अलीगढ़ के गंगा जवाहर कॉलोनी के रसिक अपार्टमेंट में लिफ्ट हादसे में प्रॉपर्टी डीलर हरिओम वर्मा की मौत पर स्थानीय निवासियों और परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। प्राधिकरण ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। यह समिति लिफ्ट की तकनीकी खामियों की जांच के साथ ही रसिक अपार्टमेंट के निर्माण में को भी परखेगी। यह भी जांच की जाएगी कि इमारत का निर्माण प्राधिकरण से पास हुए नक्शे के आधार पर हुआ है या नहीं। अगर कोई अवैध फेरबदल पाया जाता है तो इस पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। तीन मंजिला इमारत बनाने में सुरक्षा मानक और सामग्री की गुणवत्ता और लिफ्ट के संचालन से लेकर पूरी इमारत में आपातकालीन सुरक्षा मानकों का भी पता जांच समिति लगाएगी। छह महीने पहले भी दी थी चेतावनी प्रॉपर्टी डीलर हरिओम वर्मा की मौत के बाद अपार्टमेंट के निवासियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा है। छह माह पहले ही लिफ्ट के खराब संचालन और उसमें आने वाली तकनीकी दिक्कतों की बिल्डर से शिकायत की थी। करीब डेढ़ माह पहले एक डिलीवरी मैन भी लिफ्ट की डक्ट (गड्ढे) में सीधे नीचे गिरने वाला था, उस वक्त वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य स्टाफ की सजगता के कारण उसकी जान बच गई थी। खतरे की इस बड़ी चेतावनी के बावजूद बिल्डर ने लिफ्ट ठीक कराना जरूरी नहीं समझा। लोगों ने लगाया मानकों के उल्लंघन का आरोप लोगों ने बताया कि पूरी इमारत महज 600 गज के भूखंड पर बनी है। तीन मंजिल में बनी इमारत के प्रत्येक मंजिल पर चार फ्लैट बनाए गए हैं। इस तरह कुल 12 फ्लैट हैं। लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर रखकर एक अतिरिक्त फ्लैट पार्किंग एरिया में भी बनाया गया है, जो सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। रखरखाव के लिए जाते हैं 2000 रुपए हादसे के समय मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि रसिक अपार्टमेंट में कोई भी रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी नहीं है। बिल्डर ही प्रत्येक परिवार से 2000 रुपए मासिक शुल्क रखरखाव के नाम पर ले रहे हैं। बावजूद इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया है। अपार्टमेंट वर्ष 2010-11 में बनकर तैयार हुआ था। लोगों का आरोप है कि इसमें लगी लगी लिफ्ट करीब 15 साल पुरानी है। इसे बिना मरम्मत के चलाया जा रहा था। जांच के आधार पर होगी कार्रवाई एडीए के सचिव राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि प्राधिकरण ने हादसे का स्वत: संज्ञान लिया है। अपार्टमेंट वर्ष 2010-11 में बना है। उस समय के नियम के मुताबिक नक्शा और अन्य पहलुओं की जांच होगी। जांच कमेटी गठित कर दी गई है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नियमों का पूरी तरह किया गया है पालन रसिक अपार्टमेंट के विकासकर्ता बांके बिहारी बंसल का कहना है कि अपार्टमेंट का निर्माण मानकों और एडीए से स्वीकृत नक्शे के आधार पर ही किया गया है। लिफ्ट पूरी तरह सही है। प्रॉपर्टी डीलर ने लिफ्ट के नीचे आने से पहले ही उसका चैनल खोल दिया था, जिसके चलते हादसा हुआ। पार्किंग एरिया में फ्लैट स्वीकृत है। जहां तक 600 गज के भूखंड की बात है तो उस समय इसी तरह नक्शा पास होता था। जो 2000 रुपए लिए जाते हैं वह केवल लिफ्ट के लिए नहीं बल्कि पूरे अपार्टमेंट के रखरखाव के लिए हैं। लोगों से सोसायटी बना कर जिम्मेदारी लेने के लिए कहा है। कोई आगे ही नहीं आ रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) परिसर में स्थित दो दरगाहों की भूमि की सुरक्षा और कथित अतिक्रमण हटाने की मांग वाली एक याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दरगाह की संपत्ति और उससे जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए प्रबंधन समिति ही सक्षम पक्ष है,और केवल श्रद्धालु होने के आधार पर कोई व्यक्ति इस संबंध में याचिका दाखिल नहीं कर सकता। सैयद बाबर इस्लाम और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया फैसला न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह फैसला सैयद बाबर इस्लाम और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनाया। याचिका में केजीएमयू स्थित दरगाह हजरत मखदूम शाह मीना साहब और हाजीउल हरमैन शाह की जमीनों पर कथित अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए उन्हें सुरक्षित करने की मांग की गई थी। इसमें धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप रोकने और दरगाह संपत्तियों के संरक्षण के लिए भी निर्देश मांगे गए थे। केजीएमयू का क्या है पक्ष ? सुनवाई के दौरान, केजीएमयू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने न्यायालय को बताया कि इसी मुद्दे पर दरगाह की प्रबंधन समिति पहले भी हाईकोर्ट आ चुकी है। उस समय विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया था कि दरगाह परिसर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा है और श्रद्धालुओं के आवागमन या धार्मिक आयोजनों पर कोई रोक नहीं है। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि परिसर में कुछ अनधिकृत निर्माण और दुकानें बनाई गई हैं, जिनके विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित है। न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जब दरगाह की ओर से एक अधिकृत प्रबंधन समिति मौजूद है, तब संपत्ति संबंधी विवाद और संरक्षण के मुद्दे उसी के माध्यम से उठाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में व्यक्तिगत श्रद्धालु को याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने याचिका निरस्त कर दी।
मेरठ में हिंदू युवती के किडनैपिंग, छेड़छाड़ केस में फंसाने की एक फर्जी कहानी का खुलासा हुआ है। जिसमें युवक ने पहले हिंदू लड़की को नौकरी का झांसा देकर उसे फंसाया। इसके बाद युवती को अपने परिचित दो युवकों की कार में बैठा दिया। फिर युवक ने खुद पुलिस को बताया कि दो अन्य संप्रदाय के लड़के दूसरे संप्रदाय की युवती को रिंगरोड पर छोड़कर भाग रहे थे, मैंने पकड़ लिया है। पुलिस को मौके पर बुलाकर दोनों लड़के पकड़वाए और लड़की को बरामद करवा दिया।आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को सड़क से बरामद कर उसे मेडिकल अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका मेडिकल चैकअप किया गया। लेकिन युवती से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और जांच में पता चला कि उसे एक हिंदू युवक ने खुद इन लड़कों की कार में बैठाया था। क्योंकि वो इन दोनों युवकों को फंसाना चाहता था। ये है पूरी घटना पूरा मामला मेडिकल थानाक्षेत्र के रिंग रोड का है। जहां शनिवार को पुलिस को नकुल नामक लड़के ने फोन कर कहा कि दो मुस्लिम युवक जीशान, शावेज हिंदू लड़की को किडनैप कर भाग रहे थे। वो लड़की के साथ मिसबिहेव करने के बाद उसे रिंगरोड पर छोड़कर फरार हो रहे थे। लेकिन मैंने और मेरे दोस्तों ने मिलकर उन्हें मौके से पकड़ लिया है। लड़की यहीं बेहोश पड़ी है। यह सुनते ही पुलिस के हाथपांव फूल गए। सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। युवती को मौके से बेहोशी की हालत में बरामद किया। साथ ही दोनों मुस्लिम युवकों को पुलिस ने कार सहित हिरासत में लिया। इसके साथ सूचना देने वाला युवक नकुल व उसके तीन साथी भी थे। पुलिस ने युवती को मेडिकल अस्पताल में प्राथमिक जांच व इलाज के लिए भेज दिया। तीन दोस्तों संग थाने से गायब हुआ नकुल दोनों युवकों को पुलिस मेडिकल थाने ले आई। इनके साथ ही नकुल भी अपने तीनों दोस्तों के साथ थाने आ गया। जहां नकुल ने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई कि इन लड़कों ने लड़की को किडनेप किया, उसके साथ मिसबिहेव किया और सड़क किनारे डालकर भाग रहे थे। मैंने मौके पर पहुंचकर सब बचा लिया और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। पुलिस ने इसके आधार पर दोनों युवकों पर मुकदमा लिखा। मौके से नकुल उसके दोस्त फरार हो गई। नकुल की सुनाई कहानी के अनुसार पुलिस मामले की छानबीन करने में जुट गई। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को नकुल के बयानों पर शक हुआ। युवती ने बताई पूरी सच्चाई वहीं अस्पताल में भर्ती पीड़िता को जब होश आया तो उसने पुलिस को अपना बयान दिया। युवती ने बताया कि उसकी पहचान नकुल नाम के एक लड़के से है। नकुल किसी हिंदूवादी संगठन से जुड़ा हुआ है। बताया कि नकुल ने उसे नौकरी दिलाने और रुपए देने का वादा किया था। नकुल ने ही उसे जीशान, शावेज दोनों मुस्लिम युवकों की कार में बैठाया, फिर पुलिस को फोन कर कहा कि जीशान, शावेज युवती को रिंगरोड पर छोड़कर भाग गए हैं। लड़की ने बताया कि नकुल इन दोनों लड़कों को इसी मामले में फंसाने की बात कर रहा था। इसके चलते उसने मुझे इनकी कार में बैठाया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दे दी। युवक बोले हमने कुछ नही ंकिया पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वो लड़की को नही ंजानते हैं। इसके साथ ही बताया कि इसे नकुल ने बैठाया था। वहीं युवती ने अस्पताल में पुलिस को बताया कि उसे नुकल ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बुलाया था। युवती का आरोप है कि नकुल ने दोनों युवकों को किसी मामले में फंसाने की योजना बनाई थी और इसके लिए उस पर दबाव बनाया गया था। इतना ही नहीं, कथित तौर पर उसे इस काम के बदले पैसे देने का भी लालच दिया गया। हालांकि अपने साथ अभद्रता और जबरन कार में ले जाने की बात भी युवती ने कही है। सीसीटीवी फुटेज में खुला पूरा सचपूरी पूछताछ के बाद पुलिस ने इलाके के 500 से ज्यादा कैमरों के फुटेज देखे। दोनों लड़कों, लड़की की कॉल डिटेल चैक की और पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया। पुलिस ने पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नकुल फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। जबकि जीशान, शावेज को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। पुलिस की तीन टीमें नकुल की तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह ने बताया कि पीड़िता ने पूछताछ में बताया कि नकुल नाम के लड़के ने योजनाबद्ध तरीके से युवती को आरोपी जीशान व सावेज के साथ भेजा था। पूछताछ एवं प्रारम्भिक जांच में अभियुक्त नकुल द्वारा युवती को योजनाबद्ध तरीके से जीशान व सावेज के पास भेजा था जिनके द्वारा युवती को गाड़ी में बैठाकर रिंग रोड क्षेत्र में छोड़ना प्रकाश में आया है। प्रकरण में अन्य साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है तथा अभियुक्त नकुल की गिरफ़्तारी हेतु प्रयास किए जा रहे I
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सीतापुर के नैमिषारण्य स्थित श्री राम-लक्ष्मण-जानकी विराजमान मंदिर ट्रस्ट को निजी ट्रस्ट घोषित किया है। न्यायालय ने मंदिर के प्रबंधन विवाद से संबंधित दायर सभी अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मंदिर में आम लोगों के दर्शन-पूजन करने मात्र से उसे सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्ट नहीं माना जा सकता। यह फैसला न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की एकल पीठ ने मूलचंद्र व अन्य की ओर से दाखिल प्रथम अपीलों पर सुनाया। याचियों ने दावा किया था कि मंदिर एक सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्ट है, और इसलिए उसके प्रबंधन में हस्तक्षेप करते हुए सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 92 के तहत नए सरवहराकार (प्रबंधक) की नियुक्ति की जा सकती है। गुलजारी लाल ने अपने निजी आवासीय परिसर में की थी स्थापना सुनवाई के दौरान, मंदिर ट्रस्ट की ओर से तर्क दिया गया कि मंदिर और ट्रस्ट की स्थापना गुलजारी लाल ने अपने निजी आवासीय परिसर में की थी। ट्रस्ट ने बताया कि इसके संचालन और प्रबंधन की व्यवस्था भी संस्थापक द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही चलती रही है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि ट्रस्ट का नियंत्रण और प्रबंधन संस्थापक तथा उनके उत्तराधिकारियों के हाथों में रहा है। इसके अतिरिक्त, ट्रस्ट की संपत्तियां भी मंदिर के रखरखाव और उससे जुड़े उद्देश्यों के लिए ही समर्पित थीं। इन तथ्यों के आधार पर, न्यायालय ने इसे सार्वजनिक ट्रस्ट मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने दिया पहले के आदेश का हवाला न्यायालय ने सरवहराकार के पद को लेकर उठाए गए विवाद को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही न्यायिक निर्णय दिया जा चुका है, इसलिए इसे दोबारा उठाने पर 'रेस ज्यूडीकाटा' (न्याय निर्णित) का सिद्धांत लागू होगा। फैसले के साथ ही, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर में आम श्रद्धालुओं की आवाजाही या पूजा-अर्चना का अधिकार, ट्रस्ट के निजी स्वरूप को सार्वजनिक ट्रस्ट में नहीं बदल देता है।
अलीगढ़ के थाना क्वार्सी के रामघाट रोड स्थित गंगा जवाहर कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे डक्ट में गिरे प्रॉपर्टी डीलर हरिओम वर्मा (58) की लिफ्ट में दबकर मौत हो गई। तीन मंजिला रसिक अपार्टमेंट में लिफ्ट का चैनल खोलते ही उसके डक्ट (गड्ढे) में प्रॉपर्टी डीलर गिर गए। इसी दौरान तकनीकी खराबी से ऊपर लटकी लिफ्ट के अचानक गिरने से वह दब गए। उधर परिजन के कहने पर पुलिस ने पंचनामा भरकर बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव सुपुर्द कर दिया। प्रॉपर्टी दिखाने पहुंचे थे रसिक अपार्टमेंट मैरिस रोड स्थित हरिओम नगर निवासी हरिओम वर्मा प्रॉपर्टी डीलर थे। वह शनिवार को रसिक अपार्टमेंट निवासी आशा चौधरी को एक प्रॉपर्टी दिखाने के लिए बुलाने पहुंचे थे। यहां आशा चौधरी के फ्लैट पर जाने के लिए उन्होंने लिफ्ट का बटन दबाया। तकनीकी खराबी होने पर भी खुला लिफ्ट का दरवाजा लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण ऊपर अटकी हुई थी। बावजूद इसके बटन दबाने पर ग्राउंड फ्लोर का सुरक्षा दरवाजा खुल गया। लिफ्ट में अंदर अंधेरा होने पर हरिओम वर्मा को लगा कि लिफ्ट नीचे आ चुकी है। इसी भ्रम में वह सीधे लिफ्ट के गहरे डक्ट में जा गिरे। इतने में ही ऊपर अटकी लिफ्ट तेजी से नीचे गिरी, जिसमें वह दब गए। हादसा होते ही अपार्टमेंट में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद केयरटेकर इम्तियाज छत की तरफ दौड़े और मशीन के जरिए लिफ्ट को ऊपर खींचा। इसके बाद लोगों ने लहूलुहान हालत में हरिओम वर्मा को डक्ट से बाहर निकाला और पं. दीनदयाल संयुक्त जिला चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह और थाना क्वार्सी पुलिस पहुंच गई। गंभीर लापरवाही सामने आई एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह ने बताया कि हादसे की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे थे। यहां जांच में लिफ्ट की सुरक्षा और रखरखाव में लापरवाही सामने आई है। लिफ्ट खराब होने के बावजूद चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं, जो भी दोषी होगा उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक महीने में तीसरी मौत हरिओम वर्मा की मां केसर देवी का 22 दिन पहले निधन हो गया था। इसके एक दिन बाद ही उनके छोटे भाई संजय की पत्नी का निधन हो गया था। इन दो मौतों के शोक से परिवार अभी ठीक से उबरा भी न था कि हरिओम वर्मा की मौत ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। हरिओम वर्मा चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई काली सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते हैं। तीसरे नंबर के मोंटू और चौथे नंबर के भाई संजय चालक हैं। प्रापर्टी डीलर अपने पीछे पत्नी सहित दो पुत्रों चिंटू और दीपक तथा बेटी गुंजन को रोता छोड़ गए हैं।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए निगम की अनूठी पहल:IIT रुड़की और NIUA के टेक्निकल और वित्तीय सहयोग से होगा काम
शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर और भविष्य में संभावित जलसंकट को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण परियोजना शुरू कर रहा है। इसमें IIT रुड़की और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के टेक्निकल मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से इसे शुरू किया जाएगा। ये काम महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर किया जाएगा। देशभर में भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए NIUA ने 75 शहरों का चयन किया है। इसमें एमपी से केवल इंदौर, देवास और उज्जैन को शामिल किया गया है। यह परियोजना शहरी क्षेत्रों में बारिश के पानी के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना में इंदौर शहर के 10 प्रमुख जगहों पर वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से बारिश के पानी का संचयन और शैलो एक्विफर के पुनर्भरण के लिए संरचनाओं को बनाया जाएगा। इन कामों के लिए 50 रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डिटेल सर्वे और स्टडी के बाद जगह चयनित आईआईटी रुड़की ने इंदौर शहर की वर्षा पद्धति, भूगर्भीय संरचना (लिथोलॉजिकल डेटा), जलभराव की स्थिति, भूजल स्तर तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया। इसके बाद जनवरी एवं अप्रैल माह में 20 संभावित स्थलों का साइट निरीक्षण किया गया। तकनीकी परीक्षण एवं व्यवहार्यता स्टडी के आधार पर पहले चरण में 10 जगहों को चयनित किया गया है। ये हैं वह चयनित जगह परियोजना की डीपीआर के अनुसार इन जगहों पर काम किया जाएगा। इनमें - इन सभी जगहों पर बारिश के पानी को वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से संग्रहित कर शैलो एक्विफर में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। किए जाएंगे ये प्रमुख काम परियोजना के तहत वर्षा जल संरक्षण एवं पुनर्भरण के लिए विभिन्न संरचनात्मक एवं तकनीकी काम किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से नेहरू स्टेडियम बनेगा मॉडल रिचार्ज साइट परियोजना के तहत नेहरू स्टेडियम को मॉडल साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लगभग 5315 वर्गमीटर क्षेत्रफल से बारिश के पानी का संग्रहण किया जाएगा और रोजाना लगभग 51 घन मीटर पानी को भूजल स्तर में रिचार्ज किया जा सकेगा। यह व्यवस्था वर्षा ऋतु में बड़ी मात्रा में जल संरक्षण का माध्यम बनेगी। शहर को मिलेगा लाभ इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से शहर को अनेक दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे, इसमें मुख्य रूप से - सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट की दिशा में बड़ा कदम यह परियोजना कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली योजना के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके माध्यम से इंदौर शहर शहरी जल प्रबंधन एवं भूजल संवर्धन के क्षेत्र में देश के अन्य शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकेगा। इंदौर नगर निगम के ड्रेनेज विभाग ने इन कामों का काम के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू कर दी है। जल्द ही निर्माण काम शुरू किया जाएगा।
गोरखपुर के नकहा-नौतनवा रेल मार्ग पर रावतगंज स्टेशन के पास एक बाइक ट्रेन की चपेट में आ गई। इसके बाद बाइक करीब 100 मीटर तक ट्रेन के नीचे घसीटते हुए गई। यह देखकर आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। यात्री भी ट्रेन से उतरकर घटना देखने लगे। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला शुक्रवार शाम नकहा-नौतनवा रेल मार्ग पर एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। रावतगंज स्टेशन क्षेत्र के मेथैली गांव के पास एक युवक ने लापरवाही दिखाते हुए बिना किसी अधिकृत रेलवे क्रॉसिंग के रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की। इसी दौरान नौतनवा से गोरखपुर होते हुए छपरा जा रही नौतनवा-छपरा इंटरसिटी एक्सप्रेस (15106) वहां पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन को नजदीक आता देखकर बाइक सवार घबरा गया। उसने अपनी मोटरसाइकिल ट्रैक पर ही छोड़ दी और जान बचाने के लिए वहां से भाग निकला। हालांकि बाइक ट्रेन की चपेट में आ गई और इंजन के नीचे फंस गई। बाइक लगभग 100 मीटर तक ट्रेन के साथ घिसटती चली गई। पायलट को लगानी पड़ी इमरजेंसी ब्रेक घटना को देखते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। ट्रेन के अचानक रुकने पर यात्री भी नीचे उतर आए और मामला जानने की कोशिश करने लगे। स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका। बताया जा रहा है कि ट्रेन कैंपियरगंज और पीपीगंज के बीच पहुंची थी, तभी यह घटना हुई। बाइक इंजन के नीचे फंस जाने के कारण ट्रेन का संचालन प्रभावित हो गया। रेलवे कर्मचारियों और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाइक को बाहर निकाला। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस घटना के कारण ट्रेन में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेन में इंतजार करना पड़ा, जबकि रेलवे संचालन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लोको पायलट इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाते, तो यह घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी। उनका कहना है कि रेलवे ट्रैक को अनधिकृत तरीके से पार करना बेहद खतरनाक है और ऐसी लापरवाही हजारों यात्रियों की जान को जोखिम में डाल सकती है। घटना के बाद रेलवे पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं नकहा आरपीएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात बाइक सवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी पहचान करने और तलाश में जुटी हुई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट केस में दोषी करार पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की सजा पर रोक लगा दी। साथ ही अपील लंबित रहने तक सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकलपीठ ने पारित किया। कहा गया कि वह मार्चि 2020 से याची जेल में बंद है और लगभग पांच वर्ष नौ महीने की सजा काट चुका है। उसकी कुल सजा छह वर्ष की है और अपील के निस्तारण में समय लगने की स्थिति में अपील निरर्थक हो सकती है। तर्क दिया कि गैंग चार्ट तैयार करते समय यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आरोपी को गैंगस्टर मानने का आधार क्या था। यूपी सरकार ने विरोध किया राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया और कहा गया कि गैंग चार्ट में आरोपी के खिलाफ दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि यह भी स्वीकार किया गया कि उन मामलों में अभी तक कोई दोषसिद्धि नहीं हुई है और आरोपीइ लगभग पांच वर्ष नौ महीने से जेल में है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गैंग चार्ट में केवल अनुमोदन अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं, लेकिन आरोपी के खिलाफ स्वतंत्र और स्पष्ट निष्कर्ष दर्ज नहीं दिए गए हैं। कहा कि गैंग चार्ट में जिन दो मामलों का उल्लेख है, उनमें अभी तक आरोपी को दोषी नहीं ठहराया गया है और दोनों मुकदमों का ट्रायल लंबित है। अभियोजन असफल रहा न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि आरोपी के भय के कारण कोई गवाह सामने नहीं आया या उसने न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित किया। साथ ही, अदालत ने यह भी कहा कि जिन गवाहों के बयानों पर अभियोजन का मामला आधारित है, उनमें आरोपी के गैंगस्टर होने या गैंग का सदस्य होने संबंधी ठोस सामग्री सामने नहीं आई। आरोपी द्वारा पहले ही काटी जा चुकी लंबी अवधि की सजा को देखते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को स्थगित रखने का निर्णय लिया और कमलेश पाठक को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के तरसौरा गांव में शनिवार रात करीब 8 बजे मोबाइल चार्ज करते समय करेंट लगने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय गोला प्रसाद पटेल के रूप में हुई है। गोला प्रसाद पटेल अपने घर पर अकेले रहते थे। शनिवार रात वह अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए दीवार में लगे बिजली के बोर्ड में प्लग लगा रहे थे। इसी दौरान बोर्ड में शार्ट सर्किट हो गया। शार्ट सर्किट के कारण एक तार टूटकर उनके हाथों से छू गया और उन्हें जोरदार करेंट लगा। करेंट लगने से वह जमीन पर गिर पड़े और तार उनके ऊपर ही गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शार्ट सर्किट की आवाज सुनकर घर में मौजूद उनके छोटे भाई उदय मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने गोला प्रसाद को मृत पाया। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कोखराज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद से परिवार में शोक का माहौल है।
ललितपुर के झांसी मार्ग पर नवीन गल्ला मंडी के निकट टाइल्स व्यापारी आकाश गुप्ता के गोदाम में भीषण आग लग गई। यह घटना शनिवार रात करीब दस बजे कोतवाली सदर अंतर्गत सेकेंड ताल में हुई। आग लगने से गोदाम में रखे टाइल्स, सैनिटरी सामान, प्लास्टिक की पानी की टंकियां और पाइप जल गए। आग इतनी भीषण थी कि एक घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग बुझाने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग कर गोदाम की दीवार तोड़ी गई है। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और आग बुझाने का लगातार प्रयास कर रही हैं।
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर कॉनकोर्स निर्माण कार्य के चलते आज और 1 जून को 6-6 घंटे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया गया है। इस दौरान कुल 74 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इनमें 19 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है, जो अब चारबाग रेलवे जंक्शन नहीं आएंगी, जबकि 55 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में बदलाव किया गया है। बता दें कि 29 मई को प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर टिन शेड गिरने की घटना के बाद रेलवे ने एहतियातन यह कदम उठाया है। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक नहीं आ सकेगी कोई ट्रेन 31 मई और 1 जून को चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 5 पर सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कोई ट्रेन नहीं आ सकेगी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर 23 जून तक पूरी तरह ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर प्रतिदिन 6 घंटे का आंशिक ब्लॉक रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि असुविधा से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की लाइव स्थिति और सही प्लेटफॉर्म की जानकारी अवश्य जांच लें। यह जानकारी रेलवे की वेबसाइट, NTES ऐप और हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से ली की जा सकती है। रूट बदलकर चलने वाली 19 ट्रेनें चारबाग नहीं आएंगी वैकल्पिक स्टेशनों पर ट्रेनें 5 से 10 मिनट रुकेंगी प्लेटफॉर्म नंबर 4 से शिफ्ट की गई ट्रेनें आज यहां आएंगी प्लेटफॉर्म नंबर 5 से शिफ्ट की गई ट्रेनें 1 जून 2026 को बदले प्लेटफॉर्म पर 32 ट्रेनें आएंगी प्लेटफॉर्म संख्या 4 से शिफ्ट की गई ट्रेनें प्लेटफॉर्म संख्या 5 से शिफ्ट की गई ट्रेनें प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 से दोपहर (11:00 से 17:00 बजे) शिफ्ट की गई ट्रेनें
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बेसिक शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के कथित गबन मामले में फैसला सुनाते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। अदालत ने अमेठी के गौरीगंज थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 97/2025 की आगे की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। गबन की रकम की वसूली के लिए जारी रिकवरी आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने शिक्षक श्रवण कुमार द्विवेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को निर्धारित की है। CBI को सौंपी गई जांच हाईकोर्ट ने CBI लखनऊ के संयुक्त निदेशक को निर्देश दिया है कि वह एफआईआर की जांच अपने हाथ में लें और इसके लिए एक जिम्मेदार टीम गठित करें। अदालत ने अगली सुनवाई तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। साथ ही अमेठी के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि केस डायरी और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज तत्काल CBI को सौंपे जाएं। रिकवरी आदेश पर कोर्ट ने उठाए सवाल याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वित्त एवं लेखा कार्यालय तथा कोषागार के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया था। मामला सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज हुई और जांच शुरू हुई। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने भू-राजस्व की तरह वसूली का आदेश जारी कर दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और संबंधित पक्षों के अधिवक्ता अदालत को यह नहीं बता सके कि किस कानूनी प्रावधान के तहत जिलाधिकारी ने रिकवरी आदेश जारी किया। इस पर अदालत ने कहा कि जब किसी मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज हो चुका है, तब कथित गबन की रकम की वसूली सीधे भू-राजस्व के रूप में नहीं की जा सकती। ऐसी वसूली केवल कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही संभव है। अमेठी के डीएम से मांगा जवाब हाईकोर्ट ने अमेठी के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि उन्होंने किस कानूनी प्रावधान के तहत रिकवरी आदेश जारी किया। तब तक विवादित रिकवरी आदेश पर रोक प्रभावी रहेगी। कोर्ट ने जताई व्यापक गड़बड़ी की आशंका सुनवाई के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी की कथित मिलीभगत से करीब चार करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए गए थे। इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रकार का अपराध केवल एक जिले तक सीमित नहीं भी हो सकता है और अन्य जिलों में भी इसी तरह की अनियमितताएं हुई हों, इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 6 करोड़ तक पहुंच सकता है गबन प्रारंभिक जांच में करीब 3.13 करोड़ रुपये के गबन की बात सामने आई थी। बाद में जांच में यह राशि बढ़कर 4.34 करोड़ रुपये से अधिक पाई गई। जांच एजेंसियों के अनुसार मामले में गबन की कुल रकम 6 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका है। मामले में शिक्षकों, लेखा लिपिकों और आउटसोर्स कर्मचारियों समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूरे मामले की जांच CBI करेगी और अदालत को अपनी प्रगति रिपोर्ट सौंपेगी।
रविवार को साइकिल चलाएंगे पंचायत कर्मी:फिटनेस का देंगे संदेश; 1 से 14 जून तक चलेगा अभियान
गोरखपुर में पंचायत कर्मी 1 से 14 जून तक फिटनेस का संदेश देंगे। इस दौरान 7 जून रविवार को गोरखपुर मंडल में संडे ऑन साइकिल अभियान चलाया जाएगा। फिट इंडिया मिशन के अंतर्गत् आयोजित होने वाले अभियान को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। उपनिदेशक पंचायत हिमांशु शेखर ठाकुर ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को अभियान सफल बनाने का निर्देश दिया है।यह अभियान 3 जून को मनाए जाने वाले विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। शासन स्तर पर प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत एक जून से 14 जून तक विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। पंचायत विभाग को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि साइकिलिंग फेडरेशन आफ इंडिया (सीएफआई) और यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनल (यूसीई) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर में एक लाख से अधिक साइकिल चालकों की भागीदारी सुनिश्चित कर रिकार्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक संख्या में साइकिल रैली में भाग लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। उपनिदेशक (पंचायत) ने निर्देश दिए हैं कि सभी जनपदों में प्रतिभागियों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंचायत विभाग के अधिकारी अब ग्राम पंचायतों और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं।
लखनऊ खंडपीठ का आदेश, जमानत जारी रहेगी:आरोप औपचारिक रूप से शामिल हुए बिना नई जमानत अनिवार्य नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि किसी मुकदमे में गंभीर और गैर-जमानती धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने मात्र से आरोपी को आत्मसमर्पण कर नई जमानत लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब तक अदालत नई धाराओं को औपचारिक रूप से आरोप के रूप में शामिल नहीं कर लेती, तब तक पहले से मिली जमानत जारी रहेगी। पॉक्सो मामले में दाखिल याचिका पर आदेश यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह ने गोंडा के एक पॉक्सो मामले में दाखिल याचिका पर दिया। इस मामले में वर्ष 2020 में दर्ज एफआईआर में शुरुआत में केवल छेड़छाड़ और धमकी देने के आरोप थे। बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो कानून की गंभीर धाराएं जोड़ने का अनुरोध किया। इस पर ट्रायल कोर्ट ने आरोपों में बदलाव की कार्यवाही शुरू करते हुए आरोपी को अदालत में उपस्थित होकर नई जमानत लेने का निर्देश दिया था। आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में दी थी आदेश को चुनौती आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी। उन्होंने दलील दी कि अभी नई धाराएं केवल प्रस्तावित हैं और उन्हें अदालत ने अंतिम रूप से आरोप के तौर पर स्वीकार नहीं किया है। इसलिए नई जमानत लेने का आदेश गलत है। हाईकोर्ट ने आरोपी की इस दलील को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने कहा कि ट्रायल कोर्ट को आरोप बदलने का अधिकार है, लेकिन जब तक नई धाराएं आधिकारिक रूप से आरोप का हिस्सा नहीं बन जातीं, तब तक आरोपी को आत्मसमर्पण या नई जमानत के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। न्यायालय की इस टिप्पणी से याचियों को राहत मिली है। इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि केवल गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग होने भर से पहले से मिली जमानत स्वतः समाप्त नहीं हो जाती है।
उत्तर प्रदेश शासन ने राज्य विश्वविद्यालयों में तैनात कई अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। शनिवार 30 मई रात को यह आदेश जारी किया गया। इसमें मेरठ सहित यूपी के कुल 6 यूनिवर्सिटियों में कुलसचिव और एग्जाम कंट्रोलर का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के अनुसार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) मेरठ के कुलसचिव अनिल कुमार यादव को स्थानांतरित कर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। वहीं बरेली से परीक्षा नियंत्रक रहे संजीव कुमार सिंह को वहां से हटाकर गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद भेजा गया है। अनिल कुमार यादव 2025 में ही सीसीएसयू में कुलसचिव के रूप में नियुक्त किए गए थे। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आजाद समाज पार्टी का आयोजन ऑडिटोरियम में हुआ अनिल कुमार यादव के कार्यकाल में सीसीएसयू का एक विवाद सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा था। विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आजाद समाज पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें पार्टी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधी बदर अली समेत करीब 100 समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई थी। बाद में सामने आया कि प्रेक्षागृह 60 हजार रुपये किराए पर बदर अली के नाम से बुक कराया गया था। इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठे थे। शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी बहस छिड़ गई थी। मामले ने तूल पकड़ने पर जांच बैठाई गई थी और यह विवाद लंबे समय तक चर्चा में रहा था। शासन की ओर से 30 मई को जारी आदेश में कुल छह अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक शामिल हैं। मेरठ के लिए सबसे बड़ा बदलाव सीसीएसयू के कुलसचिव पद पर हुआ है। शासन के आदेश में सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नए कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानलेवा हमले के आरोपी रोहन सिंह की तलाश तेज:लखनऊ में दबिश के दौरान पुलिस का वाहन पलटा
जिले के कुमारगंज थाना क्षेत्र में किशोर शिवम पाण्डेय पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहन सिंह और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। पुलिस और एसओजी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसी क्रम में लखनऊ के एक क्षेत्र में भी छापेमारी की गई, जहां आरोपियों के वाहन के पलटने की चर्चा सामने आई है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस संबंध में खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उधुई पूरे विंध्या गांव निवासी नीलम पाण्डेय ने तीन दिन पहले कुमारगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में आरोप लगाया गया कि उनका 16 वर्षीय पुत्र शिवम पाण्डेय घर लौट रहा था। रास्ते में उधुई मोड़ के पास खंडासा थाना क्षेत्र के अंजरौली गांव निवासी रोहन सिंह और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने शिवम का गला दबाकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस को देखकर आरोपी वाहन से भागने लगे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश में विशेष अभियान शुरू किया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के लखनऊ में छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। बताया जा रहा है कि पुलिस को देखकर आरोपी वाहन से भागने लगे और इसी दौरान उनका वाहन खाई में पलट गया। बावजूद इसके आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर पीयूष ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि उन्होंने लखनऊ में हुई कार्रवाई और वाहन पलटने की घटना की पुष्टि नहीं की। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए पीड़ित शिवम पाण्डेय के घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिसकर्मियों की चौबीस घंटे तैनाती की गई है, ताकि परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
अकबरपुर-रूरा रोड पर ओवरलोड डंपर दौड़ रहे:नंबर प्लेट छुपाकर चल रहे, बड़े वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
कानपुर देहात के अकबरपुर-रूरा रोड पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। रात 10 बजे के बाद गिट्टी और मौरंग से लदे ओवरलोड डंपर बेखौफ दौड़ते हैं। इनमें से कई डंपरों की नंबर प्लेट कपड़े से ढंकी होती हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति तब है जब बीते दिनों हुए कई हादसों के बाद प्रशासन ने इस रूट को बड़े वाहनों के लिए नो-एंट्री जोन घोषित किया था। इसके तहत भारी वाहनों के प्रवेश पर रात 10 बजे तक रोक लगाई गई थी। हालांकि, समय सीमा समाप्त होते ही ओवरलोड वाहन सड़क पर दौड़ने लगते हैं। स्थानीय निवासी युवराज सिंह और हिमांशु शेखर ने बताया कि तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों के कारण सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ये गतिविधियां परिवहन विभाग के कार्यालय से अधिक दूर नहीं हो रही हैं, फिर भी नियमों का उल्लंघन जारी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ओवरलोड गाड़ियों से सड़कें भी खस्ताहाल हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय भी सघन चेकिंग अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लग सके। इस संबंध में यातायात प्रभारी विवेक यादव ने बताया कि सुबह 7 बजे से लेकर रात 10 बजे तक अकबरपुर-रूरा रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रात 10 बजे के बाद कोई ओवरलोड गाड़ी निकलती है, तो यह स्थानीय थाना पुलिस की जिम्मेदारी है,ट्रैफिक पुलिस सुबह 7 से रात 10 बजे तक निगरानी करती है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के नानकारी इलाके में शनिवार शाम पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बंद मकान में संचालित हो रही जुए की फड़ का भंडाफोड़ किया। संयुक्त कार्रवाई में आठ लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मौके से 3.83 लाख रुपये नकद, ताश की गड्डियां और कई वाहन बरामद हुए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लंबे समय से मिल रही थी जुए की सूचना क्राइम ब्रांच को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि नानकारी क्षेत्र में स्थित गोयल कुमार गौतम के बंद पड़े मकान में नियमित रूप से जुए की बड़ी फड़ संचालित की जा रही है। यहां शहर के विभिन्न इलाकों से लोग पहुंचकर लाखों रुपये का दांव लगाते थे। सूचना की पुष्टि होने के बाद क्राइम ब्रांच और कल्याणपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई। शनिवार देर शाम पुलिस टीम ने मकान पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। नकदी, ताश की गड्डियां और वाहन बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने जुए में इस्तेमाल की जा रही ताश की गड्डियां और 3 लाख 83 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा मौके से दो कार, एक बाइक और एक स्कूटर भी जब्त किए गए हैं। पुलिस बरामद वाहनों के संबंध में भी जांच कर रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों के लोग शामिल गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काकादेव निवासी जतिन तांबे, कल्याणपुर निवासी रितेश वर्मा, मनोज सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, मोहित अग्निहोत्री, योगेश कुमार कटियार, शंकर वर्मा तथा मकान मालिक गोयल कुमार गौतम के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि जुए के इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा यह गतिविधि कब से संचालित की जा रही थी। पुलिस बोली- मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई जारी कार्यवाहक थाना प्रभारी रईस अहमद ने बताया कि सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, ताश की गड्डियां और वाहन बरामद हुए हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार हो रहे हादसों पर प्रशासन सख्त:प्ती नदी के घाटों पर पहुंचे कमिश्नर, डीआईजी
हाल के दिनों में राप्ती नदी में नहाने के दौरान डूबने से बच्चों की हुई मौतों के बाद प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। आपदा मित्रों को नदियों के आसपास तैनात किया जा रहा है। वे बच्चों को नदी में न उतरने के लिए जागरूक कर रहे हैं। आसपास रहने वाले अभिभावकों को भी इसको लेकर जागरूक किया जा रहा है।कमिश्नर अनिल ढींगरा एवं डीआईजी एस चनप्पा ने राप्ती नदी के घाटों का निरीक्षण किया। इस तरह की घटनाओं के कारणों के बारे मे जानकारी ली। उन्होंने घाटों पर सुरक्षा के आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर नदी की गहराई अधिक है, वहां सिंचाई विभाग को तत्काल लाल रंग के चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि जागरूकता, निगरानी और सुरक्षा संकेतकों के माध्यम से भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। अधिकारियों ने साहूकोल उर्फ मिर्जापुर गांव तथा राजघाट क्षेत्र का जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लि दुर्घटनाग्रस्त और जोखिम वाले क्षेत्रों में चेतावनी सूचक बोर्ड एवं संकेतक लगाए जाएं। इन बोर्डों को ऐसे स्थानों पर लगाया जा, जहां से लोग आसानी से देख सकें। बोर्ड पर संबंधित थानाध्यक्ष का नाम, मोबाइल नंबर और एनडीआरएफ का संपर्क नंबर भी लिखा जाए। जिससे किसी विपरीत स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी किनारे बसे गांवों में चौपाल आयोजित कर अभिभावकों और ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। लोगों को समझाया जाएगा कि वे बच्चों को नदी, तालाबों में नहाने या गहरे पानी वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से रोकें, जिससे हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। लोगों को जागरूक कर रहे आपदा मित्र आपदा मित्र लोगों को नदी में नहाने से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को नदी के तरफ न जाने देने की घोषणा भी की जा रही है। जो बच्चे नदी किनारे खेलते हुए दिख रहे हैं, उन्हें भी नदी में न जाने को लेकर समझाया जा रहा है।
पीलीभीत के बिलसंडा में हुए व्यवसायी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस को शनिवार रात एक और सफलता मिली। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद वारदात में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई, जिसमें दो बदमाश और एक सिपाही घायल हो गए। थाना अध्यक्ष सिद्धांत शर्मा के अनुसार, शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हत्या में शामिल आरोपी शिव और कुनाल के पैर में गोली लगी। बदमाशों की गोली से सिपाही जियाउल हक भी घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला साइकिल कारोबारी पंकज कटियार को सबक सिखाने के लिए किया गया था। पंकज का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के चलते पंकज के ससुर रमेश चंद्र और साले विमल व सीतेश (शाहजहांपुर निवासी) ने लखीमपुर के उचौलिया निवासी शिवम के जरिए 20 हजार रुपये में भाड़े के शूटरों को तय किया था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे तीन बाइकों पर सवार आठ हमलावरों ने पंकज की दुकान पर हमला किया था। उन्होंने लोहे की रॉड से पंकज पर वार किया। जब पड़ोस के कपड़ा व्यवसायी पप्पू गुप्ता पंकज को बचाने दौड़े, तो बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में पुलिस पहले ही साजिशकर्ता ससुर रमेश चंद्र और उनके दो बेटों (सालों) समेत तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। मुठभेड़ में घायल एक अन्य शूटर लकी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। शनिवार रात शिव और कुनाल की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
ताजमहल आने वाले पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। निर्माण कार्य के चलते शिल्पग्राम पार्किंग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। शिल्पग्राम पार्किंग बंद होने के बाद यहां खड़े होने वाले टूरिस्ट बसों, टैक्सियों और निजी वाहनों को अब पश्चिमी गेट पार्किंग का उपयोग करना होगा। शिल्पग्राम पार्किंग ताजमहल क्षेत्र की प्रमुख पार्किंग में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक वाहन पहुंचते हैं। पार्किंग बंद होने से अब इन वाहनों का दबाव पश्चिमी गेट पार्किंग पर बढ़ेगा। खासकर शनिवार, रविवार और छुट्टियों के दिनों में पर्यटकों की संख्या अधिक रहने के कारण पार्किंग और यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे ताजमहल आने से पहले पार्किंग व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर लें और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें। साथ ही वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। ताजमहल देश-विदेश के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में पार्किंग व्यवस्था में हुए इस बदलाव का सीधा असर पर्यटकों की आवाजाही पर पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि पश्चिमी गेट पार्किंग पर आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शिल्पग्राम पार्किंग को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद के एक एस सी एस टी उत्पीड़न मामले में आरोपी शाहनवाज की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गाजियाबाद के 09 जनवरी 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया। क्या है पूरा मामला जानिये 30 नवंबर 2025 को पीड़िता की मां श्रीमती शशि ने थाना विजय नगर, गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी शाहनवाज उनकी 23 वर्षीया बेटी का पीछा करता था, उसे धमकी देता था और 27 नवंबर 2025 को घर में जबरन घुसकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया।एफ आई आर दर्ज हुई। न्यायमूर्ति समित गोपाल ने पाया कि पीड़िता के दर्ज बयान में बलात्कार का आरोप बाद में जोड़ा गया, जो प्रारंभिक एफ आई आर और धारा 180बी एन एस एस के बयान में नहीं था। न्यायालय ने इसे अभियोजन पक्ष की कहानी में सुधार माना। , आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 03 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है। जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। न्यायालय ने जमानत पर कई सख्त शर्तें लगाई हैं । पीड़िता को किसी प्रकार से परेशान न किया जाए, साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो, हर तारीख पर अदालत में उपस्थित रहा जाए और मुकदमे में किसी प्रकार की देरी न की जाए।
प्रयागराज के कर्नलगंज में में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में कारपेंटर समेत दो मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। दोनों मकान में फर्नीचर का काम कर रहे थे, तभी एल्युमिनियम कीरॉड 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गई और उसमें करंट उतर आया। काम के दौरान हुआ हादसालालपट्टी मंफोर्डगंज निवासी खेतई लाल उर्फ लालचंद के मकान में बड़ा बघाड़ा निवासी 55 वर्षीय रमेश सोनकर कारपेंट्री का काम कर रहा था। शनिवार को मकान की दूसरी मंजिल पर कमरे में कबोर्ड बनाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान रमेश और उसके साथ आया एक मजदूर एल्युमिनियम की लंबी रॉड को बाहर निकालकर काटने का प्रयास कर रहे थे। बताया जा रहा है कि रॉड घर के सामने से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गई। हाई वोल्टेज करंट रॉड में उतरते ही दोनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। चीख-पुकार से मचा हड़कंपहादसे के समय कमरे में मौजूद महिला ने घटना देख शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने शुरू की जांचसूचना मिलने पर कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दूसरे मृतक की नहीं हो सकी पहचानपुलिस के मुताबिक एक मृतक की पहचान रमेश सोनकर के रूप में हो गई है, जबकि दूसरे मजदूर की शिनाख्त देर शाम तक नहीं हो सकी थी। बताया जा रहा है कि रमेश उसे पहली बार शनिवार को अपने साथ काम पर लाया था। पुलिस उसकी पहचान कराने के प्रयास में जुटी है। हाईटेंशन लाइन के नीचे काम बना जानलेवास्थानीय लोगों का कहना है कि मकान के सामने से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लंबे समय से खतरा बनी हुई है। शनिवार को एल्युमिनियम की रॉड के तार से छूते ही कुछ सेकंड में दो लोगों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में बिजली सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
चमनगंज में सपा नेता इरफान सोलंकी और बकरा मंडी संचालक वफा अब्बास के बीच हुए विवाद का शनिवार देर शाम पटाक्षेप हो गया। सपा नेता के पेंचबाग स्थित आवास में दोनों पक्षों की ओर से करीब एक दर्जन करीबी लोगों के सामने गिले–शिकवे दूर किए गए। इरफान सोलंकी ने वफा अब्बास को मिठाई खिलाकर गले लगाया। जिसके बाद विधायक नसीम सोलंकी ने कहा दोनों के बीच जो विवाद हुआ था, उसे खत्म किया जा रहा है, उम्मीद है कि आगे कोई गलतफहमी नहीं होगी। पहले देखिए समझौते की तीन तस्वीरें… मंगलवार देर रात चमनगंज में हुआ था विवाद कानपुर में सीसामऊ सीट से सपा विधायक नसीम के पति इरफान सोलंकी और हलीम ग्राउंड में लगने वाली बकरा मंडी के संचालक पटकापुर निवासी वफा अब्बास के बीच विवाद हो गया था। जिस पर हलीम ग्राउंड के चारों दरवाजे बंद कर लोगों ने इरफान सोलंकी मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। बुधवार को वफा अब्बास और सपा विधायक के गनर अजीम अहमद ने चमनगंज थाने में तहरीर दी थी। दोनों पक्षों की ओर से इरफान सोलंकी और वफा अब्बास, फहाद और इमरान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। वफा अब्बास ने आरोप लगाया था कि इरफान ने उनसे 3 लाख की रंगदारी मांगी, मना करने पर उनके साथियों ने पीटा। वफा अब्बास के 2 लाख 70 हजार रुपए लूट लिए। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से तीन दिन तक आरोप–प्रत्यारोप का दौर चला था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक एक दूसरे पर कमेंट कर रहे थे। विवाद के चौथे दिन यानी शनिवार रात दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। सपा विधायक नसीम सोलंकी ने बताया कि आपसी लोगों के साथ उनके पेंचबाग स्थित आवास पर दोनों पक्षों के बीच गलतफहमियों को दूर किया गया। इसके बाद इरफान सोलंकी ने वफा अब्बास को गले लगाया। इरफान बोले- मैने वफा को माफ कर दिया वहीं इस मामले में पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने बताया कि कुछ लोग बेवजह इस मामले को तूल दे रहे है। फिलहाल दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है। मैंने वफा अब्बास को दिल से माफ कर दिया। हमारे बीच में किसी तरह से कोई गिला-शिकवा नहीं है। वहीं मामले में चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय ने बताया कि उन्हें समझौते की कोई जानकारी नहीं है।
लखनऊ के अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में शनिवार को अवार्ड काउन्सिल ऑफ इंडिया (ACI) की ओर से एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें समाज, शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा, उद्योग, कला और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 20 हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुभाष भल्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एवार्ड काउन्सिल ऑफ इंडिया की उपलब्धियों और सामाजिक गतिविधियों के बारे में बताया। अपर्णा अग्रवाल को मिला ‘राजभाषा गौरव सम्मान’ सम्मान समारोह की शुरुआत प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, लखनऊ अपर्णा अग्रवाल को ‘राजभाषा गौरव सम्मान’ प्रदान कर की गई। इसके उपरांत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष नटवर गोयल, उद्योगपति ब्रिज किशोर सिंह, उपनिदेशक एन.एन पाण्डेय, कवयित्री अंजना सिंह सेंगर, समाजसेवी नानकचंद लखमानी, पूर्व चेयरमैन सुधाकर त्रिपाठी और व्यापारी नेता संदीप बंसल शामिल थे। रियल एस्टेट क्षेत्र से किशोर गोयल और पी.के. श्रीवास्तव, जबकि शिक्षा क्षेत्र से नीरजा मसीह और विनोद रात्रा को भी सम्मानित किया गया। पुस्तक ‘बगावत ए इश्क’ का विमोचन हास्य कवि सर्वेश अस्थाना को ‘स्माइलमैन ऑफ इंडिया’, उद्योगपति वासुदेव चावला और सुभाष गोयल को ‘उद्योग गौरव’ सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. विक्रम आहूजा को ‘दंत चिकित्सा गौरव’ तथा कैंसर विशेषज्ञ डॉ. नफीस अहमद सिद्दीकी को ‘चिकित्सा गौरव’ सम्मान से नवाजा गया। कला क्षेत्र में राखी पोद्दार और ग्राफिक डिजाइनर तपेन्द्र दत्ता को भी विशेष सम्मान मिला। इस अवसर पर युवा शायर और लेखक अथर्व आर्य की पहली पुस्तक ‘बगावत ए इश्क’ का विमोचन भी हुआ। इसके अतिरिक्त, भल्ला प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की जाने वाली ‘यू.पी. रियल एस्टेट पब्लिक डायरेक्ट्री’ के मुख्य कवर पृष्ठ का अनावरण किया गया। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी की प्रेरणा अपने संबोधन में डॉ. दिनेश शर्मा ने एवार्ड काउन्सिल ऑफ इंडिया के कार्यों की सराहना की। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले ऐसे लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
फर्रुखाबाद में अवैध खनन पर कार्रवाई:तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर उपखनिज के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत थाना कादरी गेट, राजेपुर, कमालगंज और चौकी सरह कोतवाली फतेहगढ़ में औचक एवं सघन छापेमारी की गई। जांच के दौरान, बालू लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध परिवहन में ऑनलाइन नोटिस जारी किया गया। वहीं, मिट्टी से लदी एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध परिवहन के आरोप में थाना राजेपुर की अभिरक्षा में लिया गया। ग्राम गांधी में रात में अवैध खनन की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान मिट्टी से लदे एक अज्ञात ट्रैक्टर का पीछा किया गया, लेकिन चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर खेत में भागने में सफल रहा। पास खड़ी एक वैगनआर कार पर संदेह होने पर उसे रोका गया। जांच में पता चला कि कार चालक लगातार खननकर्ताओं को पुलिस की लोकेशन साझा कर रहा था। सरकारी कार्य में बाधा डालने और लोकेशन साझा करने के आरोप में वाहन और चालक के मोबाइल को थाना राजेपुर की सुपुर्दगी में देकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। चौकी सरह से लगभग 2 किलोमीटर दूर रात में 4-5 ट्रैक्टरों द्वारा अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा था। पुलिस की छापेमारी के दौरान सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली खेतों में भागने में कामयाब रहे। हालांकि, खनन में इस्तेमाल होने वाली एक रैपर मशीन तारबाड़ में फंस गई, जिसे जब्त कर चौकी सरह की अभिरक्षा में रखा गया है।
प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) द्वारा आयोजित 'विमर्श' कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायक उदयचन्द्र परदेसी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकगीत हमारी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक मूल्यों और सनातन परंपराओं के जीवंत संवाहक हैं। उन्होंने सोलह संस्कारों की परंपरा को जनमानस तक पहुँचाने और पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखने में लोकगीतों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, मुख्य वक्ता उदयचन्द्र परदेसी और सुप्रसिद्ध तबला वादक अनूप बनर्जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संवाद के दौरान उदयचन्द्र परदेसी ने अपने पारिवारिक संगीत विरासत को याद किया। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में उनके दादा सारंगी बजाकर लोकगायन करते थे, जबकि उनके पिता हारमोनियम वादन में निपुण थे। घर में बचपन से मिले संगीतमय माहौल के कारण उन्होंने स्कूल के दिनों से ही हारमोनियम और लोकगायन का अभ्यास शुरू कर दिया था। परदेसी ने अपने गुरु मोहम्मद खलील साहब को याद करते हुए कहा कि लोकसंगीत की गहराई को समझने में उनका बड़ा योगदान रहा। उनके लिए लोकसंगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि एक पारिवारिक विरासत है। लोकसाहित्य और लोकगीतों के संरक्षण के लिए उदयचन्द्र परदेसी ने कई पुस्तकें भी लिखी हैं। इनमें 'बेटी लोक' लोकगीतों पर आधारित है, 'बदरिन बुहार कजरी के बाहर' कजरी विधा पर केंद्रित है, और तीसरी पुस्तक 'जीवन के संग लोकगीतों के राज' भी प्रकाशित हो चुकी है। आधुनिकता के दौर पर चिंता जताते हुए परदेसी ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण कई लोकविधाएँ विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने इनके संरक्षण और प्रलेखन (Documentation) के लिए सामूहिक प्रयासों को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में उन्होंने 'पहले मैं तुमको मनाऊँ गौरी के लाला' गणेश वंदना और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने उन्हें अंगवस्त्र व पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
गोरखपुर ANMTC में पोषक खाद्य प्रदर्शनी:CMO ने किया अवलोकन, छात्राओं को किया सम्मानित
गोरखपुर में ANM प्रशिक्षण केंद्र (ANMTC) में शनिवार को पोषण जागरूकता और व्यवहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए पोषक खाद्य सामग्री की प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में प्रशिक्षु छात्राओं ने विभिन्न बीमारियों और स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार तैयार किए गए पौष्टिक एवं संतुलित आहार का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। प्रदर्शनी में छात्राओं ने कुपोषण, मधुमेह और डायरिया जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थ और मॉडल तैयार किए। इनके माध्यम से यह बताया गया कि सही खानपान अपनाकर कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है। CMO समेत अधिकारियों ने किया अवलोकनमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उनके साथ संयुक्त निदेशक डॉ. बी.एम. राव, डॉ. गर्ग और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर छात्राओं से जानकारी ली। CMO डॉ. राजेश झा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु छात्राओं में पोषण संबंधी जागरूकता और व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों के लिए यह जरूरी है कि वे लोगों को संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में सही जानकारी दे सकें। ऐसे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संतुलित आहार से बीमारियों पर लग सकती है रोकउन्होंने कहा कि संतुलित और पौष्टिक भोजन कई बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण का प्रभावी माध्यम है। यदि लोगों के खानपान की आदतों में सुधार किया जाए तो कई गंभीर संचारी और गैर संचारी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को पोषण संबंधी व्यवहारिक प्रशिक्षण लगातार मिलना चाहिए।
प्रयागराज में यातायात को सुगम बनाने के लिए मालकराज रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण शुरू हो गया है। शनिवार को 8.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 10 फीट चौड़े इस अंडरपास का भूमि पूजन किया गया। यह परियोजना बहराना और इंद्रपुरी कॉलोनी को मालकराज क्षेत्र से सीधा जोड़ेगी, जिससे वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत मिलेगी। भूमि पूजन कार्यक्रम में मेयर गणेश केसरवानी, शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई और क्षेत्रीय पार्षद आकाश सोनकर ‘बबलू’ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, रेलवे तथा नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। वर्तमान में मालकराज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे अक्सर भारी जाम लग जाता है। इससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को विशेष परेशानी होती है। अंडरपास के निर्माण से लोगों को बिना रुके आवाजाही की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर गणेश केसरवानी ने कहा कि नगर निगम शहर के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। सड़क, नाला, प्रकाश व्यवस्था और यातायात सुधार से जुड़ी कई योजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं। विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने इस परियोजना को क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग बताया। उन्होंने कहा कि इसके पूरा होने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय पार्षद आकाश सोनकर ‘बबलू’ ने कहा कि अंडरपास बनने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का दैनिक जीवन आसान होगा। जनप्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि यह परियोजना एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही को भी तेज और सुरक्षित बनाएगी। इस अवसर पर अमर सिंह, मृत्युंजय तिवारी, सनी सोनकर, शिवेंद्र मिश्रा, हिमालय सोनकर, सीमा सागर, मंजू देवी, मीनू पाण्डेय, आशीष गौतम, विनय मिश्रा, राधिका और मिथुन सोनकर सहित कई स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। स्थानीय लोगों ने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके शीघ्र पूरा होने की उम्मीद जताई।
प्रयागराज में 32 बीघा से अधिक अवैध प्लाटिंग ध्वस्त:पीडीए ने 6 स्थानों पर भू-माफियाओं पर की कार्रवाई
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शनिवार को शहर में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण ने विभिन्न इलाकों में लगभग 32 बीघा से अधिक क्षेत्र में विकसित की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जोन-02 में जोनल अधिकारी सूरज कुमार पटेल के नेतृत्व में की गई। पीडीए टीम ने बाजूपुर ऐनुद्दीनपुर क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई की। यहां खालिद जफर, अफजल, राशिद उर्फ नीलू, इमरान जई, जिशान उर्फ जानू, राशिद फरीदी सहित अन्य लोगों द्वारा लगभग 10 बीघा क्षेत्र में विकसित अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इस दौरान भारी मशीनों का उपयोग कर अवैध सड़क नेटवर्क, सीमांकन और अन्य संरचनाओं को हटाया गया। धामूपुर कालिन्दीपुरम क्षेत्र में वसीम और अन्य द्वारा विकसित लगभग 4 बीघा अवैध प्लाटिंग पर भी बुलडोजर चलाया गया। करामत की चौकी, कालिन्दीपुरम में यूसुफ पुत्र मो. रईस और अन्य द्वारा किए गए लगभग 4 बीघा क्षेत्रफल के अवैध विकास को भी ध्वस्त किया गया। गौस नगर करैली, कालिन्दीपुरम में नदीम अहमद और अन्य द्वारा लगभग 4 बीघा में की गई अवैध प्लाटिंग को हटाया गया। इसी तरह कालिन्दीपुरम क्षेत्र में जिशान उर्फ जानू, मो. जई और अन्य द्वारा विकसित लगभग 5 बीघा अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई हुई। देवघाट झलवा क्षेत्र में संजय, वालिद, दिलीप और अन्य द्वारा लगभग 5 बीघा क्षेत्र में की गई प्लाटिंग को भी ध्वस्त किया गया। पीडीए अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण ने निर्माणकर्ताओं और विकासकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे केवल स्वीकृत मानचित्र के आधार पर ही विकास कार्य करें। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी या बिना स्वीकृति वाले भूखंडों की खरीद-फरोख्त से बचें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के संचालन पर सख्त टिप्पणी और कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद मुरैना में पुलिस और परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने जिले में बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के संचालित 44 वाहनों को जब्त किया है। सभी वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए वाहनों में 31 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 11 डंपर और 2 लोडर मशीन शामिल हैं। इनमें से 9 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है, जबकि शेष 35 वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसपी के निर्देश पर बनी संयुक्त टीमपुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम को बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे वाहन पकड़े गए, जो बिना वैध पंजीयन के सड़कों पर संचालित हो रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहनों के खिलाफ जिले में अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है नंबर प्लेटएसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी वाहनों पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट होना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त किया है। उन्होंने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बालाघाट जिले के कोतवाली थाना इलाके में कुम्हारी और पाथरवाड़ा के बीच एक स्कार्पियो गाड़ी आग लगने से पूरी तरह जल गई। यह हादसा शनिवार देर रात को हुआ। अच्छी बात यह रही कि गाड़ी में सवार ड्राइवर और बाकी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि स्कार्पियो में उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले कुछ लोग सवार थे। वे ईद मनाने के लिए लामता आए थे और वहां से भरवेली में अपने किसी जानने वाले के घर जा रहे थे। जब वे शॉर्टकट रास्ते से गुजर रहे थे, तभी गाड़ी में आग लग गई। माना जा रहा है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। जिले में आग लगने की चौथी घटना बालाघाट में गाड़ी जलने की यह चौथी घटना है। इससे पहले भी कई डरावने हादसे हो चुके हैं- परसवाड़ा में एक गाड़ी में आग लगने से दादा, बहू और पोते की जान चली गई थी। नागपुर की एक एम्बुलेंस में आग लगने से ड्राइवर जिंदा जल गया था। कुछ दिन पहले डेंजर रोड पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटी भी जलकर राख हो गई थी। बढ़ती गर्मी है वजह? जानकारों का कहना है कि बालाघाट में बढ़ते तापमान की वजह से गाड़ियों में आग लगने के मामले बढ़ रहे हैं। इस ताजा घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट हो रहा है।
बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों भालुओं की बढ़ती गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पंडरदल्ली वार्ड-2 सहित राजहरा शहर के आसपास सुबह-शाम और रात के अंधेरे में दो से तीन भालू लगातार देखे जा रहे हैं। भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर ये भालू रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। इनके आवागमन के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है, वहीं डीएफओ ने भी मौके का निरीक्षण कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पूर्व पार्षद सोमेश जायसवाल ने बताया कि बुधवार रात करीब 12 बजे चट्टा दफाई से गणेश चौक क्षेत्र तक दो भालू घूमते दिखाई दिए। इस दौरान उनका भालुओं से करीब 10 मीटर की दूरी पर आमना-सामना हो गया। अचानक सामने भालू आने से उन्होंने अपना वाहन रोक दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद दोनों भालू वापस जंगल की ओर लौट गए। स्थानीय लोगों के अनुसार भालू रात के समय घरों के बाहर रखे आम और खजूर भी खा रहे हैं। उनका मानना है कि जंगल में भोजन और पानी की कमी के कारण भालू बस्ती तक पहुंच रहे हैं और सुबह होने से पहले वापस लौट जाते हैं। इसी दौरान वे अक्सर रास्तों और मोहल्लों में नजर आ जाते हैं। पहले देखिए तस्वीरें भालू का जोड़ा घूमता दिख रहा - सोमेश पूर्व पार्षद सोमेश जायसवाल का कहना है कि घटना के समय मोहल्ले में सन्नाटा था। यदि दिन के समय भालू आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचते तो बच्चों और लोगों की मौजूदगी के कारण किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि क्षेत्र में दिख रहे भालू नर-मादा के जोड़े हो सकते हैं। जो माइंस क्षेत्र और आसपास की पहाड़ियों से बस्ती की ओर आ रहे हैं। कोकान माइंस से शिकारी बाबा रोड तक बंद है लाइट - सौरभ भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया ने बताया कि कोकान माइंस से शिकारी बाबा रोड होते हुए 256 चौक तक अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पूरे मार्ग पर केवल एक लाइट जल रही है। उनका कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवर आसानी से रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने बीएसपी प्रबंधन और विद्युत विभाग से बंद स्ट्रीट लाइटों को जल्द चालू कराने की मांग की है। प्राकृतिक जलस्त्रोत सूखने से हो रही समस्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रहवासियों का कहना है कि जंगल के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने और नालों में पानी बंद होने से वन्यजीवों के सामने संकट खड़ा हो गया है। पहले कोकान माइंस का अतिरिक्त पानी नाले में छोड़ा जाता था, जिससे जंगली जानवरों को पानी उपलब्ध हो जाता था। अब पानी सीधे डेमसाइड भेजे जाने के कारण नाला सूख गया है और भालू सहित अन्य वन्यजीव पानी और भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। बालोद डीएफओ ने किया स्थल निरीक्षण घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने वार्ड-2 पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिस पहाड़ी क्षेत्र से भालू बस्ती में प्रवेश कर रहे हैं, वहां सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही वन विभाग की टीम नियमित गश्त करेगी। वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भालू दिखाई देने पर उसके पास न जाएं, भीड़ न लगाएं और फोटो या वीडियो बनाने के लिए नजदीक जाने की कोशिश न करें। किसी भी स्थिति में तत्काल वन विभाग या हेल्पलाइन 1926 पर सूचना दें।
बालोद जिले के कुसुमकसा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिपरा स्थित सहकारी समिति के उपकेंद्र (सोसायटी) में अज्ञात चोरों ने खाद गोदाम को निशाना बनाते हुए 60 बोरी डीएपी खाद चोरी कर ली। चोरी गई खाद की कीमत करीब 87 हजार रुपए आंकी गई है। घटना के बाद दल्लीराजहरा पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह एक ग्रामीण घुरुवा के पास कचरा फेंकने गया था। इसी दौरान उसकी नजर गोदाम के खुले चैनल गेट पर पड़ी। संदेह होने पर उसने पास जाकर देखा तो गोदाम से खाद की बोरियां गायब थीं। इसके बाद तत्काल कोटवार और समिति प्रबंधन को सूचना दी गई। उपकेंद्र प्रबंधक भीखम लाल ने बताया कि गोदाम में रखी करीब 60 बोरी डीएपी खाद चोरी हुई है। प्रति बोरी 1450 रुपये की दर से चोरी गई खाद की कुल कीमत लगभग 87 हजार रुपए है। घटनास्थल पर एक पिकअप ट्रॉली का एंगल, टॉर्च और रुमाल मिलने से आशंका जताई जा रही है कि चोर पिकअप वाहन में खाद भरकर ले गए। पुलिस का भी मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद चोरी करने में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता हो सकती है। समिति प्रबंधन के अनुसार गोदाम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। जिसके कारण आरोपियों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। खरीदी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल प्रबंधक ने बताया कि किसानों की जरूरत को देखते हुए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण कर लिया गया था, इसलिए अभी खाद के वितरण पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन समिति में इस तरह की यह पहली बड़ी चोरी है, जिससे धान खरीदी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
रामानुजगंज-सनावल मुख्य मार्ग पर गरीबों को बांटने के लिए भेजा गया सड़ा हुआ चना सड़क किनारे भारी मात्रा में मिला। नीलकंठपुर मोड़ से 300 मीटर दक्षिण में यह चना बिखरा पड़ा था। घटना सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह वही चना है जो उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से गरीब परिवारों तक पहुंचना था। उन्होंने जिम्मेदारों पर लापरवाही या मिलीभगत से गरीबों के हक का अनाज सड़क किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि शासन मुफ्त राशन के जरिए गरीबों का पेट भरने का दावा करता है। उनका आरोप है कि चना गोदाम तक पहुंचने के बाद समय पर वितरित नहीं हुआ, जिससे वह खराब होने लगा। अपनी लापरवाही छिपाने के लिए जिम्मेदारों ने इसे सड़क किनारे फेंकवा दिया। क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि क्या चना परिवहन के दौरान फेंका गया, या उचित मूल्य दुकान तक पहुंचने से पहले ही गरीबों के हिस्से का राशन गायब कर दिया गया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारी, परिवहनकर्ता और राशन दुकान संचालक की मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मौके की जांच करने, यह पता लगाने की मांग की है कि चना किस गोदाम या उचित मूल्य दुकान का था, और किन परिस्थितियों में इसे फेंका गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की है। इस संबंध में रामानुजगंज के खाद्य अधिकारी छबीला पैकरा ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि यह चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली का पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
देवास में ऑटो चालक और एक यात्री के बीच ₹66 के किराए को लेकर हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी धनराज ने रैपिडो के माध्यम से एक ऑटो बुक किया था। इसका किराया ₹166 तय हुआ था। यात्री नागदा पहाड़ी के पास जाना चाहता था, लेकिन चालक ने वहां जाने से इनकार कर दिया। इस दौरान यात्री ने चालक को ₹100 दिए थे, जबकि ₹66 बकाया रह गए थे। इसी शेष राशि को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि ऑटो चालक बार-बार बकाया राशि की मांग कर रहा था। इस पर यात्री ने उसे कैला देवी क्षेत्र में आने के लिए कहा। कैला देवी चौराहे पर पहुंचने पर ऑटो चालक और उसके साथियों ने यात्री के साथ मारपीट की। यह घटना शुक्रवार देर शाम को हुई थी। मारपीट की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया। औद्योगिक थाना पुलिस ने फरियादी धनराज की शिकायत पर ऑटो चालक सनी और उसके पांच अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। औद्योगिक थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि किराए के लेनदेन को लेकर ऑटो चालक और यात्री के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मारपीट की घटना सामने आई। उन्होंने पुष्टि की कि मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच के बाद छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक अंतर्गत ग्राम डुंडेरा में तालाब में डूबने से 13 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। मृतक बालिका 6वीं कक्षा में पढ़ती थी और घर के पास स्थित तालाब में नहाने गई थी। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चली गई, जिससे उसकी जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, डुंडेरा निवासी मोनिका ठाकुर (13 वर्ष) पिता घनश्याम ठाकुर शुक्रवार शाम करीब 6 बजे गांव के परना बाट तालाब में नहाने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नहाते समय वह तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गई और डूब गई। काफी देर तक दिखाई नहीं देने पर ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में उसे तालाब से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अर्जुन्दा ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गांव के पूर्व सरपंच छबिलाल कोर्राम ने बताया कि मोनिका 6वीं कक्षा की छात्रा थी। उसके पिता घनश्याम ठाकुर और माता कामिनी ठाकुर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में मोनिका के अलावा एक छोटा भाई और एक बहन हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण मोनिका अक्सर शाम के समय तालाब में नहाने जाया करती थी, लेकिन उसे तैरना नहीं आता था। बताया गया कि उसकी मानसिक स्थिति भी पूरी तरह सामान्य नहीं थी, जिसके चलते उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। उसे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विद्यालय से जोड़ने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया। शनिवार को गुंडरदेही स्थित मर्च्युरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद गांव में अंतिम संस्कार किया गया। अर्जुन्दा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जोधपुर की जोजरी नदी पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- प्रशासन को इस पाइपलाइन के बारे में जानकारी नहीं थी। सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर है और इसका स्थाई समाधान किया जाएगा। मंत्री जोगाराम पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा- जोजरी नदी का विषय सबसे महत्वपूर्ण है। न्यायालय द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए सभी अवैध फैक्ट्रियों को बंद करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि लगातार निरीक्षणों के बावजूद जो गुप्त पाइपलाइन मिली, वह पहले प्रशासन की जानकारी में भी नहीं थी। पटेल ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और सर्वोच्च न्यायालय दोनों इस विषय पर बेहद गंभीर हैं, जिससे अब इस पुरानी समस्या का हमेशा के लिए निदान हो जाएगा। दोनों नदियों को दो तीन साल में प्रदूषण मुक्त करने की योजनापटेल ने प्रदूषण के स्थायी समाधान के बारे में बताते हुए कहा कि बजट में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने और प्रदूषित जल को जोजरी व लूणी नदी में जाने से रोकने की योजना बनाई गई है। गंदे पानी और सीवरेज को पूरी तरह ट्रीट किया जाएगा। आने वाले दो-तीन वर्षों में दोनों नदियों को प्रदूषण मुक्त करने का सरकार का पक्का संकल्प है। साथ ही जोधपुर आईआईटी (IIT) के साथ भी एक प्रोजेक्ट प्लानिंग स्टेज में है। यह था मामला जोजरी को दूषित होने से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाईपावर कमेटी ने बुधवार रात औचक निरीक्षण कर अवैध पाइपलाइन को पकड़ा था। सांगरिया स्थित सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में ही एक अवैध पाइपलाइन के जरिए टेक्सटाइल फैक्ट्रियों के पानी को साफ किए बिना ही सीधे जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा था। यह लाइन सीधी जोजरी नदी में जा रही थी। गुरुवार को इस पाइपलाइन को जेसीबी की सहायता से उखाड़ दिया गया था। दरअसल, हाईपावर कमेटी को गोपनीय सूचना से इस पाइपलाइन की जानकारी मिली। कमेटी ने तुरंत ही सीईटीपी पर छापा मार दिया। कमेटी ने आसपास जांच की तो एक किमी लंबी यह लाइन पकड़ में आ गई। इतनी बड़ी गड़बड़ी मिलने से हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर सहित तमाम आला अधिकारी भी आधी रात ही प्लांट पर पहुंच गए थे। सूचना पर प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। अब मामले की जांच करवाकर दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जोजरी संरक्षण के लिए पिछले साल बनी थी कमेटी जोजरी नदी में लगातार बह रहे फैक्ट्रियों के केमिकल और रीको क्षेत्र के गंदे पानी के कारण उसका अस्तित्व खतरे में आ गया है। स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 21 नवंबर को हाईपावर कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने इस कमेटी को सीधे तौर पर जोजरी नदी की मॉनिटरिंग करने, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के असीमित अधिकार दिए थे। हर महीने टीम करती है दौरा इस पूरे मामले में जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका और कार्यशैली पर सबसे बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए थे। मामला विभागीय अधिकारियों की उद्योगपतियों के साथ गहरी मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है, क्योंकि विभाग की आंखों के सामने इतनी बड़ी पाइपलाइन डाल दी गई और किसी को पता तक नहीं चला, जबकि विभागीय टीम हर महीने बाकायदा इस सीईटीपी प्लांट का दौरा करती है, औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पानी के सैंपल लेती हैं और कागजी रिपोर्ट तैयार करती हैं। इसके अलावा जेपीसीआरएफ की भूमिका भी संदिग्ध है। मामला सामने आने के बाद राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने रीजनल ऑफिसर कामिनी सोनगरा को एपीओ कर दिया था। वहीं, लैब इंचार्ज देवेंद्र सिंह और रीजनल ऑफिस में एईई कुणाल खत्री को सस्पेंड किया गया। लापरवाही पर सीईटीपी ट्रस्टियों के खिलाफ केस दर्ज कर दो औद्योगिक इकाइयों को सील भी किया गया है। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने आगामी आदेश तक सीईटीपी-टेक्सटाइल और इसकी सदस्य इकाइयों को बंद रखने तथा 24 घंटे सख्त निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।
बरेली के परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित वाडीलाल आइसक्रीम फैक्ट्री में शनिवार सुबह एक युवक ने सुपरवाइजर पर जानलेवा हमला कर दिया। फैक्ट्री गेट पर जब सुपरवाइजर भानू प्रकाश मिश्रा अपने मजदूरों की ड्यूटी निर्धारित करने में व्यस्त थे, तभी वहां पहुंचे युवक ने अचानक उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी युवक तस्लीम खान तिलियापुर गांव निवासी बताया जा रहा है। उसने सुपरवाइजर को निशाना बनाते हुए लाठी-डंडों से सरेआम पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपी लगातार चिल्ला रहा था कि आज तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा और तुझे यहीं मार डालूंगा। हमले के दौरान सन्नाटा और दहशत मौके पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों के मुताबिक, भानू प्रकाश मिश्रा शांतिपूर्वक अपना काम कर रहे थे और मजदूरों को उनके काम समझा रहे थे। तभी तस्लीम खान वहां पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के उसने भानू प्रकाश पर ताबड़तोड़ डंडों से प्रहार कर दिए। हमला इतना अचानक था कि सुपरवाइजर संभल तक नहीं पाए। आरोपी के सिर पर खून सवार था, उसने अकेले ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई दरिंदगीपूरी वारदात फैक्ट्री परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ कैद हो गई है। वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे तस्लीम खान बेरहमी से सुपरवाइजर पर वार कर रहा है। वीडियो में दिख रही बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावर ने उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक कि भानू प्रकाश जमीन पर लहूलुहान होकर गिर नहीं पड़े। काम न देने की खौफनाक सजापीड़ित भानू प्रकाश मिश्रा ने बताया कि इस पूरी घटना के पीछे की वजह सिर्फ और सिर्फ ड्यूटी न मिलना है। तस्लीम खान काफी समय से फैक्ट्री में काम की मांग कर रहा था। काम की उपलब्धता न होने के कारण उसे ड्यूटी पर नहीं रखा गया था। इसी बात की रंजिश उसने दिल में पाल ली थी। एक मामूली सी प्रशासनिक प्रक्रिया या काम न मिलने का बदला लेने के लिए उसने सुपरवाइजर पर जानलेवा हमला कर दिया। भानू प्रकाश के मुताबिक, यह हमला महज एक छोटी झड़प नहीं थी, बल्कि उनकी जान लेने की एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवालइस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू स्थानीय पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली है। परसाखेड़ा चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचे भानू प्रकाश और उनके परिजनों के साथ पुलिस का रवैया बेहद उदासीन रहा। पीड़ित का सीधा आरोप है कि चौकी पुलिस ने शिकायती पत्र तो ले लिया, लेकिन न तो घायल का मेडिकल मुआयना कराया और न ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया। घायल अवस्था में भानू प्रकाश अब इंसाफ के लिए उच्चाधिकारियों की चौखट पर दस्तक देने को मजबूर हैं। आखिर पुलिस इस घटना को हल्के में क्यों ले रही है, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। परिवार में खौफ का सायाइस हमले के बाद से भानू प्रकाश और उनका पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर है। उन्हें अब भी तस्लीम खान की धमकियों का डर सता रहा है। भानू ने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि उनकी जान को खतरा है और आरोपी किसी भी हद तक गिर सकता है। इलाके के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले अन्य कर्मचारी भी अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यदि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले सुपरवाइजर ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो फिर फैक्ट्री का संचालन कैसे होगा? वही फैक्ट्री पर सुबह शाम पुलिस की गश्त बढ़ाने की मांग की गई है।
बिलासपुर में पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल के गुरुवार को नेहरू चौक-दर्रीघाट फोरलेन रोड के निरीक्षण के बाद सड़क की चौड़ाई को लेकर सवाल उठ गए हैं। आरोप है कि सड़क का निर्माण मास्टर प्लान के अनुसार नहीं हो रहा है। सचिव मुकेश बंसल ने इस संबंध में कहा कि सड़क अभी निर्माणाधीन है। पेड़ों और अतिक्रमण को हटाने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गलत बिलिंग नहीं की जाएगी। बंसल ने चेतावनी दी कि बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर और पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि मौके पर एक साफ-सुथरी और बेहतर सड़क दिखाई दे। मास्टर प्लान के अनुसार, सड़क की चौड़ाई अलग-अलग हिस्सों में भिन्न होनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में अंतर पाया गया है: - नेहरू चौक, गोल बाजार से प्रधान साउंड तक प्रस्तावित चौड़ाई 18 मीटर है। - प्रधान साउंड सर्विस से नागोराव शेष स्कूल तक प्रस्तावित 18 मीटर की जगह वर्तमान में 12 मीटर है। - शेष स्कूल से गांधी चौक तक प्रस्तावित चौड़ाई 18 मीटर वर्तमान में भी है। - गांधी चौक से गुरुनानक चौक तक प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ाई वर्तमान में भी है। - गुरुनानक चौक से जाजोदिया टाइल्स तक प्रस्तावित 40 मीटर की जगह 24 मीटर है। - जाजोदिया टाइल्स चौक से निवेश क्षेत्र सीमा (दर्रीघाट) तक प्रस्तावित 60 मीटर की जगह वर्तमान में 24 मीटर पाई गई है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक भानुप्रताप सिंह पटेल ने बताया कि बिलासपुर का मास्टर प्लान 2031 तक की जनसंख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने और कई बाईपास रोड का प्रस्ताव शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क की चौड़ाई मास्टर प्लान के अनुसार नहीं होगी, तो भविष्य में ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा। पीडब्ल्यू़डी सचिव मुकेश बंसल ने कहा, रोड अंडर कंस्ट्रक्शन है। कुछ स्थानों पर मंदिर और पेड़ भी चौड़ीकरण के दायरे में हैं। सड़क की चौड़ाई बराबर ही होगी। सड़क बनने के बाद जांच की जाएगी और चौड़ाई में असमानता मिली तो कार्रवाई की जाएगी। जितनी चौड़ाई उपलब्ध उतनी बना रहे: सीई पीडब्ल्यू़डी के चीफ इंजीनियर आरके रात्रे ने कहा कि रोड की ड्राइंग, डिजाइन उनके आने के पूर्व तैयार की जा चुकी थी। वर्तमान में जहां जितनी चौड़ाई मिल रही है, वहां उतना निर्माण कराया जा रहा है, यानी शहर के अंदर सिंगल तथा बाहर फोरलेन रोड का निर्माण जगह के हिसाब से हो रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण के पूर्व अतिक्रमण हटाया गया है, लेकिन जिनकी जमीनें आ रही हैं, उनका अधिग्रहण नहीं किया गया। रिकार्ड में उपलब्ध जमीन के मुताबिक रो़ड बनाई जा रही है। काम में तेजी लाने की हिदायत लोक निर्माण विभाग के सचिव ने गुरुवार को बिलासपुर में 32 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन नेहरू चौक से दर्रीघाट फोरलेन रोड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अफसर और ठेकेदार को कार्य में तेजी लाते हुए समय सीमा में पूर्ण कराने कहा। आला अफसरों की क्लास ली, टाइम लाइन पर जोर सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग करें तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। टेंडर स्वीकृति के 30 दिनों में काम चालू कराएं सचिव ने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम शुरू कराने कहा। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे। इन कार्यों की समीक्षा की सचिव बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में उन्होंने कई चल रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, जिनमें कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, हाईकोर्ट में ऑडिटोरियम, नया जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन मामलों के लिए बनने वाला विश्राम भवन शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली और उनके काम की प्रगति पर चर्चा की। क्या बगैर सर्वे प्लानिंग की गई.. नेहरू चौक से दर्रीघाट तक 10 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड के डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य शहर के मास्टर प्लान के मुताबिक बिल्कुल भी नहीं हो रहा। पीडब्ल्यू़डी के अफसरों ने सड़क निर्माण से पहले न अतिक्रमण का सर्वे किया और न ही चौड़ाई का सही निर्धारण किया, नतीजतन पूरी सड़क चौड़ाई में कुछ स्थानों को छोड़कर कहीं कहीं बेहद कम है। इन स्थानों पर चौड़ाई घटाई गांधी चौक से दयालबंद की ओर ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने सड़क के बाईं तरफ की चौड़ाई कम कर दी है। जबकि नियम के अनुसार डिवाइडर के दोनों तरफ सड़क की चौड़ाई बराबर होनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया है। मास्टर प्लान के अनुसार नेहरू चौक से देवकीनंदन चौक तक सड़क 80 फीट, देवकीनंदन चौक से जवाली पुल तक 60 फीट, जवाली पुल से गांधी चौक तक 80 फीट, गांधी चौक से गुरुनानक चौक तक 120 फीट और गुरुनानक चौक से दर्रीघाट तक 200 फीट चौड़ी होनी थी। लेकिन मौके पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है और सड़क की चौड़ाई तय योजना के अनुसार नहीं बनाई गई है। जानिए मौके पर कहां कितनी चौड़ाई मिली - शीतला मंदिर के आगे बांई ओर सड़क 20 फीट और दाईं ओर 24 फीट मिली।- गुरुद्वारा के पास बांई ओर 20 फीट और दाईं ओर 25 फीट चौड़ाई मिली।- छाबड़ा टाइल्स के पास बांई ओर 14 फीट और दाईं ओर 26 फीट चौड़ाई मिली।- पेंडलवार नर्सिंग होम के पास दोनों ओर करीब 22-22 फीट चौड़ाई मिली- नेहरू चौक से देवकीनंदन चौक : 80 फीट- देवकीनंदन चौक से जवाली पुल : 60 फीट- जवाली पुल से गांधी चौक : 80 फीट- गांधी चौक से गुरुनानक चौक : 120 फीट- गुरुनानक चौक से दर्रीघाट : 200 फीट
कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र में शनिवार शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े तीन युवकों की पेड़ की भारी डाल गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना चोरका दांड गांव की है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। जिले के विभिन्न इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान देखा गया। शाम करीब 5 बजे पाली क्षेत्र में भी मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान चोरका दांड गांव के तीन युवक शिवराम टेकाम (14 वर्ष), कमलेश बड़ा (18 वर्ष) और दिनेश तिर्की (17 वर्ष) कहीं से लौट रहे थे। तेज बारिश और आंधी से बचने के लिए तीनों एक बड़े पेड़ के नीचे रुक गए। देखिए तस्वीरें चोरका दांड गांव में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही पेड़ के नीचे खड़े होने के कुछ ही देर बाद तेज आंधी के कारण पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर तीनों के ऊपर गिर गई। डाल इतनी भारी थी कि तीनों उसके नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों ने तुरंत डाल को हटाया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। एक साथ तीन युवकों की मौत से गांव में हड़कंप मच गया और मातम पसर गया। मृतक तीनों युवक चोरका दांड गांव के ही रहने वाले थे और आपस में गहरे दोस्त थे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पाली थाना प्रभारी नागेश तिवाती ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इंदौर में संभागीय खाद्य फ्लाइंग स्क्वाड ने शनिवार को मसाला निर्माण फैक्टरियों पर कार्रवाई की है। टीम ने खंडवा रोड स्थित विभिन्न मसाला निर्माण प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने एकत्रित किए और संदिग्ध खाद्य सामग्री का बड़ा भंडार जब्त किया। टीम ने खंडवा रोड स्थित कैलोद करताल क्षेत्र में संचालित राठौर ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। यहां मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर का निर्माण होते पाया गया। जांच के दौरान मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, खड़ा धनिया और धनिया दाल के कुल चार नमूने लेकर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण लैब भेजे गए। सौरभ स्पाइसेस में भी जांच इसके बाद टीम ने सौरभ स्पाइसेस प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां से हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और राई दाल के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। सभी नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए लैब भेजा जा रहा है। एच.के. फूड से करीब 9 लाख का स्टॉक जब्त कार्रवाई के दौरान एच.के. फूड में मिर्च पाउडर और नूडल्स मसाला के सैंपल लिए गए। निरीक्षण में खाद्य सामग्री संदिग्ध प्रतीत होने पर टीम ने शेष स्टॉक को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया। मौके से लगभग 998 किलो मिर्च पाउडर, जिसकी अनुमानित कीमत 2.99 लाख रुपये है और 2398 किलो नूडल्स मसाला, जिसकी कीमत करीब 5.99 लाख रुपए आंकी गई है, जब्त किया गया। इस प्रकार कुल 3396 किलोखाद्य सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8.99 लाख रुपए है, को जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी सैंपलों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर-भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-719) के उन्नयन और निर्माण को लेकर वर्षों से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। करीब एक दशक से अधर में लटकी इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से बदहाल सड़क, गड्ढों और बढ़ती दुर्घटनाओं के कारण चर्चा में रहे इस राजमार्ग को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लगातार फॉलोअप के बाद नई गति मिली है। ग्वालियर-चंबल अंचल की लाइफलाइन माने जाने वाले इस मार्ग की खराब स्थिति को लेकर पिछले वर्ष भिंड में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला था। 17 जून 2025 को साधु-संतों, सामाजिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों के एक दल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से मुलाकात कर सड़क निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया था कि जर्जर सड़क के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। मुलाकात के बाद सिंधिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर मामले को प्राथमिकता से उठाया। इसके बाद 31 मार्च 2026 को उन्होंने दिल्ली में गडकरी से दोबारा मुलाकात कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और शीघ्र स्वीकृति तथा निर्माण कार्य शुरू कराने का आग्रह किया। MPRDC से हटाकर NHAI को सौंपी गई परियोजना लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि परियोजना को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) से हटाकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया गया। इसके बाद तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आई और अब टेंडर जारी होने के साथ निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। व्यापार, पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा यह राष्ट्रीय राजमार्ग ग्वालियर और भिंड के साथ उत्तर प्रदेश के इटावा को भी बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही लाखों लोगों की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम हो सकेगी। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द शुरू होने वाले निर्माण कार्य पर टिकी हैं।
ग्वालियर में भारतीय जनता पार्टी के महानगर जिला उपाध्यक्ष कंवर मंगलानी ने नगर निगम आयुक्त संघप्रिय के कार्य व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए अपनी बात सार्वजनिक की है। कंवर मंगलानी द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वह नगर निगम आयुक्त से लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और टेक्स्ट मैसेज भेजने के बावजूद उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस स्थिति पर संज्ञान लिया जाए। मंगलानी का कहना है कि जनता ने भाजपा सरकार पर भरोसा जताते हुए उसे सत्ता सौंपी है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की समस्याओं का निराकरण कराएं। इसके लिए अधिकारियों से संवाद आवश्यक होता है, लेकिन नगर निगम आयुक्त से संपर्क स्थापित नहीं हो पाने के कारण आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर जब आयुक्त से पहले चर्चा हुई थी तो उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से समस्याएं भेजने की सलाह दी गई थी, लेकिन वहां भी संदेशों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलती। इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया है। कंवर मंगलानी ने उम्मीद जताई है कि मामला सार्वजनिक होने के बाद नगर निगम प्रशासन जनप्रतिनिधियों और जनता की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाएगा तथा संवाद की स्थिति बेहतर होगी।
हरियाणा के हांसी-हिसार नेशनल हाईवे पर स्थित एनएच-10 मार्केट में शनिवार रात करीब 8:45 बजे जॉकी शोरूम के मैनेजर सूरज जैन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल सूरज जैन को उनके कर्मचारियों ने तुरंत हांसी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ युवक एक गाड़ी में सवार होकर मार्केट में पहुंचे थे। किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने सूरज जैन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। मृतक की पहचान हिसार निवासी सूरज जैन के रूप में हुई है, जो एनएच-10 मार्केट स्थित जॉकी शोरूम का संचालन करते थे। घटना के बाद पूरे मार्केट में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदार व कर्मचारी मौके पर एकत्रित हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, आरोपी फरार वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। हमलावर मार्केट के बीच हमलाकर आसानी से फरार हो गए। एनएच-10 मार्केट जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में हुई इस हत्या की घटना से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर गांधी सागर के बैकवाटर में रेतम नदी में डूबे पिता-पुत्र में से बेटे का 24 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चला है। पिता की लाश शुक्रवार को ही मिल गई थी, लेकिन 20 साल के बेटे पवन की तलाश में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम अभी भी लगी हुई है। यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 4 बजे ग्राम सेमली आंतरी में हुआ था। बताया जा रहा है कि बेटा पवन नदी में नहाने गया था। उसे गहरे पानी में डूबता देख पिता दशरथ सिंह उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। लेकिन तेज हवा और पानी के बहाव की वजह से पिता अपने बेटे को नहीं बचा पाए और खुद भी डूब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी खबर मिलते ही कुकड़ेश्वर पुलिस और नीमच से बचाव दल मौके पर पहुंचा। टीम ने शुक्रवार देर शाम को पिता दशरथ सिंह की लाश बाहर निकाल ली थी। शनिवार को दिनभर बेटे पवन की तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। रात को अंधेरा ज्यादा होने की वजह से काम रोक दिया गया, जो रविवार सुबह फिर शुरू किया जाएगा। विधायक और अफसरों पर फूटा गुस्सा इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और नेताओं के खिलाफ काफी नाराजगी देखी गई। शनिवार को जब इलाके के विधायक अनिरुद्ध माधव मारू वहां पहुंचे, तो लोगों ने उन पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ 5 मिनट के लिए आए और फोटो खिंचवाकर चलते बने। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इतना बड़ा हादसा हो गया, लेकिन कोई बड़ा सरकारी अधिकारी या एसडीएम अभी तक मौके पर नहीं पहुँचा। थाना प्रभारी भीम सिंह सिसोदिया ने बताया कि रविवार सुबह से एक बार फिर नए सिरे से तलाश शुरू की जाएगी।
मथुरा के रोहित ने भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनके पिता बसंत लाल भारतीय थल सेना से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। रोहित के चयन से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शनिवार दोपहर पुष्पांजलि स्थित ताल वाटिका में रोहित के सम्मान में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर ढोल-नगाड़ों और देशभक्ति के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, रिश्तेदार और शुभचिंतक समारोह में उपस्थित रहे और रोहित को बधाई दी। रोहित के पिता बसंत लाल मूल रूप से मांट क्षेत्र के नसीटी गांव के निवासी हैं। उन्होंने भारतीय थल सेना में सैनिक के रूप में वर्षों तक देश की सेवा की और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। बसंत लाल ने अपने बच्चों को अनुशासन और देशप्रेम के संस्कार दिए, जिसका प्रभाव रोहित की सफलता में देखा जा सकता है। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद रोहित ने कड़ी मेहनत और लगन से भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। परिजनों के अनुसार, वह बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे और अपने पिता की तरह सेना में शामिल होकर राष्ट्र की सेवा करना चाहते थे। इस अवसर पर बसंत लाल ने कहा कि बेटे की यह सफलता उनके जीवन के सबसे गर्व के क्षणों में से एक है। उन्होंने बताया कि जहां उन्होंने एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की, वहीं अब उनका बेटा एक अधिकारी के रूप में राष्ट्र की रक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा। समारोह के अंत में रोहित ने सभी क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उनके माता-पिता ने बेटे को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य तथा सफल सेवा जीवन की कामना की।
कोटा एसीबी कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के करीब 20 साल पुराने मामले में पूर्व अधिकारी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने तत्कालीन क्षेत्रीय वन अधिकारी विश्व खाद्य कार्यक्रम झालावाड़, राधेश्याम चतुर्वेदी को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया है। जांच में राधेश्याम के पास आय से 27.70 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति मिली थी। सहायक लोक अभियोजन अधिकारी जय शर्मा ने बताया कोटा से एसीबी ने साल 2006 में राधेश्याम चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान एसीबी ने आरोपी की चल-अचल संपत्तियों, आय और व्यय के दस्तावेज खंगाले। जांच में पाया कि आरोपी ने अपनी वैध आय से ज्यादा संपत्ति अर्जित की थी। आरोपी के पास कुल संपत्ति 14 लाख, 19 हजार 560 रुपए पाई गई, जो उसकी वैध आय 11 लाख 11 हजार 639 रुपए से 3 लाख 950 रुपए ज्यादा थी। जांच के बाद साल 2010 में एसीबी ने स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 39 गवाहों के बयान करवाए गए।
घाटमपुर तहसील क्षेत्र के कोरिया स्थित श्री आस्तिक मुनि इंटर कॉलेज के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच एक अहम फैसला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. संतोष कुमार राय तथा निबंधक कानपुर पारसनाथ गुप्ता के आदेशों के क्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नव नियुक्त अध्यक्ष कैलाश नारायण मिश्रा की सहमति से विद्यालय के प्रबंधक पद पर बदलाव किया गया है। पूर्व प्रबंधक नीरज तिवारी के स्थान पर राहुल शुक्ला को श्री आस्तिक मुनि इंटर कॉलेज का नया प्रबंधक नियुक्त किया गया है। राहुल शुक्ला की नियुक्ति के बाद विद्यालय से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों और क्षेत्रीय लोगों में नई उम्मीद जगी है कि अब लंबे समय से चल रही प्रबंधन संबंधी असमंजस की स्थिति समाप्त होगी और विद्यालय का संचालन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। नवनियुक्त प्रबंधक राहुल शुक्ला के स्वागत को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने पहुंचकर उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। विधायक ने कहा कि शिक्षा संस्थानों का सुचारु संचालन क्षेत्र के विकास के लिए बेहद आवश्यक है और विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर मनीष तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने राहुल शुक्ला के नेतृत्व में विद्यालय के विकास और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई।
साढ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे में जानवर चरा काटकर लौट रहे किसान की कटीले तार में फंसकर मौत हो गई। किसान अपनी गाय को कंटीले तारों से छुड़ाने का प्रयास कर रहा था, तभी वह खुद भी तारों में उलझ गया। गाय के झटके और घसीटने से वह गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़ा। देर तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद वह घायल अवस्था में खेत में पड़ा मिला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव निवासी रामरतन पाल (50) शुक्रवार को रोजाना की तरह अपने जानवरों को चराने के लिए गांव के बाहर खेतों की ओर गए थे। शाम के समय जब वह जानवरों को लेकर वापस घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में खेत के किनारे लगे कंटीले तारों में उनकी एक गाय फंस गई। गाय को तड़पता देख रामरतन उसे छुड़ाने लगे, लेकिन इसी दौरान अचानक गाय ने जोर का झटका मार दिया। झटके से रामरतन खुद भी तारों में उलझ गए और गाय के घसीटने से उनके शरीर पर गंभीर चोटें आ गईं। अत्यधिक खून बहने के कारण वह खेत में ही बेसुध होकर गिर पड़े। उधर, देर शाम तक रामरतन के घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई। काफी देर इंतजार के बाद बेटा मनोज और अन्य परिजन उनकी तलाश में निकले। खोजबीन के दौरान रामरतन खेत में गंभीर हालत में पड़े मिले। परिजन आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घाटमपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
गोंडा जिले में ड्रग्स विभाग और पुलिस टीम ने नोएडा से पहुंची कोडिन सिरप की एक बड़ी खेप जब्त की है यह खेप 132 पेटियों में थी, जिसमें 19,790 शीशियां शामिल थीं जब्त सिरप की कीमत 12.46 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई शनिवार बीती रात महादेवा क्रॉसिंग के पास एक कोरियार सेंटर पर की गई है। जहां सूचना मिलने पर गोंडा ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा और नगर कोतवाली पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर सिरप को जब्त कर लिया। फिलहाल सिरप को कोरियर सेंटर मालिक की सुपुर्दगी में रखा गया है। यह भारी मात्रा में कोडिन सिरप गोंडा के भगत राज कॉम्प्लेक्स, आर्यनगर स्थित गायत्री फार्मा द्वारा मंगाई गई थी। ड्रग्स विभाग ने गायत्री फार्मा के खिलाफ फॉर्म-15 के तहत कार्रवाई करते हुए सिरप की खरीद और बिक्री का विस्तृत विवरण मांगा है। जब तक विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक फार्मा की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से आर्यनगर स्थित गायत्री फार्मा बंद है और इसके मालिक सुधाकर दुबे फरार बताए जा रहे हैं। जब्त की गई कोडिन सिरप नोएडा के सेक्टर 58 स्थित लीलाबको रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड से 12,46,770 रुपये में मंगाई गई थी। शनिवार रात जब यह खेप पहुंची, तो गायत्री फार्मा के मालिक सुधाकर दुबे इसे लेने के लिए मौके पर मौजूद थे, तभी ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस टीम ने कार्रवाई की। यह कोरियार सेंटर कानपुर के एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है और इस पर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है। कोडिन सिरप की खुली बाजार में बिक्री प्रतिबंधित है। इसे केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेचा जा सकता है। जब्त की गई सिरप का नाम ALTOREX CD SYRUP है। अक्सर लोग कोडिन सिरप का उपयोग इलाज के बजाय नशे के लिए करते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा ने बताया कि लीगल तरीके से यह मंगाई गई थी जानकारी मिलने पर छापेमारी करके इसे जब्त कर लिया गया। फॉर्म 15 के तहत कार्रवाई करके संबंधित गायत्री फार्मा को नोटिस जारी करके खरीद और बिक्री को लेकर के डिटेल मांगी गई है। उनकी बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। मामले से संबंधित पूरी जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि खरीद-बिक्री से संबंधित कोई संतोषजनक और ठोस जवाब फर्म की ओर से नहीं दिया जाता है, तो विभागीय नियमों के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह दवा केवल डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन पर ही दी जाती है और खुले बाजार में इसकी बिक्री प्रतिबंधित है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्म द्वारा बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप मंगाने के बाद उसकी बिक्री कहां-कहां की जा रही थी और किन-किन लोगों को इसकी आपूर्ति की गई।
मथुरा के गोवर्धन में गिरिराज महाराज की परिक्रमा के दौरान दिल्ली पुलिस के एक सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर का निधन हो गया। परिक्रमा मार्ग पर उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। मृतक की पहचान दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर निवासी 60 वर्षीय विजयपाल सिंह के रूप में हुई है। वह दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे। विजयपाल सिंह अपने साथियों के साथ धार्मिक आस्था के तहत गोवर्धन गिरिराज जी की परिक्रमा करने मथुरा आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परिक्रमा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह मार्ग में ही गिर पड़े। उनके साथ मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर थाना गोवर्धन पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक थकान, गर्मी या हृदयाघात को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शनिवार को घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों में शोक छा गया। मृतक के भाई ने बताया कि विजयपाल सिंह हर महीने गोवर्धन परिक्रमा करने आते थे। इस बार भी परिक्रमा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। एसीबी की कार्रवाई के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने शिविर पहुंचे थे। आरोप है कि बाबू प्रदीप मिश्रा ने काम के एवज में 40 हजार की मांग की। परेशान होकर शिक्षक ने बिलासपुर ACB से शिकायत की। सत्यापन के बाद डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। शुक्रवार 29 मई 2026 को जैसे ही शिक्षक ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी, पहले से मौजूद ACB टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आ चुके हैं। रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एसीबी ने आरोपी प्रदीप मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। एसीबी मामले की आगे जांच कर रही है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने कार्रवाई की। डीईओ ने माना कि प्रदीप मिश्रा का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। इसके चलते सहायक ग्रेड-2 प्रदीप मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश के अनुसार, प्रदीप मिश्रा का मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कटघोरा निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी शासकीय कर्मचारियों को ईमानदारी से कार्य करने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि एसीबी द्वारा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
गर्मी के मौसम में आइसक्रीम, शेक और जूस की बढ़ती बिक्री के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावट और गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। तीन दिन तक चले अभियान में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 22 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद मानकों के विपरीत पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त (खाद्य) कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर 27 से 29 मई तक जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभाग की छह टीमों ने आइसक्रीम, आइसकैंडी, फ्रोजन डेजर्ट, शेक और जूस बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर सैंपलिंग की।अरतौनी स्थित मधु आइसक्रीम से आइसकैंडी का नमूना लिया गया, जबकि राजपुर स्थित शरदवंत इंटरप्राइजेज से बटरस्कॉच और वनीला आइसक्रीम के नमूने संग्रहित किए गए। छलेसर के अमर डेयरी हाउस से अमूल बटरस्कॉच, अमूल स्ट्रॉबेरी और अमूल वनीला आइसक्रीम के तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए। जूस और शेक की गुणवत्ता परखने के लिए बोदला स्थित जय शिव जूस शॉप से बनाना शेक, डेली गेट स्थित डेली जूस कॉर्नर से मैंगो शेक और बनाना शेक तथा चर्च रोड स्थित एसएसएस फूड क्राफ्ट से स्ट्रॉबेरी शेक और मैंगो शेक के नमूने लिए गए। नरीपुरा के करण जूस कॉर्नर से पाइनएप्पल जूस और बोदला के कुशवाहा जूस भंडार से गन्ने के जूस का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया। हरिपर्वत स्थित मां शारदा डिस्ट्रीब्यूटर्स से मधु ऑरेंज आइसक्रीम का नमूना लिया गया। कमला नगर के राधा रानी इंटरप्राइजेज से दो आइसक्रीम और एक आइसकैंडी सहित तीन नमूने एकत्र किए गए। वहीं खंदारी के फ्रेश जूस कॉर्नर से बनाना शेक का नमूना संग्रहित किया गया। अभियान के दौरान शाहगंज स्थित भगत हलवाई से नींबू शिकंजी के दो नमूने लिए गए। फतेहाबाद क्षेत्र की पीपल वाली गली में स्थित प्रतिष्ठानों से भी आइसकैंडी के नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी के मरने की खबर नहीं है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। वहां पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई फंसा न हो। बिल्डिंग गिरने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें… दूरदर्शन बिल्डिंग का पत्थर गिरा आज दिल्ली के तिलक मार्ग थाना इलाके में स्थित दूरदर्शन बिल्डिंग का पत्थर गिरने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल की पहचान नीरज कुमार (35) के रूप में हुई है।
दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी के मरने की खबर नहीं है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। वहां पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई फंसा न हो। बिल्डिंग गिरने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें…
कोंडागांव। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 41वीं वाहिनी ने अबूझमाड़ के दूरस्थ ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। इसके तहत कोंडागांव स्थित सामरिक मुख्यालय में कुतुल, पदमकोट और नेलानगुरु गांवों के युवाओं के लिए निःशुल्क साइकिल मरम्मत प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। आईटीबीपी द्वारा आयोजित यह दो सप्ताह की कार्यशाला पूरी तरह व्यावहारिक प्रशिक्षण पर आधारित है। इसमें युवाओं को साइकिल की मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद अपने गांवों में ही स्वरोजगार शुरू कर सकें। प्रशिक्षण के बाद मिलेगी साइकिल और रिपेयर किट प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को साइकिल के विभिन्न पुर्जों, उनकी देखभाल और मरम्मत की आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया जा रहा है। आईटीबीपी ने बताया कि प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को एक साइकिल और रिपेयर किट प्रदान की जाएगी। इससे युवा अपने गांवों में साइकिल मरम्मत केंद्र शुरू कर सकेंगे और स्थानीय स्तर पर आय का साधन विकसित कर पाएंगे। इस पहल से ग्रामीणों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए उन्हें दूर के बाजारों या कस्बों का रुख नहीं करना पड़ेगा। रोजगार और सुविधा दोनों पर फोकस आईटीबीपी की इस पहल का उद्देश्य केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और आवागमन को सुगम बनाना भी है। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में आज भी साइकिल परिवहन का प्रमुख साधन है। ऐसे में गांवों में ही मरम्मत सुविधा उपलब्ध होने से छात्रों, किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों को सीधा फायदा मिलेगा। ग्रामीणों से जुड़ाव मजबूत करने की पहल 41वीं वाहिनी के कमांडेंट बेनुधर नायक ने बताया कि यह कार्यक्रम डीआईजी भुवनेश्वर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी का लक्ष्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने का प्रयास कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को मिलेगा लाभ इस पहल से अबूझमाड़ क्षेत्र के कई परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। गांवों में साइकिल मरम्मत सुविधा उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और छोटे कारोबार के लिए आवागमन आसान होगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर नए स्वरोजगार के अवसर भी विकसित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मथुरा डंपिंग यार्ड में खुले मिले मृत गोवंश:पार्षदों ने नगर निगम को दी आंदोलन की चेतावनी
मथुरा नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। यमुना पार क्षेत्र स्थित डंपिंग यार्ड के समीप मृत गोवंश के शव खुले में पड़े मिले, जिससे स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और गोरक्षक संगठनों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि नगर निगम मृत गोवंश के निस्तारण के नाम पर शुल्क वसूलता है, लेकिन शवों का वैज्ञानिक और निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण नहीं किया जा रहा है। यह घटना शनिवार को सामने आई। मामले की जानकारी मिलने पर बीएसए कॉलेज क्षेत्र के पार्षद कुलदीप पाठक और यमुना पार क्षेत्र के पार्षद यतेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने डंपिंग यार्ड के आसपास खुले में पड़े मृत गोवंश के शवों को देखकर नाराजगी व्यक्त की और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। पार्षदों ने बताया कि मृत पशुओं के निस्तारण के लिए नगर निगम लगभग 2100 रुपये तक का शुल्क लेता है। इसके बावजूद, शवों को खुले गड्ढों में फेंक दिया जाता है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। पार्षदों ने मौके से ही नगर निगम अधिकारियों से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मृत गोवंश के निस्तारण की व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और खुले में पड़े शवों को वैज्ञानिक तरीके से दफनाने की प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रमुख चौराहों पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। स्थानीय निवासियों और गोरक्षक संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि खुले में पड़े गोवंश के शव धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रहे हैं।
कानपुर देहात के शिवली कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध योगेश्वर मंदिर में हुई 18 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चोरी की गई पूरी रकम और एक आईफोन 15 समेत दो चोरों को गिरफ्तार किया है। चोरों ने मंदिर के दानपात्र से यह बड़ी रकम चुराई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्सर मंदिर आते थे और मौका पाकर चोरी को अंजाम दिया। चोरी की गई रकम से उन्होंने एक आईफोन 15 खरीदा था। घटना के बाद शिवली पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और ताबड़तोड़ छापेमारी कर महज 24 घंटे के भीतर मामले का सफल अनावरण किया। पुलिस ने चोरी की गई पूरी रकम और मोबाइल फोन बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मंदिर के महंत योगेश्वर सरकार ने फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने चोरी की गई रकम महंत को सौंप दी है।
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया न्यूजपेपर संगठन और सोशल मीडिया संगठन के संयुक्त तत्वावधान में अन्नपूर्णा मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता काफी हद तक पत्रकारिता की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर निर्भर करती है। चौथे स्तंभ की मजबूती से ही लोकतंत्र को मजबूती मिल सकती है। वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए बताया कि 30 मई 1826 को कोलकाता से पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा हिंदी के पहले समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पत्र ने स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कार्यक्रम में पत्रकारिता के इतिहास, बदलते स्वरूप और संचार क्रांति पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आज तकनीक के दौर में समाचार केवल पढ़े और सुने ही नहीं जाते, बल्कि सीधे देखे भी जा सकते हैं। इसके बावजूद प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता आज भी कायम है। वक्ताओं ने पत्रकारों से निष्पक्षता, सामाजिक सरोकार और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होता है और उसकी कलम से लिखी गई बातें समाज की सोच और इतिहास दोनों को प्रभावित करती हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकारों, अतिथियों और महिलाओं को दुपट्टा, साफा और तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एससी-एसटी आयोग के सदस्य नरेंद्र सिंह खजूरी, मौलाना मसूदुर रहमान शाहीन जमाली, नीरज कांत राही, पुष्पेंद्र शर्मा, प्रदीप वत्स, नरेश उपाध्याय, सुमित मोहन शर्मा, डॉ. सुधाकर आशावादी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी यशपाल सिंह ने तथा संचालन रवि कुमार बिश्नोई ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
सहारनपुर के वेल्डर की जम्मू में मौत:परिजनों ने ठेकेदार पर छत से धक्का देने का आरोप लगाया
सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र के कैलाशपुर गांव निवासी बृजेश कुमार की जम्मू में संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने ठेकेदार पर उन्हें छत से धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। बृजेश कुमार वेल्डिंग का काम करते थे और सहारनपुर का एक ठेकेदार उन्हें काम के लिए जम्मू ले गया था। उनके दो बेटे भी उनके साथ जम्मू में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार को बृजेश और ठेकेदार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ठेकेदार ने बृजेश को छत से धक्का दे दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बृजेश कुमार की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में गहरा दुख छा गया। शुक्रवार शाम जब उनका शव गांव कैलाशपुर पहुंचा, तो परिवार में मातम पसर गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीण और रिश्तेदार बड़ी संख्या में जुट गए। घटना की जानकारी मिलने पर भीम आर्मी के जिला प्रभारी सन्नी गौतम भी कैलाशपुर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। सन्नी गौतम ने बताया कि मृतक बृजेश कुमार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
कालपी में ट्रेन से कटकर अधेड़ की मौत:जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, परिजनों को सूचना दी
जालौन के कालपी रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची जीआरपी पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। कालपी रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर शनिवार को 50 वर्षीय व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी चौकी इंचार्ज संजना सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उनके साथ हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, सिपाही अशोक कुमार एवं आशीष सिंह भी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और मृतक की पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद मृतक की शिनाख्त चुन्ना पुत्र महबूब निवासी मोहल्ला मिर्जा मंडी, कस्बा कालपी के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी। जैसे ही चुन्ना की मौत की खबर घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोहल्ले के लोग भी बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंच गए और परिवार को ढांढस बंधाया। बताया गया है कि मृतक अपने पीछे तीन बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
रियल स्टेट सेक्टर ने सरकार से की समय की मांग:कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में उछाल से बढ़ी चिताएं
कंस्ट्रक्शन कॉस्ट बढ़ने के कारण रियल स्टेट कारोबारी सकते में हैं। कारोबारी परेशान हैं, उनके अनुसार कंस्ट्रक्शन कॉस्ट बढ़ने का सीधा असर बाजार पर होगा। बिल्डर की बनाई इमारतें महंगी बनेंगी, तो न चाहते हुए भी उसे भवनों की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी। जिसके कारण बाजार प्रभावित होगा। मेरठ सहित एनसीआर के बिल्डर्स ने सरकार से राहत की मांग की है। सरकार बिल्डर्स को थोड़ा समय दे। शनिवार को मेरठ सहित वेस्टयूपी के रियल स्टेट कारोबारियों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें सरकार को बिल्डर्स द्वारा अपना मांगपत्र देने की बात पर सहमति बनी है। बैठक में किसने क्या कहा… - क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के प्रेसिडेंट दिनेश गुप्ता ने बताया कि निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और कई उत्पादों की सीमित उपलब्धता ने सेक्टर की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। - एक्सॉटिका हाउसिंग के एमडी दिनेश जैन ने कहा कि “सिर्फ लागत बढ़ना ही चिंता का विषय नहीं है, बल्कि जरूरी मटेरियल की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन चुकी है। जब समय पर सामग्री नहीं मिलती तो प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन प्रभावित होती है और वित्तीय बोझ बढ़ता है। - आरजी ग्रुप के एमडी हिमांशु गर्ग ने कहा कि “निर्माण लागत में लगातार बढ़ोतरी डेवलपर्स के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। अब तक अधिकांश कंपनियां अतिरिक्त लागत का बड़ा हिस्सा स्वयं वहन कर रही थीं, लेकिन कच्चे माल और श्रम की कीमतों में वृद्धि लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका असर अंततः फ्लैटों और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।” - श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर आज ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां डेवलपर्स को टेक्नोलॉजी, बेहतर प्लानिंग और वैकल्पिक संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में घर ख़रीदार को अधिक कीमत का सामने करना पढ़ सकता है । - विजन बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने कहा कि बढ़ती लागत और प्रोजेक्ट्स में देरी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। यदि सप्लाई चेन की चुनौतियां और श्रमिकों की कमी बनी रहती है तो डेवलपर्स के लिए मौजूदा कीमतों पर प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल होगा।
1 से 9 जून तक होगी रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा:लखनऊ में सीएम योगी को दिया गया निमंत्रण
लखनऊ में 1 से 9 जून तक सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में पूज्यपाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा की तैयारियों को लेकर शनिवार को विधायक डॉ. नीरज बोरा के नेतृत्व में आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। समिति ने मुख्यमंत्री को कथा में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीराम मंदिर की अनुकृति पर आधारित कथा मंच के पोस्टर का विमोचन किया और आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने बताया कि कथा प्रतिदिन सायं 5 बजे से 8 बजे तक आयोजित होगी। कथा स्थल पर विशाल पंडाल का निर्माण कार्य जारी है। बंगाल के कारीगरों द्वारा व्यास पीठ के पीछे श्रीराम मंदिर की भव्य अनुकृति तैयार की जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान आयोजन समिति के सदस्य राकेश पांडेय, संजीव अग्रवाल, श्यामजी अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सलूंबर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। अगले 2 से 3 घंटों में उदयपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में तेज़ आंधी-तूफ़ान, धूलभरी आंधी, मध्यम से भारी बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जनहानि की आशंका है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन ने सावनधानी बरतने की सलाह दी प्रशासन ने विशेष रूप से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्हें पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा कच्चे मकानों, बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों और होर्डिंग्स से दूर रहने का आग्रह किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मोबाइल फोन पर भी चेतावनी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में केवल मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा अफवाहों से बचें।
फलोदी में बस-कार की टक्कर, 4 की मौत:एक घायल जोधपुर रेफर, मंडला कला गांव के पास हादसा
फलोदी जिले के मंडला कला गांव के पास शनिवार शाम 7.45 बजे निजी बस और कार की टक्कर हो गई। हादसे में कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। देचू सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल युवक को जोधपुर रेफर किया गया है। फलोदी थानाधिकारी भंवराराम ने बताया- मृतकों और घायल व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो पाई है। शवों को देचू मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। खबर अपडेट की जा रही है….
आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ थाना परिसर में खड़ी दो बाइक 24 मई की रात चोरी हो गईं। अज्ञात बदमाशों ने पुलिस सुरक्षा के बीच खड़ी इन गाड़ियों को निशाना बनाया और फरार हो गए। शनिवार को घटना सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। निर्माण कार्य के कारण सुरक्षा व्यवस्था हुई प्रभावित जोबट एसडीओपी के अनुसार थाना परिसर के समीप बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। दीवार टूटी होने के कारण परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई थी। बदमाशों ने इसी स्थिति का फायदा उठाकर परिसर में घुसे और चोरी की। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए थाने और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही साइबर सेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल थाना परिसर से हुई इस चोरी के बाद स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब पुलिस थाना ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही बाइक बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड की धर्माराम ग्राम पंचायत में आयोजित सुशासन शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का केंद्र बना। नक्सल प्रभावित इस इलाके में 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्र दिए गए। इस शिविर में सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जनपद पंचायत अध्यक्ष पूर्णिमा तेलंम, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सरपंचगण, एसडीएम भूपेन्द्र गावरे और जनपद पंचायत सीईओ प्रभाकर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आसपास की 10 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर शिविर में पहुंचे। शिविर में कुल 19 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और आवेदन करने तथा लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन भी दिया। सुशासन शिविर में ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ इस शिविर में कई योजनाओं के तहत लोगों को लाभ दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 लोगों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं। कृषि विभाग ने 8 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और 7 किसानों को मिट्टी जांच से जुड़ा सॉइल हेल्थ कार्ड दिया। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग लोगों को सुनने की मशीन, वॉकिंग स्टिक और बैसाखी जैसी जरूरी सहायता सामग्री बांटी। इसके अलावा एसबीआई आरसेटी (RSETI) ने 10 युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र भी दिया। शिविर का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब 400 ग्रामीणों को उनके वनाधिकार पत्र सौंपे गए। वर्षों से इन अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों ने इसे शासन की एक बड़ी और सकारात्मक पहल बताया। ग्रामीणों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वनाधिकार पत्र मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। कुल मिलाकर, शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 289 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें समस्याएं, मांगें और शिकायतें शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण का आश्वासन दिया।
सहारनपुर के मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का सिडको चेयरमैन वाईपी सिंह ने शनिवार शाम को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में कई खामियां पाईं, जिस पर उन्होंने अधिकारियों और संबंधित एजेंसी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वाईपी सिंह ने कहा कि सिडको प्रदेश की एक प्रतिष्ठित निर्माण एजेंसी है, जो अपने गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए जानी जाती है। उन्होंने जोर दिया कि जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों में लगाया जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए। गुणवत्ता मानकों की अनदेखी उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 16.62 करोड़ रुपए की लागत से यह अत्याधुनिक 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जा रहा है। इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। वर्तमान में निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, और शेष कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वाईपी सिंह ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान कुछ तकनीकी और निर्माण संबंधी कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी पाई गई या गुणवत्ता मानकों की अनदेखी हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्टाफ की कमी से जुड़े एक सवाल पर सिडको चेयरमैन ने स्वीकार किया कि विभाग में कर्मचारियों की कुछ कमी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि निजी निर्माण कंपनियों की तुलना में स्थिति बेहतर है और उपलब्ध संसाधनों के साथ कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से निर्माण परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
छतरपुर जिले में मौसम के लगातार बिगड़ते मिजाज और बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी के बीच खरीदी केंद्रों पर रखा लाखों क्विंटल गेहूं चिंता का कारण बन गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन ने सभी खरीदी केंद्रों को गेहूं को तिरपाल से ढंककर उसकी फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश की स्थिति में अनाज को नुकसान से बचाया जा सके। जिले के 80 समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर रबी विपणन सीजन में 16 लाख 38 हजार 67 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई है। इसमें से 14 लाख 11 हजार 350 क्विंटल गेहूं का उठाव हो चुका है, लेकिन अब भी 2 लाख 35 हजार 40 क्विंटल गेहूं केंद्रों पर रखा हुआ है। बड़ी मात्रा में गेहूं खुले मैदानों में होने से उसके भीगने और खराब होने का खतरा बना हुआ है। अधिकारी मजदूरों की कमी और परिवहन संबंधी समस्याओं को देरी की वजह बता रहे हैं। बगौता केंद्र में सबसे ज्यादा चिंता सेवा सहकारी समिति बगौता में 31 हजार 855 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई, जिसकी कीमत 8.36 करोड़ रुपए है। यहां से अब तक 16 हजार 300 क्विंटल गेहूं का भंडारण किया जा चुका है, जबकि 15 हजार 582.68 क्विंटल गेहूं अभी भी केंद्र पर पड़ा हुआ है। अधिकांश स्टॉक खुले आसमान के नीचे रखा है। प्रतिदिन केवल पांच ट्रकों से परिवहन होने के कारण सीमित मात्रा में ही उठाव हो पा रहा है। मोरवा केंद्र पर टिन शेड से राहत खजुराहो कृषि उपज मंडी स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित मोरवा में 31 हजार 133 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई है, जिसकी कीमत 8.17 करोड़ रुपए है। यहां से 20 हजार 349 क्विंटल गेहूं भंडारण के लिए भेजा जा चुका है, जबकि 10 हजार 784.02 क्विंटल गेहूं अभी भी केंद्र पर मौजूद है। हालांकि यहां टिन शेड की व्यवस्था होने से गेहूं सुरक्षित माना जा रहा है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा- मेरी सुरक्षा इन लोगों ने हटा दी, उनकी औकात ही क्या है? मेरी सुरक्षा तो राजस्थान के जवान करेंगे, मुझे उनकी सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। आपकी पुलिस तो मेरे आगे गिड़गिड़ाती है। दो-दो आईजी मेरे हाथ जोड़ रहे थे, कलेक्टर को तो मैंने बोनट पर बिठा कर फैसला कराया था। आज ये लोग मुझे आंख दिखा रहे हैं? मैं वही हूं, कल नए रूप में लौट कर आऊंगा। बेनीवाल ने कहा- सरकार उनकी राजनीतिक गतिविधियों को रोकना चाहती है, लेकिन मैं दबाव में आने वाले नहीं हैं। साधु-संतों और जनहित के मुद्दों को उठाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा कथित सामाजिक बहिष्कार संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बेनीवाल ने कहा- मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति या समाज के खिलाफ इस तरह का फरमान नहीं दिया जा सकता। बेनीवाल ने कहा- कुचामन में लोगों का विरोध आरएलपी के खिलाफ नहीं बल्कि पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर था, लेकिन उसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। जयपुर में मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने ये बातें कही। पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था सांसद ने भाजपा सरकार पर पेपर लीक, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर भी सवाल उठाए। बेनीवाल ने कहा- कांग्रेस शासन के दौरान भाजपा नेताओं ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने वादे पूरे नहीं कर पाए। बेनीवाल ने दावा किया कि लोकसभा चुनावों में भाजपा को कई सीटों पर मेरी वजह से फायदा हुआ था। बीजेपी के लोग हाथ फैला कर मेरे दरवाजे पर आए थे। पहले 25 सीट दिलाई थी। इस बार बीजेपी ने सिर्फ 11 सीट हारी है, बल्कि पांच जगह इन लोगों ने मुझे प्रणाम किया, जिसमें कोटा, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अलवर लोकसभा सीट शामिल हैं, जहां मेरी बदौलत ही भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को जीत मिली है। राव राजेंद्र जी को भी छोड़ दीजिए, बिड़ला जी को बचाओ बेनीवाल ने आगे कहा- बीजेपी के नेता मेरे आगे टेलीफोन पर गिड़गिड़ाते हैं। भाई साहब आप अर्जुन जी की यहां मत जाइएगा। आप भूपेंद्र जी की इज्जत रखिए, राव राजेंद्र जी को भी छोड़ दीजिए, बिड़ला जी को बचाओ। मैं बीजेपी पार्टी में रहा था इसलिए उनका थोड़ा बहुत लगाव था। अब वह लगाव खत्म हो गया है। इनके कितने ही भाई साहबों को नेता और विधायक बनाया है। मुझसे हते थे, भाई साहब 12 चुनाव हार गए हैं, उनकी मदद कर दीजिए। मैं कहता था, आओ चाय पियो जाओ, कर दी मदद। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास किसी काम के नहीं बेनीवाल ने कहा- मुख्य सचिव वी श्रीनिवास किसी काम के नहीं हैं। इन्हें राजस्थान के बारे में कुछ पता ही नहीं है। इससे अच्छा तो किसी पत्थर को ही कुर्सी पर रख दिया जाता तो ज्यादा बेहतर रहता, या फिर कोई चीफ सेक्रेटरी ही नहीं होता। बेनीवाल ने कहा- इसी तरह राजस्थान के राज्यपाल का भी पता नहीं चल रहा है। वे कहीं भी किसी की भी शादी में चले जाते हैं। उनकी जांच होनी चाहिए। उनका क्या कनेक्शन है, यह पता लगाना चाहिए, कहीं राज्यपाल ने कोई और शादी में जाने का धंधा तो शुरू नहीं कर लिया है। इसकी जांच होनी चाहिए। मुझे लगता है कि चोरों की यह सरकार कांग्रेस के शासन में हुए सभी घोटालों के रिकॉर्ड तोड़ देगी। दौसा में काजल, बिंदी और चूड़ियां बेच रहे थे बेनीवाल ने कहा- राजस्थान बीजेपी के हालात इतने बिगड़ गए हैं कि जो लोग दौसा में काजल, बिंदी और चूड़ियां बेच रहे थे, आज वे लोग राजस्थान बीजेपी मुख्यालय में अच्छे पद पर बैठकर मुझे चुनौती दे रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर ज्यादा चुनौती देंगे तो बीजेपी 28 में 10 सीटों पर ही सिमट जाएगी, इसलिए सोच समझ कर बोलें। तीन के बाद तो गिनती ही नहीं होती है हनुमान बेनीवाल ने बीजेपी नेत्री ज्योति मिर्धा पर निशाना साधते हुए कहा- वे तो कई चुनाव हार गई हैं, तीन के बाद तो गिनती ही नहीं होती है। उनके लिए मैं कुछ नहीं कहूंगा, मेरे प्रवक्ता ही काफी हैं। बेनीवाल ने कहा कि अभी तो मैंने 'आव्हान' नहीं किया है। 'आव्हान' कर दिया तो राजस्थान गलत दिशा में चला जाएगा, भाजपा के नेताओं का बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। अभी तो मंत्रिमंडल को ही मूर्ख बताया है, अब उन्हें भाजपा संगठन के लिए भी एक नया नाम सोचना है, क्योंकि वहां चूड़ी बेचने वाले और काजल वाले इकट्ठा हो गए हैं, इनको भी एक संज्ञा देनी जरूरी हो गई है।
सांडी रेल लाइन की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंची:हरदोई में चुनाव से पहले काम शुरू करने का मिला आश्वासन
हरदोई की लंबे समय से लंबित सांडी रेल लाइन परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। इस परियोजना की मांग अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई है, जिन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस पर काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है। इससे क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है। सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्रिवेदी ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान सांडी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रभाष कुमार और पूर्व विधायक विजय शंकर द्विवेदी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को रेल लाइन की आवश्यकता और क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका से अवगत कराया। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री को परियोजना के सामाजिक एवं आर्थिक लाभों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सांडी क्षेत्र वर्षों से रेल संपर्क की मांग कर रहा है, जिससे बेहतर आवागमन सुविधा के साथ-साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने पूरी बात गंभीरता से सुनी और परियोजना के महत्व को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस परियोजना पर कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख से क्षेत्रवासियों में उत्साह बढ़ा है। बैठक में सांडी क्षेत्र से जुड़े अन्य विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संघर्ष समिति ने प्रमुख समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिन पर उन्होंने संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई का भरोसा दिया। सांडी रेल लाइन को लेकर चल रहा जनआंदोलन अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है, और क्षेत्र के लोग इस पुरानी मांग के जल्द पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग को एक मामले में गवाही देना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब दबंगों ने बीच रास्ते में उन्हें रोककर बेरहमी से पीटा। इस घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला और कुछ पुरुष मिलकर बुजुर्ग पर हमला कर रहे हैं। वे बुजुर्ग को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटते हुए दिख रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित मोहन सिंह ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने एसपी को एक शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।यह पूरा मामला बलिया जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सहपलिया गाँव का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मैहर जिले में बिजली कंपनी के सामने सरकारी विभाग एक बड़ी मुसीबत बन गए हैं। एक तरफ जहां आम आदमी या किसी गरीब का बिल बकाया होने पर तुरंत कनेक्शन काट दिया जाता है, वहीं जिले के करीब 200 सरकारी दफ्तरों पर बिजली कंपनी का 26 करोड़ रुपया उधार है। बिजली कंपनी के अफसर ओमेंद्र सिंह ने बताया कि इस 26 करोड़ में से सबसे बड़ा हिस्सा ग्राम पंचायतों का है, जिन पर 21 करोड़ रुपए बाकी हैं। वहीं, सरकारी स्कूलों (शिक्षा विभाग) पर भी डेढ़ करोड़ रुपए का बिल चढ़ा हुआ है। हालांकि, कुछ विभाग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपना बिल भर दिया है या उन पर बहुत कम पैसा बाकी है। क्यों नहीं काटे जा रहे कनेक्शन? जनता के कुछ हजार रुपए बाकी रहने पर भी अंधेरा कर दिया जाता है, लेकिन सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया होने के बाद भी बिजली नहीं काटी जा रही। अफसरों का कहना है कि भीषण गर्मी को देखते हुए और गांवों में पीने के पानी की सप्लाई (नल-जल योजना) न रुके, इसलिए वे फिलहाल कनेक्शन नहीं काट रहे हैं। लेकिन, विभाग लगातार नोटिस भेजकर पैसा जमा करने का दबाव बना रहा है। अब लोकल लेवल पर होगी वसूली पहले बिजली बिल का पैसा सीधे ऊपर (कंपनी मुख्यालय) से आ जाता था, लेकिन अब नियम बदल गए हैं। अब स्थानीय अफसरों को खुद विभागों और पंचायतों से तालमेल बैठाकर बजट निकलवाना पड़ता है। इसी नई कोशिश के तहत हाल ही में ग्राम पंचायतों से बात की गई थी, जिसके बाद पंचायतों ने करीब 60 लाख रुपए बिजली कंपनी के खाते में जमा किए हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इस साल उनका पूरा जोर इसी बात पर है कि मीटिंग और कागजी कार्रवाई के जरिए सरकारी विभागों से यह डूबा हुआ पैसा पूरी तरह वसूल किया जा सके।
ललितपुर में आंधी-तूफान अलर्ट, डीएम ने लगाया प्रतिबंध:31 मई तक झरना, जलाशय और नौका विहार पर रोक
ललितपुर में मौसम विज्ञान विभाग ने 31 मई तक आंधी, तूफान और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने शनिवार शाम को एक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत 31 मई तक जलाशयों में नौका विहार और झरनों/जलाशयों के समीप जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध मुख्यमंत्री और राहत आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद लगाया गया है। उन्होंने संभावित प्रतिकूल मौसम (भारी वर्षा, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली) के मद्देनजर जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए बचाव कार्यवाहियों पर जोर दिया था। जिला प्रशासन पहले से ही आमजन के लिए विभिन्न माध्यमों से सुरक्षात्मक एडवाइजरी जारी कर रहा है। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों, नौका संचालकों और पर्यटन संचालकों को मौसम विभाग द्वारा 28 मई से 31 मई तक जारी अलर्ट का पालन करने का निर्देश दिया है। इस अवधि में तीव्र आंधी-तूफान, वज्रपात और भारी वर्षा की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंधी-तूफान के दौरान जलाशयों में नौका विहार संचालित नहीं किया जाएगा। साथ ही, अलर्ट की अवधि में झरनों और जलाशयों के समीप जाना भी वर्जित रहेगा। इन निर्देशों का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के अध्याय-10 के अनुच्छेद 51 (ख) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत देवरिया और कुशीनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। कुशीनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावान मौर्य को देवरिया का नया बेसिक शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, देवरिया में प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत अनिल कुमार सिंह को कुशीनगर का बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। अनिल कुमार सिंह वर्तमान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), देवरिया में वरिष्ठ प्रवक्ता के पद पर तैनात हैं। उन्हें देवरिया में शिक्षक आत्महत्या प्रकरण के बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव के निलंबन के उपरांत प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया था। अपने कार्यकाल के दौरान अनिल कुमार सिंह ने विभागीय कार्यों के संचालन के साथ-साथ विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निगरानी बनाए रखी। अब उन्हें कुशीनगर जनपद में पूर्णकालिक बेसिक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. राम जियावान मौर्य शिक्षा विभाग में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर लंबे समय से कार्यरत रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए देवरिया की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन के इस आदेश के बाद दोनों अधिकारियों के जल्द ही अपने-अपने नए जनपदों में कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है। शिक्षा विभाग में हुए इस तबादले को लेकर अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल है। नए नेतृत्व में बेसिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
बुरहानपुर में भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग शनिवार से शुरू हुआ, जो दिनभर चला, इस दौरान निमाड़ संभाग प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा वाली पार्टी है, जो वटवृक्ष के समान विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। शर्मा ने पार्टी की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण,धारा 370 की समाप्ति, तीन तलाक कानून और आतंकवाद के खात्मे जैसे मुद्दों पर पुरानी समस्याओं को जड़ से समाप्त किया है। शर्मा ने कहा मोदी सरकार ने 12 वर्षों में 6 करोड़ आवास और 12 करोड़ शौचालय उपलब्ध कराए हैं। भारत यूपीआई में विश्व का अग्रणी बना है और कोरोना काल में 100 से अधिक देशों को वैक्सीन पहुंचाई गई। सुरेंद्र शर्मा पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत आयोजित इस जिला प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के बारे में बतायाप्रशिक्षण वर्ग में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। जिला प्रभारी क्षितिज भट्ट ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पथ पर चलकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने जिले के 13 मंडलों की उपस्थिति दर्ज कर निरंतर संगठन गतिविधियों में कार्य करने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ता को विचार के साथ कार्य करने का मार्ग मिलता है। प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस ने बताया कि प्रशिक्षण हमारी कार्यक्षमता बढ़ाता है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण से 12 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता प्रशिक्षित हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह शिविर प्लास्टिक मुक्त रखा गया है। सांसद बोले- योजनाओं का लाभ पहुंचाना हैसांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें भाजपा में सेवा के भाव से रहना चाहिए और केंद्र व राज्य की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने 12 सत्रों में विभिन्न विषयों को आत्मसात करने का आह्वान किया। विधायक मंजू दादू ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को आने वाली चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देगा और उन्हें इस सीख को जनता के बीच ले जाना चाहिए। इस अवसर पर जिला वर्ग प्रभारी हरीश कोटवाले, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, महापौर माधुरी पटेल, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष साधना वीरेंद्र तिवारी, उपाध्यक्ष रंजना गोपाल चौधरी, खकनार जनपद उपाध्यक्ष आरती नीलेश चौकसे सहित कई जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी का भाजपाई अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। प्रशिक्षण का दूसरा सत्र और समापन रविवार को होगा।
राजनांदगांव के बसंतपुर थाना क्षेत्र में राहगीरों से वसूली, लूटपाट का प्रयास और सब्जी मंडी में मारपीट की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चार नाबालिगों को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और डंडे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। दो दिनों में तीन वारदातों को दिया था अंजाम पुलिस के अनुसार, गिरोह पिछले दो दिनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय था और लगातार तीन घटनाओं को अंजाम दिया था। तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू की। नंदई नाका में राहगीरों से लूट की कोशिश पहली घटना 28 मई को नंदई नाका के पास हुई। यहां भुनेश्वर साहू और उनके साथी को रोककर आरोपियों ने मोबाइल और नकदी छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर शराब पीने के लिए पैसे मांगे गए और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में अपराध क्रमांक 253/2026 दर्ज किया गया। गंज मंडी में युवक से मारपीट दूसरी घटना 29 मई को गंज मंडी परिसर में हुई। यहां मौजूद मयंक सायम से आरोपी हिमांशु यादव और अंकुश राजपूत ने शराब के लिए पैसे मांगे। इनकार करने पर दोनों ने गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस मामले में अपराध क्रमांक 254/2026 दर्ज किया गया। सब्जी मंडी में चाकू और डंडे से हमला तीसरी वारदात भी 29 मई को सब्जी मंडी में हुई। यहां रितेश भारती और उनके साथी इरफान पर आरोपियों ने चाकू और डंडे से हमला कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित की मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस मामले में अपराध क्रमांक 255/2026 दर्ज किया गया। चार बालिग आरोपी गिरफ्तार, चार नाबालिग भी पकड़े गए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं इसके अलावा चार नाबालिगों को भी संरक्षणात्मक रिमांड में लिया गया है। मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी हिमांशु यादव आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ वर्ष 2024, 2025 और 2026 में चोरी, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। 24 घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए बसंतपुर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू और डंडे बरामद किए हैं। सभी बालिग आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
रीवा शहर के धोबिया टंकी क्षेत्र के कपड़ा व्यापारी अरुण कुमार विश्वकर्मा पिछले 13 दिनों से लापता है। उनकी तलाश में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सिलपरा नहर में खोजबीन कर रही है। लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। जानकारी के अनुसार अरुण कुमार विश्वकर्मा 18 मई की रात रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। घटना के तीन दिन बाद बिछिया थाना पुलिस को सिलपरा नहर के किनारे उनकी बाइक और चप्पल लावारिस हालत में मिली थी, इसके बाद नहर में डूबने की आशंका को देखते हुए व्यापाक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पिछले 13 दिनों से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम वोट एवं गोताखोरों की मदद से नहर के विभिन्न हिस्सों में तलाश कर रही है। खोज अभियान को आसान बनाने के लिए नहर का पानी दो बार बंद भी कराया गया। लेकिन व्यापारी का कोई पता नहीं चल सका। इधर परिजनों ने आरोप लगाया है कि शुरुआती दिनों में पुलिस और नहर विभाग की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी कम कराया जाता तो शायद कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता था। मामले में लगातार बढ़ती रहस्यात्मकता के बीच अब परिजन और स्थानीय लोग केवल नहर में डूबने की आशंका तक सीमित नहीं है। बल्कि अपहरण या अन्य किसी आपराधिक पहलू की जांच की भी मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मोबाइल लोकेशन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यो के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हालांकि 13 दिन बीत जाने के बाद भी व्यापारी का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। एसडीआरएफ प्रभारी विकास पांडेय ने बताया कि 13 दिन की सर्चिंग के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि वो व्यक्ति सिलपरा नहर में नहीं है। पहले भी आशंका हुई थी लेकिन परिजनों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सर्चिंग ऑपरेशन लगातार चला रहे थे। 21 तारीख से चल रही सर्चिंग में आज फिर सतना सीधी और शहडोल की टीम के साथ मिलकर अत्याधुनिक उपकरणों जैसे एक्वा आई सोनार आदि की मदद से भी सर्चिंग की गई। लेकिन पानी में शव होने के किसी प्रकार के ट्रेसस प्राप्त नहीं हुए इसलिए आज से सर्चिंग को बंद किया गया।
बिलासपुर में गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की छात्रा ने कैंपस लैब में केमिकल पाउडर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना से पूरे विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में छात्रा को तुरंत सरकंडा स्थित प्रथम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान छात्रों में विश्वविद्यालय प्रबंधन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया। छात्र लगातार छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे थे और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान छात्रों में विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ काफी गुस्सा देखने को मिला और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया। छात्रों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना की जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरी स्थिति की जानकारी ली। छात्रा ने आत्महत्या की कोशिश क्यों की, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और छात्रा के परिजनों से भी संपर्क किया जा रहा है। सरगुजा की है छात्रा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रा का नाम पायल ठाकुर है और वह सरगुजा की रहने वाली है। पायल यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की रिसर्च स्कॉलर है। उन्होंने पुष्टि की कि रात में केमिकल पाउडर खा लिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रोफेसर श्रीवास्तव के मुताबिक पायल कोनी में किराए पर लेकर पढ़ाई कर रही थी, घटना के बाद उसके माता पिता पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में छात्रा की हालत में सुधार है और अब वह खतरे से बाहर है। आत्महत्या की वजह क्या है यह तो छात्रा के बयान के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन बताया जाता है कि वह किसी पारिवारिक बात को लेकर तनाव में थी।
बालाघाट में कांग्रेस के चार विधायक तो हैं, लेकिन पार्टी का संगठन उतना मजबूत नहीं दिखता। कई पदों पर अध्यक्ष ही नहीं हैं, यहां तक कि महिला कांग्रेस का पद भी खाली पड़ा है। इसी को देखते हुए महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी मंजू मिश्रा ने संगठन में नई जान फूंकने की बात कही है। शनिवार शाम पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने दावा किया कि वह बालाघाट की महिला कांग्रेस को पूरे प्रदेश में नंबर वन बनाएंगी। सिर्फ फेसबुक वाला नेता नहीं चाहिए मंजू मिश्रा पिछले दो दिनों से बालाघाट में हैं और नए जिलाध्यक्ष की तलाश के लिए महिलाओं से मिल रही हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि अध्यक्ष वही बनेगा जो पार्टी की सदस्य बढ़ाएगा और असल में काम करेगा। उन्होंने दोटूक कहा कि उन्हें ऐसी नेता नहीं चाहिए जो सिर्फ एक छोटा सा आंदोलन करे और उसे फेसबुक पर डालकर छुट्टी कर ले। उनकी नजर में जिलाध्यक्ष वही होगा जो गैस, राशन और तेल जैसी महंगाई पर सरकार को मजबूती से घेरे। बूथ स्तर तक बनाएंगे संगठन मंजू मिश्रा ने बताया कि अगले दो महीनों में जिलाध्यक्ष तय होने के बाद, विधानसभा, ब्लॉक और बूथ स्तर तक महिलाओं की टीम खड़ी की जाएगी। उन्होंने जोश दिखाते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए अगर उन्हें महिलाओं के साथ दरी या बोरे पर बैठकर बात करनी पड़ी, तो वह उससे भी पीछे नहीं हटेंगी। पैनल तैयार, बड़े नेता लेंगे फैसला उन्होंने जानकारी दी कि जिलाध्यक्ष पद के लिए चार से पांच महिलाओं के नामों की एक लिस्ट तैयार कर ली गई है। अब इस पर आखिरी फैसला पार्टी के बड़े नेता करेंगे। मिश्रा ने यहां की महिलाओं के साथ-साथ पुरुष कार्यकर्ताओं की भी तारीफ की और कहा कि अगर सही मौका मिले तो बालाघाट की बहनें संगठन के लिए बहुत बढ़िया काम कर सकती हैं।
संभल जिले के धनारी थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर पीपलवाला गांव में एक युवक का शव जामुन के पेड़ से लटका मिला। युवक शुक्रवार शाम से लापता था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के पिता ने इसे हत्या बताते हुए पुराने विवाद से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया है। मृतक की पहचान 22 वर्षीय गोपाल कुमार पुत्र ऋषिपाल के रूप में हुई है, जो रुस्तमपुर पीपलवाला गांव का निवासी था। वह अपने छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता ऋषिपाल के अनुसार, गोपाल शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे घर से निकला था। परिवार और ग्रामीणों ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। देर रात लगभग 11 बजे गांव के जंगल में जामुन के पेड़ से उसका शव फांसी के फंदे पर लटका होने की सूचना मिली। इससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद धनारी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को पेड़ से नीचे उतारा। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद करीब 1 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। धनारी थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि युवक का शव पेड़ से लटका मिला था, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के पिता ऋषिपाल ने बताया कि शुक्रवार शाम 4:30 बजे उनका बेटा घर से निकला था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने उनके बेटे पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला सुलझा लिया गया था। ऋषिपाल ने कहा कि उनके बेटे की मौत के लिए वे लोग ही जिम्मेदार हैं। पिता ने रामखिलाड़ी, धर्मेन्द्र और रविन्द्र पर झगड़े का फैसला करने के बाद हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में ईंट लदे ट्रैक्टर से हुए हादसे में चालक की मौत हो गई। घटना शनिवार शाम मिंडा कुआरूरा मार्ग पर सिंघवानार गांव के बाहर एक ऊंची चढ़ाई पर हुई। चालक अरुण कुमार पुत्र रामनारायण संखवार निवासी उसरी, रसूलाबाद, ट्रैक्टर की सीट और स्टेयरिंग के बीच दब गया। अरुण कुमार ईंट मंडी से ईंटें लेकर सिंघवानार निवासी श्याम पाल के यहां उतारने जा रहा था। गांव के बाहर भीम सेन बाबा के निकट स्थित ऊंची चढ़ाई पर ट्रैक्टर चढ़ाते समय अधिक ढलान के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पीछे जाने लगा। चालक ने ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया और ब्रेक लगाया, जिससे अचानक इंजन ऊपर उठ गया। हादसे की सूचना पूर्व प्रधान ओम सिंह ने नारखास चौकी प्रभारी शिव बहादुर सिंह को फोन पर दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी शिव बहादुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर का इंजन सीधा कर चालक अरुण कुमार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक अविवाहित था। घटना के बाद मृतक के परिजनों, जिनमें उसके भाई शेरा, राजबाबू, बहन माधुरी और पिता रामनारायण संखवार शामिल हैं, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। उपनिरीक्षक शिव बहादुर ने बताया कि ट्रैक्टर चालक ईंटें लेकर सिंघवानार गांव निवासी श्याम पाल के यहां जा रहा था। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और वे मौके पर पहुंच चुके हैं। रसूलाबाद कोतवाल एस एन सिंह ने पुष्टि की कि पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इंदौर की चंदन नगर पुलिस ने शातिर नकबजन को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नगदी और लाखों रुपए के सोने-चांदी के गहने जब्त किए हैं। चंदन नगर पुलिस की टीम ने 27 मई की दरमियानी रात को युधिष्ठिर पिता प्रेम कालू देवड़ा निवासी राम बलराम नगर के ऑफिस कालू आइस डिपो के गल्ले में से 35 हजार रुपए नगदी अज्ञात बदमाश चोरी कर ले गया था। इस मामले में पुलिस के केस दर्ज जांच शुरू की। चंदन नगर पुलिस ने विभिन्न संभावित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज देखे। फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को शातिर बदमाश अंकित मालवीय निवासी रेवा बाग मीठा तालाब थाना नाहर दरवाजा जिला देवास को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करते की तो आईस डिपो ऑफिस के गले से चोरी करना बताया। चोरी किए रुपए में से करीब 7 हजार रुपए खाने-पीने खर्चा कर दिए। बाकी 28 हजार 620 रुपए जब्त किए गए। पूछताछ में उसने बताया कि 3 महीने पहले ग्राम सिंहासा राम मंदिर से भगवान के चांदी के मुकुट, बांसुरी, घड़ा, पायजेब, चैन तथा सोने के मंगलसूत्र मंदिर का ताला तोड़कर रात में वारदात को अंजाम दिया था। जप्त की गई सामग्री
पानीपत पुलिस द्वारा जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को पुलिस की नशा मुक्त अभियान टीम ने सनौली खुर्द और सनौली कलां गांवों में घर-घर जाकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। पुलिस टीम ने इस दौरान ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति को अपने जाल में फंसा लेती है, जिससे उसका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके साथ ही, आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो जाती है, जिससे परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नशे के कारण होती है अपराधों में वृद्धि टीम ने स्पष्ट किया कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे के कारण चोरी, घरेलू हिंसा और सड़क दुर्घटनाएं जैसे अपराधों में वृद्धि होती है। यह व्यक्ति की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता को भी कमजोर कर देता है, जिससे वह गलत रास्तों की ओर अग्रसर हो सकता है। अभियान के दौरान, टीम ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखें। परिवार की भूमिका बच्चों को सही दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सही मार्गदर्शन मिलने पर युवाओं को नशे जैसी बुराई से बचाया जा सकता है। अभियान के जिला नोडल अधिकारी डीएसपी प्रणय कुमार ने बताया कि हरियाणा पुलिस नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने जोर दिया कि नशा न केवल शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है।
मऊगंज जिले के लौर इलाके में नेशनल हाईवे-135 पर शनिवार को सड़क हादसा हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, 'म.प्र. शासन डिप्टी कलेक्टर' लिखी एक तेज रफ्तार गाड़ी ने एक गाय को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद वहां रहने वाले लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक्सीडेंट के बाद गाड़ी पर लगी लाल-नीली बत्ती और सायरन को आनन-फानन में हटाने की कोशिश की गई। लोगों का कहना है कि यह गाड़ी मऊगंज में तैनात एक डिप्टी कलेक्टर की है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि हादसे के वक्त गाड़ी के अंदर कोई अफसर बैठा था या नहीं। डिप्टी कलेक्टर ने दी सफाई जब इस मामले में मऊगंज के एक डिप्टी कलेक्टर से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वह अपनी मां का इलाज कराने के लिए ग्वालियर आए हुए हैं और उनकी गाड़ी मऊगंज में ही है। उन्होंने हादसे के समय गाड़ी में होने की बात से साफ मना कर दिया है। पुलिस को नहीं मिली शिकायत इस पूरे मामले में पुलिस का अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लौर थाना प्रभारी राजेश पटेल का कहना है कि उनके पास अभी तक ऐसी कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच की जाएगी।
भूपेंद्र सिंह अब वाराणसी के नए BSA:यहां आठ महीने के कार्यकाल के बाद अनुराग श्रीवास्तव वेटिंग में
अब भूपेंद्र सिंह वाराणसी के नए BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) होंगे। वही अभी तक प्रतापगढ़ जनपद के बीएसए रहे। शनिवार देर शाम शासन स्तर से जारी सूची में कई जिलों के बीएसए के ट्रांसफर किए गए। कुछ लोगों को पहली बार बीएसए बनाया गया है। वाराणसी के बीएसए अनुराग श्रीवास्तव अभी वेटिंग में हैं। यहां पर उनका कार्यकाल करीब आठ महीने ही रहा। इनके कार्यकाल में RTE यानी 'शिक्षा का अधिकार' तहत सराहनीय कार्य किया गया। पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा एडमिशन उन्होंने आरटीई के तहत कराया। बता दें कि भूपेंद्र सिंह मूलत: देवरिया के रहने वाले हैं। सरस्वती शिशु मंदिर अहिरौली बघेल में ही 12वीं तक की पढ़ाई किए। स्नातक की पढ़ाई लखनऊ विवि से हुई। उसके बाद बिजली विभाग राजभवन में एसएसओ की नौकरी मिली थी। नौकरी के दौरान तैयारी कर रहे थे। इसी बीच एमए भी किया। तीसरी बार में सफलता मिली।
सड़क हादसे में भोजासर थाने के सिपाही की मौत:पुलिस लाइन में दी श्रद्धांजलि, गांव में अंतिम संस्कार
फलोदी-नागौर सड़क मार्ग पर शनिवार दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में भोजासर थाने में तैनात कांस्टेबल रमेश कुमार बिश्नोई की मौत हो गई। हादसा लोहावट थाना क्षेत्र के चैनपुरा की सरहद के पास करीब दोपहर 3 बजे हुआ। मोटरसाइकिल को बस ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल रमेश कुमार बिश्नोई (37) जनवरी 2025 से भोजासर थाने में तैनात थे। शनिवार दोपहर वह करीब 2 बजे थाने से अपने पैतृक गांव शिमला खारा के लिए छुट्टी पर मोटरसाइकिल से रवाना हुए थे। थाने से लगभग 30 किलोमीटर दूर चैनपुरा क्षेत्र में फलोदी की ओर से आ रही एक निजी बस ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रमेश कुमार को फलोदी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह बीरबल राम बिश्नोई के पुत्र थे और शिमला खारा गांव के निवासी थे। अस्पताल और पुलिस प्रशासन में शोक हादसे की सूचना मिलते ही एसपी सतनाम सिंह, डिप्टी अचलसिंह देवड़ा, फलोदी थाना प्रभारी भंवराराम, भोजासर थाना प्रभारी जमील खान सहित कई अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। सूचना पर परिजन और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए, जहां शोक का माहौल बन गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में दी गई श्रद्धांजलि रमेश कुमार के शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल की मोर्चरी में किया गया। इसके बाद पुलिस लाइन में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान एसपी सतनाम सिंह, विधायक पब्बाराम बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण, डिप्टी अचलसिंह देवड़ा, लोहावट डिप्टी नगेंद्र कुमार, भोजासर सीआई जमील खान और अन्य पुलिस अधिकारियों व जवानों ने सलामी देकर कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित की। पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार बाद में कांस्टेबल रमेश कुमार का शव उनके पैतृक गांव शिमला खारा ले जाया गया, जहां पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में शोक सलामी के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कांकेर पुलिस ने राम दरबार अंकित विशेष सिक्का खरीद-बिक्री के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, नकली पहचान पत्र, विशेष सिक्के, वाहन और अन्य सामान बरामद किया गया है। मामला 28 मई 2026 का है। कामतेड़ा निवासी राजुराम कुमेटी ने सिटी कोतवाली कांकेर में शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने खुद को अविनाश तिवारी बताकर मोबाइल पर संपर्क किया। राम दरबार सिक्के से मोटे मुनाफे का दिया लालच आरोपी ने उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र सिगारभाट के पास बुलाया और राम, सीता तथा लक्ष्मण अंकित एक विशेष सिक्का दिखाया। उसने दावा किया कि इस सिक्के को विदेश में ऊंची कीमत पर बेचा जा सकता है और उससे होने वाले लाभ को आपस में बांटा जाएगा। आरोपी के झांसे में आकर राजुराम कुमेटी ने उसे 30 हजार रुपये दे दिए। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 182/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान ग्राम बाबूसाल्हेटोला क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात को स्वीकार कर लिया। फर्जी आईडी, नकली दस्तावेज और विशेष सिक्के बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी आधार कार्ड, रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) का नकली परिचय पत्र, जाली दस्तावेज, बैंक चेक, राम दरबार और बजरंगबली अंकित सिक्के, वाहन और अन्य सामान शामिल हैं। जब्त सामग्री जांच के दौरान पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 319(2), 336(3) और 340(2) भी जोड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं- पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पुराने सिक्कों, दुर्लभ वस्तुओं या विदेश में ऊंची कीमत मिलने के नाम पर दिए जाने वाले लालच से बचें। किसी भी निवेश या खरीद-बिक्री से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कवर्धा जिले में एक खेत से बोरी में बंद युवक का शव बरामद हुआ है। शव कई टुकड़ों में कटा हुआ था, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे और दोनों हाथ रस्सी से बंधे हुए थे। मृतक की पहचान बैहरसरी निवासी 25 वर्षीय कोमल वर्मा के रूप में हुई है। यह मामला पांडातराई थाना क्षेत्र के सोंढा गांव का है। ग्रामीणों को खेत से तेज बदबू आने पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पांडातराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बोरी खोलने पर युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस के अनुसार, शव पर गंभीर चोटों के निशान थे और दोनों हाथ रस्सी से बंधे हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अज्ञात आरोपियों ने युवक की हत्या कर शव को कई टुकड़ों में काटकर बोरी में भरा और फिर खेत में फेंक दिया। मृतक कोमल वर्मा पिछले दो दिनों से घर से लापता था, जिसकी सूचना पुलिस को भी दी गई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जो सबूत जुटाने में जुटी है। पुलिस हत्या के कारणों और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

