हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने श्री सचखंड तख्त हजूर साहिब नांदेड (महाराष्ट्र) के संचालन से जुड़े 1956 के गुरुद्वारा एक्ट में प्रस्तावित बदलाव को लेकर कड़ा विरोध जताया है। कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने महाराष्ट्र सरकार पर तख्त साहिब के प्रबंधन में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ कहा कि अगर 1956 के एक्ट में बिना सिख पंथ की सहमति के बदलाव किया गया तो इसका देश ही नहीं, विदेशों में भी सिख संगत पुरजोर विरोध करेगी। झींडा आज शुक्रवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। झींडा ने कहा कि श्री हजूर साहिब सिखों के 5 तख्त साहिब में से एक है। कमेटी से विचार के बाद होना चाहिए कोई भी फैसला- झींडा इसके संचालन से जुड़ा कोई भी फैसला श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश और सभी तख्तों के जत्थेदारों, सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC), चीफ खालसा दीवान और HSGMC से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाना चाहिए। तख्त साहिब का सरकारीकरण नहीं होने देंगे उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार अपने स्तर पर नया बोर्ड बनाकर तख्त साहिब को सरकारी नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है। यह सिख पंथ को स्वीकार नहीं है। सरकार की मंशा गुरु घरों का सरकारीकरण करने की है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा विरोध पत्र झींडा ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर HSGMC की ओर से महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को विरोध पत्र भेजा गया है। इसमें 1956 के एक्ट में किसी भी तरह का संशोधन करने से पहले सिख पंथ की राय लेने की मांग की। श्री अकाल तख्त साहिब की मंजूरी के बिना एक्ट में बदलाव करना ठीक नहीं होगा। गुरु घर की मर्यादा कानून से ऊपर झींडा ने कहा कि गुरु घर की अपनी मर्यादा होती है। पूरा हिंदुस्तान संविधान को मानता है, लेकिन ये संविधान तब तक ही लागू है, जब तक हम गुरुद्वारा साहिब की दर्शनी जोड़ी पार नहीं कर लेते। जैसे ही दर्शनी जोड़ी पार करते हैं, वहां हिंदुस्तान का कानून नहीं चलता, बल्कि गुरु मर्यादा चलती है। गुरुद्वारे में लागू नहीं होता संविधान संविधान में कहीं नहीं लिखा कि आप नंगे सिर नहीं चल सकते, लेकिन जैसे ही दर्शनी जोड़ी में आएंगे, तो सिर ढकना पड़ेगा। अपने जोड़े (जूते-चप्पल) उतारने पड़ेंगे। संविधान में यह सब नहीं लिखा है। गुरुद्वारा साहिब में गुरु मर्यादा फोलो करनी ही पड़ेगी, ना कि हिंदुस्तान का संविधान। इसलिए सरकार को धार्मिक संस्थाओं के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हेमकुंड साहिब यात्रा विवाद पर भी जताई चिंता उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर सिख श्रद्धालुओं और निहंग सिंहों से जुड़े विवाद पर भी झींडा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस समय श्री हेमकुंड साहिब यात्रा चल रही है और कुछ शरारती तत्व यात्रा में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। सिखों के 5 ककार उनकी धार्मिक पहचान हैं। उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएंगी। उत्तराखंड जाएंगी 5 मेंबरी कमेटी झींडा ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए HSGMC की 5 सदस्यीय कमेटी कल उत्तराखंड के लिए रवाना होगी। कमेटी मौके पर जाकर हालात का जायजा लेगी और वहां के प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात करेगी। सरकार से इस मामले का जल्द समाधान की उम्मीद है, ताकि श्री हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस ने 'सजग कोरबा–सतर्क कोरबा' अभियान के तहत बुधवार, 24 जून को व्यापक कार्रवाई की। जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में एक साथ विशेष अभियान चलाकर मारपीट, आपसी विवाद, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्ती बरती गई। मारपीट के 92 आरोपी गिरफ्तार अभियान के दौरान पुलिस ने मारपीट और आपसी विवाद के मामलों में कुल 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित कर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। संवेदनशील इलाकों में बाइक पेट्रोलिंग पुलिस ने अभियान के तहत बाइक पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया। इन टीमों ने संकरी गलियों और उन क्षेत्रों में गश्त की, जहां चार पहिया पुलिस वाहन नहीं पहुंच पाते। संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखते हुए समय रहते कार्रवाई की गई। धारा 170 BNSS के तहत 9 आरोपी जेल भेजे भविष्य में शांति भंग होने और विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस ने धारा 170 BNSS के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आदतन लड़ाई-झगड़ा करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वाले 7 चालकों के खिलाफ धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर भी विभिन्न धाराओं में चालान किए गए। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक धारा 185 के तहत 1021 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने नशे में वाहन चलाने के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की बात दोहराई। आदतन अपराधियों पर भी नजर अपराधिक गतिविधियों में लिप्त और आदतन अपराधियों की निगरानी के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ धारा 129 BNSS के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिनसे भविष्य में अपराध या शांति भंग होने की आशंका है। अभियान रहेगा लगातार जारी कोरबा पुलिस ने कहा कि 'सजग कोरबा–सतर्क कोरबा' अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही सागर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले में बादल और बारिश का दौर जारी है। गुरुवार रात शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। वहीं शुक्रवार सुबह से आसमान में बादलों ने डेरा जमा रखा है। सुबह करीब 10 बजे फिर बारिश शुरू हो गई। रिमझिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में जिले में बादल छाए रहने और अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। सागर और जैसीनगर में 1 इंच बारिश पिछले 24 घंटों में सागर शहर में करीब 1 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही जैसीनगर और खुरई में भी 1 इंच से अधिक बारिश हुई है। राहतगढ़, बीना, मालथौन और देवरी में भी बारिश की बौछारें पड़ी हैं। इस बारिश के मौसम में 1 जून से अब तक सागर जिले में 54.7 मिमी यानी 2.2 इंच औसत बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष 26 जून तक जिले में 4.1 इंच बारिश हो चुकी थी।
शहर में गुरूवार को कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने कथित तौर पर पशुपालकों को उनकी जमीनों से बेदखल करने के आरोप लगाते हुए पशुपालकों के साथ प्रदर्शन किया था। इसके बाद बीजेपी नेताओं की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई। जिसके बाद अब राजनीतिक बयानबाजी इस मामले पर शुरू हो गई है। बीजेपी विधायक संदीप शर्मा ने बयान जारी कर कहा था कि अपने अवैध कब्जों को बचाने के लिए पशुपालकों को कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल आगे कर रहे है। इसके बाद जवाब देते हुए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मेरे अवैध कब्जे हैं तो हटा लो, अब तो सरकार भी आपकी है। ये प्रेक्टिस पहले धारीवाल कर चुके। धारीवाल ने भी घोडे़ खोल लिए थे, क्या हुआ। गौरतलब है कि प्रहलाद गुंजल पहले बीजेपी में ही थी, बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली। बीजेपी में रहते समय गुंजल और धरीवाल की खींचतान जगजाहिर रही है। कांग्रेस में आने के बाद भी यह अदावत कम नहीं हुई है। हालांकि कई बार यह दिखाने की कोशिश की गई कि दोनों में कोई विरोध नहीं है, लेकिन अब बीजेपी पर निशाना साधते हुए गुंजल ने एक बार फिर पुराने समय को याद करते हुए धारीवाल को भी बयान में ले लिया और पलटवार कर दिया। पहले पढ़िए संदीप शर्मा का बयानविधायक संदीप शर्मा ने कहा कि अपने अवैध कब्जों को बचाने के लिए प्रहलाद गुंजल अब गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों में भय और भ्रम का माहौल पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हर पात्र गरीब परिवारों को नियमानुसार भूमि के पट्टे दिए जा रहे हैं और सरकार उनके अधिकारों की पूरी सुरक्षा कर रही है। ऐसे में भूमाफियाओं के हितों की रक्षा के लिए गरीबों को आगे कर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि क्या राजस्थान कांग्रेस और स्थानीय कांग्रेस के नेता सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने देगी, लेकिन सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गरीबों का हक मारने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। गुंजल ने कहा- जितनी चाबी भरी उतना ही खिलौना चलेगावहीं प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मेरी उनके साथ बहुत सहानुभूति है जो बयान दे रहे है। फिल्म में एक गाना था कि जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना, तो उनको पेपर पकड़ा दिया और उन्होंने पढ़ दिया। वहीं अतिक्रमण को लेकर उन्होंने कहा कि तुम्हारी सरकार है न, दूध पीया है तो जांच कर लो। ये प्रेक्टिस तो धारीवाल भी कर चुके हैं, उसमें एक इंच जमीन निकली क्या, उन्होंने भी घोड़े खोल लिए क्या हुआ। हमारे प्रदर्शन के बाद बीजेपी के नेता और जनप्रतिनिधि विचलित है। हमने आव्हान किया और लोग प्रदर्शन में आए, लोग परेशान है। केडीए और वन विभाग तो सरकार की ही भाषा बोलेंगे। हमने पंद्रह दिन का अल्टीमेटम दे दिया है।
गुना जिले के कुंभराज क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर शुक्रवार को दो शव मिलने से सनसनी फैल गई। एक मामले में 12 वर्षीय बालक अपने घर में मृत मिला, जबकि दूसरे मामले में एक युवक का शव कुएं में मिला। युवक के पैर रस्सी से बंधे थे और उसके शरीर से पत्थर भी बंधा हुआ था। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कुएं में मिला युवक का शव पहला मामला कुंभराज क्षेत्र के रामनगर लोधा गांव का है। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने एक कुएं में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामदयाल लोधा (45) पुत्र रामप्रसाद लोधा के रूप में हुई है। वह बुधवार शाम से लापता था और आखिरी बार उसी शाम देखा गया था। उसके कपड़े और जूते कुएं की सीढ़ियों पर रखे मिले। वहीं उसके पैर रस्सी से बंधे थे और तौलिये की सहायता से एक पत्थर उसके शरीर से बंधा हुआ था। घर में मिला 12 वर्षीय बच्चे का शव दूसरा मामला कुंभराज कस्बे की गीता कॉलोनी का है। यहां 12 वर्षीय बालक अपने पिता के साथ रहता था। उसकी मां दो साल पहले पति को छोड़कर चली गई थी और उसने पति के खिलाफ प्रताड़ित करने का मामला भी दर्ज कराया है। पिता के अनुसार, बच्चा पिछले कुछ दिनों से बीमार था। गुरुवार को उसका इलाज कुंभराज अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी। पिता बेटे को घर लेकर आए, जहां वह कमरे में सो गया। इसके बाद पिता किसी काम से बाहर चले गए। लौटने पर उन्होंने देखा कि बेटे के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। वह तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। बच्चे के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। शुक्रवार सुबह कुंभराज अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उसकी मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दोनों मामलों की जांच जारीकुंभराज थाना प्रभारी टीआई पंकज त्यागी ने बताया कि थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर दो शव मिले हैं। दोनों मामलों में पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने परबतसर क्षेत्र में हुई मोबाइल और बाइक चोरी की वारदात का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को पंजाब के अबोहर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा और वृताधिकारी विक्की नागपाल के सुपरविजन में थानाधिकारी सुमन बुन्देला के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को परिवादी मनमोहन डारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 जून को शिव-शक्ति इंटरप्राइजेज, कुचामन चौराहा बाईपास, परबतसर में ठहरे दो व्यक्तियों ने वहां कार्यरत कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन और एक बाइक चोरी कर ली थी। इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्धों के आवागमन के मार्गों का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम पंजाब के अबोहर पहुंची। अबोहर में दोनों आरोपियों को दस्तयाब किया गया। पूछताछ में उन्होंने कैलाशराम और प्रकाश के मोबाइल फोन तथा जग्गाराम खर्रा की बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ईशान (20) पुत्र राजेन्द्र कुमार निवासी चौधरी कॉलोनी, अबोहर, तथा प्रगट सिंह (30) उर्फ पग्गु पुत्र बलजीत सिंह निवासी चण्डीगढ़ मोहल्ला, अबोहर (जिला फाजिल्का, पंजाब) के रूप में हुई है। इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद, कांस्टेबल सुरेश, विनोद, तनसुख, भंवरलाल और भरत सिंह शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल सुरेश और विनोद का इस कार्रवाई में विशेष योगदान रहा।
अंबेडकरनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर को अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर पियारेपुर के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसकी पत्नी और 10 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, अयोध्या जनपद के गौहनिया बंदनपुर निवासी सुरेंद्र (36) पुत्र जियाराम अपनी पत्नी सरिता देवी (34) और 10 वर्षीय बेटे के साथ अकबरपुर स्थित अस्पताल में भर्ती अपनी सास को देखने जा रहे थे। अहिरौली थाना क्षेत्र के पियारेपुर के पास पहुंचते ही उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और एक डीसीएम में जा घुसी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने डीसीएम को जब्त किया राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल तीनों घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां चिकित्सकों ने सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। सरिता देवी और उनके बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। अहिरौली थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने डीसीएम को भी जब्त कर लिया है। दुर्घटना के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
भरतपुर कांग्रेस द्बारा लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जन्म दिन नहीं मनाए जाने पर कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने सोशल मीडिया पर टिप्पड़ी की है। विश्वेन्द्र सिंह ने लिखा है कि डीग और भरतपुर जिला कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी के जन्मदिन का कोई आयोजन नहीं किया गया। यह दोनों जिलों की कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि सम्पूर्ण कांग्रेस पार्टी के लिए शर्मनाक बात है। भरतपुर और डीग कांग्रेस ने नहीं मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लिखा है कि भरतपुर कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष दिनेश सूपा और डीग कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष राजीव चौधरी ने पिछले दिनों लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी का जन्मदिन नहीं मनाया। इसके अलावा न ही दोनों जिलों की पार्टी की तरफ से जन्मदिन का कोई कार्यक्रम किया गया। विश्वेंद्र सिंह बोले- जिला अध्यक्ष कार्यकर्ताओं की सुनवाई कैसे करते होंगे यह दोनों जिलों की कांग्रेस पार्टी के लिए ही नहीं संपूर्ण कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत ही शर्मनाक बात है। जब ये दोनों जिला अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी के जन्मदिन नहीं मना सकते तो, ये आम कांग्रेस कार्यकर्ता की सुनवाई कैसे करते होंगे। जबकि इन दोनों जिला अध्यक्षों का भरतपुर और डीग में कार्यालयों का ना होना बड़ा प्रश्नचिन्ह उठाता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और मण्डावा विधायक रीटा चौधरी ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले और प्रदेश की वर्तमान सरकार की कार्यशैली को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के हक की लड़ाई हर मंच पर मजबूती से लड़ेगी। सरकार की चुप्पी पर सवाल रीटा चौधरी ने नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सबसे दुखद यह है कि शिक्षा मंत्री न तो इस मामले की जिम्मेदारी ले रहे हैं और न ही इस्तीफा दे रहे हैं। कांग्रेस शासनकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले के दौर में मंत्री घोटालों की जिम्मेदारी लेकर नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देते थे। कांग्रेस नीट पेपर लीक से प्रभावित हुए लाखों बच्चों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम सरकार के सामने बच्चों का पक्ष रखेंगे और ज़रूरत पड़ने पर प्रदर्शन भी करेंगे। संवैधानिक संस्थाओं को बनाया बंधक चौधरी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा, चाहे चुनाव आयोग हो, सुप्रीम कोर्ट हो या अन्य संस्थाएं, सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। इनकी व्यवस्था पूरी तरह भंग हो चुकी है। कुंभाराम लिफ्ट कैनाल कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वपूर्ण योजना को वर्तमान सरकार सही से संभाल नहीं पा रही है। पानी की सुविधा शुरू करने के बावजूद इसे अंतिम छोर तक नहीं पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार पूर्व कांग्रेस सरकारों द्वारा लाए गए जनहित के बिलों को निरस्त करने का काम कर रही है, जो कि लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति शहरों और स्थानों के नाम बदलने के मुद्दे पर बोलते हुए रीटा चौधरी ने इसे जनता का ध्यान भटकाने की साजिश बताया। उन्होंने 'इस्लामपुर' का नाम बदलने का जिक्र करते हुए कहा कि नाम बदलने से विकास नहीं होता। बेहतर अस्पताल और अच्छे स्कूल बनवाने चाहिए। नाम बदलने के इस फैसले से आम लोग सालों तक अपने जरूरी दस्तावेजों को ठीक कराने के लिए लाइनों में खड़े रहेंगे। किरोड़ी लाल मीणा को चुनौती फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट के मुद्दे पर किरोड़ी लाल मीणा को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वे इस मामले में गलत साबित हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर गलत हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन राजनीति के लिए आधारहीन आरोप लगाना बंद होना चाहिए।
भारतीय शास्त्रीय संगीत को आधुनिक अंदाज में दुनिया तक पहुंचाने वाले विश्वविख्यात सितार वादक और जीटार (Zitar) के जनक निलाद्री कुमार 4 जुलाई को जयपुर में अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे। भारतीय सितार की मधुर धुनों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले निलाद्री कुमार अपनी अनूठी शैली और नवाचार के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। उनके बहुप्रतीक्षित एक्का टूर के तहत आयोजित यह विशेष संगीत संध्या दीप स्मृति ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे से शुरू होगी। इस कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत, फ्यूज़न और समकालीन धुनों का अनूठा संगम सुनने का अवसर मिलेगा। निलाद्री कुमार आज भारतीय संगीत की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने पारंपरिक सितार को नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने स्वयं विकसित किए गए वाद्य यंत्र 'जीटार' के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत को एक नया आयाम दिया है। सितार और गिटार की विशेषताओं से प्रेरित यह वाद्य यंत्र उनकी पहचान बन चुका है और इसकी ध्वनि दुनिया भर के संगीत प्रेमियों को आकर्षित करती है। निलाद्री कुमार ने कम उम्र में सितार वादन किया था शुरू कोलकाता के प्रसिद्ध संगीत परिवार में जन्मे निलाद्री कुमार ने बेहद कम उम्र में सितार वादन शुरू कर दिया था। उनके पिता पंडित कार्तिक कुमार स्वयं प्रख्यात सितार वादक रहे हैं। वर्षों की साधना और प्रयोगधर्मिता के दम पर निलाद्री ने अपनी अलग संगीत शैली विकसित की, जिसमें शास्त्रीय संगीत की गहराई के साथ आधुनिक ध्वनियों का सुंदर मेल दिखाई देता है। देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध निलाद्री कुमार ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। वे कई अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सवों का हिस्सा रह चुके हैं और भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अनेक फिल्मों और संगीत परियोजनाओं में भी अपनी रचनात्मकता का योगदान दिया है। उनका एक्का टूर केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की परंपरा, नवाचार और रचनात्मकता का उत्सव माना जा रहा है। जयपुर में होने वाली इस प्रस्तुति में दर्शकों को उनकी चर्चित रचनाओं के साथ ज़ीटार की अनूठी धुनें सुनने का अवसर मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम संगीत प्रेमियों, युवा कलाकारों और भारतीय शास्त्रीय संगीत में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा। जयपुर के कला और संस्कृति प्रेमियों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह है।
बदायूं में युवक का शव फंदे पर लटका मिला:पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई, प्राइवेट जॉब करता था
बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला। पुलिस और परिजनों ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। घटना हजरतपुर थाना क्षेत्र के आजमपुर बिसोरिया गांव की है। यहां के निवासी 26 वर्षीय अभय प्रताप पुत्र अवधेश कुमार का शव गांव के बाहर खेत में एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही पुलिस और परिवार के सदस्यों ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला बताया है। हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका पता लगाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार, अभय प्रताप गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। वह दो भाइयों में बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है। थाना अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि युवक का शव फंदे पर लटका मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
संतकबीरनगर में करंट लगने से युवक की मौत:खेत देखने गया था, बिजली के पोल में उतरा लाइन
संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के निखरकपार गांव में शुक्रवार सुबह एक हादसा हुआ। खेत देखने गए 22 वर्षीय युवक मुकेश की बिजली के पोल में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, निखरकपार गांव निवासी विनोद पुत्र सिद्धनाथ ने बताया कि उनका छोटा भाई मुकेश (22) शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित खेत देखने गया था। इसी दौरान खेत में लगे बिजली के पोल में करंट उतर आया था। मुकेश जैसे ही पोल के संपर्क में आया, वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही अचेत हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मुकेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर से परिवार में शोक व्याप्त है। सूचना मिलने पर खलीलाबाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खलीलाबाद कोतवाली प्रभारी जय प्रकाश दूबे ने बताया कि करंट लगने से युवक की मौत की सूचना मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में कैंटर ने 2बाइकों को मारी टक्कर,व्यापारी की मौत:मासूम सहित 3 गंभीर घायल, आरोपी चालक फरार
बरेली के भमोरा थानाक्षेत्र में बरेली-बदायूं हाईवे पर शुक्रवार को करीब 12 बजे एक कैंटर ने दो बाइकों टक्कर मार दी। हादसे में एक गल्ला व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कैंटर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानिए पूरा मामला… भमोरा थानाक्षेत्र के खुली गांव निवासी नारद मुनि मौर्य (46) गल्ला व्यापारी हैं। उनके परिवार में नारद मुनि अपने पीछे पत्नी गीता देवी(38) और तीन बच्चे हैं। शुक्रवार सुबह अपनी बाइक से उझानी की ओर मक्का खरीदने जा रहे थे। पुठी मोड़ से आगे बरेली-बदायूं हाईवे पर उनकी बाइक को तेज रफ्तार कैंटर ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी कैंटर ने युसुफपुर निवासी इंतजार खां की बाइक को भी पुठी मोड़ के पास टक्कर मारी। इंतजार खां अपने 10 वर्षीय बेटे बिलाल के साथ बदायूं के मोहल्ला कबूलपुरा जा रहे थे। इस टक्कर में इंतजार खां और उनके बेटे बिलाल को गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को निजी अस्पताल भेजा। गल्ला व्यापारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने बताया कैंटर सड़क किनारे पलट गया था और चालक उसे छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों बाइकें और कैंटर को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ 40 साल तक नक्सलियों के एकछत्र कब्जे में रहा। खूब खून बहा। 31 मार्च 2026 को यह संकट खत्म हो, गया लेकिन 4400 वर्ग किमी में फैला यह दुर्लभ वनक्षेत्र नए संकट के मुहाने पर खड़ा है। संकट है जंगल की अंधाधुंध कटाई का। आजादी के बाद पहली बार सरकार अबूझमाड़ का राजस्व सर्वे करवा रही है। आदिवासियों में यह बात फैला दी गई है कि सरकार पट्टे बांटेगी। इसके लिए खुद को भू-स्वामी साबित करना होगा। यही वजह है कि गांव-गांव में बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई हो रही है। यह बड़ा खुलासा दैनिक भास्कर इन्वेस्टिगेशन में हुआ है। पहले देखिए ये तस्वीरें- कटाई होती दिखी, जंगल जलते दिखे भास्कर टीम 2 दिन अबूझमाड़ के अंदर रही। बीजापुर से नारायणपुर, गढ़चिरौली तक 40 गांव नापे। नारायणपुर, ओरछा, इरकभट्टी, कच्चापाल, कोडलियार, पदमकोट, कुतुल, नेलांगूर तक सड़क किनारे के गांवों में कटाई होती दिखी। जंगल जलता हुआ दिखा। आदिवासी पेड़ों को 2-3 फीट की ऊंचाई पर हल्का काट कर छोड़ दे रहे हैं। पेड़ वहां से सूखने लगते हैं, गिर जाते हैं। फिर इन्हें या तो जला रहे हैं, या काट कर फेंसिंग के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि जंगल कौन काट रहा है? इसका जवाब है, पहला- मूल स्थानीय आदिवासी। दूसरा- वे आदिवासी जो नक्सलवाद के चलते, दबाव में या नौकरी के चलते 25-30 साल पहले गांव छोड़कर चले गए थे, वे बड़ी संख्या में वापसी कर रहे हैं। लोग बड़े पैमाने पर जंगल कटवा रहे हैं ताकि बड़ी जमीन के मालिक बन जाएं। पर्यावरण प्रेमी नितिन सिंघवी ने मुख्य सचिव को अबूझमाड़ के संबंध में पत्र लिखा है। सुप्रीम कोर्ट के टीएन गोदावर्मन केस का हवाला देते हुए लिखा है कि प्रतिपादित सिद्धांतों के अनुसार अबूझमाड़ का अधिकांश वन क्षेत्र प्रथम दृष्टया ‘डीम्ड फॉरेस्ट’ की श्रेणी में आता है। नक्सल खत्म होते ही जंगल कटना शुरू केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में घोषणा की कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म कर देंगे। इसके लिए सभी क्षेत्रों समेत अबूझमाड़ में भी फोर्स उतारी गई। हर 6 किमी में कैंप खोल गए। कैंप खुलते ही गांव में नक्सली दहशत कम हो गई, तो जंगल काटने शुरू हो गए। क्योंकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुछ गांवों में राजस्व सर्वे हुआ था, पट्टे बांटे गए थे। बस यही वजह है कि लोग जमीन कब्जाने जुट गए हैं। जब तक नक्सलियों की दहशत थी तो जंगल से एक पेड़ नहीं कटा था। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर नजर आती है पेड़ों की कटाई नारायणपुर से गढ़चिरौली तक 70 किमी लंबी सड़क बन रही है। इस सड़क के किनारे बसे अधिकांश गांवों में कटाई हो रही है। इनमें नेलांगूर, पदमकोट भी शामिल हैं। यहां पेड़ काटे जा रहे हैं। जलाए जा रहे हैं। तस्वीरों में यह साफ दिखाई देता है। यहीं अभी-अभी घर बन रहे हैं। यह भी स्पष्ट दिखता है। कच्चापाल से ओरछा तक- कच्चापाल रामकृष्ण मिशन आश्रम के ठीक सामने मार्च-अप्रैल में हजारों पेड़ काट दिए गए। इस सड़क के दोनों तरफ जहां तक नजर जाती है, ठूंठ ही दिखते हैं। कटाई करने वालों को कभी शासन-प्रशासन ने नहीं रोका। सरपंच राजमनू रेड्डी कहती हैं- गांववालों ने ही जंगल काटा है। इसमें खेती करेंगे। 233 गांव अबूझमाड़ में, और इससे सटे क्षेत्र में 100 और गांव हैं। इनमें से नारायणपुर जिले में ही 207 गांव आते हैं। इसके साथ इस सीमा से लगे क्षेत्र में भी 80 गांव हैं। इन सभी में कहीं ज्यादा, कहीं कम पेड़ कट रहे हैं। आदिवासी सिर्फ इतना कहते हैं- जमीन हमारी है। 30 साल से रह रहे हैं। जंगल में भीतरी और बाहरी लोग शामिल हैं जमीन के खेल में पीसीसीएफ अरुण पांडेय ने कहा कि अबूझमाड़ का प्रशासकीय नियंत्रण लेने के लिए नए परिक्षेत्र के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। 2600 वर्ग किमी का अतिरिक्त वन क्षेत्र नारायणपुर वन मंडल से जुड़ जाएगा। पेड़ों की कटाई रोकने के लिए 30 जगहों पर स्थानीय युवकों को नियुक्त किया गया है। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 30-40km पैदल चलकर महाराष्ट्र से लाते थे नमक-तेल:रात जंगल में गुजारते थे, अबूझमाड़ में पहली बार लगा बाजार;5 हजार लोग सामान लेने पहुंच रहे कभी नमक, तेल और राशन खरीदने के लिए अबूझमाड़ के ग्रामीणों को 30 से 40 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। संकरी पगडंडियों, ऊंची पहाड़ियों और घने जंगलों को पार कर वे पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ पहुंचते थे। सुबह अंधेरा रहते घर से निकलने वाले ग्रामीण देर रात लौटते थे। कई बार जंगल में ही रात बितानी पड़ती थी। पढ़ें पूरी खबर…
मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद 26 वर्षीय विचाराधीन बंदी आदिल की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर आक्रोश जताया। परिजनों का आरोप है कि आदिल को जेल के भीतर लगातार प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई, जबकि जेल प्रशासन इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रहा है। मृतक आदिल शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा कुरतान का रहने वाला था। उसके खिलाफ नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म करने के आरोप में रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। शिकायत मृतक के ससुर की ओर से कराई गई थी। पांच दिन पहले 20 जून को ही अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में मुज़फ्फ़रनगर जिला कारागार भेजा गया था। मृतक के पिता सालिम ने रोते-बिलखते आरोप लगाया कि इस 5 दिन में जब भी वह बेटे से जेल में मुलाकात करने गया, आदिल उनके सामने जेल में टॉर्चर किए जाने की शिकायत करता था। उनका कहना है कि गुरुवार को भी वह बेटे से मिलने जेल गए थे और कथित तौर पर उसका नंबर कटवाने के नाम पर 10 हजार 700 रुपये देकर आए थे। सालिम का दावा है कि यह रकम जुटाने के लिए उन्हें घर के जेवर तक गिरवी रखने पड़े। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की सालिम ने कांधला थाने के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि दरोगा लगातार उनके बेटे को पेंचर करने की धमकी देकर पैसे की मांग कर रहा था। इसी डर से उन्होंने बेटे को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया था, ताकि वह सुरक्षित रहे। लेकिन जेल के अंदर भी उसे प्रताड़ित किया गया और उसकी मौत हो गई। उधर, जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जेलर नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि आदिल को 24 जून से पेट दर्द की शिकायत थी और उसे उसी दिन जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जेलर का कहना है कि शुक्रवार सुबह उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। जिसके बाद सुबह करीब 5:45 बजे उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान करीब 7 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पानीपत जिले में समालखा के वार्ड नंबर-1 स्थित बजरंग कॉलोनी के इंडस्ट्री एरिया में संचालित एक पनीर फैक्ट्री पर शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग और फूड सेफ्टी विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से करीब एक क्विंटल पनीर बरामद किया। जांच के लिए पनीर के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में टीम को मौके पर तैयार पनीर की गुणवत्ता में कोई स्पष्ट कमी नहीं मिली। हालांकि, खाद्य सुरक्षा मानकों की पुष्टि के लिए नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई : डॉ वीरेंद्र फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी डॉ. वीरेंद्र ने बताया कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएम फ्लाइंग करनाल की टीम में एसआई राज सिंह और एसआई सुभाष अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। इस छापेमारी के बाद समालखा के रेलवे रोड, माता पुली रोड और चुलकाना रोड पर दूध व पनीर की कई दुकानें बंद पाई गईं। आशंका है कि अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की जा सकती है।
अनूपपुर के जैतहरी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों के समूह ने एक बार फिर उत्पात मचाया है। गुरुवार-शुक्रवार की रात हाथियों ने जंगल से लगभग 25 किलोमीटर का सफर तय कर गोबरी क्षेत्र के जंगल में प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने कई गांवों में फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। टकहुली गांव में घर और खेतों में तोड़फोड़ हाथियों के इस दल ने टकहुली गांव में एक किसान के घर में तोड़फोड़ की और खेतों तथा बाड़ी में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया। एक अन्य किसान की बाड़ी की बाउंड्रीवॉल भी गिरा दी गई। हालांकि, किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। बस स्टैंड से गुजरते समय फैली अफरा-तफरी हाथियों का समूह जब जैतहरी नगर के बस स्टैंड क्षेत्र से गुजरा, तो लोगों में दहशत फैल गई। वन विभाग की निगरानी टीम और स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर भगाया। वन परिक्षेत्राधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि 25-26 जून की मध्य रात्रि करीब 12:30 बजे हाथियों का दल रेलवे लाइन पार कर वार्ड क्रमांक 4 के बंजारी टोला क्षेत्र तक पहुंचा था। इसके बाद वे तिपान नदी पार कर गोबरी जंगल की ओर बढ़ गए। लगातार बदल रहा हाथियों का रास्ता जानकारी के अनुसार, शाम के समय यह समूह धनगवां जंगल से निकलकर पटौराटोला, टिकुहली, लहरपुर, जैतहरी बस स्टैंड और वार्ड क्रमांक 15 होते हुए तिपान नदी पार कर गोबरी क्षेत्र में पहुंचा। वन विभाग के अनुसार यह रास्ता हाथियों के लिए पहले से परिचित है, इसलिए वे बार-बार इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन विभाग का गश्ती दल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और हाथियों के समूह से दूरी बनाए रखें। जंगल किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति हाथियों को परेशान करता हुआ पाया गया या इसका वीडियो सामने आता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी जैतहरी क्षेत्र में हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते इलाके में अब भी भय का माहौल बना हुआ है।
जुआ मामले में 1और गिरफ़्तारी:बलरामपुर पुलिस ने फरार आरोपी को धर दबोचा, 2 जुआरी पहले ही पकड़े गए थे
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की बलंगी पुलिस ने लाखों रुपये के जुआ मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी योगेंद्र जायसवाल को बुधवार, 25 जून को पकड़ा गया। उस पर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) और बीएनएस की धारा 112(2) के तहत अपराध क्रमांक 56/2026 दर्ज है। यह मामला 18 मई का है, जब पुलिस को मुख़बिरो से जानकारी मिली थी कि बलंगी क्षेत्र के ग्राम कर्री जंगल में कुछ स्थानीय और दीगर राज्यों के जुआरी ताश पत्ती से लाखों रुपये का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। 2 आरोपी पहले ही पकड़े गए थे सूचना पर बलरामपुर मुख्यालय और चौकी बलंगी की पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान आशीष पांडे (निवासी कसारी) और गुलाब चंद जायसवाल (निवासी रमेशपुर, थाना रघुनाथनगर) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, आरोपी योगेंद्र जायसवाल (निवासी रघुनाथनगर) अपने अन्य साथियों के साथ घटना दिनांक से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। 1 और आरोपी को भेजा जेल प्रकरण की जांच और फरार आरोपियों की पतासाजी के दौरान, पुलिस ने योगेंद्र जायसवाल पिता रामगुलाम जायसवाल को आज दिनांक 25 जून को गिरफ्तार कर लिया। उसे वाड्रफनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट बनने पर रामानुजगंज जेल भेज दिया गया।
मोहर्रम के अवसर पर सीतापुर के पुराना सीतापुर स्थित बड़े इमामबाड़े में शनिवार देर रात करीब 2 बजे गम और अकीदत का माहौल देखने को मिला। बताया जाता है कि हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम बेटे हजरत अली असगर की शहादत की याद में अकीदतमंदों ने पारंपरिक आग का मातम किया। इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग मजलिस में शामिल हुए तथा शहीदाने-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस में उलेमा ने कर्बला की घटना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश इंसानियत, सब्र, हक और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने की अपील भी की। मजलिस के बाद नौहाख्वानी का सिलसिला शुरू हुआ। या हुसैन की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने आग का मातम कर अपने गम और अकीदत का इजहार किया। देर रात तक इमामबाड़े में मातमी माहौल बना रहा। आग का मातम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बच्चों और युवाओं ने भी पारंपरिक तरीके से मातम में हिस्सा लिया। मोहर्रम के अवसर पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बड़े इमामबाड़े और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मोहर्रम के इन आयोजनों के माध्यम से अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और शहीदाने-कर्बला की कुर्बानियों को याद करते हुए इंसानियत, न्याय और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
बारां कोतवाली थाना क्षेत्र में युवतियों को घर छोड़ने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ युवक के घर पहुंचकर पहले धमकी दी और बाद में समझौते के दौरान उसके सिर पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी को घटना के 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। युवतियों को लेकर शुरू हुआ विवाद एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि नाइयों की बाड़ी तेल फैक्ट्री निवासी शिवा नामा (22) ने अस्पताल में पुलिस को दिए बयान में बताया कि 23 जून की रात करीब 9 बजे वह दो युवतियों को उनके घर छोड़कर लौट रहा था। इसी दौरान राजीव गांधी कॉलोनी निवासी नैतिक ने उसे कई बार फोन कर युवतियों के बारे में पूछताछ की। शिवा ने बताया कि युवतियां अपने घर जा चुकी हैं। इसके बाद आरोप है कि नैतिक दो अन्य युवकों के साथ शिवा के घर पहुंचा और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देकर चला गया। समझौते के दौरान हुआ चाकू से हमला शिवा अपनी मां के साथ समझौते के लिए नैतिक के घर पहुंचा। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, नैतिक और उसके पिता सीताराम ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान नैतिक ने शिवा के सिर पर चाकू से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों पर भी गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया है। अस्पताल पहुंचा घायल, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज घायल शिवा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से पुलिस को सूचना मिली। कोतवाली थाने में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 12 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी निरुद्ध मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी डॉ. कमल जांगिड़ और डीएसपी रोहिताश देवंदा के निर्देशन में थानाधिकारी हीरालाल पूनिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजीव गांधी कॉलोनी निवासी सीताराम (42) पुत्र जगन्नाथ पंकज को घटना के 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लेकर निरुद्ध किया गया है। जांच जारी पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। कार्रवाई में थानाधिकारी हीरालाल पूनिया, उपनिरीक्षक चन्द्रभान सिंह, हेड कांस्टेबल नवलकिशोर, श्रीकिशन सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
रामपुर जिला अस्पताल में शुक्रवार को गजेटेड अवकाश के कारण ओपीडी में अधिकांश डॉक्टर अनुपस्थित रहे। सुबह 8 बजे ओपीडी शुरू होने के बाद 10:30 बजे तक केवल दो से तीन डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे थे, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्य दिनों में यहां 10 से 11 डॉक्टर ओपीडी में उपलब्ध रहते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। इसके अतिरिक्त, कई मरीज बिना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के अस्पताल पहुंचे, जिनकी ओपीडी पर्ची नहीं बन पाई। पर्चा न बनने के कारण इन मरीजों को बिना इलाज और दवा के वापस लौटना पड़ा। विजईया गांव के अमरदीप ने बताया कि बिना आधार और मोबाइल नंबर के उनका पर्चा नहीं बन सका। उन्हें अब आवश्यक दस्तावेज लेकर अगले दिन आने को कहा गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. बी.सी. सक्सेना ने स्थिति को संभाला। उन्होंने अपने कक्ष में बैठकर कई मरीजों का परीक्षण किया, दवाइयां लिखीं और जरूरतमंदों को दवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने कई मरीजों के लिए सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी जांचों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। इसी क्रम में, ज्वालानगर से आईं बुजुर्ग महिला सावित्री देवी अपने बीमार बेटे का पर्चा लेकर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सीएमएस को बताया कि उनके बेटे को तत्काल दवा की आवश्यकता है। डॉ. सक्सेना ने तुरंत मरीज को देखा, दवाइयां लिखीं और उसके उपचार की व्यवस्था की। सीएमएस डॉ. बी.सी. सक्सेना ने बताया कि गजेटेड अवकाश होने के कारण सीमित संख्या में चिकित्सकों ने अनुरोध पर ओपीडी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने डॉ. डी.के. वर्मा, डॉ. दशरथ और एक अन्य उपस्थित चिकित्सक का धन्यवाद किया, जिन्होंने अवकाश के बावजूद मरीजों की सेवा की। अस्पताल पहुंचे मरीजों ने मांग की कि अवकाश के दिनों में भी पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। साथ ही, ऐसे मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए जिनके पास आधार कार्ड या मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है, ताकि उन्हें बिना इलाज और दवा के वापस न लौटना पड़े।
शामली में इनामी बदमाश ढेर:11 साल के बच्चे की हत्या की थी, पिता बोले- 25 साल बाद न्याय मिला
शामली में पुलिस मुठभेड़ में इनामी बदमाश मेहताब ढेर हो गया। पुलिस के अनुसार, मेहताब पर 25 साल पहले एक नाबालिग बच्चे की हत्या का आरोप था। इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने अब न्याय मिलने की बात कही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मेहताब एक कुख्यात अपराधी था। उसने करीब 25 साल पहले 10 साल की उम्र में पहली बार हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। यह घटना मोहल्ला शेखबद्दा निवासी रहीसुद्दीन पहलवान के 12 वर्षीय बेटे आरिफ की हत्या से संबंधित थी। आरिफ की हत्या जगनपुर रोड स्थित भगत की कोठी के पास एक ट्यूबवेल पर की गई थी। रहीसुद्दीन पहलवान ने बताया कि उस दिन आरिफ स्कूल से घर आया था और मेहताब सहित दो अन्य बच्चे उसे अपने साथ बुलाकर ले गए थे। आरोपियों ने आरिफ की उसी के जारबंद से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। रात भर आरिफ की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। अगले दिन पुलिस ने परिवार को आरिफ की हत्या की सूचना दी। उस समय उसके गले पर गहरे घाव के निशान थे और मुंह में मिट्टी भरी हुई थी। मेहताब की उम्र उस समय लगभग 10 साल थी। इस मामले में मेहताब सहित तीन नाबालिग आरोपी जेल गए थे, जिनका मुकदमा आज भी जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। पुलिस मुठभेड़ में मेहताब के मारे जाने की खबर मिलने पर आरिफ के बीमार पिता रहीसुद्दीन पहलवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 25 साल बाद उन्हें अपने बेटे की हत्या का इंसाफ मिला है। उन्होंने शामली पुलिस और योगी सरकार का धन्यवाद किया। रहीसुद्दीन पहलवान ने कहा कि ऐसे अपराधियों का अंत होना ही बेहतर है, जो दूसरों के बच्चों की हत्या करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य अपराधियों का भी इसी तरह सफाया होगा।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 18 करोड़ रुपए से अधिक के खरीद प्रस्तावों और रेट कॉन्ट्रैक्ट्स को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में हुई स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में दवाओं की खरीद से लेकर ऑक्सीजन प्लांट, ऑडियोमीटर और डायलिसिस सेवाओं तक कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।सरकार का कहना है कि इन फैसलों से जिला और उप-मंडल स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी और मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। बैठक में लिए गए बड़े फैसले- 40 यूनानी दवाओं की खरीद के लिए 1.85 करोड़ रुपए मंजूर।- मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 44 लाख रुपए के इंट्राओकुलर लेंस (IOL) खरीदे जाएंगे।- थैलेसीमिया मरीजों की दवाओं के लिए 82 लाख रुपए की मंजूरी।- 18 जिला नागरिक अस्पतालों में 18 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) प्लांट और टैंक लगाने के लिए 9.55 करोड़ रुपए का दो साल का रेट कॉन्ट्रैक्ट।- 22 जिला नागरिक अस्पतालों के लिए 24 प्योर टोन ऑडियोमीटर खरीदने हेतु 3.02 करोड़ रुपए का दो साल का रेट कॉन्ट्रैक्ट।- 16 उप-मंडल नागरिक अस्पतालों में PPP मॉडल पर हीमोडायलिसिस सेवाएं शुरू करने के लिए 2.40 करोड़ रुपए के टेंडर को मंजूरी।मरीजों को क्या होगा फायदा?स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि थैलेसीमिया मरीजों को दवाओं की नियमित उपलब्धता मिलेगी, जिससे उनका इलाज बिना रुकावट जारी रहेगा। वहीं मोतियाबिंद के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में समय पर और सस्ती सर्जरी की सुविधा मिलेगी।यूनानी दवाओं की खरीद से मरीजों को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर वैकल्पिक और समग्र चिकित्सा का विकल्प भी मिलेगा।ऑक्सीजन और डायलिसिस सेवाओं पर खास फोकससरकार के मुताबिक, 18 जिला अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) प्लांट लगने से गंभीर मरीजों और इमरजेंसी सर्जरी के दौरान ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत भी कम होगी।इसके अलावा 16 उप-मंडल अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस सेवाएं शुरू होने से किडनी मरीजों को अपने जिले के नजदीक ही इलाज मिल सकेगा। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता और इलाज का आर्थिक बोझ दोनों कम होंगे।सुनने की जांच भी होगी आसान22 जिला अस्पतालों में नए ऑडियोमीटर उपलब्ध होने से कान और सुनने से जुड़ी समस्याओं की शुरुआती जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा।स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि ये सभी फैसले हरियाणा के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मुहर्रम पर मंदसौर में गुरुवार रात ताजिया निकाले गए। हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद कर अकीदत दी गई। इस्लामी तारीख़ के मुताबिक 9 मुहर्रम को खानपुरा क्षेत्र से सरकारी ताजिया और शहर किला क्षेत्र से थड़ी का ताजिया पूरे एहतराम के साथ निकाला गया। दोनों जुलूसों में हजारों की तादाद में अकीदतमंद (श्रद्धांजलि देने वाले) शामिल हुए और मैदान-ए-कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन को खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया। इस दौरान नात, कलाम और मातमी कव्वालियों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को दीनी रंग में रंग दिया। बड़ी तादाद में लोग देर रात तक मुहर्रम की रस्मों में शरीक रहे। घंटाघर पर हुई दोनों ताज़ियों की सलामी सरकारी ताजिया खानपुरा से रवाना होकर प्रतापगढ़ पुलिया, मंडी गेट, सदर बाज़ार रोड होते हुए घंटाघर पहुँचा। वहीं थड़ी का ताज़िया शहर किला रोड से कोर्ट परिसर, मछली बाज़ार, कैलाश मार्ग और भारत माता चौराहा होते हुए घंटाघर पहुंचा। घंटाघर पर दोनों ताज़ियों की रस्मी सलामी अदा की गई। यह सिलसिला देर रात लगभग तीन बजे तक जारी रहा। रंग-बिरंगी लाइट के साथ ताजियों को सजाया गया था। जुलूस मार्ग पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान युवाओं ने पारंपरिक करतब पेश कर मातम मनाया। सुरक्षा में भारी पुलिसबल रहा मौजूद आयोजन को अमन-ओ-अमान, सुरक्षा और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की गई। एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर, सिटी कोतवाली, वायडी नगर एवं नई आबादी थाना प्रभारियों सहित प्रशासनिक अधिकारी और तहसीलदार देर रात तक व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। वहीं मुस्लिम समाज की ओर से बड़ी संख्या में वॉलिंटियर्स की तैनाती की गई, जिन्होंने जुलूस के संचालन और व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। देखें तस्वीरें…
अलीगढ़ में भाजपा के विष्णुपुरी मंडल उपाध्यक्ष अजय शर्मा (27) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना थाना क्वारसी क्षेत्र के बेगम बाग इलाके की है। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें एकतरफा या असफल प्रेम प्रसंग का जिक्र है। अजय अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। इस घटना के बाद से परिजन का रो–रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। उधर, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर पहुंची फील्ड और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों के उड़े होश अजय शर्मा दो बहनों के बीच अकेले भाई थे। वह रोज की तरह अपने कमरे में थे। शुक्रवार को जब काफी देर तक कमरे में कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो परिजन को शक हुआ। आवाज देने पर भी जब कोई जवाब नहीं आया, तो खिड़की या दरवाजे से झांककर देखा गया। अजय का शव फंदे से लटका देख परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। घर में चीखपुकार मच गई और घटना की जानकारी तुरंत क्वारसी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा। सुसाइड नोट से खुला राज: 'इश्क में मिली मायूसी' पुलिस को घटनास्थल की तलाशी के दौरान अजय के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस सुसाइड नोट में अजय ने अपनी मौत की वजह साफ-साफ लिखी है। अजय का किसी युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लव अफेयर में मिली असफलता और मानसिक तनाव के कारण वह डिप्रेशन में थे। इसी निराशा के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। हैंडराटिंग की जांच कराई जाएगी सीओ तृतीस सर्वम सिंह ने बताया कि थाना क्वारसी क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें प्रेम प्रसंग में निराशा की बात सामने आई है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराई जा रही है। परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव के सफीपुर थाना क्षेत्र के मरौदा गांव के पास शुक्रवार को एक खेत में युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने युवक की मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के पुरवा टेनई निवासी नीरज वर्मा (पुत्र मुन्नू वर्मा) के रूप में हुई है। शुक्रवार को मरौदा गांव के पास खेत में शव मिलने की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही सफीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजनों में शोक छा गया। मृतक के चाचा ने बताया कि नीरज मजदूरी करता था और उसकी दो बेटियां हैं, जिनमें बड़ी वैष्णवी आठ वर्ष और छोटी आशिका पांच वर्ष की है। उन्होंने यह भी बताया कि नीरज ससुराल गया था और उसका शव गांव के पास मिला है। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। युवक खेत तक किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। सफीपुर थानाध्यक्ष संदीप मिश्र ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के सराफा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात मुहर्रम जुलूस के दौरान मामूली धक्का लगने की बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि तीन नाबालिग भाइयों पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना में तीनों घायल हो गए। पुलिस ने दो नामजद आरोपियों समेत अन्य साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 17 वर्षीय निजामुद्दीन निवासी जिन्सी ने शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने भाइयों फैजान और 15 वर्षीय हैदर अली के साथ जिन्सी हाट मैदान से निकल रहे मुहर्रम जुलूस में शामिल था। इसी दौरान भीड़ में आरोपी अयान से धक्का लग गया। आरोप है कि इस बात पर अयान ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने निजामुद्दीन के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके दोनों भाइयों पर भी अयान और उसका साथी अली हमला करने लगे। सीने पर किया था वार शिकायत के मुताबिक अयान ने चाकू निकालकर निजामुद्दीन के सीने पर वार करने की कोशिश की। बचाव के दौरान चाकू उसके बाएं हाथ में लगा। वहीं हैदर अली ने चाकू पकड़ने का प्रयास किया तो उस पर भी हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। इसी दौरान आरोपी अली ने फैजान पर चाकू से वार किया, जिससे उसकी उंगलियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने अयान, अली और उनके अन्य साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मारपीट का वीडियो भी वायरल राजबाड़ा क्षेत्र का एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो युवकों के गुट आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो भी मुहर्रम जुलूस वाली रात का है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर शामिल लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
क्या हम जानवर हैं जो गंदा पानी भी पी लें…?, हमारी बेटियां एक किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाती हैं…, टैक्स पूरा देते हैं लेकिन पीने का साफ पानी तक नहीं मिलता…। ये नाराजगी वाराणसी के अलईपुरा वार्ड-60 के लोगों की है। शक्करतालाब में महीनों से पेयजल संकट बना हुआ है। पानी आता भी है तो झाग और गंदगी के साथ। जाम सीवर, कूड़े के ढेर और जलभराव से लोग परेशान हैं। पार्षद प्रतिनिधि विकास का दावा कर रहे हैं तो पूर्व पार्षद कहते हैं कि 'काम हमने कराया, पार्षद उसका श्रेय ले रही हैं।' दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आई। कहा कि जब आदमी मरकर ऊपर चला जाएगा तब काम कराएंगी क्या पार्षद। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-60 का जायजा लिया गया... शक्करतालाब में झागयुक्त और गंदा पानी, जिसे लोग मजबूरी में पी रहे हैं। नक्खीघाट हरिजन बस्ती में वर्षों से बजबजाता सीवर नजर आता है। दोषीपुरा मैदान के नाले की सफाई के बाद भी गंदगी का अंबार है। पहले ये नजारा देखिए... सड़कें बदहाल, खुदाई के बाद नहीं हुई मरम्मत वार्ड-60 में सड़क और गलियों की स्थिति भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। शक्करतालाब और दोषीपुरा इमामबाड़ा क्षेत्र में कई सड़कें जर्जर हालत में मिलीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आईपीडीएस योजना के तहत बिजली की अंडरग्राउंड लाइन बिछाने के लिए गलियों की खुदाई की गई थी, लेकिन काम पूरा होने के बाद चौके और इंटरलॉकिंग दोबारा नहीं लगाई गई। इससे राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बकरिया कुंड क्षेत्र में कई सड़कें धंस चुकी हैं, जिनकी मरम्मत वर्षों से नहीं हुई। लोगों ने बताई अपनी परेशानी शक्करतालाब निवासी अनिल कुमार सेठ ने बताया कि पिछले कई महीनों से पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने अपने घर में समर्सिबल लगवाया है और आसपास के लोगों को पानी उपलब्ध करा रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। धानमति ने बताया कि वर्षों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। मजबूरी में लोग दूसरे मोहल्लों से पानी लाकर उपयोग करते हैं। राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि आईजीआरएस पर शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। गली की सीवर लाइन बैठ चुकी है और गंदा पानी आता है। नक्खीघाट हरिजन बस्ती की पीड़ा मंजीत कुमार ने बताया कि पूरे इलाके में एक भी हैंडपंप नहीं है। सप्लाई बंद होने पर लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। संगीता ने बताया कि इलाके में शौचालय नहीं है। कई बच्चे रेलवे ट्रैक पर शौच के लिए जाते हैं और हादसों का शिकार हो चुके हैं। दोषीपुरा और बकरिया कुंड की समस्याएं अमीरुद्दीन ने कहा कि गलियों से तीन-तीन दिन तक कूड़ा नहीं उठता और शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती। नसीर अहमद ने बताया कि सीवर लाइन चार साल से बैठी हुई है और बारिश के समय हालात और खराब हो जाते हैं। वार्ड की बड़ी समस्याएं पेयजल संकट : शक्करतालाब में महीनों तक पानी नहीं आता। आने पर भी पानी गंदा और झागयुक्त होता है। नक्खीघाट में पानी के साथ बालू आने की शिकायत है। सीवर व्यवस्था ध्वस्त : शक्करतालाब, नक्खीघाट और दोषीपुरा में सीवर लाइनें जाम हैं। कई जगह सीवर का पानी गलियों और घरों तक पहुंच जाता है। सफाई व्यवस्था बदहाल : कई इलाकों में तीन-तीन दिन तक कूड़ा नहीं उठता। नालों की सफाई नियमित नहीं होने से गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बारिश में जलभराव : दोषीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान कमर तक पानी भर जाता है। पानी निकलने में कई दिन लग जाते हैं। टूटी सड़कें और धंसी गलियां : आईपीडीएस परियोजना के तहत खोदी गई गलियां महीनों बाद भी ठीक नहीं हुईं। कई सड़कें धंस चुकी हैं। हरिजन बस्ती में मूलभूत सुविधाओं का अभाव : नक्खीघाट बस्ती में शौचालय, हैंडपंप और नियमित सफाई जैसी सुविधाओं का अभाव है। --------------- ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-88 में लोग बोले-द्वेष भावना से काम करा रहे पार्षद:10 महीने से 150 परिवार साफ पानी को तरस रहे; धर्म के आधार पर सुविधाएं देने का आरोप वाराणसी का सबसे घनी आबादी वाला वार्ड-88 सुविधाओं में बहुत पिछड़ा नजर आ रहा है। कुछ हिस्सों की हालत ज्यादा खराब है। यहां के लोगों का कहना है कि पार्षद द्वेष भावना से काम कर रहे हैं। धर्म के आधार पर लोगों को लाभ दिया जा रहा है। काल भैरव मंदिर से कुछ ही दूरी पर बसे वार्ड बलुआबीर में न तो पीने का साफ पानी है न ही सीवर व्यवस्था। चिकवन टोला में 10 महीने से मिनी ट्यूबवेल खराब है। 150 से अधिक परिवारों को इससे परेशानी हो रही है। नलों से सीवर मिला बदबूदार पानी आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
सलूम्बर जिले की लसाडिया थाना पुलिस ने करीब डेढ़ साल से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रणनीति के तहत मजदूरों का वेश लेकर जंगल में दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। लसाडिया थानाधिकारी भरतराज पुरोहित ने बताया - स्थायी वारंटी शंकर पुत्र उदयलाल मीणा, निवासी रावत बोर बागेड़ी, थाना लसाडिया की तलाश कर रही थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव के समीप जंगल क्षेत्र में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम गुरुवार शाम को मजदूरों के भेष में मौके पर पहुंची। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर दी। पुलिस की मौजूदगी का पता चलते ही आरोपी अपने घर की ओर भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे कुछ ही दूरी पर दबोच लिया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रेमसिंह, उपनिरीक्षक इंद्रलाल, सूचना सहायक भरतलाल, काॅन्स्टेबल धर्मेंद्र सिंह, काॅन्स्टेबल कुशाल सिंह तथा काॅन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 25 जून 1975 को लागू आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों पर एक गंभीर प्रहार था। उन्होंने यह बात महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए कही। शेखावत ने बताया कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और पीड़ादायक अध्याय है। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा था। उन्होंने नई पीढ़ी को उस दौर की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समाज की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हो सके। आपातकाल में लोकतंत्र सेनानियों को करना पड़ा कठिन परिस्थितयों का सामनाा : शेखावत केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर आधारित व्यवस्था है। उन्होंने 25 जून को लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने तथा संविधान के प्रति अपने दायित्वों को स्मरण करने का अवसर बताया। शेखावत ने उल्लेख किया कि आपातकाल के दौरान अनेक राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थकों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। प्रेस पर नियंत्रण और नागरिक अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी थी। उन्होंने ऐसे अनुभवों से सीख लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत में लोकतांत्रिक परंपराओं की प्राचीन जड़ों का भी जिक्र केंद्रीय मंत्री ने भारत में लोकतांत्रिक परंपराओं की प्राचीन जड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने वैदिक काल की सभा और समिति जैसी संस्थाओं को सामूहिक निर्णय और जनभागीदारी का प्रमाण बताया। शेखावत ने न्यायमूर्ति एच.आर. खन्ना के योगदान का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रेरणादायक बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने भी लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनके संघर्ष और त्याग के कारण ही लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा संभव हो सकी है और उनके बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस केवल अतीत की घटनाओं को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से तथ्य आधारित सोच विकसित करने और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने का आह्वान किया। इतिहास की स्मृतियां लोकतंत्र को मजबूत बनाती हैं : ओमप्रकाश भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि आपातकाल की घटनाएं लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण सीख प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र अपने इतिहास के अनुभवों को इसलिए संजोकर रखते हैं ताकि भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक और उत्तरदायी होना आवश्यक है तथा संविधान हत्या दिवस इसी चेतना को सुदृढ़ करने का अवसर है। लोकतंत्र सेनानियों की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी : संजय भाटिया राज्यसभा सांसद एवं कार्यक्रम संयोजक संजय भाटिया ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ने आपातकाल का दौर नहीं देखा है। ऐसे में लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों का दस्तावेजीकरण और प्रसार समय की मांग है। रोहतक रहा लोकतांत्रिक संघर्ष का महत्वपूर्ण केंद्र कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि आपातकाल के दौरान रोहतक लोकतंत्र समर्थक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जिसकी स्मृतियां आज भी प्रेरणा प्रदान करती हैं। कार्यक्रम के अंत में भाजपा जिला अध्यक्ष रणवीर ढाका ने सभी लोकतंत्र सेनानियों, अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद चौ धर्मवीर सिंह, मंत्री कृष्णलाल पंवार, डॉ. अरविंद शर्मा, विधायक रामकुमार गौतम, कपूर सिंह वाल्मीकि, प्रमोद विज, देवेंद्र अत्री, पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा, गुलशन भाटिया, मेयर रामअवतार वाल्मीकि, रेणु डाबला, अजय बंसल, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर सिंह खरक कार्यक्रम के जिला संयोजक राजकमल सहगल, जिला प्रभारी सतेंद्र परमार,जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कौशांबी के सिराथू तहसील क्षेत्र में तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में तीन मवेशियों और एक राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सिराथू तहसील के शहजादपुर गांव में तीन मवेशी रात से ही एक पेड़ से बंधे हुए थे। शुक्रवार सुबह तेज बारिश के साथ खेत में आकाशीय बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आने से दो गाय और एक भैंस की तुरंत मौत हो गई। पास के नीम के पेड़ पर बैठे एक मोर की भी बिजली गिरने से जान चली गई। आकाशीय बिजली गिरने से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना राजस्व विभाग और वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर सिराथू पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजस्व टीम मवेशियों के नुकसान का आकलन कर रही है। सिराथू के एसडीएम ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से मरे मवेशियों के लिए दैवीय आपदा राहत कोष से पीड़ित किसान को मुआवजा दिया जाएगा। राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के तरीगंवा गांव में एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव पेड़ पर लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार सुबह सामने आई, जब मृतक मुकेश का शव सुबह 7 बजे पेड़ पर लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने तत्काल जैथरा थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पेड़ से नीचे उतारा। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा है। मृतक के भाई राजेश ने जानकारी देते हुए बताया कि मुकेश का बुधवार को नरेश और उसकी पत्नी से घोड़ा बांधने को लेकर झगड़ा हुआ था। इस विवाद के बाद डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। राजेश के अनुसार, गुरुवार देर रात भी मुकेश का अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों से विवाद हुआ था। मुकेश शराब पीने का आदी था। रात करीब 11 बजे वह घर चला गया था, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उसका शव पेड़ पर लटका मिला। मामले पर जानकारी देते हुए थाना प्रभारी रीतेश ठाकुर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
6 बच्चों की मां प्रेमी के साथ रात को भाग रही थी। परिवार के लोगों ने उसे देख लिया। रिश्तेदारो ने पकड़ कर लिया। लाठी-डंडो से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। सिर में चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके भीलों की बस्ती शुक्रवार अलसुबह की है। विवाहिता और मृतक के साथ बीते 6 साल से अवैध संबंध चल रहे थे। जानकारी मिलने पर एफएसएल और एमओबी की टीमें मौके पर पहुंची। मौके से सबूत जुटाए है। पुलिस के अनुसार चौहटन सांवलोर निवासी मागाराम (35) पुत्र मुकनाराम का दरूड़ा ग्राम पंचायत के भीलों की बस्ती की निवासी महिला मौरू से अवैध संबंध थे। देर रात को टैक्सी में सवार होकर आया। महिला को साथ भगाकर ले जा रहा था। इस दौरान महिला के ससुराल के लोगों ने देख लिया। युवक को पकड़कर बेरहमी से उसके लाठी-डंडो से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मौके से महिला और युवक भाग गए। सुबह गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। ग्रामीण थाना पुलिस ने मौके पर पहुंची। बाड़मेर ग्रामीण थाना अधिकारी विक्रम चारण ने बताया कि अभी संबंधों के चलते युवक मगाराम की पीट-पीट कर हत्या की गई है। फिलहाल मौके पर पहुंचकर बॉडी को जिला अस्पताल की मोर्चेरी में शिफ्ट करवाया है। मौक़े से सबूत जुटाए है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। एफएसएल और एमओबी टीम ने जुटाए सबूत पुलिस की अलग-अलग टीमें मौके पर पहुंची। एफएसएल और एमओबी टीमों ने घटना स्थल से सबूत जुटाए।
रीवा में 5000 शराब-बीयर की बोतलों पर जेसीबी चलाई:लोगों को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई
अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस पर शहर में नशे के खिलाफ एक अनोखी पहल देखने को मिली। वार्ड क्रमांक-2 में 5000 से ज्यादा शराब और बीयर की बोतलों को जेसीबी मशीन से कुचलवाकर नष्ट कराया। कार्यक्रम के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। समिति के अध्यक्ष सुजीत द्विवेदी ने कहा कि नशा आज समाज और परिवारों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। 10 साल के बच्चों से लेकर 35 साल तक के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी है। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे, स्वस्थ और संस्कारित बनेंगे, तभी देश मजबूत और विकसित बनेगा। उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण में आगे आने की अपील की। नशामुक्त रहने की शपथ दिलाईकार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। इस दौरान डिप्टी कमांडेंट अनुराग, वैशाली, उमा द्विवेदी, कृष्ण कुमार, विशाल, भारत, वसुंधरा, प्रगति, गौरव, प्रणव, पुष्पेंद्र, नीरज और देवेश सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
टीकमगढ़ में 18 फीट से ऊंचे ताजियों पर प्रतिबंध:शहर में जुलूस से पहले बिजली के तार ऊपर किए गए
टीकमगढ़ में मोहर्रम पर्व के मौके पर आज रात निकलने वाले ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिला प्रशासन ने ताजियों की अधिकतम ऊंचाई 18 फीट निर्धारित की है। इसी के अनुरूप जुलूस मार्ग पर 18 फीट ऊंचाई पर लोहे की रॉड लगाई गई हैं, ताकि इससे अधिक ऊंचे ताजियों के प्रवेश को रोका जा सके। जुलूस मार्ग पर बिजली विभाग का निरीक्षण शुक्रवार को विद्युत विभाग की टीम ने पूरे जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां भी बिजली के तार नीचे झुके हुए पाए गए, उन्हें तुरंत ऊंचा किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कदम जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए उठाया गया है। विद्युत कंपनी के शहर इंचार्ज नितिन बाथम ने बताया कि पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है और जोखिम वाले स्थानों पर सुधार कार्य कराए गए हैं। ऊंचे वाहन से की गई जांच, खुले तार हटाए गए विद्युत विभाग ने विशेष सुरक्षा ड्रिल के तहत 18 फीट ऊंचे सीढ़ी वाहन का उपयोग कर पूरे मार्ग का निरीक्षण कराया। इस दौरान बिजली लाइनों और सर्विस कनेक्शनों की ऊंचाई की जांच की गई। जहां लाइनें मानक से नीचे मिलीं, उन्हें सुरक्षित स्तर पर व्यवस्थित किया गया। सुभाष डिपो क्षेत्र में एलटी लाइन से जुड़े खुले तारों को हटाकर उनकी जगह सुरक्षित केबल बिछाई गई। इसके बाद उस क्षेत्र में जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। जुलूस के दौरान निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था विद्युत विभाग ने बताया कि जुलूस मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। उद्देश्य यह है कि धार्मिक आयोजन बिना किसी बाधा और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। पिछले वर्षों में जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति कई घंटों तक बंद रखी जाती थी, जिससे लोगों को परेशानी होती थी। इस बार प्रशासन ने बिजली तारों को ऊंचा कर और सुरक्षा उपाय मजबूत कर इस समस्या को कम करने की व्यवस्था की है।
आगरा में मुहर्रम पर निकल रहे ताजिए के जुलूस:एतिहासिक फूलों वाला ताजिए के जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल
आगरा में शुक्रवार को मुहर्रम पर ताजियों के जुलूस निकाले गए। शहरी क्षेत्र सहित छोटे कस्बों में भी जुलूस निकले। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तिराहे-चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा। मोहर्रम के चलते शहर में रूट डावयर्जन व्यवस्था भी लागू की गई। सबसे पहले शहर के अन्य क्षेत्रों से छोटे जुलूस निकाले। दोपहर एक बजे तक करीब दो हजार ताजिए करबला पहुंचे। शहर का सबसे बड़ा फूलों वाला ताजिए का जुलूस पाय चौकी से निकला। फूलों के ताजिया निकालने से पहले पाय चौकी कटरा दबकैयान स्थित इमामबाड़े में अकीदतमंद आए। उन्होंने ऐतिहासक फूलों वाले ताजिए पर फूल चढ़ाए और मन्नतों को मांगा। इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। हजारों की संख्या में जुलूस में लोगों ने मातम बनाया और गमगीन माहौल में ताजिये सुपुर्द-ए-खाए हुए। अबुल उल्लाह कर्बला पर जगह-जगह शरबत की स्टॉल लगाई गई।सुल्तानगंज की पुलिया समेत आगरा- मथुरा हाइवे पर अबुलाला दरगाह के कट के पास बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है, ताकि कोई सड़क दुर्घटना न घटे। पुलिस ने मोहर्रम को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस की सख्ती के चलते जुलूस में तलवारबाजी नहीं हुई। वहीं, निर्धारित रूट से ही जुलूस निकाले गए। पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के देवरिया में प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले समाजवादी पार्टी के नेता और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव को पुलिस ने उनके आवास पर रोक दिया। शुक्रवार को देवरिया मुख्यालय स्थित उनके घर से पुलिस ने उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया। सपा नेताओं ने इसे 'हाउस अरेस्ट' बताया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले सदर कोतवाली पुलिस सुबह रुद्रपुर स्थित अवनीश यादव के आवास पर पहुंची। अवनीश यादव ने पहले बाइक से और फिर कार से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और उनके समर्थकों के बीच कुछ देर तक बहस भी हुई। अवनीश यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के घर में नजरबंद किया गया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक तरीके से आने-जाने के अधिकार का उल्लंघन बताया। यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विपक्षी नेताओं को घरों में रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से अवनीश यादव को घर से बाहर रोकने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में 13 हाथियों के झुंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथी ऐतमा नगर परिक्षेत्र स्थित सलिहाभाठा जलाशय में जलक्रीड़ा करते और 'डस्ट बाथ' लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वन्यजीवों का यह दुर्लभ दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में हाथियों का झुंड पानी में उतरकर एक-दूसरे पर सूंड़ से पानी उछालते और मस्ती करता नजर आ रहा है। कुछ हाथी पानी में लोट लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य हाथी जलाशय के किनारे सूंड़ से धूल-मिट्टी उड़ाकर अपने शरीर पर डालते नजर आते हैं। देखिये हाथियों की तस्वीरें धूप और कीड़ों से बचाव के लिए लेते हैं 'डस्ट बाथ' वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों द्वारा धूल-मिट्टी शरीर पर डालने की प्रक्रिया को 'डस्ट बाथ' कहा जाता है। यह उनकी प्राकृतिक आदत है, जिससे उनकी त्वचा तेज धूप, गर्मी और कीड़ों के हमले से सुरक्षित रहती है। जलक्रीड़ा के बाद हाथी अक्सर इस प्रक्रिया को अपनाते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ाई गई निगरानी वीडियो सामने आने के बाद कटघोरा वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग की टीम ने सलिहाभाठा जलाशय और आसपास के गांवों में गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से जलाशय के आसपास नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। ग्रामीणों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह वन विभाग ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि हाथियों के दिखने पर शोर न मचाएं, पटाखे न जलाएं और उन्हें किसी भी तरह से परेशान करने का प्रयास न करें। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को उकसाने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। गर्मी में जलस्रोतों की ओर बढ़ता है हाथियों का रुख वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में जंगलों में जलस्रोत सूखने लगते हैं। ऐसे में हाथियों के झुंड पानी की तलाश में जलाशयों, नदी-नालों और तालाबों की ओर रुख करते हैं। कटघोरा वनमंडल में करीब 50 हाथियों का एक स्थायी दल विचरण करता है, जो अक्सर रात के समय खेतों और जलस्रोतों के आसपास पहुंच जाता है। ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी के जरिए हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
सिवनी जिले में जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे एक सड़क हादसा हो गया। कुरई थाना क्षेत्र के पचधार हाईवे के पास मजदूरों को केरल ले जा रहा एक ओवरलोड वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान में जा घुसा। इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। ओवरलोड वाहन में सवार थे 29 लोग जानकारी के अनुसार मंडला और डिंडोरी जिलों से मजदूर एक ‘तूफान’ वाहन में सवार होकर रोजगार के लिए केरल जा रहे थे। वाहन में क्षमता से अधिक कुल 29 लोग मौजूद थे, जिनमें 12 पुरुष, 12 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल थे। नींद की झपकी से नियंत्रण खोने की आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद की झपकी आने से वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया। वाहन दूसरी लेन में जाकर सीधे सड़क किनारे बने मकान में घुस गया, जिससे दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि घर के अंदर मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया घटना की सूचना मिलते ही कुरई थाना पुलिस, एफआरवी-06 खवासा टीम और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। करीब 10 से 12 घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरई में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को नागपुर रेफर किया गया है। एक की मौत, दो की हालत गंभीर बरघाट एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। जिला अस्पताल में भर्ती दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में एक बंद पड़े माइंस के पानी भरे गड्ढे में एक अज्ञात महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। शुक्रवार सुबह हुई इस बरामदगी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस शव की शिनाख्त और मामले की जांच में जुट गई है। जजलो बाजार के पास स्थित इस बंद पत्थर खदान के पानी भरे गड्ढे में स्थानीय लोगों ने शुक्रवार सुबह महिला का शव उतराता हुआ देखा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है। पुलिस हत्या और हादसे, दोनों ही पहलुओं से मामले की गहनता से जांच कर रही है। महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। खदान काफी समय से बंद है, ऐसे में वहां शव का मिलना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। लोग इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या मान रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार पूरे दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकाला और उसे अपने कब्जे में लिया। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने वहां इकट्ठा हुए लोगों से शव की शिनाख्त कराने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद महिला की पहचान नहीं हो सकी। फिलहाल, पुलिस ने आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बूंदी के डाबी बरड़ क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्जला एकादशी पर हुई करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई, लेकिन डाबी पंचायत की कथित लापरवाही से पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। नालों की सफाई नहीं होने के कारण गणेश चौक समेत कई इलाकों में दो फीट तक गंदा पानी भर गया। जिसके कारण मुख्य मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने पंचायत पर केवल कागजी सफाई कर बजट खर्च करने का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक घंटे की बारिश में कस्बा बना टापू बारिश के दौरान नालों के जाम होने से गणेश चौक सहित कई इलाके टापू बन गए। मुख्य चौक पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जबकि मुख्य मार्ग, पावर हाउस मोहल्ला, भील बस्ती, बंजारा मोहल्ला और रावलाकुआं क्षेत्र में एक से दो फीट तक जलभराव हो गया। बदबूदार पानी सड़कों पर फैलने से राहगीरों और वाहन सवारों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। कलेक्टर के आदेशों पर नहीं हुआ अमल, पंचायत पर आरोप मानसून से पहले कलेक्टर हरफूल यादव ने सभी पंचायतों को नालों की पूरी तरह सफाई कराने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि डाबी पंचायत ने इन आदेशों का पालन केवल कागजों में किया और मामूली सफाई दिखाकर बजट का उपयोग कर लिया। इसी का परिणाम रहा कि महज एक घंटे की बारिश में कस्बे में बाढ़ जैसे हालात बन गए। ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग पूर्व सरपंच कन्हैया लाल मेघवाल, सुरेश धनोपिया, सियाराम बैरागी, बुद्धि प्रकाश सुवालका, अर्जुन मेघवाल, दिनेश यादव और नवीन यादव सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पंचायत की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि घरों और दुकानों के बाहर गंदा पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ड्रेनेज सिस्टम सुधारने की उठी मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर हरफूल यादव से मांग की है कि कस्बे के ड्रेनेज सिस्टम को तत्काल दुरुस्त कराया जाए तथा नालों की सफाई में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मानसून के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। बारिश से किसानों के चेहरे खिले डाबी, धनेश्वर, भगवानपुरा, सुतड़ा, राजपुरा, बुधपुरा और लाम्बाखोह सहित आसपास के क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। हंकाई और बुवाई की तैयारी कर रहे अन्नदाताओं के लिए यह बारिश अमृत समान साबित हुई, जिससे खरीफ सीजन की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार जम्मू-कश्मीर के चंदनवाड़ी में बनारस के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। वाराणसी से 70 सेवादार वहां सेवा शिविर और निशुल्क भंडारे का संचालन करेंगे। श्रद्धालुओं को पूड़ी-कचौड़ी, जलेबी, ठंडाई, बनारसी पान समेत कई व्यंजन परोसे जाएंगे। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति पिछले 26 साल से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा कर रही है। इस बार 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक भंडारा चलेगा। शिविर में भोजन के साथ ठहरने और जरूरत का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। 26 साल से श्रद्धालुओं की कर रहे सेवा श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति पिछले 26 वर्षों से अमरनाथ यात्रा के दौरान सेवा शिविर लगा रही है। इस बार भी समिति की ओर से चंदनवाड़ी में 3 जुलाई से भंडारे की शुरुआत होगी। रक्षाबंधन तक चलने वाले इस शिविर में यात्रा मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बनारसी कारीगर बनाएंगे पूड़ी-कचौड़ी और जलेबी समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि इस बार भी शिविर में बनारसी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। श्रद्धालुओं को पूड़ी-कचौड़ी, गरमा-गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान परोसा जाएगा। इसके अलावा बनारस की खास मिठाइयां भी तैयार की जाएंगी। इन व्यंजनों को बनाने के लिए बनारस से ही अनुभवी कारीगरों को साथ ले जाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को काशी के असली स्वाद का अनुभव मिल सके। दक्षिण भारतीय, पंजाबी और गुजराती खाना भी मिलेगा समिति ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की पसंद को देखते हुए दक्षिण भारतीय, पंजाबी और गुजराती व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई है। कोशिश रहेगी कि हर यात्री को अपनी पसंद का भोजन मिल सके। 300 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था भंडारे में रोज करीब एक हजार से डेढ़ हजार श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन तैयार किया जाएगा। सेवा शिविर में करीब 300 लोगों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा यात्रियों को शॉल, गर्म कपड़े, मोजे और जरूरत का अन्य सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ठंड से राहत मिल सके। 28 जून को रवाना होंगे 70 सेवादार समिति का पहला जत्था 20 जून को ही चंदनवाड़ी के लिए रवाना हो चुका है। बाकी 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन के जरिए रवाना होंगे। इनमें भोजन बनाने वाले कारीगर, समिति के पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल रहेंगे। सेवा शिविर में महादेव की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा रोड स्थित तोगा रोड की कबाड़ी मार्केट में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कई दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। मार्केट में बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियां और उनके स्पेयर पार्ट्स रखे होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक दुकान से दूसरी दुकान तक फैली आग यह कबाड़ी मार्केट डड्डूमाजरा रोड पर मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम जाने वाले तोगा रोड मार्ग के पास स्थित है। यहां 30 से अधिक दुकानें हैं, जहां दुर्घटनाग्रस्त और पुरानी गाड़ियां, उनके इंजन, टायर, प्लास्टिक और अन्य स्पेयर पार्ट्स रखे जाते हैं। बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से एक दुकान से दूसरी दुकान तक फैल गई। सुरक्षा के लिए दोनों तरफ से सड़क बंद आग को देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर मार्केट के दोनों ओर से सड़क बंद कर दी, ताकि लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा जा सके और दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने में कोई परेशानी न हो। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी पहुंच गईं और पूरे इलाके को खाली कराया गया। दमकल विभाग की टीमें लगातार आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं। फिलहाल किसी के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कई दुकानों में रखा सामान जलकर खाक हो गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट के अवकाशकालीन जस्टिस मुकेश राजपुरोहित ने कृषि भूमि के रकबे में कमी किए जाने के मामले में राजस्व विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश दिया है। यह मामला रिसेटलमेंट प्रक्रिया से जुड़ा है। याचिका में बताया गया है कि राज्य सरकार वर्तमान में विभिन्न तहसीलों में रिसेटलमेंट का कार्य करवा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत झंवर तहसील के कई किसानों की जमीनों का रकबा कम कर दिया गया, जबकि कुछ का बढ़ा दिया गया। किसानों ने इस कार्रवाई के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। याचिकाकर्ता तख्तसिंह व अन्य की ओर से अधिवक्ता हरिसिंह राजपुरोहित ने कोर्ट में तर्क दिया कि राजस्व अधिकारियों ने रिसेटलमेंट की कार्यवाही का तहसील में कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि इस संबंध में न तो किसी अखबार में विज्ञापन दिया गया और न ही खातेदारों को नोटिस जारी किए गए। उनकी आपत्तियों पर भी विचार नहीं किया गया। यह कार्रवाई 2018 और 2021 के नोटिफिकेशन का उल्लंघन है।
पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) में गठबंधन को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बड़ा बयान दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि पंजाब में शिअद या किसी अन्य अकाली गुट के साथ गठबंधन करने का निर्णय समय आने पर लिया जाएगा। हाल ही में पंजाब दौरे के दौरान जालंधर में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए नवीन ने कहा कि समय आने पर कुछ मुद्दों का समाधान किया जाएगा। नवीन ने दोहराया कि वर्तमान समय में और मौजूदा स्थिति में भाजपा पंजाब के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अपने संगठन को मजबूत करना चाहती है। फिलहाल हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। चुनाव नजदीक आने पर हम आकलन करेंगे और फैसला लेंगे। आज हम न तो गठबंधन के पक्ष में हैं और न ही इसके विरोध में हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने फिलहाल अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। अपनी ताकत के बल पर आगे बढ़ना चाहती है भाजपानितिन ने कहा कि हम अपनी ताकत के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं। समय के साथ कुछ बातें स्पष्ट हो जाएंगी। समय आने पर हम उनका समाधान करेंगे। अगले 6 महीनों में हम अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेंगे और हर क्षेत्र के हर मुद्दे को उठाएंगे और जनता से मिलेंगे। गठबंधन की बात करें तो अभी काफी समय है। उन्होंने कहा कि अगले 6 महीनों तक भाजपा पंजाब में नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में अपनी योजनाओं और रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी। गठबंधन करना है या नहीं, इसका फैसला भविष्य में किया जाएगा। हम देखेंगे कि जनता से क्या प्रतिक्रिया मिलती है। छह महीने बाद हम इस पर फैसला लेंगे। जिससे यह संकेत मिलता है कि गठबंधन का अध्याय अभी समाप्त नहीं हुआ है। पंजाब की राजनीति में इस बयान के बड़े मायनेनितिन नवीन के इस बयान के राजनीतिक मायने पंजाब की राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा सकते हैं। उनके बयान का सीधा संकेत यह है कि भाजपा ने अभी शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन के दरवाजे बंद नहीं किए हैं, लेकिन फिलहाल वह अपनी अलग राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मुख्य राजनीतिक संकेत:भाजपा का “वेट एंड वॉच” रुख : न गठबंधन के पक्ष में, न विरोध में वाला बयान बताता है कि भाजपा अभी कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। पार्टी पहले पंजाब में अपना संगठन, बूथ नेटवर्क और विधानसभा स्तर पर पकड़ मजबूत करना चाहती है।अकाली दल पर दबाव की रणनीति : भाजपा यह संदेश दे रही है कि वह केवल अकाली दल के सहारे चुनाव नहीं लड़ेगी। इससे अकाली नेतृत्व पर दबाव बनता है कि अगर गठबंधन चाहिए तो भाजपा की शर्तों और बदली हुई राजनीतिक ताकत को स्वीकार करना होगा।2019 से बदली स्थिति : पहले भाजपा और सुखबीर सिंह बादल की पार्टी लंबे समय तक सहयोगी रहे, लेकिन कृषि कानून विरोध आंदोलन के बाद दोनों का गठबंधन टूट गया था। अब भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़कर अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।सिख वोट बैंक और ग्रामीण पंजाब की चुनौती : भाजपा की पारंपरिक ताकत शहरी क्षेत्रों में ज्यादा रही है, जबकि पंजाब में ग्रामीण और किसान राजनीति का बड़ा प्रभाव है। अकाली दल के साथ गठबंधन से भाजपा को ग्रामीण पहुंच मिल सकती है, लेकिन अकेले लड़ने से उसे अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने का मौका भी मिलता है।छह महीने वाला संकेत : नवीन का छह महीने बाद फैसला वाला बयान बताता है कि भाजपा पहले जनता की प्रतिक्रिया, संगठन की स्थिति और राजनीतिक माहौल को देखना चाहती है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि चुनावी समीकरण बदलने पर गठबंधन की संभावना फिर सक्रिय हो सकती है।अपनी ताकत आजमाना चाहती है भाजपा : राजनीतिक जानकारों के मुताबिक नितिन का संदेश यह है कि भाजपा पंजाब में अब छोटे सहयोगी भूमिका से बाहर निकलकर अपनी ताकत आजमाना चाहती है। लेकिन वह अकाली दल के साथ भविष्य में संभावित समझौते का विकल्प खुला रख रही है। यह एक तरह की बातचीत में बढ़त बनाने वाली राजनीतिक रणनीति भी मानी जा सकती है।
बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र के शादीपुर गांव में गुरूवार को एक युवक ने घर में घुसे सांप को मारने के बाद उसे बार-बार अपने मुंह में डालकर खतरनाक करतब दिखाया, जो उस पर भारी पड़ गया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन परिजनों ने अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया। हालत गंभीर होने पर उसे नहटौर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखिए घटना की तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला जहरीला अंश मुंह में जाने से बिगड़ी तबियत जानकारी के अनुसार, शादीपुर गांव निवासी 42 वर्षीय सलीम के घर में एक सांप घुस आया था। सलीम ने सांप को मार दिया। सांप को मारने के बाद उसने उसे हाथ में उठाकर कई बार अपने मुंह में डालकर करतब दिखाना शुरू कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान सांप का विष या कोई जहरीला अंश उसके शरीर में प्रवेश कर गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इलाज से पहले झाड़-फूंक में बिगड़ी हालत परिजनों के अनुसार, हालत खराब होने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय पहले स्थानीय ओझाओं और झाड़-फूंक का सहारा लिया गया। इस दौरान इलाज में काफी देर हो गई। जब सलीम की हालत और अधिक गंभीर हो गई तथा वह बेहोश होने लगा, तब परिजन उसे नहटौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। हालत बिगड़ने पर हायर सेंटर रेफर सीएचसी के चिकित्सक डॉ. शुभम कुमार ने बताया कि परिजनों ने जानकारी दी कि मरीज ने मृत सांप को मुंह में डाला था। मरीज की गंभीर स्थिति और जहर जैसे लक्षणों को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
कांग्रेस ने जोधपुर ग्रामीण जिला कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। कार्यकारिणी में 10 उपाध्यक्ष, 15 महासचिव और 20 सचिव बनाए गए हैं। इसके साथ ही जिला दो जिला प्रवक्ता और दो सोशल मीडिया प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुमोदन के बाद महासचिव ललित तुनवाल ने नई कार्यकारिणी घोषित की है। नई कार्यकारिणी में राकेश कुमार चौधरी को संगठन महासचिव और प्रमिला चौधरी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। गौरतलब है कि जोधपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी की भोपालगढ़ विधायक गीता बरवड़ को पहले ही अध्यक्ष घोषित किया जा चुका है। इनको बनाया उपाध्यक्ष कार्यकारिणी में 10 उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। उपाध्यक्ष पद पर नेमाराम बेड़ा, अंकुर चौधरी, गोपाराम कड़वासरा, लक्ष्मणराम मेघवाल, रेखा चौहान, बक्सराम कच्छावा, सवाई सिंह, बरकत खान, शांति लाल जैन और रूपाराम गोदारा को नियुक्त किया गया है। ये बने महासचिव महासचिव पद पर रछा राम, हनुमान राम खोजा, नरेश गौड़, चेतन ग्वाला, छोटू सिंह, महेंद्र धायल, छोटूराम चौधरी, जोगाराम सारण, कैलाश चंद टांक, अमर सिंह इंदा, भगवान सिंह राठौड़, पपाराम बिश्नोई, रामकिशोर खडाव, अर्जुन सिंह चौधरी और इंद्रजीत गुड़ा को जिम्मेदारी सौंप गई है। 20 लोगों को बनाया सचिव वहीं ,सचिव पद पर 20 लोगों की नियुक्ति गई है। इनमें मूलाराम, गर्वित चौधरी, प्रतापराम भील, धनाराम मेहरा, पूनाराम सारण, महीपाल कड़वासरा, थानाराम टांक, किशन खुड़ियाला, मगाराज सोनी, कर्णाराम मेहरड़ा, अशोक इसरवाल, अशोक प्रजापत, जितेंद्र पालीवाल, सुरेश चौहान, राजीव खोखर , अयूब खान गोरी, लोकेश सीरवी, शेर सिंह भाटी, मदन चंद्र, भगा राम शामिल हैं। प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी भी किए नियुक्त नई कार्यकारिणी में वीरेंद्र प्रताप सिंह और कुशल गहलोत को जिला प्रवक्ता बनाया गया है। वहीं, सुनील मेघवाल और दिव्या कुड़िया को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
महराजगंज के बैकुंठपुर नगर पालिका परिषद के एक वार्ड में सड़क और नाली का निर्माण न होने से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। पटेल के मकान से लेकर धर्मवीर वर्मा के घर तक सड़क और नाली नहीं बनने के कारण लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतें होती हैं। स्थानीय निवासियों धर्मवीर वर्मा, लालन यादव और नीरज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और नगर पालिका से सड़क एवं नाली निर्माण की मांग की है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क और नाली का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में सभासद प्रतिनिधि राजू पासवान ने बताया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 28 और 29 जून को प्रयागराज के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे को लेकर पार्टी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दौरान वह पार्टी पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। साथ ही संगठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे। दोपहर 12:15 पर पहुंचेंगेअखिलेश 28 जून को सुबह 11:30 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से प्राइवेट विमान से रवाना होंगे और दोपहर 12:15 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे शहर के रुद्राक्ष होटल में मीडियो को संबोधित करेंगे। यहां वह प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रख सकते हैं।शाम 5 बजे वह अशोक नगर, नेवादा स्थित सपा नेता के आवास पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे करैली स्थित महानगर अध्यक्ष सैय्यद इफ्तिखार हुसैन एडवोकेट के आवास पर जाएंगे। पहले दिन का रात्रि विश्राम प्रयागराज में ही रहेगा। विजन इंडिया की बैठक में होंगे शामिलदौरे के दूसरे दिन 29 जून को सुबह 11 बजे होटल रेडीसन में आयोजित 'विजन इंडिया' की बैठक में शामिल होंगे। दोपहर 2 बजे यहां एक बार फिर मीडिया से संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे अलोपीबाग स्थित विधायक संदीप पटेल के आवास पहुंचकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
आगरा के वार्ड-18 रामनगर की जर्जर गलियां बदहाली की दास्तां बयां करती नजर आती हैं। नाले चोक हैं। 10 मिनट की बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं। कई जगह विकास कार्यों का उद्घाटन तो हो गया, लेकिन काम बीच में छोड़ दिया गया। आंबेडकर पार्क तालाब में तब्दील है और उसके चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हैं। लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच जिंदगी काट रहे हैं। दैनिक भास्कर के कैमरे के सामने लोगों ने खुलकर अपनी पीड़ा रखी। वार्डवासियों का आरोप है कि विकास सिर्फ कागजों में दिखाई देता है, जमीन पर नहीं। वहीं पार्षद के प्रतिनिधि का कहना है कि कई काम चल रहे हैं और बाकी समस्याओं का समाधान भी जल्द कराया जाएगा। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान के तहत वार्ड नंबर-18 रामनगर का जायजा... आंबेडकर पार्क में बारिश का पानी भरा मिला, पार्क कूड़ाघर में तब्दील होता नजर आया। नाले की टूटी बाउंड्री वॉल और चोक नालियां जगह-जगह दिखाई दीं। सुभाष नगर की सड़क वर्षों से टूटी हुई मिली, जहां बारिश में जलभराव हो जाता है। सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट और कीचड़ सड़कों के किनारे पड़ा मिला। कई गलियों में खुदाई के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। पहले ये नजारा देखिए... राजनीतिक कारणों से प्रभावित हुआ विकास रामनगर वार्ड दलित बहुल क्षेत्र है और यहां से लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी का प्रभाव रहा है। क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर निगम में भाजपा की सरकार होने के कारण वार्ड को अपेक्षित विकास नहीं मिल पा रहा है। पार्षद पक्ष का कहना है कि कई प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। आंबेडकर पार्क बना तालाब, विकास कार्य ठप रामनगर स्थित आंबेडकर पार्क में विकास कार्य न होने से हालात बदहाल हैं। बारिश के बाद पार्क में पानी भर गया है और चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साल पहले पार्क के विकास का उद्घाटन हुआ था, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। पार्क में स्थित मंदिर तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। छह महीने से टूटी पड़ी गलियां, लोग परेशान रामनगर, सुभाष नगर और प्रकाश नगर की कई गलियां महीनों से टूटी पड़ी हैं। सीवर लाइन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए खुदाई तो हुई, लेकिन बाद में मरम्मत नहीं कराई गई। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाता है और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे और बुजुर्ग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। 10 मिनट की बारिश में सड़कों पर भर जाता है पानी स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। कई जगह घरों के बाहर दो से तीन दिन तक पानी भरा रहता है। पानी उतरने के बाद कीचड़ और गंदगी से लोगों का जीवन प्रभावित हो जाता है। सड़क और कॉलोनियां बनीं कूड़ाघर वार्ड में कई स्थानों पर सड़क किनारे और खाली जगहों पर कूड़े के ढेर लगे मिले। आंबेडकर पार्क के आसपास भी बड़ी मात्रा में कूड़ा पड़ा हुआ है। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था कमजोर होने के कारण गलियों और सड़कों पर गंदगी बनी रहती है। चोक नाले और अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी क्षेत्र के कई नाले और नालियां टूटी हुई और चोक मिलीं। सफाई के दौरान निकाली गई सिल्ट और कीचड़ को हटाया नहीं जाता, जिससे बारिश में वह दोबारा नालों में पहुंच जाती है। वहीं मुख्य सड़कों और चौराहों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या भी बनी रहती है। वार्ड की बड़ी समस्याएं टूटी गलियां: कई गलियां छह महीने से जर्जर हालत में हैं। अधूरे निर्माण कार्य: उद्घाटन के बाद भी कई जगह काम बंद पड़ा है। जलभराव: हल्की बारिश में सड़कें और गलियां तालाब बन जाती हैं। कूड़े के ढेर: सड़क किनारे और पार्कों के आसपास गंदगी फैली हुई है। चोक नाले-नालियां: नियमित सफाई नहीं होने से जलनिकासी प्रभावित है। अतिक्रमण: मुख्य मार्गों और चौराहों पर जाम की समस्या बनी रहती है। लोग बोले- समस्याएं बहुत हैं, समाधान नहीं मनोज कुमार ने कहा कि आंबेडकर पार्क में बारिश का पानी भर जाता है। मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। गंगा रानी ने कहा कि वार्ड में जल और सीवर की समस्या तो है ही, लेकिन सबसे बड़ी समस्या टूटी सड़कें हैं। कई शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। यशपाल ने बताया कि वर्षों से टूटी गली की समस्या बनी हुई है। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन काम नहीं होता। अमित ने कहा कि कई गलियों को कूड़े से पाट दिया गया है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं और बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ----------- ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर:बादशाह शाहजहां ने बसाया था बाग फरजाना वार्ड, लोग बोले-कभी नवाबी थे ठाठ आगरा के बाग फरजाना वार्ड में रहने वालों के कभी नवाबी ठाठ हुआ करते थे। यहां के लोग बताते हैं कि शहर के इस हिस्से में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध थी। मुगलकाल में बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम की याद में इसे बसाया था। अब हालात ऐसे हैं कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक के आवास के सामने भी कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें नजर आती हैं। यहां की हवा में सीवर की सड़ांध है। पूरी खबर पढ़ें…
महिला ने पुल से कूदकर की सुसाइड की कोशिश:शाजापुर में डायल-112 टीम ने बचाया, गंभीर हालत में एडमिट
शाजापुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में गोपीपुर पुलिया पर एक महिला ने कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। महिला मानसिक रूप से कमजोर और मुख बधिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और महिला की जान बचा ली। उसे शाजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे की है। सूचना पर पहुंची डायल-112 टीम डायल-112 की टीम में प्रधान आरक्षक अशोक और पायलट विजय शामिल थे। उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को समझाया और सुरक्षित रूप से पुलिया से नीचे उतारा। इसके बाद उसे अपने कब्जे में लिया गया। मानसिक रूप से कमजोर है महिला महिला की पहचान भरड़ निवासी कोमल पति रवि के रूप में हुई है। बताया गया कि वह मानसिक रूप से कमजोर है और घटना के समय किसी बात से घबराई हुई थी। वह बोलने में भी असमर्थ है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे भर्ती कर लिया गया है। महिला की ननद ने भी पिया एसिड जानकारी के अनुसार, महिला के परिवार में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि उसके पति रवि की बहन निशा ने पारिवारिक विवाद के चलते एसिड पी लिया था। गंभीर हालत में उसे पहले जिला अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने इंदौर रेफर करने की सलाह दी थी। हालांकि, परिजनों के आग्रह पर उसका इलाज फिलहाल शाजापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। इस पारिवारिक विवाद का वास्तविक कारण अभी तक सामने नहीं आया है।
पीलीभीत में आबकारी टीम पर हमला:अवैध शराब जब्त करने गई टीम पर लाठी-डंडों से वार, आरोपी फरार
पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र में अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी विभाग की टीम पर हमला किया गया है। गुरुवार को ग्राम सिमरा ताल्लुके महाराज में छापेमारी के दौरान आरोपी और उसके परिजनों ने टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान आरोपी मौके से अवैध शराब और बीयर की केन लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरा ताल्लुके महाराज में उपेंद्र नामक व्यक्ति किराने की दुकान चलाता है। आबकारी विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उपेंद्र अपनी दुकान की आड़ में लंबे समय से अवैध रूप से शराब और बीयर बेच रहा है। इन शिकायतों के आधार पर गुरुवार को आबकारी टीम ने दुकान पर छापेमारी की योजना बनाई। आबकारी टीम ने दुकान के भीतर और आसपास तलाशी ली, जहां भारी मात्रा में खाली बीयर की केन बरामद हुईं। इससे अवैध बिक्री की पुष्टि हुई। जैसे ही टीम ने बची हुई शराब जब्त करने और आरोपी उपेंद्र को हिरासत में लेने का प्रयास किया, उपेंद्र और उसके परिवार के लोग भड़क गए। उन्होंने हाथों में लाठी-डंडे लेकर आबकारी कर्मियों पर हमला कर दिया। दुकान पर आबकारी टीम और आरोपी पक्ष के बीच काफी देर तक नोकझोंक और धक्का-मुक्की चलती रही। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी पक्ष के लोग मौके पर मौजूद शराब के पव्वे और बीयर की भरी हुई केन समेटकर भागने में सफल रहे। टीम के हाथ केवल खाली केन ही लग सकीं। इस घटना के बाद आबकारी विभाग की टीम ने स्थानीय माधोटांडा थाना पुलिस से संपर्क किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। आबकारी विभाग की तहरीर के आधार पर पुलिस आरोपी उपेंद्र और उसके हमलावर परिजनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने और अवैध शराब तस्करी (आबकारी अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।आबकारी निरीक्षक दीपक राय ने पूरे मामले की जानकारी दी है।
जयपुर एक बेटे के बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। मारपीट के दौरान बुजुर्ग के सिर और मुंह पर गंभीर चोट लगी। बुजुर्ग जमीन पर गिर गए। इसके बावजूद आरोपी बेटा नहीं रुका, घायल पिता को घसीटता हुआ कमरे में ले गया। इस दौरान पूरा परिवार देखता रहा। घटना सांगानेर थाना क्षेत्र के चंदलाई स्थित मारुति कॉलोनी की है। 15 दिन पहले हुई इस घटना के बाद पीड़ित ने थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। वहीं, इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में युवक गुस्से में अपने पिता को घूंसे और थप्पड़ मारता दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आरोपी के प्रति गहरा रोष है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिता और पुत्र एक ही घर में रहते हैं। किसी घरेलू विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार किया सांगानेर थाना पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग की शिकायत पर घटना के तुरंत बाद मामला दर्ज कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। मामले में नियमानुसार कार्रवाई पहले से जारी है।
महोबा DM का अफसरों को अल्टीमेटम:CM डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग सुधारे, नहीं तो होगी कार्रवाई
महोबा की जिलाधिकारी ग़ज़ल भारद्वाज ने जनशिकायतों के निस्तारण और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग वाले विभागों को अंतिम चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता के साथ और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर ही होना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। महोबा में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ग़ज़ल भारद्वाज लगातार सक्रिय हैं। इससे पहले भी वह जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के वेतन रोकने की कार्रवाई कर चुकी हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस, जनता दर्शन और सीएम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की प्रगति की गहन पड़ताल की। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक की अधिकारीवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं होना चाहिए। इसके बजाय, नियमानुसार स्थलीय निरीक्षण करने के बाद शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि के आधार पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए। सीएम डैशबोर्ड पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिन विभागों की रैंकिंग सी, डी या ई श्रेणी में पाई गई, उनके अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि अगली रैंकिंग आने तक सभी विभाग अपनी कमियों को दूर कर हर हाल में ए या बी श्रेणी सुनिश्चित करें, अन्यथा बड़ी विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस कड़े रुख से महोबा के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्रतापगढ़ जिले में भीषण गर्मी के बीच जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विभाग ने जिले की 568 बसावटों तक प्रतिदिन लगभग 980 टैंकर ट्रिप से पानी पहुंचाया है और 1,629 खराब हैंडपंपों की मरम्मत भी की है। नियमित पानी सप्लाई की जा रही सुनिश्चित शहरी क्षेत्रों में प्रतापगढ़, छोटीसादड़ी और धरियावद की पेयजल योजनाओं के तहत नियमित अंतराल पर जल वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। छोटीसादड़ी शहरी पेयजल योजना में ग्रीष्मकालीन आकस्मिकता के तहत 40.38 लाख रुपये की लागत से दो नलकूप और पाइपलाइन के कार्य पूरे किए गए हैं, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत हुई है। 285 गांव को पाइपलाइन के जरिए मिल रहा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के कुल 968 गांवों में से 285 गांवों को पाइपलाइन आधारित पेयजल योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में हैंडपंपों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। ग्रीष्मकालीन आकस्मिकता योजना के तहत 53.71 लाख रुपये की लागत से सात पेयजल योजनाओं पर नलकूप, पाइपलाइन और पंपसेट संबंधी कार्य पूरे किए गए हैं। जिन जल स्रोतों में पानी की आवक कम हुई है, वहां पेयजल परिवहन की प्रभावी व्यवस्था की गई है। वर्तमान में, 443 गांवों और 125 ढाणियों सहित कुल 568 स्थानों पर 207 टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 980 टैंकर ट्रिप संचालित कर पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इस व्यवस्था की निगरानी उपखंड स्तरीय समितियों, त्रिस्तरीय कूपन प्रणाली, जीपीएस ट्रैकिंग और विभागीय तंत्र द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। हैंडपंपों को मरम्मत के बाद किया चालू जिले में स्थापित 20,214 हैंडपंपों में से चालू वित्तीय वर्ष के दौरान खराब पाए गए 1,641 हैंडपंपों में से 1,629 की मरम्मत कर उन्हें फिर से चालू कर दिया गया है। हैंडपंपों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य संवेदकों और हैंडपंप मिस्त्रियों के माध्यम से लगातार जारी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनी रहे। यह जानकारी एसई पीएचईडी एसडी मीणा ने दी। इनका ये कहना विभाग द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है तथा कहीं भी जलापूर्ति संबंधी समस्या प्राप्त होने पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग आमजन को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। एसडी मीणा, एसई, पीएचईडी
बलिया में मुहर्रम पर 35 किलो चांदी की ऐतिहासिक ताजिया निकलेगी। हर साल की तरह इस बार भी करीब 100 ग्राम चांदी अतिरिक्त जोड़ा जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खालियत यह है कि साल में केवल एक दिन, मुहर्रम के अवसर पर ही दीदार करने का मौका मिलता है। शेष पूरे वर्ष ताजिया को पूरी अक़ीदत और सम्मान के साथ सुरक्षित ढंककर रखा जाता है। नवानगर के शेखपुर गांव में हसन रिजवी के दरवाजे के समीप स्थित मजार परिसर में सुरक्षित रखा इस चांदी की ताजिया का नुमाइश मुहर्रम के निर्धारित दिन विशेष मज़हबी रस्मों के साथ किया जाता है। हसन रिजवी ने बताया कि ताजिया के दर्शन के लिए बलिया के अलावा यूपी और बिहार के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद पहुंचते हैं। सुबह से ही अकीदतमंदों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा क्षेत्र या हुसैन की सदाओं से गूंज उठता है। हसन रिजवी ने आगे बताया कि इस ताजिया की वर्तमान में कीमत करीब 76,65,000 से 84,00,000 के बीच होगी। हर साल इसमें करीब 100 ग्राम चांदी अतिरिक्त जोड़ा जाता है। पूरी होती हैं सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें अकीदतमंद मजार पर चादर चढ़ाकर फातिहा पढ़ते हैं तथा अपने परिवार की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और देश की खुशहाली की दुआ करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। यही अकीदत हर वर्ष दूर-दराज से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों को इस पवित्र स्थल तक खींच लाती है। ताजिया को सम्मानपूर्वक ढंक दिया जाता है दुबारा दीदार होने के बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार चांदी की ताजिया को दुबारा सम्मानपूर्वक ढंक दिया जाता है। इसके बाद अगले मुहर्रम तक किसी को भी दीदार की अनुमति नहीं होती। इसी अनूठी परंपरा ने शेखपुर गांव को पूर्वांचल में एक अलग धार्मिक पहचान दिलाई है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी उसी अकीदत, अनुशासन और सम्मान के साथ निभाई जा रही है। मुहर्रम के अवसर पर यहां सभी समुदायों के लोग पहुंचकर आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का भी प्रतीक माना जाता है।
जोधपुर शहर में लगातार गर्मी और उसम का असर बढ़ता जा रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिन हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले गुरुवार को जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में बारिश से थोड़ी बहुत राहत मिली थी, लेकिन शहर के कुछ इलाकों में हुई बूंदाबांदी के बाद उमस बढ़ गई है। शहर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 3 डिग्री तक बढ़ा, नहीं मिल रही गर्मी से राहत इस बार जून में बारिश और प्री-मानसून को लेकर शहरवासियों को निराशा हाथ लगी। मौसम विभाग ने जून में तीन से चार बार आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। इस अलर्ट का कोई असर जोधपुर में नजर नहीं आया। इधर, शुक्रवार को न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री से बढ़कर 31 डिग्री तक पहुंच गया है। अधिकतम तापमान में भी खास गिरावट नहीं दिखी। यहां तापमान लगातार 40 से 41 डिग्री तक बना हुआ है। जानें 2 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने 2 जुलाई तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि 26 और 27 जून को दो दिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी शहर में हो सकती है। वहीं तापमान में भी कोई खास गिरावट नहीं देखने को मिलेगी। अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री तक बने रहने की संभावना है। हालांकि 2 जुलाई तक तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
कानपुर देहात में गर्मी का कहर जारी:जिला अस्पताल में रोज 1200 मरीज, लोग कर रहे बारिश का इंतजार
कानपुर देहात में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। आसमान में बादल छाने के बावजूद बारिश न होने से उमस और तेज धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जहां जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और उमस ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी गर्मी से बेहाल नजर आ रहे हैं। गर्मी का असर लोगों की सेहत पर स्पष्ट दिख रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1200 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें बुखार, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों ने अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढककर निकलें। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। गर्मी का प्रभाव केवल आम जनजीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान भी इससे परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलें और कृषि कार्य बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बादल आने के बावजूद बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। फिलहाल, मौसम में राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है। जब तक बारिश नहीं होती, तब तक गर्मी का यह दौर लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
रेगिस्तान में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने का मामला सामने आया है। इंदिरा गांधी नहर में करीब 5 फीट लंबा घड़ियाल दिखाई देने से सीमावर्ती इलाके के ग्रामीणों में डर का माहौल है। घड़ियाल आज पानी के तेज बहाव के साथ करीब दो किलोमीटर दूर पोकरण लिफ्ट के पास पहुंच चुका है। रेगिस्तानी इलाके में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने का मामला सामने आया है। बुधवार शाम करीब 6 बजे ग्रामीणों ने नहर में उसे तैरते देखा और वीडियो भी बनाया। वन विभाग का मानना है कि घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से बहकर यहां पहुंचा है। फिलहाल नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण उसका रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। यह दृश्य जैसलमेर के नाचना इलाके के अवाय गांव के पास क्षेत्र की मुख्य नहर का है। ग्रामीणों ने पहली बार देखा, बनाया वीडियो ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम अवाय गांव के देवाराम और कालूराम इंदिरा गांधी नहर के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नहर के पानी में एक अजीब जीव को तैरते हुए देखा। दोनों ने तुरंत अपने मोबाइल से उसका वीडियो बनाया और तस्वीरें लीं। जब यह वीडियो अन्य ग्रामीणों को दिखाया गया, तो बड़ी संख्या में लोग नहर के पास पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह जीव पिछले कुछ दिनों से रोज शाम को नहर में दिखाई दे रहा है। अब यह अवाय गांव से आगे बढ़कर करीब आधा किलोमीटर दूर पोकरण लिफ्ट के पास नजर आया है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। मगरमच्छ प्रजाति का जीव, लेकिन इंसानों पर हमला नहीं करता वन्यजीव एक्सपर्ट और उप वन संरक्षक कुमार के अनुसार, घड़ियाल मगरमच्छ प्रजाति का ही हिस्सा है। हालांकि, इसका मुंह काफी पतला और लंबा होता है, इसलिए यह आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता। यह मुख्य रूप से मछलियां खाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल घड़ियाल से इंसानों को कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद इसके बड़े आकार और अलग दिखने वाले रूप को देखकर नहर के आसपास रहने वाले ग्रामीण डरे हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। बहते पानी में रेस्क्यू मुश्किल, छोटी जगह आते ही पकड़ेंगे: वन विभाग देवेन्द्र सिंह, डीएफओ (वन विभाग, आईजीएनपी स्टेज-2) ने बताया, रेगिस्तान में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने का मामला सामने आया है। संभावना है कि यह घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के इस हिस्से तक पहुंचा है। पहले भी नहर बंदी के दौरान इसके दिखाई देने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्य नहर में पानी का बहाव बहुत तेज है। ऐसे में बहते पानी के बीच घड़ियाल का रेस्क्यू करना तकनीकी रूप से काफी मुश्किल है। डीएफओ ने कहा, नहर में घड़ियाल के लिए पर्याप्त मात्रा में मछलियां मौजूद हैं। हमारी टीम लगातार वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है। जैसे ही घड़ियाल किसी छोटी डिग्गी, कम पानी वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर रुकेगा, तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित पकड़ लिया जाएगा। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है।
करनाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गेट पर ड्यूटी कर रहे एक कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और हाथापाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने पहले गेट पर रोके जाने पर बहस की, फिर मोबाइल से वीडियो बनाते हुए हंगामा किया और ड्यूटी में बाधा डाली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गेट पर रोकने पर भड़का शिकायतकर्ताकार्यालय पुलिस अधीक्षक में तैनात एसपीओ पुष्पिंदर सिंह ने शिकायत में बताया कि वह 24 जून को गेट ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान देहरादून निवासी मनमीत सिंह सचदेवा अपनी शिकायत लेकर गेट पर पहुंचा। उसे बताया गया कि अंदर पहले से एक शिकायतकर्ता मौजूद है, इसलिए कुछ समय इंतजार करना होगा। इसी बात पर मनमीत सिंह ऊंची आवाज में बहस करने लगा। वीडियो बनाने से मना करने पर बढ़ा विवादशिकायत के अनुसार, मनमीत सिंह ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जब उसे ऐसा करने से रोका गया तो वह और ज्यादा भड़क गया और हाथापाई पर उतारू हो गया। आरोप है कि उसने शोर मचाया और एसपीओ पुष्पिंदर सिंह का गिरेबान पकड़कर धक्का-मुक्की की, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीसेक्टर-13 चौकी इंचार्ज ने टेलीफोन के जरिए सूचना दी कि एक व्यक्ति एसपी कार्यालय में कर्मचारियों के साथ बदसलूकी कर रहा है। इस पर एसआई सुंदर लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गेट के बाहर एसपीओ पुष्पेंद्र सिंह ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और लिखित दरखास्त सौंप दी। साथ ही आरोपी मनमीत सिंह सचदेवा को पुलिस के सामने पेश किया गया। मोबाइल और दस्तावेज कब्जे में लिए गएपुलिस ने मौके पर एक मोटरोला कंपनी का मोबाइल फोन और अंग्रेजी में लिखी हुई एक प्रिंटेड दरखास्त बतौर सबूत कब्जे में ली। यह कार्रवाई फर्द के जरिए की गई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी गई। मामला दर्ज, जांच शुरूशिकायत के आधार पर पुलिस ने पाया कि सरकारी कर्मचारी के साथ हाथापाई कर ड्यूटी में बाधा डाली गई है। इस पर थाना सिविल लाइंस करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की आगे की जांच सब इंस्पेक्टर सुंदर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
नगर परिषद ने पुलिस विभाग को नोटिस जारी किया:नेहरू-गांधी पार्क भवन के किराए और उपयोग पर मांगा जवाब
डीग नगर परिषद ने नेहरू-गांधी पार्क परिसर में स्थित अपने भवन के उपयोग को लेकर पुलिस विभाग को नोटिस जारी किया है। परिषद ने पुलिस विभाग से जनवरी 2024 से जून 2026 तक का बकाया किराया जमा कराने अथवा भवन खाली करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप द्वारा 23 जून 2026 को जारी इस पत्र में पुलिस अधीक्षक डीग को अवगत कराया गया है। पत्र में बताया गया है कि नेहरू-गांधी पार्क में स्थित नगर परिषद की संपत्ति वाले भवन में वर्तमान में पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) कार्यालय और यातायात कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं। यह भवन वर्ष 2023-24 से पुलिस विभाग द्वारा उपयोग किया जा रहा है। नगर परिषद ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि भवन में कार्यालय संचालन से पूर्व पुलिस विभाग द्वारा परिषद से किसी प्रकार की औपचारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई। साथ ही, भवन उपयोग के एवज में कोई किराया भी जमा नहीं कराया गया है। परिषद का कहना है कि यह भवन उसकी संपत्ति है, जिसके उपयोग के लिए नियमानुसार अनुमति और किराया आवश्यक है। पत्र में नगर परिषद ने जनवरी 2024 से जून 2026 तक की अवधि का किराया 15 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से निर्धारित किया है। इस प्रकार कुल 4 लाख 50 हजार रुपये की राशि शीघ्र जमा कराने का अनुरोध किया गया है। नगर परिषद ने पुलिस अधीक्षक से यह भी कहा है कि यदि किराया राशि जमा नहीं कराई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों को भवन खाली कराने के निर्देश दिए जाएं। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा आधिकारिक पत्र जारी कर कार्रवाई की मांग की गई है। नगर परिषद के इस कदम के बाद सरकारी विभागों के बीच संपत्ति उपयोग और किराया भुगतान का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र के ग्राम हातौद में गाय के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर चार नामजद और एक अज्ञात सहित पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी एनसीआर दर्ज की गई है। ग्राम हातौद निवासी 58 वर्षीय इन्द्रजीत सिंह सरदार ने बताया कि उनके पास पिछले पांच वर्षों से एक देशी गाय है। गुरुवार की शाम वह अपने भाई परमजीत सिंह के साथ घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान ग्राम गांगोली निवासी लक्ष्मण सिंह गुर्जर, पप्पू गुर्जर, जण्डेल सिंह गुर्जर और कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे। उन्होंने गाय को अपना बताते हुए उसे ले जाने का प्रयास किया। गाय देने से इनकार किया तो मारपीट कीइन्द्रजीत और उनके भाई ने जब गाय देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर लक्ष्मण गुर्जर ने लाठी से इन्द्रजीत पर हमला कर दिया। आरोप है कि पप्पू गुर्जर ने उन्हें जमीन पर पटककर लात-घूंसों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए परमजीत सिंह पर भी लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनके हाथ, कोहनी और छाती में चोटें आईं। शोर सुनकर इन्द्रजीत की पत्नी परबिन्दर कौर और परिवार की अन्य महिला सदस्य मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई। इस घटना में कुल तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने पांच आरोपियों पर केस दर्ज कियादेहात थाना पुलिस ने फरियादी इन्द्रजीत सिंह की शिकायत पर लक्ष्मण सिंह गुर्जर, पप्पू गुर्जर, जण्डेल सिंह गुर्जर, गोपाल गुर्जर और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वहीं, गुर्जर पक्ष की ओर से भी पुलिस में एनसीआर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच जारी है।
DM ने निर्माणाधीन पीएचसी का किया औचक निरीक्षण:ईंट से ईंट बजाकर गुणवत्ता परखी, लापरवाही पर सख्त
सीतापुर में जिलाधिकारी राजागणपति आर ने गुरुवार को विकासखंड हरगांव स्थित निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अरमी का शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से तथा तय समयसीमा के भीतर पूरा कराया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन निर्माण में प्रयुक्त की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और निर्माण स्थल पर चल रहे कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े भवनों का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में केवल मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का ही प्रयोग किया जाए और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य शासन की निर्धारित तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी मानकों के अनुरूप ही किए जा रहे हैं। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने दोहराया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को शीघ्र बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कोटा शहर में जल्द ही सड़कों पर पर्यावरण अनुकूल ई-बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत कोटा को कुल 100 ई-बसें मिलेंगी, जिनकी पहली खेप जुलाई के पहले सप्ताह तक कोटा पहुंचने की पूरी संभावना है। नगर निगम और कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड द्वारा संचालित की जाने वाली इन बसों का दायरा सिर्फ शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नगर निगम सीमा में शामिल हुए दूरदराज के ग्रामीण इलाकों को भी इससे जोड़ा जाएगा। कोटा में आने वाली 100 बसों में से अधिकांश बसें 9 मीटर लंबी होंगी, जबकि 5 बसें 12 मीटर की श्रेणी वाली होंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए नगर निगम ने शहर और आस-पास के क्षेत्रों को कवर करते हुए कुल 20 रूट निर्धारित किए हैं। इसमें सीमलिया और नवनिर्मित शम्भूपुरा एयरपोर्ट तक का सफर भी शामिल है। निगम अधिकारियों के अनुसार सुभाष नगर में बस स्टॉप और चार्जिंग पॉइंट का काम लगभग पूरा हो चुका है। बसों के मेंटेनेंस और चालकों (ड्राइवर्स) की व्यवस्था बस सप्लाई करने वाली कंपनी ही अनुबंध के तहत करेगी। स्थानीय स्तर पर परिचालक (कंडक्टर्स) और लिपिकीय स्टाफ सहित करीब 250 मैनपावर की व्यवस्था संविदा फर्म के माध्यम से की जा रही है, जिसका टेंडर जुलाई के पहले सप्ताह में खुलेगा। दस से साठ रूपए ता होगा किरायाई-बसों का किराया दूरी के हिसाब से तय किया गया है। वर्तमान में चल रही सिटी बसों का किराया 5 से 30 रूपए है, लेकिन ई-बसों के लंबे रूटों को देखते हुए इसके किराए में आंशिक संशोधन किया गया है। जिसमें पहले तीन किलोमीटर तक दस, तीन से 6 किलोमीटर तक 15, 6 से 10 किलोमीटर तक 20 रूपए और अधिकतम किराया साठ रूपए दूरी बढने के साथ किलोमीटर के आधार पर होगा। इन 20 प्रमुख रूट पर दौड़ेंगी ई-बसेंरेलवे स्टेशन से बंधा धर्मपुरा , मुकुन्दरा विहार , कोलीपुरा गांव तक। न्यू बस स्टैण्ड से बोराबास , एरोड्राम , डीसीएम , भामाशाह मंडी , कॉमर्स कॉलेज और एरोड्राम से रानपुर , सोगरिया , धनेश्वर , दरा जंक्शन तक, रायपुरा से भदाना , सोगरिया स्टेशन तक। झालीपुरा से अरण्डखेड़ा , बडगांव से सीमलिया तक और चंद्रेसल से आरके पुरम् , सोगरिया स्टेशन से अनंतपुरा तक का रूट, बड़ तिराहे से शंभुपुरा एयरपोर्ट तक, नयापुरा से तालेड़ा एवं रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 4 से जीएडी सर्किल तक का रूट कवर किया जाएगा।
ललितपुर में उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी के आरोप में जिला पूर्ति अधिकारी ने दो राशन की दुकानों को निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, एक कोटेदार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति निरीक्षक बी.डी. चौबे ने तहसील तालबेहट की ग्राम पंचायत खजरा में संचालित कोटे की दुकान का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उपभोक्ताओं ने कोटेदार पर खाद्य सामग्री न देने और बाजार में कालाबाजारी करने के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि पूछने पर कोटेदार झूठे मुकदमे में फंसाने और मारपीट की धमकी देता है। निरीक्षण के दौरान दुकान पर साइन बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड, टोल फ्री नंबर और कार्डधारकों की सूची नहीं पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि कोटेदार को मई और जून माह की खाद्य सामग्री दी गई थी, लेकिन उसने उपभोक्ताओं को इसका वितरण नहीं किया। कालाबाजारी की आशंका जताई दुकान के अंदर भी खाद्यान्न नहीं मिला, जिससे कालाबाजारी की आशंका जताई गई। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर कोटेदार जानकी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उपभोक्ताओं को समय पर खाद्य सामग्री न देने और वितरण में गड़बड़ी के आरोप में जिला पूर्ति अधिकारी ने दो अन्य राशन की दुकानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तहसील तालबेहट की ग्राम पंचायत तरगुआं के उपभोक्ताओं ने कोटेदार पर समय से सामग्री न देने और कम सामग्री देने का आरोप लगाया था, जो जांच में सही पाया गया। इसी प्रकार, तालबेहट की ग्राम पंचायत धमकाना में भी कोटेदार के विरुद्ध उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी ने इन दोनों दुकानों को निलंबित करने का आदेश दिया। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री देने में आनाकानी करने, समय पर सामग्री न देने के अलावा कालाबाजारी करने वाले कोटेदारों की कतई नहीं बक्शा जायेगा। ऐसा करने बालों पर एफ आई आर दर्ज कराकर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। शासन की मंशानुरूप निष्पक्ष तरीके से सामग्री दिलाई जाएगी।
गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के बनियाडीह के पास सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बनियाडीह ग्राम निवासी लगभग 20 वर्षीय अनूप उरांव के रूप में हुई है। यह घटना गुरुवार की देर रात हुई। परिजनों ने बताया कि अनूप अपने दोस्तों के साथ दो बाइक पर सवार होकर घाघरा से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान, साथी द्वारा चलाई जा रही दूसरी बाइक से टकराकर अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में अनूप की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में अनूप के दोनों दोस्त सुरक्षित हैं, उन्हें केवल मामूली खरोंचें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर थाना ले आई। शुक्रवार को शव को सदर अस्पताल गुमला पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों को भी कब्जे में ले लिया है और मामले की छानबीन कर रही है।
बागपत जनपद के बिनौली थाना क्षेत्र के बिजवाड़ा गांव में प्लॉट विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। यूनुस और दूसरे पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस मारपीट का एक वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान कुछ महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई, जो बचाव करती दिख रही हैं। यह संघर्ष करीब 10 मिनट तक चला। पुलिस के पहुंचने की सूचना पर दोनों पक्ष मौके से फरार हो गए। फिलहाल, पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यूनुस पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज किया है। बिनौली थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जबलपुर के मटर और सिंघाड़ा को मिला जीआई टैग:वैश्विक बाजार में मिलेगी पहचान, किसानों की आय बढ़ेगी
जबलपुर के दो प्रमुख कृषि उत्पाद 'मटर' और 'सिंघाड़ा' को भारत सरकार ने प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिया है। 26 जून को चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री ने दोनों उत्पादों को अपनी आधिकारिक जीआई जर्नल में पंजीकृत किया। इसके साथ ही देश में पहली बार किसी क्षेत्र के मटर और सिंघाड़े को यह विशेष पहचान प्राप्त हुई है। इन दोनों उत्पादों के लिए पाटन की मैकलसुता फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) ने अक्टूबर 2023 और जनवरी 2024 में आवेदन किया था। कंपनी के निदेशक राघवेंद्र सिंह पटेल और धनंजय पटेल ने बताया कि राज्य सरकार और जबलपुर उद्यानिकी विभाग के सहयोग से जीआई रजिस्ट्रार के समक्ष मजबूत दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। स्वाद, गुणवत्ता और पौष्टिकता अन्य क्षेत्रों की तुलना में अलग इस पूरी प्रक्रिया में 'जीआई मैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने विषय विशेषज्ञ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जबलपुर मटर और सिंघाड़े के ऐतिहासिक महत्व, विशिष्ट गुणवत्ता और भौगोलिक विशेषताओं को प्रमाणित करने में अहम योगदान दिया। विशेषज्ञों के अनुसार नर्मदा नदी के जल और जबलपुर क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी के कारण यहां उत्पादित मटर और सिंघाड़े का स्वाद, गुणवत्ता और पौष्टिकता अन्य क्षेत्रों की तुलना में अलग और बेहतर मानी जाती है। मटर और सिंघाड़ा निर्यात के नए अवसर खुलेंगे जीआई टैग मिलने से इन दोनों उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एक अलग पहचान मिलेगी। इससे निर्यात के नए अवसर खुलेंगे, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, जीआई टैग इन उत्पादों के लिए एक कानूनी सुरक्षा कवच का भी काम करेगा। अब कोई भी बाहरी व्यापारी अपने सामान्य मटर या सिंघाड़े को 'जबलपुर मटर' या 'जबलपुर सिंघाड़ा' के नाम से बाजार में नहीं बेच सकेगा। इससे नकली ब्रांडिंग पर रोक लगेगी और उत्पादों की प्रामाणिकता सुरक्षित रहेगी।
देवास जिला अभिभाषक संघ के चुनाव गुरुवार को जिला न्यायालय परिसर में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। देर रात मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए गए। अध्यक्ष पद के मुकाबले में रामप्रसाद सूर्यवंशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अशोक वर्मा को हराकर जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद का परिणाम रात करीब 12:30 बजे घोषित किया गया। चुनाव के दौरान अभिभाषकों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य रखा गया था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिला न्यायालय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। मतदान और मतगणना को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और चुनाव समिति ने विशेष व्यवस्थाएं की थीं। मतदाताओं के प्रवेश, वाहन पार्किंग और आवाजाही के लिए भी अलग-अलग इंतजाम किए गए थे। महिला कोषाध्यक्ष पद पर गीता शर्मा जीतींअन्य पदों के परिणामों में पुस्तकालय सचिव पद पर विजय सोनी विजयी रहे। महिला कोषाध्यक्ष पद पर गीता शर्मा ने जीत दर्ज की, जबकि सचिव पद के लिए चंद्रपाल सिंह सोलंकी निर्वाचित हुए। परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला और आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया। अभिभाषकों ने चुनाव प्रक्रिया के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होने पर संतोष जताया।
कानपुर के परमट के बाबा आनंदेश्वर मंदिर में शुक्रवार सुबह बाबा का भव्य और आकर्षक शृंगार किया गया। ताजे फूलों, मौसमी फलों और बेलपत्र से सजे बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शृंगार के बाद महाआरती हुई, जिसमें पूरा मंदिर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। बाबा के शिवलिंग को अपराजिता, सूर्यमुखी, कमल, रुद्राक्ष और बेलपत्र से विशेष रूप से सजाया गया। वहीं, आम, नींबू और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया। शृंगार के दौरान पूरा गर्भगृह रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से महक उठा। अपराजिता और चंदन से शुरू हुआ शृंगार शृंगार की शुरुआत शिवलिंग के मध्य भाग से की गई। सबसे पहले पीले चंदन से अर्धचंद्राकार आकृति बनाई गई। इसके ऊपर गुलाबी और बैंगनी रंग के तिलक और फूल अर्पित किए गए। चारों ओर नीले अपराजिता और सफेद फूलों की गोलाकार सजावट की गई, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। रुद्राक्ष और 'राम' लिखे बेलपत्र से बढ़ी भव्यता शिवलिंग के चारों ओर रुद्राक्ष की माला का घेरा बनाया गया। इसके बाहर बड़े-बड़े हरे बेलपत्र सजाए गए, जिन पर केसरिया और लाल रंग से 'राम' लिखा गया था। इस अनोखे शृंगार ने श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित किया। सूर्यमुखी और कमल के फूलों से सजी वेदी शिवलिंग के चारों ओर पीले सूर्यमुखी के फूलों का बड़ा चक्र बनाया गया। वहीं, चारों कोनों पर ताजे गुलाबी कमल के फूल सजाए गए। इसके साथ ही वेदी पर पके हुए आम, नींबू और कटोरियों में मिष्ठान रखकर बाबा को भोग अर्पित किया गया। महाआरती में गूंजे जयकारे शृंगार को अंतिम रूप देने के लिए बाहरी हिस्से को गुलाब की पंखुड़ियों और पीले-नारंगी गेंदे के फूलों से सजाया गया। इसके बाद बाबा आनंदेश्वर की महाआरती हुई। शंख और घंटियों की गूंज के बीच श्रद्धालु हाथ जोड़कर आरती में शामिल हुए। फूलों की महक और भक्तिमय माहौल ने मंदिर परिसर को पूरी तरह शिवमय बना दिया।
रेलवे प्रशासन ने जम्मू मंडल के मुकेरियां रेलवे स्टेशन पर चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया है। इसके तहत, प्रयागराज के सूबेदारगंज से चलने वाली माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस का मुकेरियां स्टेशन पर ठहराव पांच दिनों के लिए निरस्त कर दिया गया है। रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ट्रेन संख्या 20433 सूबेदारगंज–माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस 26 जून से 30 जून 2026 तक मुकेरियां स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 20434 माता वैष्णो देवी कटड़ा–सूबेदारगंज एक्सप्रेस 27 जून से 30 जून 2026 तक मुकेरियां स्टेशन पर बिना रुके अपने निर्धारित मार्ग पर चलेगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जम्मू मंडल में मुकेरियां स्टेशन पर ट्रैक और सिग्नल प्रणाली के आधुनिकीकरण तथा सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। इस तकनीकी कार्य के दौरान ट्रेनों के सामान्य संचालन में संभावित बाधा को देखते हुए यह अस्थायी परिवर्तन किया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति और ठहराव की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। विशेष रूप से, जिन यात्रियों को मुकेरियां स्टेशन से इस ट्रेन में चढ़ना या उतरना था, उन्हें वैकल्पिक रेलवे स्टेशन का उपयोग करने और अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल निर्धारित अवधि के लिए लागू रहेगी। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने के बाद दोनों ट्रेनों का मुकेरियां स्टेशन पर नियमित ठहराव पुनः बहाल कर दिया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह कार्य भविष्य में अधिक सुरक्षित, सुचारु और बेहतर रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कोटपूतली में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 के तहत लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिला स्तरीय समिति की उपस्थिति में ऑनलाइन आवेदन के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया और सूची जारी की गई है। ऑनलाइन पोर्टल पर तीन बार डेमो किया जिला कलेक्ट्रेट सभागार भवन में आयोजित लॉटरी प्रक्रिया के दौरान ऑनलाइन पोर्टल पर तीन बार डेमो किया गया, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। इस प्रक्रिया के माध्यम से कुल 496 वरिष्ठ नागरिकों की मुख्य चयन सूची जारी की गई है। 54 लोगों को मिलेगा लाभ इनमें से 54 लाभार्थी हवाई यात्रा के माध्यम से तीर्थ यात्रा करेंगे, जबकि 442 लाभार्थी ट्रेन से यात्रा करेंगे। इसके अतिरिक्त, 496 आवेदकों की प्रतीक्षा सूची और 338 आवेदकों की अचयनित सूची भी जारी की गई है। चयनित लाभार्थी अपना नाम ऑनलाइन पोर्टल पर देख सकते हैं। आमजन की सुविधा के लिए चयनित लाभार्थियों की सूची 29 जून को जिला कलेक्ट्रेट सभागार भवन में भी चस्पा की जाएगी। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करना है। जिला प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया है।
पलवल के हथीन थाना पुलिस ने जमीन की खरीद-फरोख्त में 1.11 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा, पलवल की जांच के बाद की गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है। हथीन थाना प्रभारी नरेश कुमार के अनुसार, दिल्ली निवासी गोविंद कपूर ने एसपी को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने 10 अक्टूबर 2024 को हथीन उपमंडल के फिरोजपुर राजपूत गांव में 30 कनाल 12 मरला जमीन का बैनामा दुधौला गांव निवासी जगदीश और बाबूलाल से कराया था। कोर्ट के समन से पता चला पहले से विवादित है जमीन शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने जमीन की पूरी रकम चुका दी थी और उनके नाम पर इंतकाल भी दर्ज हो गया था। मौके पर उनका कब्जा भी था। विक्रेताओं ने जमीन की तकसीम कराने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन बाद में असमर्थता जताई। बाद में उन्हें कोर्ट से मिले सम्मन से पता चला कि खरीदी गई जमीन पहले से ही विवादित मुकदमे में चल रही थी। आरोप है कि विक्रेताओं ने जमीन से जुड़े विवाद और न्यायालय की कार्रवाई की जानकारी छिपाई थी। आर्थिक अपराध शाखा ने की जांच शिकायत में पांच लोगों पर मिलीभगत कर धोखाधड़ी, जालसाजी और रकम हड़पने के आरोप लगाए गए हैं। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद, हथीन थाना पुलिस को जगदीश, बाबूलाल, राजेंद्र कुमार, शत्रुजीत और योगेश के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के आधार पर हथीन थाना पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में उनकी टीम जुटी हुई है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भिवानी में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर परिषद की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक व पॉलीथिन प्रयोग करने वाले दुकानदोरों के चालान भी काटे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर परिषद भिवानी की टीम ने जेईई चंचल के नेतृत्व में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग पर रोक लगाने एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शहर में विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया गया। इस दौरान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और पुराना बस स्टैंड भिवानी में 14000 रुपए के 4 चालान काटे गए। प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग ना करेंपॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थानों पर जागरूकता बैनर भी लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में आम जनता को जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग पर्यावरण के लिए खतरा है। प्रदूषित पर्यावरण से हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभियान के दौरान दुकानदारों से अपील की कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग ना करें।
गिरिडीह जिले के तिसरी-गिरिडीह मुख्य मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। गम्हारियाटांड़ स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास शादी समारोह से लौट रहे लोगों से भरा एक ऑटो और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पलट गया। हादसे में बाइक सवार समेत कुल आठ लोग घायल हो गए। इनमें से दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को दुर्घटनाग्रस्त ऑटो से ही अस्पताल पहुंचाया। खटपोंक के मुखिया जानकी यादव और समाजसेवी प्रकाश यादव ने अपनी गाड़ी से अन्य घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। घायलों में ऑटो सवार 63 वर्षीय सहदेव हजाम (पिता: कुंजो हजाम), 4 वर्षीय प्रियांशु कुमार, कविता कुमारी और रिंकी देवी शामिल हैं। बाइक पर सवार गुमगी निवासी यमुना दास (पिता: लक्ष्मण रविदास) और रोहित दास भी घायल हुए हैं। सहदेव हजाम और प्रियांशु कुमार की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। इस हादसे के दौरान ऑटो में तीन माह का एक मासूम बच्चा भी सवार था। आश्चर्यजनक रूप से बच्चे को कोई चोट नहीं आई। हालांकि, उसे बचाने के प्रयास में उसकी मां के हाथ में हल्की चोट लगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खटपोंक गांव के कुछ ग्रामीण बेलकुशी महादेव मंदिर में आयोजित विवाह समारोह से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान खिजुरी की ओर से आ रही एक बाइक से ऑटो की सीधी टक्कर हो गई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही तिसरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच तथा आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
गोरखपुर के शाहपुर थाने में नाबालिग लड़की से शारीरिक संबंध बनाने और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। गुरुवार को परिजनों ने शाहपुर थाने में तहरीर देकर हरियाणा गुड़गांव के आर्यन निषाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पिता का आरोप है कि इंस्टाग्राम से दोस्ती कर बेटी को आरोपी गुड़गांव लेकर भाग गया था। वहां 4 दिन घर पर रखकर उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाया। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… शाहपुर इलाके में रहने वाले किशोरी के पिता ने तहरीर देकर बताया कि मेरी 17 साल की नाबालिग लड़की से आरोपी आर्यन निषाद इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती किया। कुछ दिन दोनों के बीच बातें होती रहीं। इस दौरान बेटी को बहला-फुसलाकर आर्यन अपने गुड़गांव के धनवापुर स्थित घर लेकर चला गया। 29 जनवरी 2026 को इस संबंध में शाहपुर थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस टीम बेटी की तलाश में जुट गई। शाहपुर पुलिस ने 4 फरवरी को मेरी बेटी को गुड़गांव स्थित आर्यन के घर से बरामद किया। इसके बाद बेटी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वन स्टाप सेंटर में रखा गया। पिता का आरोप है कि इस दौरान केस की विवेचना करने वाले विवेचक ने मेरी बेटी से कहा कि जो बयान महिला कांस्टेबल लिख रही है, वही बात तुमको कोर्ट में भी कहना है। गारंटी देता हूं कि आगे से आर्यन और उसकी मां कभी तुम्हारे घरवालों को परेशान नहीं करेंगे। बातों में उलझाकर बेटी के बयान में शारीरिक संबंध वाली बात हटा दी गई। जबकि उसका 4 दिनों तक शारीरिक शोषण किया था। बड़ी बेटी की आपत्तिजनक फोटो लगा रहा आरोपी पिता का आरोप है कि विवेचक की लापरवाही की वजह से आरोपी आर्यन का मन और बढ़ गया। इधर वह मेरी बेटी का इंस्टाग्राम अकाउंट का पासवर्ड बदलकर हैक कर लिया। अब वह मेरी बड़ी बेटी की आपत्तिजनक फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर कर रहा है। बड़ी बेटी के मोबाइल पर कॉल कर उसने धमकी दी कि छोटी बहन को समझा दो कि अपना मोबाइल ऑन करे, वरना पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। इसके बाद से ही पूरा परिवार डरा सहमा हुआ है। नाबालिग लड़की के पिता ने एसएसपी, सीएम पोर्टल और राज्य महिला आयोग को भी प्रार्थना पत्र भेजा है। इस संबंध में शाहपुर थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। जांच कर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मऊ में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने शुक्रवार को ईवीएम/वीवीपैट वेयरहाउस का आंतरिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत किया गया, जिसमें विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इसका उद्देश्य वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के रखरखाव और निर्वाचन आयोग के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को पूरी निष्ठा और सतर्कता से अपने कर्तव्यों का पालन करने को कहा, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वेयरहाउस की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने वेयरहाउस परिसर और उसके भीतर नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का सुरक्षित और व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और सभी आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। निरीक्षण के बाद, वेयरहाउस की सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इस दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निरीक्षण प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, अतिरिक्त उप जिलाधिकारी, भाजपा के महामंत्री सचिंद्र सिंह, आम आदमी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष अवधेश मौर्य, कांग्रेस के जिला महासचिव हफीजुर्रहमान अंसारी और अपना दल के जिला महासचिव अरशद अंसारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
दो आरोपी अवैध शराब के साथ गिरफ्तार:135 क्वार्टर शराब और मोटरसाइकिल जब्त
हरदा में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 135 क्वार्टर अवैध शराब और परिवहन में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि पुलिस लाइन के पास अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और पूनम ठाकुर (24) पिता तुलसीराम ठाकुर तथा नवीन ठाकुर (19) पिता सीताराम ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी ग्राम रातातलाई, थाना हंडिया के निवासी हैं। 135 क्वार्टर बरामदतलाशी के दौरान आरोपियों के पास से मसाला और प्लेन शराब के कुल 135 क्वार्टर बरामद हुए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 13,500 रुपये है। इसके अलावा शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है। जब्त की गई कुल सामग्री का मूल्य 63,500 रुपये आंका गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
फर्रुखाबाद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने एक निरीक्षक और उपनिरीक्षकों की तैनाती की है। इन नियुक्तियों में नवाबगंज थाने में एक निरीक्षक और दो अन्य पुलिस चौकियों पर उपनिरीक्षकों को प्रभारी बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन से निरीक्षक ब्रजमोहन पाल को अपराध निरीक्षक के रूप में नवाबगंज थाने भेजा है। इसके अतिरिक्त, पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक दयानंद पटेल को कादरी थाना क्षेत्र की रोडवेज चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अपराध नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य वहीं, उपनिरीक्षक कपिल कुमार कुशवाहा को थाना मोहम्मदाबाद भेजा गया है। पुलिस लाइन में तैनात बृजनंदन सिंह को शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत घुमना चौकी का प्रभारी बनाया गया है। यह सभी नियुक्तियां जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराध नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई हैं। मालूम होकि कादरी गेट थाना क्षेत्र की बस स्टैंड चौकी चुनौती पूर्ण चौकी मानी जाती है।
प्रतापगढ़ जिले के अरनोद क्षेत्र में स्थित गौतमेश्वर श्मशान घाट में शुक्रवार को आग लग गई। श्मशान घाट के एक कमरे में रखी लकड़ियों में अचानक आग लगी, जिससे वे जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलते ही तहसीलदार, अरनोद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सभी के प्रयासों से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सका और एक बड़ा नुकसान टल गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है ताकि आग लगने की वजह का पता लगाया जा सके। आग पर शुक्रवार सुबह 10:30 बजे तक पूरी तरह काबू पा लिया गया था।
नई दिल्ली। शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल में मरीज के इलाज में कथित लापरवाही और अन्य अनियमितताओं की शिकायत के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर गुरुवार को विभिन्न विभागों की संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सरकार ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह मामला हाल ही में मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में हुई जनसुनवाई के दौरान सामने आया था। पीड़ित परिवार ने शिकायत की थी कि उनके बेटे को चाकू लगने के बाद गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। परिवार का आरोप- समय से नहीं दिया गया उपचार परिवार का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज शुरू करने से पहले पैसे जमा कराने की मांग की। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गई। सीएम के निर्देश पर मध्य-उत्तरी जिले के डीएम एस.एस. परिहार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन, अवैध निर्माण, बेसमेंट के दुरुपयोग, फायर सेफ्टी सिस्टम में कमियां और चिकित्सीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन में गंभीर लापरवाही पाई गई। सीसीटीवी फुटेज में युवक खुद चलकर अस्पताल पंहुचा जांच टीम ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। फुटेज में युवक को खुद चलकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रवेश करते हुए देखा गया। अधिकारियों का मानना है कि यदि उसे तत्काल और उचित इलाज मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में सामने आईं प्रमुख गड़बड़ियां - बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन के संकेत।- अस्पताल परिसर में अवैध निर्माण की शिकायत।- फायर सेफ्टी सिस्टम में गंभीर कमियां।- बेसमेंट का नियमों के विपरीत उपयोग।- चिकित्सा एसओपी के पालन में लापरवाही।- सीसीटीवी फुटेज में घायल युवक खुद इमरजेंसी तक पहुंचता दिखा।
सिंगरौली में एनसीएल की निगाही परियोजना के सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) में शुक्रवार को श्रमिकों ने वेतन भुगतान में अनियमितताओं को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। मधुकॉन कंपनी के इन श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें तय मजदूरी से कम भुगतान किया जा रहा है। श्रमिकों के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने उन्हें प्रतिदिन 500 से 550 रुपए मजदूरी देने का वादा किया था। हालांकि, उन्हें वास्तविक भुगतान केवल 300 से 350 रुपए प्रतिदिन किया जा रहा है। इस भारी अंतर को लेकर श्रमिकों में गहरा आक्रोश है। मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं मिला रहा प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तय मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं मिला तो वे कंपनी का काम पूरी तरह बंद कर देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रत्येक श्रमिक के हिस्से के करीब 200 रुपए प्रतिदिन किसके पास जा रहे हैं। श्रमिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। यह मामला नवानगर थाना क्षेत्र स्थित एनसीएल की निगाही परियोजना से संबंधित है। संबंधित ठेका कंपनी को नोटिस जारी करेंगे इस संबंध में, एनसीएल के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर रामविजय सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार सभी श्रमिकों को भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि मजदूरों को पूरा वेतन नहीं मिल रहा है, तो निगाही कोयला खदान के महाप्रबंधक से चर्चा की जाएगी। रामविजय सिंह ने यह भी कहा कि संबंधित ठेका कंपनी को नोटिस जारी कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मजदूर की बेटी को आयकर विभाग ने समन भेजा:20 करोड़ की आय छिपाने, दस्तावेज दुरुपयोग का लगाया आरोप
उन्नाव के गिरिजाबाग मोहल्ले में रहने वाली बीए की छात्रा रश्मि सविता को आयकर विभाग ने 20.98 करोड़ रुपये की आय छिपाने और बड़े कारोबार से जुड़े लेनदेन के संबंध में समन भेजा है। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाली रश्मि और उनके परिजनों ने इस पर हैरानी जताई है। रश्मि सविता को यह समन 30 अप्रैल को आयकर विभाग चंडीगढ़ की ओर से आयकर अधिनियम की धारा 131(1A) के तहत जारी किया गया था। इस धारा के तहत आमतौर पर आय छिपाने या वित्तीय अनियमितताओं की आशंका होने पर जांच की जाती है। समन में रश्मि को पांच मई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद रश्मि ने मामले की जानकारी जुटाने के लिए विभिन्न विभागों से संपर्क किया। जांच में उन्हें पता चला कि उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का कथित तौर पर दुरुपयोग कर दिल्ली में एक फर्म खोली गई थी। आरोप है कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल संतनगर, बुराड़ी क्षेत्र में 'आरएस इंटरप्राइजेज' नामक फर्म के संचालन के लिए किया गया। रश्मि के अनुसार, यह फर्म 15 जनवरी 2025 को शुरू हुई थी और 9 मई 2025 को बंद कर दी गई। लगभग पांच महीने तक उनके दस्तावेजों के आधार पर कारोबार किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, रश्मि का कहना है कि उन्हें इस फर्म या किसी भी प्रकार के करोड़ों रुपये के कारोबार की कोई जानकारी नहीं थी। रश्मि के पिता अजय शंकर मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। उनका जीवन-यापन मेहनत-मजदूरी से चलता है। ऐसे में 20.98 करोड़ रुपये की आय और व्यापार से जुड़ा समन मिलने के बाद पूरा परिवार चिंतित है। रश्मि ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आयकर विभाग को अपना जवाब भेज दिया है। साथ ही उसने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पैन कार्ड और आधार कार्ड के दुरुपयोग की आशंका जताई है। उसने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र देकर मामले में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। रश्मि ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर उन लोगों की पहचान की जाए, जिन्होंने उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कथित रूप से फर्जी फर्म बनाई और वित्तीय लेनदेन किए। साथ ही आयकर विभाग चंडीगढ़ को भी पूरे मामले की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।आयकर अधिनियम की धारा 131(1A) के तहत जारी नोटिस जांच प्रक्रिया का हिस्सा होता है। जब विभाग को किसी व्यक्ति के नाम पर आय छिपाने, गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल या वित्तीय अनियमितताओं की आशंका होती है, तो संबंधित व्यक्ति से जानकारी और दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। रश्मि का कहना है कि उन्होंने विभाग को जवाब देकर पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई है।रश्मि के परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी कोई कंपनी नहीं खोली और न ही करोड़ों रुपये का कारोबार किया। परिवार ने आशंका जताई है कि किसी ने उनके आधार और पैन कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से फर्म बनाई और लेनदेन किए। अब परिवार पुलिस और आयकर विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।रश्मि ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसने कहा है कि यदि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है तो संबंधित लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही आयकर विभाग को भी जांच में सहयोग करने की बात कही है।
राजधानी रायपुर में मकान निर्माण के नाम पर सरकारी महिला डॉक्टर से 51 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित डॉक्टर का नाम डॉ. स्नेहलता दास बताया जा रहा है। डॉक्टर का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद बिल्डर ने सिर्फ मकान का ढांचा खड़ा किया और निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सिंह सोलंकी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2023 में हुआ था निर्माण का अनुबंध शिकायतकर्ता डॉ. स्नेहलता दास वर्तमान में भाठागांव स्थित सांई विला कॉलोनी में रहती हैं और पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में सड्डू स्थित अविनाश कैपिटल्स होम्स-2 में 1489 वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। मकान निर्माण के लिए 16 मार्च 2023 को यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर के संचालक मोहित सोलंकी से अनुबंध किया गया। तय शर्तों के अनुसार 22 मई 2024 तक मकान बनाकर सौंपना था। बैंक लोन और जीवनभर की बचत लगाई डॉ. दास के अनुसार, मकान निर्माण की कुल लागत 51,00,916 रुपये तय हुई थी। इसके लिए उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक से 45 लाख रुपये का होम लोन लिया, साथ ही अपनी जीवनभर की बचत और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 51,31,887 रुपये बिल्डर को बैंक के माध्यम से भुगतान कर दिए। ढांचा खड़ा कर बंद कर दिया काम आरोप है कि पूरी राशि मिलने के बाद भी बिल्डर ने केवल भवन का ढांचा तैयार किया। प्लास्टर, ईंट का काम, फिनिशिंग और अन्य जरूरी निर्माण कार्य अधूरे छोड़ दिए। इसके बाद कार्यालय बंद कर दिया गया और आरोपियों के मोबाइल फोन भी बंद हो गए। पीड़िता उनसे संपर्क नहीं कर सकी। हर महीने EMI का बोझ, 35 लाख और खर्च होंगे अधूरे मकान के कारण डॉ. दास को हर महीने बैंक की ईएमआई, ब्याज, बिजली बिल, टैक्स और मेंटेनेंस का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अब मकान पूरा कराने के लिए 30 से 35 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मंडला में महुआ पेड़ पर लटका मिला अधेड़ का शव:रात में खाना खाकर घर से निकला था, वापस नहीं लौटा
मंडला जिले के निवास थाना क्षेत्र के ग्राम करौंदी में शुक्रवार सुबह एक अधेड़ का शव महुआ के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। यह घटना जायका ढाबा के पास हुई। मृतक की पहचान करौंदी निवासी शहजान कुशराम (42) पिता सुंदर कुशराम के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही निवास थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए निवास अस्पताल भेज दिया गया। खाने खाकर घर से निकला था, वापस नहीं लौटा परिजनों ने बताया कि शहजान पेशे से मजदूर था। वह गुरुवार रात करीब 11 बजे खाना खाने के बाद घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों के अनुसार, शहजान नशे का आदी था और पहले भी कई बार बिना बताए कई दिनों तक घर से गायब रहता था। पीएम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने जायका ढाबा के पास महुआ के पेड़ पर शव लटका देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है तथा मौत के कारणों की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार देर शाम बूंदी जिले के कापरेन में 31.11 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें प्रस्तावित आईटीआई, नंदीशाला, पुलियाओं का जीर्णोद्धार, ड्रेनेज और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केशवराय जी के आशीर्वाद से यह विधानसभा क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में क्षेत्र में 951 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य शुरू किए जा चुके हैं। हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ बिरला ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोटा-बूंदी को देश की एक मॉडल लोकसभा बनाने का संकल्प लिया गया है, जहां कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वर्षों से क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की जो कमी थी, उसे लगातार दूर किया जा रहा है। आईटीआई से युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर लोकसभा अध्यक्ष ने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही आईटीआई की मांग पूरी होने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि आईटीआई बनने से युवाओं को तकनीकी कौशल मिलेगा, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। खेल सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार बिरला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं। उन्हें बेहतर अवसर देने के लिए हर बड़े कस्बे में खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। लाखेरी के बाद अब कापरेन में 4.50 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक इंडोर स्टेडियम बनाया जा रहा है, जबकि केशवरायपाटन में खेल मैदान विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कापरेन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 12.50 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जाएगा। इससे लोगों को सामान्य और आवश्यक उपचार के लिए कोटा नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही 'चलता-फिरता अस्पताल' (मोबाइल हॉस्पिटल) की शुरुआत की गई है और लीवर सहित गंभीर बीमारियों की जांच के लिए आधुनिक चिकित्सा बसें कोटा-बूंदी के प्रमुख कस्बों में भेजी जाएंगी। 'आमजन के दर्द को समझते हैं ओम बिरला' पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा ने कहा कि पूरे लोकसभा क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक विकास कार्य आने वाले समय में क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि पेयजल, सड़क, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। उनके अनुसार, ओम बिरला आमजन की समस्याओं और आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं, जिससे लोगों में यह विश्वास बना है कि विपरीत परिस्थितियों में दिल्ली में उनका एक संवेदनशील प्रतिनिधि उनके साथ खड़ा है। अंत्योदय की भावना से विकास कार्य पूर्व विधायक चन्द्रकांता मेघवाल ने कहा कि युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से क्षेत्र में आईटीआई का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क, पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा सरकार विकसित भारत के संकल्प के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, मंडल अध्यक्ष हेमंत पंचौली सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
कोडरमा जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र में पुरनाडीह-नवादा पुल के पास झाड़ी से एक ट्रैक्टर चालक का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान बिहार के जमुई जिले के रजौन (मुड़वारो) निवासी 44 वर्षीय सुनील यादव के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे सामने आई। सुनील यादव फुलवरिया निवासी अनु कुमार मेहता का ट्रैक्टर चलाता था और पुरनाडीह स्थित एक किराए के कमरे में रहता था। उसके साथ उसका एक चचेरा भाई भी रहता था, जो पुरनाडीह की एक नंबर खदान में हाइवा चलाता है। अनु कुमार मेहता ने बताया कि गुरुवार शाम सुनील यह कहकर निकला था कि उसका चचेरा भाई, जो एक नंबर खदान पर है, उसने उसे चिकन खाने के लिए बुलाया है। इसके बाद सुनील अपने चचेरे भाई के पास चला गया। जब सुनील देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो शुक्रवार सुबह अनु मेहता ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उन्हें फोन पर सूचना मिली कि पुरनाडीह-नवादा पुल के पास झाड़ी में एक व्यक्ति का शव मिला है। मौके पर पहुंचने के बाद अनु मेहता ने शव की शिनाख्त सुनील यादव के रूप में की। जिस जगह से शव बरामद हुआ है, उसके ठीक बगल में बालू गिरा हुआ था। अनु मेहता ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात बालू ट्रैक्टर की चपेट में आने से सुनील की मौत हुई होगी और वह ट्रैक्टर मौके से फरार हो गया होगा। नवलशाही पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया है। पुलिस ने फिलहाल अनु कुमार मेहता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अयोध्या के 21 साल के एक युवक की गाजियाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव बाथरूम में फंदे से लटका मिला। परिजनों के मुताबिक, वह गाजियाबाद में रहकर मजदूरी करता था। अभी उसकी फरवरी 2026 में शादी हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। वहीं, साथ में काम करने वाले युवकों ने परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद वे गाजियाबाद पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार सुबह शव गांव पहुंचा, जहां परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक की पहचान इनायतनगर कोतवाली क्षेत्र के भदोखरा पूरे पसिन गांव निवासी विकास पुत्र कन्हैयालाल के रूप में हुई है। फिलहाल मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... विकास रोजी-रोटी कमाने के लिए गाजियाबाद में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। परिजनों के मुताबिक, वह जिस कमरे में रहता था, उसके बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सबसे पहले उसके साथ काम करने वाले साथियों की नजर उस पर पड़ी। साथियों ने तुरंत विकास के पिता कन्हैयालाल और परिवार के अन्य लोगों को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए। इधर, सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शुक्रवार सुबह परिजन शव लेकर पैतृक गांव भदोखरा पूरे पसिन पहुंचे। शव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। सुबह करीब 10 बजे गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। चार महीने पहले हुई थी शादी परिजनों ने बताया कि विकास की शादी इसी साल फरवरी में अयोध्या के खंडासा थाना क्षेत्र के कुरावन गांव में हुई थी। घटना के समय उसकी पत्नी मायके में थीं। सूचना मिलते ही ससुराल पक्ष के लोग भी गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था विकास अपने परिवार में दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। परिजन भी इसकी कोई ठोस वजह नहीं बता पा रहे हैं।
गुरुग्राम के पॉश इलाकों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने एक बार फिर बड़े एक्शन की तैयारी कर ली है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि 30 जून की समय सीमा समाप्त होते ही शहर के वीआईपी और पॉश इलाकों में तोड़फोड़ और सीलिंग ड्राइव शुरू किया जाएगा। गुरुवार को रेजिडेंट्स के प्रदर्शन और रोष मार्च निकाले जाने के बाद डीटीपी विभाग के अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आई है। अधिकारियों ने डीएलएफ फेस एक से पांच तक तमाम रेजिडेंट्स और किराएदारों को इस कार्रवाई के बारे में पोस्टर बांट जानकारी दे दी है। इस अभियान के तहत सबसे बड़ा एक्शन स्टिल्ट पार्किंग के अवैध निर्माण और अवैध पीजी पर होने जा रहा है। प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। स्टिल्ट पार्किंग में अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर वार नियमों के मुताबिक इमारतों में बनी स्टिल्ट पार्किंग केवल वाहनों को पार्क करने के लिए आरक्षित है। लेकिन शिकायतें मिली हैं कि कई मकान मालिकों और व्यावसायिक संस्थाओं ने इस जगह पर अवैध कमरे, दुकानें या गोदाम बना लिए हैं। डीटीपीई ने स्पष्ट किया है कि स्टिल्ट पार्किंग का व्यावसायिक या निजी इस्तेमाल पूरी तरह गैर-कानूनी है। 30 जून के बाद इन सभी अवैध ढांचों को बुलडोजर से ढहा दिया जाएगा। पोर्टा केबिन, ग्रिल और रास्तों से हटेगा कब्जा प्रशासन के राडार पर केवल पार्किंग ही नहीं, बल्कि आम रास्तों को रोकने वाले अतिक्रमण भी हैं। पॉश कॉलोनियों की सड़कों और फुटपाथों पर अवैध रूप से रखे गए पोर्टा केबिन, सुरक्षा गार्डों के कमरे, अवैध ग्रिल और सड़कों पर जबरन बनाई गई पार्किंग को पूरी तरह से साफ किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध कब्जों के कारण न केवल ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को निकलने में भी भारी परेशानी होती है। पीजी और गेस्ट हाउस होंगे सील पॉश रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे पेइंग गेस्ट और गेस्ट हाउस पर भी विभाग का चाबुक चलने वाला है। बिना अनुमति, बिना फायर एनओसी और आवासीय नियमों का उल्लंघन कर चलाए जा रहे इन पीजी और गेस्ट हाउसों को चिह्नित कर लिया गया है। समय सीमा खत्म होते ही इन सभी इमारतों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कॉर्पोरेट किराएदारों को 30 जून तक की मोहलत रिहायशी इलाकों में चल रहे कॉर्पोरेट कार्यालयों और वहां रह रहे किराएदारों को विभाग की तरफ से बड़ी राहत देते हुए 30 जून तक का समय दिया गया है। विभाग ने उन्हें अपनी शिफ्टिंग पूरी करने की अंतिम चेतावनी दी है। यदि 30 जून तक कॉर्पोरेट किराएदार रिहायशी परिसरों को खाली नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महापंचायत कर चुके रेजिडेंट्स गुरुवार को डीएलएफ फेज-3 के यू-ब्लॉक मेट्रो पार्क में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर स्टॉप सीलिंग, स्टॉप डेमोलिशन के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया और साइबर सिटी की चमचमाती ऊंची इमारतों के पास मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों और पीजी (पेइंग गेस्ट) संचालकों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर Save Our Homes, Save Our Lives और सीएम साहब हमारी मदद करो जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने सीधा आरोप लगाया कि प्रशासन बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक रिहायशी मकानों को निशाना बना रहा है। तोड़फोड़ की इस मुहिम से न केवल मकान मालिकों का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि सालों से रह रहे परिवारों में भी दहशत और असुरक्षा का माहौल है। विभाग ने तैयारियां पूरी की डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा कि आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण से दूर रहें ताकि उन्हें वित्तीय या कानूनी नुकसान न उठाना पड़े। अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
भिंड में सड़क हादसों के बाद नेशनल हाईवे-719 पर शव रखकर जाम लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले दो दिनों में अलग-अलग घटनाओं में तीन बार हाईवे जाम होने से लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए गोहद चौराहा और मेहगांव थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। हालांकि, इन प्रदर्शनों में सक्रिय रहे कुछ राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से सवाल भी उठ रहे हैं। जांच के बाद जिनका नाम आएगा उन्हें आरोपी बनाएगी पुलिसपुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित करना कानूनन अपराध है। इसी आधार पर जाम लगाने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और यातायात प्रभावित करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया जाएगा। पहला मामला: प्रॉपर्टी कारोबारी की मौत के बाद 10 घंटे जाम 23 जून को गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के राय की पाली निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी सचिन तोमर को एक चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद बुधवार शाम करीब 4 बजे परिजनों और समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब 10 घंटे तक चले जाम के कारण हाईवे पर 10 से 12 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। बाद में पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। वहीं हाईवे जाम करने के मामले में सचिन तोमर, अनिल तोमर, बसंत तोमर, नीरज तोमर, छोटू तोमर, लकी राजावत, सूरज तोमर, मोहित पवैया, पंकज तोमर, विक्की तोमर और दीपक तोमर सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। दूसरा मामला: कोमल जाटव की मौत के बाद प्रदर्शन दूसरी घटना में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से विवाद में घायल हुए कोमल जाटव की छह दिन बाद मौत हो गई। इसके विरोध में गोहद चौराहा क्षेत्र में हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया गया। इस मामले में पुलिस ने छोटू पुत्र जगदीश, पवन पुत्र जबर सिंह, जसवंत और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीसरा मामला: गोरमी चौराहे पर तीन घंटे जाम मेहगांव थाना क्षेत्र में संतोष बघेल की सड़क हादसे में मौत के बाद गोरमी चौराहे पर करीब तीन घंटे तक हाईवे जाम रहा। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ता नहीं खुलने पर हल्का बल प्रयोग कर यातायात बहाल कराया। इस मामले में पुलिस ने 22 लोगों को नामजद और 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। राजनीतिक संगठनों की भूमिका पर भी उठे सवाल तीनों घटनाओं में मृतकों के परिजनों के साथ विभिन्न राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में सक्रिय रहे। हालांकि, अब तक दर्ज एफआईआर में केवल प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों को ही आरोपी बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

