दतिया के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हाईवे पर युवक को पीटकर स्कॉर्पियो से अगवा कर ले जाने का मामला सामने आया है। महेवा निवासी पवन यादव (24) अपने भाई संजय यादव के साथ न्यायालय से वकील से मिलकर लौट रहा था। मोटल होटल के पास स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उसे रोक लिया और मारपीट करने के बाद गाड़ी में बैठाकर ले गए। स्कॉर्पियो का नंबर यूपी 93 बीओ 3238 बताया गया है। गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखा था। देखें तस्वीरें… लोगों ने बनाया वीडियो घटना के दौरान कुछ लोगों ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके। वहां मौजूद लोगों ने मारपीट और पवन को जबरन गाड़ी में बैठाने का वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और सभी संबंधित थानों को सूचना दी। रात 8 बजे सड़क किनारे घायल मिला पवन पुलिस के मुताबिक, रात करीब 8 बजे पवन इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुरा गांव के पास सड़क किनारे घायल हालत में मिला। पुलिस उसे इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया। पवन की हालत गंभीर है और वह फिलहाल बोलने की स्थिति में नहीं है। तीन महीने पहले भी जमीन विवाद में हुई थी मारपीट पुलिस के अनुसार, पवन का आरोपियों से करीब 10 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। करीब तीन महीने पहले भी उसके साथ मारपीट हुई थी। उस घटना में उसके दोनों हाथ और एक पैर में फ्रैक्चर हुआ था। अब हुई मारपीट में भी उसके दोनों हाथ और दोनों पैर में फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं। मामले में शैलेन्द्र यादव, जशरत यादव, संजू यादव, राधु यादव, विशाल यादव, राजा बाबू, अज्ञात कार चालक समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। एडिशनल एसपी बोले- आरोपियों की तलाश जारी एडिशनल एसपी मनजीत सिंह चावला ने बताया कि पुलिस को युवक के अपहरण की सूचना मिली थी। पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया था। इसी दौरान पवन घायल हालत में सड़क किनारे मिला और उसे अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
क्वार्सी क्षेत्र में बेटियों को पढ़ाने की बात कहने पर पति के भड़कने और पत्नी के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। 20 वर्षीय आयशा ने पति आदिल पर गले में रस्सी डालकर जान से मारने की कोशिश और केरोसिन छिड़ककर जिंदा जलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। महिला की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। मामले में पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की है। घटना 16 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे की बताई गई है। आयशा के अनुसार, वह अपनी बेटी के स्कूल के लिए कॉपी-किताब लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान पति आदिल ने कहा कि वह अपनी दोनों बेटियों को नहीं पढ़ाएगा और उन्हें जाहिल रखेगा। आयशा ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि आदिल गाली-गलौज करने लगा और उसके साथ मारपीट की। गले में रस्सी डाली, केरोसिन छिड़कने का आरोप आयशा का आरोप है कि विवाद के दौरान आदिल ने उसके गले में रस्सी डालकर गला घोंटने की कोशिश की। इसके बाद उस पर केरोसिन छिड़ककर जिंदा जलाने का प्रयास किया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और बीच-बचाव कर उसे बचाया। महिला ने तहरीर में गले और गर्दन के ऊपरी हिस्से में चोट लगने की बात कही है। 112 पर दी सूचना, बाद में दर्ज हुई FIR महिला के मुताबिक घटना के बाद 112 नंबर पर सूचना दी गई थी। उसने क्वार्सी थाने पहुंचकर भी शिकायत की थी। आरोप है कि उस समय न तो उसका मेडिकल कराया गया और न ही FIR दर्ज की गई। महिला ने पुलिस पर पति से मिलीभगत कर उसे छोड़ने का भी आरोप लगाया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के आधार पर अब मुकदमा दर्ज किया गया है।
जालौन में 18 वर्षीय युवती को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने और दुष्कर्म के मामले में उरई के विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। शाम 7 बजे आए फैसले में अपर शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह और ने बताया कि रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले ग्रामीण ने 27 अप्रैल 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी 18 वर्षीय पुत्री को पचोखरा गांव निवासी अनुज बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। तहरीर के आधार पर रामपुरा थाना पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अनुज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस ने बरामद युवती का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और उसके न्यायालय में कलमबंद बयान दर्ज कराए। न्यायालय में दर्ज बयान के दौरान युवती ने अपने साथ दुष्कर्म किए जाने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने चिकित्सकीय रिपोर्ट और न्यायालय में दर्ज बयानों को विवेचना में शामिल करते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित एससी-एसटी एक्ट की धाराओं की बढ़ोतरी की। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 16 जून 2022 को आरोपी अनुज के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले का विचारण विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन ने मामले से संबंधित साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। बुधवार को सुनवाई पूरी होने पर अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। न्यायालय ने गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की बहस का परीक्षण करने के बाद आरोपी अनुज को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने दोषी अनुज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में करीब चार वर्ष से चल रही न्यायिक प्रक्रिया का समापन हुआ।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गाड़गंगा नदी के छोटे पुल पर पटिए लगाते समय तेज बहाव में फंसने से हुई मजदूर बीरम मोगिया (28) की मौत के मामले में बुधवार को परिजन थाने पहुंचे। बीरम के चचेरे भाई राजेंद्र मोगिया ने नगर पालिका के ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को आवेदन दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि काम के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। राजेंद्र मोगिया ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा कि ठेकेदार के कहने पर बीरम नदी में पटिए लगाने गया था। परिजनों का आरोप है कि मजदूरों को लाइफ जैकेट सहित जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उनका यह भी कहना है कि काम के दौरान ठेकेदार और नगर पालिका की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही थी। राजेंद्र के मुताबिक, हादसे के बाद प्रशासन ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद बुधवार को उन्होंने थाने पहुंचकर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया। राजेंद्र का कहना है कि प्रशासन ने कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया है। दो दिन में कार्रवाई नहीं तो धरने की चेतावनी राजेंद्र ने कहा कि यदि दो दिन में ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठेंगे। उन्होंने शहर के वरिष्ठ लोगों से भी परिवार का समर्थन करने की अपील की है। पटिए लगाते समय तेज बहाव में फंसा था मजदूर मंगलवार को जलझूलनी ग्यारस के आयोजन की तैयारी के लिए गाड़गंगा नदी के छोटे पुल के नालों में पानी रोकने के लिए पटिए लगाए जा रहे थे। इसी दौरान 28 वर्षीय बीरम तेज बहाव में बह गया। पुलिस/प्रशासन से प्राप्त जानकारी की पुष्टि अपेक्षित है कि पुल के नीचे उसकी गर्दन दो पटियों के बीच फंस गई थी। करीब डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू चला। इसके बाद JCB की मदद से पटिए तोड़े गए। पटिए हटाने के बाद पानी के साथ शव करीब 50 फीट दूर बह गया। वहां SDRF जवानों और स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला। बालाजी कंस्ट्रक्शन को मिला था काम जानकारी के अनुसार, नगर पालिका ने नदी के छोटे पुल के नालों में पटिए लगाने का काम बालाजी कंस्ट्रक्शन को दिया था। हादसे के बाद परिजनों ने ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। अब पुलिस आवेदन में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
94.3 MY FM की ‘Food Hazir Ho’ मुहिम अब सिर्फ खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शहरवासियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। मुहिम के तहत मिले पब्लिक सजेशंस में सबसे ज्यादा वोट पाने वाली मिठाई और प्रसाद की दुकानों पर RJ Abhi ने Food Safety Department की टीम के साथ पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच कराई। जांच के दौरान तय मानकों पर खरी उतरने वाली दुकानों को GREEN FLAG दिया गया। इस दौरान दुकानदारों को FSSAI लाइसेंस दुकान के सामने ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करने की जानकारी भी दी गई, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें। मुहिम के दौरान खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया। खासतौर पर मिठाइयों में घी या वनस्पति तेल के इस्तेमाल की स्पष्ट जानकारी ग्राहकों को उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया, ताकि उपभोक्ता यह जान सके कि वह क्या खरीद रहा है और खा रहा है। मुहिम के तहत दुकानों पर की गई जांच का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया, जिसे शहरवासियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसके बाद RJ Abhi ने इंदौर की सड़कों और शहर के प्रमुख चौराहों पर quirky placards के जरिए खाद्य सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया। इस पहल को भी लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। वहीं, ‘Food Hazir Ho’ अभियान के दौरान Food Safety Officers की expert bytes, guidance और जरूरी food safety tips को MY FM के जरिए लगातार ऑन-एयर भी साझा किया गया। इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को दुकानों तक सीमित न रखते हुए शहर के हर घर तक पहुंचाना रहा। अब मुहिम का अगला पड़ाव भी शहरवासी तय करेंगे। MY FM की ओर से जनता से मिले सुझावों और वोटिंग के आधार पर अगली जांच की जगह तय की जाएगी। ऐसे में अब एक बार फिर इंदौर की जनता की बारी है कि वह बताए कि खाद्य सुरक्षा की अगली जांच कहां होनी चाहिए।
बालाघाट के बैहर क्षेत्र के बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी गांवों में 32 बच्चों की मौत के मामले को लेकर बिग बॉस-12 फेम सौरभ पटेल ने बुधवार शाम सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। प्रभावित गांवों के दौरे के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने वायरल वीडियो में दिखाए गए गंदे पानी का जिक्र किया। सौरभ ने कहा कि अगर बच्चों की मौत लापरवाही से हुई है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। उनके बयान पर आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई है। वायरल वीडियो का जिक्र कर पानी पीने की बात कही सौरभ पटेल ने बताया कि बच्चों की मौत की खबर मिलने के बाद वे आदिवासी इलाके के गांवों में पहुंचे थे। उन्होंने वहां शासन-प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्थाएं देखीं और आदिवासी परिवारों से बातचीत की। उन्होंने सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के वायरल वीडियो का भी जिक्र किया। वीडियो में एक नल से पानी दिखाया गया था। सौरभ ने कहा कि उन्होंने उसी नल का पानी पिया है, जबकि उनके वीडियो में नल के नीचे रखे बर्तन में पानी गंदा दिखाई दे रहा था। सौरभ पटेल ने कहा- स्थानीय आदिवासियों की अपनी जीवन शैली और संस्कृति है, जिसे ज़बरदस्ती नहीं बदला जा सकता। डॉक्टर पर अविश्वास के कारण वहां अवेयरनेस की सख्त जरूरत है, क्योंकि किसी सदस्य की मृत्यु होने पर वे उस घर को छोड़ देते हैं। उनका मानना है कि हाल ही में नक्सलवाद खत्म होने के बाद ही यह क्षेत्र सही मायनों में आज़ाद हुआ है, और यदि यहाँ बच्चों की मौत सरकार की लापरवाही से हुई है, तो इसकी ज़िम्मेदार सरकार है। बिग बॉस को लेकर भी बोले सौरभ सौरभ पटेल ने टीवी, वेब सीरीज और दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपने अभिनय के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बिग बॉस में प्रतिभागियों के चयन को लेकर कहा कि पहले आम लोगों को भी मौका दिया जाता था, लेकिन अब सोशल मीडिया के व्यूज के आधार पर प्रतिभागियों का चयन किया जा रहा है। आदिवासी समाज ने घर छोड़ने वाले बयान पर जताई आपत्ति सौरभ पटेल ने बच्चों की मौत के बाद परिवारों के घर छोड़ने और नक्सलवाद खत्म होने के बाद बैगा आदिवासियों को मिली ‘आजादी’ को लेकर भी बयान दिए थे। इन बयानों पर आदिवासी समाज के नेता शुभम उईके ने आपत्ति जताई है। शुभम उईके ने कहा कि कुछ घरों में ऐसी स्थिति दिखाई दे सकती है, लेकिन परिवार घर छोड़कर नहीं जाते। देवाई कार्यक्रम के बाद वे अपने घर वापस लौट आते हैं। आदिवासी समाज के विकास को लेकर सवाल शुभम उईके ने ‘आजादी’ वाले बयान पर कहा कि आदिवासी समाज को आज भी विकास के नाम पर पूरी आजादी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से समाज के लोग अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद के नाम पर फंड खर्च किया गया, लेकिन उसका इस्तेमाल आदिवासियों के विकास के लिए नहीं हुआ।
बागपत में भारतीय किसान संघ की जिला इकाई ने बुधवार को किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में किसानों से जुड़ी कई प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि जिले की सभी नहरों में आखिर तक पानी पहुंचाया जाए। सिंचाई के लिए पानी की सप्लाई लगातार बनी रहे। उन्होंने किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये सालाना करने की भी मांग की। इसके साथ ही, जिन किसानों के रिकॉर्ड में गलतियां हैं, उन्हें ठीक करने के लिए हर गांव में कैंप लगाने की बात कही गई। संगठन ने गन्ने का भाव 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। गन्ना खरीदने वाले केंद्रों पर तौल की व्यवस्था बढ़ाने और किसानों के गन्ने की समय पर तौल कराने की बात भी कही गई। खतौनी में दर्ज गलतियों को भी गांवों में कैंप लगाकर ठीक कराने की मांग रखी गई। किसानों ने घरेलू बिजली के बढ़े हुए बिलों को कम करने और बिजली की दरों में कटौती की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि चीनी मिलों द्वारा गन्ने के भुगतान में देरी पर हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक किसानों को ब्याज दिलाया जाए। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की गई। साथ ही, 4 प्रतिशत ब्याज की व्यवस्था लागू करने और किसान क्रेडिट कार्ड पर शून्य प्रतिशत ब्याज लेने की बात भी कही गई। निजी नलकूप कनेक्शन की स्टाम्प और कनेक्शन से जुड़ी लागत कम करने और किसानों को आसानी से कनेक्शन देने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को बाजार भाव के आधार पर सही सर्किल रेट देने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
कानपुर नगर निगम के टेंडर घोटाले की जांच अब कर्मचारियों तक पहुंच गई है। टेंडर प्रक्रिया और फर्म पंजीकरण में गड़बड़ी को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर पुलिस ने नगर निगम के करीब 15 कर्मचारियों को नोटिस भेजा है। सभी को पूछताछ के लिए बुलाकर उन पर लगे आरोपों पर पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने को कहा गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी नोटिस में कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता, पदीय दायित्वों के दुरुपयोग और चुनिंदा फर्मों को ही आपूर्ति व ठेकेदारी के काम दिलाने में भूमिका निभाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। चुनिंदा फर्मों को ठेकेदारी के काम आवंटित का आरोप कानपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी नोटिस में कई कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता और पदीय दायित्वों के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कुछ कर्मचारियों ने चुनिंदा फर्मों को ही आपूर्ति और ठेकेदारी के काम आवंटित कराने में भूमिका निभाई। नोटिस पाने वालों में इंजीनियरिंग विभाग, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय समेत अन्य विभागों में तैनात कर्मचारी शामिल हैं। इनमें कई कर्मचारी एक ही कार्यालय में तैनात बताए जा रहे हैं। नगर आयुक्त से मुलाकात करेंगे कर्मचारी वहीं यूनियन नेता रमाकांत मिश्रा ने इन शिकायतों को कर्मचारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें बताया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग मौजूदा परिस्थितियों का फायदा उठाकर कर्मचारियों पर आय से अधिक संपत्ति, लंबे समय से एक ही कुर्सी पर जमे रहने समेत कई आरोप लगा रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मुलाकात की जाएगी। इस तरह पुलिस को कर्मचारियों से पूछताछ करनी है तो उन्हें नगर आयुक्त के माध्यम से बुलाया जाना चाहिए।
गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र की सवेरा होम एलआईजी 2 सोसायटी में मंगलवार को जमकर हुआ हुआ। जहां शॉर्ट-टर्म रेंटल और कथित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के विरोध में महिलाओं का गुस्साप फूट पड़ा। सोसायटी के पुरुषों और महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए वेब सिटी बिल्डर और सोसायटी के मेंटेनेंस कंपनी और सुरक्षा स्टाफ पर आरोप लगाए। साथ ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। लगातार माहौल खराब हो रहा पीड़ित लोगों ने आरोप लगाया कि शॉर्ट-स्टे के लिए फ्लैटों में लगातार बाहरी लोगों की आवाजाही से सोसायटी का माहौल खराब हो रहा है। परिवारों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की। महिलाओं ने कहा- सोसायटी के कई फ्लैट खाली हैं और इनमें से कुछ फ्लैटों को रोजाना या कुछ दिनों के लिए एयर बीएनबी जैसे कुछ रेंटल एप के जरिए किराये पर दिया जा रहा है। आरोप है कि कुछ मामलों में आने वाले लोगों का पुलिस सत्यापन और आवश्यक पंजीकरण नहीं कराया जा रहा। लोगों का कहना है कि कुछ फ्लैटों में कुछ घंटों या थोड़े समय के लिए अलग-अलग लोग आते हैं, जिनमें महिला और पुरुष दोनों पहुंचते हैं, कुछ समय और फिर चले जाते हैं। इससे गलत प्रभाव पड़ताहै। बाहरी युवक लगातार आ रहे महिलाओं ने कहा- बाहरी युवकों की आवाजाही से बुरा असर पड़ रहा है। और कई लोगों के व्यवहार और कपल द्वारा यूज़्ड समानों को बाहर फेंकने जैसी घटनाओं से असहज स्थिति पैदा होती है। परिवारों के बीच रहने वाली सोसायटी में इस तरह की गतिविधियों से महिलाओं का जीना दुश्वार हो रहा है।
बैतूल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में भीख मांगने और यात्रियों से कथित गलत व्यवहार की शिकायतों के बाद RPF ने निगरानी बढ़ाई है। इसी बीच बुधवार को RPF पोस्ट के सामने दो महिलाओं के हंगामा करने का मामला सामने आया। RPF के मुताबिक, दोनों ने स्टाफ को धमकाया और कार्रवाई का विरोध करते हुए शिकायत करने की बात कही। दोनों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। RPF निरीक्षक ने 23 सितंबर को गंज थाना प्रभारी को पत्र भेजा था। इसमें बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से ट्रेनों में महिलाओं के भीख मांगने, यात्रियों से कथित गलत व्यवहार और अपराध में शामिल होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद RPF पोस्ट के स्टाफ को स्टेशन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों पर नजर रखने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। स्टाफ को भी धमकाने का आरोप RPF के पत्र के अनुसार, बुधवार को पारदी ढाना निवासी 33 वर्षीय दो महिलाएं RPF पोस्ट के सामने पहुंचीं। आरोप है कि दोनों जोर-जोर से शोर करते हुए हंगामा करने लगीं। RPF के मुताबिक, महिलाओं ने स्टाफ से कहा कि उनके पास काम-धंधा नहीं है, इसलिए उन्हें भीख मांगने दिया जाए। RPF का कहना है कि महिलाओं ने ऐसा नहीं करने पर मीडिया में RPF के खिलाफ बयान देने और पुलिस थाने में शिकायत करने की बात भी कही। पुराने मामलों की जानकारी मांगी RPF ने दोनों महिलाओं के संबंध में गंज थाना पुलिस को पत्र भेजकर उनके पुराने मामलों और दर्ज केस की जानकारी मांगी है। RPF के अनुसार, यह जानकारी भविष्य में उनके या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से RPF पोस्ट अथवा स्टाफ के खिलाफ शिकायत आने की स्थिति में पुलिस के सामने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए मांगी गई है। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले दोनों में से एक महिला एसपी कार्यालय की छत पर चढ़कर हंगामा कर चुकी है और नीचे कूदने की धमकी देने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित उतारा था। महिलाओं के खिलाफ गंज थाने में एक और कोतवाली थाने में तीन प्रकरण पहले से दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
खंडवा में 25 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन के साथ शाम को झांकी चल समारोह भी होगा। सुबह से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से गणेश प्रतिमाएं जुलूस के रूप में मुख्य मार्गों से विसर्जन स्थल तक पहुंचेंगी। भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। ट्रैफिक टीआई देवेंद्रसिंह परिहार के अनुसार, 25 सितंबर को सुबह 8 बजे से प्रतिमा विसर्जन समाप्त होने तक शहर में भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। वाहन चालकों को निर्धारित डायवर्जन रूट से आने-जाने की अपील की गई है। 6 नाकों से भारी वाहनों की नो-एंट्री हरसूद नाका, जसवाडी नाका, पंधाना नाका, इंदौर नाका, मूंदी नाका और नागचून से सभी प्रकार के भारी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को इन्हीं प्रवेश मार्गों पर नियंत्रित किया जाएगा। 8 इलाके पूरी तरह नो-व्हीकल जोन विसर्जन जुलूस के दौरान रेलवे स्टेशन तिराहा से केवलराम, बॉम्बे बाजार, घंटाघर, नगर निगम, शेर तिराहा, जलेबी चौक और कहारवाड़ी क्षेत्र तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। केवल जुलूस और व्यवस्था से जुड़े जरूरी वाहनों को अनुमति रहेगी। यातायात के दबाव के अनुसार बस स्टैंड, गुरुद्वारा, झमरान मोहल्ला और भगतसिंह चौक की ओर से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा। इन रूट से चालू रहेगा ट्रैफिक इंदौर-पंधाना रोड से हरसूद-जसवाडी रोड:इंदौर और पंधाना रोड से आने वाले वाहन तौल कांटा, मानसिंग मिल, भगतसिंह चौक, झमरान मोहल्ला और गुरुद्वारा होकर हरसूद एवं जसवाडी रोड की ओर जा सकेंगे। मूंदी रोड से हरसूद-जसवाडी रोड जाने वाले चार पहिया वाहन:चार पहिया वाहनों को सिहाड़ा अंडरब्रिज से पड़ेला हनुमान मंदिर होते हुए हरसूद रोड की ओर भेजा जाएगा। मूंदी रोड से आने वाले दो पहिया वाहन:दो पहिया वाहन चिड़िया मैदान, तीन पुलिया, सूरजकुंड और इंदिरा चौक होकर आवागमन कर सकेंगे। यात्री बसों के रूट भी बदले मूंदी रोड से आने वाली यात्री बसें चिड़िया मैदान से संचालित होंगी। हरसूद और जसवाडी रोड से आने वाली बसें सूरजकुंड बस स्टैंड से चलेंगी। पंधाना और इंदौर रोड से आने वाली बसों का संचालन गौशाला श्री दादाजी बस स्टैंड से किया जाएगा। यह व्यवस्था गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान लागू रहेगी। बाकी यातायात व्यवस्था पहले की तरह रहेगी। पुलिस ने वाहन चालकों से बैरिकेड्स और यातायात निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बागपत के बिनौली थाना क्षेत्र के चंदायन गांव में बुधवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार की शिकायत पर दोनों पक्षों के सात नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने फारूक, आकिल, शेरखान, महबूब, अबरार, सोनू और मोनू उर्फ गुलफाम को शाम 4 बजे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए मोनू उर्फ गुलफाम पर बिनौली थाने में पहले से ही दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बुधवार शाम को दोनों पक्षों के सात लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से मारपीट में इस्तेमाल किए गए दो डंडे और अन्य सामान बरामद हुए हैं। यह घटना चंदायन गांव में फारूक और इस्लामुद्दीन पक्ष के बीच कहासुनी के बाद हुई। दोनों पक्षों के दर्जनों लोग आपस में भिड़ गए और लाठी-डंडे, धारदार हथियार, ईंट-पत्थर एक-दूसरे पर चलाए। इसमें कई लोग घायल भी हुए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी संघर्ष जारी रहा, जिससे वहां हड़कंप मच गया। बिनौली थाने में तैनात हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार की शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि खूनी संघर्ष के इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
हरदोई /संडीला बुधवार 23 सितंबर को विद्यालय की छुट्टी होने के बाद शाम 4 और 5 बजे के बीच हरदोई के संडीला स्थित बीआरसी परिसर में टिमरूख प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका शाहीन बानो के प्रकरण को लेकर सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया और बीआरसी पहुंचकर धरना दिया। शिक्षकों ने निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और न्यायोचित समाधान की मांग उठाई। 21 सितंबर सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे टिमरूख प्राथमिक विद्यालय में खाना बनाते समय गैस भट्ठी और पाइप में लीकेज से आग भड़क गई थी। हादसे में रसोइया अंजनी देवी पत्नी किशोर और कमला देवी पत्नी जगदीश, निवासी टिमरुख मजरा कुरैना टिमरुख, झुलस गई थीं। इसके बाद रसोइयाएं और गांव के लोग उप जिलाधिकारी संडीला के यहां पहुंचे और प्रधानाध्यापक शाहीन बानो के खिलाफ शिकायत दी। आरोप लगाया कि गैस भट्ठी और पाइप पिछले 15 दिनों से खराब थे।बार-बार बताने के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई,जिसके कारण हादसा हुआ। शिकायत मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार त्रिपाठी टिमरूख गांव पहुंचे,रसोइयों का हालचाल लिया,जांच की। 21 सितंबर शाम 7 बजे शाहीन बानो की बेटी साइमा का वीडियो वायरल हुआ। साइमा ने आरोप लगाया कि उनकी मां पिछले पांच वर्षों से किडनी रोग से पीड़ित हैं और हफ्ते में दो-तीन बार डायलिसिस होता है। आरोप है कि बीईओ ने फोन पर शाहीन को डांटा और विद्यालय आने को कहा।शाहीन सीसीएल अवकाश पर थीं। साइमा के मुताबिक तबीयत खराब बताने पर शाहीन बेहोश होकर गिर गईं।सीटी स्कैन के बाद ब्रेन हेमरेज बताया गया और उन्हें चरक हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। 22 सितंबर को बीएसए प्रभात मिश्रा ने दोनों मामलों की जांच के लिए दो समितियां गठित कीं। एक जांच उप जिलाधिकारी के माध्यम से और दूसरी खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम करेगी। समितियों को तीन दिन में तथ्य जुटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। बीईओ ने आरोपों को निराधार बताया है। प्रदर्शन में जिला सह-संयोजक अखिलेश प्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष अनुपम अग्निहोत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मीना तोमर समेत शिक्षक मौजूद रहे। संगठन ने तथ्य सामने आने तक शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने की बात कही।
कानपुर के कल्याणपुर के रावतपुर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगी किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजों ने फर्जी आधार कार्ड और कागजात के जरिए आर्बिटल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक्सिस बैंक की केशवपुरम शाखा में खाता खुलवाया। इस खाते से जुड़े मामले में देशभर के 116 लोगों ने एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज कराई हैं। पुलिस ने खाते के संचालक बताए जा रहे दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रावतपुर थाने के उपनिरीक्षक रोहित के मुताबिक, जांच में सामने आया कि विजय नगर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकान नंबर-225 के पते पर आर्बिटल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बैंक खाता खोला गया था। खाते के संचालन में विपिन कुमार और शिव प्रताप के नाम सामने आए। पुलिस को जांच के दौरान खाते से जुड़े लेनदेन और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर ठगी की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस तो नहीं मिली फर्म मामले की जांच के लिए पुलिस टीम बताए गए पते पर पहुंची तो वहां की स्थिति देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के नाम पर बताए गए स्थान पर मलिन बस्ती मिली और वहां आर्बिटल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नाम की कोई फर्म संचालित होती नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े दस्तावेजों और आधार कार्ड में दर्ज पतों की भी जांच की। पुलिस जब संबंधित दुकानों के पते पर पहुंची तो वहां भी आरोपियों के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी गलत निकली। दुकान नंबर-268 पर श्री भोजनालय संचालित मिला। दुकान मालिक हरिश्चंद्र गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह विपिन नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानते। इसी तरह दुकान नंबर-246 पर रेफ्रिजरेशन का काम करने वाले हृदय कुमार गुप्ता से पूछताछ की गई तो उन्होंने भी शिव प्रताप नाम के किसी व्यक्ति को पहचानने से इनकार कर दिया। फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाने का आरोप जांच में पुलिस को आशंका है कि साइबर जालसाजों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य कागजात तैयार कर एक फर्जी फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम के लेनदेन के लिए किया गया। एक ही खाते से जुड़ी 116 शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया- आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से बैंक खाते से जुड़े लेनदेन, दस्तावेजों और आरोपियों की पहचान की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बैंक खाता खुलवाने में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
बुरहानपुर की निंबोला थाना पुलिस ने बुधवार को इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर झांझर फाटे के पास गोवंश से भरा आइसर वाहन पकड़ा। वाहन से 24 गोवंश जब्त किए गए। इनमें 10 की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने वाहन चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र ले जा रहे थे गोवंश पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पचोर, राजगढ़ निवासी गोपाल वर्मा और सारंगपुर के ग्राम काचीखेड़ी निवासी जुबैर के रूप में हुई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोवंश से भरा वाहन झांझर फाटे से गुजरने वाला है। टीम ने आइसर वाहन क्रमांक डीडी 01 जी-9206 को रोककर जांच की। पूछताछ में चालक गोपाल वर्मा और गोवंश मालिक जुबैर ने बताया कि वे गोवंश को महाराष्ट्र में वध के लिए ले जा रहे थे। 6 बछड़े और 4 गाय जीवित मिलीं वाहन में पीछे नीले रंग की तिरपाल और तीन पटिए लगाकर गोवंश को भरा गया था। जांच में 6 बछड़े और 4 गाय जीवित मिले। वहीं 5 बछड़े और 9 गाय मृत अवस्था में मिलीं। पुलिस के अनुसार, गोवंश को वाहन में बहुत कम जगह में भरा गया था। कुल 24 गोवंश की कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। आरोपियों के पास गोवंश ले जाने से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। जीवित गोवंश गौशाला भेजे पुलिस ने जीवित बचे 4 गाय और 6 बछड़ों को जीजा माता गौशाला समिति, बंभाड़ा के संचालक को अस्थायी तौर पर सौंप दिया। उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6, 9 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
कोटा के सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए विवाद को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्षदों, कार्यकर्ताओं और पीपल्दा विधायक चेतन पटेल के खिलाफ दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें वापस लेने की मांग की। कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि मतदान के लिए कांग्रेस के पार्षद पैदल जा रहे थे। बैरिकेडिंग के पास पुलिस से विवाद के बाद कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया। झूठे केस करने का आरोप कांग्रेस का आरोप है कि बाद में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से कांग्रेस पार्षदों और नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने विधायक चेतन पटेल के खिलाफ राजकार्य में बाधा समेत धाराओं में दर्ज मुकदमे का भी विरोध किया। उनका कहना है कि घटना के समय विधायक मौके पर मौजूद नहीं थे। जानकारी मिलने के बाद इटावा से सुल्तानपुर पहुंचे थे। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा- कांग्रेस किसी भी व्यक्ति को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की सोच नहीं रखती। मामले में लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मुकदमे वापस नहीं लिए गए और निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सुल्तानपुर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मेरठ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्हें बेंच के मुद्दे पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अब 22 जिलों में जाकर आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी है। इसके तहत ‘बैंच नहीं तो वोट नहीं’ और ‘वी वांट जस्टिस’ जैसे नारों के साथ न्याय यात्रा निकाली जाएगी। मेरठ कचहरी में चारो और बैंच नहीं तो वोट नहीं के पोस्टर लग गए हैं। साथ ही अधिवक्ताओं ने अपने वाहनों और यहां तक के अपने सोशल मीडिया पर भी ऐसे ही पोस्टर शेयर कर रहे हैं। वकीलों का कहना है कि उनका यह आंदोलन अब तब तक जारी रहेगा जब तक बैंच नहीं मिलती। सेंट्रल एक्शन कमेटी के पदाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल ने पहले एडीएम सिटी और एसपी सिटी के माध्यम से समय मांगा था। समय मिलने के बाद नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इसमें 22 जिलों के चेयरमैन अनु शर्मा और 22 जिलों के संयोजक व मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री समेत अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। बैठक में मेरठ के जनप्रतिनिधि, डीएम और एडीजी भी मौजूद रहे। अधिवक्ताओं के अनुसार करीब 20 मिनट की बातचीत में उन्होंने पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की आवश्यकता बताई। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेट रिऑर्गनाइजेशन एक्ट-1956 की धारा 51(2) का हवाला देते हुए कहा कि बेंच के लिए राज्य और केंद्र सरकार स्तर से पहल की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इस जवाब से उन्हें निराशा हुई। अब अधिवक्ता 22 जिलों में न्याय यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। हर जिले में वाहनों पर बैनर और कटआउट लगाए जाएंगे। पोस्टर व पंपलेट वितरित किए जाएंगे और वाहनों पर ‘बेंच नहीं तो वोट नहीं’ के स्टीकर लगाए जाएंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक जिले में जाकर पक्षकारों को भी इस मांग से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने आंदोलन के दौरान पश्चिमी यूपी के जनप्रतिनिधियों से भी हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जो जनप्रतिनिधि अधिवक्ता भी हैं, उनसे बार के पक्ष में अपनी भूमिका स्पष्ट करने को कहा जाएगा। अधिवक्ताओं ने बताया कि 30 सितंबर को सहारनपुर में 22 जिलों की संघर्ष समिति की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद मेरठ से न्याय यात्रा शुरू करने की तैयारी की जाएगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) और नगर निगम के बीच भमोला माफी के आसपास हॉर्स राइडिंग क्लब के रूप में इस्तेमाल हो रही जमीन को लेकर विवाद फिर अदालत की चौखट पर पहुंच गया है। करीब 41 बीघा यानी 3.863 हेक्टेयर जमीन लंबे समय से एएमयू के हॉर्स राइडिंग क्लब/राइडिंग फील्ड के इस्तेमाल में रही है। एएमयू इस जमीन पर लंबे समय से अपना अधिकार जताता रहा है और उसके इस्तेमाल का इतिहास करीब एक सदी पुराना होने का दावा करता है। वहीं नगर निगम अब राजस्व रिकॉर्ड और पुराने अधिग्रहण दस्तावेजों को आधार बनाकर जमीन पर अपना मालिकाना हक बता रहा है।अब नगर निगम ने एसडीएम कोल की अदालत में एएमयू के दावे के खिलाफ अपना जवाब दाखिल कर दिया है। निगम ने कहा है कि 1925 में विश्वविद्यालय के लिए 324.15 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई थी, लेकिन इसमें से सिर्फ 197.57 एकड़ जमीन एएमयू को मिली थी। विवादित जमीन उस हिस्से में शामिल नहीं थी, बल्कि 126.58 एकड़ के उस हिस्से में थी जिसे अधिग्रहण से मुक्त कर दिया गया था।करीब 100 साल से घोड़ों की राइडिंग के लिए इस्तेमालविवादित जमीन की खासियत यह है कि यह कोई खाली पड़ी जमीन नहीं है। एएमयू लंबे समय से यहां हॉर्स राइडिंग गतिविधियां संचालित करता रहा है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार एएमयू की राइडिंग परंपरा एमएओ कॉलेज के दौर से चली आ रही है और राइडिंग क्लब विश्वविद्यालय की खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।इसी लंबे इस्तेमाल को एएमयू अपने दावे के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार मानता है। अगस्त में जब नगर निगम और जिला प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कराकर कब्जे की कार्रवाई की थी, तब एएमयू ने भी जमीन पर अपना कानूनी स्वामित्व बताते हुए दस्तावेज होने की बात कही थी। एएमयू के मुताबिक जमीन 1925 से विश्वविद्यालय के अधिग्रहण में रही है।1925 के अधिग्रहण को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग व्याख्यानगर निगम ने अदालत में दाखिल जवाब में कहा है कि वर्ष 1925 में विश्वविद्यालय निर्माण के लिए 324.15 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना हुई थी। सहमति से इसमें से 197.57 एकड़ जमीन शिड्यूल-1 में एएमयू को दी गई, जबकि 126.58 एकड़ शिड्यूल-1ए में थी और अधिग्रहण से मुक्त कर दी गई। निगम का दावा है कि मौजूदा विवादित गाटा संख्या इसी शिड्यूल-1ए में आती है। इसलिए एएमयू का 25 जनवरी 1941 के पंजीकृत विलेख के आधार पर इस जमीन को अपना बताना सही नहीं है। दूसरी ओर, एएमयू पहले ही इस जमीन पर अपने अधिकार का दावा करते हुए 1925 के अधिग्रहण और 1940 के दस्तावेजों का हवाला दे चुका है। अगस्त में विवाद बढ़ने के बाद एएमयू ने कहा था कि जमीन से जुड़े उसके पास दस्तावेज और कानूनी साक्ष्य मौजूद हैं।खतौनी में ‘ऊसर’ और ‘अन्य बंजर’ दर्ज होने का निगम का दावानगर निगम ने अपने जवाब में राजस्व रिकॉर्ड को भी अहम आधार बनाया है। निगम के मुताबिक 1356 फसली, आधार वर्ष 1359 फसली और उसके बाद की खतौनियों में जमीन ‘ऊसर’ और ‘अन्य बंजर’ के रूप में दर्ज रही है। 1400-1405 और 1412-1417 फसली की खतौनियों का भी निगम ने हवाला दिया है। निगम का कहना है कि ‘खालसा’ प्रविष्टि सरकारी/ग्राम सभा की जमीन को दर्शाती है। ऐसे में केवल लंबे समय से जमीन के इस्तेमाल के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक की प्रविष्टि नहीं बदली जा सकती।1974 में नगर निगम सीमा में शामिल हुआ भमोला माफीनिगम ने अपने जवाब में सीमा विस्तार का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार 25 जनवरी 1974 की अधिसूचना के बाद भमोला माफी नगर निगम की सीमा में शामिल हो गया। निगम ने यूपी जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 117 और नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा 128 के आधार पर ग्राम सभा की संपत्ति नगर निगम में निहित होने का दावा किया है। यानी निगम का तर्क है कि जमीन न तो 1925 में एएमयू को मिली अधिग्रहित जमीन का हिस्सा थी और न ही बाद के राजस्व रिकॉर्ड में एएमयू के नाम दर्ज रही।अगस्त में निगम ने कराई थी पैमाइश और फेंसिंगइस विवाद ने अगस्त में उस समय बड़ा रूप लिया था, जब जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने भमोला माफी के नगला पटवारी क्षेत्र में करीब 3.863 हेक्टेयर जमीन की पैमाइश कराकर उसे अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई की थी। मौके पर नगर निगम की संपत्ति का बोर्ड लगाया गया और तार फेंसिंग भी कराई गई थी। उस समय जमीन की बाजार कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके बाद एसडीएम कोल की अदालत में दोनों पक्षों को नोटिस जारी हुए और जमीन पर मौजूदा स्थिति बनाए रखने की बात सामने आई। 23 सितंबर को इसी मामले की सुनवाई होनी थी।एएमयू के छात्र भी कर चुके हैं प्रदर्शनजमीन विवाद के बाद एएमयू में छात्रों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों ने राइडिंग क्लब की जमीन के समर्थन में मार्च भी निकाला था। 1 सितंबर को लाइब्रेरी कैंटीन से हॉर्स राइडिंग फील्ड तक मार्च निकालकर ‘सेव एएमयू’, ‘सेव राइडिंग क्लब लैंड’ और ‘हैंड्स ऑफ एएमयू’ जैसे नारे लगाए गए थे। अब अदालत तय करेगी जमीन का मालिक कौनअब नगर निगम ने एएमयू के 29 मई 2025 के प्रार्थना पत्र के विरोध में अपना जवाब दाखिल करते हुए उसे निरस्त करने और पूर्व में जारी स्थगन आदेश समाप्त करने की मांग की है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि नगर निगम की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया है। अब न्यायालय स्तर से जो आदेश होगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। करीब एक सदी से एएमयू के हॉर्स राइडिंग इस्तेमाल से जुड़ी इस जमीन पर अब असली लड़ाई राजस्व रिकॉर्ड बनाम पुराने अधिग्रहण और कब्जे के दस्तावेजों की है। दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज अदालत के सामने रख चुके हैं। अंतिम तस्वीर एसडीएम कोल के आदेश के बाद ही साफ होगी।
कोसी नदी में डूबे युवक का सुराग नहीं:रेस्क्यू ऑपरेशन बंद, नाव की मशीन खराब होने से तलाश पर असर पड़ा
रामपुर में कोसी नदी में नहाते समय डूबे राजपाल को 27 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस और रेस्क्यू टीम नहीं खोज पाई है। बुधवार रात करीब 7:30 बजे अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह नदी किनारे पुलिसकर्मियों से कांबिंग कराई जाएगी और नदी में तलाश जारी रहेगी। करीब 35 साल के राजपाल मंगलवार शाम 3:30 बजे गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले कोसी नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। शाम करीब 4 बजे से उनकी तलाश शुरू कर दी गई थी। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे तक नदी में रेस्क्यू चलाया गया, लेकिन राजपाल का कोई पता नहीं चला। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे दमकल की टीम और गोताखोरों ने दोबारा तलाश शुरू की। सुबह से शाम तक करीब 10 गोताखोर नदी में राजपाल को खोजते रहे। इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजे रेस्क्यू में इस्तेमाल हो रही नाव की मशीन खराब हो गई। इससे नदी में तलाश का काम रुक गया। मशीन को ठीक कराने के लिए भेजा गया। शाम करीब 6 बजे मशीन मुरादाबाद से ठीक होकर रामपुर की कोसी नदी पहुंची। इसके बाद नाव को नदी में उतारकर करीब डेढ़ घंटे तक दोबारा रेस्क्यू चलाया गया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की, लेकिन राजपाल का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा बढ़ने के कारण बुधवार रात करीब 7:30 बजे रेस्क्यू रोक दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह नदी किनारे पुलिसकर्मी कांबिंग करेंगे और नदी में तलाश जारी रहेगी। राजपाल के पिता महिपाल ने बताया कि गोताखोर और पुलिस लगातार कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मशीन खराब होने से कुछ समय के लिए तलाश पर असर पड़ा, लेकिन मशीन ठीक होते ही दोबारा रेस्क्यू शुरू कर दिया गया था। उन्होंने प्रशासन से राजपाल को जल्द से जल्द खोजने की मांग की है।
देवास में माता टेकरी पर बुधवार को मां तुलजा भवानी को पहली बार 21 किलो का खड़क अर्पित किया गया। इस दौरान विधायक गायत्री राजे पवार भी माता टेकरी पहुंचीं और मां तुलजा भवानी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। विधायक गायत्री राजे पवार ने खड़क का पूजन किया। अध्यक्ष अशोक नाथ पुजारी की अध्यक्षता में हुए विशेष पूजन के दौरान मां भवानी को यह खड़क चढ़ाया गया। विधायक गायत्री राजे पवार ने बताया कि आज का दिन खास रहा। भक्तों ने मां तुलजा भवानी को खड़क अर्पित किया, जिसमें शामिल होकर उन्होंने भी पूजा की और मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली नवरात्रि की तैयारियों को लेकर जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में व्यवस्थाओं सहित अन्य जरूरी बातों पर चर्चा होगी। नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए भक्तों को कोई परेशानी न हो, इसका खास ध्यान रखा जाएगा। इस मौके पर पुजारी परिवार से महंत विनय गोपाल नाथ पुजारी, महंत सुरेश नाथ पुजारी, महंत महेश नाथ पुजारी, महंत संदीप नाथ पुजारी, महंत कृष्णनाथ पुजारी, महंत आर्यन नाथ पुजारी और महंत विशाल नाथ पुजारी मौजूद रहे।
इंदौर में डॉक्टरों ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण कैंसर सर्जरी की है। खास बात यह कि मरीज के सिर के पिछले हिस्से का कैंसर दो बार सर्जरी के बाद फिर लौट आया। इस बार ट्यूमर खोपड़ी की हड्डी को नष्ट करते हुए अंदरूनी हिस्से तक पहुंच चुका था। मरीज की हार्ट क्षमता भी काफी कम थी। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में करीब 11 घंटे की जटिल सर्जरी कर कैंसर को पूरी तरह निकालने के साथ खोपड़ी और सिर के पीछे के बड़े हिस्से को रिकंस्ट्रक्ट किया गया। इसमें टाइटेनियम मेश से खोपड़ी को नया आकार दिया गया और शरीर की पीठ से मांसपेशी का फ्लैप लेकर सिर के हिस्से को ढंका गया। मामला देवेंद्र अहिरवार (42) का है जिन्हें ऑक्सिपिटल हिस्में में स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा था। पहले भी दो बार गुजरात मे ऑपरेशन हो चुका था, लेकिन कैंसर दोबारा डेवलप हो गया। इस बार ट्यूमर खोपड़ी की हड्डी तक पहुंच गया और उसका कुछ हिस्सा नष्ट हो चुका था। इसके बाद 5 अगस्त को उसे इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में एडमिट किया गया। फिर सारी जांचों के बाद एक्सपर्ट्स ने कैंसर सर्जरी, न्यूरोसर्जरी और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी को एक साथ करने का प्लान तैयार किया। कैंसर के साथ नष्ट हड्डी भी हटाई 14 अगस्त को सर्जरी में डॉक्टरों द्वारा ट्यूमर की क्रेनियल रिसेक्शन की गई। कैंसर से प्रभावित ऑक्सिपिटल हड्डी के हिस्से को भी हटाया गया। इसके बाद खोपड़ी की संरचना को दोबारा तैयार करने के लिए टाइटेनियम मेश क्रेनियोप्लास्टी की गई। कैंसर से प्रभावित ऑक्सिपिटल हड्डी का हिस्सा भी हटाया गया। इसके बाद टाइटेनियम मेश क्रेनियोप्लास्टी से खोपड़ी की संरचना को पुनर्स्थापित किया गया। लैटिसिमस डॉर्सी (LD) फ्लैप से सिर के पीछे बने बड़े सॉफ्ट-टिश्यू डिफेक्ट रिकंस्ट्रक्ट किया गया। 25% हार्ट पंपिंग, फिर भी 11 घंटे चला ऑपरेशन सर्जरी को चुनौतीपूर्ण बनाने वाली एक बड़ी वजह मरीज की हार्ट संबंधी स्थिति भी थी। उसका LVEF करीब 25% था और वह क्लोपिडोग्रेल दवा ले रहा था। ऑपरेशन से पहले मरीज का आवश्यक ऑप्टिमाइजेशन किया गया। करीब 11 घंटे की सर्जरी के दौरान हार्ट और अन्य महत्वपूर्ण पैरामी़टर्स की लगातार मॉनिटरिंग की गई। एक ही ऑपरेशन में कैंसर निकाला, खोपड़ी भी बनाई इस जटिल ऑपरेशन में न्यूरोसर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और एनेस्थीसिया टीम के समन्वय से ट्यूमर को पूरी तरह निकालने, खोपड़ी के रिकंस्ट्रक्शन और बड़े सॉफ्ट-टिश्यू डिफेक्ट को भरने की प्रोसेस एक ही सर्जिकल फेस में पूरी की गई। सर्जरी के बाद फ्लैप की नियमित मॉनिटरिंग की गई। ड्रेसिंग और पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल के बाद 5 सितंबर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिर मरीज को दो बार फॉलोअप के लिए बुलाया गया। अब मरीज अच्छी तरह रिकवर कर रहा है। मरीज को नया जीवन देने वाली टीम इस पूरी प्रोसेस में न्यूरोसर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और एनेस्थीसिया टीम ने मिलकर काम किया। न्यूरोसर्जरी टीम का नेतृत्व डॉ. क्षितिज अपूर्व निगम ने किया, जिसमें सहायक सर्जन डॉ. तनिष्क अग्रवाल, डॉ. स्पर्श कुमार, डॉ. रितिक त्रिपाठी और डॉ. यश दीक्षित शामिल रहे। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी का नेतृत्व डॉ. अमय भियाणी ने किया, जबकि डॉ. शुभांशी कांगलू ने सहायक के रूप में सहयोग किया। एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टीम का नेतृत्व डॉ. मेहुल श्रीवास्तव ने किया और डॉ. आशुतोष तथा डॉ. दिग्विजय ने उनका सहयोग किया। आयुष्मान योजना में फ्री में हुआ इलाज खास बात यह कि इतनी जटिल सर्जरी प्राइवेट हॉस्पिटल में होती तो इसका इलाज का खर्च 7 से 8 लाख रु. होता लेकिन इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में यह सर्जरी आयुष्मान योजना में मुफ्त में हुई। इससे परिजन को इलाज में पूरी राहत मिली।
बागपत में लंबे समय से बकाया मजदूरी के लिए परेशान दो श्रमिकों को आखिरकार उनका हक मिल गया। श्रम विभाग की कार्रवाई के बाद राजमिस्त्री जमशेद को 2 लाख 56 हजार रुपये और पत्थर लगाने वाले परवेज को 39 हजार रुपये का चेक मिला। यह मामला मकान बनाने वाले राजमिस्त्री जमशेद और बड़ौत में पत्थर लगाने वाले परवेज से जुड़ा है। दोनों ने अपना काम पूरा कर लिया था, लेकिन उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली थी। काफी इंतजार के बाद उन्होंने श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामले को सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुना गया और श्रमिकों के हक में आदेश दिए गए। हालांकि, आदेश के बाद भी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद श्रम विभाग ने नियमों के हिसाब से वसूली की कार्रवाई शुरू की और बकाया रकम वसूल की। सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने बताया कि मजदूरी से जुड़ी शिकायतों को नियमों के हिसाब से निपटाकर श्रमिकों को उनका हक दिलाना विभाग की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आदेश के बाद भी भुगतान न होने पर नियमों के तहत वसूली की कार्रवाई की जाती है। इन दोनों मामलों में भी इसी प्रक्रिया से बकाया राशि वसूल कर श्रमिकों को भुगतान कराया गया। वसूली के बाद जमशेद को 2.56 लाख रुपये और परवेज को 39 हजार रुपये का चेक सौंपा गया। लंबे समय से रुकी मजदूरी मिलने से दोनों श्रमिकों को राहत मिली। उन्होंने श्रम विभाग की कार्रवाई के लिए शुक्रिया अदा किया।
नाबालिग सौतेली बेटी से छेड़खानी:औरैया में पिता को 5 साल की जेल, 5 साल पुराने मामले में फैसला
औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में पांच साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इसमें एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग सौतेली बेटी से छेड़खानी का दोषी पाया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी को पांच साल की कठोर जेल की सजा सुनाई है। उस पर 25,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्र ने बताया कि यह घटना 8 अगस्त 2021 की है। पीड़िता की मां ने दिबियापुर थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने 2012 में कोर्ट मैरिज की थी। पहले पति से उसकी दो बेटियां थीं, जो उसके साथ दूसरे पति के घर रहती थीं। महिला के पति पर आरोप था कि वह अक्सर अपनी 13 साल की सौतेली बेटी से छेड़खानी करता था। लोक-लाज के डर से महिला ने यह बात किसी को नहीं बताई थी। 8 अगस्त 2021 की रात पति ने फिर से बेटी से छेड़खानी की। बेटी ने यह बात अपनी मां को बताई। जब मां ने इस पर नाराजगी जताई, तो पति ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसने धमकी दी कि अगर शिकायत की तो जान से मार देगा। इसके बाद महिला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो अधिनियम कोर्ट में हुई। कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक मृदुल मिश्रा ने दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नाबालिग सौतेली बेटी से छेड़खानी कर रिश्तों की मर्यादा तोड़ी है। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को देने का भी आदेश दिया गया है। दोषी को इटावा जिला जेल भेज दिया गया है।
शिकारपुरा पुलिस ने 3 केबल चोर पकड़े:चोरी के वायर और औजार बरामद, अन्य वारदातों का भी खुलासा
शिकारपुरा थाना पुलिस ने केबल चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के केबल वायर और वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में संदीप पिता कडू कोली (25, निवासी महलगुराड़ा), सुखदेव पिता रमेश मोने (23, निवासी मदन महल जबलपुर, हाल निवासी सुभाष चौक थाना कोतवाली) और शाहरुख पिता शेख फिरोज (25, निवासी आजाद नगर बुरहानपुर) शामिल हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अन्य थाना क्षेत्रों में भी केबल वायर चोरी की कई वारदातों में शामिल होना बताया है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस अब आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है।
सलूंबर जिले के सराड़ा में गणपति विसर्जन के दौरान जयसमंद झील में दो युवक डूब गए। हादसा सराड़ा थाना क्षेत्र के गामड़ी गांव में गणपति प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ। हादसे में 15 साल के मावाराम की मौत हो गई। वहीं 25 साल का शंकरलाल अभी तक लापता है। उनकी तलाश के लिए देर रात तक बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण इसे रोकना पड़ा। विसर्जन के लिए झील में उतरे थे जयसमंद चौकी इंचार्ज मणिलाल ने बताया- सलूंबर थाना क्षेत्र के जावद ग्राम पंचायत के मोटी काकर गांव से ग्रामीण गणपित की प्रतिमा लेकर गामड़ी स्थित जयसमंद झील पहुंचे थे। प्रतिमा विसर्जन के दौरान कुछ युवक पानी में उतरे। इसी दौरान मावाराम और शंकरलाल गहरे पानी की तरफ चले गए और देखते ही देखते डूब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। 15 साल के किशोर ने रास्ते में तोड़ा दम साथ मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों युवकों को बचाने की कोशिश की। काफी कोशिशों के बाद मोटी काकर निवासी मावाराम (15) पुत्र शंकरलाल को पानी से बाहर निकाल लिया गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं शंकरलाल पुत्र जवानलाल गहरे पानी में लापता हो गया। पुलिस और बचाव टीम ने उसकी तलाश में देर रात तक अभियान चलाया। लेकिन अंधेरा बढ़ने और पानी में कम दिखने के कारण बचाव कार्य रोकना पड़ा। बुधवार सुबह दोबारा तलाश अभियान शुरू किया जाएगा। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे हादसे की सूचना मिलते ही सराड़ा विकास अधिकारी, तहसीलदार और सराड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस की मौजूदगी में बचाव अभियान चलाया। लापता युवक के मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र के दुआरी गांव में पांच साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या करने के मामले में जिला कोर्ट ने आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने बुधवार को इस मामले में फैसला सुनाया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 28 अक्टूबर 2024 की है। दुआरी निवासी नत्थू केवट ने मऊ थाने में बताया था कि उसके बेटे राजकुमार ने अपने करीब पांच साल के बेटे सत्यम की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी। आरोप था कि घटना के बाद आरोपी ने कमरे में आग भी लगा दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मऊ के तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार राय ने उसी दिन आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 9 नवंबर 2024 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले को पुलिस मुख्यालय ने मजबूत पैरवी के लिए चुना था। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस ने इस मामले में मजबूती से पैरवी की। मऊ थाना प्रभारी राजीव प्रताप सिंह, पैरोकार आरक्षी धनेश मिश्रा और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी कमल किशोर व उनकी टीम ने पैरवी की। सरकारी वकील श्याम सुंदर मिश्रा ने कोर्ट में अपनी बात मजबूती से रखी और बहस की। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर हुई पैरवी के बाद कोर्ट ने आरोपी राजकुमार को दोषी पाया और उसे उम्रकैद व 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई मजबूत कानूनी पैरवी का नतीजा बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए ‘अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वूमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो’ यानी ‘दुर्गा’ योजना को मंजूरी दी गई। योजना के पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ परिवहन क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। योजना के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परिवहन क्षेत्र में भागीदारी, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और स्वच्छ व टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ सुरक्षित परिवहन से जोड़ना योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के लखापुरवा गांव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की सीढ़ियों से गिरकर मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, लखापुरवा निवासी भुवानीदीन राजपूत अपने घर की सीढ़ियों से अचानक गिर गए थे। गिरने से उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने मर्ग दर्ज किया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पंचनामा के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में एक युवक के साथ एटीएम कार्ड बदलकर 2 लाख 20 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी की गई है। गाजीपुर पहोर गांव के रहने वाले विमल पुत्र राकेश के खाते से यह रकम निकाली गई। पीड़ित ने कोतवाली नगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। विमल, जो एक मोबाइल की दुकान पर काम करते हैं, 10 सितंबर को बैंक के एटीएम का पिन बदलने गए थे। काफी कोशिश के बाद भी जब पिन नहीं बना, तो पास खड़े एक व्यक्ति ने मदद की पेशकश की। उस व्यक्ति ने विमल का कार्ड लिया और पिन बनाने के बाद कहा कि कार्ड अगले दिन से काम करेगा। 22 सितंबर को जब विमल बैंक से पैसे निकालने गए, तो एटीएम मशीन पर किसी और का नाम दिखा और पिन भी गलत बताया। बैंक जाकर पता चला कि उनके खाते से 2 लाख 20 हजार 500 रुपए निकल चुके हैं। इसके बाद विमल ने कोतवाली नगर पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। कोतवाली नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र पवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है और आरोपी की तलाश की जा रही है। विमल ने दैनिक भास्कर के रिपोर्टर को फोन कर बताया कि वह ठगी का शिकार हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर वे एटीएम से जुड़ी जानकारी नहीं रखते हैं, तो अपना कार्ड किसी और को न दें। इससे ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।
मुरादाबाद में सड़क हादसे में युवक की मौत:बड़े भाई की हालत गंभीर, रामपुर से बिलारी जा रहे थे
मुरादाबाद में मूंढापांडे थाना क्षेत्र के जीरो पॉइंट के पास एक स्कूटी सवार को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में बाइक चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, रामपुर जिले के तहसील स्वार में अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा टांडा निवासी आलिम ( 24 साल) पुत्र मेंहदी हसन अपने बड़े भाई कासिम के बाइक से बिलारी जा रहे थे। जब उनकी बाइक मुरादाबाद के मूढ़ापांडे थाना क्षेत्र के जीरो पॉइंट के पास पहुंची, तभी अचानक सामने से आ रहे एक स्कूटी सवार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करने का प्रयास किया। स्कूटी सवार को बचाने की कोशिश में बाइक चला रहे युवक का नियंत्रण बिगड़ गया और मोटरसाइकिल सीधे हाईवे के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों भाई सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के समय आलिम मोटरसाइकिल चला रहा था, जिसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बाइक पर पीछे बैठा उसका बड़ा भाई कासिम गंभीर रूप से जख्मी हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायल कासिम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। तथा मृतक आलिम के शव को पोस्टमार्टम में लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि इनका होटल बिलारी में बस अड्डे के पास है, दोनों भाई वहीं जा रहे थे। इस हादसे की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव खेड़ा टांडा पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। मृतक तीन भाइयों और तीन बहनों में से एक था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मथुरा में श्रीधाम वृंदावन स्थित श्री निकुंज वाटिका आश्रम में आज संतों और भक्तों द्वारा राधारानी का बधाई महोत्सव आनंद के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में समाजी संतों द्वारा परम रसिक संत श्रीयदुनंदनदासजी महाराज के मंगल पदों एवं श्रीयुगलशतक - श्रीमहावाणी से लाडिलीजू के बधाई पदों का सरस समाज गायन प्रातः बेला में किया गया। आश्रम के संतों ने बताया कि बधाई गायन में संतों और भक्तों को राधारानी के प्राकट्य की खुशी में फल, मेवा, मिठाई आदि प्रसाद सभी को दिया गया। इसके बाद संतों और भक्तों की प्रसादी सेवा आयोजित हुई। इस अवसर पर श्रीधाम वृंदावन के अनेक संत एवं आश्रम के भक्त परिकर उपस्थित थे। संतों ने यह भी बताया कि वृंदावन में श्रीकृष्णजी के जन्मोत्सव से भी अधिक आनंद संतों को राधारानी के जन्मोत्सव में मिलता है। प्रेम सहित ठाकुरजी एवं समस्त आचार्यों के जयघोष के साथ उत्सव का विश्राम हुआ।
जमीनी विवाद में मारपीट का मामला:25 साल बाद आया फैसला , दोनो पक्षों के 13 लोगों को दो साल की सजा
बहराइच में एक अदालत ने 25 साल पुराने जमीनी विवाद में मारपीट के मामले में 13 दोषियों को दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पहले पक्ष के पांच आरोपियों पर 3,500-3,500 रुपये और दूसरे पक्ष के आठ आरोपियों पर 3,000-3,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत की गई है। यह मामला साल 2001 का है। जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। पहले पक्ष की ओर से रामगांव थाने में धारा 147, 148, 149 और 307 के तहत केस दर्ज हुआ था। वहीं, दूसरे पक्ष के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 504, 506 और 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन जांच अधिकारी रामकिशुन ने दोनों मामलों में सबूत इकट्ठा किए, गवाहों के बयान लिए और जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और मजबूत पैरवी के आधार पर पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुनील प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों के आरोपियों को दोषी ठहराया। पहले पक्ष से राजेंद्र वर्मा, बबाली, नन्कन, चंद्रशेखर और बाड़े को सजा सुनाई गई। एक आरोपी बड़कन की केस के दौरान मौत हो चुकी है। दूसरे पक्ष से पुतनलाल, बुधराम, शिवप्रसाद, राधेश्याम, रमेश, शिवकुमार, परमेश उर्फ रामप्रवेश और बाबूलाल को भी दोषी पाया गया। पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुराने मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है। अभियोजन पक्ष की पैरवी राजेंद्र प्रसाद अवस्थी ने की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली सरकार ने अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को आईटीओ मेट्रो स्टेशन से सरकार की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी से सुसज्जित विशेष मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार का कहना है कि दिल्ली मेट्रो के व्यापक नेटवर्क के जरिए रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को उनके लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देना और उनका लाभ उठाने के लिए जागरूक करना है। विशेष मेट्रो ट्रेनों में आयुष्मान वय वंदना योजना, लास्ट माइल कनेक्टिविटी, एमएसएमई के लिए कारोबार आसान बनाने की पहल और बिना गारंटी 10 करोड़ रुपए तक के ऋण, इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत कर लाभ व सब्सिडी और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा पांच रुपए में भोजन उपलब्ध कराने वाली अटल कैंटीन योजना, जरूरतमंद महिलाओं के लिए दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2,500 रुपए की सहायता, दिल्ली मेट्रो विस्तार, ‘स्वच्छ दिल्ली-हरित दिल्ली’ अभियान, महिलाओं के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण और स्वच्छ यमुना मिशन की जानकारी भी दी जा रही है। सरकार के अनुसार, इस पहल से दिल्लीवासियों को रोजाना के सफर के दौरान ही उनके लिए उपलब्ध योजनाओं और नागरिक सुविधाओं की जानकारी सरल तरीके से मिल सकेगी।
सुल्तानपुर में बरेली के ट्रक ड्राइवर की मौत:ट्रक के केबिन में मिला शव, माल लेकर वाराणसी जा रहा था
सुल्तानपुर में बरेली के एक ट्रक ड्राइवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार शाम 5:30 बजे शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर शाम 7 बजे अपने गांव चले गए। गुरुवार को मृतक का अंतिम संस्कार होगा। मृतक की पहचान बरेली जिले के आबला थाना क्षेत्र के मऊचंद निवासी नत्थू लाल (46) के तौर पर हुई है। वह मानिक राम के बेटे थे। नत्थू लाल बरेली की दीपक ट्रांसपोर्ट एजेंसी में ट्रक ड्राइवर का काम करते थे। नत्थू लाल शनिवार शाम को अपने घर से निकले थे। वह बरेली से केबल ड्रम लादकर वाराणसी जा रहे थे। मंगलवार को सुल्तानपुर पहुंचने पर उन्होंने कुड़वार थाना क्षेत्र के शेरू ढाबे पर ट्रक रोका। खाना खाने के बाद वह ट्रक में ही सोने चला गया। मृतक के साले गुड्डू ने बताया कि उनके जीजा नत्थू लाल का मालिक लगातार फोन कर रहा था। जब नत्थू लाल ने फोन नहीं उठाया, तो मालिक ने इलाके के कई ढाबों पर फोन किया। शेरू ढाबे पर फोन करने पर ढाबा मालिक ने बताया कि नत्थू लाल ट्रक में थे। मालिक ने ढाबा मालिक से उन्हें जगाने के लिए कहा। जब ढाबा मालिक ट्रक के पास पहुंचा, तो नत्थू लाल मृत पाए गए। इसके बाद ढाबा मालिक ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। गुड्डू ने बताया कि पुलिस ने उन्हें फोन पर सूचना दी, जिसके बाद वे आज सुबह सुल्तानपुर पहुंचे। रविवार सुबह नत्थू लाल की अपने बच्चों से बात हुई थी, जिसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। नत्थू लाल के तीन बेटे हैं - रोहित (18), मोहित (16) और गौरव (14)। उनकी पत्नी का नाम रजनी देवी है। नत्थू लाल अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी मां रामकली और पिता भी हैं। कुड़वार थाना प्रभारी प्रवीण यादव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर में पुलिसकर्मियों पर क्राइम ब्रांच का बताकर दो लोगों को अवैध तरीके से हिरासत में लेने, थाने में मारपीट करने और उनके खातों से करीब 2 लाख 12 हजार रुपए ट्रांसफर कराने का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद जांच कराई गई। जांच में शिकायतों की पुष्टि होने के बाद जलालपुर और सुरेरी थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सुरेरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक वह अभी फरार हैं। मामले की जांच एएसपी/सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को सौंपी गई है। दुकान से उठाकर सुरेरी थाने ले जाने का आरोप जलालपुर थाना क्षेत्र के रामपुर सोइरी निवासी विजय राजभर ने आरोप लगाया कि 15 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ लोग सादे कपड़ों में उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताया और जबरन विजय को अपने साथ ले गए। आरोप है कि उन्हें सुरेरी थाने लाकर किचन में रखा गया। विजय के मुताबिक, उसे छोड़ने के लिए 3 लाख रुपए मांगे गए। रकम नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर की धमकी दी गई। उसका आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल फोन छीन लिया गया। फोन-पे का पासवर्ड पूछकर कराए ट्रांजेक्शन विजय ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके फोन का फोन-पे पासवर्ड पूछा और खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कराए। इसके बाद घर फोन करके एटीएम कार्ड भी मंगवाया गया। उसके मुताबिक, अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर की गई और एटीएम से भी पैसे निकाले गए। पीड़ित की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, अंशिका गिरी, मनीष पटेल, सारस्वत, अनूप चौहान और आकाश सिंह के खातों में अलग-अलग रकम भेजी गई। इनमें आकाश सिंह के खाते में 25-25 हजार रुपए दो बार भेजे जाने की बात कही गई है। कुल रकम 2 लाख 12 हजार रुपए बताई गई है। वाराणसी के सुशील पांडेय को भी उठाने का आरोप इसी मामले में वाराणसी के सुशील पांडेय ने भी शिकायत की है। आरोप है कि उन्हें 13 सितंबर को वाराणसी से उठाकर सुरेरी थाने लाया गया। वहां उनके साथ मारपीट की गई और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। सुशील का आरोप है कि उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उनके हाथ में तमंचा देकर वीडियो बनाया गया और मामले की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इस मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत के बाद जांच, थाना प्रभारी सस्पेंड दोनों मामलों की शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर से जांच कराई गई। जांच में अवैध हिरासत, मारपीट और रकम ट्रांसफर कराने से जुड़े आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। इसी बीच सुरेरी थाने में तैनात 2025 बैच के सिपाही अभिषेक सिंह की 20 सितंबर को थाना परिसर स्थित आवास में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आत्महत्या के कारण की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने इस घटना की भी जांच के निर्देश दिए हैं। दिव्य प्रकाश सिंह फरार, विभागीय जांच भी शुरू एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह के मुताबिक सुरेरी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और वह फरार हैं। पूरे मामले की जांच एएसपी/सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को सौंपी गई है। पुलिस अब शिकायतों में लगाए गए आरोपों के साथ बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार शाम एक पुलिस जीप डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में शाहजहांपुर पुलिस में तैनात एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। सिपाही को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार शाम करीब 6 बजे बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुई। सरकारी वाहन संख्या UP 27 जी 0312 (टाटा सुमो गोल्ड) में सवार सिपाही सुमित कुमार सैनी घायल हो गए। सुमित कुमार सैनी पुत्र राम कुमार सैनी, निवासी ग्राम जसोई, थाना तितावी, जनपद मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। वह शाहजहांपुर से नोएडा में वीआईपी ड्यूटी के लिए जा रहे थे। घायल सिपाही को सबसे पहले सदरपुर स्थित वीकेसी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे हापुड़ के देवनंदिनी अस्पताल भेजा गया। वहां से डॉक्टरों ने सिपाही को मेरठ रेफर कर दिया। बहादुरगढ़ थाने से होमगार्ड सोनू और एसएसआई नवीन कुमार गौतम घायल सिपाही के साथ मेरठ गए हैं। थाना प्रभारी इंद्रकांत यादव ने बताया कि सिपाही के परिजनों को हादसे की जानकारी दे दी है, जिसके बाद परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंच रहे हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में बुधवार को परशुराम चौराहे के पास सड़क पर करीब ढाई फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। सड़क पर पानी भरा होने के बीच मगरमच्छ को देखकर राहगीर रुक गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। बाद में लोगों ने उसे पकड़कर जाधव सागर तालाब में छोड़ दिया। बताया गया कि मगरमच्छ सड़क पर भरे पानी के बीच पहुंच गया था। कुछ लोगों ने लाठियों की मदद से उसे पकड़ने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद मगरमच्छ को काबू किया गया। इसके बाद उसे बोरी में रखकर जाधव सागर तालाब में छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों ने नाले से आने की जताई आशंका स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के दौरान शहर में जलभराव और नालों का जलस्तर बढ़ने पर मगरमच्छ जलस्रोतों से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह मगरमच्छ भी नाले के रास्ते परशुराम चौराहे के पास पहुंचा होगा। बुधवार को पानी से बाहर आने के बाद लोगों की नजर उस पर पड़ी। चांदपाठा झील और जाधव सागर से आने की बात स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में चांदपाठा झील और जाधव सागर तालाब से मगरमच्छ शहर की कॉलोनियों तक पहुंच जाते हैं। नालों के रास्ते उनके रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सड़क पर मगरमच्छ दिखने से मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि परित्याग के आधार पर पति को तलाक मिलने के बावजूद पत्नी का भरण-पोषण का कानूनी अधिकार खत्म नहीं होता। धारा 125 सीआरपीसी के तहत तलाकशुदा महिला को भी 'पत्नी' की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे में अगर उसने दोबारा शादी नहीं की है और वह अपना गुजारा करने में सक्षम नहीं है, तो पूर्व पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है। सुल्तानपुर का मामला, आदेश रद्द किया न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने सुल्तानपुर परिवार न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें महिला का भरण-पोषण संबंधी दावा खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि महिला के दावे पर तलाक की तारीख 25 सितंबर 2014 से नए सिरे से विचार किया जाए। मामले में महिला ने साल 2009 में धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया था। उसका कहना था कि शादी के बाद पति और ससुराल वालों ने उससे अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान किया। उन्होंने एक लाख रुपये, मोटरसाइकिल और रंगीन टीवी की मांग की थी। परित्याग के आधार पर एकतरफा तलाक लिया पति ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि पत्नी खुद ही घर छोड़कर चली गई थी। इसी बीच, पति ने 25 सितंबर 2014 को परित्याग के आधार पर एकतरफा तलाक ले लिया। बाद में यह भी सामने आया कि पति ने दूसरी शादी कर ली थी और दूसरी महिला का नाम उसके सेवा रिकॉर्ड में पत्नी के तौर पर दर्ज था। हाईकोर्ट ने साफ किया कि तलाक किस आधार पर हुआ, यह अपने आप में धारा 125 के तहत भरण-पोषण के दावे को खत्म नहीं करता। कोर्ट ने कहा कि तलाकशुदा महिला को एक सीमित मकसद के लिए 'पत्नी' माना जाता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उसने दोबारा शादी न की हो और वह अपना गुजारा करने में असमर्थ हो। न्यायालय ने नाबालिग बेटे को भी बालिग होने तक भरण-पोषण का हकदार माना है। अंतिम फैसला आने तक पूर्व पति को महिला और बच्चे के भरण-पोषण के लिए हर महीने चार हजार रुपये की अंतरिम राशि देने का आदेश दिया गया है।
मंडला के घुघरी थाना क्षेत्र के ढेंको गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने छह मवेशियों से भरी पिकअप को रोककर पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों के मुताबिक, मवेशियों को वाहन में ठूंसकर ले जाया जा रहा था। मौके पर पहुंची सलवाह चौकी पुलिस ने पिकअप जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ग्रामीणों ने घेरकर पिकअप रोकी ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में पिछले कुछ दिनों से मवेशियों के अवैध परिवहन की जानकारी मिल रही थी। बुधवार को ढेंको गांव में पिकअप से मवेशी ले जाने की सूचना ग्रामीणों और समाजसेवियों को मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने वाहन की घेराबंदी कर उसे रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। डायल-112 और सलवाह चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पिकअप में मिले छह मवेशी सलवाह चौकी प्रभारी हितेश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पिकअप की जांच की तो उसमें छह मवेशी मिले। पुलिस ने वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जैलवारा, नैनपुर निवासी सेख साहिब और मंडला की बड़ी खैरी निवासी राहुल बैरागी व सावन पड़वार के रूप में हुई है। अवैध परिवहन और पशु क्रूरता की धाराओं में कार्रवाई पुलिस के अनुसार, मामले में पशु क्रूरता और मवेशियों के अवैध परिवहन से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि मवेशियों को कहां ले जाया जा रहा था और इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं।
जगराओं में सीआईए स्टाफ ने गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के एक गुर्गे को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह गुर्गा पटियाला में एक व्यापारी पर हमला करने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से .30 बोर की जिगाना पिस्टल, एक मैगजीन और 8 कारतूस बरामद किए हैं। जांच में.30 बोर के दो खाली खोल भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को पटियाला में हमला करने के लिए 30 हजार रुपए देने का वादा किया गया था। पुलिस ने आरोपी को उस समय पकड़ा जब आरोपी मोगा से बस में सवार होकर मोहाली की तरफ जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने बस में सवार युवक के पास हथियार है, जिसके बाद पुलिस ने मोगा रोड पर हाईटेक नाका लगाकर आरोपी को दबोच लिया। सीआईए स्टाफ जगराओं के इंचार्ज इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह ने बताया कि एएसआई बलविंदर सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की। उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-25 निवासी अनिकेत को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ थाना सदर जगराओं में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से जुड़ा होना बताया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पटियाला जिले में एक व्यापारी पर हमला करने का काम सौंपा गया था। इसके बदले उसे 30 हजार रुपए देने का वादा किया गया था। पुलिस का कहना है कि समय रहते गिरफ्तारी होने से एक बड़ी वारदात टल गई। जांच में आरोपी का कनेक्शन अप्रैल 2026 में न्यू चंडीगढ़ के गांव हाशियारपुर में प्रॉपर्टी डीलर के घर हुई फायरिंग से भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में थाना मुल्लांपुर, जिला मोहाली में केस दर्ज है। आरोपी घटना के बाद से पुलिस की पकड़ से बाहर था। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस फायरिंग मामले में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक .30 बोर की जिगाना पिस्टल, एक मैगजीन, 8 जिंदा कारतूस और .30 बोर के दो खाली खोल बरामद किए हैं। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने कहा कि लुधियाना ग्रामीण पुलिस द्वारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। रिमांड में खुलेंगे हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क के राजपुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी में है। रिमांड के दौरान उससे हथियार कहां से मिले, किसने उपलब्ध करवाए, गैंग के किन लोगों से संपर्क था और पटियाला में प्रस्तावित वारदात को लेकर किस-किस व्यक्ति से संपर्क किया गया था, इन बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस को आरोपी से पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।बरामदगी1 जिगाना पिस्टल (.30 बोर)1 मैगजीन8 कारतूस (.30 बोर)2 खोल (.30 बोर)
पूर्वी सिंहभूम पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में सफलता मिली है। वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब के निर्देश पर जमशेदपुर पुलिस, कोबरा बटालियन, कोलकाता एसटीएफ और झारखंड जगुआर की एक संयुक्त टीम ने एमजीएम थाना क्षेत्र के छोटा बांकी और कुड़लुंग पहाड़ के साथ-साथ चाकुलिया थाना क्षेत्र के जोभी जंगल में गहन सर्च अभियान चलाया। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठन के ठिकानों से हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। पुलिस के अनुसार, यह अभियान भाकपा माओवादी से जुड़े मंगल महतो और मालती मुर्मू की निशानदेही पर चलाया गया था। संदिग्ध जगहों की बारीकी से तलाशी ली गई अभियान के दौरान, पहाड़ी और जंगल के मुश्किल इलाकों में चिन्हित संदिग्ध जगहों की बारीकी से तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को छिपाकर रखे गए हथियारों और कारतूसों का जखीरा मिला। कुड़लुंग पहाड़ इलाके से एक इंसास राइफल बरामद की गई। वहीं, चाकुलिया के जोभी जंगल से एक AKM राइफल, 232 राउंड गोलियां, पांच मैगजीन और एक सीलिंग मिली। इस तरह, अभियान में कुल दो राइफल, 232 चक्र गोली, पांच मैगजीन और अन्य सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने बरामद हथियारों और गोला-बारूद को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में माओवादी गतिविधियों पर असरदार नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सर्च अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मुरैना के जौरा में बुधवार को जुआ पकड़ने गई पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना हॉस्पिटल रोड की मस्जिद वाली गली की है। मृतक की पहचान सुरजा गुप्ता उर्फ कल्ला पुत्र सुभाष चंद्र के रूप में हुई है। घटना के बाद जौरा के व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। पुलिस को देखकर भागने लगे लोग जौरा पुलिस हॉस्पिटल रोड की मस्जिद वाली गली में जुआ पकड़ने पहुंची थी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोग भागने लगे। इसी दौरान सुरजा गुप्ता उर्फ कल्ला की मौत हो गई। युवक की मौत कैसे और किन हालात में हुई, यह अभी साफ नहीं है। पुलिस ने भी मौत के कारण की पुष्टि नहीं की है। 100 से ज्यादा व्यापारी थाने पहुंचे घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी जौरा थाने पहुंचे। करीब 100 से ज्यादा व्यापारियों ने थाने का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मुरैना से अतिरिक्त बल भेजा गया घटना के बाद मुरैना मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल और पुलिस अधिकारी जौरा के लिए रवाना किए गए। अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। फिलहाल युवक की मौत का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई घटना और व्यापारियों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
खैरथल-तिजारा जिले में चुनाव को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग सहित कई आरोप लगाए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस बड़े बहुमत से चुनाव जीती है और पार्टी का वोट शेयर भाजपा से डेढ़ गुना से ज्यादा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भैरोंसिंह शेखावत, वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत सहित कई सरकारों के कार्यकाल देखे हैं और उस दौरान खुद भी विधायक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार चुनाव के दौरान जिस तरह का माहौल बनाया गया, उसमें लालच के साथ प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और संस्कार का हिस्सा नहीं रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष का बोर्ड बन चुका है और आगे काम तथा पैसे के नाम पर दबाव बनाने की कोशिशें हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ता एकजुट नहीं रहे तो संगठन कमजोर होगा। हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई की बात जितेंद्र सिंह ने चुनाव परिणाम को लेकर कानूनी लड़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास हाईकोर्ट जाने का विकल्प है और उन्हें उम्मीद है कि अदालत के जरिए फैसला पलट सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मामले में जल्द कानूनी कार्रवाई करने और एकजुट रहने की अपील की। टीकाराम जूली बोले- कांग्रेस का मुकाबला BJP से पहले पुलिस-प्रशासन से था नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर कांग्रेस के बाड़े से पार्षदों को पुलिस के जरिए उठाया गया। उन्होंने एक पार्षद के अपहरण का भी आरोप लगाया। जूली ने कहा कि लॉटरी प्रक्रिया में भी गड़बड़ी कर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप है। उन्होंने कहा, “हमारा पहला मुकाबला पुलिस, दूसरा प्रशासन और तीसरे नंबर पर भाजपा से रहा।” FIR दर्ज कराने की राजनीति का आरोप जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं पर अपहरण के मामले दर्ज कराए गए और कई जगह 3-4 FIR दर्ज कराने की बात सामने आई। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने तिजारा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन पूरी रात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क बना रहा। उन्होंने बताया कि सुरजेवाला, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और दीपेंद्र हुड्डा से संपर्क किया गया तथा स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे। चुनाव आयोग से संपर्क कर मतदान का समय बढ़वाने के बाद कांग्रेस की जीत हुई। जूली ने आरोप लगाया कि तिजारा में राजस्थान के साथ हरियाणा पुलिस ने भी कांग्रेस पार्षदों के साथ ज्यादती की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। पार्षद के गायब होने और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल जूली ने एक पार्षद के गायब होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पर्ची या लॉटरी से हुए फैसलों में अधिकांश जगह भाजपा को जीत मिली, जबकि एक जगह कांग्रेस के पक्ष में परिणाम आया। उन्होंने लॉटरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्षता की जांच की मांग की। कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद कार्यक्रम में विधायक दीपचंद खेरिया, ललित यादव, प्रकाश खैरथल, नगर परिषद उपसभापति सुमित रोघा, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश रोघा, अजित यादव, पुष्पेंद्र धाबाई, विनोद कुमारी, रोहिताश चौधरी, गिरीश डाटा, विश्राम गुर्जर, देव कसाना, शिवचरण गुप्ता, संदीप अग्रवाल, सर्वेश गुप्ता, तेजाराम सैनी, नरेंद्र सिंह सहित** कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की भिवानी टीम ने परिवहन विभाग के सहायक किशोरी कुमार को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। किशोरी कुमार पर वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने और उनके नवीनीकरण की अनुमति के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। उसे हिसार में रंगेहाथ पकड़ा गया और उसके खिलाफ हिसार थाने में केस दर्ज किया गया है। हिसार एसीबी कार्यालय में जानकारी देते हुए एसीबी अधिकारियों ने बताया कि, एक शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्ट का काम करता है। वह पानीपत में परिवहन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने और उनके नवीनीकरण की व्यवस्था शुरू करना चाहता था। इसके लिए उसे परिवहन आयुक्त, हरियाणा, चंडीगढ़ से जरूरी अनुमति लेनी थी। स्थायी अनुमति जारी न होने का डर दिखाया शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी किशोरी कुमार ने उसे स्थायी अनुमति जारी न होने का डर दिखाया। उसने परिवहन आयुक्त कार्यालय से 27 अगस्त 2026 को जारी हो चुकी अनुमति दिलवाने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने के बाद ACB की हिसार यूनिट के भिवानी उपकेंद्र की टीम ने कार्रवाई शुरू की। ACB टीम ने नियमों के अनुसार स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एक ट्रैप लगाया। कार्रवाई के दौरान सहायक किशोरी कुमार को शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपए नकद रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ धारा 308(2) बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। ब्यूरो मामले की आगे जांच कर रहा है।
रतलाम के रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया जोधा में मंगलवार रात भजन संध्या के दौरान विवाद हो गया। मंच पर चढ़ने से रोकने पर एक युवक आयोजन समिति से विवाद करने लगा। पुलिस समझाने पहुंची तो युवक ने परिजनों के साथ मिलकर पुलिस पर पथराव कर दिया। हमले में थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद समेत पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। एक कॉन्स्टेबल के सिर में तीन से चार टांके आए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जुलूस निकाला। देखें तस्वीरें… मंच पर चढ़ने से रोकने पर हुआ विवाद डोल ग्यारस के अवसर पर गांव के सरकारी स्कूल के पास मंच बनाकर भजन संध्या का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान सुनील पिता रामसुख गायरी मंच पर चढ़ गया। आयोजन समिति ने उसे नीचे जाने को कहा। इससे वह नाराज होकर हंगामा करने लगा। मौके पर माननखेड़ा पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल घनश्याम कुमावत और संतोष तैनात थे। दोनों ने सुनील को समझाया। पुलिस के मुताबिक, सुनील ने जाते समय पुलिसकर्मियों से कहा कि रुको, तुम्हें आकर बताता हूं। सूचना पर पहुंची पुलिस पर पथराव इसके बाद कॉन्स्टेबलों ने रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद को सूचना दी। कुछ देर बाद थाना प्रभारी आजाद और माननखेड़ा चौकी प्रभारी राजेश मालवीय पुलिस बल के साथ पिपलिया जोधा पहुंचे। पुलिस अधिकारी स्कूल की बाउंड्रीवाल के पास खड़े थे। इसी दौरान सुनील, उसके भाई दिलीप और जितेंद्र, पिता रामसुख, मां धाबूपाई, कैलाश पिता भगवतीलाल और अर्जुन पिता रामप्रसाद वहां पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, सभी गाली-गलौज करते हुए हाथों में पत्थर लेकर आए और अचानक पुलिस पर पथराव कर दिया। सिर में पत्थर लगने से कॉन्स्टेबल घायल पथराव में कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह हाड़ा के सिर में पत्थर लगा और खून निकलने लगा। थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के सिर और कमर के पीछे चोट आई। कॉन्स्टेबल अनिल डांगी को भी पीठ पर चोट लगी। पुलिस के मुताबिक, कैलाश और अर्जुन ने कॉन्स्टेबल घनश्याम कुमावत से लकड़ी से मारपीट की। उनके दाहिने हाथ की कलाई और बाएं हाथ के पंजे पर चोट आई। हेड कॉन्स्टेबल सुधीर सिंह के बाएं पैर में पत्थर लगा। उनके साथ झूमाझटकी भी की गई। ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया पथराव के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सरपंच प्रतिनिधि कालूराम कुमावत, भारत दास बैरागी, धर्मेंद्र पाटीदार और जुझारलाल पाटीदार समेत अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को जावरा के सरकारी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। 6 आरोपी गिरफ्तार, बलवा का केस दर्ज पुलिस के अनुसार सुनील, दिलीप, जितेंद्र, रामसुख, धाबूपाई, कैलाश और अर्जुन के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 132, 191 (2) और 296-ए के तहत केस दर्ज किया गया है। धाबूपाई की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस भी निकाला गया।
प्रतापगढ़ जिले में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की दो दिन पहले मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वप्रेरित संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि यह गंभीर और अत्यावश्यक मामला है, इसलिए हम इसे सुनेंगे। अदालत ने 6 अक्टूबर को मामले की सुनवाई तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस तरह की घटनाओं में प्रिवेंटिव डिटेंशन (पहले से कदम उठाने) की आवश्यकता है। दरअसल 21 अक्टूबर को प्रतापगढ़ जिले में अवैध खनन रोकने गए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) की खनन माफिया ने डंपर से कुचल कर हत्या कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता और राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य अवैध बजरी खनन मामले में न्यायमित्र निखिल गोयल ने दी। सरकार ने कहा- अवैध बजरी खनन का मामला नहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कोर्ट को बताया- इस घटना का चंबल अभयारण्य से कोई संबंध नहीं है। यह अवैध बजरी खनन का मामला भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं सरकार की ओर से एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। अवैध बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट दे चुका है आदेश अवैध बजरी खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले से ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर चुका है। इनमें निगरानी व्यवस्था, चेकपोस्ट, अवैध खनन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और मैदानी स्तर पर कार्यरत वनकर्मियों की सुरक्षा से जुड़े निर्देश दिए थे। यह खबर भी पढ़ें... खनन माफिया ने रेंजर को डंपर से 50 मीटर घसीटा,मौत:बाइक से पीछा कर गाड़ियों को रोका तो टक्कर मारकर सड़क पर गिराया प्रतापगढ़़ जिले में अवैध खनन रोकने गए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) को डंपर ने टक्कर मार दी। इसके बाद 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र की सोमवार रात 11:30 बजे की है। रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत (40) निवासी मेडी का अमरा, शंभूपुरा (चित्तौड़गढ़) अवैध खनन की सूचना पर श्री घाटीवाले बालाजी मंदिर के पास पहुंचे थे। जहां मिट्टी से भरे डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। (पूरी खबर पढ़ें)
खरगोन में मध्यान्ह भोजन का करीब तीन महीने से भुगतान नहीं मिलने के विरोध में बुधवार 800 से ज्यादा महिलाएं बेलन लेकर सड़क पर उतरीं। महिलाओं ने करीब 2 किलोमीटर लंबी रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। यहां करीब आधे घंटे तक नारेबाजी के बाद मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर पीएस अगासिया को मांग पत्र सौंपा और रुका भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। महिलाओं के मुताबिक, जिले के 2,217 स्व-सहायता समूहों का करीब तीन महीने का भुगतान रुका हुआ है। इन समूहों के जरिए 2,595 स्कूलों में करीब डेढ़ लाख बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार किया जाता है। भुगतान नहीं मिलने के कारण समूह संचालक उधार में राशन, गैस और दूसरी जरूरी चीजें खरीदकर बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि लगातार खर्च उठाना अब मुश्किल हो रहा है। बोलीं- भुगतान नहीं तो भोजन व्यवस्था चलाना मुश्किल महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में भुगतान के बिना मध्यान्ह भोजन व्यवस्था चलाना कठिन हो रहा है। समूहों के खातों में सरकार की ओर से राशि सीधे आती है, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने रुकी हुई राशि जल्द जारी करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि भुगतान नहीं मिलने पर मध्यान्ह भोजन व्यवस्था चलाना मुश्किल हो सकता है। उधारी बढ़ती जा रही है वैष्णवी समूह की ललिता पाटील ने बताया कि उन्हें समय पर उचित मूल्य दुकान से अनाज नहीं मिलता है। उनके मुताबिक, विभाग के अधिकारी मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाते हैं। ललिता ने कहा कि करीब 6 महीने में समूह पर काफी उधारी हो गई है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है और आगे बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल है। उन्होंने अनाज में घुन और इल्ली मिलने का आरोप भी लगाया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर पीएस अगासिया को मांग पत्र सौंपा। इसमें लंबित भुगतान जल्द जारी कराने की मांग की गई।
रायपुर में गणेश विसर्जन झांकियों का रूट इस बार भी सदर बाजार से होकर गुजरेगा या बदलेगा, इसे लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। दरअसल, सदर बाजार क्षेत्र के जर्जर भवनों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने झांकियों का रूट बदलने का प्रस्ताव रखा था। विसर्जन को लेकर हुई प्रशासन और गणेश समितियों की बैठक में इस पर चर्चा हुई, लेकिन गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों ने रूट बदलने के प्रस्ताव पर असहमति जताई। सदर बाजार में कई पुराने और जर्जर भवन हैं। विसर्जन के दौरान इसी रास्ते से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, झांकी में शामिल लोग और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में भीड़ के साथ जर्जर भवनों से संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। बैठक में पुलिस, नगर निगम और SDRF के अधिकारियों ने आयोजकों को इस क्षेत्र में मौजूद संभावित जोखिमों की जानकारी दी। रूट बदलने का प्रस्ताव भी इसी सुरक्षा चिंता के तहत रखा गया था। हालांकि, समितियों की ओर से प्रस्तावित बदलाव पर सहमति नहीं बनी। जर्जर भवनों को लेकर क्या व्यवस्था होगी? रूट बदलने पर असहमति के बाद बैठक में सुरक्षा के दूसरे इंतजामों पर जोर दिया गया। आयोजकों से कहा गया कि झांकियां तय रूट, निर्धारित समय और क्रम के अनुसार ही निकाली जाएं। रास्ते में झांकी को अनावश्यक रूप से रोकने से बचने के निर्देश दिए गए, ताकि एक ही जगह पर ज्यादा भीड़ जमा न हो। समितियों को पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स रखने के लिए भी कहा गया है। वॉलंटियर्स की पहचान के लिए जरूरी व्यवस्था करने के साथ उन्हें पुलिस और प्रशासन के निर्देशों की जानकारी देने को कहा गया। डीजे का बेस-वाइब्रेशन मोड बंद रहेगा सदर बाजार क्षेत्र में जर्जर भवनों को देखते हुए डीजे के बेस और वाइब्रेशन मोड को बंद रखने पर आयोजकों ने सहमति दी। बैठक में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए। पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और SDRF की ओर से सुरक्षा को लेकर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करने पर भी समितियों ने सहमति जताई। नशा किया तो कार्रवाई, हथियार भी नहीं चलेंगे पुलिस ने झांकी आयोजकों को स्पष्ट किया कि विसर्जन के दौरान किसी भी तरह के नशे का सेवन नहीं किया जाएगा। हथियार या धारदार वस्तु लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा झांकी के दौरान आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं। पीछे से आने वाली झांकियों का रास्ता रोककर अनावश्यक भीड़ नहीं बढ़ाने को कहा गया है। झांकी में शामिल लोगों और वॉलंटियर्स को पुलिस और यातायात व्यवस्था में तैनात अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होगा। पुलिस-प्रशासन के साथ निगम और SDRF भी अलर्ट बैठक में रायपुर कमिश्नरेट के विभिन्न जोन, क्राइम और यातायात के DCP समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन, नगर निगम, PWD, स्वास्थ्य विभाग और SDRF के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। अधिकारियों ने समितियों से कहा कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों की जानकारी अपने पदाधिकारियों और वॉलंटियर्स तक पहुंचाएं। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात को व्यवस्थित रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता रहेगी।
वाराणसी के नेशनल इंटर कॉलेज, पीलीकोठी के शिक्षक मजहर इब्राहिम के खिलाफ थाने में छात्र को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहे छात्र के स्कूल पहुंचने पर शिक्षक मजहर ने पिटाई कर दी। जिसके बाद उसकी तबियत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। इस संबंध में पुलिस को परिजनों ने तहरीर दी थी। जिसपर जांच की बात पुलिस ने कही थी। फिलहाल इस संबंध में स्कूल की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है। फिलहाल बच्चा अभी भी जामिया अस्पताल में एडमिट है और उसकी तबियत में सुधार है। चार दिन से छुट्टी पर था बेटाअस्पताल में एडमिट छात्र के पिता एखलाक अहमद ने बताया - हमारा बेटा पिछले 5 दिन से बुखार से पीड़ित था। वो स्कूल नहीं जा रहा था। इसी बीच हमारे बहन के पति की डेथ हो गई। इसमें तीन दिन वो और स्कूल नहीं जा पाया। उसे मंगलवार को स्कूल भेजा गया। वह स्कूल पहुंचा तो नेशनल इंटर कालेज के शिक्षक मजहर इब्राहिम ने उससे स्कूल न आने का कारण पूछा। बेटे शाकिब आजम ने जब बताया तो वो गुस्सा हो गए और पहले उसक सिर पर मारा और उसके बाद उसकी पिटाई कर दी। बिना पूछे कर दी पिटाईकक्षा 9 में पढ़ने वाले शाकिब का इलाज जामिया अस्पताल में चल रहा है। शाकिब ने बताया - स्कूल न जाने की वजह से मेरा नाम काट दिया गया था। जिसके बाद कल जब स्कूल पहुंचा तो मुझसे फार्म भरकर जमा करने के लिए कहा गया था। लेकिन मै फार्म लेकर क्लास में चला गया। वहां मेरे क्लास टीचर मजहर इब्राहिम मौजूद थे। उन्होंने इस बारे में पूछा तो मै जब तक जवाब देता उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सिर पर भी मारा। जिसके बाद मेरे सिर में दर्द होने लगी। मैंने टेस्ट दिया और उसके बाद घर के लिए निकला तो मुझे चक्कर आने लगा। घर पहुंचकर घर वालों को बताया जिसके बाद मुझे एडमिट कराया गया है। अब नहीं चाहते कोई कार्रवाईपीड़ित के पिता एखलाक अहमद ने बताया - इस संबंध में मंगलवार को ही आदमपुर थाने में तहरीर दे दी थी। लेकिन चौकी इंचार्ज हनुमान फाटक ने आज हमें बुलाकर शिक्षक और प्रिंसिपल को बुलाया था। उन्होंने माफी मांगी ,जिसके बाद हमने लिखित माफीनाम मांगा है। ताकि अन्य किसी बच्चे के साथ ऐसा कृत्य दोबारा स्कूल में ना हो। हम आगे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पूर्वी दिल्ली में 12.90 करोड़ रुपए की लागत से तीन फुटओवर ब्रिज बनाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने बुधवार को गीता कॉलोनी/गांधी नगर और लक्ष्मी नगर के रमेश पार्क में दो एफओबी का शिलान्यास किया। तीसरा एफओबी भजनपुरा के पास सफेदा बस्ती-गीता कॉलोनी क्षेत्र में बनाया जाएगा। इस मौके पर यमुना पार विकास बोर्ड के चेयरमैन अरविंदर सिंह लवली, लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा, कृष्णा नगर विधायक डॉ. अनिल गोयल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहे। मल्होत्रा ने कहा कि एक्सप्रेसवे के दिल्ली हिस्से के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी काम चल रहा है। एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे की जगह का बेहतर इस्तेमाल कर पार्किंग, ईवी चार्जिंग, शौचालय और अन्य जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी। तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क पार करना था मुश्किलमल्होत्रा ने कहा कि अक्षरधाम से देहरादून तक एक्सप्रेसवे के जरिए करीब ढाई घंटे में सफर पूरा किया जा सकता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद भजनपुरा, गीता कॉलोनी और लक्ष्मी नगर में स्थानीय लोगों के लिए सड़क पार करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। घनी आबादी वाले इन इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों के कारण पैदल सड़क पार करना जोखिम भरा था। स्थानीय लोगों और विधायकों ने एफओबी की मांग की थी। लिफ्ट की सुविधा, 5-6 महीने में निर्माण पूरा होगामल्होत्रा ने कहा कि तीनों एफओबी का निर्माण जल्द शुरू होगा और 5-6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। एफओबी में लिफ्ट की सुविधा होगी। इससे वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों, श्रमिकों और चलने-फिरने में कठिनाई वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। एफओबी बनने से पैदल यात्रियों को सुरक्षित क्रॉसिंग मिलेगी और वाहनों का आवागमन भी बाधित नहीं होगा।
नीमच में 'अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस' के मौके पर जिला अस्पताल के सामने स्थित रेडक्रॉस परिसर में बुधवार शाम एक विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बधिर और श्रवण बाधित लोगों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना और सांकेतिक भाषा के महत्व को रेखांकित करना था। रेडक्रॉस सचिव डॉ. स्वप्निल वधवा ने बताया कि दिव्यांगजनों का हौसला बढ़ाने के लिए चित्रकला, एकल नृत्य, समूह नृत्य और गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसमें मूक-बधिर बच्चों ने खुद सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार कर मंच पर प्रस्तुत किए। दोपहर में पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों और मूक-बधिर बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अतिथियों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह कार्यक्रम में एडीएम बी एल कलेश, डिप्टी कलेक्टर श्रुति और समाजसेवी सुनील बटवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। रेडक्रॉस सोसाइटी ने सभी दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की। इस आयोजन में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग की संस्थाओं का सराहनीय योगदान रहा।
राजगढ़ के खुजनेर में व्यापारी से 1.49 लाख रुपए चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, व्यापारी का ध्यान भटकाने के लिए उसके कपड़ों पर लाल रंग का लिक्विड डाला गया। व्यापारी कपड़े साफ करने लगा और रुपयों से भरा थैला दुकान के बाहर बोरी पर रख दिया। इसी दौरान थैला चोरी हो गया। पुलिस ने मामले में आरोपियों को पकड़ा है और चोरी की पूरी रकम बरामद करने के साथ वारदात में इस्तेमाल होंडा शाइन बाइक जब्त की है। घटना 18 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे खुजनेर के राजगढ़ चौराहे पर गांधी ब्रदर्स की दुकान के सामने हुई थी। ब्यावरा निवासी 70 वर्षीय रामचंद उर्फ चंदू यादव सेल्समैन हैं। वे दुकानदारों को सामान देने और उनसे रुपए लेने खुजनेर आए थे। उनके हरे रंग के थैले में 1.49 लाख रुपए रखे थे। गांधी ब्रदर्स की दुकान के सामने पहुंचने पर रामचंद को लगा कि किसी ने पीछे से उनके कपड़ों पर लाल रंग का लिक्विड डाल दिया है। वे दुकान से पानी लेकर कपड़े साफ करने लगे। इसी दौरान उन्होंने रुपयों से भरा थैला दुकान के बाहर रखी बोरी पर रख दिया। कुछ देर बाद उन्होंने देखा कि बोरी पर रखा हरा थैला गायब है। उसमें रखे 1.49 लाख रुपए भी नहीं थे। तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद खुजनेर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में गुलखेड़ी निवासी बादल सिसोदिया की भूमिका सामने आई। उसने एक नाबालिग के साथ मिलकर व्यापारी का ध्यान भटकाया और थैला चोरी करने की वारदात को अंजाम दिया। जांच में लक्ष्मी, प्रिया और नाबालिग की मां की भूमिका भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। नाबालिग के पिता को भी आरोपी बनाया गया है। वह फरार है। बादल पर पहले से 12 केस पुलिस के मुताबिक, बादल सिसोदिया के खिलाफ चोरी और अन्य अपराधों के पहले से 12 मामले दर्ज हैं। इनमें मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश में दर्ज मामले भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी के खिलाफ भी ग्वालियर में वर्ष 2025 में केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। 1.49 लाख रुपए बरामद, बाइक जब्त पुलिस ने चोरी गए 1.49 लाख रुपए बरामद करने का दावा किया है। वारदात में इस्तेमाल होंडा शाइन बाइक भी जब्त की गई है।
प्रदेश की 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के पदों पर आरक्षण तय करने के लिए गुरुवार को लॉटरी निकाली जाएगी। सरपंचों के 14403 और वार्ड पंचों के 1,30,584 पदों के लिए लॉटरी से आरक्षण तय होगा। उपखंड स्तर पर लॉटरी निकलेगी। सरपंच के 14403 पदों में से एसटी के 3058, एससी के 2493 और ओबीसी के लिए 1961 सरपंचों के पद आरक्षित होंगे। प्रदेश में वार्ड पंचों के 1.30 लाख पदों में से 21 हजार 962 वार्ड एएसी के लिए, 19117 एसटी के लिए और 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित होंगे। पंच और सरपंच के चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिलेगा। हर कैटेगरी में 50 फीसदी पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित कर आरक्षण लॉटरी से तय किया जाएगा। अनारक्षित कैटेगरी में भी आधे पद महिलाओं के लिए होंगे। चार जिलों में सरपंच, वार्ड पंच के सभी पद एसटी के लिए रिजर्व चार जिलों में सरपंच, वार्ड पंच के सभी पद एसटी के लिए रिजर्व होंगे। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर में सरपंच, वार्ड पंच के सभी पद एसटी के लिए रिजर्व हैं। इन जिलों में एससी और ओबीसी के लिए कोई पद रिजर्व नहीं है। ट्राइबल सब-प्लान (TSP) क्षेत्र में होने के कारण ऐसा किया गया है। इन चारों जिलों में प्रधान, जिला परिषद मेंबर, पंचायत समिति मेंबर के भी सब पद एसटी के लिए रिजर्व हैं। यहां अनारक्षित पद नहीं है। बांसवाड़ा में सरपंच के 327, डूंगरपुर में 442, सलूंबर में 207, प्रतापगढ़ में 277 पद हैं, ये सभी केवल एसटी के लिए रिजर्व हैं। जिलेवार सरपंचों के आरक्षण का गणित
बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र में बुधवार को आकाशीय बिजली गिरने से 2 मजदूरों की मौत हो गई। हादसा सुरहोली-कुसमी मार्ग पर डी बाउली तालाब के पास हुआ। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मनोज राजवंशी और जगदीश राजवंशी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूर सुरहोली में टावर लगाने का काम कर रहे थे। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे दोनों मोटरसाइकिल से नाश्ता लेने कुसमी की ओर निकले थे। इसी दौरान इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई और आकाशीय बिजली गिर गई। बरगद के पेड़ के नीचे मिले दोनों के शव दोनों मजदूर डी बाउली तालाब के पास बरगद के पेड़ के नीचे मृत मिले। शुरुआती जांच में उनके शरीर पर जलने और चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा किया घटना की सूचना मिलते ही कंडरका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों शवों का पंचनामा किया है। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इसराना के जय सिंह एनक्लेव के चौड़ा बाजार में दुकानदारों की समस्याओं को हल करने और बाजार की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बैठक हुई। इसमें बाजार के दुकानदार शामिल हुए। बैठक में बाजार की साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और दुकानदारों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर चर्चा हुई। बाजार की व्यवस्थाओं को अच्छे से चलाने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में रणधीर जागलान को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया है। रविंद्र जागलान को उप प्रधान और विजय को सचिव बनाया गया है। आपसी सहमति से हल की जाएंगी दुकानदारों की समस्याएं : जागलान इस दौरान कमेटी के सभी पदाधिकारियों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। प्रधान रणधीर जागलान ने कहा कि बाजार में आने वाली हर समस्या को आपसी सहमति से हल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में किसी भी अव्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाएगा, ताकि साफ-सफाई बनी रहे और बाजार में आने वाले हर व्यक्ति को सम्मान मिले। बैठक में मौजूद दुकानदारों और बाजार मालिकों ने आपसी सहयोग से बाजार की व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर जोर दिया। यह भी तय हुआ कि सभी दुकानदार मिलकर काम करें, ताकि चौड़ा बाजार में आने वाले ग्राहकों को अच्छा माहौल मिले और बाजार की व्यवस्थाएं ठीक से चल सकें। इस अवसर पर रंजीत जागलान, भूपेंद्र कुंडू, महेंद्र जागलान, कृष्ण घनघस, मास्टर सुमेर सिंह, सरपंच पुठ्ठर सुभाष और परिवार शर्मा सहित कई लोग मौजूद थे।
रायपुर में नशे के खिलाफ पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तीन थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की। सरस्वती नगर, कबीर नगर और टिकरापारा पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 14.555 किलो गांजा जब्त किया। कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने गांजे के साथ ई-रिक्शा, मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 9.56 लाख रुपए बताई गई है। ई-रिक्शा में पान मसाला की पैकिंग में छिपाया था 9.440 किलो गांजा सरस्वती नगर पुलिस को 22 सितंबर को सूचना मिली थी कि कोटा के वाटिका नगर खाली मैदान के पास ई-रिक्शा में दो लोग गांजा लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में ‘मधुबन पान मसाला सजल’ लिखी पैकिंग के अंदर टेप में लिपटा 9.440 किलो गांजा मिला। पुलिस ने गांजे के साथ ई-रिक्शा भी जब्त किया है। जब्त सामान की कीमत करीब 7.50 लाख रुपए बताई गई है। इस मामले में ईशु दास क्षत्रिय (44) और संजु महानंद (27) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कबीर नगर में 2.615 किलो गांजा, एक आरोपी और नाबालिग पकड़ा कबीर नगर पुलिस ने फेस-04 इलाके में कार्रवाई कर 2.615 किलो गांजा जब्त किया। पुलिस ने मौके से 24 वर्षीय गुरमीत मार्कण्डेय को गिरफ्तार किया। उसके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक भी पकड़ा गया है। पुलिस ने गांजे के साथ दो मोबाइल फोन और एक TVS Raider बाइक जब्त की है। जब्त सामान की कीमत करीब 81,500 रुपए बताई गई है। नाबालिग की पहचान कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखी गई है। भाठागांव बस स्टैंड पर बेचने की तैयारी में था आरोपी 23 सितंबर को टिकरापारा पुलिस को सूचना मिली कि भाठागांव बस स्टैंड के गेट नंबर-1 के पास एक व्यक्ति गांजा बेचने की फिराक में है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 31 वर्षीय शैफ अली उर्फ बाबू जीएसटी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास पीले रंग के थैले के अंदर टेप से लिपटा पैकेट मिला। इसमें 2.500 किलो गांजा था, जिसकी कीमत करीब 1.25 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। 48 घंटे में तीन जगह कार्रवाई पुलिस के मुताबिक 22 और 23 सितंबर को हुई इन तीन कार्रवाइयों में कुल 14.555 किलो गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने तीनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात पुलिस ने कही है।
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मीडिया इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखा है। आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि कई सदस्यों वाले संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय और सुझाव आना सामान्य है। आयोग ने कहा कि SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फैसले सदस्यों की सर्वसम्मति से हुए हैं। दूसरी तरफ, BJP ने भी कहा कि चुनाव आयुक्तों के बीच अलग-अलग राय होना स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। इनमें फॉर्म-6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने और वोटर डेटा से मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट के दावे और उस पर चुनाव आयोग का जवाब 1. 14 आपत्तियों पर रिपोर्ट और EC की सफाई रिपोर्ट: चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें से चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं। EC का जवाब: चुनाव आयोग ने कहा कि लिखित नोट, टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच-व्यवस्था सामान्य और लगातार चलने वाली प्रक्रिया हैं। इनका मकसद पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करना है। आयोग ने कहा कि उसके सभी काम कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार हुए हैं। 2. वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने पर सवाल रिपोर्ट: दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया से भी जुड़ी थीं। पश्चिम बंगाल में वोटर डिलीशन से जुड़ी अपीलों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। EC का जवाब: आयोग ने कहा कि वोटरों के रजिस्ट्रेशन और नाम हटाने का काम इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEO) जैसे वैधानिक अधिकारी कानून के तहत करते हैं। 3. वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण पर सवाल रिपोर्ट: संधू और जोशी ने वोटर डेटाबेस तक पहुंच को धीरे-धीरे दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने पर सवाल उठाए। जोशी ने यह सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट का सुझाव दिया था कि वोटर रिकॉर्ड में बदलाव केवल अधिकृत अधिकारी ही कर सकें। EC का जवाब: चुनाव आयोग ने कहा कि उसके ECINet जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सख्त डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत काम करते हैं। अनधिकृत बदलाव और छेड़छाड़ रोकने के लिए IT सिक्योरिटी चेक और ऑडिट कंट्रोल लागू हैं। 4. नए वोटरों से जुड़े कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताने का मामला रिपोर्ट: इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों ने नए वोटरों से जुड़े कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया था। EC का जवाब: चुनाव आयोग ने कहा कि उसके सभी काम कानून और आयोग के निर्देशों के अनुरूप हुए हैं। आयोग के मुताबिक, ड्राफ्ट स्तर पर उठाए गए ऑपरेशनल सवाल और सुझाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। 5. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति रिपोर्ट: दोनों चुनाव आयुक्तों ने नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति जताई थी। विवेक जोशी ने कहा था कि चुनाव नियमों में बदलाव किए बिना फॉर्म-6 में इस तरह बदलाव नहीं किया जा सकता। बाद में संधू ने भी इस पर आपत्ति दर्ज की। EC का जवाब: आयोग की प्रेस रिलीज में फॉर्म-6 का जिक्र नहीं है। 6. गोवा में 97 वोटरों का मामला रिपोर्ट: गोवा के एक मामले में 97 ऐसे वोटर, जिन्हें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स ने पात्र माना था, सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ सके। रिपोर्ट में इसे डेटा सिस्टम के केंद्रीकरण से जुड़ी चिंता के उदाहरण के तौर पर बताया गया। EC का जवाब: चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज में गोवा के इन 97 वोटरों के मामले पर अलग से कोई जवाब नहीं दिया गया। BJP बोली- अलग राय लोकतंत्र का हिस्सा BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने चुनाव आयोग के भीतर अलग-अलग राय सामने आने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अगर आयोग के सदस्य आपस में विचार-विमर्श नहीं करेंगे तो विपक्ष उन पर सरकार की हां में हां मिलाने का आरोप लगाएगा। चुनाव आयोग में फैसलों पर कानून में क्या प्रावधान है? CEC और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 18 के मुताबिक, आयोग का कामकाज जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से किया जाना चाहिए। अगर सदस्यों की राय अलग हो, तो मामला बहुमत की राय के आधार पर तय किया जाता है। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई की मांग की इधर, रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने विवाद को ‘ज्ञानेशगेट’ नाम दिया। विपक्षी नेताओं के बयान पढ़िए… राहुल गांधी: मैं इलेक्शन कमीशन और इलेक्शन ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूं कि आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो। ये राजद्रोह है, देश के खिलाफ है। टाइम आएगा। हम आपको पकड़ेंगे। बचने वाले नहीं हो। सपा प्रमुख अखिलेश यादव- सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल- वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार सिर्फ ERO को है, फिर दिल्ली में बैठे लोग पूरे देश की वोटर लिस्ट कैसे बदल रहे हैं? ज्ञानेश कुमार को हटाने को लेकर विपक्ष की मांग पुरानी अप्रैल 2026 में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि विपक्ष के 73 राज्यसभा सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस दिया है। इसमें ‘साबित कदाचार’ का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने SIR के दौरान असली वोटर्स के प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी। इससे पहले लोकसभा में भी हटाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इसे खारिज कर दिया था। पहले भी चुनाव आयोग में आयुक्तों के बीच मतभेद के मामले आए 1993-95: टीएन शेषन Vs एमएस गिल-जीवीजी कृष्णमूर्ति 1993 में दो और चुनाव आयुक्त नियुक्त होने से आयोग बहुसदस्यीय हो गया। तत्कालीन CEC टीएन शेषन ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 14 जुलाई 1995 को कोर्ट ने बहुसदस्यीय आयोग को बरकरार रखा। इस दौरान शेषन और साथी आयुक्तों के बीच अधिकारों और कामकाज को लेकर मतभेद भी सामने आए। 2009: CEC ने साथी आयुक्त को हटाने की सिफारिश की जनवरी 2009 में CEC एन. गोपालस्वामी ने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति से की। उन्होंने चावला पर पक्षपात का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ने सिफारिश नहीं मानी। चावला बाद में अप्रैल 2009 में CEC बने। 2019: अशोक लवासा की अलग राय 2019 के लोकसभा चुनाव में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह से जुड़े आचार संहिता के कुछ मामलों में बहुमत से अलग राय रखी। उन्होंने इसे आदेशों में दर्ज करने की मांग की। 21 मई 2019 को आयोग ने 2:1 से तय किया कि ऐसी असहमति अंतिम आदेश में सार्वजनिक नहीं होगी, लेकिन फाइल में दर्ज की जा सकती है। इसके बाद लवासा ने आचार संहिता से जुड़ी कुछ बैठकों से खुद को अलग कर लिया। 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई। तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट जज एकमत नहीं:एक ने कहा- 5 जजों की संविधान पीठ करे सुनवाई, दूसरे ने विरोध किया मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बंटा हुआ फैसला दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच को यह तय करना था कि केस बड़ी (पांच जजों की) बेंच को भेजा जाए या नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
शाजापुर में फेसबुक पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' लिखकर पोस्ट करने और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को आईपीसी की धारा 153 में दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। धारा 505 और आईटी एक्ट की धारा 67 में भी एक-एक साल की सजा दी गई है। आरोपी को शाजापुर जिला जेल भेज दिया गया। 2019 में दर्ज हुई थी शिकायत जिला अभियोजन अधिकारी महेंद्र परमार के मुताबिक, 16 फरवरी 2019 को रोहित राठौर ने शाजापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी की फेसबुक आईडी पर एक पोस्ट दिखाई दी, जिसमें 'पाकिस्तान जिंदाबाद' लिखा था और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। तीन धाराओं में दर्ज हुआ था केस शिकायत के आधार पर ज्योति नगर, शाजापुर निवासी मोहसिन पिता मुबारिक के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 505 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। धारा 153 में दो साल की सजा कोर्ट ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए धारा 153 के अपराध में दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं, धारा 505 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एक-एक साल का कठोर कारावास दिया गया। पोस्ट को लेकर कोर्ट ने दर्ज किया निष्कर्ष कोर्ट ने फैसले में पोस्ट में महिलाओं के प्रति नफरत और आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का उल्लेख किया। फैसले में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान से जुड़ी सामग्री का भी जिक्र किया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, ऐसी सामग्री अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत और दुश्मनी बढ़ाने वाली थी।
देवास के बाजारों में बुधवार को UPI भुगतान को लेकर व्यापारियों के विरोध का असर दिखा। कई दुकानों पर व्यापारियों ने UPI स्कैनर पर काला कपड़ा या काली पट्टी लगाकर ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं किया। कुछ दुकानों पर स्कैनर के ऊपर ‘आज हड़ताल पर हूं’ भी लिखा गया था। इससे बिना नकदी पहुंचे ग्राहकों को खरीदारी में परेशानी हुई। UPI भुगतान बंद होने से कई ग्राहकों को खरीदारी के दौरान परेशानी हुई। कुछ ग्राहक सामान पसंद करने के बाद भी भुगतान नहीं कर पाए और बिना खरीदारी किए लौट गए। कुछ ग्राहकों को घर से कैश मंगवाना पड़ा। वहीं, कुछ ने अपने परिचितों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर उनसे भुगतान कराया। बाजार में दिनभर ग्राहकों और दुकानदारों के बीच भुगतान को लेकर बातचीत होती रही। पेट्रोल पंप समेत कुछ जगह UPI चलता रहा सुबह पेट्रोल पंप सहित कुछ जगहों पर ग्राहकों की सुविधा के लिए UPI से भुगतान लिया गया। हालांकि, कई दुकानों पर काफी समय तक ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार नहीं किया गया। दुकानदारों ने अलग-अलग तरीकों से UPI स्कैनर को ढककर विरोध दर्ज कराया। काले कपड़े और काली पट्टियां विरोध का संकेत थीं। ग्राहक बोला- सामान पसंद आया, लेकिन खरीद नहीं सका ग्राहक त्रिलोक ने बताया कि वे जूते-चप्पल खरीदने पहुंचे थे। सामान पसंद करने के बाद जब UPI से भुगतान करना चाहा तो दुकानदार ने बताया कि उस दिन ऑनलाइन पेमेंट नहीं लिया जा रहा है। त्रिलोक के पास पर्याप्त नकद राशि नहीं थी। इसके कारण वे खरीदारी नहीं कर सके और वापस लौट गए। व्यापारियों ने एक दिन ऑनलाइन भुगतान बंद रखा व्यापारियों के मुताबिक, UPI से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने एक दिन ऑनलाइन भुगतान बंद रखा। दुकानों पर UPI स्कैनर के ऊपर लगाए गए काले कपड़े और पट्टियां इसी विरोध का हिस्सा थीं।
शाजापुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मुल्लाखेड़ी में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली लापरवाही सामने आई है। यहां पदस्थ शिक्षिका यास्मीन बी के लकवाग्रस्त होने के कारण पिछले एक साल से उनके पति साजिद सिद्दीकी स्कूल आकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और स्कूल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल में पदस्थ अन्य शिक्षिका फरफूंदा बी ने खुलासा किया कि यास्मीन बी लंबे समय से बीमार हैं और उनकी जगह उनके पति नियमित रूप से कक्षाएं ले रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानाध्यापक पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल में बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए नए बर्तन तक नहीं खरीदे गए हैं और बच्चे पुराने बर्तनों में ही खाना खाने को मजबूर हैं। जांच के लिए बनाई गई कमेटी मामले की खबर लगते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राधावल्लभ कारपेंटर ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी से पत्र मिलते ही जांच कमेटी गठित कर दी गई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पतारा कस्बा स्थित बाबा बैजनाथ धाम मंदिर परिसर बुधवार देर शाम 11 हजार दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। गणेश महोत्सव के तहत आयोजित दीपदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों से दीपक लेकर पहुंचे। मंदिर परिसर में एक साथ हजारों दीप प्रज्ज्वलित होने से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने हाथों में दीप लेकर भगवान गणेश की आरती उतारी और सुख-समृद्धि की कामना की। बाबा बैजनाथ धाम परिसर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर मनौतियों के राजा भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विधि-विधान से स्थापित की गई थी। इसके बाद से मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार देर शाम दीपदान कार्यक्रम से पहले भगवान गणेश की आरती की गई। इस दौरान मंदिर परिसर में देवा हो देवा गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन, स्वामी तुमसे बढ़कर कौन... समेत कई भजनों की गूंज सुनाई देती रही। तस्वीरें देखिए… श्रद्धालु अपने घरों से दीपक लेकर मंदिर पहुंचे और परिसर में उन्हें प्रज्ज्वलित किया। देखते ही देखते मंदिर परिसर हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। तुलसी घेरा में विशेष रूप से 101 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। भक्तों ने दीप हाथों में लेकर भगवान गणेश की आरती की। दीपदान का मनोहारी दृश्य देखने के लिए आसपास के गांवों और कस्बे से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गणेश महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में रोजाना गाजे-बाजे के साथ मंगल धुन और वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देती रही। दीपदान कार्यक्रम के समापन के बाद श्रद्धालुओं को बाबा के प्रसाद के रूप में लाई और केला वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्त मौजूद रहे। मंदिर परिसर में देर शाम तक भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
महोबा में गांजा खरीदने के लिए 60 रुपए नहीं मिलने पर बेटे ने मां की हत्या कर दी। बुधवार दोपहर बेटे ने घर के बाहर बैठी मां पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। जिससे मां की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में मां-बेटे के अलावा कोई नहीं था। आरोपी ने महिला के गले पर 4 बार वार किया। हत्या के बाद करीब 2 घंटे तक मां मूला देवी के शव के पास बैठा रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के रावतपुरा खुर्द गांव का है। पढ़िए पूरा मामला… परिजनों के मुताबिक, मोहन नशे का आदी है और अक्सर गांजा खरीदने के लिए अपनी मां से रुपए मांगता था। परिवार का कहना है कि मां कभी-कभी उसे पैसे दे देती थीं, लेकिन वह लगातार नशे के लिए रुपए मांगता रहता था। बुधवार को भी उसने मां से गांजा खरीदने के लिए करीब 60 रुपए मांगे। मां ने पैसे नहीं होने की बात कही तो दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद मोहन ने घर में रखी कुल्हाड़ी से मां पर हमला कर दिया। बड़े बेटे सोहन यादव ने बताया कि मोहन गांजे के अलावा ड्रग्स और नशे के इंजेक्शन भी लेता था। उनके मुताबिक, वह काफी समय से नशे की गिरफ्त में था और इसी वजह से मां से अक्सर पैसे मांगता था। चाचा घर पहुंचे तो मां मृत मिली देवर रामेश्वर यादव (मृतक) ने बताया कि वह किसी काम से बाहर गए थे। बारिश होने के कारण वह कुछ देर वहीं रुक गए। जब वह वापस घर पहुंचे तो मूला देवी मृत पड़ी थीं। रामेश्वर ने बताया कि घर पर उस समय मोहन भी मौजूद था। इसी दौरान मोहन का बड़ा भाई सोहन यादव भी नोएडा से घर लौट रहा था। उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी है, इसलिए वह पत्नी को लेकर गांव आ रहा था। सोहन के पनवाड़ी पहुंचने पर चाचा रामेश्वर ने उसे फोन कर बताया कि उसके छोटे भाई ने मां की हत्या कर दी है। इसके बाद सोहन बदहवास होकर घर पहुंचा। चीख-पुकार सुनकर जुटे ग्रामीण घर पहुंचने के बाद सोहन और रामेश्वर की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही कुलपहाड़ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बड़े बेटे ने कहा- नशे के लिए अक्सर मांगता था रुपए सोहन यादव ने बताया, “मैं अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए उसे लेकर घर आ रहा था। पनवाड़ी पहुंचा था, तभी चाचा का फोन आया कि छोटे भाई ने मां को कुल्हाड़ी से काट दिया है। वह आए दिन मां से पैसे मांगता था। गांजे और नशे के लिए रुपए मांगता था। मां कभी-कभी उसे रुपए दे देती थीं, लेकिन वह नहीं समझता था। आज भी उसने नशे के लिए रुपए मांगे थे। मां ने पैसे नहीं दिए तो उसने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।” सोहन के मुताबिक, मोहन गांजा, ड्रग्स और नशे के इंजेक्शन लेता था। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से उसकी हालत लगातार खराब होती गई। सोहन ने घटना के समय घर में किसी अन्य व्यक्ति के मौजूद नहीं होने की बात भी कही। सीओ कुलपहाड़ अनुरुद्ध कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे रावतपुरा खुर्द गांव में सोहन सिंह यादव ने सूचना दी कि उसके सगे भाई मोहन सिंह यादव ने अपनी मां पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। आरोपी मोहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… पत्नी और सास की सोते वक्त हत्या की; एटा में 25 साल पहले शादी, फिर भी शक करता था यूपी के एटा में सोमवार रात पति ने अपने पिता के साथ मिलकर सोते वक्त पत्नी और सास की हत्या कर दी। आरोपी ने अपने बच्चों के सामने ही दोनों के सिर और चेहरे पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार किए। उनका सिर बुरी तरह कूच दिया। आंखें फोड़ डालीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। पूरी खबर पढ़ें
कोटा रेल मंडल में बुधवार को एक महिला ने चलती ट्रेन में बेटे को जन्म दिया। मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस कोटा से सुबह रवाना हुई। इसके बाद महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। यात्रियों ने इसकी सूचना ‘रेल मदद’ एप के जरिए रेलवे को दी। सूचना मिलते ही कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष ने सवाई माधोपुर स्टेशन पर मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही टीम ने महिला और नवजात की जांच कर आवश्यक इलाज दिया। दोनों स्वस्थ पाए गए। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया- महिला यात्री शारदा (26) अपने पति और परिवार की 5-6 महिला सदस्यों के साथ सामान्य श्रेणी के कोच में जोधपुर जा रही थीं। ट्रेन संख्या 22674 मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस सुबह 5:35 बजे कोटा स्टेशन से रवाना हुई थी। इसके कुछ देर बाद ही शारदा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉ. रामराज मीणा ने बताया- ट्रेन के सवाई माधोपुर स्टेशन पहुंचने से 30 मिनट पहले महिला ने बच्चे को जन्म दिया। परिवार की महिलाओं ने उसे संभाला। एक यात्री ने रेल मदद एप पर सूचना देकर मदद मांगी। ट्रेन के सवाई माधोपुर पहुंचने से पहले ही हमारी मेडिकल टीम प्लेटफॉर्म पर पहुंच गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही मेडिकल टीम ने दोनों को संभाला। जरूरी ट्रीटमेंट (नाल काटी) किए। ट्रेन करीब 10 मिनट स्टेशन पर रुकी महिला को हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी। महिला ने खुद को स्वस्थ बताते हुए परिवार के साथ जोधपुर जाने की इच्छा जताई। यात्री ने रेल मदद से दी सूचना महिला की स्थिति को देखते हुए एक यात्री ने रेल मदद एप से कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। नियंत्रण कक्ष ने तुरंत सवाई माधोपुर के स्टेशन प्रबंधक देशराज मीणा को जानकारी दी। उन्होंने रेलवे हॉस्पिटल की मेडिकल टीम को अलर्ट किया और स्टेशन पर आवश्यक इलाज की व्यवस्था कराई। इसी दौरान ट्रेन में ही महिला ने एक बेटे को जन्म दे दिया। सुबह करीब 6:40 बजे ट्रेन सवाई माधोपुर स्टेशन पहुंची। यहां वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामराज मीणा, महिला स्वास्थ्य सहायक कविता, वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक जावेद खान और नाइट वॉचमैन दिनेश की टीम ट्रेन तक पहुंची। मेडिकल टीम ने मां और नवजात की जांच की। दोनों की स्थिति सामान्य पाई गई। टीम ने प्रसव के बाद महिला को जरूरी इलाज और दवाइयां भी उपलब्ध कराईं। डॉक्टर ने मां और नवजात की सुरक्षा को देखते हुए महिला को ट्रेन से उतरकर हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी। हालांकि महिला ने खुद को स्वस्थ बताते हुए परिवार के साथ जोधपुर तक यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण के करीब 12 साल पुराने मामले में याचिकाकर्ता को अपनी गवाही पेश करने का अंतिम अवसर दिया है। जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की अदालत ने याचिकाकर्ता परमिला गुप्ता को यह अंतिम मौका सार्वजनिक स्थान पर 25 पेड़ लगाने की शर्त पर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि पेड़ लगाने के बाद उनकी तस्वीरें और उनकी देखभाल करने का लिखित आश्वासन निचली अदालत में जमा कराना होगा। इसके अलावा मामले की सुनवाई पूरी होने तक हर छह महीने में उन पेड़ों की स्थिति और उनकी ताजा तस्वीरों को भी अदालत में पेश करना होगा। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिए कि अगर याचिकाकर्ता शर्त को पूरी करता है तो उसकी गवाही दर्ज की जाए। 10 हजार रुपए भी जमा कराने होंगे इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता पर एक अन्य शर्त भी लगाई है, जिसके तहत याचिकाकर्ता को 15 दिन में 10 हजार रुपए ‘राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर’ के ‘जूनियर एडवोकेट्स वेलफेयर फंड फॉर परचेजिंग ऑफ लॉ बुक्स’ में जमा कराने होंगे। इस राशि का उपयोग 5 साल से कम प्रैक्टिस वाले युवा वकीलों के लिए कानून की किताबें उपलब्ध कराने में किया जाएगा। सिविल कोर्ट ने गवाही बंद कर दी थी यह पूरा कानूनी विवाद याचिकाकर्ता परमिला गुप्ता की जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता ने अपनी जमीन के अधिग्रहण के बाद साल 2014 में जयपुर के सीनियर सिविल जज के समक्ष मुआवजा और अन्य दावों को लेकर रेफरेंस आवेदन दायर किया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा उन्हें साक्ष्य और गवाही पेश करने के कई अवसर दिए गए थे, लेकिन वह निर्धारित समय पर अपनी गवाही दर्ज नहीं करा सकीं। इसके चलते निचली अदालत ने 17 सितंबर 2019 को उनकी गवाही का अधिकार बंद कर दिया था। ये भी पढ़ें… बहू की सैलरी से 25% सास को मिलेगा:हाईकोर्ट ने बिजली निगम को दिए कटौती के आदेश; अनुकंपा नियुक्ति के बाद कर ली दूसरी शादी पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाने वाली पत्नी (बहू) की सैलरी से 25 प्रतिशत राशि सास के बैंक अकाउंट में जमा की जाए। राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर) के जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) को यह आदेश सास-ससुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। (पूरी खबर पढ़ें)
जयपुर के तूंगा थाना इलाके में एक युवक की अपहरण, मारपीट और मौत के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने मारपीट के पूराने मामले के वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने की रंजिश में युवक को किटनैप किया था। फिर सुनसान जगह स्थित फार्म हाउस पर ले जाकर लाठी-डंडों से पीटा। आरोपियों ने युवक से 5 लाख रुपए की फिरौती भी मांगी और रुपए नहीं देने पर जान से मारने के साथ निजी फोटो वायरल करने की धमकी दी थी। युवक को 15 सितंबर को गंभीर हालत में SMS अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद राजस्थान हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा था। अदालत के आदेश पर 19 सितंबर को तूंगा थाने में FIR दर्ज हुई। 22 सितंबर को इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई थी। घर के पास से उठा ले गए थे बदमाश डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया कि 15 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे परिवादी अपने घर के पास था। इस दौरान बोलेरो और मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपी मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने पहले युवक से 3 हजार रुपए देने की मांग की। मना करने पर उसके साथ मारपीट की और बंदूक दिखाकर जबरन बोलेरो में बैठा लिया। आरोपी युवक को सुनसान जगह स्थित एक फार्म हाउस पर ले गए, जहां पहले से करीब 30-40 लोग मौजूद थे। वहां उसके साथ लाठी-डंडों और सरियों से मारपीट की गई। मारपीट का वीडियो भी बनाया गया। आरोपियों ने युवक की जेब से 1 लाख रुपए निकाल लिए और इसके बाद 5 लाख रुपए की मांग की। पुराने मारपीट के वीडियो को लेकर थी रंजिश पुलिस जांच में सामने आया कि परिवादी के पास साल 2022 में महादेवपुरा क्षेत्र में हुई मारपीट का एक वीडियो था। आरोपियों का कहना था कि परिवादी ने यह वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। वीडियो हटाने के लिए कई बार दबाव बनाया गया, लेकिन परिवादी ने वीडियो नहीं हटाया। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपहरण की साजिश रची। रात में घायल हालत में सड़क पर छोड़ा आरोपियों ने युवक के साथ कई घंटे तक मारपीट की। रात करीब 9 बजे उसे उसके घर के पास सड़क पर घायल हालत में पटककर फरार हो गए। पीड़ित के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं तथा पीठ की त्वचा तक फट गई। पुलिस ने पांच आरोपियों को दबोचा तुंगा थाना पुलिस ने तकनीकी सहायता और सूचना तंत्र के आधार पर आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। पुलिस ने करण मीणा उर्फ भोलू (21) निवासी ढाणी खांडी कोठी, गांव देवगांव, थाना तूंगा, बनवारी लाल उर्फ मालिस (26) निवासी ढाणी खांडी कोठी, गांव देवगांव, थाना तूंगा, रेवड़ मल मीणा (24) निवासी कानापटेल की ढाणी, चौनपुरा, थाना कोटखावदा, अनुज बैरवा (18) निवासी नई कोठी की ढाणी, घासपुरा, गांव चौनपुरा, थाना कोटखावदा और विमलेश उर्फ रिंकू (19) निवासी लाखा पटेल की ढाणी, चौनपुरा, थाना कोटखावदा को गिरफ्तार किया है। ये भी पढ़ें… जयपुर में किडनैप कर युवक से मारपीट, मौत:बोलेरो में बैठाकर ले गए थे बदमाश, लाठी-डंडों से पीटा; प्राइवेट पार्ट में नमक-मिर्च डालने का आरोप
ग्वालियर में साइबर ठगों ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पी. नरहरि के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर सिंचाई विभाग के 71 वर्षीय सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री (EE) से 1 लाख 56 हजार 500 रुपए ठग लिए। ठग ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए अपने दोस्त और सीआरपीएफ कमांडेंट का सेकंड हैंड फर्नीचर सस्ते में बेचने का झांसा दिया। फर्नीचर के फोटो भेजकर पहले 95 हजार रुपए और फिर 61 हजार 500 रुपए ट्रांसफर करा लिए। तीसरी बार 88 हजार रुपए मांगने पर पीड़ित को शक हुआ। आईएएस पी. नरहरि से संपर्क करने पर फर्जीवाड़े का पता चला। मुरार थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ ठगी का खेल मुरार के कल्पना नगर निवासी मैथिली शरण गुप्ता (71) सिंचाई विभाग में ईई पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 सितंबर को उनके पास आईएएस पी. नरहरि के नाम से बनी फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद बातचीत में कथित आईएएस ने उनका मोबाइल नंबर लिया। इसके बाद उसने सुमित कुमार नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर भेजा और बताया कि वह उसका दोस्त और सीआरपीएफ में कमांडेंट है। ट्रांसफर होने के कारण वह अपना फर्नीचर बेचना चाहता है। 95 हजार में सौदा, फिर 61,500 रुपए और लिए मैथिली शरण गुप्ता ने सुमित कुमार बने व्यक्ति से बात की। उसने व्हाट्सएप पर फर्नीचर के फोटो भेजे। फर्नीचर पसंद आने पर 95 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। पीड़ित ने 21 सितंबर को बताए गए बैंक खाते में 95 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठग ने सामान निकालने में तकनीकी दिक्कत होने का बहाना बनाया और 61 हजार 500 रुपए और ट्रांसफर करा लिए। तीसरी बार उसने 88 हजार रुपए और मांगे। इस पर पीड़ित को ठगी का शक हुआ। IAS को फोन किया तो फर्जी ID का पता चला संदेह होने पर मैथिली शरण गुप्ता ने सीधे आईएएस पी. नरहरि से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐसी कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजी है और उनके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई है। इसके बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। पोल खुलते ही साइबर ठग ने व्हाट्सएप से फोटो और मैसेज डिलीट कर दिए और बातचीत बंद कर दी। पीड़ित ने मुरार थाना पुलिस में शिकायत की। उनके मुताबिक, थाने और पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद मामला दर्ज हुआ। आईएएस अधिकारी ने पुलिस अफसरों को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच मुरार टीआई मैना पटेल ने बताया कि रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। जिन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं और जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई थी, उनकी सीडीआर (CDR) और तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में घर में घुसकर एक महिला से गाली-गलौज और धमकी देने के बाद उसके एक साल के बच्चे को जबरन साथ ले जाने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की। करीब 5 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को नागपुर के उमरेड से सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, 22 सितंबर को महिला ने गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि पवन साहू उसके घर में घुसा और उसके साथ गाली-गलौज व धमकी देने के बाद बच्चे को जबरदस्ती अपने साथ ले गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बच्चे और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी बच्चे को लेकर नागपुर, महाराष्ट्र की ओर गया है। इसके बाद गुढ़ियारी थाने की टीम तत्काल नागपुर के उमरेड के लिए रवाना हुई। लगातार तलाश के बाद पुलिस ने करीब 5 घंटे में आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी पवन साहू को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल रॉयल एनफील्ड क्लासिक बाइक CG 04 PS 0520 भी जब्त की गई है।
आलीराजपुर के सोंडवा में बुधवार को आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के नेतृत्व में बांसुरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। प्रतियोगिता में सोंडवा और भिताड़ा की टीम संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रही। दोनों टीमों को 11,111 रुपए का पुरस्कार दिया गया। मोराजी की टीम दूसरे और सुगहट की टीम तीसरे स्थान पर रही। मोराजी दूसरे, सुगहट तीसरे स्थान पर प्रतियोगिता में मोराजी की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। टीम को 5,555 रुपए का पुरस्कार मिला। ग्राम सुगहट की टीम तीसरे स्थान पर रही और उसे 3,335 रुपए दिए गए। विजेता टीमों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक बांसुरी वादन के साथ लोकगीत, लोकसंगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। युवाओं को संस्कृति से जोड़ने पर जोर महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी है। उन्होंने बांसुरी, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र, वेशभूषा और रीति-रिवाजों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा और हर गांव से युवाओं की सांस्कृतिक टीमें बनाने का प्रयास किया जाएगा। 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती पर आयोजन महेश पटेल ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर बड़ा आयोजन करने की बात कही। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगाने की भी बात कही। पानी, बिजली और रोजगार के मुद्दे उठे कार्यक्रम में पानी, बिजली, सिंचाई, सड़क और रोजगार से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। महेश पटेल ने कहा कि रोजगार के लिए क्षेत्र के लोगों को गुजरात समेत अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाने की बात कही। कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर, कैलाश, मोहन भाई, अंगार चौहान, झमराला, खुमला, हिंगाभाई, सरदार भाई समेत सरपंच, जनप्रतिनिधि, युवा और समाजजन मौजूद रहे।
सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व की तालड़ा रेंज में बुधवार शाम 5.30 बजे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसे में 15 मजूदर घायल हो गए। इनमें महिलाएं भी हैं। दो गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किया गया है। बाकी का इलाज जिला हॉस्पिटल में चल रहा है। ये मजदूर पौधों की निराई-गुड़ाई का काम कर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि चढ़ाई पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ब्रेक फेल होने के कारण हादसा हुआ। पीएमओ बोले- दो मजदूरों को रेफर किया पीएमओ डॉ. तेजराम मीणा ने बताया- हमारे पास 6.30 बजे सूचना आ गई थी। हमने समस्त स्टाफ को बुलाया और ट्रॉमा में अटैंड रहने और सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। कुल 15 घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। इनमें से गुड्डी और लखन नाम के मजदूर ज्यादा गंभीर थे। उनकी चोट से लगातार खून बह रहा था। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया। जबकि 13 का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। ये हुए घायल: हादसे में चतरू (30) पुत्र रामफूल बैरवा निवासी तालड़ा, मुकेशी बाई (37) पत्नी पृथ्वीराज मीणा निवासी डूंगरी, काली देवी (20) पत्नी नवल गुर्जर निवासी तालड़ा, गोरा देवी (21) पत्नी पन्नालाल गुर्जर निवासी तालड़ा, रामखिलाड़ी (42) पुत्र किशोर मीणा निवासी डूंगरी, काली देवी (38) पत्नी गणेश सैन निवासी तालड़ा, लाखन सिंह (17) पुत्र हंसराज गुर्जर निवासी तालड़ा, मुक्ति देवी (40) पत्नी भरतलाल मीणा निवासी डूंगरी, रामसुखी देवी (42) पत्नी कालूराम गुर्जर निवासी तालड़ा, विक्रम (18) पुत्र रामफूल गुर्जर निवासी तालड़ा, लखन प्रजापत (25) पुत्र रामप्रसाद निवासी तालड़ा, रमेश (60) पुत्र गोट्या निवासी डूंगरी और चतरू (25) पुत्र रामफूल बैरवा निवासी तालड़ा घायल हो गए। चढ़ाई पर गेयर लगाते वक्त ब्रेक हुए फेल बताया जा रहा है कि मजदूर रोजाना की तरह जंगल क्षेत्र में पौधों की निराई-गुड़ाई का काम पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान एक चढ़ाई पर ट्रैक्टर चालक रामफूल गुर्जर ने ट्रैक्टर में गियर लगाया। इसी दौरान ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हो गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई और उसमें सवार श्रमिक घायल हो गए।
बीजापुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत अटल सदन कार्यालय में शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 50 से ज्यादा रिटायर्ड शिक्षकों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ली। पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश गागड़ा और प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने शिक्षकों को माला पहनाई और भाजपा का गमछा भेंट कर उनका पार्टी में स्वागत किया। कार्यक्रम में रिटायर्ड शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की कमान पीएम मोदी के हाथों में है और पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। शिक्षकों ने भारत के विकसित और ताकतवर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। नक्सल प्रभावित इलाके में शिक्षकों ने शिक्षा से दिखाई राह पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश की सेवा में जुटे हैं। इसी तरह बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में इन शिक्षकों ने लंबे समय तक शिक्षा के जरिए समाज को राह दिखाई है। शिक्षकों का अनुभव पार्टी के लिए अहम: गागड़ा गागड़ा ने कहा कि रिटायर्ड शिक्षकों का भाजपा पर भरोसा जताना संगठन के लिए अहम है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन पार्टी के लिए फायदेमंद होगा। आने वाले चुनाव में भी उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीनिवास मुदलियार, जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ठाकुर, राजू कलमू, मंडल अध्यक्ष अशोक राव समेत कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रिटायर्ड शिक्षक भी शामिल हुए।
पंचायत समिति के प्रधानों की बुधवार को लॉटरी निकलने के बाद अब उदयपुर में 10 महिला प्रधान होंगी। इसमें सबसे बड़ा मुकाबला तीन सामान्य महिला के लिए जो पंचायत समितियां आरक्षित हुई हैं, वहां के लिए होगा। यही नहीं पंचायत समितियों में प्रधान बनने के सपने देखते हुए तैयारी पूरी कर चुके नेताओं को जैसे ही जब प्रधान का पद महिला के लिए आरक्षित होने का पता चला तो धक्का लगा। ऐसे में नेताओं ने अब पत्नियों को प्रधान बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। अपना प्लान बदलते हुए अब पत्नी को किस वार्ड से पंचायत समिति सदस्य लड़ाना है। इसकी गणित बनाने लगे हैं, ताकि उनको यहां से निकाल कर आगे प्रधान के मुकाबले में उतारा जा सके। भींडर, मावली और वल्लभनगर में होगा कड़ा मुकाबला उदयपुर में वल्लभनगर विधानसभा की भींडर और वल्लभनगर पंचायत समिति, मावली विधानसभा की मावली पंचायत समिति का प्रधान पद इस बार अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हुआ है। यहां महिला प्रधान होंगी। अब यहां पर जो नेता प्रधान बनने की तैयारी करके बैठे थे। उन्होंने अब पत्नियों को चुनाव लड़ाने का गुणा-भाग लगाना शुरू कर दिया है। समझें पंचायत समिति वार गणित भींडर पंचायत समिति में कांग्रेस से चंद्रप्रकाश मेनारिया, भाजपा से अशोक जैन और पूर्व में स्वतंत्र लड़े कुबेर सिंह चांवड़ा की पूरी तैयारी थी। अब ये नेता अपने पत्नी को चुनाव लड़ा सकते हैं। वैसे कुबेर सिंह की पत्नी यशोधरा पहले प्रधान रह चुकी हैं। जनजाति मंत्री खराड़ी के घर में एसटी ओपन जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी की पंचायत समिति कोटड़ा लगती है। इस बार कोटड़ा पंचायत समिति एसटी ओपन के लिए आरक्षित हुई। इसी प्रकार उदयपुर ग्रामीण के विधायक फूलसिंह मीणा के विधानसभा क्षेत्र में गिर्वा और नाई पंचायत समिति आती है, जो टीएसपी क्षेत्र में होने से एसटी के लिए आरक्षित है। इस बार गिर्वा एसटी ओपन और नाई एसटी महिला के लिए आरक्षित हुई। बड़गांव पंचायत समिति हॉट हुई पूरे जिले में बड़गांव पंचायत समिति ही ऐसी है, जो अनारक्षित ओपन के नाम पर है। ऐसे में बड़गांव में प्रधान बनने के लिए भाजपा और कांग्रेस में दावेदारों की फौज होगी। सबसे पहले पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीतने के लिए जो अनारक्षित वार्ड है, वहां टिकट के लिए मारामारी होगी। ये पंचायत समिति गोगुंदा और मावली विधानसभा क्षेत्र में आती है, दोनों का भाग इसमें शामिल है। यह खबर भी पढ़ें... उदयपुर में एसटी के 15 प्रधान बनेंगे:1 सीट अनारक्षित ओपन रखी गई; जानिए कहां-किसकी सीट आई उदयपुर में बुधवार को जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति के प्रधानों और पंचायत समिति सदस्यों के वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इनमें एसटी को सबसे ज्यादा 15 सीटें आरक्षित की गईं। इनमें 7 सीटें एसटी महिला के लिए रिजर्व रहेंगी। वहीं, एससी को सिर्फ 1 सीट मिली। महिलाओं के लिए कुल 10 सीटें रिजर्व हुई हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
उज्जैन में धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों और फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं ने बुधवार शाम स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।कई छात्र फ्रीगंज पहुंचे और अपनी मांग रखी। इस दौरान बाबा भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने छात्रों ने दीयों से 'जय आयुर्वेद'की आकृति बनाकर अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाई। MBBS इंटर्न डॉक्टरों की तुलना में कम स्टाइपेंड छात्रों ने मौजूदा 9,383 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपए करने की मांग की है। उनका कहना है कि इंटर्न डॉक्टर अस्पताल की ओपीडी, वार्ड, डिलीवरी, सर्जरी,वैक्सीनेशन सहित अन्य इलाज से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं। इसके साथ ही इंटर्नशिप के दौरान छह महीने मॉडर्न मेडिसिन की ड्यूटी भी करनी पड़ती है। छात्रों का कहना है कि काम के घंटे और जिम्मेदारियां ज्यादा होने के बावजूद उन्हें MBBS इंटर्न डॉक्टरों की तुलना में कम स्टाइपेंड मिलता है। प्रदर्शन में शामिल डॉ.रश्मि शर्मा ने बताया कि इंटर्न डॉक्टरों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिलती है। इसलिए उन्हें बाहर कमरा लेकर रहना पड़ता है।कमरे के किराए में ही करीब 5 से 6 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा खाना,परिवहन और अन्य जरूरी खर्च अलग से होते हैं। छात्रों का कहना है कि इतने कम स्टाइपेंड में खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है और इंटर्नशिप के दौरान घर से पैसे मांगने की नौबत आती है। छात्रा बोली- कॉलेज में 24 घंटे की ड्यूटी छात्रा अनुष्का सिंह ने कहा कि धन्वंतरि कॉलेज में 24 घंटे तक ड्यूटी की व्यवस्था रहती है। इंटर्न डॉक्टर डिलीवरी,सर्जरी,वैक्सीनेशन समेत अस्पताल के कामों में नियमित रूप से योगदान देते हैं।इसके बावजूद उन्हें कम स्टाइपेंड मिलता है। छात्रों ने बताया कि तेलंगाना, दिल्ली और बिहार समेत कई राज्यों में आयुष इंटर्न डॉक्टरों को करीब 21 से 30 हजार रुपए तक स्टाइपेंड मिलता है। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपए किया जाना चाहिए। मांगें पूरी नहीं हुई तो हड़ताल पर जाएंगे छात्र अनीश ने कहा कि MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 21,500 रुपए किए जाने की घोषणा के बाद आयुर्वेद इंटर्न भी इसी सत्र से समान स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 3 अक्टूबर तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे पहले 23 सितंबर को रैली निकालने और आगे प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई है। ये तस्वीरें भी देखें…
शिवपुरी में हॉस्टल के छात्रों ने अधीक्षक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में गंदगी रहती है और नियमित सफाई नहीं होती। सफाई की बात कहने पर अधीक्षक छात्रों से खुद सफाई करने के लिए कहते हैं। छात्रों ने शौचालय भी खुद साफ कराने का आरोप लगाया है। खाने और नाश्ते को लेकर शिकायत छात्रों ने हॉस्टल में मिलने वाले खाने की क्वालिटी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ खाना दिया जाता है, नाश्ता नहीं मिलता। शिकायत में अधीक्षक की पत्नी पर भी छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया है। SC आयोग अध्यक्ष के निर्देश का भी हवाला छात्रों ने शिकायत में बताया कि अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने भी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था। छात्रों का कहना है कि इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल की खराब व्यवस्थाओं का असर उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर समस्याओं को दूर कराने की मांग की है।
मैहर के अमदरा थाना क्षेत्र में झुकेही चौकी पुलिस ने 63 हजार एमएल अवैध देशी शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात झुकेही-केम तलाई रोड पर जांच के दौरान TVS Jupiter स्कूटी से शराब ले जा रहे दोनों आरोपियों को पकड़ा। उनके पास से 7 पेटियों में 350 पाव शराब मिली, जिसकी कीमत 26 हजार 600 रुपए बताई गई है। जांच के दौरान स्कूटी रोककर तलाशी ली पुलिस के मुताबिक रात करीब 2 बजे झुकेही-केम तलाई रोड पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान स्कूटी से जा रहे दो संदिग्धों को रोका गया। तलाशी लेने पर स्कूटी से देशी मदिरा प्लेन प्रिंस लेमन की 7 पेटियां मिलीं। दोनों आरोपियों की हुई पहचान पुलिस ने आरोपियों की पहचान झुकेही रेलवे स्टेशन रोड निवासी भारत कुमार पासी (55) और ग्राम झुकेही निवासी देवा विष्णु प्रताप सिंह के रूप में की है। पुलिस ने 350 पाव यानी करीब 63 हजार एमएल शराब और शराब ले जाने में इस्तेमाल स्कूटी जब्त कर ली। आबकारी एक्ट में केस पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई में झुकेही चौकी प्रभारी अशोक सिंह सेंगर, प्रधान आरक्षक प्रकाश सिंह समेत पुलिस स्टाफ की भूमिका रही। दोनों आरोपियों को बुधवार शाम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ग्वालियर जिले के डबरा के रहने वाले एक सराफा व्यापारी ने भितरवार के प्रसिद्ध धूमेश्वर धाम पहुंचकर सिंध नदी में छलांग लगा दी। बुधवार शाम 4 बजे नदी में कूदने से पहले उन्होंने अपने बेटे को फोन किया था और डबरा के सर्राफा व्यापारियों के वॉट्सऐप ग्रुप पर एक सुसाइड नोट भी भेजा था। सुसाइड नोट में व्यवसायी मनोज सोनी (पिता भगवानदास सोनी) ने खड़वई गांव की महिला प्रवेश बघेल और मनीष बघेल पर हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि आरोपी उनसे पहले भी 2.50 लाख रुपए ऐंठ चुके हैं और अब और पैसों की मांग करते हुए झूठे केस में फंसाने और समाज में बदनाम करने की धमकी दे रहे थे। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू रुका घटना की खबर मिलते ही एसडीओपी गगन हनवत और भितरवार थाना प्रभारी बलबीर मावई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। हालांकि सिंध नदी का बहाव तेज होने के चलते व्यापारी का कोई सुराग नहीं मिल सका है। एसडीओपी ने बताया कि अंधेरा होने से रोका गया रेस्क्यू अभियान सुबह फिर शुरू किया जाएगा और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आज चलती मालगाड़ी की कुछ बोगियां अचानक इंजन से अलग हो गईं। बोगियां रेलवे क्रॉसिंग पर रुक गईं, जबकि इंजन आगे निकल गया। कुछ देर बाद लोको पायलट को बोगियां अलग होने की जानकारी मिली। इसके बाद इंजन को पीछे लाकर बोगियों से दोबारा जोड़ा गया। इस दौरान रेलवे फाटक करीब 30 से 40 मिनट तक बंद रहा। फाटक बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को काफी परेशानी हुई। जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 3 बजे रायगढ़ रेलवे स्टेशन से ओडिशा की ओर दो मालगाड़ियों को रवाना किया गया था। दोनों मालगाड़ियों की बोगियां इंजन से जुड़ी हुई थीं। मालगाड़ी केलो नदी पार कर चक्रधर नगर रेलवे फाटक के पास पहुंची। इसी दौरान अचानक बीच में लगी कुछ बोगियां इंजन से अलग हो गईं। इंजन आगे निकल गया, जबकि कई बोगियां रेलवे फाटक के पास ही रुक गईं। कुछ दूर जाने के बाद लोको पायलट को बोगियों के अलग होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और ट्रेन को रोककर इंजन को पीछे लाया गया। इंजन को अलग हुई बोगियों तक पहुंचाकर उन्हें दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। रेलवे फाटक बंद होने से परेशान हुए लोग मालगाड़ी की बोगियां अलग होने के कारण रेलवे फाटक करीब 30-40 मिनट तक बंद रहा। इससे दोनों तरफ से आने-जाने वाले लोगों का रास्ता रुक गया और कुछ समय के लिए यातायात ठप हो गया। फाटक के आसपास वाहनों की कतार लग गई। बोगियों को दोबारा इंजन से जोड़ने के बाद मालगाड़ी आगे रवाना हो गई। इसके साथ ही रेलवे फाटक खोल दिया गया और यातायात सामान्य हो गया। कोई नुकसान नहीं हुआ चक्रधर नगर रेलवे स्टेशन के प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मालगाड़ी की कुछ बोगियां अचानक अलग हो गई थीं। इसकी जानकारी मिलते ही इंजन को पीछे लाकर बोगियों को दोबारा जोड़ा गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 30-40 मिनट लगे। उन्होंने बताया कि घटना में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ और मालगाड़ी को आगे रवाना कर दिया गया।
हिसार जिले में आदमपुर मंडी के जवाहर नगर में दो पक्षों के झगड़े में बीचबचाव करना दो युवकों को महंगा पड़ गया। आरोप है कि झगड़े के दौरान कुछ युवकों ने मकान की छत पर चढ़कर नीचे खड़े राहुल और सन्नी पर ईंट-पत्थर बरसा दी। इस हमले में दोनों बुरी तरह घायल हो गए। आदमपुर पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 3 अगस्त की रात मंडी आदमपुर के जवाहर नगर में हुई थी। दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी दौरान वाल्मीकि बस्ती निवासी राहुल झगड़ा शांत कराने मौके पर पहुंचा। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने मिलकर अपने घर की छत पर चढ़कर राहुल और सन्नी पर ईंटें फेंकना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दोनों युवकों को ईंटें लगीं और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे दोनों युवक घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल मंडी आदमपुर ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया। घायल राहुल के बयान पर आदमपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक रोहताश ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रिजुल उर्फ काकू निवासी जवाहर नगर, मंडी आदमपुर को अरेस्ट किया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई चल रही है। हिसार के एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसक हमला करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा।
प्रदेश में ग्राम पंचायत सचिवों को आयुष्मान कार्ड बनाकर स्वास्थ्य सुरक्षा कवर देने के मामले में 51 जिलों ने अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं भेजी है। इसके चलते अब पंचायत राज संचालनालय ने मंदसौर, उज्जैन, खंडवा और अनूपपुर को छोड़ सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से पंचायत सचिवों के आयुष्मान कार्ड बनाने संबंधी रिपोर्ट एक हफ्ते में मांगी है। इस योजना में 5 लाख रुपए तक का आयुष्मान सुरक्षा कवर मिलता है जिसका लाभ नहीं मिलने की शिकायत पंचायत सचिवों के संगठन की ओर से पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल से की गई है। पंचायत राज संचालनालय ने सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पंचायत राज संचालनालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार राज्य शासन ने दो साल पहले आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना के अंतर्गत पहले से स्वीकृत पात्र श्रेणियों के अतिरिक्त मैदानी कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत जिन कर्मचारियों को प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का आयुष्मान स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ मिलना है, उसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, कोटवार एवं संबंधित कर्मचारी शामिल हैं। पत्र में योजना के अंतर्गत परिवार अपात्र होने से संबंधित तीन स्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले में मंदसौर, खंडवा, उज्जैन और अनूपपुर को छोड़कर बाकी जिलों ने इससे संबंधित कार्यवाही पूरी किए जाने की जानकारी नहीं दी है। पंचायत सचिवों के आयुष्मान कार्ड बनाने की तैयारी दरअसल पंचायत राज संचालनालय के संदर्भित पत्रों में ग्राम पंचायत सचिवों के आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ कार्ड बनाए जाने के लिए उनकी जानकारी निर्धारित प्रारूप में भेजने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, पत्र के अनुसार संबंधित जिलों से अब तक जानकारी प्राप्त नहीं होने की बात सामने आई है। इसी को देखते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कार्यरत पंचायत सचिवों एवं उनके आश्रित परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी ज्ञापन दिया गया है। इसके आधार पर यह पत्र लिखा गया है। एक सप्ताह में जानकारी भेजने के निर्देश पंचायत राज संचालनालय ने आयुष्मान भारत निरामयम्, मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भोपाल को तय फार्मेट में जानकारी भेजने को कहा है। अब संबंधित जिलों को पात्र पंचायत सचिवों और उनके आश्रित परिवारों की जानकारी जुटाकर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि उन्हें 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
झालावाड़ के मंडावर थाना क्षेत्र के हरिपुरा डडिया गांव में बुधवार को एक 22 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से फंदा लगाकर जान दे दी। युवक अपना जन्मदिन मनाने के लिए करीब तीन दिन पहले ससुराल आया था। दोपहर में उसका शव खेत में एक पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही मंडावर थाना पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत बतायापुलिस ने शव को कब्जे में लेकर झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। शाम को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। भंवरिया का रहने वाला था विजयमंडावर थाने के एएसआई इशाक मोहम्मद ने बताया कि मृतक की पहचान भंवरिया निवासी विजय (22) पुत्र सुजान भील के रूप में हुई है। विजय करीब तीन दिन पहले अपना जन्मदिन मनाने के लिए हरिपुरा डडिया गांव स्थित ससुराल आया था। परिजनों को भी कारण की जानकारी नहींपुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर संदिग्ध हालात में मौत का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन विजय ने यह कदम क्यों उठाया, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। परिजनों को भी घटना के कारण की जानकारी नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता थाबताया गया है कि विजय मजदूरी का काम करता था और इसी से अपने परिवार का गुजारा करता था। अचानक हुई इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
बाड़मेर में बुधवार को रिकॉर्ड गर्मी पड़ी। तापमान 3 साल बाद सितंबर में 42 डिग्री के पार पहुंचा। दिन में मई-जून जैसी गर्मी का एहसास हुआ। बीते एक सप्ताह में दिन का तापमान 9 डिग्री और रात का तापमान 10 डिग्री बढ़ गया है। दिन में लू के थेपड़ों से लोग परेशान दिखे। लगातार मौसम में हो रहे बदलने से मौसम बीमारियों बढ़ रही हैं। इधर हॉस्पिटल में ओपीडी भी बढ़ गई है। दरअसल, बाड़मेर में सितंबर माह में मौसम का मिजाज पूरीे तरह से बदल गया है। आमतौर पर जिस महीने में गुलाबी ठंडक का एहसास शुरू हो जाता है, वहां इस बार गर्मी ने बीते सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। सितंबर माह में अधिकतम तापमान 42 डिग्री से पार चल रहा है। खरीफ की फसलों को लेकर किसान चिंतित कृषि जानकारों के अनुसार- यह समय खरीफ की मुख्य फसलों बाजरा, ग्वार, मूंग, और मोठ के पकने का होता है। इस अवस्था में पौधों की नमी की सख्त जरूरत होती है। लेकिन 42 डिग्री के पार जाते तापमान और लागतार चल रही गर्म शुष्क हवाओं के कारण खेतों में नमी तेजी से खत्म हो गई है। 7 दिन में बढ़ा 9 डिग्री तापमान बाड़मेर में 17 सितंबर को दिन का तापमान 33 डिग्री था। वहीं रात का तापमान 26 डिग्री था। इसके बाद से लगातार तापमान बढ़ रहा है। 7 दिन में 23 सितंबर यानी बुधवार को अधिकतम तापमान 9 डिग्री बढ़कर 42.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री बढ़कर 36.4 डिग्री दर्ज किया गया है। सितंबर 2023 में था अब तक का रिकार्ड गर्म दिन बाड़मेर में भीषण गर्मी का आंकड़ा 42.2 डिग्री था। 8 सितंबर 2023 अब तक सबसे गर्म दिन रहा है। जबकि सबसे कम पारा 22.2 डिग्री 29 सितंबर 2015 को रहा था। आज सारे सितंबर माह के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री पहुंच गया हे।
रेवाड़ी जिले के गांव नैहचाना की जमीन को कथित तौर पर धोखाधड़ी से हड़पने और बेचने के प्रयास के मामले में थाना बावल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी महिपाल को अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महिपाल निवासी राजनौता, जिला कोटपूतली-बहरोड़ (राजस्थान), बबीता निवासी पलवली, जिला फरीदाबाद और राजकुमार उर्फ राजू निवासी कटरिया, जिला कटिहार (बिहार) के रूप में हुई है। गांव नैहचाना निवासी आशा देवी ने 29 अप्रैल को बावल थाना पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसकी जमीन हड़पने के लिए आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची। आरोप है कि उसकी जगह दूसरी महिला को आशा देवी बनाकर खड़ा किया गया, जबकि उसके पति शक्ति सिंह की जगह महीपाल को पेश किया गया। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड का इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और इंतकाल दर्ज कराने का प्रयास किया गया। शिकायत के आधार पर बावल थाना पुलिस ने 23 मई को धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता आशा देवी, उषा और शक्ति सिंह के मूल आधार कार्ड व पैन कार्ड की प्रतियां कब्जे में लीं। तहसीलदार से जमीन से संबंधित वसीका नंबर 9496 दिनांक 23 फरवरी 2026 और वसीका नंबर 3650 दिनांक 19 मार्च 2026 भी हासिल किए गए। जमीन की मालिक मिली आशा और उषा जांच में पुलिस ने वर्ष 2022 की जमाबंदी हासिल की। इसमें आशा और उषा पुत्रियां मुंशी सिंह को संबंधित जमीन का मालिक व काबिज पाया गया। पुलिस ने इंतकाल नंबर 2909 भी कब्जे में लिया। जांच में यह इंतकाल डीसी स्तर से खारिज किया जाना पाया गया। इकरारनामे में 20 लाख के लेनदेन का जिक्र पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपी महीपाल द्वारा महेश शर्मा और सुरेश के साथ जमीन का इकरारनामा किया गया था। पुलिस ने इकरारनामा और महीपाल की बैंक स्टेटमेंट कब्जे में ली। जांच के अनुसार इकरारनामे में 4 लाख रुपये नकद तथा 6 लाख और 10 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए दिए जाने की जानकारी मिली। महीपाल पहले से बावल थाने के एक अन्य मुकदमे में जिला जेल रेवाड़ी में बंद था। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश कराकर इस मामले में शामिल जांच किया। पुलिस के अनुसार साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर बबीता और राजकुमार उर्फ राजू को पकड़ा गया। दोनों को भी साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शेष जांच की कार्रवाई अभी बाकी है। फर्जी रजिस्ट्री के लिए बदली गई पहचान आशा देवी का आरोप था कि वह अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराने बावल तहसील स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय गई ही नहीं थी। इसके बावजूद उसकी जगह दूसरी महिला को आशा देवी बनाकर पेश किया गया। वहीं, उसके पति शक्ति सिंह की जगह महीपाल को खड़ा किया गया। पुलिस जांच में फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड के इस्तेमाल और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज सामने आए। संबंधित इंतकाल भी बाद में डीसी स्तर से खारिज किया गया। पुलिस के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को गांव नैहचाना निवासी आशा ने थाना बावल में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महिपाल, सूरज, रोहतास कुमार और दो अज्ञात महिलाओं ने कथित तौर पर षड्यंत्र रचकर उसकी जमीन हड़पने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी और उसकी बहन की जगह दूसरी महिलाओं को खड़ा कर उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया और अचल संपत्ति का धोखाधड़ी से हस्तांतरण करवाकर उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया गया। शिकायत के आधार पर थाना बावल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मामले में संलिप्त बताए जा रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जेल में बंद महीपाल को प्रोडक्शन वारंट पर लाया महीपाल पहले से बावल थाने के एक अन्य मुकदमे में जिला जेल रेवाड़ी में बंद था। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश कराया और मामले की जांच में शामिल किया। पुलिस के अनुसार साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि महीपाल की निशानदेही पर बबीता और राजकुमार उर्फ राजू को गिरफ्तार किया गया। दोनों को भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
राजस्थान के युवा क्रिकेटर चेतन शर्मा और गणेश सुथार का भारत अंडर-23 टीम में सिलेक्शन हुआ है। साथ ही घरेलू क्रिकेट सीजन के लिए राजस्थान रणजी टीम और अंडर-19 टीम के संभावित खिलाड़ियों के सिलेक्शन की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। दोनों वर्गों के संभावित खिलाड़ियों के लिए 26 सितंबर से जयपुर में प्रैक्टिस मैच खेले जाएंगे। BCCI की ऑल इंडिया जूनियर चयन समिति ने राजस्थान के युवा खिलाड़ियों चेतन शर्मा और गणेश सुथार का सिलेक्शन शेष भारत अंडर-23 टीम के लिए किया है। शेष भारत अंडर-23 टीम और BCCI अंडर-23 सीके नायडू ट्रॉफी 2025-26 की विजेता तमिलनाडु के बीच मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच 1 से 4 अक्टूबर तक चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। 26 सितंबर से होंगे रणजी संभावितों के प्रैक्टिस मैच राजस्थान रणजी टीम के संभावित खिलाड़ियों के चयन के लिए 26 सितंबर से जयपुर में सीनियर प्रैक्टिस मैच शुरू होंगे। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा राजस्थान क्रिकेट संघ के संचालन के लिए नियुक्त प्रशासक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग) के निर्देशानुसार RCA ने यह प्रक्रिया शुरू की है। इसमें BCCI घरेलू क्रिकेट सत्र की रणजी ट्रॉफी प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम के संभावित खिलाड़ियों के सिलेक्शन के लिए सीनियर सिलेक्शन कमेटी ने खिलाड़ियों को टीम A, टीम B, टीम C और टीम D में बांटा है। इन टीमों के बीच 26 सितंबर से प्रैक्टिस मैच खेले जाएंगे। अंडर-19 टीम के संभावितों का भी होगा ट्रायल इसी तरह राजस्थान अंडर-19 टीम के संभावित खिलाड़ियों के सिलेक्शन के लिए भी 26 सितंबर से जयपुर में प्रैक्टिस मैच आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान क्रिकेट संघ आगामी BCCI घरेलू क्रिकेट सत्र की अंडर-19 वीनू मांकड़ वनडे ट्रॉफी में हिस्सा लेने वाली राजस्थान टीम तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है। इसके लिए राजस्थान जूनियर सिलेक्शन कमेटी ने संभावित खिलाड़ियों को टीम A, टीम B, टीम C और टीम D में शामिल किया है। इन टीमों के बीच होने वाले प्रैक्टिस मैचों के प्रदर्शन के आधार पर अंडर-19 टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।
रोहतक के सांपला में स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत भैंसरू खुर्द में भी एक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव की महिलाओं को इकट्ठा कर स्वच्छता का महत्व समझाया गया। उन्हें बताया गया कि प्लास्टिक कचरे का सही निपटान न होने से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। महिलाओं को सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और इसकी जगह जूट के थैले इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। महिलाओं का बांटे जूट के थैले इस दौरान भैंसरू खुर्द ग्राम पंचायत की महिलाओं और ग्रामीणों को जूट के थैले भी बांटे गए। इसका मकसद उन्हें रोजमर्रा के कामों में सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह पर्यावरण के लिए अच्छे विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना था। ग्रामीणों को स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण योजना के काम करने के तरीके और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। ठोस कचरा प्रबंधन की दी जानकारी इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के बारे में भी बताया गया। उन्हें कचरे को चार तरह से अलग करने की जानकारी दी गई। इसके लिए चार अलग-अलग डस्टबिन रखकर कचरा अलग करने का तरीका करके दिखाया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि घर से ही कचरे को तय श्रेणियों के हिसाब से अलग-अलग रखना और सही तरीके से निपटाना साफ और स्वस्थ माहौल के लिए जरूरी है। सफाई रखने की अपील की कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की डीपीएम मंजू ग्रेवाल और ग्राम पंचायत के सरपंच पुनीत भी मौजूद थे। उन्होंने ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के बारे में पूरी जानकारी दी। मंजू ग्रेवाल और पुनीत ने ग्रामीणों से घर और आसपास के इलाके में साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे का सही प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।
जयपुर के चाकसू में रोडवेज बस ओवरटेक की कोशिश में आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। इस दौरान ट्रक बेकाबू हो गया और आगे चल रही बाइक को चपेट में ले लिया। ट्रक की टक्कर के बाद बाइक सवार पति-पत्नी लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़े। अस्पताल में डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक दंपती का बेटा अग्निवीर है। घटना दोपहर करीब 2 बजे नेशनल हाईवे-52 पर कोथून गांव के पास हुई। रोडवेज बस के ओवरटेक करने से बेकाबू हुआ ट्रक चाकसू थानाधिकारी मनोहर लाल मेघवाल ने बताया - कोथून निवासी रामेश्वर जाट (48) अपनी पत्नी ममता (44) के साथ खेत पर पशुओं का चारा लेने गए थे। दोनों बाइक पर चारा लेकर वापस घर लौट रहे थे। इस बीच चाकसू से जयपुर की ओर जा रही टोंक डिपो की बस ने ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान बस का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया। टक्कर के बाद बस भी बेकाबू होकर डिवाइडर की दूसरी ओर चली गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बेकाबू ट्रक ने आगे चल रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद बाइक सवार दंपती लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़े। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल दंपती सड़क किनारे पड़े हुए थे। दोनों के शरीर पर गहरी चोटें आई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने दंपती को सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस और ग्रामीणों की मदद से पति-पत्नी को चाकसू अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। हादसा दंपती के घर से महज 700 मीटर की दूरी पर हुआ। घटना के बाद रोडवेज बस में मौजूद यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गया। पुलिस ने ट्रक और बस को जब्त कर थाने में खड़ा किया है। दो साल पहले अग्निवीर जवान बना था बेटा मृतक के रिश्तेदार सीताराम ने बताया - रामेश्वर का परिवार खेती-बाड़ी पर निर्भर था। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। रामेश्वर के तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा दो साल पहले ही अग्निवीर के तहत सेना में भर्ती हुआ था। अभी उसकी अरुणाचल प्रदेश में पोस्टिंग है। दोनों बड़ी बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने अभी तक बेटे को हादसे की जानकारी नहीं दी है। वहीं, बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है। यह खबर भी पढ़ें किराया मांगा तो मकान मालिक को 4 गोली मारी:बोला- तेरा खेल खत्म कर दूंगा; 2 साल से नहीं दिया था रेंट पाली के सोजत रोड इलाके में किराया मांगने पर किरायेदार ने मकान मालिक पर एक के बाद एक चार गोलियां चला दीं। आरोपी ने दो साल से किराया नहीं दिया था। मंगलवार सुबह मकान मालिक ने किराया मांगा तो किरायेदार रिवॉल्वर लेकर आया और बोला- तेरा खेल खत्म कर दूंगा। ( पूरी खबर यहां पढ़ें)
जयपुर जिले के 18 निकायों में चुने गए निकाय प्रमुखों में 12 बीजेपी और 6 कांग्रेस के हैं। इसमें से एक जेन-जी भी अध्यक्ष बनी हैं। इन प्रमुखों के चुनावी हलफनामे के अनुसार कई करोड़ों रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। वहीं कुछ की संपत्ति सिर्फ 50 हजार है। सबसे अधिक घोषित संपत्ति चाकसू नगरपालिका की अध्यक्ष पुष्पा देवी के पास है। उनके पास करीब 3.80 करोड़ रुपए हैं। फागी नगरपालिका के कांग्रेस से नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुरेश जांगिड़ के पास 51 हजार रुपए हैं। दूदू की गरिमा जेनजी, 7 लाख की संपत्ति चौमूं नगर परिषद के सभापति भाजपा के आशीष दुसाद के पास करीब 1.36 करोड़ रुपए की संपत्ति है। वहीं शाहपुरा नगर परिषद के सभापति रविश खटाना की संपत्ति करीब 2.45 करोड़ रुपए है। बगरू नगरपालिका की अध्यक्ष संतोष चौहान 2.30 करोड़ रुपए की मालिक हैं। चाकसू नगरपालिका अध्यक्ष बीजेपी की निर्मला खोलिया के पास करीब 1.50 करोड़ रुपए है। दूदू की नवनिर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष गरिमा कंवर के पास 7 लाख रुपए हैं। गरिमा जेन-जी हैं। उनकी उम्र 28 साल है। इसके अलावा जोबनेर की नगरपालिका अध्यक्ष भाजपा की सरोज गुर्जर के पास करीब 29 लाख रुपए और कालाडेरा की उर्मिला कुमावत के पास करीब 2.10 करोड़ रुपए की संपत्ति है। ज्यादातर अध्यक्ष करोड़पति कानोता नगरपालिका अध्यक्ष कांग्रेस के रामकिशन के पास करीब 90 लाख रुपए, किशनगढ़ रेनवाल की कांग्रेस प्रमुख सुनीता अग्रवाल के पास करीब 8 लाख और खेजरोली की नगरपालिका अध्यक्ष सुनीता सैनी के पास 2 लाख 15 हजार की संपत्ति है। नारायणा नगर पालिका के अध्यक्ष कांग्रेस के अब्दुल रज्जाक की घोषित संपत्ति करीब 2.75 करोड़ रुपए है। फुलेरा नगरपालिका के अध्यक्ष भाजपा के राजू शर्मा की करीब 1 करोड़, सांभर नगरपालिका के पवन कुमार मोदी के पास 1 करोड़ 35 लाख की संपत्ति है। वाटिका नगरपालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष भाजपा की कमता देवी के पास 60 लाख है।
लोहारु में रामलीला मंचन की तैयारी शुरू:पूजा- अर्चना कर किया ध्वजारोहण , 11 से 21 अक्टूबर तक चलेगी
भिवानी जिले के लोहारु में आदर्श रामलीला समिति की ओर से रामलीला मंचन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रामलीला मैदान में पूजा-अर्चना के साथ झंडा फहराकर तैयारियों का शुभारंभ किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान श्रीराम की पूजा- अर्चना की और सफल आयोजन की कामना की। आदर्श रामलीला समिति के प्रधान संतलाल सैनी ने बताया कि इस साल रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। रामलीला के दौरान कलाकार अलग-अलग धार्मिक और पौराणिक कहानियों का मंचन करेंगे। समिति ने आयोजन के लिए जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ध्वजारोहण कार्यक्रम में शहर के कई खास लोग, समाज सेवी और दूसरे गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इनमें पवन शर्मा, रामकिशन टिके वाला, रोहताश लाम्बा, सुभाष खेतान, रामोतार डॉक्टर, दौलत राम सोलंकी, संजय खंडेलवाल और प्रवीण जोशी सहित जगदीश जायलवाल शामिल थे। प्रधान संतलाल सैनी ने कहा कि आदर्श रामलीला समिति कई सालों से रामलीला की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने शहर के लोगों से रामलीला के सभी कार्यक्रमों में शामिल होने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
झाबुआ में 16 हजार रुपए की उधारी के विवाद में 18 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। कोतवाली पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी पंकज राठौर समेत एक बालिग आरोपी और चार बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने युवक को हाथीपावा पहाड़ी पर बुलाया, जहां पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव खाई में फेंक दिया। 10 सितंबर को पत्नी को छोड़ने गया था लालू डुंगरा निवासी वांगरिया पिता गुला अमलियार ने 12 सितंबर को कोतवाली थाने में बेटे कलम अमलियार के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कलम 10 सितंबर को अपनी पत्नी को छोड़ने झाबुआ गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। पुलिस ने धारा 140(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने पुलिस की टीमें बनाईं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हाथीपावा पहाड़ी के नीचे मिला शव जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हाथीपावा पहाड़ी के नीचे एक अज्ञात शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान कलम अमलियार के रूप में हुई। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल के लिए दिए थे 16 हजार रुपए पुलिस जांच में सामने आया कि कलम ने एक बाल अपचारी को मोबाइल खरीदने के लिए 16 हजार रुपए उधार दिए थे। कलम लगातार अपने पैसे वापस मांग रहा था। पुलिस के मुताबिक इसी बात से नाराज होकर बाल अपचारी ने अपने साथियों और पंकज राठौर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पहाड़ी पर बुलाकर पत्थरों से किया हमला पुलिस के मुताबिक योजना के तहत आरोपियों ने कलम को हाथीपावा पहाड़ी पर बुलाया। वहां आरोपियों ने उस पर पत्थरों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पहाड़ी के नीचे खाई में फेंक दिया गया। पत्थर, बाइक और मोबाइल बरामद पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज पिता तोलिया राठौर निवासी कालापान और चार बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पत्थर, मोटरसाइकिल और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है।
बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। 'युद्ध अभ्यास-2026' में AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, भारत और अमेरिकी सेना के जवानों के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल ड्रिल में हिस्सा ले रहे हैं। रेगिस्तानी इलाके में दोनों देशों के जवान आर्टिलरी, रॉकेट सिस्टम, एयर डिफेंस, काउंटर ड्रोन तकनीक और एविएशन क्षमताओं का इस्तेमाल कर अभ्यास कर रहे हैं। इसमें M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, स्वदेशी धनुष 155MM तोप और पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर के साथ फायरिंग ड्रिल शामिल है। इस युद्धाभ्यास के वीडियो सामने आए हैं, जिसमें AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर से जमीन पर दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर पिन पॉइंट अटैक होता नजर आ रहा है। जबकि दूसरे वीडियो में दो हेलिकॉप्टर तेजी से टारगेट पर अटैक करते हैं। संयुक्त युद्धाभ्यास की खासियत केवल अलग-अलग हथियारों की फायरिंग नहीं, बल्कि उन्हें एक संयुक्त ऑपरेशन में इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग है। टारगेट की पहचान, सूचना का आदान-प्रदान, फायर कमांड, आर्टिलरी और रॉकेट फायर, ड्रोन खतरे की पहचान और काउंटर ड्रोन जैसी प्रक्रियाओं को भी शामिल किया जा रहा है। पहले देखिए- संयुक्त युद्धाभ्यास की तस्वीरें M777 की खासियत ‘शूट एंड स्कूट’अभ्यास में M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर प्रमुख हथियार प्रणालियों में शामिल है। हल्की होने के कारण इसे तेजी से तैनात कर फायरिंग करने और फिर फायरिंग पोजीशन बदलने की क्षमता का अभ्यास किया जा रहा है। आधुनिक युद्ध में तेजी से पोजीशन बदलने की इस प्रक्रिया को ‘शूट एंड स्कूट’ कहा जाता है। पिनाका से लंबी दूरी तक रॉकेट फायरभारतीय सेना का पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर भी अभ्यास में शामिल है। इसके जरिए एक साथ बड़ी संख्या में रॉकेट दागकर निर्धारित क्षेत्र में फायर पावर पहुंचाने की क्षमता का प्रदर्शन किया जा रहा है। धनुष तोप और पिनाका के साथ अभ्यास से दोनों सेनाओं को अलग-अलग आर्टिलरी और रॉकेट प्रणालियों के बीच तालमेल का प्रशिक्षण मिल रहा है। ड्रोन दिखे तो M-LIDS और एयर डिफेंस ने साधा निशानादुनिया में तेजी से बढ़ रहे ड्रोन अटैक जैसी गंभीर खतरों से निपटने के लिए भी प्रभावी तैयारी की जा रही है। अमेरिकी सेना का M-LIDS (Mobile Low, Slow, Small Unmanned Aircraft Integrated Defeat System) काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी युद्धाभ्यास में शामिल है। इसके साथ L/70 एयर डिफेंस गन जैसी प्रणाली का इस्तेमाल छोटे और धीमी गति से उड़ने वाले ड्रोन खतरों के खिलाफ किया जा रहा है। अपाचे हेलिकॉप्टर से एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशनमहाजन फील्ड फायरिंग रेंज में AH-64E Apache अटैक हेलिकॉप्टर भी अभ्यास का हिस्सा है। हेलिकॉप्टर और जमीन पर मौजूद सैनिकों के बीच एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन, लक्ष्य की पहचान और संयुक्त कार्रवाई से जुड़ी ट्रेनिंग की जा रही है। अपाचे भारतीय सेना की प्रमुख अटैक हेलिकॉप्टर प्रणालियों में शामिल है। हिमार्स और स्टिंगर भी अभ्यास का हिस्साअमेरिकी सेना की ओर से हिमार्स (High Mobility Artillery Rocket System- HIMARS) और स्टिंगर एयर डिफेंस सिस्टम भी अभ्यास में शामिल है। हिमार्स मोबाइल प्रिसीजन रॉकेट फायर के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि स्टिंगर कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है। इनके साथ अमेरिकी और भारतीय सैनिक संयुक्त रूप से फायरिंग और ऑपरेशनल तालमेल का अभ्यास कर रहे हैं। औली में पर्वतीय युद्ध का अभ्यास15 से 28 सितंबर तक संयुक्त अभ्यास होगा, जिसमें पहले चरण में महाजन फील्ड फायरिंग में अभ्यास चल रहा है, जबकि दूसरे फेज उत्तराखंड के औली में युद्धाभ्यास हो रहा है। वहां दोनों देशों की सेनाएं ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाके में पैदल सेना आधारित अभियानों, पर्वतीय युद्ध कौशल और अलग भौगोलिक परिस्थितियों में संयुक्त संचालन का अभ्यास कर रही हैं। औली, LAC से करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग राजस्थान (जयपुर) के निर्देश के मुताबिक जैसलमेर जिले की ग्राम पंचायतों के वार्डों (एकल निर्वाचन क्षेत्रों) और सरपंचों के आरक्षण का निर्धारण करने के लिए लॉटरी का आयोजन कल यानी 24 सितंबर को संबंधित पंचायत समिति क्षेत्रों के उपखण्ड अधिकारी कार्यालयों में किया जाएगा। इस पूरी आरक्षण प्रक्रिया को संपन्न कराने की जिम्मेदारी संबंधित उपखण्ड अधिकारियों की होगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 10 पंचायत समितियां हैं, जिनके अंतर्गत 266 ग्राम पंचायतें और 924 राजस्व गांव आते हैं। उपखण्डवार लॉटरी आयोजन स्थल एवं पंचायत समितियां अतिरिक्त जिला कलक्टर ने जैसलमेर, पोकरण, फतेहगढ़ एवं भणियाना के उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लॉटरी की सूचना संबंधित ग्राम पंचायत के क्षेत्राधिकार के विधानसभा सदस्य एवं सभी संबंधित पक्षों को अपने स्तर से जारी करें। लॉटरी प्रक्रिया कल आयोजित होने के कारण संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीणों में खासा उत्साह व हलचल देखने को मिल रही है।
पानीपत जिले के गांव डाडोला में बुधवार को संत शिरोमणि रविदास की कलश यात्रा पहुंची। इस मौके पर हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद रहे। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि गांव डाडोला में 53 लाख रुपए की लागत से अंबेडकर भवन बनाया जाएगा। मंत्री पंवार ने बताया कि इस भवन के निर्माण के लिए 21 लाख रुपये उनके निजी कोष से दिए जाएंगे। इसके अलावा, जिला परिषद 21 लाख रुपये और ब्लॉक समिति 11 लाख रुपये देगी। अंबेडकर भवन बनने से गांव में सामाजिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कुछ दिन पहले किया था मूर्ति का अनावरण उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही जालंधर से आए संत निरंजन दास ने डाडोला में अंबेडकर भवन और रविदास की मूर्ति का अनावरण किया था। मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों को मजबूत करना है क्योंकि इससे देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि गांवों की भागीदारी से ही विकास की गति तेज होती है। भाईचारे का संदेश दे रही कलश यात्रा उन्होंने संत रविदास महाराज के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि वे भाईचारे और मानवता का संदेश देते थे। हरियाणा सरकार उनके विचारों को मानते हुए विकास के काम कर रही है। संत रविदास की यह कलश यात्रा भी समाज में भाईचारे और समानता का संदेश लेकर लोगों तक पहुंच रही है।

