हनुमानगढ़ जिले में गुरुवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। ग्रामीण इलाकों में भी छिटपुट कोहरे की स्थिति देखी गई। हालांकि, सूरज निकलने के साथ मौसम साफ हो गया और दिनभर सुहावना रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मंगलवार मध्यरात्रि को जिलेभर में झमाझम बारिश हुई थी। सभी ब्लॉकों में कुल 133 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश से महज तीन दिनों में तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। 15-16 फरवरी को अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो बारिश के बाद कम हो गया। न्यूनतम तापमान भी 15 से घटकर 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम विभाग ने 17 से 19 फरवरी के बीच वर्षा का अलर्ट जारी किया था। आगामी एक-दो दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। मौसम में आई इस ठंडक से आमजन को गर्मी से राहत मिली है।कृषि विभाग के अनुसार, यह मौसम रबी फसलों के लिए अनुकूल है। जिले में इस बार 2.39 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 2 लाख हेक्टेयर में सरसों की बुवाई की गई है। बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी है, जिससे किसानों को एक बार की सिंचाई का पानी बचाने का लाभ मिलेगा। दाना भराव की अवस्था में खड़ी फसलों को इस नमी से मजबूती मिलेगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
सीकर में बुधवार को जिलेभर में बारिश के बाद सर्दी का अहसास बढ़ गया। सीकर जिला मुख्यालय समेत पूरे जिले में मंगलवार रात से बुधवार शाम तक रुक-रुककर बारिश हुई। बारिश होने के कारण सर्दी का अहसास बढ़ गया है। बुधवार को बारिश होने के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 9 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। बारिश होने के बाद हल्की सर्दी बढ़ी है, लेकिन आज सुबह से आसमान साफ है। आज सुबह सीकर जिलेभर में आसमान साफ है, श्रीमाधोपुर व अजीतगढ़ इलाके में हल्की बादलवाही है। इससे पहले बीती रात भी कई इलाकों में बारिश हुई। सीकर जिला मुख्यालय समेत जिलेभर के विभिन्न इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। सीकर जिले में आज आसमान साफ होने के कारण दिन में तेज धूप खिलने की संभावना है। बारिश होने के कारण आज सुबह 10 बजे तक गुलाबी सर्दी का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब फिलहाल बारिश और तेज हवाओं का कोई अलर्ट नहीं है। बात करें सीकर के तापमान की तो फतेहपुर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र आज सुबह का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री दर्ज किया गया है। इससे पहले यहां पर बुधवार को न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री दर्ज किया गया था। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार अब 3 दिन तक सीकर के मौसम में लगातार बदलाव होंगे। वहीं, अब प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में एक सप्ताह तक मौसम ड्राई रहेगा। मौजूदा समय में शेखावाटी एरिया में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया जा रहा है। अगले 2 दिन सीकर के तापमान में मामूली गिरावट संभव है। इसके बाद फिर तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।
गोंडा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के खिरिया गांव निवासी अवधकेसरी सेना प्रमुख ठाकुर नीरज सिंह को गाजियाबाद पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार किया था। शालीमार गार्डन थाने में कई घंटों की पूछताछ के बाद देर रात उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है। परिजनों को सुपुर्दगी देकर नीरज सिंह को सौंपा गया, जिसके बाद वे गोंडा के लिए रवाना हो गए। नीरज सिंह ने शालीमार गार्डन पुलिस को पूछताछ में सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है जिसके बाद इन्हें छोड़ गया है। नीरज सिंह के खिलाफ राजेश कुमार सिंह ने 16 फरवरी को गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में बुधवार रात उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान परिजनों को कारण नहीं बताया गया, जिससे वे परेशान रहे। बाद में सोशल मीडिया पर विरोध शुरू होने के बाद गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट हुआ। अवधकेसरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीरज सिंह के अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वे पुलिस की पूछताछ में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने नीरज सिंह द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा को अनुचित बताया और कहा कि विरोध मर्यादित तरीके से किया जाना चाहिए, न कि अमर्यादित टिप्पणी करके। उन्होंने इस मामले में सहयोग के लिए गोंडा और गाजियाबाद पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
तेज रफ्तार कार दीवार तोड़ पेट्रोल पंप में घुसी, Video:जालौन के कोंच में हुआ हादसा, कोई हताहत नहीं
जालौन जिले के कोंच में बुधवार रात करीब 11:30 बजे सागर चौकी के पास स्थित नारायण जी फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप की दीवार को तोड़ते हुए अंदर घुस गयी। यह घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तेज रफ्तार ने कार ने खोया नियंत्रण प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कॉर्पियो तेज गति से आ रही थी। चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे गाड़ी सीधे पेट्रोल पंप की दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार का एक बड़ा हिस्सा टूट गया। पास में स्थित एक अंडे की दुकान को भी नुकसान पहुंचा। घटना के समय आसपास लोग मौजूद थे, हालांकि, सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई। सीसीटीवी में कैद हुई घटना यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस पर तेज रफ्तार कार पेट्रोल पंप की दीवार को तोड़ते हुए अंदर घुस रही है। हालांकि गनीमत यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की बात सामने नहीं आई है।
उज्जैन में पिछले चार दिनों से मौसम में बदलाव देखा गया। देर रात हुई हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और सुबह ठंडक बढ़ गई। शहर की सड़कें भीगी हुई नजर आईं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। 16 से 19 फरवरी के बीच उज्जैन के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। इस दौरान तापमान, आर्द्रता और हवा की रफ्तार में परिवर्तन के साथ देर रात बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौमस में बना रहा उतार चढ़ाव 16 फरवरी को न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह आर्द्रता 68 प्रतिशत और हवा की रफ्तार लगभग 6 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। अगले दिन, 17 फरवरी को न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री और अधिकतम 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दिन करीब 2.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे देर रात हल्की ठंडक महसूस हुई। 18 फरवरी को न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री और अधिकतम 31.0 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, हालांकि बारिश नहीं हुई। 19 फरवरी को न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस अवधि का सबसे कम तापमान था। इस दिन सुबह आर्द्रता 87 प्रतिशत तक पहुंच गई और लगभग 2.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हवा की रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जिससे सुबह हल्की ठंडक महसूस हुई। फिर गर्म कपड़ों में नजर आए लोग देर रात की बारिश के बाद शहर की सड़कों पर नमी स्पष्ट दिखाई दी। परीक्षाओं के चलते छात्र समय पर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते रहे। वहीं, बदलते मौसम के कारण लोगों ने सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनकर ठंड से बचाव किया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक-दो दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने और हल्की ठंडी हवाओं का असर बने रहने की संभावना है। प्रदेश में अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम, 8 जिलों में बारिश का अलर्ट 20 फरवरी- ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है। बिजली भी गिर सकती है। 21 फरवरी- मौसम साफ रहेगा। फिलहाल, कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।
डूंगरपुर में शहर के विकास को गति देने के उद्देश्य से नगर परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 74 करोड़ 71 लाख रुपए के बजट का अनुमोदन कर राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुकाबले 13 करोड़ 85 लाख रुपए ज्यादा है। परिषद की ओर से वर्ष 2025-26 का संशोधित बजट 60 करोड़ 86 लाख रुपए का बनाकर भी सरकार को भेजा गया है। नगर परिषद के बजट में लगातार हो रही बढ़ोतरी शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। वर्ष 2024-25 में परिषद का बजट 42 करोड़ 34 लाख रुपए था। ये 2 साल में बढ़कर 74 करोड़ 71 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इस तरह 2 साल में नगर परिषद का बजट 28 करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोरनगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि प्रस्तावित 74 करोड़ 71 लाख रुपए के बजट में शहर के नगरीय क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें सड़कों के निर्माण व मरम्मत, नालों के विकास, साफ-सफाई व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के विस्तार, पेयजल व जल निकासी से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा शहर में नए विकास प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित है। जिनमें सौंदर्यीकरण, सार्वजनिक स्थलों के विकास और लोगो की सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य शामिल हैं। परिषद ने नगर क्षेत्र में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए वाहनों की खरीद की भी योजना बनाई है, जिससे कचरा संग्रहण और अन्य नगरीय सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकें।नगर परिषद का मानना है कि बजट में की गई इस बढ़ोतरी से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और डूंगरपुर को सुव्यवस्थित व विकसित नगर के रूप में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। अब बजट पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद लिया जाएगा।
लापता युवक का शव तालाब में मिला:शिवरात्रि के दिन दोस्तों के साथ घर से निकला था, हत्या की आशंका
प्रतापगढ़ में शिवरात्रि के दिन लापता हुए 27 वर्षीय युवक सौरभ मिश्रा का शव गुरुवार सुबह एक तालाब में मिला। यह घटना संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मकसूदन का पुरवा बाबागंज गांव की है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सौरभ तीन दिन पहले घर से निकले थे और तब से लापता थे। परिजनों ने बताया कि सौरभ शिवरात्रि के दिन घर से निकले थे। देर शाम तक वापस न लौटने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी और किसी अनहोनी की आशंका जताई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी थी। गुरुवार सुबह गांव के कुछ लोग तालाब की ओर गए, जहां उन्होंने पानी में एक शव उतराता देखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान सौरभ मिश्रा के रूप में हुई, जिसके बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार ने युवक की हत्या की आशंका व्यक्त की है। परिवार ने आरोप लगाया है कि सौरभ अपने तीन दोस्तों के साथ घर से निकले थे। उनके दो दोस्त उसी शाम वापस लौट आए, लेकिन सौरभ नहीं लौटे। मृतक को कुछ युवकों के साथ नशा करते भी देखा गया था, जिससे नशे के दौरान किसी विवाद की आशंका भी जताई जा रही है। मृतक सौरभ के पिता पारसनाथ किसान हैं। सौरभ स्वयं शादी समारोहों में डेकोरेशन का काम करते थे। उनके परिवार में माता-पिता और दो बहनें हैं। संग्रामगढ़ थाना प्रभारी मनोज कुमार तोमर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
समदड़ी के ग्राम पंचायत अम्बों का बाड़ा में बुधवार रात्रि को अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान की मौजूदगी में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके जमीनी स्तर पर प्रभाव के बारे में ग्रामीणों से प्रतिक्रिया ली। ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर को पेयजल आपूर्ति में कमी, बिजली कटौती, अतिक्रमण और सड़कों की खराब स्थिति जैसी मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया। इन समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर चौहान ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान जिला एवं ब्लॉक स्तर के कई अधिकारी भी उपस्थित थे।
जालोर में रेडीमेड शॉप पर 500 रुपए की जींस की पेंट 300 रुपए में नहीं देने पर बदमाशों ने हमला कर दिया। कहासुनी के बाद दुकान पर पत्थर बरसाए। तोड़फोड़ के दौरान लोगों के पहुंचने पर बदमाश स्कूटी को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस को स्कूटी की डिक्की से दो किलो गांजा बरामद हुआ है। घटना धलडा पावटी रोड पर बुधवार शाम करीब 7 बजे हुई। पहले तस्वीरों में देखें घटनाक्रम .. . 500 की जींस 300 में मांगने पर हुआ विवाद श्री ब्राह्मणी माताजी रेडीमेड दुकान के मालिक रमेश कुमार माली ने बताया- बुधवार शाम दो युवक स्कूटी (RJ 19 WS 2759) पर दुकान पर आए। करीब दो घंटे तक कपड़े देखने के बाद उन्होंने एक जींस पसंद की। दुकानदार ने 500 रुपए कीमत बताई तो युवक 300 रुपए में देने की बात पर अड़ गए। दूसरी सस्ती जींस की पेंट देने की बात पर युवक ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। दोस्त बुलाकर की पत्थरबाजी और तोड़फोड़ कुछ देर बाद युवक ने अपने 6–7 साथियों को बुला लिया। सभी ने मिलकर दुकान के बाहर लगे कांच पर पत्थर मारकर तोड़फोड़ कर दी और दुकानदार के साथ मारपीट भी की। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ जुटी तो स्कूटी छोड़कर भागे आसपास के लोगों की भीड़ जमा होने लगी तो लोगों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी लोगों से छूटकर अपनी स्कूटी मौके पर छोड़कर फरार हो गए। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्कूटी की डिक्की से मिला गांजा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्कूटी जब्त की और तलाशी लेने पर डिक्की में एक कट्टे में करीब पोने दो किलो गांजा मिला। साथ ही कुछ प्लास्टिक थैलियां भी बरामद की गईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर मादक पदार्थ जब्त कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
धौलपुर में वित्तीय वर्ष की समाप्ति नजदीक आते ही बिजली वितरण निगम (डिस्कॉम) ने बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। धौलपुर डिविजन में लंबित राजस्व वसूली को लेकर विभाग ने शिविरों के साथ-साथ फील्ड स्तर पर तगादा अभियान तेज कर दिया है। डिस्कॉम धौलपुर के एक्सईएन विवेक शर्मा के निर्देशन में राजाखेड़ा एवं ग्रामीण उपखण्ड क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की गई। करीब 24 लाख रुपए की बकाया राशि वाले क्षेत्रों से 8 ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। विभाग द्वारा लगातार नोटिस और तगादा करने के बावजूद जब उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं कराया तो यह कार्रवाई अमल में लाई गई। जानकारी के अनुसार अतरोली से 1, चीलपुरा से 1, घुरैया खेड़ा से 1, चौड़िया का पुरा से 3, अम्बिका से 1 तथा विरोधा गांव से 1 ट्रांसफॉर्मर हटाया गया है। उतारे गए सभी ट्रांसफॉर्मरों को संबंधित उपखण्ड के स्टोर में जमा करा दिया गया है।विभाग ने बुधवार को विशेष अभियान चलाते हुए 37 बिजली कनेक्शन भी डिस्कनेक्ट (डीसी) किए। इस दौरान करीब 5 लाख रुपए की राजस्व वसूली भी की गई। बकायेदारों में मचा हड़कंपडिस्कॉम की इस कार्रवाई से बकायेदार उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है, वहीं नियमित बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल को सराहा है। एक्सईएन विवेक शर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कनेक्शन काटे जाने और बिजली बंद होने जैसी असुविधा से बचने के लिए अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।अधिकारियों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं कराई जा रही है, उनके खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व वसूली को लेकर अभियान और तेज किया जाएगा।
सोनीपत के सेक्टर-27 थाना क्षेत्र में गांव राठधाना का एक 100 वर्ग गज का प्लॉट विवाद अब आपराधिक मुकदमे में बदल गया है। एक ही प्लॉट की अलग-अलग व्यक्तियों को बिक्री, सरकारी शर्तों की अनदेखी और कथित धोखाधड़ी के आरोपों के बीच पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता रीता ने आरोप लगाया कि उसके दिवंगत पति द्वारा खरीदे गए प्लॉट पर दोबारा रजिस्ट्री करवा दी गई। कानूनी राय और जांच के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।मामला क्या थारीता पत्नी स्व. अनिल कुमार निवासी राठधाना ने थाना सेक्टर-27 में शिकायत दी कि उसके पति अनिल कुमार ने 19 जून 2017 को राजन पत्नी स्व. महेन्द्र से 7.50 लाख रुपये में 100 गज का प्लॉट फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर खरीदा था, जिस पर उनका कब्जा था। आरोप है कि बाद में अनिता पत्नी बहादुर सिंह और उसके बेटों विकास व सूरज ने आपसी षड्यंत्र कर उसी प्लॉट की रजिस्ट्री सुशीला पत्नी राजबीर के नाम करवा दी, जबकि पहले ही उक्त प्लॉट का सौदा किया जा चुका था। सरकारी शर्तों की अनदेखी का आरोपजांच में सामने आया कि वर्ष 2011 में हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति व बीपीएल परिवार को घर बनाने के उद्देश्य से प्लॉट आवंटित किया गया था। हिस्बानामा की शर्तों के अनुसार 20 वर्ष तक प्लॉट का विक्रय या हस्तांतरण नहीं किया जा सकता था। बावजूद इसके, कथित रूप से पहले इकरारनामा और बाद में रजिस्ट्री कर दी गई, जिसे जिला राजस्व अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में अवैध बताया।कानूनी राय के बाद दर्ज हुई एफआईआरमामले में जिला न्यायवादी से कानूनी राय ली गई। राय में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई। इसके बाद थाना सेक्टर-27 में धारा 318(4), 61(2), 3(5) BNS के तहत दर्ज किया गया।पहले से दर्ज हैं दो अन्य मुकदमेजांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी प्लॉट विवाद को लेकर साल 2024 में भी पहले मुकदमा धारा 447, 506, 34 IPC दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं रीता द्वारा पति की आत्महत्या मामले में भी अनिता, उसके बेटों और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नंबर 398/2025 दर्ज है, जिसकी जांच जारी है।एफआईआर दर्ज कर मामले की तफ्तीश ASI सतपाल को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गोरखपुर में शिक्षा विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी ने RTI और IGRS पोर्टल के जरिए लगातार शिकायत कर उत्पीड़न और धमकी देकर धन उगाही की कोशिश का आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारी की तहरीर और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद थाना राजघाट पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नियुक्ति को लेकर कई साल से चल रही शिकायतें संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मंडल गोरखपुर के कार्यालय में तैनात प्रशासनिक अधिकारी राजेश चन्द्र श्रीवास्तव, जो गांधी नगर वनकटवा रोड थाना गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि संतकबीर नगर जनपद के मेहदावल क्षेत्र के रहने वाले विनोद प्रताप सिंह उनकी नियुक्ति को लेकर कई साल से RTI और IGRS पोर्टल के माध्यम से लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बार नियमानुसार जवाब देने के बावजूद बार-बार नई सूचनाएं मांगकर दबाव बनाया जाता रहा, जिससे उन्हें मानसिक रूप से भी परेशानी हुई और कामकाज प्रभावित हुआ। कारण पूछने पर अभद्रता और धमकी का आरोप तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने बार-बार सूचना मांगने का कारण जानना चाहा तो आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान-माल की धमकी दी। प्रशासनिक अधिकारी ने आशंका जताई है कि उन्हें डराकर और दबाव बनाकर धन उगाही की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों से शिकायत के बाद पहुंचे उच्च न्यायालय प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार उन्होंने पहले पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को देते हुए सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिस पर 15 दिसंबर 2025 को आदेश पारित हुआ। न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में दोबारा कार्रवाई की मांग करने पर थाना राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
छिंदवाड़ा जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टर-ट्राली जब्त किए हैं। गुरुवार सुबह सोनपुर और चंदनगांव क्षेत्र में नायब तहसीलदार आशुतोष रामटेके ने टीम के साथ दबिश देकर दो ट्रैक्टर जब्त किए। इससे पहले दो दिन पूर्व चौरई एसडीएम प्रभात मिश्रा ने भी मंदारिया घाट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया था। चन्दनगांव के गुरैया रोड और सोनपुर में दबिश गुरुवार सुबह की कार्रवाई में गुरैया रोड पर रेत का अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया। चालक के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर वाहन को देहात थाना पुलिस के सुपुर्द कर देहात थाना परिसर में खड़ा कराया गया। वहीं सोनपुर क्षेत्र से भी एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया, जो बिना किसी कागजात के रेत का परिवहन कर रहा था। प्रशासन ने उक्त ट्रैक्टर को जब्त कर कोतवाली थाना में खड़ा करवाया। पिछले कई दिनों से सोनपुर और चंदनगांव क्षेत्र से अवैध रेत निकासी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर सुबह-सुबह कार्रवाई को अंजाम दिया गया। नायब तहसीलदार आशुतोष रामटेके ने बताया कि छिंदवाड़ा कलेक्टर के निर्देश पर अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई के आदेश हैं और आगे भी जिन क्षेत्रों से शिकायतें मिलेंगी, वहां दबिश दी जाएगी। मंदारिया घाट पर एसडीएम की सख्ती दो दिन पहले चौरई क्षेत्र के मंदारिया घाट पर भी अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। चौरई एसडीएम प्रभात मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन कर रही एक जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया था। कार्रवाई के दौरान रेत माफिया द्वारा वाहन चालक के साथ अभद्रता किए जाने का मामला भी सामने आया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम प्रभात मिश्रा स्वयं जेसीबी में बैठकर वाहन को चांद थाना तक ले गए और उसे अभिरक्षा में खड़ा करवाया।
पाली में बेरोजगार के लिए खुशखबरी:सरकारी विभाग में 04 घंटे इन्टर्नशीप करने पर मिलेंगे 4 हजार रुपए
आपकी उम्र 30 साल से की है और ग्रेजुएट है। और अभी तक किसी तरह का जॉब नहीं मिला है तो यह खबर आपके लिए है। सरकार बेरोजगार युवाओं को संबल देने के लिए उन्हें सरकारी विभागों में चार घंटे इन्टर्नशीप पर रख रही है। उसके बदले उन्हें हर महीने 4 हजार रुपए का बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा। राज्य सरकार की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना 2021 में स्नातक स्तर के तकनीकी प्रमाण पत्र प्राप्त युवाओं को सरकारी विभागों में 04 घंटे इन्टर्नशीप करने के बाद बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी मनीष थोरी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना में स्नातक स्तर के तकनीकी प्रमाण पत्र प्राप्त युवाओं को सरकारी विभागों में 04 घंटे की इन्टर्नशीप करने के बाद हर महीने पुरुष आशार्थी को 04 हजार रुपए, महिला, दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेण्डर को 4500 रुपए का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से 2 लाख युवाओं को इस योजना के तहत राज्य के मूल निवासी स्नातक एवं तकनीकी प्रमाण पत्र प्राप्त युवाओं को बेरोजेगारी भत्ता दिया जा रहा है। योजना के तहत पात्रता के लिए पारिवारिक आय 2 लाख रुपए प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। बेरोजगार आशार्थी को प्रतिदिन 04 घण्टे आवंटित राजकीय विभाग उपक्रमों में इन्टर्नशीप करना अनिवार्य है। एक परिवार में अधिकतम दो आशार्थियों को ही इस योजना के तहत लाभान्वित होने का प्रावधान है। आशार्थी आवेदन एवं इन्टर्नशीप करतें समय किसी प्रकार को स्वरोजगार या आगे नियमित अध्ययन नही करता हो। बेरोजगार आशार्थियों को योजना के तहत अधिकतम दो वर्ष या पुरुष आशार्थी 30 वर्ष अथवा महिला, विशेष योग्यजन, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को 35 वर्ष जो भी पहले हो तक बेरोजगारी भता दिया जाएगा। आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक स्वयं की एसएसओं आईडी के माध्यम से ईईएमएस पोर्टल पर कर सकते है।
आदिवासी भूमि फर्जीवाड़े में पटवारी समेत 8 पर FIR:मैहर में 2.50 करोड़ की कृषि भूमि बेचने का मामला
ईओडब्ल्यू रीवा ने मैहर में आदिवासियों की 2.50 करोड़ रुपए मूल्य की 3.500 हेक्टेयर कृषि भूमि अल्ट्राटेक सीमेंट को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में तत्कालीन पटवारी अशोक सिंह और 7 बिचौलियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। यह भूमि आदिवासी रामसिंह गोड़ और उनके बेटे राजेंद्र सिंह की थी, जिसे फर्जी वारिसाना और ऋण पुस्तिका तैयार कर बेचा गया। ईओडब्ल्यू ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू के एसपी डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस प्रकरण में संबंधित राजस्व अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ मामला दर्जइस मामले में भदनपुर दक्षिणी पट्टी के तत्कालीन पटवारी अशोक सिंह के साथ शोभा प्रसाद कोल (सलैया, बदेरा), बैजनाथ कोल (खरौंधी, नादन देहात), दीपक लालवानी (मैहर), गोपाली उर्फ गोपाल आसवानी (सिंधी कैंप मैहर), अज्जू उर्फ अजय सावलानी (मैहर), कमला उर्फ प्रदीप सेन बरा (मैहर) और रामप्रकाश जायसवाल (भदनपुर, मैहर) को आरोपी बनाया गया है। इनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471, 7, 13 (1) ए, 13 (2) एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। 3.5 हेक्टेयर खेती की जमीन का पटवारी ने किया हेरफेरप्रकरण के अनुसार, मैहर तहसील के भदनपुर (दक्षिण पट्टी) स्थित आदिवासी रामसिंह गोड़ के कब्जे वाली लगभग 3.500 हेक्टेयर कृषि भूमि वर्ष 2010-11 तक राजस्व अभिलेखों में उनके नाम पर दर्ज थी। आरोप है कि तत्कालीन पटवारी अशोक सिंह ने बिचौलियों के साथ मिलकर वर्ष 2012-13 के राजस्व खसरे में रामसिंह गोड़ के जीवित रहते हुए भी उनके पुत्र राजेंद्र सिंह का नाम बिना किसी सक्षम राजस्व अधिकारी के आदेश के वारिसाना के रूप में दर्ज करा दिया। इसके बाद, फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार की गई। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आदिवासियों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री अल्ट्राटेक सीमेंट के नाम करवा दी।
उन्नाव शहर में चोरी की एक और घटना सामने आई है। गदनखेड़ा बाईपास के पास एक कॉलोनी में बीती रात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। चोर यहां से नगदी और जेवरात लेकर फरार हो गए। इस वारदात से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी संदीप यादव अपने परिवार के साथ एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। देर रात चोरों ने सूना घर देखकर मुख्य दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया। उन्होंने कमरों में रखी अलमारियों और बक्सों को खंगालकर घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोर घर से एक बैटरी, इन्वर्टर, लगभग 50 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। गुरुवार सुबह पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा टूटा देखा तो उन्हें संदेह हुआ। भीतर जाकर देखने पर सामान बिखरा मिला। पड़ोसियों ने तत्काल संदीप यादव को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। सदर कोतवाली उन्नाव की टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। कॉलोनी तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इंस्पेक्टर कोतवाली सीके मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मामले का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
बड़वानी में लोक संस्कृति के सबसे बड़े उत्सव भगोरिया से पहले चांदी की कीमत रिकॉर्ड 2 लाख 30 हजार रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का असर आने वाले त्योहारों के साथ ही आदिवासी समाज में होने वाले विवाह समारोहों पर भी पड़ना तय है। ज्वैलरी व्यवसायियों का कहना है कि महंगी चांदी की वजह से इस बार बिक्री कम होने के आसारर हैं। इसका असर व्यापार पर पढ़ेगा। चांदी के भाव में यह अचानक उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में हुई उथल-पुथल के कारण देखा गया है। कुछ समय पहले 69 हजार रुपए प्रति किलोग्राम पर बिकने वाली चांदी अब सीधे 2 लाख 30 हजार रुपए पर पहुंच गई है, जिससे स्थानीय बाजार में चिंता बढ़ गई है। आदिवासी संस्कृति में चांदी का विशेष महत्व है। भगोरिया उत्सव हो या विवाह आयोजन, महिलाएं और पुरुष पारंपरिक रूप से तीन से पांच किलोग्राम तक चांदी के गहने पहनते हैं। 24 फरवरी से शुरू होने वाले भगोरिया उत्सव के दौरान महिलाएं मांग टीका, तागली, सांकली, बाजटिया, झेला, कंदोरा, तोड़े, हाथ फूल, मठिए, अमलेली-करमदी और मच्छी बिछिया जैसे गहने पहनती हैं। पुरुष भी भोरिया, चांदी का बेल्ट, मुरकी, चेन और चांदी के बटन वाली लड़ी पहनते हैं। चांदी की कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी के कारण आदिवासी समाज के लोग निश्चित तौर पर गहनों की खरीदारी में कटौती करेंगे। इसका सीधा असर स्थानीय सराफा बाजार पर पड़ेगा, जहां त्योहारों और विवाह के सीजन में बड़ी मात्रा में चांदी की बिक्री होती है। चांदी खरीदने आए भाक्षीया जमरे ने बताया कि ये गहने न केवल आदिवासी समाज की संस्कृति से जुड़े हैं, बल्कि समृद्धि की भी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि चांदी की कीमत बढ़ने से त्योहार पर असर देखने को मिल सकता है। सराफा व्यापारी सौरभ सोनी ने भी पुष्टि की कि कीमत बढ़ने की वजह से उन्हें अपने बजट में कटौती करनी होगी। भगोरिया के बाद शुरू होने वाले और बारिश तक चलने वाले शादी-ब्याह के सीजन पर भी इस मूल्य वृद्धि का असर पड़ेगा। पारंपरिक रूप से वर और वधू दोनों ही विवाह समारोह में चांदी के गहने पहनते हैं, और इस दौरान आदिवासी खास तौर पर चांदी के गहनों की खरीदारी करते हैं। इस दिन यहां लगेंगे भगोरिया हाट..- 24 फरवरी को रोसर- 25 फरवरी को सेमलेट- 26 फरवरी को पाटी- 27 फरवरी को बोकराटा और कुली- 28 फरवरी को गंधावल- 1 मार्च को चेरवी, चौकी, पोखलिया- 2 मार्च को गारा, जूनाझिरा, घूघसी
नोएडा की सेक्टर 63 थाना के चोटपुर कालोनी से 108 एम्बुलेंस सेवा को एक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस संख्या UP32EG4842 निर्धारित समय में मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल चिकित्सीय सहायता देकर उसकी जान बचाई। प्राइमरी ट्रीटमेंट दिया जिससे रुका ब्लड27 साल का अंशुल पुत्र संजय घायल अवस्था में पाए गए। स्थिति को गंभीर मानते हुए एम्बुलेंस की मेडिकल टीम ने बिना देरी किए प्राथमिक उपचार शुरू किया। ERCP डॉक्टर डॉ. प्रेमचंद के निर्देशानुसार EMT जगपाल ने बूट केयर ड्रेसिंग के जरिए ब्लड को बहने से रोका। इसके बाद मरीज को स्थिर करने के लिए डाइक्लोरान इंजेक्शन (IM) दिया गया। तत्काल पहुंचाया गया अस्पतालपूरे उपचार के दौरान मेडिकल टीम ने मरीज के वाइटल्स की लगातार मॉनिटरिंग की, जिससे स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए रखी जा सके। टीम की तत्परता और तकनीकी दक्षता के चलते मरीज की स्थिति नियंत्रित बनी रही। प्राथमिक उपचार के बाद घायल युवक को सुरक्षित रूप से सेक्टर 39 जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसे आगे की चिकित्सीय देखभाल के लिए भर्ती कराया गया। समय पर मिला इलाजडॉक्टर के अनुसार समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचने से मरीज की हालत में स्थिरता बनी रही। यदि उपचार में देरी होती, तो स्थिति अधिक जटिल हो सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम में EMT जगपाल एवं एम्बुलेंस पायलट प्रवेश की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय दोनों महत्वपूर्ण रही। दोनों की सतर्कता और कुशल प्रबंधन ने आपात स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने में अहम भूमिका निभाई।
कैथल जिले के गांव खानपुर में एक आरोपी ने एक व्यक्ति को ट्रक से कुचलकर जान से मारने का प्रयास किया। उसके ऊपर ट्रक का पहिया चढ़ा दिया, जिससे उसके हाथ पैर व पसलियां टूट गई। उसका पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा है। इस संबंध में व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। लिव इन रिलेशन में रहता था गांव पेंगा जिला जींद के किरपाल ने सीवन थाना में दी शिकायत में बताया कि वह राजौंद में शराब के ठेके पर करिन्दे का काम करता है। वह नीलम नामक महिला के साथ राजौंद में लिव इन रिलेशन में रहता था। कुछ दिनों से वह महिला किसी परविन्द्र नामक युवक से मोबाइल पर बात करती थी। उसने नीलम को काफी समझाया, परंतु 2-3 दिन पहले नीलम उसे छोड़कर परविन्द्र के पास चली गई। परविन्द्र व उसका भाई अजय ट्रक चलाते हैं। उसने परविन्द्र की पत्नी को परविन्द्र व नीलम बारे में बता दिया। कल रात को वह परविन्द्र व नीलम की तलाश करते हुए ट्रांसपोर्ट नगर कैथल पहुंचा। जहां पर उसने परविन्द्र व नीलम को आपत्ति जनक हालत में देखा। उसे देखते ही परविन्द्र, नीलम व उसमें बैठा अजय अपना ट्रक भगा कर ले गए। उनके पीछे वह मोटरसाइकिल पर गांव खानपुर पहुंच गया। परविन्द्र को उकसाया, इसका किस्सा ही खत्म कर दो वहां पर खड़े ट्रक में जब उसने परविन्द्र को आवाज लगाई, तो अजय व नीलम ने उसे जान से मारने की नीयत से परविन्द्र को उकसाया कि आज किरपाल का किस्सा ही खत्म कर दो, इसके ऊपर ट्रक चढ़ा दो। तभी परविन्द्र ने उसे जान से मारने की नीयत से अपने ट्रक का ड्राइवर साइड का अगला टायर उसकी दोनों टांगों, बांई साइड की पसलियों व दोनों बाजुओं पर चढ़ा दिया, उसे ट्रक के नीचे कुचलकर तीनों ट्रक को लेकर भाग गए। पीजीआई में चल रहा इलाज किसी राहगीर ने डायल 112 गाड़ी की सहायता के लिए मौके पर बुलाया, उसे इलाज के सरकारी अस्पताल कैथल पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने ज्यादा चोट होने के कारण उसे PGI रोहतक रेफर कर दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों ने उसे जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर ट्रक चढ़ाया और उसे चोटें मारी है। उसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस सीवन थाना के जांच अधिकारी जगबीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर में दो फर्जी जमानती गिरफ्तार:जेल में बंद आरोपी को रिहा कराया था, फर्जी मुहरें भी बनवाई थीं
बिजनौर पुलिस ने फर्जी जमानत तैयार कर एक अभियुक्त को जेल से रिहा कराने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को राम सिंह और प्रेम सिंह को उनके गांव स्याऊ और जलीलपुर से पकड़ा। यह मामला एसीजेएम कोर्ट के लिपिक मुकेश कुमार द्वारा 21 मार्च 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने राम सिंह, प्रेम सिंह, शहजाद उर्फ मैगी और अधिवक्ता नरेंद्र के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, राम सिंह, प्रेम सिंह और नरेंद्र ने मिलकर जेल में बंद शहजाद उर्फ मैगी की फर्जी जमानत तैयार की थी। उन्होंने न्यायालय से शहजाद को रिहा कराने के लिए थाना प्रभारी, लेखपाल और तहसीलदार की फर्जी मुहरें बनवाकर जमानतियों का सत्यापन भी कराया था। राम सिंह और प्रेम सिंह स्वयं फर्जी जमानती बने थे। शहजाद उर्फ मैगी नगीना देहात थाने में दर्ज मु0अ0स0 37/2024 धारा 307 भादवि और आयुध अधिनियम के तहत आरोपी था। फर्जी जमानत के इस मामले में शहर कोतवाली में मु0अ0स0 236/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मोहित कुमार और कांस्टेबल दिलीप कुमार शामिल थे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सड़क हादसे में एक की मौत, चार घायल:शादी से लौटते समय हादसा, अर्टिगा कार और पिकअप की टक्कर
गोंडा जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र में जोगापुर गांव के पास देर रात एक पिकअप और अर्टिगा कार की जोरदार टक्कर हो गई। इस सड़क हादसे में तरबगंज थाना क्षेत्र के रेतादलसिंह निवासी 21 वर्षीय अंकित कसौधन की मौत हो गई। हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें 23 वर्षीय नैना देवी, 40 वर्षीय किरण देवी, 18 वर्षीय अमन कसौधन और 3 वर्षीय कार्तिक शामिल हैं। पिकअप चालक महेश को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार नैना देवी के दोस्त की बलरामपुर के उतरौला में शादी थी। अंकित कसौधन, नैना देवी, किरण देवी, अमन कसौधन और कार्तिक कसौधन इसी शादी समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात करीब 1 बजे उतरौला से वापस लौटते समय जोगापुर गांव के पास मुर्गों से लदे एक पिकअप वाहन से उनकी अर्टिगा कार की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे के बाद मनकापुर कोतवाली पुलिस ने पिकअप और अर्टिगा कार को कब्जे में ले लिया है। भोलेनाथ कसौधन की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मनकापुर कोतवाल अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है और चार लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि यह घटना देर रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच हुई, जब ये लोग शादी समारोह से लौट रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अर्टिगा कार चालक को नींद आने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस तहरीर के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
एसपी समीर सौरभ के द्वारा जिले के 7 थाना प्रभारियों के फेर बदल करते हुए नवीन जिम्मेदारी दी गई है। एक थाना प्रभारियों को पुलिस लाइन भी किया गया है। कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने एसपी के द्वारा यह फेरबल किया गया। सात थान प्रभारी बदले एसपी समीर सौरभ के द्वारा जिले के साथ थाना प्रभारियों को इधर से उधर कर थानों में बड़ा फेरबदल किया है। लंबे समय से यह बदलाव होना था बुधवार देर रात सूची एसपी कार्यालय से जारी कर दी गई। किए गए प्रमुख तबादले विभागीय प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि थाना प्रभारियों का बदलाव एक सामान्य विभागीय प्रक्रिया है। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलती है। इसी क्रम में यह फेरबदल किया गया है।
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा कस्बे से 3 दिन पहले लापता हुए छात्र ने बरेली में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। छात्र के सुसाइड की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। ठाकुरद्वारा के वार्ड नंबर 23 निवासी रियाज अहमद (22 साल) पुत्र मोहम्मद आरिफ बीए का छात्र था। वह तीन दिन पूर्व अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की परंतु कोई पता नहीं चला। पुलिस ने छात्र के मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर भी उसे सर्च करने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। छात्र ने अपने कुछ दोस्तों के व्हाट्सऐप पर सुसाइड नोट का मैसेज भी भेजा था। परिजनों का कहना था कि रियाज काफी दिनों से ठीक से सो नहीं पा रहा था। वह मानसिक रूप से तनाव में दिखाई दे रहा था। कोतवाली प्रभारी मनोज परमार ने बताया कि बरेली जीआरपी पुलिस ने सूचना दी कि बुधवार को रियाज अहमद ने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बाराबंकी में वकील शुएब किदवई हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मृतक के परिजनों से डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पुलिस टीम ने घटना के पीछे की संभावित वजहों को जानने का प्रयास किया। इस दौरान मृतक के प्रॉपर्टी डीलिंग कारोबार से जुड़े विवादों और रंजिशों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। हत्याकांड की जांच के लिए गठित टीम लगातार सुरागों पर काम कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। शुक्रवार को हुई इस हत्या के बाद कई दिनों के प्रयास के बाद बुधवार को पुलिस परिवार से बातचीत करने में सफल रही। सीओ सिटी संगम कुमार और पुलिस टीम ने डीएम आवास से कुछ दूरी पर स्थित मृतक शुएब के घर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की। यह पूछताछ लगभग डेढ़ घंटे तक चली, जिसके बाद टीम लौट गई। प्रारंभिक बातचीत में कोई सीधा सुराग न मिलने के कारण, टीम अब परिवार या मृतक से जुड़े किसी विवाद या रंजिश की तलाश कर रही है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मृतक शुएब प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़े थे। उन्होंने पहले अन्य लोगों के साथ काम किया और बाद में अपना स्वतंत्र कारोबार स्थापित किया था। इसलिए, पुलिस इस कारोबार से जुड़े किसी जमीन या लेन-देन के विवाद की संभावना भी खंगाल रही है। घटना के दिन ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर शुएब की हत्या करने वाले हमलावरों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सूत्रों के अनुसार, इन शार्प शूटरों का संबंध गैर-राज्य, विशेषकर बिहार से होने की बात कही जा रही है, क्योंकि हमलावरों का तरीका इसी ओर इशारा कर रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम ने परिजनों से बातचीत की है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच के लिए गठित टीमें अपना काम कर रही हैं और जल्द ही इस घटना की तह तक पहुंचा जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के लखनऊ प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम और कई मंत्री भी संघ प्रमुख से मिले। इन मुलाकातों को सरकार-संगठन और संघ के बीच समन्वय के नजरिए से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 फरवरी, बुधवार रात करीब 8 बजे निराला नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचकर मोहन भागवत से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर चल रहे कार्यक्रमों, प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और आगामी रणनीति पर चर्चा हुई। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी बातचीत होने की चर्चा है। सुबह डिप्टी सीएम पहुंचे सरस्वती कुंज सीएम के बाद आज, 19 फरवरी की सुबह प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी संघ प्रमुख से मिलने पहुंचे। केशव प्रसाद मौर्य सरस्वती कुंज पहुंचकर मोहन भागवत से मिले, जहां संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होने की बात सामने आई है। ब्रजेश पाठक ने भी संघ प्रमुख से शिष्टाचार मुलाकात की। माना जा रहा है कि सरकार की नीतियों, सामाजिक अभियानों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर संवाद हुआ। मंत्री और संगठन पदाधिकारियों की भी रही आवाजाही मोहन भागवत के लखनऊ प्रवास के दौरान प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री और संगठन पदाधिकारी भी उनसे मिलने पहुंचे। विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ संघ प्रमुख से अलग-अलग स्तर पर चर्चा का दौर जारी रहा। राजनीतिक जानकार इन मुलाकातों को आगामी रणनीति और सरकार-संघ समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। लखनऊ प्रवास के दौरान संघ और सरकार के बीच लगातार संवाद ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
थाना सहायल क्षेत्र में करीब साढ़े छह साल पुराने एक मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। 15 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के दोषी रमेश बाबू को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्र ने बताया कि यह घटना 22 जुलाई 2019 को दोपहर 12 बजे की है। वादी ने थाना सहायल में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, उसकी 15 वर्षीय पुत्री स्कूल से पढ़कर घर लौटी थी। घर पर कोई नहीं था। तभी गांव का रमेश बाबू पुत्र ग्या प्रसाद मट्ठा मांगने के बहाने घर आया। घर में पुत्री को अकेला देखकर रमेश बाबू ने उसे तख्त पर लिटाकर दुष्कर्म किया। इसी दौरान वादी का लड़का स्कूल से घर पहुंचा और उसने रमेश को पीड़िता का मुंह दबाकर दुष्कर्म करते देखा। लड़के के चिल्लाने पर रमेश मौके से भाग गया। मजदूरी कर घर लौटे वादी को पूरी घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस विवेचना में मामला सही पाया गया और आरोपित के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कोर्ट में हुआ। बुधवार को इस पर निर्णय सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्र ने दोषी को कठोर दंड देने की बहस की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी को सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया है कि जमा की गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा की जाए। दोषी रमेश बाबू को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
कुरुक्षेत्र नहर में गिरे पेंटर का नहीं सुराग:6 दिन से पहरा दे रहा परिवार, तलाश में जुटे गोताखोर
कुरुक्षेत्र जिले के इस्माइलाबाद में 6 दिन पहले लापता पेंटर का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पेंटर विजय सुबह साढ़े 7 बजे घर से अपने काम पर जाने के लिए निकला था। करीब 2 घंटे बाद उसके कपड़े डल्ला माजरा गांव के पास नरवाना ब्रांच नहर (भाखड़ा) के किनारे पर पड़े मिले। पुलिस और गोताखोर उसकी तलाश में जुटे हैं। इस्माइलाबाद पुलिस को डल्ला माजरा के राजकुमार ने बताया कि उसका 26 साल का बेटा विजय रंग-पुताई करने का काम करता है। 14 फरवरी की सुबह करीब 7:30 बजे विजय काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन सुबह 10 बजे के आसपास उसके पास एक फोन आया कि विजय के कपड़े गांव के पास ही नहर किनारे पड़े हैं। नहर में गिरने की आशंका वह तुरंत मौके पर पहुंचा और कपड़ों की पहचान की, लेकिन विजय का कुछ पता नहीं चला। उनको विजय के नहर में गिरने की आशंका सता रही है। आशंका के चलते गोताखोरों को सूचना दी गई। इसी आशंका के चलते गोताखोर नहर में विजय की तलाश के लिए कर रहे हैं। अभी विजय का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पहरा लगाकर बैठा परिवार विजय का परिवार भी लगातार उसे ढूंढ रहा है। परिवार और रिश्तेदार नहर पर जगह-जगह पहरा लगाकर बैठे हैं। पुलिस भी विजय की तलाश कर रही है। विजय के नहर में गिरने की वजह भी साफ नहीं है। पिता का कहना है कि विजय ठीकठाक घर से गया था, उनको भी डेढ़-दो घंटे बाद घटना की जानकारी मिली।
उदयपुर में ब्लैकमेलिंग के हाई प्रोफाइल मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का बड़ा बयान सामने आया है। जूली ने भाजपा का नाम लेते हुए कहा कि जल्द उदयपुर फाइल्स आने वाली है। दरअसल, उदयपुर में एक वकील का एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर महिला नेता को ब्लैकमेल करने के आरोपों का मामला चर्चा में है। मामले को लेकर उदयपुर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन भी किया था। सबसे पहले पढ़िए- क्या बोले जूली? बुधवार को जयपुर में नेता प्रतिपक्ष ने कहा- किसी ने उदयपुर फाइल्स देखी है? किसी ने देखी हो तो बताना, मेरे पास भी जल्द ही उदयपुर फाइल्स आ रही है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का बड़ा मामला उजागर होगा। यह है पूरा मामला पांच दिन पहले उदयपुर की एक महिला नेता ने एक एडवोकेट के खिलाफ ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था। इसके बाद मुकदमा भी दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि वह पिछले एक साल से आरोपी के ऑफिस में जूनियर के रूप में काम कर रही थी। आरोपी वकालत के काम और क्लाइंट्स से मिलने के लिए मुझे कार से ले जाता था। इस मामले में पुलिस ने एडवोकेट को घर से डिटेन किया था। कांग्रेस ने इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करने की मांग की। बुधवार को प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा- इस मामले के बाद शहर में भय एवं अविश्वास का वातावरण है। वकील के परिजनों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। वहीं, पूरे मोहल्ले के निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। राठौड़ ने कहा- पुलिस की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा घरों में तोड़फोड़ की गई, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। इस विषय की भी जांच की जानी चाहिए।
गोरखपुर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाली एक ओर महिला की आंख की रोशनी चली गई है। संतकबीरनगर की रहने वाली वहिदुंन निशा की दोनों आंखों में ऑपरेशन के बाद इंफेक्शन हो गया था। इंफेक्शन के बाद दिल्ली एम्स में उन्हें भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने उनकी एक आंख को ठीक कर दिया है, लेकिन दूसरी आंख की रोशनी पूरी तरह जा चुकी है। अब उन्हें आंख निकलने का डर सता रहा है। वहिदुंन निशा का कहना है कि उन्हें सिर्फ नजदीक का काम करने में थोड़ी परेशानी थी। जब वो अस्पताल गईं, तो डॉक्टर ने मोतियाबिंद बताकर उनकी आंखों का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के दो दिन बाद ही उनकी आंखों में इंफेक्शन हो गया। इसके बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। अस्पताल का गैर-जिम्मेदाराना रवैया वहिदुंन निशा ने कहा- ऑपरेशन के बाद से अस्पताल प्रबंधन ने मेरी कोई सुध नहीं ली। न कोई फोन आया और न ही आगे के इलाज की कोई जिम्मेदारी उठाई गई। आंख में दिक्कत होने के बाद जब मैं दोबारा हॉस्पिटल गई तो डॉक्टर नहीं मिले। स्टाफ ने ही उसे दिल्ली एम्स जाने को कहा। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए …. गोरखपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंख निकालनी पड़ी। जबकि 9 के आंखों की रोशनी चली गई। हालांकि एक मरीज की रोशनी बाद में वापस आ गई है। 1 फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में आई कैंप लगा था। 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। 24 घंटे में ही उनकी हालत बिगड़ने लगी। 18 की आंखों में इंफेक्शन हो गया था। हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में इंफेक्शन की बात सामने आई है। जिन डॉक्टरों ने इनका इलाज किया है, उनके खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। न्यू राजेश हॉस्पिटल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है। मरीजों के बयान दर्ज किए गए हैं। मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को भी बतौर सबूत जांच में शामिल किया गया है। मजिस्ट्रेट ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के भी बयान दर्ज किए हैं। मरीजों का कहना है कि ऑपरेशन के दूसरे दिन आंख में दर्द और मवाद आने लगा था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर लिखा- गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है और कोई चैन से बैठा है। मुख्यमंत्री जब गोरखपुर आते हैं तो क्या कोई देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ के चले जाते हैं। ऑपरेशन के 24 घंटे बाद इंफेक्शनगोरखपुर के न्यू राजेश हॉस्पिटल के नेत्र विभाग में 1 फरवरी के दिन कुल 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। 3 से 4 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। 2 फरवरी को अचानक सामने आया कि इन मरीजों की आंखों में इंफेक्शन हो रहा है। 1-1 करके 18 मरीज हॉस्पिटल दोबारा पहुंचे। इनका ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत हुआ था। प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टरों के हाथ पाव फूल गए। मामला बिगड़ता हुआ देखकर इन मरीजों को गोरखपुर के सृजन आई केयर में रेफर किया गया। यहां प्राथमिक जांच के बाद सामने आया कि मरीजों की आंखों में सीवियर इंफेक्शन हुआ है। यहां भी मरीजों का इलाज ठीक से नहीं हो सका। इसके बाद उनके परिजन उन्हें वाराणसी, लखनऊ और एम्स दिल्ली लेकर गए। 24 घंटे बाद सामने आया कि अलग-अलग जगह भर्ती 18 मरीजों में से 9 की आंखों की रोशनी चली गई। वहीं, 9 लोगों की आंख निकालनी पड़ी है, क्योंकि इंफेक्शन बढ़ता जा रहा था। खबर में आगे बढ़ने से पहले नीचे लिए पोल में अपनी राय दीजिए… अब मरीजों की बात पढ़िए मरीज 1. परदेशी आंख की रोशनी चली गई, दिल्ली एम्स में इलाज चल रहागोरखपुर के बेलघाट इलाके के कौलहां गांव के रहने वाले परदेशी दिल्ली एम्स में भर्ती थे। उनका भी न्यू राजेश हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ था। 17 फरवरी को चेकअप के दौरान डॉक्टर ने बताया- आपकी आंखों की रोशनी जा चुकी है, आंख को निकाला जाएगा या नहीं, इसका फैसला रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। मरीज 2. सहवान अली आंख निकालनी पड़ी, अब देख नहीं सकेंगे गोला की रहने वाली सहवान अली की आंख भी एम्स दिल्ली में निकाल दी गई है। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अगले दिन आंख से खून आने लगा। इसके बाद अस्पताल के लोगों ने दिल्ली एम्स भेजा। वहां पर एक आंख निकाल दी गई है। अब 23 फरवरी को दोबारा जांच के लिए जाना है। मरीज 3. शंकरावती बनारस में निकाली गई आंखरहदौली की रहने वाली शंकरावती का वाराणसी के अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनकी भी एक आंख निकाल दी गई है। परिजनों का कहना है- अभी भी दूसरी आंख में परेशानी बनी हुई है। संक्रमण के चलते उस आंख से कम दिखाई दे रहा है। साथ ही सिर में लगातार दर्द बना हुआ है, जिससे उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। शंकरावती को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनकी बची हुई आंख भी इंफेक्टेड न हो जाए। उनके बेटे का कहना है कि अगर उनकी मां की दूसरी आंख की रोशनी भी चली गई, तो वे हर हाल में कानूनी कार्रवाई करेंगे। अब पढ़िए अखिलेश यादव की पोस्ट मोबाइल याद दिलाता है कि वो स्वास्थ्य मंत्री हैंसपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर लिखा- मुख्यनगरी गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है, और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है। मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर आते हैं तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ के चले जाते हैं। इस बार जनता इन्हें गोरखपुर भी हराएगी और बताएगी कि चिराग तले अंधेरा कैसे होता है। रही बात स्वास्थ्य मंत्री जी की तो ये समझ लेना चाहिए कि वो खुद और उनका विभाग ‘हाता नहीं भाता’ की मुख्य-नीति के विस्तार के कारण, उन्हीं की तरह उपेक्षित है। अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीनने का आधार बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय और विभाग की ऐसी दुर्गति देखकर हर कोई, ये सहज रूप से स्वीकार भी कर लेगा कि सच में स्वास्थ्य मंत्री महोदय की लापरवाही और कमीशनखोरी की वजह से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की इतनी दुर्दशा हुई है। जबकि सच ये है कि उन बेचारों के हाथ में पैसों के हिस्से बांट के अलावा और कुछ अधिकार या दूसरी शक्ति, सामर्थ्य और अख़्तियार नहीं है। स्वास्थ्य-चिकित्सा विभाग में वो नेम प्लेट पर ही मंत्री हैं, कोई उनकी सुनता भी नहीं है। सुना है उन्होंने अपने मोबाइल में एक रिमाइंडर लगा रखा है, जो रोज़ सुबह उन्हें याद दिलाता है कि वो स्वास्थ्य मंत्री हैं। जाने वालों के बारे में अब और क्या कहा जाए, थोड़े लिखे को ही पूरा समझा जाए… उनका ‘हाता से जो पुराना नाता है’, शायद उसी की वजह से बंद हो रहा उनका खाता है। अब CMO की बात CMO डॉ. राजेश झा ने बताया- ये बड़ी लापरवाही है। इसकी ADM स्तर पर जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद की आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। जांच कर रही स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, जबकि मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट जल्द मिलने की उम्मीद है।
सोनीपत जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देसी शराब से भरी एक बोलेरो मैक्स पिकअप को काबू किया है। पुलिस टीम नियमित जांच अभियान के तहत दो नहरों के बीच लगाए गए नाके पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक करीबन 10 लाख रू की शराब बताई जा रही है। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में देशी शराब बरामद हुई, जिसके संबंध में ड्राइवर कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह शराब को बहादुरगढ़ साइड से लाकर नाहरी स्थित ठेके पर उतारने जा रहा था। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि गुमराह करने के लिए फर्जी भी तैयार की गई थी, ताकि रास्ते में किसी के द्वारा गाड़ी रोके जाने पर उसे दिखाया जा सके। नाका हलालपुर पर संदिग्ध बोलेरो को रोका जानकारी के मुताबिक हैड कांस्टेबल संजय कुमार अपनी टीम के साथ नाका हलालपुर (दोनों नहरों के बीच) पर मौजूद थे। नियमित चेकिंग के दौरान सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप नंबर UP-33CT-4071 बड़वासनी की तरफ से आती दिखाई दी। पुलिस ने हाथ के संकेत से वाहन को रुकवाया। ड्राइवर ने अपना नाम नीरज उर्फ पप्पे निवासी पाना महलान, गांव नाहरी जिला सोनीपत बताया। तलाशी में मिली ADS मार्का देशी शराब वाहन की तलाशी लेने पर उसमें ADS मार्का देसी शराब के पव्वों से भरी पेटियां बरामद हुईं। मौके पर आरोपी से शराब के संबंध में लाइसेंस या परमिट मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। उसके पास केवल एक पर्ची मिली, जिस पर बैयापुर थोक से गौतम नाहरी ADS 290 पव्वा पेट्टी तथा वाहन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज था। वहीं पुलिस जानकारी के मुताबिक के करीबन 10 लाख रुपए की शराब बताई जा रही है। पूछताछ में ठेकेदार का नाम आया सामने प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी नीरज उर्फ पप्पे ने बताया कि वह यह शराब बहादुरगढ़ साइड से लेकर आया है और नाहरी स्थित गौतम नामक ठेकेदार के कहने पर ठेका नाहरी में उतारनी थी। उसने स्वीकार किया कि शराब के संबंध में उसके पास कोई वैध परमिट नहीं है। एक्साइज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर केस दर्ज मामले की सूचना तत्काल चौकी सैदपुर को दी गई, जिसके बाद ASI संदीप व सिपाही अजय यादव मौके पर पहुंचे। अवैध शराब की पुष्टि के लिए एक्साइज इंस्पेक्टर महाबीर गौतम को भी सूचित किया गया। एक्साइज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट और दरखास्त के आधार पर प्रथम दृष्टया धारा 61-04-20 एक्साइज एक्ट के तहत अपराध बनता पाए जाने पर थाना खरखौदा में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में सख्ती का संकेत मानी जा रही है।
कोटपूतली क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश के बाद बुधवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छा गया। विजिबिलिटी 50 फीट से भी कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर वाहन चालक हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग कर धीमी गति से चल रहे हैं। कोटपूतली क्षेत्र में आज अचानक मौसम के बदलाव से फुलेरा दूज के अबूझ सावे के चलते जिले में सैकड़ों शादियों में खलल पड़ा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पकी हुई या पकने की कगार पर खड़ी फसलों पर घने कोहरे का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से, पकी हुई या कटाई के करीब खड़ी सरसों की फसल पर घने कोहरे और अत्यधिक ओस का नकारात्मक असर देखा जा रहा है। यह कोहरा सरसों के उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकता है। कोहरे और धूप की कमी से पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे दानों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और वे कमजोर व पतले रह जाते हैं। लगातार नमी के कारण दानों में तेल की मात्रा कम हो सकती है और उनका रंग फीका पड़ सकता है। इसके अलावा, लगातार नमी से पकी हुई फलियों पर झुलसा रोग और सफेद फफोले का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फलियां सड़ सकती हैं। कोहरा छंटने और मौसम साफ होने पर माहू कीट तेजी से फूलों और फलियों पर हमला कर सकता है, जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद होने का जोखिम रहता है। कोहरे के कारण खेतों में नमी बनी रहती है, जिससे सरसों की कटाई में देरी होती है और कटी हुई फसल को सूखने में भी अधिक समय लगता है। यदि कोहरे और ठंड के बाद अचानक तेज धूप निकलती है, तो पकी हुई फलियां चटक कर टूट सकती हैं, जिससे दाने खेत में ही बिखर जाते हैं और किसानों को और अधिक नुकसान होता है।
अम्बेडकरनगर की कटेहरी विधानसभा में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मियां धार्मिक मंच से आकार लेती नजर आ रही हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कटेहरी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अवधेश द्विवेदी द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा अब सिर्फ आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है। कथा के समापन पर प्रदेश के दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सीधे तौर पर शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया। कथा स्थल पर जुटी भारी भीड़, दूर-दराज़ गांवों से आए समर्थक ने साफ कर दिया कि अवधेश द्विवेदी क्षेत्र में अपनी पकड़ और नेटवर्क को फिर से मजबूत करने में जुटे हैं। स्थानीय स्तर पर विकास, संगठन और सामाजिक एकजुटता जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो अम्बेडकरनगर की कटेहरी सीट पर अवधेश द्विवेदी 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में बेहद कम अंतर से हार चुके हैं। यही कारण है कि राजनीतिक जानकार इस आयोजन को उनकी रणनीतिक सक्रियता का संकेत मान रहे हैं। उनका मानना है कि धार्मिक आयोजनों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश आने वाले चुनावों की तैयारी का हिस्सा हो सकती है। समर्थक इसे सामाजिक-धार्मिक समागम बताकर जनता से जुड़ाव का प्रयास बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे आगामी चुनावों से पहले ताकत दिखाने की कवायद मान रहा है। कुल मिलाकर, कथा के बहाने हुआ यह आयोजन कटेहरी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर गया है और यह साफ संकेत दे गया कि अवधेश द्विवेदी अभी भी क्षेत्रीय राजनीति के अहम खिलाड़ी है। हालाकि पूरे मामले में अवधेश द्विवेदी ने बताया कि यह राजनीतिक नही धार्मिक कार्यक्रम था। इसे राजनीति से जोड़ कर न देखा जाए।
बांदा में किशोरी से 3 दोस्तों ने किया गैंगरेप:होटल में बहला-फुसलाकर ले गए थे, तीनों आरोपी गिरफ्तार
बांदा जिले में दो अलग-अलग आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के एक होटल में 15 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जबकि शहर कोतवाली क्षेत्र में एक पांच वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने दोनों मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया है। पहली घटना अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित एक होटल की है। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे तीन दोस्तों, शक्ति सिंह, महेश कुशवाहा और नीरज कुशवाहा पर आरोप है कि उन्होंने एक दलित किशोरी को बहला-फुसलाकर होटल ले गए। कमरा नंबर 104 में किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्ची के साथ छेड़छाड़, गिरफ्तारदूसरी घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ छेड़छाड़ की गई। जानकारी के अनुसार, बच्ची एक ई-रिक्शे में बैठी थी, जिसमें आरोपी राजेश के बच्चे भी थे। इसी दौरान, नशे की हालत में राजेश ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। बच्ची के शोर मचाने पर परिजन नीचे आए, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुका था। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने देर रात घेराबंदी कर आरोपी राजेश को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मवेश टॉक ने बताया कि देर रात नाबालिग बच्ची के साथ दुर्व्यवहार की सूचना मिली थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
दतिया में 11वीं की छात्रा का फंदे पर मिला शव:पुलिस बोली- कारण नहीं पता, हर एंगल से करेंगे जांच
इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जिगनिया में बुधवार शाम 17 वर्षीय छात्रा अनामिका जाटव ने अपने घर में पंखे से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शाम के समय सामने आई जब वह कोचिंग और स्कूल से लौटने के बाद घर में अकेली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, मर्ग कायम किया और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। जैसे ही लोगों को जानकारी मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान अनामिका जाटव (17) के रूप में हुई है। वह इंदरगढ़ कन्या पाठशाला में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। उसके पिता जरदान जाटव कारीगरी का काम करते हैं और परिवार गांव में ही रहता है। सुबह कोचिंग के लिए निकली थी पिता ने पुलिस को बताया कि अनामिका बुधवार सुबह नेतुआपुरा कोचिंग के लिए घर से निकली थी। रोज की तरह वह पहले कोचिंग गई और उसके बाद स्कूल पहुंची। कोचिंग और स्कूल से लौटने के बाद वह दोपहर करीब 2:30 बजे घर पहुंची। उस समय उसकी मां रामकेश घर के बाहर काम कर रही थीं। घर के अंदर अनामिका अकेली थी। बंद मिला कमरे का दरवाजा कुछ देर बाद जब मां घर के अंदर पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कई बार पुकारने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो उन्हें संदेह हुआ।स्थिति को देखते हुए मां ने अपने पति को फोन किया। इसके बाद परिजन और मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए। सभी ने मिलकर कमरे का दरवाजा तोड़ा। दरवाजा खुलते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। अनामिका कमरे में छत के पंखे से दुपट्टे के सहारे फांसी पर लटकी हुई थी। यह देख परिजन बेसुध हो गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इंदरगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी सामने नहीं आया है। मोबाइल और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
संभल के आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर मध्यरात्रि में हुए एक सड़क हादसे में आगरा निवासी कैंटर चालक की मौत हो गई। कैंटर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसा था, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी क्षेत्र में आगरा-मुरादाबाद हाईवे स्थित मानकपुर तिराहे के पास हुआ। घटना मध्य रात्रि करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। तेज गति से आ रहा कैंटर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गया। मृतक की पहचान सन्नी कुमार (32) पुत्र भूरे सिंह के रूप में हुई है, जो आगरा के थाना खंदौली स्थित खजरा कंचन के निवासी थे। हादसे की सूचना मिलने पर धनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को अपनी सरकारी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर सचिन वर्मा ने बताया कि उपनिरीक्षक सदाकत अली कैंटर चालक को अस्पताल लाए थे, लेकिन उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। पुलिस ने ट्रक और कैंटर दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है। पंचनामा भरने के बाद मृतक चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने चालक के पास मिले कागजों के आधार पर परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।
सुलभ कॉम्पलेक्स में तोड़फोड़ और लूट:कर्मचारी के सिर पर डंडा मार किया बेहोश;पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही
जिला अस्पताल के बाहर स्थित सुलभ कॉम्पलेक्स पर बुधवार रात करीब 9 बजे दो बदमाशों ने कर्मचारी से मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। घटना शहर के बीचोबीच कोतवाली थाना इलाके की है। सुलभ कॉम्पलेक्स पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी सुमीत झा के पास दो युवक डंडे लेकर पहुंचे। दोनों के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। आते ही उन्होंने गाली-गलौच शुरू कर दी और गल्ले में रखी पूरी नकदी देने की धमकी दी और कहा या तो सारी नगदी देदों वरना जान से मार देंगे। विरोध करने पर आरोपियों ने सुमीत झा के साथ मारपीट की और एक बदमाश ने उनके सिर पर डंडा मार दिया, जिससे वे बेहोश हो गए। पीड़ित के अनुसार बदमाश गल्ले में रखे करीब 2400 रुपए लूटकर फरार हो गए। होश आने पर सुमीत झा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वारदात के दौरान बदमाशों ने कॉम्पलेक्स में तोड़फोड़ भी की और शीशे तोड़ दिए। पीड़ित सुमीत झा मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और कई वर्षों से अलवर में सुलभ कॉम्पलेक्स पर कार्यरत हैं। फिलहाल उनकी ओर से थाने में लिखित शिकायत दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गाजियाबाद में आज गुरुवार को हल्की धूप खिली है। इससे पहले बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, रात के तापमान में भी एक साथ गिरावट आई। आज सुबह तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। फरवरी माह में दूसरी बार बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार 18 फरवरी से फिर से मौसम बदला है, जहां आसमान में बादल छाए रहेंगे, जिसके बाद दोपहर बाद फिर हल्की धूप रहेगी। जनवरी के लास्ट वीक और फरवरी माह के पहले सप्ताह भी मौसम बदलता रहा है। जहां फरवरी के पहले वीक से लेकर आधी फरवरी तक कभी बादल छाए तो कभी हल्की बारिश से मौसम बदला। अब आधी फरवरी बीत चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में मौसम साफ रहेगा। जहां सुबह 8 बजे के करीब धूप खिलने के साथ तापमान बढ़ रहा हैै। दोपहर 2 बजे अधिकतम तापमान पहुंच रहा है। शाम को फिर 5 बजे से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। अगले वीक से बढ़ेगा तापमान फरवरी माह आधा बीत चुका है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 22 फरवरी यानी अगले सप्ताह से तापमान में और भी बढ़ोत्तरी होगी। जहां दिन का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचना शुरू होगा। वहीं रात का पारा भी 14 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाएगा।
ततारपुर थाना क्षेत्र के गांव अजीजपुर में बुधवार दोपहर बारिश की फिसलन के कारण 35 साल का विकलांग युवक 150 फीट गहरे कुएं में गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई। जो रेलवे पटरी के पास ठेला लगा जीवन यापन करता था। मृतक अनिल के चाचा बब्बल ने बताया कि उनका भतीजा अनिल किसी तरह का नशा नहीं करता था। अपना ठेला लगा परिवार का लालन-पालन कर रहा था। जो बचपन से पैर से विकलांग था। गांव में चार से पांच खुले कुएं हैं। एक कुएं में फिसलकर गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई। जिनमें कई बार दुर्घटनाएं हो गई। पहले भी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। गांव वालों की शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अनिल के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
कोटा में पारा 8 डिग्री गिरा:बारिश से सर्द हवा और ठंडक बढ़ी, फिर से बदलेगा मौसम
कोटा में बारिश के बाद आज मौसम साफ है। हालांकि सुबह साढ़े आठ बजे तक हल्का कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 400-500 मीटर के आसपास रही। बुधवार को हुई बारिश से दिन का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम में बदलाव से सर्दी लौटी है। हल्की ठंडी हवाएं चल रही है। मौसम विभाग की माने तो पश्चिमी विक्षोभ का असर राजस्थान में नहीं रहेगा। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में धूप निकलेगी और तापमान में बढ़ोतरी होगी। जिले में बुधवार को रुक रुक बारिश हुई जो देर रात तक जारी रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।बेमौसम हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने धनिया काटकर खेतों में सूखाने के लिए फैला रखा है। बारिश से धनिया के बीच काले पड़ सकते हैं। वहीं खेतों में कटी पड़ी सरसों की फलियां गीली होने से उनमें दाना झड़ने की समस्या पैदा हो सकती है। साथ ही नमी के कारण दानों में फफूंद लगने और चमक कम होने का खतरा बढ़ गया है।
शाजापुर में बारिश से फिर ठंडक बढ़ी:रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी, रविवार से बदलेगा मौसम
शाजापुर जिले में फरवरी के दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बुधवार शाम से शुरू हुई हल्की बारिश और बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे एक बार फिर ठंडक का एहसास हुआ। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। शाम करीब 7:30 बजे हल्की बारिश हुई, जिसके बाद देर रात 12 से 1 बजे के बीच रिमझिम फुहारें फिर से पड़ीं। गुरुवार सुबह भी बादलों का डेरा रहा और ठंडी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी जारी रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में आर्द्रता 58 प्रतिशत रही, जबकि दक्षिण-पश्चिमी दिशा से हवाएं लगभग 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं। विभाग ने देर रात हल्की वर्षा की संभावना जताई थी और अगले एक-दो दिन तक मौसम ऐसा ही बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इस बदले मौसम से रबी सीजन की फसलों को लेकर किसानों में चिंता है, क्योंकि कई स्थानों पर सरसों और मसूर की कटी फसलें खेतों में पड़ी हैं। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश बढ़ती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के मुताबिक, रविवार से तापमान में फिर से वृद्धि होगी और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मिर्जापुर में किसानों की आय बढ़ाने के लिए ड्रैगन फ्रूट और खजूर की खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी जोर दिया जा रहा है। यह बात जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने स्केल ऑफ फाइनेंस की बैठक में कही। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में बकरी पालन, भेड़ पालन और सुअर पालन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे किसानों को इन गतिविधियों के लिए योजनाओं की जानकारी देकर प्रेरित करें। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस निर्धारण संबंधी इस बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्तरीय तकनीकी समिति ने प्रस्तावित वित्तमान का अनुमोदन किया। सदस्य सचिव डॉ. अवधेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कृषि विभाग के अलावा उद्यान, पशुपालन, मत्स्य एवं रेशम विभाग से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। निर्धारित वित्तमान का उपयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति एवं प्रीमियम निर्धारण तथा किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा तय करने में किया जाएगा। बैठक में कृषि विभाग की 15 फसलों, उद्यान विभाग की 6 औद्यानिक फसलों, पशुपालन विभाग के अंतर्गत बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं दुग्ध उत्पादन, रेशम विभाग द्वारा रेशम उत्पादन तथा मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालन में आने वाली लागत एवं योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ विविधीकृत कृषि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने रेशम पालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन तथा राजगढ़ क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट एवं खजूर की खेती को अपनाने पर जोर दिया, जिससे लागत कम और आय अधिक होने की संभावना है। इस बैठक में उप कृषि निदेशक विकेश पटेल, जिला प्रबंधक नाबार्ड, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, सहायक निदेशक रेशम, जिला उद्यान अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, तेजेन्द्र सिंह एवं डॉ. कुँवर सत्येन्द्र सिंह अपर जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के फतेशाह मार्केट में निगरानी बदमाश ने रंगदारी नहीं देने पर मैकेनिक समेत 4 लोगों से मारपीट की है। आरोपी ने पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ितों ने देर रात कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत की है। पीड़ित का नाम इमरान खान और आरोपी का नाम वसीम खान उर्फ मम्मा पुलिस बताया जा रहा है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला शिकायतकर्ता इमरान खान ने पुलिस को बताया कि, वो फतेशाह मार्केट में न्यू प्रीमियर ऑटो रिपेयरिंग वर्क शॉप के नाम से दुकान चलाता है। 18 फरवरी की रात 9.20 बजे नशे में वसीम खान उर्फ मम्मा आया और शराब खरीदने के लिए 500-1000 रुपए मांगे। इमरान ने पैसे देने से मना किया तो उसे धक्का मारा और दुकान में काम करने वाले फैजान से पैसे मांगे। फैजान ने भी पैसे देने से मना किया तो आरोपी गालियां देने हुए मारपीट करने लगा। इमरान–फैजान से मारपीट करने के बाद दुकान में गाड़ी बनवाने आए ग्राहक मोईन से आरोपी ने पैसे मांगे। मोईन ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी वसीम ने हथौडी लेकर उसे मारने का प्रयास किया। राहगीरों ने उसे हटाने की कोशिश की, तो दुकान के पास खड़े मोहम्मद फैजान खान, मोहम्मद जुबैर, वसीम अहमद से भी मारपीट की। घायलों को इलाज के लिए मेकाहारा में भर्ती कराकर पीड़ित इमरान खान उर्फ मम्मा की शिकायत कोतवाली पुलिस से की है। कोतवाली पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों के साथ मुस्लिम समुदाय के सदस्य पहुंचे थाना पीड़ित इमरान खान के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग देर रात कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि, देर रात विवाद करने के बाद आरोपी ने दोबारा पीड़ितों के पास पहुंचकर धमकियां दी है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह इंडिगो की चार फ्लाइट्स अचानक रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। चंडीगढ़ और देहरादून जाने वाली इन फ्लाइट्स के आखिरी वक्त पर कैंसिल होने से बड़ी संख्या में पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर ही फंस गए और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने कैंसिलेशन के पीछे संचालन संबंधी कारण बताए हैं, जबकि सूत्रों के अनुसार एयरक्राफ्ट उपलब्ध नहीं होने से शेड्यूल प्रभावित हुआ है। अचानक हुए इस फैसले से यात्रियों की यात्रा योजना गड़बड़ा गई और कई लोगों को अपनी ट्रिप पोस्टपोंड करनी पड़ी दरअसल, इंडिगो की सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली फ्लाइट संख्या 6E - 7742 को सबसे पहले कैंसिल किया गया। इसके बाद सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर देहरादून के लिए निर्धारित फ्लाइट संख्या 6E - 7274 को भी ऑपरेशन रीजन से कैंसिल कर दी गई। इसके बाद इंडिगो एयरलाइंस ने सुबह की तीसरी फ्लाइट 6E - 7718 जो 9 बजकर 45 मिनट पर चंडीगढ़ के लिए रवाना होने वाली थी, उसे भी आखिरी वक्त पर कैंसिल कर दिया। वहीं आज दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर चंडीगढ़ जाने वाली फ्लाइट संख्या 6E - 7516 को भी कैंसिल कर दिया गया है। आज अचानक लगातार चार फ्लाइट कैंसिल होने से चंडीगढ़ और देहरादून जाने वाले पैसेंजर को काफी परेशान होना पड़ रहा है। फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना मिलने तक जहां कुछ पैसेंजर जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे। जिन्हें अब एयरलाइन कंपनी द्वारा वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध कराने के साथ ही रिफंड देने की व्यवस्था की गई है। हालांकि आखिरी वक्त पर हुए कैंसिलेशन के बाद अब काफी पैसेंजर्स ने अपनी यात्रा को स्थगित करने का फैसला भी किया है। पैसेंजर्स ने बताया कि उन्हें फ्लाइट रद्द होने की सूचना या तो देर से मिली या एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पता चला। एयरलाइन के सूत्रों ने बताया कि विमान उपलब्ध न होने से शेड्यूल प्रभावित हुआ, हालांकि कंपनी इसे तकनीकी और ऑपरेशनल वजहों से जोड़ रही है। हालांकि, इन चार फ्लाइट्स के कैंसिल होने के अलावा जयपुर एयरपोर्ट से संचालित दूसरी फ्लाइट अपने निर्धारित शेड्यूल पर उड़ान भर रही है। --- अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें।--- ये खबर भी पढ़ें जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, 18 फ्लाइट्स कैंसिल:मुंबई का किराया 38 हजार तक पहुंचा; फ्लाइट रद्द होने पर भावुक हो गई महिला इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने का सिलसिला आज भी जारी रहा। जयपुर एयरपोर्ट से एयरलाइंस ने शनिवार को आने और जाने वाली 18 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी। हालांकि, जोधपुर और उदयपुर एयरपोर्ट पर का फ्लाइट शेड्यूल सामान्य रहा। शनिवार सुबह जयपुर में एयरलाइंस के काउंटर पर सुबह से लंबी लाइन लगी नजर आई। इस दौरान पैसेंजर्स ने हंगामा कर दिया। (पूरी खबर पढ़ें)
पंजाब के लुधियाना में नाबालिग छात्रा के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता के बयान पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस थाना डाबा ती पुलिस छापामारी भी कर रह है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी बेटी (उम्र करीब 14 वर्ष) और छोटा बेटा अमित (काल्पनिक नाम, उम्र करीब 12 वर्ष) 18 फरवरी 2026 को ट्यूशन पढ़ने गए थे। शाम को बेटा अमित अकेला घर लौटा और उसने बताया कि उसकी बहन को गुरु नानक स्टोर वाली गली के मोड़ से दो युवक सफेद रंग की कार (नंबर PB01C-3632) में बैठाकर अपने साथ ले गए। साहिल नाम के लड़के पर भगा ले जाने का आरोप पिता ने बताया कि जब उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल की तो एक आरोपी की पहचान साहिल के रूप में हुई। उन्हें पूरा शक है कि साहिल ने किसी साथी के साथ मिलकर उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर विवाह करने की नीयत से भगा ले गया है। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। आरोपी का पिछला रिकार्ड भी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
जबलपुर की राइट टाउन स्थित दिवंगत डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति पर गुरुवार सुबह नगर निगम ने आधिकारिक रूप से कब्जा कर लिया। नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश अहिरवार की मौजूदगी में जबलपुर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और पूरी प्रॉपर्टी को अपने अधीन ले लिया। इस प्रॉपर्टी पर स्वास्थ्य शाखा का वार्ड कार्यालय खोल दिया गया है। नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि यह पूरी संपत्ति लीज पर दी गई थी, लेकिन लीज की शर्तों का उल्लंघन पाया गया है। इसी आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संपत्ति पर कब्जा लिया है। संपत्ति की निगरानी निगम करेगा निगम की टीम सुबह डॉ. श्रीवास्तव के बंगले पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार अब इस संपत्ति की निगरानी नगर निगम द्वारा की जाएगी और बिना अनुमति किसी भी प्रकार की गतिविधि या प्रवेश पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है और फर्जी दस्तावेज व लीज उल्लंघन की जांच भी चल रही है। निगम से लीज पर ली थी जमीन दैनिक भास्कर से बात करते हुए नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि यह करीब 25000 स्क्वायर फीट की जमीन है, जिसे नगर निगम ने लीज पर दिया था। मामले में लीज शर्तों का उल्लंघन किया गया है। डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को रेजिडेंशियल उद्देश्य से यह जमीन दी गई थी, लेकिन यहां पर कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। इस जमीन पर दुकान खोल दी गई थी, जो कि सीधे-सीधे प्रशासन के आदेश की अवहेलना भी है। निगम कमिश्नर ने बताया कि आदेश में लिखा हुआ था कि यह प्रॉपर्टी किसी को हस्तांतरित भी नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद इस प्रॉपर्टी पर कई लोगों ने अपना दावा किया था। निगम कमिश्नर ने बताया कि लीज पर ली प्रॉपर्टी का हर साल रेंट भी देना जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। तस्वीरें देखिए… दावे-आपत्ति भी नहीं आए निगम कमिश्नर ने बताया कि बुधवार को दावे-आपत्ति भी बुलवाए गए थे, लेकिन किसी ने इस जमीन पर अपना हक नहीं जताया। इसके बाद अब नगर निगम ने पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। जल्द ही यहां पर निगम का ऑफिस भी खुलेगा। नगर निगम कमिश्नर कहना है कि आदेश हो चुका है और अब पूरी प्रॉपर्टी पर नगर निगम का कब्जा है। जाहिर सूचना भी दी थी नगर निगम कमिश्नर का कहना है कि संपत्ति पर काबिज होने से पहले एक जाहिर सूचना भी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि अगर कोई वैध वेरिएशन है तो वह दस्तावेज दे सकता है, लेकिन बुधवार रात तक किसी ने भी इस जमीन पर अपना हक नहीं जताया। इसके बाद गुरुवार को नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की पूरी प्रॉपर्टी को हैंड ओवर कर लिया है। डॉ. जैन ने लिखवा लिया था दान पत्र डॉ. हेमलता श्रीवास्तव जिला अस्पताल में पदस्थ थीं। शहर की जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ थीं। उनके पति महेश श्रीवास्तव का साल 2025 में देहांत हो गया था। वह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से रिटायर्ड हुए थे। इससे पहले उनके बेटे रचित श्रीवास्तव का साल 2022 में देहांत हो चुका है। पति और बेटे की मौत के बाद इस बंगले में डॉ. हेमलता श्रीवास्तव नौकरों के साथ रह रही थीं। डॉ. सुमित जैन और डॉ. प्राची जैन ने 25000 स्क्वायर फीट जमीन में से 11000 स्क्वायर फीट की जमीन अपने नाम पर दान पत्र के माध्यम से करवा ली थी। इसके अलावा गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी इस पूरी प्रॉपर्टी पर दावा करते हुए बताया था कि डॉ. हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी मर्जी से गायत्री ट्रस्ट को यह जमीन दे दी है। जिसका आईएमए ने विरोध भी किया था। कमरों में रखे सामान की कराई वीडियोग्राफी नगर निगम ने डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति पर कब्जा करते हुए उनके कमरे में रखे सामान की पहले तो वीडियो ग्राफी करवाई और उसके बाद फिर घर के बाहर लगा डॉ. श्रीवास्तव का बोर्ड तोड़ा। बंगले के पीछे डॉ. श्रीवास्तव के नौकर भी रहा करते थे जिन्हें की हटा दिया गया है। गायत्री परिवार ने जताई थी दावेदारी डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की बहन कनकलता मिश्रा ने पूरी प्रॉपर्टी गायत्री मंदिर ट्रस्ट को दान करने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि दीदी ने हां भी भर दी थी। इसके बाद से गायत्री मंदिर के सदस्य लगातार डॉ. श्रीवास्तव के संपर्क में थे। जबकि उनकी दूसरी बहन शांति तिवारी ने डॉ. सुमित जैन और डॉ. प्राची जैन को प्रॉपर्टी देने की बात कही थी। डॉ. सुमित जैन ने तो डॉ. श्रीवास्तव की प्रॉपर्टी पर बोर्ड भी लगा दिया था। इसमें बताया गया था कि यहां पर उनके पति और बेटे के नाम पर मेमोरियल अस्पताल खोला जा रहा है।
भीलवाड़ा में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान तहत पुर थाना पुलिस ओर डीएसटी ने करीब दो साल से फरार चल रहे 15 हजार के इनामी आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया। डोडा चूरा तस्करी में शामिल था एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने बताया की 31 मार्च 2025 को पुर के तत्कालीन सीआई जयसुल्तान सिंह कविया ने एक ट्रक कंटेनर से 564.200 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त किया था।इस संबंध में पुर थाने में एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी रोहताश पुत्र कृष्णकुमार विश्नोई निवासी काजलहेड़ी, जिला फतेहाबाद (हरियाणा) को पहले गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका साथी मुकेशकुमार फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने हरियाणा से पकड़ा मादक पदार्थ तस्करी में शामिल और वांटेड अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान के तहत डीएसटी और पुर थाने की टीम का गठन किया गया।सीआई कन्हैयालाल के नेतृत्व में गठित टीम ने हरियाणा में दबिश देकर आरोपी मुकेशकुमार पुत्र आत्माराम सुथार (31) निवासी चिन्दड़, थाना फतेहाबाद सदर, जिला फतेहाबाद (हरियाणा) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी पर 15 हजार का इनाम घोषित था आरोपी की गिरफ्तारी पर एसपी ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ जारी है और अवैध मादक तस्करों की टीम के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
यूपी रोडवेज परिचालक ने लौटाया यात्री का छूटा बैग:एटा में सोने की अंगूठी और नकदी के साथ किया वापस
एटा के अलीगंज में यूपी रोडवेज के एक बस परिचालक ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने यात्रा के दौरान बस में छूटा एक बैग उसके मालिक को लौटा दिया। इस बैग में सोने की अंगूठी और नकदी मौजूद थी। परिचालक अनुज कुमार, जो राजेंद्र सिंह के पुत्र हैं, को बुधवार शाम बस नंबर यूपी 82 एटी 5440 में यह अज्ञात बैग मिला था। अनुज कुमार एटा से अलीगंज के लिए सवारियां लेकर आ रहे थे। परिचालक अनुज ने बताया कि धरौली पर कुछ सवारियां उतरी थीं। अलीगंज पहुंचकर जब बस खाली हुई, तो उन्होंने सीट पर एक बैग देखा। उन्होंने बैग को अपने पास रख लिया और यात्री को ढूंढने का प्रयास किया। जिस यात्री का बैग गुम हुआ था, वह अन्य परिचालकों से पूछताछ करते हुए अनुज कुमार तक पहुंचा। अनुज ने यात्री को उसका बैग, जिसमें 1000 रुपए नकद और एक सोने की अंगूठी थी, वापस कर दिया।
रीवा में 12 फरवरी को पुलिस हिरासत से आरोपी के फरार होने की घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस लाइन कॉलोनी से कई दोपहिया वाहनों की चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक आरोपी बिछिया थाना पुलिस की हिरासत से हथकड़ी छुड़ाकर भाग निकला था। घटना के बाद मचे हड़कंप के बावजूद अब तक फरार आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामला उस समय सामने आया था जब रीवा की पुलिस लाइन कॉलोनी से पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों की निजी मोटरसाइकिलें चोरी हो गई थीं। जांच के बाद जवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी की गाड़ियां बरामद कीं और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी के बाद आरोपियों को वाहन सहित बिछिया पुलिस के सुपुर्द किया गया था। हथकड़ी छुड़ाकर फरार हुआ आरोपीबताया गया कि बिछिया थाना परिसर में औपचारिक कार्रवाई के दौरान एक आरोपी हथकड़ी छुड़ाकर फरार हो गया। घटना के बाद जिले भर में अलर्ट जारी किया गया और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई स्थानों पर छापेमारी की गई, लेकिन अब तक आरोपी का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि तीन में से एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर फरार आरोपी के संभावित ठिकानों या जांच की दिशा को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। वरिष्ठ अधिकारी कैमरे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर भी नहीं की गई कार्रवाईइधर, पुलिस महकमे के भीतर भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। सवाल उठ रहा है कि हथकड़ी में बंधा आरोपी आखिर किस लापरवाही के चलते फरार हो गया? क्या ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जवाबदेही तय होगी? एक सप्ताह बीतने के बाद भी न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई सार्वजनिक की गई है। फिलहाल पुलिस टीमें फरार आरोपी की तलाश में लगी होने का दावा कर रही हैं, लेकिन बढ़ते सवालों के बीच इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायसेन में सुबह 6 बजे हुई बारिश, लौटी ठंड:अगले दो दिन ऐसा ही मौसम, गेहूं की फसल को फायदा
रायसेन में बुधवार दोपहर से मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा गए और गुरुवार सुबह 6 बजे बारिश हुई। बारिश के साथ ही ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे एक बार फिर सर्दी लौट आई। सर्दी बढ़ने के कारण लोग गर्म कपड़ों में ही घरों से बाहर निकले। छोटे बच्चे भी गर्म कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचे। बारिश से शहर की सड़कें गीली हो गईं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम में इस बदलाव से दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और बीती रात का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायसेन में इस सीजन में यह दूसरी बार बारिश हुई है। किसानों का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, जिन खेतों में चने की फसल पककर तैयार हो गई है, उन्हें इस बारिश से नुकसान हो सकता है।
गरियाबंद के सुपेबेड़ा गांव में किडनी की बीमारी से एक और मरीज की मौत हो गई है। 49 वर्षीय प्रेमजय क्षेत्रपाल ने एम्स रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही साल 2005 से अब तक इस गांव में किडनी रोग से मरने वालों की संख्या 133 हो गई है। प्रेमजय क्षेत्रपाल पिछले पांच सालों से घर पर ही पेरिटोनियल डायलिसिस करवा रहे थे। लगभग 20 दिन पहले उनके पेट में लगा डायलिसिस फिस्टुला ब्लॉक हो गया था। जिससे उनका नियमित डायलिसिस रुक गया। परिजनों ने उन्हें एक सप्ताह पहले एम्स में भर्ती कराया था। माता-पिता और भाई समेत परिवार के 8 लोगों की मौत एम्स में डॉक्टरों ने उनके हाथ में नया फिस्टुला लगाने का प्रयास किया, लेकिन मरीज की सहमति नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। प्रेमजय के परिवार में उनके माता-पिता और एक भाई सहित आठ से अधिक सदस्य पहले ही किडनी की बीमारी से जान गंवा चुके हैं। बीएमओ प्रकाश साहू ने प्रेमजय की मौत की पुष्टि की है। अभी भी 40 से अधिक मरीज सुपेबेड़ा गांव में अभी भी 40 से अधिक किडनी रोगी हैं, जिनमें से तीन का इलाज एम्स में चल रहा है। पंचायत के रिकॉर्ड के अनुसार, 2005 से अब तक 133 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या 70 से 80 बताई जाती है। आधे से अधिक मरीज इलाज के लिए अन्य राज्यों में जा रहे हैं। बीमारी के डर से ग्रामीणों ने अब खून की जांच कराना बंद कर दिया है। पिछले दो सालों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में किसी भी विशेषज्ञ टीम के साथ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन नहीं किया गया है। डायलिसिस मशीन भी नहीं लग पाई गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्वीकृत है, लेकिन उसका भवन अभी तक नहीं बन पाया है। गांव के लिए भेजी गई डायलिसिस मशीन भी स्थापित नहीं की जा सकी है। दो डॉक्टरों में से अब केवल एक ही कार्यरत है और नेफ्रोलॉजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना भी अधर में लटकी हुई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह क्षेत्र उज्जैन में 15 फरवरी से शुरू हुए विक्रमोत्सव व्यापार मेले में वाहन खरीदारों की भारी भीड़ तो उमड़ रही है, लेकिन टैक्स छूट की प्रक्रिया अटकने से डीलर और ग्राहक दोनों परेशान हैं। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के पोर्टल अपडेट न होने की वजह से मेले में बिके वाहनों का टैक्स जमा नहीं हो पा रहा। नतीजा, एक हजार से ज्यादा वाहन बिना टैक्स चुकाए ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। डीलरों ने इनके इंश्योरेंस तो करा दिए, लेकिन अब टैक्स जमा न होने से पेनाल्टी का डर सता रहा है। ग्राउंड पर बात करने पर डीलरों ने बताया कि एक-दो दिन में सिस्टम चालू होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल असमंजस बरकरार है। इंदौर के मारुति डीलर अमन पटेल ने उज्जैन मेले में अपना स्टॉल लगाया है। पटेल ने कहा वाहन अच्छी संख्या में बिक रहे हैं, लेकिन एनआईसी का पोर्टल अपडेट नहीं है। ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा छूट का लाभ हमने अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि 25 दिसंबर 2025 से 25 फरवरी 2026 तक ग्वालियर में व्यापार मेला चल रहा है। नियमों के मुताबिक, एक राज्य में एक समय दो मेलों के लिए सिस्टम अपडेट नहीं हो सकता। इसी वजह से उज्जैन मेला पोर्टल पर एक्टिव नहीं किया जा रहा। अधिकारी एक-दो दिन में शुरू करने की बात कह रहे हैं। पटेल ने आगे बताया कि इस देरी से ग्राहकों को छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा और डीलरों को भी नुकसान हो रहा है। इंदौर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सह सचिव विशाल पमनानी ने कहा कि उज्जैन मेले में पहली बार ऐसी समस्या आ रही है। तीन दिनों में हजार वाहन बिके डीलरों के मुताबिक मेले के पहले तीन दिनों में करीब एक हजार वाहन बिक चुके हैं। इनका बीमा तो हो गया, लेकिन टैक्स एंट्री न होने से आगे की फॉर्मेलिटीज रुकी हुई हैं। एक डीलर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्राहक असमंजस में हैं। वे वाहन घर ले जाना चाहते हैं, लेकिन टैक्स जमा न होने से रजिस्ट्रेशन अटका है। प्रशासन से मांग की है कि जल्द पोर्टल अपडेट कर टैक्स प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि राजस्व भी आए और ग्राहकों को फायदा हो।” डीलरों को तीन दिन का अतिरिक्त समय देने की बात कही जा रही है, लेकिन अगर देरी बढ़ी तो पेनाल्टी लग सकती है। बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी उज्जैन व्यापार मेले में पिछले सालों से वाहन बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में 23,705 वाहन बिके। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 36,223 हो गई। इस साल इससे भी ज्यादा बिक्री की उम्मीद है, लेकिन तकनीकी अड़चन अगर जल्द दूर न हुई तो मेले की रफ्तार थम सकती है। ग्राउंड पर घूमकर देखा तो स्टॉल्स पर ग्राहकों की भीड़ है, लेकिन डीलर चिंतित नजर आ रहे। प्रशासनिक अधिकारियों से बात की तो उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन फिलहाल सिस्टम डाउन ही है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मेलों में टैक्स छूट ग्राहकों को आकर्षित करती है, लेकिन सिस्टम की लेटलतीफी से विश्वास कम होता है। उज्जैन मेला विक्रमोत्सव का हिस्सा है, जो पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा देता है। अगर ये अड़चनें बनी रहीं तो आने वाले दिनों में बिक्री प्रभावित हो सकती है। ग्राहकों से बात करने पर पता चला कि कई लोग इंदौर, देवास और आसपास से आए हैं, लेकिन अब इंतजार में हैं।
मैहर में कोतवाली क्षेत्र के हरदासपुर में पूर्व सरपंच के बेटे का शव उसकी हार्डवेयर दुकान में फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और गुरुवार को फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव को फंदे से उतारा जाएगा। मृतक की पहचान देवेश सिंह (26 वर्ष) पुत्र सुखेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। देवेश सरलानगर मार्ग पर अपनी हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। बुधवार को वह हमेशा की तरह दुकान पर गए थे। शाम को जब परिजनों ने फोन पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो बात नहीं हो पाई। रात करीब 8:30 बजे परिवार का एक सदस्य दुकान पर पहुंचा, जहां देवेश का शव सीलिंग फैन के हुक से फंदे पर लटका मिला। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगायासूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इसी बीच, मृतक के परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर पुरानी रंजिश के चलते देवेश की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया। इन आरोपों के मद्देनजर, पुलिस ने रात में शव को नीचे उतारने के बजाय घटनास्थल को सील कर दिया। अब गुरुवार सुबह फोरेंसिक टीम के आने के बाद ही शव को फंदे से उतारा जाएगा। पुलिस दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगालेगी ताकि घटना के संबंध में और जानकारी मिल सके।
भिंड जिले में शासन की उपार्जन योजना के तहत फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला खाद आपूर्ति अधिकारी सुनील कुमार बोहित ने किसानों से समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि वे शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेच सकें। 38 उपार्जन केंद्र निर्धारित जिला खाद आपूर्ति अधिकारी के अनुसार जिले में कुल 38 उपार्जन केंद्र तय किए गए हैं। इन केंद्रों पर पंजीयन के बाद किसान सीधे सरकारी दर पर अपनी फसल बेच सकेंगे। इससे उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और बिचौलियों से भी राहत मिलेगी। वीडियो संदेश जारी कर की अपील गुरुवार सुबह अधिकारी ने एक अपील वीडियो जारी कर किसानों से कहा कि वे शासन द्वारा संचालित उपार्जन योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को योजना से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए समय पर पंजीयन बेहद जरूरी है। प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा अधिकारी ने प्रशासनिक अमले से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी किसानों को योजना के प्रति जागरूक करें तथा पंजीयन प्रक्रिया में उनकी हरसंभव मदद करें। किसानों से विशेष आग्रह खाद आपूर्ति अधिकारी ने किसानों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर अपनी फसलों का पंजीयन कराएं और सरकारी योजना का पूरा लाभ उठाएं।
जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास पकड़ा गया तेलंगाना का युवक 25 लाख रुपए की वसूली करने आया था। हालांकि पूछताछ के आधार पर दुबई कनेक्शन और मोबाइल डेटा खंगाले जा रहे है। फिलहाल संवेदनशील इलाके में युवक के पहुंचने की एजेंसियां गहन जांच कर रही हैं। म्याजलार थाना SHO सज्जन सिंह ने बताया- तेलंगाना के रहने वाले अशफाक हुसैन (38) को 18 फरवरी को प्रतिबंधित म्याजलार क्षेत्र से ग्रामीणों ने पकड़ा था। इसके बाद BSF के हवाले कर दिया था। पूछताछ के बाद म्याजलार पुलिस को सौंपा गया। अब संयुक्त जांच कमेटी (JIC) मामले में जांच करेगी। 25 लाख रुपए लेने ‘सम’ पहुंचा, रास्ता भटकने का दावा म्याजलार थाना SHO सज्जन सिंह ने बताया- पूछताछ में अशफाक ने बताया कि उसने तेलंगाना में होटल व्यवसाय के लिए राजेश चौधरी नाम के व्यक्ति को 25 लाख रुपए दिए थे। लेकिन उसने वापस नहीं लौटाए और गायब हो गया। उसे सूचना मिली कि राजेश इन दिनों जैसलमेर के सम क्षेत्र में रह रहा है, इसलिए वह उसे ढूंढते हुए यहां पहुंचा। अब एजेंसियां राजेश चौधरी की तलाश में जुट गई हैं और दोनों के बीच आर्थिक लेनदेन की पुष्टि कर रही हैं। पासपोर्ट मिला, दुबई प्रवास की जांच अशफाक हुसैन के पास से पासपोर्ट बरामद हुआ था। उसने बताया कि वह पहले दुबई में अपने चाचा के होटल में काम करता था। वहां से तेलंगाना वापस लौट आया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां उसके विदेश जाने, यात्रा रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। सीमाजन समिति ने पकड़ा, पुलिस को सौंपा म्याजलार थाना SHO सज्जन सिंह ने बताया- 18 फरवारी की सुबह गुंजनगढ़ के पास सीमाजन कल्याण समिति के सदस्य भोजराज सिंह और भाखर सिंह ने उसे प्रतिबंधित क्षेत्र में घूमते देखा और पुलिस के हवाले कर दिया। संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे जांच शुरू की। युवक को प्रतिबंधित क्षेत्र में मिलने के कारण हिरासत में लिया गया है। उसके दावों की पुष्टि के लिए मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और दुबई कनेक्शन की जांच की जा रही है। संयुक्त पूछताछ (JIC) पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। --- संबंधित ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर में भारत-पाक बॉर्डर पर पकड़ा तेलंगाना का युवक:ग्रामीणों ने BSF के हवाले किया, पासपोर्ट-आधार कार्ड मिला; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट भारत-पाकिस्तान इंटरनेशन बॉर्डर से सटे जैसलमेर के म्याजलार क्षेत्र में मंगलवार सुबह तेलंगाना का संदिग्ध युवक पकड़ा गया। प्रतिबंधित सीमावर्ती इलाके में घूमते मिले युवक को ग्रामीणों ने रोककर पूछताछ की। पूरी खबर पढ़िए
यूपी में शंकराचार्य विवाद के बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मण बटुकों की पूजा की। उन्होंने गुरुवार सुबह लखनऊ आवास में 101 बटुकों को आमंत्रित किया। पत्नी नम्रता पाठक के साथ सभी बटुकों का तिलक लगाया। हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनकी पूजा की। फूल बरसाए। इस दौरान बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। दरअसल, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या में प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य को पुलिस ने चोटी पकड़कर घसीटा और पिटाई की थी। दैनिक भास्कर में इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एक महीने तक पूरे मामले में चुप रहे। 2 दिन पहले पहली बार उन्होंने एक मीडिया इवेंट में कहा था, ‘चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। चोटी खींचना महाअपराध है। देखिएगा महापाप लगेगा। हालांकि, उन्होंने शंकराचार्य का नाम नहीं लिया था। ऐसे में डिप्टी सीएम का यह कदम ब्राह्मणों की नाराजगी के बीच डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, यूपी में यूजीसी और अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से ब्राह्मण समाज नाराज है। पाठक बीजेपी के ब्राह्मण नेता हैं, लेकिन अब तक दोनों मामलों में चुप्पी साधने से वे ब्राह्मण समाज के निशाने पर आ रहे थे। माना जा रहा कि ब्राह्मण समाज को संदेश देने के लिए यह कार्यक्रम किया गया। सूत्रों के मुताबिक, पाठक ने केंद्रीय नेतृत्व को विश्वास में लेकर ही यह कवायद की। मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था, जानिए 18 जनवरी को प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने और पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे। इस पर शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने एक साधु को चौकी में भी पीटा था। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए थे। शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए। अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई और समर्थकों को हिरासत में ले लिया था। शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए। शंकराचार्य 28 जनवरी तक अपने शिविर के बाहर धरने पर रहे। फिर वाराणसी लौट आए। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की थी। प्रयागराज में कहा था कि पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना करता हूं कि स्नान करें। किसी भी पूज्य संत या शंकराचार्य जी का अपमान हुआ है, तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। हालांकि, केशव शंकराचार्य से मिलने नहीं पहुंचे थे। शंकराचार्य के शिष्यों-पुलिस की झड़प की तस्वीरें- योगी और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी पहले योगी की 2 बड़ी बातें जानिए… ‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता’शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 13 फरवरी को विधानसभा में बात रखी। योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। मैं भी नहीं। मेरा मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून को मानना चाहिए। अगर सपा के लोग उसे पूजना चाहते हैं तो पूजें। सीएम ने कहा- माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर पूरे प्रदेश में घूम जाएगा? क्या कोई मंत्री का बोर्ड लगाकर घूम जाएगा? क्या कोई सपा का अध्यक्ष बनकर प्रदेश में घूम जाएगा? नहीं…। एक सिस्टम है, एक व्यवस्था है। ‘मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए’ योगी ने कहा- भारत के सनातन धर्म में भी यही व्यवस्था है। सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है। सदन की व्यवस्था देखिए, यहां भी परंपरा है। सदन नियम से संचालित होता है। माघ मेले में मौनी अमावस्या पर साढ़े 4 करोड़ लोग आए थे। सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई। कानून सबके लिए बराबर होता है। मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए है। कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। मेरा यह मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून मानना चाहिए। अब शंकराचार्य की 2 बड़ी बातें पढ़िए… शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं होती शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार, 14 फरवरी को वाराणसी में कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं होती। सरकार या कोई राजनीतिक दल यह तय नहीं करेगा कि कौन शंकराचार्य होगा। उन्होंने कहा, सनातन में ऐसी कोई परंपरा नहीं कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार प्रमाणपत्र देकर शंकराचार्य नियुक्त करे। इन्होंने स्वामी वासुदेवानंद जी को शंकराचार्य का प्रमाणपत्र दिया। उन्हें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने रोक रखा है। कोर्ट बार-बार कह रही है कि इन्हें शंकराचार्य न कहा जाए। अखिलेश के माथे अहंकार चढ़ा, वही आप पर भी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, जो अहंकार 2015 में अखिलेश के माथे पर चढ़ा था, वही अहंकार आप पर चढ़ गया है। अखिलेश तो बर्बाद हो गए। अब इनका हाल देखिएगा। परंपरा के तहत ही मुझे ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। सनातन धर्म में कोई भी संन्यासी शंकराचार्य के पद से ऊपर नहीं है। अब जानिए यूपी में ब्राह्मण वोटर कितना निर्णायक प्रदेश में 9 से 11 फीसदी ब्राह्मण समाज की आबादी है। मौजूदा 75 जिलों में 31 में ब्राह्मण प्रभावी भूमिका में हैं। पूर्वांचल, मध्य और बुंदेलखंड में ब्राह्मण समाज जिसके साथ जाता है, उसी की ताजपोशी भी तय मानी जाती है। ब्राह्मण हमेशा से महत्वपूर्ण स्विंग वोटबैंक रहे हैं। ये मतदाता अक्सर चुनावों का रुख तय करते हैं। इसकी वजह भी है, ये सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त हैं। मुखर होने की वजह से अन्य जातियों को भी प्रभावित करते हैं। जब भी ब्राह्मण वोटर किसी पार्टी या गठबंधन के साथ मजबूती से जुड़े, तो उस पार्टी को बड़ा फायदा हुआ। बस समस्या ये है कि ये कभी भी एक पार्टी के साथ लंबे वक्त तक स्थाई रूप से जुड़े नहीं रह सके। ओप इंडिया के अनुसार, बलरामपुर, बस्ती, संत कबीर नगर, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, जौनपुर, अमेठी, वाराणसी, चंदौली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, प्रयागराज, जौनपुर, बांदा, बलिया और सुल्तानपुर समेत 31 जिलों की 115 सीटें ब्राह्मण प्रभाव वाली हैं। यहां 30 हजार से 1 1.60 लाख तक ब्राह्मण वोटर हैं। कब किस सियासी पार्टी के साथ गए 1980 तक कांग्रेस के बने रहे सारथीदेश की आजादी के बाद 1980 तक ब्राह्मण मुख्य रूप से कांग्रेस के साथ रहे। यूपी में गोविंद वल्लभ पंत, हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी जैसे ब्राह्मण नेता सीएम बने। ब्राह्मणों का सपोर्ट कांग्रेस की 'अम्ब्रेला कोएलिशन' (छत्र छाया वाला गठजोड़) की रीढ़ रहा। इसमें ब्राह्मण-मुस्लिम-दलित और अन्य समूह शामिल थे। 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 269 सीटें मिली थीं। लेकिन, राम मंदिर आंदोलन और मंडल कमीशन से ब्राह्मणों का कांग्रेस से मोहभंग हो गया। 1990 में BJP की ओर शिफ्ट हुए ब्राह्मण मंडल कमीशन के चलते ब्राह्मण जनता दल से नाराज था। अयोध्या में मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी। इन घटनाओं से ब्राह्मण समाज भी आंदोलित था। मंडल कमीशन से बंट चुके हिंदुओं को भाजपा ने एकजुट करते हुए राम मंदिर आंदोलन को तेज कर दिया। ब्राह्मण पहली बार बड़ी संख्या में भाजपा के साथ जुड़े। फायदा यह हुआ कि 1991 में 221 सीटों के साथ भाजपा पूर्ण बहुमत से यूपी की सत्ता में आ गई। 2007 में बसपा की ओर गया ब्राह्मण‘हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा-विष्णु-महेश है…’ इस नारे के साथ बसपा ने 2007 में ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने पर जोर दिया। सतीश मिश्रा को पार्टी महासचिव बनाया। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के मजबूत ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल कराया। जिले-जिले में ब्राह्मण सम्मेलन कराए। फायदा यह हुआ कि भाजपा छोड़कर ब्राह्मण बसपा के साथ चले गए। बसपा को फायदा यह हुआ कि लंबे अंतराल के बाद बसपा 206 सीटों के साथ अकेले पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ गई। 2012 में सपा के साथ गए2012 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर ब्राह्मण समाज शिफ्ट हुआ। इस बार 19% ब्राह्मणों की पहली पसंद सपा बनी। सपा 224 सीटों के साथ यूपी की सत्ता में लौटी। लेकिन, ब्राह्मणों का झुकाव भाजपा की ओर हो चुका था। 2014 में भाजपा के पक्ष में लामबंद 2014 में ब्राह्मण भाजपा के साथ पूरी तरह से लामबंद रहे। इसका फायदा यह हुआ कि पार्टी लोकसभा की 71 सीटें जीतने में कामयाब रही। फिर 2017, 2019, 2022 और 2024 में ब्राह्मण पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में समर्पित रहे। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) की रिपोर्ट बताती है कि 2017 में 83%, तो 2022 के विधानसभा में 89% ब्राह्मणों का वोट भाजपा को मिला था। 2024 से शुरू हुई नाराजगी, दिखने लगी शिफ्टिंग 2024 में ब्राह्मण वोटर एक बार फिर शिफ्ट होता दिखने लगा। भाजपा को भले ही 79% ब्राह्मणों का वोट मिला हो, लेकिन उनका 16% वोट महागठबंधन को भी गया। यह दिखाता है कि ब्राह्मण का भाजपा से मोहभंग हो रहा। इसका असर भी दिखा। महागठबंधन की सीटों की संख्या 43 हो गई और भाजपा गठबंधन 37 सीटों पर ही रुक गई। ब्राह्मणों की नाराजगी चुनाव तक बनी रही तो 40 से 50 सीटें हार सकती है 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में 114 सीटें ऐसी थीं, जिस पर जीत–हार का अंतर 10 हजार से कम था। इसमें से 15 सीटों पर तो एक हजार से भी कम का मार्जिन था। इन 114 सीटों में भाजपा 64 और उसके सहयोगी दलों में रालोद, निषाद पार्टी को 2–2 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, सपा 35 सीटों पर जीती थी। बसपा व कांग्रेस की 1–1 सीटें थीं। प्रदेश में ब्राहणों की आबादी 9 से 11 प्रतिशत है। वहीं विधानसभा में औसत वोटरों की संख्या 2.20 लाख थी। इस हिसाब से अनुमान लगाएं तो 10 प्रतिशत ब्राह्मणों की नाराजगी से 1 प्रतिशत वोट स्विंग होगा। मतलब दो हजार वोट भाजपा से कटेंगे। यदि 2022 की तरह ही टक्कर होती है तो सीधे 12 से 15 सीटों का नुकसान भाजपा को हो सकता है। यदि 30 प्रतिशत भी ब्राह्मण वोट भाजपा से शिफ्ट हुआ तो लगभग 50 सीटों का नुकसान भाजपा को हो सकता है। -------------------- यह खबर भी पढ़िए:- शंकराचार्य विवाद पर ब्रजेश पाठक बोले- चोटी खींचना महाअपराध है:जिसने भी खींची उसे महापाप लगेगा; सबकुछ लिखा जा रहा है शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।’ पढ़ें पूरी खबर
कोतवाली थाना क्षेत्र में अपनी सहेली के घर गई नाबालिक लड़की के साथ उसकी सहेली के ताऊ के लड़के ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का प्रयास किया और अपने मोबाइल से वीडियो भी बनाया। किसी को घटना के बारे में बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। पूरी घटना 15 फरवरी की है। सोमवार 16 फरवरी को नाबालिग ने पूरी बात माता पिता को बताई और इसके बाद साथ जाकर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों को उनके गांव से गिरफ्तार किया है। सहेली के भाई ने बनाया वीडियो कोतवाली थाना में बीती 16 फरवरी सोमवार को नाबालिक फरियादिया अपने माता पिता के साथ पहुंची और बताया कि 15 फरवरी रविवार को वह अपनी सहेली के घर शाम 6 बजे गई थी। सहेली और वह उसके हाल में बैठकर बात कर रहे थे तभी सहेली का बड़ा भाई (ताऊ का लड़का) उसके पास आया और उसे एक कमरे में आने को कहा। जब वह उस कमरे में पहुंची तो वहां पहले से उसके दो दोस्त मौजूद थे जहां उनके द्वारा मिलकर मेरे साथ बलात्कार का प्रयास किया और वीडियो भी बनाया गया। घटना के बारे में किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की दी धमकी। सभी आरोपी गिरफ्तार सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार नाबालिग लड़की के साथ उसकी सहेली के भाई और उसके दोस्तों ने बलात्कार का प्रयास किया था। दो बाल अपचारी हैं और एक आरोपी है तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
भाण्डेर थाने में युवक 80 फीट टावर पर चढ़ा:अवैध शराब बिक्री को रोकने की रखी मांग, डेढ़ घंटे बाद उतारा
दतिया जिले के भाण्डेर थाना परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को नजरअंदाज करते हुए थाने में लगे करीब 80 फीट ऊंचे वायरलेस टावर पर चढ़ गया। घटना से कुछ देर के लिए थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अवैध शराब और घरेलू विवाद से था नाराज़ बताया जा रहा है कि युवक नगर में खुलेआम बिक रही अवैध शराब पर कार्रवाई न होने और अपने घरेलू विवाद को लेकर नाराज था। वह करीब डेढ़ घंटे तक टावर से उतरने को तैयार नहीं हुआ। ऊपर से ही वह चिल्लाकर अपनी मांगें रखता रहा। बिना कुछ कहे सीधे टावर पर चढ़ गया युवक की पहचान पवन दोहरे निवासी काजी पाठा के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे पवन सीधे थाना परिसर में दाखिल हुआ और बिना किसी से बातचीत किए टावर पर चढ़ गया। ऊपर पहुंचकर उसने कहा कि अवैध शराब की बिक्री रोकी जाए और उसकी घरेलू समस्याओं में पुलिस हस्तक्षेप करे, अन्यथा वह नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस और स्थानीय लोगों ने की समझाइश सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कोमल परिहार मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय संभ्रांत नागरिकों ने भी युवक को समझाने की कोशिश की। लगातार बातचीत और मान-मनौव्वल के बाद करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। पहले भी चढ़ चुका है टावर थाना प्रभारी कोमल परिहार ने बताया कि पवन दोहरे मजदूरी करता है और उसे शराब पीने की आदत है। पत्नी से विवाद की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि करीब दो साल पहले भी वह इसी वायरलेस टावर पर चढ़ चुका है। फिलहाल युवक को समझाइश देकर शांत कराया गया है।
नवंबर 2025 में हुई एक ज्वेलरी शॉप चोरी के मामले की जांच के लिए कर्नाटक पुलिस की एक विशेष टीम राजस्थान के ब्यावर पहुंची है। यह मामला कर्नाटक के रॉबर्ट सोनपेट सर्किल, केजीएफ थाना क्षेत्र से संबंधित है, जहां अज्ञात बदमाशों ने एक आभूषण दुकान से लाखों रुपए के जेवरात चुराए थे। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि चोरी का कुछ माल ब्यावर शहर में बेचा गया है। इसी सूचना के आधार पर कर्नाटक पुलिस टीम ब्यावर थाने पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त जांच शुरू की। खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड खंगालेजांच टीम ने शहर के सर्राफा बाजार में व्यापारियों, संदिग्ध खरीदारों और बिचौलियों से पूछताछ की है। खरीद-फरोख्त से संबंधित बिल, रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। चोरी के जेवरों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के उद्देश्य से संबंधित दुकानों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन और सोने-चांदी की खरीद के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एक ज्वैलर को नोटिस जारीपुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी का माल किन माध्यमों से ब्यावर तक पहुंचा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। अभी तक की जानकारी के अनुसार, सेन्दड़ा रोड स्थित गणगौर होटल के समीप सौरभ ज्वैलर्स के मालिक सुरेश चंद पुत्र रामलाल सोनी का नाम 100 ग्राम चोरी का सोना खरीदने में सामने आया है। कर्नाटक पुलिस ने उन्हें धारा 94 के तहत नोटिस भी जारी किया है। इसके अलावा ब्यावर के एक अन्य दुकानदार द्वारा भी सोना खरीदने की जानकारी मिली है। बताया गया है कि उस दुकानदार ने बदनामी से बचने के लिए खरीदा गया सोना वापस लौटा दिया है। ज्वैलर के बेटे ने आरोप झूठे बताएउधर सौरभ ज्वैलर्स के सुरेश कुमार के पुत्र सौरभ ने फोन पर बताया कि हमारे उपर लगाया गया आरोप बेबुनियाद व झूठा है। इस मामले कुछ प्रभावशाली लोग कर्नाटक पुलिस के साथ बैठकर सांठ-गांठ करने की कौशिश में लगे है, लेकिन अभी तक कर्नाटक पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार करने अथवा पी.सी. रिमाण्ड आदि लेने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अन्य ज्वैलर्स की दुकानों तलाश में जुटी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संयुक्त टीम द्वारा शहर में गहन पड़ताल जारी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने म्यांमार में चलाए जा रहे मानव तस्करी केस में पंचकूला की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। पहले मामले की जांच हरियाणा के चरखी दादरी पुलिस क रही थी। जिसे बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईआर ने लिया था। हरियाणा के चरखी दादरी निवासी अंकित उर्फ अंकित भारद्वाज इश्तिखार अली उर्फ अली और एक फरार चीनी नागरिक लिसा के नाम चार्जशीट में शामिल हैं। एजेंसी ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और इमिग्रेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। थाईलैंड के रास्ते भेजते थे म्यांमार संगठित गिरोह चलाने वाले आरोपी भारतीय युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र में भेजता था। आरोप है कि अंकित और इश्तिखार युवाओं को थाईलैंड में स्थायी और उच्च वेतन वाली नौकरी का भरोसा दिलाते थे। फरार आरोपी लिसा के साथ मिलकर ऑनलाइन इंटरव्यू आयोजित किए जाते थे, जिससे पीड़ितों का विश्वास जीता जा सके। भारत से युवाओं को अवैध रास्तों से थाईलैंड सीमा पार कर म्यांमार पहुंचाया जाता था। वहां उन्हें कथित साइबर फ्रॉड केंद्रों में बंधक बनाकर रखा जाता था। उनसे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाकर अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लोगों से संपर्क कराया जाता और नकली क्रिप्टोकरेंसी एप में निवेश के लिए बहलाया जाता था। विरोध करने पर पीड़ितों को प्रताड़ित किया जाता, कैद में रखा जाता और भारी फिरौती की मांग की जाती थी। 4 पॉइंट में समझिए कैसे हुआ खुलासा…
उदयपुर में सिटी रेलवे स्टेशन पर आज से प्लेटफॉर्म विस्तार का बड़ा काम शुरू हो गया है। इसके चलते अगले 6 दिनों तक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे 19 से 24 फरवरी तक नॉन-इंटरलॉकिंग का काम कर रहा है, जिसके कारण सिटी स्टेशन से चलने वाली ज्यादातर ट्रेनें अब राणा प्रताप नगर (RPZ) और मावली स्टेशन से संचालित होंगी। रेलवे के अनुसार, सिटी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 9 और 10 को उमरड़ा साइड से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस काम के लिए पहले 12 से 17 फरवरी का समय तय किया गया था, लेकिन सेफ्टी कमिश्नर (CRS) से अनुमति देरी से मिलने के कारण अब यह काम आज 19 फरवरी से शुरू हुआ है। रेलवे नेटवर्क में होगा बड़ा सुधारअब तक प्लेटफॉर्म नंबर 9 सिर्फ राणा प्रताप नगर साइड से ही जुड़ा हुआ था, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर 10 किसी भी तरफ से कनेक्ट नहीं था। अब इन दोनों प्लेटफॉर्म को उमरड़ा लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि प्लेटफॉर्म 9 पर दोनों दिशाओं से ट्रेनें आ-जा सकेंगी। वहीं प्लेटफॉर्म 10 पर उमरड़ा की ओर से ट्रेनें खड़ी हो पाएंगी, जिससे स्टेशन की क्षमता बढ़ जाएगी। राणा प्रताप नगर और मावली से चलेंगी ट्रेनेंइस काम के चलते रेलवे ने कई गाड़ियों को आंशिक रूप से रद्द किया है और कई के स्टेशन बदल दिए हैं। 19 से 24 फरवरी तक चार लोकल ट्रेनें राणा प्रताप नगर और उदयपुर के बीच रद्द रहेंगी। 23 फरवरी को 2 और 24 फरवरी को कुल 8 ट्रेनें उदयपुर सिटी नहीं आकर राणा प्रताप नगर स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेंगी। इसके अलावा कुछ ट्रेनें सिर्फ मावली स्टेशन तक ही चलाई जाएगी। 24 फरवरी को ट्रेनों की देरी और बदलावकाम के आखिरी दिन यानी 24 फरवरी को यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। उस दिन उदयपुर-असारवा ट्रेन अपने तय समय से करीब 4 घंटे 20 मिनट की देरी से रात 8:25 बजे रवाना होगी। इसी तरह असारवा-चित्तौड़गढ़ ट्रेन भी 3.5 घंटे की देरी से दोपहर 1:20 बजे चलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस विस्तार के बाद उदयपुर में ट्रेनों के ट्रैफिक को संभालने में आसानी होगी और भविष्य में नई ट्रेनें चलाना भी संभव होगा। इस काम की वजह से कई ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द की गई हैं, जबकि कई ट्रेनों को सिटी स्टेशन के बजाय राणा प्रताप नगर (RPZ) और मावली स्टेशन पर ही रोका जा रहा है। रेलवे ने 19 से 24 फरवरी के बीच कई ट्रेनों को सिटी स्टेशन न लाकर राणा प्रताप नगर स्टेशन तक ही चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें सिर्फ मावली स्टेशन तक चलेंगी24 फरवरी को कुछ ट्रेनों को मावली स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। ये ट्रेनें 4 घंटे तक की देरी से चलेंगी ब्लॉक के आखिरी दिन यानी 24 फरवरी को दो प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से रवाना होंगी।
कुसमी मर्डर केस का एसपी ने किया रिव्यू:थाने पलटे केस डायरी के पन्ने, घटनास्थल का मुआयना भी किया
सीधी जिले के कुसमी विकासखंड में चर्चित पुजारी हत्या प्रकरण की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बुधवार रात विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने जांच की दिशा और गति का जायजा लिया। एसपी रात लगभग 10 बजे कुसमी पहुंचे और करीब 11 बजे तक थाने में रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने घटनास्थल, आरोपी के घर और संबंधित मंदिर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान विवेचना से जुड़े दस्तावेजों, केस डायरी और साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मृतक पुजारी के परिजन भी थाने पहुंचे। उन्होंने एसपी से सीधे संवाद कर निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई। एसपी ने उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से काम कर रही है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने भी एसपी से बातचीत की। एसपी संतोष कोरी ने बताया कि वे हत्या प्रकरण की जांच के चरण, अब तक की प्रगति और आगे की प्रक्रिया का मूल्यांकन करने कुसमी आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मर्डर से संबंधित सभी रिकॉर्ड व साक्ष्य न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत शीघ्र प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि विधिक कार्यवाही में देरी न हो। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को जांच में शुद्धता, पारदर्शिता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एसपी ने तहसील लाइन से जुड़ी हालिया घटना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक जानकारी एकत्रित की और कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
मथुरा में बेकाबू कार नहर में गिर गई। हादसे में 2 लॉ स्टूडेंट समेत 4 युवकों की मौत हो गई। सभी शादी में शामिल होने डीग जा रहे थे। रास्ते में ड्राइवर मोड़ नहीं देख पाया और कार 20 फीट गहरी नहर में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने कार को नहर में गिरते देखा और दौड़कर मौके पर पहुंचे। तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने 2 लड़कों को गाड़ी का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाल लिया। इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन दो युवकों को नहीं निकाला जा सका। इसके बाद क्रेन मंगाकर कार को बाहर निकाला गया। तब जाकर दोनों युवकों के शव कार से बाहर निकाले गए। हादसा बुधवार देर रात मगोर्रा थाना के पास हुआ। मृतकों की पहचान राहुल (23), अमित (22) और मोहित के रूप में हुई है। एक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। अमित और मोहित लॉ की पढ़ाई कर रहे थे, जबकि राहुल सिलाई का काम करता था। कार राहुल वर्मा के एडवोकेट भाई सज्जन सिंह की बताई जा रही है। हादसे की 3 तस्वीरें… विस्तार से पढ़िए पूरा मामला…महावन इलाके के रहने वाले राहुल,अमित,मोहित और ओल्ड फरीदाबाद निवासी दोस्त गुल्लू लगन समारोह में शामिल होने के लिए बुधवार की रात घर से निकले। गोवर्धन बाईपास होते हुए डीग जा रहे थे। जैसे ही नगला दैवीय के पास पहुंचे तभी रात,हल्की बारिश और तेज मोड़ होने के चलते गाड़ी से नियंत्रण खो बैठे। सामने से आ रहे किसी वाहन को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई और वहां सड़क किनारे रखी एक पानी की टंकी में टक्कर मारते हुए नहर में जा गिरी। अब पढ़िए हादसा कैसे हुआ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात चारों युवक फ्रॉन्क्स कार (UP 85 CV 9856) से महावन से गोवर्धन होते हुए बाईपास मार्ग से डीग जा रहे थे। रास्ते में मोड़ आने के कारण ड्राइवर आगे का रास्ता सही से नहीं देख पाया। अचानक मोड़ आने से चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सीधे नहर में जा गिरी। गाड़ी के नहर में गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने गाड़ी से दो युवकों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला। इसमें से दो और युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन वे भी बचाए नहीं जा सके। हादसे के बाद पुलिस ने चारों युवकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए। एसपी देहात ने बताया कि सभी सबूत इकट्ठा कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे में मृत चौथे युवक की पहचान की जा रही है। 6 मीटर की थी कैनाल नगला दैवीय के समीप से जाने वाली 6 मीटर गहरी कैनाल में किसी के गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके के लिए दौड़ लिए। ग्रामीणों ने कार और उसमें फंसे चार युवकों को नहर में डूबते देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद ग्रामीणों ने कार में फंसे युवकों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने दो युवकों को कार से बाहर निकाला,लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। वहीं पुलिस और दमकल की टीम ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। इसके बाद उसमें फंसे दोनों युवकों को बाहर निकाला। जिनकी भी मौत हो गई। अमित चला रहा था कार प्रेम नगर महावन का रहने वाला 23 वर्षीय अमित अपने दोस्त राहुल के भाई सज्जन कुमार की फ्रॉंक्स गाड़ी संख्या UP85CV9856 से दोस्त राहुल,मोहित और गुल्लू के साथ डीग के लिए निकले। लॉ की पढ़ाई कर रहे अमित और मोहित आगे बैठे थे जबकि राहुल और गुल्लू पीछे बैठे थे। राहुल के पिता चरण सिंह टेलर हैं वह उन्हीं के साथ काम करता था,जबकि बलदेवगढ़ महावन के ही रहने वाले मोहित के पिता प्रेम सिंह मजदूरी करते थे। मोहित और राहुल चचेरे भाई हैं। सिस्टम की लापरवाही आई सामने हादसे में चार नवयुवकों की मौत हो गई। कोई लॉ की पढ़ाई कर रहा था तो कोई अपनी दुकान चला रहा था। चारों युवकों की मौत से गांव में सन्नाटा है,ग्रामीण शोक में हैं। इस हादसे ने सड़क सुरक्षा के दावे करने वालों की भी कलई खोल कर रख दी। जिस जगह हादसा हुआ वहां मोड़ होने के बाबजूद न तो ब्रेकर था,न चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही रेलिंग लगी थी। पहले पानी की टंकी से टकराई फिर गिरी नहर में ग्रामीणों ने बताया बारिश का मौसम होने की बजह से ज्यादातर लोग घरों में थे। इक्का दुक्का ग्रामीण इधर उधर घूम रहे थे। रात को एक कार महमदपुर की तरफ से आती दिखाई दी। कुछ समझते उससे पहले ही पहले वहां रखी पानी की टंकी से टकराई और उसके बाद सीधे नहर में जा गिरी। इसके बाद शोर किया अन्य ग्रामीणों को बुलाया। रस्सी की मदद से गाड़ी तक पहुंचे किसी तरह उसमें फंसे दो युवकों को निकाला। इसके बाद पुलिस और दमकल कर्मी पहुंचे। उन्होंने कोशिश की,लेकिन गेट नहीं खुलने की बजह से आगे बैठे युवकों को निकालने में दिक्कत आ रही थी,फिर क्रेन बुलाई गई। जिसकी मदद से गाड़ी को बाहर निकाला।
सतना में किराना दुकान में चोरी का आरोपी गिरफ्तार:24 घंटे में सीसीटीवी से पहचान कर पुलिस ने पकड़ा
सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमौधा में एक किराना दुकान से नकदी चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसकी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में आसानी हुई। ग्राहकों की भीड़ में दिया वारदात को अंजाम यह घटना 16 फरवरी की रात करीब 8 बजे की है। दुकान मालिक संदीप पांडेय उस समय ग्राहकों से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने मौका देखकर बड़ी चालाकी से काउंटर पर रखे 8 हजार रुपये निकाल लिए और वहां से निकल गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी ने कैसे भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की। शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि पीड़ित किराना व्यापारी संदीप पांडेय, निवासी मदनी, थाना कोठी, ने मंगलवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी से पहचान, 24 घंटे में गिरफ्तारी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान की। 24 घंटे के अंदर नंदकिशोर कुशवाहा (32 वर्ष), निवासी अमौधा कला, को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए कुछ पैसे भी बरामद किए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सिविल लाइन थाना पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य और त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को जल्द पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
टीकमगढ़ में बारिश से फिर लौटी ठंड:अधिकतम तापमान 3 डिग्री घटेगा, किसानों को फसल नुकसान की आशंका
टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और हवा चली। बुधवार रात से ही हवाओं का दौर शुरू हो गया था। सुबह 7:30 बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है। बुधवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों में अपनी फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। किसान रामलाल यादव ने बताया कि सरसों, चना, मटर और मसूर जैसी रबी की फसलों की कटाई शुरू हो गई है। गेहूं की फसल भी पककर तैयार है। ऐसे में बारिश और तेज हवा से इन फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। शनिवार से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में फिर से वृद्धि शुरू हो जाएगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
दमोह में रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिला:सागर का रहने वाला था, ट्रेन से कटने की आशंका
दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र में सागर नाका चौकी के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई ओवर ब्रिज के नीचे रेलवे ट्रैक पर गुरुवार सुबह एक युवक का शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत ट्रेन से कटकर हुई है। मृतक की पहचान सागर जिले के ग्राम रोन कुमरई निवासी मनोहर पिता कमलापत रजक (34) के रूप में हुई है। उसकी पहचान पास मिले आधार कार्ड के जरिए की गई। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे जीआरपी और सागर नाका चौकी पुलिस को रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मृतक का आधा धड़ शरीर से अलग हो गया था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। आधार कार्ड मिलने के बाद सागर पुलिस को सूचित किया गया। परिजनों के दमोह पहुंचने पर पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंपा जाएगा। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 15 रिटायर्ड कर्मचारियों ने खुद को मृत बताकर डेथ पॉलिसी के पैसे निकलवाए हैं। इनमें सभी अलग-अलग कंपनी में कार्यरत थे, जिन्होंने अपनी नेशनल पेंशन स्कीम का पैसा निकलवाने ऑनलाइन सर्विस सेंटर के संचालक से संपर्क किया। संचालक ने उन्हें बदले में 5% कमीशन देने की बात कही थी। इस डील के बाद उसने फेक डेथ सर्टिफिकेट बनाकर 1 करोड़ 19 लाख रुपए बैंक से अवैध तरीके से निकाल लिए। मामला पाटन थाना क्षेत्र का है। अवैध रूप से पैसे निकालने वाले संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस काम में एचडीएफसी लाइफ कंपनी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल था, जिसने पैसे एप्रूव कराए थे। इसकी तलाश पुलिस कर रही है। मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बीएसपी के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम पर मृत्यु दावा किया गया, जबकि वह जीवित निकला। इसके बाद एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के मैनेजर को संदेह हुआ और पुलिस में शिकायत की गई। शिकायत में बताया गया कि एनपीएस योजना में फर्जी मृत्यु दावा लगाकर बड़ी रकम गलत तरीके से निकाली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे 15 खाताधारकों को मृत बताकर करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपए की अवैध निकासी कर ली। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर निकाली राशि जांच में पता चला कि ऑनलाइन सेवा केंद्र का संचालक मास्टरमाइंड राजेश कनोजिया (44) है। जिसने लोगों के दस्तावेज लेकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य केवाईसी दस्तावेज तैयार किए थे। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर बीमा दावा किया जाता और पैसा निकाल लिया जाता था। पूर्व कर्मचारी ने भी निभाई अहम भूमिका पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले में एचडीएफसी लाइफ कंपनी का पूर्व कर्मचारी राजेश कुमार ठाकुर भी शामिल था। उसने अपने पद का गलत फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेज अपलोड किए और सत्यापन प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दावे पास कराए। NPS में जीवित रहते सिर्फ 60% राशि निकालने का नियम एनपीएस योजना में खाताधारक जीवित रहते अधिकतम 60 प्रतिशत राशि निकाल सकता है। बाकी 40 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलती है। खाताधारक की मौत के बाद पूरी राशि नॉमिनी को मिलती है। लेकिन आरोपियों ने जीवित लोगों को मृत बताकर 100 प्रतिशत राशि निकाल ली। फर्जी दस्तावेजों में मिले कई गड़बड़ी के संकेत जांच में यह भी सामने आया कि कई फर्जी दावों में एक जैसे पते, अमान्य क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए लेन-देन किया गया था। पुलिस ने आरोपी राजेश कनोजिया के पास से 10 हजार रुपए कैश और कई डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं। आरोपी को भेजा गया जेल फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दूसरा आरोपी राजेश कुमार ठाकुर फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। इस मामले में दुर्ग ग्रामीण ASP मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि मैनेजर की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ……………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर में 1.29 करोड़ की चांदी की लूट निकली फर्जी:ऑनलाइन सट्टे में पैसे हारा UP का कारोबारी, नुकसान की भरपाई के लिए रची साजिश रायपुर में गन प्वाइंट पर 1.29 करोड़ की चांदी की लूट की कहानी झूठी निकली। खुद कारोबारी राहुल गोयल ने पूछताछ में ये बात कबूली है। आरोपी राहुल ऑनलाइन सट्टे में बड़ी रकम गंवा चुका था। वह चांदी के कारोबार में ब्रोकर था। वह उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर…
जशपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर 4.35 लाख रुपए की ठगी की गई है। खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी का झांसा देने वाले आरोपी प्रदीप पंडा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना इलाके का है। दरअसल, 16 फरवरी 2026 को ग्राम इचकेला निवासी रोहित खाखा (23) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया कि, आरोपी प्रदीप पंडा (28) रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र के सोडापाठ चौक का निवासी है। उसने मां से संपर्क किया। सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगवाने लिए पैसे आरोपी ने खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताया और कहा कि कलेक्ट्रेट में सुरक्षा गार्ड की भर्ती हो रही है। जिसमें वह नौकरी लगवा सकता है। इस झांसे में आकर जनवरी 2026 में मां ने आरोपी को 50 हजार रुपए दिए। कुछ दिनों बाद आरोपी फिर घर पहुंचा और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने के नाम पर 1 लाख 50 हजार रुपए की और मांग की। उसने भरोसा दिलाया कि, अगले ही दिन नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। इस पर मां ने गांव की जमीन गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपए और दे दिए। दूसरे युवक की मां से भी ठगी ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपी ने एक और सुरक्षा गार्ड पद खाली होने की बात कहकर दूसरे युवक को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। मां ने ठूठीअंबा निवासी उमेश भगत की मां से संपर्क कराया। उमेश की मां ने भी अपने बेटे की नौकरी के लिए आरोपी को 2 लाख 35 हजार रुपए सौंप दिए। जब लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस ने जशपुर स्थित एक होटल से घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि ठगी की रकम से उसने अपनी उधारी चुकाई। टेबल, कुर्सी, कंप्यूटर खरीदे और बाकी पैसे खर्च कर दी। पुलिस ने भट्टी रोड जशपुर स्थित आरोपी के तथाकथित ऑफिस से टेबल, कुर्सी, कंप्यूटर आदि सामग्री भी जब्त कर ली है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें पैसे- एएसपी एएसपी राकेश पाटनावर ने बताया कि, आरोपी ने खुद को कलेक्ट्रेट का अधिकारी बताकर सुनियोजित तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आम जनता से अपील है कि नौकरी या शासकीय पद दिलाने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को रकम न दें। ऐसी किसी भी गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।
लखनऊ में धूप-छांव का दौर जारी है। सुबह करीब 8 बजे तक हल्का बादल छाया रहा। इसके बाद मौसम साफ हुआ और धूप निकली। 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज, 19 फरवरी को दिन में कभी धूप निकलेगी तो कभी आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। 18 फरवरी, बुधवार को अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 1.1 डिग्री रहा। अधिकतम आर्द्रता 89 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 34 फीसदी दर्ज की गई। लखनऊ के आसपास बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ में आज दिन में कई बार बादल छाए रहने के साथ में धूप-छांव की स्थिति बनी रहेगी। लखनऊ के आसपास के जिलों उन्नाव, रायबरेली और हरदोई में बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इसके चलते पश्चिमी यूपी में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आएगा। 1 से 2 डिग्री तक पारा बढ़ेगा। लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।
धौलपुर जिले में कौलारी थाना पुलिस ने खैरागढ़ के एक व्यापारी के साथ लूट के प्रयास और फायरिंग की वारदात में शामिल आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी पिछले लगभग 9 महीने से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत दबिश देकर पकड़ा है। यह घटना 25 मई 2025 को सैपऊ से खैरागढ़ जाने वाले मार्ग पर पिपहेरा गांव के पास साधू की मढ़ी के निकट हुई थी। पैसों का कलेक्शन कर लौट रहे व्यापारी शिवसिंह और उनके साथी को अज्ञात बदमाशों ने लूटने का प्रयास किया। जब व्यापारी ने रुपयों से भरा बैग छोड़ने से इनकार किया, तो आरोपियों ने अवैध देसी कट्टे से फायरिंग कर दी। गोली व्यापारी की जांघ में लगी, जिससे वह घायल हो गया। 3 में से 1 आरोपी पहले हो चुका अरेस्ट, 1 ने किया सुसाइडइस संबंध में कौलारी थाने में मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने कॉल डिटेल, बीटीएस डेटा, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय आसूचना के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान करुआ विकास, भूरा चौहान और विकास ठाकुर के नाम सामने आए। इस मामले में भूरा चौहान को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है, जबकि करुआ चौहान द्वारा आत्महत्या कर लेने की जानकारी मिली थी। थाना प्रभारी हरिनारायण मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास (25) पुत्र दीनदयाल, निवासी नुनहेरा, थाना सैपऊ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
राजगढ़ में गरज-चमक के साथ हुई बारिश:फरवरी में मौसम बदला, विभाग ने ओले गिरने की संभावना जताई
राजगढ़ जिले में फरवरी माह में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बुधवार रात जिले के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। अचानक हुए इस बदलाव से लोगों को फिर से ठंड का एहसास होने लगा है। खिलचीपुर में 15 मिनट हुई बारिश खासकर खिलचीपुर में रात करीब 10 बजे लगभग 15 मिनट तक बारिश हुई। इससे पहले शाम करीब 8 बजे से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। बारिश भले ही कम समय के लिए हुई, लेकिन इसके बाद चली तेज और ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। दिन में थी हल्की गर्मी, सुबह से छाए थे बादल पिछले कुछ दिनों से जिले में दिन के समय हल्की गर्मी महसूस की जा रही थी और दोपहर में तेज धूप निकल रही थी। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। शाम होते-होते मौसम में और बदलाव आया और रात में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश की सूचना ग्रामीण इलाकों से देर रात कहीं-कहीं तेज बारिश की सूचना भी मिली है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन किसानों में फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने राजगढ़ जिले के लिए गरज-चमक के साथ मध्यम आंधी चलने और छोटे आकार के ओले गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी है। अचानक बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। फरवरी में अचानक बदले इस मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसलों पर आंधी या ओलावृष्टि का असर पड़ सकता है। वहीं ठंडी हवाओं के कारण लोगों को एक बार फिर सर्दी का अनुभव होने लगा है। आगे भी मौसम रहेगा अस्थिर मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में जिले में अगले कुछ समय तक बादल, हल्की बारिश या आंधी की स्थिति बन सकती है।
रीवा में बुधवार देर रात शहर की सड़क पर उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब शहर के वरिष्ठ और चर्चित चिकित्सक केडी सिंह की पत्नी ने एक युवती की सरेआम जमकर पिटाई कर दी। बीच सड़क बाल पकड़कर घसीटने और नोच-नोच कर मारने का वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी है। डॉक्टर की पत्नी प्रियंका सिंह भी डॉक्टर ही बताई गई हैं। घटना के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक बीच-बचाव करते नजर आए, लेकिन दोनों के बीच खींचतान में वह खुद असहाय दिखाई दिए। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। शुरुआत में मौके पर मौजूद लोगों ने इसे सामान्य विवाद या शरारती तत्वों का मामला समझा, लेकिन बाद में जब लोगों ने डॉक्टर को पहचाना तो मामला और चर्चा में आ गया। बहस के बाद हाथापाई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों महिलाओं के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई शुरू हुई। कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जिसके चलते विवाद बढ़ा। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं वरिष्ठ चिकित्सक ने पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं पहुंची है।
अजमेर के इलेक्ट्रोनिक्स शॉप में लगी आग-VIDEO:दमकल ने पाया काबू; परिवार ने छत से कूद कर बचाई जान
अजमेर के फायसागर रोड स्थित इलेक्ट्रोनिक्स शॉप में गुरुवार सुबह करीब चार बजे आग लग गई। वहां रह रहे परिवार ने छत से कूद कर जान बचाई। आग से लाखों का सामान जल गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। अग्निशमन के फायर ऑफिसर गौरव तंवर ने बताया-करीब पांच बजे फायसागर रोड स्थित पाराशर कम्यूनिकेशन इलेक्ट्रोनिक्स शॉप पर आग लगने की सूचना मिली। इस पर फायर ब्रिगेड पहुंची और करीब चार गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया। आग से कोई जनहानि नहीं हुई। दुकान मालिक संजय पाराशर के छोटे भाई विजय पाराशर ने बताया-अचानक तीन साढे़ तीन बजे अचानक धुआं उठता देखा। आग की लपटें उठने लगी। दूसरी मंजिल पर छोटा भाई विवेक रहता था। अचानक हुए हादसे के बाद छोटा भाई, उनकी पत्नी व बेटे ने एक मंजिल कूद कर जान बचाई। आग से शॉप में रखे एसी, कूलर व अन्य उपकरण के साथा मोबाइल व गिफ्ट आदि आइटम जल कर राख हो गए। ऊपरी मंजिल पर फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा। करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है।
बस्तर जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। अब स्ट्रीट फूड्स विक्रेताओं को पंजीयन करवा कर लाइसेंस बनवाना अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। 23 फरवरी से सभी विकासखंडों में मध्यान्ह भोजन योजना के रसोइयों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए ‘बेसिक फॉस्टेक’ प्रशिक्षण, खाद्य पंजीयन और लाइसेंस शिविर आयोजित किए जाएंगे। बिना वैध पंजीयन संचालन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई और भारी जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उप संचालक ने बताया कि, इस अभियान का उद्देश्य जिले में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा के मानक, साफ-सफाई, भंडारण, तैयारी और परोसने के नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही मौके पर ही लाइसेंस और पंजीयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। 23 फरवरी से होगी शुरुआत अभियान की शुरुआत 23 फरवरी को जगदलपुर विकासखंड से होगी। यहां स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल और बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। विशेष रूप से जगदलपुर के सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए 23 फरवरी को बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स में प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इन तारीखों पर यहां होंगे प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यशाला सुबह 10 से 12 बजे तक और दोपहर 2 से 5 बजे तक लाइसेंस एवं पंजीयन शिविर लगाया जाएगा। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए लाइसेंस जरूरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 31 के तहत जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों जिनमें किराना दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैंटीन, चाय ठेला और रेडी टू ईट निर्माण इकाइयों के लिए लाइसेंस या पंजीयन अनिवार्य है। बिना वैध पंजीयन संचालन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये दस्तावेज लाना अनिवार्य लाइसेंस-पंजीयन के लिए आवेदकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, किरायानामा और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले स्व-सहायता समूहों को अध्यक्ष और सचिव के दस्तावेजों के साथ ग्राम सभा प्रस्ताव या विभागीय आदेश की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
छिंदवाड़ा शहर के आनंदम टाउनशिप में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच हुंडई क्रेटा (MP28CB9500) में सवार पांच युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि युवकों ने 10 से 15 मिनट तक लगातार हॉर्न बजाया। रात का सन्नाटा होने के कारण कॉलोनी में लोग जाग गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। टोका तो महिला को धक्का, बेटों से मारपीट पीड़िता के मुताबिक, जब उन्होंने बाहर आकर युवकों से कहा कि रात के 2 बजे हैं और बच्चे सो रहे हैं, हॉर्न बंद करें, तो युवक भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और महिला को धक्का दे दिया। शोर सुनकर उनके दोनों पुत्र बाहर आए तो आरोपियों ने उनकी कॉलर पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। परिवार का कहना है कि युवकों ने डंडे लाकर हमला करने की कोशिश की और खुद को “पुलिस वालों के बेटे” बताते हुए धमकी दी कि “हम कानून को जेब में रखते हैं, तुमसे जो बनता है कर लो।” घर का ताला तोड़ा, अंदर घुसने की कोशिश परिवार जब डरकर घर के अंदर गया तो आरोपियों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़ दिया। इसके बाद अंदर के गेट को भी तोड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान घर की बहू-बेटियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने के आरोप भी लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी जबरन घर में घुसकर दहशत फैलाना चाहते थे। 112 पर कॉल, फिर भी लौटे आरोपी घबराए परिवार ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी वहां से हट गए। लेकिन आरोप है कि कुछ देर बाद वही युवक दोबारा लौटे और फिर से घर में घुसने की कोशिश करने लगे। इससे कॉलोनी में देर रात तक दहशत बनी रही। काली फिल्म और ‘पुलिस’ स्टीकर पर सवाल परिवार का आरोप है कि जिस हुंडई क्रेटा से युवक आए थे, उसके सभी कांच पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी और गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखा स्टीकर लगा था। इस मामले के बाद यह सवाल उठ रहा है कि “ब्लैक फिल्म हटाओ” जैसे अभियानों के बावजूद शहर में काली फिल्म लगी गाड़ियां कैसे घूम रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद वाहनों में काली फिल्म प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इस घटना में इस्तेमाल वाहन खुलेआम नियमों की अनदेखी करता दिखा। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो और फर्जी तरीके से ‘पुलिस’ लिखकर दुरुपयोग करने वालों पर प्रकरण दर्ज किया जाए। CCTV से पहचान, दो आरोपी हिरासत में बुधवार को इस मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवकों की पहचान कर ली गई है। बुधवार देर शाम तक दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया था, जबकि अन्य की तलाश जारी है। कॉलोनी में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद आनंदम टाउनशिप के रहवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आधी रात इस तरह की घटना से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रहवासियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और शहर में काली फिल्म लगी गाड़ियों पर विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
सिरसा जिले में रोड़ी के युवक बलजीत सिंह की मौत मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपी पक्ष से पंजाब पुलिस के पुलिसकर्मी और गांव के अन्य नामजद लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया और जांच में शामिल कर बयान दर्ज किए। पुलिस ने सभी से घटना के बारे में और इससे जुड़ी जानकारी मांगी। अभी पुलिस मामले से जुड़े अहम सुबूत जुटाने में लगी है। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मृतक बलजीत के परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था। उनको पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामला दर्ज कर लिया है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर पुलिस ने समयनुसार कार्रवाई नहीं की, तो आगामी फैसला लिया जाएगा। वह लगातार पुलिस के संपर्क में हैं। रोड़ी थाना प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि अभी मामले में जांच चल रही है। सभी को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था और उनसे पूछताछ की है। इससे जुड़े सुबूत जुटाएं जा रहे हैं। जल्द ही इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। यहां जानिए पूरा मामला रोड़ी क्षेत्र के कुरंगावाली गांव के बलजीत सिंह (22) का शव करीब 19 दिन पहले शनिवार के दिन अपने ही प्लॉट में फंदे से लटका मिला था। जब वह रातभर घर नहीं लौटा तो उसका पिता वीरपाल सिंह उसे तलाशते हुए अलसुबह प्लॉट की ओर जा पहुंचा। फंदे पर शव लटका देख वह दंग रह गया और परिजनों व पुलिस को सूचना दी। परिजनों के आरोप थे कि बलजीत का शव जिस कमरे में मिला, उसमें वहां पर कोई कुर्सी या स्टूल नहीं था और रस्सी को चार बार गले से लपेटा हुआ था। छत ऊंची होने से गाटर से फंदा लगाना अकेले के लिए मुश्किल था। उसके मुंह के कुछ चोटें के निशान थे। तभी परिजनों का शक बढ़ गया और कार्रवाई की मांग की। रूपयों को लेकर विवाद बलजीत के भाई संदीप का आरोप है कि उनके गांव का युवक, पंजाब पुलिस में कांस्टेबल है और पटियाला में पोस्टिंग है। उसके साथ रूपयों को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिसकर्मी कहता कि उसके भाई ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर किसी से 30 हजार रुपए लिए थे और वो अब उसे वापस नहीं कर रहा था, जबकि ऐसा कुछ नहीं था। उसने पुलिस को शिकायत दी थी और वह बार-बार परेशान कर रहा था। पुलिस उसे थाने भी लेकर गई थी। वह पैसे देने को तैयार थी थे, पर इससे पहले ये घटना हो गई। घटना से पहले वाली रात को उसके गांव में आया रिश्तेदार बलजीत को घर से बुलाकर ले गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। आरोप है कि उसे मारकर फंदे पर लटकाया है।
बाड़मेर में शिव पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान बोलेरो कैंपर में सवार दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिस्तौल और 7.65 एमएम का कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने वाहन भी जब्त कर लिया है। आरोपियों से हथियार की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ जारी है। संदेह होने पर ली तलाशी, मिला हथियार एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया - पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर वांटेड अपराधियों व अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रामसर डीएसपी मानाराम गर्ग के सुपरविजन में शिव थानाधिकारी सीआई सत्यप्रकाश के नेतृत्व में एएसआई टीम ने नाकाबंदी की। वाहन चैकिंग के दौरान शिव कस्बे की ओर से आ रही बोलेरो कैंपर को रुकवाया गया। उसमें सवार दो युवक कैलाशसिंह पुत्र बलसिंह, रावलसिंह पुत्र दानसिंह निवासी राणेजी की बस्ती, कोटड़ा शिव (बाड़मेर) की तलाशी ली गई, जिसमें उनके पास एक पिस्तौल और एक कारतूस मिला। दोनों आरोपी गिरफ्तार, वाहन जब्त पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया और बोलेरो कैंपर जब्त कर लिया। उनके खिलाफ शिव थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पिछले एक महीने से मैं और मेरा परिवार गंभीर मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहा है। मेरे खिलाफ शिकायत करके मुझे पद से हटाने की कोशिश की जा रही है। ऐसा ही चला रहा तो मैं, मेरी पत्नी और मेरी बेटियों के साथ आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा…। ये बात छिंदवाड़ा जिले के परासिया के नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय ने कही थी। पिछले 10 दिनों में ही अध्यक्ष पर दो महिलाओं ने केस दर्ज करवाया है, वह भी रेप की कोशिश का। वैसे इन पर एक-दो नहीं बल्कि अब तक 9 केस दर्ज हो चुके हैं। कई ऑडियो-वीडियो भी सामने आए हैं। लगातार हो रही शिकायत और भाजपा से 6 साल के लिए निष्कासित होने से परेशान होकर इन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा। हालांकि, इनका यह इमोशनल कार्ड नहीं चला और पुलिस ने मंगलवार रात को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दैनिक भास्कर ने नपा अध्यक्ष पर दर्ज मामलों की पड़ताल की। यह भी पता किया कि कैसे एक ऑटो ड्राइवर इस पद तक पहुंचा। पढ़िए रिपोर्ट… ऑटो ड्राइवर से नपा अध्यक्ष बनने की कहानी पर्ची से खुली विनोद मालवीय की किस्मत साल 2022 में परासिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। भाजपा और कांग्रेस की बराबर सीट आ आई। भाजपा ने सरकार बनाने की पेशकश की, जिसके बाद दो पार्षद दावेदारों के नाम पर मंथन किया गया। दोनों की दावेदारी मजबूत थी, इसलिए फैसला पर्ची के जरिए हुआ। पर्ची खुली तो पहली बार पार्षद बने विनोद मालवीय की किस्मत भी खुल गई। इस तरह से वह नगर पालिका परिषद परासिया के अध्यक्ष बन गए। अध्यक्ष बनने से पहले आमदनी का साधन ऑटो अध्यक्ष बनने के पहले वे केवल भाजपा के एक कार्यकर्ता मात्र थे। उनकी आमदनी का साधन ऑटो था, जिसे वे खुद चलाते थे। हालांकि वो कुर्सी पर तो बैठ गए, लेकिन क्षेत्र में विकास की जगह शिकायतों के कारण वो ज्यादा चर्चा में बने रहे। महिला उत्पीड़न के मामले में जेल भी जा चुके शिकायत भी ऐसी-वैसी नहीं…जासूसी कांड, ऑडियो वायरल, महिला से अश्लील बातें, आय से अधिक संपत्ति, प्रमाण-पत्र जारी करने में अनियमितता, वाहन अटैचमेंट और पट्टा वितरण में गड़बड़ी। इसमें से महिला उत्पीड़न के एक मामले में वे जेल गए। बाकी सभी मामलों में अलग-अलग जांच चल रही है। अब पढ़िए वह केस जिस पर पूरा मामला गरमाया पहला मामला: 5 फरवरी को परासिया थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें महिला के साथ फोन कर अश्लील बात करना और उसका ऑडियो सोशल मीडिया में शेयर करने का आरोप लगा। पुलिस ने विनोद मालवीय पर केस दर्ज किया। शिकायत पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विनोद मालवीय के द्वारा फोन कर अश्लील बातें की गईं और इन्हीं बातों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया में शेयर भी कर दिया गया, जो बदनामी करने की नीयत से किया गया है। इसके तहत निजता हनन की धाराओं सहित छेड़छाड़ और आईटीआई की धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई। ऑडियो: मालवीय और महिला के बीच बातचीत विनोद: आज सुबह ही @!#$%^ बनाया है, @!#$%^ क्या? महिला: अच्छा… विनोद: फोन देखकर वह बोली कि बात मत करना, तो मैंने कहा कि फोन छीन ही मत। (हंसते हुए) महिला: फालतू बात तो कर नहीं रहे हैं, बोलना। और मैं समझ गई थी, इसलिए मैंने नॉर्मल बात की। कम से कम उन्हें यह लग गया कि काम की बात कर रहे हैं। अब मिलेगी तो बोलूंगी कि अभी ही तो बात हुई थी। विनोद: वही तो है वो। महिला: यह फोन लगाने में ही खिसक जाती है क्या? विनोद: हां। महिला: @!#$%^ है, ठीक है। विनोद: वह इसलिए सहन कर रही है तेरा-मेरा, क्योंकि उसके पापा की तबीयत खराब है। और मैं उसके मां-बाप को बता दूं कि यह ऐसा बोल रही है। महिला: कौन-सा कुछ कर रहे हैं, मैंने तो कॉल करना ही बंद कर दिया है। विनोद: भूल जाएगी तू मुझे। महिला: भूलूंगी नहीं, लेकिन फोन नहीं करूंगी। तुम्हारी हरकत देखकर मैं बहुत पछता रही हूं, इसलिए मिलना ही छोड़ दिया। विनोद: वह बोल रही थी कि हरिद्वार के पास मंदिर की सेवा करने पर आश्रम में रहने को मिलता है, खाने को भी मिलता है। उसने कहा कि मुझे चार पीली साड़ी ला दो। मैंने बोला, ला देता हूं, तू चले जा। महिला: हां… हम दोनों रह लेंगे, तू चले जा बोल दो। विनोद: बहुत बोलती है वह। महिला: तुम हो ना ऐसे, इसलिए। विनोद: तेरे चक्कर में @!#$%^ दिया। महिला: मेरे चक्कर में? विनोद: हां। महिला: मैं कर क्या रही हूं, यह तो बताओ। विनोद: पीठ बहुत दुख रही है, आना-जाना बहुत हो गया… अभी @!#$%^ में लेटा हूं। महिला: हम्म। विनोद: @!#$%^ महिला: @!#$%^ विनोद: जा, चाय दे दे। कलश यात्रा में चले जा… मैं भी आऊंगा। महिला: आ जाओ न। दूसरा मामला: पति को नौकरी ने देने के नाम पर शोषण की कोशिश चांदामेटा पुलिस ने 10 फरवरी को मालवीय के खिलाफ महिला की शिकायत पर FIR दर्ज की। शिकायत में उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कर शारीरिक शोषण करने के प्रयास संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए। पीड़िता के अनुसार- पति को नगर प्रशासन में नौकरी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाने की कोशिश की गई और इसे मना करने पर घर की दीवार गिराने तक की धमकी दी गई। महिला ने पुलिस को बताया कि 10 जनवरी को दोपहर 1 बजे जब मेरे घर पर कोई नहीं था, उस समय बुरी नीयत से विनोद घर पर आया। मेरा हाथ पड़कर अवैध संबंध बनाना चाहा। इसके बाद हमारी कहा-सुनी हुई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। एक और महिला से बातचीत का ऑडियो…विनोद : क्यों कहां है।महिला : घर में।विनोद : क्याकर रही है।महिला : लेटी हूं। क्यों, क्या करूंगा बताओ। आप क्या कर रहे हो।विनोद : सो रहा हूं।महिला : फोन क्यों लगाया। बहुत चिंता हो रही है कहा हूं।विनोद : मैंने सोचा अपने घर पर बुला लू तुझे।महिला : कहां गईं।विनोद : पापा को एडमिट किया है आईसीयू में तो वहां गई है।महिला : छिंदवाड़ा, कब आएंगी।विनोद : अभी आ जाएगी।महिला : फोन नहीं किया।विनोद : मैं सो गया था। गाली देते हुए उस कंट्रोल वाले को चिल्लाने चला गया था, ताे मूड खराब हो गया।महिला : अपने लिए समय कहां है बात करने का, इसलिए अपन ने भी छोड़ दिया बात करना।विनोद : अरे चल तेरी.... गालियां देते हुए... रख फोन। (दैनिक भास्कर किसी भी ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।) वीडियो में साजिश का आरोप- आत्महत्या की चेतावनी 15 फरवरी को नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय ने एक वीडियो जारी किया। कहा- पिछले एक माह से मैं और मेरा परिवार गंभीर मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहा है। मैं 1998 से भारतीय जनता पार्टी का कार्य करता हूं और 3.5 साल से परासिया नगर पालिका परिषद का अध्यक्ष हूं लेकिन जो व्यक्ति 3 वर्ष से लगातार मेरे खिलाफ शिकायत करके मुझे पद से हटाने की कोशिश की जा रही है। इसके बारे में पूरे शहर को जानकारी है कि वह कौन लोग हैं, इन लोगों ने षड्यंत्र कर मेरा भारतीय जनता पार्टी से निष्कासन करवा दिया। इसके बाद मेरी ही पार्टी के तीन चार लोग एक अधिकारी के साथ मिलकर धन बल का उपयोग कर महिलाओं की ओर से झूठी शिकायत करके मेरे ऊपर केस दर्ज करवा रहे हैं। अगर इस प्रकरण में महिला सही रही तो उन्होंने तत्काल शिकायत क्यों नहीं की अब क्यों शिकायत हो रही है। इससे यह साबित होता है कि यह सोची समझी साजिश है। मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार सहित विधानसभा में भी प्रश्न उठाए गए जिस पर जांच की गई और कुछ हासिल नहीं हुआ। मुझे यह अंदेशा है कि अभी और भी महिलाओं से झूठी शिकायत करवाई जा सकती है और अगर ऐसा ही चला रहा तो मैं मेरी पत्नी और मेरी बेटियों के साथ आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा लेकिन मुझे कानून पर पूर्ण विश्वास है कि वह गलत कार्रवाई नहीं करेगा अब जानिए, अध्यक्ष मालवीय से जुड़े चर्चित मामले 1. जासूसी के लिए 'सुपारी' देने का आरोप भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री और पार्षद अनुज पाटकर ने विनोद मालवीय और भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री परमजीत सिंह विज पर आरोप लगाया कि दोनों उनकी जासूसी करवा रहे हैं। उनके ड्राइवर दुर्गेश को जासूसी की 'सुपारी' दी गई है। दुर्गेश ने भी इस संबंध में 2 सितंबर 2024 को एसपी छिंदवाड़ा को शिकायत की, जिसमें उसने बताया कि परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय और भाजपा के जिला महामंत्री (तत्कालीन) परमजीत सिंह विज ने उसे नगर पालिका परासिया में नौकरी लगवाने के नाम का लालच दिया और उसके एवज में जासूसी करने के लिए कहा। दुर्गेश ने शिकायत में यह भी कहा कि पक्की नौकरी लगवाने के नाम पर उसने विनोद मालवीय के मांगने पर 30 हजार रुपए भी दिए। नौकरी न लगने पर कुछ माह बाद जब उसने विनोद मालवीय और परमजीत सिंह विज से 30 हजार रुपए वापस मांगे तो उसे यह कहकर नौकरी से निकाल दिया गया कि वह अनुज पाटकर संबंधी कोई भी जानकारी नहीं दे रहा है। इस बीच नगर पालिका के बैंक खाते से उसके खाते में दो-तीन माह तक 6-6 हजार रुपए दिए गए। इस बीच न तो वह नगर पालिका गया और न ही नगर पालिका का कोई भी काम उसने किया। इस प्रकरण में दुर्गेश ने न्यायालय में परिवाद दायर किया है जो कि अभी लंबित है। 2. पारिवारिक रिकॉर्डिंग वायरल कर दी विनोद मालवीय पर एक आरोप यह भी लगा कि उन्होंने भाजपा के ही अनुज पाटकर की पारिवारिक बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। अनुज पाटकर ने इसकी शिकायत 25 अप्रैल 25 को परासिया थाने में दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले में विनोद मालवीय, रिंकू घोरके और वैष्णवी तारन के विरुद्ध केस दर्ज किया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। 3. महिला से अश्लील बातचीत का ऑडियो हाल ही में कमीशन मांगे जाने को लेकर भाजपा के पूर्व महामंत्री परमजीत सिंह विज और विनोद मालवीय की बातचीत का जो ऑडियो सामने आया, उसके बाद एक और ऑडियो आया। इसमें एक महिला और पुरुष के बीच जमकर अश्लील बातचीत चल रही है। ऐसे-ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो लिखना तक संभव नहीं है। इसमें भी विनोद मालवीय की आवाज बताई जा रही है। हालांकि भास्कर डिजिटल इसकी पुष्टि नहीं करता है। महिला की शिकायत पर मालवीय के विरुद्ध परासिया पुलिस ने केस दर्ज किया है। 4. फ्री में शराब मांगने का ऑडियो वायरल परासिया के एक शराब ठेकेदार से फ्री में शराब मांगने का एक ऑडियो भी सामने आया। इस ऑडियो में शराब मांगने वाले की आवाज परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय की बताई गई। इस ऑडियो में ठेकेदार ने फ्री शराब देने से साफ इंकार कर दिया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी खासा हल्ला मचाया था। 5. आय से अधिक संपत्ति मामले में शिकायत मालवीय के खिलाफ लोकायुक्त में भी शिकायत की गई है। भाजपा पार्षद अनुज पाटकर और पवन सूर्यवंशी ने शिकायत में बताया गया है कि मालवीय ने नगरीय निकाय चुनाव 2022 में भरे गए नामांकन में जो स्वयं के संबंध में संपत्ति संबंधी जानकारी चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत की थी, उसमें कितनी संपत्ति बताई थी और आज उसके खर्चे क्या हैं। लोकायुक्त को बताया गया है कि मालवीय को 1 लाख 15 हजार 200 रुपए प्रति वर्ष नगर पालिका से मानदेय मिलता है। दाखिल नामांकन के अनुसार इसके अतिरिक्त उनका कोई वैद्य अथवा व्यावसायिक स्त्रोत ज्ञात नहीं है, बावजूद कोचिंग संस्थान में पढ़ रही उनकी बेटी की वार्षिक फीस 1 लाख 39 हजार रुपए है। वह बीते 2 वर्षों से वहां पढ़ रही है। बेटी, जिस हास्टल में रह रही है, उसकी फीस 15 हजार रुपए प्रतिमाह है जो कि उनकी आमदनी से कई गुना ज्यादा है। मालवीय ने चौपहिया वाहन (स्कार्पियो) क्रमांक एमपी 28 जेडएन 6269 (अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए) खरीदा है। साथ ही घरेलू सामान जैसे 55 इंच एलईडी टीवी (80 हजार), लैपटॉप (1 लाख) एवं मोबाइल (1 लाख 50 हजार) भी लिया है। उक्त सामान खरीदने की राशि उनके पास कहां से आई, इसकी जांच कर आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। 6. एकल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र बांटने का आरोप मालवीय पर आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष रहते अकेले स्वयं के हस्ताक्षर से कई प्रमाण पत्र नियम विरुद्ध जारी कर दिए। इनमें गरीबी रेखा प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अनापत्ति प्रमाण पत्र, बिजली प्रमाण पत्र, मकान प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं, जबकि ये प्रमाण पत्र एकल हस्ताक्षर से जारी करने का अधिकार विनोद मालवीय का नहीं है। 7. वाहन अटैच करने में भी फर्जीवाड़ा मालवीय ने नगर पालिका में स्वयं (अध्यक्ष) के उपयोग के लिए कार क्रमांक एमपी 28 जेडएच 9075 अटैच करवाई। इसमें भी निविदा प्रक्रिया का पालन न करते हुए कोटेशन के आधार पर कार लगा ली गई। यह गाड़ी आरटीओ में चांदामेटा निवासी मानव शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड है, जबकि नगर पालिका में अनुबंध संयम सिंघई पिता सुशील सिंघई के नाम पर किया गया है। इस मामले की भी शिकायत नगरीय प्रशासन विभाग जबलपुर के संयुक्त संचालक से मय दस्तावेज की गई है। 8. पट्टा वितरण में अनियमितता पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोप भी विनोद मालवीय पर लगे हैं। इसकी शिकायत भी संगठन के पदाधिकारियों से की गई। शिकायतकर्ता पार्षद अनुज पाटकर, पवन सूर्यवंशी और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष आशीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 1 के 32 में से 29 पट्टे आदिवासी हितग्राहियों के लिए स्वीकृत थे, लेकिन विनोद मालवीय द्वारा अन्य समाज के लोगों से पैसे लेकर उन्हें पट्टे बांट दिए। आदिवासी हितग्राहियों से भी पट्टे देने के एवज में धनराशि की मांग विनोद मालवीय ने की। इस मामले में 29 हितग्राहियों ने कलेक्टर से शपथ पत्र के साथ शिकायत की थी। आईटी एक्ट में तीसरी बार फंसे अध्यक्ष मालवीय नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय के खिलाफ यह तीसरा मामला है, जो आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। इससे पहले धर्म विशेष को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर मामला और भाजपा नेता अनुज पाटकर से जुड़े प्रकरण में केस हो चुका है। लगातार तीसरी बार आईटी एक्ट में मामला दर्ज होना कानूनन गंभीर श्रेणी में माना जाता है। पार्टी ने निष्कासित किया, पुलिस ने जेल भेजा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विनोद मालवीय को 6 साल के लिए निष्कासित किया है। वहीं, मालवीय को बुधवार को छिंदवाड़ा कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उनके खिलाफ एसटी-एससी एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार विनोद मालवीय पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। कांग्रेस बोली- पद की गरिमा बनाना अध्यक्ष का काम कांग्रेस नेता गोलू पटेल का कहना है कि पद की गरिमा को बनाना अध्यक्ष का काम होता है, लेकिन परासिया में तो इस पद को ही तार-तार कर दिया गया है। पार्टी ने छवि धूमिल करने वाले को बाहर किया मेरे द्वारा जासूसी की शिकायत पार्टी आलाकमान से की गई थी। इनके द्वारा मेरे परिवार की महिलाओं के बीच की बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया था। इस पर भी मैंने विनोद मालवी की शिकायत की थी। पार्टी ने मेरी शिकायत पर ध्यान देते हुए पार्टी की छवि धूमिल करने वाले मालवीय को 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया। भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष से प्राप्त निर्देश के अनुसार नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विनोद मालवीय को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है प्रदेश से जारी निर्देशों का पालन किया जाएगा
रेवाड़ी जिले में हार्डवेयर दुकानदार से साइबर ठगों ने 3,58,418 रुपए ठग लिए। आरोपियों ने दुकानदार को ऑनलाइन बिजनेस में अधिक प्रॉफिट का लालच देकर ठगी की। दुकानदार ने जब प्रॉफिट मांगा, तो आरोपियों ने और राशि जमा करवाने की मांग की। जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ और साइबर पुलिस को शिकायत दी। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाड़ावास रोड पर दुकान रेवाड़ी के मोहल्ला छिपटवाला निवासी संजय जैमिनी ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि भाड़ावास रोड पर उसकी हार्डवेयर की दुकान है। उसके पास रोहित नाक के युवक का फोन आया। दोनों में बातचीत शुरू हुई। रोहित ने उसे व्हाट्सअप पर एक लिंक भेजकर ऑनलाइन बिजनेस में अधिक मुनाफा कमाने की बात कही। जिससे वह उसकी बातों में आ गया। दो माह में निवेश किए 3.58 लाख संजय ने बताया कि उसने पहली बार 5 नवंबर को 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए। सबसे अंत में एक जनवरी को एक लाख रुपए ट्रांसफर किए। इस दौरान नवंबर और दिसंबर में आरोपियों के कहने पर पांच बार पैसे ट्रांसफर किए। आरोपियों ने उससे अलग अलग खातों में 3,58,418 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। प्रॉफिट मांगने प जब आरोपियों ने और पैसे जमा करवाने की डिमांड रखी, तो उसे ठगी का अहसास हुआ और साइबर पुलिस को सूचना दी। ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर ठगी साइबर ठगों ने दुकानदार को ऑनलाइन बिजनेस में अधिक मुनाफे का झासा देकर 3.58 लाख रुपए ठग लिए। जब उसने अपनी लगाई पूंजी से हुए प्रॉफिट देने को कहा, तो आरोपियों ने उसे और पैसे लगाने की डिमांड रखी। जिससे उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
फतेहाबाद जिले के गांव झलनिया में घरेलू महिला के खाते में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। महिला के खाते से साइबर ठगों ने 9 लाख 54 हजार रुपए साफ कर दिए। यह राशि महज 13 दिनों में हड़प ली गई। चौंकाने वाली बात यह है कि खाते से लगातार ट्रांजैक्शन होते रहे, लेकिन महिला को एक भी अलर्ट मैसेज नहीं मिला। अब ठगी की जानकारी मिलते ही महिला ने साइबर पुलिस को शिकायत दी। फतेहाबाद साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर मामले की जांच करते हुए साइबर ठगों की तलाश शुरू की गई है। फसल बेचने के बाद खाते में आए थे रुपए गांव झलनिया के कविता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनका खाता बैंक ऑफ इंडिया की फतेहाबाद शाखा में है। खाते में फसल बिक्री की रकम जमा होती रहती है। 16 फरवरी 2026 को जब उन्होंने फोन-पे के जरिए बैलेंस चेक किया तो खाते में सिर्फ 52 हजार 520 रुपए बचे थे, जबकि करीब 10 लाख रुपए होने चाहिए थे। शक होने पर उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाई, तो 1 फरवरी से 13 फरवरी के बीच अलग-अलग 21 ट्रांजैक्शन के जरिए 9 लाख 54 हजार 579 रुपए निकाले जाने का खुलासा हुआ। सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन 1, 5 और 13 फरवरी को की गई। 21 ट्रांजैक्शन में उड़ाए लाखों रुपए 1 फरवरी: 25-25 हजार की तीन ट्रांजैक्शन और 23 हजार की एक ट्रांजैक्शन की गई है। 2 फरवरी: 98 हजार रुपए निकाले गए। 5 फरवरी: 25, 19, 25, 25, 25 और 20 हजार की ट्रांजैक्शन की गई। 6, 7, 8, 10 और 12 फरवरी: हर दिन 98-98 हजार रुपए निकाले गए। 13 फरवरी: 31,136, 13,135, 32,051, 32,051 और 3,206 रुपए निकाले गए। आरोपियों का पता लगाने में जुटी टीम- SHO साइबर पुलिस स्टेशन के प्रभारी राहुल देव ने बताया कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है, जांच शुरू कर दी गई है। साइबर पुलिस अब खाते को खंगाल कर यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से अजमेर में बीते तीन दिनों से मौसम बदला है। मंगलवार व बुधवार को हुई रिमझिम के बाद गुरुवार सुबह से मौसम में ठंडक है। सुबह साढ़े आठ बजे तक कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 50 मीटर तक रही। बीते 24 घंटों में सुबह साढ़े आठ बजे तक 2.6 एमएम बरसात दर्ज की गई है। सुबह साढे़ पांच बजे तापमान 14.4 डिग्री व सुबह साढे़ आठ बजे तापमान 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे की बात करें तो न्यूनतम तापमान 14.4 रहा, जो कल से भी 1.4 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने अगले एक दो दिन में ठंड बढ़ने व सर्द हवाएं चलनेसंभावना जताई है। अजमेर के कोटड़ा, प्रगतिनगर, पसंद नगर क्षेत्र में विजिबिलटी 50 मीटर रही। मुख्य मार्गों व हाइवे पर वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अजमेर के ग्रामीण इलाकों में फसलों की कटाई चल रही है ऐसे में बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका है। --- ये खबर भी पढ़ें राजस्थान का पारा 10 डिग्री तक लुढ़का, कोहरा छाया:ओले-बारिश के कारण हवा सर्द और ठिठुरन बढ़ी, आज से फिर बदलेगा मौसम राजस्थान में दो दिन हुई बारिश और ओले गिरने के बाद आज मौसम साफ है। हालांकि, सुबह कई जिलों में घना कोहरा रहा। कोटपूतली-बहरोड़, अजमेर, कोटा सहित कई जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर के करीब रही। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार आज से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल बारिश का अलर्ट नहीं है। (पूरी खबर पढ़ें)
भरतपुर में बुधवार को हुई बारिश के बाद गुरुवार सुबह कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में सुबह से धूप निकली। बारिश के साथ चली हवा से सरसों की फसलें खेतों में आडी पड़ गई। वहीं कटी हुई फसलें भीग गई। फसलों में नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं। आगे आने वाले दिनों में तेज धूप पड़ेगी। जिससे तापमान भी बढ़ेगा। भरतपुर के आमोली और हलैना इलाके में सुबह से ही घना कोहरा देखने को मिला। इसके अलावा नदबई, वैर, भुसावर, रूपवास, बयाना, उच्चैन में मौसम साफ रहा। कल नदबई, हलैना, आमोली, रूपवास में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। जिसके कारण मौसम में ठंडक बढ़ी। सुबह से ही आमोली और हलैना को छोड़कर सभी जगह धूप निकली। हलैना इलाके में कोहरा पड़ने के कारण वाहनों की स्पीड में थमी। बारिश से फसल खराबे की संभावना बढ़ी कल हुई बारिश के किसानों को फसल खराबे का डर सता रहा है। मौसम विभाग ने कल मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था। जिसके बाद कल बारिश हुई। कल हुई बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना है। क्योंकि खेतों में गेहूं और सरसों की फसल खड़ी है। बारिश से खेतों में खड़ी सरसों की फसल की फली में गलन बढ़ जाती है। जिसके कारण फसल के गलने की संभावना बढ़ जाती है।
चित्तौड़गढ़ में बुधवार को ओले गिरने और बारिश से सर्दी का असर बढ़ गया। गुरुवार सुबह धूप तो निकली, लेकिन उसमें पहले जैसी गर्माहट नहीं रही और लोगों को हल्की ठंड महसूस हुई। रातभर चली ठंडी हवाओं के कारण लोगों ने सुबह हल्के गर्म कपड़े पहन लिए। पिछले कुछ दिनों से दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही थी, लेकिन मौसम बदलते ही सुबह-शाम ठंडक लौट आई। मौसम में आई इस अचानक ठंडक से लोगों को साफ संकेत मिल गया कि सर्दी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। तापमान में दर्ज हुई गिरावट बीती रात न्यूनतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान भी 2.6 डिग्री नीचे आ गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8C और न्यूनतम 13.2C रिकॉर्ड हुआ। इससे पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.4C और न्यूनतम 16.6C था। यानी एक ही दिन में दिन और रात दोनों तापमान में अच्छी-खासी कमी आई। जिले के कई हिस्सों में हुई हल्की ओलावृष्टि से हवा में नमी बढ़ गई और मौसम और ठंडा हो गया। इसका असर दिन के तापमान पर भी दिखाई दिया और दोपहर में भी हल्की ठंडक बनी रही। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हुआ है। हालांकि इसका असर ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगा, लेकिन अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात में ठंडी हवा चलती रहेगी। अगले 5-6 दिन मौसम रहेगा साफ मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से आसमान साफ होने लगेगा और बारिश या ओलावृष्टि की संभावना नहीं है। अगले 5 से 6 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा।
भिवानी जिले में हुई बारिश व ओलावृष्टि के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला। सुबह के समय फिर से धुंध छाई। धुंध के कारण दृश्यता भी कम रही। जबकि कई दिनों बाद धुंध छाई है। कई दिनों से मौसम साफ था और धुंध से भी राहत मिली हुई थी। इसके साथ ही तापमान में गिरावट आई। जिसके चलते ठंड भी बढ़ी। तापमान में 6 डिग्री गिरावट भिवानी में अधिकतम तापमान की बात करें, तो 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। भिवानी का अधिकतम तापमान 17 फरवरी को 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि 18 फरवरी को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में आधा डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी। 18 फरवरी को भिवानी का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि 17 फरवरी को भिवानी का न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं 19 फरवरी को न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। वीरवार को न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बवानीखेड़ा-लोहारू में 4.4 MM बरसात भिवानी में 18 और 19 फरवरी को कई क्षेत्रों में बरसात व बूंदाबांदी हुई। भिवानी खंड में 2 एमएम और तोशाम में 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं बवानीखेड़ा, सिवानी, लोहारू व बहल में बूंदाबांदी हुई है। इससे पहले 17 फरवरी सुबह 8 बजे से 18 फरवरी सुबह 8 बजे तक हुई बारिश की बात करें, तो बवानीखेड़ा व लोहारू में 4-4 एमएम बरसात दर्ज की गई। वहीं भिवानी, तोशाम, सिवानी व बहल में बूंदाबांदी दर्ज की गई।
क्रिक्रेट मैच में मधुमक्खियों का हमला, अंपायर की मौत:उन्नाव में 10 मिनट तक काटती रहीं, 8 खिलाड़ी घायल
यूपी के उन्नाव में क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों को डंक मारने शुरू कर दिए। यह देखकर अंपायर बचने के लिए भागने लगे, लेकिन वे गिर गए और मधुमक्खियों ने उन पर हमला बोल दिया। 50 से ज्यादा डंक मारे गए। उन्हें 10 मिनट तक काटती रहीं। मधुमक्खियों के हमले के बाद अंपायर और 8 खिलाड़ी घायल हो गए। सभी को कानपुर के निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने अंपायर की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। बीच रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि, बाकी खिलाड़ी खतरे से बाहर हैं। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 65 साल के मानिक गुप्ता कानपुर के रहने वाले थे। घटना गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र की है। हालांकि, मधुमक्खियों ने हमला क्यों किया? गेंद लगी या किसी ने छेड़छाड़ की? यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। चार बेटियां, 30 साल से अंपायरिंग कर रहे थेफीलखाना में मानिक गुप्ता परिवार के साथ रहते थे। उनकी चार बेटियां हैं। तीन की शादी हो चुकी है, जबकि चौथी इंटरमीडिएट की छात्रा है। वह 30 सालों से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के लिए अंपायरिंग कर रहे थे। बुधवार को राहुल सप्रू मैदान पर अंडर-13 क्रिकेट लीग का मैच था। इसमें मानिक अंपायरिंग करने पहुंचे थे। 50 मधुमक्खियों ने घेरा, 10 मिनट तक हमला कियाबताया जा रहा है कि मैदान में मधुमक्खियों का छत्ता लगा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैच समाप्त होने के बाद मानिक गुप्ता दूसरे मैदान के पास बैठे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों का बड़ा झुंड मैदान में आ गया। बचने के लिए भागते समय वे गिर पड़े। 50 से अधिक मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया। करीब 10 मिनट तक झुंड ने हमला जारी रखा। उम्र अधिक होने और हृदय रोगी होने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। हालत देखकर दो अस्पातलों ने हाथ खड़े किएपूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू उन्हें अपनी कार से शुक्लागंज के निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल ने रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें दो अन्य अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन हालत देखते हुए कहीं भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद KCA के पदाधिकारी उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल ले गए। रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। गुरुवार सुबह भागवत दास घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। KCA चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने अंपायर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा- मानिक गुप्ता वरिष्ठ और अनुभवी अंपायर थे। संगठन परिवार को हरसंभव मदद देगा और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… मथुरा में नहर में गिरी कार, 4 की मौत:इनमें 2 लॉ स्टूडेंट; लाश गाड़ी में फंसी रही, क्रेन से निकाला गया मथुरा में बुधवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। हादसे में 2 लॉ स्टूडेंट समेत 4 युवकों की मौत हो गई। सभी शादी में शामिल होने राजस्थान के डीग जा रहे थे। रास्ते में ड्राइवर मोड़ नहीं देख पाया और कार 6 मीटर गहरी नहर में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने जैसे ही कार को नहर में गिरते देखा, तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
पूर्णिमा ग्रुप के एनुअल फेस्ट 'आरोहण 2026' का बुधवार देर रात को प्लेबैक सिंगर शान की मधुर प्रस्तुतियों के साथ यादगार समापन हुआ। सर्द रात के बावजूद स्टूडेंट्स का जोश और उत्साह कहीं कम नहीं हुआ, इसके उपर शान ने अपनी मखमली आवाज के युवाओं के उत्साह को परवान चढ़ाया। उन्होंने मैं हूं डॉन... गीत के साथ स्टेज पर जोरदार एंट्री ली। इसके बाद आर्टिस्ट ने अपने हिट नंबर्स से फेस्ट के समापन पर स्टूडेंट्स के उत्साह को नई उंचाईयां दी। शान ने दास्तां है ये, ओम शांति ओम, दस बहाने करके ले गया दिल, मैं ऐसा क्यूं हूं, क्या मैंने सोचा, वन लव और दिल क्या करे जैसे अपने कई हिट नंबर्स एक के बाद लगातार प्रस्तुत किए। शान ने बीच-बीच में स्टूडेंट्स के सीधा इंटरेक्शन करते हुए कॉन्सर्ट को जीवंत बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने कुछ स्टूडेंट्स को स्टेज पर बुलाकर उनके साथ भी लाइव प्रस्तुति दी। समापन के अवसर पर फेस्ट की गतिविधियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इससे पूर्व वॉलीबॉल, कैरम, चैस, क्रिकेट, फुटबॉल सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के फाइनल राउंड हुए। फन एक्टिविटीज में स्टूडेंट्स के साथ—साथ फैकल्टी मेंबर्स ने भी हाथ आजमाया। वार्षिक आरोहण फेस्ट कल्चरल, टेक्निकल और स्पोर्ट्स इवेंट्स के जरिए स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा व रचनात्मकता दिखाने का मंच प्रदान करता है। उन्हें कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करना और दिलचस्प तरीके से स्वयं को एक्सप्रेस करने के योग्य बनाना फेस्ट का मुख्य उद्देश्य है। उसी के अनुरूप पूरे फेस्ट की गतिविधियों की योजना बनाई जाती है। --- अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। ---
कोटा शहर के आरके पुरम थाना इलाके से जुड़े मामले में पुलिस मुख्यालय ने आरोपी कॉन्स्टेबल मनीष यादव को नौकरी से हटा दिया। युवक को झूठे केस में फंसाने की धमकी, लूटपाट और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों की जांच के बाद यह फैसला लिया गया। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि विभागीय जांच में कॉन्स्टेबल का आचरण गैर-जिम्मेदाराना और सेवा नियमों के विपरीत पाया गया। जांच में सामने आया कि कॉन्स्टेबल के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें पेंडिंग थीं। इनमें परिवादों को लंबे समय तक बेवजह लंबित रखना, समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराना, ड्यूटी के दौरान लोकेशन ऑफ रखना और बिना सूचना छुट्टी पर चले जाना शामिल है। पुलिस प्रशासन ने इन सभी पहलुओं को सेवा अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए बर्खास्तगी के आदेश जारी किए। यह था पूरा मामला सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना नशे की एक बड़ी खेप से जुड़ी हुई है। बर्खास्त कॉन्स्टेबल ने पैसे के लालच में अपने दोस्तों को साथ लिया और निजी स्तर पर कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई में अपने दोस्त की कार का उपयोग भी किया। पीड़ित ने एसपी ऑफिस में अपहरण और लूट की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि उससे एक बैग छीन लिया गया। बैग में गहने, नकदी और एक पैकेट था। दूसरे पैकेट में क्या था, इसकी जानकारी पीड़ित को खुद नहीं थी, लेकिन इसी वजह से उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, बर्खास्त कॉन्स्टेबलऔर उसके सभी साथी सेंट्रल जेल में बंद हैं। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम द्वारा डीएसपी स्तर पर जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान आरोपी कांस्टेबल मनीष यादव के कब्जे में लिया गया दूसरा पैकेट अब तक बरामद नहीं हो सका है। साथ ही, उस पैकेट में क्या सामग्री थी, इसका भी अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस को शिकायत देने वाले परिवादी ने भी पैकेट की सामग्री को लेकर अनभिज्ञता जताई है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी वारदात नशे की सामग्री की खरीद-फरोख्त से जुड़ी बताई जा रही है। इस पूरी वारदात में आरोपी कांस्टेबल मनीष यादव उसका साला विष्णु, विजय माली, देवेंद्र नागर, प्रियांशु भट्ट शामिल थे।
सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र के शनिचरी इलाके में 10 वर्षीय बालिका सड़क पर रोते हुए पुलिस को मिली। बालिका घबराई थी और अपना नाम व पता नहीं बता पा रही थी। पुलिस उसे सुरक्षित पुलिस चौकी लेकर आई। जहां उससे परिवार के संबंध में पूछताछ की। लेकिन वह कुछ नहीं बता पाई। ऐसे में पुलिस ने लोगों की मदद से परिवार की तलाश शुरू की। पुलिस टीमें लगाई गई। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद बालिका के माता-पिता मिले और उन्हें बेटी को सुरक्षित सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम 10 वर्षीय बालिका शनिचरी क्षेत्र में लावारिस हालत में सड़क पर भटकती हुई मिली। रहवासियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बालिका को अपने संरक्षण में लिया। उससे माता-पिता और घर के संबंध में जानकारी मांगी। लेकिन वह कुछ नहीं बता पा रही थी। जिसके बाद पुलिस ने बालिका की फोटो शहर के सभी पुलिस थानों में भेजी। वाट्सऐप ग्रुप पर फोटो शेयर की। साथ ही पुलिस टीम गठित कर शनिचरी इलाके में बालिका के परिवार की तलाश के लिए लगाई गई। फोटो ग्रुपों में शेयर की, गलियों में परिवार तलाशा पुलिस टीम ने शनिचरी की गलियों में पहुंचकर लोगों को बालिका की फोटो दिखाई और जानकारी जुटाना शुरू की। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद बालिका के माता-पिता पुलिस को मिले। जिन्हें बालिका को सुरक्षित सौंप दिया गया है। बालिका के पिता जितेंद्र रैकवार ने बताया कि पत्नी काम से बाहर गई थी। मैं भी घर पर नहीं था। इसी दौरान बेटी गलियों में रास्ता भटक गई होगी। बेटी को पाकर उन्होंने पुलिस का आभार माना। टीम में शनिचरी चौकी प्रभारी नीरज जैन, एसआई आरकेएस चौहान, प्रधान आरक्षक यशवंत यादव, मोहन सिंह, आरक्षक आनंद सिंधु समेत अन्य शामिल थे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की तरह अब संध्या आरती और शयन आरती दर्शन के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग होगी। भक्तों को इसके लिए 250 रुपए प्रति व्यक्ति चुकाने होंगे, मंदिर समिति ने यह व्यवस्था गुरुवार से शुरू कर दी है। जबकि शुल्क नहीं देने वाले भक्तों को चलित दर्शन करने होंगे। शाम को होने वाली संध्या आरती और रात में होने वाली शयन आरती में भक्तों की उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है। अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे। कब तक कराना होगी बुकिंग
पानीपत जिला पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो सुरक्षा बलों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा दे रहे थे। पुलिस ने सेक्टर 40 की पार्किंग से एक नीले रंग के कैंटर सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अर्धसैनिक बल (CRPF) की वर्दी पहनकर भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे। पकड़े गए दोनों आरोपी पानीपत के ही रहने वाले हैं। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मुखबिर की सूचना पर सेक्टर 40 में रेड मामला 18 फरवरी की शाम का है। CIA-1 के ASI अनिल कुमार की टीम टोल प्लाजा के पास गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति CRPF की वर्दी में नीले रंग के कैंटर (HR68A0753) में अवैध शराब लेकर सेक्टर 40 की पार्किंग में रुके हुए हैं। पुलिस ने तुरंत आबकारी निरीक्षक अरविंद डागर को सूचित किया और संयुक्त रूप से पार्किंग में छापेमारी की। CRPF की वर्दी और नकली आईकार्ड का खेल कैंटर के पास पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि आगे 'पुलिस' लिखा हुआ था और अंदर दो व्यक्ति अर्धसैनिक बल की वर्दी पहनकर आराम कर रहे थे। तलाशी लेने पर उनके पास से राजिन्द्र सिंह और सुखविन्द्र सिंह के नाम वाले CRPF के पहचान पत्र बरामद हुए। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा गहनता से पूछताछ करने पर पता चला कि दोनों पहचान पत्र फर्जी थे। आरोपियों की असली पहचान मोनू (निवासी गांव खोजकीपुर, थाना बापौली, पानीपत) - यह राजिन्द्र सिंह बनकर बैठा था। संदीप (निवासी गांव आटा, थाना समालखा, पानीपत) - यह सुखविन्द्र सिंह बनकर बैठा था। आरोपियों ने कबूल किया कि वे पुलिस और जनता को धोखा देने के लिए फर्जी आईकार्ड और वर्दी का इस्तेमाल करते थे ताकि रास्ते में कोई उन पर शक न करे। 502 पेटी शराब बरामद जब आबकारी निरीक्षक की मौजूदगी में कैंटर का पिछला डाला खुलवाया गया, तो पुलिस के होश उड़ गए। कैंटर में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर भरी हुई थी। खास बात यह है कि आरोपियों ने तस्करी के सबूत मिटाने के लिए बोतलों से बैच नंबर हटा दिए थे। कानूनी कार्रवाई पुलिस ने अवैध शराब, कैंटर, फर्जी आईकार्ड और वर्दी को कब्जे में ले लिया है। आरोपियों के खिलाफ Excise Act की धारा 61/4/20 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब कहाँ से लाई गई थी और कहां सप्लाई होनी थी।
बुरहानपुर में बुधवार शाम चांद दिखने के बाद पवित्र रमजान माह की शुरुआत हो गई। दाऊदी बोहरा समाज के रमजान मंगलवार से शुरू हुए जबकि मुस्लिम समुदाय का गुरुवार को पहला रोजा है। रात में ईशा की नमाज के बाद मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की गई। दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉ. सेय्यदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के मार्गदर्शन में पूरे विश्व के साथ बुरहानपुर में भी रमजान का आगाज हुआ। दाऊदी बोहरा जमात पीआरओ कमेटी के को-ऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि शहर की मस्जिदों में रमजान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरे महीने चलेगी इबादतशहर आमिल हैदर जमाली और नायब शहर आमिल शेख युसूफ की अध्यक्षता में बोहरा समाज की 16 मस्जिदों सहित मोहम्मदी मरकज दरगाह-ए-हकीमी में इमाम की इक्तदा में पूरे महीने इबादत की जाएगी। शहर आमिल शेख हैदर जमाली ने बताया कि रमजान माह विशेष इबादत के साथ-साथ गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का भी संदेश देता है। रमजान माह के दौरान दाऊदी बोहरा नजमी मस्जिद में शहर आमिल शेख हैदर जमाली और नायब शहर आमिल शेख युसूफ जमाली इमामत करेंगे। वहीं, ताहिरी मस्जिद चौक और मोहम्मदी मरकज दरगाह-ए-हकीमी स्थित मस्जिद में डॉ. मुस्तफा साहब की इमामत में नमाज और तिलावत की जाएगी। मुस्लिम समाज के लोग भी एक माह तक प्रतिदिन रोजे रखेंगे और ईशा की नमाज के बाद तरावीह की नमाज अदा करेंगे।

