जौहर विवि के रूप में आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट जैसे-जैसे विस्तार लेता गया, विवाद भी गहराते चले गए।
Himachal Weather: हिमाचल में नवंबर में कैसा रहेगा मौसम, बारिश और बर्फबारी के कहां ज्यादा आसार?
हिमाचल प्रदेश में नवंबर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा और बर्फबारी की संभावना है, जबकि निचले व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
गम्हरिया थाना दुष्कर्म मामला: 15 पुलिसकर्मी निलंबित, एसआईटी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
गम्हरिया थाना परिसर में महिला फरियादी से कथित दुष्कर्म मामले में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। एसआईटी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
हरियाणा में पहाड़ों से मैदानों की ओर आ रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के औसतन न्यूनतम तापमान में -0.2C की हल्की गिरावट आई है, जो सामान्य के आसपास बनी हुई है। वहीं, औसतन अधिकतम तापमान में 0.5C की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं प्रदेश के मुख्य 9 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 16C से नीचे दर्ज किया गया है। इसमें नारनौल 14.0C के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहीं भिवानी में 15.0C, पंचकूला 15.1C, करनाल 15.4C, अंबाला 15.6C, गुरुग्राम 15.6C, करनाल 15.8C, कैथल और यमुनानगर में 15.9C तापमान दर्ज किया गया वहीं फतेहाबाद में पारा ठीक 16.0C दर्ज हुआ है। दिन में हिसार सबसे गर्म, नारनौल में दिन-रात दोनों ठंडे ओवरऑल हरियाणा के तापमान की बात करें तो दिन का सबसे अधिक तापमान हिसार में 32.1C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। सबसे कम अधिकतम तापमान रोहतक में दिन का पारा सबसे कम 26.9C रहा। यहां करीब 4 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। बता दें कि दिन में खिली धूप के कारण अधिकतम तापमान में औसतन 0.5C का उछाल देखा गया। एक्सपर्ट बोले-सुबह-शाम ठंड और बढ़ेगी HAU हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, हरियाणा में पिछले दिनों हुई बारिश से नमी बनी हुई है। इससे अल सुबह खुले स्थानों पर हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। नमी बढ़ने से सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। रबी फसलों की बुवाई शुरू करें किसान मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को रबी फसलों की बुवाई शुरू करने को कहा है। सरसों के लिए पर्याप्त नमी होने पर RH 30, RH 0749 जैसी किस्मों की बीजाई करें। बीजों का 2 ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति किग्रा से उपचार जरूर करें। चने की C 235, HC 5 किस्मों और चारे में जई व बरसीम की बीजाई शुरू करें। धान की कटाई से 2 हफ्ते पहले सिंचाई बंद कर दें। पराली बिल्कुल न जलाएं। ओस सूखने के बाद ही कपास की चुगाई करें।
शहर में मीठे और साफ पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए नोएडा प्राधिकरण दो नए रैनीवेल बनाएगा। ये रैनीवेल सेक्टर-135 और सेक्टर-132 में यमुना नदी के किनारे बनाए जाएंगे। दोनों की क्षमता 17-17 एमएलडी होगी। यानी इनसे रोजाना कुल 34 एमएलडी पानी की सप्लाई हो सकेगी। परियोजना पर करीब 45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन रैनीवेल से लोगों को करीब 300 से 400 टीडीएस वाला पानी उपलब्ध कराने की योजना है। प्राधिकरण का कहना है कि गंग नहर की सफाई या किसी तकनीकी खराबी के कारण गंगाजल की सप्लाई बंद होने पर रैनीवेल शहर की पानी की जरूरत पूरी करने में मदद करेंगे। नोएडा में रोजाना पानी की मांग 450 एमएलडी से अधिक है। शहर को करीब 100 क्यूसेक यानी 240 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई मिलती है। इसके अलावा करीब 110 एमएलडी पानी नलकूपों और 100 एमएलडी पानी रैनीवेल के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है। नोएडा में गंगाजल की सप्लाई गाजियाबाद के प्रताप विहार और सिद्धार्थ विहार स्थित प्लांटों से होती है। यहां से क्रमश: 80 और 20 क्यूसेक पानी की सप्लाई नोएडा पहुंचती है। अभी 8 रैनीवेल सक्रिय, 3 और जल्द शुरू होंगेजीएम जल आरपी सिंह ने बताया कि नोएडा में अभी 8 रैनीवेल सक्रिय हैं। जिनसे रोजाना करीब 100 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। तीन अन्य रैनीवेल जल्द ही शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा सेक्टर-132 और 135 में दो नए रैनीवेल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी के शुरू होने के बाद रैनीवेल से करीब 160 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा सकेगी। इससे गंगाजल की सप्लाई बाधित होने की स्थिति में पानी की कमी से काफी हद तक राहत मिलेगी। गंग नहर की सफाई के दौरान मिलेगा विकल्पअधिकारियों के अनुसार गंग नहर की सफाई या किसी अन्य फॉल्ट के दौरान गंगाजल की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। ऐसे में शहर में पानी का दबाव और सप्लाई व्यवस्था प्रभावित होती है। नए रैनीवेल शुरू होने के बाद इस कमी की भरपाई रैनीवेल के पानी से की जा सकेगी। फरीदाबाद मॉडल से मिली प्रेरणाप्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद में करीब 32 रैनीवेल काम कर रहे हैं और वहां पानी की सप्लाई में इनका बड़ा योगदान है। इसी मॉडल को नोएडा में भी बढ़ाया जा रहा है। यमुना का बड़ा हिस्सा नोएडा से होकर गुजरता है। इसलिए नदी किनारे रैनीवेल बनाकर भूजल का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम: दिन में बढ़ेगी गर्मी या रात में बढ़ेगी ठंड? जानें अगले सात दिन का हाल
राजस्थान में आठ नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि सुबह-शाम ठंडक बनी रहेगी।
करनाल शहर की नई अनाज मंडी रोड पर जॉन डियर ट्रैक्टर एजेंसी के पास स्थित अग्रवाल मार्केटिंग दुकान में चोरों ने सेंध लगा दी। चोर दुकान का शटर तोड़कर लैपटॉप, टीवी, चांदी की भगवान की मूर्ति समेत लाखों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। दुकानदार के अनुसार चोरी से करीब 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो चोर पीछे की तरफ से दुकान में घुसते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित दुकानदार ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात 8 बजे दुकान बंद कर घर गया था दुकानदारअसंध निवासी आयुष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करनाल में नई अनाज मंडी रोड पर जॉन डियर ट्रैक्टर एजेंसी के पास उसकी अग्रवाल मार्केटिंग के नाम से दुकान है। परसो रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद करके घर चला गया था। कल सुबह करीब 10 बजे जब वह दुकान पर पहुंचा तो शटर टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था और दुकान में चोरी हो चुकी थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार वारदात रात करीब 1:30 बजे हुई। चांदी की मूर्ति समेत कीमती सामान ले गए चोरआयुष के अनुसार चोर दुकान से लैपटॉप, तांबे का तार, भगवान की करीब 2.5 लाख रुपये कीमत की चांदी की मूर्ति, टीवी, डीवीआर, हार्ड डिस्क, लाइटों के बंडल और अन्य सामान चोरी कर ले गए। अभी दुकान में रखे बाकी सामान की जांच की जानी है। इसके बाद चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी सामने आएगी। दुकानदार ने पुलिस से चोरों का पता लगाकर नुकसान की भरपाई करवाने की मांग की है। धारा 303 और 331(4) के तहत केस दर्जशिकायतकर्ता आयुष गोयल ने 1 नवंबर को थाना सिटी करनाल में शिकायत दी। बीती रात पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रदी है। मामले की जांच एसआई विजय कुमार को सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Una News: नंदपुर में चलती कार बनी आग का गोला, पर्यटक सुरक्षित
ऊना-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदपुर में शनिवार देर रात चलती कार अचानक आग लग गई।
सरकारी स्कूल में पांच वर्षीय बच्ची पर हुए हमले के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
झारखंड में दस साल बाद आयोजित जेटीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों के संघर्ष, उम्मीदों और सपनों की कहानियां सामने आईं। 56 वर्षीय शिक्षक से लेकर एक परिवार के चार सदस्यों ने परीक्षा दी, जबकि देरी से पहुंची महिला अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सकीं।
झारखंड: रांची में खूनी पारिवारिक विवाद, युवक ने पत्नी और सास की धारदार हथियार से काटकर की हत्या
रांची के टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के चतरा गांव में पारिवारिक विवाद के बाद एक युवक ने धारदार हथियार से हमला कर अपनी पत्नी और सास की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सड़कों पर बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिए प्रत्येक गोवंश की अनिवार्य टैगिंग और डिजिटल पंजीकरण का प्रावधान किया है।
राजस्थान के करौली में चचेरे भाइयों को फंसाने के लिए पिता ने बेटी को मार डाला, हत्या का मुकदमा दर्ज
राजस्थान के करौली में एक पिता ने चचेरे भाइयों को फंसाने के लिए अपनी आठ महीने की बेटी को जमीन पर पटक कर मार डाला।
छह महीने बाद जम्मू में सचिवालय खुल गया है, जहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। श्रीनगर से स्थानांतरित हुए।
बिहार में दाखिल-खारिज के नए प्रावधान, कोर्ट में केस का आवेदन देने मात्र से नहीं होगा आवेदन अस्वीकृत
Bihar Land Mutation Rules : मुजफ्फरपुर में दाखिल-खारिज आवेदनों को सक्षम अदालत में मामला लंबित होने के आधार पर अस्वीकृत करने के संबंध में सरकार ने नए प्रावधान किए हैं।
भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि मामलों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 12 के पार्षद देवेंद्र भार्गव बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ नारियलखेड़ा स्थित वार्ड 12 की एलआईजी कॉलोनी में पुलिस चौकी के पीछे बारिश का पानी जमा होने और गंदगी फैलने की शिकायत मनोज धनवारे ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान यहां पानी भर जाता है, जिससे रास्ते पर गंदगी फैलने के साथ ही लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद वार्ड 12 के पार्षद देवेंद्र भार्गव ने मामले पर संज्ञान लिया और समस्या का समाधान कराया। यहां जमा पानी और गंदगी की सफाई कराई गई, जिससे रहवासियों को राहत मिली। एप से मिल रहा लोगों को समाधान नंदा नगर: खराब सड़क और बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या दूर बैरागढ़ के संत नगर स्थित कैलाश नगर मेन रोड पर सड़क खराब होने, स्ट्रीट लाइट बंद रहने और नाली का गंदा पानी जमा होने की शिकायत नंदा नगर निवासी ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सीटीओ बैरागढ़ के पास स्थित इस रास्ते की सड़क लंबे समय से खराब थी। स्ट्रीट लाइट भी कई दिनों से बंद थी। सड़क पर नाली का गंदा पानी जमा होने से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा था। शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद जोन-20 के उपस्वच्छता पर्यवेक्षक सचिन ठाकुर ने मामले पर कार्रवाई कर समस्या का समाधान कराया। सड़क, नाली और सार्वजनिक शौचालय की सफाई से जुड़ी समस्याएं बरकरार साजिदा नगर: एसडीएम कार्यालय के सार्वजनिक शौचालय में गंदगी, लोग परेशान सुल्तानिया रोड स्थित साजिदा नगर, कोहेफिजा क्षेत्र में कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित एसडीएम कार्यालय के सार्वजनिक शौचालय की बदहाल स्थिति को लेकर राजेश सैनी ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शौचालय की हालत इतनी खराब है कि यहां आने-जाने वाले लोगों को इसका उपयोग करने में परेशानी होती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, शौचालय में गंदगी फैली हुई है और इसकी सफाई पर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं है। वार्ड 8: खुदाई के बाद VIP रोड के चौराहे पर गड्ढे, हादसे का खतरा वार्ड 8 स्थित VIP रोड के खजूरगांव चौराहे पर JCB से खुदाई किए जाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने की शिकायत कमाल खान ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि खुदाई के बाद चौराहे पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ स्थिति बनी हुई है। पहले से ढलान होने के कारण यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक संतुलन बिगड़ने से आए दिन गिर रहे हैं। बैरागढ़: सड़क निर्माण के बाद बीच रास्ते में छोड़ा मलबा और कचरा बैरागढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण के बाद निकला मलबा और कचरा सड़क के बीच में ही छोड़ दिए जाने की शिकायत अविरल बाबानी ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सड़क बनाने के बाद निर्माण से निकले मलबे और कचरे को रास्ते से हटाने के बजाय बीच में ही छोड़ दिया गया है। तिराहे के बीच में मलबा जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना होने का खतरा भी बना हुआ है। शाहपुरा: नाली की सफाई नहीं, सीवेज लाइन के बाद सड़क भी नहीं बनी अरेरा कॉलोनी के भारत नगर रोड स्थित धन्वंतरी परिसर, ई-7 में शिव मंदिर के पीछे नाली की सफाई नहीं होने और सड़क निर्माण अधूरा रहने की शिकायत अंबिका यादव ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि यहां कई दिनों से नाली की सफाई नहीं हुई है। सीवेज लाइन डालने के बाद सड़क का निर्माण भी नहीं कराया गया, जिससे पूरे रास्ते पर कीचड़ फैल रहा है। नाली का कचरा और गंदगी सड़क पर आ रही है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के जरिए शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर की जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
बहन को छेड़ने से रोका तो युवक पर किया हमला:भिवानी में अधमरा छोड़कर आरोपी युवक फरार, राड से किया हमला
भिवानी में अपनी बहन से छेड़छाड़ करने से रोकने व आरोपी से बातचीत करने गए युवक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवकों ने राड से हमला किया और पीड़ित को अधमरा समझकर वहां से धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इधर, पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी शहर निवासी एक युवक ने जैन चौक पुलिस चौकी में शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह रात करीब 8 बजे अपने दोस्त के साथ हनुमान गेट पर एक युवक के साथ बातचीत के लिए गया था। उक्त आरोपी युवक उसकी बहन से आते-जाते समय छेड़छाड़ करता था। इस बात को लेकर आरोपी युवक से बातचीत करने के लिए गए तो वहां पर 6-7 लड़के मौजूद थे। जब आरोपी युवक से बातचीत करने लगे तो आपसी कहासुनी हो गई। उसका रास्ता रोककर पीछे से आरोपी युवक ने व उसके साथियों ने लोहे के राड से हमला कर दिया। सिर पर चोट लगने के कारण उसने बचने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लोहे की राड से इतना मारा कि वह बेसुध हो गया। साथ ही धमकी दी कि आगे से मिले तो जान से मार देंगे। उसे अधमरा छोड़कर भाग गए। जिसके बाद उसको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इधर मामले की सूचना मिलते के बाद पुलिस टीम भी अस्पताल में पहुंची। जिसने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
हिमाचल प्रदेश में होटल कारोबार करना अब महंगा हो गया है। राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होटलों के संचालन सहमति शुल्क (कंसेंट टू ऑपरेट) के ढांचे में बदलाव कर दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रविवार से लागू प्रतिबंधों के पहले ही दिन शहर की सीमाओं पर भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
आधुनिक रोशनी के बावजूद, शिमला में दिवाली पर मिट्टी के दीयों का महत्व बरकरार है। लोग घरों को रोशन करने के लिए पारंपरिक दीयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सहारनपुर के सौराणा में आकाश आनंद की जनसभा को सिर्फ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके पीछे सहारनपुर की उस राजनीतिक जमीन को दोबारा हासिल करने की कोशिश भी है, जहां से कभी बसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। यह वही जिला है, जहां की हरौड़ा विधानसभा सीट से बसपा सुप्रीमो मायावती दो बार विधायक चुनी गई थीं। विधायक रहते हुए ही उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। आकाश आनंद की सभा के लिए सरसावा क्षेत्र के सौराणा का चयन भी राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र नकुड़ विधानसभा में आता है। यहां से पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे और मायावती सरकार में मंत्री बने थे। बाद में वह भाजपा में गए और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर मैदान में उतरे। फिलहाल नकुड़ से भाजपा के मुकेश चौधरी विधायक हैं। ऐसे में बसपा की इस क्षेत्र में जनसभा को पुराने राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक मौजूदगी को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी 2027 से पहले प्रत्याशियों के नाम सामने लाकर विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। हरौड़ा से दो बार विधायक बनीं मायावती सहारनपुर का बसपा की राजनीति में महत्व समझने के लिए हरौड़ा विधानसभा सीट का इतिहास अहम है। मायावती ने 1996 के विधानसभा चुनाव में सहारनपुर जिले की हरौड़ा सुरक्षित सीट से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2002 में भी वह इसी सीट से विधायक चुनी गईं। 1996 में विधायक बनने के बाद 21 मार्च 1997 को मायावती दूसरी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। वहीं, 2002 में हरौड़ा से दोबारा जीतने के बाद 3 मई 2002 को उन्होंने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह हरौड़ा सीट उनके राजनीतिक सफर और मुख्यमंत्री बनने के इतिहास से सीधे जुड़ी रही है। मायावती का सहारनपुर से रिश्ता केवल विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं रहा। 1989 में वह बिजनौर लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं। 1991 में उन्होंने बिजनौर, बुलंदशहर और हरिद्वार से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली। इसके बाद हरौड़ा से मिली दो विधानसभा जीत ने सहारनपुर को बसपा की राजनीति में खास जगह दिलाई। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद हरौड़ा सीट समाप्त हो गई, लेकिन उसका राजनीतिक इतिहास आज भी पश्चिमी यूपी में बसपा की पुरानी पकड़ के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि सहारनपुर में आकाश आनंद की सभा को मायावती की राजनीतिक विरासत से जोड़कर भी देखा जा रहा है। धर्म सिंह सैनी के राजनीतिक सफर से जुड़ा है बसपा का आधार सौराणा की सभा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू नकुड़ विधानसभा का राजनीतिक इतिहास है। पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी का राजनीतिक सफर इस सीट पर बसपा की पुरानी मौजूदगी से जुड़ा रहा है। वह बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए और मायावती सरकार में मंत्री बने। बाद में भाजपा में शामिल होकर 2017 में नकुड़ से चुनाव जीता। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले धर्म सिंह सैनी भाजपा छोड़कर सपा में चले गए। उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के मुकेश चौधरी से हार गए। अब नकुड़ में बसपा की सक्रियता और नरेश सैनी के संभावित नाम की चर्चा को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। जिस क्षेत्र में कभी बसपा के टिकट पर धर्म सिंह सैनी विधायक और मंत्री बने थे, उसी क्षेत्र में अब पार्टी नए प्रत्याशी के जरिए अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश में है। यदि नरेश सैनी के नाम की औपचारिक घोषणा होती है तो यह नकुड़ में बसपा की चुनावी तैयारी का संकेत होगा। 2022 के चुनाव में नकुड़ सीट पर मुकाबला करीबी रहा था। भाजपा के मुकेश चौधरी और सपा के धर्म सिंह सैनी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। बसपा के साहिल खान को भी 55 हजार से अधिक वोट मिले थे। ऐसे में इस सीट पर बसपा के मतों की भूमिका और 2027 के लिए पार्टी की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। 2007 के सामाजिक भाईचारे वाले मॉडल को फिर अपनाने की कोशिश बसपा नेताओं की ओर से सौराणा की सभा में सर्वसमाज की बड़ी भागीदारी का दावा किया जा रहा है। पार्टी नेता 2007 के विधानसभा चुनाव में दिखाई दिए सामाजिक भाईचारे की झलक फिर से सामने लाने की बात कह रहे हैं। 2007 में मायावती ने दलित मतदाताओं के परंपरागत समर्थन के साथ ब्राह्मणों और अन्य सामाजिक वर्गों को जोड़कर 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का राजनीतिक मॉडल सामने रखा था। इस रणनीति के तहत बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। मायावती ने पांच साल तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल पूरा किया। अब 2027 के चुनाव से पहले बसपा इसी सामाजिक समीकरण को नए सिरे से साधने की कोशिश कर रही है। सहारनपुर में दलित, मुस्लिम, सैनी, गुर्जर, पिछड़े और अन्य वर्गों की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में सभा में सर्वसमाज की भागीदारी का दावा केवल भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए पार्टी व्यापक सामाजिक आधार का संदेश देना चाहती है। हालांकि, 2007 के राजनीतिक हालात और 2027 के चुनावी समीकरण एक जैसे नहीं हैं। पिछले डेढ़ दशक में प्रदेश की राजनीति में भाजपा और सपा का प्रभाव बढ़ा है। ऐसे में बसपा के सामने पुराने सामाजिक भाईचारे के मॉडल को मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावी बनाने की चुनौती भी रहेगी। मायावती ने आकाश आनंद को फिर सौंपी जिम्मेदारी इस सभा का एक बड़ा पहलू बसपा के भीतर नेतृत्व का भी है। मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी की जिम्मेदारी देकर संगठन और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय किया है। अब उन्हें उत्तर प्रदेश में जनसभाओं के जरिए पार्टी का अभियान आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। आकाश आनंद की राजनीतिक यात्रा भी उतार-चढ़ाव से गुजरी है। मायावती ने मार्च 2025 में उन्हें पार्टी के पदों से हटा दिया था। बाद में उन्हें फिर जिम्मेदारी दी गई और 2026 में राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। अब वह मायावती के समर्थन के साथ प्रदेश में जनसभाएं कर रहे हैं। पार्टी के लिए यह आकाश आनंद को संगठनात्मक और चुनावी स्तर पर सक्रिय भूमिका में स्थापित करने का अवसर भी है। सहारनपुर की सभा इसलिए भी अहम है, क्योंकि आकाश आनंद की सियासी लॉन्चिंग में भी इस जिले की भूमिका रही है। वर्ष 2017 में मायावती उन्हें अपने साथ सहारनपुर लेकर पहुंची थीं। अब करीब नौ साल बाद 2027 के चुनाव से पहले वह इसी जिले में स्वतंत्र रूप से बड़ी जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। ऐसे में यह सभा उनकी राजनीतिक भूमिका और पार्टी के भीतर नेतृत्व की सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। चुनाव से पहले प्रत्याशियों के नाम सामने लाकर संगठन मजबूत करने की रणनीति बसपा सहारनपुर देहात विधानसभा सीट से पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अब नकुड़ सीट पर नरेश सैनी के नाम की चर्चा है। इसके अलावा बेहट और रामपुर मनिहारान सीटों पर भी संभावित दावेदारों के मायावती से आशीर्वाद लेने की चर्चाएं हैं। पार्टी चुनाव से काफी पहले संभावित प्रत्याशियों को सामने लाकर उन्हें क्षेत्र में जनसंपर्क और संगठन मजबूत करने का समय देना चाहती है। इससे कार्यकर्ताओं को भी चुनावी तैयारी को लेकर स्पष्ट संदेश मिलता है। नरेश गौतम, डॉ. मेघराज जरावरे और जिलाध्यक्ष रजनीश बंधु समेत पार्टी के नेता सभा को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं। पार्टी का दावा है कि सौराणा में सर्वसमाज की बड़ी भागीदारी होगी। भाजपा-सपा के बीच बदले समीकरणों में बसपा की वापसी की कोशिश सहारनपुर की राजनीति में पिछले कुछ चुनावों के दौरान भाजपा और सपा के बीच मुकाबला प्रमुख रूप से सामने आया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की सातों सीटों पर बसपा को जीत नहीं मिली थी। हालांकि, कई सीटों पर पार्टी का वोट चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में रहा। ऐसे में बसपा की सक्रियता को भाजपा और सपा के बीच बनते चुनावी समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। नकुड़ में धर्म सिंह सैनी का बसपा से भाजपा और फिर सपा तक का राजनीतिक सफर इस सीट के बदलते समीकरणों का उदाहरण है। अब बसपा नरेश सैनी के संभावित नाम के साथ अपनी अलग राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश में है।
पुलिस को चकमा देकर भागे काली सरकार ने वीडियो में कहा, सत्य को पराजित नहीं किया जा सकता
पुलिस को चकमा देकर भागे काली सरकार ने वीडियो में कहा, सत्य को पराजित नहीं किया जा सकता
इंदौर के अलग-अलग वार्डों में सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट मददगार साबित हो रहा है। इसके जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभागों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत सामने आने के बाद जिम्मेदार उस पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) पार्षद महेश चौधरी बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 1 के चंदन नगर स्थित गुजराती कॉलोनी की गली नंबर 8 में गीता पैलेस खेत के पास रहने वाले शोएब खान ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले 8 दिनों से नर्मदा के नल नहीं चल रहे हैं। इससे रहवासियों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत सामने आने के बाद वार्ड 1 के पार्षद महेश चौधरी ने मामले पर संज्ञान लिया और समस्या का समाधान कराया। एप पर शिकायत के बाद द्वारकापुरी में चालू हुई बंद स्ट्रीट लाइट परिवहन नगर में विदुर नगर रोड पर जैन मंदिर के सामने रहने वाले शालीन तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट बंद है। इससे रात में सड़क पर अंधेरा रहता था और रहवासियों को परेशानी होती थी। शिकायत सामने आने के बाद वार्ड 82 के पार्षद नितिन कुमार शर्मा (शानू) ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बंद लाइट चालू करवाई। पानी, कचरे, उखड़ी सड़क और बैक लाइन की गंदगी से परेशान इंदौरवासी नवलखा: सफाई के बाद भी नहीं उठाया जा रहा कचरा इंदिरा गांधी स्क्वायर पर नवलखा बाजार हाट मैदान के सामने रहने वाले सोमेश ने शिकायत दर्ज कराई है कि सफाईकर्मी झाड़ू लगाने के बाद कचरे का ढेर लगा देते हैं, लेकिन उसे उठाकर नहीं ले जाते। शिकायतकर्ता के अनुसार, सूखे पत्ते और कचरा पेड़ के नीचे जमा रहते हैं। उन्होंने कचरा उठवाने की मांग की है। पलदा: खराब स्ट्रीट लाइट बदलवाने की शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई पलदा में तेजाजी चौक के पास अगरबत्ती फैक्ट्री वाली गली में गर्ल बाबा मंदिर के पीछे रहने वाले रवि बघेल ने शिकायत दर्ज कराई है कि अगरबत्ती फैक्ट्री के पास वाले पोल और उससे लगे दो अन्य पोल की स्ट्रीट लाइट खराब हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, लाइट बदलवाने के लिए शिकायत करने के बाद भी अब तक सुनवाई नहीं हुई और न ही लाइट बदली गई। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइट बदलवाने की मांग की है। सुदामा नगर: 5 साल से उखड़ी सड़क, बारिश में भरता है पानी वार्ड 71 के विश्वकर्मा नगर में गणेश मार्ग पर चितोड़ा धर्मशाला के पास रहने वाले रामेश्वर भावसर ने शिकायत दर्ज कराई है कि गली की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि सड़क पिछले 4-5 साल से खराब है। उन्होंने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। सुदामा नगर: बैक लाइन के चेंबर का ढक्कन गायब, पूरी लाइन में गंदगी 60 फीट रोड स्थित भगवती, सुदामा नगर में 378 ए के पास रहने वाले संजय चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई है कि बैक लाइन के चेंबर पर ढक्कन नहीं है और पूरी लाइन में गंदगी जमा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे आसपास के रहवासियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने चेंबर पर ढक्कन लगवाने और बैक लाइन की सफाई कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के जरिए शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर की जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर रायपुर लाया गया है। उसे आज सीबीआई विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
लुधियाना में निकाह के कुछ घंटे बाद दूल्हे के भाई ने अपने साथियों के साथ दुल्हन के घर पर हमला कर दिया। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और फायरिंग हुई।
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में 21 और 22 नवंबर को एलुमनी मीट-2026 आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र शामिल होंगे। सम्मेलन के मुख्य अतिथि 1983 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र और रिलायंस जियो के अध्यक्ष उदय कुमार श्रीवास्तव होंगे। वहीं, 1990 बैच के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पुरातन छात्र एवं AECOM के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संजय गंभीर और NGSL के डायरेक्टर मोहम्मद अशफाक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर शनिवार को अधिष्ठाता (पुरातन छात्र संबंध) प्रो. बीके पांडेय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें विभिन्न समितियों के संयोजकों और सदस्यों ने अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। साथ ही आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। 70 से अधिक पुरातन छात्रों ने कराया पंजीकरण विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सम्मेलन में शामिल होने के लिए अब तक 70 से अधिक पुरातन छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सम्मेलन में पुराने छात्र अपने सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर पुरानी यादें साझा करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। वर्तमान छात्रों को मिलेगा मार्गदर्शन सम्मेलन का उद्देश्य केवल पुरातन छात्रों का पुनर्मिलन नहीं, बल्कि उन्हें अपने संस्थान से जोड़कर रखना भी है। विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे वर्तमान विद्यार्थियों को करियर, रोजगार और उद्योगों की जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी। वहीं, विश्वविद्यालय को शोध, नवाचार और उद्योगों के साथ साझेदारी के नए अवसर मिल सकेंगे। बैठक में प्रो. एसपी सिंह, प्रो. दयाशंकर सिंह, प्रो. प्रभाकर तिवारी, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. राजन मिश्रा, प्रो. पल्लव गुप्ता, डॉ. हरिश्चंद्र, डॉ. ज्योति, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. विपुल नारायण और मालवीय एलुमनी संगठन के पूर्व अध्यक्ष इंजीनियर जेवी राय समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को 2026 के प्रतिष्ठित केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है।
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के कारण झारखंड के कई हिस्सों, विशेषकर रांची और आसपास के इलाकों में अगले तीन दिनों तक गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। सुबह कुहासा और न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का एहसास बढ़ेगा।
बांदीपोरा जिला पुलिस प्रशासन ने रविवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन इंस्पेक्टरों का तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
नीला ड्रम हत्याकांड के बाद चर्चा में आए किराए के मकान में रविवार को अहोई अष्टमी के दिन शुद्धिकरण कराया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर समर्थकों के साथ मकान पर पहुंचीं। यहां मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने संगम के जल से मकान के गेट को धोया। इसके बाद नारियल फोड़ा और धूप-बत्ती जलाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की। मीरा राठौर ने कहा कि वह पिछले 18 महीने से इस मकान का शुद्धिकरण कराने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें कई बार रोका। रविवार को प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद वह यहां पहुंचीं। मीरा राठौर ने कहा कि मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह अपने पति सौरभ की हत्या कर शव के 15 टुकड़े किए और ड्रम में भरकर रखा, ऐसी घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि सात फेरों और सात वचनों के बाद भी इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाओं में शामिल आरोपियों को लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। बोलीं- मुस्कान को जल्द फांसी दी जाए, खुद फंदा लगाने को तैयार मीरा राठौर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करती हैं कि मुस्कान को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उसे सजा नहीं मिलेगी, तब तक सौरभ की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अनुमति दी जाए तो वह खुद मुस्कान को फांसी का फंदा लगाने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, मुस्कान की दो बेटियां होने के आधार पर उसे माफी नहीं मिलनी चाहिए। जब उसने किसी दूसरे परिवार के बेटे की जिंदगी के बारे में नहीं सोचा तो अपनी बेटियों का हवाला देकर सजा से राहत मांगना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं होते, उनका भी पालन-पोषण और भविष्य बनता है। उन्होंने मुस्कान के परिवार से मिलने की बात पर कहा कि उन्हें उसके परिवार से कुछ लेना-देना नहीं है। उनका आरोप है कि यदि माता-पिता बच्चों को अच्छे संस्कार और सही परवरिश दें तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सौरभ की बेटी को उसके दादा-दादी के पास रखा जाना चाहिए। सौरभ के भाई से मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग मीरा राठौर ने बताया कि वह अहोई अष्टमी के दिन सौरभ के परिवार से मिलने भी आई हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक मां अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती है, उसी भावना के साथ वह सौरभ के परिवार के बीच पहुंची हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ के भाई के साथ मारपीट की घटना हुई है और इस संबंध में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वह पीड़ित परिवार से मिलकर मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर शिकायत दर्ज करने में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं आगे भी बढ़ सकती हैं। प्रेमी साहिल और उसके परिवार पर भी उठाए सवाल मीरा राठौर ने हत्याकांड में आरोपी साहिल को लेकर कहा कि यदि साहिल इस मामले में शामिल नहीं होता तो शायद सौरभ की जान नहीं जाती। उन्होंने साहिल के परिवार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी का बेटा गलत करता है तो उसके परिवार को भी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेलों में रखा जाए, ताकि दोनों का एक-दूसरे से मिल न सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण न्याय मिलने में देरी होती है। उनके मुताबिक, यदि ऐसे मामलों में जल्द फैसला और सजा होती तो दूसरी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने हाल में सामने आए बक्से और अन्य तरीकों से शव छिपाने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बोलीं- पुरुष आयोग का गठन होना चाहिए लगातार सामने आ रहे पतियों की हत्या के मामलों पर मीरा राठौर ने पुरुष आयोग के गठन की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं और उनकी शिकायतों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार, कई मामलों में पुरुषों को लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जाती और महिलाओं की शिकायतों को ही प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में महिला या पुरुष होने के आधार पर फैसला नहीं होना चाहिए, बल्कि दोनों पक्षों को सुनकर सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीला ड्रम हत्याकांड के बाद पुरुषों में शादी को लेकर डर का माहौल बना है। कुछ लोग इस तरह की घटनाओं को देखकर शादी करने से भी घबराने लगे हैं। वहीं, दूसरी ओर ऐसी घटनाओं के कारण महिलाओं को भी एक ही नजर से देखा जाने लगा है। उन्होंने कहा कि किसी एक महिला के अपराध के लिए पूरी नारी जाति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हर मामले में व्यक्ति के कृत्य के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। माता-पिता की परवरिश को बताया ऐसी घटनाओं की वजह मीरा राठौर ने कहा कि आजकल सामने आ रहे ऐसे मामलों के पीछे माता-पिता की परवरिश और बच्चों पर निगरानी की कमी भी एक कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह जानना चाहिए कि उनके बच्चे कहां जा रहे हैं और किसके साथ समय बिता रहे हैं। केवल कॉलेज जाने की बात कह देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। बच्चों को अच्छे संस्कार देना और उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार बच्चों को सही मार्गदर्शन दे तो ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। तीन-चार बार प्रयास किया, प्रशासन ने रोका मीरा राठौर ने बताया कि वह मकान के शुद्धिकरण के लिए तीन-चार बार प्रयास कर चुकी थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि नीला ड्रम हत्याकांड सामने आने के बाद ही वह यहां आना चाहती थीं, लेकिन उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। एक बार दिल्ली से भी उन्हें वापस ले जाने का आरोप लगाया। प्रशासन का कहना था कि उनके पहुंचने से वहां का माहौल खराब हो सकता है। मीरा राठौर ने कहा कि उनका उद्देश्य माहौल खराब करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार से मिलना और मकान का शुद्धिकरण करना था। रविवार को अहोई अष्टमी के दिन वह यहां पहुंचीं और विधि-विधान से शुद्धिकरण कराया। उन्होंने कहा कि ताजमहल को लेकर भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनके अनुसार, वह ताजमहल को शिव मंदिर मानती हैं और वहां पूजा-अर्चना की मांग करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि जिस चीज को वह अपना मंदिर मानती हैं, उसके लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
वकालत (LLM) की पढ़ाई करते हुए गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। लंदन में कोर्स किया। सिविल जज के लिए चयनित हो गईं, जॉइन नहीं किया। अब साध्वी बनने जा रही हैं। ये कहानी बैतूल की प्रखरश्री जैन (26) की है। अब वह ब्रह्मचारिणी बनने जा रही हैं। जैनेश्वरी दीक्षा का संकल्प लेकर उन्होंने मोक्ष का मार्ग चुना है। पिता एलआईसी से रिटायर्ड अफसर हैं। उनके साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) समेत चार अन्य दीक्षार्थी बहनों ने भी सांसारिक मोह छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाया है। रविवार को बैतूल में पांचों बहनों की बिनौली यात्रा निकाली गई। ढोल की थाप पर नाचते गाते हुए परिजन, रिश्तेदार यात्रा में शामिल हुए। दैनिक भास्कर ने प्रखरश्री जैन, उनके पिता जेके जैन और मां ज्योति जैन से बात कर पूरी यात्रा के बारे में जाना। पढ़िए रिपोर्ट… तीन तस्वीरें देखिए… भोपाल से लंदन तक पढ़ाई, गोल्ड मेडलिस्ट रहीं प्रखरश्री दीदी ने प्राइमरी बैतूल से ही किया। इसके बाद मिडिल और हायर सेकंडरी भोपाल के संस्कार वैली स्कूल में हुई। स्कूल में शुरुआत से ही मेधावी रहीं। 12वीं के बाद प्रखरश्री ने कानून के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) क्वालिफाई कर अहमदाबाद से एलएलबी किया। एलएलएम में गोल्ड मेडल हासिल किया। उच्च शिक्षा के लिए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से भी कोर्स किया। साल 2023 में सिविल जज की परीक्षा में भी चयन हो गया। यह उपलब्धि परिवार के लिए बड़ी थी, लेकिन प्रखरश्री के मन में कुछ और ही लक्ष्य आकार ले रहा था। प्रखरश्री बोलीं- बचपन से मन में था, गुरु के सानिध्य ने दिखाई राहप्रखरश्री दीदी ने बताया कि मन में बचपन से ही संयम का जीवन अपनाने का भाव था। उन्होंने शादी नहीं करने और सांसारिक जीवन से दूर रहकर साधना करने का विचार भी पहले ही बना लिया था। उन्होंने बताया कि घर में धार्मिक माहौल था। माता-पिता से मिले संस्कार, जिनवाणी का अध्ययन और गुरुजनों का सानिध्य उनके भीतर वैराग्य के भाव को लगातार मजबूत करता गया। उन्होंने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज से उन्हें आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत मिला था। इस व्रत का पालन करते हुए जीवन में विशुद्धि बढ़ती गई। ‘यह रास्ता कठिन नहीं, बल्कि सबसे सरल है’जब प्रखरश्री से पूछा गया कि लाड़-प्यार में पली-बढ़ी होने और इतनी अच्छी शिक्षा हासिल करने के बावजूद कठिन मार्ग क्यों चुना, तो उनका जवाब था कि यह रास्ता कठिन नहीं, बल्कि सबसे सरल है। दूर से देखने पर यह कठिन लगता है, लेकिन जब इस मार्ग पर आगे बढ़ते हैं, तो सब सरल होता जाता है। सिविल जज की परीक्षा में चयन को लेकर उन्होंने कहा कि वहां पहुंचकर एहसास हुआ कि सांसारिक पद बड़ा नहीं है। आर्यिका व्रत धारण करना सबसे बड़ा पद है। बाकी सभी अस्थायी हैं। इसी विचार ने संकल्प को और दृढ़ किया। बेटी के साध्वी बनने पर माता-पिता भावुक पिता बोले- 2020 में ही तय कर लिया थाप्रखरश्री के पिता जेके जैन LIC के विकास अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं। उन्होंने बताया कि परिवार का माहौल शुरू से धार्मिक रहा है। बेटी भी बचपन से ही धार्मिक गतिविधियों और साधु-संतों के सानिध्य से प्रभावित थी। वह जब अहमदाबाद में पढ़ाई कर रही थी, तब भी उसका जीवन और अधिक सात्विक होता गया। वह दिगंबर साधुओं के दर्शन के लिए जाती थी। शाकाहार सहित कई नियमों का पालन करने लगी थी। साल 2016 में बेटी ने आचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन के दौरान उनसे नियम देने का आग्रह किया था। इसके बाद शिक्षा पूरी होने तक ब्रह्मचर्य का पालन किया। वर्ष 2020 में बेटी ने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लेने की इच्छा जताई। आचार्यश्री ने इस संबंध में हमसे सहमति मांगी। हमने कहा कि आप जो आदेश देंगे, स्वीकार है। सिविल जज की परीक्षा के दौरान भी गुरु का मार्गदर्शनसाल 2023 में जब प्रखरश्री सिविल जज की परीक्षा दे रही थी, तब पिता भी उनके साथ रायपुर और डोंगरगढ़ गए थे। वहां उन्होंने आचार्यश्री से मार्गदर्शन मांगा था। पिता के अनुसार, आचार्यश्री ने बेटी के चयन को लेकर संकेत देते हुए गुरु मां को उसके भीतर चल रही साधना के बारे में बताया था। अब बेटी नहीं, मां के संबोधन से पूजनीय होगीपिता ने कहा कि वर्तमान में जब माता-पिता बच्चों के भविष्य और संस्कारों को लेकर चिंतित रहते हैं, तब बेटी का यह निर्णय गर्व की बात है। अब रिश्तों के संबोधन भी बदल जाएंगे। भावुक होकर कहा कि आज के बाद बेटी घर का त्याग कर देगी। अब वह हमारी बेटी नहीं, बल्कि मां के संबोधन से पूजनीय होगी। वह हमें भक्त की दृष्टि से देखेगी, हम उसे श्रद्धा की दृष्टि से देखेंगे। दीक्षा के बाद प्रखरश्री का जीवन बदल जाएगा। भोजन, पानी और वस्त्र से जुड़े कठोर नियमों का पालन करना होगा। पिता ने कहा कि यह रास्ता आसान नहीं है, लेकिन बेटी के संकल्प और साधना पर उन्हें गर्व है। रोते हुए मां बोलीं- गर्व है कि बेटी ने यह रास्ता चुनाबेटी की विदाई के समय मां ज्योति जैन के मन में खुशी और चिंता दोनों थे। आंखों में आंसू भरते ही वे बताती हैं कि बेटी मां के सबसे करीब होती है। जब प्रखर ने वैराग्य का मार्ग चुनने की इच्छा बताई, तो पहले झटका लगा था। वजह थी कि यह रास्ता सामान्य जीवन से अलग और कठिन साधना वाला है। मां के मन में बार-बार यही सवाल उठता था कि लाड़-प्यार में पली उनकी बेटी इस कठिन जीवन को निभा पाएगी या नहीं। वे कहती हैं, 'एक मन गौरवान्वित होता है कि ऐसा दुर्लभ अवसर हमारे परिवार को मिला। दूसरा मन चिंता करता है कि वह इस कठिन रास्ते को कैसे निभाएगी। दोनों भाव एक साथ चलते हैं।' शादी और दीक्षा की विदाई में अंतरज्योति कहती हैं कि शादी के बाद बेटी को विदा करना और वैराग्य के मार्ग पर विदा करना दोनों अलग अनुभव है। इस मार्ग की कठिनाइयों के बारे में वे जानती हैं, इसलिए चिंता भी होती है, लेकिन विश्वास है कि बेटी का भविष्य उज्ज्वल होगा। वह जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्त होकर आत्मकल्याण की दिशा में बढ़ेगी। उन्होंने कभी बेटी को इस मार्ग पर जाने से मना नहीं किया। चार और बहनें भी छोड़ेंगी संसार, इनमें एक सीए भीप्रखरश्री दीदी अकेली नहीं हैं, जिन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम और साधना का मार्ग चुना है। उनके साथ चार अन्य बहनें भी जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रही हैं। इनमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रंगोली दीदी समेत प्रखरश्री दीदी, गिरजा दीदी, चेतना दीदी और सोनम दीदी का नाम शामिल है। यानी अलग-अलग शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि से आने वाली पांचों बहनों ने सांसारिक जीवन की उपलब्धियों से आगे आध्यात्मिक जीवन को लक्ष्य बनाया है। 22 नवंबर को उज्जैन में होगी दीक्षारविवार को बैतूल में पांचों दीक्षार्थी बहनों की बिनौली यात्रा निकाली गई। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया। मंगल आशीर्वाद दिया। यात्रा में प्रखरश्री के चेहरे पर प्रसन्नता और संतोष नजर आया। वहीं, परिवार के लोग इस विशेष अवसर पर भावुक भी हुए। मुख्य जैनेश्वरी दीक्षा समारोह 22 नवंबर 2026 को जैन सिद्ध क्षेत्र सोनागिरि में आयोजित होगा। समारोह गणाचार्य भगवान श्री विराग सागर जी महाराज और पदाचार्य श्री पदमसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद तथा गणिनी आर्यिका विशाश्री माताजी की छत्रछाया में होगा।
(छत्तीसगढ़ के प्रगतिशील किसान) कोरिया जिले के बैकुंठपुर के ग्राम उमझर के किसान राजेंद्र प्रसाद राजवाड़े (42) पिछले सात साल से फलों की उन्नत खेती कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र कोरिया से आम के पौधे लेकर शुरुआत करने वाले राजेंद्र ने आज 15 एकड़ में आम और अमरूद का शानदार बगीचा तैयार कर लिया है, जिनमें अब फल भी आने लगे हैं। इसके अलावा बगीचे में लीची, चीकू और सीताफल के पौधे भी लगाए गए हैं। राजेंद्र की खेती की सबसे बड़ी खासियत उनका नवाचार और ड्रिप सिस्टम से की जा रही अंतरवर्तीय खेती है। वे आम के पेड़ों के बीच की खाली जगह का सदुपयोग करते हुए टमाटर और अदरक लगाते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त मुनाफा होता है। फलों के पौधों को हानिकारक कीटों से बचाने के लिए वे रासायनिक दवाओं के बजाय बगीचे में गेंदे के फूल लगाते हैं, जो प्राकृतिक कीट नियंत्रक का काम करते हैं। इसके साथ ही जिमीकांदा (सूरन/ओल) और खेत के किनारे-किनारे औषधीय पौधे सतावर की भी खेती कर रहे हैं। राजेंद्र 15 एकड़ में पूरी तरह से गोबर खाद का उपयोग कर जैविक खेती कर रहे हैं। उनके इस काम में गांव के पांच अन्य किसान रामूराम, नत्थू दास, मनोज, सियाराम और रघुनंदन की भी सहभागिता है। राजेंद्र का खेती की ओर यह सफर इतना आसान नहीं था। पहले वे पारंपरिक खेती धान तक सीमित थे, जिसमें लागत अधिक और मुनाफा बेहद कम था। वे खुद आम और अमरूद के ग्राफ्टिंग पौधे भी तैयार करते हैं। रासायनिक खादों से मुक्त होने के कारण उनके आम, अमरूद और टमाटर न केवल स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे अपनी उपज को सीधे स्थानीय बाजारों और व्यापारियों को बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छा दाम मिल जाता है। अदरक और जिमीकांदा जैसी फसलें लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली हैं, इसलिए वे बाजार में सही रेट का इंतजार कर इन्हें अच्छे मुनाफे पर बेच लेते हैं। सतावर जैसे औषधीय पौधों की भी आयुर्वेद कंपनियों और जड़ी-बूटी व्यापारियों में काफी मांग रहती है। ड्रिप इरिगेशन के कारण राजेंद्र के खेत में पानी की बूंद-बूंद का सही उपयोग हो रहा है। पहले जहां खेत की सिंचाई में दिन भर का समय और हजारों लीटर पानी खर्च होता था, वहीं अब बहुत कम पानी और कम समय में पौधों की जड़ों तक सीधे नमी पहुंच जाती है। राजेंद्र का कहना है कि शुरुआत में मेहनत ज्यादा थी, लेकिन अब काम काफी आसान हो गया है। भविष्य में वे खाली जगहों पर और अमरूद लगाने के साथ-साथ फार्म में देसी मुर्गी पालन शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ वैज्ञानिक कमलेश कुमार सिंह व विजय अनंत ने कहा कि राजेंद्र की ओर से अपनाई जा रही तरवर्तीय खेती की तकनीक बेहद वैज्ञानिक और लाभदायक है। आम-अमरूद के बगीचे में गेंदे के फूल लगाने से नेमाटोड और अन्य हानिकारक कीटों का प्राकृतिक रूप से नियंत्रण होता है। इससे रासायनिक दवाओं का खर्च बचता है और मिट्टी सुरक्षित रहती है।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत टीही से धार के बीच तैयार रेलखंड पर 2 नवंबर को इलेक्ट्रिक इंजन का स्पीड ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान इंजन को अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर रेलवे ट्रैक और विद्युतीकरण व्यवस्था की जांच की जाएगी। ट्रायल सुबह 8:30 बजे टीही स्टेशन से शुरू होगा। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि इस रेलखंड पर बिजली संबंधी का काम पूरा हो चुका है। इसे 25 हजार वोल्ट की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन को चार्ज करने की तैयारी है। इसके बाद सोमवार को निर्माण विभाग की ओर से सीआरएस निरीक्षण से पहले स्पीड ट्रायल किया जाएगा। चार चरणों में होगी इंजन की गति की जांच ट्रायल के दौरान टीही से धार और धार से टीही के बीच अलग-अलग गति से इलेक्ट्रिक इंजन चलाया जाएगा। पहले चरण में टीही से धार के बीच 30 और धार से टीही के बीच 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से परीक्षण होगा। इसके बाद टीही से धार के बीच 110 और धार से टीही के बीच अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से इंजन चलाया जाएगा। इस परीक्षण के जरिए नए विद्युतीकृत रेलखंड की प्रोजेक्ट क्षमता की जांच की जाएगी। इसके बाद रेलखंड पर सीआरएस निरीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ट्रैक के आसपास न जाएं, मवेशियों को भी रखें दूर स्पीड ट्रायल को देखते हुए रेलवे ने टीही-धार रेलखंड के आसपास रहने वाले ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों से सतर्क रहने की अपील की है। रेलवे ने कहा है कि परीक्षण के दौरान ट्रैक पर पैदल न चलें, न बैठें और न ही फोटो या वीडियो बनाने के लिए पटरियों के पास जाएं। मवेशियों को भी रेल लाइन के आसपास न छोड़ें। रेलवे के मुताबिक, ट्रेन की वास्तविक गति का अंदाजा दूर से देखकर लगाना मुश्किल होता है। इसलिए ट्रेन को देखकर ट्रैक पार करने या उसके पास से निकलने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। 25 हजार वोल्ट की लाइन से भी खतरा रेलखंड पर विद्युतीकरण के बाद ओवरहेड तारों में 25 हजार वोल्ट की बिजली प्रवाहित की जाएगी। रेलवे ने लोगों को बिजली के तारों, खंभों और अन्य उपकरणों से दूर रहने की हिदायत दी है। ट्रैक के आसपास डंडा, पाइप या तार जैसी वस्तुएं लेकर भी न जाएं। रेलवे ने कहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन कर किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सकता है।
मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल काउंटर एफिडेविट में कई अहम खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, घटना के अगले ही दिन आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने न केवल सीसीटीवी फुटेज हासिल करने की कोशिश की, बल्कि ब्यूटी पार्लर पहुंचकर भी ट्विशा की आवाजाही से जुड़े फुटेज जुटाए थे। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह प्रभावशाली होने के कारण भोपाल में चल रहे ट्रायल को प्रभावित कर सकते हैं और गवाहों को डरा सकते हैं। 29 अक्टूबर 2026 को दाखिल इस काउंटर एफिडेविट में सीबीआई ने बताया कि गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। घटना के समय वे भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष थीं, जबकि उनके बेटे समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। मौत के अगले दिन जुटाए CCTV फुटेज सीबीआई के अनुसार, 13 मई 2026 को गिरिबाला सिंह ने सीसीटीवी तकनीशियन को फोन कर घटना से संबंधित अवधि के फुटेज की कॉपी हासिल की थी। इसी दिन उन्होंने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से भी ट्विशा के 12 मई को वहां आने-जाने के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसके बाद कुछ लोगों को भेजकर पार्लर के सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए गए। सीबीआई ने इसे जांच के दौरान सामने आया महत्वपूर्ण तथ्य बताया है। 17 अगस्त को पेश हो चुकी है चार्जशीट सीबीआई ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत चार्जशीट पेश की थी। दहेज मृत्यु, दहेज और अन्य पहलुओं पर आगे की जांच जारी है। भोपाल की अदालत में मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है। मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने भोपाल में चल रहे सेशन ट्रायल को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसी याचिका पर सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल किया है। एजेंसी ने दोनों आरोपियों के प्रभाव का हवाला देते हुए गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई है। 12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा तेलंगाना के एक ऐसे शख्स ने भी दावेदारी की तैयारी की है, जो 50 से ज्यादा चुनाव लड़ चुका है। नाम है कांते सयन्ना। लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद से लेकर राज्यसभा और उपराष्ट्रपति पद तक के चुनाव में किस्मत आजमा चुके सयन्ना अब मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विधानसभा से नामांकन फॉर्म लिया है। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए जरूरी 10 विधायकों के प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जुटाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। तेलंगाना के हैदराबाद से भोपाल पहुंचे सयन्ना ने बातचीत में बताया कि वे अब तक पांच बार लोकसभा, आठ बार विधानसभा और छह बार विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा 10 से 12 बार राज्यसभा के लिए भी प्रयास कर चुके हैं। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में भी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। उनका कहना है कि वे किसी एक राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और चुनाव लड़ने का खर्च खुद उठाते हैं। पहले भी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं मिलने से अटकी थी उम्मीदवारी सयन्ना ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए वे अपने दस्तावेज और शपथ-पत्र लेकर आए हैं। नामांकन के लिए 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। उनका आरोप है कि मध्यप्रदेश में कुछ विधायक हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। पार्टी नेताओं को डर है कि उनके हस्ताक्षर करने से राजनीतिक मुश्किल खड़ी हो सकती है। कुछ विधायकों ने समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने सोमवार तक हस्ताक्षर जुटाकर नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद जताई है। दिलचस्प यह है कि इसी साल मार्च में तेलंगाना की दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में भी कांते सयन्ना निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सामने आए थे। उस समय भी उन्होंने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 10 विधायकों के प्रस्तावकों का समर्थन नहीं होने के कारण उनका नामांकन जांच में निरस्त होने की आशंका जताई गई थी। यानी मध्यप्रदेश में भी उनके सामने वही पुरानी चुनौती है। 2018 में केसीआर के खिलाफ चुनाव लड़ने का दावा सयन्ना ने 2018 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि उस चुनाव में वे तीसरे स्थान पर रहे थे। उनके मुताबिक, केसीआर पहले और वंटेरू प्रताप रेड्डी दूसरे स्थान पर थे। उन्होंने बताया कि वे अलग-अलग राज्यों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उनका चुनाव प्रचार भी अपने स्तर पर होता है। पार्टी के बी-फॉर्म के बजाय जनता के समर्थन पर जोर सयन्ना का कहना है कि देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। अभी राजनीतिक दलों के बी-फॉर्म और पार्टी व्यवस्था का प्रभाव ज्यादा है, जबकि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि देश में पार्टी पर निर्भर राजनीतिक व्यवस्था के बजाय स्वतंत्र राजनीतिक व्यवस्था विकसित हो। इसके लिए उन्होंने काफी पढ़ाई और लेखन भी किया है। उनका मानना है कि एक दिन जनता को उनकी बात समझ आएगी और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव होगा।
45 से अधिक इलाकों में गुल रहेगी बिजली:आज कर सकते हैं खरीदारी भी; जानिए शहर में कहां-क्या खास
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स… आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
राजस्थान के स्कूलों में अब बच्चों को कोल्ड ड्रिंक की जगह छाछ और नींबू पानी पीने के फायदे बताए जाएंगे। बच्चों के माता-पिता को भी टिफिन में क्रीम वाले बिस्किट-चॉकलेट की जगह एपल-अमरूद पैक करने को कहा जाएगा। स्कूल परिसर में ‘शुगर बोर्ड’ लगाकर बताया जाएगा कि कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड फूड आइटम में कितने चम्मच चीनी है। इनको खाने से कौन-कौनसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। दरअसल, स्कूली बच्चों में बढ़ते डायबिटीज और मोटापे के मामलों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। आंकड़े बताते हैं कि ‘मिशन मधुहारी’ के तहत राजस्थान में दिसंबर 2025 तक 1,700 बच्चे टाइप-1 डायबिटीज के शिकार थे। अब ये संख्या बढ़कर 2,817 हो गई है। क्या है ‘शुगर बोर्ड’ लगाने का फैसला? यह कौन-कौन से स्कूलों में लागू होगा? कैसे इसके जरिए जागरूक किया जाएगा? पढ़िए मंडे स्पेशल स्टोरी में… शुगर बोर्ड पर दिखेगा चीनी का हिसाब शुगर बोर्ड का सबसे दिलचस्प हिस्सा बच्चों की डेली की पसंद से जुड़ा होगा। इसमें अलग-अलग खाद्य और पेय पदार्थों में मौजूद चीनी की मात्रा को चम्मच के रूप में दिखाया जाएगा। इन उदाहरणों से बच्चों को समझाया जाएगा कि स्वाद के साथ-साथ फूड पैकेट पर लिखी पोषण संबंधी जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है। किसी भी पैकेज्ड फूड में कितनी चीनी है, इसका अंदाजा होने पर बच्चे खुद अपनी पसंद को लेकर फैसला कर सकेंगे। ज्यादा चीनी से हो सकती हैं ये बीमारियां, समझाएंगे टीचर शुगर बोर्ड पर बच्चों को ज्यादा चीनी खाने से होने वाले नुकसान की जानकारी भी दी जाएगी। इसमें टाइप-2 डायबिटीज यानी मधुमेह का खतरा, बच्चों में बढ़ता मोटापा, दांतों में सड़न और कैविटी, हार्ट से संबंधित बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर जैसी डिटेल लिखी जाएगी। बोर्ड का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें कम उम्र से ही खानपान के प्रति जागरूक करना है। बच्चों में खानपान की आदतें कम उम्र से विकसित होती हैं। अगर बच्चा रोज मीठे पेय पदार्थों (कोल्ड ड्रिंक्स) और पैकेट बंद फूड प्रोडक्ट का अधिक सेवन करता है तो आगे चलकर भी उसकी यही आदत बनी रह सकती है। ऐसे में स्कूलों में इस तरह की जानकारी देना जरूरी माना जा रहा है। टीचर बताएंगे कोल्ड ड्रिंक की जगह नींबू पानी के फायदे बच्चों को कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, चॉकलेट के प्रति जागरूक करने के साथ इनकी जगह फायदेमंद चीजों के बारे में भी समझाया जाएगा। जैसे- कोल्ड ड्रिंक के स्थान पर नींबू पानी और छाछ जैसे ड्रिंक्स को लेने की सलाह दी जाएगी। पैकेट बंद और जंक फूड की जगह ताजे फल, मेवे और अंकुरित अनाज खाने के फायदे बताए जाएंगे। माता-पिता को भी बच्चों के टिफिन में बैलेंस डाइट (संतुलित आहार) रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसका एक बड़ा मकसद बच्चों के साथ अभिभावकों की खानपान संबंधी समझ को भी बेहतर करना है। कई बार बच्चे वही चीजें खाते हैं जो घर में खरीदी जाती हैं या टिफिन में रखकर दी जाती हैं। ऐसे में अगर माता-पिता को भी खाद्य पदार्थों में मौजूद अतिरिक्त चीनी की जानकारी होगी तो वे खरीदारी और बच्चों के टिफिन के लिए अच्छे विकल्प चुन सकेंगे। स्कूल में कहां लगेगा ‘शुगर बोर्ड’ और कैसे होगा इस्तेमाल? स्कूल परिसर में शुगर बोर्ड ऐसी जगह पर लगाया जाएगा, जहां बच्चों की नजर आसानी से पहुंच सके। स्कूल के नोटिस बोर्ड, कॉरिडोर, कैंटीन या बच्चों के नियमित आने-जाने वाले स्थान पर इसे लगाया जा सकता है। क्लास टीचर शुगर बोर्ड पर दिए गए उदाहरणों के बारे में बच्चों को समझाएंगे भी कि अलग-अलग खाद्य पदार्थों में चीनी की मात्रा कितनी होती है। इससे बच्चे कोल्ड ड्रिंक और पैकेट जूस में मौजूद चीनी की तुलना कर सकेंगे। इसी तरह उन्हें पैकेट पर लिखी सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जा सकेगा। WHO के सर्वे में आए थे चौंकाने वाले नतीजे राजस्थान में स्कूलों में शुगर बोर्ड लगाने की जरूरत समझने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का जयपुर में किया गया 2022 का सर्वे अहम है। इसमें 13 से 17 साल के 4,299 स्कूली बच्चों को शामिल किया गया था। सर्वे के मुताबिक, जयपुर के 35.7% बच्चे रोजाना कम से कम एक बार मीठे पेय यानी कोल्ड ड्रिंक या पैकेट वाले ड्रिंक पीते थे। वहीं, 25.4% बच्चे कुकीज, केक और पेस्ट्री जैसे मीठे खाद्य पदार्थ रोजाना या उससे ज्यादा बार खाते थे। बच्चों की शारीरिक गतिविधि भी कम मिली। 80.8% बच्चे रोज कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे थे। सर्वे में 13% बच्चे ओवरवेट और 3.1% मोटापे की श्रेणी में मिले। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बच्चों के लिए एक दिन में 25 ग्राम यानी 5 से 6 चम्मच से ज्यादा एडेड शुगर देना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। कुल कैलोरी का 10% से कम हिस्सा फ्री शुगर से आना चाहिए। राजस्थान के सभी स्कूलों में लागू, बोर्ड नहीं लगा तो कार्रवाई स्कूलों में शुगर बोर्ड लगाने की सिफारिश राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने की थी। आयोग ने 2 जुलाई 2025 को सभी राज्यों के शिक्षा विभागों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा था। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा के अधिकारियों को पत्र भेजा। अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 21 अक्टूबर को सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
त्योहारी सीजन में निजी होटलों की 30% छूट से हिमाचल में पर्यटकों की संख्या बढ़ी, सप्ताहांत में 1 लाख सैलानी पहुंचे। शिमला-मनाली और धार्मिक स्थलों पर विशेष रौनक दिखी।
Una News: अहोई माता से संतान की सलामती मांगी, तारों को अर्घ्य देकर खोला व्रत
संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर रविवार को क्षेत्रभर में माताओं ने अहोई अष्टमी का व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ रखा।
जबलपुर में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें सोमवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पदयात्रा दोपहर 3 बजे शुरू होगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से जबलपुर के लिए रवाना होंगे। वे सुबह 9:20 बजे जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे तीन पत्ती चौक स्थित 'लोकतंत्र बचाओ, आपातकाल हटाओ' प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। दोपहर 3 बजे वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पदयात्रा में शामिल होंगे। गोल बाजार से शुरू होकर मालवीय चौक और गंजीपुरा से गुजरेगी पदयात्रा जानकारी के मुताबिक, भाजपा की पदयात्रा गोल बाजार क्षेत्र से शुरू होकर मालवीय चौक, गंजीपुरा और कमानिया होते हुए वापस गोल बाजार पहुंचेगी। इसमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस पदयात्रा के जरिए जबलपुर से संदेश दिया जाएगा कि देश में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व में देश में अराजकता फैलाई जा रही है। संवैधानिक संस्थाओं का मजाक बनाने वाली ताकतों को जवाब दिया जाएगा। 6 घंटे तक लोडिंग-अनलोडिंग भी बंद बल्देवबाग से पांडे चौक और बल्देवबाग से रानीताल चौक के बीच दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक छोटे मालवाहक और लोडिंग वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान लोडिंग-अनलोडिंग भी नहीं हो सकेगी। रानीताल स्टेडियम में खड़ी होंगी बसें कार्यक्रम में आने वाली सभी बसों की पार्किंग रानीताल स्टेडियम खेल परिसर में होगी। बसें रानीताल चौक पर यात्रियों को उतारकर यू-टर्न लेंगी और निर्धारित पार्किंग स्थल पहुंचेंगी। पाटन, कटंगी, दमोह, नरसिंहपुर और सिवनी से आने वाली बसें: पाटन-कटंगी बायपास, दीनदयाल चौक, दमोह नाका, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए रानीताल पहुंचेंगी। कटनी, सिहोरा और डिंडौरी से आने वाली बसें: आधारताल तिराहा, रद्दी चौकी, गोहलपुर चौक, दमोह नाका, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए रानीताल पहुंचेंगी। मंडला से आने वाली बसें: एकता मार्केट बायपास, चूल्हा गोलाई, तिलवारा, अंधमूक, पाटन-कटंगी बायपास, दीनदयाल चौक, दमोह नाका, बल्देवबाग और आगा चौक होते हुए रानीताल पहुंचेंगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी बसें इन्हीं निर्धारित मार्गों से वापस जाएंगी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग यहां होगी दोपहिया वाहन: महाकौशल स्कूल और अंजुमन इस्लामिया स्कूल। चारपहिया वाहन: एमएलबी स्कूल और डीएन जैन स्कूल।
राजस्थान में इन दिनों मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। बाड़मेर को छोड़कर सभी शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर समेत कई जिलों में रात में कम ठंडक है। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर दर्ज हो रहा है। राजस्थान में सबसे ठंडा इलाका माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले 3-4 दिन तक आसमान साफ रहने की संभावना जताई है। इस दौरान दिनभर धूप रहने और कुछ शहरों के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है। बाड़मेर में सबसे ज्यादा रहा अधिकतम तापमान भरतपुर, कोटा संभाग में रविवार सुबह हल्की धुंध रही। सूरज चढ़ने के साथ आसमान साफ होने लगा और धूप निकली। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर संभाग में रविवार को दिनभर आसमान साफ रहने से सुहावनी धूप रही। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 34.8, चित्तौड़गढ़ में 33.8, फतेहपुर (सीकर) में 33, पिलानी (झुंझुनूं) में 33.1, नागौर व चूरू में 32.8 और श्रीगंगानगर में 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। चूरू, बीकानेर, फलोदी, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। शेखावाटी में न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी राज्य में बारिश थमने और धूप निकलने के साथ ही कुछ शहरों में रात में भी सर्दी का असर थोड़ा कम हो गया। शेखावाटी के चूरू, सीकर, झुंझुनूं, फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे था, जहां अब थोड़ी बढ़ोतरी हो गई है। सीकर में न्यूनतम तापमान 15.5, फतेहपुर में 13.9, झुंझुनूं व चूरू में 17.5, पिलानी में 17.8, टोंक में 16.4 और अजमेर में 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजस्थान के प्रमुख जिलों में मौसम का हाल जयपुर: राजधानी में लगातार दूसरे दिन रविवार को आसमान साफ रहा और धूप रही। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी नहीं हुई। जयपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 29.7 और न्यूनतम 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने जयपुर में एक सप्ताह मौसम ड्राई रहने का अनुमान जताया है। अलवर: शहर में रविवार को मौसम सामान्य बना रहा। सुबह से धूप खिली रही, लेकिन दोपहर में भी गर्मी का असर नहीं रहा। सुबह, शाम और रात के समय सर्दी का एहसास होने लगा है। सुबह खेतों में फसलों और सूखी घास-फूस पर ओस की बूंदें भी नजर आईं। मौसम में बदलाव के साथ ही दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। अलवर में रविवार को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा: शहर में अधिकतम तापमान फिर बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं न्यूनतम तापमान में मामूली कमी हुई है। कोटा में रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में धूप खिली रही। हालांकि अब सुबह-शाम हल्की सर्दी हो रही है। एक सप्ताह तक मौसम ड्राई बने रहने की संभावना है। उदयपुर: लेकसिटी में रविवार को मौसम साफ रहा। ज्यादातर समय धूप रही, लेकिन कुछ समय के लिए बीच-बीच में बादल छाए रहे। रात के तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर: शहर में रविवार को न्यूनतम तापमान 13.9 और अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फिलहाल एक सप्ताह तक मौसम ड्राई रहने का अनुमान है। अजमेर: शहर में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में पिछले दिनों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई। दिनभर धूप खिली रही। सुबह और शाम के समय ठंडक रहने लगी है। जोधपुर: शहर में रविवार को अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। पिछले कुछ दिनों से शहर में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से हल्की सर्दी हो रही है। मौसम विभाग ने कुछ दिनों में सर्दी बढ़ने का अनुमान जताया है।
क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए अर्शविंदर का चयन
भास्कर न्यूज | अम्बाला एसए जैन सीनियर मॉडल स्कूल के क्रिकेटर अर्शविंदर का चयन सीबीएसई क्रिकेट नॉर्थ जोन-2 अंडर-17 बॉयज प्रतियोगिता 2026-27 के लिए हुआ है। प्रतियोगिता 24 से 30 अक्टूबर तक मदुरई के वेल्लामल स्कूल में आयोजित की गई। प्रतियोगिता की तैयारी के लिए 16 से 22 अक्टूबर तक प्री-नेशनल ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसके बाद 23 अक्टूबर को टीम प्रतियोगिता स्थल के लिए रवाना हुई। स्कूल प्रबंधक समिति के प्रधान रजत जैन, उपाध्यक्ष डॉ. विनीत जैन, सचिव हितेश जैन, मैनेजर रितेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील जैन, सलाहकार रविकांत जैन और प्राचार्या डॉ. रेनू गहलावत ने अर्शविंदर के चयन की सराहना की।
लोक कलाकार बुधराम ने लगाए भेदभाव के आरोप
भास्कर न्यूज | अम्बाला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अक्टूबर 2026 में आयोजित युवा महोत्सव के निर्णायक मंडल की चयन सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 75 वर्षीय वरिष्ठ हरियाणवी लोकनृत्य कलाकार एवं कला विशेषज्ञ बुधराम ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कथित जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर असीम कुमार घोष और हरियाणा के राज्यपाल को शिकायत भेजकर चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत की प्रति हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी गई है। बुधराम ने शिकायत में कहा कि उन्हें हरियाणवी लोक संगीत एवं लोकनृत्य के क्षेत्र में 53 साल का अनुभव है। राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने और विश्वविद्यालय के लिए योगदान देने के बावजूद निर्णायक मंडल की चयन सूची में उन्हें उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने इसे अपनी सामाजिक पहचान से जोड़ते हुए जातीय भेदभाव की आशंका जताई है। बुधराम ने शिकायत में खुद को वाल्मीकि समाज से संबंधित अनुसूचित जाति का सदस्य बताते हुए आरोप लगाया कि लंबे अनुभव और सांस्कृतिक योगदान के बावजूद निर्णायक मंडल में जगह नहीं मिलना जातीय भेदभाव का मामला हो सकता है। उन्होंने कहा कि कलाकार की पहचान उसकी प्रतिभा, अनुभव और उपलब्धियों से होनी चाहिए, जाति से नहीं। उन्होंने विश्वविद्यालय से निर्णायक मंडल की चयन सूची की समीक्षा करने, वरिष्ठ लोक कलाकारों को योग्यता के अनुरूप सम्मान देने और भविष्य में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं भेदभावमुक्त बनाने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है। राष्ट्रीय युवा महोत्सव में टीम को दिलाए पुरस्कार बुधराम के अनुसार, 2001 से 2005 तक उनके नृत्य निर्देशन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की हरियाणवी समूह नृत्य टीम ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार हासिल किए थे। उन्होंने खोड़िया, खेड़ड़ा लोकनृत्य और हरियाणवी पॉप-डांस के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में भी योगदान का उल्लेख किया है। उनका दावा है कि उन्होंने सैकड़ों छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देकर हरियाणवी लोक संस्कृति से जोड़ा। उनके प्रशिक्षित विद्यार्थी सिनेमा, शोध और नृत्य निर्देशन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
मैराथन में दौड़े रिवरसाइड डीएवी स्कूल के विद्यार्थी
अम्बाला| कैंट स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल रिवरसाइड की ओर से वॉर हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में मैराथन आयोजित की गई। इसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मैराथन का शुभारंभ प्रधानाचार्या डॉ. सीमा दत्त ने हरी झंडी दिखाकर किया। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 6 से 8 के छात्र वर्ग में हरकित (8-ए) ने पहला, अर्पित (8-सी) ने दूसरा और प्रभजोत (7-सी) ने तीसरा स्थान हासिल किया। छात्रा वर्ग में प्रज्ञा (7-बी) प्रथम, नूरप्रीत (8-ए) द्वितीय और पलक (8-डी) तृतीय स्थान पर रहीं। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 9 से 12 के छात्र वर्ग में लोकेश (11-सी1) प्रथम, वंश (11-एम) द्वितीय और बवनीत (9-ए) तृतीय रहे। छात्रा वर्ग में जैसमीन (9-ए) ने पहला और किंजल (10-डी) ने दूसरा स्थान हासिल किया। इशिता (12-एम) और वेदांती (10-डी) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। प्रधानाचार्या ने कहा कि सभी विजेताओं को विद्यालय के आगामी वार्षिकोत्सव में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों ने सीखा साबुन बनाना
अम्बाला |ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे बच्चों ने साबुन बनाने का हुनर सीखा। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से आयोजित कार्यशाला में बच्चों ने अपने हाथों से साबुन तैयार किए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए अध्यक्ष वीरेंद्र मलिक और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं डीएलएसए सचिव गीतांजलि गोयल ने बच्चों के बनाए साबुन देखे और उनके हुनर की सराहना की। कार्यशाला में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित जैन, सचिव और संयुक्त सचिव हिमांशी भी मौजूद रहे। न्यायाधीशों और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यशाला के दौरान बच्चों ने साबुन बनाने की प्रक्रिया सीखी और तैयार उत्पादों के जरिए अपनी रचनात्मकता दिखाई।
साहा में अवैध पार्किंग से सड़कें संकरी, रोजाना लग रहा जाम
भास्कर न्यूज | साहा साहा की प्रमुख सड़कों और बाजारों में अवैध पार्किंग के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वाहन चालक सड़क किनारे कहीं भी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और जाम लग जाता है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी मनीष, सुखबीर, सुरेंद्र, अरविंद और राहुल ने बताया कि कस्बे में अवैध पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। व्यस्त समय में सड़कों पर वाहनों की कतारें लग जाती हैं और लोगों को जाम में फंसना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को भी रास्ता मिलने में परेशानी होती है। पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों ने साहा थाना प्रभारी धर्मवीर से अवैध पार्किंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रमुख स्थानों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यातायात व्यवस्था और बिगड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से जाम की समस्या दूर करने के लिए ठोस व्यवस्था करने की अपील की है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराएं 30 नवंबर तक
अम्बाला | रक्षा पेंशनभोगी 30 नवंबर 2026 तक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवा सकेंगे। इसके लिए छावनी में जगाधरी रोड स्थित स्पर्श सेवा केंद्र पर राष्ट्रीय डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान 5.0 चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और रक्षा सिविलियन पेंशनभोगियों को सर्टिफिकेट जमा करवाने की प्रक्रिया में सहायता दी जाएगी। सहायक लेखा अधिकारी सहजवीर सिंह ने पात्र पेंशनभोगियों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पेंशनभोगी निर्धारित समयसीमा में केंद्र पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति साथ लानी होगी। स्पर्श सेवा केंद्र एलएओ/डीएडी कॉम्प्लेक्स के पीछे, ग्रेस पैलेस के पास, जगाधरी रोड, अम्बाला छावनी में स्थित है। पेंशनभोगी 30 नवंबर तक यहां पहुंचकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवा सकते हैं।
हॉकी मुकाबले : उगाला और कैंट की टीमें बनीं चैंपियन
भास्कर न्यूज | अम्बाला हरियाणा दिवस पर हॉकी अम्बाला की ओर से फरूका खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड कैंट में सिक्स-ए-साइड हॉकी प्रतियोगिता कराई गई। इसमें जिले की लड़कों की 7 और लड़कियों की 6 टीमों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व उपाध्यक्ष सुदर्शन सिंह सहगल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने हॉकी अम्बाला को 21 हजार रुपए और अतुल कुमार शर्मा ने 11 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की। समारोह में बीएस कंबोज, लॉयन अतुल कुमार शर्मा, दिनेश कांत जिंदल और कुलभूषण शर्मा भी शामिल रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। लड़कियों का वर्ग प्रथम स्थान - कोचिंग सेंटर अंबाला कैंट टीम द्वितीय स्थान - टीम उगाला तृतीय स्थान - टीम पुलिस लाइन अंबाला शहर
राय मार्केट की पार्किंग में कूड़े में लगाई जा रही आग
अम्बाला |कैंट की राय मार्केट के पीछे बनी पार्किंग में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। हवा चलने पर कूड़ा उड़कर सड़क तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। स्थानीय निवासी राजीव कुमार के अनुसार, शाम के समय कुछ लोग कूड़े में आग भी लगा देते हैं। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने नगर परिषद से पार्किंग की नियमित सफाई करवाने, समय पर कूड़ा उठाने और इसका उचित निस्तारण करने की मांग की है। - राजीव कुमार, निवासी कैंट।
पांच नवंबर को खुलेगा शहीद स्मारक, कैंट बनेगा पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट की पहचान अब सैन्य इतिहास और व्यापार के साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी बनेगी। 1857 की क्रांति को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियां बनाई गई हैं। इन्हें देखने में करीब 6 घंटे लगेंगे। 63 मीटर ऊंचे मेमोरियल टावर पर स्काई कैफे, हाई स्पीड लिफ्ट और दूरबीन से शहर देखने की सुविधा भी होगी। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को बीपीएस प्लेनेटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अम्बाला की धरती से आजादी की पहली लड़ाई का बिगुल बजा था और इस इतिहास पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। विज ने कहा कि हरियाणा के स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्मारक निशुल्क दिखाने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी आजादी के संघर्ष और गुमनाम शहीदों के योगदान को समझ सके। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से 5 नवंबर को गांधी ग्राउंड में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। विज के अनुसार, उन्होंने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्मारक की जानकारी दी थी। शाह ने इसके निर्माण की सराहना की। 22 गैलरियों में दिखेगी 1857 की क्रांति की कहानी स्मारक में 1857 की क्रांति और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अलग गैलरी बनाई गई है, जहां श्रद्धांजलि देने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, फूड कोर्ट और वॉटर बॉडीज बनाई गई हैं। लाइट, लेजर और साउंड शो के माध्यम से भी इतिहास को दिखाया जाएगा। मेमोरियल टावर में दो हाई स्पीड लिफ्ट और सबसे ऊपरी मंजिल पर स्काई कैफे बनाया गया है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से कारोबार को मिलेगा लाभ विज ने कहा कि स्मारक शुरू होने से छावनी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, खानपान, परिवहन और बाजार से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर अम्बाला में टूरिस्ट बस चलाने का विचार भी रखा। इसके प्रस्तावित रूट में शहीद स्मारक, साइंस सेंटर, बैंक स्क्वेयर और सुभाष पार्क को शामिल करने की योजना है। पर्यटकों को सदर बाजार में खरीदारी का अवसर भी मिलेगा।
अतिरिक्त धान की खरीद आज से, आवेदनों का सत्यापन शुरू
भास्कर न्यूज | अम्बाला जिले की मंडियों में निर्धारित सीमा से अतिरिक्त धान की खरीद का रास्ता साफ होने लगा है। अतिरिक्त धान बेचने के लिए किसानों के आवेदनों का सत्यापन शुरू हो गया है। ऐसे में सोमवार से अतिरिक्त धान की खरीद शुरू होने की उम्मीद है। इससे उन सैकड़ों किसानों को राहत मिलेगी, जो प्रति एकड़ निर्धारित सीमा से अधिक धान होने के कारण अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे थे। अब मार्केट कमेटी आवेदनों को सीधे पोर्टल पर अपलोड कर रही है। हालांकि, अभी तक जिले में कितने किसानों के धान का सत्यापन हुआ है और कितनी अतिरिक्त पैदावार को मंजूरी मिली है, इसका आंकड़ा सामने नहीं आया है। जिले की मंडियों में अब तक 4.69 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 4.51 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं, 4.06 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है। किसानों को अब तक 934 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। अतिरिक्त धान की खरीद शुरू होने से मंडियों में बाकी धान की खरीद को गति मिलने की उम्मीद है। पोर्टल के रिकॉर्ड और वास्तविक पैदावार का होगा मिलान अतिरिक्त धान की खरीद में सबसे बड़ी चुनौती पोर्टल पर दर्ज फसल और किसान के पास मौजूद वास्तविक पैदावार के बीच अंतर स्पष्ट करने की है। पोर्टल पर किसान की दर्ज धान की मात्रा से यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि उसके पास मौजूद धान पहले से दर्ज और लंबित पैदावार है या निर्धारित सीमा से अतिरिक्त है। ऐसे में सत्यापन के दौरान इस अंतर को स्पष्ट करना जरूरी होगा, ताकि वास्तविक अतिरिक्त पैदावार वाले किसानों को ही इसका लाभ मिल सके।
फेंसिंग चैंपियनशिप में प्रभकरण ने जीता सिल्वर मेडल
अम्बाला | कैंट के दयाल बाग निवासी प्रभकरण सिंह ने 31वीं जूनियर हरियाणा स्टेट फेंसिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है। हांसी (हिसार) में 26 से 28 अक्तूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 43 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रभकरण ने जूनियर वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती मुकाबलों से ही अपनी बढ़त बनाए रखी और फाइनल तक का सफर तय कर रजत पदक अपने नाम किया। अम्बाला कैंट लौटने पर प्रभकरण का स्वागत किया गया। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के फेंसिंग कोच विकास और साथी खिलाड़ियों ने फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
5 को अमित शाह करेंगे शहीद स्मारक का उद्घाटन
अम्बाला| अम्बाला में 1857 की क्रांति के इतिहास को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को उद्घाटन होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस स्मारक का उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियों के माध्यम से देशभर में हुई क्रांति की घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को प्रदर्शित किया जाएगा। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात कर स्मारक की जानकारी साझा की। उन्होंने परियोजना की विशेषताओं और यहां प्रदर्शित की जाने वाली ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया। अम्बाला में निर्मित यह स्मारक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी घटनाओं और बलिदानियों की स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसकी 22 गैलरियों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई क्रांति की घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और क्रांतिकारियों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा। 5 नवंबर को प्रस्तावित उद्घाटन के साथ यह स्मारक अम्बाला के ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे
भास्कर न्यूज |अम्बाला सर्वधर्म समाज कल्याण सोसायटी, अम्बाला की एक विशेष बैठक बसन्त बिहार स्थित सोसायटी कार्यालय में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन निर्मल सिंह रंधावा ने की। इस दौरान संस्था का विस्तार करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके नियुक्ति पत्र सौंपे गए। बैठक में देवेन्द्र शर्मा को प्रधान, एडवोकेट देवी दयाल भारद्वाज को महासचिव, राष्ट्रपति अवार्डी राजेन्द्र कौशिक को कन्वीनर और धर्म सिंह जस्सल को कार्यकारी प्रधान नियुक्त किया गया। इसके अलावा जगदीश लाल शर्मा को मुख्य सलाहकार, एडवोकेट अरुण कुमार कौशिक को कानूनी सलाहकार, संजय गौड़ को सचिव, सुभाष शर्मा को प्रेस इंचार्ज तथा जोगेन्द्र सिंह व सुखविन्दर सिंह को लाइजनिंग ऑफिसर बनाया गया। सुशील बख्शी, सुरेश कुमार नरैया व लोकेश कुमार शर्मा को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया। नवनियुक्त प्रधान देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि 7 नवम्बर (शनिवार) को प्रातः 11 बजे दीवाली मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा।
108 आहुतियों के साथ हवन कर मांगी सुख-समृद्धि
भास्कर न्यूज | अम्बाला नग्गल करधान स्थित भगवान परशुराम मंदिर में रविवार को भगवान परशुराम सेवा समिति की ओर से मासिक हवन यज्ञ कराया गया। कार्तिक मास के उपलक्ष्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 108 आहुतियां अर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की। पंडित ओम शास्त्री ने विधि-विधान से हवन संपन्न करवाया। समिति के उपप्रधान एवं मुख्य यजमान रविंद्र बिल्ला शर्मा ने पत्नी प्रवीण शर्मा और परिवार सहित आहुतियां अर्पित कीं। हवन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। कार्तिक मास के उपलक्ष्य में पूजा-पाठ और दान-पुण्य किया गया। अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। समिति के सचिव राजेश गोल्डी शर्माने बताया कि समिति की ओर से प्रत्येक महीने के पहले रविवार को मंदिर में मासिक हवन यज्ञ कराया जाता है। इसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य और श्रद्धालु भाग लेते हैं।
फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों ने सीखा यूनिफॉर्म बनाना
अम्बाला| डीएवी कॉलेज (लाहौर), अम्बाला सिटी के बीएससी फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों ने 31 अक्टूबर को भारत यूनिफॉर्म फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण किया। यहां उन्होंने कपड़े का चयन, पैटर्न निर्माण, कटिंग, सिलाई, फिनिशिंग और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया समझी। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को परिधान निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान देना था। यह आयोजन प्राचार्य प्रो. डॉ. आर.एस. परमार और विभागाध्यक्ष क्यूट खरबंदा के मार्गदर्शन में हुआ। सहायक प्राध्यापक ज्योति भसीन और प्रियंका भी विद्यार्थियों के साथ रहीं।
श्री रविदास जन्मोत्सव पर सत्संग, खेड़ा ने भेंट किया पानी का टैंकर
भास्कर न्यूज | साहा कालपी स्थित श्री गुरु रविदास सत्संग भवन में श्री गुरु रविदास जी के जन्मोत्सव पर मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। गद्दी नशीन संत श्याम लाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य मनोज खेड़ा ने मुख्य रूप से शिरकत की। उन्होंने गुरु रविदास जी की वाणी का प्रचार-प्रसार करते हुए एकता, बंधुत्व और समानता का संदेश दिया। इस दौरान मनोज खेड़ा ने सत्संग भवन में आने वाली साध-संगत के लिए पीने के पानी का टैंकर दान किया। उन्होंने आश्रम में आगे भी सेवा जारी रखने की बात कही। सत्संग भवन कमेटी और साध-संगत ने उनका आभार जताया। कार्यक्रम के समापन पर साध-संगत के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।इस अवसर पर चेयरमैन शेर सिंह, उपप्रधान डॉ. कालाराम, कैशियर राजेंद्र सिंह, उप कैशियर डॉ. नरेश सारण, सलाहकार डॉ. नरेश, हंसराज, सहीराम, सुरेंद्र धनौरा, सतपाल बिहटा, कश्मीरी लाल, बलवीर, विनोद हरडा, संदीप बुडियो, गंगा रानी, निर्मला रानी, गुरप्रीत कौर, किरण देवी, सुरेंद्र देवी और रजनी नागरा मौजूद रहे।
आश्रम में निराश्रितों संग मनाई दीपावली
भास्कर न्यूज | अम्बाला दीपावली से पहले सामाजिक संस्था ‘आशा एक प्रयास’ की 20 सदस्यीय टीम ने गांव बुलाना स्थित अपना घर आश्रम में सेवा कार्य किया। टीम ने आश्रम में रह रहे करीब 60 निराश्रित लोगों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म बनियानें, दो-दो लड्डुओं के पैकेट और फल बांटे। सदस्यों ने उनके साथ समय बिताकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान संस्था के संरक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा स्नेही, डॉ. यूडी शर्मा, प्रधान प्रेम भाटिया, वरिष्ठ उपप्रधान अजय बख्शी, महासचिव राकेश गर्ग शामिल रहे।
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… -------------- शनिवार, 31 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- शादी से पहले शिक्षा मंत्री का करवा चौथ मना:इकरा हसन को गुस्सा आया, अखिलेश की CID 'चच्चू के चेले' को खोज रही शुक्रवार, 30 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश के लिए 'राजा' ने रखा करवा चौथ:MLC चुनाव में हार पर रविकिशन बोले- बम-बम होगा; लेट-लेटकर अफसरों तक पहुंची महिला -----------गुरुवार, 29 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- भाजपा ने बढ़ाई चुनाव आयोग की टेंशन:रो-रोकर जीते MLC कब मुस्लिम बनेंगे, दिव्या मित्तल को नहीं चाहिए नेता------------- बुधवार, 28 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश मुस्कुराते हुए बोले- यहां सिर्फ गुलदस्ता दे रहे हो:मंत्रीजी 'कुछ दिन के मेहमान' कहकर टांग खींची, विकास बोल नहीं पाए MLC मंगलवार, 27 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश के ऑफिस में 'भगदड़' जैसा माहौल:पूर्व BJP विधायक की दिलजले वाली शायरी, इश्क में फरार इंस्पेक्टर-सिपाही --------- कल सुबह 6 बजे फिर होगी खरी बात… बने रहिए दैनिक भास्कर एप के साथ…
संतान की सलामती के लिए माताओं ने रखा अहोई अष्टमी का निर्जला व्रत
भास्कर न्यूज | अम्बाला संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना के साथ माताओं ने अहोई अष्टमी पर निर्जला व्रत रखा। रविवार को घरों और मंदिरों में अहोई माता की पूजा-अर्चना हुई। महिलाओं ने दिनभर अन्न-जल त्यागकर व्रत किया और दोपहर में बुजुर्ग महिलाओं से अहोई माता की कथा सुनी। शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद रात में तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोला। वहीं, संतान की कामना रखने वाली महिलाओं ने भी अहोई माता की आराधना कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। बता दें कि सुबह से ही महिलाएं रोली, मौली, चावल और अन्य पूजा सामग्री लेकर मंदिरों में पहुंचीं। कई जगह महिलाओं ने समूह में बैठकर अहोई माता की कथा सुनी, जबकि कई परिवारों में घर पर ही पूजा की गई। व्रती महिलाओं ने मिट्टी के पात्र में पानी भरकर रोली, अक्षत और दूध से पूजा की। इसके बाद सास, अपने बड़े या घर की किसी लड़की को अहोई देकर दान-दक्षिणा दी और उनका आशीर्वाद लिया। रात को तारों के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया। अहोई माता की श्रद्धालुओं ने आराधना की : वैदिक ज्योतिषी अनिल पराशर ने बताया कि अहोई माता की कथा में एक साहूकार की पत्नी का प्रसंग आता है। दीपावली से पहले घर की लिपाई-पुताई के लिए मिट्टी खोदते समय अनजाने में उससे साही के बच्चे की मृत्यु हो जाती है। इससे दुखी साही की माता उसे श्राप देती है। इसके बाद साहूकार के सातों बेटों की मृत्यु हो जाती है। दुखी महिला एक सिद्ध महात्मा के पास पहुंचकर अपनी व्यथा बताती है। महात्मा उसे अष्टमी के दिन भगवती माता का ध्यान करने, साही और उसके बच्चों का चित्र बनाकर आराधना करने व भूल के लिए क्षमा मांगने का उपाय बताते हैं। मान्यता है कि अहोई माता की कृपा से महिला को दुख से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के साथ महिलाएं अहोई अष्टमी पर संतान की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
हरियाणवी नृत्य और गीतों में दिखी प्रदेश की संस्कृति
भास्कर न्यूज | अम्बाला कहीं हरियाणवी नृत्य में प्रदेश की माटी की महक दिखी तो कहीं ‘देशां में देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा’ के सुर गूंजे। हरियाणा गठन के 60 साल पूरे होने पर रविवार को शहर के पंचायत भवन में जिला स्तरीय हीरक जयंती समारोह आयोजित किया गया। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलाकार सन्नी स्वराग के देशभक्ति गीतों ने समारोह में हरियाणवी संस्कृति के रंग बिखेरे। राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामपुर सरसेहड़ी के विद्यार्थियों ने हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किया। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पुलिस लाइन के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत गाया। छात्रा जानवी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कलाकार सन्नी स्वराग ने ‘जय-जय-जय हरियाणा’ और ‘देशां में देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा’ सहित देशभक्ति गीत सुनाए। 60 साल की विकास यात्रा पर भी डाला प्रकाश : जिला परिषद के सीईओ गगनदीप ने हरियाणा के 60 साल पूरे होने को गर्व का विषय बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष मनदीप राणा ने कृषि, खेल और विकास के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों का भी उल्लेख किया। कुरुक्षेत्र में हुए राज्य स्तरीय समारोह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संदेशों का वर्चुअल प्रसारण किया गया। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की लघु फिल्म में प्रदेश की संस्कृति, खेल और कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां दिखाई गईं। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंच संचालन देवराज शर्मा ने किया।
टिकट जांच में 627 यात्री पकड़े, वसूले
भास्कर न्यूज | अम्बाला ट्रेन में बिना टिकट या अनियमित टिकट लेकर सफर करना शनिवार को 627 यात्रियों को भारी पड़ा। अम्बाला रेल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान में इन यात्रियों से कुल 5 लाख 18 हजार 355 रुपए का राजस्व वसूला गया। मुख्यालयवार कार्रवाई में सहारनपुर की टीम सबसे आगे रही। टीम ने 272 मामले पकड़कर 2 लाख 18 हजार 360 रुपए वसूले। अम्बाला कैंट की टीम 171 मामलों में 1 लाख 50 हजार 620 रुपए की वसूली के साथ दूसरे स्थान पर रही। सीनियर डीसीएम के निर्देश पर ‘मुख्यालयवार चेक’ नाम से यह अभियान चलाया गया। इसकी निगरानी मंडल वाणिज्य प्रबंधक और सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने की। अभियान के लिए मंडल के विभिन्न स्टेशनों और मुख्यालयों से टिकट जांच कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई थीं। जांच में 321 यात्री बिना टिकट और 302 यात्री अनियमित टिकट पर सफर करते मिले। इसके अलावा अन्य श्रेणी के चार मामले भी दर्ज किए गए। मुख्यालयवार कार्रवाई में बठिंडा की टीम ने 97 मामलों में 75 हजार 125 रुपए, सिरसा की टीम ने 58 मामलों में 56 हजार 200 रुपए और पटियाला की टीम ने 29 मामलों में 18 हजार 50 रुपए वसूले। सीनियर डीसीएम यशनजीत सिंह ने बताया कि यात्रियों को वैध टिकट लेकर सफर करने के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
5.04 करोड़ से होंगे 35 विकास कार्य
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट नगर परिषद क्षेत्र में सड़कों, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 5.04 करोड़ रुपए के 35 विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। इनमें अलग-अलग वार्डों में सड़क निर्माण, सीवरेज और बरसाती पानी की पाइपलाइन बिछाने, नालियां बनाने और ओपन जिम तैयार करने के काम शामिल हैं। वार्ड 2 से 32 तक के विभिन्न क्षेत्रों को इन कार्यों में शामिल किया गया है। प्रस्तावित कार्यों में सबसे ज्यादा ध्यान गलियों की हालत सुधारने और पानी की निकासी व्यवस्था पर दिया गया है। वार्ड 4 के दलीपगढ़ में पाइपलाइन और सड़क निर्माण पर करीब 13.70 लाख रुपए खर्च होंगे। वार्ड 3 के सूर्या नगर में दो स्थानों पर पेवर ब्लॉक और नालियां बनाने के लिए क्रमश: 11.67 लाख और 10.98 लाख रुपए के काम शामिल हैं। वार्ड 7 के वशिष्ठ नगर में खुली नालियों में पाइप डालने पर करीब 20.50 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं, वार्ड 8 के दयालबाग ई-ब्लॉक और आसपास की कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछाने के लिए 23.50 लाख रुपए का काम मंजूर किया गया है। वार्ड 12 की नई कॉलोनी और सुंदर नगर में सड़क निर्माण के काम भी होंगे। वार्ड 23 के मिलाप नगर में बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने पर करीब 49.69 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। वार्ड 32 में बीसी बाजार के पास दो स्थानों पर बाउंड्रीवॉल और ओपन जिम बनाने के लिए 20 लाख रुपए का बजट रखा गया है। इसके अलावा वार्ड 20, 24, 26, 27, 28 और 31 में भी सड़क निर्माण, नालियों और अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। बजट के अभाव में अटके थे काम नगर परिषद में लंबे समय से बजट की कमी के कारण कई विकास कार्य अटके हुए हैं। 16वें वित्त आयोग से भी परिषद को राशि नहीं मिल रही है। ऐसे में 5.04 करोड़ रुपए के इन कार्यों की मंजूरी से वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
ट्विन सिटी में 4 से 15 फीट तक की बंदनवार उपलब्ध, 10 रुपए से शुरू सजावटी सामान
भास्कर न्यूज | अम्बाला दिवाली पर घर की चौखट से हॉल तक सजाने के लिए बाजार में सजावटी सामान की रौनक बढ़ गई है। इस बार फूलों की लड़ियां, बेल वाले झूमर और हाथ से बने शुभ दीपावली पोस्टर खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। बाजार में बंदनवार के 500 से ज्यादा डिजाइन उपलब्ध हैं। इनमें गेंदा, गुलाब, जैस्मिन के फूलों के साथ पत्तियों और नारियल वाले डिजाइन की ज्यादा मांग है। सजावट के सामान की कीमत महज 10 रुपए से शुरू हो रही है, जबकि हैंडमेड पोस्टर 350 रुपए तक में उपलब्ध हैं। दिवाली पर मुख्य दरवाजे को सजाने के लिए लोग बंदनवार और रंग-बिरंगी लटकनें खरीद रहे हैं। बाजार में 4 से 15 फीट तक की बंदनवार मिल रही हैं। दुकानदारों के अनुसार, 4 फीट वाली बंदनवार की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है। बरामदे और हॉल की सजावट के लिए फूल-पत्ती और बेल के डिजाइन वाले झूमर पसंद किए जा रहे हैं। छोटे कोनों को सजाने के लिए चार कोनों वाले झूमर भी उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 10 से 200 रुपए तक है। शुभ-लाभ में भी धार्मिक आस्था के रंग : घर के प्रवेश द्वार पर शुभ-लाभ और स्वस्तिक लगाने की परंपरा के चलते धार्मिक आकृतियों वाले सजावटी सामान की भी मांग है। भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी और श्याम बाबा की आकृतियों वाले शुभ-लाभ लोगों को पसंद आ रहे हैं। बछड़े को दूध पिलाती गोमाता के डिजाइन भी बाजार में उपलब्ध हैं। दुकानदार गौरव के मुताबिक, इनकी कीमत 100 से 300 रुपए तक है। माता लक्ष्मी के चरण प्लास्टिक और लकड़ी में मिल रहे हैं, जिनकी कीमत 30 से 150 रु. तक है। गुजरात के हैंडमेड पोस्टर भी बने पसंद : सजावट के सामान में हाथ से बने शुभ दीपावली पोस्टर भी आकर्षण का केंद्र हैं। गुजरात से आए इन पोस्टरों में नारियल के डिजाइन से लेकर लकड़ी से बनी माता लक्ष्मी की आकृतियां शामिल हैं। इनकी कीमत 100 से 350 रुपए तक है। इसके अलावा चमकीली झालरों और देवी-देवताओं की मूर्तियों वाली लड़ियों की भी खरीदारी हो रही है। इन्हें घरों की चौखट पर सजाया जाता है।
नवंबर में दिन में धूप, अगले 10 दिन में सुबह-शाम बढ़ेगी ठंडक, बारिश के आसार नहीं
भास्कर न्यूज | अम्बाला नवंबर की शुरुआत में मौसम में दिन और रात के तापमान का अंतर महसूस होगा। दोपहर में धूप निकलने से गर्मी का अहसास होगा, जबकि सुबह और शाम को ठंडक बढ़ने लगेगी। अम्बाला में शुरुआती दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। इसके बाद 6 से 12 नवंबर के बीच दिन का पारा गिरकर 26 से 28 डिग्री तक आ सकता है। अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट से दोपहर की गर्माहट कम होगी। वहीं, उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री तक पहुंचने के संकेत हैं। 12 नवंबर तक बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में मौसम में बदलाव बारिश के बजाय दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण महसूस होगा। डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, हकृवि दिन में धूप, सुबह-शाम ठंडक बढ़ेगी : नवंबर के पहले सप्ताह में धूप निकलने से दोपहर का मौसम अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है। जिले में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि कुछ दिनों में यह 31 से 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। दूसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री तक आने से दोपहर की गर्मी कम होगी। सुबह घर से निकलते और शाम को लौटते समय ठंडक अधिक महसूस हो सकती है। इस दौरान सुबह, दोपहर और शाम के मौसम में अंतर स्पष्ट रहेगा। { 1 नवंबर : न्यूनतम 17 डिग्री, अधिकतम करीब 30 डिग्री। { 2 नवंबर : न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहने की संभावना। { 3 से 6 नवंबर: न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री रह सकता है। { 6 से 12 नवंबर: अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री रहने का अनुमान। { दूसरा सप्ताह: उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री तक पहुंचने के संकेत। दूसरे सप्ताह में रात का पारा भी गिरेगा : तापमान में सबसे बड़ा बदलाव दूसरे सप्ताह के दौरान देखने को मिल सकता है। पहले सप्ताह में दिन का पारा 30 डिग्री के आसपास या इससे ऊपर रहने का अनुमान है, जबकि 6 से 12 नवंबर के बीच यह 26 से 28 डिग्री तक रह सकता है। रात के तापमान में भी गिरावट के संकेत हैं। पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं, दूसरे सप्ताह में उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में यह 10 से 12 डिग्री तक पहुंच सकता है। इससे सुबह और रात को ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, कई शहरों में तापमान में अंतर रह सकता है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली में शामिल हुए। यहां उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को जवाब दिया। साथ ही राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर कहा कि ऐसा करने वालों का सर्वनाश होगा। उधर, लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। VIDEO देखिए…
कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर लगा डिजिटल लगेज लॉकर, किराया तय होना अभी बाकी
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर डिजिटल लगेज लॉकर (स्मार्ट क्लॉक रूम) लगाया गया है। शौचालय के पास स्थापित इस लॉकर में यात्री अपना सामान रख सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर ही सुविधा होने से यात्रियों को सामान रखने या वापस लेने के लिए स्टेशन परिसर में दूर नहीं जाना पड़ेगा। लॉकर के संचालन और रखरखाव के लिए रेलवे ने तीन साल का टेंडर दिया है। इसके लिए कंपनी ने रेलवे को 10.98 लाख रुपए का शुल्क दिया है। हालांकि, यात्रियों से सामान रखने के लिए कितना शुल्क लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, 40 से 50 रुपए प्रति घंटे का शुल्क प्रस्तावित है। मंजूरी के लिए फाइल अधिकारियों के पास भेजी गई है। डिजिटल लॉकर को टच स्क्रीन पैनल से बुक किया जा सकेगा। ऑनलाइन भुगतान के बाद यात्री को पासवर्ड या क्यूआर कोड मिलेगा, जिससे लॉकर लॉक और अनलॉक होगा। इससे पारंपरिक क्लॉक रूम की तरह चाबी संभालने की जरूरत नहीं रहेगी।
जन्मदिन पर पार्टी नहीं, जरूरतमंदों की मदद करते हैं दिलखुश
भास्कर न्यूज | अम्बाला जन्मदिन पर केक काटना, पार्टी करना और दोस्तों के साथ जश्न मनाना आम बात है, लेकिन दिलखुश कारसा ने खुशी मनाने का अलग तरीका चुना है। वे जन्मदिन पर दोस्तों को पार्टी और महंगे गिफ्ट देने के बजाय जरूरतमंद बच्चों की मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं। किसी बच्चे को पढ़ाई के लिए नोटबुक दिलाना, जरूरतमंद परिवार को सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े और कंबल देना या किसी जरूरतमंद बेटी की आवश्यकता पूरी करना उनके लिए खुशी का असली मौका है। न्यूयॉर्क में रहने वाले दिलखुश की इस पहल में उनके दोस्त रोहित भी साथ दे रहे हैं। दोनों की कोशिश है कि मदद केवल एक दिन का आयोजन न रहकर जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव का माध्यम बने। बच्चों पिछले माह नोटबुक बांटी : दिलखुश की पहल से अब तक 4300 से ज्यादा बच्चों को पढ़ाई में मदद मिली है। पिछले महीने भी बच्चों को नोटबुक बांटी गईं। सर्दियों में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और कंबल देने के साथ उनकी अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाता है। इस मुहिम के तहत गौशालाओं में सहयोग किया गया। अनाथ आश्रम में रहने वाली 53 लड़कियों को जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में सात स्थानों पर आरओ लगवाने में भी योगदान दिया गया।
देशभर में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी मेरठ जेल में सिलाई-कढ़ाई का काम सीख रही है। इससे पहले वह ब्यूटीशियन का कोर्स सीख चुकी है। साथ ही मुस्कान जेल के अंदर रहते हुए राखी, कंडील (झूमर) और मोमबत्ती बनाना भी सीख चुकी है। मुस्कान जिस तरह से जेल में रहकर खुद को ट्रेंड कर रही है, उससे माना जा सकता है कि उसका पूरा फोकस अब अपने भविष्य पर है। वो मान चुकी है कि उसकी सजा माफ होगी। सोच रही है कि जल्द जेल से बाहर आएगी। जेल से बाहर आते ही स्वरोजगार के जरिए अपनी जिंदगी गुजारेगी। इसलिए मुस्कान जेल में सभी ऐसे कामों को सीखती जा रही है। मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मेरठ जिला कोर्ट ने 14 अक्टूबर को सौरभ की हत्या में फांसी की सजा सुनाई थी। उसकी फांसी माफी का जिम्मा साहिल के परिवार ने उठा लिया है। उन लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 20 महीने से जेल में बंद है मुस्कान मेरठ जिला जेल में मुस्कान रस्तोगी पिछले करीब 20 महीने से बंद है। उस पर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने का दोष है। मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर 3 मार्च, 2025 को सौरभ की हत्या की थी। लाश को काटकर नीले ड्रम में भर दिया था। मुस्कान ने जेल में एक बेटी को जन्म दिया है। जेल मैनुअल के अनुसार उसकी बच्ची जब तक 6 साल की नहीं हो जाती, मुस्कान से कठोर काम नहीं कराया जाएगा। इसीलिए मुस्कान जेल में सामान्य काम कर रही है। वो सिलाई-कढ़ाई भी सीख रही है। बाकी जेल में महिला बंदियों के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग होती हैं। उन सभी में मुस्कान भी अन्य महिला बंदियों के साथ भाग लेती है। महिला संगठन से नया कोर्स सीखने की इच्छा जताई जेल में महिला बंदियों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने वाली NGO संजीवनी महिला संस्था ने खुद मुस्कान को इन स्वरोजगारों की ट्रेनिंग दी है। मुस्कान ने सभी नए कोर्स सीखने की इच्छा जताई थी। जेल में महिला बंदियों को ट्रेंड करने आ रही संस्था की सचिव पारुल बंसल ने बताया कि मुस्कान ब्यूटीशियन, कंडील बनाना, बंदनवार बनाना, राखी बनाना सीख चुकी है। सिलाई-कढ़ाई सीख रही है। पारुल ने बताया कि हमारी संस्था जिला जेल में पिछले 20 से अधिक साल से महिला बंदियों को हुनरमंद बना रही है। जिससे, ये महिलाएं जेल से बाहर निकलकर अपना एक नया जीवन शुरू कर सकें। इस काम के जरिए वो अपनी जिंदगी चला सकें। पारुल ने बताया कि मुस्कान ने हमसे सबसे पहले ब्यूटीशियन का कोर्स सीखा था। उसने खुद ब्यूटीपार्लर का कोर्स सीखने की इच्छा जताई थी। इसके बाद रक्षाबंधन पर मुस्कान ने राखी बनाना सीखा था। अब दीवाली पर उसने कंडील और बंदनवार बनाना सीखा है। इस तरह मुस्कान हर ट्रेनिंग ले रही है। हाईकोर्ट में एक ही वकील लड़ रहा मुस्कान-साहिल का केस मुस्कान-साहिल की फांसी माफी का केस एक ही वकील लड़ रहा है। साहिल के परिवार की तरफ से इलाहाबाद में वकील सुशील शुक्ला को हायर किया गया है। सीनियर एडवोकेट सुशील शुक्ला ही मुस्कान-साहिल दोनों का केस हाईकोर्ट में लड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों की फांसी माफी की याचिका डाली है। इस पर 30 नवंबर को सुनवाई होनी है। साहिल के परिवार ने ही मुस्कान को भी फांसी के फंदे से बचाने की जिम्मेदारी ले ली है। ऐसे में साफ है कि मुस्कान को अब अपने जेल से बाहर आने और सजा माफ कराने की चिंता नहीं है। अब उसका पूरा फोकस जेल से बाहर निकलने के बाद अपनी अगली जिंदगी को लेकर है। इसीलिए वह अपने फ्यूचर को सेफ करने पर काम कर रही है। मुस्कान को यकीन- छोटी बेटियों की वजह से फांसी माफ होगी मुस्कान को पूरा यकीन है कि उसकी फांसी की सजा माफ हो जाएगी। वो जल्द जेल से बाहर आएगी। उसने जज के सामने बार-बार अपनी 2 छोटी बेटियों की देख-रेख का जिक्र किया था। मुस्कान का केस लड़ने वाली रेखा जैन ने भी अदालत के सामने ये दरख्वास्त की थी कि मुस्कान के पास दो छोटी बेटियां हैं, उनका भी ख्याल रखा जाए। ऐसे में मुस्कान को यकीन है कि उसकी बेटियों का इमोशनल एंगल उसे फांसी और सजा से बचा लेगा। बाकी का काम साहिल का परिवार कर देगा। जेल से बाहर आते ही वो अपना ब्यूटीपार्लर खोलेगी और अपना जीवन चलाएगी। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- नीले-ड्रम वाली मुस्कान को साहिल के परिवार ने बहू माना, फांसी की सजा से बचाने के लिए एक ही वकील किया मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाई मुस्कान को उसके प्रेमी साहिल का परिवार बचाने के लिए सामने आया है। हाईकोर्ट में साहिल-मुस्कान की फांसी की सजा माफ कराने के लिए एक ही वकील ने याचिका दाखिल की है। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नेताओं के पाला बदलने का खेल कोई नया नहीं है। लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब उस मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां से वापसी के रास्ते पूरी तरह बंद दिखाई देते हैं। अखिलेश यादव ने हाल ही में स्वामी प्रसाद के लिए पार्टी और गठबंधन के दरवाजे हमेशा के लिए बंद करने के संकेत दे दिए। अखिलेश का कहना है- स्वामी प्रसाद मौर्य अब उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। लगभग 45 साल का राजनीतिक सफर तय करने वाले स्वामी प्रसाद अब भले ही कांग्रेस की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हों। लेकिन, सपा की चुनावी धुरी ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और अखिलेश की व्यक्तिगत नाराजगी के चलते वे इस समीकरण में पूरी तरह 'अनफिट' साबित होते दिख रहे हैं। दोनों बड़े नेताओं के बीच बने इस राजनीतिक तनाव और रिश्ते टूटने के पीछे 3 कारण सामने आए हैं- अखिलेश 'पॉलिटिकल अनफिट' और गुंडाराज के समर्थक 2024 के आम चुनावों के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर सबसे ज्यादा आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने एक पॉडकास्ट में अखिलेश पर तीखा हमला बोला था। जब उनसे पूछा गया कि भारतीय राजनीति में ऐसा कौन-सा प्रमुख चेहरा है, जो राजनीति में बिल्कुल फिट नहीं बैठता? तब स्वामी प्रसाद ने बिना झिझक अखिलेश यादव का नाम लिया था। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश के हाव-भाव और फैसलों से साफ लगता है कि वे गलत फील्ड में आ गए हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी आक्रामकता यहीं नहीं रोकी। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा था- अखिलेश यादव पूरी तरह कन्फ्यूज्ड नेता हैं। वे न तो लोहियावादी हैं और न ही सच्चे अर्थों में समाजवादी। बड़े दुख की बात है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे होने के बावजूद 'मुलायमवादी' भी नहीं बन पाए। वे बना-बनाया राजनीतिक गेम बिगाड़ने में माहिर हैं। आजकल वे सिर्फ ब्राह्मण वर्ग को खुश करने में लगे हैं, क्योंकि किसी ब्राह्मण ने उनके मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी है। सच तो यह है कि अखिलेश यादव ‘गुंडाराज’ के पक्षधर हैं। PDA के 'D' का मतलब 'डिंपल', व्यक्तिगत तंज से बिगड़ी बात यूपी के राजनीतिक गलियारों में माना जाता है कि अखिलेश अपने ऊपर होने वाले राजनीतिक हमलों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, जब बात उनके परिवार, पत्नी या बच्चों पर आती है, तो वे इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करते। 2 फरवरी, 2026 को लखीमपुर खीरी जिले में हुई 'संविधान सम्मान और जनहित हुंकार यात्रा' के दौरान स्वामी प्रसाद ने अखिलेश के सबसे बड़े राजनीतिक कार्ड 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर सीधा तंज कसा था। स्वामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अखिलेश का PDA फॉर्मूला खुद उन्हें ही क्लियर नहीं है। इसमें 'D' का मतलब मौका देखकर कभी ‘दलित’, तो कभी 'डिंपल' हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अखिलेश कभी भी पिछड़े और दलितों के मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते। वे कभी 'P' से पिछड़ा कहते हैं, कभी पंडित कहते हैं। कभी कहते हैं कि जो पीड़ित है, वही PDA है। इससे पहले 20 फरवरी, 2024 को जब स्वामी प्रसाद ने सपा और एमएलसी पद से इस्तीफा दिया था, तब भी उन्होंने यही कहा था कि अखिलेश ने खुद अपने फैसलों से PDA की हवा निकाल दी है। सपा को कमजोर करने के लिए कोई बाहरी नहीं, बल्कि पार्टी के मुखिया खुद जिम्मेदार हैं। हिंदू धर्म, रामचरितमानस और देवी-देवताओं पर लगातार विवादित टिप्पणियां 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक स्वामी प्रसाद मौर्य ने धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा बयानबाजी नहीं की थी। लेकिन कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से खुद चुनाव हारने के बाद उनकी बयानबाजी का तरीका पूरी तरह बदल गया। चुनाव हारने के तुरंत बाद उन्होंने बयान दिया- “दुनिया में सबसे पुराना धर्म बौद्ध धर्म है। उसके बाद ईसाई और फिर इस्लाम धर्म अस्तित्व में आया।” इस बयान में उन्होंने जानबूझकर हिंदू धर्म का कोई जिक्र नहीं किया। इसके बाद 2023 में वे जहां भी गए, हिंदू मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों की आलोचना करते रहे। स्वामी प्रसाद मौर्य के 4 सबसे विवादित बयान जिन्होंने बवंडर खड़ा किया- 'बयान निजी कैसे', इसी बात पर सपा छोड़ी स्वामी प्रसाद की इस लगातार बयानबाजी के कारण सपा राजनीतिक असहजता का सामना कर रही थी। जब भी सपा के प्रवक्ता टीवी डिबेट्स में हिंदुत्व, विकास या रोजगार पर भाजपा को घेरने की कोशिश करते, तो भाजपा नेता तुरंत स्वामी प्रसाद के बयानों को उछालकर सपा को कटघरे में खड़ा कर देते थे। धीरे-धीरे खुद सपा के अंदर स्वामी प्रसाद के खिलाफ असंतोष पनपने लगा। रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने स्वामी को थप्पड़ तक मार दिया था। दो अलग-अलग मौकों पर उन पर जूते फेंके गए। जब मीडिया ने अखिलेश यादव से स्वामी के बयानों पर सवाल पूछे, तो उन्होंने मौर्य के बयानों को पार्टी का स्टैंड न मानकर उनका 'निजी बयान' करार दे दिया। अखिलेश का यह रुख स्वामी प्रसाद मौर्य को नागवार गुजरा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा- जब मैं पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव हूं, तो मेरे बयान 'निजी' कैसे हो सकते हैं? इसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अखिलेश यादव ने बिना किसी मान-मनौव्वल के तुरंत उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और सपा के दरवाजे उनके लिए हमेशा के लिए बंद हो गए। बड़बोलेपन ने चौपट किया सियासी करियर लखनऊ के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार राजकुमार सिंह के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बड़बोलापन और विवादित बयानबाजी कोई नई बात नहीं है। यह बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल से ही चली आ रही है। तब राज्य में मायावती की मजबूत सरकार थी, इसलिए उनके खिलाफ खुलकर माहौल नहीं बन पाता था। 2017 में जब वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, तब उनके बयानों पर थोड़ा अंकुश जरूर लगा। लेकिन 2022 में समाजवादी पार्टी में आने और चुनाव हारने के बाद उनका राजनीतिक हताशा खुलकर बाहर आने लगा। अपनी अनियंत्रित भाषा और बयानों की वजह से वे न सिर्फ खुद फाजिलनगर से चुनाव हारे, बल्कि भाजपा में सांसद रही अपनी बेटी संघमित्रा मौर्य के राजनीतिक करियर को भी भारी नुकसान पहुंचाया। अंदेशा- बार्गेनिंग पावर बढ़ाने के लिए कांग्रेस स्वामी को लाई अब उन्हें कांग्रेस में थोड़ी उम्मीद दिख रही है, इसलिए वे वहां चले गए हैं। लेकिन अखिलेश यादव और उनके परिवार पर जिस तरह के व्यक्तिगत हमले उन्होंने किए हैं, उसके बाद अखिलेश उन्हें कभी वापस अपने साथ नहीं लेंगे। डिंपल यादव पर टिप्पणी करके स्वामी प्रसाद ने बातचीत के सारे दरवाजे खुद अपने हाथों से बंद कर लिए हैं। आगामी चुनावों से पहले ऐसे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी बार्गेनिंग पावर बढ़ाने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य को साथ लाई है। हालांकि, स्वामी के लगातार आ रहे बयानों पर कांग्रेस भी बचती नजर आ रही है। उसके प्रदेश प्रभारी रामजी लाल ने भी उनके बयानों को 'निजी' बता दिया है। स्वामी प्रसाद पिछले साढ़े चार दशकों से उत्तर प्रदेश की सत्ता और विपक्ष की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। हालांकि, पिछले 5 सालों में उनका राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड पूरी तरह से उथल-पुथल भरा रहा है- ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - भाजपा से कम सीटें जीतकर भी सपा ने कैसे चौंकाया, MLC चुनाव का वोटिंग पैटर्न 2027 विधानसभा में भी रहा तो किसे नुकसान उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा से 1 सीट कम जीतकर भी सपा ने सबको चौंका दिया। इसकी वजह स्नातक खंड सीटों के नतीजों में छिपा है। इसमें सपा ने 5 में से 3 सीटें जीत लीं। शिक्षक खंड के प्रत्याशियों को सिर्फ शिक्षक चुनते हैं, लेकिन स्नातक खंड के चुनाव में युवा वोटरों की अहम भूमिका होती है। चुनाव नतीजों से संकेत मिल रहे हैं कि युवा वोटरों की पसंद बदल रही है। पढ़िए पूरी खबर…
व्यापारियों और खरीदारों को मिलेगी सुविधा:36 दिन बाद खुला छत्री चौक से गोपाल मंदिर तक का मार्ग
छत्री चौक से गोपाल मंदिर के बीच 36 दिनों से बंद रास्ता रविवार को खोल दिया। दीपावली को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने लोगों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया। मार्ग चौड़ीकरण अंतर्गत कार्रवाई के तहत 26 सितंबर से शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने के लिए बंद था। नगर निगम ने सफाई कराई और सड़क को पानी से धुलवाया। रास्ता बंद होने से गोपाल मंदिर, छत्री चौक और आसपास के बाजारों के दुकानदारों के साथ छोटे पथ विक्रेताओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा था। ग्राहकों का बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। दीपावली के दौरान गोपाल मंदिर और छत्री चौक में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। रास्ता खुलने से आवागमन आसान होगा और दुकानदारों को भी कारोबार में राहत मिलने की उम्मीद हैं।
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी 53 सीटों पर अचानक सुस्त पड़ती दिख रही है। वजह है- 9 जिलों में संगठन का पूरी तरह ध्वस्त होना। पिछले 3 महीनों में अखिलेश यादव ने अनुशासनहीनता, गुटबाजी और निष्क्रियता पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 7 जिलों के संगठन भंग कर दिए। जबकि 2 जिलों में पद लंबे समय से खाली हैं। फिलहाल, इन जिलों में पुराने जिलाध्यक्ष ही 'कार्यवाहक' के तौर पर काम खींच रहे हैं। नतीजतन, बूथ प्रबंधन से लेकर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) तक के जमीनी काम ठप पड़े हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर नई नियुक्तियों में देरी क्यों हो रही? अंदरखाने खबर है कि लोकल गुटबाजी, नेताओं की विधानसभा टिकट पर दांवपेंच और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का संतुलन बैठाने के चक्कर में अखिलेश यादव की यह लिस्ट फंसी हुई है। सबसे पहले जान लेते हैं कि 9 जिलों में खाली पदों के पीछे वजह क्या है- एटा और कासगंज- 19 सितंबर को लखनऊ में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में नेताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद एटा के जिलाध्यक्ष वाहिद महमूद जुबैरी और कासगंज के जिलाध्यक्ष विक्रम यादव को हटाकर पूरी इकाइयां भंग कर दी गईं। मथुरा- 16 सितंबर को सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश पदाधिकारी पर महिला बैंककर्मी से उत्पीड़न के आरोप में FIR दर्ज हुई। इसके बाद अखिलेश यादव के निर्देश पर मथुरा की जिला, महानगर और सभी फ्रंटल इकाइयों को भंग कर दिया गया। गोरखपुर- शहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच कुर्सी को लेकर मारपीट हो गई थी। इस अनुशासनहीनता के बाद जिला और महानगर इकाई दोनों को भंग कर दिया गया। कन्नौज- 17 अक्टूबर को हुए PDA सम्मेलन में अपेक्षा के मुताबिक भीड़ नहीं जुटने और संगठनात्मक निष्क्रियता के चलते प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के निर्देश पर जिला संगठन भंग किया गया। हरदोई- 13 जून को तत्कालीन जिलाध्यक्ष शराफत अली का एक आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पूर्व जनप्रतिनिधियों पर अभद्र टिप्पणियां थीं। इसके बाद पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई। संतकबीरनगर- सांसद पप्पू यादव से जुड़े एक विवाद में जिला संगठन के निष्क्रिय रहने पर कार्रवाई की गई। बदायूं- आपसी गुटबाजी के कारण एक साल पहले जिला कार्यकारिणी भंग की गई थी। अब तक नई नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्रयागराज (यमुनापार)- जिलाध्यक्ष पप्पू लाल निषाद के निधन के बाद से यह पद खाली पड़ा है। जातियों को साधने में फंसा है पेंच पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव दिवाली से पहले इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दे सकते हैं। वे सभी जिलों में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले के तहत संतुलित तैनाती करना चाहते हैं। हटाए गए 9 जिलाध्यक्षों और 2 महानगर अध्यक्षों में 5 मुस्लिम, 3 यादव, 1 वैश्य, 1 निषाद और 1 गौतम (दलित) समाज से थे। अब स्थानीय जातीय समीकरणों को साधते हुए नए चेहरों पर मंथन चल रहा है। टिकट के दावेदार पद से हटेंगे: पार्टी सूत्रों का कहना है कि जो जिलाध्यक्ष या महासचिव आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे हैं, उनका टिकट फाइनल होते ही उन्हें संगठन पद से हटाकर नए व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाएगी। जिससे चुनावी कामकाज प्रभावित न हो। संगठन भंग होने से अटक रहे ये 5 बड़े काम ------ ये पढ़ें - भाजपा से कम सीटें जीतकर भी सपा ने कैसे चौंकाया: MLC चुनाव का वोटिंग पैटर्न 2027 विधानसभा में भी रहा तो किसे नुकसान उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा से 1 सीट कम जीतकर भी सपा ने सबको चौंका दिया। इसकी वजह स्नातक खंड सीटों के नतीजों में छिपा है। इसमें सपा ने 5 में से 3 सीटें जीत लीं। शिक्षक खंड के प्रत्याशियों को सिर्फ शिक्षक चुनते हैं, लेकिन स्नातक खंड के चुनाव में युवा वोटरों की अहम भूमिका होती है। चुनाव नतीजों से संकेत मिल रहे हैं कि युवा वोटरों की पसंद बदल रही है। पढ़िए पूरी खबर…
एनसीसी कैंप में बैकुंठपुर के कैडेट्स अव्वल
रायपुर के लखोली स्थित ट्रेनिंग नोड में 19 से 28 अक्टूबर तक 10 दिवसीय राष्ट्रीय कैडेट कोर का संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर हुआ। इसमें बैकुंठपुर के कैडेट्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। शिविर में प्रदेश की तीन बटालियन के 600 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए। शासकीय आदर्श रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुंठपुर के 45 कैडेट्स चीफ ऑफिसर संजीव जायसवाल के नेतृत्व में पहुंचे। कैम्प कमांडेंट कर्नल सेंथिल कुमार एस. के निर्देशन में प्रशिक्षण चला। डिप्टी कमांडेंट कर्नल अमित यादव ने मार्गदर्शन किया। कैडेट्स को 22 डीलक्स राइफल से फायरिंग सिखाई गई। सैन्य प्रशिक्षण कराया गया। अनुशासन के नियम बताए गए। शिविर की प्रतियोगिताओं में बैकुंठपुर के कैडेट्स आगे रहे। म्यूजिकल चेयर में कैडेट दुर्गा प्रसाद ने पहला स्थान पाया। थ्री-लेग रेस में सार्जेंट मेजर आशीष कुमार राजवाड़े और कॉर्पोरल अंश कुमार की जोड़ी प्रथम रही। ड्रिल स्क्वाड टेस्ट में सबसे बड़ी उपलब्धि मिली। सार्जेंट मेजर अनीष कुमार के नेतृत्व में 30 कैडेट्स की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। टीम ने तालमेल दिखाया।
तूफान जाते ही कोहरे की सफेद चादर; विजिबिलिटी सिर्फ 100 मीटर रही
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही धमतरी जिले में ठंड ने दस्तक दे दी है। 1 नवंबर की अलसुबह पूरा जिला घने कोहरे की सफेद चादर में लिपट गया। चक्रवाती तूफान अर्नब'' का असर पूरी तरह से खत्म होने के बाद आसमान साफ हुआ है, जिससे नमी और ओस की बूंदों ने अचानक ठंड बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में सुबह 8 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। घने कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) महज 100 से 150 मीटर तक सिमट कर रह गई थी। स्थिति यह थी कि हाईवे पर सामने से आ रही गाड़ियां बेहद पास आने पर ही दिखाई दे रही थीं। ऐसे में किसी भी प्रकार के हादसे से बचने वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट और फॉग इंडिकेटर जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ीं। नेशनल व स्टेट हाईवे से लेकर ग्रामीण संपर्क रास्तों तक सुबह के समय वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। बता दें कि धमतरी जिले में पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड देखें, तो नवंबर का महीना हमेशा से गुलाबी ठंड की शुरुआत का गवाह रहा है। अगले 3-4 दिनों में और गिरेगा पारा, छाएगा कोहरा ^चक्रवाती तूफान अर्नब के आगे निकलने के बाद छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में हवा की दिशा बदल गई है। धमतरी और आस-पास के क्षेत्रों में अब उत्तर से सूखी और ठंडी हवाएं आनी शुरू हो गई हैं। वर्तमान में वातावरण में नमी का स्तर 80 से 85% से अधिक होने के कारण सुबह के समय घना कोहरा देखा जा रहा है। अगले 3 से 4 दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज की जाएगी। - एचपी चंद्रा, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक रायपुर जानिए... बीते 5 साल में कैसा रहा धमतरी में नवंबर का मौसम {नवंबर 2021- बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव से दूसरे हफ्ते में बूंदाबांदी हुई। तीसरे सप्ताह से पारा 14 डिग्री तक गिरा। {नवंबर 2022- पूरा महीना पूरी तरह शुष्क रहा और उत्तर से आई ठंडी हवाओं के कारण औसत न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री दर्ज हुआ। {नवंबर 2023- शुरुआती 10 दिन मौसम सामान्य रहा, लेकिन मध्य महीने में पारा गिरने से ग्रामीण इलाकों में हल्का कोहरा छाया। {नवंबर 2024- पश्चिमी विक्षोभ से आसमान में आंशिक बादल छाए रहे, जिसके कारण कड़ाके की ठंड के लिए आखिरी हफ्ते तक इंतजार करना पड़ा। {नवंबर 2025- महीने की शुरुआत ठंड के साथ हुई। कोई समुद्री सिस्टम न होने से मौसम साफ रहा, जिससे धान कटाई के अनुकूल परिस्थितियां बनीं।
टाटा स्टील वेतन समझौता : 2025 से 31 तक 2 किस्तों में होगी वृद्धि
भास्कर न्यूज| नोवामुंडी टाटा स्टील से जुड़ी नोवामुंडी माइंस मजदूर यूनियन कार्यालय परिसर में यूनियन नेताओं और कर्मचारियों ने जश्न मनाया। जमशेदपुर में ग्रेड रिवीजन के तहत वेतन पुनरीक्षण समझौते की वार्ता लागू होने की घोषणा के बाद लौटे यूनियन नेताओं का कर्मचारियों ने जोरदार स्वागत किया। कर्मचारियों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। यूनियन के जनरल सेक्रेटरी संजय कुमार दास ने टाटा वर्कर्स यूनियन के प्रेसिडेंट संजीव चौधरी उर्फ टुन्नू को इस सफलता के लिए बधाई दी। संजय कुमार ने टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वेतन समझौता वार्ता की प्रति सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि वार्ता 1 जनवरी 2025 को शुरू हुई थी। यह वेतन समझौता 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2031 तक 7 साल के लिए लागू रहेगा। समझौते के बाद बढ़ा हुआ वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। यूनियन के मुताबिक बढ़ी हुई राशि में बेसिक के साथ डीए का 10 प्रतिशत लाभांश शामिल है। यह बढ़ी हुई राशि दो बराबर किस्तों में सैलरी में जोड़ी जाएगी। पहली किस्त 1 जनवरी 2025 से मिलेगी। दूसरी किस्त 1 अप्रैल 2026 से मिलेगी। इसका लाभ ओएमक्यू डिवीजन के माइंस इलाके में काम कर रहे नोवामुंडी, जोड़ा, खड़बंद माइंस के करीब 5500 कर्मचारियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से मिलेगा। ओल्ड ग्रेड में पहले से नौकरी कर रहे कर्मचारियों को भी बेसिक के साथ डीए का 10 प्रतिशत लाभांश दो किस्तों में भुगतान होगा।
गम्हरिया थाने का ओडी अफसर व मुंशी गिरफ्तार, नौ और पुलिसकर्मी निलंबित
गम्हरिया थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म मामले में एसआईटी ने अब ऑन ड्यूटी अफसर एसआई मनोज कुमार साहू और मुंशी संतोष कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें दो सब इंस्पेक्टर, चार एएसआई, दो हवलदार और एक कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इसके साथ ही अब तक थाना प्रभारी सहित 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। शनिवार को घटना सामने आने के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था, जबकि दो अन्य को देर रात निलंबित किया गया था। एसपी रविवार को गम्हरिया थाना पहुंचे। घटनाक्रम की जांच की। संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा की। जांच में पता चला कि थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने महिला को शिकायत लेकर थाने में पहुंचते देखा। महिला काफी देर तक थाने में रही, लेकिन किसी ने भी वरीय अधिकारी को सूचना नहीं दी। रविवार को इन्हें किया सस्पेंड एसपी ने रविवार को जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, उनमें एसआई अजय पासवान, एसआई ललन रविदास, एएसआई विशु उरांव, एएसआई मुकेश कुजूर, एएसआई मुकेश रविदास, एएसआई सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पीतांबर महतो, हवलदार बहादुर हांसदा और सिपाही मनोज गोराई शामिल हैं। वहीं एसआई मनोज और मुंशी संतोष को अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया है। गुरुवार रात शिकायत दर्ज कराने गई थी महिला गम्हरिया में गुरुवार रात घरेलू विवाद के बाद एक महिला शिकायत दर्ज कराने थाना पहुंची थी। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे रात में आराम करने के लिए एक कमरे में भेज दिया। आरोप है कि थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने महिला से दुष्कर्म किया। उसकी चीख-पुकार सुनकर कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन कुछ नहीं किया। शुक्रवार सुबह उसे 700 रुपए थमाकर ऑटो में बैठा दिया। उसे मायके जाने को कहा गया। सूचना छिपाने पर कार्रवाई: एसपी एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि रविवार को जिन नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, उन पर अनुशासनहीनता बरतने और वरीय अधिकारियों को समय पर घटना की जानकारी न देने का मामला सामने आया है। पूरे घटनाक्रम में किस पुलिसकर्मी की क्या भूमिका रही, इसकी समीक्षा की जा रही है। अभी जांच जारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टोंटो व मुफस्सिल क्षेत्र में एक महिला सहित दो की तालाब में डूबने से मौत
चाईबासा| तांतनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तांतनगर कस्तूरबा गांधी विद्यालय कादल बेड़ा हॉस्टल की 14 वर्षीय आठवीं कक्षा की छात्रा स्नेहा तांती की मौत शनिवार देर रात इलाज के दौरान तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई। छात्रा तांतनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत छोटा दड़िमा निवासी बीरू तांती की बेटी थी। हॉस्टल इंचार्ज के अनुसार शनिवार शाम अचानक सिर चकराने से स्नेहा तांती गिर गई थी। उसे बेहोशी की हालत में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तांतनगर पहुंचाया गया। वहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। चाईबासा| पश्चिमी सिंहभूम जिले की दो अलग-अलग घटनाओं में एक महिला सहित दो लोगों की मौत तालाब में डूबने से हो गई। शव को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। एक घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत डोंका साई की है। घटना के संबंध में बताया गया कि लगौरा केसरी नशे में देर रात घर पहुंचा। उसने घर का बंद दरवाजा खुलवाने के लिए दस्तक दी। किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो वह गांव की सड़क के किनारे तालाब के गार्डवाल के पास आया। फुलपैंट खोलने के दौरान वह तालाब में गिर गया, जिससे डूबकर उसकी मौत हो गई। दूसरी घटना टोंटो थाने के मौदा गांव की है। बताया गया कि शनिवार को पुना में काम करने के दौरान मृत युवक की लाश का गांव में दफनाने का काम चल रहा था। गांव के सभी लोग अंतिम क्रियाकर्म में जुटे थे। इसी बीच अपराह्न करीब 2 बजे नशे की हालत में गांव के तालाब में नहाने के दौरान 50 वर्षीय महिला कुई तुबिड की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के हवाले से मिली सूचना के आधार पर घटना के डेढ़ घंटे बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद तालाब से महिला का शव बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के लिए शव को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों बाइक सवारों के शव को अपने कब्जे में लिया। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। फिर परिजनों को सौंप दिया। मृतकों में पदमपुर तेली साईं, खरसावां निवासी 21 वर्षीय सोमनाथ हेंब्रम, फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय, टोंटो थाने के पेरतोल निवासी 60 वर्षीय मुकुंद गोप और खरसावां के गोविंदा प्रधान शामिल हैं। सोमनाथ हेंब्रम सामान डिलीवरी करने के बाद चाईबासा की ओर लौट रहा था। शनिवार शाम चाईबासा-भरभरिया मुख्य मार्ग पर पंपाड़ा-तुईबीर के बीच दो बाइकों की टक्कर हो गई। दूसरी घटना मुफस्सिल थाने के पुराना चाईबासा की है। मुकुंद गोप गांव के ही सूरजा गोप के साथ एक बाइक पर चाईबासा से गांव आ रहे थे। इसी क्रम में सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी बाइक टकरा गई। इस हादसे में मुकुंद और सूरजा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान देर रात मुकुंद गोप और गोविंदा प्रधान की मौत हो गई। सड़क हादसे में मृत तीनों के शव का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार को शव परिजनों के हवाले कर दिए गए।
छोटा टांगरानी में युवक ने फांसी लगाकर दी जान
सरायकेला| सरायकेला थाना क्षेत्र के छोटा टांगरानी गांव में 18 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान श्याम सुंदर हेम्ब्रम के पुत्र आकाश हेम्ब्रम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा है। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात आकाश खाना खाने के बाद रोजाना की तरह अपने कमरे में सोने चला गया था। रविवार सुबह जब परिजन उसके कमरे में पहुंचे, तो उसे छत की बल्ली से लटका पाया। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सरायकेला पुलिस मौके पर पहुंची। आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। शव को नीचे उतरवाया गया। पुलिस ने पंचनामा तैयार करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल युवक के आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
फूड मेले में दिखी महिलाओं और बच्चों की प्रतिभा
बोकारो थर्मल | सिक्स यूनिट स्थित सीआईएसएफ यूनिट बीटीपीएस के कैंप परिसर में संरक्षिका के तत्वावधान में भव्य फूड मेले का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बल के जवानों और उनके परिवारों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देना था। मेले का उद्घाटन संरक्षिका अध्यक्षा अनु के. और इकाई प्रभारी उप कमांडेंट अरुण प्रसाद ई ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों ने भजन ‘कौन कहता है भगवान आते नहीं’ की प्रस्तुति से की। मेले में सीआईएसएफ परिवार की महिलाओं ने 15 स्टॉल लगाए, जिन पर घर में तैयार लजीज व्यंजन परोसे गए।
बीडीए कॉलेज में शांतिपूर्ण संपन्न हुई जेटेट की परीक्षा
तुपकाडीह | झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 का आयोजन रविवार को पिछरी स्थित बीडीए कॉलेज परीक्षा केंद्र पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में उत्साह देखा गया। सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पेटरवार पुलिस भी मुस्तैद रही। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली में कुल 360 परीक्षार्थियों में से 330 उपस्थित हुए, जबकि 30 अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 171 परीक्षार्थियों में से 149 ने परीक्षा दी और 22 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दोनों पालियों में कुल 531 परीक्षार्थियों में से 479 उपस्थित हुए, जबकि 52 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा का संचालन मजिस्ट्रेट सोनू कुमार मंडल, पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट सह बेरमो बीडीओ मुकेश तथा सीए डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य जितेंद्र कुमार वर्मा की निगरानी में हुआ।
पुराने नेताओं का जेएलकेएम की ओर बढ़ने लगा है रुझान
बोकारो | बोकारो की राजनीति में स्व. समरेश सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले उनके पुराने समर्थक और कार्यकर्ता इन दिनों असमंजस की स्थिति में हैं। कभी समरेश सिंह की राजनीतिक ताकत माने जाने वाले इन कार्यकर्ताओं को अब न तो राष्ट्रीय राजनीतिक दलों में अपेक्षित जगह मिल पा रही है और न ही क्षेत्रीय दलों में उनकी राजनीतिक भूमिका स्पष्ट हो रही है। इससे कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ने लगा है। अब वे अपने लिए नए राजनीतिक ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि स्व. समरेश सिंह के पुराने समर्थकों का एक खेमा जेएलकेएम की ओर रुख कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में समर्थकों का एक समूह औपचारिक रूप से जेएलकेएम का दामन थाम सकता है। दरअसल, समरेश सिंह के निधन के बाद उनके साथ लंबे समय तक राजनीतिक संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के सामने नेतृत्व और राजनीतिक पहचान का संकट खड़ा हो गया है। ये कार्यकर्ता अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन और संगठनात्मक पहचान को बचाए रखना चाहते हैं। लेकिन प्रमुख दलों में उचित भागीदारी और सम्मान नहीं मिलने से वे नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। जेएलकेएम को वे एक ऐसे राजनीतिक मंच के रूप में देख रहे हैं, जहां उन्हें अपनी बात रखने और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है।
डीवीसी बोकारो थर्मल में हुई चित्रांकन प्रतियोगिता
भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल डीवीसी बोकारो ताप विद्युत केंद्र के सतर्कता विभाग की ओर से सतर्कता जागरुकता सप्ताह-2026 के तहत रविवार को ऑफिसर्स क्लब, बोकारो थर्मल में चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में परियोजना सतर्कता अधिकारी उज्ज्वल विश्वास ने विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। भ्रष्टाचार रोकें, नया भारत बनाएं विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और चित्रकला के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त भारत की परिकल्पना को जीवंत रूप दिया। उनके चित्रों में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिकता के संदेश उभरकर सामने आए। प्रतियोगिता में प्रस्तुत चित्रों का मूल्यांकन केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल के टीजीटी (कला) शिक्षक शशि भूषण ने किया। आयोजन को सफल बनाने में सतर्कता विभाग के कार्यालय अधीक्षक (पीजी) एएमएम कैफी, सहायक ग्रेड-एक मो. शाहिद इकराम एवं सहायक नियंत्रक (यांत्रिकी) दीनानाथ शर्मा का विशेष योगदान रहा।
मंईयां सम्मान देने के लिए हेमंत सोरेन ने भैया का भविष्य छीन लिया : सुदेश महतो
भास्कर न्यूज | चंदनकियारी झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शहीद लीलू, हीरू और पटल बाउरी के बलिदान और संघर्ष को यादगार बनाने के लिए रविवार को उनके 49वें शहादत दिवस पर मयूरडूबी गांव में स्मारक वेदी का आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण की आधारशिला रखी। इस दौरान सुदेश महतो ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि शहीदों की प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्मारक वेदी की आधारशिला रखने का अवसर मिला। झारखंड आंदोलन में बाउरी समाज ने अगुवाई की थी, जिस पर पूरे समाज को गर्व होना चाहिए। ये शहीद केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के गौरव हैं। तीन पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं का यहां पहुंचना शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री छोटे-छोटे कार्यक्रमों में पहुंचते हैं, लेकिन शहीदों को सम्मान देने के लिए कोई नहीं आया। तीनों आंदोलनकारियों को अब तक शहीद का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनकी शहादत की परिस्थितियों और गोली चलाने वालों से जुड़े इतिहास को दोबारा सामने लाने की जरूरत है। शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए पूरा आजसू परिवार प्रयास करेगा। 50वां शहादत दिवस भव्य तरीके से मनाया जाएगा और शहीदों की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने मंईयां सम्मान योजना, बेरोजगारी, नौकरी में कथित अनियमितताओं और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। कहा कि केवल ढाई हजार रुपए देने से महिला सशक्तीकरण नहीं हो सकता। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। वहीं, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि शहीदों की सुध आज तक किसी ने नहीं ली। झारखंड गठन का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है और राज्य में भ्रष्टाचार हावी है। उन्होंने दावा किया कि 58 हजार से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन सत्यापन के अभाव में लंबित हैं। उन्होंने चंदनकियारी स्थित ईएसएल प्लांट में हादसों और तीन गांवों की जमीन से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। जुगसलाई के पूर्व विधायक रामचंद्र सहिस ने कहा कि इस मिट्टी के तीन स्वाभिमानी बेटों ने समाज की माताओं-बहनों के सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। झारखंड शहीदों की भूमि है। युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत करने और राज्य व गांवों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए चिंतन करना चाहिए। मौके पर काशीनाथ सिंह, राजेश मेहता, राजेश महतो, बलराम बाउरी, चंद्रशेखर मांझी समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे।
ई-0 परीक्षा का रिजल्ट जारी करें प्रबंधन, समय पर हो वेज रिवीजन
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो स्टील प्लांट सहित सेल के सभी इकाइयों में कर्मचारियों के ई-0 प्रमोशन (जूनियर ऑफिसर) परीक्षा और वेज रिवीजन से जुड़े मुद्दों को लेकर बोकारो इस्पात डिप्लोमा धारी कामगार यूनियन के विभागीय प्रतिनिधियों की बैठक सेक्टर-4जी स्थित यूनियन कार्यालय में हुई। बैठक में महामंत्री संदीप कुमार ने जुलाई में आयोजित जूनियर ऑफिसर (ई-0) प्रमोशन परीक्षा का परिणाम जल्द जारी करने की मांग की। कहा कि परीक्षा का परिणाम जारी होने से सफल अभ्यर्थियों को जल्द प्रमोशन मिल सकेगा। शिकायतों के कारण इस वर्ष परिणाम में हो रही देरी का असर वर्ष 2028 में होने वाली परीक्षा पर नहीं पड़ना चाहिए। परीक्षा 2028 में निर्धारित समय पर आयोजित की जाए।
पंचायत गठन की मांग को ले विस तक पैदल मार्च करेंगे ग्रामीण
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो जिले के उत्तरी क्षेत्र में प्रस्तावित छह पंचायतों के गठन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। पंचायत निर्माण समिति की ओर से ग्राम वास्तेजी स्थित स्कूल प्रांगण में बैठक सह जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। लखीराम मांझी की अध्यक्षता एवं संतोष सिंह के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने पंचायत गठन की मांग को लेकर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित छह पंचायतों का गठन क्षेत्र के ग्रामीणों की जरूरत है। इसके लिए लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन मांग पूरी नहीं होने के कारण अब आंदोलन को और व्यापक रूप देने की जरूरत है। निर्णय लिया गया कि आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान ग्रामीण पैदल मार्च कर विधानसभा पहुंचेंगे और अपनी मांग सरकार के समक्ष रखेंगे। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि पंचायत गठन होने तक यह लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी। बैठक में वर्तमान में प्रस्तावित कोलकाता-अमृतसर कॉरिडोर को लेकर भी ग्रामीणों ने विरोध जताया।
भारत को जानो प्रतियोगिता में एमजीएम और आदर्श विद्या मंदिर चास बने विजेता
सिटी रिपोर्टर | बोकारो भारत विकास परिषद की उत्तर एवं दक्षिण शाखा, बोकारो के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को केन्द्रीय विद्यालय, सेक्टर-4 में प्रांत स्तरीय भारत को जानो प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। झारखंड उत्तर प्रांत की इस प्रतियोगिता में कुल 13 टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें छह वरिष्ठ और सात कनिष्ठ वर्ग की टीमें शामिल थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि और वंदे मातरम् के साथ हुआ। मुख्य अतिथि बीएसएल के कार्यकारी निदेशक (परियोजना) अनीश सेन गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि बीएसएल के मुख्य नगर प्रशासक कुंदन कुमार और केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 के प्राचार्य मनोज कुमार ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में एमजीएम सेक्टर-4 बोकारो ने प्रथम, सेंट जेवियर्स हजारीबाग ने द्वितीय और डीएवी कोयला नगर धनबाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कनिष्ठ वर्ग में आदर्श विद्या मंदिर चास प्रथम, सरस्वती शिशु मंदिर गिरिडीह द्वितीय और सरस्वती शिशु मंदिर हजारीबाग तृतीय स्थान पर रहे। वरिष्ठ वर्ग में क्विज मास्टर की भूमिका लम्बोदर उपाध्याय ने निभाई। इसमें प्रदीप कुमार और एनसी पाठक ने सहयोग किया। कनिष्ठ वर्ग का संचालन अनूप कुमार ने किया, जबकि अगस्त्य कुमार ने सहयोग दिया। मौके पर प्रांत अध्यक्ष राम प्रवेश पांडेय, प्रांत सचिव सुनील कुमार, शशि लंबा,बीबी दास, हरेंद्र तिवारी, प्रो. कैलाश राणा, लम्बोदर उपाध्याय और अनीता सिन्हा सहित परिषद के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कुंजिला नारायण ने किया। संजय सिन्हा ने परिणामों की घोषणा की और बीबी दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसमें शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी शामिल हुए।
डीपीएस ने जीता बेस्ट स्कूल डेलिगेशन खिताब
सिटी रिपोर्टर | बोकारो डीपीएस बोकारो की ओर से आयोजित दो दिवसीय मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (एमयूएन) कॉन्फ्रेंस ‘अग्रणी 2.0’ का समापन रविवार देर शाम पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। सम्मेलन में बोकारो सहित झारखंड के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों के विद्यालयों से आए लगभग 250 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समितियों में वैश्विक प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों ने समसामयिक मुद्दों, वैश्विक शांति, सौहार्द और समृद्धि पर चर्चा की तथा समाधान के सुझाव प्रस्तुत किए। सम्मेलन में समग्र प्रदर्शन के आधार पर डीपीएस बोकारो को बेस्ट स्कूल डेलिगेशन का खिताब मिला, जबकि डीपीएस पाकुड़ ने बेस्ट ओरेटरी टीम का पुरस्कार जीता। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में डीपीएस बोकारो की दिव्याशा वत्स बेस्ट डेलिगेट चुनी गईं। संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग (यूएनसीएसडब्ल्यू) में डीपीएस चास के सक्षम सिंह और मॉडल लोकसभा में चिन्मय विद्यालय की मन्नत छाबड़ा ने यह उपलब्धि हासिल की। आईपीएल कमेटी में अय्यप्पा पब्लिक स्कूल के दीपेश कुमार बेस्ट डेलिगेट बने। वहीं, गुजरात टाइटंस की टीम ने बेस्ट टीम का खिताब जीता। इंटरनेशनल प्रेस श्रेणी में पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया के अरमान प्रेम को बेस्ट कैरिकेचरिस्ट, डीपीएस धनबाद की समृद्धि प्रधान को बेस्ट फोटोग्राफर और पिट्स मॉडर्न स्कूल की नंदिनी सिन्हा को बेस्ट रिपोर्टर चुना गया। अन्य समितियों में भी प्रतिभागियों को हाई कमेंडेशन, स्पेशल मेंशन और वर्बल मेंशन पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण करते हुए प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने कहा कि आज के युवा ही कल के चेंजमेकर्स हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, कूटनीतिक कौशल और आत्मविश्वास विकसित करते हैं। विद्यार्थियों को इससे कई सीख प्राप्त हुई।
त्रिवेणी कालीबाड़ी में महाकाली महोत्सव शुरू, 8 तक आयोजन
सिटी रिपोर्टर | बोकारो कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित त्रिवेणी कालीबाड़ी मंदिर परिसर में रविवार से आठ दिवसीय महाकाली महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन बोकारो स्टील इम्प्लाइज कोऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव डॉ. कुमार राजदीप ने की। महोत्सव का समापन 8 नवंबर को होगा। इसके तहत आठ दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव के पहले दिन रविवार को निशुल्क चिकित्सा शिविर और बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर में डॉ. समीरन मल्लिक, डॉ. पी. कुमार और डॉ. मलय समीर ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के बीके सिंह, श्यामल मित्रा, आईसी जायसवाल, आरके जायसवाल, अमिताभ कुमार सिंह, दिलीप कुमार, अंजनी कुमार शरण, राजीव रंजन सिंह, जितेंद्र कुमार, सुधांशु मंडल, सुनील कुमार, राम सिंह, विजय राय, बीबी मोदी, संतोष कुमार, प्रेम रंजन, रोहित तलवार, अनिता बनर्जी, अजंता मित्रा सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
आईटी और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर, युवाओं को मिलेगा रोजगार
सिटी रिपोर्टर | बोकारो नेशनल इंडस्ट्रियल एग्जिबिशन कम सेमिनार का आठवां संस्करण रविवार को सेक्टर-1सी स्थित दीक्षा में एमएसएमई एसोसिएशन के अध्यक्ष शशि भूषण की अध्यक्षता में हुई। उद्घाटन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भारत सरकार के डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों की मजबूत मौजूदगी के कारण बोकारो सॉफ्टवेयर पार्क और औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त स्थान है। ऐसे आयोजनों से बेरोजगार युवाओं, तकनीकी छात्रों और महिला उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बोकारो में सॉफ्टवेयर पार्क की स्थापना में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए कहा कि इस दिशा में तेजी से काम होने पर क्षेत्र आईटी और मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है। इससे हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन पर रोक लगेगी। इस अवसर पर सामाजिक योगदान के लिए शिक्षाविद तरसेम सिंह को नागरिक सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित औद्योगिक योजनाओं और सॉफ्टवेयर पार्क को धरातल पर उतारने से युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर रोजगार मिल सकेगा। कार्यक्रम में कई महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में गुरु गोविंद सिंह इंजीनियरिंग कॉलेज, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कुर्थी, वुमेंस गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक बालीडीह व चंदनकियारी इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। मौके पर दीक्षा के प्राचार्य उमेश प्रसाद, उप प्राचार्य प्रभात कुमार सिंह, अभिजीत बिट्टू, सूरज कुमार, जयदेव महतो आदि थे।

