प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जी भूमिधारक बनकर जालसाजों ने 440 करोड़ रुपए हड़प लिए। यह आंकड़ा प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आया है। राज्य स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर होने पर राज्य व केन्द्र सरकार ने छह लाख संदिग्ध किसान चिन्हित किए हैं और उनकी किस्त रोक दी है। अब संदिग्ध खाताधारकों का फिजिकल वेरिफिकेशन होगा। इसके लिए केन्द्र सरकार एसओपी तैयार कर रही है। सरकार ने किसानों के लिए फार्मर आईडी कार्ड जारी किए हैं। यह कार्ड उन किसानों के लिए है, जिनके नाम जमीन है। इसके डेटा को पीएम किसान सम्मान निधि के डेटा से क्रॉस चेक किया गया। फार्मर आईडी नहीं होने वालों को संदिग्ध माना गया है। इसके साथ जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद दोबारा एक्टिव किया गया, उनसभी को भी संदिग्ध माना है। इस आधार पर राज्य स्तर पर 2 लाख और केन्द्र सरकार के स्तर पर 4 लाख खातों को संदिग्ध मान कर किस्त रोक दी गई है। कुछ खाते इनमें कॉमन भी हैं। दरअसल पीएम किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा पहली बार वर्ष 2021 में उजागर हुआ जब सहकारी विभाग ने जालोर में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें बताया कि 33 हजार फर्जी किसानों ने योजना में रजिस्ट्रेशन करवाया। हालांकि इसमें पुलिस ने बिना तफ्तीश के ही एफआर लगा दी। इसके बाद झालावाड़ पुलिस ने गत वर्ष एक गिरोह को पकड़कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया। इसके बाद प्रशासन के साथ मिलकर सभी जिलों में सर्वे किया गया। सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आने के बाद सरकार ने फर्जीवाड़े की जांच एसओजी को दी है। रात में आवेदन स्वीकार किए गए तो एक ही नंबर से 2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए 4 लाख संदिग्ध डेटा 1. रुकी हुई किस्त के आवेदन रात में स्वीकार हुए। इस तरह के 23942 मामलों की पड़ताल में 85% गलत पाए गए, घोटाले का आंकड़ा 54 करोड़ से अधिक। 2. गिरफ्तार आरोपियों के पास 52992 डेटा मिले। पड़ताल में 80 प्रतिशत गलत पाए गए, घोटाले का आंकड़ा 14 करोड़ रुपए । 3. एक ही नम्बर से एक से अधिक रजिस्ट्रेशन। ऐसे 215000 मामले सामने आए। सर्वे में 95% गलत पाए गए, घोटाले का आंकड़ा 213 करोड़ रुपए। 4. सभी तरह के संदिग्ध डेटा 398295 मिले। सर्वे में इनमें से 56.67% गलत पाए गए। घोटाले का आंकड़ा 440 करोड़ का सामने आया। झालावाड़ में दर्ज FIR एसओजी को भेजी प्रशासन के सर्वे में 440 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी का आंकड़ा मिला था। इसके बाद सरकार सक्रिय हुई है। आनन-फानन में झालावाड़ में दर्ज एफआईआर को पड़ताल के लिए अब एसओजी को भेजा गया है। यहां उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जांच अधिकारी बनाने के साथ उनके सहयोग के लिए एसआईटी भी बनाई गई है। हालांकि अन्य जिलों में दर्ज पुरानी 6 एफआईआर पर किसी का ध्यान नहीं है। उन फाइलों में अभी पुलिस रिकॉर्ड भी नहीं ले सकी है। स्थिति यह है कि वर्ष 2021 में पहली बार दर्ज हुई एफआईआर में जालोर पुलिस ने बिना तफ्तीश के ही एफआर लगा दी थी। जांच अधिकारी ने बस इतना लिखा कि योजना में गलत तरीके से लिया गया पैसा रिकवर करने का प्रावधान है। थानों में पड़ी हैं फर्जीवाड़े की फाइलें 1. शाहपुरा केस नम्बर 23-22 परिवादी तहसीलदार सुरेश कुमार। आरोप : सरकारी कर्मचारियों की आईडी हैक कर योजना की रकम हड़पी। 2. थानागाजी (अलवर) केस नंबर 39-22 परिवादी तहसीलदार अक्षयप्रेम चेयरवाल ।आरोप : 33 हजार फर्जी किसानों ने सरकारी रकम हड़पी। 3. जालोर कोतवाली परिवादी, डिप्टी रजिस्ट्रार (सहकारी विभाग) सुनील वीरभान ।आरोप : 33 हजार फर्जी किसानों ने लाखों रुपए हड़पे। 4. मारवाड़ जंक्शन केस नंबर 43-25 परिवादी तहसीलदार दीपक सांखला आरोप : 65 फर्जी खातेदारों ने जालसाजी कर सरकारी रकम हड़पी। 5. देसूरी (पाली) परिवादी तहसीलदार हरेन्द्र चौहान।आरोप : 32 हजार फर्जी किसानों ने ली लाखों की सरकारी रकम। 6. रानी (पाली) परिवादी तहसीलदार मनोहर सिंह आरोप : 33 हजार फर्जी किसानों ने हड़पे लाखों रुपए। किसान सम्मान निधि में सालाना मिलते हैं 9 हजार केन्द्र सरकार ने यह योजना वर्ष 2019 में शुरू की थी। इसमें भूमि धारक किसान को दो-दो हजार रुपए की तीन किस्त हर साल मिलती है। राज्य सरकार ने इसमें तीन हजार रुपए और बढ़ाए हैं। अब हर वर्ष 9 हजार रुपए मिल रहे हैं। “जिनकी किस्त रुकी है उनके फिजिकल वेरिफिकेशन होंगे। यह वेरिफिकेशन केंद्र सरकार की ओर से एसओपी तैयार होने के बाद कराए जाएंगे।”-विकास जैफ, प्रभारी स्टेट नोडल ऑफिस, पीएम किसान सम्मान निधि योजना “राजस्थान में पीएम सम्मान निधि में गड़बड़ी की जांच करने के लिए फाइल हमारे पास भेजी गई है। फिलहाल, एडिश्नल एसपी के नेतृत्व में डीएसपी राम सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द ही सरकार को रिपोर्ट भेज देंगे।” -विशाल बंसल, एडीजी एसओजी
ग्वालियर में पकड़ाया इंटर स्टेट चोर गिरोह बॉलीवुड मूवी ‘बंटी-बबली’ की स्टाइल में ‘सीरियल थीफ’ वारदातों में माहिर है। यह जहां भी चोरी करता था, वहां लगातार वारदातों को अंजाम देता था। महाराजपुरा क्षेत्र की 7 चोरियों का खुलासा हो चुका है। बहोड़ापुर की 3 चोरियों में भी सुराग मिले हैं। गैंग का सरगना अरविंद रजक (32) कानपुर (यूपी) में भी 15 चोरियां कर चुका है। कानपुर पुलिस से जानकारी मिली है कि वह 19 महीने जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में बाहर आया था। अरविंद अपना हुलिया भले गरीबों जैसा रखता हो लेकिन कई बार अहमदाबाद तक फ्लाइट से आ-जा चुका है। ग्वालियर पुलिस को पति-पत्नी के रिकॉर्ड से डेढ़ महीने पहले KIA कंपनी की लग्जरी कार नकद में खरीदने का इनपुट मिला है। कार का फोटो भी मिला है, जिसे पुलिस वेरिफाई कर रही है। अरविंद फोन नहीं रखता, लेकिन उसकी पत्नी ज्योति (30) के पास मोबाइल है। उसमें यूपी के एक इंस्पेक्टर का “गुड मॉर्निंग” मैसेज मिला है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। यह गैंग मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत 12 से ज्यादा शहरों में 57 चोरियां कर चुका है। दोनों की गिरफ्तारी का शनिवार को खुलासा किया गया है। अब तक 20 लाख रुपए का माल बरामद किया जा चुका है। गैंग इतना शातिर है कि पूछताछ में सीमित जवाब दे रहा है। गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए पहुंचे वकील अरविंद खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताता है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट के छह वकील थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को कानून समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई सही पाए जाने पर उन्हें सफलता नहीं मिली। लग्जरी कार नकद में खरीदी, मिला फोटो पुलिस को ज्योति के मोबाइल से एक फोटो मिला है, जिसमें काले रंग की नई किआ सेल्टोस दिखाई दे रही है। इनपुट है कि करीब 18 लाख रुपए में यह कार पूरी तरह कैश में खरीदी गई। पुलिस अब कंपनी के डीलर्स से रिकॉर्ड खंगालकर इसे बरामद करने की तैयारी में है, क्योंकि आशंका है कि यह रकम चोरी की है। ज्यादा झांसी-कानपुर में वारदातें, 19 महीने जेल में रहा ग्वालियर पुलिस पकड़े गए गैंग के सरगना अरविंद रजक और ज्योति रजक से पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एमपी की तुलना में यूपी के झांसी और कानपुर में ज्यादा वारदातें की हैं। अरविंद ने कानपुर में 15 चोरियों को अंजाम दिया। पूछताछ में यह भी पता चला कि अरविंद रजक मूल रूप से आंतरी का रहने वाला है। वह आखिरी बार झांसी में पकड़ा गया था और 19 महीने जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में रिहा हुआ। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से सीरियल चोरियां शुरू कर दीं। कानपुर के एक अधिकारी के अनुसार, अरविंद दिखने में फटेहाल रहता है, लेकिन कई बार अहमदाबाद और ग्वालियर के बीच फ्लाइट से यात्रा कर चुका है। पुलिस इस जानकारी को वेरीफाई करने के साथ रिकॉर्ड भी निकलवा रही है। आंतरी में बनाना था आलीशान मकान महाराजपुरा थाना पुलिस के सामने आरोपी ने बताया कि आंतरी (ग्वालियर-झांसी हाईवे) पर उसका प्लॉट है, जहां वह आलीशान मकान बनाना चाहता था। चोरी की वजह पूछने पर उसने कहा कि पिता और भाई के इलाज में उसका पैसा खर्च हो जाता है। अरविंद पर 56, ज्योति पर 1 मामला दर्ज थाना प्रभारी यशवंत गोयल के अनुसार, अरविंद रजक उर्फ़ अल्लो (32), निवासी आंतरी हाल ललितपुर कॉलोनी, और उसकी पत्नी ज्योति रजक, निवासी खुर्जेवाला मोहल्ला, को हिरासत में लिया गया है। अरविंद रजक के खिलाफ कुल 56 मामले दर्ज हैं। इनमें झांसी में 6, ग्वालियर में 10, सीहोर में 7, होशंगाबाद में 6, रायसेन में 5, भिंड और मुरैना में एक-एक, तथा गुजरात में कई मामले शामिल हैं। वहीं, ज्योति रजक के खिलाफ झांसी में एक मामला दर्ज है। जेल से रिहा होने के बाद भी की चोरियां पुलिस के अनुसार, आरोपी सूने मकानों की रैकी करता और रात के समय घरों में घुसकर सोने-चांदी के गहने और नकदी चोरी करता था। लंबे समय तक ग्वालियर में रहकर वह महाराजपुरा क्षेत्र को निशाना बनाता रहा। जेल से रिहा होने के बाद भी उसने लगातार चोरियां करना जारी रखा। आरोपियों से अब तक 20 लाख का माल बरामद टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि दोनों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। अब तक करीब 20 लाख रुपए का माल बरामद हो चुका है। चोरी के पैसों का निवेश कहां किया गया, इसकी जांच चल रही है। बहोड़ापुर की अन्य चोरियों के खुलासे और फ्लाइट यात्रा के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। यह खबर भी पढ़ें… ‘बंटी-बबली’ स्टाइल में चोरियां...3 राज्यों की पुलिस को थी तलाश मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने इंटरस्टेट चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बिल्कुल फिल्मी अंदाज में ‘बंटी-बबली’ की तरह वारदातों को अंजाम देता था। पति-पत्नी की इस जोड़ी ने 3 राज्यों की पुलिस की नाक में दम कर रखा था। पूरी खबर यहां पढ़ें...
बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के हीरापुर-2 गांव के किसान दिलीप मंडल ने बंजर और बिना पानी की सुविधा वाली जमीन को उपजाऊ और सिंचित बना कर हरा-भरा कर दिया है। वे बीते 5 सालों से धान की फसल निकालने के बाद यहां तरबूज की खेती कर चार माह में 3 से 6 लाख रुपए की कमाई कर लेते हैं। किसान दिलीप मंडल ने बताया कि मैं अभी तरबूज लगा रहा हूं। इस जमीन पर 10 साल पहले कंटीली झाड़ियां थीं। जमीन भी समतल नहीं थी, बमुश्किल बरसात की फसल लेते थे। लोग तवा नदी में तरबूज लगाते थे। धीरे-धीरे नदी में रेत घटने से लोग खेतों में तरबूज लगाने लगे। हमने भी खेत को समतल कर यहां निजी तालाब बनाकर तरबूज और रबी फसल लगाना शुरू किया। वर्तमान में 5 एकड में तरबूज लगा है जो 15 मार्च के बाद बाजार में आ जाएगा। बता दें, बंगाली समाज को बसाने के लिए यहां पुनर्वास क्षेत्र हीरापुर 2 बनाया गया था। ढाई लाख का खर्च, बचत 4 लाख तक 5 एकड़ में 2 किलो बीज डाला है। फसल तैयार होने तक लगभग ढाई लाख रुपए का खर्च आता है। 3 से 4 माह में तरबूज निकल जाता है। खेत से ही फसल बेच लेते हैं। प्रति एकड़ 10 टन से 25 टन तक फसल निकल आती है। रेट 10 से 20 रुपए किलो के बीच मिलता है। तरबूज कोलकाता समेत देश के कई हिस्सों में सप्लाई होता है। अभी 3 किलो वजन का तरबूज है, जो 7 किलो तक का हो जाता है। गत वर्ष 3 लाख 75 हजार रुपए की बचत थी। किसान ने इस खास तकनीक से की खेती अब जानिए 5 एकड़ जमीन में खेती का गणित पांच एकड़ जमीन में दो किलो बीच लगता है। वर्तमान में कलिया गोल्ड और करन वैरायटी का बीज लगाया है। जिसकी कीमत 32 हजार रुपए किलो है।
इंदौर में आयोजित दो दिनी नेशनल कॉन्फ्रेंस में प्रसवोत्तर रक्तस्राव (पोस्ट पार्टम हेमरेज, PPH) को मातृ मृत्यु का बड़ा कारण बताया गया। एक्सपर्टस के मुताबिक कुल मातृ मृत्यु के लगभग 33% मामलों में PPH की भूमिका होती है। कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए स्त्री रोग एक्सपर्ट्स ने इस बात पर जोर दिया कि प्रसव के बाद होने वाले ब्लीडिंग की समय पर पहचान, वैज्ञानिक आकलन और तुरंत उपचार से अनेक माताओं की जान बचाई जा सकती है। बता दें, मातृ मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से आब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी द्वारा ने यह कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। ब्लीडिंग को “कम-ज्यादा” नहीं, एमएल में मापें एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी डॉ. सुवर्णा खाड़िलकर ने कहा कि प्रसवोत्तर रक्तस्राव का आकलन अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि मिलीलीटर (एमएल) में किया जाना चाहिए। इससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट होगी और उपचार में देरी नहीं होगी। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने और ट्रेनिंग पर विशेष बल दिया। इन स्थितियों में बढ़ जाता है खतरा एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. सुमित्रा यादव ने बताया कि- इन परिस्थितियों में PPH का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे मामलों की पूर्व पहचान कर विशेष निगरानी आवश्यक है। देश में मातृ मृत्यु दर की स्थिति संसाधन और स्टाफ की कमी भी चुनौती एक्सपर्ट्स ने कहा कि कई बार मातृ मृत्यु का कारण समय पर पहचान नहीं होना, उपचार में देरी और संसाधनों की कमी भी होती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े अस्पतालों तक आवश्यक उपकरण, दवाएं और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। कॉन्फ्रेंस में सचिव डॉ. सुनीता चौहान, कोषाध्यक्ष डॉ. प्रीति माहेश्वरी सहित अनेक एक्सपर्ट्स ने अनुभव साझा किए। इसके साथ ही मातृ मृत्यु दर में कमी लाने का संकल्प लिया।
करनाल के इंद्री थाना क्षेत्र में नहर से लगातार गोवंश के कटे सिर मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। तीन दिन में तीन बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद गोरक्षा दल में भारी आक्रोश है। पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी भी खाली है। वही अब पुलिस ने गोरक्षा दल से दो दिन का और समय मांगा है। नवरात्रि के दौरान हुई इन घटनाओं को लेकर लोगों में रोष है और गोरक्षा दल ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं गोरक्षा दल ने चेतावनी दी है कि दो दिन में अगर पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई तो इंद्री में लाखों गोरक्षक एकत्रित होंगे और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। बुधवार को धमनहेड़ी के पास मिला पहला मामलाघटनाक्रम की शुरुआत बुधवार को हुई, जब धमनहेड़ी गांव के पास नहर किनारे से गुजर रहे लोगों को 7 गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को बाहर निकलवाया गया। इसके बाद उन्हें उचानी स्थित पशुधन केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर एक ओर मिले। आसपास हड्डियों का ढांचा और पशुओं की खाल भी पड़ी हुई थी। फोरेंसिक टीम ने जांच की, नहीं मिला कोई हथियारमामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने खून के नमूने लिए और पूरे क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के खेतों में भी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई हथियार या ठोस सुराग नहीं मिल सका। गुरुवार को फिर मिले 5-6 कटे सिर, हाईवे पर जामपहली घटना के अगले ही दिन गुरुवार को उसी नहर के पास फिर से 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से माहौल और गर्म हो गया। गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए कटे सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए। इसके बाद सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। शनिवार को धनौरा के पास तीसरी घटनाशनिवार को तीसरी बार धनौरा गांव के पास नहर में गोवंश के कटे हुए सिर मिले। सूचना पर थाना प्रभारी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अवशेष काफी पुराने और गली-सड़ी हालत में हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। अल्टीमेटम खत्म, महापंचायत और प्रदर्शनगोरक्षा दल ने पुलिस को रविवार सुबह 11 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। तय समय तक कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर इंद्री में महापंचायत बुलाई गई और प्रशासन के साथ बैठक भी हुई। बैठक में प्रशासन की ओर से दो दिन का और समय मांगा गया। इस पर गोरक्षा दल के सेवादारों में गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़कों पर उतर आए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। मोनू राणा बोले- भावनाएं आहत, बर्दाश्त नहीं करेंगेगोरक्षा दल के प्रधान मोनू राणा ने कहा कि नवरात्रि के पावन दिनों में गोमाता के साथ ऐसा दुराचार हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने साफ कहा कि यह घटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा। दो दिन का समय, नहीं पकड़े गए तो बड़ा आंदोलनगोरक्षकों का कहना है कि लगातार तीन दिन तक नहर में गोवंश के सिर मिलना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो हजारों नहीं बल्कि लाखों की संख्या में गोसेवक इंद्री में एकत्रित होंगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मामले की जांच के लिए इंद्री थाना और सीआईए की टीमें लगी हुई हैं। हालांकि अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जाएगा।
राजस्थान में एक बार फिर आंधी-बारिश का अलर्ट:जानिए कब बदलेगा मौसम, किन जिलों में बरसात की संभावना
राजस्थान में लगातार आ रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस से आंधी-बारिश का दौर जारी है। रविवार (22 मार्च) को भी पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे। जैसलमेर, फलोदी में कई स्थानों पर दिन में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। बाड़मेर, जालोर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर समेत अन्य स्थानों पर दिन में बादल छाए और हल्की धूप रही। इससे यहां कुछ शहरों के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में 23 और 24 मार्च को मौसम ड्राय रहने, जबकि 25, 26 मार्च को एक नया कमजोर सिस्टम एक्टिव होने की संभावना जताई है। इस सिस्टम के असर से 25 मार्च को 15 जिलों में बारिश के साथ आंधी चलने का अलर्ट है। पोकरण एरिया में हल्की बारिश हुईरविवार को सुबह से पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर संभाग में बादल छाए रहे। जैसलमेर, फलोदी के कुछ एरिया में दिन में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई और तेज हवां चली। फलोदी के देचू और जैसलमेर के पोकरण एरिया में हल्की बारिश हुई। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के एरिया में मौसम ड्राय रहा। भरतपुर, जयपुर संभाग के एरिया में दोपहर बाद आंशिक बादल छाए, जिससे धूप थोड़ी कमजोर रही। जयपुर में रविवार दिन का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अजमेर में 32.4, बीकानेर में 31.5, चूरू में 32.5, जैसलमेर में 32.2, जोधपुर में 34.4, कोटा में 34, श्रीगंगानगर में 30.9 और उदयपुर में पारा 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सीकर में अधिकतम तापमान 29, सिरोही में 29.2, हनुमानगढ़ में 28.9, डूंगरपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रविवार दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब आगे क्या?मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में दो दिन 23 और 24 मार्च को मौसम ड्राय रहने की संभावना है। इन दो दिन राज्य में कुछ स्थानों पर दिन में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। 25 और 26 मार्च को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इसके असर से पश्चिमी राजस्थान के साथ-साथ पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
फायर ब्रिगेड एक से डेढ़ घंटा लेट आई। यदि समय पर आ जाती तो कुछ लोगों की जान बच जाती। टैंकरों में पानी नहीं था। एक टैंकर चालक दूसरी गली में घुस गया। उनके पास सीढ़ी भी नहीं थी। ये बातें इंदौर के रहने वाले सौरभ पुगलिया ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की थी। 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात बृजेश्वरी एनेक्स में रहने वाले रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर आग लगी और इस अग्निकांड में मनोज समेत परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। परिजन समेत कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर तो पहुंची ही नहीं बल्कि आग बुझाने में मिस मैनेजमेंट और लापरवाही भी दिखाई दी। सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए है साथ ही ये भी कहा है कि सिस्टम को दुरुस्त करेंगे। मगर, हकीकत ये है कि सरकार में बैठे अफसर ही सिस्टम को दुरुस्त नहीं करना चाहते। मप्र में अफसरों की मनमर्जी की वजह से ही पिछले 7 साल से फायर एक्ट लागू नहीं हो सका है, जबकि केंद्र सरकार 2019 में ही एक्ट का एक मॉडल ड्राफ्ट बनाकर सभी राज्यों को भेज चुकी है। मप्र छोड़कर 26 राज्य इसे लागू कर चुके हैं। आखिर ‘मोदी का मॉडल’ एमपी के अफसरों को क्यों पसंद नहीं आ रहा? फायर सेफ्टी एक्ट का ड्राफ्ट कहां फंसा हुआ है? इसे लागू करने में कहां पेंच फंस रहा? इसकी भास्कर ने पड़ताल की। पढ़िए रिपोर्ट अब जानिए 7 साल से कैसे भटक रहा फायर सेफ्टी एक्ट का प्रस्ताव साल 2019: केंद्र ने सभी राज्यों को भेजा फायर एक्ट का मॉडल ड्राफ्टकेंद्र सरकार ने सभी राज्यों में एकरूपता लाने के लिए फायर एक्ट का एक मॉडल ड्राफ्ट भेजा। 16 सितंबर 2019 को केंद्र सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी ने इस संबंध में एक पत्र भेजा, जिसे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव ने नगरीय प्रशासन संचालनालय को भेज दिया। इसके बाद डायरेक्ट्रेट ने केंद्र के मॉडल ड्राफ्ट के आधार पर प्रस्तावित फायर एक्ट का प्रस्ताव पेश किया। एक प्रेजेंटेशन के बाद इसमें संशोधन के निर्देश दिए गए। साल 2020: कांग्रेस के तत्कालीन विभागीय मंत्री ने दी एक्ट को मंजूरी10 फरवरी 2020 को संशोधित प्रस्ताव नगरीय प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त को भेजा गया। 24 फरवरी 2020 को तत्कालीन आयुक्त पी नरहरी ने इसे अनुमोदन के लिए तत्कालीन प्रमुख सचिव संजय दुबे को भेजा। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन मंत्री जयवर्धन सिंह से मंजूरी मिलने के बाद फायर एक्ट को विधि विभाग भेजा गया। बाद में तत्कालीन पीएस संजय दुबे ने यह कहते हुए प्रस्ताव विधि विभाग से वापस ले लिया कि मप्र भू-विकास नियम 2012 में पहले से ही फायर एक्ट से संबंधित प्रावधान हैं। साल 2021: हमीदिया अस्पताल में आग लगी नवजात की डेथ इस साल आग लगने की एक बड़ी घटना हुई। 8 नवंबर 2021 को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में आग लगने से 8 मासूमों की मौत हो गई थी। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगमों को फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए थे। इसी तरह सतपुड़ा भवन में भी भीषण आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए सेना की मदद लेना पड़ी। हमीदिया और सतपुड़ा आग की घटनाओं के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह ने मामले की समीक्षा की और प्रस्तावित फायर एक्ट को लागू करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के निर्देश पर, नगरीय प्रशासन विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव मनीष सिंह ने फाइल उस समय मंत्री रहे भूपेंद्र सिंह को भेजी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इसे एकबार फिर विधि विभाग को भेजा गया। साल 2023: विधि विभाग की मंजूरी मगर ठंडे बस्ते में ड्रॉफ्ट17 अप्रैल 2023 को विधि विभाग ने फायर एक्ट को मोडिफाइड कर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बाद: इस पर कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई और इसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिवों की समिति के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बजाय, इसमें फिर से संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो गई और यह लंबित हो गया। वर्तमान स्थिति (फायर एक्ट 2025): वित्त विभाग के पास अटकाहाल ही में नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिवों की कमेटी के सामने फायर एक्ट 2025 का एक नया संशोधित ड्राफ्ट प्रस्तुत किया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस कमेटी को यह नहीं बताया गया कि फायर एक्ट 2023 को विधि विभाग पहले ही मंजूरी दे चुका है। नगरीय प्रशासन विभाग के दो दो पूर्व मंत्री इसे हरी झंडी दे चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में सुझाव आया कि एक अलग फायर एक्ट की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह काम नगरीय निकायों का है। हालांकि, इस बैठक में यह तय हुआ है कि केंद्र के मॉडल ड्राफ्ट के प्रावधानों में संशोधन कर इसे एक बार फिर प्रस्तुत किया जाए। फिलहाल वित्त विभाग इस ड्राफ्ट का परीक्षण कर रहा है। मंत्री ने विधानसभा में बोला- 3 महीन में नया ड्राफ्ट तैयार होगा मप्र में फायर एक्ट कब लागू होगा इसे लेकर विधानसभा में बहस भी हो चुकी है। जबलपुर उत्तर सीट से बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकार से जवाब मांगा था कि आग लगने की बढ़ती घटनाओं के बीच आखिर कब फायर सेफ्टी एक्ट लागू होगा। इस एक्ट के न होने से फायर सेफ्टी नॉर्म्स का पालन करवाना बड़ा कठिन हो गया है। इस ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार मप्र नगर पालिका अधिनियम 1956 और 1961 के तहत जरूरी कदम उठाती है। साल 2022 से ई नगर पालिका पोर्टल के जरिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट ऑनलाइन दिए जाते हैं। केंद्र सरकार ने मॉडल फायर एक्ट का मसौदा दिया है इसके मुताबिक ही मप्र का फायर एक्ट तैयार किया जा रहा है। अगले दो से तीन महीने में एक्ट बनकर तैयार हो जाएगा। विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि आग लगने की सूचना के दस मिनट के भीतर गाड़ी पहुंच जाए इसके लिए शहरों में फायर स्टेशन बनाने पड़ेंगे। इसकी जानकारी नगरपालिका-निगम से मांगी है। अब जानिए फायर एक्ट लागू न होने की असली वजहफायर एक्ट का 2023 का मसौदा तैयार है। इसे विधि विभाग से मंजूरी मिल चुकी है, इसके बाद भी इसमें संशोधन कर फायर एक्ट 2025 का नया मसौदा तैयार किया गया है। इस पर भी विचार चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि नगरीय आवास एवं विकास विभाग के अफसर ही नहीं चाहते कि मप्र में नया फायर एक्ट लागू हो। दरअसल, केंद्र ने जो मॉडल एक्ट का मसौदा दिया है उसमें एक नया डायरेक्ट्रेट( संचालनालय) बनाने का प्रावधान है। इसके बनने के बाद नगरीय आवास एवं विकास विभाग की अहमियत कम हो जाएगी। दूसरा फायर सर्विस नगरपालिका और नगर निगम के अधीन नहीं होंगी। बड़े-बड़े राजनीतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए फायर एनओसी लेना पड़ेगी। 6 पॉइंट्स में जानिए फायर एक्ट 2023 के प्रावधान 1.फायर सेफ्टी नहीं तो लग सकता है 10 हजार तक का जुर्मानाअब 9 मीटर ऊंचाई वाले भवनों को भी फायर एनओसी लेनी होगी अब तक 15 मीटर ऊंचाई वाले भवनों के लिए ही यह जरूरी है। शैक्षणिक संस्थान, संस्थागत, सभा, व्यवसायिक- व्यापारिक, औद्योगिक गोदाम के लिए 500 मीटर से अधिक के क्षेत्र में फायर एनओसी अनिवार्य रहेगी। 2.सार्वजनिक आयोजन के लिए भी फायर एनओसी अनिवार्यइसके लिए पंडाल लगाने वाले को एक घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें आग से बचने के इंतजाम करने की जानकारी होगी। यदि जांच में जानकारी गलत पाई जाती है तो उसे सील करने का अधिकार होगा। इसके लिए 10 हजार रुपए का जुर्माना और 3 महीने कारावास की सजा होगी। 3.हर साल लेना होगा यूटिलिटी सर्टिफिकेटड्राफ्ट के मुताबिक, भवन निर्माण के दौरान फायर सेफ्टी सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। भवनों में ऑटोमैटिक स्प्रिंकल सिस्टम, फायर अलार्म और फायर सेफ्टी उपकरण लगाने होंगे। यदि ऐसा नहीं होगा तो निदेशक यूटिलिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं करेगा। यह एक साल के लिए जारी किया जाएगा। 4.नए फायर स्टेशन बनेंगे, कर्मचारी मर्ज होंगेशहरों में फायर स्टेशन बनाए जाएंगे। हर स्टेशन के लिए एक फायर आफिसर की नियुक्ति होगी, जो इसका प्रभारी होगा। अग्निशमन सेवा का नया कैडर बनेगा। प्रदेश स्तर का फायर डायरेक्टोरेट बनेगा, जिसमें पुलिस और नगर निगम- पालिका के कर्मचारी मर्ज हो जाएंगे। हर निकाय में फायर सेफ्टी अधिकारी नियुक्त होंगे। 5.कारखानों, बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी अफसर जरूरीइस अफसर के पास फायर डिप्लोमा या फायर इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी होगा। ये फायर स्टेशन के प्रभारी को समय-समय पर रिपोर्ट भेजेगा। यह पद खाली नही रखा जा सकेगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो फायर स्टेशन प्रभारी को कार्यवाही करने का अधिकार होगा। 6. तीन घंटे की सूचना पर होगी जांचफायर स्टेशन प्रभारी 3 घंटे की सूचना पर सुबह से शाम होने तक किसी भी भवन या प्रतिष्ठान में फायर उपकरणों की जांच कर सकेगा। इसके लिए शासन या प्रशासन से किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी। भवन मालिक ऐसे निरीक्षण में रुकावट पैदा नहीं कर सकेंगे। एक्शन लेने का अधिकार भी होगा।
भोपाल के शासकीय डॉ. कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए “स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी” यानी शक्ति केन्द्र की शुरुआत होने जा रही है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल 23 मार्च सोमवार को शक्ति केन्द्र का शुभारंभ दोपहर 1:30 बजे किया जाएगा। जो मध्यभारत का अपनी तरह का पहला और अनूठा सेंटर होगा। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। मेनोपॉज और हार्मोनल समस्याओं के लिए विशेष सुविधा काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार महिलाओं में आमतौर पर 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज की स्थिति शुरू होती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। नए सेंटर में इन सभी समस्याओं के लिए विशेष परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का इलाजइस सेंटर में बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पीसीओएस, फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोगों की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आईयूआई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचानमहिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सेंटर में वीआईए तकनीक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की जाएगी। इस तकनीक की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। आधुनिक मशीनों से होगा इलाज रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। ये खबर भी पढ़ें… अब भोपाल एम्स करेगा फेफड़ों का ट्रांसप्लांट एम्स भोपाल अब लंग ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। संस्थान में इसको लेकर एक विशेष अकादमिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मुंबई से आने वाली विशेषज्ञ टीम डॉक्टरों को मार्गदर्शन देगी। कार्यक्रम में सर्जरी, एनेस्थीसिया, पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।पूरी खबर पढ़ें
रायपुर में साल 2021 में हुई हत्या का आरोपी अहमदाबाद में पकड़ा गया है। टिकरापारा की रहने वाली महिला ने पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार को 4 लाख दिए थे, लेकिन अजय ने उसी महिला को मारकर घर से 10 लाख कैश और 35 तोला सोना चुरा लिया था। 21 मार्च 2026 को गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है। सूचना पर रायपुर पुलिस अहमदाबाद रवाना हुई है। शकुंतला देवी हत्याकांड की पूरी कहानी जानिए दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2021 का है। रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान में शकुंतला देवी (पति स्व. अमर यादव) का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जांच में पता चला कि शकुंतला का अपने बड़े बेटे अजय यादव के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए शकुंतला और उनके छोटे बेटे अमित यादव ने अजय कुमार मिश्रा से मदद मांगी थी। सेटलमेंट के लिए 4 लाख दिए आरोपी अजय और शकुंतला का बेटा अमित पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम करते थे। बड़े भाई से संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए अमित ने आरोपी अजय को सेटलमेंट के लिए 4 लाख कैश दिए और 10 हजार एडवांस दिए गए थे। लेकिन आरोपी पैसे लेकर भाग निकला, जिसके बाद शकुंतला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदला लेने और लूट के इरादे से आरोपी अजय अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर आया और शकुंतला के घर पर ही रुका। मौका मिलते ही दोनों ने महिला का गला घोंट दिया। 10 लाख कैश और 35 तोला सोना अहमदाबाद पुलिस के सामने आरोपी ने कबूल किया कि, हत्या के बाद उसने घर से 10 लाख रुपए कैश और करीब 30-35 तोला सोना लूटा था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक सराफा कारोबारी को बेच दिया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था। वह लगातार ठिकाने बदलता रहा पहले गोवा, फिर अहमदाबाद और फिर मुंबई में छिपा रहा। 3 साल तक दबी रही फाइल, कई थानेदार बदले रायपुर के टिकरापारा थाने में हत्या का मामला दर्ज था। पुलिस इस ब्लाइंड केस की छानबीन कर रही थी। इस दौरान थाने के कई टीआई (TI) बदल गए, लेकिन पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच सकी। डायरी में केवल एक संदेही का जिक्र था। अब गुजरात पुलिस ने सूचना ही है कि आरोपी पकड़ा गया है। इस इनपुट के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोली है। रायपुर पुलिस की टीम अहमदाबाद रवाना अहमदाबाद पुलिस की इस गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस एक्टिव हो गई है। एडिशनल डीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा के मुताबिक, एक विशेष टीम को अहमदाबाद भेजा गया है। वहां आरोपी से पूछताछ के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जाएगा, जिससे हत्या और लूट के इस पूरे मामले का खुलासा होगा। अब पढ़ें पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा रायपुर कमिश्नरेट के एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने टिकरापारा हत्याकांड के संदेही को पकड़ने की सूचना भेजी थी। सूचना पर टीम रवाना की गई। मामले में अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें.. रायपुर सूटकेस हत्याकांड...इन 6 बड़ी वजहों से फंसे आरोपी: खून नहीं रोक पाए, पेटी में नाम लिखा मिला, फर्जी आधार-कार्ड दिया, लेकिन पेमेंट ऑनलाइन किया रायपुर सूटकेस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी घटना में पुलिस को कई अहम सबूत और गवाह मिले हैं, जिनकी मदद से पुलिस 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों तक पहुंच गई। पढ़ें पूरी खबर…
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नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान के इजराइल पर मिसाइल दागने की रही। इसमें 300 लोग घायल हो गए। दूसरी बड़ी खबर धुरंधर-2 के तीन दिन में 500 करोड़ रुपए कमाकर रिकॉर्ड तोड़ने को लेकर रही। यूपी में मंत्री संजय निषाद गोरखपुर में मंच पर फूट-फूटकर रोए। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान ने इजराइल पर 4 मिसाइलें दागीं, 300 लोग घायल; ट्रम्प की ईरान को चेतावनी ईरान ने इजराइल पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इससे पहले ईरान ने इजराइल के डिमोना और अराद शहरों पर हमला किया था। यहां इजराइल का बड़ा न्यूक्लियर प्लांट है। ये हमले ट्रम्प की चेतावनी के बाद बढ़े हैं। ट्रम्प ने कहा था कि अगर 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। सीजफायर वार्ता करना चाहते हैं ट्रम्प: उनकी टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बातचीत करना चाहती है। लेकिन ईरान ने दो शर्ते रखी हैं कि पहले जंग रोकी जाए, नुकसान का मुआवजा दिया जाए और भविष्य में हमले न होने की पक्की गारंटी मिले। हालांकि, ट्रम्प मुआवजे की शर्त मानने को तैयार नहीं हैं। ईरान ने PM मोदी से बात की: ईरानी राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने शनिवार को पीएम मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि BRICS को ईरान पर हो रहे हमले रोकने में भूमिका निभानी चाहिए। दरअसल, 1 जनवरी 2026 को भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है। पढ़ें पूरी खबर… 2. अमेरिका-रूस से तेल और LPG लेकर भारत पहुंचा जहाज, 7 दिन में पांच शिप पहुंचे अमेरिका से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया है। वहीं रूस से एक जहाज क्रूड लेकर भारत आया। पिछले 7 दिनों में करीब पांच जहाज गैस-कच्चा तेल लेकर समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे। फारस की खाड़ी में अभी भी करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। हालांकि वे सभी सुरक्षित हैं। होर्मुज के रास्ते तीन जहाज आए: 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात में अडाणी पोर्ट्स आया था। वहीं, दो अन्य LPG कैरियर MT शिवालिक और MT नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर 16 और 17 मार्च को भारत आए थे। हालांकि, ये तीनों जहाज होर्मुज के रास्ते से होकर गुजरे थे। पढ़ें पूरी खबर… 3. यूपी के मंत्री निषाद फूट-फूट कर रोए, बोले- हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा गोरखपुर में रविवार को मंत्री संजय निषाद मंच पर फूट-फूट कर रोए। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा है। हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। हमें मजबूत होना होगा। आप सभी से इतना कहूंगा कि अपनी निषाद पार्टी के लिए खड़े हो जाओ। अपनी पार्टी को मजबूत करो। 3000 बाइक के साथ रैली निकाली: संजय निषाद ने 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। उन्होंने 3000 बाइक के साथ 10 किमी की रैली निकाली। खुद मंत्री बुलेट से आगे-आगे चल रहे थे। योगी सरकार में गठबंधन में संजय निषाद की पार्टी: यूपी में निषाद पार्टी अभी भाजपा के साथ गठबंधन में हैं। पार्टी का पूरा नाम- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल है। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए पार्टी ने अपनी गतिविधि तेज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर… 4. पाकिस्तानी लीग में दर्शकों की एंट्री बैन, PCB चीफ बोले- यह खर्च कटौती अभियान का हिस्सा पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में दर्शकों की स्टेडियम में एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही टूर्नामेंट के सभी मैच सिर्फ लाहौर और कराची में खेले जाएंगे। 26 मार्च से शुरू होने वाली लीग की ओपनिंग सेरेमनी भी रद्द कर दी गई है। PCB के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा;- ये फैसला मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर पाकिस्तान के सरकारी बजट पर भी पड़ रहा है। पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराया: ईरान जंग के कारण पूरे एशिया में तेल संकट गहरा गया है। कच्चे तेल के रेट दोगुने होने से पाकिस्तान सरकार को पेट्रोल-डीजल महंगा पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने इसके मुताबिक रेट नहीं बढ़ाए हैं, जिससे बढ़ी कीमतों का असर सरकारी खजाने पर पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 5. मोदी सबसे ज्यादा दिन सरकार प्रमुख रहने वाले राजनेता, CM-PM मिलाकर बतौर हेड ऑफ गवर्नमेंट 8931 दिन पूरे PM मोदी भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री मिलाकर बतौर हेड ऑफ गवर्नमेंट उन्होंने कुल 8,931 दिन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मोदी 14 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। देश के प्रधानमंत्री के तौर पर यह उनका तीसरा कार्यकाल है। नेहरू से अब भी पीछे: PM मोदी भारत के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे PM भी हैं। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 4077 दिनों (24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977) का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। 22 मार्च 2026 तक बतौर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी 4318 पूरे कर चुके हैं। हालांकि सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम है। वे कुल 6126 दिन तक इस पद पर रहे। पढ़ें पूरी खबर... 6. 'धुरंधर 2' ने ₹500 करोड़ से ज्यादा कमाए, पुष्पा 2- जवान और दंगल को पीछे छोड़ा फिल्म 'धुरंधर 2' ने दुनियाभर में 500 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। रिलीज के तीसरे दिन फिल्म ने भारत में 113 करोड़ रुपए की कमाई की। पेड प्रीव्यू समेत तीन दिनों में कुल कलेक्शन 339 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। पहले शनिवार को कमाई के मामले में फिल्म ने पुष्पा 2, जवान, बाहुबली 2 और दंगल जैसी बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। धुरंधर ने ₹1,307 करोड़ कमाए थे: फिल्म के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: घरेलू फ्लाइट्स का किराया 23 मार्च से बढ़ा सकेंगी एयरलाइंस:सरकार ने रोक हटाई; इंडिगो संकट के दौरान ₹18 हजार तय की थी अधिकतम सीमा (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: पाकिस्तान दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देश: पिछले साल 1139 लोग मारे गए; रिपोर्ट- भारत में आतंकी घटनाएं 43% घटी (पूरी खबर पढ़ें) छत्तीसगढ़: खल्लारी मंदिर में रोपवे टूटा, 2 ट्रॉली खाई में गिरी: 1 की मौत, 16 घायल; नवरात्रि पर दर्शन के लिए पहुंचे थे (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: प्रेग्नेंसी में वर्क फ्रॉम होम नहीं दिया, ₹200 करोड़ जुर्माना:डिलीवरी के बाद बच्चे की मौत हुई, अमेरिकी कोर्ट ने कहा- कंपनी जिम्मेदार (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: सोनम वांगचुक 6 महीने बाद लेह पहुंचे: हजारों लोगों ने स्वागत किया, बोले- उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे; NSA में जेल में बंद थे (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: दावा-ईरान ने हीट ट्रैकिंग मिसाइल से अमेरिकी F-35 को गिराया:यह दुनिया का सबसे एडवांस फाइटर जेट, लेकिन ईरानी खतरे का अंदाजा नहीं लगा पाया (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: मोदी की पश्चिम एशिया के हालात पर हाई लेवल बैठक:शाह-नड्डा, पुरी समेत सीनियर लीडर मौजूद; गैस-तेल और ऊर्जा की स्थिति पर चर्चा की (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: राउत बोले- मोदी जी अब झोला उठाओ और चले जाओ:आप देश चलाने के काबिल नहीं; रुपया गिर रहा, पीएम इलेक्शन कैंपेन में बिजी (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: महिला की लाश के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान: हॉन्गकॉन्ग से लंदन उड़ान में टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे पैसेंजर (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: असम चुनाव-कांग्रेस से आए सांसद को टिकट देने पर नाराजगी: जिन भाजपा विधायकों का टिकट कटा, उन्होंने निर्दलीय लड़ने की बात कही; CM ने मनाया (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: राजस्थान-बंगाल समेत 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट:UP-बिहार, दिल्ली में घना कोहरा; हिमाचल में 5 दिन से बर्फबारी, उत्तराखंड-सिक्किम में एवलांच का खतरा बढ़ा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: टॉप-10 मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति:तिरुपति बालाजी दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल; पद्मनाभमंदिर के पास सबसे ज्यादा खजाना (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... ग्रामीणों ने पुलिस को बंधक बनाया यूपी के जौनपुर में सादे कपड़ों में पहुंची महाराष्ट्र पुलिस को ग्रामीणों ने चोर समझकर घेर लिया और बंधक बना लिया। पुलिस एक युवक को पैसे के लेन-देन के मामले में पकड़ने आई थी। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… आज का एक्सप्लेनर: क्या ईरान पर न्यूक्लियर अटैक कर देंगे नेतन्याहू; ईरान ने डिमोना शहर पर सबसे बड़ा हमला किया, दुनिया पर इसका क्या असर संडे जज्बात-तीरंदाज बेटी मरी तो MBBS बेटे को खिलाड़ी बनाया: जब डॉक्टर बेटा भी नहीं रहा तो 55 की उम्र में बेटी पैदाकर बनाया तीरंदाज भास्कर एक्सक्लूसिव: निशांत को नीतीश जैसा बनाने की ट्रेनिंग: चलने, बोलने से लेकर उठने-बैठने की बारीकी सीख रहे; मंत्री-विधायक दे रहे पॉलिटिकल क्लास जरूरत की खबर- नवरात्रि व्रत में कैसे रहें एनर्जेटिक: 7 जरूरी बातें ध्यान रखें, डाइटीशियन से जानें व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं साइबर लिटरेसी- फास्टैग रिचार्ज स्कैम: जानें कैसे फंसते हैं लोग, सस्ते के लालच में न आएं, रीचार्ज कराते हुए बरतें 10 सावधानियां करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में करीब 2 दशक की सियासी पारी खेलने वाले केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का दामन थाम लिया। दिल्ली में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने केसी त्यागी, उनके बेटे अमरीश त्यागी को पार्टी जॉइन कराई। केसी त्यागी ने कहा, मैंने अपना राजनीतिक जीवन ही लोक दल से शुरू किया था। ये उसी का स्वरूप है, इसमें कुछ नया नहीं है। जदयू और रालोद में कोई फर्क नहीं है। एक दिन ऐसा भी था, जब नीतीश कुमार और चौधरी चरण सिंह एक पार्टी बनाने वाले थे। इन दोनों में कोई अंतर नहीं है। इस मौके पर 'दैनिक भास्कर' ने केसी त्यागी से खास बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘रालोद उनके मन से कभी गई नहीं थी। नीतीश कुमार के जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता। पश्चमी यूपी से कई बार मैंने चुनाव जीता है, अब पार्टी को और मजबूत करूंगा।’ पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: जदयू से रालोद…ये बदलाव का विचार कहां से आया? जवाब : मैंने रालोद, जदयू दोनों को कभी अलग नहीं माना। दोनों को हमेशा एक ही माना है। दोनों का घोषणा पत्र एक है। दोनों के एक ही नेता रहे हैं चौधरी चरण सिंह। दोनों का घोषणापत्र से लेकर उसका क्रियान्वयन एक है। मैं, जॉर्ज साहब (जॉर्ज फर्नांडिस) , शरद यादव और नीतीश कुमार… सभी लोग चौधरी चरण सिंहजी के लोकदल में रह चुके हैं। इसलिए मुझे नया नहीं लग रहा है। मैंने कभी स्वयं को लोकदल से अलग नहीं माना। मैं रालोद में न रहते हुए भी चौधरी चरण सिंह और रालोद के सवालों को विभिन्न माध्यमों से उठाता रहा हूं। सवाल: आपने कहा रालोद में पद की लालसा नहीं है?जवाब: मैं चौधरी चरण सिंह, जॉर्ज फर्नांडीज, देवीलाल, बीपी सिंह, चंद्रशेखर, कर्पूरी ठाकुर सबके साथ पदाधिकारी रह चुका हूं। इसलिए किसी पद के लिए नहीं, बल्कि चौधरी चरण सिंह जी के जो छूटे हुए सवाल हैं, उनको मजबूती देने के लिए और जो उनकी परंपरा को लेकर चल रहे हैं, उन्हें मजबूती देने के लिए आया हूं। सवाल: 2027 में रालोद के साथ चुनावी रणनीति क्या होगी?जवाब: हम आरएलडी को इतना मजबूत करना चाहते हैं, जयंत चौधरी को इतनी ताकत देना चाहते हैं, जैसी कभी चौधरी चरण सिंह के समय थी। डिसीजन मेकिंग में जयंत चौधरी की और लोकदल की महती भूमिका है। मैंने वेस्ट यूपी से 6 चुनाव लड़े हैं, वहां से चुनाव जीता भी हूं। वहां रालोद को पिछले समय की तरह मजबूत करना चाहता हूं। सवाल: नीतीश कुमार के साथ आपने लंबा वक्त गुजारा अब उनके लिए क्या कहेंगे?जवाब: नीतीश कुमारजी मेरे 52 साल के मित्र हैं। मेरी उनके लिए-उनके बेटे के लिए हमेशा बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। लेकिन नीतीश कुमार जैसा कोई नहीं है। यूपी के पूर्व मंत्री अशोक यादव भी रालोद में शामिल हुएयूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक यादव भी रविवार को अपने समर्थकों के साथ रालोद में शामिल हुए। अशोक यादव 2007-12 तक फिरोजाबाद में शिकोहाबाद सीट से विधायक रहे हैं, उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता था। वे अपने राजनैतिक सफर के साथ 2019 में बलात्कार और जबरन वसूली जैसे गंभीर आपराधिक आरोपों और पुलिसिया कार्रवाई के कारण चर्चा में रहे थे। केसी त्यागी की ये खबर भी पढ़िए… 'जयंत जी मुझे माफ करना, आपसे कोई पद नहीं चाहिए' पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोकदल जॉइन कर लिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने उनको सदस्यता दिलाई। दिल्ली में आयोजित एक किसान समृद्धि गोष्ठी में वे रालोद में शामिल हुए। जयंत चौधरी ने कहा- मैं केसी त्यागी को जन्म से देखता आ रहा हूं। वह अक्सर मेरे जन्मदिन से जुड़ा किस्सा भी सुनाते हैं। जब पार्टी में शामिल होने की बात हुई तो उन्होंने जरा भी देर नहीं की। आज एक बार फिर मुझे त्यागी जी के साथ काम करने का मौका मिला है। पढ़ें पूरी खबर
यूपी में 1.86 लाख शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं हैं। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यालयों के हैं। इनमें 50 हजार तो ऐसे हैं, जो न्यूनतम योग्यता न होने के कारण परीक्षा में बैठ भी नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने के लिए सितंबर, 2027 की समय सीमा तय कर रखी है। ऐसे में यूपी में चार साल बाद जुलाई में होने वाली UPTET-2026 शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है। मुश्किल ये है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की गुत्थी में उलझे इन शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय जनगणना की ड्यूटी के बीच वे परीक्षा की तैयारी कब करेंगे? परीक्षा का शेड्यूल क्या है, शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना क्यों जरूरी है? सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी में शिक्षकों के लिए क्या शर्तें जोड़ी हैं? शिक्षक संघ क्यों 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जा चुके टीईटी का विरोध कर रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट… 4 साल बाद हो रही यूपीटीईटीउत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 20 मार्च को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया। यूपी में ये परीक्षा 4 साल बाद होने जा रही है। इससे पहले 2021 में परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन परीक्षा 2022 में हो पाई थी। इस बार परीक्षा में 15 से 20 लाख आवेदक शामिल हो सकते हैं। इसमें 1.86 लाख वे शिक्षक भी शामिल हैं, जो परिषदीय विद्यालयों में बिना टीईटी पास कार्यरत हैं। वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्यशिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटीईटी के आवेदन में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) अनिवार्य कर दिया है। सभी नए आवेदकों को पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ही वे परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन कर पाएंगे। पूर्व में वन टाइम रजिस्ट्रेशन करा चुके आवेदकों को सिर्फ अपनी लॉगिन–पासवर्ड का प्रयोग करके आवेदन करना होगा। टीईटी के पेंच में कैसे फंसे 1.86 लाख शिक्षक संसद ने 4 अगस्त, 2009 को निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE-2009) कानून पारित किया। इसे 1 अप्रैल, 2010 से देशभर में लागू किया गया। इसका उद्देश्य 6 से 14 साल के हर बच्चे को कक्षा 1 से 8 तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देना है। साथ ही, शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में टीईटी अनिवार्य किया गया। 27 जुलाई, 2011 को आदेश जारी करके प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य सेवा शर्त बनाई गई। हालांकि 1 सितंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने फैसला दिया कि जिनकी सेवा 5 साल से ज्यादा बची है, ऐसे सभी शिक्षकों को 2 साल (सितंबर 2027 तक) में टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। इससे कम सेवा वालों को छूट तो दी गई, लेकिन प्रमोशन के लिए उन्हें भी TET पास करना जरूरी कर दिया गया। साथ में, डबल बेंच ने 2014 के कर्नाटक के प्रमति एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें RTE Act को अल्पसंख्यक संस्थानों (सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त) से पूरी छूट दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि प्रमति ट्रस्ट के फैसले की समीक्षा जरूरी है। मामला संवैधानिक पीठ को भेज दिया गया। फिलहाल संवैधानिक पीठ गठित नहीं हुई है। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि RTE-2009 के तहत TET की अनिवार्यता जुलाई, 2011 से लागू हुई थी। ऐसे में इससे पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसे कैसे लागू किया जा सकता है। कई शिक्षक तो 20 से 25 सालों से पढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी नौकरी के बाद फिर से परीक्षा लेना कहां तक तर्कसंगत है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर के 21 लाख ऐसे शिक्षक आंदोलन पर मजबूर हुए। यूपी में दो शिक्षकों की मौत और शिक्षकों के आंदोलन के दबाव में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सामने रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दी, जिस पर अभी सुनवाई होनी है। आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए नई शर्त जुड़ी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, प्रदेश के 1.86 लाख शिक्षकों को भी टीईटी पास करना अनिवार्य है। सितंबर, 2027 से पहले टीईटी पास नहीं होने पर उन्हें नौकरी से बाहर होना पड़ेगा। ऐसे में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शिक्षकों के लिए भी आवेदन में कुछ शर्तों को जोड़ा है। यूपीटीईटी आवेदन में बताना होगा कि क्या आप कार्यरत सरकारी शिक्षक हैं? हां, का चयन करने पर आपको शिक्षक का प्रकार, संगठन/विद्यालय का नाम, जॉइनिंग तिथि, सेवानिवृत्ति तिथि और मानव संपदा कोड भरना होगा। साथ ही आवेदन के समय नवीनतम वेतन पर्ची भी अपलोड करनी होगी। आरक्षित की तरह EWS के लिए 83 अंक होगा पासिंग मार्क्स उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इस बार एक बड़ा बदलाव EWS श्रेणी में किया है। EWS को भी आरक्षित वर्ग में रखा गया है। मतलब EWS श्रेणी के आवेदकों को यूपीटीईटी पास करने के लिए न्यूनतम 83 अंक लाने होंगे। पिछली बार 2022 की परीक्षा में EWS को पासिंग मार्क्स के लिए 90 अंक लाना अनिवार्य था। 50 हजार शिक्षक तो टीईटी में बैठ ही नहीं सकते यूपीटीईटी के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता ने लगभग 50 हजार शिक्षकों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। उनके पास यूपीटीईटी में बैठने की पात्रता ही नहीं है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लखनऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभाकांत मिश्रा के मुताबिक, प्रदेश में वर्ष 1998 तक प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती की न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट और दो साल की बीटीसी थी। प्रदेश में इस न्यूनतम योग्यता के साथ लगभग 15-20 हजार शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा मृतक आश्रित वाले भी 15 हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। 5 साल की सेवा के बाद उन्हें शासनादेश के मुताबिक ट्रेंड ग्रेड मिल जाता है। इसमें कई न ग्रेजुएट हैं और न ही बीटीसी पास हैं। तीसरी श्रेणी में बीपीएड से शिक्षक की नौकरी कर रहे लोग शामिल हैं। प्रदेश में 1999 और 2004 में बीपीएड वालों की प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बतौर शारीरिक शिक्षक पद पर नौकरी लगी है। ऐसे शिक्षकों की संख्या भी करीब 20 हजार है। फिर शिक्षा मित्रों और इंटर कॉलेजों के शिक्षकों का क्या होगा? उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश शर्मा कहते हैं कि आरटीई-2009 एक्ट इंटर कॉलेजों में भी कक्षा 6 से 8वीं तक प्रभावी है। ऐसे में वहां 6वीं से 8वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना होगा। प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या भी 20 हजार से अधिक है। आखिर ये भी तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जद में आएंगे, फिर उनका क्या होगा? प्रदेश में बड़ी संख्या में मान्यता प्राप्त और निजी कॉलेज भी हैं। उन शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य होगी। फिर शिक्षा मित्रों के मामले में सरकार क्या कदम उठाएगी? क्योंकि वे भी तो कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। दिनेश शर्मा कहते हैं कि प्रदेश में 1993 से शिक्षकों की भर्ती एनसीईटी (नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) की तय गाइडलाइन के अनुसार हो रही है। वहीं, प्रदेश में शिक्षकों का प्रमोशन अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के तहत वरिष्ठता के आधार पर तय है। SIR और राष्ट्रीय जनगणना के बीच कैसे करेंगे परीक्षा की तैयारी राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह कहते हैं, अभी शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य के साथ–साथ एसआईआर का काम लिया गया। मई में उन्हें राष्ट्रीय जनगणना अभियान में लगाया जा रहा है। ऐसे में वे तीन महीने बाद होने वाली यूपीटीईटी की तैयारी कब करेंगे? उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे शिक्षकों को राहत देना चाहिए। उनकी ड्यूटी राष्ट्रीय जनगणना में हटाई जानी चाहिए। वे आगे कहते हैं कि शिक्षा समवर्ती सूची में आती है। मतलब, इस पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारें नियम बना सकती हैं। यूपी सरकार तमिलनाडु की तरह शिक्षकों के लिए टीईटी में छूट दे सकती है। तमिलनाडु में लगभग 4 लाख सरकारी और निजी शिक्षक हैं। उसने भी यूपी की तरह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में रिव्यू पिटीशन दाखिल किया है। इसके अलावा उसने दो साल में शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए क्वालीफाई मार्क्स कम रखते हुए एक अध्यादेश भी ले आई है। साथ ही सरकार ने दो साल में 6 TNTET (तमिलनाडु शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित कराने का निर्णय लिया है। …………………..ये भी पढ़ें -यूपी के 8 जिलों में आज APO प्री परीक्षा:182 पदों के लिए 93420 हजार रजिस्ट्रेशन, 3 लेयर में जांच के बाद मिली एंट्री उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 2025 प्रारंभिक परीक्षा आज रविवार को प्रदेशभर में आयोजित हो रही है। 182 पदों के लिए होने वाली इस परीक्षा में 93,420 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा प्रदेश के 8 जिलों- अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी के कुल 210 केंद्रों पर हो रही है। नकलविहीन परीक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पढ़िए पूरी खबर…
गोरखपुर में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद मंच पर फूट-फूट कर रोए। उन्होंने कहा, हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा है। हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। हमें मजबूत होना होगा। इससे पहले संजय निषाद ने रविवार को 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। उन्होंने 3000 बाइक के साथ रैली निकाली। खुद मंत्री बुलेट से आगे-आगे चल रहे थे। VIDEO में देखिए संजय निषाद का 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर प्लान क्या है?
शहर में शादी के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने खुद को दुल्हन बताकर युवक और उसके परिवार को झांसे में लिया। फर्जी वैवाहिक पंचनामा तैयार किया और लाखों के जेवर-नकदी लेकर फरार हो गई। मामले में जिला कोर्ट इंदौर ने गंभीरता दिखाते हुए पुलिस थाना एमआईजी से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है।हाईकोर्ट एडव्होकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि एमआईजी क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित ने बताया कि सागर निवासी आरती नाम की महिला ने 19 नवंबर 2019 को शादी का झांसा देकर उसे सागर बुलाया। यहां हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कराने के बजाय कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर वैवाहिक पंचनामा तैयार किया गया और इसे शादी का रूप दे दिया गया।इसके बाद महिला इंदौर आकर युवक के साथ रहने लगी। इस दौरान उसने चांदी की पायल, करधनी, बिछिया, सोने का मंगलसूत्र और करीब 40 हजार रुपए एफडी के नाम पर ले लिए। साथ ही घर में रखे करीब 30 हजार रुपए नकद भी गायब कर दिए। पीड़ित का आरोप है कि महिला ने कभी भी सात फेरे, सिंदूर, मंगलसूत्र जैसी वैवाहिक रस्में पूरी नहीं कीं। हर बार बहाने बनाकर शारीरिक संबंध बनाने से भी बचती रही और बड़े समारोह में शादी करने की बात कहती रही। कोरोना लॉकडाउन के दौरान करीब 9 महीने तक साथ रहने के बाद 15 अगस्त 2020 को महिला अपने पिता के साथ सागर जाने का कहकर चली गई और फिर लौटकर नहीं आई। बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। कानूनी सलाह में खुला फर्जीवाड़ापीड़ित ने जब वकीलों से सलाह ली, तब पता चला कि नोटरी कागजों पर किया गया वैवाहिक पंचनामा कानूनी रूप से मान्य ही नहीं है। इसके बाद उसे अहसास हुआ कि वह शादी के नाम पर ठगी का शिकार हुआ है। कोर्ट पहुंचा मामला, पुलिस से जवाब तलबपुलिस में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने अपने वकीलों एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से जिला कोर्ट इंदौर में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और चोरी का परिवाद पेश किया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए एमआईजी थाने से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। कुन्हारे ने बताया की हिंदू विवाह अधिनियम के तहत किसी भी हिंदू लड़के-लड़कियों की अग्नि के समक्ष सप्तपदी, सात फेरे, मांग में सिंदूर,मंगलसूत्र पहनाने सहित चलित मान्यताओं अनुसार शादी की शर्तों का पालन करना जरूरी होता है, तभी वैध संपन्न शादी मानी जाती है। किसी भी स्टाम्प और कागज पर की गई नोटराइज शादी या तलाक गैरकानूनी है। जिसको लेकर माननीय हाई कोर्ट इंदौर ने भी दिनांक 31-12-2020 एक केस आदेश पारित करते हुए में कोर्ट में बार बार ऐसी फर्जी शादी की केस आने का उल्लेख करते हुए प्रिंसिपल सेक्रेटरी लॉ डिपार्टमेंट ऑफ मध्य प्रदेश को सख्त गाइडलाइन जारी करने के लिए निर्देशित किया है। नोटरी शादी मान्य नहींहाई कोर्ट एडवोकेट रूपाली राठौर ने बताया कि भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट ऑफ लीगल अफेयर्स ने भी दिनांक 10-10-2024 को एक मेमोरेंडम जारी किया हैं, जिसमें नोटरी एक्ट का उल्लेख कर चुकी नोटरी महोदय मैरिज ऑफिसर के रूप में नियुक्त नहीं किए गए बताते हुए मेमोरेंडम जारी किया गया है। ये खबर भी पढ़ें… लुटेरी दुल्हन का एक शादी का चार्ज 50 हजार रुपए भोपाल के छोला से पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन अनुराधा को फर्जी शादी करने के लिए 50 हजार रुपए मिलते थे। पुलिस मान रही थी कि अनुराधा गैंग के लिए सिर्फ एक मोहरा है, लेकिन उसके मोबाइल की जांच के बाद पता चला कि वह सक्रिय सदस्य की तरह काम कर रही थी। उसने एक एजेंट को धमकाते हुए कहा- जल्दी मेरी शादी करवा रहे हो या फिर किसी और एजेंट से बात करूं? ये मैसेज अनुराधा के फोन में मिला है।पूरी खबर पढ़ें
मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी हफ्ते मौसम का मिजाज फिर बदलेगा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने 26 मार्च से बारिश का अलर्ट जारी किया है। नए सिस्टम का असर पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, शहडोल-सागर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में दिखाई देगा। इससे पहले 3 दिन प्रदेश में तेज गर्मी पड़ेगी। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 26 मार्च से एक्टिव हो रहा है। जिसका असर एमपी में भी दिखाई देगा। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) सिस्टम सक्रिय है, लेकिन इसका असर प्रदेश में नहीं रहेगा। ओले-बारिश का दौर थमा तो बढ़ गई गर्मी प्रदेश में 18 से 21 मार्च तक बारिश का दौर चला। शनिवार और रविवार को यह दौर थम गया। इस वजह से गर्मी का असर बढ़ गया। रविवार को अधिकांश शहरों में तापमान 32 डिग्री के पार ही रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन-नरसिंहपुर में 36 डिग्री, गुना में 33 डिग्री पहुंच गया। रविवार को हर शहर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बारइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगीमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
हरियाणा के भिवानी में एक बुजुर्ग को हनी ट्रैप में फंसाकर उससे 4 लाख रुपए लेने के केस में कई खुलासे हुए हैं। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी दोनों महिलाओं ने 5 महीने पहले ही गैंग बनाया था। इससे भी दिलचस्प बात ये है कि दोनों की मुलाकात पुलिस थाने में ही हुई थी। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ के अनुसार, महम की रहने वाली महिला उस दौरान भिवानी के सदर थाना में किसी केस के सिलसिले में आई हुई थी। इसी दौरान वो भिवानी निवासी महिला से मिली। जिसके बाद दोनों में संपर्क और बातचीत बढ़ी। जिसके बाद उन्होंने बुजुर्ग को फंसाने की प्लानिंग की। इसके बाद बुजुर्ग को रेप केस में फंसाकर 20 लाख रुपए की डिमांड की। जब 20 लाख रुपए नहीं दिए तो 5 लाख रुपए पर सहमित बनी। हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं और उनके दो साथियों (एक एडवोकेट) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार भिवानी की रहने वाली महिला इसकी सरगना है। जानिए पुलिस को पूछताछ में क्या पता चला… अब आरोपियों के बारे में जानिए… एक 10वीं पास तो दूसरी अनपढ़पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई महम की महिला की शादी करीब 5 साल पहले हिसार में एक व्यक्ति के साथ हुई थी। जिसकी शादी के करीब एक साल बाद ही उनकी अनबन हो गई। वहीं करीब 4 साल से वह महिला महम में ही किराए पर रहती थी। जो पुलिस के समक्ष खुद को दसवीं तक पढ़ी-लिखी बताती है। इधर, भिवानी की रहने वाली महिला के पति की मौत हो चुकी हैं। वहीं उसने खुद को पुलिस के समक्ष पूछताछ में अनपढ़ बताया है। वहीं पुलिस के अनुसार वकील भी इन महिलाओं को हनी ट्रेप में की इस वारदात में मदद कर रहा था। वहीं उसके ईशारे पर महिलाएं कदम उठा रही थी। पुलिस ने ऐसे पकड़ा पहले 20 लाख रुपए मांगे थेडीएसपी मुख्यालय महेश कुमार ने बताया कि आरोपियों द्वारा हनी ट्रैप में फंसा कर 5 लाख रुपए मांगे गए थे। शिकायतकर्ता किराए पर कमरा लेने के लिए गया था। इसी दौरान आरोपियों ने इसे अपने जाल में फंसा लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस टीम ने 1 लाख रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन व 2 मोटरसाइकिल व 4 लाख रुपए का चेक भी बरामद किया हैं। महिला ने समझौते के लिए पहले 20 लाख रुपए की डिमांड की थी, लेकिन बाद में 5 लाख में तय हुई। 4 लाख का चेक व 1 लाख कैस देने की बात हुईवहीं बुजुर्ग के बेटे ने महिला को 4 लाख रुपए का चेक दिया तथा 1 लाख नगद देने की बात कही थी। वहीं, 21 मार्च को पुलिस इनके पीछे लग गई थी। आरोपियों द्वारा पैसे लेने के लिए बार-बार स्थान बदला जा रहा था। पुलिस की जांच टीम ने इसके बाद सभी को लोकेशन पता कर पकड़ लिया।
लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उस्ताह के साथ मनाया जाएगा। हालांकि रणजीत लोक के काम के कारण सिमित जगह में ये आयोजन होगा। इसे लेकर प्लानिंग की जा रही है। मंदिर में साकेतधाम सजाया जाएगा। मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा, जिनकी खुशबू से मंदिर परिसर महक उठेगा। गर्मी को देखते हुए मंदिर परिसर में भक्तों के लिए कूलर की भी व्यवस्था की जाएगी। रणजीत हनुमान मंदिर में बीते कई महीनों से रणजीत लोक का काम किया जा रहा है। इसके चलते छोटी पार्किंग और मेन गेट से भक्तों की एंट्री बंद है। बड़ी पार्किंग से ही भक्त मंदिर में एंट्री कर रहे हैं। आगामी रामनवमी के पर्व को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसलिए वैसी ही व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि 27 मार्च को रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया जाएगा। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। साकेतधाम का स्वरूप दिया जाएगा, इसकी प्लानिंग और काम शुरू हो गया है। कलाकारों द्वारा प्लाई और कपड़े से साकेतधाम तैयार किया जा रहा है। साथ ही मंदिर में फूलों से सजावट की जाएगी। 26 मार्च से दिन में सजावट शुरू हो जाएगी। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 15-20 कूलर भी लगाए जाएंगे। अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। रामनवमी पर सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार किया जाएगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। प्रसाद वितरण रहेगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। रणजीत लोक के काम के चलते जगह की कमी को देखते हुए अच्छे से अच्छे काम करने कोशिश की जा रही है।
मध्य प्रदेश सरकार लगातार निवेश को लेकर बड़े-बडे़ दावे और आयोजन करती रही है। इन्वेस्टमेंट समिट, रोड शो पर होने वाले खर्च को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठाता रहा है। लोकसभा में रतलाम-झाबुआ की बीजेपी सांसद अनीता नागर सिंह चौहान ने प्लास्टिक पार्क को लेकर जो सवाल पूछा उसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्लस्टर विकास के जरिए रोजगार पैदा करने के सरकारी दावे जमीनी स्तर पर काफी धीमे साबित हो रहे हैं। लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के दो प्लास्टिक पार्कों तामोट और बिलौआ में सरकार ने बुनियादी ढांचे पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला निजी निवेश और रोजगार का आंकड़ा बेहद निराशाजनक हैं। तामोट प्लास्टिक पार्क: ₹108 करोड़ खर्च, रोजगार केवल 274 को रायसेन जिले के तामोट में स्थित प्लास्टिक पार्क को वर्ष 2013 में मंजूरी मिली थी । इस परियोजना की कुल लागत ₹108 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार ने ₹40 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया था। वर्तमान में यहां सिविल कार्य 100% पूरा हो चुका है और 33 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इतने भारी खर्च के बावजूद, यह प्रोजेक्ट अब तक केवल 274 लोगों को ही रोजगार मुहैया करा पाया है। यहां अब तक कुल ₹68.75 करोड़ का ही निजी निवेश आया है। तामोट प्लास्टिक पार्क (रायसेन) इस पार्क का भूमिपूजन 5 जून 2015 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया था। शिलान्यास के समय दावा किया गया था कि इस पार्क में 100 से अधिक इकाइयां लगेंगी, जिससे 20,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उस समय इस पार्क में लगभग ₹713 करोड़ के पूंजी निवेश की संभावना जताई गई थी। वर्तमान स्थिति: दावे के विपरीत, अभी तक मात्र 274 लोगों को ही रोजगार मिल पाया है और निजी निवेश भी केवल ₹68.75 करोड़ ही पहुंचा है। बिलौआ प्लास्टिक पार्क: ₹68.72 करोड़ की योजना, निजी निवेश मात्र ₹2.54 करोड़ ग्वालियर के बिलौआ में स्थापित पार्क की स्थिति और भी खराब है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹68.72 करोड़ है, जिसमें ₹34.36 करोड़ की केंद्रीय सहायता शामिल है । यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम 100% पूरा होने के बाद भी मात्र 5 प्लॉट ही आवंटित हुए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पार्क में निजी क्षेत्र की रुचि न के बराबर है, जहां अब तक केवल ₹2.54 करोड़ का ही निजी निवेश हुआ है और रोजगार का आंकड़ा अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। बिलौआ प्लास्टिक पार्क (ग्वालियर) ग्वालियर के बिलौआ में प्लास्टिक पार्क की घोषणा और शुरुआती प्रक्रियाओं के दौरान भी बड़े लक्ष्य रखे गए थे। शुरुआती घोषणाओं (वर्ष 2016 के आसपास) के दौरान दावा किया गया था कि ग्वालियर के इस प्लास्टिक पार्क से लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए लगभग ₹1000 करोड़ तक के निवेश और टर्नओवर की संभावनाओं के साथ प्रोजेक्ट की ब्रांडिंग की गई थी। वर्तमान स्थिति: करोड़ों का सरकारी बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद यहां निजी निवेश मात्र ₹2.54 करोड़ ही आया है और रोजगार सृजन की स्थिति अभी भी शून्य ही है।
पंजाब स्टेट वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा सुसाइड केस में 2 अफसरों सहित 7 लोग सवालों के घेरे में हैं। DM की चिटि्ठयों पर वेयरहाउस MD और DC तरनतारन पर भी समय रहते कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे। डीएम रंधावा की पत्नी ने आरोप लगाया कि तरनतारन के डीसी राहुल सिंधु और पंजाब स्टेट वेयरहाउस के एमडी गौतम जैन को पति ने लेटर लिख मामले की जानकारी दी थी। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा ये हुआ कि पति डिप्रेशन में चले गए और परिवार को बचाने के लिए सल्फास निगल जीवन लीला खत्म कर ली। आरोपों के बारे में दैनिक भास्कर ने दोनों अधिकारियों के साथ सीधी बात की, जिस पर दोनों ने कहा कि उनको कोई चिट्ठी नहीं मिली। रंधावा की पत्नी ने 2 अज्ञात आरोपियों का भी एफआईआर में नाम लिखवाया है। पुलिस अभी तक इन आरोपियों के बारे में भी पता नहीं लगा पाई है। आइए जानते हैं खुद पर लगे आरोपों के बारे में डीसी और डीएम ने क्या सफाई दी…। डीसी तरनतारन राहुल सिंधु से बातचीतसवाल: डीएम रंधावा ने आपको मिनिस्टर लालजीत सिंह भुल्लर के साथ हुई घटना के बारे में 14 मार्च को जो लेटर दिया था उस पर क्या कार्रवाई की?जवाब: मुझे कोई लेटर 14 मार्च या उसके बाद डीएम रंधावा की तरफ से नहीं मिला। सवाल: उनकी पत्नी दावा कर रही हैं कि उनके पति ने अफसरों को लेटर दे दिए थे और वो एक सप्ताह से इसी काम में लगे थे?जवाब: मुझे कोई लेटर नहीं मिला। लेटर की ऑरिजनल कॉपी तो उनकी पत्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई है। इसका मतलब है कि जो लेटर सर्कुलेट हो रहे हैं वो तो उनकी पत्नी के पास ही हैं। सवाल: क्या डीएम रंधावा इस संबंध में आपसे मिले थे?जवाब: हां जी, 17 मार्च मंगलवार को मिले थे। सवाल: डीएम रंधावा ने क्या बताया था?जवाब: सोशल मीडिया पर जो लेटर चल रहे हैं उनमें जो बातें लिखी हैं वो बातें की। कुछ बातें ऐसी थी जो कि वायरल लेटर में नहीं हैं वो भी कही थी। सवाल: आपने कार्रवाई क्यों नहीं की?जवाब: मैंने उन्हें कहा था कि जो जो आपने मुझे मौखिक तौर पर कहा है वो ऑफिशियली लिखकर दें। मैं निश्चित तौर पर कार्रवाई करवाऊंगा चाहे इसमें कोई भी हो। सवाल: क्या उन्होंने लिखकर दिया?जवाब: नहीं, उन्होंने इस संबंध में मुझे लिखित तौर पर कुछ नहीं दिया। मैं उनकी ऑफिशियली लिखित कार्रवाई का इंतजार कर रहा था। इसी बीच उन्होंने आत्महत्या कर दी जो कि बेहद दुर्भाग्यपूण है। तरनतारन DC से गगनदीप ने की थी मुलाकाततरनतारन के डीसी ने स्पष्ट किया है कि डीएम रंधावा ने उन्हें 14 मार्च या उसके बाद कोई आधिकारिक पत्र नहीं दिया था और जो पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं उनकी मूल कॉपियां मृतक की पत्नी के पास ही हैं। हालांकि, डीसी ने स्वीकार किया कि 17 मार्च (मंगलवार) को रंधावा उनसे मिले थे और मौखिक रूप से उन शिकायतों और कुछ अन्य गंभीर बातों का जिक्र किया था जो वायरल पत्रों में भी दर्ज हैं। उस समय डीसी ने उन्हें इन सभी आरोपों को आधिकारिक तौर पर लिखित रूप में देने के लिए कहा था ताकि वे नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर सकें, लेकिन रंधावा ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। डीसी के अनुसार, वे उनकी आधिकारिक लिखित शिकायत का इंतजार ही कर रहे थे कि इसी बीच डीएम रंधावा ने दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाते हुए आत्महत्या कर ली। पंजाब स्टेट वेयरहाउस कारपोरेशन के एमडी गौतम ने क्या कहा… सवाल: अमृतसर में डीएम गगनदीप रंधावा ने आपको 14 मार्च को दो लेटर लिखे थे उन पर आपने क्या कार्रवाई की?जवाब: मेरे पास डीएम गगनदीप रंधावा के कोई लेटर नहीं आए। सवाल: उनकी पत्नी व परिवार कह रहा है कि उन्होंने अफसरों को लेटर भेजे थे।जवाब: मेरे पास कोई लेटर नहीं आए। वैसे भी उनकी पत्नी ने प्रेस कांफ्रेंस में लेटर दिखाए हैं। ओरिजनल लेटर उनके पास हैं, जिससे स्पष्ट है कि मुझे लेटर भेज ही नहीं गए। सवाल: उन्होंने ट्रांसफर के लिए भी लेटर लिखा था?जवाब: ट्रांसफर के संबंध में भी कोई लेटर नहीं दिया। सवाल: आपने फिर उनका ट्रांसफर चंडीगढ़ क्यों किया?जवाब: मुझे घटना की जानकारी मिली तो मैंने उनसे बात की। उन्होंने अपनी बात रखी और कहा कि मैं स्ट्रेस में हूं और यहां काम नहीं कर सकता हूं। उसके बाद में अगले दिन ही उनका ट्रांसफर चंडीगढ़ कर दिया ताकि वो यहां पर स्ट्रेस फ्री रहकर अपना काम कर सकें। सवाल: आपने इस संबंध में सेक्रेटरी, चीफ सेक्रेटरी या सीएम को अवगत कराया?जवाब: मैंने उनका ट्रांसफर चंडीगढ़ उनका हित ध्यान में रखते हुए किया था। मैं इस संबंध में जानकारी जुटा रहा था ताकि कंक्रीट जानकारी सीनियर्स को दी जा सके। उससे पहले उन्होंने यह दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठा दिया। हम अब भी परिवार की मदद के लिए हर वक्त खड़े हैं। इस समय परिवार बातचीत करने की स्थिति में नहीं है उन्हें इस समय कनवेंस करना सभव नहीं है। महकमा उनके परिवार की पूरी मदद करेगा। स्ट्रेस में थे रंधावा, चंडीगढ़ ट्रांसफर कियापंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के एमडी गौतम जैन ने स्पष्ट किया है कि उन्हें डीएम गगनदीप रंधावा की ओर से 14 मार्च को ट्रांसफर की एप्लीकेशन नहीं मिली थी। विभाग को कोई लेटर नहीं भेजा गया। एमडी के अनुसार, जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने रंधावा से बात की, जिसमें रंधावा ने स्ट्रेस में होने और वहां काम न कर पाने की बात कही थी, जिसके आधार पर अगले ही दिन उनका ट्रांसफर चंडीगढ़ कर दिया गया। वे उच्च अधिकारियों या मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी देने के लिए तथ्य जुटा ही रहे थे कि इसी बीच रंधावा ने सुसाइड कर लिया। जानें डीएम रंधावा सुसाइड केस में किस पर क्या आरोप लालजीत भुल्लर: टेंडर के लिए दबाव, मारपीट और धमकी के आरोपअमृतसर के पंजाब स्टेट वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड केस में लालजीत भुल्लर पर आरोप हैं कि उन्होंने पिता को टेंडर दिलाने के लिए डीएम पर प्रेशर बनाया। डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर डीएम की बदली न करने का दबाव बनाया। परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी और घर बुलाकर पीटा और रिश्वत लेने की जबरदस्ती वीडियो बनवाई। इस मामले में लालजीत भुल्लर के मोबाइल नंबर 9874000007 पर बात करने के लिए कॉल की गई। मोबाइल पर रिंग गईं लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। DM रंधावा सुसाइड केस में पत्नी ने उनके खिलाफ बयान दिए हैं। पत्नी के अनुसार लालजीत भुल्लर ने ही उनके पति पर अपने पिता को टेंडर दिलाने का दबाव बनाया। पति की टेंडर दिलाने में कोई भूमिका नहीं थी। पिता को टेंडर न मिलने पर लालजीत भुल्लर ने पति को 13 मार्च को पट्टी स्थित कोठी में बुलाया। वहां मारपीट की। धमकी दी कि मुझे पता है तेरी बेटी कहां पढ़ती है। मैं तु्म्हारे परिवार के पीछे गैंगस्टर लगवाकर तेरे सारे खानदान को मिटा दूंगा। इससे आहत होकर पति ने सल्फास निगल ली। मामला बढ़ने पर आप सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर ने सीएम को इस्तीफा सौंपा। इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। सीएम ने इनकी जानकारी दी। 21 मार्च रात तो पुलिस ने अमृतसर में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है। अमृतसर के पंजाब स्टेट वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस में पहली कड़ी और आरोपी मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले आप नेता लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव भुल्लर हैं। इस मामले में सुखदेव भुल्लर के नंबर 82889-14555 पर 21 मार्च को 2 बार फोन किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। 22 मार्च को फोन किया तो स्विच आफ मिला। सुखदेव भुल्लर पर आरोप है कि उनकी टेंडर लेने की जिद्द के कारण DM रंधावा पर प्रेशर बनाया गया। उसे पट्टी स्थिति कोठी में 13 अप्रैल को बुलाया और कपड़े उतरवाकर पीटा गया। भुल्लर के पिता ने ही बाबा नागा एग्रोटेक फर्म की फाइनेंशियल बिड लगने का सबसे पहले पंजाब स्टेट वेयरहाउस के एमडी को लेटर लिख आपत्ति जताई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि 17 एकड़ में बनने वाले वेयरहाउस के लिए टेंडर पट्टी के लिए था लेकिन बाबा नागा एग्रोटेक्ट फर्म ने उसमा में जमीन दिखार नियमों के खिलाफ ये टेंडर हासिल किया है। लालजीत भुल्लर के पीए का नाम भी एफआईआर में शामिल है। पीए पर आरोप है कि उसकी मौजदूगी में डीएम गगनदीप सिंह को पीटा गया। गगनदीप रंधावा की पत्नी ने नाम सार्वजनिक करते हुआ बताया कि पति ने घर आकर बताया कि जब मारपीट हुई तो तत्कालीन मंत्री लालजीत भुल्लर का पीए भी वहां पर मौजदू था। घर में 5 लोग मौजूद थे, दो लोगों का नाम पता नहीं हैं। रंधावा की पत्नी ने आरोप लगाया कि जब उसके पति को पीटा जा रहा था तब विधायक लालजीत भुल्लर की कोठी में 5 लोग मौजूद थे। इनमें एक लालजीत भुल्लर खुद, दूसरे उनके पिता सुखदेव भुल्लर, तीसरे उनके पीए दिलबाग थे। यहां 2 और लोग थे लेकिन वह उनका नाम नहीं जानती। पत्नी के बयान पर पुलिस ने 2 अज्ञात के नाम शामिल किए हैं। ------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब DM सुसाइड, पूर्व AAP मंत्री-पिता पर FIR, पुलिस पोस्टमॉर्टम तो परिवार गिरफ्तारी पर अड़ा, संयुक्त विपक्ष का प्रदर्शन; CM बोले- यह जांच का विषय पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस में उनका परिवार AAP सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव भुल्लर की गिरफ्तारी पर अड़ गया है। रंधावा की पत्नी ने कहा कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, वह पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। (पढ़ें पूरी खबर)
हरियाणा लोक सेवा आयोग की भर्तियां लगातार विवादों से घिर रही हैं। अब पॉलिटेक्निक कॉलेज के लेक्चरर भर्ती का रिजल्ट HPSC की ओर से जारी किया गया है। जिसकी 3 भर्तियों में केवल 4 कैंडिडेट पास हुए हैं। ऐसे में यह भर्ती भी अब विवादित हो गई है। हरियाणा लोक सेवा आयोग के द्वारा सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में 35 प्रतिशत का क्राइटेरिया तय किया गया है। जिसके चलते युवा मुख्य परीक्षा में फेल हो रहे हैं। 150 अंक की परीक्षा में युवाओं को 52 अंक लेने होने हैं लेकिन काफी भर्तियां ऐसी रहीं हैं, जिसमें कैंडिडेट इस आंकड़ों को छू नहीं सके। हरियाणा के पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए लेक्चरर भर्ती का विज्ञापन साल 2024 में जारी किया गया। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने लेक्चरर इन मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नालॉजी के लिए 32 पद, लेक्चरर इन ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में 15 पद व इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग 20 पद का भर्ती विज्ञापन जारी किया था। भर्ती के सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट का रिजल्ट आया तो हरियाणा लोक सेवा आयोग ने लेक्चरर इन मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नालॉजी के लिए 32 पद के लिए केवल 4 कैंडिडेट पास हुए। वहीं लेक्चरर इन ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में 15 पद व इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग 20 पद के लिए कोई कैंडिडेट पास नहीं हुए।
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के बाद हुई बारिश के बाद अब मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि इसके बावजूद प्रदेश का तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस भिवानी में दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज प्रदेश में मौसम में आंशिक बदलाव हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार आज महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में भी कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना जताई गई है। 27 से 30 डिग्री बना हुआ है तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हिसार में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान लगभग 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। दूसरी ओर राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस करनाल में रिकॉर्ड किया गया। आज फिर कम हो सकता है तापमान मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने की स्थिति में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश में मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हरियाणा के कैथल में पत्नी की शालू की हत्या करने के बाद आरोपी पति अरुण खुद भी सुसाइड करने वाला था। यह चौंकाने वाली बात अरेस्ट होने के बाद उसने पुलिस को पूछताछ में बताई। बताया कि वह सुसाइड नोट भी लिख चुका था। मगर, जब पत्नी का गला दबाया तो वह खूब तड़पी। उसने बचने के लिए हाथ पांव मारे, लेकिन तब तक उसका गला दबाए रखा, जब तक उसकी सांसे नहीं थम गई। इसके बाद वह खुद भी अपनी जान देना चाहता था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा सका। पूरी रात वह डेडबॉडी के पास ही बैठा रहा। दोनों बच्चे भी बेड पर ही सोते रहे। अगले दिन सुबह 11 बजे तक जब आरोपी की हिम्मत जवाब दे गई और कुछ नहीं सूझा तो सामने घर में पोंछा लगा रही भाभी दामिनी को बताया कि “मैंने अपनी पत्नी को मार दिया है, आप संभाल लेना”। इसके बाद घर से भाग गया। गिरफ्तारी होने तक वह शहर में ही घूमता रहा। उधर, पुलिस के हाथ यह सुसाइड नोट भी लगा है। इसके अलावा पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी गहने चोरी करने के मामले में जेल गया था। वह जमानत पर बाहर था। अब वह पत्नी की हत्या में फिर से जेल की सींखचों के पीछे पहुंच गया है। पहले जानिए सुसाइड नोट में क्या और चोरी का क्या था मामला… सुसाइड नोट में लिखा- पत्नी के मायके जाने से परेशानी शहर थाना एसएचओ गीता ने बताया कि सुसाइड नोट में आरोपी अरुण ने लिखा था कि वह अपनी पत्नी शालू से बहुत प्रेम करता है, लेकिन उसके बार बार मायके जाने के कारण उसे परेशानी होती है। इस कारण से परेशान होकर वह पहले अपनी पत्नी को मार देगा और बाद में खुद सुसाइड कर लेगा। सुसाइड नोट में दोनों की मौत का कारण आरोपी ने स्वयं को बताया, लेकिन पत्नी की हत्या के बाद सुसाइड नहीं किया। सोने-चांदी के गहने किए थे चोरी, पुलिस ने भेजा था जेल शहर थाना एसएचओ गीता ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी पर पहले भी चोरी का मामला शहर थाने में दर्ज है। उसने कैथल के चंदाना गेट स्थित एक मकान से लाखों रुपए कीमत के सोना चांदी के गहने और रुपए चोरी किए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ गहने भी रिकवर हुए थे। इस मामले में उसने जमानत ले ली थी और जेल से बाहर आ गया था। अब जानिए कैसे की पत्नी की हत्या, सिलेवार ढंग से पढ़ें… शुक्रवार की रात को शराब पीकर घर आया : शहर थाना एसएचओ गीता के मुताबिक, आरोपी अरुण ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि शुक्ववार की रात को वह शराब पीकर घर आया था। घर में उस वक्त पत्नी शालू और उसके दोनों बच्चे थे। इस दौरान उसका पत्नी से झगड़ा हुआ, जो कुछ देर में ही शांत हो गया है। रात में दो बजे उठा और पत्नी का गला दबाया : अरुण ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी पत्नी का मर्डर करीब दो से ढाई बजे के बीच किया। पहले वे बच्चों को सुलाकर सो गए थे। मगर, रात करीब 2 ढाई बजे वह उठा और पत्नी का गला दबा दिया। गला दबाने के कारण पत्नी बेसुध हो गई। दो बार दबाया गला, तड़प-तड़प कर मरी: आरोपी अरुण ने बताया कि पत्नी शालू मृत समझकर उसने गले को छोड़ दिया और उसके पास ही बैठ गया। मगर, कुछ देर बाद शालू फिर से हिलने डुलने लगी तो दोबारा से उसका गला दबा दिया। इसके बाद जब तक गला दबाए रखा, जब वह तक उसकी सांसे थम नहीं गई। इस दौरान वह खूब तड़पी। बचने के लिए हाथ पांव भी मारे। मां को सोता समझ बच्चे भी पास ही सोते रहे : अरुण ने आगे बताया कि जिस समय उसने पत्नी हत्या की, उस समय दोनों बच्चे भी पास में सो रहे थे। रविवार की सुबह तक भी बच्चे उसके पास ही सोते रहे, जबकि वह कभी घर के अंदर और कभी बाहर घूमता रहा। सुसाइड करने की सोचता रहा, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा सका। भाभी को हत्या की जानकारी देकर भाग गया : एसएचओ के मुताबिक, आरोपी ने आगे बताया कि रविवार सुबह करीब दस से साढ़े बजे तक वह इसी तरह ऊहापोह की स्थिति में रहा। सुसाइड नोट लिख चुका था, लेकिन आत्महत्या करने की हिम्मत नहीं हो रही थी। नशा भी उतर चुका था। बच्चे भी जागने वाले थे। जब कुछ सूझा नहीं तो भाभी को जानकारी देकर घर से भाग गया। सास को भी कॉल किया, पत्नी का मोबाइल तोड़ा : अरुण ने बताया कि भागने से पहले उसने अपनी सास सुनीता देवी को भी कॉल किया। बताया कि आपकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही। मैंने ही मारी है। जब मैंने कहा कि झूठ बोले रहे हो, तो बोला- फोटो भेजू क्या। इस पर उसकी सास सुनीता से बहस हो गई। गुस्से में उसने पत्नी का मोबाइल भी तोड़ दिया था। मायके वालों ने किया अंतिम संस्कार, बच्चों को भी साथ ले गए उधर, मृतक शालू का अंतिम संस्कार पंजाब के बठिंडा के रहने वाले उसके मायके वालों ने ही किया। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मायके वाले उसके शव को संस्कार के लिए बठिंडा ले गए। साथ ही उसके पांच साल के बेटे और तीन साल की बेटी को भी अपने साथ ले गए। पत्नी पर शक के चलते हत्या की बात कबूली : एसएचओ एसएचओ गीता के मुताबिक, आरोपी अरुण पत्नी शालू की हत्या करने के बाद शहर में ही घूमता रहा। पुलिस ने उससकी गिरफ्तारी के लिए टीमें दौड़ाई तो वह शीला खेड़ा ड्रेन के पास खड़ा मिल गया। पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया और थाने ले आए। एसएचओ ने बताया कि आरोपी अरुण ने पूछताछ में पत्नी के चरित्र पर शक को वजह बताते हुए हत्या करने की बात कबूल की है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. चरित्र पर शक था, इसलिए किया पत्नी का मर्डर:कैथल में आरोपी पति अरेस्ट, बोला- घर आते ही झगड़ा हुआ, गला घोंटा; सास ने खोले कई राज हरियाणा के कैथल में पत्नी शालू की हत्या करने वाले अरुण को पुलिस ने रविवार की दोपहर अरेस्ट कर लिया। उसने पूछताछ में कबूल किया कि वह पत्नी के चरित्र पर शक करता था। रात में घर आते ही झगड़ा हो गया, जिसके बाद मैंने उसका गला घोट दिया। इसके बाद भाभी दामिनी को बताकर फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
सहारनपुर में पुलिस की बदमाशों से देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया। लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर गोली चला दी। काउंटर फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। जबकि दूसरा बदमाश भागने में कामयाब हो गया। घायल बदमाश को इलाज के लिए भर्ती कराया है। जबकि दूसरे बदमाश की तलाश में दबिश दी जा रही है। मामला थाना मंडी क्षेत्र का है। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि देर रात शकलापुरी रोड पर पुलिस संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने रुकने के बजाय फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा किया तो बदमाशों की बाइक कच्चे रास्ते पर फिसलकर गिर गई। इसके बाद भी बदमाशों ने पुलिस पर दोबारा फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। गिरफ्तार बदमाश की पहचान सागर के रूप में हुई है, जो दुर्गापुरी कॉलोनी, मूंगागढ़ का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ सहारनपुर के अलग-अलग थानों में करीब 14 मुकदमे दर्ज हैं। वह हाल ही में दर्ज बलवा के एक मामले में फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, दो खोखा, एक जिंदा कारतूस (.315 बोर) और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल घायल बदमाश का अस्पताल में इलाज चल रहा है और फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।
बंदुआ गांव में धूमधाम से मनाया सरहुल पर्व
भास्कर न्यूज|लोहरदगा कुडू प्रखंड क्षेत्र के बड़की चांपि पंचायत अंतर्गत बंदुआ गांव में आदिवासी समाज का प्रमुख प्राकृतिक पर्व सरहुल पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित इस पर्व में लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिली। सरहुल के पावन अवसर पर गांव के पाहन विश्राम भगत व पुजारी रमेश भगत के नेतृत्व में झखरा स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान प्रकृति, जंगल और जल स्रोतों की समृद्धि एवं गांव की खुशहाली की कामना की गई। पूजा सम्पन्न होने के बाद पारंपरिक अखड़ा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में झूमर और नगाड़ों की थाप पर नृत्य-गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इस मौके पर बंदुआ अखड़ा एवं बंदुआ बर टोली अखड़ा में स्थानीय युवक-युवतियों और ग्रामीणों ने सामूहिक नृत्य कर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया। चारों ओर हर्ष और उल्लास का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आदिवासी छात्र संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश उरांव, पड़हा बेल विजय उरांव, पड़हा उप दिवान जतरू उरांव सहित कई सामाजिक एवं ग्राम्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा वार्ड सदस्य गीता भगत, ग्राम प्रधान अम्बिका टाना भगत, सुनील टाना भगत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लेकर सरहुल पर्व की गरिमा को बढ़ाया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि सरहुल पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक है, जो आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की पहचान है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। इस प्रकार बंदुआ गांव में सरहुल का पर्व पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक धरोहर के साथ संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर आदिवासी संस्कृति की जीवंतता को प्रदर्शित किया।
चार दिवसीय चैती छठ नहाय खाय के साथ शुरू
लोहरदगा|जिलेभर में चैती छठ महापर्व रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुई। छठ व्रतियों ने अपने आस-पास के जल स्रोतों में स्नान किया और पूरी शुद्धता और परंपरा के अनुसार नहाय खाय का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करते हुए उसे खुद भी ग्रहण किया। अगले दिन 23 मार्च को शाम में खीर भोजन की परंपरा होगी। फिर अगले दो दिन 24 मार्च व 25 मार्च को शाम और सुबह के समय में भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी और उद्यमान स्वरूप को अर्घ्य दिया जाएगा। जिले के विभिन्न घाटों पर लोगों की भीड़ छठ पूजा को लेकर उमड़ती है। हालांकि कार्तिक छठ की तुलना में चैती छठ में वर्तियों की संख्या आधी होती है। इधर कुडू प्रखंड में भी चैती छठ पूजा नहाय खाय के साथ प्रारम्भ हुआ। छठ व्रतियों ने कद्दू भात का सेवन किया। छठ के गानों से लोहरदगा का वातावरण भक्तिमय हो गया है। प्रखंड के विभिन्न गांवों में चैती छठ मनाई जा रही है। छठ घाट की विभिन्न आयोजन समिति के द्वारा साफ सफाई की जा रही है।
‘मैं (स्त्री शक्ति) ही राष्ट्र की स्वामिनी हूं...’ ऋग्वेद का यह श्लोक महिलाओं की आर्थिक क्षमता को रेखांकित करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में बैंकों की उदासीनता के चलते लक्ष्य के मुकाबले आधे से भी कम लोन वितरित हुए हैं। राज्य सरकार की इस योजना में 30 बैंकों को कुल 1200 महिलाओं को ऋण देने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन 30 जनवरी 2026 तक वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में सिर्फ 606 लोन ही वितरित किए गए, यानी 50.5% लक्ष्य ही पूरा हो पाया। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि 30 में से 13 बैंकों ने एक भी लोन वितरित नहीं किया। इन बैंकों में बंधन बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, डीसीबी बैंक, इक्विटास बैंक, इंडसइंड बैंक, आरएसएलडीबी, उज्जीवन बैंक, यस बैंक और आरबीएल बैंक शामिल हैं। इनका कुल लक्ष्य 79 लोन का था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 194 महिलाओं को लोन देना था, लेकिन सिर्फ 18 लोन देकर 9.3% लक्ष्य ही हासिल किया। महिलाओं को लोन देने में सरकारी और निजी बैंकों का प्रदर्शन 12 सरकारी बैंकों ने 777 के लक्ष्य के मुकाबले 313 लोन वितरित किए, यानी 40.28% ही उपलब्धि रही। कुल प्रदर्शन में राजस्थान ग्रामीण बैंक सबसे आगे रहा, जिसने 236 के लक्ष्य के मुकाबले 270 लोन देकर 114.4% लक्ष्य हासिल किया। “मानकों का हवाला देकर लोन आवेदन खारिज करने से जरूरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा। बैंक महिलाओं को लोन देने में जोखिम महसूस करते हैं और प्रक्रिया को जटिल बना देते हैं, जबकि कई मामलों में सरकार ने छूट दी हुई है।” -भास्कर एक्सपर्ट - निकिता गोयल, उद्योग विशेषज्ञ
अभाविप ने सरहुल शोभा यात्रा में किया चना, गुड़ व जल का वितरण
लोहरदगा|अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा सरहुल शोभा यात्रा में शामिल लोगों के बीच चना, गुड़ एवं शीतल जल का वितरण किया गया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए समाज सेवा का संदेश दिया। वहीं मुख्य रूप से एसएफएस प्रांत प्रमुख छवि सिंह, जिला संयोजक आदित्य कुमार साहू, विभाग संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जानवी कंचन गोयल, आकाश साहू, ओम कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। एसएफएस प्रांत प्रमुख ने सरहुल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है जो हमें पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश देता है। जिला संयोजक ने कहा कि सरहुल हम सभी के लिए प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। हमें अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को सहेज कर आगे बढ़ाना चाहिए। इस सेवा कार्य के माध्यम से अभाविप ने समाज में सहयोग, समर्पण एवं मानवता का संदेश देते हुए जरूरतमंदों की सेवा की। जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की।
सुंडी समाज हमेशा से जनहित और देशहित में करता है कार्य : आदित्य
भास्कर न्यूज| कुडू झारखंड शौंडिक (सुंडी) समाज के बैनर तले राज्य स्तरीय शौणिडीक समाज का चतुर्थ वैवाहिक सम्मेलन सह परिचय सम्मेलन का आयोजन रविवार को रांची के सुकुरहुटू स्थित हवेली बैंक्विट हॉल में किया गया। मौके पर सम्मेलन के मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर सुंडी समाज के कई जोड़ो का वैवाहिक परिचय कराया गया। साथ ही झारखंड के विभिन्न जिले से पहुंचे सुंडी समाज के लोगों को परिचय कराया गया। समाज के लोगों को सम्मानित भी किया गया। मौके पर मुख्य अतिथि आदित्य साहू ने कहा सूड़ी समाज एक आदर्श समाज है और सूंड़ी जाति का इतिहास बहुत ही प्राचीन और गौरवपूर्ण है। सुंडी समाज हमेशा से जनहित और देशहित कार्य करता है, इस जाति का मुख्य पेशा व्यवसाय है। उन्होंने कहा कि सुंडी जाति के हजारों परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, इसके चलते वे मुख्यधारा से दूर हो रहे हैं। कहा कि सभी का प्रयास हो कि जाति के लोगों का शैक्षिक, सामाजिक, व्यवसायिक एवं आध्यात्मिक विकास हो, वही सम्मलेन को सुंडी समाज लोहरदगा जिला अध्यक्ष रितेश कुमार ने संबोधित कर कहा समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाना और एकता को मजबूत करना है,सम्मलेन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकता, समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देना है, मौके पर समाज के मुख्य संरक्षक अशोक कुमार प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष विनय लाल, सचिव योगेंद्र प्रसाद सहित लोहरदगा जिला सुंडी समाज अध्यक्ष रितेश कुमार, कुडू प्रखंड अध्यक्ष गंगा प्रसाद, प्रखंड सचिव धीरज प्रसाद मौजूद थे।
नहाय-खाय के साथ चैती छठ पर्व शुरू, खरना आज
गुमला|लोक आस्था के महापर्व चैती छठ का आगाज रविवार को नहाय-खाय के साथ हो गया। श्रद्धा और भक्ति के इस चार दिवसीय अनुष्ठान के पहले दिन व्रतियों ने कद्दू-भात का सेवन कर तन और मन की शुद्धि की। इसी के साथ महापर्व का मंगलारंभ हो गया है और पूरा जिला छठ मइया के गीतों से गुंजायमान है। सोमवार को महापर्व का दूसरा दिन यानी खरना है। इस दिन व्रती दिन भर उपवास रखकर शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और अरवा चावल की खीर व रोटी का प्रसाद बनाएंगे। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाएगा और इसी के साथ 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। खरना का प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पहली बार 80 साल पहले थाना टोली अखाड़े से उठाया गया था महावीरी झंडा
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा में रामनवमी की तैयारी जोरों पर है। रामभक्तों द्वारा शहर में महावीरी पताके पाटने का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं शाम होते ही बजरंग बली की जय... और डंका का धुन सुनाई पड़ने लगे हैं। इन सबके बीच भास्कर प्रतिनिधि द्वारा लोहरदगा में रामनवमी से जुड़े इतिहास पर जानकारी ली गई तो यह सामने आया कि आजादी से पहले अंग्रेजी हुकूमत में ही रामनवमी उत्सव शुरू हुआ था, तब रात्रि में अखाड़ा पूजन हो या अस्त्र शास्त्र चालन की बात हो लालटेन और मशाल की रोशनी में होती थी। पहली बार 80 साल पहले 1946 में थाना टोली अखाड़े से महावीरी झंडा उठाई गई थी, जिसके बाद निरंतर परंपरा जारी रही और आज भी रामनवमी की शोभायात्रा थाना टोली अखाड़े से झंडा उठाने के साथ शुरू होती है। रामनवमी पूजा समिति थाना टोली के संरक्षक 68 वर्षीय प्रणीत सिंह से बातचीत करने पर सामने आया कि 1946 ई में लालटेन और मशाल की रोशनी में यहां अखाड़ा पूजन शुरू की गई थी। कला ज्योति के बैनर तले आयोजन का शुभारंभ 1974 में कैलाश केशरी, सुधीर साहू, केदार केशरी की अगुवाई में शुरू की गई थी। इससे पूर्व तक रामनवमी पूजा समिति थाना टोली अखाड़े को वाल्मिकी समिति थाना टोली के नाम से जाना जाता था। अब रामनवमी पूजा समिति थाना टोली अखाड़े के नाम से जाना जाने वाला अखाड़ा शोभा यात्रा सहित अन्य मंगला यात्रा के शुरुआत के लिए जाना जाता है। बताया गया तब थाना टोली अखाड़े के साथ शास्त्री चौक, टंगरा टोली अखाड़ा शोभायात्रा में शामिल हुआ था। जिसके बाद आज बढ़ते अखाड़ों के साथ 59 अखाड़े शोभायात्रा में शामिल होते हैं। थाना टोली अखाड़े के द्वारा ही लोहरदगा में अस्त्र-शस्त्र चालन प्रतियोगिता सहित खासकर मशाल खेल को बढ़ावा दिया गया था, तब अंग्रेजी हुकूमत में विद्युत समस्या होने का कारण दोपहर 12:00 बजे निकलने वाली शोभा यात्रा अंधेरा होने से पूर्व ही समाप्त हो जाती थी। तब स्व. सीताराम सिंह, स्व. छेदी रजक, स्व. बंदी रजक, स्व. बबुआ महतो, स्व. जगमोहन प्रसाद, स्व. बरना प्रजापति की अगुवाई में शोभा यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद से निरंतर बढ़ती पीढ़ियों ने आगे की बागडोर संभाली। इस क्रम में आगे साहू परिवार का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा था। पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के बड़े भाई स्व. नंदलाल प्रसाद साहू की अगुवाई में भी 1950-55 से शुरू हुई भागीदारी लंबे समय तक झंडा उठाने और अखाड़ा पूजन सहित विभिन्न समितियां के लोगों को सम्मान देने का कार्य किया गया। अब भी पूर्व राज्य सभा सांसद धीरज प्रसाद साहू की अगुवाई में थाना टोली अखाड़ा से अन्य लोगों की उपस्थिति में झंडा उठाने की परंपरा जारी है। इस बीच 1970 में सदर थाना स्थित परिसर में गीतांजलि चैलेंज शील्ड नामक अस्त्र-शस्त्र चालन प्रतियोगिता संचालन शुरू किया गया था। जिसके बाद यह आयोजन लगता 4 वर्षों तक जारी रहा। आगे उक्त आयोजन के समाप्त होने पर अगली पीढ़ियों द्वारा कला ज्योति के नाम के साथ आयोजन शुरू किया गया था। जो भी लंबे अरसे तक चला।
सदर अस्पताल में टोेकन व्यवस्था लागू होने से मरीजों को परेशानी
परेशानी मरीजों व परिजनों ने बताया कि गुमला आदिवासी इलाका है। लोग जागरूक नहीं है। सभी के पास स्मार्ट फोन नहीं है। कभी अस्पताल में नेटवर्क स्लो रहता है, तो कभी ओटीपी नहीं आता है। ऐसे में काफी विलंब होता है। जिस कारण गंभीर मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। अस्पताल प्रबंधक प्रकिया को सरल बनाएं ताकि मरीजों को दिक्कत न हो। अगर आप भी जनहित के मुद्दों और समस्या को बताना चाहते हैं तो उससे संबंधित तस्वीर और वीडियो अपना नाम-पता के साथ व्हाट्सएप नंबर 94314 21095 पर भेज सकते हैं। सीएस डॉक्टर शंभुनाथ चौधरी ने कहा कि सरकार के गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। वैसे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है। उनके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मी अपने फोन से प्रकिया को पूरी करते है। लोगों को समझाने के लिए सामंथा के कर्मी मौजूद रहते है। आपात स्थिति में सीधे पर्ची कटवाने की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 मिनट की फ्री हाई स्पीड वाई फाई सुविधा भी दी जा रही है। जिससे कि मरीज उस समय में अपना ऑनलाइन कार्य कर सकें। भास्कर न्यूज|गुमला सदर अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बहाल की गई टोकन व्यवस्था से आमजनों व मरीजों को असुविधा हो रही है। दरअसल सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है कि ऑनलाइन टोकन के जरिए ही अब डॉक्टर से दिखाने के लिए पर्ची निकलेगी। पहले स्मार्ट मोबाइल में ड्राइफ केस नामक ऐप डाउनलोड कर उसमें संक्षिप्त जानकारी साझा करने पर मरीजों को नंबर मिलेगा। फिर इस क्रमांक को पर्ची काउंटर में बताने पर संबंधित मरीज को पर्ची मिलेगी। इस प्रकिया में देरी और जटिलता के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। मालूम हो कि बड़े और निजी अस्पतालों की तर्ज पर इस व्यवस्था की जा रही है। जिससे मरीजों की पूरी जानकारी अस्पताल के सिस्टम में मौजूद रह सकें। लेकिन फिलहाल यह मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
कोंडेकेरा में विराट हिंदू सम्मेलन आज
कामडारा|प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत गांव कोंडेकरा में 23 मार्च 2026 दिन सोमवार को विराट हिंदू सम्मेलन सह सरना सनातन जागरण सभा का आयोजन किया है। आयोजन समिति ने बताया कि इस कार्यक्रम में श्री राम रेखाधाम के बाबा श्रीश्री 1008 श्री उमाकांत प्रपन्नाचार्य जी महाराज मुख्य अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरना सनातनियों को संगठित करना, लोगों में धर्म निष्ठा जागना, देश की अखंडता, शांति और क्षेत्र में आपसी शौहर्द बनाना मुख्य उद्देश्य है।
ईद मिलन समारोह आयोजित गले मिलकर दी गई बधाई
गुमला|स्थानीय रौनियार भवन में सर्वधर्म सद्भावना मंच की ओर से ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोग एकजुट हुए। मुख्य अतिथि नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी उपस्थित थे। वहीं विशिष्ट अतिथि अंजुमन इस्लामिया के सदर मोसाहिद हाजमी और नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष कलीम अख्तर ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और आपसी शुभकामनाओं के साथ हुई। चीनी ने कहा कि ईद खुशियों और त्याग का त्योहार है। इस तरह के आयोजन समाज में प्रेम और विश्वास की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि गुमला हमेशा से आपसी सद्भाव का केंद्र रहा है और सर्वधर्म सद्भावना मंच का यह प्रयास सराहनीय है। सदर मोसाहिद ने कहा कि त्योहारों का असली मकसद मानवता की सेवा और प्रेम बांटना है। कलीम अख्तर ने जोर देते हुए कहा कि मजहब कोई भी हो, वह हमेशा शांति और एकता का मार्ग दिखाता है।
स्कूलों में चावल खत्म, बच्चों के एमडीएम पर पड़ रहा असर
गुमला|सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संचालित मध्याह्न भोजन योजना जिले में संकट के दौर से गुजर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक गुमला के कई प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में चावल का स्टॉक समाप्त होने लगा है। जिससे योजना का संचालन प्रभावित हो रहा है। स्कूलों को छात्रों की औसत उपस्थिति से भी कम मात्रा में चावल आवंटित किया जा रहा है। जबकि हाल के दिनों में स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में संयोजिकाओं व प्रधानाध्यापकों को भोजन व्यवस्था चलाने में भारी परेशानी हो रही है। स्थिति को और जटिल बनाते हुए रसोइया भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में हेडमास्टर, एसएमसी सदस्य और स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह एमडीएम संचालित किया जा रहा है।
झूठा साबित हो रहा सरकार का दावा
गुमला|समाजसेवी उमेश सोनी ने गैस की किल्लत को लेकर चिंता व्यक्त की है। कहा है कि सरकार और प्रशासन दावा कर रहे है कि गैस की समस्या नहीं है। लेकिन स्थानीय स्तर पर दस दिन पहले बुकिंग करने के बावजूद सिर्फ कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। रोज मारामारी की स्थिति हो रही है। लोगों को काम छोड़ लाइन में लगना पड़ रहा है। घरों में चुल्हे बुझने लगे है। आर्थिक बोझ बढ़ गया है। लेकिन भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
नहाय-खाय के साथ चैती छठ महापर्व शुरू व्रतियों ने कद्दू-भात का प्रसाद खाया
भरनो|लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पूजा रविवार को भरनो प्रखंड क्षेत्र में नहाय-खाय के साथ शुरू हो गई। पर्व के पहले दिन छठव्रती महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और नियमपूर्वक कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण किया और इसे आसपास के लोगों के बीच वितरित भी किया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बन गया है। छठ पूजा के दूसरे दिन सोमवार को खरना (खीर-भोजन) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें व्रती महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण करेंगी। इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित किया जाएगा, जबकि बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर इस चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा। भरनो में छठ पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। भरनो बस्ती स्थित छठ घाटों की साफ-सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। स्थानीय लोग और समितियां मिलकर घाटों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं। हालांकि, कुछ छठव्रती महिलाएं घरों में ही छोटे-छोटे तालाब बनाकर वहीं भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी कर रही हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाए जाने वाले इस छठ महापर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण व्याप्त है और हर ओर छठ गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। गुमला|होटल बिंदेश के सभागार में भारत विकास परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष महेश प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी वित्तीय वर्ष के लिए समिति का पुनर्गठन और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना था। अध्यक्ष महेश प्रसाद गुप्ता ने सदस्यों को जानकारी दी कि परिषद के पदाधिकारियों का कार्यकाल एक वित्तीय वर्ष का होता है। वर्तमान सत्र की समाप्ति को देखते हुए नई समिति के गठन पर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने वर्तमान टीम की कार्यशैली और उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया। गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान समिति ही आगामी वित्तीय वर्ष के लिए भी क्रियाशील रहेगी। संगठन के विस्तार की दृष्टि से नए सदस्य रितेश कुमार को सह-कोषाध्यक्ष के रूप में नामित किया गया। समिति पर पुनः भरोसा जताए जाने और नई नियुक्ति का उपस्थित सदस्यों ने करतल ध्वनि (तालियों की गड़गड़ाहट) से स्वागत किया और आगामी सत्र के कुशल कार्यान्वयन की उम्मीद जताई।
ढोल, नगाड़ा व मांदर की थाप पर लोग पारंपरिक वेशभूषा में झूमते-नाचते आगे बढ़ते नजर आए
भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला प्रखंड क्षेत्र भरनो में प्रकृति का महान पर्व सरहुल इस वर्ष भी पारंपरिक उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बोडो सरना स्थल से नवाटोली स्थित पड़हा भवन तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और एकता की अनूठी झलक देखने को मिली। शोभायात्रा का आयोजन पड़हा समिति भरनो के तत्वावधान में किया गया। यात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में झूमते-नाचते आगे बढ़ते नजर आए। सांस्कृतिक रंगों से सजी यह यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वागत शिविर लगाए गए थे। मिशन चौक पर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा, ब्लॉक चौक पर भाजपा मंडल द्वारा तथा बोडो मोड़ और ब्लॉक चौक स्थित शिबू होटल के पास बजरंग दल द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों का स्वागत किया गया। इन शिविरों में चना और पानी का वितरण किया गया। इसके अलावा स्थानीय सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग व अन्य संस्थाओं द्वारा भी जगह-जगह पर स्वागत की व्यवस्था की गई थी। शोभायात्रा के समापन के बाद नवाटोली स्थित पड़हा भवन परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक जिग्गा सुसारन होरो उपस्थित रहे। उनके साथ प्रमुख पारस नाथ उरांव, थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, अभिषेक लकड़ा, झामुमो अध्यक्ष जॉनसन बाड़ा, विधायक प्रतिनिधि पंचू उरांव शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। यह पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने, उसकी रक्षा करने और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजकर आगे बढ़ाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी पहचान पर गर्व कर सकें। विधायक ने मंच के माध्यम से ही सिसई विधान सभा क्षेत्र के तमाम जनता को ईद और सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में प्रमुख पारस नाथ उरांव सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी सरहुल पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज में भाईचारे व एकजुटता बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर महली जनजाति विकास मंच द्वारा आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मौके नगड़ी प्रमुख मधु कच्छप, मुकेश उरांव, मुखिया सुकेश उरांव, रश्मि लकड़ा, मंजू देवी, जयराम उरांव, मीरा उरांव, जुगल उरांव, लधूवा उरांव, एतवा उरांव, बंधना उरांव, शिव केशरी, कपिल गोप, शंकर उरांव, मनसा उरांव, किशोर साहू, भोला प्रसाद केशरी, हरिशंकर शाही, चंद्रमोहन महतो, अभिषेक गुप्ता, मुरारी केशरी, श्रीकांत केशरी, बबिता तिर्की, नीलम गुप्ता, सुमित महली, कौशलेश मिश्रा, सुदामा केशरी, मुकेश सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
5 अप्रैल को आयोजित रोजगार सामाजिक अधिकार सम्मेलन को लेकर की बैठक
गुमला|ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, भाकपा (माले) रेड स्टार, संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी, झारखंड नवनिर्माण दल के संयुक्त तत्वाधान में गुमला में 5 अप्रैल 2026 को आयोजित राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत रोजगार सामाजिक अधिकार सम्मेलन की तैयारी को लेकर चैनपुर प्रखंड स्थित बरवे स्कूल मैदान के पास अनुमंडल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक महिला नेत्री लॉरेंसिया मिंज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित पार्टी के प्रभारी सह झारखंड नवनिर्माण दल के केंद्रीय संयोजक विजय सिंह ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। सरकार के संरक्षण में आम जनता को अधिकारी व दलाल दोनों हाथ से लूट रहे हैं जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 5 अप्रैल 2026 को गुमला जिला मुख्यालय में आयोजित रोजगार सामाजिक अधिकार सम्मेलन में भ्रष्टाचार के विरुद्ध धारदार आंदोलन की रणनीति बनाए जाने की बात श्री सिंह ने कही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के द्वारा उठाए गए जनहित के मांगों पर सरकार त्वरित कार्रवाई नहीं करती है तो सरकार को आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। पहली बार दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय गुमला में होनेवाली सम्मेलन को सफल बनाने के लिए चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र में युद्ध स्तर पर कार्यकर्ताओं को लगने की भी अपील की है। बैठक को दल से जुड़े कई नेताओं ने संबोधित किया।बैठक में मुख्य रूप से रेंगटू सिंह, बसंत बड़ाइक, रुडोल्फ कुजूर, मारकुश मुंडा, सहदेव बढ़ई, सिपरियन मुंडा, रामप्रसाद हजाम, फबयानुस सारस, लेवनार्ड खलखो, पीटर बेक, शिवरूस कुजूर, पुष्पा कुजूर, मेजरिंग कुजूर, सुशीला तिग्गा, अनिता मिंज के अलावे काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
डुमरी में प्रखंड सरहुल की शोभायात्रा 24 मार्च को निकाली जाएगी
डुमरी|डुमरी प्रखंड सरहुल पूजा समिति की सरना स्थित धूमकुड़िया भवन में बैठक हुई अध्यक्षता जून उरांव ने की। बैठक में आगामी 24 मार्च को प्रखंड सरहुल पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। मुख्यातिथि के रूप में पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक शिव शंकर उरांव होंगे। कार्यक्रम इस प्रकार से है 24 मार्च की सुबह 8 बजे से डुमरी सरना स्थल में पूजा अनुष्ठान और सामूहिक प्रार्थना, 10 बजे से प्रसाद और जलपान वितरण, दोपहर एक बजे से सरना स्थल डुमरी से झखराकुंबा टांगरडीह तक शोभायात्रा, दो बजे से सामूहिक नाच, शाम पांच बजे सभी प्रतिभागी मंडलियों के बीच पारितोषिक वितरण किया जाएगा। मौके पर शिवबालक उरांव, जगरनाथ भगत, रविशंकर भगत, बीरेंद्र भगत, संजय उरांव, जगजीवन भगत, बीरबल भगत, सुखमनी देवी, अन्नपूर्णा देवी, सेवती उरांव, ममता एक्का, गीता एक्का, बीरबल भगत, वासुदेव भगत, श्रीराम उरांव, अजय भगत, अनिल भगत, बैगा बीरबल, रामधनी भगत, बीरबल मुंडा, रामकृपा भगत, चंचल उरांव, अनिल उरांव, बच्चू उरांव, बंधन उरांव, जगदीश भगत, बीर बहादुर भगत सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
श्री शंकर तिवारी सेवा न्यास ने सरहुल शोभा यात्रा में शामिल लोगों का किया स्वागत
लोहरदगा|श्री शंकर तिवारी सेवा न्यास के कार्यकर्ताओं ने शहरी क्षेत्र के महावीर चौंक में स्टॉल लगाकर सतु का सरबत, पानी और चना वितरण कर प्रकृति पर्व सरहुल की शोभा यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया। मौके पर सच्चिदानंद लाल, अजय प्रसाद, सुनील कुमार अग्रवाल, पुष्कर महतो, बीरेंद्र सिंह, अजय प्रसाद, देवेंद्र मंडल, बिदेसी साहू, धनंजय अग्रवाल, टिंकू अग्रवाल, शिवम चंद्रा, आयुष अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, राजकुमार वर्मा, तुलसी राम, राजेश अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
22 चार पहिया बोलेरो व 29 बाइक शामिल है, सभी वाहन जीपीएस और अन्य आधुनिक संचार सुविधाओं से लैस
भास्कर न्यूज|गुमला जिले की पुलिसिया गश्त को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुमला पुलिस विभाग को 51 नए अत्याधुनिक वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन नए वाहनों के आने से न केवल पुरानी और कबाड़ हो चुकी गाड़ियों से छुटकारा मिला है बल्कि अब पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में भी इजाफा होगा। इन 51 वाहनों में 22 चार पहिया बोलेरो और 29 बाइक शामिल हैं। ये सभी वाहन जीपीएस और अन्य आधुनिक संचार सुविधाओं से लैस हैं। जिससे जिला मुख्यालय से इनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इन वाहनों को जिले के विभिन्न थानों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों की पुलिस थानों में बांट दिया गया है। अक्सर खराब और पुरानी गाड़ियों के कारण पुलिस को समय पर घटनास्थल पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। अब नए और तेज रफ्तार वाहनों के होने से पुलिस की रिस्पांस टाइम में सुधार आएगा। किसी भी आपात स्थिति या अपराध की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी अब बिना किसी तकनीकी बाधा के तत्काल मौके पर पहुंच सकेंगे। इससे न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। इन नए वाहनों का उपयोग मुख्य रूप से गश्त बढ़ाने के लिए किया जाएगा। खासकर रात के समय हाइवे और संवेदनशील इलाकों में बोलेरो से गश्त की जाएगी जबकि संकरी गलियों और ग्रामीण इलाकों में नई बाइक के जरिए पुलिस अपनी पैनी नजर रखेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी। निश्चित यह विभाग का सराहनीय पहल है। लगातार सुरक्षा को मजबूत करने और जनता से जुड़ाव के लिए कई प्रयास किए जा रहे है। इससे पुलिस और जनता के बीच संबंध भी मजबूत हो रहा है। इस स्थिति में सुरक्षा में जुटी पुलिस को यह सुविधा मिलना मील का पत्थर साबित होगी।
पोटरो गांव में ग्रामीणों ने घर में चोरी करते हुए युवक को पकड़ा, पुलिस को सौंपा
सिसई|चोरी का प्रयास करते हुए ग्रामीणों ने चोर को रंगेहाथों पकड़कर पहले जमकर पीटा फिर उसे पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि अभी पुलिस की निगरानी में चोर का इलाज सदर अस्पताल गुमला में चल रहा है। युवक की पहचान सुरसुरी अम्बवा गांव निवासी अनीश अंसारी 19 पिता रुस्तम अंसारी के रूप में हुई है, वह वर्तमान में सिसई में किराए के एक मकान में रहता है। मामला थाना क्षेत्र के पोटरो गांव की है, घटना शनिवार भोर भोर की बताई जा रही है। इस वावत पोटरो गांव निवासी बालेश्वर साहू ने चोर अनीश अंसारी के विरुद्ध थाना में आवेदन देकर करवाई की मांग की है। उन्होंने अपने आवेदन मे कहा है कि शनिवार की रात सपरिवार अपने मकान में सोए हुए थे। सुबह में कमरे में रखा बक्सा को तोड़ने की आवाज उनकी नींद खुली, कमरे में गए तो देखा बक्सा का ताला टूटा हुआ है, समान इधर उधर बिखरा पड़ा है, और उन्हें देखकर एक युवक कमरे से निकलकर भागने लगा, सभी चोर-चोर चिल्लाने लगे, भागने के दौरान युवक सीढ़ी से गिरा और फिर उठकर भागने लगा, उन लोगो की आवाज से कई ग्रामीण भी उठकर युवक का पीछा करने लगे और युवक को पकड़ लिया, पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान अनीश अंसारी के रूप में बताई है। समाचार लिखे जाने तक तकनीकी कारणों से केस दर्ज नहीं हो पाया था। भरनो/गुमला|एनएच-23 रांची–गुमला मुख्य मार्ग पर भरनो के मिशन चौक के पास रविवार की शाम एक तेज रफ्तार बाइक ने ऑटो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, वहीं बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिसई थाना क्षेत्र के लकेया,बांसटोली गांव निवासी रमेश लोहरा 35 व उसका साथी राजकुमार उरांव उर्फ रामू 32 एक ही पल्सर बाइक पर सवार होकर सिसई से भरनो की ओर तेज गति से आ रहे थे। इसी दौरान मिशन चौक के समीप उन्होंने सामने चल रहे ऑटो में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह और सब इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल पुलिस वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया।
सरगांव जंगल के पास अनियंत्रित होकर ऑटो पलटा सरहुल शोभायात्रा से लौट रहे 7 लोग घायल, चार रेफर
भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला भरनो-परवल मुख्य मार्ग पर करंज थाना क्षेत्र के सरगांव जंगल के समीप बीती रात एक अनियंत्रित ऑटो पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में ऑटो सवार एक ही गांव के आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायल बंगरू सरईटोली गांव के निवासी हैं, जो भरनो में आयोजित सरहुल शोभायात्रा में शामिल होकर खुशी-खुशी अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार बंगरू सरईटोली के ग्रामीण सरहुल का उत्सव मनाने भरनो आए थे। देर रात वापस लौटने के क्रम में जैसे ही उनका ऑटो सरगांव जंगल के पास स्थित तीखे मोड़ पर पहुंचा, चालक ने नियंत्रण खो दिया। अंधेरा होने और मोड़ के कारण ऑटो सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को ऑटो से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया। इस सड़क दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों में प्रियंका कुमारी 19 वर्ष, स्मिता कुमारी 17 वर्ष, बंगी देवी 44 वर्ष, सुमति उरांव 17 वर्ष,बहले कुमारी 17 वर्ष, काजल कुमारी 17 वर्ष, सोनू उरांव 10 वर्ष शामिल है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने प्रियंका, स्मिता, बंगी और सुमति की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया है। वहीं, शेष तीन घायलों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। साथ ही, सरहुल संचालन समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा अस्पताल में लग गया। समिति के अध्यक्ष मुकेश उरांव, उपाध्यक्ष सुकेश उरांव, सचिव जुगल उरांव, पंचायत समिति सदस्य शांति उरांव, शनि उरांव और मनोज लोहरा सहित दर्जनों लोग रात में ही अस्पताल पहुंचे। इन सभी ने न केवल घायलों के उपचार में सक्रिय सहयोग किया, बल्कि पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए आगे भी हरसंभव सरकारी और निजी मदद दिलाने का भरोसा दिया।
कल शाम निकलेगा मंगलवारी जुलूस, 29 अखाड़े लेंगे हिस्सा
गुमला| रामभक्तों में रामनवमी को लेकर उत्साह है। इस बार महा रामनवमी में महावीर चौक, टावर चौक, थाना चौक में हनुमान का 10/30 का फैक्स लगाया जाएगा। सोमवार को स्थापित की जाएगी। इसके बाद मंगलवार की संध्या गाजे-बाजे व पारंपरिक हथियारों के प्रदर्शन के साथ मंगलवारी जुलूस निकाला जाएगा। यह निर्णय केंद्रीय महावीर मंडल कार्यालय में समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में तय किया गया कि महावीरी जुलूस संध्या के 7:30 बजे महावीर चौक से निकलेगी, जो शहर के मेन रोड, देवी मंडप रोड, सिसई रोड होते हुए घाटो बगीचा स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी। जबकि 27 मार्च निर्धारित समय दोपहर के तीन बजे नवमी जुलूस का आयोजन शुरू होगा। इससे पूर्व सुबह में बड़ा दुर्गा मंदिर प्रांगण में झंडा स्थापित कर पूजा पाठ होगा। रामनवमी के आयोजन को लेकर सभी अखाड़ों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा चुका है। मौके पर अध्यक्ष अजय सिंह राणा, सचिव हरजीत सिंह, शिवम जयसवाल, मुख्य संरक्षक शशिप्रिय बंटी, निर्मल गोयल, बबलू वर्मा, सोनल केशरी, लालचंद्र फोगला, अमित कुमार, गोपाल शर्मा, विकास सिंह, बृज फोगला, अमन आनंद, कुंदन कुमार व निर्मल अग्रवाल सहित अन्य थे। रामनवमी की शोभायात्रा में 29 अखाड़े भाग लेंगे। इसमें आधे से ज्यादा संघों की ओर से झांकी का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय समिति द्वारा सभी अखाड़ों को 5 तलवार व 11 लाठी प्रदान किया जाएगा।
तीन दशक के बाद भी किसानों के खेत तक नहीं पहुंचा शंख जलाशय की राइट कैनल का पानी
भास्कर न्यूज|गुमला चैनपुर और डुमरी क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी पीड़ा है। यह केवल पानी का मुद्दा नहीं बल्कि हजारों किसानों के जीवनयापन और पलायन से जुड़ा हुआ एक बड़ा सामाजिक संकट है। जिले के चैनपुर और डुमरी सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा है। अपर शंख जलाशय परियोजना को बने हुए लगभग तीन दशक 30 वर्ष बीत चुके हैं। इतना लंबा समय बीतने के बाद भी स्थानीय ग्रामीणों के खेतों तक राइट कैनल से पानी नहीं पहुंच पाया गया है जलाशय बनकर तैयार है। लेकिन उसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। लगभग 3576 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, चैनपुर और डुमरी प्रखंड के लगभग 500 से 700 किसानों को इसका लाभ मिलेगा। पानी न मिलने के कारण किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह केवल बरसात पर निर्भर हैं। वे साल में सिर्फ एक बार धान की खेती कर पाते हैं। और जैसे ही बरसात खत्म होती है उनके रोजगार के अवसर भी खत्म हो जाते हैं। क्षेत्र के किसानों ने सरकार से कई बार मांग की है परियोजना का विस्तारीकरण कर जल्द से जल्द सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए। ताकि खेत में अच्छी पैदावार हो क्षेत्र के किसान बरसात के दिनों में होने वाली धान की खेती के छोड़ दूसरे फसलों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाए। किसानों अमृत टोप्पो, जुएल कुजुर, मारशेल टोप्पो जैसे किसानों का मानना है कि राइट कैनल से पानी मिलने पर हम धान के साथ-साथ दूसरे फसलों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। रोजगार की कमी के कारण हम लोग खेती पर आश्रित हैं पानी नहीं मिलने से हम दूसरी खेती भी नहीं कर पाते हैं ऐसे में मजबूरन हमें अपने घर, अपनी मिट्टी और अपने परिवार को छोड़कर बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं। अगर हमें यह पानी मिल जाए तो यहां के किसान भी टमाटर मटर, मक्का और विभिन्न सब्जियों जैसी उच्च-आय वाली फसलें उगाकर अपनी आय को दोगुना-तिगुना कर सकते हैं। पानी की यह उपलब्धता न केवल खेती को बढ़ाएगी बल्कि क्षेत्र से पलायन पर पूर्ण विराम लगाएगी। उक्त मामले पर गुमला विधान सभा के विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि अपर शंख का मामला चैनपुर और डुमरी प्रखंड के किसानों से जुड़ा है। किसानों की सिंचाई की समस्या को लेकर इस बजट सत्र में उक्त मामले को लेकर शून्य काल के दौरान उठाया है। सरकार के विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि अपर शंख जलाशय के दाएं केनाल में गाद जमा है। इसकी सफाई के लिए प्राक्कलन विभाग द्वारा तैयार कर लिया गया है। बजटीय उपबंध के प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। अपर शंख मुख्य डैम की लम्बाई 1068 मीटर है ,जबकि ऊंचाई 39.69 मीटर है । राइट कैनाल की लम्बाई 12.93 कि.मी. है। वही लेफ्ट कैनाल की लम्बाई 14.04 कि.मी.है । इस डैम में पानी स्टोरेज की क्षमता 867.62 एमक्यू है। स्टोरेज पानी से खरीफ के मौसम में 4366 हेक्टेयर भूमि सिचाई करने की क्षमता है। वहीं रवि के मौसम में 2703 हेक्टेयर भूमि की सिचाई की जा सकती है। कुल 7069 हेक्टेयर भूमि में सिचाई किया जा सकता है। लेकिन कृषक खरीफ मौसम मे 50 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई कर पाते है। वही रबी में महज 10 हेक्टेयर में सिंचाई करते है।
सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था संकट के भंवर में फंसी हुई है
भास्कर न्यूज|गुमला जिले की स्कूली शिक्षा व्यवस्था इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है। अधिकारियों की भारी कमी ने जिले के शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को चरमरा दिया है। स्थिति यह है कि जिले के 12 प्रखंडों में शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए स्वीकृत 13 प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों के पदों में मात्र एक ही बीईईओ कार्यरत हैं। रायडीह प्रखंड में पदस्थापित बीईईओ घनश्याम चौबे वर्तमान में पूरे जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। जिले में एईओ के चार पद स्वीकृत हैं। लेकिन केवल प्रियांशी भगत ही कार्यरत हैं। उन्हें भी कई अतिरिक्त प्रखंडों का प्रभार दिया गया है। जिससे उन पर कार्य का अत्यधिक दबाव है। इन दो अधिकारियों के भरोसे ही पूरे जिले के छात्रों व शिक्षकों का भविष्य टिका हुआ है। अधिकारियों के अभाव में प्रखंडों का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य लगभग ठप है। पूरी व्यवस्था वर्तमान में बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी और आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे चल रही है। हालांकि ये कर्मी अपने स्तर पर व्यवस्था संभालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इनके पास न तो कोई प्रशासनिक अधिकार हैं और न ही निर्णय लेने की शक्ति। विडंबना यह है कि कई जगहों पर इन कर्मियों को वे कार्य भी करने पड़ रहे हैं, जो संवैधानिक रूप से केवल एक राजपत्रित अधिकारी ही कर सकता है। एक बीईईओ के जिम्मे विद्यालय मानदेय का भुगतान, पुस्तक व पोशाक वितरण, नामांकन अभियान, मध्याह्न भोजन योजना, छात्रवृत्ति और साक्षरता कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण इन योजनाओं का कार्यन्वयन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों को अपने वेतन, सेवा पुस्तिका के संधारण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने के िलए दर-दर भटकना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मुख्य काम स्कूलों का नियमित निरीक्षण करना है। प्रभावी निरीक्षण न होने पर स्कूलों में शिक्षकों की समयबद्धता और उपस्थिति कम होने लगती है।अधिकारियों की कमी के कारण स्कूलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच नहीं हो पाती। एक अधिकारी पर जब कई ब्लॉकों या क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार होता है, तो कागजी कार्रवाई धीमी हो जाती है। शिक्षकों के वेतन, एरियर और सेवानिवृत्त लाभों के निपटान में महीनों की देरी होती है, जिससे शिक्षकों का मनोबल गिरता है। सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्रवृत्ति, पोशाक वितरण और साइकिल वितरण जैसी योजनाओं का लाभ छात्रों तक समय पर नहीं पहुंच पाता। निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जमीनी स्तर पर स्कूलों में पढ़ाई की क्या गुणवत्ता है। इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड कार्यालयों तक शिक्षा व्यवस्था केवल ऑनलाइन रिपोर्टिंग तक सिमट कर रह गई है। कागजों पर सब कुछ दुरुस्त दिखाया जा रहा है लेकिन वास्तविकता यह है कि बिना प्रशासनिक नेतृत्व के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था संकट के भंवर में फंसी है। जिला स्तर पर डीइओ कविता खलखो और डीएसई नूर आलम खां पदस्थापित हैं। लेकिन प्रखंड स्तर पर अधिकारियों की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे है। डीएसई नूर आलम खां ने स्वयं इसपर चिंता जताई है। कहा है कि कई बार रिव्यू मीटिंग में जिला स्तर पर कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर स्पष्ट किया गया है कि बीईईओ व एईओ की कमी है। किंतु अब तक विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। यदि स्वीकृत बल के विरूद्ध मैन पावर उपलब्ध हो, तो निश्चित कार्य प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
जिला स्तरीय जल महोत्सव पखवाड़ा का हुआ समापन
गुमला|सूचनाभवन सभागार गुमला में जिला स्तरीय विश्व जल दिवस सह जल महोत्सव पखवाड़ा का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, मुखिया, नल जल मित्र एवं जल सहिया की गारिमामय उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए जल सहियाओं द्वारा जल महोत्सव पखवाड़ा (08 मार्च से 22 मार्च 2026) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों-जैसे जल गुणवत्ता परीक्षण, जल स्रोतों की सफाई, जन-जागरूकता अभियान एवं जल संरक्षण प्रयास की जानकारी प्रखंडवार साझा की गई। जिला समन्वयक सूर्यकांत सुमन द्वारा विश्व जल दिवस का परिचय,जल महोत्सव पखवाड़ा का उद्देश्य,जल जीवन मिशन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की भूमिका, गुमला जिले में किए गए कार्य, जल संरक्षण का महत्व, समुदाय की भूमिका एवं सामुदायिक सहभागिता पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जलसहिया, मुखिया एवं नल जल मित्रों को शाल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यपालक अभियंता महोदय के संबोधन के साथ जल संरक्षण के प्रति सामूहिक शपथ लेते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया गया।
छोड़िया गांव में आदिवासी भूमिज समाज की ओर से धूमधाम से की गई सरहुल पूजा
भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ छोड़िया गांव में रविवार को आदिवासी भूमिज समाज की ओर से धूमधाम से सरहुल पूजा का आयोजन हुआ। इस सरहूल पूजा में गांव के नया धरनी सिंह द्वारा पारंपरिक रीति रिवाज अनुसार साल पेड़ के नीचे पूजा अर्चना कर गांव के तथा समाज में सुख शांति स्थापित तथा अच्छी फसल के लिए कामना की। सरहुल पूजा के बाद पारंपरिक वेशभूषा के साथ सामूहिक रूप से पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ नृत्य किया गया। इस सामूहिक नृत्य में विभिन्न गांव से आए हुए समाज के लोगों ने भी शामिल होकर नृत्य कर परंपरा को कायम रखा। इस मौके पर भारतीय आदिवासी भूमिज समाज के केंद्रीय महासचिव दिनेश सरदार, प्रखंड अध्यक्ष सुनील सरदार, सचिव रवींद्रनाथ सिंह, पूर्व मुखिया पूर्ण चंद्र सिंह, सह सचिव हातु सरदार, बलराम सिंह, भरत दिगर, रामेश्वर सिंह, डाकुआ अर्जुन सिंह, फनी सिंह, सहदेव सिंह, शंकर सिंह, वरुण सिंह, अंजली सिंह, लक्ष्मी सिंह , जगेन सिंह, मोहन सिंह, भीम सिंह, रेखा सिंह, सुभाष सिंह, बसंती सिंह, मल्लिका सिंह, रतन सिंह, गौरी सिंह समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
मां सर्वमंगला सेवाश्रम में हरिनाम संकीर्तन
धालभूमगढ़| चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र के बासाडीहा गांव स्थित मां सर्वमंगला सेवाश्रम में गौरी तृतीया उपलक्ष पर शनिवार से हो रही थी अष्टम प्रहार हरि नाम संकीर्तन का समापन रविवार को दधी उत्सव के साथ समापन हुआ। कस्टम प्रहर संकीर्तन को सफल बनाने में अहिंद्र महतो, अनिल कुमार महतो, शिवराम आश्रम तुलसी बनी जोड़न के आनंद ब्रह्मचारी आदि ने विशेष रूप से सहयोग किया।
बैठक में पेसा कानून को लेकर की गई चर्चा
धालभूमगढ़| धालभूमगढ़ स्थित वन विश्रामागार परिसर में रविवार को विभिन्न गांव के माझी तथा पारगाना बाबाओं की एक बैठक जितेंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में पेसा कानून को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में गणेश हेम्ब्रम, लुटू मुर्मू, मात्र मुर्मू, शालखान कीस्कु, हाड़ाम मुर्मू, कादो कीस्कु, सनत कुमार मांडी, चंद्र मोहन बेसरा, दासोराम हांसदा, अमल नायक, भरत हेम्ब्रम, चंपाई सोरेन, धनुराम सोरेन, कैलाश मुर्मू, सीताराम मांडी, सिंधु टुडू, श्याम पद सोरेन, रतन मुर्मू, चंद्र मोहन टुडू, मंगल सोरेन, बसंती मुर्मू, डुमनी मुर्मू आदि उपस्थित थे।
युवती की तस्वीर खींचने को लेकर बवाल, आरोपी धराया
खड़गपुर| पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेलदा से सटे बखराबाद रेलवे स्टेशन परिसर में एक युवती की (बिना जानकारी) फोटो खींचने को लेकर स्टेशन परिसर का माहौल काफी उत्तेजित हो गया। जानकारी हो कि ट्यूशन के बाद कुछ युवतियां बेलदा के बखराबाद रेलवे स्टेशन क्षेत्र में घूम रही थीं। आरोप यह है कि एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने अपने स्मार्टफोन से उनमें से एक युवती की तस्वीर बिना इजाजत के खींची। तस्वीर लेने का अहसास होने पर युवती ने मामले की जानकारी स्थानीय निवासियों को दी। गुस्साए स्थानीय लोगों ने आरोपी को स्टेशन परिसर में ही पकड़कर बांध दिया और इसकी सूचना रेलवे राजकीय पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद रेलवे राजकीय पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि आरोपी ने दावा किया कि तस्वीर लेने के पीछे उसका कोई गलत मकसद नहीं था। घटना से इलाके में कुछ देर के लिए तनाव फैल गया था, लेकिन राजकीय रेल पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रण में किया गया।
निजी स्कूल की मनमानी के विरोध में छात्र-अभिभावक संघ की बैठक
भास्कर न्यूज | गढ़वा प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली एवं महंगी किताबों की बिक्री के विरोध में रविवार को गढ़वा शहर के मुख्य पथ स्थित डॉक्टर एस. कुमार के आवास परिसर में अभिभावकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गुलाम सरवर ने की। जबकि संचालन दीपक शर्मा ने किया। बैठक में उपस्थित अभिभावकों ने विभिन्न निजी विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे एनुअल चार्ज, विकास शुल्क, वन टाइम शुल्क समेत अन्य शुल्कों पर कड़ा विरोध जताया। साथ ही महंगी किताबों की अनिवार्य बिक्री, परीक्षा शुल्क एवं स्कूल वाहनों (बस/टेंपो) में क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में सर्वसम्मति से तदर्थ छात्र अभिभावक संघ, जिला गढ़वा के गठन का निर्णय लिया गया। वहीं संघ के पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। जिसमें अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय को बनाया गया। जबकि महासचिव दीपक शर्मा, उपाध्यक्ष नंदलाल पांडेय एवं याकूब इकबाल, सचिव अरविंद कुमार जायसवाल और पवन कुमार केसरी को बनाया गया। कोषाध्यक्ष के रूप में संतोष कुमार केसरी, मीडिया प्रभारी मोहम्मद मुश्ताक अंसारी, संगठन सचिव हर्ष दुबे, संगठन मंत्री नीरज कुमार तथा प्रवक्ता के रूप में रवींद्रनाथ ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा सदस्य के रूप में चंपा देवी, मधु रंजन, अशोक यादव, अजीत कुमार सिंह, अनिरुद्ध पांडेय, गुलाम सरवर, फिरोज अंसारी, रमेश कुमार, दिनेश प्रसाद गुप्ता, सियाराम धर दुबे आदि का चयन किया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छात्र अभिभावक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य 23 मार्च दिन सोमवार को गढ़वा उपायुक्त से मुलाकात कर एक आवेदन सौंपेंगे और इन मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
नई कमेटी की घोषणा, शैलेंद्र सिंह उर्फ चुन्नू सिंह चुने गए क्षत्रिय गौरव एकता के जिला अध्यक्ष
भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा शहर के चिनिया रोड स्थित पिपरा कला महाराणा प्रताप चौक के समीप क्षत्रिय गौरव एकता के जिला कार्यालय में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों को मनोनीत किया गया। घोषित कमेटी के अनुसार शैलेंद्र कुमार सिंह उर्फ चुन्नू सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अजय सिंह, अमरेंद्र सिंह, उमेश सिंह, सुदर्शन सिंह, मुन्ना सिंह, पिंटू सिंह और अमित सिंह उर्फ बाबुल सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। जितेंद्र कुमार सिंह को महासचिव, दयानंद सिंह को सचिव, जबकि प्रमोद सिंह, सच्चिदानंद सिंह, बबलू सिंह, विनोद सिंह और दीपक सिंह को संयुक्त सचिव बनाया गया है। इसके अलावा कृपाल सिंह को प्रवक्ता, धनंजय सिंह को कोषाध्यक्ष, जितेंद्र सिंह एवं धर्मेंद्र सिंह को मीडिया प्रभारी तथा राहुल ऋषि, कुश कुमार सिंह और दीपक सिंह को कानूनी सलाहकार मनोनीत किया गया। संयोजक के रूप में अनुज कुमार सिंह और पवन सिंह तथा संरक्षक के रूप में अनिल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, राजा सिंह, राघवेंद्र नारायण सिंह, अरविंद सिंह, रामानंद सिंह, यशवंत सिंह और भुवनेश्वर सिंह के नामों की घोषणा की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन चंद्र सिंह ने की। जबकि संचालन दयानंद सिंह ने किया। इस मौके पर अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह उर्फ चुन्नू सिंह ने कहा कि जिले का हर व्यक्ति संगठन का अध्यक्ष है और सभी के सहयोग से गढ़वा को झारखंड में अग्रणी स्थान तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने समाज में एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। दयानंद सिंह ने कहा कि यह कार्यकारिणी पूर्व में गठित पांच सदस्यीय समिति द्वारा तैयार रूपरेखा के आधार पर घोषित की गई है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को एकजुट कर उसकी परंपरा और गौरव को संरक्षित करना है। साथ ही सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर समाज को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कोषाध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि लंबे समय बाद समाज एकजुट हुआ है और इसे और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने और आपसी मतभेद खत्म करने की अपील की। प्रवक्ता कृपाल सिंह ने कहा कि संगठन के गठन से समाज में नई उम्मीद जगी है और अब आपसी विवाद समाप्त कर एकता स्थापित करनी होगी। अमरेंद्र सिंह ने कहा कि नई कमेटी के साथ मिलकर काम करने से संगठन का प्रभाव गांव-गांव तक पहुंचेगा और समाज को एक नई दिशा मिलेगी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है। उसका ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और समाज के उत्थान के लिए कार्य करेंगे। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन चंद्र सिंह ने कहा कि समाज को श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए आपसी कटुता भुलाकर एकजुट होना चाहिए। तभी समाज का समग्र विकास संभव है। मौके पर उमेश सिंह, बबन सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, कृपाल सिंह, सुचित नारायण सिंह, अमरेंद्र सिंह, राकेश कुमार सिंह, नीरज कुमार सिंह, दीपक कुमार, सुधाकर सिंह, सत्येंद्र सिंह, धनंजय सिंह, सुदर्शन सिंह, कामेश्वर प्रताप देव, विनय कुमार सिंह, सजन कुमार सिंह, अमित कुमार, दयानंद सिंह, अजय सिंह, जय कुमार सिंह, विपिन बिहारी सिंह, राहुल ऋषि, विकास सिंह, अजय कुमार सिंह, विनीत कुमार सिंह, नरेंद्र कुमार सिंह, बाबुल सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
संकट मोचन व रक्सैल राज मंदिर से शुरू हुआ झारखंड में कला धरोहर यात्रा
गढ़वा | कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती, झारखण्ड प्रांत द्वारा आयोजित कला धरोहर यात्रा की शुरुआत रविवार को गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित रंका मोड़ के संकट मोचन मंदिर से विधिवत रूप से किया गया। यह यात्रा सदर प्रखंड के ढोंटी ग्राम स्थित ऐतिहासिक स्थल रक्सैल राज तक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला-प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संस्कार भारती झारखण्ड प्रांत के कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपनी कला और परंपराओं को नहीं पहचानेंगे, तब तक सांस्कृतिक समृद्धि अधूरी रहेगी। इस तरह के आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना जगाने का कार्य करते हैं। रक्सैल राज के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए एकल अभियान के गढ़वा जिला सचिव एसएस वर्मा ने कहा कि यह क्षेत्र प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग, जो मुख्य धारा से भटक गए थे, उन्होंने रक्सैल राज की शरण में आकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन किया और आज समाज में रचनात्मक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इस तरह के आयोजन के लिए संस्कार भारती के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। गढ़वा | माय भारत गढ़वा द्वारा रविवार को सहिजना छठ घाट पर स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वच्छता श्रमदान में स्थानीय लोगों एवं युवाओं के सहयोग से दानरो नदी स्थित सहिजना छठ की सफाई की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व माय भारत गढ़वा के जिला युवा अधिकारी पामीर सिंह ने की। मौके पर उन्होंने जानकारी दी कि विश्व जल दिवस को ध्यान में रखते हुए सहिजना छठ घाट को स्वच्छता श्रमदान के स्थान के लिए चयनित किया गया। जनक विकास धारा संस्थान के सचिव सह- पीएलवी रमाशंकर चौबे ने कहा कि भारत के 82 प्रतिशत गांवों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। विश्व जल दिवस के इस वर्ष की थीम जहां पानी बहता है।।वहाँ समानता आती है। जल संकट का विशेष रूप से महिलाओं पर अधिक प्रभाव पड़ता है। जिस कारण सुरक्षित और स्वच्छ जल स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता सह पीएलवी मुरली श्याम तिवारी ने कहा कि हम लोगों को देश की सुरक्षा एवं अखंडता बनाते हुए शहीदों के पदचिन्हों और उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर उमाशंकर दिवेदी, अरविंद तिवारी, रवीन्द्र पाठक, संगीता सिन्हा, त्रिपता भानू, रवीन्द्रनाथ यादव, अनुराग उपाध्याय आदि उपस्थित थे।
पंद्रह दिवसीय विश्व जल दिवस और जल महोत्सव का समापन
भास्कर न्यूज | गढ़वा रविवार को समाहरणालय सभागार में 15 दिवसीय विश्व जल दिवस सह जल महोत्सव का समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आठ मार्च से 22 मार्च तक संचालित किया गया। इस दौरान जल संरक्षण, स्वच्छता और जल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने जल के संरक्षण, समुचित उपयोग और योजनाओं के बेहतर रख-रखाव पर जोर दिया। उन्होंने जल सहियाओं को ग्रामीणों से जल शुल्क संग्रह के लिए प्रेरित करते हुए जल जीवन मिशन की योजनाओं के सफल संचालन के लिए जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुखिया और जल सहियाओं ने अपने-अपने पंचायतों में संचालित नल-जल योजनाओं के अनुभव साझा किया। पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न पंचायतों के मुखिया व जल सहियाओं को सम्मानित किया गया। वहीं प्लंबरों को टूल किट प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। मौके पर पेजयल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, मुखिया, जल सहिया और प्लंबर उपस्थित थे।
मीणा समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 30 अप्रैल को
छीपाबड़ौद| कस्बे के समीपवर्ती आखाखेड़ी स्थित मंदिर परिसर में मीणा समाज विकास सेवा समिति की बैठक मोहन मीणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से आगामी 30 अप्रैल को आखाखेड़ी में 44वां सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मीणा समाज विकास सेवा समिति अध्यक्ष मोहन मीणा ने बताया कि सामूहिक सम्मेलन में वधु-पक्ष से 12501-12501 रुपए लेने निर्धारित किया गया। बैठक में समाज के कई लोग मौजूद थे।
मुस्लिम समाज ने अकीदत से मनाया ईदुल फितर पर्व
छीपाबड़ौद| कस्बे में मुस्लिम समुदाय की ओर से ईदुल फितर का पर्व हर्षोल्लास व अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर पंजाब कॉलोनी स्थित ईदगाह व पुराना छबड़ा रोड स्थित ईदगाह पर मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज अदा कर देश में अमन चैन, सुख शांति की दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर एसडीएम अभिमन्यु सिंह कुंतल, गजेंद्र जैन, भाजपा ओबीसी मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह कुशवाह, भगवती प्रसाद उपाध्याय, कुलदीप शर्मा, मनोज नामदेव सहित कई लोगों ने मुस्लिम भाईयों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। पंजाब कॉलोनी स्थित ईदगाह के बाहर ह्यूमैनिटी सोसायटी की ओर से मुस्लिम जनों का मुंह मीठा करवाया गया।
किशनगंज| कस्बे के अमलावदा रोड पर हिंदू नववर्ष व चैत्र नवरात्र के उपलक्ष में गुलमोहर के पौधों का रोपण किया गया। पर्यावरण प्रेमी लोकेश नागर ने बताया कि जन सहयोग से स्मृति वन में लगातार पौधों में वृद्धि हो रही है। गर्मी के मौसम में पक्षियों के परिंडे भी बांधे जाएंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक यश सनोठिया, नंदजी सनोठिया, पवन खालोतिया, महेश कटारिया, नवीन नागर व महावीर सुमन मौजूद थे।
नेत्र शिविर में 140 मरीजों का उपचार
भास्कर न्यूज | छीपाबड़ौद भारत विकास परिषद शाखा की ओर से रविवार को निरोगधाम जनकल्याण सेवा संस्था व जिला अंधता निवारण समिति झालावाड़ के सहयोग से कस्बे के हाट चौक स्थित आर्य समाज भवन में निशुल्क नेत्र जांच एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर आयोजित किया गया। जिसकी शुरुआत मुख्य अतिथि थानाधिकारी योगेश चौहान ने की। भाविप शाखा अध्यक्ष विक्रम सिंह हाड़ा ने मुख्य अतिथि चौहान एवं कंवर पाल का स्वागत किया। शिविर प्रभारी नरेंद्र बाठला ने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 140 मरीजों की जांच कर निशुल्क दवाइयां वितरित की। वहीं 38 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। शिविर में प्रांतीय संयोजक महेंद्र नागर, जिला समन्वयक धीरज बाठला, सहप्रभारी लक्ष्मीकांत गौतम, अखिलेश गर्ग, दीपक जैन, पवन अहीर, रूपेश पारीक, आशीष बिंदल, रूपचंद शर्मा, धीरज जैन एवं समाजसेवी त्रिलोक खींची सहित परिषद के कई सदस्यों ने सहयोग किया।
किशनगंज| पार्वती नदी किनारे स्थित प्रेम धाम हनुमान वाटिका आश्रम पर श्रद्धालुओं के सहयोग से चैत्र नवरात्र शुरू होने के साथ ही महंत महामंडलेश्वर मधुसूदन दास महाराज के सानिध्य में विधि विधान से अखंड रामायण पाठ शुरू किया है। यह अखंड रामायण पाठ हनुमान जन्मोत्सव तक चलेगा। हनुमान वाटिका आश्रम से जुड़े शिवशंकर सोनी ने बताया कि चैत्र नवरात्र स्थापना के साथ ही संबलपुर ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि कपिल शर्मा की मौजूदगी में विधि-विधान से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया। विधि विधान से कन्या भोज करवा कर, प्रसाद वितरण कर अखंड रामायण पाठ का समापन किया जाएगा। इस कार्य में जगदेवसिंह चाहल, विनोद नागर, गोवर्धन पंकज, ज्ञानचंद मालव, रामकुमार सुमन, भीम पांचाल, कपिल गोस्वामी, पवन गोस्वामी आदि सेवाएं दे रहे हैं।
कुशवाह समाज का विवाह सम्मेलन 19 अप्रैल को
छीपाबड़ौद| कस्बे में स्थित जनमोहन महाराज मंदिर परिसर में रविवार को कुशवाहा पंचायत की बैठक पंचायत अध्यक्ष बृजमोहन की मौजूदगी में आयोजित गई। जिसमें समाज विकास को लेकर कई विषयों पर चर्चा की गई। वहीं सर्वसम्मति से कस्बे में 19 अप्रैल को कुशवाह समाज लव-कुश सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही विवाह सम्मेलन को लेकर कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सम्मेलन कोतवाल मांगीलाल मटोलिया, अध्यक्ष भवानी शंकर, मंत्री नरेंद्र जमदरिया, कोषाध्यक्ष कौशल किशोर को नियुक्त किया गया। बैठक में सचिव वेदप्रकाश कुशवाह, कोषाध्यक्ष भगवान सिंह, विकास समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुशवाह सहित पंचायत के अन्य पदाधिकारी व समाज बंधु मौजूद थे।
किशनगंज में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव कल से
भास्कर न्यूज | किशनगंज कस्बे में स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर की नवीन वेदियों में भगवानजी को वापस विराजमान करने को लेकर 24 व 25 मार्च को सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से प्रतिष्ठाचार्य उदयचंद्र शास्त्री के सानिध्य में दो दिवसीय आयोजन किया जाएगा। जैन समाज के वरिष्ठजन यशभानु जैन ने बताया कि कस्बे में स्थित प्राचीन महावीर दिगंबर जैन मंदिर में करीब सात 7 माह पूर्व प्राचीन वेदियों का जीर्णोद्धार कर नवीनीकरण करने को लेकर भगवान की प्रतिमाओं को अन्यत्र विराजमान किया गया था। अब वेदियों का नवीनीकरण कार्य पूर्ण होने पर दिगंबर जैन समाज की ओर से दो दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। हेमंत पाटोदी व ऐश्वर्य पाटोदी ने बताया कि जैन मंदिर पर प्रतिष्ठाचार्य पंडित उदयचंद शास्त्री के सानिध्य में संगीतकार सत्येंद्र जैन मानपुरा की ओर से संपन्न होने जा रहे धार्मिक आयोजन के दौरान 24 मार्च सुबह देव आज्ञा, अभिषेक, शांतिधारा के बाद ध्वजारोहण होगा। वहीं 25 मार्च सुबह अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजा, सरस्वती पूजन के बाद विश्व शांति महायज्ञ में विभिन्न इंद्र आहुतियां देंगे। इसके बाद विधि विधान से भगवानजी को नवीन वेदियों में विराजमान किया जाएगा। पात्रों का किया चयन अशोक सोगानी व कैलाश जैन ने बताया कि समाज जनों की बैठक कर पात्रों का चयन किया गया है। जिसमें सौधर्म इंद्र गुणवंत-प्रीति पाटोदी, कुबेर इंद्र ऐश्वर्य व उषा पाटोदी, महा यज्ञनायक दूरदर्शी व कविता पाटोदी, महेंद्र इंद्र हेमंत कुमार व मंजू कासलीवाल, ईशान इंद्र विनीत शिवांगी पाटोदी व सानत कुमार इंद्र ऐश्वर्य प्रीति निगौतिया को बनाया गया है। ध्वजारोहण का पदम कुमार विद्युतलता गंगवाल परिवार को सौभाग्य मिला है। अशोक निगोतिया व जंबू कुमार जैन ने बताया कि 24 मार्च को बैंड बाजों के साथ घटयात्रा निकाली जाएगी। मुख्य आकर्षण जैन महिला मंडल का बैंड होगा।
चैत्र नवरात्र की पंचमी पर मेला आज
बमूलिया माताजी| बमूलिया माताजी स्थित ब्राह्मणी माता मंदिर परिसर में सोमवार को एक दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले की शुरूआत सोमवार तड़के 5 बजे मंगल आरती के साथ होगी। मंगल आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का आगमन सुबह 4 बजे से ही शुरू हो जाएगा। सजावट का कार्य हर वर्ष की तरह इस बार भी समाजसेवी जुगल राजा की ओर से किया जा रहा है। वहीं बाहर से आने वाले दुकानदारों के भोजन व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी पटेल छीतरलाल नागर ठेकेदार की ओर से निभाई जा रही है। युवाओं की ओर से 9 दिवसीय अखंड रामायण पाठ किया जा रहा है। मंगल आरती के समापन के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। प्रशासक मधु धाकड़ ने बताया कि ग्रामवासियों के सहयोग से हर वर्ष यह मेला आयोजित किया जाता है, पंडित मुकुट बिहारी शर्मा ने बताया कि सुबह 5 बजे होने वाली मंगल आरती का विशेष महत्व है।
मायलावास चौराहा से अतिक्रमण हटाने की मांग
मायलावास | कलेक्टर व संभागीय आयुक्त को पत्र लिखकर मायलावास चौराहा से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। अर्जुनसिंह राजपुरोहित ने पत्र में बताया की मायलावास चौराहा पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही राजस्व विभाग के निर्देशन में की जा रही है, जिसमें कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे है। हाईकोर्ट की जनहित याचिका आदेश 915/ 2021 के संबंध में पूर्व में राजस्व विभाग के निर्देशन में मायलावास चौराहा पर प्रथम चरण के अतिक्रमण हटाए गए थे। अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा अभी तक नहीं हटाया गया है। इसलिए अतिक्रमणकारी अतिक्रमण हटाने के बाद भी स्वयं का कब्जा मान रहे हैं, जो की न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। जिला प्रशासन से अपील करते है कि सक्षम अधिकारियों को निर्देश देवे की तत्काल हटाए।
असाड़ा पटवार भवन में पिछले 5 साल से बिजली कनेक्शन नहीं
भास्कर न्यूज | असाड़ा असाड़ा गांव स्थित पटवार भवन में पिछले करीब पांच वर्षों से बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण यहां आने वाले ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में राजस्व से जुड़े कार्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खसरा-खतौनी, नामांतरण और नक्शा जैसे जरूरी कार्यों के लिए पटवार कार्यालय आना पड़ता है, लेकिन बिजली नहीं होने से कार्य समय पर नहीं हो पाते। इसके अलावा पटवार भवन भी जर्जर हालत में पहुंच चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। भवन में शौचालय की सुविधा नहीं होने से महिला कर्मचारियों व ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भवन का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है। पुराने बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया था। विभाग का कहना है कि बकाया राशि जमा कराने और नई फाइल प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कनेक्शन दोबारा बहाल किया जा सकता है। पटवारी केशातां मीणा ने बताया कि वे कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भवन में न बिजली है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं, जिससे काम करना बेहद कठिन हो गया है। बताया कि वे बकाया राशि जमा कराने को तैयार हैं, लेकिन नई फाइल लगाने की प्रक्रिया के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ बिना बिजली के कार्यालय में काम करना और भी मुश्किल हो गया है। पंखे, रोशनी और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं के अभाव में कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को समय पर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान कर पटवार भवन में बिजली कनेक्शन बहाल करने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
बरसात से खेतों में रबी की फसलें खराब
भास्कर न्यूज | मायलावास मायलावास सहित क्षेत्र में रविवार को मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार शाम को तेज बरसात बारिश से खेतों में खड़ी रबी की फसल ख़राब हो गई है। इस बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। खासतौर पर यह बरसात पकी हुई फसल व कटी हुई खेतों में पड़ी फसलों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हुई है। इससे गेहूं, चना, जीरा सहित रबी की फसल खराब हो गई है। प्रमुख व्यापारिक फसलें होने से चना, जीरा, सरसों की बुवाई के प्रति किसानों ने अच्छा रुझान दिखाया था। लेकिन मानसून की बेरूखी के चलते पहले ही किसान मायूस थे और अब फसलें पकने के समय बेमौसम बरसात से किसान चिंतित है। इस कारण इस बार पैदावार भी कम होने का अंदेशा बना हुआ है। क्षेत्र के मवड़ी, मोकलसर, मायलावास, मोतीसरा, बालू, रमणिया, काठाड़ी सहित दर्जनभर गांवों में खेतों में फसलें कटाई का कार्य जोरों पर है। किसान फसलों को काटकर खेतों में ही रखे हुए हैं। रविवार शाम अचानक आई बारिश से फसलें खराब हो गई।
मारवाड़ के धोरों में खिले रोहिड़े के फूल
भास्कर न्यूज | परेऊ मारवाड़ के रेतीले धोरों के बीच इन दिनों राज्य वृक्ष रोहिड़ा पर पीले-केशरिया रंग के फूलों की बहार छाई हुई है। अपने सुनहरे व लालिमा लिए फूलों के साथ रोहिड़ा मरुस्थल में मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। तपते रेगिस्तान में जहां हरियाली दुर्लभ होती है, वहां इस वर्ष मौसम परिवर्तन के कारण रोहिड़ा पर दो बार फूल आना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। रेत के विस्तृत धोरों के बीच खिले इसके चमकीले फूल राहगीरों, पर्यटकों व ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सुबह और शाम के समय सूर्य की किरणें जब इन फूलों पर पड़ती हैं, तो पूरा क्षेत्र सुनहरी आभा से जगमगा उठता है, जो देखते ही बनता है। स्थानीय लोगों के अनुसार रोहिड़ा को मरुस्थल का सागवान भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी लकड़ी बेहद मजबूत और उपयोगी होती है। हालांकि इन दिनों इसकी प्राकृतिक सुंदरता लोगों को विशेष रूप से अपनी ओर आकर्षित कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोहिड़ा के वृक्ष फूलों से लदे नजर आ रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने बताया है कि रोहिड़ा जैसे वृक्ष मरुस्थल के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये न केवल मिट्टी को बांधकर रखते हैं, बल्कि पक्षियों और छोटे जीवों को आश्रय भी प्रदान करते हैं। हालांकि बढ़ते शहरीकरण और अंधाधुंध कटाई के कारण रोहिड़ा के पेड़ों की संख्या में कमी देखी जा रही है। ऐसे में इस राज्य वृक्ष के संरक्षण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है। पर्यावरण प्रेमियों ने सरकार से आगामी वर्षा ऋतु में रोहिड़ा के अधिकाधिक पौधे लगाने की मांग भी की है।
नागाणा-धाम में नवरात्रा पर उमड़ रहे श्रद्धालु
भास्कर न्यूज | कल्याणपुर नागाणा-धाम स्थित मां नागणेच्यां मंदिर में चैत्र नवरात्रा मेला परवान पर चल रहा है, प्रदेश सहित पूरे भारतवर्ष से जातरू बड़ी संख्या में मां के मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे है। नवरात्रा पर्व को लेकर मंदिर को रंगबिरंगी रोशनी से सजाया गया है। निज मंदिर में फूलों की सजावट की गई। जातरूओं के दर्शन, ठहरने, चाय पानी, भोजन प्रसादी, पार्किंग की मंदिर कमेटी द्वारा व्यवस्था की गई। जनरल मैनेजर मेजर जनरल शेरसिंह ने बताया की जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह व हेमलता राजे सोमवार सुबह 11 बजे मां नागणेच्यां मंदिर में पंडित अभिषेक जोशी की ओर से करवाए जा रहे नौ कुंडीय यज्ञ में बैठकर आहुतियां देंगे। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह थोब ने बताया कि दुधेश्वर महादेव मठ गाजियाबाद के नारायण गिरी महाराज, व मठ तारातरा बाड़मेर के गादीपति व विधायक पोकरण प्रतापपुरी महाराज, बाबा रामदेव मंदिर राइकाबाग जोधपुर के अचलानंद गिरी महाराज, मां आशापुरा माता मंदिर सिवाना के गादीपति नृत्य गोपाल महाराज का सम्मान व बहुमान होगा। मंदिर की मुख्य पोल निर्माण के लिए 21 राज्य 21 लख रुपए का सहयोग देने वाले पप्पूसिंह चाहड़ देव केलनकोट, मंदिर से बचपन से जुड़े रहने वाले भामाशाह रामसिंह करणोत समदड़ी, मंदिर कार्य में लगातार सहयोग देने वाले मेहताबसिंह करणोत समदड़ी एवं मंदिर कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले भामाशाह भंवरसिंह राठौड़ रनियादेसीपुरा का सम्मान किया जाएगा। सचिव कल्याण सिंह राठौड़ ने बताया की नागणेच्यां मंदिर में नवरात्रि के दौरान जोड़े से हवन करने वाले बांजाकुडी के भंवरसिंह राठौड़, भाड़वी के जालमसिंह राठौड़, कोसेलाव के महावीरसिंह जोधा, समदड़ी के रामसिंह करनोत, मेंगलवा के कांतिलाल सोनी, सूरजड़ा के नंदुसिंह राठौड़, कवान के जगदीश सिंह राठौड़, बस्सी के श्रवणसिंह सोढा, बस्सी के भंवरसिंह सोढ़ा हवन कर रहे हैं। आकेली बी के कुंदनसिंह राठौड़ मंदिर में 9 दिन चलने वाले राजोपचार पूजा के मुख्य यजमान है।
गौर चौक की सड़क बदहाल, गड्ढों और धूल से परेशान लोग, जिम्मेदार अनजान
भास्कर न्यूज | मोकलसर कस्बे के गौर चौक की सड़क इन दिनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और कंक्रीट उखड़कर बाहर आ गई है, जिससे आवागमन करने वाले वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार से जालौर रोड होते हुए गौर चौक गोलाई तक का मार्ग भी खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुका है। बस स्टैंड से जालौर रोड को जोड़ने वाला यह रास्ता कस्बे का सबसे व्यस्ततम मार्ग माना जाता है, जहां दिनभर स्थानीय व दूर-दराज से आने-जाने वाले भारी और हल्के वाहनों का दबाव बना रहता है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण कई बार वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं, जिससे चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की जल्द मरम्मत कर गड्ढों को भरा जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय दुकानदार उत्तम भारती ने बताया कि दिनभर गड्ढों से उड़ने वाली धूल के कारण सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। वाहनों के गुजरने पर धूल के गुबार उठते हैं, जिससे आगे-पीछे चलने वाले वाहन तक दिखाई नहीं देते। वहीं अब धूल और रेत दुकानों के अंदर तक जमा होने लगी है, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क दुरुस्त करवाकर आमजन को राहत प्रदान करने की मांग की है।
अतीत, वर्तमान भविष्य को लेकर चलने का उत्सव
भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नववर्ष के साथ ही नव चेतना एवं नव आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इसी पावन बेला पर रेवती नक्षत्र एवं इंद्र योग में 30 मार्च, 1949 को देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता से नए राजस्थान की सुदृढ़ नींव रखी गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2025 में इस गौरवशाली परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए 30 मार्च के स्थान पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही राजस्थान दिवस मनाए जाने की शुरूआत की। राजस्थान ने इस बार नव संवत्सर वि.सं. 2083 की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (19 मार्च) को प्रदेश की विरासत, अवसर एवं संभावनाओं के परिचायक के रूप में अपना स्थापना दिवस मनाया। राज्य सरकार द्वारा इस विशेष दिवस के उपलक्ष्य में 14 से 19 मार्च तक आयोजित कार्यक्रमों ने एक ओर जहां प्रदेश के गौरवशाली अतीत को प्रभावी ढंग से संरक्षित और पुनर्स्थापित करने का काम किया, वहीं दूसरी ओर जनकल्याणकारी कार्यों से खुशहाल वर्तमान एवं सुनहरे भविष्य के प्रति आश्वस्त भी किया। राजस्थान दिवस 2026 के आयोजनों में प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखते हुए परंपरा को नए संदर्भों में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 15 मार्च को नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में ‘राजस्थान उत्सव 2026’ का शुभारंभ किया। इस आयोजन ने प्रदेश की लोककला, हस्तशिल्प, लोकसंगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजनों की समृद्ध झलक को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। वहीं, 19 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय भव्य सांस्कृतिक संध्या इस विरासत का चरम रूप रही। राजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जयपुर के गोविंददेव जी मंदिर में आयोजित महाआरती और प्रदेशभर के राजकीय मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हुए। ज्ञान, तकनीक और नवाचार पर आधारित “राजस्थान को जानें” डिजिटल क्विज का आयोजन हुआ। राजस्थान दिवस : वर्ष प्रतिपदा से शुरुआत हुई इस उत्सव को मनाने की जड़ों से जुड़ाव एवं संस्कृति की अभिव्यक्ति : सीएम
ट्रेलर पलटने से सीमेंट के कट्टे हाइवे पर गिरे
पीसांगन | अजमेर-मांगलियावास हाइवे पर रविवार को मांगलियावास के पास सीमेंट के कट्टों से भरा एक ट्रेलर पलट गया। इससे एक घंटे तक हाइवे अवरुद्ध रहा। सूूचना पर पहुंची पुलिस ने पलटे ट्रेलर से चालक को बाहर निकाला और डायवर्जन करवाकर यातायात सुचारु करवाया। ट्रेलर में सीमेंट के करीब 600 कट्टे लदे हुए थे।
विरोध होने पर भजन गायक को कार्यक्रम छोड़ जाना पड़ा
शास्त्री नगर इलाके में रविवार देर रात भजन संध्या में विरोध होने पर गायक जॉन अजमेरी को कार्यक्रम छोड़कर जाना पड़ा। बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया था। गायक अजमेरी के जाने के बाद कार्यक्रम वापस शुरू हो सका। विहिप के मंत्री किशन गुर्जर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि शनिवार रात अलवर गेट क्षेत्र में हुई भजन संध्या में जॉन अजमेरी ने माता के जगराते में कव्वाली गाई थी। रविवार रात जॉन अजमेरी गणेशगढ़ मंदिर, शास्त्री नगर क्षेत्र में भजन गाने के लिए पहुंचे। जानकारी मिलने पर बजरंग दल के चेतन सैनी और घनश्याम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। मौके पर लोगों ने बीच बचाव भी किया। गायक का विरोध करते कार्यकर्ता।
दादी सेवा संस्थान: जवाहर रंगमंच पर मंगल पाठ हुआ
अजमेर| जवाहर रंगमंच पर रविवार को दादी परिवार सेवा संस्थान की ओर से दादीजी का मंगल पाठ आयोजित किया गया। अपर्णा अग्रवाल ने प्रस्तुति दी। मीठी मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजे...,मेहंदी रची थारे हाथा में दादी जी..., मोटी सेठानी बेड़ा पार लगा पर्सी..., प्यारा सजा है तेरा द्वार दादी जी.., मीठे रस से भरियो री राधा रानी...समेत कई मधुर भजन गाए। समारोह में कोलकाता और पुणे के फूलों से दादी जी का शृंगार किया। महाआरती हुई। वृद्धजन का सम्मान किया। शिवशंकर फतेहपुरिया, जगदीश गर्ग, बद्री गर्ग, शशि चौधरी, अरविंद गर्ग समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। वर्षा फतेहपुरिया ने दादी का भव्य शृंगार किया।
प्रशिक्षण शिविर में मंत्री रावत ने दी कार्यकर्ताओं को वैचारिक दिशा
मुहामी| भाजपा के खोड़ा गणेश मंडल के प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और जनसेवा के मूल मंत्र सिखाए गए। शिविर को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को अपनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का आह्वान किया। पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत जाटिया ने कार्यकर्ताओं से जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनकर समाधान सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष सुरजीत सिंह रावत ने की। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह चुंडावत, सूरजकरण मेघवंशी और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।
970 ग्राम अफीम के साथ आरोपी गिरफ्तार
अजमेर| रेलवे स्टेशन पर जीआरपी अजमेर और डीएसटी की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को 970 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया। जीआरपी थाना प्रभारी फूलचंद बालोटिया के अनुसार आरोपी की पहचान नरपत राम मेघवाल के रूप में हुई है, जो गुर्जरवास क्षेत्र का निवासी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्टेशन पर मादक पदार्थ लेकर आने वाला है, जिस पर टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ा। उसके पास से 970 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से अफीम की सप्लाई और नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
अजमेर में बीच सड़क सरेआम मारपीट की घटनाओं से दहशत
सरेआम धारदार हथियार चले: 17 मार्च की रात अलवर गेट थाना क्षेत्र के रेलवे म्यूजियम के सामने दो पक्षों के बीच धारदार हथियारों से भिड़ंत हुई। एक महिला ने कुल्हाड़ी से दूसरी महिला पर हमला किया, जिससे वह गिर गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन न हमलावर मिले, न घायल। वीडियो वायरल होने के बावजूद शिकायत नहीं होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। बीच चौराहे पर दो गुटों की भिड़ंत: शनिवार को सूचना केंद्र चौराहे पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। पुलिस के पहुंचने तक दोनों पक्ष मौके से भाग चुके थे। शिकायत नहीं मिलने के कारण पुलिस कार्रवाई करने में असमर्थ रही। अजमेर| शहर में बीच सड़क मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले एक सप्ताह में तीन गंभीर मामले सामने आए, जिनमें से केवल एक में पुलिस को शिकायत दी गई। दो घटनाओं में कोई भी पक्ष थाने तक नहीं पहुंचा। मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन हमलावर और पीड़ित दोनों फरार थे। बीच सड़क पर लाठी, सरियों से हुई झड़पों ने शहर में दहशत का माहौल बना दिया है। घटनाओं के वीडियो भी वायरल हुए हैं, लेकिन हमलावरों का पता नहीं चल पाया है। पांच दिन पहले एलिवेटेड रोड के नीचे एक सैलून संचालक पर नकाबपोश युवकों ने हमला किया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज की और कार्रवाई की।
सांपला में मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी अभियान शुरू
शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित करते स्वयंसेवक। अजमेर| शहीद दिवस के अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मेरा युवा भारत के तहत सांपला में मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी अभियान की शुरुआत हुई। जिला युवा अधिकारी जयेश मीना की अध्यक्षता में युवाओं ने गोपाल सरोवर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रमदान किया। तिरंगा और माय भारत टी-शर्ट पहने स्वयंसेवकों ने स्वच्छता का संदेश दिया। ब्लॉक संयोजक रामप्रसाद गुर्जर ने बताया कि नवनिर्मित युवा मंडलों के जरिए युवाओं को राष्ट्र-निर्माण और सामुदायिक विकास से जोड़ा जा रहा है।
मंत्री रावत ने किए कुलदेवी के दर्शन
मुहामी | चैत्र नवरात्रि के अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अपनी कुलदेवी खोड़ा माता जी के मंदिर पहुंचकर पूजा की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और निरंतर विकास की कामना की। मंत्री रावत ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है, जो प्रत्येक व्यक्ति को शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। कार्यकर्ताओं ने मंत्री रावत का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
गोदाम से तेल के 22 पीपे चुराने के तीन आरोपी गिरफ्तार, पीपे बरामद
पुलिस गिरफ्त में आरोपी। अजमेर | क्लॉक टावर थाना पुलिस ने पड़ाव स्थित एक गोदाम से तेल के 22 पीपे (टिन) चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 22 पीपे भी बरामद कर लिए हैं। मामले में शामिल एक और आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। एसएचओ भीकाराम काला के मुताबिक पुलिस के अनुसार 19 मार्च 2026 को परिवादी लेखराज गोयली पुत्र रोशनलाल गोयली निवासी विकास कॉलोनी फॉयसागर रोड ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में लेखराज ने बताया था कि उसकी दुकान पड़ाव स्थित जनता मार्केट में स्थित है। 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे वह दुकान बंद कर घर चला गया था। अगले दिन सुबह करीब 9:30 बजे पहुंचा तो दुकान के गोदाम की शटर के ताले टूटे हुए और अंदर रखे 22 तेल के पीपे नदारद थे। एसएचओ ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल कर संदिग्धों की पहचान की। तीन आरोपियों को डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद आरोपी फूल गली, दरगाह बाजार निवासी अशरफ हुसैन, होली चौक खादिम मोहल्ला निवासी सलीम तथा फतेहपुर, आगरा उत्तर प्रदेश निवासी अजहर खान निवासी को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए 22 पीपे भी बरामद कर लिए गए। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों के एक और साथी का पता चला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
वार्ड-4 में तीन दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, अंधेरे से परेशानी
राजगढ़| वार्ड-4 में पिछले करीब तीन दिन से स्ट्रीट लाइट बंद है, जिससे पूरे इलाके में रात के समय अंधेरा बना रहता है। रहवासियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है व दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। अंधेरे के कारण असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। कई बार शिकायत के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। रहवासियों ने जिम्मेदार विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइट चालू कराने की मांग की है। -राजेंद्र कटारिया, रहवासी की रिपोर्ट।
गणेश चौक वार्ड-9 में अतिक्रमण, सटोरियों की गतिविधि से परेशानी
राजगढ़| गणेश चौक वार्ड-9 स्थित गणेश जी की छतरी के पास अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। सड़क किनारे चाय के ठेले पर लोगों का जमघट लगा रहता है, जहां सट्टा जैसी अवैध गतिविधियां संचालित होने की भी शिकायत है। इससे रास्ता संकरा हो गया है और आए दिन दुर्घटना की स्थिति बन रही है, कई बार लोगों को बचकर निकलना पड़ता है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी है। रहवासियों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। -राम जानोरिया, रहवासी की रिपोर्ट।
निर्माण दो माह से बंद, मंदिर के सामने गंदे से परेशानी
राजगढ़| वार्ड-4 काला खेत स्थित हनुमान मंदिर के सामने बन रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले करीब दो माह से बंद पड़ा है, जिससे निर्माण अधूरा रह गया है। वहीं मंदिर के सामने गंदा पानी जमा होने से आसपास के रहवासियों को परेशानी हो रही है व बदबू से स्थिति और खराब हो गई है। निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने व गंदे पानी की निकासी कराने की मांग की है। -लोकेश वर्मा, रहवासी की रिपोर्ट।
ट्रामा सेंटर के पास सुलभ कॉम्प्लेक्स बंद, परेशानी
राजगढ़| जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के पास बना सुलभ कॉम्प्लेक्स आए दिन बंद रहता है, जिससे मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज से आने वाले लोग विशेष रूप से असुविधा झेलते हैं और उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी लापरवाही से लोगों में नाराजगी है। रहवासियों ने सुलभ कॉम्प्लेक्स को नियमित रूप से चालू रखने की मांग की है। -मोहित शर्मा, रहवासी की रिपोर्ट।
सड़क नहीं बनने और खंभों पर लाइट नहीं होने से है परेशानी
राजगढ़| श्याम विहार कॉलोनी में लंबे समय से सड़क नहीं बनने के कारण रहवासियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। बारिश के समय स्थिति और खराब हो जाती है, कीचड़ व गड्ढों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। वहीं मयूर रोड किनारे लगे खंभों पर लाइट नहीं होने से रात में अंधेरा छाया रहता है, जिससे दुर्घटना व असुरक्षा का खतरा बना रहता है। रहवासियों ने प्रशासन से सड़क निर्माण व स्ट्रीट लाइट शुरू कराने की मांग की है। -संदीप शर्मा, रहवासी की रिपोर्ट।
राजयोग मंदिर रोड पर महीनों से खुदा गड्ढा, पानी से परेशानी
राजगढ़| राजयोग मंदिर पुराने बस स्टैंड रोड पर कई महीनों से सड़क खुदी पड़ी है व बड़े गड्ढे से लगातार पानी निकल रहा है, जिससे आसपास के रहवासियों को परेशानी हो रही है। रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है व गड्ढे में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रहवासियों ने जिम्मेदार विभाग से जल्द गड्ढा भरवाकर समस्या दूर करने की मांग की है। -दिनेश गुप्ता, रहवासी की रिपोर्ट।
मनुष्य कुछ नहीं करता, सब भगवान की इच्छा से होता है, क्रोध और अहंकार से बचना चाहिए
मैया विजयासन धाम भैंसवामाता में चैत्र नवरात्र के अवसर पर चल रही श्रीराम कथा में व्यासपीठ से प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि इस संसार में भगवान की इच्छा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मनुष्य अक्सर किसी कार्य के सफल होने पर स्वयं को उसका कर्ता मान लेता है, जबकि सनातन सत्य ये है कि प्रकृति का कण-कण व मनुष्य का क्षण-क्षण भगवान के नियंत्रण में है। राम जी जब जो सोचते हैं, वही होता है, मनुष्य के हाथ में कुछ भी नहीं होता। कथा के चौथे दिन महाराज ने कहा कि हमारे धर्म शास्त्रों में मनुष्य के जीवन के लिए पांच प्रकार के यज्ञ बताए गए हैं। गृहस्थ जीवन स्वयं में एक यज्ञ है, लेकिन इसके साथ भूत यज्ञ, पितृ यज्ञ, ब्रह्म यज्ञ व देव यज्ञ का पालन भी आवश्यक माना गया है। जो व्यक्ति धर्म सम्मत जीवन जीता है, वह सहज रूप से इन सभी यज्ञों को पूरा कर लेता है। ये यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित व सार्थक बनाने का मार्ग हैं। विनम्रता से बढ़ती है आयु, विद्या व यश : कथा के दौरान एक संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए महाराज ने बताया कि जो व्यक्ति विनम्र व सुशील होता है और प्रतिदिन बड़ों की सेवा करता है, उसकी आयु, विद्या, यश व बल में वृद्धि होती है। ये जीवन के चार प्रमुख स्तंभ हैं, जिन्हें पाने के लिए व्यवहार में सरलता व सेवा भाव जरूरी है। भास्कर इनसाइट यज्ञ, कथा की दान राशि से बनवा रहे भव्य मंदिर मैया विजयासन मंदिर का निर्माण यज्ञ व रामकथा से प्राप्त दान राशि से कराया जा रहा है। मंदिर की लंबाई 220 फीट व चौड़ाई 105 फीट प्रस्तावित है। यज्ञ व कथा का ये पांचवां साल है और अब तक गर्भगृह का करीब 90% कार्य पूरा हो चुका है। गर्भगृह पर छत डल चुकी है। शिखर निर्माण शेष है। राजस्थान के मकराना के पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। ये मंदिर सांवरिया सेठ धाम के पैटर्न पर विकसित किया जा रहा है। 30 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। समर्पण से मिलती है प्रियता : महाराज महाराज ने कहा कि किसी का प्रिय बनने के लिए व्यक्ति को ढलना व गलना पड़ता है। दूर रहकर भी प्रियता प्राप्त की जा सकती है, लेकिन इसके लिए त्याग व समर्पण जरूरी है। लक्ष्मण जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बाल्यकाल से ही उनका समर्पण राम जी के प्रति रहा, इसलिए वे अत्यंत प्रिय बने। व्यक्ति में जब समर्पण की पराकाष्ठा होती है, तभी वह किसी के हृदय में स्थान बना पाता है।
शहर के इन क्षेत्रों में आज बंद रहेगी बिजली
अजमेर| }सुबह 9 से शाम 5 बजे तक: श्रीनगर रोड, जैन मंदिर, शिव चौक, विनय नगर, आर्य नगर, धोबीघाट, दादाबाड़ी, अंबाबाड़ी, पालबीसला। }सुबह 6 से 8 बजे तक: रामबाग चौराहा, रेलवे बाउंड्री के पास, फरीदाबाग, शनि मंदिर, सामुदायिक भवन, बालाजी मंदिर, यूआईटी क्वार्टर, भगवान गंज। }सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक: जलदाय कार्यालय और आसपास। }सुबह 9 से दोपहर 1:30 बजे तक: राधा विहार गली नं 1, 2, 3, 4, 5, 6, रामनगर चौराहा सरकारी स्कूल और आसपास। }सुबह 10 से शाम 5 बजे तक: टोल्फा, पुष्कर रोड, लिंक रोड, खरेखड़ी गांव, सूरजगढ़। }सुबह 9:30 से शाम 5 बजे तक: गुर्जरवाड़ा, पीलीखान, लोहाखान टैंपो स्टैंड, शास्त्री नगर पुलिस चौकी, लोहागल रोड और आस पास के क्षेत्र।
वैन में बैठाए जायरीन, महिला से की छेड़छाड़ की कोशिश... शोर मचाने पर भाग छूटा चालक
वैन से उतर कर खड़ा पीड़ित जायरीन परिवार। अजमेर| दरगाह जियारत के लिए आए जायरीन परिवार ने गंज थाना क्षेत्र में वैन चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वैन चालक ने महिला से छेड़छाड़ की और बदनीयति से कहीं और ले जाने की कोशिश की। शोर मचाने के बाद वैन चालक उन्हें छोड़कर भाग छूटा। पीड़ित ने वैन का फोटो भी खींच लिया। हालांकि गंज थाना पुलिस ने मामला रामगंज थाना क्षेत्र का होने की बात कह कर वहां शिकायत देने के लिए भेज दिया। मामले के अनुसार पीड़ित कोलकाता निवासी शेख अराफील अली ने पुलिस को बताया कि वह पिछले कुछ वर्षों से डीडवाना में रहकर एक दुकान पर काम कर रहा है। रविवार को वह अपने भाइयों और प|ी बच्चों के साथ अजमेर दरगाह जियारत के लिए आया था। पैदल रास्ते से परिवार सहित तारागढ़ गया था। यहां से अपराह्न करीब 4 बजे तारागढ़ से वैन के जरिए वापस दरगाह बाजार आने के लिए निकला। वैन चालक ने रास्ते में एक जगह वैन खड़ी कर दी और कहीं चला गया। वह करीब 20 मिनट बाद आया। फोन पर किसी को हमारे बारे में जानकारी दी। इसके बाद एक बाइक सवार वैन के पीछे चलने लगा। अराफील के मुताबिक रास्ते में वह उसकी बीवी से बेवजह बातें करने लगा। जब दरगाह के करीब आने वाले थे अचानक उसने वाहन को दूसरी ओर तेजी से मोड़ दिया। जब उससे इस बारे में पूछा तो बगैर कोई जवाब दिए कहीं ओर ले जाने लगा। शोर मचाया और जबरदस्ती से उसे रोका। इतने में वह वहां से भाग गया। वैन की फोटो भी पुलिस को दिखाई। पुलिस से पीड़ित को रामगंज थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए भेज दिया।
30 साल के मुकेश ने 34वीं बार किया रक्तदान
भास्कर संवाददाता | राजगढ़ जामोनिया गांव के रहने वाले 30 साल के मुकेश दांगी ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए 34वीं बार रक्तदान किया। उन्होंने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में पहुंचकर ओ-पॉजिटिव रक्तदान किया। नियमित रूप से रक्तदान कर रहे मुकेश अब तक कई जरूरतमंदों की मदद कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि रक्तदान से किसी को नया जीवन मिलता है, इसलिए हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए। उनके इस कार्य से अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है। भास्कर नॉलेज... गर्मी में शिविर कम, रक्त संकट की वजह यही जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की स्टोरेज क्षमता 600 यूनिट है, जबकि हर महीने 450 से 500 यूनिट रक्त की मांग रहती है। जरूरत पूरी करने के लिए शिविर लगाए जाते हैं व 200 से 250 दाता ब्लड बैंक पहुंचकर रक्त की अदला-बदली कराते हैं। जिले के 60 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नियमित रक्त देना अनिवार्य है। गर्मी के दिनों में शिविर कम होने से रक्त संकट गहराने लगता है, ऐसे में दाताओं पर ही मरीजों की मदद टिकी रहती है।

