योगी सरकार आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए नई आयुष नीति-2026 ला रही है। इसमें निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और 75 जिलों में पीपीपी मॉडल पर आयुष अस्पताल खोलने का प्रस्ताव है।
हिमाचल: तीन हजार करोड़ से बनेंगी 1700 किलोमीटर सड़कें, लोक निर्माण विभाग ने पूरी की औपचारिकताएं
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-4) के दूसरे चरण में 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
AI से होगी फसलों में कीटों की पहचान, जैव कीटनाशक से लेकर स्मार्ट ट्रैप तक नौ स्टार्टअप आइडिया पेश
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सम्मेलन में छात्रों ने एआई, जैव कीटनाशक और स्मार्ट ट्रैप पर आधारित नौ कृषि स्टार्टअप विचार प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने शोध को व्यावहारिक उपयोग में लाने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
ब्रेक लगाते ही खुद चार्ज होगी आपकी कार, IIT कानपुर के रिसर्चरों ने डेवलप की सुपरकैपेसिटर टेक्नोलॉजी
आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक नई सुपरकैपेसिटर तकनीक विकसित की है। यह तकनीक ब्रेक लगाने पर निकलने वाली ऊर्जा को बैटरी में संग्रहीत करेगी और वाहनों को तेजी से चार्ज होने में मदद करेगी।
बॉलीवुड सिंगर पलक मुच्छल की मथुरा में परफॉर्मेंस न होने का मामला शुक्रवार को दिन भर सोशल मीडिया पर छाया रहा। इस मामले को लेकर मथुरा के लोग दो हिस्सों में बंटे नजर आए। सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोग पलक मुच्छल पर पोस्ट के जरिए गुस्सा निकाल रहे थे वहीं कुछ लोग उनके लिए आयोजकों द्वारा कहे गए अपशब्दों को लेकर नाराज दिखे। इस मामले को लेकर इवेंट कंपनी ने भी सफाई दी है और प्रोग्राम कैसल होने की वजह आयोजन स्थल पर फूड काउंटर होना बताया है। पहले जानिए क्या था मामला अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन की 5150 वीं जयंती के अवसर पर श्री अग्रवाल सभा द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था। अग्र महोत्सव के अंतिम दिन गुरुवार की शाम को पलक मुच्छल की परफॉर्मेंस रखी गई। BSA कॉलेज के ग्राउंड में आयोजित इस प्रोग्राम के लिए शहर में जगह जगह होर्डिंग लगाए गए। बड़ी संख्या में लोग पलक मुच्छल की प्रस्तुति देखने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। शाम से ही पहुंचने लगे थे लोग गुरुवार की शाम से ही BSA कॉलेज ग्राउंड पर लोग एकत्रित होना शुरू हो गए। रात करीब 9 बजे तक मेला स्थल लोगों की भीड़ से भर गया। अग्र महोत्सव में पहुंचे लोग खाने पीने के काउंटर पर एंजॉय कर रहे थे वहीं कुछ लोग पलक मुच्छल की स्टेज परफॉर्मेंस के इंतजार में थे। आयोजक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। समय बढ़ता जा रहा था बार बार मंच से एलाउंस किया जा रहा था कि कुछ देर में पलक मुच्छल कार्यक्रम स्थल पहुंचने वाली हैं। आधी रात को हुआ हंगामा इंतजार करते करते जब आधी रात हो गई और पलक मुच्छल अपनी प्रस्तुति देने नहीं पहुंची तो मेला स्थल पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग पलक मुच्छल के खिलाफ हूटिंग करने लगे। इस दौरान आयोजकों को भी जब यह कन्फर्म हो गया कि वह नहीं आ रही तो वह भी नाराज हो गए। मंच से श्री अग्रवाल सभा के पदाधिकारी जयंती अग्रवाल ने तो एलाउंस करते हुए कहा कि शांति बनाए रखें,लेकिन सोशल मीडिया पर विरोध करें। इसके साथ ही उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि उसे ...सबक सिखाया जाएगा। महिलाओं में भी दिखी नाराजगी पलक मुच्छल के परफॉर्मेंस देने न आने पर महोत्सव में पहुंचीं महिलाओं में भी नाराजगी दिखाई दी। प्रस्तुति न होने से गुस्से में नजर आई महिलाओं ने कहा कि उसके पोस्टर को चप्पलों से पीटेंगे। महिलाओं का कहना था कि उन्होंने एक दिल नहीं हजारों दिलों को आघात पहुंचाया है। महिलाओं ने यह तक कह दिया कि वह महिला शक्ति के नाम पर कलंक हैं। इस दौरान महिलाओं ने पलक मुच्छल मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। फूड काउंटर को लेकर हुआ विवाद अग्र महोत्सव में फूड काउंटर लगाए गए थे। यहां महोत्सव में शामिल होने आए लोग खाने पीने का आनंद ले रहे थे। पलक मुच्छल ने अपनी तरफ से इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट में लिखा कि उनका संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं ईश्वर की आराधना और आस्था की अभिव्यक्ति है। मंच मेरे लिए एक पवित्र स्थान है जहां वह पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ अपनी कला की प्रस्तुति देती हैं। इसी भावना और अपने सिद्धांतों के अनुरूप में उस मंच पर प्रस्तुति नहीं देती,जब श्रोताओं के बीच भोजन परोसा जा रहा हो अथवा भोजन किया जा रहा हो। यह सदैव मेरे कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण शर्त रही है। पलक मुच्छल की इस शर्त के चलते आयोजन स्थल पर फूड काउंटर बंद कराने का प्रयास किया गया। लेकिन इसको लेकर वहां पहुंचे लोग आक्रोशित हो गए। आयोजन समिति के एक सदस्य को लोग भला बुरा कहते नजर आए। लोगों ने कहा कि हमारी फैमिली आई है वह खाना खाने बाहर जाएगी। लोगों का कहना था कि अगर आवाज में दम होगी तो पब्लिक खुद पहुंच जाएगी। इवेंट कंपनी ने दी सफाई पलक मुच्छल का कार्यक्रम रद्द होने पर इवेंट कंपनी की सफाई सामने आई। आरोही इवेंट के निर्देशक अमित तिवारी ने अपना बयान सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी कंपनी 12 अक्टूबर से मथुरा में अग्रसेन जयंती महोत्सव करने आई थी। इस महोत्सव का मुख्य इवेंट पलक मुच्छल का लाइव कॉन्सेप्ट था उसको लेकर मुख्य संयोजक अंकित बंसल के साथ पूरा कम्युनिकेशन था, उनको लास्ट तक बताया कि अगर लाइव परफार्मेंस में फूडिंग चल रहा होगा तो यह लोग परफॉर्मेंस नहीं करेंगे, ये उनके नियम हैं। अमित तिवारी ने बताया कि लास्ट में होटल में आयोजक किशोर मित्तल आए थे पत्नी के साथ जब पलक आईं उनसे मिलने इस दौरान भी उनको बताया गया कि फूडिंग नहीं होना चाहिए। अमित तिवारी ने बताया कि सभी ने ट्राई किया वेट किया रात को 9 बजे से लेकर साढ़े 12 बज गए लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला। उसके बाद इवेंट कंपनी को नहीं लगा कि आर्टिस्ट को मंच पर लाया जाए,इतनी भीड़ के बीच इतनी रात आर्टिस्ट को मंच पर लाना सही नहीं लगा। यू पी में आर्टिस्ट के साथ केस हुए हैं तो हम अपने यू पी में सेफ फील कराएं कि आर्टिस्ट यहां आएं उनका यहां वेलकम होता है।
गोरखपुर में गुरुवार को ADM सिटी और SP सिटी ने पुलिस टीम के साथ चरगांवा स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) पर का औचक निरीक्षण किया। जिससे से परिसर और आसपास मौजूद दलालों व बिचौलियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। उसके बाद FIR दर्ज कर जेल भेज दिया गया। शनिवार को आगे की कार्रवाई और मामले में आरोपी से पूछताछ की जाएगी। लोगों को दी जानकारी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने RTO परिसर और बाहर मौजूद संदिग्ध लोगों, आवेदकों और काम कराने आए नागरिकों से काफी देर तक पूछताछ की। वहां मौजूद लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी काम के लिए किसी दलाल या बिचौलिए के झांसे में बिल्कुल न आएं। अधिकारियों को निर्देशित किए इसके साथ ही RTO अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई कि दफ्तर के कामकाज में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। किसी भी तरह की दलाली या अवैध वसूली को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कड़ी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगीप्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आम जनता को परेशान करने वाले बिचौलियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह अचानक चेकिंग की जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। छापेमारी के दौरान मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम विजय कुमार तिवारी है जो थाना शाहपुर इलाके के जेल रोड, गीता वाटिका का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक शाहपुर थाने में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
झारखंड में आज से अगले छह दिनों तक मौसम सामान्य रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 22 अक्टूबर तक राज्य में कहीं भी मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस दौरान सुबह के समय कई इलाकों में कोहरा या कुहासा छा सकता है, जबकि दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। 17 अक्टूबर यानी आज कुछ समय के लिए आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन इसके बाद मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। राजधानी रांची में अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह कोहरा, दोपहर में साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज झारखंड के कई हिस्सों में सुबह के समय कोहरा या कुहासा जैसा देखने को मिलेगा। ऐसा कई जिलों में सुबह-सुबह देखने को मिला भी। इसके बाद दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, राज्य में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। 18 अक्टूबर को सुबह में कोहरा या कुहासा रहने के बाद आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। 19 और 20 अक्टूबर को भी मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। इन दोनों दिनों में सुबह कोहरा या कुहासा छा सकता है, जबकि दिन में आसमान साफ रहने की संभावना है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड का एहसास हो सकता है। मौसम में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। ऐसे में लोगों को सुबह के समय बाहर निकलते हुए कोहरे को ध्यान में रखकर सतर्क रहने की जरूरत है। 22 अक्टूबर तक बारिश का पूर्वानुमान नहीं मौसम विभाग के अनुसार, 21 और 22 अक्टूबर को भी सुबह के समय कोहरा या कुहासा छाने की संभावना है। इसके बाद दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। इस तरह अगले छह दिनों तक राज्य में बारिश की कोई विशेष संभावना नहीं जताई गई है। मौसम विभाग ने 17 से 22 अक्टूबर तक झारखंड के किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और अन्य हिस्सों में भी इस अवधि के दौरान मौसम सामान्य रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि, सुबह में कोहरा या कुहासा रहने से कुछ स्थानों पर दृश्यता प्रभावित हो सकती है। खासकर सुबह यात्रा करने वाले वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल भारी बारिश, आंधी या अन्य प्रतिकूल मौसमी गतिविधियों को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। रांची में 29 से 30 डिग्री रहेगा अधिकतम तापमान राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। 17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रह सकता है। वहीं, 19 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 20 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 और 22 अक्टूबर को भी सुबह कोहरा या कुहासा और दिन में साफ आसमान रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, रांची समेत पूरे झारखंड में अगले छह दिनों तक मौसम शुष्क और सामान्य रहने के संकेत हैं।
Sirmour News: अब 21 से नहीं दिवाली के बाद शुरू होगा फास्ट फूड का प्रशिक्षण
21 अक्तूबर से शुरू होने वाला 12 दिवसीय नि:शुल्क फास्ट फूड प्रशिक्षण कार्यक्रम अब दिवाली के बाद शुरू होगा।
हांसी जिले के गांव बास खुर्द में गुरुवार को कुश्ती खिलाड़ी धीरेंद्र की मौत के मामले में पुलिस ने भिवानी के प्रेमनगर निवासी दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। को करीब 18 वर्षीय धीरेंद्र घर के नजदीक बने पशुओं के बाड़े में पंखे से फंदे पर लटका मिला था। परिवार को घटना का पता गुरुवार सुबह करीब 5 बजे चला, जब वाटर वर्क्स की सप्लाई आने के बाद उसके चाचा वहां पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञों की जांच में धीरेंद्र के लोअर की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ था। उसने अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी के ऊपर ही सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन आत्महत्या करने के पीछे की वजह का जिक्र नहीं किया था। 2 सगे भाई, तीसरा बिजली घर में करता है काम बास थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर जयसिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में मंजीत और शक्ति नाम के दो सगे भाइयों के अलावा विक्की का नाम लिखा है। विक्की प्रेमनगर स्थित बिजली घर में काम करता है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि धीरेंद्र की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है, जोकि कल तक आने की उम्मीद है। कॉल डिटेल की जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। जेब में ₹10 हजार कैश मिले, घर से लेकर गया था ₹48 हजार बास थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर जयसिंह के अनुसार, धीरेंद्र के लोअर की जेब से 10 हजार रुपए कैश बरामद हुए थे। जानकारी के मुताबिक, वह घटना वाले दिन अपने घर से करीब 48 हजार रुपए लेकर गया था। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद धीरेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंचायतीराज चुनाव:निर्वाचन तैयारियों को लेकर बैठक, मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें
पंचायतीराज चुनाव 2026 के सफल और सुचारू संचालन के लिए जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी चिन्मयी गोपाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक में रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, विभिन्न निर्वाचन प्रकोष्ठों के प्रभारी, सहप्रभारी शामिल हुए। चुनाव की तैयारियों, प्रकोष्ठवार काम, आगामी गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिले में पंचायतीराज आम चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। सभी जरूरी तैयारियां तय समय पर पूरी हों। रिटर्निंग अधिकारियों को मार्क कॉपी और वर्किंग कॉपी समय पर भिजवाने के निर्देश दिए। पोस्टल बैलेट से जुड़े काम पूरे करने के निर्देश दिए। अभिकर्ता के फॉर्म भरवाने के निर्देश दिए। चिन्मयी गोपाल ने कहा कि सभी अधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करें। अक्षरशः पालन करें। आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करें। निर्वाचन काम में किसी स्तर पर लापरवाही न हो। आयोग को भेजी जाने वाली सभी रिपोर्ट तय समय पर भेजी जाएं। निर्वाचन से जुड़े आंकड़े नियमित रूप से अपडेट हों। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन के लिए बने सभी प्रकोष्ठ अपने दायित्व के अनुसार काम समय पर पूरे करें। मतदान दलों की रवानगी स्थल पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय रहे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर रविंद्र कुमार ने विकास अधिकारियों को सभी मतदान केंद्रों पर बिजली, चार्जिंग बैटरी सहित जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिटर्निंग अधिकारियों को 3 हजार से अधिक मतदाताओं वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर सूचना भिजवाने के निर्देश दिए।
रविता और अमरदीप को अमित की हत्या के मामले में मृत्युदंड सुनाया गया है। पुलिस विवेचना और अदालत की कार्रवाई के बाद यह फैसला आया, जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी इंदू वर्मा की भूमिका अहम रही।
टी-20 मुकाबला : अर्शदीप के चोटिल होने पर भुवनेश्वर की टीम इंडिया में वापसी
भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले अर्शदीप सिंह की चोट के कारण भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी हुई ह
काशी से बजेगा चुनावी बिगुल: 25 अक्टूबर को एयर-शो देखेंगे PM मोदी, विशाल जनसभा को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को वाराणसी का दौरा करेंगे, जहां वे गंगा तट पर 20 लाख दर्शकों के साथ एयरशो देखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
यूपी के 556 मदरसा हॉस्टलों में चल रही सुरक्षा मानकों की अनदेखी, NHRC ने लिया कड़ा एक्शन
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के 556 अनुदानित मदरसों के छात्रावासों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से रिपोर्ट मांगी है।
बोकारो में क्षेत्रीय भाषाओं की पीजी पढ़ाई का प्रस्ताव, छात्र व शिक्षकों में खुशी
बोकारो | बोकारो जिले में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू कराने के प्रस्ताव से विद्यार्थियों र शिक्षाविदों में उत्साह है। लंबे समय से स्थानीय भाषाओं में उच्च शिक्षा की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं ने इस पहल का स्वागत किया है। छात्र संघ और शिक्षकों ने इसके लिए विधायक का आभार जताया। छात्र नेता युगदेव महथा की अगुवाई में चंदनकियारी में बैठक कर चर्चा की गई। बताया गया कि विधायक सह बीबीएमकेयू धनबाद के सीनेट सदस्य ने टीआरएल विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। इसे सकारात्मक कदम बताया।
सेक्टर-5 पुस्तकालय में बही काव्य-रस की धारा, कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
बोकारो | बीएसएल व चेतना दर्पण के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सेक्टर-5 पुस्तकालय में मासिक कवि-गोष्ठी हुई। कवियों ने साहित्य, समाज, प्रकृति, देशप्रेम और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि बीएसएल के सहायक महाप्रबंधक मयंक आकाश ने कहा कि साहित्यकार समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि ब्रजेश पांडेय ने कलम के साथ तलवार रखने की बात कही। अध्यक्षता डॉ. नरेंद्र कुमार राय ने की। कनकलता राय की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम शुरू हुआ।
दो घंटे पर नियंत्रण कक्ष को देंगे रिपोर्ट ड्यूटी से गायब रहने पर होगी कार्रवाई
भास्कर न्यूज|लोहरदगा दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को नगर भवन, लोहरदगा में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्धारित स्थलों पर समय से पहुंचने का निर्देश दिया। उन्होंने पूजा समितियों तथा शांति समिति के सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने प्रतिनियुक्त क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने को कहा। उन्होंने गश्ती दलों को सघन गश्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक दो घंटे पर जिला नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने थाना प्रभारियों को चेकनाका स्थापित कर वाहनों की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने अवैध हथियारों तथा असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा। उन्होंने पूजा पंडालों की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। दुकानदारों से जबरन चंदा वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। वाहनों को रोककर अवैध वसूली करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि प्रतिनियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की उपस्थिति का नियमित सत्यापन किया जाएगा। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी।
समाजसेवी ने बुजुर्ग के लिए किया रक्तदान
लोहरदगा|मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प के साथ आदिवासी छात्र संघ, नगड़ी प्रखंड के अध्यक्ष महादेव उरांव पिछले दस वर्षों से समाज सेवा के कार्यों में जुटे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने रांची सदर अस्पताल में बुजुर्ग महिला चन्दु मुण्डा के लिए रक्तदान कर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। महादेव उरांव लंबे समय से जरूरतमंदों की सहायता करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि समाज सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं है। यह मानवता के प्रति समर्पण है। चिकित्सकीय रूप से पात्र लोग नियमित रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पूर्व राज्यसभा सांसद ने रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि
लोहरदगा |कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस कठिन समय में उनके तथा पूरे परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट की। उन्होंने कहा कि मां का साया सिर से उठ जाना जीवन की ऐसी पीड़ा है, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता। मां केवल परिवार का आधार नहीं होती। वह जीवन की सबसे बड़ी ताकत होती है। वह ममता का आंचल होती है। वह हर मुश्किल में हौसला देने वाली शक्ति होती है। मौके पर अधिवक्ता सचितानंद चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
कुडू-उदयपुरा सड़क दिसंबर तक पूरा करने का है लक्ष्य
भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले में सड़क निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को लेकर उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को भू-अर्जन विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में एनएच-75 के तहत कुडू-उदयपुरा पथ परियोजना, लोहरदगा बाईपास, नदिया-इरगांव-भंडरा पथ तथा सेन्हा-भंडरा पथ की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों और अभियंताओं को लंबित कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कुडू-उदयपुरा पथ परियोजना की समीक्षा के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि अब तक 96 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। इस पर उपायुक्त ने अक्टूबर माह में शेष रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अभियंताओं को दिसंबर 2026 तक जिले में सड़क निर्माण कार्य पूरा करने को कहा। लोहरदगा बाईपास परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 80 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। उपायुक्त ने शेष मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित संवेदक को निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि बाईपास का निर्माण पूरा होने से भारी वाहनों को शहर के बाहर से आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। नदिया-इरगांव-भंडरा पथ परियोजना के संबंध में उपायुक्त ने एक सप्ताह के भीतर रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
दुर्गा पूजा पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
लोहरदगा | टायनी टास्क विद्यालय में शुक्रवार को दुर्गा पूजा के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का मनमोह लिया। विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर रघुवीर शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को दुर्गा पूजा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व से परिचित कराना, उनमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना तथा बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।
सेन्हा थाना में साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण
लोहरदगा|माई भारत, लोहरदगा की ओर से 9 से 13 अक्टूबर 2026 तक सेन्हा थाना में साइबर सुरक्षा विषय पर पांच दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेन्हा थाना प्रभारी मनोज कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में एमवाई भारत के पांच स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की चोरी, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल वित्तीय लेनदेन में होने वाले साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें मजबूत पासवर्ड बनाने, दोहरी प्रमाणीकरण व्यवस्था अपनाने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी कॉल के प्रति सतर्क रहने, व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखने के महत्व को समझाया गया।
कोलसिमरी और जिंगी में कलश यात्रा निकली
कुडू | शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा प्रखंड के विभिन्न पूजा कमिटियों द्वारा विधि-विधान से की गई। वहीं दुर्गा पूजा समिति जिंगी और दुर्गा पूजा समिति कोलसिमरी के तत्वावधान में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिंगी में यह यात्रा मंदिर परिसर से चलकर कोयल नदी पहुंची। कोलसिमरी गांव से कलश यात्रा दक्षिण कोयल नदी तट पहुंची। वहाँ कलश में जल भरकर जय मां दुर्गे के उद्घोष के साथ पुनः मंदिर परिसर में लौटकर मंत्रोच्चारण के साथ पुरोहित ने कलश-स्थापना करवाई। कलश यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। इस दौरान माता रानी की जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। प्रखंड के दर्जनों स्थानों पर समिति के लोगों ने मंदिरों को फूलों और लाइटों से आकर्षक ढंग से सजाया है। कई जगहों पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। अष्टमी को कन्या पूजन, तथा नवमी को भंडारे का आयोजन किया जाता है। प्रखंड के दुर्गा पूजा समिति दुर्गा बाड़ी के अध्यक्ष सचिन कु. साहू ने बताया कि नवमी की रात्रि में माता के जागरण का आयोजन किया गया है।
डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई
कुडू | प्रखंड के राजकीय कृत गांधी मेमोरियल प्लस टू उच्च विद्यालय माराडीह में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती धूमधाम से मनाई गई। 15 अक्टूबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने डॉक्टर कलाम के चित्र पर माल्यार्पण किया। पुष्पांजलि अर्पित की। मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार यादव ने कहा। डॉक्टर कलाम का छात्र जीवन बहुत कठिनाइयों भरा था। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आगे चलकर वे वैज्ञानिक बने। वे ‘मिसाइल मैन’ कहलाए। फिर उन्होंने राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को भी सुशोभित किया। मौके पर वरिष्ठ शिक्षक विजय कुमार साहू, वर्षा नाग, निशा कुमारी नाग, सनी कुजूर, श्वेता एका, कुमारी संगीता बाला, निशा कुमारी, डॉली वर्मा, रश्मि केरकेट्टा, रजनी खेस, साकेत, ओम नारायण, किशोरी रानी कुजूर, अनुपम मिंज, विपिन किशोर लकड़ा, आकाश कुमार एवं विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
कैरो में हथियार और तीन गोलियों के साथ तीन धराए
लोहरदगा|लोहरदगा जिले के कैरो थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हथियार और तीन गोलियों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक 17 वर्षीय नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो ट्रिगर वाला एक दोनाली देसी कट्टा, तीन गोलियां, एक मोबाइल फोन और लाल रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैरो थाना क्षेत्र के चेरिमा निवासी राम प्रवेश सिंह (24) और रांची जिले के नरकोपी थाना क्षेत्र के करगे निवासी सुनील साहू (22) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 की रात सूचना मिली थी कि चेरिमा में दो व्यक्ति हथियार और गोली लेकर घूम रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कैरो थाना प्रभारी रविरंजन कुमार के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने चेरिमा मोड़ के पास वाहन जांच और छापामारी के दौरान लाल रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल पर आ रहे दो व्यक्तियों को देखा। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि हथियार सुनील साहू ने बिक्री के लिए दिया था। पुलिस का कहना है कि सुनील साहू ने पैसों की कमी के कारण हथियार बिक्री के लिए देने की बात भी स्वीकार की है। मामले में कैरो थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, राम प्रवेश सिंह और सुनील साहू को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। नाबालिग को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड होम भेजा जाएगा।
छठे दिन बेलवरण पूजा के साथ मां दुर्गा का आह्वान
लोहरदगा | दस दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव के छठे दिन शुक्रवार देर शाम बेलवरण पूजा के माध्यम से मां दुर्गा का आह्वान किया गया। परंपरा के अनुसार सभी पूजा पंडालों के पुरोहितों व यजमानों ने बेल वृक्ष के नीचे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवी का आह्वान किया। जय मां दुर्गा पूजा समिति, थाना परिसर के श्रद्धालुओं ने पुरोहित दीपक मुखर्जी की अगुवाई में श्रीराम मंदिर फुलवारी में बेल वृक्ष के नीचे मां दुर्गा की आराधना की। अब 17 अक्टूबर को महासप्तमी के अवसर पर सुबह देवी के स्वरूप को बाजे-गाजे के साथ पूजा पंडालों में लाया जाएगा। इसके साथ ही पूजा पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। षष्ठी की देर रात तक शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में कलाकार व समिति के सदस्य सजावट व अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। शहर व आसपास के क्षेत्रों में तीन दर्जन से अधिक पूजा पंडाल बनाए गए हैं।
धालभूमगढ़ अंचल कार्यालय में 2021 से लंबित लगान कटौती, आरटीआई दाखिल
धालभूमगढ़ | अंचल कार्यालय में फाइलों के निस्तारण में देरी का मामला सामने आया है। कोकपाड़ा गांव के यामिनी रंजन कर ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत अंचल अधिकारी सह जनसूचना पदाधिकारी को आवेदन दिया है। आवेदन में ऑनलाइन लगान कटौती के लंबित मामले पर सवाल उठाए गए हैं। आवेदन के मुताबिक, 18/01/2021 को सेवा का अधिकार गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत उत्पला कर व ममता दास ने खाता संख्या 397 का ऑनलाइन लगान कटाने के लिए आवेदन जमा किया था। आवेदन के साथ सभी जरूरी कागजात दिए गए थे। इतने समय बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यामिनी रंजन कर ने RTI में 18 जनवरी 2021 से लंबित ऑनलाइन लगान कटवाने के आवेदन पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। आवेदन की मौजूदा स्थिति का ब्योरा भी मांगा है। ऑनलाइन लगान कटवाने व नामांतरण के आवेदन मिलने के बाद तय समय सीमा में काम पूरा करने के लिए सरकार ने अंचल कार्यालय को जो दिशानिर्देश दिए हैं, उनकी अभिप्रमाणित छायाप्रति देने की मांग भी की है।
पूजा को लेकर धालभूमगढ़-नरसिंहगढ़ सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई सुसार फाउंडेशन ने की
धालभूमगढ़| दुर्गा पूजा के दौरान सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ और हादसों की आशंका को देखते हुए झारखंड सुसार फाउंडेशन, धालभूमगढ़ ने पहल की। फाउंडेशन ने धालभूमगढ़ से नरसिंहगढ़ जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे बने रास्ते पर उगी घनी झाड़ियों को जेसीबी से साफ कराया। इससे राहगीरों के लिए आवागमन आसान होगा। धालभूमगढ़ से नरसिंहगढ़ जाने के लिए अलग बाईपास सड़क नहीं है। लोगों को एनएच-18 से ही गुजरना पड़ता है। नरसिंहगढ़ से धालभूमगढ़ या आसपास के इलाकों में जाते समय कई लोग मजबूरी में रॉन्ग साइड से निकलते हैं। फाउंडेशन ने हादसों की आशंका कम करने के लिए सड़क किनारे के मार्ग को चलने लायक बनाने का काम कराया। फाउंडेशन ने पर्व के दौरान क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने का भी संकल्प लिया है।इसके लिए डस्टबिन की व्यवस्था की जा रही है। झाड़ियों की सफाई और मार्ग दुरुस्त करने के दौरान जिप सदस्य हेमंत मुंडा, फाउंडेशन के सदस्य और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे।
नरसिंहगढ़ प्लस-2 उच्च विद्यालय के प्लेटिनम जुबली समारोह को लेकर हुई अहम बैठक
धालभूमगढ़| शिक्षण संस्थान प्लस-2 उच्च विद्यालय, नरसिंहगढ़ की स्थापना के 75 वर्ष (प्लेटिनम जुबली) पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर इसे यादगार और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस सिलसिले में शुक्रवार को विद्यालय परिसर में प्रधानाध्यापक निर्मलेंदु महतो की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय प्लैटिनम जुबली समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का जश्न मनाना है। देश-विदेश और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्ववर्ती छात्रों को एक मंच पर एकजुट करना है। संस्थान को भविष्य में और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाना है। आगामी 24 अक्टूबर को एक और बैठक बुलाई जाएगी। इसमें औपचारिक रूप से प्लेटिनम जुबली आयोजन समिति का गठन किया जाएगा।
अग्रसेन भवन में मारवाड़ी महिला समिति का डांडिया उत्सव, कई खेल प्रतियोगिताएं भी हुई
धालभूमगढ़ | स्थानीय अग्रसेन भवन में गुरुवार को मारवाड़ी महिला समिति ने भव्य डांडिया उत्सव कराया। क्षेत्र के मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सज-धजकर पहुंचीं। डांडिया की थाप पर शानदार नृत्य किया। उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। महिलाओं के लिए कई खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। सभी ने उत्साह से हिस्सा लिया। माहौल उत्सवमय रहा। महिलाओं ने साथ मिलकर कार्यक्रम का आनंद लिया। आयोजन को सफल बनाने में समिति की सदस्याओं का योगदान रहा। कार्यक्रम में मनीषा अग्रवाल, विमला देवी, प्रीति अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, मीना अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल मौजूद रहीं। मारवाड़ी महिला समिति की अन्य सदस्याएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
रेगुलर ट्रेनों में लंबी वेटिंग, स्पेशल ट्रेनों में अब भी खाली हैं सीटें; राहत
रांची | रांची से चलने वाली ज्यादातर नियमित ट्रेनों में इन दिनों सीटों की उपलब्धता काफी कम है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान घर जाने तथा वापस लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ के कारण कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। हालांकि, रेलवे की ओर से चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद है। रांची और हटिया से विभिन्न स्थानों के लिए चलने वाली कई स्पेशल ट्रेनों में अब भी सीटें उपलब्ध हैं। रांची-शालीमार, रांची-अजमेर, रांची-अलीपुरद्वार, हटिया-बेंगलुरु, हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस और रांची-आनंद विहार स्पेशल ट्रेनों में अलग-अलग तारीखों के लिए रिक्त सीटों की स्थिति बेहतर है। ऐसे में नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग से परेशान यात्रियों के पास विकल्प है। किस स्पेशल ट्रेन में कितनी सीटें खाली नोट : ये आंकड़े 16 अक्टूबर की उपलब्धता सूची पर आधारित हैं। 1. रांची- शालीमार स्पेशल (08616) तारीख स्लीपर थर्ड एसी सेकंड एसी 21 अक्टूबर 180 उपलब्ध आरएसी13 वेटिंग 3 23 अक्टूबर 194 उपलब्ध वेटिंग 8 वेटिंग 5 28 अक्टूबर 286 उपलब्ध 62 उपलब्ध 20 उपलब्ध 2. रांची–अजमेर स्पेशल (09620) 18 अक्टूबर वेटिंग 22 आरएसी 38 आरएसी 11 25 अक्टूबर वेटिंग 18 42 उपलब्ध 14 उपलब्ध 1 नवंबर 88 उपलब्ध 162 उपलब्ध 19 उपलब्ध 8 नवंबर 66 उपलब्ध 173 उपलब्ध 29 उपलब्ध 3. रांची–अलीपुरद्वार स्पेशल (08661) 19 अक्टूबर 471 उपलब्ध 1 उपलब्ध आरएसी 3 26 अक्टूबर 594 उपलब्ध आरएसी 7 आरएसी 74 2 नवंबर 637 उपलब्ध 40 उपलब्ध 217 उपलब्ध 4. हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु स्पेशल (08637) 21 अक्टूबर वेटिंग 46 वेटिंग 17 वेटिंग 17 28 अक्टूबर बुकिंग बंद आरएसी 21 वेटिंग 10 4 नवंबर वेटिंग 19 267 उपलब्ध वेटिंग 6 5. हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल (08609) 19 अक्टूबर वेटिंग 16 102 उपलब्ध आरएसी 6 26 अक्टूबर वेटिंग 18 162 उपलब्ध 1 उपलब्ध 6. रांची-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल (02877) 17 अक्टूबर वेटिंग 52 वेटिंग 18 वेटिंग 4 24 अक्टूबर वेटिंग 69 वेटिंग 52 बुकिंग बंद 31 अक्टूबर आरएसी 32 101 उपलब्ध वेटिंग 1 7 नवंबर आरएसी 26 109 उपलब्ध आरएसी 3 रांची से चलने वाली ज्यादातर नियमित ट्रेनों में सीटें नहीं
बोनस बकाया पर यूसीआईएल के 7 हजार मजदूर हड़ताल पर जाएंगे
यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सात यूरेनियम प्रोजेक्ट में काम कर रहे करीब 7 हजार ठेका मजदूर 19 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर चुके हैं। मजदूर अर्जित छुट्टी के बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं। भाटीन यूरेनियम माइंस के 200 ठेका कर्मियों का बोनस भुगतान भी बाकी है। इसे लेकर मजदूरों में आक्रोश है। मामले पर देर शाम माटीगोड़ा स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता झामुमो नेता, पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने की। इसमें जादूगोड़ा, भाटीन, नरवा पहाड़, बागजाता, तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट के सैकड़ों मजदूर प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से 19 अक्टूबर से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया। बैठक के बाद बाघराय मार्डी ने कहा, यूसीआईएल के ठेका कर्मियों का वर्ष 2025 का अर्जित छुट्टी का पैसा 9 महीने से बकाया है। इस बारे में उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार को कई बार बताया गया। इसी मांग पर 14-15 जनवरी 2026 को मजदूरों को हड़ताल करनी पड़ी थी। 3 अक्टूबर को प्रबंधन को फिर ज्ञापन दिया गया। 7 अक्टूबर को कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक हुई। इसमें प्रबंधन ने दुर्गा पूजा से पहले सभी यूनिटों के मजदूरों को अर्जित अवकाश का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। 15 अक्टूबर बीत गया। एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ। बाघराय मार्डी ने आरोप लगाया कि यूसीआईएल प्रबंधन ठेका मजदूरों को झूठा आश्वासन देकर मामला उलझा रहा है। मेहनत का पैसा रोकना अन्याय है। उन्होंने कहा, प्रबंधन को 18 अक्टूबर तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। तय तारीख तक अर्जित छुट्टी का पैसा और भाटीन के 200 ठेका मजदूरों का बोनस नहीं मिला, तो 19 अक्टूबर से जादूगोड़ा, भाटीन, नरवा पहाड़, बागजाता, तुरामडीह की सभी इकाइयों में 7 हजार ठेका मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी यूसीआईएल प्रबंधन की होगी। बैठक में पांचों यूरेनियम प्रोजेक्ट के मजदूर नेता मौजूद रहे। सैकड़ों ठेका मजदूर भी पहुंचे। सभी ने प्रबंधन के रवैये की निंदा की। हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।
एंबुलेंस कर्मचारियों का आंदोलन जारी 21 से राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी
गढ़वा झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। संघ ने 21 अक्टूबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इससे आपातकालीन एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। एनएचएम कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के आह्वान पर कर्मचारियों की समस्याओं और श्रमिक अधिकारों को लेकर एनएचएम कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, प्रदेश महामंत्री सूरज साहू, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, रवींद्र कुमार तथा विभिन्न जिलों के अध्यक्ष और सचिव शामिल हुए। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री एवं एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रभारी रमाशंकर प्रसाद और जिला मंत्री सुबोध कुमार भी उपस्थित रहे। वेतन भुगतान के प्रमाण पर उठाए सवाल: वार्ता के दौरान सम्मान फाउंडेशन कंपनी की ओर से जुलाई और अगस्त 2026 के वेतन भुगतान से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किए गए। हालांकि, संघ ने इन प्रमाणों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए उन्हें फर्जी बताया। संघ के अनुसार, जुलाई 2026 से कर्मचारियों का वेतन लंबित है। कर्मचारियों ने भुगतान संबंधी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन: संघ की प्रमुख मांगों में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराना, बर्खास्त कर्मचारियों की पुनर्बहाली तथा लंबित वेतन का भुगतान शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने सभी श्रमिकों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार और सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि बैठक में कर्मचारियों की केवल एक मांग पर सहमति बनी।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के छह माह बीत गए। लेकिन झारखंड में विकास योजनाओं पर सरकारी खजाना खोलने की रफ्तार काफी धीमी है। विभिन्न विभागों के लिए कुल निर्धारित 1.06 लाख करोड़ के योजना बजट में से अब तक 27,862 करोड़ रु. (26.24%) ही खर्च हुए हैं। यानी बजट का करीब तीन चौथाई हिस्सा 78,338.85 करोड़ अभी भी बिना इस्तेमाल के पड़े हैं। यह खुलासा वित्त विभाग के आंतरिक रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक और स्थानीय आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग का बजट 1390 करोड़ रुपए आवंटित है, लेकिन 30 सितंबर तक इस विभाग ने एक भी पैसा खर्च नहीं किया। दरअसल पहले अप्रैल में ही सभी जिलों को राशि आवंटित कर दी जाती थी। लेकिन अब जिलों के मांग आने पर आवंटन होता है। कई जिलों में मांग मिलने के बावजूद विभाग की ओर से राशि नहीं भेजी गई है। यही हाल विधि विभाग, वाणिज्य कर और आवास विभाग का है। वाणिज्य कर का बजट 16 करोड़ और आवास विभाग का 100 करोड़ रुपए है। लेकिन इन विभागों के साथ विधि विभाग भी खर्च करने में शून्य है। ऐसे में छह माह में शेष राशि खर्च करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। जानिए...खर्च करने में कौन-कौन से विभाग पीछे हैं और ये विभाग खर्च करने में आगे… स्थिति चिंताजनक, खर्च क्यों नहीं हो रहा, सचिव ही बता सकते हैं : वित्त मंत्री वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा-मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मैंने कई बार संदेश दिया है कि छह माह में 50% राशि खर्च हो जानी चाहिए। ऐसे में छह माह में सिर्फ 26% राशि का उपयोग होना काफी खराब प्रदर्शन है। यह चिंता की बात है। यह देखना होगा कि यह राशि नई योजनाओं पर खर्च हुई है या पुरानी लंबित योजनाओं पर। वित्त विभाग सिर्फ बजट का खर्च और राजस्व संग्रह की जानकारी दे सकता है। छह माह में इतना कम खर्च क्यों हुआ, इसका जवाब संबंधित विभागों के सचिव ही दे सकते हैं। अन्य विभागों के साथ वित्त विभाग का कोई समन्वय नहीं है। -शेष पेज 11 पर
पढ़ाई करते समय हमेशा प्लास्टर गिरने का लगा रहता है डर
गढ़वा राज्य के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को राज्य सरकार को आदेश दिया कि स्कूलों की हालत ठीक की जाए और पांच नवंबर को रिपोर्ट दें। स्कूलों की लचर व्यवस्था के कारण कई बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। झारखंड के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 6 अक्टूबर को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके शिक्षा के अधिकार से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार न करें। कोर्ट ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया और जर्जर स्कूल भवन, उनकी सुरक्षा, शिक्षा और शिक्षकों की कमी को दूर करने को कहा। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी। उसी समय विभाग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल देना सरकार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। राज्य के 14 जिलों के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 4095 है। वहीं 2433 स्कूल भवन जर्जर हैं। वहां बच्चों को पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है। इस अव्यवस्था के कारण कई बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। जिला एकल शिक्षक जर्जर स्कूल हजारीबाग 259 60 गढ़वा 428 182 बोकारो 57 63 चतरा 315 365 खूंटी 237 65 गुमला 38 383 कोडरमा 71 85 जामताड़ा 150 60 रामगढ़ 56 410 पलामू 642 92 गिरिडीह 800 11 लोहरदगा 21 250 लातेहार 321 150 चाईबासा 700 257 राउवि चेताग, बालूमाथ में भवन की छत से गिरा प्लास्टर। एक शिक्षक पर 74 विद्यार्थी, दूसरे स्कूल में 11 बच्चों पर एक शिक्षक बोकारो के चंदनकियारी प्रखंड में प्राथमिक विद्यालय केशर गाड़िया में एक शिक्षक के भरोसे 74 विद्यार्थी हैं। प्राथमिक विद्यालय नावाडीह (गिरिडीह) में एक शिक्षक, 11 बच्चे हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय भुइयांबहाल (बोकारो) में एक शिक्षक हैं, यहां मात्र 15 बच्चे हैं। जरीडीह प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गोपीनाथपुर की स्थिति जर्जर है। स्कूल के तीन कमरों में दो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, एक ही कमरे में कार्यालय सहित एलकेजी से कक्षा-5 तक की पढ़ाई होती है। कोडरमा के शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि जिले में स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।अभिभावक बोले -पढ़ाई नहीं होती, मध्याह्न भोजन खिलाकर बच्चों को भेज दिया जाता है अभिभावकों का कहना है- शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। मध्याह्न भोजन खिलाकर बच्चों को वापस भेज दिया जाता है। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सही नहीं है। शिक्षकों को पढ़ाई छोड़कर दूसरे कामों में लगा दिया जाता है। अभिभावकों ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में ज्यादा समस्याएं हैं। जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत की प्रकिया अंतिम चरण में है। -ऋषिकेश कुमार डीएसई, लातेहार स्कूलों की जांच होती है, भवन मरम्मत कार्य कही कहीं चल रहा है। जिले में 50 प्रतिशत शिक्षक हैं।- जगरनाथ लोहरा , डीईओ, गढ़वा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन के दशकर्म को लेकर पैतृक गांव नेमरा में तैयारियां पूरी हो गई हैं। शनिवार को दशकर्म और रविवार को संस्कार भोज होगा। प्रशासन ने यहां यातायात और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आम लोगों के वाहनों के लिए नेमरा से करीब पांच किमी पहले लुकैयाटांड़ में तीन पार्किंग बनाई गई हैं। यहां से लोग टोटो और ऑटो से नेमरा पहुंच सकेंगे। इसके लिए 250 से 300 टोटो-ऑटो की व्यवस्था की गई है। मंत्री, विधायक और अन्य वीआईपी के वाहनों के लिए धुमकुड़िया और मोबाइल टावर के पास अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए नेमरा आंगनबाड़ी केंद्र और लुकैयाटांड़ स्थित हेलीपैड को घेर दिया गया है। यहां अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। सीएम से मिले सांसद-विधायक व जशपुर राजपरिवार शुक्रवार को सांसद विजय हांसदा, राज्यसभा सांसद नलिन सोरेन और विधायक सरयू राय, अनंत प्रताप देव व अमित महतो ने नेमरा पहुंचकर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। छत्तीसगढ़ के जशपुर राजपरिवार के महाराजा रणविजय सिंह जूदेव, महारानी अमृता सिंह जूदेव, युवराज यश प्रताप जूदेव और राजकुमार आर्य प्रताप जूदेव ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शोक जताया और दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत रोआम मौजा में औद्योगिक क्रांति लाने का जो सपना 2 फरवरी 2023 को तत्कालीन मंत्री एवं दिवंगत विधायक स्वर्गीय रामदास सोरेन ने बड़े ताम-झाम के साथ दिखाया था, वह आज जमीन पर पूरी तरह दम तोड़ चुका है। भव्य भूमिपूजन के तीन साल से अधिक बीत जाने के बाद भी यहां की जमीनी हकीकत शून्य है। 242 करोड़ की लागत से लगने वाले 18 उद्योगों में से आज महज 'एक्सपेल इंडिया' कंपनी को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वादे बड़े, पर धरातल पर सिर्फ खानापूर्ति : वर्ष 2017-18 (रघुवर सरकार के कार्यकाल) में झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) द्वारा रोजाम मौजा में कुल 21 उद्योगों के लिए 158.95 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। कुल 844.25 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से 1292 स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने का बड़ा दावा किया गया था। लेकिन विडंबना देखिए। लगभग एक दशक (9-10 साल) बीत जाने के बाद भी ज्यादातर जमीनों पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है। कई कंपनियों ने केवल खानापूर्ति के लिए बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी है। उसके भीतर अब झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। एक इथेनॉल प्लांट बनकर तैयार जरूर है। वह भी ताले में बंद है। लंबे समय से फैक्ट्रियों के शुरू न होने और रोजगार न मिलने से स्थानीय लोगों और किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का साफ कहना है। यदि उद्योगपतियों को यहां फैक्ट्रियां नहीं लगानी हैं, तो सरकार यह उपजाऊ जमीन तुरंत किसानों को वापस सौंपे। किसान खेती-बारी कर अपने परिवारों का गुजर-बसर कर सकें। ग्रामीणों का यह भी आरोप है। इन खाली पड़ी और लावारिस जमीनों के कारण आसपास के नदी-नाले प्रदूषित हो रहे हैं। यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। वर्तमान विधायक सोमेश सोरेन (स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र) द्वारा समय-समय पर स्थल निरीक्षण किया गया है। कंपनियों को चेतावनी भी दी गई है। जिला उपायुक्त से सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। हालांकि, जनता का मानना है कि ये दौरे और चेतावनियां महज कागजी खानापूर्ति साबित हो रही हैं। दूसरी ओर, उद्योगपतियों का अपना ही रोना है। उनका तर्क है कि क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण उद्योग स्थापित करना मुश्किल हो रहा है। अब सवाल यह उठता है। क्या वर्तमान विधायक सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता के सपनों को साकार कर पाएंगे? या फिर घाटशिला के युवाओं की उम्मीदें इन बंजर और खाली पड़ी जमीनों की तरह हमेशा के लिए दफन होकर रह जाएंगी?
शिफ्ट हुए ग्राहकों को समय पर नहीं मिल रही गैस:9 महीने बाद अक्टूबर में फिर शुरू हुई मुक्ति गैस एजेंसी
17 हजार में 8000 पुराने ग्राहक शिफ्ट हुए... जनवरी 2026 में बड़ा तालाब के पास स्थित मुक्ति गैस एजेंसी बंद होने से इसके करीब 17 हजार ग्राहकों को दूसरी एजेंसियों में शिफ्ट कर दिया गया था। अब नौ माह बाद एजेंसी दोबारा चालू होने पर ग्राहकों को फिर से मुक्ति में लौटाया जा रहा है। करीब 8 हजार ग्राहकों की शिफ्टिंग हो चुकी है, लेकिन गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें अब भी सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुकिंग के बाद डीएसी नंबर मिलने और सिलेंडर की डिलीवरी में देरी को लेकर है। उरांव गैस सर्विस के ग्राहकों का कहना है कि बुकिंग के बाद डीएसी नंबर मिलने में ही एक सप्ताह लग जाता था और सिलेंडर के लिए आठ दिन और इंतजार करना पड़ता था। मुक्ति में दोबारा शिफ्ट होने के बाद भी समय पर गैस नहीं मिल रही है। ऐसे में सवाल है कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस आपूर्ति कब सुनिश्चित होगी। क्या कहते हैं उपभोक्ता... किस तरह की परेशानी आ रही कौशल कुमार : डीएसी नंबर आने के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर14 अक्टूबर को मैसेज आया कि मुझे उरांव गैस से दोबारा मुक्ति गैस में शिफ्ट कर दिया गया है। बुकिंग का डीएसी नंबर आ गया है। शुक्रवार को मुक्ति गैस एजेंसी की गाड़ी भी आई, पर सिलेंडर नहीं दिया, कहा मोबाइल नंबर ट्रांसफर नहीं हुआ है। अक्षय कुमार : गैस खत्म, लेकिन संपर्क करने का रास्ता नहींमैसेज मिला कि मेरा कनेक्शन जयंत गैस से दोबारा मुक्ति गैस में ट्रांसफर कर दिया गया है। लेकिन अब तक एजेंसी की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया है। घर में गैस खत्म हो गई है, किससे संपर्क करूं। आनंद केसरी : पिछली बुकिंग 45 दिन में मिल रहा गैस सिलेंडरमुझे मुक्ति गैस से उरांव गैस में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद से ही काफी परेशानी हो रही है। एक सिलेंडर के लिए करीब 45 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। अब दोबारा मुक्ति गैस में शिफ्ट किया जा रहा है, पर कोई मैसेज नहीं मिला। अमित कुमार : बुकिंग के बाद डीएसी नंबर मिला, डिलीवरी नहींमैंने एक अक्टूबर को उरांव गैस एजेंसी में सिलेंडर बुक कराया था। डीएसी नंबर भी आ गया। 14 अक्टूबर को मेरा कनेक्शन दोबारा मुक्ति गैस में ट्रांसफर कर दिया गया। अब तक सिलेंडर नहीं मिला। ये हैं ग्राहकों की 5 परेशानियां… उपभोक्ताओं को राहत देना शिफ्टिंग का उद्देश्य कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार, उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। मुक्ति गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे पुन: एजेंसी में शिफ्ट किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि जिन उपभोक्ताओं को पिछला सिलेंडर लेने के बाद 25 दिन पूरे नहीं हुए हैं, उनका भी समय रहते ट्रांसफर कर दिया जाए। इससे अगली बार गैस बुकिंग की अवधि आने तक उन्हें सिलेंडर प्राप्त करने में परेशानी नहीं होगी।
त्योहारों के सीजन में खरीदारी, ऑनलाइन भुगतान और घर बैठे सामान मंगाने की बढ़ती व्यस्तता के बीच साइबर अपराधी ठगी का जाल फैला रहे हैं। ट्रैफिक चालान, लोन, कुरियर डिलीवरी और पेंशन कार्ड अपडेट कराने के नाम पर फोन, मैसेज और फर्जी लिंक भेजकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पेंशन बुक की ऑनलाइन जानकारी देने के बहाने भी ठगा जा रहा है। हाल के दिनों में ऐसे चार मामले रांची साइबर थाने पहुंचे हैं। साइबर थाने के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 45 दिनों में 22 लोगों से 65.86 लाख रुपए की ठगी हुई। सभी पीड़ितों ने प्राथमिकी दर्ज कराई, लेकिन पुलिस अब तक किसी की राशि रिकवर नहीं करा पाई है। ठगी अब केवल ओटीपी पूछने तक सीमित नहीं है। अपराधी डर या लालच का फायदा उठाते हैं। फर्जी चालान लिंक से कार्रवाई का डर, कम ब्याज पर लोन का लालच और कूरियर में पार्सल फंसने का झांसा देते हैं। कई बार साथी के मोबाइल नंबर से फर्जी लिंक भेजते हैं। एक क्लिक से बैंकिंग या निजी जानकारी हासिल कर चंद मिनटों में खाता खाली कर देते हैं। चार मामलों से समझिए कैसे झांसे में लेते हैं साइबर ठग... आराम... ऑनलाइन खरीद महंगी पड़ी 24 सितंबर : हटिया स्थित हेसाग निवासी आरती दुबे ने अॉनलाइन सामान के लिए कॉल किया तो फोन उठाने वाले ने कहा कि आपका एड्रेस होल्ड किया गया है। उसे हटाने के लिए 5 रु. गुगल पे करना होगा। पीड़िता ने बताए गए मोबाइल नंबर पर 5 रुपए पेमेंट किया। खाते से 3 बार में एक लाख की निकासी हो गई। जिज्ञासा... लिंक पर क्लिक किया, फंस गए 22 सितंबर : धुर्वा स्थित सेक्टर 2 निवासी प्रेम कुमार सिंह के मोबाइल पर बैंक अॉफ इंडिया पेंशन से संबंधित एक लिंक मिला। पीड़ित ने जिज्ञासा वश उस लिंक पर क्लिक कर दिया, जिसके बाद मोबाइल हैक हो गया। जबतक प्रेम कुछ समझ पाते, साइबर ठगों ने 3.10 लाख रुपए की अवैध निकासी कर ली। लालच... कार्ड लेने के फायदे बताकर ठगा 28 सितंबर : डोरंडा स्थित हिनू निवासी चंद मोहन पुरान झारखंड सरकार के सेवानिवृत कर्मी हैं। उन्हें सीनियर सिटिजन कार्ड के फायदे बताकर झआंसे में लिया। साइबर फ्रॉड ने एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक करने को कहा। ऐसा करते ही खाते से 3.14 लाख रुपए की अवैध निकासी हो गई। डर... ट्रैफिक चालान का डर दिखाकर फांसा19 सितंबर : धुर्वा निवासी काथिरेसन सेलवम के मोबाइल पर उनके ही करीबी मित्र के नंबर से एक मैसेज मिला, जिसमें कहा गया कि उसके नाम से ट्रैफिक चालान कटा है। वह भी अपना नाम चेक कर सकते हैं। इसके बाद ऐप को जैसे ही खोला, खाते से 3.99 लाख की निकासी हो गई। जानिए ठगी के 5 प्रमुख तरीके जो साइबर अपराधी इस्तेमाल कर रहे... 1. ट्रैफिक चालान का लिंक भेजकर। 2. कम ब्याज पर तुरंत लोन दिलाने का बहाने बनाकर। 3. कूरियर के नाम पर। 4. केवाईसी व पेंशन बुक अपडेट करने का झांसा देकर। 5. किसी कंपनी का फर्जी कस्टमर केयर बनकर। 6. त्योहारी ऑफर का लालच देकर। साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताए साइबर फ्रॉड से बचने के 8 उपाय
बैदकारो में डिस्पेंसरी खोलने की तैयारी तेज लेकिन डॉक्टरों की कमी बनी बड़ी चुनौती
चरकपनिया-बैदकारो क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सीसीएल के बीएंडके प्रक्षेत्र ने पहल की है। यहां डिस्पेंसरी खोलने के लिए जमीन चिह्नित करने, स्थायी भवन बनने तक अस्थायी व्यवस्था करने और अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई है। सीसीएल के बीएंडके एरिया के सीएमओ ने बीएंडके क्षेत्र के स्टाफ ऑफिसर (एचआर) को पत्र लिखकर डिस्पेंसरी के लिए आवश्यक व्यवस्था जल्द करने का अनुरोध किया है। यह पहल 4 मई 26 को करगली ऑफिसर्स क्लब में बेरमो एसडीएम की मौजूदगी में कोयलांचल विस्थापित संघर्ष मोर्चा की मांगों को लेकर हुई बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर की जा रही है। पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित डिस्पेंसरी के निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन देने तक प्राथमिक उपचार और ओपीडी सेवा के लिए जरूरी सुविधाओं से युक्त अस्थायी स्थान की व्यवस्था की जाए। क्षेत्र के लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा देने के लिए एक अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है। इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। एक डिस्पेंसरी के लिए दूसरी सेवाओं में कटौती इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू डॉक्टरों की कमी है। पत्र के अनुसार बीएंडके क्षेत्र के मेडिकल विभाग में डॉक्टरों की पहले से ही कमी है। ऐसे में प्रस्तावित चरकपनिया- बैदकारो डिस्पेंसरी में ड्यूटी के लिए डॉ. ए. कुजूर को जिम्मेदारी देने की योजना है। इसके लिए कारो डिस्पेंसरी में उनकी मौजूदा ड्यूटी सप्ताह में दो दिन से घटाकर एक दिन करने की बात कही गई है। विदित हो कि चलकरी कॉलोनी में डिस्पेंसरी को पहले ही बंद करा दिया गया था। यह भी स्पष्ट किया गया है कि डॉ. कुजूर के अवकाश पर रहने या किसी कारण से अनुपलब्ध होने की स्थिति में उनकी जगह दूसरे डॉक्टर की तैनाती संभव नहीं होगी।
14 अक्टूबर को अदालत ने लगाया है स्टे रांची नगर निगम ने शुक्रवार को मेन रोड ओवरब्रिज से पहले गिफ्ट डीड की जमीन पर बनी दो दुकानों को अतिक्रमण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। निगम की आेर से दोनों दुकानदारों को 13 अक्टूबर को नोटिस जारी करके 17 अक्टूबर से पहले सड़क चौड़ीकरण की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था। लेकिन, निर्धारित समय से पहले शुक्रवार को ही निगम की इंफोर्समेंट टीम ने कॉब इटली शो रूम आैर राज मेडिकल हॉल की संरचना को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का जोरदार विरोध किया। उन्होंने मौजूद पदाधिकारियों को कोर्ट का आदेश दिखाया, लेकिन टीम ने कुछ भी सुनने से इंकार कर दिया। दुकानदारों ने बताया कि यह मामला सड़क चौड़ीकरण की जमीन से जुड़ा हुआ नहीं है। इस कार्रवाई के पीछे बिल्डर का हाथ है। उन्होंने बताया कि सिविल कोर्ट में यह मामला चल रहा है। 14 अक्टूबर को अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उक्त जमीन पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। दरअसल, जमीन मालिक राजेन्द्र प्रसाद व अन्य की ओर से जारी किराया रसीद, बिजली कनेक्शन से संबंधित कागजात सहित अन्य कागजात अदालत में जमा किया गया था। इसके आधार पर अदालत ने 5 दिसंबर की तिथि निर्धारित करते हुए स्टे लगा दिया था। दुर्गा पूजा को लेकर कोर्ट में अवकाश हो गया। यह देखते हुए निगम के अधिकारियों ने आनन-फानन में दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की। सड़क चौड़ीकरण के लिए है गिफ्ट डीड की जमीन नगर निगम और आरआरडीए क्षेत्र में भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराया जाता है। मास्टर प्लान में दी गई सड़क की चौड़ाई के अनुसार भवन का नक्शा पास होता है। जहां मास्टर प्लान के अनुसार सड़क की चौड़ाई नहीं हैं, वहां नक्शा पास कराने वाले को निर्धारित चौड़ाई के अनुसार जमीन को गिफ्ट करना पड़ता है। उक्त जमीन पर निर्माण करने पर रोक है।
4 माह से प्रोत्साहन राशि लंबित, स्वास्थ्य सहियाओं ने किया प्रदर्शन
चार माह से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज झारखंड राज्य स्वास्थ्य सहिया कर्मचारी यूनियन बोकारो की ओर से शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एटक) से संबद्ध यूनियन के बैनर तले सहियाओं ने चास चेकपोस्ट से डीसी कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान सहियाओं ने बकाया राशि का अविलंब भुगतान, सरकारी कर्मचारी का दर्जा और प्रतिमाह 18 हजार रुपए सम्मान निधि देने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त को 11 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। यूनियन की झारखंड राज्य प्रभारी लिली दास ने कहा कि सहियाएं बिना किसी सुरक्षा के 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी रहती हैं। वे प्रसूता माताओं और बच्चों की देखभाल के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरुकता का काम करती हैं। उनका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करना है। बावजूद सहियाओं को समय पर प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। ऑल इंडिया कमेटी की सदस्य सुष्मिता महतो ने कहा कि सहियाएं नियमित टीकाकरण, एचबीएनसी, एचबीवाईसी, एएनसी, एनसीडी, वीएचएसएनडी और पीएलए बैठकों के माध्यम से समुदाय को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं। फिर भी भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान सभी सहियाओं को 18 हजार रुपए मासिक सम्मान निधि देने, पीएफ और ग्रेच्युटी की व्यवस्था करने, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने, टैब और रिचार्ज उपलब्ध कराने, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने तथा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए भुगतान करने की मांग की। मौके पर नुनी बाला उरांव, गीता शर्मा, कंचन पांडेय, आशा रजवार, बिजला देवी, प्रतिमा देवी आदि थीं।
सदर अस्पताल में विवाद के बाद भी पार्किंग का फिर टेंडर होगा, मरीज के परिजनों को लगेगा शुल्क
सदर अस्पताल परिसर में लगातार पार्किंग विवाद के बावजूद प्रबंधन फिर इसे ठेका पर देने में जुट गया है। सिविल सर्जन के निर्देश पर अस्पताल परिसर स्थित पार्किंग स्थल का ठेका वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए एग्रीमेंट की तिथि से 12 माह के लिए किया जाएगा। इसके लिए 28 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है। वहीं, 29 अक्टूबर को टेंडर खुलेगा। टेंडर होने के बाद एक बार फिर सदर अस्पताल आने वाले लाचार मरीज के परिजनों को पार्किंग शुल्क देना होगा। सबसे बड़ी बात है कि अस्पताल में ओपीडी में दिखाने के लिए मरीज 10 रुपए का टोकन कटाते हैं। अब उतने ही पैसे वाहन लगाने के लिए देने होंगे। बड़े अस्पतालों में गार्ड मैनेज करते हैं पार्किंग, सदर में करेंगे ठेकेदार राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स सहित सभी प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीज के वाहनों की पार्किंग के लिए पैसे नहीं देने होते हैं। रिम्स में रोजाना 2000 से अधिक मरीजों के वाहन आते हैं। लेकिन, पार्किंग को लेकर कोई विवाद नहीं होता। क्योंकि, अस्पताल के गार्ड सतर्क रहते हैं। निजी अस्पतालों में भी व्यवस्थित तरीके से पार्किंग कराई जाती है। लेकिन, सदर अस्पताल जहां सबसे गरीब मरीज आते हैं, वहां पार्किंग से कमाई की तैयारी की गई है।
उग्र आंदोलन:बीएसएल के 11 गेट अनिश्चितकाल के लिए बंद, 7वें दिन भी भूख हड़ताल रहा जारी
बोकारो इस्पात संयंत्र के द्वार अवरुद्ध होने से उत्पादन और कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बीएसएल प्रबंधन ने विस्थापितों से भूख हड़ताल समाप्त करने और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए गतिरोध दूर करने की अपील की है। प्रबंधन के अनुसार, लंबे समय तक बाधा बनी रहने से संयंत्र, कर्मचारियों और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है। प्रबंधन ने बताया कि 10 अक्टूबर से विस्थापित प्रशासनिक भवन के सामने भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अब मुख्य द्वार को छोड़कर अन्य द्वार भी अवरुद्ध कर दिए गए हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। सिटी रिपोर्टर | बोकारो नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित परिवारों का आंदोलन अब बीएसएल के संचालन पर असर डालने लगा है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के सातवें दिन आंदोलनकारियों ने बीएसएल के मुख्य गेट को छोड़कर अन्य सभी 11 गेटों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। गेट जाम होने से ड्यूटी पर पहुंचे कई कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ कर्मचारी मेन गेट से प्लांट में प्रवेश करते दिखे। आंदोलन के कारण कर्मचारियों की आवाजाही के साथ उत्पादन, कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार इस्पात की डिस्पैच प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। एक आंकड़ों के अनुसार बीएसएल प्लांट के गेट 09 और 10 से लगभग 270 से 300 वाहनों का आवागमन होता है। वहीं बीएसएल के पास लगभग 10 दिन का स्टॉक है, इसलिए तुरंत कोई संकट नहीं है। लेकिन यह गतिरोध लंबा चला तो बीएसएल प्लांट पर संकट आ जाएगा। वहीं गेट से वाहनों के नहीं निकलने के कारण गेट के आसपास नया मोड़ आदि में भारी वाहनों की कतार लगी हुई है। वहीं, बोकारो विधायक श्वेता सिंह सातवें दिन भी आंदोलनकारियों के साथ धरने पर डटी हैं। सांसद ने भी विस्थापितों की नियोजन संबंधी मांग का समर्थन किया है। वहीं शुक्रवार को सांसद प्रतिनिधि एंजेला सिंह की तबियत बिगड़ने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अप्रेंटिस 1100 विस्थापित की बहाली है मुख्य मांग आंदोलन के केंद्र में करीब 1100 विस्थापित अप्रेंटिस हैं, जो नियोजन की मांग कर रहे हैं। विस्थापित अप्रेंटिस संघ की प्रमुख मांग है कि पूर्व की तरह चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियोजन दिया जाए। विस्थापित परिवारों के युवाओं को रोजगार का अवसर मिलना चाहिए और पूर्व में नियोजन को लेकर बनी सहमति पर अमल होना चाहिए। आंदोलनकारियों के अनुसार, प्रेम महतो की मौत के बाद हुई त्रिपक्षीय वार्ता में नियोजन के मुद्दे पर सहमति बनी थी, लेकिन 16 महीने बीतने के बाद भी इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे विस्थापितों में नाराजगी है।
झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा- 2015 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के दस साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है। क्योंकि, झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी की ओर से आयोजित सिपाही बहाली परीक्षा 2015 में शारीरिक, मेडिकल और लिखित परीक्षा पास करने के बाद भी चयन नहीं किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद जेएसएससी से 6 सप्ताह में जवाब दाखिल करने निर्देश दिया है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने अदालत को बताया कि जेएसएससी ने झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2015 आयोजित की थी। इसका परिणाम 17 दिसंबर 2016 को जारी किया गया था। कुल 7272 पदों के लिए नियुक्ति हुई थी। परीक्षा होने के बाद आयोग ने नियुक्ति के लिए 4932 अभ्यर्थियों की अनुशंसा की थी, जबकि राज्य सरकार ने 4892 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया था। अभ्यर्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि इस परीक्षा से संबंधित एक अन्य मामले में जितेंद्र कुमार शर्मा एवं अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को 862 याचिकाकर्ताओं को नियुक्त करने का आदेश दिया था। बताया गया कि प्रार्थियों ने भी निर्धारित शारीरिक, मेडिकल और लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बावजूद उनका चयन नहीं किया गया। जबकि, सिपाही बहाली के 1,518 पद अब भी रिक्त हैं। ऐसे में प्रार्थियों ने रिक्त पदों पर नियुक्त करने की अनुमति मांगी। अदालत ने दलील सुनने के बाद जेएसएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की है। सुप्रीम कोर्ट ने जितेन्द्र कुमार शर्मा व अन्य की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 अगस्त को 862 याचिकाकर्ताओं को नियुक्त करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षार्थियों के पक्ष में फैसला देने के तीन आधार बताएं थे। अदालत ने माना कि अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में पूरी की। क्योंकि, याचिकाकर्ताओं ने प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, शारीरिक और मेडिकल जांच पास की थी। उनके दस्तावेजों का सत्यापन भी सही पाया गया था। इसके बावजूद उनका नाम चयन सूची में नहीं आया था। इसके साथ ही अदालत ने माना कि राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 27 मई 2026 तक कुल 2,380 सिपाही के पद रिक्त थे। इनमें 1,168 पद महिलाओं के लिए निर्धारित थे, जबकि 1,212 पदों पर महिला या पुरुष अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा सकती थी। इसी के आधार पर शीर्ष न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को राहत दी थी।
1857 से हो रही दुर्गा पूजा, पूजन से विसर्जन तक दिखती है ऐतिहासिक झलक
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की पुरानीबस्ती स्थित श्रीश्री आदि दुर्गा पूजा समिति की पूजा परंपरा आस्था के साथ इतिहास की अनूठी झलक भी प्रस्तुत करती है। मान्यता है कि यहां मां दुर्गा की पूजा वर्ष 1857 से होती आ रही है। वर्ष 1912 से पुरानीबस्ती के गुंडिचा मंदिर में आम जनता की ओर से पूजा-अर्चना आयोजित की जा रही है। इस वर्ष समिति अपनी 115वीं वर्षगांठ मना रही है। इस पूजा की सबसे प्रमुख पहचान विजयादशमी के दिन निकलने वाला विशाल मशाल जुलूस है। मां दुर्गा की प्रतिमा को कंधों पर उठाकर विसर्जित किया जाता है। अधिकांश पूजा समितियां प्रतिमा को वाहनों से विसर्जन के लिए ले जाती हैं। आदि दुर्गा पूजा समिति की परंपरा आज भी पुराने स्वरूप में कायम है। बताया जाता है कि चक्रधरपुर-पोड़ाहाट के महाराजा अर्जुन सिंह और उनके पूर्वज अपने राजमहल में मां दुर्गा की पूजा करते थे। वर्ष 1857 में अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह के दौरान महाराजा अर्जुन सिंह इस क्षेत्र में स्वतंत्रता संघर्ष का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान अंग्रेजों ने जग्गू दीवान समेत 42 लोगों को पकड़कर फांसी दे दी थी। महाराजा अर्जुन सिंह भी अंग्रेजों से बचने के लिए भूमिगत रहे। मान्यता है कि विजयादशमी पर अंग्रेजों की नजर से बचते हुए महाराजा अर्जुन सिंह पूजा में शामिल हुए थे। स्थानीय लोग मशाल तथा हथियारों के साथ राजमहल पहुंचे थे। इसी घटना को मशाल जुलूस की परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। 1912 से आम जनता कर रही पूजा : वर्ष 1912 में राजघराने की ओर से पूजा आयोजित करने का दायित्व आम जनता को सौंप दिया गया। इसके बाद से पुरानीबस्ती स्थित गुंडिचा मंदिर में श्रीश्री आदि दुर्गा पूजा समिति की ओर से पूजा-अर्चना की जा रही है। समिति और स्थानीय लोगों ने राजघराने से जुड़ी परंपराओं को आज भी जीवित रखा है। आदि दुर्गा पूजा समिति का विसर्जन जुलूस अपनी विशिष्ट परंपरा के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। करीब 10 से 12 फीट ऊंची और लगभग पांच टन वजनी मां दुर्गा की प्रतिमा को करीब 120 श्रद्धालु अपने कंधे पर उठाकर ले जाते हैं। जुलूस में सैकड़ों श्रद्धालु हाथों में मशाल लेकर प्रतिमा के आगे-पीछे चलते हैं। इस दौरान ‘जय दुर्गा’ के नारों से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। विजयादशमी के दिन इस ऐतिहासिक जुलूस को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग चक्रधरपुर पहुंचते हैं। मां की विदाई पर निकलने वाला मशाल जुलूस श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। यह स्थानीय इतिहास और परंपरा से जुड़ने का अवसर भी है। चक्रधरपुर की पुरानीबस्ती में आदि दुर्गा पूजा पीढ़ियों से चली आ रही आस्था, साहस और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी हुई है।
मां कालरात्रि गहरे रंग, शक्तिशाली मुद्रा और निडर स्वभाव की हैं, महिला व युवतियों के रेस्क्यू के लिए मुहिम छेड़ी, 40 से अधिक गांवों में एक-एक नाबालिग पर अब नजरगरीबी, बेरोजगारी और सीधेपन का फायदा उठाकर सिमडेगा, खूंटी व गुमला के आदिवासी बच्चों को महानगरों में बेचने वाले मानव तस्करों के खिलाफ अगुस्टीना सोरेंग दीवार बनकर खड़ी हैं। 2014 से जारी इस मुहिम के जरिए उन्होंने पुलिस की मदद से अब तक 55 नाबालिगों और युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू कराया है। उनके अभियान के कारण नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बेचने वाले तस्करों को पैर पीछे खींचने पड़े हैं। अगुस्टीना न केवल तस्करी रोक रही हैं, बल्कि वर्षों पहले फंसी महिलाओं को भी मुक्त करा रही हैं। रेस्क्यू की गई युवतियों में सिमडेगा के रेंगारीह थाना क्षेत्र की लीली खलखो भी शामिल हैं। लीली के अनुसार, 25 साल पहले 23 वर्ष की उम्र में उन्हें काम दिलाने के बहाने पंजाब ले जाकर अनिल नामक दलाल को बेच दिया गया था। अगुस्टीना ने सिमडेगा पुलिस के सहयोग से उसे छुड़ाया और परिवार से मिलवाया। 40 गांवों की सुरक्षा ढाल बनीं समाजसेवी अगुस्टीना सोरेंग के नेतृत्व वाली 15 सदस्यीय टीम सिमडेगा, खूंटी और गुमला के 40 से ज्यादा गांवों पर सीधी नजर रख रही है। इन गांवों में रहने वाले एक-एक नाबालिग की गतिविधियों की जानकारी इस टीम को है। 549 केस 883 को नया जीवनपिछले चार सालों (2018-2021) में राज्य भर में मानव तस्करी के कुल 549 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान कुल 976 लोग तस्करों के चंगुल में फंसे। इनमें से 883 पीड़ितों को सकुशल मुक्त करा लिया गया। 16 लोग अब भी लापता2022 में 168 लोगों के तस्करों के चंगुल में फंसने की पुष्टि हुई। पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इनमें से 152 लोगों को सकुशल मुक्त कराया और उन्हें परिजनों के पास पहुंचाया। 16 लोग अब भी लापता या प्रक्रियाधीन सूची में हैं। झारखंड की रिटायर्ड डीजी निर्मला चौधरी ने कहा- ट्रैफिकिंग रोकने को पुलिसिंग स्तर पर भी सुधार की जरूरत जबतक ग्रामीण स्तर पर कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाएगा, मानव तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगा पाना संभव नहीं है। इसके अलावा पुलिसिंग स्तर पर भी सुधार की जरूरत है। मानव तस्करी को रोकने के लिए बनाए गए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने को सख्त और परिणामदायक होना होगा।
चाकुलिया चाकुलिया के अमलागोड़ा में 30 करोड़ रुपये की लागत से 78 हेक्टेयर में बन रहे इकोलॉजिकल डाइवर्सिटी पार्क से जुड़े मजदूरों ने सात महीने से बकाया मजदूरी नहीं मिलने पर शुक्रवार को वन विभाग कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों ने बताया कि भुगतान नहीं होने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। दुर्गा पूजा के दौरान बच्चों के कपड़े, स्कूल फीस और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए कार्यालय के मुख्य गेट पर बाहर से कुंडी लगा दी गई, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारी फंस गए। बाद में ताला खोल दिया गया। सूचना पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। डीएफओ सबा आलम अंसारी के निर्देश पर प्रभारी वनपाल संतोषील घोष ने लिखित आश्वासन दिया कि 26 अक्टूबर तक भुगतान पूरा कर दिया जाएगा। मजदूरों ने कहा कि पूरा पैसा मिलने तक पार्क में काम बंद रहेगा। हस्तक्षेप के बाद मजदूर वापस लौट गए, लेकिन उन्होंने भुगतान की तय तारीख तक स्थिति साफ होने की बात कही। मजदूरों में जया पातर ने बताया कि स्कूल फीस भरने के लिए उन्हें मोबाइल 6 हजार रुपये में बेचना पड़ा। मजदूरों का कहना है कि वे लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी सात महीने से भुगतान नहीं मिला। उन्होंने बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की। इसी तरह, चाकुलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों को भगाने के लिए तैनात क्यूआरटी के सदस्यों ने भी सात महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाया है। टीम ने बताया कि हाजिरी लग रही है, लेकिन भुगतान नहीं होने से वे हाथी भगाने के लिए जंगल में नहीं जा रहे हैं। परियोजना स्थल पर कॉटेज निर्माण समेत अन्य काम जारी हैं। मजदूरों की नजर 25–26 अक्टूबर पर है।
आज 501 कन्याओं का होगा सामूहिक पूजन
इटावा| नवरात्र में सेवा भारती की ओर से शनिवार को सुबह 11 बजे मास्टर वीरेन्द्रसिंह लोककल्याण ट्रस्ट परिसर में 501 कन्याओं का सामूहिक पूजन किया जाएगा। प्रभारी मुकेश पारेता ने बताया कि इसमें गणमान्य नागरिक सपरिवार शामिल होकर कन्याओं का पूजन करेंगे। उन्हें भेंट अर्पित करेंगे। नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माता रानी को पुष्प, फल और प्रसाद अर्पित किए।
स्वच्छता-पॉलीथिन जागरूकता अभियान
इटावा| स्वच्छता को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से नगर पालिका की ओर से स्वच्छ पर्व, हरित पर्व अभियान चलाया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला नागर के निर्देश पर सूचना, शिक्षा एवं संचार टीम ने पूजा सामग्री के दुकानदारों को पॉलीथिन के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया। दुकानों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य निरीक्षक राकेश कुमार मेघवाल, अभियंता अभिषेक गुप्ता तथा क्लेवेरिनो टीम के करीना बैरवा, सोहनलाल प्रजापति और नवीन ने सहयोग किया।
एसआईआर के बहाने बड़ी संख्या में लोगों को वोट देने से वंचित करने का आरोप
मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से अंबेडकर सर्किल पर प्रदर्शन किया गया। माकपा कार्यकर्ताओं ने गेंता रोड स्थित जलदाय विभाग कार्यालय के सामने मजदूर किसान भवन से रैली निकाली, जो मुख्य बाजार से अंबेडकर सर्किल पहुंची। सभा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया गया। संयुक्त सचिव मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि प्रदर्शन में मजदूर, किसान, छात्र-युवा, आमजन शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत देशभर में 13 करोड़ 30 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मताधिकार के लिए गंभीर खतरा बताया। सभा में किसान नेता बाबूलाल बलवानी, तहसील सचिव मुकुटबिहारी जंगम, मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर में बड़ी संख्या में लोगों को वोट देने से वंचित किया जा रहा है। हटाए नामों की पुनः जांच करा पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की। प्रदर्शन में भोजराज नागर, कमल बागड़ी, प्रेम पेंटर, गुलाबचंद मीणा, राधेश्याम परालिया, सूरजमल मीणा, गोपाललाल महावर, सत्यनारायण नागर, रमेशचंद महावर, रामकुवार महावर, अमोलकचंद, गजानंद गौड़, हीरालाल मेहरा, रामचरण मीणा, महेंद्रकुमार सुमन, गिर्राज महावर, लड्डूलाल, भवानीशंकर, धनराज सहित माकपा, किसान सभा, सीटू और कार्यकर्ता शामिल रहे।
करनाल जिले के असंध थाना क्षेत्र के गांव अलावला में 14 महीने के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चे के दादा ने उसकी मां पूजा और नाना-नानी पर हत्या का शक जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, ननिहाल पक्ष का कहना है कि बच्चे को एक दिन पहले बुखार आया था और सुबह उल्टी होने के बाद उसकी मौत हो गई। दोनों पक्षों के बीच पहले से पारिवारिक विवाद चल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्चे के पिता ने पोस्टमार्टम करवाकर मौत का कारण पता लगाने की मांग की है। दादा बोले- पांच दिन पहले पोता ठीक था सिठाना गांव निवासी जोगिंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे रवि की शादी अलावला गांव में हुई थी। शादी को करीब चार साल हो चुके हैं। रवि के एक बेटी और 14 महीने का बेटा शिवम था। जोगिंद्र के अनुसार, घरेलू कलह के चलते उनकी बहू पूजा मायके में रह रही थी। करीब पांच दिन पहले वह अपने पोते को देखने अलावला गए थे। उस समय बच्चा ठीक था, लेकिन अब उसकी मौत की सूचना मिली है। जोगिंद्र ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के बारे में उन्हें समय पर सूचना तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि बच्चे की तबीयत खराब थी तो परिवार को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने मौत को सामान्य न मानते हुए शक जताया कि बच्चे के साथ कोई अनहोनी हुई है। जोगिंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि पूजा बच्चे को मारती-पीटती थी। उन्होंने बच्चे की मां और नाना-नानी की भूमिका की जांच करने और पोस्टमार्टम के जरिए मौत का कारण स्पष्ट करने की मांग की है। पत्नी को लेने गया था बेटा, मारपीट का लगाया आरोपजोगिंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा रवि पत्नी पूजा को मायके से लेने गया था, लेकिन वहां विवाद हो गया। आरोप है कि पूजा ने रवि पर हाथ उठाया, उसके कंधे पर ईंट से वार किया और गाली-गलौज की। इसके बाद रवि वापस घर आ गया। जोगिंद्र के अनुसार, करीब डेढ़ महीने बाद उन्होंने बेटे को दोबारा पत्नी को लेने भेजा तो वहां फिर झगड़ा हुआ और रवि को चप्पलें मारी गईं। इसके बाद उन्होंने बेटे को वापस बुला लिया। जोगिंद्र खुद भी बहू को लेने गए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें वापस लौटना पड़ा। ननिहाल पक्ष बोला- बच्चा बीमार था, हत्या का आरोप गलतदूसरी ओर, पूजा के चाचा और अन्य परिजनों ने ससुराल पक्ष के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि करीब तीन महीने पहले पूजा के साथ ससुराल में मारपीट हुई थी। आरोप है कि रवि मारपीट करने के बाद काम पर चला गया और वहां मौजूद उसके पिता ने भी उसे रोकने का प्रयास नहीं किया। इसके बाद मायके वाले पूजा को अपने साथ ले आए। परिजनों के मुताबिक, पूजा करीब ढाई महीने से मायके में रह रही थी।ननिहाल पक्ष ने बताया कि ससुराल वाले पूजा को लेने आए थे, लेकिन उस दौरान भी विवाद हो गया। उन्होंने बच्चे की हत्या के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई अपने बच्चे को क्यों मारेगा। उनका दावा है कि बच्चे को एक दिन पहले बुखार आया था। सुबह उनके भाई की गोद में बच्चे को उल्टी हुई और उसी दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट उनके पास हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार सजा भुगतने को तैयार हैं। पोस्टमार्टम से मौत का कारण पता लगाने की मांगजलमाणा पुलिस चौकी के इंचार्ज सुलतान सिंह ने बताया कि बच्चे की अचानक मौत होने की सूचना मिली है। बच्चे के पिता रवि ने पोस्टमार्टम करवाने की मांग की है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। रवि ने भी आशंका जताई है कि कहीं बच्चे की मां या नाना-नानी के साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोनहत के दुर्गा पंडालों में बढ़ी भीड़, भोग-भंडारा
सोनहत | ब्लाक सोनहत के दुर्गा पंडालों में आदि शक्ति मां दुर्गे की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। जगराता हो रहा है। रामायण कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा है। समितियां प्रतिदिन भोग-भंडारे का प्रसाद बांट रही हैं। कटगोड़ी में माता की श्रद्धा-भक्ति में लोगों की भीड़ देर रात तक रहती है। आकर्षक पंडालों में विराजमान मां दुर्गा की आराधना के लिए भीड़ जुट रही है।
सरयू प्रसाद स्टेडियम में सफाई नहीं होने के कारण उग आए खरपतवार
बालोद | शहर के सरयू प्रसाद स्टेडियम में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से परिसर के किनारे बड़े-बड़े खरपतवार उग आए हैं। इससे स्टेडियम की स्वच्छता और सुंदरता प्रभावित हो रही है। खेल गतिविधियों के लिए उपयोग होने वाले इस परिसर में सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। स्टेडियम के किनारे उगे खरपतवार की कटाई और नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि स्टेडियम स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहे। - तरुण यादव, बालोद
शांति समिति की बैठक: 55 डेसिबल में धुमाल और डीजे बजाने की अनुमति
भास्कर न्यूज | बालोद दुर्गोत्सव विसर्जन और दशहरा पर्व को लेकर जिला पुलिस कार्यालय में शुक्रवार को शांति समिति की बैठक हुई। इसमें 55 डेसिबल में ध्वनि विस्तारक यंत्र धुमाल, डीजे बजाने की अनुमति दी गई। अफसरों ने स्पष्ट किया कि नियम का उल्लंघन करने पर डीजे जब्त किया जाएगा। प्रतिमा व ज्योति कलश विसर्जन में यातायात बाधित न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए दुर्गोत्सव एवं दशहरा समितियों के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए है। समितियों से प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर पर्व मनाने की अपील की गई है। बैठक में प्रतिमा एवं ज्योति कलश विसर्जन के दौरान निर्धारित व्यवस्था का पालन करने पर जोर दिया गया। एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने कहा कि पर्व के दौरान लोगों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। विसर्जन के दौरान यातायात सुचारू बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए समितियां जिम्मेदारी से काम करें। दशहरा कार्यक्रमों के दौरान भी शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। बैठक में अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार वैद्य, हरिवंश मीरी, एएसपी चन्द्रकांत गवर्ना, एसडीएम नूतन कंवर, एसडीओपी विनय कुमार, तहसीलदार संध्या नामदेव, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी सहित दुर्गोत्सव व समितियां मौजूद रहे। इस बार गणेश विसर्जन में 9 डीजे जब्त किए गए थे 29 सितंबर को गणेश विसर्जन के दौरान नियम का उल्लंघन करने पर 9 डीजे को पुलिस ने जब्त कर संचालकों पर कार्यवाही की थी। ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने के लिए सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति जरूरी है। सार्वजनिक स्थान पर ध्वनि का स्तर संबंधित क्षेत्र के अनुसार तय होता है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध है।
दुर्ग में गैर लाइसेंसी दुकानदार से खरीदा था एसिड
जिले सहित प्रदेशभर में चर्चित पुलिसकर्मी की बेटी पर एसिड अटैक मामले में खुलासा हुआ है कि दुर्ग में साइंटिफिक प्रोडक्ट्स के जिस दुकानदार से मास्टरमाइंड और उनके दोस्त ने 250 रुपए में सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा था। उस दुकानदार के पास एसिड बेचने लाइसेंस ही नहीं है। जिसकी पुष्टि शुक्रवार को करते हुए एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि दुर्ग में दुकानदार से पूछताछ के अलावा कई बिंदुओं पर जांच हुई है। उनके पास एसिड बेचने लाइसेंस नहीं था। शून्य में कायमी कर संबंधित थाने में एफआईआर आगे की कार्यवाही के लिए जरुरी प्रोसेस कर दिए है। दुकानदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई वहां की पुलिस करेगी। पुलिस के अनुसार छात्रा के कथित प्रेमी यश कुमार सोनकर (20) निवासी नेवारीकला बालोद ने तीन माह पहले अपने दोस्त करण कुंजाम निवासी भैरमगढ़ बीजापुर के साथ मिलकर छात्रा पर एसिड फेंकने की योजना बनाई थी। एसिड को दुर्ग में खरीदे थे। 26 सितंबर को करण बालोद आया। अगले दिन दोनों ने दुर्ग जाकर एसिड खरीदा और 29 सितंबर को बालोद में गणेश विसर्जन झांकी के दौरान युवती पर हमला करने की योजना बनाई लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा देखकर उस रात वारदात टाल दी। इसके बाद दोनों ने मौका मिलने का इंतजार किया और 5 अक्टूबर को वारदात को अंजाम दिया। अधिवक्ता धीरज उपाध्याय के अनुसार बिना लाइसेंस एसिड बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ छग एसिड अधिनियम, 2013 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। धारा 5 के अनुसार इस कारोबार के लिए लाइसेंस जरूरी है। उल्लंघन पर एक साल तक की जेल या 25 हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
जिले में 23 अक्टूबर से ठंड बढ़ेगी, रात का पारा 3 डिग्री लुढ़कने का अनुमान
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा। सुबह से शाम तक अधिकांश समय मौसम साफ रहने व धूप की वजह से लोगों को गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार 23 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री गिरावट होने का अनुमान है। इस वजह से ठंड बढ़ेगी। वर्तमान में लोगांे को दोपहर के अलावा रात में भी गर्मी व उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई 15 अक्टूबर को हो चुकी है। ऐसे में अब मानसून के बजाय लोकल सिस्टम यानी स्थानीय प्रभाव से ही बारिश हो सकती है। 21 अक्टूबर से उत्तर छत्तीसगढ और 22 अक्टूबर से बालोद सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर शुरु होने का अनुमान है। वर्ष 2025 मंे 16 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री था। पिछले साल की तुलना मंे इस बार दिन व रात का पारा एक डिग्री ज्यादा है। तापमान में 10 डिग्री का अंतर है। पिछले साल भी तापमान में 10 डिग्री का अंतर था।
पशुओं के प्रति दया रखने का संदेश भी चस्पा होगा
परिवहन विभाग से 8 अक्टूबर को गाइडलाइन जारी होने के 7 दिन बाद भी जिला स्तर से रूटवार बस का नया किराया सूची जारी नहीं हो पाया है। स्थिति ऐसी है कि किस रूट में कितना चार्ज तय हुआ है, इस संबंध मंे विभागीय अफसर भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। सिर्फ इतना कह रहे हैं कि गाइडलाइन अनुसार नई किराया दर लागू हो चुकी है। बस संचालकांे की दो बार बैठक होने के बावजूद नई किराया सूची सभी बसों में चस्पा नहीं हो पाई है और न ही बस स्टैंड परिसर में। आरटीओ योगेश कुमार भंडारी ने बताया कि जिले में यात्री बसों में सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बस संचालकों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को जिला परिवहन कार्यालय में यात्री बस संचालकों की बैठक हुई। इसमें बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाने, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आरक्षित सीटों का उपयोग करने तथा नई किराया सूची चस्पा करने के निर्देश दिए गए है। बैठक में संचालकों को निर्देशित किया गया है कि परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार निर्धारित नई किराया सूची बसों में चस्पा करें, ताकि यात्रियों को किराए की सही जानकारी मिल सके। बसों में परमिट की शर्तों के अनुसार ही यात्रियों को बैठाया जाए। बैठक क्षमता से अधिक सवारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी बसों में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण और उनका उपयोग करने को कहा गया है। बैठक में यात्री बस संचालक डोमेन्द्र कुमार साहू, नोहर लाल महोबिया, सूर्यकांत पटेल और देवेंद्र नायडू सहित अन्य मौजूद रहे। पहली बार बसों के आगे और पीछे पशुओं के प्रति दया रखने का संदेश देने वाले नारे चस्पा किया जाएगा। यात्री सुरक्षा के साथ सड़क पर पशुओं के प्रति संवेदनशीलता के लिए ऐसी पहल करने का निर्णय लिया गया है।
भास्कर न्यूज | बालोद आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने 'शिक्षा योजना-2026' की शुरुआत की है। योजना का उद्देश्य बच्चों को केवल स्कूल में दाखिला दिलाना ही नहीं, बल्कि पढ़ाई जारी रखने में आने वाली बाधाओं को दूर करना और आरटीई (शिक्षा का अधिकार) से जुड़े मामलों में मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। डीईओ दीपक दुबे ने बताया कि नालसा की निगरानी में जिला व तहसील स्तर पर विशेष शिक्षा इकाइयां गठित करने की योजना है। ये इकाइयां आरटीई धारा 12(1)(ग) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर दाखिले, दस्तावेज जुटाने और आवेदन भरने में मार्गदर्शन करेंगी। यदि कोई स्कूल नियम विरुद्ध शुल्क मांगता है या आवेदन खारिज करता है, तो अभिभावक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और वंचित समुदायों के बच्चों के लिए मददगार साबित होगी। स्कूल में दाखिले के बाद भी बच्चों की नियमित पढ़ाई पर नजर रखी जाएगी, ताकि ड्रॉपआउट रोका जा सके।
शराब पिलाने से मना किया तो घर में घुसकर युवक से मारपीट
ग्राम धोबनी में तीन दोस्तों को शराब पिलाने से मना करना एक युवक को भारी पड़ गया। इसी बात से नाराज गांव के तीन दोस्त रात में उसके घर पहुंच गए। दरवाजा खुलते ही घर के अंदर घुसकर युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान टंगिया से हमला करने की कोशिश भी की गई। बेटे को बचाने पहुंची मां के हाथ में चोट आई। इस मामले में डौंडी थाने में तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 118(1), 296, 3(5), 331 (2) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार पेंटर भूषण ने जानकारी दी है कि मजदूरी के लिए दल्लीराजहरा आना-जाना करता है। 11 अक्टूबर को शाम करीब 6 बजे दल्लीराजहरा के मछली मार्केट में उसकी मुलाकात गांव के प्रमोद कोवाची से हुई। प्रमोद ने शराब पिलाने की बात कही लेकिन मना कर दिया। इसके बाद वह सब्जी लेकर घर लौट आया और अपनी मां पदमा बाई के साथ खाना बनाने लगा। रात करीब 8:30 बजे किसी ने घर का दरवाजा खटखटाया। मां ने दरवाजा खोला तो प्रमोद कोवाची, दीपचंद और साहिल घर के अंदर घुस गए। प्रमोद ने भूषण के बारे में पूछा। मां ने उसके घर में होने की बात बताई, जिसके बाद तीनों कमरे में पहुंच गए। जिसके बाद भूषण को गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर हाथ-मुक्कों से मारपीट किया। इस दौरान दीपचंद ने घर के आंगन में रखे टंगिया से हमला करने की कोशिश की। बेटे को बचाने पहुंची मां पदमा बाई के बाएं हाथ के अंगूठे के बीच चोट आई। शोर सुनकर पड़ोस के सुरेश मंडावी और रामचरण रावटे मौके पर पहुंचे। उन्हें आता देखकर तीनों बाइक से फरार हो गए। धोबनी में नवंबर 2025 में सुमन लाल ने अपने बेटे कोमल पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया था। धान की मिंजाई का काम खत्म होने के बाद पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान पिता व बेटे किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। जिसके बाद गुस्से में पिता ने कुल्हाड़ी से अपने बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया।
देवी स्वरूपों के दिव्य गुणों को जीवन में धारण करना ही सच्ची आराधना है: विजयलक्ष्मी दीदी
भास्कर न्यूज | बालोद नवरात्रि पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आत्मज्ञान भवन आमापारा में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां काली एवं मां उमा की चैतन्य झांकी का उद्घाटन किया गया। झांकी के माध्यम से देवी स्वरूपों के आध्यात्मिक महत्व और उनके दिव्य गुणों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। ब्रह्माकुमारीज बालोद की संचालिका बीके विजयलक्ष्मी दीदी ने पांचों चैतन्य देवियों के आध्यात्मिक रहस्य को विस्तार से समझाते हुए कहा कि नवरात्रि केवल देवी पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर छिपी आत्मिक शक्ति को पहचानने, मन को शुद्ध बनाने और जीवन में श्रेष्ठ गुणों को धारण करने का अवसर भी है। देवी-देवताओं की आराधना तभी सार्थक होती है, जब उनके दिव्य गुण हमारे विचारों, व्यवहार और कर्मों में दिखाई देने लगें। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा शक्ति, साहस और निर्भयता की प्रतीक हैं। उनका स्वरूप हमें जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ करने की प्रेरणा देता है। मनुष्य के भीतर भी अनेक प्रकार की कमजोरियां, नकारात्मक विचार और विकार होते हैं। इन पर विजय प्राप्त करने के लिए आत्मबल, विवेक और सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है। मां लक्ष्मी सुख-समृद्धि और संतुलन का संदेश देती हैं। मां सरस्वती ज्ञान, विवेक और बुद्धि की प्रतीक हैं। उनका स्वरूप हमें शिक्षा के साथ-साथ अपने ज्ञान का सदुपयोग करने, सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा जीवन में विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। मां काली का स्वरूप आंतरिक विकारों, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करने का संदेश देता है। वहीं मां उमा पवित्रता, तपस्या, धैर्य और आत्मसंयम की प्रेरणा देती हैं। आत्मिक संतुष्टि के लिए खुद को जानना आवश्यक विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, लेकिन मानसिक शांति और आत्मिक संतुष्टि के लिए स्वयं को जानना भी उतना ही आवश्यक है। जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानता है, तब उसके विचारों में सकारात्मकता आती है और व्यवहार में शांति, प्रेम, करुणा तथा सहनशीलता विकसित होती है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन की महत्ता बताते हुए कहा कि राजयोग आत्मा और परमात्मा के संबंध का अनुभव करने का माध्यम है। इस अभ्यास में चेतन आत्मा के रूप में अनुभव करते हुए परमात्मा की सर्वोच्च शक्ति और गुणों से मन को जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
पसौद के मिडिल स्कूल में मनी डॉ. कलाम की जयंती
बालोद | विकासखंड गुंडरदेही के संकुल हल्दी अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। डॉ. कलाम के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक ने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम साधारण परिवार में जन्मे थे।
सरकारी अस्पतालों में मनोचिकित्सक नहीं, इलाज के लिए दूसरे शहर जा रहे
कवर्धा| जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में मनोचिकित्सक विशेषज्ञ नहीं होने से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों को रायपुर के मेकाहारा, एम्स सहित अन्य शहरों के निजी अस्पतालों तक जाना पड़ता है। इससे उनके समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बार-बार बाहर जाकर इलाज कराना मुश्किल हो जाता है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और उपचार जरूरी है। जिले में विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। राज्य सरकार को कबीरधाम के सरकारी अस्पतालों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि मरीजों को जिले में ही उपचार मिल सके। - ओमकार बंजारे, कवर्धा
छीरपानी बांध में रोज पहुंचते हैं सैकड़ों पर्यटक, सौंदर्यीकरण करने की जरूरत
कवर्धा| बोड़ला ब्लॉक के छीरपानी बांध में रोजाना सैकड़ों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्राकृतिक नजारों के बीच स्थित यह स्थल लोगों के घूमने-फिरने और समय बिताने का पसंदीदा स्थान बन रहा है। हालांकि, यहां पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के अनुरूप सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विकास की जरूरत है। बांध क्षेत्र को व्यवस्थित करने, बैठने की जगह विकसित करने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था से पर्यटकों को सुविधा मिल सकती है। पर्यटन स्थल के रूप में इसे विकसित करने से स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। इसके लिए संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण कर जरूरी सुविधाओं की पहचान करनी चाहिए। व्यवस्थित विकास से छीरपानी बांध की पहचान एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो सकती है। -हेमंत सिंद्राम, कवर्धा
करपात्री ग्राउंड में लंबी कूद का ट्रैक खराब, खिलाड़ी परेशान हो रहे हैं
कवर्धा|शहर के करपात्री ग्राउंड में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए बनाया गया लंबी कूद का ट्रैक बदहाल है। ट्रैक के लैंडिंग क्षेत्र में रेत की मात्रा कम होने से खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबी कूद में खिलाड़ी तेज दौड़ के बाद छलांग लगाते हैं और रेत पर उतरते हैं। ऐसे में पर्याप्त रेत नहीं होने से चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। खेल अभ्यास के लिए ट्रैक का सुरक्षित और व्यवस्थित होना जरूरी है, लेकिन मौजूदा स्थिति में खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है। ट्रैक में पर्याप्त रेत भरने और नियमित रखरखाव की जरूरत है, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिल सके। - मोहित वर्मा, कवर्धा
जिला उपजेल में प्रतीक्षालय के लिए लगवाई पानी टंकी
कवर्धा| लायंस क्लब ने जिला उपजेल परिसर स्थित लायंस प्रतीक्षालय में पानी टंकी, पाइपलाइन और नल की सुविधा उपलब्ध कराई है। उप जेल अधीक्षक राजेन्द्र कुमार बंजारे और लायंस पदाधिकारियों ने इसका लोकार्पण किया। यह पहल लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3233-सी के सूत्रवाक्य ‘सरबत दा भला’ की भावना के अनुरूप की गई। रक्षाबंधन के दिन क्लब की महिला सदस्यों ने जेल में बंदियों को राखी बांधी थी। उस दौरान जेल अधीक्षक ने प्रतीक्षालय में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पानी टंकी की जरूरत बताई थी। क्लब पदाधिकारियों ने उसी दिन व्यवस्था करने की घोषणा की थी। सेवा सप्ताह के अंतिम दिन 8 अक्टूबर को लोकार्पण प्रस्तावित था, लेकिन किसान आंदोलन के कारण कार्यक्रम टालना पड़ा। कार्यक्रम में प्रेमचंद श्रीश्रीमाल, नीरज मंजीत छाबड़ा, आनंदप्रकाश दानी, बीपी गुप्ता, डॉ. एनके यदु और डॉ. बीएस चौहान ने जल के महत्व और संरक्षण पर जोर दिया।
शिकायतों के निदान में लापरवाही पिपरिया तहसीलदार प्रमोद सस्पेंड
भास्कर न्यूज | कवर्धा सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरतने वाले अधिकारियों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, ने जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सीएम हेल्पलाइन 1076 में राजस्व विभाग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की जा रही थी। इस दौरान पाया कि पिपरिया के तहसीलदार प्रमोद कुमार ने आम जनता की शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरती है। तहसीलदार का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान निलंबित तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अवर सचिव धनंजय नेताम ने जारी किया है।
डीएवी स्कूल जांता में रावण दहन के साथ बच्चों को दी सदाचार की सीख
भास्कर न्यूज | दाढ़ी डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में नवरात्रि, रामनवमी एवं दशहरा पर्व श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया। विद्यालय परिसर को फूलों व रंगोली से सजाया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व मंत्रोच्चार से हुआ। इसमें मुख्य अतिथि सहायक संचालक (डीईओ) एसपी कोशले, विशिष्ट अतिथि एपीसी (समग्र शिक्षा) भूपेंद्र कुमार साहू, जांता सरपंच पूजा देवव्रत मिश्रा तथा बालिका छात्रावास अधीक्षिका उमा जाटव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुए। विद्यार्थियों ने देवी के नौ स्वरूपों की झांकी, छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा पर आधारित जंवारा, श्रीराम-लक्ष्मण व परशुराम संवाद और रामलीला का मंचन किया। अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों संग गरबा-डांडिया का आनंद लिया। प्राचार्य पीएल जायसवाल ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम व मां दुर्गा के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। अंत में जयघोष के बीच रावण दहन कर प्रसाद वितरित किया गया।
कुटकीपारा स्कूल में कन्या पूजन और न्योता भोज कराया
कवर्धा| शासकीय प्राथमिक शाला कुटकीपारा में 15 अक्टूबर को प्रधान पाठक लक्ष्मी रावटे के नेतृत्व में कन्या पूजन एवं न्योता भोज कराया। इनमें प्रभात गुप्ता, जलेश चंद्रवंशी, व्याख्याता कन्हैया गुप्ता, राधेश्याम यादव, प्रधान पाठक आसकरण सिंह धुर्वे व मिथला जायसवाल, भागवत सोनी, कर्नल तिवारी और अनिता सिंह ध्रुव उपस्थित रहे।
पेंशनरों की समस्याओं पर संभाग-जिला स्तर पर बैठक
छत्तीसगढ़ के पेंशनरों की लंबित समस्याओं और हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि ने नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में पेंशनर संगठनों की बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता संचालक एस. जयवर्धन ने की। बैठक में पेंशन कल्याण मंडल का गठन, छत्तीसगढ़ पेंशन कल्याण निधि नियम, 1997 में संशोधन, संशोधित पेंशन भुगतान आदेश ऑनलाइन उपलब्ध कराने और लंबित पेंशन व परिवार पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पेंशनरों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण और संवाद व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विभिन्न पेंशनर संगठनों के पदाधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त करने में होने वाली परेशानियों के समाधान की आवश्यकता बताई। उन्होंने पेंशन संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी तथा पेंशनर हितैषी बनाने की अपेक्षा जताई। संचालक एस. जयवर्धन ने समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया। पेंशनरों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संभाग और जिला मुख्यालयों में भी इसी प्रकार की बैठकें आयोजित करने की मांग पर सहमति बनी। बैठक में आर.के. थवाईत, सुंदर सिंह ठाकुर, वीरेन्द्र नामदेव, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, पी.आर. यादव, उमेश मुदलियार, डॉ. डी.पी. मनहर, यशवंत देवान, चेतन भारती, बी.पी. शर्मा, सुनील नायक, विष्णु चंद्राकर और विद्याभूषण दुबे सहित विभिन्न पेंशनर संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
मां चंद्रहासिनी के दरबार के लिए निकाली गई पदयात्रा
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा के प्रति अनूठी आस्था देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में जय माता दी सेवा समिति, पुरानी बस्ती जांजगीर के युवाओं द्वारा नवरात्रि की पंचमी तिथि पर 18वीं पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान 15 श्रद्धालुओं की टोली 106 किलोमीटर दूर चंद्रपुर स्थित प्रसिद्ध मां चंद्रहासिनी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुई। यात्रा पर निकलने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने जांजगीर के स्थानीय देवी दाई मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया। इसके बाद जय माता दी के गूंजते जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का यह जत्था चंद्रपुर के लिए पैदल ही निकल पड़ा। युवाओं में इस धार्मिक यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे मां के दरबार में पहुंचकर क्षेत्र और अपने परिवारों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
जेएसडब्ल्यू एमपीसीएल में हार्ट जांच शिविर, ईसीजी हुई
भास्कर न्यूज | नरियरा कर्मचारियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए जेएसडब्ल्यू महानदी पॉवर कंपनी लिमिटेड एमपीसीएल परिसर में एक दिवसीय मुफ्त स्वास्थ्य जांच और परामर्श शिविर लगा। आयोजन प्लांट के पीरियोडिकल मेडिकल सेंटर में हुआ। शिविर में रायपुर के एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं दीं। रेणुका डायग्नोस्टिक की टीम भी मौजूद रही। कंपनी के स्थायी कर्मचारियों के साथ ठेका कंपनियों में काम करने वाले बड़ी संख्या में श्रमिकों ने जांच कराई। शिविर में हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों पर फोकस रहा। रायपुर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. स्नेहिल गोस्वामी ने कर्मचारियों और श्रमिकों की जांच की। उन्होंने सीने में दर्द, अनियमित धड़कन, सांस फूलना, ज्यादा थकान, जी मिचलाना, बाएं कंधे और हाथ में दर्द जैसे संकेतों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। नियमित जांच से जोखिम कम होता है। इससे पहले जेएसडब्ल्यू के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलविंदर सिंह ने हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय बताए। उन्होंने संतुलित दिनचर्या, नियमित व्यायाम, सही खानपान, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया। शिविर में ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच हुई। ईसीजी से दिल की धड़कन और कार्यप्रणाली देखी गई। पीएफटी से फेफड़ों की क्षमता और श्वसन तंत्र की जांच की गई। कार्यक्रम में जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की ओर से बिजनेस हेड छबि नाथ सिंह, अश्विनी मित्तल, जितेंद्र त्रिपाठी, अभिषेक शर्मा ने विचार रखे। छबि नाथ सिंह ने रोजमर्रा में व्यायाम और ध्यान को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और श्रमिकों का स्वास्थ्य ही कंपनी की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ श्रमशक्ति से ही संस्थान की प्रगति, कार्यक्षमता, सतत विकास संभव है। शिविर के संचालन में डॉ. बलविंदर सिंह, रेणुका डायग्नोस्टिक के डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रा, किशन निर्मलकर, उनकी तकनीकी टीम, एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भूमिका रही। श्रमिकों ने पहल पर संतोष जताया। जेएसडब्ल्यू प्रबंधन के प्रति आभार जताया। प्रबंधन ने कहा कि आगे भी श्रमिक कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।
गौ तस्करी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल
पुलिस चौकी फगुरम क्षेत्र में गौ तस्करी के दो मामलों में पुलिस ने झारखंड के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों की पहचान साहिल खान (37) और शेख सैफ अली (29), निवासी गुमला, झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 2 मई और 9 जुलाई 2026 को गौ सेवकों की सूचना पर वाहनों में क्रूरतापूर्वक हाथ-पैर बांधकर वध के लिए ले जाए जा रहे गोवंश पकड़े गए थे। इस दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। मामले में थाना डभरा की चौकी फगुरम में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए थे। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने स्थानीय व्यक्तियों की मदद से गोवंश खरीदकर वध के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में शामिल अन्य स्थानीय आरोपियों की तलाश कर रही है। कार्रवाई में चौकी प्रभारी अनवर अली सहित पुलिस टीम का योगदान रहा।
पिकअप ने बाइक सवार को मारी टक्कर, फरार
थाना क्षेत्र में 15 अक्टूबर की शाम अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक घायल हो गया। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरी निवासी विकास कुमार कर्नल (22), पिता रामलाल कर्नल, पीआईएल प्लांट कोटाडबरी चांपा में काम करने के बाद मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच सारागांव से चांपा की ओर जा रही तेज रफ्तार पिकअप ने मुरकट्टी दाई मंदिर ओवरब्रिज के पास कमरीद मोड़ पर उसकी बाइक को टक्कर मार दी। इससे विकास सड़क पर गिरकर घायल हो गया। उसके दाहिने पैर, हाथ और कंधे में अंदरूनी चोट आई है। बाइक के आगे के दोनों शॉकअप भी बुरी तरह मुड़ गए। मामले की शिकायत सारागांव थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच में जुटी है।
जीएलडी पब्लिक स्कूल में गरबा की धूम, सेवती शर्मा ग्रुप ने मारी बाजी
खैरताल स्थित जीएलडी पब्लिक स्कूल में नवरात्रि के अवसर पर भव्य गरबा डांस सेलिब्रेशन आयोजित किया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और अभिभावकों के गरबा नृत्य से स्कूल परिसर भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नवागढ़ तहसीलदार उमाकांत जायसवाल, विशिष्ट अतिथि सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी इन्द्रमणी सिंह और स्कूल चेयरमैन लालन प्रसाद देवांगन उपस्थित रहे। गुलाबाबाई देवांगन और प्राचार्य अभय कुमार सिंह भी शामिल हुए। अतिथियों ने गरबा को भक्ति, एकता, सहयोग और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनमें संस्कार विकसित करते हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अभिभावकों की गरबा प्रतियोगिता रही। इसमें सेवती शर्मा ग्रुप ने प्रथम, शारदा बैरेट ग्रुप ने द्वितीय और पूजा यादव ग्रुप ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता समूहों को सम्मानित किया गया। अंत में प्राचार्य अभय कुमार सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों के प्रति आभार जताया।
मां चंडी दाई मंदिर में 289 ज्योति कलश जलाए
कुंवर नवरात्रि के पावन पर्व पर भैसों स्थित मां चंडी दाई मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल है। मंदिर में कुल 289 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। इनमें 275 तेल के कलश हैं। 14 घी के कलश हैं। श्रद्धालुओं ने कलशों में आहुति दी। मंदिर के पुरोहितों और पुजारियों ने विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना कराई। आयोजन को सफल बनाने में कुंज बिहारी व्यास, रामकुमार पटेल बैगा, पचकौल, अनुज यादव, सुरेश यादव, रामायण साहू, फूल दास महंत, संतोष यादव, फिरत साहू, भुरू पटेल, नंदकुमार दीक्षित सेवाएं दे रहे हैं।
गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में नवरात्रि और दशहरा उत्सव, नौ देवियों के स्वरूप में सजकर आईं छात्राएं
गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में गुरुवार को नवरात्रि और दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में शक्ति, भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया गया। स्कूल प्रबंधन के कोषाध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल और डायरेक्टर चंचल अग्रवाल ने नन्हीं बालिकाओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के अनुरूप पवित्र आसनों पर विराजित कराया। इसके बाद वैदिक रीति-रिवाज से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। पूजन के बाद गुरुकुल परिवार ने देवी भजनों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक गरबा नृत्य ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। अंत में भगवान राम के हाथों रावण दहन का प्रतीकात्मक आयोजन किया गया। कोषाध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि नारी का सम्मान समाज का सम्मान है और नारी की शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है। बेटियों को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। बच्चों में बचपन से ही यह संस्कार विकसित करना जरूरी है कि प्रत्येक नारी सम्मान की अधिकारी है। उन्होंने कहा कि रावण अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, झूठ और अन्याय जैसी बुराइयों का प्रतीक है। यदि रावण दहन के बाद भी व्यक्ति अपने भीतर की बुराइयों को दूर नहीं करता, तो दशहरा मनाने का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। डायरेक्टर चंचल अग्रवाल ने कहा कि नवरात्रि सिखाती है कि सच्ची शक्ति केवल शारीरिक बल में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, ज्ञान, धैर्य और विवेक में होती है। प्राचार्य पुष्पेन्द्र कुमार राणा ने कहा कि भारत त्योहारों और परंपराओं का देश है। प्रत्येक पर्व अपने साथ जीवन-दर्शन और प्रेरणा लेकर आता है। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल, सचिव दीपक राठौर, कोषाध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल, निदेशक पुष्कर अग्रवाल, विकास अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, अनुश्री राठौर, चंचल अग्रवाल, तनिष अग्रवाल, प्राचार्य पुष्पेन्द्र कुमार राणा और प्रशासक विपिन गुप्ता सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का उत्साहवर्धन किया।
अब 30 को इस्पात मंत्री से मिलेंगे, भर्ती पर होगी बात
एनएमडीसी में एल-1 और एल-2 पदों की भर्ती में देरी को लेकर चल रहा युवाओं का आंदोलन गुरुवार देर शाम चौथे दिन समाप्त हो गया। सांसद महेश कश्यप के साथ आंदोलनकारी युवाओं की बैठक के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। सांसद ने युवाओं को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को लेकर इस्पात मंत्रालय में चर्चा करेंगे। सांसद की अगुवाई में 30 अक्टूबर को युवाओं का एक दल दिल्ली जाएगा और इस्पात मंत्री से मुलाकात कर रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की मांग रखेगा। सांसद के आश्वासन के बाद युवाओं ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। बचेली में शुरू हुआ यह आंदोलन किरंदुल तक पहुंच गया था। दोनों परियोजनाओं में आंदोलन शुरू होने से एनएमडीसी प्रबंधन में हड़कंप मच गया था। आंदोलन के कारण खनन और उत्पादन कार्य भी प्रभावित हुआ। जानकारी के अनुसार, एल-1 और एल-2 पदों के लिए करीब 1100 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लगभग डेढ़ साल पहले एनएमडीसी ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर जल्द नई तारीख घोषित करने की बात कही थी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसी देरी से नाराज युवाओं ने आंदोलन शुरू किया था।
चितालंका ब्रिज का टेंडर निरस्त, री-टेंडर व निर्माण तक भारी वाहन दंतेवाड़ा से गुजरेंगे
दंतेवाड़ा| 26 अगस्त 2025 को शंखिनी-डंकिनी नदी की बाढ़ में चितालंका पुल बह गया था। पुल बनाने 14. 79 करोड़ की ऑनलाइन निविदा जारी की गई थी। इसे अब निरस्त कर दिया गया है। नए टेंडर की तारीख अभी तय नहीं है। इधर, नदी के तेज बहाव के मद्देनजर पुल का अलाइनमेंट बदला जा रहा है। पूरनतरई की ओर तीखे मोड़ को खत्म किया जाएगा। पुल करीब 30 मीटर तक बिल्कुल सीधा बनेगा, ताकि वाहन चालकों को सामने से आता यातायात स्पष्ट दिखे। जानकारों की मानें तो नया टेंडर जारी होने, ठेकेदार तय होने, काम शुरू होने के बाद भी पुल बनने में 2 साल से अधिक का समय लगेगा। शहर के भीतर बढ़े डेंजर जोन चितालंका ब्रिज बंद होने और नया बाइपास अधूरा रहने से शहर को भारी वाहनों से राहत नहीं मिल पा रही है। खनिज और मालवाहक डंपर शहर के बीचों-बीच से गुजर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। सड़क के इस हिस्से से नया ब्रिज बनाया जाएगा इस पॉइंट पर जोड़ेंगे ताकि ब्रिज सीधा बने
डंकिनी पुल तक पैदल निकलेगी माता की डोली
दंतेवाड़ा| बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए मां दंतेश्वरी की डोली और छत्र रविवार को अष्टमी की शाम 4 बजे पटसार से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नवरात्र की पंचमी को डोली प्रस्थान की रस्म निभाई गई थी। अब अष्टमी को जिया परिवार के सदस्य और मंदिर के पुजारी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ डोली और छत्र लेकर निकलेंगे। पहले डोली को जगदलपुर तक पैदल ले जाया जाता था। अब मां दंतेश्वरी मंदिर से डंकिनी नदी के पुल तक डोली पैदल ले जाई जाती है। इसके बाद फूलों से सजे वाहन में रखकर यात्रा आगे बढ़ती है। रास्ते में डिलमिली में विश्राम होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अष्टमी की देर रात डोली और छत्र जगदलपुर पहुंचेंगे। बस्तर दशहरा में मां दंतेश्वरी की डोली का शामिल होना वर्षों पुरानी परंपरा है।
वन मंदिर में योग व ध्यान शिविर का समापन
दंतेवाड़ा| वनमंडल दंतेवाड़ा द्वारा आंवराभाटा स्थित वन मंदिर पर्यटन स्थल में आयोजित पांच दिवसीय इंटीग्रेटेड योग एवं ध्यान शिविर का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर में युवाओं, महिलाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को योगासन, भ्रामरी प्राणायाम, श्वास नियंत्रण एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। लगभग 18 एकड़ में विकसित वन मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक वातावरण और अनूठी विशेषताओं के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। यहां आरोग्य वन, सप्तऋषि वन, पंचवटी, राशि वन, नक्षत्र वन, राग गार्डन और नवग्रह वन के रूप में सात विशेष थीम विकसित की गई हैं। सप्तऋषि वन में सात ऋषियों से जुड़ी परंपरा, पंचवटी में पांच वट वृक्षों तथा नवग्रह वन में नौ ग्रहों से संबंधित विशेषताओं को दर्शाया गया है। वहीं, नक्षत्र वन में विभिन्न नक्षत्रों से संबंधित पौधे लगाए गए हैं। ये सभी वन प्रकृति, भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान एवं औषधीय वनस्पतियों के महत्व को प्रदर्शित करते हैं। वन मंदिर अपनी विशिष्ट पहचान के साथ जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा लोगों को प्रकृति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
ढोल की थाप, डीजे की धुन पर गरबा में झूमे उत्साही
नवरात्रि पर्व के अवसर पर नारायणपुर में रास गरबा महोत्सव की धूम मची हुई है। रास गरबा महिला एवं युवा समिति की ओर से खेल परिसर ग्राउंड में आयोजित रास गरबा सीजन-3 में सैकड़ों लोग उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। डीजे की आकर्षक धुन, ढोल की थाप और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों के गोल घेरे में थिरकते कदमों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। आरती की लौ के बीच जय अंबे और जय भवानी के जयकारों से गरबा स्थल गूंज उठा। यहां परंपरा, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गरबा महोत्सव में स्थानीय लोकगीतों के साथ हिंदी गीतों की भी धूम रही। साय रेला रे रेला रे, दखुक जावा हमचो जिला नारायणपुर, उड़ी उड़ी जाए दिल की पतंग और तरी हरि ना न मोर ना सुवा बोलत हे रे जैसे गीतों पर प्रतिभागी देर तक थिरकते नजर आए। महिलाएं रंग-बिरंगी चनिया-चोली और सिर पर ओढ़नी पहने पहुंचीं, वहीं पुरुषों और युवाओं ने धोती-कुर्ता व आकर्षक फेटा पहनकर गरबा किया। बच्चे, युवा और महिलाएं सभी उत्साह से शामिल हुए। डीजे की धुन पर थिरकते कदमों के बीच प्रतिभागियों ने अपनी थकान भी भुला दी। समिति ने गरबा महोत्सव के नौ दिनों के लिए अलग-अलग रंगों का ड्रेस कोड निर्धारित किया है। पहले दिन नारंगी, दूसरे दिन सफेद, तीसरे दिन लाल, चौथे दिन रॉयल ब्लू, पांचवें दिन पीला, छठवें दिन हरा, सातवें दिन ग्रे, आठवें दिन बैंगनी और नौवें दिन मोरपंखी हरा रंग तय किया गया है। निर्धारित परिधान में शामिल होने और बेहतरीन गरबा नृत्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रतिदिन आकर्षक उपहार दिए जा रहे हैं। इसके अलावा कूपन के जरिए भी प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए जा रहे हैं। आयोजन से जुड़े जैकी कश्यप और पार्षद रीता मंडल ने बताया कि समिति का उद्देश्य सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ जिले के लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ना है। इसके माध्यम से धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गुजरात का गरबा अब नारायणपुर और अबूझमाड़ में भी उत्सव का रूप ले चुका है। यहां यह केवल नृत्य नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, उमंग और सामूहिक सहभागिता का उत्सव बन रहा है।
खैर तस्करी: 1.70 करोड़ नकद, 70 टन लकड़ी जब्त
खैर लकड़ी की तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए अवैध कारोबार चलाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दबिश देकर पुलिस अब तक 1 करोड़ 70 लाख रुपए नकद और कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त कर चुकी है। मामले में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर निवासी सतपाल सिंह (67), संचालक शिव ट्रेडर्स, को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाकर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक, तस्करी से जुड़े ठिकानों से 1.70 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए। इससे पहले 7 सितंबर 2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के घर से 81 लाख रुपए नकद जब्त किए जा चुके हैं। इस मामले में पहले पारितोष मिश्रा, संचालक पीयूष इंटरप्राइजेस, बोलांगीर (ओडिशा), अखिलेश सिंघल, संचालक सिंघल इंटरप्राइजेस, संबलपुर (ओडिशा), और मूडपहार, थाना सरसीवा निवासी मनीष अग्रवाल को रायपुर से गिरफ्तार किया गया था। थाना पिथौरा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की और आरोपियों को अवैध कमाई से वंचित करने के लिए बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है। एसपी ने कहा कि वन संपदा की तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए फर्जी फर्मों के माध्यम से खैर लकड़ी के बिल बनवाता था। फर्जी ट्रांजिट पास तैयार कर लकड़ी के कारोबार को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी। पिछले तीन वर्षों में बैंक खातों से 12 से अधिक बार करोड़ों रुपए के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, फर्जी बिलिंग का काम करीब 13 साल पहले शुरू किया गया था।
सीताफल आइसक्रीम की चर्चा पीएम मोदी तक
गरियाबंद जिले के अमलीपदर क्षेत्र के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले सीताफल अब अंतरराज्यीय कारोबारियों के निशाने पर हैं। कांदा डोंगर क्षेत्र में सीताफल की बड़े पैमाने पर निकासी का मामला सामने आया है। वन विभाग ने कार्रवाई कर ओडिशा के एक पिकअप वाहन को पकड़ा, जबकि झारखंड नंबर का दूसरा वाहन सीताफल लेकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि दूसरे राज्यों से रोजाना 3 से 4 पिकअप वाहन यहां फल लेने पहुंचते हैं। इस मामले ने जंगल की उपज की निगरानी और स्थानीय लोगों को उसका उचित मूल्य दिलाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीताफल के सीजन में ओडिशा नंबर का पिकअप वाहन क्रमांक ओडी 03 एएफ 7374 कांदा डोंगर क्षेत्र में फल लेने पहुंचा था। वन विभाग की टीम ने इसे पकड़ लिया। वहीं, झारखंड नंबर का पिकअप वाहन क्रमांक जेएच 02 बीएच 0537 बड़ी मात्रा में सीताफल लेकर भागने में सफल रहा। कार्रवाई के दौरान जब्त 45 कैरेट सीताफल की कीमत करीब 90 हजार रुपए आंकी गई है। वन विभाग और पुलिस अब इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कारोबारी अमलीपदर के जंगलों से करीब 300 रुपए प्रति कैरेट के हिसाब से सीताफल खरीदते थे। एक कैरेट में लगभग 25 किलो फल आता है। स्थानीय बाजार में सीताफल 20 रुपए में तीन नग तक बिकता है, जबकि दूसरे राज्यों में इसे अधिक कीमत पर बेचने की बात सामने आई है। ओडिशा, झारखंड और आंध्र प्रदेश तक इसकी मांग होने के कारण कारोबारी यहां के जंगलों का रुख करते हैं। हालांकि, दूसरे राज्यों में तीन गुना कीमत पर बिक्री और बड़े नेटवर्क के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। घुमरापदर निवासी राजू तिवारी ने बताया कि क्षेत्र के जंगलों में दूसरे राज्यों से रोजाना 3 से 4 वाहन सीताफल लेने पहुंचते हैं। उनका आरोप है कि मुख्य मार्गों से फल दूसरे राज्यों तक ले जाए जा रहे हैं, लेकिन नियमित जांच और कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों के इस दावे के बाद वनांचल में निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी जांच का विषय है कि जंगल से फल जुटाने और बाहर ले जाने के लिए किन नियमों का पालन किया जा रहा है। झारखंड पासिंग की यह गाड़ी भाग निकली। कांकेर जिले के कन्हारपुरी गांव की महिला किसान चंद्रमणि कौशिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद के दौरान सीताफल से आइसक्रीम बनाने की जानकारी दी थी। यह बताता है कि जंगल की उपज को स्थानीय स्तर पर उपयोगी उत्पादों में बदलकर आजीविका के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। सीताफल का कारोबार नियमों के तहत हो और उसका लाभ स्थानीय तक पहुंचे। गोहरापदर के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी फिरोज खान ने बताया कि जंगल में उगने वाले फल वन्यजीवों और स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र के लोगों को फलों की अवैध व्यावसायिक निकासी नहीं करने की समझाइश दी जा रही है। इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए वन विभाग और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। कार्रवाई के दौरान मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने फल ले जा रहे वाहनों का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो विरोध शुरू हो गया। आरोप है कि वीडियो हटाने का दबाव बनाया गया और मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ने पर डायल 112 और इंदागांव थाना प्रभारी को सूचना दी गई। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। छत्तीसगढ़ के जंगलों में उगने वाला सीताफल स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है। इसके गूदे से आइसक्रीम जैसे खाद्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इसके लिए पके फल का गूदा निकालकर बीज अलग किए जाते हैं और फिर उसे दूध, क्रीम व चीनी के साथ मिलाया जाता है। इसे रोजगार का जरिया बनाया जा सकता है।
बदइंतजामी... 102 एंबुलेंस नहीं पहुंची, खाट पर लेकर 3 किलोमीटर ढोई गई प्रसूता
गरियाबंद जिले के घुमरापदर गांव के कमारपारा में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा की बदहाली सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से परेशान कमार जनजाति की गर्भवती दूतिका को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों और मितानिन को खाट का सहारा लेना पड़ा। परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन उनके मुताबिक, समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजनों और मितानिन ने उसे खाट पर लिटाया और करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर नदी किनारे तक पहुंचे।
युवा रत्न सम्मान: संगठन को 5 व युवा को 2.5 लाख
भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवा कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, अभिनव प्रयासों और विशिष्ट सेवाओं के लिए युवा रत्न सम्मान’ योजना (वित्तीय वर्ष 2026-27) के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस प्रतिष्ठित योजना का उद्देश्य युवाओं और स्वैच्छिक संगठनों के योगदान को मान्यता देकर उनमें राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने की भावना विकसित करना है। असाधारण एवं विशिष्ट सेवा कार्य के लिए स्वैच्छिक संगठन को 5 लाख रुपए और युवा को 2.5 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। विभिन्न श्रेणियां (प्रत्येक क्षेत्र में 1 युवा को पुरस्कार): सामाजिक सेवा, साहित्य, उद्योग एवं व्यापार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल विकास (केवल महिलाओं के लिए), मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन, कला एवं संगीत, तथा लोककला के क्षेत्र में चयनित 1-1 युवा को 1 लाख रुपए, सम्मान पत्र, पदक और शॉल प्रदान किया जाएगा। आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना चाहिए। 1 अप्रैल 2026 को न्यूनतम 15 वर्ष और 31 मार्च 2027 तक अधिकतम 29 वर्ष होनी चाहिए। इच्छुक व्यक्ति या संगठन 30 अक्टूबर तक कार्यालय जिला खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण, महासमुंद में आवेदन जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी या मार्गदर्शन और आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए जिला खेल कार्यालय के दूरभाष नंबर 70893-01084 एवं 88890-33244 पर संपर्क किया जा सकता है, या खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.sportsyw.cg.gov. in पर विजिट किया जा सकता है।
बाढ़ प्रभावितों के पक्ष में कांग्रेस ने खोला मोर्चा, मुआवजे की राशि जल्द देने की मांग
गोबरा नवापारा में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नवापारा ने बस स्टैंड स्थित कबीर स्तंभ के पास एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि देने और नुकसान का दोबारा सर्वे कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर के नाम तहसीलदार नवापारा को ज्ञापन सौंपा गया। पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा कि बाढ़ से सैकड़ों परिवारों की गृहस्थी प्रभावित हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में पीड़ित आज भी मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की। साहू ने सर्वे प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर राजस्व अमले ने घरों के बाहर से ही नाम दर्ज कर लिए, जबकि वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं किया गया। ऐसे में प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कर मकान, घरेलू सामान और अन्य क्षति का सही आकलन करते हुए अधिकतम मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान अनेक परिवारों के मकान संबंधी दस्तावेज, राशन कार्ड सहित जरूरी कागजात बह गए हैं। प्रशासन ऐसे परिवारों को दोबारा दस्तावेज उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था करे।धरना प्रदर्शन को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामा यादव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धनराज मध्यानी और जिला कांग्रेस महामंत्री सौरभ शर्मा ने भी संबोधित करते हुए प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाने की मांग की। कार्यक्रम में पूर्व उपाध्यक्ष जीत सिंह, चतुर सिंह जगत, पूर्व पार्षद रमेश तिवारी, शिखरचंद बाफना, अशोक गोलछा, पार्षद दीपाली राजपूत, अजय साहू, अर्जुन साहू, रामरतन निषाद, हेमंत साहनी, टिकेश्वर गिलहरे, निर्माण यादव, अनूप खरे, शाहिद रजा, रेखा तिवारी, सुरेंद्र साहू, विक्की साहू, बल्लू देवांगन, राकेश सोनकर, राजा चावला, राजा ठाकुर, गुड्डू मिश्रा, वीरेंद्र राजपूत, अजय गाडा, विजय तारक, संतु साहू, मितेश शाह, बरखा देवार, निर्मला मैथ्यु, किशोर साहू, निगम पटेल, शेखर साहू, समुंदर यादव, लता कंसारी, गुणित साहू, दुर्गेश देवार, रोहित साहू, राकेश देवार, सचिन बंगानी और अशफाक लखानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मनेंद्रगढ़ में आज से सजेगी चैतन्य देवियों की झांकी
मनेंद्रगढ़ | आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं दिव्यता का अनुभव कराने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज मनेंद्रगढ़ द्वारा नगर में चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया जा रहा है। यह दिव्य झांकी 17, 18 एवं 19 अक्टूबर 2026 को प्रतिदिन संध्या 7 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन न्यू सब्जी मंडी रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज केंद्र में किया जाएगा। यहां श्रद्धालु जगत जननी मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति एवं भक्तिभाव का अनुभव कर सकेंगे। झांकी के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता से जुड़ने और मन की शांति प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आयोजक ब्रह्माकुमारीज मनेंद्रगढ़ ने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने व इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की है।
फेसबुक पर दोस्ती के बाद मंदिर में हुई शादी में ‘सात फेरे’ न होने का तर्क देकर विवाह शून्य घोषित कराने की पति की याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 11 में शादी अमान्य घोषित करने के आधार बेहद सीमित हैं। सिर्फ रस्मों के विवाद पर विवाह को शून्य नहीं माना जा सकता। मामला जांजगीर-चांपा के रहौद का है। युवक का आरोप था कि युवती के परिजनों ने झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 3 फरवरी 2022 को चिरमिरी के शिव मंदिर में जबरन शादी कराई। फेरे (सप्तपदी) नहीं होने का हवाला देकर उसने विवाह रद्द कराने फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाई थी। दूसरी ओर, युवती का कहना था कि विवाह पूरे रीति-रिवाज से हुआ था और वे डेढ़ महीने साथ भी रहे। पति केवल भरण-पोषण से बचने के लिए इसे नकार रहा है। फैमिली कोर्ट के फैसले में कानूनी चूक फैमिली कोर्ट ने ‘सप्तपदी’ न होने को नाकाफी मानते हुए युवक की अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ वह हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 5, 7 और 11 की व्याख्या करते हुए पाया कि फैमिली कोर्ट ने कानूनी आधार के बजाय सिर्फ रस्मों और वैधता के विवाद पर फैसला दे दिया। धारा 11 के तहत विवाह तभी शून्य घोषित हो सकता है, जब धारा 5 की अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन हुआ हो। इस कानूनी खामी के चलते हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश तो निरस्त कर दिया।
अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच दुर्ग जिले में बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच नए सिरे से शुरू की गई है। पुलिस ने बीएसपी समेत अन्य उद्योगों में काम करने वाले करीब 30 हजार ठेका श्रमिकों और कर्मचारियों की सूची तैयार की है। इनका वेरिफिकेशन किया जा रहा है। वहीं, करीब 30 संदिग्धों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बनाई गई है। टीम को जानकारी जुटाने के लिए कोलकाता भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों का डोजियर तैयार किया जा रहा है, ताकि आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। जिन बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले नहीं हैं, उनके मामलों में राज्य सरकार के माध्यम से एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि उन्हें डिपोर्ट किया जा सके। इसके लिए एसओपी भी बनाई गई है। पुलिस के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिक दूसरे राज्यों में जाने अक्सर पहले कोलकाता पहुंचते हैं। वहां से संपर्कों के जरिए अन्य राज्यों में जाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे रहने लगते हैं। बाद में स्थानीय स्तर पर नए दस्तावेज बनवाकर अपना ठिकाना तैयार कर लेते हैं। इससे पहले बीएसपी में काम करने वाले 1188 श्रमिकों की जांच में सात बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर जेल भेजा गया था। सूची में 101 लोगों की जानकारी स्पष्ट नहीं मिली थी, जिनमें से 45 का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया। इसके अलावा, बिना मुसाफिरी दर्ज कराए रह रहे 777 लोगों को चिह्नित किया गया। इनमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के 160 लोगों के स्थायी पते पर सस्पेक्ट रोल भेजे गए हैं। फर्जी पहचान पत्र से भिलाई में रह रही थी पन्ना बीवी पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी पहचान पत्र बनाकर रहने के कई मामलों में कार्रवाई की है। पन्ना बीवी पिता अब्दुल रौफ मूल रूप से बांग्लादेश के खुलना जिले की रहने वाली है। वह 14 साल की उम्र में एजेंट के जरिए भारत आई थी। कोलकाता के सोनागाछी इलाके में करीब पांच साल रहने के बाद दिल्ली पहुंची। वहां अंजलि सिंह के नाम का आधार कार्ड हासिल कर करीब दो साल पहले भिलाई आ गई। वह नेहरू रोड पर सब्जी व्यापारी सूरज साव के मकान में किराए से रह रही थी। पुलिस के अनुसार, उसने फर्जी आधार कार्ड के जरिए अगस्त 2024 में शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया और बच्चेदानी का ऑपरेशन करवाया। मामले में पुलिस ने पन्ना बीवी और सूरज साव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पांच साल से पहचान छिपाकर रह रहा था दंपती सुपेला पुलिस ने कांट्रैक्टर कॉलोनी से ज्योति रसेल उर्फ शाहिदा खातून और उसके पति मोहम्मद रसेल को गिरफ्तार किया। दोनों वर्ष 2020 में अलग-अलग मामलों में पकड़े गए थे, लेकिन जमानत के बाद दोबारा भिलाई आकर रहने लगे। पुलिस के अनुसार, वे इंटरनेट कॉल और वाट्सएप के जरिए बांग्लादेश में अपने परिजनों के संपर्क में थे। इसी तरह मोहन नगर पुलिस ने जयंती नगर में शशि उपाध्याय के मकान पर सेक्स रैकेट की सूचना पर कार्रवाई की थी। वहां पश्चिम बंगाल की दो युवतियां, छत्तीसगढ़ की दो युवतियां और दो पुरुष मिले थे। दस्तावेजों की जांच में पश्चिम बंगाल की दोनों युवतियों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई।

