मेरठ में सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना का गुरुवार को एकाएक ट्रांसफर कर दिया गया। उन्हें किठौर सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है। अभी तक किठौर सर्किल देख रहे रामप्रकाश अब ब्रह्मपुरी की जिम्मेदारी संभालेंगे। पुलिस अफसर जहां इस बदलाव को कांवड़ यात्रा से जुड़ा बदलाव बता रहे हैं, वहीं इसे दलित छात्रा की अपहरण के बाद हत्या मामले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उधर, पुलिस ने अपहरण व हत्या मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी। मूलरूप से रोहटा के थिरोट गांव की रहने वाली दलित युवती शहर के एक कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही थी। काफी समय से वह गांव छोड़कर टीपीनगर थाना क्षेत्र में रह रही थी। 15 मई को वह युवती परीक्षा देने के लिए घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। शुरु से ही परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे थे। 17 मई को युवती का शव ग्राम उकसिया के ईख के खेत से बरामद हो गया। सीओ ब्रह्मपुरी को दी गई विवेचना इस मामले की विवेचना एसएसपी अविनाश पांडेय ने सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना को सौंप दी। इसके अलावा कई और टीमों को लगाया गया। जल्द ही पुलिस टीमों को एक सफलता भी हाथ लग गई। पुलिस ने गांव के ही अंकुश को गिरफ्तार कर लिया जो वारदात वाले दिन ललिता गौतम के साथ जाता दिखाई दिया था। पुलिस जांच पर उठाए गए सवाल सौम्या अस्थाना जांच मिलने के बाद कई बार ललिता गौतम के घर गई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इस बीच कई उतार चढ़ाव देखने को मिले। जांच के बाद पुलिस ने दावा किया था कि मामले में केवल अंकुश ही दोषी है लेकिन जिस तरह की जानकारी सामने आने लगी, उससे स्पष्ट हो गया कि अंकित चौधरी भी वारदात में शामिल था। साक्ष्य मिलने के बाद अंकित चौधरी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे सौम्या अस्थाना की जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए। चार्जशीट दाखिल करने पहुंचे इंस्पेक्टर गुरुवार को 60 दिन पूरे हो गए, जिसके चलते पुलिस ने इस मामले से जुड़ी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि इस मामले में अंकुश व अंकित समेत तीन लोगों को जिम्मेदार माना गया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरु होगी ताकि ट्रायल शुरु किया जा सके। सौम्या पर गिराई एसएसपी ने गाज सीओ सौम्या अस्थाना का चार्जशीट दाखिल होते ही गुरुवार को एसएसपी ने ट्रांसफर कर दिया। सौम्या को किठौर भेजा गया है और किठौर के सीओ रामप्रकाश को ब्रह्मपुरी सर्किल का चार्ज सौंपा गया है। सौम्या अस्थाना के ट्रांसफर को ललिता गौतम हत्याकांड की कमजोर विवेचना से भी जोड़कर देखा जा रहा है हालांकि उनकी जांच में पहले अंकित चौधरी निर्दोष था लेकिन बाद में उसका नाम भी अन्य टीम की विवेचना के आधार पर शामिल किया गया।
विश्व बैंक बर्रा में तीन मंजिला मकान में गुरुवार रात करीब 10 बजे अचानक आग लग गई। आग से उठती लपटों ने तीन मंजिला मकान के दो फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। लपटों में खुद को घिरा देख अधिवक्ता, उनकी टीचर पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। चीख-पुकार सुन इलाकाई लोगों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने पानी की बौछार कर करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। सीएफओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया चार्जिंग में लगी ई-स्कूटी में तेज धमाके के साथ आग लगने की जानकारी मिली है। खाना खाने के बाद तीसरी मंजिल में था परिवार विश्व बैंक बर्रा एच ब्लॉक निवासी धीरेंद्र सचान रियल स्टेट का काम करते है। उनके बेटे सुधांशु अधिवक्ता है। सुधांशु ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9:30 बजे पिता, मां सुनीता, टीचर पत्नी श्वेता खाना खाने के बाद तीन मंजिल में बने कमरों में सोने चले गए। इस बीच पार्किंग एरिया में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में सफारी गाड़ी, बुलेट व ई-स्कूटी आ गई, जिससे आग और ज्यादा विकराल हो गई। गाड़ियों के धधकने से कई फीट तक उठती लपटें दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। गनीमत रही कि चीख-पुकार की आवाज सुनने के अलावा मकान में धुंआ भरने पर आग लगने का एहसास हो गया। इधर, लपटों के बीच फंसे अधिवक्ता व परिवार के अन्य सदस्यों से किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। मौके पर पहुंचे फायर फाइटर्स ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। वहीं पीड़ित गृहस्वामी ने आग से लाखों की नुकसान होने की बात कही है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
राजधानी रायपुर के नवा रायपुर-मंदिर हसौद मार्ग पर मंत्रालय में पदस्थ एक शासकीय कर्मचारी से चाकू की नोक पर लूट का मामला सामने आया है। बाइक सवार तीन बदमाशों ने कर्मचारी को जान से मारने की धमकी देकर उसका महंगा मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। पीड़ित का नाम मिथलेश कुमार बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला मंदिर हसौद पुलिस के अनुसार, पीड़ित मिथलेश कुमार (34) नवा रायपुर के सेक्टर-17 स्थित शासकीय आवास में रहते हैं और मंत्रालय में कार्यरत हैं। बुधवार, 15 जुलाई को वे अपने निजी काम से स्कूटी से मंदिर हसौद गए थे। शाम करीब 6.19 बजे वापस लौटते समय नहर किनारे सड़क पर लघुशंका के लिए रुके। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें से दो आरोपियों ने अपने चेहरे स्कार्फ से ढंक रखे थे। तीनों बदमाशों ने कर्मचारी को घेर लिया और चाकू दिखाकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने उनसे करीब 28,999 रुपए कीमत का वीवो मोबाइल फोन और 1,700 रुपए नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से मंदिर हसौद की ओर फरार हो गए। कर्मचारी संघ की पहल पर शिकायत घटना के बाद पीड़ित काफी घबरा गए थे और तत्काल पुलिस के पास नहीं पहुंच सके। बाद में मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पांडे की पहल पर उन्होंने 16 जुलाई को मंदिर हसौद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी सहायक उपनिरीक्षक विवेक कुमार बंजारे को सौंपी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 11.21 लाख मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर के आराध्य गर्ग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 110वीं रैंक हासिल की। जनरल कैटेगरी में उन्हें 85वीं रैंक मिली है। वे इंदौर के टॉपर भी बने हैं। मध्यप्रदेश से इस बार करीब 1.18 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इसके लिए राज्य के 30 जिलों में 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। देशभर में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से टॉप किया। 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक और 138 ने 690 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए। NTA के अनुसार, टॉप स्कोरर्स में 93% से अधिक पहली बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी हैं, जबकि 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है। छात्र अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। आराध्य के पिता बोले- लगातारी तैयारी करता रहा आराध्य के पिता योगी गर्ग ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही मेहनती और अनुशासित रहा है। पिछले वर्ष परीक्षा रद्द होने और लंबे समय तक बनी अनिश्चितता के बावजूद उसने तैयारी जारी रखी। पिछले प्रयास में उसके 700 से अधिक अंक आए थे, जबकि इस बार कठिन प्रश्नपत्र के बावजूद उसने 690 अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि आराध्य सुबह 7:30 बजे से रात 10 बजे तक कोचिंग और पढ़ाई में व्यस्त रहता था। घर लौटने के बाद भी अगले दिन की रणनीति और तैयारी पर चर्चा करता था। अनुशासन और नियमित अभ्यास उसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। आराध्य के पिता योगा एक्सपर्टआराध्य के पिता योगा एक्सपर्ट हैं। वे नियमित रूप से उसे मेडिटेशन कराते थे, जिससे पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिली। आराध्य कोचिंग के टॉप मेरिट बैच का हिस्सा था, जहां विशेष तैयारी कराई जाती थी। पेपर लीक के कारण दोबारा हुए थे एग्जाम पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 13 भाषाओं में दोबारा परीक्षा आयोजित की। अब MBBS, BDS, AYUSH और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।
छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जयंत वैष्णव को आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री सुरक्षा का पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में आदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने जारी किया है। जयंत वैष्णव वर्तमान में पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा), विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर के पद पर पदस्थ हैं। अब वे मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। अब तक आईपीएस राठौर संभाल रहे थे जिम्मेदारी दरअसल, मुख्यमंत्री सुरक्षा की जिम्मेदारी पहले आईपीएस हरीश राठौर के पास थी। 10 जुलाई 2026 को जारी आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश में उन्हें कोरिया जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था। उनके स्थानांतरण के बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा का एसपी पद रिक्त हो गया था। अब पुलिस मुख्यालय ने जयंत वैष्णव को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा राज्य की सबसे संवेदनशील जिम्मेदारियों में शामिल होती है। ऐसे में जयंत वैष्णव की नियुक्ति को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पढ़े आदेश की कॉपी
रामपुर में एक लाख रुपये नकद और 15 तोले सोने की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि वादी की पत्नी ने शेयर ट्रेडिंग में हुए लाखों रुपये के नुकसान को परिवार से छिपाने के लिए खुद ही लूट की कहानी रची थी। रामपुर पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को इस मामले में मुकदमा संख्या 137/26 दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया, उसने चाकू से महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया और एक लाख रुपये नकद तथा करीब 15 तोले सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने महिला से गहन पूछताछ की। जांच में पता चला कि उसने परिवार को बताए बिना शेयर ट्रेडिंग में बड़ी रकम निवेश की थी, जिसमें उसे लगातार भारी नुकसान हुआ। नुकसान की भरपाई के लिए उसने अलग-अलग समय पर अपने जेवर भी गिरवी रखकर ऋण लिया था। पुलिस के मुताबिक, जब महिला को परिवार के सामने सच्चाई उजागर होने का डर सताने लगा तो उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ दी। उसने अपने मोबाइल फोन से एक अज्ञात व्यक्ति को बुलाया और उसके साथ मिलकर अपने हाथ पर चाकू से हल्की चोट लगवाई, ताकि घटना वास्तविक लगे। इसके बाद घर से एक लाख रुपये नकद और करीब 15 तोले सोने के आभूषण लूटे जाने की झूठी सूचना पुलिस को दे दी। पूछताछ में महिला ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि उसने विभिन्न तिथियों में शौकत अली रोड स्थित केपीजी गोल्ड लोन शाखा से अपने आभूषण गिरवी रखकर लाखों रुपये का ऋण लिया था। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पांडेय के निर्देशन में निरीक्षक अपराध अजयवीर सिंह, उपनिरीक्षक ब्रह्मा कुमार, मुख्य आरक्षी कंवर सिंह, मुख्य आरक्षी गजेंद्र सिंह और मुख्य आरक्षी मुकेश कुमार की टीम ने मामले की जांच कर कथित लूटकांड का खुलासा किया।
झज्जर-रेवाड़ी रोड स्थित सेक्टर-6 के समीप चेन स्नैचिंग की कोशिश नाकाम हो गई। कार सवार महिला ने राह चल रही महिला के गले से सोने की चेन झपटने का प्रयास किया, लेकिन पीड़िता ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए आरोपी महिला को कार से ही खींचकर नीचे गिरा दिया। मौके का फायदा उठाकर कार चालक फरार हो गया, जबकि आरोपी महिला को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब फरार आरोपी और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। सेक्टर-6 निवासी बबीता ने बताया कि वह दूध लेकर पैदल अपने घर लौट रही थीं। तभी एक कार उनके पास आकर रुकी। कार में बैठी महिला ने अचानक उनके गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की। अचानक हुए हमले से वह घबरा गईं, लेकिन अगले ही पल उन्होंने आरोपी महिला का हाथ कसकर पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बबीता ने आरोपी महिला को कार से बाहर खींच लिया। महिला के नीचे गिरते ही कार चला रहा उसका साथी वाहन को तेज रफ्तार से मौके से भगा ले गया। शोर सुनकर आसपास की महिलाएं और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी महिला को घेर लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर थाने ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने में मदद मिलेगी। वहीं फरार चालक की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना के बाद पूरे सेक्टर-6 क्षेत्र में बबीता की बहादुरी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उन्होंने साहस नहीं दिखाया होता तो बदमाश वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते। महिलाओं ने भी उनकी हिम्मत की सराहना करते हुए पुलिस से ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पकड़ी गई महिला से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
मेरठ में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा सकुशल संपन्न होने के कुछ घंटे बाद सदर बाजार क्षेत्र में तीन डीजे संचालकों को मनमानी भारी पड़ गई। एक डीजे से किसी का बिजली का तार टूट गया, जिन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों डीजे को सीज कर कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के बाद देर रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर विरोध जताया और डीजे छोड़ने की मांग की, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि सीलिंग की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। गुरुवार को सदर क्षेत्र से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली गई थी। यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन मुस्तैद रहे। शाम करीब छह बजे यात्रा संपन्न होने के बाद झांकियां और डीजे अपने-अपने स्थानों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान रवींद्रपुरी मार्ग पर तीन डीजे आमने-सामने आ गए। तार टूटने के बाद हुआ बखेड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डीजे संचालकों के बीच तेज आवाज में साउंड बजाने को लेकर प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई। सड़क पर भीड़ जमा हो गई और यातायात प्रभावित होने लगा। बताया गया कि एक डीजे की वजह से किसी मकान या प्रतिष्ठान का बिजली का तार भी टूट गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। समझाने पर भी नहीं माने संचालकसदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और डीजे संचालकों तथा युवकों को समझाकर रास्ता खाली कराने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि रथ यात्रा समाप्त हुए करीब दो घंटे से अधिक समय बीत चुका था, इसके बावजूद डीजे सड़क पर खड़े होकर हुड़दंग मचा रहे थे और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जब चेतावनी के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो पुलिस ने तीनों डीजे को जब्त कर सीज कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने पर हंगामा कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक रात में सदर बाजार थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए डीजे छोड़ने की मांग की। भाजपा नेता दीपक शर्मा ने भी थाने पहुंचकर अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान कई सिफारिशी फोन भी पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे, लेकिन तब तक डीजे सीज किए जा चुके थे। थाने में खड़े किए गए तीनों डीजेपुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुविधा को देखते हुए कार्रवाई की गई है। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता वापस लौट गए। फिलहाल तीनों डीजे पुलिस के कब्जे में हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। भाजपा नेता दीपक शर्मा का कहना है कि एक बार शुक्रवार सुबह अफसरों से आग्रह किया जाएगा।
राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शातिर नकबजन पवन मंडल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन विधि के साथ संघर्षरत बालक (नाबालिग) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7.71 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद की है। मास्टर माइंड का नाम पवन मंडल पुलिस द्वारा बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला न्यू राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार, अमलीडीह स्थित बी.एस.यू.पी. कॉलोनी निवासी बिस्वम्बर महानंद ने 23 जून को अपने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। वह घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। लौटने पर पीछे का दरवाजा टूटा मिला और अलमारी व लॉकर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थी। मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि आदतन चोर पवन मंडल घटना के समय कुछ किशोरों के साथ इलाके में देखा गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने तीन नाबालिग साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों से ये सामान बरामद पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 50 ग्राम गलाया हुआ सोना, चांदी के जेवर और नकदी बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद उन्होंने सोने के जेवर गलाकर नया सोना तैयार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, पवन मंडल इस गिरोह का मास्टरमाइंड है और उसके खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में चोरी और नकबजनी के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर विद्युत उपकेंद्र में हंगामा करने, कर्मचारियों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने चार नामजद समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य की तहरीर पर की गई। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 14 जुलाई 2026 की रात करीब 11:15 बजे अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य अपने स्टाफ के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी शिकायतों को लेकर कई उपभोक्ता उपकेंद्र पहुंचे। आरोप है कि इसी भीड़ का लाभ उठाकर कुंवर पाल गुर्जर निवासी विष्णु विहार कॉलोनी अजीतपुर, लालू सक्सेना निवासी प्रेम पटवारी गली ज्वालानगर, अभिनव सागर और आशीष सागर अपने साथ 15 से 20 अज्ञात लोगों को लेकर जबरन उपकेंद्र परिसर में घुस आए। वहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार करते हुए बिजली व्यवस्था बंद कराने का दबाव बनाया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की तथा उपकेंद्र का माहौल खराब करते हुए अन्य लोगों को भी उकसाने का प्रयास किया। घटना के दौरान विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी पैदा हो गई थी। अवर अभियंता की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे कोहेफिजा थाने के टू-आईसी के. शुक्ला को डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने निलंबित कर दिया है। क्षेत्र में संचालित अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के आरोप में थाने के अन्य अधिकारियों सहित स्टाफ की जांच कराई जा रही है। भूमिका स्पष्ट होने पर और लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि शुक्ला के खिलाफ लंबे समय से अपराधियों से सांठगांठ, कार्यप्रणाली में अनियमितता और अन्य गंभीर शिकायतें पुलिस अधिकारियों को मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस महकमे ने उनके आचरण और कार्यशैली पर लगातार नजर रखी हुई थी। करीब एक माह पहले पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने उन्हें कोहेफिजा थाना प्रभारी के पद से हटाकर उसी थाने में टू-आईसी (सेकंड-इन-कमांड) के रूप में पदस्थ कर दिया था। इसे उनके खिलाफ प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई माना गया था। अब डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने उपलब्ध शिकायतों और विभागीय स्तर पर हुई समीक्षा के बाद केजी शुक्ला को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उनके खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी, जिसमें प्राप्त शिकायतों और आरोपों की विस्तार से पड़ताल होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो चुके हैं। पात्रता की दोबारा जांच, मृत्यु, अन्य राज्यों में स्थानांतरण, आयु संबंधी बदलाव और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले में 12,043 महिलाओं के कटे हैं। वहीं, बीजापुर ऐसा जिला रहा जहां नए पात्र हितग्राहियों के जुड़ने से लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सनी लियोनी का आवेदन सामने आने के बाद शुरु हुआ था सत्यापन योजना 2024 में उस समय भी चर्चा में आई थी, जब सनी लियोनी के नाम से फर्जी तरीके से राशि जारी होने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आवेदन कर योजना का लाभ लिया गया था। मामला उजागर होने के बाद सरकार ने सत्यापन अभियान तेज किया और कई अपात्र नाम सूची से हटाए गए। जशपुर में 6,473 नाम कटे प्रदेशभर में किए गए सत्यापन के दौरान सबसे अधिक नाम राजधानी रायपुर में हटे। इसके बाद बिलासपुर में 8,886, रायगढ़ में 8,870, महासमुंद में 8,605, दुर्ग में 8,124 और जांजगीर-चांपा में 7,570 महिलाओं के नाम सूची से बाहर किए गए। जशपुर में 6,473, कोरबा में 6,234, बलौदा बाजार में 6,773, बालोद में 5,532, राजनांदगांव में 5,358 और बलरामपुर में 5,244 नाम हटाए गए। इसके अलावा धमतरी में 5,088, सरगुजा में 5,084, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5,033, बस्तर में 4,974, कबीरधाम में 4,940, सूरजपुर में 4,719, मुंगेली में 4,456, सक्ती में 4,371, कांकेर में 4,340, गरियाबंद में 4,074, कोंडागांव में 3,384, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 2,442, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 2,276, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2,263, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1,795, दंतेवाड़ा में 1,374, कोरिया में 1,144, नारायणपुर में 445 और सुकमा में 373 महिलाओं के नाम हटाए गए हैं। हितग्राहियों के सत्यापन में अपात्रों के कटे नाम सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है। इसलिए समय-समय पर हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर आवेदन किया, जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं या जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। बीजापुर में नए आवेदकों की संख्या बढ़ी वहीं, बीजापुर में नए पात्र आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार जिन महिलाओं के नाम गलती से हटे हैं या पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन या दावा प्रस्तुत कर सकती हैं। सरकार का दावा है कि लगातार हो रहे सत्यापन से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा। जिलावार नाम कटने वाले हितग्राहियों की संख्या
गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र में एक बिल्डर द्वारा कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की ठगी कर फरार होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में नंदग्राम के थाना प्रभारी (कोतवाल) पर कार्रवाई की गई है और विशेष जांच दल (एसआईटी) का पुनर्गठन किया गया है। यह कार्रवाई बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदारों की शिकायतों और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, पहले नंदग्राम थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद देर रात डीसीपी स्तर से नंदग्राम थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए पहले गठित एसआईटी में भी बदलाव किए गए हैं। जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एसआईटी के कुछ सदस्यों को हटाकर नए अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस अब इस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। ठगी के शिकार हुए बड़ी संख्या में खरीदारों को बुलाकर उनके दोबारा बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच टीम सभी संबंधित दस्तावेज, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि ठगी की पूरी रकम और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। बिल्डर पर आरोप है कि उसने कई खरीदारों से फ्लैट और प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं दिया और बाद में फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक:विवेचक को पूरी केस डायरी के साथ 22 जुलाई को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुल्तानपुर के करौंदी कला थाने में दर्ज एक एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याची धीरज के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने विवेचक को पूरी केस डायरी के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को तय की गई है। सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि पुलिस ने डायल 112 पर दी गई सूचना और घटना की वास्तविक शिकायत को नजरअंदाज कर दिया। आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मी ने स्वयं वादी बनकर एफआईआर दर्ज की और सूचना देने वाले सहित दोनों पक्षों को आरोपी बना दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस ऐसी कार्रवाई कर वास्तविक पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को कमजोर कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाईकोर्ट के पूर्व आदेश पर सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हुईं। उन्होंने याचिका में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने याची को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। न्यायालय ने विवेचक को अगली सुनवाई पर संपूर्ण केस डायरी के साथ उपस्थित होने का निर्देश भी दिया। याचिका के अनुसार, घटना के बाद सबसे पहले डायल 112 पर सूचना दी गई थी और थाने में लिखित तहरीर भी सौंपी गई थी। पुलिस घायल धीरज को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करौंदी कला ले गई, लेकिन उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि बाद में संबंधित सब-इंस्पेक्टर ने स्वयं वादी बनकर एफआईआर दर्ज की और दोनों पक्षों को आरोपी बना दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
गाजियाबाद घंटाघर मंडी में ठेला लगाने पर विवाद-मारपीट:व्यापारियों और फल विक्रेताओं में झड़प
गाजियाबाद के घंटाघर सब्जी मंडी में गुरुवार को ठेला लगाकर फल बेचने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग फल विक्रेता शकील पिछले लगभग 50 वर्षों से इसी मंडी में ठेले पर फल बेचते हैं। उनके बेटे समीर और आसिफ भी इस काम में उनका सहयोग करते हैं। आरोप है कि जब वे ठेला लगाने पहुंचे, तो कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प और मारपीट शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कई लोग एक-दूसरे को धक्का देते और हाथापाई करते दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब दो महीने पहले भी इसी स्थान को लेकर विवाद हुआ था। उस समय मामले का समाधान कर फल विक्रेताओं को दोबारा ठेला लगाने की अनुमति मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद यह विवाद फिर से उत्पन्न हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष यानी व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर ठेला-पटरी लगने से अतिक्रमण होता है, जिससे बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। व्यापारियों की शिकायत पर नगर निगम ने पहले पुलिस की मौजूदगी में सड़क से अतिक्रमण हटवाया था। उनका आरोप है कि दोबारा उसी जगह ठेला लगाने की कोशिश की गई, जिसके कारण विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पीडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने कंपनी के एम-सील उत्पाद के कथित कम वजन के मामले में लीगल मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा वर्ष 2013 में की गई कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई से पहले कानून में तय अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। न्यायमूर्ति आलोक माथुर ने कंपनी की याचिका पर यह आदेश सुनाया। मामला झांसी के एक खुदरा विक्रेता की दुकान पर हुए निरीक्षण से जुड़ा है। विभागीय निरीक्षक ने 25 ग्राम के एम-सील पैक में रेज़िन का वजन शून्य होने का दावा करते हुए कंपनी को नोटिस जारी किया था। कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने न्यायालय को बताया कि निरीक्षण लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटी) नियम, 2011 के अनुरूप नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि नियम 21 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी नहीं हुआ। न्यायालय ने अपनी सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि खुदरा विक्रेता के यहां जांच तभी की जा सकती है, जब पैकेट से छेड़छाड़, रिसाव, शिकायत या अनिवार्य घोषणाओं में कमी जैसी परिस्थितियां मौजूद हों। न्यायालय ने यह भी पाया कि निरीक्षक ने उत्पाद का वजन किस प्रक्रिया से किया, इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के दौरान न तो कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद था और न ही दुकान मालिक का बयान दर्ज किया गया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने माना कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना कंपनी के खिलाफ की गई कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं थी, और इसलिए उसे निरस्त किया जाता है।
बहराइच में भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा निकली:हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बहराइच में गुरुवार शाम छह बजे प्राचीन सिद्धनाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा निकाली गई। महंत रवि गिरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यह शोभायात्रा शहर के छोटी बाजार, गुरू नानक चौक, डिगिहा तिराहा, अग्रसेन चौक और छावनी चौराहा होते हुए गुजरी। भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम लीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम करन टेकड़ीवाल, भारत विकास परिषद, रोटरी क्लब और अग्रवाल सभा जैसे सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह तोरण द्वार बनाकर यात्रा का स्वागत किया। जिला प्रशासन ने यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। यात्रा मार्ग की ड्रोन से भी लगातार निगरानी की जा रही थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।देर रात दस बजे शोभायात्रा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। मंदिर पहुंचने पर महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान अनुराग शर्मा, अंशुमन याज्ञसेनी, हरजीव अग्रवाल, हिमांशु गुप्ता, नितिन गुप्ता, वैभव जैन, अजय सोनी, कन्हैया सोनी सहित हजारों की संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए।
मथुरा की साड़ी फैक्ट्री में आग लगी:लाखों का सामान जला, 4 दमकल गाड़ियों ने 2 घंटे में काबू पाया
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित देवीपुरा में गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक साड़ी फैक्टरी में आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि फैक्टरी से ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्टरी में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, बाटी रोड स्थित देवीपुरा में अखिलेश अग्रवाल की 'राम रसिया' नाम से टेक्सटाइल फैक्टरी संचालित है। बुधवार शाम को काम खत्म होने के बाद सभी कर्मचारी घर चले गए थे। गुरुवार तड़के आसपास के लोगों ने फैक्टरी से धुआं और आग की तेज लपटें निकलती देखीं, जिसके बाद तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। फैक्टरी संचालक के मुताबिक, आग में तैयार साड़ियों का स्टॉक, बड़ी मात्रा में कपड़ा, मशीनों का कुछ हिस्सा और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अग्निशमन विभाग की प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। अग्निशमन अधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है।
‘हाय अल्लाह, मुझे माफ कर दो... मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। दारोगा जी, अब कभी गोकशी नहीं करूंगा।’ पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद जमीन पर पड़े गौतस्करी के आरोपी अकीलउद्दीन उर्फ गट्टू के मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे। वह दर्द से कराहते हुए पुलिस से रहम की गुहार लगा रहा था। पुलिस का दावा है कि जिस अकीलउद्दीन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, वही गोली लगने के बाद अपनी जान बचाने की गुहार लगाने लगा। दरअसल, उसके घर से भारी मात्रा में गोमांस बरामद होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुरुवार रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जंगल में छिपा हुआ है। पुलिस टीम पर की फायरिंग थाना इज्जतनगर पुलिस ने जंगल में घेराबंदी की तो, पुलिस के मुताबिक, अकीलउद्दीन ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान एक गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना की शुरुआत 16 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब थाना इज्जतनगर पुलिस ने ग्राम महलऊ में अकीलउद्दीन उर्फ गट्टू के घर पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां से करीब 40 किलोग्राम गोमांस और पशु काटने के उपकरण बरामद किए गए। मौके से आरोपी के साले मोहम्मद खां को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी अकीलउद्दीन, उसका साथी आलम और पत्नी हसीना फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो टीमें गठित कीं और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जंगल से बरामद हुआ सामान पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक देसी तमंचा बरामद हुआ। तमंचे की नाल में एक खोखा कारतूस फंसा मिला, जबकि एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से वध किए गए गोवंश के चार पैर भी बरामद किए हैं। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर इज्जतनगर बोले- इलाज करा रहे इंस्पेक्टर इज्जतनगर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया- मुठभेड़ के दौरान घायल हुए मुख्य आरोपी अकीलउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
सहारनपुर में एरोन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी ने गुरुवार शाम 8 बजे दिल्ली रोड स्थित होटल ओएसिस में अपना 17वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल, महिलाओं को सिलाई मशीन और गरीब बच्चों को स्कूल किट वितरित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह और नगर विधायक राजीव गुम्बर ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्कूली बच्चों ने गणेश वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। संस्था के सामाजिक कार्यों में सहयोग देने वाली विभिन्न हस्तियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एरोन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी ने सेवा, शिक्षा और मानवता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए संस्था लगातार निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है। नगर विधायक राजीव गुम्बर ने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के वर्षों तक समाज सेवा करना आसान नहीं होता। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। संस्था की अध्यक्ष रश्मि टेरेन्स ने बताया कि लाभार्थियों का चयन आधार कार्ड, स्कूल पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया जाता है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंच सके। उन्होंने संस्था का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में लगातार कार्य करना बताया। रश्मि टेरेन्स ने यह भी बताया कि एरोन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी शहर में निशुल्क पाठशालाएं चलाती है, जहां बच्चों को मुफ्त शिक्षा और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, संस्था दाना-पानी अभियान के तहत मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराती है। संस्था पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित वृक्षारोपण, चिकित्सा शिविर, खेल गतिविधियां और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम भी संचालित करती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, गणमान्य नागरिक, संस्था के पदाधिकारी, स्वयंसेवक और लाभार्थी परिवार उपस्थित रहे। इस आयोजन में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से परिलक्षित हुआ।
शामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुड़ाना में गुरुवार शाम बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा अस्पताल परिसर अंधेरा छा गया। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। गुरुवार शाम बिजली गुल होने के कारण सीएचसी कुड़ाना में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। अस्पताल परिसर में चारों ओर अंधेरा छा गया, जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अस्पताल की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि रात की आपातकालीन सेवाओं के लिए डॉक्टर और फार्मासिस्ट की ड्यूटी तय होने के बावजूद अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं थे। साथ ही, बिजली जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकित ने बताया कि अस्पताल का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। इसकी सूचना बिजली विभाग को दे दी गई है और ट्रांसफार्मर ठीक होते ही बिजली बहाल कर दी जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में जनरेटर या अन्य वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि बिजली बाधित होने पर भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात नीट यूजी-2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। बिहार के आयुष ने चौथी रैंक हासिल की है। पांशुल और आयुष ने कोटा में रहकर कोचिंग की थी। राजस्थान के 2 स्टूडेंट भी टॉप-10 में शामिल है। उपलक्ष्य गोयल ने 714 नंबर के साथ तीसरी रैंक और गौरव सिंह ने 712 नंबर के साथ 9वीं रैंक हासिल की है। परीक्षा में सफल स्टूडेंटस में 58% से ज्यादा छात्राएं हैं, जबकि 55.1% छात्र हैं। बता दें कि 2 दिन पहले रिकोर्डेड रिस्पॉन्स की जारी होने के बाद से स्टूडेंटस को रिजल्ट का इंतजार था। एनटीए ने फाइनल आंसर-की जारी की और उसके कुछ मिनट बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया है। NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। सुधारों के लिए बनी थी समिति जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
ललितपुर में जमीन विवाद में महिला ने खाया जहर:हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया
ललितपुर के ग्राम मेनबार में जमीनी विवाद के चलते एक महिला ने गुरुवार शाम 5 बजे विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने पूर्व प्रधान के पक्ष में जमीन की नाप की, जिससे क्षुब्ध होकर महिला ने यह कदम उठाया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्राम मेनबार निवासी हरपाल सिंह पुत्र हिम्मत सिंह ने बताया कि गांव में उनकी जमीन पर पूर्व प्रधान और उसके परिजन कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई, गुरुवार को चकबंदी विभाग की टीम गांव पहुंची और पूर्व प्रधान को जमीन की नाप कर दी। उस समय घर पर कोई नहीं था, केवल उनकी मां मौजूद थीं, जिन्होंने घर में रखे विषाक्त का सेवन कर लिया। हरपाल सिंह ने इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, ललितपुर, राकेश कुमार ने बताया कि ग्राम मेनबार में ग्राम सभा की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा मकान बनाने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश पर टीम द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान ही एक महिला ने यह कदम उठा लिया। राकेश कुमार के अनुसार, जांच में पाया गया कि उक्त लोगों द्वारा ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से मकान का निर्माण कार्य किया जा रहा था।
राजस्थान में कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी माध्यम भी शुरू हो गया है। इसमें टोंक जिले की पांच स्कूलें भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम में एडमिशन के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों से सात कार्य दिवस में रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे हैं। सरकार का मानना है कि इससे कम नामांकन वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि, शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए स्कूलों का स्वरूप बदलने के बजाय अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुए आदेश राजस्थान सरकार के शिक्षा ग्रुप-1 विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मंजूरी के बाद आदेश जारी किए हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है। ऐसे विद्यालयों में अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। विभाग ने इन विद्यालयों को हिंदी माध्यम में संचालित करने के संबंध में नियमानुसार आवश्यक प्रस्ताव और टिप्पणी जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के साथ शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। रिपोर्ट में हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, वर्तमान नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावक अब भी हिंदी माध्यम को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी माध्यम शुरू होने से प्रवेश संख्या बढ़ सकती है। तबादलों के बीच फैसले का असर यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब प्रदेश में शिक्षकों के बंपर तबादले हुए हैं। विभाग का मानना है कि माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ के पुनर्गठन पर भी असर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। शिक्षक संघ ने उठाई अलग मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी निजी स्कूलों की फीस से राहत दिलाई है। उनका कहना है कि कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने या उनका स्वरूप बदलने की बजाय सरकार अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करे। इससे स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कैडर आधारित भर्ती के बाद भी नामांकन नहीं बढ़ता है, तभी कम नामांकन वाले विद्यालयों पर आगे निर्णय लिया जाए।
लखनऊ में 13 साल पुराने आतंकी साजिश मामले में लखनऊ की विशेष एनआईए कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (हूजी) के संदिग्ध सदस्य कुरबान अली को दोषी ठहराते हुए 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और जेल में पहले से बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। विशेष न्यायाधीश (एनआईए) उमाशंकर जिंदल की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कुरबान अली को आपराधिक साजिश, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश, युद्ध के लिए हथियार जुटाने, जालसाजी और आर्म्स एक्ट के मामलों में दोषी करार दिया। इन अपराधों में उसे 5 साल की कठोर कैद और 7 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े अपराधों में 3 साल की कठोर कैद और 500 रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं समवर्ती (Concurrent) रूप से चलेंगी। यानी आरोपी को अलग-अलग सजाएं क्रमवार नहीं काटनी होंगी। साथ ही न्यायिक हिरासत में पहले से बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया गया। लखनऊ जिला जेल भेजने का आदेश दोषसिद्धि के बाद कोर्ट ने सजायाफ्ता वारंट जारी करने के निर्देश दिए और जेल प्रशासन को आदेश दिया कि कुरबान अली को शेष सजा काटने के लिए लखनऊ जिला जेल में रखा जाए। इन धाराओं में ठहराया गया दोषी अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा। इसके बाद कुरबान अली को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B, 121A, 122, 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराया गया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 3, 5, 25, 30 और 35 के तहत भी उसे दोषी पाया गया। यह मामला वर्ष 2013 में दर्ज हूजी से जुड़ी कथित आतंकी साजिश से संबंधित है।
बलिया के बहुचर्चित काम जी गोंड मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश के बाद आरोपी ग्राम प्रधान का पक्ष सामने आया है। ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह के बड़े भाई अविनाश शंकर सिंह विक्की ने अपने भाई को निर्दोष बताया है। गुरुवार शाम मीडिया से बात करते हुए अविनाश शंकर सिंह विक्की ने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण उनके भाई को राजनीतिक विद्वेष के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने इसे एक षड्यंत्र बताया और कहा कि गांव की राजनीति के कारण उनका नाम इसमें घसीटा गया है। विक्की ने दावा किया कि जिस दिन काम जी गोंड को उठाया गया था, उस दिन प्रधान आशुतोष शंकर सिंह गांव में मौजूद नहीं थे। उन्होंने 8 जुलाई से 11 जुलाई तक का सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए कहा कि उनके पास सभी साक्ष्य मौजूद हैं, जिनमें उनका भाई गांव के बाहर दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 8 जुलाई को प्रधान की किसी भी थाने के पदाधिकारी से कोई बात नहीं हुई थी। अविनाश ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनके भाई के दोनों मोबाइल नंबरों का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकालकर जांच की जाए। उन्होंने मांग की कि यदि दोषी पाए जाएं तो कार्रवाई हो, अन्यथा निर्दोष होने पर उन्हें इस मामले में न घसीटा जाए। अविनाश शंकर सिंह विक्की ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी कामजी गोड़ की मौत के मामले में अपर जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कामजी गोड़ की मौत पुलिस की पिटाई से हुई थी। अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि यह जांच रेवती थाने में दर्ज मुकदमा से संबंधित है। ग्राम गायघाट निवासी विशाल गोड़ पुत्र रामजी गोड़ की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में आरोप है कि 07 जुलाई 2026 को सूरज कन्नौजिया की खेदन चौराहे स्थित मीट की दुकान पर विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद 8 जुलाई को वादी के पिता कामजी गोड़ को थाना रेवती के उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह द्वारा थाने ले जाकर कथित तौर पर मारपीट की गई। इस प्रकरण में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के लिए पुलिस अधीक्षक, बलिया ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया था। पुलिस अधीक्षक के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट, बलिया ने 14 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत अपर जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई साक्ष्य, दस्तावेज या बयान हो तो वह 24 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 10 बजे से सायं 05 बजे के बीच अपर जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। मंदिर की दान पेटियों की दो दिन तक चली गणना में 31 लाख 40 हजार 20 रुपए की नकद राशि मिली। इसके अलावा 8 ग्राम सोने के आइटम, 190 ग्राम चांदी के छोटे आभूषण और 7 देशों की विदेशी मुद्रा भी दान पेटियों से निकली। मंदिर प्रबंधन समिति ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दान राशि की गणना कराई। पहले दिन 15 जुलाई को 24 लाख 2 हजार 450 रुपए और दूसरे दिन 16 जुलाई को 7 लाख 37 हजार 570 रुपए मिले। दोनों दिनों की गणना के बाद कुल दान राशि 31 लाख 40 हजार 20 रुपए रही। दान पेटियों में 7 देशों की विदेशी मुद्रा भी मिली दान पेटियों में भारत के अलावा कई देशों की मुद्रा भी मिली। इनमें मलेशिया के 20 और 5 सेंट के सिक्के, नेपाल के 2 रुपए के दो सिक्के तथा 100 और 5 मूल्य के नोट, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक सिक्का, थाईलैंड का 2 मूल्य का सिक्का, कजाकिस्तान का 1 मूल्य का सिक्का और ब्राजील का 2 मूल्य का एक नोट शामिल है। मंदिर समिति के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक चार चरणों में दान पेटियों की गणना हो चुकी है। इन चारों चरणों में कुल 1 करोड़ 3 लाख 60 हजार 40 रुपए की दान राशि प्राप्त हुई है। वर्ष 2026 में अब तक मिली दान राशि जनवरी: 25 लाख 43 हजार 350 रुपए मार्च: 24 लाख 27 हजार 670 रुपए मई: 22 लाख 31 हजार रुपए जुलाई: 31 लाख 40 हजार 20 रुपए मंदिर समिति का कहना है कि दान पेटियों में विदेशी मुद्रा मिलना इस बात का संकेत है कि भगवान पशुपतिनाथ के प्रति देश के साथ-साथ विदेशों के श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उज्जैन में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए 24 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आशंका है कि ये संदिग्ध भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरी या चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सभी गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ जारी है। रथयात्रा मार्ग पर, जो आगर रोड से देवास रोड तक फैला था, और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान उप पुलिस अधीक्षक कमल निगवाल और थाना प्रभारी नागझिरी के नेतृत्व वाली टीम ने सात संदिग्ध व्यक्तियों को रोका। उनकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को सौंप दिया गया। एक अन्य घटना में, नगर पुलिस अधीक्षक माधव नगर श्रीमती दीपिका शिंदे के नेतृत्व में तैनात टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से एक धारदार चाकू बरामद हुआ। आरोपी को तुरंत थाना पुलिस के हवाले कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। यह कार्रवाई सीएसपी माधव नगर दीपिका शिंदे, सीएसपी नानाखेड़ा श्वेता गुप्ता, डीएसपी विवेक कनोडिया, थाना प्रभारी देवासगेट निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, थाना प्रभारी माधवनगर निरीक्षक गजेंद्र पचोरिया और उनकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयास का परिणाम थी। कुल 24 संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुई। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने डीएसपी कमल निगवाल, थाना प्रभारी नागझिरी और उनकी पूरी टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसी तरह, सीएसपी दीपिका शिंदे और उनकी टीम (आरक्षक अरुण, अशोक, दीप सिंह एवं केदार पटेल) को भी 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
लखनऊ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन:वैज्ञानिकों ने नई हरित क्रांति पर मंथन किया
लखनऊ सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गुरुवार को समापन हो गया। यह आयोजन 'पादप विकास एवं तनाव अनुक्रियाओं के नियमन में हार्मोनल क्रॉस-टॉक' विषय पर हुई। इस संगोष्ठी में देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने पौधों से जुड़े नवीनतम शोध और भविष्य की कृषि चुनौतियों पर मंथन किया। संगोष्ठी में पादप हार्मोन सिग्नलिंग, जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, तनाव जीवविज्ञान और सतत कृषि जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। दो दिनों तक चले सत्रों में वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकों और कृषि को बेहतर बनाने के नए उपायों पर विस्तार से चर्चा की। नई हरित क्रांति का रास्ता जीन तकनीक से समापन समारोह के मुख्य अतिथि ब्रिक-नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट (NABI), मोहाली के कार्यकारी निदेशक डॉ. अश्विनी पारिक ने कहा कि देश को नई हरित क्रांति की जरूरत है, जिसका आधार जीनोम विज्ञान और जीन प्रौद्योगिकी होगी। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित जैव-अर्थव्यवस्था भविष्य की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार की बायो-ई3 (BioE3) नीति और एनएबीआई के नवाचारों की भी जानकारी दी। एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने कहा कि युवा वैज्ञानिक अपने शोध को समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाएं। गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान ही भविष्य की वैज्ञानिक और कृषि संबंधी चुनौतियों का प्रभावी समाधान दे सकता है। जीनोमिक्स और तनाव जीवविज्ञान पर हुए व्याख्यान दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों में सीएसआईआर-सीमैप, आईसीजीईबी, हैदराबाद विश्वविद्यालय, आईआईएसईआर भोपाल, एनआईपीजीआर, आईआईएसईआर कोलकाता और आईआईएसईआर मोहाली के वैज्ञानिकों ने पौधों की वृद्धि, जीन नियमन, ब्लू-लाइट सिग्नलिंग, फसल सुधार, पोषक तत्वों की कमी, तापमान आधारित वृद्धि और आयरन समस्थिति जैसे विषयों पर अपने शोध साझा किए। शोधार्थियों ने भी विशेषज्ञों से सवाल पूछकर चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक सहित विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। महिलाएं पिछले 14 दिनों से प्रतीकात्मक रूप से चिताओं पर लेटकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर का आमरण अनशन गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा नहीं मिल रही है। अमित भटनागर ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और किसानों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की गई है। ग्राम सभा की प्रक्रिया, आपत्तियों के निराकरण और अवार्ड की प्रतियां भी प्रभावितों को उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं में पात्र परिवारों की जगह अपात्र लोगों को ज्यादा मुआवजा दिया गया। जबकि जिन लोगों की जमीन, घर और आजीविका प्रभावित हुई, वे अब भी उचित मुआवजे से वंचित हैं। मुआवजे की मांग कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि केन-बेतवा लिंक, नैगुवा सिंचाई परियोजना, एनटीपीसी, मझगांव और रूंज डैम जैसी परियोजनाओं से प्रभावित हजारों परिवारों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उनका आरोप है कि पूर्ण पुनर्वास और मुआवजा दिए बिना ही कई परिवारों के मकान तोड़ दिए गए। इसके कारण बारिश के मौसम में कई लोग बेघर होकर रहने को मजबूर हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। जिला अध्यक्ष कपूर सिंह यादव, महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रानी रैकवार, प्रदेश महासचिव विनोद पटेल, जिला उपाध्यक्ष महेंद्र यादव समेत अन्य पदाधिकारी आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावितों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन और सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। तस्वीरों में देखें प्रदर्शन
मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के न्याय पंचायत धौरहा के रैकरी ग्राम सभा में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। खेत से काम निपटाकर घर लौट रहे एक युवक की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी घायल हो गया। मृतक की पहचान रैकरी निवासी विजय बिंद (27 वर्ष), पुत्र झब्बू लाल बिंद के रूप में हुई है। साइड लेते समय अनियंत्रित होकर टकराई बाइक जानकारी के मुताबिक, विजय बिंद अपने खेत में बादाम बोने के बाद साथी संजय बिंद (पुत्र सियाराम) के साथ बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान चीखुड़ियां की ओर से भस्सी (खनिज) लादकर आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के बगल से गुजरते समय उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौका पाकर ट्रैक्टर चालक वाहन समेत फरार हो गया। 25 दिन पहले ही सिर पर सजा था सेहरा इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। विजय बिंद की शादी पिछले महीने ही 21 जून को सक्तेशगढ़ क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। अभी शादी की रस्में और हाथों की मेहंदी भी ठीक से नहीं छूटी थी कि 25 दिनों के भीतर ही पत्नी शिला का सुहाग उजड़ गया। अचानक हुए इस वज्रपात से नवविवाहिता पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजगढ़ थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा ने बताया- ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रैक्टर चालक व वाहन की तलाश की जा रही है।
बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) आईपीएस किरण गंगाराम चव्हाण ने जिला पुलिस कार्यालय पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान एसपी योगेश कुमार पटेल ने उन्हें कार्यभार सौंपा। पदभार संभालने के बाद उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यों की जानकारी ली। किरण गंगाराम चव्हाण साल 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के रहने वाले हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। बिलासपुर से सुकमा तक संभाली अहम जिम्मेदारियां उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में बिलासपुर से की। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) जगदलपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) सुकमा और बाद में सुकमा के एसपी के रूप में सेवाएं दीं। सुकमा में उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान, कानून-व्यवस्था मजबूत करने, लोगों से बेहतर जुड़ाव और नशे के खिलाफ कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। बेहतर पुलिसिंग के लिए मिला FICCI अवार्ड उत्कृष्ट पुलिसिंग और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें साल 2024 में FICCI बेस्ट परफॉर्मिंग ऑफिसर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी नियुक्ति से बालोद में पुलिस व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों के साथ की परिचयात्मक बैठक पदभार ग्रहण करने के बाद नए एसपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों, पुलिस कार्यालय के शाखा प्रभारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यों की समीक्षा की गई। पदभार ग्रहण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बालोद बोनिफास एक्का, एसडीओपी गुंडरदेही राजेश बागड़े, एसडीओपी गुरूर माया शर्मा, डीएसपी मुख्यालय श्रुति सिंह, सीएसपी राजहरा विकास पाटले, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। परीक्षा में 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए। टॉप स्कोरर्स में 93% से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पहली बार परीक्षा दी थी। 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच रही। क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में 58% से ज्यादा छात्राएं और 55.1% छात्र हैं। स्टूडेंट्स अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी। NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
झांसी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के माहौल में निकाली गई। रथयात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में जय जगन्नाथ के जयकारे गूंजते रहे। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा सुसज्जित रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हुए निकले। रथयात्रा शुक्रवार रात करीब आठ बजे गोलाकुआं क्षेत्र से शुरू हुई। इसके बाद शोभायात्रा गंदीगर का टपरा, सराफा बाजार, मानिक चौक, मालिनों का तिराहा, बड़ा बाजार, सुभाषगंज, रानी महल, सिंधी तिराहा और शहर कोतवाली की ढाल से होते हुए करीब दस किलोमीटर का सफर तय कर पुनः गोलाकुआं पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बारी-बारी से रथ की रस्सियां पकड़कर भगवान जगन्नाथ का रथ खींचते नजर आए। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। रथयात्रा की 5 तस्वीर देखिए… इस्कॉन के सेवादारों ने किया संकीर्तन यात्रा में शामिल इस्कॉन मंदिर के सेवादारों ने अपने संकीर्तन और भक्ति गीतों से माहौल को और ज्यादा भक्तिमय बना दिया। सेवादार राधा-कृष्ण के नाम का जाप करते हुए नृत्य और कीर्तन कर रहे थे। मृदंग, झांझ और करताल की धुन पर श्रद्धालु भी झूमते हुए दिखाई दिए। रथयात्रा में युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों का उत्साह भी देखने लायक था। कई बुजुर्ग श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भजन गाते और नृत्य करते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत रथयात्रा का पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन किए और श्रद्धा भाव से पुष्प अर्पित किए। वहीं, भीषण गर्मी और उमस के बीच रथ खींच रहे श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर शरबत और ठंडे पानी के स्टॉल लगाए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटा रहा प्रशासन रथयात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग भी पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा और एसपी सिटी प्रीति सिंह ने संभाली। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
लखनऊ में होम्योपैथिक डॉक्टरों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) ने नए नियम लागू किए हैं। बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन फॉर होम्योपैथी ने सभी राज्यों के होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रारों को निर्देश जारी किए हैं कि अब मेडिकल क्वालिफिकेशन रिकग्निशन लिस्ट (एमक्यूआरएल) का सत्यापन किए बिना किसी भी अभ्यर्थी का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। फर्जीवाड़े रोकने पर जोर उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड ने भी नए नियमों के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड के रजिस्ट्रार विनय कुमार तिवारी ने बताया कि नए नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना खत्म की जा सके। अब दस्तावेजों का सत्यापन और पात्रता की गहन जांच के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा। यूपी में 40 हजार होम्योपैथिक डॉक्टर उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 40 हजार होम्योपैथिक डॉक्टर पंजीकृत हैं। नए नियमों के अनुसार पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएचएमएस की डिग्री, एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप पूरी होने का प्रमाण और एमक्यूआरएल में नाम दर्ज होना जरूरी है। इन सभी शर्तों के पूरा होने के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध पंजीकरण के कोई भी होम्योपैथिक डॉक्टर चिकित्सा अभ्यास नहीं कर सकेगा। नए नियमों से फर्जी डिग्री के आधार पर पंजीकरण कराने की संभावना पर रोक लगेगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह ऑटो से आए युवकों ने सरेराह छात्रा का अपरहण कर लिया। छात्रा अपने मामा की बेटी के साथ स्कूल जा रही थी। उसका अपहरण यूपी कॉलेज गेट के पास से हुआ और बदमाश उसे लेकर फरार हो गए। ऑटों में बैठाकर ले जाने के दौरान उसके और युवकों के बीच हाथापाई भी हुई और बाद में उसे अंदर खींचकर दबोच लिया। दूसरी छात्रा ने परिजनों को घटना की सूचना दी। जानकारी पर आए परिजनों ने पूरा मामला जाना। जानकारी पर पता चला कि छात्रा का अपहरण करने वाले युवक उसी शिवपुर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने सुबह सूचना के बाद छात्रा की तलाश की लेकिन शाम तक उसका पता नहीं चला। 12 घंटे बाद तहरीर लेकर केस दर्ज किया। हालांकि देर रात तक छात्रा का कोई सुराग नहीं लगा था। अब पढ़िए पूरा मामलाशिवपुर के चुपेपुर निवासी लखी सोनकर ने बताया मेरी बेटी शर्मिष्ठा सोनकर (17) अपने मामा की लड़की तनु सोनकर के साथ रानी मुरारका इंटर कालेज की स्टूडेंट हैं। इससे पहले उसने हाईस्कूल में टॉप किया था और बेहतर नंबर आने की वजह से हम उसे प्रोत्त्साहित करते थे। दोनों इस बार इंटर में गई हैं और साथ ही स्कूल जाती हैं। रोज की तरह गुरुवार सुबह भी दोनों स्कूल के लिए घर से निकली और कुछ देर बाद यूपी कॉलेज पहुंच गई। उनका स्कूल यूपी कॉलेज कैंपस के अंदर ही है। उसी दौरान यूपी कालेज गेट के पास ऑटो से आए अनिकेत सोनकर अपने दो साथियों के साथ आया। जबरन खींचकर आटो में ले गएउसने छात्रा को रोका और फिर जबरन खींचकर आटो में ले जाने लगा। दोनों के बीच रस्साकशी हुई लेकिन बाद में दो अन्य युवक नीचे उतरे और मेरी बेटी शर्मिष्ठा को धक्का देकर अंदर डालकर लेकर कहीं चले गए। पिता ने बताया कि ममेरी बहन तनु स्कूल पहुंची और क्लास टीचर के मोबाइल से हमें सूचना दी। हम लोग चौकी और फिर हमें वहां से थाने भेज दिया गया। पहले जो तहरीर दी थी उसे भी पुलिस ने बदलवा दिया और अपहरण के बजाए बहला फुसलाकर ले जाना लिखवाया। पुलिस पूरे मामले को 12 घंटे तक छिपाती रहीबता दें कि शिवपुर पुलिस पूरे मामले को 12 घंटे तक छिपाती रही। जानकारों ने बताया कि सुबह 7 बजे अपहरण और शाम 7 बजे के बाद रिपोर्ट के लिए तहरीर ली गई जबकि पुलिस ने उसमें भी शब्दों का परिवर्तन कराया। हालांकि देर रात 11 बजे तक अपहृत का पता नहीं चल सका है।
बिलासपुर के सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने छह साल के एक बच्चे की आहार नली (फूड पाइप) में फंसा सिक्का सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचा ली। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत सामान्य बताई जा रही है। कोटा तहसील के सरगोंड गांव निवासी बैगा जनजाति के छह वर्षीय नरेंद्र ने गुरुवार सुबह करीब 7 बजे गलती से एक सिक्का निगल लिया। इसके बाद उसे खाना निगलने में काफी दिक्कत होने लगी। पेंड्रा से सिम्स किया गया रेफर परिजन पहले बच्चे को पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया। एक्स-रे में पता चला कहां फंसा है सिक्का शाम करीब 6:30 बजे सिम्स पहुंचने पर ईएनटी विभाग ने तुरंत जांच और एक्स-रे कराया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने एक्स-रे में सिक्के की सही स्थिति का पता लगाया। जांच में सामने आया कि सिक्का श्वासनली के मुहाने के पीछे आहार नली के ऊपरी हिस्से में फंसा हुआ था। ऑपरेशन कर सुरक्षित निकाला सिक्का स्थिति गंभीर होने पर एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने बच्चे को बेहोश किया। इसके बाद प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय और सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में ईएनटी टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक से सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया। डॉक्टरों की टीम की सराहना सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने डॉक्टरों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि अलग-अलग विभागों के बेहतर तालमेल और आधुनिक तकनीक की मदद से अस्पताल में जटिल मामलों का भी समय पर सफल इलाज किया जा रहा है। सिक्का निगलने पर तुरंत अस्पताल जाएं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यदि कोई बच्चा सिक्का, बटन बैटरी, चुंबक या दूसरी छोटी चीज निगल ले, तो घरेलू उपाय करने की बजाय तुरंत अस्पताल लेकर जाएं। समय पर इलाज से गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। बच्चों से छोटी चीजें रखें दूर ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की कि सिक्के, बैटरी, छोटे खिलौनों के हिस्से और अन्य छोटी वस्तुएं बच्चों की पहुंच से दूर रखें। यदि बच्चे को निगलने में दिक्कत, लगातार लार आना, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र स्थित हुरावली में बड़े भाई की तेरहवीं में शामिल होने गांव गए एक बीएसएफ जवान के सूने मकान को चोरों ने निशाना बना लिया। बदमाश मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में घुसे, अंदर की कुंडी काटी और नकदी व सोने-चांदी के जेवर सहित करीब 5 लाख रुपए का सामान चोरी कर फरार हो गए। वारदात का खुलासा तब हुआ, जब पड़ोसियों ने घर का टूटा ताला देखकर जवान को सूचना दी। पीड़ित 55 वर्षीय नरेन्द्र सिंह बीएसएफ में पदस्थ हैं और मूल रूप से डबरा के ग्राम मेहगांव के निवासी हैं। वर्तमान में वह परिवार के साथ हुरावली में रहते हैं। उनके बड़े भाई प्रहलाद सिंह का 2 जुलाई को निधन हो गया था। तेरहवीं कार्यक्रम के लिए नरेन्द्र सिंह पहले ही गांव चले गए थे, जबकि 13 जुलाई की शाम उनका बेटा पंकज घर में ताला लगाकर गांव पहुंचा था। 15 जुलाई को पड़ोसियों ने फोन कर घर का ताला टूटा होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर घर का सामान बिखरा मिला। पीड़ित के अनुसार चोर 1.80 लाख रुपए नकद, डेढ़ तोला सोने की चेन, सोने की अंगूठी, सोने का फूल, तीन जोड़ी चांदी की बिछिया और एक जोड़ी चांदी की पायल चोरी कर ले गए। सूचना पर सिरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। थाना प्रभारी गोविंद बंगोली ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
उमरिया में जगन्नाथ रथयात्रा निकली:एसडीएम ने भगवान के आगे लगाई झाड़ू, भक्तों ने खींचा रथ
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। यह यात्रा शाम 5 बजे मां बिरासिनी मंदिर परिसर से पूरे विधि-विधान के साथ शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र की मूर्तियों को एक सुंदर रथ पर सजाकर नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त 'जय जगन्नाथ' के जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे। यह रथयात्रा मां बिरासिनी मंदिर से शुरू होकर प्रकाश चौक, मुख्य बाजार, बस स्टैंड तिराहा, मुख्य सड़क और थाना रोड से होते हुए समाजसेवी प्रकाश पालीवाल के घर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और लोगों ने फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया। भक्तों के लिए कई जगहों पर ठंडे पानी और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल पूरी यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, शंख की आवाज और ढोल-नगाड़ों से पूरा शहर भक्ति के रंग में डूब गया। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं, तो युवा हाथों में धर्म ध्वजा थामे बेहद उत्साहित नजर आए। सभी ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। तीन दिनों तक चलेगा भंडारा रथयात्रा खत्म होने के बाद भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की मूर्तियों को प्रकाश पालीवाल के घर पर ही विराजित किया गया। यहां अगले तीन दिनों तक विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें आसपास के इलाकों से भी भारी संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद है। एसडीएम ने लगाई झाड़ू बिरसिंहपुर में यह रथयात्रा सालों से आपसी भाईचारे और आस्था का प्रतीक रही है। इस बार की यात्रा के दौरान एक खास नजारा देखने को मिला, जहां पाली की एसडीएम मीनाक्षी इंगले भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे झाड़ू लगाती नजर आईं। उनकी यह तस्वीर लोगों के बीच काफी चर्चा में बनी हुई है।
भिंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर एक आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचाने के गंभीर मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने थाना सिटी कोतवाली भिंड को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 336(2), 336(3), 340(1) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया थायह आदेश गौरव शर्मा द्वारा दायर एक अपंजीकृत परिवाद पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 75(3) के तहत सुनवाई करते हुए दिया गया। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से विमल यादव का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया, ताकि उसे एक अन्य मामले में कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सके। कोर्ट ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं, उनमें तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, विमल यादव पुत्र निहाल यादव निवासी यादवन का पुरा, आशुतोष सिंह यादव पुत्र यजवेंद्र सिंह यादव निवासी ग्राम रेंजा, तहसील उमरी, सचिव शेरसिंह यादव पुत्र रामवीर यादव, पटवारी संजीव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन निवासी यादवन का पुरा बिलाव और राजकुमार दुबे निवासी ग्राम बिलाव शामिल हैं। हेरफेर कर गलत जानकारी दर्ज कीपरिवाद के अनुसार, जन्म तिथि से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर कर गलत जानकारी दर्ज की गई और उसके आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया। शिकायतकर्ता ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों और प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसलिए मामले की पुलिस जांच जरूरी है। कोर्ट ने थाना प्रभारी सिटी कोतवाली को आदेश का तत्काल पालन करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इसकी जानकारी कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद राजस्व और पंचायत विभाग में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। अब पुलिस एफआईआर दर्ज कर दस्तावेजों की जांच, संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल करेगी। इस मामले में एसआई देवीदीन अनुरागी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया गया है।
पन्ना में आबकारी विभाग ने लगातार दूसरे दिन अवैध शराब के खिलाफ शहर के कई ठिकानों पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आबकारी टीम ने सतना बैरियर पर बने साईं कृपा ढाबे पर तलाशी ली। यहां फ्रिज से किंगफिशर बीयर की 20 बोतलें और 27 कैन (कुल 26.5 बल्क लीटर) जब्त की गईं। मामले में आरोपी जितेंद्र राय (40 वर्ष, निवासी रानीगंज मोहल्ला) के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 36(क) के तहत केस दर्ज किया गया है। किराना दुकान की आड़ में बिक रही थी शराब आगरा मोहल्ला वेटनरी हॉस्पिटल रोड पर एक किराना दुकान की आड़ में अवैध शराब बेची जा रही थी। टीम ने यहां रोशन सिंह बुंदेला (27 वर्ष) की दुकान से देसी शराब के 46 पाव जब्त किए। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। खुले में शराब पीने वालों पर कसा शिकंजा आबकारी टीम ने बस स्टैंड, बेनीसागर तालाब, गल्ला मंडी और दहलान ताल जैसे इलाकों में रात के समय गश्त की। इस दौरान खुले में और सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही अंडा और नमकीन के ठेले और दुकान चलाने वालों को सड़क पर शराब न पिलाने की सख्त हिदायत दी गई।
मुरैना के पोरसा कस्बे में गुरुवार शाम 17 वर्षीय किशोरी ने आसान क्वारी नदी के पुल से छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने लड़की को कूदते देख पुलिस को सूचना दी। पोरसा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में किशोरी की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। देर रात तक किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल सका। अब शुक्रवार सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। रोते हुए लगाई छलांग प्रत्यक्षदर्शी भारत सिंह भदौरिया के अनुसार किशोरी पुल की रेलिंग पर नदी की ओर पैर लटकाकर बैठी रो रही थी। कुछ देर बाद उसने अचानक नदी में छलांग लगा दी। घटना देखते ही लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सगाई से नाखुश थी ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार किशोरी की करीब एक माह पहले परिजनों ने सगाई तय कर दी थी, जिससे वह खुश नहीं थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर वह अपने गांव से ई-रिक्शा के जरिए निकली, फिर बस से पोरसा पहुंची। इसके बाद वह आसान क्वारी नदी के पुल पर पहुंची और नदी में छलांग लगा दी। शुक्रवार सुबह से फिर शुरू होगा रेस्क्यू पोरसा थाना प्रभारी दिनेश कुशवाहा के अनुसार सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। फिलहाल किशोरी का कोई पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), जबलपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता को एक राष्ट्रीय तकनीकी समिति में सदस्य नामित किया गया है। नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (NCIIPC) और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) द्वारा गठित यह समिति देश के विद्युत क्षेत्र की साइबर सुरक्षा से संबंधित है। गुप्ता देश भर के सभी भार प्रेषण केंद्रों और राज्य स्तरीय विद्युत संस्थाओं में से चुने गए एकमात्र विशेषज्ञ अधिकारी हैं। यह प्रतिष्ठित तकनीकी समिति देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (CII) की सुरक्षा और मूल्यांकन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'कॉनफॉर्मिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क' (CAF) तैयार करेगी। इसका उद्देश्य पावर सेक्टर को बढ़ते साइबर खतरों और डिजिटल हमलों से बचाना है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस चयन को मध्य प्रदेश की तकनीकी दक्षता और विद्युत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति की राष्ट्रीय पहचान बताया। राजेश कुमार गुप्ता वर्तमान में जबलपुर स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र (एसएलडीसी) में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में एमपी-एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार मजबूत किया गया है, जो देश के अग्रणी मॉडलों में से एक है। इसके अतिरिक्त, वह विद्युत मंत्रालय के उस राष्ट्रीय कार्य समूह के भी सदस्य हैं, जो देश के लोड डिस्पैच केंद्रों के लिए आईटी-ओटी (IT-OT) अभिसरण आर्किटेक्चर का खाका तैयार कर रहा है। इस उच्चस्तरीय राष्ट्रीय समिति में आईआईटी मद्रास, डीआरडीओ और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) जैसे देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री ने राजेश गुप्ता को इस उपलब्धि पर बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि उनका अनुभव तथा विशेषज्ञता देश की महत्वपूर्ण विद्युत अवसंरचनाओं को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बिलासपुर में 495 पदों पर रोजगार मेला:फील्ड, कलेक्शन ऑफिसर, टेक्नीशियन समेत अलग-अलग पदों पर भर्ती
बिलासपुर में 22 जुलाई को जिला रोजगार और स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में एक रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें चार निजी नियोजकों की ओर से कुल 495 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इस रोजगार मेले में लाईफ मित्र, फील्ड ऑफिसर, कलेक्शन ऑफिसर और इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन जैसे पदों पर नियुक्तियां होंगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं और स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, तथा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अंकसूची एवं प्रमाण पत्रों की मूल प्रति और छायाप्रति लानी होगी। मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों को ई-रोजगार पोर्टल (erojgar.cg.gov.in) या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, उन्हें रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र भी लाना होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल, छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप या जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी, बिलासपुर से संपर्क कर सकते हैं।
बलौदाबाजार जिले के पलारी नगर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष यशवर्धन मोनू वर्मा और उनकी धर्मपत्नी ने पूजा-अर्चना कर रथयात्रा की शुरुआत की। पंडित अशोक महाराज ने श्रद्धालुओं को गजा-मूंग का प्रसाद वितरित किया। रथयात्रा बाजार चौक से शुरू होकर गांधी चौक, ठाकुर देव चौक, महामाया चौक, आजाद चौक, शांति नगर, बस स्टैंड, रायपुर रोड, बलौदा बाजार रोड, बघेल कॉलोनी और बाल समुद्र रोड से होते हुए वापस बाजार चौक पहुंची। पूरे रास्ते रामधुन, डीजे और जय जगन्नाथ के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं का उत्साह रथयात्रा के दौरान हल्की बारिश होती रही, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। महिलाएं, पुरुष और बच्चे घरों से बाहर निकलकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन करते रहे। नीम की लकड़ी से बनी हैं भगवान की प्रतिमाएं इस रथयात्रा की खास बात यह है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं पत्थर या धातु की नहीं, बल्कि नीम की लकड़ी से बनी होती हैं। इन्हें अधूरा स्वरूप माना जाता है, जो इस परंपरा की विशेष पहचान है। पुलिस ने संभाली सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए पलारी थाना पुलिस तैनात रही। सब-इंस्पेक्टर रागनी राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी संभाली। बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु रथयात्रा में यशवर्धन मोनू वर्मा, तुका राम वर्मा, देवेंद्र वर्मा, नरसिंह वर्मा, नेतरंजन निर्मलकर, भूषण ठेठवार, हरिशंकर, उमेश वर्मा, सुरेश, कुलेश्वर, रमेश सवारा, अनिल, रवि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए और प्रसाद ग्रहण किया। क्या है रथयात्रा का महत्व? भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारत के सबसे प्राचीन और प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर जाते हैं। पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तरह पलारी में भी यह आयोजन हर साल श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
स्कूली वाहनों पर यातायात पुलिस का शिकंजा:40 वैन चालकों पर कार्रवाई, 70 हजार का जुर्माना वसूला
शहर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 व 2, सेंट अलायसिस और सेंट जोसेफ सहित प्रमुख स्कूलों के बाहर बसों और वैनों की सघन जांच की गई। जांच में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा गाइडलाइंस और मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों का बारीकी से पालन सुनिश्चित किया गया। कई स्कूल वैन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती पाई गईं, जिसके बाद उन्हें जब्त कर सिविल लाइन थाने में खड़ा कराया गया। नियमों की अनदेखी करने वाले लगभग 40 स्कूल वैन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। मौके पर ही उनसे 70 हजार रुपये का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया। यातायात पुलिस ने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी। उन्हें बच्चों को स्कूल परिसर के अंदर ही चढ़ाने और उतारने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके। अभियान के तहत अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को ई-रिक्शा या ऑटो से स्कूल न भेजें, क्योंकि ये वाहन स्कूली परिवहन के लिए वैध श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके अतिरिक्त, लोक परिवहन से जुड़े ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त रखने और यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए गए। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
जबलपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार और चरमराती नागरिक व्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के नेतृत्व में यह प्रदर्शन 'कांग्रेस का शंखनाद' के रूप में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक लखन घनघोरिया ने शहर की व्यवस्थाओं को पूरी तरह ध्वस्त बताया। उन्होंने कहा कि गर्मी में जनता पीने के पानी को तरसती है, जबकि बारिश में पूरा शहर जलभराव की चपेट में आ जाता है। उन्होंने जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने के बावजूद सरकार पर स्वच्छता के अवार्ड बटोरने का आरोप लगाया। घनघोरिया ने यह भी कहा कि चार साल बाद भी मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) का पूर्ण गठन नहीं हो सका है और नियमानुसार 10 के बजाय केवल 5 सदस्यों के भरोसे परिषद चलाई जा रही है। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट ने आरोप लगाया कि जनता से भारी मात्रा में टैक्स वसूलने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। उन्होंने दावा किया कि निगम में बिना रिश्वत दिए आम जनता का कोई काम नहीं होता। भनोट ने निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का उदाहरण देते हुए कहा कि जनवरी में बनी सड़क बारिश तक जर्जर हो जाती है और साल के अंत में त्योहारों के समय उसे दोबारा मरम्मत करनी पड़ती है, यानी एक ही सड़क साल में तीन बार बनाई जा रही है। भनोट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनता के हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतर चुकी है और यह प्रदर्शन निगम के सुस्त अधिकारियों के लिए अंतिम चेतावनी है।
सिरसा जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं से मजदूरी कराने का आरोप लगा है। विद्यालय परिसर में छात्राओं से काम करवाते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। वीडियो में रात करीब 9 बजे छात्राओं को विद्यालय परिसर में काम करते हुए दिखाया गया है। इस घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्राओं का समय उनकी पढ़ाई, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए होना चाहिए, न कि उनसे किसी प्रकार का श्रम कराया जाए। शिक्षिका बोलीं- रंगोली बनाने के लिए कराई सफाई विद्यालय की शिक्षिका अमनदीप ने आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि गांव की गोशाला में राम कथा कार्यक्रम चल रहा था। जिसके तहत प्रभात फेरी से पहले पूरे गांव में रंगोली सजाई जाती है। शिक्षिका के अनुसार, एक गोभक्त के अनुरोध पर हॉस्टल वार्डन रात करीब 9:30 बजे कुछ छात्राओं के साथ विद्यालय के मुख्य गेट पर थोड़ी घास साफ करवाकर रंगोली बनाने लगी थीं। 'घटनाक्रम की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे' अमनदीप ने आगे बताया कि इसी दौरान गांव के लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी वायरल वीडियो से ही मिली। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारी बोले- प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण मांगा खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र जाखड़ ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने विद्यालय के प्रिंसिपल से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। जाखड़ ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हरदी में नवविवाहिता का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतका की पहचान आरती साहू के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। रिश्तेदारों के अनुसार, आरती साहू ने करीब दो साल पहले गांव के ही विश्वजीत बघेल से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों बाहर रहकर जीवन-यापन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वे दो दिन पहले ही अपने गांव हरदी लौटे थे। जमीन विवाद को लेकर प्रताड़ना का आरोप आरती के पिता ओमप्रकाश साहू का आरोप है कि उनकी बेटी को मायके की जमीन के बंटवारे को लेकर पति लगातार परेशान करता था। उनका कहना है कि इसी विवाद में आरती की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया। थाने में शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग रिश्तेदारों ने नवागढ़ थाना में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, रिश्तेदारों के हत्या के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
बैतूल जिले के चिचोली थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुई गैंगरेप और हत्या की घटना में गुरुवार को जिला कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया। करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र जज दिनेश चंद्र थपलियाल ने दोनों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा गैंगरेप, बार-बार दुष्कर्म और सबूत छिपाने के मामले में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई। दोनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। घर से ले जाकर पहले गैंगरेप किया फिर हत्या कर दीमामले के अनुसार, घटना वाली रात शादीशुदा महिला अपने पति के साथ घर में सो रही थी। अगली सुबह पति की नींद खुली तो पत्नी घर में नहीं मिली। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के पास मंगलू के खेत के नाले में महिला का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे पति ने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की। उसके गले में साड़ी का फंदा था और शरीर पर चोट के निशान थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टी हुईपोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ गैंगरेप की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या, गैंगरेप और सबूत मिटाने के मामले में जांच शुरू की। जांच के दौरान एफएसएल की वैज्ञानिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। इन्हीं सबूतों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा गैंगरेप के मामले में 20-20 साल का सश्रम कारावास, बार-बार दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल का सश्रम कारावास और सबूत छिपाने के मामले में 5-5 साल का सश्रम कारावास दिया। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस मामले में सरकार की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने पक्ष रखा। एफएसएल रिपोर्ट, अन्य सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
जोधपुर की शास्त्री नगर थाना पुलिस ने बुलेट चोरी की वारदात का 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने फार्मा गोदाम का ताला तोड़कर अंदर खड़ी रॉयल एनफील्ड बुलेट चुराने वाले शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी की बुलेट भी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार- पटेल बस्ती खेमे का कुआ पाल रोड के रहने वाले लक्ष्मीनारायण ने 15 जुलाई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी सनरल फार्मा प्राइवेट लिमिटेड नाम से फार्मा कंपनी का गोदाम है। 14 जुलाई की रात को वे गोदाम का ताला लगाकर घर गए थे। अगले दिन सुबह जब वे वापस आए तो गोदाम का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर परिसर में खड़ी बुलेट गायब थी। रूट मैप ट्रैक किया वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने गोदाम के आसपास और आरोपी के भागने वाले रास्तों के करीब 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की। पुलिस ने आरोपी अणदाराम (29) पुत्र दौलाराम निवासी जाखड़ों की ढाणी नारवा सूरसागर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बुलेट जब्त कर ली। मामले के खुलासे में शास्त्री नगर थानाधिकारी दिनेश लखावत, एसआई शैतान चौधरी, एएसआई ओमप्रकाश के साथ-साथ एएसआई थानाराम और कॉन्स्टेबल फरसाराम शामिल रहे। कॉन्स्टेबल फरसाराम की मामले के खुलासे में विशेष भूमिका रही।
कोंडागांव के फरसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बानगांव में गुरुवार शाम खेत में काम कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। हादसे के समय किसान अपने बेटे के साथ धान की बोआई कर रहा था। जानकारी के अनुसार, बानगांव निवासी मनसूराम नेताम अपने बेटे अमित नेताम के साथ खेत में धान की बोआई कर रहा था। शाम करीब 5 बजे मौसम अचानक बदला और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान खेत में आकाशीय बिजली गिर गई। जिसकी चपेट में पिता और बेटा दोनों आ गए। बिजली गिरने के बाद दोनों खेत में गिर पड़े। कुछ देर बाद अमित नेताम को होश आया। उसने तुरंत गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित ग्रामीणों ने 108 संजीवनी एम्बुलेंस की मदद से मनसूराम नेताम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव पहुंचाया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फरसगांव पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। बारिश के मौसम में बढ़ा खतरा इन दिनों जिले में लगातार गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। ऐसे मौसम में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वालों के लिए आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील कर रहा है। परिवार को मुआवजा देने की मांग घटना के बाद ग्रामीणों ने शासन से मृतक किसान के परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
कोरबा में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। रथ यात्रा शहर के सीतामढ़ी स्थित प्राचीन राम-जानकी मंदिर से शुरू हुई। वहीं दादर बस्ती में भी 125 साल पुरानी परंपरा के तहत रथ यात्रा निकाली गई। सीतामढ़ी के राम-जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान जगन्नाथ का रथ मंदिर परिसर से बाहर लाया गया। रथ चलते ही श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए। रथ यात्रा में महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। पूरे रास्ते भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह हुई आरती और भंडारे यात्रा मार्ग में कई जगह श्रद्धालुओं ने रथ रोककर भगवान की आरती उतारी और फूल-माला अर्पित की। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। करमा और मदार की थाप पर झूमे श्रद्धालु रथ यात्रा के दौरान करमा और मदार की थाप पर युवा और महिलाएं नाचते-गाते चले। कई जगह जस गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दादर बस्ती में निभाई गई 125 साल पुरानी परंपरा शहर से लगे दादर बस्ती में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 125 वर्षों की परंपरा के अनुसार निकाली गई। कोरबा शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। बुजुर्गों ने बताया कि यह यात्रा वर्षों से आस्था और आपसी भाईचारे का प्रतीक रही है। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम रथ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। सीतामढ़ी और दादर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगाई गई। आस्था और संस्कृति का संगम भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कोरबा की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। भक्ति, संगीत और सामुदायिक एकता के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।
जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल (एमपीएस), जवाहर नगर ने अपने 49वें स्थापना दिवस के अवसर पर 2 दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया। इस गरिमामयी आयोजन के साथ ही विद्यालय के ‘स्वर्ण जयंती वर्ष’ का शानदार शुभारंभ हुआ। शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा को समर्पित इस समारोह में विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा, विद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप की अद्भुत झलक देखने को मिली। पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मनसमारोह के प्रथम दिन के मुख्य अतिथि प्रख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी अशोक बागला और किशोर कुमार मालपानी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सृजनात्मकता से ओत-प्रोत नृत्य-नाटिकाओं, सुमधुर संगीत और रंगमंचीय प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, विद्यालय के कैडेट्स के अनुशासित मार्च पास्ट और प्रदर्शन ने सभी की खूब तालियां बटोरीं। दूसरे दिन पहुंचे IPS अधिकारी, हुआ भव्य स्वागतसमारोह के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रामेश्वर सिंह (IPS), पुलिस महानिरीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), जयपुर तथा आनंद शर्मा (IPS), पुलिस महानिरीक्षक, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) उपस्थित रहे। सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के बाद अतिथियों का पारंपरिक साफा, शॉल, पुष्पमाला, हरित स्वर्ण पौधे और स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। 'राइज ओलंपियाड' की घोषणा: मेधावियों को मिलेगी ₹2 लाख तक की छात्रवृत्तिइस ऐतिहासिक अवसर पर एजुकेशन कमेटी ऑफ माहेश्वरी समाज (ECMS) ने विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नई पहल **'राइज ओलंपियाड'** की घोषणा की। इस योजना के तहत प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए नया मंच प्रदान किया जाएगा और उन्हें **दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप)** दी जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स को मिला 'एक्सीलेंस अवॉर्ड'समारोह के दौरान शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में सालभर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार विद्यार्थियों को 'एक्सीलेंस अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। अपने बच्चों को सम्मानित होते देख उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरे गर्व से खिल उठे। संस्था के पदाधिकारियों ने साझा किया राष्ट्र निर्माण का संकल्पइससे पहले, ईसीएमएस (ECMS) के अध्यक्ष उमेश सोनी ने स्वागत भाषण दिया। उपाध्यक्ष निर्मल डागर ने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़े परिश्रम और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं, महासचिव (शिक्षा) कमल सोमानी, कोषाध्यक्ष अरुण मालू, भवन मंत्री प्रवीण लड्ढा तथा विद्यालय के मानद सचिव सीए संजय बांगड़ ने संस्था की भावी विकास योजनाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साझा किया।
भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी पर अपनी ही संगठन की छात्रा से दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोपों के विरोध में गुरुवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर एनएसयूआई का पुतला फूंका और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कीएबीवीपी के विभाग संयोजक हेमंत रावत ने कहा कि किसी भी छात्रा के साथ हुई ऐसी घटना के आरोपों की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी ने अपनी ही संगठन की 23 वर्षीय जनजातीय छात्रा कार्यकर्ता को बैठक के बहाने फ्लैट पर बुलाया। वहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया। संगठन का यह भी आरोप है कि जब पीड़िता शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो उसे संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धमकाने और रोकने का प्रयास किया। पीड़िता की शिकायत पर केस दर्जपीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सुभाष यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने दावा किया कि यह एनएसयूआई से जुड़ा पहला मामला नहीं है। संगठन ने पहले सामने आए कुछ मामलों का भी उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत बताई। एबीवीपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर समाज में मजबूत संदेश जाए। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और महिला सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शन में मंदसौर के जिला और नगर पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
नीमच जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। खून चढ़ने के बाद बिगड़ी थी तबीयत रामपुर निवासी ग्यारसी बाई (60) को चार दिन पहले खून की कमी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार चार दिनों में महिला को तीन बोतल खून चढ़ाया जा चुका था। गुरुवार को आखिरी बोतल चढ़ने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें तेज ठंड लगने लगी। घबराए परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को बुलाने के लिए करीब 10 बार गुहार लगाई, लेकिन कोई भी मरीज को देखने नहीं पहुंचा। स्टाफ ने यह कहकर टाल दिया कि साहब आएंगे तब देखेंगे। पोती बाेली- बेड से नीचे गिरीं, फिर भी नहीं पसीजा स्टाफ आरोप है कि जब मरीज को टॉयलेट ले जाने के दौरान वह बेसुध होकर बेड से नीचे गिर पड़ीं। मृतक महिला की पोती दिव्या योगी ने आरोप लगाया कि जब वे दोनों भाई-बहन मिलकर अपनी बुजुर्ग दादी को जमीन से उठा रहे थे, तब वार्ड में मौजूद स्टाफ मूकदर्शक बनकर तमाशा देखता रहा। किसी ने भी मदद करने या आपातकालीन इंजेक्शन देने की जहमत नहीं उठाई। मौत के 3 घंटे बाद तक लगी रही कैनुला बुजुर्ग महिला ने गुरुवार शाम 5 बजे दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि मौत के तीन घंटे बाद यानी रात 8 बजे तक भी किसी डॉक्टर या नर्स ने मृतका के हाथ में लगी खून चढ़ाने वाली सुई (कैनुला) तक नहीं निकाली। जब परिजन इसकी शिकायत करने गए, तो स्टाफ पर्ची और कागजात पूछकर बात टालने लगा। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय कुमार शर्मा को अंतरिम राहत देते हुए राज्यपाल सचिवालय के 3 जुलाई 2026 के आदेश में की उस टिप्पणी के प्रभाव पर रोक लगा दी है। इसमें कहा गया था कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच रिपोर्ट में सही पाए गए हैं। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने मामले में राज्यपाल सचिवालय को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही स्थगन आवेदन पर भी नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट रमित मेहता और तरुण दूदिया ने कोर्ट को बताया कि कुलपति ने कर्मचारी की पुनर्बहाली संबंधी आदेश को चुनौती नहीं दी है। उनकी आपत्ति केवल उन टिप्पणियों पर है, जिनमें कहा गया कि उन्होंने अध्यादेश 327 (5) का दुरुपयोग किया, उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच में सही पाए गए। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय का दिया हवाला कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि जांच समिति ने केवल मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को सही माना था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए कुलपति के विरुद्ध यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच नहीं की, क्योंकि नियोक्ता के खिलाफ ऐसी जांच उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं थी। प्रथमदृष्टया दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक टिप्पणी के संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
राजस्थान पुलिस के सेवानिवृत्त महानिदेशक (जेल) अरुण दुगड़ के निधन पर पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कुमार शर्मा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा- अरुण दुगड़ एक बेहद कुशल, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान राजस्थान पुलिस को सशक्त बनाने और जनसेवा की भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य किया। पुलिस विभाग और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। पुलिस परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजल डीजीपी ने स्वर्गीय दुगड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसके साथ ही, संपूर्ण राजस्थान पुलिस परिवार ने भी पूर्व डीजी अरुण दुगड़ के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र के दादर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह नोच दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद लोगों में नाराजगी है। मृतक की पहचान 5 साल के प्रकाश पटेल के रूप में हुई है। वह किशोर पटेल का बेटा था और पहली कक्षा में पढ़ता था। परिवार मूल रूप से जांजगीर जिले का रहने वाला है और दादर में मजदूरी कर जीवन-यापन करता है। पिता ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 4 बजे वह एक घर में मजदूरी कर रहे थे। प्रकाश उनसे मिलने आया था। कुछ देर बाद वह अकेले घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में 5 से 6 आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। चीख सुनकर मौके पर पहुंचे पिता पिता ने बताया कि बेटे की चीख सुनते ही वह दौड़कर पहुंचे। तब तक कुत्ते प्रकाश को घसीट-घसीटकर नोच रहे थे। बच्चे के सिर, गले और गुप्तांग के पास गंभीर चोटें आई थीं। किसी तरह कुत्तों को भगाकर वह बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रकाश को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर मानिकपुर चौकी पुलिस पहुंची। अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आवारा कुत्तों से लोग परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि दादर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर कई बार कुत्तों के झुंड हमला कर चुके हैं। शिकायतों के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की घटना के बाद रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए जल्द विशेष अभियान चलाया जाए।
सीएम योगी कल 17 जुलाई को गाजियाबाद में पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा पर सुरक्षा व्यवस्था की मीटिंग भी करेंगे। मुरादनगर स्थित डिग्री कॉलेज से लेकर कलेक्ट्रेट तक सीएम के दौरे को लेकर तैयारियां चलती रहीं। बिजली की पोल पर करंट न उतरे इसके लिए पॉलिथिन ढककर कवर किए गए हैं, बिजली के ट्रांसफार्मर पुराने से नए रखे गए। कार्यक्रम स्थल पर पेड़ों पर भी रंगाई पुताई की गई। जहां अलग अलग स्थानों पर साफ सफाई भी चलती रही। भाजपा नेता अंकुर गोयल ने कहा कि पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी ने मीट प्लांट बंद कराकर इस क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा काम किया। गाजियाबाद की मुरादनगर विधानसभा से 6 बार विधायक रहे और सरकार में मंत्री भी बने। इस समय उनके बेटे अजीतपाल त्यागी इसी मुरादनगर सीट से दूसरी बार विधायक हैं। कार्यक्रम के लिए 1200 जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। यह कार्यक्रम तेजपाल सिंह त्यागी कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कॉलेज मुरादनगर में है,कॉलेज पूर्व मंत्री के भाइयों के नाम पर है। जानिए कौन हैं पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी राजपाल त्यागी का जन्म 10 जनवरी 1947 को बागपत जिले के मुकारी गांव में हुआ। एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद वह गाजियाबाद में अधिवक्ता रहे और गाजियाबाद बार एसोसिएशन के सचिव और अध्यक्ष भी चुने गए। वह मुरादनगर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक चुने गए। और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 18 जुलाई 2025 को पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी का निधन हुआ। वह 1989 में पहली बार विधायक बने थे। पिता से बहुत कुद सीखने को मिला पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी के दो बेटे हैं गिरीश त्यागी और अजीतपाल त्यागी। अजीतपाल त्यागी इस समय मुरादनगर सीट से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पिता ने इस क्षेत्र में जनता की हमेशा बहुत ही सादगी से सेवा की। हर मिलने वाले की वह पूरी बात सुनकर मिलते थे। मुरादनगर विधानसभा ने उन्होंने पहला डिग्री कॉलेज दिया। हमेशा ईमानदारी, सादगी में रहकर गरीबों की सेवा की। मुझे राजनीति में उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। यह क्षेत्र उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। क्षेत्र में बहुत ही योगदान रहा आरएलडी के नेता दीपक चौधरी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी बहुत ही लोकप्रिय रहे। उनके योगदान को आज भी लोग याद करते थे। पूर्व में सड़कें नहीं थी, कॉलेज नहीं थे। उन्होंने हमेशा विकास के लिए इस क्षेत्र को बहुत ऊंचाईयों पर पहुंचाया। हर वर्ग को साथ लेकर चलते थे भाजपा के मुरादनगर शहर मंडल अध्यक्ष राहुल गोयल ने कहा कि राजपाल त्यागी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलते थे। एक ही विधानसभा से 6 बार विधायक बनना बहुत ही गर्व की बात रही। हर कार्यकर्ता की वह पूरी बात सुनते थे। जो भी एक बार मिलता था उसे भूलते नहीं थे। उनके द्वारा जिस कॉलेज की नींव रखी गई अब उनकी प्रतिमा का अनावरण करने खुद सीएम आ रहे हैं।
दतिया में नाबालिग से गैंगरेप:आरोपियों के परिजनों ने गर्भपात कराया, दो चचेरे भाइयों समेत छह पर केस
दतिया में चिरूला थाना क्षेत्र में 17 साल की किशोरी से गैंगरेप के बाद गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। गुरुवार को पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो चचेरे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार किशोरी ने रिपोर्ट में बताया कि, मई माह में वह खेत पर बने कमरे में मूंगफली भरने गई थी। इसी दौरान उसके दो चचेरे भाई कमरे में घुस आए। आरोप है कि दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उसने घटना की जानकारी परिवार को नहीं दी। अस्पताल में चोरी छिपे कराया गर्भपातकुछ समय बाद मासिक धर्म (पीरियड) नहीं आने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे जिला अस्पताल लेकर गई। जहां जांच में प्रेग्नेंट होने की पुष्टि हुई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ड्राइवर और आरोपियों के परिजन उसे झांसी के अस्पताल ले गए। पीड़िता ने बताया की मेरी जानकारी और सहमति के बिना गर्भपात करा दिया गया। घर लौटने के बाद उसने पूरी घटना अपने पिता को बताई। पिता के आरोपियों से विवाद के बाद गुरुवार को दोनों थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दीपू कुशवाहा, अभिराज कुशवाहा सहित छह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, गर्भपात कराने और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के नारी निकेतन, बालिका गृह, बाल गृह और फोस्टर होम की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा- हमारे समक्ष पेश किए गए हलफनामे वास्तविक जानकारी देने के बजाय एक जैसे तैयार किए गए (कॉपी-पेस्ट) दस्तावेज हैं, जिन पर अधिकारियों ने केवल हस्ताक्षर कर दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने जयपुर और जोधपुर से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बता दें कि यह मामला अलवर बालिका गृह में रह रही बालिकाओं की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें संस्था को अनुदान नहीं मिलने और अन्य बुनियादी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों के नारी निकेतन, बालिका गृह, ऑब्जर्वेशन होम और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अधिकारी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा- पूर्व आदेश के अनुसार सभी संस्थानों की वास्तविक जरूरतों, उपलब्ध सुविधाओं, कर्मचारियों की स्थिति और कमियों का अलग-अलग विवरण प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खंडपीठ ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के अधिकारी अपने-अपने संस्थान की वर्तमान स्थिति का विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। इसके साथ ही भवन, आवासीय व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की नवीनतम तस्वीरें (फोटोग्राफ्स) भी रिकॉर्ड पर पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब केवल औपचारिक रिपोर्टों से संतोष नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई अब 20 जुलाई को होगी।
सुकमा में 10.7 किलो गांजा जब्त:तेलंगाना के 2 तस्कर गिरफ्तार; वाहन जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी
सुकमा जिले में पुलिस के विशेष अभियान आगाज के तहत कोंटा पुलिस ने 10.700 किलो गांजा के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा के मलकानगिरी से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ के रास्ते तेलंगाना ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10.700 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 5.35 लाख रुपए है, जब्त किया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की गई। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 6.73 लाख रुपए बताई गई है। वाहन जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी एसपी मयंक गुर्जर के निर्देश पर 16 जुलाई को कृष्णा मंदिर चौक-ढोढरा मार्ग पर वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक्टिवा पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर एक बोरी में 10.700 किलो गांजा मिला। मलकानगिरी से खरीदकर तेलंगाना ले जा रहे थे गांजा पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमीन बसीर शाह (39) और वी. नरेश (22), दोनों निवासी रंगा रेड्डी (तेलंगाना), के रूप में बताई। उन्होंने बताया कि गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से खरीदकर तेलंगाना में बेचने के लिए ले जा रहे थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कोंटा थाना में अपराध क्रमांक 20/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(2)(ख) के तहत कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। एसपी की अपील एसपी मयंक गुर्जर ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए आगाज़ अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से लगातार अवैध अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी करवड़ गांव में एक्शन लिया गया। केंद्रीय पर्यटन एवं सस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कल जोधपुर आएंगे। इसके बाद वे यहां से जैसलमेर के लिए रवाना होंगे। इधर, शहर में गुरुवार को टीम की ओर से सीएनजी पंपों का निरीक्षण किया गया। शहर की खबरों के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग…
हरदोई में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। ओडिशा की विश्वविख्यात रथयात्रा की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 'महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी सेवा समिति' और 'ओमर वैश्य समाज, हरदोई' के तत्वावधान में यह यात्रा शाम 6 से 7 बजे के बीच रामदत्त चौराहे से वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ शुरू हुई। रथयात्रा रामदत्त चौराहा, बड़ा चौराहा, सिनेमा चौराहा और गांधी तिराहा होते हुए रेलवेगंज स्थित हनुमान मंदिर चौराहे पर पहुंची। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई और पूरा शहर 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। देखें, 3 तस्वीरें… यात्रा का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके, भाजपा नेता भानु प्रताप सिंह और विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु गुप्ता ने विधिवत पूजन-अर्चन कर किया। पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथ का स्वागत किया। कई स्थानों पर प्रसाद, पेयजल, बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया। शहर के व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान छोड़कर महाप्रभु के दर्शन किए और यात्रा का स्वागत किया। रथयात्रा में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। बजरंग दल के पदाधिकारियों सहित सीए दिवाकर गुप्ता, सुनील ओमर, अनिल ओमर, ज्ञानचंद ओमर, राज कपूर ओमर, राम ओमर, दिनेश ओमर, अलका ओमर और शालिनी ओमर समेत समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस बल मार्ग पर तैनात रहा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखी। आयोजन समिति ने इसे सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और जनआस्था का उत्सव बताया। समिति ने सभी श्रद्धालुओं, प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग:फायर एक्सटिंग्विशर से समय रहते बुझ गई, कोई जनहानि नहीं
लखनऊ के कानपुर रोड स्थित कृष्णानगर के बारावीरवा इलाके में गुरुवार शाम 8 बजे एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते दुकान धुएं से भर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदारों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पा लिया। सूचना मिलने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पूरी तरह बुझ चुकी थी। जानकारी के अनुसार, बारावीरवा स्थित बेसमेंट समेत तीन मंजिला व्यावसायिक भवन सुभाष अग्रवाल का है। भवन में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य प्रतिष्ठान संचालित हैं। इनमें कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को एलडीए पहले ही सील कर चुका है। इसी भवन के बेसमेंट और प्रथम तल पर हिंद नगर एलडीए कॉलोनी सेक्टर-सी निवासी परमजीत सिंह की विंकल ऑटो पार्ट्स (हुंडई) की दुकान है। गुरुवार शाम को दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। कुछ ही देर में पूरा परिसर धुएं से भर गया। आसपास के दुकानदारों और कर्मचारियों ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग बुझा दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और न ही कोई बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
नगर निगम में गुरुवार को नगर आयुक्त ने प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कई जोनल अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार विकास सिंह को जोन-7 का नया जोनल अफसर बनाया गया है। वह अब तक जोन-8 की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी क्रम में जोन-7 के टैक्स सुपरिंटेंडेंट अजीत राय को पदोन्नति देते हुए जोन-3 का जोनल अफसर नियुक्त किया गया है। वहीं जोन -3 में तैनात मनोज यादव को अब जोन -2 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक फेरबदल में कर निर्धारण अधिकारी नंदकिशोर को नगर स्वास्थ्य अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आशीष सिंह को जोन-8 का जोनल अफसर नियुक्त किया गया है। न नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह फेरबदल कार्यों में तेजी लाने और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026' पारित कर दिया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए रिस्क बेस्ड और ट्रस्ट बेस्ड बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू होगा। अधिनियम का उद्देश्य उद्योगों और कारोबार की स्थापना व संचालन की प्रक्रिया को आसान बनाना, अनावश्यक नियमों को कम करना, खासकर एमएसएमई के लिए पारदर्शी, तेज और उद्यम-अनुकूल माहौल तैयार करना है। जोखिम के आधार पर मिलेगी मंजूरी नई व्यवस्था में उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर होगा। कम जोखिम वाले छोटे कारोबारों को आसान और त्वरित मंजूरी मिलेगी। अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और तय समय में स्वीकृति की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। इससे छोटे कारोबारियों को बड़ी परियोजनाओं जैसी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। सेल्फ सर्टिफिकेशन से बढ़ेगी सुविधा कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार विभागीय निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या लाइसेंसधारी इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाणन की सुविधा मिलेगी। इससे अनुमति प्रक्रिया तेज, आसान और जवाबदेह बनेगी। हर साल लाइसेंस नवीनीकरण से मिलेगी राहत अधिनियम के तहत हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति के नवीनीकरण की अनिवार्यता खत्म होगी। जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू होने से उद्यमियों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी। इससे कारोबार के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा। एमएसएमई को मिलेंगी कई बड़ी सुविधाएं एमएसएमई इकाइयों को जल प्रदाय की अनुमति स्व-घोषणा के आधार पर मिलेगी। सोसायटी या फर्म का पंजीयन तय समय में होगा। भवन अनुज्ञा सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाण-पत्र के आधार पर जारी की जा सकेगी। तय समय में विभाग फैसला नहीं लेता है तो पात्र मामलों में अनुमति स्वत: स्वीकृत मानी जाएगी। अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और भौतिक निरीक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। 8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल अधिनियम के तहत राज्य के 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली में शामिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर कार्यपालिका परिषद की मंजूरी के बाद नई सेवाएं भी जोड़ी जा सकेंगी। तीन स्तर पर होगी निगरानी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनेगी। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति जिम्मेदारी निभाएगी। दोनों समितियां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली परिषद के मार्गदर्शन में काम करेंगी। 15 लाख से अधिक एमएसएमई को मिलेगा लाभ सरकार का अनुमान है कि इस सुधार से राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सीधा लाभ मिलेगा। भरोसे, स्व-घोषणा और समयबद्ध सेवाओं पर आधारित व्यवस्था से कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी। अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में निगरानी और परीक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। निवेश को मिलेगा नया बढ़ावा 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026' राज्य में पारदर्शी, सरल, पूर्वानुमेय और निवेश-अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिंडरा के खंतार यादव बस्ती से 9 वर्षीय नितिन यादव लापता हो गया है। वह बुधवार शाम करीब 5 बजे घर के बाहर हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों ने बताया कि नितिन यादव, पिता लल्लू यादव, स्कूल से लौटने के बाद घर के बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर ग्रामीणों के साथ खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चित्रकूट एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे और मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग जंगलों में कर रहा तलाशगुरुवार सुबह से वन विभाग के कर्मचारियों के साथ घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। बच्चे की तलाश के लिए पुलिस ने साइबर सेल, डॉग स्क्वायड, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और क्यूआरएफ (त्वरित प्रतिक्रिया बल) की टीमों को भी लगाया है। जंगल, खेत, जलस्रोत और आसपास के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बच्चे का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के सजेती थाना इलाके में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके सगे मामा और उसके ड्राइवर ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। गुरुवार 16 जुलाई को पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि यह घटना 15 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे हुई। उनकी बेटी चौराहे पर सामान लेने गई थी, जहां उसका सगा मामा अपने ट्रक चालक के साथ मौजूद था। आरोप है कि मामा और चालक ने लड़की को बहला-फुसलाकर ट्रक में बिठा लिया। अरोपियों ने बच्ची को बेरहमी से पीटा ट्रक के भीतर ही दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा गया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को उसी ट्रक से घाटमपुर की तरफ ले जा रहे थे। रात करीब 3 बजे, जब ट्रक अलियापुर टोल प्लाजा से गुजर रहा था, तो पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सड़क पर गिरने से उसे चोटें आईं। उसने तुरंत अपने पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। पीड़िता के पिता उसे लेकर सजेती थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। उन्होंने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। थाना प्रभारी अनुज कुमार ने बताया- पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नर्मदापुरम में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर गुरुवार को नर्मदापुरम में भगवान श्री जगन्नाथ की दो भव्य रथयात्राएं श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गईं। पहली रथयात्रा डोंगरवाड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली, जबकि दूसरी शाम 6:30 बजे शहर के प्राचीन श्री जगदीश मंदिर से प्रारंभ हुई। दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को अपने हाथों से खींचा और जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। धर्मध्वजा और घोड़ों की अगुवाई में निकली रथयात्राश्री जगदीश मंदिर से निकली रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान रहे। सबसे आगे श्रद्धालु धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे, जबकि छह सजे-धजे घोड़े आकर्षण का केंद्र बने। भजन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह से रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा जगदीश मंदिर से सेंट्रल बैंक, सराफा बाजार, मोरछली चौक और इंदिरा चौक होते हुए जनकपुरी पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारकर भगवान के दर्शन किए। 15 दिन बाद नगर भ्रमण पर निकले भगवानपरंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ 15 दिनों तक अनासर काल में विश्राम और औषधीय उपचार के बाद पहली बार भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकले। बड़ी संख्या में नगरवासी प्रभु के दर्शन के लिए मार्ग पर उमड़े रहे। रथयात्रा के पहले दिन भगवान का रथ जनकपुरी में विश्राम के लिए रुका। शुक्रवार को रथयात्रा ग्वालटोली स्थित काली मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान दो दिन तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रथ जयस्तंभ चौक पहुंचेगा। डोंगरवाड़ा से भी निकली भव्य रथयात्राइधर, डोंगरवाड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भी भगवान की रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह के साथ निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में रथ को अपने हाथों से खींचकर भगवान के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट की।
जयपुर में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय महाठग गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने पकड़ा। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कुख्यात आरोपी सचिन कुमार उर्फ आच्चू (27) पुत्र मंपा सांसी निवासी बड़सी जिला भिवानी (हरियाणा) और सुरेंद्र सांसी (42) पुत्र गज्जे सिंह निवासी थुराना जिला हांसी (हरियाणा) को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने करीब 250 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से पीछा कर आरोपियों को दबोचा। दोनों आरोपी साल 2019 से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एटीएम ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने करीब 500 वारदातें करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन से अधिक एटीएम-डेबिट कार्ड, वारदात में शामिल मोटरसाइकिल और नकद राशि बरामद की है। एटीएम कार्ड बदलकर उड़ाए जाते थे रुपए डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- 8 जून को परिवादी मदन सिंह मीणा बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम (दादी का फाटक अंडरपास बैनाड़ रोड) से रुपए निकालने गए थे। इसी दौरान दो युवक एटीएम बूथ में आए और बातचीत में उलझाकर उनका एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड बदल लिया। बाद में उसी कार्ड से खाते से रुपए निकाल लिए गए। इस संबंध में झोटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। 900 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद मिली सफलता मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित रूट पर लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। पुराने एटीएम ठगों का डेटा खंगाला गया। तकनीकी विश्लेषण किया गया और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। लगातार निगरानी के बाद 15 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी सचिन कुमार ने बताया- गैंग का संचालन मैं करता था। गैंग का नाम SS सांसी हांसी हिसार रखा था। इसमें S से सचिन और S से सुरेंद्र का नाम शामिल है। आरोपी पहले तय करते थे कि किसी शहर में जाकर कम से कम चार से पांच वारदातें करनी हैं। वे एटीएम बूथों के आसपास रेकी करते और आसान शिकार की तलाश करते थे। वारदात के बाद ऐसे बचते थे पुलिस से आरोपी वारदात के बाद मुख्य सड़कों से बचते हुए गलियों के रास्ते निकलते थे। मोटरसाइकिल को बस स्टैंड या सिटी कैंप की पार्किंग में खड़ा कर सरकारी बस से अपने गांव लौट जाते थे। इससे पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सके। पांच राज्यों में फैला था नेटवर्क पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 500 एटीएम ठगी की वारदातें की हैं। कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से इस गैंग की तलाश कर रही थी।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में फ्लैट बिक्री और राजस्व के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। डीडीए ने अप्रैल से जून के बीच 1,284 फ्लैट बेचकर 1,020 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 462 करोड़ रुपए की तुलना में 120 प्रतिशत अधिक है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में उप-नगरों के विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे पर किए गए कार्यों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। डीडीए का कहना है कि उसकी आवासीय योजनाओं में जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और सभी आय वर्गों के लोगों ने फ्लैट खरीदने में रुचि दिखाई है। 31 जुलाई तक बढ़ाई योजनाएं इस तिमाही में नरेला सबसे बड़ा आवासीय हॉटस्पॉट बनकर उभरा। यहां 1,153 फ्लैट बिके, जो कुल बिक्री का करीब 90 प्रतिशत है। अधिकारियों के अनुसार, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) और प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के कारण नरेला की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। डीडीए की वर्तमान योजनाओं- कर्मयोगी आवास योजना, नागरिक आवास योजना और टावरिंग हाइट्स (कड़कड़डूमा) के तहत फ्लैटों की बिक्री की जा रही है। ये योजनाएं 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। सभी फ्लैट ‘रेडी-टू-मूव’ और फ्रीहोल्ड हैं तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े कुल बेचे गए फ्लैट: 1,284 कुल राजस्व: 1,020 करोड़ रुपए पिछले वर्ष की पहली तिमाही का राजस्व: 462 करोड़ रुपए राजस्व में वृद्धि: 120% नरेला में बिके फ्लैट: 1,153 (करीब 90%) किस श्रेणी में कितने फ्लैट बिके एमआईजी (मिडिल इनकम ग्रुप): 435 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): 336 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप): 322 एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप): 191 सफलता के पीछे ये कारण नरेला में बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर ऑनलाइन बिक्री। आसान होम लोन विकल्प और डिजिटल हेल्पडेस्क। वॉट्सएप चैटबॉट और सैंपल फ्लैट जैसी सुविधाएं। वित्त वर्ष 2025-26 में भी डीडीए ने 11,764 फ्लैट बेचकर रिकॉर्ड बनाया था।
मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने कार्रवाई की है। कस्बा मांट स्थित एक निजी क्लीनिक को गुरुवार शाम करीब 6 बजे सील कर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक की तहरीर पर अपंजीकृत चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जाबरा के मजरा नया नगला निवासी रामगोपाल अपने पांच वर्षीय पुत्र निखिल को बुधवार को बुखार आने पर इलाज के लिए मांट कस्बे में निरंजन कुमार विश्वास के क्लीनिक पर ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद बालक की हालत बिगड़ गई। घबराए परिजन निखिल को तत्काल दूसरे चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गुरुवार को सीएचसी मांट के अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान क्लीनिक के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया। इसके बाद डॉ. तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमर नाथ यादव ने बताया कि मृतक बालक के परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सीकर में श्रीकल्याण धाम मंदिर के पास स्थित पुराने माधव स्कूल का कैंपस कल्याण मंदिर को हैंडओवर बरकरार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है। राज्य सरकार ने मंदिर पक्ष के पक्ष में आए फैसले के विरुद्ध रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) दायर किया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। साथ ही मंदिर पक्ष के पक्ष में दिए गए फैसले को यथावत बरकरार रखा है। गौरतलब है कि श्रीकल्याण धाम मंदिर से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट मंदिर पक्ष के अधिकारों को स्वीकार करते हुए फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए रिव्यू पिटीशन दायर की थी। कोर्ट ने कहा- पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि पहले दिए गए फैसले में किसी प्रकार के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया गया। साथ ही मंदिर के पक्ष में दिया गया फैसला पूर्ण रूप से प्रभावी व यथावत बना हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश की पालना में शिक्षा विभाग को मंदिर परिसर के एक कमरे में रखा विद्यालय का सामान तय समय में हटाकर परिसर का पूरा कब्जा मंदिर पक्ष को सौंपने तथा जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर को कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद मंदिर पक्ष और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य, न्याय व कानून के शासन की जीत बताया है। श्रीकल्याण धाम मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार आ रहे आदेशों से मंदिर के अधिकारों पर न्यायिक मुहर मजबूत हुई है।
हरदोई में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। कलेक्ट्रेट स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित इस बैठक में 15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से संबंधित विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान प्रगति, प्राप्त धनराशि और उसके सापेक्ष कराए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने 15वें वित्त एवं राज्य वित्त आयोग के तहत स्वीकृत सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता और शासनादेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। केंद्रीय वित्त से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखना चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) तथा स्वच्छता संबंधी परिसंपत्तियों के रख-रखाव की समीक्षा की। उन्होंने गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के गठन, समूहों को मिलने वाली वित्तीय सहायता और महिला सशक्तिकरण के कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में सचेत किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक (डीआरडीए) अशोक कुमार मौर्य, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) कमलेश कुमार, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीसी नरेगा सहित जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। गायत्री नगर के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था व सनातन परंपरा के साथ निकाली गई। जय जगन्नाथ के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा से स्वागत किया। रथयात्रा के शुभारंभ पर राज्यपाल रमेन डेका अपनी धर्मपत्नी के साथ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर छेरा पहरा की ऐतिहासिक परंपरा निभाई। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का संदेश देती है। रथयात्रा सामाजिक समरसता का महापर्व : पुरंदर मिश्रा जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और जनभागीदारी का महापर्व है। यह परंपरा समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का सशक्त माध्यम है। बीटीआई ग्राउंड से मौसी मंदिर तक पहुंचे भगवान रथयात्रा गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर खम्हारडीह थाना होते हुए बीटीआई ग्राउंड पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद रथ मौसी मंदिर पहुंचा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन से भगवान का स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों के भजन-कीर्तन, आकर्षक झांकियां, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूमर, करमा और सुवा नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। सजे-धजे रथों और भक्तों की अपार श्रद्धा ने राजधानी रायपुर में श्रीक्षेत्र पुरी जैसा आध्यात्मिक माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं यात्रा मार्ग में पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण के लिए कई सेवा शिविर लगाए गए। नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। समिति और नागरिकों का रहा अहम योगदान रथयात्रा के सफल आयोजन में जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को जनआस्था और जनसहभागिता का भव्य उत्सव बना दिया। मौसी मंदिर में हुई महाआरती और महाप्रसाद वितरण रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर दान के रूप में दिखाई दे रही है। श्री सांवलिया सेठ के भंडार की काउंटिंग के तीन राउंड पूरे हो चुके हैं, जिनमें अब तक 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए की नकद दानराशि सामने आई है। गुरुवार को तीसरे राउंड में ही 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए गिने गए। भंडार में बची नकद राशि की गिनती शुक्रवार को चौथे राउंड में होगी। इसके अलावा ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर से मिली राशि और सोने-चांदी के आभूषणों की गिनती व तौल भी अभी बाकी है। सुरक्षा के बीच जारी है काउंटिंग मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि भंडार की काउंटिंग तय प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। गुरुवार को तीसरे राउंड की गिनती पूरी होने के साथ कुल नकद दानराशि 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए पहुंच गई। मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की मौजूदगी में दानपेटियों से निकली राशि की गिनती लगातार जारी है। 13 जुलाई को खुला था भंडार इस बार श्री सांवलिया सेठ का भंडार 13 जुलाई को चतुर्दशी के दिन खोला गया था। 14 जुलाई को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं की गई। इसके बाद 15 जुलाई से दोबारा गिनती शुरू हुई और अब तक तीन राउंड पूरे हो चुके हैं। मंदिर मंडल के अनुसार फिलहाल केवल नकद दान की गिनती चल रही है, जबकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मनीऑर्डर और श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों व अन्य कीमती वस्तुओं की गिनती और तौल बाद में की जाएगी। अब तक किस दिन कितनी राशि मिली पहले राउंड में 13 जुलाई को 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए की नकद राशि मिली थी। 14 जुलाई को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं हुई। 15 जुलाई को दूसरे राउंड में 6 करोड़ 49 लाख रुपए और 16 जुलाई को तीसरे राउंड में 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए की गिनती हुई। तीनों राउंड मिलाकर अब तक कुल 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए की नकद दानराशि सामने आ चुकी है। अंतिम आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद मंदिर मंडल का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी भंडार से बड़ी दानराशि मिलने की संभावना है। देशभर से आने वाले श्रद्धालु नकद के साथ ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर और सोने-चांदी के आभूषण भी अर्पित करते हैं। ऐसे में काउंटिंग पूरी होने के बाद कुल दानराशि का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
कानपुर में 15 साल की किशोरी से उसके मामा और ट्रक चालक ने दुष्कर्म किया। दोनों आरोपी किशोरी को ट्रक में ले जा रहे थे। इसी दौरान किशोरी आलियापुर टोल प्लाजा के पास चलती ट्रक से कूद गई। वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। किशोरी के पिता ने गुरुवार को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मामा और ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामला सजेती थाना क्षेत्र का है। मामा बहला-फुसलाकर भांजी को अपने साथ ले गया था सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने ने गुरुवार देर शाम शिकायत दर्ज कराई। तहरीर में बताया कि मेरी 15 साल की बेटी को मेरा साला बहला फुसलाकर अपने साथ ट्रक में ले गया। इसके बाद उसने ट्रक ड्राईवर के साथ मिलकर मेरी नाबालिग बेटी के साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया बेटी ने इसका विरोध किया तो दोनों मारपीट की। किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद ट्रक में बेटी को लेकर घाटमपुर की जा रहे थे। बेटी कानपुर-सागर हाइवे पर स्थित आलियापुर टोल प्लाजा के पास पहुंचते ही ट्रक से कूद गई और किसी तरह से घर पहुंची। दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया इसके बाद पिता ने थाने पहुंचकर अपने साले और ड्राईवर के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस तहरीर के आधार पर पास्को एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस ने नाबालिग को मेडिकल के लिए भेजने के साथ घटना की जांच पड़ताल शुरू की है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि पिता की तहरीर पर नाबालिग के मामा समेत ट्रक ड्राईवर के खिलाफ पास्को एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को हिरासत में लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। कल दोनों को न्यालय में पेशकर जेल भेजा जाएगा।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा - गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डोटासरा की मौजूदगी में शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं, तो शिक्षकों ने खड़े होकर जोर-जोर से कहा था कि हाँ, भ्रष्टाचार हो रहा है। इसलिए जो व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही दूसरों के बारे में सोचता है। उन्होंने सोचा होगा कि उनके समय पैसे लिए जा रहे थे तो बीजेपी में भी लिए जा रहे होंगे। लेकिन हमारे यहाँ ऐसा नहीं है, हमारे यहाँ ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) है। जरूरतमंद व्यक्ति का काम किया जा रहा है, सबके काम नहीं हो पा रहे हैं, यह बात बिल्कुल सही है। लेकिन हमारी यथासंभव कोशिश रहती है कि अध्यापकों को संतुष्ट किया जा सके। मदन राठौड़ ने आज ये बातें प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहीं। मदन राठौड़ ने कहा- हम संविधान के रक्षक हैं, हमारे यहां विधिवत आम आदमी के मौलिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास हो रहा है। हमारी स्थिति कांग्रेस की तरह नहीं है। हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं और व्यवस्थित तरीके से सरकार चला रहे हैं। उनके समय में जो टांग-खिंचाई होती थी, वैसी हमारे यहाँ नहीं है। डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं मदन राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आरएसएस और बीजेपी के बारे में क्या जानें, आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्रीय चरित्रयुक्त नागरिक तैयार करता है। उन्होंने कहा कि डोटासरा चाहें तो आरएसएस जॉइन कर सकते हैं। वे एक बार आरएसएस जाएं और देखें कि वहाँ क्या काम होता है। महात्मा गांधी भी आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे और उन्होंने वहाँ जाकर आरएसएस की तारीफ की थी। पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि हम पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार हैं। हम कोर्ट की अवमानना नहीं करते हैं, कोर्ट का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हमें चुनाव से भागने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे अब तक हुए उपचुनावों के परिणामों को देख लें; बीजेपी ने अब तक हुए उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है।
देवास में निर्माणाधीन कलेक्टर कार्यालय परिसर में गुरुवार को मजदूरों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद पथराव में बदल गया। करीब दो से चार मिनट तक दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ महिलाएं भी विवाद में शामिल थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक गुट निर्माणाधीन भवन की ऊपरी मंजिल से नीचे खड़े मजदूरों पर पत्थर फेंक रहा था। जवाब में नीचे मौजूद दूसरे गुट ने भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया, जिसके बाद विवाद खत्म हो गया। वीडियो में पथराव करते दिख रहेघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है। वीडियो में निर्माणाधीन भवन की ऊपरी मंजिल से पत्थर फेंकते मजदूर और नीचे से जवाबी पथराव साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, इस मामले में किसी भी पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने भी कोई मामला दर्ज नहीं किया है। फिलहाल विवाद शांत हो चुका है। वहीं, वायरल वीडियो ने निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों के बीच हुए विवाद को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
लखनऊ कोचिंग में आग की घटना के बाद भोपाल की कोचिंग क्लॉसेस को लेकर जिम्मेदार अलर्ट मोड पर है। इसके चलते गुरुवार को एमपी नगर स्थित करीब 6 कोचिंग का औचक निरीक्षण किया गया। एक कोचिंग में इमरजेंसी गेट सिर्फ 3 फीट का निकला। इस कोचिंग को सील कर दिया गया। इधर, गुरुवार तक नोटिस पाने वाले 61 संस्थानों में से करीब 40 ने ही 200 रुपए के न्यायिक स्टॉम्प पर शपथ पत्र के साथ फायर प्लान जमा किया, जबकि 21 ने कोई जवाब नहीं दिया। इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की तैयारी है। इन कोचिंग में पहुंचा अमला फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि एमपी नगर जोन-2 स्थित स्टेप अप कोचिंग क्लासेस, नेट मिंटोरा कोचिंग, ला पेग, आकाश कोचिंग एवं भोपाल एकेडमी का औचक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा प्रबंधों की जांच की। वहीं, इस संबंध में पूर्व में जारी नोटिस के जवाब के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निगम अमले ने स्टेप अप कोचिंग क्लासेस के संचालक द्वारा 2 दिन में अग्नि सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने का समय दिया। इसके अतिरिक्त निगम अमले ने नेट मिंटोरा कोचिंग क्लासेस व ला पेग कोचिंग क्लासेस को नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने हेतु दो-दो दिन का समय प्रदान करते हुए नियत समयावधि में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नोटिस का जवाब न मिलने पर सील की कार्रवाई निगम अमले ने आकाश कोचिंग क्लॉसेस के संचालक द्वारा नोटिस का जवाब न देने पर कोचिंग को सील करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। जिस पर संचालक द्वारा तुरंत शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर सील करने की कार्रवाई स्थगित की गई। निगम अमले ने भोपाल एकेडमी द्वारा नोटिस का जवाब न देने पर कोचिंग को सील करने की कार्रवाई की। फायर ऑफिसर पटेल ने बताया कि भोपाल एकेडमी में ही गेट करीब तीन फीट का मिला।
फर्रुखाबाद के बढ़पुर विकासखंड क्षेत्र के गुतासी गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र में ढाई साल का बच्चा अंदर बंद रह गया। प्रधान की सूझबूझ से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे की है। गुतासी निवासी अनिल का ढाई वर्षीय बेटा अनुरुद्ध प्रतिदिन की तरह गुरुवार सुबह आंगनबाड़ी केंद्र गया था। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे घर चले गए, लेकिन अनुरुद्ध कमरे के अंदर ही रह गया। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बिना जांच किए ही केंद्र में ताला लगा दिया और चली गई। कुछ समय बाद ग्राम प्रधान किसी काम से वहां पहुंचे तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। प्रधान ने तत्काल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मौके पर बुलाया। कार्यकर्ता ने जब गेट खोला तो बच्चा रोते हुए बाहर निकला। इसके बाद बच्चे को उसके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा करीब 30 मिनट तक केंद्र में बंद रहा। इस घटना के बाद गांव में लापरवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे में किसी बच्चे का केंद्र के अंदर बंद रह जाना और कर्मचारियों का वहां मौजूद न होना गंभीर लापरवाही है। मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री से जानकारी ली गई है। कार्यकत्री ने बताया कि वह पड़ोस के घर में गई थी और बच्चा केंद्र पर सो गया था, इसलिए उसने बाहर से ताला लगा दिया था। सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर से शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग रख कर युवाओं के अंदर उम्मीद की नई किरण जगा दी है। गुरुवार को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके संघर्ष का समर्थन किया। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए। लेकिन पीएम मोदी ऐसा करेंगे नहीं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं सोनम वांगचुक शिक्षा में कोई क्रांति न ला दें। देश की सड़ चुकी शिक्षा व्यवस्था को एक क्रांतिकारी कदम ही ठीक कर सकता है। इसलिए देश को सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री के साथ ही क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। इस दौरान सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 'टीचर्स को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश की शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए पूरे देश के युवा जो कॉकरोच आंदोलन के बैनर तले इकट्ठे हुए हैं, मैं उन सब लोगों को सलाम करता हूं। मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं जो अपने लिए नहीं, बल्कि युवाओं और हमारे देश के बच्चों के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर पिछले 19 दिन से अनशन कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे देश में ऐसे बहुत सारे टीचर्स हैं जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ अपने-अपने शहर से आवाज उठाई, लेकिन उनको गिरफ्तार कर लिया गया। उन टीचर्स को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया और उनके खिलाफ एफआईआर की गई, मैं उन सब लोगों को भी सलाम करता हूं। सोनम वांगचुक एक बहुत बड़े शिक्षाविद् हैं। उन्होंने पहले भी लद्दाख और देश के लिए कई बार अनशन किए हैं और आज उन्होंने देश के लिए अपनी जान दांव पर लगाई हुई है। 'अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपना भविष्य बनाएंगे' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब कोई बच्चा कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने जाता है तो वह सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि उसके लिए एक सपना होता है। जब वह एग्जामिनेशन हॉल में घुसता है तो उसे विश्वास होता है कि मैं अपनी मेहनत और अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपना भविष्य बनाऊंगा। मैंने भी आईआईटी के पेपर दिए थे और उसमें सफल होकर आईआईटी गया था, लेकिन उन दिनों पेपर लीक नहीं होते थे। अगर उन दिनों पेपर लीक हो रहे होते तो शायद मेरा आईआईटी देने का विश्वास ही नहीं बनता। मेरे दोनों बच्चे भी आईआईटी से हैं और उनके समय पर भी पेपर लीक नहीं होते थे। 'बच्चों का यह लड़खड़ाता हुआ आत्म विश्वास सही नहीं है' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से जिस तरह से देश में पेपर लीक होने लगे हैं, उससे बच्चे का वह आत्म विश्वास लड़खड़ाने लगा है कि अगर वह मेहनत करेगा और इंटेलिजेंट है तो अमीरों के बच्चों को भी पीछे छोड़ देगा। आज बच्चों का यह लड़खड़ाता हुआ आत्म विश्वास सही नहीं है और देश के लिए बहुत खतरनाक बात है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब हर साल पेपर लीक हो रहे हैं। साल 2024 में जो पेपर लीक हुआ था, सरकार ने उसके मास्टरमाइंड को बेल दिला दी। अब यह एक सिस्टम बन गया है कि हर साल पेपर लीक होते हैं, कमेटी बैठती हैं, जांच होती है, एफआईआर होती है, गिरफ्तारी होती है, बेल हो जाती है और अगले साल के पेपर लीक होने की फिर तैयारी शुरू हो जाती है। देश का युवा और ये बच्चे इसे कब तक बर्दाश्त करेंगे? 'जो बच्चे सुसाइड कर रहे हैं वे हमारे घरों के बच्चे थे' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने सुसाइड कर लिया, लेकिन सरकार को कोई अक्ल नहीं आई। इनके कान पर जूं तक नहीं रेंगती, चाहे जितने बच्चे सुसाइड कर लें। जो बच्चे सुसाइड कर रहे हैं वे हमारे घरों के बच्चे थे, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। सीबीएसई में पूरा इवैल्यूएशन सिस्टम गड़बड़ा गया, गिरफ्तार करना तो दूर की बात है, सरकार ने जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की। इतने बड़े स्तर पर पूरे देश में आंदोलन चल रहा है, फिर भी सरकार ने कोई ऐसा सिस्टम में बदलाव नहीं किया, जिससे अगले साल पेपर लीक न हों। अगले साल फिर पेपर लीक होंगे और हमारे बच्चे फिर मरेंगे, फिर आत्महत्या करेंगे। यह सिस्टम कब बदलेगा? इस सिस्टम को बदलना ही पड़ेगा। 'युवाओं के कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुन ले सरकार' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यही जंतर-मंतर था, 4 अप्रैल 2011 का दिन था और यहीं अन्ना हजारे बैठे हुए थे। उस वक्त की सरकार को भी बड़ा अहंकार था, लेकिन तीन साल के बाद वह सरकार अपने अहंकार की वजह से नहीं बची और डूब गई। आज 2026 है और मैं सरकार को कहना चाहता हूं कि वह युवाओं के कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुन ले, नहीं तो आज से तीन साल बाद उनका भी यही हश्र होगा, जो 2014 में उस अहंकारी सरकार का हुआ था। इस सरकार को अक्ल नहीं आ रही है और ये भी बहुत ज्यादा अहंकार में डूबे हुए हैं। 'सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना ही चाहिए, लेकिन सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। मैं पीएम मोदी जी से कहना चाहता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाओ। मुझे पता है कि पीएम मोदी सुनने वाले नहीं हैं। पीएम मोदी सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री नहीं बनाएंगे, क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कहीं सोनम वांगचुक कोई क्रांतिकारी चीज न कर दे। आज शिक्षा व्यवस्था जितनी खराब हो गई है, उसे ठीक करने के लिए हमें क्रांतिकारी कदम ही चाहिए। बिना क्रांति के शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने वाली है। इसके लिए हमें सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री और क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि 20 जुलाई को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर आना है और शांतिपूर्ण संसद मार्च को सफल बनाना है। संजय सिंह ने लोगों से की जंतर-मंतर आने की अपील इस दौरान “आप” के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह श्दिनकर’ की पंक्तियों ‘समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध’ का जिक्र करते हुए घरों में बैठे लोगों से अपील की कि वे बाहर निकलकर जंतर-मंतर पहुंचें। लोगों को सोनम वांगचुक की आवाज में आवाज मिलाकर भारत सरकार और नरेंद्र मोदी को झुकने के लिए मजबूर करना है। संजय सिंह ने आगे कहा कि मोदी जी से बड़ा नौटंकीबाज पूरी दुनिया में कोई नहीं मिलेगा। जब देश में कोरोना आया और नोटबंदी में लोग मर गए, तब वे रोने लगे। देश के पीएम मोदी दिन-रात सिर्फ झूठ बोलने का काम करते हैं। इसलिए मैं यकीन दिलाकर जा रहा हूं कि 20 जुलाई से संसद के अंदर सभी साथी सांसदों से बात करके हम लोग युवाओं के लिए लड़ाई लड़ने का काम करेंगे। 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के आह्वान पर मैं भी एक कार्यकर्ता और साथी के रूप में इस आंदोलन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर आऊंगा और हमारे अन्य साथी भी यहां पहुंचेंगे। आंदोलन को हर तरीके से अपना समर्थन देंगे- संजय संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने भरोसा दिलाया है कि हम इस आंदोलन को हर तरीके से अपना समर्थन देंगे। हम अन्य राजनीतिक दलों और जन आंदोलनों से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील करते हैं, क्योंकि सोनम वांगचुक कोई अपनी निजी लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि देश के करोड़ों नौजवानों, हिंदुस्तान के भविष्य और आने वाले कल की लड़ाई लड़ रहे हैं।
नोएडा में महिला ने किया सुसाइड:पति शव लेकर पहुंचा दिल्ली, वहां से हुआ फरार, भाई ने दर्ज कराया केस
एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के नगली वाजिदपुर गांव स्थित जेजे कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। पति को लेकर दिल्ली में रहने वाले महिला के भाई के पास पहुंच गया और शव को छोड़कर भाग गया। मृतका के भाई ने बहनोई के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया है। शव लेकर पहुंचा घरदिल्ली के शाहीन बाग स्थित श्रम विहार निवासी देव कुमार ने पुलिस को बताया कि वह मूलरूप से जिला एटा के सराई अगित गांव के रहने वाले हैं। बहन गायत्री का विवाह राजेंद्र के साथ हुआ था। दोनों अपने बच्चों के साथ नोएडा के नगली वाजिदपुर गांव में रहते थे। दोनों साफ-सफाई का काम करते थे। 15 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे बहनोई राजेंद्र उनकी बहन के शव को लेकर दिल्ली उनके पास पहुंचा। बोला शव का अंतिम संस्कार करना हैउसने बताया कि गायत्री से उसका किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसके बाद गायत्री ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। शव का अंतिम संस्कार करना है। यह बताने के बाद शव को छोड़कर वहां से भाग गया। शिकायतकर्ता ने अपने बहनोई को काफी खोजा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी और शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पति की तलाश की जा रही है।
गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बरियारपुरवा भट्ठा गांव में अमन फार्मा पर नारकोटिक्स विभाग की टीम ने गुरुवार दोपहर 2 बजे से छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई नशीली दवाओं की बिक्री की शिकायतों के आधार पर की जा रही है और गुरुवार रात 8 बजे तक जारी रही। छापेमारी शुरू होते ही अमन फार्मा का मालिक अमन अपनी दुकान और गोदाम छोड़कर फरार हो गया। नारकोटिक्स विभाग की टीम ने अमन फार्मा की दुकान और उसके दोनों गोदामों में रखी दवाओं की गहन जांच की। संदिग्ध नशीली दवाओं के नमूने लिए जा रहे हैं। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह और महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। विभाग को लगातार अमन फार्मा से नशीली दवाएं बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर शासन स्तर पर तीन जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों की एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में गोंडा के ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा, बाराबंकी की ड्रग इंस्पेक्टर रजिया बानो (जो गोंडा में पूर्व ड्रग इंस्पेक्टर रह चुकी हैं) और अयोध्या के ड्रग इंस्पेक्टर आलोक द्विवेदी सहित कुल छह सदस्य शामिल हैं। टीम द्वारा अमन फार्मा के दो अलग-अलग गोदामों की भी जांच की जा रही है, जहां प्रत्येक दवा की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। नारकोटिक्स विभाग की टीम ने अमन फार्मा के मालिक के परिवार के सदस्यों से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। मालिक अमन अभी भी फरार है। यह कार्रवाई कल तक कल दोपहर तक चलने की संभावना है क्योंकि अभी यहां काफी दवाओं की जांच करनी है नगर कोतवाली पुलिस यहां पर मौजूद है अनिल फार्मा के मालिक मौके से फरार हो गए हैं।
धार में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई। ओडिशा के पुरी की परंपरा पर आधारित इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल रहा। रथयात्रा की शुरुआत भोजशाला स्थित मोतीबाग चौक से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच भगवान के सुसज्जित रथ नगर भ्रमण के लिए निकले। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं में रथ खींचने का विशेष उत्साह देखा गया। रथयात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआरथयात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आरती उतारी गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पेयजल, शीतल पेय और प्रसादी की व्यवस्था भी की। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी रथयात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। रथयात्रा का समापन रात में त्रिमूर्ति स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में भगवान की महाआरती के साथ होगा। पूरे आयोजन के दौरान शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
देवरिया में करंट लगने से डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत:घर में खेलते समय पंखे के तार की चपेट में आया
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र के उमानगर मोहल्ले में गुरुवार शाम करीब सात बजे करंट लगने से डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घर में खेलते समय वह पंखे के कटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गया था। परिजनों ने तत्काल बच्चे को महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, उमानगर निवासी राजन का पुत्र कार्तिक अपने घर में खेल रहा था। इसी दौरान वह पंखे के क्षतिग्रस्त बिजली के तार के संपर्क में आ गया। करंट लगने से कार्तिक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम की मौत की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल छा गया। प्रथम दृष्टया यह मामला घरेलू हादसे का माना जा रहा है। वही परिवार के लोग चिकित्सकों के मित्र घोषित करने पर मासूम बच्चे को लेकर दूसरे प्राइवेट अस्पताल के लिए चले गए। महर्षि देवरहा बाबा देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर एच के मिश्रा ने बताया कि करंट की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई है।

