आजमगढ़ की लेखपाल बनी नायब तहसीलदार:यूपी पीसीएस परीक्षा में 7 लोगों का चयन, कड़ी मेहनत ने दिलाई सफलता
यूपीपीसीएस 2024 का अंतिम परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया गया। इस परिणाम में आजमगढ़ जिले के रहने वाले साथ अभ्यर्थी सफल रहे। जिनमें अनुराग पांडेय एसडीएम बने हैं। जबकि 6 लोग तहसीलदार नायब तहसीलदार और असिस्टेंट कमिश्नर बने हैं। इन सभी अभ्यर्थियों ने इस सफलता के लिए कड़ी मेहनत की थी। जहां एक तरफ आजमगढ़ सदर में लेखपाल के पद पर कार्यरत आंचल श्रीवास्तव का चयन नायब तहसीलदार के रूप में हुआ है। तो वहीं शिक्षा मित्र का बेटा अभिषेक यादव कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयनित हुआ है। अनुराग पांडे बने एसडीएम तो अखिल पांडे बने असिस्टेंट कमिश्नर यूपीपीसीएस परीक्षा में आजमगढ़ जिले के रहने वाले अनुराग पांडे पूरे प्रदेश में आठवीं रैंक लाकर एसडीएम बने हैं। वहीं अखिल कुमार पांडे असिस्टेंट कमिश्नर बने हैं। आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र की रहने वाली पल्लवी सिंह 2024 की यूपी पीसीएस परीक्षा में 172 रैंक लाकर नायक तहसीलदार के पद पर चयनित हुई हैं। वही आजमगढ़ जिले के माहुल के रहने वाले अभिषेक कुमार यादव ने 78 में रैंक हासिल कर कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयनित किए गए हैं। अभिषेक दिल्ली में रहकर सिविल सेवा की तैयारी करते थे। आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र की रहने वाली आंचल श्रीवास्तव 2024 में लेखपाल पद पर चयनित हुई थी और सदर तहसील में नौकरी कर रही थी। नौकरी के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। यही कारण है कि पीसीएस की परीक्षा में सफल हुई आंचल श्रीवास्तव नायब तहसीलदार बन गई हैं। आजमगढ़ जिले के मेंहनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले बलवंत सिंह ने 252 वीं रैंक लाकर नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए हैं। इसके साथ ही आजमगढ़ की लालगंज की नगर पंचायत लालगंज कटघर के रहने वाले प्रशांत कश्यप ने 135 वीं रैंक हासिल की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महानिबंधक कार्यालय से दस दिन में जवाब मांगा है कि बिना वकालतनामा या पावर आफ एटार्नी के कैदी की तरफ से पर्चा लगाकर दाखिल आपराधिक अपील किस नियम के तहत स्वीकर की है। साथ ही वरिष्ठ अधीक्षक सेंट्रल जेल आगरा से भी हलफनामा मांगा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश व जेल मैनुअल के उपबंधो के बावजूद समय से कैदी की सजा के खिलाफ जेल अपील क्यों दाखिल नहीं की गई। अपील की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। 2015 से जेल में बंद यह आदेश न्यायमूर्ति सी डी सिंह तथा न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ल की खंडपीठ ने मुनेश की सजा के खिलाफ 3824दिन की देरी से दाखिल आपराधिक अपील की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा अपीलार्थी 22 मई 2015 से जेल में बंद हैं। उसकी अपील या जेल अपील दाखिल नहीं की गई। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्राधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि यदि रिश्तेदार या एजेंट के मार्फत कैदी का वकालतनामा लेकर अपील दाखिल नहीं करता तो जेल प्राधिकारी जेल अपील दाखिल करने की सारी सुविधाएं मुहैया करायेंगे,यह उनकी संवैधानिक ड्यूटी है। सजा होते हैं फैसले की प्रति जेल प्राधिकारी के मार्फत कैदी को दी जायेगी।और अपील करना चाहता है तो वकील सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध करायेंगे।यह जेल प्राधिकारी का संवैधानिक दायित्व है।इस मामले में वे अपना दायित्व निभाने में विफल रहे। कैदी को अपील दाखिल करने का अधिकार है कोर्ट ने कहा जेल मैनुअल के प्रस्तर 77 मे रिश्तेदार या एजेंट को कैदी की तरफ से अपील दाखिल करने का अधिकार दिया गया है। जिसके लिए कैदी का जेल अधीक्षक,या जेलर या डिप्टी जेलर के सत्यापन से अपील दाखिल की जा सकती है। किंतु नियमो के विपरीत बिना कैदी से अधिकृत हुए अपील पर्चा पर दाखिल हो रही और महानिबंधक कार्यालय स्वीकार कर रहा है।इसपर कोर्ट ने महानिबंधक कार्यालय व जेल प्राधिकारी से सफाई मांगी है।
मेरठ के रेलवे रोड थाना क्षेत्र में दंपति से लूटपाट करने वाले बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दूसरा साथी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने बदमाश के पास से ढाई लाख रुपया नकद भी बरामद किया है। एक नजर डालते हैं वारदात परकंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के फाजलपुर रोहटा रोड निवासी विजय कुमार 15 मार्च को पत्नी सरिता को लेकर ब्रह्मपुरी से वापस घर लौट रहे थे। सरिता पेशे से शिक्षक हैं और उनकी दरोगा भर्ती परीक्षा में ड्यूटी लगी थी। दोनों जैसे ही रेलवे रोड इलाके में जैन नगर के निकट पहुंचे, तभी दो बदमाशों ने हथियार दिखाकर उनसे अंगूठी, चेन व अन्य कीमती सामान लूटा और फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले लूट की यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने शहर के भीतर से लेकर हाईवे तक सीसीटीवी खंगाले और बदमाशों की तलाश शुरु कर दी। शुरुआती छानबीन में सामने आया था कि बदमाश वारदात करने के बाद शहर से बाहर की तरफ भागे हैं। इसलिए दिल्ली रोड के कैमरे भी खंगाले गए। फिर पहुंचा बदमाश वारदात करने सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि लूट की वारदात में शामिल एक बदमाश सिटी रेलवे स्टेशन के निकट मौजूद है और किसी का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोचने का प्रयास किया तो वह भागने लगा। इसी दौरान बाइक फिसल गई और बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। गाजियाबाद का निकला बदमाश पूछताछ में बदमाश की पहचान नौशाद उर्फ बादशाह पुत्र मोबीन निवासी असलतपुर फारुखनगर थाना टीला मोड जनपद गाजियाबाद के रूप में हुई। जबकि फरार साथी की पहचान उसने दानिश पुत्र असगर हुसैन निवासी बुलंदशहर के रूप में कराई। पुलिस अब दानिश की तलाश में जुटी है। उसे जल्द दबोचने का दावा किया जा रहा है। नौशाद पर दर्जनों मामले दर्ज सीओ नवीना शुक्ला ने बताया कि नौशाद शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ मेरठ के अतिरिक्त गाजियाबाद, मोदीनगर, बागपत, बुलंदशहर समेत कई जनपदों में दर्जनभर मामले दर्ज हैं। उसके साथी के विरूद्ध भी काफी मुकदमे बताए जा रहे हैं, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती ने परिचित युवक लक्ष्मण पर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और कई बार 10-10 हजार रुपये वसूले। उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसकी अस्मत लूटी, फिर पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। आरोप है कि वीडियो को इंस्टाग्राम के जरिए ससुराल पक्ष को भेजने की धमकी भी दी गई। पीड़िता की तहरीर पर न्यू आगरा थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पीड़िता द्वारा थाना न्यू आगरा में दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी लक्ष्मण उससे परिचित था और इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने विश्वासघात की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से युवती को नशीला पदार्थ दिया, जिससे वह विरोध करने की स्थिति में नहीं रही। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया। वीडियो बनाकर शुरू किया ब्लैकमेल का खेल तहरीर में युवती ने बताया कि घटना के बाद आरोपी ने वीडियो को हथियार बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह बार-बार वीडियो वायरल करने, बदनाम करने और सोशल मीडिया पर भेजने की धमकी देता रहा। डर और सामाजिक बदनामी के भय से पीड़िता लंबे समय तक चुप रही, लेकिन आरोपी की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसने युवती से कई बार 10-10 हजार रुपये वसूल लिए। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने रुपये देने से मना किया या विरोध किया, तो आरोपी ने धमकी का दायरा और बढ़ा दिया। उसने कथित तौर पर कहा कि वह वीडियो को इंस्टाग्राम के जरिए उसके ससुराल पक्ष को भेज देगा, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन बर्बाद हो जाएगा। यह धमकी युवती के लिए बेहद भयावह साबित हुई और वह मानसिक तनाव में आ गई। आखिरकार टूटी चुप्पी, न्यू आगरा थाने पहुंची पीड़िता लगातार ब्लैकमेल, आर्थिक शोषण और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार पीड़िता ने साहस जुटाया और थाना न्यू आगरा पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी लक्ष्मण के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और तहरीर में लगाए गए आरोपों की हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी बिहार के मौलाना को सोमवार को गोरखपुर एसटीएफ ने दबोच लिया। आरोपी मौलाना अब्दुल्ला सलीम को हिरासत में लेकर गोरखपुर एसटीएफ पूछताछ कर रही है। रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। जिसमें मौलाना अब्दुल्ला सलीम किसी धार्मिक जलसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता दिखाई दिया। वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और शहर के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। कैंट थाना समेत पूरे प्रदेश में मौलाना के खिलाफ अब तक 80 से अधिक एफआईआर दर्ज किया जा चुका है। स्थानीय वकीलों ने भी इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए कैंट थाने में आरोपी मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। एसटीएफ प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी मौलाना को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के विरुद्ध दर्ज एफआईआर और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की गंभीरता को देखते हुए जांच चल रही है। हालांकि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी की धारा नहीं है। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जान्हवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रयागराज के सरकारी फंड से 35 लाख के गबन व फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने के मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि क्या सहायक अध्यापक सीताकुंड,मंसूराबाद ,निवासी हरिशंकर यादव के खिलाफ कोई विभागीय जांच की गई है। साथ ही कोर्ट के 26 नवंबर 14 के आदेश के अनुपालन में एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं, यदि हां तो क्या परिणाम हुआ। कोर्ट ने विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य व हरिशंकर यादव को भी नोटिस जारी की है।याचिका की अगली सुनवाई 21अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बी डी सी कौडिहार सदस्य सिंगरौर निवासी श्रीमती सुलोचना देवी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। 2014 में मांगा था जवाब इससे पहले कोर्ट ने 2014 में राज्य सरकार से जवाब मांगा था और पूछा था कि स्कूल फंड का 35 लाख रूपये विपक्षी हरिशंकर यादव को दिया गया था या नहीं।क्या यह भुगतान वैध था। नहीं तो एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच की जाय। किंतु सरकार की तरफ से हलफनामा दाखिल नहीं किया गया।जिस पर अब फिर कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के बाबत जानकारी मांगी है। धोखाधड़ी का आरोप लगा याचिका में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी हरिशंकर यादव ने धोखाधड़ी की है। फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के जरिए सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल की है जिसकी शिकायत पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने बी एस ए को प्रमाणपत्र का सत्यापन करने को लिखा । प्रधानाचार्य ने विभागीय जांच की शिफारिश की है। याची का कहना है कि 35 लाख के गबन में बी एस ए , लेखाधिकारी, प्रबंधक, प्रधानाचार्य व विपक्षी हरिशंकर यादव की मिलीभगत है।जिसकी एफआईआर दर्ज कर जांच की जाय।गबन की गई राशि की वसूली हो तथा याची की सुरक्षा की जाए।
प्रयागराज के सोरांव में आठ साल की मासूम से रेप के बाद हत्या के मामले में पॉक्सो अदालत ने दोषी मुकेश पटेल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह अपराध अत्यंत जघन्य है और समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला है, इसलिए आरोपी को मृत्युदंड दिया जाना उचित है। फैसले में स्पष्ट किया गया कि मृत्युदंड का अर्थ है फांसी पर लटकाकर मृत्यु देना। 18 महीने के भीतर फैसलाइस मामले में अदालत ने त्वरित सुनवाई करते हुए घटना के करीब 18 महीने के भीतर फैसला सुनाया। साथ ही पीड़िता के परिजनों को जिला विधि सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के माध्यम से तत्काल राहत के रूप में दो लाख रुपये तक का मुआवजा देने के निर्देश दिए। यह राशि आरोपी पर लगाए गए जुर्माने से अलग होगी।अदालत ने विशेष लोक अभियोजक विनय त्रिपाठी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों के साथ उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद यह फैसला सुनाया। क्या था पूरा मामलाविशेष लोक अभियोजक के अनुसार, घटना 3 अक्तूबर 2024 की शाम करीब 6:30 बजे की है। आठ वर्षीय बच्ची शिवगढ़ चौराहे के पास लगे दुर्गा पूजा पंडाल में गई थी, लेकिन घर लौटते समय लापता हो गई। अगले दिन 4 अक्तूबर को उसका शव गांव के एक धान के खेत में मिला। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे। हाथ-पैर और दांत टूटे हुए थे, मुंह से खून और झाग निकल रहा था तथा निजी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे। पीड़िता की मां की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में आरोपी के तौर पर मुकेश पटेल का नाम प्रकाश में आया। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। दिसंबर 2024 में लगी चार्जशीटजांच के बाद 10 दिसंबर 2024 को आरोप-पत्र दाखिल किया गया, जबकि 21 दिसंबर 2024 को अदालत ने आरोप तय किए। साक्ष्य परीक्षण पूरा होने के बाद 26 मार्च 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया गया और 30 मार्च 2026 को सजा सुनाई गई। अदालत ने आरोपी को बीएनएस की धारा 103(1) व 65(2), पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 5(एम)/6 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत दोषी ठहराया। 12 दिन बाद एनकाउंटर में लगी थी गोलीसीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया था। फुटेज में आरोपी मुकेश घटना वाली शाम बच्ची को साइकिल पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया था। पुलिस का दावा था कि आरोपी ने पहले मासूम से दुष्कर्म किया और फिर पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। उसके दांत तोड़ दिए, चेहरे पर चोट पहुंचाई और दोनों हाथ भी तोड़ दिए। 16 अक्टूबर को पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली भी लगी थी। 49 वर्षों में फांसी की 10वीं सजाप्रयागराज के जिला एवं सत्र न्यायालय में बीते 49 वर्षों में यह फांसी की दसवीं सजा है। इनमें दो मामले ऐसे भी रहे हैं, जिनमें क्रमशः 6-6 लोगों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। सबसे अधिक फांसी की सजाएं वर्ष 2009 में सुनाई गई थीं। मार्च 2009 में बहरिया थाना क्षेत्र के करनापुर गांव में तीन वर्ष की बच्ची की गला घोटकर हत्या करने के दोषी अभियुक्त पाली और राम समुझ को फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, यह मामला हाईकोर्ट से पुनर्विचार के लिए वापस भेजा गया था। बाद में नए सिरे से विचारण के पश्चात दिसंबर 2009 में पुनः दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई। इसके बाद कोरांव थाना क्षेत्र के चर्चित देवसदन हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश डी.पी.एन. सिंह ने दो अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि चार अन्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। इसी क्रम में संजय को भी वर्ष 2009 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। वहीं, उतरांव के कल्लू हत्याकांड में भी दोषियों को मृत्युदंड दिया गया था। 2009 में सबसे ज्यादा चार केस में फांसी की सजा हुई थी। इन मामलों में अपर सत्र न्यायाधीश श्यामलाल ने शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहिर को सुनकर फैसला सुनाया था।
‘पधारो म्हारे देश’... इस एक वाक्य ने सोमवार को एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी के मिनी ऑडिटोरियम को राजस्थान की रेतीली धरती में बदल दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर आयोजित राजस्थान स्थापना दिवस समारोह में मेडिकल के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेषभूषा में घूमर-कालबेलिया जैसे लोक नृत्यों की प्रस्तुति कर पूरा माहौल राजस्थानी रंग में रंग दिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दाल-बाटी-चूरमा और गट्टे की सब्जी के स्वाद ने तो मानो सभी को राजस्थान ले जाकर रख दिया। पोस्टर प्रदर्शनी में भव्य किले-महल, रेगिस्तानी रेत के टीले और लोक संस्कृति की झलकियां देखकर लग रहा था जैसे पूरा राजस्थान छोटे से हॉल में समा गया हो। एक छोटे से नाटक में राजस्थान के प्रसिद्ध व्यंजनों को खास अंदाज में पेश किया गया, जिसने दर्शकों की तालियां बटोर लीं। राज्यपाल की पहल, छात्रों में बढ़ी क्रिएटिविटी कार्यक्रम का उद्घाटन लोहिया अस्पताल नर्सिंग विभाग के डीन डॉ. अशोक कुमार विश्नोई और एरा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. अब्बास अली महदी ने संयुक्त रूप से किया। कुलपति प्रो. डॉ. अब्बास अली महदी ने कहा, “राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की यह बहुत अच्छी पहल है। विश्वविद्यालयों में अलग-अलग राज्यों के स्थापना दिवस मनाने से विद्यार्थियों में न सिर्फ ज्ञान बढ़ता है बल्कि उनकी क्रिएटिविटी भी निखरती है। राजस्थान क्षेत्रफल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य है। शौर्य, बहादुरी, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भव्य पर्यटन स्थलों के लिए यह राज्य विश्व प्रसिद्ध है। छात्रों को अपने देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से रूबरू होना चाहिए।” “राजस्थान इमोशनल जुड़ाव भी है” मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार विश्नोई ने कहा, “राजस्थान मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक इमोशनल जुड़ाव है। राज्यपाल जी की यह पहल सराहनीय है। छात्रों ने कम समय में राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को बहुत खूबसूरती से पेश किया।” उन्होंने आगे कहा, “राजस्थान का थार रेगिस्तान देश का सबसे बड़ा मरुस्थल है, जहां ऊंट सफारी और रेत के टीले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। घूमर, कालबेलिया जैसे लोक नृत्य और पुष्कर मेला यहां की संस्कृति की पहचान हैं। देश के सफल बिजनेसमैनों में 80 प्रतिशत राजस्थान से जुड़े हैं। छात्रों को मोबाइल से निकलकर भारत घूमना चाहिए और राज्यों की विविधता को समझना चाहिए।” नृत्य, स्किट, रंगोली... हर प्रतियोगिता में छाई छात्रों की प्रतिभा कार्यक्रम में मेडिकल छात्र-छात्राओं ने राजस्थानी लोक गीतों पर आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। स्किट, स्पीच, लोक गीत, प्रश्नोत्तरी, रंगोली, ट्रेडिशनल लोक नृत्य, ग्रुप डांस, पोस्टर प्रदर्शनी, मॉडल मेकिंग और चार्ट मेकिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पुरस्कार विजेता: स्किट प्रतियोगिता - प्रथम पुरस्कार: फरहा अहमद, कशिश अंसारी, असरा इकबाल, कुलसुम रिजवी, फलक, आदर्श चौरसिया, आर्या गुप्ता, प्रतीक्षा कौशल, राहिला, तहसीन जेहरा - द्वितीय पुरस्कार: नबील अहमद, अदलीब फातिमा, याशमीन, सैय्यद सामीन जेहरा, शिवांसी सोनी, मोहम्मद उस्मान खान - तृतीय पुरस्कार: आस्था, इंशिया, फैजा, क्षितिज, अक्दस, राज स्पीच प्रतियोगिता - प्रथम: शहजान अहमद (बीपीटी चौथा सेमेस्टर) - द्वितीय: कुमारी आदिती (बीएससी नर्सिंग) - तृतीय: सूयांश शुक्ला (बीफार्मा) राजस्थानी लोक गीत प्रतियोगिता - प्रथम: देवाशीष मिश्रा - द्वितीय: समाना कासिम प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता - प्रथम: अंकुर प्रकाश, फरवाह शाहीन, सूरज गुप्ता, नितिन चौरसिया, संचित मिश्रा, समीर मौर्र्या - द्वितीय: हीना जाफर, जैना, फैसल, नबीर अहमद, नशा अहमद, साक्षी - तृतीय: हैदर रजा, अमान हसन, सहर रिजवी, खुशमीत कौर, अश्विनी कुमार, श्रेयांश सिंह रंगोली प्रतियोगिता - प्रथम: खुशी कश्यप, टिया दुबे, निशित कटियार, प्रज्ञा यादव - द्वितीय: शिद्रा शफी, खुलूद जेहरा, हकीक, मदिहा - तृतीय: अनुष्का, इकरा कुरैशी, कृतिका सोनकर, रितिक कुमार ट्रेडिशनल राजस्थानी लोक नृत्य (एकल) - प्रथम: अनुराग कश्यप ट्रेडिशनल राजस्थानी लोक नृत्य (समूह) - प्रथम: सान्या सिंह - द्वितीय: अंजली सिंह - ग्रुप डांस: सिमरन कन्नौजिया, कश्मा बंसल, मुस्कान पोस्टर प्रदर्शनी - प्रथम: जैमा फैज अय्याज - द्वितीय: फैसल अहमद - तृतीय: मुंतजिर महदी मॉडल मेकिंग - प्रथम: अफारीन सिद्दीकी - द्वितीय: कनीज फातिमा - तृतीय: मोहम्मद याशीर चार्ट मेकिंग - प्रथम: अनम फातिमा - द्वितीय: जैनब खान - तृतीय: जीनत नकवी
मजदूरों की संख्या बढ़ाएं, रात में भी कराएं काम:कमिश्नर ने सीएम ग्रिड के कार्यों का निरीक्षण किया
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के साथ गोलघर में चल रहे सीएम ग्रिड योजना के तहत कराए जारहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर रात में भी काम कराया जाए। अगले 4 से 5 दिन में नाले का निर्माण पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि दुकानों के सामने बनाए जा रहे नाले के मलबे को तत्काल हटाया जाए, जिससे दुकानदारों एवं आम नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि समय से काम न पूरा करने पर संबंधित कार्यदायी फर्म एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यहां से कमिश्नर पांडेयहाता से धर्मशाला बाजार तक बनाए जा रहे विरासत गलियारे का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, बिजली निगम और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचे हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने नखास से बक्शीपुर तक बिजली के तारों को डक्ट में डालने तथा ट्रांसफार्मर को हटाने तएवं कलवअर् के कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। धर्मशाला से जटाशंकर तक अव्यस्थित ढंग से वाहनों को खड़े होने के कारण जाम की समस्या को देखते हुये नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि पार्किंग की व्यवस्था समुचित जगह की जाये तथा पुलिस अधीक्षक यातायात के साथ संयुक्त अभियान चलाकर सड़को पर अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये।इसके बाद गोरखनाथ थाने से एचएन सिंह चौराहा तक निर्माणाधीन टूलेन-फोरलेन सड़क का निरीक्षण करते हुए गोरखनाथ थाने से हडह़वा फाटक तक बिजली पोलो को शिफ्ट करने की कार्यवाही को तेजी से करने का निर्देश दिया। निर्माणाधीन हड़हवा फाटक रेलवे ओवरब्रिज के कार्य की तेज गति से करने के लिए परियोजना निदेशक सेतु निगम को निर्देश दिया। इस अवसर पर सम्बंधित विभागो के अधिकारी उपस्थित रहे।
रामपुर के पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया गया है। 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी सोमेंद्र मीणा को रामपुर का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। वर्तमान एसपी विद्या सागर मिश्रा का तबादला सीतापुर में सेनानायक 11वीं वाहिनी पीएसी के पद पर किया गया है। सोमेंद्र मीणा महाराजगंज से स्थानांतरित होकर रामपुर आ रहे हैं। वह अपनी तेजतर्रार छवि, अनुशासनप्रियता और अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त रवैये के लिए जाने जाते हैं। महाराजगंज में उनके कार्यकाल के दौरान अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई, पुलिसिंग में तकनीकी सुधार और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की गई थी। वहीं, विद्या सागर मिश्रा अपने शांत स्वभाव, संतुलित निर्णय क्षमता और संवेदनशील पुलिसिंग के लिए जिले में लोकप्रिय रहे। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफल खुलासा हुआ और पुलिस-जनता के बीच भरोसा मजबूत हुआ। विद्या सागर मिश्रा ने रामपुर में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने त्योहारों और संवेदनशील मौकों पर बेहतर समन्वय बनाकर शांति व्यवस्था कायम रखी। उनके निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन को खूबसूरत बनाया गया और कई थानों जैसे सिविल लाइन, नगर कोतवाली, गंज कोतवाली, स्वार कोतवाली और खजुरिया की स्थिति में सुधार किया गया। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम करने में भी योगदान दिया। अब देखना होगा कि नए एसपी सोमेंद्र मीणा अपनी कार्यशैली से रामपुर में कानून-व्यवस्था को किस तरह नई दिशा देते हैं और जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं।
संभल में पिता-पुत्र को वाहन ने मारी टक्कर:बेटे की मौत, अमरोह से लौटते समय हुआ हादसा
संभल में एक सड़क हादसे में अमरोहा निवासी एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना सोमवार रात को उस समय हुई जब पिता-पुत्र ईंट भट्ठे से काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। सड़क हादसा संभल जनपद के थाना कैलादेवी क्षेत्र में आदमपुर-संभल मार्ग पर स्थित सौंधन मोहम्मदपुर गांव में एक गैस एजेंसी के पास हुआ। अमरोहा के थाना रेहरा के भूपपुरा गांव निवासी 75 वर्षीय रामगोपाल अपने 35 वर्षीय बेटे जगदेव के साथ संभल के एक ईंट भट्ठे पर काम से आए थे। सोमवार रात करीब 8 बजे घर लौटते समय एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस से घायल पिता-पुत्र को संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बेटे जगदेव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पिता रामगोपाल को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पहचान होने के बाद परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद रात करीब 9 बजे परिजन अस्पताल पहुंचे और मृतक की पहचान की। सड़क हादसे में ग्रामीण युवक की मौत की सूचना पर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है। मृतक जगदेव अपने पीछे पत्नी शोभा और दो बेटों, 10 वर्षीय अंकित और 8 वर्षीय अनुज को छोड़ गए हैं। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और उसका पिता घायल है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल में मुजफ्फरनगर प्रमुख केंद्र में रहा, जहां पुलिस अधीक्षक (नगर) और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। मुजफ्फरनगर में एसपी सिटी के पद पर तैनात सत्यनारायण प्रजापत को पदोन्नति के साथ कौशांबी का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। उन्होंने जिले में करीब तीन वर्षों तक सेवाएं दीं। वहीं, एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल का तबादला अलीगढ़ में एसपी सिटी के पद पर किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। मुजफ्फरनगर की नई कमान संभालने के लिए दो आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। अलीगढ़ में एसपी ग्रामीण रहे अमृत जैन को मुजफ्फरनगर का नया एसपी सिटी बनाया गया है। इसके अलावा महादिक अक्षय संजय, जो आगरा कमिश्नरेट में तैनात थे, अब मुजफ्फरनगर के एसपी ग्रामीण होंगे। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत महाराजगंज, चंदौली, हमीरपुर और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में भी नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है। शासन का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी तथा पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंडी लालपुरा क्षेत्र के MLA से जुड़े गगनदीप सिंह उर्फ गगनप्रीत सिंह और अन्य याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 2013 के पुराने मामले को पूरी तरह रद्द कर दिया। अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला, सजा के आदेश और पूरी FIR को खारिज कर याचिकाकर्ताओं को सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह था मामला यह केस तरनतारन जिले की FIR नंबर 69 (वर्ष 2013) से जुड़ा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, तरनतारन ने 10 सितंबर 2025 को गगनदीप सिंह उर्फ गगनप्रीत सिंह और अन्य को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। याचिकाकर्ताओं ने धारा 528 BNSS (पहले की धारा 482 CrPC) के तहत उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी। समझौते को अदालत ने माना याचिकाकर्ताओं और शिकायतकर्ता के बीच 4 फरवरी 2026 को आपसी समझौता हो गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तरनतारन की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया कि यह समझौता बिना किसी दबाव या अनुचित प्रभाव के स्वेच्छा से किया गया है। अदालत के चार मुख्य बिंदु -मामला मुख्य रूप से निजी विवाद का था -याचिकाकर्ताओं का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं -घटना लगभग 13 साल पुरानी है -समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच कोई अप्रिय घटना नहीं हुई सारे आरोप खत्म अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, तरनतारन द्वारा दिए गए दोषसिद्धि के फैसले, सजा के आदेश तथा पूरी FIR को रद्द कर दिया। गगनदीप सिंह उर्फ गगनप्रीत सिंह समेत सभी याचिकाकर्ताओं को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। यह फैसला MLA लालपुरा क्षेत्र से जुड़े गगनदीप सिंह उर्फ गगनप्रीत सिंह के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। अब उनके ऊपर कोई कानूनी कलंक नहीं रहा।
ललितपुर में हुई बेमौसम बारिश:किसानों की चिंता बढ़ी, फसलों को नुकसान की आशंका
ललितपुर में मार्च के अंत में अचानक मौसम बदलने और बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश से खेतों में खड़ी रबी की फसल, विशेषकर गेहूं को भारी नुकसान की आशंका है। सोमवार रात करीब दस बजे ललितपुर में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। इस बारिश से उन किसानों की फसलों को ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, जिनकी फसलें खेतों में कटकर पड़ी हैं या अभी भी खड़ी हैं। पकी हुई फसल के भीगने से न केवल उत्पादन में कमी आ सकती है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने पहले ही अगले चार दिनों तक मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी कर दिया था।
पति आय-संपत्ति का ब्यौरा देने को बाध्य: हाईकोर्ट:निचली अदालत का आदेश रद्द, दोबारा सुनवाई के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि वैवाहिक और घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों में पति अपनी आय और संपत्ति का विवरण नहीं छिपा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण की राशि तय करने के लिए वास्तविक आय का खुलासा अनिवार्य है, और इसके लिए निचली अदालतें आवश्यक दस्तावेज पेश करने का आदेश दे सकती हैं। न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पत्नी की उस अर्जी को खारिज कर दिया गया था जिसमें पति से आयकर रिटर्न और अन्य वित्तीय विवरण मांगने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह इस अर्जी पर दोबारा विचार कर कानून के अनुसार निर्णय ले। यह याचिका पत्नी और उसके नाबालिग बेटे की ओर से दायर की गई थी। पत्नी ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और आर्थिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। कार्यवाही के दौरान, पत्नी ने एक आवेदन देकर मांग की थी कि पति को अपनी आय का सही ब्योरा देने के लिए आयकर रिटर्न और अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 को इस अर्जी को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान आयकर विभाग से पति के पिछले दो वर्षों के आयकर रिटर्न मंगवाए। इन दस्तावेजों से पता चला कि पति पेशे से आर्किटेक्ट है और उसकी सालाना आय लगभग 4.85 लाख से 5.07 लाख रुपये के बीच है। जबकि, उसने निचली अदालत में खुद को श्रमिक बताया था। अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के 'रजनीश बनाम नेहा' (2021) मामले का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण से जुड़े मामलों में सही आय का पता लगाना आवश्यक है, ताकि न्यायसंगत और उचित आदेश पारित किया जा सके।
चैत्र पूर्णिमा के पर्व पर दक्षिण भारतीय परम्परा के तहत कालेराम मंदिर व जानकी महल में हनुमान जयंती अनुष्ठान पूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर कालेराम मंदिर में जहां भगवान भोर में भगवान की जयंती अभिषेक पूजन के साथ मनाई जाएगी। वहीं जानकी महल में यह आयोजन गोधूलि बेला में होगा। गर्भगूह में विराजमान भगवान को 56 भोग लगाया जाएगा। कालेराम मंदिर के मुख्य आचार्य गोपाल राव देशपांडे ने बताया कि यहां दक्षिण भारत की परम्परा के अनुसार हनुमान जयंती मनाई जाती है। उन्होंने बताया कि अयोध्या की परम्परा में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी जिसे नरक चतुर्दशी या छोटी दीवाली को भी हनुमान जयंती की परम्परा का निर्वहन यहां किया जाता है। कालेराम मंदिर में दक्षिणाभिमुख हनुमान की मूर्तिकालेराम मंदिर में दक्षिणाभिमुख हनुमान जी विराजित हैं। उनका स्वरूप देवी मां का है। हनुमान जी ने यह स्वरुप अहिरावण के वन के लिए धारण किया था। उसने भगवान राम व लक्ष्मण जी मूर्छित कर दिया था और फिर पाताल लोक ले जाकर वहां माता महाकाली के समक्ष उनकी बलि देने के प्रयास में था। जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि यहां सालासर राजस्थान के हनुमान जी की परम्परा में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर गोधूलि बेला में भगवान का अभिषेक पूजन व श्रृंगार के साथ 56 भोग और बधाई गान चलता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस तिथि पर भगवान राम के छठ्योत्सव के कार्यक्रम को भी विराम दिया जाएगा। इस छठ्योत्सव में भगवान के स्वरूपों की झांकी सजाई जाएगी और बधाई गान का सिलसिला देर रात तक चलता रहेगा।
रायपुर में ड्रग्स बेचकर युवाओं को बर्बाद कर रहे सिंडिकेट के खिलाफ बडी कार्रवाई कमिश्नरेट के अधिकारियों ने की है। वरिष्ठ अधिकारियों क निर्देश एसीपी रैंक के अफसरों ने टीम बनाकर गुमा गांव स्थित लाजिस्टिक गोदाम और कबीर नगर इलाके के मकान में रेड मारकर दो संदेहियों को पकड़ा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन आरोपियों के तार रायपुर में एक्टिव रह चुके प्रोफेसर गैंग के सदस्यों से जुड सकते है। इन संदेहियों से अफसर पूछताछ कर रहे है। कमिश्नरेट के अधिकारियों का कहना है, कि आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा जल्द किया जाएगा। आधी रात को घेराबंदी, भागने का मौका नहीं मिला पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक वेयरहाउस का उपयोग ड्रग्स की सप्लाई चेन के रूप में किया जा रहा है। बीती रात अफसरों ने योजना के तहत रेड मारी और बडी मात्रा में संदिग्ध सामान जब्त किया है। बाहरी राज्यों से जुड़े हैं तार शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट न केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। पकड़े गए दो संदिग्धों में से एक मुख्य सप्लायर का करीबी बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी पूर्व में ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। चार तस्करों का रविवार को पकड़ा पुलिस ने तेलीबांधा पुलिस ने रविवार को चार आरोपियों को पकड़ा है। ये आरोपी दिल्ली में बैठे तस्करों के कहने पर रायपुर में सामान सप्लाई करते थे। आरोपी पुलिस की निगाहों में ना आए, इसलिए लोकेशन मैप में चैटिंग करते और सामान की सप्लाई करके गायब हो जाते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन्हीें आरोपियों की निशानदेही पर कबीर नगर इलाके के मकान और गोदाम में दबिश दी गई है।
कानपुर में एक जर्जर मकान ढह गया। मकान के निचले हिस्से में चाय का होटल और मोबाइल की दुकान है। हादसे के समय वहां कुछ लोग मौजूद थे। उनमें कुछ लोग मलबा में दब गए। स्थानीय लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। बताया जा रहा है चार लोगों को चोट आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। घटना सोमवार की रात करीब 10 बजे के बाद बजरिया थाना क्षेत्र के बेकनगंज की है। यह 4 फोटो देखिए… अब विस्तार से जानिए… बेकनगंज स्थित 99/89 जो जर्जर स्थिति में था। इसके नीचे चाय की दुकान बेल्ट की घड़ी की दुकान और पान की दुकान थी। रात 10 बजे जर्जर मकान की दीवार गिर गई। इसमें चाय पीने आए लोग घायल हो गए। मोहम्मद मंसूर ने बताया कि उनके भाई दुकान के अंदर थे वह भी मलबे में दब गए उनके पैर में चोट आई है, एक अन्य रियाज भी घायल है। इसके अलावा चाय पीने आए दो लोग भी घायल हैं जिनका नाम नहीं पता है। मौके पर चार थानों का फोर्स जिसमें बेकनगंज,चमनगंज,बजरिया और सीसामऊ थाने का फोर्स पंहुचा गया। रेस्क्यू के लिए एसडीएआरफ भी पहुंच गई है। दीवार गिरने से और जर्जर मकान के भीतर बनी दुकान में माल दब गया। अब कोई भी व्यक्ति नहीं दबा है। स्थानीय लोगों ने तुरंत ही दबे हुए लोगों को निकाल लिया था।
अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद का तबादला:लाखन सिंह यादव संभालेंगे अमरोहा की कमान
अमरोहा में पुलिस प्रशासन में बदलाव करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह लाखन सिंह यादव को जिले का नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक फेरबदल जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। नवनियुक्त एसपी लाखन सिंह यादव जल्द ही अमरोहा पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे। तबादले के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। वहीं, नए कप्तान से अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग को लेकर जिलेवासियों को काफी उम्मीदें हैं।
अयोध्या में वर्ष 2022 में जमीन विवाद के कारण विवेक वर्मा (30) की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दो सगे भाइयों अरविंद वर्मा और अजय वर्मा समेत सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही, सभी अभियुक्तों को मारपीट, हड्डी तोड़ने और जान से मारने के प्रयास में सात साल छह माह के कारावास की अतिरिक्त सजा दी गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने गीता वर्मा और रीता वर्मा को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। कोतवाली बीकापुर क्षेत्र के सेमरा गांव में 2 अगस्त 2022 को खेत की जोताई करने गए विवेक वर्मा और उदयभान पर अरविंद वर्मा, अजय वर्मा, मयाराम वर्मा और उनके पुत्र अनिल, भारत व उनके पुत्र सोनू वर्मा, रवि शंकर व मुकेश समेत कई लोगों ने हमला किया। पिटाई के दौरान विवेक वर्मा की मौत हो गई। फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि यह जमीन विवाद से उत्पन्न हिंसा के मामलों के लिए एक सख्त संदेश है।
हरदोई में भगवान श्रीराम और माता कौशल्या पर अभद्र टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी यदुनंदन लाल वर्मा को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सड़क पर नारेबाजी करते हुए आरोपी का स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिससे स्थानीय स्तर पर माहौल गरमा गया। गौरतलब है कि दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यदुनंदन लाल वर्मा द्वारा भगवान श्रीराम और माता कौशल्या पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस पर विभिन्न संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, जमानत मिलने के बाद खुलेआम स्वागत किए जाने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। लोगों ने भी सवाल उठाया है कि क्या इस स्वागत कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी। यदि अनुमति नहीं थी, तो इसे रोका क्यों नहीं गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवांछनीय गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संभल में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली रेफर किया गया था। मृतक की पहचान जनपद संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के मौहल्ला गिन्नौरी निवासी 22 वर्षीय उबैस के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार रात करीब 9:10 बजे हुई, जब उबैस अपने घर से टंकी की ओर जा रहा था।रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल संभल के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार करीब 5 बजे उबैस ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। उबैस अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि सड़क हादसे में एक युवक की मौत की जानकारी मिली है। परिजनों की शिकायत मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन बांटे। बरेली कलेक्ट्रेट सभागार में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हुआ। इस दौरान एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बरोहन लाल मौर्य, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह और सीडीओ देवयानी मौजूद रहे। बरेली की 207 मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन दिए गए। साथ ही बच्चों की सेहत पर नजर रखने के लिए 780 ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस भी बांटी गईं। करोड़ों की लागत से बनेंगे नए बाल विकास कार्यालयजिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए 3 करोड़ 48 लाख की लागत से बनने वाले 06 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही 7 करोड़ 56 लाख की लागत से तैयार 63 नए आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का लोकार्पण भी हुआ। अब इन नए केंद्रों में बच्चों को बेहतर माहौल मिल सकेगा। नई जॉइनिंग: 08 नवचयनित कार्यकत्रियों को मिले नियुक्ति पत्रकार्यक्रम में 08 नई चुनी गई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाएं आम लोगों तक पहुँचाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सबसे बड़ी भूमिका है। स्मार्टफोन और नए उपकरणों से उनका काम आसान होगा और बच्चों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग भी तेजी से हो सकेगी। स्मार्ट वर्किंग: आंगनबाड़ी केंद्र ही बच्चों की पहली नींवडीएम अविनाश सिंह ने कहा कि कोशिश यह है कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन और डिवाइस मिल जाए ताकि उनकी वर्किंग पूरी तरह 'स्मार्ट' हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चा सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में ही सीखना शुरू करता है, इसलिए ये केंद्र सबसे जरूरी हैं। विभाग में हो रही नई भर्तियों और नई तकनीक से बड़ा बदलाव आएगा।
हाथरस के मोहल्ला कैलाश नगर में रविवार की देर रात एक होटल पर खाना खाने के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट और पथराव में बदल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसमें दो सिपाही और एक पीआरडी जवान घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में 16 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। यह घटना हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के कैलाश नगर स्थित एक होटल की है। एक पक्ष से मोनी और अहद, जबकि दूसरे पक्ष से अनिल अपने दोस्तों के साथ खाना खाने पहुंचे थे। इनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते बढ़ गई। कहासुनी के बाद मोनी और अहद पक्ष ने अपने साथियों को बुला लिया और अनिल व उसके दोस्तों के साथ मारपीट शुरू कर दी। जवाब में अनिल पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ। झगड़े की सूचना मिलने पर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस और पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) की टीम मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो उन पर भी पथराव किया गया। इस हमले में सिपाही श्रीकांत और ललित कुमार, साथ ही पीआरडी कर्मी राजकुमार घायल हो गए।पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। अतिरिक्त बल के आने पर झगड़ रहे लोग फरार हो गए। पुलिस ने जानलेवा हमले और बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि बलवाइयों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा दर्ज रिपोर्ट में पहले पक्ष से मोहल्ला श्रीनगर के साहिल कालिया, इसरायल, सादाब उर्फ सद्दू, मुस्तकीम, समीर, आमिर, जुबैर व अरबाज, तथा कैलाश नगर के मोनी व अहद को नामजद किया गया है। दूसरे पक्ष से अनिल गौड़, नीरज शर्मा, विशाल व सनी नामजद हैं। इनके अलावा, 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
राकेश टिकैत उड़ीसा में गिरफ्तार:रिहाई की मांग पर फर्रुखाबाद में किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को ओडिशा में गिरफ्तार किए जाने के विरोध में फर्रुखाबाद में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। सोमवार देर शाम बड़ी संख्या में किसान सीओ सिटी कार्यालय पर एकत्र हुए और उनकी रिहाई की मांग की। राकेश टिकैत को ओडिशा सरकार ने गिरफ्तार किया है। वे वहां किसानों के एक आंदोलन में शामिल होने गए थे, जो अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से किसान संगठनों में रोष है। फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता सीओ सिटी कार्यालय के बाहर फर्श बिछाकर धरने पर बैठ गए। जनपद के नवाबगंज और कम्पिल थानों में भी इसी मुद्दे पर धरना जारी है। जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में सीओ कार्यालयों या थानों पर यह धरना दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक राकेश टिकैत की ससम्मान रिहाई नहीं होती, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता की गिरफ्तारी ओडिशा में हुई है। उनकी रिहाई की मांग को लेकर ये लोग धरना दे रहे हैं।
प्रयागराज में 20 साल की प्रेमिका को चाकू से गोदकर मार डालने वाले संदीप भारतीया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस एक्ट रजनीश कुमार मिश्र ने यह फैसला सुनाया। साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया। एक जून 2018 को हुई थी वारदातएडीजीसी क्रिमिनल भानुप्रताप सिंह ने बताया, यह खौफनाक वारदात एक जून 2018 को सरायममरेज में हुई थी। मृतका के भाई राकेश कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था रात में उसकी बहन कविता परिवार के अन्य लोगों के साथ बाहर सो रही थी। सुबह घर की महिलाएं खेत की ओर गईं तो खेत में बहन खून से लथपथ मृत पड़ी थी। उसका गला कटा हुआ था और शरीर पर धारदार हथियार से गोदने के निशान थे। उकसाने पर हत्या करने का दिया था बयानघटना के छह दिन बाद पुलिस ने बहरिया के रहने वाले संदीप भारतीया व मृतका के रिश्तेदार गोपीचंद्र को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कविता से उसके प्रेम संबंध थे। उसे शक था कि वह अन्य लोगों से भी बातचीत करती है और यह बात उसे मृतका के ही रिश्तेदार गोपीचंद्र ने बताई। इसी उकसावे में उसने उसकी हत्या कर दी। लगभग 6.5 साल चली सुनवाईएक सितंबर 2018 को पुलिस ने इस मामले में संदीप और गोपीचंद्र के खिलाफ हत्या व दुष्प्रेरण की धारा में चार्जशीट दायर कर दी। 21 अगस्त 2019 को आरोपियों पर चार्ज फ्रेम हुए और इसके बाद लगभग 6.5 साल तक सुनवाई चली। 25 मार्च को संदीप को हत्या का दोषी करार दिया गया। जबकि पर्याप्त साक्ष्य न पाए जाने पर गोपीचंद्र को दोषमुक्त किया गया।सोमवार को अदालत ने दोषी संदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने यह फैसला एडीजीसी क्रिमिनल भानुप्रताप सिंह व हरिनारायण शुक्ला और अभियुक्त के अधिवक्ता को सुनकर और उपलब्ध सबूतों के अवलोकन के बाद दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए। अदालत ने कहा, अदालत ने कहा कि प्रकरण में कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्षी नहीं है और पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। मृतका को अंतिम बार आरोपी संदीप भारतीया के साथ जाते हुए देखा गया था, जिसके बाद उसकी हत्या हो गई। ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे कुछ साक्ष्य तकनीकी रूप से प्रमाणित नहीं हो सके, लेकिन उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्यों आरोपी की दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त हैं। मामला ‘विरल से विरलतम’ श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास उचित है।
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र में सरबुंदिया मुख्य मार्ग पर दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान करतला केरवाद्वरी निवासी 23 वर्षीय करन सिंह यादव के रूप में हुई है। वह अपने दोस्त 25 वर्षीय वीरेंद्र कुमार के साथ पीएसएएस कंपनी के सुरक्षाकर्मी के तौर पर कार्यरत था। दोनों सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपनी पहली शिफ्ट पूरी करने के बाद सरबुंदिया में एक दोस्त के घर खाना खाने गए थे। वहां से लौटते समय उनकी बाइक की एक अन्य बाइक से सीधी टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में करन सिंह यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। वीरेंद्र कुमार और दूसरी बाइक का चालक भी घायल हो गए। राहगीरों की मदद से तीनों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों बाइकों की रफ्तार काफी तेज थी और गलत दिशा में वाहन चलाने के कारण यह हादसा हुआ। करन सिंह यादव को सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई थीं, जो उसकी मौत का कारण बनी। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी विश्व नारायण चौहान ने जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
संभल में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को ओडिशा में हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। सोमवार शाम हुई इस कार्रवाई के बाद संभल के सभी थानों पर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया, जिसमें उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को सोमवार शाम करीब पांच बजे ओडिशा पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इस घटना के बाद पूरे संभल जनपद में भाकियू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कई स्थानों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष रामवीर सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ओडिशा सरकार को हमारे राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत को तुरंत सम्मान सहित रिहा करना चाहिए। उन्होंने ओडिशा के किसानों की समस्याओं का समाधान करने की भी मांग की। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि टिकैत को सम्मानपूर्वक रिहा नहीं किया गया, तो किसान पूरे देश में अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगों में रामवीर सिंह, महावीर सिंह, विमल यादव, जिला पंचायत सदस्य सुमित केपी यादव, जमुना प्रसाद, रामभरोसे सिंह, शिशुपाल सिंह, भोगराम सिंह, ऋषिपाल सिंह, हरी प्रकाश, देवी सिंह, प्रदीप, अनिल यादव और कालीचरन शामिल थे। थानों पर चल रहे इन धरना-प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। किसान नेता राकेश टिकैत की रिहाई की मांग पर किसान अड़े हुए हैं और लगातार सांकेतिक नारेबाजी कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी पंकज निषाद को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया है। यह मामला धमतरी जिले के सिटी कोतवाली थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। आरोपी पंकज कुमार निषाद (25 वर्ष), पिता फागू राम निषाद, सदर दक्षिण वार्ड, रानी बगीचा रोड, धमतरी का निवासी है। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर उसे दोषी पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को 20 साल की जेल और 3000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में जांच अधिकारी ने सबूतों को सही तरीके से इकट्ठा किया और गवाहों के बयान व जरूरी जानकारी न्यायालय के सामने पेश की। जांच अधिकारी के इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह कदम अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
नाबालिग लड़की पर चाकू से हमला:कोरबा में 5 युवकों ने किया वार, 3 आरोपी हिरासत में
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम जुनवानी भैंसमा में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की पर चाकू से हमला किया गया है। पीड़िता भैंसमा क्षेत्र की निवासी है। वह किसी काम से जा रही थी, तभी कुछ युवकों ने उस पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद सभी युवक मौके से फरार हो गए। घटना के बाद राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। एक बाइक सवार ने नाबालिग लड़की को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैसमा में भर्ती कराया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। नाबालिग की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि नाबालिग पीड़िता की हालत गंभीर है। उसके गले पर चोट के निशान हैं, जिसके कारण वह बोल नहीं पा रही है। पीड़िता ने लिखकर घटना के बारे में कुछ जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता द्वारा बताए गए कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ जारी है।
नागौर में नाबालिग लड़की के साथ रेप के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए पॉक्सो कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। जज ने फैसले में कहा कि बच्चों के साथ होने वाले अपराध बहुत गंभीर होते हैं और इनमें कोई रियायत नहीं दी जा सकती है। घटना 16 जून 2022 की है, जिसके करीब 6 महीने बाद 19 दिसंबर 2022 को एक थाने में मामला दर्ज किया गया था। जिले की पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद रमजान (20) को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट ने मामले में सामने आए सबूतों, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों को ऑन रिकॉर्ड लिया। जज वंदना राठौड़ ने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले अपराध बहुत गंभीर होते हैं और इनमें कोई रियायत नहीं दी जा सकती। आरोपी मोहम्मद रमजान को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा दी गई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया, जिससे उसके पुनर्वास में मदद मिल सके। केस में पीड़िता की तरफ से वकील डॉ. पवन श्रीमाली ने पैरवी की।
लखनऊ में सोमवार को उत्तर प्रदेश आपदा मित्र एसोसिएशन के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। चारबाग रेलवे स्टेशन पर आपदा न्यूनीकरण और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमा हुए। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि आपदा मित्र साल 2018 से उत्तर प्रदेश सरकार और राहत आयुक्त के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। मगर हमारी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। महामंत्री अखिलेश सिंह ने कहा- कोरोना काल, कुंभ मेला, माघ मेला, सावन मेला और गणतंत्र दिवस परेड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। हर जरूरी परिस्थिति में और आपदा के समय हम लोग पुलिस प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं। इसके अतिरिक्त, अग्नि सचेतक प्रशिक्षण और नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी आपदा मित्रों ने प्रशासन का पूरा सहयोग किया है। इसलिए हमारी मांगों को स्वीकार करना बेहद आवश्यक है। बीमा राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपए करें प्रदीप ने कहा- हमारी कई प्रमुख मांगें है, जिसमें सरकार द्वारा घोषित 5 लाख रुपए की बीमा राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपए करना शामिल है। साथ ही, सभी आपदा मित्रों के लिए 26,910 रुपए प्रति माह के न्यूनतम वेतन की गारंटी दी जाए। सभी आपदा मित्रों/सखियों को सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षित विद्यालय और फायर ब्रिगेड से जोड़ते हुए औपचारिक रूप से आपदा कर्मचारी घोषित किया जाए। ड्रेस-किट उपलब्ध कराने की मांग इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा, ईएसआई, पीएफ और रिटायरमेंट लाभ जैसी सुविधाएं प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए। संगठन ने बीमा पॉलिसी, डीजी लॉकर सर्टिफिकेट और डिजिटल नंबर वाले नए आईडी कार्ड के साथ-साथ मानसून से पहले ड्रेस-किट उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि कोई भी व्यक्ति बालिगों द्वारा अपनी पसंद से की गई शादी को सम्मान का मुद्दा नहीं बना सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में राज्य का दायित्व है कि वह दंपति के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करे, भले ही खतरा उनके अपने परिवार से ही क्यों न हो। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने यह टिप्पणी याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें अलीगढ़ के एक दंपति ने अपनी सुरक्षा की मांग की है। दोनों ने अपनी मर्जी से आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था और उनके पास वैध विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र भी था। महिला का परिवार शादी के खिलाफयाचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि महिला के परिवार वाले इस शादी के खिलाफ हैं और उन्होंने झूठा आपराधिक मामला दर्ज करा दिया। दंपति ने संयुक्त हलफनामा दाखिल कर यह भी आशंका जताई कि उन्हें “ऑनर किलिंग” का खतरा है। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए कहा, “किसी बालिग के निजी निर्णय को सम्मान का मुद्दा नहीं बनाया जा सकता।” दंपित की गिरफ्तारी पर रोक लगाईहाईकोर्ट ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही अंतरिम राहत देते हुए अदालत ने आदेश दिया कि इस मामले में दंपति को गिरफ्तार न किया जाए। अलीगढ़ के एसएसपी को निर्देशअदालत ने महिला के परिवार के सदस्यों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि वे दंपति को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाएं। उनके वैवाहिक घर में प्रवेश न करें और न ही सीधे या किसी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क करें। इसके अलावा, अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि वह सुनिश्चित करें कि दंपति को किसी भी प्रकार का खतरा न हो। कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को करेगी।
शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र की गली नंबर 3 में स्थित होटल वर्ल्ड किचन के गोदाम में सोमवार रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की खबर मिलते ही बिजली विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, ताकि किसी तरह का बड़ा हादसा न हो। वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया गया। होटल वर्ल्ड पर होटल से संबधित सामान बेचा जाता है। मल्हारगंज इलाके में उनका तीन मंजिला गोदाम बना हुआ है। रहवासी क्षेत्र होने से बढ़ी चिंताजिस स्थान पर आग लगी है, उसके आसपास घनी आबादी है। ऐसे में आग फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर हैफायर ब्रिगेड की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थिति पर काबू पाने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा।
जयपुर में मिली 15 दिन पुरानी लाश:आर्मी कैंट के जंगल में शव सड़ने के साथ लगे कीड़े, पहचान नहीं हुई
राजधानी जयपुर के आर्मी कैंट एरिया के सुनसान और जंगलनुमा इलाके में अज्ञात युवक की डेड बॉडी मिली। इससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बनीपार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बनीपार्क थाना प्रभारी अंजु कुमारी ने बताया- सोमवार शाम 5:45 बजे जीआरपी पुलिस ने सूचना दी। मौके पर देखा कि एक शव मिला, जो पूरी तरह से सड़ चुका था। शव पर कीड़े लगे हुए थे। शव करीब 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। काफी हद तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है। लंबे समय तक खुले जंगल क्षेत्र में पड़े रहने के कारण बॉडी की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार प्रारंभिक जांच में मृतक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी रिकॉर्ड खंगाल रही है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि युवक संभवतः नशा करने के इरादे से सुनसान इलाके में गया हो, जहां किसी कारण उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस फिलहाल हर एंगल से जांच कर रही है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मामला सामान्य मौत, नशे के ओवरडोज, हादसा या किसी अन्य आपराधिक एंगल से जुड़ा है। फिलहाल बनीपार्क थाना पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद गम में डूबे परिवार में अब खुशी का माहौल है। उनके बड़े भाई सचिन के घर बेटे का जन्म हुआ है, जिसे परिवार ‘राजा’ मान रहा है। रविवार रात को परिवार ने ढोल बजाकर जश्न मनाया। राजा रघुवंशी की हत्या के बाद परिवार लंबे समय से दुख में था। अब सचिन के घर बेटे के जन्म से घर में खुशी लौट आई है। परिजन बच्चे को राजा कहकर पुकार रहे हैं। ग्यारस के दिन हुआ जन्म परिवार के मुताबिक, जिस दिन राजा की हत्या हुई थी, उस दिन भी ग्यारस थी। अब बेटे का जन्म भी ग्यारस के दिन और लगभग उसी समय हुआ है। इसे परिवार एक संयोग मानते हुए भावनात्मक रूप से जोड़ रहा है। रविवार रात परिवार ने घर पर ढोल बजाकर खुशी मनाई। परिजन जमकर नाचे और नए मेहमान का स्वागत किया। अस्पताल के बाहर भी ढोल बजाए गए। ‘राजा इज बैक’ लिखकर किया भव्य स्वागत सोमवार शाम को बेटे को घर लाया गया। इस मौके पर परिवार ने इस पल को पूरे उत्साह के साथ मनाया। परिवार ने पूरे घर को सजाया। मेन गेट पर लिखा “राजा इज बैक”। शाम को सजी हुई कार में बच्चे और मां को लेकर परिवार के लोग लेकर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। परिवार के लोग ढोलक की थाप पर जमकर थिरकते नजर आए। राजा के भाई विपिन और सचिन के साथ ही परिवार के अन्य लोग ढोलक की थाप पर जमकर नाचे। पूरे उत्साह के साथ नए मेहमान का वेलकम किया गया। राजा की शादी जैसा ही जश्न जब सचिन की पत्नी किरण अपने बेटे के साथ घर लौटी तो उनके हाथ में राजा की तस्वीर था। दोनों हाथों से वह राजा की तस्वीर लेकर चल रही थी। वह उमा रघुवंशी के हाथों में नन्हा मेहमान घर में आया। विपिन ने बताया कि जिस तरह राजा की शादी में खर्चा किया गया था, उसी तरह नए मेहमान के आने की खुशी में खर्चा किया गया है। बड़े दिन बाद परिवार में खुशी का माहौल लौटा है। हत्या के बाद नहीं मनाया कोई त्योहार राजा की हत्या के बाद परिवार ने कोई त्योहार नहीं मनाया था। बेटे के जन्म के बाद पहली बार घर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला है।
यूपी के CM योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ भड़काऊ बयान देने वाले मौलाना अब्दुल सालिम चतुर्वेदी को STF ने गिरफ्तार किया है। मौलाना बिहार में अररिया के जोकीहाट का रहने वाला है। यूपी STF ने उसे वहीं से दबोचा है। बिहार में अमौर सीट से AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने सोमवार को मौलाना की गिरफ्तारी की पुष्टि की। मौलाना सालिम भी AIMIM से जुड़ा रहा है। विधायक ने बताया, मौलाना को उनके ही विधानसभा क्षेत्र से पकड़ा गया है। विधायक ने बताया, हमें खबर मिली है कि मौलाना को कुछ लोग उठाकर ले गए, लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि मौलाना को किडनैप किया गया है या गिरफ्तार। उन्होंने इस मामले को लेकर जिले के SP को जानकारी दी है। दरअसल, अब्दुल्ल सलीम पर रमजान के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। 6 मार्च को वीडियो सामने आया था। इसके बाद यूपी में हिंदूवादी संगठन और भाजपा के लोगों ने उनपर कार्रवाई करने की मांग की थी। बलरामपुर में केस भी दर्ज हुआ था। बिहार पुलिस बोली- हमें कोई जानकारी नहींअख्तरुल ईमान ने कहा, “सोमवार देर शाम मौलाना को पूर्णिया जिले के दलमालपुर चौक से कुछ लोग उठाकर ले गए। अब उनकी किडनैपिंग हुई है या यूपी STF ने उठाया है, मुझे पता नहीं। इस मामले को लेकर जब मैंने जिले के थाना प्रभारी से बात की तो उन्होंने मुझे यूपी STF से बात कराया। STF ने बताया कि उन्हें कानूनी प्रकिया के तहत पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई हैं।” उन्होंने बताया, इस मामले की जानकारी उन्होंने जिले के SP को दी है। हालांकि, बिहार पुलिस का कहना है कि इस मामले को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं। जानिए कौन हैं मौलाना अब्दुल्ल सलीम? अब मौलाना का वो बयान पढ़िए, जिसपर यूपी में बवाल मच गया मौलाना अब्दुल्ला सालिम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने रमजान के महीने में बिहार में आयोजित एक धार्मिक जलसे में दिया। मौलाना ने कहा, ‘योगीजी की… भी आकर खा लेते। आप मटन खा लेते। आप मांस खा लेते। एक विवादित टॉपिक है, उधर नहीं जाऊंगा। उत्तर प्रदेश में पता है कैसा कानून बना है? पूछिए दिल साहब से (मंच पर बैठे एक व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए)। अगर किसी के पास योगीजी की… हमारे हिंदू भाई बुरा नहीं मानिएगा। आई रिस्पेक्ट योर माताजी। हम आपके अकीदे (विश्वास) का सम्मान करते हैं। लेकिन, आपको दावत भी देते हैं कि इस्लाम से बेस्ट कोई अकीदा नहीं है। अगर ढाई सौ ग्राम तक योगीजी की…. पाया जाए तो उनके घुटने से नीचे गोली से छेद करने का ऑर्डर है।’ (मौलाना का पूरा बयान हम यहां हूबहू लिख नहीं सकते हैं। इसलिए आपत्तिजनक शब्दों को डॉट कर दिया है।) मौलाना की सफाई- पुराना बयान काट-छांट कर वायरल किया मामले में मौलाना ने सफाई देते हुए एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने कहा, मेरा पुराना बयान काट-छांट कर एडिटेड रूप में वायरल किया गया है। बयान को गलत संदर्भ में पेश कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मौलाना की इस सफाई के बाद उनके समर्थकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब लखनऊ में मौलाना के खिलाफ प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… मौलाना की टिप्पणी पर यूपी में लखनऊ, बलरामपुर समेत अन्य जिलों में प्रदर्शन हुए थे। भाजपा नेता और यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा बिष्ट यादव ने कहा था, मां का दर्ज़ा किसी भी धर्म में बहुत ऊपर होता है। इस्लाम में भी मां को बहुत बड़ा दर्जा दिया गया है, लेकिन ऐसे पाठ इस मौलाना ने नहीं पढ़े हैं। इस प्रकार की भद्दी टिप्पणी करना बंद करें, उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए... ---------------------- यह खबर भी पढ़ें…. सुल्तानपुर में इंस्पेक्टर के सीने में गोली लगी:SP बोलीं- तौलिया उठाते वक्त रिवॉल्वर गिरी, उसी से बुलेट चली सुल्तानपुर के अखंड नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी (50) को रविवार शाम 6 बजे सरकारी आवास में गोली लग गई। गोली उनके सीने को चीरते हुए कंधे में फंस गई। उन्हें लखनऊ PGI में लाया गया। जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। एसपी चारू निगम ने बताया कि यह एक हादसा है। वो अपने कमरे में सामान रख रहे थे, तभी ये घटना हुई। पढ़ें पूरी खबर…
फिल्म प्रोड्यूसर और अभिनेता देव मेनारिया अपनी आगामी फिल्म ‘अहिल्याबाई’ को लेकर भोपाल पहुंचे। इस फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर होगी, जिसमें स्थानीय कलाकारों को भी अवसर मिलेगा। शूटिंग इसी साल अक्टूबर में शुरू होगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने फिल्म के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इतिहास से संवाद का माध्यम बनेगी ‘अहिल्याबाई’देव मेनारिया ने बताया कि ‘अहिल्याबाई’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि इतिहास से संवाद का माध्यम है। इसमें मालवा की महान शासिका अहिल्याबाई होलकर के पराक्रम, नेतृत्व और देश के प्रति उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश के अलग-अलग लोकेशनों पर हो रही है। जहां स्थानीय कलाकारों को भी अभिनय का मौका दिया जा रहा है। यह फिल्म मेनारिया शांति फिल्म्स के बैनर तले बनाई जा रही है। कमर्शियल ट्रेंड से हटकर कंटेंट पर फोकसदेव मेनारिया, जो इससे पहले ‘बिहू अटैक’ जैसी असम की संस्कृति पर आधारित फिल्म में काम कर चुके हैं, मानते हैं कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनका कहना है कि जहां अधिकांश युवा निर्माता-निर्देशक कमर्शियल फिल्मों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं वे भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को बड़े पर्दे पर जीवंत करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि दर्शक मनोरंजन के साथ कुछ सीख भी सकें। वे वेब सीरीज ‘साजिश’ में अपने अभिनय के लिए भी जाने जाते हैं।
कानपुर में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किडनी ट्रांसप्लांट के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। टीम ने शहर के 3 बड़े अस्पतालों में एक साथ छापेमारी की। जिसमें ICU में भर्ती डोनर और रिसीवर मिले। डोनर से 60 लाख रुपए में किडनी का सौदा किया गया, लेकिन महज 9.50 लाख दिए गए। इसके बाद उत्तराखंड के युवक से विवाद हुआ, तो मामला खुला। जांच में सामने आया कि किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए लखनऊ और दिल्ली से डॉक्टरों की टीम आती थी। देश के अलग-अलग राज्यों से युवकों को जाल में फंसाकर किडनी का सौदा किया जाता था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा- अभी इस पूरे पर कार्रवाई चल रही है। जो भी अस्पताल इसमें शामिल हैं, उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। किडनी ट्रांसप्लांट सिंडीकेट का जल्द खुलासा करेंगे। उत्तराखंड से जुड़े किडनी रैकेट के तारपुलिस का कहना है कि कल्याणपुर के आवास विकास तीन में बने एक आपर्टमेंट में शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काड़े ने आयुष को पैसों का लालच देकर उत्तराखंड से कानपुर बुलवाया। उनके बीच बाचतीत में एक मरीज को किडनी बेचने की बात तय हुई। शिवम ने आयुष को 60 लाख रुपए दिलाने का वादा किया। दोनों का रावतपुर के एक नामी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। किडनी डोनेट करने के बाद आयुष को महज 9.50 लाख दिए गए, तो विवाद हो गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली। पुलिस ने अब तक 6 अस्पतालों में छापेमारी कीइसके बाद टीमें बनाकर छापेमारी की गईं, तो कल्याणपुर के आहूजा अस्पताल के आईसीयू में 2 युवक एडमिट मिले। 24 घंटे तक दोनों को यहीं रखा गया। इसके बाद डोनर आयुष को वहां से हटाकर कल्याणपुर आवास विकास तीन में बने मेड लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम की पूछताछ में कई अहम इनपुट सामने आए हैं। इसके बाद पुलिस ने शहर के 3 बड़े अस्पतालों में छापेमारी की। वहां से मिले इनपुट के आधार पर 3 अन्य अस्पताल में भी टीम गई। तीन अस्पतालों के संचालकों को हिरासत में लिया गया। मामला तूल पकड़ता देख आहूजा हॉस्पिटल के संचालक ने कल्याणपुर के प्रिया हॉस्पिटल में किडनी लेने वाले मरीज को भर्ती करा दिया। पूछताछ में मामला खुला तो पुलिस की टीम सोमवार देर शाम को प्रिया सरोज हॉस्पिटल पहुंची। जहां से पुलिस टीम परिजनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की टीमें डोनर और किडनी लेने वाले दोनों मरीजों तक पहुंच गई है। टीम में शामिल अफसरों की मानें तो कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित कई अहम इनपुट मिले हैं। टीमें लगातार छापेमारी और जांच-पड़ताल कर रही हैं। जल्द ही पूरे सिंडीकेट का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। 3 हॉस्पिटल संचालकों से चल रही पूछताछटीम ने कल्याणपुर के मेड लाइफ हॉस्पिटल, रावतपुर स्थित आहूजा हॉस्पिटल और पनकी रोड के प्रिया हॉस्पिटल में ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा और एक सक्रिय दलाल शिवम अग्रवाल उर्फ 'काना' को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें…. सुल्तानपुर में इंस्पेक्टर के सीने में गोली लगी:SP बोलीं- तौलिया उठाते वक्त रिवॉल्वर गिरी, उसी से बुलेट चली सुल्तानपुर के अखंड नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी (50) को रविवार शाम 6 बजे सरकारी आवास में गोली लग गई। गोली उनके सीने को चीरते हुए कंधे में फंस गई। उन्हें लखनऊ PGI में लाया गया। जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। एसपी चारू निगम ने बताया कि यह एक हादसा है। वो अपने कमरे में सामान रख रहे थे, तभी ये घटना हुई। पढ़ें पूरी खबर…
लुधियाना के सराभा नगर की किप्स मार्केट में बेखौफ चोरों ने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। शातिर बदमाशों ने दिन-दिहाड़े काली स्कॉर्पियो को निशाना बनाया और गाड़ी का शीशा तोड़कर भीतर रखा बैग उड़ा ले गए। इस बैग में ₹50 हजार की नकदी और सोने के गहनों के साथ-साथ नई लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी जिसे पीड़ित ने महज कल ही खरीदा था। जानकारी के अनुसार प्रदीप कुमार अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर किसी काम के सिलसिले में किप्स मार्केट पहुंचे थे। उन्होंने अपनी गाड़ी को मार्केट की पार्किंग में खड़ा किया था। इसी बीच बदमाशों ने बड़ी सफाई से गाड़ी की कंडक्टर साइड (बाएं ओर) का शीशा तोड़ दिया। चोरों ने चंद सेकंडों में गाड़ी के भीतर रखा कीमती सामान वाला बैग निकाला और रफूचक्कर हो गए। सुरक्षा के लिए लिया था हथियार 24 घंटे में अपराधियों के हाथ लगा पीड़ित प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए कल ही नई लाइसेंसी रिवाल्वर खरीदी थी। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस हथियार को उन्होंने अपनी हिफाजत के लिए लिया है वह 24 घंटे के भीतर ही अपराधियों के हाथ लग जाएगा। जब प्रदीप अपना काम निपटाकर वापस गाड़ी के पास पहुंचे तो टूटा हुआ शीशा और गायब सामान देख उनके होश उड़ गए। घटना शाम करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस एक्शन: CCTV खंगाल रही टीमें वारदात की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 5 के एसएचओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। पुलिस अब मार्केट और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती चोरी हुई रिवाल्वर की बरामदगी है क्योंकि अंदेशा है कि बदमाश किसी बड़ी वारदात में इस हथियार का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम 7:30 बजे ढाबला जोड़ पर एक सड़क हादसा हो गया। यहां सवारी उतार रही राजस्थान रोडवेज की बस को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार दो किशोर यात्री घायल हो गए। घायलों की पहचान भोपाल निवासी निकेश पिता जगदीश (15) और निकेश पिता प्रभुलाल (16) के रूप में हुई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए खिलचीपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क किनारे खड़ी थी बसजानकारी के अनुसार, राजस्थान रोडवेज की बस (क्रमांक RJ14 PE 5046) कोटा से लगभग 30 सवारियां लेकर ब्यावरा की ओर जा रही थी। ढाबला जोड़ के पास कुछ यात्रियों को उतारने के लिए ड्राइवर ने बस सड़क किनारे खड़ी की थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्राले ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्राला ड्राइवर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। दूसरी बस में बैठाकर सवारियों को रवाना कियाघटना की सूचना मिलते ही टीआई उमाशंकर मुकाती ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने ढाबला क्षेत्र के सरपंच ढाबे के पास से टक्कर मारकर भाग रहे ट्राले को पकड़ लिया और उसे थाने ले आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। क्षतिग्रस्त बस को चालक और कंडक्टर खिलचीपुर ले गए, जबकि अन्य सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस एवं बीजेपी के बाद अब जजपा और इनेलो में जुबानी जंग शुरू हो गई है। सिरसा में शुरू से सियासी हलचल है। इनेलो ने राज्यसभा चुनाव से शुरू से दूरी बनाए रखी और उसमें कांग्रेस विधायकों के ही बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग व कैंसिल वोट को लेकर मामला चर्चाओं में रहा। कांग्रेस विधायक भी अब खुलकर मंच से बीजेपी को वोट करने की कहने लगे हैं। जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला के बयान का आया था कि उनको राज्यसभा चुनाव के लिए पूर्व सीएम मनोहर लाल की ओर से ऑफर मिला था। इसी बयान पर अब इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने पलटवार करते हुए कहा कि अजय सिंह का बयान आप लोगों ने सुना होगा, अभी दो-तीन दिन पहले ही आ रखा है। उसमें कह रहा है कि मेरे को मनोहर लाल ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की ऑफर दी थी। साथ में ये भी कहा था कि लोकदल वोट नहीं देगा। इसी बात पर अभय चौटाला गुस्साए बोले, लोकदल का नाश करने वाला तो तू ही था, तू मारै सै ये उम्मीद भी करेगा। हम तो कभी मौका मिला तो जो कुछ हरियाणा के लोगों से किया है, उसकी तस्सली कराएंगे। यह बयान उन्होंने पानीपत में पार्टी मीटिंग के दौरान दिया। यह बयान काफी चर्चाओं में है। पानीपत में किसान कष्ट निवारण पर हुई चर्चा इनेलो के प्रवक्ता का कहना है कि आज सोमवार को पानीपत में जिलाध्यक्षों की मीटिंग थी, जिसमें किसान कष्ट निवारण केंद्र को लेकर चर्चा हुई। इसी दौरान मंच से इनेलो सुप्रीमो अजय चौटाला ने अजय चौटाला के बयान पर पलटवार करते हुए जवाब दिया। मनोहर ने कहा कि 9 वोट कांग्रेस के मिलेंगे जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला ने निजी चैनल में दिए बयान में कहा था कि मनोहर लाल की ओर से उनको राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऑफर मिला था, परंतु इनेलो के दो वोट हमें हर हालत में नहीं मिलने थे। मनोहर लाल ने कहा था कि कांग्रेस के 9 वोट लीजिए और बाकी हमारे बीजेपी से होंगे। मगर, मैंने मना कर दिया।
उदयपुर की मावली एडीजे कोर्ट ने हत्या मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। पीठासीन अधिकारी राहुल चौधरी ने सोमवार को आरोपी नारायण सिंह पिता हमेर सिंह निवासी गांव मरतड़ी मावली को ये सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी नारायण के सह आरोपी गमेरसिंह, योगेश्वर, रोहित और भूपेन्द्र सालवी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में बतौर गवाह बने बाघसिंह की गोली मारकर हत्या की थी। 72 दस्तावेज पेश, 40 गवाहों के बयान कराए सुनवाई में 72 दस्तावेज पेश किए। 40 गवाहों के बयान कराए। एफएसएल रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा- वर्तमान में इस तरह के अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे अपराध जघन्य अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस प्रकरण में आरोपी नारायण सिंह ने मृतक बाघसिंह को 3 गोली मारी थी। जो बाघसिंह को सीने में लगी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पत्नी की हत्या की थी, गवाह की भी की थी हत्या मावली के अपर लोक अभियोजक दिनेश पालीवाल ने बताया- प्रार्थी मावली स्थित बडियार में शराब की दुकान के सेल्समैन दिनेश सिंह पिता हरीसिंह राजपूत ने 19 जुलाई 2014 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 19 जुलाई 2014 की शाम को 5 युवक दो बाइक पर आए। दुकान से शराब लेकर पी रहे थे। आधा घंटे बाद बाघसिंह और पन्नालाल भी बाइक से वहां आ गए। जहां पहले से मौजूद नारायणसिह ने रिवाल्वर से गोली मारकर बाघसिंह की हत्या कर दी। पन्नालाल जान बचाकर भाग गया। नारायणसिंह व उसके साथी भी फरार हो गए थे। इस एफआईआर पर पुलिस थाना मावली ने जांच करते हुए पाया कि बाघसिंह से नारायणसिंह की रंजिश थी। क्योंकि नारायणसिंह ने वर्ष 2010 में अपनी पत्नी की हत्या की थी। इस मामले में बाघसिंह बतौर गवाह था। नारायणसिंह जमानत पर चल रहा था। पत्नी की हत्या के बाद से ही नारायणसिंह गवाह बाघसिंह की हत्या की साजिश रच रहा था। मौका देखकर उसने रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी।
अनूपपुर जिले की भालूमाड़ा पुलिस ने सोमवार को एक बिना नंबर के मालवाहक वाहन से 7 मवेशियों को छुड़ाया, जिन्हें बहुत ही बेरहमी से गाड़ी में ठूंसकर ले जाया जा रहा था। थाना प्रभारी विपुल शुक्ला को खबर मिली थी कि भालूमाड़ा से जमुना की ओर मवेशियों को भरकर ले जाया जा रहा है। पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी पीछे भगाने की कोशिश की। इसी चक्कर में गाड़ी का पहिया एक गड्ढे में फंस गया। मौका पाकर ड्राइवर गाड़ी छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। कांजी हाउस भेजे गए मवेशी जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें 6 भैंसा और 1 भैंस लदे मिले। इन सभी को सुरक्षित निकालकर पसान नगरपालिका के कांजी हाउस भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जब्त की गई गाड़ी और मवेशियों की कुल कीमत करीब 6 लाख रुपये से ज्यादा है। पुलिस की तलाश जारी पुलिस ने तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बिना नंबर की गाड़ी होने की वजह से आरोपियों तक पहुंचने में थोड़ी मुश्किल हो रही है, लेकिन पुलिस की टीमें फरार ड्राइवर और गाड़ी मालिक की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
करनाल के सेक्टर-12 में एचएसवीपी विभाग ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए कार्रवाई की। विभाग की टीम जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और 10 मकानों को तोड़ दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया और आरोप लगाया कि बिना किसी कानूनी नोटिस के यह कार्रवाई की गई है। लोगों का कहना है कि उनका मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन है। बता दे कि सोमवार दोपहर बाद एचएसवीपी के अधिकारी पुलिस बल के साथ सेक्टर-12 पहुंचे और कब्जा हटाओ अभियान शुरू किया। जेसीबी की मदद से अवैध निर्माणों को गिराया गया। कार्रवाई का लोगों ने किया विरोध कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध किया, लेकिन मौके पर भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। स्थानीय निवासी अश्विनी और अन्य लोगों ने बताया कि वे सेक्टर-12 में वर्ष 1969 से रह रहे हैं। उनके अनुसार, जमीन उनके बुजुर्गों के नाम पर थी और अब इंतकाल भी उनके नाम हो चुका है। हाईकोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई लोगों कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है, जिसकी अभी सुनवाई पूरी नहीं हुई है और निर्णय आना बाकी है। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस के मकानों को तोड़ दिया गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि विभाग ने न तो कोई मुआवजा दिया और न ही रहने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई। लोग बोले मालिकाना हक के दस्तावेज मौजूद अश्विनी का आरोप है कि सरकार द्वारा जगह देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को प्लॉट दिए गए हैं, जबकि उनके पास भी जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया। पहले भी हटाया, फिर दोबारा कब्जा किया एचएसवीपी के अधिकारी भीम सिंह ने बताया कि विभाग ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक समाधी बनी हुई है और उसके पास करीब 200 गज जमीन खाली है। इसके अलावा अन्य लोगों ने अवैध तरीके से निर्माण कर रखा था। इन लोगों को पहले भी हटाया गया था, लेकिन वे दोबारा आकर बस गए। उनके पास मालिकाना हक के कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं।सामान निकालने के लिए दिया गया समय अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लोगों को सहयोग किया गया और मकानों से सामान निकालने के लिए समय भी दिया गया। विभाग ने पुराने मकानों और झोपड़ियों को हटाया है। वहीं प्रभावित लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में आवाज उठाने की बात कही है।
पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला जज की अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य के अभाव में ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया है। खास बात यह रही कि मृतका के परिजन कोर्ट में अपने बयान से मुकर गए, लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया है। संदिग्ध हालात में हुई थी मौत नौबस्ता के राजीव नगर निवासी सुनील कुशवाहा की शादी 25 अगस्त 2012 को दादानगर के नौरैयाखेड़ा निवासी मंजू देवी से हुई थी। 9 अगस्त 2019 को मंजू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 2 लाख रुपये के लिए दबाव का आरोप मृतका के भाई संतोष कुमार ने पति सुनील, ससुर चंद्रपाल और चचिया ससुर के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सुनील व्यापार के लिए 2 लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बना रहा था और रुपये न मिलने पर हत्या कर दी। परिजन कोर्ट में मुकर गए सुनवाई के दौरान मृतका के भाई, मां और अन्य परिजन अपने बयान से पलट गए, जिससे मामला कमजोर होता दिखा। डॉक्टर की गवाही बनी अहम पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई थी। इसी मेडिकल साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। पति को मिली सजा, ससुर बरी कोर्ट ने पति को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं दहेज प्रताड़ना का आरोप सिद्ध न होने पर ससुर को बरी कर दिया गया। गवाहों के मुकरने के बावजूद मेडिकल एविडेंस के आधार पर सजा का यह फैसला अहम माना जा रहा है।
गर्मी में बिजली की बेहतर सेवा के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने सोमवार को 53 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया। इन नई गाड़ियों को लखनऊ के चारों जोनों में तैनात किया गया है। जिसमें गोमतीनगर, जानकीपुरम और मध्य क्षेत्र में 12-12 वाहन और अमौसी क्षेत्र में 17 वाहन शामिल हैं। मुख्य अभियंता (वितरण) के कार्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में इन वाहनों का फ्लैग ऑफ किया गया। विभाग ने ये आधुनिक सुविधाओं से लैस वाहन गर्मी में बढ़ती बिजली मांग और फॉल्ट-ट्रिपिंग की समस्याओं से निपटने के लिए तैयार किए हैं। इन वाहनों की मदद से मेंटेनेंस टीम फॉल्ट की जगह पर तेजी से पहुंच सकेगी। शिकायतों का निस्तारण पहले से ज्यादा तेज होगा। उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी होगी। इससे विभाग ट्रिपिंग-फ्री और निर्बाध बिजली सप्लाई दे सकेगा। साथ ही उपभोक्ता भी संतुष्ट होंगे। विभाग का कहना है कि उपभोक्ता संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर्मचारियों को भी नियमित ट्रेनिंग दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उपभोक्ता देवो भवः के मंत्र को ध्यान में रखते हुए गर्मियों में निर्बाध और ट्रिपिंग-फ्री बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बाड़मेर में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप, फिर गांव में एक धार्मिक स्थल और आसपास के कच्चे घरों में तोड़फोड़ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आरोपियों को राजनैतिक संरक्षण होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है- गैंगरेप मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इन्हीं आरोपियों में शामिल दरिंदों ने विवाद खड़ा किया है और धार्मिक स्थल की दीवार भी इन्होंने ही तोड़ी है। चौधरी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि रामनवमी (पत्थरबाजी) पर जिस घटना को बताया जा रहा है, ऐसी घटना हुई ही नहीं है। हमारे पूर्व विधायक ने गांव जाकर पूरी जानकारी जुटाई और मैंने भी सैकड़ों लोगों से बातचीत की है। दरअसल, बाड़मेर के एक गांव में बीते तीन दिनों से रामनवमी में पत्थरबाजी, धार्मिक स्थल और कच्चे घरों को तोड़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके साथ बायतु विधायक ने 27 फरवरी को दर्ज नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप मामले में पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक हरीश चौधरी ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से भी मुलाकात की और मामले में कार्रवाई की मांग की। जिन्हें रोकने की जिम्मेदारी, वहीं संरक्षण दे रहे बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि गांव और आसपास के इलाकों में संगठित गिरोह के जरिए क्राइम हो रहा है। बीते दिनों एक एफआईआर दर्ज हुई। एक नाबालिग के साथ में गैंगरेप हुआ। वहां पर बनी ढाणियां को ध्वस्त किया गया। एक धार्मिक स्थल की दीवार भी तोड़ी गई, यह संगठित गिरोह का प्रयास था, जो चिंताजनक है। विधायक ने कहा कि सभी मिलकर सच्चाई का पता लगाओ और इस तरह का कृत्य और संगठित अपराध हो रहा है। उसको रोकने की जिसकी जिम्मेदारी है, वही संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा- राजनैतिक दल विवाद करवा रहा है। जाति और धर्म के नाम पर संगठित गिरोह बनवाना और राजनीतिक संरक्षण देना, यह यहां के लोगों को कभी मंजूर नहीं होना चाहिए। हम सभी मिलकर राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर इस तरीके की ताकतों का मुकाबला करें। एफआईआर में सिर्फ दो, लेकिन हकीकत में आरोपी ज्यादाबायतु विधायक ने कहा कि एफआईआर में नामजद दो जने थे। लेकिन एफआईआर के बाद जांच और नाबालिग के बयान में कई आरोपी निकले है। यह ऑन रिकॉर्ड है। एक आरोपी भी उस क्राइम में भी शामिल है। उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। आरोपियों को मिल रहा राजनैतिक संरक्षणविधायक ने कहा कि इन आरोपियों पर राजनैतिक संरक्षण है। बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि जो रामनवमी पर जो विवाद की बात कर रहे है। वैसा वहां पर कुछ हुआ ही नहीं है। आप जाकर किसी से पूछ लो। आज हमारे पूर्व विधायक भी वहां पर गए। मेरी भी वहां पर सैकड़ों लोगों की बात हुई है। बीजेपी से जुड़े लोगों ने भी मुझे बताया कि इस तरह की कोई भी घटना नहीं हुई। चौधरी ने कहा कि यह जो प्रयास किए जा रहे है। जाति को जाति से अलग करना, पीढ़ियां से यह सभी जातियां साथ में रह रही थी। पुलिस व प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो हम संविधान के दायरे में रहकर सभी अधिकारों का उपयोग करेंगे। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ का विरोध, पुलिस जाब्ता तैनात:SP- DSP मौके पर पहुंचे; पूर्व मंत्री बोले- पत्थरबाजी की घटना कायराना हरकत
ललितपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। डीएम सत्य प्रकाश के प्रयासों से लंबे समय से लंबित भूमि का हस्तांतरण चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में कर दिया गया है। इस भूमि पर इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब और 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जाएगा। यह भूमि आराजी संख्या-3727/2, रकवा 1.416 हेक्टेयर, मौजा ललितपुर, परगना तहसील व जिला ललितपुर में स्थित है। खेवट खाता संख्या-53 नजूल नगर पालिका के खाता संख्या-360 में दर्ज इस भूमि से 3250 वर्गमीटर हिस्सा पीएम अभीम (प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन) के तहत उपयोग किया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन के आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग ने जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निरंतर प्रयास और प्रभावी पत्राचार के फलस्वरूप इस भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है। यह हस्तांतरण जिला चिकित्सालय और राजकीय मेडिकल कॉलेज स्तर पर सुविधाओं के निर्माण के लिए किया गया है। डीएम ने तहसीलदार ललितपुर को तत्काल आदेश जारी किए हैं। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे उपरोक्त भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में अभिलेखों में दर्ज करें और कब्जा दिलाना सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य जनपदवासियों के लिए स्वास्थ्य परियोजनाओं का विकास कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर डीएम सत्य प्रकाश ने स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कमी न आने देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वे लगातार इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के लिए प्रयासरत हैं। वे मासिक जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकें आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं की समीक्षा करते हैं, तथा संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं।
कन्नौज में नाबालिग से जुड़े चर्चित रेप कांड में आरोपी पूजा तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे पकड़ा। मामला चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय से जुड़ा है। इस मामले में 11 अगस्त 2024 की रात कन्नौज पुलिस ने पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव को गिरफ्तार किया था। जो तब से जेल में बंद हैं। इस केस में आरोपी पूजा तोमर को भी पहले गिरफ्तार किया गया था। लेकिन करीब चार महीने बाद उसे पॉक्सो कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद वह कोर्ट की किसी भी तारीख पर पेश नहीं हुई। जिसके चलते पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। वारंट के आधार पर पुलिस ने 27 मार्च को पूजा तोमर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जिला जेल अनौगी भेज दिया गया। सोमवार को पूजा तोमर के अधिवक्ता अभिषेक दुबे ने जमानत याचिका दाखिल की। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए 2 अप्रैल की तारीख तय की है। अधिवक्ता का कहना है कि पूजा तोमर अस्वस्थ थी और उत्तराखंड में इलाज करा रही थी। जिस कारण वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकी। जमानत अर्जी के साथ इलाज से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 हॉकी के सेमीफाइनल मैच में छत्तीसगढ़ को बड़ी हार मिली है। ओडिशा ने छत्तीसगढ़ को 5-1 से हराया है। मुकाबला सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेला गया। छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के मैच से पहले हुए एक अन्य सेमीफाइनल मैच में झारखंड ने मध्य प्रदेश को 8-1 से करारी शिकस्त दी। इस तरह सेमीफाइनल में झारखंड और ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यानी जो टीम फाइनल में जीतेगी उसे गोल्ड और जो हारेगी उसे सिल्वर मेडल मिलेगा। वहीं ब्रॉन्ज मेडल के लिए छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच मैच होगा। पहले सेमीफाइनल में झारखंड की टीम ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा और बड़े अंतर से जीत दर्ज की। दूसरे सेमीफाइनल में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कड़ा टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने आक्रामक हॉकी खेली, लेकिन ओडिशा ने बेहतर फिनिशिंग के दम पर 5-1 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया। मैच के दौरान स्टेडियम में दर्शकों का जबरदस्त उत्साह रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभंकर ‘मोर वीर’ के साथ दर्शक जमकर मस्ती में शामिल हुए और पूरा माहौल उत्सव जैसा बन गया। इस मौके पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सांई डिप्टी डायरेक्टर श्मयंक श्रीवास्तव भी स्टेडियम पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
जयपुर में अव्यवस्थाओं पर AAP का ‘हल्ला बोल’:नगर निगम पर लापरवाही के आरोप, उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजधानी जयपुर में बढ़ती अव्यवस्थाओं और नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर मोर्चा खोल दिया। यह कार्यक्रम पार्टी के अभियान “जयपुर नगर निगम हल्ला बोल” के प्रथम चरण के तहत आयोजित किया गया। प्रेस वार्ता को जिला अध्यक्ष अमित दाधीच और संगठन महामंत्री संगीता गौड़ ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जयपुर जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन शहर की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग निष्क्रिय बना हुआ है। शहर में ये प्रमुख समस्याएं उठाईं नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में: जैसी समस्याओं ने आमजन का जीवन मुश्किल बना दिया है। इन इलाकों का विशेष उल्लेख प्रेस वार्ता में आदर्श नगर, मालवीय नगर, सिविल लाइंस, बगरू, सांगानेर, विद्याधर नगर और झोटवाड़ा सहित कई क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं के अनुसार 15 वार्डों का फोटो सहित विस्तृत दस्तावेज तैयार किया गया है, जो जमीनी हकीकत को दर्शाता है। नगर निगम को सौंपा ज्ञापन प्रेस वार्ता के बाद पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता लाल कोठी स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सभी समस्याओं का विस्तृत विवरण देते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई। आंदोलन की चेतावनी AAP नेताओं ने साफ कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी जनता के साथ मिलकर चरणबद्ध उग्र आंदोलन करेगी। इस अभियान में पार्टी के कई कार्यकर्ता जैसे मोहसिन कुरैशी, फिरोज़ुद्दीन, शहजाद खान, शाहरुख, प्रदीप आसुदानी, अशोक मेघवाल, हुमा खान, कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, विनीत शर्मा, राशीद हसन, लोकेन्द्र कुलश्रेष्ठ, अभिषेक झा और योगेश अग्रवाल लगातार वार्डों का निरीक्षण कर रहे हैं।
महोबा में एक चार वर्षीय बच्ची ने खेल-खेल में कपूर मिला नारियल तेल पी लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। घटना महोबा शहर के मोहल्ला नारूपुरा में हुई। नारूपुरा निवासी 4 वर्षीय शाहिस्ता घर में खेल रही थी, तभी उसने पास रखा कपूर मिश्रित नारियल तेल पी लिया। तेल पीने के कुछ देर बाद बच्ची अचेत होकर गिर पड़ी और उसका शरीर अकड़ने लगा। बच्ची के चाचा जावेद उसे लेकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. दीपक ने प्राथमिक परीक्षण किया और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शाजी राहील को बुलाया। बच्ची को ऑक्सीजन लगाई गई, जिसके बाद उसने मुंह से खून भी उगला। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शाजी राहील ने बताया कि बच्ची को प्राथमिक उपचार देकर स्थिर करने की कोशिश की गई है। हालांकि, शरीर में कपूर की मात्रा पहुँचने और आंतरिक रक्तस्राव की आशंका के चलते उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज स्तर के बड़े अस्पताल में ले जाना अनिवार्य है। अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर छतरपुर या झांसी के बड़े अस्पताल की ओर रवाना हुए हैं।
सहारनपुर में तीन भाइयों को हत्या में उम्रकैद:7 साल पहले जादू-टोने के शक में की थी महिला की हत्या
सहारनपुर कोर्ट ने जादू-टोने के शक में महिला की हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा दी है। कोर्ट ने दोषियों पर 3.25 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 की कोर्ट में हुई। यह मामला थाना तीतरों क्षेत्र के कस्बा तीतरों का है। कोर्ट ने पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सजा सुनाई है। थाना तीतरों के मोहल्ला शेखजादगान निवासी शोएब ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 25 नवंबर 2018 की शाम उसकी मां शाहीन और बड़ी बहन नाजमा बाजार से घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में मोहल्ला अफगानान कला के रहने वाले इमरान, आसिफ, आमिर और नवाजिश ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि आसिफ ने शाहीन के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बहन नाजमा के शोर मचाने पर शोएब भी घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। जाते-जाते उन्होंने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार ने आरोप लगाया था कि घटना से करीब 10-12 दिन पहले आरोपियों के छोटे भाई सुफियान की बीमारी से मौत हो गई थी। आरोपियों को शक था कि सुफियान की मौत जादू-टोने के कारण हुई है और इसके लिए वे शाहीन को जिम्मेदार मान रहे थे। इसी शक में उन्होंने साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आसिफ के कब्जे से देशी पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान एक आरोपी इरफान की मृत्यु हो गई, जबकि बाकी तीन आरोपियों आसिफ, आमिर और नवाजिश को दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए कुल 21 गवाह पेश किए। मृतका की बेटी नाजमा ने अदालत में आरोपियों की पहचान की और घटना का प्रत्यक्ष विवरण दिया। इसके अलावा गवाह सुजाहत खान ने भी अपने बयान में बताया कि घटना वाले दिन शाम को गोली चलने की आवाज सुनकर वह बाहर आए थे और उन्होंने एक व्यक्ति को भागते हुए देखा, जो तमंचा मौके पर ही छोड़ गया था। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए सहारनपुर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले को अंधविश्वास के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षकों ने डीआईओएस के व्यवहार पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 8 अप्रैल से डीआईओएस कार्यालय पर क्रमिक धरना शुरू किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री डीपी यादव ने किया। इसमें सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर डीआईओएस के व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई गई। संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि डीआईओएस ने प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के प्रति असम्मानजनक रवैया अपनाया है, जिसे निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। जिला मंत्री डीपी यादव ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर दिए गए ज्ञापनों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इसे एक अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ मामलों में विभागीय स्तर पर त्रुटिपूर्ण कार्यों को समर्थन दिया जा रहा है, जो प्रशासनिक निष्पक्षता के विपरीत है। प्रदेश संरक्षक डॉ. हरिप्रकाश यादव ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों का सम्मान सर्वोपरि है और इससे किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डीआईओएस का ऐसा व्यवहार जारी रहा तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वहीं प्रदेश आय-व्यय निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश मंत्री संदीप शुक्ला ने भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन की एकजुटता पर बल दिया। संघ ने डीआईओएस से अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त करने और लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई कि यदि 28 मार्च को दिए गए पत्र पर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो 8 अप्रैल से डीआईओएस कार्यालय पर क्रमिक धरना शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में प्रदेश और जिला स्तर के कई पदाधिकारी एवं सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
बागपत में छेड़छाड़-हत्या के दोषी को आजीवन कारावास:12 साल बाद हुई सजा, 18 हजार का अर्थदंड भी लगाया
बागपत जनपद के छपरौली थाना क्षेत्र में एक युवती से छेड़छाड़ और उसकी हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोषी पर 18,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले के साथ पीड़ित परिवार को 12 साल बाद न्याय मिला है। अदालत ने सभी गवाहों की गवाही और प्रस्तुत सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। इसी के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। यह घटना 12 साल पुरानी है। उस समय मृतक युवती के पिता ने छपरौली थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ और उसकी हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी की पहचान सुंदर पुत्र जयकरण, निवासी शबगा, थाना क्षेत्र छपरौली के रूप में की थी। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) राहुल नेहरा ने बताया कि अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
इंदौर में रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव कई कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान ट्रैफिक का एक टीआई ड्यूटी से नदारद रहा। इस मामले में ट्रैफिक अधिकारियों ने सोमवार को जांच के बाद उसे सस्पेंड कर दिया। यह मामला सीएम के कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक ड्यूटी से जुड़ा है। ट्रैफिक के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीआई राहुल राजपूत को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि रविवार को उनकी ड्यूटी लगी थी, लेकिन वे गैरहाजिर रहे। राहुल राजपूत पहले द्वारकापुरी टीआई रह चुके हैं। वहां से उन्हें लाइन अटैच किया गया था। लंबे समय तक लाइन में रहने के बाद उन्हें दोबारा ट्रैफिक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एसीपी स्तर के अधिकारियों का हुआ मूल्यांकन सीपी संतोष सिंह ने एसीपी और थाना प्रभारियों के लिए रेटिंग सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत बेहतर कार्रवाई पर हर माह ग्रेड दिया जाता है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी सूची में खजराना एसीपी कुंदन मंडलोई को पहला स्थान, विजय नगर को दूसरा और गांधी नगर को तीसरा स्थान मिला। पिछले माह पहले स्थान पर रही रूबिना मिजवानी इस बार सीधे नौवें स्थान पर पहुंच गईं। वहीं, जोन-4 के सराफा को सबसे अंतिम स्थान मिला। थाना प्रभारियों की रेटिंग में भी इसी जोन के पंढरीनाथ थाने को सबसे आखिरी स्थान मिला है।
आज 6905 लोगों ने जमा किया 5.57 करोड़ का प्रॉपर्टी:31 मार्च तक नहीं चुकाने पर लगेगा 17% जुर्माना
रायपुर नगर निगम में सुबह से दोपहर तक 6905 करदाताओं ने कुल 5 करोड़ 57 लाख 70 हजार 441 रुपए जमा किए। सभी जोन कार्यालयों में भुगतान का सिलसिला लगातार जारी रहा। 31 मार्च 2026 प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख है। निगम ने साफ किया है कि तय समय के बाद भुगतान नहीं करने वालों से 1 अप्रैल से 17 प्रतिशत अधिभार के साथ वसूली की जाएगी। इधर, बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। अलग-अलग जोन में राजस्व विभाग की टीम दुकानों को सील करने और घरों के नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रही है। यह अभियान पूरे दिन चलता रहा। निगम ने यह भी व्यवस्था की है कि 31 मार्च को महावीर जयंती के अवकाश के बावजूद सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे, ताकि लोग आसानी से टैक्स जमा कर सकें। रायपुर नगर निगम बकाया टैक्स वसूली के लिए बड़े बकायादारों से सीधे संपर्क कर रही है। मोबाइल कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें बकाया राशि तुरंत जमा करने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही साफ चेतावनी दी जा रही है कि भुगतान नहीं करने पर कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई की जाएगी। निगम के सभी जोन कार्यालयों के राजस्व काउंटर 28 मार्च (शनिवार), 29 मार्च (रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी खुले रहेंगे। इन दिनों आम दिनों की तरह ही टैक्स जमा किया जा सकेगा। ‘मोर रायपुर’ ऐप से भी ऑनलाइन भुगतान इसके अलावा ‘मोर रायपुर’ ऐप और निगम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी लगातार उपलब्ध है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर बैठे ऑनलाइन भुगतान कर इस सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं और कार्रवाई से बचें, निगम का फोकस ऐसे बकायादारों पर है, जो लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, 31 मार्च 2026 तक टैक्स जमा नहीं करने पर 17 प्रतिशत अधिभार के साथ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इससे बचने के लिए सभी संपत्तिकरदाताओं से समय पर भुगतान करने की अपील की गई है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर स्थित गुप्ता सोसाइटी में सोमवार सुबह एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर जांच की। हालांकि परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। पीआरवी की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 8:40 बजे पीआरवी को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंचने पर मृतक की पहचान विजय प्रताप सिंह (32) पुत्र स्वर्गीय महेश सिंह चौहान, निवासी आरएस इंक्लेव, गुप्ता सोसाइटी के रूप में हुई। नशे की हालत में घर पहुंचा, कमरे में गया और उठा लिया कदम परिजनों ने बताया कि मृतक शराब का आदी था और अक्सर नशे में घर आता था। रविवार रात भी वह घर नहीं लौटा और सोमवार भोर में नशे की हालत में घर पहुंचा। इसके बाद वह सीधे कमरे में चला गया। पत्नी ज्योति घरेलू काम में व्यस्त थी, इसलिए रोजाना की तरह उसे बिना टोके छोड़ दिया गया। खिड़की से झांकने पर फंदे पर लटका मिला शव कुछ समय बाद जब पत्नी कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। इस पर खिड़की से झांककर देखा गया तो विजय पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ मिला। इसके बाद परिजनों ने खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया और उसे नीचे उतारा। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत की पुष्टि परिवार के लोग उसे तत्काल उपचार के लिए आरसी अस्पताल ले गए। वहां से एसपीएम अस्पताल और फिर कार्डियोलॉजी, गोल चौराहा रावतपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कार्रवाई से इंकार किया घटना के बाद परिजन शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इस बीच पड़ोसी द्वारा डायल 112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने लिखित रूप से किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इंकार कर दिया। पुलिस ने पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली है।
सिरसा जिले के रानिया में खुराना पेट्रोल पंप के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में 57 वर्षीय बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली खुराना पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खड़ा था। रानिया से बालासर रोड की ओर आ रहे बाइक सवार ने खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल बाइक सवार को रानिया के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बेटे से मिलने जाते समय हादसा मृतक की पहचान 57 वर्षीय गुरदीप सिंह के रूप में हुई है, जो फिरोजाबाद गांव के रहने वाले थे। गुरदीप सिंह के दो बेटे हैं, जिनमें से एक फिरोजाबाद और दूसरा कुस्सर गांव में रहता है। बताया जा रहा है कि गुरदीप सिंह अपने बेटे से मिलने कुस्सर गांव जा रहे थे। बता दे कि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर हुई, वह जोगिंदर सिंह का था। वह राजस्थान के सहारनी कुलरंदर गांव के निवासी हैं। वह रानियां में ड्राइवरी का काम करते हैं।
सहारनपुर स्मार्ट सिटी को नोएडा में आयोजित 33वें कॉन्कलेव इंडिया स्मार्ट सिटीज़ एक्सपो 2026 में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 'कामकाजी महिलाओं को मजबूत करने के लिए स्मार्ट पहल' श्रेणी के तहत वूमेन हॉस्टल प्रोजेक्ट के लिए प्रदान किया गया। यह परियोजना शहर में कार्यरत महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा पर केंद्रित है। कॉन्कलेव से लौटने के बाद स्मार्ट सिटी के कंपनी सचिव शंकर तायल ने यह सम्मान चिह्न और प्रमाणपत्र स्मार्ट सिटी सीईओ एवं नगरायुक्त शिपू गिरि को सौंपा। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नगरायुक्त शिपू गिरि ने कहा कि यह परियोजना कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि वूमेन हॉस्टल को महिलाओं की दैनिक जरूरतों, सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता देते हुए डिजाइन किया गया है। हॉस्टल में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ और सुसज्जित कमरे, सामुदायिक स्थान तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। नगरायुक्त ने कहा कि स्मार्ट सिटी की यह पहल महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने करियर को आगे बढ़ाने में भी मदद करती है। उन्होंने इस परियोजना को शहरी विकास के साथ सामाजिक सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम के समर्पण और नवाचार को दिया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने की बात कही। अपर नगरायुक्त एवं एसीईओ प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि यह पुरस्कार सहारनपुर को एक स्मार्ट, सुरक्षित और समावेशी शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी के जीएम दिनेश सिंघल और लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
मथुरा में दहेज हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार:पति, सास और ससुर को पुलिस ने जेल भेजा, जांच जारी
मथुरा के थाना कोतवाली पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में कार्रवाई करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर झींगुरपुरा बाग बहादुर क्षेत्र में दबिश देकर आरोपियों को उनके घर से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में 65 वर्षीय सुरेश (पुत्र नत्थूलाल), 23 वर्षीय राहुल (पुत्र सुरेश) और एक 60 वर्षीय महिला शामिल हैं। ये सभी वर्तमान में मथुरा के झींगुरपुरा बाग बहादुर, थाना कोतवाली क्षेत्र के निवासी हैं। इनका मूल निवास फर्रुखाबाद जनपद के कायमगंज थाना क्षेत्र का ग्राम हथौड़ा बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0-0225/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 80(2), 85, 115(2) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला दो दिन पहले नवविवाहिता पायल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से संबंधित है। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया था। उन्होंने पति, सास और ससुर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद व्यवस्था शुरू हो गई है। प्रशासन ने व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस वर्ष जिले में कुल 68 गेहूं क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इन 68 केंद्रों में खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 23, पीसीयू के 11, यूपीएसएस के 9, मंडी समिति के 3 और भारतीय खाद्य निगम के 4 केंद्र शामिल हैं। इस वर्ष सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹160 बढ़ाकर ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष ₹2,425 प्रति क्विंटल था। इससे किसानों को लगभग 6.59 प्रतिशत अधिक मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि की उम्मीद है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मंडी परिसरों में संचालित क्रय केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मंडी सचिव, अयोध्या और रुदौली को दिए गए हैं। जिले में 30 मार्च तक 2026 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। केंद्र प्रभारी किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें पंजीकरण और गेहूं बिक्री के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पिछले वर्ष 64 केंद्रों के माध्यम से 27,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले मात्र 7,551.504 मीट्रिक टन (27.97 प्रतिशत) खरीद हो सकी थी। इस बार खरीद बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी है कि खरीद में लापरवाही बरतने वाले केंद्र प्रभारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें आगामी धान खरीद से भी वंचित किया जा सकता है। इसी क्रम में, 30 मार्च को सुबह 11 बजे तक 17 केंद्र प्रभारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों को संस्तुति भेज दी गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि इस बार पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रायसेन जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रमपुरा घाट पर सोमवार को नर्मदा नदी में बड़ा हादसा टल गया। यहां 16 यात्रियों और 5 मोटरसाइकिलों से लदी एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। नाव रमपुरा घाट से रिछावर घाट (जिला नरसिंहपुर) की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव में क्षमता से अधिक लोग और वाहन सवार थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि अधिक भार के कारण नाव संतुलन खोने लगी और उसमें धीरे-धीरे पानी भरने लगा। यात्रियों को स्थिति का अंदाजा होता, उससे पहले ही नाव डगमगाई और अचानक पलट गई। देखते ही देखते सभी यात्री और बाइक नदी में गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चार युवकों ने दिखाई बहादुरी, नदी में कूदकर बचाईं जानें हादसे के दौरान स्थानीय चार युवकों ने साहस का परिचय देते हुए बिना देर किए नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच उन्होंने एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। नाव में सवार लोगों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे। युवकों की तत्परता और सूझबूझ के चलते सभी 16 यात्रियों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। बाइक नदी में डूबीं, तीन निकाली गईं, बाकी की तलाश जारी हादसे में नाव पर रखी सभी 5 मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से अब तक 3 बाइक को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी 2 की तलाश जारी है। नदी में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद सभी यात्रियों को देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। बचाने वाले युवकों का होगा सम्मानप्रशासन ने हादसे के दौरान साहस दिखाने वाले चारों युवकों को सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी बहादुरी और तत्परता के चलते 16 जिंदगियां सुरक्षित बच सकीं। यह है 4 बहादुर युवक… प्रशासन मौके पर पहुंचा, लिया घटनास्थल का जायजा घटना की सूचना मिलते ही देवरी तहसीलदार जयपाल उइके और थाना प्रभारी जयदीप भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद नदी में संचालित नावों की सुरक्षा व्यवस्था और ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर कोई सख्ती नहीं होती, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर नाव संचालन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जोधपुर में महिलाओं के साथ अभद्रता और पथराव के मामले में आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए विवाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया था। पुलिस ने सुनवाई के दौरान- आरोपियों के खिलाफ वीडियो सबूत भी पेश किया। पुलिस ने कोर्ट में कहा- आरोपियों ने सांप्रदायिक सद्भावना को बिगड़ने का प्रयास किया, जिस तरीके से आरोपियों ने पत्थर फेंके। उसे तरीके से ऐसे लग रहा था कि यह कैसी क्रिकेट मैच में गेंदबाजी कर रहे हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। इस मामले में सदर कोतवाली थाना अधिकारी अनिल यादव ने आरोपियों के खिलाफ सबूत भी पेश किए। महिलाओं पर पथराव का आरोप, मदद करने वालों से की धक्का-मुक्की पुलिस के अनुसार मेहरों के चौक क्षेत्र में 27 मार्च को धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद महिलाएं भोळावणी मेले में जा रही थीं। इसी दौरान लायकान मोहल्ला की तरफ से बाइक पर आए युवकों ने महिलाओं को टक्कर मार दी। दोनों युवक भी बाइक सहित सड़क पर गिर गए। आरोप है कि दोनों नशे में थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले हमने समझाइश की कोशिश की थी, लेकिन आरोपी लगातार हंगामा करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- स्थानीय लोगों ने घायल युवकों की मदद की कोशिश की, लेकिन उन्होंने धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी। भीड़ बढ़ी तो आरोपी युवक वहां से चले गए। कुछ ही देर बाद आरोपी कुछ और लोगों के साथ वापस आ गए। उन्होंने महिलाओं और स्थानीय लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पत्थरबाजी में एक स्थानीय युवक नीतेश गंभीर रूप से चोटिल हो गया। बाद में पुलिस ने हालात काबू में किए। इन आरोपियों को जेल भेजा पुलिस ने फैसल (32) उर्फ कालू पुत्र सरपुराज निवासी आचार्यो की घाटी, अमन खान उर्फ लक्की (18) पुत्र असलम खान निवासी शेखजी की पोल मोहल्ला लायकान जोधपुर पूर्व, साहिद (20) पुत्र मोहम्मद साबिर निवासी लखारा बाजार जोधपुर पूर्व, अकरम खान (23) पुत्र असलम खान निवासी शेखजी की पोल के पीछे मौहल्ला लायकान जोधपुर पूर्व, मोहम्मद अली (20) पुत्र मेहराज बक्श निवासी शेखजी की पोल मौहल्ला लायकान जोधपुर पूर्व, इमरान उर्फ अलाज (18) पुत्र समसूल निवासी शेखजी की पोल मौहल्ला लायकान जोधपुर पूर्व, अब्दुल रजाक (23) पुत्र मो. जाकिर निवासी किल्ले की घाटी मौहल्ला लायकान जोधपुर पूर्व, इमरान उर्फ रोनू (18) पुत्र साकिर बक्श निवासी शेख जी की पोल मौहल्ला लायकान जोधपुर पूर्व, समीर (24) पुत्र स्व. शोकत खान निवासी किराएदार जोधपुर पूर्व को जेल भेजा गया।
उदयपुर की एसीबी स्पेशल यूनिट ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की। टीम ने वल्लभनगर तहसील के भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) देवेन्द्र सिंह राणावत को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी गिरदावर ने एक किसान की जमीन के कागजों में हुई गलती को सुधारने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। इस पूरे कार्रवाई के बाद मामले में अब वल्लभनगर तहसीलदार सुरेन्द्र छीपा की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है, क्योंकि आरोपी गिरदावर बार-बार तहसीलदार के नाम पर ही शिकायत करने वाले किसान से रुपए की डिमांड कर रहा था। मामला जिले की वल्लभनगर तहसील के राणाकुई गांव से जुड़ा है। पीड़ित किसान के पास करीब 5 बीघा कृषि भूमि है। सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर या गलती की वजह से इस खेती की जमीन (बारानी तृतीय) को कागजों में 'भवन' दर्ज कर दिया गया था। किसान अपनी ही जमीन को वापस खेती की जमीन दर्ज कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। उसने इसकी शुद्धि के लिए वल्लभनगर तहसीलदार के सामने प्रार्थना पत्र पेश किया था। तहसीलदार ने इस मामले की जांच के लिए पटवारी को भेजा। यहीं से खेल शुरू हुआ। तहसील कार्यालय में कार्यरत भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत ने किसान को अपने जाल में फंसा लिया। उसने कहा कि जमीन की किस्म 'भवन' से बदलकर फिर से 'बारानी तृतीय' कर दी जाएगी और तहसीलदार से आदेश भी करवा दिए जाएंगे। लेकिन इसके बदले उसने 15 हजार रुपए की मांग रख दी। गिरदावर ने यह भी भरोसा दिलाया कि वो अपनी सरकारी आईडी (RPG ID) से इसे ऑनलाइन अपलोड कर रिकॉर्ड भी दुरुस्त कर देगा। परेशान किसान ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट को 13 फरवरी को इसकी शिकायत की थी। एसीबी के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में टीम ने प्लानिंग की। इस पर एएसपी राजीव जोशी और इंस्पेक्टर लक्ष्मणलाल डांगी ने 13 और 23 फरवरी को रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया। बातचीत के दौरान यह साफ हो गया कि गिरदावर देवेन्द्र सिंह खुलेआम रुपयों की मांग कर रहा है। उसने बातों-बातों में यह भी कहा कि यह काम 'साहब' यानी तहसीलदार से करवाना होगा, इसलिए पैसे तो देने ही पड़ेंगे। तय प्लान के अनुसार सोमवार को जैसे ही किसान रिश्वत के 15 हजार रुपए लेकर गिरदावर के पास पहुंचा और पैसे लिए, तभी पहले से तैयार बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। एसीबी की इस कार्रवाई से पूरी तहसील में हड़कंप मच गया। फिलहाल एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में टीम आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी गिरदावर बार-बार तहसीलदार का नाम ले रहा था, जिससे तहसीलदार सुरेन्द्र छीपा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। टीम अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में ऊपर तक हिस्सा जा रहा था। गिरदावर के ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।
गाजियाबाद के थाना मधुबन बापूधाम क्षेत्र के सदरपुर गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक युवक को गोली लग गई। घायल युवक की पहचान अमन के रूप में हुई है, जिसे पेट में गोली लगी है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अमन का एक रिश्तेदार सदरपुर गांव आया हुआ था। अमन ने अपने रिश्तेदार और दोस्तों के साथ पार्टी की थी। देर रात जब अमन अपने एक दोस्त के साथ घर लौट रहा था, तभी रास्ते में पड़ोस में रहने वाले विकास उर्फ बहुबली और गजेंद्र उर्फ भूरा से उसकी किसी बात को लेकर बहस हो गई। यह बहस धीरे-धीरे विवाद में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान लात-घूंसे चले। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के साथ दो-तीन अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पिस्टल निकालकर फायर कर दिया। गोली अमन के पेट में जा लगी। गोली लगने के बाद अमन किसी तरह मौके से भागकर अपने घर पहुंचा और फिर अपने भाई के साथ अस्पताल जाकर उपचार कराया। अमन का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि यह वीडियो 28-29 तारीख की रात का है। पुलिस ने मामले में विकास उर्फ बहुबली को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गोली अमन के ही रिश्तेदार द्वारा चलाए जाने की आशंका है, हालांकि फायर किसने किया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस के अनुसार, चार-पांच लोग आपस में झगड़ रहे थे, उसी दौरान गोली चली। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा करने की बात कही है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों को बड़ी राहत दी है। राज्य दण्डादेश पुनर्विलोकन बोर्ड की सिफारिश पर 10 बंदियों को समय से पहले रिहा किय गया है। इनमें 9 बंदियों को शर्तों के साथ और 1 बंदी को निःशर्त रिहाई दी गई है। सभी मर्डर के केस में जेल में बंद थे। सभी बंदी 14 साल से ज्यादा समय जेल में काट चुके थे। दरअसल, महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता (सदस्य सचिव) की ओर से भेजे गए 16 प्रकरणों पर 12 फरवरी 2026 को बोर्ड की बैठक में विचार किया गया। बैठक में संबंधित न्यायालय, जेल अधीक्षक, चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। 9 को सशर्त दी गई रिहाई इसके बाद रिपोर्ट, व्यवहार, उम्र और जेल में बिताए गए समय को देखते हुए बोर्ड ने 9 मामलों में निर्धारित प्रारूप “स” के तहत शर्तों के अधीन समय से पहले रिहाई की सिफारिश की। जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी। इन 9 में केन्द्रीय जेल दुर्ग से प्रेमलाल बंजारे, लोचन सतनामी, ओमप्रकाश, पुरानिक, दलित कुमार, दगन उर्फ रामकुमार, कचरूराम लोधी, पीलूराम ये आठ शामिल हैं। वहीं एक बंदी गोपाल कंवर केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर से है। रायपुर के एक बंदी को निःशर्त रिहाई एक अन्य मामले में उम्र और जेल में बिताए गए लंबे समय को देखते हुए बोर्ड ने निःशर्त रिहाई की सिफारिश की। इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सरकार ने केन्द्रीय जेल रायपुर के बंदी भागीरथी उर्फ भागी को बिना शर्त रिहा किया गया है। जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि जेल नियम 358 के तहत, जो कैदी अच्छा व्यवहार करते हैं और अपनी तय सजा पूरी कर चुके होते हैं, उनके मामलों को अदालत, पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन की राय के साथ जेल मुख्यालय भेजा जाता है। इसके बाद पुनर्विलोकन बोर्ड की सिफारिश पर सरकार उनके बाकी सजा को माफ कर सकती है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल रायपुर के एक मामले में ऐसी ही मंजूरी दी गई है।
लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में सोमवार शाम एक विवाहिता का शव घर में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को नीचे उतरवाकर लोहिया अस्पताल भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। हरदोई के बघौली निवासी विजय पाल ने बताया कि करीब आठ महीने पहले बेटी अर्चना कश्यप (32) की शादी सीतापुर निवासी सुमित कश्यप से की थी। शादी के बाद दोनों इंदिरानगर के फरीदीनगर बस्ती में रह रहे थे। फोन कर अर्चना के फंदे से लटकने की सूचना दी परिजनों का आरोप है कि सुमित कबाड़ का काम करता है और शादी के बाद से ही अर्चना को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। विरोध करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था। सोमवार शाम पुलिस ने फोन कर अर्चना के फंदे से लटकने की सूचना दी। पुलिस कर रही पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट का इंतजार पिता का आरोप है कि सुमित ने पहले उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि आरोपी सुमित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा में करीब 160 करोड़ रुपए के गबन मामले को लेकर सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसी कार्रवाई के तहत सोमवार को फरीदाबाद में कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की सभी छोटी-बड़ी शाखाएं बंद रहीं। सोमवार सुबह शहर के कई इलाकों में इन दोनों बैंकों की शाखाओं के बाहर पुलिस तैनात दिखाई दी और किसी भी शाखा का शटर नहीं खोला गया। बैंक कर्मचारियों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण कर्मचारी बैंक के बाहर ही खड़े रहे और बाद में कई कर्मचारी वापस लौट गए। कर्मचारियों को नहीं थी बैंक बंद होने की जानकारी फरीदाबाद के एनआईटी-5 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा पर तैनात सुरक्षा गार्ड चरण सिंह ने बताया कि उन्हें बैंक बंद होने की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि सुबह बैंक के प्रबंधक आए थे और उन्होंने कहा कि आज शाखा बंद रहेगी। इसके बाद कर्मचारी भी बैंक पहुंचे, लेकिन अंदर काम शुरू नहीं हुआ और कर्मचारी बाहर से ही लौट गए। बैंक के बाहर पुलिस तैनात सुरक्षा गार्ड ने यह भी बताया कि बैंक के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है, लेकिन पुलिस क्यों लगाई गई है इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों के अनुसार हरियाणा में लगभग 160 करोड़ रुपए के गबन मामले की जांच चल रही है। जांच में सहयोग नहीं देने पर कार्रवाई बताया जा रहा है कि जांच के दौरान दोनों बैंकों द्वारा हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को पूरा सहयोग नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कई जगहों पर बैंकों की शाखाएं बंद करवा दीं और पुलिस तैनात कर दी। बैंक बंद होने से ग्राहक परेशान इस कार्रवाई के कारण सोमवार को फरीदाबाद में इन दोनों बैंकों से जुड़े ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक बंद होने के कारण लोग अपने जरूरी बैंकिंग कार्य नहीं कर सके और कई ग्राहक शाखाओं के बाहर जानकारी लेने के लिए खड़े दिखाई दिए।
रायपुर में सोमवार को LGBTQIA (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर, इंटरसेक्सुअल, असेक्सुअल) समुदाय ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल-2026 के खिलाफ विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने “हमारी गरिमा हमारी लड़ाई” और “न्याय चाहिए, भेदभाव नहीं” जैसे नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा- हमें ट्रांसजेंडर आइडेंटिटी से निकाल दिया गया है। एक मेडिकल बोर्ड बैठा दिया गया है। इसके लिए फिजिकल स्क्रिनिंग की जाएगी। हमें अपना जेंडर बताने के लिए कपड़े उतारने पड़ेंगे। ये किसी भी व्यक्ति की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। सोमवार को LGBTQ कम्युनिटी ने रैली निकाली और रायपुर मोतीबाग चौक में समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। देखिए प्रदर्शन की 4 तस्वीरें… राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद की सदस्य विद्या राजपूत ने कहा कि अमेंडमेंट में सरकार ने इस बात को जोड़ा है कि जेंडर अफर्मेशन सर्जरी के लिए अगर किसी को बहला फुसलाया गया है या लालच दिया गया है। ऐसे व्यक्ति को 10 साल की सजा और 5 लाख का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। कोई भी व्यक्ति इसमें किसी के खिलाफ आरोप लगा सकता है। विद्या ने बताया कि सरकार को इस समय इस संशोधन की जरूरत नहीं थी। कम्युनिटी के बिना चर्चा के ही ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल लोकसभा और राज्यसभा में लाया गया है। दोनों सदनों में यह बिल पास हो गया है। अब बिल राष्ट्रपति के पास गया है। अमेंडमेंट में ट्रांसमैन का जिक्र ही नहीं किया गया पॉपी देवनाथ ने कहा, ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल में ट्रांसमैन का जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में शिखंडी-शिखंडी बोला गया है। जितने ट्रांसमैन हैं, वह शिखंडी उनके पूर्वज हैं। जब आप शिखंडी को मान रहे हो तो ट्रांसमैन को क्यों हटाया जा रहा है। देवनाथ ने कहा कि सरकार को ये पता नहीं है कि ट्रांसजेंडर सेक्स से निर्धारित नहीं होता है। वह साइकोलॉजिक जेंडर है। पहचान के साथ खिलवाड़ रानी शेट्टी ने बताया कि ट्रांसजेंडर पर्सन्स संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा और राज्यसभा में पास हो गया है, लेकिन ये हमारे हित में नहीं है। ये हमारी पहचान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि 2014 और 2019 में जो कानून बने थे और सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया था, यह नया बिल उसके उलट है। इसलिए यह किन्नर और LGBTQ समुदाय के लिए ठीक नहीं है। ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल-2026 को समझिए इस बिल में कहा गया है कि जो लोग अपनी यौन अभिवृत्ति (सेक्सुअल ओरिएंटेशन) या अपनी पहचान (जेंडर आइडेंटिटी) को खुद महसूस करते हैं, उन्हें ट्रांसजेंडर नहीं माना जाएगा। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी यौन अभिवृत्ति या जेंडर आइडेंटिटी को खुद तय करता है, तो उसे ट्रांसजेंडर नहीं माना जाएगा। इसका मतलब है कि ट्रांसजेंडर की परिभाषा अब केवल उन लोगों तक सीमित कर दी गई है जो पहले से ही इस श्रेणी में हैं।
मुरादाबाद में ABVP का हिंदू कॉलेज पर प्रदर्शन:क्लास नहीं चलने, पेयजल व सफाई व्यवस्था पर सौंपा ज्ञापन
मुरादाबाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को हिंदू कॉलेज में व्याप्त समस्याओं और अनियमितताओं को लेकर प्रभारी प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा। परिषद ने छात्रों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था में कमियों को गंभीर बताते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की है। ज्ञापन में ABVP ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त, परिसर में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण छात्रों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने कॉलेज परिसर और शौचालयों की खराब साफ-सफाई व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गंदगी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज में मौजूद जीसीआर (कॉमन रूम) और जिम जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विद्यार्थियों को उनका उपयोग नहीं करने दिया जा रहा है। महानगर मंत्री गौरव क्षत्रीय ने प्रभारी प्राचार्य से मांग की कि सभी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। ABVP ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो छात्र हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा। परिषद ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान विभाग संगठन मंत्री गौरव यादव, तहसील संयोजक अनमोल शर्मा, इकाई अध्यक्ष शिवम ठाकुर, इकाई मंत्री नवनीत कटारिया, दीपांशु ठाकुर, यश प्रजापति, लवि चौहान, गौरव पासी, अंजलि पाल, तन्वी अग्रवाल, लक्ष्मी और अंश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता एवं छात्र मौजूद रहे।
देवरिया में चैत्र नवरात्र के समापन पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों द्वारा प्रतिमाओं को कूड़ा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शनिवार शाम सिंधी मिल स्थित देवरही मंदिर परिसर में विसर्जन के दौरान यह घटना हुई। प्रतिमाओं को कूड़ा वाहन में रखकर ले जाते देख स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए विरोध जताया। अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर पालिका के संबंधित इंचार्ज जय प्रकाश यादव को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन की यह व्यवस्था उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई थी। ऐसे में कार्रवाई केवल एक इंचार्ज तक सीमित रहने पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे कर्मचारियों में भी असंतोष की चर्चा है। लापरवाही ने लोगों की भावनाओं को आहत किया गौरतलब है कि नवरात्र के पहले दिन प्रशासन की ओर से विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं की स्थापना कराई गई थी। नौ दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। ऐसे में विसर्जन के दौरान हुई इस लापरवाही ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है। स्थानीय नागरिकों ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज है और लोग निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग और सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रहे कार्य के कारण मंगलवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने निर्धारित समय में फीडरों की आपूर्ति बंद रखने की जानकारी दी है। इन फीडरों की बिजली रहेगी बंदविद्युत उपकेंद्र खोराबार के 11 केवी रामगढ़ फीडर, लोहिया इंक्लेव के 11 केवी लालपुर टीकर फीडर, राप्तीनगर न्यू के 11 केवी करीम नगर और रेल विहार फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। राप्ती नगर विद्युत उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी राप्ती नगर फेज थर्ड फीडर पर सीएम ग्रिड योजना के तहत कार्य किया जाएगा। इसके चलते इस क्षेत्र की आपूर्ति भी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपीलबिजली विभाग ने बताया कि कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। असुविधा के लिए खेद जताते हुए उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
मैनपुरी में नेजा चढ़ाने आए एक 37 वर्षीय श्रद्धालु की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर स्थित शीतला मंदिर के समीप डॉक्टर किरण सौजिया स्कूल के पास हुई। मृतक की पहचान विक्रम पुत्र मिजाजीलाल के रूप में हुई है, जो ग्राम खिरिया, थाना बिछुआ का निवासी था। जानकारी के अनुसार, विक्रम अन्य श्रद्धालुओं के साथ नेजा चढ़ाने के लिए गांव से आया था। नेजा चढ़ाने के बाद सभी श्रद्धालु खाना खा रहे थे। इसी दौरान सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने विक्रम को टक्कर मार दी। ट्रैक्टर की टक्कर से विक्रम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना सिविल लाइन चौकी क्षेत्र में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के माधोपुर गांव निवासी प्रदीप कांत वर्मा ने यूपीपीएससी 2024 की परीक्षा में 129वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर अधिकारी का पद प्राप्त किया है। भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में अर्जित की। प्रदीप का परिवार खेती पर निर्भर है, और उनके पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह वाराणसी कचहरी में टाइपिस्ट हैं। प्रदीप ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की, जिसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट कॉलेज, वीरापट्टी से कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई की। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, प्रदीप ने भारतीय नौसेना में सेवा दी। वर्ष 2022 में नौसेना से सेवानिवृत्त होने के उपरांत, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। प्रयागराज में रहकर उन्होंने गहन अध्ययन और अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया। यह प्रदीप का तीसरा प्रयास था, जिसमें उन्हें सफलता मिली। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों के सहयोग को दिया। विशेष रूप से, समीक्षा अधिकारी गौरव कुमार पाठक के मार्गदर्शन को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। प्रदीप के चयन की खबर से माधोपुर और आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है, जो यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
मेरठ की CCSU में छात्र समस्याओं को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही तकनीकी दिक्कतों, हॉस्टल मेस में खराब खाने और बड़ौत स्थित लखमीचंद पटवारी कॉलेज के बीएड छात्रों की डिग्री लंबित होने के मुद्दे पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याएं लेकर कैंपस पहुंचे और छात्र नेता विनीत चपराना व पूर्व छात्र संघ महामंत्री अंकित अधाना के नेतृत्व में प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गए। छात्रों ने जमीन पर बैठकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया।डिग्री न मिलने से नौकरी पर संकटप्रदर्शन का सबसे गंभीर मुद्दा बड़ौत के लखमीचंद पटवारी कॉलेज के बीएड छात्रों का रहा। अल्पसंख्यक कोटे के तहत प्रवेश लेने वाले इन दर्जनों छात्र-छात्राओं को अब तक मूल अंकतालिका और डिग्री नहीं मिल सकी है। स्थिति यह है कि बिहार में शिक्षक पद पर चयन होने के बावजूद ये छात्र ज्वाइनिंग नहीं कर पा रहे हैं। डिग्री लंबित होने से उनकी सरकारी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है।छात्र नेता विनीत चपराना ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही और धीमी कार्यप्रणाली के कारण मेधावी छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। विनीत चपराना ने कहा कि “छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जल्द से जल्द डिग्रियां जारी की जाएं।” वहीं अंकित अधाना ने कहा कि तकनीकी खामियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहतप्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि वे पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन वहां से राहत न मिलने के बाद उन्हें दोबारा विश्वविद्यालय प्रशासन के पास आना पड़ा है। हंगामे की सूचना मिलते ही कुलपति कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कई घंटों तक नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रहा, जिससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।प्रशासन ने बनाई कमेटीकाफी देर चले विरोध के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर वीरपाल सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद अधिकारियों और कुलपति के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि दो दिन बाद एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी, जिसके सामने छात्र अपना पक्ष रखेंगे और उसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा। छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बिना विलंब शुल्क के बढ़ाने और शुल्क जमा होने के बावजूद पोर्टल पर अपडेट न होने की समस्या भी उठाई। वहीं आरके हॉस्टल के छात्रों ने मेस में मिल रहे खराब खाने को लेकर नाराजगी जताई, जिस पर प्रशासन ने जांच कराने का आश्वासन दिया।
शामली जनपद में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने किसान नेता राकेश टिकैत की ओडिशा में हुई गिरफ्तारी के विरोध में विभिन्न थानों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह धरना अनिश्चितकालीन रहेगा और टिकैत की रिहाई होने तक जारी रहेगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को ओडिशा में किसानों के एक धरने में शामिल होने जाते समय वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस खबर के फैलते ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में किसान संगठनों में रोष फैल गया। इसके तुरंत बाद शामली के सभी थाना-कोतवालियों में भाकियू नेताओं ने धरना देना शुरू कर दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह आंदोलन केवल शामली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश और देशभर में चल रहा है। विभिन्न जिलों और थानों में किसान धरना दे रहे हैं। किसानों ने इस गिरफ्तारी को गलत बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि यदि राकेश टिकैत की जल्द रिहाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान धरना स्थल पर योगेंद्र सिंह चौधरी, अमरपाल, विदेश मलिक, कमलेश पवार, महिला विंग जिला उपाध्यक्ष, मोहित शर्मा, मोनू बालियान, रविंदर सिंह, अजीत सिंह, डॉ. आशुतोष, अक्षय निर्वाल और राहुल बलवा सहित बड़ी संख्या में किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुरहानपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई:आधे घंटे बंद रही बिजली, आकाशीय बिजली भी चमकी
बुरहानपुर में सोमवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई और आकाशीय बिजली भी चमकी। इस दौरान करीब आधे घंटे तक शहर में बिजली गुल रही। मौसम विभाग ने सोमवार से ही जिले में मौसम में बदलाव की चेतावनी जारी की थी, जिसमें आंधी, बारिश और ओले गिरने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, शहर में केवल आधे घंटे तक हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है। सोमवार को हुई हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई और मौसम में ठंडक घुल गई। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शनिवार और शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जिससे गर्मी का प्रकोप जारी था।
बदायूं के बिसौली कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम खेत पर काम कर रहे तीन मजदूर बिजली के करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में मुसिया नगला निवासी 18 वर्षीय विष्णु मोहन की मौत हो गई, जबकि सुनील (24) और अभिषेक गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के अनुसार, मुसिया नगला निवासी अजय पाल ने करीगी गांव निवासी मुन्नी पत्नी मुनेंद्र पाल का खेत बटाई पर लिया हुआ है। सोमवार शाम मक्का की बुवाई के दौरान तीनों मजदूर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में लगी तारबंदी में दौड़ रहे बिजली के करंट की चपेट में आने से तीनों मजदूर झुलस गए। ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग घटना के बाद परिजन और ग्रामीण घायलों को तत्काल निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने विष्णु मोहन को मृत घोषित कर दिया। सुनील की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि अभिषेक का इलाज जारी है।हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों ने खेत की तारबंदी में करंट दौड़ाने को गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सोनभद्र में साढ़े तीन साल पुराने चमेली हत्याकांड मामले में सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी हीरालाल अगरिया को सश्रम आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 28 जून 2022 को हुई थी। मुन्ना, पुत्र हीरालाल (निवासी डूडीदह बसुधा कोटा, थाना चोपन) ने चोपन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसकी मौसी चमेली (48) सुबह 8 बजे जंगल में बकरियां चराने गई थीं। शिकायत के मुताबिक, गांव का हीरालाल अगरिया पुत्र रामबली अगरिया भी वहीं पहुंच गया। भूत-प्रेत को लेकर चमेली और हीरालाल के बीच विवाद हुआ। इसके बाद हीरालाल अगरिया ने कुल्हाड़ी के डंडे से चमेली पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही चमेली की मौत हो गई थी। पुलिस ने मुन्ना की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान, अभियुक्त के अधिवक्ता ने इसे पहला अपराध बताते हुए कम से कम दंड देने की याचना की। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने इसे हत्या का गंभीर मामला बताते हुए अधिकतम दंड की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों, गवाहों के बयानों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद हीरालाल अगरिया को दोषी पाया।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में सोमवार को नगर परिषद की बैठक उस समय गरमा गई जब पार्षदों ने नगर में विकास कार्य नहीं होने और हुए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए बजट पास करने से इनकार कर दिया। बैठक में विधायक हजारीलाल दांगी भी मौजूद रहे। दोपहर चार बजे शुरू हुई बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष राम जानकी मालाकार, उपाध्यक्ष शीतल शर्मा सहित 15 में से 13 पार्षद उपस्थित रहे। बैठक में दो ही विषय रखे गए थे , नामांतरण प्रकरण और वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुमानित बजट। नामांतरण से जुड़े मामलों को नियम अनुसार सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। 9 पार्षद बोले विकास कार्य नहीं हुए लेकिन जब बजट का मुद्दा आया तो माहौल बदल गया। बैठक में मौजूद 13 में से 9 पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि पिछले एक साल में नगर में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है और जो काम हुए हैं उनकी गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है, ऐसे में बजट पास करने का औचित्य क्या है। पार्षद संदीप शर्मा ने विधायक हजारीलाल दांगी से कहा कि नगर परिषद में सिर्फ बैठकों का दौर चल रहा है, लेकिन जमीन पर काम नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि सीएमओ को आए तीन महीने हो गए हैं, लेकिन सभी 15 वार्डों में बराबर काम शुरू कराने की बात अब तक पूरी नहीं हुई। पार्षद राधा बोलीं-वार्ड में नहीं हो हो रहे वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद राधा गुप्ता ने भी अपने वार्ड में काम नहीं होने की बात उठाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर नगर में काम ही नहीं हो रहा है तो नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगा देना चाहिए। इस पर विधायक हजारीलाल दांगी ने कहा ताला लगा दो, बैठक के दौरान पार्षद संदीप शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि बैठक में सिर्फ दो ही बिंदु क्यों रखे गए। इस पर सीएमओ देव नारायण दांगी ने बताया कि करीब 10 अन्य कार्यों को पीआईसी (परिषद की स्थायी समिति) की बैठक में रखा जाना है, जिसके लिए एक-दो दिन में अलग से बैठक होगी। सभी प्रस्ताव बैठक में रखे जाने चाहिए इस पर पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब परिषद की बैठक हो रही है तो सभी प्रस्ताव इसी बैठक में रखे जाने चाहिए, अलग से पीआईसी बैठक की क्या आवश्यकता है। पार्षदों का कहना था कि परिषद सर्वोच्च है, इसलिए सभी महत्वपूर्ण निर्णय यहीं होने चाहिए। आखिर में 9 पार्षदों ने संयुक्त रूप से एक अस्वीकृति पत्र सीएमओ को सौंप दिया और बजट को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया। सीएमओ देव नारायण दांगी ने पार्षदों को समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि बिना बजट पास हुए नगर के विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पाएंगे, लेकिन पार्षद अपने निर्णय पर अड़े रहे और बैठक बिना बजट पारित हुए समाप्त हो गई।
बलिया के बेटे-बेटियों ने UPPCS में लहराया परचम:आकांक्षा सिंह और निधि पांडेय का CTO पद पर चयन
बलिया के बेटे-बेटियों ने UPPCS 2024 में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। इस बार कई प्रतिभाओं ने अलग-अलग पदों पर चयन पाकर नई मिसाल पेश की है। रेवती क्षेत्र के अघैला गांव निवासी आकांक्षा सिंह और सहतवार कस्बे की निधि पांडेय का चयन कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) के पद पर हुआ है। आकांक्षा सिंह ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीए (स्टैटिस्टिक्स ऑनर्स) किया है और अपनी सफलता का श्रेय परिवार व शिक्षकों को दिया। आकांक्षा सिंह एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह की भतीजी हैं। उनके पिता अरविंद सिंह ओडिशा के संभलपुर में एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। आकांक्षा ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय कानपुर से उत्तीर्ण की है, जबकि काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) वाराणसी से बीए स्टैटिस्टिक्स ऑनर्स किया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है। BHU से बीएससी में ग्रेजुएट वहीं निधि पांडेय ने दूसरे प्रयास में यह मुकाम पाया। उन्होंने भी काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई की और कड़ी मेहनत व अनुशासन को अपनी सफलता का मंत्र बताया।बांसडीह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल कुमार पांडेय की पुत्री निधि पांडेय ने पीसीएस के दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की है। निधि ने हाईस्कूल की परीक्षा कृष्णा देवी पब्लिक स्कूल सहतवार से और बीएससी की परीक्षा काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी से पास की है। उन्होंने बिहार पीसीएस की परीक्षा का भी इंटरव्यू दिया है। जिसका परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है। निधि की मां प्रतिभा पांडेय गृहिणी हैं और उनके भाई डॉ. अखिल पांडेय स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से एमडी कर रहे हैं। अन्य चयनित प्रतिभाएं शहर के बेंदुआ निवासी आकांक्षा राय का चयन श्रम अधिकारी पद पर हुआ है। रानीगंज बाजार के श्याम सुंदर गुप्ता नायब तहसीलदार बने हैं। रसड़ा क्षेत्र के करण (मोंटी) का चयन डिप्टी जेलर (DySP) पद पर हुआ है। वहीं शहर के बेंदुआ मुहल्ला निवासी अधिवक्ता रविशंकर राय की पुत्री आंकाक्षा राय का श्रम अधिकारी के पद पर चयन हुआ हैं। आकांक्षा ने हाई स्कूल व इंटर की परीक्षा महर्षि बाल्मीकि विद्यालय काजीपुरा से उत्तीर्ण किया है। बलिया शहर में स्थित एससी कालेज से बीएससी तथा एमएससी की परीक्षा पास किया है। आंकाक्षा बीएससी व एमएससी मैथ में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय की गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं। आकांक्षा ने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल किया है। आकांक्षा की एक बहन व दो छोटा भाई भी हैं जो पढ़ाई कर रहे है। आकांक्षा ने माता पिता के आशीर्वाद से सफलता हासिल किया है। बलिया के रानीगंज बाजार निवासी मदन प्रसाद के पुत्र श्याम सुंदर गुप्ता का नायब तहसीलदार के पद पर चयन हुआ हैं। श्याम वर्तमान में बिहार के सीवान जनपद में श्रम अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। श्याम ने हाईस्कूल तथा इंटर की परीक्षा नवोदय विद्यालय विद्यालय मऊ से उत्तीर्ण किया है। आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद श्याम ने टाटा स्टील जमशेदपुर में तीन साल तक जाब करने के बाद प्रशासनिक क्षेत्र में परीक्षा देना शुरू किया। श्याम ने पहले प्रयास में ही बिहार पीसीएस में सफलता हासिल किया तथा श्रम अधिकारी पद पर चयनित हो गये अभी सीवान में कार्यरत हैं। श्याम ने बताया कि वह दूसरे प्रयास में यूपी पीसीएस में सफलता प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि माता पिता के आशीर्वाद व दोस्तों व पत्नी की प्रेरणा से सफलता हासिल किया है। उन्होंने बताया कि नौकरी के बाद भी लगातार पढ़ाई व कड़ी मेहनत शिक्षकों के निर्देशन से ही मुझे सफलता प्राप्त हुआ है। श्याम के अन्य चार भाई व्यवसाय करते हैं।बलिया जनपद के रसड़ा के मंदा के रहने वाले राजन जी के बेटे करन(मोंटी)ने यूपी पीसीएस में सफलता प्राप्त की है।करन का चयन DySP डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है। पूरा परिवार झारखंड में रहता है। संघर्ष और मेहनत की मिसाल इन सभी अभ्यर्थियों की सफलता के पीछे कठिन परिश्रम, पारिवारिक सहयोग और लक्ष्य के प्रति समर्पण रहा। किसी ने पहले प्रयास में सफलता पाई तो किसी ने कई प्रयासों के बाद यह मुकाम हासिल किया। बलिया के इन होनहारों ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धि न केवल जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी है।
पलवल जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त (डीसी) से मुलाकात कर जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्म चंद घुधेरा, रूप राम तेवतिया, ताराचंद प्रधान और राजकुमार ओलिहान जैसे नेता शामिल थे। किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि तकनीकी कारणों से कुछ किसानों की फसल का 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो सका है। इससे उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी आ रही है। उन्होंने अनुरोध किया कि पोर्टल को फिर से खोलकर ऐसे किसानों को पंजीकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। किसानों की मुआवजे की मांग की मोर्चा ने मार्च महीने में हुई बारिश और आंधी से रबी फसल को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, किसान नेताओं ने बताया कि अगस्त-सितंबर 2025 में भारी बारिश और जलभराव के कारण पलवल जिले में खरीफ फसल नष्ट हो गई थी। किसान बोले- घोषणा के बावजूद नहीं मिला मुआवजा इस नुकसान के मुआवजे की मांग किसान मोर्चा ने कई बार प्रदर्शनों और ज्ञापनों के माध्यम से जिला प्रशासन और सरकार के सामने उठाई थी, लेकिन सरकार की घोषणा के बावजूद पलवल जिले के किसानों को खरीफ फसल के नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। शुगर मिल पलवल के प्रबंधन मंडल का चुनाव कराने की मांग किसान नेताओं ने यह भी कहा कि शुगर मिल पलवल के प्रबंधन मंडल के चुनाव लंबे समय से नहीं कराए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शुगर मिल के निदेशकों के चुनाव शीघ्र कराए जाएं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसान मोर्चा के नेताओं को आश्वासन दिया कि पोर्टल को दोबारा खुलवाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जा रहा है। उपायुक्त कहा कि किसानों को कोई दिक्कत न आए, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
खिंवाड़ा में बालाजी मंदिर का मेला कल:दुल्हन की तरह सजा खिंवाड़ा, 700 साल पुराना है बालाजी का मंदिर
पाली जिले के खिंवाड़ा गांव के प्रसिद्ध प्राचीन बालाजी मंदिर के मेला 31 मार्च को भरेगा। इसको लेकर पूरे गांव में गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रम में खिंवाड़ा सहित आस-पास के कई गांवों से श्रद्धालु आएंगे। जो बालाजी के दर्शन कर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। श्री बालाजी मंदिर सेवा ट्रस्ट एवं श्री बालाजी समिति और ग्रामीणों की ओर से होने वाले इस आयोजन को लेकर पूरे खिंवाड़ा गांव को दुल्हन की तरह सजाया गया है। बालाजी मंदिर पर विशेष सजावट की गई। वह पूरे गांव के बाजार में जगह-जगह स्वागत गेट और सजावट की गई। शाम ढलने के बाद आकर्षक रोशनी से पूरा खिंवाड़ा गांव का मार्केट जगमगा उठता है जो काफी आकर्षित लगता है। 31 मार्च की सुबह निकाली जाएगी भव्य शोभायात्राबालाजी मंदिर सेवा ट्रस्ट खिंवाड़ा के अध्यक्ष केवलचंद मांडोत ने बताया कि 31 मार्च की सुबह सात बजे भगवान महावीर जन्म कल्याण निमित्त प्रभात वरघोड़ा श्री सुमित नमिनाथ जिनालय से निकाला जाएगा। उसके बाद साढ़े 8 बजे भव्य असवारी (वरघोड़ा) पूरे गांव में निकाला जाएगा। बालाजी मंदिर सेवा ट्रस्ट खिंवाड़ा के सचिव एडवोकेट निर्मल आचार्य ने बताया कि खिंवाड़ा का बालाजी मंदिर करीब 700 साल पुराना है। हर साल यहां बालाजी का मेला भरता है। जिसमें खिंवाड़ा सहित आस-पास के कई गांवों के लोग आते है।
उज्जैन नगर निगम बजट 2026-27 पास:सिंहस्थ तैयारी, सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण पर रहेगा जोर
उज्जैन नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सर्वसम्मति से पारित हो गया है। लगभग 4592 करोड़ रुपए के आय-व्यय वाले इस बजट में 22.50 लाख रुपए की बचत का अनुमान है। इस बजट में सिंहस्थ की तैयारियों, सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। यह बजट सोमवार को निगम अध्यक्ष कलावती यादव की अध्यक्षता में आयोजित उज्जैन नगर पालिक निगम के स्थगित सम्मेलन में पारित किया गया। इस दौरान महापौर मुकेश टटवाल, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, पार्षद और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बजट को सर्वसम्मति और ध्वनिमत से मंजूरी दी गई। महापौर मुकेश टटवाल ने बजट भाषण प्रस्तुत करते हुए इसे अपने कार्यकाल का चौथा बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट शहर के समग्र विकास और आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। संशोधित बजट के अनुसार, कुल आय 4592 करोड़ 18 लाख रुपए और कुल व्यय 4591 करोड़ 95 लाख रुपए निर्धारित किया गया है। इससे 22.50 लाख रुपए की बचत होने का अनुमान है। बजट में सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें सड़क चौड़ीकरण, चौराहा और उद्यान सौंदर्यीकरण, पार्किंग निर्माण, कचरा प्रबंधन और जल आपूर्ति जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। हरियाखेड़ी जल परियोजना के तहत 821 करोड़ रुपए के कार्य भी प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में 12 नई सड़कों का निर्माण, 31 सीसी रोड और फुटपाथ का निर्माण, पेवर ब्लॉक कार्य और विभिन्न प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए नए वाहनों की भी व्यवस्था की गई है। निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने बताया कि बजट पर पक्ष और विपक्ष के बीच सार्थक चर्चा हुई। लगभग 30 पूरक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनका परीक्षण कर उन्हें बजट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कोटा देहात यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विजय सिंह पानाहेड़ा यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चुनाव के लिए 30 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है। जिसमें हाड़ौती संभाग से केवल कोटा के विजय सिंह का नाम है। विजय सिंह का नाम जनरल केटेगरी से परफॉर्मर्स क़ी सूची में शामिल हुआ है। विजय सिंह कोटा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में कोटा देहात अध्यक्ष और ग्राम पंचायत मामोर के उपसरपंच हैं। इंटरव्यू के बाद 30 परफॉर्मर्स की लिस्ट जारी विजय सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों की सूची बनाकर यूथ कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। परफॉर्मेंस के आधार पर संभावित दावेदारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु, प्रदेश प्रभारी विकास चिकारा, सह प्रभारी ज्ञानेश शुक्ला ने दावेदारों से वन टू वन बात की। जिसके बाद 30 परफॉर्मर्स की लिस्ट जारी की गई। 10 अप्रैल से चुनाव , 1 महीने तक ऑन लाइन वोटिंग यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए नामांकन की लास्ट डेट 1 अप्रैल है। विजय ने बताया वो जल्द ही नामांकन भरेंगे। 10 अप्रैल से चुनाव शुरू होंगे। 1 महीने तक ऑन लाइन वोटिंग होगी। विजय ने बताया कि वो साल 2016 से संगठन से जुड़े है। 2016-17 में कोटा यूनिवर्सिटी छात्र संघ अध्यक्ष बने। अभी यूथ कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष और ग्राम पंचायत मामोर के उपसरपंच पद की जिम्मेदारी निभा रहे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा समय समय पर जो भी दिशा निर्देश दिए गए, उनको पुरी ईमानदारी से पालन किया।
यूपी में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई जाएगी। इस दौरान सभी स्कूल बसों, वैन और ठेका गाड़ियों की शत-प्रतिशत जांच होगी। फिटनेस न होने या पुरानी फिटनेस पर चल रही गाड़ियों को जब्त कर लिया जाएगा। सभी स्कूल वाहनों का पूरा डेटा पोर्टल upisvmp.com पर अपलोड करना होगा। साथ में 100 रुपए के स्टाम्प पर शपथपत्र भी अपलोड करना होगा। स्कूल वाहन में जीपीएस, सीसीटीवी लगाना अनिवार्य रहेगा। ड्राइवरों के लिए 5 साल का न्यूनतम अनुभव, पुलिस वेरिफिकेशन, स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने सभी BSA और DIOS को लिखा पत्रअपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पत्र भेजकर आदेश का शत-प्रतिशत पालन करने को कहा है। परिवहन आयुक्त की ओर से स्कूल वाहन निगरानी के लिए एक पोर्टल upisvmp.com बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूली वाहनों की निगरानी, सत्यापन व सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। सभी स्कूलों को इस पोर्टल पर वाहनों का पूरा डेटाबेस 15 अप्रैल तक अपलोड करने के लिए कहा गया है। वाहन पोर्टल पर ये डेटा अपलोड करना होगा तीन तरह के स्कूली वाहनों की होगी जांच सुरक्षा समितियों की हर तीन महीने में करनी होगी बैठकजिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति बनी रहेगी। इसी तरह स्कूल स्तर पर प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति बनेगी। इसमें अभिभावक, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे। दोनों समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर, जनवरी में करनी होंगी। इन बैठकों में वाहनों के पंजीकरण से लेकर पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले सारे बिंदुओं का परीक्षण करना होगा। आगरा की घटना के बाद सख्ती के आदेशहाल ही में आगरा में अनफिट स्कूली बस की चपेट में एक छात्रा की मौत हो गई थी। वहीं, फतेहपुर में बिना परमिट वाली गाड़ी की दुर्घटना के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई थी। इसके बाद परिवहन आयुक्त किंजल सिंह की ओर से भी सभी डीएम और जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति को अभियान चलाने का निर्देश दिया है। पत्र के माध्यम से साफ किया गया है कि कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। फिटनेस अभियान के दौरान लापरवाही पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन, प्रधानाचार्य और वाहन मालिक पर सख्त कार्रवाई होगी। यह अभियान पूरे प्रदेश के सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय और मदरसा बोर्ड के सभी स्कूलों पर लागू होगा। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…--------------- यह खबर भी पढ़िए:- यूपी में 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदले: योगी सरकार को युवा अधिकारियों पर भरोसा; 27 IPS अफसरों के ट्रांसफर यूपी में 27 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर हुए हैं। इसमें 1 आईजी रैंक और 26 एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। योगी सरकार ने 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए हैं। 2019 बैच के युवा आईपीएस अफसरों को भी फील्ड में जाने का मौका दिया गया है। बहराइच और रामपुर के पुलिस अधीक्षक को साइडलाइन कर पीएसी में भेजा गया है। पढ़ें पूरी खबर…
गांजा बेचने से मना करने पर युवक की हत्या:अनूपपुर पुलिस ने आरोपी मां-बेटे को किया गिरफ्तार, जेल भेजा
अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र में 28 मार्च को 34 वर्षीय मनोज साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला ने बताया कि 28 मार्च को डायल 112 पर रमेश साहू ने सूचना दी थी कि उनके भाई मनोज साहू की मारपीट कर हत्या कर दी गई है। पुलिस बल तत्काल बदरा श्रमिक नगर पहुंचा और घटना की जानकारी ली। सूचनाकर्ता रमेश साहू ने पुलिस को बताया कि शिवराम चौधरी उनके भाई मनोज साहू उर्फ छोटे को यूकेलिप्टस के डंडे से मार रहा था। शिवराम की मां रैमुन बाई भी मनोज को हाथ-मुक्कों और डंडे से पीट रही थी। मारपीट के कारण मनोज साहू बेहोश होकर गिर गए और बाद में उनकी मौत हो गई। विवेचना के दौरान, कोतमा पुलिस ने रैमुन बाई पति रमई चौधरी को ग्राम पकरिहा से गिरफ्तार किया। कुछ ही घंटों के भीतर उसके बेटे शिवराम चौधरी को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या का कारण बताया। जांच के बाद सामने आई कहानी जांच में सामने आया कि मनोज साहू का पड़ोसी रैमुन बाई के घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती बेटे शिवराम चौधरी से थी। वे दोनों साथ में गांजा और शराब का सेवन करते थे। रैमुन बाई और शिवराम चौधरी गांजे की पुड़िया बेचने का धंधा करते थे। उन्होंने मनोज साहू पर भी गांजे की पुड़िया बेचने का दबाव बनाया, लेकिन मनोज ने इससे इनकार कर दिया। गांजा बेचने से मना करने पर नाराज होकर मां और बेटे ने मिलकर मनोज साहू की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी शिवराम के कब्जे से घटना में प्रयुक्त यूकेलिप्टस का डंडा भी जब्त कर लिया है।
बैतूल में नेशनल हाईवे पर बरेठा घाट में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में एक ग्रामीण मजदूर युवक की मौत हो गई। उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद बरेठा घाट के पहले मोड़ पर एक बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे के समय मृतक और घायल सिंगार चावड़ी गांव से बकतरा काम के सिलसिले में जा रहे थे। इस हादसे में सिंगार चावड़ी निवासी जगदीश नर्रे की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार भैयालाल पंद्रम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल का जिला अस्पताल में हो रहा इलाजघायल भैयालाल पंद्रम को 108 एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी नाजुक हालत के कारण उन्हें अभी हादसे की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। मृतक जगदीश नर्रे खेती-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह दो भाइयों में छोटे थे और उनकी शादी 15 दिन बाद होने वाली थी। वहीं, घायल भैयालाल पंद्रम अविवाहित हैं। हादसे के बाद मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। शाहपुर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।

