उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीलीभीत दौरे से पहले प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई की है। सोमवार को बरखेड़ा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पूर्व, विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते कई विपक्षी नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। सोमवार तड़के लगभग 4 बजे से ही जिले के प्रमुख विपक्षी नेताओं को उनके घरों में रोका गया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह 'जग्गा' ने बताया कि पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर नजरबंद किया। इसके अतिरिक्त, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सौरव भारतीय और कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार सहित लगभग दो दर्जन बड़े नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह 'जग्गा' ने इस प्रशासनिक कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे 'लोकतंत्र पर हमला' बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, ताकि जनता के बुनियादी मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष न रखे जा सकें। जगदेव सिंह 'जग्गा' ने कहा, 'लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना विपक्ष का अधिकार और कर्तव्य है। यदि विपक्षी नेताओं को उनके घरों में ही कैद कर दिया जाएगा, तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। सत्ता के इस दमन से विपक्ष झुकने वाला नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन ने केवल विरोध प्रदर्शन की आशंका के आधार पर नेताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने किसानों की बदहाली, बेरोजगारी, महंगाई, बिजली संकट और जर्जर सड़कों जैसी गंभीर समस्याओं का उल्लेख किया, जिन्हें समाजवादी पार्टी लगातार उठाती रही है। जगदेव सिंह 'जग्गा' ने स्पष्ट किया कि अन्याय और दमन के खिलाफ पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा और कार्यकर्ता जनता की आवाज़ उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। विपक्षी नेताओं की इस नजरबंदी को लेकर जिले के राजनीतिक माहौल में गरमाहट देखी जा रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता कुमुद गंगवार गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री से किसानों के प्रतिनिधि मंडल के साथ मिलने की मांग पर अड़े थे।उनको भी विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते हाउस अरेस्ट किया गया।
झाबुआ में आषाढ़ पूर्णिमा पर वट सावित्री पूजा:महिलाओं ने पतियों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना किया
झाबुआ जिले में सोमवार को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर वट सावित्री पर्व मनाया गया। इस दौरान सुहागन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। जिले के मेघनगर, थांदला, पेटलावद और रायपुरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में वट वृक्षों के नीचे एकत्रित होने लगीं। पूजन का सिलसिला दिन भर जारी रहा। पूजन के दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष के तने पर सूत का धागा लपेटकर उसकी परिक्रमा की। सुहागन महिलाएं मानती हैं कि वट वृक्ष के दीर्घ जीवन की तरह उनके पतियों की आयु भी लंबी और सुरक्षित रहे। महिलाओं ने पौराणिक कथाओं का श्रवण किया इस अवसर पर महिलाओं ने दिन भर व्रत रखा और पौराणिक कथाओं का श्रवण किया। रायपुरिया में पंडित जितेंद्र त्रिवेदी, पंडित योगेश शर्मा और पंडित रघुनंदन बैरागी ने वट सावित्री व्रत की कथा सुनाई। इस पूजन में पुष्पा राठौड़, कोमल चौधरी और किरण पाटीदार सहित बड़ी संख्या में सुहागन महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने अपने सुहाग की रक्षा के लिए प्रार्थना की।
ललितपुर जिले के पूरा कलां-हंसार मार्ग पर रविवार रात एक ऑल्टो कार और बाइक की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक आपस में दूर के रिश्ते में मामा-भांजे लगते थे। थाना बार अंतर्गत ग्राम लडवारी निवासी 55 वर्षीय महेंद्र सिंह उर्फ गब्बू राजा अपने दूर के रिश्ते के मामा, तालबेहट कोतवाली के ग्राम पिपरई निवासी 55 वर्षीय शिशुपाल सिंह पुत्र सूरज सिंह के साथ शादी समारोह में ग्राम पूरा कलां गए थे। शादी समारोह से बाइक से घर लौटते समय, जब वे विजयपुरा और हंसार कलां के मध्य बरुआ नाले के पास पहुंचे, तभी तेज गति से आ रही 'प्रधान' लिखी एक ऑल्टो कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक कार में फंसकर काफी दूर तक घिसटती चली गई। दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया। रात करीब एक बजे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने दोनों युवकों को सड़क पर पड़ा देखा। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि मृतक महेंद्र सिंह उर्फ गब्बू राजा तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे और किसानी का कार्य करते थे। वहीं, मृतक शिशुपाल सिंह छह भाइयों और एक बहन में से थे, उनके चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वे भी खेती-किसानी का काम करते थे। पूराकलां थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्यदेव पाठक ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के ठेकहां गांव में रविवार देर शाम छठ घाट का लोकार्पण किया गया। रॉबर्ट्सगंज लोकसभा से सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने लेफ्ट कर्णवती नहर पर सांसद निधि से निर्मित इस घाट का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लोकार्पण समारोह के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। सांसद ने कहा कि यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, साथ ही दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। सांसद छोटेलाल खरवार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छठ महापर्व भारतीय संस्कृति, आस्था और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इस छठ घाट के निर्माण से श्रद्धालुओं को पर्व मनाने में सुविधा मिलेगी और यह सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य उनकी प्राथमिकता में हैं। सांसद ने आगे कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़े विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सांसद छोटेलाल खरवार ठेकहाँ गांव के प्रधान सजाउद्दीन के आवास पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। सांसद ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान मुस्ताक खां, सुधाकर कुशवाहा, टोनी खरवार, तनवीर खां, दशरथ सोनकर, अजय गुप्ता, दिलीप पासवान, मुन्ना यादव, लल्लू डॉक्टर, शेर अली, मुर्तुजा और इरफान सहित कई लोग उपस्थित रहे।
मेरठ में सुबह से धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी:कल से गर्मी से राहत के आसार, 30 जून से बारिश की उम्मीद
मेरठ में सोमवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के साथ उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। सुबह से ही चिलचिलाती धूप के कारण सड़कों पर निकलना मुश्किल रहा। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि राहत की खबर यह है कि 30 जून से मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मानसून के सक्रिय होते ही मेरठ में भी रुक-रुककर बारिश शुरू हो सकती है, जिससे अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पहुंच सकता है। 30 जून से बारिश शुरू होने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
भदोही यातायात पुलिस ने लालानगर टोल प्लाजा पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और नियमानुसार चालान काटे गए। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। यातायात पुलिस टीम ने विभिन्न धाराओं के तहत चालान जारी किए। चेकिंग के दौरान मुख्य रूप से शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रंक ड्राइविंग) वालों पर कार्रवाई की गई। नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, जिन वाहनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप नंबर प्लेट नहीं लगी थी या नंबर स्पष्ट नहीं थे, उनके विरुद्ध भी चालान किए गए। अभियान में मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने वाले वाहन चालकों पर भी कार्रवाई हुई। बुलेट और अन्य मोटरसाइकिलों में तेज आवाज या पटाखे जैसी ध्वनि उत्पन्न करने वाले संशोधित साइलेंसर लगाने वालों के चालान काटे गए। ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले वाहनों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना और ध्वनि प्रदूषण को कम करना था। भदोही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
एटा में 40 साल के व्यक्ति का शव मिला:डिग्री कॉलेज के पास सड़क किनारे मिला, पुलिस जांच में जुटी
एटा जिले के मलावन थाना क्षेत्र में छचैना स्थित चौधरी बदन सिंह महाविद्यालय के समीप सड़क किनारे एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। स्थानीय लोगों ने सुबह शव पड़ा देखकर मलावन थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। मृतक की पहचान उसकी जेब में मिले आधार कार्ड के जरिए हुई। मृतक की पहचान मानिकपुर निवासी महेश चंद्र (40 वर्ष) पुत्र मोतीलाल के रूप में हुई है, जो कबाड़ का काम करता था। परिजनों के अनुसार, महेश हर रोज की तरह घर से निकला था लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, जिसके बाद सुबह उसका शव मिला। सूचना मिलने पर परिजन एटा स्थित मोर्चरी पहुंचे और शव की शिनाख्त की। मृतक के भाई अशोक कुमार ने बताया कि महेश कबाड़ का काम करता था और अक्सर शराब पीता था। उन्होंने यह भी बताया कि शव के मुंह से झाग निकल रहा था। मलावन थाना प्रभारी आरके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क किनारे शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मेरठ खरखौदा के खंदावली गांव निवासी 26 साल के विशाल की हरियाणा, सोनीपत के राई में पीट पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात शनिवार शाम की है। जब विशाल के पिता शिवकुमार को आरोपियों ने पहले मेरठ में मोबाइल पर फोन किया। उससे कहा कि विशाल यानि तुम्हारे बेटे की हत्या कर दी है, इसे उठा ले जाओ। तब घरवालों को बेटे की हत्या की जानकारी हुई। वहीं रविवार को पिता शिवकुमार गांव के कुछ लोगों के साथ राई पहुंचे। जहां पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर शिकायत की है। वहीं पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विशाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विशाल की हत्या के पीछे उम्रदराज महिला जो एक युवक की मां है उससे अफेयर की बात सामने आ रही है। जबकि पिता ने हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग के शक के साथ ही ₹40 हजार के लेनदेन का भी विवाद बताया है। पहले जानिए, पिता ने घटना पर क्या बताया… मेरठ के खरखौदा का मूलनिवासी इन दिनों सोनीपत के राई एरिया में रहने वाले विशाल की पड़ोसियों ने शनिवार देर शाम हत्या कर दी। विशाल (26) राई इंडस्ट्रियल एरिया स्थित राजधानी बेसन कंपनी में प्लांट ऑपरेटर के रूप में कार्य करता था। मूल रूप से मेरठ के खंदावली गांव का रहने वाला था। रविवार को विशाल के पिता शिवकुमार सोनीपत पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस को पूरा मामला बताया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। विशाल के पिता शिवकुमार का कहना है कि शनिवार रात 8 बजे उनको उन्हें पड़ोस में रहने वाले अनुज उर्फ तनुज का फोन आया। फोन पर पीछे से विशाल के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। मैंने जब विशाल से बात कराने को कहा तो जवाब मिला, विशाल को खत्म कर दिया है, यहां से उठाकर ले जाओ। शिवकुमार ने आगे बताया कि इसके बाद मैं तुरंत कुछ लोगों के साथ राई के लिए रवाना हो गया। वहां पता चला कि अनुज ने अपने साथियों के साथ मिलकर विशाल पर लाठी-डंडों से हमला किया है। पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। मां से अफेयर होने पर नाराज रहता था शिवकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बेटे विशाल के पड़ोस में ही ओमबीर का परिवार रहता है। ओमबीर को शक था कि विशाल का उसकी पत्नी के साथ अफेयर चल रहा है। इसी बात से उसका बेटा अनुज भी विशाल से नाराज रहता था। मां से अफेयर के शक पर पड़ोसी ने 26 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पड़ोसी परिवार के लोगों ने युवक को खेतों में ले जाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।पहले भाई के साथ ही रहता था विशाल मौके पर पहुंचे विशाल के भाई अतुल ने बताया कि जब विशाल नौकरी के लिए राई क्षेत्र में आया था, तब वह शुरुआती दिनों में उनके साथ ही किराए के मकान में रहता था। कुछ समय बाद दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद विशाल पड़ोस के ही दूसरे मकान में किराए पर रहने लगा। हालांकि, दोनों भाइयों का आपसी संपर्क बना हुआ था और वह नियमित रूप से नौकरी पर जाता था। पैसों के विवाद को बताया हत्या की वजह अतुल का आरोप है कि हत्या के पीछे अफेयर नहीं, बल्कि पैसों का विवाद था। उन्होंने बताया कि हत्या के आरोपियों के साथ विशाल का रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि पैसे वापस नहीं देने पड़ें, इसलिए आरोपियों ने महिला का नाम बीच में लाकर पूरे मामले को प्रेम प्रसंग का रूप देने की कोशिश की और उसी बहाने विशाल को निशाना बनाया। शिकायतकर्ता शिवकुमार ने बताया ओमबीर ने विशाल से 40 हजार रुपए उधार लिए थे। विशाल के द्वारा पैसे मांगने पर ओमबीर ने उसे झूठे आरोपों में फंसाकर उसकी हत्या कर दी।नौकरी से लौटते समय घेरने का आरोप परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात विशाल अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव जठेड़ी के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। इसके बाद उसे जबरन अपने कब्जे में लेकर सुनसान स्थान की ओर ले जाया गया। जंगल में ले जाकर बेरहमी से पीटा अतुल ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने विशाल के साथ पूरी रात अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि उसके भाई को जंगल की ओर ले जाकर लाठी-डंडों से तब तक पीटा गया, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद खुद थाने पहुंचा ओमवीर सोनीपत पुलिस के मुताबिक, गांव जठेड़ी निवासी ओमवीर स्वयं थाना राई पहुंचा और सूचना दी कि उसके बेटे तनुज ने विशाल की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी है तथा शव खेत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मैक्स हाइट मेट्रो व्यू के सामने जठेड़ी-राठधाना रोड स्थित खेत से विशाल का खून से लथपथ शव बरामद किया।घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम के प्रभारी डॉ. रवि ने मौके का निरीक्षण किया। टीम ने खून से सनी मिट्टी के नमूने एकत्र किए और शव से कुछ दूरी पर पड़े दो बांस के डंडों को कब्जे में लेकर पुलिस को सौंप दिया।घरवालों का रो रोकर बुरा हालघर में विशाल के माता- पिता और एक भाई व 2 बहनें हैं। बहनों और मां का इस घटना केा सुनने के बाद से ही रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही विशाल के चचेरे भाई की मौत हुई थी, जिसके चलते वह कुछ दिनों के लिए घर आया था और फिर वापस सोनीपत लौट गया था। उसकी मां कमल का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि परिवार दोनों बेटों की शादी की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही विशाल की हत्या हो गई। बड़ा बेटा अतुल नोएडा में नौकरी करता है, जबकि विशाल पिछले चार वर्षों से सोनीपत में काम कर रहा था। माता-पिता और दो बहनों की जिम्मेदारी दोनों भाइयों पर ही थी।हत्या का केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटीराई थाना पुलिस ने शिवकुमार की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। थाना राई के प्रभारी एवं जांच अधिकारी इंस्पेक्टर यशबीर ने बताया कि गांव जठेड़ी के खेत में युवक की पीट-पीटकर हत्या की गई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
मऊगंज के ग्राम पुरैनी में रविवार रात किराना दुकान पर 13 साल के बच्चे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पुरैनी निवासी पवन साकेत (13) अपने पिता कौशल प्रसाद साकेत के साथ गांव की एक किराना दुकान पर घरेलू सामान खरीदने गया था। इसी दौरान दुकान संचालक अजय पटेल से उसकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दुकानदार ने नाबालिग बच्चे के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दुकानदार पर कार्रवाई की मांग घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू कर दिया है और उसकी हालत पर निगरानी रखी जा रही है। घायल बच्चे के पिता कौशल प्रसाद साकेत ने बताया कि उनका बेटा किराना दुकान से सामान लेने गया था। उन्हें विवाद के कारण की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन बच्चे के साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी गोविंद तिवारी ने पुष्टि की कि मारपीट की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद हलके में इन दिनों सबसे ज्यादा सक्रियता इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं की नजर आ रही है। कभी राष्ट्रीय संरक्षक प्रो.संपत सिंह तो कभी महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला दौरे कर रही हैं। प्रो.संपत सिंह जहां शहरी क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाए हुए हैं, वहीं सुनैना चौटाला ग्रामीण एरिया में मेलजोल बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में आज सोमवार से सुनैना चौटाला फतेहाबाद हलके का दौरा शुरू करेंगी। उनके दौरे की शुरुआत गांव भोडा होशनाक से होगी। वे यहां शाम 4 बजे बाद ग्रामीणों से मुलाकात करेंगी। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनेंगी और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगी। यह रहेगा दौरे का शेड्यूल दौरे के पहले दिन गांव भोडा होशनाक में जनसंपर्क कार्यक्रम होगा। इसके बाद शाम 5:30 बजे सुनैना चौटाला गांव चिंदड के लोगों से संवाद करेंगी। पहले दिन का आखिरी कार्यक्रम शाम 6:30 बजे गांव धारनिया में आयोजित किया जाएगा। दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत शाम 4:30 बजे गांव एमपी रोही से होगी। इसके बाद शाम 5:30 बजे गांव खजूरी जाटी में ग्रामीणों से मिलेंगी। दूसरे दिन के दौरे का समापन शाम 6:30 बजे गांव कुम्हारिया में जनसभा के साथ होगा। इस दौरे के दौरान उनके साथ पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता रहेंगे। एक साथ नहीं दिख रहे प्रो.संपत और सुनैना विशेष बात यह है कि प्रो.संपत सिंह और सुनैना चौटाला दोनों का ही फोकस फतेहाबाद हलके पर हैं। दोनों जनसंपर्क भी कर रहे हैं, लेकिन एक साथ नहीं दिख रहे हैं। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के कार्यक्रम में ही अब तक दोनों एक साथ नजर आए हैं। इसके अतिरिक्त किसी भी कार्यक्रम में दोनों की मौजूदगी एक साथ नहीं रही है। इस तरह से अंदरखाते दोनों की चल रही सियासी चाल ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को बढ़ावा दे दिया है।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद अवैध निर्माण और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। जिस भवन में 22 जून को भीषण आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत हुई थी, उस इमारत के निर्माणकर्ताओं पर करीब 92 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने साफ कर दिया है कि यदि 7 जुलाई तक नोटिस का जवाब नहीं मिला तो भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। नोटिस की समय सीमा 7 जुलाई को पूरी हो रही है। इसके बाद नियमानुसार बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाया जाएगा। उधर, अग्निकांड में लापरवाही के आरोपी इंजीनियरों के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। शासन चार इंजीनियरों को निलंबित कर चुका है, जबकि पहले दो अन्य अभियंता भी निलंबित किए जा चुके हैं। अब निलंबित इंजीनियरों ने अपना पक्ष रखते हुए लिखित बयान दर्ज करा दिए हैं। इन बयानों के आधार पर विभागीय और एसआईटी जांच आगे बढ़ेगी। एलडीए की जांच में सामने आया है कि भवन का निर्माण वर्ष 2016 के आसपास हुआ था और इसमें स्वीकृत मानचित्र का खुला उल्लंघन किया गया। निर्धारित सेटबैक पर निर्माण कर लिया गया, एक अतिरिक्त मंजिल खड़ी कर दी गई और भवन निर्माण मानकों की अनदेखी की गई। इसी आधार पर विहित प्राधिकारी ने निर्माणकर्ताओं पर 2,500 रुपये प्रतिदिन की दर से लगभग 91.25 लाख रुपये का दंड तथा 50 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। एलडीए ने अग्निकांड के लिए जिम्मेदार 18 इंजीनियरों की सूची शासन और एसआईटी को सौंपी है। इनमें 12 इंजीनियर सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि पांच तत्कालीन जोनल अधिकारियों और संबंधित पीसीएस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हालांकि सूची में शामिल दो इंजीनियरों ने दावा किया है कि वे संबंधित क्षेत्र में कभी तैनात ही नहीं रहे और उन्होंने सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
मऊ में सुबह बारिश, गर्मी से मिली राहत:तापमान गिरा, मानसून से पहले मौसम में बदलाव
मऊ में सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई हल्की बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। आसमान में घने बादल छाए रहे और जिले के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बारिश के बाद उमस में भी बढ़ोतरी महसूस की गई। जिले में आज न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवाएं लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। इस मौसमी बदलाव से गर्मी और लू से कुछ राहत मिली है, लेकिन बढ़ी हुई नमी के कारण उमस बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले बढ़ी मौसमी गतिविधियों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में लू का असर पूरी तरह समाप्त होने की संभावना है। इसके बाद 30 जून से पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। यह बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आई है। धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों को खेतों में पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे रोपाई कार्य में तेजी आएगी और खरीफ फसलों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
गुरुग्राम में तमाम कोशिशों के बावजूद ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर जानलेवा स्टंट करने और रील बनाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर सामने आया है, जहां एक युवक ने रफ़्तार के रोमांच में अपनी और हाईवे पर चल रहे अन्य वाहन चालकों की जान गंभीर जोखिम में डाल दी। हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ती एक कैब की छत पर एक युवक भारी-भरकम सामान के साथ बेहद खतरनाक तरीके से सफर करता नजर आया। इस हैरान कर देने वाले सफर का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस घोर लापरवाही पर कड़ा रोष जता रहे हैं। हाईवे पर ट्रैफिक के बीच खतरनाक सफरयह घटना NH-48 पर एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे की बताई जा रही है। हाईवे पर तेज गति से दौड़ रही एक कैब की छत पर कोई कैरियर (सामान रखने वाला स्टैंड) भी नहीं लगा था। इसके बावजूद कैब की छत पर भारी-भरकम सामान लदा हुआ था और उसी सामान के साथ एक युवक संतुलन बनाकर बैठा हुआ था। दूसरे ड्राइवर ने रिकॉर्ड किया वीडियो इस जानलेवा नजारे को पीछे से आ रही एक अन्य कार के ड्राइवर ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गाड़ी काफी तेज रफ्तार में है और युवक बिना किसी सुरक्षा कवच या सहारे के छत पर जमा हुआ है। लापरवाही हो सकता था बड़ा हादसाहाईवे पर वाहनों की गति सामान्यतः 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। ऐसे में बिना किसी ग्रिप या कैरियर के गाड़ी की सपाट छत पर बैठना किसी भी पल मौत को आमंत्रण देने जैसा है। यदि कैब का चालक अचानक ब्रेक लगा देता, या कोई मोड़ आने पर गाड़ी जरा भी अनियंत्रित होती, तो छत पर बैठा युवक सीधे मुख्य सड़क पर आ गिरता। ऐसी स्थिति में न सिर्फ युवक की जान जाती, बल्कि पीछे से तेज गति से आ रहे अन्य भारी वाहन भी इसकी चपेट में आकर बड़े सड़क हादसे का शिकार हो सकते थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरलवीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद तेजी से शेयर किया जा रहा है। लोगों ने इस हरकत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि सिर्फ थोड़े से पैसे बचाने या सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स व रील के चक्कर में लोग इस कदर संवेदनहीन हो गए हैं कि उन्हें अपनी जान की भी परवाह नहीं है। स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस को टैग करते हुए गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर कैब चालक और उस युवक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। नियमों की धज्जियां उड़ाने का पुराना ट्रेंडयह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम में एक्सप्रेसवे या मुख्य मार्गों पर ऐसा जानलेवा नजारा देखा गया हो। इससे पहले भी चलती थार, स्कॉर्पियो की छतों पर बैठकर हुड़दंग मचाने, शराब पीने और रील बनाने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिन पर पुलिस ने गाड़ियां जब्त कर कार्रवाई भी की है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और सख्त चेतावनियों के बावजूद, वाहन चालकों और युवाओं में नियमों का डर न के बराबर दिख रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
बस्ती में एनएच पर हादसा, एक मजदूर की मौत:मरम्मत कर रहे कर्मियों को तेज रफ्तार वाहन ने रौंदा, दो घायल
बस्ती में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढों की मरम्मत के दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने कर्मचारियों को टक्कर मार दी। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुए इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक इंजीनियर और एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल इंजीनियर को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर किया गया है, वहीं दूसरे मजदूर का इलाज अयोध्या में चल रहा है। पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार और सोमवार की रात करीब 1:30 बजे छावनी थाना क्षेत्र के बबुरहवा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। लगातार बारिश के कारण सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत का कार्य एक कार्यदायी संस्था द्वारा कराया जा रहा था। इसी दौरान मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारी सड़क पर काम कर रहे थे। हादसे में मिर्जापुर निवासी मजदूर सुजीत कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, राजस्थान के भरतपुर निवासी इंजीनियर कृष्णा और मजदूर अश्विनी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तत्काल अयोध्या के अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने इंजीनियर कृष्णा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। मजदूर अश्विनी का उपचार अयोध्या में जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी का मामला अब नए खुलासों के साथ और गंभीर होता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट को चढ़ावे में गड़बड़ी के संकेत अप्रैल 2025 में ही मिल गए थे। इसके बाद सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बीच एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की गई थी, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी लागू नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, महाकुंभ के दौरान चढ़ावे की गणना और प्रबंधन में अनियमितताओं की आशंका सामने आने पर यह SOP तैयार की गई थी। इसका उद्देश्य गणना प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निगरानी के दायरे में लाना था। ड्रेस कोड से लेकर सीसीटीवी तक के थे सख्त प्रावधान तत्कालीन व्यवस्था के तहत SBI के प्रतिनिधि गोविंद मिश्र और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्र के बीच SOP पर सहमति बनी थी। इसमें गणना कक्ष में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली विशेष वर्दी (ड्रेस कोड) लागू करने, प्रवेश और निकासी के समय अनिवार्य जांच, निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों की तैनाती तथा ट्रस्ट कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान शामिल थे। इसके अलावा गणना कक्ष में उच्च गुणवत्ता वाले अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और कम से कम 180 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश था। हालांकि जांच में सामने आया कि मंदिर परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी सिस्टम में केवल 45 दिनों तक ही फुटेज सुरक्षित रखने की क्षमता है। SOP के पालन में लापरवाही बनी बड़ी वजह सूत्रों का दावा है कि SOP के अधिकांश प्रावधान कागजों तक ही सीमित रह गए। गणना कक्ष में कर्मचारियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था। बिना रोक-टोक प्रवेश होने से निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई, जिसका परिणाम 4 जून को हुई तलाशी और गणना के दौरान चोरी के खुलासे के रूप में सामने आया। बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल (SIT) ने भी SOP से जुड़े दस्तावेज, सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन और संबंधित साक्ष्यों को अपने जांच दायरे में शामिल किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन में आखिर किन स्तरों पर चूक हुई और इसके लिए जवाबदेही किसकी बनती है। सपा नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने बताया कि SOP का यदि पालन होता तो यह लूट नहीं होती, लोगों के दान, गहनों की लूट नहीं होती। लोगों के आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होता। इसलिए इसे लागू नहीं किया गया था।
बांदा पुलिस में 9 निरीक्षक-उपनिरीक्षकों का तबादला:पुलिस अधीक्षक ने जनहित में जारी किए आदेश
बांदा पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से 9 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया सेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक बबेरू राजेंद्र सिंह राजावत को महिला सहायता प्रकोष्ठ का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। जनशिकायत प्रकोष्ठ और सोशल मीडिया सेल के प्रभारी संजय द्विवेदी को थाना बबेरू की प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, महिला सहायता प्रकोष्ठ के प्रभारी निरीक्षक मिथलेश कुमार सिंह को जनशिकायत प्रकोष्ठ और सोशल मीडिया सेल का प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक स्तर पर भी कई बदलाव हुए हैं। थाना अतर्रा की चौकी महुटा के प्रभारी रोशनलाल सरोज को थाना गिरवां की चौकी विद्यावासिनी भेजा गया है। थाना बिसंडा में तैनात उपनिरीक्षक सौरभ सिंह को थाना अतर्रा की चौकी महुटा का प्रभारी बनाया गया है। थाना गिरवां की चौकी विद्यावासिनी के प्रभारी गौरव मिश्रा को थाना बिसंडा की चौकी बिलगांव भेजा गया है। चौकी बिलगांव, थाना बिसंडा के प्रभारी पंकज चौरसिया का स्थानांतरण थाना कोतवाली देहात किया गया है। थाना कोतवाली देहात में तैनात गिरीश कुमार त्रिपाठी को थाना बिसंडा भेजा गया है। पुलिस लाइंस में तैनात उपनिरीक्षक अर्पित पाण्डेय को एमसीयू सेल के साथ-साथ नफीस सेल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करेंगे और इसकी अनुपालन आख्या गोपनीय कार्यालय को भेजेंगे।
पाली शहर के लाखोटिया गार्डन रोड स्थित आर्य वीर दल में 12 से 28 जून तक आयोजित आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर का समापन समारोह आयोजित किया गया।जिसमें अतिथि के रूप में विधायक भीमराज भाटी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील भंडारी, मगराज जैन, महेंद्र कवाड़ा, पूनित मूथा, जोधपुर से आर्य वीर दल से सेवाराम आर्य, जालोर से विनोद आर्य, राजस्थान आर्य वीर से शिवदत्त अतिथि के रूप में पहुंचे। इसके साथ ही शिरार्थियों के परिजन भी यहां पहुंचे। जिनके सामने शिविर में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों ने लाठी, तलवार चलाना, जिम्नास्टिक जुडो-कराटे करके दिखाए तो उनके परिजन भी खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक सके। आर्य वीर दल के अध्यक्ष दिलीप परिहार ने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सीखाने के साथ ही चरित्र निर्माण को लेकर भी काम किया गया। इसके लिए शिविर के दौरान रोजाना एक एक्सपर्ट को बुलाया जाता था जो बच्चों को सिखाते थे कि परिजनों, गुरुजनों और लोगों के साथ किस तरह से व्यवहार करना चाहिए। कैसे रहना चाहिए। इस के दौरान मूलसिंह भाटी, नरेन्द्र माछर, विजयराज सोनी, तख्तसिंह, धनराज आर्य, महेंद्र प्रजापत, कुशाल देवड़ा, गणपत भदोरिया, राकेश सोनी, अंकिता सीरवी, सीमा परिहार मगाराम आर्य, धनराज आर्य सहितबड़ी संख्या में आर्यवीर दल से जुड़े लोग और बच्चों के परिजन मौजूद रहे।
अंबेडकर पार्क की जमीन पर कब्जे का आरोप:कन्नौज में पैमाइश के बाद लगाए सीमेंट के खंभे तोड़े गए
कन्नौज के एक गांव में अंबेडकर पार्क की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया। शिकायत के बाद अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश करवाई और पार्क की सीमा पर सीमेंट के खंभे लगवाए। हालांकि, कथित कब्जाधारियों ने इन खंभों को तोड़कर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर गांव का है। गांव निवासी रामदत्त ने पुलिस को दी तहरीर में गांव के कुछ लोगों पर अंबेडकर पार्क की भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। रामदत्त ने बताया कि उनके गांव में अंबेडकर पार्क की भूमि पर कब्जा कर लिया गया था। उन्होंने इसकी शिकायत राजस्व अधिकारियों से की थी। इस पर अधिकारियों ने लगभग 10 दिन पहले राजस्व टीम को गांव भेजकर अंबेडकर पार्क की भूमि की पैमाइश करवाई थी। पार्क की भूमि को चिन्हित कर वहां सीमेंट के खंभे लगाए गए थे। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जे की नीयत से इन खंभों को तोड़ दिया। रामदत्त ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कानपुर देहात में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित रोड पर एक डंपर ने सड़क किनारे चाय की दुकान चलाने वाली महिला को कुचल दिया। इस हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना रविवार सुबह करीब चार बजे अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के माती रोड स्थित जिला अस्पताल मोड़ पर हुई। जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान करीब 36 वर्षीय अंजू देवी के रूप में हुई है। वह सड़क किनारे चाय की दुकान चलाकर अपना और परिवार का भरण-पोषण करती थीं। रोज की तरह वह सुबह दुकान पर पहुंची थीं और साफ-सफाई के बाद कूड़ा कूड़ेदान में डालने के लिए सड़क पार कर रही थीं। मिट्टी से भरे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया परिवार और स्थानीय दुकानदारों ने बताया हादसे के नाद करीब 1 घंटा डंफर महिला के ऊपर ही खड़ा रहा हादसा इतना भीषण था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई और शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को हटवाकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। मृतका के भाई धर्मेंद्र ने बताया कि अंजू देवी अपने पति से तलाक के बाद ग्राम तिगांई में मायके पक्ष के साथ रह रही थीं। वह चाय की दुकान चलाकर अपना जीवनयापन कर रही थीं। रविवार सुबह भी वह रोज की तरह दुकान पर पहुंची थीं, लेकिन कूड़ा डालने के दौरान यह हादसा हो गया। बढ़ते हादसों की वजह से रोड भारी वाहनों के लिए है प्रतिबंधित जहां हादसा हुआ ये कानपुर देहात का सबसे पॉश इलाका माना जाता है क्योंकि यह रोड जिला मुख्यालय को जाता है कई हादसों के बाद इस रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी लेकिन ट्रक डंफर खूब दौड़ते है अकबरपुर कोतवाली प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि डंफर थानें लाया गया है चालक को हिरासत में ले लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की तैयारी शुरू कर दी है। अस्पतालों के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, ब्लड बैंक की आवश्यक सामग्री और डायलिसिस में इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमेबल्स खरीदे जाएंगे। इसके साथ ही कई विभागों को तकनीकी रूप से भी अपग्रेड किया जाएगा। डायलिसिस मरीजों को मिलेगी राहत मेडिसिन और नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए डायलिसिस में उपयोग होने वाली जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे नियमित डायलिसिस कराने वाले मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा। ब्लड बैंक होगा और मजबूत ब्लड बैंक और पैथोलॉजी विभाग के लिए जरूरी चिकित्सा सामग्री खरीदी जाएगी। स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के संचालन में भी इसका उपयोग होगा, जिससे रक्त संग्रह बढ़ेगा और जरूरत के समय पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहेगा। आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर होंगे अपग्रेड अस्पताल के आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और अन्य महत्वपूर्ण यूनिटों में लगे एचवीएसी (HVAC) और वीआरवी (VRV) सिस्टम के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी विशेषज्ञ एजेंसी को दी जाएगी। इसके अलावा ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का संचालन भी विशेषज्ञों के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण बेहतर हो सके। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग होगा डिजिटल कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के लिए नए कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और सांख्यिकीय विश्लेषण (स्टैटिस्टिकल) सॉफ्टवेयर खरीदे जाएंगे। सेमिनार रूम में नया फर्नीचर और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी लगाए जाएंगे, जिससे शिक्षण और शोध कार्यों को मजबूती मिलेगी। डीन बोले- इलाज और शोध दोनों में होगा सुधार जीआरएमसी के डीन आरकेएस धाकड़ ने बताया कि डायलिसिस सामग्री उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा। वहीं आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर में आधुनिक सिस्टम से संक्रमण नियंत्रण मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि नए कंप्यूटर और आधुनिक सॉफ्टवेयर मिलने से शोध और शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
सिद्धार्थनगर में बारिश, गर्मी से मिली राहत:धान की रोपाई की उम्मीद बढ़ी, तापमान में गिरावट दर्ज
सिद्धार्थनगर में सोमवार सुबह हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। जिले में सुबह से ही वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, जिससे आमजन और किसान दोनों परेशान थे। वर्षा शुरू होते ही लोगों ने राहत महसूस की। सुबह से आसमान में छाए बादलों और रुक-रुक कर हुई वर्षा ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों के चेहरों पर राहत साफ देखी गई। गर्म हवाओं और उमस से परेशान लोगों को अब मौसम के सामान्य होने की उम्मीद है। इस बारिश से किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। जिले में धान की नर्सरी लगभग तैयार हो चुकी थी और किसान रोपाई शुरू करने के लिए वर्षा का इंतजार कर रहे थे। पर्याप्त वर्षा न होने के कारण कई किसानों को पंपिंग सेट से नर्सरियों में पानी देना पड़ रहा था, जिससे उनकी लागत बढ़ रही थी। लगातार गर्मी के कारण कई स्थानों पर धान की नर्सरियां पीली पड़ने लगी थीं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ रही थी। सोमवार को हुई वर्षा ने किसानों की उम्मीदों को नया बल दिया है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है, तो धान की रोपाई तेजी से शुरू हो जाएगी और खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर हुई वर्षा से धान की फसल को लाभ होगा और किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। मौसम में आए इस बदलाव से न केवल किसानों बल्कि आम लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। भीषण गर्मी और लू जैसे हालात से जूझ रहे जिलेवासियों को अब मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेती-किसानी के साथ-साथ पेयजल संकट और गर्मी से जुड़ी अन्य समस्याओं में भी काफी हद तक राहत मिल सकती है।
पानीपत के थाना तहसील कैंप क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले PVR मॉल के सामने हाईवे पर एलएंडटी कंपनी और टोल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां गाड़ी खराब होने पर नीचे उतरे एक चालक की लोहे की ग्रिल छूने से करंट लगने के कारण मौत हो गई। आरोप है कि टोल प्रोजेक्ट मैनेजर और कर्मचारियों की अनदेखी की वजह से ग्रिल में बिजली का करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर एलएंडटी कंपनी और टोल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक की दो साल पहले शादी हुई थी। वह 1 वर्षीय बच्चे का पिता था। गाड़ी में खराबी आने पर नीचे उतरा था चालक थाना तहसील कैंप पुलिस को दी गई शिकायत में रोहतक जिले के गांव पाक्समा निवासी विरेंद्र ने बताया कि उनका भाई प्रदीप(30) पेशे से चालक था। बीती 27 जून को प्रदीप हिमाचल प्रदेश से गाड़ी में गैस सिलेंडर लोड करके रोहतक के लिए वापस आ रहा था। दोपहर के समय जब वह पानीपत में पीवीआर के सामने पहुंचा, तो अचानक उसकी गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उसने गाड़ी को साइड में रोक दिया। मदद के लिए आवाज लगाते ही ग्रिल ने खींचा, मौके पर तोड़ा दम शिकायत के अनुसार, गाड़ी में आई खराबी को ठीक करने या किसी से सहायता लेने के उद्देश्य से प्रदीप गाड़ी से नीचे उतरा। उसने सड़क किनारे से गुजर रहे किसी व्यक्ति को मदद के लिए आवाज लगानी चाही और सहारा लेने के लिए वहां डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल पर अपना हाथ रख दिया। लोहे की ग्रिल में एलएंडटी कंपनी की लापरवाही के चलते बिजली की तारों से करंट आ रहा था। जैसे ही प्रदीप का हाथ ग्रिल से छुआ, उसे करंट का जोरदार झटका लगा और वह ग्रिल से चिपक गया। करंट इतना भीषण था कि प्रदीप को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। टोल प्रोजेक्ट मैनेजर और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मृतक के भाई विरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में सीधे तौर पर हाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी एलएंडटी (LT), टोल प्रोजेक्ट मैनेजर और उसके मातहत कर्मचारियों को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही के कारण खुले तारों की वजह से ग्रिल में करंट उतरा, जिससे एक हंसते-खेलते युवक की जान चली गई।
बाराबंकी में लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफेदाबाद ओवरब्रिज के पास दो कारों की मामूली टक्कर के बाद जमकर हंगामा हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गाड़ियां सड़क के बीच में खड़ी कर दीं, जिससे करीब आधे घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा। भीषण गर्मी के बीच लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लखनऊ से अयोध्या जा रही पुलिस विभाग का लोगो लगी एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार और उसके पीछे चल रही दूसरी कार के बीच हल्की टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई। इस दौरान दोनों ओर से एक-दूसरे को जेल भेजने और देख लेने जैसी धमकियां भी दी गईं। बीच सड़क खड़ी कर दीं गाड़ियां, लग गया जाम जानकारी के मुताबिक, दूसरी कार एक सरकारी शिक्षिका के परिवार की थी, जिसे उनके पति चला रहे थे। विवाद के दौरान दोनों पक्ष सड़क पर ही बहस करते रहे और अपनी गाड़ियां बीच सड़क पर खड़ी कर दीं। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब दो किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। लोगों के समझाने पर हटीं गाड़ियां मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों से कई बार वाहन हटाने की अपील की। काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों ने अपनी कारें सड़क किनारे कीं, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि, गाड़ियां हटाने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक बहस जारी रही। शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई विवाद में शामिल पुलिस विभाग का लोगो लगी कार का नंबर UP-32 KC 0601 और दूसरी कार का नंबर UP-32 KM 0863 बताया गया है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत मिलती है, तो जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दमोह के फुटेरा वार्ड पांच स्थित पठानी मोहल्ला के इमामबाड़े में रविवार देर रात एक 4 फीट लंबा अजगर देखा गया। अजगर दिखने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से अजगर को सुरक्षित पकड़ा और उसे एक डिब्बे में बंद कर दिया। बाद में उसे पास के जंगली इलाके में छोड़ दिया गया। फुटेरा वार्ड 5 के पार्षद जीशान पठान ने इस घटना की पुष्टि की। पार्षद पठान ने बताया कि यह इमामबाड़ा साल में केवल मोहर्रम के दौरान 10 दिनों के लिए खुलता है, बाकी समय बंद रहता है। सुनसान जगह होने के कारण अजगर संभवतः कहीं से यहां आ गया था। रविवार रात वहां से गुजर रहे लोगों ने अजगर को देखा और दूसरों को भी सतर्क किया। समय रहते अजगर को पकड़े जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। यदि अजगर किसी सुरक्षित स्थान पर छिप जाता, तो वह वहां अपना ठिकाना बना सकता था, जिससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका बढ़ जाती। समय पर रेस्क्यू होने से यह खतरा टल गया।
अलवर में तड़के तेज बारिश हुई,गर्मी से राहत:शहर व कुछ गांवों में बारिश ,कुछ जगह बूंद भी नहीं
अलवर जिले में सोमवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। घने बादल छाने के साथ तेज हवाएं चलीं और तड़के करीब 4 बजे शहर व आसपास के कई गांवों में बारिश हुई। अलवर शहर के बुद्ध विहार, शिवाजी पार्क सहित विभिन्न क्षेत्रों के साथ तुलेड़ा, रायबका, मन्नाका और झाहरखेड़ा गांव में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि जिले के कुछ गांवों में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। इससे पहले रविवार शाम को भी मौसम बदला था। घने बादलों और तेज हवाओं के बीच जिले के कुछ हिस्सों में रिमझिम बारिश हुई, जबकि कई स्थान सूखे रहे। मौसम विभाग के अनुसार पूरे सप्ताह जिले में गरज-चमक के साथ बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। यदि अच्छी बारिश होती है तो तापमान 36 डिग्री से नीचे भी जा सकता है। पिछले दो दिनों से रात के समय हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने से उमस बनी हुई है। इसके चलते दोपहर के समय लोगों को गर्मी और चिपचिपे मौसम का सामना करना पड़ रहा है।
लुधियाना के चंडीगढ़ रोड पर एक सड़क हादसा सामने आया है। कोहाड़ा चौक के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक्टिवा सवार एक एडवोकेट को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एडवोकेट बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान शिव प्रेम सिंह निवासी शिवानी अस्पताल के पास, कोहाड़ा के रूप में हुई है। चंडीगढ़ साइड से सब्जी लेकर लौट रहे थे प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिव प्रेम सिंह पेशे से एक एडवोकेट थे। घटना 27 जून शाम करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। वे चंडीगढ़ रोड की तरफ से अपनी एक्टिवा पर सब्जी लेकर वापस लुधियाना लौट रहे थे और जंडियाली साइड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक बेकाबू ट्रक (नंबर HR 37 D 9711) ने उन्हें लापरवाही से अपनी चपेट में ले लिया। मृतक एडवोकेट शिव प्रेम सिंह अपने पीछे पत्नी और 4 बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार में 2 बेटे और 2 बेटियां हैं, जबकि उनकी पत्नी एक हाउसवाइफ (गृहिणी) हैं। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे लवदीप सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज मृतक के बेटे लवदीप सिंह ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि आरोपी ट्रक चालक ने तेज रफ्तारी और लापरवाही से ट्रक चलाकर उनके पिता को टक्कर मारी। थाना फोकल पॉइंट की पुलिस ने बेटे की शिकायत के आधार पर 28 जून 2026 को आरोपी ट्रक ड्राइवर राजविंदर शर्मा निवासी गांव अंधारी महाबली पुर,थाना पाली गंज, जिला पटना, बिहार के खिलाफ BNS की धारा 281, 106, और 324(4) के तहत मामला (FIR नंबर 140) दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है। मामले की आगे की जांच हेड कांस्टेबल गुरदीप सिंह और ASI राकेश कुमार द्वारा की जा रही है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
श्रावस्ती के ताइक्वांडो खिलाड़ी आशुतोष त्रिपाठी 'सत्यम' ने 9वीं एशिया कप ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने गोवा में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। यह चैंपियनशिप 26 से 28 जून तक गोवा के पेडेम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मापुसा में आयोजित की गई थी। सीनियर पुरुष अंडर-68 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में आशुतोष ने श्रीलंका के खिलाड़ी ज़ैद मोहम्मद को कड़े संघर्ष में पराजित किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान आशुतोष ने बेहतरीन तकनीक, तेज गति और मजबूत रणनीति का प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक आत्मविश्वास के साथ मुकाबले जीते और खिताब अपने नाम किया। आशुतोष की यह जीत श्रावस्ती जनपद, उत्तर प्रदेश और पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि छोटे शहरों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। आशुतोष त्रिपाठी इससे पहले भी कई ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। आशुतोष का कहना है कि यदि कोई खिलाड़ी लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरे जोश से खेलता है, तो उसे निश्चित रूप से सफलता मिलती है। इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर है, और सभी ने उन्हें बधाई दी है।
फिरोजाबाद में ऑटो पलटा, महिला समेत तीन घायल:टूंडला स्टेशन जा रहे यात्रियों का उसायनी के पास हादसा
फिरोजाबाद में रविवार रात एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। यह हादसा उसायनी के पास हुआ, जब ऑटो कश्मीरी गेट से यात्रियों को लेकर टूंडला रेलवे स्टेशन जा रहा था। इस दुर्घटना में एक महिला सहित तीन यात्री घायल हो गए। रामगढ़ थाना क्षेत्र के कश्मीरी गेट से चला यह ऑटो टूंडला रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। टूंडला थाना क्षेत्र के उसायनी के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप ऑटो सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायलों की मदद की। दुर्घटना में सबाना बेगम, असलन और इकरा घायल हुए। घायलों में से एक मोहम्मद एजाज ने बताया कि वे सभी टूंडला रेलवे स्टेशन से अलीगढ़ जाने के लिए ट्रेन पकड़ने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उनका उपचार जारी है और चिकित्सकों द्वारा उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सिंगरौली में एनसीएल की अमलोरी परियोजना में सोमवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ। परियोजना के तुर्रा सीम फॉल्ट क्षेत्र में कार्यरत ड्रिल मशीन क्रमांक-9 में अचानक भीषण आग लग गई। करोड़ों रुपए की लागत वाली यह मशीन आग की लपटों में घिर गई, जिससे इसका इंजन वाला हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। मशीन की अनुमानित कीमत लगभग आठ करोड़ रुपए बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारियों के अनुसार, मशीन खदान के ऐसे हिस्से में काम कर रही थी जहां तक अग्निशमन वाहन का पहुंचना संभव नहीं था। आग लगने के बाद कर्मचारियों ने अपने उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। मशीन काफी देर तक जलती रही, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचा। कर्मचारियों ने कहा-ऐसे क्षेत्र में फायर ब्रिगेड नहीं पहुंची इस घटना के बाद परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मशीन ऐसे क्षेत्र में संचालित की जा रही थी जहां फायर ब्रिगेड की पहुंच नहीं थी, तो वैकल्पिक अग्निशमन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परियोजना प्रबंधन ने आग लगने के कारणों पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एनसीएल के जनसंपर्क अधिकारी रामविजय सिंह ने बताया कि मशीन का इंजन वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। आग लगने के कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, प्रबंधन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
हापुड़ में कार ने बाइक सवार दो को रौंदा:दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर दो अलग-अलग हादसों में दो की मौत
हापुड़। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सोमवार सुबह लगभग 6 बजे दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई। एक अनियंत्रित कार ने बाइक सवार दो लोगों को रौंद दिया, जबकि एक अन्य घटना में रोडवेज बस और प्राइवेट बस की टक्कर में कई यात्री मामूली रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर यातायात सुचारु कराया। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र के बहरामपुर निवासी देव चरण (40 वर्ष) और ममता (38 वर्ष) सोमवार सुबह बाइक पर सवार होकर गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। NH-9 पर निजामपुर अंडरपास के ऊपर पहुंचते ही पीछे से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गाजियाबाद के बहरामपुर निवासी देव चरण और ममता के रूप में हुई है। पुलिस ने तत्काल मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दी। थाना प्रभारी के मुताबिक, परिजनों के हापुड़ पहुंचने के बाद ही मामले में आगे की तहरीर और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र के वार्ड 11 में सब्जी मंडी के पास स्थित 1200 साल पुराने जैन श्वेताम्बर मंदिर में रविवार रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोर इस मंदिर से सैकड़ों साल पुरानी अष्टधातु की 13 बेशकीमती मूर्तियां चुरा ले गए। चोरी की इस घटना का पता सोमवार अलसुबह पुजारी चैनरूप सेवग को तब चला, जब वह मंदिर में पूजा-अर्चना करने आए। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया। मौके पर कटर और ट्रेन का टिकट मिलासूचना मिलते ही तारानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस को घटनास्थल के पास से एक कटर और रेवाड़ी का एक ट्रेन टिकट मिला है। चोरों ने मंदिर के तीन स्थानों से ताले तोड़े थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। मंदिर में कुल 17 अष्टधातु की मूर्तियां थीं, जिनमें से 13 मूर्तियां चोरी हुई हैं। पुलिस प्रशासन भी इस घटना के बाद अलर्ट पर है।
मैं चाहती हूं कि लोग मुझे नौकरी करने वाली लड़की नहीं, बल्कि अपने ब्रांड के लिए पहचानें। यह कहना है मेरठ की निकिता का, जिन्होंने ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के बजाय खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला लिया। आज उनकी कोल्ड कॉफी सोशल मीडिया पर चर्चा में है और उनकी एक रील ने उनके छोटे से स्टार्टअप को नई पहचान दिला दी है। निकिता ने 'लो जी खाओ' नाम से अपना क्लाउड किचन शुरू किया। इसके बाद ग्राहकों तक सीधे पहुंचने के लिए उन्होंने अपनी स्कूटी को ही चलता-फिरता स्टॉल बना लिया। वह रोज स्कूटी पर कोल्ड कॉफी बनाने का पूरा सामान लेकर निकलती हैं और उसी पर स्टॉल लगाकर ग्राहकों को कोल्ड कॉफी सर्व करती हैं। शुरुआत में पहले दिन उम्मीद के मुताबिक ग्राहक नहीं मिले, लेकिन दूसरे ही दिन से लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा। उनकी कोल्ड कॉफी लोगों को पसंद आने लगी और ग्राहक दोबारा आने लगे। ग्राहकों ने अपने दोस्तों और परिचितों को भी उनके बारे में बताया, जिससे कारोबार लगातार बढ़ने लगा। निकिता का सपना 'लो जी खाओ' को एक बड़े और भरोसेमंद ब्रांड बनाना है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने IIMT के सामने स्टॉल लगाया था, लेकिन वहां लोकेशन और अनुमति से जुड़ी समस्याएं आने लगीं। स्थानीय अथॉरिटी ने वहां स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने दूसरी जगह तलाश की। उनके परिचित ने फिटनेस जिम के नीचे जगह उपलब्ध कराई, जहां अब वह अपना स्टॉल चला रही हैं और वहां भी ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। नौकरी नहीं, अपना काम करने का लिया फैसला निकिता ने बताया कि उन्होंने नौकरी करने की भी कोशिश की थी, लेकिन रोजाना ट्रैफिक, धक्का-मुक्की और लंबी यात्रा से परेशान हो गईं। उन्हें महसूस हुआ कि अगर इतनी मेहनत करनी ही है तो क्यों न अपने सपने के लिए की जाए। तभी उन्होंने तय किया कि किसी कंपनी के लिए काम करने की बजाय अपना ब्रांड बनाया जाए। उन्होंने कहा, मेरा सपना है कि लोग एक दिन मेरे नाम से मेरे ब्रांड को पहचानें। लोग कहें कि निकिता नाम की एक लड़की ने अपना ब्रांड बनाया है। एक रील बनी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट निकिता बताती हैं कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी एक साधारण सी वीडियो उनकी जिंदगी बदल देगी। उनके दोस्त ने मजाक-मजाक में उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डालने के लिए कहा। उन्होंने वीडियो अपलोड कर दी। निकिता कहती हैं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि उस वीडियो पर इतना अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। वीडियो वायरल हो गई। लाखों लोगों ने देखा, लाइक किया, शेयर किया और कमेंट करके मेरा हौसला बढ़ाया। लोगों ने कहा कि वे मुझे सपोर्ट करेंगे। वही रील मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। एक सच्चा दोस्त काफी होता है निकिता ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने अपने माता-पिता को इस काम के बारे में नहीं बताया। उन्हें पता था कि परिवार इसकी अनुमति नहीं देगा। उनके अनुसार, हर माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे पढ़-लिखकर किसी अच्छी कंपनी में नौकरी करें। उन्होंने कहा, मेरे घर में किसी ने कभी ऐसा काम नहीं किया, इसलिए मुझे लगा कि अगर पहले ही बता दूंगी तो मना कर देंगे। इसलिए मैंने शुरुआत छिपकर की। अभी भी मेरे मम्मी-पापा को इस काम के बारे में नहीं पता। सिर्फ मेरे बड़े भाई को पता है और वही मेरा साथ दे रहे हैं। निकिता ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रमोशन के लिए उन्होंने अपने कई क्लासमेट्स और परिचितों से स्टोरी लगाने की अपील की। कुछ लोगों ने इसके लिए पैसे तक मांग लिए। ऐसे समय में उनके दोस्त मुकुल ने बिना किसी स्वार्थ के हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, मेरे बहुत ज्यादा दोस्त नहीं हैं, लेकिन जो एक-दो दोस्त हैं, वही सबसे अच्छे हैं। मुकुल ने मेरी वीडियो बनाई, प्रमोट किया और शुरुआत से आज तक हर कदम पर मेरे साथ खड़ा है। मैंने सीखा कि जिंदगी में बहुत सारे दोस्तों की नहीं, बल्कि एक सच्चे दोस्त की जरूरत होती है। 'लोग क्या कहेंगे' सोचकर सपने मत छोड़िए निकिता ने युवाओं से कहा कि अगर वे अपना काम शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले लोगों और रिश्तेदारों की बातों से डरना छोड़ दें। परिवार शुरुआत में साथ न दे तो भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उन्होंने कहा, परिवार शायद शुरुआत में मना करेगा। मुझे भी छिपकर शुरुआत करनी पड़ी। अगर आपको लगता है कि लोग क्या कहेंगे, रिश्तेदार क्या कहेंगे, तो इस डर से बाहर निकलना होगा। आखिर आपकी जिंदगी आपको ही बनानी है। कोई और आपके लिए कमाकर नहीं देगा। एक बार जरूर कोशिश कीजिए। अगर मैं कर सकती हूं तो कोई भी कर सकता है।
अभिनेता सतेंद्र सोनी के साथ कथित मारपीट, धमकी और मेहनताना न देने के मामले में ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मध्य प्रदेश सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने रविवार रात एक्स पर एक वीडियो जारी कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है। अध्यक्ष के अनुसार, सतेंद्र सोनी ने आरोप लगाया है कि उन्हें फिल्म 'पेड़ पालकी' की शूटिंग के लिए मैहर बुलाया गया था। सोनी ने लगभग आठ दिन तक शूटिंग की, लेकिन उन्हें तय पारिश्रमिक नहीं दिया गया। इसके बजाय, उन्होंने फिल्म के निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह पर जान से मारने की धमकी देने और मारपीट कराने का आरोप लगाया है। संगठन ने इन आरोपों को गंभीर बताया है। निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह पर एफआईआर दर्ज की मांग एसोसिएशन ने सीएम डॉ.मोहन यादव से मांग की है कि निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह और कथित घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। AICWA ने यह भी सुझाव दिया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित निर्माता और निर्देशक को मध्य प्रदेश में फिल्म शूटिंग से प्रतिबंधित करने पर विचार किया जाए। AICWA ने राज्य सरकार से फिल्म कलाकारों और तकनीशियनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संगठन ने सतेंद्र सोनी के बकाया पारिश्रमिक का तत्काल भुगतान कराने की भी अपील की है। अध्यक्ष बोले-निर्देशक पर पहले भी भुगतान रोकने का आरोप अध्यक्ष ने दावा किया है कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के कुछ सदस्यों से जानकारी मिली है कि निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ पहले भी भुगतान रोकने और कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। संगठन ने सरकार से इन पूर्व आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि कल रविवार को एक्टर सतेंद्र सोनी का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने फिल्म की शूटिंग के बाद मेहनताना नहीं मिलने और धमकी दिए जाने का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद मैहर पुलिस ने उनसे संपर्क किया और उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें सुरक्षित मुंबई रवाना किया था। ये खबर भी पढ़े… 'लापता लेडीज' एक्टर बोला- डायरेक्टर ने मारने की धमकी दी: फिल्म की शूटिंग के बाद नहीं दिए पैसे किरण राव निर्देशित फिल्म 'लापता लेडीज' से पहचान बनाने वाले अभिनेता सतेंद्र सोनी ने मध्य प्रदेश के मैहर में एक फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर पर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शूटिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें मेहनताना नहीं दिया गया। सतेंद्र ने रोते हुए वीडियो शेयर कर अपनी आपबीती बताई। पढ़े पूरी खबर…
दो पक्षों में विवाद के बाद चली गोली:एक युवक हुआ हुआ घायल, आक्रोशित लोग धरने पर बैठे
लखनऊ के गोमती नगर थाना क्षेत्र में मनीष ईटिंग प्वाइंट के पास गोली चल गई। जिसमें एक युवक अखिलेश की कमर में गोली लगी है। जो गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है पहले चाकू बाजी की घटना हुई। जिसके पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा। इस दौरान बदमाश वापस लौटे और फायरिंग कर दी। मौके पर पुलिस बल मौजूद है। वहीं आक्रोशित लड़कों ने सड़क जाम कर दिया।
डीग में बारिश से भीषण गर्मी-उमस से मिली राहत:किसानों के चेहरे खिले, फसलों की बुवाई शुरू
डीग जिले में सोमवार सुबह बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। तेज बारिश के बाद तापमान में लगभग 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, जिससे कई दिनों से जारी गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। यह बारिश किसानों के लिए विशेष रूप से लाभदायक मानी जा रही है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे ज्वार और बाजरे की बुवाई के लिए यह वर्षा अनुकूल साबित हुई है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे बुवाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है और अच्छी पैदावार की उम्मीद है। बारिश के बाद शहर के बाजारों और गलियों में चहल-पहल बढ़ गई। लोगों ने खुशनुमा मौसम का लुत्फ उठाया, वहीं बच्चों ने बारिश में भीगकर आनंद लिया।मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है। विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह भी दी है, ताकि फसलों को जलभराव से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
सीएम योगी आदित्यनाथ आज पीलीभीत में:कड़े सुरक्षा इंतजाम, विकास भवन के दफ्तर खुले रहे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत में रहेंगे। जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनके दौरे को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 1100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें चार एडिशनल एसपी, 10 क्षेत्राधिकारी, 47 थाना प्रभारी, 144 उपनिरीक्षक, 41 महिला उपनिरीक्षक, 624 कांस्टेबल और 94 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। यातायात को सुचारु रखने के लिए एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर, नौ ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और 34 ट्रैफिक कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, 118 एलआईयू कर्मी, एक कंपनी पीएसी और 10 फायर टेंडर भी मुस्तैद रहेंगे। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए शाहजहांपुर, बरेली और बदायूं से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर रविवार को अवकाश होने के बावजूद विकास भवन परिसर स्थित अधिकांश कार्यालय खुले रहे। जिला पंचायत राज कार्यालय, समाज कल्याण, कृषि, मनरेगा और पशुपालन विभाग समेत विभिन्न दफ्तरों में अधिकारी व कर्मचारी दिनभर कामकाज निपटाने में व्यस्त रहे। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर सभी कार्यालयों को खोलकर तैयारियां पूरी की गईं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बरखेड़ा के ग्राम पतरासा कुंवरपुर में 14 विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को लाभ और आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। इसके साथ ही, वर्ष 1964 से 1971 के बीच पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए 352 बंगाली परिवारों को उनकी कृषि भूमि का मालिकाना हक (भूमिधरी अधिकार पत्र) सौंपा जाएगा। इस पहल से बंगाली समाज में खुशी का माहौल है। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार सहित कुल 38 प्रमुख लोग उपस्थित रहेंगे।
फिरोजाबाद में रविवार देर शाम हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस समारोह में प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने संबोधन में राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सरकार की सख्ती के कारण नकल माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश की बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं, और कहीं भी गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं मिली। राज्यमंत्री ने लखनऊ की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेशभर में कोचिंग सेंटर, स्कूल, होटल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असीम अरुण ने मेधावी छात्र-छात्राओं से मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें। राज्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सतना-चित्रकूट रोड पर खड़े ट्रक से टकराई बाइक:एक युवक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, दो गंभीर घायल भर्ती
सतना-चित्रकूट मार्ग पर रविवार देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा मझगवां थाना क्षेत्र के अमिलिया मोड़ के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों युवक घायल हो गए। सतना से गांव लौट रहे थे युवक पुलिस के अनुसार, बाइक पर सवार तीनों युवक सतना से अपने गांव की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान अमिलिया मोड़ के पास बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे के समय बाइक की रफ्तार अधिक होने के कारण टक्कर काफी तेज हुई। टक्कर में बाइक का अगला हिस्सा टूटा हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने पहुंचकर कराया अस्पताल में भर्ती घटना की जानकारी मिलते ही मझगवां थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान युवक की मौत उपचार के दौरान गुझवां निवासी सुनील कोल (36) की मौत हो गई। वहीं हादसे में घायल दो अन्य युवकों की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सड़क किनारे खड़े ट्रक और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। सड़क किनारे खड़े वाहनों पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर खड़े वाहनों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
करंट लगने से युवक की मौत:परिजनों ने टेंट संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाया
धौलपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र की मदीना कॉलोनी में रविवार को करंट लगने से एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नयावास निवासी धर्मेंद्र पुत्र पन्नालाल कुशवाह के रूप में हुई है। परिजनों ने कोतवाली थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि रविवार सुबह टेंट संचालक धर्मेंद्र को टेंट एवं सजावटी लाइट लगाने के कार्य के लिए अपने साथ ले गए थे। दोपहर करीब 1 बजे उन्हें सूचना मिली कि काम के दौरान धर्मेंद्र बिजली के करंट की चपेट में आ गया। परिजनों ने लगाया आरोपपरिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र लाइट का कार्य करने में प्रशिक्षित नहीं था, इसके बावजूद उसे बिजली के खंभे पर चढ़ाकर काम कराया गया। उनका यह भी कहना है कि बिजली की मुख्य लाइन बंद कराए बिना ही उससे कार्य कराया गया, जिसके कारण वह करंट की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, बिजली के खंभे पर सजावटी लाइटें लगाई जा रही थीं। इसी दौरान बिजली के बॉक्स या तार में करंट प्रवाहित होने के कारण यह हादसा हुआ।कोतवाली थाना पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और लापरवाही के आरोपों की गहनता से जांच कर रही है।
हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी से एक करोड़ रुपये की कथित फिरौती मांगने, जान से मारने की धमकी देने और उन पर हुए हमले के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए डिंपल चौधरी सूरजपुर थाने पहुंचीं, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने शिकायत लेने में ही करीब साढ़े तीन से चार घंटे लगा दिए। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी कर सुरजपुर थाना उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डिंपल चौधरी ने कहा कि जब आम लोगों की सुरक्षा की बात आती है तो पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद धीमी हो जाती है, जबकि छोटी-छोटी घटनाओं में भी तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी जा रही है और उनकी गाड़ी पर हमला भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने साफ कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। डिंपल चौधरी की वीडियो के 6 पॉइंट पढ़िए शिकायत लेने में ही लगा दिए साढ़े 4 घंटे: डिंपल चौधरी ने वीडियो में कहा कि वह अपने अधिवक्ता के साथ सूरजपुर थाने शिकायत देने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि दोपहर करीब 12:30 बजे से लेकर शाम करीब 4 बजे तक पुलिस ने सिर्फ शिकायत लेने की प्रक्रिया में ही समय लगा दिया। उन्होंने कहा कि जब एफआईआर दर्ज कराने में ही इतना वक्त लग रहा है तो कार्रवाई होने में पूरी जिंदगी निकल जाएगी। अगर पुलिस वालों के घर कुछ हो जाए तो 4 घंटे में कार्रवाई: पुलिस पर निशाना साधते हुए डिंपल चौधरी ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के घर का कुत्ता भी मर जाए या उनकी बेटी का मोबाइल चोरी हो जाए तो चार घंटे के भीतर आरोपी पकड़ लिए जाते हैं। लेकिन जब एक आम नागरिक की जान पर बन आती है, तो उसकी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि आखिर आम इंसान की जान की कोई कीमत क्यों नहीं है, जबकि हर व्यक्ति की जिंदगी बराबर होती है। मारने की धमकियां और गाड़ी पर हमला: डिंपल चौधरी ने बताया कि उनसे एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फोन पर उन्हें और उनके भाई-बहनों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इसके अलावा उनकी गाड़ी पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त किया गया। उनका कहना है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद पुलिस ने अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की। थाने में पूछ लिया, अभी आपका शोषण तो नहीं हुआ: डिंपल चौधरी ने आरोप लगाया कि जब वह शिकायत देने थाने पहुंचीं तो वहां उनसे कहा गया कि अभी आपका शोषण तो नहीं हुआ है। उन्होंने इस टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या पुलिस इस इंतजार में बैठी है कि पहले उनका अपहरण हो, उन पर दोबारा हमला हो या उनकी हत्या हो जाए, तब जाकर कार्रवाई की जाएगी। हमले के बाद दो घंटे तक नहीं आया होश: डिंपल चौधरी ने बताया कि जिस दिन उनकी गाड़ी पर हमला हुआ, उस घटना से वह इतनी सदमे में थीं कि करीब दो घंटे तक उन्हें होश नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि वह उस समय अपनी गाड़ी लेकर वहां से नहीं निकलतीं तो शायद आज जिंदा नहीं होती। उस समय उनके पास अपनी सुरक्षा के लिए कोई हथियार भी नहीं था। न कोई सुरक्षा मिली, न बेखौफ होकर निकल सकती हूं: डिंपल चौधरी ने कहा कि लगातार धमकियों के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि आज वह खुलेआम बाहर निकलने से भी डर महसूस करती हैं। उनके पास उस दिन की वीडियो भी मौजूद है, जब वह खुशी-खुशी घर से निकली थीं, लेकिन कुछ ही देर बाद उन पर हमला हो गया। शिकायत को लेकर पुलिस पर भड़की डांसर… थाना क्षेत्र बताकर भी शिकायत लेने से बचती रही पुलिस: डिंपल चौधरी ने बताया कि सूरजपुर थाने में उन्हें यह कहकर वापस भेजने की कोशिश की गई कि घटना किसी दूसरे थाना क्षेत्र की है और वहीं जाकर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि वह सूरजपुर थाना क्षेत्र के आसपास रहती हैं, इसलिए उन्होंने यहीं शिकायत देने की बात कही। मैं डरने वाली नहीं, शेरनी हूं:वीडियो में डिंपल चौधरी ने धमकी देने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें डराने की कोशिश करने वाले गलतफहमी में हैं। उन्होंने कहा कि वह चुप बैठने वाली नहीं हैं। यदि पुलिस यह सोचती है कि दबाव बनाकर उन्हें शांत करा देगी तो यह उसका भ्रम है। उन्होंने कहा कि वह शेरनी हैं और खुलेआम घूमती रहेंगी। एक गाड़ी गई तो क्या हुआ, दस और खरीदने की हिम्मत रखती हूं:डिंपल चौधरी ने कहा कि उनकी एक गाड़ी पर हमला हुआ है, तो इससे वह टूटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास मेहनत के दम पर दस और गाड़ियां खरीदने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनका नाम खत्म करना चाहते हैं, लेकिन उनका नाम पहले भी चलता था और आगे भी चलता रहेगा। पुलिस के भरोसे मत बैठो, मैं भी अब चुप नहीं रहूंगी: डिंपल चौधरी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सिर्फ पुलिस के भरोसे बैठना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह भी अब चुप नहीं बैठेंगी और जो भी करना होगा, मौके पर ही करेंगी। उनका कहना है कि अब वह हर घटना के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएंगी। अगर मुझे कुछ हुआ तो जिम्मेदार होगी पुलिस: वीडियो के आखिर में डिंपल चौधरी ने कहा कि यदि लगातार मिल रही धमकियों और हमलों के बीच भविष्य में उनके साथ कोई अनहोनी होती है या उनकी मौत हो जाती है तो इसके लिए पूरी तरह पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में उनकी मां, एक भाई और एक बहन हैं, जिनकी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। वह ही घर चलाती हैं और उनकी कमाई से ही भाई-बहन पढ़ाई कर रहे हैं तथा परिवार का गुजारा हो रहा है। सूरजपुर थाने में दी लिखित शिकायत हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सूरजपुर (नोएडा) थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे वह और उनका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 18 जून को आई फिरौती की कॉल शिकायत के अनुसार, 18 जून को डिंपल चौधरी के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने एक करोड़ रुपये की मांग करते हुए कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो उसके घर से एक-47 निकाल दूंगा। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने एक करोड़ रुपये नहीं देने पर उनके भाई और बहन की हत्या करने की धमकी दी। साथ ही डिंपल चौधरी को भी जान से मारने की धमकी देते हुए कहा गया कि “तुझे भी जिंदा नहीं छोड़ूंगा।” धमकी के बाद घबरा गई डिंपल चौधरी डिंपल चौधरी ने शिकायत में लिखा है कि इस तरह की धमकी मिलने के बाद वह काफी घबरा गईं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। 24 जून को कार पर हमला करने का आरोप शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 24 जून को वह अपनी गाड़ी से सिकंदराबाद रोड पर जा रही थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात व्यक्ति उनकी कार के पास पहुंचे। आरोप है कि उनमें से एक व्यक्ति ने डंडे से उनकी गाड़ी के सामने वाले शीशे पर हमला कर उसे तोड़ दिया। डिंपल चौधरी का कहना है कि यह घटना भी उन्हें लगातार मिल रही धमकियों का हिस्सा है। एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग डिंपल चौधरी ने पुलिस से मांग की है कि मामले में तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
राजस्थान में 43 दिन की लंबी गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल फिर से खुल गए हैं। सरकार ने छुटि्टयां कम करने का प्रयास किया लेकिन सरकारी स्कूल टीचर्स के दबाव में सिर्फ दो दिन की छुट्टी कम हो सकी। भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में 7 दिन की बढ़ोतरी की थी। पहले स्कूल 22 जून से खुलने थे, लेकिन अवकाश बढ़ाकर 28 जून तक कर दिया गया। अब 29 जून से नए शैक्षणिक सत्र की नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है। इस बार शिक्षा विभाग ने पूरे शैक्षणिक सत्र का विस्तृत कैलेंडर भी जारी किया है, जिसमें छुट्टियों के साथ-साथ टेस्ट, अर्द्धवार्षिक परीक्षा और वार्षिक परीक्षा की तिथियां भी तय कर दी गई हैं। प्रदेश में इतने स्कूल संचालित राजस्थान में विभिन्न विभागों के तहत हजारों सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान संचालित हैं। प्रमुख श्रेणियों में स्कूलों की संख्या इस प्रकार है शिक्षा विभाग : 21,358 पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय : 43,194 जनजाति एवं सामाजिक न्याय विभाग : 3,087 मान्यता प्राप्त मदरसे : 2,845 संस्कृत शिक्षा विभाग : 1,839 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल : 134 केजीबीवी एवं छात्रावास : 178 अल्पसंख्यक कार्य विभाग : 32 मेवात क्षेत्र के स्कूल : 10 आवासीय विद्यालय : 7 इस तरह रहेगा ये सत्र जुलाई: लगातार पढ़ाई, एक भी सार्वजनिक अवकाश नहीं जुलाई में रविवार के अलावा कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं रहेगा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। अगस्त: सेकंड टेस्ट और बोर्ड फॉर्म 17 से 19 अगस्त: सेकंड टेस्ट। अगस्त में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन भरेंगे। 20-21 अगस्त: जिला स्तरीय एवं 27 से 29 अगस्त: राज्य स्तरीय सब जूनियर नेहरू हॉकी प्रतियोगिता। 29 अगस्त: राष्ट्रीय खेल दिवस (मेजर ध्यानचंद जयंती)। सितंबर: लगातार पांच दिन सरकारी स्कूल बंद 4 सितंबर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का अवकाश। 5 सितंबर: शिक्षक दिवस। 8 सितंबर: विश्व साक्षरता दिवस। 18-19 सितंबर: शिक्षक सम्मेलन के कारण सरकारी स्कूलों में अवकाश। 20 सितंबर: रविवार। 21 सितंबर: श्रीरामदेव जयंती, तेजा दशमी और खेजड़ली शहीद दिवस का अवकाश। इस तरह सरकारी स्कूलों में 17 सितंबर के बाद सीधे 22 सितंबर को कक्षाएं लगेंगी। अक्टूबर: बदलेगा स्कूलों का समय, होंगे हाफ ईयरली एग्जाम अक्टूबर से स्कूलों का समय बदल जाएगा। एक पारी वाले स्कूल: सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दो पारी वाले स्कूल: सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक (प्रत्येक पारी 5 घंटे) 15 से 29 अक्टूबर: अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं। 31 अक्टूबर: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती एवं इंदिरा गांधी पुण्यतिथि। 18 से 20 अक्टूबर: लगातार तीन दिन अवकाश (रविवार सहित)। नवंबर: दीपावली के कारण आधा महीना बंद रहेंगे स्कूल 4 से 15 नवंबर: दीपावली अवकाश। 24 नवंबर: गुरु नानक जयंती। 27-28 नवंबर: राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन (सरकारी स्कूलों में अवकाश)। 29 नवंबर: रविवार। नवंबर में स्कूल केवल करीब 14 दिन ही संचालित होंगे। इसके अलावा 18 से 21 नवंबर तक राज्य स्तरीय विज्ञान मेला तथा 21 नवंबर को पीटीएम और कालिदास दिवस मनाया जाएगा। दिसंबर: 17 से 19 तक थर्ड टेस्ट इस बार दिसंबर में 25 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश नहीं होगा। 17 से 19 दिसंबर: थर्ड टेस्ट। 25 दिसंबर: क्रिसमस अवकाश। 26 दिसंबर: वीर बाल दिवस। जनवरी: 10 दिन की सर्दियों की छुट्टियां 1 से 10 जनवरी: शीतकालीन अवकाश। 15 जनवरी: गुरु गोविंद सिंह जयंती का अवकाश। 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस। 30 जनवरी: शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन। जनवरी में अवकाश के कारण स्कूल लगभग 14 दिन ही खुलेंगे। फरवरी: बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत रविवार के अलावा देवनारायण जयंती का एक सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसी महीने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। मार्च: 8 से 20 तक फाइनल एग्जाम 8 से 20 मार्च: वार्षिक (फाइनल) परीक्षाएं। 25 मार्च: परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएंगे। 43 दिन का रहा ग्रीष्मकालीन अवकाश इस वर्ष राजस्थान के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश कुल 43 दिन का रहा। भीषण गर्मी और लू के चलते शिक्षा विभाग ने पहले घोषित अवकाश में 7 दिन की बढ़ोतरी की थी। अब सोमवार से प्रदेशभर के लाखों विद्यार्थी नए सत्र की नियमित पढ़ाई शुरू करेंगे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुरानी रंजिश के चलते बदमाशों ने 2 युवकों को पहले पिअकप से कुचलने की कोशिश की। इसके बाद पाइप और डंडे से दौड़ा-दौड़ाकर जमकर पीटा, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, गाड़ी से कुचलने और बदमाशों के हमला करने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पाइप और लाठी से लैस युवक हमला करते नजर आ रहे हैं। इस पूरे घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। जानिए पूरा मामला लिंगियाडीह का रहने वाला निखिल ध्रुव दूध बांटने का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि 26 जून की रात करीब 11 बजे वह अपने घर की छत पर खड़ा था, तभी उसके दोस्त आदित्य महंत उर्फ रिंकू और रवि गंधर्व अपोलो चौक के पास दिलीप पाटिल के घर के सामने खड़े थे। इस दौरान चिंगराजपारा की ओर से पिकअप तेज रफ्तार से आया और आदित्य महंत और रवि गंधर्व को टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए। पिअकप से उतरते ही बांडया और बऊवा सहित उसके साथियों ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज की। पाइप और डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा इसके बाद दौड़ा-दौड़ाकर पाइप और डंडे से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान अमन नायडू भी कार से मौके पर पहुंच गया। उसने अपने साथियों के साथ एकराय होकर आदित्य महंत उर्फ रिंकू और रवि गंधर्व को जान से मारने की धमकी दी। दोस्तों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया आरोपियों ने फाइबर पाइप और बल्ली से उनकी पिटाई कर दी। इस दौरान वे दौड़ा-दौड़ाकर उनकी पिटाई करते रहे। हमले में घायल हुए युवकों को उनके दोस्तों ने तुरंत सिम्स अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज जारी है। वहीं, निखिल राकेश के साथ थाने पहुंचा और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सरकंडा पुलिस ने बांडया, बऊवा, अमन नायडू और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। 8-10 बदमाशों ने किया हमला जबकि CCTV फुटेज में पाइप और लाठी-डंडे से लैस 8-10 बदमाश हमला करते नजर आ रहे हैं। इधर मामले में ASP सिटी पंकज पटेल ने बताया कि पुरानी रंजिश में घटना को अंजमा दिया गया, जिसमें 2 युवक घायल हुए हैं। मामले नाबालिग समेत 5 को गिरफ्तार किया गया है। …………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नशे में ड्राइवर ने 12 साल की बच्ची को रौंदा: बैरिकेड्स तोड़कर 120 की रफ्तार से भगाई ट्रक, पुलिस ने 55 किमी पीछा कर पकड़ा छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के गुंडरदेही गांव में एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी छठवीं की छात्रा पूनम (12) को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर ट्रक लेकर तेजी से फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
ललितपुर के ग्राम सेमरा भाग नगर में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने एक व्यक्ति पर 5 लाख रुपए न लौटाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया हैं। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घर के बाहर एक पेड़ से फांसी लगाकर दी जान ग्राम सेमरा भाग नगर में रात करीब 10 बजे 26 वर्षीय विशाल राजपूत पुत्र मगन राजपूत ने अपने घर के बाहर एक पेड़ से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। देर रात परिजनों ने विशाल को फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा। पावर प्लांट कंपनी में था सुपरवाइजर परिजनों के अनुसार, विशाल एक पावर प्लांट कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। उनकी एक पुत्री और उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है। वह अपने भाइयों और बहन में सबसे छोटा था। भाई मंगल ने बताया कि कंपनी में युवक ने व्यक्ति पर 5 लाख रुपए लेने और उसे वापस न करने का आरोप लगाया है। जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और तनाव के कारण उसने ऐसा कदम उठा लिया। मरने से पहले वीडियो बनाकर युवक पर लगाया आरोप मृतक विशाल ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था। पावर प्लांट में कार्यरत नीलेंद्र नामक युवक ने उससे पांच लाख रुपए लेकर साढ़े सात लाख रुपए देने को कहा था। विशाल ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो युवक ने जान से मारने की धमकी देने लगा, जिससे परेशान होकर यह कदम उठाया। थानाध्यक्ष बार रमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
बरेली के आंवला थाना क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता पर पेट्रोल छिड़ककर जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम वीरपुरा गोटिया निवासी प्रिया ने बताया कि उसका विवाह 10 वर्ष पहले बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र के ग्राम पिण्डौल निवासी पंकज के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी में मिले दहेज से ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था। 2 लाख रुपये और बाइक की करते थे मांग पीड़िता के अनुसार, पति पंकज, सास कमला देवी, जेठ करन और भोले लगातार दो लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। पेट्रोल छिड़ककर जलाने की कोशिश का आरोप प्रिया का आरोप है कि पहले भी आरोपियों ने शराब के नशे में उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था। हालांकि वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही। पीड़िता ने बताया कि 21 मई को आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे उसके मासूम बेटे सहित केवल पहने हुए कपड़ों में घर से निकाल दिया। पति समेत चार आरोपियों पर केस दर्ज पीड़िता की तहरीर पर आंवला पुलिस ने पति पंकज, सास कमला देवी, जेठ करन और भोले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आंवला इंस्पेक्टर बीनू सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर। गुलाबी नगरी के निवासियों की बुनियादी समस्याओं को दूर करने और प्रशासन को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने की मुहिम में 'भास्कर समाधान' लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसी कड़ी में शहर के दो अलग-अलग इलाकों से बड़ी राहत की खबरें आई हैं। वैशाली नगर के राठौड़ मार्ग पर लंबे समय से टूटे सीवर के ढक्कन को नगर निगम की उपायुक्त मनीषा यादव ने त्वरित संज्ञान लेकर बदलवा दिया है। वहीं, आमेर रोड स्थित गुर्जरघाटी की आत्रेय कॉलोनी में एक महीने से खुला पड़ा जानलेवा सीवर चैंबर भी पोस्ट के बाद विभाग के जरिए तुरंत दुरुस्त कर दिया गया। दूसरी ओर, जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे की ग्रीन विहार कॉलोनी में रोड लाइट्स खराब होने से अंधेरा पसरा है, जिससे सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है। गोपालपुरा बाईपास की बैंक कॉलोनी जलभराव और कीचड़ के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर है, तो संजय नगर के चित्रकूट चौराहे पर सीवर लाइन चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा, परिवहन नगर में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण और सूखे पेड़ों का साया हादसों को न्यौता दे रहा है। स्थानीय निवासियों ने इन समस्याओं पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग की है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) उपायुक्त की त्वरित कार्रवाई से टला हादसावैशाली नगर के राठौड़ मार्ग से नागरिक सुरक्षा को लेकर राहत की एक खबर सामने आई है। यहां के निवासी तारा शंकर कपूर ने 'भास्कर समाधान' पर एक गंभीर समस्या पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि मुख्य मार्ग पर सीवर लाइन का ढक्कन लंबे समय से टूटा हुआ था। इस व्यस्त सड़क पर टूटे हुए ढक्कन के कारण हर समय राहगीरों और वाहन चालकों के गिरने और किसी बड़े हादसे का शिकार होने का खतरा मंडरा रहा था। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर निगम की उपायुक्त ने तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर टीम भेजकर नया ढक्कन लगवाकर समस्या का स्थायी समाधान करवा दिया। इस त्वरित कार्रवाई के बाद तारा शंकर कपूर और क्षेत्र के तमाम निवासियों ने राहत की सांस ली है और उपायुक्त और निगम प्रशासन का धन्यवाद व्यक्त किया है। मनीषा यादव बनीं 'स्टार ऑफिसर'वैशाली नगर के राठौड़ मार्ग से तारा शंकर कपूर ने बताया था कि मुख्य मार्ग पर सीवर लाइन का ढक्कन लंबे समय से टूटा हुआ था। इस व्यस्त सड़क पर टूटे हुए ढक्कन के कारण हर समय राहगीरों और वाहन चालकों के गिरने और किसी बड़े हादसे का शिकार होने का खतरा मंडरा रहा था। इस मुद्दे को पोस्ट करने के बाद नगर निगम की उपायुक्त मनीषा यादव ने तुरंत संज्ञान लिया और खुद सक्रियता दिखाते हुए मौके पर टीम भेजी। उन्होंने कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए वहां नया मजबूत ढक्कन लगवाकर इस जानलेवा समस्या का तुरंत समाधान करवा दिया। 1 महीने से खुला सीवर चैंबर हुआ दुरुस्तजयपुर शहर के परसारामपुरी (आमेर रोड) क्षेत्र से राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया है। दरअसल, क्षेत्र के निवासी नवरतन मीणा ने गुर्जरघाटी की आत्रेय कॉलोनी में पिछले एक महीने से खुले पड़े एक खतरनाक सीवर चैंबर को लेकर चिंता जताई थी। व्यस्त मार्ग पर खुले इस चैंबर के कारण हर वक्त स्थानीय बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए कोई बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ था। इस गंभीर मुद्दे को दैनिक भास्कर पर पोस्ट किए जाने के तुरंत बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीवर चैंबर को पूरी तरह से बंद और दुरुस्त करवा दिया है। अभी भी कुछ इलाकों में समाधान की आस… जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे की रोड लाइट खराबदैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर जयपुर शहर के जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे की ग्रीन विहार कॉलोनी के निवासी सोहन ने क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को पोस्ट किया है। सोहन का कहना है कि कॉलोनी में पिछले कुछ समय से रोड लाइट्स सुचारू रूप से काम नहीं कर रही हैं। लाइट्स बार-बार बंद हो जाती हैं, जिसके कारण पूरी कॉलोनी और मुख्य मार्ग अंधेरे के आगोश में डूब जाते हैं। रात के समय सड़कों पर पसरे इस घने अंधेरे की वजह से स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता और डर का माहौल बना हुआ है। बैंक कॉलोनी में गंदगी और जलभराव दैनिक भास्कर के'भास्कर समाधान'पर गोपालपुरा बाईपास की बैंक कॉलोनी के हरिओम सैनी ने क्षेत्र की बदहाली को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। हरिओम सैनी के अनुसार, कॉलोनी की मुख्य सड़कों पर हर तरफ गंदगी और कचरा फैला हुआ है। इससे भी बदतर स्थिति यह है कि क्षेत्र में जल निकासी की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। यह जलभराव अब गहरे कीचड़ और मलबे में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का पैदल निकलना तक दूभर हो गया है। इस सड़े हुए पानी और गंदगी के कारण इलाके में भीषण बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मौसमी बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। वैशाली नगर के बाहर सीवर लाइन चोकसंजय नगर के चित्रकूट चौराहा के निवासी विष्णु कुमार ने क्षेत्र में स्वच्छता और नागरिक प्रबंधन की पोल खोलती एक गंभीर समस्या को पोस्ट किया है। विष्णु कुमार ने लिखा कि वैशाली नगर के बाहर मुख्य सीवर लाइन पूरी तरह से चोक हो चुकी है, जिसके कारण गंदा और बदबूदार सीवर का पानी उफनकर सीधे मुख्य सड़क पर बह रहा है। इस जलभराव की वजह से चित्रकूट चौराहे और आसपास के पूरे रास्ते पर भीषण गंदगी का माहौल बन गया है। सड़क से गुजरने वाले पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को गंदे पानी के बीच से मजबूरन निकलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा तो बढ़ा ही है। परिवहन नगर में अवैध अतिक्रमण की समस्या जयपुर शहर के खातिपुरा की परिवहन नगर कॉलोनी से निवासी विजय श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर के भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की है। जिसमें उन्होंने लिखा कि घर के ठीक सामने स्थित सरकारी जमीन पर कुछ रसूखदार लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है, जिससे पूरी कॉलोनी का माहौल और सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही है। इस समस्या के साथ-साथ, मुख्य मार्ग पर दो बड़े-बड़े सूखे और जर्जर पेड़ लंबे समय से खड़े हुए हैं। ये सूखे पेड़ बेहद कमजोर हो चुके हैं और किसी भी तेज आंधी या बारिश में अचानक गिरकर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1. दादी का फाटक अंडरपास बना तालाब:कनक विहार में अंधेरे का संकट; पार्षद ने दूर की वार्ड की दिक्कतें 2.जयपुर में जनता की आवाज बनीं सुर्खियां:उपायुक्त सुनील बैरवा ने कराया गड्ढे का समाधान, आदर्श नगर में 1 महीने से अटका काम हुआ पूरा 3.जयपुर के जयसिंहपुरा खोर में उफनता सीवर:जवाहर नगर में सालों से कीचड़, लाल डूंगरी के पास जर्जर श्मशान घाट और गांधी नगर में सड़क टूटी 4.जनसमस्याओं की सुनवाई से समाधान तक:जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ बना जनता की आवाज, मनोज मुदगल को मिला ‘पब्लिक का स्टार’ का सम्मान 5.जयपुर में माविका चौराहे पर चमकी सड़कें:खातीपुरा में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, सांगानेर की कॉलोनी में मुख्य रोड ऊंची और गलियां नीची होने से जलभराव 6.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 7.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 8.जयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 9.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 10.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल
उदयपुर। लेक सिटी के निवासियों की बुनियादी समस्याओं को दूर करने और सोए हुए प्रशासन को जगाने में 'भास्कर समाधान' लगातार एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इसी कड़ी में शहर के दो अलग-अलग इलाकों से जनता को बड़ी राहत मिली है। बेदला के कुम्हारों की घाटी में सालाना ₹240 की पर्ची काटने के बावजूद पिछले 15 दिनों से कचरा गाड़ी नहीं आ रही थी, जिस पर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा ने त्वरित संज्ञान लेकर पूरी गली की सफाई करवाई। उनकी इस संवेदनशीलता के लिए उन्हें 'स्टार ऑफिसर' के खिताब से नवाजा गया है। वहीं, अशोक नगर की K-1 रोड पर अनुराग गिर की पोस्ट के बाद विभाग ने वर्षों पुरानी सीवर लाइन की तकनीकी खराबी को तुरंत दुरुस्त कर दिया। दूसरी ओर, शहर के कई अन्य महत्वपूर्ण इलाके अब भी गंभीर नागरिक समस्याएं और प्रशासनिक अनदेखी झेल रहे हैं। हिरण मगरी सेक्टर 9 में होटल टाउन हाउस के सामने मुख्य सड़क की रोड लाइट्स सालों से बंद हैं, जिससे रात में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बेड़ला में विनय पटेल के घर के बाहर पिछले दो साल से सड़क तालाब बनी हुई है, जहां डेंगू-मलेरिया का प्रकोप फैल रहा है। इसके अलावा, हरिजन नगर में बेसहारा श्वानों के आतंक से बच्चे घरों में कैद हैं और सेक्टर 6 के सैटेलाइट हॉस्पिटल के बाहर अवैध पार्किंग और ठेलों के अतिक्रमण से मरीजों की जान जोखिम में है। स्थानीय जनता ने इन समस्याओं पर भी तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासनउदयपुर के बेडदला क्षेत्र के कुम्हारों की घाटी से पूरब सोनी ने क्षेत्र में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर रोष व्यक्त करते हुए पोस्ट किया था। पूरब सोनी ने लिखा था कि कॉलोनी में पिछले कई दिनों से नगर निगम की कचरा गाड़ी नहीं आ रही थी, जिसके कारण घरों और गलियों में कचरे के ढेर लग रहे थे। हैरानी की बात यह थी कि नगर निगम के जरिए सफाई व्यवस्था के नाम पर ₹240 की सालाना पर्ची (यूजर चार्ज) भी काटी गई थी, इसके बावजूद गली में सफाई नहीं हो रही थी। इस गंभीर लापरवाही को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित वार्ड की सफाई टीम व कचरा गाड़ी को पाबंद कर व्यवस्था को दुरुस्त करवाया। अब क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण का कार्य शुरू हो गया है, जिसके बाद पूरब सोनी और कुम्हारों की घाटी के निवासियों ने इस त्वरित समाधान के लिए राहत की सांस ली है। सत्यनारायण शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर'उदयपुर के बेदला क्षेत्र से पूरब सोनी ने ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर 'भास्कर समाधान' पर अपनी शिकायत पोस्ट की थी। पूरब सोनी ने पिछले 15 दिनों से कॉलोनी में नगर निगम की कचरा गाड़ी नहीं आने और पूरी गली में सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदगी का अंबार लग होने के बारे में लिखा था। जिसपर नगर निगम प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बिना किसी देरी के सफाई विभाग को निर्देशित किया और मौके पर कचरा गाड़ी भिजवाकर पूरी गली की अच्छी तरह से सफाई सुनिश्चित करवाई। K-1 रोड पर सीवर की समस्या दूरउदयपुर शहर के अशोक नगर की K-1 रोड से नागरिक राहत की एक खबर सामने आई है, जहां 'भास्कर समाधान' पर जनता की आवाज उठाए जाने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। दरअसल, क्षेत्र के निवासी अनुराग गिर ने पिछले कई दिनों से कॉलोनी में बनी सीवर लाइन की समस्या को लेकर पोस्ट किया था। अनुराग गिर ने लिखा था कि सीवर लाइन में गड़बड़ी के कारण स्थानीय लोग बेहद परेशान थे और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें भी दी गईं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा था। लगातार मिल रही अनदेखी के बाद उन्होंने इस समस्या को 'भास्कर समाधान' पर साझा किया। पोस्ट के सार्वजनिक होते ही संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आया और अधिकारियों ने मौके पर टीम भेजकर सीवर लाइन की तकनीकी खराबी को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया। अभी भी कुछ इलाकों में समाधान की आस…सेक्टर 9 में सालों से बंद पड़ी हैं रोड लाइट्सउदयपुर शहर के हिरण मगरी (सेक्टर 9) के निवासी शांति लाल टेलर ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि क्षेत्र में स्थित होटल टाउन हाउस के सामने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर लगी रोड लाइट्स पिछले कई सालों से पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इतने लंबे समय से बंद पड़ी इन लाइट्स की वजह से रात होते ही यह पूरा मार्ग घने अंधेरे में समा जाता है। सालों से बनी इस समस्या के कारण स्थानीय निवासियों और वहाँ से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने और वाहन दुर्घटनाओं का खतरा भी हमेशा बना रहता है। प्रशासन की घोर लापरवाही से लोग परेशानउदयपुर शहर के बेडला क्षेत्र से विनय पटेल ने प्रशासन की घोर लापरवाही और सुस्ती को उजागर किया है। विनय पटेल ने लिखा कि उनके घर के बाहर मुख्य सड़क पर पिछले दो साल से लगातार गंदा पानी भरा हुआ है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह रास्ता पूरी तरह एक तालाब में तब्दील हो चुका है। पिछले 24 महीनों से इस समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दर्जनों बार लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी हैं, लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सड़क पर रुके हुए इस दूषित पानी के कारण क्षेत्र में भयानक बदबू फैली रहती है, मच्छरों का भारी प्रकोप है जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है। बेसहारा श्वानों का आतंकहरिजन नगर (कालका माता मंदिर मार्ग) के पास रहने वाले इरशाद अहमद अंसारी ने क्षेत्र में आवारा और बेसहारा जानवरों के बढ़ते खौफ के बारे में समस्या पोस्ट की है। इरशाद अहमद के लिखा कि कॉलोनी की गलियों में आवारा कुत्तों) का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पूरी कॉलोनी में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। ये बेसहारा जानवर राहगीरों पर झपटते हैं और कई बार कॉलोनी की तंग गलियों में घुसकर लोगों को अपना शिकार बनाने का प्रयास करते हैं। इस आतंक के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना, खेलना या पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बच्चों को स्कूल भेजने में भी अभिभावकों को हर वक्त किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। इरशाद अहमद और कॉलोनी वासियों ने नगर निगम की पशु नियंत्रण टीम से आवारा श्वानों को पकड़ने और इस समस्या से स्थायी निजात दिलाने की पुरजोर मांग की है। अवैध पार्किंग और ठेलों का जमावड़ाशहर के सेक्टर 6 के रहने वाले लोहित बाबिल ने सैटेलाइट हॉस्पिटल के बाहर व्यवस्थाओं के चरमराने और उसके कारण हो रहे गंभीर खतरे को लेकर चिंता जताई है। लोहित बाबिल के ने लिखा कि अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास की सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों की अवैध पार्किंग और ठेले वालों का स्थायी जमावड़ा लगा रहता है। इस वजह से अस्पताल के बाहर का पूरा क्षेत्र पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है। अस्पताल में हर समय गंभीर मरीजों और एम्बुलेंस की आवाजाही बनी रहती है, जिन्हें इस भारी अतिक्रमण और जाम के कारण अंदर पहुंचने में बेहद परेशानी होती है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' का असर:कहीं चमकीं बंद लाइटें तो कहीं जनता के 'स्टार' बने विजय गारू, जनसमस्याओं पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन 2.उदयपुर में अधिकारियों की लापरवाही:मनवाखेड़ा में सुधारे बिना काट दी पाइपलाइन, तो नाकोड़ा नगर में खाली प्लॉट बने ‘डंपिंग यार्ड’ 3.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:जनता की शिकायतों पर जागा प्रशासन; 11 दिन का अंधेरा दूर, कचरे और जाम से मुक्ति की गुहार 4.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ 5.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल:पानी, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बनीं बड़ी चुनौती, एक क्लिक पर हो रहा समाधान 6.उदयपुर में प्रशासन से गुहार भी बेअसर:एयरपोर्ट रोड इलाके में सालों से अटका सड़क का काम, ड्रेनेज सिस्टम न होने से जनता परेशान 7.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:कचरे और रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधान, तो कहीं हाई-टेंशन तारों का खतरा अभी भी बरकरार 8.सुलझीं स्ट्रीट लाइट की गंभीर समस्याएं:उदयपुर में कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी, खंडर क्वार्टर्स और खुले तारों से मंडराया बड़ा खतरा 9.उदयपुर में टूटी सड़कें, गंदे पानी की समस्या:पांच साल से अंधेरे में डूबी गली; वार्ड 44 के सुपरवाइजर कमल मूलचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.उदयपुर में गंदगी और जलभराव से जनता परेशान:फतेहसागर झील के पास कचरा, रेलवे पुलिया के नीचे भरा पानी; हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें सुधरी
सीकर। स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने और उनका तुरंत निस्तारण करने के संकल्प के साथ 'भास्कर समाधान' लगातार जनता की आवाज़ बना हुआ है। इसी कड़ी में शहर के दो प्रमुख इलाकों से राहत की बड़ी खबरें सामने आई हैं। तिलक नगर के एनएच 8ए सनवाली रोड पर पिछले दो महीनों से गैस पाइपलाइन के लिए खोदा गया जानलेवा गड्ढा आखिरकार नगर परिषद के एईएन (AEN) अमित स्वामी के प्रयासों से भर दिया गया है, जिसके लिए उन्हें 'स्टार ऑफिसर' भी चुना गया है। वहीं, वार्ड 1 की मोहन कॉलोनी में पवन कुमार की पोस्ट के बाद विद्युत विभाग ने त्वरित कार्रवाई कर महीनों पुरानी लो-वोल्टेज की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। हालाँकि, शहर के कई अन्य इलाके अब भी बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी लोग झेल रहे हैं। सीकर बाईपास की गोकुल विहार कॉलोनी में जलभराव के कारण हर बारिश में हादसे हो रहे हैं, तो सीकर रोड के तिरुपति नगर में महीनों से स्ट्रीट लाइट्स बंद होने से असुरक्षा का माहौल है। उधर, बाजाली आईटीआई के पास खाली प्लॉट कचरा डिपो में तब्दील हो चुके हैं और माधव विहार कॉलोनी में नालियाँ न बनने से बह रहा दूषित पानी महामारी को न्यौता दे रहा है। स्थानीय निवासियों ने इन गंभीर समस्याओं पर भी तुरंत सख्त कदम उठाने की मांग की है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) सनवाली रोड पर गड्ढा हुआ दुरुस्त, राहगीरों को मिली राहततिलक नगर के एनएच 8 ए क्षेत्र के सनवाली रोड से ताराचंद टेलर ने पिछले दिनों दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर समस्या उठाई थी। उन्होंने बताया था कि करीब 2 महीने पहले इस मुख्य मार्ग पर गैस पाइपलाइन डालने के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था। पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद भी कंपनी और ठेकेदार ने इस गड्ढे को लंबे समय तक ऐसे ही खुला छोड़ दिया था, जिससे यहां रोज़ाना हादसे हो रहे थे। लेकिन भास्कर समाधान पर प्रमुखता से मामला पोस्ट होने के बाद नगर परिषद के AEN ने समाधान करवा दिया है। अमित स्वामी बने 'स्टार ऑफिसर'तिलक नगर के एनएच 8ए क्षेत्र के सनवाली रोड से ताराचंद टेलर ने पिछले दिनों सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया था कि करीब 2 महीने पहले इस मुख्य मार्ग पर गैस पाइपलाइन डालने के लिए एक बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा गया था। पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद भी संबंधित कंपनी और ठेकेदार ने लापरवाही बरतते हुए इस गड्ढे को लंबे समय तक ऐसे ही खुला छोड़ दिया था, लेकिन इस गंभीर मुद्दे को 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किए जाने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के AEN अमित स्वामी ने तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर टीम भेजकर इस जानलेवा गड्ढे को पूरी तरह से दुरुस्त करवाकर बंद करवा दिया। मोहन कॉलोनी में लो-वोल्टेज की समस्या दूरसीकर शहर के वार्ड 1 के मोहन कॉलोनी से सामने आई एक बड़ी राहत की खबर में, बिजली की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। दरअसल, कॉलोनी के निवासी पवन कुमार ने कुछ दिनों पहले क्षेत्र में लगातार आ रही लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या को लेकर शिकायत पोस्ट की थी। पवन कुमार ने लिखा था कि कई दिनों से वोल्टेज बेहद कम होने के कारण घर के बिजली उपकरण काम नहीं कर रहे थे और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन संबंधित विभाग के जरिए इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने हार न मानते हुए इस मुद्दे को भास्कर समाधान पर पोस्ट किया। पोस्ट के सार्वजनिक होते ही विद्युत विभाग तुरंत हरकत में आया और अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी खराबी को दुरुस्त कर दिया। अभी भी कुछ और समस्या के समाधान की आस… हर बारिश में हादसे के बाद भी प्रशासन लापरवाहसीकर बाईपास स्थित गोकुल विहार कॉलोनी के निवासी मनोज कुमार सैनी ने बारिश के मौसम में कॉलोनी की बदहाल और जानलेवा स्थिति के बारे में पोस्ट किया है। मनोज कुमार ने लिखा कि हल्की सी बारिश होते ही पूरी कॉलोनी और मुख्य सड़क गहरे जलभराव की चपेट में आ जाती हैं। स्थिति इतनी विकट है कि हर साल बारिश के दिनों में यहां जलभराव के कारण कोई न कोई छोटी-बड़ी दुर्घटना या हादसा जरूर होता है। सड़कों पर लंबे समय तक पानी जमा रहने की वजह से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है। कॉलोनी में महीनों से गहराया अंधेरासीकर रोड स्थित तिरुपति नगर कॉलोनी के निवासी मूलचंद ने बंद रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। मूलचंद ने लिखा कि उनकी कॉलोनी में पिछले कई महीनों से स्ट्रीट लाइट्स पूरी तरह से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों को रात के समय घने अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। शाम ढलते ही पूरी कॉलोनी में सन्नाटा और असुरक्षा का माहौल बन जाता है। इस अंधेरे की वजह से राहगीरों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का रात में पैदल चलना भी खतरनाक हो गया है, साथ ही क्षेत्र में चोरी और अन्य असामाजिक गतिविधियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। खाली प्लॉट बना कचरा डिपोसीकर के बाजाली आईटीआई, राज रेजीडेंसी के पास रहने वाले सुरेंद्र कुमार ने क्षेत्र में बढ़ रहे स्वास्थ्य संकट और प्रशासनिक अनदेखी को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। सुरेंद्र कुमार के अनुसार, उनके घर के पास स्थित एक खाली प्लॉट में लंबे समय से लगातार कचरा फेंका जा रहा है, जो अब एक विशाल कचरा डिपो में तब्दील हो चुका है। इस खुले प्लॉट में जमा सड़ते हुए कचरे के कारण पूरे इलाके में भीषण बदबू फैली रहती है, जिससे स्थानीय निवासियों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस डंपिंग यार्ड बन चुके प्लॉट में अब खतरनाक कीड़े-मकोड़े, बिच्छू और मच्छरों की भारी तादाद पैदा हो रही है, जो आसपास के घरों में घुस रहे हैं। इससे कॉलोनी में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा हर वक्त मंडरा रहा है। बदहाली से लोगों के स्वास्थ्य पर मंडराया खतरामाधव विहार कॉलोनी के निवासी रचित जांगिड़ ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया कि कॉलोनी में नालियों का निर्माण न होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा और दूषित पानी सड़कों और खाली भूखंडों में लगातार जमा हो रहा है। लंबे समय से हो रहे इस जलभराव की वजह से पूरी कॉलोनी एक दलदल के रूप में तब्दील होती जा रही है, जिससे इलाके की छवि तो खराब हो ही रही है, साथ ही स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है। रुके हुए गंदे पानी से उठने वाली बदबू के कारण लोगों का घरों के बाहर निकलना दूभर हो गया है और मच्छरों और बैक्टीरिया के पनपने से मलेरिया, डेंगू और त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियों का खतरा चरम पर पहुंच गया है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:AEN नीरज कुमारी ने दूर की पानी की किल्लत, सीवर और कचरे से जूझ रहे शहर को मिली राहत 2.सीकर में खुली समस्याओं की पोल:एक तरफ ट्रांसफॉर्मर का खौफ, तो दूसरी तरफ लाइट चालू और सड़क निर्माण के साथ एक्शन में आया प्रशासन 3.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:सीवर लाइन दुरुस्त होने से राहत, कचरे से अटी नाली साफ, नगर परिषद AEN अमित स्वामी बने ‘स्टार ऑफिसर’ 4.JEN हरिराम बने आज 'स्टार ऑफिसर':एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 5.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’ 6.रोशनगंज मोहल्ले में जर्जर मकान से खतरा:वैष्णव कॉलोनी में गंदी पड़ी नालियां; न्यू इंदिरा कॉलोनी में हुआ समाधान 7.बारिश से पहले नालियों की सफाई की मांग तेज:टूटी सड़कें, गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, सीकर शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से उठी समस्याएं 8.सीकर में भास्कर समाधान का असर, शिकायतों पर लिया एक्शन:उठीं सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं; अमित शर्मा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 9.भास्कर समाधान: बिजली की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, सीवरेज और जलभराव की समस्याओं से लोग परेशान, कई समाधानों का अब भी इंतजार 10.भास्कर समाधान, सड़क की समस्या से मिली राहत:सीकर में जलापूर्ति, टूटी सड़क, पाइपलाइन लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान
मुजफ्फरनगर में बिजली संकट पर जनता के प्रदर्शन को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की सख्त नाराज़गी और चेतावनी का असर शायद बिजली विभाग पर नहीं दिखा। मंत्री सुबह मुख्य अभियंता को फोन पर हड़काते रहे, लेकिन शाम होते-होते विभाग ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। दरअसल, गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद जूनियर इंजीनियर रमनजीत सिंह द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नई मंडी कोतवाली में तहरीर दिए जाने की जानकारी मिलते ही बहुत सारे लोग कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के पास अपनी गुहार लेकर उनके आवास पे पहुंचे, जिस पर उन्होंने मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता को फोन मिलाया और दो टूक कहा कि एक बात सुनो चीफ साहब... अगर ये मुकदमा लिखवाया ना... तो अच्छा नहीं होगा... ये बात ध्यान रखना। मंत्री ने ट्रांसफॉर्मर बदलने में हुई 20 से 30 घंटे तक की देरी पर भी जमकर नाराज़गी जताई और बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से भी पूरे मामले पर बात की। लेकिन मंत्री की सख्त चेतावनी और फोन पर हुई फटकार का असर ज्यादा देर तक दिखाई नहीं दिया। रविवार शाम से पहले अपराह्न 4 बजकर 12 मिनट पर नई मंडी कोतवाली में जेई रमनजीत सिंह की तहरीर पर पुलिस द्वारा चुपचाप तीन नामजद और 15 से 20 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2), 127(2) और 121(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब खुद प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सार्वजनिक रूप से मुकदमा दर्ज न करने की बात कह रहे थे, तो विभाग ने आखिर उनकी बात को तवज्जो क्यों नहीं दी? शहर में इस बात की खूब चर्चा है कि मंत्री की गरज विभागीय फाइलों तक नहीं पहुंच सकी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग इसे मंत्री बनाम विभाग की खामोश जंग बताकर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित जीरी मंडी के पास श्री प्रणामी मंदिर से कुछ दिन पहले चोरी हुआ दानपात्र बरामद हो गया है। मंदिर की दीवार के बाहर टूटा हुआ दानपात्र पड़ा मिला, हालांकि उसके अंदर रखे करीब 10 हजार रुपए गायब थे। घटना के बाद आसपास के इलाके में काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बावजूद आरोपी का कोई पता नहीं चल सका है। गोलक में थे श्रद्धालुओं के दान के पैसे मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार गोलक में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करीब 10 हजार रुपए जमा थे। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं और दान स्वरूप राशि गोलक में डालते हैं। प्रबंधन का कहना है कि चोरी रात के समय में हुई। प्रारंभिक जांच में पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी मंदिर परिसर में किस रास्ते से दाखिल हुए। मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोर या तो दीवार फांदकर अंदर पहुंचे होंगे या फिर किसी अन्य रास्ते का इस्तेमाल किया होगा। मंदिर का छोटा प्रवेश द्वार सड़क की ओर है, जबकि परिसर चारदीवारी से घिरा हुआ है। भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं सेक्टर-39 स्थित श्री प्रणामी मंदिर के पुजारी मदन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मंदिर से चोरी हुआ दानपात्र तो बरामद हो गया, लेकिन उसमें रखी करीब 10 हजार रुपए की नकदी गायब है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। पुजारी मदन ने कहा मंदिर में श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ दान करते हैं। यह पैसा किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भगवान की सेवा, मंदिर के रखरखाव और धार्मिक कार्यों में लगाया जाता है। ऐसे में दानपात्र से चोरी होना केवल पैसों की चोरी नहीं, बल्कि लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं रहा। कुछ लोग अपनी मौज-मस्ती और गलत आदतों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता अपना रहे हैं, जो समाज के लिए बेहद चिंता का विषय है। पुजारी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आसान तरीके से पैसा कमाने या गलत संगत में पड़कर अपराध करने के बजाय मेहनत, ईमानदारी और खेलों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर ले जाते हैं, जबकि अपराध का रास्ता केवल बर्बादी की ओर ले जाता है।
कोटा में आम आदमी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं सीवर लाइन का कनेक्शन करने में ही विभाग प्रार्थी को तीन महीने से चक्कर कटवा रहा है तो कहीं घर के सामने लगा बिजली का जर्जर पोल बदलने में सुस्ती दिखा रहा है। जलभराव और स्ट्रीट लाइट की समस्या तो कोटा की हर गली की परेशानी बन चुकी है। सरकारी महकमे की ऐसी ही लापरवाहियों से परेशान जनता अब दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर अपनी समस्याएं पोस्ट कर उनके समाधान की अपील कर रही है। हालांकि ‘भास्कर समाधान’ पर यूजर्स की पोस्ट देखने के बाद पर विभागीय अधिकारियों ने कुछ मामलों में लोगों को राहत भी पहुंचाई है। कोटा के अलग-अलग इलाकों से हर दिन सामने आ रहीं समस्याओं से जुड़ी ऐसी पोस्ट और उनके समाधान पर एक नजर… तीन महीने बीते, नहीं किया सीवर कनेक्शन कोटा के आदित्य आवास योजना, गोरधनपुरा से संजय सिंह राठौर ने तीन महीने से सीवरेज का कनेक्शन नहीं किए जाने की समस्या 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने भास्कर को बताया कि पूरी गली में सीवर का काम पूरा हो गया लेकिन मेरा ही कनेक्शन अब तक नहीं किया गया है। लिखित में एप्लीकेशन और 181 पर भी बता चुका हूं लेकिन तीन महीने से टाले जा रहे हैं। घर के सामने बिजली का खंभा हुआ जर्जर कोटा शहर के विश्वकर्मा मंदिर मार्ग, महावीर नगर एक्सटेंशन से प्रवीण कुमार ने जर्जर हो चुके बिजली के सीमेंटेड खम्भे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि घर के सामने लंबे समय से बिजली का ये खम्भा जर्जर हालत में लगा हुआ है। इसे कई बार बदलने की शिकायत कर चुका हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बारिश के मौसम में अगर कोई हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा? गली में होता जलभराव, नहीं ले रहे सुध विज्ञान नगर से शिकु ने समस्या पोस्ट की है कि अजय आहूजा पार्क के सामने गली नंबर 3 में हल्की बारिश से ही सड़क और गली के नुक्कड़ पर पानी भर जाता है। ये जमा हुआ पानी धीरे–धीरे घर के आगे इकट्ठा हो जाता है और कई दिनों तक भरा रहता है। इससे बहुत असुविधा होती है। कई बार सफाईकर्मी को बोल चुके लेकिन कोई नहीं सुनता। गाड़ियों के गुजरने पर सारा पानी उछलकर लोगों पर गिरता है। रोड के दोनों तरफ की लाइट्स खराब उम्मेद सागर के रायपुर–ठेकड़ा रोड से हरिओम सिंह ने रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि रायपुरा मगरमच्छ नाले से लेकर राधिका रिजॉर्ट तक रोड के दोनों तरफ एक भी लाइट नहीं जल रही है। इससे पूरे इलाके में काफी अंधेरा रहता है और आने–जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस रोड की लाइट ठीक करवाएं क्योंकि यहां से रोज सैकड़ों लोग गुजरते हैं। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… पोस्ट के बाद रोड का रुका काम हुआ पूरा कोटा के अर्जुनपुरा की गणपति नगर कॉलोनी से अरविंद कुमार सिंह ने वैशाली नगर में बीते 10 दिनों से सीसी रोड का काम बंद होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि काम बंद होने से एरिया की नालियां जाम पड़ी हैं। मिट्टी मलबा सड़क किनारे पड़ा है। इस पर संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसी रोड का काम पूरा करवा दिया है। यूजर ने खुद इसकी जानकारी शेयर की। नरेश डागर बने ‘पब्लिक के स्टार’ कोटा के आरकेपुरम से एक यूजर ने गैस पाइपलाइन डालने के बाद मलबा और मिट्टी न हटाए जाने की समस्या 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि काम पूरा हो जाने के बाद भी न तो पत्थर और रोड़ी ही हटाई न ही फुटपाथ का एरिया ही साफ किया गया। इस पर एक्शन लेते हुए हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर सफाईकर्मी नरेश डागर ने समस्या का समाधान करवा दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
अजमेर में आमजन की समस्याओं पर प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। राजकीय अस्पताल में नवजात बच्चों के सर्जरी वार्ड में एसी बंद है। उमस और गर्मी से बेहाल परिजन घर से पंखा लाने को मजबूर हैं। वहीं कॉलोनी में स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती संख्या और बाहर के लोगों के चौपहिया वाहन पार्क करने से लोग परेशान हैं। रही सही कसर टूटी सड़क ठीक करने की बजाय संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने गड्ढे में मिट्टी के कट्टे डालकर पूरी कर दी। अजमेर में लोगों की ऐसी ही समस्याओं को दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर लगातार प्रमुखता से उठाया जा रहा है। नतीजा, लोगों की पोस्ट पर विभागीय अधिकारियों ने एक्शन भी लिया और समाधान भी करवाया। अजमेर के अलग-अलग वार्डों से सामने आईं ऐसी ही समस्याओं की पोस्ट और उनके समाधानों पर एक नजर… शिशु वार्ड में एसी बंद, घर से पंखे ला रहे परिजन अजमेर से दीपक कुमार ने पूज्य परब्रह्म देव बाल रोग विभाग एवं नवजात शिशु सर्जरी वार्ड की समस्या दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि जेएलएन हॉस्पिटल रोड, मुस्लिम मोची मोहल्ला में बाल रोग विभाग एवं नवजात शिशु सर्जरी वार्ड में एयरकंडीशन बंद है। इससे पूरे वार्ड में उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। मरीजों के परिजन घरों से पंखे लेकर आने को मजबूर हैं। सड़क टूटी, खाली जगह कट्टे डाल भूला विभाग अजमेर के फायसागर रोड, ब्लॉक बी के रावत नगर से लालचंद पंवार ने स्वास्तिक नगर की क्षतिग्रस्त सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि बारिश में सड़क का कटाव होने के बाद निगम ने मिट्टी के कट्टे डालकर जिम्मेदारी पूरी कर ली। जबकि यह सड़क कभी भी धंस सकती है। रात को हादसा होने की आशंका बनी हुई है। लेकिन कोई अधिकारी यहां झांकने तक नहीं आया है। कॉलोनी की खाली जगह बनी अवैध पार्किंग अजमेर के विज्ञान नगर की श्री अम्बे कॉलोनी से जीतेन्द्र कुमार ने अवैध पार्किंग का मुद्दा उठाया है। उन्होंने लिखा है कि आदर्श नगर डेयरी के पास बाहर के लोग भी खाली जगह पर अपनी कार पार्क कर जाते हैं। इससे सुबह गली से बाइक निकालने तक की जगह भी नहीं बचती। बच्चों के स्कूल जाते समय भी काफी परेशानी होती है। इस समस्या का संबंधित विभाग कोई समाधान करवाएं। स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती संख्या बनी परेशानी हाथी खेड़ा में डिफेंस कॉलोनी से अनिल निहालानी ने वरुण सागर रोड की गली नंबर 1 की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सीआरपीएफ गेट के सामने वाली गली में बाबा रामदेव मंदिर के पास एक दर्जन से ज्यादा स्ट्रीट डॉग्स पल रहे हैं। पैदल आने जाने वालों पर न केवल अनावश्यक भौंकते हैं बल्कि कई बच्चों को काट भी चुके हैं। इन बेसहारा डॉग्स की समस्या का जल्द समाधान कर हमें भयमुक्त करें। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… दो दिन से बंद पड़ी लाइट हुई ठीक अजमेर के भोपों का बाड़ा, पुलिस लाइंस से लव ने अपने क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट की समस्या दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बीते दो दिन से हमारी गली की रोड लाइट बंद पड़ी है। इस समस्या का स्थानीय पार्षद ने समाधान करवा दिया है। एईएन उत्तम माथुर बने 'स्टार ऑफिसर' अजमेर के सर्वेश्वर नगर की गली नंबर 4 से मोहित ने सप्लाई के समय लो प्रेशर की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि सिद्धेश्वर मंदिर वाली गली में पानी तीन–चार दिन के बाद आता है। बमुश्किल एक घंटा सप्लाई आती है और प्रेशर बहुत कम होता है। पानी भी समय पर नहीं आता कभी दोपहर तो कभी सुबह सप्लाई आती है। इस पर एईएन उत्तम कुमार ने समस्या का समाधान कर दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 3.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के 26 से 29 जून तक गुना दौरे के दौरान भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य किसी भी प्रमुख कार्यक्रम में नजर नहीं आए। उन्होंने केवल सर्किट हाउस पहुंचकर सिंधिया की आगवानी की, लेकिन इसके बाद आयोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। यहां तक कि कलेक्ट्रेट में सिंधिया की अध्यक्षता में हुई दिशा समिति की समीक्षा बैठक में भी उनकी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। विधायक की यह दूरी हाल ही में सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर दिए गए उनके विवादित बयानों के बाद राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। मंत्रियों पर दिए थे तीखे बयान कुछ दिन पहले विधायक पन्नालाल शाक्य ने सिंधिया समर्थक दो मंत्रियों पर सार्वजनिक रूप से तीखी टिप्पणी की थी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को लेकर उन्होंने कहा था कि क्षेत्र को बदनामी से बचाने की जरूरत है। उन्होंने मंत्री के कामकाज और सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि प्रदेश को ऐसा जनसेवक चाहिए, जो गंभीरता और प्रामाणिकता से काम करे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कोई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि खराब करने की कोशिश करेगा तो वह मुख्यमंत्री से ऐसे मंत्री को हटाने का आग्रह करेंगे। प्रभारी मंत्री पर भी साधा था निशाना विधायक ने प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रभारी मंत्री उन्हें केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ चलने तक नहीं देते। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि हवाई पट्टी पर उन्हें किनारे कर दिया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि वे जनता के वोट से विधायक बने हैं और किसी व्यक्ति की वजह से राजनीति में नहीं हैं। सिंधिया के कार्यक्रमों से बनाए रखी दूरी केंद्रीय मंत्री सिंधिया के गुना प्रवास के दौरान शहर और आसपास कई सरकारी एवं संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित हुए, लेकिन विधायक पन्नालाल शाक्य इनमें कहीं भी दिखाई नहीं दिए। उनकी लगातार अनुपस्थिति को राजनीतिक हलकों में सिंधिया और उनके समर्थक नेताओं के प्रति नाराजगी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दिशा समिति की बैठक से भी रहे गायब सबसे अधिक चर्चा कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा समिति की समीक्षा बैठक को लेकर हुई। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में गुना के भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य शामिल नहीं हुए। वहीं बमोरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल बैठक में मौजूद रहे। सत्ताधारी दल के विधायक की अनुपस्थिति और विपक्षी विधायक की मौजूदगी पूरे दिन राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रही। अनुपस्थिति पर दिए अलग-अलग जवाब जब मीडिया ने विधायक पन्नालाल शाक्य से कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि वे पार्टी के काम से भोपाल में हैं, इसलिए कार्यक्रमों में नहीं पहुंच सके। वहीं एक अन्य मीडियाकर्मी से उन्होंने अपने साले के निधन और बड़ी साली की तबीयत खराब होने का कारण बताया। सोशल मीडिया पोस्ट से उठे सवाल विधायक के इन बयानों के बीच उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर उसी दिन उनके गुना स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनते हुए तस्वीरें पोस्ट की गईं। इससे उनके भोपाल में होने के दावे पर सवाल उठने लगे। जब इस विरोधाभास को लेकर दोबारा सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय इतना ही कहा कि उनकी न किसी से दोस्ती है और न किसी से दुश्मनी, वे सबके चहेते हैं। पहले भी संगठन ने किया था तलब मंत्रियों के खिलाफ दिए गए उनके विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया था। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर विधायक को भोपाल बुलाया गया था, जहां उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा था। सफाई के बाद भी खत्म नहीं हुई चर्चा भोपाल में संगठन से मुलाकात के बाद विधायक ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा था कि भाजपा एक परिवार है और संगठन उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है। हालांकि, इसके बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया के पूरे दौरे से उनकी दूरी ने एक बार फिर गुना भाजपा में अंदरूनी खींचतान और असंतोष की चर्चाओं को हवा दे दी है।
जोधपुर में टूटी सड़कों पर पत्थर निकल आए हैं जिन पर चलना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। वहीं एक इलाके में 20 दिन से सीवरेज लाइन डालने का काम अटकने से लोगों की जिंदगी दूभर हो गई है। 5 दिन से रोड लाइट खराब होने से लोग अंधेरे में आवाजाही को मजबूर हैं। ये एक बानगी भर है जोधपुर शहर के विभिन्न वार्डों में रह रहे लोगों की उन परेशानियों की जिन्हें दूर करने का काम सरकारी विभागों के जिम्मेदारों का है। इन बुनियादी जरूरतों के समाधान की उम्मीद में जोधपुर से यूजर ‘भास्कर समाधान’ पर फोटो-वीडियो के साथ अपनी समस्या पोस्ट कर रहे हैं। कई मामलों में अधिकारियों ने पहल करते हुए समाधान भी करवाए हैं। जोधपुर से आईं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधानों पर एक नजर… खुले में डाल रहे कचरा जोधपुर की बैंक कॉलोनी, कुम्भा मार्ग से ओमप्रकाश जांगिड़ ने दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर खुले में कचरा डालने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कचरा पात्र न होने और नियमित कचरा न उठाए जाने से एरिया में लगातार गंदगी बढ़ती जा रही है। इससे यहां रहने वालों को बहुत असुविधा होती है। सड़क उधड़ी, पत्थर निकले जोधपुर के कमला नेहरु नगर से महावीर ने सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्हाेंने बताया कि जगदम्बा माता मंदिर से ठीक पहले एसबीआई वाली गली में पूरी सड़क उधड़ी पड़ी है। सड़क का डामर हट गया है और जगह–जगह पत्थर निकल आए हैं। इससे दो पहिया वाहन चालकों को खासी परेशानी हो रही है। पांच दिन से अंधेरे में पूरी गली जोधपुर के बासनी की बिहारी कॉलोनी से सुरेश ने पांच दिनों से स्ट्रीट एवं रोड लाइट्स के खराब होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बीते पांच दिन से पूरी सड़क अंधेरे में डूबी हुई हे। लाइनमैन और बिजली विभाग को भी कह चुके लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। 20 दिन से जीना हुआ दूभर जोधपुर के सदर थना इलाके के नागौरी गेट के अंदर सिंधी शहजादों की मस्जिद वाली गली में सीवरेज लाइन डालने का काम बीते 20 दिनों से बंद पड़ा है। सड़क पर मलबा, मिट्टी, खुदी सड़क और सीवर का पानी फैला हुआ है। गाड़ियों से चलना तो दूर लोग पैदल भी बमुश्किल निकल पा रहे हैं। आइए अब एक नजर उन समाधानों पर भी डालें, जो विभागीय अधिकारियों ने करवाए हैं.. पोस्ट के बाद हुई सफाई जोधपुर के सूर सागर रोड के प्रताप नगर से हेमलता चौहान ने अनाधिकृत डंपिंग जोन की समस्या पोस्ट करते हुए लिखा था कि यहां लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। नीचे गैस लाइन है और ऊपर हाई वॉल्टेज लाइन की वजह से कई बार कचरे में आग लग चुकी है। इस पर वार्ड संख्या 34 के सफाई प्रभारी रवि कुमार ने साफ सफाई करवाकर समाधान करवा दिया है। नवीन महला बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर के बनाड़ रोड स्थित नांदड़ी क्षेत्र की समस्या पोस्ट करते हुए दीपक चौहान ने बताया कि एरिया में बार–बार पॉवर कट की परेशानी है। महादेव नगर, महावीर नगर, प्रभात नगर, नांदड़ी समेत पूरे इलाके में 8 से 10 घंटे का पॉवर कट रहता है। नांदड़ी बिजली घर शिकायत करने जाओ तो एक कर्मचारी सीट पर नहीं मिलता। इस पर एक्शन लेते हुए एफआरटी टीम के सुपरवाइजर नवीन महला ने लाइनमैन को पाबंद कर समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
हाथरस में देर रात हुई एक घंटे बारिश:सदर कोतवाली और शहर के अधिकांश इलाकों में जलभराव, और बढ़ी उमस
हाथरस में रविवार की देर रात मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में घने बादल छाने के बाद, देर रात करीब 3 बजे एक घंटे तक बारिश हुई। हालांकि, इस बारिश से लोगों को गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। हाथरस सदर कोतवाली परिसर में घुटनों तक पानी भर गया। इसके अलावा, मोहनगंज, लाला का नगला, नाई का नगला, कर्बला रोड, बालापट्टी, मोहल्ला श्रीनगर और तरफरा रोड सहित कई क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। बिजली गुल होने से बढ़ी लोगों की परेशानी इस बरसात ने शहर के ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम की पोल खोल दी। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई इलाकों में बिजली भी गुल रही, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। बारिश के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिली। कल का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आज सुबह भी तेज धूप निकली और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस मापा गया है।
सिरसा जिले में पुलिस ईआरवी की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ईआरवी गाड़ी में सवार तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। तीनों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। गाड़ी की पेड़ से टक्कर इतनी भयंकर है कि गाड़ी का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रखी है। इंजन में काफी टूट-फूट है और बैटरी तक उछल कर दूर जा गिरी। गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। जानकारी के अनुसार, यह घटना नाथूसरी चोपटा थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 11:30 बजे गांव नहराणा के पास हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों ही पुलिसकर्मी गश्त पर थे। यह ईआरवी गाड़ी नाथूसरी चोपटा से नहराणा गांव की ओर गश्त पर जा रही थी। चोपटा-भट्टू रोड पर नहराणा के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गई और पेड़ से जा टकराई। एक्सीडेंट देखकर नहीं लगता कि कोई बच सकता है। गाड़ी के अगले दोनों गुब्बारे निकले गाड़ी रोड के साइड में नीचे खेतों की ओर खाई में उतर गई और फिर पेड़ से टकराई। गाड़ी के अगले दोनों गुब्बारे निकले हुए हैं और टायर तक फट गए। यहां तक कि कंडक्टर साइड से खिड़की तक टूट गई और पीछे की साइड भी ज्यादा क्षतिग्रस्त है। ड्राइवर साइड की खिड़की खुली है। हो सकता है तीनों यहां से नीचे उतरे हो। घायलों में दो पुलिसकर्मियों को अस्पताल में दाखिल करवाया है और एक का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों में ये पुलिसकर्मी घायल पुलिसकर्मियों की पहचान चालक विजय कुमार, एएसआई विजय कुमार और एसपीओ सुनील कुमार के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें नाथूसरी चोपटा से सिरसा रेफर कर दिया गया। ड्राइवर विजय कुमार को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जबकि एएसआई विजय कुमार और एसपीओ सुनील कुमार को निजी अस्पताल में दाखिल है। एक्सीडेंट से जुड़े फोटोज… सिलसिलेवार ढंग से जानिएं पूरा मामला चौपटा थाना की गाड़ी पुलिस के अनुसार, यह HR 99 0631 नंबर की ERV 15 SRG गाड़ी चौपटा थाना के अंतर्गत आती है। यह गाड़ी गश्त में इस्तेमाल होती है और डायल 112 की तरह दिखती है। जिस पर लिखा कि बस एक कॉल दूर।
वाराणसी में सोमवार सुबह आम लादकर मंडी जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। आम भरे ट्रक के पलटने के दौरान सड़क पर गुजरते पिता-पुत्र को रौंद दिया। हादसे में पिता की मौके पर मौत हो गई, वहीं बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में वृद्ध डीसीएम के नीचे आ गया और बेटे को बचाने के प्रयास में पहिए के नीचे आ गया। आसपास जुटे लोगों ने कुम्हार को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद पहुंचे परिजनों ने हंगामा काटा। घटनास्थल पर जुटे तमाम लोगों ने आक्रोशित होकर चक्काजाम कर दिया। वाराणसी-लखनऊ हाईवे जाम होने से कुछ देर में वाहनों की कतार लग गई। एयरपोर्ट जाने वाले कई लोग जाम में फंस गए, इसके अलावा कई स्कूली बसें भी जाम में थमी हैं। पुलिस परिजनों को समझाकर जाम को खुलवाने का प्रयास कर रही है। थाना शिवपुर के हटिया निवासी छेदी प्रजापति (65 वर्ष ) अपने परिवार के साथ कुल्हड़ बनाने का काम करता था। सोमवार को छेदी अपने छोटे बेटे काशी प्रजापति (30) के साथ बाजार में कुल्हड़ सप्लाई लेकर जा रहा था। थाना क्षेत्र में कादम्बिनी लॉन (टीवीएस शोरूम) के पास तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। पिता-पुत्र ने बचने का प्रयास किया और सड़क के किनारे तक पहुंच गए लेकिन ट्रक की चेपट में आ गए। आम लदे डीसीएम ने टक्कर मारते हुए कुचल दिया और कुछ दूर सुद्दीपुर में हनुमान मंदिर के सामने जाते ही डीसीएम अनियंत्रित होकर पलट गया।घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। जाम के चलते मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया है। सूचना मिलते ही मौके पर कई अधिकारी भी पहुंचे हैं। परिजनों ने बताया कि छेदी के बडे बेटे बनारसी प्रजापति की तीन माह पहले ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है, तब से पूरा परिवार टूट गया था। पिछले दिनों से कामकाज शुरू किया था और छोटे बेटे के साथ कुल्हड़ की सप्लाई देने जाता था। हादसा सुबह लगभग 6 बजे हुआ और तब से परिजनों ने जाम लगाया हुआ है। पिछले ढाई घंटे से हाईवे पूरी तरह से जाम है।
तालाब की जमीन पर बना अवैध मंदिर ध्वस्त:एसडीएम सदर के निर्देश पर राजस्व टीम ने की कार्रवाई
रायबरेली के कनौली गांव में सरकारी तालाब की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सदर तहसील क्षेत्र के विकासखंड राही स्थित इस गांव में तालाब की जमीन पर बन रहे एक मंदिर के निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई एसडीएम सदर गौतम सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने की। जानकारी के अनुसार, ग्राम कनौली में गाटा संख्या-857 मि., जिसका रकबा 0.6550 हेक्टेयर है, राजस्व अभिलेखों में तालाब की भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि कनौली निवासी रामखेलावन पुत्र सुखई द्वारा इसी सरकारी भूमि के एक हिस्से पर अवैध रूप से मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था। मामले की सूचना मिलने पर एसडीएम सदर गौतम सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को हटा दिया। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि, विशेषकर तालाब, चरागाह और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान लेखपाल अमित कुमार सिंह सहित राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह का अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर के थाना तितावी क्षेत्र के एक गांव में देर रात एक नाबालिग लड़की के घर में युवक के घुसने के आरोप के बाद हड़कंप मच गया। आरोप है कि दूसरे समुदाय का एक युवक रात के अंधेरे में घर में घुसा और नाबालिग लड़की को पकड़ने का प्रयास किया। लड़की की मां ने विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। शोर-शराबा होने पर मां-बेटी ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि बाद में आरोपी पक्ष के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर थाना तितावी पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इस घटना को लेकर बघरा योग आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं पुलिस अधिकारियों को सूचना देकर मौके पर पुलिस भिजवाई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और घटना में शामिल अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्वामी यशवीर महाराज का आरोप है कि संबंधित युवक पहले भी कई बार इस परिवार के घर के आसपास देखा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने परिवार को धमकाने का प्रयास किया।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर लेगा, जिससे कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। आज (सोमवार) भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है। इस बीच रविवार को राजनांदगांव में सबसे ज्यादा 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में सबसे कम 23.6 डिग्री तापमान रहा। इधर, बेमेतरा जिले के राऊरपुर गांव में शनिवार रात भर हुई भारी बारिश के कारण रविवार सुबह एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई। इस हादसे में घर के आंगन में खेल रही दो सगी बहनें वंशिका कोसले (12) और राधिका कोसले (9) मलबे में दब गईं, जिससे दोनों की मौत हो गई। हादसे में एक महिला भी घायल हुई है। वहीं, सुकमा जिले के कुकानार गांव में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, 4 अन्य घायल हैं। सभी युवक खेत में काम करने के बाद बारिश से बचने के लिए इमली के पेड़ के नीचे बैठे थे। तभी दोपहर 3 बजे आंधी के साथ बिजली गिरी। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अजय नाग (18) ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हादसे की तस्वीर… रायपुर का मौसम रायपुर में आज (सोमवार) बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून मानसून अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंच चुका है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में मानसून नहीं पहुंचा है। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति, फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कमधमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमीदुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमीमहासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमीबलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति)मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कमबलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमीसक्ती: 83% कम
आगरा में बादल छाये-हवा ने उमस से दी राहत:कल से 4 जुलाई तक आंधी और बारिश का अलर्ट
आगरा में सोमवार सुबह से हल्के बादल छाये हुए हें और हवा चल रही है। इससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने 30 जून से 4 जुलाई तक आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट किया है। आज दोपहर बाद भी मौसम बदल सकता है। सप्ताहभर से आगरा में भीषण गर्मी है। उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। रविवार को दिनभर उमस रही। लोगों का पसीना बहता रहा। हवा भी शांत थी, ऐसे में कुछ लोगों में बेचैनी बढ़ गई। शनिवार को आगरा यूपी का सबसे गर्म शहर रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 42.6C और न्यूनतम तापमान 26.7C रहा। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति उमस छुड़ा रही पसीना उमसभरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। दोपहर ही नहीं, सुबह और शाम को भी गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा। एसी-कूलर के सामने से हटते ही पसीना छूटने लगता है। रविवार को दिनभर भीषण उमस रही। शनिवार को आगरा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। हालांकि शनिवार की अपेक्षा रविवार को आगरा में अधिकतम तापमान में 0.6C की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 43.2C था, वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 42.6C रहा। कल से आंधी-बारिश का अलर्ट भीषण गर्मी के बीच आगरा का मौसम एक बार फिर से बदल सकता है। मौसम विभाग ने 30 जून से 4 जुलाई तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस बीच तापमान में गिरावट हो सकती है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
ओवरलोड गिट्टी से भरी 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:6 आरोपी गिरफ्तार, बिना रवन्ना के ले जा रहे थे
डीग जिले में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान अवैध गिट्टी परिवहन में लगी 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गईं और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।यह कार्रवाई जुरहरा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त रूप से की। पुलिस को अवैध गिट्टी परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने बिना वैध रवन्ना के ओवरलोड गिट्टी ले जा रही 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोका। सभी वाहनों को जब्त कर उनके ड्राइवरों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धर्मेंद्र, मुस्तकीम, संदीप, विवेक, करण और वाजिद शामिल है। पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन ठगी करने में 1 बाल अपचारी डिटेनजिले की जालूकी थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है। उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर जब्त किए गए। पुलिस टीम ने ग्राम सैमला कला के जंगल क्षेत्र में कार्रवाई कर बाल अपचारी को डिटेन किया। जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ब्रांडेड कपड़ों की बिक्री के नाम पर विज्ञापन डालता था। ग्राहकों को आकर्षक तस्वीरें भेजकर एडवांस भुगतान लेने के बाद सामान नहीं भेजता था और इस तरह ऑनलाइन ठगी करता था।
फरीदाबाद के पर्वतीय कॉलोनी में शनिवार शाम 15 फुट ऊंची दीवार गिरने से हुआ हादसा समय रहते रोका जा सकता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लॉट में उनके मकानों की दीवारों के साथ काफी ऊंचाई तक निर्माण सामग्री जमा की जा रही थी। इसे लेकर उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो यह हादसा नहीं होता और 8 वर्षीय मासूम बच्ची की जान बच सकती थी। शनिवार शाम दीवार गिरने से दो महिलाएं और चार बच्चियां उसके नीचे दब गई थीं। हादसे में 8 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। 'जो करना है कर लो', कहकर टाल देता था मालिक स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्लॉट मालिक को भी दीवार और उसके साथ ऊंचाई तक रखी निर्माण सामग्री से होने वाले खतरे के बारे में आगाह किया था। लेकिन आरोप है कि मालिक ने उनकी बात को गंभीरता से लेने के बजाय कथित तौर पर कहा, जो करना है कर लो। इसके बावजूद न तो दीवार की मरम्मत कराई गई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। लोगों ने हादसे के लिए नगर निगम और प्लॉट मालिक, दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला बोली- पहले भी टूट चुकी थी टीन की छत हादसे वाले प्लॉट के साथ रहने वाली राधा ने बताया कि दीवार गिरने से उनके मकान की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी प्लॉट से निर्माण सामग्री उनकी टीन की छत पर गिर गई थी, जिससे पूरी छत टूट गई थी। उस समय भी उन्होंने प्लॉट मालिक से शिकायत की थी, लेकिन न तो उनकी छत की मरम्मत कराई गई और न ही कोई जिम्मेदारी ली गई। राधा ने कहा कि हादसे के बाद भी प्लॉट मालिक या उसके प्रतिनिधि हालचाल जानने तक नहीं पहुंचे। नगर निगम का दावा- लिखित शिकायत नहीं मिली वहीं, इस मामले में नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, यदि शिकायत मिलती, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
अमेठी में स्कूलों का समय बदला:भीषण गर्मी के कारण कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाएं अब 12:30 बजे तक
अमेठी में भीषण गर्मी के मद्देनजर कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय तिवारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आज से सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे, जिससे बच्चों को लू से राहत मिलेगी। इस आदेश के तहत जिले के परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों से संचालित नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी विद्यालय प्रभावित होंगे। यह नया समय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अमेठी में लगातार भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि दोपहर की तेज धूप में उनके बीमार पड़ने की आशंका बनी रहती थी। अभिभावक भी लंबे समय से स्कूलों के समय में बदलाव की मांग कर रहे थे। बीएसए संजय तिवारी ने सभी प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने कहा कि भीषण गर्मी में बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। स्कूलों को बच्चों के लिए पीने के पानी और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रायबरेली में महिला सशक्तिकरण पर बहू-बेटी सम्मेलन:महिलाओं को अधिकारों व योजनाओं के प्रति जागरूक किया
रायबरेली में मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के तहत 'बहू-बेटी सम्मेलन' और चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम थाना भदोखर की मिशन शक्ति टीम द्वारा ग्राम बेहटाखुर्द के पंचायत भवन में आयोजित हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें 1090, 181, 112, 1076, 102, 1930, 101 और 1098 शामिल थे। टीम ने बताया कि 1090 महिला हेल्पलाइन पर की गई शिकायत में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। मिशन शक्ति टीम ने सरकार द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की। इनमें कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और मातृशक्ति वंदन योजना प्रमुख थीं। इस दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उन्हें आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में संबंधित हल्का प्रभारी, बीट आरक्षी, ग्राम प्रधान, आशा बहू, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे। थाना भदोखर की मिशन शक्ति टीम की ओर से महिला उप निरीक्षक रेखा सरोज, महिला आरक्षी रानी, महिला आरक्षी अनामिका कुशवाहा, महिला आरक्षी दीपमाला और महिला आरक्षी अंजली पाल ने सक्रिय रूप से भाग लेकर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में रविवार को गंगा में डूबने से तीन श्रद्धालुओं की मौत के बाद जिला अस्पताल पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों और मृतकों के परिजनों ने घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर मुजफ्फरनगर पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उस खबर का खंडन किया है, जिसमें संत समनदास आश्रम के कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा होने का दावा किया जा रहा था। बिजनौर के फतेहपुर कलां निवासी प्रत्यक्षदर्शी दुष्यंत ने जिला हॉस्पिटल में देर रात मीडिया को बताया कि वह अपने साथियों के साथ गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान उनका एक साथी मनीष पुत्र नरेश गहरे पानी में चला। गया। उसे बचाने के लिए राजन पुत्र बाबूराम नदी में कूद गया, लेकिन वह खुद भी डूब गया। किसी तरह मनीष पुत्र नरेश को तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाने वाला युवक राजन जिंदगी की जंग हार गया। चश्मदीद दुष्यंत ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद नाव चालकों से लगातार मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन उन्होंने सहयोग करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था, हम तुम्हारे नौकर थोड़े ही हैं। चश्मदीद का यह भी दावा है कि नाव चालकों ने मदद के बदले पैसों की मांग की थी और पैसे देने का आश्वासन मिलने के बाद भी समय पर मदद नहीं की गई। उधर, सूचना मिलने पर बिजनौर से जिला अस्पताल पहुंचे मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि परिवार के बच्चे शुकतीर्थ मेले में गंगा स्नान के लिए आए थे, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया। कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं और दो परिवारों ने अपने बेटे तथा एक परिवार ने अपनी मासूम बेटी को हमेशा के लिए खो दिया। इधर, हादसे को लेकर सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हुई कि संत समनदास आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कोई बड़ी दुर्घटना हुई है। इस पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने तत्काल देर रात करीब 11 बजे स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस ने बताया कि आश्रम परिसर या सत्संग कार्यक्रम में कोई हादसा नहीं हुआ।
छिंदवाड़ा में पानी के लिए मची हाय तौबा:5 दिन से आधे शहर में नहीं आया पानी, टैंकर भी नहीं पहुंच रहे
छिंदवाड़ा में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कन्हरगांव डैम में पानी की भारी कमी के कारण भरतादेव फिल्टर प्लांट से होने वाली जलापूर्ति पिछले पांच दिनों से बंद है। इसका सीधा असर शहर के आधे हिस्से पर पड़ा है, जहां हजारों परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। नलों से पानी नहीं आने के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है और अब कई परिवार पीने के लिए महंगा पानी खरीदने को मजबूर हैं। शहर के आधे हिस्से में पानी का संकट पिछले पांच दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण शहर के कई वार्डों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू कामकाज, पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। लोगों का कहना है कि लगातार कई दिनों से नलों में पानी नहीं आने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। टैंकरों से भी नहीं मिल पा रही राहत नगर निगम का दावा है कि प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन बढ़ती मांग के सामने यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। कई वार्डों में टैंकर पहुंचने से पहले ही लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। पानी भरने को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। कई इलाकों में महिलाएं और बच्चे सुबह से टैंकर का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। महंगा हुआ पीने का पानी जल संकट का असर अब बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। वॉटर कैन और निजी जल सप्लाई करने वालों ने पानी के दाम बढ़ा दिए हैं। जो पानी के कैन पहले सामान्य कीमत पर मिलते थे, अब उनकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। मजबूरी में लोग अधिक कीमत देकर पीने का पानी खरीद रहे हैं। डेड वॉटर से जलापूर्ति की कोशिश कन्हरगांव डैम में जलस्तर काफी नीचे पहुंच चुका है। हालात ऐसे हैं कि अब डेड वॉटर का भी उपयोग करने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम के जलप्रदाय विभाग ने डेड वॉटर को ग्रेविटी कैनाल तक पहुंचाने के लिए मोटर पंप लगाए, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण सफलता नहीं मिल सकी। मोटर पंप भी नहीं दे पाए पर्याप्त पानी विभाग की ओर से 40 हॉर्स पावर और 25 हॉर्स पावर की दो मोटर पंप लगाई गई थीं। शुरुआत में 40 एचपी की मोटर खराब हो गई। इसके बाद 25 एचपी मोटर से पानी लिफ्ट करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी फिल्टर प्लांट तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने में सफल नहीं हो सकी। जलापूर्ति बहाल करना बना चुनौती रविवार देर शाम अधिकारियों ने एक बार फिर मोटर पंप चालू करने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल पर्याप्त मात्रा में पानी लिफ्ट कर भरतादेव फिल्टर प्लांट तक पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में सोमवार को भी शहर के कई हिस्सों में नलों से पानी आने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है। नगर निगम के प्रति बढ़ रही नाराजगी लगातार गहराते जल संकट को लेकर शहरवासियों में नगर निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी और बारिश के बीच इस तरह की स्थिति बनती है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। वार्डों में भेजे जा रहे पानी के टैंकर भी जरूरत के मुकाबले कम हैं, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी नगर निगम के अधिकारी लगातार व्यवस्था सुधारने और जल्द जलापूर्ति बहाल करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में शहर का पेयजल संकट और भी गंभीर हो सकता है।
धौलपुर में अवैध हथियार गिरोह का भंडाफोड़:3 आरोपी गिरफ्तार, एक कट्टा और दो बाइक बरामद
धौलपुर में दिहोली थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक 315 बोर का सिंगल शॉट कट्टा और 2 बाइक बरामद की है। डीएसटी टीम प्रभारी प्रेम सिंह ने बताया कि कॉन्स्टेबल भागीरथ से मिली सूचना के आधार पर नसीरपुर रोड पर घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 48 वर्षीय मोहर सिंह (निवासी ढौंढ़ी का पुरा), 23 वर्षीय राजेश (निवासी नसीरपुर) और 25 वर्षीय प्रधान सिंह (निवासी नसीरपुर) के रूप में हुई है।फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। उनसे अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में हुए शराब घोटाले की जांच एक बार फिर तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों से आज और कल ईडी के रांची स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी ने इससे पहले 23 अगस्त 2023 को रांची, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा व कोलकाता में 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान रोहित उरांव के रांची आवास पर भी छापे पड़े थे। इसमें रोहित के घर से 30 लाख रुपए बरामद हुए थे। ईडी की छापेमारी के बाद यह बात सामने आई श्क्षी कि रोहित उरांव ने राज्य के सबसे बड़े शराब सिंडिकेट और एक कारोबारी के साथ मिलकर शराब के कारोबार में निवेश किया था। दोनों से पैसों के अवैध लेनदेन की जुड़ रही कड़ी इससे पहले एसीबी ने आबकारी नीति में हुई अनियमितता को लेकर एफआईआर (कांड संख्या 09/2025) दर्ज की थी। इसी एफआईआर (प्रिडिकेट ऑफेंस) को आधार बनाकर ईडी ने पीएमएलए के तहत नई ईसीआईआर संख्या 10/2025 दर्ज की थी। जांच एजेंसी अब इन दोनों से मनी ट्रेल (पैसों के अवैध लेनदेन) की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। इधर, अब तक इस मामले में जो जांच चल रहा है, उसमें पता चला है कि झारखंड में नई उत्पाद नीति-2022 लागू करने के दौरान छत्तीसगढ़ की कुछ दागी और चहेती कंपनियों को राज्य में शराब सप्लाई और मैनपावर सप्लाई को काम दिया गया था। ईडी को संदेह है कि इनमें से एक कंपनी छत्तीसगढ़ की श्री ओम साई विबरेजेज प्रा. लि. को झारखंड में एंट्री दिलाने और उसे ठेका दिलाने में रोहित उरांव की भी भूमिका हो सकती है। इसलिए जांच एजेंसी इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करना चाहती है। कुल 18 आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी को मिल चुकी है जमानत इस मामले में एसीबी ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे सहित 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन समय पर चार्जशीट दाखिल न होने से सभी को डिफॉल्ट बेल मिल गया। इनके जेल से निकलने से पहले ईडी ने पीएमएलए कोर्ट से अनुमति लेकर जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक इनसे पू मिले सुरागों ने रोहित उरांव के खिलाफ जांच की कड़ियों को और मजबूत कर दिया। इसके बाद ही समन जारी किया गया। कथित पार्टनरशिप के बारे में रोहित से पूछे जा सकते हैं सवाल रोहित उरांव से ईडी कार्यालय में छत्तीसगढ़ की कंपनियों से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण और एक शराब कारोबारी के साथ उनकी कथित पार्टनरशिप को लेकर पूछताछ हो सकती है। वहीं रामेश्वर उरांव से यह पूछा जाएगा कि क्या विभागीय स्तर पर नई आबकारी नीति को मंजूरी देने या छत्तीसगढ़ के सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने में किसी भी तरह का राजनैतिक या विभागीय प्रभाव डाला गया था। घोटाले की जांच में ये गड़बड़ियां सामने आईं जांच में पता चला कि आरोपियों ने छत्तीसगढ़ मॉडल पर मनमुताबिक उत्पाद नीति बनाई। टेंडर की शर्तों में हेरफेर कर छत्तीसगढ़ की कंपनियों को झारखंड में काम दिलाया। नकली होलोग्राम पर अवैध शराब की बिक्री की गई, जिससे मोटी रकम कमीशन के रूप में वसूली गई।
जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी बस को टक्कर मार दी। टक्कर से बस सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में बस में सवार 3 लोगों की मौत हो गई। 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बस में करीब 20 लोग सवार थे। सभी चित्तौड़गढ़ के सांवरिया सेठ मंदिर के दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। हादसा सोमवार सुबह करीब 5 बजे मोखमपुरा थाना क्षेत्र के महला गांव के पास हुआ। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पहले देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… सड़क किनारे बस को ठीक कर रहा था ड्राइवर थाना अधिकारी सुरेश कुमार गुर्जर ने बताया- जयपुर से करीब 20 लोग निजी बस से चित्तौड़गढ़ के सांवरिया सेठ मंदिर दर्शन करने के लिए गए थे। दर्शन के बाद वे बस से जयपुर लौट रहे थे। इस दौरान बस का एक्सेल टूट गया। ड्राइवर बस को रोड साइड खड़ी कर ठीक करने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बस सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई, जिसमें मधुराज (30) पुत्र सतीश निवासी घाट की गुनी (जयपुर), राहुल हरिजन (29) पुत्र अनिल निवासी चांदपोल (जयपुर) और ड्राइवर साताराम (30) की मौके पर ही मौत हो गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया। पुलिस ने तीनों शव दूदू अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… रॉन्ग साइड से आई कार ने कॉन्स्टेबल को उड़ाया, मौत:शराब की बोतल बरामद, पेट्रोल खत्म होने के कारण पैदल बाइक लेकर जा रहे थे सड़क किनारे बाइक लेकर पैदल जा रहे चूरू के एक कॉन्स्टेबल को रॉन्ग साइड से आई बेकाबू कार ने टक्कर मार दी। हादसे में कॉन्स्टेबल की मौत हो गई। हादसे के बाद कार की तलाशी के दौरान उसमें शराब की बोतल भी मिली है। हादसा झुंझुनूं के सदर थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर में हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)
लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 को लेकर चल रहे विरोध के बीच राज्य सरकार सोमवार को 20 विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। एक साल पहले जारी पदोन्नति नियमों पर हाईकोर्ट से फैसला नहीं आने के बाद सरकार अब प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं, सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था (SPEAK) ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए इसे जल्दबाजी बताया है। 20 विभागों के अधिकारी होंगे शामिल सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालय में बैठक बुलाई है। इसमें 20 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्षों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभागों को उप सचिव स्तर के अधिकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव करेंगे। X और Y निर्धारण पर होगी चर्चा बैठक में मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के नियम-5 के तहत विभिन्न संवर्गों के लिए X एवं Y निर्धारण पर चर्चा होगी। खासतौर पर उन संवर्गों के लिए मानक तय किए जाएंगे, जिनमें यह संख्या 0 या 1 निर्धारित की जानी है। इसके साथ ही एससी-एसटी वर्ग के लिए पदों की गणना के संबंध में भी अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। इन विभागों के अधिकारी बुलाए गए बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, कृषि, योजना, एमएसएमई, मत्स्य, उच्च शिक्षा, जल संसाधन, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सामाजिक न्याय, संस्कृति, तकनीकी शिक्षा, वाणिज्यिक कर, उद्यानिकी, जेल, जनजातीय कार्य, लोक निर्माण, परिवहन और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। स्पीक ने जताया विरोध सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था (SPEAK) ने प्रस्तावित नियमों का विरोध किया है। संस्था के अध्यक्ष डॉ. के.एस. तोमर ने कहा कि सरकार न्यायालय का फैसला आने से पहले ही पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिससे सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों को नुकसान हो सकता है। 2016 से लंबित मामलों का उठाया मुद्दा संस्था का कहना है कि वर्ष 2016 से पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित है। यदि नए नियम केवल 2025 से लागू किए गए तो 2016 से 2025 के बीच प्रभावित कर्मचारियों और इस अवधि में सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों के हित प्रभावित होंगे। इन प्रावधानों पर आपत्ति SPEAK ने वरिष्ठता निर्धारण, कॉमन विचारण सूची, आरक्षित वर्ग के अधिकारियों को अनारक्षित पदों पर विचार, प्रतीक्षा सूची और बैकलॉग पदों को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने जैसे प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है। संस्था का कहना है कि बैठक के बाद वह अपने अगले कदम की घोषणा करेगी।
बशीरतगंज गणेशगंज वार्ड में संकरी गलियों के बीच में साफ-सफाई की चुनौती है। वार्ड में सीवर ओवरफ्लो की सम्स्या सबसे बड़ी है। नाले-नालियां सीवर से कनेक्ट नहीं हैं। ऐसे में सीवर का गंदा पानी नाले में ही बहता है। दुर्गंध के बीच लोग रहने को मजबूर हैं। बारिश के बाद दो फीट तक जलभराव की स्थिति होती है। डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति सुधारने की जरूरत है। पेयजल संकट वार्ड के कई इलाकों में बना हुआ है। इस वजह से लोगों का रहना तक मुश्किल हो रहा है। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम लखनऊ नगर निगम के वार्ड-84 बशीरतगंज गणेशगंज पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। पहले 6 तस्वीरें देखिए- वार्ड की 5 प्रमुख समस्याएं- 1. सीवर ओवरफ्लो- हरिनगर, दुर्विजय गंज और बशीरतगंज में सीवर ओवरफ्लो की समस्या है। आए दिन सीवर ऊफान पर आने के कारण लोगों के सामने चुनौती बन जाती है। दुर्गंध के बीच में लोग जीने को मजबूर हो गए हैं। सराय फाटक में भी गंदा पानी बहने के कारण लोग परेशान हैं। दुर्विजयनगर में भुईअन देवी मंदिर इलाके में स्मार्ट सिटी की तरफ से सीवर लाइन डाली गई,लेकिन मुख्य लाइन से कनेक्ट नहीं होने के कारण सीवर का गंदा पानी नाले में बहता है। इसके कारण लोगों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। बारिश के दिनों तक इलाके में दो फीट तक गंदा पानी घरों में भर जाता है। 2. पानी का संकट- पेयजल का संकट बशीरतगंज गणेशगंज वार्ड में बना हुआ है। खुरशेद बाग में सबसे विकराल स्थिति बनी हुई है। लोगों के घरों में गंदा पानी आता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीवर की दुर्गंध पानी में रहती है। कई बार नगर के अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समसया का कोई समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में समस्या बढ़ गई है। हरिनगर और तकिया गणेश गंज में भीषण जल संकट की स्थिति बनी हुई है। यहां पर कई घरों में पानी की सम्स्या पिछले एक महीने से बनी हुई है। 3. जर्जर खंभे, केबलों का मकड़जाल- खुरशेद बाग फाटक में बिजली का खंभा लटका हुआ है। हरिनगर दुगांवा में घरों पर बिजली का खंभा लटका हुआ है। रानी बाग में भी कई बिजली के खंभे जर्जर बने हैं। मामले में लोगों ने कई बार शिकायत भी की है,लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। दुर्विजयगंज, बसीरतगंज, सराय फाटक,गणेश गंज, फतेहगंज, गल्लामंडी में बिजली के खंभे कई जगहों पर जर्जर हैं। इसके साथ ही बिजली की ट्रिपिंग शाम के समय में अधिक होने के कारण लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि रानी गंज चौराहे पर रात के समय में स्ट्रीट लाइट भी नहीं जलती है। 4. ऐतिहासिक कुएं के सफाई की मांग- रानीगंज में रहने वाले जीतेंद्र राजपूत बताते हैं कि कुएं की सफाई के लिए नगर निगम को लिखा है और निवेदन भी किया है। क्षेत्रीय पार्षद ने समस्याओं को समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मैं इसकी सफाई और इसका मेंटेनेंस का काम करवाऊंगा। क्योंकि ये हमारे क्षेत्र का बहुत पौराणिक कुआं है, बहुत पुराना कुआं है। पूरे वार्ड के अंदर कम से कम ये 50 फीट का कुआं है। बस ये कि इसकी सफाई व्यवस्था हो जाए। यहां पर जितनी भी क्षेत्र की शादी वगैरह होती है। सभी लोग यहां पर कुआं पूजन के लिए आते हैं। ये राजा बलरामपुर की संपत्ति है। ये कुआं बहुत पौराणिक है और यहीं पे पुराना रामलीला मैदान था। 5. क्षेत्र में जलभराव चुनौती- वर्तमान में मानसून की दस्तक के साथ ही सबसे बड़ी चुनौती जलभराव की है। हालांकि, लोग इस बात से खुशी भी जता रहे हैं कि इस समस्या से निपटने के लिए सीवर और नालियों की सफाई का काम इस बार तेजी से चल रहा है। अब पढ़िए क्या बोले लोग- पॉजिटिव- लोग बोले- क्षेत्र में जलभराव चुनौती फतेहगंज के रहने वाले संजय गुप्ता बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में जनसमस्याएं तो आती हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि जब भी स्थानीय पार्षद से किसी समस्या की शिकायत की जाती है, तो वे उसे गंभीरता से लेते हैं। मैं स्वयं भी यदि किसी को उनके पास काम के लिए भेजता हूं, तो वे उसे तुरंत पूरा कराने का प्रयास करते हैं और काम होता भी है। वर्तमान में मानसून की दस्तक के साथ ही सबसे बड़ी चुनौती जलभराव की है। इस समस्या से निपटने के लिए सीवर और नालियों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस बार बारिश के मौसम में लोगों को जलभराव की वैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा, जो पिछले साल उठानी पड़ी थीं। रानीगंज के लोग बोले- कोई समस्या नहीं रानीगंज के प्रदीप साहू बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में विकास से जुड़े ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं, इसलिए इस समय यहां कोई बड़ी समस्या नहीं है। जो छोटी-मोटी जरूरतें या समस्याएं सामने आती भी हैं, उन्हें हमारे नेता तुरंत हल कराने में पूरी तरह सक्षम हैं। वह समय-समय पर हमारे सभी काम पूरे करवा देते हैं। फिलहाल, मेरे सामने ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसे लेकर शिकायत की जाएं। बड़े मंगल पर गंदगी फैलती थी, अब सफाई हो जाती है आकाश सिंह लोधी बताते हैं- मैं मध्य विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मध्य मंडल-4 से ओबीसी मोर्चा संयोजक हूं। हमारे क्षेत्र में हर साल ज्येष्ठ मास के मंगलों पर भंडारों का आयोजन होता आया है। पहले भंडारों के अगले दिन कूड़ा-कचरा और गंदगी एक बड़ी समस्या बन जाती थी, लेकिन जब से वर्तमान पार्षद ने कमान संभाली है, यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है। वह भंडारे के अगले ही दिन तुरंत पूरी मुस्तैदी से सफाई सुनिश्चित करवाते हैं, जिससे वार्ड एकदम चमक उठता है। पिछले पार्षद पर काम न करने का आरोप स्थानीय निवासी विशाल शर्मा ने बताया कि मैं गिरीश गुप्ता के साथ पिछले करीब 4 साल से जुड़ा हुआ हूं। उनके साथ जुड़ने से पहले मैंने देखा था कि क्षेत्र में सालों से कोई विकास कार्य नहीं होते थे। यहां तक कि मेरी गली भी वर्षों से नहीं बनी थी। जब मैंने इस बारे में गिरीश से बात की, तो उन्होंने महज एक महीने के भीतर हमारी पूरी गली का निर्माण करवा दिया। हमारे यहां नालों की सफाई भी कभी नहीं होती थी, लेकिन अब यह काम नियमित रूप से होने लगा है। पिछले साल सफाई ठीक से नहीं हुई थी, तो इस बार मैंने इसकी शिकायत की। इसके बाद सफाईकर्मियों ने पूरी मुस्तैदी से काम किया। जब से यहां सड़क पर नई सीवर लाइन डली है, तब से गली में जलभराव की समस्या भी काफी कम हो गई है और अब पानी नहीं भरता। सीवर ओवरफ्लो हुआ तो तुरंत एक्शन लिया डॉ. निशिकांत मिश्रा हरिनगर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिनों पहले हमारे यहां सीवर की बड़ी समस्या हो गई थी, सीवर बार-बार चोक हो जाते थे और सफाई कराने के बाद फिर से बंद हो जाते थे। जब मैंने इस संबंध में पार्षद गिरीश गुप्ता से बात की, तो उन्होंने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। उनके त्वरित आदेश और कार्रवाई से क्षेत्र में नई सीवर लाइन डाली गई, जिससे अब इस समस्या का पूर्ण रूप से समाधान हो चुका है। इसके अलावा, जो गलियां सालों से नहीं बनी थीं, उनका निर्माण भी अब हो गया है और उनके इस कार्यकाल में सभी काम सुचारु रूप से चल रहे हैं। लोगों ने कहा- हो रहा अच्छा काम मोहम्मद फरीद ने बताया कि हमारे नेता सब बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं, यहां ऐसी कोई समस्या नहीं है। क्षेत्र में गलियां भी बनी हुई हैं, साथ ही सीवर और नाले की सफाई का कार्य भी अच्छे से हो रहा है, इसलिए फिलहाल हमें कोई दिक्कत नहीं है। सफाई हो या पेयजल, सारी समस्याएं लगभग समाप्त स्वरूप कुमार मिश्रा ने बताया कि मैं गणेशगंज, बशीरतगंज वार्ड के अंतर्गत रहता हूं। क्षेत्र में चौमुखी विकास हो रहा है। चाहे सफाई व्यवस्था हो, पेयजल की समस्या हो, या फिर सीवर की समस्या। इस वार्ड में सीवर की समस्या बहुत पुरानी थी, जिसे उन्होंने अभी तक लगभग 75% समाप्त कर दिया है। उनके द्वारा किए गए कार्य वाकई सराहनीय हैं, जिसके चलते वे पूरे क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हैं। जनता का कोई भी काम हो, चाहे वह तुरंत हो पाए या न हो, उन्होंने कार्यालय में हरसंभव मदद के लिए व्यक्ति नियुक्त किए हैं ताकि जनता का काम हो सके। निगेटिव- मध्य क्षेत्र का विधायक न होने से समस्या शिवरतन चौरसिया बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में पार्षद के स्तर पर सभी आवश्यक कार्य सुचारु रूप से हो रहे हैं। इसके साथ ही रक्षा मंत्री के माध्यम से भी क्षेत्र में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। हालांकि, मध्य विधानसभा में हमारा स्थानीय विधायक न होने के कारण कुछ विकास कार्यों में थोड़ी बाधा जरूर आती है, क्योंकि विधायक का ध्यान हमारे क्षेत्र की तरफ बिल्कुल नहीं रहता। रात में 10 बजे बिजली कटती, सुबह 6 बजे आती हरिनगर के रहने वाले रामगोपाल अवस्थी बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में सालभर पहले तक पानी और सीवर की गंभीर समस्या थी, लेकिन अब पूरी नई सीवर और पानी की पाइपलाइन बिछ चुकी है, साथ ही सड़कों का निर्माण भी हो गया है। बिजली की बहुत बड़ी समस्या है। अक्सर रात 10 बजे बिजली चली जाती है और सुबह 6 बजे आती है। कभी बताया जाता है कि ट्रांसफार्मर फुंक गया है, तो कभी केबल उड़ने की बात कही जाती है। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना सरकार की जिम्मेदारी है। बिना इन्वर्टर के हम लोगों को पूरी-पूरी रात जागकर काटनी पड़ती है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या ठीक नहीं होती दुर्विजयगंज के रहने वाले पप्पू मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में बिजली का लोड अधिक होने के कारण कुछ समस्याएं आ रही हैं, जो इस मौसम की एक व्यावहारिक मजबूरी भी है। सुबह से शाम तक कई बार बिजली कटौती होती है। इस दौरान कई बार ट्रिपिंग भी होती है। मामले में कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या ठीक नहीं होती। सामुदायिक केंद्र के बाहर अतिक्रमण, खंभा दीवार पर टिका सराय फाटक में सामुदायिक केंद्र के बाहर अवैध तरीके से अतिक्रमण किया गया है। लोगों ने बढ़ा कर घर बना लिए हैं। इसके कारण लोग बुकिंग नहीं करा रहे हैं। मामले में लोगों ने नगर निगम से कई बार अतिक्रमण हटाने की शिकायत भी की है,लेकिन अधिकारियों ने इसे नजर अंदाज कर दिया है। यहां पर आवाजाही के दौरान भी लोगों को परेशानी होती है। एडवोकेट आदित्य मिश्रा हरिनगर, दुगावां में रहते हैं। उनका कहना है कि रानीगंज चौराहे पर स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है। ऐसे में रात के समय में लोग परेशान होते हैं। हरिनगर दुगांवा में घरों पर बिजली का खंभा टिका हुआ है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। आए दिन लोग इसकी शिकायत करते हैं। मामले में स्थानीय पार्षद ने बिजली विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अंत में पढ़िए वार-प्रतिवार पूर्व पार्षद ने मौजूदा पार्षद पर लगाया आरोप तीन बार के पूर्व पार्षद सतीश साहू बताते हैं कि हमारे वार्ड की मुख्य समस्या सीवर और जल निकासी की है। सीवर की समस्या के कारण नाले और नालियों में जुड़ाव है, जिससे पूरे वार्ड में मलमूत्र बहता रहता है। इसकी वजह से यहां की जनता गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रही है। अगर सीवर की समस्या का पूरी तरह निदान हो जाए, तो यह दिक्कत खत्म हो जाएगी। दुर्विजयगंज का इलाका थोड़ा डाउन है, जहां महज 15 मिनट पानी बरसने पर जलभराव हो जाता है। इसका मुख्य कारण नाले-नालियों की सही सफाई न होना है। पूर्व पार्षद सतीश साहू ने मौजूदा पार्षद पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा पार्षद का काम खाली पैसा कमाना है। यहां के सफाई कर्मचारियों से धन उगाही करना, क्षेत्र में कब्ज़े करना और कार्यालय बना लेना। उन्होंने एक मकान बनाया है जिसमें भी बिजली चोरी में वो पकड़े जा चुके हैं, जिसका उन्होंने जुर्माना दिया है। आने वाले समय में जनता उनको इसका जवाब देगी। वह अगर लोकल होते तो पब्लिक के बारे में जानते। पार्षद बोले- वार्ड की अधिकतर समस्याएं खत्म की पूर्व उपाध्यक्ष और पार्षद गिरीश गुप्ता ने बताया कि पुराना लखनऊ होने के नाते हमारे क्षेत्र में सीवर की समस्या रही है, हालांकि इसमें काफी कुछ सुधार किया जा चुका है। जो थोड़ा बहुत काम रह गया है, उसके लिए मैंने महापौर से अनुरोध किया है। उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए जीएम को निर्देशित भी किया है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस सीवर की समस्या का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आशीर्वाद से क्षेत्र में लगभग सभी मुख्य विकास कार्य संपन्न हो चुके हैं। बस एक ही प्रमुख काम बचा है, वह है यहां एक व्यावसायिक केंद्र (कॉमर्शियल सेंटर) का निर्माण होना। मुझे पूरी आशा है कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए भी महापौर का पूर्ण सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। ------------------------------ इस वार्ड को भी जानिए- फैजुल्लागंज की गलियों में बह रहा सीवर का पानी : बारिश से पहले बढ़ी लोगों की चिंता; कई कॉलोनियों में सीवर-पानी कनेक्शन नहीं फैजुल्लागंज में सबसे खराब स्थिति सड़कों की है। सड़क पर गड्ढे के साथ में घरो से निकला पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। सीवर की समस्या पूरे वार्ड में मौजूद हैं। अधिकतर कॉलोनियां कच्ची हैं। इस बीच सीवर और पानी का कनेक्शन कॉलोनियों में नहीं है। डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन की स्थिति भी खराब बनी हुई है। सड़क और खाली प्लाटों में कूड़े का ढेर लगा हुआ है। पार्षद के घर की तरफ जाने वाली सड़क पर काकोरी के नायकों के नाम रंग रोगन कर सड़क का निर्माण किया गया है। नालियों में गंदगी का अंबार है। बारिश होने पर पूरे वार्ड में लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ सकती है। (पूरी खबर पढ़िए)
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा रविवार रात रायपुर पहुंचे। वे आज कांग्रेस जिला अध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में शामिल होंगे। रायपुर पहुंचने पर खेड़ा ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन और इतिहास में संघ का कोई योगदान नहीं रहा है। साथ ही, उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया के इस दौर में उन्होंने इस प्रशिक्षण शिविर को जरूरी बताया और कहा कि इससे कार्यकर्ताओं को सीखने और संवाद करने का अच्छा मौका मिला है। राम मंदिर ट्रस्ट पर पवन खेड़ा ने उठाए सवाल अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर पवन खेड़ा ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सोच और निगरानी में बना है और इसकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की भी नजर रही है। RSS का इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान पर पवन खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का देश के स्वतंत्रता आंदोलन और इतिहास में कोई योगदान नहीं रहा है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक सामने आई घटनाएं संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे संगठनों ने देश और हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयानों पर ज्यादा समय खर्च करने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। आज होगा प्रशिक्षण शिविर का समापन रायपुर में पिछले कई दिनों से कांग्रेस के जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। शिविर में संगठन को मजबूत बनाने, चुनाव की तैयारी, मीडिया प्रबंधन और जनता से बेहतर संवाद जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इससे पहले राहुल गांधी प्रशिक्षण शिविर शामिल हुए थे और उन्होंने संगठन को मजबूत करने टिप्स दी थी। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टपरी पर राहुल ने पी चाय, बैज को खिलाया बिस्किट: अभनपुर में जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग, सक्ती से बाइक चलाकर मिलने पहुंचा कार्यकर्ता, बाहर छूटे महंत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ के अभनपुर पहुंचे। वे कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। यहां उन्होंने 40 मिनट तक सीनियर नेताओं से मुलाकात की और इसके बाद जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के साथ सीधी बातचीत की। पढ़ें पूरी खबर…
सहारनपुर के गंगोह कस्बे में एक दंपती के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति के प्लॉट खरीदने के लिए दिए 2.33 लाख रुपये हड़प लिए। मांगने पर वापस नहीं लौटाए। झूठे मुकदमे में फंसाकर ब्लैकमेल किया। पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। प्लॉट खरीदने के लिए दिए थे 2.33 लाख रुपये अब्दुल रहमान के मुताबिक, वह थाना गंगोह के मोहल्ला गुलाम ओलिया का निवासी है। एसीजेएम चतुर्थ न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि आरोपी ईश्वर और उसकी पत्नी सीमा पहले उनके पड़ोसी थे। दोनों परिवारों के बीच पुराने और भरोसेमंद संबंध थे। आरोपियों ने प्लॉट खरीदने के लिए आर्थिक मदद मांगी थी। विश्वास के चलते उन्होंने 20 मार्च 2023 को अपने एसबीआई खाते से चेक के माध्यम से प्लॉट विक्रेता सचिन गोयल के खाते में 2.33 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उनका दावा है कि इस भुगतान का उल्लेख प्लॉट के बैनामे में भी दर्ज है। बैनामा सीमा के नाम हुआ था, जिसमें ईश्वर और अब्दुल रहमान गवाह बने थे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने छह महीने में रकम लौटाने का वादा किया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी पैसे वापस नहीं किए। रुपये मांगने पर झूठे केस की धमकी अब्दुल रहमान का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें झूठे गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। डर का माहौल बनाकर अलग-अलग तारीखों में उनसे 25,500 रुपये भी वसूल लिए गए। इसके बाद उन्होंने 22 फरवरी 2026 को थाना गंगोह और 24 फरवरी 2026 को एसएसपी सहारनपुर से शिकायत की। 20 लाख रुपये मांगने का आरोप प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि शिकायत की जानकारी मिलने के बाद सीमा ने उनके खिलाफ थाना गंगोह और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की, जिसे पुलिस जांच में झूठा पाया गया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हुआ, लेकिन आरोप है कि समझौते के बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए। पीड़ित का दावा है कि बाद में आरोपियों ने दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर समझौते के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग की। इस दौरान जिन्दा हसन और नईम नामक दो लोगों के मौजूद होने का भी उल्लेख किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा अब्दुल रहमान ने यह भी आरोप लगाया कि 4 अप्रैल 2026 को सीमा ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया, जिसे उन्होंने झूठा बताते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) मिला हुआ है। पीड़ित के अनुसार, 13 मई 2026 को आरोपियों ने रुपये लौटाने के बहाने उन्हें घर बुलाया और बाद में फिर उनके खिलाफ शिकायत कर दी। 21 मई को उन्होंने एसएसपी को डाक से भी शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम चतुर्थ न्यायालय ने थाना गंगोह पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने ईश्वर और सीमा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेटी 15 साल की हो गई है। पहले सोचते थे कि पढ़ाई पूरी होगी, फिर उसकी शादी करेंगे। अब शादी का सपना छोड़ दिया है। बस यही चाहते हैं कि वह स्वस्थ रहे। यह कहते-कहते सतना में मजदूरी करने वाले पिता की आंखें भर आती हैं। कुछ पल बाद वे कहते हैं- थैलेसीमिया का दर्द तो पहले से था, लेकिन अस्पताल पर भरोसा था। कभी नहीं सोचा था कि इलाज के दौरान ही बेटी को जिंदगीभर की दूसरी बीमारी मिल जाएगी। एक अन्य पिता का दर्द भी यही है। उनका 10 साल का बेटा हर महीने जिला अस्पताल में खून चढ़वाने जाता था। वे कहते हैं, 'हम तो उसे बचाने अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहीं से उसकी जिंदगी बदल गई। हर महीने चार बार अस्पताल जाते थे। सोचते थे कि खून चढ़ेगा तो बच्चा ठीक रहेगा। आर्थिक हालत पहले ही कमजोर थी। अब अस्पताल के चक्कर, दवाइयां और मानसिक तनाव अलग है।' बच्चे की मां जिला प्रशासन की पहल पर आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में काम कर रही हैं। वे कहती हैं- नौकरी तो कर रही हूं, लेकिन पूरा दिन बेटे की चिंता लगी रहती है। काम पर रहती हूं, तब भी मन घर में ही रहता है। ये सिर्फ दो परिवारों की कहानी नहीं है। सतना जिले के चार परिवार पिछले छह महीने से इसी दर्द के साथ जी रहे हैं। थैलेसीमिया से जूझ रहे उनके बच्चों को इलाज के दौरान एचआईवी संक्रमण हो गया। बच्चों का इलाज नियमित रूप से चल रहा है, लेकिन माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता अब बीमारी नहीं, बल्कि उनके बच्चों का भविष्य है। बोले- जिम्मेदारों पर एक्शन हो तो सुकून मिले इन चारों परिवारों की पहचान अस्पताल में हुई थी। धीरे-धीरे उनका दर्द साझा हो गया। अब किसी एक परिवार का मनोबल टूटता है तो दूसरा उसे संभालता है। वे एक-दूसरे को दवाइयों की जानकारी देते हैं, अस्पताल साथ जाते हैं और मानसिक सहारा भी बनते हैं। सभी का कहना है कि सरकार मदद कर रही है, लेकिन जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, मन को सुकून नहीं मिलेगा। दरअसल, सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की कथित लापरवाही से थैलेसीमिया पीड़ित 4 बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया। इस मामले का खुलासा 16 दिसंबर 2025 को हुआ। सभी बच्चों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच है। उन्हें नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती थी। मामले की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई, जब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे की रीवा में जांच के दौरान एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जांच में पता चला कि उसे इससे पहले सतना जिला अस्पताल में रक्त चढ़ाया गया था। इसके बाद जिले के 53 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग हुई। 37 बच्चों की जांच में पांच एचआईवी पॉजिटिव मिले। इनमें एक बच्चा ऐसा था, जिसके माता-पिता पहले से संक्रमित थे। इसके बाद 196 रक्तदाताओं की सूची बनाई गई। लेकिन छह महीने बाद भी जांच एजेंसियां यह तय नहीं कर पाई हैं कि संक्रमित रक्त किस डोनर का था। 56 डोनर्स अब भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति की सहायक संचालक मोनल सिंह ने मामले की जांच की। इसमें सामने आया कि 196 में से 49 डोनर्स की पहले जांच हो चुकी थी। बाकी 147 में से 34 की रिपोर्ट निगेटिव आई। 15 लोगों ने रक्तदान से इनकार किया और 41 के फोन नंबर बंद मिले। इन 56 लोगों तक टीम अब भी नहीं पहुंच सकी है। आशंका है कि इन्हीं में संक्रमित रक्तदाता छिपा हो सकता है। राज्यस्तरीय जांच के बाद तत्कालीन ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. देवेंद्र पटेल और ब्लड बैंक संचालित करने वाली कंपनी सूर्या को लापरवाही का जिम्मेदार माना गया। डॉ. देवेंद्र पटेल, लैब टेक्नीशियन रामभाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडेय को दिसंबर 2025 में निलंबित कर दिया गया था। वर्तमान सीएमएचओ एवं तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। रिकॉर्ड रखने, जांच किट बांटने और एचआईवी स्क्रीनिंग में गंभीर लापरवाही सामने आई हैं। अस्पताल परिसर में संदिग्ध लोगों की आवाजाही और पैसे लेकर रक्तदान कराए जाने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। 18 वर्ष की उम्र तक 4 हजार रुपए की मासिक सहायता एचआईवी कार्यक्रम की जिला नोडल अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि सभी संक्रमित बच्चों का एआरटी सेंटर के माध्यम से नियमित इलाज किया जा रहा है। परिजन की भी नियमित काउंसलिंग हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग इन बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक हर महीने 4 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहा है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार देने की पहल की गई है। एक बच्चे की मां नौकरी कर रही है जबकि दूसरे परिवार के सदस्य की प्रक्रिया जारी है। ये खबर भी पढ़ें… 4 बच्चों को चढ़ाया 'एड्स' वाला खून…हो गए HIV पॉजिटिव सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की लापरवाही से थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। चारों बच्चों की उम्र 8 से 11 साल के बीच है। थैलेसीमिया से पीड़ित इन बच्चों को नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। आईसीटीसी में कराई गई जांच में यह सामने आया कि पहले सभी बच्चे एचआईवी नेगेटिव थे, लेकिन बाद की जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पढ़ें पूरी खबर…
अजमेर जिले में 17 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव का ही एक युवक वैन मांगने के बहाने नाबालिग के घर पहुंचा। वैन स्टार्ट नहीं होने पर नाबालिग ने उसे स्टार्ट कर दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद वैन चलाने की बात कहते हुए नाबालिग को पीछे बैठा लिया और तेज रफ्तार से गांव की ओर दूसरी दिशा में ले गया। रास्ते में उसने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें कीं, होटल चलने का दबाव बनाया और जबरदस्ती की कोशिश की। पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी घबरा गया और माफी मांगते हुए उसे वापस घर छोड़कर चला गया। पुलिस के अनुसार घटना 25 जून की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की है। पीड़िता की रिपोर्ट पर पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन ने की काउंसलिंग घटना के बाद मामला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तक पहुंचा। समिति के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने पीड़िता की काउंसलिंग की और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। (इनपुट- सुधीर मित्तल,रियाज अहमद )
सतना रेलवे स्टेशन पर रविवार देर शाम जनरल टिकट व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। स्टेशन पर लगीं 6 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVM) में से 4 बंद रहने और तीन में से सिर्फ दो काउंटर चालू होने से टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारें लग गईं। समय पर टिकट नहीं मिलने के कारण कई यात्रियों की ट्रेनें छूटने की नौबत आ गई, जिससे नाराज लोगों ने स्टेशन परिसर में हंगामा कर दिया। यात्रियों का कहना था कि रविवार की छुट्टी होने के कारण स्टेशन पर भीड़ ज्यादा थी, इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्था नहीं की। टिकट के लिए घंटों लाइन में लगने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। हंगामे की सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और खराब मशीनों को जल्द चालू कराने का आश्वासन देकर स्थिति को संभाला। 10 फैसिलीटेटरों के कार्ड होंगे जमासतना जंक्शन पर ATVM से टिकट काटने के लिए 18 फैसिलीटेटरों को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन इनमें से 10 लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने इन्हें काम पर लौटने के लिए 20 जून तक की मोहलत दी थी, लेकिन वे नहीं आए। अब रेलवे अधिकारियों ने इन 10 फैसिलीटेटरों के ATVM कार्ड जमा करने के निर्देश दिए हैं और जल्द ही इनकी जगह नई नियुक्तियां की जाएंगी।
प्रयागराज में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा में शामिल हो चुकीं पूर्व सपा विधायक पूजा पाल को लेकर जो बयान दिया, उसने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। अखिलेश ने इशारों-इशारों में कह दिया कि अब उन्हें पूजा पाल की कोई जरूरत नहीं है। उनसे बड़ा नेता हमारे पास है।प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि 2022 में सपा के टिकट पर चायल से विधायक बनीं पूजा पाल अब भाजपा में शामिल हो चुकी हैं और भाजपा ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष का बड़ा ओहदा दिया है। ऐसे में क्या सपा का पाल वोट बैंक छिटक जाएगा?इस सवाल पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए पूजा पाल का नाम लिए बिना कहा, उनसे बड़ा नेता हमारे पास मौजूद है। इसके बाद उन्होंने मंच पर अपने बगल में बैठे सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर इशारा करते हुए कहा, पाल समाज का सबसे बड़ा नेतृत्व आज हमारे साथ है। हमें किसी और की जरूरत नहीं है। अखिलेश यादव से सवाल हुआ कि क्या अतीक अशरफ हत्याकांड की जांच सरकार बनने पर कराएंगे तो वे चुप रहे। कहा फेक इनकाउंटर की जांच होगी। आगामी चुनाव के लिए सपा की नई रणनीति अखिलेश यादव का यह बयान केवल एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। अखिलेश ने साफ कर दिया है कि समाजवादी पार्टी किसी एक चेहरे या 'नाम' की मोहताज नहीं है। पूजा पाल जैसे नेताओं का जाना पार्टी के लिए कोई बड़ा नुकसान नहीं है, क्योंकि सपा ने अब श्याम लाल पाल के रूप में समाज के बीच अपना मजबूत संगठनात्मक चेहरा स्थापित कर दिया है।भाजपा ने पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर पाल समाज को लुभाने की जो बिसात बिछाई थी, अखिलेश यादव ने उसी मैदान पर खड़े होकर उस चाल को बेअसर करने की कोशिश की है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि 'वोट बैंक' नेताओं के साथ नहीं, बल्कि पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व के साथ है। सपा कार्यकर्ताओं में भरा जोशपूजा पाल का गृह क्षेत्र प्रयागराज है। यहां पर खड़े होकर यह बात कहना सपा के कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए काफी है। अखिलेश का यह अंदाज भाजपा के उन दावों को खारिज करता है, जिनमें पूजा पाल के जरिए पाल वोट बैंक में सेंधमारी की बात कही जा रही थी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह बयान अखिलेश यादव के उस बदलते तेवर को दिखाता है, जिसमें वे अब 'आक्रामक राजनीति' कर रहे हैं। पूजा पाल की राजनीतिक अहमियत को 'नगण्य' बताकर, अखिलेश ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों में सपा किसी भी 'दलबदलू' को सिर पर बिठाने के बजाय अपने कैडर-आधारित नेताओं पर ही भरोसा करेगी। अतीक और अशरफ हत्याकांड पर क्या बोले अखिलेश प्रेसवार्ता में अतीक और अशरफ हत्याकांड पर जब सवाल किया गया तो अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कई फेक इनकाउंटर किए गए। फेक इनकाउंटर में पुलिस वाले जेल भी जा चुके हैं। यह सरकार पुलिस से पॉलिटिकल काम ले रही है। इसलिए लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।
मंदसौर जिले की पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी में रविवार 28 जून को 32 नए कैश काउंटरों (सैंड्री शॉप) का लोकार्पण किया गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और सांसद सुधीर गुप्ता ने करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से बने इन काउंटरों का उद्घाटन किया। किसानों और व्यापारियों को भुगतान में सुविधा देने के लिए बनाए गए ये काउंटर लोकार्पण के साथ ही निर्माण कार्य और आवंटन प्रक्रिया को लेकर विवादों में आ गए हैं। मंडी प्रशासन ने 32 कैश काउंटरों का आवंटन पारंपरिक नीलामी प्रक्रिया के बजाय टोकन सिस्टम के माध्यम से किया है। इसके तहत सभी 32 व्यापारियों से लगभग 6 लाख 70 हजार रुपए जमा कराए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच यह चर्चा है कि जब मंडी की दुकानों का आवंटन आमतौर पर नीलामी के माध्यम से होता है, तो इस बार टोकन प्रणाली क्यों अपनाई गई। इससे मंडी को आर्थिक लाभ हुआ है या नुकसान, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। तोड़ने वाली बिल्डिंग पर ही कर दिया निर्माण जिन किसान शेड पर ये नए कैश काउंटर बनाए गए हैं, उनका निर्माण वर्ष 2003 में हुआ था। समय के साथ खराब हुए इस 23 साल पुराने भवन को कुछ साल पहले मंडी प्रशासन ने जर्जर मानते हुए ध्वस्त करने का प्रस्ताव तैयार किया था। मंडी बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इसे तोड़ा नहीं जा सका और मरम्मत कर इसका उपयोग किया जाता रहा। रविवार रात दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो भवन में कई जगह प्लास्टर उखड़ा हुआ था, दरारें थीं और सरिए बाहर निकले हुए नजर आए। नई मंडी का काम जारी, फिर पुराने परिसर में खर्च क्यों? पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी को गुड़भेली बड़ी स्थित नए परिसर में स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है। वहां निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है और भविष्य में पूरा व्यापार वहीं से संचालित होना है। ऐसे में पुराने परिसर में 1.77 करोड़ रुपए खर्च कर स्थायी निर्माण करने पर सवाल उठ रहे हैं। कृषि मंडी के पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल पाटीदार और पूर्व उपाध्यक्ष कमलेश पटेल का कहना है कि जब मंडी को नई जगह जाना ही है, तो पुराने परिसर में इतनी बड़ी राशि खर्च करना वित्तीय दृष्टि से कितना उचित है, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। किसान नेता ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने आरोप लगाते हुए कहा, पूरी तरह क्षतिग्रस्त बिल्डिंग पर केवल रंग-रोगन और मरम्मत कर 32 कैश काउंटर बना दिए गए हैं। पुराने जर्जर भवनों को नया बताकर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि भवन की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच किस तकनीकी संस्था से कराई गई है और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। वहीं, मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष कृष्णकुमार ने कहा, पहले किसान शेड की स्थिति काफी खराब थी। लेकिन मरम्मत के बाद भवन पूरी तरह उपयोग योग्य हो गया है। इससे व्यापारियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। मंडी सचिव जगदीश चंद्र से सीधे सवाल-जवाब सवाल: जिस भवन को डिस्मेंटल करने की योजना थी, उसी पर कैश काउंटर बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: कई व्यापारियों के पास गोदाम नहीं थे, जिससे किसानों को भुगतान में परेशानी होती थी। इसी कारण यह निर्णय लिया गया। सवाल: 23 वर्ष पुराने किसान शेड पर कैश काउंटर बनाना क्या उचित है? जवाब: आरसीसी शेड का तकनीकी परीक्षण कराने के बाद ही कैश काउंटरों का निर्माण कराया गया है। सवाल: यदि भविष्य में भवन को कोई नुकसान होता है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? जवाब: तकनीकी अधिकारियों द्वारा आरसीसी शेड का निरीक्षण एवं परीक्षण कराया गया है। नुकसान जैसी कोई संभावना नहीं है। सवाल: नई मंडी बनने वाली है, फिर यहां कैश काउंटर क्यों बनाए गए? जवाब: नई मंडी पूरी तरह विकसित होने में अभी समय लगेगा। तब तक किसानों को भुगतान सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक था। वर्तमान मंडी परिसर छोटा है, इसलिए नए स्थान पर कैश काउंटर बनाना संभव नहीं था। सवाल: क्या निर्माण के लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति ली गई थी? जवाब: हां, सभी स्वीकृतियां नियमानुसार प्राप्त की गई हैं। तकनीकी स्वीकृति मंडी बोर्ड भोपाल के अधीक्षण यंत्री द्वारा दी गई है। यह निर्णय पूर्व में मंडी समिति द्वारा लिया गया था। देखिए तस्वीरें…
काशी में आज ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि पर भगवान जगन्नाथ का 84 घाटों के गंगा जल से अभिषेक किया गया। गर्मी से परेशान भक्त हर साल गंगा जल से भगवान को स्नान कराते हैं। भक्तों द्वारा कराए जानें वाले इस स्नान के कारण अगले दिन भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा बीमार हो जाती हैं। फिर पूरे 15 दिन वो भक्तों को दर्शन नहीं देते हैं। इन दिनों भगवान को परवल के काढ़े का भोग लगाया जाता है। आज भोर में 5 बजे मंगला आरती के बाद 5 तरह के मेवे का भोग लगा। वही,असि घाट से डमरू दल के साथ महिलाएं घाट से गंगा जल लेकर मंदिर पहुंची। गंगा जल,तुलसी माला,फल लेकर पहुंच रहे भक्त भोर से ही भक्त प्रभु को जल, तुलसी की माला और फल चढा रहे है। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहेगा। मंदिर गर्भगृह के छत पर भगवान का सिंहासन लगा है जहां वह दर्शन दे रहे। भगवान को आज गुलाबी वस्त्र पहनाया गया है। यहां जलाभिषेक करने के लिए काशीवासियों के साथ साथ अन्य राज्यों से भी भक्त पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि जो जगन्नाथ पुरी मंदिर नहीं जा पाते हैं उनको काशी में ही उतना फल मिलता है भगवान जगन्नाथ के दर्शन करके। वाराणसी के अस्सी क्षेत्र में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर पुरातत्व विभाग के अनुसार 1711 ईसवी का है। भगवान को परवल के काढ़े का भोग भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित राधेश्याम पांडेय ने बताया ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को जब गर्मी की अधिकता होती है तो उस दिन देव प्रतिमाओं को जल से स्नान कराया जाता है। इस स्नान के बाद तीनों देवता बीमार पड़ जाते हैं और फिर वह एकांतवास में चले जाते हैं। एकांतवास की इस प्रक्रिया को पुरी में 'अनासरा' कहते हैं। इन 15 दिनों में देव विग्रहों के दर्शन नहीं होते हैं। 15 दिनों के बाद जब जगन्नाथ जी ठीक होते हैं तब उस दिन 'नैनासार उत्सव' मनाया जाता है। इस दिन भगवान का फिर से श्रृंगार किया जाता है, उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और इसके बाद वह भ्रमण के लिए तैयार होते हैं।
रेवाड़ी में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह समर्थकों की लड़ाई थम नहीं है। इस लड़ाई में राव इंद्रजीत समर्थकों को पार्टी संगठन का भी खुलकर साथ मिलने लगा है। अब तक राव नरबीर सिंह के कार्यक्रमों से दूरी के बाद पोस्टरों में भी स्थान देना बंद कर दिया है। 30 मई को बावल में केंद्रीय कृषि मंत्री के स्वागत की तैयारियों में जारी किए गए पोस्टर में राव इंद्रजीत सिंह के साथ आरती राव को स्थान दिया गया है, परंतु राव नरबीर सिंह को जगह नहीं मिल पाई। रेवाड़ी के गांव रामपुरा की रहने वाली आरती राव महेंद्रगढ़ के अटेली से विधायक और सरकार में मंत्री है। ऐसे ही रेवाड़ी के बूढ़पुर निवासी राव नरबीर सिंह गुरुग्राम के बादशाहपुर से विधायक और सरकार में मंत्री हैं। 30 जून के कार्यक्रम के जारी किए पोस्टर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री नाय सिंह सैनी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, आरती मंत्री राव और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फोटो लगाए गए हैं। कैबिनेट मंत्री को स्थान नहीं मिला पार्टी के जिला सचिव दिनेश टींट की तरफ से जारी किए पोस्टर में स्थानीय विधायक डॉ. कृष्ण कुमार के साथ जिला अध्यक्ष वंदना पोपली और पार्टी के चुनाव चिन्ह को भी स्थान मिला है। रेवाड़ी के ही रहने वाले कैबिनेट मंत्री को स्थान नहीं मिला। पिछले 3 दिन में ऐसा यह तीसरा मामला सामने आया है। जानिए कब-कब क्या हुआ 28 जून को कोसली विधानसभा गुडियानी गांव में संत कबीर जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोसली के विधायक अनिल यादव नहीं पहुंचे। हालांकि पूर्व मंत्री विक्रम सिंह ने राव नरबीर सिंह के साथ मंच साझा किया। 2019 के चुनाव से पहले राव इंद्रजीत सिंह समर्थक रहे विक्रम सिंह टिकट नहीं मिलने के कारण बाद में राव नरबीर सिंह के साथ चले गए थे। 26 जून को बूढ़पुर में राव मोहर सिंह बायोडायबर्सिटी पार्क का शिलान्यास और लाखनौर मंदिर में मूर्ति स्थापना कार्यक्रम था। दोनों गांव रेवाड़ी विधानसभा का हिस्सा हैं। पार्क का निर्माण वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। जिसमें डीसी से लेकर चंडीगढ़ के तक अफसर पहुंचे हुए थे। इससे विधायक लक्ष्मण सिंह यादव व जिला प्रधान वंदना पोपली के साथ संगठन पदाधिकारी और सरकारी पदों पर बैठे कार्यकर्ता नजर नहीं आए। एक साथ किया कदमताल 27 जून को महिला आयोग की उपप्रधान मीना परमार क्षत्रिय महासभा के कार्यक्रम में रेवाड़ी पहुंची। जिला प्रधान वंदना पोपली अपनी टीम के साथ रेवाड़ी प्रवास के दौरान महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर तक उनके साथ कदम ताल करती नजर आई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 2 मई को रेवाड़ी में निकाय चुनाव के प्रचार के लिए आए थे। इसी दिन राव नरबीर सिंह मुख्यमंत्री को रामगढ़-भगवानपुर में 320 दिन से चल रहे धरना स्थल पर लेकर पहुंचे और धरना खत्म करवा दिया। ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर गांव में मेडिकल कॉलेज बनवाने के अपने वादे से मुकरने के आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया था। विधायक और जिलाध्यक्ष को मिला मौका 2 मई को सीएम रामपुरा हाउस में लंच के लिए गए। इससे पहले सीएम के साथ चले राव नरबीर सिंह रामपुरा हाउस नहीं पहुंचे। जिस कारण सैनी स्कूल में चुनावी सभा के मंच पर सीएम से पहले पहुंच गए। मंच संचालक कर रहे महामंत्री ने सीएम के पहुंचने से पहले ही उनका संबोधन करवा दिया, जबकि राव इंद्रजीत सिंह के अलावा विधायक और जिलाध्यक्ष को सीएम के सामने बोलने का मौका मिला। इससे कुछ दिन पहले राव नरबीर सिंह अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। जिसके लिए विधायक को भी न्यौता दिया था। कार्यक्रम से भी विधायक और भाजपा का पूरा संगठन नदारद नजर आया था। राव नरबीर फिर बोले... कोसली के गुडियानी में भी बूढपुर की तरह राव नरबीर सिंह से विधायक की गैरमौजूदगी पर सवाल पूछा गया। जिस पर सीधा जवाब देते हुए कहा कि जो आए उसका स्वागत और जो ना आए उसका भी स्वागत। टिकट नहीं मिलने से बागी हुए विक्रम सिंह के सवाल पर कहा कि पहले भी पार्टी थे और अब भी पार्टी हैं।
सड़क किनारे बाइक लेकर पैदल जा रहे चूरू के एक कॉन्स्टेबल को रॉन्ग साइड से आई बेकाबू कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कॉन्स्टेबल उछलकर कार के शीशे पर जा गिरे। गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल को झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उधर, तलाशी में कार से शराब की बोतल मिली है। हादसा झुंझुनूं के सदर थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर में हुआ। चूरू के हमीरवास थाने में तैनाती थी पुलिस के अनुसार, सिकंदर (40) चूरू जिले के हमीरवास थाने में कॉन्स्टेबल थे। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह बाइक से अपने गांव बजावा (रावतका) जा रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। इसके बाद सिकंदर बाइक को पैदल लेकर जा रहे थे। रॉन्ग साइड से आई कार ने मारी टक्कर इसी दौरान सामने से रॉन्ग साइड से आई कार ने सिकंदर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि सिकंदर उछलकर कार के बोनट से टकराकर आगे के शीशे पर जा गिरे। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई और काफी खून बह गया। टक्कर से कार का आगे का शीशा भी चकनाचूर हो गया। कार धर्मवीर सिंह जादौन चला रहा था। कार से शराब की बोतल मिली हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने धर्मवीर (कार ड्राइवर) को मौके पर ही रोककर उससे पूछताछ की और कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से शराब की बोतल मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीडीके हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा जुट गई। घायल सिकंदर को तुरंत झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया गया। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थी। डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार का इकलौता सहारा थे सिकंदर सिकंदर दो भाइयों में बड़े थे। वह अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। भाई ने दर्ज कराया मामला सिकंदर के भाई विकास कुमार ने सदर थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में ड्राइवर धर्मवीर सिंह जादौन के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और जान लेने का मामला दर्ज कराया है। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव रविवार को ही परिजनों को सौंप दिया। ---- यह खबर भी पढ़िए… ट्रक ने बस को मारी टक्कर, 3 की मौत, सांवरिया सेठ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे जयपुर जयपुर के दूदू में जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी बस को टक्कर मार दी। बस सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में बस में सवार 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 3 गंभीर रूप से घायल हैं। पढ़ें पूरी खबर...
4 बीघा जमीन बेचने से आए 40 लाख रुपए की 6 एफडी करवाई, पैसे नहीं मिले, दादाजी का हज जाने का सपना ही रह गया, चिंता के कारण एक महीने पहले उनका देहांत हो गया। तलाक के बाद पिता के साथ रह रही हूं। खुद के पैसे से घर बनाना शुरू किया, लेकिन अब समिति में 5 लाख रुपए फंस गए हैं, मकान का काम अधूरा है। जयपुर के चाकसू की शील डूंगरी की रहने वाली परवीन और शहनाज की यह पीड़ा है। इस तरह परेशान ये 2 महिलाएं ही नहीं, बल्कि ऐसे करीब 1500 लोग हैं। इनके करीब 9 करोड़ शील डूंगरी (चाकसू) की राजस्थानी महिला सेवा समिति में जमा थे। तीन महीने से समिति पर ताला लटका हुआ। अब न ही कोई अधिकारी और न कर्मचारी मौके पर मिल रहा है। सहकारी समिति के आर्थिक हालात उस समय बिगड़े, जब साल 2021 में समिति को बनाने वाली सिकोईडिकोन संस्था (NGO) ने खुद को समिति से अलग कर लिया। सिकोईडिकोन ने अपने 8 करोड़ भी समिति से निकाल लिए। साथ ही समिति द्वारा स्वयं सहायता समूहों को बांटा गया ऋण (लोन) भी वापस नहीं आया, जिससे फंड की कमी हो गई। अब सिकोईडिकोन का कहना कि समिति और संस्था दोनों अलग-अलग हैं। ऐसे में उनकी कोई जवाबदेही नहीं बनती है। समिति के व्यवस्थापक का कहना कि पूरे पैसे सिकोईडिकोन को ही लौटाने चाहिए। अब जानते हैं खाताधारकों की परेशानी… केस- 1 : पैसे नहीं मिले, दादाजी का देहांत हो गया चाकसू की शील डूंगरी की रहने वाली परवीन खान बताती हैं- मेरे दादाजी छोटू खान भाटी ने साल 2013 में 4 बीघा जमीन बेची थी। 6 एफडी के रूप में कुल 40 लाख रुपए उन्होंने शील डूंगरी के सिकोईडिकोन परिसर में स्थित राजस्थानी महिला सहकारी समिति लिमिटेड में जमा करवाए थे। दिसंबर 2025 में एफडी मैच्योर हो गई। कुल 46 लाख रुपए वापस मिलने थे। कई बार दादाजी ने समिति के चक्कर लगाए, लेकिन पैसे नहीं मिले। मार्च 2026 में अचानक पता लगा कि समिति वाले ऑफिस में ताला लगाकर चले गए हैं। अब वहां कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं आ रहा। पैसे के लिए समिति के व्यवस्थापक महेश शर्मा से बात की तो उन्होंने सुसाइड की धमकी दी। चाकसू थाने में भी मामला दर्ज कराया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पैसे नहीं मिलने की टेंशन में 26 मई को 75 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया। दादाजी हमेशा कहते थे एफडी मैच्योर होने के बाद पूरे परिवार को हज यात्रा पर लेकर जाएंगे। वे अपनी ये इच्छा पूरी नहीं कर पाए। हम प्रशासन से यही कहना चाहते हैं कि हमारे पैसे वापस दिलाए जाएं। परवीन ने बताया- वो दो बहन और दो भाई है। पिता शब्बीर खान लोडिंग गाड़ी चलाते हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। अब भाई की शादी करने वाले थे। केस- 2 : मकान अधूरा, कैसे बच्ची की परवरिश करूंगी शील की डूंगरी गांव की रहने वाली शहनाज पठान ने बताया- साल 2015 में उन्होंने समिति में खाता खुलवाया था। प्राइवेट जॉब कर पैसा कमाना शुरू किया। जमा किए गए पैसों से एफडी करवाई। साथ ही खाते में नियमित पैसा जमा करवाना शुरू किया। साल 2023 में मेरा तलाक हो गया, तभी से मैं अपनी बेटी (7) के साथ पिता के साथ रहने लगी। बेटी अभी सेकेंड क्लास में पढ़ती है। मेरे पास जो पैसे थे, उससे एक घर बनाना शुरू किया। अगस्त 2025 में एफडी मैच्योर होने वाली थी। उससे पहले हमने मकान का काम शुरू करवा दिया। सोचा था, एफडी के 5 लाख रुपए से घर का काम पूरा करवा दूंगी। अब समिति पर ताले लटके हुए हैं। अब इसी बात से परेशान रहती हूं कि मकान का काम कैसे पूरा कराऊंगी? कैसे बच्ची की परवरिश करूंगी? केस- 3 : बेटे का गम और अब आर्थिक परेशानी शील की डूंगरी स्थित शीतला माता के दरबार में ठेला लगाकर पूजा-पाठ का सामान बेचकर गुजर-बसर कर रहे ग्यारसी देवी और लालचंद गुर्जर ने बताया- हम दोनों पति-पत्नी ने साल 2018 में समिति में एफडी करवाई थी। समिति वालों ने कहा था मैच्योरिटी के बाद हमें 3 लाख रुपए मिलेंगे। अक्टूबर 2025 में एफडी मैच्योर हो गई। कई बार समिति में गए, लेकिन समिति वालों का कहना है कि हमारे पास पैसे नहीं हैं। बाद में वे समिति कार्यालय में ताला लगाकर चले गए। मेरा बेटा मानसिक रूप से कमजोर था और दिव्यांग था। साल 2022 में उसकी भी मौत हो गई। एक तो जवान बेटे की मौत का दुख और अब पैसे भी नहीं मिल पा रहे हैं। कोई भी हमारी सुनवाई नहीं कर रहा है। पुलिस आश्वासन भी नहीं दे रही है कि हमारे पैसे मिल जाएंगे। केस- 4 : पूजा-पाठ कर घर चला रहा परिवार गांव के ही ठाकुरजी मंदिर के पुजारी मदनलाल शर्मा और उनके पोते विष्णु शर्मा ने समिति की पासबुक दिखाते हुए बताया- हमने साल 2013 में समिति में घर के सदस्यों के नाम से बचत खाते खुलवाए और एफडी करवाई। परिवार के सभी लोगों ने कुल 22 लाख रुपए समिति में जमा करवाए थे। फरवरी 2026 में एफडी मैच्योर हो गई। तभी से हम समिति के चक्कर काट रह थे। अब समिति वाले हमारे पूरे जीवन की पूंजी लेकर भाग गए। मंदिर में पूजा-पाठ के अलावा हमारी कोई आजीविका भी नहीं है। घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। केस-5 : एक-एक पैसे को मोहताज हुआ परिवार गांव के ही रामनारायण गौतम ने बताया- जयपुर में एक ईंट भट्टे पर जीवन भर नौकरी करके धन जुटाया और साल 2019 में इस समिति में खाता खुलवाकर खुद के नाम और पत्नी भगवती के नाम एफडी करवाई। मैच्योर होने पर उन्हें मई 2026 में 11 लाख रुपए जमा पूंजी के रूप में मिलने थे। समिति में अब ताले लटके हुए हैं। बुढ़ापे में वो और उनका परिवार एक-एक पैसे के लिए मोहताज हो गया है। बेटा खेती करता है, लेकिन पानी की कमी होने के कारण पैदावार कमजोर होती है। आर्थिक तंगी के चलते जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। बुढ़ापे में बीमारियों ने परेशान कर रखा है। इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। समिति वालों ने हजारों खाता धारकों के साथ अन्याय किया है। अब जानिए…समिति के व्यवस्थापक और एनजीओ का क्या कहना है? व्यवस्थापक बोले- सिकोईडिकोन ने पैसे निकाले, इसलिए ये हालात बने व्यवस्थापक महेश कुमार शर्मा ने बताया- मैं सिकोईडिकोन संस्था में 1995-96 से नौकरी कर रहा था। 2004 में संस्था ने महिला को-ऑपरेटिव बनाया। 2010 में संस्था ने मुझे समिति में काम करने को कहा। संस्था ने नाबार्ड, यूएनओ, SGSY, सिडबी, राष्ट्रीय महिला कोष परियोजना में सहायता समूह बनाकर ये प्रोजेक्ट चलाया। चाकसू, कोटखावदा, सांगानेर, फागी, माधोराजपुरा में स्वयं सहायता समूह बनाकर लोगों को बचत से जोड़ा और लोन लेने-देने का काम शुरू किया। समिति रिकवरी और पैसा जमा दोनों सही से कर रही थी। साल 2021 में सिकोईडिकोन संस्था की ओर से कहा गया कि हमारे FCRA (विदेशी अंशदान) को लेकर को-ऑपरेटिव से लेनदेन में समस्या आ रही है। इसलिए को-ऑपरेटिव समिति और संस्था को अलग-अलग कर लेते है। ये सभी संस्था की ओर से मौखिक रूप से कही गई। उसी समय संस्था की ओर से करीब 8 करोड़ रुपए का अपना फंड भी वापस निकलवा लिया गया। 2021 के बाद संस्था ने कहा कि हम न तो फंड देंगे और न ही लेंगे। पूरा पैसा निकल जाने के कारण अब समिति के पास फंड नहीं बचा है। जो पैसा था, वो विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को लोन के रूप में दिया गया है, जिसकी रिकवरी नहीं हो पाई है। फंड नहीं होने के कारण जिन लोगों ने पैसा जमा करवाया था, उनको हम पैसा नहीं दे पा रहे हैं। आरोप- सिकोईडिकोन ने फ्री की जमीन 56 लाख रुपए में बेची व्यवस्थापक ने बताया- जब लोग अपनी मैच्योर एफडी के कागज लेकर आने लगे तो हमने सिकोईडिकोन से लिखित में भी जानकारी देकर पैसा मांगा था, लेकिन संस्था का कहना है कि वो पैसा नहीं दे सकती। सिकोईडिकोन ने शीतला माता कैंपस में से महिला सहकारिता समिति को बिल्डिंग की जमीन भी बेची थी। संस्था ने 56 लाख नकद ले लिए, बाद में 40 लाख रुपए और मेंटेनेंस में खर्च करवा दिए। समिति के कुल एक करोड़ रुपए खर्च करवा दिए, जबकि सिकोईडिकोन संस्था को ग्राम पंचायत ने ये जमीन निशुल्क दी थी। हमने संस्था को कहा था कि आप ये बिल्डिंग वापस ले लो और पैसे दे दो। जिससे हम गरीब महिलाओं को पैसे वापस दे सकें। संस्था ने इससे इनकार कर दिया। संस्था ने विश्वास में लेकर हम कर्मचारियों को फंसाया है। संस्था ही इस समिति को बनाने में थी। लोगों की जमा पूंजी भी संस्था ही देगी। सिकोईडिकोन सचिव बोलीं- भ्रम फैलाया जा रहा सिकोईडिकोन संस्था सचिव मंजूबाला जोशी ने कहा- महिला समिति और सिकोईडिकोन संस्था के मामले में भ्रम फैलाया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि पूरा आर्थिक लेनदेन महिला समिति करती थी। संस्था का उसमें कोई दखल नहीं है। हम तो यही चाहते हैं कि जिन्होंने भी समिति में पैसा जमा कराया है, उनको पूरा पैसा मिले। मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। भ्रम फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर नहीं हुई तो संस्था अपनी तरफ से कानूनी कदम उठाएगी। सिकोईडिकोन के उपनिदेशक आलोक व्यास ने बताया कि जुलाई 2021 के बाद संस्था का समिति से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही चाकसू थाना इंचार्ज मनोहर लाल मेघवाल ने बताया- मामले में मई के महीने में FIR दर्ज हुई है। कई लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट..? सहकारिता विभाग के मिनी सचिवालय से कार्यालय सहायक के पद से रिटायर हुए मोहनलाल शर्मा ने बताया- कोई एनजीओ अगर नाबार्ड से पैसे लेकर समिति में लगाए और बाद में निकाले तो वह ऐसा कर सकती है। यदि संस्था चाहे तो नाबार्ड या अन्य परियोजनों से लोन लेकर समिति को मुहैया करवा सकती है। सरकार ऐसे खाताधारकों को कोई मुआवजा नहीं दे सकती है, क्योंकि ये समिति सरकारी नहीं है। ऐसे मामलों में उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर शहर के पास शक्ति है कि ऐसे केस में वह स्वतंत्र रूप से जांच कर सकती है। एनजीओ और सहकारी समिति दोनों पक्ष ही यहां जांच के लिए अपनी शिकायत भी दे सकते हैं।
टोंक सद्गुरु आश्रम के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शर्मा रविवार शाम भगवतगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने वन क्षेत्र गुफा नाम से प्रसिद्ध घधुंधरमल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान विप्र संवाद के राष्ट्रीय संयोजक मनोज पाराशर और वरिष्ठ समाजसेवी विमल चंद मीणा के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में आध्यात्मिक संवाद भी आयोजित हुआ। घधुंधरमल मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना पंडित राजकुमार शर्मा समय-समय पर विशेष आध्यात्मिक चेतना के लिए घधुंधरमल मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इसी क्रम में रविवार को उन्होंने मंदिर प्रांगण में घंटों तक पूजा-अर्चना, हवन और आध्यात्मिक संवाद किया। गुरु परिवार के सदस्यों से किया संवाद मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंडित राजकुमार शर्मा ने अपने गुरु परिवार के विशेष सदस्यों के साथ आध्यात्मिक चर्चा की। इस दौरान आध्यात्मिक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संत दर्शन संत वंदन यात्रा की सराहना पंडित राजकुमार शर्मा ने विप्र संवाद के राष्ट्रीय संयोजक मनोज पाराशर द्वारा देशभर में संचालित संत दर्शन संत वंदन यात्रा की सराहना की। उन्होंने यात्रा की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा सनातन धर्म के लिए प्रेरणादायक साबित होगी। सनातन संस्कृति के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम उल्लेखनीय है कि पंडित राजकुमार शर्मा सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों से बड़ी संख्या में सनातन प्रेमी जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान गुरु परिवार से जुड़े कई वरिष्ठ आध्यात्मिकजन भी मौजूद रहे।
पानीपत में किशोरी को घर बुलाकर किया रेप:पत्नी-बहन ने डेढ़ घंटे तक बनाए रखा बंधक, पड़ोसी ने की वारदात
हरियाणा के पानीपत जिले के थाना मतलौडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में नाबालिग लड़की के साथ रेप करने और उसे बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने नाबालिग को आवाज देकर अपने घर बुलाया और उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। इस घिनौनी वारदात में आरोपी की पत्नी और बहन ने भी साथ दिया और पीड़िता को करीब डेढ़ घंटे तक घर में बंधक बनाकर रखा। मतलौडा थाना पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मुख्य आरोपी युवक, उसकी पत्नी और बहन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चाचा के घर से लौट रही थी नाबालिग मतलौडा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने बताया कि 26 जून की सुबह करीब 9:10 बजे उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी अपने चाचा के घर गई हुई थी। जब वह वहां से वापस अपने घर लौट रही थी, तभी रास्ते में खड़े गांव के ही आरोपी मोहित ने उसे आवाज दी और बहला-फुसलाकर अपने घर के अंदर बुला लिया। पत्नी और बहन ने मिलकर बनाया बंधक आरोप है कि घर के अंदर ले जाकर आरोपी मोहित ने नाबालिग पीड़िता के साथ जोर-जबरदस्ती करते हुए रेप की वारदात को अंजाम दिया। यही नहीं, इस अपराध में आरोपी मोहित की पत्नी प्रियंका और उसकी बहन कविता ने भी उसका पूरा साथ दिया। वारदात के बाद बदनामी और पुलिस कार्रवाई के डर से इन तीनों आरोपियों ने मिलकर नाबालिग बच्ची को करीब डेढ़ घंटे तक घर के भीतर जबरन बंधक बनाकर रखा। आरोपी के घर के बाहर मिली पीड़िता इधर, जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परेशान परिजन दोपहर करीब 01:30 बजे तक उसे आसपास और पड़ोस में तलाश करते रहे। ढूंढते हुए जब परिजन आरोपी मोहित के घर के पास पहुंचे, तो नाबालिग लड़की उनके घर के बाहर खड़ी मिली। पूछने पर पीड़िता ने रोते हुए मां को मोहित द्वारा की गई दरिंदगी और उसकी पत्नी प्रियंका व बहन कविता द्वारा बंधक बनाए जाने की पूरी आपबीती सुनाई।
दतिया में स्मार्ट मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करने का मामला सामने आया है। विभागीय सर्वर पर अलर्ट मिलने के बाद बिजली विभाग की टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। जांच में मीटर बाईपास करने की पुष्टि होने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत ऑनलाइन प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई महाप्रबंधक धर्मेन्द्र कौशिक के निर्देशन में की गई। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली की खपत नहीं मापता, बल्कि यह विभाग की 'तीसरी आंख' है। इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या बाईपास करने की कोशिश सीधे पकड़ में आ जाती है। नई तकनीक से बिजली चोरी करना अब नामुमकिन होता जा रहा है। जून में 500 केस, 70 लाख रुपए का जुर्मानादतिया शहर में बिजली चोरों के खिलाफ अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग ने केवल जून महीने में 500 से ज्यादा बिजली चोरी के मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में उपभोक्ताओं पर कुल 70 लाख रुपए से ज्यादा की दंडात्मक राशि (जुर्माना) लगाई जा चुकी है। अवैध हथकंडों से दूर रहने की अपीलबिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को सख्त हिदायत दी है। महाप्रबंधक ने अपील करते हुए कहा कि उपभोक्ता किसी भी तरह के अवैध हथकंडों से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत अपना विद्युत भार (लोड) बढ़वाएं। उन्होंने बताया कि बिजली चोरी एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, ऐसा करने पर भारी जुर्माना और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
सागर के ग्राम कुड़ारी में कृषि विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारण किया गया 500 बोरी उर्वरक जब्त किया है। टीम ने मौके से 230 बोरी खाद ट्रक से और 270 बोरी मकान के अंदर से बरामद की। जब्त किए गए उर्वरक और ट्रक की कुल कीमत करीब 21 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। मामले में दस्तावेज नहीं मिलने पर कृषि विभाग ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम जानकारी के अनुसार, कृषि विकास अधिकारी सह उर्वरक निरीक्षक शिवकांत सिंह राजपूत को रविवार को सूचना मिली थी कि ग्राम कुड़ारी में सचिन गुप्ता के मकान में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और छापेमार कार्रवाई की। ट्रक और मकान से मिली खाद की बोरियां कार्रवाई के दौरान मौके पर एक ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचएच 2213 खड़ा मिला, जिसमें से उर्वरक की बोरियां उतारकर मकान में रखी जा रही थीं। जांच टीम ने ट्रक और मकान की तलाशी ली, जिसमें कुल 500 बोरी बेंटोनाइट ग्रेन्यूल्स उर्वरक बरामद हुआ। बरामद उर्वरक का कुल वजन 25 हजार किलोग्राम बताया गया है। इसमें 230 बोरी ट्रक में और 270 बोरी मकान के अंदर रखी हुई मिलीं। 21.25 लाख रुपये का माल जब्त कृषि विभाग के अनुसार, जब्त किए गए उर्वरक की कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपये है, जबकि मौके से जब्त ट्रक की कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह कार्रवाई में कुल 21 लाख 25 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया। दस्तावेज नहीं दिखा सके आरोपी जांच के दौरान उर्वरक के भंडारण, खरीदी और बिक्री से जुड़े वैध दस्तावेज मौके पर पेश नहीं किए जा सके। इसके बाद कृषि विभाग ने मामले में कार्रवाई के लिए कैंट थाने में शिकायत दी। दो लोगों पर मामला दर्ज कैंट थाना पुलिस ने कृषि विभाग की शिकायत पर मेसर्स मां हरसिद्धि एग्रो के प्रोपराइटर प्रदीप पिता काशीराम साहू और सहदेव फर्टिलाइजर्स भावनगर (गुजरात) के प्रोपराइटर महेश रामजी भाई चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जब्त खाद के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। कृषि विभाग की टीम रही मौजूद कार्रवाई करने वाली टीम में अनुविभागीय कृषि अधिकारी सागर अनिल राय, एडीए सागर अंकित रावत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आरडी लडिया, उप संचालक कार्यालय से भूपेंद्र राजपूत, कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक शिवकांत राजपूत, कृषि विस्तार अधिकारी राघवेंद्र राजपूत और कुलदीप क्रिश्चियन शामिल रहे।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल में 1 यूनिट ब्लड नहीं मिलने से सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित युवती की मौत हो गई। इस लापरवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2 डॉक्टरों समेत 7 लोगों पर कार्रवाई की है। 4 स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया गया है। जांच रिपोर्ट में बात सामने आई है कि, फीमेल वार्ड से ब्लड बैंक की दूरी 30-40 कदम थी। 85 यूनिट खून उपलब्ध था। इसके बावजूद ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने खुद ब्लड बैंक जाकर मरीज के लिए खून लाने की कोई कोशिश नहीं की। डोनर नहीं होने की जानकारी सीनियर अधिकारियों को नहीं दी, जिससे युवती की जान चली गई। वहीं, 2 डॉक्टरों पर भी निगरानी और इलाज में लापरवाही के आरोप हैं। पहले जानिए किसने क्या लापरवाही की जानिए क्या था पूरा मामला दीपिका गाड़ा (20) भिलाई के मरोदा इलाके की रहने वाली थी। वह सिकल सेल एनीमिया की मरीज थी और कई दिनों से बीमार चल रही थी। परिजनों के मुताबिक, उसके हाथ-पैर, कमर और पूरे शरीर में तेज दर्द था। 30 मई की रात करीब 11 बजे उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। जांच में डॉक्टरों ने बताया कि शरीर में खून की मात्रा बहुत कम है और तुरंत ब्लड चढ़ाने की जरूरत है। डोनर नहीं ला सका परिवार परिजनों का आरोप है कि, अस्पताल ने 3 यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और वे तुरंत डोनर नहीं ला सके। उन्होंने अस्पताल और ब्लड बैंक से कम से कम एक यूनिट खून देने की गुहार लगाई ताकि इलाज शुरू हो सके, लेकिन उन्हें खून नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार अस्पताल कर्मचारियों से मदद मांगी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इलाज के दौरान 1 जून को दीपिका की मौत हो गई। सिर्फ 5.5 ग्राम था हीमोग्लोबिन दीपिका की मां के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया था कि उसकी ब्लड रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन करीब 5.5 ग्राम था। परिवार ने अस्पताल से अनुरोध किया था कि पहले एक यूनिट खून दे दिया जाए और बाकी की व्यवस्था बाद में कर ली जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कहा था कि ऐसी आपात स्थिति में यदि मरीज के परिजन तुरंत डोनर उपलब्ध नहीं करा पाते हैं, तो हालात को देखते हुए 1-2 यूनिट ब्लड दिया जा सकता था। इस मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने जांच कमेटी बनाई। जांच रिपोर्ट में लापरवाही आई सामने कलेक्टर अभिजीत सिंह की ओर से बनाई गई 2 सदस्यीय जांच टीम ने करीब 7 दिन तक इस पूरे मामले की जांच की। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि इलाज करने और खून (ब्लड) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में कई जगहों पर गंभीर लापरवाही हुई है। इसके बाद 9 स्टाफ पर सीधे तौर से जिम्मेदारी तय की गई और उन्हें नोटिस भेजा गया था। 25 दिन बाद विभाग ने की कार्रवाई इस मामले में 25 दिन बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। जांच के बाद 2 डॉक्टर समेत कुल 7 कर्मचारियों को जिम्मेदार माना गया है। इनमें 4 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं, जबकि 3 नियमित और संविदा कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उनके संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। 4 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह के अनुसार, रेडक्रॉस सोसायटी से नियुक्त लैब टेक्नीशियन तरन्नुम जहां और निगार परवीन की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही एनएचएम की स्टाफ नर्स जागेश्वरी देवी और तनुजा चंद्राकर को भी नौकरी से हटा दिया गया है। इसके अलावा नियमित स्टाफ नर्स अनसतसिया केरकेट्टा, पीजी रेजिडेंट डॉक्टर निखिल अग्रवाल और एनएचएम की विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. तृप्ति तिवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उनके नियुक्तिकर्ता को पत्र भेजा गया है। ……………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… खून की कमी से बेटी की मौत, गिड़गिड़ाती रही मां: दुर्ग जिला अस्पताल की घटना, सिविल सर्जन बोले- 1-2 यूनिट ब्लड दिया जा सकता था खून की कमी से युवती की मौत...9 कर्मचारियों को नोटिस: ब्लड के लिए भटकता रहा परिवार, इलाज में लापरवाही के कारण कार्रवाई
चंडीगढ़ में वाहन ड्राइवरों की जेब पर असर डालने वाले पार्किंग शुल्क बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर आज अंतिम फैसला होने जा रहा है। नगर निगम (MC) की जनरल हाउस बैठक सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें शहर की पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव से जुड़े एजेंडे पर चर्चा और मंजूरी दी जाएगी। यदि सदन इस प्रस्ताव को हरी झंडी देता है तो शहर की सभी पार्किंग में वर्षों से लागू फ्लैट रेट सिस्टम खत्म हो जाएगा। उसकी जगह घंटों के हिसाब से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार सभी पार्किंग स्थलों पर पहले 10 मिनट तक पार्किंग निशुल्क रहेगी। इसके बाद अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क वसूला जाएगा। शहर की 89 पार्किंग एक ही कंपनी को सौंपने की तैयारी नगर निगम शहर की सभी 89 पार्किंग साइटों को आधुनिक और स्मार्ट बनाने की योजना पर भी विचार करेगा। प्रस्ताव के अनुसार पार्किंग संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी 10 वर्षों के लिए एक निजी कंपनी को टेंडर के माध्यम से सौंपी जाएगी। कंपनी डिजिटल भुगतान, ऑटोमैटिक टिकटिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। सेक्टर-8 में बनेगी नई 9 मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग बैठक में सेक्टर-8 स्थित पुरानी और जर्जर मल्टीलेवल पार्किंग को गिराकर नई पार्किंग बनाने के प्रस्ताव पर भी मंजूरी दी जा सकती है। इस परियोजना की लागत ₹23.69 करोड़ है। इसके निर्माण में एक वर्ष का समय लगेगा। स्ट्रक्चरल ऑडिट में मौजूदा पार्किंग को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। सेक्टर-10 लेजर वैली बनेगी दिव्यांग अनुकूल नगर निगम की बैठक में ₹2.35 करोड़ की लागत से लेजर वैली पार्क को दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। परियोजना के तहत हेल्पर रेलिंग, टैक्टाइल पाथवे, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रोज गार्डन और टैरेस गार्डन में बनेंगे फेस्टिवल स्पेस शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और आकर्षक बनाने के लिए सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन और टैरेस गार्डन में विशेष फेस्टिवल स्पेस विकसित करने का प्रस्ताव भी सदन के सामने रखा जाएगा।
किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रतलाम द्वारा 29 जून (सोमवार) को किसान महाआंदोलन किया जा रहा है। कांग्रेस द्वारा सुबह 11 बजे पावर हाउस रोड स्थित सब्जी मंडी में सुब 11 बजे से किसान रैली निकालेंगे। शहर के अनेक मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच कलेक्टर ऑफिस का घेराव करेंगे। किसानों की समस्याओं के निराकरण को लेकर कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपेंगे। महाआंदोलन जिला कांग्रेस कमेटी रतलाम (ग्रामीण) अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत के नेतृत्व में होगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में किसान शामिल होकर कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। यह है मांगे
नागदा के बिड़लाग्राम थाना क्षेत्र के जी ब्लॉक टापरी इलाके में रविवार रात 18 वर्षीय युवक जय प्रकाश ठाकुर की तलवार से हत्या कर दी गई। आरोप है कि बीड़ी मांगने को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद करीब 50 वर्षीय मोहनलाल ढोली ने वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और परिजन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी नशे की हालत में था। उसने जय प्रकाश से बीड़ी मांगी, लेकिन बीड़ी नहीं होने की बात कहकर युवक ने मना कर दिया। इससे आरोपी भड़क गया और दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने तलवार से युवक के सीने पर जोरदार वार कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवक के सीने से पेट तक गहरा घाव हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। माता-पिता इंदौर में, यहां दादा-दादी के साथ रहता था परिजन के मुताबिक, जय प्रकाश नागदा में अपने दादा-दादी के साथ रहता था, जबकि उसके माता-पिता रोजगार के लिए इंदौर में रहते हैं। उनका आरोप है कि घटना के समय आरोपी के साथ कुछ अन्य युवक भी मौजूद थे। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल केवल मुख्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिजन की मांग है कि घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जाए। घटना से क्षेत्र में नाराजगी है। परिजन और स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करेंगे। पुलिस बोली- दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी बिड़ला ग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र पाटीदार के अनुसार, वारदात से कुछ समय पहले तक मृतक जयप्रकाश और आरोपी मोहनलाल साथ थे। दोनों ने शराब पी थी। इसी दौरान मोहनलाल ने जयप्रकाश से बीड़ी मांगी, लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। इस बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो हाथापाई में बदल गई। हाथापाई के दौरान मोहनलाल को थप्पड़ लग गया। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को अलग कर दिया। वार इतना गहरा था कि सीने से पेट तक चीर गया इसके बाद जयप्रकाश पास ही पड़ोसी के घर के बाहर खाट पर लेटकर मोबाइल चला रहा था। पुलिस के मुताबिक, गुस्साया मोहनलाल अपने घर गया और तलवार लेकर लौटा। उसने खाट पर लेटे जयप्रकाश के सीने पर जोरदार वार कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, वार इतना गहरा था कि सीने से पेट तक चीरा लग गया। वारदात के बाद आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसी रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मोहनलाल ढोल बजाने का काम करता है, जबकि जयप्रकाश बेरोजगार था। दोनों एक ही मोहल्ले में रहते थे और अक्सर साथ में शराब पीते थे। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के बाद मृतक के परिजन अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समझाया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

