चंदौली जिले में सकलडीहा हाइवे से ताजपुर-रूपेठा तक जाने वाला मार्ग जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गया है। इससे आवागमन करने वालों को नहर में गिरने का डर बना रहता है। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। यह मार्ग सकलडीहा रजवाहा से होकर तेंदुई, सिरोहुपुर, दुर्गापुर, ताजपुर, हरिहरपुर, लेहरा, सरेहुआ कला, सरेहुआ खुर्द और रूपेठा तक जाता है। प्रतिदिन सुबह-शाम नर्सिंग की छात्राओं सहित हजारों लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। रजवाहा का तटबंध सड़क के बराबर हो गया है, जिससे आमने-सामने वाहन आने पर नहर में गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ताजपुर गांव के पास चौहान बस्ती और एक परिषदीय विद्यालय भी है। नहर में पानी तेज होने पर सड़क पर पानी बहने लगता है और स्कूल में भी पानी घुस जाता है, जिससे आवागमन करने वालों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। पूर्व ग्राम प्रधान अमित सिंह, डॉ. एस.के. शुक्ला, सतीश चंद्र, सुभाष पांडेय, राजेश चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने जर्जर सड़क और तटबंध की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम आकांक्षा सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर सड़क और सकलडीहा रजवाहा के तटबंध की मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
मऊगंज जिले में आवारा मवेशियों के कारण हुए एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय किसान बृजेंद्र सिंह पटेल गंभीर घायल हो गए। हादसा सोमवार रात करीब 8:30 बजे देवरी बघेलान गांव के पास हुआ, जब सड़क पर अचानक सामने आए मवेशियों के झुंड से बचने के प्रयास में उनकी बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर कर दिया है। अचानक मवेशी आने से हुआ हादसा देवरी बघेलान निवासी बृजेंद्र सिंह पटेल सोमवार रात अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। गढ़ मोड़ के पास अचानक सड़क पर आवारा मवेशियों का झुंड सामने आ गया। टकराने से बचने के प्रयास में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी, जिससे उनके पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सूचित किया। गंभीर हालत में रीवा रेफर परिजन घायल बृजेंद्र सिंह को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने पैर की गंभीर चोट को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेज दिया। आवारा मवेशियों को हटाने की मांग स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र की सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे रात के समय हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को हटाने और यातायात सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है।
कांग्रेस नेता एचआर खजूरिया का निधन हो गया, जिन्होंने अपना जीवन जनसेवा, सामाजिक कल्याण और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए समर्पित किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राज्य के आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। ये छात्र सरकारी हॉस्टल में रहने की उम्र सीमा और अपमानजनक नियमों के खिलाफ 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। राहुल गांधी ने फडणवीस से प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा। उन्होंने सरकारी हॉस्टल में रहने के लिए 30 साल की उम्र सीमा जैसे कड़े नियमों में ढील देने की भी मांग की। पुणे के कार्यक्रम में छात्राओं ने बताई समस्याएं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, महाराष्ट्र के कई आदिवासी छात्र अपने अधिकारों की मांग को लेकर 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में 30 साल की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं की गर्भ जांच जैसी अमानवीय व्यवस्थाएं लागू हैं।” राहुल गांधी ने छात्रों का ज्ञापन और फडणवीस को लिखा अपना पत्र भी इस पोस्ट में साझा किया। उन्होंने कहा कि ये छात्र दूरदराज के गांवों और कस्बों से आते हैं। वे किसी से दान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधिकार मांग रहे हैं। सरकारी हॉस्टल के नियमों पर सवाल राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों के आदिवासी छात्र 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने पुणे में इन छात्रों से मुलाकात की थी। छात्रों ने उन्हें बताया कि हॉस्टल के नियम उनकी गरिमा छीनते हैं और शिक्षा का रास्ता रोकते हैं। उन्होंने लिखा, “कई आदिवासी छात्र दूरदराज के गांवों से आते हैं और शहरों में पढ़ाई के लिए सरकारी हॉस्टल पर निर्भर रहते हैं। नए नियम के तहत 30 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति इन हॉस्टल में नहीं रह सकता। इससे उन छात्रों को बाहर किया जा रहा है, जो अभी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं या परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हॉस्टल असुरक्षित हैं और वहां अक्सर खाना, साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधा नहीं होती। उन्होंने कहा कि छात्रों को चोटें लगी हैं और सांप के काटने से मौतें भी हुई हैं। उनके मुताबिक, छात्राओं के लिए सुविधाओं की स्थिति और खराब है। छात्राओं की गर्भ जांच का आरोप राहुल गांधी ने कहा कि लंबे समय तक बाहर रहने के बाद लौटने वाली छात्राओं को अपनी “फिटनेस” साबित करने के लिए गर्भ जांच और कई दूसरी मेडिकल जांचों से गुजरना पड़ता है। उन्होंने पत्र में लिखा, “यह जानकर मुझे झटका लगा कि लंबे समय तक बाहर रहने के बाद लौटने वाली छात्राओं की गर्भ जांच और कई दूसरी मेडिकल जांच कराई जाती हैं। यह अपमानजनक है और इसमें छात्राओं को तब तक दोषी माना जाता है, जब तक वे खुद को निर्दोष साबित न कर दें। यह नियम उनकी गरिमा और मानवता पर हमला है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्र किसी से दान नहीं मांग रहे हैं, बल्कि वह मांग रहे हैं जो उनका अधिकार है। उन्होंने कहा, “सरकार को सुनाने के लिए छात्रों को अपनी सेहत जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।”
नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के मामले में पाली की पॉक्सो कोर्ट संख्या एक के जज ने आरोपी को दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट की विशिष्ठ लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया कि 3 मार्च 2026 को नाबालिग रात करीब 9 बजे घर के पास कचरा फेंकने गई थी। इस दौरान उसके अकेला देख आरोपी युवक(21) ने उससे छेड़छाड़ की। मासूम के चिल्लाने पर परिवार के लोग बाहर आए तो आरोपी भाग गया। इस पर पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती बताई। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने एक अप्रेल 2026 को थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे बाद में न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। मामले में पाली की पॉक्सो कोर्ट संख्या एक के जज निहालचंद ने सोमवार (24 अगस्त) को फैसला सुनाते हुए 21 साल के आरोपी को नाबालिग से छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
श्रावण-भाद्रपद मास में सोमवार को निकली भगवान महाकाल की चौथी और श्रावण की अंतिम सवारी इस बार भक्तों को आस्था के साथ हरियाली का संकल्प भी दे गई।
छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी खबर है। बीसीसीआई ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव और पूर्व रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी राजेश डेव को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का मैनेजर नियुक्त किया है। वे आगामी महिला टी-20 एशिया कप 2026 में टीम इंडिया के साथ मैनेजर की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजेश डेव इससे पहले भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मैनेजर रह चुके हैं। वर्ष 2019 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उन्होंने टीम मैनेजर की जिम्मेदारी संभाली थी। 28 अगस्त से शुरू होगा टूर्नामेंट महिला टी-20 एशिया कप 2026 का आयोजन *28 अगस्त से 13 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम* में होगा। भारतीय टीम को ग्रुप-ए में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और पाकिस्तान से होगा। क्रिकेट प्रशासन का लंबा अनुभव राजेश डेव को क्रिकेट प्रशासन और टीम मैनेजमेंट का लंबा अनुभव है। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने उनकी नियुक्ति पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। संघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव का लाभ भारतीय महिला टीम को एशिया कप में मिलेगा।
आगरा में रसोई गैस उपभोक्ताओं को झटका, KYC न कराने पर कटेंगे कनेक्शन; अब बुक नहीं होगा सिलिंडर
आगरा में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है। केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं की गैस सिलिंडर बुकिंग कभी भी बंद की जा सकती है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
शादी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण:कटनी के बड़वारा से आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
कटनी जिले की बड़वारा पुलिस ने नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसका शारीरिक शोषण करने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी मनीष गिरी गोस्वामी ग्राम पौनिया का निवासी है, जो घटना के बाद से ही लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। शादी का झांसा देकर किया था अपहरण बड़वारा थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय ने बताया कि 14 अगस्त 2026 को नाबालिग पीड़िता ने जिला कटनी के महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर बड़वारा थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)m, 115(2), 351(3) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5L/6 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। साइबर सेल की मदद से ट्रैकिंग, पुलिस टीम ने दबोचा मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार हो गया था। थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की सहायता से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। 24 अगस्त 2026 को पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी मनीष गोस्वामी को धर दबोचा। आरोपी को भेजा गया जेल गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
रांची: JPSC-JSSC सुधार मंच की सदस्य के साथ बदसलूकी का आरोप, प्रतिमा ने 8 लोगों के खिलाफ दी शिकायत
जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच की सदस्य प्रतिमा कुमारी ने रांची में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट और दुर्व्यवहार को लेकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मंदसौर जिला अस्पताल से ₹4 लाख के आभूषणों से भरा बैग गुम हो गया। सिटी कोतवाली पुलिस ने कुछ ही समय में बैग ढूंढ निकाला। CCTV फुटेज की जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई। बैग कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक कुत्ता सर्जिकल वार्ड से उठाकर ले गया था। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के कयामपुर निवासी लताबाई वाल्मीकि का बेटा हाथ में चोट लगने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती था। लताबाई भी उसके साथ अस्पताल आई थीं। वह अपने साथ जेवरों से भरा बैग लेकर आई थीं। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बैग अस्पताल से गुम हो गया। महिला के मुताबिक रात करीब 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच बैग गायब हुआ। बैग में सोने-चांदी के जेवर और करीब ₹2 हजार नकद रखे थे। सामान की कुल कीमत करीब ₹4 लाख बताई गई। बैग में ये जेवर रखे थेबैग में चांदी का कमर कंदोरा और पायल थी। सोने का मंगलसूत्र और दो अंगूठियां भी थीं। इसके अलावा चांदी की घुंघरियां, सोने के मोती, सोने की बालियां, नाक की नथ और चांदी की चुटकी रखी थी। बैग गुम होने के बाद लताबाई ने सिटी कोतवाली थाने में आवेदन दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रधान आरक्षक अजय सोलंकी को बैग तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। सोलंकी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को बैग ले जाने वाला नजर आया। बैग किसी व्यक्ति ने नहीं उठाया था। एक कुत्ता उसे सर्जिकल वार्ड से उठाकर ले गया था। अस्पताल परिसर में ही मिला बैगपुलिस ने कुत्ते के बैग लेकर जाने का रास्ता CCTV में ट्रैक किया। अलग-अलग कैमरों की फुटेज देखी गई। इसके बाद बैग अस्पताल परिसर के एक खुले स्थान पर लावारिस हालत में मिला। पुलिस ने बैग बरामद कर लिया। उसमें रखा पूरा सामान भी सुरक्षित था। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार शाम पुलिस ने पूरा सामान लताबाई को सौंप दिया। जेवर और नकदी सुरक्षित मिलने पर महिला ने पुलिस का आभार जताया। CCTV की मदद से पुलिस ने कम समय में बैग बरामद कर लिया। साथ ही महिला का लाखों रुपए का सामान भी सुरक्षित वापस मिल गया।
देवरिया के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोमवार को औरा चौरी स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में मोबाइल फोन पर बात करने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि जिलाध्यक्ष की फटकार के बाद 22 मंडल अध्यक्ष बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष ने विवाद या नोकझोंक की बात से इनकार किया है। मोबाइल पर बात करने पर नगर अध्यक्ष को फटकार आरोप है कि बैठक के दौरान नगर अध्यक्ष रमेश वर्मा के मोबाइल पर फोन आया और उन्होंने बात कर ली। इससे नाराज जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने उन्हें फटकार लगाई और इस्तीफा देने को कहा। इस पर बरियारपुर मंडल अध्यक्ष दिवाकर यादव ने विरोध जताया। आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने उनसे भी इस्तीफा देने के लिए कहा। इसके बाद अन्य मंडल अध्यक्ष भी दिवाकर यादव के समर्थन में आ गए और करीब 22 मंडल अध्यक्ष बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिला प्रभारी संतराज यादव भी मौजूद थे। नाश्ता नहीं मिलने का भी लगाया आरोप बैठक से बाहर निकले मंडल अध्यक्ष नीचे हॉल में पहुंच गए, जहां नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। मंडल अध्यक्षों का आरोप है कि वहां उन्हें नाश्ता भी नहीं दिया गया। इसके बाद सभी मंडल अध्यक्ष वहां से चले गए। जिलाध्यक्ष बोले- फोटो सेशन के लिए हटने को कहा था वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने बैठक में विवाद या नोकझोंक से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त पदाधिकारियों के फोटो सेशन के लिए मंडल अध्यक्षों को वहां से हटने के लिए कहा गया था। उनके मुताबिक, इसे विवाद से जोड़कर देखा जाना सही नहीं है। दूसरी ओर, बरियारपुर मंडल अध्यक्ष दिवाकर यादव ने बैठक के दौरान नोकझोंक होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इसी के बाद 22 मंडल अध्यक्ष बैठक छोड़कर बाहर आए थे। नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ सम्मान इसी बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। जिलाध्यक्ष काली प्रसाद और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। जिला महामंत्री अजय कुमार दुबे ने आगामी अभियानों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसे मंडल और बूथ स्तर तक लागू करने की बात कही।
गाजियाबाद के खोड़ा में 21 अगस्त की रात को राजा अंसारी ने अपनी पत्नी तबस्सुम और 15 साल की बेटी सना की चाकू से काटकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने 22 अगस्त की शाम को आरोपी राजा अंसारी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। अब परिवार में 14 साल की नाबालिग छात्रा बची है, जो दिल्ली में अपने रिश्ते के मामा के घर चली गई है। वहीं घर पर ताला लटका है। पुलिस अब राजा अंसारी और उसकी पत्नी तबस्सुम के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। जिससे हत्या के सही कारणों का पता चल सके। पहले पत्नी फिर बेटी को चाकू से गोदा बिहार के अररिया जिले के ज्योतिहाट के मढियाई गांव निवासी राजा अंसारी (45) तीन साल से गाजियाबाद के खोड़ा में रहता है। साथ में पत्नी तबस्सुम (35) और दो बेटियां रह रही थीं। राजा अंसारी दिल्ली के गाजीपुर मछली मंडी में मुंशी की नौकरी करता था, जिसे एक महीने में 34 हजार रुपए मिलते थे। जहां 21 अगस्त की रात सवा 12 बजे राजा अंसारी ने पत्नी तबस्सुम और बड़ी बेटी सना की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। छोटी बेटी को भी मामूली चाकू लगा, वह बच गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तबस्सुम के 8 चाकू लगे, जिसकी आंत भी बाहर आ गईं। गला काटने के अलावा कंधा, पेट और पेट के ऊपर भी चाकू मिले। पेट में 10 सेमी गहरा घाव भी चाकू का मिला। जबकि बेटी सना को 2 चाकू लगे थे। जिसके गले की हड्डी भी कटी मिली। सना के दूसरा चाकू कंधे के पास मिला। नाबालिग बची बेटी चश्मदीद और केस की वादी राजा अंसारी के कोई बेटा नहीं था। जो लगातार डिप्रेशन में रहता था। इसी के चलते जीटीबी अस्पताल दिल्ली से उसकी दवाई भी चल रही थी। हालांकि पुलिस की जांच में यह आया है कि राजा अंसारी की आर्थिक स्थिति खराब नहीं थी, यह बात उसने गलत बताई। जिसे हर महीने के करीब 36 हजार रुपये मिलते थे। मकान भी अपने असम निवासी ससुर की मदद से खरीदा था। परिवार में 4 लोग थे। जिनमें राजा अंसारी ने पत्नी तबस्सुम और बेटी सना की हत्या कर दी। राजा अंसारी जेल चला गया। छोटी बेटी एक स्कूल में 8 वीं की पढ़ाई कर रही है। इसी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। जो अपनी मां और बहन के मर्डर में वादी है, साथ ही चश्मदीद भी है। जिसके पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। दोनों के शव का पुलिस ने ही रिश्तेदारों की मदद से खोड़ा में ही सुर्पद ए खाक कराया। बची ही छोटी बेटी ने पुलिस को बयान में यह बताया कि मम्मी की लाश फर्श पर पड़ी थी, बड़ी बहन सना का शव वॉशरूम के गेट के पास पड़ा था। मुझे भी चाकू मारा। पापा मुझे भी मारना चाहते थे।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रख-रखाव के चलते कई कॉलोनी में शनिवार को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में 5 घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 6 बजे से 11 यहां रहेगा पावरकट 33/11 KV सबस्टेशन शिकारी बेरा से 11 KV तीन नंबर फीडर का शटडाउन सुबह 6 बजे से 11 तक रहेगा। जिसमें ओम नगर, गणेश नगर, शिकारी बेरा,प्रेम नगर और मिरासी कॉलोनी के आसपास के क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बंद रहेगा। बिजली विभाग ने संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय से बिजली से जुड़े आवश्यक कार्य निपटा लें और कटौती के दौरान सहयोग करें। विभाग के अनुसार रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
रसोइयों को 5 लाख की कैशलेस सुविधा:सरकार ने बढ़ाया मानदेय, दुर्घटना पर 2 लाख की सहायता भी
चंदौली के सकलडीहा तहसील सभागार में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर तीनों ब्लॉक के रसोइयों को सरकार द्वारा बढ़ाए गए मानदेय, पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और विद्यालय में दुर्घटना होने पर दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि अब रसोइयों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ भी मिलेगा। यदि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाते समय कोई दुर्घटना होती है, तो पीड़ित रसोइया को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। ब्लॉक प्रमुख अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों की चिकित्सा सुविधा और सम्मान के लिए लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि कम मानदेय पर काम करने वाली रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर उनका सम्मान बढ़ाया गया है। समारोह के अंत में, सरकार की योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा कार्ड का डेमो वितरण भी किया गया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल तिवारी, बीईओ धानापुर अवधेश नारायण सिंह, बीईओ चहनिया सहाय, एआरपी प्रशांत पाण्डेय, अरविन्द कुमार उपाध्याय, प्रमोद कुमार, मयंक शर्मा, हिमांशु पांडे, चंद्रधर दीक्षित, शिवमंगल, शिवेंद्र और रसोइया मंजुलता, जमीला, निर्मला सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
सहारनपुर में पुलिसकर्मी के सामने युवकों में मारपीट:आजाद कॉलोनी में सड़क पर हुआ विवाद
सहारनपुर के थाना मंडी क्षेत्र की आजाद कॉलोनी में युवकों के बीच मारपीट हो गई। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें युवक आपस में भिड़ते और एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि मौके पर एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था, लेकिन उसकी मौजूदगी के बावजूद मारपीट नहीं रुकी। यह घटना रविवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर कुछ युवकों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। वायरल वीडियो में युवक एक-दूसरे पर लगातार हमला करते नजर आ रहे हैं। मारपीट की सूचना मिलने या मौके पर हंगामा देखकर एक पुलिसकर्मी वहां पहुंचा। पुलिसकर्मी ने युवकों को रोकने और बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन युवक पुलिसकर्मी की परवाह किए बिना एक-दूसरे से भिड़ते रहे। वीडियो में कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। यह वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे से यह वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद आजाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में इसकी खूब चर्चा हो रही है, खासकर पुलिसकर्मी की मौजूदगी में हुई मारपीट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, मारपीट किस बात को लेकर शुरू हुई और इसमें शामिल युवकों की पहचान क्या है, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
लुधियाना में स्थानीय राजनीति में उस समय गरमाहट आ गई जब बिजली विभाग (PSPCL) ने वार्ड नंबर 66 से मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षद रोहित सिक्का के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कर लिया। विभाग की इस कार्रवाई के तहत पार्षद पर ₹1.29 लाख का जुर्माना और ₹40 हजार का कंपाउंडिंग चार्ज (कुल ₹1.69 लाख) लगाया गया है। दूसरी ओर, भाजपा पार्षद रोहित सिक्का ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से राजनीतिक रंजिश और दबाव बनाने की रणनीति करार दिया है। “मीटर मेरे नाम पर नहीं, मैं तो सिर्फ बैठता हूं” दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत के दौरान पार्षद रोहित सिक्का ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिस मीटर को आधार बनाकर यह कार्रवाई की गई है, वह उनके नाम पर है ही नहीं। इसके साथ ही, जिस प्रॉपर्टी पर यह कार्रवाई हुई है, सरकारी दस्तावेजों में उसमें भी उनका नाम दर्ज नहीं है। रोहित सिक्का का कहना है कि वह उस दफ्तर में केवल रोजाना करीब दो घंटे के लिए बैठता हूं, ताकि इलाके के लोगों की समस्याओं को सुन सकूं और उनका समाधान कर सकूं। महज वहां बैठने के आधार पर मेरे खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कर देना पूरी तरह से गलत और निराधार है। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और FCC चुनाव प्रभावित करने का आरोप पार्षद ने बताया कि यह मामला 21 अगस्त को दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 अगस्त तक विभाग द्वारा तय की गई जुर्माने की पूरी राशि जमा करवाए जाने के बावजूद, उन्हें जमानत देने में जानबूझकर आनाकानी की जा रही है। सिक्का के अनुसार, इस ढुलमुल रवैये से साफ पता चलता है कि मौजूदा सरकार और बिजली विभाग के अधिकारी मिलकर विरोधी दल के नेताओं पर नाजायज दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी एफएंडसीसी (FCC) चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से यह कार्रवाई की गई है, ताकि विपक्ष के नेता मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरुपयोग कर रही है।
डीएलएड के पहले फेज में 48 हजार सीटें आवंटित:प्रवेश 31 अगस्त तक, 10 सितंबर तक चॉइस फिलिंग
डीएलएड 2026 सत्र में एडमिशन के लिए पहले फेज के तीसरे राउंड का सीट आवंटन लिस्ट सोमवार को जारी की गई। प्रथम फेज में कुल 48480 सीटें आवंटित की गईं। जिनमें निजी संस्थानों की 41060 और डायट की 7420 सीटें शामिल हैं। प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले 152202 अभ्यर्थियों ने 19 से 23 अगस्त तक संस्था का विकल्प ऑनलाइन दिया था। इस तीसरे राउंड में कुल 25776 आवेदकों ने संस्थाओं के विकल्प भरें। जिनमें से 24579 आवेदकों को सीटें मिलीं। इससे पहले हुए दो राउंड में 18640 आवेदकों ने विकल्प भरे थे और कुल 18093 आवेदकों को कॉलेज आवंटित किए गए थे। इस तरह पहले चरण में अब तक काफी प्रतिशत आवेदकों को सीटें मिल चुकी हैं। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त शाम छह बजे निर्धारित की गई है। प्रशिक्षु संस्थानों को निर्देश है कि वे 1 सितंबर तक प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट करें। आगामी दूसरे चरण के तहत कुल 2,24,425 सीटें उपलब्ध होंगी। जिनमें डायट की 10,600 सीटें भी शामिल हैं। दूसरे फेज के विकल्प भरने की प्रक्रिया सात से दस सितंबर तक चलेगी। इस चरण में गैर-राज्यीय अभ्यर्थी तथा वे अभ्यर्थी जो आरक्षित वर्ग का आवंटन नहीं पाए हैं, भाग ले सकेंगे। शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों से समय पर विकल्प दर्ज करने और निर्धारित तिथियों पर प्रवेश सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अधिक जानकारी और स्वागत पत्रों की सूची संबंधित वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
नगर परिषद चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस में टिकट की दौड़ तेज हो गई है। सोमवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में पूरे दिन दावेदारों की आवाजाही लगी रही। चित्तौड़ विधानसभा के चंदेरिया जोन और साउथ जोन के वार्डों से बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्षद टिकट के लिए आवेदन जमा किए। कई वार्डों में एक से ज्यादा दावेदार मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। कांग्रेस संगठन ने पहले ही आवेदन लेने का शेड्यूल तय कर दिया था और उसी के अनुसार अलग-अलग जोन के दावेदारों से आवेदन लिए जा रहे हैं। अब मंगलवार को बाकी बचे वार्डों के इच्छुक नेताओं से आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद टिकट चयन की प्रक्रिया अगले चरण में पहुंचेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं। हर वार्ड में कई दावेदार, संगठन के सामने बढ़ी चुनौती कांग्रेस के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष एहसान पठान ने बताया कि आवेदन लेने की प्रक्रिया लगातार जारी है। पहले दिन हेरिटेज जोन और सेंट्रल जोन के वार्डों से आवेदन लिए गए थे, जबकि सोमवार को चंदेरिया जोन और साउथ जोन के दावेदारों ने अपने बायोडाटा और आवेदन जमा किए। कई वार्डों से एक से ज्यादा नेताओं ने टिकट की दावेदारी पेश की है, जिससे यह साफ है कि इस बार कांग्रेस में टिकट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। कुछ वार्डों के आवेदन अभी बाकी हैं, जिन्हें मंगलवार दोपहर तीन बजे के बाद लिया जाएगा। संगठन का कहना है कि सभी इच्छुक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने और आवेदन देने का पूरा मौका दिया जा रहा है। हर वार्ड से तीन नाम भेजे जाएंगे, फिर होगा अंतिम फैसला कांग्रेस ने टिकट चयन की प्रक्रिया पहले से तय कर रखी है। सभी आवेदन जिला कांग्रेस कमेटी के स्तर पर जांचे जाएंगे। इसके बाद हर वार्ड से तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा। प्रदेश स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति इन नामों पर चर्चा करेगी और सभी पहलुओं को देखने के बाद एक नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा। यानी अंतिम टिकट का फैसला प्रदेश स्तर पर होगा। पार्टी का मानना है कि इस प्रक्रिया से हर दावेदार को समान अवसर मिलेगा और योग्य उम्मीदवार का चयन किया जा सकेगा। वार्डवार संभावित दावेदारों की सूची - वार्ड 1: (OBC पुरुष) विजय चौधरी, प्रदीप सेन - वार्ड 2: (अनारक्षित पुरुष) सद्दाम खान - वार्ड 3: (अनारक्षित पुरुष) लक्ष्मीनारायण माली, अक्षय सिंह - वार्ड 4 (अनारक्षित पुरुष): कैलाश पंवार, उमा राठौड़, विजय चौधरी, जाकिर हुसैन - वार्ड 5: (SC पुरुष) प्रेमचंद खटीक, सुशील जटिया - वार्ड 6 (SC पुरुष): जे.पी. रेगर, देवेंद्र रेगर, कैलाश पंवार, प्रेमचंद खटीक - वार्ड 7: (SC महिला) रिंकू कुमारी, सावित्री देवी, सोसरबाई, सुमन बुनकर, लक्ष्मी कंडारा - वार्ड 8: (अनारक्षित महिला) केसर रेगर, नौसर बाई - वार्ड 9: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 10: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 11: (OBC पुरुष) कोई नाम नहीं - वार्ड 12: (अनारक्षित पुरुष) दुर्गापाल सिंह झाला - वार्ड 13: (अनारक्षित पुरुष) रोहित जोशी - वार्ड 14 (अनारक्षित पुरुष): अल्पेश गोस्वामी, नितिन वर्मा - वार्ड 15 (अनारक्षित पुरुष): मोहसिन खान, हेमंत संत - वार्ड 16 (OBC पुरुष): मोहम्मद फारूख नीलगर - वार्ड 17 (अनारक्षित पुरुष): मोहम्मद फारूख नीलगर, महेंद्र सिंह मेड़तिया - वार्ड 18 (SC पुरुष): राकेश गारू, महेंद्र छापरवाल, अंकुश आदिवाल - वार्ड 19 (SC महिला): वर्षा कुमारी बैरवा, विद्या मोयल - वार्ड 20: (अनारक्षित पुरुष) समीर सिंह, संदीप सिंह, नवनीत सिंह चड्ढा - वार्ड 21 (OBC महिला): कुंदन बाई - वार्ड 22: (अनारक्षित पुरुष): नरेंद्र विजयवर्गीय, दीपक काटा - वार्ड 23: (SC पुरुष) विजय चौहान, राजू खटीक - वार्ड 24: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 25: (अनारक्षित पुरुष) आशीष त्रिवेदी, राधेश्याम जायसवाल, अभिषेक नलवाया - वार्ड 26 (अनारक्षित महिला): बबली कंवर - वार्ड 27: (अनारक्षित महिला) कलावंती कंवर - वार्ड 28: (अनारक्षित पुरुष) मनोहर मेनारिया - वार्ड 29: (OBC पुरुष) कोई नाम नहीं - वार्ड 30: (OBC पुरुष) नानालाल धाकड़, नरेश धाकड़ - वार्ड 31: (अनारक्षित पुरुष) आशीष त्रिवेदी, अनिल भारद्वाज, दिनेश गुर्जर, खुमेंद्र गुर्जर - वार्ड 32 (ST महिला): पार्वती देवी - वार्ड 33: (OBC महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 34 (ST पुरुष): सुमित मीणा, शांतिलाल भील - वार्ड 35: (अनारक्षित पुरुष) राहुल तोमस - वार्ड 36: (अनारक्षित पुरुष) कोई नाम नहीं - वार्ड 37 (OBC पुरुष): टिंकू धमानी - वार्ड 38: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 39: (अनारक्षित पुरुष) कोई नाम नहीं - वार्ड 40 (OBC महिला): रैना हसन, राजा बेगम - वार्ड 41 (अनारक्षित पुरुष): नासिर खान, सोरा हुसैन, मोहम्मद सिद्दी खान, इरशाद मोहम्मद, अशरफ हुसैन - वार्ड 42 (अनारक्षित पुरुष): शंभूलाल प्रजापत, नितीश शर्मा - वार्ड 43: (अनारक्षित महिला) डिंपल कुमारी, विमला बाई - वार्ड 44: (अनारक्षित महिला) कृष्णा गोस्वामी - वार्ड 45: (अनारक्षित पुरुष) कोई नाम नहीं - वार्ड 46 (SC महिला): जयमाला मोची, पुष्पा चावला - वार्ड 47 (अनारक्षित पुरुष): खुसरो कमाल नीलगर, भागीरथ मोची, बाल मुकुंद मालीवाल - वार्ड 48 (अनारक्षित पुरुष): इम्तियाज हुसैन लोहार, मोहम्मद आरिफ कुक्का, नवरतन जीनगर - वार्ड 49: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 50 (SC पुरुष): अरुण खंडारा, दिनेश सिसोदिया, वासु लोट - वार्ड 51: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 52: (OBC पुरुष) कोई नाम नहीं - वार्ड 53: (अनारक्षित महिला) कोई नाम नहीं - वार्ड 54: (OBC पुरुष) ब्रज किशोर स्वदेशी - वार्ड 55 (अनारक्षित पुरुष): जीतू कीर, कन्हैयालाल माली, निर्मल जैन - वार्ड 56 (OBC महिला): कोई नाम नहीं - वार्ड 57: (अनारक्षित पुरुष) तेजपाल भोई - वार्ड 58 (अनारक्षित महिला): रुखसार खान, बेबी कंवर, सावित्री देवी पंवार, ललिता शर्मा, पूजा सुथार - वार्ड 59: (अनारक्षित पुरुष) अनिल सैनी - वार्ड 60: (अनारक्षित महिला) दुर्गेश सिंह नाराजगी रोकने पर भी संगठन का फोकस नगर परिषद चुनाव में टिकट वितरण हमेशा सबसे संवेदनशील मुद्दा रहता है। इसे देखते हुए कांग्रेस इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने पर जोर दे रही है। संगठन का कहना है कि आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक सभी चरण तय नियमों के अनुसार पूरे किए जाएंगे, ताकि किसी कार्यकर्ता को पक्षपात का अहसास न हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि टिकट भले ही एक व्यक्ति को मिले, लेकिन बाकी कार्यकर्ताओं को भी चुनाव में साथ लेकर चलना सबसे बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में संगठन की कोशिश है कि टिकट वितरण के बाद किसी तरह की नाराजगी सामने न आए और सभी कार्यकर्ता अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरें।
राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन की निर्माण गुणवत्ता और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर चल रही स्वतः संज्ञान याचिका पर जस्टिस डॉ पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ में करीब तीन घंटे तक सुनवाई की। सुनवाई के दौरान भवन के डोम सहित अन्य हिस्सों की स्थिति, आईआईटी मुंबई और आईआईटी जोधपुर की रिपोर्ट तथा निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी एफआईआर की जांच पर विस्तार से चर्चा हुई। हाईकोर्ट ने जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए पुलिस और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने एसओजी के डीजी को निर्देश दिए कि भवन निर्माण में यदि कोई अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही आगामी 15 सितंबर को जांच की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल चार्जशीट पेश करना ही कार्रवाई का अंतिम चरण नहीं माना जाएगा, बल्कि निर्माण के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी तय करनी होगी। वहीं डोम एरिया में खतरे की आंशका को देखते हुए आम लोगों और एडवोकेट की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। राजस्थान की किसी अदालत से नहीं मिलेगा अग्रिम संरक्षणमामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों अथवा अन्य संबंधित लोगों को पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए राजस्थान की किसी भी अदालत से अग्रिम संरक्षण नहीं दिया जाएगा। इस मामले में ऐसा संरक्षण केवल राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ अथवा सुप्रीम कोर्ट ही प्रदान कर सकेगा। कोर्ट ने इस आदेश की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 2023 की एफआईआर पर उठे सवालसुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि वर्ष 2023 में भवन की गुणवत्ता से संबंधित एफआईआर दर्ज होने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने कहा कि यदि जांच में निर्माण से जुड़े अधिकारियों या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। करीब तीन साल बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। मुख्य सचिव और डीजीपी होंगे व्यक्तिगत रूप से पेशसुनवाई में मुख्य सचिव और डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना था, लेकिन दोनों अधिकारी कोर्ट में नहीं आ सके। मुख्य सचिव की ओर से एसीएस प्रवीण गुप्ता और डीजीपी की ओर से डीजी एसओजी आनंद श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर मुख्य सचिव और डीजीपी राजीव कुमार शर्मा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे। डोम क्षेत्र में प्रवेश पर रोकआईआईटी की रिपोर्टों में हाईकोर्ट भवन के डोम क्षेत्र सहित अन्य हिस्सों की संरचनात्मक स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। डोम क्षेत्र में खतरे की आशंका को देखते हुए वहां आम लोगों और अधिवक्ताओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा के लिए 24 घंटे निगरानी वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। आईआईटी मुंबई की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद भवन की मरम्मत और तकनीकी समाधान को लेकर आगे निर्णय होगा। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
रामपुर के मोहम्मद आजम खां से जुड़े 2019 के चुनावी भाषण मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में अभियोजन पक्ष के लिपिक प्रशांत गिल की मुख्य परीक्षा पूरी कर ली गई। अब बचाव पक्ष उनकी प्रतिपरीक्षा करेगा। इसके लिए अदालत ने 2 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान टांडा में आयोजित जनसभा से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, टांडा थाना पुलिस ने 8 अप्रैल 2019 को एफआईआर संख्या 0167/19 दर्ज की थी। इसमें तत्कालीन रामपुर लोकसभा सीट से संयुक्त गठबंधन के प्रत्याशी मोहम्मद आजम खां को आरोपी बनाया गया था। 5 अप्रैल की जनसभा के भाषण को लेकर दर्ज हुआ था मुकदमा एफआईआर के अनुसार, 5 अप्रैल 2019 को टांडा में आयोजित जनसभा में आजम खां के भाषण को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भाषण के दौरान संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। शिकायत में चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कथित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया था। मुकदमा उड़नदस्ता प्रभारी पंकज कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ था। एफआईआर में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 और आईपीसी की धारा 505(1)(b) के तहत कार्रवाई का उल्लेख है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक राजीव कुमार को सौंपी गई थी। 2 सितंबर को होगी बचाव पक्ष की प्रतिपरीक्षा सोमवार की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने लिपिक प्रशांत गिल की मुख्य परीक्षा पूरी कराई। अब बचाव पक्ष उनसे प्रतिपरीक्षा करेगा। अदालत ने इसके लिए 2 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। आगामी सुनवाई में होने वाली प्रतिपरीक्षा मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं और उनकी पुष्टि या दोषसिद्धि अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में सोमवार को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की आधुनिक तकनीक को लेकर जागरूकता एवं अनुभव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अमेरिका की कंपनी इंट्यूटिव का मोबाइल ‘एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर’ बीएमएचआरसी पहुंचा। यहां अस्पताल के विभिन्न विभागों के सर्जनों को रोबोटिक सर्जरी की तकनीक, उपकरणों और संभावित क्लिनिकल उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से चिकित्सकों को इंट्यूटिव के दा विंची सर्जिकल सिस्टम की तकनीकी खूबियों को करीब से समझने का अवसर मिला। इसमें मल्टी-क्वाड्रेंट एक्सेस, रियल-टाइम इमेजिंग और उन्नत इंस्ट्रूमेंटेशन जैसी तकनीकों की जानकारी दी गई। सर्जनों ने रोबोटिक सिस्टम के व्यावहारिक पहलुओं को भी समझा। कार्यक्रम में यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शारिक उल हसन, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप सोरते, उदर शल्य चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद वर्मा, कार्डियक एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गिरिराज गर्ग और कैंसर सर्जरी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम सहित कई चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। जटिल सर्जरी में संभावित उपयोग समझा चिकित्सकों को बताया गया कि रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी तकनीक का उपयोग विशेष रूप से जटिल सॉफ्ट-टिश्यू प्रक्रियाओं में किया जा सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों को तकनीक की क्षमताओं के साथ-साथ उसकी सीमाओं और संभावित उपयोग की परिस्थितियों से परिचित कराना था। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक लगातार विकसित हो रही है। ऐसे कार्यक्रम चिकित्सकों को नई तकनीकों को करीब से समझने और उनके व्यावहारिक पहलुओं का अनुभव लेने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना अस्पताल की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
नोएडा में 100 किलो रसगुल्ला नष्ट किए:मक्खी-मच्छर मिले थे, FSDA अधिकारी बोले-सख्त कार्रवाई होगी
नोएडा में अधिकारियों ने सोमवार को प्रदूषित पाए गए लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्ले नष्ट कराए। इन रसगुल्लों में मक्खी और मच्छर मिले थे। इसके अतिरिक्त, कुल 7 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने सरफाबाद, सेक्टर 72, नोएडा स्थित प्रदीप कुमार की रसगुल्ला निर्माणशाला पर छापा मारा। यहां रसगुल्ले का एक नमूना लिया गया। जांच के दौरान लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्ले प्रदूषित अवस्था में पाए गए, जिनमें मक्खी और मच्छर पड़े थे। इसके बाद इन रसगुल्लों को नष्ट करा दिया गया। बीकानेर स्वीट्स से घेवर का एक नमूना लिया सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार रात खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह और रविंद्र नाथ वर्मा की टीम ने जेवर टोल प्लाजा पर चेकिंग की। इस दौरान अलीगढ़ की चौधरी डेयरी पिसावा जलालपुर से दिल्ली जा रहे पनीर का एक नमूना लिया गया। मथुरा की भीमसेन डेयरी से दिल्ली-एनसीआर जा रहे पनीर के भी दो नमूने संग्रहित किए गए। सोमवार को अमर बहादुर सरोज की टीम ने सेक्टर 134 स्थित बीकानेर स्वीट्स से घेवर का एक नमूना लिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने इकोटेक 2, प्लॉट नंबर 66 स्थित शगुन स्वीट की निर्माणशाला से खोया और घेवर का एक-एक नमूना लिया। इस प्रकार कुल 7 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जनपद वासियों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए आगे भी इसी तरह के जांच अभियान चलाए जाएंगे और नमूने संग्रहित करने की कार्रवाई जारी रहेगी।
फिरोजाबाद के दौलतपुर गांव में सोमवार देर शाम बारिश के दौरान एक मकान की दीवार अचानक गिर गई। दीवार के पास बंधी भैंस और बकरी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गईं। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य कुछ देर पहले ही वहां से हट गए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गांव निवासी दिनेशचंद्र के बेटे प्रदीप ने बताया कि सोमवार शाम करीब 8 बजे उन्होंने पशुओं को पानी पिलाया था। इसके बाद परिवार के लोग वहां से हट गए। कुछ ही देर बाद मकान की दीवार तेज आवाज के साथ अचानक गिर गई। दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे भैंस और बकरी को ग्रामीणों ने तत्काल बाहर निकाला। दोनों पशुओं को चोटें आई हैं। लगातार बारिश से कमजोर हुई थी दीवार परिजनों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण मकान की दीवार कमजोर हो गई थी। इसी वजह से वह अचानक ढह गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इंस्पेक्टर राकेश कुमार गिरी ने बताया कि दीवार गिरने की जानकारी परिजनों की ओर से पुलिस को नहीं दी गई है। मामले की जानकारी की जा रही है।
गोरखपुर में मंगलवार को 5 घंटे बिजली रहेगी गुल:कई इलाके रहेंगे प्रभावित, लोगों से सहयोग की अपील
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते कल यानी मंगलवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यह कटौती सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रभावी रहेगी। विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर से जुड़े 11 KV कृष्णा नगर, फेस-3, दूरदर्शन और पत्रकारपुरम फीडर की सप्लाई बंद रहेगी। इसके अलावा दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र के हनुमंत नगर फीडर, राप्तीनगर न्यू के करीम नगर और रेल विहार फीडर भी प्रभावित रहेंगे। पादरी बाजार उपकेंद्र से जुड़े पादरी बाजार, लक्ष्मीपुर और न्यू फीडर की बिजली आपूर्ति भी निर्धारित समय तक बाधित रहेगी। अधिशासी अभियंता (सेकेंडरी वर्क्स) के अनुसार, शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइन शिफ्टिंग के कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए यह शटडाउन लिया जा रहा है। बिजली विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अनुसार जरूरी काम पहले ही निपटा लें और असुविधा से बचने के लिए आवश्यक तैयारी कर लें।
मेरठ में शीबा हत्याकांड: पहली पत्नी ने हाथ पकड़े, सादिक ने गला दबाकर ली शीबा की जान
मेरठ पुलिस ने शीबा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पति सादिक को गिरफ्तार कर लिया है। सादिक ने बेटे की चाहत पूरी होने के बाद पहली पत्नी और मां के साथ मिलकर शीबा का गला घोंटकर शव गन्ने के खेत में फेंका था।
धार में जयस छात्र संगठन ने तहसील और पीजी कॉलेज की नई कार्यकारिणी का गठन किया है। संगठन ने छात्रहित और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने के उद्देश्य से युवाओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी हैं। गंधवानी विधानसभा अध्यक्ष पद पर सुनील भाभर को नियुक्त किया गया है। धार तहसील कार्यकारिणी में पंकज चंदाना को अध्यक्ष, नानूराम भाभर को उपाध्यक्ष, गोपाल भाबर को तहसील प्रभारी, सोनू गिरवाल को मीडिया प्रभारी और विजय गावड को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पीजी कॉलेज कार्यकारिणी में दिलीप भाभर अध्यक्ष, कपिल उपाध्यक्ष, जितेंद्र मेड़ा कार्यकारी अध्यक्ष, मुकेश चौहान कोषाध्यक्ष, अजय संगठन मंत्री, धर्मेंद्र पचाया सोशल मीडिया प्रभारी और अजय डावर महामंत्री बनाए गए हैं। स्नेहा डावर को नारी शक्ति पीजी कॉलेज अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। नवनियुक्त पदाधिकारियों को जयस जिला अध्यक्ष चिंटू गिरवाल और संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं ने बधाई दी। कार्यकारिणी गठन के अवसर पर संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठा और अनुशासन के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने और छात्रहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। नई कार्यकारिणी से संगठन को युवा ऊर्जा और एकजुटता के साथ मजबूत करने की उम्मीद है।
सावन के अंतिम सोमवार पर कोंडागांव जिले के कोपाबेड़ा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही मंदिर में लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे इलाके में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने नारंगी नदी से पवित्र जल एकत्रित किया। इसके बाद भगवान शिव की पालकी के साथ करीब 6 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह लगाए सेवा शिविर पालकी यात्रा के रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। यहां खीर-पूड़ी, हलवा और खिचड़ी समेत कई तरह के प्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं के लिए पानी और अन्य पेय पदार्थों की भी व्यवस्था की गई थी। डीजे और भजनों पर झूमते रहे युवा यात्रा में आधा दर्जन से ज्यादा डीजे भी शामिल रहे। भक्ति गीतों और भोलेनाथ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए पालकी यात्रा में शामिल हुए। भीड़ के चलते शहर में यातायात प्रभावित भव्य पालकी यात्रा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कोंडागांव शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर कुछ घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय रही। जलाभिषेक कर मांगी सुख-समृद्धि पालकी यात्रा कोपाबेड़ा शिव मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिर में उमड़ी भीड़ और भव्य पालकी यात्रा ने कोंडागांव की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई।
सुप्रीम कोर्ट ने जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध सीबीआई जांच या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग की गई है।
अमवा में नहर में गिरी कार:महराजगंज से दवा लेकर लौट रहे भाई-बहन बाल-बाल बचे
महराजगंज जिले के अमवा के पास सोमवार को एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। इस हादसे में कार सवार भाई-बहन बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, सोनू अपनी बहन नेहा के साथ महराजगंज से दवा लेकर लखराव की ओर जा रहा था। अमवा के पास नहर के समीप पहुंचते ही उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई। कार डिवाइडर से टकराकर नहर में जा गिरी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कलेक्ट्रेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने कार में सवार सोनू और नेहा को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि हादसे में दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और कार को नहर से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस ने वाहन चालकों से नहर के आसपास सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
जैसलमेर ने सोमवार को अपने इतिहास के 871 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास और पावन मौके पर सोनार किले के राजमहल में 871वां स्थापना दिवस बहुत ही धूमधाम, परंपराओं और राजसी अंदाज के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भाटी राजवंश की कुलदेवी मां स्वांगिया माता और शहर को बसाने वाले महारावल जैसल देव जी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद राजमहल की छत पर जैसलमेर के पुराने रियासतकालीन झंडे की पूजा की गई। पूर्व राजपरिवार के सदस्य चैतन्यराज सिंह, दुष्यंत सिंह और केसरी सिंह ने मिलकर ध्वजारोहण किया और पूरे जिले की सुख-समृद्धि व अच्छी सेहत की प्रार्थना की। पूर्व महारावल का संदेश: स्वच्छता और संरक्षण पर दें ध्यान स्थापना दिवस पर पूर्व राजपरिवार सदस्य चैतन्यराज सिंह ने सभी शहरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जैसलमेर का इतिहास अदम्य साहस, वीरता और स्वाभिमान से भरा रहा है। हमारा शहर हमेशा से देश की सीमा पर मजबूती से डटकर खड़ा रहा है। 1965 और 1971 की जंग में भी इस क्षेत्र की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही थी। पर्यटन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जैसलमेर आज पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इसे और खूबसूरत और मजबूत बनाने के लिए सभी लोगों को सफाई, पुरानी सांस्कृतिक धरोहरों को बचाने और बेहतर व्यवस्थाओं पर खुद ध्यान देना होगा। 1156 में रखी गई थी जैसलमेर की नींव जैसलमेर की शुरुआत तत्कालीन महारावल जैसल सिंह ने साल 1156 (विक्रम संवत 1212) में की थी। उत्तर दिशा से होने वाले विदेशी हमलों को रोकने के कारण भाटी राजवंश को 'उत्तरभड़ किवाड़' की बड़ी उपाधि मिली। यह शहर अपने ढाई साके, महान शूरवीरों और वीरांगनाओं के त्याग के लिए जाना जाता है। अलाउद्दीन खिलजी और फिरोजशाह तुगलक जैसे राजाओं के हमलों के बावजूद जैसलमेर ने अपनी पहचान और शान हमेशा बरकरार रखी। सिल्क रूट का केंद्र और आधुनिक विकास पुराने जमाने में सिल्क रूट (व्यापारिक रास्ते) पर होने की वजह से जैसलमेर व्यापार का बड़ा केंद्र बना। इसी वजह से यहां पीले पत्थरों की नक्काशीदार हवेलियां, मशहूर सोनार किला और सुंदर छतरियां बनीं। आधुनिक समय में तत्कालीन महारावल जवाहर सिंह (1914-1948) के दौर में विकास के काम तेजी से हुए। साल 1939 में यहां टेलीफोन सुविधा शुरू हुई। पोकरण तक ट्रेन आई, जो 1968 में जैसलमेर से जुड़ी।
रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को रायसेन में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। रायसेन के सर्राफा व्यापारी योगेंद्र सोनी की बेटी नंदनी सोनी को 12वीं कक्षा में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर शिवराज सिंह चौहान ने लैपटॉप भेंट किया। नंदनी सोनी संत फ्रांसिस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, रायसेन की 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से 88 प्रतिशत अंक हासिल किए। सम्मान समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने नंदनी को आगे भी इसी तरह लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान कहा कि रायसेन के बच्चों को खेल, करियर और रोजगार के लिए आवश्यक हुनर में आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, करियर काउंसिलिंग और स्किल ट्रेनिंग की व्यवस्था करने की बात कही। केंद्रीय मंत्री ने रायसेन में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी के लिए कोचिंग शुरू करने की भी घोषणा की। इसके लिए फॉर्म 10 सितंबर से भरे जाएंगे, जबकि कक्षाएं 5 अक्टूबर से प्रारंभ होंगी। यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करेगी।
भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर यादव समाज बीजापुर ने जिले में मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखने की मांग की है। इस संबंध में समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम कलेक्टर विश्वदीप को ज्ञापन सौंपा। यादव समाज ने ज्ञापन में बताया कि 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस मौके पर जिलेभर में पूजा-अर्चना, शोभायात्रा, भजन-कीर्तन समेत कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखने की मांग समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जन्माष्टमी के दिन धार्मिक भावनाओं और पर्व की पवित्रता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मांस और मदिरा की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए जाएं। यादव समाज का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और धार्मिक माहौल में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने का अवसर मिलेगा। समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने के दौरान यादव समाज अध्यक्ष धनुजय यादव, राऊत अध्यक्ष सदाशिव अलसा, जागर लक्ष्मैया, प्रताप यादव, भूपेंद्र यादव, एम. गट्टया, जगदेव यादव, दयालु यादव, संतु राम यादव, पुरन यादव, रति राम यादव, सुखचंद यादव, रामधार यादव, लखेश्वर यादव, धर्मेंद्र यादव, घासीराम यादव सहित समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
बालाघाट में सावन मास के अंतिम सोमवार पर उज्जैन की तर्ज पर भगवान महाकाल की भव्य शाही सवारी निकाली गई। महाकाल सेवा समिति द्वारा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस पालकी यात्रा में जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे पूरे शहर का माहौल शिवभक्ति में डूब गया। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी पालकी यात्रा सायंकाल 6:30 बजे नए श्रीराम मंदिर से शुरू हुई यह पालकी यात्रा हनुमान चौक, महावीर चौक, राजघाट चौक, कालीपुतली चौक, आम्बेडकर चौक और गोंदिया रोड से होते हुए वापस नए श्रीराम मंदिर पहुंची। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मनमोहक झांकियां और सामूहिक नृत्य रहे आकर्षण शाही सवारी के दौरान शिव भक्तों का विशेष श्रृंगार, मनमोहक झांकियां और शिव नृत्य आकर्षण का केंद्र बने रहे। शहर के प्रमुख चौराहों पर श्रद्धालुओं द्वारा प्रस्तुत सामूहिक नृत्य ने समां बांध दिया। इस दौरान पूरा मार्ग 'बाबा महाकाल' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजता रहा। 56 भोग के साथ हुई महाआरती यात्रा के समापन पर नए श्रीराम मंदिर प्रांगण में भगवान महाकाल को 56 भोग का नैवेद्य अर्पित किया गया। इसके बाद विधिवत महाआरती की गई और उपस्थित जनसमुदाय को महाप्रसाद का वितरण किया गया।
जोधपुर में MDM अस्पताल परिसर से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले आरोपी को शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मरीज बनकर अस्पताल पहुंचता और पार्किंग में एकांत में खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करता था। मौका मिलने पर वह बाइक का लॉक तोड़कर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 10 मोटरसाइकिल बरामद की हैं और उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। शास्त्रीनगर थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में टीम ने शातिर चोर को चिन्हित कर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। आरोपीअभिषेक उर्फ पिंटू (22) पुत्र स्व. हेमाराम विश्नोई, निवासी विश्नोईयों की ढाणी, सांवलता कल्ला, पुलिस थाना रोहट जिला पाली का रहने वाला है। नशे के शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दिन के समय एमडीएम अस्पताल में मरीज बनकर पहुंचता था। परिसर में घूमकर एकांत स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करता था। मरीज के परिजनों द्वारा जल्दबाजी में खड़ी की गई बाइकों को निशाना बनाकर मौका मिलते ही लॉक तोड़ देता था। आरोपी चोरी के तुरंत बाद बाइक को दूर-दराज या सुनसान जगह छिपा देता और मौका मिलते ही बेचकर नशे के शौक पूरे करता था। फिलहाल उससे पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस कार्रवाई में SI शैतान चौधरी, ASI मजीद खां, चंचलप्रकाश, हेड कॉन्स्टेबल जब्बरसिंह, महेन्द्र चौधरी, गंगाराम, फरसाराम (विशेष भूमिका) कांस्टेबल गणपतराम और ईश्वरसिंह (CCTV ऑपरेटर, MDM अस्पताल) शामिल रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की सभी स्कूलों की कैंटीन और स्कूलों के गेट से 50 मीटर दायरे में जंक फूड बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को लेकर सोमवार को संज्ञान लिया। जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने राज्य के स्कूलों में जंक फूड बेचने और बच्चों के बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम पर चिंता जताई। कोर्ट ने स्कूलों में हाई फैट, शुगर और सॉल्ट (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों को बेचने पर सख्त रोक लगाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा- स्कूलों की कैंटीन और 50 मीटर के दायरे में ये खाद्य पदार्थ नहीं बेचे जाएंगे। इनमें कार्बोनेटेड ड्रिंक, चिप्स, ट्रांस फैट वाले बेकरी उत्पाद और अन्य जंक फूड शामिल हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को हर महीने निरीक्षण कर इन नियमों का पालन करने को कहा। 4 सप्ताह में बनानी होगी स्कूल खाद्य सुरक्षा-पोषण समिति हाईकोर्ट ने कहा- साल 2020 में सुरक्षित और संतुलित भोजन को लेकर नियम बनाए गए थे। हालांकि 6 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। कोर्ट ने बच्चों को मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालना करने को कहा। आदेश के तहत- सभी स्कूलों को चार सप्ताह में 'स्कूल खाद्य सुरक्षा और पोषण समिति' का गठन करना होगा। इसके अलावा आठ सप्ताह में कैंटीन में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की कैलोरी, सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी वाला मेन्यू बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। मिड-डे मील और अन्य पोषण योजनाओं में भी संतुलित आहार के मानकों की पालना के भी निर्देश दिए। कलेक्टर्स को औचक निरीक्षण कर आठ सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट कोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को आवश्यक माना। हालांकि चेतावनी दी कि तकनीक बच्चों की मूल सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं बननी चाहिए। हाथ से लिखना, किताब पढ़ने, नोट्स बनाने और लिखित परीक्षा जैसी बुनियादी गतिविधियों को बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके अलावा ग्रामीण सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, इंटरनेट, स्वास्थ्य जांच, शौचालय, पेयजल और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। सभी कलेक्टर्स को ग्रामीण स्कूलों का औचक निरीक्षण कर 8 सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मेरठ में सोमवार शाम करीब 5 बजे हस्तिनापुर क्षेत्र में मध्य गंगा नहर की पटरी पर तेंदुआ दिखाई देने से राहगीरों और ग्रामीणों में हलचल मच गई। हस्तिनापुर से मालीपुर गांव की ओर जा रहे दक्ष चौधरी, अर्जुन ठाकुर, आकाश चौधरी और आनंद ठाकुर ने रास्ते में पटरी पर तेंदुए को देखा। तेंदुए को देखकर उन्होंने सावधानी बरती और वहां से सुरक्षित निकल गए। घटना के बाद तेंदुए के सड़क पर घूमने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह एक कुत्ते पर हमला करता दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। रास्ते में अचानक दिखाई दिया तेंदुआ दक्ष चौधरी, अर्जुन ठाकुर, आकाश चौधरी और आनंद ठाकुर हस्तिनापुर से मालीपुर गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मध्य गंगा नहर की पटरी पर उन्हें तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर राहगीर सतर्क हो गए और सुरक्षित वहां से निकल गए। कुत्ते पर हमला करते दिखा तेंदुआ सामने आए वीडियो में तेंदुआ सड़क पर घूमता नजर आ रहा है। इसी दौरान उसने सड़क पर मौजूद एक कुत्ते पर हमला किया। कुत्ता किसी तरह वहां से निकलकर भाग गया। राहगीरों से सतर्क रहने की अपील तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों और राहगीरों में चिंता बनी हुई है। इस मार्ग से किसान, छात्र और अन्य लोग भी आवागमन करते हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और तेंदुए के दिखाई देने पर उसके करीब नहीं जाने की अपील की है। वन विभाग ने बढ़ाई गश्त वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि तेंदुआ मांसाहारी वन्यजीव है और भोजन की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमता रहता है। उन्होंने लोगों से वन क्षेत्र के मार्गों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेंदुआ दिखाई देने या उसकी जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग की ओर से क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है।
सावन माह के अंतिम सोमवार को लखनऊ के बारा बिरवा स्थित फीनिक्स मॉल के निकट पीपलेश्वर महादेव मंदिर में स्थानीय दुकानदारों और डाला संचालकों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। आयोजन की शुरुआत सुंदरकांड पाठ और भगवान शिव की झांकी के साथ हुई। इस मौके पर भक्त भजन कीर्तन करते हुए भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे। भंडारे में श्रद्धालुओं को कढ़ी-चावल, छोला-चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। व्रत रखने वाले भक्तों के लिए फलाहार की व्यवस्था की गई, वहीं बच्चों को आइसक्रीम भी बांटी गई।
दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाने में न्यायालय के निर्देश पर 3 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आनंद सहकारी गृह निर्माण मर्यादित समिति दुर्ग की शिकायत पर हुई है। मामला भूखंड क्रमांक 9 की सदस्यता और एनओसी हासिल करने के लिए कथित फर्जी हस्ताक्षर के इस्तेमाल से जुड़ा है। जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें अविनाश सिंह गुप्ता, डॉ. अपूर्वा गुप्ता और मोनिका गुप्ता शामिल हैं। शिकायत से पहले थाने और एसपी कार्यालय में दी थी जानकारी समिति के अध्यक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहले भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। 5 नवंबर 2025 को पद्मनाभपुर थाने में और 10 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को लिखित शिकायत दी गई थी। समिति का आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद समिति ने न्यायालय का रुख किया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पंकज शर्मा ने 13 अगस्त 2026 को आवेदन स्वीकार करते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही यह मामला पुलिस विवेचना में आया। 2022 में शुरू हुआ था भूखंड से जुड़ा दस्तावेजी खेल परिवाद के अनुसार, भूखंड से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई थी। 17 मार्च 2022 को भूखंड क्रमांक 9 खरीदने के लिए एक सहमति पत्र प्रस्तुत किया गया। इसके बाद 28 मार्च 2022 को समिति की सदस्यता और एनओसी के लिए आवेदन दिया गया। 7 जून 2022 को समिति के रिकॉर्ड और लीज नवीनीकरण से जुड़ी जानकारी मांगने का आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था। समिति का आरोप है कि इन दस्तावेजों में डॉ. अपूर्वा गुप्ता के हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि, बाद में इन हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे। यह मामला तब गंभीर हो गया जब समिति ने विवादित दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों की तुलना अपने पुराने रिकॉर्ड में दर्ज हस्ताक्षरों से कराई। समिति के अनुसार, 16 सितंबर 2024 और 3 अक्टूबर 2024 को हुई संचालक मंडल की बैठकों के दस्तावेजों और भूखंड क्रमांक 9 के पंजीकृत बैनामे में मौजूद हस्ताक्षरों से तुलना करने पर विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद फोरेंसिक कन्सल्टेंसी से जांच कराई गई। 13 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट में विवादित आवेदनों पर डॉ. अपूर्वा गुप्ता के हस्ताक्षर कथित तौर पर कूटरचित बताए गए। कोर्ट ने माना- मामला जांच योग्य है न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों और फोरेंसिक रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद माना कि, प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की जांच की आवश्यकता है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस स्तर पर आरोपों की अंतिम सत्यता तय नहीं की जा रही है। कोर्ट के अनुसार दस्तावेजों की जांच, गवाहों के बयान, हस्तलेख की तुलनात्मक जांच और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पड़ताल पुलिस विवेचना के माध्यम से ही संभव है। आरोपियों का पक्ष भी सामने आया आरोपियों की ओर से पेश जवाब में मामले को समिति और पक्षकारों के बीच चल रहे सिविल विवाद और साल 2024 के समिति चुनाव से जुड़ी वैमनस्यता से प्रेरित बताया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि सदस्यता शुल्क का भुगतान डॉ. अपूर्वा गुप्ता के खाते से हस्ताक्षरित चेक के माध्यम से हुआ था। सदस्यता पत्र व्यक्तिगत रूप से दिए जाने और पूर्व भू-स्वामी द्वारा सदस्यता हस्तांतरण संबंधी दस्तावेज समिति को दिए जाने का भी दावा किया गया। अब जांच में खुलेगा असली सच पद्मनाभपुर पुलिस अब विवादित दस्तावेजों, समिति के रिकॉर्ड, सदस्यता प्रक्रिया, एनओसी, पंजीकृत बैनामे और फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच करेगी। संबंधित लोगों के बयान भी लिए जाएंगे। पुलिस यह भी जांचेगी कि दस्तावेज किसने तैयार किए, उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ और इससे किसी पक्ष को वास्तविक लाभ या नुकसान हुआ या नहीं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। न्यायालय के आदेश में केवल प्रथम दृष्टया जांच योग्य आधार माना गया है; आरोपों का अंतिम सत्यापन विवेचना के बाद ही होगा।
मिर्जापुर में 25 अगस्त को महिला जनसुनवाई और जागरूकता चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना, उत्पीड़न की रोकथाम करना और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे विकासखंड कोन के सभागार कक्ष में होगा। राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। जनसुनवाई में जिलाधिकारी द्वारा नामित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष और संबंधित क्षेत्राधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिलाओं से जुड़े अन्य प्रकरणों सहित विभिन्न समस्याओं और शिकायतों पर सुनवाई होगी। संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जागरूकता चौपाल के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं को उनके अधिकारों और इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना भी इसका उद्देश्य है। जिला प्रशासन ने जनपद की पीड़ित महिलाओं और आवेदिकाओं से अपील की है कि वे 25 अगस्त को दोपहर 12 बजे विकासखंड कोन के सभागार में आयोजित जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं और शिकायतें राज्य महिला आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रशासन का लक्ष्य संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई कर महिलाओं को राहत दिलाना है।
ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के रामपुर फतेहपुर गांव में रविवार देर रात एक चचेरे भाई ने कुल्हाड़ी से वार कर दूसरे भाई की हत्या कर दी। मृतक की पहचान शाहिद (28) के रूप में हुई है, जो राजमिस्त्री का काम करता था। दादरी थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शाहिद पुत्र जैनुद्दीन (28) और उसका चचेरा भाई इमरान पुत्र गयासुद्दीन, दोनों बिहार के अररिया जिले के रमई गांव के निवासी थे। वे रामपुर फतेहपुर गांव में एक ही कमरे में किराए पर रहते थे और मजदूरी करते थे। 23/24 अगस्त 2026 की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि इमरान ने कुल्हाड़ी से शाहिद पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी इमरान मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर दादरी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली। पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर दादरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी इमरान की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बलिया में सरयू नदी की बाढ़ में घिरे बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा गांव से जिला प्रशासन ने सोमवार शाम तक करीब 60 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी परिवारों को पर्वतपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार शाम पर्वतपुर और भोजपुरवा का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। सरयू नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से लगातार वृद्धि हो रही थी। रविवार रात तक भोजपुरवा गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया। ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए रविवार रात ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन अंधेरे में रेस्क्यू अभियान चलाना जोखिम भरा होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं की जा सकी। नावों से 60 परिवारों को सुरक्षित निकाला सोमवार सुबह एनडीआरएफ की टीम के साथ बचाव अभियान शुरू किया गया। नावों के जरिए बाढ़ में फंसे करीब 60 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालकर बंधे तक पहुंचाया गया। इसके बाद सभी को पर्वतपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित किया गया। उपजिलाधिकारी डॉ. पुष्कर मिश्र, तहसीलदार नितिन सिंह, सीओ जयशंकर मिश्र और एसएचओ राकेश सिंह की मौजूदगी में एनडीआरएफ टीम ने दिनभर रेस्क्यू अभियान चलाया। ग्रामीणों ने रविवार रात से सोमवार सुबह तक मुश्किल हालात में समय बिताया। घरों के चारों ओर पानी भर जाने के कारण बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। सोमवार सुबह एनडीआरएफ की नाव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जलस्तर में मामूली गिरावट सोमवार को सरयू नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। डीएसपी हेड पर रविवार शाम चार बजे जलस्तर 64.41 मीटर था, जो सोमवार सुबह आठ बजे घटकर 64.34 मीटर हो गया। चांदपुर में भी रविवार शाम 58.76 मीटर के मुकाबले सोमवार सुबह 58.73 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। हालांकि, भोजपुरवा में बाढ़ का पानी अभी भी चुनौती बना हुआ है। डीएम ने राहत शिविर का किया निरीक्षण जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने पर्वतपुर और भोजपुरवा का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से राशन, भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। पर्वतपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ पीड़ितों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। यहां करीब 50 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। बाढ़ प्रभावित लोगों के उपचार के लिए मेडिकल टीम और पशुओं के इलाज के लिए भी चिकित्सा टीम तैनात की गई है। डीएम ने मेडिकल टीम से उपलब्ध दवाओं और उपचार की व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद डीएम ने नाव से भोजपुरवा गांव का भ्रमण किया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। गांव में करीब 20 लोग अपने पशुओं के साथ मौजूद मिले। डीएम ने सभी से शाम तक नाव के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने की अपील की। जमीन का पट्टा और मुआवजा दिलाने के निर्देश डीएम ने तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। जिन बाढ़ पीड़ितों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने और पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के लिए 9 नावें और 35 एनडीआरएफ कर्मियों की टीम तैनात है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंदों तक सभी आवश्यक सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं।
एमवाय अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों, क्लिनिकों और प्राइवेट अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की संख्या लगाता बढ़ रही है। मौसम में बदलाव के साथ सांस संबंधी इंफेक्शन बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी इन्फ्लुएंजा, H1N1 और अन्य वैरिएंट को लेकर नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। डॉ. अशोक यादव (सुपरिटेंडेंट, MYH) ने बताया कि पिछले हफ्ते तक रोजाना की ओपीडी करीब 5 हजार रहती थी लेकिन इन दिनों 500-700 की संख्या बढ़ी है। ये सभी मौसमी बदलाव के साथ सामान्य फ्लू के मरीज हैं। इस बीच सोमवार को सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने निजी अस्पतालों के साथ बैठक कर इन्फ्लुएंजा की रोकथाम और इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही से फैल सकता है इंफेक्शन स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान नहीं रखना, खुले में छींकना-खांसना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना इंफेक्शन के प्रसार का कारण बन सकता है। निजी अस्पतालों को अपनी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और मरीजों में शुरुआती स्तर पर इन्फ्लुएंजा के लक्षण पहचानने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को अपनी ओपीडी रिपोर्ट नियमित रूप से IHIP पोर्टल पर अपडेट करने को भी कहा गया है। H1N1 का नया स्वरूप नहीं आया स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आईसीएमआर की जानकारी के मुताबिक H1N1 का कोई नया स्वरूप सामने नहीं आया है। वर्तमान में फैल रहा इन्फ्लुएंजा सामान्यतः अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ये लक्षण दिखें तो रहें सतर्क इन्फ्लुएंजा के प्रमुख लक्षणों में खांसी और जुकाम, बुखार, बदन दर्द, गले में दर्द, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, ज्यादा सुस्ती शामिल हैं।
नाग पंचमी के अगले दिन विजय मंदिर परिसर में एक व्यक्ति के नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। सोमवार को विजय मंदिर संघर्ष सेवा समिति सहित विभिन्न हिंदू संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कलेक्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम दिया गया। संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंदिर परिसर में पहुंचकर नमाज पढ़ने का आरोपज्ञापन में संगठनों ने कहा कि हिंदू संगठनों को विजय मंदिर परिसर में केवल नाग पंचमी के दिन पूजा की अनुमति दी जाती है। इसके अगले दिन एक व्यक्ति के वहां पहुंचकर नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आया। संगठनों का कहना है कि युवक को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। हालांकि, इसकी भी जांच होनी चाहिए। युवक मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचा, यह पता लगाया जाए। नमाज के दौरान वीडियो किसने बनाया, इसकी भी जांच की जाए। सीसीटीवी बंद होने पर उठाए सवालविजय मंदिर संघर्ष सेवा समिति के शुभम वर्मा ने कहा कि घटना के समय मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद बताए जा रहे हैं। ऐसे में वीडियो बनाने वाले की पहचान जरूरी है। उन्होंने कहा कि वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि किसी व्यक्ति ने युवक को वहां भेजा हो सकता है। इससे शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई हो सकती है। मानसिक स्थिति की मेडिकल जांच की मांगमनोज कौशल ने कहा कि यदि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था तो वह मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच होनी चाहिए। युवक को वहां कौन लेकर गया, यह भी पता लगाया जाए। अंशुल कृष्ण शास्त्री ने युवक की मेडिकल जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवक की मानसिक स्थिति की पुष्टि होना जरूरी है। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे बंद होने की स्थिति की भी जांच कराने की मांग की। वीडियो बनाने और वायरल करने की जांच की मांगसंगठनों ने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है। उन्होंने युवक के मंदिर परिसर में पहुंचने की जांच की मांग की। उसे वहां किसने भेजा, यह भी पता लगाने को कहा। वीडियो किसने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया, इसकी जांच की मांग की गई है। संगठनों ने कहा कि जांच में जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठनों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इससे शहर का शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित न हो। यह खबर भी पढ़ें…विजय मंदिर में नमाज का दावा करता VIDEO वायरल मध्यप्रदेश के विदिशा में सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र बने बीजामंडल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। दावा किया गया है कि वीडियो में एक युवक टोपी लगाए नमाज अदा कर रहा है। हिन्दू संगठन की ओर से इस गतिविधि पर विरोध जताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
मध्यप्रदेश के खंडवा में राशन दुकान संचालक और भाजपा नेता मनीष परदेशी ने सोमवार को सुसाइड कर लिया। उनका शव लक्कड़ बाजार स्थित घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना के समय परिजन शहर से बाहर थे। मनीष का एक दोस्त उनके घर पहुंचा था। दरवाजा अंदर से बंद था और काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोस्त ने दरवाजा तोड़ा और अंदर गया तो मनीष का शव फंदे पर लटका मिला। सूचना पर मोघट रोड पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर जिला अस्पताल भेजा। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या की वजह भी अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस परिजनों के बयान लेने के साथ ही मृतक के कमरे की तलाशी लेगी। शुरुआती जांच में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी परेशानी की आशंका सामने आई है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और परिजनों के बयान के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। हिंदू संगठन के अध्यक्ष भी रह चुके मनीष भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री थे। वे एक हिंदू संगठन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे सरकारी राशन दुकान चलाते थे। वे जिलेभर के राशन दुकान संचालकों की यूनियन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। परिजन शहर से बाहर, लौटने के बाद होगा पोस्टमॉर्टम टीआई विकास खिंची ने बताया कि मनीष के परिजन पारिवारिक काम से खंडवा से बाहर हैं। उनके देर रात तक लौटने की जानकारी है। परिजन के आने के बाद पोस्टमॉर्टम और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन:14 दावेदारों ने भरा पर्चा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मथुरा में जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर सोमवार को शाम करीब 7 बजे सेठवाड़ा स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर जिला अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पार्टी द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर डॉ. अंजली निब्बारकर के समक्ष कुल 14 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी दावेदारी पेश करते हुए नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन दाखिल करने वालों में मुकेश धनगर, डॉ. आशुतोष भारद्वाज, दिलीप चौधरी, भगवान सिंह वर्मा, दिनेश मौर्या, तपेश गौतम, विनोद आर्य, दीपक अग्रवाल, योगेश पचहरा, राजकुमार तिवारी, प्रवीन ठाकुर, अनिल कुंतल, रूपा लवानिया और कमलेश चौधरी शामिल हैं। इनमें तीन महिला दावेदार भी हैं। पार्टी नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा ऑब्जर्वर डॉ. अंजली निब्बारकर ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हुई। प्राप्त नामांकनों पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विचार करेगा। जिला अध्यक्ष पद के लिए छह लोगों का एक पैनल तैयार कर शीर्ष नेतृत्व को भेजा जाएगा, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा। पूर्व में नौहझील ब्लॉक में हुए विवाद को देखते हुए कार्यालय पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया और कार्यालय के आसपास समर्थकों की भीड़ जुटी रही। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी दावेदारी पेश करने का अधिकार है। पार्टी में सभी कार्यकर्ताओं की अपनी भूमिका होती है। वहीं, दावेदार दिलीप चौधरी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व का निर्देश सभी के लिए सर्वमान्य होगा और संगठन को मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना चाहिए। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब छह नामों का पैनल शीर्ष नेतृत्व को भेजा जाएगा। इसके बाद जिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी नेतृत्व के निर्णय का इंतजार है।
तहसीलदार को लाल बत्ती का रौब दिखाना पड़ा भारी, अदालत पहुंचा मामला; अब नोटिस का देना होगा जवाब
सोपोर के तहसीलदार तारिक अहमद शेख को सरकारी गाड़ी पर लाल बत्ती और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने पर कश्मीर की एक अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कोरबा जिले में रानी धनराज कुंवर अस्पताल के बाथरूम में सोमवार को मानव भ्रूण मिला है। पुराने बस स्टैंड स्थित अस्पताल में सफाई के दौरान कर्मचारी को भ्रूण मिला। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। FSL टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। सफाई कर्मचारी पी. चिना के मुताबिक, सोमवार सुबह वह अस्पताल के बाथरूम की सफाई करने पहुंचा था। वहां तेज बदबू आ रही थी। अंदर जाकर देखने पर उसे भ्रूण पड़ा मिला। उसने तुरंत इसकी जानकारी अपने सुपरवाइजर पवन कुमार साहू को दी। सफाई कर्मचारी का आरोप है कि सुपरवाइजर ने उसे भ्रूण को पन्नी में पैक कर अस्पताल की छत पर रखने के लिए कहा। पुलिस को नहीं दी गई तत्काल सूचना सफाई कर्मचारी के मुताबिक, सुपरवाइजर ने उससे बाथरूम साफ करने के लिए कहा और बताया कि डॉक्टर और मरीज आने वाले हैं। उसका कहना है कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि मामले में पुलिस को सूचना देना जरूरी है और भ्रूण को इस तरह हटाना जांच को प्रभावित कर सकता है। बाद में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने किया पंचनामा, FSL ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और मौके का पंचनामा किया। FSL टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भ्रूण अस्पताल के बाथरूम तक कैसे पहुंचा, उसे वहां कब छोड़ा गया और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
भिंड के गोरमी में सोमवार को मोबाइल कोर्ट ने वाहनों की जांच की। इस दौरान नर्मदापुरम क्राइम ब्रांच की पुलिस टीम का वाहन भी बिना सीट बेल्ट के मिला। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस वाहन का भी चालान काटा। कचनाव तिराहा पर हुई जांच में कुल 100 वाहनों के चालान बनाए गए। इनसे करीब 1 लाख 31 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर मेहगांव न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दिलीप कुमार दुबे ने मोबाइल कोर्ट लगाई। जांच में चार पहिया वाहनों की सीट बेल्ट, काली फिल्म, प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेज देखे गए। इसी दौरान नर्मदापुरम क्राइम ब्रांच की गाड़ी को भी रोका गया। उसमें सवार पुलिस जवान बिना सीट बेल्ट के मिले। इसके बाद उनका चालान किया गया। अवैध काली फिल्म हटवाई जांच के दौरान कई गाड़ियों में लगी काली फिल्म मौके पर ही हटवाई गई। स्कूल बसों की भी जांच की गई। दो बसों में परमिट की शर्तों का उल्लंघन मिला। दोनों के चालान बनाए गए। एक स्कूल बस को रोकने की कोशिश की गई। चालक बस लेकर भाग गया। पुलिस ने पीछा कर बस को पकड़ा और उसका भी चालान किया। मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई में मोटरयान अधिनियम के तहत 100 वाहनों के चालान बनाए गए। कुल 1.31 लाख रुपए की चालानी कार्रवाई हुई।
गाजीपुर में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की पानी में डूबने से मौत के बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि दोनों घटनाएं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हुईं, लेकिन इन्हें सीधे तौर पर बाढ़ से हुई जनहानि नहीं माना गया है। इसके बावजूद प्रशासन ने दोनों मृतकों के परिवारों को आपदा राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई है। चरी काटने गए युवक की डूबने से मौत मुहम्मदाबाद तहसील के शाहबाजकुली गांव निवासी विशाल यादव रविवार दोपहर करीब एक बजे पशुओं के लिए चरी काटने गया था। वह गंगा के बाढ़ के पानी से भरे खेत की ओर गया था। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक तलाश करने के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। नोनहरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डीएम अनुपम शुक्ला ने बताया कि जांच के अनुसार युवक नाले में गिर गया था। इसलिए इस घटना को बाढ़ से हुई जनहानि की श्रेणी में नहीं रखा गया है। मुहम्मदाबाद एसडीएम ध्रुव शुक्ला सोमवार को शाहबाजकुली गांव पहुंचे और विशाल यादव की मां को चार लाख रुपये की आपदा राहत राशि का चेक सौंपा। चेक लेते समय मां भावुक हो गईं। भैंस बचाने के दौरान उमाशंकर की मौत दूसरी घटना रेवतीपुर क्षेत्र के तालुका सिकंदरपुर की है। खुदरा पथरा गांव निवासी 58 वर्षीय उमाशंकर यादव रविवार सुबह भैंस चराने के लिए निकले थे। शाम तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। बाद में उनके पानी में डूबे होने की सूचना मिली। पीएसी, एसडीआरएफ और ग्रामीणों की मदद से उन्हें पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डीएम के मुताबिक, उमाशंकर आबादी से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में भैंस चराने गए थे। भैंस को बचाने के प्रयास में वह पानी में चले गए और डूब गए। प्रशासन ने इस घटना को भी सीधे तौर पर बाढ़ से हुई जनहानि नहीं माना है। सेवराई एसडीएम गजराज सिंह यादव मृतक के घर पहुंचे और उनके तीनों भाइयों को चार लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। विधायक ओमप्रकाश सिंह ने परिवार से की मुलाकात सोमवार शाम समाजवादी पार्टी के जमानियां विधायक ओमप्रकाश सिंह भी मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार खुद को अकेला न समझे। किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर वे परिवार के साथ खड़े हैं। प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, नालों और पानी से भरे खेतों अथवा अन्य स्थानों पर जाने से बचें। प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गैंगस्टर एक्ट आरोपी को दो साल की जेल:मिर्जापुर में 5 हजार अर्थदंड; जमा न करने पर 10 दिन अतिरिक्त जेल
मिर्जापुर। मड़िहान थाने में वर्ष 2024 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट आसिफ इकबाल रिजवी की अदालत ने आरोपी रोहित यादव पुत्र राजेश यादव, निवासी गधीना, सोरांव, प्रयागराज को 5 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अभियोजन के अनुसार, मड़िहान थाने में गैंगस्टर अधिनियम के तहत वर्ष 2024 में यह मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराया गया। इस मामले में अभियोजन अधिकारी एडीजीसी उमाकांत तिवारी ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। विवेचक उपनिरीक्षक बृजेश सिंह, पैरोकार आरक्षी मनोज कुमार और कोर्ट मुहर्रिर मुख्य आरक्षी मनोज कुमार ने भी मामले की पैरवी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रोहित यादव को दोषी पाया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने उसे दो वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि आरोपी निर्धारित 5 हजार रुपये का अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे 10 दिन का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामलों में प्रभावी पैरवी के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ न्यायालय में मजबूत पैरवी कर उन्हें कानून के तहत दंडित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विदिशा शहर को सोमवार को लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश से राहत मिली। सावन के आखिरी सोमवार को दोपहर बाद आसमान में काली घटाएं छा गईं और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई। दोपहर में करीब एक घंटे से अधिक समय तक कभी तेज तो कभी मध्यम बारिश होती रही। कुछ देर रुकने के बाद दोबारा झड़ी लगी, जिससे शहर की सड़कें पानी से भर गईं। बारिश के दौरान जर्जर सड़कों और गड्ढों वाले इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को रास्ता निकालने में दिक्कत हुई। सड़क से गुजर रहे राहगीरों के कपड़ों पर वाहनों के पहियों से गंदा पानी उछला। कई निचले इलाकों में भी पानी जमा होने से असुविधा हुई। कलेक्टर कार्यालय के दैनिक वर्षा आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को जिले में औसतन 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें लटेरी में सर्वाधिक 59 मिमी वर्षा हुई। लटेरी में सबसे ज्यादा बारिश दर्जकुरवाई में 12 मिमी, बासौदा और ग्यारसपुर में 8-8 मिमी, सिरोंज में 5 मिमी, तथा गुलाबगंज और नटेरन में 1-1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि, विदिशा, शमशाबाद और पठारी में सरकारी वर्षामापी में कोई बारिश दर्ज नहीं हुई। इस बारिश के बाद 1 जून से अब तक जिले में कुल औसत वर्षा 612.4 मिमी तक पहुंच गई है। जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 1075.50 मिमी है। इन आंकड़ों के अनुसार, जिले में अभी भी सामान्य वर्षा से लगभग 463 मिमी की कमी बनी हुई है। सीजन में अब तक सर्वाधिक बारिश लटेरी में 864.6 मिमी दर्ज की गई है। इसके बाद बासौदा में 748.8 मिमी, पठारी में 686.6 मिमी, नटेरन में 627 मिमी, सिरोंज में 599 मिमी, ग्यारसपुर में 583 मिमी, शमशाबाद में 555 मिमी, कुरवाई में 564.2 मिमी, विदिशा में 541 मिमी और गुलाबगंज में 355 मिमी बारिश हुई है। 26 अगस्त को भारी बारिश की संभावनामौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन जिले में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं 26 अगस्त को जिले में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में सोमवार को हुई बारिश के बाद लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय होगा और बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकेगी।
लखीमपुर खीरी के फरधान कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित देवकली तीर्थ में सोमवार तड़के स्नान करते समय युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। युवक चार-पांच दोस्तों के साथ बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर पहुंचा था। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फत्तेपुर सैधरी गांव निवासी विशाल सोमवार तड़के करीब तीन बजे दोस्तों के साथ देवकली तीर्थ पहुंचा था। सभी लोग तीर्थ में स्नान कर रहे थे। लगातार बारिश के चलते तीर्थ में पानी का स्तर और गहराई बढ़ गई थी। सुरक्षा को देखते हुए मंदिर कमेटी और पुलिस ने रस्सी बांधकर आगे जाने पर रोक लगा रखी थी। बताया गया कि तीर्थ पर मौजूद पुजारी सुमेर गिरि ने विशाल को रस्सी के आगे जाकर स्नान करने से मना किया था, लेकिन वह नहीं माना। पुजारी के वहां से हटने के बाद विशाल ट्यूब के सहारे गहरे पानी की ओर चला गया। इसी दौरान वह ट्यूब से फिसलकर पानी में डूब गया। पुलिस और तैराकों ने चलाया रेस्क्यू विशाल के डूबने पर मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने शोर मचाया। वहां तैनात पुलिसकर्मी सतपाल और दो-तीन तैराक तुरंत पानी में उतर गए। तलाशी के दौरान पुलिसकर्मी के पैर से विशाल के शरीर का पता चला। इसके बाद उसे बाहर निकाला गया और 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल ओयल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की जानकारी मिलने पर मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। प्रतिबंध के बावजूद गहरे पानी में गया युवक सीओ सिटी विवेक तिवारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण तीर्थ में पानी अधिक होने से अंदर जाकर स्नान करने पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में स्नान कर रहे थे। हादसे के बाद तीर्थ पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और मंदिर कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि गहरे पानी में न जाएं और बाहर से ही जल लेकर पूजा-अर्चना करें।
दहेज हत्या मामले में पति को 10 साल की कैद:सोनभद्र कोर्ट ने सुनाया फैसला, 45 हजार का जुर्माना भी
सोनभद्र। दहेज के लिए हुई प्रियंका की मौत के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुनील गुप्ता की अदालत ने दोषी पति अनिल कुमार मौर्य को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतका प्रियंका मौर्या के भाई तेज प्रताप मौर्य ने 21 फरवरी 2024 को पिपरी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहन प्रियंका की शादी 5 मई 2017 को चंदौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र के बंदासी निवासी अनिल कुमार मौर्य से हुई थी। प्रियंका अपने पति अनिल मौर्य के साथ पिपरी थाना क्षेत्र के खाड़पाथर गांव में किराए के मकान में रहती थी। शिकायत में कहा गया है कि अनिल का रेनूकूट में किसी अन्य महिला से अवैध संबंध था, जिससे उसके दो बच्चे भी हैं। इसी बात को लेकर प्रियंका और अनिल के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। तेज प्रताप मौर्य ने आरोप लगाया कि अनिल कुमार मौर्य दहेज की मांग करते हुए प्रियंका के साथ मारपीट और उसे प्रताड़ित करता था। इन सबसे परेशान होकर प्रियंका ने 20 फरवरी 2024 की रात करीब 10 बजे फांसी लगा ली। प्रियंका की मौत की सूचना अनिल मौर्य ने रात करीब 1:30 बजे फोन करके दी थी। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर अनिल कुमार मौर्य के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना, गवाहों के बयान दर्ज किए और पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद अनिल कुमार मौर्य को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
लुधियाना के खन्ना स्थित राहौन गांव में 12 अगस्त की रात एक परिवार के घर में घुसकर तेजधार हथियारों से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में रमनदीप कौर और उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के 12 दिन बाद भी पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। रमनदीप कौर के अनुसार, रात के समय कुछ मोटरसाइकिल सवार युवक जबरन उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में मां-बेटी को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिवार ने पुलिस को शिकायत दी और घायलों का इलाज करवाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया। इस पर जांच अधिकारी एएसआई जगतार सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिल चुकी है। एक्स-रे रिपोर्ट का इंतजार था, जो अब प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पीड़िता के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन युवकों पर हमले का आरोप है, उनके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि कुछ दिन पहले आरोपियों के घर हुई पुलिस रेड की सूचना पीड़िता के देवर मंदीप द्वारा दिए जाने की रंजिश में हमला किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन:बख्शी का तालाब इण्टर कॉलेज में 500 पौधे रोपे गए
लखनऊ के बख्शी का तालाब इण्टर कॉलेज लखनऊ के विज्ञान अध्यापक एवं यूको क्लब प्रभारी हरिश्चंद्र सिंह ने कक्षा 6 से 12 तक के चयनित बाल वैज्ञानिकों के द्वारा जागरुकता अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए 500 पौधों को हल्की बारिश में रोपा। शिक्षक ने अपने बाल वैज्ञानिकों को लगाए गए पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी भी बच्चों को दी गई। उन्होंने कहा कि पौधे ही हमारा जीवन हैं, पेड़-पौधे ही हमारे जीवन का मुख्य आधार हैं।
भीलवाड़ा में शहर के वार्ड नंबर 68 के नागरिकों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए सोमवार को एडीएम को शिकायत दी। वार्डवासियों का आरोप है कि बीएलओ की मिलीभगत से बड़ी संख्या में नए नाम सूची में जोड़े गए हैं, जबकि वार्ड में लंबे समय से रह रहे कई लोगों के नाम बिना उचित कारण हटा दिए गए। एक मकान में 25 नाम दर्ज होने का दावाशिकायत में वार्डवासियों ने वार्ड 68 की भाग संख्या-1 के मकान नंबर 196 का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां एक साथ 25 लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। इसी तरह मकान नंबर 232 में 16 नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इनमें अलग-अलग समुदायों के लोगों के नाम एक ही मकान नंबर पर दर्ज हैं। वहीं, वार्ड में लंबे समय से निवास कर रहे शक्ति सिंह के परिवार के 7 सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया गया है। एक ही व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज करने का आरोपवार्डवासियों ने शंकर लाल नाम के एक व्यक्ति का नाम उम्र में एक साल का अंतर दिखाकर दो बार दर्ज किए जाने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, करीब ढाई महीने पहले जारी मतदाता सूची में लगभग 3,200 मतदाता थे, जबकि नई सूची में यह संख्या करीब 4,500 तक पहुंचने की संभावना है। महज ढाई महीने में करीब 800 से 1,000 नए नाम जुड़ने को लेकर वार्डवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं और सभी नए नामों की जांच की मांग की है। भौतिक सत्यापन और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांगवार्डवासियों ने एडीएम से मांग की है कि हाल में जोड़े गए सभी नए मतदाताओं के नामों का अनिवार्य भौतिक सत्यापन और पुनर्निरीक्षण कराया जाए। साथ ही, यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार बीएलओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। इसलिए जांच के बाद गलतियों को दूर कर सही और सही वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाए।
बलौदाबाजार जिले के वन मंडल के कोठारी वन परिक्षेत्र में 2 दंतैल हाथियों के आबादी इलाके के करीब पहुंचने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। दोनों हाथी एक बड़े झुंड से अलग होकर दक्षिण कोठारी बीट के कोठारी-तालदादर क्षेत्र में घूम रहे हैं। फिलहाल हाथियों की मौजूदगी वन कक्ष क्रमांक 220 में बताई जा रही है। वन विभाग की टीम को क्षेत्र में हाथियों के ताजा पदचिह्न मिले हैं। इसके अलावा बांस के खाए हुए पत्ते और टूटी टहनियां भी मिली हैं। टीम ने हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज भी सुनी है। विभाग के मुताबिक, दोनों हाथी देवगढ़ घाट के आसपास वन कक्ष क्रमांक 219 और 220 में विचरण कर रहे हैं। इनके कक्ष क्रमांक 217, 252, 253, 286, 285, 219, 220, 221, 173, 116, 225 और 169 की ओर जाने की संभावना है। 29 गांव हाई अलर्ट पर हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के 29 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा है। इनमें कोठारी, तालदादर, नवागांव, अचानकपुर, चन्हाट, तेंदुचुवा, धमलपुरा, कोसमसर, हरदी, रामपुर, जोगीडीपा, कंजिया, बिटकुली, मिर्गिदा, पठियापाली, गुड़ागढ़, फुरफुंदी, झालपानी, खुड़मुड़ी, पकरीदबार, भिभोरी, नवाडीह, सुरबाय, अल्दा, सैहाभाटा, दोंद, पाड़ादाहा और मुड़ापार शामिल हैं। सुबह-शाम जंगल जाने से बचें वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सुबह और शाम के समय घने जंगलों में फुटू, करील या लकड़ी लेने न जाएं। हाथी दिखाई देने पर उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने के बजाय तुरंत वन विभाग के कर्मचारी या हाथी मित्र दल को सूचना देने को कहा गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है। फसल नुकसान के 2 मामले सामने आए वन विभाग के अनुसार, हाथियों के कारण अब तक फसल नुकसान के 2 मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि, किसी मकान को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
बाइक को टक्कर मारकर नहर में गिरा ट्रैक्टर-ट्राला:लखीमपुर में युवक की मौत, बहन गंभीर; ड्राइवर कूदा
लखीमपुर खीरी के महेवागंज चौकी क्षेत्र में सोमवार शाम लकड़ी से लदा एक ट्रैक्टर-ट्राला बाइक को टक्कर मारने के बाद शारदा पोषक नहर में जा गिरा। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं मृतक की पहचान जीतू (25) पुत्र प्रेम प्रकाश के रूप में हुई है। उसकी बहन सोनम (18) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बैराज से 400 मीटर पहले हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, इमामीपुरवा निवासी गुफरान लकड़ी ढोने वाला ट्रैक्टर-ट्राला लेकर ढखेरवा की ओर जा रहा था। बैराज से करीब 400 मीटर पहले ट्रैक्टर-ट्राला की बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ट्रैक्टर-ट्राला अनियंत्रित होकर शारदा पोषक नहर में जा गिरा। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी फूलबेहड़ पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जीतू को मृत घोषित कर दिया। सोनम को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। नहर में गिरा ट्रैक्टर-ट्राला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर से कूदकर मौके से भाग गया। हालांकि, पुलिस ने चालक के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। पुलिस टीम नहर में गिरे ट्रैक्टर-ट्राला को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन बनमाली ने बताया कि ट्रैक्टर चालक सुरक्षित है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
चंदौली के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के धरहरा गांव में हाईस्कूल की मार्कशीट लेने ससुराल पहुंची एक विवाहिता और उसके परिजनों से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना रविवार शाम की है, जिसमें विवाहिता खुशी भारती (23), उसकी मां, भाई और बहन घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, दरियापुर गांव निवासी खुशी भारती और धरहरा गांव के नीतीश कुमार ने वर्ष 2023 में प्रेम विवाह किया था। शादी के दो साल तक सब ठीक रहा, लेकिन एक माह पहले खुशी भारती ने ससुराल पक्ष पर मारपीट और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उस समय पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता करा दिया था। इसके कुछ दिनों बाद खुशी ने पुलिस से तलाक कराने की शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने न्यायालय में वाद दाखिल करने की सलाह दी थी। घायल विवाहिता खुशी भारती ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष के लोग आए दिन उसके साथ मारपीट और प्रताड़ित करते हैं। इसी वजह से वह वर्तमान में अपने मायके दरियापुर में रह रही है। रविवार को वह अपनी हाईस्कूल की मार्कशीट लेने ससुराल गई थी। आरोप है कि इसी दौरान ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भाई आर्यन राज (16) और बड़ी बहन खुशबू भारती (27) को भी पीटा गया। घटना के बाद खुशी भारती और उसके परिजन घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में सकलडीहा कोतवाल भूपेन्द्र कुमार निषाद ने बताया कि यह प्रेम विवाह का मामला है। पुलिस को अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के अरवल थाना क्षेत्र में सात वर्ष पुराने 14 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे-14/पॉक्सो एक्ट) दिनेश गौड़ की अदालत ने अभियुक्त बबलू को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 12,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस ने सोमवार शाम प्रेस नोट जारी कर फैसले की जानकारी दी। भैंस चराने गया था किशोर, वापस नहीं लौटा मामला 27 जून 2019 का है। अरवल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका 14 वर्षीय बेटा सुबह करीब 9 बजे भैंस चराने के लिए गंगा नदी के पास झाड़ियों की ओर गया था। शाम को भैंस घर लौट आई, लेकिन किशोर वापस नहीं आया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर किशोर की तलाश शुरू की। करीब तीन दिन बाद 30 जून 2019 को गांव के पास झाड़ियों में किशोर का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। बारिश और नाले का पानी भरने के कारण शव काफी सड़ चुका था, जिससे चिकित्सीय परीक्षण में कुकर्म की पुष्टि नहीं हो सकी। गवाह की गवाही बनी अहम कड़ी पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी मुख्य गवाह अलवर ने किशोर को आरोपी बबलू के साथ जाते हुए देखा था। पुलिस ने गांव के लोगों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को 12 जुलाई 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने कुकर्म के बाद भेद खुलने के डर से किशोर की हत्या कर शव झाड़ियों में छिपा दिया था। 7 गवाह और 18 अभिलेखीय साक्ष्य पेश मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 7 गवाह और 18 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए। विशेष अभियोजन अधिकारी मनीष कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक भगवान चंद्र वर्मा और पैरोकार रवींद्र सिंह ने मामले में प्रभावी पैरवी की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बबलू को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाना) के तहत दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
बीकानेर के नोखा से माडपुरा(नागौर) गांव लौट रहे बिजनेसमैन की गाड़ी को रॉन्ग साइड में चल रहे डंपर ने टक्कर मार दी। डंपर ने कार को करीब 50 फीट तक घसीटा। इससे कार में सवार बिजनेसमैन पति, उसकी पत्नी और भाभी की मौत हो गई। जबकि बड़ा भाई रिटायर्ड फौजी गंभीर घायल हो गया। जांच में सामने आया कि जिस कार को टक्कर मारी गई, वह रिटायर्ड फौजी ने 5 दिन पहले ही नागौर से खरीदी थी। हादसा जिले के खींवसर-माडपुरा सड़क मार्ग पर पांचौड़ी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 6:20 बजे हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को खींवसर जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। जबकि हालत गंभीर होने पर रिटायर्ड फौजी को जोधपुर रेफर किया गया। अब देखिए- हादसे की 3 तस्वीरें रॉन्ग साइड में आए डंपर ने मारी टक्करप्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, शाम करीब 6:20 बजे खाली डंपर खींवसर से माडपुरा की ओर रॉन्ग साइड में चल रहा था। उसकी रफ्तार तेज थी। माडपुरा के पास सामने से आ रही कार ने ट्रक को देख साइड लेने की कोशिश की, लेकिन बेकाबू डंपर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद डंपर कार को करीब 50 फीट तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में सुगनाराम डूडी (45), उनकी पत्नी सुवा देवी (43) , भाभी मानी देवी (40) पत्नी धन्नाराम की मौत हो गई। जबकि बड़ा भाई रिटायर्ड फौजी धन्नाराम गंभीर घायल हो गए। हादसे के बाद मौजूद ग्रामीणों ने सभी घायलों को खींवसर जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 3 लोगों को मृत घोषित कर दिया और शव मॉर्च्युरी में रखवाए गए। जबकि गंभीर घायल धन्नाराम को जोधपुर रेफर किया गया। 5 दिन पहले ही खरीदी थी कारशुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक सुरजाराम खींवसर कस्बे में कपड़े की दुकान चलाता था और आज सुबह परिवार बीकानेर के नोखा में एक रिश्तेदार की बैठक में शामिल होकर माडपुरा गांव लौट रहे थे। कार पर फिलहाल टेम्पररी नंबर थे। जांच में सामने आया कि टाटा नेक्सन कार 5 दिन पहले ही नागौर के एक शोरूम से खरीदी गई थी। पांचौड़ी थानाधिकारी ऊर्जाराम ने बताया- हादसे के बाद डंपर छोड़कर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जबकि तीनों के शव खींवसर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए है। वहीं धन्नाराम को गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया है। हालांकि जांच में पता चला है कि धन्नाराम सेना से रिटायर्ड हैं।
बुलंदशहर के पहासू थाना क्षेत्र में सोमवार रात असामाजिक तत्वों ने भगवान मीन (मीनेश) की मूर्ति खंडित कर दी। घटना रात करीब 8 बजे काली नदी तिराहे स्थित मीन भगवान चौक के मंदिर में हुई। मूर्ति खंडित होने की जानकारी मिलते ही मीणा समाज समेत सर्व समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और नई मूर्ति स्थापित कराने की मांग की। मूर्ति खंडित होने की सूचना पर जुटे लोग घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, मीणा समाज के प्रतिनिधि और पहासू थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। नई मूर्ति स्थापित कराने की मांग सर्व समाज के लोगों ने पुलिस-प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मूर्ति खंडित करने वाले आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और क्षतिग्रस्त मूर्ति के स्थान पर प्रशासन की ओर से नई मूर्ति शीघ्र स्थापित कराने की मांग की। बताया गया कि मीन भगवान चौक के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बजट भी आवंटित किया गया था। 12 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन पहासू थाना प्रभारी ने आक्रोशित लोगों को 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद स्थानीय लोग और समाज के प्रतिनिधि शांत हुए। पुलिस बल तैनात, जांच शुरू पहासू थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
जालौन में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी सोमवार को उरई पहुंचे। प्रस्तावित संकल्प यात्रा का कार्यक्रम रद्द होने के बाद उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। सहनी ने कहा कि 2027 तक निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो समाज राजनीतिक रूप से अपना फैसला खुद लेगा और भाजपा को वोट नहीं देने का संकल्प लिया जाएगा। सहनी ने कहा कि निषाद, मल्लाह और केवट समाज लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वह उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उनके मुताबिक, संकल्प यात्रा अब तक करीब 42 जिलों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प ले रहे हैं कि 2027 तक आरक्षण नहीं मिलने पर भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा। बोले- सत्ता किसी की जागीर नहीं मुकेश सहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता किसी की जागीर नहीं है। समय के साथ सत्ता परिवर्तन होता रहता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि निषाद समाज को उसका अधिकार और आरक्षण दिलाना है। उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज के वोट का सौदा कोई राजनीतिक दल नहीं कर पाएगा। सहनी ने समाज की आबादी करीब 13-14 प्रतिशत होने का दावा करते हुए कहा कि आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी चुनाव में समाज अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला खुद करेगा। संजय निषाद पर भी साधा निशाना वीआईपी सुप्रीमो ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय निषाद लंबे समय से सत्ता में हैं और उन्हें निषाद समाज के आरक्षण की लड़ाई मजबूती से लड़नी चाहिए। सहनी ने कहा कि यदि सत्ता में रहने के बावजूद समाज को आरक्षण नहीं दिलाया जा सकता तो ऐसी कुर्सी का क्या फायदा। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से समाज के हित में मजबूती से खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह सत्ता के लिए नहीं, बल्कि निषाद समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बिहार में मंत्री और विधायक रहने के बावजूद सत्ता का मोह नहीं रखने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। मुफ्त राशन के बजाय शिक्षा और रोजगार की मांग सहनी ने मुफ्त राशन और सरकारी योजनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब और पिछड़े समाज को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय शिक्षा, रोजगार और अधिकार दिए जाने चाहिए। उनके मुताबिक वास्तविक विकास तभी होगा, जब समाज अपने पैरों पर खड़ा होगा। उन्होंने अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि सरकारी अफसरों को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे पर काम नहीं करना चाहिए। अधिकारी जनता के सेवक हैं और उन्हें संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम रद्द होने पर डीएम से मिले उरई में प्रस्तावित संकल्प यात्रा का कार्यक्रम रद्द होने के बाद मुकेश सहनी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय से मुलाकात की। सहनी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन करीब चार घंटे बाद अनुमति निरस्त कर दी गई। सहनी के अनुसार, उन्होंने डीएम के सामने पूरे मामले को रखा। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिसकी भी गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि सहनी ने प्रशासन की कार्रवाई को खानापूर्ति बताते हुए कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की मानसिकता दलित, पिछड़े और निषाद समाज को आगे बढ़ने से रोकने वाली है और इसी तरह की मानसिकता के कारण कार्यक्रम रद्द किया गया। हालांकि, कार्यक्रम रद्द किए जाने के पीछे लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका अभियान निषाद समाज को राजनीतिक और सामाजिक रूप से जागरूक करने पर केंद्रित है और आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने से वह पीछे नहीं हटेंगे।
फलोदी में बहू ने वजनदार वस्तु से हमला कर सास की हत्या कर दी। इसके बाद पति के साथ मिलकर हत्या को आत्महत्या दिखाकर दफना दिया। मृतका की बेटी को शक हुआ तो उसने अपने भाई-भाभी पर नामजद मामला दर्ज कराया और घटना का खुलासा हुआ। घटना फलोदी थाना क्षेत्र के सांवरीज गांव में 17 अगस्त की है। 19 अगस्त को नामजद मामला दर्ज करवाया गया और 23 अगस्त को आरापियों को पकड़ लिया और आज घटना का खुलासा किया। फलोदी थानाधिकारी नरेश निर्वाण ने बताया- सांवरीज गांव में 17 अगस्त, सोमवार को मांगी देवी पत्नी बंशीलाल की मौत हो गई थी। मांगी देवी के चार बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि चारों बेटे अलग-अलग रहते थे। घरेलू विवाद के बाद हत्या का आरोप मांगी देवी (50) पति बंशीलाल अपने छोटे बेटे अशोक के साथ रहते थे। सोमवार को अशोक मजदूरी पर गया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी पीहर गई हुई थी। बंशीलाल खेत में कृषि कार्य कर रहा था। इसी दौरान दूसरे बेटे मुकेश (32) की पत्नी सदामी (27) का घर के कामकाज को लेकर सास से झगड़ा हो गया और सदामी ने तेश में आकर वजनदार वस्तु से उसके सिर पर हमला कर दिया। घटना में मांगी की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सदामी ने पति मुकेश को पूरी घटना बताई और हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की। दोनों ने मिलकर शव के गले में चारपाई की रस्सी डाल दी और मौके से गायब हो गए। घटना के समय मृतका का छोटा बेटा अशोक मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। कुछ समय बाद मृतका मांगी की पोती सरिता दादी के लिए चाय लेकर आई तो वो जमीन पर लहूलुहान पड़ी मिली। सरिता के शोर मचाने पर सभी घरवाले इकट्ठे हुए। मुकेश और सदामी भी वहां पहुंचे। बेटियों के आने से पहले उसी दिन शव को दफना दिया। मांगी की बेटी पुष्पा अपने ससुराल रामदेव नगर, एका भाटियान से 19 अगस्त को पहुंची तो उसे शक हुआ। बेटी ने भाई मुकेश और भाभी सदामी पर हत्या का शक जताते हुए मामला दर्ज कराया। बेटी की शिकायत के बाद दफनाया शव बाहर निकाला मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने 19 अगस्त को सांवरिज गांव की श्मशान भूमि से दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पहले आरोपियों ने एक तय कहानी बताई, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर बहू ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने बेटे मुकेश और बहू सदामी उर्फ सदु को गिरफ्तार कर लिया। बेटे-बहू को कोर्ट ने जेल भेजा मुकेश की शादी करीब 8 साल पहले बड़ी बावड़ी निवासी सदामी उर्फ सदु के साथ हुई थी। मुकेश और सदामी पास ही बने अलग मकान में रहते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
हाथरस में जन्म प्रमाण पत्रों के रजिस्ट्रेशन में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रकरण में डिप्टी सीएमओ एमआई आलम ने बुधवार देर शाम हाथरस जंक्शन कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। मामला सीएचसी महौ में सामने आई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार और अनैतिक वसूली की शिकायत पर हुई जांच मामला ग्राम महौं निवासी मनोज कुमार की शिकायत के बाद सामने आया। मनोज कुमार ने सीएचसी महौ में भ्रष्टाचार और अनैतिक वसूली का आरोप लगाते हुए सीएमओ हाथरस को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद सीएमओ ने प्रकरण की जांच के लिए एक समिति गठित की। समिति ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी। निजी व्यक्ति और डाटा एंट्री ऑपरेटर कर रहे थे रजिस्ट्रेशन जांच में सामने आया कि सीएचसी महौ में जन्म-मृत्यु पंजीकरण का काम मोहित कुमार नामक निजी व्यक्ति और डाटा एंट्री ऑपरेटर गौरव कुमार द्वारा किया जा रहा था। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए जन्म प्रमाण पत्रों की सीआरएस पोर्टल पर जांच की गई। इस दौरान कई प्रमाण पत्रों में गंभीर विसंगतियां मिलीं। एक जन्म प्रमाण पत्र की पंजीकरण संख्या बी-20179-56213-000076 है। इसमें पंजीकरण की तारीख 8 जुलाई 2017 और जन्म तिथि 1 मई 2017 दर्ज है। जांच में यह प्रमाण पत्र 13 अगस्त 2026 को अपलोड किया गया पाया गया। इसके साथ सुरभि का प्रसव प्रमाण पत्र भी संलग्न था, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार सुरभि का प्रसव 2 अगस्त 2025 को हुआ था। एक ही प्रसव प्रमाण पत्र अलग प्रमाण पत्रों में लगा मिला इसी तरह नंदनी की जन्म तिथि 25 जनवरी 2017 वाले प्रमाण पत्र की पंजीकरण संख्या बी-20179-56200-000057 है। इसका पंजीकरण 20 दिसंबर 2017 को दर्ज है, लेकिन जांच में इसे भी 13 अगस्त 2026 को जारी किया गया दिखाया गया। इसके साथ सुरभि का प्रसव प्रमाण पत्र संख्या 36506 अपलोड पाया गया। एक महिला के दो बच्चों के जन्म में महज तीन महीने का अंतर जांच में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। गीता देवी के नाम से दो बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। इनमें अरुण कुमार गौतम की जन्म तिथि 1 मई 2017 और हिमांशु गौतम की जन्म तिथि 1 अगस्त 2017 दर्ज है। दोनों प्रमाण पत्रों में मां का नाम गीता देवी दर्ज है और प्रमाण पत्र 8 जुलाई 2026 को जारी किए गए दिखाए गए। जांच समिति ने इसे गंभीर विसंगति माना है। रिपोर्ट में कहा गया कि एक ही महिला के दो बच्चों का जन्म महज तीन महीने के अंतराल में होना संभव नहीं है। लाडपुर और देवीनगर के जन्मों का भी महौ से पंजीकरण जांच में यह भी सामने आया कि पीएचसी लाडपुर और देवीनगर में हुए जन्मों का पंजीकरण वहां के रजिस्ट्रार यानी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा नहीं किया जा रहा था। इसके बजाय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महौ की ओर से अपनी मुहर लगाकर इन जन्मों का पंजीकरण किया जा रहा था। जांच समिति ने इसे नियमों का उल्लंघन माना है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू जांच रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी सीएमओ एमआई आलम ने हाथरस जंक्शन कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान जन्म प्रमाण पत्रों के रिकॉर्ड, सीआरएस पोर्टल पर दर्ज विवरण और पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
बुलंदशहर में पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार रात 8 बजे भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात निकाली गई। इस अवसर पर शहर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नंदी पर सवार भगवान शिव की यह शोभायात्रा नगर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर से शुरू हुई। गाजे-बाजे और भक्तिमय धुनों के साथ निकली बारात में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। देखें, 2 तस्वीरें… श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य किया, जिससे पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के जयकारों से गूंज उठा। यात्रा के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। नगर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बारात के मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हो सका।
सिवनी: खेत से 85 हजार की मोटर चोरी:दो आरोपी गिरफ्तार, पार्ट्स और पिकअप वाहन जब्त
सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में खेत से 85 हजार रुपए की मोटर चोरी के मामले में पुलिस ने सोमवार शाम दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई मोटर के सभी पार्ट्स और वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन जब्त किया है। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। कान्हीवाड़ा थाना प्रभारी संतोष पन्द्रे ने रात 8 बजे बताया कि यह घटना ग्राम थांवरी में हुई थी। ग्राम थांवरी निवासी नवनीत अरोदिया ने 20 अगस्त को कान्हीवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 15 अगस्त की रात अज्ञात चोरों ने उनके खेत में बने कमरे का ताला तोड़कर क्रॉम्प्टन कंपनी की 20 एचपी की मोटर चोरी कर ली थी, जिसकी कीमत करीब 85 हजार रुपये थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 270/2026 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इनको किया गिरफ्तार जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर रामा उर्फ रामप्रसाद राय (33), निवासी चिखला, थाना कुरई (वर्तमान में पैराडाइज लॉन के सामने सिवनी) और राकेश साहू (49), निवासी गुरूनानक वार्ड, सिवनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद राकेश साहू के कब्जे से चोरी की गई मोटर के सभी पार्ट्स बरामद किए गए। वारदात में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 15 जी 2794 भी जब्त किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश पुलिस के अनुसार, इस चोरी में कुल चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ यह भी पता लगा रही है कि चोरी की मोटर को बेचने या उसके पार्ट्स खपाने की योजना में और कौन लोग शामिल थे।
पंचकूला उपायुक्त सतपाल शर्मा ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत खेड़ावाली के सरपंच लाभ सिंह को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई गांव में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और अत्यधिक खुदाई पाए जाने के बाद की गई है। खंड पिंजौर के गांव खेड़ावाली के निवासियों ने उपायुक्त को गांव में अवैध खनन की शिकायत दी थी। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने तुरंत कार्रवाई की। सोमवार को उपायुक्त सतपाल शर्मा ने पुलिस उपायुक्त, पंचकूला के उपमंडल अधिकारी नागरिक, जिला खनन अधिकारी, गैर-सरकारी सदस्य विजय कालिया और सुच्चा राम के साथ शिकायतकर्ताओं एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में गांव का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांव के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की पुष्टि हुई। सरपंच ने नहीं दी अवैध खनन की सूचना उपायुक्त ने बताया कि पंचकूला जिले के सभी सरपंचों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। इसके बावजूद, ग्राम पंचायत खेड़ावाली के सरपंच लाभ सिंह द्वारा जिला प्रशासन को अवैध खनन की सूचना नहीं दी गई। इसे गंभीरता से लेते हुए सरपंच को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने खनन अधिकारी को अवैध खनन करने वाले अन्य दोषियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नेशनल हाईवे-130 के अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर हाल ही में शुरू हुए लहपटरा टोल प्लाजा में तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। इसे लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कलेक्टर सरगुजा और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यपालन अभियंता को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने टोल प्लाजा की तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। लहपटरा टोल प्लाजा में फास्टैग स्कैनिंग की दिक्कत नेशनल हाईवे-130 पर शुरू हुए लहपटरा टोल प्लाजा को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि तकनीकी दिक्कतों के कारण यहां वाहनों के फास्टैग आसानी से स्कैन नहीं हो रहे हैं। कई बार स्कैन होने में आधे घंटे तक का समय लग रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के नियमों के मुताबिक, अगर वाहन के फास्टैग में पर्याप्त पैसा है और स्कैनर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो वाहन को 10 सेकेंड से ज्यादा नहीं रोका जा सकता। लेकिन लहपटरा टोल प्लाजा में वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि टोल प्लाजा के कर्मचारियों का व्यवहार भी ठीक नहीं है। इससे वाहन चालकों को तकनीकी परेशानी के साथ-साथ कर्मचारियों के रवैये का भी सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी लखनपुर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अमित सिंह, जिला कांग्रेस महामंत्री मुनेश्वर राजवाड़े समेत कई लोगों ने टोल प्लाजा की समस्याओं की जानकारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष को दी है। हाल ही में फास्टैग स्कैनर काम नहीं करने के कारण कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता भी करीब आधे घंटे तक टोल प्लाजा पर फंसे रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने नियमित रूप से टोल से गुजरने वाले स्थानीय लोगों को टोल में छूट देने या मासिक पास जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक टोल प्लाजा का सिस्टम ठीक नहीं होता, तब तक इसे बंद रखा जाए। उन्होंने टोल कर्मचारियों के दुर्व्यवहार से लोगों को बचाने और नियमों का पालन कराने के लिए टोल प्लाजा पर पुलिस बल तैनात करने की भी मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा। बिलासपुर तक अब 4 टोल प्लाजा अंबिकापुर से बिलासपुर के बीच अब 4 टोल प्लाजा हो गए हैं। कार से बिलासपुर जाने वाले लोगों को अब करीब 250 रुपए टोल देना होगा। कांग्रेस ने टोल शुरू करने का विरोध भी किया है। कांग्रेस का कहना है कि अंबिकापुर से लहपटरा के बीच कई जगह सड़क टूटी हुई है और सड़क की हालत खराब है। ऐसे में सड़क की मरम्मत किए बिना टोल वसूली शुरू करना उचित नहीं है।
अंजड़ में निकला 61वां शिवडोला:बाबा विवरेश्वर महादेव ने राजसी ठाठ-बाट से किया नगर भ्रमण
बड़वानी के अंजड़ नगर में श्रावण माह के अंतिम सोमवार को श्री विवरेश्वर महादेव शिवडोला उत्सव समिति की ओर से भगवान भोलेनाथ का 61वां विशाल शिवडोला निकाला गया। शाम को अति प्राचीन शिव मंदिर से शुरू हुए इस चल समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक शामिल हुए। यह आयोजन अपने 61वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शिवडोला उत्सव समिति के अनुसार, जनसहयोग से इसकी भव्यता में लगातार वृद्धि हो रही है। समिति द्वारा श्रावण माह के अंतिम सोमवार के साथ ही महाशिवरात्रि पर वर्ष में दो बार बाबा विवरेश्वर महादेव का शिवडोला राजसी ठाठ-बाट से निकाला जाता है। इन रास्तों से निकाली सवारी मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर शिवडोला ने करीब छह किलोमीटर का नगर भ्रमण किया। यह सीएम राइज स्कूल, श्रीकृष्ण चौक, बस स्टैंड, गणगौर चौक, सराफा बाजार, जटाशंकरी चौक, धानमंडी, अस्पताल चौक, बायपास रोड, अन्नपूर्णा भवन और हनुमान मोहल्ला होते हुए देर रात पुनः मंदिर परिसर पहुंचा। यहां महाआरती और प्रसादी वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ। शिवडोले में सबसे आगे डीजे पर शिव भजनों की धुन पर युवा थिरकते नजर आए। एक छोटे रथ पर राजेंद्र मुकाती भगवान भोलेनाथ का स्वरूप धारण किए हुए थे। सराफा एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत आदिवासी लोकनृत्य दल ने लोककला एवं संस्कृति की छटा बिखेरी। शिवडोला समिति की ओर से मोटू-पतलू और गोरिल्ला की प्रस्तुतियां बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहीं। रतलामी ढोल दल ने अपनी शानदार प्रस्तुति से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। त्रिकाल ग्रुप की ओर से बाबा अमरनाथ की झांकी भी प्रस्तुत की गई। गायकों ने बांधा समां भजन ट्राले पर भोपाल की प्रसिद्ध गायिका मनीषा कुशवाह जलपरी और धामनोद के गायक ओपी पटेल ने शिवभजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। सरस्वती उपवन की नर्मदा परिक्रमा पर आधारित झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हर-हर महादेव ग्रुप के राजस्थानी नृत्य दल ने राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। ॐ मंगलम ग्रुप ने रावण की शिवभक्ति पर आधारित झांकी प्रस्तुत की, जबकि सनातन ग्रुप के डांस कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। सिर्वी नवयुवक मंडल की शिव-पार्वती झांकी और रुद्राक्ष ग्रुप के शिव अघोरी नृत्य दल ने शिव तांडव और अघोरी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। शाही सवारी की अन्य तस्वीरें…
भिवानी जिले के लोहारू हलके में ग्रामीण चौकीदारों ने कांग्रेस विधायक राजबीर सिंह फरटिया को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। बहल में सौंपे गए इस ज्ञापन में चौकीदारों ने गांवों में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और सरकारी उपेक्षा पर चिंता व्यक्त की। चौकीदारों ने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर 2025 तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। ग्रामीण चौकीदारों की प्रमुख मांगें ग्रामीण चौकीदारों ने विधायक को सौंपे 8 सूत्रीय मांग पत्र में उन्हें कर्मचारी का दर्जा देने और काम के घंटे निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने कुशल श्रेणी के अनुसार, 30 हजार रुपए मासिक वेतन देने, सेवानिवृत्ति राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने तथा भिवानी जिले के सेवानिवृत्त चौकीदारों की लंबित 2 लाख रुपए की राशि तुरंत जारी करने की मांग भी की। इसके अतिरिक्त, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ देने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में चौकीदारों का मानदेय प्रत्येक माह की 7 तारीख तक उनके खातों में जमा करना शामिल है। उन्होंने साइकिल भत्ता 3,500 रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर मुआवजा राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने और मृतक चौकीदार के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। साथ ही, 1,000 की आबादी पर एक नया चौकीदार पद सृजित करने की मांग भी की गई। विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा : कांग्रेस विधायक ग्रामीण चौकीदारों ने विधायक राजबीर फरटिया से आग्रह किया कि वे विधानसभा के आगामी सत्र में उनकी सभी मांगों को प्रमुखता से उठाएं और सरकार पर इन्हें लागू करवाने के लिए दबाव बनाएं। विधायक फरटिया ने चौकीदारों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को विधानसभा में जोर-शोर से उठाया जाएगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर बहल ब्लॉक के बड़ी संख्या में ग्रामीण चौकीदार मौजूद रहे।
कोरबा में SECL और उसकी आउटसोर्सिंग कंपनी TMC प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ लालपुर और भेजीनारा गांव के ग्रामीणों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। भारी बारिश के बावजूद ग्रामीण प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। आंदोलन में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि SECL कोरबा और TMC प्रबंधन पूर्व में हुए 8 सूत्रीय लिखित समझौते से पीछे हट रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को गुमराह कर कटघोरा SDM के माध्यम से उन्हें नोटिस भी जारी करवाया गया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है। 1987 में सिंघाली खदान के लिए अधिग्रहित हुई थी जमीन ग्रामीणों के मुताबिक लालपुर और भेजीनारा में 70% से अधिक आदिवासी आबादी है। वर्ष 1987 में सिंघाली खदान के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय रोजगार के आश्वासन के साथ किसानों से भू-राजस्व पर्चियां ले ली गई थीं, लेकिन आरोप है कि ये पर्चियां आज तक वापस नहीं की गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पर्चियां नहीं होने के कारण आदिवासी बच्चों के जाति प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की 8 प्रमुख मांगें आंदोलनकारियों ने SECL और प्रशासन के सामने आठ मांगें रखी हैं। इनमें सिंघाली खदान में 275 ग्रामीणों को दिए गए रोजगार और मुआवजे की लिखित जानकारी उपलब्ध कराना, लालपुर-भेजीनारा के पुराने मुख्य मार्ग को व्यवस्थित रखना, सार्वजनिक निस्तारी तालाब को पाटने की जांच और दोनों गांवों में स्थायी पेयजल व्यवस्था प्रमुख हैं। इसके अलावा स्थानीय भू-विस्थापितों को TMC में प्राथमिकता से रोजगार देने, खसरा नंबर 217/16क, 16ख और 16ग की निजी जमीन पर बनाए गए रास्ते के मामले में कार्रवाई, पूर्वजों के मुक्तिधाम को ध्वस्त करने वाली कंपनी पर केस दर्ज करने और 1987 से रोकी गई मूल भू-राजस्व पर्चियां वापस कर रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने कटघोरा विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और मांगों का न्यायसंगत समाधान करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक बेमियादी आंदोलन जारी रहेगा।
जयपुर में त्यौहारी सीजन को देखते हुए लगातार तीसरे दिन सोमवार को सीएमएचओ सेंकेंड डॉ. मनीष मित्तल के निर्देशन में फूड सेफ्टी टीम ने दुर्गापुरा स्थित मिठाई शॉप 'केसर' पर छापेमार कार्रवाई की। जांच के दौरान 35 किलोग्राम खट्टा मावा मिलने पर उसे नष्ट करवाया गया, जबकि 50 किलोग्राम मिल्ककेक के स्टॉक को सीज कर दिया गया। साथ ही मिठाइयां जिस जगह बनाई जा रही थी, वहां गंदगी मिलने पर फर्म को इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। टीम ने दुकान पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और अन्य मानकों की जांच की। दूषित मावे को टीम ने कराया नष्ट डॉक्टर मित्तल ने बताया कि टीम ने जब मिठाई शॉप के पास मौजूद कारखाने का निरीक्षण किया तो डीप फ्रिज में रखा मावा चेक किया। चखने पर मावा खट्टा निकला, जिससे मिठाइयां बनाने की तैयारी थी। मैनेजर ने भी मावा खराब होना स्वीकार किया। जिसके बाद टीम ने मावा का सैंपल लेकर 35 किलो मावा नष्ट करवाया। अलवर से मिल्ककेक मंगवाकर कर रहे थे बेचान टीम ने मिठाई कारखाने के बाद शॉप का भी दौरा किया। यहां टीम को दो कार्टन में अखबार में लपेटे हुए मिल्क केक के 20 पैकेट मिले। हर पैकेट में 2.5 किलोग्राम मिल्ककेक रखा था, जो त्यौहार पर गिफ्ट पैकेट तैयार करने के लिए बाहर से मंगवाया था। अलवर से मंगवाया था मिल्ककेक पूछताछ में सामने आया कि ये मिल्ककेक अलवर से मंगवाया था, जो 280 रुपए प्रतिकिलो की दर से खरीदा गया, जबकि इसे काउंटर पर 620 रुपए की दर से बेचा जा रहा था। दुकान के मैनेजर ने बताया- ये मिल्ककेक मिल्क पाउडर, वनीला फ्लेवर, चीनी, दूध से तैयार करवाया गया है। टीम ने इस मिल्ककेक में से कुछ सैंपल लेने के बाद स्टॉक को दुकान स्थित कोल्ड रूम में रखवाकर सीज कर दिया। इसके अलावा दुकान में ही तैयार की गई केसर काजू कतली का भी एक सैंपल जांच के लिए लिया गया। -------------- ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में 12 मिठाई शॉप पर फूड डिपार्टमेंट का छापा:खराब तेल में पका रहे थे कचौरी; एक जगह मिला 150 किलो बदबूदार घेवर जयपुर में फूड सेफ्टी टीमों ने कान्हा स्वीट्स, रावत मिष्ठान भंडार, सोढाणी स्वीट्स, बीएमबी सहित 12 बड़ी मिठाई की दुकानों पर शुक्रवार को छापा मारा। टीमों ने इन दुकानों से घेवर, बर्फी, मावा, समोसा, मिल्क केक के सैंपल लिए। (पूरी खबर पढ़ें…)
सावन के अंतिम सोमवार पर महू में शिव सवारी:चक्की वाले बाबा की शाही सवारी निकली, उमड़ा भक्तों का सैलाब
महू में सावन के अंतिम सोमवार को शहर शिव भक्ति में डूबा रहा। सोमवार शाम चक्की वाले बाबा की शाही सवारी धूमधाम से निकाली गई। सवारी के प्रमुख मार्गों से गुजरने के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए सवारी के साथ चलते रहे, जिससे पूरा मार्ग 'हर-हर महादेव' और 'चक्की वाले बाबा' के जयकारों से गूंज उठा। सवारी का शुभारंभ चक्की वाले बाबा की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। आकर्षक साज-सज्जा के साथ बाबा की सवारी जैसे ही शहर के मार्गों पर पहुंची, श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और भक्तों द्वारा स्वागत मंच लगाए गए थे, जहां बाबा की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरित किया गया। सवारी के स्वागत को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह देखा गया। बाबा की सवारी के आगमन पर लोगों ने फूलों की वर्षा की। कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से आरती उतारी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी बाबा के दर्शन के लिए सड़कों पर मौजूद थे। भजन और धार्मिक गीतों के बीच युवा भी उत्साहपूर्वक सवारी में शामिल हुए। पुलिस बल भी तैनात रहा सावन के अंतिम सोमवार को लेकर सुबह से ही शहर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक किए गए। शाम को चक्की वाले बाबा की सवारी निकलने के बाद महू का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। सवारी के मार्ग में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। चक्की वाले बाबा की सवारी में विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। सवारी के दौरान जगह-जगह हुए स्वागत ने इसे एक धार्मिक उत्सव का रूप दे दिया। देर शाम तक शहर में भक्ति का माहौल बना रहा और 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे।
बैतूल के उमरी स्थित हजरत रहमान शाह दुल्हा रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर सोमवार को जम-जम वेलफेयर सोसायटी की ओर से 11 मुस्लिम जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों से पहुंचे जोड़ों का निकाह धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कराया गया। इस दौरान सोसायटी की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का सामान भी उपहार में दिया गया। सामूहिक निकाह में भैंसदेही, आठनेर, कोलगांव सहित अमरावती, नागपुर और भोपाल से जोड़े शामिल हुए। निकाह जामा मस्जिद के इमाम जावेद चिश्ती, हसनैन मस्जिद के इमाम हाफिज जुनैद और अन्य उलेमाओं की मौजूदगी में संपन्न हुए। कार्यक्रम में मौलाना मोहम्मद आशिक, गौसिया रहमानिया मस्जिद के मौलाना रहमत सहित अन्य लोग मौजूद रहे। दरगाह पर 25 अगस्त को होने वाले उर्स के कार्यक्रमों के तहत कुरान ख्वानी भी हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। इसके बाद परचम कुशाई की रस्म अदा की गई और सामूहिक निकाह संपन्न कराए गए। सोसायटी की ओर से नवविवाहित जोड़ों को कपड़े, पलंग-बिस्तर, अलमारी समेत गृहस्थी में उपयोग होने वाला अन्य जरूरी सामान दिया गया। सोसायटी पिछले वर्ष भी उमरी में 9 जोड़ों का सामूहिक विवाह करा चुकी है। इस मौके पर जामा मस्जिद के इमाम ने समाज में शादियों को सरल और कम खर्चीला बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विवाह में अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए और शरीयत के अनुसार तय मेहर की रकम अदा करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कार्यक्रम के आयोजन में जम-जम वेलफेयर सोसायटी के तौसीफ बेग, शाहिद खान, तारिकुद्दीन कादरी, पप्पू अफरोज खान, इमरान खान, अलीम हाशमी, आरिफ बाबूजी, इलियास और राजा खान सहित सदस्यों की भूमिका रही।
शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने सम्मान समारोह आयोजित किया। 24 अगस्त को जेआर दानी कालीबाड़ी रायपुर में छात्र-छात्राओं से संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र के साथ 5-5 हजार रुपए के चेक प्रदान किए। जेआर दानी कालीबाड़ी स्कूल की 75 छात्राओं को मिला सम्मान कार्यक्रम में जेआर दानी कालीबाड़ी स्कूल की 75 छात्राओं को सम्मानित किया गया। बताया गया कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के 19 शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 227 विद्यार्थियों का अब तक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयन किया जा चुका है। इनमें रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के रहने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं। सम्मान मिलने से विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। बोले- समय का पाबंद बनें, दिनचर्या पहले तय करें विधायक सुनील सोनी ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में टाइम मैनेजमेंट का बहुत महत्व है। विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या अपनाने के साथ समय का पाबंद बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि रात को सोने से पहले अगले दिन की पूरी दिनचर्या तय करें। अपने गंतव्य पर हमेशा निर्धारित समय से पहले पहुंचने की आदत डालें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूल जाने से पहले घर के बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेकर निकलें। उन्होंने कहा कि छात्र केवल पढ़ने के लिए स्कूल नहीं आते, बल्कि वे अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए भी आगे बढ़ रहे हैं। अच्छे महापुरुषों को पढ़ने की सलाह MLA सुनील सोनी ने विद्यार्थियों को संयमित और ऊर्जावान रहकर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में जिन महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है, उनके बारे में पढ़ना चाहिए। उनके विचारों और संघर्षों से सीख लेकर विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, अकबर अली, मुरली शर्मा, संतोष सोनी, अभिषेक तिवारी, केदार धनगर, सचिन सिंघल, पार्षद रमेश सपहा सहित भाजपा पदाधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
रक्षा बंधन पर झारखंड के स्कूलों में रहेगा अवकाश, शिक्षा विभाग ने बदला पहले का फैसला
Raksha Bandhan School Holiday:झारखंड में रक्षा बंधन के दिन अब स्कूलों में अवकाश रहेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नाराजगी के बाद पूर्व में रद की गई छुट्टी को बहाल कर दिया है।
समाजवादी पार्टी ने दिया संकेत, मुकाबला सपा और भाजपा में ही होगा विधानसभा चुनाव का मुकाबला
Samajwadi Party:भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का भी आरोप लगाया, कहा कि हम चाहते हैं कि बच्चों को गर्म खाना मिले।
छतरपुर के छत्रसाल चौक पर ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। एक ई-रिक्शा चालक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर उसकी हेडलाइट डंडे से तोड़ने और तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया है। चालक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने ये आरोप लगाए हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। ई-रिक्शा चालक की पहचान तरुण कोरी के रूप में हुई है। तरुण ने वीडियो में बताया कि उसने 12वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। वह अपने माता-पिता, एक भाई और एक बहन के साथ रहता है और परिवार में सबसे बड़ा है। तरुण ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है, जबकि उसके छोटे भाई-बहन अभी पढ़ाई कर रहे हैं। तरुण के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे डाकखाने चौराहे पर हुई। उसका बैटरी ऑटो (MP 16 ZD 0709) वहां से गुजर रहा था, तभी एक ट्रैफिककर्मी ने उसे रोकने का प्रयास किया। तरुण को डंडा नहीं लगा, लेकिन पुलिसकर्मी ने उसके ई-रिक्शा पर डंडा मारा, जिससे उसकी हेडलाइट टूट गई। आरोप- थाने में तीन घंटे बैठाए रखाचालक ने आरोप लगाया कि टूटी हुई हेडलाइट की कीमत लगभग 200 रुपये थी। जब तरुण ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उसे ट्रैफिक थाने ले जाया गया। तरुण का कहना है कि उसे थाने में करीब तीन घंटे तक बैठाकर रखा गया। इस दौरान उसने कथित तौर पर ट्रैफिककर्मी का वीडियो भी बना लिया। तरुण कोरी ने बताया कि ट्रैफिककर्मी उस पर कार्रवाई और चालान करने की बात कर रहे थे। उसने दावा किया कि उसके सभी दस्तावेज पूरे थे, इसलिए चालान का कोई औचित्य नहीं था। दस्तावेजों की जांच के बाद, पुलिसकर्मी ने उसके खिलाफ नो-पार्किंग का चालान करने की बात कही, जिसका तरुण ने विरोध किया। लगभग तीन घंटे बाद, तरुण को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। सुविधा शुल्क लेने का भी लगाया आरोपवायरल वीडियो में चालक ने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि कई मामलों में चालान करने के बजाय 200 से 250 रुपए लेकर बिना रसीद वाहन चालकों को छोड़ दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविकताई-रिक्शा चालक के आरोपों वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में चालक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में ट्रैफिककर्मी द्वारा ई-रिक्शा में डंडा मारकर हेडलाइट तोड़ी गई थी या नहीं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। एसपी मामला जांच में दोष पर कार्यवाही होगीSP रजत सकलेचा का कहना है कि वीडियो और मामला सामने आया है। मामले में CSP को बताया है जांच की जा रही है। जहां का मामला है वहां के3 और थाने के CCTV चेक करवाये जाएंगे, मामले में 3 घंटे तक क्यों बैठाकर रखा और क्यों ये मामला क्रिएट हुआ कुलय शिकायत है, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर विधिसंवत कार्यवाही की जायेगी।
लखनऊ के गोमती नगर इलाके में एक युवक और युवती ने नदी में छलांग लगा दी। युवती ने रविवार देर रात छलांग लगाई जबकि युवक सोमवार सुबह घरेलू कलह से तंग आकर कूद गया। दोनों को एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ड्यूटी पर तैनात सिपाही राकेश सरोज और गोताखोर श्रीपाल निषाद ने बचा लिया। राजाजीपुरम की रहने वाली युवती प्राइवेट नौकरी करती है। रविवार रात करीब 11:30 बजे वह गोमती नदी के पुल पर पहुंची। वहीं पर बैठी थी तभी अचानक नीचे छलांग लगा दी। उसे कूदता देख मौके पर अफरा तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे अंबेडकर चौकी इंचार्ज एसआई अंकित व सिपाही राकेश सरोज ने युवती को सर्च करके एक किनारे पर बैठाया। इसके बाद गोताखोर श्रीपाल निषाद की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जिसे इलाज के लिए लोहिया अस्पताल भेजा गया। जहां पहुंचे उसके भाई को सुपुर्द कर दिया गया। युवती मानसिक रूप से थोड़ा परेशान थी। वहीं सोमवार सुबह करीब 6 बजे सिविल अस्पताल के पास पार्क रोड निवासी सचिन जायसवाल (38) नदी में छलांग लगा दी। वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सिपाही राकेश सरोज और घोताखोर श्रीपाल निषाद की मदद से सचिन को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद उनके भाई अंकित जायसवाल को सूचना दी गई। अंकित के आने पर उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। सचिन घरेलू कल से परेशान थे।
सिरसा जिले में नाथुसरी चोपटा क्षेत्र के नहराना हेड पर चल रही किसान मजदूर महापंचायत सोमवार को छठें दिन स्थगित कर दी गई। सिंचाई विभाग ने 20 दिन में किसानों की मांगें पूरी करने का लिखित आश्वासन दिया है। यह महापंचायत गांव जमाल के ग्रामीणों द्वारा पानी टेल तक पहुंचाने की मांग को लेकर की जा रही थी। सिंचाई विभाग, सिरसा के एक्सईएन संदीप माथुर ने धरना स्थल पर पहुंचकर महापंचायत कमेटी से बातचीत की। कमेटी में नंदलाल बैनीवाल, रघुवीर कडवासरा, प्रहलाद बैनीवाल सहित 11 सदस्य शामिल थे, जिन्होंने अधिकारियों को अपनी मांगों से अवगत कराया। इस दौरान हरियाणा और राजस्थान से सैकड़ों किसान धरना स्थल पर मौजूद रहे। महापंचायत में नहरी पानी के साथ-साथ पेयजल की भी मांग उठाई गई। किसानों ने नहरों से पानी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई, दोनों नहरों के आउटलेट ठीक करने, गांव हंजीरा में कुताना माइनर से कूड़ा हटाने, माइनर के दोनों तरफ मिट्टी लगाने और कुताना माइनर पर बने 6 पुलों को ऊंचा करने की मांग की। जमाल माइनर के जमाल गांव से गुजरने वाले हिस्से में घरों का दूषित पानी नहर में जाने की समस्या भी उठाई गई। ग्रामीणों ने दूषित पानी को माइनर में जाने से रोकने के लिए दीवार बनाने की मांग की। सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे विभिन्न गांवों के लोग सोमवार सुबह 10:30 बजे से विभिन्न गांवों के लोगों का नहराना हेड पर पहुंचना शुरू हो गया था और 11 बजे तक पूरा जमावड़ा हो गया। महापंचायत की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप माथुर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम पहुंची। सिंचाई विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों द्वारा गठित 11 सदस्यीय कमेटी के बीच दोपहर 1:30 बजे बैठक शुरू हुई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष बैनीवाल, विनोद बांगड़वा, किसान नेता बलराम सहारण, प्रकाश ममेरां, सुभाष कासनियां, रणधीर जोधकां, राजेश कुमार, विपिन ढिल्लों, अभिमन्यु सहारण और देवीलाल सहित चौपटा क्षेत्र व राजस्थान के नोहर क्षेत्र से किसानों ने महापंचायत में हिस्सा लिया और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। कमेटी सदस्य समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, पंचायत समिति सदस्य नंदलाल बैनीवाल, अशोक कुमार,ख् ग्र्रहलाद सिंह, मांगेराम, जनक, रणजीत सिंह, सहाबराम ने कहा कि टेल पर पडऩे वाले गांव में सिंचाई तो दूर पीने के पानी की समस्या है। इसी के साथ ही कुताना माइनर, जमाल माइनर, वरूवाली नहर शेरांवाली में अवैध होदी तोड़ी जाए, जमाल गांव में जमाल माइनर व कुताना माइनर में टेल पर पूरा पानी पहुंचे, दोनों नहरों में पानी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कुताना माइनर से कूड़ा- कचरा हटाने की मांग नहरों के आउटलेट ठीक की जाए, गांव हंजीरा में कुताना माइनर से कूड़ा- कचरा हटाया जाए, कुताना माइनर के दोनों तरफ मिट्टी लगवाई जाए, कुताना माइनर पर 6 पुल हैं, उनको ऊंचा किया जाए, जमाल माइनर जमाल गांव से गुजरती है, वहां पर घरों का दूषित पानी नहर में जाता है। वहां दीवार बनाकर दूषित पानी को माइनर में जाने से रोका जाए। समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा ने कहा कि टेल पर पानी पहुंचने व अन्य मांगों को लेकर नहराना हेड पर महापंचायत आयोजित की गई। जिसमें सिंचाई विभाग के अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने संदीप माथूर ने कमेटी से बात करने के बाद कहा की नाथूसरी चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाली माइनरों पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आखिर संज्ञान लिया है। उन्होने कहा कि मंगलवार से किसानों की मांगों को पूरा करने का कार्य शुरू हो जाएगा।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। पहला ट्रांसप्लांट हाथरस के सिकंदराऊ निवासी महेंद्र कुशवाहा का हुआ। उनकी पत्नी मीना ने अपनी एक किडनी देकर पति को नया जीवन दिया है। अब महेंद्र और मीना दोनों स्वस्थ हैं। दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं। मीना ने अपने पति से वीडियो कॉल पर बात की। मीना ने कहा- ठीक तो हैं आप। मैंने जिसके साथ जीने-मरने की कसम खाई, उसके लिए एक किडनी कुछ भी नहीं है। मैं बहुत खुश है कि उनकी किडनी पति के काम आई। इतना कहते ही मीना की आंखें छलक पड़ी। दो मिनट तक बात कर मीना को तसल्ली हुई। उन्होंने भगवान और डॉक्टरों का आभार जताया। अब पढ़िए पूरा मामलाहाथरस के सिकंदराराऊ निवासी महेंद्र कुशवाहा (32) निजी स्कूल में पढ़ाते थे। डेढ़ साल पहले दोनों किडनी खराब होने की जानकारी मिली। वह लगातार डायलिसिस करा रहे थे। शरीर कमजोर होता जा रहा था। डायलिसिस के लिए पत्नी मीना खुद उन्हें लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज आती थीं। तीन बच्चों की परवरिश के साथ घर भी संभालती रहीं। डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट होने पर जान बचने की बात कही। निजी अस्पतालों में खर्च अधिक होने के कारण ट्रांसप्लांट के लिए रुपयों का इंतजाम भी चुनौती बन गया। इसी बीच एसएन में किडनी ट्रांसप्लांट की सेवाएं शुरू होने की जानकारी मिली तो मीना ने पति को दिखाकर पंजीकरण कराया और अपनी किडनी देने का फैसला किया। ट्रांसप्लांट के तीन बाद हुई बातचिकित्सकीय जांच में मीना की रिपोर्ट भी ठीक आई। 22 अगस्त को एसएन मेडिकल कॉलेज में महेंद्र का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। ये मेडिकल कॉलेज के इतिहास में पहला अवसर था, जब ये सर्जरी हुई। इसके बाद से दोनों ही एसएन के आइसोलेट वार्ड में भर्ती हैं। सोमवार को डॉक्टरों ने पति-पत्नी की फोन पर वीडियोकॉल कर बात कराई। इसमें एक-दूसरे का हाल जाना। इनके पिता पप्पू सिंह ने भी बेटे से बात की है और बताया कि उसकी हालत ठीक है। पति को किडनी देने का फैसला एक मिनट में लियामीना ने बताया कि जब उनका पता चला कि पति की दोनों किडनियां खराब है। अब केवल किडनी ट्रांसप्लांट ही रास्ता है। ऐसे में किडनी दान करने का बात आई तो उन्होंने एक मिनट में ही पति को किडनी देने का निर्णय कर लिया। उनका कहना है कि जिसके साथ जीने-मरने की कसम खाई, उसके लिए एक किडनी कुछ भी नहीं है। वो बहुत खुश है कि उनकी किडनी पति की काम आई। वो पति की लंबी उम्र के लिए कुछ भी कर सकती हैं। बहू बेटे के लए सावित्री बनकर आईमीना के ससुर पप्पू सिंह भी बहू के इस त्याग के लिए उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। उनका कहना है कि बहू बेटे के लए सावित्री बनकर आई है। उनके लिए वो किसी देवी से कम नहीं है। वीडियो कॉल पर की पति से बातसंक्रमण के बचाव और मेडिकल गाइडलाइंस के कारण मीना अभी कुछ दिन अपने पति से सीधे तौर पर नहीं मिल सकती हैं, इसलिए अस्पताल प्रशासन की मदद से दोनों की वीडियो कॉल पर बात कराई गई। वीडियो कॉल के दौरान दोनों ने एक-दूसरे का हाल-चाल लिया। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया- मरीज की किडनी समेत अन्य जांच कराई हैं, सभी ठीक आई हैं। यूरिन भी बनने लगा है। तरल भोजन भी दिया गया है। मरीज बैठने भी लगा है। दो सप्ताह बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा, हमारी मेडिकल टीम मरीज और दाता दोनों के स्वास्थ्य की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। दोनों की रिकवरी बहुत तेजी से हो रही है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें- रक्षाबंधन पर 3 दिन बसों में मुफ्त सफर करेंगी महिलाएं: साथी पुरुष को भी छूट; योगी बोले- प्राइवेट गाड़ी वाले मनमानी न करें रक्षाबंधन पर यूपी में महिलाओं को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। महिलाएं 3 दिन रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की रात 12 बजे तक मिलेगी। महिला के जा रहे पुरुष को भी यह सुविधा मिलेगी। पढ़िए पूरी खबर…
युवक की तबीयत बिगड़ी, मौत:बूंदी अस्पताल से कोटा रेफर, रास्ते में तोड़ा दम
बूंदी में तबीयत बिगड़ने से युवक दीपक मेघवाल की मौत हो गई। सोमवार तड़के युवक की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे बूंदी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे कोटा रेफर कर दिया गया, लेकिन कोटा के निजी अस्पताल पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। जानकारी में सामने आया है कि दीपक मेघवाल वार्ड चुनाव की तैयारी कर रहा था। दीपक के पारिवारिक मित्र अरविंद गुर्जर ने बताया कि एक दिन पहले तक दीपक पूरी तरह सक्रिय था और लोगों से मुलाकात कर रहा था। दीपक की अचानक मौत की खबर से परिवार शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में माता-पिता, पत्नी और छोटा बच्चा दीपक के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दीपक के परिवार में माता-पिता, पत्नी, एक छोटा बच्चा और छोटा भाई हैं। निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और परिचित उनके घर पहुंच गए। अचानक हुई मौत से माहौल गमगीन हो गया। 22 अगस्त को कांग्रेस टिकट के लिए दिया था आवेदन कांग्रेस जिला महासचिव इश्तियाक अली ने बताया कि दीपक मेघवाल ने 22 अगस्त को वार्ड नंबर 32 से कांग्रेस टिकट के लिए आवेदन किया था। इस वार्ड से एक अन्य व्यक्ति ने भी टिकट के लिए आवेदन किया है। इश्तियाक अली ने दीपक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
दौसा की मेहंदीपुर थाना पुलिस ने लड़की के ब्लाइंड मर्डर का सोमवार को खुलासा किया। प्रेमी ने एक्सट्रा मैरिटल अफेयर के चलते प्रेमिका की हत्या की थी। दोनों शादीशुदा थे, प्रेमिका युवक पर पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर प्रेमी अपनी प्रेमिका को बुलंदशहर से 270 किलोमीटर दूर मेहंदीपुर बालाजी (दौसा) लेकर आया। मोरा माता मंदिर ले जाने के बहाने पहाड़ी पर ले गया और दोस्त के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान न हो इसलिए उसका चेहरा पत्थर से कुचल दिया। मामला 17 अगस्त का है। पुलिस ने बताया- मेहंदीपुर बालाजी के मंदिर के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद युवती दो युवकों के साथ सीसीटीवी जाती हुई दिखी। तीनों की फोटो राजस्थान, यूपी और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के थानों को भेजकर तस्दीक की। युवती संगीता (22) बुलंदशहर की रहने वाली थी। आरोपियों की पहचान यूपी के बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना इलाके के जीराजपुर गांव निवासी गजेंद्र मीणा (28) , उसके दोस्त पहासू थाना इलाके के अजीजाबाद निवासी विवेक मीणा के रूप में हुई। शादीशुदा था, प्रेमिका से पीछा छुड़ाना चाहता था एडिशनल एसपी शंकरलाल मीणा ने बताया- गजेंद्र मीणा की कुछ महीने पहले ही शादी हुई थी। प्रेमिका संगीता गजेंद्र पर पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इससे गजेंद्र परेशान हो गया। प्रेमिका संगीता से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या का प्लान बनाया। मर्डर के प्लान में अपने दोस्त विवेक मीणा को भी शामिल किया। मेहंदीपुर बालाजी दर्शन कराने के बहाने लाए एडिशनल एसपी ने बताया- संगीता को गजेंद्र ने शादी करने का वादा किया और मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन कराने की बात कही। संगीता तैयार हो गई। इसके बाद 17 अगस्त को बुलंदशहर से गजेंद्र, उसका दोस्त विवेक और संगीता तीनों 270 किलोमीटर दूर मेहंदीपुर बालाजी (दौसा) पहुंच गए। गजेंद्र ने सोचा था कि मेहंदीपुर बालाजी में पूरे से देश से श्रद्धालु आते हैं। यहां पहाड़ी एरिया भी है। ऐसे में वह वारदात को अंजाम देकर लौट जाएगा और पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी। बालाजी में लोगों की भीड़ के चलते उसे मौका नहीं मिला। इसके बाद उसने मंदिर के पास पहाड़ी पर स्थित मोरा माता जाने की बात कही। तीनों मोरा माता मंदिर पहुंचे। वहां रास्ते में सुनसान जगह देखकर गजेंद्र ने संगीता का गला घोंट दिया। वह बेहोश हो गई तो दोनों दोस्तों ने उसका चेहरा पत्थरों से कुचल दिया। ताकि उसकी पहचान न हो सके। ब्लाइंड मर्डर था, पहचान का कोई सबूत नहीं मिला एडिशनल एसपी शंकरलाल मीणा ने बताया- 17 अगस्त की दोपहर लड़की की लाश लहूलुहान हालत में मोरा माता मंदिर के रास्ते में झाड़ियों में मिली। लड़की का चेहरा पत्थरों से कुचला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। बालाजी मंदिर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में लड़की की पहचान करना मुश्किल था। इसके बाद एसपी और आईजी के निर्देशन में एक टीम बनी जिसमें मैं (एडि. एसपी शंकरलाल), बालाजी थाना एसएचओ, साइबर सेल और डीएसटी के मेंबर थे। लड़की के कपड़ों से किया सीसीटीवी फुटेज का मिलान शंकरलाल मीणा ने बताया- लड़की ने पीले रंग का सूट पहना हुआ था। मेहंदीपुर बालाजी के मंदिर के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद एक लड़की पीले कलर का सूट पहनकर दो युवकों के साथ जाती हुई दिखी। तीनों की फोटो को राजस्थान, यूपी और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के थानों को भेजकर तस्दीक की। आरोपियों तक पहुंचने के लिए हमारी टीमें दौसा, जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, भरतपुर और धौलपुर सहित उत्तर प्रदेश के मथुरा, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी और बदायूं और मध्यप्रदेश के ग्वालियर और उज्जैन तक गईं। हमने वहां के पुलिस थानों, जीआरपी और कंट्रोल रूम में फोटोज भेजे और सूचना मांगी। पुलिस ने 700 किलोमीटर का सफर किया टीमों ने बस स्टैंड, होटल, रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन और धर्मशालाओं सहित सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्धों की तस्वीरें चस्पा कर पहचान की कोशिश की। बुलंदशहर पुलिस के जरिए लड़की की पहचान की गई और फिर कॉल डिटेल के आधार पर उसके प्रेमी और प्रेमी के दोस्त की पहचान की। टीम ने केस सुलझाने के लिए 700 किलोमीटर का सफर किया और आरोपी गजेंद्र और विवेक को बुलंदशहर में दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
भिलाई में स्टेट GST की टीम ने सोमवार को हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह छोटू के ठिकानों पर छापा मारा है। दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच अधिकारियों की टीम कंपनी के गोदाम और ऑफिस पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि एक टीम बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में भी पहुंची है। जानकारी के मुताबिक, 24 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर जांच कर रहे हैं। टीम कंपनी के दस्तावेज, कारोबारी रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी कागजातों की जांच कर रही है। कंपनी के पास 1500 से ज्यादा ट्रक बताया जा रहा है कि इंद्रजीत सिंह छोटू हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर हैं। कंपनी के पास 1500 से ज्यादा ट्रक होने की जानकारी है। जीएसटी की टीम वाहनों के संचालन और कंपनी के कारोबार से जुड़े GST रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। फिलहाल, GST विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कार्रवाई किस शिकायत, जांच या कथित गड़बड़ी के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की वजह और जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। बलौदाबाजार यार्ड में भी पहुंची टीम स्टेट जीएसटी की एक टीम ने बलौदा बाजार स्थित यार्ड में भी जांच शुरू की है। यहां कंपनी के कारोबार और वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई होने से कंपनी के कारोबार से जुड़े अलग-अलग रिकॉर्ड की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है।
बड़वानी शिव डोला: प्रशासन-समिति की बैठक:अधिकारियों ने तैयार की यातायात से लेकर सुरक्षा पर रूपरेखा
बड़वानी में भगवान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव के शिव डोला आयोजन की तैयारियों को लेकर प्रशासन और श्री रामकुल्लेश्वर शिव डोला उत्सव समिति के बीच एक बैठक हुई। यह बैठक सोमवार शाम 6.30 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित की गई। 31 अगस्त को शिव डोला निकाला जाएगा। बैठक में यातायात व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर चर्चा की गई। बैठक में एसडीएम भूपेंद्र रावत, डीएसपी महेश सुन्निया, थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन, नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा, बिजली कंपनी के अधिकारी और तहसीलदार उपस्थित रहे। बैठक में 31 अगस्त को निकलने वाले शिव डोले के मुख्य मार्ग, यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। आयोजन के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए निर्धारित स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था पर जोर दिया गया। एसडीएम भूपेंद्र रावत और थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने आमजन से अपील की कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें, ताकि मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित न हो। नगर के पशु मालिकों से भी अनुरोध किया गया कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें, बल्कि घर या सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें, जिससे आयोजन में कोई बाधा न आए। समिति सदस्यों ने बताया कि कारंजा चौपाटी, झंडा चौक और पाला बाजार में पर्व के दौरान भारी भीड़ रहती है। इन क्षेत्रों में यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष व्यवस्था और वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग की आवश्यकता है। समिति ने डोला मार्ग पर मौजूद गड्ढों को मुरुम से भरकर पैचवर्क कराने, पूरे मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने और नगर पालिका से साफ-सफाई कराने की मांग रखी। सफाईकर्मी और पानी के टैंकर की मांग समिति की ओर से डोला प्रांगण में मुरुम फिलिंग, कचरा वाहन, सफाईकर्मी और पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। मार्ग से मवेशियों और अनावश्यक सामग्री को हटाने तथा निर्माणाधीन परिसरों के आसपास साफ-सफाई कराने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी के टैंकर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस और डॉक्टरों की व्यवस्था कराने का सुझाव भी दिया गया।
कबीरधाम जिले की पोड़ी पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर 1.30 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने उप संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया और उस पर विभागीय सील का भी इस्तेमाल किया। पुलिस ने आरोपी कलिन्दर मिंज (32) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला राम्हेपुर खुर्द निवासी जुगेश्वर साहू (25) की शिकायत से जुड़ा है। जुगेश्वर ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने 1 नवंबर 2025 से 30 जून 2026 के बीच खेल प्रशिक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 1.30 लाख रुपए लिए और बाद में फर्जी नियुक्ति प्रमाण-पत्र भेज दिया। फुटबॉल कोच बनकर युवक से की पहचान पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को फुटबॉल कोच बताता था और खिलाड़ियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में लेकर जाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात जुगेश्वर से हुई। आरोपी ने उसे खेल प्रशिक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और इसके बदले रकम ली। रकम मिलने के बाद आरोपी ने अपने लैपटॉप से उप संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया। इसके बाद रायगढ़ की एक दुकान से सील बनवाई और उसे पत्र पर लगाकर मोबाइल से WhatsApp के जरिए जुगेश्वर को भेज दिया। केस की भनक लगी तो सबूत मिटाने की कोशिश पुलिस के मुताबिक, अपराध दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने खराब लैपटॉप को कबाड़ में बेच दिया। उसने फर्जी नियुक्ति पत्र फाड़ दिया और तैयार कराई गई सील व मोबाइल को रायगढ़ की केलो नदी में फेंकने की बात पूछताछ में बताई। जुगेश्वर से लिए गए 1.30 लाख रुपए को व्यक्तिगत खर्च में इस्तेमाल करना भी स्वीकार किया। जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थी के मार्कशीट, रोजगार पंजीयन, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड की छायाप्रतियां बरामद कर जब्त की हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 336(3), 319(2), 340(1) और 318(4) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी को 24 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
अयोध्या में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के बीच सोमवार को एक चैनल के लाइव डिबेट में विवाद हो गया। राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता को जमकर गालियां दीं। धमकाते हुए कहा- जूते से मारूंगा। यह सुनकर दोनों महिला एंकर भौचक रह गईं। कार्यक्रम को बीच में ही खत्म करना पड़ा। डिबेट में मछली भोज पर बहस हो रही थी। कांग्रेस पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक संवाद और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान बताया है। यूपी कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन डॉ. सीपी राय ने कहा, राजनीतिक बहस में तर्क खत्म होने पर गाली-गलौज को हथियार बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसी की मां को गाली देना, व्यक्तिगत टिप्पणी करना या धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करना न संतत्व की पहचान है, न सनातन संस्कार और न ही लोकतांत्रिक आचरण। कांग्रेस की 3 बड़ी बातें पढ़िए… भगवा वस्त्र किसी को कानून से ऊपर नहीं बनाते: कोई व्यक्ति धार्मिक पद या प्रभाव की आड़ में किसी राजनीतिक कार्यकर्ता को गाली देने या डराने का अधिकार नहीं पा सकता। भगवा वस्त्र किसी को कानून से ऊपर नहीं बनाते और धार्मिक पहचान किसी दूसरे नागरिक के सार्वजनिक अपमान का लाइसेंस नहीं है। मंच टीवी का हो या मंदिर का, मर्यादा सभी के लिए समान होनी चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता गाली से डरने वाले नहीं: कांग्रेस कार्यकर्ता गाली या धमकी से डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस संविधान और कानून में विश्वास करती है और राजनीतिक सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देने में भरोसा रखती है। पार्टी ने पूरे कार्यक्रम की मूल रिकॉर्डिंग, वीडियो फुटेज और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। गाली का जवाब तर्क से देंगे: गाली देने वालों को तर्क से जवाब दिया जाएगा और धमकी देने वालों का जवाब संविधान की ताकत से दिया जाएगा। लोकतांत्रिक संवाद और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी। अब जानिए कार्यक्रम में क्यों भड़के राजू दास? एंकर: हमारे साथ कुंवर सिंह निषाद भी जुड़े हुए हैं, कांग्रेस के प्रवक्ता हैं। कुंवर सिंह, बताएं क्या औचित्य था इस बात का, जिस तरीके से महंत राजू दास कह रहे हैं कि आप दर्शन करके आए, तीर्थ स्थान से आए और उसके बाद आपने मछली और भात। आपको कुछ और भी तो बनवा सकते थे और खा सकते थे? कुंवर सिंह निषाद: कार्यक्रम निषाद समाज का था, जहां पर राजेंद्र पाल गौतम और अजय राय आए थे। इस देश में घूस खाना अपराध नहीं है, इस देश में भ्रष्टाचार करना अपराध नहीं है, भाजपा में गुंडागर्दी करना अपराध नहीं है। गाय के नाम पर हत्या करना अपराध नहीं है, लेकिन मछली खाना इनकी नजर में अपराध है, जो कि संविधान के किसी भी अनुच्छेद में इसका वर्णन नहीं है कि आप सावन के माह में मछली नहीं खा सकते हो। सौ-सौ चूहे खा के बिल्ली हज को चली, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चार दिन पहले नॉनवेज खा रहे थे, सावन का माह है। लेकिन राजू दास के मुंह में दही जम गया, राजू दास नहीं बोले, किसी के मुंह से आवाज नहीं निकलती है। मीडिया का कोई भी व्यक्ति नहीं आता है। (राजू दास ने जवाब देना चाहा तो कुंवर सिंह ने 'चुप' कहकर उन्हें शांत कराना चाहा, तभी राजू दास भड़क गए और उन्हें गालियां देने लगे। एंकर को कुछ समझ नहीं आया, वो कुछ सेकेंड के लिए शांत हो गईं।) एंकर: मुझे लगता है बातचीत करना उचित नहीं, क्योंकि भाषा की जो मर्यादा है, उसे बनाकर रखिए। सही तरीके से बात करें... एंकर: अरे महंत राजू दास, आप नेशनल चैनल पर बैठे हुए हैं, डिबेट में बैठे हुए हैं, एक कार्यक्रम में बैठे हैं। इस तरीके की भाषा शोभा नहीं देती आपको। आप महंत हैं, इस तरीके की भाषा का इस्तेमाल न करें। इसके बाद एकर ने दोनों को धन्यवाद कहते हुए कार्यक्रम खत्म कर दिया। मछली भोज पर विवाद क्यों है, जानिए… अयोध्या में रविवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में मछली बनाई गई थी। सम्मेलन में आए लोगों को यह खाना भी परोसा गया। इसमें यूपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी पहुंचे थे। सोमवार को सीएम योगी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मछली की दावत पर कहा, 'कांग्रेस के लोग विरासत का अपमान करते हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने जिस तरह का आचरण किया है, वह इसका उदाहरण है। हनुमानगढ़ी में दर्शन करते हैं, फिर बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाते हैं। ये राम-राम चिल्लाते हैं। इनका दोहरा आचरण देखकर तो गिरगिट भी शरमा जाता होगा। वह कहता होगा कि मनुष्य के रूप में हमारी कौन-सी प्रजाति पैदा हो गई है। योगी ने कहा- इनके (अजय) भाई की एक माफिया (मुख्तार अंसारी) ने हत्या की है, लेकिन यह व्यक्ति उसके खिलाफ बयान देने नहीं गया, बल्कि उसके सामने घुटने टेक दिए और नतमस्तक हो गया।' अजय राय बोले- सीएम मछली खाने की फोटो दिखा दें तो इस्तीफा दे दूंगा अजय राय ने योगी के बयान पर कहा- अगर मुख्यमंत्री के पास कोई फोटो है तो दिखा दें। मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। कल निषाद समाज ने मुझे बुलाया था। मैं जब भी अयोध्या जाता हूं पहले हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन करता हूं और फिर कार्यक्रम में जाता हूं। निषाद समाज के कार्यक्रम में वे मछली का भोज करा रहे थे, ये उनका काम था। मैं कार्यक्रम में शामिल हुआ और वापस लखनऊ लौट आया। मछली पालना, पकड़ा और खाना निषाद समाज की जीवनशैली में है। भाजपा निषाद समाज का अपमान कर रही है, निषाद समाज इसे भूलेगा नहीं। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा:पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर एक घंटा 16 मिनट बात की। मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। राहुल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा होती है। पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, नौकरी, संपत्ति और अपने फैसले लेने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। रोजड़ा गांव निवासी अर्जुन सिंह स्कूटी(26) से ओडूंद जा रहा था। गांव से कुछ दूर निकलते ही सामने से आए रेत से भरे तेज रफ्तार डंपर ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्जुन सिंह सड़क पर जा गिरा और डंपर उसके सिर के ऊपर से निकल गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद डंपर लेकर भागा ड्राइवरहादसे के बाद डंपर ड्राइवर गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। सूचना पर चंदेरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने डंपर की पहचान कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के भाई रतन सिंह ने चंदेरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, अर्जुन सिंह किसी काम से स्कूटी लेकर ओडूंद जा रहा था। इसी दौरान सामने से आए रेत से भरे डंपर ने उसे चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए और बिलख पड़े। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपाएएसआई शंकर लाल की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। शव गांव पहुंचने पर पूरे रोजड़ा गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों के अनुसार, अर्जुन सिंह मिलनसार स्वभाव का युवक था।

