केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को रतलाम के सीजीएसटी कार्यालय में असिस्टेंट कमिश्नर शंकर परमार को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। अधिकारी पर एक व्यापारी की फर्म के खिलाफ जीएसटी कार्रवाई नहीं करने के बदले में 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। मंगलवार शाम करीब 5.30 बजे सीबीआई टीम ने जाल बिछाकर बिचौलिए के माध्यम से 1.50 लाख रुपए लेते परमार को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई भोपाल की कार्रवाई सीबीआई भोपाल के अनुसार- 30 जनवरी को व्यापारी ने शिकायत की थी कि असिस्टेंट कमिश्नर कार्रवाई रोकने के एवज में घूस मांग रहे हैं। जांच में यह सही पाए जाने पर ट्रैप प्लान किया। आरोपी ने बिचौलिए सुरेश मनसुखानी के जरिए रिश्वत की मांग की थी।
मेट्रो खुदाई से खतरा...:रेड सी प्लाजा और होटल राजश्री खाली हो सकते हैं
भोपाल में मेट्रो की अंडरग्राउंड खुदाई शुरू होते ही शहर के सबसे व्यस्त कमर्शियल इलाके अल्पना तिराहा पर असर दिखने लगा है। यहां स्थित रेड सी प्लाजा और होटल राजश्री को खाली कराने की नौबत आ सकती है। बिल्डिंग कंडीशन सर्वे में दोनों इमारतों की स्थिति कमजोर पाई गई है, जिससे टनलिंग के दौरान नुकसान का खतरा जताया गया है। मेट्रो निर्माण एजेंसी के सर्वे में सामने आया है कि दोनों भवन काफी पुराने हैं और इनमें कई जगह दरारें हैं। 24 मीटर गहराई पर चल रही टनलिंग के दौरान होने वाले कंपन से इन इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसी के चलते मेट्रो प्रबंधन ने नगर निगम को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। अब नगर निगम इन भवनों का अपना स्वतंत्र सर्वे करेगा। यदि जांच में भी इमारतें असुरक्षित पाई जाती हैं, तो इन्हें खाली कराने के साथ आगे ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया जा सकता है। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, मेट्रो प्रबंधन का पत्र मिला है और निगम की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। कोशिश है कि निर्माण कार्य बिना बाधा तय समय पर पूरा हो। बता दें कि इधर, मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से खुदाई का काम शुरू हो चुका है। रेड सी प्लाजा में रोज हजार लोगों की आवाजाही, इसमें 80 से 85 ऑफिस, दुकानें और होटल भी मेट्रो 11 महीने में पहले सर्वे कर चुका, निगम को दो महीने पहले बता चुका, अब टनलिंग के दौरान दरारें आनें लगी तो खुला मामला मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इतने बड़े दो भवनों को जर्जर घोषित करने की प्रक्रिया करीब 11 महीने पहले शुरू हुई थी। जब डीपीआर बनी तो उसमें अंडरग्राउंड स्टेशन का अलाइनमेंट तय हुआ, जिसके जरिए रूट फाइनल किया गया था। वर्ष 2024 में निर्माण एजेंसी तय की गई, जिसके बाद उसने रूट में भवनों का बिल्डिंग कंडीशन सर्वे शुरू किया। सर्वे 11 महीने पहले पूरा हुआ। दो महीने पहले निगम को पत्र लिखा जा चुका।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का दायरा एक सप्ताह में अधिसूचित होने वाला है। इसकी पूरी तैयारी हो गई है। भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने 2510 गांवों की सूची के साथ 12,098 वर्ग किमी क्षेत्रफल तय कर दिया है। जमीन के लिहाज से सीहोर और राजगढ़ का क्षेत्र भोपाल से भी ज्यादा है। सबसे कम हिस्सा नर्मदापुरम का है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन की अधिसूचना जारी होने के बाद शासन स्तर पर प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी और कर्मचारियों का सेटअप तैयार होगा। इसमें छह माह का वक्त लग सकता है। इसके बाद कामकाज शुरू होगा। अधिसूचना जारी करने में इंदौर से भोपाल आगे निकल रहा है। मध्य प्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को मई 2025 में कैबिनेट की मंजूरी मिली और अगस्त 2025 में विधानसभा से इसे पारित किया गया। इसी के बाद दायरा तय करने का काम बीडीए को दिया गया। पांच से छह माह की वर्किंग के बाद बीडीए ने इसे शासन को भेज दिया। अब दायरे की अधिसूचना जारी होगी। भोपाल जिले में बैरसिया (210 गांव), हुजूर (257 गांव) और कोलार (60 गांव) तहसील इसमें शामिल है। ये बड़े फायदे होंगे 1. मास्टर प्लान और व्यवस्थित विकास : पूरे क्षेत्र के लिए एक समान मास्टर प्लान बनेगा। भोपाल, सीहोर, रायसेन और विदिशा में सड़क, सीवरेज और बिजली का नेटवर्क एक ही योजना के तहत विकसित होगा, जिससे अनियोजित कॉलोनियों और अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी।2. बड़ा बजट : भोपाल को नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और विशेष शहरी विकास फंड से ज्यादा फंड मिलेगा। रिंग रोड, फ्लाईओवर व सार्वजनिक परिवहन का विस्तार तेज होगा।3. मेट्रो और बेहतर कनेक्टिविटी : मेट्रो का विस्तार शहर से आगे मंडीदीप, सीहोर और बैरागढ़ तक संभव होगा। भोपाल-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच सफर का समय भी घटेगा। 4. रियल एस्टेट और निवेश में उछाल : एकीकृत प्रशासन से उद्योगों और आईटी कंपनियों को जमीन आवंटन आसान होगा। हुजूर, आष्टा और मंडीदीप जैसे बाहरी इलाकों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमत बढ़ेगी।5. प्रशासन और सेवाओं का एकीकरण : नगर निगम और पंचायतों के बीच समन्वय बेहतर होगा। कचरा प्रबंधन, पानी सप्लाई और ट्रैफिक जैसे काम एक ही सिस्टम से संचालित होंगे, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
वाराणसी में निर्धारित समय के एक दिन पहले ही यूपी बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया। यहां चार केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कापियों का मूल्यांकन हो रहा था। 18 मार्च से चल रहे मूल्यांकन के दौरान कुल 5,99,995 कापियों जांची गई। जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से बताया गया है कि हाईस्कूल में 3,46,412 कापियां और इंटरमीडिएट में 2,53,583 कापियों का मूल्यांकन कार्य किया गया है। प्रदेश के 117 केंद्रों पर पूरा हुआ कार्य उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से बताया गया है कि पूरे प्रदेश में कुल 192 मूल्यांकन कार्य बनाए गए थे जिसमें मंगलवार शाम तक 117 मूल्यांकन केंद्रों पर कापी जांचने का कार्य पूरा हो चुका है जिसमें वाराणसी के चार केंद्र शामिल हैं। जनपद में पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, पीएम श्री प्रभु नारायण इंटर कालेज, भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कालेज और जेपी मेहता नगर निगम इंटर कालेज शामिल है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आएगा रिजल्ट परीक्षा परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आएगा। दरअसल, बीते वर्ष यूपी बोर्ड ने 26 अप्रैल को परिणाम घोषित किया था, इस बार उसके पहले ही परीक्षा परिणाम घोषित करने की तैयारी है। दरअसल, यह परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक आयोजित हुई थी। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की सख्त गाइडलाइन के अनुसार, प्रदेश में 254 केंद्रों पर एक अप्रैल तक कापियां जांची जाएंगी। इसी तरह बोर्ड की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि मूल्यांकन के बाद 15% उत्तरपुस्तिकाओं का आडिट करने के लिए पहली बार आनलाइन आडिटर नियुक्त किए गए हैं। बता दें कि मूल्यांकन के लिए प्रदेश में 1.31 लाख परीक्षक नियुक्त किए गए थे।
पंजाब में अब आठवीं क्लास में बिना बर्थ सर्टिफिकेट के स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिलेगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड(PSEB) सरकारी व प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल्स को स्पष्ट कह दिया कि बिना डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट के किसी को एडमिशन न दें। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित प्राइवेट व सरकारी स्कूलों को अब आठवीं कक्षा से ऊपर के के सभी स्टूडेंट्स का ऑनलाइन एडमिशन रजिस्टर तैयार करना होगा। सातवीं क्लास पास करके आठवीं में प्रवेश करने वाले सभी स्टूडेंट का डेटा ऑनलाइन एडमिशन रजिस्टर में चढ़ाया जाएगा। स्कूल प्रिंसिपल आठवीं क्लास में एडमिशन करते वक्त स्टूडेंट के डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट का रजिस्ट्रेशन नंबर ऑनलाइन एडमिशन रजिस्टर में फीड करना होगा। उसके बाद बर्थ सर्टिफिकेट की ऑटो वेरिफिकेशन हो जाएगा। वहीं दूसरे राज्यों से आने वाले स्टूडेंट्स से भी प्रिंसिपल को बर्थ सर्टिफिकेट लेना जरूरी है लेकिन उसकी वेरिफिकेशन करवाना स्कूल प्रिंसिपल की जिम्मेदारी होगी। प्रिंसिपल उस अथॉरिटी से सर्टिफिकेट वेरिफाई करवाएंगे जिसने सर्टिफिकेट इश्यू किया होगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आठवीं कक्षा के एडमिशन के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपल्स को हिदायतें दी हैं कि एक अप्रैसल से आठवीं कक्षा और उससे ऊपर की क्लासेज के दाखिले ऑनलाइन मोड पर किए जाएंगे। शिक्षा सत्र 2026-27 के एडमिशन के लिए जारी गाइड लाइन्स… स्कूल संचालक बोले, बर्थ सर्टिफिकेट की शर्त गलत स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने बताया कि आरटीई के तहत आठवीं कक्षा तक के स्टूडेंट के एडमिशन के लिए कोई भी दस्तावेज अनिवार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक दाखिले से पहले पैरेंट्स बर्थ सर्टिफिकेट न होने की स्थिति में सेल्फ डेकलारेशन देते थे। उसके आधार पर ही एडमिशन हो जाता था। उन्होंने कहा कि बर्थ सर्टिफिकेट कंपलसरी करना आरटीई का उल्लंघन है।
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में बन रहे भगवान गणेश के 7 किलो सोने के मुकुट का काम अटक गया है, क्योंकि जब इस काम की शुरुआत की गई थी। उस वक्त सोने की कीमत कम थी। मगर भाव और मजदूरी बढ़ने के कारण ये काम अटक गया है। इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के भी मुकुट अभी नहीं बन पाए हैं। आपको बता दें कि खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणेश के नए सोने के मुकुट बनाने के लिए काम तेजी से किया गया था। मंदिर में जो पुराने मुकुट थे, जिनका इस्तेमाल कर और दानदाताओं के सहयोग से नए मुकुट तैयार किए जाने थे। इसके लिए एक समिति का भी गठन किया गया था। डिजाइन भी हो गई थी फाइनल मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि नए मुकुट को लेकर सभी कवायदे हो चुकी थी। एक समिति का भी गठन हो गया था। यहां तक की मुकुट की डिजाइन भी फाइनल हो गए थे। डिजाइन फाइनल करने के बाद उस वक्त चांदी में भगवान का मुकुट तैयार किया गया था, ताकि फाइनल डिजाइन तय करने और मुकुट की फिटिंग ली जा सके। चांदी का मुकुट बनाकर फिटिंग भी ले ली गई थी। जिसके बाद सोने का मुकुट तैयार किया जाना था। सोने की कीमत बढ़ने और मजदूरी बढ़ने से आ गए रुकावट उन्होंने बताया कि जिस वक्त ये काम होना था उस समय सोने की कीमत 65 से 70 हजार रुपए तोला था। मगर अचानक सोने के भाव बढ़ने लगे ओर सोना डेढ़ लाख रुपए तोला तक पहुंच गया। इस कारण मुकुट बनाने में रुकावट आ गई है। इस काम में जो दानदाता सहयोग कर रहे थे। मगर मजदूरी भी बढ़ गई। इस कारण अभी मुकुट का काम रुका हुआ है। इस काम की मजदूरी भी लगभग तीन गुना हो गई है। गणेश परिवार के लिए बनना थे स्वर्ण मुकुट पं.भट्ट ने बताया कि खजराना गणेश में भगवान गणेश, रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ ऐसे पांच सोने के मुकुट बनना थे। भगवान गणेश का सोने का मुकुट लगभग 7 किलो का बनना था। मंदिर प्रबंधन समिति के पास 5 किलो सोना उपलब्ध है। मगर सोने की कीमत बढ़ने से सोने के मुकुट का काम अटक गया है। बता दे कि खजराना गणेश मंदिर लाखों भक्ति की आस्था का केंद्र है। जहां रोजाना हजारों भक्त दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। दानदाताओं से की अपील इधर, सोने के मुकुट का काम पूरा कराने के लिए पं.भट्ट ने दानदाताओं से अपील की है कि वे खुलकर दान करें, ताकि ये प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सके और भगवान गणेश का सहित पांचों सोने के मुकुट तैयार हो सके। बता दें कि भगवान को स्वर्ण मुकुट और सोने की अन्य ज्वेलरी खास मौके पर ही पहनाई जाती है या कहा जाए कि भगवान का स्वर्ण श्रृंगार किया जाता है।
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में बुधवार को भी 2 जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। जयपुर सहित आसपास के एरिया में आज सुबह से घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवा चल रही है। वहीं, 2 अप्रैल से फिर एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने और उससे बारिश का दौर शुरू होने का अलर्ट है। राजस्थान में मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों को नुकसान हुआ है। 10 से ज्यादा जिलों में हुई बरसात पिछले 24 घंटे में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, टोंक समेत कई जिलों के मौसम में दोपहर बाद बदलाव हुआ। इन एरिया में मंगलवार सुबह आसमान साफ रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही आसमान में बादल छाने लगे। हनुमानगढ़, चूरू, श्रीगंगानगर के कई इलाकों में ओले गिरे और बारिश हुई। राजधानी जयपुर के आसपास के एरिया में भी दोपहर बाद बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। मंगलवार दिन में सबसे अधिक अधिकतम तापमान कोटा, चित्तौड़गढ़ में 37.9 और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 20 से ज्यादा जिलों में होगी बरसात बीते कई दिनों से हो रही बरसात और ओले गिरने श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। कल से एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। इसके असर से अप्रैल के शुरुआती दिनों में भी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बरसात हो सकती है।
बस्तर से ‘बाड़ी’ तक शांति की नई सुबह
तस्वीर बीजापुर जिले के पैडलोर्मा गांव की है। इस क्षेत्र की मिट्टी को लाल आतंक बेकसूरों के रक्त से लाल करता रहा। आखिरकार केंद्र सरकार ने बस्तर के सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त होने का ऐलान किया तो यहां की फिजा खुशियां से सराबाोर हो गई। 31 मार्च को स्कूली बच्चों ने नक्सलवाद से ‘आजादी’ की नई सुबह के जश्न में तिरंगे थामे। ये खुशी बीजापुर या छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। भास्कर नक्सलवाद की शुरुआत वाले नक्सलबाड़ी तक पहुंचा, जहां लोग तो नक्सलवाद पर बात तक नहीं करना चाहते।
इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने भरोसे का फायदा उठाकर कार हड़प ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी पीड़ित का पहले से दोस्त है। पुलिस के मुताबिक, मोहित सूर्यवंशी निवासी श्याम नगर, सुखलिया की शिकायत पर आरोपी फैजान शाह पिता इसराह शाह, निवासी सम्राट नगर, खजराना के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी फैजान, मोहित से उसके पिता के नाम पर रजिस्टर्ड मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर (कार नंबर MP09ZJ2262) लेकर गया और वापस नहीं की। मोहित ने बताया कि वह निजी नौकरी करता है। फैजान ने नवंबर 2025 में कहा था कि उसे शादी में देवास जाना है और वह दो दिन बाद कार लौटा देगा। दो दिन बाद जब कार वापस नहीं मिली तो मोहित ने फैजान को कॉल किया। इस पर उसने कहा कि कार उसके पास सुरक्षित है और कुछ दिन में लौटा देगा। बाद में पता चला कि कार गिरवी रख दी मोहित लगातार फैजान से संपर्क करने की कोशिश करता रहा। बाद में संपर्क होने पर फैजान ने बताया कि उसने कार गिरवी रख दी है। इतना ही नहीं, उसने कार वापस करने से इंकार कर दिया और धमकाया भी। कई बार समझाइश देने के बावजूद उसने बात नहीं मानी। परेशान होकर मोहित ने लिखित शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। अन्य मामलों की भी आशंका पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि फैजान इस तरह के मामलों में पहले भी शामिल रहा है और उसने अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
भोपाल जीएमसी में आज पेन डाउन आंदोलन:सीधी भर्ती से नाराज मेडिकल टीचर्स, डीन को सौंपा बहिष्कार पत्र
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब चिकित्सा शिक्षकों (मेडिकल टीचर्स) ने खुला मोर्चा खोलते हुए एक अप्रैल को जीएमसी के एडमिशन ब्लॉक में दोपहर 12 से 1 बजे तक पेन डाउन आंदोलन का ऐलान किया है। यह विरोध जीएमसी के पात्र कैंडिडेट्स द्वारा किया जा रहा है। प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (पीएमटीए) के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह अवैधानिक है और इससे चिकित्सा शिक्षकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पीएमटीए का प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को सीधे सरकार तक ले जाने की तैयारी में है। एक अप्रैल को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है। पेन डाउन आंदोलन से बढ़ेगा दबाव शिक्षकों ने एक अप्रैल को दोपहर 12 से 1 बजे तक जीएमसी के एडमिशन ब्लॉक में पेन डाउन आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान सभी शिक्षक काम बंद कर विरोध दर्ज कराएंगे। जीएमसी से जारी विज्ञापन में प्रोफेसर के 4 और एसोसिएट प्रोफेसर के 5 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। जबकि शिक्षकों का कहना है कि इन पदों को नियमानुसार पदोन्नति से भरा जाना चाहिए। पहली बार संस्थान के अंदर से विरोध मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी भर्ती प्रक्रिया का विरोध स्वयं उसी संस्थान के पात्र अभ्यर्थियों ने किया है। गांधी मेडिकल कॉलेज में जारी ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ के विज्ञापन के खिलाफ मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमडीए) ने कड़ा रुख अपनाया है। फॉरेंसिक मेडिसिन सभागार में आयोजित एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग में 42 पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से इस भर्ती प्रक्रिया का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। बैठक में साफ कहा गया कि वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति केवल विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) के माध्यम से ही होनी चाहिए। शिक्षकों ने अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए कई न्यायिक उदाहरण भी प्रस्तुत किए। ग्वालियर के जीआरएमसी में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पदों पर सीधी भर्ती को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसी तरह खंडवा मेडिकल कॉलेज के मामले में भी न्यायालय का फैसला शिक्षकों के पक्ष में आया, जबकि रतलाम मेडिकल कॉलेज में इस मुद्दे पर फिलहाल स्टे लगा हुआ है। इन उदाहरणों के आधार पर शिक्षकों ने वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को अवैधानिक बताया। निंदा प्रस्ताव पास, निरस्तीकरण की मांग बैठक में सीधी भर्ती के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई गई। शिक्षकों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से सर्विस प्रोटेक्शन खत्म हो जाएगा, जिससे भविष्य में प्रमोशन और वेतन लाभों में भारी असमानता पैदा होगी। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों को नजरअंदाज कर सीधी भर्ती लागू करना न्यायसंगत नहीं है। बैठक के बाद सभी पदाधिकारी अधिष्ठाता (डीन) कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान केवल सामूहिक विरोध ही नहीं, बल्कि पात्र शिक्षकों ने व्यक्तिगत रूप से भी लिखित बहिष्कार पत्र जमा किए।
भोपाल के न्यू मार्केट स्थित शनि मंदिर में हनुमान जयंती पर श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ रही है। यहां हनुमंत लाल की विशाल मूर्ति, पीपल के पेड़ से जुड़ी अनोखी मान्यता और मन्नत पूरी होने पर चिमटे चढ़ाने की परंपरा इसे शहर के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल करती है। स्वप्न से हुई स्थापना, 30-40 साल पुराना मंदिर मंदिर के पुजारी पंडित अरुण बुचके महाराज के अनुसार, यह स्थल करीब 30 से 40 वर्ष पुराना है। इसकी शुरुआत एक आध्यात्मिक अनुभव से जुड़ी है, जब उन्हें स्वप्न में यहां आने का संकेत मिला। इसके बाद उन्होंने यहां सेवा शुरू की और धीरे-धीरे मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती चली गई, जिससे यह जागृत धाम के रूप में स्थापित हो गया। ‘वासुदेव महाराज’ पीपल पेड़ की अनोखी मान्यता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता ‘वासुदेव महाराज’ के नाम से प्रसिद्ध पीपल का पेड़ है। मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने के बाद जब भक्त की इच्छा पूरी होती है, तो वे चिमटा चढ़ाते हैं। ये चिमटे पेड़ पर इस तरह टिके रहते हैं कि गिरते नहीं, चाहे तेज बारिश या हवा ही क्यों न हो। इसे भक्त चमत्कार के रूप में देखते हैं। एक भक्त की मन्नत से शुरू हुई परंपरा पंडित अरुण बुचके महाराज बताते हैं कि करीब 20-30 साल पहले एक भक्त को सपना आया था, जिसके बाद वह यहां मन्नत मांगने पहुंचा। उसकी इच्छा पूरी होने पर उसने चिमटा चढ़ाया। इसके बाद यह परंपरा शुरू हुई और आज हजारों की संख्या में चिमटे पेड़ पर चढ़ाए जा चुके हैं। महिलाएं पीपल के पेड़ पर सूत बांधती हैं और उसी में चिमटे स्थापित कर दिए जाते हैं। शनिवार और शनि जयंती पर उमड़ती है भीड़ मंदिर में हर शनिवार को एक से दो हजार तक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पंडित अरुण बुचके महाराज के अनुसार, शनि जयंती पर यहां विशेष आयोजन होते हैं, जिसमें हर साल करीब दो लाख अंगूठियां श्रद्धालुओं को निशुल्क वितरित की जाती हैं। हनुमान जयंती पर विशेष पूजन और भंडारा हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर में सुबह भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद करीब 11 बजे आरती और पूजन होता है। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। पंडित अरुण बुचके महाराज का कहना है कि इस आयोजन के लिए किसी प्रकार का प्रचार या चंदा नहीं लिया जाता, बल्कि व्यवस्थाएं श्रद्धा और भगवान की कृपा से ही संचालित होती हैं।
स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द राहत मिलने वाली है। रायपुर रेलवे मंडल 6 अप्रैल से स्लीपर कोच में चादर और तकिया (बेडरोल) की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने दुर्ग से चलने वाली 10 प्राइमरी ट्रेनों के लिए पांच साल का टेंडर जारी कर दिया है। पहले चरण में 6 अप्रैल से दुर्ग-अंबिकापुर और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यह सुविधा शुरू की जाएगी। 10 अप्रैल तक दुर्ग से चलने वाली सभी ट्रेनों में यह सुविधा मिलने लगेगी। यात्रियों को इस सुविधा के लिए अलग से भुगतान करना होगा। इसके लिए 70 रुपए चार्ज किया जाएगा। इसमें 2 चादर, 1 तकिया, 1 कवर होगा। अब तक स्लीपर कोच में बेडरोल देने की सुविधा नहीं थी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस नई सुविधा से स्लीपर कोच में लंबी दूरी तक सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। बेडरोल देने से पहले एजेंसी यात्री का पीएनआर और बर्थ क्रमांक नोट करेगी, उसके बाद बेडरोल देगी। बेडरोल रखने के लिए रेलवे, ठेका एजेंसी को प्रत्येक ट्रेन में दो बर्थ देगा। एजेंसी ने इसके लिए कोच क्रमांक एस-4 या 3 की डिमांड की है। दुर्ग से चलने वाली इन ट्रेनों से शुरुआतरायपुर रेलवे मंडल से करीब 19 प्राइमरी ट्रेनें संचालित होती हैं। सूत्रों की मानें तो 9 ट्रेनों में स्लीपर कोच नहीं है। इसलिए 10 एक्सप्रेस ट्रेनों में इसे लागू किया गया है। इसमें दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति, दुर्ग-उधमपुर, निजामुद्दीन-दुर्ग, उधमपुर-दुर्ग, दुर्ग- उधमपुर, दुर्ग- अजमेर, अजमेर- दुर्ग, दुर्ग-अजमेर, अजमेर-दुर्ग, दुर्ग-भोपाल अमरकंटक, भोपाल-दुर्ग अमरकंटक, दुर्ग नौतनवा, नौतनवा- दुर्ग, दुर्ग-बेतवा, बेतवा-दुर्ग एक्सप्रेस, दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस, नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस, दुर्ग-अंबिकापुर, अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। रखरखाव और चोरी रोकना, सबसे बड़ी चुनौती रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेडरोल के रखरखाव और चोरी को रोकने की होगी। वर्तमान में एसी कोच में एक अटेंडर के जिम्मे दो-दो कोच की जिम्मेदारी है, जिससे बेडरोल की निगरानी करना मुश्किल हो जाता है। रात के समय यात्री बीच-बीच में स्टेशनों पर उतरते रहते हैं, जिससे चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। स्लीपर कोच में यह सुविधा शुरू होने पर बेडरोल रखने की जगह, अतिरिक्त अटेंडर की नियुक्ति करना भी रेलवे के लिए चुनौतीपूर्ण होगी। 6 अप्रैल से सुविधा होगी शुरूस्लीपर कोच में बेडरोल के लिए कंपनी नियुक्त कर दी गई है। एक सप्ताह में इसे लागू कर दिया जाएगा। रेलवे सबसे पहले दुर्ग-अंबिकापुर और संपर्क क्रांति में लागू किया गया है। इसके बाद धीरे-धीरे दुर्ग से बनकर जाने वाली सभी ट्रेनों में शुरू कर दिया जाएगा।अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डीसीएम रायपुर
10 अप्रैल तक मौसम सुहाना रहेगा:3-4 अप्रैल को फिर बारिश होगी, 7-8 को नए विक्षोभ की एंट्री
बीकानेर में मार्च की विदाई और अप्रैल की शुरुआत बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी के साथ हो रही है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार बीकानेर में अगले एक सप्ताह तक तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जिससे भीषण गर्मी से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है। 31 मार्च से 8 अप्रैल के बीच धूल भरी हवाओं के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी, क्योंकि एक के बाद एक दो विक्षोभ आएंगे। 31 मार्च को बीकानेर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया है। आसमान में छिटपुट गरज-चमक के साथ बारिश की 35% संभावना ग्रामीण क्षेत्र के लिए बनी हुई है। एक और दो अप्रैल को मौसम साफ रहेगा। तापमान 33 से 34 डिग्री के बीच स्थिर रहने की संभावना है। बीती रात का न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण उमस का अहसास हो सकता है। आने वाले 7 दिन में ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज
लुधियाना के कुमकलां में कांग्रेस के माछीवाड़ा ब्लॉक प्रधान की कुल्हाड़ी मार कर हत्या करने वाले के साथी की भी पहचान हो गई है। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी अजय उर्फ विजय कुमार के साथी लक्की का नाम भी FIR में शामिल कर दिया। विजय कुमार व लक्की हत्या के बाद मोटर साइकिल से ही फरार हो गए थे और अभी तक पुलिस उनका सुराग नहीं लगा पाई। पुलिस के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि आरोपी कहीं भी सीसीटीवी में कैद नहीं हुए। अब तक की पुलिस पड़ताल में यह बात सामने आई कि अजय उर्फ विजय कुमार का परिवार हत्या की साजिश रचने में शामिल था। पुलिस ने विजय कुमार के पिता, दो भाइयों व एक रिश्तेदार को षड़यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक अजय कुमार पहले भी कई बार परमिंदर तिवारी को धमकाता रहता था। पुलिस इसे प्रॉपर्टी विवाद ही मान रही है। हालांकि परिवार इसे सुपारी किलिंग मान रही है और पुलिस से डिमांड कर रही है कि हत्यारों के साथ-साथ हत्या करवाने वालों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस जांच में अभी तक ये अहम बातें आई सामने.. हत्या के समय लक्की चला रहा था बाइक: प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक जिसने हत्या की है वो बाइक पर पीछे से बैठा था और दूसरा व्यक्ति बाइक चला रहा था। जो बाइक चला रहा था उसने मुंह को पूरी तरह से कवर किया था। जिसकी वजह से प्रत्यक्षदर्शी उसकी पहचान नहीं कर पाए। पुलिस जांच में पता चला है कि बाइक चलाने वाला लक्की था और वो दोनों तब से फरार हैं। घर में बैठकर रची की साजिश: थाना कुमकलां के एसएचओ इंस्पेक्टर परमदीप सिंह ने बताया कि अजय ने अपने साथी लक्की को घर में बुलाया। वहां पर अजय का पिता, दो भाई और एक रिश्तेदार सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची। गांव में करते रहे रेकी: एसएचाओ ने बताया कि अब तक की जांच में यह पता चला है कि अजय व लक्की मोटर साइकिल में गांव में घूमते रहे। वो परमिंदर तिवारी की रेकी कर रहे थे। जब परमिंदर तिवारी अपने घर से निकला तो आरोपी गांव में घूम रहे थे। उन्हें पता चला कि वह अपनी दूसरी बिल्डिंग के बाहर बैठा है तो वो वहां चले गए। मोटर साइकिल को कर रहे ट्रेस: पुलिस का कहना है कि आरोपी मोटर साइकिल से फरार हुए हैं। पूछताछ में पता चला कि दोनों तखरां की सड़क से चौक पर आकर लुधियाना की तरफ गए हैं। उन्होंने बताया कि मोटर साइकिल नंबर से शहर की तरफ उनको ट्रेस किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे न होने से बढ़ी पुलिस की मुश्किलें: ग्रामीण एरिया होने के कारण वहां आसपास कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं है। वारदात स्थल से कुछ दूरी पर एक कैमरे में मोटर साइकिल दिखा है लेकिन वो इतनी तेजी से निकले कि उसमें भी डिटेक्ट नहीं हो रहा। पुलिस का कहना है कि माछीवाड़ा रोड पर लुधियाना की तरफ मुड़ने के बाद वो गांवों के रास्ते कहीं दूसरी तरफ निकल गए हैं। अल्टीमेटम की मियाद खत्म, आज कांग्रेस घेरे सीपी दफ्तर कांग्रेस के हलका समराला के इंचार्ज राजा गिल की अगवाई में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर चक्का जाम किया। करीब साढ़े पांच घंटे तक प्रदर्शन किया लेकिन कोई पुलिस अधिकारी नहीं आए। राजा गिल ने बताया कि पुलिस को रात तक का अल्टीमेटम दिया गया था लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी 11 बजे के बाद पुलिस कमिश्नर दफ्तर का घेराव करेगी जिसमें पार्टी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी शामिल होंगे। तीन दिन से शव फोर्टिस अस्पताल में पड़ा है तीन दिन से परमिंदर तिवारी का शव फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में पड़ा है। परिवार ने स्पष्ट कह दिया कि जब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं होते तब तक वो न तो पोस्टमार्टम करवाएंगे और न ही संस्कार। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित एसएचओ परमदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इसमें क्राइम ब्रांच की टीमों को भी शामिल किया गया है। आरोपी जल्दी ही पकड़ लिए जाएंगे।
रायपुर में बैठकर अमेरिका के लोगों से ठगी करने वाले गिरोह से प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरोह में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो अलग-अलग शहरों में बैठकर नेटवर्क ऑपरेट कर रही हैं। रायपुर में पकड़े गए लोगों की जिम्मेदारी सिर्फ फोन करने की थी, जबकि दिल्ली की टीम हवाला के माध्यम से पैसा मंगाती थी। इसके बाद यह पैसा दिल्ली से गुजरात भेजा जाता था। गिरोह की तकनीकी टीम चीन में बैठी हुई है, जो अमेरिकी लोगों का डेटा उपलब्ध कराती है। यहां तक कि फर्जी चेक बनाने का काम भी चीन में बैठे लोग करते हैं। कुछ तकनीकी टीम बेंगलुरु में भी है। इस तरह गिरोह के सरगना ने सभी का काम बांट रखा था। पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि चीन से अमेरिकी लोगों का डेटा आता है। दो-तीन रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से यह डेटा खरीदा जाता है और उसी का उपयोग ठगी के लिए किया जाता है। कॉल सेंटर में काम करने वाले 42 लोगों को पकड़ने के बाद पुलिस की टीम गुजरात, दिल्ली और बेंगलुरु के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सरगना के तौर पर गुजरात के विकास शुक्ला और संजय शर्मा का नाम सामने आया है, क्योंकि कॉल सेंटर दोनों ने ही खोला था। तीनों कॉल सेंटर के लिए ऑफिस किराए पर संजय शर्मा ने लिया था और उसके नाम पर ही रेंट एग्रीमेंट है। दोनों के पकड़े जाने के बाद ही गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिल पाएगी। 20-25 हजार वेतन में कॉल सेंटर में कर्मचारी यूपी, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों के बेरोजगार युवकों को रोजगार देने के लिए बुलाया जाता है। उन्हें रहने, खाने से लेकर सारी सुविधा दी जाती है। अधिकांश युवकांे को अंग्रेजी नहीं आती है। उन्हें अंग्रेजी की लाइनें हिंदी में लिखकर दी जाती है, जिसे देखकर पढ़ते और अमेरिकी लोगों को झांसा देते हैं। अब सख्ती... कॉल सेंटर के लिए बनेगी गाइडलाइन रायपुर में चल रहे सभी कॉल सेंटर की जांच की जाएगी। शहर में कितने कॉल सेंटर संचालित हो रहे हैं, उनका काम क्या है, वहां सही काम हो रहा है या नहीं, कितने कर्मचारी हैं। इन सभी बिंदुओं पर जांच होगी। एक्सपर्ट की मदद से कॉल सेंटर के लिए गाइडलाइन भी तैयार की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों। सभी थाना प्रभारियों व एसीपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में संचालित कॉल सेंटर की जांच कर उनका रिकॉर्ड तैयार करें। जल्द ही इस पर व्यापक कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी से पहले कुछ सेंटर की गोपनीय जांच भी की गई थी, उसके बाद ही कार्रवाई की गई। -डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नरऐसे समझें... ठगी का इंटरनेशनल नेटवर्क
जनगणना 2027 का पहला फेज आज (1 अप्रैल) से शुरू होगा। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। पहले फेज में 'हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती होगी। दूसरा फेज ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। जनगणना में लिव-इन कपल को शादीशुदा कपल माना जाएगा। अगर मोबाइल में FM है तो माना जाएगा के आपके पास रेडियो है, लेकिन यूट्यूब देखने का मतलब यह नहीं कि आपके पास टीवी है। जनगणना करने वाले आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे। हम आपको यह भी बताएंगे कि इन 33 सवालों के अलावा और कौन से सवाल आपसे पूछे जा सकते हैं, जिनका जवाब आपको नहीं देना है। पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर कलेक्ट करेंगे। पहले जनगणना के आंकड़े कागज पर दर्ज किए जाते थे और फिर उन्हें डिजिटाइज किया जाता था। इसमें काफी समय लगता था। जनगणना पूरी तरह हाईटेक होगी और मकानों की गिनती में ‘जियो-रेफरेंसिंग’ तकनीक का इस्तेमाल होगा। हर घर की लोकेशन डिजिटल मैप पर दर्ज होगी, ताकि कोई मकान छूटे नहीं और न किसी की दोबारा गिनती हो सके। कर्मचारी अगर ये 3 सवाल पूछें तो जवाब न दें पहले 15 दिन पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद अपडेट कर सकेंगे दोनों फेज में स्व-गणना (Self Enumeration) की ऑनलाइन सुविधा भी पहली बार दी गई है। सेल्फ-एन्युमरेशन एक वेब पोर्टल के जरिए होगा, जिसमें लोग घर-घर सर्वे से 15 दिन पहले अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। पोर्टल पर फॉर्म भरने के लिए 16 भाषाओं दी गई हैं। यह बिल्कुल ऑप्शनल है। जो लोग स्व-गणना नहीं करेंगे, वे पारंपरिक तरीके से सरकारी कर्मचारी के घर आने पर डेटा दे सकते हैं। जिन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरा है, उनका डेटा वेरिफाई करने के लिए भी सरकारी कर्मचारी उनके घर जाएंगे। मोबाइल में FM तो रेडियो है, लिव-इन में हैं तो शादीशुदा बैंकिंग सिस्टम जैसी ‘अभेद्य’ सुरक्षा होगी मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे 1. आपदा में सटीक राहत- जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। 2. परिसीमन में मदद मिलेगी- राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन (परिसीमन) की प्रक्रिया में आसानी होगी। 3. शहरी प्लानिंग में आसानी- शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। 4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा- इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी। 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे- आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा।
चार दिन पहले जारी हुए एक विवादित वीडियो से बीकानेर की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी आरोप लगा रहे हैं कि वीडियो पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल का है, जिसमें वे कुछ नेताओं पर टिप्पणी कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा के साथ कांग्रेसी भी इसके विरोध में उतर आए हैं। इसको लेकर मंगलवार को अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल ने सर्किट हाउस और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर मेघवाल ने सांसद सेवा केंद्र में पत्रकारों के समक्ष वीडियो से जुड़े तथ्यों पर बात की। ऐसे में गोविंद को भाजपा के साथ कांग्रेस ने भी घेरा। वीडियो सच या छेड़छाड़, पुलिस जांच करे; पार्टी से गोविंद की शिकायत की: मदन शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल ने सर्किट हाउस में कहा कि मैंने पुलिस से मांग की है कि इस वीडियो की सत्यता परखी जाए। किसने वीडियो वायरल किया और क्या छेड़छाड़ की। मेघवाल बोले कि अगर वीडियो सच है तो पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं पार्टी नेतृत्व से भी मिल चुका हूं। पूरे तथ्य बताए हैं। अगर लिखित में रिपोर्ट मांगेंगे तो वह भी दूंगा। क्योंकि इस वीडियो से दो जातियों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं, जो ठीक नहीं हैं। कांग्रेस के सीनियर नेता स्व. रामेश्वर डूडी के बारे में जिस तरह की भाषा बोली गई, वह अशोभनीय और निंदनीय है। मदन से जब पूछा कि जिन नेताओं के बारे में टिप्पणी की गई, उनके परिवार से कोई मीडिया के सामने नहीं आया तो आप कहीं टूल तो नहीं बन रहे, इस पर मदन ने कहा कि डूडी सबके लिए सम्माननीय थे। जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल ने कहा कि डूडी के बारे में जो भी वीडियो में बात की गई, वह निंदनीय है। कांग्रेस नेता प्रीति मेघवाल ने कहा कि वीडियो के बारे में कोई कह रहा सच है, कोई झूठ, तो पुलिस को इसकी सच्चाई बाहर लानी चाहिए। हर वीडियो में मेरा नाम न घसीटें गोविंद, ये सलाह भी है और चेतावनी भीकेंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर मेघवाल भी गोविंद के खिलाफ मंगलवार को मैदान में उतरे। मीडिया से बातचीत की और सवाल उठाए कि आखिर उनके हर वीडियो में मेरा नाम क्यों घसीटा जाता है। वे लंबे समय से चुप हैं, कोई जवाब नहीं दे रहे, मगर अब तो वह मुझे अपराधी बताने लगे, इसलिए अब मुझे बोलना पड़ा। सांसद सेवा केंद्र में मीडिया से बातचीत में रविशेखर मेघवाल ने कहा कि अब मेरी यह सलाह भी और चेतावनी भी कि हर प्रकरण में मुझे न घसीटें। रवि ने कहा कि हर बार बोलते आप हो। जब वह पब्लिक के बीच जाता है तो बचने के लिए मुझ पर आरोप लगाया जाता है। करणी माता के बारे में भी बोला तो मुझ पर आरोप, खाजूवाला के लड़के को पुलिस से पकड़वाया, उसमें भी मुझ पर आरोप लगाया गया। अगर वीडियो वायरल में रवि का हाथ न हो तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा:गोविंद मेघवाल ने कहा, अगर वायरल वीडियो में रवि मेघवाल का हाथ न हुआ तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। जिस लड़के ने वीडियो वायरल किया, मैं उसे जानता हूं। जब मैं बात कर रहा था तो वह पीछे खड़ा था। उसकी फोटो भी आ गई। इसके भाई से पहले मेरी कोई बात हुई थी और यह लड़का रवि के लिए ही काम करता है। मैंने कोई बात बिना तथ्यों के नहीं की। मदन मेघवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गोविंद ने कहा, कांग्रेस का शहर अध्यक्ष अपनी ही पार्टी के नेता के खिलाफ बयान जारी कर अर्जुनराम मेघवाल से अपने रिश्ते निभा रहा है। मैंने कहा कि अगर जाट वोट न देते तो इतने वोट नहीं मिलते, यह सत्य है। मैं रामेश्वर डूडी की इज्जत करता हूं। मैं ऐसी बातें नहीं करता और तभी मैंने पुलिस से वीडियो की जांच की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की 'घर वापसी' हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब 'घर वापसी' कर रहे हैं। पहले देखिए ये तस्वीरें- कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए। जरूरतमंदों को दो रुपए - धीरेंद्र शास्त्री दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए। वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा। धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी, VIDEO:खुद को बताया छत्तीसगढ़ का भांजा, कहा- राह भटके लोगों की घर वापसी कराएंगे छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 का मसीही समाज ने विरोध किया है। समाज इस कानून के खिलाफ अलग-अलग तरीकों से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है। इस बीच कोरबा पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर बड़ा बयान दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
बस्तर में डिजिटल स्ट्राइक:सरेंडर नक्सलियों को ट्रेनिंग के बाद दे रहे वेलकम किट, इससे ट्रैकिंग आसान
बस्तर के घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में नक्सलियों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब एक नए और डिजिटल मोड़ पर आ गई है। छत्तीसगढ़ का गृह विभाग अब बंदूक की जगह तकनीक और विश्वास के सहारे नक्सलवाद की जड़ें खोदने की तैयारी में है। इस रणनीति के केंद्र में वे नक्सली हैं, जो हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। शासन इन आत्मसमर्पित नक्सलियों का एक ऐसा नेटवर्क तैयार कर रही है जिसकी पहुंच अब बस्तर के उन गांवों तक हो गई है, जहाँ कभी वर्दीधारी जवानों का पहुंचना भी मुश्किल था। ट्रेनिंग और किट देकर नई पहचान के साथ नई जिम्मेदारीआत्मसमर्पण के बाद इन युवाओं को सीधे मैदान में नहीं उतारा जा रहा है। शासन द्वारा उन्हें विशेष प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दी जा रही है, जिसमें उन्हें संवाद कौशल और सूचना तंत्र के संचालन के गुर सिखाए जा रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, गृह विभाग की ओर से प्रत्येक को एक ‘वेलकम किट’ प्रदान की जा रही है। डिजिटल डेटाबेस: एक क्लिक पर पूरी कुंडलीइस विशेष अभियान के तहत गृह विभाग ने तकनीक का बखूबी इस्तेमाल किया है। आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को न केवल मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, बल्कि उन्हें एक डिजिटल नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया है। विभाग के पास अब एक ऐसा रिकॉर्ड मौजूद है, जिसमें इन सभी पूर्व नक्सलियों के नाम, गांव और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। एक क्लिक करते ही यह पता चल जाता है कि कौन सा व्यक्ति किस क्षेत्र में सक्रिय है। ध्वस्त होता नक्सलियों का खुफिया तंत्रनक्सली संगठन हमेशा से अपने स्थानीय नेटवर्क ‘संगम सदस्यों’ के जरिए गांवों पर पकड़ बनाए रखते थे। लेकिन अब पासा पलट चुका है। समर्पण कर चुके ये युवा उन्हीं रास्तों, चेहरों और रणनीतियों से वाकिफ हैं, जिनका इस्तेमाल नक्सली करते हैं। अब गांव के भीतर होने वाली किसी भी संदिग्ध हलचल या नक्सलियों की मौजूदगी की खबर मिनटों में जिला मुख्यालय और सुरक्षा कैंपों तक पहुंच रही है। विश्वास की बहाली और विकास की राहगृह विभाग की इस पहल का एक बड़ा मनोवैज्ञानिक असर भी देखने को मिल रहा है। जब ग्रामीण अपने ही बीच के किसी युवक को सरकार की मदद करते और बेहतर जीवन जीते देखते हैं, तो उनका डर कम होता है। यह नेटवर्क न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी सेतु का काम करेगा। बस्तर में मोबाइल की एक ‘रिंग’ अब नक्सली खेमे में घबराहट पैदा कर रही है।
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मेरठ के ब्रहमपुरी के चर्चित नीला ड्रम केस में आज बुधवार को 20वें गवाह की गवाही होगी। मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ हत्याकांड में ये अंतिम गवाही होगी। केस में पैरवी कर रहे वकीलों के अनुसार इस केस की चार्जशीट में पुलिस ने 33 गवाह बनाए थे। लेकिन केस की बारीकी और संवेदनशीलता के अनुसार 20 मुख्य गवाहों की गवाही की जा रही है। अब तक 19 गवाहियां हो चुकी हैं। अंतिम 20वीं गवाही बुधवार को होगी। केस में कसौल के होटल मैनेजर को गवाही के लिए बुलाया है। इससे पहले मनाली और शिमला के होटल मैनेजर की गवाही हो चुकी है। जिला जज कोर्ट में सौरभ हत्याकांड केस ट्रायल पर चल रहा है। लगातार सुनवाईयां हो रही हैं। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल तक केस में अदालत का फैसला आ सकता है। मार्च 2026 में इस हत्याकांड को एक साल पूरा हो चुका है। इनकी हुई है अदालत में गवाहीसौरभ हत्याकांड में सौरभ के बड़े भाई राहुल, मां उषा देवी, दवादुकान संचालक, चाकू विक्रेता, सीमेंट विक्रेता, नीला ड्रम विक्रेता, मुस्कान को दवा लिखने वाले डॉक्टर, मुकदमा लिखने वाले पुलिसकर्मी, फस्ट आईओ, सेकेंड आईओ, फोरेंसिक टीम, ड्रम काटने वाला लेबर, सौरभ का दोस्त, मनाली से होटल मैनेजर, कसौल का होटल मैनेजर, कैब चालक, फोन कंपनी संचालक सहित टोटल 19 गवाही हो चुकी हैं। मनाली में पति पत्नी बनकर होटल में रुके थे मुस्कान-साहिलमनाली के होटल मैनेजर खेमचंद को गवाही के लिए बुलाया गया। खेमचंद का कंचनीकुट के नाम से होटल चलाता है। खेमचंद पुत्र उत्तमचंद ने बताया कि मुस्कान-साहिल उसके होटल में आकर रुके थे। वकील विजय बहादुर सिंह ने बताया मनाली के होटल मैनेजर खेमचंद की गवाही हुई है। खेमचंद ने बताया कि मुस्कान-साहिल हमारे होटल में आए थे। रुके भी थे। वो अपने साथ होटल का वो एंट्री रजिस्टर लेकर आए थे। जो कोर्ट में दिखाया है। साथ ही कुछ फुटेज थी वो भी लेकर आए थे। उन्होंने पुलिस को जो रजिस्टर की एंट्री दी थी वो तस्दीक कराई है। बाकी और जो साक्ष्य थे वो भी अपने साथ लाए थे उनको दिखाया है। अभी सुनवाई की अगली तारीख तय नहीं हुई है। होटल में मुस्कान-साहिल ने लगाए थे आधार कार्डमुस्कान-साहिल ने मनाली के इस होटल में अपने-अपने आधारकार्ड सबमिट किए थे। दोनों लगातार घूमने भी गए और सेलिब्रेट भी किया। केस में पैरवी कर रहे डीजीसी केके चौबे ने बताया कि अब अगली तारीख 1 अप्रैल 2026 लगी है। इस दिन अंतिम गवाही रखी गई है। इसके बाद फाइनल जिरह होगी। इसके बाद 313 की प्रक्रिया शुरू होगी। संभावना है कि इस केस में 15 अप्रैल तक फैसला आ सकता है। तीन शिमला, मनाली का हो चुका है अब कसौल के होटल मैनेजर को बुलाया जा रहा है। अब सौरभ हत्याकांड को पूरा समझिए... 2016 : सौरभ पहली बार मुस्कान से मिला, परिवार से बगावत कीसौरभ राजपूत की जॉब मर्चेंट नेवी में थी। पोस्टिंग लंदन में थी। वह भारत आते-जाते रहते थे। ज्यादातर शिप पर विदेशों में ही रहते थे। 2016 में सौरभ मेरठ आए थे। यहीं पर पहली बार मुस्कान रस्तोगी से मुलाकात हुई। मुस्कान सौरभ के प्रोफाइल पर फिदा हो गई। दोनों घर वालों से छिपकर मिलने लगे। जब बात शादी तक पहुंची, तब परिवार का विरोध सामने आया। सौरभ के पिता मुन्नालाल, भाई राहुल और मां रेनू तैयार नहीं थे। मगर परिवार के खिलाफ जाकर सौरभ कुमार ने मुस्कान से लव मैरिज कर ली। इसी बात को लेकर परिजनों से विवाद चल रहा था। परिवार ने उन्हें प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया। सौरभ मुस्कान के साथ इंद्रानगर में ओमपाल के मकान में किराए पर रहने लगे थे। जहां पत्नी मुस्कान रस्तोगी और 8 साल की बेटी पीहू भी साथ रहती थी। पीहू सेकेंड क्लास की स्टूडेंट है। कोरोना काल में पीहू की पढ़ाई नहीं होने से वह 2 क्लास पीछे है। 2019 : साहिल से प्यार हुआ, शादी करने की प्लानिंग कीमुस्कान की कहानी के मुताबिक, इस लव स्टोरी में ट्विस्ट 2019 में आया। तब पीहू प्ले स्कूल में थी। मुस्कान बेटी को छोड़ने स्कूल जाती थी, क्योंकि सौरभ ज्यादातर बाहर रहते थे। स्कूल के बाहर ही पहली बार साहिल शुक्ला से मुस्कान की मुलाकात हुई। मुस्कान घर पर अकेली रहती थी। इसका फायदा साहिल ने उठाया। दोनों घर से बाहर मिलने लगे। दोनों के शारीरिक संबंध भी बने। मुस्कान के मुताबिक, 2022 तक सब कुछ सही चल रहा था। सौरभ सालभर में 2 से 3 महीने ही मेरठ में रहता था। बाकी वक्त मुस्कान साहिल के साथ गुजारती थी। मगर अब साहिल दबाव बनाने लगा कि शादी करेंगे और साथ रहेंगे। सौरभ को तलाक दे दो। सौरभ के सोने के बाद मुस्कान ने चाकू घोपा25 फरवरी, 2025 को मुस्कान का जन्मदिन था। ठीक एक दिन पहले 24 फरवरी को सौरभ जन्मदिन मनाने मेरठ आया था। सौरभ के वापस आने के बाद साहिल परेशान रहने लगा। तय हुआ कि 4 मार्च को सौरभ को रास्ते से हटाना है। मुस्कान ने पहले पीहू को बेडरूम के बगल वाले कमरे में सुला दिया। उस रात डिनर में नशे की दवा मिला दी। सौरभ खाने के बाद जल्दी सो गया। इसके बाद मुस्कान ने साहिल को फोन किया। साहिल के आने के बाद मुस्कान ने सौरभ के सीने में चाकू घोंप दिया। सौरभ की मौत होने के बाद उसकी लाश को घसीटकर बाथरूम में ले गए। मुस्कान और साहिल ने मिलकर लाश के 4 टुकड़े किए। उन्हें छिपाने के लिए बाजार से पानी भरने वाला एक बड़ा प्लास्टिक का ड्रम लाए। लाश के टुकड़े इसी ड्रम में भर दिए गए। लाश के साथ रातभर दोनों लॉबी में रहेमुस्कान और साहिल को पता था कि सड़ने के बाद लाश से बदबू आएगी। इसलिए लाश के ऊपर पानी डाला और सीमेंट भर दी। इसके बाद दोनों साथ में रातभर उसी लॉबी में रहे। 5 मार्च की सुबह मुस्कान ने पीहू को उठाया। पीहू को अपनी मां कविता के घर ले जाकर छोड़ दिया। फिर वापस आई और साहिल के साथ शिमला-मनाली घूमने चली गई। मुस्कान अपने साथ सौरभ का मोबाइल लेकर गई थी। वहीं से सौरभ का वॉट्सऐप चलाती रही। साहिल ने पुलिस को बताया कि शिमला के एक मंदिर में हम दोनों ने शादी की। मगर होटल, खाने-पीने और घूमने में हमारे पैसे खत्म हो रहे थे। सौरभ के बैंक अकाउंट में 6 लाख रुपए थे। मुस्कान उन रुपयों को निकाल नहीं पा रही थी। मां कविता के कहने पर 17 मार्च को मुस्कान साहिल के साथ मेरठ वापस लौट आई। इसके बाद पूरा मामला खुलता चला गया। मुस्कान गर्भवती, कोर्ट में सुनवाई चल रही इस वक्त मुस्कान और साहिल मेरठ की जिला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ पुलिस चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। मुस्कान गर्भवती है। उसको जेल के अस्पताल में रखा गया है। जबकि साहिल जेल में बागवानी के काम कर रहा है। इस केस में ड्राइवर, सीमेंट, चाकू और मेडिकल स्टोरी के संचालक के बयान हो चुके हैं। कोर्ट में बुधवार को एसएसआई कर्मवीर सिंह की गवाही थी। लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते गवाही नहीं हो सकी। अब गवाही के लिए दो दिसंबर की तारीख तय की गई है। एसएसआई कर्मवीर ने पंचनामा भरकर सौरभ के शव का पोस्टमार्टम कराया था। उसकी गवाही इस केस में महत्वपूर्ण है। -------------------- ये भी पढ़ें - नीले ड्रम वाली मुस्कान बेटी के साथ जेल भेजी गई, मेरठ में सौरभ के भाई बोले- उसने गेम खेला, बच्ची को मार सकती है नीले ड्रम में पति को मारकर सीमेंट से जमा देने वाली मुस्कान में 24 नवंबर को बेटी को जन्म दिया। आज 26 नवंबर को मुस्कान मेडिकल अस्पताल से डिस्चार्ज की गई। बच्ची के साथ मुस्कान जिला जेल लाई गई। मुस्कान, उसकी बेटी दोनों अब जेल में ही रहेंगी। जेल में पहुंचते ही सबसे पहले जेल के डॉक्टर्स ने मुस्कान, उसकी बेटी का हेल्थ चेकअप किया। उनकी सारी हेल्थ डिटेल्स देखी गई हैं। पढ़िए पूरी खबर...
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने कक्षा 12वीं का परिणाम मंगलवार को जारी किया। उदयपुर जिले का प्रदर्शन इस बार मिश्रित रहा। विज्ञान संकाय में गिरावट दर्ज की गई, जबकि कॉमर्स और कला संकाय ने बेहतर प्रदर्शन किया। तीनों संकायों का कुल परिणाम 96 प्रतिशत से अधिक रहा, जो जिले की शिक्षा गुणवत्ता को दर्शाता है। विज्ञान संकाय का परिणाम 96.32 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 98.64 प्रतिशत के मुकाबले 2.32 प्रतिशत कम है। वहीं, कॉमर्स में 0.12 प्रतिशत और कला संकाय में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले वर्ष कॉमर्स का परिणाम 98.96 प्रतिशत और कला का 97.13 प्रतिशत रहा था। इस बार विज्ञान संकाय में छात्रों और छात्राओं के परिणाम में क्रमशः 2.86 प्रतिशत और 2.26 प्रतिशत की कमी आई है। इसके विपरीत, कॉमर्स में छात्रों का परिणाम 0.19 प्रतिशत और छात्राओं का 0.58 प्रतिशत बढ़ा है। कला संकाय में भी छात्रों का परिणाम 0.71 प्रतिशत और छात्राओं का 0.33 प्रतिशत बढ़ा है। प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की बात करें तो कला संकाय में सबसे अधिक 5573 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए। विज्ञान में 5278 और कॉमर्स में 967 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। सफलता की कहानियां: संघर्ष और संकल्प शिक्षा मंत्री ने उदयपुर से जारी किया रिजल्ट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने मंगलवार को कक्षा 12वीं के सभी संकायों और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी सभागार से वर्चुअली बटन दबाकर परिणाम घोषित किया। इस वर्ष समेकित परीक्षा परिणाम 96.45 प्रतिशत रहा है। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मार्च महीने में ही 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं शिक्षा मंत्री ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के कारण ही यह संभव हो पाया है। गौरतलब है कि इस बार 10वीं का परिणाम भी 24 मार्च को ही जारी किया जा चुका है।शिक्षा मंत्री ने भविष्य की योजनाओं और नियमों में बदलाव को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इसके अनुसार आगामी सत्र से विद्यार्थियों को वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा, जिससे मानसिक तनाव कम होगा और सुधार का अवसर बढ़ेगा। नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। इससे कार्यदिवसों की संख्या 235 से बढ़कर 244 हो जाएगी। इसके अलावा तीन विषयों में री-चेकिंग करवाई जा सकेगी। पहले केवल गणित में यह सुविधा थी। अब विज्ञान और अंग्रेजी में भी विद्यार्थी री-चेकिंग करा सकेंगे। इसी सत्र से बीकानेर और सीकर में सैनिक स्कूल शुरू होंगे, साथ ही संभाग स्तर पर वेद विद्यालयों का संचालन किया जाएगा। अनुशासन और सुविधाओं पर सख्तीमंत्री दिलावर ने स्पष्ट किया कि शिक्षण के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान और सूर्य नमस्कार को संस्कार निर्माण का आधार बताया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित न की जाएं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को दी बधाई परिणाम जारी करने के बाद मंत्री दिलावर ने विभिन्न संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से फोन पर बात कर उन्हें और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, सलूम्बर विधायक शांतादेवी और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
बंदूक तंत्र से जनतंत्र तक:जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की बात तो अब भी करेंगे, लेकिन जरिया संवाद होगा
बस्तर के घने जंगलों और पथरीले रास्तों में दशकों तक गोलियों के बीच रणनीति बनाने वाले हाथों ने अब कलम थाम ली है। 31 मार्च की डेडलाइन के बीच नक्सल आंदोलन का चेहरा रहे दो बड़े पूर्व माओवादी नेता सीसी मेंबर रूपेश और माड़ डिवीजन सचिव रनिता ने दैनिक भास्कर के लिए अपनी बात लिखी है। इसमें उन्होंने आंदोलन की सच्चाई, रणनीतिक विफलता और मुख्यधारा में लौटने के अनुभव साझा किए हैं। रूपेश- लोकतांत्रिक तरीकों से ही स्थायी न्याय और वास्तविक विकास संभव यह आंदोलन समाज में व्याप्त असमानता, ज़मींदारी शोषण, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा आम लोगों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ शुरू हुआ था। बस्तर के जंगलों और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हमने हथियार उठाए। उस समय हमें लगा कि यही रास्ता न्याय दिला सकता है। कुछ मुद्दों पर सरकारों ने ध्यान भी दिया और नीतियों में बदलाव हुए, लेकिन आंदोलन अपनी दिशा और रणनीति तय करने में पीछे रह गया। समय के साथ यह स्पष्ट हुआ कि कई लक्ष्य व्यावहारिक नहीं थे और उन्हें लागू करने में भी हम सफल नहीं हो सके। हिंसा के इस दौर में आम नागरिकों, सुरक्षा बलों और स्थानीय युवाओं ने भारी कीमत चुकाई। इस संघर्ष में हमने भी बहुत कुछ खोया। आज भी आदिवासियों, जल-जंगल-जमीन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। लेकिन अब यह स्पष्ट है कि बंदूक के रास्ते से स्थायी समाधान संभव नहीं है। आने वाले दिनों में हम जैसे सरेंडर कर चुके नक्सली, आदिवासियों के हितों की सुरक्षा, बस्तर के जंगलों के संरक्षण और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए सरकार से सीधे संवाद करेंगे। हम नीतियों में आवश्यक सुधार के लिए अपनी बात रखेंगे, ताकि विकास और अधिकारों के बीच संतुलन बन सके। हमें विश्वास है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से ही बस्तर और आदिवासी समाज के लिए स्थायी न्याय और वास्तविक विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। रूपेश, सेन्ट्रल कमेटी मेंबर (आत्मसमर्पित) रनिता- सशस्त्र संघर्ष टिकाऊ समाधान नहीं देते, इससे नुकसान ही हुआ समाज में मौजूद असमानता और सामाजिक समस्याओं से प्रभावित होकर हमने वैकल्पिक रास्ता चुना। उस समय लगा कि यही संघर्ष न्याय दिला सकता है, लेकिन बाद में समझ आया कि इन मुद्दों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यमों से ही अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। करीब 28 साल नक्सल आंदोलन में काम करते हुए कई चुनौतियों का सामना किया। संगठन में महिला-पुरुष सभी समान रूप से काम करते थे, लेकिन समय के साथ यह स्पष्ट हुआ कि सशस्त्र संघर्ष टिकाऊ समाधान नहीं है और इससे स्थानीय समुदायों को ही नुकसान हुआ। इस दौरान शीर्ष नेतृत्व से लेकर निचले स्तर तक कई साथियों को खोना पड़ा और गांवों में स्वशासन की अवधारणा भी कमजोर हुई। इन परिस्थितियों में सभी कैडरों ने हिंसात्मक और गैर-कानूनी गतिविधियां छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। 16 अक्टूबर को सरेंडर किया और 17 अक्टूबर को जगदलपुर में पुनर्वास हुआ। अब पांच महीने से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान रायपुर और तेलंगाना के गांवों में जाकर लोगों से संवाद किया। मुख्यधारा में लौटते समय हमने सरकार से कहा था कि अब संविधान के तहत समाज के साथ मिलकर काम करेंगे। आगे भी आदिवासियों के हित, बस्तर के जंगलों की सुरक्षा और सामाजिक समानता के लिए सरकार से संवाद कर नीतिगत सुधार की दिशा में काम करेंगे। रनिता उर्फ सुकमती धुरवा, डीकेएसजेडसी सदस्य व माड़ डिविजन कमेटी सचिव (आत्समर्पित)
नमस्कार, कल की बड़ी खबर इंटरनेट से जुड़ी रही। जंग के चलते दुनियाभर में इंटरनेट ठप हो सकता है। दूसरी बड़ी खबर नालंदा के मंदिर में मची भगदड़ को लेकर रही। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. इटली का अमेरिका को सैन्य बेस देने से इनकार; ईरान के हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक इटली ने अमेरिका को अपने सिगोनेला सैन्य बेस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया। अमेरिका बिना बताए वहां से अपने विमान मिडिल ईस्ट भेजना चाहता था, इसलिए इटली ने परमिशन नहीं दी। इससे पहले स्पेन भी ऐसा कर चुका है। उधर, अमेरिका ने ईरान में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की। विस्फोट होने से कई धमाके हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। ट्रम्प बोले- अमेरिका किसी की मदद नहीं करेगा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा जो देश होर्मुज से तेल नहीं ला पा रहे, वे अमेरिका से खरीदें या खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें। चीन-पाकिस्तान ने 5 पॉइंट का सीजफायर प्लान पेश किया चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बीजिंग में बैठक की। इसके बाद सीजफायर प्लान पेश किया। पढ़ें पूरी खबर... 2. नालंदा के मंदिर में भगदड़, 9 मौतें; चश्मदीद बोले- पैसे लेकर एंट्री पर श्रद्धालु भड़के, फिर भगदड़ मची बिहार में नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। चश्मदीदों ने बताया कि मंदिर में पैसे लेकर एंट्री कराई जा रही थी, जिससे श्रद्धालु भड़क गए और अचानक भगदड़ मच गई। कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए, जमीन पर लाशें बिछ गईंगई। हादसे के बाद मंदिर को बंद करवा दिया है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान: मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं थीं। उनकी सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था, जबकि मंदिर में जुटी 25 हजार की भीड़ के लिए एक भी पुलिस वाले की तैनाती नहीं थी। पढ़ें पूरी खबर... 3. देश में आज से कई बड़े बदलाव लागू होंगे, टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट नहीं होगी देश में आज से कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। अब टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट नहीं होगी, सिर्फ फास्टैग या यूपीआई से ही भुगतान होगा। इसके अलावा रिवाइज्ड रिजीम के तहत टैक्स फाइल कर पाएंगे। अब 12.75 लाख तक की सैलरी टैक्स फ्री होगी। अब फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 आएगा, जिसमें डिटेल्स ज्यादा होंगी। ये 3 बड़े बदलाव भी पढ़ें... पढ़ें पूरी खबर... 4. यूपी में उठक-बैठक करने वाले IAS का इस्तीफा, रिंकू सिंह बोले- सैलरी मिली, लेकिन काम नहीं यूपी के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर (पैरलल) एक अलग सिस्टम चल रहा है। उन्हें वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं। हालांकि, राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे को रिंकू सिंह ने अपना नैतिक फैसला बताया। वकीलों ने कराई थी उठक-बैठक: रिंकू को 8 महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेजा गया था। तब से उन्हें फील्ड में कोई पोस्टिंग नहीं मिली थी। तब रिंकू सिंह पुवायां तहसील के SDM थे। उन्होंने खुले में शौच करने पर एक मुंशी से उठक-बैठक कराई थी। वकीलों ने इसका विरोध किया, तो रिंकू नरम पड़ गए थे। वीडियो सामने आने के बाद उन्हें हटा दिया गया था। 16 साल की नौकरी बची थी: 44 साल के रिंकू सिंह राही 2021 बैच के IAS अफसर हैं। अभी उनकी 16 साल की नौकरी बची थी। बसपा शासन में 26 मार्च, 2009 को रिंकू सिंह पर फायरिंग हुई थी। जिसमें उन्हें सात गोलियां लगी थीं। इनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं, जिससे उनका चेहरा बिगड़ गया था। पूरी खबर पढ़ें… 5. MBA स्टूडेंट से 6 लाख में किडनी खरीदी, 80 लाख में बेची, कानपुर में 6 गिरफ्तार कानपुर में MBA स्टूडेंट से 6 लाख में किडनी खरीदने का वादा कर उसे 80 लाख में बेचा गया। सोमवार देर रात पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का रैकेट पकड़ा था। पीड़ित बिहार के रहने वाला एक 23 साल का छात्र है। 30 साल की महिला मरीज को उसकी किडनी बेच दी गई। दस्तावेज नहीं दिखा पाया अस्पताल: किडनी देने वाले छात्र ने पूरे पैसे न मिलने पर पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने सोमवार रात को ही मेड लाइफ, आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की। मेड लाइफ हॉस्पिटल में किडनी डोनर छात्र और मरीज भर्ती मिले। जब ट्रांसप्लांट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो अस्पताल कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका। किडनी खरीद-फरोख्त में जेल पहुंचे डॉक्टर दंपती: पुलिस ने मंगलवार को आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत, डॉ राजेश कुमार, डॉ राम प्रकाश, डॉ नरेंद्र सिंह और दलाल शिवम अग्रवाल को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। पूरी खबर पढ़ें… 6. दुनियाभर में इंटरनेट ठप होने का खतरा, जंग से होर्मुज में बिछीं केबल्स को नुकसान की आशंका अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते इंटरनेट ठप होने का खतरा बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट के नीचे इंटरनेट केबल्स बिछी हैं। अगर इन्हें नुकसान होता है, तो भारत समेत दुनियाभर में इंटरनेट स्पीड स्लो हो सकती है। जिससे यूट्यूब, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स पर बफरिंग बढ़ेगी। वहीं, वीडियो कॉल और ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होंगी। साथ ही खाड़ी देशों से आने वाले पैसे और बैंकिंग ट्रांजेक्शन भी धीमे पड़ सकते हैं। इंटरनेट कैसे चलता है: अक्सर लोगों को लगता है कि इंटरनेट सैटेलाइट के जरिए चलता है, लेकिन हकीकत अलग है। असल में ज्यादातर इंटरनेट जमीन और समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल्स से चलता है। इन केबल्स के जरिए डेटा तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचता है। जब आप मोबाइल या कंप्यूटर पर कुछ सर्च करते हैं, तो आपकी रिक्वेस्ट सर्वर तक जाती है और जवाब वापस आता है। पढ़ें पूरी खबर... 7. कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर BJP-TMC में झड़प, ममता बोलीं- बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश कोलकाता में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर BJP और TMC कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। वोटर लिस्ट गड़बड़ी के खिलाफ TMC प्रदर्शन कर रही थी। इसी दौरान BJP कार्यकर्ता पहुंचे। कुछ देर में ही पथराव होने लगा और विवाद बढ़ गया। वहीं, ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा यूपी-बिहार के अवैध वोटरों को बंगाल की लिस्ट में जोड़ने की कोशिश कर रही है। BJP ने केरल-असम के लिए घोषणापत्र जारी किया … भाजपा ने असम के लिए मेनिफेस्टो में लव जिहाद पर एक्शन, घुसपैठियों से कब्जाई जमीन वापस लेने, राज्य में UCC लागू करने, युवाओं को 5 साल में 2 लाख नौकरियां देने का वादा किया है। पत्र में कुल 31 वादे किए गए हैं। भाजपा ने केरलम के मेनिफेस्टो में AIIMS और तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क विकसित करने का वादा किया। पार्टी ने ‘भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा कार्ड’ योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2500, बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंद महिलाओं को ₹3000 पेंशन देने की घोषणा की। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... गुजरात में चूजा को मिली Z+ सिक्योरिटी अहमदाबाद के कच्छ में जन्मे 'ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' यानी गोडावण के नन्हें चूजे को Z+ जैसी सिक्योरिटी मिली है। यह बेहद दुर्लभ प्रजाति है और गुजरात में करीब 10 साल बाद इसका जन्म हुआ है। इसी वजह से 50 से ज्यादा जवान इसकी सुरक्षा कर रहे हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। धनु की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
'पिता की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। घर में मां और एक बहन है। बहन की पढ़ाई और शादी की जिम्मेदारी मुझ पर है। अपनी कॉलेज फीस भी जमा नहीं कर पा रहा था। मुझे अपना फ्यूचर अंधकार में जाता दिखाई दे रहा था। इस दौरान मुझे शिवम अग्रवाल मिला। उसने किडनी डोनेट करने के लिए मोटिवेट किया। शिवम कहता था कि फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन 43 साल से एक किडनी की बदौलत जिंदा हैं। 83 साल की उम्र में भी वह फिल्मों में काम कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज की भी दोनों किडनियां खराब हैं, उन्हें भी कुछ नहीं हुआ…। मुझे एंबुलेंस चलाने वाले शिवम की बातें सही लगने लगीं। वह कहता था कि परिवार का इकलौता सहारा हो, एक किडनी के एवज में परिवार को गरीबी के मुंह से बाहर निकाल सकते हो। परिवार को अच्छी जिंदगी देने के लिए मैंने किडनी बेचने का मन बना लिया।' यह कहना है बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले MBA 4th Year स्टूडेंट आयुष का। किडनी डोनेट करने वाला आयुष कानपुर के हैलेट में भर्ती है। हैलेट जाने से पहले मेड इन लाइफ अस्पताल में भर्ती था। जहां उसने IPS सुमेध जाधव से रोते हुए यह दर्द बयां किया है। कानपुर किडनी कांड में शिवम समेत 6 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, 8वीं पास शिवम ही गैंग का सरगना है। अब पढ़िए किडनी देने वाले आयुष ने जो कुछ बताया किडनी बेचोगे तो मुंहमांगा दाम मिलेगाआयुष बताता है- शिवम अग्रवाल का एक साथी है, जिसने कहा था कि किडनी बेचोगे तो मुंहमांगे दाम मिलेंगे। उसने टेलीग्राम पर एक ग्रुप में लिखी चैट भी दिखाई। उसमें लिखा था कि B+ ब्लड ग्रुप की महिला को किडनी चाहिए। उसी युवक ने मेरी मुलाकात शिवम से कराई थी। किडनी बेच दो, सारे दुख-दर्द दूर हो जाएंगेशिवम ने मेरा ब्रेनवॉश किया। मेरे परिवार के बारे में मुझसे सारी जानकारी ली। फिर कहने लगा कि एक किडनी बेच दो, सारे दुख-दर्द दूर हो जाएंगे। मैंने कहा कि सोचकर बताऊंगा। फिर शिवम मुझे लगातार मैसेज भेजने लगा और फोन कॉल करने लगा। कुछ दिनों बाद मेरी शिवम से दोबारा मुलाकात हुई। मैंने किडनी डोनेट करने से मना कर दिया। उसने पूछा दिक्कत क्या है, डर रहे हो क्या? परेशान क्यों हो? फिल्म ‘कुली’ के दौरान अमिताभ बच्चन को भी चोट लगी थी। उनकी एक किडनी में इंफेक्शन हो गया था, लेकिन वह आज भी पूरी तरह फिट हैं। फिल्मों में खूब काम कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज की भी तो दोनों किडनियां खराब हैं। तुम अभी पूरी तरह से जवान हो, एक किडनी देने से कुछ नहीं होगा। परिवार से पेपर देने जाने का किया बहानाआयुष का कहना है कि शिवम के समझाने पर मैंने किडनी डोनेट करने का मन बना लिया। मैंने 3 दिन बाद शिवम को फोन किया, तो उसने आहूजा हॉस्पिटल बुलाया। हॉस्पिटल में पहुंचने पर कहा गया कि 5 लाख मिलेंगे। मेरे मना करने पर रकम और बढ़ाई गई। फिर 9.50 लाख रुपए देने की बात कही। इसके बाद 29 मार्च की रात मेरा ऑपरेशन किया गया। मैं परिवार से झूठ बोलकर कानपुर आया था। मां से कहा था कि पेपर देने जा रहा हूं, 3 दिन बाद आऊंगा। अब जानिए पूरा मामला कानपुर में 30 मार्च (सोमवार) की देर रात पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट पकड़ा था। बिहार के रहने वाले एक 23 साल के एमबीए छात्र से उसकी किडनी 6 लाख रुपए में खरीदी गई। बाद में 30 साल की महिला मरीज को करीब 80 लाख रुपए में बेच दी गई। किडनी देने वाले छात्र ने पुलिस से शिकायत की, तो पुलिस ने सोमवार रात में ही मेड लाइफ हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की। मेड लाइफ हॉस्पिटल में किडनी डोनर एमबीए छात्र आयुष और मरीज भर्ती मिले। जब ट्रांसप्लांट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो अस्पताल कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। पुलिस ने 31 मार्च (मंगलवार) को आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत, डॉ राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह और दलाल शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब जानिए 6 आरोपियों का आपस में कनेक्शन क्या है? जानिए सिंडिकेट कैसे करता था काम? डायलिसिस वालों की जानकारी जुटाते, टेलीग्राम पर शेयर करतेपुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया- पूरा सिंडिकेट व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था। गैंग में शामिल डॉ. अफजल अस्पतालों में संपर्क रखता था। लंबे समय से डायलिसिस कराने वालों की जानकारी हासिल करता था। फिर मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए संपर्क करता था। इसके बाद टेलीग्राम पर बने ग्रुप में मरीज की जानकारी शेयर की जाती थी। ग्रुप में कई डॉक्टरों के साथ एजेंट भी जुड़े थे। मुजफ्फरनगर निवासी स्कूल संचालक की पत्नी पारुल तोमर से डॉ. अफजल ने ही संपर्क किया था। पारुल की 8 साल से चल रही थी डायलिसिसपारुल की बीते 8 साल से डायलिसिस चल रही थी। डॉ. अफजल के संपर्क में आने के बाद वह ट्रांसप्लांट के लिए राजी हो गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 80 लाख में पारुल से डील हुई थी। इसके बाद पारुल की डिटेल टेलीग्राम ग्रुप पर भेज दी गई थी। लिखा था- 30 साल की महिला को किडनी की जरूरत है। उनका ब्लड ग्रुप B+ है। किडनी डोनेट करने वाले को मुंहमांगा दाम मिलेगा। इसके बाद ही एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल के संपर्क में आयुष आया था। शिवम ही डोनर ढूंढ कर लाता थापुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि डील तय होने के बाद शिवम डॉ. रोहित से संपर्क करता था। रोहित दिल्ली और लखनऊ से अपने 7-8 डॉक्टरों की टीम लेकर कानपुर आता था। इनमें एनीस्थीसिया, सर्जन, मेडिसिन की व्यवस्थाएं रहती थीं। ऑपरेशन होने के बाद डोनर और रिसीवर को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया जाता था। वहां 4 से 5 दिन तक उन्हें डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाता था। वहीं जब किसी मरीज को कोई दिक्कत होती थी, तो उसे लखनऊ, दिल्ली स्थित हायर सेंटरों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। फिल्मी अंदाज में तैयार होता था पूरा सेटअपपुलिस पूछताछ में शिवम अग्रवाल ने बताया कि आहूजा हॉस्पिटल में अब तक 7 से 8 ऑपरेशन किए गए हैं। इसके साथ ही कानपुर, लखनऊ के करीब 7 अस्पतालों में भी किडनी ट्रांसप्लांट का खेल किया गया है। शिवम ने बताया कि कोई भी ऑपरेशन दिन में नहीं किया जाता था। डोनर और रिसीवर से डील तय होने के बाद उन्हें 3 दिन पहले अस्पताल में भर्ती करा लिया जाता था। बंद कर दिए जाते थे सीसीटीवीडॉ. रोहित ऑपरेशन का दिन और समय तय करते थे। सभी ऑपरेशन रात के समय ही किए जाते थे। परिवारवाले आनाकानी करते, तो उन्हें डॉक्टर के पास समय न होने का हवाला दिया जाता था। डॉ. रोहित अपने साथ डॉ. वैभव, डॉ. अनुराग, डॉ. अफजल समेत 4-5 अन्य स्टाफ के साथ 2-3 गाड़ियों से आते थे। उनके अस्पताल आने से पहले हॉस्पिटल के सारे सीसीटीवी को बंद कर दिया जाता था। ऑपरेशन के दिन हॉस्पिटल के स्टॉफ की छुट्टी कर दी जाती थी। इस दौरान डॉ. रोहित की टीम के अलावा और कोई भी हॉस्पिटल में नहीं रहता था। ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, मरीज और डोनर की दवाओं की व्यवस्था उनकी ही टीम करती थी। ऑपरेशन के बाद तड़के डोनर और रिसीवर को अलग-अलग अस्पताल रेफर कर दिया जाता था, जिसकी कोई लिखा-पढ़ी नहीं की जाती थी। डोनर और रिसीवर को शिवम ही अपनी एंबुलेंस के जरिए अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाता था। कानपुर-लखनऊ के 7 अस्पताल पुलिस की रडार पर31 मार्च की देर शाम मेड लाइफ हॉस्पिटल को सीज किया गया है, आहूजा हॉस्पिटल को नोटिस दिया गया है। नोटिस के बाद उसे भी सीज किया गया जाएगा। प्रिया हॉस्पिटल में भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि अब तक कानपुर में 50 से अधिक लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट कराया गया है। डॉ. रोहित कानपुर में अन्य जगहों पर भी ऑपरेशन करता रहा है. वह दिल्ली के डॉक्टरों के संपर्क में है। किडनी ट्रांसप्लांट मामले में 7 अस्पताल और रडार में आए हैं। इनमें एक लखनऊ और अन्य 6 कानपुर में हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 6 लाख में किडनी खरीदी, 80 लाख में बेची, कानपुर में MBA स्टूडेंट को फंसाया; डॉक्टर पति-पत्नी समेत 6 गिरफ्तार कानपुर में सोमवार देर रात पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट पकड़ा है। बिहार के रहने वाले एक 23 साल के एमबीए छात्र से उसकी किडनी 6 लाख रुपए में खरीदी गई। बाद में 30 साल की महिला मरीज को करीब 80 लाख रुपए में बेच दी गई। किडनी देने वाले छात्र ने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने सोमवार रात में ही शहर के मेड लाइफ हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की। पढ़ें पूरी खबर
खंडवा के परसोना इंग्लिश इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर और फेमस इंग्लिश एजुकेटर अजय सिंह पवार ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर मैनेजमेंट और लीडरशिप के नए आयाम सीखे। उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन के अविस्मरणीय पलों में शामिल बताया। परसोना इंग्लिश इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अजय सिंह परमार पिछले 15 वर्षों से इंग्लिश शिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं उन्होंने वर्ष 2018 में परसोना इंग्लिश इंस्टीट्यूट की शुरुआत की थी। आज वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से विद्यार्थियों को इंग्लिश सिखा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लिश सीखने के लिए दो मोबाइल एप्लीकेशन भी डेवलप किए हैं, जिससे हजारों छात्र लाभ ले रहे हैं। अजय सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके यूट्यूब चैनल पर 28 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। अजय ने बताया कि IIM इंदौर के एक्सपर्ट फैकल्टी द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने उनकी लीडरशिप और मैनेजमेंट सोच को नई दिशा दी। “यहां उन्होंने टीम मैनेजमेंट, लीडरशिप क्वालिटी और लोगों के साथ काम करने के नए तरीके सीखे। अजय सिंह परमार ने ‘उद्यम संवाद’ कार्यक्रम के लिए दैनिक भास्कर और IIM इंदौर की संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उद्यमियों और प्रोफेशनल्स को सीखने और नेटवर्किंग का बेहतरीन अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि यहां बिताए गए पल मेरे लिए सबसे अहम हैं। इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों के साथ संवाद के दौरान भी उन्हें कई नई बातें सीखने को मिलीं।
प्रयागराज की आकृति शुक्ला ने 2 बार यूपीपीसीएस की परीक्षा दी। दोनों बार प्रीलिम्स से ही बाहर हो गईं। इस दौरान उनके भाई अमित की शादी हुई। भाभी श्रेया शर्मा घर आ गईं। वह भी यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थीं। अब दोनों एक-दूसरे का सहारा बनीं। आकृति के जो सब्जेक्ट कमजोर थे, उनमें श्रेया ने मदद की और जो सब्जेक्ट श्रेया के कमजोर थे, उसमें आकृति मदद करने लगी। सास-ससुर ने भी बहू को बेटी की तरह समझा। आकृति और श्रेया को घर के कामों से फ्री रखा। नतीजा ये हुआ कि यूपीपीसीएस-2024 के रिजल्ट में आकृति शुक्ला डिप्टी एसपी बन गईं हैं, उनकी भाभी श्रेया कमर्शियल टैक्स ऑफिसर। अब परिवार में जश्न का माहौल है, लेकिन लोगों में मन में एक सवाल ये जरूर है कि आकृति और श्रेया किस तरह एक-दूसरे का सहारा बनकर सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गईं। दैनिक भास्कर ने दोनों कैंडिडेट के परिवार से बात की। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं… जौनपुर में पुश्तैनी घर, परिवार अब प्रयागराज में रह रहा प्रयागराज में मम्फोर्डगंज मोहल्ला है। यहीं अखिलेश शुक्ला अपने परिवार के साथ रहते हैं। अखिलेश का पुश्तैनी घर जौनपुर के सुजानगंज इलाके के बर्जी कला गांव में है। वह प्रयागराज में ही कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स में सीनियर ऑडिटर के पद पर रहे थे। यहीं अपना घर बनाया और परिवार के साथ रहने लगे। घर में उनकी पत्नी के अलावा बेटे अमित और बेटी आकृति शुक्ला हैं। अखिलेश के दो बड़े भाई भी सरकारी नौकरी में रहे, वह भी मम्फोर्डगंज में ही रहते हैं। भाई सरकारी जॉब में, पहले से पढ़ाई का माहौल था…हमने अखिलेश से पूछा- घर में पढ़ाई का इतना अच्छा माहौल कैसे बना? वह कहते हैं- हमारे घर में भाई सरकारी नौकरी में रहे हैं, इसलिए पढ़ाई का माहौल पहले से बना हुआ था। अमित और आकृति ने जो भी पढ़ाई करनी चाही, हमने उन्हें कभी नहीं रोका। बस यही देखा कि क्या ये पढ़ाई उचित है या फिर नहीं। आकृति ने सेंट मैरी कॉन्वेंट से शुरुआती पढ़ाई की। फिर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी किया। इसके बाद वह तैयारी में जुट गई। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की भी पढ़ाई करने लगी। 2 बार यूपीएससी दिया, सफलता नहीं मिलीअखिलेश शुक्ला की बहू श्रेया इस वक्त कर्नाटक के बेंगलुरू में PAG कार्यालय में ऑडिटर के पद पर तैनात हैं। वहीं पर अपने पति अमित के साथ रहती हैं। अमित AI इंजीनियर हैं। हमने श्रेया से फोन पर बात की। हमने पूछा- पढ़ाई में आपका बैकग्राउंड कैसा रहा है? वह बताती हैं- मेरा घर लखनऊ के आशियाना में है, मैंने लॉ मार्टिनियर कॉलेज से पढ़ाई की। लखनऊ की डॉ. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग की। 2019 में पढ़ाई पूरी हो गई। उसी वक्त सोच लिया था कि अब सिविल सेवा की तैयारी करनी है। हमने पूछा- आपने कितने अटेम्ट दिए? श्रेया बताती हैं- मेरे पापा संजय शर्मा रेलवे में नौकरी करते थे, भाई शुभम भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कर रहा था। उसने मुझे बहुत मोटिवेट किया। उसे मुझपर भरोसा था, कहता था कि तुम कर जाओगी। मैंने यूपीएससी की दो बार परीक्षा दी, दोनों ही बार सफलता नहीं मिली। उसके बाद तय किया कि अब यूपीपीसीएस एग्जाम देंगे। 2023 में प्री परीक्षा पास कर ली, एक उम्मीद जग गई। लेकिन मेंस नहीं निकला। इस तरह से एक बार फिर से मन निराश हो गई। ननद 2 बार प्री से बाहर, इसलिए कॉन्फिडेंस कम हो गयाहमने पूछा- फिर शादी होने के बाद कैसे तैयारी की? वह कहती हैं- 20 अप्रैल, 2025 को मेरी अमित से शादी हो गई। मैं प्रयागराज में अपनी ससुराल में रहने के दौरान भी लगातार तैयारी करती रही। उस वक्त एक पल के लिए भी नहीं लगा कि मैं अपने ससुराल में हूं। जैसे लखनऊ में अपने घर पर पढ़ाई करती थी, वैसे ही वहां भी कर रही थी, अच्छी बात तो यह थी कि वहां मुझे ननद आकृति के रूप में एक साथी मिल गई थी। हम दोनों में एक कंपटीशन शुरू हो गया। राइटिंग स्किल से लेकर टिपिकल सब्जेक्ट पर हम एक दूसरे की मदद करने लगे। ननद का दोस्त की तरह साथ मिला, ये मददगार रहा हमने पूछा- ये सब कितना मददगार हुआ? वह कहती हैं- आकृति दो बार यूपी पीसीएस की परीक्षा में बैठ चुकी थीं, लेकिन दोनों ही बार वह प्री से बाहर हो गई थी। उनका मनोबल टूट सा गया था। परिवार में बाकी लोगों ने उन्हें हिम्मत दी। पिता अखिलेश कहते कि ये आसान नहीं है, थोड़ा ज्यादा मेहनत तो लगेगी। अब चूंकि घर में मैं भी आ गई थी, इसलिए आकृति की हिम्मत बढ़ गई। हम दोनों दोस्तों की तरह रहने लगे। इससे पढ़ाई में भी मदद मिली। पति बोले- घर में मम्मी-पापा ने बहू को बेटी समझाहमने घर के माहौल को लेकर श्रेया के पति अमित शुक्ला से बात की। अमित कहते हैं- मेरे घर में कभी भी किसी पर प्रेशर नहीं बनाया गया। जब श्रेया यहां आई तो मम्मी-पापा ने उन्हें बेटी की तरह समझा। जितनी आजादी आकृति को थी, उतनी ही श्रेया को भी मिली थी। घर के काम को भी दोनों ने अपने हिसाब से मैनेज कर लिया था। मम्मी भी अक्सर मदद करती थीं। पापा तो हमेशा कहते थे कि आप लोग अपनी पढ़ाई पर फोकस करिए। अमित आगे बताते हैं- जिस वक्त हमारी शादी हुई थी, उस वक्त आकृति और श्रेया दोनों ने ही प्री परीक्षा दी थी। दोनों मेंस के लिए क्वॉलिफाई कर गईं। मेंस के लिए इन लोगों ने नोट्स वगैरह बनाए थे। किसी पार्टिकुलर कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि दोनों लोग ही एक दूसरे की मदद कर देते थे। दोनों का मेंस भी निकल गया। यह पहली बार हुआ था। हम लोगों को तो लग रहा था कि इनका सिलेक्शन हो जाएगा, लेकिन दोनों को डर लग रहा था, ऐसा होना स्वाभाविक भी था। आकृति की तीसरी रैंक, श्रेया को 37वीं रैंक मिली29 मार्च की रात को यूपीपीसीएस का परिणाम आया। आकृति शुक्ला डिप्टी एसपी बनीं। डिप्टी एसपी सूची में उनकी तीसरी रैंक आई। श्रेया शर्मा कमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनीं। उनकी इस कैटेगरी में उनकी 37वीं रैंक है। जैसे ही परिवार में बाकी लोगों को जानकारी मिली, सब खुशी से झूम उठे। अखिलेश शुक्ला बोले- हमारा बड़ा सपना पूरा हो गया। एक ही दिन बेटी-बहू दोनों ने नाम रोशन कर दिया। हर घर को ऐसी बेटियां मिले। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए... ………………. ये पढ़ें - कान पकड़कर उठक-बैठक करने वाले IAS का इस्तीफा:यूपी में रिंकू सिंह 8 महीने से साइडलाइन थे; कहा- सैलरी मिली, लेकिन काम नहीं यूपी के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को नौकरी से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने लेटर में आरोप लगाया कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर (पैरलल) एक अलग सिस्टम चल रहा है। उन्हें वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल रहा था। हालांकि, राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे को रिंकू सिंह ने अपना नैतिक फैसला बताया। रिंकू को 8 महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेजा गया था। तब से उन्हें फील्ड में कोई पोस्टिंग नहीं मिली थी। पढिए पूरी खबर...
यूपी में जनगणना-2027 का पहला फेज आज से शुरू हो रहा है। 30 सितंबर, 2026 (6 महीने) तक इसे पूरा किया जाना है। यूपी में 22 मई से 21 जून तक जनगणनाकर्मी आपके घर आएंगे। 33 सवालों के जरिए आपसे जानकारी इकट्ठा करेंगे। इससे 15 दिन पहले यानी 7 मई से यूपी के लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी अपनी जानकारी भर सकते हैं। जनगणना का दूसरा फेज फरवरी, 2027 से शुरू होगा। आजादी के बाद देश में पहली बार जातिगत जनगणना भी हो रही है। अब लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर कोई नौकरी या किसी वजह से दूसरे शहर में रह रहा है, तो वो क्या करे? अगर कोई जनगणना में शामिल न होना चाहे या गलत जानकारी दे, तब क्या होगा? क्या आधार, पैन या घर-जमीन के कागजात भी दिखाने होंगे? आज भास्कर एक्सप्लेनर में इसी तरह के 12 सवालों के जवाब जानेंगे… सवाल 1. जनगणना से आपको क्या फायदा होगा? जवाब. जनगणना सीधे आपके जीवन पर असर डालती है। भले ही यह तुरंत नहीं दिखे। जनगणना से सरकार को पता चलता है कि किस इलाके में कितने और किस वर्ग के लोग रहते हैं। इससे राशन, आवास, पेंशन जैसी योजनाएं सही लोगों तक पहुंचती हैं। आपके इलाके की आबादी का सही डेटा सामने आने से नई सड़कें, अस्पताल, स्कूल/कॉलेज की सही प्लानिंग हो पाती है। सरकारी नौकरियों में सीटों का निर्धारण, आरक्षण का संतुलन वगैरह जनगणना के डेटा पर निर्भर करता है। जनगणना के बाद ही विधानसभा और लोकसभा सीटों का परिसीमन होता है। सवाल 2. जनगणनाकर्मी हमसे क्या नहीं पूछ सकते? जवाब. जनगणना में मुख्य रूप से आपके मकान की स्थिति (कच्चा या पक्का), घर में बिजली, पानी, शौचालय, वाहन, टीवी, इंटरनेट से जुड़े करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणनाकर्मी आपसे ये 3 सवाल नहीं पूछ सकते- 1) महीने की कमाई या बैंक बैलेंस से जुड़ा कोई सवाल। 2) आधार, पैन या कोई अन्य कागजात दिखाने का दबाव। 3) बैंक अकाउंट नंबर या ओटीपी (OTP) जैसी निजी जानकारी। सवाल 3. क्या आधार, पैन कार्ड जैसे कागजात भी दिखाने होंगे? जवाब. जनगणना में भाग लेने के लिए किसी भी तरह का दस्तावेज जैसे- आधार, पैन कार्ड या नागरिकता से जुड़ा दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है। न ही बैंक या अपने मकान, घर, खेत वगैरह के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज दिखाने हैं। सवाल 4. अगर मैं जनगणना में हिस्सा न लूं या गलत जानकारी दूं, तब क्या होगा? जवाब. जनगणना कर्मियों को जानकारी न देना, गलत जानकारी देना या उनके साथ सहयोग न करना अपराध है। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 की उपधारा (2) के तहत, आप जनगणना से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए बाध्य हैं। इसी कानून की धारा 11(1)(घ) के मुताबिक, जनगणना से जुड़े सवालों के जवाब देने से मना करना या गलत जानकारी देना अपराध है। इसके लिए एक हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सवाल 5. क्या हमारी निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल हो सकता है? जवाब. जनगणना के तहत इकट्ठा की गई सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा- 15 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। डेटा को एन्क्रिप्ट करके साइबर सिक्योरिटी के साथ सरकारी सर्वरों में इकट्ठा किया जाता है। सिर्फ सरकार इसका इस्तेमाल योजनाएं और नीतियां बनाने में करती है। इसलिए इस डेटा के गलत हाथों में पड़ने की गुंजाइश न के बराबर है। सवाल 6. मैं जनगणना में किस तरह हिस्सा ले सकता हूं? जवाब. आप जनगणना 2027 में दो तरह से भाग ले सकते हैं- 1) कैनवसर मैथड: जनगणनाकर्मी आपके घर आकर आपसे सवाल पूछेगा और उसे डिजिटल पोर्टल पर भरेगा। 2) सेल्फ-एन्यूमरेएशन (SE) मैथड: आप सेल्फ-एन्यूमरेएशन पोर्टल के जरिए सारी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। फाइनल सब्मिशन के बाद आपको एक आईडी मिलेगी। जब जनगणनाकर्मी आपके घर आए तब वो आईडी दे दें, कर्मचारी उसे वैरिफाई कर देगा। सवाल 7. मैं किराए पर रहता हूं। क्या जनगणना से छूट जाऊंगा? जवाब. नहीं, आपका परिवार जनगणना से नहीं छूटेगा। आप चाहें तो SE पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं। या फिर जनगणनाकर्मी के आने पर उसे जानकारी दे सकते हैं। सिर्फ ‘मकान के मालिकाना हक’ में दो तरह के ऑप्शन रहेंगे। पहला- किराए पर रहते हैं, लेकिन कहीं और अपना घर है।दूसरा- किराए पर रहते हैं और अपना कोई घर नहीं है। इनमें से कोई एक सिलेक्ट करना होगा। साथ ही किराए के मकान के जितने हिस्से में आपका परिवार रहता है, उसकी जानकारी देनी होगी। सवाल 8. क्या मैं आज ही पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकता हूं? जवाब. नहीं, राज्यों के हिसाब से सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल खुलने की तारीख अलग-अलग है। राज्य में हाउस लिस्टिंग और हाउस सेंसेस फेज शुरू होने से ठीक 15 दिन पहले तक सेल्फ-एन्यूमरेएशन पोर्टल खुला रहेगा। इस दौरान आप अपनी जानकारी भर सकेंगे। यूपी के मामले में ये तारीख 7 से 21 मई, 2026 तक है। आप इस दौरान सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जानकारी भर सकते हैं। सवाल 9. सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जानकारी भरने का प्रोसेस क्या है? जवाब. सवाल 10. मुझे इंग्लिश नहीं आती, पोर्टल का इस्तेमाल कैसे करूं? जवाब. आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पोर्टल पर अंग्रेजी, हिंदी समेत 16 क्षेत्रीय भाषाओं का ऑप्शन दिया गया है। आप अपनी सहूलियत की भाषा चुनकर पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। या आप जनगणनाकर्मी के घर आने का इंतजार कर सकते हैं। सवाल 11. ऑनलाइन डेटा भरते समय कुछ गलती हो गई तो क्या होगा? जवाब. अगर कोई गलत जानकारी दर्ज हो गई, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सेल्फ-एन्यूमरेशन को फाइनल सब्मिट करने से पहले अपनी डीटेल्स में बदलाव कर सकते हैं। फॉर्म सब्मिट होने के बाद कोई बदलाव कराना है, तो जब जनगणनाकर्मी आपके घर आएं, तब उनसे अपनी डीटेल्स ठीक करवाई जा सकती है। सवाल 12. जब जनगणनाकर्मी मेरे घर आएंगे तो क्या करना जरूरी है? जवाब. जनगणनाकर्मी आपके घर आए तब आपको ये 3 चीजें करनी हैं, भले ही आप अपना डेटा सेल्फ-एन्यूमरेएशन पोर्टल के जरिए भर चुके हों। 1) जनगणना कर्मचारियों को अपने घर में आने देना। 2) अपने घर की दीवार या दरवाजे पर नंबर लिखने देना। 3) अपनी सभी जानकारी एकदम सही देना। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… LPG की जगह एथेनॉल से पकेगा खाना, यूपी में प्रोडक्शन सबसे ज्यादा; जानिए ये नॉर्मल स्टोव से कितना अलग अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की वजह से देश में LPG को लेकर माहौल खराब है। LPG पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र सरकार एथेनॉल स्टोव के ब्लू प्रिंट पर काम कर रही है। 6 सवालों में जानते हैं कि एथेनॉल स्टोव क्या है? ये कैरोसीन से जलने वाले नॉर्मल स्टोव से कितना अलग है? पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर...
कमानी ऑडिटोरियम में चल रहे 'फेस्टिवल ऑफ लेटर्स' के दूसरे दिन, 24 भारतीय भाषाओं के कुल 24 लेखकों और कवियों को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वालों में अंग्रेजी लेखक और पूर्व राजदूत नवतेज सरना शामिल थे, जिन्हें उनके उपन्यास 'Crimson Spring' के लिए यह पुरस्कार मिला; और हिंदी लेखिका ममता कालिया को उनके संस्मरण 'जीते जी इलाहाबाद' के लिए सम्मानित किया गया।पुरस्कार विजेताओं को एक पेटी दी गई, जिसमें एक उत्कीर्ण तांबे की पट्टिका, एक शॉल और 1 लाख की नकद राशि शामिल थी। आज की बाकी बड़ी खबरें… कुवैत से 20 पार्थिव शरीर देरी के बाद केरल पहुंचेंगे कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 लोगों के पार्थिव शरीर मंगलवार को भारत पहुंचें। हवाई सेवाओं में रुकावट के कारण इनके आने में देरी हुई है। पार्थिव शरीरों को कुवैत एयरवेज की एक खास फ्लाइट से कुवैत से कोलंबो होते हुए कोच्चि के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि इस फ़्लाइट में कोई यात्री सवार नहीं है। मृतक केरल के अलग-अलग हिस्सों से हैं, जिनमें कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम शामिल हैं; जबकि कुछ शवों को तमिलनाडु में उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण कुवैत में पहले सेवाओं में आई रुकावटों की वजह से शवों को वापस लाने का काम रुका हुआ था। 2025 में भारत में 65 बार इंटरनेट बंद हुआ, एक्सेस नॉउ और कीपइटऑन एलायंस की रिपोर्ट भारत 2025 में इंटरनेट शटडाउन के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल रहा, जहां कुल 65 बार इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं। एक्सेस नॉउ और कीप इट ऑन अलायंस की रिपोर्ट के मुताबिक, 52 देशों में कुल 313 शटडाउन दर्ज हुए, जो 2024 के 304 मामलों से अधिक हैं। इन बंदियों के पीछे मुख्य कारण संघर्ष, विरोध-प्रदर्शन, चुनाव, राजनीतिक अस्थिरता, साम्प्रदायिक हिंसा नियंत्रण और सूचना पर नियंत्रण रहे। रिपोर्ट में फेसबुक, वाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में तलाशी अभियान शुरू; गोलीबारी की आवाज सुनी गई सुरक्षा बलों ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल ज़िले में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत तलाशी लेने के लिए ज़िले के अराहामा इलाके की घेराबंदी कर दी।अधिकारियों ने बताया कि घेराबंदी वाले इलाके के पास गोलीबारी की आवाज़ें सुनी जाने की ख़बर है।मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं।घटना के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है।
4 लेबर कोड बिल के विरोध में काला दिवस मनाएंगे आज
कोरबा| देश की 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन, स्वतंत्र क्षेत्रीय फेडरेशन और एसोसिएशन ने 1 अप्रैल को 4 लेबर कोड बिल के विरोध में काला दिवस मनाने का निर्णय लिया है। समर्थन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कोरबा ने किया है। पार्टी के जिला सचिव पवन वर्मा ने मजदूर, किसान समेत अन्य वर्गों से 4 लेबर कोड बिल के विरोध में प्रस्तावित काला दिवस के समर्थन की अपील की है।
मातृछाया के एक और बच्चे को मिल गया अपना परिवार
भास्कर न्यूज | कोरबा बुधवारी बाइपास मार्ग पर स्थित सेवा भारती के मातृ छाया में पल रहे एक और बच्चे को अपना परिवार मिल गया। यह सौभाग्य एक बार भी एक नि:संतान दंपत्ती को मिला है। जिन्हें वैधानिक व पारंपरिक रूप से दत्तल ग्रहण के साथ बच्चे को सौंपा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय उनकी पत्नी श्रद्धा पांडेय उपस्थित रहे। साथ ही बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उत्तम पाठक, सेवा भारती कोरबा के अध्यक्ष डॉ. विशाल उपाध्याय एवं प्रीति उपाध्याय की मौजूदगी में कार्यक्रम किया गया। डॉ. उपाध्याय ने सेवा भारती की स्थापना (रामनवमी 2018) से लेकर वर्तमान तक के विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी अतिथि अजय पांडेय ने कहा कि “वेदों में वर्णित ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का भाव सेवा भारती कोरबा द्वारा सार्थक रूप में निभाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान गोविंद माधव द्वारा एकल गीत एवं रेखा सिंह द्वारा सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन गोविंद माधव ने किया। इस अवसर पर सेवा भारती से जुड़े अन्य सेवाभावी कार्यकर्ता एवं मातृशक्तियां उपस्थित रहीं।
कूप निर्माण किए मजदूरों को 4 महीने भुगतान नहीं
भास्कर न्यूज | दुर्गूकोंदल दुर्गूकोंदल ब्लॉक के ग्राम साधुमिचगांव में वन विभाग द्वारा कराए गए कूप निर्माण कार्य में मजदूरों को चार महीने बाद भी मजदूरी भुगतान नहीं मिला है। काम पूरा हो चुका, भुगतान भी निकलने की बात सामने आ रही है, लेकिन मजदूर अब भी अपने हक के लिए इंतजार कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार महीने पहले वन विभाग के माध्यम से कूप निर्माण कार्य शुरू हुआ था। मजदूरों ने लगातार काम किया, लेकिन अब तक उन्हें पूरा भुगतान नहीं मिला। मजदूरों का कहना है कि जब काम का पैसा विभाग से निकल चुका है, तो फिर उन्हें मजदूरी क्यों नहीं दी जा रही। यह स्थिति उनके लिए आर्थिक संकट बन गई है। ग्रामीण मजदूर बज्जू राम जाड़े, फूलमा उइके, फगोबाई, ब्रिजबत्ती जाड़े, अखिलेश कुमार, भुनेश्वर गावड़े, बोदूराम गावड़े और हरेश गावड़े ने बताया कि वे कई महीनों से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि घर चलाने के लिए मजदूरी ही एकमात्र सहारा है। ऐसे में भुगतान में देरी से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सिरो कोमरे ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि अन्य क्षेत्रों में इसी तरह के कार्यों का भुगतान समय पर हो गया, लेकिन साधुमिचगांव में मजदूरी लंबित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में फॉरेस्ट गार्ड, डिप्टी रेंजर और रेंजर से चर्चा की गई है। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया है। सिरो कोमरे ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि काम का पैसा निकलने के बाद भी मजदूरों को उनका हक नहीं मिला। मजदूर किसी भी विकास कार्य की रीढ़ होते हैं, उनके साथ इस तरह की अनदेखी पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। एक-दो दिन में हो जाएगा भुगतान: वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि मजदूरों का भुगतान एक-दो दिन के भीतर कर दिया जाएगा।
चांपा हाईवे पर गार्ड तो दर्री टू-लेन पर ग्रामीण की मौत
भास्कर न्यूज | कोरबा जिले की सड़कों पर यातायात के दबाव के बीच वाहनों के तेजरफ्तार में चलने की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कोरबा-कटघोरा, कटघोरा-अंबिकापुर टू-लेन हो या फिर कटघोरा-बिलासपुर व कोरबा-चांपा फोरलेन या फिर अन्य कोई मुख्य मार्ग तेजरफ्तार में चलने वाले वाहनों के चालक लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक्सीडेंट कर रहे हैं। यातायात पुलिस की जांच व कार्रवाई के बाद भी आऊटर में वाहनों के रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रहा है। ऐसे ही तेजरफ्तार वाहनों की ठोकर से 24 घंटे के भीतर जिले के कोरबा-चांपा हाईवे व कोरबा-कटघोरा मार्ग पर दो हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। उरगा थाना अंतर्गत चांपा हाईवे पर सोमवार की शाम को दुर्घटना हुई। जहां करतला के केरवाद्वारी गांव निवासी करन सिंह यादव (23) की जान चली गई जो एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड था। जो सरगबुंदिया से अपनी बाइक में लौट रहा था, इस दौरान सामने से तेजरफ्तार बाइक आ जाने से उसकी बाइक से टक्कर हो गई। घटना में दोनों बाइक चालक घायल हो गए थे, जिसमें करन सिंह ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं मंगलवार की सुबह 5.30 बजे कोरबा-कटघोरा मार्ग पर दर्री थाना क्षेत्र में तेजरफ्तार वाहन ने स्कूटी को ठोकर मार दी। स्कूटी में लाटा निवासी प्रदीप कुमार इंदीवार (45) अपने नाबालिग भांजा के साथ सवार था। प्रदीप कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भांजा गंभीर रूप से घायल हो गया। हर दिन जा रही है जान जिले में सड़क पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के उपाय के साथ ही मुख्य मार्गो व प्रमुख चौराहों पर जांच अभियान चलाकर तेजरफ्तार व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके इस साल के शुरूआती 3 माह के दौरान 95 लोगों की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है। औसतन प्रतिदिन 1 व्यक्ति की जान सड़क पर गई है। रोड एक्सीडेंट पर किए गए समीक्षा के आधार पर तेजरफ्तार की वजह से 65 लोगों की मौत हुई है। मुख्य कारण है तेज रफ्तार ^एएसपी लखन पटले के मुताबिक जिले की सड़कों पर होने वाले ज्यादातर एक्सीडेंट का मुख्य कारण वाहनों का तेजरफ्तार चलना है। ऐसे वाहनों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
राजकाज 2.0:IAS और RAS ट्रांसफर-पोस्टिंग सिस्टम अब एआई आधारित होगा
राजस्थान में अब तक आईएएस, आरएएस का ट्रांसफर पोस्टिंग सिस्टम राजकाज प्रोग्राम या पोर्टल से संचालित हो रहा था। सरकार ने इसका अपडेट वर्जन राजकाज 2.0 तैयार किया है। यह पुराने सॉफ्टवेयर का एक एडवांस और मॉडर्न वर्जन है। लेकिन इस सिस्टम में प्रशासनिक एवं वित्तीय पावर समाहित नहीं होने के कारण अब 346 लाख की लागत से नया सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसमें मेन पावर के इंतजाम के साथ 2028 तक के लिए नया सोफ्टवेयर तैयार होगा। एआई आधारित नए सिस्टम में कुछ एडवांस फीचर दिए जाएंगे। वेब एप्लिकेशन को नए सिरे से डिजाइन और विकसित किया जाएगा। स्टेट ई मिशन टीम (सेम्ट) को इसका सलाहकार भी बनाया है। भविष्य का ट्रांसफर, पोस्टिंग, छुट्टी आवेदन, अचल संपत्ति विवरण, बायोमेट्रिक सिक्योरिटी (फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक), रियल-टाइम अलर्ट और ऑफलाइन मोड जैसी सुविधाएं देने वाला यह नया सिस्टम राज्य सरकार के स्तर पर स्वतंत्र रूप से बनाया जा रहा है। अब तक केंद्रीय डीओपी का रोल होता था। 3 साल का प्रोजेक्ट, 346 लाख खर्च स्टेट ई मिशन टीम राज्य में डिजिटल गवर्नेंस के प्रोजेक्ट्स के लिए मुख्य सलाहकार और तकनीकी प्रबंधन निकाय है। अगले तीन वर्षों के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने, मौजूदा पोर्टल राजकाज-2 को अपडेट करने वाले सोफ्टवेयर बनाने का काम इसे दिया जाएगा। राज्य सरकार की वेबसाइटों को दोबारा डिजाइन, विकास और अगले 3 वर्षों (2026-27 से 2028-29) के लिए उनके रखरखाव का कार्य शामिल है। मिशन टीम के प्रस्तावों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सरकारी कामकाज और नागरिक सेवाओं में शामिल करने का प्लान है। ये नई व्यवस्था एआई आधारित डाटा सेंटर बनेगा। इसी में पुराने राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर को तब्दील किया जाएगा। भारी एआई और मशीन लर्निंग वर्कलोड को संभालने वाला सिस्टम तैयार होगा। इसी से एआई रियल-टाइम फेस रिकग्निशन करेगी। ई वेबसाइटों में टेक्स्ट- टू-स्पीच, डिस्लेक्सिया फ्रेंडली व्यू व बेहतर सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा रहे हैं।
बच्चे से आपत्तिजनक हरकत करने वाला युवक गिरफ्तार
कोरबा | शहर के मानिकपुर चौकी अंतर्गत ढेलवाडीह बस्ती निवासी सीमन लाल कंवर (26) सोमवार की शाम शराब के नशे में धुत्त होकर गांव की गली में घूम रहा था। इस दौरान उसने गली में खेल रहे 5 साल के बच्चे को बुलाया। बच्चे के पास पहुंचते ही उसने आपत्तिजनक हरकत की। बच्चा चीखने-चिल्लाने लगा तो परिजन व पड़ोसी वहां पहुंचे, उन्हें देखकर सीमन लाल मौके से भाग गया। दूसरी ओर परिजन बच्चे को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो संयंत्रों के डैम से उड़कर घरों के अंदर पहुंचा राखड़
भास्कर न्यूज | छुरीकला एनटीपीसी कोरबा का धनरास में और एचटीपीपी कोरबा पश्चिम का राखड़ डैम डिडोलभाठा छिरहुट में है, इन दिनों हवाओं के चलने पर आसपास गांवों में राखड़ उड़ने से ग्रामीण परेशान हैं। सोमवार की शाम तेज अंधड़ के कारण राखड़ उड़ने पर घरों में खाना पकाने में महिलाएं परेशान हुई। घरों के अंदर राखड़ घुसने पर परेशान रहे। आसपास का इलाका पूरी तरह से राखड़मय हो गया। सोमवार को डिडोलभाठा गांव के केंवट परिवार में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में मेहमानों के लिए बनाए भोजन को राखड़ से सुरक्षित रखने जद्दोजहद करते नजर आए।ग्रामीण लखनलाल ने कहा कि राखड़ उड़ने से पूरा क्षेत्र का वातावरण बदल गया है। घरों में रखें सामान पर राखड़ की परतें जम गई। घर के बाहर बैठना मुश्किल हो गया। विनोद कुमार ने कहा कि राखड़ बांध से राख उड़ने से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। तालाब व नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। ग्राम पंचायत डिंडोलभांठा की सरपंच प्रमिला कंवर ने कहा कि राख उड़ने की समस्या से पंचायत और जनपद स्तर पर जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है। लेकिन राहत नहीं मिल पा रही है। प्रबंधन नहीं ले रहा सुध ग्रामीणों में आक्रोश: शारदा क्षेत्र की जनपद सदस्य शारदा लता यादव ने कहा कि संयंत्र प्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार है। ग्रामीणों की समस्या के निराकरण पर सुध नहीं ले रही है। क्षतिपूर्ति की मांग किए जाने पर महज आश्वासन मिलता है। राखड़ डैम प्रभावितों में जनाक्रोश बढ़ रहा है। इसे लेकर आंदोलन किया जाएगा।
जाप व ध्यान से विश्व शांति और जनकल्याण का संदेश
कवर्धा| पतंजलि योग समिति की ओर से श्रद्धा और भक्ति के साथ गायत्री महामंत्र का विशेष अनुष्ठान किया गया। पूरे नवरात्रि में प्रतिदिन साधकों ने सामूहिक रूप से मंत्र जाप और ध्यान साधना की। जिला प्रभारी सुरेश चंद्रवंशी ने बताया कि गायत्री महामंत्र वेदों का सार है, जिसे ऋषि-मुनियों और देवताओं द्वारा मानव कल्याण के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव की प्रेरणा से योग साधक-साधिकाओं ने पूरे नवरात्रि में श्रद्धा के साथ इस अनुष्ठान में भाग लिया। नियमित जाप और ध्यान के माध्यम से लोगों ने आत्मशांति और ऊर्जा का अनुभव किया। अनुष्ठान की पूर्णाहुति के अवसर पर नगर के कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य यजमान के रूप में नपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व जिपं अध्यक्ष संतोष पटेल उपस्थित रहे। इसके अलावा भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी अजय चंद्रवंशी, महिला पतंजलि प्रभारी उमा बहन, महिला महामंत्री विनीता चंद्रवंशी, महामंत्री रामचंद्र जायसवाल, संगठन मंत्री अशोक चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में योग साधक-साधिकाएं मौजूद रहीं।
नवोदय विद्यालय में चयन छात्र सिद्धार्थ का सम्मान
बेमेतरा| जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनित हुए सेजेस सिंघौरी के छात्र सिद्धार्थ सोनी का विद्यालय में सम्मान किया गया। प्राचार्य संजय प्रसाद पयासी ने छात्र को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कक्षा शिक्षिका एवं व्याख्याता दीपिका साहू ने सिद्धार्थ की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और लगन से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। सिद्धार्थ की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने छात्रों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। उनके पिता राजू सोनी और मां आरती सोनी व शिक्षक उपस्थित रहे।
प्री-डीएलएड परीक्षा, आवेदन 13 अप्रैल तक
बेमेतरा| छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा सत्र 2026-27 के लिए प्री-डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बेमेतरा के प्राचार्य जेके घृतलहरे ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि परीक्षा 4 जून को संभावित है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में केंद्र बनाए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा। राज्य शासन के नियमों के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने पर शुल्क वापस किया जाएगा, जो उसी बैंक खाते में जमा होगा जिससे भुगतान किया गया है।
अमनिया से बांगर पीएम सड़क खराब बारिश में आवागमन ठप हो सकता है
भास्कर न्यूज|पोलमी अमनिया से बांगर तक बने पीएम सड़क की हालत इन दिनों खराब हो गई है। विशेषकर जंगल घाट के मोड़ों पर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगामी बरसात में यह मार्ग पूरी तरह बंद हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि रुखमीदादर, सांईटोला और चौऊरडोंगरी क्षेत्र में चल रहे जनमन सड़क निर्माण कार्य के चलते इस मार्ग पर भारी वाहन हाईवा, टिपर और ट्रैक्टर की आवाजाही लगातार बढ़ गई है। इसके कारण सड़क की स्थिति बदतर होती जा रही है। पूर्व जनपद सदस्य फुलवती सुंदर मरावी ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा है कि बरसात से पहले सड़क की मरम्मत अत्यंत जरूरी है।यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्र के लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। रपटे में बड़ा गड्ढा बन गया: सड़क पर बने पुल-पुलिया और रपटों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। इस मार्ग में एक ही नदी को 6 बार पार करना पड़ता है, जहां कई स्थानों पर पानी ऊपर से बहता है। अमनिया के पहले रपटे में बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सड़क की बदहाल स्थिति का सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि किसी बड़ी समस्या से बचा जा सके। राहत मिल सके।
सोसायटी में चना खरीदी के लिए दोबारा प्रमाणन पर किसान नाराज
भास्कर न्यूज | थान खम्हरिया क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी नहीं होने से किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। नेफेड मॉडल के तहत प्राथमिक सेवा सहकारी समिति के माध्यम से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) अंतर्गत दलहनी व तिलहनी फसलों की खरीदी 15 फरवरी से शुरू हो चुकी है, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जमीनी स्तर पर खरीदी शुरू नहीं हो पाई है। सोमवार 30 मार्च को क्षेत्र के किसान चना बेचने सोसायटी पहुंचे। किसानों का आरोप है कि प्रबंधन ने खरीदी करने से साफ इंकार कर दिया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुमीत चौरसिया द्वारा पहले ही उनके घर जाकर फसल का सत्यापन किया जा चुका है, इसके बावजूद नोडल अधिकारी से पुनः प्रमाणन की शर्त रखी जा रही है। इस मुद्दे को लेकर किसानों और समिति प्रबंधन के बीच करीब चार घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही। बाद में उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद यह सहमति बनी। जिसके तहत 1 अप्रैल को नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही चना खरीदी की जाएगी। फिलहाल इसे लेकर किसानों की परेशानी बढ़ रही है। सख्त गुणवत्ता मानकों से किसान परेशान हो रहे हैं क्षेत्र में एकीकृत किसान पोर्टल पर लगभग 250 किसानों का पंजीयन हुआ है, जो करीब 150 हेक्टेयर भूमि से जुड़े हैं। नेफेड द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार मसूर 7000 रुपये, चना 5875 रुपये और सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। किसानों का आरोप है कि खरीदी के लिए बनाए गए सख्त गुणवत्ता मानकों के कारण उनकी उपज खरीदी के योग्य नहीं मानी जा रही है। इनमें नमी, कचरा, खराब दाने, रंग परिवर्तन, अंकुरित या कीटग्रस्त उपज जैसे कई मापदंड शामिल हैं, जिससे अधिकांश किसान अपनी फसल बेचने में असमर्थ हो रहे हैं।
कार्य स्थल विवाद : 8 काम शुरू नहीं हुए, स्थल का निरीक्षण करने के लिए कहा
भास्कर न्यूज|पिपरिया नपं पिपरिया का दौरा कर विभिन्न निर्माण कार्य का कलेक्टर गोपाल वर्मा ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय, आकांक्षी शौचालय, व्यायाम शाला का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शौचालय में कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने शौचालय में लगी टाइल्स की खराब गुणवत्ता को देखते हुए उसे तत्काल उखाड़कर दोबारा सही तरीके से लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित मानक अनुरूप व टिकाऊ तरीके से किए जाएं। इसके अलावा नपं पिपरिया के सभाकक्ष में बैठक लेकर पिपरिया में चल रहे विभिन्न निर्माण, विकास कार्य की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विधायक निधि, राज्य प्रवर्तित मद तथा 15वें आयोग के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्य के प्रगति का बारीकी से जानकारी लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में नपं अध्यक्ष घुरवा राम साहू, उपाध्यक्ष शिवचरण पटेल सभापति, पार्षद सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान अधोसंरचना मद से संचालित शौचालय, अन्य निर्माण कार्य के प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि अधोसंरचना मद से 29 कार्य स्वीकृत है। इन 29 कार्य में से 21 कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 8 कार्य स्थल विवाद के कारण प्रारंभ नहीं हो सके हैं। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिया कि अधिकारी स्थल का निरीक्षण कर विवाद का शीघ्र निराकरण कर कार्य प्रारंभ कराएं। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण होना चाहिए। राज्य प्रवर्तित मद के तहत निर्माणाधीन मुक्तिधाम की जानकारी लेते हुए वहां हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण, गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुक्तिधाम तक पहुंचने में आ रही सड़क समस्या के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा बैठक में अन्य जानकारी दी गई। ढाई करोड़ रुपए लागत से पिपरिया में बनेगा अस्पताल पिपरिया में लगभग ढाई करोड़ रुपए की लागत से अस्पताल भवन निर्माण होगा। इसे लेकर कलेक्टर ने जानकारी ली व निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण के लिए शीघ्र भूमि का चिह्नांकन कर कार्य प्रारंभ किया जाए। तहसील भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसान सुविधा को ध्यान में रखते हुए किसान रेस्ट हाउस के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने कहा है। बैठक में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जलापूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
नहरों से रिसाव रुकेगा, जल संरक्षण भी होगा
भास्कर न्यूज | बोड़ला बोड़ला क्षेत्र के किसानों के लिए लंबे समय से इंतजार की घड़ी अब खत्म होने जा रही है। सिंचाई की सबसे बड़ी समस्या को हल करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर और उससे संबंधित माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन किया गया। 8.10 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद 1540 एकड़ क्षेत्र में नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यह परियोजना क्षेत्र के 6 गांवों मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंघनपुरी और राम्हेपुर कला के 800 से अधिक किसानों के लिए नई उम्मीद होगी। अब तक इन नहरों से करीब 1045 एकड़ क्षेत्र में ही सिंचाई हो पाती थी, लेकिन लाइनिंग के बाद 495 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र जुड़ जाएगा। कुल मिलाकर 1540 एकड़ जमीन पर पानी पहुंचेगा। नहरों की सीसी लाइनिंग से पानी का रिसाव काफी हद तक रुक जाएगा। इससे जल संरक्षण भी होगा और नहर के अंतिम छोर तक भी समान पानी पहुंच सकेगा। नियमित पानी मिलने से फसलों का उत्पादन अधिक बढ़ेगा इस परियोजना के बाद किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल या अन्य महंगे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नियमित पानी मिलने से फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी सुधार होगा। सारंगपुर में 41 लाख रुपए से सीसी रोड निर्माण और मेन चौक पर डोम निर्माण की भी घोषणा की।
एसआई धलेंद्र का सतनामी समाज ने किया स्वागत
महासमुंद| प्रगतिशील सतनामी समाज तुमगांव परिक्षेत्र के सदस्यों ने ग्राम तेंदूवाही निवासी एसआई पद पर चयनित धलेन्द्र प्रसाद भारती पिता शंकर लाल भारती का प्रशिक्षण पश्चात प्रथम नगर आगमन पर तुमगांव चौक में स्वागत किया। बाइक रैली के माध्यम से उसके गृह ग्राम तक ले जाया गया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष खोशील जेंडरे, हर्षप्रताप मन्नाडे, वेदराम गिलहरे, गोवर्धन खूंटे, लोकनाथ कुर्रे, परमानंद बंजारे सहित अन्य मौजूद थे।
बेलटुकरी के कौशल बने उपनिरीक्षक, हुआ स्वागत
राजिम| ग्राम बेलटुकरी के एक साधारण किसान के पुत्र उपनिरीक्षक बने हैं। उनके गांव आने पर ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। बता दें, कौशल कुमार किसान भूनूराम साहू व सुनीता साहू के पुत्र हैं। एक साल की ट्रेनिंग के बाद गांव लौटने पर कौशल का आत्मीय स्वागत किया गया। इस आयोजन में उनके प्राथमिक स्कूल के शिक्षक प्रधानाचार्य खेलावनराम साहू, माध्यमिक स्कूल के शिक्षक चंद्रशेखर मिश्रा, हेमंत साहू जनपद सदस्य, जीवनलाल साहू अध्यक्ष सरस्वती शिशु मंदिर बेलटुकरी, डॉ. रामकुमार साहू पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष गरियाबंद, तहसील साहू समाज राजिम के अध्यक्ष जगदीशराम साहू, सचिव संतोष साहू, परिक्षेत्र साहू समाज कौंदकेरा के अध्यक्ष युगल किशोर साहू, संगठन सचिव राजेन्द्र साहू, ग्रामीण साहू समाज बेलटुकरी के अध्यक्ष नेमीचंद साहू, उपाध्यक्ष हेमलाल साहू, पूर्व अध्यक्ष भीमसेन साहू, कोषाध्यक्ष योगेंद्र साहू, कृषक सहकारी समिति बेलटुकरी के अध्यक्ष चेमनलाल धीवर, पूर्व उपसरपंच तुकाराम तारक, श्रवण साहू बरोण्डा, गोविन्द साहू व डॉ सुरेंद्र साहू रायपुर सहित अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तेजराम विद्रोही ने किया। भारतीय किसान यूनियन जिला गरियाबंद के प्रचार मंत्री ललित कुमार साहू ने आभार व्यक्त किया।
रचा इतिहास : परीक्षा में बेहतर नतीजे से बच्चे हुए उत्साहित
भास्कर न्यूज | गरियाबंद सोमवार को नगर के एंजेल एंग्लो हाई स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। परिणाम को लेकर बच्चों और पालकों में खासा उत्साह देखने को मिला। निर्धारित समय में स्कूल के प्राचार्य स्टेफर्ड बंस ने बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर सभी कक्षाओं का परिणाम जारी किया। इस दौरान सालभर की मेहनत के बाद अपने रिजल्ट को लेकर बच्चों के चेहरे पर उत्सुकता और बेसब्री साफ झलक रही थी। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, पूरे परिसर में तालियों की गूंज सुनाई देने लगी। बच्चों व पालकों ने खुशी जाहिर करते हुए इस खास पल को उत्साहपूर्वक मनाया। प्राचार्य स्टेफर्ड बंस ने बताया, इस वर्ष विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने आने वाली कक्षाओं के लिए सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कक्षा एम 1 में मोक्षिता सिन्हा, एम 2 में मिशिका कामदेई, एम 3 में ध्रुविका साहू, कक्षा 1 में धैर्य यादव, कुशाग्र साहू कक्षा 2 में मानव साहू, कक्षा 3 में इहान मरकाम, कक्षा 4 में प्रज्ञा यादव, कक्षा 6 में क्षमा सिन्हा, कक्षा 7 में द्रोण तिवारी, कक्षा 9 में निहारिका ध्रुव, कक्षा 11 में अवनि साहू, शौर्या वर्मा अव्वल रहे। रिजल्ट डे के अवसर पर पूरे स्कूल में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
नवापारा के होनहार हसनैन रज़ा बने पुलिस सब-इंस्पेक्टर, नगर में किया गया अभिनंदन
भास्कर न्यूज | नवापारा-राजिम नगर के एक और प्रतिभावान युवा हसनैन रज़ा का चयन छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद पर होने पर नगरवासियों में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर गोबरा नवापारा में उनका भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिकों और समाजजनों ने उपस्थित होकर उनका स्वागत और सम्मान किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने हसनैन रज़ा को शॉल, श्रीफल और पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नगरवासियों ने कहा, हसनैन रज़ा की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे नगर और समाज के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिक और समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें गिरधारी अग्रवाल, किशोर देवांगन, प्रसन्न शर्मा, अल्तम सिद्दीकी (सदर मुस्लिम समाज), ब्रह्मदत्त शास्त्री और रामा यादव सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। सभी ने हसनैन रज़ा को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कठिन परिश्रम से हासिल की सफलता: हसनैन हसनैन रज़ा की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती स्कूल, गोबरा नवापारा में हुई। वर्ष 2008 में उन्होंने 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए रायपुर चले गए। रायपुर के साइंस कॉलेज से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा वाली लिखित परीक्षा और साक्षात्कार को पार करते हुए पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद प्राप्त किया।
पुलिस ने शराब के साथ एक आरोपी को पकड़ा
पाण्डुका| “नया सवेरा” के तहत पाण्डुका थाना पुलिस ने अवैध शराब परिवहन पर कार्यवाही की है। पुलिस ने अवैध शराब का परिवहन करते हुए एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पाण्डुका पुलिस ने मुखिबर की सूचना पर नहर पार में दबिश देकर रहमुद्दीन कुरैशी (37 वर्ष), निवासी ग्राम भोथीडीह, थाना मगरलोड, जिला धमतरी को पकड़ा। उसके कब्जे से 9 लीटर देशी व अंग्रेजी शराब व एक स्कूटी बरामद की गई। शराब की अनुमानित कीमत 5200 रुपए बताई जा रही है।
महिलाओं को सीमित न रखें, घर के काम में हाथ बटाएं पुरुष : एकता
भास्कर न्यूज| महासमुंद ग्राम पंचायत हाड़ाबंद में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और बच्चों के भविष्य को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाड़ाबंद की सरपंच ममता साहू ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाज सेविका डॉ. एकता लंगेह ने अपने संबोधन में ग्रामीण महिलाओं की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। कहा, आज भी ग्रामीण महिलाएं विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाई हैं। डॉ. एकता ने कड़ा संदेश देते हुए कहा सुबह से शाम तक महिलाओं को केवल घर की जिम्मेदारी सौंपकर पुरुष वर्ग ने उन्हें चारदीवारी में कैद कर लिया है। खाना बनाना सिर्फ महिलाओं का ही काम नहीं है, स्थिति अनुसार पुरुषों को भी रसोई संभालनी चाहिए और घर के कामों में बराबर का हाथ बंटाना चाहिए। डॉ. एकता ने सामाजिक सुधार पर जोर देते हुए कहा कि नशा परिवार, समाज और देश तीनों को बर्बाद कर देता है, इससे दूर रहना ही भलाई है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे छोटे बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखें और उन्हें अनिवार्य रूप से स्कूल भेजें ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। हाड़ाबंद का यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की भूमिका और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सशक्त मंच साबित हुआ। इकार्यक्रम को सफल बनाने में प्रिया ठाकुर, राजेश, हेमवती यादव, गुड्डी सिन्हा, मिलवंतीन यादव सहित हाड़ाबंद के सभी पंचगणों और मितानिन दीदियों का विशेष योगदान रहा। घरेलू हिंसा और प्रताड़ना को सहन न कर निडर होकर आगे बढ़ें: विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित अधिवक्ता टी. दुर्गा राव ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने घरेलू हिंसा और प्रताड़ना को सहन न करने की सलाह देते हुए महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता राजपूत ने नारी शक्ति का नारा बुलंद करते हुए देश की सभी महिलाओं को एकजुट होकर नई ऊंचाइयों को छूने का आह्वान किया।
गुलाब गार्डन के सामने नई सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन हुआ
भास्कर न्यूज | गोबरा नवापारा नगर के गुलाब गार्डन के सामने नई सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए बुधवार को भूमिपूजन हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू ने पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी, लोक निर्माण सभापति सचिन सचदेव, वार्ड पार्षद रामरतन निषाद, वार्ड-3 की पार्षद लोमेश्वरी साहू, वार्ड-16 के पार्षद प्रतिनिधि धीरज साहू व मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश पैकरा सहित वार्डवासी उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू ने कहा, इस सीसी रोड का निर्माण वार्डवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। सड़क बनने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। जल निकासी की समस्या से भी राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण सभापति सचिन सचदेव ने बताया, सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाएगा। इसमें उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाएगा, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे। वहीं वार्ड पार्षद रामरतन निषाद ने वार्डवासियों की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष और पूरी टीम का आभार जताया।
मानसगान सम्मेलन में मंडलियों ने सुनाई राम कथा
भास्कर न्यूज | पाण्डुका पाण्डुका अंचल के ग्राम पंचायत सरकड़ा में 27 मार्च से 30 मार्च तक रामचरित मानस गान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर मानस मंडलियों ने सुंदर प्रस्तुति देते हुए मानस गान प्रारंभ किया। सम्मेलन में आसपास के ग्राम के सैकड़ों लोग पहुंचे। कार्यक्रम के पहले दिन प्रथम मंडली श्री कृष्ण कला परिषद लीला मंडली ग्राम सरकड़ा ने अपनी प्रस्तुति दी। वहीं अन्य प्रसिद्ध मानस मंडलियों ने भी श्री रामचरित मानसगान किया। व्याख्याकारों ने कहा, राम के चरित्र को जीवन में आत्मसात करना ही सच्ची राम भक्ति है। भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उनका पूरा जीवन माता-पिता, गुरुओं व बड़ों का सम्मान में समर्पित रहा। मानस गान सम्मेलन के अंतिम दिवस पर समापन समर्पण मानस मंडली धरमपुरा (रायपुर) की मंडली ने प्रस्तुति देते हुए सभी का मन मोह लिया। इससे उत्साहित होकर पूरे ग्रामवासी झूम उठे। सभी मानस मंडलियों ने प्रभु राम के चरित्र व आदर्श के बारे में वर्णन किया। कहा, हम सभी यदि श्री रामचंद्र भगवान के एक गुण को भी धारण करेंगे तो हमारा जीवन सार्थक हो जाएगा। भगवान राम के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर हम अपने जीवन को कृतार्थ एवं सुखमय बना सकते हैं। रामचरित मानस गान कार्यक्रम का समापन 30 मार्च को हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने सभी लोगों के लिए प्रतिदिन प्रसादी भंडारे की व्यवस्था की। समापन समारोह में अतिथिगण अनिल चंद्राकर जिला अध्यक्ष भाजपा गरियाबंद, शिवांगी चतुर्वेदी सभापति जिला गरियाबंद, दुलारी साहू जनपद सदस्य छुरा, आशीष शर्मा जिला महामंत्री भाजपा गरियाबंद, सुमित पारख अध्यक्ष भाजपा मंडल गरियाबंद, रिकेश साहू अध्यक्ष भाजपा मंडल राजिम, टीकम साहू जिला उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा गरियाबंद, पंकज निर्मलकर सदस्य जनपद पंचायत छुरा, दशरथ निषाद अध्यक्ष अधिवक्ता संघ राजिम, कीर्तिलता दीवान सरपंच सरकड़ा,ललेश साहू अध्यक्ष ग्रामीण साहू समाज सरकड़ा, रामचंद्र निषाद अध्यक्ष ग्रामीण निषाद समाज सरकड़ा, जनक राम कंवर अध्यक्ष ग्रामीण कंवर समाज सरकड़ा एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे। मण्डली का संयोजक सुरेश शर्मा जी थे एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम के समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।
जिलेभर के मकानों को 3307 समूहों में बांटा, आज से नंबरिंग
प्रशासनिक िरपोर्टर | दुर्ग जिला प्रशासन ने जनगणना 2027 के लिए जिलेभर में मकानों का 3307 समूह बना लिया है। सभी मकान समूहों की गूगल मैप पर मार्किंग भी हो गई है। अब 1 अप्रैल से मकानों की नंबरिंग का कार्य शुरू होगा। जिससे मई महीने में कर्मचारी मकान नंबरों के आधार पर जनगणना शुरू कर पाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक मकान सूचीकरण ब्लॉक (एचएलबी) का गठन करना और एचएलबीसी बेव मैपिंग एप्लीकेशन पर इन मकान सूचीकरण ब्लॉक को चिन्हित करने का काम 30 मार्च तक पूरा करना था। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि एक एचएलबी में करीब 3 सौ मकानों की मैपिंग की गई है। एक एचएलबी में करीब ढाई सौ से 3 सौ लोग रहते हैं। इसी आधार पर यह बनाया गया है। ऐसा पहली बार होगा जब जनगणना से जुड़ी पूरी जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। 30 अप्रैल तक मकान सूची करण के साथ स्व गणना का काम पूरा होगा। इसके पहले तक गणना पत्रक के माध्यम से जानकारी जुटाई जाती थी। आनॅलाइन होने से सभी जानकारी सटीक और सुरक्षित रहेगी। जिले में जनगणना कार्य के मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए है। यही मास्टर ट्रेनर फील्ड में काम करने वालों को ट्रेनिंग देकर तैयार किया है। मकानों की नंबरिंग के बाद 1 मई से जनगणना का कार्य प्रारंभ होगा।
एक ही दिन में दो करोड़ टैक्स वसूली, बकाएदारों को अब 30 तक मोहलत
सिटी रिपोर्टर| भिलाई नगरीय प्रशासन-विकास विभाग ने करदाताओं को राहत देते हुए टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है। इस अवधि में बिना पेनाल्टी टैक्स जमा किया जा सकेगा। इसके बाद 17 प्रतिशत तक सरचार्ज लगेगा। दुर्ग जिले के भिलाई, दुर्ग, रिसाली और भिलाई तीन चरोदा निगम के 50 हजार से अधिक करदाता इसका लाभ उठा सकेंगे। 31 मार्च को अवकाश के बावजूद टैक्स काउंटर खुले रहे, जिससे एक दिन में करीब 2 करोड़ रुपए की वसूली हुई। इधर, नगर निगम भिलाई ने इस वित्तीय वर्ष में संपत्तिकर वसूली में बड़ा रिकॉर्ड बनाते हुए 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। 111.36 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 103 करोड़ रुपए वसूले जा चुके हैं। शेष करीब 8 करोड़ रुपए की वसूली अगले 30 दिनों में पूरी करने की तैयारी है। निगम अब वसूली व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इलाहाबाद बैंक के साथ अनुबंध करेगा और अपना खुद का सॉफ्टवेयर विकसित करेगा। इससे प्राइवेट एजेंसी पर निर्भरता खत्म होगी। इससे हर साल दिए जाने वाले लाखों रुपए के कमीशन की बचत होगी। प्राइवेट एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें भी सामने आई थीं, जिस पर आयुक्त राजीव पांडेय ने सख्ती दिखाई थी।
इतवारी-शालीमार-इतवारी समर स्पेशल ट्रेन 2 अप्रैल से 26 जून तक
भिलाई| गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनकी सुविधा के लिए इतवारी-शालीमार-इतवार ी समर स्पेशल ट्रेन 2 अप्रैल से चलाई जाएगी। हर गुरुवार को यह ट्रेन इतवारी से शालीमार के लिए और हर शुक्रवार को शालीमार से इतवारी के लिए चलेगी। प्रत्येक गुरुवार को शाम 5.10 बजे यह ट्रेन इतवारी से छूटेगी, जो गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव होते हुए रात 9.40 बजे दुर्ग आएगी और 5 मिनट रायपुर होते हुए आगे के स्टेशनों के लिए रवाना हो जाएगी। इसी तरह प्रत्येक शुक्रवार को शालीमार से शाम 6 बजे छूटकर आते समय यह ट्रेन बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर होते हुए दूसरे दिन सुबह 11.10 बजे दुर्ग पहुंचेगी और 5 मिनट रुककर राजनांदगांव, डोंगरगढ़ की ओर रवाना हो जाएगी। ट्रेन में 2 एसएलआरडी, 4 सामान्य श्रेणी, 10 स्लीपर, 3 एसी थर्ड टियर, 1 एसी सेकंड टियर, 1 पैंट्री कार, 1 वीपीयू सहित कुल 21 कोच होंगे। इसकी समय सारणी और उपलब्ध सीटों की जानकारी यात्री वेबसाइट से ले सकते हैं।
बाड़ी में चोरी रोकने सीसीटीवी कैमरे लगवाए, चोर उसे ही चुराकर ले गए
भिलाई| कुम्हारी थाना अंतर्गत बाड़ी से सीसीटीवी कैमरे चोरी का मामला सामने आया है। प्रार्थी ने लगातार हो रही चोरी की घटनाएं रोकने कैमरे लगवाए थे, लेकिन इंस्टॉलेशन के कुछ समय बाद ही चोर उसे भी चुरा ले गए। इस बीच मोबाइल में फुटेज की स्टोरेज देखने पर तीन व्यक्ति बाड़ी में घुसते दिखाई दिए। एक की पहचान होने पर शिकायत पर पुलिस ने जानू खुटेल समेत तीन लोगों के खिलाफ धारा 303(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। मामले में वार्ड नंबर 10 शंकरनगर कुम्हारी निवासी राजकुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि ग्राम पंचदेवरी में मेरा स्वयं का खेत है, जिसमें मकान बना हुआ है। वहां से कई बार केबल चोरी की घटनाएं हुई। इसलिए सीसीटीवी कैमरा लगवा दिए। 29 मार्च को बाड़ी में गया तो सीसीटीवी कैमरा गायब था। इस बीच मैंने मोबाइल में सीसीटीवी का फुटेज देखा तो उसमें 28 मार्च को सवा 4 से साढ़े 4 बजे के बीच ग्राम पंचदेवरी का जानू खुटेल और अन्य दो व्यक्ति दिखाई दिए। फुटेज से जानू की पहचान हो गई, लेकिन अन्य दो व्यक्ति पहचान में नहीं आए।
भारी वाहन सिंगल लेन में चलेंगे, बाकी वाहनों के लिए बदले रूट
क्राइम रिपोर्टर | भिलाई कुम्हारी के खारून नदी ब्रिज पर मरम्मत का काम मंगलवार से शुरू हो रहा है, जिसके साथ ही दुर्ग-रायपुर के बीच रोजाना का सफर महीनेभर तक बदल जाएगा। 1 से 30 अप्रैल तक नेशनल हाइवे-53 पर ट्रैफिक डायवर्सन लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को भीड़ और जाम से बचाने वाहनों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रूट तय किए हैं। पूरे डायवर्सन को लागू कराने दुर्ग पुलिस के 55 जवान तैनात रहेंगे। पुलिस अधीक्षक व डीआईजी विजय अग्रवाल का कहना है कि जरूरत पड़ने पर जवानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सबसे ज्यादा असर भारी वाहनों पर पड़ेगा, जिन्हें ब्रिज पर सिंगल लाइन में ही गुजरना होगा। दुर्ग से रायपुर जाने वाले भारी वाहन कुम्हारी ब्रिज से सिंगल लाइन में ही चलेंगे। वहीं, राजनांदगांव की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक बाफना टोल प्लाजा के पास रोका जाएगा। भिलाई औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्ट नगर से निकलने वाले भारी वाहनों पर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक कुम्हारी की ओर जाने पर रोक रहेगी। रायपुर से दुर्ग आने वाले भारी वाहन भी सिंगल लाइन में ब्रिज पार करेंगे। महासमुंद और सिलतरा-उरला क्षेत्र से आने वाले भारी वाहनों को शाम 5 से रात 8 बजे तक रोकेंगे। कार-बाइक के लिए ये रहेंगे वैकल्पिक मार्ग .दुर्ग से एयरपोर्ट, नया रायपुर, मंत्रालय, आरंग और अभनपुर जाने वाले वाहन नेवई, उतई, सेलूद, पाटन, अभनपुर मार्ग से जाएंगे। .सुपेला, भिलाई, रिसाली और नेवई क्षेत्र के वाहन उतई, सेलूद, ढौर, औरी, मोतीपुर, अमलेश्वर मार्ग अपनाएंगे। .खुर्सीपार, चरोदा और भिलाई-3 के वाहन सिरसा गेट, सिरसा खुर्द, औरी, मोतीपुर, अमलेश्वर मार्ग से निकलेंगे। .नंदिनी अहिवारा और कुम्हारी के वाहन कुम्हारी टोल पार कर दाहिने पुल से ब्रिज पार करेंगे। .इसी तरह रायपुर से दुर्ग आने वाले वाहन चंदनीडीह से बाएं मुड़कर पुराने रपटा पुल से कुम्हारी पहुंचेंगे।
जानलेवा हाइवे, 8 साल बाद भी बेरिकेड्स नहीं लगे, आए दिन गाड़ियां पलट रहीं
भिलाई | नेशनल हाइवे पर कैंप-1 महात्मा गांधी मार्केट से लेकर मजार (साक्षरता चौक) तक मुख्य सड़क की ऊंचाई सर्विस रोड से लगभग एक फीट तक है। इससे वाहन चालक सड़क किनारे आते ही हादसे का शिकार हो रहे हैं। साल 2017-18 के आसपास इस फोरलेन सड़क निर्माण किया गया था, तब से यहां किनारों पर लोहे के बेरिकेड्स नहीं लगाए गए हैं। हाल ही में इसी वजह से एक ट्रक पलटते-पलटते बचा। दरअसल हाइवे बनने के लगभग 8 साल बाद भी दोनों ओर बैरिकेडिंग नहीं लग पाई है। भविष्य में यदि हाइवे के दोनों ओर बैरिकेड्स नहीं लगाए गए तो बड़ी अनहोनी हो सकती है।
तीसरी डेडलाइन भी समाप्त हुई डिवाइडर, नाली निर्माण अधूरा
बालोद| सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत जिला मुख्यालय में डिवाइडर व अन्य निर्माण कार्य कराने पीडब्ल्यूडी ने तीसरा डेडलाइन 31 मार्च तय किया था। तय डेडलाइन में अधिकृत एजेंसी काम पूरा नहीं करवा पाया। 8 करोड़ मंजूरी के बाद काम अब तक जारी है। लिहाजा शहरवासियों को सुविधा मिलने में देरी हो रही है। जून तक काम पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि काम कब तक पूरा होगा, नई डेडलाइन के संबंध में पीडब्ल्यूडी अफसर पुख्ता जानकारी नहीं दे रहे।
भगवान महावीर जयंती: त्रिशला नंदन वीर की जयकारे से गूंजा शहर
भास्कर न्यूज | बालोद भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर सकल जैन समाज द्वारा महावीर जयंती का पर्व श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर में विशाल वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर त्रिशला नंदन वीर की जय के जयकारों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह प्रभात फेरी से हुई, जो जैन मंदिर से निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसके बाद सुबह लगभग 9 बजे शोभायात्रा जैन मंदिर से प्रारंभ हुई, जो सदर बाजार, घड़ी चौक, कचहरी चौक और मधु चौक होते हुए पुनः जैन मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों द्वारा स्वागत और अभिनंदन किया गया। जगह-जगह पुष्प वर्षा और जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे माहौल और अधिक उत्सवमय हो गया। जुलूस में आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं: जुलूस में आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें भगवान महावीर के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। बैंड पार्टी और भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं और पुरुषों तक सभी ने अनुशासन के साथ रैली में भाग लिया। नगर पालिका परिषद के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शोभायात्रा में शामिल हुए और समाज के साथ उत्सव में भागीदारी निभाई। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। महावीर जयंती के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया, बल्कि शहर में सामाजिक एकता और सौहार्द का भी सुंदर संदेश दिया।इस मौके पर प्रभु महावीर स्वामी के संदेशों और उनके आदर्शों को याद किया गया।
बैठक: नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री व तस्करी की रोकथाम करने पर जोर
भास्कर न्यूज | बालोद संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में मनः प्रभावी (नशीले) पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने की। बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान चलाने के उपायों पर चर्चा की गई। अपर कलेक्टर ने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा कृषि विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम निश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभागवार किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नशामुक्ति के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा जिला अस्पताल में इसके लिए विशेष कक्ष संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर नशीले पदार्थों की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने नियमित जांच की जा रही है। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जेएल उइके, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम, उप पुलिस अधीक्षक बोनीफास एक्का, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अनुशासन और लगन से प्राप्त किया जा सकता है लक्ष्य: गजेन्द्र
भास्कर न्यूज | बालोद डोंगरगांव में राजपूत समाज की एकता और विकास के संकल्प के साथ आयोजित राजपूत महासभा के वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में महासभा के पदाधिकारियों ने मंत्री का पारंपरिक तिलक लगाकर और साफा बांधकर स्वागत किया। इस अवसर पर महासभा के सदस्यों ने जय भवानी के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को शिक्षित और संस्कारवान बनने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता का मूल मंत्र है और अनुशासन व लगन से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने राजपूत समाज के गौरवशाली इतिहास और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना करते हुए समाज के युवाओं को आगे बढ़ने का मार्गदर्शन किया। इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार की शिक्षा योजनाओं और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की। अधिवेशन में महासभा के अध्यक्ष ने समाज की प्रमुख समस्याओं और मांगों को मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री ने आश्वस्त किया कि राजपूत समाज को 30 लाख रुपये की सहयोग राशि उपलब्ध कराई जाएगी। अधिवेशन में समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की मदद के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा भी की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने समाज की एकता और सहयोग के लिए शपथ भी ली। इस दौरान अंकित राजपूत सहित समाज के गणमान्य नागरिक और युवाओं की उपस्थिति रही। शिक्षा और सामाजिक समरसता पर जोर दिया राजपूत महासभा के वार्षिक अधिवेशन में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भी शामिल हुए। उनके आगमन पर समाज के युवाओं और वीरांगना बहनों ने तलवार बाजी और पुष्प वर्षा के साथ उन्हें सम्मानित किया। संबोधन में उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए युवाओं को शिक्षा और सामाजिक समरसता पर जोर देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
प्री-फैब्रिकेटेड निर्माण में लापरवाही, लगाई फटकार
भास्कर न्यूज | सुकमा स्वास्थ्य केंद्र नागाराम के निरीक्षण के दौरान प्री-फैब्रिकेटेड निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और अफसरों को फटकार लगाई। मंगलवार को सुदूर वनांचल क्षेत्र नागाराम एवं केरलापेंदा का निरीक्षण कर कलेक्टर अमित कुमार ने विभिन्न निर्माण एवं शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, राशन वितरण, आवास एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला एवं ब्लाक अधिकारी उपस्थित रहे। अफसरों ने निर्माणाधीन माध्यमिक शाला नागाराम निरीक्षण किया। आगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर में नियमित एंट्री करने, बच्चों को पौष्टिक आहार में हरी सब्जियां देने और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। नागाराम में ग्रामीणों को हर माह नियमित वितरण करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन पीडीएस भवन का निरीक्षण कर कार्य को समय पर निर्माण करने की बात कलेक्टर ने कही। वहीं चिंतलनार से मिलने वाले राशन के भंडारण एवं नागाराम में मई माह से वितरण शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी। इधर ग्रामीण इलाकों में पेयजल समस्या को देखते हुए जल जीवन मिशन के तहत एक सप्ताह के भीतर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा फौती नामांतरण, किसानों को ऋण पुस्तिका के अलावा ग्रामीणों को आधार कार्ड, बैंक खाता एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्या: नागाराम और केरला पेंदा में चौपाल लगाकर अफसरों ने ग्रामीणों से सीधा चर्चा की और पीएम आवास, आंगनवाड़ी संचालन, स्कूल व्यवस्था, बिजली, पानी, सड़क एवं राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने जनगणना में सहयोग, तेंदूपत्ता खरीदी और ग्रामीणों के बैंक खाते शत-प्रतिशत खोलने के निर्देश भी दिए।
उद्यम संवाद: वकील नाओ के CEO अम्रतांश अग्रवाल बोले:IIM इंदौर में जो सीखा, आज बिजनेस में आ रहा है काम
वकील नाओ के फाउंडर एवं CEO अम्रतांश अग्रवाल ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यहां सीखी मैनेजमेंट और लीडरशिप स्किल्स उन्हें बिजनेस में सीधे मदद कर रही हैं। वकील नाओ के फाउंडर और CEO अम्रतांश अग्रवाल कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें लीडरशिप और मैनेजमेंट से जुड़ी कई व्यावहारिक सीख हासिल हुई, जो आज उनके बिजनेस संचालन में काफी उपयोगी साबित हो रही है। अम्रतांश ने बताया कि IIM इंदौर का शैक्षणिक माहौल बेहद प्रेरणादायक है और यहां बिताए तीन दिन उनके लिए यादगार रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्हें लीडरशिप के गुण, मैनेजमेंट स्किल्स और बिजनेस को बेहतर तरीके से संचालित करने के नए दृष्टिकोण सीखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों से आए अनुभवी प्रोफेशनल्स और उद्यमियों से मिलने और संवाद करने का अवसर भी मिला, जिससे नई सोच और अनुभव साझा करने का मौका मिला। अम्रतांश अग्रवाल ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहने चाहिए, ताकि उद्यमियों और प्रोफेशनल्स को सीखने और नेटवर्किंग का मंच मिलता रहे।
छतरपुर के युवा उद्यमी राज गुप्ता हरि कंस्ट्रक्शन और राधे मार्केटिंग के माध्यम से रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उनका मानना है कि बिजनेस में लगातार सीखना और खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि वे दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम को बिजनेस ग्रोथ के लिए अहम मानते हैं। साफ सोच, क्वालिटी पर फोकस और प्रोफेशनल तरीके से काम करने की उनकी शैली उन्हें अलग पहचान दिला रही है। हरि कंस्ट्रक्शन और राधे मार्केटिंग के फाउंडर एवं डायरेक्टर राज गुप्ता रियल एस्टेट सेक्टर में लगातार सक्रिय रहते हुए अपने काम से लोगों का भरोसा जीत रहे हैं। उनका मानना है कि सिर्फ बिल्डिंग बनाना ही काम नहीं होता, बल्कि ग्राहकों का विश्वास हासिल करना ही असली सफलता होती है। राज गुप्ता हर प्रोजेक्ट को बेहतर प्लानिंग के साथ आगे बढ़ाते हैं और कोशिश करते हैं कि ग्राहकों को समय पर और बेहतर क्वालिटी मिले। वे कहते हैं कि काम ऐसा होना चाहिए जिसकी वैल्यू बाजार नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता खुद तय करे। यही सोच उनके काम करने के तरीके में साफ दिखाई देती है। रियल एस्टेट में काम करते हुए उन्होंने हमेशा पारदर्शिता, समयबद्धता और ग्राहक संतुष्टि को प्राथमिकता दी है। उनका मानना है कि किसी भी बिजनेस की मजबूत नींव सही प्लानिंग और ईमानदारी से किए गए काम पर टिकी होती है। राज गुप्ता ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर बिजनेस मैनेजमेंट, लीडरशिप और बेहतर निर्णय लेने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। उनके अनुसार, इस प्रोग्राम ने बिजनेस को नए नजरिए से समझने और टीम के साथ प्रभावी तरीके से काम करने की नई सोच दी। लगातार सीखने और आगे बढ़ने की सोच के साथ वे अपने काम में नए आइडिया और सुधार पर ध्यान दे रहे हैं। अपने सरल स्वभाव और प्रोफेशनल अप्रोच के साथ राज गुप्ता छतरपुर के रियल एस्टेट सेक्टर में एक भरोसेमंद और उभरते नाम के रूप में तेजी से पहचान बना रहे हैं।
एमपी में 15 अप्रैल से भीषण गर्मी पड़ेगी। सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल का इलाका तपेगा। वहीं इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग के शहर भी गर्म रहेंगे। हालांकि, अप्रैल की शुरुआत तेज आंधी और बारिश के साथ होगी। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने 1 से 4 अप्रैल तक आधे प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को इंदौर, उज्जैन-ग्वालियर समेत 29 जिलों में अलर्ट है। अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में मौसम बदलेगा, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी शामिल हैं। इससे पहले पिछले 2 दिन से पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। 12 जिलों में ओले गिर चुके हैं तो 41 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का असर रहा। मंगलवार को धार के कुक्षी, मनावर में ओले गिरे। वहीं, रात में कई जिलों में मौसम बदला रहा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम… दिन में गर्मी का असर भी...नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री पारआंधी, बारिश और ओले के दौर के बीच प्रदेश में गर्मी का असर भी देखा जा रहा है। मंगलवार को नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम-नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री, खरगोन, रायसेन-उमरिया में पारा 38 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और जबलपुर में तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर-ग्वालियर में 36.6 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री रहा। अप्रैल में तेज गर्मी का ट्रेंड, हीट वेव भी चलेगीवर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिल रही है। वहीं, 2 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसकी वजह से 4 अप्रैल तक कहीं आंधी चलेगी तो कहीं बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम आगे लौट जाएगा और गर्मी का दौर शुरू होगा। दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ेगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव-खजुराहो में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं, दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन, धार में बढ़ोतरी होगी। दरअसल, अप्रैल महीने में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से में भी गर्म हवाएं चलती हैं। इस वजह से यहां भीषण गर्मी पड़ती है। अलग-अलग इलाकों में हीट वेव का आधार अलगमौसम विशेषज्ञ के अनुसार, हीट वेव का असर तब माना जाता है, जब तापमान सामान्य से 5C ज्यादा हो। मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए हीट वेव की स्थिति तय करने का आधार अलग-अलग होता है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसमइस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड... मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। इंदौर में पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी, जो दो इंच के करीब है। 2023 में 20.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था। 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
पचोर के युवा उद्यमी नितांशु गुप्ता छोटे शहर से निकलकर रियल एस्टेट, स्टील और एफएमसीजी जैसे अलग-अलग बिजनेस सेक्टर्स में अपनी पहचान बना रहे हैं। नई सोच, मजबूत फाइनेंशियल समझ और प्लानिंग के साथ वे अपने कारोबार को लगातार आगे बढ़ाने और नए अवसरों की ओर विस्तार करने पर काम कर रहे हैं। इंडीपावर स्टील वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नितांशु गुप्ता उन युवा उद्यमियों में शामिल हैं, जिन्होंने छोटे शहर से शुरुआत कर मल्टीपल बिजनेस सेक्टर्स में अपनी अलग पहचान बनाई है। रियल एस्टेट, स्टील और एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वे व्यवसाय को योजनाबद्ध तरीके और लंबी सोच के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल यानी आज से स्कूल चलें हम अभियान के साथ होंगी। चार दिन तक चलने वाले इस अभियान का फोकस सिर्फ औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने पर रहेगा। करीब 92 हजार सरकारी स्कूलों और 85 लाख विद्यार्थियों वाले इस बड़े तंत्र में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी। राज्य से लेकर गांव स्तर तक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर दी गई। पहले दिन बालसभा के जरिए बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा। दूसरे दिन भविष्य से भेंट कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। तीसरे दिन सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के माध्यम से पालकों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी, जबकि चौथे दिन ऐसे बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा, जो पढ़ाई में पिछड़ गए। गांव और बस्तियों में बच्चों की होगी पहचान अभियान का सबसे अहम उद्देश्य स्कूलों में नामांकन बढ़ाना है। इसके लिए गांव और बस्तियों में ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो अभी तक स्कूल से बाहर हैं। शिक्षकों और प्रशासनिक अमले को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने की कोशिश की जाए। अभिभावकों का स्कूल स्तर पर स्वागत कर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में बताया जाएगा। अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। वहीं जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायक प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इससे अभियान को व्यापक जनभागीदारी मिलने की उम्मीद है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों का आयोजन व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से किया जाए। पहले दिन बालसभा, किताबें भी मिलेंगी 1 अप्रैल को सभी स्कूलों में बालसभा का आयोजन होगा। इस दिन बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा, ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई में कोई बाधा न आए। साथ ही बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे स्कूल का माहौल उत्साहपूर्ण बने। अभियान के दूसरे दिन विद्यार्थियों को प्रेरित करने पर जोर रहेगा। इस दिन विभिन्न क्षेत्रों के सफल लोग जैसे खिलाड़ी, कलाकार, अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता स्कूल पहुंचकर बच्चों से संवाद करेंगे। वे अपने अनुभव साझा कर पढ़ाई के महत्व को समझाएंगे और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। 3 अप्रैल को स्कूलों में सांस्कृतिक और खेल-कूद कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें पालकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और शिक्षा में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर जोर रहेगा। जिन बच्चों की उपस्थिति 85% से अधिक रही है, उनके पालकों को सम्मानित भी किया जाएगा। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान अभियान के आखिरी दिन ऐसे विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी, जो कक्षोन्नति प्राप्त नहीं कर सके। उनके पालकों को समझाया जाएगा कि असफलता अंत नहीं है और लगातार प्रयास से बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। साथ ही शाला प्रबंधन समिति की बैठक में नए सत्र की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन और ड्रॉपआउट कम करने पर विशेष फोकस रहेगा।
उद्यम संवाद: IIM इंदौर से सीखी बिजनेस स्ट्रेटजी:ओमटेक्स फर्निशिंग को नई दिशा दे रहे अनमोल अग्रवाल
भोपाल के ओमटेक्स फर्निशिंग के डायरेक्टर अनमोल अग्रवाल नई पीढ़ी के उन युवा उद्यमियों में शामिल हैं, जो पारिवारिक व्यवसाय को आधुनिक सोच और प्रोफेशनल विजन के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम से मैनेजमेंट और लीडरशिप स्किल्स सीखी। ओमटेक्स फर्निशिंग के डायरेक्टर अनमोल अग्रवाल शहर के युवा व्यवसायियों में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। वे इस प्रतिष्ठित फैमिली बिजनेस की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्ष 1975 में उनके दादाजी द्वारा स्थापित इस व्यवसाय ने समय के साथ ग्राहकों के बीच भरोसे और गुणवत्ता की मजबूत पहचान बनाई है।
पाञ्चजन्य होम्स एलएलपी छतरपुर के डायरेक्टर अपूर्व गुप्ता नई पीढ़ी के उन युवा उद्यमियों में हैं, जो आधुनिक सोच और प्रोफेशनल अप्रोच के साथ छतरपुर के रियल एस्टेट सेक्टर में बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं। रियल एस्टेट के साथ-साथ माइनिंग और ट्रेडिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए वे अपने बिजनेस को नई सोच और लंबी प्लानिंग के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम से मिली लीडरशिप और मैनेजमेंट की सीख ने उनके काम करने के तरीके और बिजनेस विजन को और मजबूत बनाया है। पाञ्चजन्य होम्स एलएलपी के डायरेक्टर अपूर्व गुप्ता रियल एस्टेट सेक्टर में एक युवा उद्यमी के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। वे छतरपुर में बेहतर प्लानिंग, मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी प्रोजेक्ट्स के जरिए रियल एस्टेट डेवलपमेंट को नई दिशा देने पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि आज रियल एस्टेट सिर्फ बिल्डिंग बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बेहतर लाइफस्टाइल और प्लान्ड शहरों के विकास से भी जुड़ा हुआ है।
बालाजी एसोसिएट्स, बैतूल के फाउंडर एंड डायरेक्टर संदीप कुमार सोनी और अनिल कुमार खवसे ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर लीडरशिप, टीम मैनेजमेंट और आधुनिक बिजनेस रणनीतियों की गहरी समझ हासिल की। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम ने उनकी कार्यशैली और टीम अप्रोच को नई मजबूती दी। रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय बालाजी एसोसिएट्स, बैतूल के डायरेक्टर एवं फाउंडर संदीप कुमार सोनी और अनिल खवसे ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण को और सशक्त बनाया। उन्होंने बताया कि यह प्रोग्राम उनके लिए सीखने और आत्ममंथन का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। दोनों उद्यमियों के अनुसार, उनके लिए बिजनेस केवल पार्टनरशिप नहीं बल्कि परिवार की तरह है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए बिजनेस सिर्फ पार्टनरशिप नहीं, बल्कि परिवार है। ‘उद्यम संवाद’ से मिली लर्निंग्स ने हमारी टीम बिल्डिंग और लीडरशिप अप्रोच को और मजबूत किया है। इसी माइंडसेट के साथ हम सस्टेनेबल ग्रोथ की दिशा में काम कर रहे हैं।” प्रोग्राम के दौरान उन्होंने लीडरशिप डेवलपमेंट, टीम बिल्डिंग, मैनेजमेंट स्किल्स और प्रभावी मार्केटिंग स्ट्रेटजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके अनुसार, बदलते बिजनेस वातावरण में मजबूत टीम और स्पष्ट विजन के साथ काम करना ही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि सही नेतृत्व टीम के भीतर विश्वास और सहयोग की भावना विकसित करता है, जिससे संगठन की कार्यक्षमता और परिणाम दोनों बेहतर होते हैं। साथ ही, मार्केटिंग और मैनेजमेंट की नई रणनीतियों को अपनाकर बिजनेस को स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यम संवाद’ ने उन्हें आधुनिक बिजनेस की जरूरतों को समझने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने की नई सोच प्रदान की, जिसे वे अपने संगठन में लगातार लागू कर रहे हैं।
जेसन्स एकेडमी के डायरेक्टर जैसन जोसफ ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर अपनी लीडरशिप स्किल्स को नई मजबूती दी। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम उनके लिए प्रेरणादायक और परिवर्तनकारी अनुभव रहा, जिसने उन्हें शिक्षा क्षेत्र को नए विजन के साथ देखने की दिशा दी। जेसन्स एकेडमी के डायरेक्टर जैसन जोसफ ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर लीडरशिप और मैनेजमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख हासिल की। उन्होंने बताया कि IIM इंदौर का यह प्रोग्राम उनके लिए पहला ऐसा अनुभव रहा, जिसने उन्हें नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा प्रदान की। उनके अनुसार, इस प्रोग्राम ने उन्हें अपने कार्य को अधिक समर्पण और उत्साह के साथ करने की प्रेरणा दी। यहां से उन्होंने पांच महत्वपूर्ण सिद्धांतों को अपनाया, जिन्हें वे अपने संस्थान में लागू कर रहे हैं। पहली सीख समय की पाबंदी (Punctuality) की रही, जिसे उन्होंने किसी भी संस्थान की सफलता की आधारशिला बताया। दूसरी, निरंतरता (Consistency), क्योंकि लगातार प्रयास ही स्थायी परिणाम सुनिश्चित करते हैं। तीसरी सीख समर्पण (Dedication) की रही, जहां लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूर्ण निष्ठा आवश्यक होती है। चौथी, फोकस (Focus), यानी लक्ष्य पर स्पष्ट ध्यान बनाए रखना सफलता की कुंजी है। पांचवीं और विशेष सीख कड़ी मेहनत के साथ राष्ट्रभावना और जिम्मेदारी को जोड़ने की रही। उनके अनुसार, शिक्षा केवल करियर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम ने उन्हें यह समझाया कि लीडरशिप का अर्थ केवल टीम का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देना भी है। एक सफल लीडर के लिए स्पष्ट विजन, ज्ञान और दृढ़ संकल्प बेहद जरूरी हैं। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने शॉर्टकट से दूर रहने, कड़ी मेहनत अपनाने और सही तरीके से सीखने पर जोर दिया। वहीं अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘उद्यम संवाद’ ने उनके विजन को विस्तार दिया और उन्हें एक बेहतर एजुकेशन लीडर बनने की दिशा प्रदान की।
निमंत्रण ग्रुप के को-फाउंडर विरेश पिपाड़ा ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर आधुनिक बिजनेस मैनेजमेंट, लीडरशिप और कस्टमर फोकस के नए आयाम सीखे। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा और इससे उनके बिजनेस विजन को नई दिशा मिली। निमंत्रण ग्रुप के को-फाउंडर विरेश पिपाड़ा ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण को और व्यापक बनाया। उन्होंने बताया कि बिजनेस फैमिली से होने के कारण उन्हें पहले से ही ग्राउंड लेवल की समझ थी, लेकिन इस प्रोग्राम ने उनकी सोच को नए आयाम दिए। कार्यक्रम के दौरान उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स से मिलने और उनकी कार्यशैली को समझने का अवसर मिला, जिससे उनके बिजनेस अप्रोच में नई विविधता आई। विरेश पिपाड़ा के अनुसार, इस प्रोग्राम ने उन्हें तीन महत्वपूर्ण बिजनेस सिद्धांतों को और मजबूती से अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पहला सिद्धांत है—“उपभोक्ता ही राजा है।” उनके अनुसार, किसी भी व्यवसाय की सफलता पूरी तरह ग्राहक संतुष्टि पर निर्भर करती है। दूसरा, प्रभावी लीडरशिप, जहां एक सफल लीडर अपनी टीम को परिवार की तरह साथ लेकर चलता है और सामूहिक प्रयासों से बेहतर परिणाम हासिल करता है। तीसरा, सेवा की भावना—ग्राहकों को बेहतर सर्विस देना और उनकी बातों को समझना ब्रांड की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने मार्केटिंग और तकनीक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से नए ग्राहकों तक प्रभावी पहुंच बनाई जा सकती है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों के उपयोग से समय और लागत दोनों की बचत होती है तथा कार्यक्षमता बढ़ती है। युवा उद्यमियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि निरंतरता बनाए रखना, ग्राहकों का विश्वास कायम रखना और काम की गुणवत्ता में लगातार सुधार करना सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यम संवाद’ ने उन्हें आधुनिक बिजनेस की जरूरतों के अनुरूप सोचने और आगे बढ़ने की नई दिशा दी।
निमंत्रण ग्रुप के को-फाउंडर प्रवेश जैन ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर बिजनेस ग्रोथ, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जुड़ी नई रणनीतियों को समझा। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम ने उन्हें व्यवसाय को नए नजरिए से देखने और दीर्घकालिक सफलता के लिए प्रभावी दृष्टिकोण विकसित करने में मदद की। निमंत्रण ग्रुप के को-फाउंडर प्रवेश जैन ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि बिजनेस बैकग्राउंड होने के बावजूद इस प्रोग्राम ने उन्हें उन महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया, जो किसी भी व्यवसाय की सफलता में बड़ा अंतर पैदा करते हैं। कार्यक्रम के दौरान अनुभवी मेंटर्स और एक्सपर्ट फैकल्टी से उन्हें ब्रांड इमेज डेवलपमेंट, प्रभावी मार्केटिंग और ग्रोथ स्ट्रैटेजी से जुड़े व्यावहारिक अनुभव और नए आइडियाज सीखने का अवसर मिला। प्रवेश जैन के अनुसार, मजबूत ब्रांड इमेज बनाना बेहद जरूरी है, ताकि ग्राहक केवल प्रोडक्ट ही नहीं बल्कि ब्रांड के प्रति विश्वास और वफादारी भी विकसित करें। उन्होंने बताया कि प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से सही संदेश ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकता है और बाजार में अलग पहचान बनाई जा सकती है। ग्रोथ स्ट्रैटेजी के तहत उन्होंने एक्सपेंशन और मार्केट पेनिट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण बिजनेस मॉडल्स को समझा और यह सीखा कि बदलते बिजनेस एनवायरनमेंट तथा सरकारी नीतियों के अनुसार सही समय पर रणनीतियां लागू करना कितना जरूरी है। प्रवेश जैन ने कंज्यूमर सेंट्रिसिटी को बिजनेस की सफलता का मूल आधार बताया। उनका मानना है कि ग्राहकों और ब्रोकर्स की जरूरतों, बजट और अपेक्षाओं को समझकर ही दीर्घकालिक संबंध और स्थायी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक सफल लीडर के लिए मजबूत टीम बिल्डिंग, कंज्यूमर फोकस और बाजार के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार नजर बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
स्काईलाइन इंफ्रा की डायरेक्टर ईशा बहादुर दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर स्किल-आधारित लर्निंग और एथिकल लीडरशिप की अहमियत को गहराई से समझा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उनके बिजनेस विजन को मजबूत करने के साथ इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों को समझने का नया दृष्टिकोण दिया। स्काईलाइन इंफ्रा की डायरेक्टर ईशा बहादुर ने IIM इंदौर में आयोजित ‘उद्यम संवाद 2026’ के अंतर्गत बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर लीडरशिप और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर नई समझ विकसित की। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम केवल मैनेजमेंट सीखने का मंच नहीं था, बल्कि बदलते उद्योग जगत की आवश्यकताओं और व्यावहारिक कौशल के महत्व को समझने का प्रभावी अवसर भी रहा। ईशा बहादुर ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म से उन्हें यह स्पष्ट रूप से समझ आया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्किल्स और प्रैक्टिकल नॉलेज ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘लक्ष्य’ पहल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य छात्रों की थ्योरी और इंडस्ट्री के बीच मौजूद अंतर को कम करना है। कॉर्पोरेट अनुभव के दौरान उन्होंने महसूस किया कि कई युवा बिना आवश्यक कौशल के जॉब मार्केट में प्रवेश करते हैं, जिससे उनके करियर ग्रोथ में चुनौतियां आती हैं। उन्होंने बताया कि ‘उद्यम संवाद’ से मिली सीख ने स्किल-आधारित लर्निंग और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग की आवश्यकता को और मजबूत किया। ‘लक्ष्य’ के माध्यम से वे बैंकिंग, फाइनेंस, आईटी, एग्रीकल्चर और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रही हैं। साथ ही, बदलती तकनीक और उद्योग की मांगों के अनुसार युवाओं को लगातार अपडेट करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ईशा बहादुर ने एथिक्स और क्रेडिबिलिटी को दीर्घकालिक सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उनका मानना है कि किसी भी क्षेत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और मजबूत वर्क एथिक्स के बिना स्थायी सफलता संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं को धैर्य बनाए रखने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और ओवरकॉन्फिडेंस से बचते हुए निरंतर सीखते रहने की सलाह दी।
रतलाम के युवा उद्यमी और शुभम ग्रुप ऑफ इंटरप्राइजेज के आंत्रप्रेन्योर गर्वित जैन ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर टीम मैनेजमेंट, रणनीतिक सोच और कार्य में निरंतरता की अहमियत को समझा। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम ने बिजनेस को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा दी। शुभम ग्रुप ऑफ इंटरप्राइजेज, रतलाम के आंत्रप्रेन्योर गर्वित जैन ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में आयोजित ‘उद्यम संवाद 2026’ के अंतर्गत बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर बिजनेस मैनेजमेंट के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को गहराई से समझा। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम सीखने और स्वयं को अपडेट करने का बेहतरीन अवसर साबित हुआ, जहां एक्सपर्ट फैकल्टी और विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमियों के अनुभवों ने उनकी सोच को नया विस्तार दिया। गर्वित जैन ने बताया कि इस प्रोग्राम की सबसे महत्वपूर्ण सीख टीम मैनेजमेंट रही। उनका मानना है कि किसी भी संगठन की सफलता उसकी टीम की मजबूती पर निर्भर करती है। सही लोगों का चयन कर उन्हें स्पष्ट दिशा देना और सामूहिक रूप से लक्ष्य की ओर बढ़ना सफलता की कुंजी है। उन्होंने अपने पिता की सीख — “टीम कभी हारती नहीं है और अकेला व्यक्ति कभी जीतता नहीं है” — को अपनी कार्यशैली का आधार बताया।दूसरी महत्वपूर्ण सीख स्ट्रेटेजिक ग्रोथ की रही। उन्होंने समझा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसका स्पष्ट और परिभाषित होना जरूरी है। जब लक्ष्य स्पष्ट होता है, तब योजनाबद्ध तरीके से निरंतर प्रयास करना आसान हो जाता है। तीसरी सीख ग्रोथ पर फोकस की रही, जिसमें बदलते समय के अनुसार खुद को ढालना आवश्यक है। उन्होंने अपने बिजनेस में सोशल मीडिया और ग्राहक जुड़ाव को बढ़ाकर विकास की दिशा में नए प्रयास शुरू किए।इसके साथ ही उन्होंने नवाचार को अपनाते हुए पारंपरिक कार्यप्रणाली में बदलाव किए, जिससे ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिल सके। उनका “कस्टमर फर्स्ट” दृष्टिकोण भी उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां वे लगातार ग्राहकों से फीडबैक लेकर अपनी रणनीतियों को बेहतर बनाते हैं।गर्वित जैन का मानना है कि चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर प्रयास सबसे जरूरी है। उनका मंत्र “लगे रहो” है। वे कहते हैं कि सीखते रहने की आदत, स्पष्ट विजन, जोखिम लेने की क्षमता और निरंतरता ही बिजनेस में दीर्घकालिक सफलता दिलाती है।
गगन इंफ्राबुल्स के चेयरमैन इंदर चौधरी ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर बिजनेस को नए दृष्टिकोण से समझने की सीख हासिल की। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम से मिली पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, फोकस, निरंतरता, सेल्स प्लानिंग और प्रभावी रणनीति जैसी सीखें उनके बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक साबित होंगी। पीथमपुर स्थित गगन इंफ्राबुल्स के चेयरमैन इंदर चौधरी ने IIM इंदौर में आयोजित ‘उद्यम संवाद 2026’ के अंतर्गत बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि यह प्रोग्राम उनके लिए अत्यंत समृद्ध और व्यावहारिक अनुभव रहा, जिसने रियल एस्टेट सेक्टर को समझने का नया नजरिया प्रदान किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी इंडस्ट्री-फोकस्ड अप्रोच रही, जहां सैद्धांतिक ज्ञान के साथ वास्तविक बिजनेस परिस्थितियों के अनुरूप रणनीतियों पर प्रशिक्षण दिया गया। इंदर चौधरी ने बताया कि इस प्रोग्राम से उन्हें बिजनेस ग्रोथ से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण सीखें मिलीं। पहली सीख पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की रही। उनके अनुसार, व्यक्ति की पर्सनैलिटी उसकी प्रोफेशनल क्वालिटी को दर्शाती है और ग्राहकों का विश्वास जीतने में अहम भूमिका निभाती है। दूसरी सीख फोकस की रही। उन्होंने कहा कि बिना एकाग्रता के किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम हासिल नहीं किए जा सकते, इसलिए लक्ष्य पर निरंतर ध्यान बनाए रखना आवश्यक है। तीसरी सीख निरंतरता की रही, जहां उन्होंने समझा कि सफलता लगातार प्रयास, अनुशासन और धैर्य से मिलती है। चौथी महत्वपूर्ण सीख सेल्स प्लानिंग से जुड़ी रही। उन्होंने जाना कि किसी भी प्रोडक्ट या प्रोजेक्ट की शुरुआत से पहले उसकी बिक्री की स्पष्ट रणनीति तैयार करना जरूरी है, क्योंकि बिजनेस की मजबूती का आधार प्रभावी सेल्स सिस्टम होता है। पांचवीं और सबसे अहम सीख स्ट्रैटेजी की रही। बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच टिके रहने और आगे बढ़ने के लिए यूनिक और स्पष्ट बिजनेस रणनीति अनिवार्य होती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान देशभर से आए उद्यमियों के साथ नेटवर्किंग ने उन्हें नए अवसरों और मजबूत बिजनेस कनेक्शन से जोड़ने का मौका दिया। इंदर चौधरी के अनुसार, ‘उद्यम संवाद’ ने उनकी सोच को अधिक परिपक्व बनाया और भविष्य की बिजनेस ग्रोथ के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान की।
दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम को डॉ. निखर अग्रवाल ने बिजनेस प्रोफेशनल्स के लिए एक सार्थक पहल बताया। उनका कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म न सिर्फ नई सीख देते हैं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों से जुड़ने और समझ बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। डॉ. निखर अग्रवाल के अनुसार, दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें विभिन्न सेक्टर से जुड़े लीडर्स एक साथ आए और अपने अनुभव साझा किए। इससे बिजनेस को नए नजरिए से समझने का मौका मिला। वे बताते हैं कि प्रोग्राम के दौरान IIM की एक्सपर्ट फैकल्टी ने थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज पर भी विशेष ध्यान दिया। यही संतुलन किसी भी बिजनेस को सही दिशा देने में मदद करता है। उनका मानना है कि केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों को समझना भी उतना ही जरूरी होता है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार, इस प्रोग्राम को इस तरह डिजाइन किया गया था कि हर बिजनेस प्रोफेशनल अपने काम से जुड़ी नई स्किल्स सीख सके और उन्हें सीधे अपने प्रोफेशन में लागू कर सके। उन्होंने कहा कि यहां मिली सीख को वे आज अपने कार्यक्षेत्र में उपयोग कर रहे हैं, जिससे निर्णय लेने और काम करने के तरीके में सकारात्मक बदलाव आया है। उनका मानना है कि लगातार सीखते रहना ही किसी भी प्रोफेशनल की सबसे बड़ी ताकत होती है और ऐसे लीडरशिप प्रोग्राम बिजनेस ग्रोथ के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं।
मशरूम बिजनेस से खोल रहे नए अवसर:उद्यम संवाद: तनमय पाठक ने अपने शहर से शुरू किया स्टार्टअप
कभी विदेश में पढ़ाई कर रहे तनमय पाठक ने कोविड के दौरान जीवन को नए नजरिए से देखा और अपने शहर ग्वालियर लौटकर कुछ अलग करने का फैसला किया। आज छत्रकम के फाउंडर एंड डायरेक्टर के रूप में वे मशरूम आधारित एग्री-बिजनेस के जरिए स्थानीय स्तर पर नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। तनमय पाठक ने जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई नोएडा से पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए वे यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन गए, लेकिन कोविड काल के दौरान परिस्थितियों ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। पढ़ाई के बीच ही उन्हें ग्वालियर वापस लौटना पड़ा, जहां उन्होंने अपने भविष्य को नए तरीके से समझने का अवसर पाया। तनमय बताते हैं कि कोविड का समय उनके लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि परिवार के साथ रहकर अपने शहर में कुछ नया और सार्थक करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसी सोच ने उन्हें नौकरी या पारंपरिक करियर की बजाय उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।काफी विचार और योजना के बाद उन्होंने मशरूम बिजनेस शुरू करने का निर्णय लिया। पिता के सहयोग से जमीन लेकर उन्होंने ड्राय मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया। उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि एग्री-बेस्ड सेक्टर में नए अवसर तैयार करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ाना भी है।अपने बिजनेस अनुभव को मजबूत बनाने के लिए तनमय ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भी भाग लिया। वे मानते हैं कि ऐसे प्रोग्राम हर बिजनेसमैन के लिए जरूरी हैं, क्योंकि इससे सोच का दायरा बढ़ता है और बिजनेस को प्रोफेशनल तरीके से समझने में मदद मिलती है। उनके अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण उद्यमियों को खुद को लगातार अपग्रेड करने और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं। नई सोच, सीखने की निरंतर इच्छा और अपने शहर से जुड़ाव के साथ तनमय पाठक आज एग्री-उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
खिलचीपुर के डॉ. सुमित कुमार सिंघी चिकित्सा क्षेत्र में सेवा भाव और मानवीय दृष्टिकोण के साथ अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने डॉक्टर बनने को केवल करियर नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना और आज शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों को समर्पण के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। खिलचीपुर के डॉ. सुमित कुमार सिंघी उन चिकित्सकों में शामिल हैं, जो इलाज को सिर्फ पेशा नहीं बल्कि जिम्मेदारी और सेवा का माध्यम मानते हैं। अपने दादाजी के सपने को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय किया और उसी संकल्प के साथ चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखा। वर्तमान में वे शासकीय अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हुए आम लोगों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सुलभ और बेहतर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। इसके साथ ही अपने निजी क्लिनिक में भी वे संवेदनशीलता और समर्पण के साथ मरीजों का इलाज करते हैं। उनका मानना है कि मरीज का भरोसा ही डॉक्टर की सबसे बड़ी उपलब्धि और पूंजी होती है। डॉ. सिंघी का प्रयास केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मरीजों को सही मार्गदर्शन और जागरूकता देने पर भी विशेष ध्यान देते हैं, ताकि लोग समय पर उपचार लेकर स्वस्थ जीवन जी सकें। उन्होंने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर हेल्थकेयर मैनेजमेंट और नेतृत्व से जुड़ी नई समझ हासिल की। उनका कहना है कि आज के समय में स्वास्थ्य सेवाओं में मेडिकल ज्ञान के साथ बेहतर प्रबंधन और मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही जरूरी है। इस कार्यक्रम से मिली सीख ने उनके कार्य करने के नजरिए को और व्यापक बनाया है। सेवा, संवेदना और समर्पण की भावना के साथ डॉ. सुमित कुमार सिंघी खिलचीपुर क्षेत्र में भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवा की मिसाल पेश कर रहे हैं।
कल्पधाम ग्रुप के जनरल मैनेजर सारांश गौतम रियल एस्टेट सेक्टर में आधुनिक मार्केटिंग सोच और रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ सागर शहर के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम से मिली सीख को वे अपने प्रोफेशनल कार्य में प्रभावी रूप से लागू कर रहे हैं। कल्पधाम ग्रुप के जनरल मैनेजर सारांश गौतम रियल एस्टेट सेक्टर में सेल्स, मार्केटिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभा रहे हैं। वे कंपनी में मार्केटिंग रणनीति, ब्रांड डेवलपमेंट, रेरा से जुड़े कार्यों के साथ-साथ प्रोजेक्ट्स के डिजाइनिंग पहलुओं की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सारांश गौतम का मानना है कि आज रियल एस्टेट केवल निर्माण का व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह विश्वास, प्लानिंग और बेहतर ब्रांड पोजिशनिंग का संयोजन बन चुका है। इसी सोच के साथ वे कल्पधाम ग्रुप के प्रोजेक्ट्स को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम के तहत आयोजित लीडरशिप प्रोग्राम की पहली बैच में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने IIM इंदौर के डायरेक्टर डॉ. हिमांशु राय सहित एक्सपर्ट फैकल्टी के सेशंस अटेंड किए, जहां मार्केटिंग, बिजनेस स्ट्रेटजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी महत्वपूर्ण स्किल्स सीखने का अवसर मिला। सारांश गौतम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रोग्राम उद्योग जगत के प्रोफेशनल्स को नए नजरिए से सोचने और खुद को अपडेट रखने का अवसर देते हैं। उनका मानना है कि IIM का सीखने वाला माहौल बेहद प्रेरणादायक रहा और यहां मिली सीख उनके कार्य में लगातार मदद कर रही है। वे बताते हैं कि सागर शहर तेजी से रियल एस्टेट ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा में कल्पधाम ग्रुप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक प्लानिंग और बेहतर डेवलपमेंट मॉडल के साथ कंपनी शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने का प्रयास कर रही है।
श्याम स्टील के डायरेक्टर चिराग अग्रवाल उन युवा उद्यमियों में शामिल हैं, जो पारंपरिक व्यवसायिक मूल्यों को आधुनिक मैनेजमेंट सोच और डिजिटल रणनीतियों के साथ जोड़ते हुए अपने कारोबार को नई दिशा दे रहे हैं। बदलते व्यावसायिक वातावरण में वे टीम डेवलपमेंट, नवाचार और आधुनिक मार्केटिंग को सफलता का प्रमुख आधार मानते हैं। श्याम स्टील के डायरेक्टर चिराग अग्रवाल अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण और प्रगतिशील सोच के साथ उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उनका मानना है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में व्यवसाय की सफलता केवल उत्पाद या सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत टीम, सही नेतृत्व और प्रभावी रणनीति पर निर्भर करती है। वे अपने व्यवसाय में संगठनात्मक विकास और टीम बिल्डिंग को विशेष महत्व देते हैं। उनका विश्वास है कि जब टीम के प्रत्येक सदस्य के विकास पर ध्यान दिया जाता है, तब संस्थान की प्रगति स्वतः सुनिश्चित हो जाती है। इसी सोच के साथ वे कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने और व्यवसाय को दीर्घकालिक सफलता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर चिराग अग्रवाल ने बिजनेस लीडरशिप, आधुनिक मैनेजमेंट स्किल्स और बदलते मार्केट ट्रेंड्स को गहराई से समझा। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने उन्हें नई व्यावसायिक रणनीतियों, सोशल मीडिया मार्केटिंग के महत्व और निर्णय लेने की प्रभावी प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किया। चिराग अग्रवाल का मानना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया मार्केटिंग बिजनेस ग्रोथ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है। साथ ही वे यह भी मानते हैं कि जीवन और व्यवसाय में आगे बढ़ने के लिए सोच-समझकर जोखिम लेना आवश्यक है। आधुनिक दृष्टिकोण और सकारात्मक नेतृत्व के साथ वे श्याम स्टील को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राकेश कुमावत ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेकर शिक्षा और मैनेजमेंट के आधुनिक दृष्टिकोण को समझा। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम ने उन्हें अपने संस्थान को बेहतर बनाने और शिक्षा में नई सोच अपनाने की स्पष्ट दिशा दी। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राकेश कुमावत ने दैनिक भास्कर और IIM इंदौर द्वारा आयोजित ‘उद्यम संवाद’ बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर मैनेजमेंट और लीडरशिप से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख हासिल की। उन्होंने बताया कि यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रभावशाली रहा और यहां की फैकल्टी केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि प्रोफेशनल लीडर के रूप में प्रतिभागियों को भविष्य के लिए तैयार करती है। राकेश कुमावत के अनुसार, इस प्रोग्राम से उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के लिए तीन प्रमुख सिद्धांतों को अपनाया। पहला, आउटकम-बेस्ड टीचिंग—उनका मानना है कि केवल सिलेबस पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को यह समझाना जरूरी है कि वे जो सीख रहे हैं, उसका वास्तविक जीवन में क्या उपयोग है। दूसरा, तकनीक का प्रभावी उपयोग—उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई डिजिटल तकनीकों को शिक्षा प्रणाली में शामिल कर छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है। तीसरा, शिक्षक की भूमिका—एक शिक्षक को केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लीडर और मोटिवेटर बनकर छात्रों को प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने संस्थान में पारदर्शिता और प्रतिबद्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया, जिससे अभिभावकों का विश्वास मजबूत होता है। साथ ही, उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षा के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि ऑफलाइन शिक्षा में अनुशासन, संवाद और व्यक्तिगत मार्गदर्शन अधिक प्रभावी होता है। छात्रों और अभिभावकों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि धैर्य बनाए रखें और असफलता को अंत नहीं बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का नया अवसर मानें। उन्होंने कहा कि ‘उद्यम संवाद’ ने उन्हें शिक्षा क्षेत्र में नई सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा और स्पष्ट दिशा प्रदान की।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से 31 मार्च से 3 अप्रैल तक उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में तेज बारिश-ओलावृष्टि हुई। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का दौर जारी है। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में एवलांच आया है और कई रास्ते बंद हो गए हैं। अगले 24 घंटों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और एवलांच का अलर्ट जारी किया गया है। बारामूला में भारी बारिश के कारण एक स्कूल हॉस्टल में फंसे 34 छात्रों को आर्मी ने सुरक्षित बाहर निकाला। मध्य प्रदेश के 41 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई, जबकि 12 जिलों में ओले गिरे। इसके चलते कई इलाकों में तापमान में गिरावट आई है और गर्मी का असर कम हुआ है। राजस्थान में मंगलवार को 6 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। जोधपुर, अजमेर, चूरू, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं श्रीगंगानगर में बिजली गिरने की घटना में दो बच्चों समेत तीन लोग झुलस गए। हरियाणा के हिसार समेत छह जिलों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि पांच अन्य जिलों में सिर्फ बारिश हुई। भिवानी के तोशाम में मुख्यमंत्री नायब सैनी की रैली के दौरान भी बारिश हुई, हालांकि पहले से अलर्ट होने के कारण यहां वाटरप्रूफ पंडाल की व्यवस्था की गई थी। उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी शाम के समय तेज बारिश और ओले गिरे, जबकि नोएडा, गाजियाबाद और हाथरस में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है, जिससे अटल टनल, शिंकुला और रोहतांग दर्रा जैसे क्षेत्रों में फिर से ठंड बढ़ गई है। देशभर से मौसम की 3 तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में चुनाव ट्रेनिंग के दौरान हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। EC ने हंसखाली ब्लॉक के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) सयंतन भट्टाचार्य को तुरंत सस्पेंड करने और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। यह घटना 27 मार्च को एक स्कूल में हुई थी, जहां एक शिक्षक के साथ मारपीट में वह घायल हो गए थे। शिक्षक ने आरोप लगाया कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला सरकारी विज्ञापन दिखाया जा रहा था, जिसका विरोध करने पर उन पर हमला किया गया। असम विधानसभा चुनाव 2026 में चुनाव आयोग ने वोट फ्रॉम होम सुविधा शुरू की है। इसके तहत 85 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता घर बैठे अपना वोट डाल सकेंगे। राज्य में 19,774 बुजुर्ग और 6,638 दिव्यांग मतदाताओं को यह सुविधा दी गई है। मतदान दल उनके घर जाकर वोट डलवा रहे हैं। यह प्रक्रिया 5 अप्रैल तक चलेगी, जबकि 126 सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को और मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव से जुड़े कल के 5 बड़े अपडेट्स:
हरियाणवी कलाकार और सीएम ओएसडी गजेंद्र फोगाट ने प्रदेश में हरियाणवी गानों व कलाकारों को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत की। इस दौरान गजेंद्र फोगाट ने हरियाणवी गानों के साथ अब हरियाणवी फिल्म आने पर कहा कि हरियाणवी व मां बोली आगे बढ़ रही है। हरियाणवी संस्कृति का परचम पूरी दुनिया में लहरा रहा है। स्वस्थ, स्वच्छ व अच्छे संदेश परक गाने इस टाइम सर चढ़कर बोल रहे हैं। चाहे वह मेरा जी लाग्य है बाब्यां मैं या फिर बंजारे हो। उन्होंने कहा कि हरियाणवी फिल्में व सीरियल अभी आ रहे हैं। जिससे एक्टर्स व टैक्निशियन का ट्रेंड बढ़ रहा है। थोड़ा समय लगेगा, क्योंकि पहले हरियाणा का युवा इस दिशा में अपना भविष्य नहीं मानता था। जब हमने 32 साल पहले हमने शुरू किया, उस समय घड़वा व बैंज्यू चलता था। हमने जब इलेक्ट्रिक इंस्ट्रूमेंट प्रयोग किए थे, तो लोगों ने मजाक बनाया था, आज उन इलेक्ट्रिक इंस्ट्रूमेंट बड़े-बड़े शो हो रहे हैं। हरियाणवी फिल्मों को लेकर सरकार की तरफ से मदद भी की जाती है और सब्सिडी दी हुई है। जितने एक्टर काम करते हैं, उनको हरियाणा कला परिषद की तरफ से मंच उपलब्ध करवाते हैं। फोगाट बोले- पहले सेंसर होता था हरियाणवी गानों को बिना पॉलिसी के कलाकारों द्वारा गाकर अपने चैनल पर प्रसारित करने को लेकर गजेंद्र फोगाट ने कहा कि एक टाइम पर जब गाना शुरू किया 1994-95 में तो जो कैसेट आती थी, उनका सेंसर होता था। उसको लेकर आवाज उठाई, पत्र डाले तो सेंसर दिल्ली में लगाए। लेकिन जब यू-ट्यूब आया तो वह सेंसर भी खत्म हो गया। यहां सबका अपना मंच है। यू-ट्यूब को भी सेंसर्ड गाने स्वीकार करने चाहिए, लेकिन यू-ट्यूब अमेरिका में बैठा है। आज कोई भी एक्शन लेना हो तो अमेरिका में कहना पड़ता है। जो जटिल प्रक्रिया है। अगर सेंसर यू-ट्यूब पहले ही इतना कड़ा हो जाए कि हिंसात्मक, द्विअर्थी शब्द व अश्लील शब्द नहीं होने चाहिए। यू-ट्यूब अपना सेंसर जारी कर दे तो मजा आ जाएगा। सरकार इसको लेकर सख्त है और सख्ती की भी है। एक-दूसरे को गाली देने वाले कलाकारों को दी नसीहत हरियाणवी कलाकारों में सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक-दूसरे को गाली-गलौज देने पर गजेंद्र फोगाट ने कहा कि यह संस्कारों का खेल है। रावण आज से लाखों साल पहले था, उन्होंने सीता माता को उठा लिया था, जिसका उसे दंड मिला। रावण आज भी है। यह हर काल में होता है। यह व्यक्तिगत न्याय व संस्कार की बात है। कलाकार को यह सोचना चाहिए कि वह कुछ बोल रहा है, लिख रहा है, गा रहा है तो उसका एक अच्छा संदेश समाज में जाए। अगर मुंह और बिटोड़े में फर्क नहीं रहा तो उस पर एक्शन भी लिया जाएगा।
इंदौर में पहली बार आयोजित हुए मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग 2026 के ऑक्शन में इंदौर निवासी तेज गेंदबाज आवेश खान पर सभी की नजरें टिकी थीं। उम्मीद थी कि उन्हें 12.5 लाख से अधिक की रकम में कोई टीम खरीदेगी, लेकिन नतीजा इसके उलट रहा। उन्हें सिर्फ 8 लाख 20 हजार रुपए में चंबल घड़ियाल ने खरीदा। वहीं आशुतोष शर्मा मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) के सबसे महंगे खिलाड़ी बने। आवेश खान आईपीएल में 9 करोड़ 75 लाख में बिके हैं जबकि यहां उनकी बोली 8.20 लाख रुपए ही लग सकी। आवेश, आशुतोष, अनिकेत और मंगेश आईपीएल भी खेल रहे हैं। ये वे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में लाखों में सोल्ड हुए, लेकिन इनकी एमपीएल में काफी कम बोली लगी। आशुतोष को आईपीएल में 3.80 करोड़ रुपए में खरीदा गया है जबकि यहां 15 लाख रुपए मिले। हालांकि हर टीम के पास 50 लाख रुपए का पर्स ही था जिससे वे इससे ज्यादा में खिलाड़ी नहीं खरीद सकती थी। आशुतोष को मालवा स्टेलियंस ने खरीदा है। दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपए देकर लिया है। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपए में खरीदा। इसी तरह शिवांग कुमार को बुंदेलखंड बुल्स ने 13 लाख कीमत देकर अपनी टीम में शामिल किया है। जानिए वह 10 खिलाड़ी के बारे में जिनका बेस प्राइस 3 लाख रुपए था…
मध्यप्रदेश में खाने-पीने की चीजों में मिलावट अब सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की हाल में एक रिपोर्ट सामने आई। जिसमें 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए। सबसे ज्यादा मामले करीब 420 ग्वालियर से सामने आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट ही सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिलावट केवल फूड पॉइजनिंग ही नहीं, बल्कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हार्मोनल बीमारियों तक का कारण बन रही है। FDA की यह रिपोर्ट मोबाइल वैन के जरिए लिए गए सैंपल और उनकी टेस्ट रिजल्ट के आधार पर तैयार की गई है। जिसमें बीते तीन साल के आंकड़े शामिल हैं। यह पहली बार है जब मोबाइल वैन के संचालन से लेकर अब कर लिए गए एक लाख सैंपल की कंपाइल रिपोर्ट सामने आई है। केस-1: बाहर का खाना खाया, अस्पताल तक पहुंचा 23 वर्षीय राहुल शर्मा ने दोस्तों के साथ बाहर खाना खाया। अगले दिन उन्हें तेज पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की पुष्टि की। चार दिन इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिली। केस-2: मिलावटी भोजन से हार्ट डिजीज का खतरा 29 वर्षीय सात्विक पंडित की तबीयत अचानक बिगड़ी। जांच में विटामिन की भारी कमी, हीमोग्लोबिन का स्तार 20 से अधिक, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के शुरुआती लक्षण सामने आए। डॉक्टरों ने उन्हें हार्ट डिजीज के जोखिम में बताया और बाहर का खाना बंद करने की सलाह दी। इलाज करने वाले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. किसलय श्रीवास्तव ने उन्हें खून पतला करने वाले दवा के साथ अन्य दवाएं दी। उनकी रिपोर्ट ने उन्हें रिस्क ऑफ हार्ट डिजीज कैटेगरी में रखा है। इसके साथ हर माह फॉलोअप में आने की सलाह भी दी है। ग्वालियर सबसे आगे, कई जिलों में फैला मिलावट का जालराज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा मिलावट के मामले सामने आए हैं, जहां करीब 420 सैंपल फेल पाए गए। इसके बाद गुना (110), उज्जैन (95), भिंड (90) और बुरहानपुर (75) जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा शाजापुर, इंदौर, धार, रीवा, सागर, सीहोर और नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में मिलावट का जाल फैला हुआ है। जांच में दूध, पनीर, मावा, मिठाइयों और मसालों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। मिलावट से शरीर को कैसे हो रहा नुकसान गांधी मेडिकल कॉलेज के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. मनुज शर्मा बताते हैं कि मिलावटी भोजन में मौजूद एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स (जैसे माइक्रोप्लास्टिक, हेवी मेटल) शरीर में जाकर हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इससे गट हेल्थ खराब होती है। बॉडी में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया नष्ट होते हैं। शरीर में पोषण की कमी होती है। इसके साथ ही मोटापा, डायबिटीज और पीसीओडी जैसी बीमारियां बढ़ती हैं। मसाले और तेल भी नहीं सुरक्षित सिर्फ डेयरी ही नहीं, मसाले और खाद्य तेल भी मिलावट से अछूते नहीं हैं। लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनका लगातार सेवन लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय में कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकता है। जलेबी, लड्डू, बर्फी, गजक और नमकीन जैसे खाद्य पदार्थों में भी बड़े पैमाने पर मिलावट सामने आई है। त्योहारों के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है। दमोह, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में मिठाइयों के सैंपल बड़ी संख्या में फेल पाए गए हैं। लगातार चल रही मॉनिटरिंग FDA आयुक्त दिनेश श्रीवास्तव ने कहा कि फेल सैंपलों के आधार पर संबंधित दुकानदारों और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की लगातार की जा रही है। निगरानी सख्त की गई है। मिलावट का यह नेटवर्क खत्म करने के लिए नई योजना के तहत प्रदेश में काम किया जा रहा है। मोबाइल वैन प्रदेशभर में घूमकर सैंपल एकत्र कर उनकी टेस्टिंग कर रही हैं। ये खबर भी पढ़ें… साइलेंट किलर बनते दो जहरों को लेकर चलेगा अभियान एम्स भोपाल अब दो खतरनाक जहरों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में है, जो आम लोगों की जान ले रहे हैं। फॉस्फीन गैस छोड़ने वाले एल्युमिनियम फॉस्फाइड (कीटनाशक) और जिंक फॉस्फाइड (चूहा मार दवा) पर आयोजित विशेष विष विज्ञान सत्र में विशेषज्ञों ने इनके खतरों, लक्षणों और इलाज की जानकारी दी।पूरी खबर पढ़ें
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ जाएंगी। आज से गाइड लाइन में वृद्धि की जा रही है। MP की 1 लाख 5 हजार लोकेशन में से 65 हजार लोकेशन पर प्रॉपर्टी की गाइड लाइन बढ़ाई जा रही है। अकेले भोपाल में ही 740 लोकेशन पर रेट बढ़ेंगे। सबसे ज्यादा लोकेशन इंदौर की हैं। इंदौर में 2625 लोकेशन पर गाइड लाइन में वृद्धि की गई है। इसमें न्यूनतम 10% और अधिकतम में जो अधिग्रहण वाले जो गांव हैं उनमें 200% की वृद्धि की गई है। इसी तरह उज्जैन में 25 से अधिक लोकेशन पर 100 से 150% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। ग्वालियर में 22 से अधिक लोकेशन पर 25 से 98% तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। यानी, 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदना पहले से महंगा हो जाएगा। बताया जाता है कि औसत बढ़ोतरी 16% तक है। पिछले साल यह 13% थी। 28 हजार 396 ऐसी लोकेशन हैं, जहां कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। राजधानी में 181% तक बढ़ेंगे दामराजधानी में भानपुर, कोलार रोड, मेंडोरा-मेंडोरी, अयोध्या बायपास, निशातपुरा रोड पर 20 से 181 परसेंट तक रेट बढ़ेंगे। भोपाल में तीन बार हुई बैठकों में दावे-आपत्तियों पर भी चर्चा हुई। यहां कुल 63 दावे-आपत्तियां लगाई गई थीं। इनमें से 34 सुझाव को आंशिक रूप से मान्य, 4 को मान्य किया गया, जबकि 22 सुझाव को अमान्य कर दिया गया। 3 सुझाव जो क्रेडाई भोपाल एवं अन्य ने प्रस्तुत किए थे, उन्हें केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से संबंधित होने उन्हें भेजने का निर्णय लिया गया। दूसरी ओर, 26 मार्च को केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी ने गाइडलाइन को मंजूरी दे दी। इसके चलते 1 अप्रैल को नई गाइड लाइन को लागू किया जा रहा है। री-ट्रांसफर को लेकर प्रस्तावक्रेडाई ने री-ट्रांसफर को लेकर सुझाव दिया था। इसमें अनुसार, महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी कोई संपत्ति तीन वर्ष की अवधि के भीतर पुनः अंतरण (री ट्रांसफर) की जाती है तो संबंधित संपत्ति के पूर्व पंजीयन में जमा की गई स्टॉम्प ड्यूटी की राशि का समायोजन (इनपुट क्रेडिट) नवीन पंजीयन में प्रदान किया जाना चाहिए। इससे संपत्ति के बार-बार क्रय-विक्रय की स्थिति में नागरिकों एवं व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था में एक ही संपत्ति पर अल्प अवधि में पुनः पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी देना पड़ती हैं, जो व्यवहारिक एवं न्याय संगत नहीं है। स्टॉम्प ड्यूटी समायोजन की सुविधा मिलने से रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन-देन सरल होंगे। निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संपत्ति बाजार में तरलता बढ़ेगी। जिससे शासन को भी दीर्घकाल में राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। यह अनुशंसा केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भी भेजी गई थी। लगातार दूसरे साल बढ़ेगी गाइड लाइनभोपाल जिला मूल्यांकन समिति 12 महीने में दूसरी बार गाइड लाइन बढ़ेगी। इसके पहले 1 हजार 312 लोकेशन पर औसत 11% गाइडलाइन बढ़ाई थी। इनमें सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट, नयापुरा, जहांगीराबाद समेत अन्य इलाके शामिल हैं। भोपाल में 4 सब-रजिस्ट्रार ऑफिसजिले में जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन उप पंजीयक कार्यालयों में होता है। लोगों की सुविधा के लिए भोपाल शहर में चार उप पंजीयक कार्यालय काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 का नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से पहले संपत्ति का वास्तविक स्थल निरीक्षण किया जाता है। जियो-टैगिंग के जरिए फोटो अपलोड की जाती है। इससे संपत्ति की सही लोकेशन और जानकारी की पुष्टि हो सके और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। इन कारणों से बढ़ी गाइडलाइन दरेंटीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और आम जनता की सुविधाओं के कारण 38 लोकेशन प्रभावित हुईं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन पर असर पड़ा। वहीं नए औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से 3 लोकेशन प्रभावित पाई गईं। इस तरह जिले की कुल 720 लोकेशनों पर दर वृद्धि का प्रस्ताव था। जिसे मंजूर कर दिया गया। इनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, भोपाल बायपास और कई पॉश इलाके शामिल हैं, जहां प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है। इंदौर में 2625 लोकेशन की बढ़ेगी गाइड लाइन इंदौर में 2625 लोकेशन्स की गाइड लाइन में वृद्धि की गई है। इसमें न्यूनतम 10% और अधिकतम में जो अधिग्रहण वाले जो गांव हैं उनमें 200% की वृद्धि की गई है। मालाखेड़ी, मुकाता, नागपुर, मनदोत, सिन्नोद, कदवाली बुजुर्ग, पलासिया, मंडलावदा, भोंडवास, फरसपुर, मेलकलमा, छतगरा, खामोद आंजना, पिपलई, चितोदा, मगरखेड़ी, टूमनी, रालामंडल, गुलावट, थीरखेड़ी, बालछरा, दयाखेड़ी। यहां मालाखेड़ी की बात करें तो आवासीय प्लॉट पहले 1600 रुपए प्रति वर्ग मीटर था। अब 2600 रुपए प्रति वर्ग मीटर हो जाएगा। इसी गांव में कमर्शियल प्लॉट पहले 1600 रुपए था, अब 4 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर हो जाएगा। यहां करीब 150% की वृद्धि की गई है। इसी तरह अन्य गांवों में भी कहीं 135% तो कहीं 85 तो कहीं 50% तक की भी वृद्धि हुई है।शहरी क्षेत्र में 70% से 80% तक की वृद्धि शहरी क्षेत्र में 70% से 80% तक की वृद्धि की गई है। शहर की दो लोकेशन तलावली चांदा में आवासीय प्लॉट पर 200% तो कालिंदी पार्क में कमर्शियल प्लॉट पर भी 200% तक गाइड लाइन बढ़ सकती है। कासा होम्स तलावली चांदा में भी 8 हजार वर्ग मीटर की गाइड लाइन है जो 28 हजार रु. प्रति वर्ग मीटर बढ़ सकती है। यहां कमर्शियल प्लॉट पर भी 180% वृद्धि की गई है। हाईराइज में 70% की बढ़ोतरी है।कालिंदी पार्क में अभी 31400 प्रति वर्ग मीटर की गाइड लाइन है, यह 79 हजार रुपए वर्ग मीटर तक बढ़ेगी। यहां कमर्शियल प्लॉट जो 31400 थे वे अब 1.08 लाख रुपए हो जाएंगे। उज्जैन में 25 से अधिक लोकेशन पर 100 से 150% की बढ़ोतरी उज्जैन में आज से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होने जा रही है। जिला पंजीयक के प्रस्ताव के अनुसार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की 25 से अधिक लोकेशन पर प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरों में 100 से 150 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। प्रस्ताव में लगभग 25 से अधिक लोकेशन चिन्हित की गई हैं, जहां गाइडलाइन दरों में यह वृद्धि प्रस्तावित है। प्रस्ताव को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखा जाएगा। इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर और सिंहस्थ के कारण बुनियादी ढांचे में विकास से जमीनों के दाम बढ़ रहे हैं। यहां बढ़ेंगी दरें ग्वालियर में 25 से 98 प्रतिशत की बढ़ोतरी ग्वालियर में गाइडलाइन दरों में इस बार कई क्षेत्रों में बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। खासकर सागरताल रोड, भिंड रोड, मुरैना रोड और शीतला माता मंदिर क्षेत्र में दरें ज्यादा बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा घटीगांव, भीतरवार और डबरा में मुख्य सड़कों और आसपास की कॉलोनियों की गाइडलाइन भी बढ़ाने का प्रस्ताव है।सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खारा कुआं/मो. गाउस मकबरा क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां गाइडलाइन 9,600 रुपए से बढ़ाकर 19,000 रुपए प्रति वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है, यानी करीब 98% की वृद्धि। पदाव पुल क्षेत्र में 20,000 से 39,000 रुपए (95%), जबकि मुरैना एबी लिंक रोड पर 25,000 से 48,000 रुपए (92%) करने का प्रस्ताव है। अकबरपुर मुजफ्ता मेन रोड और गिरवाई एबी रोड से सटे क्षेत्रों में 20,000 से 38,000 रुपए तक (करीब 90%) वृद्धि प्रस्तावित है। दौलतगंज (दही मंडी-पाटणकर चौराहा) क्षेत्र में भी बड़ी बढ़ोतरी करते हुए 80,000 से 1,51,000 रुपए तक गाइडलाइन करने का प्रस्ताव है, जो करीब 89% वृद्धि है। कटोघाटी सत्यनारायण की टेकरी में 10,000 से 18,000 रुपए (80%) और पदाव के निकट मुख्य सड़क से दूर क्षेत्रों में 20,000 से 35,000 रुपए (75%) करने का प्रस्ताव रखा गया है। जबलपुर में 99% तक बढ़ेंगे रेट गाइडलाइन में करीब 99 फीसदी तक का इजाफा किया गया है। शहर के प्रमुख क्षेत्र जैसे ज्योति सिनेमा कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में प्लॉट की दरें 1.20 लाख से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर तक कर दी गई हैं। रसल चौक और तैयब अली चौक तक मुख्य सड़क के किनारे स्थित संपत्तियों की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। मदन महल स्टेशन से रानीताल चौक और अन्य प्रमुख मार्गों पर भी दरें 80 हजार से 1.20 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर तक निर्धारित की गई हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों को दर्शाती हैं। सुहागी क्षेत्र में प्लॉट दर 15 हजार से 25 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तक तय की गई है, जबकि बिलपुरा में यह 15 हजार से 24 हजार रुपए तक है। बिनैकी, साईं कॉलोनी और विदित सिग्नेचर जैसे विकसित क्षेत्रों में भी दरों में वृद्धि की गई है, जहां प्लॉट दरें 16,800 से 32,600 रुपए प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गई हैं। नई गाइडलाइन में मुख्य सड़कों और अंदरूनी क्षेत्रों के बीच स्पष्ट अंतर रखा गया है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी सांसद-विधायकों और आम लोगों की आपत्ति के बाद भोपाल की कुल 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुल 63 दावे-आपत्ति को लेकर मंथन जरूर हुआ है और कुछ को मान्य भी कर लिया, लेकिन उन जगहों को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई, जहां प्रस्ताव 181 प्रतिशत तक बढ़ाने का है। पंजीयन विभाग ने एक महीने के अंदर 100 लोकेशन और बढ़ा दी।पूर खबर पढ़ें
चंडीगढ़ में आज (1 अप्रैल) से लोगों की जेब पर महंगाई की मार पड़ेगी। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से लेकर बिजली-पानी और कूड़ा उठाना तक महंगा हो जाएगा। इसके अलावा शराब के शौकीनों को भी जेब ढीली करनी पड़ेगी। बिजली के रेट बढ़ने से जहां 2.35 लाख कंज्यूमर्स पर बोझ पड़ेगा। वहीं, पानी के रेट बढ़ने से 1.85 लाख लोगों को ज्यादा बिल चुकाना होगा। बिल के रेटों में बढ़ोत्तरी को लेकर आम आदमी पार्टी भी सेक्टर 35 में प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा चंडीगढ़ में अब पेट्रोल पंपों और ग्रॉसरी स्टोर्स में भी शराब मिलेगी। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री: 22% तक कलेक्टर रेट बढ़ाएचंडीगढ़ प्रशासन ने रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल से लेकर एग्रीकल्चर लैंड के कलेक्टर रेट में 10 से 22% तक बढ़ोतरी की है। इनमें हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स और इंडिपेंडेंट मकान भी शामिल हैं। सेक्टरवाइज फ्लैट्स-मकानों पर रिहायशी-इंडस्ट्रियल प्लॉट पर कॉमर्शियल एरिया पर पानी भी महंगा, बढ़े रेट जानिए कूड़ा उठाने पर 5% ज्यादा चार्ज लगेगा बिजली के रेट भी आज से रिवाइज होंगेडोमेस्टिक कंज्यूमर्स के लिए 0 से 100 यूनिट तक बिजली की दर 2.80 रुपए से बढ़ाकर 2.95 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। 101 से 200, 201 से 300, 301 से 400 और 400 यूनिट से अधिक वाले स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेट बढ़ने का असर छोटे कंज्यूमर्स पर पड़ेगा। इस हिसाब से अब 100 यूनिट के लिए 280 की जगह 295 रुपए देने होंगे। 200 यूनिट तक खपत करने वाले कंज्यूमर्स के बिल में भी लगभग 15 रुपए की बढ़ोतरी होगी, क्योंकि केवल पहले स्लैब में ही दर बढ़ी है। हालांकि ज्यादा बिजली खपत करने वाले कंज्यूमर्स पर फिलहाल कम असर पड़ेगा, लेकिन कुल बिल में हल्की बढ़ोतरी फिर भी दिखाई देगी। शराब होगी महंगी, ठेके बदलेंगेसिटी में आज से नई एक्साइज पॉलिसी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब की 500 रुपए की बोतल करीब 10 रुपए महंगी हो जाएगी, जबकि 2000 रुपए की बोतल अब करीब 40 रुपए बढ़कर 2040 रुपए में मिलेगी। वहीं अब डिपार्टमेंटल स्टोर और पेट्रोल पंपों में भी शराब की बिक्री होगी।
हरियाणा के पलवल में एक लड़के ने अपनी ही मां पर फोन चोरी करने की FIR दर्ज करा दी। लड़का 12वीं क्लास का एग्जाम देने स्कूल आया था। आरोप है कि स्कूल के बाहर खड़ी स्कूटी की डिग्गी से उसकी मां फोन निकालकर ले गई। यह पूरी घटना स्कूल के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। हथीन गेट चौकी पुलिस ने शिकायत के आधार पर महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लड़के के पिता डॉ मनीष गर्ग हथीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) हैं। मनीष का अपनी पत्नी चारू के साथ विवाद चल रहा है। लड़का अपने दादा के पास रहता है। पहले जानिए शिकायत में क्या…. स्कूल के बाहर खड़ी की थी स्कूटी न्यू कॉलोनी निवासी हितेश गर्ग ने हथीन गेट चौकी को शिकायत देकर बताया कि मैं 12वीं कक्षा का छात्र हूं। 12 मार्च को मेरा इंग्लिश का पेपर था। मैं अपने दादा कृष्ण चंद की स्कूटी लेकर एक स्कूल में गया था। पेपर शुरू होने से पहले मैंने अपना मोबाइल स्कूटी की डिग्गी में रख दिया। CCTV में मां चोरी करती दिखी हितेश ने आगे बताया कि जब मैं पेपर देकर स्कूल से बाहर आया तो मुझे स्कूटी की डिग्गी में मेरा मोबाइल नहीं मिला। मैंने स्कूल में लगे CCTV कैमरों की जांच की तो पता चला कि मेरी मम्मी चारू गर्ग मेरा फोन स्कूटी की डिग्गी खोलकर चोरी कर ले गई। पिता बोले- चोरी करना पत्नी का काम है इस मामले को लेकर जब हितेष गर्ग से दैनिक भास्कर एप की टीम ने बात की तो उन्होंने इसे पर्सनल मामला बताते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं हितेश के पिता मनीष गर्ग ने कहा कि चोरी करना पत्नी का काम है। मुझे उससे कुछ लेना-देना नहीं है। वो चारू को ही पता होगा कि उसने ऐसा क्यों किया। पति-पत्नी में लंबे समय से चल रहा विवाद मनीष गर्ग और चारू गर्ग के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। दोनों पलवल में ही अलग-अलग रहते हैं। उनका बेटा हितेश गर्ग न्यू कॉलोनी में अपने दादा रिटायर्ड प्रिंसपिल कृष्ण चंद के पास रहता है। दादा ने ही हितेश को यह फोन दिलाया था। फोन चोरी की शिकायत 12 मार्च को ही पुलिस को दे दी गई थी। पारिवारिक मामला होने के चलते, पहले दोनों पक्षों में सहमति बनाने की कोशिश की गई। जब सहमति नहीं बनी, तो पुलिस ने चारू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। चौकी प्रभारी बोले- जांच के बाद कार्रवाई होगी हथीन गेट चौकी प्रभारी शेर सिंह तंवर ने बताया कि पुलिस के द्वारा मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसकी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

