इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तेलीबाग स्थित राम भरोसे मैकुलाल हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रबंध समिति से जवाब मांगा है। यह जवाब स्कूल को शैक्षिक संस्था स्थापित करने के लिए आवंटित सरकारी भूमि की कथित बिक्री के आरोपों पर तलब किया गया है। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने तेलीबाग सामाजिक एवं जन कल्याण समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने स्कूल प्रबंधन को विस्तृत जवाबी शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को निर्धारित की गई है। याचिका में आरोप है कि सरकार द्वारा शैक्षिक संस्थान के संचालन के लिए आवंटित भूमि का नियमों के विपरीत विक्रय कर दिया गया। सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि इस जनहित याचिका को इसी स्कूल से संबंधित पहले से लंबित एक अन्य मामले के साथ जोड़ा जाए। इसका उद्देश्य पूरे विवाद का समग्र निस्तारण करना है।
जयपुर में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में पुलिस ने अदालत में जो चार्जशीट पेश की है, उस पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमायरा के माता-पिता ने पुलिस जांच को अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिवार का आरोप है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने चार्जशीट में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा नहीं जोड़ने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले को लेकर अमायरा के माता-पिता ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बता दें कि 9 साल की अमायरा ने 1 नवंबर 2025 को स्कूल बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या (सुसाइड) कर ली थी। चार्जशीट में महत्वपूर्ण पहलुओं को कोई महत्व नहीं दिया अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा- जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि स्कूल में पढ़ाने वाले कई शिक्षक योग्य नहीं हैं और उनके पास बीएड (B.Ed) की डिग्री तक नहीं है। इस संबंध में मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, लेकिन पुलिस ने चार्जशीट में इन महत्वपूर्ण पहलुओं को कोई महत्व नहीं दिया। परिवार को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया अमायरा की मां शिवानी ने कहा- पुलिस ने जांच के नाम पर उनके परिवार को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनसे बार-बार ऐसे सवाल पूछे गए, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि पुलिस उनकी बच्ची की ही मानसिक स्थिति पर सवाल उठा रही है। स्कूल की निगरानी की जिम्मेदारी प्रिंसिपल की होती है, लेकिन इस मामले में उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। यदि शिक्षिका ने समय रहते बच्ची के व्यवहार और उसकी स्थिति पर ध्यान दिया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश पुलिस ने इस मामले में नीरजा मोदी स्कूल के संचालक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाई कर्मचारी राम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की है। हालांकि, अमायरा के परिजनों ने इस चार्जशीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिजनों का कहा- आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद मामूली हैं, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें 'आत्महत्या के लिए उकसाने' जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी जानी चाहिए थीं। उन्होंने न्यायपालिका से निष्पक्ष सुनवाई और पुलिस की इस चार्जशीट की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। घटना से पहले किस पीड़ा में थी मासूम अमायरा? मामले में क्लास के अंदर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल और गहरे हो गए हैं। फुटेज में मासूम अमायरा कई बार टीचर के पास जाती हुई दिखाई देती है और बार-बार अपने कान व सिर पर हाथ लगाती नजर आती है। इसके बाद वह कक्षा से बाहर निकल जाती है। इन दृश्यों के सामने आने के बाद यह यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि घटना से ठीक पहले बच्ची किस शारीरिक या मानसिक पीड़ा से गुजर रही थी और उस दौरान कक्षा में मौजूद टीचर या स्कूल प्रबंधन ने उसकी सुध लेने के लिए क्या कदम उठाए।
बालाघाट नगरपालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार विपक्ष के बजाय खुद उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ पार्षद सुधीर चिले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद चिले का कहना है कि नगरपालिका में जनता द्वारा निर्वाचित सभापति ही अब ठेकेदार और सप्लायर के रूप में काम कर रहे हैं। महिला सभापति के पति सहित कई पार्षदों पर आरोप पार्षद सुधीर चिले ने सीधे तौर पर महिला सभापति के पति खगेश कावरे, सभापति वकील वाधवा और कमलेश पांचे का नाम लेते हुए उन पर ठेकेदारी और सप्लायर होने के आरोप मढ़े। उन्होंने दावा किया कि नगरपालिका अध्यक्ष नियमों को ताक पर रखकर केवल अपने चहेतों को ही काम और ठेके बांट रही हैं। वार्ड के विकास कार्यों को मंजूरी न मिलने से फूटा गुस्सा पार्षद चिले की यह नाराजगी उनके खुद के वार्ड के विकास कार्यों को प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल में स्वीकृति न मिलने के कारण सामने आई है। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं, लेकिन पीआईसी में इन विकास कार्यों को मंजूरी नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि साथी पार्षद समीर जायसवाल के हस्तक्षेप के बाद ही उनके पांच में से केवल एक काम को जैसे-तैसे मंजूरी मिल सकी। पीआईसी को चेतावनी- 'परिषद पीआईसी से बड़ी होती है' पीआईसी के रवैए पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चिले ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे यह न समझें कि पीआईसी में काम रुकने से वार्ड का विकास रुक जाएगा। उन्होंने कहा, “हम परिषद में इन कार्यों को हर हाल में स्वीकृत करा लेंगे, क्योंकि पूरी परिषद पीआईसी से बड़ी और सर्वोपरि होती है।” संगठन पर उठाए सवाल एक सवाल के जवाब में सुधीर चिले ने दुख जताते हुए कहा कि वे संगठन के समर्पित सदस्य हैं, इसके बावजूद उनके साथ इस तरह का भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जिस पर पार्टी संगठन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। वर्तमान में बालाघाट नगरपालिका में अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष से ज्यादा उनकी खुद की पार्टी के पार्षद मोर्चा खोले हुए हैं। नगरपालिका अध्यक्ष कल रखेंगी अपना पक्ष मामले में नपाध्यक्ष ने बताया कि इन आरोपों का जवाब देने के लिए शनिवार को वह और सभापति संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रख सकते हैं।
रायसेन जिले की सांची जनपद के ग्राम सनखेड़ी में बुधवार शाम 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया गया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने 2.90 करोड़ रुपए की लागत से बने 5 एमवीए क्षमता वाले इस उपकेंद्र का उद्घाटन किया। यह उपकेंद्र भूमि दानदाता लक्ष्मीनारायण बसे द्वारा दान की गई 50 डिसमिल भूमि पर स्थापित किया गया है। इसके शुरू होने से क्षेत्र के 9 गांवों को निर्बाध और पूर्ण वोल्टेज बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। विशनखेड़ी, बिजौली, सनखेड़ी, देवलखेड़ी, आलमखेड़ा, रामगढ़, झिरनिया, महुआखेड़ा और हिम्मतगढ़ के किसान व ग्रामीण लंबे समय से कम वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए लक्ष्मीनारायण बसे ने अपनी 50 डिसमिल भूमि दान की, जिस पर नया विद्युत उपकेंद्र बनाया गया। ऊर्जा मंत्री बोले- बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नए उपकेंद्र स्थापित कर रही है। नए उपकेंद्र से कम वोल्टेज और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं दूर होंगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बिना बाधा के हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री ने उपकेंद्र निर्माण के लिए भूमि दान देने वाले लक्ष्मीनारायण बसे का सम्मान किया। उन्होंने उपकेंद्र परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। मेहगांव फीडर पर भी कम होगा बिजली का दबाव सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि पहले इन गांवों को मेहगांव फीडर से बिजली मिलती थी, जिससे कम वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट की समस्या बनी रहती थी। अब नए फीडर से पूर्ण वोल्टेज बिजली मिलने से किसानों के सिंचाई पंप सुचारु रूप से चलेंगे, घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे और मेहगांव फीडर से जुड़े अन्य गांवों की बिजली व्यवस्था में भी सुधार होगा। कार्यक्रम में महाप्रबंधक अंकुर सेठ, उपमहाप्रबंधक नीरज चौरसिया एवं वैभव त्रिपाठी, सहायक अभियंता पवन सिंह, गौरव अटूट, संजय पटेल, कनिष्ठ अभियंता गणेश अमरेंद्र, सीताराम कोल सहित विद्युत विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
लखनऊ में गुरु पूर्णिमा, कबीर जयंती पर गूंजे निर्गुण भजन:अवध लेडीज क्लब में भक्ति रस की बही धारा
लखनऊ के कालिदास मार्ग स्थित अवध लेडीज क्लब के ऑडिटोरियम में गुरु पूर्णिमा और कबीर जयंती के उपलक्ष्य में एक भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्लब की महिलाओं ने कबीर के निर्गुण भजनों और गुरु महिमा से जुड़े गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत रेखा मित्तल ने 'जय गणेश देवा' भजन की प्रस्तुति से की। इसके बाद ज्योति कौल ने संत कबीर के जीवन पर संक्षिप्त प्रकाश डाला और गुरु के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। कार्यक्रम का सफल संचालन क्लब की सचिव मनोरमा मिश्रा ने किया। मन की मैल उतारो प्राणी' जैसे भजनो की प्रस्तुति हारमोनियम पर विमल पंत की मधुर संगत के साथ, रीता श्रीवास्तव ने निर्गुण भजन 'क्यों पानी में मल-मल नहाए, मन की मैल उतारो प्राणी' प्रस्तुत किया। पदमा गिडवानी ने बुल्ले शाह का प्रसिद्ध गीत 'दमादम मस्त कलंदर' सुनाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। आशा रावत की ढोलक की थाप पर सरिता अग्रवाल ने 'श्याम नहीं आए, घिर आई बदरिया' और इंदु सारस्वत ने 'बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए' सुनाकर खूब सराहना बटोरी। प्रतिमा बाजपेयी ने कबीर की प्रसिद्ध साखियां सुनाईं बीना सक्सेना, अपर्णा सिंह, रागिनी अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, चित्रा श्रीवास्तव, किरण दलाल और देवेश्वरी पवार ने भी एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। प्रतिमा बाजपेयी ने कबीर की प्रसिद्ध साखियां सुनाईं। वहीं, ज्योति किरण रतन, मेघा कौल, सुरभि दुआ, रीता खन्ना, अमिता शुक्ला, बबीता साहू और रीता सिंह ने निर्गुण भजनों पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में, क्लब की आगामी पत्रिका के लिए सदस्यों से लेख आमंत्रित किए गए। इस पूरे आयोजन में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गुरु भक्ति तथा कबीर की वाणी के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
बरेली में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन दहन के तहत करीब 198.63 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का विधिवत विनिष्टीकरण (डिस्पोजल) कराया। 1 मार्च 2026 से 7 जुलाई 2026 तक चले इस विशेष अभियान में जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 907 मुकदमों में जब्त 5,914.690 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए। पांच चरणों में पूरा हुआ अभियानडीजीपी के निर्देश और पुलिस उपमहानिरीक्षक के पर्यवेक्षण में चले इस अभियान का संचालन एसएसपी अनुराग आर्य की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने किया। अभियान को पांच चरणों में पूरा किया गया। 907 मुकदमों में जब्त नशा किया गया नष्टपांचों चरणों को मिलाकर कुल 907 अभियोगों में जब्त 5,914.690 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों का विधिवत विनिष्टीकरण किया गया। इनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 198 करोड़ 63 लाख 35 हजार 701 रुपये (करीब 198.63 करोड़ रुपये) बताई गई है। गांजा से लेकर कोकीन तक किया गया नष्टविनिष्टीकरण किए गए मादक पदार्थों में गांजा, चरस, हेरोइन, मॉर्फीन, कोकीन, अफीम, डोडा/पोस्त समेत अन्य नशीले पदार्थ शामिल रहे। नशा तस्करों पर जीरो टॉलरेंसएसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि बरेली पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत आगे भी मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध कारोबार की कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे के ग्रुप-2 स्थित बिनावर टोल प्लाजा पर बुधवार को एनडीआरएफ, फायर विभाग और अदाणी परियोजना टीम ने संयुक्त रूप से आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल का नेतृत्व एनडीआरएफ बटालियन के कमांडेंट रविंद्र सिंह असवाल, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर चमन किशोर गुप्ता और फायर स्टेशन ऑफिसर शैलेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान अदाणी परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह, सिक्योरिटी एवं इंसिडेंट मैनेजर बलजीत सिंह, सेफ्टी मैनेजर राजेश कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अभ्यास में एलपीजी टैंकर के दूसरे वाहन से टकराने के बाद गैस रिसाव और आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। परिदृश्य में टैंकर के आसपास पांच लोगों के फंसे होने की भी कल्पना की गई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर विभाग और अदाणी की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कार्रवाई शुरू की। एनडीआरएफ की टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से गैस रिसाव पर नियंत्रण पाया और सभी पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं फायर विभाग ने आग और गैस रिसाव से उत्पन्न संभावित खतरे को नियंत्रित कर स्थिति को सुरक्षित बनाया। अभ्यास के बाद अधिकारियों ने पूरे अभियान की समीक्षा की और भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे संयुक्त अभ्यास विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने के साथ किसी भी आपात स्थिति में जन-धन के नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी इस तरह के नियमित मॉक ड्रिल आयोजित किए जाएंगे।
सूरजपुर जिले में मेडिकल दुकान की आड़ में मरीजों का इलाज करने का मामला सामने आया है। यह मामला भैयाथान जनपद के ग्राम पंचायत बुंदिया का है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक मरीज को मेडिकल दुकान के फर्श पर लिटाकर इलाज करते हुए देखा जा सकता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति द्वारा मरीज का उपचार किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति के पास वैध चिकित्सकीय डिग्री या इलाज करने की कानूनी अनुमति है या नहीं, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुल्तानपुर के चांदा थाना क्षेत्र के आनापुर नारायणगंज (देवलहा) गांव में महुआ के पेड़ से गिरने के कारण एक किसान की मृत्यु हो गई। इस घटना से परिजनों में शोक व्याप्त है। मृतक की पहचान 62 वर्षीय रामदीन पुत्र सुखई के रूप में हुई है। मंगलवार देर शाम रामदीन अपने घर के सामने बगीचे में महुआ के पेड़ से पत्तियां तोड़ रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे नीचे गिर गए। बुधवार सुबह करीब 10 बजे परिजनों और ग्राम प्रधान ने चांदा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिससे वे मौके पर ही अचेत हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लंभुआ ले गए। सीएचसी लंभुआ में चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद रामदीन को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, गिरने से लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बुधवार सुबह करीब 10 बजे परिजनों और ग्राम प्रधान ने चांदा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है। मृतक रामदीन खेती-बाड़ी के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक पुत्र संतोष कुमार है, जो मजदूरी करता है। उनकी चारों बेटियों का विवाह हो चुका है।
उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर टाटा मैजिक वैन लटकाकर उसमें विस्फोटक पटाखे फोड़ने के मामले में अब इंदौर हाईकोर्ट में बुधवार को जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में पूरे घटनाक्रम की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) या सीबीआई से कराने और भविष्य में धार्मिक जुलूसों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश प्राप्त कर जवाब पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान हुआ था विस्फोट 23-24 जून की दरमियानी रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम जुलूस के दौरान जय स्तंभ चौक पर क्रेन की मदद से एक कबाड़ टाटा मैजिक वैन को हवा में लटकाया गया था। वैन के ऊपर चढ़े जाहिद और तस्लीम लाल झंडे लहरा रहे थे। इसी दौरान वाहन के भीतर रखे बड़ी मात्रा में रॉकेट और सुतली बमों में आग लगा दी गई, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद कांच और लोहे के टुकड़े नीचे मौजूद हजारों लोगों के बीच गिरे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। तीन आरोपियों पर रासुका घटना के बाद पुलिस ने शोएब उर्फ गब्बू खान, जाहिद खान और तपसील उर्फ तस्लीम, सभी निवासी अडान मोहल्ला, को गिरफ्तार किया। बाद में तीनों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें कड़ी सुरक्षा में केंद्रीय जेल भेरूगढ़ (उज्जैन) भेज दिया गया। हाईकोर्ट में जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता एवं हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की है। उनकी ओर से अधिवक्ता जायेश गुरनानी ने पैरवी की। याचिका में घटना की जांच एनआईए अथवा सीबीआई से कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा धार्मिक जुलूसों के लिए व्यापक एसओपी तैयार करने की मांग की गई है। एनआईए जांच की दलील सुनवाई के दौरान अधिवक्ता जायेश गुरनानी ने तर्क दिया कि यदि इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के तहत अपराध बनता है, तो यह राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत अनुसूचित अपराध (Scheduled Offence) की श्रेणी में आएगा। ऐसी स्थिति में मामले की जांच एनआईए द्वारा कराई जानी चाहिए। याचिकाकर्ता सुमित हार्डिया ने यह मांग भी उठाई कि यह भी जांच का विषय है कि कहीं यह घटना किसी तरह की 'ब्लास्ट मॉक ड्रिल' तो नहीं थी। एक सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले में राज्य शासन से निर्देश प्राप्त कर जवाब प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। प्रकरण की अगली सुनवाई आगामी सप्ताह निर्धारित की गई है। ये खबर भी पढ़ें… मुहर्रम के जुलूस में हमले का प्रदर्शन, VIDEO उज्जैन के पास बड़नगर में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक वैन (टाटा मैजिक) में किए गए विस्फोट का वीडियो सामने आया है। घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया।पूरी खबर पढ़ें
अशोकनगर रातीखेड़ा रेलवे स्टेशन के बीच रुसल्ला रेलवे फाटक के पास बुधवार को एक व्यक्ति का आधा शव मिला। शव की पहचान मोबाइल फोन के माध्यम से कृष्णदान मिंज (35) के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कासाबेल गांव के निवासी थे। अनुमान है कि मौत दो-तीन दिन पहले हुई थी। रेलवे ट्रैक किनारे पड़े शव को कुत्तों ने नोच लिया था, जिससे उसका एक पैर का हिस्सा और आधा शरीर गायब था। किसी राहगीर ने शव देखकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह में रखवाया। शव के पास मिले दो मोबाइल फोन बंद थे, लेकिन उनमें लगी सिम चालू थीं। पुलिस ने सिम के जरिए परिजनों से संपर्क किया और मृतक की पहचान सुनिश्चित की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कृष्णदान अपनी पत्नी और बेटी को लेने के लिए शिवपुरी जिले के बदरवास जा रहे थे, जहां उनकी साली रहती हैं, जो शिक्षक है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) प्रयागराज ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 की प्रोविजनल उत्तरकुंजी बुधवार देर शाम जारी कर दी है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की पात्रता के लिए आयोजित इस परीक्षा की उत्तरकुंजी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी 14 जुलाई की रात 12 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से प्रमाण सहित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस बार की शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। आंकड़ों के अनुसार, UPTET के लिए कुल 19.94 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 17.70 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जो कुल पंजीकृत संख्या का 88.77 प्रतिशत है। यह परीक्षा 02, 03 और 04 जुलाई को तीन दिनों तक पांच पालियों में आयोजित की गई थी। 02 और 03 जुलाई को प्रतिदिन दो-दो पालियों में, जबकि 04 जुलाई को केवल प्रथम पाली में परीक्षा हुई थी। सभी पालियों के प्रश्नपत्रों के मास्टर सेट की प्रोविजनल उत्तरकुंजी आयोग की वेबसाइट https://upessc.up.gov.in पर अपलोड कर दी गई है। अभ्यर्थी उत्तरकुंजी का मिलान करने और आपत्ति दर्ज कराने के लिए आयोग के विशेष आपत्ति पोर्टल पर जा सकते हैं। उन्हें अपने अनुक्रमांक और जन्मतिथि का उपयोग करके लॉगिन करना होगा। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 14 जुलाई की रात 12 बजे निर्धारित है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन लिंक के अतिरिक्त डाक, ईमेल या व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत की गई किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
अशोकनगर में भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में प्रशासन ने दो लोगों के खिलाफ सिविल जेल की कार्रवाई की। सोनेरा गांव निवासी देशराज सिंह रघुवंशी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए केशरी सिंह रघुवंशी और प्रकाश रघुवंशी को जेल भेजा गया। बाद में विवादित भूमि से कब्जा हटाने और शपथ पत्र देने के बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, देशराज सिंह रघुवंशी ने शिकायत की थी कि सोनेरा गांव स्थित उनकी 0.115 हेक्टेयर भूमि पर केशरी सिंह रघुवंशी और प्रकाश रघुवंशी ने अवैध कब्जा कर लिया है। मामला तहसीलदार अशोकनगर ने एसडीएम न्यायालय को भेजा था। नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे, जारी हुआ जेल वारंट एसडीएम अशोकनगर ने दोनों अनावेदकों को नोटिस जारी किए, लेकिन न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ जेल वारंट जारी कर दिया गया। कचनार थाना पुलिस ने वारंट की तामील कर दोनों को 25 जून को सिविल जेल भेज दिया। प्रशासन के अनुसार, दोनों अनावेदकों ने विवादित भूमि से कब्जा हटा लिया और शपथ पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद आवेदक देशराज सिंह ने भी लिखित में कब्जा मिलने की पुष्टि की। इस आधार पर एसडीएम इसरार खान ने दोनों को सिविल जेल से रिहा करने के आदेश जारी किए। एसडीएम इसरार खान ने बताया कि कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देश पर भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत संबंधित प्रकरण में सिविल जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
महोबा में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आल्हा चौक पर दीपोत्सव और रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया। परिषद की स्थापना के 78 वर्ष पूरे होने की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना था। छात्र-छात्राओं ने दीप प्रज्वलित कर स्वामी विवेकानंद को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलकर देश की सेवा करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक रंगोलियां बनाईं। इन रंग-बिरंगी रंगोलियों और टिमटिमाते दीपों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का अनूठा संदेश दिया गया, जो राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थी दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और देश सेवा की भावना भरने का एक माध्यम है। इस आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजक प्राची सक्सेना, सह-संदेशक साधना, विभाग संयोजक कृष्ण ठाकुर, जिला संयोजक हिमांशु पचौरी और नगर सह मंत्री धीरेंद्र सोनी सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि वे 'राष्ट्रीय कला मंच' (आरकेएम) जैसे अभियानों के माध्यम से बच्चों में छिपी कला को मंच देने और उन्हें राष्ट्रहित से जोड़ने का काम जारी रखेंगे।
संभल के कस्बा सिरसी सादात में बुधवार देर शाम 8 बजे कर्बला के 72 शहीदों की याद में पारंपरिक जुलूस-ए-शबीह-ए-ज़ुल्जनाह और अलम-ए-मुबारक निकाला गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व उनके साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस की शुरुआत मोहल्ला शर्की सिरसी सादात में आयोजित मजलिस से हुई। मजलिस में असकरी अब्बास जाफरी और उनके साथियों ने सोज़ख़ानी पेश की। इसके बाद मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कर्बला के घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों ने न्याय, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए महान बलिदान दिया, जो धैर्य, त्याग और सच्चाई का वैश्विक संदेश है। मजलिस के समापन के पश्चात शबीह-ए-ज़ुल्जनाह और अलम-ए-मुबारक निकाले गए। जुलूस आगे बढ़ने पर पूरे क्षेत्र में 'या हुसैन' के नारे गूंज उठे। अकीदतमंदों ने श्रद्धापूर्वक जियारत की और कर्बला के शहीदों की याद में नौहाखानी तथा सीनाज़नी (मातम) की। इस जुलूस में सिरसी की कई स्थानीय अंजुमनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें अंजुमन ज़ुल्फ़िक़ारे हैदरी, अंजुमन हाशमी, अंजुमन हैदरी, अंजुमन गुलज़ारे हुसैनी, अंजुमन गुलदस्ते हैदरी, अंजुमन पंजेतनी, अंजुमन दिलदारे हुसैनी, अंजुमन करवाने हुसैनी और अंजुमन सफ़ीने अज़ा शामिल थीं। नौहाख्वानों ने नौहे पेश किए, जिस पर अज़ादारों ने मातम कर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत को याद किया। जुलूस का समापन दरगाह हज़रत जैनब अलैहिस्सलाम पर हुआ, जहाँ सामूहिक दुआ और जियारत के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण यह आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि कोरोना महामारी के दौरान पुलिस, बिजली, जल और टेलीफोन समेत आवश्यक सेवाओं में तैनात सरकारी कर्मचारियों को 'कोरोना वॉरियर' माना जाएगा। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि ऐसे कर्मचारी कोविड ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गंवाते हैं तो उनके आश्रितों को राज्य सरकार की अनुग्रह सहायता योजना का लाभ मिलेगा। इसी क्रम में, न्यायालय ने कोरोना ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए हेड कांस्टेबल बलवंत प्रताप की पत्नी सेम्मा भारती की याचिका मंजूर कर ली। खंडपीठ ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर उन्हें 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, 27 अगस्त 2024 का वह आदेश भी रद्द कर दिया गया है, जिसके जरिए सेम्मा भारती का दावा पहले खारिज कर दिया गया था। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने पारित किया। न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता के पति को कोविड-19 की रोकथाम, संक्रमित लोगों की सहायता और जनजागरूकता जैसे कार्यों में लगाया गया था। ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई, इसलिए उन्हें कोरोना वॉरियर का दर्जा देने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना ड्यूटी की परिभाषा केवल अस्पतालों में कार्यरत कर्मियों तक सीमित नहीं की जा सकती। महामारी के दौरान पुलिस, बिजली, जल, दूरसंचार और अन्य आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी भी संक्रमण नियंत्रण की अग्रिम पंक्ति में कार्यरत थे। इसलिए उन्हें 11 अप्रैल 2020 के शासनादेश के तहत मिलने वाली 50 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता से वंचित नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों और पुलिस विभाग की संस्तुति से स्पष्ट है कि मृतक की मृत्यु कोविड ड्यूटी के दौरान संक्रमण की वजह से हुई थी, ऐसे में सरकार द्वारा दावा अस्वीकार करना कानून और शासनादेश की मंशा के विपरीत था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों, ऑक्सीजन प्लांटों और अन्य आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले बिजली विभाग के कर्मचारी भी 'कोविड वॉरियर' माने जाएंगे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 'कोविड ड्यूटी' की संकीर्ण व्याख्या नहीं की जा सकती और इसे केवल अस्पतालों में इलाज करने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के दिवंगत कर्मचारी सुंदर लाल की पत्नी पुष्पा देवी की याचिका स्वीकार कर ली। खंडपीठ ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर पुष्पा देवी को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का आदेश दिया है। याचिका के अनुसार, सुंदर लाल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल 2021 में ड्यूटी पर रहते हुए संक्रमित हो गए थे। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी ने 11 अप्रैल 2020 की सरकारी नीति के तहत 50 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता मांगी थी। हालांकि, वर्ष 2022 में राज्य सरकार की समिति ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया था कि मृतक सीधे तौर पर कोविड के उपचार, रोकथाम या बचाव कार्य में तैनात नहीं थे। न्यायालय ने सरकार के इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि महामारी के दौरान अस्पतालों, ऑक्सीजन संयंत्रों और होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों तक निर्बाध बिजली पहुंचाना भी कोरोना से लड़ाई का एक अभिन्न हिस्सा था। अदालत ने जोर दिया कि बिजली, पानी, दूरसंचार और पुलिस जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी महामारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत थे और उनके योगदान को कम करके नहीं आंका जा सकता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कर्मचारी की मृत्यु को पाँच वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में मामले को दोबारा सरकारी समिति के पास भेजने से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में और विलंब होगा। इसी आधार पर न्यायालय ने सीधे 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान करने का आदेश पारित किया।
देवास की सोनकच्छ तहसील के हरनावदा देव गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा मंगलवार देर रात धंस गया। लगातार बारिश के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गांव का एकमात्र संपर्क मार्ग बंद हो गया। करीब एक हजार से डेढ़ हजार आबादी वाले गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट गया। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर शनिवार को ही बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई थीं। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने न तो मरम्मत कराई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए। मंगलवार रात हुई तेज बारिश के बाद सड़क का हिस्सा पूरी तरह धंस गया। बुधवार सुबह जब ग्रामीण सोनकच्छ जाने के लिए निकले तो सड़क धंसी हुई मिली। मार्ग बंद होने से स्कूल बसें गांव तक नहीं पहुंच सकीं। वहीं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों का दैनिक आवागमन भी प्रभावित रहा। 12 घंटे में तैयार किया गया अस्थायी रास्ता सूचना मिलने पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। इसके बाद करीब 12 घंटे की मशक्कत से एक वैकल्पिक अस्थायी मार्ग तैयार कराया गया। फिलहाल इस रास्ते से दोपहिया और हल्के वाहन गुजर रहे हैं, जबकि स्कूल वैन और बड़े वाहनों की आवाजाही अब भी बाधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत करीब डेढ़ साल पहले ही कराई गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। उनका कहना है कि कई दिनों से सड़क धंसने के संकेत मिल रहे थे, फिर भी संबंधित विभाग ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
कांकेर जिला मुख्यालय के व्यासकोंगेरा (फरसीपारा) में सोमवार दोपहर एक घटना सामने आई। शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने से नाराज एक युवक ने अपनी 61 वर्षीय दादी की टंगिया से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 06 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हुई। आरोपी भीष्म उर्फ भीखम उरेंजड़ी ने अपनी दादी बुधियारिन बाई उरेंजड़ी (61 वर्ष) से शराब पीने के लिए पैसे मांगे। दादी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी ने घर के बाहर गली में टंगिया से उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने दादी को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और टंगिया से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग महिला को परिजन और मोहल्ले के लोगों की मदद से जिला अस्पताल कांकेर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर थाना कांकेर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। मामले में मर्ग क्रमांक 91/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी शराब पीने का आदी है और पहले भी शराब के लिए परिवार के सदस्यों से विवाद करता रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रीको शास्त्री नगर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा। टीम ने भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे एनर्जी ड्रिंक की 6012 बोतलों को सीज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) महेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम ने जब गोदाम की जांच की, तो वहां भारी मात्रा में 'स्टिंग क्लासिक' की बोतलें स्टॉक में पाई गईं। जांच के दौरान अधिकारियों का ध्यान इन बोतलों के लेबल पर लिखे विज्ञापनों और दावों पर गया। इन बोतलों पर दिमाग को उत्तेजित करने वाले और शरीर को ऊर्जा देने वाले जैसे दावे लिखे थे। CMHO डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के कड़े निर्देश हैं कि किसी भी कैफिनेटेड पेय पदार्थ पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' या 'स्टिमुलेट्स माइंड' जैसे दावे नहीं किए जा सकते। ये दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली श्रेणी में आते हैं। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई करते हुए टीम ने 200 कार्टूनों में भरी कुल 6012 बोतलों को सीज कर दिया है। सेहत के लिए खतरनाक हैं ऐसे ड्रिंक्सडॉ. गुर्जर ने बताया कि अत्यधिक कैफीन का सेवन इन लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसी के चलते हाल ही में पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर नोटिस भी दिए गए थे। विभाग की टीम ने इन बोतलों के सैंपल ले लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। सीएमएचओ ने बताया कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिनियम के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के दाल बाजार इलाके में रहने वाली 20 वर्षीय बीकॉम छात्रा साइबर ठगों के 'टेलीग्राम टास्क स्कैम' का शिकार हो गई। घर बैठे ऑनलाइन रिव्यू देकर मोटी कमाई का झांसा देकर ठगों ने छात्रा से 1.93 लाख रुपए ऐंठ लिए। जब छात्रा ने अपनी कमाई और दिखाए गए प्रॉफिट को निकालने की कोशिश की तो ठगों ने 'क्रेडिट स्कोर कम होने' का बहाना बनाकर और पैसे जमा कराने की मांग शुरू कर दी। ठगी का अहसास होने पर छात्रा ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टेलीग्राम पर मिला घर बैठे कमाई का ऑफर पुलिस के मुताबिक, दाल बाजार स्थित गीता कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय प्रज्ञा शरण (परिवर्तित नाम), बीकॉम की छात्रा है। 29 जून 2026 को उसके टेलीग्राम अकाउंट पर एक अज्ञात आईडी से मैसेज आया। मैसेज में दावा किया गया कि कंपनियों के ऑनलाइन रिव्यू और रेटिंग देकर रोजाना हजारों रुपए कमाए जा सकते हैं। शुरुआत करने के लिए ठगों ने 3,750 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा। इसके बाद दूसरी टेलीग्राम आईडी से भेजे गए क्यूआर कोड पर छात्रा ने राशि ट्रांसफर कर दी। फर्जी प्रॉफिट दिखाकर बढ़ाया भरोसा शुरुआती टास्क पूरे कराने के बाद ठगों ने एक फर्जी डिजिटल वॉलेट पर छात्रा का कमीशन और भारी मुनाफा दिखाना शुरू कर दिया। जब छात्रा ने यह रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की तो ठगों ने कहा कि उसका क्रेडिट स्कोर कम है, इसलिए रकम होल्ड कर दी गई है। इसके बाद स्कोर बढ़ाने और पूरा प्रॉफिट दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में लगातार पैसे जमा कराए गए। 1.93 लाख गंवाने के बाद हुआ ठगी का अहसास झांसे में आकर छात्रा ने कुल 1.93 लाख रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जब ठग लगातार और रकम मांगते रहे तो उसे अपने साथ हुई साइबर ठगी का अहसास हुआ। छात्रा ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब टेलीग्राम आईडी, क्यूआर कोड और बैंक खातों की जांच कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
शाहजहांपुर में 166 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का बीम गिर गया। इस हादसे में नीचे खड़ी हैडरा और अन्य मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि कोई मजदूर इसकी चपेट में नहीं आया। यह घटना तीन दिन पहले हुई थी, लेकिन इसके वीडियो बुधवार रात 8 बजे सामना आया। बीम सीधे नीचे खड़ी हैडरा और एक अन्य मशीन पर गिरा, जिससे मशीनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। मशीनों से सैकड़ों लीटर तेल भी जमीन पर बिखर गया। घटना के बाद से पुल का निर्माण कार्य बंद है। यह पुल शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र में कोलाघाट के क्षतिग्रस्त पुल के पास बन रहा है। कई साल पहले यहां का कोलाघाट का पुल पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद नया पुल बनाने का काम शुरू हुआ। इस पुल की अनुमानित लागत 166 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2025 में शुरू हुआ था और इसे 2027 तक पूरा किया जाना था। हालांकि इस हादसे के बाद सेतु निगम के अधिकारी विजेंद्र मौर्य ज्यादा जानकारी देने से बचने लगे। हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन से लेकर सेतु निगम के जिम्मेदार अधिकारियों तक को इस हादसे की जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है। अधिकारियों ने इस घटना को दबाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद लापरवाही उजागर हो गई। वहीं सेतु निगम के अधिकारी विजेंद्र मौर्य ने बताया कि ऐसा कोई हादसा नही हुआ है। उनके पास कोई जानकारी भी नही आई है। जब उनसे संबधित ठेकेदार और फर्म के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह जरूरी काम से कहीं बैठे हैं। थोड़ा रूककर फोन करके जानकारी ले लेना। एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने बताया कि उनको इस संबंध में कोई जानकारी नही है। वह पता कराते हैं। वहीं सीओ जलालाबाद ज्योति यादव और प्रभारी निरीक्षक मिर्जापुर सोनी शुक्ला ने भी हादसे की जानकारी से इंकार किया है।
जांजगीर-चांपा में फार्म हाउस में चोरी की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20 हजार रुपए का चोरी का सामान, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और सब्बल बरामद किया है। यह मामला सारागांव थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सारागांव निवासी पवन राठौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एनएच-49 स्थित उनके निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के सामने बने फार्म हाउस से सबमर्सिबल पंप, रॉड कटर मशीन, बिजली तार, सबमर्सिबल पैनल और प्लास्टिक चेयर सहित अन्य सामान चोरी हो गया था। पवन राठौर ने पुलिस को बताया कि 7 जुलाई की रात दो युवक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर बोरी में सामान लेकर जाते दिखाई दिए। संदेह होने पर उन्होंने उनका पीछा किया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सारागांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच के दौरान फार्म हाउस के लोहे के दरवाजे की कुंडी टूटी हुई मिली, जिससे चोरी की पुष्टि हुई। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर एक एचपी का सबमर्सिबल पंप, रॉड कटर मशीन, बिजली तार, सबमर्सिबल पैनल, दो प्लास्टिक कुर्सियां, बिना नंबर की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल तथा चोरी में प्रयुक्त सब्बल बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरलीडीह कंजी, थाना मुलमुला निवासी रमेश कुमार गोयल (29) और महेश गोयल (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
देवरिया जिले में बुधवार को दिन में 12 बजे से खाद्य मसाला निर्माताओं के प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 18 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और चार खाद्य मसालों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। बिना लाइसेंस संचालित पाए गए चार प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने यह निरीक्षण किया। जांच के दौरान, जिन प्रतिष्ठानों के पास खाद्य लाइसेंस नहीं था, उन्हें तत्काल संचालन बंद करने और शीघ्र लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। अभियान में ऐसे कई प्रतिष्ठान भी सामने आए जिनके पास खाद्य लाइसेंस तो था, लेकिन वे वर्तमान में संचालित नहीं हो रहे थे। ऐसे संचालकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने खाद्य लाइसेंस सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण अभियान के तहत रुद्रपुर और नगर पालिका क्षेत्र से खाद्य मसालों के चार नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट मिलने के बाद यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण दल में सहायक आयुक्त (खाद्य)-II हितेंद्र मोहन त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र, तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रेम चंद्र, नेहा त्रिपाठी, राजू पाल, घनश्याम वर्मा, श्रीराम यादव और राम सिंगार यादव शामिल थे। विभाग ने यह भी बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
सरगुजा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट 2010 का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। जिले के सभी निजी नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैब एवं कलेक्शन सेंटर के संचालकों को नर्सिंग होम के प्रावधानों के अनुसार दस्तावेज व प्रमाण-पत्र शीघ्र पूर्ण करने कहा है। जिन सेंटरों में गड़बड़ी मिली, उनका पंजीयन होल्ड किया जाएगा। सीएमएसओ डा. पीएस मार्को ने कहा कि संस्थानों में एक्स-रे बॉक्स, इमरजेंसी किट, अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) प्रमाण-पत्र, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन संबंधी प्रमाण-पत्र तथा संबंधित चिकित्सकों का छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में वैध पंजीयन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। पार्किंग सहित सफाई की व्यवस्था जरूरी निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि संस्थाओं में पार्किंग, मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए शौचालय, परिसर में नियमित साफ-सफाई अनिवार्य है। संस्थाओं में कार्यरत डॉक्टर का नाम, शैक्षणिक योग्यता, पंजीयन संबंधी जानकारी, उपलब्ध रहने का समय अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। पंजीयन होना अनिवार्य, अन्यथा कार्रवाई होगीसीएमएचओ डा. पीएस मार्को ने निर्देश दिया है कि जिन निजी स्वास्थ्य संस्थानों के दस्तावेज अथवा आवश्यक प्रमाण-पत्र अभी पूरे नहीं हैं, वे दस्तावेज कार्यालय को प्रस्तुत करें, ताकि उनका पंजीयन किया जा सके। विभागीय निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले तो कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित संस्था का पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा की जा सकती है। नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई सरगुजा में कई निजी नर्सिंग होम एवं क्लीनिक बिना पार्किंग एवं अन्य सुविधाओं के चल रहे हैं। इन संस्थाओं पर कार्रवाई हो सकती है। कई बड़े क्लीनिक और पैथोलैबों में भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है। सीएमएचओ ने कहा कि सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों से शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। इसमें गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में 9 और 10 जुलाई को आधे से अधिक शहर में पानी सप्लाई नहीं होगी। ऐसे में लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में लोग समय रहते पानी स्टोरेज की व्यवस्था कर लें। शिवाजी मार्केट में पाइप लाइन शिफ्टिंग के चलते पानी सप्लाई बंद रहेगी। जलकल विभाग के अनुसार, छत्ता जोन के अंतर्गत शिवाजी मार्केट में पाइप लाइन शिफ्टिंग का काम 8 जुलाई की शाम को पानी सप्लाई के बाद शुरू होगा। जोकि 10 जुलाई की रात तक चलेगा। पहले जानिये किन-किने क्षेत्रों में नहीं होगी पानी की सप्लाईरकाबगंज, बालूगंज, छीपीटोला, नौलक्खा, ताजगंज, फतेहाबाद रोड, गोबर चौकी, कोतवाली, दरेसी, रावतपाड़ा, बेलनगंज, छत्ता, कालामहल, अलबतिया रोड, सुभाष नगर, बालाजीपुरम, दयालबाग, सिकंदरा, आवास विकास कॉलोनी, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम, राजपुर चुंगी, शमशाबाद रोड और ट्रांस यमुना कॉलोनी आदि क्षेत्रों में पानी सप्लाई बाधित रहेगी। जरूरत पड़ने पर यहां से मंगा सकते हैं पानी का टैंकरजलकल विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यकतानुसार पानी का भंडारण कर लें। अपरिहार्य परिस्थिति में जलकल विभाग द्वारा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति किए जाने की व्यवस्था की गई है। पानी का टैंकर मंगाने के लिए जलकल विभाग के टोल फ्री नंबर 18002702722, कंट्रोल रूम नंबर 8192095401, अवर अभियंता 8192095734 पर संपर्क किया जा सकता है। इसलिए शिफ्ट की जा रही है पानी की पाइप लाइनकाजीपाड़ा रेलवे पुल के पास नाले के बीच से गुजर रही बड़ी पानी की लाइनों के कारण हर बरसात में कचरा और पॉलीथिन फंस जाती थी। इससे नाले का प्रवाह रुक जाता था और बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता था। परिणामस्वरूप बिजलीघर चौराहा और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम और जलकल विभाग ने संयुक्त अभियान चलाते हुए नाले के बीच से गुजर रही लाइनों को किनारे शिफ्ट करना शुरू किया है। एक ओर की लाइन शिफ्ट की जा चुकी है, जबकि दूसरी ओर का कार्य अंतिम चरण में है और इसके इसी सप्ताह पूरा होने की संभावना है।
मंदसौर में बुधवार को दिनभर तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन शाम होते ही मौसम ने करवट ली और जिलेभर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। मानसून की सक्रियता से किसानों ने भी खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज कर दी हैं। सुबह से तेज धूप और उमस बनी रही। शाम को अचानक घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में शहर की सड़कों पर पानी भर गया। लोगों ने बारिश का आनंद लिया, जबकि बच्चों ने भी भीगकर मौसम का लुत्फ उठाया। जिलेभर में कई जगह हुई तेज बारिश जिला मुख्यालय के अलावा मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़, पिपलिया मंडी, नाहरगढ़, दलौदा, अफजलपुर, नारायणगढ़, संजीत, सुंठोद और बरखेड़ा सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हुई। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हुई बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 जुलाई के बीच जिले में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं 12 से 14 जुलाई के दौरान बादलों और धूप के बीच मौसम बना रहेगा तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 7.43 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब एक इंच कम है। गरज-चमक और तेज हवा का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। लोगों को खराब मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के बाद किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई तेज कर दी है। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त नमी बन चुकी है, वहां बुवाई भी शुरू हो गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में नियमित बारिश होती रही तो इस वर्ष खरीफ उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आए मेरठ के कुख्यात योगेश भदौड़ा को बुधवार दोपहर उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले की पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से मेरठ जिले के रोहटा थाना क्षेत्र के भदौड़ा गांव का रहने वाला है। उसके कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार बुधवार को डायल-112 पर सूचना मिली कि चैती मेला मार्ग पर एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है। सूचना पर कोतवाली आईटीआई पुलिस ने पुरानी चौकी चैती के पास खंडहर के निकट घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान योगेश मलिक उर्फ भदौड़ा (53) के रूप में हुई। उत्तराखंड पुलिस क्षरा जब जांच की गई तो जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस का एक लाख रुपए का इनामी बदमाश है। वह सहारनपुर के गंगोह थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है। गंगोह पुलिस ने आरोपी पर घोषित इनाम की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक योगेश मलिक का आपराधिक इतिहास तीन दशक से अधिक पुराना है। उसके खिलाफ मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, गाजियाबाद और सहारनपुर समेत विभिन्न जनपदों में हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित 46 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ऊधमसिंहनगर पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों की जानकारी जुटाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का 9 जुलाई को बांदा दौरा है। इसे लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री पंडित जे.एन. डिग्री कॉलेज मैदान में जनसभा और कालूकुआं चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसके मद्देनज़र शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन की तरह सभी प्रकार के भारी वाहनों का बांदा शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जनपद में आवश्यक कार्य से आने वाले छोटे वाहन और मोटरसाइकिल सवार अतर्रा चुंगी, बाबूलाल चौराहा, बस स्टैंड, संकट मोचन, कनवारा चौराहा और भूरागढ़ मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। रोडवेज बसों का संचालन बस स्टैंड से संकट मोचन, कनवारा चौराहा और भूरागढ़ होते हुए बाईपास मार्ग से किया जाएगा। बाईपास से शहर के अन्य मार्गों में बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, बबेरू, कमासिन और राजापुर की ओर जाने और वहां से आने वाली बसें बाबूलाल चौराहा और अतर्रा चुंगी तिराहे से होकर संचालित होंगी। पंडित जे.एन. डिग्री कॉलेज की जनसभा में आने वाली सभी बसें बाईपास से मवई चौराहा होकर महाराणा प्रताप चौराहे तक यात्रियों को उतारेंगी। इसके बाद इन बसों को जीआईसी मैदान में पार्क किया जाएगा। इसी प्रकार, कालूकुआं चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाली बसें महोखर चौराहे से कालूकुआँ पहुंचकर यात्रियों को उतारेंगी। इन बसों को बाद में मंडी समिति परिसर में खड़ा किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जरैली कोठी से महाराणा प्रताप चौराहा होते हुए कालूकुआँ चौराहे तक तथा मवई चौराहे से कचहरी चौराहे तक का मार्ग केवल जनसभा में शामिल होने वाले लोगों के लिए ही खुला रहेगा। अन्य लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें तथा यातायात डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात सुचारु और सुरक्षित बना रहे।
बागपत में कार-पिकअप भिड़ंत, तीन लोग घायल:नया गांव अहमदाबाद के पास हुआ हादसा, पुलिस जांच जारी
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के नया गांव अहमदाबाद में बुधवार को एक सड़क हादसे में कार और बोलेरो पिकअप की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कार सवार महिला सकीला, उनके बेटे शौकीन और बोलेरो पिकअप चालक उपदेश घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सकीला और उनके बेटे शौकीन कार से शालीमार गार्डन की ओर जा रहे थे। नया गांव अहमदाबाद के पास उनकी कार की सामने से आ रही बोलेरो पिकअप से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहनों से बाहर निकालने में मदद की। पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, कार सवार सकीला और उनके पुत्र शौकीन को चोटें आई हैं। बोलेरो पिकअप चालक उपदेश, जो सीखेड़ा का निवासी है, भी मामूली रूप से घायल हुआ है। सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर जाम की स्थिति भी बन गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर के माढोताल थाना क्षेत्र में 66 वर्षीय मुन्नालाल पटेल से हुई लूट का पुलिस ने तीन घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है। यह घटना 7 जुलाई की रात करीब 9 बजे हुई, जब मुन्नालाल पटेल फल-सब्जी लेकर अपने घर लौट रहे थे। माँ रेवा कॉलोनी मोड़ के पास एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका और उनके साथ छीना-झपटी की। बदमाशों ने बुजुर्ग मुन्नालाल पटेल की जेब से सैमसंग कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल, पहचान पत्र व अन्य दस्तावेज से भरी डायरी और 1150 रुपये नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चुंगी नाका की तरफ फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने तीन घंटे के अंदर रात करीब 12 बजे तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनकी पहचान 24 वर्षीय राहुल चौधरी, 22 वर्षीय अभिषेक चौधरी और 20 वर्षीय सुमित उर्फ अन्नू चौधरी, निवासी राजीव गांधी नगर माढोताल के रूप में हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, लूटा गया मोबाइल, दस्तावेज और नकदी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों में से सुमित उर्फ अन्नू चौधरी माढोताल क्षेत्र का आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई का प्रस्ताव न्यायालय में पेश किया गया है। अन्य दो आरोपी नशे के आदी बताए गए हैं।
रायपुर में दो बाइक चोरी का खुलासा: आरोपी गिरफ्तार:1 लाख की 2 मोटरसाइकिल बरामद
न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग बाइक चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1 लाख रुपए कीमत की चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, न्यू राजेंद्र नगर निवासी सौरभ सिंह ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 जुलाई की रात उन्होंने अपनी स्प्लेंडर प्लस (CG-27-S-9375) घर के नीचे पार्क की थी। अगले दिन सुबह बाइक गायब मिली। मामले में अज्ञात चोर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसी थाना क्षेत्र में अमलीडीह तालाब स्थित शीतला मंदिर के पास से रोहित कुमार रजक की सुपर स्प्लेंडर (CG-25-Q-3513) भी चोरी हो गई थी। इस मामले में भी न्यू राजेंद्र नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने निरमलेश तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने दोनों बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की दोनों मोटरसाइकिल बरामद कर ली हैं। जब्त वाहनों की कुल कीमत करीब 1 लाख रुपए बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी निरमलेश तिवारी (33) मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के ग्राम डोल का रहने वाला है। वर्तमान में वह रायपुर के अमलीडीह स्थित सिंधु वाटिका में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
संभल में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद राजस्व टीम ने कार्रवाई की। डिप्टी कलेक्टर की मौजूदगी में ढाई घंटे तक चली पैमाइश में 13 दुकानें सरकारी जमीन पर बनी मिलीं। इन्हें हटाने के लिए नगर पंचायत द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे। यह कार्रवाई बुधवार शाम 4 बजे शुरू हुई। जिला प्रशासन को तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की मौखिक शिकायत मिली थी। इसके बाद जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची। मामला तहसील संभल के थाना हजरत नगर गढ़ी की नगर पंचायत सिरसी कस्बा क्षेत्र का है। मुरादाबाद रोड पुलिस चौकी के निकट गाटा संख्या 1003 पर रास्ते और सिंघा तालाब की जमीन पर ये 13 दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं। पैमाइश के बाद नगर पंचायत सिरसी द्वारा इन दुकानों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, रोडवेज के बराबर की जमीन की भी पैमाइश की गई। मुकर्रबपुर रोड पर अस्पताल और टाउन एरिया की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्थाई रूप से लगे ठेले और पकौड़ी की दुकानों को गुरुवार तक हटाने की चेतावनी दी गई है। पैमाइश डिप्टी कलेक्टर आशुतोष तिवारी की मौजूदगी में की गई, जो नगर पंचायत सिरसी के अधिशासी अधिकारी भी हैं। इस दौरान बीजेपी चेयरमैन कौसर अब्बास, नायब तहसीलदार अरविंद कुमार, कानूनगो अमीर चंद्र, लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार और पुलिस बल मौजूद रहा। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने इस टीम का गठन किया था। लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को टीम फिर नगर पंचायत सिरसी जाएगी और अस्थाई कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के क्रियान्वयन में सुस्ती पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने एसबीआई को जुलाई माह में कम से कम 75 पात्र युवाओं को ऋण वितरित करने का निर्देश दिया। कलेक्ट्रेट के संगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी पहल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंक अधिकारियों को योजना के प्रति गंभीरता दिखाने पर जोर दिया। बैठक में पंचायत स्तर से प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत और वितरित ऋणों तथा लंबित पत्रावलियों की बैंकवार समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि कई बैंकों ने अपने मासिक लक्ष्यों को पूरा नहीं किया है। त्रैमासिक अवधि बीत जाने के बावजूद स्वीकृत और वितरण की संख्या अपेक्षित स्तर से काफी कम रही। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भारतीय स्टेट बैंक के प्रदर्शन पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले माह दिए गए लक्ष्य का पालन न करने से योजना के लाभार्थी प्रभावित हो रहे हैं। डीएम ने एसबीआई प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि अगली बैठक में ऋण वितरण से जुड़े सभी सेल अधिकारियों को उपस्थित कर उनकी जवाबदेही तय की जाए। डीएम ने एचडीएफसी बैंक, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड को भी चेतावनी दी। उन्हें इस माह पिछले निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने और लंबित पत्रावलियों का समयबद्ध निपटान करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बैंक और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने, ऋण वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने तथा लाभार्थियों को नियमित तकनीकी एवं उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हर्षिका सिंह ने बताया कि योजना के तहत प्रशिक्षण सत्रों और उद्यमिता मार्गदर्शन के आयोजन से युवाओं की क्षमता बढ़ाई जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऋण वितरण के बिना इन प्रयासों का लाभ सीमित रह जाएगा। सीडीओ ने संबंधित विभागों और बैंकिंग व्यवस्थाओं से प्रक्रियागत बाधाओं को तुरंत दूर करने का आग्रह किया।
बड़वानी शहर के वार्ड क्रमांक 14 में मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत 83 लाख 50 हजार रुपए की लागत से बनने वाली 5 मीटर चौड़ी सीसी रोड का बुधवार शाम को भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल और नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान विशेष रूप से मौजूद रहे। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। शहर के पांच प्रमुख मार्गों को जोड़ेगी यह सड़क नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान ने बताया कि यह नई सड़क पाला बाजार से शुरू होकर पंचमुखी हनुमान मंदिर, मायरिया चौराहा होते हुए न्यू हाउसिंग बोर्ड की पानी की टंकी तक बनाई जाएगी। इस मार्ग के बन जाने से शहर के चार से पांच मुख्य रास्ते आपस में सीधे जुड़ जाएंगे। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को एक बेहतरीन वैकल्पिक मार्ग भी मिल सकेगा। तीन चरणों में होगा काम, 5 महीने में पूरा करने का लक्ष्य सड़क का निर्माण कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य शुक्रवार से शुरू हो रहा है और इसे आगामी चार से पांच महीनों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नपा अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। भूमिपूजन के दौरान वार्डवासियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सड़क बनने से उन्हें बारिश में कीचड़ और गर्मी में धूल के गुबार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। राजघाट रोड मुक्तिधाम तक 10 करोड़ की डिवाइडर रोड का प्रस्ताव इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष ने एक और बड़ी सौगात की जानकारी देते हुए बताया कि बस स्टैंड से लेकर राजघाट रोड स्थित मुक्तिधाम तक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार डिवाइडरयुक्त सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही इसका काम भी शुरू करा दिया जाएगा। तब तक वर्तमान बारिश के मौसम में जलभराव और कीचड़ की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका द्वारा अस्थाई व वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) प्रयागराज ने सहायक वन संरक्षक (ACF) और क्षेत्रीय वनाधिकारी (RFO) मुख्य परीक्षा- 2025 के प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 14 से 28 जुलाई तक लखनऊ में आयोजित की जाएगी। आयोग ने इस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। आयोग के उपसचिव राजेश कुमार ने बताया कि अभ्यर्थी uppsc.up.nic.in पर अपने ओटीआर (OTR) नंबर के माध्यम से प्रवेश पत्र और परीक्षा अनुदेश डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र, दो नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो और मूल पहचान पत्र की एक छायाप्रति लानी होगी। पहचान पत्र की एक छायाप्रति परीक्षा हॉल में ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षक को देना अनिवार्य होगा। आयोग ने एंट्री और एग्जिट टाइमिंग को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 01 घंटा 30 मिनट पहले पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से ठीक 45 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। परीक्षा में नकल करना या कराना, अनुचित साधनों का इस्तेमाल, प्रश्नपत्र को आउट करना या प्रकट करने की साजिश रचना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आएगा। यदि कोई भी अभ्यर्थी या बाहरी तत्व इसमें संलिप्त पाया जाता है तो उसे आजीवन कारावास तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
प्रयागराज में मंगलवार को संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के बैनर तले छात्रों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने लेखपाल पुनः परीक्षा, सभी भर्तियों में अनिवार्य वेटिंग लिस्ट और यूपीएसआई (UPSI) सहित अन्य लंबित भर्तियों के स्कोर कार्ड सार्वजनिक करने की मांग की। छात्रों ने शिवाजी पार्क, मम्फोर्डगंज में छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के बाद तिरंगा मोमबत्ती मार्च निकाला। यह मार्च शिवाजी पार्क से शुरू होकर फव्वारा चौराहा होते हुए त्रिपाठी चौराहे तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र हाथों में तिरंगा और मोमबत्तियां लेकर शामिल हुए। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाई। छात्रों ने लेखपाल मुख्य परीक्षा में सामने आई गंभीर अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो परीक्षा दोबारा कराई जाए। छात्रों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त न करने की बात कही। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने सभी सरकारी भर्तियों में वेटिंग लिस्ट अनिवार्य रूप से जारी करने की मांग की। उनका तर्क था कि इससे चयनित अभ्यर्थियों के कार्यभार ग्रहण न करने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों को अवसर मिल सकेगा। साथ ही, यूपीएसआई सहित अन्य लंबित भर्तियों के स्कोर कार्ड जल्द जारी करने की मांग भी की गई, ताकि अभ्यर्थियों को अपनी स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के पदाधिकारियों ने इन मांगों को न्यायोचित बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन और संबंधित आयोग जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। मंच ने घोषणा की कि आगे की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन, पूरे प्रदेश में छात्र जागरण अभियान और न्यायालय के माध्यम से समानांतर रूप से जारी रहेगी। छात्रों का उद्देश्य निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और प्रत्येक अभ्यर्थी को न्याय दिलाना है।
FOREX ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 74 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को रायपुर पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गूगल सर्च के जरिए पीड़ित को FIRSTIFY नाम के टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर निवेश के लिए उकसाया। अलग-अलग किश्तों में 74 लाख रुपए ट्रांसफर कराने के बाद न तो मुनाफा दिया और न ही रकम लौटाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के जयपुर निवासी 26 वर्षीय मुकेश कुमार मीणा और सीकर निवासी 24 वर्षीय संदीप कुमार के रूप में हुई है। अप्रैल महीने में आरोपियों ने ठगे थे पैसे पुलिस के मुताबिक, न्यू राजेंद्र नगर निवासी बहादुर आर्य ने 17 अप्रैल 2026 को गूगल पर FOREX ट्रेडिंग सर्च किया था। इसके बाद उन्हें एक वेबसाइट के माध्यम से FIRSTIFY टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप के सदस्यों ने अधिक मुनाफे का भरोसा देकर उन्हें और उनके भतीजे को निवेश के लिए तैयार किया। दोनों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 74 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया।तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को पकड़ा जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते, टेलीग्राम और व्हाट्सएप आईडी समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल चेन एनालिसिस से आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने ठगी करने की बात स्वीकारी पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। न्यू राजेंद्र नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज है। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनपद में ओवरलोड वाहनों के संचालन को हर हाल में रोकने का आदेश दिया। उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने और पुलिस की नियमित गश्त से कानून का राज मजबूत बनाने पर जोर दिया। आपदा प्रभावितों को राहत राशि देने के निर्देश दिएबैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और बिना किसी भेदभाव के पहुंचना चाहिए। आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव भेजने के निर्देशस्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने और टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से एक-एक टीबी मरीज गोद लेने की अपील की। साथ ही, चित्रकूट में 300 बेड के मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। गोवंश को सड़क पर न घूमने देने के आदेश दिएवन विभाग को 12 जुलाई के प्रस्तावित वृक्षारोपण अभियान की तैयारियां समय से पूरी करने, वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और जन उपयोगी वन मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को गोशालाओं में भूसा और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निराश्रित गोवंश को सड़कों पर न घूमने देने के आदेश दिए गए। 'किसानों को समय पर बीज मले'शिक्षा विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने 'स्कूल चलो अभियान' को प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों को समय पर यूनिफॉर्म, जूते, बैग सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और विद्यालयों के कायाकल्प कार्य तय समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। कृषि और बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा में किसानों को उर्वरक और बीज की समय पर उपलब्धता, अधिक से अधिक कृषि ऋण तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने पर जोर दिया गया। खनन विभाग को अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा दूसरे राज्यों से आने वाले अवैध खनन से जुड़े वाहनों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। पर्यटन, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। भू-माफियाओं और तस्करों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए सड़कों को गड्ढामुक्त रखने, सड़क चौड़ीकरण, बाईपास, पुल निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने को कहा गया। कानून-व्यवस्था की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक को नियमित गश्त बढ़ाने, थाना व्यवस्था मजबूत करने, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी बनाने और शहरी क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-माफिया, तस्करों और संगठित अपराधियों के खिलाफ प्रभावी अभियान लगातार जारी रखा जाए।अधिकारियों ने परियोजनओं की प्रगति की रिपोर्ट दीबैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट को धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने मंदाकिनी नदी के पुनरुद्धार, छोटी धर्मशालाओं के विकास, जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने और जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
अनूपपुर जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता करने वाले संतोष तिवारी को पुलिस ने पकड़ लिया। घटना के 20 दिन बाद बुधवार शाम को उसे अनूपपुर के कपिलधारा कॉलोनी बरबसपुर से गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि यह पूरी घटना 18 जून की सुबह करीब 10:45 बजे की है। उस समय डॉ. ज्योति पटेल जिला अस्पताल की महिला ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रही थीं। उनके साथ डॉ. सोसन खेस और नर्सिंग ऑफिसर गरिमा मिश्रा भी अपनी ड्यूटी पर तैनात थीं। कक्ष के अंदर करीब 10-12 महिला मरीज अपना इलाज करवा रही थीं। तभी संतोष तिवारी बिना किसी अनुमति के अपने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए और चिल्लाते हुए जबरन कमरे में घुस गया। उसने महिला डॉक्टरों के चेहरे के बिल्कुल पास मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया और वहां मौजूद महिला मरीजों की निजता का उल्लंघन किया। जब डॉक्टर्स ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। आरोपी ने करीब 30 से 45 मिनट तक अस्पताल में हंगामा किया, जिससे डॉक्टरों को मरीजों का इलाज बीच में ही रोकना पड़ा। डॉक्टर्स ने एसपी से मिलकर दर्ज कराया था केस इस बदसलूकी से नाराज होकर डॉ. ज्योति पटेल सहित डॉ. एससी राय, डॉ. कमलेश बघेल, डॉ. वीरेन्द्र खेस, डॉ. संजय सिंह, डॉ. राजकुमार गोड़, डॉ. जनक सारीवान, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. सोसन खेस और नर्सिंग ऑफिसर गरिमा मिश्रा का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी विक्रांत मुराब से मिला था। डॉक्टर्स की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी संतोष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और चिकित्सक और चिकित्सा से संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा अधिनियम के तहत गंभीर केस दर्ज किया था। पत्नी ने भी दर्ज करा रखा है प्रताड़ना का केस थाना प्रभारी ने बताया कि संतोष तिवारी केवल बाहर ही नहीं, बल्कि घर में भी हिंसक था। उसकी पत्नी शैफाली तिवारी ने भी अपने पति के खिलाफ आए दिन मारपीट करने, गाली-गलौज करने और मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। पत्नी की इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की घरेलू हिंसा और प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं के तहत अलग से केस दर्ज किया है।
आगरा के सुभाष बाजार में नाले के ऊपर बनी कपड़े की दो मंजिला दुकान नाले में समा गई। बारिश के दौरान पूरी दुकान जमीदोंज हो गई। इसमें 6 लोग दब गए। 6 घंटे बाद भी एक महिला को मलबे से नहीं निकला जा सका। ये हादसा नगर निगम की लारपवाही की वजह से हुआ। जर्जर दुकान की मरम्मत के लिए एक महीने पहले अनुमति मांगी गई थी, जोकि अब तक नहीं मिली थी। सुभाष बाजार समिति की ओर से नगर आयुक्त के नाम दिए गए लेटर में साफ लिखा था-नाले के ऊपर बनीं दुकानों और प्लेटफार्म में दरारें आ गई हैं। किसी भी समय दुकानें धाराशाही हो सकती हैं, जनहानि हो सकती है। ऐसे में दुकानों को फिर से बनाया जाना जरूरी है। अब विस्तार से पढ़िये...बुधवार दोपहर लगभग 3 बजे सुभाष बाजार में नाले के ऊपर राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर नाम से बनी दो मंजिला दुकान भरभराकर गिर गई। इसमें 6 लोग दब गए। कुछ लोग दुकान के बाहर खड़े थे तो कुछ दुकान के अंदर। ये दुकान नगर निगम की है। नाले के ऊपर बनी ऐसाी 7 दुकानें और हैं। इस तरह से 8 दुकानें बनी हुई हैं। जो जर्जर हालत में हैं। ये दुकानें नगर निगम ने किराए पर उठाई हुई हैं। केदार नगर निवासी दिलीप कुमार का कहना है-हमारी दुकान काफी जर्जर हो गई थी। एक महीने पहले इस संबंध में नगर आयुक्त के नाम लेटर भी दिया था। इसके बाद कई बार नगर निगम अधिकारियों से भी मिले लेकिन उन्होंने दुकानों की मरम्मत की अनुमति नहीं दी। दुकानें और जर्जर होती गईं। बारिश में ये ढह गई। 1978 से किराए पर हैदिलीप कुमार ने बताया-ये दुकान उनके पास 1978 से किराए पर हैं। वे नगर निगम में इसका किराया जमा करते हैं। दुकान जर्जर होने पर उन्होंने पास में ही दूसरी दुकान और ले ली थी। इसका अधिकांश सामान उन्होंने दूसरी दुकान में शिफ्ट कर दिया था। हादसे के वक्त दुकान में कम ही सामान था। नगर आयुक्त का विरोधहादसे के बाद मौके पर पहुंचे नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के खिलफ लोगों का गुस्सा दिखाई दिया। गुस्साए लोगों ने नगर आयुक्त की कार रोक दी। वे कार के सामने खड़े हो गए। नगर आयुक्त को मजबूरन कार से उतरना पड़ा। दुकानदारों ने उनके सामने रोष व्यक्त किया।
बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने LDC सेकेंड ग्रेड भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में सरकार से स्वतंत्र उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है। बता दें कि 5 जुलाई को हुई एलडीसी द्वितीय ग्रेड भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र में नकल के आरोप लगे थे। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के संरक्षण में आरोपियों को बचाने और धांधली को दबाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। खिड़की से प्रश्नपत्र बाहर फेंककर हल कराने का आरोप सांसद बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए इस पूरी परीक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- परीक्षा के दौरान एक रिलीवर और वीक्षक ने सुनियोजित तरीके से प्रश्नपत्र को परीक्षा कक्ष की खिड़की से बाहर फेंका। इसके बाद बाहर मौजूद साठ-गांठ वाले तत्वों से उसे हल करवाकर कुछ विशेष अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। परीक्षार्थियों ने मौके पर ही विरोध दर्ज कराया और हंगामा मचाया। इसके बावजूद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। अधिकारियों की मिलीभगत और देर रात तक बैठक का दावा सांसद ने जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में खड़ा करते सांसद ने कहा- प्रभावशाली राजनीतिक लोगों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए विवादित पृष्ठभूमि वाले कर्मचारियों की ड्यूटी जानबूझकर इसी केंद्र पर लगाई गई थी। बेनीवाल के अनुसार- सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परीक्षा समाप्त होने के बाद देर रात तक अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर रुककर मामले को दबाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया। जब जिला प्रशासन खुद संदेह के घेरे में है, तो उससे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। विपक्ष हमलावर: सरकार के पारदर्शी दावों की खुली पोल इस प्रकरण के बाद राजस्थान की सियासत में उबाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित विपक्ष के तमाम शीर्ष नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक तरफ मुख्यमंत्री मंचों से पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं को पूरी तरह खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके उलट है। प्रदेश में पेपर माफियाओं को सत्ता का खुला संरक्षण मिला हुआ है, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ हो रहा है।
राजसमंद के आमेट थाना क्षेत्र के जाटों का दुदालिया गांव में खेत पर कृषि कार्य के दौरान करंट लगने से किसान योगेश शर्मा(38) पुत्र सत्यनारायण शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। परिजन गंभीर हालत में उन्हें आमेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार- योगेश खेत पर गायों के लिए कुट्टी और चारा डालने जा रहे थे। इसी दौरान बारिश के कारण खेत में करंट फैल गया और वे उसकी चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 5 साल पहले योगेश के पिता सत्यनारायण शर्मा का निधन हो चुका था। इसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी योगेश के कंधों पर थी। वे परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। परिवार में मां, दो बेटे कौस्तुभ और यज्ञनेश और बेटी माधवी को छोड़ गए हैं। सूचना पर आमेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। ग्रामीणों ने बिजली निगम और कृषि विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
कानपुर में डबल पुलिया के पास जल निगम की खुदाई के चलते पेयजल पाइपलाइन टूट गई थी। शास्त्री नगर, विजयनगर समेत आसपास के करीब डेढ़ लाख लोग पिछले 3 दिनों से पानी के संकट से जूझ रहे हैं। जलापूर्ति ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार शाम करीब 4 बजे गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। धीमी गति से चल रहे मरम्मत कार्य पर उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने अधिकारियों को गुरुवार सुबह तक हर हाल में जलापूर्ति बहाल करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय तक पानी नहीं आया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 'कल तक पानी चालू नहीं हुआ तो उल्टा लटका देंगे' निरीक्षण के दौरान विधायक ने देखा कि मरम्मत का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इस पर उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता प्रवीण यादव, सहायक अभियंता सिकंदर पटेल और अवर अभियंता अनिल कुमार को मौके पर ही कड़ी चेतावनी दी। विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि 9 जुलाई की सुबह तक हर हाल में पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने नाराजगी जताते हुए यहां तक कहा कि कल तक पानी चालू नहीं हुआ तो उल्टा लटका देंगे। जनता को परेशान करने वाले अधिकारी कानपुर छोड़कर भागने के लिए तैयार रहें। 'पानी सबसे जरूरी सुविधा, लापरवाही बर्दाश्त नहीं' सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से जनता को जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़े तो पूरी रात काम करें, लेकिन गुरुवार सुबह तक हर हाल में जलापूर्ति बहाल होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जल निगम के अधिकारी, पूर्व पार्षद प्रेम सिंह, मंडल उपाध्यक्ष सतीश शुक्ला और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग भी मौजूद रहे।
मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेमरदरी (बगैहा) में करैत सांप के डसने से एक युवक की मौत हो गई। घटना देर रात की है, जब युवक अपने घर में सो रहा था। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार (7 जुलाई) देर रात करीब 3 बजे बुद्धू सिंह पण्डो (30) को सोते समय करैत सांप ने डस लिया। सांप के डसने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। डायल-112 से अस्पताल पहुंचाया परिजनों ने तुरंत डायल-112 की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बुद्धू सिंह, पिता भारत सिंह, को मृत घोषित कर दिया। मृतक विशेष पिछड़ी जनजाति से संबंधित थे। बरसात में बढ़ा जहरीले सांपों का खतरा बरसात के मौसम में जहरीले सांपों के निकलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, रात में सतर्क रहने और सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है। करैत के डसने पर तुरंत इलाज जरूरी विशेषज्ञों के अनुसार, करैत देश के सबसे विषैले सांपों में शामिल है। इसके डसने के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी होता है।
कानपुर में नाला सफाई और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में अनियमितताएं मिलने पर 10 फर्मों को ब्लैकलिस्ट और नाला सफाई व विकास कार्यों से जुड़ी 8 कार्यदायी संस्थाओं को डिबार कर दिया गया। नगर आयुक्त के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर में चल रहे नाला सफाई और विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में कई संस्थाओं के कार्यों में गुणवत्ता की कमी, तकनीकी अनियमितताएं और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद 8 जुलाई की शाम करीब 7 बजे संबंधित फर्मों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में लापरवाही करने वाली किसी भी संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। यह फर्में हुई ब्लैक लिस्ट नाला सफाई कार्यों में लापरवाही के आरोप में मैसर्स अशिका ट्रेडर्स, मैसर्स मां बालादेवी कांस्ट्रक्शन, मैसर्स तिवारी ऑटो सेल्स, मैसर्स अनमोल इंटरप्राइजेज, मैसर्स आद्रीका इंटरप्राइजेज, मैसर्स मां रामवती ट्रेडर्स, मैसर्स विनय कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स, मैसर्स मां कालिका देवी कंस्ट्रक्शन, मैसर्स संजय शर्मा और मैसर्स एन.एन. इंटरप्राइजेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इनको किया गया डीबार इसके अलावा नाला सफाई कार्यों में लापरवाही के कारण मैसर्स एम.के. ट्रेडर्स, मैसर्स जी.एफ. इंटरप्राइजेज और मैसर्स कनक कंस्ट्रक्शन कंपनी को डिबार किया गया है। वहीं, अन्य विकास कार्यों में लापरवाही मिलने पर मैसर्स प्रयान इंटरप्राइजेज, मैसर्स श्री सिद्धिनाथ कांस्ट्रो, मैसर्स यश इंटरप्राइजेज, मैसर्स कनक कांक्रीट और मैसर्स पैसिफिक इंटरप्राइजेज को छह महीने के लिए डिबार कर दिया गया है। नगर आयुक्त बोले लापरवाही बर्दाश्त नहीं नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि नगर निगम के विकास कार्यों और नाला सफाई में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया निर्माण या अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री बैरवा से मिले ABVP के पदाधिकारी:छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं
जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिनंडल ने उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मिलकर उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा के नेतृत्व में परिषद के सदस्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मुताबिक सिलेबस बनाकर उसे लागू करने और मूल्यांकन में प्रभावी समन्वय स्थापित करने, प्रदेशभर में एकेडमिक कैलेंडर लागू करने, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, राज्य शिक्षा आयोग के गठन, फीस स्ट्रक्चर, निजी विश्वविद्यालय निगरानी आयोग के गठन करने, अगले सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं। इसके अलावा हॉस्टल्स के जर्जर भवन के निर्माण और मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा ने कहा- परिषद का उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने रखना नहीं, बल्कि उनके व्यवहारिक और सकारात्मक समाधान भी कराना है। सरकार उनकी मांगें पूरी करे, जिससे राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विद्यार्थी केंद्रित बन सके। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेन्द्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग, चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा और जयपुर प्रांत सह मंत्री उमा सैनी उपस्थित रहे।
गुरुग्राम जिले में जिला नगर एवं ग्राम नियोजन (डीटीपी) विभाग ने गांव भोंडसी के समीप एक अवैध कॉलोनी पर बड़ी कार्रवाई की। लगभग साढ़े तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही इस कॉलोनी में जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई में कॉलोनी में निर्मित 10 डीपीसी (नींव स्तर के निर्माण), तीन निर्माणाधीन कमरे और तीन बाउंड्री वॉल को पूरी तरह से गिरा दिया गया। इसके साथ ही, कॉलोनी के भीतर बनाए गए सभी आंतरिक रास्तों को भी खोदकर नष्ट कर दिया गया। यह कदम भविष्य में दोबारा अवैध प्लॉटिंग या निर्माण गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया। पुलिस बल तैनात किया गया कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, पूरे अभियान के दौरान प्रशासन को किसी विरोध का सामना नहीं करना पड़ा और कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। डीटीपी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
बागपत में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बुधवार को बारिश के कारण एक एटीएम की छत भरभराकर गिर गई। मशीन को पन्नी से ढककर एटीएम को चालू रखा गया। जिले के विभिन्न स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना के आसपास गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की गई है। बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। बारिश के पानी से किसानों की फसलों को लाभ हो रहा है, लेकिन जनजीवन प्रभावित है और वाहन चालकों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
राज्य सरकार ने किसानों और गाड़ियों के मालिकों को राहत देते हुए कृषि ट्रैक्टरों और दुपहिया वाहनों की आरसी रिन्यू कराने में देरी पर लगने वाली लेट फीस में विशेष छूट की घोषणा की है। जैसलमेर के जिला परिवहन अधिकारी (DTO) टीकू राम ने बताया कि परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत यह राहत आगामी 30 सितम्बर तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही, माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में अब कॉमर्शियल उपयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नए व सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर लगाम कसी जा सकेगी। डीटीओ टीकू राम ने कहा कि इस छूट का उद्देश्य उन वाहन स्वामियों को एक मौका देना है जो भारी जुर्माने के डर से अपने वाहनों का नवीनीकरण नहीं करवा पा रहे थे। 30 सितम्बर के बाद सामान्य नियम लागू हो जाएंगे। ग्राफिक में समझिए नए नियम
बिजनौर की दुकान में घुसा सांप, VIDEO:वन विभाग ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के मेन बाजार में बुधवार शाम करीब 7 बजे हड़कंप मच गया। राजकीय इंटर कॉलेज के सामने स्थित बालाजी फोटो स्टेट की दुकान में अचानक एक सांप घुस गया। इससे दुकान और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सांप के दुकान में घुसने की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह सांप 'रेट स्नेक' प्रजाति का था, जिसकी लंबाई लगभग 4 से 5 फीट बताई गई। टीम सांप को अपने साथ जंगल में छोड़ने के लिए ले गई। यह सांप दुकान के पीछे खड़े एक पेड़ से अचानक दुकान के अंदर आ गया था। इस संबंध में वन क्षेत्र अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि उन्हें दुकान में सांप होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। महेश गौतम ने जिलेवासियों से अपील की कि बरसात के मौसम में 'रेट स्नेक' जैसे सांप पानी से बचने और भोजन (जैसे चूहे) की तलाश में घरों में घुस जाते हैं। उन्होंने लोगों को अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और गेंडा छाप फिनाइल में नवरत्न तेल मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी, जिससे सांप घरों में प्रवेश नहीं करते हैं।
बीकानेर के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में लिव-इन पार्टनर की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला के साथ उसकी दोनों बेटियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में आरोपी महिला के बेटे की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थानाधिकारी बोले- कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेंगेलूणकरणसर थानाधिकारी गणेश बिश्नोई ने बताया कि घटना के बाद पहले महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। जांच और साक्ष्यों के आधार पर उसकी दोनों बेटियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी। बता दें कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र निवासी मूलाराम (50) पिछले कुछ समय से लूणकरणसर क्षेत्र के एक गांव में महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। सोमवार रात दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान महिला और उसके बच्चों ने मूलाराम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मूलाराम को आरोपी पक्ष ही निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर मामला दर्जमृतक के भाई हेमाराम की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पहली पत्नी की मौत के बाद मूलाराम आरोपी महिला के साथ लिव-इन में रह रहा था। महिला का अपने पति से तलाक हो चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था और महिला की ओर से मूलाराम को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। एफआईआर के अनुसार 6 जुलाई की शाम मूलाराम अपने बेटे को लेने के लिए महिला के खेत पर पहुंचा था। आरोप है कि वहां महिला, उसकी दोनों बेटियों और बेटे ने एक राय होकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे मृतक के बेटे के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह खबर भी पढ़िए… प्रेमिका ने लिव-इन पार्टनर की पीट-पीटकर हत्या की:बच्चों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से हमला किया; महिला को पकड़ा बीकानेर में महिला ने बच्चों के साथ मिलकर लिव-इन पार्टनर (प्रेमी) की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। पूरी खबर पढ़िए
यमुनानगर अस्पताल में युवक का हंगामा:इलाज में देरी के कारण खोया आपा, शीशे और मेडिकल उपकरण तोड़े
यमुनानगर जिले के छछरौली में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज कराने आए एक युवक ने जमकर हंगामा करते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। युवक ने आरोप लगाया कि उसे समय पर फर्स्ट एड नहीं मिली, जिससे नाराज होकर उसने अस्पताल के कई कमरों के दरवाजों के शीशे तोड़ दिए और अंदर रखे मेडिकल उपकरणों समेत अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। वारदात के समय अस्पताल प्रशासन सहम गया और तुरंत इस बारे पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को डिटेन किया गया। हालांकि देर शाम तक अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को इस बारे में कोई शिकायत नहीं दी गई। मेडिकल उपकरणों को भी पहुंचाया नुकसान बताया जा रहा है कि किसी कराणों के चलते युवक के पैर में चोट लग गई थी, जिसके उपचार के लिए वह अस्पताल में पहुंचा था। उसका आरोप है कि उसे समय पर फर्स्ट एड उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी बात से नाराज होकर उसने अपना आपा खो दिया और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने अस्पताल के विभिन्न कमरों के दरवाजों पर लगे शीशों को तोड़ दिया। इसके अलावा अंदर रखे कुछ मेडिकल उपकरणों और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना से अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। अस्पताल के सीसीटीवी मिले बंद अस्पताल में मौजूद स्टाफ का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना छछरौली थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। इसके कारण पूरी घटना की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस को देर शाम तक भी नहीं दी शिकायत छछरौली थाना के प्रभारी वेदपाल ने बताया कि सूचना मिलते ही वे तुरंत अस्पताल पहुंचे थे। मौके पर आरोपी को डिटेन कर लिया। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो की नवी मुंबई से जयपुर आने वाली फ्लाइट पहली कोशिश में लैंड नहीं कर सकी। फ्लाइट ने रनवे को छूने के बाद तत्काल दोबारा उड़ान भर ली। पायलट ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए 'गो-अराउंड' प्रक्रिया अपनाई और करीब 10 मिनट बाद दूसरी कोशिश में फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग कराई। घटना में किसी भी पैसेंजर्स या क्रू मेंबर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट 6E-5238 नवी मुंबई से निर्धारित समय पर उड़ान भरकर बुधवार शाम जयपुर पहुंची थी। रात करीब 8 बजे फ्लाइट ने जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग की एप्रोच शुरू की। फ्लाइट रनवे तक पहुंची और रनवे को टच भी किया, लेकिन अंतिम क्षणों में लैंडिंग एप्रोच स्थिर नहीं होने के कारण पायलट ने फ्लाइट को दोबारा हवा में ले जाने का फैसला लिया। दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर किया लैंडिंग का प्रयास एविएशन की भाषा में इस प्रक्रिया को गो-अराउंड कहा जाता है। यह सामान्य और पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया होती है, जिसे तब अपनाया जाता है। जब पायलट को लगता है कि फ्लाइट की लैंडिंग निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में फ्लाइट को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद फिर से लैंडिंग का प्रयास किया जाता है। करीब 10 मिनट तक फ्लाइट जयपुर एयरपोर्ट के आसपास हवा में रही। इस दौरान पायलट ने फ्लाइट को दोबारा लैंडिंग के लिए तैयार किया। सभी आवश्यक मानकों के अनुरूप एप्रोच मिलने के बाद दूसरी कोशिश में फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग करा दी गई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार- यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों के तहत अपनाई गई थी। गो-अराउंड जैसी स्थिति को आपातकाल नहीं माना जाता, बल्कि यह विमानन सुरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य पैसेंजर्स, क्रू और फ्लाइट की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। हालांकि जयपुर एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने फ्लाइट में मौजूद पैसेंजर को कुछ वक्त के लिए परेशानी में डाल दिया। गो राउंड के दौरान फिर से टिकाऊ अपने काफी पैसेंजर को डरा दिया। फिर फ्लाइट की सफल लैंडिंग के बाद सबने राहत की सांस ली।
राजस्थान में चल रहे कैफीनेटेड कथित एनर्जी ड्रिंक के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चल रहा है। इसके तहत पाली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को विभिन्न ब्रांडों के कथित एनर्जी ड्रिंक की 21,800 बोतलें जब्त की। जांच के लिए 6 नमूने जोधपुर खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव और सुरेश चन्द्र शर्मा ने महेश ट्रेडिंग कम्पनी, खेरवा रोड तथा साई दीप एंटरप्राइजेज, रीको औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। FSSI के दिशा निर्देश के तहत जब्त की जांच के दौरान स्टिंग, आफ्टर शॉक, ट्रॉपिकाना फ्रूट्ज और कैंपा एनर्जी ड्रिंक सहित विभिन्न ब्रांडों की कुल 21,800 बोतलें एफएसएसएआई के दिशा-निर्देशों के तहत जब्त की गईं। अधिकारियों ने बताया- नमूनों को जांच के लिए जोधपुर खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरी चेतावनी अंकित होना जरूरी सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया- एफएसएसएआई के अनुसार कैफीनेटेड एनर्जी ड्रिंक के लेबल पर कैफीन की मात्रा, आवश्यक चेतावनी और अन्य अनिवार्य जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, बच्चों, स्तनपान कराने वाली माताओं और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जिले में यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव, सुरेश चन्द्र शर्मा एवं ऑपरेटर ओम प्रकाश प्रजापत मौजूद रहे।
बिलासपुर में शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों के डिमैट खातों से 44 लाख 35 हजार 855 रुपए की हेराफेरी की गई। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति खातों में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, क्रांति नगर के 47 वर्षीय रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता, शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से बिलासपुर के नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में दो डीमैट खाते थे। इनमें एक खाता दोनों के संयुक्त नाम से और दूसरा सिर्फ उनकी माता के नाम पर था। कंपनी ने नहीं दी खाते की जानकारी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने डिमैट खातों से जुड़े ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उन्होंने खातों पर कब्जा कर लिया और खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना कई लेन-देन कर दिए। रत्नेश दुबे का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी काफी देर से मिली। जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें खातों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी ने एक बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी, जबकि दूसरे खाते की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। 44 लाख रुपए से अधिक के निवेश में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को करीब 31.25 लाख रुपए के शेयर और कुल 44.35 लाख रुपए के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ट्रांसफर की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। पहले कंपनी को दी गई थी सूचना शिकायतकर्ता ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 26 जनवरी को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों के मिलीभगत होने की आशंका शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने एसएमसी के कुछ कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कराने की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूरजपुर तालाब में सैकड़ों मछलियां मरी मिलीं:लोग बोरे भरकर ले गए, मौत की वजह की जांच जारी
सूरजपुर जिले के एक तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां मृत मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। तालाब किनारे सैकड़ों मछलियां तैरती देख बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोग मृत मछलियों को बोरे में भरकर अपने घर ले गए, जबकि कुछ लोगों को उन्हें बेचते हुए भी देखा गया। घटना के बाद मछलियों की मौत को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से तालाब की सफाई नहीं होने और पानी में गंदगी बढ़ने से यह स्थिति बनी होगी। वहीं, कुछ लोगों ने पानी में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस बनने की आशंका जताई है। हालांकि, इन कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वैज्ञानिक जांच के बाद ही होगी पुष्टि विशेषज्ञों के अनुसार, किसी जलाशय में एक साथ बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के पीछे पानी में घुलित ऑक्सीजन की कमी, प्रदूषण, जहरीले रसायनों का मिश्रण या अन्य पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं। वास्तविक वजह वैज्ञानिक जांच के बाद ही सामने आएगी। मृत मछलियों के सेवन पर चिंता बिना जांच के मृत मछलियों को घर ले जाना और उनकी बिक्री करना चिंता का विषय बन गया है। यदि मछलियों की मौत किसी विषैले पदार्थ या प्रदूषित पानी के कारण हुई है, तो उनका सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन ने शुरू की जांच प्रशासन और संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, तालाब के पानी और मृत मछलियों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
शामली के कैराना तहसील परिसर में जेबकतरों की सक्रियता सामने आई है। बुधवार को जमीन की नकल निकलवाने आए एक किसान की जेब से अज्ञात चोर ने 5 हजार रुपए चुरा लिए। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की है। ग्राम युसुफपुर उर्फ चौतरा, थाना झिंझाना निवासी पीड़ित ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी जमीन के कागजात की नकल निकलवाने के लिए कैराना तहसील आया था। वह तहसीलदार कार्यालय के बाहर खिड़की के पास खड़ा था, तभी किसी अज्ञात जेबकतरे ने उसकी जेब से 5 हजार रुपए निकाल लिए। कुछ देर बाद जब पीड़ित ने अपनी जेब देखी, तो उसे रुपये गायब मिले। उसने आसपास काफी तलाश की, लेकिन न तो चोरी हुए रुपये मिले और न ही चोर का कोई सुराग लग सका। पीड़ित ने पुलिस से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात चोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा चोरी गई रकम बरामद कराने की मांग की है।
मऊगंज जिले के पिपरा गांव में एक 25 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद मायके और ससुराल पक्ष के बीच विवाद गहरा गया है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मृतका का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। ससुराल वाले शव को अस्पताल में ही छोड़कर घर पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं, जबकि मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है। मृतका का शव फिलहाल मर्चुरी में रखा हुआ है। कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला शव मृतका की पहचान कंचन मिश्रा (25), पत्नी आशीष मिश्रा के रूप में हुई है। मंगलवार दोपहर करीब 1:45 बजे परिजनों ने देखा कि कंचन के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो ग्रामीणों और परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर कंचन का शव लकड़ी की पटिया से साड़ी के फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची लौर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया, जो बुधवार सुबह कराया गया। शादी के बाद से ही प्रताड़ित करने का आरोप पोस्टमॉर्टम के बाद मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि कंचन की हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाया गया है। मृतका के पिता रामायण चतुर्वेदी ने बताया कि तीन साल पहले हुई शादी के बाद से ही उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दामाद पर शराब पीकर अक्सर मारपीट करने का आरोप लगाया, जिससे परेशान होकर कंचन कई बार मायके भी आ चुकी थी। ससुराल पक्ष घर में ताला लगाकर गांव से लापता मायके पक्ष द्वारा हत्या के आरोप लगाए जाने के बाद अस्पताल परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कहासुनी हुई। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग शव को अस्पताल में ही छोड़ गए और अपने गांव के घर में ताला लगाकर वहां से फरार हो गए। दूसरी तरफ, इंसाफ की मांग को लेकर मायके पक्ष ने भी अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया, जिसके कारण शव मर्चुरी में ही पड़ा रहा। पुलिस करा रही समझौता, जांच जारी लौर थाना प्रभारी राजेश पटेल ने बताया कि ससुराल पक्ष के अन्य रिश्तेदारों से संपर्क कर चर्चा की गई है, और वे अब शव लेने के लिए तैयार हो गए हैं। पुलिस इस पूरे संदिग्ध मौत के मामले की बारीकी से जांच कर रही है और जल्द ही वैधानिक कार्रवाई पूरी कर शव को परिजनों को दिया जाएगा।
फतेहाबाद जिले में रतिया के खटीक मोहल्ला क्षेत्र में वार्ड 2 निवासी छात्र गौरव पर चाकू से हमला करने के मामले में शहर पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। गौरव को गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। छात्र गौरव ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर एक स्टेटस को लेकर कुछ युवकों से उसका विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते मंगलवार शाम को उन युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने जानकारी दी कि गौरव के बयानों के आधार पर रतिया निवासी लकी शर्मा, विक्की शर्मा, पोपल और लधुवास निवासी रणबीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार शाम को हुए इस हमले में गौरव गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके चाचा मनी उसे मौके से बाइक पर सरकारी अस्पताल ले गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गौरव की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था।
सिरसा में तीन लाख नशीली गाेलियों से भरा पार्सल पकड़ा गया है। इसकी मार्केट वैल्यू करीब लाखों रुपए हैं। ये गोलियां पंजाब से बठिंडा से यहां मेडिकल स्टोर के नाम से बुक पार्सल में भेजी गई थी। बठिंडा से गाड़ी लेकर शहर पहुंचा तो एएनसी टीम ने मौक पर पकड़ लिया। पार्सल की तलाश ली तो उसमें करीब तीन लाख नशीली गोलियां बरादम हुई। इस पर ड्राइवर बोला-उसे नहीं पता, वह तो पार्सल लेकर आया था। पार्सल के बारे में पता नहीं। जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाई सिरसा एएनसी की संयुक्त टीम ने की है। पुलिस टीम ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया और उस पार्सल देने वाले का पता लगाने के लिए पंजाब के बठिंडा में गई हुई है। वहीं से पार्सल देने वाले का पता चलेगा कि किस दिया जाना था। पुलिस मेडिकल संचालक का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने ड्राइवर पर ही शक जताया है और उसे पूछताछ जारी है। पुलिस मामले में जल्द खुलासा करेगी। मामले में एएसपी आदर्शदीप सिंह का कहना है कि पुलिस टीम जांच में जुटी है और नशीली गोलियां बरामद कर ली है। वहीं, इसके अलावा सीआईए और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में दो जगह और मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल संचालक के घर से 6.5 लाख की 33800 नशीली गोलियां व कैप्सूल और कन्फेक्शनरी दुकान से 5100 नशीली दवाएं बरामद की है। पहला केस:जयदेव चौक से ड्राइवर की गाड़ी से मिली तीन लाख नशीली गोलियां सूत्रों की मानें तो एएनसी और ड्रग विभाग टीम की ओर से शहर के जयदेव चौक के पास से तीन लाख नशीली गोलियां पकड़ी है। इन गोलियों की मार्केट कीमत लाखों रुपए हैं। ये गोलियां ड्राइवर के पास से मिली है और गाड़ी में पार्सल में पैक थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर पंजाब के बठिंडा से पार्सल लेकर यहां सिरसा ला रहा था। इसकी रिपोर्ट एएनसी को लगी और ड्राइवर को यहां जयदेव चौक के पास आने पर पकड़ लिया। पार्सल में चेक किया तो तीन लाख नशीली गोलियां मिली। ड्राइवर से पता लगाया जा रहा है कि वह यह पार्सल कहां से और किससे लेकर आया। बठिंडा से सिरसा के मेडिकल स्टोर के नाम से भेजा गया है। ड्राइवर से पूछताछ जारी है और उसे लेकर जांच में शामिल पुलिस बठिंडा लेकर गई है। ये कार्रवाई मंगलवार रात्रि को की है। दूसरा केस:प्रताप नगर में मेडिकल संचालक के घर पर रेड सीआईए ऐलनाबाद पुलिस तथा औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने ऐलनाबाद थाना क्षेत्र के गांव प्रताप नगर स्थित मकान पर छापा मारकर करीब 6.5 लाख रुपये कीमत की 23,510 टेपेंटाडोल की नशीली गोलियां तथा 10,290 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद किए हैं। प्रताप नगर निवासी लवप्रीत सिंह पुत्र गुरबाज सिंह को काबू किया। आरोपी गांव संत नगर में मेडिकल स्टोर संचालित करता है और मेडिकल की आड़ में अपने घर से युवाओं को नशीली दवाइयों की सप्लाई करता है। तलाशी में भारी मात्रा में नशीली गोलियां और कैप्सूल की खेप बरारमद हुई। आरोपी को आगामी कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया और नोटिस जारी किया है। तीसरा केस: बेगू रोड दुकान पर छापेमारी सीआईए सिरसा पुलिस ने बीती रात्रि बेगू रोड स्थित एक कन्फेक्शनरी की दुकान पर छापेमारी कर 5100 नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए। दुकान मालिक कृष्ण कुमार सहित तीन युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी शुरू की। 3300 टेपेंटाडोल की नशीली गोलियां और 1800 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद हुए। ड्रग कंट्रोल विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मौके पर बुलाया। पुलिस ने कल्याण नगर निवासी आरोपी कृष्ण कुमार और पारस और सन्नी निवासी संगरिया (जिला हनुमानगढ़, राजस्थान) को बरामद दवाइयों सहित ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया।
धमतरी जिले की कुरूद पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.1 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हेरोइन के अलावा एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 36 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम छाती स्थित एनएच-30 हाईस्कूल के पास दो युवक हेरोइन बेचने के उद्देश्य से पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी में मिली हेरोइन वैधानिक प्रक्रिया के तहत तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 1.1 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 हजार रुपये है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाहिद खान (27), निवासी संजय नगर और केशवराम ध्रुव (26), निवासी संजय नगर, कुरूद के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ कुरूद थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राजगढ़ के खिलचीपुर न्यायालय परिसर में बुधवार को वर्षों पुराने पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पेशी के दौरान आमने-सामने आए दो रिश्तेदार परिवारों के बीच पहले कहासुनी हुई, फिर चप्पलें और लात-घूंसे चलने लगे। हंगामे के बीच वकीलों और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद सभी को तहसीलदार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, बामन गांव निवासी राम भरोसी बाई ने करीब 20 दिन पहले अपने पति धनराज के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में बुधवार को धनराज की न्यायालय में पेशी थी। पुलिस की सूचना पर राम भरोसी अपने भाई मांगीलाल के साथ कोर्ट पहुंची, जबकि धनराज भी अपने परिजनों के साथ वहां मौजूद था। कोर्ट परिसर में शुरू हुआ विवाद, चप्पलों और लात-घूंसों तक पहुंचा राम भरोसी का आरोप है कि अदालत कक्ष के बाहर उसकी सास बादाम बाई और ननद दुर्गा बाई से मुलाकात होने पर पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच चप्पलों और लात-घूंसों से मारपीट होने लगी। शोर सुनकर मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया। राम भरोसी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा है। पहले उसके भाई मांगीलाल का उसकी भाभी और ननद से विवाद हुआ था। इसके बाद 20 दिन पहले पति द्वारा मारपीट की घटना के बाद मामला और बढ़ गया। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष लगातार उसे और उसके भाई को जान से मारने की धमकियां भी दे रहा था। दोनों परिवार आपस में हैं समधी मामले की खास बात यह है कि विवाद करने वाले दोनों परिवार आपस में समधी हैं। धनराज और मांगीलाल ने एक-दूसरे की बहनों से शादी की है। रिश्तेदारी के बावजूद वर्षों पुराना विवाद अब न्यायालय परिसर तक पहुंच गया। मारपीट के बाद पुलिस दोनों पक्षों को खिलचीपुर थाने ले गई। इस दौरान बादाम बाई पर एक महिला पुलिसकर्मी से अभद्रता करने का भी आरोप लगा। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें तहसीलदार न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर बवाल:पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया, एक युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ कलेक्ट्रेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क जाम कर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, अमरोहा के रहने वाले दिग्विजय सिंह ने प्रदर्शन के दौरान लोगों को उकसाने, परिजनों को भड़काने और सड़क जाम कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य चिन्हित लोगों की भूमिका की भी जांच चल रही है। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। समझाने के बावजूद जाम नहीं हटाया गया पुलिस के अनुसार, 15 मई को टीपीनगर क्षेत्र से एक महिला लापता हुई थी। 16 मई को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई और 17 मई को रोहटा क्षेत्र के एक गांव से महिला का शव बरामद हुआ था। मामले की विवेचना सीओ ब्रह्मपुरी कर रहे हैं। जांच के दौरान दो अन्य लोगों की भूमिका साक्ष्य मिटाने में सामने आने पर उनके खिलाफ भी संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान मृतका के परिजनों से लगातार बातचीत कर उनकी ओर से उठाए गए सभी बिंदुओं का समाधान किया गया था। इसके बावजूद कुछ लोगों ने परिजनों को भड़काकर ज्ञापन देने के नाम पर भीड़ एकत्र की और सड़क जाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन के समझाने के बावजूद जाम नहीं हटाया गया, जिसके बाद यातायात और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग कर सड़क खाली कराई गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की गई पुलिस के मुताबिक, वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया के विश्लेषण के आधार पर सड़क जाम कराने और लोगों को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की गई। इसी क्रम में अमरोहा के हसनपुर निवासी दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि अन्य चिन्हित लोगों के खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दिग्विजय सिंह स्वयं को भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर गुट) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताता है। उसके खिलाफ मेरठ और अमरोहा के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा रवि गौतम नामक व्यक्ति के खिलाफ भी गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अन्य लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
अपनी महिंद्रा XUV कार को 5 बार बेचकर ठगी करने वाला शातिर बदमाश जिगर भट्ट (28) बांसवाड़ा पुलिस की गिरफ्त में है। बुधवार को पीसी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में उनके ठगी और झांसा देने की कई वारदातें कबूल की हैं। उसने बताया कि वह शौर्य फाउंडेशन में प्रोजेक्ट मैनेजर भी रहा। इस दौरान उसने युवक-युवतियों को नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार- शौर्य फाउंडेशन में प्रोजेक्ट मैनेजर रहते हुए उसने करोड़ों की ठगी की और राशि लेकर फरार हो गया। ठगी के इस मामले में भी पुलिस उसे तलाश रही थी। मूल रूप से जिगर बांसवाड़ा के गढ़ी थाना इलाके के खेड़ा गांव का रहने वाला है। वह जयपुर के जगतपुरा इलाके में इंक्लेव रामनगरिया में परिवार के साथ छुपकर रह रहा था। XUV मामले में गढ़ी पुलिस ने पकड़ा था बता दें कि बांसवाड़ा के गढ़ी थाने में एक पीड़ित ने जिगर भट्ट के खिलाफ 18 लाख में महिंद्रा XUV कार बेचने और फिर बहाने से कार ले जाने का मामला दर्ज कराया था। इसी केस की पड़ताल करते-करते जिगर भट्ट की कई करतूतें खुली। उसने एक ही XUV को कई बार बेचा और लोगों से ठगी की। गढ़ी पुलिस ने इसी केस में मंगलवार को उसे बांसवाड़ा के खेड़ा गांव से गिरफ्तार किया था। नौकरी का झांसा देकर 200 लोगों को ठगा शौर्य फाउंडेशन में प्रोजेक्ट मैनेजर रहते जिगर भट्ट ने लोगों को संस्था में नौकरी का झांसा दिया। उसने 200 लोगों से करोड़ों रुपए ठग लिए। इस मामले की जांच कर रहे बांसवाड़ा डिप्टी एसपी मनीष चारण ने जिगर भट्ट पुत्र नरेन्द्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक- 11 अक्टूबर 2025 को बांसवाड़ा के केलियापाडा फैफर गांव के अर्जुनलाल पुत्र कालू ने दानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। अर्जुन ने बताया कि शौर्य फाउंडेशन संस्था के नाम पर अध्यापक मणीलाल, डायरेक्टर दिलीप कुमार दवे और प्रोजेक्ट मैनेजर जिगर भट्ट ने लगभग 200 युवक-युवतियों को नौकरी देने का झांसा दिया। इन आरोपियों ने बेरोजगार अभ्यर्थियों से 40 हजार, 60 हजार और 1 लाख रुपए तक ले लिए और नौकरी का वादा किया। करोड़ों रुपए जुटने के बाद सभी फरार हो गए। BNS की धाराओं में मामला दर्ज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिगर लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस कस्टडी (पीसी) रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने किस अभ्यर्थी से कितना पैसा लिया और वारदात में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं। यह खबर भी पढ़ें शातिर ने 5 बार बेची एक ही XUV कार:लाखों रुपए ठगे, गिरवी रखा, चोरी की; NGO में जॉब का झांसा भी दिया बांसवाड़ा की गढ़ी पुलिस ने 6 महीने से फरार एक ऐसे शातिर ठग को पकड़ा है जिसने एक ही लग्जरी कार 5 बार बेचकर लाखों की ठगी की। इससे पहले वह युवाओं को एक NGO में नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठग चुका है। जिसका मामला जिले के दानपुर थाने में दर्ज है। (पढ़ें पूरी खबर)
भरतपुर में व्यापारियों को गोली मार कर लूट करने वाले एक ही गैंग के लोग थे। पुलिस ने आज मुठभेड़ में एक आरोपी को पकड़ा है। बदमाश ने पुलिस को देखते ही 2 राउंड फायरिंग की और जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। उसे RBM अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले में 2 और आरोपियों की तलाश की जा रही है, उनकी पहचान भी की जा चुकी हैं। ऐसे में, दोनों पर 25 हजार का इनाम भी रखा गया है। जवाबी फायरिंग में पैर में लग गोली एसपी राजेश मीणा ने बताया- 2 व्यापारियों को गोली मार कर लूट करने के मामले में एक आरोपी महेश (28) निवासी कासौट (डीग) को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को लेकर मिले इनपुट के आधार पर सेवर थाना इलाके में छानबीन चल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस को देख कर 2 राउंड फायर किए। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है। इसका RBM में इलाज चल रहा है। 2 और साथी; एक पर मर्डर केस इसके साथ 2 और आरोपी हैं, उनकी तलाश की जा रही है। दूसरा आरोपी प्रवीण उर्फ बॉबी निवासी कासौट (डीग) है। इस पर हत्या का मुकदमा दर्ज है। साथ ही एक और आरोपी है। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया है। अभी तक की जांच में यह पता लगा है दोनों व्यापारियों को गोली मारने वाले एक ही आरोपी थे। अलग-अलग समय पर दोनों व्यापारियों से लूट हुई। दो व्यापारियों को मारी थी गोली पढ़ें व्यापारियों पर फायरिंग की ये खबर भी… भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी:व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया भरतपुर में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने महज आधे घंटे के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर व्यापारियों को निशाना बनाया। (पूरी खबर पढ़ें) 5 लाख लूटने के लिए व्यापारी की गोली मारकर हत्या:धरने पर बैठे लोग कलेक्ट्रेट में घुसने लगे तो पुलिस से धक्का-मुक्की हुई; बिलखती रही पत्नी-बेटी भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। (पूरी खबर पढ़ें)
मेरठ में बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट के बाहर दलित महापंचायत आयोजित हुई। इसमें कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, दलित समाज के लोग और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में पीड़िता की मां भी पहुंचीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि 16 मई को उनकी बेटी आरजी कॉलेज परीक्षा देने गई थी। रास्ते में अंकुश, निशांत और अंकित ने उसका अपहरण किया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म कर गला घोंटकर हत्या कर दी और शव पर तेजाब डाल दिया। उन्होंने आरोपियों के साथ उनकी मां की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पर उठाए सवाल पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सही तथ्य दर्ज नहीं किए गए। उनका कहना है कि शव पर कई बार तेजाब डाला गया, लेकिन रिपोर्ट में इसका सही उल्लेख नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर निष्पक्ष जांच न करने का आरोप लगाया। पीड़िता की मां ने कहा कि 26 मई को उन्हें आठ दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ उनके घर आकर दबाव बनाती हैं और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। आरोपियों को फांसी और बुलडोजर कार्रवाई की मांग उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। फरार आरोपियों अंकुश और निशांत को भी कड़ी सजा मिले। साथ ही आरोपी अंकित की नौकरी समाप्त करने और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि उन्हें कलेक्ट्रेट के अंदर नहीं जाने दिया गया। गेट पर रोककर अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
नई दिल्ली। द्वारका जिले के एक्सप्रेस वे टनल में रोडरेज के चलते एक टैक्सी ड्राइवर ने अन्य कार सवार युवक पर डंडे से हमला कर दिया। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स दूसरे शख्स पर डंडे से हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। कापसहेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में वीडियो के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस कॉलर का पता लगाने की कोशिश की जा रही है और टैक्सी ड्राइवर की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे टनल में हुई वारदात डीसीपी कुशाल पाल सिंह ने बताया मंगलवार शाम करीब 7:44 बजे कापसहेड़ा पुलिस थाने को द्वारका एक्सप्रेस-वे टनल में हुई एक घटना के बारे में पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने आरोप लगाया कि उसकी वैगनआर कार और एक सफेद मारुति अर्टिगा टैक्सी के बीच मामूली टक्कर हो गई। इस पर टैक्सी ड्राइवर ने डंडे से उस पर हमला करने की कोशिश की। बचाव में कॉलर ने टैक्सी ड्राइवर को धक्का दिया, जिससे वह एक एक अन्य कार (किआ सेल्टोस) से टकराकर गिर गया। इसको लेकर गाड़ी को मामूली नुकसान पहुंचा। किआ सेल्टोस के मालिक ने उससे मुआवजे की मांग करते हुए कॉलर को रोक लिया, जबकि टैक्सी ड्राइवर मौके से भाग गया। आपसी सहमति से सुलझा लिया मामला मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। कॉलर ने उन्हें बताया कि टैक्सी ड्राइवर पहले ही भाग चुका था। कॉलर और किआ सेल्टोस के मालिक ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। पुलिस को मौके पर कोई क्षतिग्रस्त कार और घायल व्यक्ति नहीं मिला। पूछताछ करने पर कॉलर ने बताया कि वह घर पहुंच चुका है, मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है और वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता। पुलिस टैक्सी चालक की तलाश कर रही है।
अशोकनगर में बुधवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 7:30 बजे शुरू हुई तेज बारिश आधे घंटे से अधिक समय तक जारी रही। इसके बाद भी कई इलाकों में हल्की बारिश होती रही। गरज-चमक के साथ हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम साढ़े सात बजे शुरू हुई बारिश ने पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों को भिगो दिया। कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर पहले हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। रात 8 बजे के बाद भी रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर चलता रहा। दिन में उमस, रात में राहत दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के कारण उमस बनी रही। हालांकि शाम की बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई में जिले में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
नीमच जिले के ग्राम चैनपुरा में मंगलवार रात एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में घुस आया। तेंदुए ने गांव के एक घर के बाड़े में बंधी बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियों को बचाने पहुंचे मालिक पप्पू उर्फ देवनारायण (40) पिता बगदीराम रावत पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित को अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद बुधवार शाम छुट्टी दे दी गई है। एक ही रात में तेंदुए ने दो बार बोला धावा जानकारी के अनुसार, तेंदुए ने सबसे पहले रात में बकरियों पर हमला किया था। बकरियों की आवाज सुनकर जब मालिक पप्पू रावत बाड़े में पहुंचे, तो तेंदुआ वहां से भाग निकला। लेकिन करीब एक घंटे बाद तेंदुआ दोबारा बाड़े में लौट आया। इस बार जब पप्पू रावत ने उसे भगाने की कोशिश की, तो तेंदुए ने उन पर सीधा हमला कर दिया, जिससे वे बुरी तरह जख्मी हो गए। पिछले कई दिनों से इलाके में सक्रिय है तेंदुआ ग्रामीणों ने बताया कि इसी तेंदुए ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे भी बकरियों के झुंड पर हमला करने का प्रयास किया था। देर रात बाड़े में घुसकर उसने दो बकरियों को अपना शिकार बनाया और उन्हें घायल कर दिया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि यह तेंदुआ पिछले कई दिनों से गांव के आसपास सक्रिय है और लगातार गायों व बकरियों को निशाना बना रहा है। दहशत में ग्रामीणों ने रतजगा कर काटी रात इस घटना के बाद से चैनपुरा गांव के लोग भारी दहशत में हैं। तेंदुए के दोबारा हमले के डर से ग्रामीणों ने मंगलवार की पूरी रात जागकर पहरा दिया। भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग को लिखित आवेदन सौंपकर तेंदुए को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है। साथ ही रिहायशी इलाके में गश्त बढ़ाने को कहा है ताकि कोई जनहानि न हो। वन विभाग की टीम ने डाला डेरा घटना की सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद वन रक्षक अर्पित शर्मा के बीट क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारी और बीट प्रभारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल वन विभाग की टीम क्षेत्र में डेरा डाले हुए है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी बीच, ग्रामीणों ने चैनपुरा वन क्षेत्र में कामाख्या देवी रोड से लगे जंगल में हाल ही में करीब एक एकड़ भूमि पर अवैध रूप से काटे गए पेड़-पौधों का मुद्दा भी उठाया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बिलासपुर सैदा स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत का आरोप लगाते हुए कॉलोनी की महिलाओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। करीब 250 परिवारों के 1000 से अधिक लोग पिछले चार महीनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। महिलाओं ने पानी, बिजली, सड़क और बाउंड्रीवॉल निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बताया कि कॉलोनी का बोरवेल खराब होने के बाद नया बोरवेल नहीं कराया गया है। इसके कारण लोग पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। दूषित पानी से फैल रहीं बीमारियां प्रदर्शनकारी महिलाओं के अनुसार, कॉलोनी में पेयजल और सीवरेज की पाइपलाइनें साथ-साथ बिछी हुई हैं। पाइपलाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। उनका दावा है कि दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी महिलाओं ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर दो से तीन दिन तक पानी नहीं मिल पाता। लगातार लो-वोल्टेज और बिजली कटौती के कारण लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क जर्जर, बाउंड्रीवॉल की मांग कॉलोनी की मुख्य सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। कई जगह सरिया बाहर निकल आया है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। महिलाओं ने कॉलोनी की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी मांग की। उनका कहना है कि कॉलोनी चारों ओर से खुली होने के कारण चोरी और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है। बिजली विभाग के जेई पर लगाए आरोप प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बिजली विभाग की जेई पर फोन नहीं उठाने और कार्यालय पहुंचने पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सकरी विद्युत विभाग को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद मजबूर होकर उन्हें कलेक्टोरेट पहुंचना पड़ा। ज्ञापन पर दुर्गेश नंदिनी शुक्ला, रेखा मिश्रा, महेश्वरी विश्वकर्मा, सुषमा तिवारी, पूर्णिमा पांडेय, करुणा द्विवेदी, गायत्री दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने हस्ताक्षर किए।
संभल पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान जिला मंत्री सहित चार लोगों के विरुद्ध कुर्की उद्घोषणा का नोटिस चस्पा किया है। यह कार्रवाई बुधवार शाम 5 बजे ढोल-नगाड़ों के साथ की गई। मामला संभल जनपद के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सराय का है। यह नोटिस अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से जारी हुआ है। यह नोटिस कुमोद वार्ष्णेय, सुबोध, विनोद पुत्र रामभरोसे और हर्षित पुत्र कुमोद के विरुद्ध जारी किया गया है। वादी अमन ने एक साल पहले दुकान पर पतंग खरीदने को लेकर हुए झगड़े के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। कुमोद पक्ष द्वारा जमानत न कराने पर कोर्ट ने पहले गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। जमानत न होने के बाद अब न्यायालय ने कुर्की उद्घोषणा जारी की है। पुलिस टीम मोहल्ला सराय पहुंची और ढोल-नगाड़ों के साथ सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई। इस दौरान लोगों को न्यायालय के आदेश की जानकारी दी गई। उद्घोषणा की प्रति आरोपियों के घर पर चस्पा कर विधिवत तामील कराई गई। इससे पहले आरोपियों के खिलाफ जारी वारंटों की तामील नहीं हो सकी थी। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बुधवार शाम 7 बजे बताया कि पुलिस टीम ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अभियुक्तों के घर पर नोटिस चस्पा किया है और सार्वजनिक ऐलान कर उन्हें इसकी जानकारी दी है। यदि उद्घोषणा की निर्धारित तिथि पर आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं होते या जमानत नहीं कराते हैं, तो उनके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
सिवनी जिले के धारनाकला के पास स्थित ग्राम आगरवाड़ा में बुधवार दोपहर एक बाघ ने महिला पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में महिला के पैर में गंभीर चोट आई है। घायल हो गई है। ग्रामीणों की मुस्तैदी के चलते बाघ महिला को छोड़कर एक बकरी का शिकार कर वापस जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बकरियां चराने के दौरान झाड़ियों से निकला बाघ जानकारी के अनुसार, ग्राम आगरवाड़ा की रहने वाली 45 वर्षीय सरमन बाई भलावी बुधवार को गांव से सटे जंगल के पास अपनी बकरियां चराने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। महिला ने हिम्मत न हारते हुए शोर मचाया और खुद को बचाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बकरी लेकर भागा महिला की चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर तुरंत मौके की ओर दौड़े और जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया। ग्रामीणों को अपनी तरफ आता देख बाघ महिला को छोड़कर पास खड़ी एक बकरी को अपने जबड़े में दबाकर वापस घने जंगल की ओर भाग निकला। महिला की हालत खतरे से बाहर घायल महिला को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद महिला की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। वन विभाग ने शुरू की निगरानी घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। वन अधिकारियों ने पगमार्क के जरिए बाघ की गतिविधियों की जानकारी जुटाई और ग्रामीणों को अकेले जंगल की तरफ न जाने की हिदायत दी है। विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा और सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पेंच टाइगर रिजर्व और बरघाट के जंगलों से लगे होने के कारण इस इलाके में अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) की 9 जुलाई से शुरू होने वाली सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी कंपार्टमेंट एवं अतिरिक्त विषय परीक्षाओं के लिए नूंह प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नकल और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) नूंह कंवर आदित्य विक्रम ने आठ परीक्षा केंद्रों पर आठ ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। इन अधिकारियों को परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पारदर्शी माहौल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसडीएम ने बताया कि ये नियुक्तियां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और जिला मजिस्ट्रेट नूंह के निर्देशों के तहत की गई हैं। कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग करेंगे ड्यूटी मजिस्ट्रेट ड्यूटी मजिस्ट्रेट परीक्षा अवधि के दौरान कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग करेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार होगा। जारी आदेश के अनुसार, हिंदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूंह, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूंह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फिरोजपुर नमक (दो केंद्र), राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेरला, राजकीय माध्यमिक विद्यालय सोनख, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलाहेरी और चौधरी मोहम्मद यासीन मेव वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूंह सहित कुल आठ परीक्षा केंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम ने दिए समन्वय स्थापित करने के निर्देश एसडीएम ने सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेटों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचें और शिक्षा विभाग तथा पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करें। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, नकल या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सभी परीक्षार्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त तरीके से संपन्न हो सकें। सभी नियुक्त अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे।
सोन नदी से निकलकर बस्ती तक पहुंचा मगरमच्छ:सिंगरौली में वन विभाग ने रेस्क्यू कर नदी में छोड़ा
सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में आने वाले पनवार गांव में बुधवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब सोन नदी से निकलकर मगरमच्छ आबादी वाले इलाके में घुस आया। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना वन विभाग और सोन घड़ियाल रेस्क्यू टीम को दी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। शाम करीब 5 बजे गांव वालों ने अपने घरों के ठीक पास मगरमच्छ को घूमते हुए देखा, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। खबर मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले सुरक्षा घेरा तैयार किया और फिर सावधानी से मगरमच्छ को काबू में किया। इस दौरान मगरमच्छ को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे, जिन्हें टीम ने सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। चितावल पुल के पास सोन नदी में सुरक्षित छोड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मगरमच्छ को एक सुरक्षित गाड़ी में लादकर चितावल पुल के पास ले जाया गया, जहां उसे वापस सोन नदी में छोड़ दिया गया। वन विभाग की मुस्तैदी से समय रहते कार्रवाई हो गई, जिससे गांव में कोई अप्रिय घटना या जनहानि नहीं हुई। नदी का जलस्तर बढ़ने से बाहर आ रहे वन्यजीव रेंजर चतुर सिंह ने बताया कि बरसात के दिनों में लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और बहाव तेज हो जाता है। इसी तेज बहाव के कारण मगरमच्छ अक्सर रास्ता भटककर रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी मगरमच्छ या कोई दूसरा जंगली जानवर दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने या छेड़ने की गलती बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या सोन घड़ियाल रेस्क्यू टीम को खबर दें, ताकि वन्यजीव और इंसान दोनों सुरक्षित रहें।
रोड बनाते समय ही डाले स्टाम वाटर लाइन:निगम कमिश्नर बोले - बारिश के दौरान रखे विशेष सुरक्षा व्यवस्था
शहर में बन रही सड़कों का काम देखने के लिए नगर निगम कमिश्नर बुधवार को मैदान में उतरे। उन्होंने अलग-अलग जगह पर बन रही सड़कों के काम को देखा और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सदर बाजार से गुटकेश्वर महादेव मंदिर, अन्नपूर्णाण से रिंग रोड, मूसाखेड़ी सर्विस रोड निर्माण कामों को देखा। संबंधित एजेंसी को काम को जल्दी पूरा करने के साथ ही बारिश को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। काम के साथ में डाले स्टाम वाटर लाइन इसके बाद निगम कमिश्नर ने जम-जम चौराहे से स्टार चौराहे तक बन रही मास्टर प्लान की रोड को देखा। रोड बनाने के साथ ही पानी की निकासी को भी सुनिश्चित करने के लिए स्टाम वाटर लाइन काम के दौरान ही डालने को कहा है। निगम कमिश्नर ने इस दौरान निर्माण एजेंसी को काम तेजी से करने के निर्देश दिए हैं।
राजसमंद के जेतपुरा गांव में बुधवार को पिता के साथ 3 बेटों की चिता जली तो गांव में हर किसी की आंखें नम हो गईं। हालात ऐसे थे कि किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला। जो भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचा, वह खुद अपने आंसू नहीं रोक सका। मंगलवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित 200 फीट चौराहे के पास बेकाबू ट्रेलर ने सड़क किनारे बैठे चंद्रप्रकाश बागरिया (40) और उनके बेटे गोपाल (11), रमेश (10) और दीपक (8) को कुचल दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पिता ने हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में चंद्रप्रकाश की पत्नी कैलाशी देवी के दोनों पैर कुचले गए। दर्दनाक हादसे के बाद चारों के शव जेतपुरा पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। कोहराम के बीच पूरा गांव परिजनों को संभालने पहुंचा। नम आंखों और भारी मन से लोगों ने चारों को अंतिम विदाई दी। मृतक के बड़े भाई मीठालाल ने बताया- चंद्रप्रकाश जयपुर में झाड़ू बनाने का काम करता था। वह परिवार के साथ वापस राजसमंद लौटने के लिए बस का इंतजार कर रहा था, तभी हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि चंद्रप्रकाश के परिवार में 3 बेटों को खोने का गम है। अब उसके परिवार में एक 17 साल का बेटा दिव्यांग है, जबकि दूसरा 15 साल का है। हादसे से मिले गम को भूल पाना नामुमकिन है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मृतक के बड़े भाई मीठालाल से फोन पर बात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अब देखिए- वो तस्वीरें, जिसने हर आंख को नम कर दिया अब पढ़िए… हादसे की टाइमलाइन गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था परिवार हादसे का शिकार बागरी समाज का परिवार वैशाली नगर में गांधी पथ पर फुटपाथ पर रहता था। फुटपाथ पर झाड़ू बनाकर बेचता था। मंगलवार की सुबह गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान ट्रेलर रेलिंग को तोड़ते हुए माता-पिता और तीनों बच्चों को कुचल दिया। तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल माता-पिता को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर और खलासी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पर श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मृतकों और घायलों को नाले से निकाला। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को सड़क से हटाया गया। हादसे की 5 PHOTOS… हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। पूरी खबर पढ़िए लिफ्ट मांगी, उसी ट्रेलर ने कुचला, 4 की मौत, VIDEO:घर जाने के लिए हाईवे पर बने डिवाइडर पर खड़े थे, जानें- हादसे की 3 वजह जयपुर के कमला नेहरू नगर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। पूरी खबर पढ़िए
कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विनय नुरेटी और उसके सहयोगी मंजीत उसेंडी को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब हुई जब पीड़िता अपने स्कूल आई थी। आरोपी विनय नुरेटी अपने साथी मंजीत उसेंडी के साथ पीड़िता को स्कूल के पास से एक बोलेरो वाहन में ले गया था। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। प्रेम-जाल में फंसा कर जबरन शारीरिक संबंध बनाया जांच में पता चला कि आरोपी विनय नुरेटी कई महीनों से पीड़िता को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बना रहा था। इसी क्रम में आरोपी और उसके सहयोगी ने इस घटना को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय नुरेटी (21), पिता चैनू राम नुरेटी, निवासी ग्राम घुमासीमुंडा, अंतागढ़, कांकेर और मंजीत उसेंडी (29), पिता श्याम लाल उसेंडी, निवासी लाटापारा, अंतागढ़, कांकेर के रूप में हुई है। आरोपियों पर BNS और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपियों का पता लगाया और पीड़िता को सकुशल बरामद किया। दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अंतागढ़ थाने में अपराध क्रमांक 45/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 49, 64(2)(M), 65(1)3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 17, 18 के तहत कार्यवाही की गई। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।
गुरुग्राम में मामूली कहासुनी के बाद एक युवक पर चाकू से हमला कर घायल कर दिय गया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 6 जुलाई की रात को हुई थी, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी 8 जुलाई को की गई। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को सेक्टर-53 थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने दोस्त सागर के साथ सेक्टर-52 स्थित कोयल विहार की एक खाली जगह पर गया था। वहां पहले से तीन युवक शराब पी रहे थे। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। युवक के पेट में मारा चाकू विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों में से एक ने सागर के पेट में चाकू मार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। घायल युवक को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। थाना सेक्टर-53 की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 जुलाई को गांव घाटा की झुग्गियों से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान आदित्य (25) निवासी बांदा (उत्तर प्रदेश), पंकज (26), निवासी छतरपुर (मध्य प्रदेश) और देवेंद्र (19), निवासी हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। ये तीनों वर्तमान में गुरुग्राम के गांव घाटा में रह रहे थे। निजी कंपनी में काम करता है एक आरोपी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना के समय वे शराब पी रहे थे। इसी दौरान शिकायतकर्ता और उसके दोस्त के साथ उनकी कहासुनी हुई, जो हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोपी पंकज और देवेंद्र डिलीवरी का काम करते हैं, जबकि आदित्य एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की जाएगी। इसका उद्देश्य वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू को बरामद करना और मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा करना है।
बुरहानपुर में बिजली कंपनी द्वारा गुरुवार, 9 जुलाई को शहर के विभिन्न 11 केवी फीडरों पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इसके चलते अलग-अलग समय पर कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने की अपील की है। सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक 11 केवी एक्सप्रेस फीडर और 11 केवी हमीदपुरा फर्स्ट फीडर पर मेंटेनेंस किया जाएगा। इस दौरान नीलकमल प्रोसेस, बुरहानपुर क्लाथ वर्ल्ड, राजेश इंडस्ट्रीज, कैलाशपति टेक्सटाइल, महिंद्रा साइजिंग, हनुमान उद्योग, गार्डिया व लखोटिया टेक्सटाइल्स, जमालपुरा, बाजा फैक्ट्री, अंजनी प्रोसेस, सुपर साइजिंग, सलामत नगर, उपासना टेक्सटाइल्स, डीएल-16, डीपी लक्षमण सोनजी और बीटी प्रोसेस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। सुबह 9 से 11 बजे तक यहां रहेगी बिजली गुल सुबह 9 बजे से 11 बजे तक 11 केवी रेस्ट हाउस फीडर और 11 केवी मोटर स्टैंड फीडर पर मेंटेनेंस कार्य होगा। इसके कारण शिकारपुरा पानी की टंकी, प्रतापपुरा, पंचमुखी हनुमान मंदिर, सिलमपुरा बस स्टैंड, एलआईसी कार्यालय, मीरा हॉस्टल, संजय नगर पार्ट-ए, सिलमपुरा, जड़ियावाड़ी, राजपुरा, मुख्य डाकघर, तहसील कार्यालय, नेहरू अस्पताल, जय स्तंभ, गुजराती मार्केट से पांडुमल चौराहा, ज्ञानवर्धिनी सभागृह, टैंपो स्टैंड और प्रकाश टॉकिज क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली कटौती के समय में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकता है। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
टोंक के सदर थाना इलाके के चंदलाई गांव में बिजली करंट से एक किसान की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी तथा 50 लाख रुपए की सहायता देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। किसानों का कहना है कि मृतक के खेत के पास ही चल रही बकरा मंडी है। वहां कुछ तार पड़े थे, उनमें करंट आ रहा था। सूअरों को भगाने के दौरान किसान तारों के टच हो गया। इससे किसान की मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट मृतक के भाई राजाराम गुर्जर ने टोंक सदर थाने में दी है। जमीन पर फैले तारों से आया करंट रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई सीताराम गुर्जर (50)पुत्र गोपाल गुर्जर निवासी चन्दलाई अपने खेत में ही रहता था। वहां फसल की देखभाल करता था। 7 जुलाई 2026 को पास में ही वहां बकरा मण्डी चल रही थी। बकरा मंडी की वजह से खेत में सूअरों का आना जाना बना रहता है । उसका भाई खेत में से सुअरों को भगाने लिए खेत गया। इस दौरान वहां बिजली के टूटे पड़े तारों में उलझ गया और करंट से उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह वह खाना खाने घर नहीं लौटा तो बेटा खेत में गया। जहां उसके पिता के पैरों में लाइट के तार उलझे पाए गए। इन तारों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ रहा था। बकरा मंडी संचालकों पर लापरवाही का आरोप बाद में किसान के बेटे ने अन्य परिजनों को सूचना दी, फिर परिजन मौके पर पहुंचे और लाइट बंद करवाकर किसान को से सआदत अस्पताल लाए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बकरा मंडी संचालकों की लापरवाही अनियमितताओं के कारण खेत में करंट दौड़ने से सीताराम गुर्जर की मृत्यु हुई है। आश्वासन के बाद माने उसके बाद आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे ग्रामीणों और परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मृतक के आश्रितों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने, नौकरी देने, बकरा मंडी संचालन के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में सदर थाना प्रभारी जयमल समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। लेकिन ग्रामीण कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। बाद में पुलिस अधिकारियों ने कुछ लोगों को कलेक्टर टीना डाबी से मिलवाया। कलेक्टर ने जांच कमेटी बनाकर तीन दिन उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।उसके बाद दोपहर करीब साढ़े बारह बजे खत्म किया। फिर परिजनों ने शव लिया।
मेरठ में बुधवार शाम 4ः30 बजे प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज और हिरासत मारपीट अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर पुलिस और सरकार को घेरा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। नेताओं ने पीड़ित परिवार के साथ संवेदनशील व्यवहार और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से आम लोगों को परेशानी हुई थी। इसी वजह से लोगों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जबकि विपक्ष इस कार्रवाई पर लगातार सवाल उठा रहा है। अब पढ़िए किसने क्या लिखा…. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक्स (पहले ट्विटर) मामले का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भाजपा शासन में पुलिस अन्याय के नए-नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समुदाय की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की मांग उठाने वाले पीड़ित परिवार और अन्य लोगों पर प्रशासन द्वारा की गई मारपीट और लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। जब राज्य नेतृत्व स्वयं मृतक की मां के प्रति खुलेआम असंवेदनशीलता का उदाहरण पेश कर रहा है, तो उनकी पुलिस से किसी भी तरह की उम्मीद करना व्यर्थ है। 'तानाशाही भाजपा सरकार का दलित विरोधी रूप' वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे मुकेश सिद्वार्थ के पुत्र हिमांशु सिद्वार्थ ने अपने फेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि दलितों पर अत्याचार करते हुए मेरठ पुलिस कप्तान अविनाश पांडे। तानाशाही भाजपा सरकार का दलित विरोधी रूप। पूर्व विधायक योगेश वर्मा बोले- पुलिस द्वारा बल प्रयोग अत्यंत निंदनीय है मेरठ के बड़े दलित नेता और पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा- ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग अत्यंत निंदनीय है। यदि न्याय की मांग कर रहे परिजनों और समाज के लोगों को अपनी बात रखने के बजाय बल प्रयोग का सामना करना पड़े, तो यह चिंता का विषय है। हमारी मांग है कि ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच हो, तत्काल कार्रवाई की जाए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। न्याय और संवेदनशीलता के साथ इस पूरे मामले का समाधान होना चाहिए।
रायपुर जिले के अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्टोरेट के रेडक्रॉस कॉन्फ्रेंस हॉल में माय भारत जिला समन्वय समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि माय भारत युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, अपनी प्रतिभा दिखाने और समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देने का मंच देता है। उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का माय भारत पोर्टल पर पंजीयन कराने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सभी संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर बैठक में माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी ने बताया कि 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक विशेष पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा माय भारत पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह मंच युवाओं को स्वयंसेवा, कौशल विकास, नेतृत्व और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर देता है। माय भारत से जोड़ने का संकल्प बैठक में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामुदायिक विकास, कौशल संवर्धन और जनहित के अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल करने की रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीयन कराने और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस बैठक में मौजूद सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने परिसरों में अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत से जोड़ने का संकल्प लिया। इस दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शरतचंद्र शुक्ला, सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी, संयुक्त संचालक समाज कल्याण अरविंद गेडाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फलोदी के मेजर शैतान सिंह स्टेडियम में बुधवार को सर्वधर्म समाज सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में फलोदी जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत धार्मिक स्थलों पर की जा रही कार्रवाई का विरोध किया गया। सम्मेलन के बाद सर्वधर्म समाज के लोगों ने मेजर शैतान सिंह स्टेडियम से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लगाए आरोप सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करण सिंह उचियारड़ा ने राज्य और केंद्र सरकार पर धार्मिक मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राम मंदिर में हुई चोरी की घटना का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंदू और मुस्लिम समुदाय लंबे समय से भाईचारे के साथ रह रहे हैं। उनका आरोप था कि मौजूदा कार्रवाई से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। बोले- धार्मिक स्थलों को नुकसान नहीं होना चाहिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करना उचित नहीं है। उन्होंने कारगिल युद्ध से लेकर हाल के सैन्य अभियानों तक देश की रक्षा में सभी समुदायों के योगदान का उल्लेख किया। कांग्रेस नेता प्रकाश छंगाणी ने 1971 के युद्ध के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की भूमिका का जिक्र किया। वहीं कुंभ सिंह पातावत ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। पीसीसी सदस्य महेश व्यास ने सभी समुदायों से एकजुट रहने की अपील की, जबकि एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। इन वक्ताओं ने भी रखे विचार सम्मेलन को केआर मेघवाल, पूर्व सभापति पन्नालाल व्यास, मौलवी रहमतुल्ला, हाजी उमरदीन सिंधी, पवित्र सिंह विश्नोई, कीर्ति सिंह भील, नीरू परिहार, गुलाम मुल्ला, मेहबूब खान, भैराराम मकवाना, हरभज राम विश्नोई और गोरधन जयपाल सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीगोपाल व्यास और गोरधन जयपाल एडवोकेट ने किया। इस दौरान जयप्रकाश पुरोहित, एडवोकेट सतीश विश्नोई, अशोक व्यास, पूर्व पार्षद सत्यनारायण गुचिया, प्रेमसिंह राजपुरोहित, रेशमाराम विश्नोई, मोमराज विश्नोई सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सर्वधर्म समाज के लोग मौजूद रहे।
शिवपुरी के ककरवाया गांव में जिला प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष अनिल 'अन्नी' शर्मा से जुड़े भैया होटल और उससे लगी शासकीय भूमि पर संचालित अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने ढाबे को ध्वस्त कर दिया, जबकि मुख्य भैया होटल को सील कर दिया। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व में राजस्व, आबकारी, खनिज, खाद्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ककरवाया स्थित भैया होटल पर छापामार कार्रवाई की। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि सर्वे नंबर 872/1 की शासकीय भूमि को दारासिंह पुत्र बारेलाल परिहार ने निजी भूमि बताकर किराए पर दे रखा था। इस भूमि पर अवैध रूप से ढाबा संचालित किया जा रहा था। भूमि शासकीय पाए जाने पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाकर ढाबे को ध्वस्त कर दिया। साथ ही दारासिंह पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। होटल से अवैध शराब बरामद संयुक्त जांच के दौरान मुख्य भैया होटल में कई अनियमितताएं सामने आईं। आबकारी विभाग ने होटल परिसर से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद कर जब्त की और आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी। खाद्य विभाग की टीम ने होटल के किचन में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग होते पाया। मौके से छह घरेलू गैस सिलेंडर, दो व्यावसायिक भट्टियां और पांच किलोग्राम क्षमता का एक गैस सिलेंडर जब्त किया गया। होटल प्रबंधन गैस उपयोग से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी वितरण संबंधी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर होटल के किचन और डाइनिंग हॉल को सील कर दिया गया। खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके से अवैध उत्खनन एवं परिवहन में उपयोग की जा रही एक जेसीबी, एक डंपर और एक ट्रॉली भी जब्त की। मामले में संबंधित विभागों ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
जींद जिले के जुलाना कस्बे की अग्रसेन धर्मशाला में एक शादी समारोह के दौरान हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ हुए विवाद, मारपीट और फायरिंग के मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्राह्मणवास निवासी विकास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 जुलाई 2026 की रात अग्रसेन धर्मशाला में उनके चाचा की बेटी का विवाह समारोह चल रहा था। परिवार के सभी सदस्य वहां मौजूद थे। कमरे में बैठे लोगों ने की गाली-गलौज इसी दौरान उनके छोटे भाई मासूम शर्मा, जो एक गायक हैं, अपनी बहन प्रिया से मिलने कमरे में गए। पास के कमरे में कुछ लोग शराब पी रहे थे और उनके पास हथियार भी थे। उन लोगों ने मासूम शर्मा के साथ गाली-गलौज की। मासूम शर्मा के साथ मौजूद हरियाणा पुलिस के एक जवान ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद हथियार निकालकर हाथापाई शुरू कर दी गई। मासूम शर्मा वहां से जान बचाकर भागे तो आरोपियों ने उनका पीछा किया। शिकायतकर्ता के बेटे से मारपीट, जान से मारने की धमकी शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने विकास के बेटे लक्ष्य शर्मा को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्तिक नामक युवक ने मासूम शर्मा को तीन दिन के भीतर जान से मारने की धमकी दी और किसी बड़े गैंग से संबंध होने की बात कही। पुलिस ने विकास की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
बालाघाट में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस बीच बालाघाट जनपद के तहत आने वाली नैतरा पंचायत में नाले के बिल्कुल किनारे बन रहे सामुदायिक भवन का स्ट्रक्चर पानी में पूरी तरह डूब गया। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद, बुधवार को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के इंजीनियर एम.के. इक्का ने निर्माण वाली जगह का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शिकायत करने वाले पूर्व सरपंच रामकिशोर रनगिरे, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कई ग्रामीण भी वहां मौजूद रहे। पूर्व सरपंच रनगिरे ने अधिकारी को बताया कि इस नाले के पास पानी भरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। यहां पिछले कई सालों से भारी बारिश के दौरान बाढ़ की स्थिति बनती है। अगर सामुदायिक भवन इसी जगह पर बनाया गया, तो बारिश के मौसम में यह ग्रामीणों के किसी काम नहीं आ पाएगा और सरकारी पैसा बर्बाद जाएगा। उन्होंने अधिकारी को चेतावनी भी दी कि भवन को पानी से बचाने के लिए अगर सुरक्षा दीवार बनाई गई, तो उससे आस-पास के इलाके को और ज्यादा नुकसान हो सकता है। अब गेंद पंचायत के पाले में, सरपंच नहीं दे पाए सही जवाब बाढ़ के पानी में डूबे स्ट्रक्चर को देखने पहुंचे इंजीनियर एम.के. इक्का ने साफ किया कि अब इस मामले में अंतिम फैसला ग्राम पंचायत को ही लेना है। पंचायत अपनी बैठक बुलाकर जो भी निर्णय लेगी, उसके बारे में हमें बताए। दूसरी तरफ, नैतरा पंचायत के सरपंच संतोष लिल्हारे ने जलभराव का अजीब बहाना बनाते हुए कहा कि नाले में कचरा और पत्तों के जमा होने से पानी रुक गया था। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि यहां तो सालों से यही स्थिति बनती है, तो वे कोई सही जवाब नहीं दे पाए। बैठक के सवाल पर सरपंच ने कहा कि वे पंचायत सदस्यों के साथ बैठक करने के बाद ही आगे का कोई फैसला लेंगे। 47 लाख की लागत से बन रहा है भवन गौरतलब है कि ग्राम पंचायत नैतरा में इस सामुदायिक भवन का निर्माण 47 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से किया जा रहा है। इस साल हुई तेज बारिश ने पूरे गाँव को टापू बना दिया, जिससे नाले से सटकर बन रहे इस भवन का आधा हिस्सा पानी में समा गया। इस घटना के बाद से ही इसके निर्माण की जगह (लोकेशन) को लेकर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
झुंझुनूं SP काव्येंद्र सागर ने कहा- केवल कानूनों का होना ही काफी नहीं है, बल्कि उन कानूनों को सुरक्षा चक्र में बदलने के लिए समाज और पुलिस के बीच लगातार संवाद होना भी जरूरी है। एसपी काव्येंद्र बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित 'संवाद और सम्मान' कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में पुलिस, NGO के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिला सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता SP काव्येंद्र सागर ने कहा- महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता के शीर्ष पर है। कानून के पास ताकत है लेकिन उसे असरदार बनाने का काम आमजन की जागरूकता करती है। हमारा उद्देश्य पुलिस और महिलाओं के बीच की दूरी को मिटाना है। ताकि हर महिला निडर होकर अपनी बात कह सके। हम एक ऐसा वातावरण तैयार कर रहे हैं जहां तकनीक और आपसी संवाद मिलकर अपराध को पनपने ही न दें। महिला सुरक्षा को लेकर झुंझुनूं पुलिस अब एक नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को संकट के समय मददगार साबित होने वाले इन डिजिटल टूल्स और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी- 'प्रहरी' बनीं महिला वॉलन्टियर्स: समाज के प्रति जिम्मेदारी इस कार्यक्रम ने महिला सशक्तिकरण के एक नए अध्याय की शुरुआत की है, जिसमें सुरक्षा सखी, साथिन, महिला अधिवक्ता और स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक ने इन सभी को 'सकारात्मक दूत' बताया। कार्यक्रम के अंत में थाना स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला वॉलन्टियर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके प्रयासों को सराहा गया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। ये रहे मौजूद इस संवाद कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) देवेन्द्र सिंह राजावत, वृताधिकारी (शहर) गोपाल सिंह ढ़ाका, वृताधिकारी (ग्रामीण) हरिसिंह धायल, अम्बिका चौधरी (आरपीएस प्रोबे.) सहित जिले के गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मन्दसौर जिले की मल्हारगढ़ थाना पुलिस ने 50 लाख रुपये मूल्य की 500 ग्राम एमडी ड्रग्स तस्करी के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 3 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे बुधवार को अहमदाबाद से दबोचकर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर जिलेभर में अवैध मादक पदार्थों के मामलों में फरार आरोपियों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मल्हारगढ़ थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी के नेतृत्व में एक टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आमिर पिता मुनव्वर खान (36) निवासी अंसार नगर, हुसैनी चौक, रखियाल रोड, अहमदाबाद (गुजरात) के रूप में हुई है। वह मल्हारगढ़ थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 96/2025 में धारा 8/22 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत वांछित था। फरार चल रहा था आरोपी पुलिस के अनुसार, यह मामला 500 ग्राम एमडी ड्रग्स की बरामदगी से संबंधित है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई थी। आरोपी घटना के दिन से ही फरार चल रहा था। आरोपी की लगातार गिरफ्तारी न होने पर न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया। टीआई अनिल रघुवंशी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जींद में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा हरियाणा के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को जींद-गोहाना-सोनीपत रेलखंड पर हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बुधवार को गोहाना स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में हरियाणा के सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक ली। बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने, अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से चलाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ को बताया ऐतिहासिक बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद-गोहाना-सोनीपत रेलखंड पर शुभारंभ भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। यह उपलब्धि केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को जींद पहुंचाने का आह्वान डॉ. अरविंद शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 17 जुलाई को होने वाली विशाल जनसभा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाए, ताकि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम ऐतिहासिक और सफल बन सके। उन्होंने संगठन की मजबूती और जनसंपर्क बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। एसआईआर अभियान की समीक्षा, पात्र मतदाताओं तक पहुंचने के निर्देश बैठक में विधानसभा क्षेत्र में चल रहे निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने, त्रुटियों के सुधार और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक अभियान तेज करने और पात्र मतदाताओं को समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। घर-घर संपर्क कर अभियान सफल बनाने की अपील डॉ. अरविंद शर्मा ने स्पष्ट कहा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करे और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करवाने में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। बैठक में डॉ. रीटा शर्मा, मंडल अध्यक्ष प्रवीण खुराना, अरुण बड़ौक, सुमित कक्कड़, हरकेश सरपंच, मोहन कश्यप, सोनू पंच, सुभाष सैनी सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

