गुरुग्राम के सेक्टर-82 सिकंदरपुर बड़ा स्थित ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनी Zepto के वेयरहाउस में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया। घटना की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची है और बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। इस खबर को तेजी से अपडेट कर रहे हैं……………
बाराबंकी में तीन वाहनों में टक्कर, पांच घायल:डंपर से डबल डेकर बस टकराई, रोडवेज ने पीछे से मारी टक्कर
बाराबंकी में मंगलवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ। सफेदाबाद के पास गोरखपुर से जयपुर जा रही एक डबल डेकर बस पहले सड़क किनारे खड़े खराब डंपर से टकरा गई। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रही उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस भी डबल डेकर से जा भिड़ी। इस ट्रिपल टक्कर में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना बाराबंकी जिले के सफेदाबाद क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजकर 32 मिनट पर हुई। गोरखपुर से जयपुर जा रही डबल डेकर बस सड़क किनारे खड़े एक खराब डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि डबल डेकर बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहली टक्कर के कुछ ही देर बाद बहराइच से लखनऊ जा रही उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस भी पीछे से डबल डेकर बस में जा टकराई। इस लगातार हुई तीन वाहनों की टक्कर से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। दुर्घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराने का अभियान चलाया। नगर कोतवाली और माती थाना सहित कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों की जांच कर रही है। घायलों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जांच में सड़क किनारे खड़े खराब डंपर से डबल डेकर बस की टक्कर और उसके बाद रोडवेज बस के भिड़ने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
मुंडावर थाना पुलिस ने सोलर पावर प्लांट से बिजली की केबल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई केबल के साथ वारदात में इस्तेमाल कटर मशीन, एक मोटरसाइकिल और एक एक्सयूवी कार भी बरामद की है। 27-28 जून की रात हुई थी चोरी पुलिस के अनुसार, 27 और 28 जून 2026 की रात मुंडावर थाना क्षेत्र के करनीकोट गांव स्थित बोहरा जी एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के सोलर पावर प्लांट से अज्ञात बदमाश बिजली की केबल चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी अलग-अलग गांवों के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय निकेश पुत्र महेंद्र कुमार प्रजापत निवासी नांगल उदिया, 35 वर्षीय अनिल उर्फ कालू पुत्र योगेंद्र सिंह जाट निवासी नांगल उदिया और 31 वर्षीय विक्की बसवाल पुत्र पतराम खटीक निवासी खरखड़ी कला, थाना नारायणपुर (कोटपूतली-बहरोड़) के रूप में हुई है। केबल, कटर मशीन, बाइक और एक्सयूवी कार बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई केबल बरामद कर ली है। इसके अलावा चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई कटर मशीन, एक मोटरसाइकिल और एक एक्सयूवी कार भी जब्त की गई है। एसपी के निर्देश पर बनी टीम ने किया खुलासा यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयासिंह और किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव की निगरानी में थानाधिकारी मोहर सिंह मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
मंदसौर जिले में मंगलवार को झमाझम बारिश हुई। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मानसून की सक्रियता से खरीफ सीजन को लेकर किसानों में भी उत्साह बढ़ गया है। दिनभर तेज धूप और उमस के बाद देर शाम आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। लोगों ने बारिश का आनंद लिया, वहीं बच्चों ने भी भीगकर मौसम का लुत्फ उठाया। इन क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर होती रही बारिशजिला मुख्यालय के अलावा मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़, पिपलिया मंडी, नाहरगढ़, दलौदा, अफजलपुर, नारायणगढ़ और संजीत सहित आसपास के कई क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश होने से मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई को जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 9 से 11 जुलाई तक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 12 से 14 जुलाई के बीच बादल और धूप का मिश्रण रहेगा तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। जिले में अब तक कुल 7.28 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब एक इंच कम है। पिछले वर्ष 7 जुलाई तक जिले में 8.14 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। गरज-चमक और तेज हवा का अलर्ट मौसम विभाग ने जिले के लिए गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी है। किसानों के लिए राहतभरी शुरुआत मानसून की सक्रियता से किसानों में उत्साह का माहौल है। कई किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं, जिन क्षेत्रों में पर्याप्त नमी बन चुकी है, वहां बुवाई का काम भी शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित बारिश होती रही, तो इस वर्ष खरीफ सीजन बेहतर रहने की संभावना है और कृषि उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।
जालौन में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अभिषेक खरे के आदेश पर एट कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय, तत्कालीन उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों, भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ एट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के अनुसार, एट कस्बे की एक महिला ने आरोप लगाया है कि 26 फरवरी 2026 की शाम करीब सात बजे भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी और उसके तीन साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़, अभद्रता और अश्लील हरकतें कीं। महिला का आरोप है कि आरोपी लाल रंग की ब्रेजा कार से उसे जबरन ले जाने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपियों ने कार से कुचलकर हत्या करने की कोशिश की, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के कारण वे मौके से फरार हो गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद उसने 1090 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। 28 फरवरी को जब वह एट थाने में तहरीर देने पहुंची तो उसकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। महिला ने आरोप लगाया कि उस समय के थाना प्रभारी पंकज पांडेय अपने सरकारी आवास पर मुख्य आरोपी कार्तिक त्रिपाठी को संरक्षण दे रहे थे। शिकायत के अनुसार, जब उसने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो तत्कालीन एसएचओ, एसआई अभिषेक पोरवाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, थप्पड़ मारे, अभद्र भाषा का प्रयोग किया, मोबाइल फोन छीन लिया और दूसरे मोबाइल को फेंकने का प्रयास किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राज्य महिला आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई अधिकारियों को पंजीकृत डाक के माध्यम से शिकायत भेजी। इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, लेकिन कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद महिला ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। मामले का प्रथम दृष्टया संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में एट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। मुकदमे में भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी, तत्कालीन एसएचओ पंकज पांडेय, एसआई अभिषेक पोरवाल, दो अज्ञात पुलिसकर्मी तथा कार्तिक त्रिपाठी के तीन अज्ञात साथियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मऊगंज में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:युवक के पैर में गंभीर चोट, इलाज के बाद रीवा रेफर
मऊगंज जिले के हनुमना मुख्य मार्ग पर पहाड़ी गांव के पास मंगलवार शाम को दो बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक इलाज के बाद नाजुक हालत में रीवा रेफर किया गया है। घायल युवक की पहचान भगदवा निवासी 32 वर्षीय सुभाष कोल (पिता शिवनाथ कोल) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों बाइकें हनुमना-मऊगंज मुख्य मार्ग पर पहाड़ी गांव के पास रफ्तार तेज होने के कारण आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुभाष कोल सड़क पर दूर जा गिरे और उनके पैर में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने की मदद, 108 एम्बुलेंस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस को फोन लगाया। इसके बाद घायल सुभाष को तुरंत सिविल अस्पताल लाया गया। मऊगंज से रीवा किया गया रेफर अस्पताल में डॉक्टर्स की टीम ने घायल युवक का प्राथमिक इलाज किया। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि युवक के पैर में बेहद गंभीर चोट आई है और उसे बड़े अस्पताल में इलाज की जरूरत है। इसके बाद युवक को रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।
जोधपुर पुलिस कमिश्नर शरत कविराज ने एक आदेश जारी कर थाना अधिकारी जुल्फिकार को लाइन हाजिर कर दिया। एक दिन पहले थाने के ASI के परिवादी महिला से रिश्वत लेने के मामले में ACB ने थाने के ASI हरदेवराम को ट्रैप किया था। इस मामले में ACB पूछताछ में आरोपी ASI ने थाना अधिकारी का भी नाम लिया था। बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के शास्त्री नगर थाने के ASI हरदेवराम को परिवादिया से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी ने यह रिश्वत एक मामले में आरोपियों के नाम हटाने और केस में मदद करने की एवज में मांगी थी। इसको लेकर परिवादिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादिया के पति के साथ मारपीट का एक मामला शास्त्री नगर थाने में दर्ज था, जबकि दूसरी पार्टी ने भी परिवादिया के पति व अन्य के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करवा रखा था। इन दोनों मामलों की जांच एएसआई हरदेवराम कर रहा था। मदद के नाम पर मांगा एसीबी के मुताबिक आरोपी एएसआई ने परिवादिया के पति के खिलाफ दर्ज केस में मदद करने और उनके साथी सुंडाराम का नाम हटाने के नाम पर पहले ही 5,000 रुपये ले लिए थे। इसके बाद आरोपी ASI ने सुंडाराम को थाने बुलाकर डराया और केस में मदद करने तथा दो अन्य लोगों के नाम हटाने की एवज में सीआई के नाम पर 50,000 रुपये की और मांग की। परेशान होकर परिवादिया ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी जोधपुर रेंज के डीआईजी नारायण टोगस के सुपरविजन और एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। सोमवार को जैसे ही एएसआई हरदेवराम परिवादिया के निवास पर रिश्वत के 40 हजार रुपये लेने पहुंचा और पैसे लेकर अपनी पैंट की जेब में रखे, तभी निरीक्षक उमेश कुमार विश्नोई और उनकी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इस मामले में पूछताछ में उसने थाना अधिकारी का नाम भी लिया था। हालांकि ACB को इससे जुड़े सबूत नहीं मिले हैं। वहीं इसके बाद कमिश्नर शरत कविराज ने थाना अधिकारी जुल्फिकार को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2025-26 में स्कूली शिक्षा के मामले में चंडीगढ़ ने देशभर में बाजी मारी है और वह टॉप पर रहा है। वहीं पंजाब, केरल, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। क्या है PGI 2.0 और कैसे तय होते हैं ग्रेड? इस बार राज्यों को कोई फिक्स रैंक देने के बजाय अलग-अलग 'ग्रेड्स' यानी परफॉर्मेंस बैंड में बांटा गया है। इसका फायदा यह है कि एक जैसी परफॉर्मेंस वाले कई राज्य एक ही बैंड में आ सकते हैं, जिससे हेल्दी कॉम्पिटिशन बढ़ता है। यह इंडेक्स कुल 70 इंडिकेटर्स (संकेतकों) आधारित है, जिन्हें 2 मुख्य कैटेगरी (आउटकम और गवर्नेंस-मैनेजमेंट) के तहत 6 डोमेन में परखा गया है, इनमें लर्निंग आउटकम और क्वालिटी, एक्सेस (पहुंच), इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं, इक्विटी (समानता), गवर्नेंस प्रोसेस और टीचर्स एजुकेशन और ट्रेनिंग शामिल है। टॉप पर चंडीगढ़, 'उत्कर्ष' और 'उत्तम-1' में कोई नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार के ग्रेडिंग सिस्टम का नामकरण कुछ इस तरह किया गया है उत्कर्ष: 90% से ज्यादा स्कोर (कोई भी राज्य/UT इस तक नहीं पहुंच सका) उत्तम-1: 81 से 90% (इस कैटेगरी में भी कोई राज्य नहीं) उत्तम-2: 71 से 80% (खाली रहा) उत्तम-3: 61 से 70% (सिर्फ चंडीगढ़ इस कैटेगरी में जगह बना पाया, इसलिए वह टॉप पर है) बाकी राज्यों का हाल: दूसरे नंबर पर रहने वाले पंजाब, दिल्ली, केरल और दादरा-नगर हवेली 'प्रचेश्टा-1' (51-60%) कैटेगरी में रहे। वहीं, सबसे निचले पायदानों यानी आकांक्षी-1 और आकांक्षी-2 में भी कोई राज्य नहीं है। जिलों का रिपोर्ट कार्ड (PGI-D): किसने किया सुधार? जिलों की ग्रेडिंग (PGI-D) कुल 600 अंकों और 70 इंडिकेटर्स पर की गई है, जिन्हें 11 अलग-अलग डोमेन (जैसे डिजिटल लर्निंग, स्कूल सेफ्टी, फंड यूटिलाइजेशन) में बांटा गया था। देश के 462 जिलों ने अपने आउटकम स्कोर में सुधार किया है, जिनमें से 50 जिलों ने अपना ग्रेड लेवल भी सुधारा है। देश के कुल 19 जिलों ने 70% से ज्यादा स्कोर कर 'उत्तम-2' ग्रेड हासिल किया है। 2024-25 में ऐसे जिलों की संख्या 16 थी। कहां के कितने जिले टॉप पर? पंजाब: 7 जिले दिल्ली: 4 जिले केरल: 3 जिले महाराष्ट्र: 2 जिले चंडीगढ़, दीव और हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): 1-1 जिला
उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा (UPCATET-2026) के तहत ऑनलाइन काउंसलिंग में सीट आवंटित अभ्यर्थियों के प्रवेश एवं रिपोर्टिंग का विस्तृत कार्यक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी कर दिया है। प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न समितियों का भी गठन किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगी। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 7 जुलाई 2026 मंगलवार को बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सभी चयनित अभ्यर्थियों को सुगम एवं निष्पक्ष प्रवेश प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रवेश, दस्तावेज सत्यापन, फोटो मिलान तथा अन्य औपचारिकताओं के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। ये समितियां निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी चरणों की निगरानी करेंगी ताकि किसी प्रकार की असुविधा या अनियमितता की संभावना न रहे। उप कुलसचिव डॉ. रागिनी मिश्रा ने बताया कि बीवीएससी एंड एएच (पशु चिकित्सा एवं पशुपालन) पाठ्यक्रम के लिए रिपोर्टिंग आज मंगलवार से शुरू हो चुकी है। इस पाठ्यक्रम के लिए अभ्यर्थी 8 जुलाई को भी रिपोर्टिंग कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त दूसरे चरण की रिपोर्टिंग 15 और 16 जुलाई को निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए रिपोर्टिंग की तिथियां 27 से 29 जुलाई, 8 से 10 अगस्त तथा 20 से 22 अगस्त निर्धारित की गई हैं। वहीं, मास्टर्स पाठ्यक्रमों के लिए 20-21 अगस्त एवं 24-25 अगस्त को रिपोर्टिंग होगी। पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए चयनित अभ्यर्थियों को 24 और 25 अगस्त को रिपोर्ट करना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी चयनित अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक मूल अभिलेखों, प्रमाणपत्रों तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर प्रवेश संबंधी सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि तय कार्यक्रम के अनुसार रिपोर्टिंग करने से प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न होगी और अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
प्रदेश में बस अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं और प्रशासन की सुस्ती के बाद अब जजेज एक बार फिर फील्ड में उतरकर बसों की जांच करेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेश की निजी और सरकारी बसों की जांच को लेकर एक महीने का अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जयपुर सहित प्रदेश के प्रमुख 12 शहरों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) बसों की जांच करेंगे। यह अभियान आज से शुरू होगा। इसके पहले चरण में जजेज लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच करेगे। जांच के दौरान बसों में नियमों की अनदेखी मिलने पर बसों के चालान और जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। इस दौरान जजेज के साथ परिवहन अधिकारियों की टीम भी मौजूद रहेगी। दौसा बस हादसे के बाद निर्णयअभियान को लेकर सोमवार को रालसा के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने इस अभियान में शामिल जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिवों के साथ चर्चा की। अत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के फलौदी सड़क हादसे को लेकर दर्ज याचिका में विस्तृत दिशानिर्देश दे रखे हैं और हाल ही दौसा जिले में बस में हादसा हुआ। ऐसे में प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष और हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और उनके निर्देश पर यह अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होने निर्देश दिए कि किसी बस को नियम खिलाफ चलते पाया जाए तो मौके पर बस को जब्त करवाया जाए और उसकी सवारियों को मुआवजा दिलाने के लिए स्थायी लोक अदालत में केस दायर करवाने के लिए सवारियों को जागरूक करके कागजी प्रक्रिया पूरी करवाई जाए। एसओजी में भी मामला दर्जइस दौरान वीसी से जुडे न्यायिक अधिकारी नवीन किलानया ने कहा कि नागालैंड और आसपास के राज्यों में पंजीकृत बसें राज्य में चल रही है। इसे लेकर एसओजी में भी मामला दर्ज है। इस पर राज्य प्राधिकरण के सदस्य सचिव अत्री ने कहा कि एसओजी में कार्रवाई नहीं हो रही है तो उसे भी गंभीरता से देखा जाएगा। उन्होंने जिला प्राधिकरणों के सचिवों से यह भी कहा कि यदि लोक परिवहन (निजी) की बसों में भी नियमों की पालना नहीं हो रही है तो अभियान के दूसरे चरण में उनकी भी जांच की जाए।
मथुरा में 45 मिनट की बारिश से जलभराव:शहर की सड़कें बनीं तालाब, निगम के दावे फेल
मथुरा में मंगलवार दोपहर 45 मिनट की तेज बारिश ने मथुरा-वृंदावन नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में कमर तक पानी भर जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद भूतेश्वर रेलवे पुल, कंकाली रोड, नया बस स्टैंड, होली गेट और महोली रोड सहित कई प्रमुख स्थानों पर गंभीर जलभराव देखा गया। सड़कों पर पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पा रहे थे, जबकि पैदल चलने वाले लोग कमर तक पानी में चलने को मजबूर थे। सभी दावे खोखले साबित स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव की यह समस्या वर्षों पुरानी है। हर साल बरसात से पहले नगर निगम नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन पहली ही तेज बारिश में ये सभी दावे खोखले साबित हो जाते हैं। भूतेश्वर रेलवे पुल, कंकाली रोड और नया बस स्टैंड क्षेत्र में स्थिति सबसे खराब थी, जहां लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ा। कई स्थानों पर खुले मैनहोल और पानी के तेज बहाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रही। नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से केवल दावे और आश्वासन देने के बजाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे शहरवासियों और श्रद्धालुओं को हर बारिश में होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सकेगी।
कैथल जिले में सीवन थाना के तहत आने वाले एक गांव में करीब 22 वर्षीय विवाहिता का रास्ता रोककर उससे छेड़खानी करने, अश्लील इशारे करने और कपड़े फाड़ने का मामला सामने आया है। जब विवाहिता ने घर आकर इस बारे में परिवार को बताया। इस दौरान आरोपियों के घर परिजनों ने उलाहना दिया तो बाद में घर में घुसकर उन पर डंडे और गंडासियों से हमला कर दिया। इस संबंध में विवाहिता ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। रास्ता रोककर अश्लील इशारे किए विवाहिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गृहिणी है। गांव का जसविंद्र नामक युवक पिछले करीब एक माह से उसका पीछा कर रहा है। उसका रास्ता रोककर अश्लील इशारे करता है। उसने कई बार आरोपी को ऐसा नहीं करने बारे कहा, लेकिन वह नहीं माना। सोमवार को वह अपने किसी काम से बाहर गई हुई थी। जब रात करीब 8 बजे वह अपने घर वापस लौट रही थी तो आरोपी जसविंद्र ने उसका रास्ता रोक लिया। गलत इशारे करते हुए उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। घर आकर परिजनों को बताया वह आरोपी से बचकर अपने घर आ गई। उसने इस बारे में अपने परिवार को बताया। जब उसके परिजन उलाहना देने गए तो आरोपियों ने उन्हें घर से भगा दिया। बाद में जसविंद्र अपने साथी राहुल, गुरजंट, सुखविंद्र और गौरव के साथ मिलकर उनके घर में घुस गया। आरोपियों ने अपने हाथों में डंडे और लाठियां ली हुई थी। घर में आते ही उसके परिवार के सदस्यों से मारपीट की और जानलेवा हमला किया। उसके कपड़े फाड़ दिए। बाद में शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग गए। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच कर रही पुलिस सीवन थाना एसएचओ जयभागवान ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास महिला की शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद दतिया में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंगलवार शाम कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल बानखड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल भारी पुलिस बल के साथ शहर की सड़कों पर उतरे। दोनों अधिकारियों ने फ्लैग मार्च निकालकर चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने का संदेश दिया। फ्लैग मार्च पीतांबरा चौराहे से शुरू हुआ। इसके बाद यह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए किलाचौक पहुंचा। वहां से पुलिस और प्रशासनिक अमला वापस पीतांबरा चौराहे तक पहुंचा। इस दौरान अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर स्वप्निल बानखड़े ने कहा कि विधानसभा उपचुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। एसपी बोलीं- शांति भंग की तो कड़ी सजा मिलेगीवहीं, एसपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि चुनावी माहौल बिगाड़ने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के संवेदनशील मतदान केंद्रों और प्रमुख इलाकों में भी लगातार फ्लैग मार्च और पुलिस गश्त की जाएगी, ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। चुनावी गतिविधियां तेज होने के साथ ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है।
हरदोई के एसपी अशोक कुमार मीणा ने मंगलवार शाम 8 बजे सवायजपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक रंजीत कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पीड़िता के बयान उसके भाई और वादी के पक्ष में दिलाए जाने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में की गई। उपनिरीक्षक रंजीत कुमार चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने थाने में दर्ज एक मुकदमे में पीड़िता के बयान को प्रभावित करने के लिए उत्कोच (रिश्वत) की मांग की और उसे स्वीकार किया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक हरदोई ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उपनिरीक्षक को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों से निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की जाती है। इसके साथ ही, जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी प्रकार की उदासीनता या शिथिलता न बरतें। यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता अथवा कर्तव्य के प्रति लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हरदोई पुलिस की इस कार्रवाई को विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जांच निष्पक्ष ढंग से पूरी की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुरादाबाद के गोकुलदास हिंदू महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने फ्रांस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत कर शहर का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने 24 जुलाई 2026 को पेरिस के Ibis Styles Paris Vlizy में विश्व आयुष फाउंडेशन द्वारा आयोजित सम्मेलन में भाग लिया। प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने 'Yoga in Global Interface: Intersecting Ancient Wisdom with Contemporary Relevance' विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने भारतीय योग परंपरा और अंग्रेजी साहित्य के बीच संबंधों को विस्तार से रेखांकित किया। योग और भारतीय दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर रखा पक्ष अपने शोध पत्र में प्रोफेसर मेहरोत्रा ने बताया कि योग भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों का अभिन्न हिस्सा रहा है। प्राचीन काल से महर्षियों और योगियों द्वारा इसका अभ्यास किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, श्री अरविंद और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान विचारकों ने भारतीय योग दर्शन को पश्चिमी देशों तक पहुंचाया, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति वैश्विक रुचि बढ़ी। कई प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं का किया उल्लेख अपने शोध में उन्होंने टी.एस. इलियट, डब्ल्यू.बी. यीट्स, आर.डब्ल्यू. इमर्सन, एच.डी. थोरो, विलियम वर्ड्सवर्थ, सैमुअल टेलर कोलरिज, राजा राव, आर.के. नारायण, अवनी दोशी, मैट हेग और मेग मेसन जैसे प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं में योग, भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक चेतना के विभिन्न आयामों को अभिव्यक्त किया है। उन्होंने टी.एस. इलियट की प्रसिद्ध कृति 'द वेस्ट लैंड' का भी उल्लेख किया, जिसमें भारतीय वेदों और उपनिषदों के विचारों की झलक दिखाई देती है। सम्मेलन में मिली सराहना अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा के शोध पत्र की विद्वानों ने सराहना की। इस दौरान उन्होंने एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता भी की। उनकी इस उपलब्धि पर गोकुलदास हिंदू महिला महाविद्यालय परिवार, सहयोगियों, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी।
शेयर मार्केट में ऑनलाइन निवेश कर लाखों रुपए कमाने का झांसा देने वाले चार साइबर ठगों को टोंक डीएसटी और साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में विकास मीणा, छोटूलाल मीणा, भीमसिंह मीणा और खुशीराम मीणा हैं। आरोपी टोंक और सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों से 14,610 रुपए, चार मोबाइल और दो लग्जरी कारें भी जब्त की गई हैं। आरोपियों के खिलाफ साइबर पोर्टल पर 49 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी आमजन को रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी चार्ज और जॉब के नाम पर ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस टीम ने कार्रवाई एसपी रोशन मीणा के निर्देशन में की। पुलिस ने बताया कि आरोपी आमजन को शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए मनी डबल करने का लालच देकर शेयर मार्केट के डीमैट अकाउंट हैंडल करते थे। टिप देकर ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर पैसे ऐंठते थे। पैसे लेने के बाद झांसे में आए लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी चार्ज और अन्य फीस के नाम पर रुपए वसूलते थे। इसके अलावा जॉब दिलाने के नाम पर भी पैसे लेते थे। आरोपी मोबाइल फोन में कई फर्जी मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर ऑनलाइन साइबर ठगी को अंजाम देते थे। वे लोगों को मुनाफे का लालच देकर म्यूल बैंक खातों से अनुचित लाभ प्राप्त कर ठगी करते शेथे। इन्हें किया गिरफ्तारपुलिस ने विकास(25) पुत्र ग्यारसीलाल मीणा निवासी खोहल्या, पुलिस थाना बनेठा, जिला टोंक, छोटूलाल(26) पुत्र शंकरलाल मीणा निवासी खोहल्या, पुलिस थाना बनेठा, जिला टोंक, भीम सिंह(25) पुत्र सीताराम मीणा निवासी भूखा, पुलिस थाना मलारना डूंगर, जिला सवाई माधोपुर, हाल प्लॉट नंबर 17, मीणा कॉलोनी, पुलिस थाना मानटाउन, जिला सवाई माधोपुर और खुशीराम(24) पुत्र ओमप्रकाश मीणा निवासी बेलनगंज, बाबई, पुलिस थाना इंद्रगढ़, जिला बूंदी को गिरफ्तार किया है।
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले को लेकर हरदा में कांग्रेस ने मंगलवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकारी दफ्तरों के बजाय कोर्ट के सामने स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान को प्रतीकात्मक ज्ञापन सौंपा। साथ ही सरकार को सद्बुद्धि देने और मामले में उचित कार्रवाई की प्रार्थना की। मंगलवार शाम हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना की कि सरकार को सद्बुद्धि मिले और राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों में दोषियों पर कार्रवाई हो। विधायक बोले- दोषियों को काला पानी की सजा मिलेब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। हरदा विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने इस घटना को श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले के दोषियों को 'काला पानी की सजा' मिलनी चाहिए। कांग्रेस का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बागपत एसपी सूरज राय ने मंगलवार शाम को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। इस दौरान 11 इंस्पेक्टरों और 2 दरोगाओं का तबादला किया गया है। सभी अधिकारियों को तत्काल अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। तबादलों की सूची के अनुसार, सिंघावली अहीर थाना प्रभारी मनोज चहल को बागपत कोतवाली का नया प्रभारी बनाया गया है। खेकड़ा कोतवाली के प्रभारी प्रभाकर केन्तुरा को छपरौली थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि छपरौली थाना प्रभारी आशीष कुमार को खेकड़ा कोतवाली का प्रभारी नियुक्त किया गया है। रमाला थाने पर तैनात सूर्यदीप को सिंघावली अहीर थाना प्रभारी बनाया गया है। एएचटी प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार को रमाला थाने की जिम्मेदारी दी गई है। मॉनिटरिंग सेल प्रभारी राकेश कुमार को थाना चांदीनगर का प्रभार सौंपा गया है। प्रभारी सर्विलांस सेल पर तैनात दरोगा संजय कुमार को बालेनी थाने का प्रभारी बनाया गया है। बालेनी थाने में तैनात इंस्पेक्टर शिवदत्त को प्रभारी रीट सेल/आरटीआई प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना कुलदीप कुमार को प्रभारी सर्विलांस सेल नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, छपरौली थाने में तैनात क्राइम इंस्पेक्टर अश्विनी को बागपत क्राइम इंस्पेक्टर बनाया गया है। प्रभारी रीट सेल/आरटीआई महेंद्र सिंह को प्रभारी निरीक्षक एएचटी का कार्यभार दिया गया है, और बागपत कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर बृजेश कुमार को प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना नियुक्त किया गया है।
पलवल में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस के ईएसआई होशियार सिंह को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। होशियार सिंह ईआरवी का प्रभारी था और चांदहट थाना में तैनात था। ईएसआई होशियार सिंह पर हरियाणा पुलिस के पूर्व एएसआई हंसराज से हनीट्रैप मामले में समझौता कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। हंसराज ने इस संबंध में फरीदाबाद विजिलेंस को शिकायत दी थी। समझौता कराने के नाम पर मांगे रुपए यह मामला वर्ष 2023 में पलवल के कैंप थाना में दर्ज हनीट्रैप प्रकरण से जुड़ा है। इस मामले में ईएसआई होशियार सिंह खुद शिकायतकर्ता थे। बाद में सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिसकर्मी हंसराज का नाम भी मामले में जोड़ा गया था। हंसराज वर्तमान में कोर्ट से जमानत पर हैं। आरोपी ईएसआई इसी मामले में समझौता कराने के बहाने हंसराज से दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। हंसराज की शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने प्रारंभिक जांच की और फिर एक योजनाबद्ध ट्रैप लगाया। कार्रवाई के दौरान, ईएसआई होशियार सिंह को दो लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार करते समय मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
सीतापुर में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मंगलवार रात करीब 9 बजे हुई झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम तक गर्मी और उमस से लोग बेहाल थे, लेकिन अचानक मौसम ने करवट ली और बूंदाबांदी के साथ करीब 20 मिनट तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर का मौसम सुहाना कर दिया। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मंगलवार सुबह जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। रात में बारिश शुरू होने के बाद तापमान गिरकर करीब 29 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम में आए इस बदलाव से वातावरण ठंडा हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिली। अचानक हुई बारिश के दौरान बाजारों और सड़कों पर मौजूद लोग भीगते हुए नजर आए। कई लोगों ने बारिश का आनंद लिया, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को बारिश के कारण कुछ देर रुककर इंतजार करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे के दौरान जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग का यदि पूर्वानुमान सही साबित होता है तो अगले एक-दो दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में मंगलवार देर शाम हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर फूलगढ़ गांव के पास सीआईए-1 की टीम और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि एक पुलिसकर्मी के पास से भी गोली निकल गई। गनीमत रही कि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गया। घायल बदमाश को पहले पिहोवा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल आरोपी की पहचान संजय उर्फ दीपू रंधावा निवासी फौजी प्लॉट पिहोवा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 32 बोर की पिस्टल बरामद की है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। सूचना पर पहुंची टीम सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि एक आरोपी पैदल इलाके में घूम रहा है। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर सीधे फायर कर दिए। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। जिप मेंबर की हत्या की कोशिश की बदमाश संजय उर्फ दीपू रंधावा हाल ही में पिहोवा निवासी एक फौजी के प्लॉट में हुए जानलेवा हमले के मामले में वांछित था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जिला परिषद (जिप) के मेंबर सचिन कुमार निवासी सतोड़ा की हत्या की कोशिश की थी। इस वारदात के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। फायरिंग में टांग में लगी गोली मुठभेड़ के दौरान आरोपी की ओर से 3 राउंड फायरिंग की गई। इसमें एक गोली सीआईए टीम के एक पुलिसकर्मी के बेहद करीब से निकल गई। हालांकि पुलिसकर्मी को कोई चोट नहीं आई और वह सुरक्षित बच गया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर चेतावनी देने के लिए हवाई फायर किया। बाद में टीम ने उसकी टांग में गोली मारकर उसे काबू किया।
संभल में प्रशासन ने बिना लेआउट पास कराए की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह मल्ली सराय क्षेत्र में लगभग 50 बीघा भूमि पर करोड़ों रुपये की अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को मिली मौखिक शिकायत के बाद की गई। शिकायत मिलने पर संभल की एसडीएम निधि पटेल ने विनिमय क्षेत्र के अवर अभियंता सचिन कुमार को मल्ली सराय में अवैध प्लॉटिंग की जांच के लिए भेजा। जांच में पुष्टि हुई कि बिना लेआउट पास कराए और मानकों के विपरीत छोटे रास्तों पर प्लॉटिंग की जा रही थी। रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया और उनके निर्देश पर अवैध निर्माण व बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान प्लॉटिंग करने वाला कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया। एसडीएम निधि पटेल ने बताया कि मल्ली सराय शहरी इलाके के विनिमित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पिछले कुछ दिनों से यहां बिना लेआउट और नक्शा पास कराए प्लॉटिंग की शिकायतें मिल रही थीं। इसी क्रम में 15 दिन पहले भी एक अभियान चलाया गया था, जिसमें ऐसी अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया था। उन्होंने बताया, यह दूसरी बार है जब अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान चलाया गया है। इस बार लगभग 40 से 50 बीघा जमीन पर हो रही अवैध प्लॉटिंग और उसकी नींवों को ध्वस्त किया गया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, जिससे अवैध निर्माण गतिविधियों में कमी आएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तुलसियानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक और दीवानी विवादों को आपराधिक स्वरूप देकर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती। न्यायालय ने विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए), लखनऊ द्वारा 30 जनवरी 2026 को पारित संज्ञान एवं समन आदेश को भी निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि विवाद की जड़ बैंक, बिल्डर और फ्लैट खरीदारों के बीच वित्तीय एवं संविदात्मक दायित्वों से जुड़ी है। ऐसे दीवानी या संविदात्मक विवादों को आपराधिक मामला बनाकर पीएमएलए की कार्यवाही शुरू करना कानून की मंशा के अनुरूप नहीं है। पीएमएलए का उद्देश्य ऐसे विवादों का निस्तारण करना नहीं है। पीएनबी ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट इस मामले की शुरुआत पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की एक एफआईआर से हुई थी। बैंक ने आरोप लगाया था कि बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों के नाम पर स्वीकृत होम लोन की राशि प्राप्त करने के बावजूद समय पर फ्लैट उपलब्ध नहीं कराए, जिससे बैंक को वित्तीय नुकसान हुआ। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ शिकायत दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि जिन चार ऋण खातों को आधार बनाकर ईडी ने कार्रवाई की थी, उनमें से एक खाता कभी एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) नहीं हुआ था। दो खातों का निपटारा हो चुका था, जबकि चौथे खाते में भी वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) हो चुका था। इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि विवाद का स्वरूप स्पष्ट रूप से दीवानी और व्यावसायिक था, न कि आपराधिक। न्यायालय ने ईडी द्वारा वर्ष 2012 में खरीदी गई संपत्ति की कुर्की पर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि कथित अनुसूचित अपराध वर्ष 2022 का बताया गया है, जबकि संपत्ति 2012 में खरीदी गई थी। ऐसे में उस संपत्ति को अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने विशेष अदालत की कार्यवाही पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों की आपत्तियों पर बिना ठोस कारण दर्ज किए संज्ञान लेना न्यायिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था।
गुमला जिले के पालकोट मुख्य बाजार में मंगलवार शाम माही ज्वेलर्स के मालिक से हथियार के बल पर लाखों रुपए के आभूषण लूट लिए गए। इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। इधर, पुलिस अपराधियों की तलाश में जुट गई है। दरअसल, माही ज्वेलर्स के संचालक मनीष सोनी (पिता- विष्णु सोनी) मंगलवार देर शाम अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से पालकोट बस्ती स्थित अपने निवास जा रहे थे। भीमो कंसारी के घर के पास, जो एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, पहले से घात लगाए बैठे तीन अपराधियों ने उन्हें रोक लिया। लूट के विरोध में की हवाई फायरिंग अपराधियों ने पिस्तौल दिखाकर मनीष सोनी को डराया और सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग छीन लिया। लूटे गए आभूषणों की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपए बताई जा रही है। जब मनीष सोनी ने विरोध करने का प्रयास किया, तो अपराधियों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। पुलिस सघन तलाशी अभियान चला रही वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों अपराधी एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर पालकोट बस स्टैंड होते हुए गुमला की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पालकोट पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा संभावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बताते चलें कि इससे पहले भी माही ज्वेलर्स की दुकान में लूट की घटना हो चुकी है। लगातार दूसरी बार हुई इस वारदात ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को ही अंकित राज ने पालकोट थानेदार के रूप में पदभार संभाला था।
उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी राजस्थान ने एक आरोपी को 3 जुलाई को गिरफ्तार किया। आरोपी भवानी शर्मा (28) पुत्र इंद्रचंद शर्मा निवासी ओम विहार कॉलोनी जिला कोटपूतली-बहरोड़ पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जांच में सामने आया कि आरोपी भवानी ने परीक्षा से पहले तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक कराए प्रश्न-उत्तर पढ़कर लिखित परीक्षा दी थी। गिरफ्तार आरोपी भवानी को कोर्ट में मंगलवार को पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया- पुलिस थाना एसओजी में दर्ज मामले की जांच के दौरान जानकारी मिली कि SI भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा से पहले भवानी शर्मा को उसके रिश्ते में मौसा संदीप कुमार लाटा ने लीक प्रश्न-उत्तर पढ़वाए थे। संदीप कुमार लाटा वित्त भवन जयपुर स्थित कोष और लेखा विभाग में सहायक लेखाधिकारी प्रथम के पद पर कार्यरत थे। जांच के अनुसार- संदीप कुमार लाटा को तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले लीक प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराए थे, जिन्हें उसने भवानी शर्मा को पढ़ाया। लिखित परीक्षा में अच्छे मॉर्क्स आए, फिटनेस टेस्ट में फेल जांच में यह भी सामने आया कि लीक प्रश्नों की मदद से भवानी शर्मा ने लिखित परीक्षा में हिंदी विषय में 200 में 178.13 अंक और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में 165.14 अंक प्राप्त किए थे। हालांकि वह फिटनेस टेस्ट में फेल हो गया था। इस कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका। एसओजी के अनुसार- भवानी शर्मा लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। अब तक 150 आरोपी गिरफ्तार महानिरीक्षक पुलिस (एसओजी) अजयपाल लांबा, उपमहानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने 3 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद 7 जुलाई को उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। एसओजी ने बताया- SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में अब तक 150 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह खबर भी पढ़ें... एसआई भर्ती री-एग्जाम: 2021 के सभी कैंडिडेट्स दे सकेंगे परीक्षा:आवेदन अपडेट करना जरूरी, ओटीपी वैरिफिकेशन नहीं किया तो रिजेक्ट होगा फॉर्म राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 की री-एग्जाम में आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स को शामिल होने का मौका दिया है। 2021 की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थी फिर एग्जाम दे पाएंगे। (पूरी खबर पढ़ें)
उफनते नाले में बाइक समेत बहे युवक की मौत:धार में तेज बहाव के बीच नाला पार करने की कर रहा था कोशिश
धार जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम लबरावदा में मंगलवार को उफनते नाले में बह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। तेज बारिश के कारण नाले का जलस्तर बढ़ गया था। नाला पार करते समय वह बाइक सहित तेज बहाव की चपेट में आ गए। मृतक की पहचान 40 वर्षीय देव सिंह परमार, निवासी ग्राम तोरनोद के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, देव सिंह गरड़ावद में अपने एक रिश्तेदार से मिलने गए थे। बाइक समेत पानी में बहागरड़ावद से अपने गांव तोरनोद लौटते समय लबरावदा के पास नाले में तेज बहाव था। इसी दौरान उन्होंने बाइक से नाला पार करने का प्रयास किया। तभी वह बाइक सहित पानी में बह गए। घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद देव सिंह को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए धार जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नौगांव थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर वायरल हो रही सौरभ हत्याकांड केस से जुड़ी वीडियो ने इन दिनों खलबली मचाई है। इन वीडियो में दिखाया गया है कि कोर्ट ने साहिल और मुस्कान को सजा सुना दी है। मंगलवार को भी ऐसी ही एक वीडियो चर्चाओं में आ गई। हालांकि कुछ देर बाद ही इन वीडियो के फेक होने का सच सामने आ गया। फिलहाल नीला ड्रम केस में आखिरी बहस जारी है। वादी पक्ष के शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे के बाद बचाव पक्ष की अधिवक्ता रेखा जैन का प्राइमरी आर्गुमेंट कर रही हैं। लगातार सुनवाई हो रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि माह के अंत तक केस में निर्णय सुनाया जा सकता है। मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 3 मार्च, 2025 को दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या कर उसके शव को कई टुकड़ों में बाटकर नीले ड्रम में भरते हुए सीमेंट के घोल से जमा दिया गया। दरअसल, सौरभ लंदन में था और वह मौत से एक माह पहले ही अपनी बेटी पीहू का जन्म दिन मनाने के लिए घर लौटा था। हत्या सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तौगी ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया। केस में फाइनल बहस जारी सौरभ हत्याकांड में इन दिनों जिला जज की कोर्ट में फाइनल बहस चल रही है। अभी तक सौरभ की तरफ से सरकारी अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे केस में जिरह करते हुए अपना पक्ष रखते आ रहे थे। उनकी प्राइमरी आर्गुमेंट पूरी हो गई। इसमें सौरभ के निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह भी जिरह कर चुके हैं। हालांकि उन्हें बचाव पक्ष की अधिवक्ता के बाद भी पक्ष रखने का मौका मिलेगा, जिसको लेकर वह तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह केस समाज के लिए नजीर बनेगा। बचाव पक्ष की जिरह शुरु सौरभ पक्ष के अधिवक्ता प्राइमरी आर्गुमेंट की प्रक्रिया को पूर्ण कर चुके हैं। अब साहिल-मुस्कान की तरफ से सरकारी वकील रेखा जैन प्राइमरी आर्गुमेंट कर रही हैं। उन्होंने मुकदमे की तहरीर, जीडी रिकार्ड और एफआईआर से शुरुआत की और तमाम सवाल खड़े किए। इसके बाद उन्होंने अभियोजन साक्षी प्रथम रहे बबलू कुमार से शुरुआत की है और उनके बयानों में खामियां निकालीं। बबलू कुमार मृतक सौरभ के भाई हैं। मंगलवार को भी प्राइमरी आर्गुमेंट जारी रही, जिसमें रेखा जैन ने अभियोजन साक्षी थाने के दीवान ब्रजेश कुमार के द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। ब्रजेश के द्वारा ही तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिला जज की कोर्ट सुनाएगी फैसला सौरभ हत्याकांड से जुड़ी सुनवाई की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। कोर्ट हर दिन सुनवाई कर रहा है ताकि जल्द से जल्द बहस पूरी हो और निर्णय सुनाया जा सके। बुधवार को भी सुनवाई होगी। जिला जज अभी तक केस से जुड़े सभी 22 गवाहों को सुन चुके हैं। रेखा जैन का पक्ष सुनने के बाद ही सौरभ राजपूत के निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह को क्रॉस क्वश्चन का मौका मिलेगा, जिसके आधार पर जिला जज अपना निर्णय सुना सकते हैं। केस से जुड़ी फेक वीडियो से हड़कंपसौरभ हत्याकांड पर फैसला अभी आया नहीं है लेकिन इस केस से जुड़ी कुछ फेक वीडियो इन दिनों खलबली मचाए हुए हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर कुछ वीडियो अपलोड की जा रही हैं, जिनमें कभी साहिल तो कभी मुस्कान को सजा सुनाए जाने का जिक्र किया गया है। मंगलवार को भी इसी तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। हालांकि बाद में यह पोस्ट भी फेक ही साबित हुईं।
जलती मोमबत्ती से घर में लगी आग:5 लाख का सामान जलकर राख, एक घंटे में फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
देवरिया के खीरी मोहल्ले में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे जलती मोमबत्ती से एक मकान में आग लग गई। जिससे पांच लाख रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और टाउन एरिया की टीम ने आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह आग खीरी मोहल्ला निवासी मैनु कुरैशी के घर में लगी। बताया गया कि सिलाई मशीन के पास जलाई गई मोमबत्ती से आग भड़की। देखते ही देखते आग ने पूरे कमरे और फिर घर के अन्य हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत घर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना मिलते ही कस्बा चौकी प्रभारी कमलेश यादव मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। उनके बाद प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टाउन एरिया की पानी टैंकर गाड़ी को बुलाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। इसी बीच, तेज बारिश शुरू हो गई, जिसने आग पर काबू पाने में मदद की। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। इस अग्निकांड में घर में रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, बेड, कुर्सियां और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने पुष्टि की कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। सकरी गली से दमकल आने में हुई दिक्कत घटनास्थल तक पहुंचने में दमकल के अभाव में टाउन एरिया की पानी टैंकर गाड़ी को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खीरी मोहल्ले की गली अत्यंत संकरी होने के कारण वाहन अंदर तक नहीं पहुंच सका, जिससे आग बुझाने में कुछ देर हुई। स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से किसी तरह आग पर काबू पाया गया। मेन बाजार से महज 10 मीटर दूर हादसा आग लगने का स्थान मुख्य बाजार से लगभग 10 मीटर की दूरी पर स्थित है। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में भी कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आग आसपास की दुकानों और मकानों तक फैल सकती थी।
विदिशा के सिविल लाइन थाने में भरण-पोषण विवाद की समझाइश के लिए बुलाए गए एक युवक ने थाना परिसर में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना मंगलवार की है। युवक की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे तुरंत अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। सिविल लाइन थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने बताया कि पूरनपुरा निवासी एक महिला ने अपने पति आकाश प्रजापति के खिलाफ भरण-पोषण की राशि नहीं देने की शिकायत की थी। इसी मामले में मंगलवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। बातचीत के दौरान पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद आकाश प्रजापति थाना परिसर से गया और अपने पास रखे कथित जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ते ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। भरण-पोषण नहीं देने पर दोबारा की थी शिकायतपुलिस के अनुसार, महिला ने पहले अपने पहले पति से अलग होने के बाद आकाश प्रजापति से कोर्ट मैरिज की थी। वर्ष 2020 में दोनों के बीच विवाद हुआ और वे अलग रहने लगे। इसके बाद महिला ने न्यायालय में भरण-पोषण का मामला दायर किया। आकाश कुछ समय तक भरण-पोषण की राशि देता रहा, लेकिन हाल ही में भुगतान बंद होने पर महिला ने दोबारा शिकायत दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने बताया कि आकाश प्रजापति का मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
KGMU के ट्रॉमा सेंटर में रास्ते से एंबलेंस हटाने की बात पर चालकों के बीच में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। विवाद में एक एंबलेंस के लोगों ने दसरे चालक को डंडे से पीट दिया। मौजूद तीमारदारों और कर्मचारियों ने आरोपियों के चंगल से किसी तरह से चोटिल चालक को बचाया। पीड़ित चालक ने आरोपी 108 एंबूलेंस के चालक और एमटी के खिलाफ सोमवार को चौक कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। चालक की पहचान नाका के हरीनगर दगावां निवासी राहल राजपूत KGMU की एंबुलेंस के चालक हैं। शुक्रवार की रात करीब पौने एक बजे वह ट्रॉमा सेंटर से यूरोलॉजी विभाग में मरीज लेकर गए थे। मरीज उतारने के लिए डॉ. अमित नायर स्टेचर लेने चले गए। आरोप है कि इसी बीच पीछे से 108 एंबूलेंस UP 32 FG 1365 लेकर चालक दिनकर और एमटी चमन पहंचे। आरोप है कि दिनकर और चमन ने उन पर एंबलेंस को तूरंत हटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। एंब्लेंस में मरीज होने की बात कहने पर आरोपियों ने उनको गालियां देनी शूरू कर दी। बचाव में तीमारदारों की भूमिका विरोध करने पर आरापियों ने डंडे से राहुल पर हमला कर दिया। राहल के सिर, मूंह पर वार कर दिया। इससे राहल के जबड़े और मुंह से खून निकलने लगा। खून निकलता देख उधर से गुजर रहे तीमारदारों और द्सरे कर्मचारियों ने बीच बचाव कर किसी तरह से राहुल को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। राहुल को तूरंत पीआरओ कार्यालय के पास प्लिस चौकी पहंचाया गया। शांतिभंग के तहत हुई कार्रवाई KGMU चौकी प्रभारी इंद्र बहादर ने बताया कि आरोपियों पर शांतिभंग के तहत कार्रवाई की गई है। राहुल ने इस मामले में चौक कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई है।
मंडला जिले में मंगलवार को महाराजपुर और मंडला को जोड़ने वाले नर्मदा नदी पुल पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति पुल के पिलरों के बीच बनी बेहद खतरनाक और खाली जगह पर जा पहुंचा। स्थानीय लोगों की सूचना पर होमगार्ड और एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम तुरंत रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची। पुल के संकरे हिस्से में फंसे व्यक्ति को निकालने के लिए एसडीईआरएफ के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद सावधानी से बचाव अभियान (रेस्क्यू) शुरू किया। जवान जैसे ही उस व्यक्ति को सुरक्षित पकड़ने के बेहद करीब पहुंचे, तभी उसने अचानक नीचे उफनती हुई नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। बारिश के कारण नदी का बहाव अत्यंत तेज था, जिसके चलते वह व्यक्ति पलक झपकते ही पानी की लहरों में बह गया और लापता हो गया। घटना के फौरन बाद जवानों ने बोट की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चल सका। पिछले साल भी इसी जगह से किया गया था रेस्क्यू होमगार्ड कमांडेंट नरेश साहू ने मामले की चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि नदी में कूदने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर लग रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले साल जुलाई के महीने में भी यही व्यक्ति ठीक इसी जगह पर जाकर फंस गया था। तब एसडीईआरएफ की टीम ने एक बेहद कड़े और मुश्किल ऑपरेशन के बाद उसकी जान सुरक्षित बचाई थी। इस बार भी जवानों ने सुरक्षा के सारे पुख्ता इंतजामों के साथ उसे बचाने की कोशिश की थी, लेकिन युवक के आत्मघाती कदम के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। पुल के सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल हादसे के बाद मंडला के इस प्रमुख नर्मदा पुल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जब पिछले साल भी ठीक इसी पिलर के पास ऐसी ही गंभीर घटना घट चुकी थी, तो प्रशासन ने दोबारा ऐसी चूक होने का इंतजार क्यों किया? पुल के पिलरों के बीच मौजूद इस जोखिमभरे और संवेदनशील हिस्से तक कोई भी आम इंसान इतनी आसानी से कैसे पहुंच पा रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों और खुदकुशी की कोशिशों को रोकने के लिए पुल के खतरनाक हिस्सों पर मजबूत जाली या अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तुरंत तैयार किया जाए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम के ढीले रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने 15 साल की देरी के एक मामले में नगर निगम कमिश्नर को 20 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने किरण और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सख्त रुख अपनाया। याचिकाकर्ताओं के वकील ऋषि सोनी ने कोर्ट को बताया कि साल 2011 में नगर निगम की एक संपत्ति के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी। पूरी रकम जमा कराने के बावजूद, उन्हें पिछले 15 सालों से न तो जमीन का कब्जा दिया गया और न ही रजिस्ट्री की गई। कोर्ट ने कहा- ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की नगर निगम के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि जमीन पर अवैध कब्जा हो गया है। उन्होंने हाल ही में 5 जुलाई 2026 को अखबार में एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए पूछा कि जमीन के रखवाले होने के नाते एक दशक से अधिक समय तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। कोर्ट ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों के नाम मांगे हाईकोर्ट ने नगर निगम को साल 2011 से लेकर अब तक पद पर रहे उन सभी अधिकारियों के नाम सौंपने का निर्देश दिया है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। कमिश्नर को अब कोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि इन लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नामजद कार्रवाई क्यों न की जाए और उनके खिलाफ कड़े अनुशासनात्मक कदम क्यों न उठाए जाएं।
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS) पिलानी के रिसर्चर्स ने कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। संस्थान की टीम को स्टैटिक रैंडम-एक्सेस मेमोरी (SRAM) मैक्रो डिवाइस पर पेटेंट मिला है। यह नई टेक्नोलॉजी डुअल-पोर्ट इन-मेमोरी कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी पर तैयार है, जिससे भविष्य में तेज स्पीड, बेहतर परफॉर्मेंस और कम बिजली खर्च करने वाले कंप्यूटर सिस्टम्स के लिए काफी अहम साबित हो सकती है। एक साथ डेटा स्टोर और प्रोसेस करने की सुविधा इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डेटा को स्टोर करने और प्रोसेस करने का काम पहले से कहीं ज्यादा तेज़ी से किया जा सकता है। इसमें मेमोरी तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग एक्सेस पाथ दिए गए हैं। इसकी वजह से एक ही समय में डेटा को पढ़ सकता है, लिख सकता है और जटिल जोड़-घटाना लगा सकता है। इससे पूरे सिस्टम की स्पीड और काम करने की क्षमता बढ़ जाती है। डेटा कम ट्रांसफर होगा, बिजली की भी होगी बचत आमतौर पर कंप्यूटर में डेटा को मेमोरी से प्रोसेसर तक बार-बार भेजना पड़ता है। इस प्रक्रिया में समय भी ज्यादा लगता है और बिजली की खपत भी बढ़ती है। लेकिन इस नई टेक्नोलॉजी में डेटा की प्रोसेसिंग मेमोरी के अंदर या उसके बिल्कुल पास ही हो जाती है। इससे डेटा ट्रांसफर कम होता है, सिस्टम तेज़ चलता है और कम बिजली में ज्यादा काम कर पाता है। साथ ही हार्डवेयर का भी बेहतर इस्तेमाल होता है। AI और हाई-स्पीड कंप्यूटिंग में होगा बड़ा इस्तेमाल यह टेक्नोलॉजी उन कंप्यूटर सिस्टम्स के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जा रही है, जहां कम बिजली खर्च करते हुए हाई परफॉर्मेंस की जरूरत होती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डेटा प्रोसेसिंग और हाई-स्पीड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल भविष्य में काफी फायदेमंद हो सकता है। खासकर उन सिस्टम्स में, जहां मेमोरी की स्पीड और डेटा ट्रांसफर सबसे बड़ी चुनौती होती है। चार रिसर्चर्स की टीम ने किया यह इनोवेशन इस इनोवेशन के पीछे BITS पिलानी के चार रिसर्चर्स की टीम का योगदान है। इसमें डॉ. नितिन चतुर्वेदी, डॉ. कनिका मोंगा, प्रो. एस. गुरुनारायणन और डॉ. मीथा शेनॉय शामिल हैं। सभी के संयुक्त प्रयास से विकसित इस टेक्नोलॉजी को अब पेटेंट मिलने के बाद कंप्यूटर और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस उपलब्धि के पीछे BITS पिलानी के शोधकर्ताओं की एक टीम है। इसमें डॉ. नितिन चतुर्वेदी, डॉ. कनिका मोंगा, प्रो. एस. गुरुनारायणन और डॉ. मीथा शेनॉय शामिल हैं। उनके संयुक्त प्रयासों से यह नवाचार संभव हो पाया है।
हरदोई। कासिमपुर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार शाम करीब 5 बजे जच्चा और नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर करीब 30 मिनट में जाम खुल सका। कासिमपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर ब्रह्मनान निवासी दिनेश कुमार की 27 वर्षीय पत्नी सीमा को मंगलवार सुबह करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर बेहंदर लाया गया था। उन्हें कासिमपुर बेहंदर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय 2,500 रुपये फाइल चार्ज के नाम पर लिए गए, और बाद में इलाज के दौरान 60,000 और 20,000 रुपये की जमा कराए। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और समय पर सही उपचार न मिलने के कारण ही जच्चा-बच्चा की जान गई है। उन्होंने बताया कि प्रसव के दौरान पहले नवजात शिशु की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। कुछ ही समय बाद प्रसूता सीमा ने भी दम तोड़ दिया। सीमा के दो बच्चे हैं। उनके पति दिल्ली में काम करते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष पीपी सिंह ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने जाम समाप्त किया।
इंदौर-महू के बीच संचालित डेमू ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि ट्रेन के लोको पायलट ने रास्ते में समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी। मामला सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो राऊ के रंगवासा रोड क्षेत्र का बताया जा रहा है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन यहां अक्सर कुछ मिनटों के लिए रुकती है। दावा किया गया है कि लोको पायलट ट्रेन से उतरकर पास की दुकान से समोसे खरीदने जाता है, जिससे ट्रेन करीब 10 मिनट तक रुकी रहती है। रहवासियों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल बताया जा रहा है कि क्षेत्र के लोगों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मामला चर्चा का विषय बन गया और रेलवे प्रशासन तक पहुंच गया। रेलवे ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले पर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि लोको पायलट ने बिना किसी अधिकृत कारण, सिग्नल या परिचालन संबंधी आवश्यकता के ट्रेन रोकी और निजी कार्य के लिए केबिन से बाहर निकला, तो रेलवे नियमों के तहत उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल रेलवे प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रेन परिचालन संबंधी कारणों से रुकी थी या फिर वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही हैं।
भिवानी के तोशाम से एसडीएम संदीप कुमार ने मंगलवार को स्थानीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत अधिकारी-एक दिन शिक्षक अभियान शुरू की। हरियाणा सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई पहल शुरू की है। नई शिक्षा नीति के तहत अब आईएएस और एचसीएस अधिकारी स्कूलों में जाकर न सिर्फ व्यवस्था की जांच करेंगे बल्कि बच्चों को कक्षा में पढ़ाएंगे भी। एसडीएम संदीप कुमार महीने में कम से कम एक सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण करके स्कूल में बिल्डिंग, सफाई, मिड-डे मील, टीचर अटेंडेंस और बच्चों की पढ़ाई की स्थिति चेक करके बच्चों को उनकी पसंद के विषय पर एक पीरियड जरूर पढ़ाएंगे। यह लक्ष्य बच्चों को प्रशासन, करियर और मोटिवेशन से जोड़ना है। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार सहित स्कूल प्रिंसिपल व अन्य अध्यापक मौजूद रहे। कमियां 15 दिन में दूर होंगी एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि निरीक्षण के बाद अधिकारी 48 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। कमियों को 15 दिन में दूर किया जाएगा। वहीं अधिकारी अभिभावकों और शिक्षकों से बैठक कर स्कूल की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान का प्रयास करेंगे। इस कदम से अफसरशाही और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी कम होगी। अधिकारी खुद देखेंगे कि सरकारी योजनाएं धरातल पर कैसे काम कर रही हैं। इससे बच्चों को भी बड़े अधिकारियों से सीखने और प्रेरणा लेने का मौका मिलेगा। पहले चरण में ये अभियान 10वीं और 12वीं कक्षा वाले स्कूलों में शुरू किया गया है। धीरे-धीरे इसे सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
छतरपुर जिले के नौगांव में दो साल पहले हुए चर्चित हत्याकांड में अदालत ने 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौगांव द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत ने सभी आरोपियों को दिनदहाड़े एक वृद्ध की हत्या का दोषी मानते हुए अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, घटना 13 जुलाई 2022 को दोपहर करीब 12 बजे धीरजपुर स्थित झिन्ना वाले खेत में हुई थी। शैलेंद्र यादव अपने पिता शंकर यादव के साथ मूंगफली की फसल में दवा डाल रहे थे, जबकि शंकर यादव पास में भैंसें चरा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते करण यादव, देशराज, बुद्धि सिंह, जाहर सिंह, रोहित, महंत, कल्लू, रामलाल, राजू, हल्काई, विशेष और बृजकिशोर यादव वहां पहुंचे और विवाद शुरू कर दिया। लाठी-डंडों और कुल्हाड़ियों से की थी हत्या आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए शंकर यादव पर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ियों, लात-घूंसों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शंकर यादव को नौगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में नौगांव थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, डंडे और मृतक के कपड़े जब्त किए गए। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और अन्य हथियार भी बरामद किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक रवींद्र सिंह सेंगर ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर अदालत ने सभी 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
लखनऊ में संचालित इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर मामले में साइबर क्राइम थाना और क्राइम ब्रांच ने 25 हजार रुपए के इनामी और गिरोह के मुख्य सरगना विनीत वशिष्ट समेत तीन आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाकर पूछताछ की जा रही है। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि एक जुलाई को विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर छापा मारकर 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि गिरोह इंटरनेट कॉलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिका के नागरिकों से साइबर ठगी करता था। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान फरार चल रहे मुख्य आरोपी पर विनीत वशिष्ट पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने मुख्य सरगना विनीत वशिष्ट, नायकर जयराज और रिंकी दास गुप्ता को कोलकाता के एक रिसार्ट से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक आईपैड, दो एप्पल आईफोन और पांच हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। हवाला से होता था पैसों का सेटलमेंटपुलिस जांच में पता चला कि विनीत वशिष्ट, विक्रम परमार और ललित खेराजानी उर्फ रोडी इस अवैध कॉल सेंटर का संचालन करते थे। आरोपी नायकर जयराज ने कॉल सेंटर के कार्यालय का रेंट एग्रीमेंट कराया था, जबकि रिंकी दास गुप्ता ठगी से कमाए गए पैसे का देश और विदेश में हवाला के जरिए सेटलमेंट कराती थी। क्या किसका काम थाविनीत का अहमदाबाद में रियल स्टेट का कारोबार है। विनीत ही कॉल सेंटर चलाने में पैसा इंवेस्ट करता था। वहीं विक्रम परमार और ललित खेराजानी पूरे कॉल सेंटर का रिक्रूमेंट से लेकर ठगी के लेनदेन का संचालन देखते थे। वहीं जयराज और विनीत पुराने दोस्त हैं, जयराम के नाम पर ऑफिस एग्रीमेंट था। जिसका उसको कट दिया जाता था। वहीं रिंकी विनीत की गर्लफ्रेंड है। जो हवाला के जरिए पैसे का सेटलमेंट कराती थी। रिंकी का कोलकाता में सैलून और टॉकसिक नाम से एक बार है। एडीसीपी किरण यादव का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मुख्य आरोपी चार्ल्स का पता किया जा रहा है।
शाहजहांपुर में सौतेले पिता पर दुष्कर्म और गर्भपात का आरोप लगाने वाली पीड़िता मंगलवार शाम 7 बजे तक मेडिकल परीक्षण कराने नहीं पहुंची। वहीं, आरोपी की पत्नी ने अपनी बेटी, दामाद और अन्य तीन के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पीड़िता ने रविवार को सिंधौली थाने में तहरीर देकर अपने सौतेले पिता पर तीन वर्ष से दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस आरोपी सौतेले पिता को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। रविवार की रात 1 बजे उसकी तबीयत बिगड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने 1 बजकर 40 मिनट पर उसे मृत घोषित कर दिया था। आरोपित के विरुद्ध तहरीर के आधार पर दुष्कर्म समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। सोमवार की शाम आरोपी सौतेले पिता का अंतिम संस्कार किया गया था। मंगलवार की शाम चार बजे मृत आरोपी की पत्नी ने पुलिस को तहरीर दी। उसने आरोप लगाया कि दहेज के लिए दामाद, उसके माता-पिता और अन्य स्वजन ने दबाव बनाकर बेटी से इस तरह के आरोप लगवाए हैं। महिला ने उन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोप लगाने वाली किशोरी को मेडिकल परीक्षण कराने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं पहुंची। संपर्क करने पर बताया गया कि परिवार में कोई सदस्य बीमार है, इसलिए वह बुधवार को मेडिकल कराने आएगी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि दुष्कर्म के दौरान उसकी मां भी पिता का साथ देती थी। मां को इस घटना की पूरी जानकारी थी। जब मां को पता था तो और किसको बताती। उल्लेखनीय है कि 28 अप्रैल को पीड़िता का क्षेत्र के ही एक युवक शादी हुई थी। आरोपी के परिजन प्रधान के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सिंह से बच्चों के पालन पोषण कराने के लिए आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों से भी बात की। सिंधौली प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सिंह, ने बताया कि किशोरी को मेडिकल के लिए बुलाया गया था। बुधवार को आने की बात कही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मेडिकल व बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में DM उमेश मिश्रा और SSP संजय कुमार वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कांवड़ यात्रा की तैयारियों का विभागवार आकलन किया गया। बैठक में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के जनपद से गुजरने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, सफाई और खाद्य सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मार्ग को जोन और सेक्टर में विभाजित कर प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पूरे कांवड़ मार्ग, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी विशेष नजर रखने और किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था को लेकर कहा गया कि कांवड़ यात्रा के मुख्य दिनों में भारी वाहनों के लिए अलग रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। इसकी जानकारी पहले से आम जनता तक पहुंचाई जाएगी ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। राष्ट्रीय राजमार्ग और कांवड़ पटरी मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्ग पर मौजूद सभी गड्ढों को तत्काल भरा जाए तथा अवैध कटों को बंद कराया जाए। नहर पटरी मार्गों की मरम्मत और सफाई युद्ध स्तर पर पूरी करने के भी निर्देश दिए गए। डीएफओ को सड़क किनारे पेड़ों की झूलती शाखाओं की छंटाई कराने के आदेश दिए गए। साथ ही नगर पालिका, जिला पंचायत राज विभाग और खंड विकास अधिकारियों को मार्ग के दोनों ओर झाड़ियों की सफाई और नियमित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि झूलते बिजली के तारों को ऊंचा किया जाए, जर्जर पोल बदले जाएं और ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षित बैरिकेडिंग की जाए। पूरे मार्ग पर हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह संचालित रहें, इसकी भी जिम्मेदारी तय की गई। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे संचालित मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएं। इनमें चिकित्सकों की टीम, जीवन रक्षक दवाएं, ओआरएस और एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रहे। साथ ही सीएचसी और पीएचसी स्तर पर मोबाइल मेडिकल टीम और टू-व्हीलर मेडिकल यूनिट भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी विशेष जिम्मेदारी दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए। खराब और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के साथ-साथ लाइसेंस और प्रमाणपत्रों का भी सत्यापन किया जाए।
रायसेन जिले की बरेली थाना पुलिस ने नकबजनी की दो वारदातों का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 16 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और नकबजनी के औजार बरामद किए हैं। गिरोह के चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पहली घटना 19 मई की रात ग्राम कोटपार गणेश निवासी ललित धाकड़ के घर हुई थी। बदमाश मुख्य गेट का कुंदा तोड़कर घर में घुसे और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। दूसरी वारदात 2 जुलाई की रात ग्राम गुरारिया निवासी लालसिंह धाकड़ के घर हुई, जहां चोर पीछे के गेट का कुंदा मशीन से काटकर घर में दाखिल हुए और जेवर लेकर फरार हो गए। दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर दबिश दी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में दोनों वारदातें करना स्वीकार कर लिया। 16 लाख के जेवर, बाइक और औजार बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजीव पारदी (30) निवासी कोटलाखेड़ी, थाना सिवनी मालवा (जिला नर्मदापुरम) और पुखराज चौहान उर्फ पारदी (26) निवासी गाडरापुर, थाना टिमरनी (जिला हरदा) के रूप में हुई है। उनकी निशानदेही पर 10 तोला सोना, 600 ग्राम चांदी के आभूषण, दो मोटरसाइकिलें और नकबजनी के औजार बरामद किए गए। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपए है। चार आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार, गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कपिल गुप्ता, उपनिरीक्षक रामप्रसाद गोहे, सोन सिंह वायाम, सागर साहू और थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही।
जोधपुर के नागौरी गेट थाने से अधिकारी को अनोखी विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मी डीजे की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। थाना अधिकारी शेफाली सांखला को घोड़ी पर बैठाकर विदा किया। दरअसल, नागौरी गेट थाना अधिकारी शेफाली सांखला का हाल ही में सीआईडी-सीबी में तबादला हुआ है। थाने से रिलीव होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें यादगार अंदाज में विदाई दी। इस अनोखी विदाई का वीडियो सामने आने के बाद लोग भी तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोग इसे पुलिसकर्मियों और उनके अधिकारी के बीच बेहतर कार्य संबंध और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं।
4 साल की बच्ची को सांप डंसा, मौत:शिवपुरी पोस्टमार्टम कराए बिना झाड़फूंक के लिए ले गए परिजन
शिवपुरी के शासकीय तात्याटोपे राज्य शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय (फिजिकल कॉलेज) परिसर में सर्पदंश से चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, जहां मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजन उसका पोस्टमार्टम कराए बिना झाड़फूंक के लिए अपने साथ ले गए। जानकारी के अनुसार, पिछोर तहसील के पुनावली गांव निवासी रजनेश आदिवासी फिजिकल कॉलेज में अस्थायी चौकीदार हैं। वह अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ कॉलेज के मुख्य गेट पर बने गार्ड रूम में रहते हैं। सोते समय सांप ने डंसाबताया गया कि सोमवार देर रात करीब 4 बजे परिवार गार्ड रूम में सो रहा था। इसी दौरान एक जहरीला सांप कमरे में घुस आया और रजनेश की चार वर्षीय बेटी खुशी आदिवासी को डस लिया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजन और कॉलेज स्टाफ मौके पर पहुंचे। इसके बाद बच्ची को तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराया। वे उसे झाड़फूंक के लिए किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। पुलिस और कॉलेज प्रबंधन को भी यह जानकारी नहीं है कि परिजन बच्ची को कहां लेकर गए हैं।
मऊगंज जिले के पिपरा गांव में मंगलवार को 25 वर्षीय विवाहिता का शव उसके घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही लौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज भिजवाया। मृतका की पहचान पिपरा निवासी कंचन मिश्रा (25 वर्ष) पत्नी आशीष मिश्रा के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 1:45 बजे परिवार के लोगों ने देखा कि कंचन के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने और खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजन और ग्रामीणों ने मिलकर दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए; कंचन का शव लकड़ी की पटिया से साड़ी के फंदे के सहारे लटका हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। मायके पक्ष का आरोप: शराब पीकर प्रताड़ित करता था पति मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। परिजन ने बताया कि कंचन की शादी लगभग तीन साल पहले मुदरिया गांव से पिपरा निवासी आशीष मिश्रा के साथ हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही पति शराब का आदी था और अक्सर कंचन के साथ बेरहमी से मारपीट और घरेलू हिंसा करता था। ससुराल की इस प्रताड़ना से तंग आकर कंचन कई बार अपने मायके लौट आई थी। हर बार सामाजिक समझाइश और दोबारा ऐसा न करने के वादे व भरोसे के बाद उसे वापस ससुराल भेजा जाता था, लेकिन पति की हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। मायके पक्ष ने पति समेत अन्य ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार लौर थाना प्रभारी राजेश पटेल ने बताया कि मौके पर पंचनामा और जरूरी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मऊगंज सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है। कंचन की मौत के असली कारणों का पता लगाने और मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर प्रताड़ना के आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है।
हैदराबाद से पकड़ा ब्रोमो केमिकल का सप्लायर:राजस्थान के तस्करों से करता था ठगी; हवाला से लेता था रकम
ANTF टीम ने ब्रोमो केमिकल के मुख्य सप्लायर आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सप्लायर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सप्लायर ने सांचौर और बाड़मेर के तस्करों के साथ ठगी करते हुए ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी से ड्रम भरवाए और ब्रोमो के स्टीकर लगाकर टैंकर में लोड करवाए। इसका वीडियो बनाकर टैंकर को सांचौर रवाना किया। जबकि यही वीडियो पुलिस को भेजकर टैंकर भी पकड़वा दिए। इसके बाद तस्करों से 6.50 लाख रुपए हवाले के जरिए हड़प लिए थे। आईजी विकास कुमार ने बताया- मई 2026 में ब्रोमो केमिकल ले जाते हुए एक टैंकर को नेशनल हाईवे-68 पर सांचौर से धोरीमना स्थित महादेव हाईवे होटल के पास पकड़ा गया था। मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य सप्लायर फरार चल रहा था। चार राज्यों में काट रहा था फरारी, हैदराबाद से पकड़ाआईजी ने बताया कि ब्रोमो का मुख्य सप्लायर मांगीलाल पुत्र मोहनलाल, निवासी सेड़वा, हाल किराएदार, राजेश यादव के मकान में, पिलर नंबर 173, एसपीआर गार्डन के पीछे, उपरपल्ली, हैदराबाद में रह रहा था। वह काफी समय से फरार चल रहा था। आरोपी मांगीलाल तमिलनाडु, महाराष्ट्र, केरल और आंध्र प्रदेश में फरारी काटता रहा। सूचना पर टीम हैदराबाद पहुंची और कड़ी निगरानी के बाद उसे पकड़ लिया। मांगीलाल को हैदराबाद से पकड़कर राजस्थान लाया गया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि सांचौर और बाड़मेर के तस्करों ने आसपास ब्रोमो केमिकल की तलाश की, लेकिन राजस्थान में नहीं मिला। इसके बाद सांचौर के तस्करों ने हैदराबाद में अपने दोस्त मांगीलाल से संपर्क किया। उन्होंने ब्रोमो केमिकल की सप्लाई के लिए महंगे दामों का ऑफर दिया। मांगीलाल ने हैदराबाद में ब्रोमो केमिकल जुटाने की कोशिश की, लेकिन केमिकल नहीं मिला। सांचौर के तस्करों के साथ की ठगीमांगीलाल और सांचौर के तस्करों के बीच 6.50 लाख रुपए में ब्रोमो केमिकल पहुंचाने की डील हुई। हवाले के जरिए रुपए ले लिए गए। लेकिन ब्रोमो केमिकल नहीं मिलने और तस्करों के दबाव के चलते उसने योजना बनाई। ड्रमों में ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी भरवाकर बिना नंबर वाले टैंकर में लोड करवाकर रवाना कर दिया। माल रवाना करते ही पुलिस को सूचना दे दी। इससे ड्रम पकड़ लिए गए। तस्करों तक माल भी नहीं पहुंचा और उसकी पोल भी नहीं खुली। आरोपी मांगीलाल ने 3,750 रुपए के पीओपी के कट्टे खरीदे। पीओपी को ड्रमों में भरकर उन पर ब्रोमो के स्टीकर चिपका दिए। लोडिंग के दौरान एक वीडियो भी बनवाया। तस्करों से हवाले से रुपए मंगवाएआरोपी मांगीलाल ने सांचौर के तस्करों से 6.50 लाख रुपए मंगवाने के लिए सांचौर और हैदराबाद के हवाला कारोबारियों से संपर्क किया। वहां नोटों के सीरियल नंबर दिखाकर हैदराबाद से रुपए उठाए, जिससे तस्करों के सामने ठगी का भेद न खुले, इसलिए पुलिस से पकड़वाया आरोपी मांगीलाल ने ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी से ड्रम भरवाते हुए वीडियो बनवाया। यह वीडियो योजना के अनुसार पुलिस के मुखबिर को भेजा और सूचना दी कि हैदराबाद से सांचौर आ रहा एक टैंकर अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहा है।
हनुमानगढ़ के नोहर के पास भादरा मार्ग पर कार की टक्कर से बाइक सवार दो बहनों और पोते की मौत हो गई। तीनों हरियाणा के सिरसा के एलनाबाद से अपने रिश्तेदार के यहां गमी में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान नोहर से एक किलोमीटर पहले मंगलवार दोपहर 3 बजे ये हादसा हो गया। सिरसा में रिश्तेदार के यहां गए थे नोहर थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर अजय गिरधर ने बताया-हादसे में नोहर के भोगराना निवासी विद्यादेवी (50), पोता अनिल (17) और थिराना निवासी विद्या देवी की बड़ी बहन सुमित्रा देवी (65) की मौत हुई है। तीनों सिरसा जिले के एलनाबाद में अपने रिश्तेदार के यहां गमी में गए थे, वापस लौटते समय नोहर से एक किलोमीटर पहले नोहर-भादरा मार्ग पर सामने से आ रही कार ने इनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में सुमित्रा देवी और अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल विद्यादेवी को नोहर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। तीनों शवों को नोहर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। ृ कार ड्राइवर मौके से फरार इधर, ड्राइवर कार लेकर फरार हो गया। हादसे को लेकर महिला के परिजनों ने नोहर थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि कार ड्राइवर को गिरफ्तार किया जाए। विद्या के पति खेती करते हैं। उनके दो बेटे है। अनिल बड़े बेटे की संतान है। अनिल ने हाल ही में 12वीं पास की थी। वह फौज में जाने की तैयारी कर रहा था।
छतरपुर जिले के हरपालपुर क्षेत्र के सरसेड गांव में तेज आंधी-तूफान से एक किसान का सरकारी सोलर पंप उखड़ गया। हादसे में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पंप, उसके सोलर पैनल और लोहे का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे खेत की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। किसान भगवान दास कुशवाहा ने बताया कि सोलर पंप उन्हें शासन की योजना के तहत मिला था। इसकी कुल लागत का 10 प्रतिशत उन्होंने अंशदान के रूप में दिया था, जबकि शेष राशि सरकार ने अनुदान के रूप में दी थी। तेज आंधी के दौरान पूरा ढांचा जमीन से उखड़ गया। इसके बाद सोलर पंप उपयोग के लायक नहीं बचा। पंप खराब होने से रुकी सिंचाईसोलर पंप खराब होने से खेतों की सिंचाई रुक गई है। किसान का कहना है कि समय पर पानी नहीं मिलने से फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से नुकसान का सर्वे कराने, आर्थिक सहायता देने और सोलर पंप दोबारा स्थापित कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने शासन से ऐसे मामलों में जल्द राहत और मुआवजा देने की मांग की है, ताकि किसानों की खेती और आजीविका प्रभावित न हो।
कानपुर नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। जिसमें सीएम ग्रिड की अधूरी सड़कों और वृक्षारोपण अभियान को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास लगी। महापौर ने साफ कहा कि सीएम ग्रिड की कई सड़कों का शिलान्यास हुए एक से दो साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। बैठक में अलग-अलग जोनों के अधिशासी अभियंताओं ने निर्माण कार्य की प्रगति बताई। अधिकारियों के मुताबिक, कई स्थानों पर सीवर लाइन, नाले और आरसीसी सड़क निर्माण के कारण काम अधूरा है। लाल बंगला रोड से वीआईपी रोड और पैसिफिक लॉन से जेके फर्स्ट चौराहा तक करीब 1100 मीटर सड़क का निर्माण सितंबर 2026 तक पूरा करने का दावा किया गया। वहीं दीप सिनेमा तिराहे से सोटे बाबा मंदिर तक का निर्माण अब बारिश के बाद ही हो सकेगा। महापौर प्रमिला पांडेय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बरसात के दौरान अधूरी सड़कों पर जलभराव नहीं होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर लगातार पंप चलाकर पानी निकाला जाए, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। खुले सरिए और मैनहोल पर नगर आयुक्त सख्त नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मटका तिराहा से ग्वालिन चौराहा तक चल रहे निर्माण कार्य में खुले सरिए और खुले मैनहोल मिलने पर ठेकेदार कंपनी के प्रबंधक से नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे बड़ा हादसा हो सकता है। सभी ठेकेदारों से काम पूरा करने की समयसीमा का हलफनामा लेने और तय समय तक काम पूरा न होने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। बाकरगंज में धंसा डॉट नाला, जेपी पैलेस कराया गया खाली मुख्य अभियंता सिविल ने बैठक में बताया कि बाकरगंज स्थित जेपी पैलेस के पास डॉट नाला धंसने से मिट्टी कटान का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल जेपी पैलेस खाली करा दिया गया है और शटरिंग कराकर मिट्टी के कटान को रोकने का काम कराया जा रहा है। साथ ही बरसात को देखते हुए सभी जोनों में सीवर और ड्रेनेज के लिए 5-5 मड पंप तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। 2.61 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य बैठक में 9 से 12 जुलाई तक चलने वाले वृक्षारोपण अभियान की भी समीक्षा हुई। शासन ने नगर निगम को 2.61 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन नगर निगम ने इसे बढ़ाकर 3.48 लाख 51 पौधे लगाने का फैसला किया है। प्रत्येक वार्ड में कम से कम 500 पौधे लगाए जाएंगे। जगह कम होने पर पार्कों में पौधारोपण होगा। महापौर ने बताया कि जाजमऊ उत्तरी, जाजमऊ दक्षिणी, सनिगवां, चकेरी, दबौली, फजलगंज, कलक्टरगंज, हंसपुरम आवास विकास, स्वर्ण जयंती विहार और कोपरगंज समेत कई वार्डों में बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। अभियान में आम, जामुन, कटहल के साथ विलुप्त होती प्रजातियों गूलर, कैथा और जंगल जलेबी के पौधों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
दतिया में पिछले कई दिनों से सुस्त पड़े मानसून ने आखिरकार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को उमस से राहत मिली और अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने जिले में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार रात से जिले में झमाझम बारिश भी शुरू हो गई। 4 डिग्री गिरा तापमान, अब तक 79.25 मिमी बारिश भारतीय मृदा जल संरक्षण संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के तकनीकी अधिकारी भगवानदास कुशवाह के अनुसार, बादलों और हल्की बूंदाबांदी के कारण अधिकतम तापमान घटकर 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा उत्तर-पूर्व दिशा से 1.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। मंगलवार सुबह 4.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 79.25 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से कम है। किसानों को राहत की उम्मीद, बोवनी पकड़ेगी रफ्तार मानसून की देरी से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही थी। जून बीतने और जुलाई का पहला सप्ताह खत्म होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित हुई। कई किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे सोयाबीन, मक्का और धान की बोवनी कर दी थी, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गईं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना किसानों के लिए राहतभरी खबर है। यदि अगले 72 घंटों में अच्छी बारिश होती है तो रुकी हुई बोवनी का काम तेजी से पूरा होगा और खेतों में अंकुरित फसलों को भी नया जीवन मिल सकेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। स्थानीय सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों के प्रगति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचे दर्शन पूजन के बाद वह सीधे विश्वनाथ मंदिर पहुंचे वहां उन्होंने सावन की तैयारी की जानकारी लेने के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया। देखें तस्वीर… नगर निगम से छोटी नावों का पंजीकरण जनपद में गतिमान निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य 18 माह में कराए जाने का हरसंभव प्रयास किया जाए। उन्होंने गंगा नदी में नावों के सुचारू संचालन की व्यवस्था के सम्बन्ध में नाविकों के साथ बैठक कर छोटी नावों का स्थानीय स्तर पर नगर निगम के माध्यम से पंजीकरण कराकर उन्हें लाइफ जैकेट आदि अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान किए जाने का निर्देश दिया। दालमंडी का कार्य समय पर पूरा करने का दिया निर्देश दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के सम्बन्ध में अवशेष भवनों का नियमानुसार मुवायजा वितरित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शीघ्रता से कराए जाने का निर्देश दिया। जलजीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों को तेजी से पूर्ण कराए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर कार्य में हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। पेयजल पाइप लाइन बिछाये जाने के दौरान खोदी गई सड़को का साथ-साथ मरम्मत कार्य भी अवश्य कराया जाय। इसमें कहीं से भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अगस्त में रोप-वे का कार्य होगा पूरा - मंडलायुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बन रहे रोप-वे के प्रगति की जानकारी लेते हुए उसे तय समयसीमा में पूर्ण कराए जाने का निर्देश दिया। इस दौरान मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि माह अगस्त तक रोप वे का कार्य पूर्ण करा लिया जायेगा। कांवरियों के लिए हो बेहतर व्यवस्था - CM मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बैठक में श्रावण मास के दौरान प्रशासन तथा पुलिस विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम द्वारा काशी विश्वनाथ धाम तथा वाराणसी परिक्षेत्र में स्थित विभिन्न शिवालयों में की जा रही तैयारियों को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित किया गया कि श्रावण मास के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, बेहतर समन्वय स्थापित करके कार्य करे। परिवहन व रेलवे के साथ भी बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि भीड़ नियंत्रण व बेहतर सुरक्षा श्रद्धालुओं को मिल सके। डीएम बोले- शहर में 191 विकास कार्य गतिमान है जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया कि 2014 से अब तक कुल 536 प्रोजेक्ट्स पूरे हुए हैं जिनकी कुल कीमत 36210 करोड़ रूपये है। वर्तमान में 191 कार्य गतिमान हैं जो कि 25007 करोड़ के हैं। उन्होंने जिले के गतिमान सभी प्रोजेक्ट्स को एक एक करके मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। समीक्षा बैठक के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल द्वारा वाराणसी कमिश्नरेट की कानून व्यवस्था समेत आगामी श्रावण मास के दौरान पुलिस विभाग की तैयारियों को पीपीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
श्रावस्ती में इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) द्वारा संयुक्त रूप से सघन पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान मंगलवार देर शाम 6:00 से 7:00 बजे के बीच शुरू हुआ और लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत, थाना सिरसिया पुलिस और SSB की संयुक्त टीम ने सुईया बॉर्डर सहित अन्य संवेदनशील सीमावर्ती स्थानों पर व्यापक गश्त की। इस दौरान सीमा क्षेत्र से आने-जाने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई और संदिग्धों से पूछताछ की गई। सुरक्षा बलों ने दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहनों की गहन तलाशी ली। इसके अतिरिक्त, सीमावर्ती पगडंडियों, कच्चे रास्तों और आवागमन के संभावित मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस संयुक्त पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसका लक्ष्य तस्करी, अवैध आवागमन, संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना भी है। पुलिस और SSB के बीच बेहतर तालमेल से सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ हुई है, जिससे सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के संयुक्त अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। श्रावस्ती पुलिस ने आमजन से सहयोग की अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या वस्तु की जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या डायल 112 पर सूचना दें, ताकि आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
रायसेन जिले के बाड़ी थाना पुलिस ने मंगलवार को अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने ग्राम विक्रम मद्दीया में दबिश देकर 200 लीटर लाहन नष्ट किया, 10 लीटर कच्ची शराब और शराब बनाने के उपकरण जब्त किए। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर ग्राम विक्रम मद्दीया पहुंचे। पुलिस को देखकर वहां मौजूद आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। शराब बनाने का सामान भी जब्त तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 200 लीटर लाहन मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा 10 लीटर तैयार कच्ची शराब और शराब बनाने में उपयोग किए जा रहे उपकरण भी जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अवैध शराब के कारोबार की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
भदोही पुलिस ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा और उनके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के धाराशिव में स्थित लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज (दाल मिल) को कुर्क कर दिया है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत की गई इस कार्रवाई में कुर्क की गई संपत्ति का अनुमानित बाजार मूल्य 100 करोड़ 25 लाख रुपए बताया गया है। पुलिस के अनुसार, यह दाल मिल अपराध से अर्जित अवैध धन से विजय मिश्रा गैंग के लिए मुकेश तिवारी द्वारा बनाई गई थी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण तथा जिलाधिकारी भदोही के आदेश पर मंगलवार को की गई। पुलिस का कहना है कि विजय मिश्रा, विष्णु मिश्रा, रामलली मिश्रा और गिरोह के अन्य सदस्य संगठित रूप से आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच विजय मिश्रा गैंग की करीब 241 करोड़ 29 लाख 10 हजार 480 रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत कुर्क की जा चुकी हैं। यह कार्रवाई माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। गैंग लीडर पर 87 मुकदमे, कई मामलों में हो चुकी सजा पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गैंग लीडर विजय मिश्रा के खिलाफ कुल 87 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 7 मामलों में न्यायालय उन्हें दोषी ठहरा चुका है। पुलिस का दावा है कि विजय मिश्रा की पत्नी रामलली मिश्रा, पुत्र विष्णु मिश्रा और दामाद मुकेश तिवारी की भी गिरोह की गतिविधियों में संलिप्तता रही है। 2026 में दो बड़ी कार्रवाई भदोही पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में विजय मिश्रा गैंग के खिलाफ दो प्रमुख कार्रवाई की गई हैं। पहली कार्रवाई में न्यायालय ने विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और पुत्र को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास, जबकि पुत्रवधू को 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी पर कुल 5.26 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। दूसरी कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित 100.25 करोड़ रुपये मूल्य की लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज (दाल मिल) को गैंगस्टर अधिनियम के तहत कुर्क किया गया। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सीकर में नेछवा थाना इलाके में मंदिर के महंत से मारपीट करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जमीनी विवाद को लेकर आरोपी महिला ने एक वीडियो भी बनाया था। इसमें वह महंत पर कपड़े फाड़ने के आरोप लगा रही थी। फिलहाल पुलिस महिला आरोपी से पूछताछ कर रही है। नेछवा थाना SHO कैलाशचंद यादव ने बताया- आरोपी महिला (24) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस थाने पर जानकीनाथ मंदिर के महंत रामप्रनाचार्य ने मुकदमा दर्ज करवाया है की मंदिर की जमीन गांव में नई बाईपास पर स्थित है। इसकी देखरेख के लिए वह रोजाना जाते थे। 4 जुलाई को सुबह करीब 10 बजे वह अपने रुटीन के अनुसार बेटे गोविंद के साथ वहां पर गए। एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे बैठे थे। महंत के बेटे और भतीजे को पीटा इसी दौरान महिला अपने पिता और भाई के साथ आई। महिला और उसके भाई ने पकड़कर नीचे गिरा दिया। कपड़े फाड़कर मारपीट करना शुरू कर दिया। दोनों ने महंत के बेटे गोविंद का हाथ तोड़ दिया। जमकर मारपीट की। इलाज के लिए गोविंद को सीकर रैफर किया गया। आरोपियों ने महंत के भतीजे प्रकाश पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया। घटना का वीडियो भी सामने आया इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें आरोपी महिला एक युवक को अपना मोबाइल देकर महंत की तरफ जाती हुई दिख रही है। फिर खुद ही चिल्लाने लगती है कि कपड़े फाड़ दिए। ऐसे में अब पुलिस ने महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बता दें कि मंदिर के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर महिला के पिता ने कोर्ट में दावा किया हुआ है कि यह जमीन उनके हिस्से की है। इस दावे के आधार पर उन्हें जमीन पर स्टे मिला है। लेकिन मंदिर महंत यहां आने की बात से गुस्सा होकर महिला ने मंदिर महंत को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी।
हाथरस में गैंगवार फायरिंग मामले में 25 हजार रुपये के एक इनामी आरोपी ने मंगलवार शाम करीब साढ़े 4 बजे के लगभग पुलिस को चकमा देकर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की पहचान हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के गंगचौली निवासी दिनेश पाल सिंह के पुत्र हेमू ठाकुर के रूप में हुई है। यह घटना हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के कैलाश ढाबे के पास हुई थी। जानकारी के अनुसार, 18 जून को हतीसा गांव के पास दो गुटों के बीच जमकर गोलीबारी हुई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में छह आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दो आरोपी एनकाउंटर में हो चुके हैं गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में पहले दो आरोपियों, मोना ठाकुर और शानू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस मुठभेड़ के दौरान इन दोनों के पैरों में गोली लगी थी। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की भी सक्रियता से तलाश कर रही थी। मंगलवार शाम 4:30 के लगभग एक आरोपी हेमू ठाकुर ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस को इसकी जानकारी बाद में मिली। न्यायालय ने हेमू ठाकुर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में अभी भी तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यूजी फाइनल के नतीजे 10 जुलाई तक:रुहेलखंड विश्वविद्यालय 15 जुलाई तक जारी करेगा पीजी परिणाम
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) अंतिम वर्ष/सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा की तारीखें तय कर दी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के यूजी अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परिणाम 10 जुलाई 2026 तक और पीजी अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परिणाम 15 जुलाई 2026 तक जारी किए जाएंगे। विश्वविद्यालय ने बताया कि परिणामों का प्रकाशन शीघ्र और त्रुटिरहित तरीके से सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। परिणाम घोषित होने के बाद, विद्यार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चैलेंज इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन करने का अवसर भी मिलेगा। यह प्रक्रिया छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने की सुविधा प्रदान करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिणामों की घोषणा पूरी पारदर्शिता, गोपनीयता और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में कोई असुविधा न हो। विश्वविद्यालय ने सभी विद्यार्थियों और संबद्ध महाविद्यालयों से अपील की है कि वे परिणाम और चैलेंज इवैल्यूएशन से जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचनाओं पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।
कानपुर के परमट प्राइमरी स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने 1 जुलाई को अखिलेश का बर्थडे मनाया था। अगले दिन 2 जुलाई को हेड मास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया गया।अब आज, 7 जुलाई की शाम हेड मास्टर ने ग्वाल टोली थाने में सपा विधायक पर FIR दर्ज करा दी। आरोप है कि सपा विधायक ने बगैर अनुमति के वहां पर अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया। आरोप लगाया कि सपा विधायक ने बगैर कोई अनुमति लिए जबरन स्कूल में अखिलेश यादव का जन्म दिन मनाया और बच्चों को ड्रेस वितरित की। केक भी बांटे। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसका मलब किसी सरकारी कर्मचारी को उसका कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए उस पर हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करना है। यह कानून सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। सपा विधायक ने कहा था- भाजपा सांसद ने 'म' से मोदी पढ़ाया तो एक्शन क्यों नहीं कानपुर में सरकारी स्कूल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने पर प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल, 1 जुलाई को सपा विधायक अमिताभ बाजपेई परमट प्राइमरी स्कूल में पहुंचे थे। उन्होंने केक काटकर बच्चों के साथ अखिलेश का बर्थडे मनाया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद 2 जुलाई को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने प्रिंसिपल नवीन कुमार त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया। दैनिक भास्कर ने 3 जुलाई को विधायक अमिताभ बाजपेई से बात की। उन्होंने बिना नाम लिए कानपुर सांसद रमेश अवस्थी पर निशाना साधा। कहा- कुछ दिन पहले एक बड़े नेता भी स्कूल गए थे। उन्होंने बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर ‘न से नरेंद्र’ और ‘म से मोदी…’ लिखकर पढ़ाया था। उस दौरान एक्शन क्यों नहीं लिया गया। पढ़िए पूरा मामला अखिलेश यादव का 1 जुलाई को जन्मदिन था। इस मौके पर कानपुर के आर्यनगर से विधायक अमिताभ बाजपेई ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के परमट प्राइमरी स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में अखिलेश के जन्मदिन का बैनर लगाया गया। दोपहर 1 बजे स्कूल में केक काटा गया। बच्चों को बैग बांटे गए। विधायक ने इस कार्यक्रम की फोटो और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की। इसकी जानकारी भाजपा नेताओं ने सांसद रमेश अवस्थी को दी। सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को तलब किया। पूरी रिपोर्ट मांगी। BSA ने 2 जुलाई को ही जांच के आदेश दिए। जांच में स्कूल के प्रिंसिपल नवीन कुमार त्रिपाठी को दोषी पाया गया। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने कहा- सोशल मीडिया से पता चला था कि स्कूल में किसी राजनीतिक पार्टी के मुखिया का बर्थ डे मनाया गया। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की जांच रिपोर्ट में प्रिंसिपल दोषी पाए गए। इसके बाद उन पर कार्रवाई की गई। हेड मास्टर को सस्पेंड किए जाने के बाद दैनिक भास्कर ने अमिताभ बाजपेई से बात की थी, आगे पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: अखिलेश यादव के जन्मदिन पर आपने केक काटा। अब प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया, क्या कहेंगे? जवाब : हम लोग तो लंबे समय से स्कूलों पर काम कर रहे हैं। मैंने अपने क्षेत्र के करीब 6 सरकारी प्राइमरी स्कूल बेहतर बनाए हैं। इंटर कॉलेज और लाइब्रेरी बेहतर बनाईं। उसी कड़ी में परमट स्कूल को भी बेहतर बनाने जा रहा था। किसी का अहंकार जागा, उन्होंने उसमें अपनी ताकत का परिचय दिया। हमारे काम को रोकने का प्रयास किया, वहां से विवाद शुरू हुआ। फिर मैंने देखा कि कुछ दिन पूर्व एक बड़े नेता एक स्कूल गए। उन्होंने वहां ब्लैकबोर्ड पर लिखकर पढ़ाया कि ‘न से नरेंद्र’ और ‘म से मोदी…’। वहां ड्रेस की नाप लेने की बात कही। अब स्कूल की ड्रेस के लिए नाप तो ली नहीं जाती है? वह तो रेडीमेड मिलती है। मुझे अनुभव है। हम लोग लगभग 10-15 सालों से जन्मदिन हो, जयंती हो, पुण्यतिथि हो…इस तरह के कार्यक्रमों में हमेशा स्कूलों में, अस्पतालों में, अनाथालय में, राहगीरों के बीच कुछ बांट के ही मनाते रहे हैं। इसी कड़ी में हमने 1 जुलाई को परमट प्राइमरी स्कूल में बच्चों को ड्रेस बांट दी। पहली बार नहीं बांटी, दूसरे स्कूलों में ड्रेस हम बांट चुके हैं। पिछले साल इसी स्कूल में मैंने अपने जन्मदिन पर बैग बांटे थे। मुझे लगा कि बच्चों के पास ड्रेस नहीं है, तो बांट दी। किसी को बुरा लग गया। बेचारे निरीह प्रधानाचार्य को उन्होंने अपनी ताकत का दुरुपयोग करते हुए सस्पेंड कर दिया। सवाल: आपको क्या लगता है, भाजपा की तरफ से ऐसा कुछ किया गया है? जवाब: मैं इतने सालों से स्कूलों में जरूरत की सामग्री बांट रहा हूं। अंध विद्यालय में हम लोगों ने कितनी बार कार्यक्रम किए। मैं अपनी विधानसभा के स्कूलों में इस तरह के कार्यक्रम करता रहता हूं। मुझे कौन रोकेगा, कैसे रोक सकता है? ड्रेस ही तो दी है। जहां तक केक काटने का सवाल है, तो यह केक बच्चे खाते हैं। हम लोग उतना नहीं खाते हैं। हम लोगों ने केक काट के बच्चों को दे दिया, बच्चों से केक नहीं कटवाया, ना मेरी केक काटने की फोटो में कोई टीचर है, ना कोई बच्चा है। केक काट के बच्चों में बंटवा दिया। उनको चॉकलेट्स दे दीं, कुछ ड्रिंक दे दिया, कुछ चिप्स दे दिया, बिस्कुट दे दिया, ड्रेस दे दी, बच्चे खुश हो गए। विधायक बोले- सांसद से हेड मास्टर 8100 रुपए लेकर क्यों आए? सपा विधायक ने कहा कि स्कूल के हेड मास्टर का एक पत्र मैंने देखा था। जो बीएसए को लिखा है कि बीएसए के आदेश पर नेता के घर जाकर के ₹8100 नगद लेकर आए। यह किस कानून के तहत हुआ? यह कैसे हुआ? केक काटने के एक्शन में कहीं बच्चे और टीचर पूरे वीडियो में आपको नहीं दिखेंगे। ना फोटो में दिखेंगे। ड्रेस बांट दी, तो इसमें किसी को कष्ट क्या हो गया? मैं तो बांटता आया हूं और फिर बांटूंगा। आप अंदर नहीं घुसने देंगे, गेट पर बांटूंगा। मैं अपने क्षेत्र के स्कूलों में नहीं जाऊंगा क्या? मुझे रोकोगे क्या आप? मैं जाऊंगा तो टीचर को सस्पेंड करोगे, प्रिंसिपल सस्पेंड करोगे? मैं अस्पताल जाऊंगा तो डॉक्टर सस्पेंड करोगे? मैं जेल चला जाऊंगा तो जेलर सस्पेंड कर दोगे? ऐसे कैसे चलेगा? 16 जून को निरीक्षण के समय सांसद ने बच्चों को न से नरेंद्र…पढ़ाया था परमट प्राइमरी स्कूल के शिलान्यास को लेकर करीब एक माह पहले सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ गया था कि सपा विधायक को शिलान्याश वाले दिन हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। 16 जून को भाजपा सांसद रमेश अवस्थी और विधायक सुरेंद्र मैथानी स्कूल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान सांसद ने बोर्ड पर बच्चों को लिखकर पढ़ाया था कि न से नरेंद्र और म से मोदी। अब विवाद के बाद सपा विधायक ने इस मामले को उठाया है। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में बेटी से छेड़छाड़, पिता ने तमंचा ताना: आरोपी लड़के के पिता से बोला- खोपड़ी खोल दूंगा; मोमबत्ती जलाने से अच्छा आवाज उठाऊं कानपुर में 10 साल की बेटी के साथ छेड़खानी से परेशान पिता का सब्र टूट गया। उसने आरोपी लड़के के पिता पर तमंचा तान दिया। बोला- अगली बार कुछ हुआ तो खोपड़ी में गोली मार दूंगा। इस घटना के बाद पिता ने X पोस्ट में लिखा- मोमबत्तियां जलाने से बेहतर है कि आज ही निर्दोष बच्ची के लिए आवाज उठाई जाए। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ सरकार ने लंबे इंतजार के बाद निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में नई नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। जारी सूची के अनुसार 13 निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों सहित कुल 25 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जारी सूची के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास और सदस्य देवशरण सेन बनाए गए हैं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को नियुक्त किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे और तीन सदस्यों की नियुक्ति की गई है। सरकार ने इसके अलावा शिक्षा आयोग, शाकंभरी बोर्ड, संस्कृत विद्या मंडल, रायपुर विकास प्राधिकरण, श्रम कल्याण मंडल, गौ सेवा आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, फिल्म विकास निगम और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सहित अन्य संस्थाओं में भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की है। मछुआ बोर्ड से शिक्षा आयोग तक नई जिम्मेदारियां सरकार ने छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद और सदस्य नेतराम निषाद को बनाया है। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत और सदस्य सुमन मुथा नियुक्त हुए हैं। शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र नायक के साथ चार सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सुधीर गौतम को सौंपी गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण को मिला नया उपाध्यक्ष सूची के अनुसार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में मनमथ नाथ शर्मा को सदस्य बनाया गया है। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम में प्रसन्ना अवस्थी सदस्य नियुक्त हुई हैं। रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा की नियुक्ति की गई है। श्रम कल्याण मंडल और गौ सेवा आयोग में भी नियुक्तियां सरकार ने छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष के रूप में किशोर महानंद को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) बनाए गए हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर की नियुक्ति की गई है। काफी समय से इन नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा था। सूची जारी होने के साथ ही विभिन्न आयोगों और बोर्डों में नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं। देखिए लिस्ट…
गुजरात हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में निचली अदालत के फैसले को मंगलवार को बरकरार रखते हुए 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी और 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा को सही ठहराया है। इन 38 दोषियों में उत्तर प्रदेश के आठ और आजमगढ़ जिले के छह दोषी शामिल हैं। अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2022 में इस मामले में फैसला सुनाते हुए 38 दोषियों को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ सभी दोषियों ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। जस्टिस ए.वाई. कोगजे और जस्टिस समीर दवे की खंडपीठ ने सभी अपीलों को खारिज करते हुए स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े दोषियों की सजा को उचित माना। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 56 मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा 200 से अधिक घायलों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया है। अदालत ने कहा कि मुआवजा राशि का भुगतान 30 मार्च 2027 तक किया जाए। 70 मिनट में हुए थे 21 धमाके 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में महज 70 मिनट के भीतर 21 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद अहमदाबाद में 20 और सूरत में 15 एफआईआर दर्ज की गई थीं। सूरत में कई स्थानों से जिंदा बम भी बरामद हुए थे। गोधरा कांड के बाद की थी साजिश जांच एजेंसियों के अनुसार, यह साजिश प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जुड़े आतंकियों ने रची थी। धमाकों से कुछ मिनट पहले मीडिया संस्थानों को एक ई-मेल भेजकर हमलों की जिम्मेदारी ली गई थी। जांच में सामने आया कि 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के प्रतिशोध के रूप में इन धमाकों को अंजाम दिया गया था। 19 दिन में 30 आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान विशेष टीम ने महज 19 दिनों में 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद अन्य आरोपियों को देश के विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी मॉड्यूल ने इससे पहले जयपुर और वाराणसी में भी सिलसिलेवार धमाकों को अंजाम दिया था। अहमदाबाद ब्लास्ट के अगले दिन सूरत में भी बम विस्फोट की कोशिश की गई थी, लेकिन टाइमर में खराबी के कारण बम फट नहीं सके। यूपी के आठ दोषी, छह आजमगढ़ के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में उत्तर प्रदेश के आठ लोगों को दोषी ठहराया गया था, जिनमें छह आरोपी आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। वहीं, इस मामले में तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
मुज़फ्फ़रनगर। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव–2027 की तैयारियों के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार शाम करीब 7 बजे दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे-58 स्थित मूलचंद रिजॉर्ट में भाजपा के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में नवाब सिंह नागर ने कहा कि मुज़फ्फ़रनगर भाजपा का मजबूत संगठन वाला जिला है और यहां पार्टी कार्यकर्ता पूरी सक्रियता से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी ने पिछले चुनावों में यहां अच्छा प्रदर्शन किया है और आगामी चुनावों में इससे भी बेहतर परिणाम देने का लक्ष्य रखा गया है। नागर ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएगा। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने जोर दिया कि सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को जनता के बीच ले जाकर पार्टी संगठन को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। राम मंदिर चंदा प्रकरण से जुड़े सवाल पर नवाब सिंह नागर ने कहा कि यह मामला गंभीर है और पार्टी इसकी निष्पक्ष जांच चाहती है। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच चल रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है और इससे जुड़े किसी भी मामले में कोई समझौता नहीं होगा। कार्यक्रम की आयोजक भाजपा जिला मंत्री ममता अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नवाब सिंह नागर का मुज़फ्फ़रनगर में यह पहला स्वागत समारोह था। उन्होंने कहा कि संगठन के नए नेतृत्व से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और आने वाले चुनावों में भाजपा पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी।
अयोध्या जिले के इनायत नगर थाना क्षेत्र से 13 वर्षीय किशोरी के अपहरण के मामले में नामजद आरोपी अमित कुमार उर्फ कल्लू अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मुकदमा दर्ज होने के सात माह बाद भी न तो आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही किशोरी की बरामदगी। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन आरोपी अब तक पकड़ में नहीं आया है। 7 जुलाई 2026 मंगलवार किस करीब 5:00 बजे पुलिस ने आरोपी के मकान पर कुर्की की नोटिस चश्पा करा कर मुनादी भी करा दी है। पुलिस के अनुसार, किशोरी के पिता ने 6 दिसंबर 2023 को इनायत नगर थाने में लिखित तहरीर देकर अपनी 13 वर्षीय बेटी के अपहरण की सूचना दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी अमित कुमार उर्फ कल्लू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) और 87 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद से आरोपी लगातार फरार है। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या ने उस पर ₹10 हजार का इनाम भी घोषित किया था, लेकिन वह अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है। मामले में न्यायालय के आदेश पर आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई भी की जा चुकी है, फिर भी वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ। मंगलवार, 7 जुलाई को इनायत नगर पुलिस टीम ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए आरोपी के घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा की और मुनादी कराई। इस कार्रवाई के जरिए आरोपी को न्यायालय में उपस्थित होने की चेतावनी दी गई है। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्की की नोटिस तामील करा दी गई है। यदि आरोपी इसके बाद भी आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो न्यायालय के निर्देशानुसार उसकी चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की सहित आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आरोपी पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी निकासी का विवाद अब बड़े आंदोलन में बदल गया है। मंगलवार को जिलेभर में किसानों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे करौली, हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया। रोडवेज बसों का संचालन भी पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। यह आंदोलन पांचना बांध से नहरों में छोड़े गए पानी के कमांड क्षेत्र तक न पहुंचने के विरोध में शुरू हुआ है। कुड़गांव-सपोटरा सड़क मार्ग पर मंडावरा गांव और मांच गांव के समीप किसानों ने चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि पानी की निकासी से उनके क्षेत्र के हित प्रभावित होंगे। सूचना मिलने पर थाना अधिकारी मंजू फौजदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण करौली जिला मुख्यालय से हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर जाने वाले सभी प्रमुख मार्ग बाधित रहे। यातायात ठप होने से रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया, जिससे निजी वाहनों और यात्रियों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार शाम को करौली-हिंडौन मार्ग पर स्थित गुडला गांव में भी गुडला पांचना संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि उनकी समिति ने सभी शर्तों का पालन किया है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके सदस्यों और समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों का नहर के पानी से कोई सीधा संबंध नहीं है, वहां भी जाम लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। समिति ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिले के विभिन्न हिस्सों में धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जारी हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रशासन किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
साले के बेटे की कस्टडी IPS फूफा को मिली:माता-पिता ने कहा- रहने के बहाने बुलाया, अब लौटाने से मुकर गए
राजस्थान के एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी को उनके साले के 4 साल के नाबालिग बेटे की कस्टडी मिली है। साले ने जबरन कब्जे में रखने का आरोप लगाया था। बच्चे के माता-पिता ने आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी से बच्चे को वापस दिलाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने माता-पिता को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में राहत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की बेंच ने बच्चे को गैर-कानूनी हिरासत में नहीं माना और बच्चे की सुपुर्दगी के लिए अलग से याचिका दायर करने के निर्देश दिए। दरअसल, बच्चे के पिता का कहना था कि उनकी बहन और आईपीएस की पत्नी का आईवीएफ ट्रीटमेंट चल रहा है। बहन ने कहा था कि डॉक्टर ने उन्हें कहा है कि घर में बच्चों के साथ रहने से उनका इलाज बेहतर होगा। उन्होंने अपने बेटे को कुछ दिनों के लिए बहन के पास भेजा दिया था। लेकिन अब पति-पत्नी उनके बेटे को वापस लौटाने से इनकार कर रहे हैं। जबकि उन्होंने अपने बेटे को न तो गोद दिया न ही आईपीएस पति और उनकी पत्नी ने उसे कानूनी तौर पर गोद लिया है। ऐसे में उनके बच्चे को जबरन रखना गैर-कानूनी हिरासत में रखना है। वह बच्चे के जैविक माता-पिता हैं, इसलिए बच्चे को उन्हें वापिस सुपुर्द करने के आदेश दिए जाए। बच्चे के माता-पिता ने फोन पर मंजूरी दी इसके जवाब में आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने बच्चे को गोद लिया है। 8 मई 2025 को गोद लेने का कार्यक्रम आगरा में हुआ था। बच्चे के माता-पिता ने भी फोन पर ही मंजूरी दे दी थी। तभी से बच्चा उनके साथ रह रहा है। वे उसे प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ा रहे हैं। आईपीएस अधिकारी होने के कारण वे बच्चे को बेहतर शिक्षा और पालन-पोषण दे सकते हैं। कोर्ट ने कहा-बच्चा अवैध हिरासत में नहीं कोर्ट ने कहा- बच्चे को उसकी बुआ-फूफा के पास खुद जैविक माता-पिता ने मर्जी से छोड़ा था। इसलिए वर्तमान स्थिति को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के दायरे में अवैध हिरासत नहीं माना जा सकता है। बच्चा काफी समय से इनके साथ रह रहा है। वह अपने वर्तमान वातावरण में व्यवस्थित हो चुका है। ऐसी स्थिति में फिलहाल उसके हित में यही है कि बच्चा जहां रह रहा है, वहीं रहे। कोर्ट ने कहा- इस पूरे मामले में गोद लेने को लेकर विवाद है। लेकिन इसका फैसला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में नहीं किया जा सकता है। यह निर्णय सक्षम सिविल न्यायालय ही करेगा।
बालाघाट में 10 साल का बच्चा खेल-खेल में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान लक्ष्य (पिता हंसकुमार बागडे) के रूप में हुई है। लक्ष्य परिवार में सबसे छोटा बेटा था, उसका एक बड़ा भाई भी है। घटना लालबर्रा थाना क्षेत्र के धरपीवाड़ा में मंगलवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, धरपीवाड़ा नाले के पास गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत को देखते हुए मकान/भवन निर्माण के काम के लिए जेसीबी मशीन से बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए थे। पिछले कुछ दिनों से इलाके में हो रही लगातार बारिश की वजह से इन खुले गड्ढों में ऊपर तक पानी भर गया था। मंगलवार शाम को मासूम लक्ष्य इन्हीं गड्ढों के पास खेल रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गया। खुले गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में भारी गुस्सा हादसे की खबर मिलते ही लालबर्रा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे के शव को गड्ढे से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए लालबर्रा अस्पताल भिजवाया। शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किया जाएगा। घटना के बाद से ही गांव के लोगों में निर्माण कार्य करने वालों की लापरवाही और इन खुले गड्ढों को लेकर भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त मांग की है कि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए, इसके लिए क्षेत्र में खुले पड़े ऐसे सभी जानलेवा गड्ढों को तुरंत मिट्टी डालकर भरा जाए। लालबर्रा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
देवास जिले के राजोदा में मंगलवार को एक महिला का शव उसके ही घर में फंदे पर लटका मिला। मृतका की पहचान 45 वर्षीय पपीता चौहान के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर से बाहर थे। जब वे लौटे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। परिजनों ने गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर पपीता चौहान पंखे से रस्सी के सहारे लटकी मिलीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पपीता चौहान, रामप्रसाद चौहान की पत्नी थीं। उनके पति उज्जैन में फैब्रिकेशन का काम करते हैं। घटना वाले दिन भी वे सुबह काम के लिए उज्जैन चले गए थे। कुछ साल पहले बेटे की सर्पदंश से हुई थी मौत मृतका के देवर मांगीलाल ने बताया कि पपीता चौहान के दो बेटे थे। कुछ वर्ष पहले उनके बेटे बंटी की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह काफी परेशान रहने लगी थीं। परिजनों के अनुसार, समय बीतने के बाद भी वह अक्सर बेटे को याद कर भावुक हो जाती थीं। उनका मानना है कि वह बेटे की मौत के सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पाई थीं। हालांकि, आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कोटा में पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय बाइक चोरों को गिरफ्तार कर 16 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की। महावीर नगर और नयापुरा थाना पुलिस की कार्रवाई से शहर में वाहन चोरी की कई वारदातों का खुलासा हुआ। कोटा सिटी एसपी डॉ. तेजस्विनी गौतम ने बताया- शहर में बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया गया। महावीर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शातिर वाहन चोरों रमेश विश्नोई, रिंकू नायक और राजू रैगर को गिरफ्तार किया। तीन आरोपियों के खिलाफ 30 मामले दर्ज महावीर नगर थाना पुलिस ने 3 आरोपियों से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने शहर के विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी करना स्वीकार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों के खिलाफ 25 से 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी चोरी की बाइक सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे। इंजन-चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ कर या पुर्जे अलग-अलग बेचकर अवैध कमाई करते थे। 1 चोर से 6 बाइक बरामद नयापुरा थाना पुलिस ने शातिर वाहन चोर मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और करीब 200 कैमरों की जांच के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी की कई वारदातें कबूल कीं। उसकी निशानदेही पर चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जबकि एक अन्य बाइक पहले से बूंदी पुलिस के कब्जे में मिली। इस तरह नयापुरा थाना पुलिस ने कुल छह चोरी की मोटरसाइकिलों का खुलासा किया। फिलहाल दोनों मामलों में आरोपियों से पुलिस अन्य वाहन चोरी की वारदातों और गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिलों का विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों से मिलान कर कार्रवाई जारी है।
सिरसा रोडवेज डिपो में ड्यूटी क्लर्क को आज मंगलवार को दो रोडवेज ड्राइवरों ने लात-घुसों से पीट लिया। ड्यूटी क्लर्क की वर्दी तक फाड़ दी और घायल हो गया। इसके बाद रोडवेज कर्मियों ने उसे अस्पताल में पहुंचाया और पुलिस को कंप्लेंट दी है। इस पर रोडवेज जीएम ने भी जांच के लिए टीएम को आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, ड्यटी क्लर्क बलजीत सिंह पिछले कुछ समय से डयूटी सेक्शन में कार्यरत है और कंडक्टर व ड्राइवरों की मार्ग पर बसों का समुचित संचालन के लिए ड्यूटी लगाने का काम है। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन चार बजे बलजीत सिंह ड्राइवरों को ड्यूटी पर जाने की कहने के लिए वर्कशाप के अंदर चाय की दुकान पर गया था। वहां पर ड्राइवर निर्दोश और ड्राइवर विनोद कुमार वहां पर बैठे थे। आरोप है कि उसी समय उन दोनों ने बलजीत सिंह के साथ बहस शुरू कर दी और झगड़ा कर लिया। इसी बीच दोनों ने बलजीत को लात-घुसों से पीट दिया। घायल बलजीत का आरोप है कि वे दोनों पहले से प्लानिंग बनाकर आए थे। उस जगह पर बैठे थे, जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे। इनमें से एक निर्दोश पहले से मेडिकल लीव पर चल रहा था और आज वह छुट्टी पर होने के बावजूद डिपो में आया हुआ था। पास में विनोद बैठा था, जिसकी मार्ग डयूटी थी। ड्राइवर निर्दोश ने पहले भी किया था झगड़ा डूयटी क्लर्क का आरोप है कि ड्राइवर निर्दोश ने पहले भी दूसरे डयूटी र्क्लक के साथ झगड़ा किया था। उस समय रोडवेज यूनियन पदाधिकारियों ने राजीनामा करवा दिया था। अब मार्ग डूयटी लगी थी और छुटटी पर चल रहा था। ये दोनों डयूटी क्लर्क पर आरोप लगाते रहते हैं कि उनसे ज्यादा काम लिया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। ये चाहते हैं कि अपनी मनमर्जी से डयूटी लगे। ऐसा हो नहीं सकता। सभी रूट सुचारू रखने पड़ते हैं। लंबे समय से दोनों सिरसा में कार्यरत ड्राइवर निर्दोष सिरसा के नाथूसरी चौपटा का रहने वाला है और ड्राइवर विनोद कुमार रूपाण का रहने वाला है। दोनों लंबे समय से सिरसा में ही कार्यरत है और लोकल रूट पर डयूटी रहती है। वहीं, बलजीत सिंह पिछले करीब चार माह से डयूटी क्लर्क है और दोनों से सीनियर है। रूट पर डयूटी को लेकर झगड़ा रहता है। जीएम बोले, विभागीय कार्रवाई जो बनेगी, वो करेंगे रोडवेज जीएम अजय कुमार दलाल का कहना है कि डयूटी क्लर्क बलजीत के साथ झगड़े का मामला संज्ञान में हैं। इसके लिए टीएम को जांच के लिए कहा गया है। जो भी विभागीय कार्रवाई बनेगी, वो की जाएगी। बाकी पुलिस कंप्लेंट की है तो उसकी कानूनी कार्रवाई पुलिस ही करेगी।
कैथल जिले को अब जल्द ही ऑडिटोरियम का तोहफा मिलेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने लघु सचिवालय के निकट ऑडिटोयिरम के निर्माण को मंजूरी दे दी है। अब नगर निकाय विभाग द्वारा यहां सभी आधुनिक सुविधाओं वाले ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। डीसी अपराजिता ने बतौर डीसी जॉइन करते ही इस योजना को लेकर प्रयास शुरू कर दिए थे। इन्हीं प्रयासों से ऑडिटोरियम के लिए जगह फाइनल हो गई है। निजी संस्थानों में हो रहे कार्यक्रम बता दें कि, जिले में ऑडिटोरियम की सुविधा न होने के कारण कई बार सरकारी कार्यक्रम निजी संस्थानों में करवाने पड़ते हैं। इसी कारण शुरू से ही एक बड़े एवं आधुनिक ऑडिटोरियम की जरूरत है। बता दें कि, मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में प्रत्येक जिले में ऑडिटोरियम बनाए जाने की घोषणा की थी। डीसी ने सेक्टर 19-3 में लघु सचिवालय के निकट जगह चिन्हित करते हुए अधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए। चार एकड़ जगह में ऑडिटोरियम बनाए जाने की मंजूरी उन्होंने लगातार मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों से इस संबंध में बात की। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि एचएसवीपी ने अब लघु सचिवालय के निकट सेक्टर 19-3 की जगह में ऑडिटोरियम बनाए जाने की मंजूरी दे दी है। जिले में एचएसवीपी के कार्यकारी अधिकारी वकील अहमद ने बताया कि सेक्टर 19-3 में चार एकड़ जगह में विभाग मुख्यालय ने ऑडिटोरियम बनाए जाने की मंजूरी दे दी है। अब इस साइट का जोन प्लान तैयार करके स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाएगा। जिसके बाद आगे की कार्रवाई स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की जानी है। साइट प्लान बनाया जाएगा जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने कहा कि जैसे ही जमीन विभाग को हस्तांतरित होती है, उसी अनुसार साइट प्लान बनाकर विभाग से मंजूरी लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में डीसी अपराजिता ने बताया कि जिला स्तर पर एक बड़े ऑडिटोरियम की आवश्यकता है, ताकि विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को लाभ पहुंचाने के लिए आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम, प्रदर्शनी व अन्य बड़े आयोजन किए जा सकें। इसके लिए प्रयास शुरू किए गए थे। एचएसवीपी ने यहां इसके लिए मंजूरी दे दी है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने खानपुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मियों और आरोपियों की ओर से दायर निगरानी याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित प्रसंज्ञान आदेश को विधिसम्मत मानते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। यह मामला खानपुर निवासी महेश कुमार गौतम द्वारा 18 जुलाई 2013 को न्यायिक मजिस्ट्रेट, खानपुर के समक्ष दायर परिवाद से जुड़ा है। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि 6 जुलाई 2013 की रात तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर पुलिस टीम के साथ उन्हें जबरन पुलिस जीप में बैठाकर थाना खानपुर ले गए थे। वहां महेश कुमार गौतम को अवैध अभिरक्षा में रखकर मारपीट की गई। साथ ही, एनकाउंटर की धमकी देकर विभिन्न बैंकों से करीब 14.15 लाख रुपए निकलवाकर खानपुर के व्यापारी अजय गोयल को दिलवा दिए गए। इस मामले की जांच के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, खानपुर ने अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, मारपीट और जबरन धनराशि वसूलने के आरोपों में प्रसंज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर, पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश पारेता, रामेश्वर माली, पुलिस जीप ड्राइवर रामवीर सिंह, नंदकिशोर सहित अन्य आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए प्रसंज्ञान आदेश को सही माना और कहा कि आरोपियों के विरुद्ध खानपुर न्यायालय में आपराधिक मामले का विचारण जारी रहेगा। परिवादी महेश कुमार गौतम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ओंकारेश्वर शर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिसकर्मियों के अलावा खानपुर के व्यापारी अजय गोयल, दीपू अग्रवाल, राजू राठौर और दयाकिशन को भी वारंट जारी कर न्यायालय में तलब किया गया है।
सरगुजा जिले के उदयपुर और डूमरडीह और झिरमिटी को मिलाकर नगर पंचायत बनाए जाने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को डूमरडीह के तीनों पंचायतों के ग्रामीणों ने रैली निकाली और नगर पंचायत में शामिल करने के प्रस्ताव पर विरोध दर्ज कराया। रामगढ़ महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उदयपुर, झिरमिटी और डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी। मंगलवार को ग्राम पंचायत उदयपुर, झिरमिट्टी और डुमरडीह के करीब 250 ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन के विरोध में रैली निकालकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं सरगुजा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन उदयपुर तहसीलदार तारा सिदार को सौंपते हुए ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों को यथावत रखने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। ग्रामीणों ने कहा-निकाय बनने से बढ़ेगा बोझ ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि तीनों ग्राम पंचायतें अभी ग्रामीण स्वरूप में हैं और यहां की अधिकांश आबादी कृषि एवं उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर है। नगर पंचायत बनने से ग्रामीणों पर विभिन्न प्रकार के करों का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा, जबकि उन्हें वर्तमान में ग्राम पंचायत के माध्यम से मिलने वाली कई योजनाओं और सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि नगर पंचायत बनाए जाने से पहले स्थानीय लोगों की राय नहीं ली गई, जिससे ग्रामीणों में असंतोष है। निर्णय से पहले करें ग्रामसभा का आयोजन ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए तथा किसी भी निर्णय से पहले तीनों पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर आम जनता की सहमति प्राप्त की जाए। उनका कहना था कि ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान सोनतराई (डुमरडीह) के सरपंच नवल सिंह वरकड़े, उदयपुर सरपंच प्रताप सिंह पावले, उप सरपंच शेखर सिंह देव और झिरमिट्टी सरपंच चंदन एक्का ने कहा कि वे ग्रामीणों की भावना के अनुरूप अपनी बात शासन और प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
लुधियाना में जगराओं के नजदीकी गांव डल्ला में सोमवार को ही इंग्लैंड (यूके) से अपने पैतृक गांव लौटे एक एनआइआई ने सोमवार रात को कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना का खुलासा मंगलवार सुबह उस समय हुआ जब नौकरानी कमरे में गई। सूचना मिलते ही थाना हठूर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। मृतक की पहचान प्रगट सिंह के रूप में हुई है। सोमवार को ही आया था गांव, नौकरानी समझती रही आराम कर रहा है थाना हठूर के प्रभारी (SHO) गुरसेवक सिंह ने बताया कि प्रगट सिंह काफी लंबे समय से इंग्लैंड में रह रहा था। वह सोमवार को ही विदेश से वापस अपने गांव डल्ला लौटा था। सफर की थकान के कारण वह घर पहुंचते ही सीधे अपने कमरे में चला गया। घर में मौजूद काम करने वाली महिला ने सोचा कि प्रगट सिंह लंबी हवाई यात्रा और सफर की थकान की वजह से सो रहा है, इसलिए उसने रात को उसे परेशान नहीं किया। सुबह जब दरवाजा खोला तो उड़ गए होश मंगलवार सुबह जब काफी देर तक प्रगट सिंह के कमरे का दरवाजा नहीं खुला और न ही अंदर से कोई हलचल हुई, तो काम करने वाली महिला को शक हुआ। उसने जब कमरे का दरवाजा खोला और अंदर का मंजर देखा तो उसके होश उड़ गए। सामने प्रगट सिंह का शव फंदे से लटक रहा था। महिला ने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोगों व पुलिस को इस बारे में सूचित किया। सुसाइड की वजह साफ नहीं पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, प्रगट सिंह ने कमरे में लगे बेड के ऊपर एक कुर्सी रखी। इसके बाद चुन्नी का फंदा बनाकर वह उससे लटक गया। फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं,इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। युवक ने लौटते ही ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। परिजनों के आने का इंतजार जांच अधिकारी ने बताया कि मृतक का परिवार और अन्य नजदीकी परिजन विदेश में ही रहते हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के भारत पहुंचने के बाद उनके बयानों के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल शव को सरकारी अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के निर्देश पर सिरोही जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मांडवा रोड स्थित मां अर्बुदा एजेंसी के गोदाम पर निरीक्षण कर 2040 एनर्जी ड्रिंक के कैन जब्त किए हैं। अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराडी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कैफीनेटेड बेवरेज स्टिंग एनर्जी और ब्लैक बगीरा एनर्जी ड्रिंक के दो नमूने एफएसएसएआई एक्ट के तहत लिए। इसके साथ ही 2040 बोतल-कैन को जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश प्रजापत और धर्मवीर द्वारा की गई। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार कैफीनेटेड बेवरेजेस पर 'स्टीमूलेट्स माइंड', 'एनर्जाइज बॉडीज', 'एनर्जी ड्रिंक' या 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावों का लेबल पर उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। एफएसएसएआई ने इस संबंध में कई नामी बेवरेज ब्रांडों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक होती है, जो गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है। जब्त किए गए नमूनों को जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला जोधपुर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके पर पाई गई लगभग 600 लीटर एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक को भी नष्ट करवाया।
नर्मदापुरम जिले के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को 116 नए शिक्षक मिले हैं। चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलना शुरू हो गए हैं। जल्द ही सभी शिक्षक स्कूलों में ज्वाइन कर विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू करेंगे। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। शिक्षक भर्ती-2024 के तहत चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले को कुल 116 शिक्षक मिले हैं। इनमें 89 माध्यमिक और 27 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षक पदों पर हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल और गायन-वादन विषय के शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। वहीं प्राथमिक स्तर पर खेल, नृत्य और गायन-वादन विषय के लिए नियुक्तियां की गई हैं। 15 जुलाई तक चलेगा दस्तावेज सत्यापन मंगलवार से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन शुरू हुआ। सुबह से ही अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र और दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचे। नर्मदापुरम के अलावा उज्जैन, दमोह, सागर, रीवा, नरसिंहपुर, भोपाल सहित कई जिलों से अभ्यर्थी आए। दोपहर 3:30 बजे से सत्यापन और नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी नारायण प्रजापति ने बताया कि जिले को 116 नए शिक्षक मिले हैं। दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति पत्र देने का काम 15 जुलाई तक चलेगा। सभी शिक्षक इसी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में अपनी सेवाएं देंगे। नियुक्ति में देरी से अभ्यर्थी थे नाराज ये सभी अभ्यर्थी मध्यप्रदेश माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 के तहत चयनित हुए थे। परीक्षा परिणाम आने के बाद नियुक्ति में देरी होने से अभ्यर्थियों ने कई बार भोपाल में प्रदर्शन भी किया था। बाद में लोक शिक्षण संचालनालय ने शाला विकल्प (चॉइस फिलिंग) की प्रक्रिया पूरी कराई। इसकी अंतिम तिथि 21 जून 2026 थी। इसके करीब एक सप्ताह बाद नियुक्ति आदेश जारी किए गए। अंग्रेजी के सबसे ज्यादा 28 टीचरजिले को कुल 116 नए शिक्षक मिले हैं। इनमें 89 माध्यमिक शिक्षक और 27 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षकों में अंग्रेजी के 28, गणित के 18, गायन-वादन के 17, संस्कृत के 11, सामाजिक विज्ञान के 10 और हिंदी के 5 शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। वहीं प्राथमिक स्तर पर 27 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर के पीडियाट्रिक सर्जरी के डॉक्टरों ने 7 साल के मासूम का जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बच्चे के पेट से 3.7 किलोग्राम वजन का कैंसरग्रस्त किडनी ट्यूमर (विल्म्स ट्यूमर) सफलतापूर्वक निकाला। लगभग 6 घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने शरीर की सबसे मुख्य रक्त वाहिनी इन्फीरियर वेना कावा (IVC) का दोबारा निर्माण भी किया। 4 साल से बढ़ रही थी पेट में सूजन यह बच्चा 4 साल से पेट के दाहिने हिस्से में लगातार बढ़ रही सूजन से परेशान था। एम्स में जब बच्चे का सीटी स्कैन किया गया तो डॉक्टर हैरान रह गए। ट्यूमर का आकार 24 21 18 सेंटीमीटर तक पहुंच चुका था। वहीं ट्यूमर ने दाहिनी किडनी को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। ट्यूमर इतना बड़ा था कि उसने पेट के अंदर मौजूद लीवर, अग्न्याशय (पैंक्रियास), आंतों और मूत्राशय को उनकी जगह से खिसका दिया था। सबसे खतरनाक बात यह थी कि कैंसर ने दिल तक गंदा खून पहुंचाने वाली शरीर की सबसे बड़ी नस (IVC) और बाईं किडनी की मुख्य शिरा को भी ब्लॉक कर दिया था। 6 सेंटीमीटर के पैच से बनाई नई नस बाल शल्य चिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. राहुल सक्सेना के नेतृत्व में जटिल ऑपरेशन की प्लानिंग की गई। उन्होंने बताया- सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने दाहिनी किडनी और पूरी मूत्रवाहिनी (यूरेटर) को ट्यूमर समेत बाहर निकाला। चूंकि मुख्य नस (IVC) की दीवार के अंदर तक कैंसर जा चुका था, इसलिए डॉक्टरों ने नस के प्रभावित हिस्से को काटकर अलग किया। इसकी जगह 6 सेंटीमीटर का बोवाइन पेरिकार्डियल पैच लगाकर नस को दोबारा नया रूप दिया। ऑपरेशन के तुरंत बाद एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड से जांच की गई, जिसमें खून का बहाव बिल्कुल सामान्य पाया गया। डॉ. राहुल सक्सेना ने बताया- ट्यूमर का आकार बहुत बड़ा था और उसने शरीर की सबसे महत्वपूर्ण खून की नस को जकड़ रखा था। ऐसी सर्जरी में पीडियाट्रिक सर्जन, वैस्कुलर सर्जन, एनेस्थीसिया टीम और रेडियोलॉजिस्ट ने सामूहिक प्रयास किए। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे ऑपरेशन के बाद की पहली कीमोथेरेपी भी दे दी गई है। पेट में गांठ को न करें अनदेखा एम्स के बाल शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष पाठक ने बताया- बच्चों में होने वाले किडनी कैंसर (विल्म्स ट्यूमर) का अगर सही समय पर पता चल जाए, तो इसका शत-प्रतिशत इलाज मुमकिन है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चे के पेट में किसी भी तरह की लगातार सूजन या गांठ दिखाई दे, तो उसे घरेलू दर्द या गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि समय पर लिया गया फैसला बच्चे की जान बचा सकता है। इस ऑपरेशन को अंजाम देने में एम्स के कई विभागों के विशेषज्ञों ने सामूहिक भूमिका निभाई। सर्जरी टीम: डॉ. राहुल सक्सेना (लीड), डॉ. अनिरुद्ध माथुर, डॉ. सुरेंद्र पटेल (CTVS विभाग), रेजिडेंट डॉक्टर्स डॉ. जॉयल सनी और डॉ. हर्षवर्धन। एनेस्थीसिया टीम: डॉ. सादिक (ऑपरेशन के दौरान बच्चे की सांसें और लाइफ सपोर्ट स्थिर रखा)। रेडियोलॉजी: डॉ. तरुणा यादव (ऑपरेशन से पहले की मैपिंग)। नर्सिंग टीम: सुरेश और नवेद।
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा का परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया गया। परीक्षा परिणाम की सूची सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। परीक्षा में शामिल विद्यार्थी अपने संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में संपर्क कर अपना परिणाम देख सकते हैं। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। यदि किसी विद्यार्थी को परीक्षा परिणाम को लेकर कोई दावा या आपत्ति दर्ज करानी है, तो वह 09 जुलाई 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
रोहतक में भारतीय किसान यूनियन (नैन) की राज्य स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर रोष प्रकट किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ राष्ट्र स्तर पर आगामी आंदोलन की घोषणा भी की। भारतीय किसान यूनियन (नैन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता 24 फसलों पर एमएसपी देने की बात कर रही है। किसान चैलेंज देते हैं कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा में होने वाली 24 फसलों के नाम गिनवा दें। जो फसल हरियाणा में पैदा ही नहीं होती, उन फसलों को सरकार कहां से खरीदेगी। किसानों को फसलों पर नहीं मिल रहा एमएसपी जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा जूट, नारियल, रबड़ का नाम लेती है। साथ ही उन फसल व सब्जियों की बात करती है, जो हरियाणा में पैदा ही नहीं होती। जबकि किसानों को धान, कपास, गन्ना व गेंहू पर एमएसपी नहीं दे रही। सीएम नायब सैनी का हरियाणा के किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हरियाणा ही खुशहाल नहीं, पंजाब को कैसे करेंगे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा के सीएम नायब सैनी रोजाना पगड़ी बांधकर पंजाब में पहुंच जाते हैं। सीएम सैनी पंजाब जाकर भाषण दे रहे हैं कि पंजाब में हरियाणा जैसा माहौल बना देंगे। हरियाणा में तो कहीं खुशहाली नहीं है, फिर पंजाब को कैसे खुशहाल बनाएंगे। हरियाणा के किसान पानी के लिए तरस रहे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा का किसान पानी के लिए तरस रहा है। सीएम नायब सैनी ने पीएम नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर राजस्थान को पानी देने की बात की है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। वहीं हरियाणा के चैनत गांव को भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। किसान मंत्री श्रुति चौधरी से पूछना चाहते है कि भाखड़ा के पानी को यमुना के क्षेत्र में क्यों पहुंचाया जा रहा है। भाजपा सांसदों को दिए जाएंगे ज्ञापन जोगेंद्र नैन ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में 22 से 24 जुलाई तक भाजपा के सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को ज्ञापन दिया जाएगा। 28-29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोर स्टेडियम में ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। साथ ही 10 अगस्त को ट्रेड डील के विरोध में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। किसानों को 2-2 महीने तक नहीं मिली पेमेंट जोगेंद्र नैन ने कहा कि सरकार किसानों को फसल का भुगतान 24 घंटे में होने का दावा करती है, लेकिन किसानों को 2-2 माह तक पेमेंट नहीं मिलती। सरकार ने खरीद के नए नियम लागू किए, जिससे किसान परेशान हुआ। लंबी-लंबी ट्रालियों की लाइन लगी। सरकार बताए कि नए नियमों से क्या फायदा हुआ। चैनत गांव के लोगों से सरकार ने किया धोखा भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान रणधीर सिंह ने चैनत गांव को लेकर कहा कि सरकार ने उन लोगों के साथ धोखा कर रही है। चैनत के ग्रामीणों को भारतीय किसान यूनियन ने समर्थन दिया है। आज हरियाणा के 70 प्रतिशत गांवों में पीने का पानी नहीं है। नहरों को पक्का करने के कारण उनके साथ लगे हैंडपंप भी खत्म हो गए हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
शहर के बड़े फुहारा क्षेत्र में मंगलवार शाम साढ़े 7 बजे एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मलबे में किसी के दबे होने की भी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रशासन आसपास के क्षेत्र को खाली कराकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जो इमारत गिरी थी, वह खाली बताई जा रही है। इस घटना में अभी तक किसी की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और ना ही अभी तक किसी के दबे होने की सूचना मिली है। हालांकि ऐतिहातन तौर पर मौके पर मौजूद निगम और फायर ब्रिगेड का अमला सर्चिंग में जुटा हुआ है। कोतवाली थाना प्रभारी मानस द्विवेदी ने बताया कि शाम को जैसे ही बिल्डिंग गिरने की खबर मिली फौरन ही पुलिस बल सहित प्रशासन और निगम की टीम मौके पर पहुंच गई है और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है अभी तक किसी के इस बिल्डिंग में दबे होने की जानकारी सामने नहीं आई है। जो पांच मंजिला इमारत गिरी है, उसके सामने भी चार मंजिला इमारत थी, जिसमें लोग रह रहे थे, लेकिन जो इमारत गिरी है उसमें अभी तक किसी के रहने की सूचना नहीं मिली है। मकान मालिक को बुलाया गया है और उनसे जानकारी जुटाई जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि आम दिनों में यहां पर भारी भीड़ रहती है, लेकिन आज मंगलवार था, और बाजार का अवकाश रहता है, जिसके चलते, बिल्डिंग के आसपास कोई नहीं था। शुरुआती जांच में पता चला है कि जो बिल्डिंग गिरी है, वह कमर्शियल के रूप में उपयोग की जाती थी, इस बिल्डिंग में व्यापार से संबंधित कुछ सामान रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि जबलपुर कोतवाली निवासी राजा जैन और राकेश जैन की यह बिल्डिंग है। देखिए तस्वीरें…
पन्ना जिले के बृहस्पति कुंड में मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आया नर्सिंग का एक छात्र गहरे पानी में नहाते समय अचानक लापता हो गया। जिसकी तलाशी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, सतना में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले 4 से 5 छात्रों का एक ग्रुप बृहस्पति कुंड घूमने आया हुआ था। घूमते-घूमते यह ग्रुप बरौंदा थाना इलाके में आने वाले एक प्रतिबंधित (बैन) क्षेत्र में अंदर चला गया, जहां जाना खतरे से खाली नहीं था। इसी दौरान कुंड के पानी में नहाते समय कुनाल ठाकुर (25 वर्ष, पिता अकुलु ठाकुर) गहरे पानी की चपेट में आ गया और अचानक आंखों से ओझल हो गया। लापता छात्र कुनाल मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और वर्तमान में सतना में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। रेस्क्यू के लिए बुलाई गई SDRF की टीम घटना की खबर लगते ही बृजपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। बृजपुर थाना प्रभारी शक्ति प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि चूंकि घटनास्थल बरौंदा थाना क्षेत्र की सीमा में आता है, इसलिए वहां की पुलिस को भी तुरंत सूचना दे दी गई है। लापता छात्र को पानी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम को बुलाया गया है। स्थानीय पुलिस और कुशल गोताखोरों की मदद से कुंड के गहरे पानी में युवक की तलाश के लिए लगातार बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
यूसीसी पर 25 जुलाई तक आमजन दे सकेंगे अपने सुझाव:बोले- सभी एसडीएम कार्यालयों में लिखित राय दे सकेंगे
राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 मंगलवार को कानून निर्माण को लेकर जोधपुर संभाग की दो दिवसीय जनसुनवाई पूरी हो गई। जोधपुर संभाग का हिस्सा होने के नाते सरहदी जिले जैसलमेर के नागरिकों के लिए भी इसमें भागीदारी का बड़ा मौका है। संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने एक वीडियो जारी कर विशेष जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया- जैसलमेर जिले के नागरिक भी आने वाली 25 जुलाई तक ऑनलाइन वेबसाइट, क्यूआर कोड या फिर अपने नजदीकी उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय जाकर लिखित में अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार का मकसद इस कानून में सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की आवाज को भी शामिल करना है। संभागीय आयुक्त ने की अपील राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया अब आखिरी दौर में है। जोधपुर संभाग मुख्यालय पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को संपन्न हुई। इस दौरान संभाग के अलग-अलग जिलों के नागरिकों से सुझाव लिए गए। इसी कड़ी में जोधपुर संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने एक वीडियो संदेश जारी कर जैसलमेर सहित पूरे संभाग के लोगों से इस महत्वपूर्ण कानून को बनाने में भागीदार बनने की अपील की है। संभागीय आयुक्त ने वीडियो में कहा- यूसीसी का एक व्यावहारिक और सर्वसमावेशी ढांचा तैयार करने में जैसलमेर जैसे सुदूर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले के नागरिकों के विचार बहुत मायने रखते हैं। जनसुनवाई के दौरान संकलित किए गए सभी सुझावों को सीधे राज्य सरकार की यूसीसी प्रारूप समिति के पास भेजा जाएगा। क्यूआर कोड से सीधे जुड़ें जैसलमेर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग घर बैठे सरकार के आधिकारिक पोर्टल ucc.rajasthan.gov.in पर जा सकते हैं। इसके अलावा प्रचार सामग्री पर दिए गए क्यूआर (QR) कोड को मोबाइल से स्कैन करके भी सीधे सुझाव दर्ज कराए जा सकते हैं। पोर्टल पर नागरिक 400 शब्दों में अपनी बात लिख सकते हैं। विस्तृत सुझाव होने पर पीडीएफ (PDF) फाइल अपलोड करने का विकल्प भी दिया गया है। SDM कार्यालयों में दे सकते है लिखित राय इंटरनेट की समस्या या ऑनलाइन असमर्थता की स्थिति में ऑफलाइन विकल्प भी खुला रखा गया है। जैसलमेर, पोकरण और भणियाणा सहित जिले के सभी उपखंड कार्यालयों (SDM ऑफिस) में नागरिक 25 जुलाई तक अपने लिखित सुझाव या प्रतिवेदन जमा करा सकते हैं। SMS से जानकारी दी जा रही है जैसलमेर के दूर-दराज के गांवों और ढाणियों तक सूचना पहुंचाने के लिए मोबाइल उपभोक्ताओं को एसएमएस (SMS) के जरिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। संभागीय आयुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने सुझाव जरूर दें ताकि नीति-निर्धारण में जैसलमेर की जनता की भागीदारी मजबूती से दर्ज हो सके।
लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र में दो युवकों का अपहरण कर उनसे ऑनलाइन 20 हजार रुपए ट्रांसफर कराने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने दो घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों अपहृत युवकों को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। बस्ती हरैया के बरहपुर कुंवर गांव निवासी राम सुरेश चौधरी ने 6 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके भतीजे निर्भय वर्मा (21) और उसके साथी अभिषेक वर्मा का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया है। आरोपियों ने दोनों युवकों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल से 20 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद परिवार को कॉल करके एक लाख रुपए की डिमांड करने लगे। आनंदी पार्क के पास से गिरफ्तार किया शिकायत मिलते ही बीबीडी थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया। टेक्निकल साक्ष्यों, सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस को आनंदी वाटर पार्क के आसपास आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। इसके बाद घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और दोनों अपहृत युवकों को सकुशल मुक्त करा लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बस्ती निवासी अभय चौधरी (19), प्रतापगढ़ निवासी नवनीत तिवारी उर्फ गोलू (20), मऊ निवासी पीयूष राज (19) और गोरखपुर निवासी आर्यन सिंह (18) के रूप में हुई है। सभी आरोपी अलग-अलग कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं, मौजूदा समय में बीबीडी क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से दोनों युवकों का अपहरण कर उन्हें अपने कब्जे में रखा और दबाव बनाकर उनके खातों से 20 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में जबरन धन उगाही से संबंधित धारा भी बढ़ाई गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जिलों से जुटाई जा रही है।
नागौर के खींवसर में विस्फोटक सामग्री जब्त:71.48 किलो डोडा पोस्त बरामद, जिलेभर में पुलिस की दबिश
नागौर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध विस्फोटक सामग्री और अवैध डोडा- पोस्त को जब्त किया है। पुलिस ने करीब 71.48 किलो डोडा-पोस्त बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अलावा धोखाधड़ी, मादक पदार्थ सप्लाई और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में भी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल गाड़ी भी जब्त की है। सभी कार्रवाई एएसपी के निर्देशन में विशेष अभियान के तहत सोमवार को की गई। 354 जिलेटिन स्टिक, 87 डेटोनेटर जब्तखींवसर थाना पुलिस ने आकला क्षेत्र स्थित एक परित्यक्त पटवार भवन में दबिश देकर अवैध खनन में उपयोग होने वाली विस्फोटक सामग्री बरामद की। मौके से 354 जिलेटिन स्टिक, 87 डेटोनेटर, 302 मीटर वायर और 116 फीट फ्यूज वायर जब्त की गई। मामले में विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 71.48 किलो डोडा पोस्त बरामद, एक गिरफ्तार'ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर' के तहत सदर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने बाराणी क्षेत्र में कार्रवाई कर एक खेत की ढाणी से चार कट्टों में भरा 71 किलो 480 ग्राम अवैध डोडा पोस्त चूरा बरामद किया। पुलिस ने आरोपी अशोक को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 10.75 लाख रुपए आंकी गई है। फर्जी दस्तावेज से जमीन बेचने का आरोपी गिरफ्तारकोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कृषि भूमि बेचने के मामले में मुख्य आरोपी कैशाराम को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर परिवादी की भूमि के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बिक्री करने का आरोप है। मामले में पूर्व से दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान गिरफ्तारी की गई। मादक पदार्थ सप्लायर भी गिरफ्तारकोतवाली थाना पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में मादक पदार्थ सप्लाई करने वाले आरोपी रिछपाल को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मई में पकड़े गए स्मैक और एमडीएमए तस्करी के मामले में पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था। जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है। सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में जेसीबी और स्कॉर्पियो जब्तकोतवाली थाना पुलिस ने शहर के बड़ली क्षेत्र में प्रतिबंधित श्रेणी की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग किए जाने के मामले में कार्रवाई करते हुए मौके से एक जेसीबी मशीन और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
सिरसा में नेशनल हाईवे-9 पर मंगलवार अल सुबह पराली की गांठों के बड़े-बड़े बंडल सड़क पर बिखर जाने से एक तरफ का मार्ग बाधित हो गया। सड़क पर दूर तक फैली पराली के कारण हादसे की आशंका बन गई थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे स्वयंसेवकों ने रुककर सड़क से पराली हटाने का कार्य शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग पूरी तरह साफ कराया गया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने की आशंका जानकारी के अनुसार, घटना ओढ़ां के पास नेशनल हाईवे-9 पर हुई। सुबह के समय सड़क पर बड़ी संख्या में पराली के गट्ठर बिखरे पड़े थे। आशंका जताई जा रही है कि ये किसी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिर गए होंगे। बताया जा रहा है कि काफी देर तक पराली सड़क पर पड़ी रही, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। राहगीरों ने दिखाई जिम्मेदारी हाईवे से गुजर रहे सिरसा डेरा के स्वयंसेवकों ने स्थिति को देखते ही अपनी यात्रा रोक दी और सड़क से पराली हटाने में जुट गए। उन्होंने मिलकर एक-एक गांठ को सड़क से हटाया, जिससे यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान कई वाहन चालकों ने भी सहयोग किया और उनके इस प्रयास की सराहना की। पुलिस को नहीं थी सूचना सूत्रों के अनुसार घटना की जानकारी ओढ़ां थाना पुलिस को भी नहीं थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय हाईवे पर पराली से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर गुजरते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। समय रहते टला बड़ा हादसा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क से पराली नहीं हटाई जाती तो कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता था। सड़क साफ होने के बाद दोनों ओर से यातायात सामान्य हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन से हाईवे पर नियमित निगरानी और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग भी की गई।
रेवाड़ी शहर में लगातार दूसरी बरसात में जलभराव देखने को मिला। प्रशासन के पुख्ता पानी निकासी के दावे बरसाती पानी के साथ सड़कों और बाजारों में हिलौरे मारते नजर आए। रेलवे रोड पर दुकानदारों ने अवरोधक लगाकर दोनों तरफ से बंद करना पड़ा। महाराणा चौक के पास बावल रोड पर यात्रियों को लेकर जा रहा एक ऑटों पानी के बीच में फंस गया। हुड्डा सेक्टरों से लेकर शहर के मुख्य बाजार, सरकुलर रोड, ब्रॉस मार्केट, मॉडल टाउन जैसे पॉश इलाकों से बाहरी कॉलोनियों तक जलभराव की स्थिति देखने को मिली। आलम यह था कि निकासी के लिए बनाया सिस्टम करीब आधे घंटे की बारिश की बारिश भी नहीं झेल पाया। जिससे पानी से लबालब हुई सड़कों को छोड़कर वाहन चालक इधर-उधर से निकलने के रास्ते तलाशते नजर आए। पैदल यात्रियों को पानी से गुजरने के लिए विवश होना पड़ा। शहर में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। हालांकि इसकी झलक पिछले सप्ताह हुई मामूली मानसून की पहली बरसात में देखने को मिल चुकी थी। जिसकी पूरी पिक्चर मंगलवार को सामने आई। जानिए क्या उठाए थे कदम जिला उपायुक्त ने मानसून की बरसात शुरू होने से पहले नोडल अधिकारी नियुक्त किए थे। एक सेक्टर अपने पास रखकर एक एडीसी को सौंपा था। जिला नगर आयुक्त, सीटीएम और बावल, कोसली व रेवाड़ी के एसडीएम को भी नोडल अधिकारी नियुक्त कर अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी थी। डीसी ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर उन्हें आंवटित क्षेत्र के नालों और सीवर की सफाई का निरीक्षण कर 30 जून तक अपनी रिपोर्ट डीसी कार्यालय में समिट करने के निर्देश दिए थे। नोडल अधिकारी नियुक्त करने के बाद सभी अधिकारी फील्ड में निरीक्षण के लिए उतरे। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। प्रशासन की यह पूरी कवायद एक बार फिर कागजी साबित हुई। स्पेशल नोडल अधिकारी भी शहर को जलभराव से राहत नहीं दिलवा पाए। हर साल की तरह इस बार भी शहर की गलियों, सड़कों और बाजारों में बरसाती पानी हिलौरे मारता नजर आया। फोटो से जानिए शहर के हालात
सीहोर जिले में मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। वन विकास निगम द्वारा भेसान और सिराली के बीच सीपीटी खुदाई के दौरान 400 मिलीमीटर व्यास की डीआई पाइपलाइन टूट गई। इसके कारण 8 जुलाई को योजना से जुड़े 31 गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। पाइपलाइन टूटने से सिराली, मोगराखेड़ा, भिलाई, मरियाडोह, टीकामोड़, मंगरोल, बावड़ीखेड़ा, रतनपुर, झाली, नवलगांव, सेवनिया, लाडकुई, सुनेड़, सिंहपुर, कोसमी, संकोटा, रफीकगंज, कुरी नयापुरा, पांगरी, बसंतपुर, मेलाबाई, घुटवानी, पिपलानी, फुंदकी, इटावा खुर्द, डोगलापानी, बेड़ापानी, किशनपुर, हमीदगंज, बोरखेड़ा कुराड़ और जाट मुहाई गांवों में पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। मरम्मत का काम शुरू पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द सुधार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति दोबारा शुरू की जा सके। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मरम्मत कार्य के दौरान सहयोग करें और पानी का जरूरत के अनुसार उपयोग करें।
राजधानी के चंगोराभाठा इलाके में राह चलते युवक से मारपीट कर चांदी की चेन और मोबाइल लूटने वाले दो बदमाशों को डी.डी. नगर थाना पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा भी बरामद कर ली। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, 5 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे चंगोराभाठा बाजार स्थित बाबा चौक के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने एक युवक को रोककर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने उसके गले से चांदी की चेन और जेब में रखा मोबाइल लूटकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर 7 जुलाई को डी.डी. नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने रजत सेन उर्फ हर्ष (19) और लक्की ध्रुव (19), दोनों निवासी मटकोड़वापारा, चंगोराभाठा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने लूट की वारदात कबूल कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा हुआ सामान बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
मुरैना पुलिस ने अंतरराज्यीय चेन स्नैचर और लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली, राजस्थान, मुरैना और ग्वालियर सहित कई शहरों में चेन स्नैचिंग और लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 1 लाख रुपये नकद और करीब 6 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर बरामद किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई है। 2007 से अपराध में सक्रिय हैं आरोपी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2007 से लगातार अपराध कर रहे हैं। दिल्ली में भी इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। अब उनसे अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के बेहतर प्रदर्शन पर 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।वर्ष 2007 से लगातार अपराध कर रहे है। दिल्ली में भी संगीन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।सभी का अभी तक का एक बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है। उनसे अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। कार्यवाही में शामिल पुलिस टीम के बेहतर प्रदर्शन पर 25 हजार रुपए के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
धार जिले में आकाशीय बिजली कड़कड़ाने के बाद एक नवजात की मौत का मामला आया है। परिजन का कहना है कि बिजली की तेज आवाज से बच्चा घबरा गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हालांकि, डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ पाएगी। मामला धामनोद के पास फरसपुरा पंचायत के सिमराली भावड़िया अवार गांव में मंगलवार का है। 26 जून को पैदा हुआ था बच्चा जानकारी के मुताबिक, संदीप सिंह और रीना के बेटे का जन्म 26 जून को गुजरी शासकीय अस्पताल में हुआ था। मंगलवार की शाम करीब 4 बजे संदीप उसे गोद में लेकर सो रहा था। अचानक मौसम बदला और बिजली कड़कड़ाई। संदीप का कहना है कि बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि मैं भी घबरा गया। बच्चा घबराकर रोने लगा। रोते-रोते ही उसकी सांस थम गई। नामकरण भी नहीं हुआ था संदीप और दूसरे परिजन मासूम को लेकर बाइक से धामनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉ. श्वेता सांवले ने बच्चे की मौत की पुष्टि की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नवजात की मौत से गांवभर में मातम पसरा है। बच्चे के चाचा संजय सिंह ने बताया कि बच्चे का अब तक नामकरण नहीं किया गया था। ये खबर भी पढे़ं… सीने से लगाकर कहा-मेरा बेटा, फिर दम तोड़ा एम्बुलेंस तक पहुंचते-पहुंचते सावित्री गौड़ की सांसें कमजोर पड़ने लगी थीं। कुछ मिनट पहले ही बेटे का जन्म हुआ था, लेकिन लगातार रक्तस्राव से वह निढाल हो चुकी थी। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले एम्बुलेंस में सावित्री ने आखिरी बार बेटे को सीने से लगाया, उसके सिर पर हाथ फेरा और कहा- मेरा बेटा...। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पढे़ं पूरी खबर…
सोनीपत में HSIIDC राई फेस-1 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गैस लाइटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग पास की दो अन्य फैक्ट्रियों तक फैल गई। आग इतनी भयावह थी कि केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार धमाके होने लगे और कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार तथा आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। सूचना मिलते ही सोनीपत, पानीपत, गन्नौर, गोहाना और बहादुरगढ़ समेत कई स्थानों से 12 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीएम सुभाष चंद्र भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। राहत की बात यह रही कि आग लगते ही सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया और देर शाम तक आग पर काबू पाने के प्रयास जारी रहे। गैस लाइटर फैक्ट्री में पहले लगी आग जानकारी के अनुसार, राई औद्योगिक क्षेत्र के फेस-1 स्थित प्लॉट नंबर-60 पर गैस वाले छोटे लाइटर बनाने वाली फैक्ट्री में दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग पूरी फैक्ट्री में फैल गई। कर्मचारियों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई। कुछ ही दरे में 3 फैक्ट्रियों तक फैली आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसने आसपास स्थित विकास इंडस्ट्रीज के प्लॉट नंबर-92, 93 को भी अपनी चपेट में ले लिया। इन फैक्ट्रियों में प्लाई बनाने का काम होता है। वहीं प्लॉट नंबर-91 स्थित फैक्ट्री, जहां प्लास्टिक दाने से पैकिंग मैटेरियल तैयार किया जाता है, वहां भी आग पहुंच गई। केमिकल ड्रमों में हुए धमाके प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग के दौरान फैक्ट्रियों में रखे केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार धमाके हो रहे थे। धमाकों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। दूर-दूर तक धुएं का घना गुबार और आग की लपटें दिखाई देती रहीं। 12 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़िया पहुंचीं आग की सूचना मिलते ही सोनीपत के अलावा पानीपत, गन्नौर, गोहाना और बहादुरगढ़ सहित कई स्थानों से 12 से अधिक फायर ब्रिगेड मौके पर बुलाए गए। करीब 40 से 45 दमकल कर्मचारी लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। देर शाम तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। एसडीएम सुभाष चंद्र मौके पर पहुंचे मौके पर पहुंचे एसडीएम सुभाष चंद्र ने बताया कि तीन फैक्ट्रियों में आग लगी है। प्रशासन ने स्थानीय दमकल वाहनों के साथ अन्य डिवीजनों से भी फायर टेंडर मंगवाए हैं। उन्होंने बताया कि एक फैक्ट्री में प्लाई, दूसरी में गैस लाइटर और तीसरी में प्लास्टिक दाने से पैकिंग मैटेरियल तैयार किया जाता है। प्रशासन की प्राथमिकता आग पर जल्द से जल्द काबू पाना है। अवैध निर्माण बना आग बुझाने में बाधा फायर ब्रिगेड कर्मचारी मनोज ने बताया कि सबसे पहले गैस लाइटर बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसके बाद आग अन्य इकाइयों तक फैल गई। उन्होंने कहा कि आग बुझाने में सबसे बड़ी परेशानी फैक्ट्रियों के भीतर किए गए अवैध निर्माण के कारण आ रही है। संकरे रास्तों और अवैध निर्माण की वजह से दमकल की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। लाखों का नुकसान, कारण स्पष्ट नहीं भीषण आग में फैक्ट्रियों में रखा लाखों रुपए का कच्चा माल, तैयार उत्पाद और अन्य सामान जलकर राख हो गया। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और आग पूरी तरह बुझने के बाद जांच की जाएगी।
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार शाम को ब्लास्ट हुआ है। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई है। एक मजदूर का पैर कटकर 10 फीट दूर जा गिरा। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही उरला पुलिस, फायर ब्रिगेड और फैक्ट्री प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। हादसे में घायल कमल सिंह ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया, जबकि लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक कमल सिंह (25) और लाल सिंह मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के रहने वाले थे, जबकि अरुण पांडे (19) जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में पिग आयरन बनाने का काम होता है, जिससे गाड़ियों के पुर्जे तैयार किए जाते हैं। देखिए ये तस्वीरें- हादसे से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
नागौर में कृषि उपज मंडी समिति में मंगलवार को फसलों के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को मंडी में जीरा, ग्वार और तिलहन के बाजारों में अच्छी रौनक रही है, जबकि मूंग और चना समेत दलहन फसलें अपने पुराने स्तर पर ही टिकी हुई है। जीरा 21,800 के पार मंडी में मंगलवार को जीरे के बाजार में जोरदार खरीदारी रही। जीरा न्यूनतम 17,000 और अधिकतम 21,800 प्रति क्विंटल तक बिका। कल के मुकाबले बाजार में ऊपरी स्तरों पर सुधार देखा गया है। वहीं सौंफ के भावों में भी स्थिरता रही। यह न्यूनतम 7,000 से लेकर ऊंचे में 13,000 प्रति क्विंटल तक बिकी। इसबगोल की मांग बाजार में लगातार मजबूत बनी हुई है। इसके भाव 9,000 से लेकर 13,700 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। मूंग के भाव स्थिर, ग्वार में सुधार मंडी में मूंग की आवक अच्छी है, लेकिन भाव स्थिर बने हुए हैं। मूंग न्यूनतम 5,500 और बढ़िया क्वालिटी का माल अधिकतम 7,600 प्रति क्विंटल तक बिका। साथ ही ग्वार के बाजार में कल के मुकाबले मंगलवार को हल्की तेजी दर्ज की गई। ग्वार का न्यूनतम भाव 5,000 और अधिकतम भाव 5,800 प्रति क्विंटल रहा। वहीं चने का बाजार भी शांत रहा। मंडी में चना न्यूनतम 5,000 और अधिकतम 5,325 प्रति क्विंटल के दायरे में बिका। तिलहन बाजार में सफेद तिल का अधिकतम भाव 11,000 (न्यूनतम 10,000) पर टिका रहा। वहीं, काले तिल के दाम 9,000 से 9,500 प्रति क्विंटल रहे। सरसों (रायडा): 40 प्रतिशत औसत फेट (तेल) वाली सरसों के भाव आज 7,400 प्रति क्विंटल पर मजबूत रहे, जिससे किसानों को लगातार अच्छे दाम मिल रहे हैं। तारामीरा के बाजार में आज मामूली ठहराव रहा और यह 5,500 से 5,750 प्रति क्विंटल बिका। मैथी और ज्वार के दाम में मिला-जुला असर मंडी में सुवा के भाव आज न्यूनतम 6,000 और अधिकतम 7,600 प्रति क्विंटल तक बोले गए। दाणा मैथी और असालिया: दाणा मैथी के दाम 5,700 से 6,100 और असालिया का बाजार 5,800 से 6,100 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। अनाज श्रेणी में ज्वार के भाव न्यूनतम 4,500 से शुरू होकर ऊपर में 5,500 प्रति क्विंटल तक पहुंचे।

