बाड़मेर में गणगौर पूजने की परंपरा सदियों पुरानी है। रिसायतकाल में बाड़मेर के राज परिवार की ओर से गणगौर की सवारी शाही ठाठ-बाट के साथ निकाली जाती थी। आज भी पुरानी परंपराओं का निर्वहन करते हुए, दरबार से ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं गाजे-बाजे के साथ बाहर आती हैं, लेकिन सवारी 50 साल से बंद है। 1980 के दशक तक गणगौर की सवारी निकाल बावड़ी चौक तक लाते थे। अब गणगौर की सवारी नहीं निकलती है, लेकिन 300 साल पुरानी गवर-ईसर की प्रतिमा राज दरबार में मौजूद है। महिलाओं की आस्था का पर्व हैं गणगौर रावत त्रिभुवन सिंह बताते है कि गणगौर की पूजा शिव-पार्वती के रूप में की जाती है। शादीशुदा महिलाएं सुहाग को सुरक्षित रखने और बालिकाएं अच्छ वर के लिए पूजती है। 1980 के दशक तक गढ़ बाड़मेर से गणगौर की सवारी निकलती थी, लेकिन रावत उम्मेदसिंह के बुजुर्ग होने के साथ ही धीरे-धीरे गणगौर की सवारी निकालने की परंपरा बंद हो गई। अब दरबार से बाहर तक ही गणगौर को सजाकर निकाला जाता है। पुराने जमाने में गणगौर का मेला पूरे बाड़मेर जिले के लिए सबसे बड़ा सामाजिक मिलन का केंद्र होता था।
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज कैंपस में बीएससी छात्र की हत्या करने वाला मंजीत सिंह चौहान सोशल मीडिया पर 1818 गैंग चलाता है। वह अपने नाम के साथ माफिया लिखता है। मंजीत बिगड़ैल युवाओं की गैंग का लीडर है। इसमें शामिल सभी युवा बाइकर्स हैं। मंजीत ने कॉलेज में वर्चस्व के लिए शुक्रवार को बीएससी में पढ़ने वाले छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। मंजीत वाराणसी का ही रहने वाला है, जबकि सूर्य प्रताप गाजीपुर का था। वह कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। मंजीत जहां क्रिमिनल माइंड का था, वहीं सूर्य पढ़ने में होशियार। तीन महीने से दोनों के बीच झगड़ा चल रहा था। शुक्रवार को प्रिंसिफल ने दोनों को अपनी ऑफिस में बुलाया था। वहां भी दोनों में बहस हो गई। इस दौरान सूर्य प्रताप ने देख लेने की बात कह दी। यह धमकी मंजीत को नागवार गुजरी। पुलिस ने शुक्रवार देर रात हत्यारोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसका एक पैर टूट गया है। थाना शिवपुर में उसे लाकर पूछताछ की गई। सूर्य के पिता ने कहा- मेरा पूरा घर खत्म हो गया है, घर का आखिरी चिराग चला गया। तब तक आरोपी का एनकाउंटर नहीं होगा, तब तक बेटे का अतिंम संस्कार नहीं करेंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए 4 तस्वीरें देखिए… पहले जानिए क्राइम सीन और बाद का घटनाक्रम…सुबह के 11 बज रहे थे। छात्र अपनी-अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे। तभी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीए सेकेंड ईयर के छात्र मंजीत सिंह चौहान ने प्रिसिंपल और छात्रों के सामने फिल्मी स्टाइल में गोली मारी। एक छात्र ने लाइव वारदात का वीडियो रिकॉर्ड किया। जिसमें देख सकते हैं कि सूर्य प्रताप सिंह क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। मंजीत उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। इसके बाद सभी के सामने एक सवाल था- मंजीत ने सूर्य को क्यों मार डाला? बताया गया कि हॉस्टल में सूर्य सीनियर छात्रों को बुलाता था। जूनियर छात्रों की रैगिंग करता था। मंजीत ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की थी। प्रिंसिपल ने दोनों को तलब किया था। शुक्रवार को मंजीत और सूर्य के बीच प्रिंसिपल से मिलने के बाद विवाद हुआ। जिसमें मंजीत ने अपनी शर्ट की बांहें चढ़ा लीं, इस पर सूर्य ने गाली-गलौज करते हुए मंजीत का कॉलर पकड़ लिया। उस वक्त दोस्तों ने बीच-बचाव करा दिया। मंजीत अपने घर चला गया। वहां से एक साथी के साथ वह पिस्टल लेकर कॉलेज आया। अपनी पल्सर गाड़ी कॉलेज के बाहर गेट के पास खड़ी कर दी। फिर कला संकाय के बरामदे में सूर्य को देखते ही उस पर फायरिंग कर दी। वह गिर पड़ा, फिर भी उस पर पिस्टल से गोली चलाता रहा। 12 फीट ऊंचाई से कूदने पर टूटा मंजीत का पैरहत्या के बाद मंजीत को लगा कि गेट से भागने पर उसे पकड़ लिया जाएगा, इससे बचने के लिए वह छत से कूद गया। करीब 12 फिट ऊंचाई से कूदने पर उसका एक पैर टूट गया। उसकी बाइक गेट पर खड़ी थी, लेकिन खुद को घिरता देखकर वह टूटे पैर से ही आगे एयरपोर्ट रोड की ओर भागा। एक ई-रिक्शा से लिफ्ट लेकर गिलट बाजार चौराहे पहुंचा और फिर फोन बंद कर लिया। इसके बाद सूनसान जगह पर पहुंचकर इलाज कराने का प्रयास किया। पैर टूटने के बाद वह शहर के बाहर भाग नहीं सकता था। उधर, परिजनों पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कराने का दबाव बनाया। वारदात के बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ दीं। करीब 4 घंटे बाद पुलिस ने कॉलेज का गेट खुलवाया। घेरा बनाकर कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को बाहर निकाला गया। छात्रों के पथराव में तीन प्रोफेसर घायल हो गए। पुलिस ने लाठी फटकार कर प्रदर्शनकारी छात्रों को भगाया। इधर, मां-पिता अपने इकलौते बेटे की लाश देखकर बेहोश हो गई। पिता शव देखकर जमीन पर बैठ गएदेर रात सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह लखनऊ से वाराणसी पहुंचे। बीएचयू पोस्टमॉर्टम हाउस में गांव के लोगों ने कहा- एक बार आप अपने लड़के का अंतिम दर्शन कर लीजिए, लेकिन पिता हिम्मत नहीं जुटा सके। वह जमीन पर ही बैठ गए। पिता ने कहा- अब तो पूरा घर खत्म हो गया है, घर का आखिरी चिराग था, वह अब नहीं रहा। वहां मौजूद लोगों ने पिता को बेटे का अंतिम दर्शन कराया। पिता ने कहा- एनकाउंटर होगा तभी करेंगे दाह संस्कारपिता ऋषि देव सिंह ने कहा - पुलिस उस लड़के का एनकाउंटर करे, तभी हम अपने लड़के का दाह संस्कार करेंगे। हमारे लड़के ने कल (गुरुवार) हमसे बात की थी, तब कोई दिक्कत नहीं थी। किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उन्होंने कहा, प्रिंसिपल ने समझौता करने के लिए स्कूल में बुलाया था, ऐसा हमें पता चला है, लेकिन हमारे लड़के की हत्या हो जाएगी, यह कभी नहीं सोचा था। अब जानिए सूर्य प्रताप सिंह के बारे में… 21 साल का सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले का रहने वाला था। 8वीं तक पढ़ाई उसने गाजीपुर से ही की। यूपी कॉलेज में वह 9वीं से पढ़ने आया था। तब से वह यहीं पढ़ाई कर रहा था। सूर्य प्रताप सिंह पढ़ने में बहुत होनहार था। यूपी कॉलेज से ही PCM से 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की थी। फिर यहीं BSC मैथ में एंट्रेंस परीक्षा पास कर एडमिशन लिया। साथी छात्रों ने बताया, सूर्य प्रताप सिंह बेहद मिलनसार था। वह खुद को पढ़ाई में व्यस्त रखता था। BSC के बाद वह यहीं से MSC मैथ्स से रिसर्च करना चाहता था। एकेडमिक में जाने का उसका सपना था। छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह के पिता लखनऊ में ट्रैवल एजेंसी के ड्राइवर हैं। उसकी मां किरण सिंह एक स्कूल में सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। छात्र की दो बहनें हैं, एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। सूर्य प्रताप को 20 दिन पहले चेचक निकल आई थी, जिसके चलते वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था। आरोपी मंजीत चौहान पर दर्ज है केसआरोपी छात्र मंजीत चौहान BA सेकेंड ईयर का छात्र है। मंजीत वाराणसी के ही चांदमारी का रहने वाला है। उस पर पहले भी शिवपुर थाने में 323 का मुकदमा दर्ज था, जबकि उसके साथी अनुज पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। बात-बात में मारपीट करने वाला मंजीत चौहान मनबढ़ प्रवृत्ति का है। सोशल मीडिया पर उसकी बैड बॉय की इमेज है। इंस्टाग्राम पर खुद को माफिया बताता है। मंजीत चौहान भोजूबीर, शिवपुर और बड़ा लालपुर जैसे लोकल थानों में भी चर्चित है। सोशल मीडियां पर 1818 गैंग चलाता है। उसने इंस्टाग्राम के बॉयो में लिखा है- आपका सम्मान तभी तक है, जब तक मेरे स्वाभिमान को ठेस न पहुंचे। जय मां भवानी। वरूणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया- सुबह यूपी कालेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी छात्र मंजीत चौहान पकड़ लिया गया है। उसका पैर टूट गया है। उसके साथी को तलाशा जा रहा है। आरोपी मंजीत से पूछताछ की जा रही। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. काशी के यूपी कॉलेज में BSC छात्र की हत्या, VIDEO:लाश देखने से पहले पिता बेसुध; बोले- आरोपी का एनकाउंटर हो, तभी अंतिम संस्कार करेंगे वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। आरोपी छात्र उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। आरोपी भी इसी कॉलेज का छात्र है। पढ़ें पूरी खबर…
कमरिया करे लपालप…गाने से हिट हुए भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह कमर छूकर फंस गए हैं। हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने कमर छूने के मामले में पवन सिंह के खिलाफ महिला आयोग को शिकायत भेजी है। VIDEO में देखिए पूरा विवाद…
निषाद पार्टी गोरखपुर से अपनी चुनावी रैली का शंखनाद करने जा रही है। इसके बाद 3 और मेगा रैलियां होंगी। पार्टी यूपी की 160 केवट-मल्लाह बहुल सीटों को साधना चाहती है। रैलियों में पार्टी 4 बड़ी मांगे उठाएगी। सबसे अहम केवट-मल्लाह को OBC से अनुसूचित जाति में शामिल करने का माहौल बनाएगी। निषाद पार्टी 4 रैलियों के जरिए क्या सियासी संदेश देना चाहती है? केवट-मल्लाह को OBC से SC में दर्ज कराना क्या आसान है? यूपी में निषाद कितने प्रभावी है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… रैली वाले चारों स्थान क्यों अहम, ये जानिए गोरखपुर. निषाद पार्टी की स्थापना यहीं हुई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद इसी जिले के रहने वाले हैं। निषाद पार्टी को पहली सियासी सफलता 2018 के उपलोकसभा चुनाव में गोरखपुर सीट से मिली थी। ये सीट योगी आदित्यनाथ के सीएम चुने जाने के बाद खाली हुई थी। प्रयागराज का श्रृंगवेरपुर : गंगा-यमुना का संगम है। यहीं पर भगवान राम और उनके सखा निषाद राज की भव्य मूर्ति लगी है। श्रृंगवेरपुर में सरकार ने 100 एकड़ में निषाद राज पार्क भी बनवा रखा है। गंगा-यमुना बेल्ट में केवट-मल्लाह की सबसे बड़ी आबादी रहती है। वाराणसी : पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। यहां की रैली में उमड़ी भीड़ का राजनीतिक संदेश दूर तक जाएगा। वाराणसी और आसपास के जिलों में भी केवट-मल्लाह की बड़ी आबादी रहती है। मेरठ : दिल्ली एनसीआर से लेकर गंगा की इस बेल्ट में कश्यप समाज बड़ी संख्या में रहते हैं। मेरठ के पास ही हस्तिनापुर भी है। इस बेल्ट में ताकत दिखाकर निषाद पार्टी का विस्तार करने की मंशा रखती है। क्या है निषाद पार्टी की 4 बड़ी मांगें 1. निषाद को OBC की बजाए SC में शामिल कराना : पार्टी के गठन का आधार ही यही था। सपा के साथ गठबंधन के समय भी निषाद पार्टी इसी मांग के साथ जुड़ी थी। फिर भाजपा के साथ गठबंधन भी इसी शर्त पर हुआ था। बीच में निषाद पार्टी ने गठबंधन में रहते हुए नारा दिया था कि ‘आरक्षण नहीं, तो वोट नहीं’ और ‘मझवार आरक्षण लागू करो’। OBC से 9% आरक्षण कम करके इसे SC में जोड़ा जाए। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद कहते हैं- यूपी में चारों रैली के जरिए मैं निषाद-केवट-मल्लाहों को बताना चाहता हूं कि आपका हक ऊंची जाति के लोग नहीं खा रहे हैं। बल्कि आपका हिस्सा लेदरमैन (दलित) और मिल्कमैन (यादव) खा रहे हैं। संजय निषाद आगे कहते हैं- रैली के जरिए हम अपने समाज को बताएंगे कि 22 मई से देश में जनगणना शुरू हो रही है। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। पहला काम ये करना है कि अपने परिवार का नाम OBC से खारिज कराकर जनगणना रजिस्टर में 12 नंबर बिंदु पर SC (मझवार) में दर्ज करवाना होगा। 2. ताल-घाट, बालू के ठेके पर मिले पहला हक : निषाद पार्टी के मुताबिक उनकी कौम अंग्रेजों से लड़ी थी। इसके चलते उनकी पुश्तैनी जमीनें छीन ली गई थीं। हमारा समाज नदी के किनारे रहता है। ऐसे में पहली प्राथमिकता पर बालू के ठेके भी मिलने चाहिए, सरकार चाहे तो रॉयल्टी ले ले। 3. जमीन पर मिले हक : संजय निषाद कहते हैं कि पहले गांव के ताल-घाट वर्ग-3 में दर्ज होते थे। इस पर मालिकाना हक निषाद समाज के लोगों का होता था। लेकिन 2007 में जब यूपी में बसपा सरकार बनी, तो ये मालिकाना हक छीन लिया गया। हमने कोर्ट से इस नियम को निरस्त कराया। मायावती के शासन में स्टे भी लिया था, जिसे हमने खारिज करा दिया है। 4. विमुक्ति जनजाति वाली मिले सुविधाएं : केवट-मल्लाह आदि जातियों को भारत सरकार ने विमुक्ति जनजाति घोषित कर रखा है। इन्हें 74 प्रकार की सुविधाएं देकर समाज के मुख्यधारा से जोड़ना था। लेकिन 2013 में सपा सरकार ने ये अधिकार भी छीन लिया। संजय निषाद कहते हैं- “सपा ने शिक्षा छीन ली। रोजी-रोटी बसपा ने छीन ली। जब तक ऐसे दल के नेताओं को गांव में घुसने दोगे, तब तक अपना हिस्सा नहीं पाओगे। इन्हें भगाओगे, तभी इनको गलती का अहसास होगा। मैं जब भी सदन में इस पर बोलता हूं तो ये दोनों पार्टियों के नेता हमारी आवाज दबाने का प्रयास करते हैं।” 4 रैलियों के जरिए क्या साधना चाहती है निषाद पार्टी निषाद पार्टी यूपी में 4 रैलियों से अपनी ताकत दिखाने में कितना सफल होगी, ये हमने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और दो राजनीतिक एक्सपर्ट से समझा… डॉ. संजय निषाद कहते हैं- रैली से हम अपने समाज को जागरुक और संगठित करना चाहते हैं। सभी रैलियों में पार्टी ने विधानसभा के 100-100 लोगों को बुलाया है। साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों जैसे सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर, अपना दल (एस) के आशीष पटेल को भी इन रैलियों में आमंत्रित किया है। मैंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें भी 22 मार्च की रैली में आमंत्रित किया है। 23 मार्च को निषाद राज जयंती पर निषाद पार्टी ने छुट्टी घोषित करने की भी मांग की है। भगवान राम का जन्म नवमीं तो उनसे चार दिन के बड़े निषादराज का जन्म पंचमी को हुआ था। मतलब साफ है कि राजनीतिक जमावड़ा करके संजय निषाद अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। एक्सपर्ट व्यू वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय कहते हैं- यूपी के पूर्वी छोर से दिल्ली एनसीआर तक अलग-अलग उप जातियों में निषाद समाज का अच्छा प्रभाव है। पिछले दो दशक में ये समाज काफी जागरुक हुआ है। सपा ने अपने शासन के आखिरी समय में OBC की 17 जातियों को दलित में शामिल करने का ऐलान कर दिया था। निषाद समाज लंबे से खुद को एससी में शामिल कराने की मांग कर रही है। अभी यूपी चुनाव में एक साल का वक्त है, लेकिन निषाद पार्टी अभी से अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है। निषाद पार्टी अभी सत्ताधारी एनडीए के साथ है। एससी में निषाद समाज को शामिल कराने के लिए पूर्व में संजय निषाद तेवर भी दिखा चुके हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से वे काफी संतुलित नजर आ रहे हैं। रैलियों का मतलब प्रेशर पॉलिटिक्स हालांकि पूर्वांचल से आने वाले वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन शाही इन आयोजनों को लेकर सवाल खड़े करते हैं। वे तल्खी से पूछते हैं कि संजय निषाद को बताना चाहिए- उन्हें अपने समाज को इन रैलियों में ये बताना चाहिए। सत्ता में बैठकर प्रेशर पॉलिटिक्स के अलावा मुझे इन रैलियों के पीछे और कुछ नहीं दिख रहा है। इस बार जातिगत जनगणना से तय हो जाएगा कि किस समाज की कितनी संख्या है। इसके बाद तय होगा कि उस अमुक समाज का दरोगा कौन होगा? केवट-मल्लाह को OBC से SC में दर्ज कराना क्या आसान है?संविधान में 4 ही जातियां सामान्य, एससी, एसटी व ओबीसी दर्ज हैं। संविधान की सूची नंबर 53 पर ये समाज मझवार नाम से एससी में दर्ज हैं। केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, धीमर, तुरैहा, मझवार, धीमर, मांझी, रायकवार, बाथम, कहार, गोड़िया, गंगोता, गंगई, बेलदार इसकी उप जातियां हैं। सेंसेस मैनुअल 1961 में भी केवट, मल्लाह, मांझी की गणना मझवार एससी में की गई थी, जैसे मोची को एससी में गिना जाता है। 2022 में सीएम योगी ने एक पत्र भारत के महापंजीयक लिखा था कि निषाद ओबीसी हैं या एससी। इसके जवाब में बताया गया था कि सेंसेस मैनुअल में ये एससी कैटेगरी में दर्ज हैं। नोडल विभाग से सामाजिक न्याय मंत्रालय को निर्णय लेकर निर्देश जारी करना है। इसी आधार पर जातिगत जनगणना में समाज के लोग अपना नाम जाति के कालम में मझवार दर्ज करा सकते हैं। मझवार सर्टिफिकेट के आधार पर ही 2014 में भाजपा के टिकट पर रामचरित्र निषाद दिल्ली से आकर मछलीशहर सुरक्षित संसदीय सीट से सांसद चुने गए थे। मतलब साफ है कि कई राज्यों में निषाद समाज एससी में शामिल हैं। अब अधिकारी की बात जनगणना कार्य की डायरेक्टर शीतल वर्मा कहती हैं- इसमें सरनेम के बजाय स्व-घोषित जाति को प्रमुखता दी जा सकती है। हालांकि बताए गए जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित तहसीलदार उस वर्ग का प्रमाण पत्र जारी करे। यूपी में निषाद कितने प्रभावी? ……………. ये पढ़ें - गंगा में इफ्तार- धर्मगुरु खिलाफ, सपा-कांग्रेस क्यों सपोर्ट में:एक्सपर्ट बोले- मुस्लिम वोटबैंक की चिंता; मौलाना ने कहा- हड्डियां फेंकना गलत वाराणसी में 14 लड़कों ने गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार पार्टी की। इसकी रील बनाई। फिर सोशल मीडिया में शेयर कर दिया। इसमें वो बिरयानी खाते दिख रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा की शिकायत पर सभी 14 लड़कों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही इस मामले में सियासत शुरू हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और इमरान प्रतापगढ़ी ने मुस्लिम लड़कों का सपोर्ट किया। वाराणसी पुलिस के एक्शन पर सवाल उठा दिए। पढ़िए पूरी खबर…
एमपी में विधानसभा चुनाव में पौने तीन साल बाकी हैं। लेकिन, कांग्रेस में पावर की रेस तेज है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कई नेताओं को मंत्री, उपमुख्यमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं। तो कई मंचों से आदिवासी सीएम बनाने की मांग भी उठ चुकी है। अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सीधी जिले की चुरहट सीट से सात बार के कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल प्रदेश भर में दौरे पर निकले हैं। अजय सिंह ने पिछले महीने चार दिनों तक चंबल का दौरा किया। अब वे बुन्देलखंड के दौरा करके पुराने कांग्रेसियों से मिल रहे हैं। विंध्य को छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे अजय सिंह के पिता अर्जुन सिंह मप्र के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में मंत्री के साथ ही राज्यपाल भी रहे हैं। अजय सिंह भी मप्र सरकार में मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। अब वे अपने विंध्य क्षेत्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। दौरों में अजय सिंह के बयान साफ बता रहे हैं कि वे अपनी जगह खुद बना रहे हैं। और चुनाव के पहले विंध्य क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में अपनी टीम बनाने में जुटे हैं। अब बयानों से समझिए अजय सिंह की प्लानिंग 7 बार का विधायक, मेरे पास कोई काम नहीं 16 मार्च को बुन्देलखंड के दौरे पर निकले अजय सिंह ने ओरछा में रामराजा सरकार के दर्शन किए। इसके बाद वे निवाड़ी पहुंचे। यहां मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा- मैं फुर्सत में हूं… सात बार का विधायक हूं, ज्यादा काम धाम है… नहीं तो सोचा यही करूं। अजय सिंह ने निवाड़ी में कहा कि जो कांग्रेसी घर में बैठे है उन्हें जोड़ने के लिए मैं यह यात्रा कर रहा हूं। अर्जुन सिंह से जुड़े कांग्रेसियों से मिल रहे अजय सिंह राहुल अपने पिता और स्वर्गीय अर्जुन सिंह से जुडे़ पुराने कांग्रेसियों से मिल रहे हैं। मंचीय कार्यक्रमों के बजाए वे सिर्फ जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकातें कर रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर जाकर मिल रहे हैं। चंबल में चार दिन घूमे अजय सिंह राहुल बीते फरवरी के महीने में 11 से 15 फरवरी तक चंबल अंचल में घूमे। ग्वालियर से लेकर मुरैना, भिंड और दतिया जिले में वे पुराने कांग्रेसियों से मिले। लहार में डॉ. गोविन्द सिंह के निवास पर मीडिया से अजय सिंह ने कहा मैं प्रदेश की प्रत्येक उस विधानसभा में जाकर संपर्क करूंगा, जहां हमारे कार्यकर्ता शांत बैठे हैं या जागरुक नहीं है। सभी से मिलकर उनको जागरुक करूंगा। किन्ही कारणों से घर बैठे वरिष्ट नेताओं से मिलकर रणनीति सीखने और समझने का प्रयास करूंगा। अजय सिंह ने 14 फरवरी को लहार में कहा- प्रत्येक नेता का अपना एक क्षेत्र होता है। अगर कोई ग्वालियर-चंबल का है तो वह विंध्य में नहीं जाता और अगर कोई मालवा का है, तो वह चंबल में नहीं जाता। अब सियासी समीकरण भी समझिएअजय सिंह राहुल ने प्रदेश के दौरे की शुरुआत चंबल अंचल से की। चंबल में कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है। पिछले 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम अंतर से हारने वाली सीटें चंबल-ग्वालियर अंचल की ही थी। ऐसे में अजय सिंह ने चंबल से दौरों की शुरुआत की है। 4 मार्च को वे मुरैना जिले के पहाड़गढ़ में दलकू बाबा की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की मौजूदगी में उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था- यहां के लोग विंध्य में रिश्तेदारी करने नहीं जाते, और वहां के लोग यहां शादी संबंध नहीं करते। अब समय आ गया है कि चंबल और विंध्य के बीच रिश्तेदारियां बढे़ें। विंध्य क्षेत्र से लगे बुन्देलखंड में अर्जुन सिंह के जमाने से कई कद्दावर कांग्रेसी अजय सिंह से जुडे़ रहे हैं। लेकिन, अजय सिंह विंध्य क्षेत्र को छोड़कर बुन्देलखंड में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। मध्य प्रदेश गठन के पहले बुन्देलखंड भी विंध्य प्रदेश में शामिल था। अब अजय सिंह इस क्षेत्र में कांग्रेसियों के घर-घर जाकर संपर्क बढ़ा रहे हैं। 2028 में बनेगी कांग्रेस सरकार अजय सिंह ने टीकमगढ़ में कहा मैं ठंडे पड़े कांग्रेसियों में ऊर्जा भरने निकले हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में भी उन्होंने पूरे प्रदेश में यात्रा निकाली थी और उस दौरान माला न पहनने का फैसला लिया था, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि वह सरकार पूरी नहीं चल सकी, जिसकी वजहें अलग हैं। इस बार भी उन्होंने यात्रा के दौरान माला न पहनने का फैसला लिया है। अजय सिंह ने विश्वास जताया कि 2028 में फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी और इस बार वह पूरे 5 साल चलेगी भी।
दिल्ली के उत्तम नगर में होली वाले दिन 26 साल के तरुण का मर्डर हो गया। आरोपी मुस्लिम समुदाय से हैं। हिंदू रक्षा दल नाम के संगठन ने धमकी दी कि हमारे घर में होली नहीं मनी, तो इनके घर में ईद नहीं मनने देंगे। आज, यानी 21 मार्च को ईद है। उत्तम नगर में बीते 15 दिन से तनाव है, लेकिन आज का दिन भारी है। दैनिक भास्कर की टीम यहां पहुंची और लोगों से बात की। उनसे पूछा कि वे इस तनाव भरे माहौल में कैसे रह रहे हैं और उन पर इसका क्या असर पड़ रहा है। गलियों में बैरिकेडिंग, जगह–जगह पुलिस का पहराउत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में घुसते ही पुलिस और बैरिकेडिंग नजर आने लगती है। अंदर की तरफ पुलिस की सख्ती बढ़ती जाती है। जिस गली में तरुण की हत्या हुई, वहां और उसके आसपास की गलियों में वीडियो रिकॉर्ड करने पर सख्त मनाही है। 20 मार्च की शाम से यहां पुलिस फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई। हिंसा वाली जगह मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है। हम बैरिकेडिंग क्रॉस करते हुए तरुण के घर तक पहुंचे। वहां तरुण के पिता, चाचा और कुछ रिश्तेदार बैठे थे। पिता और चाचा कैमरे पर नहीं आए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कैमरे पर इंटरव्यू देने से मना किया है। तरुण के चाचा बोले- किसी से झगड़ा नहींहालांकि चाचा टेकचंद बोले कि आप मेरी बात लिख सकते हैं। इलाके के माहौल पर टेकचंद ने कहा कि हम नहीं चाहते यहां तनाव हो, किसी बेगुनाह को सजा मिले। हमारी ऐसी सोच नहीं है। तरुण के मर्डर में जो लोग शामिल थे, हमने उन्हीं का नाम लिखवाया। उसके कातिल बचने नहीं चाहिए। आरोपियों के परिवार से हमारा कोई झगड़ा नहीं था। हिंदू संगठनों के बयानों पर टेकचंद कहते हैं, ‘हम इन चीजों के पक्ष में नहीं हैं। सिर्फ सोशल मीडिया पर देखा है। इधर तो किसी को आने ही नहीं दिया जा रहा है।’ लोग बोले- यहां सिख दंगों के वक्त भी माहौल खराब नहीं हुआपुलिस की सख्ती की वजह से ज्यादातर लोग कैमरे पर आने से बच रहे हैं। हमने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों से बात की। प्रॉपर्टी का काम करने वाले वरुण चौधरी का मानना है कि इस मसले पर हर आदमी अपनी राजनीति चमका रहा है। ईद से पहले तनाव पर वरुण कहते हैं, ‘ऐसा कुछ नहीं है। कोई संगठन कुछ बोल भी रहा है, तो उसका असर यहां नहीं है। यहां पहले कभी इस तरह का माहौल नहीं रहा। 1984 में सिख विरोधी दंगों में भी नहीं। सोशल मीडिया पर गुमराह किया जा रहा है। हर आदमी को अपना त्योहार मनाने का हक है। कोई घटना होती है, तो उसके लिए हर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। मैं भी हिंदू हूं, जो हुआ उसके लिए सबको मिल-बैठकर प्रशासन के साथ मीटिंग करनी चाहिए थी।’ वरुण आगे कहते हैं, ‘मैं खुद ईद मनाने जाऊंगा। जो कह रहे हैं कि खून की होली खेलेंगे, वे बेवकूफों जैसी बातें कर रहे हैं।’ सब्जी की दुकान चलाने वाले कल्लू कहते हैं कि बिना मतलब इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है। हमारा त्योहार आता है, वे (मुस्लिम) मनाते हैं। उनका त्योहार आता है, हम भी मनाते हैं। हम क्यों आपस में लड़ेंगे। ईद पर मुसलमान हमारे पास आएंगे। हम भी उनके पास जाएंगे। मैं हर साल ईद मनाता हूं। यहां पुलिस की तैनाती से कोई फायदा नहीं हो रहा है। सारी दुकानें बंद हैं। मुस्लिम बोले- मस्जिद के सामने होली खेलते हैं, कोई दिक्कत नहींमोहम्मद ताजिम कासमी बड़ी मस्जिद के सामने बेटे के साथ बैठे मिले। वे मस्जिद के इमाम भी हैं। कासमी कहते हैं कि यहां सारी गलियों में हिंदू और मुसलमान रहते हैं। पड़ोसियों के झगड़ों को बाहर के लोगों ने बड़ा बना दिया। वे माहौल बिगाड़ रहे हैं। झगड़े में दोनों तरफ के लोगों को चोटें आई थीं। बाहर के लोगों ने उकसाने की खूब कोशिश की, लेकिन यहां कोई उकसावे में नहीं आया। कासमी बताते हैं, ‘हमने डीसीपी से बात की थी। उन्होंने कहा कि ईद मनाइए, सुरक्षा का इंतजाम होगा। हमारे हिंदू भाई भी यहां मस्जिद के सामने होली खेलते हैं। अफवाहें उड़ रही हैं कि ईद की नमाज नहीं होगी। ऐसा कुछ नहीं है। यहां शांति के साथ ईद मनाई जाएगी।’ कपड़े की दुकान लगाने वाले मोहम्मद महताब भी कहते हैं कि पिछले 50 साल में इलाके में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मैं घर-घर जाकर कपड़े बेचता हूं। बाहर के कुछ लोग चाहते हैं कि बवाल हो जाए और हम आपस में लड़ें। ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।’ 25 हजार आबादी में करीब 30% आबादी मुस्लिम जेजे कॉलोनी में करीब 2600 मकान है। आबादी करीब 25 हजार। ज्यादातर मकानों में किराएदार हैं। ये इलाका तीन सेक्टरों में बंटा है। स्थानीय वार्ड पार्षद साहिब कुमार आसीवाल बताते हैं कि इलाके में करीब 30% मुस्लिम आबादी है। साहिब कुमार कहते हैं, हम यही उम्मीद करते हैं कि माहौल शांत रहे। किसी की भाषा पर कोई नियंत्रण नहीं रख सकता है। मैं इतना जानता हूं कि यहां के लोगों में ऐसा कुछ नहीं है। बीच में बैरिकेडिंग कम हुई थी, इसके बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। रंग के विवाद में हत्या, हिंदू संगठनों की धमकीकॉलोनी की एक संकरी गली में तरुण का 4 मंजिला मकान हैं। होली वाले दिन तरुण के परिवार और उनके पड़ोसियों के बीच रात करीब 10:30 बजे झगड़ा हुआ था। आरोप है कि एक बच्ची ने बालकनी से पानी भरा गुब्बारा फेंका, जो एक मुस्लिम महिला को लगा। इसी बात पर दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आरोपियों ने तरुण पर हमला कर दिया। इलाज के दौरान अगले दिन तरुण की मौत हो गई। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। दिल्ली नगर निगम ने आरोपियों के घर के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया। हिंदूवादी संगठनों की बयानबाजी से स्थिति और बिगड़ गई। ये संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 15 मार्च को ‘सर्व हिंदू समाज’ नाम के संगठन ने उत्तम नगर के अयप्पा पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया था। हिंदू रक्षा दल की तरफ से लगातार सांप्रदायिक बयान दिए जा रहे हैं। संगठन के उत्तराखंड अध्यक्ष ललित शर्मा ने ही खून की होली खेलने की धमकी दी थी। 20 मार्च को संगठन के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट की गई। इसमें संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा कह रहे हैं, ‘होली के दिन हमारे भाई को जान से मार दिया और हम बिल्कुल चुप बैठे रहें। ललित शर्मा ने बिल्कुल सही कहा था कि जिन लोगों ने तरुण को मारा है, हम उन्हें ईद नहीं मनाने देंगे।’ पुलिस ने तरुण की हत्या के आरोप में 16 लोगों को पकड़ा था। इसमें दो नाबालिग भी हैं। तरुण के परिवार के वकील अमित चौहान ने बताया कि शिकायत में 22 लोगों का नाम दिया था। हमने पुलिस को आवेदन दिया है कि ईद वाले दिन घर के सामने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। ईदगाह तरुण के घर से कुछ ही दूर है। वहां बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने जाएंगे। 20 मार्च की शाम दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें, अपुष्ट सामग्री या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें। ईद को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। हमने इस विवाद पर द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह से भी संपर्क किया। उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
बाड़मेर शहर के नजदीक एक गांव ऐसा भी है, जहां लोग दिनभर ब्लास्टिंग के धमाकों और धुएं के गुब्बार के बीच जीवन व्यापन कर रहे है। यह कहानी बाड़मेर-रामसर रोड पर शहर से 10 किमी. दूर दरूड़ा गांव की है। हाल ये है कि पहाड़ों के बीच जहां तक नजर जाएगी, वहां तक क्रेशर और खोखले पहाड़ ही नजर आएंगे। कुम्हारों की बस्ती व दरारें का कुआं दो बस्ती इन्हीं पहाड़ों के बीच ही रहती है। 1500 की आबादी पिछले कई सालों से प्रदूषण और ब्लास्टिंग के धमाकों के बीच जी रही है। दरूड़ा में 12 क्रेशर है और स्टोन खनन की 42 लीज है। मर्जी पड़े वहां से पहाड़ों को काट रहे है। दरूड़ा में पहाड़ों में 500 से ज्यादा ढाणियां है। अधिकांश ग्रामीण इन्हीं क्रेशरों और खानों में काम करते है। हाल ये है कि दिनभर यहां ब्लास्टिंग के धमाकों की आवाज गूंजती है। क्रेशरों की आवाज, धुएं के उठते गुब्बार के बीच यहां लोग जीवन व्यापन कर रहे है। राउप्रावि. कुम्हारों की बस्ती व राउप्रावि. भीलों का कुआं दो स्कूल है। इनमें करीब 200 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे है। इसके अलावा भीलों की बस्ती में आंगनवाड़ी व कुम्हारों की बस्ती में उप स्वास्थ्य केंद्र है। दिन भर उड़ती रेत से यहां के घरों की छतों पर रेत की परतें जमा है। ब्लास्टिंग से टांकों और मकानों में दरारें दरूड़ा में एक ही इलाके में पहाड़ों के बीच 12 क्रेशर है, इनके आसपास ही स्टोन की खानें है। जहां से ब्लास्टिंग करके पत्थर निकाला जाता है, इसके बाद ट्रकों से इन क्रेशर तक पहुंचता है। बारूद डालकर 30-40 फीट गहराई से ब्लास्टिंग करते है, इससे तेज धमाकों के साथ पत्थर हवा में उड़ते है और धुएं का गुब्बार छा जाता है। ब्लास्टिंग की वजह से लोगों के घरों के पीने के पानी के टांकों और मकानों में दरारें आ गई है। टांकों में पानी ठहर ही नहीं रहा है। इससे लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। लोग हैंडपंप के सहारे पर जी रहे है। सिलिकोसिस जैसी घातक बीमारी का खतरा “ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सिलिकोसिस जैसी लाइलाज बीमारी का कारण बन सकती है। धमाकों से मानसिक तनाव और बहरापन बढ़ सकता है, बल्कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। सुनने की क्षमता कम होना,सदमा लगना, त्वचा रोग, एलर्जी, और पेट की बीमारियां पनप सकती हैं।” भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. कपिल जैन, ईएनटी विशेषज्ञ जिला अस्पताल
सोनीपत में अवैध खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा:258 खैर के टुकड़े बरामद; बिना कागजात चालक गिरफ्तार
सोनीपत के मुरथल क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से खैर की लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को पकड़कर बड़ा खुलासा किया गया है। गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में ट्रक से भारी मात्रा में लकड़ी बरामद हुई, जिसके कोई वैध दस्तावेज चालक पेश नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में यह मामला अवैध कटान और चोरी की लकड़ी से जुड़ा सामने आ रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।गुप्त सूचना पर NH-44 से ट्रक काबूवन विभाग की टीम को 19 मार्च की शाम करीब 7:15 बजे गश्त के दौरान सूचना मिली कि मुरथल स्थित मान ढाबा की पार्किंग में एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। मौके पर पहुंचकर टीम ने ट्रक नंबर RJ 11GD 2874 को जांच के लिए रोका, जिसमें खैर की लकड़ी भरी हुई थी।वन विभाग की टीम ने मौके पर की कार्रवाईकार्रवाई के दौरान वन दरोगा रोहित, वन दरोगा विशाल और वन राजिक अधिकारी नरेश की टीम ने संयुक्त रूप से ट्रक को कब्जे में लिया। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान बलबीर यादव निवासी मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। लकड़ी के नहीं मिले कोई वैध दस्तावेजजब चालक से लकड़ी के कागजात मांगे गए तो वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। चालक ने कागजात लाने के लिए समय मांगा, लेकिन अगले दिन 20 मार्च तक भी वह कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाया, जिससे लकड़ी के अवैध होने की पुष्टि हुई।258 लकड़ी के टुकड़े और नकदी बरामदवन विभाग द्वारा ट्रक का वजन करवाया गया, जिसकी पर्ची संख्या 13929 दिनांक 20 मार्च 2026 है। जांच में ट्रक से कुल 258 खैर की लकड़ी के टुकड़े बरामद हुए। इसके अलावा चालक से 14,680 रुपये नकद, ट्रक के दस्तावेज और अन्य कागजात भी कब्जे में लिए गए।वन अधिनियम और BNS के तहत मामला दर्जमामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32, 33, 52 और 77 के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के तहत थाना मुरथल में दर्ज किया गया।मामले की आगे की जांच के लिए केस फाइल PSI प्रवीन और HC कुलदीप को सौंप दी गई है। पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी गई है।अवैध लकड़ी तस्करी पर सख्ती के संकेतइस कार्रवाई के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुरथल और आसपास के क्षेत्रों में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के असर की रही। देश में प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा हो गया। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में TET एग्जाम की तारीखों को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा, भोपाल में दाम 117 रुपए प्रति लीटर तक हुए मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है। भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब 117 रुपए पहुंच गई है। इसके अलावा इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की है। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए हैं। हालांकि, सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है। जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। उधर, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इतिहास के सबसे निचले स्तर 93.24 पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. ईरान की ओर अमेरिका 3 वॉरशिप भेज रहा, इन पर 2200 सैनिक मौजूद ईरान की ओर अमेरिका अपने 3 वॉरशिप भेज रहा है। USS त्रिपोली, USS सैन डिएगो और USS न्यू ऑरलियंस पर करीब 2200 सैनिक तैनात हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प सरकार ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जे की योजना बना रही है। ट्रम्प ने NATO देशों को कायर बताया: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई। ट्रम्प ने कहा है कि NATO देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है। जंग में साथ नहीं दिया तो इसे याद रखेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 3. काशी के यूपी कॉलेज में BSC छात्र की हत्या, सीने पर चढ़कर गोलियां मारीं; साथियों ने पथराव किया वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। आरोपी छात्र उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। आरोपी भी इसी कॉलेज का छात्र है। कूड़े में पिस्टल फेंककर भागा आरोपी: हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर हुई। घायल छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ की: साथी की हत्या से गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ डालीं। बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कॉलेज का मेन गेट बंद करा दिया। आसपास की 150 से अधिक दुकानों को भी बंद करा दिया। सात थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. यूपी TET परीक्षा जुलाई में होगी, फॉर्म फीस 800 रुपए बढ़ाई; 4 साल से इंतजार कर रहे थे अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने शुक्रवार को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए UP-TET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। 27 मार्च से भरे जाएंगे फॉर्म: परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को होगी। ऑनलाइन एप्लिकेशन 27 मार्च से भरे जाएंगे। फॉर्म और फीस जमा करने की आखिरी तारीख 26 अप्रैल है। इस बार जनरल और ओबीसी के लिए फॉर्म फीस 2 हजार रुपए है। पिछली बार की तुलना में 800 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। 4 साल बाद होने जा रहा एग्जाम: फॉर्म में सुधार और शुल्क समाधान की आखिरी तारीख 1 मई तय की गई है। आयोग ने इस बार TET में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की व्यवस्था लागू की है। यूपी में TET परीक्षा 4 साल बाद होने जा रही है। 28 नवंबर, 2021 को परीक्षा लीक हो जाने के कारण निरस्त कर दी गई थी। काफी जद्दोजहद के बाद यह परीक्षा 21 जनवरी, 2022 को कराई गई थी। इसके बाद से अभी तक यह परीक्षा नहीं हो सकी थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा के इंतजार में हैं। पढ़ें पूरी खबर… 5. ममता का ऐलान- SC-ST महिलाओं को हर महीने ₹1700 देंगे, बाकी को ₹1500 मिलेंगे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने TMC का घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने का वादा किया है। अभी उन्हें ₹1000 हर महीने मिलते हैं। वहीं SC/ST महिलाओं को ₹1700 प्रति माह दिया जाएगा। अभी SC/ST महिलाओं को ₹1200 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा ममता ने बेरोजगार युवाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया है। अब पढ़िए TMC के 10 अहम चुनावी वादे... पढ़ें पूरी खबर... 6. धुरंधर 2 ने तोड़ा शाहरुख की जवान का रिकॉर्ड, पहले दिन ₹97 करोड़ कमाए ‘धुरंधर 2’ ने शाहरुख की फिल्म ‘जवान’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पहले दिन 97 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए। 2023 में जवान ने ओपनिंग डे पर पहले दिन 75 करोड़ रुपए कमाए थे। ‘धुरंधर 2’ ने पेड प्रीव्यू में 47 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। पेड प्रीव्यू और ओपनिंग डे को मिलाकर फिल्म की कुल कमाई 144 करोड़ रुपए पहुंच गई। ‘धुरंधर 2’ फिल्म 3 घंटे 49 मिनट लंबी है: यह 21वीं सदी की दूसरी सबसे लंबी बॉलीवुड फिल्म है। इससे पहले 2003 में आई जेपी दत्ता की ‘एलओसी कारगिल’ 4 घंटे 15 मिनट के साथ सबसे लंबी फिल्म थी। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। पढ़ें पूरी खबर... 7. रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी, घायल हुए; इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में हादसे का शिकार हो गए हैं। मालदीव के फेलिधू के पास गुरुवार रात 11 बजे उनकी स्पीडबोट समुद्र में पलट गई, जिसमें सिंघानिया को चोटें आई हैं। इलाज के लिए मुंबई लाया गया है: गौतम सिंघानिया को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे के समय बोट पर सिंघानिया के साथ 6 और लोग सवार थे, जिनमें से एक भारतीय समेत दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: सरकार बोली- LPG की पैनिक बुकिंग घटी, लेकिन हालत चिंताजनक: हर दिन 55 लाख सिलेंडर की मांग, 7500 कंज्यूमर PNG पर शिफ्ट हुए (पूरी खबर पढ़ें) स्पोर्ट्स: वनडे वर्ल्डकप के लिए सिलेक्टर्स की नजर IPL पर: 20 इंडियन प्लेयर्स शॉर्टलिस्ट, मैच के दौरान परफॉर्मेंस-फिटनेस ट्रैक की जाएगी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: सरकार ने 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स-एप ब्लॉक किए: इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म भी शामिल; अब तक 8400 प्लेटफॉर्म बंद (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली दंगा में आरोपी शरजील इमाम तिहाड़ से बाहर आया: 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली; 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बोलीं- नमक के खेत में ही पैदा हुए, इसी में मर जाएंगे करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वाले सतर्कता और धैर्य से बिगड़ते काम संभाल सकते हैं। धनु राशि वाले मेहनत के दम पर लक्ष्य के करीब पहुंचेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से शुक्रवार को जयपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश, ओलावृष्टि के साथ चली ठंडी हवा से कई शहरों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर गया। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अब कल से मौसम साफ रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के साथ एक बार फिर गर्मी बढ़ने की संभावना जताई है। नोखा में 1 इंच बारिश पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे ज्यादा बरसात बीकानेर के नोखा एरिया में 25MM (1 इंच) दर्ज हुई। बीकानेर में देर रात से लेकर शुक्रवार सुबह तक रूक-रूक कर कई इलाकों में बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। बारिश होने और बादल छाने से शुक्रवार को जयपुर में अधिकतम तापमान गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में शुक्रवार सुबह बारिश हुई। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चली। अजमेर में अधिकतम तापमान 26.6, भीलवाड़ा में 27.4, वनस्थली (टोंक) में 31.1, कोटा में 28.9, चित्तौड़गढ़ में 29.6, उदयपुर में 28, डूंगरपुर में 28.9, सिरोही में 24.5, करौली में 24.9 और दौसा में 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब आगे क्या? मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में कल से मौसम साफ होगा। दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी होगी। अगले दो-तीन दिन में तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज होगी।
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गोमांस के मामले में आरोपी असलम चमड़ा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। भोपाल में एक कार्यक्रम में कानूनगो ने खुलेआम एक मंच से कहा कि भोपाल पुलिस को छह माह पहले उन्होंने सूचना दी थी कि असलम चमड़ा ढाई सौ बांग्लादेशी रोहिंग्याओं को लेकर भोपाल में गोमांस का कारोबार कर रहा है। हमने उनके पते भी बताए थे, लेकिन भोपाल पुलिस ने यह जवाब दिया कि चमड़ा कसाईखाना नहीं चलाता। यह काम नगर निगम करता है। अब नगर निगम के अफसरों को गिरफ्तार करने कहता हूं तो नहीं कर रहे हैं। प्रियंक ने चौबीस घंटे पहले दिए गए अपने बयान को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी अपलोड किया है। उसमें वे कह रहे हैं कि असलम चमड़े वाला प्रकरण आपको पता है, अभी हुआ है। भोपाल के किसी व्यक्ति ने मुझे नहीं बताया। दिल्ली के एक युवा ने आकर मेरे घर पर मुझे यह बताया कि भाई साहब भोपाल में असलम चमड़ा नाम का एक आदमी है जो 250 बांग्लादेशी रोहिंग्याओं को लेकर भोपाल गया है और गाय काटने का धंधा कर रहा है। कानूनगो ने कहा कि 6 महीने पहले बताया था हमने, भोपाल पुलिस को नोटिस दिया था। हमने 6 महीने पहले बताया था कि असलम चमड़ा ढाई सौ बांग्लादेशियों को लेकर भोपाल में रह रहा है, घर के पते बताए थे। भोपाल पुलिस ने असलम चमड़ा का एक बढ़िया बयान लिया। बयान में असलम ने यह कहा कि कसाई खाना नहीं चलाता हूं, कसाई खाना तो नगर निगम चलाता है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने हमको जवाब दे दिया कि असलम चमड़ा कसाई खाना नहीं चलाता है। नगर निगम के अफसरों को गिरफ्तार करोअपने संबोधन में कानूनगो ने कहा कि आज हम भोपाल पुलिस से कह रहे हैं कि नगर निगम कसाई खाना चलाता है तो नगर निगम के अफसरों को साथ में जेल डालो, अब बदल क्यों रहे हो? यह बात भोपाल के लोगों को खुले मंच से जानने की जरूरत है कि असलम चमड़ा केवल स्लॉटर हाउस नहीं चलाता है। कैसे सैकड़ों, हजारों गायों असलम चमड़ा काट पाया उसके पास केवल स्लॉटर हाउस का ठेका नहीं था। कानूनगो ने कहा कि एक कारकस प्लांट होता है जो मृत पशुओं से संबंधित है। असलम चमड़ा गाय तो पालता नहीं है। गाय कौन पालता है, जवाब मिला-हिंदू, गाय कौन छोड़ता है पब्लिक का जवाब मिला हिन्दू। इसके बाद कानूनगो ने कहा कि असलम के साथ हम भी जिम्मेदार हैं क्योंकि जिसने हमारी मां के रूप में 7 साल 8 साल हमको दूध पिलाकर हमारा, हमारे बच्चों का पोषण किया जब वह दूध देना छोड़ देती है उसको हम सड़क पर उसे आवारा छोड़ देते हैं। हमको पता है, गाय हमारी है। पहली रोटी निकाल के आंख बंद करके उस गाय को एक रोटी देकर आ जाते हैं जिनको हम ने ही छोड़ा और वह रोज रोटी मांगने आती है। शर्म आनी चाहिए हमको शर्म आना चाहिए और जब वह अपनी आवारगी के जीवन में जब उसकी मृत्यु होती है तो आवारा पशुओं के शब्दों के निष्पादन के लिए एक कारकस प्लांट होता है उस कारकस प्लांट को 5 करोड़ रुपए में बनवाकर ठेके पर किसको दे दिया गया, असलम को दे दिया गया। उन्होंने कहा कि एक रेंडरिंग प्लांट भी होता है। जो अपशिष्ट निकलते हैं और अपशिष्ट को ले जाकर उसका वसा निकाला जाता है। भोपाल से भी रोज 50-60 किलो चर्बी निकलती है। जब असलम से कोई पूछता तो वह कह देता कि कारकस प्लांट का मांस लेकर जा रहा है। एक ही व्यक्ति को नगर निगम ने रेंडरिंग प्लांट और स्लॉटर हाउस का काम दे दिया है। इस कारण यह स्थिति बनी है।
असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे - थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। असम- कांग्रेस ने किया 8 पार्टियों से अलायंस: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। पुडुचेरी- सबसे कम सीटों वाली विधानसभा: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है। गुजरात-महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों की 8 सीटों पर उपचुनाव
करनाल जिला में कंबोपुरा के पास ट्रांसपोर्टर की दुकान के नजदीक ई-रिक्शा चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ गया है। शुक्रवार रात परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। परिजन मौत को कोरियर पार्सल विवाद और मानसिक दबाव से जोड़ रहे हैं, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मृतक की पहचान और परिवार की हालतमदनपुर के सुरेश (40) ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह कोरियर सप्लाई का काम भी करता था। परिवार में तीन बच्चे हैं। सुरेश की अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में मातम पसरा हुआ है। कैसे शुरू हुआ पूरा विवादसुरेश के चाचा मदनपुर के राजपाल ने बताया कि 11 मार्च को सुरेश को घरौंडा में एक पार्सल डिलीवर करना था। उसने उस पार्सल को अन्य सामान के साथ अपने ई-रिक्शा में रख लिया। एक पार्टी को सामान देने के बाद वह घरौंडा अनाज मंडी की एक दुकान पर दूसरी पार्टी को पार्सल देकर उसकी रिसीविंग भी ले आया। इसके बाद वह ट्रांसपोर्टर के पास पहुंचा तो उसे बताया गया कि जो सामान उसने दिया है, वह गलत जगह पहुंच गया है और उसे कुटेल जाना था। सुरेश के पास कुटेल का पता नहीं था, इसलिए वह घरौंडा ही चला गया था। 11 मार्च को वह सामान वापस लेकर घर आ गया। अगले दिन फिर मिला नया कामराजपाल ने बताया कि 12 मार्च को सुबह करीब 11 बजे सुरेश ट्रांसपोर्टर के पास पहुंचा और पूछा कि सामान कहां पहुंचाना है। इस दौरान उसे दूसरे बिल भी दे दिए गए और कहा गया कि पहले गंगोह जाकर आओ, बाद में इस पार्सल को पहुंचाना। इसके बाद वह गंगोह चला गया और देर शाम घर लौटा। वह पार्सल की पेटी फिर अपने घर ले आया। शनिवार को हुई पार्सल चोरीशनिवार को सुरेश रोजाना की तरह श्यामनगर के स्कूल में बच्चों को छोड़ने गया। उसने ई-रिक्शा में पार्सल की पेटी भी रखी हुई थी। जब वह बच्चों को स्कूल के अंदर छोड़कर वापस आया तो रिक्शा से पार्सल गायब था। इसकी शिकायत उसी दिन सेक्टर-4 चौकी में चोरी के रूप में दी गई। इसके बाद सुरेश और उसके परिजन कंपनी के पास पहुंचे और सामान गुम होने की जानकारी दी। पहले 2.95 लाख, फिर 13 लाख बताई कीमतराजपाल के अनुसार, कंपनी ने पहले पार्सल की कीमत करीब 2.95 लाख रुपए बताई। बाद में यह रकम बढ़ाकर 13 लाख रुपए तक बताई जाने लगी। इसके बाद सुरेश पर लगातार फोन कर दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टर और कंपनी के लोग बार-बार कॉल कर उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। जिस दिन उसे सामान की कीमत का पता चला, उसी दिन से वह काफी तनाव में रहने लगा था। गुम हुआ सामान बाद में मिल गयापरिजनों के अनुसार, जो सामान गुम हुआ था, वह वीरवार को कुटेल मोड़ के पास मिल गया था। इसके बावजूद सुरेश को परेशान किया जाता रहा। यहां तक कि 12 से 13 हजार रुपए लेकर मामला रफा-दफा करने की बात भी कही गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के दिन क्या हुआ, सीसीटीवी से खुलासामधुबन थाना के जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना कंबोपुरा धर्मकांटे के सामने ट्रांसपोर्ट की दुकान के पास हुई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है। फुटेज के अनुसार, सुरेश करीब साढ़े तीन बजे ई-रिक्शा से उतरा और वॉशरूम गया। कुछ देर बाद वह वापस आकर बैठ गया। फिर करीब 4 बजकर 5 मिनट पर वह दोबारा ई-रिक्शा से उतरा और बाथरूम की तरफ गया, जहां वह अचानक गिर पड़ा।बाद में वहीं पर उसका शव मिला। जांच में सामने आया है कि शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम से इनकार, जांच जारीशुक्रवार रात परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पहले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि कोरियर विवाद का एंगल भी सामने आया है और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और अंधड़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जहां खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी-तिरछी होकर गिर गई, वहीं कृषि उपज मंडी में पानी भरने से करीब 200 क्विंटल सरसों भीग गई। कामां क्षेत्र में लगातार खराब मौसम के चलते गेहूं और सरसों दोनों फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जबकि सरसों की पकी फसल की फलियां झड़ने लगी हैं। इससे उत्पादन लक्ष्य पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी देवकांत ओझा के अनुसार तेज हवा के झोंकों से गेहूं की अगेती फसल गिर गई है। फसल गिरने से दाना सिकुड़कर छोटा रह जाएगा और बारिश में भीगने से उसकी चमक भी फीकी पड़ जाएगी। इससे गेहूं के उत्पादन में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सरसों की तैयार फसल को भी नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश से फलियां झड़ने से 5 से 8 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है। वहीं खलिहानों में पड़ी अगेती सरसों के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी और तेल की मात्रा भी कम हो सकती है। लिफ्टिंग नहीं होने से 200 क्विंटल सरसों भीगी, लाखों का नुकसान बेमौसम बारिश से अनाज मंडी में सरसों की लिफ्टिंग नहीं होने से आढ़तियों व व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। करीब 200 क्विंटल सरसों खुले में पड़ी रहने से भीग गई, जिससे लाखों का नुकसान हुआ। व्यापारियों ने जगह अभाव में खेल मैदान में सरसों रखी थी। भास्कर इनसाइट - सुविधाओं की कमी, मंडी से मिलता है 2 करोड़ टैक्स कृषि उपज मंडी में सरसों, गेहूं सहित अन्य जिंसों की बिक्री पर हर वर्ष करीब 2 करोड़ रुपए मंडी टैक्स के रूप में वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यदि इस राशि का उपयोग कर कृषि विपणन बोर्ड मंडी परिसर में पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था, सीसी सड़क और कवर्ड डोम प्लेटफॉर्म का निर्माण करा दे, तो बेमौसम बारिश में हर साल किसानों और व्यापारियों को होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है। अगर बारिश का दौर आगामी दिनों में भी जारी रहा तो किसानों को और ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। “कृषि विपणन बोर्ड जयपुर को तीन नए प्लेटफार्म बनवाने के लिए एस्टीमेट बनवा कर भेजा गया है जल्दी कृषि उपज मंडी समिति परिसर में नए प्लेटफार्म का निर्माण कार्य किया जाएगा।” - प्रेम प्रकाश यादव, मंडी सचिव कृषि मंडी
मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक का कहना है कि उनके लिए हर कैरेक्टर अपने आप में एक नया चैलेंज होता है। खासकर क्रॉस-जेंडर एक्टिंग के दौरान कई बार चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं, लेकिन वे उन गलतियों से सीखते हैं और हंसी-मजाक के जरिए उन्हें सुधारते रहते हैं। लोगों का प्यार जिंदगी को बेहतर बनाता है। कृष्णा ने यह भी कहा कि मिमिक्री करना उन्हें हमेशा से पसंद रहा है। धर्मेंद्र पाजी की मिमिक्री उनकी सबसे फेवरेट है, जिसे वे बड़े मजे से निभाते हैं। कृष्णा अभिषेक चेट्रीचंड्र महोत्सव में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत की। पढ़िए उनकी जिंदगी और करियर से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से… सवाल- स्क्रीन पर आप लोगों को हंसाते हैं, इसका आपकी जिंदगी में क्या बेनिफिट होता है? जवाब- इसका मेरी निजी जिंदगी पर असर काफी सकारात्मक रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि लोगों से बहुत प्यार मिलता है। खासकर महिलाएं क्योंकि घर में ज्यादातर रिमोट उनके हाथ में होता है वो हमारे काम को ज्यादा देखती हैं और सराहती हैं। जब भी उनसे मुलाकात होती है, वो बहुत प्यार और दुआएं देती हैं। आज की स्ट्रेसफुल लाइफ में अगर हमारा काम किसी का मूड हल्का कर पाता है, तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। लोगों का यही प्यार, आशीर्वाद और पॉजिटिविटी हमारी जिंदगी को और बेहतर बनाता है। सवाल- क्रॉस जेंडर एक्टिंग में गेटअप चेंज करने के लिए कितना वक्त मिलता है, कैसे टाइम मैनेज होता है? जवाब- देखिए, कोई भी परफॉर्मेंस के पीछे एक पूरा प्रोसेस होता है। हमें अच्छा-खासा समय दिया जाता है, टीम हमारे साथ मिलकर पूरी तैयारी करवाती है, रिहर्सल करवाई जाती है और फिर हम सब साथ बैठकर प्लान करते हैं कि सीन को कैसे बेहतर तरीके से किया जाए। इसलिए ऑन-स्क्रीन जो चीजें आसान लगती हैं, उसके पीछे काफी मेहनत और टीमवर्क होता है। सवाल- कौन सा किरदार आपके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा है? आपको सबसे फेवरेट कौन सा लगता है? जवाब- जहां तक अलग-अलग किरदार निभाने की बात है, तो मेरे हिसाब से हर रोल अपने आप में चैलेंजिंग होता है। क्योंकि जब भी आप स्टेज या कैमरे के सामने जाते हैं, तो मन में एक हल्की-सी घबराहट जरूर रहती है कि सब कुछ ठीक से होगा या नहीं। वही घबराहट आपको और बेहतर करने के लिए मोटिवेट भी करती है। लेकिन अगर अपने सबसे पसंदीदा किरदार की बात करूं, तो धरम जी का रोल मेरे दिल के बहुत करीब रहा है। उनसे मेरा एक पर्सनल कनेक्शन भी था। वो बेहद सरल और अच्छे इंसान थे, और मुझसे खास स्नेह रखते थे। जब उनके निधन की खबर मिली, तो मैं उस वक्त भारत में नहीं था, अमेरिका में था, बहुत ज्यादा दुख हुआ। जब भी मैं धरम जी का किरदार निभाता था, तो उसमें एक अलग ही इमोशन जुड़ जाता था। सवाल- क्रॉस जेंडर एक्टिंग के दौरान कई चीजे फेल हो जाती है, ऑन कैमरा कैसे मैनेज करते हैं? जवाब- हां ये सही है कि एक्टिंग के दौरान हमारी कई बार चीजें फेल हो जाती हैं। लेकिन खास बात ये है कि हम उन्हें संभालना जानते हैं। स्टेज पर या शूट के दौरान अगर कुछ गड़बड़ हो भी जाए, तो हम सब मिलकर उसे तुरंत मैनेज कर लेते हैं। हमारी टीम बहुत मजबूत है। कपिल भाई, सुनील, किकू और बाकी सभी कलाकार हम सबके बीच इतनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग है कि कोई भी सीन खराब नहीं होने देते। अगर कोई गलती हो भी जाए, तो उसे हम हंसी-मजाक में ही कवर कर लेते हैं, और कई बार वही चीज दर्शकों को और ज्यादा एंटरटेन कर जाती है। सवाल- लंबी स्क्रिप्ट याद कैसे रखते हैं? कई बार डायलॉग भूलने पर क्या करते हैं। जवाब- जहां तक स्क्रिप्ट की बात है, तो कॉमेडी में लंबी-लंबी स्क्रिप्ट्स होती हैं, जिन्हें याद रखना आसान नहीं होता। लेकिन हम लोग बहुत मेहनत करते हैं, खूब रिहर्सल करते हैं, इसलिए चीजें अच्छे से सेट हो जाती हैं। और सबसे जरूरी बात ये है कि हम सब खुद भी इस प्रोसेस को बहुत एंजॉय करते हैं। यही वजह है कि अगर छोटी-मोटी गलतियां भी हो जाएं, तो हम उन्हें बोझ नहीं बनने देते, बल्कि हंसते-खेलते उन्हें भी परफॉर्मेंस का हिस्सा बना लेते हैं। सवाल- हमें जब स्ट्रेस होता है, तो वो कॉमेडी शोज देख लेते हैं, स्ट्रेस होने पर आप क्या करते है? जवाब- ये मेरे केस में थोड़ा अलग है। जब मैं स्ट्रेस में होता हूं, तो मेरे सामने कश्मीरा ही होती हैं…और सच कहूं तो वही हमारे लिए एक और स्ट्रेस बन जाती हैं (हंसते हुए)। तो ऐसा नहीं है कि हम स्ट्रेस से बाहर निकलने के लिए कुछ खास करते हैं, हम तो उसी में हंसते-खेलते जी लेते हैं। यही हमारा तरीका है, स्ट्रेस को भी मजाक में बदल देने का। सवाल- यूथ जो एक्टिंग में जाना चाहते हैं, उन्हें क्या टिप्स देना चाहेंगे? जवाब- आजकल का युथ वाकई बहुत अच्छा काम कर रहा है। मैं सोशल मीडिया पर देखता रहता हूं नए-नए लोग कॉमेडी में शानदार परफॉर्म कर रहे हैं। मुझे तो लगता है कि उन्हें अलग से टिप्स देने की जरूरत ही नहीं है। आज का यंग टैलेंट खुद ही एक्सपेरिमेंट करता है, अपनी स्टाइल बनाता है और उसी में आगे बढ़ रहा है। सबसे अच्छी बात ये है कि जो नए लोग आ रहे हैं, वो सीनियर्स को बहुत रिस्पेक्ट देते हैं। ये बहुत पॉजिटिव चीज है और इंडस्ट्री के लिए भी अच्छा संकेत है। कुल मिलाकर, सभी लोग बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं और आगे का फ्यूचर काफी ब्राइट लग रहा है। सवाल- आप फ्री टाइम में क्या करते है? हॉबी क्या है? जवाब- मेरे फ्री टाइम की बात है, तो जब भी मौका मिलता है, हम घूमना-फिरना पसंद करते हैं। जैसे अभी रायपुर आए हैं, तो यहां घूम रहे हैं, अच्छा खाना खा रहे हैं और दोस्तों के साथ समय बिता रहे हैं, यहां हमारे दोस्त होपी के पास भी आए हैं। और अगर मुंबई में होते हैं, तो सच कहूं तो फ्री टाइम बहुत कम मिलता है। वहां खाली समय में भी हम अपने काम से जुड़े रहते है कभी एक्टिंग की प्रैक्टिस, कभी डांस, कभी कुछ नया सीखना। इसके अलावा परिवार के साथ वक्त बिताना भी बहुत जरूरी होता है। बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं और कश्मीरा के साथ भी क्वालिटी टाइम निकालते हैं। सवाल- एक्टिंग में करियर बनाने के लिए गंभीर लोग कैसे सीखें? क्या स्टेप्स होना चाहिए। जवाब- अगर कोई इस फील्ड में सीरियसली आना चाहता है, तो मैं यही कहूंगा कि सबसे पहले ऑब्जर्व करना सीखिए। हमारा शो देखिए, एंजॉय करिए लेकिन सीखने वाले ध्यान से देखिए। जब आप हर एक्ट को गौर से देखेंगे, तो उसमें आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। हम लोग इतने सालों से जो मेहनत कर रहे हैं, उसका एक्सपीरियंस हर परफॉर्मेंस में नजर आता है। और ऐसा नहीं है कि सिर्फ आप ही हमसे सीखेंगे हम भी नए युथ से बहुत कुछ सीखते हैं। ये एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है, जहां हर कोई एक-दूसरे से सीख रहा है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के युवक की फ्रांस में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। बेटे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने सरकार से बेटे का शव भारत लाने की गुहार लगाई है। कल शुक्रवार को युवक की मौत की सूचना परिवार को मिली। मृतक की पहचान गुरमेल सिंह उर्फ सोनू (35) निवासी नारायणगढ़ मोहल्ला इस्माइलाबाद के रूप में हुई। गुरमेल सिंह फ्रांस के पेरिस में रहता था और यहां पर रंग-पुताई करने का काम करता था। सोनू अपने पीछे पत्नी और 2 बेटियों को छोड़ गया। करीब 5 साल पहले गुरमेल फ्रांस गया था। तीन महीने पहले घर आया लखवीर सिंह ने बताया कि उसका दोस्त गुरमेल सिंह साल 2021 में काम की तलाश में फ्रांस गया था। करीब 3 महीने पहले ही गुरमेल अपने घर आया था। गुरमेल के वापस आने से परिवार पूरा खुश था। दो-तीन महीने रहने के बाद उसे 2 मार्च की फ्लाइट से फ्रांस अपने काम पर लौटना था। 11 मार्च को फ्रांस लौटा गुरमेल ने फ्रांस जाने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन ईरान-इजराइल के तनाव के बीच उसकी फ्लाइट केंसल हो गई। उसके बाद गुरमेल ने 11 मार्च को अपनी फ्लाइट की टिकट बुक करवाई। उसी दिन गुरमेल उस फ्लाइट से वापस फ्रांस चला गया। जाने से पहले उसने दिवाली के आसपास वापस घर आने की बात कही थी। अचानक बेहोश होकर गिरा गुरमेल ने वापस फ्रांस जाकर अपना काम संभाल लिया। 19 मार्च को गुरमेल पेरिस में अपने काम पर जा रहा था। बीच रास्ते में ही दिल का दौरा पड़ने से गुरमेल बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रदेश के गांवों में अब विकास कार्य बिखरी हुई योजनाओं या बिना प्लानिंग के नहीं होंगे। शहरों की तर्ज पर अब गांवों का भी अपना मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान शुरू किया गया है। इसमें तीन चरणों में गांवों को विकसित भारत 2047 के अनुरूप विकसित बनाया जाएगा। इसे गांवों की तात्कालिक मांगों या छोटी-मोटी घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए तीन हिस्सों में बांटा है। पहला अल्पकालीन खंड 2030 तक रहेगा। इस दौरान गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास किया जाएगा। बिजली, पानी-सड़क जैसी तत्काल जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। दूसरा भाग मध्यकालीन के रूप में वर्ष 2035 तक निर्धारित किया गया है। इसमें कृषि, सिंचाई सुविधाएं, रोजगार, कौशल विकास और अन्य ग्रामीण आवश्यकताओं को शामिल किया गया है। आखिरी और तीसरा चरण दीर्घकालीन है। इसके अंतर्गत 2047 तक मास्टर प्लान के आधार पर आत्मनिर्भर और सतत ग्राम विकास कराया जाएगा। अभियान के अंतर्गत हर ग्राम पंचायत की एक डायनामिक प्रोफाइल बनाई जाएगी। जिसमें पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं और विकास जरूरतों का डिजिटल डेटाबेस शामिल किया जाएगा। साथ ही गांवों का विजुअल मानचित्र तैयार किया जाएगा। यह सारा काम जीआईएस प्लेटफॉर्म, एसएसओ ऐप और प्रगति पोर्टल के माध्यम से होगा। बजट घोषणा 2026-27 के तहत हो रहे शुरू किए गए इस अभियान का मकसद विकसित राजस्थान-2047 के विजन को जमीन पर उतारना है। राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन के माध्यम से ग्राम से लेकर जिला स्तर तक यह पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा। राज्य से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक जिम्मेदारी तय की गई है। जिला स्तर पर जिला परिषद सीईओ नोडल अधिकारी होंगे, तो ग्राम स्तर पर वीडीओ को अभियान समन्वयक बनाया गया है। अभियान की मॉनिटरिंग पूरी तरह डिजिटल होगी। यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसी दौरान ग्रामीणों से मिले सुझावों व पंचायत कर्मचारियों के सर्वे डेटा के आधार पर हरेक गांव का मास्टर प्लान स्वीकृत किया जाएगा। ग्रामीण 30 अप्रैल तक दे सकेंगे सुझाव विकसित गांव के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर पंचायत में सुझाव पेटी रखी जाएगी। ग्रामीण अपने सुझाव इस पेटी में डाल सकते हैं। 20 मार्च से 30 अप्रैल तक यह पेटी पंचायत में रखी जाएगी। पेटी के अलावा ग्रामीण ईमेल के जरिए भी पंचायत अधिकारियों तक अपने सुझाव पहुंचा सकते हैं। हालांकि अभियान के पहले दिन ग्राम विकास अधिकारियों ने ग्राम सभाओं का बहिष्कार किया। इसके चलते सभाएं नहीं हो सकी। प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा ने बताया कि हमने ग्राम सभाओं का एजेंडा ही जारी नहीं किया।
नजीराबाद थानाक्षेत्र के जीटी रोड स्थित होटल प्रिस्टिन में काम करने वाली युवती से होटल में दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। मूलरूप से असम की रहने वाली युवती जीटी रोड स्थित होटल प्रिस्टिन में काम करती है। नजीराबाद पुलिस को दी गई तहरीर में उसने बताया कि गुरुवार शाम वह नहाकर जैसे ही बाहर निकली, बल्ली नाम के युवक ने उसे बदनीयती से पकड़ लिया। छेड़छाड़ करते हुए रेप का प्रयास किया। किसी तरह वह बचकर भागी और शोर मचाया तो आरोपी मौके से भाग निकला। होटल के स्टाफ को घटना की जानकारी देने के साथ ही पीड़िता ने नजीराबाद थाने पहुंचकर पुलिस को आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि युवती की तहरीर पर रिपोर्ट दर्जकर उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में सरकारी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के चार्ज किए जा रहे हैं। यह लापरवाही इंदौर में चार्जिंग के दौरान EV कार में आग लगने की घटना के बाद भी सामने आई है। निगम मुख्यालय के ठीक बगल में एक नया EV चार्जिंग स्टेशन कुछ दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त द्वारा उद्घाटित किया गया था। इसके बावजूद, निगम के जिम्मेदार अपनी गाड़ियों को बेसमेंट में घंटों चार्ज पर लगाकर छोड़ देते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम के लिए नगर निगम मुख्यालय आते हैं और अपने वाहन बेसमेंट में पार्क करते हैं। इन्हीं वाहनों के बीच सरकारी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा इन गाड़ियों को घंटों अकेला छोड़ दिया जाता है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि या संपत्ति का नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, नगर निगम मुख्यालय से कुछ ही कदम की दूरी पर बना सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन अधिकांश समय खाली रहता है। जब सरकारी गाड़ियां ही सार्वजनिक स्टेशन का उपयोग नहीं कर रही हैं, तो आम जनता के बीच इसका क्या संदेश जाएगा, यह भी एक चिंता का विषय है। इस सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन बीते 12 मार्च को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार और नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने किया था। इसका उद्देश्य EV वाहन चालकों को सुविधा प्रदान करना और आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम के लिए राजस्व जुटाना था। हालांकि, निगम के जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर मुफ्त चार्जिंग के लालच में पूरे मुख्यालय को जोखिम में डालने से नहीं हिचकिचा रहे हैं, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। इस संबंध में जब नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी।
गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज का समारोह कल
उज्जैन | गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज फ्रीगंज का सम्मान समारोह और सांस्कृतिक समागम 22 मार्च, रविवार को इंदौर रोड स्थित प्रशांति गार्डन में होगा। पं. राजेंद्र तिवारी ने बताया कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से गौतम जयंती महोत्सव के तहत आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि विवेक दुबे रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष माया त्रिवेदी और प्रांतीय अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी शामिल होंगे।
प्रकटेश्वर मंदिर में पंचांग पूजन के साथ मनाया ज्योतिष दिवस
उज्जैन | प्रकटेश्वर महादेव मंदिर में गुड़ी पड़वा पर विक्रम संवत 2083 के पहले दिन पंचांग पूजन और ध्वजारोहण के साथ नव संवत्सर की शुरुआत हुई। कार्यक्रम विक्रम उत्सव के तहत आयोजित किया गया। आयोजन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, महाराज विक्रमादित्य शोधपीठ, सम्राट विक्रमादित्य विद्वत परिषद, पूर्ण फाउंडेशन और मंदिर की शिव विष्णु समिति के संयुक्त सहयोग से हुआ। अतिथि के रूप में प्रो. अर्पण भारद्वाज मौजूद रहे। संचालन राम तिवारी ने किया। इस अवसर पर राजेश कुशवाह, नरेश शर्मा, मंदिर पुजारी घनश्याम शर्मा, डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. दिलीप सोनी, रमन सोलंकी मौजूद थे।
बगलामुखी धाम में चल रहे अनुष्ठान में पहुंचे मुख्यमंत्री
भैरवगढ़ रोड स्थित मां बगलामुखी धाम में चल रहे 10 महाविद्या देवियों की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। यह अनुष्ठान भर्तृहरि गुफा के गादीपति महंत योगी पीर रामनाथ महाराज के सानिध्य में कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री उज्जैन प्रवास के दौरान रात्रि में समय निकालकर मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत रामनाथ महाराज के साथ नवनिर्मित मंदिर का अवलोकन किया और मंदिर के मध्य प्रांगण में स्थापित मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा का पूजन-अर्चन भी किया। यह अनुष्ठान नौ दिन तक चलेगा और इसकी पूर्णाहुति रामनवमी पर्व पर 27 मार्च को होगी। इस अवधि में 10 महाविद्याओं में शामिल मूर्तियों की एक-एक कर प्रतिष्ठा की जाएगी।
एफएसएसएआई लाइसेंस अब स्थायी, हर साल रिन्युअल की आवश्यकता नहीं
केंद्र सरकार ने खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के लाइसेंस को स्थायी करने का निर्णय लिया है। अब खाद्य व्यवसाय संचालकों को हर वर्ष लाइसेंस रिन्यू कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही बेसिक पंजीकरण के लिए टर्नओवर की सीमा 12 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस फैसले का स्वागत करते हुए सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह निर्णय व्यापारियों पर अनुपालन के बोझ को कम करने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। खंडेलवाल ने बताया कि अब खाद्य व्यवसाय संचालकों को स्थायी लाइसेंस दिया जाएगा, जिससे बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि यह सुधार नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबिकैट के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मालथोन ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत 50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए राज्य लाइसेंस आवश्यक होगा, जबकि 50 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबार के लिए केंद्रीय लाइसेंस लागू रहेगा। इससे लाइसेंसिंग व्यवस्था अधिक स्पष्ट और सरल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 2.5 करोड़ खाद्य व्यवसाय संचालकों को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा। कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, संभागीय अध्यक्ष निकेश गुप्ता, महामंत्री अनिमेष शाह सहित विजय भूषण वर्मा, सुरेश होलानी, अजीत समैया, पंकज तिवारी, शैलेश केसरवानी, संजीव दिवाकर, सौरभ उपकार, ऋतुराज जैन, मुन्ना गुजरात नमकीन, विकास मोदी और संतोष स्टील सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और सांसद प्रवीण खंडेलवाल को इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
खुदाई में निकली प्राचीन देवी प्रतिमा: स्थापना महोत्सव आज से
सागर | बंडा रोड स्थित ग्राम दलपतपुर के आगे खटौरा कला के पास बसे गांव सैडारा में खुदाई के दौरान माता रानी की प्राचीन प्रतिमा मिलने से पूरे क्षेत्र में उत्साह है। लोग श्रद्धा के साथ प्रतिमा का पूजन कर रहे हैं। विमल पचौरी ने बताया कि उनकी पत्नी सरोज पचौरी को वर्ष 1998 से लगातार एक ही तरह के सपने आते थे। सपनों में पचौरी के पैतृक गांव में उन्हें नदी, घना जंगल और जमीन के भीतर दबी देवी प्रतिमा के दर्शन होते थे। शुरुआत में इसे सामान्य सपना समझा गया, लेकिन वर्षों तक एक जैसे संकेत मिलने के बाद परिवार ने इस पर ध्यान देना शुरू किया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से बताए गए स्थान पर खुदाई कराई गई। करीब 10 से 15 फीट गहराई पर खुदाई करने के बाद लाल पत्थर से बनी देवी की प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई। प्रतिमा के शीर्ष और संरचना को देखकर इसे पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने मिलकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी है और पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बन गया है। प्रतिमा की विधिवत स्थापना के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जो शनिवार से शुरू होगा। इस दौरान विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
झूलेलाल जयंती पर पुलिस व निगम अधिकारियों का सम्मान किया गया
झूलेलाल मंदिर, संत कंवर राम वार्ड में झूलेलाल जयंती के अवसर पर शिवसेना संगठन और पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए शील्ड, शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद संगठन के प्रदेश उप प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि शहर में कटरबाजी की बढ़ती घटनाओं से आम लोग भयभीत हैं और ऐसे में अपराधियों पर सख्ती करने वाले पुलिस अधिकारियों का सम्मान पुलिस बल का मनोबल बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि संगठन जनसेवा करने वाले अधिकारियों को लगातार सम्मानित करता रहा है और आगे भी करेगा। तिवारी के अनुसार वर्तमान में बढ़ते अपराध, अवैध शराब, जुआ, सट्टा और अवैध शेयर बाजार का खुलेआम प्रचलन चिंता का विषय है, जिसे रोकने की दिशा में कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा। सिंधी पंचायत अध्यक्ष मोहन सौम्या ने कहा कि भगवान झूलेलाल जयंती पर पुलिस का सम्मान करना गौरव की बात है। वहीं सीएसपी ललित कश्यप ने कहा कि बहुत कम अवसरों पर पुलिस का सम्मान होता है, ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए। सम्मानित किए गए अधिकारियों में सीएसपी ललित कश्यप, मकरोनिया थाना प्रभारी रावेंद्र सिंह चौहान, महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया, नगर निगम उपायुक्त एस.एस. बघेल और इंजीनियर संयम चतुर्वेदी शामिल रहे। कार्यक्रम में शिवसेना और सिंधी समाज के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
लुधियाना पुलिस के अफसरों को कोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं है। कोर्ट के आदेश होने के बावजूद लुधियाना पुलिस ने एक मामले की जांच 11 साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं की। पीड़ित ने कोर्ट में याचिका दायर की तो पुलिस अधिकारियों ने 11 साल पहले कोर्ट द्वारा कैंसिल की गई रिपोर्ट को नई रिपोर्ट बताकर पेश कर दिया। लोकल कोर्ट ने इस रिपोर्ट को पुरानी रिपोर्ट बताकर नए सिरे से जांच के आदेश दे दिए। याचिकाकर्ता डॉ सुमित सोफत ने कोर्ट को बताया कि आरोपी राजनीति में सक्रिय हैं। पहले कांग्रेस में रहकर उन्होंने कैंसिलेशन रिपोर्ट फाइल करवाई और अब आम आदमी पार्टी में हैं तो पुलिस पर कार्रवाई अपने पक्ष में करने का दबाव बना रहे हैं। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए पंजाब के डीजीपी से एफिडेविट के साथ स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। डीजीपी को स्टेटस रिपोर्ट व एफिडेविट दो सप्ताह के अंदर कोर्ट में जमा करवाने होंगे। क्या है मामला, कब-कब क्या हुआ सिलसिलेवार जानिए… 2010 में हुई लूट का है मामला: डॉ सुमित सोफत की शिकायत पर 2010 में थाना डिवीजन नंबर पांच की पुलिस ने लूट, अफहरण व हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने केस को बंद करने के लिए 2013 में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की थी। 2014 में कोर्ट ने कैंसिलेशन रिपोर्ट खारिज की: याचिकाकर्ता डॉ सुमित सोफत ने पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों के बाद पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को खारिज किया और फिर से जांच के आदेश दिए। 2025 तक कोई कार्रवाई नहीं हुई: डॉ सुमित सोफत ने बताया कि पुलिस ने 2014 से 2025 तक कुछ नहीं किया। 2025 में डॉ सुमित सोफत ने फिर से केस को मजबूती से फोलो किया और फरवरी 2026 में पुलिस ने कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दोबारा पेश की। पुरानी को नई रिपोर्ट बता कर की पेश: पुलिस ने फरवरी में कोर्ट में नई कैंसिलेशन रिपोर्ट दायर की। अदालत ने जब रिपोर्ट को पढ़ा और पुरानी रिपोर्ट से मिलाया तो पाया कि यह रिपोर्ट पहले वाली रद्द की गई रिपोर्ट की अक्षरश: नकल है। रिपोर्ट में 2014 की रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं किया। SHO को दोबारा जांच के आदेश दिए: डॉ सोफत ने बताया कि कोर्ट ने पुलिस की इस हरकत पर सख्त टिप्पणी करते हुए रिपोर्ट थाने में वापस भेज दी और SHO को निर्देश दिया कि वह पूरी जांच कर नई रिपोर्ट पेश करे। पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई: शिकायतकर्ता डॉ. सुमीत सोफत ने अदालत में कहा कि पुलिस ने न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही घटना से जुड़े अहम सबूत जैसे हथियार, क्लोरोफॉर्म, रोलेक्स घड़ी और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद किए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी प्रभावशाली हैं और राजनीतिक संरक्षण के कारण जांच प्रभावित हुई है। हाईकोर्ट ने अपनाया सख्त रूख: हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि घटनाक्रम “चिंताजनक” है और आरोपियों को बचाने की कोशिश के आरोप लगे हैं। हाईकोर्ट ने अब डीजीपी पंजाब को पूरे मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। केस की टाइमलाइन 24 जून 2010: लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर 5 में एफआईआर नंबर 282 दर्ज 2013: पुलिस ने पहली कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल की। 09 अप्रैल 2014: स्थानीय कोर्ट ने कैंसलेशन रिपोर्ट खारिज कर दोबारा जांच के आदेश दिए। 2014–2025: दोबारा जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। 25 फरवरी 2026: कोर्ट ने नई कैंसलेशन रिपोर्ट को पुरानी की कॉपी बताते हुए खारिज किया। 18 मार्च 2026: हाईकोर्ट ने डीजीपी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी 09 अप्रैल 2026: अगली सुनवाई निर्धारित
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को पूरी जवाबदेही के साथ हल करें: निगमायुक्त
भास्कर संवाददाता। सागर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में टाटा प्रोजेक्ट, सीवर, स्वास्थ्य, भवन-भूमि, लोककर्म, स्थापना, पेंशन योजना, राजस्व तथा जलप्रदाय सहित विभिन्न विभागों की लंबित एवं निराकृत शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में किया जाए, ताकि नगर निगम सागर की रैंकिंग पूर्व की तरह उत्कृष्ट बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्य करते हुए संबंधित शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क स्थापित करें और उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्राप्त होने के बाद ही शिकायत को बंद किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके।
बीएमसी में ओंको-सर्जरी वार्ड शुरू किया, कैंसर के मरीजों को मुफ्त मिलेगा इलाज
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में कैंसर पीड़ितों के लिए राहत की बड़ी खबर है। सर्जरी विभाग में तैयार विशेष ओंको-सर्जरी वार्ड का डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने रिबन काटकर विधिवत उद्घाटन किया। इस पहल से अब कैंसर के गंभीर मरीजों को सर्जरी से पहले और ऑपरेशन के बाद की विशेष देखभाल एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। इस अवसर पर डीन डॉ. ठाकुर ने कहा कि बीएमसी में कैंसर ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही थी। वहीं अधीक्षक डॉ. राजेश जैन और विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ डॉक्टरों ने इसे कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम बताया है। इस दौरान डॉ. सुनील सक्सेना, डॉ. अखिलेश रत्नाकर, डॉ. जितेन्द्र डांगी आदि उपस्थित रहे। बीएमसी के कैंसर विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील गौर ने बताया कि देश में कैंसर की रफ्तार डराने वाली है। साल 2026 के अंत तक भारत में नए कैंसर मामलों की संख्या 15 लाख पार कर सकती है। बीएमसी में भी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। साल- 2025 में बीएमसी में 649 नए मरीज आए, जबकि कुल 3294 मरीजों का परामर्श व उपचार हुआ। 1132 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर कीमोथेरेपी की गई। डॉ. गौर ने बताया कि पुरुषों में मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर, जबकि महिलाओं में स्तन व बच्चेदानी (सर्वाइकल) का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जा रहा है। हमारे यहां 70% कैंसर को केवल सही जीवनशैली और समय पर जांच से रोका जा सकता है। मरीजों को मिलेंगे ये लाभ: बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि बीएमसी में कैंसर की सभी जांचें और उपचार पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अब कैंसर जैसी घातक बीमारी का महंगा इलाज व सर्जरी और बेहतर गुणवत्ता के साथ मिलेगी। सामान्य वार्ड से अलग होने के कारण संक्रमण का खतरा कम होगा और कैंसर मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा। इस वार्ड को कैंसर सर्जरी की आधुनिक जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। सागर व आसपास के जिलों के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
ईदुल फित्र, लेहदरा नाका ईदगाह में सुबह 7:45 बजे, भैंसा में 8 बजे नमाज
सागर | शुक्रवार की शाम ईद का चांद नजर आ गया। चांद दिखते ही रोजेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसके साथ ही पवित्र माह रमजान का समापन हो गया। शनिवार को हर्षोल्लास के साथ ईदुल फित्र पर्व मनाया जाएगा। ईद की नमाज ईदगाह लेहदरा नाका में सुबह 7:45 बजे, कस्साब मंडी मस्जिद में सुबह 8 बजे तथा जामा मस्जिद कटरा बाजार में सुबह 8:15 बजे अदा की जाएगी। सदर मुफ्ती मोहम्मद जावेद रजा कादरी मिस्बाही खतीबो इमाम जामा मस्जिद ने बताया कि शुक्रवार को अलविदा के जुमे की नमाज अदा की गई। इसमें देश में अमन, एकता और भाईचारे के लिए दुआ की गई। शनिवार को ईदुल फित्र त्योहार मनाया जाएगा। ईद की नमाज ईदगाह भैंसा नाका में सुबह 8 बजे और जामा मस्जिद सदर में सुबह 8:30 बजे अदा की जाएगी।
हिंदू नववर्ष पर वैश्य महासम्मेलन की वाहन रैली
सागर| हिंदू नववर्ष चैत्र प्रतिपदा के अवसर पर वैश्य महासम्मेलन ने वाहन रैली निकाली और रैली के समापन पर तिली स्थित वृद्धा आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ नववर्ष मनाया। कार्यक्रम के तहत वृद्धजनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गईं और फल, फूल व मिठाई का वितरण किया गया। अंत में वृद्धजनों का सम्मान भी किया गया। रैली का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी और वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता ने केसरिया झंडा दिखाकर कराया। रैली से पहले श्याम तिवारी ने कहा कि सनातन संस्कृति में नववर्ष का वास्तविक शुभारंभ चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा से होता है और इसी दिन मां दुर्गा की आराधना के साथ नववर्ष की शुरुआत करनी चाहिए। निकेश गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता है तथा अन्य सनातनी समाजों के साथ सहभागिता कर पूरक बनने का प्रयास करता है।
46 साल पुराने झूले में निकले भगवान झूलेलाल, 500 मीटर लंबी शोभायात्रा 6 किमी चली
झूलेलाल जयंती पर शुक्रवार को श्री झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट व सकल सिंधी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा श्री झूलेलाल मंदिर संत कंवरराम वार्ड से शाम 5 बजे शुरू हुई। शोभायात्रा में घोड़े, डीजे, शहनाई व बैंड पार्टी, संत कंवर राम, शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा संग झूलेलाल भगवान की झांकी साथ चलती रही। डीजे की धुन पर सिंधी समाज के लोग नाचते हुए चल रहे। 500 मीटर लंबी शोभायात्रा को 6 किलोमीटर का रूट तय करने में 4 घंटे का समय लगा। सदस्य अशोक सुंदरानी और पूज्य सिंधी पंचायत के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष राजकुमार धामेचा ने बताया कि महोत्सव के तहत आयोजित विशाल भंडारे में करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी तैयार की गई। भंडारे की विशेषता यह रही कि 40 कारीगरों की टीम ने लगातार 10 घंटे की मेहनत से भोजन तैयार किया। प्रसादी में सात से आठ प्रकार के व्यंजन शामिल किए गए, जिनमें दो तरह की सब्जियां, पुड़ी, रोटी, दाल-चावल, रायता और बूंदी शामिल हैं। व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई थी, जिन्होंने भोजन वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने भंडारे की व्यवस्था और स्वाद की सराहना की। झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष सुशील लहरवानी ने बताया कि झूलेलाल जयंती पर एक क्विंटल सतरंगी फूलों से सजे रथ में 46 साल पुराने झूले पर भगवान झूलेलाल को विराजमान किया गया। भक्तों को दर्शन देने के लिए भगवान झूलेलाल नगर भ्रमण पर निकले थे। रथ में खिचड़ी, फल सहित करीब एक क्विंटल प्रसादी का जगह-जगह भक्तों में वितरण किया गया। शोभायात्रा का भगवानगंज, राधा तिराहा, शास्त्री चौक, गुजराती बाजार, नया बाजार में पुष्पवर्षा, फल, जूस व आइसक्रीम से स्वागत किया गया। इस दौरान 5 स्थानों पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा शाम 5 बजे झूलेलाल मंदिर से भगवानगंज, राधा तिराहा, शास्त्री मार्केट, गुजराती बाजार, कटरा, तीनबत्ती, कोतवाली होते हुए चकराघाट पहुंची। यहां पर रात 9:30 बजे अखंड ज्योत का विसर्जन किया गया। पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष मोहन लाल सौम्या ने बताया कि शोभायात्रा के पूर्व श्री झूलेलाल शरण मंडली द्वारा प्रभातफेरी निकाली गई। सुबह 9 बजे के बाद श्री बहराणा साहब की सवारी ने संत कंवरराम वार्ड, सदर और सिविल लाइन का भ्रमण किया। 11 बजे से श्री झूलेलाल मंदिर में श्रीगुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ का आयोजन हुआ। शोभायात्रा में लालाराम मेठवानी, कैलाश हासानी, सुरेश हसरेजा, सचिन संगतानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
चल समारोह: मकरोनिया में निकली चुनरी यात्रा
सागर | क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए जय मां भवानी समिति मकरोनिया द्वारा भव्य चल समारोह झंडा एवं चुनरी यात्रा निकाली गई। मां बीजासेन मंदिर से अवधूत आश्रम मंदिर तक निकली इस पावन यात्रा में नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने रजाखेड़ी पहुंचने पर विधायक कार्यालय के सामने पुष्प वर्षा कर माता की चुनरी का स्वागत किया। विधायक लारिया ने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज में समरसता और शक्ति का संचार करती हैं। इस मौके पर नपाध्यक्ष मिहीलाल, मंडल अध्यक्ष अंकित तिवारी सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद थे। यात्रा का यह 5वां वर्ष था। कार्यक्रम में युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत भी शामिल हुए। भाजपा नेता अविराज सिंह ने भी यात्रा में सहभागिता की। समिति सदस्यों ने बताया यात्रा का उद्देश्य नवरात्रि की परंपरा को सशक्त करना और श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ाना है।
कथा अहंकार त्यागकर विनम्रता सिखाती है'
भास्कर संवाददाता|सागर ज्ञान और भक्ति के साथ-साथ आपसी प्रेम और एकता ही जीवन की सच्ची पूंजी है। भाई-भाई के प्रेम का उदाहरण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, जो बताता है कि संबंधों की मजबूती ही हर परिवार और समाज की नींव होती है। जब परिवार में प्रेम, विश्वास और सहयोग बना रहता है, तब जीवन की कठिनाइयां भी सरल हो जाती हैं। यह बात नंदेश्वर महादेव मंदिर सूबेदार वार्ड में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सुखदेव जी का जन्म तथा राजा परीक्षित की कथा सुनाते हुए कथा व्यास पं. रामकुमार शास्त्री महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि कथा अहंकार त्यागकर विनम्रता, सेवा और श्रद्धा के मार्ग पर चलना सिखाती है। राजा परीक्षित की जिज्ञासा और सुखदेव जी का ज्ञान हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन में सही मार्गदर्शन और सत्संग का महत्व कितना अधिक है। यदि हम अपने जीवन में भाईचारे, सद्भाव और सहयोग की भावना को अपनाएं, तो समाज में शांति, एकता और समृद्धि स्थापित हो सकती है।
रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर वीरता से प्रेरणा लेने का आह्वान
वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि समारोह हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मकरोनिया चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप लारिया एवं राज्य प्रभारी भगत सिंह योगाचार्य द्वारा माल्यार्पण कर की गई। विधायक ने कहा कि रानी अवंती बाई का साहस, शौर्य और बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल पेश की। योगाचार्य ने कहा कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, उन्नत कृषि, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर सर सिंह शाह, दामोदर प्रजापति, रमेश चौधरी, रघुराज सिंह, जितेंद्र खटीक, नरेंद्र सिंह सहित नागरिक उपस्थित थे। देशभक्ति व सेवा के संकल्प का दिया संदेश, पुष्पांजलि दी पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर ग्रीन कांची हेल्थ वैलनेस सेंटर सिविल लाइन में पुष्पांजलि कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. भानू राणा, अध्यक्ष भगत सिंह योगाचार्य एवं विशेष अतिथि इंजी. एसआर सिंह ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. राणा ने कहा कि रानी अवंती बाई का बलिदान राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक है, जो हमें देशहित में समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। योगाचार्य ने कहा कि उनके आदर्शों को अपनाते हुए नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर एस वाजपेई, अभिलाषा आचार्य, मंजू साहू, रेखा साहू, शैलेंद्र साहू सहित योग शिक्षक व साधक उपस्थित थे।
400 कार, 700 बाइक पर निकला लोधी समाज, लोगों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 168वीं पुण्यतिथि पर सरस्वती मैरिज गार्डन मोतीनगर में लोधी क्षत्रिय समाज महासभा के तत्वावधान में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रहलाद पटेल, विधायक वीरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह, पूर्व विधायक तरवर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण और कन्या पूजन कर किया। प्रहलाद पटेल ने कहा कि रानी अवंती बाई ने अल्पायु में अद्वितीय शौर्य का परिचय देते हुए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने समाज से शिक्षा, खेल, कृषि और चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में करीब 3000 लोगों ने हिस्सा लिया। 400 चारपहिया और 700 दोपहिया वाहनों के साथ रैली निकाली गई। साथ ही शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। शोभायात्रा का स्वागत यादव समाज, कुर्मी समाज, पतंजलि योग समिति, गायत्री परिवार, पूर्व विधायक सुरेन्द्र चौधरी, विधायक प्रदीप लारिया ने पुष्पवर्षा, अंगवस्त्र, श्रीफल से स्वागत किया। समापन मकरोनिया स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
पुष्पांजलि से शोभायात्रा का किया स्वागत, पुष्पवर्षा की
सागर | बलिदान दिवस पर मकरोनिया चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मकरोनिया व युवा कांग्रेस नरयावली द्वारा पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोधी समाज की वाहन रैली व शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
किन्नरों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा मांगी
सागर| किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के बाद एक गुट शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग की। ज्ञापन देने वालों के साथ काजल मां भी आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण को लेकर किन्नर समाज के भीतर विवाद की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार रानी ठाकुर ने एक घराना छोड़ने के बाद पुलिस से संपर्क किया था, जिसके बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।
सुरखी पुलिस ने पकड़ा 20 लाख का गुटखा, बिलों की जांच, जीएसटी चोरी की आशंका
सागर| सुरखी पुलिस ने 20 लाख रुपए मूल्य के राजश्री गुटखा से भरी एक गाड़ी को जब्त किया है। गुटखा परिवहन संबंधी बिलों की जांच चल रही है। जीएसटी चोरी के एंगल से पुलिस जांच कर रही है। ट्रेनी आईपीएस व सुरखी थाना प्रभारी दीपांशु ने बताया कि गुटखा की गाड़ी पकड़ी है। संबंधित विभाग व जीएसटी अधिकारियों को सूचना दी गई। परिवहन संबंधी दस्तावेज की जांच करा रहे हैं।
1.06 लाख रुपए बकाया पर बिजली कनेक्शन काटा तीन घंटे बाद प्राइवेट व्यक्ति जोड़ने चढ़ा, एफआईआर
बिजली कंपनी मार्च माह में ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली करने के लिए सख्ती कर रही है। बकायादारों द्वारा राशि जमा न करने पर उनके घरों की बिजली सप्लाई बंद की जा रही है, जिसमें विवाद भी सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिन में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिसमें एक जगह उपभोक्ता ने कनेक्शन कटने के बाद प्राइवेट व्यक्ति को बुलाकर काटे गए कनेक्शन को जुड़वाने का प्रयास किया तो वहीं शुक्रवार को लाजपतपुरा वार्ड में उपभोक्ता और बिजली कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। दोनों मामलों में बिजली कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए विवेचना में लिया है। दूसरा मामला शुक्रवार दोपहर लाजपतपुरा वार्ड में सामने आया। बिजली कंपनी के लाइनमैन गोविंद राठौर ने कोतवाली थाना पुलिस से की शिकायत में बताया कि वह उपभोक्ता उमादेवी का 60 हजार रुपए के करीब बिजली बिल बकाया है। शुक्रवार को टीम के साथ कनेक्शन काटने पहुंचे तो उमादेवी व उनके पति विवाद करने लगे। आरोप है कि उपभोक्ता ने टीम पर पथराव किया। वहीं उपभोक्ता उमादेवी का कहना है कि उनके बिजली बिल का प्रकरण मप्र राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष लंबित है। 14 मई को अगली सुनवाई है। यह सब कंपनी को लिखित में दे चुके हैं, इसके बाद भी अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। महिला का कहना था कि पति-पत्नी बुजुर्ग हैं, पति दिव्यांग है, बिजली कंपनी गलत आरोप लगा रही है। बिजली कंपनी के सहायक अभियंता शैलेष सुमन ने गोपालगंज थाना पुलिस से की शिकायत में बताया कि गुरुवार 19 मार्च की दोपहर 12:15 बजे इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी उपभोक्ता का बिजली बिल 1 लाख 6 हजार 837 रुपए बकाया होने पर खंभे से सप्लाई काट दी गई थी। इसके बाद कंपनी के लाइनमैन असीम बहना और आउटसोर्स कर्मी दोपहर 3:30 बजे लाइन चेक करने पहुंचे तो लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के बाजू में लगे खंभे पर एक व्यक्ति चालू लाइन से छेड़छाड़ करते दिखाई दिया। टीम ने उस व्यक्ति को खंभे से नीचे उतारकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम महेन्द्र पिता मुन्ना लाल भदौरिया उम्र 45 साल निवासी नाचनदास की गली बाहुबली कॉलोनी बताया। कंपनी ने महेंद्र को पकड़कर गोपालगंज थाना पुलिस के सुपुर्द करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटा गया, जिसे प्राइवेट व्यक्ति को अवैध रूप से जोड़ते हुए पकड़ा है। वह जान जोखिम में डालकर चालू लाइन पर खंभे पर चढ़ा था, यह गंभीर अपराध है। - इमरान खान, कार्यपालन अभियंता, शहर
अब 1.5 करोड़ रुपए तक वार्षिक टर्नओवर वाले खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस नहीं लेना होगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के 13 मार्च के आदेश के अनुसार ऐसे कारोबारियों के लिए केवल पंजीकरण पर्याप्त होगा। पहले 12 लाख रुपए से अधिक टर्नओवर पर लाइसेंस अनिवार्य था और करीब 2 हजार रुपए सालाना शुल्क देना पड़ता था। नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे, जिससे उदयपुर के करीब 2 हजार छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी और हर साल लगभग 40 लाख रुपए की बचत होगी। नई व्यवस्था: 50 करोड़ व इससे ऊपर टर्नओवर पर लाइसेंस जरूरी नई व्यवस्था के अनुसार टर्नओवर के आधार पर कारोबारियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 1.5 करोड़ रुपए तक के व्यवसायों के लिए केवल पंजीकरण पर्याप्त रहेगा। 1.5 करोड़ से 50 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वालों को राज्य लाइसेंस लेना होगा, जबकि 50 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए केंद्रीय लाइसेंस अनिवार्य होगा। इन श्रेणियों में 2 हजार से 7.5 हजार रुपए तक फीस निर्धारित की गई है और उत्पादन अधिक होने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बता दें कि उदयपुर जिले में करीब 18 हजार फूड कारोबारियों का पंजीकरण है। ऑफिस के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा व मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण) संशोधन विनियम-2026 को 10 मार्च को राजपत्र में अधिसूचित किया था। इससे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के पंजीकरण से जुड़ी दोहरी अनुपालन आवश्यकताओं को भी दूर करने का प्रयास किया गया है। इससे छोटे व्यवसायियों को नया काम शुरू करने पर लाइसेंस के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब पूरे देश में एक जैसे नियम रहेंगेप्राधिकरण के अुसार यह आदेश खाद्य व्यवसायों के वर्गीकरण के सभी प्रावधानों की जगह लेगा। यानी अब पूरे देश में लाइसेंसिंग और पंजीकरण के लिए यही नई टर्नओवर सीमा मान्य होगी। यह बदलाव नीति आयोग की गैर-वित्तीय नियामकीय सुधारों पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी के बाद किया गया है।
काकादेव में आनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने वाट़्सएप काल के जरिए निवेश कराकर 26.52 लाख रुपए हड़प लिए। 10 दिन में 18 ट्रांजेक्शन कराकर शातिरों ने महिला से रकम ठग ली। पीड़िता ने काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही साइबर थाने में शिकायत की है। आकर्षक योजनाओं का दिया झांसा काकादेव माडल टाउन निवासी संजना ओबेराय ने बताया कि उनके मोबाइल पर वाट्सएप काल के जरिए एक्स ट्रेड नामक कंपनी के प्रतिनिधियों ने संपर्क किया। उन्होंने शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। साइबर ठगों ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और आकर्षक योजनाएं दिखाईं, जिसके झांसे में आकर संजना ने छह से 16 फरवरी के बीच कुल 18 ट्रांजेक्शन किए। यह रकम उनके एचडीएफसी बैंक और बैंक आफ बड़ौदा खातों से डेबिट व क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ट्रांसफर की गई। कुछ समय बाद जब संजना को संदेह हुआ और उन्होंने कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि एक्स ट्रेड एक फर्जी संस्था है। ठगों ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अमानत में खयानत करते हुए उनसे बड़ी रकम ठग ली। हैरानी की बात यह है कि ठगी के बाद भी आरोपी लगातार फोन कर और पैसा निवेश करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता ने मामले की शिकायत काकादेव थाने के साथ ही साइबर थाने में आनलाइन दर्ज कराई है। काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्जकर साइबर सेल की मदद से ली जा रही है।
गुरुग्राम में लव मैरिज के 4 महीने बाद ही प्राइवेट अस्पताल की नर्स काजल की मौत के केस में पुलिस को बड़े सुराग हाथ लगे हैं। जांच में काजल के मकान के बाहर नाले से एनेस्थीसिया इंजेक्शन की खाली शीशी और नीडल बरामद हुई है। वहीं, पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों को काजल के बाएं हाथ पर इंजेक्शन का निशान भी मिला है। इससे पहले गुरुवार को घर के बाथरूम से इस्तेमाल की हुई सीरिंज मिली थी। ताजा सुराग मिलने के बाद पुलिस को संदेह है कि इसी इंजेक्शन को लगाने से काजल की मौत हो गई। काजल के भाई-बहन पहले ही आरोप लगा रहे हैं कि पति अरूण ने ही उसे जहरीला इंजेक्शन लगाया है। अब पुलिस का मानना है कि काजल को इंजेक्शन की ओवरडोज दी गई, जिसके कारण पहले उसके नाक से खून निकला और फिर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, आरोपी पति अरूण के अरेस्ट होने के बाद ही सब कुछ साफ होगा। पढ़िए नर्स हत्या केस की क्या है पूरी कहानी…. जानिए एनेस्थीसिया इंजेक्शन के साइड इफेक्ट्स… बेहोशी के लिए किया जाता यूज एनेस्थीसिया को इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है। यह नसों को ब्लॉक करके दर्द का एहसास खत्म करती है या व्यक्ति को पूरी तरह बेहोश कर देती है। आमतौर पर डॉक्टर सर्जरी में नियंत्रित मात्रा में देते हैं। यह अस्पतालों में सुरक्षित इस्तेमाल होती है, लेकिन गैर-चिकित्सकीय या गलत तरीके से इस्तेमाल घातक हो सकता है।ओवरडोज से हार्ट अटैक का खतरा ओवरडोज देने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम और हार्ट प्रभावित हो सकता है। शुरुआती लक्षण में चक्कर, उल्टी, बेहोशी, मांसपेशियों में कंपन या दौरा पड़ सकता है। इसके बाद ब्लड प्रेशर गिरता है, हृदय की धड़कन धीमी (ब्रैडीकार्डिया) या अनियमित हो जाती है, सांस भी रुक सकती है। इस केस में नाक से खून निकलना और तेजी से मौत के लक्षण इसी से मेल खाते हैं। कोमा में जा सकता व्यक्ति ओवरडोज जानलेवा होता है। हृदयगति रुक सकती है (कार्डियक अरेस्ट), सांस फेल हो सकती है या कोमा में जा सकता है। हालांकि, सामान्य व्यक्ति में सुरक्षित डोज से मौत का खतरा बहुत कम है, लेकिन ओवरडोज या गलत इंजेक्शन से मौत हो सकती है। भारत में ऐसे कई केस रिपोर्ट हुए हैं जहां ओवरडोज से हार्ट अटैक या रेस्पिरेटरी फेलियर हुआ। बिना मॉनिटरिंग के घर पर लगाना अत्यधिक जोखिम भरा है। पुलिस जांच कर रही एसएचओ कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। इन सुराग को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विसरा की रिपोर्ट लैब से आने के बाद मौत के सटीक कारणों पता चल सकेगा।
एमपी में पिछले 3 दिन यानी, 72 घंटे से साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत 42 से ज्यादा हिस्से में ओले-बारिश और आंधी का दौर चला। शनिवार को पूर्वी हिस्से में सिस्टम एक्टिव रहेंगे। इस वजह से रीवा-सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश का अलर्ट है। 74Km प्रतिघंटा और ओले गिरने की वजह से कई जिलों में गेहूं, केले, पपीता और संतरे की फसलें बर्बाद हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 मार्च से ही प्रदेश में ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर शुक्रवार को भी देखा गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी होने की वजह से शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। शनिवार को सिस्टम आगे बढ़ेगा। जिसका पूर्वी हिस्से के जिलों में असर देखने को मिलेगा। स्ट्रॉन्ग सिस्टम...इन जिलों में ओले-बारिश पिछले 24 घंटे में 42 जिलों के करीब 112 शहर या कस्बों में बारिश हुई। इनमें इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला जिले शामिल हैं। सबसे ज्यादा पानी धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंरी में पौन इंच तक गिर गया। बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, नतेरन, आमला, बैतूल, भोपाल, दमोह, अमरवाड़ा में आधा इंच या इससे ज्यादा बारिश हुई। वहीं, अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी, छतरपुर जिलों में ओले गिरे। तेज आंधी चलने से खेतों में खड़ी फसलों को खासा नुकसान हुआ है। ग्वालियर में पारा 23.9 डिग्री, रात से सिर्फ 4.7 डिग्री का अंतर प्रदेश में शुक्रवार को जारी बेमौसम बारिश, ओले और आंधी की वजह से कई शहरों में दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई। ग्वालियर में पारा 23.9 डिग्री रहा। एक ही दिन में तापमान 10.6 डिग्री लुढ़क गया। इसके बाद यहां दिन-रात के तापमान में सिर्फ 4.7 डिग्री का ही अंतर देखा गया। बीती रात ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज किया गया था। बारिश और बादल छाने की वजह से प्रदेश के सभी शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई है। दतिया, बैतूल, भोपाल, इंदौर, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़ और उमरिया में 5 डिग्री या इससे अधिक तापमान में गिरावट हुई। सबसे ज्यादा 10.9 डिग्री की गिरावट खजुराहो में हुई। यहां अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को यह 38.3 डिग्री था। सतना और ग्वालियर भी ऐसे शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक लुढ़का। इन शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे ग्वालियर में सबसे कम 23.9 डिग्री रहा। दतिया में 25.4 डिग्री, सतना में 26.3 डिग्री, रीवा में 27.2 डिग्री, खजुराहो में 27.4 डिग्री, पचमढ़ी में 27.6 डिग्री, श्योपुर में 28.6 डिग्री, उमरिया में 29 डिग्री, भोपाल में 29.4 डिग्री, सीधी में 29.6 डिग्री और जबलपुर में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तस्वीरों में देखिए कहां-कैसा बदला मौसम 26 मार्च से फिर नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो मौजूदा सिस्टम 21 मार्च को भी प्रदेश में सक्रिय रहेगा। फिर नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 22 मार्च से एक्टिव होगा। यह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह मौजूदा सिस्टम जितना स्ट्रॉन्ग नहीं रहेगा। कमजोर होने की वजह से एमपी में बारिश के आसार कम ही है, लेकिन 26 मार्च को नया सिस्टम एक्टिव होगा। यह प्रदेश में फिर से बारिश करा सकता है। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में दो बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। जिसका असर चार दिन तक बना रहेगा। इसकी वजह से लगातार दो दिन तक ओले गिर चुके हैं। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
इंदौर में ऑटोडील बंद कर भागा संचालक:युवक को ठगा,बैंक से कॉल आने के बाद हुआ मामले का खुलासा
इंदौर के परदेशीपुरा में एक ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक ऑटोडील से स्कूटर फायनेंस कराने के बाद पीड़ित ने पूरे रुपए जमा कर दिए। जब उसे बैंक से फायनेंस खत्म होने के बाद किश्तों को लेकर कॉल आने लगे तो उसने मौके पर जाकर देखा। यहां पर ऑटोडील बंद हो चुका था। जानकारी निकाली तो पता चला कि उसने कई लोगों से रुपए लेकर नहीं चुकाए। मामले में पीड़ित ने थाने आकर शिकायत की। इसके बाद एफआईआर की गई। पुलिस के मुताबिक मनोज बुरहाने निवासी रामनगर की शिकायत पर दीपक शर्मा और रेणु शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर की गई है। मनोज ने बताया कि उसने क्लर्क कॉलोनी में श्याम मोटर्स से 9 महीने पहले जूपिटर स्कूटर फायनेंस पर ली थी। जिसमें 22 हजार रुपए भरे थे। इसके दो से तीन माह में पूरे रुपए देने की बात कही थी। तब दीपक शर्मा ने 80 हजार देने के बाद एनओसी देने की बात कही थी। जिसमें अंकाउट से कुछ किश्तें कटीं, लेकिन इसी बीच 17 मार्च 2025 को 49 हजार 5 सौ रुपए नकद जमा करने के बाद 22 अप्रैल को 28 हजार 5 सौ रुपए और जमा कर दिए। तब दीपक से एनओसी मांगी तो उसने एक दो किश्तें बांउस होने की बात करते हुए पेमेट अंकाउट में डालकर एनओसी देने की बात कही। इसके बाद दीपक ने कॉल कर 2 हजार ओर मांगे और एनओसी देने की बात कही। तब गांव में होने के चलते एक सप्ताह बाद शोरूम पर पहुंचा। यहां पर शोरूम बंद हो चुका था। आसपास के लोगो से पूछा तो उन्होने शोरूम कही ओर जाने की बात कही। मनोज ने बताया कि उसने तीन अलग अलग नंबरों से फोन आ रहे है। जिसमें गाड़ी की किश्तें बांउस होने की बात कहकर 1 लाख रुपए देने की मांग कर रहे हैं। मनोज के मुताबिक वह करीब 1 लाख की अंमाउट दीपक को पहले ही दे चुका है। मनोज ने बताया कि दीपक ने उसके अलावा नवदीपसिंह,रजत वर्मा,पलकेश चौकसे,नेहा शर्मा के साथ भी इसी तरह से धोखा किया गया है। सभी से रुपए लेने के बाद दीपक ने बैक में जमा नही किए। जिसमें बैक से लगातार कॉल आ रहे है। दीपक के साथ सकी पत्नी रेणु भी इस पूरी घटना में शामिल है। परदेशीपुरा पुलिस दंपति को लेकर एफआईआर की है। वही उनकी तलाश शुरू कर दी है।
बारिश के बाद सर्द हुआ मौसम:दिन का पारा तीन डिग्री गिरकर 28, मार्च में फरवरी जैसी ठंडक
शहर में शुक्रवार को मौसम के कई रूप देखने मिले। सुबह से लेकर दोपहर से पहले तक बादलों का पहरा रहा। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और तेज धूप खिल गई। हालांकि दिनभर सर्द हवाओं का असर देखने को मिला। दिन में कई बार सूरज बादलों की ओट में आता-जाता रहा। एक बारगी बारिश जैसा मौसम बन गया। एक दिन पहले हुई बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया है। ऐसे में अब दिन-रात का पारा लुढ़ककर नीचे आ गया है। दिन का तापमान 28 डिग्री रहा, तो रात का पारा 15.2 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 3 डिग्री, जबकि न्यूनतम 3.6 डिग्री लुढ़का है। आगे: दो-तीन दिन छाएंगे बादल, बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर पश्चिमी राज्यों में वर्षा जारी है। उत्तरी राजस्थान के ऊपर एक निम्न स्तरीय परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इससे उत्तर पूर्वी राजस्थान में वर्षा और ओलावृष्टि की स्थिति है। मेवाड़ सहित दक्षिणी राजस्थान में दो से तीन दिनों तक हल्के बादल छाए रहेंगे। हल्की खंड वर्षा हो सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट संभव है।
ईद आज, काली पट्टी बांधकर पढ़ेंगे नमाज:भोपाल की सुन्नी और शिया मस्जिदों में किए गए अलग-अलग इंतजाम
रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद आज शनिवार 21 मार्च को राजधानी में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। गुरुवार को चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने आज ईद मनाने का ऐलान किया था। इस बार त्योहार सादगी के साथ मनाने और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील मुस्लिम संगठनों ने की है। जुमे की नमाज के बाद हुए ऐलान में ईरान के समर्थन और इजराइल के विरोध में आवाज उठाते हुए अकीदतमंदों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताने को कहा गया है। ईद के मौके पर शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाज के समय तय कर दिए गए हैं। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज अदा होगी। इसके बाद जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताजुल मसाजिद में 8:00 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज होगी। अन्य मस्जिदों में यह समय 8:30 बजे रखा गया है। फित्रा की दरें घोषितमसाजिद कमेटी के अनुसार फित्रा गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति करीब 70 रुपए तय किया गया है। वहीं चांदी के भाव के अनुसार अधिकतम फित्रा लगभग 1650 रुपए तक हो सकता है। नमाज से पहले फित्रा अदा करने की अपील की गई है। सकलैनी जामा मस्जिद में दो जमातअशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज होगी। पहली नमाज सुबह 7:45 बजे और दूसरी 8:30 बजे अदा की जाएगी। मस्जिद कमेटी के अनुसार यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। कमेटी की अपीलमसाजिद कमेटी ने लोगों से अपील की है कि ईदगाह से पहले किसी मस्जिद में नमाज अदा न करें, समय से पहले पहुंचे और पार्किंग व व्यवस्था में सहयोग करें। साथ ही अफवाहों से बचने और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील भी की गई है। रमजान महीने का हर दिन पाक और इबादत वाला होता है, लेकिन जुमा (शुक्रवार) का खास महत्व है। इस दिन मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है। लेकिन रमजान के आखिरी शुक्रवार को अलविदा जुमा या जुमातुल विदा कहा जाता है। अलविदा जुमा का दिन मुसलमानों के लिए अधिक विशेष होता है। अलविदा जुमा पर देशभर के मस्जिदों में खास रौनक देखने को मिलती है और बड़ी तादाद में रोजेदार अलविदा जुमा पर नमाज अदा करने के लिए मस्जिद पहुंचते हैं। अलविदा जुमा का महत्वरमजान का आखिरी शुक्रवार यानी जुमा रमजान उल मुबारक की इस्लाम में काफी फजीलत है। अलविदा जुमा रमजान की विदाई का संकेत है, जोकि रोजेदारों को यह याद दिलाता है कि, भले ही रमजान खत्म होने वाला है। जिस तरह लोगों ने पूरे महीने संयम, नेक कार्य और इबादत की वह कभी खत्म नहीं होना चाहिए। अलविदा जुमा पर कई लोग नमाज के बाद जकात और सदका अदा करते हैं, जिसे सवाब वाला काम माना जाता है। बाजारों में जबरदस्त रौनकईद करीब होने से भोपाल के बाजारों में जबरदस्त रौनक दिख रही है। खरीदारी का उत्साह चरम पर है और लोग देर रात तक बाजारों में उमड़ रहे हैं। कपड़ों से लेकर सेवइयों तक हर दुकान पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है। यहां आने जाने से बचेंईद के मौके पर शहर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस कारण भोपाल यातायात पुलिस ने यातायात में बदलाव किया है। सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा।
भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब पर अतिक्रमण की सारी हदें पार कर चुकी हैं। अतिक्रमणकारियों ने इसे चारों ओर से अतिक्रमण में जकड़ रखा है। सरकारी रिपोर्ट में ये सामने आ चुके हैं, पर कार्रवाई जमीन पर न होकर फाइलों में ही सिमटी रही। अब एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्राइबल) की फटकार से अफसर हरकत में आए और सर्वे शुरू किया। दैनिक भास्कर ने 200 फीट की ऊंचाई से भोपाल की लाइफ लाइन से खिलवाड़ करने वाले अतिक्रमण को ड्रोन कैमरे में कैद किया। करीब 8 महीने पहले ही एफटीएल से जुड़कर ही एक 2 मंजिला मकान बना दिया गया। इसी में स्वीमिंग पूल भी है। इसे ही टीटी नगर एसडीएम वृत की टीम ने लिस्टेड किया है। इन अतिक्रमण की जद में रसूखदारों के साथ-साथ होटल जहांनुमा, सायाजी, वन विहार समेत नगर निगम के सरकारी निर्माण भी हैं। सेवनिया गौंड, बिशनखेड़ी में मिले 20 से ज्यादा अतिक्रमणसर्वे टीम को सेवनिया गौंड, बिशनखेड़ी समेत आसपास के इलाकों में करीब तीन किमी के दायरे में 20 से ज्यादा बड़े अतिक्रमण लिस्टेड किए। इसमें फेंसिंग, बाउंड्रीवॉल, स्वीमिंग पूल, टीन शेड बना चुके थे, जो एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में ही हैं। सैर सपाटा, बोट क्लब-वन विहार का हिस्सा भीबड़ा तालाब किनारे प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी सामने आया है। एफटीएल के 50 मीटर के दायरे में सैर सपाटा, बोट क्लब, विंड एंड वेव्स होटल और वन विहार का कुछ हिस्सा भी आ रहा है। प्रशासन ने इन्हें भी अतिक्रमण के तौर पर लिस्टेड किया है। सर्वे में इतने अतिक्रमण मिलेंबैरागढ़ सर्कल में 220 अतिक्रमण सामने आए हैं। इन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी है। टीटी नगर में 127 अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। इनमें 59 निजी और 78 सरकारी शामिल हैं। परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की सास का रो-हाउस भी अतिक्रमण की सूची में शामिल हैं। प्रशासन की टीम ने सेवनिया गौंड, प्रेमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन किया था। वन विहार के पास जॉक रेस्टोरेंट, लहर रेस्टोरेंट, विंड्स एंड वेब, होटल रंजीत लेकव्यू, फूड जोन की 26 दुकानें, गेम जोन, कचरा कैफे, सुलभ कॉम्प्लेक्स और लहर जिम सहित अन्य निर्माण शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि किनारे से 100 से अधिक झुग्गी भी हटेंगी। बड़ा तालाब की हद जानने इनका सीमांकन भीसूत्रों के अनुसार, वन विहार रोड स्थित होटल रंजीत, होटल टोरकस, अन्नतास गार्डन, लेक हाउस का कुछ हिस्सा आ रहा है। वहीं, मैथलीशरण गुप्ता, कीर्ति जैन, पीएस भटनागर, मोहिनी देवी, बसंत कौर, सोमिया श्रीवास्तव, प्रकाश चंदेल, मुकेश शर्मा आदि के निर्माण भी जद में आ रहे हैं। इसके अलावा बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में शामिल बड़ा तालाब का काफी हिस्सा भी जद में आ रहा है। कुछ दिन पहले इन पर कार्रवाई की गई। वहीं, टीटी नगर एसडीएम वृत्त की टीमें भी जल्द कार्रवाई करेगी। ड्रोन से देखिए बड़ा तालाब में अतिक्रमण… बड़ा तालाब के 5 बड़े इलाकों में पहुंची भास्कर टीमदैनिक भास्कर ने बड़ा तालाब के पिछले व मौजूदा 4 सर्वे, एनजीटी में याचिका और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में पड़ताल की। तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) पर भी पहुंचा। एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया, शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन जब भास्कर टीम यहां पहुंची तो एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बने हुए नजर आए। ऐसे 1 या 2 नहीं, बल्कि सैकड़ों निर्माण है। कई रसूखदारों के फॉर्म हाउस भीभदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फॉर्म हाउस, रिसोर्ट भी देखने को मिले। बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। मुनार से जुड़ी बाउंड्रीवॉलमंगलवार को टीम जिस इलाके में सीमांकन करने पहुंची, वहां पर भास्कर टीम ने भी दौरा किया। सूरजनगर, सेवनिया गौंड में तो जिस जगह पर रामसर साइट है और नगर निगम की मुनार लगी है। ठीक उससे जुड़ी बिल्डिंग की बाउंड्रीवॉल थी। 5 महीने पहले यहां नगर निगम की सीवेज लाइन भी बिछाई गई है। मुनार के पास सड़क भी भर दी गई है, जो नियम के विरुद्ध है। दूसरी ओर, गौरागांव से बील गांव की तरफ सड़क भी तालाब के बीच से ही गुजरी है। बड़ा फर्जीवाड़ा...दो तरह की मुनारें मिलीबड़ा तालाब के किनारों पर भू-माफिया भी सक्रिय है, जो कम दाम पर प्लाट देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने और लोगों ने इस दायरे को लेकर ही भ्रम की स्थिति भी खड़ी की है। जिन मुनारों से एफटीएल की सीमा तय होती है, उन्हीं में फर्जीवाड़ा भी किया गया है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारें लगी हुई मिली। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉरपोर्रेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। इसलिए सीमांकन शुरू कियाकरीब पांच महीने पहले बड़ा तालाब के अतिक्रमण पर एनजीटी सख्त हुआ था। तब कार्रवाई की सिर्फ रस्म अदा की गई थी। फरवरी में सांसद आलोक शर्मा ने जिम्मेदारों की बैठक लेकर फटकार लगा दी। इसके बाद फिर से सर्वे शुरू किया गया। बड़ा तालाब में अतिक्रमण को लेकर एनजीटी में एक याचिका पर्यावरणविद् राशिद नूर ने लगाई थी। इस पर एनजीटी ने स्पष्ट किया कि वेटलैंड्स (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 का नियम-4 अब पूरे मध्यप्रदेश के सभी जलाशयों पर लागू होगा। बड़ा तालाब का सिर्फ कागजों का मामला नहीं, बल्कि भोपाल के पर्यावरण संतुलन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। तालाब में अब 41 नालों से सीवेज गिर रहा है और 227 अतिक्रमण अब तक हटाए नहीं गए। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ... पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आईसाल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारें ही गायब हो गईंइसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारें ही मिली थीं। इसमें भी 337 मुनारें पानी के भीतर डूबी हुईं थीं, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारें मौके से गायब थीं, लेकिन इसके बाद मुनारें दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का अता-पता नहींइस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। 6 महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बनेबड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। करीब छह महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने तालाब के आसपास के अतिक्रमण का नए सिरे से सर्वे करने के निर्देश नगरीय आवास एवं विकास विभाग की बैठक में दिए थे। वहीं, कुछ समय पहले भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब का मास्टर प्लान बनाने की पैरवी की थी। कहा था कि मास्टर प्लान बनने से तालाब को सुरक्षित किया जा सकेगा। बड़ा तालाब के 50 मीटर के दायरे में 1300 से ज्यादा अतिक्रमण सामने आया था। 10 साल में सिर्फ 1 बड़ी कार्रवाई, महीनों तक विस्थापन नहींकरीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से कुल 386 घरों को हटाया गया था। एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की 10 साल में यही बड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद प्लान बने, लेकिन जमीन पर नहीं आए।
देश भर के कई राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और तूफान का मौसम जारी है। यूपी के 25 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को आंधी-बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। प्रयागराज, बलरामपुर, बहराइच और मिर्जापुर में बिजली गिरने से 3 किसानों समेत 5 की मौत हो गई। बिहार के पटना, बेतिया, मोतिहारी, जमुई समेत 15 शहरों में आंधी-बारिश हुई। गयाजी में बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश के 42 जिलों में भी कल बारिश हुई। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन जैसे कई बड़े शहर भी शामिल हैं। MP में बारिश से न्यूनतम तापमान में 3C तक की गिरावट दर्ज की गई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी 12.6C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री और भोपाल में 16.6C दर्ज किया गया। इधर, राजस्थान में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन बारिश और ओले गिरे। श्रीगंगानगर में कोहरा छाने से विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रही। दिल्ली में लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिल्ली में पिछले 6 सालों के दौरान मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 9.6 डिग्री कम है। इससे पहले 8 मार्च 2020 को तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। हिमाचल में लगातार चौथे दिन बर्फबारी, 25 मार्च तक अलर्ट हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी जारी रही। मनाली, लाहौल-स्पीति और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से हालात सर्दियों जैसे बन गए हैं। अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत जम गई है। वहीं भुंतर-मनिकरण रोड लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई है और मनाली-रोहतांग रूट पर वाहनों की आवाजाही नेहरू कुंड तक सीमित कर दी गई है। लाहौल घाटी का संपर्क भी कट गया है और सड़कों को साफ करने का काम जारी है। बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी 1.1 डिग्री और मनाली 3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऊना में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। देशभर में मौसम के हालात की तस्वीरें… अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान 22 मार्च : पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आंधी-तूफान की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और कर्नाटक में गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक, केरल, गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। 23 मार्च : उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक हो सकती है।
हरियाणा के नारनौल शहर में लंबे समय से अटके जरूरी विकास कार्यों को अब रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर परिषद ने एक साथ कई वार्डों में सड़क, गलियों, नालियों और मेनहोल से जुड़े कामों के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। ये सभी काम सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े हैं, जिनकी शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं। नगर परिषद ने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के जरिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। टेंडर खुलने के बाद एजेंसियों का चयन किया जाएगा और इसके बाद अलग-अलग वार्डों में काम शुरू होंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद खराब सड़क, टूटे मेनहोल और गंदगी जैसी समस्याओं में सुधार होगा। सेक्टर एक का होगा सुधार शहर के एकमात्र हुडा के सेक्टर एक में टूटे मेनहोल, क्षतिग्रस्त गलियों और स्लैब की मरम्मत के लिए 11.53 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। लंबे समय से खराब मेनहोल लोगों के लिए खतरा बने हुए थे। यहां बनेगी सड़क वार्ड 5: सुधीर के मकान से सुरेंद्र के मकान तक नई सीसी सड़क बनाई जाएगी। इस पर करीब 29.67 लाख रुपए खर्च होंगे। रघुनाथपुरा खालड़ा: कूड़ा प्रोसेसिंग शेड के लिए बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बेहतर होगी। ये भी काम होंगे वार्ड 23: सड़क, गलियों, नालियों, जाली और फ्रेम की मरम्मत के लिए 4.23 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। वार्ड 12: सड़क मरम्मत, पैचवर्क और एक स्थान पर बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 7.07 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। क्या कहते हैं ईओ नगर परिषद के ईओ जोगेंद्र सिंह ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द काम शुरू कराए जाएंगे। प्राथमिकता यह है कि छोटे लेकिन जरूरी काम समय पर पूरे हों, ताकि लोगों को राहत मिल सके और शहर की बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों।
हरियाणा में किसान फसलों के मुआवजे के खेल में फंस गए हैं। बाढ़ से प्रभावित फसल का प्रीमियम इंश्योरेंस होने के बाद भी अकाउंट में 200-300 रुपए मुआवजा आ रहा है। अकाउंट में इंश्योरेंस क्लेम की ये राशि देखकर किसान हैरान है। वहीं किसान नेता भी मामले को लेकर एक्टिव हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने सही तरीके से मुआवजा नहीं दिया तो पक्का मोर्चा लगाकर धरना देंगे। बीती बरसात में बाढ़ से प्रदेश के चरखी दादरी, हिसार और भिवानी में किसानों की फसलें डूब गई थी। जिसका मुआवजा अब कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि कम नुकसान वाले खेत की जांच कर कंपनी अधिक नुकसान वाले खेतों को भी उसी के हिसाब से मुआवजा दे रही है। जिससे कुछ किसानों के खातों में सिर्फ 171 रुपए आए हैं, जबकि बीमा कपनी ने इंश्योरेंस की एवज में 4 हजार रुपए काट लिए। पढ़िए मुआवजे पर क्या बोले किसान… किसान नेता बोले- 15 दिन का अल्टीमेटम पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने बताया कि एचडीएफसी बीमा कंपनी ने किसानों के खातों में नाममात्र क्लेम डाला गया है। हिसार जिले के किसानों का वर्ष 2022 का बीमा क्लेम भी अब तक लंबित है। यदि 15 दिनों के भीतर बीमा क्लेम किसानों के खातों में नहीं डाला गया, तो गेहूं कटाई के बाद लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। पढ़िए क्या कहते हैं नियम… जिन किसानों की फसल का नुकसान 50 से 75 फीसदी तक हुआ है, उन्हें सरकार की ओर से 12000 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा मिलता है। इसके अलावा जिन किसानों की फसल का 75 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें 15000 रुपए प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाता है। एक अनुमान के हिसाब से…आपने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 3 हेक्टेयर फसल खराब होना का आवेदन किया है और आपका नुकसान 75 फीसदी से ज्यादा हुआ है तो खाते में 45000 रुपए आएंगे। इतने किसानों के खाते में आना था पैसा हरियाणा सरकार फसल नुकसान के मुआवजे का क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से मुआवजा देती है। जिन किसानों ने तय समयसीमा में पोर्टल पर कागज जमा नहीं कराए हैं, उनके खाते में पैसा नहीं आएगा। खरीफ सीजन- 2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5 लाख 29 हजार 199 किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का रजिस्ट्रेशन करवाया था। वेरिफिकेशन के बाद 53 हजार 821 किसानों का 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ कृषि क्षेत्र क्षतिग्रस्त पाया गया। जिसके बाद अब किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। पैसा नहीं आया तो कहां करें शिकायत अगर किसी किसान के अकाउंट में पैसा नहीं आया है तो वह 1800-180-2117 या 1800-180-2060 नंबर पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा क्षतिपूर्ति पोर्टल या मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जाकर लॉगिन करके अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग में नाम आने और नोटिस जारी होने के बाद रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा का नाम यहां जिंदा रखने की वजह से ही अशोक तंवर और कुमारी सैलजा से लड़ाई लड़ी। जरनैल सिंह ने CM नायब सैनी की भी खुलकर तारीफ की। बोले- नायब सैनी बहुत ही बढ़िया मुख्यमंत्री हैं, काम करने वाले हैं। पहले सीएम विपक्ष के विधायकों के घर नहीं जाते थे, लेकिन नायब सैनी ने इतिहास रचते हुए ये शुरुआत की है। कांग्रेस विधायक ने कहा- पार्टी के सभी विधायक चोरी-चोरी CM से मिलने जाते हैं, काम कराते हैं। 20 मार्च को ही कांग्रेस अनुशासन समिति ने जरनैल सिंह को नोटिस जारी कर क्रॉस वोटिंग पर 7 दिन में जवाब मांगा है। जानिए…जरनैल सिंह ने क्या-क्या बातें कहीं अभी कांग्रेस छोड़ने पर कोई विचार नहीं कांग्रेस छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर जरनैल सिंह ने कहा कि अभी ऐसी कोई मंशा नहीं है। पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे। हाईकमान को नोटिस का जवाब भेजकर अपनी निष्ठा के बारे में बताएंगे। पढ़िए… अब तक कौन-कौन विधायक दिखा चुके बागी तेवर हुड्डा ने दिलाई थी कांग्रेस की टिकट जरनैल सिंह साल 2009 के उपचुनाव में दूसरी बार विधायक बने थे। उस समय प्रदेश में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीएम थे। हुड्डा ने पहली बार जरनैल सिंह को कांग्रेस की टिकट दिलाई। इसके बाद हुए हर चुनाव में हुड्डा ने ही पैरवी करके जरनैल सिंह को टिकट दिलवाई। कांग्रेस की टिकट पर जरनैल पांच बार चुनाव लड़े हैं। जिनमें से दो बार जीते हैं। एक बार इनेलो के टिकट पर भी जीत दर्ज की। ------------ यह खबर भी पढ़िए… हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों को नया नोटिस: अब क्रॉस वोटिंग शब्द जोड़ा; पार्टी विरोधी गतिविधि में सख्त कार्रवाई के संकेत हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस ने कुछ घंटे में ही अपने 5 विधायकों को नया नोटिस जारी कर दिया है। इस बार इस नोटिस में क्रॉस वोटिंग करने का जिक्र है। इससे पहले जो नोटिस था, उसमें कैंसिलेशन/इनवेलिडिटी लिखा गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
चंडीगढ़ के रहने वाले मशहूर भजन सिंगर कन्हैया मित्तल का राजस्थान के अलवर में साउंड सिस्टम ऑपरेटर से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि कन्हैया मित्तल ने माइक छोड़ दिया और बिना माइक के श्रद्धालुओं के बीच आ गए। आयोजकों ने भी कन्हैया मित्तल के बजाय साउंड वाले का साथ दिया, जिससे कन्हैया मित्तल बेहद खफा हुए। अलवर से लौटते हुए कन्हैया मित्तल लाइव हुए। मित्तल ने कहा कि छोटे व उभरते हुए कलाकारों के साथ ही नहीं बड़े कलाकारों के साथ भी धक्का होता है। कन्हैया मित्तल ने कहा कि उनके साथ कई बार ऐसा हुआ कि आयोजकों ने पैसे तक नहीं दिए। उन्होंने उभरते हुए कलाकारों को कहा कि प्रोफशनल बनकर काम करें। बिना पेमेंट लिए मंच पर न चढ़ें। इंद्रेश महाराज की कथा में भजन गाने बुलाया थाराजस्थान के अलवर में इंद्रेज महाराज की कथा चल रही है। आयोजकों ने कन्हैया मित्तल को भजन गाने के लिए बुलाया। कन्हैया मित्तल ने कहा कि इसके लिए उन्हें कोई एडवांस भी नहीं दिया। कन्हैया ने कहा कि जो लोग किसी कलाकार को भाईबंदी के नाते प्रोग्राम में बुला लेते हैं वह लोग किसी लायक नहीं होते। ये साउंड भी इंद्रेश जी का था। इंद्रेश महाराज के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। लेकिन उनके साउंड ऑपरेटर इस तरह गलत हरकतें कर रहे हैं जो अपने आप में शर्म की बात है। कन्हैया मित्तल-साउंड ऑपरेटर का कैसे हुआ विवाद… फेसबुक लाइव होकर कन्हैया मित्तल ने बताई पूरी बातें, सिलसिलेवार पढ़िए… पहले भी मित्तल का हो चुका साउंड ऑपरेटरों से विवादमित्तल ने कहा कि पहले भी एक जागरण में जब साउंड सिस्टम वाले को साउंड ठीक से चलाने के लिए कहा था तो उस साउंड वाले ने 25 हजार रुपए कमिशन देने के आरोप लगाए थे। अब आज साउंड वाले ने कहा कि मैं चलाऊंगा ही नहीं। उससे पहले एक जागरण में साउंड वाले ने कहा कि देख लो जैसे करना है। कन्हैया ने कहा कि आयोजक क्यों कलाकार के मतलब की साउंड नहीं लगवाते। आयोजक बोले- कन्हैया मित्तल ने साउंड ऑपरेटर की बेइज्जती कीइस बारे में आयोजक अमित सिंघल ने कहा- उसी साउंड पर इंद्रेश जी रोज कथा करते हैं। भजन भी गाते हैं। कभी कोई परेशानी नहीं रही। कन्हैया मित्तल ने आते ही जानबूझकर साउंड ऑपरेटर की बेइज्जती की। उसे कहा- तुम्हारे मां-बाप ने संस्कार नहीं दिए। इतना कौन सुन सकता है। फिर आयोजकों से मित्तल ने कहा कि दूसरे साउंड का इंतजाम करो। कुछ मिनट में दूसरे साउंड का इंतजाम भी संभव नहीं है। साउंड सही नहीं होता तो रात को वापस उसी जगह इंद्रेशजी ने भजन सुनाए हैं। यह भजन गायक चर्चा में रहने के लिए यह सब करते हैं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग यानी मिडिल ईस्ट की वॉर से पंजाब में प्रीमियम पेट्रोल और कॉमर्शियल डीजल की कीमतें बढ़ गई है। पंजाब में डेली 5 लाख लीटर के करीब प्रीमियम पेट्रोल बिकता है। इस हिसाब से लोगों को 10 लाख रुपए एक्सट्रा चुकाने होंगे। दूसरी तरफ कॉमर्शियल डीजल 22 रुपए महंगा होकर 109 रुपए प्रति लीटर हो गया है। एक्सपर्ट का मानना है कि इससे आने वाले दिनों में बस किराया और ट्रक भाड़ा बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है। जालंधर लाडोवाली रोड पर सहकारी पेट्रोल पंप के मैनेजर अमन सिंह ने बताया कि अकेले उनके यहां डेली 300 लीटर के करीब प्रीमियम पेट्रोल की खपत है। अभी सामान्य पेट्रोल की कीमत बढ़ने को लेकर कोई सूचना नहीं है। आने वाले दिनों में इसकी भी कीमतें बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। लुधियाना पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के चेयरमैन व लक्ष्मी पेट्रोल पंप के मालिक अशोक सचदेवा ने कहा कि कॉमर्शियल डीजल के रेट 22 रुपए बढ़ने से सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा। ट्रक यूनियन और बस ऑपरेटरों ने पहले ही किराया बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। गेहूं की कटाई का सीजन नजदीक होने के कारण डीजल की बढ़ती मांग और कीमतें किसानों के लिए भी चिंता बन सकती हैं, हालांकि अभी रिटेल पंपों पर डीजल का रेट 87 रुपए ही है। 10 सवाल-जवाब से जानें आम आदमी की जेब पर क्या असर… सवाल: प्रीमियम पेट्रोल की पंजाब में कितनी खपत है?जवाब: पंजाब में प्रीमियम पेट्रोल (जैसे XP95, Power) की खपत कुल पेट्रोल बिक्री का लगभग 10-12 फीसदी है। सालाना यह करीब 130 से 150 हजार मीट्रिक टन यानी 17 से 20 करोड़ लीटर के आसपास रहती है। सवाल: 2 रुपए रेट बढ़ने से आम आदमी की जेब पर कितना फर्क पड़ेगा? जवाब: यदि आप महीने में 30 लीटर प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी जेब पर सीधे 60 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सवाल: कॉमर्शियल डीजल की पंजाब में कितनी खपत है? जवाब: पंजाब में डीजल की कुल खपत लगभग 3,449 हजार मीट्रिक टन है। इसमें से कॉमर्शियल या बल्क डीजल (जो सीधे रेलवे या डिपो को जाता है) का हिस्सा लगभग 15-20 फीसदी होने का अनुमान है। सवाल: कॉमर्शियल डीजल 22 लीटर बढ़ा, तो इसका क्या असर होगा? जवाब: इससे थोक खरीदार (जैसे बड़ी फैक्ट्रियां या प्राइवेट बस ऑपरेटर) अब पेट्रोल पंपों (रिटेल) से तेल भरवाना शुरू कर देंगे, जिससे आम पंपों पर भारी भीड़ और किल्लत की स्थिति पैदा हो सकती है। सवाल: कॉमर्शियल डीजल होता क्या है?जवाब: यह वह डीजल है जो तेल कंपनियां सीधे बड़े ग्राहकों (रेलवे, बिजली घर, बड़ी इंडस्ट्रीज) को थोक में बेचती हैं। यह आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले डीजल से अलग श्रेणी में आता है। सवाल: कॉमर्शियल डीजल महंगा होने से आम आदमी को क्या नुकसान है?जवाब: जब फैक्ट्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए तेल महंगा होगा, तो वे सामान बनाने और पहुंचाने की कीमत बढ़ा देंगे। इससे बिस्कुट से लेकर लोहे तक हर चीज महंगी हो सकती है। सवाल: क्या इससे बस किराए और ट्रक भाड़े में फर्क पड़ेगा? जवाब: हां। यदि ट्रांसपोर्टरों की लागत 22 रुपए प्रति लीटर बढ़ती है तो वे ट्रक भाड़ा 10-15% तक बढ़ा सकते हैं। पंजाब में हाल ही में तेल की कीमतों के कारण बस किराए में 23 पैसे प्रति किमी तक की बढ़ोतरी की जा चुकी है। सवाल: क्या सामान्य पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़ने के आसार हैं? जवाब: फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार जाने से भविष्य में मामूली बढ़ोतरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सवाल: गेहूं कटाई के वक्त पंजाब में कितनी डीजल खपत बढ़ती है? जवाब: कटाई के सीजन (अप्रैल-मई) में पंजाब में डीजल की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले 30 से 40% तक बढ़ जाती है। कंबाइन और ट्रैक्टरों के अत्यधिक उपयोग के कारण ऐसा होता है। सवाल: क्या पेट्रोल-डीजल के लिए पैनिक होने की जरूरत है? जवाब: बिल्कुल नहीं। पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सूबे में पेट्रोल और डीजल का पूरा स्टॉक है। अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करें। पेट्रोल पंपों पर बेवजह भीड़ न लगाएं। प्रीमियम पेट्रोल और कॉमर्शियल डीजल के रेट बढ़ने क्या कारण हैं? पंजाब में हर साल 174 करोड़ लीटर पेट्रोल की बिक्रीपेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के 5,400 पेट्रोल पंपों पर सालाना 1304 हजार मीट्रिक टन यानी 174 करोड़ लीटर पेट्रोल बिकता है। पंजाब में डेली लगभग 48 लाख लीटर पेट्रोल बिकता है, जिसका 12 फीसदी प्रीमियम होता है। इसी तरह से 3,449 हजार मीट्रिक टन यानी 415 करोड़ लीटर डीजल की खपत करता है। इसमें कामर्शियल डीजल पंप 200 के लगभग हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सूबे में पेट्रोल की मांग 6.31% सालाना बढ़ी है।
इसी वर्ष अप्रैल में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव फिर सितंबर तक टल सकते हैं। लगातार टल रहे चुनाव का विपरीत असर तत्कालीन नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) वर्तमान में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की बसाई बस्तियों की करीब 1 लाख आबादी पर पड़ रहा है। एक साल से इन आलीशान क्षेत्रों के बाशिंदों को नाली निर्माण, सीवरेज, नियमित साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट के पुख्ता प्रबंध, चमचमाती सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए और तरसना पड़ेगा। इन मूलभूत सुविधाओं के लिए ये एक लाख आबादी पिछले 21 सालों से तरस रही है। जनवरी 2025 तक इन क्षेत्रों के बाशिंदे यूडीए व ग्राम पंचायतों के अधीन थे। पंचायतों के सीमित बजट व यूआईटी के भारी क्षेत्र विस्तार के कारण इन क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड के विकास के लिए सालाना 60-90 लाख का बजट ही मिल पाता था। जनवरी 2025 में नगर निगम के सीमांकन के बाद वार्डों की संख्या 70 से 80 करने (10 नए वार्ड बनाने) का सीधा फायदा शहर से सटी करीब 1 लाख आबादी को मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद जागी है। साल 2026-2030 व आगे तक प्रत्येक वार्ड के विकास का बजट बढ़कर सालाना 2-5 करोड़ रुपए होगा, जिससे सीवरेज लाइन, नालियों निर्माण, नियमित साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, गली-गली में चमचमाती सड़कों के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। लेकिन, इन मूलभूत सुविधाओं का विकास चुनाव के बाद ही धरातल पर उतर सकेगा। विडंबना... सेलिब्रेशन और अर्बन स्क्वायर मॉल जैसी इमारतें मौजूद, फिर भी सुध नहीं ये है स्थिति सापेटिया में पानी निकासी के अभाव में घरों के बाहर व बीच सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों व क्षेत्रवासी परेशान होते हैं। बड़गांव में आरा मशीन वाली गली, महालक्ष्मी नगर, न्यू महालक्ष्मी नगर, सायफन, नवरत्न कॉम्प्लेक्स एरिया की गलियों, चित्रकूट नगर, मीरा नगर में पानी निकासी के लिए गली-मोहल्लों में नालियों का निर्माण नहीं होने से घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है। सीवरेज लाइन नहीं होने से घरों के अंदर ही गड्ढे खोदकर सीवरेज दफन करने की व्यवस्था है, जिससे हादसे की आशंका रहती है। क्योंकि, सीवरेज से भरे गड्ढों को खाली कराते समय शहर में सफाईकर्मियों के साथ घटनाएं हो चुकी हैं। नवरत्न कॉम्प्लेक्स में आलीशान घर बने हुए हैं, लेकिन नियमित साफ-सफाई नहीं होने से खाली प्लॉटों पर कचरा पड़ा रहता है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
शनिवार को ईद उल फितर मनाई जाएगी। सुबह 7.30 बजे से 9.45 बजे तक ग्वालियर की 116 मस्जिद, ईदगाहों पर एक साथ ईद की विशेष नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर आकर युवा, बुजुर्ग और बच्चे एक दूसरे को गले मिलकर ईद उल फितर की मुबारकबाद देंगे। इस विशेष मौके पर शहर काजी ने लोगों से अपील की है कि ईदगाहों और मस्जिदों में ईद उल फितर की नमाज अदा करें और पूरी खुशी और उल्लास के साथ त्योहार मनाए जाए । ग्वालियर शहर में हर तरफ खुशी का माहौल है। ईद के मौके पर कोई अप्रिय घटना न घटे इसके लिए पुलिस फोर्स भी तैनात किया गया है। ईद पर बाजारों में रौनक मीठी ईद की खुशी बाजारों में भी देखने को मिल रही है। ईद से पहले शहर के बाजार फेनी, सेवइयां से सजे हुए हैं। बाजारों मुस्लिम समुदाय के लोग कपड़े, गहने खरीद रहे हैं। हर तरह खुशी और उल्लास का माहौल है। लोग खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में व्यवसायी भी खुश नजर आए हैं। जानिए क्यों मनाई जाती है ईद? बता दें कि इतिहास में रोजा रखकर ही पैगंबर मुहम्मद ने अपने अनुयायियों के साथ दुश्मन की भारी भरकम सेना को भी धूल चटा दी थी। जंग-ए-बद्र की जीत के बाद खुशी में लोगों का मुंह मीठा करवाया गया था, जिसके बाद से इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। ईद उल फितर पर मुस्लिम समुदाय के लोग एक दूसरे का मीठी सेवइयां खिलाकर मुंह मीठा कराते हैं।
श्री सनातन धर्म चैरिटेबल सभा ने करवाई चौकी
लुधियाना| सेक्टर-32 वर्धमान मिल के पीछे स्थित मां वैष्णो धाम में नवरात्रि के प्रथम दिन माँ की चौकी का भव्य आयोजन किया गया। श्री सनातन धर्म चैरिटेबल सभा के सदस्यों और समस्त श्रद्धालुओं के सहयोग से उत्सव की शुरुआत पं. रजनीकांत शास्त्री, पं. त्रिलोकीनाथ शर्मा और पं. हिमांशु दुबे द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण और पूजन से की। चौकी का मुख्य आकर्षण भजन गायक भैया सुनील कालिया रहे। श्री तपोस्थली संकीर्तन मंडल के गायकों ने देर रात तक माँ का गुणगान किया। अनुष्ठान को सफल बनाने में संजीव जैन, राकेश नरूला, बी.एल. शर्मा, अरुण कुमार मेहान और वनीशा गुप्ता सहित पीयूष जैन मौजूद रहे।
अलविदा जुमे की नमाज के बाद आज होगी ईद की नमाज
लुधियाना | मदरसा गौसिया नूरिया व मस्जिद गाउसिया में रमजान के आखिरी जुमे की नमाज अदा की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में नमाजियों ने शिरकत की। इस अवसर पर कारी नैया राजा ने अलविदा जुमा के महत्व पर बयान देते हुए रमजान की फजीलत व अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। कार्यक्रम के अंत में यह ऐलान किया गया कि ईद-उल-फितर की नमाज आज 8:30 बजे अदा की जाएगी। सभी नमाजियों से समय पर पहुंचने की अपील की गई।
श्रद्धालुओं को बांटा फलाहारी खीर का प्रसाद
लुधियाना | चैत्र नवरात्रि के पावन उपलक्ष्य पर श्री दुर्गा माता मंदिर के बाहर मां भगवती क्लब द्वारा श्रद्धापूर्वक व्रत वाली खीर का लंगर लगाया गया। क्लब के प्रधान अविनाश सिक्का के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान अनिल नैयर, कुंजन, राजेश कपूर और पुनीत मलिक सहित अन्य सदस्यों ने सेवा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्लब के सदस्यों ने बताया कि माता रानी के आशीर्वाद से समाज सेवा निरंतर जारी रहेगी।
महिला दिवस के अवसर पर घरेलू सहायिकाओं का सम्मान किया
लुधियाना | महिला दिवस के अवसर पर मिशन स्माइल एनजीओ ने कुकिट बाय चावला वेजिटेरियन में घरेलू सहायिकाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया। अध्यक्ष सोनिया छाबड़ा और उपाध्यक्ष मंजू सेठी के नेतृत्व में मेहनती महिलाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस मौके पर मिशन स्माइल एनजीओ द्वारा उन्हें पंखे भेंट किए गए। साथ ही उनके मनोरंजन के लिए कई मजेदार खेल भी आयोजित किए गए, जिनका सभी महिलाओं ने भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम में कुकिट ने भोजन प्रायोजित किया, जबकि कौर कूट्योर ने सूट, क्रेमिका ने बिस्किट और हेल्थ कम फर्स्ट ने मल्टीविटामिन वितरित किए। आयोजकों ने कहा कि उद्देश्य समाज में मुस्कान, प्रेम और सकारात्मकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के सम्मान का दिन है जो निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वाह करती हैं।
घर के बाहर खड़ी कार जलाई, ढाई महीने बाद केस
लुधियाना| मॉडल टाउन इलाके में छेड़छाड़ का विरोध करना एक युवती और उसके परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि बदला लेने की नियत से आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी कार को आग के हवाले कर दिया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित परिवार को इंसाफ के लिए करीब ढाई महीने तक इंतजार करना पड़ा। पीड़िता के अनुसार, 2 जनवरी को वह घर में अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले गुरमीत सिंह और महिंदर सिंह जबरन घर में घुस आए और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। शोर सुनकर पिता मौके पर पहुंचे और विरोध किया, जिस पर हंगामा बढ़ गया और आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। बाद में दोनों आरोपियों ने माफी मांगकर मामला शांत कर दिया। लेकिन अगले ही दिन यानी 3 जनवरी की रात को बदले की कार्रवाई सामने आई। परिवार जब सो रहा था, तभी जोरदार धमाके की आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो घर के बाहर खड़ी कार जल रही थी। किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन गाड़ी को काफी नुकसान हो चुका था। परिवार को शक दोनों आरोपियों पर था। पुलिस जांच में भी यही सामने आया, जिसके बाद थाना मॉडल टाउन पुलिस ने गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि महिंदर सिंह फरार है। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि लगातार शिकायतों के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में ढाई महीने का समय लग गया। जांच अधिकारी अवतार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
छात्रों ने टाटा स्टील प्लांट उद्घाटन में दी सेवाएं
लुधियाना| जीजीएनआईएमटी सिविल लाइंस के होटल प्रबंधन छात्रों ने लुधियाना के धनांसू में टाटा स्टील प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में आतिथ्य सेवाएं देकर व्यावहारिक कौशल प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब मंत्रिमंडल की मौजूदगी वाले आयोजन में 40 छात्र होटल रैडिसन ब्लू की आउटडोर कैटरिंग टीम के साथ तैनात रहे। प्राचार्य हरप्रीत सिंह ने कहा कि ऐसे अवसर विद्यार्थियों को वीआईपी हैंडलिंग और हॉस्पिटैलिटी प्रबंधन की वास्तविक समझ देते हैं।
थाना डिवीजन-5 की अधूरी जांच पर कोर्ट ने दो हफ्तों में डीजीपी से मांगा जवाब
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना में 2010 में थाना डिवीजन नंबर-5 में दर्ज एफआईआर नंबर 282 में पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश कैंसिलेशन रिपोर्ट को अदालत ने इसे खारिज कर दिया। यह मामला डॉक्टर सुमीत सोफत की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने केस बंद करने की रिपोर्ट दी थी, जिसका शिकायतकर्ता ने विरोध किया था। 9 अप्रैल 2014 को अदालत ने मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए थे। अब हाईकोर्ट ने डीजीपी से दो हफ्तों के भीतर हलफनामा और स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने टिप्पणी की कि पूरे मामले से स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसमें आरोपियों को बचाने की कोशिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने संबंधित एसएचओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि 2014 के बाद की गई जांच का पूरा रिकॉर्ड 9 अप्रैल तक पेश किया जाए, जिसमें सभी एंट्री, गवाहों के बयान और जुटाए गए सबूत शामिल हों। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस साफ बताए कि दोबारा जांच में क्या-क्या कार्रवाई की गई। 18 मार्च को हुई सुनवाई में अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 2014 में दोबारा जांच के आदेश के बावजूद पुलिस ने कोई नई जांच नहीं की और जो रिपोर्ट पेश की गई है, वह पहले वाली रिपोर्ट की कॉपी मात्र है।
31 मार्च तक नई ओवरहेड लाइन से बिजली सप्लाई होगी ज्यादा भरोसेमंद
हर बार फाल्ट ठीक करने में 10 से 11 घंटे का समय लगता था, जिससे कई इलाकों में 12 से 13 घंटे तक बिजली गुल रहती थी। इससे घरों में पानी की सप्लाई, बच्चों की पढ़ाई और कारोबार पर सीधा असर पड़ता था। खासकर गर्मियों में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने करीब 311.48 लाख रुपए की लागत से नई ओवरहेड लाइन लगाने का फैसला लिया। आधुनिक मोनोपोल तकनीक के जरिए यह लाइन तैयार की जा रही है, जिससे फाल्ट की संभावना कम होगी और मरम्मत भी तेजी से हो सकेगी। नई ओवरहेड लाइन शुरू होने के बाद सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लंबे बिजली कट से राहत मिलेगी। अगर कहीं फाल्ट आता भी है तो उसे जल्दी ढूंढ कर ठीक किया जा सकेगा, जिससे घंटों की जगह मिनटों या कम समय में सप्लाई बहाल हो सकेगी। इसके अलावा वोल्टेज की समस्या भी कम होगी, जिससे घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे और इंडस्ट्री को भी लगातार बिजली मिल पाएगी। छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और फैक्ट्रियों के काम में रुकावट कम आएगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा होगा। भास्कर न्यूज |लुधियाना भास्कर न्यूज शहर में बार-बार बिजली कटौती से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने फिरोजपुर रोड स्थित 220 केवी ग्रिड से जुड़ी अंडरग्राउंड केबल को बदलकर नई ओवरहेड लाइन बिछाने का काम तेज कर दिया है। विभाग का दावा है कि 31 मार्च तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, जिससे शहर के बड़े हिस्से में बिजली सप्लाई पहले से ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद हो जाएगी। यह केबल पीएयू गेट नंबर-1 से निकलकर 66 केवी लाइन के रूप में पीएयू, सराभा नगर, डीसी कॉम्प्लेक्स और फाउंटेन चौक ग्रिड को सप्लाई देती थी। इन ग्रिडों से शहर के आधे हिस्से में बिजली पहुंचती है। लेकिन पिछले दो सालों में इस अंडरग्राउंड केबल में बार-बार फाल्ट आने लगे थे। 2024 में जहां दो बार खराबी आई, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर करीब 12 तक पहुंच गई। पीएसपीसीएल के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह के अनुसार, नई लाइन से सप्लाई ज्यादा स्थिर होगी और भविष्य में बार-बार फाल्ट की समस्या खत्म हो जाएगी। विभाग ने पुरानी अंडरग्राउंड केबल को बैकअप के तौर पर सुरक्षित रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके। पूर्व अधिकारी हरजीत सिंह के अनुसार, शहरों में 220 केवी मोनोपोल लगाना बिजली व्यवस्था के लिए एक व्यावहारिक और आधुनिक समाधान है। उनका कहना है कि भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में पारंपरिक बड़े टावर लगाना मुश्किल होता है, जबकि मोनोपोल कम जगह में आसानी से स्थापित हो जाते हैं। इससे सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और अन्य प्रोजेक्ट्स में भी बाधा नहीं आती। मेंटेनेंस (रखरखाव) भी आसान और तेज होता है।
2 भाइयों पर तलवारों से हमला, फरार
लुधियाना| शिमलापुरी इलाके में पुरानी रंजिश के चलते दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। हमलावरों ने तेजधार हथियारों से वार कर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार वारदात 18 मार्च को डोगरे वाली गली में हुई। शिकायतकर्ता संदीप कुमार निवासी प्रीत नगर ने पुलिस को बताया कि उसकी कुछ लोगों के साथ पहले से रंजिश चल रही थी। घटना वाले दिन वह अपने भाई सुनील कुमार के साथ गली से गुजर रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने अचानक दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। आरोपियों के पास तलवारें और लोहे के कड़े थे, जिनसे उन्होंने दोनों पर कई वार किए। हमले में दोनों भाई बुरी तरह घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। मामले की जांच कर रहे अधिकारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने दविंदर सिंह उर्फ भोला, जसकरण सिंह, लक्की, जसवीर सिंह और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और उनकी तलाश जारी है।
4 साल की बच्ची से फोन छीना, दंप ती काबू
लुधियाना| शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब वे घरों के भीतर घुसकर भी वारदात करने से नहीं हिचक रहे। ताजा मामले में एक महिला ने घर के अंदर खेल रही 4 साल की मासूम बच्ची के हाथ से मोबाइल छीन लिया। घटना 18 मार्च की दोपहर नेता जी नगर इलाके की है। शिकायतकर्ता कृष्ण लाल ने पुलिस को बताया कि उस समय घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। उनकी पोती कमरे में अपनी मां के मोबाइल से खेल रही थी, जबकि उसकी दादी पास ही सोफे पर लेटी हुई थी। इसी दौरान एक महिला चुपचाप घर में दाखिल हुई और बच्ची के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकली। शोर सुनकर दादी ने महिला का पीछा किया, लेकिन घर के बाहर उसका साथी पहले से एक्टिवा स्टार्ट कर खड़ा था। महिला तुरंत एक्टिवा पर बैठी और दोनों फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान रीतू उर्फ मनु और उसके पति राजकुमार उर्फ राजू निवासी जस्सियां रोड के रूप में हुई है।
स्कूल के बाहर से स्कूटर की डिग्गी तोड़ 11वीं के 3 छात्राओं के फोन चोरी
लुधियाना| शिमलापुरी इलाके में स्कूल के बाहर खड़े स्कूटर की डिक्की तोड़कर 11वीं कक्षा के छात्रों के तीन मोबाइल फोन चोरी करने का मामला सामने आया है। वारदात 16 मार्च को क्वालिटी चौक के पास हुई। शिकायतकर्ता सतगुरु नगर निवासी छात्र लक्ष्य ने पुलिस को बताया कि वह अपने दो साथियों के साथ स्कूल आया था। तीनों ने अपने-अपने मोबाइल फोन लक्ष्य के स्कूटर की डिक्की में रखकर उसे लॉक कर दिया था। स्कूल की छुट्टी के बाद जब वे वापस लौटे तो स्कूटर की डिक्की टूटी हुई मिली। जांच करने पर अंदर रखे तीनों मोबाइल फोन गायब थे। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात भीड़भाड़ वाले क्वालिटी चौक स्थित तेजा सिंह स्वतंत्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर दिनदहाड़े हुई। मामले की जानकारी देते हुए एएसआई रविंदर कुमार ने बताया कि थाना शिमलापुरी पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
लूट करने वाला एक गिरफ्तार, चोरी का बाइक व मोबाइल बरामद
लुधियाना| जस्सियां रोड इलाके में लूट, झपटमारी और चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को थाना हैबोवाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान बंसत पार्क निवासी दीपक सिंह के रूप में हुई है, जबकि उसका साथी वीर सिंह मौके से भागने में सफल रहा। एएसआई मक्खन सिंह ने बताया कि पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दोनों आरोपी शहर में लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं और इस समय इलाके में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जस्सियां सरकारी स्कूल के पास रेलवे लाइन के नजदीक नाकाबंदी की। जैसे ही दोनों आरोपी वहां पहुंचे तो उन्हें रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वीर सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जबकि दीपक सिंह को मौके पर ही दबोच लिया गया। जांच अधिकारी के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य वारदात के भी खुलासे हो सकते हैं।
आधे घंटे में सीए के दफ्तर से 4 लैपटॉप चोरी
लुधियाना| दुगरी इलाके में चोरों ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के दफ्तर को निशाना बनाकर लाखों रुपए का सामान चोरी कर लिया। पीड़ित प्रतीक गौतम के अनुसार, उनका दफ्तर शहीद भगत सिंह नगर में स्थित है। 17 मार्च की रात वह रोजाना की तरह दफ्तर बंद कर घर चले गए थे, लेकिन अगली सुबह लौटने पर अंदर का सामान बिखरा मिला। जांच में चार लैपटॉप, बिजली की तारें, नल और एसी की कॉपर पाइप व तारें गायब पाई गईं। सीसीटीवी फुटेज में देर रात दो युवक दफ्तर के बाहर आते दिखे, जिनमें से एक अंदर घुसकर करीब आधे घंटे तक चोरी करता रहा। पुलिस ने केस दर्ज कर फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।
लुधियाना में ऊन और पश्मीना उद्योग के लिए केंद्र ने शुरू किया भारत वूल मार्क
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना फिरोजपुर रोड एक होटल में टेक्सटाइल कारोबारी इकट्ठे हुए जिसमें केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय की पहल पर लुधियाना में भारत वूल मार्क और पश्मीना मार्क की शुरुआत की गई। उद्योग जगत ने इसे ऊन और पश्मीना क्षेत्र के लिए बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और निर्यात को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में शॉल उद्योग से जुड़ी मृदुला जैन ने बताया कि पहले ऊन का अंतरराष्ट्रीय प्रमाण लेने के लिए उद्योगों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे, जिससे छोटे उद्यमियों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। लंबे समय से उद्योग सरकार से सस्ती व्यवस्था की मांग कर रहा था। अब मात्र 10 हजार रुपये में पांच साल के लिए पंजीकरण की सुविधा मिलने से उद्योग को बड़ी राहत मिली है।उन्होंने कहा कि इससे उत्पादों की गुणवत्ता और असलियत बनी रहेगी, साथ ही ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा। ऊन क्षेत्र में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं और इस पहल से विदेशी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी। वस्त्र निर्यात सुविधा केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसका मुख्य उद्देश्य उन उद्योगों को भी निर्यात के लिए तैयार करना है, जो अभी तक इस क्षेत्र से जुड़े नहीं हैं। इसके जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात को मजबूत करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में करीब 200 उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने सुझाव दिया कि लुधियाना में खरीदार-विक्रेता बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि उद्योग को और मजबूती मिले। कुल मिलाकर, यह पहल न केवल उद्योग को नई दिशा देगी, बल्कि रोजगार बढ़ाने और लुधियाना को निर्यात के क्षेत्र में मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। निटवेयर क्लब के चेयरमैन विनोद कुमार थापर ने बताया कि उद्योगपतियों को निर्यात बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने से उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। निटवेयर क्लब के प्रधान दर्शन डावर ने कहा कि इस समय लुधियाना से निर्यात अपेक्षाकृत कम हो रहा है, लेकिन यदि उद्योगों को सही प्रशिक्षण और दिशा दी जाए तो इसमें तेजी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार यदि उद्योग को सही मार्गदर्शन दे, तो कारोबार में भी तेजी आएगी और अधिक से अधिक उद्योग निर्यात से जुड़ सकेंगे।
कुछ मिनट का ठहराव घटा रहा तनाव, फोकस और ऊर्जा बढ़ाने में मिल रही मदद
महिलाएं भी अपना रहीं यह तरीका : कामकाजी महिलाओं और गृहिणियों के बीच भी माइक्रो ब्रेक का चलन बढ़ रहा है। महिलाएं घर के काम या ऑफिस के बीच-बीच में कुछ मिनट का ब्रेक लेकर खुद को तरोताजा कर रही हैं। कोई बालकनी में जाकर ताजी हवा लेती है, तो कोई हल्की स्ट्रेचिंग या योग करती है। इससे न केवल थकान कम होती है बल्कि दिनभर काम करने की ऊर्जा भी बनी रहती है। स्क्रीन टाइम से मिल रही राहत : डिजिटल दौर में लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन के सामने बैठना आम हो गया है, जिससे आंखों और दिमाग पर असर पड़ता है। ऐसे में लोग माइक्रो ब्रेक के दौरान स्क्रीन से दूरी बनाकर खुद को रिलैक्स करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग इस दौरान म्यूजिक सुनते हैं, तो कुछ परिवार के सदस्यों से बातचीत कर लेते हैं। इससे उनका मूड बेहतर होता है और आंखों को भी आराम मिलता है। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मिल रही मदद : विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार काम करने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है, जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। वहीं छोटे-छोटे ब्रेक दिमाग को रीफ्रेश करने में मदद करते हैं। इससे व्यक्ति ज्यादा फोकस के साथ काम कर पाता है और गलतियों की संभावना भी कम होती है। माइक्रो ब्रेक लेने वाले लोग अपने काम को बेहतर तरीके से मैनेज कर पा रहे हैं और समय पर पूरा कर रहे हैं। संतुलन बनाना है जरूरी : हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि ब्रेक बहुत लंबे नहीं होने चाहिए। पांच से दस मिनट का छोटा ब्रेक ही पर्याप्त होता है। बहुत ज्यादा ब्रेक लेने से काम प्रभावित हो सकता है, इसलिए काम और आराम के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। सही समय पर लिया गया छोटा ब्रेक दिनभर की थकान को कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ रही जागरूकता : शहर के लोगों में अब धीरे-धीरे यह समझ बढ़ रही है कि केवल काम करना ही जरूरी नहीं, बल्कि अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। यही वजह है कि माइक्रो ब्रेक जैसा छोटा बदलाव अब बड़े असर के रूप में सामने आ रहा है। यह ट्रेंड न केवल लोगों को तनाव से राहत दे रहा है, बल्कि उनकी दिनचर्या को अधिक संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक भी बना रहा है। भास्कर न्यूज़| लुधियाना तेजी से भागती शहरी जिंदगी में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही लोगों में मानसिक थकान और तनाव की समस्या भी तेजी से सामने आ रही है। लंबे समय तक बिना रुके काम करने की आदत अब सेहत पर असर डालने लगी है। ऐसे में शहर के लोग अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे ब्रेक शामिल कर रहे हैं, जिसे माइक्रो ब्रेक कहा जा रहा है। यह ट्रेंड खासकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, फ्रीलांसर और घर से काम करने वालों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग दिनभर के काम के बीच कुछ मिनट खुद के लिए निकालकर चाय पीने, हल्की वॉक करने, स्ट्रेचिंग करने या कुछ देर आंखें बंद कर आराम करने जैसे छोटे उपाय अपना रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक राहत मिल रही है। {काम के बीच छोटा ठहराव दे रहा राहत : शहर के कई कर्मचारी बताते हैं कि पहले वे लगातार तीन-चार घंटे तक बिना उठे काम करते थे, जिससे सिरदर्द, आंखों में जलन और थकान बनी रहती थी। अब हर एक-दो घंटे में पांच से दस मिनट का ब्रेक लेने से उन्हें काफी फर्क महसूस हो रहा है। इससे दिमाग को आराम मिलता है और वे दोबारा काम पर ज्यादा एकाग्रता के साथ लौट पाते हैं। कुछ लोग इस दौरान चाय या पानी पीने के साथ-साथ हल्की बातचीत भी कर लेते हैं, जिससे मानसिक दबाव कम होता है।
स्वस्थ त्वचा के लिए अंदर से पोषण भी जरूरी
दिन में कम से कम दो बार चेहरे को साफ करना जरूरी है। बाहर से आने के बाद और सोने से पहले फेस वॉश या हल्के क्लींजर से चेहरा धोने से धूल, तेल और गंदगी हट जाती है। इससे पिंपल और त्वचा संबंधी समस्याएं कम होती हैं। हर स्किन टाइप के लिए मॉइस्चर जरूरी होता है। यह त्वचा को हाइड्रेट रखता है और रूखापन कम करता है। हल्का और स्किन के अनुसार चुना गया मॉइस्चराइजर त्वचा को सॉफ्ट और स्मूद बनाए रखने में मदद करता है।-धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है। यह त्वचा को हानिकारक किरणों से बचाता है और टैनिंग व समय से पहले झुर्रियां आने से रोकता है। घर से बाहर जाने से 15-20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना बेहतर माना जाता है। लुधियाना| बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण और अनियमित खानपान का असर अब सीधे त्वचा पर दिखाई देने लगा है। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय आसान और प्रभावी स्किन केयर रूटीन अपना रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान दिया जाए। सही तरीके से की गई देखभाल न केवल त्वचा को साफ और चमकदार बनाती है, बल्कि लंबे समय तक उसे स्वस्थ भी बनाए रखती है। सही स्किन केयर के लिए महंगे उपायों की जरूरत नहीं होती, बल्कि नियमितता और संतुलित आदतें ही असली फर्क लाती हैं। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार रखा जा सकता है।
टीचर्स से ड्रग और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करवाने का किया विरोध
लुधियाना| पंजाब सरकार द्वारा शिक्षकों से ड्रग और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करवाने की तैयारी को लेकर विरोध शुरू हो गया है। शिक्षकों का तर्क है कि स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं और साथ ही नए सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया जारी है। ऐसे में गैर-शैक्षणिक ड्यूटियां थोपना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के रुपिंदर गिल ने बताया कि शिक्षक पहले से ही बीएलओ ड्यूटी, पेपर चेकिंग, एग्जाम ड्यूटी, हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड बनाने और विभागीय ट्रेनिंग जैसे कार्यों में फंसे हुए हैं। अब ड्रग सर्वे का नया बोझ डालना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा एक तरफ सरकार शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे कर रही है।दूसरी तरफ शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल हेड की ओर से लगातार ड्यूटी के लिए मैसेज भेजकर दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षकों ने सुझाव दिया कि यदि सरकार को यह सर्वेक्षण करवाना ही है, तो इसके लिए राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं की सेवाएं ली जानी चाहिए। एजुकेशन विभाग की तरफ से परीक्षा के समय टीचर्स की डिपार्टमेंटल ट्रेनिंग करवाई जा रही है। जिसका टीचर्स जत्थेबंदी ने विरोध कर चुके है। उनकी मांग थी कि परीक्षा के बाद ट्रेनिंग करवाई जाए। जिससे परीक्षाएं सुचारु रूप से हो सके।
रेहड़ी हटाने को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े
लुधियाना| चौड़ा बाजार स्थित किताब बाजार चौक पर टिक्की की रेहड़ी हटाने को लेकर शुक्रवार को दुकानदारों के बीच विवाद बढ़कर हाथापाई में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किताब बाजार एसोसिएशन के प्रधान जसपाल सिंह बंटी ने आरोप लगाया कि कई सालों से रेहड़ी लगाने वाले व्यक्ति के साथ बिजली मार्केट के कुछ दुकानदारों ने जबरदस्ती की और उसका सामान सड़क पर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि रेहड़ी हटाना नगर निगम का काम है और किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। दूसरी ओर, बिजली मार्केट के दुकानदार परमवीर सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि चौक पर रेहड़ी लगने से ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है, जिसकी शिकायत पहले ही नगर निगम को दी जा चुकी थी। उनके अनुसार, नगर निगम टीम के पहुंचने पर जसपाल सिंह और उनके साथियों ने हमला कर दिया, जिसमें उन्हें और उनके भाई को चोटें आईं। घटना सीसीटीवी में कैद बताई जा रही है। कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायत मिली है और मामले की जांच जारी है।
रुपाली शर्मा ने मिमिक्री में तीसरा स्थान जीता
लुधियाना| खालसा कॉलेज फॉर वुमन, सिविल लाइंस, लुधियाना की छात्रा रुपाली शर्मा ने 39वें एआईयू अंतर-विश्वविद्यालय राष्ट्रीय युवा महोत्सव में मिमिक्री प्रतियोगिता में तीसरा पुरस्कार जीता। यह आयोजन चेन्नई स्थित सत्यभामा इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में हुआ, जिसमें देशभर की 26 विश्वविद्यालयों के प्रतिभागी शामिल रहे। इससे पहले रुपाली ने नॉर्थ जोन यूथ फेस्टिवल में दूसरा और पंजाब राज्य अंतर-विश्वविद्यालय यूथ फेस्टिवल में प्रथम स्थान हासिल किया था। प्राचार्य कमलजीत ग्रेवाल ने उपलब्धि पर बधाई देते हुए मिमिक्री टीम के प्रयासों की सराहना की।
युद्ध से महंगाई के डर से पेट्रोल पंपों पर भीड़, औद्योगिक डीजल 22 रुपए तक महंगा
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर फैलते ही शहरभर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। संभावित महंगाई और ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोग घबराहट में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, औद्योगिक डीजल की कीमत में करीब 22 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। पहले यह 68-70 रुपए प्रति लीटर के आसपास था, जो अब बढ़कर 90-92 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं स्पीड पेट्रोल में भी लगभग 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इसकी कीमत करीब 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा ऑटो गैस (एलपीजी) के दाम में भी लगभग 10 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जो अब करीब 75 रुपए प्रति किलो के आसपास हो गया है। हालांकि, लुधियाना पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान रंजीत सिंह गांधी ने स्पष्ट किया कि सभी पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
कॉलेज में शहीद दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता करवाई
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमन के गुजरखां कैंपस, मॉडल टाउन, लुधियाना में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में इतिहास विभाग ने एनसीसी विंग और एनएसएस इकाई के साथ शहीद दिवस पर पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता कराई। विद्यार्थियों ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के साहस, बलिदान और आदर्शों पर आधारित पोस्टरों से रचनात्मकता और देशभक्ति का संदेश दिया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इन राष्ट्रीय नायकों के साहस, बलिदान और आदर्शों को उजागर करते हुए प्रभावशाली पोस्टरों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और देशभक्ति का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शहीद दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तारित व्याख्यान भी हुआ। प्रधानाचार्य डॉ. मनीता काहलों ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान अमूल्य है और युवाओं को निस्वार्थता व समर्पण अपनाना चाहिए।
निसान मोटर इंडिया ने पंजाब में बढ़ाया नेटवर्क, नया इंपीरियल निसान 3एस आउटलेट खोला
भास्कर न्यूज |लुधियाना निसान मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एनएमआईपीएल) ने लुधियाना में नए एवं अत्याधुनिक इंपीरियल निसान 3एस केंद्र के उद्घाटन के साथ पंजाब में अपना फुटप्रिंट बढ़ाया है। यह कदम भारत के प्रमुख बाजारों में सेल्स एवं सर्विस के अनुभव को सुगम बनाने और अपनी पहुंच बढ़ाने के निसान के मौजूदा प्रयासों के तहत उठाया गया है। इस केंद्र में 4,100 वर्ग फीट में आधुनिक शोरूम बनाया गया है, जहां 7 कारें डिस्प्ले की जा सकती हैं। साथ ही 5 सर्विस बे के साथ 5,5000 वर्ग फीट में सर्विस वर्कशॉप स्थापित किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से ग्राहकों को एक ही छत के नीचे सेल्स, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स सपोर्ट की सुविधा मिल सकेगी। निसान के ग्लोबल रिटेल स्टैंडर्ड के अनुरूप तैयार किए गए इस अत्याधुनिक आउटलेट में उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं दी गई हैं। साथ ही जानकार, प्रशिक्षित एवं उत्साही स्टाफ और सर्विस प्रोफेशनल्स नियुक्त किए गए हैं, जो ग्राहकों को प्रीमियम ऑनरशिप एक्सपीरियंस एवं बेहतर मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर निसान मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ वत्स ने कहा लुधियाना में अपने 3एस आउटलेट के उद्घाटन के साथ हम पंजाब में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर खुश हैं।
7 लाख की रंगदारी मांगने का मामला, 3 पर केस
लुधियाना| थाना सुधार क्षेत्र में 7 लाख रुपए की जबरन वसूली के मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता रघबीर सिंह के मुताबिक उनके रिश्तेदार सिकंदर सिंह पर महिला द्वारा अपनी बेटी से छेड़छाड़ के मामले में जगपाल सिंह सिविया, अमरजीत सिंह सोनू और खुद को समाजसेवी बताने वाला अमरजीत सिंह उर्फ दीपू ने फोन पर 5 से 7 लाख में समझौते का दबाव बनाया। पैसे न देने पर दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी। आरोप है कि उक्त तीनों ने थाना सुधार में सिकंदर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन पुलिस जांच में ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने का दबाव बनाने की पुष्टि होने पर कॉमन इंटेंशन के तहत केस दर्ज कर जगपाल, अमरजीत को काबू कर लिया। जबकि अमरजीत फरार है।
टेबल लगाकर अनोखा प्रदर्शन, कॉफी विद अरोड़ा से शहर की समस्याएं उठाईं
भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर की बदहाली और नगर निगम की सुस्ती के खिलाफ शुक्रवार को लुधियाना में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया गया। युवा एनजीओ के कुमार गौरव उर्फ सच्चा यादव ने जोन-डी कार्यालय के बाहर कॉफी विद संजीव अरोड़ा का सेट लगाकर विरोध जताया। हल्का वेस्ट की समस्याओं को उठाने के लिए सच्चा यादव ने दो कुर्सियां और एक टेबल लगाई। एक कुर्सी पर वह खुद बैठे, जबकि दूसरी खाली कुर्सी पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की तस्वीर रखी गई। टेबल पर कॉफी के मग रखकर प्रतीकात्मक रूप से मंत्री को शहर की समस्याओं से अवगत कराया गया। इस दौरान सच्चा यादव ने हल्का वेस्ट और शहर की विभिन्न समस्याओं को गिनाते हुए कहा कि मंत्री इन दिनों व्यस्त हैं, इसलिए उन्हें यहीं आकर जनता की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों पर भी सुस्ती का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
नशे के साये में पंजाब का उद्योग, सरकार बनाए ठोस सुरक्षा नीति: योगराज शर्मा
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब की सामाजिक शांति और भाईचारे को भंग करने वाली ताकतों के खिलाफ शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे ने मोर्चा खोल दिया है। लुधियाना के रेखी सिनेमा चौक स्थित जिला कार्यालय में पार्टी के राज्य प्रमुख योगराज शर्मा ने वर्तमान कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज समाज का हर वर्ग, विशेषकर उद्यमी और व्यापारी गैंगस्टरों की धमकियों और गोलियों के साये में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते व्यापारियों के लिए विशेष सुरक्षा नीति नहीं बनी तो राज्य का औद्योगिक ढांचा पूरी तरह ढह जाएगा। प्रदेश प्रवक्ता चन्द्रकान्त चड्ढा ने कहा कि शिवसेना मांग करती है कि नशा तस्करों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले सफेदपोशों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, हम दोबारा 80 के दशक जैसे हालात पैदा नहीं होने देंगे। इस अवसर पर जिला प्रधान नितिन घंड, वरुण खन्ना, योगेश बांसल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूल में रिजल्ट डे सेलिब्रेशन, छात्रों का सम्मान
लुधियाना| ग्लोबल स्कूल, सेक्टर 32 ने कक्षा परिणामों का उत्साहपूर्वक उत्सव मनाया। विद्यालय परिसर को सुंदर ढंग से सजाया गया था, जहां आकर्षक डिस्प्ले बोर्ड और सेल्फी स्टैंड ने स्टूडेंट्स का स्वागत किया। यह दिन स्कूल और अभिभावकों के लिए गर्व और खुशी का पल था, क्योंकि बच्चों की मेहनत को सम्मानित किया गया और उन्हें अगली कक्षा में पदोन्नत किया गया। विभिन्न उपाधियों, जैसे क्लास टॉप परफॉर्मर और मोस्ट ऑनेस्ट चाइल्ड, से विद्यार्थियों की विशिष्ट प्रतिभा को सम्मानित किया गया। स्कूल की प्रिंसिपल प्रगति कपूर और अध्यक्ष डीपी शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
सीएम ने 4 पशुपालकों और 6 किसानों को किया सम्मानित
लुधियाना| पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी(पीएयू) में आयोजित मेले में 10 किसानों को सम्मानित किया। यह पुरस्कार सीएम भगवंत मान ने 4 पशुपालकों और 6 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। इस दौरान मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, डॉ. सतबीर सिंह गोसल और डॉ. जतिंदरपाल सिंह गिल मौजूद थे। डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने बताया कि पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब से किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। नकद पुरस्कार भैंस पालन के लिए ~21 हजार, मछली पालन के लिए 11 हजार और सुअर-बकरी पालन के लिए ~5100-5100 निर्धारित हैं। भैंस पालन श्रेणी में फतेह सिंह पुत्र करतार सिंह, जिला साहिबजादा अजीत सिंह नगर को सम्मानित किया। मछली पालन श्रेणी में नवजोत पाल सिंह, जिला फिरोजपुर को पुरस्कार प्रदान किया। सुअर पालन श्रेणी में गुरचरण सिंह, जिला मानसा को सम्मानित किया गया। । हर वर्ष उनके फार्म से 300-350 सुअरों की बिक्री होती है। वहीं, बकरी पालन श्रेणी में कुलदीप सिंह, पुत्र सुखदयाल सिंह, जिला बरनाला को पुरस्कार दिया।
4 महीने दोस्त के साथ रही, कोर्ट ने बयान के बाद युवक को छोड़ा
भास्कर न्यूज | लुधियाना सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती एक बार फिर चर्चा में है। मध्यप्रदेश की एक नाबालिग लड़की स्नैप चैट के जरिए बने रिश्ते के बाद घर से करीब 1500 किलोमीटर दूर लुधियाना पहुंच गई और वहां एक युवक के साथ रहने लगी। मामला तब सामने आया जब परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच करते हुए लड़की को लुधियाना से बरामद किया। जानकारी के अनुसार, लड़की 20 दिसंबर को मध्यप्रदेश से बिना बताए निकल गई थी। वह लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां उसके पास मोबाइल नहीं होने के कारण उसने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से सचिन नाम के युवक को कॉल किया। इसके बाद युवक उसे अपने साथ ले गया। दोनों करीब 4 महीने तक साथ रहे। उधर, लड़की के परिजनों ने मध्यप्रदेश में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो मोबाइल साथ न होने के कारण लड़की को ट्रेस करना मुश्किल हो गया। बाद में उसके सोशल मीडिया अकाउंट खंगालने पर पता चला कि वह लुधियाना के एक युवक के संपर्क में थी। इसके आधार पर पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर 11 मार्च को दोनों को हिरासत में ले लिया। मामले को अदालत में पेश किया गया, जहां लड़की ने बयान दिया कि जब वह घर से निकली थी तब नाबालिग थी, लेकिन अब वह बालिग हो चुकी है। उसने यह भी कहा कि युवक उसका दोस्त है और उसने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया, बल्कि उसे अलग कमरे में रखा। लड़की के बयान के आधार पर अदालत ने युवक को राहत देते हुए छोड़ने के आदेश दिए, जबकि लड़की को उसके परिवार के सौंप दिया।
भास्कर न्यूज | लुधियाना मौसम विभाग की तरफ से शुक्रवार को भी बारिश की चेतावनी के बावजूद भी पीएयू में किसान मेला में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। हालांकि बादल छाए रहने, ठंडी हवा चलने और सुहावने मौसम के बावजूद भी किसानों का उत्साह कम नहीं हुआ। मेले में किसानों ने उन्नत बीज, जैव उर्वरक और कृषि से जुड़ी किताबें खरीदीं। किसानों ने विशेषज्ञों के साथ अपनी कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा की, घर के कामकाज को बेहतर बनाने की नई तकनीकें सीखीं। पीएयू की तरफ से प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूहों की तरफ से बनाए गए खाद्य उत्पाद और कपड़े खरीदे। मेले का मुख्य आकर्षण खाने-पीने के स्टॉल थे, जहां पारंपरिक नाश्ता परोसा जा रहा था। गैस की कमी के इस दौर में भी खाने पीने की वस्तुएं एलपीजी सिलेंडर और पारंपरिक चूल्हों (मिट्टी के चूल्हे) पर पकाए जा रहे थे। मेले का उद्घाटन सीएम भगवंत सिंह मान ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण और कृषि के तरीकों में अब बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है। उन्होंने पीएयू से कहा पहले खुद प्रयोग करें, और उसके बाद ही किसानों को सलाह दें। उन्होंने बताया कि कृषि अनुसंधान के लिए पीएयू को कुल 118 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, और साथ ही उन्होंने भविष्य में भी वित्तीय सहायता बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ मिलकर बागवानी और अवशेष प्रबंधन से जुड़ी अन्य फर्मों को मज़बूत करके कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पंजाब को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए जल संरक्षण का आह्वान किया। मेले मे सामान देखते किसान। गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी में चल रहे पशुपालन मेले का उद्घाटन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किया। उन्होंने डॉ. सतबीर सिंह गोसल और डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल के साथ विभिन्न स्टालों का दौरा किया। मंत्री ने कहा कि डेयरी व्यवसाय रोजाना आय देने वाला स्थायी रोजगार है और सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। डॉ. गिल ने बताया कि मेले का विषय ‘पशु पालन: पारंपरिक से वैश्विक स्तर तक’ है, जिसमें आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने बताया कि बकरी, सूअर और मछली पालन के प्रति लोगों में खास रुचि देखने को मिली, जबकि विश्वविद्यालय की पुस्तकों को भी सराहा गया। मेले में फिशरीज कॉलेज ने कार्प और सजावटी मछलियों का प्रदर्शन किया तथा खारे पानी में मछली और झींगा पालन की जानकारी दी। डकवीड और अजोला को पशु आहार और मछली फीड के रूप में उपयोग करने के बारे में भी बताया गया। सजावटी मछलियों के लिए पत्थरों और पौधों से तैयार तालाब आकर्षण का केंद्र रहा। स्वच्छ दूध के प्रति जागरूकता के लिए एक लूडो गेम भी लॉन्च किया गया। पशुधन उत्पाद विभाग ने मीट पैटी, अंडा अचार और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया। विभाग ने ‘कोर-3 एनर्जी डिलाइट’ और ‘जी-ई-एम बॉल’ जैसे नए उत्पाद भी प्रस्तुत किए, जो अंडे, दूध और बाजरे के मिश्रण से बने उच्च प्रोटीन व फाइबर युक्त उत्पाद हैं। मेले में विभिन्न विभागों, मिल्कफेड, दवाइयों, टीको और डेयरी मशीनरी से जुड़ी कंपनियों ने स्टॉल लगाए। अनुसंधान निदेशक डॉ. एएस धट्ट ने बताया कि पंजाब में सामान्य खेती के लिए धान, कपास और मक्का की एक-एक नई किस्म, सब्जियों की आठ और फलों की तीन नई किस्में और कृषि-वानिकी की एक नई किस्म विकसित की गई है। इनमें धान की किस्म पीआर 133', कपास की किस्म 'पीबीडी 88' और मक्का की किस्म एनके 7328' शामिल हैं। खरबूजे की एमएच 56, बैंगन की पीसीबीएच 1, तोरी की पीएसजीएच 1 और 3, लौकी की पीबीओजी 5 व 18, मटर की मटर एगेटा 8 और पंजाब 90, आलू की शनि ए पंजाब 1 और 2 के साथ-साथ पंजाब नेक्टरीन के 2 शामिल है। डॉ. टीएस रियाड़, अतिरिक्त निदेशक (संचार), ने किसानों को सही जानकारी के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया और डिजिटल साधनों के बारे में बताया।
यह खबर निजी कॉलेजों में ग्रेजुएशन स्तर की परीक्षा करवा रहे डमी केंद्राधीक्षकों की है। जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी (जेएनवीयू)जोधपुर ने जिन निजी कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बना रखा है वहां केन्द्राधीक्षक नदारद रहते हैं और परीक्षा कोई और करवा रहा है। यूनिवर्सिटी ने कई अपात्रों को भी केंद्राधीक्षक बना रखा है। ये वे हैं, जिन्हें कॉलेजों ने कागजों में प्राचार्य बनाया तो यूनिवर्सिटी ने केंद्राधीक्षक बना दिया। गत 10 मार्च से शुरू हुई परीक्षा के दौरान भास्कर ने मौके पर पड़ताल की तो ये खुलासे हुए। नोडल से कॉलेज तक पेपर लाने, परीक्षा से 15 मिनट पहले पेपर खोलने की देखरेख भी इन केंद्राधीक्षकों के भरोसे है। यूनिवर्सिटी को ये हर बार पेपर खोलते हुए का वीडियो भी भेजते हैं, उसके बाद भी कोई देख नहीं रहा। “डमी केंद्राधीक्षक वाले कॉलेज ब्लैकलिस्ट होंगे। प्राचार्य अलग से विश्वविद्यालय की कमेटी अप्रूव करता है। जो प्राचार्य हैं, वो ही केन्द्राधीक्षक हैं।” -जी.एस. शेखावत, परीक्षा नियंत्रक, जेएनवीयू जोधपुर विवेकानंद कॉलेज, पमाणा में 10 मार्च को यहां शंकरलाल सिंघल कागजों में केन्द्राधीक्षक हैं। वे सेवानिवृत स्कूल प्रिंसिपल के नाते नियमानुसार खुद अयोग्य हैं। वे नदारद थे। हेमसिंह पुरोहित (बीए, बीएड) यह जिम्मा संभाल रहे थे। दूसरी पारी में 10.50 बजे परीक्षा से 10 मिनट पहले हेमसिंह ने ही पेपर खोला था। शांतिनाथ कॉलेज, सेवड़ी में 14 मार्च को यहां पर कागजों में डॉ. लोकेश शर्मा प्राचार्य हैं। जबकि गंगासिंह केन्द्राधीक्षक हैं। सुबह 11 बजे न तो प्राचार्य थे न ही गंगासिंह। स्टाफ ने बताया-18 किमी दूर गंगासिंह लाखणी में खुद के निजी स्कूल गए हैं। गंगा सिंह डायरेक्टर हैं जो नेट क्वालिफाई हैं। एसएनएम कॉलेज, चितलवाना में 12 मार्च को श्री नारायण मेमोरियल कॉलेज, चितलवाना। पहली पारी में सुबह 7 बजे स्कूल के पूर्व हेड मास्टर छगन सिंह भाटी बतौर केन्द्राधीक्षक परीक्षा ले रहे थे। कॉलेज के पहले प्रिसिंपल थे। इनके पास ना तो पीएचडी है व ना कॉलेज में पढ़ाने का अनुभव। श्री रणजीत सिंह शिक्षण संस्थान में 12 मार्च को जाव स्थित श्री रणजीत सिंह शिक्षक संस्थान नाम के निजी कॉलेज में अमरचंद केंद्राधीक्षक हैं। अमरचंद सरकारी स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक थे। जबकि कॉलेज ने इनको प्राचार्य बना दिया तो यूनिवर्सिटी ने भी केन्द्राधीक्षक बना दिया। रिपोर्टर यहां उस दिन 3 बजे पहुंचा। नियम : पीएचडी में 55% अंक, 15 साल का शिक्षण अनुभव जरूरी केन्द्राधीक्षक उसी कॉलेज के प्रिंसिपल को बनाते हैं। प्राचार्य के पास यूजीसी मानदंडों के अनुसार पीएचडी में 55% अंकों के साथ और 15 साल का शिक्षण का अनुभव आवश्यक है। इन कॉलेजों में वहीं के छात्रों के परीक्षा केंद्र नियम - जिस कॉलेज के परीक्षार्थी हैं उसी कॉलेज में परीक्षा नहीं दे सकते जिस शहर, कस्बे में एक ही कॉलेज है, वहां के परीक्षार्थियों के लिए निकटस्थ कॉलेज में परीक्षा केन्द्र देना होता है।
बहादुर के रोड सब्जी मंडी में अवैध फड़ हटाई, मार्केट कमेटी की कार्रवाई
भास्कर न्यूज |लुधियाना जालंधर बाईपास स्थित बहादुर के रोड सब्जी मंडी में मार्केट कमेटी ने अवैध रूप से लगी फड़ को हटाकर कार्रवाई की। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई। इस मौके पर मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल और सचिव हरकिंदर सिंह ने बताया कि इस फड़ को लेकर कई बार शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच के बाद पाया गया कि गेट नंबर-2 के पास अवैध कब्जा कर फड़ लगाई गई थी, जिसके चलते मंडी में व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। शिकायतकर्ता राजेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने कई बार मार्केट कमेटी को इस संबंध में अवगत करवाया, लेकिन पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे थे, जिससे अवैध कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा था। राजेश शर्मा के अनुसार, उन्होंने 2 मार्च को इस मामले की शिकायत सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब मंडी बोर्ड के अधिकारियों को भेजी। इसके बाद ही विभाग हरकत में आया और अवैध फड़ को हटाने की कार्रवाई की गई।
रेलवे स्टेशन पर 12 डिजिटल लॉकर सुविधा शुरू, ओटीपी से खुलेंगे, मोबाइल-कैश भी रहेंगे सेफ
भास्कर न्यूज | लुधियाना फिरोजपुर रेल मंडल ने लुधियाना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए आधुनिक डिजिटल लॉकर (स्मार्ट क्लॉक रूम) की सुविधा शुरू कर दी है। अब यात्रियों को भारी बैग उठाकर प्लेटफॉर्म पर भटकने या ट्रेन के इंतजार में सामान की रखवाली करने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने कीमती सामान जैसे मोबाइल, नकदी और बैग को इन लॉकर्स में सुरक्षित रखकर बेफिक्र होकर शहर जा सकेंगे या स्टेशन पर विश्राम कर सकेंगे। स्टेशन पर फिलहाल कुल 12 डिजिटल लॉकर लगाए गए हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक और ऑनलाइन है। यात्री वहां लगी डिजिटल स्क्रीन पर देख सकेंगे कि कितने लॉकर खाली हैं और कितने भरे हुए। रेलवे का दावा है कि इस सुविधा से यात्रियों का समय बचेगा और सामान की सुरक्षा भी 100 फीसदी सुनिश्चित होगी। इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत इसका फ्लेक्सिबल किराया है। यात्री अपनी जरूरत के अनुसार समय (जैसे 2 घंटे, 5 घंटे या पूरा दिन) तय कर सकते हैं। किराया भी उसी समयावधि के हिसाब से लिया जाएगा। भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी तरह डिजिटल रखी गई है, ताकि कैश का झंझट न रहे। उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिन्हें स्टेशन पर उतरकर कुछ घंटों के लिए शहर में काम निपटाने जाना है। जिनकी कनेक्टिंग ट्रेन में 5-6 घंटे का अंतर है और वे स्टेशन पर सुरक्षित सामान रखना चाहते हैं। लॉकर पैनल पर अपना मोबाइल नंबर एंटर करें। {मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे स्क्रीन पर दर्ज करना होगा। {स्क्रीन पर खाली लॉकर का विकल्प आएगा, जरूरत के हिसाब से चुने। {क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन भुगतान करें, लॉकर खुल जाएगा। रेलवे स्टेशन पर लगा डिजिटल लॉकर।
पार्किंग ठेके के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप, खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
भास्कर न्यूज | लुधियाना जालंधर बाईपास स्थित सब्जी मंडी में पार्किंग ठेके को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 31 मार्च को खत्म हो रहे मौजूदा ठेके के बीच नए टेंडर को लेकर मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। एलएलआरवाई कंपनी के डायरेक्टर राजू ने मार्केट कमेटी द्वारा जारी टेंडर पर सवाल उठाते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें स्टे मिल गया है। राजू का आरोप है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार वही कंपनी पार्किंग का ठेका ले सकती है, जिसके पास कम से कम दो साल का अनुभव हो। इसके बावजूद मार्केट कमेटी ने कथित मिलीभगत से राजपुरा के एक नए ठेकेदार को अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जबकि उसके पास इस कार्य का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले मार्केट कमेटी और पंजाब मंडी बोर्ड को शिकायत दी गई थी, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा। राजू ने सवाल उठाया कि बिना अनुभव वाले ठेकेदार को प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले के सामने आने के बाद मार्केट कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

