कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में बृजेन्द्र स्वरूप पार्क टीएसएच के सामने तेज रफ्तार हांडा सिटी कार ने अधेड़ उम्र के व्यक्ति को कुचल दिया। मौके पर मौजूद भीड़ ने कार चालक को दबोच लिया और उसकी गाड़ी से चांदनी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद गंभीर रूप से घायल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दौरान कार चालक मौका पाकर वहां से भाग निकला। पुलिस ने कार को कब्जे में लिया है। कार चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस के सामने आरोपी हॉस्पिटल से भाग निकला बृजेन्द्र स्वरूप पार्क के पास मंगलवार दोपहर को एक तेज रफ्तार हांडा सिटी कार ने बेनाझाबर निवासी गोपाल (55) को कुचल दिया। वहां मौजूद लोगों ने कार चालक को दबोच लिया और घायल को कार से चांदनी हॉस्पिटल आर्य नगर लेकर पहुंचे। यहां कुछ देर में ही इलाज के दौरान गोपाल की मौत हो गई। इस दौरान कार चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने उसकी कार को कब्जे में लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही मृतक के भाई मदन और पत्नी मौके पर पहुंची। भाई ने बताया कि कार चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है। पुलिस की मौजूदगी में आरोपी हॉस्पिटल से भाग निकला, पुलिस आरोपी कार चालक को बचा रही है। थाना प्रभारी विनीत चौधरी ने बताया कि टीएसएच द स्पोर्ट्स हब व गैंजेस क्लब के बीच बेनाझावार कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क किनारे लेटे बेनाझाबर निवासी गोपाल की हादसे में मौत हुई है। जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कार को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।
लखनऊ के शिया कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीए प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज के शिक्षकों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के गुर और करियर में सफलता पाने के मंत्र दिए। वित्त अधिकारी एमएम एजाज अब्बास ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब एक बालिका शिक्षा प्राप्त करती है, तो उससे पूरा समाज शिक्षित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कॉलेज की खतीब-ए-अकबर लाइब्रेरी में 1 लाख से अधिक किताबें उपलब्ध हैं, जहां वातानुकूलित माहौल में पढ़ाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बीए का पहला साल सिर्फ अंक लाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्किल और प्रतिभा को निखारने का समय है। उन्होंने छात्रों को सवाल पूछने, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और अपनी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर बनाने की सलाह दी। परीक्षाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और मददगार कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सैयद शबीहे रजा बाकरी ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी में हर क्षेत्र में ढेरों अवसर हैं। उन्होंने बताया कि मानविकी (ह्यूमैनिटीज) विषय इंसान में समाज को समझने की गहरी सोच विकसित करते हैं, और ये विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और मददगार साबित होते हैं। एससीडीआरसी निदेशक प्रदीप शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि मानविकी को सिर्फ डिग्री लेने का जरिया न समझें, बल्कि यह समाज और मानव व्यवहार को जानने का एक माध्यम है। उन्होंने नोट्स रटने के बजाय विषय को समझने और सवाल पूछने में झिझक न करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बीए के बाद सिविल सर्विसेज, पत्रकारिता, कानून, शिक्षण, कंटेंट राइटिंग और सोशल वर्क जैसे क्षेत्रों में शानदार करियर बनाया जा सकता है। महाविद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा को पूरी तरह जीवंत रखा बीए गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज प्रो. जर्रीन जेहरा रिजवी ने कहा कि महाविद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा को पूरी तरह जीवंत रखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को हर तरह से ज्ञान पाने के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का सफल संचालन सीमा राना ने किया। इस दौरान नगीना बानो, कनीज मेंहदी जैदी, मधुलिका चौधरी, सायमा मेंहदी और नफीस हासिम रिजवी समेत कई शिक्षक उपस्थित रहे।
मेरठ में मंगलवार शाम को आवारा कुत्तों के हमले में 58 वर्षीय किसान की मौत हो गई। किसान सुबह करीब 8 बजे खेत में गन्ने की बंधाई करने गए थे। शाम को जब तक वह घर नहीं लौटे तो परिवार को चिंता हुई। इसके बाद उनका पोता दादा को देखने खेत पर पहुंचा। वहां उसने आवारा कुत्तों के झुंड को उनके शरीर को नोचते देखा, यह दृश्य देखकर ईशांत घबरा गया और शोर मचाते हुए गांव की ओर भागा। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेत पहुंचे। लोगों को आता देख कुत्ते वहां से भाग गए। जब तक गांव वाले पहुंचे तब तक किसान की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और नाराजगी का माहौल है। देखिए 3 तस्वीरें… सुबह खेत पर गन्ने की बंधाई करने गए थे परिजनों के अनुसार, किठौली निवासी लख्मी पुत्र रामशरण मंगलवार सुबह करीब 8 बजे घर से अपने खेत पर गए थे। वह खेत में गन्ने की बंधाई का काम कर रहे थे। रोजाना की तरह काम पर गए लख्मी के घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। करीब 4 बजे तक लख्मी के घर नहीं पहुंचने पर उनके बड़े बेटे जितेंद्र के बेटे ईशांत को उन्हें देखने के लिए खेत पर भेजा गया। पोते ने खेत में देखा भयावह मंजर ईशांत खेत पर पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। उसने आवारा कुत्तों के झुंड को अपने दादा के शरीर को नोचते देखा। यह देखकर ईशांत चीख पड़ा और डर के कारण जान बचाकर गांव की ओर भागा। रास्ते में मिले ग्रामीणों और परिजनों को उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर खेत की ओर दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचते ही भागे कुत्ते ग्रामीणों और परिजनों को खेत की ओर आता देखकर कुत्तों का झुंड वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने खेत में पहुंचकर लख्मी को देखा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनके शरीर पर कुत्तों के हमले के गंभीर निशान बताए गए हैं। घटना की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी और दो बेटों के साथ परिवार छोड़ गए लख्मी लख्मी के परिवार में पत्नी उषा और दो बेटे जितेंद्र व अंकुर हैं। बड़ा बेटा जितेंद्र करीब 34 वर्ष का है, जबकि छोटा बेटा अंकुर करीब 30 वर्ष का है। जितेंद्र के दो बेटे हैं। वहीं अंकुर के एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार के मुखिया की इस तरह हुई मौत से पत्नी, दोनों बेटों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी घटना के बाद ग्रामीणों में आवारा कुत्तों को लेकर नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और गांव के आसपास आवारा कुत्तों की मौजूदगी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसान और ग्रामीण अक्सर खेतों में काम के लिए आते-जाते हैं। ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। करीब एक घंटे तक शव को नहीं ले जाने दिया घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए करीब एक घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। ग्रामीणों की नाराजगी का मुख्य कारण क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या बताई गई। घटना ने गांव में रहने वाले लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। खेतों में काम करने वाले किसानों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चर्चा रही।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की कैद:हरदोई कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
हरदोई के कछौना कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने के चार साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी दिनेश को दोषी करार दिया है। मंगलवार को हरदोई के एडीजे-14/पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस ने मंगलवार देर शाम करीब 6:31 बजे इसकी जानकारी दी। 16 वर्षीय किशोरी को घर से ले गया था आरोपी मामला जून 2022 का है। कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 12 जून 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 10 जून की रात करीब 1 बजे आरोपी दिनेश उनकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। किशोरी अपने साथ मोबाइल फोन और सोने के जेवरात भी ले गई थी। पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने 12 जून 2022 की शाम करीब 5:20 बजे आरोपी दिनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376 के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। गवाहों और साक्ष्यों से साबित हुए आरोप मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिद्ध माना। कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा मंगलवार को एडीजे-14/पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए दिनेश को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
मैहर में पत्थर से लदा ट्रक पलटा:ड्राइवर सुरक्षित, सड़क किनारे घर की बाउंड्री पर गिरा
मैहर जिले के सलैया गांव के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे पत्थरों से भरा एक ओवरलोड ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बने एक घर की बाउंड्री से टकराकर पलट गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में ड्राइवर बाल-बाल बच गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, ट्रक में पत्थर भरकर ड्राइवर अर्जुन बुनकर (25, निवासी भदनपुर, मैहर) भटूरा से सतना की तरफ जा रहा था। जैसे ही ट्रक सलैया गांव के पास पहुंचा, सामने से एक ट्रैक्टर आ गया। उसे बचाने के चक्कर में ड्राइवर का स्टैयरिंग से संतुलन बिगड़ गया और ट्रक सीधे मुन्नूलाल कुशवाहा के घर की बाउंड्री से टकराकर पलट गया। सड़क पर फैले पत्थर, बाल-बाल बचे लोग ट्रक पलटते ही उसमें भरे भारी पत्थर सड़क पर बिखर गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठे हो गए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त ट्रक पलटा, उस जगह पर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ड्राइवर सुरक्षित, जांच में जुटी पुलिस हादसे में ड्राइवर अर्जुन बुनकर को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और न ही कोई दूसरा व्यक्ति घायल हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक में क्षमता से काफी ज्यादा पत्थर भरे हुए थे। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है।
शिवपुरी में नदी में नहाते समय डूबा युवक, मौत:रिशतेदारों के साथ नहाने गया था, पुलिस ने मर्ग कायम किया
शिवपुरी के तेंदुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार को नदी में नहाते समय 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने साले और साडू के साथ बाइक से लौट रहा था। केनवाया गांव के पास तीनों नदी में नहाने के लिए रुके थे। इसी दौरान युवक नदी के बीच गहरे पानी में चला गया और डूब गया। ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान श्योपुर जिले के गसमानी थाना क्षेत्र के सहसराम गांव निवासी 22 वर्षीय छोटू जाटव के रूप में हुई है। वह अपनी ससुराल कड़ेशरा गांव आया हुआ था। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था मंगलवार को छोटू अपने साडू के गांव ख्यावदा में कांवड़ के कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम के बाद दोपहर में वह अपने साले और साडू के साथ बाइक से कड़ेशरा स्थित ससुराल लौट रहा था। गहरे गड्ढे में चला गया था युवक कड़ेशरा गांव से करीब तीन किलोमीटर पहले केनवाया गांव के पास तीनों नदी में नहाने के लिए रुक गए। नहाते समय छोटू नदी के बीच गहरे पानी में चला गया। पानी के अंदर गहरे गड्ढे में जाने से वह डूबने लगा। उसके साले और साडू ने उसे बचाने का प्रयास किया। आसपास के ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद छोटू को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मर्ग कायम किया घटना की सूचना मिलते ही तेंदुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ग्वालियर के गोले का मंदिर थाना क्षेत्र में शराब व्यवसाय को लेकर मारपीट और हत्या के मामले में आरोपी योगेश शिवहरे के पिता ने मंगलवार को डीआईजी ग्वालियर को आवेदन देकर बेटे को झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाया है। रोशनी घर रोड निवासी हरीशंकर शिवहरे ने पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ग्वालियर रेंज को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और योगेश को प्रकरण से मुक्त करने की मांग की है। उन्होंने घटना के समय के कुछ सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं। 9 दिन पहले हुई थी हत्या आवेदन में हरीशंकर शिवहरे ने बताया कि 2 अगस्त की रात मंघाराम फैक्ट्री के सामने पुराने विवाद को लेकर शिवम वाजपेयी उर्फ सुक्खा पंडित और उसके भाई अनुज के साथ मारपीट हुई थी। अगले दिन 3 अगस्त को दर्ज एफआईआर में जीतू गुर्जर, भोलू घुरैया और दो अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए थे। घायल अनुज वाजपेयी की इलाज के दौरान मौत होने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ा दी। इसके साथ ही योगेश शिवहरे का नाम भी आरोपी के तौर पर जोड़ दिया गया। पिता का आरोप है कि घटना के समय योगेश मौके पर मौजूद नहीं था। CCTV फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन का दिया हवाला हरीशंकर शिवहरे का दावा है कि प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट में योगेश का नाम नहीं था और बाद में रंजिश के चलते उसे मामले में जोड़ा गया। डीआईजी को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि घटना के समय योगेश चार शहर का नाका (संजय नगर) स्थित अपनी दुकान पर मौजूद था। दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी मौजूदगी दर्ज है। उन्होंने कहा कि मोबाइल टावर लोकेशन से भी इसकी पुष्टि हो सकती है। रंजिश के चलते नाम घसीटने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग हरीशंकर ने डीआईजी से मांग की है कि घटनास्थल, स्मार्ट सिटी और मंघाराम फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराए जाएं। साथ ही योगेश के मोबाइल की टावर लोकेशन को भी जांच में शामिल किया जाए। उन्होंने बताया कि जून में योगेश पर हुई फायरिंग की घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही है। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते योगेश को हत्या के मामले में फंसाया गया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर योगेश का नाम प्रकरण से हटाने की मांग की है।
त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रयागराज और विशाखापटनम के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन 16-16 फेरे लगाएगी। इससे प्रयागराज, बिलासपुर, रायगढ़ समेत रास्ते के कई शहरों के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 04159 प्रयागराज-विशाखापटनम साप्ताहिक स्पेशल 14 अगस्त से 27 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को प्रयागराज से चलेगी। इस दौरान ट्रेन के कुल 16 फेरे होंगे। ट्रेन प्रयागराज से सुबह 10:15 बजे रवाना होकर अगले दिन शनिवार को दोपहर 1:30 बजे विशाखापटनम पहुंचेगी। 15 अगस्त से हर शनिवार चलेगी ट्रेन वहीं, गाड़ी संख्या 04160 विशाखापटनम-प्रयागराज साप्ताहिक स्पेशल 15 अगस्त से 28 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी। यह विशाखापटनम से दोपहर 3:40 बजे रवाना होकर अगले दिन रविवार को शाम 5:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। बिलासपुर समेत इन स्टेशनों पर ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों शहडोल, अनूपपुर, पेंड्रारोड, बिलासपुर और रायगढ़ में ट्रेन का स्टॉपेज रहेगा। इसके अलावा झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर, बरगढ़ रोड, बलांगीर, टिटिलागढ़, केसिंगा, मुनिगुड़ा, रायगढ़ा, कूनेरु, पार्वतीपुरम, बोब्बिली और विजयनगरम में भी व्यावसायिक ठहराव दिया गया है। बिलासपुर में रात 10:15 बजे पहुंचेगी प्रयागराज से चलने वाली ट्रेन के निर्धारित समय के अनुसार शहडोल शाम 6:15 बजे, अनूपपुर 6:55 बजे, पेंड्रारोड 7:38 बजे और बिलासपुर रात 10:15 बजे पहुंचेगी। बिलासपुर में 10 मिनट रुकने के बाद ट्रेन 10:25 बजे रवाना होगी। इसके बाद रायगढ़ रात 12:25 बजे पहुंचेगी और 12:30 बजे रवाना होगी। वापसी दिशा में विशाखापटनम से चलने वाली ट्रेन रायगढ़ सुबह 3:55 बजे, बिलासपुर सुबह 6 बजे, पेंड्रारोड 8:33 बजे, अनूपपुर 9:20 बजे और शहडोल सुबह 10 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन शाम 5:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी 22 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे। इनमें 1 पावरकार, 1 एसएलआरडी, 5 जनरल, 7 स्लीपर, 1 एसी-2, 4 एसी-3 और 3 एसी-3 इकोनॉमी कोच शामिल हैं। इससे अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय और ठहराव की ताजा जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट Indian Railways Enquiry पर देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए छतरपुर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने जिले के 14 प्रभावित गांवों में दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कोई पात्र व्यक्ति मुआवजे और पुनर्वास के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार संभालने के बाद पुनर्वास से जुड़े कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित 5 गांवों के 59 लोगों के लिए कुल 7 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पात्र हितग्राहियों को दी जाएगी। जमीन-मकान से लेकर पेड़-पौधों का होगा आकलन री-सर्वे के दौरान राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में मौके पर जाएंगी। यहां जमीन, मकान, पेड़-पौधे और अन्य संपत्तियों का दोबारा आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुराने सर्वे में छूट गए या किसी कारण से लाभ से वंचित रह गए पात्र लोगों की पहचान करना है। कलेक्टर बोले- पारदर्शी तरीके से होगा सर्वे कलेक्टर ने अधिकारियों को री-सर्वे की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की पात्रता और उनकी संपत्तियों का सही आकलन किया जाए। इसके बाद पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ तय समय में उपलब्ध कराए जाएं। जिला प्रशासन अब केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े पुनर्वास और मुआवजे के कामों पर विशेष नजर रख रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि री-सर्वे का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना से प्रभावित हर पात्र परिवार को उसका वैधानिक हक मिले। विरोध में हुआ था आंदोलन केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और अनोखा 'चिता व जल सत्याग्रह' किया जा रहा है। जुलाई 2026 में छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास बराना नदी में यह आंदोलन तब चर्चा में आया जब प्रदर्शनकारियों ने गले में फंदे और प्रतीकात्मक चिताओं पर लेटकर न्याय की गुहार लगाई, जिसे 19 जुलाई 2026 को पुलिस ने बलपूर्वक समाप्त कर दिया गया इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों का चिता आंदोलन खत्म छतरपुर के कुपी गांव में बराना नदी के घाट पर केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के 'चिता आंदोलन' ने रविवार तड़के नया मोड़ ले लिया। आंदोलन के 17वें दिन और जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के आमरण अनशन के 14वें दिन भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर सभी आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। पूरी खबर पढ़ें…
जयपुर को मिली 16 नई ई-बसें:CM भजनलाल ने दिखाई हरी झंडी: बोले- धुआं और शोर नहीं
जयपुर के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को 16 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर जयपुर के लिए रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और क्लीन मोबिलिटी की सोच के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करने के साथ शहरों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि बिना धुएं और कम शोर के चलने वाली ये बसें आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 8 शहरों में 110 ई-बसों का संचालन शुरू प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत मंगलवार को राजस्थान के 8 शहरों में एक साथ 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया। इनमें जयपुर के लिए 16 ई-बसें शामिल हैं। इन बसों के संचालन से शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के साथ यात्रियों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। ई-बसों के संचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। इससे पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। क्लीन मोबिलिटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसें इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम हैं। इन बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन शहरों की जरूरत है। इलेक्ट्रिक बसें इस जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
हरियाली अमावस्या पर बुधवार को चित्तौड़गढ़ जिले के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। सबसे ज्यादा भीड़ विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़गढ़ दुर्ग और श्री सांवलियाजी मंदिर में रहने का अनुमान है। इसे देखते हुए जिला पुलिस ने पूरे दिन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं, पर्यटकों और पदयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी, जाम या हादसे की स्थिति नहीं बने। इसलिए दुर्ग पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। जबकि सांवलियाजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले गाड़ियों की पार्किंग पहले से तय कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नई व्यवस्था का पालन करें और तय पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक दुर्ग पर नहीं जाएगी गाड़ी पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर हर साल बड़ी संख्या में लोग चित्तौड़गढ़ दुर्ग घूमने और धार्मिक स्थलों के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार भी भारी भीड़ की संभावना है। खास बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग पैदल यात्रा कर दुर्ग पहुंचते हैं। ऐसे में गाड़ियों की आवाजाही जारी रहने पर जाम लगने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी कारण पाडनपोल से दुर्ग की ओर जाने वाले सभी तरह के गाड़ियों की एंट्री बुधवार सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान दोपहिया, तिपहिया, कार, जीप, पिकअप, ट्रैक्टर, बस और अन्य सभी छोटे-बड़े गाड़ियों को पाडनपोल से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालु और पर्यटक तय पार्किंग में गाड़ी खड़े कर पैदल ही दुर्ग की ओर जा सकेंगे। पुलिस और यातायात विभाग की टीमें पूरे दिन मौके पर तैनात रहेंगी और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगी। दुर्ग आने वालों के लिए पहले से तय की गई पार्किंग यातायात प्रभारी मोतीराम ने बताया कि लोगों को परेशानी से बचाने के लिए पार्किंग की अलग व्यवस्था की गई है। दुर्ग घूमने आने वाले दोपहिया गाड़ियों को इनकम टैक्स ऑफिस के सामने स्थित पार्किंग में खड़ा करना होगा। वहीं कार, जीप, पिकअप, ट्रैक्टर, बस और अन्य बड़े वाहनों के लिए ईनाणी सिटी सेंटर में पार्किंग बनाई गई है। वहां से लोग पैदल दुर्ग तक जा सकेंगे। पुलिस का कहना है कि यदि सभी लोग तय पार्किंग का उपयोग करेंगे तो ट्रैफिक सुचारू रहेगा और किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा पुलिस लगातार लाउडस्पीकर और ड्यूटी पर तैनात जवानों के जरिए लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी भी देती रहेगी। सांवलियाजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग प्लान हरियाली अमावस्या पर श्री सांवलियाजी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए वहां भी ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग तय की गई है ताकि मंदिर क्षेत्र में भीड़ और जाम की स्थिति न बने। भादसोड़ा की ओर से आने वाली बसों की पार्किंग कॉलेज के पास बनाई गई है। भादसोड़ा की तरफ से आने वाले अन्य गाड़ियों को रेफरल हॉस्पिटल बायपास पार्किंग में खड़ा करना होगा। चिकारड़ा की तरफ से आने वाले वाहनों की पार्किंग गोकुल विश्रांति गृह में रहेगी। वहीं भदेसर रोड से आने वाले वाहन रिंग रोड बायपास पर रामलाल गाडरी के कुएं के पास बनाई गई पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। कुरेठा, नरबेदिया और बानसेन की ओर से आने वाले वाहनों के लिए रिंग रोड बायपास स्थित पेट्रोल पंप के पास पार्किंग तय की गई है। पुलिस ने बताया कि कस्बा मंडफिया के अंदर सिर्फ जरूरी सेवाओं और जरूरी सामान लेकर आने वाले गाड़ियों को ही एंट्री दी जाएगी। बाकी सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर गाड़ियों का प्रवेश बंद रहेगा। पुलिस की अपील, सहयोग करेंगे तो यात्रा रहेगी आसान एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर हर साल जिले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी लंबे जाम और दुर्घटना की वजह बन सकती है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले तय ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी जरूर लें, निर्धारित पार्किंग का ही उपयोग करें और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का मानना है कि लोगों के सहयोग से ही श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सकेगी तथा दुर्ग और सांवलियाजी मंदिर में दर्शन के दौरान ट्रैफिक और कानून व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी रहेगी।
कानपुर में बीजेपी उत्तर 13 अगस्त को कानपुर में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा से शुरू होकर बिरहाना रोड होते हुए घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा तक पहुंचेगी। भाजपा ने इस यात्रा में 5 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। यात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को नवीन मार्केट स्थित भाजपा कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान के संयोजक अभिनव दीक्षित और भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने युवाओं को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। शाम 3 बजे फूलबाग से शुरू होगी यात्राजिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि 10 अगस्त से शहर में मंडल स्तर पर तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। इसी क्रम में 13 अगस्त को भाजपा उत्तर की ओर से बड़ी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।उन्होंने बताया कि यात्रा 13 अगस्त को शाम 3 बजे फूलबाग गांधी प्रतिमा से शुरू होगी। इसके बाद यात्रा बिरहाना रोड होते हुए घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा पर पहुंचेगी, जहां इसका समापन किया जाएगा। राष्ट्रीय मंत्री महेंद्र सिंह करेंगे नेतृत्वभाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के प्रभारी एवं पूर्व जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। तिरंगा यात्रा का नेतृत्व भी महेंद्र सिंह करेंगे। अब तक 1 लाख तिरंगे बांटेअनिल दीक्षित ने बताया कि मंगलवार तक तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के बीच करीब 1 लाख तिरंगे वितरित किए जा चुके हैं। 13 अगस्त की यात्रा में 5 हजार लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोगों में तिरंगा यात्रा को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि तय लक्ष्य से ज्यादा लोग यात्रा में शामिल होंगे।बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूदतैयारी बैठक में जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित और अभियान संयोजक अभिनव दीक्षित के अलावा भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला संयोजक अक्षय त्रिवेदी और मीडिया प्रभारी अनुराग मौजूद रहे।
हरदोई में मिड-डे मील के खराब खाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में बच्चों की थाली में जले हुए चावल, बेहद पतली दाल और आलू की सब्जी दिखाई दे रही है। बीएसए प्रभात मिश्रा ने दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। वीडियो मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे का बताया जा रहा है। वीडियो में बच्चों को परोसे गए भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए। वीडियो में तहरी के दिन चावल के साथ सोयाबीन की बड़ी नहीं दिए जाने का भी दावा किया गया। मामला टड़ियावां विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कोटरा का है। स्कूल में कुल 231 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इनमें करीब 30 आंगनबाड़ी के बच्चे शामिल हैं। रोजाना औसतन 170 बच्चे स्कूल आते हैं। सहायक शिक्षक ने लगाए थे आरोप वीडियो बनाने वाले सहायक शिक्षक विनोद कुमार ने प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार पर मिड-डे मील में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। विनोद कुमार का दावा है कि मानक के अनुसार तहरी में सोयाबीन की बड़ी दी जानी चाहिए, लेकिन करीब दो साल से इसे भोजन में शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चियां दाल नहीं मिलने की शिकायत लेकर उनके पास पहुंची थीं। इसके बाद उन्होंने भोजन का वीडियो बनाया। शिक्षक ने पहले भी बीईओ, बीएसए और जिलाधिकारी से शिकायत करने का दावा किया। प्रधानाचार्य ने आरोपों को बताया गलत प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि स्कूल में मानक के अनुसार पूरा राशन उपलब्ध कराया जाता है और राशन में किसी तरह की कटौती नहीं होती। उन्होंने कहा कि भोजन बनाते समय रसोइयों से पानी अधिक हो गया होगा। प्रधानाचार्य ने सहायक शिक्षक विनोद कुमार पर स्कूल का प्रभार लेने की कोशिश में विवाद खड़ा करने का आरोप भी लगाया। वहीं, अभिभावक गोरेलाल पाल ने भी भोजन की गुणवत्ता और स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। बीएसए ने खुद पहुंचकर की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए प्रभात मिश्रा खुद प्राथमिक विद्यालय कोटरा पहुंचे। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता, उपलब्ध राशन, भोजन वितरण व्यवस्था और अन्य संबंधित बिंदुओं की जांच की। जांच के बाद विभाग ने दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
कोटा की राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) का फर्जी प्रोफेसर जयपुर में गिरफ्तार हुआ। जयपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कभी खुद को राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) का प्रोफेसर, कभी स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी और कभी नर्सिंग अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। RTU की ओर से आरोपी के खिलाफ कोटा के दादाबाड़ी थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी इंजीनियरिंग छात्रों को फेल विषयों में पास कराने, बैक और रिवेल का फॉर्म भरवाने तथा नंबर बढ़वाने का झांसा देकर रुपए ऐंठता था। मुहाना थाना पुलिस ने आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ दातार सिंह उर्फ सुनील शर्मा उर्फ इंजीनियर सुनील मीणा उर्फ विजय शर्मा (33) निवासी कागदीवाड़ा, ब्रह्मपुरी जयपुर को गिरफ्तार किया है। फेसबुक पर फर्जी प्रोफेसर बनकर भेजता था फ्रेंड रिक्वेस्ट डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से नौकरी दिलाने, पुलिसकर्मी बनकर वसूली, मारपीट और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद वह दोबारा ठगी की वारदातों में सक्रिय हो गया था। पूछताछ में आरोपी ने जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर ‘इंजीनियर सुनील मीणा’, ‘इंजीनियर सुनील शर्मा’ और ‘इंजीनियर विजय शर्मा’ के नाम से फर्जी आईडी बनाता था। इन आईडी से इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसरों और छात्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। प्रोफाइल में वह खुद को पूर्णिमा इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र और RTU में इंजीनियर-प्रोफेसर बताता था। प्रोफाइल पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगा रखी थी। बैक, रिवेल और नंबर बढ़वाने का देता था झांसा आरोपी बातचीत के दौरान छात्रों को RTU में बैक और रिवेल का फॉर्म भरवाने, नंबर बढ़वाने या विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य काम करवाने का झांसा देता था। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लेता था। नौकरी लगवाने के नाम पर भी उसने कई लोगों से लाखों रुपए ठगे। रुपए लेने के बाद खुद ही बन जाता था फर्जी पुलिसकर्मी पुलिस के अनुसार आरोपी की ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता था। रुपए लेने के बाद वह पीड़ित का पता हासिल कर उसके घर पहुंच जाता था। वहां खुद को गांधी नगर थाने या स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताता था। वह पीड़ित से कहता कि जिस व्यक्ति को रुपए दिए हैं, वह अपराधी है और अब वह भी जेल जाएगा। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपी पीड़ित से दोबारा नकदी वसूल कर फरार हो जाता था। नर्सिंग अधिकारी बनकर भी की ठगी आरोपी ने कई लोगों को खुद को नर्सिंग अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वहीं सट्टा कारोबारियों को पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर खुद को स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताता और उनसे वसूली करता था। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पकड़ा मुहाना थाना प्रभारी मुकेश कुमार खारड़िया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, फर्जी फेसबुक आईडी, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद आरोपी की पहचान कर ब्रह्मपुरी क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया गया। 2.50 लाख से लेकर 20 हजार रुपए तक ठगे पूछताछ में आरोपी ने अलग-अलग लोगों से ठगी करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार उसने 2.50 लाख, 1.50 लाख, 1.21 लाख, 90 हजार, 62 हजार, 60 हजार, 50 हजार, 35 हजार, 25 हजार और 20 हजार रुपए सहित कई रकम ठगी है। पुलिस अब अन्य पीड़ितों की पहचान करने के साथ आरोपी के बैंक खातों और पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
शामली के सदाशिव मंदिर में शिव महापुराण कथा:पांचवें दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
शामली के प्राचीन सदाशिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन मंगलवार को शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। इस दौरान कथाव्यास पं. दिनेश पाठक ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह तथा भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर के वध की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे। पं. दिनेश पाठक ने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या पूरी होने के बाद देवताओं को तारकासुर राक्षस के अत्याचारों से मुक्ति की चिंता सताने लगी थी। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया। उनके पुत्र भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया। कथाव्यास पं. दिनेश पाठक ने भगवान शिव के स्वरूप और उनके विवाह से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने विवाह के बाद भी धर्म का त्याग नहीं किया। शरीर पर भस्म धारण करना संसार की नश्वरता का प्रतीक है, जबकि गले में नाग धारण करना उनके निर्भय स्वरूप और काल पर नियंत्रण को दर्शाता है। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी प्रस्तुत की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान शिव और माता पार्वती का स्वागत किया। शिव बारात की महिमा सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे और नृत्य करने लगे। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक महाराज सिंह के दामाद और नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अरविंद संगल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिओम पाठक ने किया। आयोजन में कॉलोनीवासियों और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। सचिन, विलियम, निर्वाल, भम्पी वधवा, संजय बनाम और गोपाल तोमर समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे।
पन्ना जिले के कटबरियन मोड़ पर लोहे की जालियों से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक और उसका हेल्पर करीब 30 मिनट तक जालियों के नीचे दबे रहे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने क्रेन की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। यह हादसा कटबरियन मोड़ की ढलान पर हुआ। जानकारी के मुताबिक ट्रक (क्रमांक UP 51 AT 2710) लोहे की जालियों और सरियों से ओवरलोड होकर कानपुर की तरफ जा रहा था। ट्रक को हैदरगंज निवासी अंकित यादव (30) चला रहे थे और उनके साथ हेल्पर राहुल यादव (25) भी मौजूद थे। ढलान पर पहुंचते ही ट्रक के ब्रेक अचानक फेल हो गए, जिससे गाड़ी बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई। 30 मिनट चला बचाव अभियान टक्कर इतनी तेज थी कि चालक और हेल्पर केबिन और भारी जालियों के नीचे बुरी तरह फंस गए। धमाके की आवाज सुनकर राहगीर और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। खबर मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। लोहे का भारी सामान होने के कारण दोनों को निकालना काफी मुश्किल था। इसके बाद क्रेन बुलाई गई और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी रेस्क्यू के बाद दोनों घायलों को 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गनीमत यह रही कि इतने बड़े हादसे के बाद भी दोनों की जान बच गई, हालांकि वे अभी कुछ भी बोलने की हालत में नहीं हैं। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की जाँच शुरू कर दी है।
सीकर जिले के राजपूत समाज ने BJP से गहरी नाराजगी जताई है। आज राजपूत सभा की जिला इकाई की बैठक में समाज के लोगों ने सीकर भाजपा जिलाध्यक्ष पर राजपूत समाज के वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। राजपूत सभा की बैठक में अध्यक्ष रामसिंह पिपराली ने कहा कि सीकर भाजपा जिलाध्यक्ष ने समाज को कमतर आंका है, इसका परिणाम आगामी निकाय चुनावों में दिया जाएगा। राजपूत समाज के जिला महामंत्री गजेंद्र सिंह राजावास ने बैठक में कहा कि सीकर जिले में हमेशा से BJP संगठन में राजपूत समाज को उचित पद मिलता रहा है। पहले जिला कार्यकारिणी में राजपूत समाज से कम से कम एक महामंत्री बनाया जाता था। वर्तमान जिलाध्यक्ष ने पदभार संभालने के बाद और मंडल अध्यक्षों की घोषणा के बाद कार्यकारिणी विस्तार में पहली बार समाज से किसी को महामंत्री नहीं बनाया। राजपूत सभा की महिला विंग अध्यक्ष बीनू शेखावत ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ तहसील के बाटड़ानाऊ गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि लक्ष्मणगढ़ में पद खाली होने के बावजूद तहसील के एकमात्र राजपूत पटवारी का द्वेषतापूर्ण रवैये से नीमकाथाना ट्रांसफर कर दिया गया। समाज के सज्जन सिंह चिड़ासरा ने कहा कि नाराजगी का सबसे बड़ा कारण हाल ही में गठित जन अभाव अभियोग निराकरण समितियां हैं। जिला स्तरीय 10 सदस्यीय समिति में समाज का एक भी प्रतिनिधि शामिल नहीं किया गया। यही स्थिति उपखंड स्तरीय समितियों की है, जहां कुल 49 सदस्यों में से राजपूत समाज के एक भी कार्यकर्ता को स्थान नहीं मिला। अमर सिंह दीनवा ने कहा कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रही लक्ष्मणगढ़, रींगस और रामगढ़ शेखावाटी की सूचियों को लेकर जब राजपूत सभा के प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायकों, पूर्व लोकसभा प्रत्याशियों और क्षेत्रीय महामंत्री से बात की, तो सामने आया कि इन सूचियों को बनाने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों से राय तक नहीं ली गई। राजपूत सभा ने स्पष्ट किया है कि यदि जिलाध्यक्ष को पदमुक्त नहीं किया गया, विवादित सूचियों को रद्द नहीं किया गया और आगामी सूचियों पर रोक नहीं लगाई गई तो राजपूत समाज BJP के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा। समाज के नेताओं को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व ना मिलने पर आने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा को इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मौके पर हेम सिंह धमोरा, तेज सिंह बगड़ी, भवानी सिंह सामी, बाल सिंह मुड़वारा, गिरधारी सिंह हीरना, भवानी सिंह, विश्वदीप सिंह नरुका और जैनेंद्र सिंह ठिमोली समेत राजपूत समाज के काफी लोग मौजूद थे।
देवास के कन्नौद क्षेत्र के 150 से ज्यादा किसानों ने मंगलवार को लंबित फसल बीमा राशि को लेकर कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन किया। किसान जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे थे। मुहाई, भिलाई, नादौन, डाबरी और कोलारी बड़ा खेत समेत कई गांवों के किसानों ने 2023, 2024 और 2025 की फसल बीमा राशि जारी करने की मांग की। किसानों ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। समाधान नहीं होने पर चक्काजाम और आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया था। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें खराब हुईं, लेकिन उन्हें अब तक बीमा राशि का लाभ नहीं मिला। किसानों ने आरोप लगाया कि वे बैंक, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से संपर्क करते रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्हें आश्वासन ही मिलते रहे। 15 दिन का अल्टीमेटम, चक्काजाम की चेतावनी किसानों ने प्रशासन से 2023, 2024 और 2025 की लंबित फसल बीमा राशि का जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर चक्काजाम और आंदोलन करेंगे।इसी जनसुनवाई में ग्राम मोहाई के ग्रामीणों ने भी अलग समस्या रखी। उन्होंने बताया कि उनका गांव ग्राम पंचायत भिलाई के अंतर्गत आता है, लेकिन शासकीय पोर्टल पर गांव की जानकारी गलत दर्ज है। ग्रामीणों के मुताबिक, पोर्टल पर दर्ज गलत जानकारी के कारण उन्हें शासकीय योजनाओं, दस्तावेजों और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम में परेशानी हो रही है। उन्होंने कलेक्टर से पोर्टल में दर्ज जानकारी तत्काल ठीक कराने और स्थायी समाधान की मांग की। डिप्टी कलेक्टर बोले- कृषि विभाग के जरिए शासन को भेजेंगे डिप्टी कलेक्टर कन्हैयालाल तिलवारी ने बताया कि किसानों ने ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले को कृषि विभाग के माध्यम से शासन स्तर पर भेजा जाएगा।
नूंह शहर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी 31 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने और घर से लाखों की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण गायब होने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में पिता ने बताया कि उनकी बेटी 9 अगस्त की शाम करीब सात बजे अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नूंह शहर के वार्ड नंबर-8 निवासी शाहिर, जो शादीशुदा है और आठ बच्चों का पिता बताया गया है, उनकी बेटी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। 10 लाख की एफडी भी ले गई युवती पिता के अनुसार, बेटी के घर से जाने के बाद करीब 10 लाख रुपए की दो एफडी, लगभग 1.50 लाख नकद और सोने-चांदी के आभूषण भी गायब मिले। परिजनों को आशंका है कि आरोपी ने रुपए और आभूषण हड़पने के इरादे से युवती को अपने साथ ले जाया है। परिवार ने पुलिस से बेटी को जल्द बरामद करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस युवती की तलाश कर रही है और लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:हाथरस-मथुरा रोड पर हादसा, पुलिस वाहन की तलाश में जुटी
हाथरस में मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र में मथुरा रोड पर नगला नंदू के पास हुआ। युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पीछे से वाहन ने बाइक में मारी टक्कर मृतक की पहचान 36 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र मवासीराम निवासी ढेंगरा, थाना मुरसान के रूप में हुई है। राजेंद्र नल की बोरिंग आदि का काम करते थे। मंगलवार शाम वह मुरसान से बाइक से हाथरस की ओर आ रहे थे। नगला नंदू के पास पीछे से आए किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही राजेंद्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल राजेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद राजेंद्र के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शव की पहचान की। पुलिस अब हादसे के लिए जिम्मेदार अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। चार बच्चों को छोड़ गए राजेंद्र राजेंद्र सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं। अचानक हुए हादसे से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गाजीपुर के कासिमाबाद स्थित सोनबरसा गांव की चौहान बस्ती के ग्रामीण मंगलवार को नाली निर्माण और जल निकासी की समस्या को लेकर करीब साढ़े सात घंटे तक ब्लॉक मुख्यालय पर धरने पर बैठे रहे। मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम करीब 7:30 बजे जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। डीएम ने एसडीएम को बुधवार से नाली निर्माण का काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। बारिश के बीच धरने पर डटे रहे ग्रामीण बीडीसी ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे धरना शुरू हुआ। इसमें 25 से 30 ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें 5-6 महिलाएं भी थीं। बारिश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर डटे रहे। 50-60 घरों के सामने जलभराव की समस्या ग्रामीणों के मुताबिक, चौहान बस्ती के करीब 50 से 60 घरों के नाबदान और बारिश के पानी की निकासी पहले नाली के जरिए होती थी। नाली निर्माण को लेकर हुए विवाद के बाद जल निकासी बाधित हो गई। बारिश होते ही बस्ती में पानी जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक जमीन पर कब्जे का आरोप ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में गाटा संख्या 277 की गड्ढी/आबादी और सार्वजनिक जमीन पर कथित कब्जे का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण के कारण नाली निर्माण में बाधा आ रही है। उन्होंने मौके की जांच, जमीन की पैमाइश और नाली निर्माण कराने की मांग की। अधिकारियों ने समझाने का किया प्रयास धरने की जानकारी मिलने पर खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्या समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे तत्काल नाली निर्माण शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि नाली बनने के बाद ही जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। डीएम ने मौके पर पहुंचकर सुनी समस्या करीब छह घंटे बाद शाम 6 बजे जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला कासिमाबाद ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने उन्हें नाली निर्माण में आ रही कथित बाधा और जलभराव की स्थिति से अवगत कराया। बुधवार से नाली निर्माण के निर्देश डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया और एसडीएम को निर्देश दिए कि बुधवार से ही नाली निर्माण का काम शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के कारण ग्रामीणों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। डीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में संतोष नजर आया। करीब साढ़े सात घंटे चले धरने को शाम 7:30 बजे ग्रामीणों ने समाप्त कर दिया। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि बुधवार से नाली निर्माण शुरू होने के बाद बस्ती में जलभराव की समस्या का समाधान हो सकेगा।
साढ़े तीन साल की मासूम अनिका की जिंदगी इन दिनों करोड़ों रुपए के इलाज की चुनौती के बीच अटकी हुई है। वह Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type-2 जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। बीमारी के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन की कीमत करीब 9.55 करोड़ रुपए है। इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए लगभग असंभव था, लेकिन बेटी की जिंदगी बचाने की उम्मीद में परिवार के साथ सामाजिक संस्थाएं और मददगार भी आगे आए। कई महीनों की कोशिशों के बाद करीब 8 करोड़ रुपए की क्राउडफंडिंग जुटाई जा चुकी है। अब अनिका के इलाज की इस लड़ाई में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच अब उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। मामले में एडवोकेट चंचल गुप्ता और लखन शर्मा की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने अनिका की स्थिति को देखते हुए सरकार से मौजूदा 50 लाख रुपए की सहायता से आगे भी आर्थिक मदद की संभावनाएं तलाशने की अपेक्षा की है। इलाज 9.55 करोड़ का, सरकारी सहायता की सीमा 50 लाख सुनवाई के दौरान AIIMS की ओर से बताया गया कि दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए संबंधित योजना के तहत अधिकतम 50 लाख रुपए तक की सहायता उपलब्ध है। केंद्र सरकार इलाज संभव होने की स्थिति में यह सहायता देने को तैयार है लेकिन अनिका के इलाज की अनुमानित लागत करीब 9.55 करोड़ रुपए है। ऐसे में 50 लाख रुपए की सहायता उसके इलाज की पूरी जरूरत के मुकाबले काफी कम है। इसी वजह से अब कोर्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाकी रकम की व्यवस्था को लेकर है। बेटी के लिए लोगों ने खोला मदद का हाथ, जुटे करीब 8 करोड़ अनिका के परिवार की अपील पर विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं और चैरिटी संगठनों के माध्यम से करीब 8 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। यह रकम फिलहाल संबंधित संस्थाओं के पास है। यानी अनिका के इलाज के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी डोर अब भी लोगों की मदद से जुड़ी हुई है। अब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह राशि इलाज के लिए समय पर उपलब्ध हो सके और बाकी रकम की भी व्यवस्था हो जाए। कोर्ट ने कहा इसे असाधारण मामला मानकर रास्ता तलाशे अनिका की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से इस मामले को असाधारण मामला (Exceptional Case) मानकर 50 लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना तलाशने की अपेक्षा की है। कोर्ट ने राज्य सरकार के लिए भी इलाज के लिए आर्थिक सहायता के दूसरे रास्ते तलाशने की गुंजाइश रखी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले उन सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने अनिका के इलाज के लिए राशि जुटाई है। Novartis का Invoice आते ही AIIMS में जमा होगी रकम कोर्ट के सामने यह भी स्पष्ट करना होगा कि जिन संस्थाओं के पास क्राउडफंडिंग की रकम है, वे Novartis का invoice जारी होने पर संबंधित राशि AIIMS में जमा करने के लिए तैयार हैं या नहीं यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब 8 करोड़ रुपये जुटने के बावजूद इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राशि की उपलब्धता और उसके उपयोग की औपचारिकता पूरी होना जरूरी है। अब नजर 18 अगस्त की सुनवाई पर अनिका के इलाज के लिए अनुमानित 9.55 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसमें करीब 8 करोड़ रुपये क्राउडफंडिंग से जुटाए जा चुके हैं, जबकि केंद्र की ओर से संभावित 50 लाख रुपए की सहायता भी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद भी इलाज के लिए शेष रकम की व्यवस्था करना चुनौती बनी हुई है। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्तको होगी। उस दिन जुटाई गई रकम, संबंधित संस्थाओं की सहमति और इलाज के लिए बची राशि की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। साढ़े तीन साल की अनिका के लिए यह सिर्फ करोड़ों रुपए जुटाने की लड़ाई नहीं है। यह उस मासूम की जिंदगी बचाने की कोशिश है, जिसकी बीमारी के सामने उसके परिवार की आर्थिक क्षमता छोटी पड़ गई। लेकिन लोगों की मदद से जुटी रकम और अब हाईकोर्ट की पहल ने इस मुश्किल लड़ाई में परिवार को उम्मीद की एक नई वजह जरूर दी है। ये खबर भी पढ़ें… अनिका के लिए लगातार संघर्ष कर रहे माता-पिता इंदौर की मासूम अनिका को दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए माता-पिता लगातार संघर्ष कर रहे हैं। जगह-जगह वह लोगों के साथ मिलकर क्राउड फंडिंग यहां तक की जिन लोगों से मदद की उम्मीद है उनके यहां तक पहुंच रहे हैं। अनिका की मां सरिता शर्मा और पिता प्रवीण शर्मा लगातार अपनी बेटी को बीमारी से बचाने के लिए रात-दिन लगे हुए हैं।पूरी खबर पढ़ें
लुधियाना के जगराओं के व्यस्ततम इलाके तहसील चौक के पास स्थित एक लॉटरी स्टॉल पर मंगलवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ₹3 लाख के इनाम की राशि को लेकर एक ग्राहक और दुकानदार आमने-सामने आ गए। इनाम न मिलने से नाराज ग्राहक ने स्टॉल पर जमकर बवाल काटा, जिसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले में धोखाधड़ी और टिकट रद्दीकरण के गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। गांव मेहतपुर के रहने वाले गुरशरणजीत सिंह ने लॉटरी स्टॉल संचालक पर उनका ₹3 लाख का इनाम हड़पने का सीधा आरोप लगाया है। गुरशरणजीत सिंह के अनुसार वे पिछले 6 महीनों से सिधवां बेट में इसी दुकानदार के बेटे द्वारा संचालित लॉटरी स्टॉल से ऑनलाइन लॉटरी के नंबर चुन रहे थे और समय-समय पर टिकटों के पैसे भी ऑनलाइन ट्रांसफर या नकद देते रहे हैं। इनाम निकलते ही आया कैंसिलेशन मैसेज इस बार भी उन्होंने ऑनलाइन लॉटरी के लिए अपने नंबर चुने थे। बाद में जब उन्हें पता चला कि उनके चुने हुए नंबरों पर ₹3 लाख का बंपर इनाम निकला है, तो दुकानदार ने कथित तौर पर उन्हें एक मैसेज भेजा कि उनका टिकट रद्द (Cancel) कर दिया गया है। गुरशरणजीत का दावा है कि इनाम हड़पने की नीयत से दुकानदार ने टिकट खरीदने से संबंधित जो मैसेज पहले भेजे थे, उन्हें भी बाद में चैट से डिलीट (हटा) कर दिया। दुकानदार का पलटवार: ग्राहक ने टिकट के पैसे ही नहीं दिए दूसरी ओर, लॉटरी स्टॉल संचालक ने गुरशरणजीत सिंह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। दुकानदार का कहना है कि हम ऑनलाइन लॉटरी टिकट नहीं बेचते हैं। ग्राहकों को केवल अपनी पसंद के नंबर चुनने के लिए लिस्ट भेजी जाती है। गुरशरणजीत सिंह ने नंबर तो जरूर चुने थे, लेकिन उन्होंने उस संबंधित टिकट को फाइनल बुक (खरीदा) नहीं किया था और न ही उस टिकट की निर्धारित राशि हमें दी थी। दुकानदार ने आगे दावा किया कि चूंकि गुरशरणजीत ने टिकट के पैसे नहीं दिए थे, इसलिए नियमानुसार वह टिकट किसी अन्य ग्राहक को बेच दिया गया था। अब इनाम निकलने के बाद वे जबरन पैसे ऐंठने के लिए हंगामा कर रहे हैं। जांच के बाद ही साफ होगी हकीकत फिलहाल इस मामले में दोनों ही पक्षों की तरफ से विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं। जहां एक तरफ पीड़ित ग्राहक ₹3 लाख की लॉटरी निकलने के बावजूद इनामी राशि न देकर धोखाधड़ी करने की बात कह रहा है, वहीं दुकानदार टिकट की खरीद-फरोख्त न होने की बात पर अड़ा है। चैट डिलीट होने और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दावों के बीच अब इस मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस या संबंधित विभाग की निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
गुरुग्राम में एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को पुलिस ने बताया कि बिनौला गांव में बिना लाइसेंस क्लिनिक चलाने वाले मुकेश कुमार को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त छापेमारी के बाद पकड़ा गया। टीम ने मौके से दवाएं और मेडिकल उपकरण जब्त किए हैं। सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि मुकेश कुमार नामक व्यक्ति बिना लाइसेंस के मरीजों का इलाज कर रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सोमवार शाम को सीएमओ कार्यालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ छापेमारी में शामिल होने का निर्देश दिया गया। क्लिनिक में मरीजों का इलाज करते हुए मिला आरोपी सूचना के आधार पर, टीम बिनौला गांव में टेरी शॉप के पास स्थित सैनी क्लिनिक पहुंची। क्लिनिक में मुकेश कुमार मरीजों का इलाज करते हुए मिला। जब टीम ने उससे उसकी डिग्री और लाइसेंस मांगे, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण के दौरान, टीम को क्लिनिक से तीन बेड, एक स्टेथोस्कोप, एक ब्लड प्रेशर मशीन, एक थर्मामीटर, इंजेक्शन, दवाइयां, इस्तेमाल की हुई सिरिंज और सुई, अन्य मेडिकल उपकरण, प्रिस्क्रिप्शन स्लिप, लैब रिपोर्ट और क्लिनिक का रजिस्टर मिला। पुलिस ने एक डॉक्टर की मुहर भी जब्त की, जिसका कथित तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को किया अरेस्ट स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के बाद, नकली डॉक्टर मुकेश कुमार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस स्टेशन में एनएमसी अधिनियम की धारा 34 और बीएनएस की धारा 125 और 318 (4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि हम मामले की जांच कर रहे हैं और आरोपी से पूछताछ जारी है।
धार के सरदारपुर के ग्राम धुलेट निवासी हरिराम गेहलोत हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर विरोध तेज हो गया है। घटना के 10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सर्वसमाज के लोगों ने मंगलवार को राजगढ़ में प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका परिसर से रैली निकाली गई। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए थाना राजगढ़ के सामने स्थित मैला मैदान पहुंची। यहां करीब दो घंटे तक धरना दिया गया। प्रदर्शन में हरिराम गेहलोत के परिजन, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल धरने को संबोधित करते हुए विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मुख्य आरोपी भाजपा नेता और जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि देवा सिंगार की गिरफ्तारी में देरी पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना को 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उन्होंने सवाल किया कि जब कानून के हाथ लंबे बताए जाते हैं तो पुलिस आरोपी तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है। कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह हनी बघेल ने भी मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को विधानसभा के आगामी सत्र में उठाएंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी ने भी निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। एसआईटी जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग प्रदर्शन के बाद सर्वसमाज की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों के नाम एसडीएम अजमेरसिंह गौड़ को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मामले की एसआईटी जांच कराने, मृतक के मृत्यु पूर्व बयान को जांच में शामिल करने और गिरफ्तार आरोपी की उम्र की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई। इसके अलावा आरोपियों की संपत्ति की जांच और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग भी रखी गई। पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और प्रकरण में अन्य धाराएं जोड़ने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि हरिराम के परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। देखें तस्वीरें…
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के मद्देनजर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कानपुर सेंट्रल ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में व्यापक सुरक्षा चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्टेशन के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। सुरक्षा बलों ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों और लावारिस वस्तुओं की जांच की। संदिग्ध वस्तु दिखने पर जांच की गई संयुक्त टीम ने स्टेशन के पार्सल ऑफिस, आरएमएस, सिटी साइड, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल और वीआईपी वेटिंग हॉल समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सघन जांच की। प्लेटफॉर्म और यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में भी जवानों ने निगरानी रखी। संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु दिखाई देने पर तत्काल जांच की गई। लगातार गश्त की जा रही अभियान के दौरान आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी व जवान पूरी सतर्कता के साथ स्टेशन परिसर में तैनात रहे। यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में लगातार गश्त की गई। सुरक्षा बलों ने यात्रियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष सतर्कता बरती। अधिकारियों के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर कानपुर सेंट्रल समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले यात्रियों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। संदिग्ध चीज दिखे तो छुएं नहीं आरपीएफ और जीआरपी ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या लावारिस सामान दिखाई देने पर उसे छुएं नहीं और तत्काल इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल अथवा जीआरपी को दें। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में यात्रियों से सहयोग की अपील की गई है।
चित्रकूट में श्रावण मास की हरियाली अमावस्या मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने सीतापुर स्थित मंदाकिनी भवन में मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सुगम दर्शन पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसपी ने निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर समय से पहुंचकर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहें। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के पास वायरलेस हैंडसेट और लाउड हेलर होना अनिवार्य किया गया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सके। जोनल और सेक्टर प्रभारी लगातार अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और कार्यशैली की निगरानी करेंगे। मेले के दौरान मंदाकिनी नदी के स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 5 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ड्यूटी में 7 सीओ, 9 प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 27 निरीक्षक, 118 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 3 यातायात उपनिरीक्षक और 3 एलआईयू उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके अलावा 367 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल नागरिक पुलिस, 76 महिला कांस्टेबल, 30 यातायात कर्मी और 14 एलआईयू कर्मी भी तैनात रहेंगे। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए डॉग स्क्वायड, बीडीएस टीम, एसचेक टीम, पीएसी की एक प्लाटून और फ्लड कंपनी की एक प्लाटून को भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय बनाकर मेला व्यवस्था संभालेंगे। ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय सहित अन्य क्षेत्राधिकारी और मेला ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एसपी अरुण कुमार सिंह ने सभी पुलिसकर्मियों को आपसी समन्वय और तत्परता के साथ ड्यूटी निभाने तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन कराने के निर्देश दिए।
बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी अंचल मछुरदा के गठिया गांव में बीमारी से पीड़ित एक और 5 वर्षीय बच्ची मंगली मरकाम की मंगलवार को मौत हो गई। इसके साथ ही महामारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हालांकि, सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने सोमवार को बोंदारी निवासी 16 वर्षीय बालक रूपल धुर्वे की मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया है। बैगा आदिवासी क्षेत्र के अडोरी, कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका और गठिया जैसे गांवों में फैली इस महामारी के कारण लगातार बच्चों के बीमार होने और मौतों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिकल टीम एक्टिव, फिर भी हो रहीं मौतें स्वास्थ्य अमला गांवों में तैनात है और आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बावजूद महामारी से होने वाली मौतें रुक नहीं रही हैं। बच्चों में फैल रही इस बीमारी का कोई ठोस कारण अब तक सामने नहीं आया है। डॉक्टरों के अनुसार, पुणे भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह का पता चल पाएगा। वर्तमान में केवल मलेरिया, त्वचा रोग, खून की कमी और निमोनिया जैसी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र इस महामारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। पत्र में कमलनाथ ने बैगा आदिवासी अंचल में बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि बैगा समाज एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील आदिवासी समुदाय है। ऐसे में बच्चों के लगातार बीमार होने और मृत्यु की घटनाओं को केवल सामान्य स्वास्थ्य समस्या मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। कमलनाथ ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण, स्वच्छ पेयजल, संक्रमण की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि बीमारी की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सरकार से इस मामले को संज्ञान में लेकर मानवीय संवेदनशीलता के साथ निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता राशि जारी करने का शीघ्र आदेश देने का आग्रह किया है। मौतों की वजह स्पष्ट नहीं बहरहाल घटना को लेकर जबलपुर मेडिकल कॉलेज से पहुंचे महामारी विशेषज्ञ डॉ. रविन्द्र विश्नोई ने सोमवार को दिए बयान में बताया था कि बच्चों की मौत के लिए कई फैक्टर वजह हो सकते हैं। दरअसल, शुरूआत में बच्चों के शरीर में दाने, बुखार, मुंह में झाले और बिना खाना छूट जाने और झटके जैसी शिकायतें हो रही थी। जिसको लेकर डॉ. विश्नोई बताते हैं कि बच्चों के शरीर में दाने जैसी बीमारी को देखते हुए, सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए सैंपल रिपोर्ट के बाद ही बीमारी का पता चल पाएगा। वर्तमान में अभी भी 47 बच्चे, बैहर और बालाघाट जिला अस्पताल में भर्ती है। इन 7 बच्चों की हो चुकी मौत एक महीने में एक से 13 साल के 6 बच्चों की मौत हो गई। आखिरी 7 वें बच्चे मंगली मरकाम की मौत 11 अगस्त को हुई। जबकि इससे पहले 26 जून से 22 जुलाई तक बोंदारी निवासी भाई बहन लमनिन पिता समारू धुर्वे (13), साहिल पिता समारू धुर्वे (1), पूजा पिता चमरू धुर्वे (एक साल 9 माह) सचिन पिता चैनसिंह मरकाम (5) और कुंडेकसा निवासी प्रिती पिता नेहरू मरकाम (4) और 6 अगस्त को अरविंद पिता चैतु धुर्वे (4) की मौत हुई थी।
जयपुर में आयोजित तीसरे ऑल इंडिया काजू कन्वेंशन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। ऑल इंडिया काजू एसोसिएशन (AICA) और इवेंटली ग्लोबल एडवाजरी की ओर से एपीईडीए के सहयोग से आयोजित इस कन्वेंशन में देशभर से काजू उद्योग से जुड़े 845 से अधिक डेलीगेट्स, 1000 से अधिक विजिटर्स और 100 से ज्यादा प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में काजू उद्योग की नई तकनीकों, प्रोसेसिंग, निर्यात, आधुनिकीकरण और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कन्वेंशन में 100 से अधिक प्रदर्शकों ने काजू उद्योग से जुड़े नवीनतम उत्पाद, तकनीक और समाधान प्रदर्शित किए। वहीं काजू प्रोसेसिंग को आधुनिक बनाने वाली 10 नई मशीनरी तकनीकों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया। इससे उद्योग से जुड़े लोगों को नई तकनीकों को करीब से देखने और उनकी कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। इस बार कन्वेंशन में पहली बार आम उपभोक्ताओं को जोड़ने के उद्देश्य से ‘काजू महोत्सव’ का आयोजन किया गया। NDFCI के सहयोग से आयोजित इस पहल का उद्देश्य लोगों को काजू के पोषण, उपयोगिता और इसके अलग-अलग खाद्य प्रयोगों के बारे में जानकारी देना था। काजू महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 8 सेलिब्रिटी शेफ्स रहे। शेफ्स ने काजू को अलग-अलग व्यंजनों में प्रयोग करते हुए 80 से अधिक इनोवेटिव डिशेज तैयार कर प्रस्तुत कीं। इस दौरान लोगों को यह देखने और समझने का अवसर मिला कि काजू का इस्तेमाल केवल मिठाइयों या स्नैक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कई तरह के आधुनिक और प्रयोगात्मक व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है।
नीमच कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिलेभर से पहुंचे 81 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर नियमानुसार निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए। एक साल में 3,793 (80.1%) का समाधान जिला प्रशासन के अनुसार, बीते एक वर्ष में जनसुनवाई के कुल 4,734 आवेदनों में से 3,793 (80.1%) का समाधान किया जा चुका है। वहीं, पिछले ढाई वर्षों में प्राप्त 11,483 मामलों में से 10,531 शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है। जनसुनवाई में एसडीएम पराग जैन, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव और अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश सहित जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में पहुंचे यह प्रमुख मामले 15 साल से जर्जर सड़क और जलभराव (द्वारिकापुरी): द्वारिकापुरी कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से सड़क और नाली निर्माण न होने से बारिश में कीचड़ और जलभराव की गंभीर समस्या हो रही है। निवासियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की मांग की। खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि (जावद): ग्राम जगेपुर मीणा के किसानों ने बताया कि खरीफ 2025 की फसल खराबे का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन बीमा राशि अब तक खातों में नहीं आई है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। संबल योजना व अंत्येष्टि सहायता (भोलियावास): ग्राम भोलियावास निवासी सपना माली ने बताया कि उनके दिवंगत पति नरेंद्र माली संबल योजना में पंजीकृत थे। अप्रैल 2026 में हादसे में उनकी मृत्यु के बाद भी पंचायत चक्कर लगाने पर उन्हें योजना की राशि व अंत्येष्टि सहायता नहीं मिली है। स्कूल भवन को तोड़ने पर रोक की मांग: आम आदमी पार्टी के जिला प्रभारी इब्राहिम खान ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के भवन को तोड़े जाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच पूरी होने तक रोक लगाने संबंधी ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से मिलना चाहिए और प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मैनपुरी में होटल और अंडे के ठेले जबरन बंद कराने तथा संचालकों से गाली-गलौज के मामले में होटल संचालक एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संचालकों ने आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने एक दिन पूर्व दबंगई दिखाते हुए उनके प्रतिष्ठान बंद करवाए। विरोध करने पर युवकों ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज भी की। इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। होटल संचालकों ने अपनी सुरक्षा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। एसपी ने सभी संचालकों की शिकायतें सुनीं और मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। आगरा रोड स्टेशन रोड सहित सभी दुकानदारों ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाह को मंगलवार को शिकायती पत्र दिया है और कहा है कि ऐसे लोगों और युवकों को तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए हमारा व्यापार भी खराब कर दिया है और उसमें हिंदू संगठन के लोग बताई जा रहे हैं
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत बनने वाले एलिवेटेड सेक्शन का काम अब और तेजी पकड़ने वाला है। नौबस्ता स्थित कास्टिंग यार्ड में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस सेक्शन के पुल (वायाडक्ट) में इस्तेमाल होने वाले सभी 156 आई-गर्डर्स की ढलाई (कास्टिंग) का काम पूरा कर लिया गया है। लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण में यह एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। ट्रैक बदलने वाले पॉइंट पर मजबूती देंगे ये आई-गर्डर्स अंग्रेजी के 'I' अक्षर के आकार वाले इन गर्डर्स की मेट्रो पुल के निर्माण में बेहद अहम भूमिका होती है। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से क्रॉसओवर और ट्रैक चेंज पॉइंट के पास बने पुल को अतिरिक्त मजबूती और सपोर्ट देने के लिए किया जाता है। क्रॉसओवर वह जगह होती है जहां से मेट्रो ट्रेनें जरूरत पड़ने पर एक पटरी से दूसरी पटरी पर जाती हैं। कास्टिंग यार्ड में तैयार होने के बाद अब इन भारी-भरकम गर्डर्स को मजबूत क्रेनों की मदद से निर्माण स्थल पर ले जाकर पिलर के ऊपर स्थापित किया जाएगा। कास्टिंग यार्ड का काम खत्म, अब सिर्फ इरेक्शन पर फोकस मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य को रफ्तार देने के लिए सभी भारी कंक्रीट संरचनाओं को पहले ही कास्टिंग यार्ड में एडवांस में तैयार कर लिया जाता है। आई-गर्डर्स से पहले इस रूट के लिए जरूरी सभी 106 पियर कैप्स, 141 डबल टी-गर्डर्स और 220 यू-गर्डर्स की ढलाई का काम भी नौबस्ता यार्ड में पूरा किया जा चुका है। अब इंजीनियरों की टीम का पूरा ध्यान इन तैयार ढांचों को पिलर्स के ऊपर सही अलाइनमेंट के साथ फिट करने पर रहेगा। बर्रा-8 रूट पर तेजी से बढ़ रहा काम, सेंट्रल-नौबस्ता के बीच जल्द चलेगी मेट्रो कानपुर मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 का सिविल निर्माण कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है। यार्ड में ढलाई का काम समय से पूरा होना यूपी मेट्रो की टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो तय समय में शहरवासियों को मेट्रो सेवा देने के लिए दिन-रात काम कर रही है। गौरतलब है कि कानपुर में फिलहाल कॉरिडोर-1 के तहत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेनें दौड़ रही हैं। वहीं, सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बचे हुए हिस्से पर भी जल्द ही यात्री सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। इसी के साथ अब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) के रूट को भी तेजी से तैयार किया जा रहा है।
गोंडा के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रघुनाथ गांव में एक मोटरसाइकिल एजेंसी से 20 हजार रुपये की 17 स्टील की टोटियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना को ग्राहक बनकर आए आशीष पांडे ने अंजाम दिया था,जिसे पुलिस ने आज मंगलवार देर शाम 5.30 बजे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना 10 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे हुई थी। आरोपी आशीष पांडे ग्राहक बनकर एजेंसी पर पहुंचा था और कई बाइकों के दाम पूछे थे। इसके बाद, बाहर जाते समय उसने एजेंसी के अंदर लगी ग्राहकों के लिए पानी की 17 टोटियां खोल लीं और बाउंड्री वॉल कूदकर फरार हो गया। चोरी का पता तब चला जब अगले दिन शाम को एजेंसी के कर्मचारी हाथ धोने गए और देखा कि बाथरूम तथा शौचालय से सारी टोटियां गायब थीं। तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें आशीष पांडे टोटियां चोरी करते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। एजेंसी मालिक अनिल कुमार शुक्ला ने तरबगंज थाने में आशीष पांडे के खिलाफ तहरीर दी थी। एजेंसी मालिक ने दी तहरीर जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। एजेंसी मालिक अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि इस तरीके से लोग चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्य है की स्टील की टोटी चोरी कर रहे हैं। मोटरसाइकिल खरीदने आया था हमें उम्मीद थी की मोटरसाइकिल खरीदेगा लेकिन यह तो चोर निकला। वहीं तरबगंज थाना अध्यक्ष श्रीधर पाठक ने बताया कि एजेंसी मालिक अनिल कुमार शुक्ला ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था आरोप लगाया था कि एक व्यक्ति उनके यहां मोटरसाइकिल खरीदने के लिए ग्राहक बनकर आया खुद को मिस्त्री बताया और बाथरूम सहित कई स्थानों पर लगी पानी पीने के लिए 17 टोटी वह चोरी कर ले गया है। तत्काल मुकदमा दर्ज करके सीसीटीवी कैमरे के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है यह चोरी की एक अलग तरह की घटना थी। आरोपी को गिरफ्तार कर आज मंगलवार शाम 5:30 बजे जेल भेज दिया गया है।
बैतूल में मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी सरदार विष्णुसिंह गोंड की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) और आदिवासी समाज द्वारा एक महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। महिला, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में रैली का हिस्सा बने, जो आदिवासी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर में ऑडिटोरियम से हुई, जिसके बाद शहर में महारैली निकाली गई। रैली में पारंपरिक वाद्य यंत्रों और नारों के साथ समाज की सांस्कृतिक पहचान और एकजुटता का प्रदर्शन किया गया। जयस जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य संदीप धुर्वे ने रैली का नेतृत्व किया। महारैली के समापन पर सरदार विष्णुसिंह गोंड की प्रतिमा पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार गोंगो पूजा की गई। महारैली के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के चलते कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बनी, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। 2024 में बस स्टैंड पर लगी थी प्रतिमाउल्लेखनीय है कि बैतूल बस स्टैंड पर 11 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता सेनानी सरदार विष्णुसिंह गोंड की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया था। तब से प्रतिमा स्थापना दिवस और जयंती के अवसर पर महारैली का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी जयस जिलाध्यक्ष संदीप कुमार धुर्वे के नेतृत्व में यह रैली निकाली गई। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े थे सरदार विष्णुसिंह गोंडसरदार विष्णुसिंह गोंड का नाम 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े प्रमुख आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल है। उन्होंने रानीपुर में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनके संघर्ष में साथियों के साथ थाने पर हमला करना, हथियार लूटना और थाना भवन में आग लगाना जैसी घटनाएँ शामिल हैं। रानीपुर थाने में लकड़ी के दो खंभों पर आज भी कुल्हाड़ी के निशान मौजूद हैं, जो उस दौर के संघर्ष की याद दिलाते हैं। इस जयंती समारोह के माध्यम से आयोजकों ने सरदार विष्णुसिंह गोंड के संघर्ष और बलिदान को याद किया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराना और आदिवासी संस्कृति, परंपराओं तथा सामाजिक एकजुटता को प्रदर्शित करना था।
पाली शहर में 'रन फोर वंदेमातरम':जोधपुर से पहुंचे पैदल संघ का स्वागत; देखें शहर की प्रमुख खबरें
पाली शहर में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने वीबी-जीरामजी योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं जोधपुर से परशुराम महादेव जा रहा पैदल संघ शाम को पाली पहुंचा। शहरवासियों ने संघ का स्वागत किया। साथ ही, अखंड भारत संकल्प दिवस और वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने ‘रन फॉर वंदेमातरम’ का आयोजन किया। पढ़िए पाली शहर की प्रमुख खबरें- पाली में गूंजा वंदेमातरम, युवाओं ने लिया राष्ट्र एकता का संकल्प- अखंड भारत संकल्प दिवस और वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल (पाली) ने मंगलवार को ‘रन फॉर वंदेमातरम’ का आयोजन किया। बांगड़ स्कूल बास्केटबॉल मैदान से रन शुरू हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत, प्रांत सुरक्षा प्रमुख अनिल चौहान, जिला अध्यक्ष नरेंद्र माछर, जिला मंत्री बाबूलाल कुमावत एवं नगर अध्यक्ष आनंदस्वरूप गुप्ता ने भारत माता और राम दरबार के चित्र के सामने दीपक जलाकर किया। मुख्य वक्ता किशन प्रजापत ने कहा- वंदेमातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक है। संबोधन के बाद सामूहिक वंदेमातरम गीत हुआ। इसके बाद ‘रन फॉर वंदेमातरम्’ दौड़ शुरू हुई। दौड़ बांगड़ स्कूल मैदान से कलेक्टर चौराहा, सूरजपोल, लोढ़ा स्कूल रोड, रोटरी क्लब, हिंदू सेवा मंडल होते हुए वापस बांगड़ स्कूल बास्केटबॉल मैदान पहुंची। युवा तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर दौड़े। समापन पर नगर अध्यक्ष आनंदस्वरूप गुप्ता ने आभार जताया। मंच संचालन प्रवीण परिवार ने किया। कार्यक्रम में प्रांत से भीमराज चौधरी, विजयराज सोनी, जगदीश सिंह, नीरज सोनी, पवम पांडे, बाबूदास वैष्णव, दुर्गेश चौहान, गणेशाराम कुमावत, परमेश्वर शर्मा, कैलाश कुमावत, श्रवण भीलवारा, प्रमोद गौड, प्रेम लोहानी, रमेश थावानी, मदन परिहार, प्रवीण सोनी, रविंद्र चौहान, प्रमोद गिरी, प्रताप सिंह, कमलेश मेवाड़ा, दीपक सोनी, भेरूसिंह राजपुरोहित, श्रवण रावल, दिनेश चौहान, गुलाब जांगिड़, सचिन कुमावत, गोविंद मेघवाल, नरेश पांडे, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जोधपुर से पैदल संघ पहुंचा पाली - जोधपुर से रवाना हुआ परशुराम महादेव पैदल यात्रा संघ मंगलवार शाम को गाजे-बाजे के साथ पाली पहुंचा। यहां नगर निगम के पास समाजसेवी जगदीश माली सहित कई शहरवासियों ने संघ का स्वागत किया। संघ 8 अगस्त की शाम को जोधपुर हनुमान मंदिर से रवाना हुआ था। लाल सागर मंडोर में जागरण देने के बाद 9 अगस्त की सुबह रवाना हुआ जो मंगलवार शाम को पाली पहुंचा। पाली में नाइट होल्ड के बाद बुधवार सुबह संघ आगे परशुराम महादेव के लिए रवाना होगा। वीबीजी-रामजी योजना के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन- राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने पुतला भी फूंका। जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने बताया कि वीबीजी-रामजी योजना के नियमों में किए गए बदलावों का विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। पाली विधायक भीमराज भाटी ने कहा- वीबीजी-रामजी योजना के तहत श्रमिकों के साथ अन्याय हो रहा है। मजदूरों की दिन में दो बार आंखों की फोटो खींचकर उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था से मजदूर परेशान हैं। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित ने कहा- मेट और श्रमिकों का भुगतान 3 से 6 माह तक लंबित रहने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने कहा कि तालाब खुदाई के साथ गांव-ढाणियों को जोड़ने वाली ग्रेवल सड़कों के कार्य भी स्वीकृत किए जाने चाहिए। इस दौरान संगठन महासचिव जोगाराम सोलंकी, प्रदेश प्रतिनिधि महावीरसिंह सुकरलाई, भंवर राव, शंकर बामणिया, पूर्व उप प्रधान नारायण मेघवाल, प्रकाश सांखला, मेहबूब टी, हकीम भाई सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दूदू के सेवा गांव की शकुंतला देवी सेठी 19 अगस्त को जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेंगी। मोक्ष सप्तमी के अवसर पर सीकर में आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में दीक्षा समारोह आयोजित होगा। भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा तहसील के कोठियां गांव निवासी शकुंतला देवी का वैराग्य के मार्ग पर यह महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। दीक्षा से पहले मंगलवार को कोठियां गांव में शकुंतला देवी के सम्मान में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सेवा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से जैन समाज के लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में दीक्षार्थी के आध्यात्मिक जीवन और अब तक की साधना यात्रा को लेकर चर्चा हुई। समाजजनों ने उनके दीक्षा के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। 1991 में विवाह के बाद से तेल-दही का त्याग शकुंतला देवी का जन्म 2 फरवरी 1969 को दूदू के सेवा गांव में महावीर जैन बड़जात्या और प्रभा देवी के घर हुआ था। उनके भाई शांतिलाल और निर्मल कुमार जैन बड़जात्या हैं। वर्ष 1991 में उनका विवाह कोठियां निवासी अशोक कुमार सेठी के साथ हुआ। विवाह के समय से ही उन्होंने तेल और दही का आजीवन त्याग कर रखा है। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। 2003 से आध्यात्मिक साधना की ओर बढ़ीं शकुंतला देवी की आध्यात्मिक यात्रा लंबे समय से जारी है। वर्ष 2003 में उन्होंने मुनि गौतम ऋषि से पांच प्रतिमा का संकल्प लिया था। वर्ष 2010 से वे लगातार ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर रही हैं। उन्होंने आचार्य वर्धमान सागर महाराज से सात प्रतिमा का संकल्प भी ग्रहण किया है। अब 19 अगस्त को जैनेश्वरी दीक्षा लेकर वे अपना जीवन मोक्ष मार्ग के लिए समर्पित करेंगी। पहले भी परिवार के सदस्य ले चुके हैं दीक्षा शकुंतला देवी के परिवार में धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा का गहरा प्रभाव रहा है। उनके चाचा ससुर नमीत सागर ने भी वर्ष 1999 में जयपुर में आचार्य वर्धमान सागर महाराज से दीक्षा ली थी। शकुंतला देवी की दीक्षा को लेकर परिवार और समाज में विशेष उत्साह है। 19 अगस्त को सीकर में होने वाले समारोह में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
जांजगीर-चांपा के बलौदा क्षेत्र की महावीर कोलवाशरी में 19.75 टन कोयले के गबन के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ट्रकों में लाए गए कोयले की मात्रा में हेरफेर कर गबन करने का आरोप है। मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। कोलवाशरी में कार्यरत राजकुमार मिश्रा ने 28 दिसंबर 2024 को बलौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, कुसमुंडा खदान से कोयला लेकर दो ट्रक महावीर कोलवाशरी पहुंचे थे। तौल के दौरान गार्ड और कोल यार्ड सुपरवाइजर को ट्रकों में मौजूद कोयले की मात्रा कम होने का संदेह हुआ। तौल में गड़बड़ी कर जारी की गई थी कांटा पर्ची जांच में सामने आया कि नाइट शिफ्ट में तैनात ठेका कर्मचारी और कांटा बाबू ईश्वरी प्रसाद पटेल ने संबंधित ट्रकों का वास्तविक वजन किए बिना दूसरे वाहनों का ग्रॉस वजन दर्ज कर कांटा पर्ची जारी कर दी थी। इसके बाद दोनों ट्रकों को कोल यार्ड में अनलोडिंग के लिए भेज दिया गया। दो ट्रकों में 19.75 टन कोयला कम मिला अनलोडिंग के दौरान कोयले की मात्रा कम होने की आशंका पर दोनों ट्रकों की दोबारा तौल कराई गई। जांच में एक ट्रक में 7.05 टन और दूसरे ट्रक में 12.70 टन कोयला कम मिला। दोनों ट्रकों को मिलाकर कुल 19.75 टन कोयले की कमी सामने आई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपए बताई गई है। इस मामले में बलौदा थाने में अपराध क्रमांक 02/2025 के तहत BNS की धारा 316(4) और 3(5) में अपराध दर्ज किया गया था। मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए दोनों आरोपी पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राकेश कुमार यादव उर्फ सीट (24) और जावेद खान (23) को गिरफ्तार किया। दोनों पाली चौकी नैला क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव की मतगणना जारी है। मंगलवार को आठवें एलिमिनेशन राउंड में 10 और प्रत्याशी चुनावी दौड़ से बाहर हो गए। अब तक कुल 97 एलिमिनेशन राउंड पूरे हो चुके हैं, जिसमें कानपुर नगर के अनुराग पांडेय लगातार पहले स्थान पर बने हुए हैं। ताजा मतगणना के अनुसार, आठवें एलिमिनेशन राउंड के बाद अनुराग पांडेय के खाते में 4,633 वोट दर्ज हुए हैं। दूसरे स्थान पर लखनऊ के प्रशांत सिंह अटल 4,367 वोटों के साथ हैं, जबकि बुलंदशहर के शिव किशोर गौर 3,843 वोट लेकर तीसरे स्थान पर हैं। प्रयागराज के देवेंद्र मिश्रा नागराहा 3,811 वोटों के साथ चौथे और बरेली के शिरीष कुमार मेहरोत्रा 3,470 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। आठवें एलिमिनेशन राउंड में जिन 10 प्रत्याशियों को बाहर किया गया, उनमें हर्षवर्धन सिंह (लखनऊ), भूपेंद्र कुमार त्रिपाठी (प्रयागराज), कमलाकर त्रिपाठी (वाराणसी), जितेंद्र कुमार गौतम (गोरखपुर), धीरेंद्र सिंह (फतेहपुर), अब्दुल अहद (प्रयागराज), बिरेंद्र कुमार मिश्रा (सुल्तानपुर), मोहम्मद नजमुल हक मारूफी (गोरखपुर), विजय प्रताप यादव (आजमगढ़) और क्षितिज प्रियदर्शी (जौनपुर) शामिल हैं। मतगणना प्रक्रिया के तहत, प्रत्येक एलिमिनेशन के बाद बाहर होने वाले प्रत्याशी के मत शेष प्रत्याशियों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्थानांतरित किए जाते हैं। इस प्रक्रिया से शीर्ष दावेदारों के वोटों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है। मतगणना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण की गिनती पूरी होने में अभी लगभग तीन से चार महीने का समय लग सकता है। ऐसे में अंतिम परिणाम आने में काफी समय लगेगा। फिलहाल, शीर्ष स्थानों पर बने प्रत्याशी अपनी बढ़त मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि अधिवक्ता आगामी एलिमिनेशन राउंड और बदलते चुनावी समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं।
विकासखंड भीतरगांव के महोलिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को कई महीनों से चले आ रहे विवाद के बीच करीब चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रधानाध्यापिका ने रसोइयों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने से पहले खुद को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानाध्यापिका परिजनों के पहुंचने के बाद ही बाहर आने की बात पर अड़ी रहीं। करीब दो घंटे बाद बहन के पहुंचने पर उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला। जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा दो शिक्षामित्र और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं। बताया गया कि मंगलवार सुबह प्रधानाध्यापिका स्कूल पहुंचीं। कुछ देर बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर खुद की जान को खतरा बताते हुए मदद मांगी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा और खंड विकास अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रधानाध्यापिका को कमरे से बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने परिजनों के आने के बाद ही दरवाजा खोलने की बात कही। करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। शिक्षकों के आपसी विवाद के चलते विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रधानाध्यापिका से त्रस्त शिक्षकों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार उधर, प्रधानाध्यापिका से विवाद को लेकर शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों ने साढ़ थाने पहुंचकर पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापिका आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद करती रहती हैं। पूर्व में शिक्षकों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, जिससे शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइये खुद को परेशान बता रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि मामले की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। थाना प्रभारी का बयान साढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच की जा रही है। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है।
जल संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हिसार में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता से मुलाकात की। यह बैठक टेल क्षेत्र के किसानों की नहरी पानी और पेयजल संबंधी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान पर केंद्रित थी। इसमें बालसमंद और आसपास के क्षेत्रों के किसानों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर 12 अगस्त को दोपहर 3 बजे उच्च अधिकारियों के साथ एक और महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में किसानों की सभी नहरी पानी से जुड़ी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। समिति ने जोर दिया कि मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और समय-सीमा तय की जानी चाहिए। फिर से आंदोलन करने की चेतावनी जल संघर्ष समिति के प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार ने कहा कि क्षेत्र के किसान नहरी पानी की समस्याओं को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और सिंचाई विभाग ने इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया और किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया, तो किसान एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नंबरदार ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समिति बातचीत के माध्यम से समाधान चाहती है, लेकिन यदि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में किसानों को मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। समिति सदस्यों ने दोहराया कि टेल क्षेत्र के किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध करवाने और सभी लंबित मांगों के समाधान के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे। जल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें मीटिंग में ये रहे मौजूद सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता, हिसार एवं कार्यकारी अभियंता, हिसार तथा जल संघर्ष समिति के प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार के नेतृत्व में अनिल लौरा, संदीप धीरणवास, भीम सिंह लौरा, पारस लौरा, वीरेंद्र पूनिया, प्रहलाद सुंडावास, पृथ्वी सिंह खारिया, ओम गढ़वाल बाण्डाहेड़ी, रमेश लौरा, बलराज बीजला, सुल्तान रावलवास कलां, ईश्वर नेहरा, अनूप सलेमगढ़, विनोद बासडा, राजेश सरपंच खारिया, सतबीर सिसवाला एवं पृथ्वी धायल सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
एमपी के कटनी जिले में पदस्थ सीएसपी ने विभागीय कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नेहा पच्चीसिया को झटका दिया है। कोर्ट ने सीएसपी की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि प्रशासनिक आदेश में अदालत दखल नहीं दे सकती है। बता दें कि सीएसपी नेहा पर ट्रांसफर से अवैध वसूली के आरोप लगे थे, जिसके बाद कटनी एसपी ने सीएसपी नेहा से 3 थानों के प्रभार छीन लिए थे। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर दखल नहीं दिया जा सकता है। सीएसपी नेहा ने पुलिस विभाग के दो आदेशों को चुनौती दी थी। ये आदेश उनके काम और अधिकारों से जुड़े थे। नेहा पच्चीसिया ने याचिका में कटनी एसपी के आदेश को चुनौती दी थी। मामला एक ट्रांसपोर्टर की शिकायत का था, जिसमें उन्होंने सीएसपी पर अवैध वसूली को लेकर आरोप लगाया था। इस दौरान सीएसपी के कार्यालय में पदस्थ रहे कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई थी। सीएसपी के ड्राइवर को निलंबित कर दिया था। नेहा ने याचिका में बताया कि उनके अधिकार को घटाने का अधिकारियों के पास कोई ठोस कारण नहीं था। उन्होंने कदाचार से जुड़े आरोप भी नहीं होने की बात कही थी। सीएसपी का कहना था कि यह आदेश उनके काम पर असर डालने वाला फैसला है। याचिका में सीएसपी ने अपने कामों के कई उदाहरण भी कोर्ट के समक्ष रखे, जिसमें उन्होंने गुना की महिला पुलिस का जिक्र किया। गुना में मोबाइल पुलिस स्टेशन शुरू करने की बात कही गई, इसके साथ ही मंडला में अवैध गौमांस तस्करी भी रोकी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के फैसले पर दखल ना देते हुए कहा कि फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती है।
मंडला जिले के अंजनिया चौकी क्षेत्र में एक 12 वर्षीय मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मंगलवार को पुलिस ने 45 वर्षीय पड़ोसी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे जेल भेजा है। घटना 7 अगस्त की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय नाबालिग अपने घर में अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी घर में घुस आया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की मां के घर पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता की मां ने अंजनिया चौकी पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 7 अगस्त की रात आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की तलाश कर 11 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही गांव में रहते हैं। आरोपी का घर नाबालिग के घर के सामने ही है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। एसपी ने क्या बताया एसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि अंजनिया चौकी क्षेत्र में कुछ दिन पहले यह घटना हुई थी। उन्होंने पुष्टि की कि नाबालिग के घर में अकेले होने के दौरान आरोपी ने घर में घुसकर गलत काम किया था और बच्ची की मां के आने पर वह भाग गया था।
सतना चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के सामने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। विधायक गहरवार ने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण की स्थिति इतनी खराब है कि “विधायक जी मर जाएं या पांच साल पूरे हो जाएं, तब काम होगा।” उन्होंने सड़कों के निर्माण और विभागीय कामकाज को लेकर अधिकारियों पर सवाल उठाए। 1100 करोड़ की सड़कें स्वीकृत, गुणवत्ता पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 1100 करोड़ रुपए की सड़कों को मंजूरी मिली है। उनका आरोप है कि कई सड़कें निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब होने लगीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सड़कों का काम कागजों में पूरा दिखाया गया, लेकिन मौके पर निर्माण नजर नहीं आता। विधायक ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया। मझगवां SDO की कार्यप्रणाली पर भी सवाल गहरवार ने PWD के मझगवां में प्रभारी SDO अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। विधायक ने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी विकास कार्यों से ज्यादा वसूली पर ध्यान दे रहे हैं। विरोध के बाद SDO हटाए गए विधायक की नाराजगी के बाद PWD के मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे ने मझगवां के प्रभारी SDO अश्वनी निगम को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर सहायक इंजीनियर को मझगवां का प्रभार सौंपा गया है। मुख्य अभियंता ने विधायक को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं का परीक्षण किया जाएगा और जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। अब विधायक के आरोपों के बाद 1100 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। कागजों में पूर्ण बताई जा रही सड़कों की वास्तविक स्थिति की जांच होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
उदयपुर की झीलों, मंदिरों, हवेलियों और ऐतिहासिक विरासत ने 18 देशों से आए मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने खासा प्रभावित किया। मंगलवार को मेहमानों ने उदयपुर की गलियों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया और सहेलियों की बाड़ी में रील्स भी बनाईं। उदयपुर की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत से प्रभावित इन्फ्लुएंसर्स ने कहा कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए शहर की खूबसूरती और विरासत को दुनिया तक पहुंचाएंगे। विदेशी मेहमानों ने शहर की झीलों, मंदिरों, हवेलियों और राजस्थानी संस्कृति को कैमरे में कैद किया। वे जहां भी पहुंचे, वहां की विरासत और खूबसूरती को देखकर उत्साहित नजर आए और जमकर फोटो-वीडियो बनाए। इन्फ्लुएंसर्स ने दूधतलाई के पास रोप-वे की सवार की। उन्होंने रोप-वे के अंदर से प्रकृति और पिछोला झील के वीडियो शूट किए और करणीमाता मंदिर पहुंचकर मंदिर और इसके इतिहास की जानकारी ली। वे ओल्ड सिटी में जगदीश मंदिर पहुंचे और मंदिर की स्थापत्य कला व वैभव को देखकर प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति और विरासत को वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशों तक पहुंचाएंगे। पहले देखिए ये 4 PHOTO'S शहर की पुरानी गलियों और बाजारों में घूमे इन्फ्लुएंसर हेरिटेज वॉक के दौरान बागोर की हवेली से गणगौर घाट तक शहर की पुरानी गलियों और बाजारों का अनुभव लिया। बाजार में उन्होंने जमकर शॉपिंग की। मेहंदी की डिजाइन में रुचि दिखाई और चूड़ी बाजार में भी खरीदारी की। इस दौरान कई विदेशी इन्फ्लुएंसर्स ने साफे पहनकर खुद को मेवाड़ी रंग में रंग लिया। विंटेज कार म्यूजियम भी देखा। सखियों के बाग में महिला इन्फ्लुएंसर की पहले एंट्री... सहेलियों की बाड़ी में पहुंचते ही माहौल और भी खुशनुमा हो गया। हल्की बारिश के बीच फाउंटेन और छतरियों के बीच इन्फ्लुएंसर्स ने पानी से अठखेलियां कीं और रील्स बनाईं। गाइड ने जब उन्हें सहेलियों की बाड़ी का इतिहास बताते हुए आगे बढ़ने के लिए मजाकिया अंदाज में कहा कि यह सखियों का बाग है, तो सभी खूब हंसे। इसके बाद महिला इन्फ्लुएंसर को सबसे पहले आगे बढ़ाया गया। यहां गाइड चिन्मय दीक्षित और मांगू खान ने इस बाग के बारे में उनको विस्तार से जानकारी दी। बहुत अच्छा लगा उदयपुर दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित सूरीनाम से आईं गेल ने कहा कि वे पहली बार उदयपुर आई हैं। उन्हें यहां के पर्यटन स्थल बहुत शानदार लगे। मंदिरों की सुंदरता और शहर की विरासत ने उन्हें काफी प्रभावित किया। इसी देश से आए एक अन्य इन्फ्लुएंसर ने बताया कि उदयपुर बहुत अच्छा लगा। चित्तौड़गढ़ का किला और वहां की विरासत भी उन्हें काफी पसंद आई। उन्होंने सहेलियों की बाड़ी को बेहद खूबसूरत और रोमांटिक जगह बताया। 12 अगस्त को जाएंगे जगमंदिर और बाहुबली हिल्स पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि 16 देशों से 32 इन्फ्लुएंसर्स उदयपुर आए हैं। 9 अगस्त को उदयपुर पहुंचने के बाद 10 अगस्त को उन्होंने चित्तौड़गढ़ की गौरव गाथाएं देखीं। सक्सेना ने बताया कि बुधवार को वे सिटी पैलेस और जगमंदिर का भ्रमण करेंगे। इसके बाद बाहुबली हिल्स जाएंगे। इन देशों के इन्फ्लुएंसर्स आए विदेश मंत्रालय के इस दल में जमैका और सूरीनाम देश से सबसे ज्यादा 3-3 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स आए हैं। वहीं बारबाडोस, बेलिज, कोस्टा रिका, क्यूबा, डोमिनिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, मेक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और त्रिनिदाद एंड टोबैगो से 2-2 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा बोलीविया, सेंट लूसिया और सेंट विंसेंट देश से 1-1 क्रिएटर आया है। 13 अगस्त को जयपुर में घूमेंगे 13 अगस्त को जयपुर पहुंचकर हवामहल, सिटी पैलेस और जंतर-मंतर घूमेंगे। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे और 16 अगस्त को स्वदेश लौट जाएंगे। ये खबर भी पढ़े… उदयपुर पहुंचे 18 देशों के 32 विदेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स:महलों में घूमने के साथ झील में बोट राइड करेंगे; जयपुर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा उदयपुर में 18 देशों के 32 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स पहुंचे। यह ग्रुप उदयपुर के ऐतिहासिक महलों, पिछोला झील में बोट राइड और बाहुबली हिल्स पर ट्रैकिंग का आनंद लेगा। इसके बाद 12 अगस्त को चित्तौड़गढ़ दुर्ग देखने के बाद यह दल जयपुर के लिए रवाना होगा, जहां वे 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बनेंगे। (पूरी खबर पढ़ें…)
बलिया में जनेश्वर मिश्र सेतु के नीचे सोमवार शाम गंगा नदी में पूजा सामग्री विसर्जित करते समय डूबे पति-पत्नी डूब गए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे पत्नी का शव बरामद हुआ। वहीं अधिवक्ता की तलाश में एनडीआरएफ की टीम मंगलवार देर शाम तक अभियान चलाती रही, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। मामला दुबहर थाना क्षेत्र का है। बांसडीह थाना क्षेत्र के फरसाटार(छितौनी) निवासी ओमप्रकाश दुबे अपनी पत्नी इंदू देवी (53) के साथ शहर के टैगोर नगर में रहते थे। बताया गया कि सोमवार को उनके घर में सुख-समृद्धि के लिए रुद्राभिषेक कराया गया था। इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे दोनों पूजा सामग्री गंगा में विसर्जित करने के लिए जनेश्वर मिश्र सेतु पहुंचे थे। गंगा नदी में बाढ़ के चलते जलस्तर बढ़ा हुआ था। सेतु के नीचे पूजा सामग्री विसर्जित करते समय अचानक पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दोनों नदी की तेज धारा में समा गए। गंगा नदी के किनारे मिला महिला का शव देर रात तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह परिजनों ने सदर कोतवाली पुलिस को दोनों के लापता होने की सूचना दी। इसी बीच दुबहर क्षेत्र में गंगा नदी में एक महिला का शव उतराता मिला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान इंदू देवी के रूप में की। पत्नी का शव मिलने के बाद प्रशासन ने ओमप्रकाश दुबे की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। टीम ने मंगलवार देर शाम तक गंगा नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उन्हें तलाशने में सफलता नहीं मिली। थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने बताया- नदी से बरामद महिला के शव की शिनाख्त परिजनों ने इंदू देवी के रूप में की है। परिजनों की सूचना पर ओमप्रकाश दुबे की तलाश एनडीआरएफ टीम कर रही है। टीम के साथ पुलिसकर्मी भी नदी तट पर मौजूद हैं और तलाश अभियान जारी है।
शिवपुरी एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने 3 पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है। खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और महिला एसआई छाया राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वही, नरवर टीआई विनय यादव को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। इस कार्रवाई के बाद तीनों अधिकारी अब पुलिस लाइन में रहेंगे। फिलहाल खनियाधाना और नरवर थानों में नए प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और एसआई छाया राय पर नाबालिग से जुड़े एक मामले में कार्रवाई की गई है। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद दोनों को निलंबित किया गया। सट्टेबाजी की शिकायत के बाद की गई कार्रवाई वहीं, नरवर क्षेत्र में सट्टेबाजी को लेकर एसपी को शिकायतें मिली थीं। जांच के लिए कोतवाली से एक टीम बिना सूचना भेजी गई थी। जांच शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसपी द्वारा नरवर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई का आधिकारिक कारण ‘प्रशासनिक दृष्टि’ बताया गया है। दोनों थानों में नए प्रभारी नियुक्त नहीं बताया जा रहा है कि खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और नरवर टीआई विनय यादव करीब एक साल से अपने-अपने थानों में तैनात थे। दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद खनियाधाना और नरवर थानों में नए थाना प्रभारियों की नियुक्ति नहीं हुई है।
बरेली में फर्जी इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) के जरिए खनिज परिवहन का मामला सामने आया है। खनन विभाग की जांच में वाहन का आईएसटीपी एम-चेक एप पर अमान्य मिला। इसके बाद खनन अधिकारी बरेली की ओर से वाहन चालक, वाहन मालिक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि वाहन में कौन-सा खनिज लदा था और उसे कहां से लाकर कहां ले जाया जा रहा था। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर बरेली में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत 11 अगस्त को खनन विभाग की टीम ने वाहन संख्या यूपी25ईटी5358 की जांच की। जांच के दौरान चालक ने खनिज परिवहन से संबंधित इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) दिखाया। टीम ने पास की ऑनलाइन जांच एम-चेक एप के जरिए की। जांच में आईएसटीपी अमान्य पाया गया। उत्तराखंड से बरेली लाने का दर्ज था रिकॉर्ड जांच में सामने आया कि वाहन के दस्तावेज में आईएसटीपी संख्या 6863202601942701145 दर्ज थी। इसके साथ ओरिजिन ट्रांजिट पास संख्या ओजे00422222394 और 11 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज थी। दस्तावेज में खनिज का मूल स्थान हाथीखाल, तहसील लालकुआं, जिला नैनीताल, उत्तराखंड दर्ज था। प्रवेश और गंतव्य जिला बरेली अंकित था। यानी दस्तावेज के मुताबिक खनिज उत्तराखंड के नैनीताल से बरेली लाया जा रहा था। पास अमान्य मिला तो दर्ज कराया मुकदमा एम-चेक एप पर आईएसटीपी अमान्य पाए जाने के बाद खनन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। खनन अधिकारी बरेली की ओर से वाहन चालक, वाहन मालिक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब विभाग यह भी जांच कर रहा है कि वाहन में किस प्रकार का खनिज लदा था, उसकी मात्रा कितनी थी और उसे किन परिस्थितियों में बरेली लाया जा रहा था। वैध आईएसटीपी के बिना परिवहन पर कार्रवाई खनन विभाग के अनुसार, एक राज्य से दूसरे राज्य में खनिज परिवहन के लिए वैध आईएसटीपी और जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य है। ऑनलाइन जांच में दस्तावेज अमान्य पाए जाने पर उसे वैध परिवहन दस्तावेज नहीं माना जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमान्य आईएसटीपी, फर्जी दस्तावेज या जरूरी अभिलेखों के बिना खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीएम के निर्देश पर अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जींद जिले में कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा और नायब सैनी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स और बिजली सरचार्ज में बढ़ोतरी कर आम जनता पर महंगाई का बोझ डाला है। सुरजेवाला ने इन फैसलों को जनविरोधी और गरीब विरोधी बताया। आदित्य सुरजेवाला ने मंगलवार को नरवाना विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने कांवड़ यात्रा हादसे में जान गंवाने वाले दो युवकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। सुरजेवाला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी भेंट की और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की। कलेक्टर रेट बढ़ने से होगी सभी को परेशानी : आदित्य सुरजेवाला ने बताया कि सरकार का 1 अगस्त 2026 से प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट से जोड़ने का निर्णय आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक संकट पैदा करेगा। उनके अनुसार, इससे संपत्ति कर में अप्रत्याशित वृद्धि होगी, जिससे लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। बिजली उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा 25 प्रतिशत तक सरचार्ज उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया। सुरजेवाला के मुताबिक, बिजली लोड बढ़ने पर अब 25 प्रतिशत तक सरचार्ज वसूला जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे और बढ़ती महंगाई के बीच उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं देने में विफल रही है, लेकिन टैक्स और शुल्क बढ़ाकर राजस्व वसूली में तेजी दिखा रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार 'जनसेवा' के बजाय 'जनशोषण' के रास्ते पर चल रही है। सुरजेवाला ने सरकार से मांग की है कि प्रॉपर्टी टैक्स और बिजली सरचार्ज से जुड़े दोनों फैसलों को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।
कांवड़ियों की सुरक्षा में जुटी खाकी:तेज बारिश में भीगते रहे पुलिसकर्मी
बागपत के पुरा महादेव मंदिर में भारी बारिश के बीच कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए एसपी सूरज राय समेत पुलिस अधिकारी बारिश में भीगते हुए मौके पर डटे रहे। पुलिसकर्मी लगातार कांवड़ियों को सुरक्षित रास्ते से निकालते नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की नजर बनी रही।
छिंदवाड़ा देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को छिंदवाड़ा में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्य समारोह पुलिस ग्राउंड में होगा। यहां मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ध्वजारोहण करेंगे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन करेंगे। राज्य शासन ने 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जिला मुख्यालयों पर ध्वजारोहण की जिम्मेदारी मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को सौंपी है। इसी के तहत छिंदवाड़ा के मुख्य समारोह की जिम्मेदारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को दी गई है। पुलिस ग्राउंड में परेड की रिहर्सल शुरू स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस ग्राउंड में परेड की रिहर्सल कराई जा रही है। इसमें पुलिस विभाग और बटालियन के जवानों के साथ स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। समारोह में ध्वजारोहण के बाद परेड और अन्य कार्यक्रम होंगे। ग्राउंड पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिले की सीमाओं पर बढ़ाई सुरक्षा स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। जिले में आने वाले प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच नाके लगाए गए हैं। यहां आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। भोपाल में मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण राज्य शासन के आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में ध्वजारोहण करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में ध्वजारोहण करेंगे। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रीवा में ध्वजारोहण करेंगे। संबंधित मंत्री जिला मुख्यालयों पर ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री के बधाई संदेश का वाचन करेंगे।
ग्वालियर की उखड़ी और गड्डों में तब्दील हो चुकी सड़कों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। अब सिर्फ कागजी दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर उतरकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोली जाएगी। हाईकोर्ट ने साल 2021 से 2026 तक शहर की सड़कों पर लगे एक-एक सरकारी पैसे का हिसाब मांगा है। सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर की जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कर दिया है कि करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाने के बाद भी सड़कें जर्जर क्यों हैं, इसका जवाब अब अफसरों को देना होगा। हाईकोर्ट के 5 बड़े आदेश कागजों में दुरुस्त, जमीन पर ध्वस्त सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम ने शहर की सड़कों की स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में ही शहर की दर्जनों सड़कों की बदहाली का सच उजागर हो गया था। इसके बाद कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब हर साल मरम्मत और नए निर्माण पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, तो सड़कें पहली ही बारिश या कुछ महीनों में कैसे उखड़ जाती हैं? इस मामले में जानकारी देत हुए याचिकाकर्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता सरकारी खजाने की बर्बादी और जनता की परेशानी पर अब जवाबदेही तय होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच में किसी भी तरह की लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सीधे सैंपलिंग से पता चलेगा कि कितना भ्रष्टाचार हुआ है। गुरुवार को फिर होगी सुनवाईमामले में गुरुवार को फिर सुनवाई होनी है। तब तक विभागों को मांगे गए दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार करने होंगे। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से नगर निगम, PWD और ठेकेदारों के सिंडिकेट में हड़कंप मच है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने गुजरात की पूर्व राज्यपाल दिवंगत कमला बेनीवाल के खिलाफ करोड़ों रुपयों की सरकारी जमीन हड़पने के मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्ध कर दिया है। जस्टिस गणेश राम मीणा की बेंच ने यह आदेश कमला बेनीवाल सहित 17 आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा- जब मामला सिविल और राजस्व अदालतों में लंबित हो तो उसे आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता है। यह पूरा विवाद कृषि भूमि के पट्टे, स्वामित्व और खातेदारी अधिकारों से संबंधित है। जो मूल रूप से सिविल और राजस्व प्रकृति का है। ऐसे में सिविल विवाद को आपराधिक रूप देना अदालती प्रक्रिया का दुरुपयोग है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के प्रसंज्ञान आदेश और एडीजे कोर्ट के रिवीजन आदेश को रद्द कर दिया। अलग-अलग कानूनी फोरम पर मामले लंबित अदालत ने कहा- इस मामले से संबंधित केस अलग-अलग कानूनी फोरम में लंबित हैं। याचिकाकर्ताओं को साल 1958 में दिए गए खातेदारी अधिकार, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का जमीन अवाप्ति करना, भू-राजस्व अधिनियम के तहत रेफरेंस और मुआवजे का वितरण जैसे मुद्दे अभी भी हाईकोर्ट और रेवेन्यू बोर्ड में विचाराधीन हैं। जब तक सक्षम सिविल और राजस्व अदालतें इन अधिकारों को रद्द नहीं कर देतीं, तब तक धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का आरोप नहीं बनता है। करीब 14 साल पहले हुई थी शिकायत इस मामले में करीब 14 साल पहले संजय किशोर अग्रवाल ने 16 अगस्त 2012 को कोर्ट में शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि साल 1951 में सरकार ने अनुपयोगी कृषि भूमि को 20 साल के लिए खेती पर देने की योजना बनाई थी। बाद में संशोधन से 20 साल की अवधि को बढ़ाकर 25 साल कर दिया। कहा गया कि 25 साल बाद जमीन पुन राज्य सरकार की हो जाएगी। सरकार ने 5 जनवरी 1953 को राजेंद्र सिंह और अन्य की किसान सामूहिक कृषि सहकारी समिति झोटवाड़ा को भूमि आवंटित की। जबकि यह समिति 13 फरवरी 1953 को रजिस्टर्ड हुई थी। समिति के सदस्य खेती की जगह अन्य कार्य करने लग गए, लेकिन उन्होंने गलत तथ्यों के आधार पर खातेदारी अधिकार प्राप्त कर लिए। 25 साल पूरे होने के बाद सरकार ने जमीन वापस नहीं ली। इसके कुछ साल बाद जेडीए ने पृथ्वीराज नगर योजना के लिए जमीन अवाप्ति की अधिसूचना जारी कर दी। समिति सदस्यों को अवाप्ति के बदले मुआवजे के रुप में 15 फीसदी विकसित जमीन देने का ऑफर दिया गया। कोर्ट ने मुकदमा चलाने का आदेश दिया इस बीच अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारिता ने अपनी रिपोर्ट में माना कि समिति सदस्य गलत और झूठे तथ्यों के आधार पर मुआवजे में जमीन लेने की कोशिश कर रहे हैं। समिति के वर्तमान सदस्यों में से एक भी सदस्य समिति का ऑरिजनल सदस्य नहीं हैं। इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करके करीब 400 करोड़ रुपए की 1516 वर्गमीटर जमीन मुआवजे में ले ली है, लेकिन करधनी थाने ने मामले में एफआर लगा दी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एफआर का विरोध करते हुए कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटिशन दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 15 मई 2014 को कमला बेनीवाल सहित अन्य के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर मुकदमा चलाने के आदेश दिए थे। मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर एडीजे कोर्ट ने भी दखल देने से इनकार कर दिया था। इन दोनों आदेश को रद्द करने के लिए आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई थी।
मऊगंज जिले की नईगढ़ी तहसील के ग्राम हटवासेंगर निवासी 93 वर्षीय किसान लालमणि मिश्रा को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सरकारी रिकॉर्ड में वर्ष 2021 से 'मृत' घोषित कर दिया गया है। इसके कारण पिछले चार वर्षों से उन्हें योजना की किस्तें नहीं मिल रही हैं। मंगलवार शाम बुजुर्ग किसान ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर पीके पांडे को आवेदन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई। दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर पीड़ित किसान लालमणि मिश्रा ने बताया कि 93 वर्ष की उम्र में सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटना उनके लिए बेहद कष्टदायक है। वे जीवित हैं और स्वयं खेती कर रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) रुक गया है। किसान के अनुसार, समस्या के समाधान के लिए वे तीन बार सीएम हेल्पलाइन, दो बार नईगढ़ी तहसीलदार और 4-5 बार स्थानीय पटवारी को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। फिंगरप्रिंट मैच न होने से रुकी केवाईसी किसान ने बताया कि अधिक उम्र होने के कारण केवाईसी और आधार सत्यापन के दौरान उनके फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) कैप्चर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे बैंकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है और परेशानी दोगुनी हो गई है। भौतिक सत्यापन और बकाया किस्तों के भुगतान की मांग लालमणि मिश्रा (PM-KISAN ID: MP284794340) ने कलेक्टर से मांग की है कि उनका भौतिक सत्यापन कराकर रिकॉर्ड में उन्हें जीवित दर्ज किया जाए। साथ ही रुकी हुई किस्तों का नियमानुसार भुगतान कराने और फिंगरप्रिंट न आने की स्थिति में आइरिस/ओटीपी या अन्य वैकल्पिक तरीके से केवाईसी सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
सांवलिया सेठ के भंडारे से निकले 11.1 करोड़:आज पहले राउंड की गिनती पूरी, अब अगली काउंटिंग 1 दिन बाद
मेवाड़ के कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में श्रावण मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर खोली गई दानपेटी के पहले राउंड की काउंटिंग में ही 11 करोड़ 1 लाख 51 हजार रुपए का चढ़ावा सामने आया है। सुबह 11 बजे राजभोग आरती के बाद भंडार खोला गया और देर शाम तक नोटों की गिनती लगातार चलती रही। हालांकि यह सिर्फ पहला राउंड था। अभी काफी दानराशि की गिनती बाकी है। हरियाली अमावस्या के कारण बुधवार को काउंटिंग नहीं होगी। अब बची हुई दानराशि की गिनती 13 अगस्त को दूसरे राउंड में की जाएगी। इसके बाद ही इस बार मिले कुल चढ़ावे का पूरा आंकड़ा सामने आएगा। देर शाम तक चलता रहा काम मंदिर मंडल की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे राजभोग आरती के बाद भंडार खोला गया। इसके बाद कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में दानपेटियों से निकली नकद राशि की काउंटिंग शुरू हुई। पूरे दिन व्यवस्थित तरीके से नोटों की गिनती होती रही और देर शाम तक काम लगातार चलता रहा। पहले राउंड की काउंटिंग पूरी होने पर 11 करोड़ 1 लाख 51 हजार रुपए की दानराशि सामने आई। हर बार की तरह इस बार भी भंडार खुलने को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा। अब 13 अगस्त को होगा दूसरा राउंड, तब सामने आएगा पूरा आंकड़ा पहले राउंड की काउंटिंग के बाद अब सभी की नजर दूसरे राउंड पर रहेगी। बुधवार को हरियाली अमावस्या होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसी वजह से उस दिन काउंटिंग का काम नहीं किया जाएगा। मंदिर मंडल ने बची हुई दानराशि की गिनती के लिए 13 अगस्त की तारीख तय की है। उस दिन दूसरे राउंड की काउंटिंग होगी और इसके बाद इस बार भंडार से प्राप्त कुल चढ़ावे की पूरी तस्वीर सामने आएगी। अब देखें सांवलियाजी को मिलने वाले अनोखे चढ़ावे… 1. फ्यूल डिसपेंसर 2. राइफल 3. चांदी का लहसुन पढ़ें मंदिर की पूरी कहानी… 10 मिनट होते हैं सांवलियाजी के अनोखे-स्वरूप के दर्शन:इकलौती मूर्ति जिनके सीने पर पैरों के निशान, 3 मंदिरों में विराजे हैं सांवरा सेठ चित्तौड़गढ़ में सांवलिया जी की 3 प्रतिमाएं स्थापित हैं। मान्यता है कि इसमें से एक दुनिया इकलौती ऐसी प्रतिमा है जिनके सीने पर भृगु ऋषि के पैरों का निशान हैं। पढ़ें पूरी खबर… सांवलियाजी को 34 साल में पहली बार 337-करोड़ का चढ़ावा:200 का स्टाफ, मशीनों से काउंटिंग, ऐसी आस्था...अमाउंट स्टाम्प पर लिख कर लाते हैं भक्त चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्रीसांवलिया जी मंदिर में इस साल (2025-26) करीब 337 करोड़ का चढ़ावा आया है। पढ़ें पूरी खबर…
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की अनदेखी और अघोषित बहिष्कार का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि देश की राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन उनकी ओर से विश्व आदिवासी दिवस पर कोई बधाई संदेश तक जारी नहीं किया गया। अंबिकापुर के राजीव भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि संघ परिवार और भाजपा हमें आदिवासी के रूप में स्वीकार ही नहीं करती, वो तो हमें वनवासी कहती हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस की कल्याणकारी नीतियों के परिणामस्वरूप आज आदिवासी समाज के लोग शिक्षित होकर देश के विकास में अन्य समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सहित बड़ी संख्या में आदिवासी मंत्री और विधायक इस सरकार में मौजूद हैं, लेकिन ये सभी आदिवासी दिवस पर अपने समुदाय की उपेक्षा पर चुप है, वे किसके दबाव में हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए। आदिवासी समुदाय के महान विरासत को भाजपा चौक चौराहे पर मूर्तियों में कैद कर आदिवासियों के वोटबैंक के लिए टोकनिज्म की राजनीति करती है। पूर्व मंत्री डा. साय ने कहा कि एक ओर भाजपा हमें वनवासी कहती है, वहीं पूरे प्रदेश में हमारे वन के साथ ही कृषि भूमि को अपने खास उद्योगपति को परोसकर हमें संसाधन विहीन कर रही है। आदिवासी क्षेत्रों से ही भाजपा को बहुमत कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि आदिवासी समाज के समर्थन से ही उसने सरकार बनाई है। उन्होंने कहा कि सरगुजा संभाग की 14 सीटों के साथ बस्तर और कोरबा जैसे इलाकों से भी भाजपा को आदिवासी समाज का समर्थन मिला है। उन्होंने भाजपा की ओर से आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहे जाने की निंदा की। आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनिल पैकरा ने कहा कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री के होते हुए भी आदिवासी दिवस की उपेक्षा संघ परिवार के दबाव का परिणाम है। देश प्रदेश में भाजपा की सरकार आदिवासियों के आरक्षण के हित को भी समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान अन्य कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद थे।
बड़वानी के सिलावद में सकल हिंदू समाज ने मंगलवार शाम पुलिस थाने पहुंचकर प्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की सहमति और उनकी मौजूदगी को अनिवार्य बनाया जाए और कोर्ट में मैरिज रजिस्ट्रेशन को ही कानूनी मान्यता दी जाए। ज्ञापन में कहा गया कि आजकल समाज में प्रेम विवाह का चलन तेजी से बढ़ा है। ज्यादातर मामलों में माता-पिता और परिवार को बिना बताए शादियां की जा रही हैं, जिससे परिवारों को सामाजिक अपमान झेलना पड़ता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। अपरिपक्व फैसले से बढ़ रही समस्याएं सकल हिंदू समाज का कहना है कि कम उम्र या अपरिपक्वता में किए गए फैसलों की वजह से आगे चलकर तलाक की नौबत आ जाती है। इससे दोनों परिवारों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता है। इसके अलावा, ऐसे मामलों से धर्मांतरण और अन्य अवैध गतिविधियों का खतरा भी बढ़ता है। कानून में बदलाव की मुख्य मांगें समाज ने पारिवारिक मूल्यों की रक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कड़े नियम बनाने का आग्रह किया है। प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की लिखित सहमति और उनकी मौजूदगी को कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए। सिर्फ कोर्ट में रजिस्टर्ड विवाह को ही कानूनी मान्यता दी जाए। सामाजिक संस्थाओं या मंदिर ट्रस्टों द्वारा चोरी-छिपे कराए जाने वाले प्रेम विवाह पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। सकल हिंदू समाज ने विवाह से जुड़े कानूनों में जल्द से जल्द जरूरी संशोधन कर समाज हित में कदम उठाने की अपील की है।
भिवानी जिले के अलाउद्दीनपुर भुंगला गांव में मंगलवार को एक राजमिस्त्री की तालाब में डूबने से मौत हो गई। करीब 35 वर्षीय मृतक की पहचान गांव निवासी कृष्ण पुत्र बलवान के रूप में हुई है। कृष्ण का पैर गीली मिट्टी में फिसलने के कारण वह जोहड़ में जा गिरा था। जानकारी के अनुसार, कृष्ण मंगलवार को गांव में स्थित गोगाजी मंदिर, रुपाणी तालाब के पास गया था। इसी दौरान गीली मिट्टी होने के कारण उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गया। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही लोहारू थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण पुलिस टीम और एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने करीब दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने स्वयं इस अभियान में हिस्सा लेते हुए कृष्ण की तलाश की और उसे ढूंढ निकाला। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित इसके बाद कृष्ण को एम्बुलेंस की मदद से लोहारू के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि कृष्ण महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर गांव में आयोजित मेले में गया हुआ था। वह अविवाहित था और राजमिस्त्री का काम करता था। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने बताया कि मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। मृतक के भाई सुमेर के बयान के आधार पर पुलिस को शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) नई वैदकुंज आवासीय योजना लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस आवासीय योजना के तहत लोगों को प्लॉट उपलब्ध करवाए जाएंगे। साथ ही शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुधारने के लिए एआई लैस कैमरे लगेंगे। इसमें ट्रैफिक नियम तोड़ते ही सीधे पर घर ई-चालान आएगा। बैठक में इसके प्रस्ताव को लेकर भी चर्चा की गई। जेडीए कार्य समिति की मंगलवार को आयुक्त उत्साह चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जेडीए सेक्रेट्री चंचल वर्मा, उप सचिव सुमन राठौड़, एडीएम सिटी दौलतराम चौधरी, ट्रैफिक एसीपी कुलदीप सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नई सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। इसके पानी को ट्रीट करने के लिए एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाया जाएगा। जोजरी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बिछेगी सीवरेज लाइन कार्य समिति की बैठक में जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने को लेकर चर्चा की गई। इसके तहत जोजरी नदी के आस-पास क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद इस सीवरेज लाइन को यहां प्रस्तावित नए एसटीपी से जोड़ा जाएगा। बैठक में इसकी डीपीआर के साथ प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के प्रस्ताव को लेकर निर्णय लिया गया। बैठक में इन प्रोजेक्ट को लेकर हुई चर्चा वैदकुंज आवासीय योजना: बासनी लाछा गांव के पास जेडीए 700 प्लॉट का ये प्रोजेक्ट लॉन्च करेगा। इसमें ईडब्ल्यूएस से लेकर एलआईजी और एचआईजी समेत सभी कैटेगिरी के अलग-अलग प्लॉट होंगे। ट्रैफिक एनफोर्समेंट एंड सर्विलेंस सिस्टम: इसके तहत भैरूजी चौराहे से लेकर शताब्दी चौराहे तक सर्विसलेंस सिस्टम डेवलप किया जाएगा। इसमें एआई बेस्ड कैमरा लगाए जाएंगे। इसके तहत किसी भी तरह का ट्रैफिक नियम तोड़ने पर फोटो या वीडियो के साथ गाड़ी मालिक को ई-चालान भेज देगा। गौरतलब है कि भैरूजी से शताब्दी सर्किल तक काफी ट्रैफिक रहता है। यहां से दिनभर बसें और भारी वाहन भी निकलते हैं। ऐसे में यहां अलग-अलग पॉइंट में इस सिस्टम को लागू किया जाएगा। डिजिटल बोर्ड: शहर में डिजिटल आउटडोर डिस्प्ले बोर्ड और डिजिटल बोर्ड के साथ सजाववटी रोड लाइट पोल भी लगेंगे। शहर में 15 जगहों पर ये एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगेंगे। इनमें सरकार और जेडीए की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। साथ ही सर्किट हाउस से एयरपोर्ट रोड तक डिजिटल बोर्ड के साथ सजावटी रोड लाइट पोल भी लगेंगे। मंडोर में बनेगा नया कन्वेंशन सेंटर बैठक में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत काम करवाने को लेकर चर्चा हुई। ग्राम सेवक प्रशिक्षण केंद्र (जीटीसी) मंडोर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर और ऑटो मोबाइल्स मार्केट में ग्राम मोगड़ा खुर्द पाली रोड पर 100 फीट सड़क बनाई जाएगी। घोड़ा घाटी रोड को भी आकर्षक बनाने के लिए यहां अलग-अलग काम होंगे।
सीकर शहर में पिछले तीन दिन में आवारा कुत्तों ने महिला कर 2 महिलाओं और 5 बच्चों को घायल कर दिया। कलेक्ट्रेट से 500 मीटर दूर आनंद नगर में आवारा कुत्तों का झुंड घूम रहा है। जिससे कॉलोनीवासियों में दहशत का माहौल है, लोग घरों के बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। कॉलोनी वासियों ने नगर परिषद कंट्रोल रूम को भी शिकायत की है, लेकिन प्रशासन सूचना के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि आनंद नगर में आवारा कुत्तों का झुंड घूम रहा है और आने-जाने वालों पर झपटता है। बैडमिंटन खेलते समय बाहर आए बच्चे पर कुत्तों का हमला कॉलोनीवासियों ने बताया कि आनंद नगर निवासी 9 वर्षीय विराट घर में बैडमिंटन खेल रहा था, तभी उसकी कॉक घर के बाहर जा गिरी। विराट कॉक लेने जैसे ही बाहर निकला, उस पर 3 कुत्तों ने हमला कर दिया। विराट के शरीर पर कुल 13 घाव आए हैं। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने उसे छुड़ाया, नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला पर भी कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। महिला के चीखने पर आसपास के लोगों ने उसे बचाया। उनका कहना है कि सोमवार शाम को कुत्तों का झुंड कॉलोनी से गुजर रहे साइकिल सवार त्रिजल सिखवाल के सामने आ गया, जिससे वह गिर गया और चोटिल हो गया। प्रशासन से की आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग कॉलनीवासियों का कहना है कि आवारा कुत्तों की घटनाएं लगातार बढ़ गई हैं। इससे पहले भी 1 महिला और 3 बच्चे भी कुत्तों के हमले का शिकार बन चुके हैं। कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद और प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और लोगों को भयमुक्त करने की मांग की है। मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो होगा विरोध प्रदर्शन आनंद नगर निवासी वकील तृप्ति त्रिपाठी सिखवाल ने बताया कि कुत्ते रोजाना लोगों पर हमला कर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने से पहले डंडा लेकर निकलना पड़ता है। कभी सांडों का झुंड पीछे पड़ जाता है, तो कभी कुत्तों का झुंड। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें आबादी से दूर शिफ्ट करने की मांग की है। साथ ही नगर परिषद के कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली में सुधार की भी मांग की है। यदि प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, तो आनंद नगर निवासी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
अनूपपुर जिला मुख्यालय में 15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम कलेक्टर रत्नाकर झा और एसपी विक्रांत मुराब ने एक्सीलेंस स्कूल खेल मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मैदान, सुरक्षा और बैठक व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी काम समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। शेष व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा फिलहाल फेंसिंग और गिट्टी का बुरादा बिछाने का काम ही किया गया है। उन्होंने साफ-सफाई, मंच निर्माण, रंग-रोगन, ध्वजारोहण स्थल, पेयजल, साउंड सिस्टम और बैठक व्यवस्था से जुड़े तमाम कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है, इसलिए जिम्मेदार अधिकारी अपने दायित्वों की लगातार समीक्षा करें। सुरक्षा और पार्किंग का लिया जायजा एसपी विक्रांत मुराब ने समारोह स्थल पर सुरक्षा इंतजाम, यातायात नियंत्रण, प्रवेश-निकास द्वार और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न पॉइंट पर तैनात रहने वाले पुलिस बल की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की। आश्रम का दौरा और परेड रिहर्सल स्थल निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने विशेष मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए चयनित परसवार स्थित राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह बालक आश्रम का भी दौरा किया। गौरतलब है कि एक्सीलेंस स्कूल मैदान पर 6 अगस्त से ही पुलिस जवानों, एनसीसी और स्काउट गाइड के कैडेट्स द्वारा परेड का अभ्यास किया जा रहा है, जिसकी फाइनल रिहर्सल 13 अगस्त को होगी।
मंदसौर के सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में मंगलवार को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा रैली निकाली गई। दोपहर में शैक्षणिक भवन से शुरू हुई रैली का नेतृत्व महाविद्यालय की डीन डॉ. शशि गांधी ने किया। प्रोफेसर, चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी हाथों में तिरंगा लेकर रैली में शामिल हुए। रैली शैक्षणिक भवन से शुरू होकर महाविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए वापस प्रारंभिक स्थल पर पहुंची। इस दौरान देशभक्ति गीतों का गायन भी किया गया। रैली के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। डीन ने ‘सेल्फी विद तिरंगा’ के लिए किया प्रेरित रैली के समापन पर डीन डॉ. शशि गांधी ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को तिरंगे के साथ ‘सेल्फी विद तिरंगा’ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. कार्तिक सालवे, डॉ. सुनील कांत, डॉ. सौरभ, डॉ. अनिल मंगेशकर, डॉ. नायके मिनारे और डॉ. श्रीकांत चंद्राकर सहित फैकल्टी सदस्य, कर्मचारी और उनके परिवारजन मौजूद रहे।
रामानुजगंज में श्मशान घाट पर दाह संस्कार को लेकर हुए विवाद के बाद मंगलवार (11 अगस्त) को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रामानुजगंज थाने का घेराव किया। ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। मामले में विजयनगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों की शिकायत के मुताबिक, ग्राम भाला निवासी राजेंद्र प्रजापति की 6 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे मौत हो गई थी। अगले दिन 7 अगस्त को ग्रामीण शव को नदी किनारे उस स्थान पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए, जहां पिछले करीब 10 वर्षों से गांव के लोग दाह संस्कार करते आ रहे हैं। अंतिम संस्कार के बाद हुआ विवाद दाह संस्कार के बाद करीब 10 ग्रामीण अस्थियां एकत्र करने और अंतिम संस्कार की अन्य प्रक्रिया पूरी करने के लिए मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान ग्राम चुमरा निवासी कलीम खान और मझर खान तथा ग्राम भाला निवासी मोहन साव वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। तलवार और भाला दिखाकर धमकाने का आरोप शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने तलवार और भाला दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इससे मौके पर मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद बढ़ने पर गांव में दंगा-फसाद जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका थी। इस मामले में ग्रामीणों ने 8 अगस्त को विजयनगर पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण मंगलवार को बड़ी संख्या में रामानुजगंज थाने पहुंचे और घेराव कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर नामजद लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और भविष्य में इस तरह के विवाद की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। इधर, शिकायत के आधार पर विजयनगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में लगाए गए अन्य आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
फरीदाबाद जिला जेल में बंद कैदियों के सुधार और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार और जेल प्रशासन की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। कैदियों को जेल में रहते हुए पढ़ाई करने के साथ-साथ अलग-अलग तरह के काम सीखने का मौका दिया जा रहा है, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और रोजगार या अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसी उद्देश्य से जिला जेल में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, कारपेंटर और वेल्डर जैसे व्यावसायिक कोर्स कराए जा रहे हैं। जिला जेल के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार गोयल ने बताया कि सरकार की ओर से जेलों में बंद कैदियों के हुनर को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई तरह के कोर्स चलाए जा रहे हैं। इन कोर्स में कैदियों को अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण लेने का अवसर दिया जाता है। फरीदाबाद जिला जेल में भी काफी संख्या में कैदियों ने इन कोर्स में रुचि दिखाई और अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद जेल प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। एक अगस्त को हुई थी परीक्षा इन प्रशिक्षण कोर्स की परीक्षा 1 अगस्त को आयोजित की गई। जिसका परिणाम आज मंगलवार को आया, परीक्षा में कुल 32 कैदी स्टूडेंट शामिल हुए, जिनमें से 31 कैदी पास हुए। वहीं एक कैदी परीक्षा में सफल नहीं हो सका। कारपेंटर के कोर्स में 10 कैदी पास हुए। कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के कोर्स में शामिल सभी 10 कैदी परीक्षा में सफल रहे। इसके अलावा वेल्डर के कोर्स में परीक्षा देने वाले सभी 11 कैदी पास हुए। सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार गोयल ने बताया कि परीक्षा में एक कैदी के फेल होने के बावजूद उसे निराश नहीं होने दिया गया। जेल प्रशासन की ओर से उसे दोबारा मेहनत करने और अगली परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि कैदियों को यह महसूस कराया जा रहा है कि एक परीक्षा में असफल होना जिंदगी में आगे बढ़ने की राह को खत्म नहीं करता।
राज्य सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आएएएस) के 183 अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की है। इसमें दौसा जिले के कई अधिकारी बदल गए हैं। लिस्ट में ADM अरविंद शर्मा का भरतपुर ट्रांसफर हुआ है। जबकि ACB केस से सुर्खियों में आई पिंकी मीणा को भी फिर से जिले में पोस्टिंग मिली है। उन्हें ACM बनाया गया है।
4 महीने से फरार आरोपी भोपाल से गिरफ्तार:बैतूल में 3 लाख के सोने-चांदी के जेवर किए बरामद
बैतूल गंज थाना पुलिस ने ग्रीनसिटी चोरी के मामले में चार महीने से फरार चल रहे इनामी आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 3 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं। इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। घर से जेवर और 75 हजार रुपए चोरी हुए थे 15 अप्रैल 2024 को ग्रीनसिटी सेक्टर-बी निवासी गोविंदराव मोकलकर ने गंज थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके घर से दो मंगलसूत्र, दो सोने की अंगूठियां, दो जोड़ी कान के आभूषण, तीन जोड़ी चांदी की पायल, चांदी की मूर्ति और 75 हजार रुपए नकद चुरा ले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ओझाढाना गंज निवासी 19 वर्षीय सोनू उडके और 35 वर्षीय सडडु उर्फ राजा पाखरे की पहचान हुई। सोनू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चुकी थी। वहीं सडडु उर्फ राजा घटना के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया गया था। टावर लोकेशन से भोपाल में मिला आरोपी पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार तकनीकी निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सडडु उर्फ राजा भोपाल में है। सूचना पर गंज पुलिस की टीम भोपाल पहुंची। पुलिस ने टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। 3 लाख के सोने-चांदी के जेवर बरामद थाना प्रभारी नीरज पाल ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, दो जोड़ी चांदी की पायल, चांदी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, चार चांदी के सिक्के, एक सोने का मंगलसूत्र, एक सोने की अंगूठी, मंगलसूत्र और हार के 70 सोने के मोती तथा दो सोने के पेंडल बरामद किए गए हैं। बरामद जेवर की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने सडडु उर्फ राजा पिता राजू पाखरे (35), निवासी ओझाढाना गंज को 11 अगस्त को गिरफ्तार कर बैतूल न्यायालय में पेश किया।
टीकमगढ़ जिले की बल्देवगढ़ तहसील में मंगलवार को राजस्व रिकॉर्ड सुधारने के लिए कैंप लगाया गया। इसमें कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार ने एक साथ बैठकर रिकॉर्ड सुधार से जुड़े मामलों की सुनवाई की, जहां मौके पर ही 115 मामलों का निपटारा कर दिया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की में अभिलेख सुधार के लिए कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार ने मिलकर कोर्ट लगाया। कैंप में आए और पहले से दर्ज मामलों में नाम, पिता के नाम, जाति और अन्य राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जानकारियों की गड़बड़ियों को कागजातों की जांच के बाद तुरंत सुधारा गया। मौके पर ही सुधारी गईं सालों पुरानी गलतियां शिविर में अधिकारियों ने खसरा और कंप्यूटर रिकॉर्ड के नामों के अंतर, पिता के नाम की गलतियों और गलती से हटाए गए नामों की बारीकी से जाँच की। इस दौरान कई लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ: मुकेश यादव के पिता का नाम खसरे में 'हरदयाल' की जगह 'हरिवल्लभ यादव' दर्ज था, जिसे सुधारा गया। देवीलाल का नाम खसरे में गलत तरीके से 'रामलाल' दर्ज हो गया था, जिसे ठीक किया गया। सरकनपुर खास के रहने वाले धर्मू का नाम गलती से खसरे से हटा दिया गया था, जिसे दोबारा जोड़ा गया। मानबाई लोधी के खसरे में किसी दूसरे का नाम चढ़ गया था, जगदीश सिंह का हिस्सा गलत दर्ज था और बालकिशन का रकबा गलत चढ़ गया था, इन सभी गलतियों को मौके पर ही ठीक किया गया। एक ही छत के नीचे मिली राहत शिविर के दौरान गलत दर्ज नामों को हटाकर सही नाम चढ़ाए गए और जमीन के रकबे (क्षेत्रफल) का भी सही मिलान किया गया। इस कैंप के जरिए ग्रामीणों को अपने सरकारी रिकॉर्ड सुधरवाने के लिए भटकना नहीं पड़ा और एक ही जगह पर सुविधा मिल गई। इस मौके पर बल्देवगढ़ एसडीएम निशांत भूरिया, तहसीलदार प्राची जैन, पटवारी और अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जांजगीर-चांपा में साइबर ठगों ने ई-मेल आईडी में सिर्फ एक शब्द बदलकर चांपा की प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड से 28 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से कंपनी को फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाता बदलने की जानकारी दी। कंपनी ने ई-मेल को सही मानते हुए बदले हुए खाते में 28 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान की पुष्टि करने पर ठगी का खुलासा हुआ। मामले की शिकायत साइबर थाना जांजगीर में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार के सीतामढ़ी जिले से पंकज मुखिया को गिरफ्तार किया है। ई-मेल में एक शब्द बदला और हो गया खेल कंपनी के पर्चेस विभाग को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से एक ई-मेल मिला था। इसमें कंपनी को बैंक खाता बदलने की सूचना दी गई थी। ई-मेल आईडी में केवल एक शब्द बदला हुआ था, जिसे कर्मचारी पहचान नहीं पाए। इसके बाद कंपनी ने नए बताए गए बैंक खाते में 28 लाख रुपए जमा कर दिए। जब राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान के बारे में जानकारी ली गई तो वहां से रकम मिलने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद कंपनी को साइबर ठगी का पता चला और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस एसपी विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में साइबर टीम ने जांच शुरू की। जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर की गई थी, वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के चरौत थाना क्षेत्र के ग्राम परिगमा निवासी पंकज मुखिया के नाम पर मिला। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने पहले आधार कार्ड में दिल्ली का पता दर्ज कराया था, जिसे बाद में बिहार के पते पर अपडेट किया गया। बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची। साइबर थाना पुलिस की टीम सीतामढ़ी पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से पंकज मुखिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक खाता उपलब्ध कराने और ठगी की रकम मिलने के बाद उसे आपस में बांटने की बात स्वीकार की। 28 लाख में 23 लाख रुपए होल्ड पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते में जमा 23 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं। साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन 1930 पर समय रहते शिकायत दर्ज होने के कारण पुलिस रकम रोकने में सफल रही। अब इस राशि को पीड़ित कंपनी को वापस कराने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड और साइबर अपराध से जुड़े अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। आरोपी को बिहार के सक्षम न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद उसे जांजगीर-चांपा लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
जयपुर में बैंक मैनेजर से लूट मामले के तीन आरोपियों को पुलिस ने मसूरी से गिरफ्तार कर लिया। जवाहर नगर थाना पुलिस ने मंगलवार शाम मामले का खुलासा करते हुए तीनों बदमाशों से लूट का माल बरामद कर लिया। बैंक मैनेजर नवीन कुमार शर्मा (37) को 3 अगस्त को लूटने के बाद बदमाश रेंटल कार लेकर फरारी काटने मसूरी (उत्तराखंड) घूमने चले गए थे। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में आरोपियों ने मौज और शौक पूरा करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया- लूट के आरोपी रोनित यादव (24) निवासी कोटपुतली बहरोड हाल सिंधी कॉलोनी जवाहर नगर, रवि प्रकाश (25) निवासी प्रतापगढ़ अलवर हाल सरकारी क्वार्टर अजमेर और तनिष्क रॉय (22) निवासी सैथी चित्तौड़गढ़ हाल सिंधी कॉलोनी जवाहर नगर को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों से बैंक मैनेजर से लूटी सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में यूज दो स्कूटी और वैन्यू कार भी जब्त की है। 600 KM पीछा कर पकड़ा SHO (जवाहर नगर) सरला यादव ने बताया- जवाहर नगर में रहने वाले बैंक मैनेजर नवीन कुमार शर्मा से लूट की वारदात हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों ने रेकी के बाद वारदात को हथियार के दम पर अंजाम दिया था। लूट की वारदात कर बदमाश पुलिस से बचने के लिए रेंटल कार लेकर मसूरी (उत्तराखंड) चले गए थे। पुलिस टीम की ओर से 20 किलोमीटर में करीब 200 CCTV को खंगाला गया। इसकी मदद से लूट की वारदात करने वाले बदमाशों को चिन्हिृत किया गया। पुलिस ने करीब 600 किलोमीटर पीछा कर लुटेरों को धर-दबोचा। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में बैंक मैनेजर को लिफ्ट में लूटा:जिम से लौटकर फ्लैट में जा रहे थे, अपार्टमेंट की लिफ्ट में दो बदमाशों ने पिस्टल तानी जयपुर में नकाबपोश 2 बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर यूनियन बैंक के मैनेजर नवीन कुमार शर्मा को लिफ्ट में लूट लिया। बदमाश सोने की चेन,कड़ा समेत अन्य ज्वेलरी ले गए। बदमाशों ने उनके अपार्टमेंट की लिफ्ट में इस वारदात को अंजाम दिया गया। इस दौरान लिफ्ट में पड़ोसी युवती भी मौजूद थी। (पूरी खबर पढ़ें)
नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के एक मामले में दोषी अजहरुद्दीन को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह मामला वर्ष 2018 में नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन की कोर्ट ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाया। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट फॉर ट्रायल ऑफ ऑफेन्स अंडर POCSO Act में 5 अगस्त को आरोपी को दोषी करार दिया गया था। इसके बाद सजा की अवधि तय करने के लिए दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। कोर्ट ने से की सजा में नरमी बरतने की अपील सजा पर बहस के दौरान दोषी अजहरुद्दीन ने कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की। उसने अपनी आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए बताया कि उसके परिवार में छह भाई-बहन हैं, माता-पिता बुजुर्ग हैं और छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। अजहरुद्दीन ने खुद को परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया और अपनी पत्नी के बीमार व गर्भवती होने की बात भी कही। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी इन्हीं परिस्थितियों को आधार बनाकर कोर्ट से कम सजा देने का आग्रह किया। वहीं, सरकारी पक्ष ने POCSO अधिनियम की धारा 10 के तहत निर्धारित न्यूनतम सजा का हवाला देते हुए दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायिक हिरासत में बिताई सजा होगी समायोजित दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया। इसके बाद दोषी अजहरुद्दीन को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मुकदमे के दौरान दोषी द्वारा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा में समायोजित किया जाएगा। यह मामला पिनगवां थाना में दर्ज FIR संख्या 100/2018 से संबंधित है, जो करीब आठ वर्ष पुराना है। लड़की कूड़ा डालने जा रही थी, कि आरोपी ने उसे दबोच लिया और छेड़छाड़ की।
नीमच शहर के इकलौते मुख्य खेल मैदान को बचाने के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रही मैदान बचाओ समिति ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। समिति ने प्रशासन के फैसलों पर कड़े सवाल खड़े करते हुए चेतावनी दी है कि अगर सीएम राइज स्कूल बनाने के लिए मैदान या मौजूदा व्यवस्था से छेड़छाड़ की गई, तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। समिति ने आरोप लगाया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के परिसर और खेल मैदान को सीएम राइज स्कूल के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इसी जगह पर केंद्र सरकार की 'पीएम श्री' योजना के तहत पहले से ही एक स्कूल बहुत बढ़िया ढंग से चल रहा है, तो उसे हटाकर उसी जगह नया स्कूल बनाने की जिद क्यों की जा रही है? 25 लाख के सरकारी पैसे की बर्बादी का डर समिति ने खुलासा किया कि पीएम श्री योजना के तहत हाल ही में जनता के टैक्स के लगभग 25 लाख रुपए की लागत से एक हॉल बन चुका है और डोम का काम भी आखिरी चरण में है। ऐसे में अगर इस परिसर को तोड़ा या खाली कराया जाता है, तो सरकारी पैसों के इस भारी नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा? लड़कियों की पढ़ाई पर मंडराया संकट इसके अलावा, शासकीय विद्यालय क्रमांक-2 को जिस जगह शिफ्ट करने का प्लान है, वहां पहले से एक कन्या विद्यालय चल रहा है। समिति का कहना है कि इससे उन छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ेगा जो लड़कों के साथ (Co-Ed) नहीं पढ़ना चाहतीं। प्रशासन से पूछा गया है कि क्या इस फैसले से पहले छात्राओं और उनके माता-पिता की राय ली गई थी? मांग न मानने पर कोर्ट और आंदोलन की चेतावनी पिछले 20 सालों से मैदान बचाने में जुटे समिति सदस्यों का कहना है कि जब शहर में दूसरी सरकारी जमीनें मौजूद हैं, तो प्रशासन की नजर इसी खेल मैदान पर क्यों है? समिति के प्रतिनिधि कपिल सिंह चौहान, श्याम गुर्जर, निर्मलदेव नरेला, कीर्ति पंचोली, गजेंद्र सिंह चौहान, राकेश शर्मा और मूर्तजा डेरकी ने मांग की है कि खेल मैदान और पुराने स्कूलों को छेड़े बिना सीएम राइज स्कूल के लिए दूसरी जमीन खोजी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बात नहीं मानी गई, तो वे हाईकोर्ट जाएंगे और शहर भर में बड़ा आंदोलन करेंगे। ऐसे में सवाल यही उठता है कि क्या नए विकास के नाम पर खेल मैदान की बलि देना ही एकमात्र रास्ता है?
गोंडा में बेटी की हत्या करने वाले पिता और सौतेली मां को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह की कोर्ट ने 425 दिन चली सुनवाई के बाद मंगलवार शाम करीब 6 बजे फैसला सुनाया। 21 साल की श्वेता शुक्ला की सोते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पिता का भाई-भतीजे से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों को फंसाने के लिए पिता ने बेटी को मार डाला। बेटी पिता की मर्जी से शादी करने को तैयार नहीं थी, इसे लेकर भी उसका घर में झगड़ा होता था। घटना धानेपुर इलाके की थी। अब पूरा मामला विस्तार से… मोतीगंज क्षेत्र के खिरई खिरवा निवासी बृज बिहारी मिश्रा के अनुसार, उनकी बेटी नीतू की शादी धानेपुर क्षेत्र के तुलसीरामपुरवा निवासी राजेश शुक्ला से हुई थी। आरोप था कि राजेश ने नीतू की हत्या करने के बाद दूसरी शादी कर ली थी। नीतू की बेटी श्वेता के भविष्य को देखते हुए उस समय बृज बिहारी ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। 12 जून, 2024 को तड़के राजेश ने पत्नी किरन के साथ मिलकर बेटी श्वेता की हत्या कर दी। तीनों ने सोते समय उसका चाकू से गला रेत दिया था। सुबह नाना बृज बिहारी को नातिन की हत्या की सूचना मिली। 2 साल पहले पुलिस ने लगाई थी चार्जशीट शिकायत पर धानेपुर थाने में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। आरोपी पिता और मां को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि राजेश और किरन ने यह सब प्लानिंग के तहत किया था। जांच के बाद 11 जुलाई, 2024 को पुलिस ने राजेश और किरन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सरकारी वकील बसंत शुक्ला ने बताया- राजेश शुक्ला का प्रॉपर्टी के बंटवारे को लेकर भाई-भतीजे से विवाद चल रहा था। वह हत्या में दोनों को फंसाना चाहता था। वह श्वेता की शादी अपनी पसंद की जगह करना चाहता था, लेकिन वह तैयार नहीं थी। पीड़ित पक्ष की ओर से इन्हीं वजहों को हत्या की साजिश से जोड़ते हुए कोर्ट में सबूत पेश किया गया। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा- ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस लगातार कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर रही है। इसी कारण आरोपियों को सजा दिलाई जा रही है। श्वेता की हत्या उनके कार्यकाल में हुई जघन्य वारदातों में शामिल थी। इस मामले में दोषियों को सजा मिलना जरूरी था। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- अतीक के करीबियों ने टोल गेट तोड़ा, दबंगई का CCTV, प्रयागराज में उमर के काफिले की गाड़ियों ने पुलिसवालों को कुचलना चाहा, रील बनाई माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर से जुड़ा एक और विवाद सुर्खियों में है। उमर के करीबियों ने टोल प्लाजा पर दबंगई और गुंडई दिखाई, जिसका CCTV सामने आया है। असल में अतीक के छोटे बेटे अबान की मौत के बाद सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए लखनऊ जेल से उमर को प्रयागराज लाया जा रहा था। यहां पढ़ें पूरी खबर
फ़रीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में रघुवीर कॉलोनी और सेक्टर-2 के बीच बनी सड़क को लेकर देर शाम हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की। HSVP की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क के एक ओर सीमेंट के बड़े ब्लॉक लगाकर दीवार खड़ी कर दी। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कर दिया। किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। सेक्टर के लोगों को करना पड़ता था परेशानी का सामना सेक्टर-2 आरडब्ल्यूए के प्रधान और अधिवक्ता लेखपाल नगर ने बताया कि तिरखा कॉलोनी की तरफ से सेक्टर-2 में आने वाली सड़क पर उनका पहला मकान है। उनके अनुसार, रघुवीर और तिरखा कॉलोनी की तरफ से आने वाले रास्तों के कारण सेक्टर-2 के लोगों को लंबे समय से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि कॉलोनियों से आने वाला सीवरेज का पानी कई बार ओवरफ्लो होकर सेक्टर-2 में फैल जाता था। इससे आसपास के क्षेत्र में गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती थी। पशुओं को खुला छोड़ने से परेशानी स्थानीय लोगों ने एक अन्य समस्या का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, कॉलोनी क्षेत्र में कुछ डेयरी संचालकों द्वारा पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता था। ये पशु अक्सर सेक्टर-2 में पहुंच जाते थे। लोगों का आरोप है कि कई बार गाय और भैंस घरों के बाहर खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा चुकी हैं। इन समस्याओं को लेकर सेक्टरवासियों की ओर से प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गई थीं। शिकायतों के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा। याचिका में आरोप लगाया गया कि तिरखा और रघुवीर कॉलोनी की ओर से सेक्टर-2 की तरफ आने वाले कुछ रास्ते अवैध रूप से बनाए गए हैं और इनके कारण सेक्टरवासियों को परेशानी हो रही है। कोर्ट के आदेश के बाद करीब तीन महीने पहले HSVP के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और दोनों कॉलोनियों की ओर से सेक्टर-2 में आने वाले रास्तों को ईंटों की दीवार बनाकर बंद कर दिया गया था। यहां देखें फोटो… सीमेंट के ब्लॉक की दीवार खड़ी की इसके बाद कॉलोनी में बने कुछ मकानों की ओर से सेक्टर-2 की तरफ अवैध रूप से निकाले गए गेट और खिड़कियों के सामने भी सीमेंट के बड़े ब्लॉक लगाए गए थे। अब सोमवार शाम HSVP की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में सड़क के एक ओर सीमेंट के ब्लॉक की दीवार खड़ी कर दी। कार्रवाई के दौरान एसडीओ कमल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। HSVP के कनिष्ठ अभियंता योगेश ने बताया कि सड़क पर की गई यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब रघुवीर कॉलोनी और सेक्टर-2 के बीच रास्ते को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है।
प्रतापगढ़ में मानधाता में तैनात उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह को एक महिला के शारीरिक शोषण के आरोप में वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि दरोगा ने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक उसका शारीरिक शोषण किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला की शिकायत के अनुसार, उसकी मुलाकात एसआई अर्जुन सिंह से एक मुकदमे की पैरवी के दौरान हुई थी। आरोप है कि दरोगा ने खुद को अविवाहित बताकर महिला को शादी का भरोसा दिया। इसके बाद प्रतापगढ़ के विभिन्न होटलों में बुलाकर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। महिला को दी जान से मारने की धमकी पीड़िता का आरोप है कि 17 जून 2026 को जब उसने शादी के लिए दबाव डाला, तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। इस दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। महिला की लिखित शिकायत के आधार पर 27 जून 2026 को महिला थाना प्रतापगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संगीता को सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी एसआई अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने अब आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित किया गया था। मंगलवार को पुलिस टीम ने अर्जुन सिंह को बनारस से गिरफ्तार कर लिया।
अजमेर के जेएलएन अस्पताल में डिलीवरी के बाद 24 साल की महिला की मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार को अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा हुआ। शव रखे जाने के बाद ससुराल और पीहर पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। करीब 3 से 4 घंटे दोनों पक्षों के बीच 2-3 बार हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर कई बार मामला शांत कराया। इस दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे और कार्रवाई की मांग करते रहे। दरअसल, मृतका प्रीति राव (24) की शादी नवंबर 2024 में ब्यावर निवासी सुनील राव (30) से हुई थी। सुनील के अनुसार प्रीति प्रेग्नेंट थी। कुछ दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर उसे ब्यावर के अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे अजमेर के जनाना अस्पताल रेफर किया गया। ऑपरेशन से बेटे को दिया जन्म, रात में बिगड़ी तबीयत मृतका के पति सुनील ने बताया- 10 अगस्त को दोपहर करीब 4 बजे प्रीति की ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। उसने बेटे को जन्म दिया। ऑपरेशन के दौरान प्रीति को कई बार पैनिक अटैक आया। देर रात उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ी तो जेएलएन अस्पताल शिफ्ट किया गया। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुनील का कहना है कि डॉक्टरों ने दोबारा पैनिक अटैक आने की बात बताई है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। वहीं, सुनील ने पीहर पक्ष की ओर से लगाए जा रहे लापरवाही के आरोपों को गलत बताया। पीहर पक्ष बोला- तबीयत बिगड़ने से लेकर वेंटिलेटर तक की जानकारी नहीं दी प्रीति के भाई सूर्य प्रकाश (27) ने आरोप लगाया कि प्रीति की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी पीहर पक्ष को समय पर नहीं दी गई। डिलीवरी के बाद प्रीति को वेंटिलेटर पर रखे जाने की जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई। भाई का आरोप है कि ससुराल पक्ष की लापरवाही के कारण बहन की मौत हुई। प्रीति की बहन सोनू ने बताया- सोमवार सुबह प्रीति ने अस्पताल से फोन कर बुलाया था। वह मसूदा स्थित अपने ससुराल से अस्पताल पहुंची, लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे प्रीति से मिलने नहीं दिया। सोनू का कहना है कि उसे लगातार मिलने से रोका और धमकाया गया। उसने भी प्रीति की मौत के लिए पति और ससुराल पक्ष की लापरवाही को जिम्मेदार बताया। मोर्चरी के बाहर रोते रहे परिजन, आरोप-प्रत्यारोप के बीच कई बार हाथापाई प्रीति की मौत के बाद शव को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। शव देखने के बाद पीहर पक्ष के परिजन रोने लगे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और 3-4 घंटे के दौरान कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दो से तीन बार हाथापाई की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद अन्य रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। कुछ देर बाद फिर से दोनों पक्षों में बहस शुरू हो जाती। इस दौरान पीहर पक्ष कार्रवाई की मांग करता रहा, जबकि बीच में समझौते को लेकर भी बातचीत होती रही। कौन से थाने में मामला दर्ज होगा, इसे लेकर उलझन अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पादूकलां थाना पुलिस मोर्चरी पहुंची। बाद में पति के दस्तावेज और घटनाक्रम सामने आने के बाद मामला किस थाना क्षेत्र का है, इसे लेकर असमंजस पैदा हो गया। कभी ब्यावर, कभी पीसांगन तो कभी पादूकलां थाना क्षेत्र की बात सामने आती रही। मोर्चरी के बाहर विवाद और हाथापाई के बावजूद संबंधित थाना पुलिस के पहुंचने को लेकर भी परिजन सवाल उठाते रहे। अस्पताल चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर लौट गए, लेकिन उनके जाने के बाद दोनों पक्ष फिर आपस में उलझ गए। फिलहाल प्रीति का शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। बुधवार को थाना क्षेत्र स्पष्ट होने के बाद पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति साफ होने की संभावना है। मंगलवार शाम तक किसी भी पक्ष की ओर से संबंधित थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। जनाना अधीक्षक बोली- यह मेरा सरकारी फोन नहीं मामले में जनाना अधीक्षक से बात कि तो डॉ पूर्णिमा पचौरी ने कहा कि आपको क्या काम है? यह मेरा पर्सनल फोन है मैं किसी का फोन नहीं उठाती... सरकारी फोन नहीं है और फोन काट दिया। वहीं, जेएलएन अस्पताल के डॉक्टर राजेश जैन ने कहा- पेशंट सीरियस होकर आया था। पहले से ही सीपीआर दिया जा चुका था। वेंटिलेटर पर रखकर काफी कोशिश की लेकिन सुबह डेथ हो गई। तबियत क्यों बिगड़ी इसकी जनाना अस्पताल प्रशासन बता पाएंगे या पोस्टमार्टम से ही क्लियर हो पाएगा।
डीडवाना में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों में प्रस्तावित रोलबैक के विरोध में स्वर्ण समाज और विद्यार्थी वर्ग ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहीद स्मारक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां प्रदर्शनकारियों ने 'यूजीसी रोलबैक वापस लो' के नारे लगाए। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के प्रस्तावित फैसलों से सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों पर चिंता व्यक्त की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस रोलबैक प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय में सभी प्रभावित वर्गों और हितधारकों से व्यापक चर्चा कर उनके सुझाव लिए जाने चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षा से जुड़े निर्णयों में समानता, पारदर्शिता और योग्यता (मेरिट) के सिद्धांतों का पालन करने और विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं भविष्य से जुड़े हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। ज्ञापन के माध्यम से सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करने, मौजूदा नियमों एवं दिशा-निर्देशों की निष्पक्ष समीक्षा करने और आवश्यकता के अनुसार संशोधन करने की मांग भी की गई। इस प्रदर्शन में करनी सेना अध्यक्ष भंवर सिंह, भरतसिंह लक्सा थानू, मनमोहन सिंह सिंघाना, गोविंद सिंह, दिलीप सिंह खुड़ी, मयंक पारीक, रणवीर सिंह बनवासा, अनोप सिंह, किशन सिंह, अजय जोधा, सुरेंद्र सिंह और विक्रम सिंह सहित स्वर्ण समाज के सदस्य, छात्र संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सिरसा की रहने वाली 3 बहनें हरिद्वार से कांवड़ लेकर सिरसा पहुंची हैं। इनमें 2 सगी बहनें और एक मौसेरी बहन है। सभी की उम्र 45 से 55 वर्ष के बीच है। उनके साथ एक करीब 8 साल का बच्चा भी नजर आया। तीनों महिलाएं झूला कांवड़ लेकर आई हैं। इस दौरान तीनों बहनें जोश में दिखीं। जानकारी के अनुसार, तीनों महिलाएं जिले के कोटली गांव की रहने वाली हैं। यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनके स्वागत किया और खुशी में डीजे पर भजनों की ताल पर थिरके और उनकी सेवा की। ग्रामीणों ने बतायि कि उनके गांव से कुछ और महिलाएं भी कांवड़ लेकर आई हैं। इसके बाद आज मंगलवार को भगवान शिव को हरिद्वार से लेकर आए जलाभिषेक कर कांवड़ चढाई। कावड़ लाने वाली संतोष और बंती ने बताया कि भगवान शिव के प्रति अराधना होनी चाहिए। हर कोई कहता है कि महिलाएं कावड़ लेकर आई हैं। तो क्या महिलाएं कावड़ नहीं ला सकतीं? क्या महिला में दम नहीं है? ये महादेव की शक्ति है। महिलाएं भी पुरुषों से पीछे नहीं है और हम भी कांवड़ ला सकती हैं और ये हमने करके दिखाया है। इससे पहले भी वे कांवड़ लाई हैं। 30 तारीख को कांवड़ लेकर चले थे कांवड़ लेकर आईं बंती व संतोष ने कहा कि हम 30 अगस्त को हरिद्वार से कांवड़ लेकर चली थीं और अब सिरसा पहुंची हैं। रास्ते में सेवादारों ने कांवड़ियों की सेवा के लिए पंडाल लगाकर अच्छी व्यवस्था की हुई थी। जगह-जगह पर पुलिस तैनात थी और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।
गुरुग्राम पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसे द्वारका एक्सप्रेस-वे के बजघेड़ा क्षेत्र से अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया। आरोपी की पहचान सोनीपत के गांव गामड़ी निवासी निगम उर्फ देवा (27) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बजघेड़ा थाना पुलिस ने युवक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। अवैध हथियार मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ बजघेड़ा थाने में शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हथियार उपलब्ध कराने वाले की तलाश में जुटी पुलिस प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी निगम उर्फ देवा ने पुलिस को बताया कि उसने यह अवैध हथियार अपने एक साथी से लिया था। पुलिस अब हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसकी भूमिका की जांच में जुटी है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ मारपीट, धमकी देने और शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में पहले से छह मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
राजगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच पढ़ाना में कार बहने से 9 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जिले के रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने खुजनेर, खिलचीपुर, जीरापुर और माचलपुर में चलाए गए बचाव अभियानों की जानकारी ली। CM ने कहा कि यदि चार जगह टीमें लगी थीं। पांचवीं जगह भी संकट में थी, तो संभाग या राज्य स्तर से अतिरिक्त टीम और संसाधन बुलाए जाने चाहिए थे। चार क्षेत्रों में 24 लोगों का रेस्क्यू सोमवार को जिले में भारी बारिश के कारण खुजनेर, खिलचीपुर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पानी में फंसे 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी दौरान सारंगपुर क्षेत्र के पढ़ाना में तेज बहाव में एक कार बह गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई। घटना के बाद प्रशासन के रेस्क्यू ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल उठे। जल मंदिर में फंसे 6 श्रद्धालु भी रेस्क्यू किए गए सोमवार को खिलचीपुर के जल मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे 6 श्रद्धालु अचानक जलस्तर बढ़ने से मंदिर में फंस गए थे। मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया था। सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। मंगलवार को इन्हीं श्रद्धालुओं को प्रशासन ने जल मंदिर बुलाया था। यहां उनकी मुख्यमंत्री से बातचीत कराने की तैयारी थी। मंदिर के बाहर लैपटॉप लगाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी अमित तोलानी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। CM ने कलेक्टर से मांगा रेस्क्यू का अपडेट कुछ देर बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने कलेक्टर से जिले में हुए रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी ली। सीएम ने रेस्क्यू टीम की सराहना की कलेक्टर से जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों ने अच्छा काम किया, लेकिन आपदा के समय केवल स्थानीय संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चार स्थानों पर टीमें काम कर रही हैं और पांचवीं जगह भी संकट में है, तो राज्य या संभाग स्तर से अतिरिक्त टीम और संसाधन बुलाए जाने चाहिए। ऐसी स्थिति के लिए पहले से व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद तुरंत मौके पर पहुंच सके। CM बोले- हर स्थिति के लिए तैयार रहे प्रशासन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह घटना प्रशासन के लिए एक परीक्षा की तरह है। अभी बारिश का समय बाकी है। आगे अलग परिस्थितियां बन सकती हैं, सभी तैयार रहें। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिससे जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जानकारी मिले। अतिरिक्त संसाधन समय पर मौके पर पहुंच सकें। 'जो बच सकते हैं, उन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता' मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय यदि प्रशासन समय पर नहीं पहुंच पाता और लोगों को नुकसान होता है तो लोगों में आक्रोश पैदा होता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को बचाया जा सकता है, उन्हें हर हाल में बचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। CM ने रेस्क्यू में जुटे अधिकारियों और टीमों के काम की सराहना भी की। साथ ही उन्होंने घटना से सीख लेते हुए भविष्य के लिए संसाधनों और रेस्क्यू टीमों की उपलब्धता की बेहतर योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
राजधानी में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और यातायात नियमों का पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। 10 अगस्त की रात शहर के 9 प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर हुई जांच में नशे की हालत में वाहन चलाते मिले 60 लोगों समेत कुल 78 वाहन चालकों पर वैधानिक कार्रवाई की गई। इनमें 18 बिना नंबर के वाहन भी शामिल हैं। अभियान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन और सभी सहायक पुलिस आयुक्त यातायात के नेतृत्व में चलाया गया। पुलिस टीम ने आधुनिक ब्रीथ एनालाइजर मशीनों से वाहन चालकों की जांच की। कार्रवाई में 37 कार, 34 दोपहिया, 4 टाटा एस पिकअप, एक ऑटो मैजिक और 2 ट्रक शामिल रहे। 2026 में अब तक 3842 पर कार्रवाई यातायात पुलिस के मुताबिक, ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ पूरे साल चलाए गए अभियान के तहत 2026 में अब तक 3842 वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान करना नहीं, बल्कि लोगों को नशे में वाहन चलाने के खतरों के प्रति जागरूक करना भी है। पुलिस के अनुसार शराब या किसी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद चालक की निर्णय लेने की क्षमता, प्रतिक्रिया का समय और वाहन पर नियंत्रण प्रभावित होता है। इससे हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसी वजह से यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। DCP ट्रैफिक ने कहा- नशे में वाहन न चलाएं डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने लोगों से अपील की है कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद वाहन न चलाएं। ऐसी स्थिति में सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी या परिवार के किसी सदस्य की मदद लें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार यातायात व्यवहार से खुद के साथ-साथ दूसरे लोगों की जान भी बचाई जा सकती है। ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गुना में मंगलवार को हुई इस सीजन की सबसे तेज बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। तीन घंटे में 3 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। नानाखेड़ी में सड़क पानी में डूब गई। वहीं गोविंद गार्डन, पटेल नगर में घरों में पानी घुस गया। SDERF की टीम ने एक महिला का वहां से रेस्क्यू किया। गुनिया नदी उफान पर आ गई। बुधवार को प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। मंगलवार सुबह से धूप निकली हुई थी। दोपहर 2 बजे से आसमान में बादल छाने लगे। 3 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जो 6 बजे तक जारी रही। इन तीन घंटों में ही शहर तरबतर हो गया। मौसम विभाग के अनुसार शाम सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 84 मिमी बारिश शहर में दर्ज की गई। नानाखेड़ी में नाला निर्माण की खुली पोल पिछले वर्ष 29 जुलाई को हुई बारिश से नानाखेड़ी इलाके पानी में डूब गया था। इसी से सबक लेते हुए प्रशासन ने मणिधारी गार्डन से नानाखेड़ी मंडी गेट तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाकर दुकानदारों से 20 फीट चौड़ा नाला बनाने को कहा था। कई दुकानदारों ने नाला निर्माण किया भी, लेकिन कई जगह वह पूरा नहीं हो पाया। इसी का असर रहा कि आज की बारिश से फिर नानाखेड़ी इलाके में पानी भर गया। एक तरफ की सड़क तो पूरी पानी में डूब गई। इससे वाहनों का आवागमन रुक गया। रॉयल व्यास गार्डन पानी में डूब गया। इस इलाके में 5 फीट से ज्यादा पानी भर गया। एक वर्ष से प्रशासन जो तैयारियां कर रहा था, वो धरी रह गईं। गोविंद गार्डन, पटेल नगर में कई फिट पानी उधर गुनिया नदी किनारे बसे पटेल नगर और गोविंद गार्डन में इस बार भी पानी भर गया। यहां सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया। पानी निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी नहीं निकल पाया। कुछ घरों में भी पानी घुसा। घर में फांसी महिला का SDERF ने रेस्क्यू किया। पटेल नगर में तो घरों में भी पानी घुस गया। व्यापारियों से फंड लेकर कराई थी नदी की सफाई बता दें कि पिछले वर्ष से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने गुनिया नदी की सफाई कराई थी। इसके लिए व्यापारियों, नागरिकों से फंड भी एकत्रित किया गया था। लगभग एक महीने तक JCB से नाले की सफाई हुई और कुछ अतिक्रमण भी चिन्हित किए गए, लेकिन वह हटाए नहीं गए। लाखों का फंड एकत्रित होने के बाद भी ठीक से सफाई नहीं हो पाई। यही कारण रहा कि बारिश में गुनिया उफान पर आ गई और कई इलाकों में पानी भर गया। बाजार में घुटनों तक पानीशहर की नई सड़क पर बारिश के दौरान घुटनों तक पानी बहता दिखाई दिया। सड़क पर तेज बहाव के कारण पैदल निकलना मुश्किल हो गया। वहीं दुकानों के सामने पानी भरने के बाद व्यापारी अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने में जुट गए। कई दुकानदार दुकानों में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए सामान ऊपर रखने और पानी रोकने के इंतजाम करते नजर आए। पिछले वर्ष आई भयावह बाढ़ की याद मंगलवार की बारिश ने ताजा कर दी। रहवासियों ने मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर तत्काल नालियों की सफाई कराई जाए। जहां सामान्य नालियों से पानी की निकासी संभव नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार मशीनों से पानी निकालने और जल निकासी के स्थायी इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि अभी बारिश का मौसम बाकी है और यदि पहली ही तेज बारिश में यह स्थिति बन रही है तो आने वाले दिनों में अधिक बारिश होने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं। मंगलवार की बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ घंटों की तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी सामने ला दी। घरों और दुकानों में पानी पहुंचने की घटनाओं ने उन इलाकों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है, जहां हर तेज बारिश के बाद जलभराव होता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और नगर पालिका जलभराव वाले क्षेत्रों को लेकर कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाते हैं। तस्वीरों में देखिए बारिश के बाद की बदहाली…
डूंगरपुर में न्यायिक अधिकारियों, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को निजी ट्रेवल्स बसों की जांच की। साबेला बाईपास पर डूंगरपुर से अहमदाबाद रूट की कई बसों को रोककर सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इस जांच में बसों में कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच में कई बसों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं पाई गई। इसके अलावा कुछ बसों की बॉडी भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थी। अधिकारियों ने इन कमियों को यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही माना। मौके पर ही दोषी बसों के चालान काटे गए और कुल 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। इस कार्रवाई में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरीश मेनारिया, जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर, ट्रैफिक पुलिस निरीक्षक भैया लाल अंजना, और जिला परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र कुमार और भूपेंद्र कुमार शामिल थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि बसों की नियमित जांच जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ के अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के रामद्वारा में चातुर्मास के तहत धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान संत शंभूराम महाराज ने हरियाली अमावस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण का संदेश दिया। पौधों की सुरक्षा का लिया संकल्प संत शंभूराम महाराज ने हरियाली अमावस को प्रकृति और पर्यावरण के संयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सावन मास में चारों ओर हरियाली प्रकृति का श्रृंगार करती है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण करने के साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने हरे वृक्षों की कटाई को अनुचित बताते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। दयाभाव रखने का दिया संदेश महाराज ने अपने संदेश में जीवन में निरंतर सत्संग करने, अवसर मिलने पर सेवा के लिए तत्पर रहने, शास्त्रों का स्वाध्याय करने और प्राणी मात्र के प्रति दया का भाव रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राम भजन से सभी धर्मों का पालन हो जाता है। भक्तों के जीवन चरित्र के बारे में बताया धर्मसभा में संत शंभूराम महाराज ने भक्तमाल ग्रंथ पर प्रवचन करते हुए भक्तों के जीवन चरित्र का वर्णन किया। यह कथा प्रतिदिन आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रतापगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु रामद्वारा पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं। कथा के समापन के बाद स्वरूपाबाई सत्संग महिला मंडल तालाब रामद्वारा की ओर से पूजन-अर्चना, आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।
ग्वालियर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक मंगलवार को महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार की अध्यक्षता में बाल भवन स्थित टीएलसी में हुई। इसमें अमृत-2.0 परियोजना के लिए मार्जिन मनी जुटाने और ग्राम रोजगार सहायकों के संविलियन सहित कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अमृत-2.0 परियोजना के लिए नगर निगम के मार्जिन मनी योगदान पर चर्चा हुई। निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर विचार के बाद एमआईसी ने म्युनिसिपल बॉन्ड, प्राइवेट प्लेसमेंट या बैंक ऋण के माध्यम से राशि जुटाने की स्वीकृति दी। इससे अमृत-2.0 के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए निगम की वित्तीय हिस्सेदारी जुटाने का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस शुल्क और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शुल्क के निर्धारण से संबंधित वर्ष 2022 के एमआईसी संकल्प में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। नगर निगम संग्रहालय, फूलबाग स्थित पुराने लेबर कोर्ट क्षेत्र के भूतल, निचले तल और ओपन स्पेस को 10 वर्ष के लिए मासिक लाइसेंस शुल्क पर आवंटित करने के लिए ईओआई के माध्यम से ई-निविदा बुलाने का प्रस्ताव भी चर्चा में आया। हालांकि, एमआईसी ने इसे स्पष्ट भू-स्वामित्व रिपोर्ट के साथ दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए वापस कर दिया। महाराज बाड़ा स्थित पुराने नगर निगम भवन के पिछले हिस्से और नजरबाग मार्केट की गली में बनी दुकानों के संबंध में पारित संकल्प पर पुनर्विचार के प्रस्ताव पर एमआईसी ने पूर्व में किए गए संकल्प का ही पालन करने का निर्देश दिया। शहर में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित सार्वजनिक शौचालयों के संचालन, संधारण और मरम्मत के लिए लिए जाने वाले 'पे एंड यूज' शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय का अधिकार महापौर को दिया गया। नगर निगम सीमा में शामिल ग्राम पंचायतों में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों (सहायक सचिवों) की सेवाओं को नगर निगम में संविलियन किए जाने के प्रस्ताव को भी एमआईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी।
लखनऊ में अखिल भारत हिंदू महासभा ने धर्मांतरण पर रोक के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर कथित तौर पर धर्मांतरण में शामिल संस्थाओं और लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चंगाई सभा के नाम पर गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग के लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। संगठन का कहना है कि कुछ स्थानों पर नौकरी, इलाज, शिक्षा और आर्थिक मदद का लालच देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किया जा रहा है। बिना अनुमति प्रार्थना सभाएं आयोजित करने का आरोप हिंदू महासभा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न पिछड़े इलाकों में प्रशासन की अनुमति के बिना चर्च और प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए और धर्मांतरण से जुड़े मामलों की प्रभावी जांच कराई जाए। राजधानी में चर्च गतिविधियों पर भी निगरानी की मांग संगठन ने प्रदेश में धर्मांतरण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कानून की मांग करते हुए कहा कि धर्मांतरण से जुड़े मामलों की निगरानी और जांच की व्यवस्था मजबूत की जाए। ज्ञापन में राजधानी के संवेदनशील इलाकों में संचालित कथित धार्मिक गतिविधियों की भी जांच कराने की मांग की गई है। सरकार से सख्त कार्रवाई की अपील शिशिर चतुर्वेदी ने सरकार से मांग की कि धर्मांतरण के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्पष्ट और कठोर कानूनी प्रावधान किए जाने की आवश्यकता है। ज्ञापन की प्रतिलिपि गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव गृह को भी भेजी गई है।
दिल्ली की राजनीति में सब्सिडी वाले चावल के आवंटन को लेकर घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो बयान जारी कर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज ने मंत्री सिरसा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक जिम्मेदार मंत्री को विपक्ष के सवालों का शांति से जवाब देना चाहिए, न कि कोर्ट की धमकी देकर डराने की कोशिश करनी चाहिए। आप नेता ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए मंत्री सिरसा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से चार तीखे सवाल पूछे हैं। आप नेता ने वीडियो जारी कर मंत्री पर साधा निशानासौरभ भारद्वाज ने अपने वीडियो में कहा, इतना नाराज़ मत होइए मंत्री जी। लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना है। एक ज़िम्मेदार मंत्री को कोर्ट की धमकी देकर डराने के बजाय शांति से जवाब देना चाहिए। जनता के राशन से जुड़े इस मामले में कई ऐसी कड़ियां हैं जो सीधे तौर पर गड़बड़ी की ओर इशारा कर रही हैं। 3 महीने तक फाइल दबने के बाद एक दम मंजूरी पर उठा सवाल आप नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि 3 महीने तक दबी रही फाइल, फिर एक ही दिन में सुपरफास्ट मंजूरी कैसे मिल गई। जो प्रपोजल की चिट्ठी आपके दफ्तर में पूरे तीन महीने तक धूल फांकती रही, उसे अचानक एक दिन आगे बढ़ाया गया। वहीं आप नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि कमाल की बात देखिए, उसी एक सिंगल डे में आपके विभाग ने उसे अप्रूवल देकर FCI को भेज भी दिया। इस सुपरफास्ट अप्रूवल के पीछे का राज क्या है। योजना में नियमों की उल्लंघना करने का लगा आरोप सौरभ नेआरोप लगाया कि सीनियर को बाईपास कर जूनियर अधिकारी को फाइल क्यों भेजी गई। नियमों को ताक पर रखकर काम क्यों किया गया। सब्सिडी वाले चावल का प्रपोजल अपने खाद्य विधान के प्रमुख को भेजने के बजाय, उनके जूनियर अधिकारी को क्यों मार्क किया। इस बाईपास के पीछे क्या मंशा थी। इतनी बड़ी डील, फिर जनता से जानकारी क्यों छिपाईआप नेता ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में सब्सिडी का चावल बांटा जाना था, यह जनता का हक था। तो फिर आपने या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी जनता के साथ साझा क्यों नहीं की, इसे गुपचुप तरीके से क्यों अंजाम दिया गया। 3 करोड़ 10 लाख किलो चावल कहां गया, दोबारा प्रपोजल क्यों भेजा - आप नेताएक बार कॉरपोरेशन को 31,000 मीट्रिक टन चावल मिलने के बाद, आपने अगले ही महीने दोबारा चावल का प्रपोजल फॉरवर्ड कर दिया। क्या आपने एक बार भी पूछने की जहमत उठाई कि पहले मिला 3 करोड़ 10 लाख किलो चावल किसको मिला, कैसे बंटा और कब बंटा, इसका हिसाब कहां है।
बालाघाट में बाघ के हमलों में एक महिला की मौत और एक युवक के घायल होने के बाद क्षेत्रीय विधायक मधु भगत के दिए विवादित बयान पर राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। एक दिन पहले मृतक सुगनीबाई के परिवार से मिलने पहुंचे विधायक मधु भगत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस दिन आदिवासियों के हाथ में तीर-कमान आ गया, वे गिन-गिनकर जानवरों का शिकार करेंगे। विधायक ने यहां तक कह दिया कि वन्यजीवों पर हमला करने के लिए वे खुद आदिवासियों के साथ सबसे आगे खड़े रहेंगे। भोपाल तक आंदोलन की चेतावनी विधायक ने कान्हा पार्क प्रबंधन और वन विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ जानवरों को मारने पर जेल भेजा जाता है, तो दूसरी तरफ उनके हमलों में लोगों के मरने पर मुआवजा बांटा जाता है। उन्होंने इस व्यवस्था को शर्मनाक बताते हुए चेतावनी दी कि अगर प्रबंधन में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो बालाघाट से लेकर भोपाल तक उग्र आंदोलन किया जाएगा और विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोली जाएगी। भाजपा ने साधा निशाना, कहा- उकसाने वाला बयान भाजपा ने विधायक के इस बयान को भड़काऊ करार दिया है। युवा भाजपा नेता रामेश्वर कटरे ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि अगर आदिवासी विधायक के बहकावे में आकर जानवरों को मारने लगे, तो कल को उन्हें कानूनी कार्रवाई और मुकदमों से कौन बचाएगा? 'आदिवासी बाघदेवता की पूजा करते हैं, हत्या की बात गलत' रामेश्वर कटरे ने विधायक के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज बाघ को जानवर नहीं बल्कि 'बाघदेवता' मानकर पूजता है, जबकि विधायक उनकी हत्या करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगर विधायक को वाकई क्षेत्र की जनता की चिंता है, तो उन्हें बयानबाजी करने के बजाय अपनी विधायक निधि से जंगल से सटे गांवों के आसपास फेंसिंग करानी चाहिए।
अंबिकापुर नगर निगम की सामान्य सभा में महापौर के वायरल ऑडियो को लेकर जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल में जब विपक्ष ने यह मुद्दा उठाया, तो सत्तापक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने शहर की समस्याओं को लेकर सत्तापक्ष पर जमकर हमला बोला। हंगामे के बीच सभापति और महापौर उठकर बाहर चले गए। बाद में ऑडियो विवाद को लेकर फिर से हंगामा हुआ। इसके विरोध में विपक्ष ने सामान्य सभा का बहिष्कार कर दिया। मंगलवार को नगर निगम की सामान्य सभा के प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने महापौर के वायरल ऑडियो का मुद्दा उठाया। जैसे ही उन्होंने इस मामले पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, सत्तापक्ष के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। एमआईसी सदस्य मनीष सिंह ने कहा कि सामान्य सभा में उन्हीं सवालों पर चर्चा होनी चाहिए, जिन्हें पहले से प्रश्न के रूप में लिया गया है। हंगामे के बीच सभापति, महापौर ने छोड़ी कुर्सी जब सत्तापक्ष महापौर के ऑडियो विवाद पर चर्चा को तैयार नहीं हुआ तो काफी देर तक दोनों पक्ष में बहस होती रही और प्रश्नकाल नहीं चल सका। कुछ देर के लिए कार्रवाई रोक दी गई। दोबारा सामान्य सभा की कार्रवाई शुरू की गई तो शहर में खराब सड़क, पेयजल और बिजली की समस्या को लेकर नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शहर की सड़कों के गड्ढों की जानकारी लेने के लिए सभी पार्षदों को बुलाया गया था। पार्षदों से जानकारी लेकर गड्ढों की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया और आयुक्त के सामने रखा गया, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव वापस कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या शहर की इस समस्या के लिए निगम का सत्तापक्ष 10 लाख रुपए भी मंजूर नहीं करा सकता? नेता प्रतिपक्ष ने शहर में पेयजल की कम आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन करीब 40 प्रतिशत पेयजल सप्लाई कम हुई, लेकिन लोगों से पैसा पूरा लिया गया। यह सीधे तौर पर लोगों का शोषण है। जब नेता प्रतिपक्ष ने सत्तापक्ष को खरी-खरी सुनाई तो पहले सभापति, फिर महापौर मंजूषा भगत इसके बाद एमआईसी के सदस्य बाहर चले गए। विपक्ष ने किया बहिष्कार, बिना विपक्ष चली सामान्य सभा नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर महापौर के वायरल ऑडियो विवाद पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। इस पर फिर से हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद विपक्षी पार्षदों ने सामान्य सभा का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष के बहिष्कार के बाद सत्तापक्ष ने बिना विपक्ष के ही सामान्य सभा की कार्यवाही जारी रखी। महापौर मंजूषा भगत ने भी विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपनी बात रखी। विपक्ष की आवाज दबाना चाहता है सत्तापक्ष-शफी हम चाहते थे कि निगम सामान्य सभा में इसके लिए प्रस्ताव पारित किया जाए कि पुलिस इसमें कार्रवाई करे। सत्तापक्ष इसमें चर्चा के लिए तैयार नहीं है। सत्तापक्ष विपक्ष की आवाज दबाना चाहता है। विषय अनुसार होनी चाहिए चर्चा-महापौर महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि हर बार विपक्ष मुद्दाविहीन बातें करते हैं। वे बौखला गए हैं। हमारा उद्देश्य है शहर का विकास। हम 100 करोड़ का विकास कार्य करा रहे हैं। ये विपक्ष से नहीं पच रहा है। व्यवसायी ने दुकानें बेची, ईई ने खरीदी, नामांतरण पर रोक सामान्य सभा में पार्षद आलोक दुबे ने सवाल उठाया कि अंबिकापुर के फायर स्टेशन के पास निगम की तीन दुकानें राजू अग्रवाल एवं उसके दो बेटों के द्वारा 24-24 लाख में खरीदी गई थी, जिसे निगम के ईई अशोक निरंजन, उनकी पत्नी एवं बेटे को 70-70 लाख रुपये में बेच दी गई। पार्षद आलोक दुबे ने सवाल उठाया कि क्या कोई फर्स्ट क्लास आफिसर निगम की दुकानें खरीद सकता है। इसपर निगम में जमकर हंगामा हुआ और दुकानांे के नामांतरण पर रोक लगा दी गई है।
नूंह जिले के कोल गांव में 19 वर्षीय विवाहिता फिजा तरजुमा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, फिजा की शादी करीब सवा साल पहले कोल गांव निवासी जमशेद के साथ हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज में कार देने के लिए लगातार परेशान कर रहा था। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर गाड़ी सहित अन्य सामान की मांग की जाती रही। दादा बोले- चेहरे पर जलने और चोट के निशान मृतका के दादा हाजी याकूब ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब परिजन ससुराल पहुंचे, तो फिजा का शव फंदे पर लटका मिला। परिजनों का दावा है कि उसके चेहरे पर जलने के निशान और शरीर पर चोट के निशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को पहले पीटा गया, फिर जलाया गया और बाद में फंदे पर लटका दिया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला को इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। तीन महीने पहले दिया था बेटी को जन्म जानकारी के मुताबिक, फिजा ने तीन महीने पहले ही एक बच्ची को जन्म दिया था। अब इस तीन महीने की मासूम बच्ची के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। थाना सदर फिरोजपुर झिरका प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि मृतका के परिजनों की शिकायत पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतका का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर जहां दिल्ली के लाल किले पर वंदे मातरम् के साथ आजादी की वर्षगांठ मनाने की तैयारी की जा रही है, वहीं एमपी में 15 अगस्त पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की मुख्य अतिथि के रूप में ड्यूटी लगा दी गई है। ये मंत्री और राज्यमंत्री जिला मुख्यालयों पर ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा मंदसौर व राजेंद्र शुक्ल रीवा में ध्वजारोहण करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित मंत्री जिला मुख्यालय में पहुंचेंगे।
आगर मालवा में मंगलवार को कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा की जनसुनवाई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। सोयतकलां निवासी राधेश्याम माली अपनी शिकायतों के निराकरण कार्डों की माला पहनकर जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिकायतें देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। राधेश्याम माली के अनुसार, वह पिछले 4 से 5 वर्षों से लगातार अपनी शिकायतें लेकर जनसुनवाई में आ रहे हैं। उनकी मुख्य शिकायत सोयतकलां में सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। उन्होंने नाले के आसपास भी अतिक्रमण होने का आरोप लगाया है। सीएम हेल्पलाइन पर 8 बार की शिकायत माली ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी 8 से अधिक बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। हालांकि, हर बार शिकायत के निराकरण का दावा किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। उनका कहना है कि यदि शिकायतकर्ता को बार-बार एक ही समस्या के लिए जनसुनवाई में आना पड़े, तो यह सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। राधेश्याम के मुताबिक, उन्हें हर शिकायत के बाद निराकरण से संबंधित कार्ड तो मिलते रहे, लेकिन उनकी मूल समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से आम और शासकीय रास्ते से अतिक्रमण हटाने, नाले के आसपास की स्थिति की जांच करने और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राधेश्याम माली ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या शिकायतों का निराकरण केवल कागजों तक सीमित है या वास्तव में जमीनी स्तर पर भी कार्रवाई होती है। जनसुनवाई में सामने आए इस मामले के बाद प्रशासन संबंधित शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर ठोस समाधान कराता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

