हरियाणा में लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ से भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है। मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के कई हिस्सों में राहत की बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई है। आज गुरुवार को दक्षिण-पूर्वी और उत्तरी हरियाणा के करीब 15 जिलों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (आंधी) चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। आज पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और जींद जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 19 जून को पश्चिमी और मध्य हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी समेत कई जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा 20 जून को उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर में यलो अलर्ट का असर रहेगा। 21 जून को उत्तरी हरियाणा के सीमित हिस्सों में गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। जानिए कैसा रहा अधिकतम और न्यूनतम तापमान…बारिश नहीं होने से तापमान बढ़ा : हरियाणा में कल के मुकाबले औसत अधिकतम तापमान में 3.5C का उछाल देखा गया, जो अब सामान्य के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान भिवानी में 39.5C दर्ज किया गया। इसके अलावा अंबाला में 39.3C, रोहतक में 39.3C और चंडीगढ़ में 38.3C पारा रहा। हालांकि, हिसार में सामान्य से 3.1C और नारनौल में सामान्य से 7.4C कम तापमान दर्ज होने से गर्मी से राहत रही। न्यूनतम पारा सामान्य से 2.1C नीचे : राज्य में रात के औसत न्यूनतम तापमान में 0.4C की मामूली गिरावट आई है, जो सामान्य से 2.1C कम है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान नारनौल में 20.0C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.9C कम है। वहीं हिसार में रात का पारा 21.7C और गुरुग्राम में 21.0C रहा।
राजस्थान में श्रीगंगानगर के रामलीला मैदान में सोमवार, 15 जून को मशहूर पंजाबी सिंगर व एक्टर परमीश वर्मा के लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान एक मासूम बच्चा भीड़ में रोता मिला। परमीश वर्मा तब मंच से अपनी परफॉर्मेंस दे रहे थे और हजारों की भीड़ उनके गानों पर झूम रही थी। स्टेज पर गाते हुए परमीश वर्मा की नजर रोते हुए मासूम पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत अपना लाइव गाना और म्यूजिक रुकवा दिया। गाना बंद होते ही पूरे पंडाल में अचानक सन्नाटा पसर गया। बच्चे को सिंगर के सिक्योरिटी गार्ड उठाकर लाए। इसके बाद सिंगर ने मंच से बच्चे के माता-पिता के बारे में पूछा तो एक महिला सामने आ गई। परमीश वर्मा ने उसकी जमकर क्लास लगाई और कहा कि रिस्पॉन्सिबल बनो। बताया जा रहा है कि बच्चे की मां फोटो खींचने और परमीश वर्मा का गाते हुए वीडियो बनाने के चक्कर में अपने बच्चे को रैंप पर पड़ा छोड़ गई। हालांकि, बच्चे को परमीश की गोद में देख महिला ने तुरंत कहा कि बच्चा उसका है। परमीश वर्मा के शो में क्या हुआ, पूरा मामला जानिए… फैंस कर रहे परमीश वर्मा के एक्शन की तारीफ कॉन्सर्ट में मौजूद फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स जहां परमीश वर्मा के इस तुरंत एक्शन, संवेदनशीलता और बच्चे की सुरक्षा को लेकर दिखाई गई फिक्र की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दूसरी ओर, लोग इस बात को लेकर बेहद हैरान हैं कि कैसे कोई माता-पिता इतने बड़े, शोर-शराबे वाले और भीड़भाड़ वाले आयोजन में अपने इतने छोटे बच्चे को इस तरह अकेला छोड़ सकते हैं। 3 पॉइंट्स में जानिए, बच्चा छूटा कैसे… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा बोलीं- मेरे साथ ऐसा मत करो, हौसला टूटता है सुनंदा शर्मा का गाना जोगी 26 मई को अचानक यूट्यूब ने हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के साथ पूरा सच शेयर किया। सुनंदा शर्मा ने फैंस को आगाह किया है कि जब भी कोई बिजनेस डील करो तो कागजी कार्रवाई पूरी करो, ताकि कोई आपके रास्ते न रोक सके। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के भिवानी में 2 साल की बेटी को बाप ने नशे के लिए सिरसा में बेच दिया। जब लड़की 16 साल की हुई तो सौतेले-मां बाप ने उसका सौदा पंजाब के परिवार के साथ कर दिया। सौदा होने के बाद नाबालिगा की साहिल नाम के युवक से शादी तय कर दी गई। शादी से 15 दिन पहले उसे सौतेले भाई के पास लुधियाना भेजा। सौतेले मां-बाप ने ससुराल वालों के साथ मिलकर चोरी-छिपे उसकी शादी लुधियाना में करवा दी ताकि किसी कानूनी चक्कर में न फंसे। नाबालिगा खुद के सौदा होने की बात से बेखबर थी। शादी के बाद उसे साहिल के साथ उसके घर भेजा गया। वहां जाकर परिवार ने उसे घर के एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। पति ने जबरन संबंध बनाए। जब वो संबंध बनाने से मना करती तो उसे कहा गया कि खरीदकर लाए हैं तो हमारी मर्जी से रहना होगा। नाबालिगा इसी बीच प्रेग्नेंट हो गई। नाबालिगा का आरोप है कि साहिल नशा करके उसके साथ जबरन संबंध बनाता रहा और पीटता रहा। उसे घर के बाहर निकलने नहीं दिया। करीब डेढ़ महीने पहले वो अपने बच्चे को लेकर घर से भागकर अपनी मां के पास आई। मां बेटी को लेकर एसएसपी भिवानी के पास पेश हुई और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। भिवानी पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करके केस लुधियाना के थाना जमालपुर में ट्रांसफर कर दिया। नाबालिगा की एसएसपी से मांग है कि उसका केस भिवानी ट्रांसफर कर दिया जाए ताकि वो सही से केस की पैरवी कर सके। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला…. भिवानी महिला थाना में जीरो FIR भिवानी महिला थाना की सब-इंस्पेक्टर (SI) नीतू बाला ने बिना आरोपियों के खिलाफ ZERO FIR दर्ज की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, रेप और नाबालिग का शोषण, बाल विवाह निषेध कानून और मानव तस्करी की धाराओं के तहत छह लोगों पर पर्चा दर्ज किया है। उधर, नाबालिगा ने भिवानी एसपी से आग्रह किया है कि उनका केस वापस भिवानी ही ट्रांसफर किया जाए। उसका कहना है कि वह लुधियाना जाने की स्थिति में नहीं है। लुधियाना ट्रांसफर हुआ केस नाबालिगा की जबरन शादी लुधियाना के जमालपुर क्षेत्र में हुई। इसलिए भिवानी पुलिस ने केस लुधियाना ट्रांसफर कर दिया है। थाना जमालपुर के जांच अधिकारी गुरमीत सिंह ने कहा कि उनके पास जीरो एफआईआर आई है। उन्होंने केस रजिस्टर्ड कर दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्दी ही पीड़िता के बयान लिए जाएंगे और उसके बाद आगे की कारवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार हरियाणा के बरोटा के साहिल, उसके पिता सुभाष, मां फूलमती, बहन मीना के अलावा नाबालिगा के सौतेले माता पिता हरिराम व दर्शना और उसके सौतेल भाई व भाभी विकास व बहू रेखा पर एफआईआर दर्केज की गई।
इंदौर की अनिका शर्मा के लिए अब तक 8 करोड़ 23 लाख रुपए इकट्ठा हो गए हैं। अब माता-पिता को इंजतार है कि जिन्होंने राशि देने का वादा किया था वह भी जल्द राशि उपलब्ध करा दें तो उनकी बेटी का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा। इंदौर की अनिका शर्मा SMA-type 2 बीमारी से पीड़ित है। इसके इलाज के लिए 9 करोड़ रुपए इंजेक्शन लगेगा, जो अमेरिका से आना है। पिछले कई महीनों से अनिका की मां सरिता और पिता प्रवीण ने कई लोगों के साथ मिलकर क्राउड फंडिंग की और इस क्राउड फंडिंग से करोड़ों रुपए भी बेटी के इलाज के लिए जमा कर लिए। हालांकि बेटी के इलाज के लिए दो क्राइटेरिया थे, एक उम्र का दूसरा वजन का। उम्र का क्राइटेरिया तो निकल गया, लेकिन वजन के क्राइटेरिया को माता-पिता ने बड़ी जद्दोजहद करके कंट्रोल कर रखा है, इसके लिए अनिका को लिक्विड डाइट पर भी रखा गया, ताकि उसका वजन ना बढ़े। इंदौर के साथ ही शहर के आसपास के क्षेत्रों में भी परिवार ने अन्य लोगों के साथ मिलकर क्राउड फंडिंग की थी। वहीं कई लोगों ने इलाज के लिए राशि देने की भी घोषणा की थी। अब माता-पिता को ये सहायता राशि मिलने का इंतजार है। कई सेलिब्रिटी कर चुके हैं अपील अनिका शर्मा के लिए फंडिंग के लिए कई सेलिब्रिटी भी अपील कर चुके हैं। वीडियों के माध्यम से की गई उनकी इस अपील का काफी असर भी देखने को मिला। अनिका के लिए सोनू सूद, रजा मुराद, बिग बॉस की आवाज विजय विक्रम सिंह सहित कई सेलिब्रिटी वीडियो के माध्यम से फंडिंग के लिए अपील भी कर चुक है, वहीं कई सेलिब्रिटी से अनिका मिल भी चुकी हैं। मिली 1 करोड़ 20 लाख की मदद अनिका की मां सरिता शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं SMA Man of India प्रतीक क्वात्रा ने ट्रू होप फाउंडेशन के साथ मिलकर अनिका शर्मा के लिए 1.20 करोड़ की सहायता की है। राशि का चेक भी उन्होंने सौंप दिया है। माता-पिता ने अपील की है कि जिन लोगों ने अनिका का मदद का आश्वासन दिया था अगर वे भी राशि उपलब्ध करा दे तो उनके बेटी का इलाज जल्द से जल्द हो सकेगा।
सिरसा में ट्रक की चेसी से पकड़ी 4.5 करोड़ की अफीम गोलमाल मामले में खुलासा हुआ है। हिसार रेंज की गठित SIT ने 10 किलो अफीम और बरामद कर ली है और वो भी डिंग थाने में कस्टडी में खड़े ट्रक से ही ये 10 किलो से ज्यादा अफीम और बरामद की है। सूत्रों की मानें तो ट्रक की ड्राइवर सीट व अन्य हिस्से से बरामद यह अफीम दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार, एसआईटी की टीम बुधवार रात को आरोपी एएसआई रणबीर व ट्रक ड्राइवर को लेकर जस्टिस अमित कुमार की कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची। इस दौरान पुलिस की गाड़ियों का काफिला था और उस ट्रक को भी कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान लाया गया। इस 10 किलो अफीम की कोर्ट में बारीकी से जांच की और सभी पैकेट का अलग-अलग वजन करवाकर जांच की। काफी देर तक ये कार्रवाई चली। बुधवार रात करीब 9 बजे सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए लाया गया। इस दौरान फतेहाबाद, हिसार, जींद व सिरसा की पुलिस टीमें एसआईटी में शामिल थी। एसआईटी की जांच पूरी नहीं हुई है, उसी से पकड़ा जाए। सवाल ये है कि क्या उस दिन ट्रक की सही से तलाश नहीं ली गई या थाने में ट्रक से कस्टडी में छेड़छाड़ की गई। अगर ट्रक की सही तलाशी ली थी तो यह अफीम कहां से मिली थी। दरअसल, यह ट्रक खस्ता हालत में है और बॉडी भी कंडम हो चुकी है। इसलिए इस ट्रक से अफीम आदि की सप्लाई करने में इस्तेमाल किया जाने लगा। यह ट्रक उस दिन भी सिलीगुड्डी से जोधपुर जाना था और ट्रक पूरी तरह खाली थी। ड्राइवर को एक चक्र यानी फेरे के 60 हजार रुपए दिए जाने की डील गई थी। ट्रक की कीमत बहुत कम है। पूरी एसआईटी जांच में जुटी हिसार आई रेंज के आईजी कुलदीप सिंह स्वयं मामले में जांच के लिए मंगलवार देर शाम सिरसा आए थे। उन्होंने ही सिरसा पुलिस से ये केस हिसार पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। तभी एसआईटी की टीम में हिसार से एएसपी डॉ. मयंक मुदगिल सहित जींद व हिसार पुलिस के डीएसपी शामिल है। सिरसा में मुख्यमंत्री दौरे से पहले एसआईटी इस मामले को सुलझाने में लगी है, ताकि मामला जल्दी शांत हो जाए। वरना यह मामला बड़ा मुद्दा बन सकता था। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर शक है, जो उस दिन ट्रक से अफीम बरामद किए जाने पर वहां पर मौजूद थे। जानिए रेड मारने से लेकर अंत तक कितनी दिखाई 10 जून को जांच में दिखाई थी 88 किलो 970 ग्राम जांच में दिखाई थी। इसकी जांच स्वयं डीएसपी राज सिंह कर रहे थे और स्वयं मीडिया को जानकारी दी थी। हर किसी में अफीम का वजह कम-ज्यादा होने की चर्चा व शिकायत मिली तो एएसआई रणबीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। रिमांड में रणबीर सिंह के जरिए अफीम बरामद कर जांच में 90 किलो नमक की थैली दिखाई थी। अब उसी ट्रक से 10 किलो और अफीम मिलने से यह वजन कुल 100 किलो पर चला गया है। 40 किलो अफीम और जल्द बरामद की सूचना अब ये सवाल है, जिनका जवाब पुलिस व जांच कमेटी के पास ही है। एक तो पहले पुलिस ने जांच में 88 किलो 970 ग्राम दिखाई थी। बाद में एएसपी आदर्शदीप सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कुल 90 किलो अफीम बताते हुए बाकी खुर्द-बुर्द करना बताया था। जिसके बाद एक किलो 30 ग्राम कम होने के आरोप लगे। अब जांच में ट्रक से 10 किलो अफीम और मिली है, जिसका कुल वजन एक क्विंटल यानी 100 किलो तक हो गया है। सूत्रों की माने तो करीब 40 किलो अफीम और गायब होने की आशंक जताई जा रही है, जिसकी जांच में रिकवरी जल्द करवाने की आशंका है। एसआईटी जल्द खुलासा करने वाली है। जानिए किसने क्या कहा फतेहाबाद एसपी बोली-सिरसा पुलिस को अवगत कराया था फतेहाबाद एसपी निकिता खट्टर का कहना है कि इसमें हमारा और सिरसा पुलिस का इनपुट था। शुरूआती जांच में फतेहाबाद के बनगांव निवासी शमशेर को गुप्त सूचना पर पकड़ा था और उसी ने डिंग थाने के एएसआई रणबीर सिंह से यह अफीम लाने की बात कबूली थी। इसके बाद सिरसा पुलिस को सूचित कर दिया था। सिरसा एसपी बोले-ये हमारी टीम के पास भी इनपुट था सिरसा एसपी दीपक सहारन का कहना है कि हमारी पुलिस के पास भी ये इनपुट था कि ट्रक के अन्य हिस्से की जांच की जाए तो और अफीम दबी हुई मिल सकती है। ये एसआईटी को अवगत करवाया गया था तो वहां से अफीम बरामद हुई है। भावदीन टोल के पास राजस्थान पुलिस ने अफीम से भरा ट्रक पकड़ा था बुधवार (10 जून) को सिरसा की डिंग थाना पुलिस और राजस्थान से जोधपुर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त पुलिस टीम ने एनएच-9 स्थित भावदीन टोल प्लाजा के समीप नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर जेके-02-बीके-5276 को रोककर तलाशी ली थी। ट्रक के नीचे लोहे की एंगल से विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त बॉक्स बरामद हुए थे। इन बॉक्सों से 95 पैकेटों में छिपाकर रखी गई 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामदगी दिखाई थी। राजस्थान के पाली जिले के बिश्नोइयां की ढाणी भाणिया के रहने वाले ट्रक ड्राइवर किशना राम को अरेस्ट किया था। ट्रक ड्राइवर की निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर से थाना भीरा नजदीक भिड़े कलां निवासी ट्रक मालिक गगनदीप सिंह एवं अफीम का मुख्य सप्लायर जिला पाली (राजस्थान) से डूंगरपुर निवासी सुखराम गिरफ्तार किया। वहीं, DSP राज सिंह का रातों-रात नूंह में ट्रांसफर हो गया है और SHO इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया था।
शिवराजपुर में 450 म्यूल खाते खोलकर 225 करोड़ की ठगी करने वाले शिवराजपुर के साइबर गैंग की अब ईडी जांच करेगा। इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस से केस की पूरी डिटेल ईडी के अधिकारियों ने मांगी है। इसमें देश भर के कई राज्यों से पीड़ितों ने ठगी की शिकायत की थी। डीसीपी वेस्ट की साइबर सेल और शिवराजपुर पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एक आरोपी काकादेव का फरार चल रहा है, जबकि गांव के आधा दर्जन आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। एनसीआरपी पोर्टल पर शिवराजपुर कस्बे की चार बैंकों के 25 खातों में ठगी की 27 शिकायतें आयी थीं। यह शिकायतें 15 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी थीं। एनसीआरपी पोर्टल पर शिवराजपुर के हॉटस्पॉट होने के अलर्ट मिलने के बाद पुलिस ने यहां बहरमापुर जाने वाली कच्ची सड़क पर छापा मारकर शिवराजपुर के अशरफ खान, राजदीप, भीमरतन व कमल अरौल का सूरज कुमार और ठठिया कन्नौज का राजन कटियार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में मनी लॉड्रिंग की आशंका के चलते ईडी ने जांच शुरू की है। बुधवार को ईडी के अधिकारियों ने कमिश्नरेट पुलिस से केस संबंधी पूरी सूचना मांगी है। ईडी के अधिकारियों ने पूछा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान कितनी और क्या-क्या बरामद हुआ। एफआईआर की कॉपी, रिकवरी की डिटेल, बैंक अकाउंट और खातों का ट्रांजेक्शन, मोबाइल की सीडीआर, क्रिप्टो करेंसी में निवेश और यूएसडीटी से रुपये एक्सचेंज की डिटेल, जेल भेजे गए आरोपियों और उनकी प्रापर्टी का डिटेल, फरार आरोपियों की जानकारी, टेलीग्राम पर काम करने का तरीका समेत सभी छोटी बड़ी जानकारी मांगी गई है। ईडी की ओर से इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क करने के साथ ही ई-मेल भी भेजा गया है। एक खाते में मिला था 10 करोड़ का ट्रांजेक्शन एनसीआरपी पोर्टल पर जो 25 खातों की 27 शिकायतें आयीं थीं। इनमें एक खाता श्रीरामजन सेवा केंद्र के नाम से है जिसकी संचालक शुभांशी हैं। पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो उन्हें पता ही नहीं था कि उनके नाम पर खाता चल रहा है। कुल 27 शिकायतों में इस खातें की 15 शिकायतें करीब 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी मिली हैं। इन राज्यों से आयीं थी शिकायतें आरोपियों के पास से मिले खातों में तेलगांना, बंगुलुरू, ईस्ट दिल्ली, नवी मुंबई, वेस्ट बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना मल्काजगिरी, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आउटर डिस्ट्रिक्ट, गोंडा, बिहार समस्तीपुर, तमिलनाडु, गुजरात, नासिक, नासिक रुरल, भोपाल समेत अन्य राज्यों से शिकायतें की गई हैं।
मानसून 8 जून से अटका:लगातार तीसरे साल जून में मानसून का लंबा ब्रेक, 17 जून तक देश में 46.2mm बारिश
पश्चिमी मानसून 8 जून से अटका हुआ है। लगातार तीसरे साल जून में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि, 2024 और 2025 में मानसून के शुरुआती ब्रेक के बावजूद सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। 2024 में मानसून की पश्चिमी शाखा जून के दूसरे हफ्ते में 8-9 दिनों तक धीमी रही थी। वहीं, 2025 में महाराष्ट्र तट के आसपास इसकी प्रगति करीब तीन हफ्ते रुकी रही थी। ऐसे में, बारिश कम दिनों में और ज्यादा तीव्रता से होती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। 21 से 23 जून के बीच दोबारा प्रगति संभव है। ऐसे में मानसून में 13 से 15 दिन का ब्रेक दर्ज हो सकता है। 17 जून तक देश में 46.2 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 74.3 मिमी होती है। यानी 37.8% वर्षा की कमी दर्ज की गई। बुधवार को देश का बड़ा हिस्सा बारिश के लिहाज से ‘नो वार्निंग’ श्रेणी में था। ‘अल नीनो की परिस्थितियां भी विकसित हो रही’ अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) की उपग्रह रिपोर्ट्स के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं होने से मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्यतः जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है। अल नीनो की परिस्थितियां भी विकसित हो रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लंबे सूखे अंतराल और असमान वर्षा देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनत्व कम है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून MP-UP समेत 6 राज्यों में प्री मानसून बारिश देश में एमपी, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्री मानसून के तहत बारिश हो रही है। बिहार के मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों में बुधवार को तेज बारिश हुई। अररिया में तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। राजस्थान के जयपुर में बुधवार सुबह चली तेज हवा के कारण पेड़ गिर गया। इससे उसके नीचे खड़ी तीन कारें दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। उदयपुर में तेज हवा से स्वागत द्वार चार बाइक पर और एक कार पर गिर गया। जून के तीसरे सप्ताह में भी मानसून देश के बड़े हिस्से को कवर नहीं कर पाया है। 17 जून की सुबह ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के ऊपर मानसूनी बादल नहीं हैं। इन राज्यों में आसमान साफ दिख रहा है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 14 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। पिछले 7 दिन से यह तेलंगाना के भद्राचलम में अटका हुआ है। इसी वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश में देरी हो गई है। देशभर में प्री-मॉनसून एक्टिव, मौसम की 2 तस्वीरें… 8 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के कई शहरों में बुधवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी और यूपी के वाराणसी में 42.8C, ओडिशा के बौध में 42.7C, झारखंड के डाल्टनगंज में 42.4C, तेलंगाना के रामागुंडम में 42C और एमपी के खजुराहो 41.4C रहा। अगले दो दिन के मौसम का हाल 19 जून: 20 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत दूर करने और खुले बोरवेल के कारण मासूम बच्चों की जान पर आने वाले खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने राज्य में नए नलकूप खनन और हैंडपंप स्थापना की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके साथ ही, सख्त नियमों वाली 'बोरवेल नीति' (रोकथाम एवं सुरक्षा अधिनियम) को अमलीजामा पहनाने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब आम जनता की मांग पर सरकारी काम तय समय-सीमा में पूरे होंगे और लापरवाही बरतने वाले जमीन मालिकों व एजेंसियों पर सीधे जेल व जुर्माने की गाज गिरेगी। हालांकि पिछले ज्यादातर मामले देखें तो बोरवेल हादसों में सरकार ने सिर्फ खाना पूर्ति करते हुए या तो अधिकारियों को निलंबित किया या खेत मालिक पर मामूली धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आवेदन मिलते ही तीन दिन में आगे बढ़ेगी फाइल खंड कार्यालय में ग्रामीणों, ग्राम पंचायत या जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जैसे ही नए हैंडपंप के लिए आवेदन या अनुशंसा पत्र प्राप्त होगा, कार्यपालन यंत्री को अधिकतम तीन कार्यदिवस के भीतर उसे संबंधित उपखंड के सहायक यंत्री को भेजना अनिवार्य होगा ताकि कागजी कार्रवाई में कोई देरी न हो। उपयंत्री तीन दिन में करेंगे मौका मुआयना और मार्किंग उपखंड कार्यालय से निर्देश मिलते ही संबंधित क्षेत्र के उपयंत्री तीन कार्यदिवस के भीतर सीधे उस गांव या बसाहट का दौरा करेंगे, जहां हैंडपंप लगाया जाना है। वे 'ग्रामीण हैंडपंप निगरानी (घन) पोर्टल' पर उपलब्ध डेटा के साथ गूगल मानचित्र पर प्रस्तावित स्थल, वहां पहले से मौजूद हैंडपंपों की स्थिति और नलजल योजना के इंफ्रास्ट्रक्चर को चिन्हित करते हुए अपनी रिपोर्ट सहायक यंत्री को सौंपेंगे। नया बोरवेल खोदने से पहले एप पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य देश में पहली बार बनाए गए इस सख्त नियम के तहत अब राज्य में कोई भी नया नलकूप या बोरवेल खोदने से पहले निर्धारित वेब पोर्टल या एप पर रजिस्ट्रेशन कराना और सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसमें ड्रिलिंग करने वाली एजेंसी और जमीन के मालिक का पूरा विवरण दर्ज रखना होगा। खुला या सूखा बोरवेल छोड़ने पर जुर्माना और होगी जेल यदि कोई बोरवेल असफल (सूखा) हो जाता है, तो उसे भगवान भरोसे खुला नहीं छोड़ा जा सकता। जमीन के मालिक को आगामी 90 दिनों के भीतर उस सूखे बोरवेल को मिट्टी, कंक्रीट या कंक्रीट के ब्लॉक से स्थायी रूप से बंद करना होगा और उसकी तस्वीर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी । ऐसा न करने पर पहली बार में 10,000 रुपये और दोबारा लापरवाही पर 25,000 रुपये का जुर्माना व कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत जेल की कार्रवाई की जाएगी। हादसा होने पर सीधे एफआईआर, खर्च मालिक से वसूला जाएगा यदि किसी लापरवाही के कारण बोरवेल खुला पाया जाता है या उसमें कोई दुर्घटना (बच्चे के गिरने की घटना) होती है, तो संबंधित भूमि स्वामी और ड्रिल करने वाली एजेंसी के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी । इसके साथ ही, बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए किए जाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन में आने वाला लाखों रुपये का पूरा खर्च भी दोषी भूमि स्वामी और उस कंपनी से ही वसूला जाएगा । आम नागरिक 'परख एप' से कर सकेंगे सीधे शिकायत आम लोगों को सजग प्रहरी बनाने और प्रशासन की मदद के लिए 'परख' (PARAKH) मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है । कोई भी नागरिक अपने आस-पास या खेत में खुले पड़े बोरवेल की फोटो खींचकर इस एप पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने पर यदि सरकारी जमीन पर बोरवेल खुला पाया गया तो संबंधित विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक यंत्री और कार्यपालन यंत्री की भी तय हुई समय-सीमा उपयंत्री की रिपोर्ट मिलने के बाद सहायक यंत्री को अधिकतम तीन कार्यदिवस में अपनी स्पष्ट अनुशंसा खंड कार्यालय के कार्यपालन यंत्री को भेजनी होगी। इसके बाद कार्यपालन यंत्री अधिकतम एक सप्ताह के भीतर नए हैंडपंप की जरूरत और पात्रता तय करके अपनी पूरी रिपोर्ट जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के सामने रखेंगे। 300 मीटर के दायरे में 55 लीटर पानी न मिलने पर प्राथमिकता जिन गांवों या बसाहटों में जल जीवन मिशन के तहत घरेलू नल कनेक्शन नहीं हैं और लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा। अगर ऐसी जगहों पर 300 मीटर के दायरे में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो विभाग खुद पहल कर नया नलकूप खनन और हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव तैयार करेगा। बजट की कमी होने पर विधायक या सांसद निधि से मिल सकेगी राशि यदि जिला स्तरीय समिति जिले को मिले सालाना लक्ष्य या बजट से अधिक हैंडपंपों की अनुशंसा कर देती है, तो कलेक्टर की सहमति से माननीय सांसद अथवा विधायक निधि और खनिज मद जैसी अन्य निधियों से राशि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को ट्रांसफर की जा सकेगी, ताकि बजट की कमी के कारण काम न रुके। मांग अमान्य होने पर ग्रामीणों को लिखित में बताना होगा कारण यदि जिला स्तरीय समिति किसी कारणवश ग्रामीणों या पंचायत की मांग को अपात्र घोषित कर देती है, तो विभाग चुपचाप फाइल बंद नहीं कर सकता। कार्यपालन यंत्री को लिखित रूप से आवेदनकर्ता को सूचित करना होगा और यह साफ-साफ बताना होगा कि उनकी मांग को किस आधार पर अमान्य किया गया है । पानी की जांच और कीटाणुशोधन के बाद ही जनता को सौंपेंगे हैंडपंप नया नलकूप खोदने के बाद विभाग उसकी सफाई और पानी की आवक क्षमता की जांच करेगा । इसके साथ ही पानी का सैंपल लेकर सरकारी लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा । जब पानी की गुणवत्ता बीआईएस मानकों के अनुरूप पाई जाएगी, तभी हैंडपंप लगाया जाएगा और ब्लीचिंग पाउडर से अंतिम कीटाणुशोधन करने के बाद ही इसे जनता के उपयोग के लिए चालू किया जाएगा । हैंडपंप की जगह सिंगल फेज मोटरपंप लगाने का भी नया विकल्प यदि नलकूप में पानी का स्तर ऐसा है जहां सामान्य हैंडपंप काम नहीं कर सकता, लेकिन वहां सिंगल फेज मोटरपंप लगाया जा सकता है, तो ग्राम पंचायत की लिखित सहमति और बिजली बिल भुगतान के वादे पर वहां मोटरपंप लगाया जा सकेगा । इसे जिला समिति के अनुमोदन के बाद सार्वजनिक उपयोग के लिए सीधे ग्राम पंचायत को ही सौंप दिया जाएगा । ये खबर भी पढ़ें… बोरवेल में गई दो साल के भागीरथ की जान उज्जैन जिले के बड़नगर में 2 साल के भागीरथ देवासी को बचाया नहीं जा सका। 200 फीट गहरे बोरवेल में फंसने से उसकी मौत हो गई। करीब 22 घंटे के रेस्क्यू के बाद SDRF-NDRF टीम ने लोहे की छड़, रस्सी और मोटर निकालने वाली मशीन से शव बाहर निकाला। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया। परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में कनीना-अटेली मार्ग पर सड़क हादसे में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला कार का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव चेलावास निवासी आनंद ने शहर थाना कनीना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते कल वह ट्रैक्टर से खेतों की जुताई का कार्य करता है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे वह कनीना-अटेली रोड के पास खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान गांव के ही इंद्रजीत सिंह (53) पुत्र जूगलाल, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे, मोटरसाइकिल पर उसके पास पहुंचे और अपने खेत की बुवाई कराने के लिए कहा। वैगनआर ड्राइवर ने मारी टक्कर आनंद के अनुसार उसने इंद्रजीत सिंह को पहले खेत पर जाने के लिए कहा और स्वयं पीछे आने की बात कही। कुछ देर बाद उसने देखा कि महला फिलिंग स्टेशन के सामने एक वैगनआर कार ड्राइवर तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए इंद्रजीत सिंह की तरफ आ गई। खुद को बचाने के प्रयास में इंद्रजीत सिंह की मोटरसाइकिल सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से टकरा गई। गड्ढे में गिरी बाइक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इंद्रजीत सिंह उछलकर वैगनआर कार के अगले शीशे से जा टकराए, जबकि दोनों मोटरसाइकिलें सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरीं। हादसे के बाद वैगनआर चालक मौके से फरार हो गया। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित सूचना मिलने पर डायल-112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को उप नागरिक अस्पताल कनीना ले जाया गया, जहां अस्पताल प्रभारी डॉ. सुंदरलाल ने जांच के बाद इंद्रजीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। डाककर्मी घायल हादसे में दूसरी मोटरसाइकिल सवार प्रवीण (26) निवासी मेघनवास गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रवीण डाक विभाग में कार्यरत है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गांव में तीसरी मौत इंद्रजीत सिंह सेना से सेवानिवृत्ति के बाद खेती-बाड़ी कर रहे थे। उनके परिवार में दो विवाहित बेटे हैं, जो निजी कंपनियों में कार्यरत हैं। हादसे की खबर मिलते ही गांव चेलावास में शोक की लहर दौड़ गई। इस माह चेलावास गांव में यह तीसरी मौत थी। इससे पहले गांव में दो मर्डर हो चुके। जांच शुरू शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर तपेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणवी सॉन्ग कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने इस सॉन्ग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साफ चेतावनी दी है कि यदि सॉन्ग को हटाया नहीं गया या इसके बोल नहीं बदले गए तो पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि सॉन्ग में कंडक्टरों की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। इसे वे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते। वहीं, बढ़ते विरोध पर सॉन्ग के एक्टर नवीन नारू का बयान भी सामने आया है। उन्होंने भी स्पष्ट शब्दों में कहा- गीत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाया जा रहा है। बेशक एफआईआर हो जाए, गाना डिलीट नहीं किया जाएगा। सॉन्ग बनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं। यदि मामला कानूनी रूप लेता है तो वह भी न्यायालय का सहारा लेंगे। इसके अलावा उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करें, प्रदर्शन करें या चक्का जाम करें, वह अपना गीत डिलीट नहीं करेंगे। उधर, इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने कहा कि अभी उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। जैसे ही कोई शिकायत आएगी, सॉन्ग को देखकर संज्ञान लिया जाएगा। 24 मई को रिलीज हुए सॉन्ग के बोल क्या… हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी सॉन्ग कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के को सोमबीर खटक ने गाया है, जबकि नवीन नारू और सोनिका सिंह ने इसमें अभिनय किया है। यह सॉन्ग नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर 24 मई रिलीज किया गया है। सॉन्ग के लिरिक्स इस तरह से हैं--एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के, घणे दिनां में घट गया पेट कंडक्टर के।\कदे दादरी, कदे लोहारू, कदे रूट था पिलानी का, इब छोड़ दादरी, छोड़ रूट लोहारू का, पकड़ लिया रूट भिवानी का।\सपना में आवे उसका गेट कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।\सूखी पड़ी थी खेती, उसने देखो आज हरी कर दी, उसके चक्कर में ऊके गांव की छोरी चार फ्री कर दी।\नजरां आली लत लगी कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।\यो खास कंडक्टर मकड़ानी का, उसने ना कोई दुखड़ा राखे, दो नंबर की सीट हमेशा उसके खातिर बुक राखे। रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति को इसलिए आपत्ति… रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति ने ये किया ऐलान… एक्टर नवीन नारू गाने के बढ़ते विरोध पर दिया ये जवाब… ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर विवाद:कंडक्टर बोले- लड़कियों के लिए गलत शब्द कहे; एक्टर ने कहा- फेमस हुआ, इसलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे हरियाणवी सॉन्ग कॉलेज वाली छोरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो के कंडक्टरों ने सॉन्ग पर आपत्ति जताते हुए सिटी थाना हिसार में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य महिला आयोग को भी भेजी गई है। (पूरी खबर पढ़ें)
उत्तराखंड के मसूरी के होमस्टे में गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी राधा गायत्री की डेथ मिस्ट्री अभी सुलझी नहीं है। पुलिस को पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि हकीकत पता चल सके। इसी बीच पुलिस ने मृतका के मोबाइल की जांच की। इसमें पता चला कि मौत से कुछ घंटे पहले ही गायत्री ने परिवारवालों को सेल्फी भेजी थी, जिसमें वो पति सौम्या श्रीचरण के साथ उत्तराखंड के मसूरी में हनीमून ट्रिप पर आकर खुश नजर आ रही थी। एक और खास बात ये सामने आई है कि 19 जून को गायत्री के पिता परुपुदी सुधाकर का 60वां जन्मदिन था, जिसे सेलिब्रेट करने के लिए राधा ने अपने पति के साथ 18 जून को विशाखापट्टनम पहुंचने की बात भी कही थी। पी सुधाकर इंडियन आर्मी से रिटायर्ड हैं और आंध्रप्रदेश के विजाग के पेंडुर्थी इलाके की चिन्नामुशिदिवाड़ा कॉलोनी में रहते हैं। इसकी कॉलोनी में गायत्री और श्रीचण ने नया फ्लैट खरीदा था। दिल में अरमान था कि 19 जून को पिता का जन्मदिन मनाने के बाद वे नए घर में पूजा-पाठ करेंगे। उधर, इस मामले में सीओ मसूरी जगदीश पंत का कहना है कि मृतका के पिता की ओर से मृत्यु के कारणों की जांच के लिए एक पत्र दिया गया है। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने मृतका और उसके पति के परिवार से भी पूछताछ की है। गायत्री के पिता ने पुलिस को बताई ये बातें… अब जानिए आईटी प्रोफेशनल की डेथ जांच के दायरे में क्यों… पुलिस के पास मौत की वजह जानने के ये तरीके… पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट : सीओ जगदीश पंत ने बताया कि गायत्री के शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम किया गया था। आज यानी गुरुवार को डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी। हालांकि प्राइमरी तौर पर डॉक्टरों की तरफ से बताया गया था कि गायत्री के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। विसरा रिपोर्ट : सीओ के मुताबिक, वैज्ञानिक जांच एवं मृत्यु के वास्तविक कारणों की सही जानकारी के लिए डाक्टरों द्वारा मृतका का विसरा सुरक्षित किया गया है। विसरा जांच के लिए लैब में भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने में अभी कई दिन लगेंगे। विसरा रिपोर्ट में पता चलेगा कि उसके शरीर में कितना एल्कोहल था और किसी तरह का जहरीला पदार्थ या फूड प्वाइजनिंग तो नहीं हुई थी। ---------------------- सॉफ्टवेयर इंजीनियर डेथ केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम की साफ्टवेयर इंजीनियर की डेथ मिस्ट्री:शादी के 8 महीने बाद हनीमून ट्रिप प्लान, सबसे खूबसूरत कमरा 'ब्लिस' बुक किया, इसी में न्यूड डेडबॉडी मिली गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मसूरी में न्यूड डेडबॉडी मिली:शराब और सेक्स पावर वाली दवा के रैपर मिले; पति के साथ घूमने गई थी
हरियाणा के पंचकूला में शराब ठेकेदारों व नाइट क्लब संचालकों के पास रोहित गोदारा गैंग की थ्रेट कॉल्स आ रही हैं। बार-बार आ रही थ्रेट कॉल्स के कारण भयभीत कारोबारियों को पुलिस ने सिक्योरिटी मुहैयार करवाई है। शराब ठेकेदारों व नाइट क्लब संचालकों को वॉयस नोट भेजकर डराया जा रहा है कि अगर 5 करोड़ रुपए नहीं दिए तो अगली गोली तुम्हारे नाम की होगी। जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने 'अभेद्य' ऐप सभी को डाउनलोड करवा दिया है। उसके बाद काल नहीं आ रही, केवल मिस कॉल शो होती है। पंचकूला में अब तक सेक्टर-9 में स्थित 'पर्पल फ्रॉग' नाइट क्ल्ब, मॉब क्लब के मालिक प्रतीश व पंचकूला शहर के सबसे बड़े शराब ठेकेदार विक्रम ढांडा तथा रायपुररानी एरिया के बड़े शराब ठेकेदार व जय मां शारदा कंपनी के मालिक घोरालाल को अब तक थ्रेट कॉल्स आई हैं। जिन्हें अभी तक सिक्याेरिटी उपलब्ध करवाई गई है। वहीं शराब ठेकेदार विक्रम ढांडा के पार्टनर सुमित ने भी खुद को खतरा बताया है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया में कार मॉडिफाई व टॉयर एजेंसी चलाने वाले एक कारोबारी ने भी खुद को खतरा बताया है। पुलिस उनकी मिली धमकी की समीक्षा कर रही है। लुबाना ब्रदर्स पर फायरिंग के बाद गोदारा गैंग की शहर में एंट्री पंचकूला के सेक्टर-5 में नाइट क्लब संचालक लुबाना ब्रदर्स पर फायरिंग के बाद रोहित गोदारा गैंग एक्टिव है। उसके बाद लगातार पंचकूला के कारोबारियों को धमकियां आ रही है। जिसके बाद से सेक्टर-5 का क्लब एरिया हॉट पॉइंट बन गया है। जहां पर पुलिस रात के समय भी गश्त कर रही है। खुद DCP क्राइम अमरिंदर सुरक्षा जांचने के लिए रात के समय जाते हैं। पुलिस ने पंचकूला BJP युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष व उसके भाई की सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। फायरिंग के बाद आई थ्रेट कॉल के चलते पुलिस ने दोनों भाईयों को 2-2 पुलिसकर्मी मुहैया करवाए हैं, जो 24 घंटे उनके साथ रहेंगे। BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर 4 जून को सेक्टर-5 में फायरिंग हुई थी। फायरिंग में रतन लुबाना घायल हो गए, जिसके चलते मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन सर्जरी के बाद वे पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। सबसे पहले जानिए, कैसे हुई लुबाना पर फायरिंग… फायरिंग के बाद ही लुबाना को मोबाइल पर कॉल रतन लुबाना पर फायरिंग होने के कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल लुबाना के परिवार ने रिसीव की। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर रोहित गोदारा बताया। पूछा-कितनी गोलियां लगी हैं इसको। परिवार के लोगों ने कहा कि हमें तो इसकी अभी जानकारी नहीं है। कॉलर बोला-यह दूसरों को 3 करोड़ रुपए दे रहा है। इसको गोली तो लगनी थी, आज नहीं तो कल मरेगा। पहले भी रंगदारी की कॉल आई थी रतन लुबाना सेक्टर-5 में ही एक क्लब में पार्टनर हैं। इसके अलावा उनके और बिजनेस भी हैं। परिवार के सूत्रों का कहना है कि लुबाना के पास पहले भी रंगदारी मांगने के लिए कॉल आई थी। हालांकि यह कॉल किसकी थी, कितने पैसे मांगे गए थे और तब पुलिस ने क्या कार्रवाई की गई, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार भी अभी सहमा हुआ है और कुछ भी कहने से बच रहा है। एनकाउंटर के बाद के PHOTOS… जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर और शूटर कौन…
‘निषाद पार्टी में विधायक के टिकट के 5 करोड़ रुपए लगेंगे। आधा अभी कर दें, आधा घोषणा से पहले कर देना। पिछली बार कहीं 7-8, तो कहीं 2-3 करोड़ था।’ यह कहना है यूपी की निषाद पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी का। विधानसभा चुनाव 3 महीने पहले कराने की सुगबुगाहट के बीच पॉलिटिकल पार्टियां अभी से टिकट बेचने में जुट गई हैं। पार्टी और सीट के अनुसार टिकट की कीमत तय की जा रही है। अगर पार्टी छोटी है और सीट पर उसकी पकड़ कमजोर है, तो 2 करोड़ रुपए में टिकट मिल सकता है। अगर पार्टी की स्थिति मजबूत है और सीट पर उसकी पकड़ भी है, तो 8 करोड़ से कम में बात नहीं बनेगी। टिकट बेचने वालों में 3 मंत्रियों की पार्टियों के पदाधिकारी हैं। इन्होंने टिकट के रेट पिछली बार के मुकाबले डेढ़ से दोगुना महंगे भी कर दिए हैं। वहीं, विपक्षी से जुड़े दल भी टिकट बेचने में पीछे नहीं है। दैनिक भास्कर की टीम ने टिकट के इस खेल को एक्सपोज करने के लिए 2 अंडरकवर रिपोर्टर को नेता और समाजसेवी बनाकर यूपी की 4 पॉलिटिकल पार्टियों में एंट्री कराई। यहां डेढ़ महीने तक सक्रिय रहे। जब टिकट मांगा, तो पदाधिकारियों ने रुपयों की डिमांड की। पढ़िए, पूरी इन्वेस्टिगेशन… हमने शुरुआत निषाद पार्टी से की। डॉ. संजय निषाद इसके अध्यक्ष हैं। वे योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इनकी पार्टी भाजपा समर्थित है। इनका एक बेटा भी विधायक है। पार्टी का सारा काम परिवार के लोग ही देखते हैं। पार्टी में एंट्री के बाद हमने डॉ. संजय निषाद के साले रविंद्रमणि निषाद से पहचान बढ़ाई। रविंद्रमणि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। अभी यूपी के चुनाव प्रभारी हैं और सरकार में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य हैं। उन्होंने हमें हमीरपुर बुलाया। यहां टिकट की डील हुई - रिपोर्टर: हम फाजिलनगर (कुशीनगर जिला) की सीट चाहते हैं, क्योंकि आपका वोट है वहां।रविंद्रमणि: आपने इच्छा जाहिर की है तो आपकी लड़ाई हम लड़ेंगे। अभी देखिए, हमारी-आपकी फर्स्ट टाइम मुलाकात हो रही है। जब आगे मुलाकात होगी तो बात की जाएगी। रिपोर्टर: लेकिन समय भी तो नहीं है।रविंद्रमणि: अभी मुख्यमंत्रीजी भी बोले थे कि 15 दिसंबर तक आचार संहिता लग जाएगी। रिपोर्टर: आपसे निवेदन है कि हमें पता चल जाता तो हम लोग तैयारी शुरू कर देते।रविंद्रमणि: पिछली बार तो हिसाब ऐसा था कि जो जिसको बोल दिया, वही हो गया। क्योंकि मंत्रीजी (डॉ. संजय निषाद) भी हमसे कहते थे कि तुम बोलो। लेकिन, इस बार चुनाव बड़े अलग लेवल का है। रिपोर्टर: हां, लड़ाई रहेगी।रविंद्रमणि: हां, पार्टी भी उसी लेवल पर अपनी तैयारी करेगी। आप मानकर चलिए कि 5 करोड़ रुपए लगेंगे। इतने हो जाएंगे तो कोई इफ-बट भी नहीं रहेगा। रिपोर्टर: हम एकमुश्त कर दें तो हमारा एकदम कंफर्म हो जाएगा या आधा दे दें, क्या करना होगा?रविंद्रमणि: ये तो आपके ऊपर है कि आधा पहले कर देते हैं, फिर आधा जब चुनाव का समय आएगा तो घोषणा से पहले कर देना। क्योंकि, पार्टी के दिमाग में ये न रहे कि घोषित कर दें और आप बदल जाएं। पिछली बार सब अंतिम समय में घोषित हुए थे तो सब एक-एक बार में ही हुआ था। रिपोर्टर: पिछली बार क्या रेट चला था?रविंद्रमणि: वह सब अलग-अलग था। कहीं 7-8 करोड़ था, कहीं 2-3 करोड़ था, तो कहीं 5-6 करोड़ भी था। सब सीट वाइज था। रिपोर्टर: अच्छा, फाजिलनगर सीट पर भी 5 करोड़ ही करना होगा या कम होगा?रविंद्रमणि: अब तो सभी जगह का लगभग एक ही रेट है। रिपोर्टर: ऐसा न हो कि कोई और डाॅक्टर साहब से मिल जाए तो मेरा कैंसिल हो जाए।रविंद्रमणि: एक चीज है आप आने वाले छह महीने में देखेंगे, छह महीना ही है चुनाव में। कोई डाॅक्टर साहब से मिल ले तो भी आना पड़ेगा यहीं, हमारे पास। रिपोर्टर: हम लोगों को अगला कदम क्या उठाना चाहिए?रविंद्रमणि: आप ऐसा कीजिए 7 तारीख को मंत्रीजी का जन्मदिन है। उस दिन बढ़िया इंप्रेशन बनाने के लिए गिफ्ट वगैरह लेकर आइए। उसी दिन मुलाकात हो जाएगी। हम आपको प्रजेंट कर देंगे। रिपोर्टर: गोल्ड वगैरह गिफ्ट कर दें?रविंद्रमणि: यह तो आपके ऊपर है। हम कह रहे हैं कि फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन। इसके बाद हम आपको उनके साथ 10 मिनट के लिए बैठा देंगे। या तो उसी दिन या फिर अगले दिन। रिपोर्टर: ये सब तो ठीक है, हम आपके लिए क्या कर सकते हैं?रविंद्रमणि: जो भी 5% या 10% हो जाएगा बढ़िया है। यानी यूपी की सत्ता में बैठी निषाद पार्टी टिकट बेच रही है। क्या सत्ता से जुड़ी बाकी पार्टियां भी ऐसा कर रही हैं? इसके जवाब के लिए हमने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) में कार्यकर्ता बनकर एंट्री की। इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर हैं। वे भी यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। पार्टी में टिकट की डील के लिए राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिक यादव से कॉन्टैक्ट किया। उन्होंने गाजीपुर बुलाया। यहां हमारी डील हुई- रिपोर्टर: कितनी फंडिंग लगेगी?सालिक यादव: हम पूछ लेब, बतिया लेब, रुपया कितना लागी, साफ बात है। रिपोर्टर: मोटा-मोटी तो बतावा जाए?सालिक यादव: 7 तारीख को मंत्रीजी से भेंट होने दो, पैसा के लिए हर जगह बतियाना ठीक नहीं है। रिपोर्टर: आप टिकट दिलवाएंगे, आपके लिए जो करना है, करेंगे।सालिक यादव: अब आपने दिमाग में डाल दिया है तो हम आपके वकील हो गए हैं। फैसला तो दूसरे के हाथ में है, लेकिन हम रहेंगे, बिना हमसे पूछे नहीं होगा। रिपोर्टर: आपका क्या अंदाजा है, कितना खर्च हो जाएगा?सालिक यादव: अरे भाई 5-6 करोड़ रुपए में बात हो जाएगी, लेकिन अब अंदाजा देखना होगा। यह मुलाकात इस बात पर खत्म हुई कि सालिक यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर से पूछेंगे। इसके बाद फोन करके हमें बताएंगे कि टिकट का रेट क्या है? कुछ दिन बाद हमने सालिक यादव को कॉल किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे अरविंद राजभर से बात हुई है। फिर उन्होंने अरविंद से हुई बातचीत का खुलासा किया- सालिक यादव: अरविंद से बात हुई थी। रिपोर्टर: तो फंडिंग का क्या बताए?सालिक यादव: वो बोले हैं कि भाजपा में 10-15 करोड़ रुपए चल रहे हैं। हम बोले कि भाजपा से क्या करना है? अपने यहां से मतलब है। रिपोर्टर: तो आप क्या बताए?सालिक यादव: हम बता दिए कि इतना ही (5-6 करोड़ रुपए) हिसाब-किताब है। इसी में लड़ना और देना है। रिपोर्टर: तो उन्होंने कितना बताया?सालिक यादव: हम यही बताए कि 10-12 करोड़ का बजट है। इसी में पार्टी को भी देना है। हम अरविंद का अंदाजा लेना चाहते थे, इसलिए उन्हें बताया कि 5-7 करोड़ हो जाएगा, लेकिन वे बताए कि इतने में नहीं होगा। रिपोर्टर: तो कितना तक मान लिया जाए, फाइनली?सालिक यादव: हम आपसे कहे न कि 6 करोड़ रुपए, उतने में कर लेना है। अभी बहुत कुछ नहीं खोला है अरविंद ने। रिपोर्टर: तो वो कुछ बोले? सालिक यादव: हां, वो तो 7-8 करोड़ या 10-12 करोड़ की बात कर रहे थे। हम बोल दिए कि इतना नहीं करेंगे। हम यह भी बता दिए कि हमको आपसे एक नई गाड़ी मिलेगी। इस बात को छिपाना ठीक नहीं। कल को उन लोगों को पता चलेगा तो बुरा लगेगा। रिपोर्टर: मतलब 8 करोड़ तक हो जाएगा?सालिक यादव: इससे कम में हो जाएगा, लेकिन उनकी मंशा 8 करोड़ रुपए तक है। रिपोर्टर: मतलब, पिछली बार 5 करोड़ था, इस बार 6 करोड़ का प्रपोजल दिए हैं आप।सालिक यादव: हां, आप कहे थे, 6 करोड़ रुपए तक उनको बोल देना। रिपोर्टर: तो क्या बोले?सालिक यादव: बोले- ठीक है, बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) से बतिया लीजिए। इसके बाद हमने अपना दल (सोनेलाल) के पदाधिकारियों से संपर्क किया। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल केंद्र में मंत्री हैं। पति आशीष पटेल यूपी सरकार में मंत्री हैं। उनका गृह जनपद चित्रकूट है। यहां के जिलाध्यक्ष हेमराज सिंह पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष पटेल के करीबी हैं। जब हमने हेमराज से कॉन्टैक्ट किया, तो उन्होंने हमें चित्रकूट में पार्टी कार्यालय बुलाया। यहां टिकट की डील की- रिपोर्टर: क्या करना होगा?हेमराज सिंह: यहां तो 2 का चल रहा है। रिपोर्टर: दो करोड़ रुपए?हेमराज सिंह: नहीं, पिछली बार मऊ के विधायकजी (अविनाश चंद्र द्विवेदी) 8 करोड़ रुपए दिए थे। अभी 2 लोगों में टक्कर चल रही है, ये बता रहा था। रिपोर्टर: विधायकजी 8 करोड़ रुपए दिए थे?हेमराज सिंह: हां, वही अविनाश चंद्र द्विवेदी। रिपोर्टर: 8 करोड़ रुपए तो बहुत ज्यादा हो जाएंगे?हेमराज सिंह: वे तो दिए ही थे, एक नरेंद्र पटेल गए थे, वो 7 करोड़ रुपए दिए थे। वे मऊ के थे। फिर इनको टिकट नहीं दिया। अविनाश जी को दे दिया। ये सीधे 8 करोड़ रुपए दिए थे। रिपोर्टर: आप एक मोटा-सा आंकड़ा दे देंगे, तो आसानी हो जाएगी।हेमराज सिंह: कहा न, हमारे विधायकजी ने 8 करोड़ रुपए दिए थे। रिपोर्टर: मतलब हम लोग भी इतना ही इंतजाम करें?हेमराज सिंह: अब इससे कम तो लेंगे नहीं। क्या विपक्ष से जुड़े दल भी टिकट बेच रहे हैं? इसके जवाब के लिए हमने जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) को आईडेंटिफाई किया। ये पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दोनों के बीच गठबंधन था। इस पार्टी में घुसने के लिए हमने महासचिव उमेश सिंह चौहान से मुलाकात की। कुछ दिनों की मुलाकात और बातचीत के बाद उमेश सिंह चौहान को यकीन हो गया कि हमें वाकई टिकट की जरूरत है। तब उन्होंने गोरखपुर बुलाया। यहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह चौहान से उनके घर पर मिलाया। रिपोर्टर: हम लोगों की बात महासचिव उमेश सिंह चौहान से हुई थी, पडरौना या फाजिलनगर विधानसभा सीट पर। वहां ब्राह्मण वोट भी मिल जाएंगे।संजय सिंह: पडरौना आसान रहेगी। पडरौना मैनेज की जा सकती है। फाजिलनगर की बहुत गारंटी नहीं ले सकता हूं, क्योंकि फाजिलनगर पर अखिलेश जी का कुछ व्यक्तिगत इमोशनल लगाव है। वो सीट मिल भी जाएगी, लेकिन अखिलेश जी काे तकलीफ होगी, क्योंकि वह इमोशनल लीडर हैं। रिपोर्टर: ठीक है, जहां आप कहें जैसा कहें।संजय सिंह: देखिए, अगर आप जुड़ना चाहते हैं तो आपका लक्ष्य विधायक बनना है। मेरा लक्ष्य है मेरा दल खड़ा करना। 14 सितंबर की बनारस की रैली आते-आते पूर्वांचल की पूरी हवा बदल दूंगा। रिपोर्टर: पिछली बार हमारी डॉक्टर साहब (महासचिव उमेश चौहान) से बात हुई थी। उन्होंने 1 Cr कहा था।संजय सिंह: अभी इतना कर देंगे तो हमें राहत मिल जाएगी। रिपोर्टर: आगे फिर क्या करना होगा? हमको प्रदेश स्तर का पदाधिकारी भी बनाने की बात हुई थी।संजय सिंह: हां, वह तो हो जाएगा। रिपोर्टर: दूसरा हमको चुनाव लड़ना है तो हमारा कितना खर्च आएगा? संजय सिंह: (महासचिव की ओर देखते हुए) आप और डाॅक्टर साहब बैठकर बात कर लीजिएगा। रिपोर्टर: आप सर्वेसर्वा, पार्टी के मुखिया हैं, इसीलिए आपसे बात कर रहे हैं।संजय सिंह: आप पडरौना से शुरुआत करो और निश्चिंत रहो। चाहे सपा से गठबंधन हो या भाजपा से, वह सीट हमारे पास ही रहेगी। एक चीज बताएं- 1 Cr अभी कर दीजिए और जब बनारस में हमारी रैली हो 14 सितंबर को, क्योंकि वह प्राइम मिनिस्टर का क्षेत्र है। वहां की हर रिपोर्टिंग प्राइम मिनिस्टर कार्यालय जाती है। उस रैली में आप हमारी एक-आध करोड़ की व्यवस्था बना दीजिए। रिपोर्टर: एक या डेढ़ करोड़, कितना?संजय सिंह: 1 करोड़ की व्यवस्था कर दीजिए। रिपोर्टर: उसके बाद फिर?संजय सिंह: उसके बाद जो आपकी खुशी रहेगी, टिकट आपका कंफर्म रहेगा। रिपोर्टर: इसका मतलब 2 करोड़ रुपए?संजय सिंह: (हां में सिर हिलाते हुए) 2 Cr, बहुत मजबूरी में फंसा तो आपको याद करूंगा। अब जानिए, इस तरह टिकट की डील गलत क्यों है - टिकट डील के पार्ट-2 में कल पढ़िए एक नेशनल पॉलिटिकल पार्टी यूपी में विधायक का टिकट देने और सरकार बनने पर मंत्री पद देने के लिए कितने रुपए की डिमांड कर रही है…? -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'रिश्वत लेकर साहब को नहीं देंगे तो बाथरूम धोना पड़ेगा', यूपी पुलिस का जवान बोला-जैसा पैसा, वैसी पोस्टिंग पुलिस विभाग में कोई सिपाही नहीं चाहता- रिश्वतखोरी में लिप्त हो, लेकिन अफसर 10 रुपए देकर भिंडी लाने भेजेंगे और भिंडी है- 12 रुपए की। फिर रास्ते में फोन पर बोलेंगे कि कद्दू भी लाना। अगर नहीं लाएंगे तो हटा दिए जाएंगे, दिक्कत आने लगेगी। बाथरूम धोना पड़ेगा। बाथरूम नहीं धोना है तो साहब की सारी व्यवस्था कीजिए। यह कहना है यूपी पुलिस के एक सिपाही का, जो अपने डिपार्टमेंट में घूसखोरी के राज खोल रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 22 साल की शादीशुदा महिला ने फांसी लगा ली है। फंदे पर लटकने से लेकर मौत तक मोबाइल में लाइव वीडियो भी रिकॉर्ड हुआ है। जब उसकी सास घर आई, तब इसका पता चला। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को महिला के मोबाइल से करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो मिला है, जिसमें वह खुद फंदे पर झूलती नजर आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि, महिला सोशल मीडिया के लिए ‘रील’ बनाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन हादसा हो गया। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पहले देखिए ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के अनुसार, कोष्टापारा निवासी विशाखा देवांगन (22) की शादी करीब 4 साल पहले हुई थी। उसका पति शुभम देवांगन जूता चप्पल की दुकान में काम करता है। मंगलवार दोपहर वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसकी सास घर लौटी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों ने किसी तरह दरवाजा तोड़ा। अंदर जाकर देखा तो विशाखा साड़ी के फंदे से पंखे पर लटकी हुई थी। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मोबाइल में मिला डेढ़ घंटे का वीडियो पुलिस को मृतिका का मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग मोड में मिला। जांच में मोबाइल से करीब डेढ़ घंटे का वीडियो बरामद हुआ है। वीडियो में विशाखा पंखे पर साड़ी बांधकर फंदा तैयार करती दिखाई दे रही है। कुछ सेकंड बाद उसका पैर फिसल जाता है और वह फंदे पर झूलने लगती है। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि वह खुद को बचाने के लिए फंदा काटने का प्रयास कर रही है, लेकिन सफल नहीं हो पाती। रील बनाने के एंगल से भी जांच घटना के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि विवाहिता रील या वीडियो बनाने के दौरान हादसे का शिकार हुई होगी। हालांकि, पुलिस ने अभी इस एंगल से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है। वीडियो समेत कई डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। हर पहलू की जांच कर रही पुलिस इस मामले में डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि, विशाखा के परिजन सुबह काम पर चले गए थे। दोपहर में उसकी सास घर लौटी तो अंदर का दरवाजा बंद मिला। दरवाजा तोड़ने पर विवाहिता फांसी के फंदे पर लटकी मिली। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग स्थिति में मिला है। उसमें आत्महत्या की घटना रिकॉर्ड हुई है। फिलहाल, मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच कर रही है। …………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… इंस्टाग्राम पर लाइव आकर लड़की ने किया सुसाइड VIDEO: जांजगीर-चांपा में 19 साल की युवती ने लगाई फांसी, तड़प-तड़पकर कर गई जान, लोग देखते रहे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में युवती के सुसाइड का लाइव वीडियो सामने आया है। आत्महत्या से पहले युवती इंस्टाग्राम पर लाइव आई और फंखे से फांसी लगा ली। मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र के मिस्दा गांव का है। पढ़िए पूरी खबर
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर स्थित गोसाई गोटिया में सोमवार रात राष्ट्रीय हिंदू महासभा के सचिव अर्जुन की हत्या के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। घटना के इतने समय बाद भी पुलिस कातिलों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। परिजनों में इस बात को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। अर्जुन के पिता राकेश मौर्य ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए कहा कि कातिल उनके दूसरे बेटे करन, बेटी पलक और पत्नी ममता को भी निशाना बना सकते हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस चाहे तो 24 घंटे में हत्यारों को सलाखों के पीछे डाल सकती है। सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदातसोमवार रात करीब 11:30 बजे 21 वर्षीय अर्जुन की हत्या की इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए तथ्यों के अनुसार, अर्पित, कुश और कपिल ने पहले अर्जुन के साथ मारपीट की और फिर उसे गोली मार दी। यह जघन्य वारदात घर से महज 50 मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई। अच्छी बात यह रही कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना कैद हो गई, जिससे पुलिस को सबूत जुटाने में मदद मिली है। पिता की मांग: हत्यारों का हो एनकाउंटरपिता राकेश मौर्य का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने बताया कि अर्जुन परिवार का लाडला था और स्वभाव से बेहद शांत था, जो कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था। सोमवार को अनुज नाम का युवक अर्जुन को घर से बुलाकर ले गया था, जिसके बाद इन तीनों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। राकेश मौर्य ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उनके बेटे के कातिलों का पुलिस एनकाउंटर करे। मुख्य आरोपी: अर्पित22 वर्षीय अर्पित इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जिसने अर्जुन को गोली मारी थी। अर्पित के पिता सब्जी का ठेला लगाते हैं और वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक उस पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं था, लेकिन इस एक वारदात ने उसके आपराधिक भविष्य की शुरुआत कर दी है। दूसरा आरोपी: कुश कश्यप19 साल का कुश कश्यप अभी महज किशोरावस्था में है और उसके चेहरे पर अभी परिपक्वता भी नहीं आई है। बावजूद इसके, वह इलाके में अपना दबदबा और आतंक कायम करना चाहता था। कुश के माता-पिता नहीं हैं और उसका पालन-पोषण उसके मामा ने अपने दूसरे बेटे लव के साथ किया है। कुश का भी पूर्व में कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं मिला है। तीसरा आरोपी: कपिल23 वर्षीय कपिल इस हत्याकांड में तीसरा प्रमुख चेहरा है। अन्य दो आरोपियों के विपरीत, कपिल का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है। बारादरी थाने में उसके खिलाफ चोरी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। घटना के बाद से अर्पित और कुश के साथ-साथ कपिल भी फरार है। पुलिस की कई टीमें अब इन तीनों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। बिखरा हुआ परिवार और अर्जुन का संघर्षराकेश मौर्य के परिवार में अब गहरा सन्नाटा है। उनके परिवार में दो बेटे करन (21), अर्जुन (16) और एक बेटी पलक (18) थे, जबकि पत्नी ममता देवी घर संभालती हैं। करन इस साल बीए में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहा था, जबकि अर्जुन ने अभी हाल ही में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बहन पलक ने हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। आर्थिक तंगी के चलते अर्जुन दिन में पेंटिंग का काम करता था और रात को डीजे बजाकर परिवार का सहारा बनता था, लेकिन अब इस परिवार का मुख्य आधार ही छिन गया है।
खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम (CST) ने राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई गोदामों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की है। बुधवार देर रात कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए गए हैं और कई गोदामों को सील किया गया है। जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर एक लाइसेंसधारी गोदाम में तय सीमा से कहीं अधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली। गोदाम का लाइसेंस 600 किलो भंडारण की अनुमति का था, लेकिन मौके पर 1,000 किलो से अधिक बारूद और पटाखे करीब 300 से ज्यादा कार्टूनों में बंद पाए गए। सीएसटी टीम ने इलेक्ट्रॉनिक कांटे से सामग्री का वजन करवाकर गोदाम को सील कर दिया। ये गोदाम स्थानिय निवासी से किराये पर लिया था। जो कि दो दुकानों में चलाया जा रहा था। मौके पर 18 दुकानें बनी हुई थी। जिनमें 2 गोदामों में चूरी और पशु आहार के काम पर किराये पर दे रखा था। लेकिन 2 दुकानों में भारी मात्रा में बारूद और पटाखे स्टोर किए हुए थे। जयसिंहपुरा थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि गोदाम को किराये पर लेने वाले व्यक्ति की पहचान दीपक खंडेलवाल के रूप में हुई है। इनकी दुकान जयपुर के चांदी की टकसाल स्थित भारतीय पटाखा शॉप के रुप में हुई है। बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर इनके लाइसेंसधारी गोदाम में 1000 किलों से ज्यादा पटाखे और उससे संबंधित सामान मिलने पर उसे सील किया गया है। इसी क्षेत्र में एलएन मित्तल कॉलेज से करीब 300 मीटर पहले सुमेल रोड पर पूर्णिमा नामक संचालक के दो गोदाम और कारखाने भी मिले। गोदाम संचालक अनिल अग्रवाल ने 1,500-1,500 किलो के लाइसेंस होने का दावा किया, उन्होंने झूठ कॉलेज से महज 300 मीटर की दूरी होने के बावजूद कहा कि गोदाम कॉलेज से डेढ़ किलोमीटर दूर है। गोदाम संचालक ने ये तक कहा कि खोनागोरियान में जहां हादसा हुआ वो लोग तो फैक्ट्री वाले थे। हम तो स्टॉक कर रहे है। हम तो खाली पटाखे बेचते है। उन्होंने बताया कि उनके गोदाम में फिलहाल 600 से 700 किलो पटाखे है। उन्होंने खुद कहा कि पुलिस सर्च करने आई थी और पुलिस ने कहा कि थोड़ा सा स्टॉक ज्यादा है। यहां करीब पुलिस के 6 से 7 जवानों ने दबीश दी। हालांकि ये गोदाम एक शैक्षणिक संस्थान और छात्रावास के बेहद नजदीक संचालित पाए गए, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार स्थानीय क्षेत्र में पांच से अधिक पटाखा गोदाम संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा चेनपुरा में फोर्थ आरएसी के पास मैजिक फायर वर्क्स नाम से एक अवैध कारखाना और गोदाम भी मिला। वहीं जमवारामगढ़ थाना क्षेत्र में हीरावाला बस स्टैंड से करीब 300 मीटर पहले जयपुर मार्ग पर शराब के ठेके के पीछे दो अवैध गोदामों पर कार्रवाई की गई। बता दें कि ये आवासीय क्षेत्र में गोदाम संचालित किए जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस गोदाम मालिकों की पहचान करने में जुटी है। हीरावाला से रूपवास लिंक रोड पर मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर आवासीय इलाके में दो अन्य पटाखा गोदाम पकड़े गए। इसके अलावा हीरावाला से जमवारामगढ़ जाने वाले मार्ग पर भी दो गोदामों का पता चला, जहां सीएसटी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशन में एसीपी आमेर और जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और गोदाम संचालकों से पूछताछ जारी है। हालांकि, इन अवैध गोदामों और फैक्ट्रियों के लंबे समय से संचालित होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बीट सिस्टम होने के बावजूद कई स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक बारूद और पटाखे मिले, जबकि कई जगहों पर अवैध फैक्ट्रियां और गोदाम खुलेआम संचालित हो रहे थे। गौरतलब है कि खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर सर्वे और विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सीएसटी की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग भी तेज हो गई है।
वाराणसी एयरपोर्ट पर अगले साल कई नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। इसके लिए एविएशन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वाराणसी को सिंगापुर, मालदीव, बाली और विभिन्न खाड़ी देशों से जोड़ा जाएगा। एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के साथ ही अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की सीधी उड़ानों की सुविधा कारोबार बढ़ाएगी। एयरपोर्ट से केवल तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। इनमें बैंकॉक, शारजाह और नेपाल के लिए उड़ानें शामिल हैं। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट से नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की लगातार मांग मिल रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल एयरपोर्ट का विस्तार कार्य चल रहा है, जिसके कारण अतिरिक्त उड़ानों का संचालन संभव नहीं है। लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट को जल्द नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने पत्राचार और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं तो अगले वर्ष से इन देशों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के माध्यम से प्रतिमाह औसतन दो से ढाई हजार यात्री सफर करते हैं। धार्मिक, पर्यटन और व्यावसायिक दृष्टि से वाराणसी की बढ़ती महत्ता को देखते हुए एयरपोर्ट प्राधिकरण अब अंतरराष्ट्रीय संपर्क को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद न केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि घरेलू उड़ानों में भी इजाफा किया जाएगा। जिन महानगरों के लिए वर्तमान में वाराणसी से विमान सेवाएं संचालित हैं, उन रूटों पर उड़ानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुछ नए हिल स्टेशन और प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए भी उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। एयरपोर्ट विस्तार और नई उड़ानों की योजना से पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। धार्मिक पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को भी नया आयाम मिलेगा।
वाराणसी सदर तहसील परिसर में वकीलों ने एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को भी तहसील सदर परिसर में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में लामबंद अधिवक्ता SDM सदर नितिन सिंह के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। अधिवक्ताओं ने सदर एसडीएम पर पद के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और अधिवक्ताओं के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। आज तहसील आने पर उनका घेराव किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक SDM सदर का गैर-जनपद स्थानांतरण नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पहले जानिए अधिवक्ताओं के आक्रोश का कारण अधिवक्ताओं ने बताया कि मंगलवार को SDM सदर कोर्ट के समय में बैठक कर रहे थे, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी घंटों से बाहर इंतजार कर रहे थे। दोपहर बाद जब जनसुनवाई शुरू हुई, तो एक अधिवक्ता ने वकीलों की शिकायतों को पहले सुनने की बात कही। इसी बात से नाराज होकर SDM ने अधिवक्ता के साथ बदसलूकी करते हुए गलत व्यवहार किया। अपने पद का रौब दिखाते हुए उन्हें चेंबर से बाहर जाने को कह दिया। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। अधिवक्ताओं ने SDM सदर पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए SDM जिम्मेदार हैं। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर भ्रष्ट अधिकारी काशी छोड़ो, SDM सदर काशी छोड़ो और जवाब दो-जवाब दो के नारे लगाए जा रहे है। मार्निंग कोर्ट होने से अधिवक्ता सुबह 7 बजे से तहसील और कचहरी पहुंच जा रहे हैं। आज गुरुवार को आंदोलन के क्रम में तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अधिवक्ता जिलाधिकारी को घटना की जानकारी देंगे और अपने प्रस्ताव की प्रति सौंपेंगे। आज SDM कोर्ट का पूर्ण बहिष्कार रहेगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ता प्रदर्शन में बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय, तहसील बार के महामंत्री दिनेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष रविंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, गौतम झा, धीरेंद्र श्रीवास्तव, दीपक राय कान्हा, रजनीश मिश्रा, शशिकांत दुबे, राजेश प्रसाद सिंह, आयुष चंद्र राजपूत, नंदन पटेल, ओम प्रकाश जायसवाल, अमरेश कुमार तिवारी, दिलीप सोनकर, मनेन्द्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्तओं की ये प्रमुख मांगें और प्रस्ताव 1. गैर-जनपद स्थानांतरण: SDM सदर नितिन सिंह को तत्काल प्रभाव से वाराणसी से हटाया जाए। 2. न्यायिक जांच: सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में SDM द्वारा दिए गए सभी न्यायिक आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 3. अनिश्चितकालीन बहिष्कार: वकीलों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, SDM कोर्ट का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
कजाकिस्तान में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेलों और प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। काशी की बेटी प्रीति पटेल ने कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीतकर देश का नाम रोशन किया। शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर बनारस पहुंची प्रीति का भाजपा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल ने अभिनंदन किया। मथुरापुर भरथरा गांव में प्रीति के आवास पर पहुंचकर अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न दिया। उससे पूरी प्रतियोगिता और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर चर्चा की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऐसी प्रतिभाएं ही काशी का परचम बुलंद करेंगी। काशी के बेटी ने जीत दर्ज कर हमारा गौरव बढ़ाया है साथ ही तमाम बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। भाजपा की सरकार इसे खेल में हर कदम पर मदद और प्रोत्साहित करेगी। प्रीति काशी के संजोई अखाड़े में अभ्यास करती है। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रीति ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। कजाकिस्तान में मेडल जीतकर उन्होंने क्षेत्र की बेटियों और अन्य युवाओं के सामने एक नई मिसाल कायम की है। इस दौरान भाजपा नेता संजीव सिंह गौतम, अभिषेक त्रिपाठी, ओमप्रकाश पटेल, अमित पटेल, शिवशंकर पटेल, डॉ. राजेश पटेल, राहुल कुमार, चंदन सिंह पटेल, श्रीराम गुप्ता, अजय पटेल, रमेश विश्वकर्मा, अमित सिंह 'पीयूष' समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रयागराज की हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्य अधिवक्ता जाग्रति शुक्ला की मौत को लेकर अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई संवैधानिक और न्यायिक संस्थाओं को विस्तृत प्रत्यावेदन भेजकर मामले में उच्चस्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यावेदन में आरोप लगाया गया है कि 23 वर्षीय अधिवक्ता जाग्रति शुक्ला 20 मई 2026 को सड़क दुर्घटना के बाद प्रयागराज के एस.आर.एन. अस्पताल पहुंचाई गई थीं, जहां उन्हें समुचित उपचार नहीं मिला। शिकायत में चिकित्सा लापरवाही, सदोष परिरोध, जबरन वसूली, शारीरिक गरिमा पर प्रहार और साक्ष्य नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि इन परिस्थितियों के परिणामस्वरूप 7 जून 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। आशीष कुमार मिश्रा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक प्रकरण है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने, एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, संबंधित चिकित्सकों के निलंबन, पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा सीसीटीवी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। प्रत्यावेदन में पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। मामले को लेकर अधिवक्ता समुदाय में गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया गया है तथा इसे न्याय व्यवस्था और स्वास्थ्य तंत्र की जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है।
भोपाल के बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म एवं हत्या कांड में विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने अविनाश साहू और जस्टिन राज को बुधवार को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक सश्रम आजीवन कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। वर्ष 2019 में हुई इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। 30 अप्रैल 2019 को आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग अपनी 16 वर्षीय बुआ और उसके मित्र अविनाश साहू के साथ मनुआभान टेकरी घूमने गई थी। आरोपियों ने टेकरी पर बालिका के साथ दुष्कर्म करने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी थी और शव को करीब 100 फीट गहरी खाई में स्थित गुफा में छिपा दिया था। बाद में दोनों आरोपी बालिका को तलाशने का नाटक करते रहे। पुलिस ने रातभर की थी बालिका की सर्चिंग बालिका के लापता होने की सूचना मिलने पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने रातभर सर्चिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पूछताछ के दौरान अविनाश साहू के बयान बदलने पर पुलिस को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने खाई से बालिका का खून से लथपथ शव बरामद किया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चालान पेश किया था। बाद में राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने दी थी क्लीन चिट सीबीआई ने पुलिस की डीएनए रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हुए दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देकर क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। हालांकि अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा था। अंततः ट्रायल के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए शेष जीवन तक जेल में रहने की सजा सुनाई। ये खबर भी पढ़ें… बेटी को मां-सौतेले पिता ने 12 लाख में बेचा मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मां और सौतेले पिता ने 12 साल की बेटी को 12 लाख रुपए में बेच दिया। आरोपियों ने 8 लाख रुपए कैश और 4 लाख रुपए के जेवर लिए थे। बच्ची की शादी भी करा दी गई थी। 3 आरोपियों ने कई बार रेप किया। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना:जिस फुटपाथ पर चलने की जगह, उसे रेलिंग लगाकर बंद कर दिया
भोपाल में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना सामने आया है। ऐशबाग में 90 डिग्री ब्रिज के बाद वार्ड 32 के फुटपाथ पर ऐसी कारीगरी हुई कि पैदल चलने वालों के लिए बना फुटपाथ पिंजरे की तरह बंद हो गया। सौंदर्यीकरण के नाम पर सड़क के किनारे 3 फीट ऊंची लोहे की जाली (फेंसिंग) लगा दी गई है। इससे राहगीरों का फुटपाथ पहुंचना नामुमकिन हो गया है। स्थिति यह है कि फुटपाथ पर जाने और सड़क पर आने के लिए गिने-चुने कट पॉइंट छोड़े गए हैं, लेकिन यहां ठेले वालों ने कब्जा कर रखा है। कई स्थानों पर फुटपाथ के एक तरफ 3 फीट ऊंची लोहे की जाली और दूसरी तरफ पहले से बनी 3 फीट ऊंची पक्की दीवार है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर फुटपाथ को आम लोगों के लिए ही अनुपयोगी बना दिया गया है। यह काम पार्षद निधि से कराया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब कोई भी काम जनता की सुविधा के लिए किया जाता है तो धरातल की स्थिति देखे बिना ऐसी डिजाइन कैसे मंजूर हो जाती है। यह सीधे तौर पर पैसे की बर्बादी है। कोई भी बस या सार्वजनिक परिवहन के यात्री सड़क पर उतरकर फुटपाथ पर नहीं आ सकेंगे। अधिकारी आज मौके पर जाएंगेइस मामले में निगम के ईई एनके डेहरिया का कहना है कि इंजीनियर से जानकारी मांगी है कि यह काम किस मद से और किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुआ। यदि लोगों को फुटपाथ का उपयोग करने में दिक्कत आ रही है तो उसमें बदलाव किया जाएगा। गुरुवार को मैं खुद जाऊंगा। डिजाइन बदलवा देंगेपार्षद आरती अनेजा ने कहा कि यहां अतिक्रमण और शराबियों का जमावड़ा रहता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया था। ठेकेदार ने भरोसा दिया था कि फुटपाथ पर आसानी से चढ़ा जा सकता है, लेकिन मैंने खुद जाकर स्थिति देखी तो ऐसा बिल्कुल नहीं था। इसका डिजाइन बदलवाएंगे।
वसंत विहार में स्पेशल बच्चों के थेरेपी सेंटर में बुधवार रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शार्ट सर्किट के चलते भीषण आग लग गई। भीषण लपटें उठती देखकर कमरे में मौजूद डाक्टर दंपती के होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बाद पड़ोसी की छत पर कूदकर परिवार समेत जान बचाई। इसके बाद 6 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंच गई। विद्युत आपूर्ति बंद कराने के बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आने से थेरेपी सेंटर और डाक्टर की गृहस्थी जलकर खाक हो गई। मकान के ग्राउंड फ्लोर में स्थित है थेरेपी सेंटर हनुमंत विहार थानाक्षेत्र के वसंत विहार निवासी डा. विवेक सक्सेना घर पर ही स्पेशल बच्चों के लिए एबिलिटीज अनलीश्ड भारत से थेरेपी सेंटर चलाते हैं। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर थेरेपी सेंटर है और पहली व दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता है। परिवार में पत्नी डा. प्राप्ति सक्सेना, बेटा अर्श व अदिका हैं। डा. विवेक के मुताबिक गुरुग्राम में रहने वाले उनके पिता गिरीश और मां अल्का सक्सेना घर पर ही थे। रात करीब 8:30 बजे खाना खाने के बाद सभी सोने के लिए अपने-अपने कमरे में चले गए। करीब 9:15 बजे घर के अगले हिस्से से लपटें उठती देख पिता ने शोर मचाया तो आवाज सुनकर वह भी उनके कमरे में पहुंच गए। एल्युमीनियम के एलिवेशन में लगी आग देखकर वह दहशत में आ गए। फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंची आनन-फानन में वह परिवार के सभी सदस्यों को लेकर छत पर पहुंचे और फिर पीछे रहने वाले राहुल मिश्रा की छत पर कूदकर जान बचाई। इधर, उनकी सूचना पर तत्काल थाना पुलिस और मीरपुर, फजलगंज, किदवई नगर, लाटूश रोड व जाजमऊ से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद आग को काबू किया जा सका। इलेक्ट्रिक कार में लगी आग को काबू करने के लिए फोम का इस्तेमाल करना पड़ा। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शार्ट सर्किट से ही आग लगने की बात समाने आ रही है। जांच के बाद सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल आग को काबू कर लिया गया है। कोई जनहानि नहीं हुई है।
झज्जर में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित गायक मासूम शर्मा ने अपने गानों और बयानों को लेकर होने वाले विवादों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। दैनिक भास्कर डिजिटल टीम से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचना से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने हरियाणवी अंदाज में कहा कि फसल कितनी भी अच्छी बो लो, उसके साथ खरपतवार पैदा हो ही जाती है। मासूम शर्मा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के साथ आलोचना और विरोध भी आता है। उनके गानों और बयानों को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब उन्हें प्रभावित नहीं करता। उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति की अपनी राय होती है। कुछ लोग पसंद करते हैं तो कुछ लोग आलोचना करते हैं, लेकिन वह इन बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर फोकस रखते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में उनका ही काम कर रहे हैं। विरोध और चर्चाओं की वजह से उनके काम की पहुंच और ज्यादा लोगों तक बनती है। इसलिए वह विरोध करने वालों को लेकर कोई चिंता नहीं करते। मासूम शर्मा ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण उनकी ऑडियंस है। आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी जनता और श्रोताओं के प्यार की बदौलत हूं। मुझे लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है और वही मेरे लिए सर्वोपरि है।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बुधवार को इंटौजा क्षेत्र में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता नीरज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रतिमा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर नीरज सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय स्वाभिमान, वीरता और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए। स्वाभिमान और साहस का दिया संदेश नीरज सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना जैसे आयोजन समाज को अपने गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों से जोड़ने का कार्य करते हैं। पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आयोजन समिति की ओर से राजा राघवेंद्र प्रताप सिंह एवं कुंवर दिग्विजय प्रताप सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए आभार जताया।
गोमती के दो पुल बने ‘सुसाइड प्वाइंट’:पुलिस ने एलडीए से मांगी एंटी-सुसाइड जाली; एलडीए को लिखा पत्र
लखनऊ में गोमतीनगर क्षेत्र में गोमती नदी पर बने दो प्रमुख पुल लगातार आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं के कारण चिंता का विषय बन गए हैं। हालात यह हैं कि इन पुलों से नदी में कूदने की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। अब पुलिस ने इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से दोनों पुलों पर एंटी-सुसाइड सेफ्टी फेंस, सीसीटीवी कैमरे और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। गोमतीनगर पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एलडीए को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल से 1090 चौराहा को जोड़ने वाला पुल और समता मूलक चौराहा से 1090 चौराहा को जोड़ने वाला पुल आत्महत्या के प्रयासों के लिए संवेदनशील स्थान बनते जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा जाली, निगरानी व्यवस्था और चेतावनी संकेतकों का अभाव है। पुलिस का कहना है कि मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, आर्थिक परेशानियों या अन्य कारणों से परेशान लोग इन पुलों को आत्मघाती कदम उठाने के लिए चुन रहे हैं। हर घटना के बाद पुलिस को रेस्क्यू ऑपरेशन, शव की तलाश, पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरआर बंधा पुल पर पहले से पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा जाली और अवरोधक लगे हैं, जिसके कारण वहां इस तरह की घटनाएं नहीं होती हैं। इसी मॉडल को अपनाने की सिफारिश दोनों पुलों के लिए की गई है। पुलिस की संस्तुति के साथ एलडीए को भेजे गए पत्र में संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर जल्द सुरक्षा उपाय लागू कराने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इन पुलों पर आरआर बंधा पुल जैसी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाती है तो आत्महत्या की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी। पुलिस ने सुझाए ये उपाय पुलों के दोनों ओर ऊंची और मजबूत लोहे की एंटी-सुसाइड जाली लगाई जाए। उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। आत्महत्या रोकथाम और हेल्पलाइन संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
गोरखपुर में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में नामजद मुख्य आरोपी शालिनी श्रीवास्तव को गिरफ्तार करने के बाद गुलरिहा पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है। मंगलवार को दिल्ली में पकड़ी गई। उसके बाद बुधवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद कर दिया। वह पिछले चार महीने से फरार चल रही थी। पुलिस ने उसपर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। वहीं इस मामले दूसराआरोपी निलंबित लिपिक संजीव अभी भी फरार है। उसकी तलाश तेज कर दी गई है। सर्विलांस की मदद से मिला लोकेशन जानकारी के मुताबिक शालिनी श्रीवास्तव पत्नी सौरभ कुमार सिन्हा मूल रूप से बलिया जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित आनंद नगर, बड़ी काली मंदिर की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन नई दिल्ली में मिली थी। इसके बाद गुलरिहा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद टीम उन्हें लेकर गोरखपुर रवाना हुई और बुधवार सुबह यहां पहुंची। पत्नी ने FIR दर्ज कराई थी एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का लगा आरोप आरोप था कि दोनों ने शिक्षक को लगातार प्रताड़ित किया, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और मानसिक दबाव बनाया, जिससे आहत होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। तहरीर के आधार पर गुलरिहा थाने में सुसाइड के लिए उकसाने, धमकी देने, साक्ष्य मिटाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान यह भी आरोप सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह, ओमकार सिंह और अपर्णा तिवारी से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। चार पन्नो का नोट लिख किया सुसाइड आरोप है कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को ऑफिस बुलाकर अपमानित भी किया गया था। इसके अगले दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली। जांच के दौरान कृष्णमोहन की जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें शालिनी श्रीवास्तव और संजीव सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायालय से नहीं मिली राहत मुकदमा दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराने के साथ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा भगोड़ा घोषित करने और संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी थी। शालिनी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण भी ली थी, लेकिन राहत नहीं मिल सकी।
निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 16 और 17 जून को विशेष अभियान चलाया। दो दिन तक चले इस अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले 60 वाहनों के चालान किए गए, जबकि सात वाहनों को सीज किया गया। निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्ती अभियान के दौरान 20 ऐसे वाहन पकड़े गए, जिनका पंजीकरण निजी श्रेणी में था, लेकिन उनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इनमें से तीन वाहनों को निरुद्ध किया गया। परिवहन विभाग ने इन वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित पंजीयन अधिकारियों के माध्यम से इन्हें व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कराने की कार्रवाई करने की बात कही है। कर बकाया समेत अन्य मामलों में भी कार्रवाई विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष वाहनों के खिलाफ कर बकाया और अन्य परिवहन नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की गई। अभियान का उद्देश्य निजी वाहनों के अवैध व्यावसायिक संचालन पर रोक लगाना और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना था। प्रशिक्षु एआरटीओ ने भी सीखी प्रवर्तन प्रक्रिया अभियान में एआरटीओ (प्रवर्तन) लखनऊ आलोक कुमार यादव, पीटीओ हरदोई खेमानंद पांडेय, पीटीओ रायबरेली विक्रांत सिंह और पीटीओ सीतापुर आब्दीन अहमद शामिल रहे। अभियान की निगरानी आरटीओ (प्रवर्तन) लखनऊ संभाग प्रभात पांडेय और एआरटीओ (प्रवर्तन) मुख्यालय हिमांशु जैन ने की। इस दौरान 14 नव नियुक्त प्रशिक्षु एआरटीओ भी मौजूद रहे, जिन्हें निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग की पहचान, जांच और चालान प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से आईएमए हॉल में आयोजित बैठक में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान व्यापारियों और अधिकारियों को बताया गया कि वेदव्यासपुरी में बनने वाला यह ज्वेलरी पार्क मेरठ के सर्राफा कारोबार को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क मेरठ को सर्राफा कारोबार की पहचान और विरासत का प्रतीक बनाने की तैयारी है। मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि पार्क का डिजाइन आभूषण उद्योग की कला, संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फेडरेशन के अनुसार, ज्वेलरी पार्क का पूरा लेआउट ऊपर से देखने पर एक भव्य अंगूठी (रिंग) के आकार में नजर आएगा। यह डिजाइन व्यापार की मजबूती, एकता और शाश्वत संबंधों का प्रतीक होगा। वहीं पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार झुमकी के स्वरूप में बनाया जाएगा, जो मेरठ की ज्वेलरी कारीगरी और पहचान को दर्शाएगा। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और यह प्रोजेक्ट मेरठ को देश-दुनिया के ज्वेलरी मानचित्र पर नई पहचान देगा। वहीं मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता ने इसे भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि जल्द डीपीआर तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि पार्क में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े कारीगरों, व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और शोरूम संचालकों के लिए एक ही जगह में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है। प्रोजेक्ट को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ऊर्जा बचाने वाले ग्लास और जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। व्यापारियों के सवालों के जवाब में प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए यूनिट की कीमत करीब ₹5 हजार प्रति वर्गफीट से शुरू होगी, जबकि प्रीमियम स्पेस की कीमत ₹20 हजार प्रति वर्गफीट तक रहेगी। मॉड्यूलर डिजाइन के कारण जरूरत के अनुसार यूनिट का आकार बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। कारीगरों के आवास के बारे में एमडीए सचिव ने बताया कि परियोजना के आसपास एमआईजी हाउसिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका विस्तार से जवाब दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में सर्राफा कारोबार से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। फेडरेशन के पदाधिकारियों का मानना है कि ज्वेलरी पार्क भविष्य में मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का बहुप्रतीक्षित भूमि पूजन 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। यह कॉरिडोर विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है जिससे लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज स्थित सागर गार्डन पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का विस्तृत भ्रमण कर विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंच, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और बैठक व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समय पर पूर्ण की जाएं और कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों एवं आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सिलावट और कलेक्टर वर्मा ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें क्या होगा फायदा? दो साल में होगा पूरा निर्माण एजेंसी को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए लगभग 24 महीने का समय दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 से पहले पूरी तरह तैयार हो जाए। इसलिए है महत्वपूर्ण यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि इंदौर-उज्जैन धार्मिक, आर्थिक और पर्यटन कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर, इंदौर एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली यह परियोजना मालवा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
1 दिन की छूट मिली तो ढाई हजार तबादले:प्रतिबंध हटने के बाद एमपी में 17000 से अधिक स्थानांतरण हुए
मोहन यादव सरकार द्वारा तबादलों में दी गई छूट के बाद प्रदेश में 16 दिन के अंतराल में 17000 से अधिक ट्रांसफर हुए हैं। अकेले करीब ढाई हजार ट्रांसफर तो 16 जून को हुए हैं जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग के तबादला आदेश जारी होना बाकी है क्योंकि इस विभाग में अभी ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 जून को तबादला अवधि खत्म होने के बाद मंत्रियों के डिमांड पर एक दिन के लिए तबादला करने की छूट दी थी। मंगलवार की रात 12 बजे तक दी गई रियायत के बाद करीब 11 घंटे के अंतराल में विभागों की ओर से करीब ढाई हजार स्थानांतरण किए गए हैं जिसमें जिला और राज्य स्तर के तबादले शामिल हैं। 16 जून को जिन विभागों में स्थानांतरण किए गए हैं उसमें आबकारी विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, पंजीयन और मुद्रांक विभाग, लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अलावा नगरीय विकास और आवास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पर्यावरण विभाग शामिल है।इसी तरह राजस्व विभाग, भू संसाधन साधन विभाग, पीएचई विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, महिला और बाल विकास विभाग ,आयुष विभाग, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास व रोजगार विभाग, सहकारिता विभाग समेत अन्य विभागों में भी व्यापक तबादले किए गए हैं। राज्य स्तर पर विभागवार तबादले शासन द्वारा तबादलों की विभागवार जानकारी ही एकत्र की जाती है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तबादला नीति जारी की जाती है, लेकिन किस विभाग में कितने तबादले हुए, इसका रिकार्ड नहीं रखा जाता है। विभागों से मिली जानकारी के अनुसार इसके अलावा जिला स्तर पर हजारों की संख्या में स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग में 200 से अधिक, आबकारी विभाग में 75, परिवहन विभाग में 50, वाणिज्यिक कर विभाग में डेढ़ सौ जल संसाधन विभाग में 300 अधिकारी कर्मचारी के ट्रांसफर किए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें… MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ सकती है मध्यप्रदेश में तबादलों के लिए तय की गई 15 जून की समय-सीमा खत्म हो गई है, लेकिन ज्यादातर विभाग अब तक तबादला आदेश जारी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में सरकार तबादलों की अवधि एक हफ्ते तक बढ़ा सकती है। इस संबंध में आदेश सोमवार को जारी होने की संभावना है।पूरी खबर पढ़ें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को सुबह 11:30 बजे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, सरोज कुरील, नीलिमा कटियार समेत भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। जिलाध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, दक्षिण अध्यक्ष शिवराम सिंह और ग्रामीण जिलाध्यक्ष उपेंद्र पासवान भी मौजूद रहे। सर्किट हाउस में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।दोपहर 12:45 बजे उपमुख्यमंत्री बृजेंद्र स्वरूप पार्क पहुंचे, जहां केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विकास योजनाओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने 15 से अधिक स्टॉलों का निरीक्षण कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शनी में रहने के बाद वह बर्रा स्थित भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के आवास के लिए रवाना हो गए। मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईंमीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने जितनी प्रगति की है, उतनी कांग्रेस अपने 120 साल के राजनीतिक इतिहास में नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि कृषि, बुनियादी ढांचे, रक्षा, तकनीक और गरीब कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाना सरकार की बड़ी उपलब्धियां हैं।कानपुर के विकास का किया जिक्रउपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद कानपुर में तेजी से विकास हुआ है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हुआ है। हालांकि अभी विकास की यात्रा जारी है और आने वाले समय में शहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।सपा और विपक्ष पर हमलासमाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दल समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।राम मंदिर और महिला आरक्षण पर बोलेरामलला जन्मभूमि से जुड़े मामलों पर मौर्य ने कहा कि यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं महिला आरक्षण और 'वन नेशन-वन इलेक्शन' का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संकल्पों पर कायम है और देशहित में फैसले ले रही है। डिप्टी सीएम केशव बोले- केशव प्रसाद ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि हिन्दू समाज कभी किसी को सताता नही है, जिस तरह से सपा के सांसद या नेता जो जहर उगल रहें है। इसका जवाब जनता 2027 में सपा का सूपडा साफ करके जवाब देगी। इनको अहसास हो जायेगा कि हिन्दू समाज प्रति जिस तरह से बयान दिया जा रहें है। उसको लेकर फिर ये माफी मांगते फिरेंगे। केशव से जब सवाल किया गया कि अखिलेश सवाल उठाया कि राम मन्दिर मामले में जांच के लिए एसआईटी तो बन गई लेकिन उनकी जांच कौन करेगा। इसपर केशव ने कहा कि इसमें जांच जारी है, भगवान श्री राम मंदिर से आस्था जुडी है। सब अच्छा काम चल रहा है, जिन लोगो ने भी गडबड की होगी, उसकी जांच की जा रही है। भगवान हनुमान जी महाराज का गदा उनपर चलेगा। मौर्य से बीजेपी में उथल पुथल का सवाल किया गया तो डिप्टी सीएम केशव ने कहा कि बीजेपी में कोई उथल पुथल नहीं है। टीमसी का तो यही हस्र होना था। आगे सपा का भी 2027 में ऐसा ही हस्र होगा। जो महाराष्ट्र में हो रहा उसकी विशेष जानकारी नहीं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रबुद्द सम्मेलन कार्यक्रम में मीडिया संवाद के दौरान कहा कि रामलला मंदिर मामले पर पूछे गए सवाल पर कहा कि राम मंदिर के दान पात्र चढावे को लेकर जो शिकायत है उसकी जांच की जा रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि भगवान श्री राम के चढावे का पैसा चाहे जिसने खाया होगा उसका सुख नहीं भोग सकता। जांच के बाद जो दोषी होगा उससे रिकवर किया जायेगा। हनुमान जी महाराज राम जी के भक्त है, वो सब ठीक करेंगे। एफआईआर के सवाल पर केशव बोले कि अभी जांच चल रही है। अगर एफआईआर की जरूरत होगी तब होगी, अभी तो जांच जारी है। अखिलेश यादव पर कहा कि अखिलेश ब्राहम्ण सम्मेलन करें या ठाकुर सम्मेला उनका कुछ नहीं होने वाला है। सपा सैफई जा रही है, और बीजेपी लखनऊ में है सत्ता में है सत्ता में रहेगी। कोई भी पार्टी टूट रही है जो वो भ्रष्टाचार करेगी, परिवारवाद करेगी उसका येही होना है। कोई भी भाजपा में नहीं आया है। सपा में तो अभी भी 25 से 25 सांसद टूटने को तैयार हैं, लेकिन हम लोग तोड़ ही नहीं रहें हैं। राम मंदिर एक आस्था का विषय है, वहां आज भी उतने ही भक्त जा रहें है जैसे पहले पहुंच रहे थे। तो इसको चर्चा का विषय नहीं बनाना चाहिए, जांच चल रही है।
छह महीने बाद फिर लगी डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा:ग्रीन कॉरिडोर निर्माण में हटाई गई थी:
लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर निर्माण के दौरान निशातगंज स्थित स्मृति चौक से हटाई गई पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की पत्नी स्वर्गीय डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा करीब छह महीने बाद दोबारा स्थापित कर दी गई है। प्रतिमा को लेकर उठ रहे सवालों और जनप्रतिनिधियों की मांग के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इसे पुनः उसी स्थान पर लगवा दिया। जानकारी के अनुसार, गोमती नदी पर स्थित निशातगंज पुल के एक छोर पर बने स्मृति चौक पर करीब तीन दशक पहले डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत चौराहे के पुनर्निर्माण के दौरान लगभग छह महीने पहले प्रतिमा को हटाया गया था। उस समय अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया था कि नया चौराहा बनने के बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित कर दिया जाएगा। मार्च में ग्रीन कॉरिडोर और नव विकसित चौराहे का लोकार्पण भी हो गया, लेकिन प्रतिमा नहीं लगाए जाने से स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई थी। इस बीच विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से भी प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की मांग उठाई गई। प्रदेश महिला कांग्रेस की मध्य जोन अध्यक्ष एवं कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी तथा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव एवं पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि चौराहे का निर्माण पूरा होने और लोकार्पण के बाद भी प्रतिमा न लगना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने एलडीए से तत्काल प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की मांग की थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद एलडीए ने निशातगंज स्थित स्मृति चौक पर डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा दोबारा स्थापित करा दी। प्रतिमा लगने के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों ने संतोष जताया है। अब स्मृति चौक एक बार फिर अपने पुराने स्वरूप में नजर आने लगा है।
मेरठ के 28 यात्रियों से भरी ट्रैवलर खाई में गिरी:2 की मौत, 24 घायल; सभी नैनीताल से लौट रहे थे
मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र के एक परिवार की नैनीताल यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। बुधवार को नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर लाल मिट्टी क्षेत्र के पास 28 लोगों से भरी टेंपो ट्रैवलर सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक ताला फैक्ट्री निवासी अनीस अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ तीन-चार दिन पहले नैनीताल घूमने गए थे। बुधवार को सभी लोग मेरठ वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी रास्ते में एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और टेंपो ट्रैवलर खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक वाहन में कुल 28 लोग सवार थे। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है। पहाड़ी मोड़ पर अनियंत्रित होने की आशंका कालाढूंगी कोतवाली के प्रभारी अरुण कुमार सैनी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पहाड़ी मोड़ पर वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है। मेरठ में पसरा मातमहादसे की सूचना मिलते ही मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र में मातम छा गया। परिजन रातों-रात हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ जुटी हुई है और सभी घायल रिश्तेदारों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें राममंदिर कर्मचारी टिन्नू की पत्नी बोली- बदनाम किया जा रहा:SIT तीसरे दिन जांच के लिए पहुंची, BJP नेता बोले- बिना आग धुआं नहीं उठता अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बाद उनकी पत्नी पूनम यादव सामने आई हैं। उन्होंने कहा- 50 कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। हमें बदनाम किया जा रहा है। यह पति को फंसाने की साजिश है। अगर कोई सबूत है तो दिखाएं। पूरी खबर पढ़ें
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) साकेत में बुधवार को आयोजित मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मेले में प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विभिन्न निजी कंपनियों और संस्थानों ने अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लेकर चयन प्रक्रिया पूरी की। हालांकि रोजगार के अवसर मिलने के बावजूद कई युवाओं ने वेतन को लेकर निराशा नज़र आई । मेले में पहुंचे अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि ज़्यादातर कंपनियां 12 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह के पैकेज पर भर्ती कर रही हैं, जो वर्तमान महंगाई के दौर में काफी नहीं है। एक अभ्यर्थी ने कहा कि रोजगार मेला अच्छी पहल है और यहां काफी संख्या में कंपनियां आई हैं, लेकिन वेतन बहुत कम है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि युवाओं की बेसिक सैलरी कम से कम 20 से 25 हजार रुपये होनी चाहिए ताकि वे अपने खर्च पूरे कर सकें। एक अन्य युवक ने कहा कि उसे सरकार की रोजगार योजना पसंद आई, लेकिन उपलब्ध नौकरियां उसकी योग्यता और क्षेत्र से मेल नहीं खातीं। युवक ने खुद को प्रमाणित सेल्फ डिफेंस इंस्ट्रक्टर बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के लिए भी अवसर होने चाहिए जो प्रशिक्षण, खेल और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। रोजगार मेले में पूरे मंडल से आए युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। अभ्यर्थियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर सैलरी और स्किल्स आधारित पदों की संख्या बढ़ाने की भी मांग उठाई।
हापुड़ शहर के अशोक नगर मोहल्ले में रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों द्वारा मारपीट और धमकी दिए जाने से आहत होकर युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अशोक नगर स्थित डॉक्टर गंगा राघव वाली गली निवासी जॉनी कुमार (30) के रूप में हुई है। वह धौलाना रोड स्थित सालासर फैक्टरी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी ज्योति, तीन बेटियां और एक बेटा हैं। मृतक के बड़े भाई रिंकू कुमार के अनुसार, जॉनी ने एक ठेकेदार से 20 हजार रुपये अग्रिम लिए थे। आरोप है कि बुधवार सुबह ठेकेदार अपने चार साथियों के साथ जॉनी के घर पहुंचा और एक हजार रुपये वापस न करने को लेकर उससे मारपीट की। साथ ही रुपये की वसूली को लेकर धमकियां भी दी गईं। परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान जॉनी की पत्नी ज्योति ने ठेकेदार से कुछ समय देने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद दबाव बनाया गया। घटना के बाद जॉनी मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था। आरोप है कि बुधवार रात जॉनी ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मेरठ में दरोगा और हेडकांस्टेबल ने मिलकर लूट के आरोपी को बिना कार्यवाही किए 3 हजार रुपए की रिश्वत लेकर थाने से छोड़ दिया। आरोपी की मां ने इसकी शिकायत सीनियर ऑफिसर से कर दी। तो पूरे मामले की जांच हुई और मामला खुला। इसके बाद रिश्वत लेने वाले आरोपी दरोगा और हेडकांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। ये है पूरी घटनानौचंदी थानाक्षेत्र में लूट के मामले में रिहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। मकबरा घोसियान निवासी रिहान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का निर्देश था। नौचंदी थाने के दरोगा ने केसरगंज चौकी पर आरोपी को रखा और रिश्वत लेकर छोड़ दिया। लूट के आरोपी रिहान को हिरासत में लेने के बाद दरोगा अनूप कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार ने तीन हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ दिया। आरोपी की मां रिहाना ने इसकी शिकायत थाने में की तो फुटेज से आरोपी को हिरासत में लेकर केसरगंज चौकी में रखने की पुष्टि हुई। इसके बाद दरोगा और सिपाही पर भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपी रिहान के साथ दरोगा और सिपाही को तलाश रही है। 2023 में हुआ था मुकदमारेलवे रोड थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी में थाना प्रभारी विजय कुमार ने कहा है कि न्यायालय ने वर्ष 2023 में नौचंदी थाने में दर्ज किए गए लूट के मामले में एक जून को आरोपी रिहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। मकबरा घोसियान निवासी रिहान को 17 जून तक गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का निर्देश था।आरोपी की मां ने पुलिस को बताया सचनौचंदी थाना प्रभारी निरीक्षक ने चार जून को थाने पर तैनात दरोगा अनूप कुमार को वारंट तामील करने का कार्य सौंपा था। दरोगा अनूप कुमार ने रेलवे रोड थाने के हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार के साथ मिलकर रिहान की तलाश शुरू की। 12 जून को दोपहर 3:30 बजे दोनों ने रिहान को गिरफ्तार कर लिया। वे रिहान को केसरगंज चौकी पर ले आए। उन्होंने चौकी प्रभारी या अन्य उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी। थाने के अभिलेखों में भी आरोपी को हिरासत में लेने की जानकारी नहीं दी।बाइक पर आरोपी को ले जाते दिखे पुलिसकर्मीरिहान की मां रिहाना ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे तीन हजार रुपये की रिश्वत ली। रिश्वत लेने के बाद उन्होंने रिहान को केसरगंज पुलिस चौकी से छोड़ दिया। इस आरोप की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। फुटेज में अनूप कुमार और दिनेश कुमार रिहान को लाल रंग की मोटरसाइकिल पर ले जाते दिखे। कार्रवाई की जानकारी होने पर दोनों पुलिसकर्मी भाग गए।पुलिस का ये कहना है एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि 12 जून को नौचंदी थाने के एक मामले में आरोपी रिहान जो रेलवे रोड थाने का रहने वाला है उसके संबंध में एनबीडब्लू प्राप्त हुआ था। इस मामले में उपनिरीक्षक अनूप कुमार ने केसरंगज चौकी के हेडकांस्टेबल दिनेश कुमार के साथ मिलकर रिहान की अरेस्टिंग की लेकिन बिना एक्शन के आरोपी को मौके से ही छोड़ दिया गया। सीनियर ऑफिसर को नहीं बताया न ही कार्यवाही की गई, थानाध्यक्ष रेलवे रोड की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है।
लखनऊ में मदरसे के कमरे में लगी आग:फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू, शार्ट सर्किट से हुई घटना
लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित चांदगंज इलाके में बुधवार शाम एक मदरसे के कमरे में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। दमकल की टीम ने आग पर पाया काबू प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दिया। कमरे में रखा सामान आग की चपेट में आया फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि कमरे में रखा कुछ सामान आग की चपेट में आकर राख हो गया। आग शार्ट सर्किट से लगने की बात सामने आ रही है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप है। रेलवे रोड थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला नौचंदी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। लगभग तीन साल पहले दर्ज लूट के एक मुकदमे में मकबरा घोसियान निवासी रिहान के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। कोर्ट ने उसे 17 जून तक गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया था। इस वारंट के अनुपालन की जिम्मेदारी नौचंदी थाने में तैनात दरोगा अनूप कुमार को सौंपी गई थी। आरोप है कि 12 जून को दरोगा अनूप कुमार और रेलवे रोड थाने में तैनात हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार ने रिहान को गिरफ्तार किया था। उसे केसरगंज चौकी पर लाया गया और 3,000 रुपये की रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया। पुलिसकर्मियों ने न तो किसी अधिकारी को गिरफ्तारी की सूचना दी और न ही थाने के रिकॉर्ड में इसे दर्ज किया। दो दिन पहले रिहान की मां रिहाना ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे से तीन हजार रुपये रिश्वत ली है। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि छोड़ा गया व्यक्ति वारंटी था। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ में रिहान को पुलिस हिरासत में लेने और चौकी तक लाने की पुष्टि हुई। फुटेज में दोनों पुलिसकर्मी रिहान को लाल रंग की बाइक पर ले जाते हुए भी दिखे। जांच की भनक लगते ही दोनों पुलिसकर्मी फरार हो गए थे, लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ महीने पहले ही एसएसपी अविनाश पांडेय ने लोहियानगर थाने के दो दरोगाओं को धागा कारोबारी से 20 लाख रुपये की उगाही के मामले में जेल भिजवाया था।
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक युवक ने तीन वर्षीय मासूम को उसकी गोद से छीनकर बेरहमी से पटककर घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपी के व्यवहार को लेकर अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। घटना मंगलवार शाम शकूरनगर इलाके में हुई। तीन वर्षीय बच्चा अपने चाचा के साथ घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान रिहान नामक युवक अचानक वहां पहुंचा और बच्चे को गोद से छीनकर भागने लगा। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने आरोपी का पीछा करना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछा होते देख आरोपी बच्चे को लेकर पास स्थित एक मस्जिद में घुस गया। वहां उसने मासूम को जमीन और सीढ़ियों पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को आरोपी के कब्जे से सुरक्षित छुड़ाकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। घटना के बाद बच्चे के दादा दिलशाद सैफी की तहरीर पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी रिहान को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में उसके व्यवहार और बच्चों के प्रति असामान्य आक्रोश जैसी बातें सामने आई हैं। बुधवार को आरोपी रिहान को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपी के मानसिक व व्यवहारिक पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि परिवार के लोग अब भी इस वारदात से सदमे में हैं।
महिला कांस्टेबल ने लगाए फर्जी डॉक्यूमेंट्स:ड्यूटी से गैरहाजिर थी, जांच में खुला मामला; मुकदमा दर्ज
मेरठ में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल द्वारा फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर छुट्टी लेने का मामला सामने आया है। कांस्टेबल के ऊपर सिविल लाइन थाने में मुकदमा लिखा गया है। वहीं अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। दरअसल आरिफा नामक महिला कांस्टेबल अचानक ड्यूटी से गैरहाजिर हो गई। जब सीनियर्स ने उससे अचानक अपसेंट होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वो बीमार है। इसलिए अचानक अवकाश लेना पड़ा। कांस्टेबल से उसकी बीमारी के प्रमाण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट और डॉक्यूमेंट्स मांगे गए। जिसके एवज में कांस्टेबल ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाकर सबमिट कर दिए। जब उक्त दस्तावेजों की जांच हुई तो वो सभी फर्जी निकले। जिसके चलते महिला कांस्टेबल आरिफा के खिलाफ एक्शन हुआ है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा हुआ है और अग्रिम एक्शन किया जा रहा है।
मेरठ में पार्किंग शुल्क विवाद:विरोध करने पर युवक से मारपीट का आरोप
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित मिमहंस अस्पताल मार्ग पर मंगलवार रात पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि पार्किंग वसूली का विरोध करने पर एक स्कूटी सवार युवक के साथ अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक युवक अपने परिचित के साथ अस्पताल पहुंचा था। वहां मौजूद पार्किंग कर्मियों ने वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क मांगा। युवक ने शुल्क की राशि और वसूली प्रक्रिया पर सवाल उठाया, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बहस के दौरान पार्किंग से जुड़े एक व्यक्ति को फोन कर बुलाया गया। वह कुछ ही देर में अपने कई साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। युवक का आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर मारपीट भी हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मिमहंस अस्पताल मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठे हैं। लोगों का आरोप है कि पार्किंग के नाम पर मनमाने ढंग से वसूली की जाती है। इसके अतिरिक्त, होटल और रेस्टोरेंट के आसपास देर रात तक अराजक गतिविधियों और खुलेआम शराब सेवन की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, देर रात तक किसी भी पक्ष की ओर से मेडिकल थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। मेडिकल थाना प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि मारपीट के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दी जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
रामपुर में मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर स्वार कोतवाली क्षेत्र के मसवासी चोहद्दा जंगल में तेंदुआ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एक कार चालक द्वारा बनाया गया तेंदुए का वीडियो सामने आया है। इसके बाद वन विभाग भी सतर्क हो गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे एक कार चालक मसवासी चोहद्दा जंगल क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे मौजूद एक तेंदुए पर पड़ी। चालक ने तत्काल वाहन रोककर अपने मोबाइल फोन से तेंदुए का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों में भय का माहौल वीडियो सामने आने के बाद आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसान, पशुपालक और जंगल से चारा लेने जाने वाले लोग अब विशेष सावधानी बरत रहे हैं। कई ग्रामीण समूह बनाकर खेतों और जंगल की ओर जा रहे हैं ताकि किसी संभावित खतरे की स्थिति में एक-दूसरे की सहायता कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले कभी तेंदुए की मौजूदगी की सूचना नहीं मिली थी। ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ गई है। एहतियात के तौर पर बच्चों और महिलाओं को अकेले खेतों तथा जंगल की ओर जाने से रोका जा रहा है। मामले को लेकर वन विभाग ने भी सक्रियता दिखाई है। विभाग के एसडीओ ने वीडियो की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम जल्द ही मौके का निरीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए संबंधित क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा। वन विभाग के अनुसार, तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना है। फिलहाल ग्रामीणों से सतर्क रहने और तेंदुआ दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर बुधवार रात करीब 9:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के शेरनगर गांव के पास जानसठ रोड ओवरब्रिज से पहले हरिद्वार की ओर से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल चालक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही नई मंडी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे घायल चालक को बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। चिकित्सकों के अनुसार चालक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक हादसे में घायल व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। कार से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान कर परिजनों को सूचित किया जाएगा। फिलहाल उसे उपचार के लिए जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे की वजह हो सकती है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
टोंक शहर की मुख्य सब्जी मंडी में सब्जी खरीदकर 500 और 200 के एक दर्जन से ज्यादा नकली नोट थमाने का मामला सामने आया है। सूचना पर पुरानी टोंक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नकली नोट बरामद कर जांच शुरू कर दी। भीमसेना के जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा ने बताया कि आज सब्जी मंडी में गया तो महिला सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि मंगलवार को अज्ञात बदमाशों ने 50 रुपए की सब्जी खरीदी और उसके बदले 500 का नकली नोट दे दिया। फिर उसे महिलाओं ने 450 रुपए वापस दे दिए। ठगी का खुलासा तब हुआ, जब आज सुबह सभी विक्रेता थोक व्यापारियों को बकाया भुगतान करने पहुंचे। व्यापारियों ने नोटों को नकली बताते हुए लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी पीड़ित विक्रेता पुरानी टोंक थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नकली नोट जब्त कर जांच शुरू कर दी है। सब्जी विक्रेता शांति, कैलाश, करीम कुजड़ा, नाथी, रुक्मणी, गलखु सीता, हीरा सैनी सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि अधिकांश विक्रेता महिलाएं हैं, जिन्हें असली-नकली नोट की पहचान नहीं है। इस कारण वे आसानी से ठगी का शिकार हो गईं। भीमसेना जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा ने सब्जी मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रशासन से मांग की है।
बस्ती जिले में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एक घटना हुई। गौर थाने में ग्राम प्रहरी (चौकीदार) के पद पर तैनात बाबूलाल के 25 वर्षीय बेटे रंजीत सोनकर ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। यह घटना टिनिच रेलवे स्टेशन के पूर्वी समपार फाटक के पास हुई, जहां रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, गौर थाना क्षेत्र के तरैनी गांव निवासी रंजीत सोनकर बुधवार को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भरवलिया गांव स्थित अपनी बहन के घर गया था। वहां से लौटने के बाद वह टिनिच रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से ठीक पहले रंजीत मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता बाबूलाल ने शव की पहचान करने के बाद बताया कि रंजीत पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद और कलह के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उनका कहना है कि इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। आरपीएफ इंस्पेक्टर मिर्जा राशिद बेग ने बताया कि टिनिच रेलवे स्टेशन के पूर्वी समपार फाटक के पास एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
राहुल गांधी 10 जुलाई को प्रयागराज आएंगे:छात्रों से संवाद कर पेपर लीक पर 'हल्ला बोल' की तैयारी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 10 जुलाई को प्रयागराज का दौरा करेंगे। वे यहां प्रतियोगी छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में खामियों, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में 17 जून को प्रयागराज के एक होटल में कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता केके राय ने की। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का यह संवाद युवाओं के संघर्ष को राष्ट्रीय पटल पर लाने का एक माध्यम है। राय ने अधिवक्ताओं को यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के साथ समन्वय स्थापित कर जमीनी स्तर पर प्रचार-प्रसार तेज करने के निर्देश दिए। कांग्रेस विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक ने कहा कि पार्टी अब हर न्यायालय परिसर, छात्रावासों और डेलीगेसी में छात्रों से सीधा संवाद करेगी। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं को समझने के लिए उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ना आवश्यक है। प्रयागराज को देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। राहुल गांधी का यह दौरा सरकार पर पेपर लीक मामले को लेकर दबाव बनाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी का लक्ष्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के मुद्दे पर युवाओं को एकजुट करना है। बैठक में वक्ताओं ने यह भी बताया कि वे छात्रों की समस्याओं को कानूनी और राजनीतिक दस्तावेज के रूप में संकलित करेंगे, ताकि राहुल गांधी के समक्ष युवाओं का पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके। इस तैयारी बैठक में प्रदेश महासचिव जमील अहमद आज़मी, अतुल श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष रवीन्द्र सिंह, हरिश्चंद्र दुबे और आसिफ़ रिज़वी ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। कार्यकारिणी सदस्य आशीष चौधरी, अखिलेश द्विवेदी, अवधेश राय, एस.एम. अली, सुशील दुबे, जेपी सिंह, आशीष चित्रांशी, अरुण कुमार सिंह 'मुन्ना', विनोद द्विवेदी, मनोज श्रीवास्तव, प्रमोद मिश्रा, चंदन सिंह, आदेश शर्मा, बृजेन्द्र पाण्डेय, प्रदीप नारायण द्विवेदी और मोनू सहित कई अन्य सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए।
राजसमंद के हल्दीघाटी स्थित अरण्य बाग में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर खमनोर स्थित रक्ततलाई से अरण्य बाग तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल के युवाओं ने महाराणा प्रताप, झाला मान, भीलू राणा, भामाशाह और हकीम खां सूरी सहित मेवाड़ के वीर योद्धाओं की वेशभूषा धारण कर भाग लिया। युवाओं के जोश और ऐतिहासिक पात्रों के स्वरूप ने वातावरण को वीरता और गौरव से भर दिया। अरण्य बाग पहुंचने के बाद महाराणा प्रताप जयंती समारोह का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इतिहासकार डॉ. चन्द्रशेखर शर्मा ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, स्वाभिमान, देशभक्ति और त्यागपूर्ण जीवन के बारे में बताया। इस अवसर पर चेतक की स्मृति में अश्व प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अश्व पालकों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय मेले में विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मेले का समापन 19 जून को होगा।
जशपुरनगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग के प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने उन्हें उनके मधुबन टोली स्थित आवास से उस समय पकड़ा, जब वे शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार कर रहे थे। यह रिश्वत मनरेगा कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के नाम पर मांगी जा रही थी। अब जानिए पूरा मामला यह पूरा मामला मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कपरोल का है। यहां के पूर्व उप सरपंच रीतूराम यादव ने एसीबी से शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनके कार्यकाल में 2022-23 के दौरान मनरेगा योजना के तहत गेबियन संरचना का निर्माण कराया गया था। काम पूरा होने के बाद भी उसका मूल्यांकन और भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। शिकायत के अनुसार, निर्माण कार्य के मूल्यांकन के लिए प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर ने शुरुआत में 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न मिलने पर उन्होंने लगभग छह महीने तक मूल्यांकन प्रक्रिया को जानबूझकर रोके रखा। जब शिकायतकर्ता ने दोबारा संपर्क किया, तो रिश्वत की मांग कथित तौर पर घटाकर 50 हजार रुपए कर दी गई। पूर्व उप सरपंच ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन कराने के लिए उन्हें 50 हजार रुपए देने पड़े। इसके बाद मूल्यांकन तो हो गया, लेकिन भुगतान के लिए आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया फिर अटक गई। आरोप है कि सत्यापन और भुगतान जारी करने के नाम पर प्रभारी एसडीओ ने दोबारा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगना शुरू कर दिया। बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता रीतूराम यादव ने इस बार एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी गिरफ्तारी हुई। जानकारी के मुताबिक, पहले से तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया था। जैसे ही आरोपी प्रभारी एसडीओ संजय दिवाकर ने अपने मधुबन टोली स्थित आवास पर रिश्वत की रकम ली, पहले से तैयार एसीबी टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। एसीबी अधिकारियों ने आरोपी संजय दिवाकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। एसीबी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रिश्वतखोरी के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत सेखाला ग्राम पंचायत के धोकलसर गांव में वैज्ञानिक–किसान संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में गांव के लगभग 40 कृषकों सहित काजरी के वैज्ञानिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. एच.एस. जाट ने किसानों को जलवायु परिवर्तन एवं बढ़ते सूखे की चुनौतियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता एवं उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, टिकाऊ भूमि एवं जल प्रबंधन तथा संसाधन संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया। काजरी के वैज्ञानिकों ने संस्थान द्वारा मृदा एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधानों तथा विकसित तकनीकों की जानकारी साझा की। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने तथा उसके आधार पर संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने हेतु प्रेरित किया गया, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता को भी बनाए रखा जा सके। फसलों के नुकसान की दी जानकारी संगोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों को सुअरों एवं चूहों जैसे हानिकारक जीवों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान तथा उनकी रोकथाम के लिए उपलब्ध वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, काजरी द्वारा विकसित मोठ की उन्नत एवं अधिक उत्पादन क्षमता वाली नवीन किस्मों के बारे में जानकारी देते हुए क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसल चयन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु उन्नत किस्मों एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बिस्सा की 84 वीं पुण्य तिथि पर पुष्पांजलि और गोष्ठी 19 को मारवाड स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अमूल्य योगदान देने वाले जननायक अमर शहीद बाल मुकुन्द बिस्सा की 84वीं पुण्य तिथि शुक्रवार 9.00 बजे से जालोरीगेट स्थित बिस्सा सर्किल पर पुष्पांलजि अर्पित करते हुए श्रद्धा व सेवा दिवस के रूप में मनाई जाएगी। अमर शहीद बाल मुकुन्द बिस्सा स्मृति संस्था के गोल्डी बिस्सा व सुरेश बिस्सा ने बताया कि कल शुक्रवार को शहर विधायक अतुल भंसाली के मुख्य आतिथ्य व भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा, पार्षद सुनिल व्यास, राकेश कल्ला, सुरेश जोशी छोटसा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जगतनारायण जोशी (मन्नु), लक्ष्मीनारायण सोलंकी, राजेंद्र बोराणा, अनिल जोशी के विशिष्ठ आतिथ्य में जालोरीगेट स्थित बिस्सा सर्किल पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम होगा। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्वाभ्यास सत्रों में नियमित योगाभ्यास जारी वर्तमान जीवनशैली में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। अबकी बार : स्वस्थ आयु के लिए योग की थीम के साथ 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जिले में आयोजित पूर्वाभ्यास सत्रों में बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से योगाभ्यास कर रहे हैं। आयुर्वेद विभाग जोधपुर की उपनिदेशक एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजू नागर ने बताया कि 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्वाभ्यास सत्रों के अंतर्गत सम्राट अशोक उद्यान, मंडोर उद्यान, राजकीय आयुर्वेद नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर पुंजला और मंडलो में जिला प्रशासन एवं आयुर्वेद विभाग के तत्वावधान में प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत 47 दिनों से कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योग क्रियाओं एवं आसनों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। योगाभ्यास सत्र में आयुर्वेद विभाग की ओर से डॉ. सुशीला चौधरी, डॉ. जोगेन्द्र राव, डॉ. मुकेश प्रजापत, वरिष्ठ कम्पाउंडर अब्दुल सलाम चिश्ती, सुरेन्द्र प्रजापत, सलीम सुल्तान, मदन सिंह राजपुरोहित (एएओ), किशन शर्मा (एस.ए.) एवं ईश्वर वैष्णव (जे.ए.) सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। क्षेत्रीय स्तर की डाक अदालत का आयोजन 25 को भारतीय डाक विभाग के पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में स्थित जोधपुर, सिरोही, पाली मारवाड़, जैसलमेर, नागौर, बाड़मेर, जालौर, चूरू, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बालोतरा,फलोदी, डीडवाना, कुचामन, जिलों में डाक सेवाओं के उपभोक्ताओं के लिए क्षेत्रीय स्तर की डाक अदालत का आयोजन कार्यालय पोस्टमास्टर जनरल राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर में 25 जून, 2026 को 11.00 बजे किया जायेगा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण 19 को रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, रोजगार क्षमता बढ़ाने और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) शुरू की है। इसे पूर्व में एम्प्लॉयमेन्ट लिंक्ड इंसेटिव (ELI) योजना के रूप में जाना जाता था, जिसमें मेन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना के तहत, पहली बार नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को एक महीने का वेतन या अधिकतम 15,000 रुपये तक की राशि दो किस्तों में मिलेगी, जबकि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने के लिए दो साल तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, और मेन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र के लिए यह लाभ दो और वर्षों के लिए विस्तारित किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, जोधपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त 1, डॉ अजय सिंह चौधरी ने बताया कि इस योजना के सफल कार्यान्वयन के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री श नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में 19 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर का पीएमवीबीआरवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि का वितरण किया जाएगा, साथ ही, देश भर में लगभग 200 स्थानों पर विशेष रूप से प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्रों में, क्षेत्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में मंगलवार रात हुई चाकूबाजी की घटना में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल डंडे और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। इस मामले में तीन नाबालिगों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि यदि उनकी शिकायत पर शाम को ही कार्रवाई की जाती, तो रात में हुई यह वारदात रोकी जा सकती थी। पुलिस के अनुसार, बाम्बे आवास घासीदास नगर, जामुल निवासी रूखमणी मारकण्डेय की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया कि 16 जून की रात करीब आठ बजे पुराने विवाद और आपसी रंजिश के चलते मोहल्ले के हर्ष साहू उर्फ अंशु, दिनेश साहू उर्फ दीनू, विजय यादव उर्फ करण यादव, परिचय उर्फ गुलशन यादव, मोहम्मद आसिफ और उनके साथियों ने संतु मारकण्डेय, सतीश मारकण्डेय और दीपक साहू पर डंडे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जामुल पुलिस सक्रिय हो गई और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुरानी रंजिश के कारण हमला करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह विवाद दो दिन पहले घासीदास नगर में हुई एक स्कूटी में आग लगाने की घटना से शुरू हुआ था। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसी घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी पक्ष ने बदले की भावना से दोबारा विवाद शुरू किया, जिसके बाद यह मामला हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित परिवार का आरोप- शाम छह बजे थाने पहुंचे थे घायल पक्ष का दावा है कि घटना से पहले ही हालात बिगड़ने लगे थे। परिवार के सदस्य शाम करीब छह बजे शिकायत लेकर जामुल थाने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उस समय उनके साथ हुई मारपीट और विवाद की जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। न तो मामला दर्ज किया गया और न ही मौके पर पुलिस भेजी गई। परिवार का कहना है कि यदि उसी समय पुलिस हस्तक्षेप कर देती तो रात में हुए हमले को रोका जा सकता था। लेकिन कथित लापरवाही के कारण आरोपी पक्ष दोबारा बड़ी संख्या में पहुंचा और जानलेवा हमला कर दिया। गर्भवती महिला के साथ मारपीट का भी आरोप पीड़ित परिवार की महिला अमर बाई ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान उनकी तीन माह की गर्भवती बेटी आरती साहू के पेट में भी लात मारी गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और रक्तस्राव शुरू हो गया। परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं और उनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। अमर बाई का कहना है कि वह पहले भी कई बार थाने पहुंचकर शिकायत कर चुकी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले स्कूटी जलाने की घटना हुई, फिर विवाद बढ़ता गया, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि आरोपी पक्ष ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए पूरे परिवार को निशाना बनाया। एफआईआर में देरी को लेकर भी उठे सवाल पीड़ित परिवार का आरोप है कि रात में गंभीर घटना होने के बावजूद देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से तत्परता दिखाई जाती तो तीन लोगों को चाकू नहीं लगते और पूरा परिवार इस भयावह स्थिति से बच सकता था। घटना के बाद इलाके में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला जामुल थाना पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 417/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक डंडा और एक धारदार हथियार भी जब्त किया है।
कोंडागांव जिले के केशकाल वन परिक्षेत्र के ग्राम सिलाटी में बुधवार, 17 जून 2026 को एक तेंदुआ गांव में घुस आया। सुबह से एक मकान के सामने बैठे इस तेंदुए की हालत सामान्य नहीं लग रही है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ काफी कमजोर और बीमार दिखाई दे रहा है, जिसके चलते वह लंबे समय से एक ही स्थान पर बैठा हुआ है। गांव में पहली बार तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही दक्षिण वन मंडल केशकाल की डीएफओ दिव्या गौतम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तेंदुए के आसपास घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उसके पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। वन विभाग की टीम तेंदुए की स्थिति का लगातार निरीक्षण कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेंदुआ बीमार या घायल हो सकता है, जिसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही होगी। रेस्क्यू दल तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर उपचार के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में भेजने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल, वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और तेंदुए के सफल रेस्क्यू के प्रयास जारी हैं। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
देवास में बुधवार शाम एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद एमजी रोड पर भारी जलभराव हो गया। निर्माणाधीन नाले में पानी भर जाने से एक मिनी ट्रक के पहिए सड़क में धंस गए, जिससे वाहन पलटने की स्थिति में पहुंच गया। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, मिनी ट्रक के एक तरफ के दोनों पहिए सड़क में गहरे धंस गए, जिससे वह एक ओर झुक गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बल्लियों का सहारा देकर वाहन को संभाला और उसे पलटने से बचाया। बारिश के कारण सड़क और निर्माणाधीन नाले में पानी भर गया, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन भी जलभराव में फंस गए, जबकि चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। जलभराव से आवागमन प्रभावित स्थानीय लोगों का कहना है कि एमजी रोड पर चल रहे नाला निर्माण कार्य के चलते बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। पानी भरने से आमजन और व्यापारियों को आवागमन में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मिनी ट्रक के सड़क में धंसने की इस घटना ने निर्माणाधीन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डाक सेवाओं से जुड़ी लंबित शिकायतों के समाधान के लिए मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल 29 जून को परिमंडल स्तरीय डाक अदालत आयोजित करेगा। यह डाक अदालत सोमवार शाम 4 बजे जय स्तंभ चौक स्थित रायपुर प्रधान डाकघर (जीपीओ) भवन की दूसरी मंजिल में लगेगी। डाक विभाग के मुताबिक अदालत में डाक वितरण, काउंटर सेवाएं, लघु बचत योजनाएं, रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी), बचत बैंक खाते, बचत पत्र, रजिस्ट्री, वैल्यू पेयेबल पार्सल, एक्सप्रेस पार्सल, स्पीड पोस्ट, मनीऑर्डर, डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। 24 जून तक भेज सकेंगे शिकायत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उनकी कोई शिकायत लंबित है तो उसका पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में 24 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर कार्यालय में जमा करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद मिलने वाली शिकायतों को इस डाक अदालत में शामिल नहीं किया जाएगा। सीधे समाधान का मौका डाक विभाग का कहना है कि डाक अदालत का उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं का प्रत्यक्ष और प्रभावी समाधान करना है। इससे डाक सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
ललितपुर के ग्राम बीघा महर्रा में राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ की पुत्री पर जमीन कब्जाने और आगजनी के आरोप लगाए गए हैं। सहरिया समुदाय की महिलाओं ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस ने बुधवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिलाओं के अनुसार, 16 जून की सुबह राज्यमंत्री की दो बेटी 10 से 12 लोगों के साथ गांव पहुंचीं और कथित रूप से उनके मकानों तथा जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई। आरोप है कि माना सहरिया के मकान में आग लगा दी गई, जिसके बाद सभी लोग मौके से चले गए। मामले को लेकर पाली सीओ अजय कुमार ने बताया कि ग्राम महर्रा निवासी महेंद्र आदिवासी की तहरीर पर कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में महेंद्र ने अपने छप्पर में आग लगने की सूचना दी है, हालांकि उसने किसी व्यक्ति को आग लगाते हुए नहीं देखा है। इसी आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, राज्यमंत्री की पुत्री सीमा कोरी गांव में अपनी निजी जमीन पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थीं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कुछ ग्रामीण उस जमीन से रास्ते के रूप में आवागमन करते थे। पुलिस का कहना है कि विवाद की वास्तविक स्थिति और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। ग्राम महर्रा में आगजनी की घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग मकान में आग लगाने के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने वीडियो की भी जांच शुरू कर दी है। सीओ अजय कुमार का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
राजगढ़ जिले में खिलचीपुर के थावरिया बाजार में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, घटना 16 जून की शाम करीब 4:00 बजे की है। पीड़िता अपनी एक सहेली के साथ सतनखेड़ी निवासी दिनेश सेन (25) की खिलौने की दुकान पर गई थी। खिलौने लेकर दोनों बच्चियां अपने घर लौट आईं, लेकिन कुछ देर बाद पीड़िता अकेले ही खिलौना वापस करने दोबारा दुकान पर गई। आरोप है कि इसी दौरान दुकान संचालक दिनेश सेन ने मासूम बच्ची के साथ गलत काम किया। प्रायवेट पार्ट में दर्द हुआ तो पता चला मामले का खुलासा तब हुआ जब रात के समय बच्ची के प्रायवेट पार्ट में दर्द हुआ। रोती हुई बच्ची से जब परिवारजनों ने पूछताछ की तो उसने दुकानदार दिनेश द्वारा की गई इस हरकत के बारे में बताया। पुलिस ने दर्ज किया केस घटना से आक्रोशित परिजन 17 जून 2026 की सुबह करीब 11:00 बजे बच्ची को लेकर थाना खिलचीपुर पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी दिनेश सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 351(3), 127(2) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) 2012 की धारा 5m व 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रयागराज में शहर की सड़कों को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम का संयुक्त अभियान लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रयागराज जंक्शन के गेट नंबर-1 से लेकर गेट नंबर-5 तक व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान नो पार्किंग जोन में खड़े 100 वाहनों का चालान किया गया, जबकि सड़क पर अवैध रूप से कब्जा कर कारोबार करने वाले आठ दुकानदारों के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 34 के तहत कार्रवाई की गई। अभियान एडीसीपी ट्रैफिक पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय पुलिस और नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कार्रवाई के दौरान रेलवे स्टेशन के आसपास अवैध पार्किंग और सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे खड़े वाहनों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई की गई। जंक्शन क्षेत्र में मचा हड़कंपप्रयागराज जंक्शन शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। अभियान शुरू होते ही स्टेशन क्षेत्र में अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों और सड़क किनारे कब्जा जमाकर दुकान लगाने वालों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने वाहन हटाने शुरू कर दिए, जबकि नगर निगम की टीम ने सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया। दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाईयह अभियान मंगलवार को सिविल लाइंस क्षेत्र से शुरू हुआ था। पहले दिन ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सरदार पटेल मार्ग (एसपी मार्ग) और नवाब यूसुफ मार्ग पर कार्रवाई की थी। वहां सड़क पर खड़े दर्जनों दोपहिया और चारपहिया वाहनों को क्रेन से हटाया गया था। साथ ही कार रिपेयरिंग और ऑटो एसेसरीज की दुकानों द्वारा सड़क तक किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। 15 दिन तक चलेगा विशेष अभियानएडीसीपी ट्रैफिक पुष्कर वर्मा ने बताया कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और जाम की समस्या कम करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों तक शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों और अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर बुधवार देर शाम पर्यटकों से भरी एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। वाहन में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी है। हादसे से जुड़ी PHOTOS… 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरी घटना... 1. नैनीताल तिराहे के पास अनियंत्रित हुआ वाहन बुधवार देर शाम टेंपो ट्रैवलर कालाढूंगी से करीब एक किलोमीटर ऊपर नैनीताल तिराहे के पास अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। 2. स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें भी पहुंच गईं। घायलों को खाई से निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। 3. 29 लोग थे सवार, सभी मेरठ के निवासी टेंपो ट्रैवलर में कुल 29 लोग सवार थे। सभी यात्री मेरठ जिले के बताए जा रहे हैं, जो नैनीताल भ्रमण के बाद घर लौट रहे थे। पुलिस यात्रियों और मृतकों का पूरा विवरण जुटाने में लगी है। डीएम-एसएसपी ने संभाली कमान हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी शुरू कर दी। मेडिकल और रेस्क्यू टीम ने घायलों को हल्द्वानी स्थित डॉक्टर सुशीला तिवारी चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम को अलर्ट पर रखा गया है। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में मृतक संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने ब्रेक फेल होने की आशंका जताई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
रायपुर और नवा रायपुर के बीच चाकू की नोक पर 10 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने लूट के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही लूट की रकम भी बरामद कर ली है। लूट का आरोपी कंपनी का ही कर्मचारी निकला। आरोपी ने अपने भाई और एक साथी के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। यह मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला दरअसल, घटना 16 जून 2026 की है। पीड़ित अतुल अग्रवाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी विद्यासागर डहरिया मंगलवार की शाम समता कॉलोनी स्थित ऑफिस से 10 लाख रुपए नकद लेकर नया रायपुर के सेक्टर-26 जा रहा था। यह पैसा मजदूरों के पेमेंट के लिए था। जैसे ही वह सेरीखेड़ी के पास ओवरब्रिज के करीब पहुंचा, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। पहले उन्होंने बैग छीनने की कोशिश की, लेकिन जब बैग नहीं मिला तो एक बदमाश ने चाकू दिखाकर धमकाया। डर के कारण कर्मचारी ने बाइक रोक दी, जिसके बाद आरोपी 10 लाख रुपए से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद मंदिर हसौद थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की। सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले गए और टेक्निकल जांच भी की गई। जांच में पुलिस को कंपनी के ही कर्मचारी दिनेश राव पर शक हुआ। पूछताछ में वह बार-बार बयान बदल रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा जुर्म कबूल कर लिया। आोपी ने भाई और साथी के साथ मिलकर की बड़ी लूट पुलिस के मुताबिक दिनेश राव 2022 से कंपनी में ऑफिस बॉय के रूप में काम करता था और उसे पैसों की आवाजाही की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कंपनी पर कर्ज है और कैश ट्रांजैक्शन होता है। इसी जानकारी के आधार पर उसने करीब एक महीने पहले लूट की साजिश रची थी। चाकू की नोक पर लूटा उसने अपने भाई और एक दोस्त को इस योजना में शामिल किया। घटना वाले दिन जब कर्मचारी विद्यासागर पैसे लेकर निकला, तो दिनेश ने उसका पीछा किया और लोकेशन अपने साथियों को दी। इसके बाद दोनों ने रास्ते में चाकू दिखाकर बैग लूट लिया। 30 हजार देकर बाकी रकम अपने पास रखा लूट के बाद तीनों अमलेश्वर में मिले, जहां दिनेश ने 10 लाख रुपए अपने भाई और साथी से ले लिए। इसमें से 30 हजार रुपए उन्हें दिए गए और बाकी 9 लाख 70 हजार रुपए खुद रख लिए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 9.70 लाख रुपए नकद, एक बर्गमैन बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। कुल बरामद संपत्ति की कीमत करीब 10.80 लाख रुपए बताई गई है। मुख्य आरोपी दिनेश राव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर में बुधवार रात घर के अंदर मां-बेटी की लाश मिली है। बेटी का शव सेप्टिक टैंक में मिला, जबकि मां फंदे से झूलती हुई पाई गई। वहीं फंदे से लटकी नानी के पैरों से लिपटकर 10 महीने का मासूम लगातार रोता मिला। सारंगपुर के वार्ड नंबर 15 में बागकुआ टंकी क्षेत्र के लक्ष्मणदा की बाड़ी का है। जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 55 वर्षीय मधुबाला राठौर और 30 वर्षीय उनकी बेटी शीतल राठौर के रूप में की गई है। घटना के समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था। भीतर से बच्चे के रोने की लगातार आवाज आ रही थी। ये तस्वीरें देखिए… घर में फंदे पर झूलती मिली मां मृतक मधुबाला राठौर के बेटे धीरज राठौर ने बताया- वह शाम करीब 7 बजे बैंक की नौकरी से घर लौटा था। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। अनहोनी की आशंका होने पर उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। सेप्टिक टैंक पर पड़ा मिला बहन का शव मां मधुबाला राठौर फंदे पर झूलती हुई मिलीं। वहीं, बहन शीतल राठौर का शव सेप्टिक टैंक में पड़ा हुआ था। बेटी की मौत के सदमे को मां मधुबाला राठौर सहन नहीं कर सकीं। उन्होंने भी घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं धीरज राठौर ने तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओपी अरविंद सिंह और एसआई राहुल सेंधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। ससुराल विवाद और मानसिक तनाव की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, शीतल की शादी 4 साल पहले देवास जिले के नरवर झाला निवासी कपिल राठौर से हुई थी। उसकी करीब एक साल से पति से अनबन चल रही थी। वह करीब दो माह से अपने पिता के घर रह रही थी। शादीशुदा बेटी शीतल राठौर का पिछले कुछ समय से अपने ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा था, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव के चलते उसने घर के सेफ्टिक टैंक में कूदकर अपनी जान दे दी।
भिंड जिले के असवार थाना क्षेत्र के चौरई गांव में बुधवार देर शाम एक युवक के पैर में गोली लगने का मामला सामने आया है। घायल युवक ने गांव के कुछ लोगों पर पुराने विवाद के चलते जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार चौरई गांव निवासी श्यामू पुत्र सुरेश उदैनिया ने डायल-112 पर सूचना देकर बताया कि उसके पैर में गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लहार भेजा गया। युवक के घुटने के नीचे गोली लगने के निशान पाए गए हैं। खेत जाते समय हमला करने का आरोप घायल श्यामू ने पुलिस को बताया कि उसका गांव के बबलू उदैनिया सहित कुछ लोगों से पुराना विवाद चल रहा है। बुधवार शाम वह अपने खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान चार-पांच लोगों ने उसे घेर लिया और गोली चला दी। एक गोली उसके पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके चलते मामले को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना से एक दिन पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान श्यामू द्वारा कथित रूप से बबलू उदैनिया को अवैध हथियार दिखाने की बात भी सामने आई है। बाद में ग्रामीणों के हस्तक्षेप से विवाद शांत हो गया था। ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय बबलू उदैनिया अपने घर पर आटा चक्की चला रहा था और उसे घटना की जानकारी बाद में परिजनों से मिली। सभी बिंदुओं पर जांच जारी पुलिस घायल युवक के आरोपों, ग्रामीणों के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है। असवार थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि युवक के पैर में गोली लगने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई है। घायल का उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दतिया सिंध नदी के लांच घाट पर प्रशासन ने बुधवार शाम अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाया गया एक अस्थायी पुल तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देश पर की गई। जानकारी के अनुसार, इस अस्थायी पुल का इस्तेमाल भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। इसी के जरिए लंबे समय से अवैध रेत खनन और उसका परिवहन हो रहा था। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था और नदी व पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा था। रेत माफियाओं के बने पुल को नष्ट करायालगातार मिल रही शिकायतों और निगरानी के बाद प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मशीनों की मदद से पुल को पूरी तरह तोड़ दिया गया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं एसपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि कानून व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में एसडीएम अशोक अवस्थी और एसडीओपी अजय चन्ना ने मार्गदर्शन दिया। मौके पर थाना प्रभारी लांच शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आनंद भदौरिया और खनिज विभाग के इंस्पेक्टर संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
दिल्ली सरकार आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं घर के नजदीक और आसान तरीके से उपलब्ध कराने के लिए 18 से 20 जून तक राजधानी के 42 स्थानों पर व्यापक जन कल्याण शिविर आयोजित करेगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन शिविरों में केंद्र और दिल्ली सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएम ने कहा जन कल्याण शिविरों का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिले। '10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे' उन्होंने कहा कि अधिकांश शिविर स्कूल परिसरों में लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों के बैठने, प्रतीक्षा करने और आवश्यक सहायता की समुचित व्यवस्था रहेगी। सभी शिविर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। इन शिविरों में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और राजस्व विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। नागरिकों के कई आवेदनों और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा तथा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। शिविरों में मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं पिंक कार्ड से जुड़ी सेवाएं-प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पंजीकरण और लाभप्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन और ऋण सुविधाराशन कार्ड संबंधी सेवाएंआधार पंजीकरण और अपडेटई-श्रम कार्ड बनवाने की सुविधाजन धन खाता खोलने में सहायतास्टार्टअप इंडिया और एमएसएमई ऋण संबंधी जानकारीउद्योगों के लिए वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाएं-प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी और लाभ
भास्कर न्यूज | नई दिल्ली संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 के अध्ययन के तहत दिल्ली पहुंची संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। समिति की यह यात्रा ‘लोकल स्टडी विजिट’ कार्यक्रम का हिस्सा है। सीएम ने समिति की अध्यक्ष एवं सांसद अपराजिता सारंगी और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। बैठक के दौरान समिति ने सीएम को तीनों प्रस्तावित विधेयकों के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों और प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी। साथ ही संबंधित दस्तावेज भी सौंपे गए। समिति ने बताया इन विधेयकों का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देना, संवैधानिक मूल्यों को और सुदृढ़ करना तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत करना है। बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद जेपीसी अध्यक्ष एवं सांसद अपराजिता सारंगीसांसद डॉ. के. लक्ष्मणसांसद उज्ज्वल देवराव निकमसांसद डी.के. अरुणासांसद परशोत्तम रुपालासांसद असदुद्दीन ओवैसीसांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बासांसद अनुराग ठाकुरसांसद बृज लालसांसद बृजमोहन अग्रवालसांसद मनन कुमार मिश्रालोकसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी जिन विधेयकों पर कर रही है अध्ययन 1. संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 20252. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 20253. संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 समिति विभिन्न हितधारकों से संवाद कर इन विधेयकों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है, ताकि संसद के समक्ष अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
जयपुर में खोनागोरियान थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दुकान संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण व निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि शहरभर में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और निर्माण के खिलाफ डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान शंकर विहार कॉलोनी स्थित एक दुकान में बिना लाइसेंस और अनुमति के पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण पाया गया। कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक हरजोत सिंह (24), निवासी शंकर विहार कॉलोनी, गोनेर रोड को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से अवैध विस्फोटक सामग्री के स्रोत (सप्लाई चेन) और भंडारण के संबंध में पूछताछ कर रही है। 250 मकानों की जांच, 20 अवैध गोदाम सीज थानाधिकारी प्रकाशराम के नेतृत्व में करीब 25 पुलिसकर्मियों की टीम ने खो नागोरियान थाना क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे करते हुए लगभग 250 मकानों और कई कॉलोनियों की सघन जांच की। इस दौरान क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित हो रहे 20 अवैध कबाड़, कटिंग और प्लास्टिक के गोदामों को भी सीज किया गया। थानाधिकारी प्रकाशराम ने बताया कि क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे और चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही मोहल्ला एवं कॉलोनी बैठकों के माध्यम से स्थानीय लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस को दे सकें।
दुर्ग और भिलाई में बुधवार शाम कांग्रेस ने बढ़े बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग (शहर) अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में दुर्ग में प्रदर्शन हुआ। भिलाई में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत कार्यालय का घेराव कर भाजपा सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। राजीव भवन से निकली रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए पटेल चौक पहुंचे। इसके बाद रैली विद्युत कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान तोड़ा स्मार्ट मीटर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर अपने साथ एक स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे। उन्होंने विद्युत कार्यालय के सामने प्रतीकात्मक रूप से स्मार्ट मीटर को तोड़ा। ठाकुर ने इसे आम जनता पर थोपी जा रही व्यवस्था बताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राकेश ठाकुर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन के साथ प्रतीकात्मक रूप से चिमनी भेंट की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां प्रदेश को विकास की जगह अंधेरे की ओर ले जा रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राकेश ठाकुर विद्युत कार्यालय घेराव के दौरान लालटेन सौंपकर चर्चा में आ चुके हैं। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जनता बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर से परेशान है, जबकि सरकार राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई और उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक बनाया जाएगा। राकेश ठाकुर बोले- जनता की जेब पर डाका डालने की कोशिश जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को भूल चुकी है। आज बिजली बिल हर घर की चिंता बन गया है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में लोगों को बिजली बिल हाफ योजना का लाभ मिलता था, जिसे आज भी उपभोक्ता याद कर रहे हैं। धीरज बाकलीवाल ने सरकार पर साधा निशाना दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को भी कमाई का जरिया बना चुकी है। स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के नाम पर जनता को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस इस जनविरोधी नीति का पुरजोर विरोध करती है और जब तक सरकार राहत नहीं देती, आंदोलन लगातार जारी रहेगा। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा, कथित गलत एवं अनियमित बिलों को निरस्त करने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। इस दौरान पूर्व विधायक अरुण वोरा, दीपक दुबे सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैतूल शहर के लल्ली चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी की जमीन पर बुधवार को बाउंड्रीवाल बनाने का काम शुरू हुआ। सीमांकन पूरा होने के बाद यहां प्री-कास्ट दीवारें लगाई गईं, जिससे कई दुकानों का कुछ हिस्सा ढंक गया। यह जमीन नजूल सीट नंबर-12 और प्लॉट नंबर 9/2 पर है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 11,680 वर्गफीट है। यह जमीन 1960 में जिला कांग्रेस कमेटी को दी गई थी। उस समय इसका पट्टा नाथूराम हींगोले के नाम पर था। बाद में अध्यक्ष बदलने के साथ रिकॉर्ड में नाम भी बदलते रहे। कांग्रेस भवन बनाने की कर रहे तैयारीअब जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा यहां कांग्रेस भवन बनवाना चाहते हैं। इसी कारण जमीन का सीमांकन कराया गया और बाउंड्रीवाल बनाने का काम शुरू किया गया। इस जगह पर लंबे समय से करीब 12 दुकानदार काम कर रहे हैं। इनमें पंचर, वेल्डिंग, चाट और जूते-चप्पल की दुकानें शामिल हैं। कुछ दुकानदारों ने पक्के शेड भी बना लिए थे और कई सालों से यहां काम कर रहे थे। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें जगह खाली करने के लिए कहा गया है। उनका यह भी कहना है कि उन्हें बताया गया है कि कांग्रेस भवन बनने के बाद उन्हें दुकान देने पर विचार किया जाएगा और आगे पट्टे को लेकर भी बात होगी। देखें तस्वीरें…
श्रीगंगानगर में क्रेडिट कार्ड एक्टिव करने का झांसा देकर एक महिला से लाखों रुपए की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। ठग ने महिला को बैंक अधिकारी बनकर फोन किया और मोबाइल पर लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही महिला का अकाउंट साफ हो गया। साइबर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। साइबर थाने में दी शिकायत में मेघा बंसल निवासी जवाहरनगर (श्रीगंगानगर) ने बताया कि 8 जून की दोपहर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया। उसने कहा- आपका क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करना है। महिला को विश्वास दिलाने के बाद ठग ने उनके मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा। जैसे ही मेघा बंसल ने लिंक पर क्लिक किया, उनके क्रेडिट कार्ड और सेविंग अकाउंट से 2 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए गए। अकाउंट से पैसे कटते ही महिला ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में साइबर विशेषज्ञों की टीम लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि लिंक के जरिए डिटेल्स चोरी कर पैसे ट्रांसफर किए गए। पिछले कुछ समय में श्रीगंगानगर में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस कई मामलों का खुलासा भी कर चुकी है, लेकिन ठगों के नए-नए तरीके लगातार लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लखनऊ में देवपुर पारा योजना में 378 को मिली पार्किंग:लॉटरी से हुआ आवंटन; 622 आवंटी ने करवाई रजिस्ट्री
लखनऊ के कबीर नगर स्थित देवपुर पारा योजना के फ्लैट मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने योजना में उपलब्ध पार्किंग स्थलों का आवंटन पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के जरिए किया। एलडीए के कमेटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 378 आवंटियों को पार्किंग आवंटित की गई। एलडीए अधिकारियों के अनुसार देवपुर पारा योजना के एमआईजी श्रेणी के छह ब्लॉकों में ओपन, स्टिल्ट और बेसमेंट पार्किंग को मिलाकर कुल 378 पार्किंग स्थल उपलब्ध हैं। योजना में अब तक 622 आवंटी अपने भवनों की रजिस्ट्री करा चुके हैं। पार्किंग की संख्या सीमित होने के कारण सभी पात्र आवंटियों के बीच लॉटरी ड्रा आयोजित किया गया। क्रमवार पार्किंग का आवंटन किया गया कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लॉटरी की पर्चियां स्वयं आवंटियों के हाथों से निकलवाई गईं। इसके बाद क्रमवार पार्किंग का आवंटन किया गया। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में आवंटी मौजूद रहे। एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि लॉटरी के माध्यम से 378 आवंटियों को पार्किंग आवंटित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन आवंटियों को इस चरण में पार्किंग नहीं मिल सकी है, उन्हें भविष्य में योजना परिसर में विकसित की जाने वाली मल्टीलेवल पार्किंग में स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। पार्किंग आवंटन की लंबे समय से थी मांग अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग आवंटन को लेकर लंबे समय से आवंटियों की मांग थी। इसे देखते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो। कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी अतुल कपूर सहित एलडीए के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। पार्किंग आवंटन के बाद आवंटियों ने संतोष जताते हुए प्रक्रिया की सराहना की।
जयपुर में भाजपा शहर जिला कार्यालय में केंद्र सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अवलोकन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष में भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे 12 साल विश्वास के, विकास के एवं जनकल्याण के अभियान में यह कार्यक्रम किया गया। भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री शेखावत का स्वागत किया गया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों के दौरान देश में हुए परिवर्तन, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के उत्थान, किसानों के कल्याण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मंत्री बोले- उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएं कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 12 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत विश्व पटल पर मजबूत, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, जो अंत्योदय की भावना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा का सशक्त माध्यम है। भाजपा कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रत्येक घर तक पहुंचाएं। देश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया: गोयल भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, किसान, युवा, महिला एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए ऐतिहासिक योजनाएं लागू कर देश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया है। गोयल ने कहा- भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के संकल्प को लेकर समाज के बीच जाएं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद केंद्रीय मंत्री शेखावत ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक विषयों, आगामी कार्यक्रमों तथा राष्ट्र निर्माण में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर संवाद किया। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी अग्रवाल ने बताया- इस अवसर पर जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, राजेश तांबी, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पुरुवंशी आदि मौजूद थे।
चंडीगढ़ प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन और लोकल ऑफिस बंद होने के कारण ओला (ANI टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई ड्राइवर कल्याण नियमों का पालन न करने और चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025 के तहत नोटिस का जवाब न देने के कारण की गई है। ट्राईसिटी में अब ओला की टैक्सी, ऑटो और बाइकों की सेवाएं प्रतिबंधित हैं और नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त किया जा सकता है। प्रशासन की ओर से पब्लिक नोटिस जारी, इसकी 4 बातें… चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जारी पब्लिक नोटिस… STA की ओर से जारी किया गया आदेश स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने कंपनी पर बार-बार नोटिस और निर्देशों के बावजूद नियमों का पालन न करने, ड्राइवरों से जुड़ी शिकायतों को नजरअंदाज करने और प्रशासन को जरूरी जवाब न देने के आरोप लगाए हैं। STA की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कंपनी को जनवरी 2024 में एग्रीगेटर लाइसेंस दिया गया था। बाद में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से लागू किए गए ‘चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स रूल्स-2025’ के तहत सभी एग्रीगेटर कंपनियों को नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया था। प्रशासन को कैब ड्राइवरों और अन्य स्रोतों से शिकायतें मिली थीं कि कंपनी ड्राइवरों के स्वास्थ्य बीमा, टर्म इंश्योरेंस और प्रशिक्षण जैसी अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं कर रही है। आदेश में कहा गया है कि कंपनी को कई बार पत्र और ई-मेल भेजकर नियमों के अनुपालन की रिपोर्ट मांगी गई। सितंबर 2025 में परिवहन सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी हुई, जिसमें कंपनी को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कंपनी की ओर से अपेक्षित अनुपालन रिपोर्ट जमा नहीं कराई गई। बिना बताए एक साल पहले अपने दफ्तर तक किए बंद नियमों की जांच के लिए गठित समिति ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कंपनी करीब एक साल पहले ही अपने स्थानीय कार्यालय को बिना सूचना दिए बंद कर चुकी है। समिति ने मई 2026 में 3 बार कंपनी के स्थानीय पते का दौरा किया, लेकिन कार्यालय संचालित नहीं मिला। समिति ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की। प्रशासन ने यह भी कहा कि कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मई 2026 में आयोजित बैठक में भी कंपनी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। प्रशासन ने जो रेट तय किया, वह कभी लागू ही नहीं किया प्रशासन की तरफ से तय किराया दरों और सब्सक्रिप्शन मॉडल को लेकर भी कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन जवाब नहीं दिया गया। एक मामले में कंपनी की ओर से ड्राइवर से रिचार्ज करवाने की शिकायत को भी नियमों का उल्लंघन माना गया। इन सभी तथ्यों को देखते हुए STA के सचिव नितिश सिंगला ने एग्रीगेटर नियम-2025 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 6 महीने के लिए निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। कैब कंपनियों के खिलाफ हुआ था प्रदर्शन चंडीगढ़ ट्राईसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य ड्राइवर यूनियनों ने 16 जून तक हड़ताल की। ड्राइवरों ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड और सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस हड़ताल के कारण चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में करीब 50,000 दैनिक यात्री प्रभावित हुए और उन्हें भीषण गर्मी में बसों या ऑटो का सहारा लेना पड़ा। आंदोलन के अंतिम दिन (16 जून) को जब ड्राइवरों ने STA दफ्तर घेरने की कोशिश की, तो पुलिस ने यूनियन प्रधान विक्रम पुंडीर सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़ में कैब ड्राइवरों को थाने ले गई पुलिस, गवर्नर से मिलने की नहीं मिली अनुमति चंडीगढ़ में किराया बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे कैब ड्राइवर पर आज चंडीगढ़ पुलिस ने एक्शन किया है। जब सचिवालय खुद ही गवर्नर से मिलने जा रहे थे, तो पुलिस उन्हें थाने ले गई। पुलिस उन्हें सेक्टर-3 के थाने ले गई। पढ़ें पूरी खबर…
उपाध्याय विहसंत सागर ससंघ का लखनऊ आगमन:जैन समाज में उत्साह, पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारी
लखनऊ में जैन समाज के लिए श्रद्धा और उत्साह का विशेष अवसर रहा। उपाध्याय रत्न एवं मेडिटेशन गुरु श्री 108 विहसंत सागर ससंघ के राजधानी आगमन पर आशियाना क्षेत्र में भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। लगभग 1000 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर लखनऊ पहुंचे उपाध्यायश्री का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, आशियाना में हुए मंगल प्रवेश के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल दिखाई दिया। बैंड-बाजों, मंगल ध्वनियों और जयघोष के बीच उपाध्यायश्री का विहार प्रारंभ हुआ। पीले वस्त्र धारण किए हजारों श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और धार्मिक गीतों के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की। इलाका धार्मिक नारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा मंगल प्रवेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन कर मुनिसंघ का अभिनंदन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका धार्मिक नारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में उपाध्यायश्री के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। उपाध्यायश्री का यह आगमन काकोरी स्थित भगवान पारसनाथ धाम में 24 से 29 जून 2026 तक आयोजित होने वाले ‘श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव’ के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है। वे इस महोत्सव में ससंघ सानिध्य प्रदान करेंगे, जिससे आयोजन की धार्मिक गरिमा और बढ़ेगी। महोत्सव में लोगों को पहुंचने की अपील की इस अवसर पर श्री दिगम्बर जैन सेवा समिति, आशियाना के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जैन, मुख्य संयोजक ब्रिजेश जैन ‘बंटी’, अध्यक्ष संजीव जैन समेत समिति के कई पदाधिकारी और समाज के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।आशियाना जैन समाज और पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने धर्मप्रेमियों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। समिति के अनुसार यह आयोजन श्रद्धा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संगम होगा।
मंदसौर में बुधवार को अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नई आबादी थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार लेकर क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पिस्टल और जिंदा कारतूस मिलापुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस मिला। इसके बाद पुलिस ने दोनों को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ नई आबादी थाने में अपराध क्रमांक 107/26 के तहत धारा 25/27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तौहीद पिता मोहम्मद सलीम पठान (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मंदसौर के वायडी नगर थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा कॉलोनी का निवासी है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि हथियार कहां से आया और इसका उपयोग किस उद्देश्य से होना था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी का संबंध किसी हथियार तस्करी नेटवर्क से तो नहीं है। एसपी विनोद कुमार मीना ने कहा कि जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने शकूरबस्ती-जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव समय बढ़ा दिया है। अब यह ट्रेन पहले के 2 मिनट के बजाय 5 मिनट तक रुकेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 19 जून 2026 से संशोधित समय के अनुसार दिल्ली कैंट स्टेशन पर शाम 5.54 बजे पहुंचेगी और 5.59 बजे रवाना होगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 18 जून 2026 से दिल्ली कैंट स्टेशन पर सुबह 8.36 बजे पहुंचेगी तथा 8.41 बजे प्रस्थान करेगी। रेलवे के अनुसार ठहराव अवधि बढ़ने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा,जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस रेलसेवा रीशड्यूल रहेगी रेलवे द्वारा बीकानेर-मेडता रोड रेलखण्ड पर नागौर-बदवासी-अलाई स्टेशनों के मध्य सम्पूर्ण रेल पथ नवीनीकरण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण गाडी संख्या 22632, बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस ट्रेन 21 और 28 जून, 5 जुलाई और 12 जुलाई को बीकानेर से अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी।
बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक साइकिल सवार की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित घटनास्थल से फरार हो गया। मृतक की पहचान हरमू सुकरौली निवासी लगभग 70 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। वह पाकडडाड से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे से आ रहे एक ट्रैक्टर ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बुजुर्ग साइकिल सहित सड़क पर गिर गए और ट्रैक्टर उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक ने वाहन रोकने की बजाय घटनास्थल से भागना उचित समझा। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, इस उम्मीद में कि शायद उनकी जान बचाई जा सके। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित सागरताल में बुधवार को एक व्यक्ति का शव पानी में पड़ा मिला है। स्थानीय लोगों ने तालाब में शव दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान 50 वर्षीय राजेश कुमार पिता कंगालिया के रूप में हुई है। वे निवासी भूरे बाबा की बस्ती, छतरी बाजार, छोटे पुल के पास रहते थे। जांच के दौरान सामने आया कि राजेश कुमार 12 जून 2026 की शाम करीब 5 बजे अपने घर से बिना किसी को बताए वाहन लेकर निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर थाना जनकगंज में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बुधवार को सागरताल में शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने गुमशुदगी के रिकॉर्ड का मिलान किया, जिसके बाद शव की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई। पहचान होने पर परिजनों को सूचना दी गई। सागरताल पहुंचने के कारणों का नहीं चला पतापुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि राजेश कुमार सागरताल तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारबहोड़ापुर थाना पुलिस का कहना है कि अभी मामले में किसी भी तरह की आशंका या निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में बुधवार को एक फ्लैट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने से हड़कंप मच गया। आग बुझाने का प्रयास करते समय फ्लैट निवासी गौरव बंसल की पत्नी अनुजा बंसल का हाथ झुलस गया। समय रहते फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने में हाथ झुलसे एसपी-2 टावर स्थित फ्लैट नंबर-201 में एयर कंडीशनर और स्टेबलाइजर में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। व्यापारी गौरव बंसल किसी कार्य से मोहन नगर गए हुए थे। घर पर मौजूद उनकी पत्नी अनुजा बंसल ने आग फैलने से रोकने के लिए AC का स्विच बंद करने का प्रयास किया। लेकिन इस दौरान आग की चपेट में आया पर्दा उनके हाथ से चिपक गया, जिससे उनका हाथ झुलस गया। सूचना पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। सोसायटी के लोग बोले सुरक्षा व्यवस्था नहीं सूचना मिलते ही सोसायटी की पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रश्मि चौधरी भी मौके पर पहुंचीं और अनुजा बंसल को लेकर यशोदा अस्पताल गईं। वहीं सोनू पाठक, राजेश गर्ग, पूर्व महामंत्री आरके गर्ग, संत कुमार जैन समेत बड़ी संख्या में सोसायटी निवासी मौके पर पहुंच गए। सोसायटी के लोगों का कहना है कि गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। सोसायटी के पास अब तक वैध फायर एनओसी नहीं है और सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को सीहोर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में RSS के साथ-साथ राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने देश के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी समिति या संगठन के लिए पंजीकरण, सदस्यता और बैंक खाता अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS का कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं है। सिंह ने सवाल उठाया कि जब संस्था पंजीकृत ही नहीं है, तो उसके पास जमा होने वाले धन का हिसाब कौन रखता है और वह पैसा कहां जाता है? उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। दिग्विजय बोले- संगठन आधुनिक व्यवस्था पर काम करता है संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का उल्लेख करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह तर्क दिया जाता है कि संघ का पंजीकरण इसलिए नहीं कराया जाता क्योंकि हिंदू धर्म का कोई पंजीकरण नहीं होता। इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि हिंदू धर्म हजारों साल पुराना है, तब रजिस्ट्रेशन नहीं होते थे। जबकि पंजीकरण की अवधारणा आधुनिक व्यवस्था में आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS इस तरह के तर्क देकर अपनी जवाबदेही से बच रहा है। अयोध्या भ्रष्टाचार का अड्डा बना इसके अलावा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। उन्होंने चंपत राय को वहां का सबसे भ्रष्ट व्यक्ति बताया, जो पूरे कार्य के प्रभारी हैं। इसके अतिरिक्त, दिग्विजय सिंह ने देश और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसी बदतर स्थिति पहले कभी नहीं देखी।
मिर्जापुर साइबर सेल ने 90 हजार रुपए वापस कराए:फर्जी लिंक से ठगी का शिकार हुए युवक को मिली राहत
मिर्जापुर में कोतवाली देहात थाना साइबर सेल टीम ने एक युवक को साइबर ठगी का शिकार होने से बचाया है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते से ठगे गए 90 हजार रुपये वापस करा दिए। पुलिस की तत्परता और बैंक के साथ बेहतर समन्वय के कारण यह संभव हो सका। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के लेढ़ू चपऊरकला निवासी आकाश पाण्डेय पुत्र सतीश कुमार पाण्डेय ने हाल ही में एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा और पैसे बढ़ाने का लालच दिया। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से 90 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। शिकायत प्राप्त होते ही कोतवाली देहात साइबर सेल टीम ने तत्काल जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में साइबर टीम ने कार्रवाई की। टीम ने बैंक और संबंधित मर्चेंट से संपर्क स्थापित कर ठगी गई धनराशि को होल्ड कराया और उसे वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान साइबर सेल की सक्रियता के परिणामस्वरूप, ठगी गई पूरी 90 हजार रुपये की राशि पीड़ित आकाश पाण्डेय के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी रकम वापस मिलने पर आकाश पाण्डेय ने थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी कार्यशैली की सराहना की। पुलिस ने पीड़ित आकाश पाण्डेय को साइबर जागरूकता के तहत ऑनलाइन ठगी से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान कीं। उन्हें यह भी सलाह दी गई कि वे अन्य लोगों को भी साइबर अपराधियों के झांसे में न आने के लिए जागरूक करें। इस सफल कार्रवाई में साइबर सेल टीम के सदस्य शामिल थे, जिनमें प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली देहात अमित मिश्रा, उप निरीक्षक तेरसू सिंह यादव, साइबर सेल प्रभारी और महिला आरक्षी प्रियंका सिंह प्रमुख हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही, पैसे दोगुना करने या निवेश पर अधिक लाभ जैसे प्रलोभनों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर कोटा शहर शौर्य, संस्कृति और परंपरा के रंग में रंगा नजर आया। राजपूत समाज की ओर से भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों युवाओं, महिलाओं और समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी विशेष रूप से शामिल हुए। महाराणा प्रताप जयंती पर निकाली गई विशाल वाहन रैली मानव विकास भवन स्थित घोड़े वाले बाबा चौराहे से शुरू हुई। रैली सूरजपोल गेट, कैथूनीपोल थाना, गांधीजी पुल, सब्जी मंडी, अग्रसेन मार्केट, शास्त्री मार्केट, रामपुरा रोड, लाडपुरा खाई रोड, विवेकानंद सर्किल और नयापुरा होते हुए कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पहुंची। रैली के दौरान शहरभर में महाराणा प्रताप के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में युवा बाइक रैली के रूप में शामिल हुए और पूरे मार्ग पर उत्साह का माहौल बना रहा। राजपूत समाज के महिला-पुरुष, युवा और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। सिर पर रंग-बिरंगी पगड़ियां, हाथों में तलवारें और महाराणा प्रताप के प्रति सम्मान का भाव रैली का मुख्य आकर्षण रहा। रास्ते भर लोगों ने रैली का स्वागत किया और महाराणा प्रताप के आदर्शों को याद करते हुए समाज की एकजुटता का संदेश दिया। हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं ने शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की। कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पहुंचने पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजन, युवा और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सोनभद्र पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के जरिए 12 लाख रुपए की ठगी की थी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। बता दें कि बीते दिनो पूर्व सीएमओ सोनभद्र डॉ. प्रेम बहादुर गौतम द्वारा साइबर थाने पर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनके फेसबुक अकाउंट पर इंडसइंड बैंक के नाम से पेंशनर सम्बन्धी फर्जी विज्ञापन एवं लिंक प्रदर्शित हुआ था। बैंक की आधिकारिक सेवा समझकर मैने उक्त लिंक को खोला क्योंकि पीड़ित का खाता इंडसइंड बैंक में था तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा कर दी। साइबर अपराधियों ने प्राप्त सूचनाओं का दुरुपयोग करते हुए इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 05-05 लाख रुपये के दो तथा 02 लाख रुपये का एक ट्रांजेक्शन कर कुल 12 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। एसपी अभिषेक वर्मा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल साइबर क्राइम टीम को सक्रिय किया और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। टीम ने अभियुक्तों के बैंक खातों का विश्लेषण, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग की। इसके साथ ही डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए निरीक्षक धीरेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में साइबर थाना और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम झारखंड भेजी गई थी।इस टीम ने सफलतापूर्वक दो शातिर अभियुक्तों धीरज कुमार और रवि मेहता को झारखंड से गिरफ्तार किया। उनके पास से एक पीओएस मशीन,एक चार पहिया वाहन,दर्जनों क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड,04 एन्ड्रोयड मोबाइल फोन बरामद कर लिया। धोखाधड़ी के तरीके के बारे में पुलिस ने बताया कि अभियुक्त आम लोगों को विभिन्न प्रलोभन देकर उनका केवाईसी (KYC) विवरण प्राप्त करते थे और उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलवाने के बाद पासबुक की प्रति संबंधित व्यक्तियों को दे दी जाती थी, लेकिन डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य बैंकिंग विवरण अभियुक्त अपने पास रखते थे।
रायबरेली में इनोवा की टक्कर से बाइक सवार की मौत:लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर गलत दिशा से आ रहा था मृतक
रायबरेली के ऊंचाहार में लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार रात पट्टी रहस कैथवल गांव के पास बाईपास पर एक तेज रफ्तार इनोवा कार ने गलत दिशा से आ रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बड़ी नरौली निवासी ओमप्रकाश के रूप में हुई है। ओमप्रकाश ऊंचाहार थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव में एक निमंत्रण समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बाईपास पर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में होने के कारण लखनऊ की ओर जा रही 'उत्तर प्रदेश शासन' लिखी एक इनोवा कार ने उनकी बाइक को सीधे टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और इनोवा कार को भी कब्जे में ले लिया गया है। कार्यवाहक कोतवाल संजय कुमार शर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके चलते रेलवे फाटक से चार पहिया और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। क्षेत्र में बढ़ती जनचिंताओं के बीच सदर विधायक भूपेश चौबे ने बुधवार को निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और डायवर्जन लागू होने की सूचना मिलते ही विधायक मौके पर पहुंचे। विधायक ने उपजिलाधिकारी, निर्माणाधीन कंपनी के अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ निर्माण स्थल और वैकल्पिक मार्गों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ आमजन की सुविधा और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। भूपेश चौबे ने निर्देश दिया कि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिदिन हजारों लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं, इसलिए आवागमन की सुगम व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है। विधायक ने रेलवे क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सुरक्षित सर्विस लेन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक आरओबी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोगों के सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए। डायवर्जन मार्गों का निरीक्षण करते हुए विधायक ने अधिकारियों का ध्यान उन स्थानों की ओर आकर्षित किया जहां सड़कें संकरी हैं और मोड़ अपेक्षाकृत तीखे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात नियंत्रण के इंतजाम किए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पुलिस एवं यातायात विभाग की अतिरिक्त तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा। विधायक ने बताया कि आरओबी निर्माण जनपद की बहुप्रतीक्षित परियोजना है, जिसके पूरा होने के बाद रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिलेगी और आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक सुगम होगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि निर्माण अवधि के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा कर जनता को इसका लाभ दिलाया जाए। इस दौरान अधिकारियों ने विधायक को निर्माण कार्य की प्रगति, डायवर्जन व्यवस्था तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। विधायक ने कहा कि जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे की अनदेखी न की जाए और यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। साथ में पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शंभू नारायण सिंह बलिराम सोनी अनूप तिवारी शिबू चौबे एसडीएम सदर कोतवाल सहित रेलवे विभाग के राजस्व विभाग के नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे
बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर स्थित बनकोटा बस स्टैंड के पास हुई, जब किसान अपनी बैलगाड़ी का टायर बदलवाने के लिए वहां पहुंचे थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव गरुईया निवासी 55 वर्षीय दिलीप यादव के रूप में हुई है। दिलीप यादव बुधवार को बैलगाड़ी का टायर बदलवाने बनकोटा बस स्टैंड पर गए थे। उनका नाती सुनील बैलगाड़ी लेकर आ रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो लोग वहां पहुंचे और दिलीप यादव के गले के पास गोली मार दी। गोली लगने के बाद दिलीप यादव मौके पर ही गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही वजीरगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल दिलीप यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। बेटे राजेश ने पुलिस को बताया कि उनके पिता की गांव में किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। हालांकि, परिवार का जमीन को लेकर चाचा पक्ष से विवाद चल रहा है। दिलीप यादव अपने परिवार में दो भाइयों में बड़े थे और खेती-किसानी करते थे। उनके पांच बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि चार बेटे दिल्ली में मजदूरी करते हैं। एक बेटा गांव में रहकर खेती में सहयोग करता है। एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
गोरखपुर में मनाया गया किसान दिवस:किसानों को बताई गईं नई योजनाएं, खेती को मुनाफे से जोड़ने पर जोर
गोरखपुर के विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए करीब 56 किसानों ने हिस्सा लिया। बैठक में किसानों की समस्याएं सुनी गईं और उन्हें खेती से ज्यादा आमदनी करने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से कहा कि आज के समय में खेती करने के तरीके बदल रहे हैं। किसान अपनी फसल को सीधे बेचने के बजाय उसकी पैकिंग, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग करें तो उन्हें ज्यादा फायदा मिल सकता है। फसल से तैयार सामान बेचकर बढ़ाएं कमाईकृषि विज्ञान केंद्र चौकमाफी की वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने किसानों को बताया कि फसलों की वैल्यू बढ़ाकर अच्छी कमाई की जा सकती है। किसान फल और सब्जियों से जूस, जैम, जेली सहित दूसरे प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे वे खेती के साथ छोटा बिजनेस भी शुरू कर सकें। जिला उद्यान विभाग ने किसानों को बताया कि फलदार पौधों का निशुल्क वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन शुरू करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी जा रही है। करीब दो लाख रुपये की लागत से बनने वाली मशरूम यूनिट पर एक लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। वहीं मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग पूरी करने वाले किसानों को 20 बॉक्स उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों के उत्पाद को पहचान दिलाएंगे एफपीओजिला कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान अपने क्षेत्र की जरूरत और बाजार की मांग को देखते हुए खेती करें। एफपीओ किसानों के उत्पादों की अच्छी पैकिंग और ब्रांडिंग कर उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।
सोनभद्र के म्योरपुर थाना क्षेत्र के लिलासी गांव स्थित एक पेट्रोल पंप पर विवाद के बाद हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ बलवा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंप संचालक राज गौरव यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीती रात करीब 11 बजे वह अपने भाई सर्वजीत यादव के साथ गौरव फिलिंग स्टेशन पर मौजूद थे। इसी दौरान अखिलेश गुप्ता निवासी करकच्छी, थाना बभनी, पेट्रोल भरवाने पहुंचे। उस समय बिजली न होने के कारण नोजलमैन ने बिजली आने पर पेट्रोल देने की बात कही। कुछ देर बाद बिजली आने पर उनकी बाइक में 100 रुपए का पेट्रोल डाला गया। आरोप है कि पेट्रोल भरवाने के बाद अखिलेश गुप्ता नोजलमैन से विवाद करने लगे, जिन्हें समझा-बुझाकर वहां से भेज दिया गया। इसके कुछ समय बाद वह अपने साथियों के साथ दोबारा पेट्रोल पंप पर पहुंचे। तहरीर के अनुसार, सभी एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट करने लगे, जिससे सर्वजीत यादव के हाथ में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उनका रेडमी का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जाते समय आरोपियों ने घटना की सूचना पुलिस को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल आरोपियों की पहचान कर धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने एक स्कार्पियो वाहन भी जब्त किया है। थानाध्यक्ष रविकांत मिश्रा ने बताया- तहरीर के आधार पर अखिलेश कुमार गुप्ता (25), मुकुंद लाल (24), नीरज मौर्य (26) और अरविंद मौर्य (26) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ये सभी सोनभद्र जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, सभी अभियुक्तों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि का विरोध किया:बलरामपुर में रैली निकालकर बिजली कार्यालय का घेराव
बलरामपुर में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष हरिहर यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और बिजली कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, युवा और आम नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर लेकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बिजली कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार की नीतियों का विरोध किया। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और बिजली कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसान और छोटे व्यवसायी भी प्रभावित होंगे। नेताओं ने मांग की कि बढ़ी हुई दरों का सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा, इसलिए सरकार को जनहित में यह फैसला वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कार्यालय के सामने धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरिहर यादव के साथ रिपुजित सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समीर सिंह देव, छोटू बंगाली, अमित यादव, जितेंद्र गुप्ता, मुन्ना गुप्ता, प्रेम सागर सिंह, डोमिनिक एक्का, अजय सोनी, लालसाय मिंज, प्रतीक सिंह, राजा चौबे, अशोक जायसवाल, अश्विनी यादव, विंदेश्वरी गुप्ता, अब्दुला खान, छोटू विश्वास, रामदेव जगवते, रॉबर्ट मिंज, बबलू खान, राजेंद्र सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
बागपत के ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार को बागपत पहुंचे, जहां परशुराम भवन में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिए जाने की मांग दोहराई और राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब देश में गाय को माता के रूप में सम्मान दिया जाता है, तो उसे राष्ट्रीय माता घोषित करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर विभिन्न वर्गों, यहां तक कि मुस्लिम समाज के लोगों से भी उनकी बातचीत हुई है और उन्हें इस मांग का समर्थन मिला है। राम मंदिर में दान और प्रबंधन को लेकर उठे विवादों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जब अनुभवी लोगों को हटाकर अन्य लोगों को जिम्मेदारी दी गई, तभी कई सवाल खड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो उसे राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक सम्मान का विषय है। उन्होंने बताया कि वह देशभर में यात्रा कर रहे हैं और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं तक पहुंचकर गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग के समर्थन में जनजागरण अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में उनकी यात्रा बागपत पहुंची, जहां बड़ौत क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। स्वामी ने लोगों से इस अभियान से जुड़ने और गौ संरक्षण के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
मुजफ्फरनगर में महेश नवमी और गंगा दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार देर शाम डीएम उमेश कुमार मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से शुक्रताल गंगा घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समय पर सभी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और सभी व्यवस्थाएं पर्व से पहले पूरी कर ली जाएं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने 28 जून को समनदास आश्रम, शुक्रताल में पूज्य गुरु ज्ञान भिक्षुक दास जी की 66वीं पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने आश्रम प्रबंधन और आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रशासन ने आयोजकों से समन्वय बनाकर कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की अपील की। जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा सहित प्रशासन और पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
संतकबीरनगर में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने संतकबीरनगर दौरे के दौरान भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा। खलीलाबाद में आयोजित प्रेसवार्ता में मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का वादा करने वाले संजय निषाद पिछले सात वर्षों से भाजपा के साथ सत्ता का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन समाज को आरक्षण नहीं दिला सके। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार में अवसर दिलाने की लड़ाई कमजोर पड़ गई है। सहनी ने संजय निषाद को भाजपा छोड़कर विपक्षी गठबंधन में शामिल होने की सलाह देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में निषाद समाज के हितों के लिए काम करना चाहते हैं तो उन्हें समाज के अधिकारों की लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़नी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वह कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav से बातचीत कर उन्हें सम्मानजनक राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाने का प्रयास करेंगे। मुकेश सहनी ने जातीय जनगणना की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सभी वर्गों की वास्तविक आबादी के आधार पर आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व तय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि निषाद समाज के संवैधानिक अधिकारों के लिए है। 25 जुलाई से निकलेगी 101 दिवसीय संकल्प यात्रा मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से उत्तर प्रदेश में 101 दिवसीय 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान गांव-गांव जाकर लोगों को आरक्षण के समर्थन में संकल्प दिलाया जाएगा और निषाद समाज को संगठित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से एक करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो समाज भाजपा के खिलाफ मतदान करेगा। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे।

