 जुलाई 2007 को पिता सुबह 8:30 बजे वापस लौटता है। डोर बेल बजाता है तो कोई दरवाजा नहीं खोलता। उसे अनहोनी की आशंका होती है। वह दरवाजा तोड़ देता है। घर में दाखिल होते ही उसके होश उड़ जाते हैं। घर में पूरा परिवार लहूलुहान मिलता है। वह चिल्ला कर आस-पड़ोस के लोगों को इकट्ठा करता है। लोग आकर परिवार के सदस्यों को संभालते हैं। पत्नी, बड़े बेटे और बेटी की सांसें चल रही होती हैं। इधर छोटा बेटा दम तोड़ चुका होता है। व्यक्ति को कुछ समझ नहीं आता कि उसके परिवार के साथ यह क्या हो गया। उसे लगता है कि किसी ने लूट के इरादे से हमला किया, लेकिन घर की स्थिति देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वारदात लूट के इरादे से की गई है। इधर पुलिस व एफएसएल की टीम घर पहुंचती है। घर में जो दृश्य दिखता है उससे पता चलता है कि पूरा परिवार रात में एक साथ खाना खाता है। खाने के बर्तन व एक टिफिन भी होता है। इधर जालोर के हॉस्पिटल में परिचित व पड़ोस के लोग पहुंचते हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान पत्नी की मौत हो जाती है। पहले बेटे और फिर पत्नी की मौत के बाद व्यक्ति पूरी तरह से टूट जाता है। सभी के दिमाग में यही सवाल उठता है कि रात में ऐसा क्या हो गया? पुलिस मौके से सबूत जुटाने में लग जाती है। एफएसएल टीम भी वहां से खाने व खून के सैंपल लेती है। परिवार की किसी से रंजिश नहीं थी। घर में कोई लूट नहीं हुई थी। ऐसे में किसी को समझ नहीं आ रहा था कि यह हत्या हुई क्यों? 3 जुलाई की रात को इस घर में हुआ क्या था? अस्पताल में भर्ती बड़े बेटे व बेटी की तबीयत बिगड़ने लगती है। उन दोनों को 5 जुलाई को पहले जोधपुर अस्पताल में भर्ती किया जाता है। हालत में सुधार नहीं होने पर 8 जुलाई को जयपुर एसएमएस अस्पताल ले जाया जाता है। जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल में बेटे को कुछ होश आता है। पुलिस बयान लेती है। बेटा जो कुछ बताता है वो सुनकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। बेटा ने बताया कि 3 जुलाई को रात 8 बजे डोर बेल बजी। दरवाजा खोला तो उनका एक परिचित गेट पर हाथ में टिफिन लिए खड़ा था। बोला- बारिश तेज है। मैं यहीं रुक जाता हूं। उसके लाए टिफिन से सभी ने खाना खाया। 10 बजे के करीब वह घर से निकला और रात 12 बजे लौटा। तब उसके हाथ में रबड़ी की कुल्फी थी। वह चार पैकट लाया। सभी ने खाए, लेकिन परिचित ने बोला कि वह खाकर आया है। कुल्फी खाते ही उसे बेहोशी छाने लगी और सभी बेहोश हो गए। उसे जब हल्का होश आया तो उसने देखा कि परिचित उसकी बहन पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा है। उसने रोकने की कोशिश की तो परचित ने उस पर भी वार किया, जिससे वह फिर बेहोश हो गया। उसके बाद उसे कुछ याद नहीं था। क्या उस परिचित ने ही परिवार के सदस्यों की हत्या की? ऐसा क्या कारण रहा जो इतनी निर्मम तरीके से पूरे परिवार की जान ले ली? कल राजस्थान क्राइम फाइल्स, पार्ट–2 में पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब…
'1991 की बात है। मैं कांशीराम साहब के साथ फतेहपुर के पुराने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में रुका था। एक बड़े कमरे में वह सोए, बगल के छोटे कमरे में मैं था। रात करीब 2 बजे नींद टूटी, तो उन्हें कमरे में टहलते और खांसते देखा। तबीयत के बारे में पूछा तो बोले- नींद नहीं आती। दवा की बात की तो कहा- दवा नहीं मिलेगी। फिर बोले- बैठ जा, पहले मर्ज तो समझ ले। हर रात मेरी 2 बजे आंख खुल जाती है। सारी रात इसी सोच में गुजर जाती है कि बाबा साहब अंबेडकर शोषित समाज को हुक्मरान नहीं बना पाए। क्या मैं अपनी जिंदगी में यह कर पाऊंगा या ऐसे ही चला जाऊंगा? यही मेरा मर्ज है। जाओ दवा ला सको तो लाओ। मैं भावुक हो गया। कहा, मेरी उम्र आपको लग जाए।' सियासत में अपना अलग मुकाम बना चुके और हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने यह बात दैनिक भास्कर से कही। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अचानक कांग्रेस क्यों छोड़ी? उनका अगला सियासी कदम क्या होगा? फौज की नौकरी छोड़कर राजनीति में कैसे आना हुआ? पढ़ें पूरा इंटरव्यू… सवाल: कांग्रेस में 8 साल रहे, अगला सियासी कदम क्या होगा?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: देखिए, मैंने जो कांग्रेस छोड़ी है, वह फैसला एक दिन का नहीं है। इस फैसले को लेकर लंबे वक्त से सोच रहा था। अपने लोगों से सलाह कर रहा था। जब 24 जनवरी को मैंने कांग्रेस छोड़ी, तो अकेला नहीं था। मेरे साथ 73 और लोग थे। बहुत से जिम्मेदार ऐसे थे, जो उस दिन नहीं थे। हम सभी से सलाह ले रहे हैं। इसके लिए मैं अलग-अलग जिलों में उनके पास जा रहा हूं। मैं सलाह ले रहा हूं कि मेरा अगला कदम क्या होना चाहिए? अगर किसी पार्टी में जाना है तो किस पार्टी में जाना है? इसके साथ अगर अपना संगठन बनाना है तो कैसे चलाना है? क्या करना है? इसके बाद मैं अपने पत्ते खोल दूंगा। सवाल : आपने बसपा से राजनीति शुरू की, क्या फिर बसपा में जाएंगे?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: नहीं, वहां जाने की कोई गुंजाइश नहीं। एक बार जहां से निकाला जा चुका हूं, वहां जाने का कोई मतलब नहीं। वैसे भी वहां जाने का मेरा कोई इरादा भी नहीं है। सवाल : आप स्पोर्ट्समैन थे, फिर फौज में रहे। राजनीति में कैसे आए?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: फौज में मेरा सिलेक्शन स्पोर्ट्स कोटे से हुआ था। नौकरी के दौरान मेरी माताजी को हार्ट अटैक पड़ा। वो कोमा में चली गईं। मैंने छुट्टी मांगी, लेकिन नहीं मिली। मैंने अपने अधिकारी से कहा कि मैं एक दिन में लौट आऊंगा। मैं मेरठ में तैनात था। उन्होंने कहा कि भाई छुट्टी नहीं मिल सकती। मैंने कहा, रास्ता बताइए क्या करूं? कैसे जाऊं? मेरी मां कोमा में हैं। बोले, रिजाइन दे दो और चले जाओ। बस रिजाइन दे दिया और चले आए। सवाल : फिर राजनीति में आप कैसे आए?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: मैं माताजी की अंतिम समय तक सेवा करता रहा। हम 8 भाई-एक बहन थे। तीन भाई एक बहन का इंतकाल हो चुका है। 1983-84 की बात होगी, तब मेरा कांशीराम साहब से परिचय हुआ। इसके बाद भी मैं राजनीति के लिए सीरियस नहीं था। अपने काम में लग गया। मैं कभी-कभी बसपा के प्रोग्रामों में चला जाता था, लेकिन सक्रिय बिल्कुल नहीं था। फिर 1989 से मैं सक्रिय हुआ। सवाल: आपको बसपा में मिनी सीएम कहा जाता था?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: 1991 में मैं एमएलए बना। कांशीराम साहब इटावा सीट से एमपी का बाय-इलेक्शन जीते थे। कांशीराम साहब ने सहारनपुर से साइकिल रैली निकाली। मैं भी उनके साथ था। हम लोग चलते-चलते फतेहपुर पहुंचे। पुराने जीटी रोड के सामने वाले पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस रुके थे। एक बड़े कमरे में कांशीराम साहब सो गए। उसके बगल में छोटे कमरे में मैं सो गया। रात लगभग 2 बजे मैं बाथरूम के लिए उठा। तो मुझे कांशीराम साहब के बार-बार खांसने की आवाज आ रही थी। काफी देर बैठा रहा। दिल नहीं माना तो दरवाजा खटखटा कर अंदर गया। कहा, साहब आपको नींद नहीं आ रही। वो बोले, हां मुझे नींद नहीं आ रही। मैंने कहा क्या तबीयत ठीक नहीं? बोले हां मेरी तबीयत ठीक नहीं। मैंने कहा, साहब दवा है तो खा लीजिए। बोले, दवा नहीं है। मैंने कहा तो मुझे बताइए मैं किसी डिस्पेंसरी में जाकर या किसी मेडिकल स्टोर में जाकर ढूंढ करके दवा लाता हूं। उन्होंने कहा कि दवा नहीं मिलेगी। मैंने कहा मैं ले आऊंगा। उन्होंने कहा, इधर आ-बैठ जा। पहले समझ ले मर्ज क्या है? फिर बोले, मेरा मर्ज यह है कि रोज रात में 2 बजे नींद टूट जाती है। फिर पूरी रात मुझे नींद नहीं आती। मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि जो ये शोषित और दबा-कुचला समाज है इसको हुक्मरान क्या मैं अपने जीते-जी बना पाऊंगा? क्योंकि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर पूरी जिंदगी लगे रहे और दुनिया छोड़कर चले गए, लेकिन हुक्मरान नहीं बना पाए। यह मेरा मर्ज है जा दवा मिले, तो ले आ। कांशीराम जी की बात से मैं इतना प्रभावित हुआ कि खड़े-खड़े आंसू निकल आए। इस घटना ने मेरे ऊपर गहरी छाप डाली। कांशीराम साहब इतना कर सकते हैं, तो अगर मैं उनका 1% कर लूं तो ये जो हमारा मिशन है, जिसको हम बहुजन समाज पार्टी कहते थे, वो कहां तक पहुंच सकता है। सवाल : बसपा के वोट प्रतिशत में लगातार गिरावट क्यों आती गई?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: बहुत-सी कमियां होती हैं। पब्लिक अपना टेस्ट भी बदलती है। कई बार इससे पहले हुआ था कि पहले सपा की सरकार, फिर बीच में भाजपा की सरकार बन गई। फिर सपा की बन गई। सपा के बाद हमारी (बसपा) बनी, जो 2003 तक रही। फिर मुलायम सिंह की सरकार 2003 से 2007 तक बन गई। 2007 में हमारी (बसपा) बन गई। मुझे इसकी एक-दो वजह नहीं, बल्कि कई वजहें लगती हैं। उन कमियों को, जब हम या कोई और सत्ता में रहता है, तब लोग नहीं बताते। सवाल : कांग्रेस में 8 साल रहे। उसका संगठन क्यों नहीं मजबूत हो पा रहा?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: अब मजबूत करने वाले कर रहे हैं। संगठन खड़ा करने का प्रयास भी हो रहा। असर नहीं दिख रहा तो सीधी-सी बात ये है कि चुनाव लड़ना कोई युद्ध नहीं। लेकिन ये दस्तूर रहा है कि एक ही रण कौशल से आप युद्ध करेंगे तो आप लगातार कामयाब हो सकते हैं। लेकिन, एक ना एक दिन हमारा विरोधी उसकी काट ढूंढ ही लेगा। इसीलिए हमें समय-समय पर अपने रण कौशल को चेंज करते रहना चाहिए। मैं समझता हूं कि हमारे विरोधी यानी कांग्रेस के विरोधी ने उसकी काट ढूंढ ली और आगे भी निकल गए। हमारा विरोधी (भाजपा) सांप्रदायिक मामलों को लेकर वोटबैंक की राजनीति करता है। सेकुलर दलों को उसकी काट ढूंढनी चाहिए थी। शायद हम अभी ढूंढ नहीं पाए। यह कमी रह गई, जो अभी पूरी हो सकती है। अभी तो यूपी विधानसभा चुनाव में एक साल से ज्यादा का वक्त है। सवाल: आप खुद की पार्टी बनाएंगे या किसी पार्टी में जाएंगे?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: दोनों संभावनाओं पर विचार चल रहा। हालांकि, मेरा उद्देश्य कांग्रेस को कमजोर करना नहीं है। मैं न तो कांग्रेस के किसी नेता के खिलाफ हूं और न ही पार्टी के खिलाफ हूं। पार्टी छोड़ देना अलग बात है, विरोध करना एक अलग बात। पूरे प्रदेश में हमारे लोग हैं, जो कह रहे हैं कि आप जो भी फैसला लेंगे उसके लिए हम तैयार हैं। अगर उन्होंने मेरे ऊपर विश्वास किया है, तो मेरी भी जिम्मेदारी है कि मैं उनके दिल की बात सुनूं। इसके लिए मैं लगातार अलग-अलग जिले में उनके बीच जा रहा हूं। 4 फरवरी के बाद मैं बता दूंगा कि मेरा अगला सियासी कदम क्या होगा? सवाल : भाजपा को हराने के लिए महागठबंधन में आप शामिल होंगे?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: भाजपा से मेरी दुश्मनी नहीं, उसकी विचारधारा से है। मेरी हर उस व्यक्ति, उस समाज, उस संगठन से बुराई है जो समाज को तोड़ने का काम करे। मैं तो भाईचारे की बात करता हूं। कोई भी धर्म जो मानवता की बात करता है। इंसानियत की बात करता है। व्यक्ति गलत हो सकता है। लेकिन उसको वोट की राजनीति से देखना, इसे लेकर मेरा विरोध है। सवाल : UGC, शंकराचार्य का अपमान, ब्राह्मण विधायकों की बैठक, इनको कैसे देखते हैं?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: देखिए जब बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो हिंदू-मुसलमान सभी ने माना। UGC मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया। हां, सरकार को कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए, जिससे किसी का अपमान हो। शंकराचार्य तो बहुत बड़ी बात हो गई। आजकल सांप्रदायिक ताकतों के इशारों पर एक ट्रेंड चल रहा। पहले मॉब लिंचिंग के नाम पर मुसलमानों पर अटैक हुआ, मस्जिदों में झंडे लग गए। इन्होंने सोचा कि हिंदू खुश हो जाएगा, लेकिन सब नहीं। मेरा मानना है कि 0.1% ही ऐसे लोग होते हैं, जो खुश होते होंगे। ऐसा सब समाज में होता है। पहले मुसलमानों को ठिकाने लगा दिया। अब ओबीसी का नंबर लगाया। अभी मेरठ का ताजा मामला है वहां मां-बेटी के साथ क्या हुआ? इससे पहले हाथरस में क्या हुआ था? सोनभद्र में क्या हुआ था? एक-दो नहीं, लाखों ऐसे मामले हैं। मुसलमानों के बाद ओबीसी फिर आदिवासी और दलित सभी की लाइन लगी है। मैं सीधा-सा कहता हूं कि इस देश के लिए सभी ने कुर्बानी दी है। देश एक तरीके का गुलदस्ता है। उसमें हर तरीके के फूल है। लेकिन ये जाति-संप्रदाय के नाम पर सबको ठोक रहे हैं। सवाल: भाजपा के अलावा कई पार्टियां सत्ता में रहीं, लेकिन मुस्लिमों की हालत नहीं सुधरी?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: एक शायर ने बहुत पहले लिखा था- खुदा उस कौम की कभी हालत नहीं बदलता जिसे ना खुद की फिक्र हो ना अपने हालत बदलने की। सियासी सुर में मुसलमान कहां है? यह कौम सियासत में है ही नहीं। राजनीति का मतलब गंदी राजनीति नहीं है। राजनीति का मतलब हिंदू-मुस्लिम के नाम पर वोट लेना भी नहीं है। राजनीति तो हमारे बड़े-बड़े पैगंबरों ने भी की। इस्लाम में दाखिल है राजनीति। मेरा मानना है कि बिना संघर्ष के कुछ नहीं होगा। किसी महापुरुष को उठा के देख लें। हमारे पीर-पैगंबरों को देख लें। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को देख लें। वो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम तब बने, जब 14 साल का वनवास पूरा किया। वनवास के लिए निकले थे, तो सिर्फ राजकुमार और दशरथ-पुत्र थे। अयोध्या के युवराज थे। 14 साल का वनवास काटा और इसके बाद रावण का वध किया। वहां असत्य पर सत्य की विजय की। जब लौट के आए तो मर्यादा पुरुषोत्तम बने। जब भगवान को भी ये सब करना पड़ा, पैगंबरों को करना पड़ा है। फिर बिना संघर्ष के कुछ नहीं मिला। मुझे एक भी काम बताओ, जो आराम से होता है। सवाल : वक्फ संशोधन बिल में सरकार को क्या सुधार करना चाहिए?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: मेरा मानना है कि सबका क्रम से नंबर लगा है। मैंने जैसे जाति वाइज बताया, वैसे ही ये वक्फ बिल भी है। अभी यूपी सरकार एक बिल लेकर आई है, जिसमें नजूल की जमीनों को छीनकर उद्योगपतियों को दिया जाएगा। वक्फ बिल सिर्फ उन जमीनों पर कब्जा करना है, जिसके बहुत से मालिकाना हक रखने वाले लोग पाकिस्तान चले गए। कुछ मरने से पहले मस्जिदों और कब्रिस्तानों के नाम दे गए थे। ये उस पर कब्जा करने की बुरी नीयत है। सारा कुछ तो आपने बेच डाला। रेलवे बेच डाला, सिविल एविएशन बेच डाला, ट्रांसपोर्ट बेच डाला, ऊर्जा बेच डाला। हर शहर में 80% लोग नजूल लैंड पर रह रहे हैं। वक्फ के बाद अब नजूल की भूमि पर नजर है। शहर की 80% आबादी वाली जगह खाली हो जाएगी। ये बारी-बारी से चल रहा। आखिर ये हिंदुस्तान के वासियों को रहने देंगे कि नहीं रहने देंगे? ये कौन-सी स्ट्रेटजी और कौन-सी चाल है? मेरा इनसे निवेदन है कि बाहर आओ भाई। गरीबों को रहने दो, मत करो ऐसा। सवाल: आप अनुभवी नेता हैं, 2027 में भाजपा की विदाई होगी या सत्ता में लौटेगी?नसीमुद्दीन सिद्दीकी: देखिए, मेरा बस चले तो मैं कल ही विदाई कर दूं। मजबूर हूं। अगर वो सुधर जाते हैं, तो बार-बार सत्ता में लौटें। विधानसभा का रिजल्ट मार्च- 2027 में आएगा और अभी फरवरी- 2026 चल रहा है। लगभग एक साल का वक्त है। चुनाव में किससे अलायंस होगा। कौन-सी पार्टी किसके साथ जाएगी। इसके बाद ही तस्वीर साफ होगी। मैं आज के हिसाब से कहूंगा। फिर उसके बाद समीकरण बदल गए तो…। इस कारण अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मंत्री स्वतंत्र से भिड़ने वाले विधायक बोले-अफसर झूठ बोल रहे, सड़कें टूटीं, गांवों में पानी भरा यूपी के महोबा से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत इन दिनों चर्चा में हैं। बृजभूषण ने 30 जनवरी को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोक लिया था। अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। पढ़ें पूरी खबर
मथुरा के थाना बल्देव क्षेत्र में 20 वर्षीय गौ रक्षक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल हुए गौ रक्षक को इलाज के लिए मथुरा के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गयी। युवक की मौत के बाद अस्पताल पर बड़ी संख्या में गौ रक्षक एकत्रित हो गए। जहां उन्होंने अपने साथी की मौत को हादसा न बताते हुए हत्या बताया। गौ रक्षकों का आरोप था कि उनके साथी की हत्या बिसावर गांव के प्रधान ने गाडी से कुचलकर की है। गौ रक्षकों की मांग पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बलदेव क्षेत्र में हुआ था हादसा मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में सोमवार की सुबह गांव जरौठा निवासी मनीष को अतरौनी चौकी के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में घायल मनीष को इलाज के लिए मथुरा के टॉउनशिप पर स्थित सिटी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां देर शाम मनीष की इलाज के दौरान मौत हो गयी। मनीष गौ रक्षक था और गौ वंश की रक्षा के लिए आवाज उठाने के साथ साथ गौ तस्करी रोकने में भी सक्रीय रहता था। बिसावर के प्रधान पर लगाया हत्या का आरोप मनीष की मौत के बाद अस्पताल पर बड़ी संख्या में गौ रक्षक एकत्रित हो गए। जहां उन्होंने मनीष की मौत को हादसा न बताते हुए हत्या बताया। अस्पताल पहुंचे गौ रक्षक पवन दुबे ने बताया कि मनीष की हत्या हाथरस के बिसावर गांव के प्रधान जगवेंद्र चौधरी ने की है। पवन दुबे का आरोप है कि जगवेंद्र ने स्कॉर्पियो गाडी से मनीष की कुचलकर हत्या की है। पिता ने पुलिस को दी तहरीर पुलिस को दी तहरीर में मनीष के पिता धाराजीत ने लिखा कि 30 जनवरी को उनका बेटा बिसावर में स्थित सरकारी गौशाला की बदहाली को लेकर अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा था। जहां प्रधान जगवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनीष और उसके साथियों को घेर लिया और जमकर मारपीट की थी। इसके बाद जब मनीष ने विरोध किया तो जगवेंद्र ने मनीष को 2 दिन में जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा जगवेंद्र ने फेसबुक पर लाइव कर भी धमकी दी। पिता का आरोप है कि जगवेंद्र ने ही उनके बेटे की हत्या की है। इसलिए लगा प्रधान पर आरोप 30 जनवरी को मनीष बिसावर गांव में स्थित गौशाला पर अपने साथियों के साथ पहुंचा। यहां गायों की हो रही दुर्दशा को लेकर वहां प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधान से मनीष की कहासुनी भी हुई। इसके साथ ही आरोप है कि प्रधान ने मनीष और उसके साथियों को बंधक बनाकर जमकर मारपीट की थी। गौ रक्षकों का आरोप है कि गौशाला की स्थिति को लेकर आवाज उठाई तो उनके साथ वहां पर हाथापाई की गई। जिसके बाद सभी गौ सेवक ने आवाज उठाई तो प्रधान के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज हुआ। लेकिन दबंग प्रधान ने मनीष की कार से कुचलकर हत्या कर दी। धमकी का वीडियो हुआ वायरल बिसावर गांव के प्रधान जगवेंद्र का वायरल वीडियो सामने आया। जिसमें वह कह रहे हैं कि 20 गुंडे गौशाला आये थे,यहां गौ पालकों से मारपीट की धमकाया। यह लोग और आसपास के कुछ लोग षड्यंत्र अच् रहे हैं। इनके पहुंचने पर हंगामा करने पर आसपास के लोग पहुंचे और गुंडों को जिस भाषा में जबाब दिया जाता है उस तरह जवाव दिया। विडिओ में प्रधान कह रहे हैं कि वह कमजोर नहीं है जूतों से मारेंगे। इसके साथ ही वह कहते हैं इनके जो सिफारिशी हैं उनको उसी भाषा में जबाब दिया जायेगा। वह साफ़ कहते हैं कि जगवेंद्र प्रधान न डरा है न डरेगा। विडिओ में वह कहते हैं कि अगर किसी गौपालक को उंगली भी लग गयी तो प्रशासन बाद में जबाब देगा पहले जवाव देने में हम सक्षम हैं। जांच में जुटी पुलिस मनीष की मौत के बाद पुलिस अस्पताल पहुंच गयी। थाना बल्देव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिता से तहरीर लेने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उस गाडी की तलाश में जुट गयी है जिसने टक्कर मारी थी।
इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड क्लीन चिट मिलने के पांच साल बाद फिर भारत के रक्षा क्षेत्र में एंट्री करने जा रही है। यह वही कंपनी है जिसका नाम बहुचर्चित VVIP हेलिकॉप्टर कांड से जुड़ा था। इसने करीब एक दशक तक भारतीय राजनीति को झकझोर दिया था। अगस्ता की पैतृक कंपनी लियोनार्डो के साथ अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की डील को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अडाणी ग्रुप के अनुसार इसकी औपचारिक घोषणा मंगलवार को होगी। लियोनार्डो कभी फिनमैकेनिका के नाम से जानी जाती थी। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला ₹3,600 करोड़ का एक VVIP हेलिकॉप्टर खरीद घोटाला है। इसमें कंपनी पर 12 एडब्ल्यू-101 (AW-101) हेलिकॉप्टर की खरीद में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और बिचौलियों को लगभग ₹423 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। भारत ने 2014 में इस सौदे को औपचारिक रूप से रद्द करने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। सबूतों के अभाव में पहले इटली की अदालत ने और बाद में नवंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट दे दी थी। UPA सरकार के दौरान हुआ अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला यह सौदा 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान इटली की कंपनी फिनमेकेनिका की सहायक कंपनी 'अगस्ता वेस्टलैंड' के साथ हुआ था। 2013 में इटली की जांच एजेंसियों ने रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच शुरू की। सौदे में बिचौलियों की भूमिका सामने आई। मामला CBI को सौंपा गया और नौबत यह भी आई कि सौदे के समय वायु सेना प्रमुख रहे एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी और कुछ अन्य लोगों को जेल भी जाना पड़ा। इधर, CBI का केस चलता रहा। रक्षा मंत्रालय ने इस केस से जुड़ी भारतीय कंपनी डेफसिस प्राइवेट लिमिटेड पर पिछले साल जून में प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई थी। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के आदेश को निरस्त कर दिया। 6 जनवरी 2026: SC बोला- अमीर लोग कानून को चुनौती देने लगते हैं बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कंपनी के खिलाफ केंद्र की याचिका खारिज की और कहा कि ताजा सबूतों के अभाव में प्रतिबंध को बढ़ाना सही नहीं है। हालांकि, 6 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले में आरोपी वकील गौतम खेतान की याचिका खारिज कर दी। खेतान ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की एक धारा को चुनौती दी थी। कोर्ट ने इसे ट्रायल से बचने की कोशिश बताया और कहा- यह नया चलन बन गया है कि अमीर आरोपी ट्रायल का सामना करने के बजाय कानून की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने लगते हैं। सियाचिन में सेना के लिए है हेलिकॉप्टरों की जरूरत सियाचिन में सैनिकों को रसद पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की जरूरत है। रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए 120 और वायु सेना के लिए 80 हेलिकॉप्टर की खरीद को मंजूरी दी थी। इससे पहले, जनवरी 2014 में सौदे के तीन हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति हुई थी, पर कोर्ट केस के कारण उन्हें बोरे में लपेट कर रख दिया गया। ------------------------------ रक्षा सौदे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 114 राफेल जेट खरीदेगा भारत: मेक इन इंडिया के तहत बनेंगे; रक्षा मंत्रालय की कमेटी की मंजूरी, PM मोदी-मैक्रों बैठक में डील फाइनल होगी नौसेना को पनडुब्बी मारने वाला आधुनिक हथियार मिलेगा: सेना को नई राइफल; ₹4,666 करोड़ खर्च होंगे, लगातार दूसरे दिन बड़ा रक्षा सौदा
नमस्कार, कल की बड़ी खबर संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण की रही। उन्होंने कहा कि चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे, तब 56 इंच की छाती को क्या हुआ था। दूसरी बड़ी खबर अमेरिका के टैरिफ घटाने को लेकर रही, जिस पर PM मोदी ने खुशी जताई। हम आपको यह भी बताएंगे कि संसद में अखिलेश यादव का माइक क्यों बंद करा दिया गया। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका; स्पीकर ने माइक बंद कराया संसद में राहुल गांधी ने कहा कि 2020 में 4 चीनी टैंक लद्दाख सीमा पर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। वे भारत की धरती से 100 मीटर ही दूर थे। जब चीन सामने खड़ा था तो 56 इंच की छाती का क्या हुआ था। राहुल ने ये बातें पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की बुक का हवाला देते हुए कही हैं, जो अभी तक पब्लिश नहीं हुई है। शाह-राजनाथ गुस्सा हुए: राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका और स्पीकर ओम बिरला ने माइक बंद कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि 'अगर ये बातें प्रकाशित नहीं हुईं तो इसका जिक्र क्यों कर रहे हैं।' वहीं, शाह ने गुस्से में कहा कि नरवणे जी ने ऐसा नहीं कहा है। मैगजीन तो कुछ भी लिख सकता है। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल से पूछा कि देश को नीचा दिखाकर आपको क्या फायदा मिलेगा। कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए: कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए। इसमें नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक के हवाले से 2020 में लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने हालात का जिक्र है। मैगजीन में दावा किया गया है कि चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। भारतीय सैनिकों ने एक गोला दागा, लेकिन चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे। ये बात PM मोदी तक पहुंची तो उन्होंने निर्देश दिया कि जो उचित समझो, वो करो। उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था और पूरी जिम्मेदारी सेना पर थी। पढ़ें पूरी खबर... 2. अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया; ट्रम्प बोले- मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करेंगे अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25% रेसिप्रोकल टैरिफ को 7% घटाकर 18% कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसकी जानकारी दी। ट्रम्प ने यह भी कहा कि पीएम मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करके अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने पर राजी हो गए हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा- यह जानकार खुशी हुई कि अब मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटकर 18% हो जाएगाा। अमेरिका ने दो बार टैरिफ लगाया था: पहली बार 1 अगस्त 2025 को व्यापार घाटे को लेकर 25% टैरिफ लगाया गया। इसके बाद 27 अगस्त को रूस से तेल खरीदने की वजह से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था। कुल 50% था, जो घटकर 43% रह गया। ट्रम्प-मोदी की फोन पर बातचीत हुई: अमेरिका के टैरिफ घटाने के ऐलान से पहले PM मोदी और ट्रम्प की फोन पर बातचीत हुई थी। मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। पढ़ें पूरी खबर... 3. लोकसभा स्पीकर ने अखिलेश का माइक बंद कराया, राहुल के समर्थन में बोल रहे थे लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का माइक बंद करा दिया। अखिलेश नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में खड़े हुए थे। उन्होंने कहा- चीन का मुद्दा बहुत सेंसेटिव है। अगर देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है तो राहुल गांधी को पढ़ने देना चाहिए। इसी दरम्यान अखिलेश यादव का माइक बंद कर दिया गया। चीन ने पहले ही हमारी जमीनों पर कब्जा किया: अखिलेश ने कहा- मुझे याद है कि डॉ. राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फ़र्नांडिस और नेता जी (मुलायम सिंह यादव) हमेशा ये बात जताते रहे हैं कि हमें हमेशा चीन से सावधान रहना है। अगर हम चीन से सावधान नहीं रहेंगे तो चीन ने पहले ही हमारी जमीनों पर कब्जा किया है। पढ़ें पूरी खबर… 4. ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं, बोलीं- ऐसा झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने SIR के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए, लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। ममता ने CEC को अहंकारी बताया: मुलाकात के बाद ममता ने कहा, 'मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। वो भाजपा के दलाल हैं।' ममता ने आगे कहा कि वे SIR के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो वो लड़ेंगी। बंगाल में 58 लाख लोगों के नाम कटे: चुनाव आयोग ने 19 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल में हुए SIR की नई वोटर लिस्ट जारी की। ड्राफ्ट रोल के बाद कुल मतदाता 7.08 करोड़ हैं। पहले 7.66 करोड़ थे। कुल 58 लाख 20 हजार से ज्यादा नाम काटे गए हैं। पढ़ें पूरी खबर... 6. सरकार बोली- वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे, वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक जहर उगलते हैं और लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सीधा खतरा दिखता है। बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने से माहौल खराब होगा। उनकी गिरफ्तारी का फैसला सही है। वांगुचक पर हिंसा भड़काने के आरोप: लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। पढ़ें पूरी खबर... 7. सूरत में सैफ को लव-जिहादी बताकर काले झंडे दिखाए, हिंदू संगठनों ने विरोध किया गुजरात के सूरत में हिंदू संगठन ने सैफ अली खान के खिलाफ लव जिहादी के नारे लगाए। सैफ गुजरात में हो रही इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग में अपनी टीम को स्पोर्ट करने पत्नी करीना और बेटों के साथ पहुंचे थे। वो जब स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'लव जिहादी है' के नारे लगाते हुए काले झंडे लहराए। घटना के वीडियो वायरल: मैच खत्म होने के बाद जैसे ही ये सैफ और करीना बाहर आए, तभी उनके साथ ये घटना हुई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सैफ को सुरक्षित निकालकर होटल तक पहुंचा दिया। पढ़ें पूरी खबर… 8. ब्रिटिश प्रिंस ने एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजी, बेटी ने पिता से रिश्ता तोड़ा ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है, जिसे जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को जारी किया था। एंड्रयू ने कुल 4 तस्वीरें भेजीं थीं, जिसमें दो तस्वीरें उनकी बेटी प्रिंसेस बीट्रिस और यूजिनी की थी। हालांकि, प्रिंसेस यूजिनी ने 18 जनवरी को अपने पिता एंड्रयू से रिश्ता तोड़ दिया था। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी करता था और उनका यौन शोषण करता था। वो पार्टियां करता था और इसमें बड़े-बड़े नेताओं और सेलिब्रेटीज को बुलाता था, जहां नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण होता था। इसमें ट्रम्प, बिल गेट्स समेत दुनियाभर के कई बड़े नेताओं के नाम आए हैं। 2019 में एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी। लेकिन उसकी फाइल्स अब खुल रही हैं। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… इंटरनेशनल: लंदन में एअर इंडिया ड्रीमलाइनर के फ्यूल स्विच में खराबी: पायलट बोला- 2 बार स्विच बंद हुआ; 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लड़कियों पर सिगरेट का धुआं फूंक रहा था युवक (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: अंडरवियर में महिला के साथ नजर आए पूर्व ब्रिटिश राजदूत: एपस्टीन फाइल्स में सामने आई तस्वीर; PM स्टार्मर की पार्टी से इस्तीफा दिया, कहा- शर्मिंदगी नहीं देना चाहता (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शराब के साथ चखना न मिलने से नाराज हुआ चोर राजस्थान के जैसलमेर में एक सरकारी इंजीनियर के क्वार्टर में चोर घुसे। चोरी के दौरान उन्हें महंगी शराब की बोतल मिली तो वे घर में ही बैठकर इसे पीने लगे। चखना न मिलने पर नाराज होकर कागज पर नोट छोड़ गया कि शराब रखते हो तो आलू-चिप्स भी रखा करो। चोर लेपटॉप, कपड़े, टीवी और परफ्यूम लेकर फरार हो गए। जाते-जाते दीवार पर लिपस्टिक से 'सॉरी' लिख गए। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… पाकिस्तान पर बॉयकॉट का असर क्या होगा: ग्रुप-स्टेज में ही बाहर होने का खतरा, ICC बैन लगा सकता है; भविष्य में मेजबानी मिलनी मुश्किल मंडे मेगा स्टोरी: ट्रम्प दुनिया का $6.7 लाख करोड़ जब्त कर सकते हैं: क्या इसलिए अंधाधुंध सोना खरीद रहे देश, दुनिया में अंदरखाने क्यों मची इतनी उथल-पुथल आज का एक्सप्लेनर: बलूच विद्रोहियों का पाकिस्तान में सबसे बड़ा हमला, महिलाओं को सुसाइड बॉम्बर क्यों बना रहे, चीन-अमेरिका पर भी इसका असर जरूरत की खबर- क्या फ्रोजन मटर खाना अच्छा है?: न्यूट्रिशनिस्ट से जानें यूज करने का सही तरीका, खरीदते हुए बरतें ये 6 सावधानियां ग्राउंड रिपोर्ट: सेंट्रल विस्टा जैसी बनेगी ओडिशा विधानसभा, 3600 करोड़ बजट: 100 साल की तैयारी, 300 विधायकों के लिए जगह, लेकिन क्यों हो रहा विवाद फिजिकल हेल्थ- सिगरेट छोड़ दीजिए, मेमोरी अच्छी हो जाएगी: 45 साल के बाद छोड़ना भी फायदेमंद, स्मोकिंग से होतीं 10 बड़ी बीमारियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें… ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों को मार्केटिंग से फायदा मिल सकता है। तुला राशि वालों को प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
चरित्र शंका में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को जिला कोर्ट ने उम्र कैद से दंडित किया है। खास बात यह कि केस में उसकी दोनों मासूम बेटियों और फोरेंसिक एक्सपर्ट की गवाही अहम रही। इस कारण आरोपी को सजा हुई। चूंकि पिता को उम्र कैद हुई है और मां भी इस दुनिया में नहीं है को देखते हुए कोर्ट ने दोनों बच्चियों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर भी निर्देश दिए हैं। आरोपी का नाम भारत पटेल (48) निवासी जवाहर टेकरी है। घटना 19 मई 2024 की रात 9 बजे भारत के घर में ही हुई थी। भारत का पत्नी रचना उर्फ लक्ष्मी से घर से बिना पूछे इधर-उधर जाने की बात पर विवाद हुआ। दरअसल वह उस पर शंका करता था। इस दौरान विवाद बढ़ा और भारत ने उसकी लात-मुक्कों से पिटाई शुरू कर दी। इस पर उसकी बेटियों डॉली (13) और कृष्णा (12) ने पिता को रोका तो भारत ने कहा कि तुम दोनों हमेशा मां का ही पक्ष लेती हो और लोहे की मूसली से पत्नी की पिटाई करता रहा। इस दौरान दोनों बेटियां रोकर गुहार करती रही कि मां को छोड़ दो लेकिन वह नहीं माना और पीटता रहा। दोनों बेटियों ने अपने मामा कैलाश को फोन लगाकर बुलाया। वे पहुंचे तब तक रचना मरणासन्न हो गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित किया गया। मामले में चंदन नगर पुलिस ने भारत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस ने 22 अगस्त 2024 को कोर्ट में चालान पेश किया। इसमें फरियादी बड़ी बेटी डॉली की ओर से रिपोर्ट की गई थी। सुनवाई में डॉली, छोटी बेटी कृष्णा, मामा कैलाश, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. भरत वाजपेयी सहित 10 लोगों की गवाही हुई। इसके साथ ही परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के रूप में मूसली, चप्पल, कपड़े जब्त कर सबूत के रूप में थे। इसमें दोनों बेटियों ने कोर्ट में पूरा घटनाक्रम बयां किया कि किस तरह पिता ने मां की पिटाई की थी जिससे उसकी मौत हो गई। केस में फोरेंसिक डॉ. भरत वाजपेयी की गवाही भी खास रही। उन्होंने कोर्ट को बताया कि किस तरह घातक हमले से रचना की सीने की मांसपेशियां चोटिल होकर पसलियां टूटी। इसके साथ ही फेफड़ा भी फटा हुआ था। ज्यादा ब्लीडिंग भी हुई थी। यही कारण रचना की मौत का कारण बने। यह भी स्पष्ट किया कि उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी और पूरी तरह स्वस्थ थी। करीब डेढ़ साल तक कोर्ट में सुनवाई चली। 30 जनवरी को कोर्ट ने आरोपी भारत को पत्नी रचना की हत्या में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में है। मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में उल्लेख किया कि यह अत्यन्त विडम्बनापूर्ण स्थिति है कि दोनों नाबालिग बच्चियों की मां की मौत हो चुकी है और पिता को आजीवन कारावास हुआ है। कोर्ट ने जिला प्रतिकर निर्धारण समिति (इंदौर) को दोनों बच्चियों के पुनर्वास के तहत दोनों के लिए मुआवजा के लिए पत्र लिखने के भी निर्देश दिए हैं। अभियोजन की ओर से पैरवी योगेश जायसवाल (एजीपी) ने की।
गंदे पानी की समस्या है तो आज यहां करें शिकायत:उज्जैन में 9 स्थानों पर होगी जल सुनवाई,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार महापौर मुकेश टटवाल एवं निगम अध्यक्ष कलावती यादव के निर्देशानुसार नागरिकों की पेयजल संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु मंगलवार 03 फरवरी को शहर के 09 स्थलों पर जल सुनवाई होगी। शहर में गुदरी टंकी, चार धाम टंकी, रवि शंकर टंकी, नागझिरी टंकी, सुभाष नगर टंकी, पार्श्वनाथ टंकी, बसंत विहार टंकी, देवास गेट टंकी नगर निगम मुख्यालय, कलेक्ट्रेट भवन पर जल सुनवाई का आयोजन प्रातः 11 बजे से दोपहर 01.30 बजे तक किया जाएगा। जल कार्य एवं सीवरेज समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा द्वारा बताया गया कि मंगलवार से शहरवासियों की पेयजल से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु जल सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पीएचई विभाग के अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे। जल सुनवाई में निम्नलिखित समस्याओं का निवारण किया जाएगा।
राजस्थान में एक बार फिर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आज राजस्थान के 7 जिलों में आज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 17 जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। अधिकतर जिलों में मौसम साफ रहने के साथ धूप निकली, जिससे लोगों को तेज सर्दी से राहत रही। इधर पूर्वी राजस्थान के करौली, भरतपुर के अलावा गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू के एरिया में कोहरा रहा। जबकि कोटा, बूंदी, बारां के एरिया में धुंध और बादल रहे। सीकर, पिलानी, फतेहपुर में कोहरे के साथ हल्की सर्द हवाएं चलने से दिन में ठंडक रही और धूप कमजोर रही, जिससे यहां अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज हुई। पाली में सबसे कम तापमान राज्य में सोमवार को सर्दी का असर सुबह-शाम थोड़ा कम रहा। सबसे ज्यादा ठंडा इलाका पाली रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शेष सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज हुआ।
कस्बे के नानसा गेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में गोल्ड लोन स्कैम सामने आया है। बैंक मैनेजर ने ग्राहकों के असली सोने की जगह नकली सोना रखकर चार किलो से अधिक सोना गायब कर दिया। इस संबंध में बैंक मैनेजर सहित तीन के खिलाफ फर्जीवाड़े का केस दर्ज कराया गया है। मामला सामने आने के बाद बैंक शाखा के पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है। स्कैम का खुलासा होते ही गोल्ड लोन ग्राहकों में हड़कंप मच गया है। लोग अपने गिरवी रखे सोने की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। पुलिस के अनुसार वर्तमान बैंक मैनेजर मुकेश कुमार सिहाग ने पूर्व मैनेजर अमित जांगिड़, उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी व बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। गोल्ड लोन प्रक्रिया के दौरान बैंक में जमा करवाई गई सोने की ज्वैलरी के पैकेट्स से छेड़छाड़ की गई। उनमें असली सोने की ज्वैलरी की जगह नकली ज्वैलरी रख दी गई और असली ज्वैलरी गायब कर दी गई। बैंक में करीब गोल्ड लोन लेने वालों के करीब 450 पैकेट्स स्ट्रांग रूम की गोल्ड सेफ में जमा थे। इनमें से करीब 250 पैकेट के साथ छेड़खानी की गई। हालांकि फिलहाल 73 पैकेट्स में नकली सोना मिला है। बाकी पैकेट्स की जांच की जा रही है। इन 73 पैकेट्स में 4 किलो 198 ग्राम नकली सोने के जेवरात मिले हैं। इनकी कीमत साढ़े छह करोड़ से अधिक है। पुलिस ने तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार जांगिड़ निवासी सीथल (गुढ़ागौड़जी), बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी निवासी बाजीवाली ढाणी झाझड़ (नवलगढ़) व उप प्रबंधक अनंतप्रकाश चौधरी निवासी मुकुंदगढ़ (नवलगढ़) के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी करतूत बैंक प्रबंधन की जांच के दौरान शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में 21 जनवरी को शाम करीब 6:50 बजे तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार जांगिड़ व बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी स्वर्ण आभूषणों को बॉक्स में भरकर बैंक शाखा से बाहर जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद 22 जनवरी को शाम 6:30 बजे दोनों को स्ट्रांग रूम स्थित गोल्ड सेफ में रखे स्वर्ण पैकेट्स से छेड़छाड़ करते हुए देखा गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। गोल्ड लोन स्कैम ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
करनाल के घरौंडा में एक युवक पर घर में खेल रही तीन साल की बच्ची के साथ गलत हरकत के आरोप लगे है। आरोपी ने जबरन घर में घुसकर बच्ची को गोद में उठाया और उसको गलत तरीके से टच किया। परिवार द्वारा विरोध करने पर बच्ची की मां और नानी को जान से मारने की धमकी दी और बच्ची को धक्का देकर फरार हो गया। धक्का लगने से बच्ची फर्श पर गिरी और घायल हो गई। शिकायत के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले से करता था रेकी, मोहल्ले में फैलाता था गलत बातेंशिकायतकर्ता महिला ने शिकायत में बताया है कि भिवानी का रहने वाला आरोपी दिनेश पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। अगस्त और सितंबर 2025 में वह उनके पिता की फोटो दिखाकर मोहल्ले में घूमता रहा और परिवार को लेकर उल्टी-सीधी बातें करता था। मोहल्ले के लोगों ने इसकी जानकारी परिवार को दी थी। 12 जनवरी की शाम जबरन घर में घुसा आरोपी शिकायतकर्ता ने बताया कि बीती 12 जनवरी की शाम आरोपी फिर उनके घर आया। घर का दरवाजा खुला देखकर वह जबरन अंदर घुस गया। दरवाजे पर उनकी तीन साल की बेटी खेल रही थी। आरोपी ने बच्ची को गंदे तरीके से छुआ और गोद में उठा लिया। आवाज सुनकर मां और नानी पहुंचीं, दी जान से मारने की धमकीबच्ची की आवाज सुनकर महिला और उनकी मां दरवाजे की तरफ दौड़ीं। उन्होंने देखा कि आरोपी बच्ची को गोद में उठाए हुए है। उन्हें देखकर आरोपी धमकाने लगा कि वह सबको जान से मार देगा और बच्ची को उठा ले जाएगा। इसके बाद आरोपी बच्ची को धक्का देकर मौके से फरार हो गया। गिरने से बच्ची घायल, मुंह से बहने लगा खूनधक्का लगने से बच्ची फर्श पर गिर गई। उसके दांत होठ पर लगने से मुंह में गंभीर चोट आई और पूरा मुंह खून से भर गया। परिवार सदमे में आ गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके घर में छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं, ऐसे में उन्हें लगातार जान का खतरा बना हुआ है। पहले दी थी थाना घरौंडा में अर्जी, नहीं हुई कार्रवाईपीड़िता की मां ने 17 जनवरी को थाना घरौंडा के एसएचओ को भी शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी करनाल के समक्ष पहुंचा। कमेटी के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज किया केसचाइल्ड वेलफेयर कमेटी करनाल ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद घरौंडा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
डकैतों के लिए कुख्यात चंबल अब लुटेरी दुल्हनों के लिए चर्चित हो रहा है। पिछले कुछ समय से यहां नोटरी पर शादियां कराई जा रही हैं। इसके बाद गैंग के सदस्य दुल्हन का अपहरण कर लेते हैं। कुछ मामलों में दुल्हन खुद भी फरार हो जाती है। 21 जनवरी को ऐसा ही एक मामला सामने आया। ग्वालियर का एक कारोबारी परिवार बेटे की शादी कर दुल्हन को घर ले जा रहा था। तभी दाल बाजार में कार रुकवाकर कुछ युवकों ने हंगामा किया और कुछ ही देर में दुल्हन का अपहरण कर फरार हो गए। मामले की जांच शुरू हुई तो पूरे रैकेट की परतें खुलती चली गईं। ग्वालियर में सात सदस्यीय गैंग इस तरह कुंवारों को जाल में फंसाकर रुपये और गहने ऐंठ रहा था। इस गैंग ने एक ठेकेदार के मानसिक दिव्यांग बेटे की शादी के लिए सुंदर दुल्हन का दो लाख रुपए में इंतजाम कराया था। नोटरी पर शादी के बाद जब परिवार दुल्हन को लेकर घर जा रहा था, तभी बाइक और एक्टिवा सवार युवक दुल्हन के रिश्तेदार बनकर आए और उसे जबरन ले भागे। इस घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया। पुलिस ने खुलासा किया कि सात सदस्यीय गैंग ने इसी तरह की वारदातें ग्वालियर से पहले श्योपुर के विजयपुर और पन्ना जिले में भी की हैं। दुल्हन के लिए गैंग अपनी गर्लफ्रेंड और उसकी सहेलियों का इस्तेमाल करता था। पढ़िए… कॉन्ट्रेक्टर ने मानसिक दिव्यांग बेटे के लिए खरीदी दुल्हन ग्वालियर के शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर कॉन्ट्रेक्टर हैं। उनके बेटे अस्मित की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। जिसके कारण उसकी शादी नहीं हो रही थी। बेटे अस्मित की शादी के लिए उन्होंने कई परिचित से कह रखा था। बेटे के शादी के लिए उनके परिचित राकेश शर्मा ने जौरा निवासी बंटी धाकड़ से मुरैना के पचोखरा में मुलाकात कराई थी। इस दौरान बंटी ने कहा कि उसका एक रिश्तेदार है। वह दो लाख रुपए में शादी की डील करा देगा। सारी बात हुई और दो लाख रुपए देकर शादी की बात तय हो गई। 21 जनवरी को बंटी धाकड़ ने हजीरा स्थित गार्डन में दो लाख रुपए ले लिए। रुपए लेने के बाद बंटी धाकड़ 22 जनवरी को दुल्हन पूनम गौड़ निवासी हजीरा को शादी कराने के लिए लेकर आया था। इससे पहले इदरगंज में शादी की नोटरी भी कराई गई। बीच बाजार वारदात की, खुल गया गैंग का राज नोटरी पर शादी के बाद ठेकेदार महेंद्र अपने बेटे और नई बहू को कार से घर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान दाल बाजार में एक बाइक और एक्टिवा पर सवार होकर आए पांच युवकों ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। सभी मुंह बांधे हुए थे। उन्होंने जमकर हंगामा किया। कार के कांच तोड़ दिए। जबरन कार का गेट खुलवा कर युवती का अपहरण कर ले गए। उन्होंने दुल्हन बनी पूनम से वादा किया था कि उसे एक दिन भी दूल्हे के साथ नहीं गुजारने देंगे। लेकिन, गैंग से चूक यह हो गई कि उन्होंने पहली बार बीच बाजार ऐसी वारदात की। पूरी घटना बाजार में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। कड़ियां जोड़ते हुए इस गैंग तक पहुंच गई। मामले में 2 युवतियों समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्वालियर, श्योपुर, पन्ना में की वारदातें… कल्याणपुर में नोटरी पर कराई शादी केस 1: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के कल्याणपुर में 11 अगस्त 2024 को इसी गैंग ने एक कारोबारी के बेटे से रूचि नाम की युवती से नोटरी पर शादी कराई थी। वहां शादी कराने के लिए गैंग के सरगना बंटी धाकड़ ने तीन लाख रुपए लिए थे। कारोबारी के बेटे की शादी नहीं हो रही थी इसलिए उसने नोटरी पर शादी कराई थी। शादी के चार दिन बाद सारे गहने-कैश समेटकर दुल्हन भाग गई, लेकिन कारोबारी का परिवार बड़ा था। सभी ने बिना पुलिस को सूचना दिए लुटेरी दुल्हन की घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया। इसके बाद दोनों ने आपस में समझौता किया। लुटेरी दुल्हन ने सारे गहने व कैश लौटा दिया। जिस पर पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस थाना में नहीं की। गैंग ने इस वारदात का खुलासा किया है। तीसरी बार मायके से लौटी ही नहीं दुल्हन केस-2: चंबल अंचल में श्योपुर जिले के वीरपुर में एक व्यवसायी के बेटे के उम्र दराज होने पर इसी गैंग ने रूचि नाम की युवती से शादी का सौदा किया था। 23 फरवरी 2025 को गोद भराई की रस्म हुई फिर 4 मार्च को शादी हुई। यहां दुल्हन रूचि शादी के बाद दो बार मायके मायके गई और लौटकर आ गई, लेकिन तीसरी बार में वह सारे गहने समेटकर मायके के लिए निकली, लेकिन लौटकर नहीं आई। वीरपुर में थाना में मामला भी दर्ज है। लुटेरी दुल्हन रूचि को वीरपुर पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई है, जबकि इस गैंग के सरगना बंटी धाकड़ व हीरा जादौन को वहां की पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दुल्हन समेत पांच आरोपी वहां अभी फरार हैं। दो लाख रुपए में दुल्हन का सौदा किया केस-3 : ग्वालियर के कॉन्ट्रेक्टर महेंद्र पाराशर के मानसिक रूप से कमजोर बेटे के लिए 21 जनवरी 2026 को बंटी धाकड़ ने दो लाख रुपए में दुल्हन का सौदा किया। 22 जनवरी 2026 को इंदरगंज में नोटरी पर शादी कराई। ठेकेदार ने बहू पर गहने चढ़ाए जब वह बहू को लेकर जा रहे थे इसी गैंग के सदस्य वहां पहुंचे और लड़की को अपनी बहन बताकर जबरन उससे शादी का आरोप लगाते हुए उसे ले गए। इस मामले में सीसीटीवी आने के बाद ग्वलियर के कोतवाली थाना पुलिस ने दो युवतियां समेत सभी 07 आरोपी पकड़ लिए हैं। लुटेरी दुल्हन गैंग में हर सदस्य की अलग भूमिका मुरैना के जौरा पचोखरा निवासी बंटी धाकड़ गिरोह का सरगना है। यह पूरी गैंग को ऑपरेट करता है। लड़कियों का रिश्तेदार बनकर लोगों से मिलता है और शादी का सौदा करता है। रुपए का हिसाब भी यही रखता था। सत्यपाल सिंह उर्फ हीरा जादौन निवासी मुरैना इसकी गैंग में पोजिशन सरगना नंबर दो है। बंटी धाकड़ के बाद हीरा ही गैंग का मुखिया होता है। इसका काम शादी का पूरा सेटअप जमाना होता है। वह नोटरी पर शादी का इंतजाम करता था। जबकि राकेश शर्मा बिचोलिया है और शादी के लिए लड़के तलाशता है। ऐसे लड़कों को सर्च किया जाता था जिनकी शादी नहीं हो रही है, लेकिन परिवार पर पैसे की कोई कमी नहीं है। ग्वालियर के केस में इसी ने लड़के के पिता ठेकेदार महेंद्र पाराशर को बंटी धाकड़ से मिलवाया था। शिवानी और डॉली उर्फ पूनम गौर इनका काम गैंग में दुल्हन बनने का है। ग्वालियर के केस में पूनम दुल्हन बनी थी। पूनम बीए पास है, जबकि शिवानी 12वीं पास है। श्योपुर के वीरपुर व पन्ना में गिरोह की अन्य महिला सदस्य रूचि दुल्हन बनी थी। बेटू उर्फ संस्कार कुशवाह, अयान खान, मन्नू कुशवाह इनका काम दुल्हन को उसके ससुराल से निकालना होता है। यह दुल्हन को अपनी बहन बताकर या रिश्तेदार बताकर शादी को शून्य बताकर छुड़ा लाते थे। ग्वालियर के केस में इन्होंने सरेआम दुल्हन का अपहरण किया था। चंबल में तेजी से फैला रहे थे रैकेट गैंग के सरगना बंटी और हीरा जादौन ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि उनका कार्य क्षेत्र ग्वालियर-चंबल अंचल था। यहां महिला लिंगानुपात काफी कम है। यही कारण है कि लड़के यहां ज्यादा कुंवारे हैं। दुल्हन की चाह में लड़के और उनके परिवार के लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं। यही कारण ग्वालियर-चंबल अंचल के शहर उनके टारगेट पर थे। यह खबर भी पढ़ें… मानसिक रूप से कमजोर युवक से शादी कर दुल्हन फरार ग्वालियर में एक मानसिक रूप से कमजोर युवक से दो लाख रुपए लेकर शादी करने के बाद दुल्हन अपने साथियों के साथ फरार हो गई। यह मामला गुरुवार शाम कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने दुल्हन और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पूरी खबर पढ़ें...
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
झारखंड में फरवरी की शुरुआत के साथ मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। राज्य में सुबह के समय हल्के दर्जे का कोहरा और गुहासा लोगों को ठंड का एहसास करा रहा है, जबकि दिन चढ़ने के बाद मौसम सामान्य और शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, धनबाद सहित मध्य झारखंड के जिलों में सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है। वहीं दक्षिणी, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में भी यही स्थिति बनी रहेगी। कोहरा छंटने के बाद आसमान आंशिक रूप से साफ रहेगा और धूप निकलने से दिन में हल्की गर्माहट महसूस होगी। तापमान में उतार-चढ़ाव का रहेगा दौर मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद मौसम में फिर बदलाव के संकेत हैं। आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। रांची और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इससे सुबह और देर रात ठंड का असर बढ़ सकता है, खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। अगले एक सप्ताह मौसम रहेगा शांत मौसम विभाग ने झारखंड के लिए किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। राज्य में बारिश, वज्रपात या तेज हवा की फिलहाल कोई संभावना नहीं है। मौसम शुष्क बने रहने से जनजीवन सामान्य रहेगा और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में भी कोई खास बाधा नहीं आएगी। हालांकि, सुबह के समय कोहरा और गुहासा होने के कारण सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर अगले एक सप्ताह तक झारखंड में मौसम शांत, शुष्क और सामान्य रहने का अनुमान है। पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में लगेगी गर्मी राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में अधिकतम तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहेगा। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला और पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं सिमडेगा में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। देवघर, धनबाद, दुमका, जामताड़ा और साहिबगंज जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। रांची, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, खूंटी और गुमला में अधिकतम तापमान 25 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। रांची में अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। कोडरमा, चतरा, पलामू, गढ़वा और लातेहार में दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंड का असर महसूस किया जाएगा। राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है, और जनता उसे कैसे देखती है—इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू कर रहा है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 16, जहां से पार्षद हैं सोनाली मुकेश धारकर। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड 16 की आबादी 40 से 50 हजार से ज्यादा है। यहां 24 हजार वोटर्स हैं। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद सोनाली मुकेश धारकर ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में कई काम हो रहे है। सवाल: आपके वार्ड में किसी नए काम से क्या बदलाव आया है? जवाब: बगीचे हैं। उन बगीचों में हमने झूले चकरी सब लगाई है, योगा मशीन लगवाई है तो बच्चों का आना जाना ज्यादा हो गया है। ये हमने कर दिया। पढ़िए दैनिक भास्कर से सोनाली मुकेश धारकर की सीधी बातचीत…सवाल: आपके वार्ड में सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?जवाब: मैं वार्ड 16 से पार्षद सोनाली मुकेश धारकर, हमारे वार्ड में अभी डेढ़ सालों से स्कूल का निर्माण हुआ है और अभी हो भी रहा है। एक स्कूल देपालपुर विधानसभा के क्षेत्र में आता है, वह बन चुका है और संजीवनी बन चुकी है, वहां पर और अभी नर्मदा का, सड़क का काम चल रहा है। अभी जो नंदनबाग में है, सरकारी स्कूल वो बन रहा है। सवाल: आपके वार्ड में ऐसा कौन सा काम है, जो अधूरा है और जिसको पूरा होना है। जवाब: अभी सबसे बड़ी ड्रेनेज लाइन डल रही है। जो लक्ष्मी बाई स्टेचू है, वहां से आरा सिटी तक आ रही है। वह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है और अभी काम चल रहा है। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायतें क्या आती हैं? जवाब: नर्मदा का पानी। अभी हमारे क्षेत्र में एक साइड जो नंदनबाग है, वहां पर नर्मदा है और जो देपालपुर क्षेत्र है, उसमें नर्मदा नहीं है तो वहाँ अभी पानी की बहुत बड़ी समस्या है। सवाल: आपके यहां पर पानी की शिकायत आई है क्या?जवाब: हां जी, आई है नंदनबाग में हमने बोला भी है कि शिकायत भी की है और त्वरित उसका निराकरण भी हो गया है और कुछ जगह चल रहा है, काम चल रहा है। सवाल: अगले छह महीने का आपका रोडमैप क्या है? जवाब:अभी ड्रेनेज डालना बाकी है। अभी वहां पर बहुत जगह है और नर्मदा का मतलब जो लाइन है और बोरिंग है, बोरिंग पर लाइन डालनी है, जो बोरिंग हमने करवाई है। ये खबर भी पढ़ें… एमआईसी सदस्य और वार्ड 32 के पार्षद राजेंद्र राठौड़ से सीधी बात इंदौर के हर वार्ड में क्या वास्तव में विकास हो रहा है और जनता उसे किस नजर से देखती है। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू कर रहा है विशेष सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में पार्षदों के दावों के साथ-साथ जनता की राय, अधूरे काम और भविष्य की जरूरतों को भी सामने रखा जाएगा। आज के एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड क्रमांक 32, जहां से पार्षद और एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौड़ हैं। क्या काम पूरे हुए, क्या अभी बाकी हैं और जनता 10 में से कितने अंक देती है—पढ़िए वार्ड के कामकाज का पूरा लेखा-जोखा।पूरी खबर पढ़ें
बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र में मेजर (क्रिटिकल) मिनरल्स रेयर अर्थ मिलने के बाद अब इसके पहले ब्लॉक का ऑक्शन उच्चतम बोलीदाता मैसर्स टीम जीयो रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड को किया गया है। हार्ड रॉक से मिलने वाले इस देश के पहले रेयर अर्थ मिनरल्स हब से भारत चीन के एकाधिकार को तो खत्म करेगा ही साथ ही देश को बड़ा रेवेन्यू देगा। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग व एटोमिक मिनरल्स डायरेक्टरेट की ओर से अरावली की पहाड़ियों में रिसर्च के बाद सिवाना के भाटी खेड़ा में 1.34 वर्ग किमी के ब्लॉक को ऑक्शन के लिए चिह्नित किया था। खान मंत्रालय ने इसका ऑक्शन किया है। इस क्षेत्र में पाए जाने वाले माइक्रो ग्रेनाइट में रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ मृदा तत्व) की प्रचुर मात्रा है। इन चट्टानों में आणविक व रक्षा तकनीक, स्पेस रिसर्च, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में काम आने वाले कच्चे माल के भंडार हैं। सिवाना क्षेत्र के राखी, फूलन देवड़ा मेली कीटनोद, भाटी खेड़ा, गुड़ानाल, तेलवाड़ा, दंताला, देवंदी आदि जगहों पर भूगर्भीय सर्वेक्षण किए गए। इसके बाद भाटी खेड़ा के इस ब्लॉक की पहली नीलामी की गई है। अभी रेयर अर्थ में चीन का दबदबा, भारत बड़ा खरीदार चीन के पास 4.4 करोड़ टन दुर्लभ खनिज भंडार है, जो दुनिया में सर्वाधिक है। ब्राजील 21 मिलियन मीट्रिक टन के साथ दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर भारत 6.9 मिलियन मीट्रिक टन और चौथे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया 5.7 मिलियन मीट्रिक टन है। अमेरिका 1.9 मिलियन मीट्रिक टन के साथ पांचवें नंबर पर है। मैग्नेट, उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स जैसे उत्पादों के लिए भारत 90 से 100% चीन पर निर्भर है। 2024-25 में रेयर अर्थ और माइनिंग मशीनरी के लिए 2.47 अरब खर्च किए। इसमें से 1.1 अरब के चीन से मंगाए।
मासूम अनिका के लिए माता-पिता रोज कहीं ना कहीं जाकर उसके लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं ताकि बेटी के इलाज के लिए 9 करोड़ रुपए जमा हो सकें। मगर अभी भी वे लक्ष्य से काफी दूर है। माता-पिता के साथ ही कई लोग ऐसे हैं जो निस्वार्थ भाव से बच्ची के लिए पैसा जमा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अब तो माता-पिता इंदौर के आसपास के इलाकों में भी जाकर क्राउड फंडिंग कर रहे हैं, ताकि जल्दी से जल्दी बेटी के इलाज के लिए पैसा इकट्ठा हो सके। दरअसल, इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में रहने वाली अनिका शर्मा SMA Type-2 से पीड़ित है। ये एक गंभीर बीमारी है, जिसके लिए उसे एक इंजेक्शन लगेगा, जो अमेरिका से आएगा। उस इंजेक्शन की कीमत ही 9 करोड़ रुपए है। बच्ची के इलाज के लिए माता-पिता पिछले कई महीनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं और पैसा इकट्ठा कर रहे हैं। लगातार जारी है क्राउड फंडिंगअनिका के मां सरिता और पिता प्रवीण लगातार क्राउड फंडिंग करने में लगे हैं। उनके साथ कई लोग इस काम में उनकी मदद कर रहे हैं, ताकि जल्दी से जल्दी पैसा जमा हो सकें और उनकी बेटी को इलाज मिल सके। शहर में होने वाले आयोजनों से लेकर वे बाजारों तक में क्राउड फंडिंग कर चुके हैं। आसपास के इलाकों में भी जा रहेपिता प्रवीण ने बताया कि वे इंदौर के आसपास के इलाकों में भी जा रहे हैं। वहां के लोग भी मदद को आगे आ रहे हैं। वे भी बच्ची के इलाज के लिए मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं। साथ ही क्राउड फंडिंग में भी मदद कर रहे हैं। वे बड़नगर और बदनावर और नागदा भी क्राउड फंडिंग के लिए जा चुके हैं। बदनावर से 7 लाख 15 हजार रुपए और बड़नगर से 1 लाख 40 हजार रुपए एकत्रित हो सके है। अब तक वे साढ़े 4 करोड़ रुपए के करीब पहुंच चुके हैं। ये खबर भी पढ़ें… मासूम अनिका के लिए इंदौर के राजबाड़ा पर जुटे लोग दुर्लभ बीमारी एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) टाइप-2 से जूझ रही इंदौर की ढाई साल की मासूम अनिका का आज जन्मदिन है। इस मौके पर मासूम अनिका को उसके माता-पिता गोद में लेकर मां अहिल्या की प्रतिमा तक पहुंचे और उसके तीसरे जन्मदिन पर मदद और स्वस्थ होने का आशीर्वाद मांगा। राजबाड़ा चौराहे पर ही अनिका ने केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया।पूरी खबर पढ़ें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की खूबियां बताएंगे। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की मौजूदगी में होने वाले मीडिया इंटरेक्शन में बजट से एमपी को मिलने वाले फायदों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। इसमें 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, हर जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ प्राप्त होगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाऐं भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा है कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मध्य प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है, इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। बजट में देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एआई के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, इसका आने वाले दिनों में प्रदेश और देश को तरक्की में बड़ा योगदान होगा। दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बजट के बाद कहा था कि केंद्रीय बजट आने वाले 10 वर्षों में भारत के विकास की दिशा तय करेगा। जिन क्षेत्रों में दुनिया के केवल दो-तीन देशों का दबदबा है, उन रणनीतिक उत्पादों के निर्माण पर बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में पहली बार अलग मालगाड़ी कॉरिडोर बनाने की बात की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और व्यापार बढ़ेगा। खण्डेलवाल ने कहा है यह बजट डर से मुक्त टैक्स व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला बजट है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मध्य प्रदेश में ओले-बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, रीवा समेत 20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट है। भोपाल में मंगलवार तड़के बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, इसके बाद 3 दिन प्रदेश में कोहरा छाएगा। वहीं, नए सिस्टम की वजह से फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। सोमवार को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश और बादल वाला मौसम रहा। टीकमगढ़, आगर-मालवा, अशोकनगर में सुबह ही बारिश हो गई, जबकि कुछ जिलों में शाम को मौसम बदला। उत्तरी हिस्से में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। आज इन जिलों में असरमौसम विभाग ने मंगलवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इनमें से कई जिलों में सुबह मध्यम कोहरा भी रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम इस वजह से ऐसा मौसममौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ऐसा हो रहा है। 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। जिसका एमपी में भी असर दिखेगा। यानी, 10 फरवरी तक प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश में जेट स्ट्रीम हवाओं का असर भी है। सोमवार को उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चली। इस वजह से एमपी के शहरों में भी सर्द हवाएं चलती रही। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है। सिस्टम के लौटने पर सर्दी का असर बढ़ेगाबता दें कि पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का कहना है कि जब सिस्टम वापस लौटेगा तो ठंड का असर एक दौर और आएगा। प्रदेश में दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। जानिए, जनवरी में कैसी रही ठंड जनवरी में प्रदेश में ठंड, कोहरे, ओले और बारिश का दौर रहा। आखिरी सप्ताह में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश हुई। वहीं, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी शुरू कराया है। ताकि, नुकसानी रिपोर्ट बन सके। इधर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में रात के तापमान में गिरावट देखी गई। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
संसद के बजट सत्र का मंगलवार को पांचवा दिन है। लोकसभा में आज भी हंगामे के आसार हैं। सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ था। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा है कि 31 अगस्त 2020 को 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका था। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका था। राहुल गांधी को राजनाथ ने 11 बार, शाह ने 7 बार टोका था। इसके अलावा किरेन रिजिजू ने 2 बार और अनुराग ठाकुर ने 6 बार रोका था। आज NDA के सांसदों का बैठक होगी। लोकसभा और राज्यसभा के सांसद संसद भवन कैंपस में जुटेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसदों को संबोधित कर सकते हैं। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 4 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें…
“अगर दवा की दुकान पर बैठा व्यक्ति इलाज कर सकता है, तो मैं एम्स में बैठकर इलाज क्यों करता?” यह कहना है एम्स भोपाल के त्वचा रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. मनीष खंडारे का। दरअसल, शरीर पर हल्की-सी खुजली या लाल चकत्ता दिखा और सीधे मेडिकल स्टोर से एक ट्यूब खरीद ली। यही आदत लोगों को लंबे समय तक चलने वाली गंभीर बीमारी की तरफ धकेल रही है। रिंग वर्म यानी दाद, जो पहले 15 से 30 दिन में ठीक हो जाया करता था, अब कई मामलों में एक साल या उससे ज्यादा समय तक पीछा नहीं छोड़ रहा। इसकी वजह एक नया और ज्यादा ताकतवर फंगस है। इसके साथ ही ज्यादा खतरनाक कारण है बिना डॉक्टर की सलाह स्टेरॉइड और कॉम्बिनेशन क्रीम का इस्तेमाल करना। इससे ना केवल चेहरों पर बाल उगते हैं और त्वचा जल जाती है बल्कि लिवर तक को नुकसान पहुंचता है। 18 क्रीम को लेकर अलर्टभारतीय त्वचा रोग विशेषज्ञ संघ (IADVL) ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 18 ऐसी क्रीम के लेकर अलर्ट किया है। एम्स भोपाल के त्वचा रोग विभाग ने इस अलर्ट को ओपीडी में सर्कुलेट भी किया है। जिससे लोगों को अवेयर किया जा सके। एम्स के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष खंडारे ने बताया कि कई क्रीम इलाज करने के बजाय संक्रमण को दबाती हैं और अंदर ही अंदर बीमारी को और मजबूत बना देती हैं। यही हाल रहा, तो आने वाले समय में फंगल इंफेक्शन का इलाज करना डॉक्टरों के लिए भी बड़ी चुनौती बन जाएगा। नया फंगस, पुरानी दवाएं बेअसरत्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में फंगल इंफेक्शन का पैटर्न पूरी तरह बदल गया है। अब जो फंगस सामने आ रहा है, वह पहले से ज्यादा आक्रामक है। इस पर आम एंटी-फंगल दवाएं असर नहीं कर पा रहीं। इसकी सबसे बड़ी वजह स्टेरॉइड बेस्ड क्रीम का धड़ल्ले से इस्तेमाल है। स्टेरॉइड बीमारी को खत्म नहीं करते, बल्कि लक्षणों को कुछ समय के लिए दबा देते हैं। इससे मरीज को लगता है कि वह ठीक हो गया, लेकिन कुछ ही दिनों में संक्रमण और ज्यादा फैलकर लौट आता है। रेपिड सॉल्यूशन चाहत बिगाड़ रही सेहतडर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मनीष खंडारे बताते हैं कि आज की व्यस्त जिंदगी में लोग रेपिड सॉल्यूशन चाहते हैं। शरीर के किसी हिस्से में रैश या खुजली हुई नहीं कि सीधे मेडिकल स्टोर पहुंच जाते हैं। वहां बिना जांच के एक क्रीम खरीद ली जाती है। लोग खुद ही तय कर लेते हैं कि यह रिंग वर्म है या एलर्जी या कोई और स्किन डिजीज। इसी अंदाजे के आधार पर ओवर द काउंटर क्रीम लगाना शुरू कर देते हैं। डॉ. खंडारे ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक भी अक्सर मरीज को कॉम्बिनेशन क्रीम थमा देते हैं। सोच यह रहती है कि “कुछ न कुछ तो काम कर ही जाएगा।” बिजनेस की मजबूरी में वे यह नहीं देखते कि क्रीम में क्या-क्या मिला है। अधिकतर क्रीम में स्टेरॉइड, एंटीफंगल और एंटीबायोटिक तीनों का मिक्सचर होता है। इससे शुरुआत में खुजली और लालिमा कम हो जाती है, लेकिन असल बीमारी अंदर ही अंदर फैलती रहती है। गलत दवाओं का इस्तेमाल बढ़ास्टेरॉइड बेस्ड क्रीम लगाने पर मरीज को 2–3 दिन में राहत मिल जाती है। यही सबसे बड़ा धोखा है। असल में रैशेस के पीछे कई कारण हो सकते हैं। फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन और एलर्जी अलग अलग बीमारी हैं। इनके लिए अलग दवा होती है। गलत दवा लगाने से बीमारी दबती नहीं, बल्कि मजबूत हो जाती है। होम्योपैथी वेलनेस सेंटर की प्रभारी डॉ. जूही गुप्ता बताती हैं कि गलत इलाज के कारण जो रोग पहले 15 से 30 दिन में ठीक हो जाते थे, अब महीनों तक चल रहे हैं। कई मरीज एक साल से ज्यादा समय तक दाद से परेशान हैं। स्टेरॉइड दवाएं शरीर की इम्यूनिटी को भी प्रभावित करती हैं। इससे सही दवा का असर भी कमजोर हो जाता है। जब मरीज बाद में डॉक्टर के पास पहुंचता है, तब भी इलाज में बहुत समय लगता है। दवाएं भी हो रहीं बेअसर स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि कई मामलों में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल दवाएं असर करना बंद कर चुकी हैं।डॉ. खंडारे के अनुसार, स्टेरॉइड से शरीर की इम्यूनोलॉजी बदल जाती है। जो दवा पहले एक हफ्ते में असर दिखा देती थी, अब वही दवा 6 महीने या एक साल में भी पूरा असर नहीं कर पा रही। पहले एक दवा काफी होती थी, अब 2–3 तरह की दवाएं देनी पड़ रही हैं। बैन के बाद भी बिक रहीं क्रीमएम्स के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष खंडारे के अनुसार चौंकाने वाली बात यह है कि कई कॉम्बिनेशन क्रीम पर बैन लगा हुआ है। इसके बावजूद कंपनियां इन्हें बना भी रही हैं और बाजार में खुलेआम बिक भी रही हैं।इससे त्वचा रोग धीरे-धीरे रजिस्टेंट होते जा रहे हैं। अगर यही हाल रहा, तो भविष्य में इन बीमारियों का इलाज बेहद मुश्किल हो जाएगा। लगातार हेवी स्टेरॉइड क्रीम से लड़ते-लड़ते फंगस खुद को बदल रहा है। यह अब ज्यादा तेजी से फैल रहा है और ज्यादा गंभीर इंफेक्शन पैदा कर रहा है। अब यह समस्या केवल निजी नहीं, बल्कि पब्लिक हेल्थ इश्यू बनती जा रही है। लिवर तक पहुंच रहा असर गांधी मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. कुलदीप गुप्ता बताते हैं कि रिंग वर्म के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है। तुरंत आराम के लिए लोग स्टेरॉइड दवाएं ले रहे हैं। इससे बीमारी दब जाती है, लेकिन दवा बंद करते ही वापस लौट आती है। लंबे समय तक स्टेरॉइड लेने से लिवर में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ रही हैं। सही इलाज में 30 से 45 दिन लगते हैं, लेकिन लोग बीच में कोर्स छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी फिर उभर आती है। ये खबरें भी पढ़ें… जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ रहा स्किन इन्फेक्शन बारिश के मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल और जेपी अस्पताल में स्किन रोगियों की संख्या में 10 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। रोजाना 10-12 मरीजों की जगह अब 100 से 150 लोग फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से परेशान होकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। इसका मुख्य कारण है मौसम में बढ़ी नमी है, जो दाद, खाज, खुजली और अन्य इन्फेक्शन को बढ़ावा देती है।पूरी खबर पढ़ें इम्युनिटी कमजोर तो सबसे आम वायरस भी जानलेवा ज्यादातर लोग जीवन में कम से कम एक बार पार्वो वायरस B19 नाम के वायरस के संपर्क में आते हैं। आम हालात में यह गंभीर नहीं होता, लेकिन एम्स भोपाल के शोधकर्ताओं ने पाया कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में यही वायरस दिमाग में सूजन पैदा कर सकता है, जिसे इन्सेफलाइटिस कहते हैं। इन्सेफलाइटिस में मरीज तेज बुखार, सिर दर्द, दौरे और भ्रम जैसे लक्षणों से जूझ सकते हैं और कई बार हालत जानलेवा भी हो सकती है।पूरी खबर पढ़ें
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सोमवार शाम सड़क क्रॉस कर रहे बाइक सवार व्यवसायी को ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में व्यवसायी की मौके पर मौत हो गई। व्यवसायी बाइक में कुछ सामान लोड कर घर से निकले थे और घर से बमुश्किल 30 मीटर दूर पर यह हादसा हुआ। हादसा CCTV कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि टक्कर से व्यवसायी नीचे गिर गया, ट्रक उसे कुचलते हुए आगे बढ़ गया। घटना नमनाकला रिंग रोड की है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए हादसे की 3 तस्वीरें अब जानिए कैसे हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, रिंगरोड नमनाकला निवासी व्यवसायी प्रह्लाद सोनी (50) सोमवार शाम बाइक में कुछ सामान लोड कर घर से निकले। वे अपने घर से आगे रिंगरोड क्रॉस कर बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। सड़क पार करते समय जैसे ही उन्होंने डिवाइडर क्रॉस किया, गांधी चौक से बस स्टैंड जा रहे ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर के बाद वे बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान उनका सिर ट्रक के पहियों के नीचे आ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। CCTV में कैद हुआ हादसा हादसे के बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर के लिए सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही रुक गई, जिससे लंबी लाइन लग गई। सूचना मिलने पर गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा और भीड़ हटाकर सड़क पर फिर से गाड़ियों की आवाजाही शुरू करवाई। घटनास्थल से कुछ दूर पर एक दुकान में लगे CCTV कैमरे में पूरा हादसा कैद हो गया। फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाइक सवार व्यवसायी ने रोड क्रॉस करने से पहले रुककर पीछे से आ रहे ट्रेलर के गुजरने का इंतजार किया। ट्रेलर के गुजरने के बाद उन्होंने फिर डिवाइडर क्रॉस किया। डिवाइडर क्रॉस करते ही वे दूसरी ओर से आ रही ट्रक से टकराकर गिर पड़े और ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। रिंगरोड में लगातार हो रहे हादसे अंबिकापुर रिंगरोड में भारी वाहनों के कारण यातायात का भारी दबाव है। शहर के बीच से गुजरी रिंगरोड में लगातार हादसे हो रहे हैं। इससे लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। .......................... ये खबर भी पढ़ें… हाईवा-कार की टक्कर...2 की मौत का LIVE VIDEO:शराब पार्टी कर घूमने निकले थे 4 दोस्त, ब्रेक लगाते ही टर्न होकर हाईवा से टकराई कार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तेज रफ्तार कार मुरुम लोड हाईवा से टकरा गई। हादसे में कार सवार युवक-युवती की मौत हो गई। वहीं 2 युवक गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि अचानक ब्रेक लगाने की वजह से कार बेकाबू हो गई। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा मौतें...। फिर पानी की जांच और सीवेज से लाइन हटाने का काम। भोपाल में भी तोबड़तोड़ काम शुरू हुआ, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो सही सैंपलिंग हो रही, और न सीवेज में से पानी की लाइन हटाई जा सकती है। नगर निगम व्यवस्था सुधारने का दावा जरूर कर रहा, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। वार्ड-70 में नाली के पानी को 'शुद्ध' बताने के बाद दैनिक भास्कर ने सीवेज लाइन को लेकर रियलिटी चेक किया। टीम उन जगहों पर पहुंची, जहां दूषित पानी की सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे समझिये, दावा और हकीकत… अयोध्या एक्सटेंशन में लाइन ही सीवेज में डूबी, गंदे पानी की शिकायतवार्ड-86 स्थित अयोध्या एक्सटेंशन। यहां के रहवासी सीवेज लाइन बार-बार चोक होने और दूषित पानी आने की समस्या से परेशान हैं। पीने के पानी की लाइन नाली से होकर गुजरी है। इस नाली में एक फीट तक गंदगी भरी हुई है। यही पर पाइप में जोड़ भी है। जिससे खराब पानी आ रहा है। नगर निगम की हेल्प लाइन पर बार-बार शिकायत करने के बाद भी नाली की सफाई नहीं की गई है। वहीं, डेढ़ साल से टंकी की सफाई नहीं हुई है। भूमिगत टंकी स्लम एरिया में है। जहां गंदगी फेंकी जाती है। डेढ़ साल पहले रहवासियों ने अपने सामने टंकी साफ करवाई थी। तब देखा था कि टंकी के बेस का प्लास्टर उखड़ा हुआ है, जिसे अब तक ठीक नहीं कराया गया है। कई बार कहने के बाद भी पार्षद, नगर निगम के अफसरों ने सुनवाई नहीं की तो अब रहवासी खुद ही नाली साफ करवा रहे हैं। जिसमें 3500 रुपए का खर्च आ रहा है। सीवेज लाइन भी खराब अयोध्या एक्सटेंशन के आधे से ज्यादा क्षेत्र में नई सीवेज लाइन बिछा दी गई है, लेकिन डी-1 से 28 तक मकानों के सामने की लाइन नहीं बदली गई। इसमें महज चार इंच का पाइप डला है। जिससे लाइन बार-बार जाम हो जाती है। इतना ही नहीं, चैंबर का प्लास्टर भी उखड़ चुका है। जिससे पानी लीक हो रहा है और घरों की दीवारें खराब हो रही हैं। उड़िया बस्ती- चेंबर में गंदा पानी मिल रहाउड़िया बस्ती में पानी की सप्लाई व्यवस्था बेहाल है। यहां पानी के चेंबर में ही गंदा पानी जा रहा है। इस वजह से पानी की लाइन में भी गंदा पानी मिल रहा है। शिकायतें करने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिली है। चांदबाड़ी- नाली में पानी की लाइनपुराने शहर के चांदवाड़ी के मेन रोड के कई घरों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। दरअसल, यहां से जो पानी की लाइन गुजरी है, वह नाली के अंदर है। ऐसे में दूषित पानी भी पेयजल में मिल रहा है, जो गंभीर हालात खड़े कर सकता है। अब जानिए, 3 जल सुनवाई में क्या हुआ?भोपाल में पहली जल सुनवाई 13 जनवरी, दूसरी 20 जनवरी और तीसरी 27 जनवरी को हुई। इसके अलावा नियमित रूप से वार्डों में जाकर भी पानी की टेस्टिंग की जा रही है। निगम का दावा है कि अब तक 3053 स्थानों सहित शहर में कुल 7341 जल के नमूने लिए गए। इनकी जांच 8 लैब में कराई गई। ज्यादातर में पानी को शुद्ध ही बताया गया। दूसरी ओर वार्ड ऑफिस में सैंपलिंग के नाम पर छल ही हो रहा है, क्योंकि 11 में से सिर्फ 1 की क्लोरीन जांच ही की जा रही है। वहीं, 1245 लीकेज सुधारे और 3694 सीवेज चेंबरों की सफाई कराई गई। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पिछली जल सुनवाई के बाद पानी की बेहतर तरीके से जांच करने को कहा है। बता दें कि भोपाल के खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर के ग्राउंड वॉटर के 4 सैंपल फेल हो चुके हैं। यहां के पानी में 'ई-कोलाई' बैक्टीरिया मिला था। बाद में इस पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा में मिला था। भोपाल के इन इलाकों में अब भी गंदा पानी आ रहाअशोका गार्डन, पंजाबी बाग, प्रेम नगर, अयोध्या एक्सटेंशन, प्रेम नगर, जेपी नगर, ऐशबाग, बरखेड़ीकलां समेत 20 से ज्यादा इलाकों में अब भी गंदा पानी आ रहा है। यहां पानी की लाइन सीवेज के अंदर ही है। इन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है। गैस पीड़ित संघ की रचना ढिंगरा ने बताया कि नगर निगम को तत्काल व्यवस्था सुधारना चाहिए। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास का भूजल दूषित है। ऐसे में निगम की सप्लाई पर ही वे निर्भर है। यह खबरें भी पढ़ें… नाली के पानी को निगम ने बताया ‘शुद्ध’...पीने लायक! भोपाल में नाली का पानी भी पीने लायक है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि नगर निगम के अमले ने जल सुनवाई के दौरान वाटर टेस्टिंग के बाद इसे माना है। जी हां, नाली के पानी को वार्ड ऑफिस में महज 15 सेकंड में हुए टेस्ट में 'शुद्ध' बता दिया गया। इससे समझा जा सकता है कि भोपाल के किसी भी वार्ड में इंदौर के भागीरथपुरा जैसे हालात कभी भी बन सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… साहब! नाली का पानी शुद्ध कैसे? पीकर दिखाइए इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर मंगलवार को जल सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। भोपाल के सभी 85 वार्डों में भी 2 घंटे तक जल सुनवाई की जाती है, लेकिन सैंपलिंग के नाम पर छल हो रहा है। वार्डों में मौजूद कर्मचारी केवल 10 मिलीलीटर पानी में 3 बूंद क्लोरीन मिलाकर जांच कर रहे हैं, जबकि आदेश के अनुसार 11 पैमानों पर पानी की जांच करना है। इस बीच नाली के पानी को शुद्ध बताने पर विपक्ष ने शहर सरकार को जमकर घेरा है। पढ़े पूरी खबर
चंडीगढ़-पंचकूला रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस हादसे में GRP ने लोको पायलट और गॉर्ड को जांच में शामिल किया है। जीआरपी थाना टीम ने दोनों ही लोगों के हादसे को लेकर बयान दर्ज किए हैं। दाेनों ने अपने बयान में खुद की गलती स्वीकार नहीं की है। चंडीगढ़ जीआरपी थाना को दिए बयान में गार्ड ने बताया कि उसे सिग्नल मिला तो उसने लोको पायलेट को गाड़ी चलाने का सिग्नल दिया था। स्टेशन स्टाफ की ओर से क्लियरेंस का सिग्नल मिला था। वहीं लोको पायलेट ने अपने बयान में बताया कि गार्ड के इशारे पर गाड़ी को उसने आगे बढ़ाया था। हादसे को लेकर उसकी गलती नहीं है। हादसे के बाद हत्या के प्रयास में दर्ज एफआईआर की धाराओं में भी जीआरपी ने अभी संशोधन नहीं किया है। समय से पहले चलाने का आरोपलोको पायलट ने डिपार्चर टाइम (चलने का समय) से पहले ट्रेन चला दी। जिससे ट्रेन में चढ़ रही कई सवारियां नीचे गिर गई। एक यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में फंस गया। आसपास खड़े लोगों ने उसे खींचकर बाहर निकाला। अब इस घटना से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें यात्री अचानक ट्रेन चलने से नीचे गिर गया। वहीं, मामले में GRP ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो देखकर मामले की जांच की जा रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला... 2 पॉइंट में पढ़िए ट्रेन में सवार यात्री क्या बोले...
चंडीगढ़ के थाना सेक्टर-19 में दर्ज स्नैचिंग के एक मामले में अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई अनट्रेस्ड रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। यह मामला 15 मार्च 2021, धारा 379A IPC के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी अज्ञात था। शनिवार को मामले की सुनवाई चंडीगढ़ अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता बबीता देवी स्वयं अदालत में पेश हुईं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह एफआईआर उनके ही बयान पर दर्ज हुई थी और अब पुलिस इस मामले में अनट्रेस्ड रिपोर्ट दाखिल कर रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें इस रिपोर्ट के स्वीकार किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही, उन्होंने अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड की प्रति भी अदालत में जमा करवाई। अदालत ने आदेश दिया कि मूल पुलिस फाइल संबंधित विभाग को भेजी जाए, जबकि उसकी प्रति न्यायिक रिकॉर्ड के साथ रखी जाए। इसके बाद न्यायिक दस्तावेजों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिकॉर्ड रूम में भेजने के निर्देश दिए गए। पुलिस बोली नहीं मिला सुराग वहीं, मामले के जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल परवेश ने अदालत को बताया कि अब तक इस अनट्रेस्ड रिपोर्ट पर किसी अदालत से कोई आदेश पारित नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान आरोपी का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता की पहचान की भी पुष्टि की। अदालत ने केस फाइल देखने के बाद कहा कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मामला अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज था और शिकायतकर्ता ने भी अनट्रेस्ड रिपोर्ट पर सहमति दे दी थी। इसी आधार पर अदालत ने एसएसपी चंडीगढ़ की ओर से दाखिल अनट्रेस्ड रिपोर्ट को मंजूरी दे दी।
हरियाणा के सोनीपत की कमांडो काजल हत्याकांड में पुलिस के सामने तीन बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इन तीनों खुलासों ने न सिर्फ दहेज उत्पीड़न की बात सामने आई है, बल्कि यह भी उजागर हुआ है कि हत्या के बाद कैसे साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई। पहला खुलासा ये है कि पति अंकुर ने 22 दिसंबर को काजल की हत्या करने के बाद अस्पताल में एमएलसी में झूठी जानकारी दर्ज करवाई। दूसरा खुलासा काजल के बेटे के जन्म के समय हुए पारिवारिक झगड़े और ननद द्वारा सोने का हार मांगने से जुड़ा है, जबकि तीसरा और सबसे अहम खुलासा ये है कि हत्या को हादसा दिखाने के लिए “भारी वस्तु गिरने” की झूठी कहानी गढ़ी गई, जो पुलिस जांच में गलत साबित हुई। इसके अलावा पुलिस काजल के मां के उन आरोपों की जांच भी कर रही है, जिसमें कहा गया है कि अंकुर काफी चंचल है और किसी को भी अपने जाल में आसानी से फंसा लेता है। पता चला कि वह लड़कियों के साथ रहता है। काजल को उसके अवैध संबंधों की जानकारी थी, इसी के चलते उसकी हत्या की। कॉल डिटेल से पता लगेगा कि वह किस-किस के संपर्क में था। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए तीनों खुलासों के बारे में… 1. शादी के एक सप्ताह बाद ही शुरू हुआ दहेज उत्पीड़नसोनीपत के गांव बड़ी की रहने वाली 27 वर्षीय कमांडो काजल की शादी वर्ष 2023 में रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत अंकुर के साथ हुई थी। शादी के महज एक सप्ताह बाद ही अंकुर और उसके पिता ने काजल को ताने देने शुरू कर दिए। दोनों ने कहा था कि शादी के दौरान उन्हें कई जगहों से रिश्तों के ऑफर आए थे, लेकिन उन्होंने यह सोचकर ठुकरा दिए कि काजल के परिवार की ओर से कार मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल देकर उनके साथ धोखा किया गया है। इसके बाद से ही दहेज में गाड़ी, नकद और सोने-चांदी के आभूषण की उम्मीद को लेकर काजल को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। 2. बेटे के जन्म पर ननद ने मांगा सोने का हारवर्ष 2024 में काजल को बेटा हुआ। परिवार को उम्मीद थी कि बच्चे के जन्म के बाद हालात सुधरेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। काजल की ननद इंदू ने बेटे के जन्म पर “जापा” के तौर पर सोने का हार मांगा और कहा कि काजल सरकारी नौकरी में है, इसलिए उसे यह गिफ्ट मिलना चाहिए। काजल की सैलरी पर लोन चल रहा था, जिस कारण वह हार देने में असमर्थ रही। इस पर ननद ने झगड़ा किया और घर का काम न करने की धमकी दी। लगातार मानसिक प्रताड़ना से टूट चुकी काजल ने इस बारे में अपने भाई निखिल को जानकारी दी थी। 3. MLC में ‘भारी वस्तु गिरने’ की झूठी कहानी22 दिसंबर को पति अंकुर द्वारा कथित रूप से डंबल से हमला किए जाने के बाद काजल को तारक अस्पताल ले जाया गया, जहां वह ICU में बेहोशी की हालत में भर्ती थी। उसके सिर पर कई गंभीर चोटें थीं और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। MLC नंबर 1641 में डॉक्टरों ने सिर पर गहरी चोटों की पुष्टि की। मगर, MLC में यह दर्ज कराया गया कि काजल को “घर में भारी वस्तु गिरने से चोट” लगी है। यह जानकारी पति अंकुर ने खुद को अटेंडेंट बताकर लिखवाई थी। हालांकि, पुलिस जांच, मौके के हालात और चोटों की प्रकृति इस कहानी से मेल नहीं खाई, जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। काजल की मां ने हत्या के ये कारण बताए…. कार नहीं दी तो बदसूरत लगने लगी : मां मीना ने बताया कि 2022 में जब काजल की दिल्ली पुलिस में नौकरी लगी, तो अंकुर का परिवार एक रुपए में शादी करने की बात कर रहा था। तिलक की रस्म के दौरान जब सवा लाख रुपए और कार नहीं दी गई, तो उसके परिवार के लोगों को वही काजल बदसूरत लगने लगी। अंकुर के परिवार को दहेज का लालच था। उन्हें लगता था कि दोनों भाई-बहन दिल्ली पुलिस में हैं, तो अच्छा दहेज मिलेगा। उन्होंने अपनी हैसियत से ज्यादा दहेज दिया, फिर भी काजल को प्रताड़ित किया गया। जबकि, पहले अंकुर का परिवार खुद बार-बार उनके घर रिश्ते के लिए आ रहा था। 4 महीनों से अंकुर का व्यवहार बदला : मां ने बताया कि 1 मार्च 2025 को काजल के भाई निखिल की शादी थी। तब अंकुर आया था और डांस भी किया था। पिछले 4 महीने से वह काजल को न लेने आया और न ही छोड़ने आया। पहले उसका व्यवहार ठीक था। कुछ महीनों पहले अंकुर ने फ्लैट पर काजल से मारपीट की थी। रात को ही निखिल काजल को लेने के लिए गया था तो इस दौरान अंकुर ने अपने बेटे देवांश की कसम खाकर हाथ-पैर जोड़कर कहा था कि आज के बाद ऐसा नहीं करेगा। डबल मर्डर का केस हो सकता हैमीना का कहना है कि 19 जनवरी को काजल अपने मायके बड़ी गांव आई थी। वह गन्नौर के एक निजी अस्पताल में अलट्रासाउंड कराने गई थी। इसके बाद काजल दिल्ली चली गई थी। काजल का भाई निखिल अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट लेने अस्पताल गया था, वहां उसे कहा गया कि दिल्ली पुलिस को ही उपलब्ध कराई जाएगी। परिवार ने अपनी शिकायत में डबल मर्डर लिखकर दिया था। हो सकता है कि रिपोर्ट मिलने के बाद अंकुर के खिलाफ पुलिस डबल मर्डर का केस दर्ज करे। फ्लैट से खून और डंबल बरामदSI राजेश कुमार और पुलिस टीम ने मोहन गार्डन स्थित फ्लैट नंबर 8 की जांच की। मौके पर फर्श, दीवार, दरवाजे और एक डंबल पर खून के धब्बे मिले।क्राइम टीम और FSL टीम को बुलाकर जांच कराई गई और खून के नमूने जब्त किए गए। अस्पताल से पीड़िता काजल के खून से सने कपड़े और बाल सीलबंद हालत में पुलिस को सौंपे गए, जिन्हें केस प्रॉपर्टी बनाकर कब्जे में लिया गया। ------------------ काजल हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कमांडो काजल की अंकुर से बस में हुई मुलाकात:सोनीपत में लव-मैरिज के लिए परिवार की सरकारी नौकरी की शर्त; पहले अटेम्प्ट में पेपर क्लियर हरियाणा में सोनीपत की रहने वाली दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल की हत्या में नया खुलासा हुआ है। काजल की मां मीना के अनुसार, काजल जिस स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, उसी स्कूल में उसके पति अंकुर की छोटी बहन निधि पढ़ाती थी। इस वजह से काजल को अंकुर के बारे में पहले से ही जानकारी थी। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा में गुरुग्राम के रहने वाले मशहूर यूट्यूबर अरुण पंवार की आज (3 फरवरी) को शादी है। उनकी शादी एक वीडियो से चर्चा में है, जिसमें उन्हें लग्न टीके में 71 लाख रुपए कैश दिया गया। साथ ही परिवार के सदस्यों को 21 तोले सोने के जेवरात भी दिए। अरुण ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। अरुण सोहना के इंदरी गांव के रहने वाले हैं। उनका लग्न टीका 30 जनवरी को आया था। अरुण पंवार जिस लड़की के साथ शादी के बंधन में बंध रहे हैं, उनका नाम डॉ तिथि है। तिथि का परिवार पलवल में रहता है। अरुण और तिथि की शादी नेशनल हाईवें नंबर 19 स्थित ग्रीनलैंड 44 फॉर्म हाउस में होगी। लग्न टीके के वीडियो को लेकर दैनिक भास्कर एप की टीम ने जब अरुण पंवार से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। तिथि के पिता बड़ी कंपनी में कार्यरत तिथि मूल रूप से हथीन के गहबल गांव की रहने वाली हैं। काफी टाइम से उनका परिवार पलवल शहर में रह रहा है। वह MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद जयपुर से MD की पढ़ाई कर रही हैं। उनका भाई रोहतक PGI में डॉक्टर है। पिता गोपाल सिंह सोनी एक कंपनी में बड़े पद पर कार्यरत हैं। मूल रूप से वह हथीन के गांव गहलब के रहने वाले हैं। परिवार पिछले काफी समय से पलवल में रह रहा है। पिता से लेकर भाभी तक के जेवरात मिले अरुण ने अपने इंस्टाग्राम पर जो रील अपलोड की है, उसमें एक व्यक्ति हाथ में पेज लेकर बता रहा है कि दहेज नहीं, बल्कि दान में क्या-क्या दिया गया है। वह व्यक्ति कह रहा है: लड़के की साढ़े 5 तोले की चेन, 4 तोले का ब्रेसलेट, दो सोने की अंगूठी - एक सगाई की और एक लग्न की, कुल 5 सोने की चीजें, लड़के के पापा की चेन और अंगूठी, लड़के के ताऊ की अंगूठी, लड़के के भाई दिनेश और आकाश की अंगूठी, लड़के की मम्मी के कानों के झुमके, पजेब और चुटकी, लड़की की बहन के कानों के झुमके, और भाभी के लिए कानों के झुमके दिए गए हैं। इसके साथ ही कुल 21 तोला सोना और 71 लाख रुपए कैश भी दिया गया। अब जानिए कौन हैं अरुण पंवार…. ऑटोमोबाइल कंटेंट बनाते हैं अरुण पंवार यूट्यूब पर ऑटोमोबाइल कंटेंट डालते हैं। अरुण ने कंप्यूटर एप्लीकेशन्स में ग्रेजुएशन (BCA) किया है, लेकिन पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव शुरू से ही कारों और टेक्नोलॉजी की ओर रहा। इसी रुचि ने उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक अलग पहचान दिलाई। 2019 में यूट्यूब चैनल शुरू किया अरुण पंवार ने साल 2019 में अपना यूट्यूब करियर शुरू किया। उनके यूट्यूब चैनल पर कार रिव्यू, नई गाड़ियों की जानकारी, माइलेज, फीचर्स, रियल-लाइफ ओनरशिप एक्सपीरियंस और ऑटोमोबाइल से जुड़ा कंटेंट देखने को मिलता है। उनकी खासियत यह है कि वे गाड़ियों की जानकारी आसान भाषा में और अपने निजी अनुभव के आधार पर बताते हैं, जिससे आम दर्शकों को सही फैसला लेने में मदद मिलती है। लग्जरी गाड़ियों का कलेक्शन कारों के शौक के चलते अरुण पंवार का अच्छा-खासा कार कलेक्शन भी है, जिसमें किया सेल्टोस, फोर्ड एंडेवर, टोयोटा फॉर्च्यूनर और महिंद्रा थार जैसी गाड़ियां शामिल हैं। डिजिटल सफलता के बाद अरुण पंवार ने अपने ब्रांड को आगे बढ़ाते हुए ऑटोमोबाइल से जुड़े ऑनलाइन बिजनेस की भी शुरुआत की।
बाढ़ के पानी में बहकर गलती से पाकिस्तान पहुंचे लुधियाना के हरविंदरपाल के साथ जानवरों जैसा सलूक हुआ। उन्हें कैद में रख पाकिस्तानी रेंजर्स ने जमकर पीटा। जासूसी का आरोप कबूल करवाने के लिए पूरी रात नंगे पैर चलवाते। रुकने पर तलवों में डंडे मारते। नींद की झपकी आती तो फिर पिटाई करने लगते। पाक रेंजर्स के टॉर्चर से निकले तो पाकिस्तानी पुलिस ने पकड़ लिया। उन्होंने थाने ले जाकर पीटा। वहां की गंदगी साफ कराई। टॉर्चर की ये कहानी हरविंदरपाल ने बताई। हरविंदरपाल अपने दोस्त रतनपाल के साथ 3 साल पहले बाढ़ में बहन का सामान बचाते वक्त बह गया था। हालांकि कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद हरविंदरपाल की वतन वापसी हुई। जिसमें हरविंदरपाल ने बताया कि किस तरह से जेल में यातनाएं सहने के बाद कानूनी लड़ाई भी उन्हें खुद ही लड़नी पड़ी। हरविंदरपाल ने कहा कि ढाई साल मिले टॉर्चर को वह आज भी याद करके कांप जाते हैं। मगर, अब खुशी है कि अपने परिवार के पास जिंदा वापस पहुंच पाए। हरविंदरपाल पाकिस्तान कैसे पहुंचा, जेल में क्या टॉर्चर हुआ, कैसे छूटकर भारत पहुंचा, इसके बारे में जानने के लिए पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट… पहले जानिए पाकिस्तान कैसे पहुंचेजुलाई 2023 की भीषण बाढ़ के दौरान सिधवां बेट क्षेत्र के गांव परजियां बिहारीपुर निवासी हरविंदरपाल सिंह और जालंधर के खैहरा मुशतरका निवासी उसका दोस्त रतनपाल सिंह फिरोजपुर के गांव राजोके गट्टी व चांदीवाल में अपनी ममेरी बहन के पास मदद के लिए गए थे। बाढ़ से बहन के घर का सामान व पशुओं को निकाल रहे थे। बाकी लोगों को सुरक्षित निकाला और आखिर में जब भैंसों को निकाल रहे थे तो अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और दोनों पानी में बह गए। पाकिस्तान में पकड़े जाने, यातनाओं की पूरी कहानी… अब जानिए, रिहाई कैसे हुई? जासूसी के नाम पर लाहौर जेल में 20 भारतीयहरविंदर पाल सिंह ने बताया कि सेंट्रल जेल लाहौर की बैरक में करीब 20 से ज्यादा भारतीय कैदी बंद थे, जो कई सालों से पाक जेल में सड़ रहे हैं। उनको भी भारतीय जासूस होने के नाम पर पकड़ा गया है। कई गंभीर बीमार हैं, फिर भी जबरन काम करवाया जाता है। पिता को देख दौड़ा बेटा, पत्नी रोज अरदास करती1 फरवरी को पत्नी सिकंदर कौर, ससुर जीत सिंह और गांव के सरपंच जसवीर सिंह उसे अपने साथ गांव परजियां बिहारीपुर वापस लेकर पहुंचे। जैसे ही युवक गांव पहुंचा, माहौल पूरी तरह भावुक हो गया। उसे देखने के लिए गांव उमड़ पड़ा। सबसे मार्मिक पल तब आया जब अपने पिता को सामने देख बेटा दौड़कर उसकी गोद में चढ़ गया। बेटा बोला- “पापा, आप कहां चले गए थे?” ये शब्द सुनते ही सब की आंखें नम हो गईं। पत्नी सिकंदर कौर ने पति को सामने देख कहा- मुझे वाहेगुरु पर पूरा भरोसा था, मैं रोज गुरुद्वारा साहिब जाकर बस यही अरदास करती थी कि आप वापस लौट आएं। मुझे यकीन था, आप एक दिन जरूर आएंगे।
देश में अपनी विशेष पहचान बना चुके राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय जयपुर में आयुर्वेदिक दवाओं जैसे अवलेह, भस्म, चूर्ण, वटी, कैप्शूल, गुग्लू, क्वाथ या काढ़ा, सीरप और च्यवनप्राश के निर्माण की प्रक्रिया से लेकर जांच और औषधालयों में आपूर्ति करने तक का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा क्वालिटी से युक्त दवाओं की पैकिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट के साथ-साथ दवा देने पर पेशेंट काउंसलिंग, डोज लेने का तरीका का भी गहन अध्ययन करवाया जाएगा। संस्थान ने आयुर्वेद में बैचलर इन फार्मेसी एवं मास्टर इन फार्मेसी का नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की तैयारी कर ली है। सिलेबस के लिए गठित कमेटी गुजरात की जामनगर स्थित विवि और बनारस हिन्दू विवि एवं अन्य राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों का अध्ययन कर रही है। एनआईए जयपुर की एक्जीक्यूटिव काउंसिल में आयुर्वेद में बी-फार्मा एवं एम-फार्मा कोर्सेज के लिए सदस्यों की ओर से अनुमोदन किया जा चुका है। संभवतया अगले सत्र 2027-28 से कोर्सेज प्रारंभ किया जा सकेगा। हालांकि फीस और सीटों की संख्या का उच्च स्तरीय मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा। एनआईए जयपुर की हकीकत
जी राम जी योजना का बजट 14,308 करोड़ कम, ग्रामीण रोजगार खतरे में : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा नेताओं की ओर से बजट 2026 और जीराम जी योजना को लेकर किए जा रहे दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत है। बजट के आंकड़ों के बाद अब मनरेगा बचाओ संग्राम पार्टी आंदोलन तेज करेगी। वित्त वर्ष 2025-26 में मनरेगा का बजट 88,000 करोड़ रु. था। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इसे बढ़ाकर जी राम जी योजना के तहत 95,692 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि पहली नजर में यह वृद्धि सकारात्मक दिखती है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। क्योंकि यदि 100 दिनों के रोजगार की गारंटी के लिए 88,000 करोड़ की आवश्यकता थी, तो मांग के अनुरूप इसे 125 दिन करने के लिए कम से कम 1,10,000 करोड़ के बजट की आवश्यकता होनी चाहिए। इस हिसाब से वर्तमान आवंटित बजट अभी से ही 14,308 करोड़ कम है।
रविवार की दोपहर को ग्राम सगड़ा-झपनी में दाई तट नहर फूट गई। कुछ ही देर बाद हालत ऐसे हो गए कि जैसे बाढ़ आ गई हो। गेहूं, मटर और मसूर पानी के बहाव में बह गई। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्हें किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों पहले से नहर क्षतिग्रस्त थी, कई बार अधिकारी, सरपंच को भी बताया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजन नर्मदा घाटी विकास विभाग (NVDD) की लापरवाही से ना सिर्फ जबलपुर बल्कि सतना और रीवा के किसान भी बर्बाद होने की कगार में पहुंच गए। कलेक्टर के निर्देश पर अब प्रशासनिक अधिकारी खराब फसलों के सर्वे में करने में जुट गए हैं। बाढ़ जैसा सैलाबबरगी बांध की दाईं तट नहर से जबलपुर जिले के साथ-साथ सतना और रीवा के हजारों किसानों को खेती के लिए पानी दिया जाता है। रविवार दोपहर को नहर फट गई। जिसके चलते आसपास बाढ़ जैसे हालात बन गए। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ फसल पानी में बहर गई। कुछ ही देर बाद प्रशासनिक और नर्मदा घाटी के अधिकारी मौके पर पहुंचे जहां उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। आनन-फानन में डैम से गिर रहे पानी को बंद करवाया गया। नहर में लबालब पानी होने के कारण छह गांव के खेतों में पानी बह गया। नर्मदा घाटी विकास की लापरवाहीकिसान सोहन लाल का कहना है कि गांव के पास से निकलने वाली नहर में पानी का रिसाव हो रहा है। यह जानकारी नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को अच्छे से थी। दो साल पहले भी बताया गया था कि नहर के दोनों और से पानी का रिसाव हो रहा है। बीते 15 दिनों से नहर का पानी हर्रई नाले में जाकर मिलने लगा था। इस घटना के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह नर्मदा घाटी विभाग के अधिकारी। किसान सोहन लाल का कहना है कि नहर फूटने से जबलपुर जिले के किसानों की फसल पानी में भीगने से खराब हुई तो वही सतना और रीवा के किसानों की फसल सूखे से अब खराब होगी। बांध से निकलने वाले पानी को अभी बंद कर दिया गया है, इसके कारण पानी आगे तक नहीं पहुंच पाएंगे। पानी के अभाव में फसलें सूख जाएगी। सगड़ा-छपनी गांव में रहने वाले अभिषेक दुबे ने 60 एकड़ जमीन में गेहूं की फसल लगाई थी। नहर फूटने से उनकी सारी जमीन में पानी भर गया और फसल डूब गईं। खराब फसल देख अभिषेक इस कदर नाराज हुए कि खराब फसल का सर्वे करने गांव पहुंची तहसीलदार और पटवारी से बहस हो गई। अभिषेक का कहना है कि आज हमारा नुकसान हुआ तो सर्वे और मुआवजे की बात करते हुए अधिकारी आए हैं। पूछताछ और लिखा-पढ़ी करने के बाद चले जाएंगे और फिर मुआवजा के नाम पर चंद रुपए बांट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नहर के आसपास से पानी बहकर नाले में मिल रहा था, सभी जानते थे, पर किसी ने नहर की मरम्मत नहीं करवाई और फिर वहीं हुआ जिसका डर था। सैकड़ों एकड़ फसल सड़ने की कगार पररविवार की दोपहर से ही बांध से निकलकर नहर में मिलने वाले पानी को रोक दिया गया है। इसके बाद भी खेतों में पानी में भरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पानी में डूबने से हजारों एकड़ गेहूं,चना और मसूर की फसल पानी में डूब गई है। किसान तुलसी राम के पास चार एकड़ जमीन है। खेती से ही परिवार का जीवन यापन होता है। कर्ज लेकर खेत में फसल लगाई थी, जो कि नहर फूटने के कारण पूरी बर्बाद हो गई। अब तुलसी राम के सामने सबसे बड़ी परेशानी कर्ज चुकाने है की। उन्होंने बताया कि अगर समय रहते नहर को ठीक कर दिया जाता, तो आज यह हालात नहीं बनते। हर तरफ से किसान ही होंगे बर्बादनहर फूटने के कारण बरगी बांध से दाई तट की नहर में छोड़ा जाने वाला पानी फिलहाल रोक दिया गया है। जितना पानी नहर में भरा हुआ है, वह अभी भी खेतों तक पहुंच रहा है। एक तरफ किसान जहां खेतों में पानी भरने से परेशान है, तो वहीं दूसरी और वो किसान भी बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गया है, जो नहर में आश्रित था। मरम्मत के लिए बरगी डैम से पानी रोक दिए जाने के कारण फसल सूखने लगी हैं। किसानों को कहना है कि नहर को ठीक होने में कम से कम 1 माह लगेगा। ऐसे में ना सिर्फ जबलपुर बल्कि सतना और रीवा के हजारों किसानों की फसल सूख जाएंगी, क्योंकि अधिकतर किसान फसल की सिंचाई के लिए नहर में ही आश्रित है। कटनी-सतना-रीवा में भी फसल होगी बर्बादरविवार को जानकारी लगी थी कि कलेक्टर ने आदेश कर दिए थे कि सोमवार से नहर के मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन कोई भी नहीं आया। उन्होंने बताया कि दुख की बात तो यह भी है कि स्थानीय विधायक या फिर कोई अन्य नेता भी हालात को देखने नहीं पहुंचे हैं। नरेंद्र ने बताया कि 80 से 90 एकड़ जमीन में गेहूं का फसल लगाई थी। नहर के पानी के भरोसे ही थे, पर पानी मिलेगा नहीं ऐसे में फसल का खराब होना तय है। नर्मदा घाटी विकास विभाग की एक छोटी सी लापरवाही से हजारों नहीं बल्कि लाखों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गईं हैं। जबलपुर के अलावा कटनी, सतना और रीवा के किसानों को भी यहीं से पानी मिलता है, अब बांध से पानी छोड़ना बंद कर दिया है, तो फसल का सूखना तय है। पुल में भी खतरा मंडरायासगड़ा झपनी गांव को दूसरे गांव से जोड़ने के लिए नहर के ऊपर एक पुल बना है। रविवार को नहर फटने के बाद जिस तेज गाति से मिट्टी को काटते हुए पानी बहा है,उसने पुल पर भी खतरा बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के नीचे की मिट्टी बहने और क्रेक आ जाने के कारण इसका भी जल्द से जल्द रिपेयरिंग करना होगा। ग्रामीण रमेश कुशवाहा ने बताया कि नहर के साथ-साथ पुल पर भी प्रशासन को नजर बनाए रखने की जरूरत है। ड्रोन से हो रहा है सर्वे कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार सोमवार को मौके पर पहुंचे, और ड्रोन की मदद से खराब हुई फसलों का सर्वे किया जा रहा है। तहसीलदार पूर्णिमा खंडायत का कहना है कि ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में लीकेज हो रहा था, जो कि रविवार को बड़े रूप में सामने आया है। लापरवाही किसकी है, यह जांच का विषय है। फिलहाल अभी फसल छति का सर्वे हो रहा है। छह गांव में शुरूआती जांच चल रही है, जो कि आगे और भी गांव में बढ़ सकती है। एक नजर दायीं तट नहर परजबलपुर की रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) की दायीं तट नहर का पानी मुख्य रूप से जबलपुर से होकर कटनी, रीवा और सतना जिलों तक जाता है, जो इन क्षेत्रों की लगभग 2,45,010 हेक्टेयर (CCA) कृषि भूमि को सिंचित करती है। यह नहर प्रमुख रूप से रबी फसलों के लिए सिंचाई सुविधा प्रदान करती है। बायीं तट नहर में भी रिसावबरगी बांध से निकली बाईं तट नहर से भी रिसाव हो रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस एकवाडक्ट में रिसाव को सुधारने के लिए जल्द शासन स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। बरगी बांध के ब्लाक नंबर 3/10 सीवेज हो रहा है। भोपाल और दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम जांच कर चुकी है। पानी का रिसाव सामान्य स्तर से अधिक पाया गया, लेकिन टेंडर और काम देने की प्रक्रिया में ही मामला उलझा हुआ है। बताया जा रहा है कि 2021 में भी पाटन और मझौली ब्लाक में बरगी बांध की नहरें फूटी थी। पाटन के पास जिनवाणी कला में नहर फटने से लगभग ढाई सौ एकड़ में धान की फसल को नुकसान हुआ था। चरगंवा में नहर फूटने से कोहा नाले में पानी भर गया था। नहर की लंबाई: लगभग 197.40 किमी मुख्य नहर के साथ, इसकी सहायक नहरें हजारों किलोमीटर तक फैली हैं। सिंचाई क्षेत्र: यह परियोजना मुख्य रूप से जबलपुर, कटनी, रीवा और सतना के सूखे वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाती है। सिंचाई क्षमता: यह लगभग 2,45,0102 हेक्टेयर।सिंचाई का उद्देश्य: इस नहर का प्रमुख उद्देश्य इन जिलों के कमान क्षेत्रों में रबी फसलों की सिंचाई करना है। नहर पानी की आपूर्ति के माध्यम से जबलपुर और कटनी शहरों को घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी दिया जाता है। ये खबर भी पढ़ें… बरगी बांध की नहर टूटी, खेतों में घुसा पानी बरगी थाना क्षेत्र में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दोपहर करीब 12 बजे बरगी बांध की मुख्य दाईं तट नहर ग्राम सगड़ा-झपनी के पास टूट गई। नहर टूटते ही तेज बहाव के साथ पानी आसपास के 6 गांवों के खेतों में घुस गया, जिससे किसानों की खड़ी फसलें डूब गईं। देखते ही देखते खेत तालाब में तब्दील हो गए और ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।पूरी खबर पढ़ें
राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई पर अब सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। सोमवार को आईपीएच सभागार, नामकुम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मुख्यमंत्री अस्पताल रख-रखाव योजना, 15वां वित्त आयोग तथा पीएम-अभीम की प्रगति की समीक्षा की गई। 15वें वित्त आयोग की राशि के कम उपयोग पर नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी अस्पतालों में आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराई जाएं। यदि कहीं अतिरिक्त राशि की आवश्यकता हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा। जिन जिलों में प्रगति शून्य पाई गई है, उन्हें शो कॉज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो संबंधित सिविल सर्जनों के वेतन पर रोक सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना करते हुए पिछड़े जिलों को उनसे सीख लेने का निर्देश दिया गया। नगर परिषद एवं उप विकास आयुक्त द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 13 फरवरी तक उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किया जाए। किसी भी स्थिति में न्यूनतम 60 प्रतिशत राशि खर्च करना अनिवार्य होगा। बैठक में अभियान निदेशक एनएचएम शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कई जिलों में एंबुलेंस संचालन में आ रही समस्याओं पर चर्चा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने 108 एंबुलेंस सेवा को एकीकृत संचालन के तहत सौंपने का सुझाव दिया, ताकि मरीजों को सुरक्षित और सुचारू परिवहन सुविधा मिल सके।
8 सालों में घरों तक नहीं पहुंचा पानी, इस गर्मी भी 500 मुहल्ले रहेंगे प्यासे
रांची में नगर निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ी हुई है। 27 फरवरी को निकाय चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद शहर की सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा। लेकिन रांची की जनता के मन में आज भी एक सवाल है कि आखिर उन्हें पीने के लिए शुद्ध पानी कब मिलेगा। क्योंकि, घरों में जलापूर्ति के नाम पर पिछले 8 साल से लोग पानी का इंतजार कर रहे हैं। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने 3 परियोजनाओं के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया, लेकिन आज तक लोगों को पानी नहीं मिला। जबकि, शहर में अम्रुत, एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 1,101 करोड़ की लागत से पेयजलापूर्ति की चार योजनाएं चल रही हैं, लेकिन एक भी योजना अभी तक पूरी नहीं हुई। इसका नतीजा हुआ कि इस वर्ष गर्मी में भी करीब 500 मुहल्लों के 4 लाख लोगों को पाइपलाइन से पीने का पानी नहीं मिलेगा। ऐसे में शहर की नई सरकार के ऊपर बड़ी जवाबदेही होगी कि हरेक घरों में शुद्ध पानी पहुंचे। वाटर सप्लाई, फेज-1, लागत-266 करोड़ काम हुआ- 85%, क्या काम हुआ- 500 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछी, 9 जलमीनार बने है। काम बाकी है-3 जलमीनार का काम अधूरा है। कहां फंसा है -तिलता से रातू चौक तक राइजिंग पाइप का एनओसी नहीं मिल रहा है। एनएचएआई ने एस्टिमेट दिया वाटर सप्लाई फेज-2 बी, लागत- 260 करोड़ क्या काम हुआ- रूक्का में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। 280 किमी पाइप बिछी व चिरौंदी पहाड़ पर 280 लाख लीटर क्षमता का रिजर्ववायर बन रहा है। काम बाकी है- 100 किमी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। रिजर्ववायर का सिर्फ बेस बना है। कहां फंसा- बोड़ेया रोड में फ्लाईओवर प्रस्तावित होने की वजह से पाइपलाइन का काम बचा हुआ था। फाइलों में घूमता रहा एनओसी का प्रयास : अप्रैल 2022 में निगम के तत्कालीन डिप्टी मेयर ने जुडको के अफसरों के साथ बैठक कर एनएचएआई से एनओसी लेने को कहा। मई 2022 में जुडको की ओर से एनएचएआई व पथ निर्माण विभाग को एनओसी देने के लिए पत्र लिखा। नवंबर 2022 में निगम बोर्ड की बैठक में फिर एनओसी लेने के लिए संयुक्त बैठक बुलाने का निर्देश दिया, इसके बाद बैठक हुई, पर समाधान नहीं निकला। जेपी मार्केट आदर्श नगर में लाइन लगाकर पानी भरने किो मजबूर लोग। घरों में पानी पहुंचा नहीं, निगम पैसा मांग रहा : शहर के घरों में पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन दे दिया गया है, लेकिन अभी तक एक भी घर में पानी नहीं पहुंचा। दूसरी आेर नगर निगम जिन घरों में कनेक्शन दिया गया है उनके नाम पर पानी का बिल तैयार कर रहा है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब निकाय चुनाव का नामांकन करने गए प्रत्याशियों ने निगम से एनआेसी मांगा। वहीं निगम ने बकाये भुगतान का निर्देश दिया है। जेपी मार्केट आदर्श नगर निवासी अजय कुमार ठाकुर के घर सप्लाई के नाम पर पाइप लगा दी गई है। मीटर भी लग गया है। पर पानी की एक बूंद नहीं मिली है और 9,400 रुपए का बिल भेज दिया। पानी एक बूंद नहीं मिला...बिल आया 9400 रुपए का शहर के 2.6 लाख घरों में 24 घंटे पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जुडको द्वारा गेतलसूद डैम से नया राइजिंग लाइन बिछाई जा रही है। इसी लाइन से करीब 1000 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के माध्यम से घरों में पानी जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में पानी भेजने के लिए पहले फेज में 9 जलमीनार बनाए गए हैं। लेकिन जलमीनार तक पानी नहीं पहुंच रहा है। क्योंकि, तिलता चौक से पिस्का मोड़ होते हुए बनहोरा तक करीब 10 किमी और पिस्कामोड़ से न्यू मार्केट चौक तक करीब 2 किमी राइजिंग पाइपलाइन बिछाने का काम रुका हुआ है। राइजिंग पाइपलाइन नहीं बिछने से आईटीआई बस स्टैंड, पटेल पार्क हरमू, खादगढ़ा मधुकम, पहाड़ी टोला, बकरी बाजार, हटिया क्षेत्र और बनहोरा मंे बने दो जल मीनार तक पानी नहीं पहुंचेगा।
रांची में मेयर पद पर दो महिलाओं के बीच चुनावी जंग, झामुमो के कार्ड का इंतजार
रांची मेयर पद के लिए कांग्रेस और भाजपा समर्थित प्रत्याशी का एलान हो गया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर रमा खलखो को कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं भाजपा ने दो टर्म की पार्षद रहीं और भाजपा एसटी मोर्चा मोर्चा की प्रदेश मंत्री रौशनी खलखो को पार्टी समर्थित प्रत्याशी बनाया है। दो महिला उम्मीदवारों के उतरने से रांची मेयर पद के लिए चुनाव इस बार खासा दिलचस्प मोड़ ले चुका है। दो प्रमुख महिला उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला न सिर्फ कड़ा हुआ है, बल्कि चुनावी चर्चा का केंद्र भी बदल गया है। अब यह चुनाव केवल विकास के वादों तक सीमित नहीं, बल्कि नेतृत्व की नई सोच, प्रशासनिक शैली और महिला भागीदारी के बढ़ते प्रभाव का भी प्रतीक बन गया है। इस मुकाबले को लेकर मतदाताओं के बीच उत्सुकता भी बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें इस बार पारंपरिक समीकरणों से अलग एक अलग तरह की टक्कर देखने को मिल रही है। इधर, लोगों को झामुमो के पत्ते खोलने का इंतजार है। अब सारा कुछ झामुमो के अगले कदम पर बहुत हद तक निर्भर करेगा कि मुकाबला आमने-सामने का होगा या त्रिकोणीय और बहुकोणीय। झामुमो से जुड़े नेताओं को पार्टी के संदेश का इंतजार झामुमो की बात करें तो सोमवार को एक और झामुमो नेता अंतु तिर्की ने मेयर पद के लिए पर्चा खरीदा। इससे पूर्व झामुमो की ओर से कतरीना तिर्की, वीरू तिर्की, सुजीत कुमार कुजूर, रामशरण तिर्की आदि ने पर्चा खरीदा है। इस हिसाब से झामुमो की ओर से अब तक पांच नेताओं ने पर्चा खरीद लिया है। सोमवार को पर्चा खरीदने वाले अंतु तिर्की ने बताया कि सभी चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। हमने भी पर्चा खरीदा है। मगर अभी समय है, नाम वापसी तक भी अंतिम निर्णय हो सकता है। हमलोग पार्टी के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। आजसू नेता सुरेंद्र लिंडा भी मेयर के चुनावी मैदान में कूदे इधर सोमवार को आजसू पार्टी के महानगर संयोजक सुरेंद्र लिंडा ने भी पर्चा खरीदा। सुरेंद्र लिंडा ने बताया कि वे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। इस लिहाज से उनका हक बनता है। पर्चा खरीद लिया है। अब पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष एवं अन्य नेताओं से बातचीत करेंगे। मेयर पद के लिए पर्चा खरीदने वालों की संख्या 21 हुई बुधवार तक मेयर पद के लिए पर्चा खरीदने वालों की संख्या 21 पहुंच गई है। सोमवार को झामुमो की ओर से अंतु तिर्की, भाजपा की ओर से अजय मुंडा, आजसू की ओर से सुरेंद्र लिंडा, सुजीत विजय आंनद कुजूर, सेनेन डेजी सुरीन आदि ने पर्चा खरीदा। इससे पूर्व 16 लोगों ने पर्चा खरीदा है। जिसमें किरण कुमारी, संजय कुमार टोप्पो, रामशरण तिर्की, सुजीत कुमार कुजूर और प्रवीण कच्छप, रमा खलखो, विनोद कुमार बड़ाइक, तनुत तुलियो तिग्गा, बीरू तिर्की, देवी दयाल मुंडा, आरती देवी, सोनू खलखो, राजेंद्र मुंडा, सुनील फकीरा कच्छप, कतरीना तिर्की और सुजाता मिंज शामिल हैं। भाजपा एसटी मोर्चा मोर्चा की प्रदेश मंत्री हैं रौशनी खलखो। दो टर्म पार्षद रह चुकी हैं रौशनी, अब मेयर पद के लिए भरेंगी पर्चा रमा खलखो प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। वह दो बार रांची नगर निगम की पूर्व मेयर भी रह चुकी हैं।
पहली बार चुनावी ड्यूटी में ईवी, 4 पहिया से लेकर साइकिल तक का रेट तय
नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं। रांची जिला प्रशासन ने मतदान कर्मियों की आवाजाही, मतदान सामग्रियों के परिवहन और विभिन्न चुनावी कार्यों को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए परिवहन व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है। कुल 650 से अधिक वाहन चुनाव कार्य में लगाए जाएंगे। इसमें बस, मिनी बस, कार, जीप, ट्रक, ऑटो, टेंपो, बाइक, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। प्रशासन ने इन वाहनों के लिए दैनिक भाड़े की दरें भी निर्धारित कर दी हैं। यात्री बसों की दरें उनकी सीट क्षमता के आधार पर तय की गई हैं। 49 या उससे अधिक सीटों वाली बस के लिए प्रतिदिन 3530 रुपए, 33 से 48 सीटों वाली बस के लिए 2980 रुपए और 23 से 32 सीटों वाली बस के लिए 2520 रुपए प्रतिदिन का भुगतान तय किया गया है। 14 से 22 सीटों वाली मिनी बस के लिए 1800 रुपए तथा 8 से 13 सीटों वाली मिनी बस के लिए 800 से 1400 रुपए प्रतिदिन की दर तय की गई है। पहली बार चुनाव कार्य में ईवी का इस्तेमाल किया जाएगा। महिंद्रा एक्सयूवी 400 इवी, टाटा नेक्सन इवी और टाटा टिगोर इवी के लिए एसी में 1470 रुपए और बिना एसी के 1280 रुपए प्रतिदिन दिए जाएंगे। टाटा पंच इवी और टाटा टियागो इवी के लिए एसी में 1340 रुपए तथा नॉन-एसी में 1170 रुपए तय किए गए हैं। इलेक्ट्रिक ऑटो को 620 रुपए और ई-रिक्शा व ई-कार्ट को 400 रुपए प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा। ऑटो, बाइक, स्कूटर व साइकिल भी निकाय चुनावी की ड्यूटी पर वाहन दर प्रतिदिन मिनी बस वाहन 22 तक होंगे जमा, मोरहाबादी में वेरिफिकेशन चुनाव ड्यूटी में लगने वाले सभी वाहन 21 और 22 फरवरी को मोरहाबादी मैदान में जमा किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित स्कूल प्रबंधन, वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मोरहाबादी मैदान में वाहनों की साइनिंग और सत्यापन के लिए विशेष कार्यालय बनाया जाएगा। इसी स्थान से मतदान कर्मियों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और अन्य चुनाव से जुड़े कर्मियों को मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। इसके अलावा मतदान सभी सामग्रियों को भी निर्धारित गंतव्य तक भेजा जाएगा। इनोवा के 1520 व स्विफ्ट के 1340 रुपए दिए जाएंगे प्रशासन ने कार, जीप और अन्य हल्के वाहनों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की हैं। एर्टिगा, सेंट्रो, इंडिका, विंगर और फोर्ड जैसी एसी गाड़ियों के लिए 1340 रुपए व बिना एसी गाड़ियों के लिए 1170 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किए गए हैं। एसेंट, सिएना और जाइलो जैसे वाहनों के लिए एसी में 1470 और नॉन-एसी में 1280 रुपए तय किए गए हैं। इनोवा के लिए एसी में 1520 और बिना एसी के 1340 रुपए रोज मिलेंगे। स्विफ्ट और इंडिगो के लिए एसी में 1340 रुपए तथा नॉन-एसी में 1220 रुपए निर्धारित किए गए हैं। स्कॉर्पियो, टाटा सफारी, ट्रेवेरा, शेवरलेट, बीट और वरना जैसे वाहनों के लिए 1470 रुपए प्रतिदिन की दर लागू होगी।
वार्ड 9 और 10 में सप्लाई पानी के वादे अधूरे, डराती हैं खुली नालियां
निकाय चुनाव को लेकर मुहल्लों में सरगर्मी बढ़ गई है। लोगों में इसको लेकर उत्साह भी है। पर वार्ड 9 और 10 के लोगों में इसको लेकर निराशा भी है। पिछले निकाय चुनाव में उनसे जो वादे किए गए, वे सभी वादे ही रह गए। सड़क, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट, नालियां… सभी को लेकर लोगों के मन में असंतोष है। वार्ड नंबर-9 के दिनेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में सभी स्ट्रीट लाइट खराब हैं। सड़क पर आवारा कुत्ते घूमते हैं, जिससे रात में लोगों को काफी परेशानी होती है। चोरी का खतरा भी बना रहता है। बबलू कुजूर ने बताया कि इलाके में नालियों की साफ-सफाई पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है। ज्यादातर नालियां खुली हैं, दुर्घटना होने का डर रहता है। ममता देवी ने बताया कि नगर-निगम की गाड़ी कचरा उठाने तो आती है लेकिन 2-2 मिनट भी दरवाजे पर नहीं रुकती है। वहीं वार्ड नंबर-10 की जया टोप्पो ने बताया कि गितिल कोचा में नाली का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा होता है। रिम्स रोड की ओर से बारिश का सारा पानी क्षेत्र में भर जाता है और लोगों को परेशानी होती है। टुंकी टोला के जय महतो ने बताया कि क्षेत्र में सप्लाई का पानी नहीं आता है। कहीं-कहीं पाइप बिछाया गया है लेकिन उसमें अभी तक पानी का कनेक्शन नहीं मिला है। स्ट्रीट लाइट भी खराब है। तिरिल बस्ती की सड़कें जर्जर हैं। निवर्तमान पार्षद अर्जुन यादव ने कहा कि क्षेत्र में नाली और पानी की समस्या है। कई नालियां खुली हैं, उसे बंद कराना होगा। पानी का कनेक्शन नहीं मिलने के कारण गर्मी के दिनों में दिक्कतें आती है। काम जो क्षेत्र में हुए: तिरिल तालाब का सुंदरीकरण हुआ, कुछ सड़कों और नालियों में मरम्मत का काम हुआ है। ये काम बचे रह गए: नालियों को ठीक कराने की जरूरत। पाइपलाइन है, लेकिन पानी नहीं आता है। क्षेत्र : कोकर, हैदरअली रोड, तिरिल बस्ती, जामुन टोली, गितिल कोचा, कोकर बाजार, भाभा नगर, बैंक कॉलोनी, ट्रेंड्स कॉलोनी, वर्दवान कंपाउंड, बिराजनगर, सरहुल नगर, टुंकी टोला, शिवशक्ति नगर, धोबी घाट। काम जो क्षेत्र में हुए : कुछ गलियों में नालियां बनी हैं, पीसीसी सड़कों को लेकर काम हुआ है। ये काम बचे रह गए : सड़कें जर्जर हैं, वाटर सप्लाई नहीं दिया गया है। क्षेत्र में कुत्तों का आतंक है। क्षेत्र : जोड़ा तालाब, बरियातू हाउसिंग कॉलोनी, स्वामी सहजानंद नगर, ढेलाटोली, चेशायर होम रोड, तिरील, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, संस्कृति विहार, दिवाकर नगर, शांति नगर, रामनगर, साईं विहार।
गार्ड हटाए गए, कर्मी पर कार्रवाई, डॉक्टर की भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित
सदर अस्पताल में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले में पैसे लेने के आरोपी गार्ड को हटा दिया गया है। वहीं सिविल सर्जन ऑफिस के कर्मी (जिस पर आवेदकों से पैसे लेने के आरोप है) पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फर्जी सर्टिफिकेट बनाने में किन- किन डॉक्टरों की मिलीभगत है, इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी में डॉ. रमेश कुमार गुप्ता, डॉ. अखिलेश झा, डॉ. उषा, डॉ. स्टीफन खेस और डॉ. शिल्पा तिग्गा शमिल हैं। सदर अस्पताल के डिप्टी सुप्रीटेंडेट डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि कमेटी तीन दिनों के बाद गुरुवार को अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सर्टिफिकेट बनाने में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए भी कई कदम उठाये जा रहे हैं। रविवार को दैनिक भास्कर में शीर्षक न जांच, न ही मरीज की जरूरत, बस 300 रु दीजिए, आधे घंटे में दिव्यांग भी पूरी तरह फिट से खबर छपी थी। इसमें स्टिंग की माध्यम से बताया गया था कि किस प्रकार सदर अस्पताल में पैसे लेकर फर्जी सर्टिफिकेट धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर में एक फरवरी को छपी थी खबर।
नो-एंट्री में बेखौफ घुस रहे मालवाहक, पुलिस वीवीआईपी मूवमेंट में ही व्यस्त
राजधानी को जाम से मुक्त करने और दुर्घ टनाएं रोकने के लिए सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बड़ी गाड़ियों की शहर में नो एंट्री है। प्रमुख सड़कों पर बड़े मालवाहक वाहनों व मेन रोड में भी दिन में छोटे माल ाहक वाहनों की इंट्री नहीं है। बावजूद नियमों की अवह लना कर शहर की प्रमुख सड़कों पर दिनभर मालवाहक गाड़ियों का परिचालन हो रहा है। ट्रैफिक पुलिस के सामने से मालवाहक गाड़ियां आना जाना कर रही हैं, लेकिन न उन्हें और न उनके अधिकारियों को यह दिखाई दे रहा है। दैनिक भास्कर ने सोमवार को शहर की प्रमुख सड़कों पर पड़ताल कर नो इंट्री की हकीकत जानी। इस दौरान हर रूट पर नो इंट्री में मालवाहक वाहन आता जाता दिखा। जाम से परेशान रहेगी : मेन रोड, मेडिकल चौक बरियातू, करमटोली चौक, जोड़ा तालाब रोड चौक, रातू रोड, पिस्का मोड़ और कोकर, खेलगांव रोड समेत विभिन्न प्रमुख सड़कों पर सोमवार को दिनभर रुक-रुक कर जाम लगता रहा। इससे वाहन सवार समेत आमलोग परेशान रहे। बाजवूद ट्रैफिक स्मूथ कराने के बजाए चौक-चौराहों पर तैनात जवान वाहन सवार का चालान काटने में ही व्यस्त दिखे। वीवीआईपी मूवमेंट की जानकारी मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी रेस हो रहे थे। सभी वाहन सवार का परिचालन बंद करा वहां से वीवीआईपी का मूवमेंट करा रहे थे। काफिला पार होने के बाद जवान िफर वाहनों की कागजात जांचने में व्यस्त रहे।
हेमंत हुए भावुक, बोले- झारखंड के लोग अब बोका व कमजोर नहीं
चाईबासा के सेरेंगसिया में कोल विद्रोह के शहीदों को दी श्रद्धांजलिझामुमो के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार देर रात दुमका के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि अब केंद्र सरकार झारखंड को कमजोर और बोका समझने की भूल न करे। किसी भी सूरत में झारखंड के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के निधन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मंच से बोलते समय उनकी आंखें भर आईं और गला रुंध गया। खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि आज वह भावुक भी हैं और उत्साहित भी। पहले झारखंड के लोग संघर्ष के जरिए अपने अधिकार हासिल करते थे, लेकिन अब कानून के दायरे में रहकर अपने हक और अधिकार सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की 42 प्रतिशत खनिज संपदा झारखंड में है, लेकिन केंद्रीय बजट में राज्य के लिए कुछ भी नहीं है। झारखंड को उसके खनिजों की 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी अब तक नहीं दी गई, जो यहां की जनता के साथ सीधा अन्याय है।उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग आर्थिक रूप से भले कमजोर रहे हों, लेकिन इतने भी कमजोर नहीं हैं कि सामंती ताकतों की साजिश और राजनीतिक षड्यंत्र को न समझ सकें। गांव से चलती है सरकार, रांची से नहीं: सीएम चाईबासा|मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की सरकार गांव से चलती है, रांची से नहीं। सरकार आम जनता के सुख-दुख की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। वे पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित सेरेंगसिया शहीद स्थल पर आयोजित शहीद दिवस सह विकास एवं रोजगार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर पहुंचकर कोल विद्रोह के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने कहा कि यह पावन धरती जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों की गवाही देती है। उनके संघर्ष से आज की पीढ़ी को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही राज्य के 1479 युवाओं को विभिन्न विभागों के नियुक्ति पत्र सौंपे। 197 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास मुख्यमंत्री ने 398.19 करोड़ की लागत से 197 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 224.78 करोड़ की लागत से 122 योजनाओं का शिलान्यास और 173.40 करोड़ की लागत से 75 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत 3.77 लाख लाभार्थियों के बीच 637.43 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
बेटे ने लगाई फांसी, मां-बेटी ने खाई नींद की कई गोलियां
अरगोड़ा थाना क्षेत्र के कडरू स्थित न्यू एजी कॉलोनी में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई। आर्थिक तंगी से परेशान एक परिवार ने सामूहिक आत्महत्या की कोशिश की। इसमें फांसी लगाने से 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी अधिवक्ता मां और 14 वर्षीय बहन नींद की गोलियां खाने के बावजूद बच गईं। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान मिहिर शेखर (24) के रूप में हुई है। मिहिर ने सीए था। पर नौकरी नहीं होने से परेशान था। उसकी मां स्नेहा अखौरी (50) झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता हैं, जबकि बहन सौम्या (14) कक्षा 8 की छात्रा है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, परिवार में फिलहाल कोई कमाने वाला नहीं था। इसी कारण पिछले कुछ दिनों से पूरा परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। इलाजरत सौम्या ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर पूरे परिवार ने आत्महत्या का फैसला लिया था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पिता की मौत के बाद मामा के घर रहता था परिवार पुलिस जांच में सामने आया है कि मिहिर पिछले कई वर्षों से मां और बहन के साथ अपने मामा के घर रह रहा था। उसके पिता कुमार संजय, जो एक बैंक अधिकारी थे, उनका 13 साल पहले हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी मिहिर की मौसी किरण अखौरी ने संभाली। मौसी सेल टैक्स विभाग में ज्वाइंट कमिश्नर पद से रिटायर्ड थीं। उन्होंने ही मिहिर की पढ़ाई पूरी कराई और बहन का खर्च भी उठाया। सीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद मिहिर को कोलकाता की एक निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। 13 जनवरी को मिहिर की मौसी किरण अखौरी का अचानक निधन हो गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 15 दिन पहले मिहिर कोलकाता से रांची आया था। इसके बाद उसकी नौकरी भी चली गई। झूठ बोलकर 3 दिन से घर में बंद थे मां-बेटे और बेटी परिजनों ने बताया कि स्नेहा ने शुक्रवार को ही ननद सुधा सिन्हा को बताया था कि वे परिवार के साथ कोलकाता जा रही हैं। इसके बाद वे बेटी और बेटे के साथ फ्लैट बंद कर तीन दिनों तक घर के अंदर ही रहीं। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे ऊपर रहने वाली मामी सुधा सिन्हा को घर के अंदर से तेज आवाज सुनाई दी। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी खटखटाने के बाद सौम्या ने दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। सुधा सिन्हा ने बताया कि उन्हें लगा था कि पूरा परिवार कोलकाता चला गया है। लेकिन दोपहर में बंद घर से तेज आवाज आई। दरवाजा खुलवाने पर देखा कि मिहिर फांसी लगा चुका है। स्नेहा-सौम्या बदहवास हालत में थे। 15 दिन पहले नौकरी छूटने से परेशान था मिहिर शेखर रविवार की देर रात तीनों ने एक साथ लिया था सुसाइड करने का फैसला रविवार देर रात मां स्नेहा अखौरी ने बेटा-बेटी के साथ आत्महत्या की योजना बनाई थी। तय हुआ कि नींद की गोलियां खाएंगी, जबकि भाई फांसी लगाएगा। मां-बेटी ने एक साथ 17-17 पत्ते नींद की दवाइयां खा लीं। सोमवार दोपहर अचानक तेज आवाज से सौम्या की नींद खुली। सामने हॉल में भाई मिहिर फंदे से झूल रहा था और नीचे कुर्सी गिरी हुई थी। उसने चाकू से गमछा काटकर भाई को नीचे उतारा। इसके बाद मेन गेट खटखटाने की आवाज आई। किसी तरह वहां तक पहुंच कर उसने कुंडी खोली। फिर सामने खड़ी मामी अखौरी सुधा सिन्हा को पूरी जानकारी दी। बेटे की मौत, मां-बेटी की हालत गंभीर, निजी अस्पताल में इलाज
झारखंड को मिलेगी नई दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन, झारखंड के लिए 7,536 करोड़ रूपए का आवंटन
केंद्रीय रेल बजट 2026 में झारखंड के लिए 7,536 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष से 234 करोड़ ज्यादा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि 2009-14 के दौरान झारखंड को औसतन 457 करोड़ मिलते थे, जबकि अब यह राशि करीब 16 गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में इस समय 63,470 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य चल रहे हैं। इनमें नए ट्रैक निर्माण, डबलिंग, स्टेशन पुनर्विकास और स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली कवच शामिल हैं। रेल मंत्री ने बताया कि राज्य को दो नई अमृत भारत ट्रेनें मिलने वाली हैं। इनमें से एक धनबाद–कोयंबटूर रूट पर जल्द शुरू होगी। इससे यात्रा समय घटेगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। गोमो-गया-प्रयागराज के रास्ते कोयंबटूर जाएगी अमृत भारत ट्रेन: प्रस्तावित धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस गोमो, गया, डीडीयू, प्रयागराज छिवकी, जबलपुर, गोंदिया, विजयवाड़ा, पेरम्बूर और काटपाड़ी के रास्ते होगा। इससे दक्षिण भारत खासकर इलाज के लिए वेल्लोर जाने वालों को एक और ट्रेन मिलेगी। यह ट्रेन चलेगी तो झारखंड के कई क्षेत्रों के यात्रियों को दक्षिण भारत की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी। अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्देश्य आम यात्रियों को कम किराए में तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवा उपलब्ध कराना है। 917 किमी में चल रहा कवच का काम झारखंड में 1,907 रूट किमी के लिए कवच सिस्टम स्वीकृत है, जिसमें से 917 किमी में काम चल रहा है। कवच भारतीय रेलवे का स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो लाल सिग्नल पार करने या अत्यधिक गति की स्थिति में अपने-आप ब्रेक लगाकर दुर्घटनाओं को रोकता है। यह ट्रेन, ट्रैक और सिग्नल के बीच डिजिटल संचार से काम करता है और मानवीय भूल से होने वाली घटनाओं को कम करता है। होली पर स्पेशल ट्रेनें : होली के अवसर पर पटना, जयनगर, समस्तीपुर और गोरखपुर के लिए होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
सुप्रीम कोर्ट में आज इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस पर डाली गई रेड मामले पर सुनवाई होगी। यह रेड कोयला तस्करी घोटाले की जांच में 8 जनवरी को की गई थी। ED ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। आरोप है कि रेड के दौरान CM ममता मौके पर बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं। 14 जनवरी को हुई सुनवाई में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा था कि सरकार ED के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी करके 2 हफ्तों में जवाब मांगा था। 2 फरवरी को राज्य सरकार ने नोटिस के जवाब में कहा- एजेंसी की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। इस तरह का मामला पहले से कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए दो संवैधानिक अदालतों में एक साथ कार्यवाही नहीं हो सकती। SC बोला- इस मामले में कुछ बड़े सवाल सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस मामले में कुछ बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला तो अराजकता फैल सकती है। अगर केंद्रीय एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की जांच के लिए ईमानदारी से अपना काम कर रही हैं, तो क्या उन्हें राजनीति करके रोका जा सकता है? सरकार बोली- ED को याचिका दायर का मौलिक अधिकार नहीं राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा कि ईडी को सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर करने का मौलिक अधिकार नहीं है। आरोप लगाया कि ED ने तलाशी और जब्ती की है जो उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। ऐसा करना गोपनीय संवाद का उल्लंघन है। दरअसल ED ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान CM ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं। 14 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट में ED की 3 बड़ी दलीलें… भाजपा बोली- ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका भाजपा ने कहा था कि आज ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। इससे साबित हो गया है कि जंगल राज कैसा होता है। राज्य सरकार को जांच एजेंसी की मदद करनी चाहिए, लेकिन ममता बनर्जी ने फाइलें ही ले लीं। जो सोचता है कि वह संविधान से ऊपर हैं। अब यह नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल द्वारा ED अधिकारियों के खिलाफ दायर FIR पर रोक लगा दी है। 2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा I-PAC छापा मामला ED ने कोयला तस्करी से जुड़े ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। यह मामला अब 5वें साल में है, लेकिन कार्रवाई ठीक उस वक्त सामने आई, जब बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में चुनाव होने हैं। I-PAC भारत की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है, जो राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार ने जांच में बाधा डाली और सबूत नष्ट किए। 14 जनवरी: कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की याचिका खारिज की कलकत्ता हाइकोर्ट ने I-PAC रेड मामले में बुधवार को TMC की याचिका खारिज कर दी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी ने 8 जनवरी को प्रतीक जैन के ऑफिस पर रेड मारकर कुछ कागजात जब्त किए थे। इस पर जांच एजेंसी ने कहा कि एजेंसी ने पार्टी दफ्तर से कुछ भी जब्त नहीं किया है। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी: TMC के IT हेड के ठिकानों पर ED की रेड 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। 9 जनवरी: ममता बनर्जी ने कोलकाता में मार्च निकाला 9 जनवरी को TMC के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर दो FIR भी दर्ज कराई है। उन्होंने कोलकाता में मार्च भी निकाला। इस दौरान ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। मेरे पास इसके सबूत हैं। जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने पेश कर सकती हूं। सीएम ने कहा था- कोयला घोटाले का पैसा शाह को भेजा गया ममता ने 9 जनवरी को मार्च के दौरान आरोप लगाया है कि कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी ने इस्तेमाल किया और अमित शाह को भेजा। उन्होंने कहा था कि मैं आमतौर पर प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन अगर कोई मुझे छेड़ता है तो मैं छोड़ती नहीं हूं। इस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बनर्जी को मानहानि का नोटिस भेजा। नोटिस में उन्होंने 72 घंटे के भीतर कथित आरोपों से जुड़े सभी सबूत पेश करने की मांग की गई। ……………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं:बंगाल से पहले 3 राज्यों में यही पैटर्न; महाराष्ट्र-दिल्ली-झारखंड के बाद तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी में छापेमारी पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ED का काम आर्थिक अपराधों की जांच करना, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाना है, लेकिन कई बार उसकी कार्रवाई की टाइमिंग सवालों के घेरे में आ जाती है। पूरी खबर पढ़ें…
मैट्रिक-इंटर की परीक्षा आज से, 7.48 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
रांची| झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की मैट्रिक और इंटरमीडिएट (आर्ट्स, साइंस व कॉमर्स) की परीक्षा मंगलवार से शुरू हो रही है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली में मैट्रिक और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा होगी। जैक बोर्ड के अनुसार, इस वर्ष कुल 7 लाख 48 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 4 लाख 23 हजार मैट्रिक और 3 लाख 25 हजार इंटरमीडिएट के विद्यार्थी हैं। परीक्षा के लिए राज्यभर में 1,989 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचने का निर्देश दिया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती पूरी कर ली गई है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराई जा सके।
झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जेयूटी) के अंतर्गत संचालित विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों में डिप्लोमा 5वें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है। डिप्लोमा परीक्षा में शामिल 4 हजार छात्रों को संबंधित विषय का सही प्रश्नपत्र नहीं मिला। प्रश्नपत्र पर बीटेक से जुड़े सब्जेक्ट कोड और विवरण अंकित पाए गए। यह परीक्षा राज्य के 12 केंद्रों पर एक साथ आयोजित की जा रही थी। जानकारी के अनुसार डिप्लोमा 5वें सेमेस्टर में नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी (Renewable Energy Technology) की परीक्षा 30 जनवरी को आयोजित की गई थी। विषय का निर्धारित सब्जेक्ट कोड EEEPE502 है। हालांकि प्रश्नपत्र पर जो कोड प्रकाशित था, वे परीक्षा रूटीन से मेल नहीं खाते थे। प्रश्नपत्र पर CSEPE 504, AIMPE 504, CCBPE 504, CEIPE 504, CSIC 501 और ECEOE 501 कोड अंकित था। ये कोड डिप्लोमा पाठ्यक्रम से संबंधित नहीं हैं। 30 जनवरी को परीक्षा शुरू होने से पहले, जब प्रश्नपत्र छात्रों को बांटे गए, तब गड़बड़ी की जानकारी मिली। कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने प्रश्नपत्र में अंतर होने की बात केंद्राधीक्षक को बताई। इसके बाद केंद्रों की ओर से यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचना दी गई। छात्रों को परीक्षा देने के लिए कहा गया और यह बताया गया कि इस संबंध में निर्णय यूनिवर्सिटी स्तर से लिया जाएगा। गड़बड़ी के बाद मॉडरेशन प्रक्रिया पर सवाल परीक्षा में शामिल कुछ छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र में पूछे गए कई प्रश्न पाठ्यक्रम से अलग प्रतीत हो रहे थे। छात्रों के अनुसार, विषयवस्तु अपेक्षाकृत उच्च स्तर की थी। इस कारण परीक्षा के दौरान छात्रों को प्रश्न समझने में कठिनाई हुई। परीक्षा से जुड़े शिक्षकों ने बताया कि प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसका मॉडरेशन किया जाता है। मॉडरेशन के दौरान विषय, सब्जेक्ट कोड और पाठ्यक्रम से संबंधित बिंदुओं की जांच की जाती है। इस मामले में प्रश्नपत्र में अंतर पाए जाने के बाद मॉडरेशन प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हो रही है।
बाबा राइस ग्रुप...100 करोड़ की टैक्स चोरी मिली, 42 ठिकानों पर सोमवार को भी देर रात तक छापेमारी जारी
आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (रांची) की ओर से कच्चे कागजात पर कर चोरी के मामले में रांची, जमशेदपुर, पटना, गया और औरंगाबाद में बाबा राइस मिल ग्रुप और चावल कारोबार से जुड़े बड़े आढ़तियों (कमीशन एजेंटों) के 42 ठिकानों पर सोमवार को भी देर रात तक छापेमारी जारी रही। अब तक की छापेमारी में करीब 100 करोड़ रुपए के कर चोरी का मामला सामने आया है। छापेमारी में आयकर की टीम ने 5 करोड़ रुपए नकद और 14 करोड़ के आभूषण जब्त किए हैं। इसके अलावा 40 करोड़ रुपए के अनएकाउंटेड लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। आयकर विभाग की टीम के समक्ष संबंधित लोग नकद और आभूषण के संबंध में कोई संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। आयकर की यह छापेमारी गुरुवार की सुबह 7 बजे एक साथ सभी ठिकानों पर शुरू हुई थी, जो सोमवार देर रात तक जारी रही। 25 करोड़ की बिल्डिंग, दिखाया 5 करोड़ का छापेमारी में आयकर विभाग की टीम को कई बिल्डिंग से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने आयकर रिटर्न में बिल्डिंग की कीमत काफी कम दर्शाई थी। जिन बिल्डिंग की वास्तविक कीमत 25 करोड़ रुपए से अधिक थी, उसे आयकर रिटर्न में महज 5 करोड़ रुपए दिखाया गया था। इस तरीके से बड़े पैमाने पर कर चोरी की गई। आयकर विभाग की टीम ने इससे जुड़े सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। -शेष पेज 11 पर
चौबे ने पटना-नोएडा की संपत्ति और विदेश यात्रा पर साधी चुप्पी
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे से चार दिनों तक रिमांड पर पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद एसीबी ने उन्हें विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें पुनः न्यायिक हिरासत में रिम्स भेज दिया गया। फिलहाल वहीं उनका इलाज जारी रहेगा। एसीबी ने 30 जनवरी को न्यायिक हिरासत में रिम्स में इलाजरत विनय कुमार चौबे को रिमांड पर लिया था। चार दिनों की पूछताछ के दौरान एसीबी ने विभाग को सूचित किए बिना की गई विदेश यात्राओं, पटना और नोएडा में अचल संपत्ति की खरीद, ससुर के साथ हुए वित्तीय लेन-देन तथा ससुर के नाम पर संपत्ति अर्जित किए जाने से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ में कई अहम दस्तावेजों और लेन-देन को लेकर सवाल किए गए, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। एसीबी मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पूछताछ के दौरान विनय कुमार चौबे ने अपने ससुर के साथ वित्तीय लेन-देन और उनके नाम पर अरगोड़ा के अशोक नगर में अचल संपत्ति की खरीद की बात स्वीकार की है। हालांकि पटना और नोएडा में अचल संपत्ति की खरीद से जुड़े सवालों पर चौबे ने चुप्पी साधे रखी। इन संपत्तियों की खरीद में लगाए गए धन के स्रोत को लेकर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, विदेश यात्रा के मामले में भी चौबे ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने विभाग को इसकी लिखित सूचना नहीं दी थी। हालांकि उनका दावा है कि विभाग को उनके विदेश दौरे की जानकारी थी। एसीबी इस दावे की भी जांच कर रही है।
होली में घर लौटना चुनौती:रांची आने वाली सभी ट्रेनों में वेटिंग, विमान किराया हुआ डेढ़ से दोगुना
होली आने में अब केवल एक माह बचा है और झारखंड आने-जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन और विमान दोनों ही अत्यधिक व्यस्त हो गए हैं। राजधानी रांची और हटिया आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं और कई में लंबी वेटिंग है। उदाहरण के लिए, जम्मूतवी-संबलपुर एक्सप्रेस, झारखंड संपर्क क्रांति, रांची राजधानी साप्ताहिक और लोकमान्य हटिया एक्सप्रेस में फरवरी- अगस्त तक कई श्रेणियों में वेटिंग लंबी है। बिहार, ओडिशा और बंगाल से आने वाली ट्रेनों में भी तेजी से सीटें भर रही हैं। विमान यात्रा के मामले में स्थिति और चुनौतीपूर्ण है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरू और कोलकाता से रांची आने वाली उड़ानों का किराया होली के समय सामान्य से डेढ़ से दोगुना तक पहुंच गया है। दिल्ली-रांची की फ्लाइट की टिकट 7,000-9,000 रुपए, मुंबई-रांची ₹9,000-11,000 और चेन्नई-रांची ₹10,000-12,000 तक में बिक रही हैं। जबकि सामान्य दिनों में ये किराए 5 से सात हजार तक रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, होली के अवसर पर झारखंड के हजारों छात्र, कामगार और व्यवसायी घर लौट रहे हैं। इस कारण ट्रेन और विमान दोनों ही विकल्पों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। यात्रियों के लिए समय और बजट के अनुसार जल्दी बुकिंग करना इस बार जरूरी हो गया है, ताकि होली पर सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके। प्लेन का किराया 27 फरवरी से दो मार्च तक ( नोट : दिल्ली और मुंबई से रांची आने का सामान्य किराया 5-6 हजार, चेन्नई व बेंगलुरू से आने का 6-7 हजार, कोलकाता से 3 हजार रुपए है।) रांची आने वाली ट्रेनों में बुकिंग की स्थिति (नोट : बिहार, ओड़िशा, बंगाल आदि से आने वाली कई ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं) होली में बाहर से आने वालों की इन्क्वायरी बढ़ी : शैलेश झारखंड में होली के अवसर पर दक्षिण भारत और दिल्ली से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। झारखंड चैंबर टूरिज्म समिति के चेयरमैन शैलेश अग्रवाल ने कहा कि टिकट की इनक्वायरी लगातार बढ़ रही है, जिससे सीट उपलब्धता कम और किराया बढ़ गया है। वर्तमान में विमान कम ऑपरेट हो रहे हैं, जबकि ट्रेनों में भी कई श्रेणियों में लंबी वेटिंग है। यात्री यथा शीघ्र बुकिंग करा लें। जेडआरयूसीसी सदस्य बोले... होली के दौरान स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने कहा कि होली के समय सभी ट्रेनें फुल हो गई हैं। रेलवे को सभी प्रमुख रूटों पर शीघ्र स्पेशल ट्रेनें चलानी चाहिए। उन्होंने दक्षिण भारत के लिए नियमित ट्रेनें चलाने की भी मांग की है। डीआरयूसीसी सदस्य विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि जैसे-जैसे होली निकट आएगी, टिकट की उपलब्धता कम होती जाएगी, इसलिए रेलवे को अतिरिक्त कोच लगाने चाहिए।
‘जायका’ पर जंग... रजिस्ट्रार ऑफिस में हंगामा, छात्रों के दो गुटों ने एक-दूसरे को दी धमकी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी अब पढ़ाई का नहीं, टकराव का केंद्र बनती जा रही है। विवि के एमबीए डिपार्टमेंट में प्रस्तावित ‘जायका फूड फेस्टिवल’ ने ऐसा बवाल खड़ा किया कि पिछले चार दिनों से तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन जारी है। सोमवार को हालात तब बेकाबू हो गए, जब रजिस्ट्रार कार्यालय में छात्र दो गुटों में बंटकर आमने-सामने आ गए। इस क्रम में टेबल पीटी गई, धमकियां दी गईं और माहौल खुली अराजकता की तरफ बढ़ता दिखा। विवि रजिस्ट्रार डॉ. धनंजय कुमार वासुदेव द्विवेदी के कार्यालय में हालात विस्फोटक हो गए। फूड फेस्ट के समर्थन और विरोध में खड़े छात्रों ने एक-दूसरे को देखते ही आक्रोश जाहिर किया। देख लेंगे, बाहर मिलना... जैसे शब्द सुने गए। यह सिर्फ विरोध नहीं, प्रशासन को खुली चुनौती जैसा दृश्य था। फेस्ट रद्द होने का नोटिस पहले ही जारी हो चुका है छात्रों द्वारा दो दिन की तालाबंदी के बाद डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार ने जायका फूड फेस्टिवल को रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। डीएसडब्ल्यू का कहना था कि पिछले वर्ष ऐसे आयोजनों से अन्य विभागों की कक्षाएं बाधित हुई थीं। कैंपस को पकौड़ा बाजार नहीं बनने दिया जाएगा। दोनों गुट के छात्रों का यह है तर्क फूड फेस्ट के समर्थन में खड़े छात्रों का कहना है कि यह आयोजन स्किल डेवलपमेंट और प्रैक्टिकल लर्निंग से जुड़ा है। किताबों से बाहर निकल कर रियल वर्ल्ड एक्सपोजर जरूरी है। विरोध कर रहे छात्रों ने कहा कि प्लेसमेंट सेल में अधिकारी का पद 6 महीने से खाली है। न रोजगार मेला, न कैंपस ड्राइव। जायका फेस्ट से छात्रों का भला होने वाला नहीं है। फेस्ट के आयोजन पर आज फैसला लेगा विवि छात्रों के दोनों गुट को उलझते और स्थिति बिगड़ती देख प्रॉक्टर ने कहा कि अभी आप लोग जाइए, इस मुद्दे पर मंगलवार को निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार को दो निर्णायक बैठकें होंगी। एक बैठक एमबीए के छात्रों के साथ तथा दूसरी बैठक छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ। इसके बाद ही जायका फूड फेस्ट और पूरे विवाद पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर दिखा प्रॉक्टर डॉ. राजेश कुमार सिंह लगातार दोनों गुट के छात्रों को शांत कराने में जुटे रहे। उन्होंने संयम, संवाद और नियमों की दुहाई दी, पर दोनों गुट नहीं माने। दिखा कि विवि का प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है और छात्र समूह सड़कों वाली राजनीति कैंपस में कर रहे हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद श्याम टेलर की पहली प्रदेश टीम को लेकर संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, टीम की औपचारिक घोषणा से पहले फाइनल राउंड की बातचीत चल रही है और इस पूरी कवायद में इंदौर का वजन सबसे ज्यादा भारी नजर आ रहा है। संगठन से जुड़े अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इस बार की टीम में इंदौर से 3 से 4 चेहरों को जगह देना लगभग तय माना जा रहा है। यही वजह है कि इंदौर लॉबी को प्रदेश राजनीति में मजबूत संदेश देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। शामिल होने वालों इंदौर से शुभेंद्र सिंह गौड़ का नाम बताया जा रहा है। वर्तमान में युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रहे गौड़ को संगठन और युवाओं, दोनों स्तर पर स्वीकार्य चेहरा माना जाता है। सूत्रों की मानें तो टीम श्याम टेलर में उन्हें ‘की रोल’ सौंपा जा सकता है, जिससे वे प्रदेश संगठन में निर्णायक भूमिका निभाते नजर आएं। वहीं युवा मोर्चा के वर्तमान नगर अध्यक्ष सौगात मिश्रा भी दौड़ में मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं। संगठन के भीतर उनकी छवि ग्राउंड पर काम करने वाले नेता की रही है। पिछले कार्यकाल में संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के चलते उनका नाम सेफ चॉइस के तौर पर देखा जा रहा है। इंदौर से तीसरा अहम नाम नितिन द्विवेदी का बताया जा रहा है। भाजपा संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दोनों में कार्य अनुभव रखने वाले द्विवेदी को संगठन और कम्युनिकेशन ब्रिज के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मीडिया और विचारधारा, दोनों मोर्चों पर उनकी पकड़ उन्हें प्रदेश टीम में खास बनाती है। इसके अलावा नयन दुबे, जो एबीवीपी पृष्ठभूमि से युवा मोर्चा तक पहुंचे हैं और वर्तमान में नगर उपाध्यक्ष हैं, उनके नाम पर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। छात्र राजनीति से संगठन तक की यात्रा उन्हें युवा वर्ग में स्वीकार्य बनाती है। इन नामों के अलावा नगर महामंत्री धीरज ठाकुर, नगर उपाध्यक्ष अमित पालीवाल जैसे चेहरे भी रडार पर बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर संकेत साफ हैं कि टीम श्याम टेलर में इंदौर को प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है।
पेपर लीक का मामला:SI भर्ती; डमी बन परीक्षा देने वाला 50 हजार का इनामी गिरफ्तार
एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में एसओजी ने अभ्यर्थियों की जगह डमी बनकर परीक्षा देने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 50 हजार का इनाम था और वह 2024 से फरार था। सोमवार को फलोदी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर एसओजी को सौंप दिया। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार (31) निवासी मटोल चक फलोदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सितंबर 2021 में तीन अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी बनकर एसआई भर्ती की लिखित परीक्षा दी थी। मामले की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि 13 सितंबर 2021 को श्याम प्रताप सिंह की जगह, 14 सितंबर 2021 को श्रवण कुमार गोदारा की जगह और 15 सितंबर 2021 को मदनलाल की जगह आरोपी अशोक कुमार ने परीक्षा दी। इस फर्जीवाड़े के चलते श्याम प्रताप सिंह मेरिट 2207 पर उपनिरीक्षक, श्रवण कुमार मेरिट 1708 पर उपनिरीक्षक तथा मदनलाल मेरिट 2188 पर प्लाटून कमांडर पद पर अवैध रूप से चयनित हो गए थे। इन तीनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दिव्यांगता के फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी ली, दो VDO बर्खास्त टोंक| ग्राम विकास अधिकारी भर्ती-2021 में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले विजय चौधरी व शाहरुख खान को जिला परिषद ने बर्खास्त कर दिया है। दोनों ने आंखों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र लगाकर अप्रैल 2023 में नौकरी जॉइन की थी। अब वेतन-भत्तों की वसूली होगी।
बलविंदर को एएसआई पद पर मिली तरक्की
लुधियाना| जिला कोर्ट परिसर में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मोनिका की अदालत में तैनात नायब कोर्ट बलविंदर सिंह को एएसआई पद पर पदोन्नति मिलने पर उन्हें बधाइयां दी गईं। मजिस्ट्रेट मोनिका और अदालत के स्टाफ ने बलविंदर सिंह को मुबारकबाद दी। बलविंदर सिंह पहले हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में अदालत में नायब कोर्ट के रूप में तैनात हैं। पदोन्नति के बाद भी वे फिलहाल उसी अदालत में नायब कोर्ट के तौर पर अपनी सेवाएं देते रहेंगे। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विपिन सग्गड़ व सचिव हिमांशु वालिया ने बलविंदर सिंह को शुभकामनाएं दीं।
देशी और विदेशी फूलों से किया बाबा श्याम का शृंगार, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
भास्कर न्यूज| लुधियाना चंडीगढ़ रोड स्थित कोहाड़ा चौक के समीप नवनिर्मित श्री खाटू श्याम सालासर मंदिर में साप्ताहिक हरिनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। ट्रस्टी प्रदीप मित्तल, संदीप अग्रवाल, एलआर मित्तल और अनिल मित्तल की अध्यक्षता में आयोजित इस भक्ति संध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने हाजरी भरी। संकीर्तन की शुरुआत पं. राज तिवारी, आचार्य दीपक पाण्डेय, पं. केशव उपाध्याय और पं. करण उपाध्याय द्वारा मंत्रोच्चारण और विधिवत पूजन के साथ हुई। इस पावन अवसर पर कमल गोयल और मोनिका गोयल परिवार द्वारा बाबा श्याम का अलौकिक शृंगार किया गया। विशेष रूप से मंगवाए गए देशी और विदेशी फूलों से सजा बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। फूलों की सुगंध और बाबा की मनमोहक छवि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। भजन गायक लक्की राही ने अपनी सुरीली आवाज से संकीर्तन में समां बांध दिया। उन्होंने जी लेंगे सरकार तेरी सरकारी में... जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। श्याम धणी का जयकारा लगते ही पूरा पंडाल गूंज उठा। मुख्य अतिथि कमल गोयल ने कहा कि बाबा श्याम की शक्ति का आधार उनकी अपने माता-पिता के प्रति अटूट सेवा और तपस्या है। उन्होंने कहा कि बर्बरीक ने माता-पिता की सेवा और श्रीकृष्ण के आदेशानुसार तपस्या कर तीन बाण प्राप्त किए। आज बाबा श्याम हारने वाले का सहारा बनकर सबकी मनोकामना पूर्ण कर रहे हैं। संकीर्तन की समाप्ति पर भव्य आरती की गई, जिसके उपरांत आयोजकों द्वारा संगत को भंडारा प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर जतिंद्र मित्तल, विजय गोयल, संजय अग्रवाल, अभिषेक गुप्ता, मनीष बजारी, दीपक मित्तल, हरीश गर्ग, अमित बंसल, प्रदीप यादव, दीपक भारद्वाज और नीरज गुप्ता सहित भारी संख्या में गणमान्य सज्जन उपस्थित रहे।
कैंप में करीब 200 मरीजों ने जांच करवाई
लुधियाना| दीपांशु न्यू मिशन सेवा सोसाइटी की ओर से दुगरी जैन मंदिर के पास एक निशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में दांतों, त्वचा और आंखों से संबंधित बीमारियों की जांच के लिए अनुभवी डॉक्टरों की टीम मौजूद रही। सोसाइटी के सदस्य राजेश शर्मा ने बताया कि इस मेडिकल कैंप में करीब 200 मरीजों ने अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई। कैंप में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दीपिका, दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनुदीप, डॉक्टर स्वाति खुराना और डॉक्टर संजय यादव ने मिलकर मरीजों की जांच की।
ज्वेलर्स के घर धमकी भरे लेटर के साथ पिस्टल:सीसीटीवी में गमछा पहने दिखा आरोपी, पुलिस तलाश में जुटी
इंदौर के द्वारकापुरी में शुक्रवार रात सनावद गए एक ज्वलेर्स के घर पर धमकी भरे लेटर के साथ एक गिफ्ट पहुंचा। यहां गिफ्ट के अदंर जंग लगी देसी पिस्टल थी। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज निकाले। जिसमें मुंह पर गमछा बांधे आरोपी कैद हुआ है। पुलिस की टीम अब इस मामले में आरोपी की तलाश कर रही है।द्वारकापुरी के रिलेक्स गार्डन के पीछे महेश पटेल पत्नी बच्चों के साथ रहते हैं। यहां शुक्रवार को जब उनकी पत्नी घर पर थी। तब एक व्यक्ति उनके हाथ में पार्सल देकर गया। जब महिला ने पार्सल खोला तो उसमें एक लाल पैकिंग थी। अंदर बक्से में देसी पिस्टल रखी रखी मिली। वहीं एक पत्र भी था, जिसमें महेश पटेल का नाम लिखा था। धमकी के साथ बात नहीं मानने पर परिणाम भुगतने की बात कही। दूसरी तरफ पुलिस के पास जब मामला पहुंचा तो उन्होंने प्रकरण दर्ज कर पार्सल भेजने वाली की तलाश के लिए टीम बनाई है।पुलिस को इलाके में लगे एक कैमरे से सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। जिसमें टोपी पहने एक युवक दिखा है। उसी ने महेश पटेल के यहां गिफ्ट सौंपा था। महेश शिवाय ज्वेलर्स के नाम से काम करते हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने सराफा इलाके में दुकान खोली है।प्रॉपर्टी विवाद या रुपए का लेनदेनपुलिस प्रॉप्रट्री विवाद और रुपए के लेनदेन के एगंल पर जांच कर रही है। हालांकि पुलिस को सीसीटीवी में दिखे आरोपी की भी जानकारी नहीं मिली है। महेश की पत्नी ने भी बताया कि जब युवक घर आया तो उसका चेहरा ढंका हुआ था।
कैंप में 198 मरीजों की हुई जांच
लुधियाना | कलगीधर रोड स्थित कलगीधर चैरिटेबल अस्पताल द्वारा हड्डियों एवं जोड़ों की जांच के लिए एक विशाल निशुल्क स्कैन कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ. सुरेश रिग ने अपनी सेवाएं देते हुए कुल 198 मरीजों की हड्डियों की मुफ्त स्कैनिंग की और जरूरतमंदों को आवश्यक दवाइयां भी वितरित कीं। डॉ. सुरेश रिग ने वर्तमान जीवनशैली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खान-पान की गलत आदतें हड्डियों की कमजोरी का सबसे बड़ा कारण बन रही हैं।
सराफा बाजार में स्टोर रूम से तांबा और औजार ले उड़ा शातिर
भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर के व्यस्त सराफा बाजार में दिनदहाड़े हुई चोरी की एक वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक शातिर चोर ने दुकान के ऊपरी हिस्से में बने स्टोर रूम से करीब 50 हजार रुपये मूल्य की तांबे की पाइपें और कीमती औजार चुरा लिए। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एसी मैकेनिक अमित, जिसने फिटिंग के काम के लिए अपना सामान वहां सुरक्षित रखा था, शाम को स्टोर रूम पहुंचा और सामान गायब पाया। दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने पर पता चला कि दोपहर के समय एक युवक पहले सीढ़ियों के रास्ते ऊपर गया और रेकी की। कुछ देर बाद वह वापस एक खाली बोरी लेकर आया और बड़े ही इत्मीनान से सारा सामान भरकर फरार हो गया। इस बेखौफ चोरी से स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष व्याप्त है। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे का आदी है और इस तरह की छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देता रहता है। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा किया है।
स्कूल के बाहर पुलिस की सख्ती, 43 चालान, 2 वाहन जब्त
भास्कर न्यूज | लुधियाना पुलिस ने छात्रों की सुरक्षा और इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोमवार को किचलू नगर स्थित बीवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के दिशा-निर्देशों पर चलाया गया। कार्रवाई की अगुवाई एडीसीपी ट्रैफिक गुरप्रीत कौर पुरेवाल ने ट्रैफिक पुलिस की टीमों के साथ मिलकर की। स्कूल छुट्टी के समय के आसपास इलाके में विशेष निगरानी रखी गई ताकि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। अभियान के दौरान ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। कुल 43 चालान काटे गए, जबकि नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले 2 वाहनों को जब्त भी किया गया। बिना हेलमेट, गलत पार्किंग और दस्तावेज पूरे न होने जैसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने स्कूल के बाहर बेवजह खड़े युवकों से पूछताछ की और संदिग्ध रूप से घूम रहे लोगों को सख्त चेतावनी दी। खास तौर पर छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एंटी-ईव टीजिंग पर नजर रखी गई। मोटरसाइकिलों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर, जो पटाखों जैसी तेज आवाज करते हैं, उनकी भी जांच की गई। ऐसे वाहन चालकों को रोका गया और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की गई, क्योंकि इस तरह की आवाजें स्कूल के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करती हैं। स्कूल के बाहर खड़े रेहड़ी-फड़ी वालों की भी तलाशी ली गई। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी तरह की नशीली या अवैध वस्तु छात्रों तक न पहुंच रही हो। एडीसीपी ट्रैफिक गुरप्रीत कौर पुरेवाल ने कहा कि पुलिस का मकसद छात्रों को सुरक्षित और निडर वातावरण देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के अचानक चेकिंग अभियान आगे भी शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों के बाहर जारी रहेंगे। पुलिस ने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर देने की अपील की है।
लुटेरी महिलाओं ने पर्स काट कैश उड़ाया, ग्राहक बन आए युवक-युवती ने शॉप से चुराया आईफोन
भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर के प्रमुख बाजारों में शातिर चोर गिरोह सक्रिय हो गया है। मोबाइल मार्केट से लेकर कपड़ा बाजार तक चोर ग्राहक बनकर दुकानों में घुस रहे हैं और ध्यान भटकाकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला माता रानी चौक स्थित मोबाइल मार्केट का है, जहां एक युवक और युवती ने आईफोन चोरी कर लिया, वहीं गउशाला रोड इलाके में लुटेरी महिलाओं के गिरोह ने महिला ग्राहक का पर्स काटकर नकदी उड़ा ली। लगातार सामने आ रही घटनाओं से दुकानदारों और ग्राहकों में दहशत का माहौल है। माता रानी चौक स्थित मोबाइल मार्केट में खरीदारी के बहाने आए एक युवक और युवती ने शातिराना अंदाज में दुकानदार को झांसा देकर महंगा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। वारदात 1 फरवरी की शाम की बताई जा रही है। दुकान संचालक सोनू ने बताया कि वह अपने साथी के साथ दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक और युवती ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए और उन्होंने आईफोन-13 दिखाने की मांग की। फोन देखने के बाद दोनों ने उसे पसंद करने का नाटक किया और फिर एंड्रॉयड फोन देखने की बात कही। जैसे ही दुकानदार दूसरा फोन निकालने के लिए काउंटर से दूसरी तरफ मुड़ा, तभी युवक ने मौके का फायदा उठाते हुए काउंटर पर रखा आईफोन फुर्ती से उठाकर अपनी जेब में डाल लिया। इस दौरान उसके साथ आई युवती दुकानदार को बातों में उलझाए रखती रही, ताकि उसका ध्यान भटक जाए। सीसीटीवी फुटेज में भी साफ दिख रहा है कि चोरी से पहले दोनों कुछ देर दुकान के बाहर खड़े होकर मोबाइल फोन देखते हैं और फिर अंदर आते हैं। फोन जेब में रखने के बाद युवक ने अपनी साथी को इशारा किया और दोनों यह कहकर दुकान से बाहर निकल गए कि वे बाद में आकर फोन लेंगे। कुछ देर बाद जब दुकानदार ने काउंटर पर रखे फोन समेटे तो एक मोबाइल कम मिला। गिनती करने पर पता चला कि आईफोन-13 गायब है। पीड़ित दुकानदार ने घटना की सूचना थाना डिवीजन-1 की पुलिस को दी। शहर के प्रमुख बाजारों में इन दिनों लुटेरी महिलाओं का एक गिरोह सक्रिय है, जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में ग्राहक बनकर दुकानों में घुसती हैं और मौका देखकर दूसरे ग्राहकों का पर्स काट लेती हैं। कई दुकानों में हुई चोरी की घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं, लेकिन आरोपी महिलाएं अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। गउशाला रोड स्थित दुकानदार अजय कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मार्केट में संदिग्ध महिलाएं घूमती नजर आ रही हैं। ये महिलाएं पूरी रणनीति के तहत वारदात को अंजाम देती हैं। अजय कुमार के अनुसार हाल ही में उनकी दुकान पर कपड़े खरीद रही एक महिला को निशाना बनाया गया। इसी दौरान दो संदिग्ध महिलाएं वहां पहुंचीं। एक महिला ग्राहक के पास खड़ी होकर कपड़े देखने का नाटक करने लगी, जबकि दूसरी ने सामने से कपड़े का पीस उठाकर पर्स को ढक दिया। इसी बीच ब्लेड से पर्स काटकर उसमें रखी नकदी निकाल ली गई। पीड़ित महिला को चोरी का पता तब चला, जब वह बिल चुकाने के लिए पर्स निकालने लगी। सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पूरी वारदात साफ नजर आई, जिसमें दोनों महिलाएं मिलकर चोरी करती दिखाई दे रही हैं। पीड़ित महिला ने बताया कि उसके पर्स में करीब सात हजार रुपये रखे थे, जो चोरी हो गए। दुकानदारों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे बाजार में असुरक्षा का माहौल बन गया है।
प्रिय अन्नदाता:मैथी-धनिया में छाछ्या रोग दिखे तो दवा का छिड़काव करें
प्रिय अन्नदाता इन दिनों नमी व ठंड को देखते हुए गेहूं व जौ की रोगग्राही किस्मों में पीली रोली रोग का प्रकोप हो सकता है। रोगग्रस्त पत्तियों की ऊपरी सतह पर पीले नारंगी रंग के उभरे हुए फफोले धारियों के रूप में दिखते हैं। किसानों को इन दिनों गेहूं व जौ की फसलों पर विशेष नजर बनाए रखनी चाहिए। फसल में रोली रोग के लक्षण दिखे तो टेबुकोनाजोल 25. 90 प्रतिशत ई.सी. या प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत ई.सी. नामक कवकनाशी दवा के 0.1 प्रतिशत घोल अर्थात एक मिली लीटर दवा प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। आवश्यक हो तो 15 दिन के अन्तराल से एक छिड़काव और करना चाहिए। लहसुन की पत्तियां चमकीली सफेद चकतेदार दिखे तो यह उपयोग करें लहसुन की फसल में पर्णजीवी (थ्रिप्स) के प्रकोप से पत्तियों में हरे पदार्थ की कमी हो जाती है और वे चमकीली सफेद चकतेदार दिखाई देती है। ज्यादा प्रकोप होने पर पत्तियों के ऊपरी भाग मुड़कर सूख जाते हैं। इसके नियंत्रण के लिए पहली बार प्रकोप होते ही डायमिथोएट 30 ई.सी. का एक मिलीलीटर प्रति लीटर से छिड़काव करें। मैथी में छाछ्या व मोयला कीट रोकने का उपाय : मैथी में छाछ्या रोग व मोयला कीट के कार्बनिक प्रबंधन के लिए 2 टन प्रति हैक्टेयर की दर से नीम की खल व 2.5 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से ट्राईकोडर्मा विरिडी भूमि में मिलाएं। 5 प्रतिशत नीम बीज अर्क का छिड़काव 10 दिन के अंतराल पर आवश्यकतानुसार दो या तीन बार करें। छनिया में छाछ्या रोग का प्रबंधन : धनिया की फसल में छाछ्या (पाउडरी मिल्ड्यू) रोग का प्रकोप दिखने पर 25 किलो गन्धक के चूर्ण का भुरकाव करें या 2 ग्राम घुलनशील गंधक का प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें। गेंदे के फूलों में सड़न दिखे तो यह उपाय करें गेंदे की फसल में पुष्प सड़न रोग के आक्रमण की निगरानी करते रहें। लक्षण दिखाई दे तो बाविस्टिन 1 ग्राम/लीटर या इन्डोफिल-एम 45 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। टूटे हुए किन्नू हटाते रहें : किन्नू के बागों में सफाई करें। गिरे हुए फल नियमित इकट्ठा कर बागों से बाहर डाल दें। किन्नू के बागों में पककर पीले पड़ गए फलों की तुड़ाई शुरू कर देनी चाहिए। कृषि यंत्र अनुदान योजना कृषि यंत्र सब्सिडी योजना (अनुदान योजना) में अनुसूचित जाति (एससी) के किसान 14 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत ट्रैक्टर या अन्य कृषि उपकरण खरीदने पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन आधिकारिक कृषि पोर्टल या RajKisan portal के माध्यम से किए जा सकते हैं। आवेदन SSO ID से ऑनलाइन किए जा सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या ई-मित्र केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं ।
लेबर चौक में गैंगवार, फायरिंग होने के बाद अफरा-तफरी मची
भास्कर न्यूज | लुधियाना महादेव नगर स्थित लेबर चौक सोमवार शाम अचानक जंग के मैदान में बदल गया, जब करीब 25 युवकों के दो गुटों ने सरेआम एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। छह मिनट तक चले इस खूनी टकराव में पथराव, तेजधार हथियारों की नुमाइश और कथित फायरिंग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। बाजार में मौजूद आम लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमलावर खुलेआम तलवारें, दातर और अन्य हथियार लहरा रहे हैं। एक युवक के हाथ में बंदूक जैसी वस्तु भी दिखाई दे रही है। वीडियो में गोलियों जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके से खोल भी मिले हैं, हालांकि पुलिस ने अभी फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आस पास के लोगो के मुताबिक झगड़ा अचानक भड़का, लेकिन दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश बताई जा रही है। हमलावरों ने चेहरे कपड़ों से ढक रखे थे, जिससे पहचान छिपाई जा सके। हंगामे के दौरान दुकानों के बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की गई। कुछ बदमाशों ने दुकानदारों की बाइकों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदारों ने फौरन शटर गिरा दिए। सूचना मिलते ही पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। साहनेवाल के एसएचओ अमृतपाल सिंह भी पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी। इलाके में फिलहाल पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
ख्वाजा कोठी चौक पर लोगों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | लुधियाना ख्वाजा कोठी चौक में देर रात हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का गुस्सा बीते दिन हुई एक गंभीर सड़क दुर्घटना को लेकर था, जिसमें एक बेकाबू ट्रक ने रिहायशी इलाके में घुसकर दो कारों को टक्कर मार दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक तेज रफ्तार में था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी दो कारों को जोरदार टक्कर मारी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि हादसे के समय कारों में कोई सवार नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। रोजाना भारी वाहन रिहायशी गलियों से गुजरते हैं, जिससे लगातार खतरा बना रहता है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। मोहल्ला निवासियों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। उनका कहना है कि पूरे रिहायशी इलाके में भारी वाहनों की एंट्री तुरंत बंद की जाए। मुख्य रास्तों पर पुलिस की तैनाती की जाए ताकि ओवरलोड ट्रकों को रोका जा सके। साथ ही गलियों की एंट्री पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, जिससे वाहनों की रफ्तार कम हो। लोगों ने कहा कि हम घरों के बाहर सुरक्षित नहीं हैं। हर दिन बड़े वाहन मौत बनकर दौड़ते हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर सड़क जाम खुलवाने की कोशिश की। अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि मामले को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा।
चौथी मंजिल से गिरकर युवक की हुई मौत
लुधियाना| डाबा इलाके में सोमवार देर शाम एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जहां सरकारी फ्लैट की चौथी मंजिल से गिरकर ‘काकू' नामक युवक की मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब काकू छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गया था। अचानक तेज आवाज सुनकर जब परिजन बाहर दौड़े, तो उन्होंने उसे जमीन पर लहूलुहान पाया। घायल युवक को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मां राजेश्वरी और आठ महीने पहले ब्याही पत्नी ज्योति ने बताया कि वह काम से लौटने के बाद थोड़ा चुप और नाराज लग रहा था। इस अचानक हुई मौत से परिवार में मातम छा गया है और इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर थाना डाबा की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएचओ के अनुसार, पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
एल्युमिनियम फॉयल का बढ़ता इस्तेमाल, सेहत के लिए खतरा
लुधियाना। घरों और बाहर खाने की पैकिंग में एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल आम हो गया है, लेकिन सेहत के लिहाज से इसके कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं। खासतौर पर गर्म रोटी को सीधे एल्युमिनियम रैप में लपेटना लंबे समय में शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक सबसे बड़ा नुकसान एल्युमिनियम के शरीर में पहुंचने का खतरा है। जब बहुत गर्म रोटी या पराठा फॉयल के संपर्क में आता है, तो एल्युमिनियम के कण धीरे-धीरे खाने में घुल सकते हैं। लगातार ऐसा खाना शरीर में एल्युमिनियम की मात्रा बढ़ा सकता है, जिसका असर दिमाग, हड्डियों और किडनी पर पड़ सकता है। कुछ शोधों में इसे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी जोड़ा गया है। खट्टे या नमक वाले खाने के साथ एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल और ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। नमक, नींबू या मसालेदार सब्जी के संपर्क में आने पर एल्युमिनियम जल्दी रिएक्ट करता है, जिससे धातु के कण भोजन में मिल सकते हैं। इससे पेट में जलन, गैस या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक और नुकसान यह है कि फॉयल में लपेटी रोटी अगर ज्यादा देर तक बंद रहे, तो उसमें नमी जमा हो जाती है। सावधानियां जरूरी हैं : {रोटी को पहले थोड़ा ठंडा होने दें, फिर फॉयल में लपेटें। {एल्युमिनियम फॉयल को रोजमर्रा के इस्तेमाल की बजाय कभी-कभार ही प्रयोग करें। {माइक्रोवेव में एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। {बेहतर विकल्प के तौर पर सूती कपड़ा, बटर पेपर या स्टील के टिफिन का उपयोग ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
रोजगार कौशल बढ़ाने पर फोकस, प्लेसमेंट सेल ने कराया सेमिनार
लुधियाना। इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के तत्वावधान में गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमेन के प्लेसमेंट सेल ने छात्रों के रोजगार कौशल और करियर जागरूकता को बढ़ाने के लिए करियर रेडीनेस एंड जॉब सपोर्ट सेमिनार शीर्षक से एक सेमिनार का आयोजन किया, जिनसे उनका मार्गदर्शन हुआ। सेमिनार का संचालन निशा शर्मा और निशान सिंह ने किया, जिन्होंने उभरते करियर के अवसरों और इंडस्ट्री की उम्मीदों को पूरा करने के लिए आवश्यक कौशल के बारे में जानकारी दी। निशान सिंह ने कॉर्पोरेट संरचनाओं, विनिर्माण प्रक्रियाओं और वित्त, मार्केटिंग और उत्पादन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं के बारे में बताया, जिसमें लुधियाना में स्थानीय अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया।
31 विद्वान ब्राह्मणों के शंखनाद से गूंजा मंत्रों का संगम, हाथी-अघोरी ने रथयात्रा को बनाया दिव्य
भास्कर न्यूज | लुधियाना महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव पालनहार सेवा संघ द्वारा आयोजित भव्य रथयात्रा ने पूरे शहर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। कश्मीर नगर चौक से शुरू हुई इस यात्रा में भोले बाबा का अनोखा शृंगार मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। बाबा के अलौकिक रूप को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान शिव स्वयं अपनी बारात लेकर ब्याह रचाने निकले हों। रथयात्रा का आगाज कश्मीर नगर चौक पर पूर्ण वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। इस दौरान 31 विद्वान ब्राह्मणों ने एक साथ शंखनाद कर समूचे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पूजन और नारियल फोड़ने के बाद शिव जी का रथ आगे बढ़ा। रथ के आगे चलते हाथी और भूत-पिशाच का स्वरूप धरे अघोरियों ने माहौल को अत्यंत प्रभावी और दिव्य बना दिया। यात्रा के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शिव-तांडव नृत्य ने राहगीरों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैल पे सवार, करके अनोखा शृंगार... जैसे भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालु झूमते और जयकारे लगाते नजर आए। यह रथयात्रा कश्मीर नगर चौक से शुरू होकर गौशाला मार्ग, डिवीजन नंबर-3, बाबा थान सिंह चौक और शृंगार सिनेमा से होते हुए वापस अपने प्रस्थान बिंदु पर संपन्न हुई। विशेष रूप से गौशाला और डिवीजन नंबर-3 चौक पर भक्तों का भारी हुजूम उमड़ा। भक्तों की सेवा के लिए शहर में जगह-जगह भव्य लंगर लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं को हलवा, फल, दूध और विभिन्न मिठाइयों का प्रसाद वितरित किया गया। इस धार्मिक महोत्सव में विधायक अशोक पराशर पप्पी और विधायक भोला सिंह ग्रेवाल विशेष रूप से शामिल हुए। उनके साथ अश्वनी गैबी, विपन वैद और संजीव कुमार जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी माथा टेका। संस्था के प्रधान साहिल बल्दी ने आयोजन की सफलता के लिए शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। यात्रा का समापन महाकाल महाआरती परिवार द्वारा की गई भव्य आरती के साथ भक्तिमय माहौल में हुआ।
केंद्रीय बजट: विकास, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त रोडमैप: राकेश कपूर
भास्कर न्यूज | लुधियाना राकेश कपूर ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 भारत की आर्थिक मजबूती, वित्तीय अनुशासन और समावेशी विकास के प्रति सरकार की स्पष्ट और दूर दर्शी सोच को दर्शाता है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यह बजट विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाते हुए देश को दीर्घकालिक प्रगति की दिशा में आगे ले जाने वाला है। बजट में मध्यम वर्ग को कर राहत और कर प्रणाली के सरलीकरण से घरेलू खपत, बचत और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। बुनियादी ढांचे-जैसे सड़क, रेलवे, आवास, शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स पर निरंतर जोर से रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। कृषि और ग्रामीण विकास के लिए बढ़ा हुआ समर्थन, सिंचाई, कृषि-तकनीक और किसान ऋण पर ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। MSME, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए प्रोत्साहन उपाय मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करते हैं। साथ ही, राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने का संकल्प सरकार की जिम्मेदार और संतुलित आर्थिक नीति को दर्शाता है, जिससे निवेशकों का भरोसा और आर्थिक स्थिरता दोनों मजबूत होंगे।
उद्योग–अकादमिक संवाद से छात्रों को भविष्य का दृष्टिकोण मिला
लुधियाना| श्री अरबिंदो कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट में उद्योग अकादमिक विशेषज्ञ व्याख्यान श्रृंखला के तहत अतीत से भविष्य की ओर: उद्यमिता के भविष्य का खाका विषय पर एक प्रभावशाली पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता के बदलते परिदृश्य से अवगत कराना और उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना था। पैनल चर्चा में आदिश ओसवाल चेयरमैन, ओसवाल ग्रुप, आशीष गर्ग मैनेजिंग डायरेक्टर, हैप्पी फोर्जिंग्स लिमिटेड और अमित थापर प्रेसिडेंट, गंगा एक्रोवूल्स लिमिटेड ने बतौर पैनलिस्ट सहभागिता की। चर्चा का संचालन डॉ. प्रेम कुमार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एजुकेशन, मुंजाल बीसीयू सेंटर ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पूजा जैन द्वारा किया गया, जबकि आरके रेवाड़ी, सेक्रेटरी, गवर्निंग बॉडी, एसएसीसीएम ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत करते हुए छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों के प्रश्नों के माध्यम से स्टार्टअप संस्कृति, उद्योग की वर्तमान चुनौतियां और भविष्य के अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) विशाल कुमार ने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को उद्योग की वास्तविकताओं से जोड़ने और उन्हें भविष्य के नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रदेश में संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है, मगर इससे सभी लोग संतुष्ट नहीं हैं। समस्याओं के निस्तारण के समय में जरूर कमी आई है, जहां वर्ष 2023 में एक समस्या को निस्तारित करने में औसत 31 दिन लगते थे, वही समस्या अब दो सप्ताह में ही सुलझाई जाने लगी है। गत वर्षों के आंकड़े देखें तो वर्ष 2025 को छोड़कर हर साल 100 प्रतिशत समस्याओं को निस्तारण किया गया है। डीओआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में यह प्रतिशत 97 रहा है। वित्तीय वर्ष पूरा होने तक यह आंकड़ा भी 100 प्रतिशत पहुंचने की उम्मीद है। हाल ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर पर पहुंचे और खुद ने ग्रामीणों की शिकायतों को सुनकर हाथों हाथ उसी दिन निस्तारण कराया। हालांकि, समस्या के दर्ज होने के दिन ही समाधान के ऐसे उदाहरण तो अपवाद ही होंगे। जबकि औसतन 15 दिन में एक समस्या का समाधान किया जा रहा है। पिछले सात-आठ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो समस्याओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2018 में जहां कुल दर्ज शिकायतों की संख्या 15.48 लाख थी, वहीं वर्ष 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर 33.32 लाख से भी ज्यादा हो गया। वर्ष 2025 में अब तक कुल 34 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इनमें 97 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। समस्याओं के समाधान की अवधि में तेजी से सुधार दिखाया जा रहा है। वर्ष 2018 में किसी भी शिकायत के निस्तारण में औसतन 56 दिन का समय लगता था। मगर अब डिजिटल ट्रैकिंग के चलते यह समय घटकर 15 दिन रह गया है। शिकायतें बढ़ी पर संतुष्टि 60 प्रतिशत के आसपास वर्ष 2018 से 2025 तक शिकायतों में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है लेकिन समाधान के बाद संतुष्ट होने वाले लोगों का आंकड़ा 60 प्रतिशत के आसपास ही है। हालांकि वर्ष 2018 में 55% लोग संतुष्ट हुए थे और वर्ष 2023 में सर्वाधिक 67% उच्चतम स्तर रहा है। जबकि वर्ष 2020 और 2021 में 60–60 प्रतिशत, 2022 में 59 प्रतिशत और वर्ष 2024 व 2025 में 62–62 प्रतिशत लोग समस्याओं के निस्तारण से संतुष्ट हुए हैं।
पंजाब के हिंदू समाज ने महाशिवरात्रि को राज्य स्तरीय उत्सव बनाने की मांग उठाई
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब के हिंदू समाज ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व को राज्य स्तरीय उत्सव के रूप में मान्यता देने की मांग उठाई है। इस संबंध में हिंदू नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए हिंदू नेता राजीव टंडन ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों में हिंदू समाज ने अन्य वर्गों के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि समाज को उम्मीद थी कि नई सरकार में सभी धर्मों को समान सम्मान मिलेगा, लेकिन वर्तमान में हिंदू समाज के प्रमुख धार्मिक पर्वों को वह गौरव प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे समुदाय में असंतोष व्याप्त है। हिंदू नेता बिट्टू गुंबर ने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री को संविधान की भावना के अनुरूप सभी धर्मों को समान दर्जा देना चाहिए। हिंदू समाज ने मांग रखी है कि 15 फरवरी को आने वाली महाशिवरात्रि को संत समाज के सानिध्य में राज्य स्तर पर आयोजित किया जाए।
केंद्रीय बजट 2026: छात्रों को दी आर्थिक नीतियों की जानकारी
लुधियाना| गुजरांवाला गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, लुधियाना में बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के तत्वावधान में केंद्रीय बजट 2026-27 पर एक अकादमिक चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीकॉम, बीबीए और एमबीए के छात्रों ने भाग लिया। सत्र का उद्देश्य छात्रों को बजट के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव और सरकार की नीति दिशा की गहरी समझ प्रदान करना था। कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. हरमिंदर कौर के उद्घाटन संबोधन से हुई। इसके बाद केंद्रीय बजट पर विस्तृत प्रस्तुतियां डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. शालू सूद, डॉ. रिपुदमन कौर, प्रो. सुखप्रीत कौर, प्रो. रमनदीप कौर, प्रो. प्रिया अरोड़ा, डॉ. दामिनी छाबड़ा, प्रो. गुरलीन कौर और प्रो. नेहा एरी द्वारा दी गईं। प्रस्तुतियों में केंद्रीय बजट के प्रमुख रणनीतिक फोकस क्षेत्र, उद्योग जगत की समग्र स्थिति, रक्षा और रेलवे, रोजगार सृजन, कर सुधार, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र, कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा बुनियादी ढांचा और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. मनजीत सिंह छाबड़ा ने बिजनेस मैनेजमेंट विभाग और फैकल्टी सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह ने केंद्रीय बजट 2026-27 का समग्र सार प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रो. प्रिया अरोड़ा द्वारा एक इंटरेक्टिव क्विज सत्र आयोजित किया।
छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपराओं के महत्व पर जानकारी दी
लुधियाना| खालसा कॉलेज फॉर वुमन, सिविल लाइंस परिसर में संगीत विभाग द्वारा संगीत और परंपरा से भरपूर कार्यक्रम के साथ नए संगीत विभाग का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया गया, जिसमें खालसा दीवान के कोषाध्यक्ष गुरसिमरन सिंह ग्रेवाल, निदेशक डॉ. मुक्ति गिल और कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत कौर ग्रेवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संगीत विभाग के नेतृत्व में छात्राओं ने गायन और वाद्य संगीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत विभाग की प्रमुख डॉ. रीमा शर्मा ने छात्राओं को राग बसंत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी और भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद राग बसंत में शबद सहित अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बसंत और बैठकी प्रणाली के महत्व से अवगत कराते हुए उनमें सांस्कृतिक समझ, संवेदनशीलता और अपनी विरासत के प्रति गहरी रुचि विकसित करना था। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत कौर ग्रेवाल ने संगीत विभाग के प्रयासों की सराहना की और छात्राओं को ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल छात्राओं के ज्ञान और कौशल को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ती हैं।

