बैतूल में कल भारी वाहनों पर रोक:राष्ट्रपति दौरे की एक बार और रिहर्सल होगी; कारकेड रूट रहेगा सैनिटाइज
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित बैतूल दौरे की तैयारियों के तहत कल (17 जून) ट्रायल लैंडिंग और कारकेड रिहर्सल होगी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष प्रबंध किए हैं। इस दौरान कई मार्गों को सैनिटाइज किया जाएगा और नगर सीमा में भारी व मध्यम वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। यातायात पुलिस के अनुसार, ट्रायल लैंडिंग सुबह 10:50 बजे होगी। इसके बाद रिहर्सल कारकेड हेलीपैड मिलानपुर से सुबह 11:00 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होगा और 11:18 बजे लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचेगा। रिहर्सल के बाद कारकेड दोपहर 12:25 बजे कार्यक्रम स्थल से चलकर 12:43 बजे पुनः हेलीपैड पर लौटेगा। स्टेडियम तक का मार्ग खाली कराया जाएगारिहर्सल के दौरान, हेलीपैड मिलानपुर (राष्ट्रीय राजमार्ग-47) से भारत भारती, सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर, चक्कर रोड, थाना कोतवाली चौक, गणेश मंदिर, कॉलेज चौक, पुलिस कंट्रोल रूम चौक और पुलिस पेट्रोल पंप होते हुए लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम तक का मार्ग सुरक्षा कारणों से पूरी तरह खाली कराया जाएगा। यातायात पुलिस ने बताया कि 17 जून को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक बैतूल नगर सीमा में भारी एवं मध्यम वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयारमहाविद्यालयीन परीक्षार्थियों और अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। शाहपुर एवं सारणी क्षेत्र से आने वाले छात्र-छात्राएं पाथाखेड़ा जोड़, घोड़ाडोंगरी, रानीपुर, चिखलार, पहाड़ी अस्पताल मार्ग, खासी खदान, अवस्थी गोदाम, अखवाड़ा चौक, लिंक रोड और कारगिल चौक होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। आमला मार्ग से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए हमलापुर चौक, वन विद्यालय, तिवारी पेट्रोल पंप, काली चट्टान रोड, ग्रीन सिटी, भग्गूडाना और आबकारी तिराहा मार्ग निर्धारित किया गया है।
21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा से पहले आज सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के साथ पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सीकर में पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड पर सड़कों पर गश्त की। जिन्होंने यहां संचालित हॉस्टल,पीजी में रहने वाले स्टूडेंट से भी बातचीत की। एसपी प्रवीण नायक ने स्टूडेंट्स पूछा कि क्या उनके पास कोई वायरल पेपर या परीक्षा से जुड़ी कोई भी अफवाह आई या नहीं। एसपी ने सभी स्टूडेंट्स से कहा कि यदि उनके पास व्हाट्सएप टेलीग्राम पर कोई भी वायरल पेपर या परीक्षा से जुड़ी कोई भी अफवाह आती है तो इसकी सूचना तुरंत सीकर पुलिस को दे। मीडिया से बातचीत में एसपी प्रवीण नायक ने कहा कि 21 जून को नीट 2026 का आयोजन होगा। इससे पहले आज पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड पर स्टूडेंट्स से बातचीत की गई। फिलहाल 21 जून तक सीकर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बता दें कि नीट परीक्षा 2026 का आयोजन पहले 3 मई को परीक्षा का आयोजन हुआ था। जिसका पेपरलीक हो गया था। तब सीकर से पेपरलीक का नाम जुड़ा था। लेकिन जांच एजेंसी की जांच में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया। बता दें कि परीक्षा को देखते हुए आज संभागीय आयुक्त वी सरवन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई। जिसमें सीकर कलेक्टर आशीष मोदी, प्रवीण नायक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सीकर में नीट परीक्षा का आयोजन 91 परीक्षा केंद्रों पर होगा।
संभल में एकमात्र संचालित मीट प्लांट पर प्रदूषण विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक छापामारी की है। इस दौरान फैक्ट्री के अंदर तालाब में भरे पानी सहित विभिन्न स्थानों से पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रारंभिक निरीक्षण में कई खामियां सामने आई हैं। यह कार्रवाई डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर की गई। मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के नेतृत्व में 16 विभागों की एक टीम संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव चिम्यावली स्थित इंडियन फ्रोजन फ्रूट (मीट प्लांट) पहुंची। टीम में मुरादाबाद का प्रदूषण विभाग, पशु चिकित्सा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, तहसील प्रशासन, नगर पालिका परिषद संभल और संभल कोतवाली पुलिस के अधिकारी शामिल थे। टीम ने फैक्ट्री के अंदर करीब तीन घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान किसी को भी फैक्ट्री से बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। निरीक्षण में शासन के नियमों के विपरीत कई खामियां पाई गईं। टीम ने तालाब सहित कई स्थानों पर जमा पानी के सैंपल लिए हैं। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य सैंपल भी सील कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। तीन घंटे की कार्रवाई में सामने आई कमियों के आधार पर संयुक्त टीम एक रिपोर्ट तैयार कर तीन से चार दिन में जिलाधिकारी को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई पर उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और आगे का निर्णय उच्चाधिकारी लेंगे। उल्लेखनीय है कि संभल में तीन मीट प्लांट हैं, जिनमें से दो पिछले तीन साल से बंद पड़े हैं। केवल इंडियन फ्रोजन फ्रूट ही संचालित था, जिसके खिलाफ लगातार सरकारी नियमों का पालन न करने की शिकायतें मिल रही थीं। पूर्व में भी इन शिकायतों के आधार पर जांच हुई थी।
सिद्धार्थनगर में बीजेपी नेता ने भंडारे में भोजन देने से पहले मुस्लिम व्यक्ति से जय श्री राम के नारे लगवाए। मुस्लिम व्यक्ति हाथ में प्लेट लेकर बीजेपी नेता के पास पहुंचा। काउंटर के पीछे खड़े बीजेपी नेता ने कहा- पहले जय श्री राम बोलो, तभी खाना देंगे। मुस्लिम व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए जय श्री राम बोला। इसके बाद बीजेपी नेता ने जय श्री कृष्ण भी बोलने को कहा। फिर वह मुस्लिम बुजुर्ग के पत्तल में पूरी और सब्जी परोसते हैं। इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक सौहार्द का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक पहचान के आधार पर शर्त रखने का मामला बताया है। मामला भानवपुर ब्लॉक क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला… दरअसल, मंगलवार को भानवपुर इलाके में भंडारा आयोजित किया गया था। जिसमें विभिन्न संगठनो और बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए थे। इसी दौरान मुस्लिम बुजुर्ग को खाना देने से पहले जय श्रीराम बोलने को कहा गया। वीडियो में भानवपुर ब्लॉक के मुख्य प्रतिनिधि बीजेपी नेता लवकुश ओझा प्रसाद भोजन वितरण करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक स्टॉल पर बड़े बर्तनों में भोजन रखा है। कई लोग कतार में खड़े होकर प्रसाद ले रहे हैं। वीडियो की शुरुआत में प्रसाद परोसने वाला व्यक्ति सामने खड़े सफेद टोपी पहने एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से 'जय श्रीराम' बोलने के लिए कहता है। बुजुर्ग मुस्कुराते हुए उसके शब्द को दोहराते हैं। इसके बाद परोसने वाला व्यक्ति 'जय श्रीकृष्ण' और फिर 'जय श्रीराम' का जयकारा लगाता है और कहता है कि जय श्रीराम मिलेगा तभी तो प्रसाद मिलेगा। इसके बाद वह बुजुर्ग की पत्तल में पूड़ी और सब्जी परोस देता है। बुजुर्ग प्रसाद लेकर आगे बढ़ जाते हैं। वीडियो में आसपास मौजूद अन्य लोग भी मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं और प्रसाद वितरण का क्रम सामान्य रूप से चलता नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे मजाकिया और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे धार्मिक नारे को भोजन से जोड़ने पर आपत्ति जता रहा है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… राममंदिर चढ़ावा चोरी- टिन्नू के घर से सोना मिला, गोपाल राव का भतीजा रडार पर; बोरे में लगेज लेकर जाता, फ्लाइट से लौटता था अयोध्या का भव्य राम मंदिर यहां आने वाले चढ़ावे की चोरी को लेकर सुर्खियों में है। 7 जून से शुरू हुए आरोपों के दौर के एक हफ्ते में ही शासन की SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) जांच करने पहुंच गई। पहले दिन 15 जून को करीब 6 घंटे तक मंदिर में रही। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बात की। इसके अलावा कई स्तर पर जांच की। इससे पहले 5 कर्मचारियों से करीब 2 करोड़ रुपए कैश, 1 कार और 3 आईफोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा भी 2 बड़े खुलासे हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें
कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा के खलारीपारा में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि 13 जून 2026 को वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ खसरा नंबर 597 पर बने 20 आदिवासी परिवारों के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, मकान तोड़े जाने के दौरान घरों में मौजूद महिलाओं ने विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि महिलाओं को जबरन घसीटकर घरों से बाहर निकाला गया। लोगों को आई चोटें घटना में तीज कुंवर (65) के हाथ में गंभीर चोट आई, जबकि राम कुंवर (60) के सिर पर चोट लगी। वहीं, ललिता बाई (35) ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें जबरन बाहर खींचा। कार्रवाई में कांति बाई, शिवकुमारी बाई, श्याम बाई, भवरमति, राधा बाई, कमला बाई समेत 20 परिवारों के मकान ध्वस्त हो गए। पीड़ितों का कहना है कि प्रत्येक परिवार का 10 से 15 हजार रुपये मूल्य का घरेलू सामान, राशन, कपड़े और बर्तन मलबे में दबकर नष्ट हो गया। 25 वर्षों से रह रहे थे परिवार ग्रामीणों का दावा है कि वे गोंड जनजाति से संबंधित हैं और पिछले करीब 25 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों से बारिश के मौसम में रहने की व्यवस्था के बारे में पूछा तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बारिश के बीच मकान टूटने के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था किए इस तरह की कार्रवाई मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के विपरीत है। थाना में शिकायत, कार्रवाई की मांग घटना के बाद सोमवार को पीड़ित ग्रामीणों ने पाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं में तीज कुंवर, राम कुंवर, ललिता बाई, कांति बाई, शिवकुमारी बाई, श्याम बाई, भवरमति, राधा बाई, कमला बाई और कुलदीप सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि कथित मारपीट और दुर्व्यवहार में शामिल वन विभाग एवं पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल आवास, राहत सामग्री और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। आंदोलन की चेतावनी पीड़ित परिवारों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन और चक्काजाम जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि न्याय नहीं मिलने की स्थिति में क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल मामले को लेकर वन विभाग और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वन बंधु परिषद महिला समिति की वार्षिक बैठक मंगलवार को मैग्नेटो मॉल स्थित संतोष हॉल में आयोजित हुई। बैठक में संस्था की तरफ से साल भर किए गए कार्यों और गतिविधियों की जानकारी सदस्यों के साथ साझा की गई। मीडिया प्रभारी कविता राठी ने बताया कि इस दौरान संस्था की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष और महिला समिति प्रभारी अनिता खंडेलवाल ने संस्था के कई कार्यों और आने वाले समय की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में भविष्य की गतिविधियों को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही संस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों का सम्मान भी किया गया। बच्चों को मिलता है एजुकेशन अध्यक्ष कांता सिंघानिया और सचिव सरिता रेखानी ने बताया कि, वन बंधु परिषद देशभर में एकल विद्यालय संचालित करती है। इन विद्यालयों के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को एजुकेशन दी जाती है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, संस्कार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। इस बैठक में शशि सुरेंद्र दुबे, फूल नत्थानी, मनीषा सिंघानिया, अंजलि अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल, मीणा अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, रंजना मित्तल, राजश्री गुप्ता, सविता सोनी, छाया राठौर, नंदिनी वर्मा, शैल यदु, सावित्री कश्यप, सुशीला अवधिया, मधु मित्तल, किरण अग्रवाल, उमा चंडीरमानी, पुष्पा साहू, संध्या गुप्ता, ऋतु खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
देवतालाब में पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर एक श्रद्धालु के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मंगलवार को पार्किंग कर्मचारियों जिनमें अशोक भारती (निवासी देवतालाब), कृष्णकुमार तिवारी उर्फ केके (निवासी आंटी) और सुल्तान खान (निवासी देवतालाब) पर FIR दर्ज की है। कुछ अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई है। जानकारी के मुताबिक, यह वारदात 15 जून को शिव मंदिर मेला परिसर के पास बने स्टेडियम पार्किंग में हुई। उस वक्त ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रामकरण यादव यातायात (ट्रैफिक) व्यवस्था संभाल रहे थे। दोपहर के समय देवतालाब रोड पर एक ऑटो चालक ने गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की वजह से जाम लग गया था। जब आरक्षक उस जाम को खुलवाने पहुंचे, तभी उन्हें पास की पार्किंग से जोर-जोर से गाली-गलौज और झगड़े की आवाजें सुनाई दीं। डंडे और लात-घूंसों से श्रद्धालु को पीटा आरक्षक ने जब मौके पर जाकर देखा तो पार्किंग व्यवस्था में लगे कुछ निजी कर्मचारी एक युवक को बीच सड़क पर गिराकर डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रहे थे। पुलिसकर्मी ने तुरंत आगे बढ़कर बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस की एफआरवी (डायल 100) गाड़ी भी वहां पहुंच गई, जिसके बाद आरक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान और पायलट नंदलाल साकेत ने मिलकर जैसे-तैसे मामले को शांत कराया। पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश मारपीट का शिकार हुआ युवक इतना डर गया था कि वह घटना के तुरंत बाद अपने साथियों के साथ बाइक पर बैठकर वहां से चला गया और डर के मारे उसने पुलिस को अपना नाम-पता भी नहीं बताया। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
लखीमपुर में तालाब में मिला युवती की न्यूड बॉडी:पुलिस पहचान में जुटी, मौत के कारणों की जांच जारी
लखीमपुर खीरी शहर से सटे छाउछ चौराहा स्थित तालाब में मंगलवार सुबह एक युवती का नग्न शव मिला। लगभग 25 वर्षीय युवती का शव तालाब में तैरता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में शव बहुत पुराना नहीं लग रहा है। पुलिस आशंका जता रही है कि युवती की मौत सोमवार रात हुई होगी और उसके बाद शव को तालाब में फेंका गया। खबर लिखे जाने तक मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। शव के पास से ऐसा कोई सामान बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। आसपास के लोगों ने भी युवती को पहचानने से इनकार किया है। पुलिस युवती की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवती की मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस पहचान और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
राजस्थान में गर्मी के दौरान गौशालाओं में पेयजल को लेकर दायर अवमानना याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट को पर्याप्त नहीं मानते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। कोर्ट ने सरकार को अंतिम मौका देते हुए डीटेल अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राज्य की किसी भी गौशाला में पानी की कमी न रहे। खंडपीठ में जस्टिस डॉ नूपुर भाटी व जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने गौशालाओं में पेयजल संकट को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाए। सरकार ने बताया- एक्स्ट्रा पानी की मांग पेंडिंग नहीं सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूर्व आदेशों की पालना में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। राज्य के चिन्हित क्षेत्रों में गौशालाओं को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि अधिकांश गौशालाओं के पास स्वयं के जल स्रोत उपलब्ध हैं। वर्तमान में सरकार के पास अतिरिक्त जल आपूर्ति की कोई मांग लंबित नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार के दावे को दी चुनौती सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अजमेर, नागौर, चूरू, बाड़मेर, सिरोही और बांसवाड़ा जिलों की गौशालाओं में पानी की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि याचिकाकर्ता संस्था ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि रिपोर्ट वास्तविक हालात को नहीं दर्शाती और केवल औपचारिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत की गई है। संस्था ने कोर्ट को बताया कि कई गौशालाओं में अब भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, जिससे पशुधन प्रभावित हो रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि पूर्व आदेशों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने भी माना कि प्रस्तुत रिपोर्ट स्पष्ट और संतोषजनक नहीं है तथा प्रथम दृष्टया अवमानना कार्यवाही शुरू करने की स्थिति बनती है। 22 जून को होगी अगली सुनवाई हालांकि कोर्ट ने न्यायहित में राज्य सरकार को एक अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में प्रत्येक चिन्हित गौशाला की जल उपलब्धता, सरकार द्वारा की गई आपूर्ति और यह प्रमाणित करना होगा कि किसी भी गौशाला को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है। कोर्ट ने पशुपालन विभाग के सचिव और गोपालन विभाग के निदेशक को अगली तारीख पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 जून 2026 को होगी।
पाली के बांडी नदी में मंगलवार को एक पाइप लाइन मिली। एसआईटी, निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम मौके पर पहुंची। पाइप लाइन के पानी के सैंपल लेने की कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने की। ताकि पता चल सके कि इस पाइप लाइन से नदी में फैक्ट्रियों का दूषित पानी छोड़ा जा रहा था या यह लाइन सीवरेज की है। दरअसल किसान नेता वागाराम विश्नोई की सूचना पर एएसपी निशांत भारद्वाज, निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम मंगलवार को ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो के पीछे नदी में पहुंची। जहां नदी के दूसरे छोर पर किसानों ने उन्हें पाइप लाइन बताई। एएसपी भारद्वाज के निर्देश के बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने मौके से पाइप लाइन के पानी के सैंपल लिए ताकि इसकी जांच की जा सके कि इसमें बहने वाला पानी सीवरेज का है या फैक्ट्रियों का रंगीन पानी। इधर बांडी नदी में छोड़ा केमिकलयुक्त पानी, मामला दर्जइधर पाली शहर के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में बांडी में प्रदूषित पानी छोड़ने का मामला सामने आया है। इस पर सीईटीपी फाउंडेशन के मैनेजर दीपक परिहार ने सदर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। जिसमें बताया कि 8 जून की रात को अज्ञात व्यक्ति ने बांडी नदी में दूषित केमिकलयुक्त पानी छोड़ा है। जिससे संक्रमण का खतरा रहता है। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की है।
NEET और CBSE परीक्षा में कथित घोटालों तथा पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में मंगलवार देर शाम ग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाला। गांधी क्लब, थाटीपुर से शुरू होकर यह जुलूस परशुराम चौराहा तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। इस दौरान हाल ही में परीक्षा संबंधी विवादों के बीच जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी दी गई। इस मशाल जुलूस में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब, पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मीतेन्द्र दर्शन सिंह ने किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी जुलूस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर के युवा इस मुद्दे को लेकर आक्रोशित हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। चिब ने आगे कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली पर हमला नहीं हैं, बल्कि उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपनों पर भी चोट हैं, जिनके बच्चे कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था से कम होता जा रहा है। युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन देशभर में आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। मशाल जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
बिलासपुर में कलेक्टर जनदर्शन में मटियारी निवासी किसान रामकिशुन सूर्यवंशी ने बताया कि, उन्होंने 8 साल पहले अपनी कृषि भूमि में ट्रांसफार्मर और बिजली खंभा लगाने के लिए राशि जमा की थी। इसके बावजूद अब तक उनके खेत तक बिजली का खंभा नहीं लगाया गया है। किसान ने शिकायत में कहा कि, इस देरी के कारण उनके कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यह मामला बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। पीएम आवास, छात्रवृत्ति समेत कई समस्याएं आईं कलेक्टर जनदर्शन में आज प्रधानमंत्री आवास की लंबित किस्तों के भुगतान, सीमांकन में देरी, छात्रवृत्ति न मिलने और क्षतिपूर्ति दिलाने जैसी कई अन्य आम समस्याएं भी सामने आईं। शिकायतों का अंबार लगा रहा, जो विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी लोगों की समस्याएं ध्यान से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की शिकायतें सुनीं। ग्राम जोरापारा को नया राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग तखतपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मोछ के जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौल ने ग्राम जोरापारा को नया राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि जोरापारा की आबादी लगभग 1800 है और राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से यहां विकास कार्यों में तेजी आएगी। पेड़ गिरने से नुकसान, सर्वे कराने की मांग विकासखंड मस्तूरी के ग्राम लिमतरा निवासी मुरलीधर पटेल ने अपने पोल्ट्री फार्म पर तूफान से गिरे सागौन के पेड़ों से हुए नुकसान का सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने पेड़ों को हटाने और उनकी लकड़ियों का इस्तेमाल करने की अनुमति भी मांगी। तखतपुर के सेमरा निवासी राजेंद्र जायसवाल ने शिकायत की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त की राशि नहीं मिलने के कारण उनका मकान अधूरा पड़ा है। जोरापारा निवासी छात्रा रिंकी ने छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की। उसने बताया कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पात्र होने के बावजूद उसे अब तक छात्रवृत्ति नहीं दी गई है। आवेदन के महीनों बाद भी सीमांकन नहीं बेलतरा तहसील के ग्राम लिम्हा निवासी रेशमदास मानिकपुरी ने अपनी कृषि भूमि के सीमांकन में हो रही देरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में आवश्यक शुल्क जमा करने के बावजूद अब तक सीमांकन की कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जल्द सीमांकन कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। जनदर्शन में शहर के मिनीमाता नगर, तालापारा निवासी रविंद्र कुमार खुंटे ने आगजनी की घटना में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए आर्थिक सहायता राशि दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में उनके घर में आग लगने से घरेलू सामान और आवश्यक वस्तुएं जलकर नष्ट हो गई थीं। आवेदन के माध्यम से उन्होंने जल्द आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा बापू उप नगर निवासी दिव्यांग महिला सन्नो ने शासकीय योजना के तहत प्राप्त आबंटित को बदल कर हेमूनगर क्षेत्र में आवास उपलब्ध कराने की मांग की।
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मंगलवार शाम नरसिंहगढ़ स्थित मायसेम सीमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें फैक्ट्री में कई कमियां मिलीं। कलेक्टर ने वहां काम कर रहे मजदूरों से सीधे बातचीत कर उनका हाल जाना, जिसके बाद उनके बयानों को आधार बनाकर श्रम विभाग को तत्काल केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान मजदूरों ने कलेक्टर को बताया कि कई सालों से फैक्ट्री में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है। इसके अलावा, ठेकेदार द्वारा उन्हें एकमुश्त पूरा वेतन देने के बजाय किस्तों में पैसे दिए जाते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि कंपनी की ओर से मजदूरों को कोई सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) नहीं दिए जाते, जिसे मजबूरन उन्हें अपने खुद के पैसों से खरीदना पड़ता है। ओवर टाइम का नहीं मिल रहा पैसा, सुविधाएं भी नहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि उन्हें लंबे समय से फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि मजदूरों से तय समय (8 घंटे) से ज्यादा काम तो कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें उसका सही भुगतान नहीं मिल रहा और न ही नियमों के मुताबिक ओवर टाइम का दोगुना पैसा दिया जा रहा है। इसके साथ ही मजदूरों को कोई वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) नहीं दी जाती और न ही परिसर में उनके भोजन के लिए कोई व्यवस्थित जगह है। सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने से चोरियों का डर मजदूरों ने एक और बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि फैक्ट्री में उनके वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की कोई जगह नहीं है। इस वजह से उन्हें अपनी गाड़ियां बाहर सड़क पर पार्क करनी पड़ती हैं, जहां से आए दिन वाहन चोरी होने की घटनाएं होती हैं। इस पर कलेक्टर ने कंपनी प्रबंधन को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि वे फैक्ट्री के अंदर ही पार्किंग की व्यवस्था करें, क्योंकि यह संस्थान की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि काम के दौरान यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई हादसा होता है, तो उसका पूरा इलाज कराना कंपनी की जवाबदारी होगी। जांच के दौरान प्रशासनिक अमला रहा मौजूद इस औचक निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान मौके पर पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया, नायब तहसीलदार वृदेश पांडे और श्रम अधिकारी सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर स्थित स्टेट बार काउंसिल की बिल्डिंग में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद वकीलों और लोगों ने समय रहते उसे फंदे से उतार लिया और इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। युवक की पहचान दतिया निवासी ऊधम उर्फ शंकर पुत्र अहिवरन वंशकार के रूप में हुई है, जो पॉक्सो एक्ट के मामले में सजायाफ्ता है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने पत्नी और पारिवारिक तनाव से परेशान होने का जिक्र किया है। विश्वविद्यालय थाना पुलिस के मुताबिक ऊधम सिंह को दतिया की जिला अदालत ने नाबालिग के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी ठहराते हुए 7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ उसने ग्वालियर हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। हाई कोर्ट ने 15 जून 2022 को उसे जमानत दे दी थी। बताया जा रहा है कि जमानत मिलने के बाद वह कई तारीखों पर कोर्ट में पेश नहीं हो पाया था। मंगलवार को वह अपने केस की अगली तारीख और कानूनी स्थिति जानने के लिए दतिया से ग्वालियर आया था। वह स्टेट बार काउंसिल की बिल्डिंग में अपने वकील से मिलने पहुंचा। इसके बाद शाम करीब 6 बजे वह सार्वजनिक बाथरूम में गया और गले में बंधी साफी का फंदा बनाकर आत्महत्या की कोशिश करने लगा। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों को संदिग्ध हलचल महसूस हुई। जब उन्होंने अंदर झांककर देखा तो युवक फंदे पर लटका मिला। लोगों ने तुरंत दरवाजा खुलवाकर उसे नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस को युवक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सीएसपी विश्वविद्यालय हिना खान ने बताया कि युवक को समय रहते बचा लिया गया। वह दतिया का रहने वाला है और पॉक्सो मामले में सजायाफ्ता है। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है और स्थिति सामान्य है।
सीहोर के कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे और महादेव की आरती में शामिल हुए। पूरे परिसर में दिनभर भक्ति का माहौल बना रहा। जन्मोत्सव के मौके पर आयोजित प्रवचन में पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई शिव भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती। महादेव अपने भक्तों के दुख, संकट और बाधाओं को दूर कर उन्हें सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। प्रदीप मिश्रा बोले- शिव भक्ति से जीवन होता है सकारात्मक प्रवचन के दौरान पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की छोटी-सी श्रद्धा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने का आग्रह किया। भक्तों के लिए विशेष प्रसादी की व्यवस्था की गई जन्मोत्सव के अवसर पर विठलेश सेवा समिति की ओर से भव्य भोजनशाला में प्रसादी का वितरण किया गया। पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं के लिए पांच क्विंटल से अधिक गुलाब जामुन, पांच क्विंटल से अधिक आमरस, आठ क्विंटल से अधिक मावे की बर्फी, नमकीन और 10 क्विंटल से अधिक खिचड़ी, रोटी व सब्जी की व्यवस्था की गई। हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा धाम प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा सुनी। 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा कुबेरेश्वरधाम गूंज उठा। कथा के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक और पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 10 जुलाई 2026 कर दिया है। अब तक किसी कारणवश आवेदन नहीं कर सके अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकें। विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अथवा एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे दूर-दराज के अभ्यर्थियों को भी आवेदन का पर्याप्त अवसर मिल सके और प्रवेश प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रवेश से जुड़ी अन्य जानकारी, पाठ्यक्रम विवरण और आवश्यक दिशा-निर्देश अभ्यर्थी वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।
उदयपुर में ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानुवाड़ा पंचायत के बिलखाई गांव में सामूहिक धर्मांतरण मामले में मंगलवार को कोर्ट ने 2 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पूर्व मामले में कोर्ट ने 11 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जज जतिन परमार ने दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए तर्कों के आधार पर आदेश देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 में भारतीय नागरिक को आस्था चुनने का अधिकार है लेकिन प्रलोभन, बल, कपट, मिथ्या रूप से किसी अन्य नागरिक का धर्म परिवर्तन करने का अधिकार नहीं है। ईसा मसीह की प्रार्थना सभा में बुलाया थाबिलखाई निवासी पीड़ित नानालाल ने ऋषभदेव थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि 6 जून 20226 को आरोपियों ने उसे ईसा मसीह की प्रार्थना सभा के नाम पर बुलाया था। जहां पहले से करीब 150 से 200 लोग मौजूद थे। नानालाल को ईसाई धर्म अपनाने पर उसकी बीमारी ठीक करने, घर पर नया कुआं और हैंडपंप खुदवाने का लालच दिया। जब नानालाल ने धर्म बदलने से मना किया तो आरोपियों ने उससे गाली गलौच और धक्का मुक्की करते हुए मारपीट की। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 11 आरोपियों की जमानत 13 जून को खारिज कर दी थी। बाकी 2 आरोपी प्रभुलाल पुत्र जीवा मादडा और सोहन पुत्र रामलाल कलासुआ निवासी कानुवाड़ा की जमानत आज खारिज कर दी। बता दें, आरोपियों के पास से ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार करने की कुल 17 पुस्तकें और धर्म परिवर्तन के लिए आयोजित समारोह में उपयोग में लिए टैंट संबंधित सामान की बरामदगी की है।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर इंदौर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिले में नीट परीक्षा के लिए 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 23 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, बिजली, यातायात और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टर ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए पिछले वर्षों की तरह परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बसों के माध्यम से परीक्षार्थियों को आने-जाने में सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि इन आयोजनों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुंगेली जिले में किसानों को खरीफ सीजन 2026 में उच्च गुणवत्ता वाले खाद और बीज उचित मूल्य पर मिलें, इसके लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। इस बीच कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर उप संचालक कृषि वीणा ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष जिला निरीक्षण दल ने लोरमी और पथरिया विकासखंड के दो कृषि केंद्रों पर छापा मारा। इस दौरान कई बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण दल ने लोरमी के बिजराकापाकला स्थित किशन खाद भंडार और पथरिया के बेलखुरी में संदीप ट्रेडर्स पर डमी ग्राहक भेजकर उर्वरक खरीदवाई और विक्रय प्रक्रिया की जांच की। ओवररेट बिक रही थी खाद जांच में दोनों कृषि केंद्रों पर उर्वरक बिक्री से संबंधित गंभीर अनियमितताएं मिलीं। किशन खाद भंडार, बिजराकापाकला में एनपीके उर्वरक निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था। साथ ही, यूरिया के साथ जिंक सल्फेट जैसी अन्य सामग्री अनिवार्य रूप से दी जा रही थी। ये शिकायतें सही पाई गईं। संदीप ट्रेडर्स, बेलखुरी में यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचा जा रहा था। यहां भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन के स्टॉक में भी भारी अंतर मिला। इसके अलावा, एनपीके उर्वरक बिना स्रोत प्रमाण पत्र के बेचा जा रहा था। दस्तावेज और खाद जब्त किए गए ये सभी अनियमितताएं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का स्पष्ट उल्लंघन हैं। इन अनियमितताओं के बाद दोनों कृषि केंद्रों पर उपलब्ध उर्वरकों और आवश्यक दस्तावेजों को जब्त कर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुल 15.48 टन यूरिया, 22.80 टन एसएसपी, एनपीके और एमओपी जब्त किए गए। संबंधित दस्तावेज और पीओएस मशीन भी जब्त की गईं। इस दौरान जिला उर्वरक निरीक्षक मनहरण कुर्रे, निरीक्षक संजय सोनवानी सहित कृषि विभाग के अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद थे।
भिलाई में बीएसपी से 250 टन लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस संगठित स्क्रैप चोरी गिरोह के कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुरानी भिलाई थाना में दर्ज प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे संजय सिंह को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। मामले में एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी पकड़ा गया है। दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जाएगी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय सिंह (48) खुर्सीपार, भिलाई का निवासी है, जबकि पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा (48) सेक्टर-05 भिलाई का रहने वाला है। मामले का सह-आरोपी और संजय सिंह का बेटा अभय सिंह अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। बाप-बेटे पर था 10-10 हजार का इनाम जांच के दौरान पुलिस ने संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह को पूरे स्क्रैप चोरी सिंडिकेट का प्रमुख सदस्य माना था। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर अभय सिंह पर टिकी हुई है। 250 टन स्क्रैप जब्त, कीमत 90 लाख से अधिक मामला 26 मई को सामने आया था, जब भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स स्क्रैप यार्ड में पुलिस ने छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान यार्ड और हाइवा वाहनों से करीब 250 टन लौह सामग्री बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये से अधिक है। जांच में पता चला कि फ्लाई एश परिवहन की आड़ में लोहे की प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री चोरी कर बाहर भेजी जा रही थी। वाहनों में ऊपर फ्लाई एश और नीचे स्क्रैप छिपाकर ले जाया जाता था। गिरफ्तार चालकों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे 30 से 40 बार इसी तरीके से स्क्रैप बाहर निकाल चुके हैं। बैंक खाते सीज, मनी ट्रेल की जांच तेज पुलिस ने जांच के दौरान संजय सिंह के घर से 10 अलग-अलग बैंकों की पासबुक और चेकबुक जब्त की थीं। इसके बाद संबंधित बैंक खातों को सीज कर दिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी से अर्जित रकम किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस मामले में अब तक मीथेन ठाकुर, चिंतानंद साहू, गीतेश वर्मा, निर्मल सिंह और घनश्याम गुप्ता सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घनश्याम गुप्ता ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह संजय सिंह के कहने पर चोरी का स्क्रैप लोड करवाता था। बीएसपी के अंदरूनी लोगों पर भी जांच जांच अधिकारियों का मानना है कि प्लांट से इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप बाहर निकालना केवल ड्राइवरों और कबाड़ियों के बस की बात नहीं है। बीएसपी परिसर में वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था होने के बावजूद सैकड़ों टन स्क्रैप बाहर जाना अंदरूनी सहयोग की ओर इशारा करता है। इसी वजह से अब कुछ कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और तकनीकी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। रिमांड में खुल सकते हैं कई बड़े नाम पुलिस का मानना है कि संजय सिंह की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है। सात दिन की रिमांड के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि स्क्रैप चोरी का नेटवर्क कैसे संचालित होता था। इसमें किन लोगों की भूमिका थी और करोड़ों रुपये के इस कारोबार का फायदा किन लोगों तक पहुंच रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित स्क्रैप चोरी कांड से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में मंगलवार रात CIA-1 और बदमाशों के बीच दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर रतनगढ़ के पास मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में गांधी नगर निवासी रोहित और टोनी के पैरों में गोलियां लगीं। दोनों को घायल अवस्था में शाहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। वहीं, फायरिंग के दौरान CIA टीम में शामिल ASI राहुल भी बाल-बाल बच गया। बदमाशों की गोली उसकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। घायल बदमाशों को फर्स्ट ऐड के बाद LNJP अस्पताल में रेफर किया जाएगा। अभी शाहाबाद में उनका इलाज चल रहा है। रतनगढ़ एरिया में छुपे थे बदमाश पुलिस के अनुसार, CIA-1 को गुप्त सूचना मिली थी कि रविवार को गांधी नगर में हुई फायरिंग के आरोपी रतनगढ़ क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए और पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली के लोरमी के ग्राम बिजराकछार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शाला प्रवेश उत्सव मनाया। उन्होंने हर्षोल्लास के साथ विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम साव ने विद्यार्थियों को निःशुल्क शाला गणवेश और पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। मध्यान्ह भोजन के दौरान पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें थर्मस बोतलें भी प्रदान की गईं। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि साय सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और बेहतर शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पढ़ाई का बेहतर वातावरण बच्चों को अपने सपनों को साकार करने में मदद करेगा। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिजराकछार स्कूल में किचन शेड और रंगमंच के निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा भी की।
छतरपुर के 21 वर्षीय अभिज्ञान गुप्ता की सोमवार को वृंदावन में करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को घटना का वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामले की चर्चा तेज हो गई। युवक अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गया था। वीडियो में देखा जा सकता है युवक कूलर से चिपक गया था जिसे अलग करने की कोई हिम्मत नहीं कर रहा था इसके बाद युवक के पिता ने धक्का देकर कूलर को नीचे गिरा दिया। अभिज्ञान गुप्ता बस स्टैंड स्थित पत्रकार चौक निवासी और मोबाइल व्यवसायी अमित उर्फ मिंटू गुप्ता के पुत्र थे। परिवार ने पहले बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद सभी लोग रिक्शे से इस्कॉन मंदिर पहुंचे। तीन तस्वीरों में देखें घटनाक्रम… कूलर के संपर्क में आते ही चिपका रह गया बताया जा रहा है कि इस्कॉन मंदिर के पास रिक्शे से उतरने के बाद अभिज्ञान आगे बढ़े। इसी दौरान उनका हाथ वहां रखे एक कूलर से छू गया। कूलर में करंट होने के कारण उन्हें जोरदार झटका लगा और वे मौके पर ही गिर पड़े। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। पिता के सामने बेटे ने तोड़ा दम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बेटे को आंखों के सामने गिरता देख पिता अमित उर्फ मिंटू गुप्ता बदहवास हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन अभिज्ञान को बचाया नहीं जा सका। वीडियो के सामने आने के बाद घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों को कहना है धार्मिक स्थलों पर जहां हजारों लोग घूमने आते हैं वहां इस तरह की लापरवाही हो रही है। अभिज्ञान की मौत की खबर जैसे ही छतरपुर पहुंची, पत्रकार चौक और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। व्यापारिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पलवल जिले में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों के बैंक खातों से 5 लाख 24 हजार रुपए उड़ा लिए। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में, ओमैक्स सिटी निवासी राजदीप सिंह ने बताया कि 19 अप्रैल को उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मशहूर टायर कंपनी एमआरएफ का बड़ा अधिकारी बताया। शातिर ठग ने पीड़ित को झांसा दिया कि वह उसे कंपनी का माल बाजार से काफी सस्ते दामों पर दिलवा देगा। बैंक खाते से उड़ाए लाखों रुपए ठग के झांसे में आकर राजदीप ने बताए गए एक बैंक खाते में 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें न तो माल मिला और न ही पैसे वापस आए, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दूसरे मामले में, पलवल निवासी प्रभु शंकर के खाते से लाखों रुपए उड़ा लिए गए। उन्हें इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी। प्रभु शंकर ने बताया कि ठगों ने उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा था। लिंक पर क्लिक करते हुए कटने लगे रुपए जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, उनकी जानकारी के बिना उनके बैंक खाते से स्वचालित तरीके से पैसे कटने शुरू हो गए। साइबर ठगों ने उनके खाते से 3 लाख 23 हजार 900 रुपए निकाल लिए। पैसे कटने के मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम साइबर अपराधियों की जांच करने में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संभल में मुहर्रम का चांद दिखा:17 जून से नए हिजरी साल की शुरुआत, शहर में गम का माहौल
संभल में मंगलवार शाम मुहर्रम का चांद दिखने के बाद नए हिजरी साल की शुरुआत की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही शहर में कर्बला के शहीदों की याद में गम का माहौल छा गया है। इस संबंध में मरकज़ी रुयते हिलाल कमेटी की बैठक मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में हुई। मुफ़्ती मेहबूब वास्ती ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में शहर के उलेमा और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। कमेटी ने चांद दिखने की पुष्टि के बाद बताया कि बुधवार, 17 जून को मुहर्रम की पहली तारीख होगी। इसके अनुसार, 10 मुहर्रम यानी यौमे आशूरा 26 जून को मनाया जाएगा। उलेमाओं ने लोगों से इन्हीं तारीखों के आधार पर इबादत, जिक्र की मजालिस और रोजों का एहतमाम करने की अपील की। मुहर्रम का चांद नजर आने के साथ ही शहर में शोक का माहौल गहरा गया है। विभिन्न मोहल्लों और इमामबाड़ों में फर्श-ए-अजा बिछा दी गई है। घरों और धार्मिक स्थलों पर काले परचम लगाए जा रहे हैं, जबकि अजाखानों में अलम सजाकर मातमी कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परंपरा के अनुसार, शोकाकुल महिलाओं ने भी सुहाग की निशानियां हटाकर गम का इजहार किया। शिया समुदाय द्वारा पहली मुहर्रम से नौ मुहर्रम तक शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया जाएगा। अंजुमन-ए-पंजतनी और अंजुमन हाशमी की ओर से छोटे इमामबाड़े में प्रतिदिन सुबह और रात को मजलिसें होंगी। इसके अतिरिक्त, मोहल्ला सादात सिरसी, कर्बला और शर्की सादात स्थित इमामबाड़ों में भी अलग-अलग समय पर मजलिसों का सिलसिला चलेगा। वहीं, सुन्नी समुदाय भी कर्बला के शहीदों की याद में जलसों और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। बैठक में मौजूद शहर के प्रमुख उलेमा, कारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुहर्रम के अवसर पर अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने सत्र 2026-27 में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पंजीकरण एवं चेक-इन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित की है। प्रवेश पंजीकरण और चेक इन सीमा का हुआ विस्तारकुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों (प्रवेश परीक्षा वाले पाठ्यक्रमों को छोड़कर) में प्रवेश पंजीकरण और चेक-इन की प्रक्रिया अब 22 जून तक पूरी की जा सकेगी। केवल प्रवेश पंजीकरण और चेक-इन की समय-सीमा का विस्तार किया गया है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी न कर पाने वालों को मिलेगा लाभकुलसचिव राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय के इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे। विवि व संबद्ध कालेजों में संचालित कोर्सेज के लिए छात्र विवि या कालेज की वेबसाइट में जाकर जानकारी ले सकते हैं।
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी ने घरेलू क्रिकेट सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सीनियर और जूनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी का गठन कर दिया है। एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। एडहॉक कमेटी के सदस्य सुशील जैन ने बताया कि नई सिलेक्शन कमेटी बीसीसीआई द्वारा आयोजित विभिन्न घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए राजस्थान की टीमों का सिलेक्शन करेंगी। आरसीए की ओर से गठित सीनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन पूर्व क्रिकेटर विजेंद्र यादव को बनाया गया है। जबकि कमेटी में जाकिर हुसैन, शमशेर सिंह, प्रणय शर्मा और अफरोज खान को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह सिलेक्शन कमेटी रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी और अंडर-23 वर्ग की टीमों के संभावित खिलाड़ियों का चयन करेगी। यह खिलाड़ी बीसीसीआई की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं जूनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी की कमान अमर सिंह नेगी को सौंपी गई है। कमेटी में सिद्धार्थ जोशी, अंकित लाम्बा, मधुर खत्री और सिद्धार्थ सराफ को सदस्य बनाया गया है। यह समिति अंडर-19, अंडर-16 और अंडर-14 आयु वर्ग की राजस्थान टीमों के चयन की जिम्मेदारी संभालेगी। प्रदर्शन के आधार पर होगा खिलाड़ियों का सिलेक्शन एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने कहा कि सिलेक्शन प्रोसेस का मुख्य आधार खिलाड़ियों का प्रदर्शन और प्रतिभा होगी। सिलेक्टर्स को खिलाड़ियों के प्रदर्शन की गहन समीक्षा कर सर्वश्रेष्ठ टीम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। ऑनलाइन आवेदन और इंटरव्यू के बाद हुआ चयन आरसीए एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने बताया कि सिलेक्शन कमेटी के गठन के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से दोनों सिलेक्शन कमेटी का गठन किया गया है। युवा खिलाड़ियों को मिलेगा पारदर्शी मंच एडहॉक कमेटी के सदस्य आशीष तिवाड़ी ने कहा कि सिलेटर्स की जिम्मेदारी होगी कि वे पूरे राज्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखें और केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर टीमों का सिलेक्शन करें, ताकि राजस्थान की टीमें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव जल्ला के पास हुए एक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवक कृष्ण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसकी मां जसवीर कौर और बहन रमनदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गईं। जानकारी के अनुसार कृष्ण सिंह अपनी मां व बहन के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने मोटर साइकिल को टक्कर मार दी, जिसके कारण कृष्ण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। लोगों ने बताया कि संगरूर निवासी कृष्ण सिंह अपने परिवार के साथ गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने आए थे। दर्शन के बाद तीनों मोटरसाइकिल पर अपने घर लौट रहे थे। गांव जल्ला के नजदीक पहुंचने पर पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। बहन रमनदीप कौर की हालत नाजुक, पीजीआई रेफर तीनों को सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने कृष्ण को मृत घोषित कर दिया और उसकी मां को प्राथमिक उपचार के बाद पटियाला के रजिंदरा अस्पताल में रेफर कर दिया। जबकि बहन रमनदीप कौर की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें आगे पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया है। हादसे के बाद ड्राइवर फरार हादसे के बाद कार का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। थाना सरहिंद के एएसआई राजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।
बीकानेर में कार- पिकअप की भिड़ंत, एक की मौत:5 घायल हुए; श्रीडूंगरगढ़ में कालू रोड पर हुआ हादसा
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में मंगलवार शाम कालू रोड पर कार और पिकअप की आमने-सामने टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के बाद बीकानेर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, गुसाईंसर बड़ा में रिश्तेदारी से लौट रहे राजेरा निवासी रामकुमार(40) पुत्र बद्रीराम सारस्वत की हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। वह कार में सवार होकर श्रीडूंगरगढ़ की ओर आ रहे थे। दुर्घटना में उनके छोटे भाई देवकरण सारस्वत(35) भी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पिकअप में सवार गिरधारीलाल जाखड़, उनकी पत्नी शारदा जाखड़, संतोष जाखड़ और गौरव टाडा घायल हो गए। हादसे में कुल पांच लोग घायल हुए हैं। एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी और आपणों गांव सेवा समिति की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सेवादारों ने सभी घायलों को श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी पांच घायलों को बीकानेर रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही घायलों और मृतक के परिजन हॉस्पिटल पहुंचे।
आजमगढ़ में शासकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चकमार्गों पर अवैध अतिक्रमण तथा कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देश पर तहसील प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों एवं मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा करने अथवा धोखाधड़ी और कूटरचना के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएम के निर्देशों के क्रम में संबंधित तहसील प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा जांचोपरांत विभिन्न मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसी क्रम में राजेन्द्र यादव पुत्र स्वर्गीय बालादीन, निवासी कोठिया, सरायमीर के विरुद्ध कार्रवाई की गई। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित व्यक्ति को चकमार्ग पर अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद राजेन्द्र यादव द्वारा रात्रि में बार्जा और पोर्च का निर्माण कर चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंची तथा आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। इस संबंध में तहसील प्रशासन द्वारा थाना सरायमीर में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई की गई है। निजामाबाद थाना क्षेत्र में भी दर्ज हुआ मुकदमाएक अन्य प्रकरण में दयाराम यादव पुत्र स्वर्गीय चन्द्रधारी यादव, निवासी ग्राम अल्लीपुर, तहसील निजामाबाद द्वारा चकमार्ग पर मिट्टी डालकर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया गया तथा पानी बहाकर मार्ग को अवरुद्ध कर आवागमन प्रभावित किया गया। मामले की जांच के उपरांत संबंधित लेखपाल द्वारा थाना रानी की सराय में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई कराई गई है। इसके अतिरिक्त अभय यादव पुत्र सुदर्शन यादव, निवासी दवईत, तहसील मेंहनगर द्वारा सहखातेदार के रूप में अवैध एवं कूटरचित तरीके से अपना नाम दर्ज कराने का मामला प्रकाश में आया। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा अभय यादव के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। डीएम रविन्द्र कुमार ने कहा है कि जनपद में शासकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चकमार्गों एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हरदोई पुलिस ने जुए के अड्डे पर मारा छापा:13 जुआरी गिरफ्तार, 43 हजार नकद और वाहन बरामद
हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुए के एक अड्डे पर छापा मारकर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 43,220 रुपये नकद, ताश के पत्ते और कई वाहन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे अपराधियों, वारंटियों और जुआ-सट्टा कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान का हिस्सा थी। बिलग्राम पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से जुए की फड़ संचालित की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की और मौके से 13 लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद, मैनपुरी और हरदोई जनपदों के निवासी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी जुए की खाईबाड़ी करते हुए पकड़े गए। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 43,220 रुपये नकद और जुए में इस्तेमाल होने वाले ताश के 52 पत्ते बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, मौके पर खड़े आठ चार पहिया वाहन, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। इस संबंध में थाना बिलग्राम में मुकदमा अपराध संख्या 269/26, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई को सफल बनाने में थाना बिलग्राम पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार, उपनिरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक श्रीप्रकाश, हेड कांस्टेबल नन्दकिशोर तथा कांस्टेबल मनीष कुमार, अभिषेक पाल, अटल सिंह, आनन्द यादव, अमन सिंह, अतुल चौधरी और विशाल कुमार शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बना रहे।
बस्ती में मंगलवार शाम बच्चे को काला कहने पर महिलाओं में विवाद हो गया। पड़ोस में रहने वाली दो महिलाओं के बीच कहासुनी के बाद एक महिला ने दूसरी पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामला रुधौली थाना क्षेत्र के बभनी मिश्रा गांव का है। महुआ बैरियहवा गांव निवासी मोहम्मद रईस की पत्नी खुशनुमा और मोहम्मद अयूब की पत्नी माजिदा आमने-सामने रहती थीं। मंगलवार शाम खुशनुमा अपने बच्चों को बुला रही थी। इसी दौरान उसने ‘काला’ शब्द का इस्तेमाल किया। माजिदा को लगा कि उसके बच्चों को ताना दिया जा रहा है। इसी बात पर दोनों महिलाओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान खुशनुमा घर से चाकू लेकर आई और माजिदा के पेट में वार कर दिया। चाकू लगने से माजिदा गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत संतकबीरनगर जिले के सेमरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ कुलदीप सिंह और प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी महिला खुशनुमा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आसाम से जयपुर पहुंचे 16 साल के हाथी 'मोहन' की कस्टडी सरकार के पास ही रहेगी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी की कस्टडी महावत को देने के आदेश पर रोक लगा दी हैं। जस्टिस बिपिन गुप्ता ने अपने आदेश में सरकार को हाथी की समुचित देखभाल करने के निर्देश भी दिए। अदालत ने सरकार से कहा है कि वह हाथी के खानपान और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखे। कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी। दरअसल, हाथी मोहन को मार्च में आसाम से जयपुर लाया गया था। वन विभाग ने हाथी को फर्जी ट्रांजिट परमिट से जयपुर लाने पर कार्रवाई करते हुए उसे जब्त कर लिया था। एडीजे कोर्ट ने महावत के पक्ष में दिया था फैसलादरअसल, आसाम के रहने वाले लोकनाथ बोहरा हाथी को लेकर जयपुर लाए थे। इन्होने जयपुर में सलीम खान के यहां हाथी को रखा। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने फर्जी ट्रांजिट परमिट के आरोप में हाथी को अपने कब्जे में ले लिया। सलीम खान ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करके कहा कि हाथी मालिक ने उसे पावर ऑफ अर्टोनी दी हैं। ऐसे में उसे हाथी लौटाया जाए। लेकिन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसके प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। उसके बाद सलीम खान ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के खिलाफ अपील की। अपील पर सुनवाई करते हुए एडीजे-7 ने 29 अप्रेल को सलीम खान के पक्ष में फैसला देते हुए हाथी की कस्टडी उसे देने के आदेश दिए। हाथी का ट्रांसफर जैविक क्रूरताइस फैसले के खिलाफ वन विभाग के सहायक वन संरक्षक लेखराम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर वन विभाग की ओर से बहस करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी और मानवेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि हाथी को असम से बिना वैध दस्तावेजों के राजस्थान लाया गया और अवैध रूप से रखा गया। जांच के दौरान प्रस्तुत ट्रांजिट परमिट फर्जी पाए गए तथा जिस वाहन संख्या से हाथी को लाने का दावा किया गया, वह परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में अस्तित्व में ही नहीं मिला। सरकार ने दलील दी कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत हाथी सरकारी संपत्ति के रूप में निहित हो चुका है। वहीं असम की आर्द्र जलवायु से जयपुर के शुष्क वातावरण में हाथी का स्थानांतरण जैविक क्रूरता के समान है। ऐसे में हाथी की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए उसकी कस्टडी सरकार को दी जाए।
फलोदी पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर एक बालक से बाल श्रम करवाने और उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। यह कार्रवाई नागौर चौराहे के पास एक वर्कशॉप पर की गई। पुलिस के अनुसार, वर्कशॉप मालिक फिरोज बालक से सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक लगातार काम करवाता था। बालक से वर्कशॉप की साफ-सफाई के अलावा वाहनों के पुर्जों की सफाई जैसे कठिन कार्य भी कराए जाते थे। बालक को उसके किए गए कार्य के अनुरूप वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। उसे बाल श्रम करवाकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। एएसआई बाबूलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी फिरोज को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सेक्टर-151 ए में बन रहे एक मंदिर के ध्वस्तीकरण को लेकर प्राधिकरण के नोटिस जारी किया है। इसको लेकर मंदिर प्रबंधन ने नाराजगी जताई है। वहीं प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बिना नक्शा पास डबल बेसमेंट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी से अनुमति भी नहीं ली गई है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर-151ए स्थित कामबखशपुर गांव में पुराना इस्कॉन मंदिर बना हुआ था जो जर्जर हो चुका है। अब इसको तोड़कर बनाया जा रहा है। अब इसको डबल बेसमेंट तैयार कर बनाया जा रहा है। जबरन जारी किया गया नोटिस मंदिर से जुड़े प्रबंधन का कहना है कि कामबख्शपुर गांव की जमीन का प्राधिकरण ने अधिग्रहण नहीं किया है। इसके अलावा भूकंपविरोधी बिल्डिंग आर्किटेक्ट से डिजाइन कराकर इसको बनवाया जा रहा है। इसके बावजूद प्राधिकरण ने इसके ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया है। इस मामले में प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस निर्माण के लिए प्राधिकरण से नक्शा पास नहीं कराया गया है। इसके अलावा धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए जिलाधिकारी की अनुमति जरूरी है।
हरदोई शहर की आवास विकास कॉलोनी में मंगलवार को एक महिला न्याय की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई। आत्महत्या की चेतावनी देने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा। महिला का आरोप है कि उसकी शिकायत पर पुलिस ने अब तक उचित कार्रवाई नहीं की। महिला ने आत्महत्या की चेतावनी देते हुए प्रशासन पर न्याय न मिलने का आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। टंकी पर महिला के चढ़ने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस और प्रशासन की टीम ने महिला को समझाने का प्रयास शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद अधिकारियों ने महिला के पति और बच्चों को मौके पर बुलाया और बातचीत के जरिए उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। महिला का आरोप है कि 10 फरवरी को उसके बच्चों का हरपालपुर क्षेत्र के कुछ बच्चों से विवाद हुआ था। इसी मामले की शिकायत करने वह संबंधित लोगों के घर गई थी। उसका कहना है कि वहां उसके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटना हुई, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला। उल्टा शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका में उसका चालान कर दिया गया। महिला ने दावा किया कि शिकायत के बाद से उसे लगातार दबाव और धमकियां मिल रही थीं, जिसके चलते उसे परिवार सहित गांव छोड़कर हरदोई शहर में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। महिला के पति ने बताया कि उन्होंने मामले में कई अधिकारियों से शिकायत की और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजे, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। इसी नाराजगी और हताशा के चलते महिला ने यह कदम उठाया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह टंकी से नीचे उतरने को तैयार हुई। सीओ सिटी अजीत चौहान ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक स्कूलों में 24 जून तक ग्रीष्म कालीन अवकाश:हीट वेव के चलते अपर मुख्य सचिव ने बढ़ाईं छुट्टियां
यूपी के बेसिक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 24 जून तक बढ़ा दिए गए हैं।हालांकि पूर्व आदेशों के क्रम में 16 जून को पूरे प्रदेश में बेसिक स्कूलों को खोला गया था। लेकिन मंगलवार को देर शाम बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक आदेश जारी करके बेसिक स्कूलों को 24 जून तक बंद रखने का आदेश दिया है।
जोधपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य एवं एंकरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. मीनाक्षी राजपुरोहित मीनू को वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशनल ऑर्गेनाइजेशन की ओर से मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया है। उन्हें डॉक्टरेट इन लिटरेचर व एंकरिंग की उपाधि प्रदान की गई।इस सम्मान के माध्यम से संस्था ने साहित्य, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं एंकरिंग के क्षेत्र में डॉ. मीनाक्षी राजपुरोहित मीनू के उत्कृष्ट कार्यों, समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान को सराहा है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की एक महत्वपूर्ण सफलता है, बल्कि क्षेत्र की अन्य प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. मीनाक्षी राजपुरोहित मीनू ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, शुभचिंतकों और सहयोगियों को दिया। पढें ये खबर भी… साहित्यकार एवं लेखिका मीनाक्षी राजपुरोहित सम्मानित:दिल्ली में आयोजित हुआ राजपुरोहित गौरव अवार्ड, 51 प्रतिभाओं को नवाजा
अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ जयपुर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा के निर्देश पर फायर शाखा की टीम ने चार कोचिंग क्लासेस और रेस्टोरेंट्स को 180 दिनों के लिए सीज कर दिया है। कार्रवाई उन संस्थानों पर की गई है, जहां जरूरी फायर सेफ्टी और एनओसी उपलब्ध नहीं थी। नगर निगम फायर शाखा उपायुक्त के बताया कि गोपालपुरा बाईपास रोड स्थित कोटिल्य क्लासेस के भवन का निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि संस्थान में आवश्यक फायर सुरक्षा उपकरण और फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है। निगम ने बताया कि इस संबंध में पहले भी नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संस्थान द्वारा अनुपालना नहीं की गई। इसी तरह अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर शिवालय क्लासेस (गोपालपुरा बाईपास रोड), किबाना रेस्टोरेंट और बैंक्वेट्स (मानसरोवर), रॉयल रजवाड़ा रेस्टोरेंट (आमेर रोड) के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। चारों संस्थानों को राजस्थान नगरपालिकाएं अधिनियम-2009 की धारा 194 (7)(एफ) के तहत 180 दिनों अथवा सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक सीज कर दिया गया है। नोटिस के बाद भी एक्शन नहीं लिया मुख्य अग्निषमन अधिकारी गौत्तमलाल ने बताया कि संबंधित प्रतिष्ठानों को पहले ही अग्नि सुरक्षा प्रावधानों की पूर्ति कर फायर एनओसी प्राप्त करने के लिए नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित समयावधि में आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गई। स्टूडेंट्स, कर्मचारियों और ग्राहकों की जान के लिए खतरा था निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि संस्थानों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव था। ऐसे में वहां आने वाले स्टूडेंट्स, ग्राहकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था। इसी को देखते हुए जनहित के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक भवन संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही समय पर फायर एनओसी हासिल करना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र पोक्सो एक्ट और अपहरण के एक मामले में मुख्य गवाह 17 वर्षीय नाबालिग लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। लड़की की मां ने आरोप लगाया है कि कोर्ट में होने वाली गवाही को प्रभावित करने और मुकदमे को कमजोर करने की नीयत से उनकी बेटी को दोबारा बहला-फुसलाकर गायब किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तिलपत क्षेत्र की रहने वाली महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 13 जून को बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। महिला का कहना है कि बेटी जाते समय घर में रखे करीब 40 हजार रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और 20 हजार रुपए नकद भी अपने साथ ले गई। लड़की को दुबारा अगवा करने का आरोप महिला ने बताया कि उनकी बेटी पहले से ही पल्ला थाने में दर्ज एक पोक्सो एक्ट और अपहरण के मामले की पीड़िता और मुख्य गवाह है। इस मामले में मनीष और मोहित नाम के दो युवक आरोपी हैं। मामला वर्तमान में अदालत में विचाराधीन है और दोनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इससे पहले जनवरी 2026 में भी आरोपी मनीष जमानत पर जेल से बाहर आया था। उस दौरान उसने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर लड़की को दोबारा अगवा कर लिया था और कोर्ट में बयान बदलने के लिए दबाव बनाया था। उस घटना के संबंध में भी पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। लड़की की मां बोली- जेल में बंद आरोपियों ने रची साजिश अब लड़की के दोबारा लापता होने पर मां ने आशंका जताई है कि जेल में बंद आरोपी मनीष और मोहित ने अपने परिजनों के माध्यम से पूरी साजिश रची है। महिला ने मनीष के माता-पिता, मोहित के माता-पिता और मोहित के छोटे भाई रोहित पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि 6 जुलाई 2026 को कोर्ट में उनकी बेटी की मुख्य गवाही होनी है और उससे पहले उसका गायब होना कई सवाल खड़े करता है। पल्ला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। कॉल डिटेल्स और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक बहिष्कार जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाकर महाराष्ट्र की तर्ज पर सामाजिक बहिष्कार प्रतिषेध अधिनियम लागू किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रदेश के सभी विधायकों को पत्र लिखा जा रहा है। डॉ. मिश्र ने बताया कि हाल के वर्षों में जशपुर, कोंडागांव, केशकाल, सरायपाली, बगीचा और कांसाबेल सहित कई क्षेत्रों में सामाजिक बहिष्कार की घटनाएं सामने आई हैं। उनके अनुसार जाति या समाज से बाहर विवाह करने, पंचायत के आदेश नहीं मानने, आरटीआई लगाने अथवा कुछ मामलों में स्वच्छता मित्र बनने तक पर लोगों और परिवारों का बहिष्कार कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 30 हजार से अधिक लोग सामाजिक बहिष्कार जैसी कुप्रथा से प्रभावित हैं। बहिष्कृत परिवारों का जीवन हो जाता है मुश्किल डॉ. मिश्र ने कहा कि सामाजिक बहिष्कार के बाद संबंधित व्यक्ति और उसका परिवार गांव में लगभग अलग-थलग पड़ जाता है। उनसे कोई बातचीत नहीं करता और सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए जाते हैं। ऐसे परिवारों को सार्वजनिक हैंडपंप से पानी लेने, तालाब में निस्तार करने, सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने, पंगत में बैठने, दुकानों से सामान लेने, मजदूरी करने और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में भाग लेने से भी रोका जाता है। कई बार बहिष्कार समाप्त करने के लिए जुर्माना, अनाज, शारीरिक दंड या गांव छोड़ने जैसे फरमान भी सुनाए जाते हैं। आत्महत्या, प्रताड़ना और पलायन की घटनाएं उन्होंने कहा कि सामाजिक बहिष्कार के कारण आत्महत्या, हत्या, प्रताड़ना और पलायन जैसी घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद इस कुरीति को रोकने के लिए कोई विशेष और प्रभावी कानून राज्य में मौजूद नहीं है। डॉ. मिश्र के अनुसार सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में यह भी सामने आया है कि सामाजिक बहिष्कार से जुड़े मामलों का कोई अलग रिकॉर्ड न तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, न राज्य सरकार और न ही पुलिस विभाग के पास उपलब्ध है। महाराष्ट्र का उदाहरण दिया डॉ. मिश्र ने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा ने 11 अप्रैल 2016 को सर्वसम्मति से सामाजिक बहिष्कार प्रतिषेध कानून पारित किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 3 जुलाई 2017 से पूरे महाराष्ट्र में लागू है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार का कानून बनाकर सामाजिक बहिष्कार जैसी अमानवीय प्रथा पर रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने करीब 75 हजार वर्गफीट जमीन से अतिक्रमण हटाया। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत 35 करोड़ रुपए बताई गई है। यह कार्रवाई पिछले दिनों की, लेकिन यूडीए ने मंगलवार को इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी बताई। यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना के अनुसार पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की ओर से सरकारी जमीन पर किए कब्जों को हटाने के संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र भेजा था। इस पर यूडीए को कार्रवाई के लिए पत्र मिला और यूडीए ने कार्रवाई की। जांच में यूडीए की जमीन पर मिला कब्जा कमिश्नर ने बताया- जांच के दौरान राजस्व ग्राम चिकलवास की आराजी संख्या 3070, 3071, 3073 और 3075 नगर विकास प्रन्यास उदयपुर के नाम दर्ज पाई गई। उन्होंने बताया कि इन भूखंडों पर रोहिताश उर्फ रोहित श्रीमाली द्वारा अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि हुई। यूडीए ने उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 70 के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया। नोटिस के जवाब में संबंधित व्यक्ति द्वारा जमीन स्वामित्व से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार अतिक्रमण ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया। 9 जून को हुई कार्रवाई सचिव हेमेंद्र नागर ने बताया- प्राधिकरण टीम ने 9 जून को अतिक्रमण हटाया और जमीन को दोबारा कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के निर्देशन में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, पटवारी हितेन्द्र सिंह तंवर सहित प्राधिकरण दल और होमगार्ड जवान मौजूद रहे। आम जनता से सावधानी बरतने की अपील यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना ने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों की वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा- कई बार अनधिकृत लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे सस्ते दाम में बेचने का लालच देते हैं। प्राधिकरण भविष्य में भी सरकारी और प्राधिकरण जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाता रहेगा।
ट्रेलर ने बाइक को मारी टक्कर, युवक की मौत:पोस्टमॉर्टम कर शव सौंपा; मेडिकल शॉप पर काम करता था
जालोर में हादसे में दम तोड़ने वाले युवक का शव मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया। सोमवार देर शाम बिशनगढ़ थाना इलाके में वतन रिसोर्ट के पास एक ट्रेलर ने युवक की बाइक को टक्कर मार दी थी। युवक जालोर में मेडिकल शॉप पर काम करता था और काम के बाद अपने घर बालवाड़ा गांव लौट रहा था। बिशनगढ़ थाना पुलिस के मुताबिक- बालवाड़ा गांव निवासी गौतम कुमार (22) पुत्र नाथूराम जीनगर कल शाम बाइक से वतन रिसोर्ट के पास पहुंचा ही था कि बिशनगढ़ की ओर से आ रहे ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी। गौतम गिरकर घायल हो गया। उसे एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। शव को मांडवला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मंगलवार दोपहर को पोस्टमॉर्टम कर शव परिजन को सौंप दिया। हालांकि पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लिया है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
सीआईडी इंटेलिजेंस राजस्थान ने मंगलवार को एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। वह पिछले 2 साल से पाक हैंडलर्स से कॉन्टैक्ट में था। जैसलमेर में बॉर्डर की तरफ जाने वाली मेन रोड पर चाय की दुकान खोलकर सेना के मूवमेंट के वीडियो पाक हैंडलर्स को भेजता था। एडीजी (पुलिस इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया- पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की ओर से राजस्थान में की जाने वाली जासूसी गतिविधियों पर सीआईडी इंटेलिजेंस निगरानी रखे हुए है। निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि मुस्ताक अली (26) पुत्र नबी बक्श निवासी हिगोला की ढाणी खारिया नाचना (जैसलमेर) की गतिविधियां संदिग्ध हैं। टीम की ओर से उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मुस्ताक अली सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स से लगातार कॉन्टैक्ट में है। दुकान की आड़ में वीडियो-फोटो बना रहा था संदिग्ध जासूस मुस्ताक अली को पकड़कर जयपुर में अलग-अलग एजेंसियों ने संयुक्त पूछताछ की। पूछताछ और मोबाइल एनालिसिस में पाया गया कि उसे बीएसएफ और सेना के मूवमेंट पर निगरानी रखने के टास्क दिए गए थे। टास्क पर वह दुकान की आड़ में बीएसएफ और सेना के मूवमेंट की निगरानी के साथ वीडियो/फोटो बनाकर पाक हैंडलर्स को भेज रहा था। इसके बदले रुपए लेता था। फिलहाल गिरफ्तार पाक जासूस से पूछताछ की जा रही है। … जासूसी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… आर्मी एरिया की छात्राओं से दोस्ती करता था पाकिस्तानी जासूस:ऑपरेशन सिंदूर के समय भी भेजी थी सीक्रेट जानकारी, बदले में मिलता था पैसा अलवर में ईटाराणा सैन्य छावनी (कैंट एरिया) से सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में एक युवक को पकड़ा है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जोधपुर निवासी कुंदन विश्नोई (20) पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के लिए एक सक्रिय एजेंट के रूप में काम कर रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)
आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को धमतरी विधानसभा क्षेत्र में अपनी 14वीं संगठनात्मक बैठक आयोजित की। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक में पार्टी नेताओं ने संगठन विस्तार, जनहित के मुद्दों और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर मीडिया से चर्चा की। बैठक में दिल्ली के विधायक एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी मुकेश अहलावत भी शामिल हुए। पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए पांच संभाग प्रभारियों की नियुक्ति की गई है, जो लगातार क्षेत्रीय दौरे कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। बिजली बिल बकाया को लेकर सरकार पर साधा निशाना मीडिया से चर्चा के दौरान सूरज उपाध्याय ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़े नेताओं और संस्थानों पर लाखों रुपये के बिजली बिल बकाया हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर 14.5 लाख रुपये और IAS क्लब पर करीब 36 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आम लोगों के बकाया बिल पर कनेक्शन काटे जा सकते हैं तो बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। 'बिजली सरप्लस राज्य में स्मार्ट मीटर की जरूरत क्यों?' AAP प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के मामले में सरप्लस राज्य है, इसके बावजूद स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना के जरिए लोगों को गुमराह कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठाए सवाल सूरज उपाध्याय ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षक भर्ती को लेकर की गई घोषणाओं का भी उल्लेख करते हुए सरकार पर युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर निराश करने का आरोप लगाया। केंद्र सरकार पर भी लगाए आरोप बैठक के दौरान AAP नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। सूरज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि महंगाई, शिक्षा नीति, विदेश नीति और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश दोनों स्तर पर जनता बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और बेहतर शासन की अपेक्षा कर रही है। 2028 चुनाव में खाता खोलने का दावा AAP ने आगामी विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर भी अपनी रणनीति का संकेत दिया। सूरज उपाध्याय ने विश्वास जताया कि पार्टी लगातार जनसंपर्क और संगठन विस्तार के जरिए आगामी चुनाव में छत्तीसगढ़ में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करेगी और विधानसभा में प्रवेश करने में सफल होगी। उन्होंने झीरम कांड की सच्चाई सामने लाने की मांग दोहराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की बात कही।
बस्ती में बेटे को काला कहने पर महिला ने दूसरी महिला को चाकू मार दिया। दरअसल, दोनों महिलाएं आपस में पड़ोसी है। मंगलवार शाम को महिला ने अपने बेटे को काला कहकर बुलाया। तभी वहां मौजूद पड़ोसी महिला को लगा वह उसके बेटे को काला कहा है। इसी में दोनों में विवाद शुरु हुआ। उसी दौरान महिला ने चाकु से मृतका पर वार कर दिया। इस हमले में वह लहुलुहान हो गई। वहां मौजूद लोग तत्काल घायल महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हमले के बाद आरोपी महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्यों को जुटाकर जांच शुरू कर दी। वहीं महिला से पूछताछ भी जारी है। यह घटना रुधौली थाना क्षेत्र के बैरियहवा गांव में हुई। पढ़िए पूरी घटना… महुआ बैरियहवा गांव में माजिदा (50) अपने पति मोहम्मद अयूब और बेटे के साथ रहती थी। उनके घर के बगल खुशनुमा पत्नी मोहम्मद रईस का घर है। मंगलवार की देर शाम खुशनुमा का बेटा घर के बाहर खेल रहा था। तभी खुशनुमा ने बेटे को काला कहकर अपने पास बुलाया। उसी समय वहां मौजूद पड़ोसी महिला माजिदा को लगा कि उसके बच्चों को काला कहकर ताना कस रही हैं। इसी बात को लेकर दोनों महिलाओं के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मारपीट शुरु हो गई। उसी दौरान खुशनुमा अपने घर से चाकू निकाल कर ले आई। उसने माजिदा के पेट में भोंक दिया। चाकू लगते ही वह लहुलुहान हो गई। घटना पर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में माजिदा को गांव के सबसे नजदीक संत कबीर नगर जनपद के सेमरियावा स्थित सीएचसी पर ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घर के बाहर दोनों महिलाओं के बच्चे खेल रहे थे। उसी दौरान दोनों के बीच विवाद शुरु हुआ, जिसमें चाकू से महिला ने हमला कर दिया। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषितकर दिया। घटना किसी सूचना पर सीओ कुलदीप समेत प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे ने गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। आरोपी महिला खुशनुमा को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी संजय कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा का मंगलवार को परिणाम घोषित हो गया। इसमें अलीगढ़ के होनहारों ने पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया है। एटा चुंगी प्रदुमन विहार की रहने वाली वंदना सिंह ने 359.32 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम रैंक हासिल की है। वहीं, एएमयू से पढ़ाई करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर नितिन पचौरी 352.66 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। दोनों ही टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया है। रिजल्ट आने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए वंदना सिंह ने कहा- मुझे अभी तक भरोसा ही नहीं हो रहा है कि पूरे प्रदेश में पहली रैंक आई है। वंदना ने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के हासिल की है। उनका कहना है कि सेल्फ स्टडी के दम पर सफलता हासिल की है। नेटवर्क ने खड़ी की बाधा, मंत्री से नहीं हो पाई बात परिणाम जारी होने के बाद मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री ने जूम ऐप के जरिए सभी टॉपर्स से वर्चुअल संवाद किया। हालांकि, नेटवर्क की समस्या के कारण वंदना इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़ने से चूक गईं। वंदना सिंह के पिता भीके सिंह राजस्व विभाग में लेखपाल पद से सेवानिवृत्त हैं और मां केला देवी गृहणी हैं। वंदना ने अपनी पढ़ाई बीएससी और फिर बॉटनी से एमएससी कर पूरी की है। विज्ञान की छात्रा होने के नाते उनका लक्ष्य बीएड पूरा कर बच्चों को विज्ञान की बेहतरीन शिक्षा देना है। नितिन पचौरी बोले- सैकड़ों डॉक्टर-इंजीनियर बनाना है लक्ष्य अलीगढ़ के मैलरोज स्थित बिहारीपुरम निवासी नितिन पचौरी ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने एएमयू से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कुछ समय नौकरी भी की। उन्होंने बताया कि देश और समाज के लिए कुछ अलग करने के जज्बे के कारण कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ दी। नितिन का कहना है कि अगर एक इंजीनियर के रूप में काम करते तो केवल पैसे कमा सकते थे। उनका कहना है कि वह एक शिक्षक बनकर देश के लिए डॉक्टर और इंजीनियर तैयार करना चाहते हैं। बच्चों की कोचिंग पर निर्भरता खत्म करना मकसद नितिन पिछले 10 वर्षों से एक निजी शिक्षक के रूप में अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में पढ़ा रहे हैं। लंबे समय तक शिक्षण कार्य से जुड़े रहने के बाद उन्हें बीएड डिग्री की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने यह परीक्षा दी। उनका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा के स्तर को इतना मजबूत करना है ताकि बच्चों की कोचिंग पर से निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सके। वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री नितिन पचौरी के शिक्षा को लेकर विजन और आइडियाज से बेहद प्रभावित हुए। मंत्री ने नितिन की जमकर सराहना की और उन्हें विशेष तौर पर लखनऊ आने का निमंत्रण भी दिया है। सिर्फ नंबर नहीं, अच्छे इंसान बनाना जरूरी नितिन चाहते हैं कि छात्र आगे चलकर डिफेंस, मेडिकल, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत की खुद की स्वदेशी तकनीक विकसित करें। किताबी ज्ञान और अच्छे नंबरों के अलावा वे छात्रों में भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता का विकास कर उन्हें एक बेहतरीन इंसान बनाना चाहते हैं।
सिंगरौली में दो परिवारों में मारपीट:सड़क पर महिलाओं की झड़प, सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद
सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के खैराबाद गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर दो परिवारों के बीच जमकर लात-घूंसे चल गए। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुई इस घटना में महिलाओं सहित दोनों पक्षों के कई लोग बीच सड़क पर एक-दूसरे से भिड़ते नजर आए। घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, खैराबाद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। मंगलवार शाम को इसी बात को लेकर विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि दोनों पक्ष लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए और सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। पीड़िता की बेटी ने लगाया गंभीर आरोप पीड़िता सुनीता विश्वकर्मा की शिकायत पर जियावन थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की बेटी सीमा विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश और जमीन विवाद के चलते क्रांति विश्वकर्मा और उसके साथियों ने मिलकर उनकी सास पर हमला किया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। हमले में घायल महिला की हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार जियावन थाना प्रभारी शेषनारायण द्विवेदी ने बताया कि सुनीता देवी की ओर से इस संबंध में एक लिखित आवेदन मिला है। घायल महिला की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस फिलहाल डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे पुलिस ने अपनी जांच का हिस्सा बना लिया है और वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान की जा रही है।
चित्तौड़गढ़ के पांडनपोल आयुर्वेद हॉस्पिटल ने अब तक 22.41 लाख रुपए के क्लेम बुक कर राजस्थान में चौथा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं को शामिल किए जाने के बाद यह उपलब्धि मिली है। खास बात ये है कि जिन तीन आयुर्वेद हॉस्पिटल्स ने चित्तौड़गढ़ से ज्यादा क्लेम बुक किए हैं, उन्हें यह योजना चित्तौड़गढ़ से करीब 6 महीने पहले शुरू करने की अनुमति मिल चुकी थी। बाद में शामिल होने के बावजूद चित्तौड़गढ़ का प्रदेश में चौथे स्थान तक पहुंचना विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पहली बार आयुर्वेद में मिल रहा है MAA योजना का लाभ जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल पांडनपोल की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. विमला खत्री ने बताया- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पहले केवल एलोपैथी हॉस्पिटल्स में ही उपचार की सुविधा उपलब्ध थी। आयुर्वेद हॉस्पिटल्स में यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। सितंबर से योजना के तहत क्लेम बुकिंग शुरू हुई थी। मरीज के जन आधार कार्ड के माध्यम से उसकी पात्रता की जांच की जाती है। बीपीएल सहित पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलता है, जबकि जिन परिवारों ने वार्षिक प्रीमियम जमा कर योजना से जुड़ाव कर रखा है, वे भी उसी कार्ड के जरिए आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों प्रकार की चिकित्सा सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। योजना में लगभग 20 तरह की बीमारियों के लिए अलग-अलग पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें घुटनों का दर्द, कमर दर्द, गर्दन और कंधों की समस्याएं सहित कई रोग शामिल हैं। मरीज की बीमारी के अनुसार पंचकर्म आधारित उपचार दिया जाता है। इसमें कटि बस्ती, पत्र पिंड स्वेदन, नाड़ी स्वेदन, बस्ती कर्म सहित कई थेरेपी शामिल रहती हैं। मरीज को 7 दिन तक हॉस्पिटल में भर्ती रखकर उपचार किया जाता है। पूरी थैरेपी और इलाज योजना के तहत निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। हॉस्पिटल में अभी तक करीब 75 मरीज इस योजना के तहत भर्ती होकर उपचार प्राप्त कर चुके हैं। 10 बेड के अस्पताल ने किया 22 लाख से अधिक का क्लेम डॉ. विमला खत्री ने बताया- जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल में केवल 10 बेड की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद अस्पताल ने 22 लाख रुपए से ज्यादा के क्लेम बुक किए हैं। वर्तमान में हॉस्पिटल में पंचकर्म आधारित उपचार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। योजना में शल्य चिकित्सा से जुड़े पैकेज भी शामिल हैं, लेकिन हॉस्पिटल में फिलहाल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन सेवाओं का लाभ नहीं लिया जा रहा है। इसके बावजूद पंचकर्म उपचार के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों को राहत मिल रही है। राजस्थान में चौथा स्थान, साथ में अनुमति पाने वालों में पहला डॉ. विमला खत्री ने बताया- पूरे राजस्थान में खाण्डा फलसा, अजमेर और जोधपुर यूनिवर्सिटी आयुर्वेद हॉस्पिटल चित्तौड़गढ़ से आगे हैं। लेकिन इन संस्थानों को एम्पैनलमेंट और योजना संचालन की अनुमति करीब छह महीने पहले मिल गई थी। वहीं जिन हॉस्पिटल्स को चित्तौड़गढ़ के साथ अनुमति मिली थी, उनमें चित्तौड़गढ़ पहले स्थान पर है। जयपुर में आयोजित विभागीय बैठक में भी चित्तौड़गढ़ के कार्यों की सराहना की गई और उच्च अधिकारियों ने हॉस्पिटल की उपलब्धियों को सराहा। जागरूकता अभियान से बढ़ी मरीजों की संख्या डॉ. विमला खत्री ने बताया- हॉस्पिटल आने वाले मरीजों को नियमित रूप से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की जानकारी दी जाती है। उन्हें बताया जाता है कि योजना के तहत पंचकर्म और अन्य आयुर्वेद उपचार निशुल्क उपलब्ध हैं। इसी जागरूकता का परिणाम है कि ज्यादा से ज्यादा मरीज योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। मरीजों से मिलने वाला फीडबैक भी सकारात्मक रहा है और आयुर्वेद उपचार के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान में MAA योजना के तहत क्लेम बुकिंग में टॉप-10 आयुर्वेद चिकित्सालय मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) के तहत क्लेम बुकिंग में राजकीय आयुर्वेद हॉस्पिटल खाण्डा फलसा 90.81 लाख रुपए के साथ प्रदेश में पहले, अजमेर 73.99 लाख रुपए के साथ दूसरे और जोधपुर यूनिवर्सिटी आयुर्वेद हॉस्पिटल 31.53 लाख रुपए के साथ तीसरे स्थान पर है। चौथे स्थान पर जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल पांडनपोल, चित्तौड़गढ़ ने 22.41 लाख रुपए के क्लेम बुक किए हैं। इसके बाद मंगरा पूंजला 19.21 लाख रुपए, बूंदी 15.65 लाख रुपए, सादड़ी (पाली) 15.20 लाख रुपए, शाहपुरा (भीलवाड़ा) 12.47 लाख रुपए, भादसोड़ा (चित्तौड़गढ़) 12.26 लाख रुपए और ब्यावर 8.94 लाख रुपए के क्लेम के साथ क्रमशः पांचवें से दसवें स्थान पर हैं। खास बात यह है कि चित्तौड़गढ़ जिले के दो आयुर्वेद हॉस्पिटल्स-पांडनपोल और भादसोड़ा-प्रदेश के टॉप-10 में शामिल हुए हैं, जो जिले में आयुर्वेद उपचार और MAA योजना के बेहतर क्रियान्वयन को दर्शाता है। इन टॉप 10 आयुर्वेद चिकित्सालयों ने अब तक कुल 4 करोड़ 48 लाख 68 हजार रुपए से ज्यादा के क्लेम सबमिट किए हैं।
झांसी में ट्रेन से कटकर युवक मौत:रातभर तलाशते रहे परिजन, आज पटरी पर पड़ा मिला शव
झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक युवक ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। युवक बिल्डिंग मटीरियल सप्लाई का काम करता था और घटना से पहले शराब के नशे में घर पहुंचा था। कुछ देर बाद वह बाइक लेकर घर से निकला और फिर वापस नहीं लौटा। देर रात परिजनों ने तलाश शुरू की तो उसका क्षत-विक्षत शव झांसी-भोपाल रेलवे लाइन पर मिला। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम राजगढ़ स्थित शिवाय नगर निवासी मनीष यादव (33) पुत्र श्रीराम यादव दो भाइयों में छोटा था। परिवार के अनुसार मनीष बिल्डिंग मटीरियल सप्लाई का कारोबार करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण इसी से करता था। बुधवार शाम वह अपनी दुकान बंद करके घर पहुंचा। उस समय वह शराब के नशे में था। परिजनों के अनुसार घर आने के बाद वह कुछ देर तक रुका और फिर बाइक लेकर कहीं चला गया। रातभर इंतजार के बाद शुरू हुई तलाश परिवार के लोगों ने पहले सोचा कि वह किसी काम से बाहर गया है और कुछ देर में लौट आएगा, लेकिन देर रात तक उसके घर न पहुंचने पर चिंता बढ़ गई। परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश शुरू की गई। तलाश के दौरान परिजनों को सूचना मिली कि झांसी-भोपाल रेलवे लाइन पर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर शव की पहचान मनीष यादव के रूप में हुई। ट्रेन की चपेट में आने से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग बदहवास हो गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने कराया पोस्टमॉर्टमघटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा तथा पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। दस साल पहले पिता भी ट्रेन से कटे थे परिजनों ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले मनीष के पिता श्रीराम यादव रेलवे विभाग में कार्यरत थे। उनकी भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया था। बाद में मृतक आश्रित कोटे के तहत बड़े बेटे हाकिम यादव को रेलवे में नौकरी मिली, जिससे परिवार को सहारा मिला। वहीं मनीष ने नौकरी के बजाय अपना व्यवसाय शुरू किया और बिल्डिंग मटीरियल सप्लाई का काम करने लगा। गर्भवती पत्नी और छह साल के बेटे का सहारा छिनामनीष की शादी वर्ष 2016 में हुई थी। उसके परिवार में पत्नी और छह वर्षीय बेटा है। परिजनों के अनुसार उसकी पत्नी गर्भवती है और जल्द ही परिवार में नए सदस्य का आगमन होने वाला था। ऐसे समय में मनीष की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मासूम बेटा अभी यह समझने की स्थिति में नहीं है कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है।
जयपुर में 9 जून को अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में हुई 8 लोगों की मौत के मुख्य आरोपी कयूम खान (50) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कयूम खान (50) निवासी राक्ष्या की ढाणी खोह-नागोरियान को पुलिस टीम ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दबिश देकर पकड़ा। वह एक हफ्ते से दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ठिकाने बदल-बदलकर फरारी काट रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि रुपए के लालच में आरोपी कयूम खान ने पार्टनरशिप में अवैध पटाखा फैक्ट्री खोली थी। दिल्ली से आए दो युवक फैक्ट्री में सामान रखने के बाद आराम कर रहे थे। इस दौरान हादसे में उनकी मौत हो गई थी। खोह-नागोरियान थाना पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने बताया- आरोपी कयूम खान की तलाश में 8 दिन से पुलिस टीम दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दबिश दे रही थी। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में काट रहा था फरारी रंजिता शर्मा ने बताया- पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कयूम खान फरारी काटने के दौरान अपने रिश्तेदार-परिजनों से भी कॉन्टैक्ट बंद कर रखा था। पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। थानाधिकारी प्रकाशराम विश्नोई के नेतृत्व में SI मुकेश और बजरंग लाल, कॉन्स्टेबल धीरज और सुमनेश की टीम की आरोपी कयूम को पकड़ने में अहम भूमिका रही। दिल्ली से आकर कर रहे थे आराम दो युवक, हादसे में मारे गए पुलिस जांच में सामने आया कि ब्लास्ट के दिन दिल्ली से गाड़ियों में भरकर अवैध विस्फोट का सामान आया था। गाड़ियों को खाली करवाने के लिए नासिर और रेहान साथ आए थे। माल खाली होने के बाद गाड़ियां लौट गई, लेकिन दोनों यहीं रुक गए। फैक्ट्री में नासिर और रेहान के आराम करने के दौरान ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट होते ही दोनों को मरता छोड़कर आरोपी फिरोज और कयूम भाग निकले थे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि रुपए के लालच में उसने फैक्ट्री खोली थी। दिल्ली से शुरू हुए काम को जयपुर में वह बढ़ाने का काम कर रहा था। वह फैक्ट्री से पार्टनरशिप में जुड़ा हुआ था। ----- ये खबरें भी पढ़िए… पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: मुख्य आरोपी पर रेप समेत 6 केस:दिल्ली-तमिलनाडु से मंगवा रहा था अवैध बारूद; इलाके में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू जयपुर-अवैध पटाखा फैक्ट्री से 700 मीटर दूर तेल की पाइपलाइन:60 पर्सेंट घरों में होता है बारूद का काम, तालाब पर बसी हैं कॉलोनियां कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज अवैध-फैक्ट्री में धमाके से पीछे वाले मकान में दरार आई:पड़ोसी बोला-आग की लपटें देख घर नहीं गया; कबाड़ के 50 गोदाम से अब भी खतरा मां बोलीं- बेटा पानी पिलाने गया था, उसे ढूंढ लाओ:मैं उसके बिना जिंदा नहीं रह पाऊंगी, घर का सहारा चला गया जहां 8 जिंदा जले,वो मकान मालिक भी फैक्ट्री में हिस्सेदार:5 मकान पटाखे बनाने के लिए किराए पर दिए, मास्टरमाइंड से लेता था 1 लाख किराया जयपुर फैक्ट्री अग्निकांड- SHO सहित 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड:तड़प रहा झुलसा युवक बोला- मर जाऊंगा; जिनके मकान में अवैध पटाखा फैक्ट्री थी, उनका आलीशान घर जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री
कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत एक शातिर मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी की गई 11 बाइक बरामद हुई हैं। आरोपी ने कोटा ग्रामीण, कोटा शहर और झालावाड़ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया- जिले में बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया गया था। मामले की शुरुआत 15 मई को हुई, जब कुम्भकोट निवासी लालचंद मेघवाल ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बीटीएस डेटा, मोबाइल कॉल डिटेल्स और मुखबिर तंत्र की सहायता से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने झालावाड़ जिले के गुराड़िया जोगा निवासी रूद्रेश उर्फ रुद्राक्ष (19) को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कई वाहन चोरी की वारदातें कबूल कीं। आरोपी ने रामगंजमंडी, सुकेत, खातौली, जवाहर नगर, महावीर नगर, गुमानपुरा और झालरापाटन सहित विभिन्न क्षेत्रों से कुल 11 मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। बरामद वाहनों में 5 मोटरसाइकिलें कोटा ग्रामीण, 3 कोटा शहर, 1 झालावाड़ और 2 अन्य क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। पुलिस ने चोरी की सभी 11 मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी चोरी का मामला दर्ज है, जिसमें मोटरसाइकिल और स्कूल से एलईडी चोरी करने का आरोप है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
संभल में मुहर्रम पर्व से पहले सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और सरकारी व तीर्थ स्थलों की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी (डीएम) अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस बल के साथ सड़कों पर उतरकर फ्लैग मार्च किया। मंगलवार शाम 6:30 बजे चौधरी सराय पुलिस चौकी पर चार थानों की पुलिस एकत्रित हुई। डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व में तीन थाना क्षेत्रों में 7 किलोमीटर लंबी पैदल गश्त (फूट पेट्रोलिंग) की गई, जो रात 7:40 बजे समाप्त हुई। इस दौरान जगह-जगह लगे सीसीटीवी का निरीक्षण किया गया और सार्वजनिक भूमि पर हुए अस्थायी कब्जों को हटाने के निर्देश दिए गए। फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, सीओ संभल कुलदीप कुमार, तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह, पालिका टीईओ कार्तिकेय यादव और आरआई राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम अंकित खंडेलवाल ने मुहर्रम पर्व की तैयारियों का भी जायजा लिया और संबंधित विभागों को साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों ने भागीरथी तीर्थ का निरीक्षण किया, जहां अस्थायी अतिक्रमण की शिकायतें मिली थीं। इन कब्जों को बुधवार को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, तीर्थ के विकास के लिए शासन को भेजे गए प्रस्तावों को आगे बढ़ाने और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर जोर दिया गया। डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फ्लैग मार्च का उद्देश्य विकास कार्यों का जायजा लेना और सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखना भी था। उन्होंने मुहर्रम के संबंध में शासन के स्पष्ट निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ताजियों की पारंपरिक ऊंचाई में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। नमाज और अन्य पारंपरिक जुलूसों तथा पर्वों को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार ही मनाया जाए, इसमें किसी भी प्रकार का विचलन स्वीकार्य नहीं होगा।
लुधियाना जिले केजगराओं स्थित गांव लक्खा में एक 22 वर्षीय युवक की चिट्टे की ओवरडोज से मौत हो गई। धर्मपाल की मौत मंडी में बने तंबू में हुई। जब उसके साथियों ने उसे बेहोशी की हालत में देखा को ठेकेदार को बताया। ठेकेदार के पहुंचने से पहले उसकी मोत हो चुकी थी। उन्होंने धर्मपाल सिंह के परिजनों को इस संबंध में जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि वो चिट्टा लगाता था और कई बार रोकने की कोशिश की। वहीं ठेकेदार का कहना है कि उसे ट्रैक्टर में डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंप पर भेजा था। उसी दौरान उसने चिट्टे का टीका लगाया और उसके बाद आकर तंबू में लेट गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। धर्मपाल की मौत के बाद उसके घर में मातम छा गया। मां गुरजीत कौर बेटे की तस्वीर सीने से लगाकर विलाप करती रहीं, जबकि पिता कुलवंत सिंह भी गहरे सदमे में थे। परिवार के दुख को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों में रोष, पुलिस की कारगुजारी पर उठाए सवाल इस घटना के बाद गांव में भारी रोष फैल गया। पंजाब ग्रामीण मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव अवतार सिंह तारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जगराओं क्षेत्र के कई गांवों में चिट्टा खुलेआम बिक रहा है। उनका कहना था कि नशा तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।गांव की महिलाओं और पुरुषों ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि चिट्टे का कारोबार किसी से छिपा नहीं है, लेकिन जो भी इसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ता है। इसी डर के कारण कई परिवार सामने आने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की कारगुजारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। नशे के बड़े तस्करों पर नहीं हो रही कार्रवाई ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उनका कहना था कि केवल छोटे स्तर के लोगों को पकड़ने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि नशे के बड़े सौदागरों और उनकी सप्लाई चेन को तोड़ना आवश्यक है। जगराओं में लगातार हो रही नशे से मौतें गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जगराओं क्षेत्र के 14 परिवार अपने बच्चों की तस्वीरें हाथों में लेकर नशे के खिलाफ मार्च निकाल चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा पंजाब प्रधान केवल ढिल्लों ने जगराओं को नशे की कैपिटल तक करार दिया था। अब धर्मपाल की मौत ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ मंगलवार को झुंझुनूं पहुंचीं। उन्होंने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ एवं सम्मान समारोह में भाग लिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को भाजपा सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। राखी राठौड़ ने कहा- देश की जनता ने 12 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जो विश्वास जताया था, सरकार ने उसे पूरी तरह निभाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन की तुलना में राजस्थान में महिला अपराधों में 10 प्रतिशत की कमी आई है। पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रदेश दुष्कर्म के मामलों को लेकर चर्चा में रहता था, जबकि वर्तमान सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कालिका यूनिट, राजकोप ऐप और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं। वहीं ‘लखपति दीदी योजना’ के माध्यम से राजस्थान की 16 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया गया है। चुनावों में महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारीराखी राठौड़ ने कहा कि भाजपा ने महिला आरक्षण की ऐतिहासिक पहल की है। आने वाले चुनावों में महिलाओं को अधिक टिकट दिए जाएंगे। पंचायती राज संस्थाओं से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से और अधिक मजबूत होगी। कम तेल में खाना बनाकर खिलायादौरे के दौरान भाजपा महिला मोर्चा राजस्थान की ओर से झुंझुनूं के एक निजी होटल में 'कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली' अभियान के तहत कार्यक्रम हुआ। राखी राठौड़ ने स्वयं रसोई की कमान संभाली और कम तेल में स्वादिष्ट खाना तैयार कर उसे अन्य महिलाओं को खिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार की नींव घर की महिला रखती है। वर्तमान जीवनशैली में बढ़ती बीमारियों से बचने के लिए खान-पान में सुधार आवश्यक है। स्वस्थ भारत के निर्माण की शुरुआत रसोई से होती है और संतुलित भोजन से ही परिवार और समाज स्वस्थ रह सकता है। विधायक, जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी रहे मौजूदकार्यक्रम में भाजपा झुंझुनूं जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुलरी, झुंझुनूं विधायक राजेन्द्र भाम्बू, खेतड़ी विधायक धर्मपाल गुर्जर, पूर्व विधायक रणवीर गुढा, मंडल अध्यक्ष कमलकांत शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री अरुण सिहाग, ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री महेंद्र चन्दवा, भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल ढुकीया, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सरोज शयोराण सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कानपुर की फजलगंज पुलिस ने अशोका ज्वेलर्स दर्शनपुरवा फजलगंज के मालिक अशोक कुमार को नाबालिग से रेप के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अरेस्ट कर लिया। आरोप है कि नाबालिग को अपनी ज्वैलर्स शॉप पर नौकरी दी और फिर शोरूम में बने कमरे व फॉर्म हाउस में ले जाकर रेप किया। साथ ही न्यूड करके शरीर की मालिश कराई। विरोध करने पर चोरी के आरोप में जेल में नाबालिग और पूरे परिवार को भिजवाने की धमकी दी। सर्राफ की हरकतों से तंग होकर नाबालिग ने अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिवार वालों ने फजलगंज थाने में रेप व पाक्सो एक्ट के साथ धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। फजलगंज पुलिस ने मंगलवार को आरोपी अशोक कुमार को उसके फॉर्म हाउस से अरेस्ट कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। फॉर्म हाउस को बना रखा था अय्याशी का अड्डाफजलगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली 15 साल की नाबालिग 1 मई को अशोक ज्वेलर्स बताशे वाली गली दर्शनपुरवा में 15 हजार की नौकरी ज्वाइन की थी। नाबालिग ने बताया कि कुछ दिन तो सब ठीक था, लेकिन इसके बाद सर्राफ अशोक कुमार ने गंदे-गंदे इशारे करना शुरू कर दिया था, मैंने पहले तो उसे इग्नोर किया। इसके बाद दुकान के भीतर कमरे में काम के बहाने ले गया और दबोचकर अश्लीलता शुरू कर दी। विरोध करने पर कहा कि मुंह से आवाज निकाली तो तुम्हारी नौकरी तो जाएगी ही चोरी के केस में फंसाकर तुम्हें और परिवार को जेल भिजवा दूंगा। इसके बाद मुझसे जबरन अपने शरीर की मालिश करवाने लगा और स्कूटी सिखाने के बहाने बिठूर स्थित अपने फॉर्म हाउस ले गया था। वहां पर मुझे अपने कमरे में बंधक बना लिया और मुझे पूरी तरह से न्यूड करके अश्लीलता शुरू कर दी। बंद कमरे में अपने साथ न्यूड हालत में रखाइसके बाद मुझे पूरे दिन बंद कमरे में अपने साथ न्यूड हालत में रखा। फॉर्म हाउस में पूरा अय्याशी का अड्डा बना रखा था और वहां पर उसके पास अश्लील सामग्री भी थी। विरोध करने पर कहता था तुमको और तुम्हारे परिवार को चोरी में जेल भिजवा दूंगा और अगर शिकायत कि तो सबको क्षेत्र के हिस्ट्रीर्शटर से जान से मरवा दूंगा। घंटों न्यूड करके बंधक बनाए रखाइसके बाद रोजाना जबरन मुझे किसी न किसी बहाने से फॉर्म हाउस ले जाता और घंटों न्यूड करके बंधक बनाए रखता था। विरोध करने पर यातनाएं देता और पूरे परिवार को फंसाने की धमकी देता था। दुकान पर पुलिस वालों का आना-जाना था, इस वजह से मैं दहशत में थी कि मेरी तो कहीं सुनवाई भी नहीं होगी। 10 मई रिपोर्ट दर्ज कराई, आज हुई गिरफ्तारीरोज-रोज की हरकतों से परेशान होकर मैंने अपने माता-पिता को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोगों ने 10 मई को फजलगंज थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत की, पुलिस ने मामले की जांच की तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले में 16 जून को आरोपी अशोक कुमार के खिलाफ रेप, पाक्सो एक्ट व जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के चंद घंटे के भीतर ही आरोपी को मंगलवार दोपहर को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान फॉर्म हाउस से अश्लील सामग्री, सेक्सवर्धक दवाएं व अन्य चीजें बरामद की हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। इससे पहले भी महिला कर्मचारी से रेप में सर्राफ गया था जेलफजलगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया- आरोपी अशोक कुमार के खिलाफ इसके शोरूम में काम करने वाली पंजाब की युवती ने 29 नवंबर 2018 को भी रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके साथ भी शोरूम में बने कमरे और फॉर्म हाउस में ले जाकर ठीक इसी तरह से हैवानियत का शिकार बनाया था। मामले में आरोपी के खिलाफ नवंबर 2018 में ही रेप की रिपोर्ट दर्ज करके जेल भेजा गया था। करीब साढ़े नौ महीना जेल में रहने के बाद जमानत पर जेल से छूटा था। इसके बाद अब फिर से नाबालिग कर्मचारी से रेप का यह दूसरा मामला सामने आया है। इस मामले में भी आरोपी को अरेस्ट करके जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें राममंदिर चढ़ावा चोरी- टिन्नू के घर से सोना मिला, गोपाल राव का भतीजा रडार पर; बोरे में लगेज लेकर जाता, फ्लाइट से लौटता था अयोध्या का भव्य राम मंदिर यहां आने वाले चढ़ावे की चोरी को लेकर सुर्खियों में है। 7 जून से शुरू हुए आरोपों के दौर के एक हफ्ते में ही शासन की SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) जांच करने पहुंच गई। पहले दिन 15 जून को करीब 6 घंटे तक मंदिर में रही। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बात की। इसके अलावा कई स्तर पर जांच की। इससे पहले 5 कर्मचारियों से करीब 2 करोड़ रुपए कैश, 1 कार और 3 आईफोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा भी 2 बड़े खुलासे हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें
फरीदाबाद में मंगलवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एक पुलिसकर्मी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बीपीटीपी थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के संगम विहार निवासी एक युवक के खिलाफ बीपीटीपी थाना में साइबर अपराध से संबंधित शिकायत आई थी। युवक का आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने और पुलिस द्वारा जब्त की गई उसकी बाइक को छोड़ने के बदले सब-इंस्पेक्टर ने उससे 40 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। 20 हजार रुपए पहले ही दे चुका था युवक शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने दबाव में आकर पहले ही 20 हजार रुपए सब-इंस्पेक्टर को दे दिए थे, लेकिन इसके बाद भी सब-इंस्पेक्टर शेष 20 हजार रुपए की मांग कर रहा था। लगातार हो रही रिश्वत की मांग से परेशान होकर युवक ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने बीपीटीपी थाना में आरोपी सब-इंस्पेक्टर को 20 हजार रुपए दिए, पहले से तैनात ब्यूरो की टीम ने उसे मौके पर ही रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। ब्यूरो की टीम अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
राजस्थान ट्रैफिक डीजी अनिल पालीवाल ने मंगलवार को पंजाब से गुजरात को जोड़ने वाले भारतमाला, नेशनल हाईवे का निरीक्षण किया। वहीं बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध लोगों का टोल से डेटा लेने के साथ निगरानी के निर्देश दिए। डीजी पालीवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा करना हमारी पहली प्राथमिकता है। बाड़मेर में बीते कुछ सालों से विकास हुआ है। इसके साथ ट्रैफिक भी बढ़ा है। एसपी के साथ मीटिंग कर सड़क हादसे में कमी लाने के लिए प्लानिंग बनाई गई है। दरअसल, राजस्थान के प्रशिक्षण एवं यातायात डीजी अनिल पालीवाल सीमावर्ती बाड़मेर जिले के दौरे पर है। यहांं पर उन्होंने जिले के बॉर्डर इलाके से पंजाब से गुजरात को जोड़ने वाले भारतमाला हाईवे सहित नेशनल हाईवे की प्रमुख सड़कों को ग्राउंड पर जाकर देखा। उन्होंने सड़क हादसों में कमी लाने, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। सीमावर्ती जिले में बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध वाहनों की निगरानी रखने के लिए भी पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर टोल नाको पर निगरानी रखने कर उस वाहन के रुकने वापस जाने की हर गतिविधि पर भी नजर रखने निर्देश दिए हैं। डीजी अनिल पालीवाल ने कहा- सड़क सुरक्षा हम सबकी प्राथमिकता है। गत दिनों में मैंने चितौड़गढ़ और जैसलमेर जिले का भी दौरा किया था। डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है। जिले में क्या-क्या जरूरी तौर पर होना चाहिए, उसका रिव्यू करती है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय की तरफ से भी दिशा-निर्देश रहते हैं। बाड़मेर में प्रमुख हाईवे और महत्वपूर्ण सड़कों को देखा गया है। बाड़मेर एसपी से भी चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में रोड एजेंसी क्या सुधार कर सकती है, पुलिस इसमें क्या कर सकती है। सुरक्षा के लिए क्या कर सकते है, इन सभी पहलूओं को ग्राउंड पर जाकर देखने का प्रयास किया है।
इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम का चांद दिखाई दे गया है। इसके साथ ही वाराणसी की शिया बहुल बस्तियों में सदा ए या हुसैन गूंज उठी है। इमाम हुसै और उनके 71 साथियों को उस समय के आतंकवादी यजीद और उसकी सेना ने कर्बला की जमीन पर 10 मोहर्रम को भूखा और प्यासा शहीद कर दिया था। बुराई पर अच्छाई की जंग और जीत की याद में हर साल इमाम हुसैन के चाहने वाले उनका गम मनाते हैं। चांद दिखते ही सोग में डूबे शिया मुसलमान मोहर्रम का चांद मंगलवार की शाम देखा गया। इसी के साथ वाराणसी के शिया बहुल इलाके दालमंडी, नई सड़क, कालीमहल, पितरकुंडा, लल्लापुरा, हाजी बिल्डिंग, मदनपुरा, अर्दली बाजार, बाजारडीहा, रामनगर, मुखीमगंज, प्रहलाद घाट, चौहट्टा, दोषीपुरा, कोयला बाजार, पठानी टोला, हाड़ा सराय,सरैया आदि इलाकों में मजलिस मातम का दौर शुरू हो गया। औरतों ने तोड़ी चूड़ियां इमाम हुसैन के गम में शिया मुसलमानों की औरतें अपने सुहाग की निशानी चूड़ियाँ तो देती है। इसके अलावा सुहाग का कोई सामान चूड़ियां, जेवर और लाल कपड़े नहीं पहनती। 2 महीना 8 दिन अब महिलाएं और पुरुष सिर्फ काले कपड़ों में नजर आएंगे। एक मोहर्रम को सदर इमामबाड़े में उठेगा जुलूस सदर इमामबाड़े, लाट सरैया के मुतवल्ली सज्जाद अली ने बताया - एक मोहर्रम को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आगाज़ मोहर्रम।का जुलूस उठाया जाएगा। जिसमें अलम और दुलदुल की शबीह बरामद होगी। इसमें कई अंजुमन नौहा मातम करेंगी।
आगरा के शमसाबाद क्षेत्र के नगला बीच गांव में मंगलवार को एक फाउंडेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में बच्चों को कथित रूप से एक्सपायरी डेट की दवाएं बांटने का मामला सामने आया। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शिविर में मौजूद कर्मचारियों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। नगला बीच के प्राथमिक विद्यालय में फाउंडेशन की ओर से बाल चिकित्सा शिविर लगाया गया था। शिविर में बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ दवाइयों का वितरण किया जा रहा था। ग्रामीण माता प्रसाद की पत्नी अपने पोते-पोतियों के लिए दवाएं लेकर घर पहुंचीं। उनके बेटे सौरभ ने दवाओं की जांच की तो कुछ दवाओं की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। ग्रामीण दवाइयां लेकर स्कूल पहुंचे इसके बाद सौरभ ने अन्य ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। गांव के पंकज ने भी अपने बच्चे को दी गई दवा की जांच की, जो कथित रूप से एक्सपायर्ड निकली। देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीण दवाइयां लेकर स्कूल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण सौरभ के अनुसार, शिविर में एक माह से छह वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा, विभिन्न सिरप तथा अन्य दवाएं वितरित की जा रही थीं। साथ ही खून की जांच भी की जा रही थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। ग्रामीणों ने थाने में तहरीर देकर फाउंडेशन के कर्मचारी प्रदीप, सत्येंद्र, पारुल तथा दो अज्ञात महिला कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शमसाबाद थाना प्रभारी सुरेंद्र राव ने बताया कि मामला बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण तत्काल औषधि नियंत्रण विभाग (ड्रग विभाग) को सूचित कर दिया गया है। विभागीय टीम दवाओं के नमूने लेकर जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं फाउंडेशन के कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) हेड पीके झा ने बताया कि हाउसकीपिंग स्टाफ की गलती से कुछ पुरानी दवाएं वाहन में रखी रह गई थीं। मामला सामने आने के बाद टीम ने गांव पहुंचकर संबंधित दवाओं को वापस एकत्रित कर लिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को वितरित की गई एल्बेंडाजोल सिरप समेत संबंधित दवाओं को तुरंत वापस लेने की कार्रवाई की गई है और मामले की आंतरिक जांच भी कराई जा रही है।
चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र के आसोलिया की मादड़ी गांव में 'नीम नारायण संकल्प' कार्यक्रम के तहत सघन पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी थे, जिन्होंने कल्प वृक्ष का जोड़ा लगाकर अभियान की नींव रखी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जो पर्यावरण के प्रति उनकी उच्च जागरूकता को दर्शाता है। ठाकुर सूरज सिंह और ठाकुर बहादुर सिंह ने स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। ग्रामवासियों ने पारंपरिक थाली-मादल की थाप और पुष्प वर्षा के साथ सांसद जोशी का आत्मीय स्वागत किया। यह कार्यक्रम देवरा वनी परिसर में आयोजित किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद जोशी ने वृक्षों को जीवन का आधार और साक्षात देवता बताया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण वर्तमान पीढ़ी द्वारा आने वाली पीढ़ियों के सुखद भविष्य के लिए किया गया सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निवेश है।
बहराइच के नानपारा कोतवाली क्षेत्र में स्थित आलोक ट्रेडिंग कंपनी के पेट्रोल पंप से दिनदहाड़े 95 हजार रुपए की नकदी चोरी हो गई। दो शातिर चोरों ने पेट्रोल पंप के केबिन में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया। यह घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारियों को इसकी जानकारी दोपहर 2 बजे, यानी तीन घंटे बाद मिली। चोरी की पूरी वारदात पेट्रोल पंप के केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के समय पेट्रोल पंप कर्मचारी हरपाल तेल बिक्री के बाद स्टाफ का कैश केबिन के अंदर गिन रहा था। इसी दौरान दो अज्ञात युवक सामान्य तरीके से केबिन में घुस गए। केबिन के दरवाजे पर 'अनाधिकृत प्रवेश निषेध' का बोर्ड लगा होने के बावजूद उन्हें किसी ने नहीं रोका। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि दोनों संदिग्ध केबिन के भीतर आराम से घूम रहे थे। उन्होंने इसी सहजता का फायदा उठाकर टेबल पर रखी 95 हजार रुपये की नकदी उठाई और तुरंत मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के कई अन्य सीसीटीवी कैमरों में भी संदिग्धों की तस्वीरें कैद हुई हैं। पुलिस की टीमें फुटेज और हुलिए के आधार पर चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही हैं।
टोंक में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कूच किया। कार्यकर्ता सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा बहाल करने समेत 19 मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। बाद में अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद मीना को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। मंगलवार दोपगहर RLP कार्यकर्ता सरकारी डाक बंगला जुटे। यहां से स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के मेन गेट के बाहर पुतला फूंका। प्रदर्शन RLP अजमेर संभाग प्रभारी रिटा. RAS प्रभाती लाल जाट, जिलाध्यक्ष राजेंद्र पराणा, जाकिर हुसैन के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन में ये मांगें
हरदोई के बघौली-प्रतापनगर मार्ग पर मंगलवार दोपहर एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय किसान रामभजन की मौके पर ही मौत हो गई। अपने बेटे को खाना देकर घर लौटते समय उन्हें एक डीसीएम ने नें कुचल दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चौधीपुरवा (मजरा बसेन) निवासी रामभजन मंगलवार दोपहर अपने बेटे सत्यपाल की घनश्याम नगर स्थित दुकान पर खाना देने गए थे। खाना देकर मुख्य मार्ग पार करते समय बघौली की ओर से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामभजन ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सतर्क ग्रामीणों ने पीछा कर उसे डीसीएम सहित पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक तथा वाहन को अपनी हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन ठप हो गया। सूचना पाकर कोतवाल सतीश चंद्र भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। लगभग एक घंटे की मशक्कत और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने के बाद जाम खुलवाया जा सका। कोतवाल सतीश चंद्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतक रामभजन अपने पीछे पत्नी रामदेवी और चार बेटों का परिवार छोड़ गए हैं।
सिद्धार्थनगर में करंट लगने से किशोर की मौत:बरामदे में सफाई करते समय लोहे के पाइप से लगा झटका
सिद्धार्थनगर के बांसी कोतवाली क्षेत्र के मिठवल गांव में मंगलवार सुबह करंट लगने से एक 16 वर्षीय किशोर की मृत्यु हो गई। इस घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान पथरा थाना क्षेत्र के खदरा गांव निवासी गणेश दत्त शुक्ल के 16 वर्षीय पुत्र राजकुमार शुक्ल के रूप में हुई है। गणेश दत्त शुक्ल वर्तमान में मिठवल में रहते हैं। मंगलवार सुबह राजकुमार अपने घर के बरामदे की सफाई कर रहा था। इसी दौरान वह बरामदे में लगे सीमेंट के पटरे में लगाए गए लोहे के पाइप में प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आ गया। राजकुमार की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे करंट के प्रभाव से मुक्त कराया। गंभीर हालत में उसे बांसी स्थित 50 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही राजकुमार की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी मृत्युंजय पाठक मौके पर पहुंचे। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बागपत डीएम अस्मिता लाल ने 27 गौशालाओं में संरक्षित 6134 गोवंशों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में समीक्षा बैठक की। विकास भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने गौशालाओं के नोडल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए हरा चारा, भूसा, दाना, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, साफ-सफाई, खल-चोकर की उपलब्धता और स्टॉक रजिस्टर के रखरखाव जैसे बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं और निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। गोवंशों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने शासकीय दायित्वों के साथ-साथ गौशालाओं की व्यवस्थाओं के प्रति भी संवेदनशील और जिम्मेदार रहें। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और गोवंशों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु समय-समय पर चिकित्सा परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। नियमित रूप से अपनी रैंकिंग की निगरानी बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड की भी समीक्षा की। उन्होंने कम ग्रेडिंग और रैंकिंग वाले विभागों को अपना प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से अपनी रैंकिंग की निगरानी करें, समस्याओं की पहचान करें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। डीएम ने जोर दिया कि जनपद को प्रदेश में बेहतर पहचान दिलाने के लिए सभी विभाग टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसी भी जनपद की पहचान उसके कार्यों से बनती है। बेहतर प्रदर्शन, प्रभावी कार्य संस्कृति और समयबद्ध समाधान से ही जनपद को प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट रैंकिंग प्राप्त हो सकती है। सभी अधिकारियों को जनपद की प्रगति और प्रतिष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए। दौरान मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरविंद त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बालाघाट की परसवाड़ा पुलिस ने सैलून संचालक अनिल गोले की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी फगलाल ठाकरे और उसके बेटे पंकज ठाकरे को मंगलवार को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। रविवार को दुकान के पास ईंट हटाने की बात पर हुए विवाद में यह हत्या हुई थी। थाने से 100 मीटर दूर सिर पर मारी थी ईंट यह वारदात रविवार को परसवाड़ा थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई थी। दोपहर को सैलून दुकान के पास ईंट रखने को लेकर अनिल गोले का फगलाल और पंकज ठाकरे से विवाद हो गया। बहस बढ़ने पर आरोपी पंकज ठाकरे ने पास में पड़ी एक ईंट उठाकर अनिल गोले के सिर पर दे मारी। इस हमले में अनिल गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से भारी मात्रा में खून बहने लगा। थाने पहुंचते ही खाया चक्कर हमले के बाद पुलिस अनिल को लहूलुहान हालत में थाने लेकर पहुंची, जहां उन्हें अचानक चक्कर आ गया और वे गिर पड़े। पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परसवाड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वारदात के तुरंत बाद आरोपियों को पकड़ा थाने के नजदीक हुई इस वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता-पुत्र को तुरंत हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने थाने में जरूरी कागजी औपचारिकताएं और पूछताछ पूरी करने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया और मंगलवार को कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक संपन्न:मेरठ मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए
मेरठ मंडल आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में संभागीय परिवहन प्राधिकरण गाजियाबाद की बैठक आयुक्त सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में जनसामान्य की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें नए मार्गों पर परमिट स्वीकृति और पुराने परमिटों के नवीनीकरण के लिए अंतिम अवसर प्रदान करना शामिल है। प्राधिकरण ने निजी बस संचालकों को 6 मार्गों पर परमिट स्वीकृत किए। इसके अतिरिक्त, नवीन जेवर हवाई अड्डे पर परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 3 नए मार्गों के लिए भी परमिट जारी किए गए हैं। बैठक में 2022 बाइक टैक्सी स्वामियों को अपने परमिट नवीनीकरण कराने का अंतिम अवसर दिया गया, जिन्होंने पहले नवीनीकरण नहीं कराया था। इसी प्रकार, गाजियाबाद संभाग के ऐसे सभी ऑटो परमिटधारकों को भी 30 सितंबर तक का समय दिया गया है, जो किसी कारणवश अपना परमिट नवीनीकरण नहीं करा सके थे। पूर्व में निरस्त किए गए ऑटो परमिटों के संबंध में ट्रिब्यूनल के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में अन्य लंबित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। इस बैठक में जिलाधिकारी मेरठ डॉ. वी.के. सिंह, जिलाधिकारी गाजियाबाद रविंद्र कुमार मंदर, उप परिवहन आयुक्त मेरठ हरि शंकर सिंह, प्राधिकरण के सचिव प्रमोद कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम गाजियाबाद की ओर से हापुड़ के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक लक्ष्मण सिंह और नोएडा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोहिताश कुमार सहित बस ऑपरेटर्स भी उपस्थित रहे।
गोंडा में कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय अब 24 जून तक बंद रहेंगे। पहले इन विद्यालयों को आज से खोलने का निर्णय लिया गया था लेकिन अब ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ा दिया गया है। इस दौरान शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा के अधीन संचालित सभी विद्यालय 24 जून तक अवकाश पर रहेंगे और 25 जून को खुलेंगे। यह बदलाव गोंडा जिले में शिक्षक संघर्ष समिति द्वारा लगातार ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग के बाद किया गया है। समिति के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा इस संबंध में लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय में बच्चों को लेकर अध्यापकों को लेकर की गई छुट्टियों को लेकर के लगातार शिक्षक संगठन के लोग सवाल उठाकर के सरकार को और शिक्षा मंत्री को लगातार पत्र भी लिख रहे थे। गोंडा शिक्षक संघर्ष समिति के शिक्षक अमर यादव ने इस निर्णय को शिक्षकों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। 25 जून से बच्चे विद्यालयों में आएंगे और पढ़ाई पूरी तरह से शुरू हो जाएगी। गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय में 24 जून तक अवकाश घोषित के आदेश का पालन करना सुनिश्चित करें साथ ही साथ विद्यालय में अध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के अध्यापकों और कर्मचारियों को कठोर कार्रवाई को लेकर के चेतावनी भी दी गई है खंड शिक्षा अधिकारी इसकी लगातार जांच करेंगे।
अंबेडकरनगर में मोहर्रम पर्व के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कदम उठाए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ईशा प्रिया और पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा क्षेत्र में फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना था, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। फ्लैग मार्च के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ उपजिलाधिकारी टांडा, क्षेत्राधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील गलियों का गहनता से भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का बारीकी से जायजा लिया, ताकि आवश्यक सुधार किए जा सकें। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, विभिन्न धर्मगुरुओं और व्यापारियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखने की भावुक अपील की। यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि सभी समुदाय मिलकर पर्व को मनाएं और शांति भंग करने वाली किसी भी कोशिश को नाकाम करें। आमजन से विशेष रूप से यह आह्वान किया गया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति के बारे में तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे। फ्लैग मार्च में प्रशासन और पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्रावस्ती में भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा सर्वेक्षण टीम-3 की दूसरी अंतर्राष्ट्रीय बैठक मंगलवार को नेपाल में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता श्रावस्ती की जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने की। इसमें भारत और नेपाल के सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सशस्त्र सीमा बल (SSB), नेपाल पुलिस तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उत्तर प्रदेश के बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों से सटी भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा स्तंभों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसमें उनके पुनर्स्थापन, मरम्मत और संयुक्त सर्वेक्षण कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इन अंतर्राष्ट्रीय स्तंभों का निरीक्षण और रखरखाव उत्तर प्रदेश भू-स्थानिक निदेशालय, लखनऊ और भारत-नेपाल की संयुक्त सर्वेक्षण टीम द्वारा किया जा रहा है। शासन ने जिलाधिकारी श्रावस्ती को टीम-3 का नोडल अधिकारी नामित किया है। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी श्रावस्ती ने नेपाल के जिलाधिकारी बर्दिया और टीम लीडर गोगन बहादुर हमल को भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत किया। नेपाल पक्ष ने भी बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी समन्वय और सौहार्द के साथ सीमा सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने पर सहमति जताई। उन्होंने सीमा से जुड़े विवादों को समय पर सुलझाने और सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने का भी संकल्प लिया। इस बैठक को भारत-नेपाल मैत्री संबंधों को नई मजबूती देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की वित्तीय स्थिति में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के गठन के बाद निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का सर्वाधिक 14,549.06 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में निगम की कुल आय में 2,142.31 करोड़ रुपए यानी 17.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सत्या शर्मा ने कहा कि पहले एमसीडी अक्सर आर्थिक संकट और संसाधनों की कमी का रोना रोती थी, लेकिन अब स्पष्ट है कि समस्या धन की नहीं, बल्कि प्रबंधन की थी। उन्होंने बताया कि निगम का आंतरिक राजस्व 9,400.20 करोड़ से बढ़कर 11,239.24 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। संपत्ति कर से 3,113.07 करोड़ की इनकम संपत्ति कर-3,113.07 करोड़ रुपए, संपत्ति हस्तांतरण शुल्क- 3,758.59 करोड़ रुपए, विज्ञापन- 441.30 करोड़ रुपए (22.82 प्रतिशत की वृद्धि) सिविक सेंटर लीज 182.71 करोड़ रुपए (142.87 प्रतिशत की वृद्धि) अर्जित किए। सत्या शर्मा ने कहा, भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और प्रबंधन प्रभावी हो, तो किसी भी संस्था को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। अब हमारा लक्ष्य इस राजस्व का उपयोग दिल्लीवासियों को विश्व स्तरीय नागरिक सुविधाएं देने में करना है। सत्या शर्मा ने कहा कि अब निगम सफाई व्यवस्था, लैंडफिल साइटों के निस्तारण और पार्कों के विकास जैसे कार्यों में पहले से अधिक गति लाएगा
सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र स्थित बीना अटल अस्पताल में हंगामा और धरना-प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर दर्ज मामले में प्रधान प्रतिनिधियों सहित अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एनसीएल बीना परियोजना प्रबंधन की शिकायत के अनुसार राजन भारती, घरसड़ी ग्राम प्रधान के पति ओम नारायण, कोहरौलिया प्रधान प्रतिनिधि चंदन कुमार सहित चार नामजद व्यक्तियों और अन्य अज्ञात लोगों पर अस्पताल की व्यवस्था बाधित करने का आरोप लगाया गया है। मामला एक घायल मरीज को समय पर एंबुलेंस न मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। बीना परियोजना में तैनात स्टाफ ऑफिसर मोहम्मद शाहबाज ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि 14 जून को कुछ लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न किया। इसके बाद 15 जून की सुबह करीब आठ बजे आरोपी दोबारा अस्पताल पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देकर आवागमन बाधित कर दिया। प्रबंधन का कहना है कि इस दौरान अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विरोध कर रहे लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई, अस्पताल संचालन प्रभावित किया, गाली-गलौज की और कर्मचारियों को धमकियां भी दीं। बीना चौकी प्रभारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चार नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य लोगों के नाम भी मामले में शामिल किए जा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष और श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास मथुरा के उपाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी भीलवाड़ा आएंगें। वे 18 और 19 जून को 2 दिवसीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। तेरापंथ नगर स्थित सभागार में रात्रिकालीन प्रवचन होंगे और 19 जून की सुबह ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाड़ा द्वारा नवनिर्मित प्रभुलाल जगदीशप्रसाद सोमानी माहेश्वरी हॉस्टल का शुभारंभ होगा। आयोजक ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाड़ा के संचालक जगदीश प्रसाद, नवनीत कुमार, श्लोक सोमानी परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। सफल जीवन जीने की कला पर देंगे प्रवचनट्रस्ट के श्याम सुंदर सोमानी ने बताया कि देश में 50 से अधिक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का मार्गदर्शन करने वाले धर्म गुरू स्वामी गोविन्द देव गिरी के भीलवाड़ा आने के बाद 18 जून को शाम 7 से रात 9 बजे तक और 19 जून को रात 8 से 10 बजे तक प्रवचन चित्तौड़ रोड़ आरओबी के पास स्थित तेरापंथ नगर सभागार में आयोजित किए जाएंगे। स्वामी गोविन्द देव गिरी जीवन प्रबंधन, सुखी जीवन, सफल जीवन जीने की कला पर प्रवचन देंगे। इनके माध्यम से वह बताएंगे समय, संकल्प और संतुलन सफल जीवन की नींव है। 19 जून को छात्रावास का उद्घाटन19 जून को सुबह 9 बजे भीलवाड़ा में 200 फीट रिंग रोड पर अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के तत्वावधान में ए.बी.माहेश्वरी एजुकेशनल ट्रस्ट भीलवाडा द्वारा नवनिर्मित प्रभुलाल जगदीश प्रसाद सोमानी माहेश्वरी छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। आयोजन में मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय विधि आयोग के अध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी होंगे। विशिष्ट अतिथि प्रमुख उद्योगपति व समाजसेवी रामपाल सोनी एवं अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सभापति संदीप काबरा होंगे। 104 छात्रों के लिए रहने की सुविधाउन्होंने बताया कि 104 छात्रों की आवास की क्षमता वाले करीब 15 करोड़ की लागत से नवनिर्मित 6 मंजिला छात्रावास में एसी रूम, भोजन कक्ष, कैफेटेरिया, कम्प्यूटर लैब, 100 छात्रों की क्षमता वाला हॉल, सीसी टीवी कैमरा, दो लिफ्ट आदि की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसे सामाजिक स्तर पर लागत मूल्य पर संचालित किया जाएगा। ट्रस्टी श्लोक सोमानी ने बताया कि छात्रावास संचालन का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा में उच्च अध्ययन एवं प्रोफेशनल कोर्सेज की कोचिंग व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आने वाले माहेश्वरी समाज के छात्रों को कम लागत मूल्य पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ सभी सुविधायुक्त आवास सुविधा उपलब्ध कराना है।
सतना की युवा खिलाड़ी मान्या पांडे ने सागर में आयोजित ओपन गोल्ड कप एमपी स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, कोच और जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। 12 से 14 जून तक आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्री सब जूनियर वर्ग में उतरी मान्या ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने आत्मविश्वास, अनुशासन और शानदार तकनीक के दम पर अपने मुकाबले जीतते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। अकादमी और कोच ने दी बधाईसतना मार्शल आर्ट अकादमी के संस्थापक और कोच संदीप भारती ने बताया कि प्रतियोगिता में अकादमी के अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर सतना का नाम रोशन किया। मान्या की सफलता को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि अगर इसी तरह मेहनत और प्रशिक्षण जारी रहा तो वह आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं। कम उम्र में राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर मान्या ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत साथ हों तो सफलता की राह आसान हो जाती है।
नरसिंहपुर जिले के सतधारा घाट स्थित भीमकुंड में रविवार को नहाने के दौरान डूबे दोनों युवकों के शव तीन दिन बाद बरामद कर लिए गए हैं। गहरे पानी और चट्टानी क्षेत्र होने के कारण होमगार्ड और रेस्क्यू टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने केस दर्ज कर पंचनामा की कार्रवाई की। नहाते समय गहरे पानी में जाने से लापता हुए होमगार्ड हवलदार बृजमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि करेली थाना क्षेत्र के भीमकुंड में रविवार को छोटू गोस्वामी और आजाद नहाने गए थे। इसी दौरान पैर फिसलने या अंदाजा न मिलने से दोनों युवक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में लापता हो गए थे। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया था। पत्थरों के बीच फंसे थे शव, मोटरबोट से निकाला चट्टानी इलाका होने के कारण शवों को ढूंढने में टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रेस्क्यू दल ने मोटरबोट की सहायता से पानी में दबाव बनाया और पत्थरों के बीच फंसे शवों को निकालने के लिए विशेष कांटों का उपयोग किया। लगातार चले इस अभियान में सोमवार शाम को सबसे पहले छोटू गोस्वामी का शव पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद मंगलवार को तीसरे दिन भी रेस्क्यू जारी रहा, जिसके बाद दूसरे युवक आजाद का शव भी खोज लिया गया। दोनों युवकों की मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है।
ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे मेडिकल छात्र के शव को गहरे पानी से बाहर निकालने वाले तैराक विजय कुशवाहा को पुलिस प्रशासन ने सम्मानित किया है। विजय ने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 80 फीट गहरे पानी में लगातार गोते लगाकर जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, उसकी हर ओर सराहना हो रही है। दरअसल, तिघरा डैम में मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के दौरान एक छात्र का शव तो बरामद कर लिया गया, लेकिन दूसरे छात्र का शव डैम की गहराई में फंसा होने के कारण नहीं मिल पा रहा था। एसडीआरएफ की टीम भी लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। इसी दौरान स्थानीय तैराक विजय कुशवाहा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने डेम के गहरे पानी में उतरकर छात्र के शव की तलाश शुरू की। 11वें गोते में मिली सफलता विजय ने एक-दो नहीं बल्कि लगातार 10 बार गहरे पानी में गोता लगाया, लेकिन शव का कोई पता नहीं चला। लगातार प्रयासों के कारण उनकी सांसें भी फूलने लगी थीं और शारीरिक थकान साफ दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। विजय ने 11वीं बार डैम की गहराई में गोता लगाया और आखिरकार मेडिकल छात्र के शव तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने शव को सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू अभियान को पूरा किया। विजय के इस साहसिक कार्य ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और आम लोगों को भी प्रभावित किया। एसएसपी ने किया सम्मानित विजय कुशवाहा के इस अदम्य साहस और सेवा भावना को देखते हुए ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि ऐसे साहसी और समाजसेवी लोगों की मदद से आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस को बड़ी सहायता मिलती है और कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो पाते हैं। वर्षों से कर रहे बचाव कार्य में मदद सम्मान प्राप्त करने के बाद विजय कुशवाहा ने कहा कि वह वर्षों से पानी में डूबने वाले लोगों की तलाश और बचाव कार्य में पुलिस की मदद करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि संकट की घड़ी में लोगों की सहायता करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार को उसके अपनों तक पहुंचाने में जो संतोष मिलता है, वही उन्हें इस तरह के कार्य करने की प्रेरणा देता है। विजय ने भविष्य में भी इसी तरह समाज सेवा और मानवता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने की बात कही।
करौली में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 83वीं बटालियन द्वारा परिचय अभ्यास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य की विषम परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के तहत पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर संवेदनशील स्थानों, जनसंख्या संरचना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जयपुर स्थित आरएएफ की 83वीं बटालियन के कमांडेंट कुलदीप कुमार जैन के मार्गदर्शन में यह अभ्यास हो रहा है। सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीणा के नेतृत्व में बी/83 बटालियन की एक प्लाटून 15 जून से 19 जून 2026 तक करौली जिले के विभिन्न पुलिस थाना क्षेत्रों में तैनात रहेगी। मंगलवार को करौली के कोतवाली थाना क्षेत्र में परिचय अभ्यास के तहत सहायक कमांडेंट अनिल कुमार मीणा, कंपनी अधिकारी अनुज शुभम और थाना प्रभारी नोवल सैनी ने संयुक्त रूप से मार्च किया। इस दौरान क्षेत्र की जनसंख्या, सामुदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा संबंधी सूचनाएं संकलित की गईं। संभावित उपद्रवियों की सूची भी तैयार की जा रही है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। आरएएफ दल राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समाजसेवियों से भी संपर्क कर रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति का अध्ययन करना है। इसके अतिरिक्त, सभी क्षेत्रों के संक्षिप्त मानचित्र और दृश्य विवरण भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में बल की त्वरित तैनाती और घटनास्थल तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित हो सके। आरएएफ अधिकारियों के अनुसार यह परिचय अभ्यास नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक परिस्थितियों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन कर आवश्यक डेटा एकत्र करना है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में बल शांति और व्यवस्था बनाए रखने में प्रभावी ढंग से सहयोग कर पाता है।
कॉलेज शिक्षा विभाग ने जिले के पांच सरकारी कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-27) की रिक्त सीटों पर वापस आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 जून तक किए जा सकते हैं। प्राचार्य शशांक दवे ने बताया- जय नारायण मोहनलाल पुरोहित राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज फलोदी, राजकीय कन्या कॉलेज फलोदी, राजकीय कॉलेज लोहावट, राजकीय कन्या कॉलेज लोहावट और राजकीय कॉलेज देचू में प्रवेश के लिए जिन वर्गों में सीटें रिक्त हैं, उन्हीं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ हुए हैं। जिन विद्यार्थियों का नाम प्रथम वरीयता एवं प्रतीक्षा सूची में है, वे 19 जून 2026 तक संबंधित कॉलेज में अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवा सकते हैं। इसके बाद ई-मित्र पर प्रवेश शुल्क जमा करवाना होगा। कॉलेज में शिक्षण कार्य 1 जुलाई 2026 से शुरू कर दिया जाएगा।
खरगोन में बुधवार को 11 केवी बृज विहार फीडर पर बिजली लाइन के रखरखाव कार्य के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, यानी तीन घंटे के लिए बिजली पूरी तरह बंद रहेगी। इससे बिस्टान नाका क्षेत्र की 15 से अधिक कॉलोनियां और आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे। बिजली वितरण कंपनी के शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि यह बारिश से पहले किया जाने वाला एक अति आवश्यक रखरखाव कार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकतानुसार बिजली कटौती के समय में कमी या बढ़ोतरी भी हो सकती है। इन इलाकों में सप्लाई रहेगी ठपइस बिजली रखरखाव कार्य से कालिंदी कुंज, बृज विहार, स्वर्णकार कॉलोनी, नर्मदा नगर, शास्त्रीनगर, गांधीनगर, राजेंद्र नगर, आजाद नगर, करीम नगर, मास्टर कॉलोनी और संजय नगर सहित इन क्षेत्रों से जुड़ी अन्य कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी।
बांसवाड़ा कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ORS घोल:बोले-आशा और ANM घर-घर विजिट कर रजिस्टर में दर्ज करें
बांसवाड़ा कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने मंगलवार को आंगनवाड़ी के बच्चों को ORS घोल पिलाकर जिले में 'स्टॉप डायरिया कैंपेन' अभियान की शुरुआत की। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की मीटिंग हुई। इसमें जिले की चिकित्सा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने और हेल्थ से जुड़ी स्कीम-कैंपेन में गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सोनू कुमारी और चिकित्सा विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग में क्या हुआ 'मां' योजना में क्लेम के लिए अब मरीज का फोटो अनिवार्य एडिशनल सीएमएचओ डॉ. भरतराम मीणा ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई अस्पतालों में आईपीडी भर्ती मरीजों के मुकाबले 'मां' योजना में क्लेम कम बुक किए जा रहे हैं। इस विसंगति को दूर करने के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि अब से क्लेम बुकिंग के दौरान मरीज का फोटो अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने परिवार कल्याण के कार्यों की भी समीक्षा की। स्कूल खुलते ही 10 दिन में पूरा करें HPV टीकाकरण: डॉ. भापोर आरसीएचओ डॉ. दिनेश कुमार भापोर ने एचपीवी वैक्सीन को लेकर कहा- जैसे ही स्कूल खुलते हैं, उसके ठीक 10 दिनों के भीतर अधिक से अधिक छात्राओं का टीकाकरण सुनिश्चित करें। सभी टीमें पूरी एकजुटता के साथ इस अभियान में जुटें ताकि जिले का टारगेट हर हाल में पूरा हो सके। ओपीडी पर्ची के साथ ही बनेगी 'आभा आईडी' बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक ललित सिंह झाला ने कहा- हर मरीज की 'आभा आईडी' होना बेहद जरूरी है। इसके लिए अस्पताल की ओपीडी में पर्ची (स्लिप) काटते समय ही काउंटर पर मरीज की आभा आईडी क्रिएट करने की व्यवस्था शुरू की जाए। इस बैठक के दौरान डब्ल्यूएचओ (WHO) प्रतिनिधि डॉ. अक्षय व्यास ने जिले में नियमित टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके वर्मा, जिला अस्पताल प्रतिनिधि डॉ. योगेश जोशी सहित कई चिकित्सा अधिकारी और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैतूल में साइबर ठगों ने अब प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के नाम, फोटो और पदनाम का दुरुपयोग कर लोगों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने खुद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विदेशी नंबरों से भेजे जा रहे थे मैसेज जानकारी के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधी व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कलेक्टर की फोटो लगाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। खासतौर पर +66 सीरीज के विदेशी नंबरों और अन्य संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संदेश भेजे जा रहे हैं। इनमें किसी व्यक्ति की मदद के नाम पर तत्काल भुगतान करने और बाद में रकम लौटाने की बात कही जा रही है। कलेक्टर ने बताया फर्जीवाड़ा कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक गतिविधि है। उन्होंने कहा कि वे कभी भी किसी व्यक्ति से फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से निजी खाते में पैसे भेजने की मांग नहीं करते हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील कलेक्टर ने नागरिकों और शासकीय अधिकारियों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदेश पर भरोसा न करें और किसी भी स्थिति में धनराशि ट्रांसफर न करें। साथ ही बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से भी बचें। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि किसी को इस तरह का संदेश प्राप्त होता है तो उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें। मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों को भी दे दी गई है और संदिग्ध नंबरों तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है।
बिजली निगमों में टेक्निशियन-थर्ड (आईटीआई), ऑपरेटर-थर्ड (आईटीआई) और प्लांट अटेंडेंट-थर्ड (आईटीआई) भर्ती के ग्रुप-2 (इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी कर दिया गया। कुल 30 पदों के लिए सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की सूची निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित सभी 30 कैंडिडेट्स को उनके द्वारा दिए गए विकल्प के अनुसार उत्पादन निगम के पावर प्लांट भी आवंटित कर दिए गए हैं। नियुक्ति आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। चयनित कैंडिडेट्स को एसएमएस के जरिए भी सूचना भेजी गई है। अप्रैल में हुआ था डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मुख्य परीक्षा में सफल कैंडिडेट्स का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अप्रैल 2026 में जयपुर में किया गया था। ग्रुप-2 में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 63 कैंडिडेट्स को बुलाया गया था, जिनमें से अंतिम रूप से 30 कैंडिडेट्स का चयन किया गया। 2163 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा टेक्निशियन-थर्ड (आईटीआई) के कुल 2163 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 24 से 27 नवंबर 2025 तक आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा के अंकों के आधार पर रिक्त पदों की संख्या से लगभग दस गुना कैंडिडेट्स को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। मुख्य परीक्षा 23 फरवरी 2026 को हुई थी। जून के अंतिम सप्ताह में आएगा ग्रुप-1 का रिजल्ट भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में अब ग्रुप-1 का रिजल्ट जारी किया जाना बाकी है। निगम के अनुसार ग्रुप-1 का फाइनल रिजल्ट जून के अंतिम सप्ताह में जारी किया जाएगा।
नई दिल्ली। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र स्थित नेहरू विहार में कारोबारी मोहम्मद राशिद (40) की गोली मारकर हत्या किए जाने का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में तीन हमलावर स्कूटी पर सवार होकर वारदात स्थल पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। पहचान छिपाने के लिए सभी ने हेलमेट पहन रखा था। वीडियो के अनुसार, हमलावरों की स्कूटी एक पानी के प्लांट के पास आकर रुकी। इसके बाद दो बदमाश नीचे उतरे और मोहम्मद राशिद पर बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। भागते समय हमलावरों ने की फायरिंग बताया जा रहा है कि भागते समय उन्होंने इलाके में दहशत फैलाने के लिए हवा में भी फायरिंग की। मामले में नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि राशिद या उसके परिवार का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं पाया गया है। पुलिस के अनुसार, मोहम्मद राशिद के खिलाफ जबरन वसूली, गंभीर चोट पहुंचाने, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई मामले दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। वारदात की पूरी कहानी दयालपुर थाना इलाके में सोमवार शाम रंगदारी देने से इंकार करने पर मोहम्मद राशिद (40) पर कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने 12 से 15 राउंड गोलियां चलाई और वह फरार हो गए। राशिद के सिर, चेहरे और सीने में करीब 10 गोलियां लगी। सोमवार शाम करीब 6.10 बजे वह शेरपुर चौक स्थित अपनी ऑटो की एजेंसी से घर के पास ही मौजूद पानी के प्लांट पर पहुंचा। इस बीच बाइक सवार होकर आए तीन बदमाशों ने बेहद नजदीक से उस पर कई राउंड गोलियां चला दीं।
रिलायंस समूह के निदेशक और उद्योगपति परिवार के सदस्य अनंत अंबानी मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। वह अन्नपूर्णा मंदिर गए। जहां पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। जहां दर्शन-पूजन कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेंगे। अनंत अंबानी के आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। धार्मिक आस्था से जुड़े इस दौरे के दौरान अनंत अंबानी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे और बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेककर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। उनके दौरे को देखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 2 तस्वीरें देखिए…
बांसवाड़ा जिला एवं सेशन कोर्ट ने रेप के आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जज राम सुरेश प्रसाद ने आरोपी नाकू पुत्र वसिया को दोषी माना और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया कि यह पूरा मामला 2021 का है। पीड़िता ने एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि वह खेत पर चारा लेने गई थी, इसी दौरान आरोपी नाकू ने उसे अकेला पाकर दरिंदगी की। मामला दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी ने हुए सबूत जुटाए और कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में बेहद मजबूती से पैरवी की। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक की ओर से पीड़िता के बयानों सहित कुल 12 गवाह कोर्ट में पेश हुए और 33 महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। मामले की सुनवाई करते हुए जज राम सुरेश प्रसाद ने वर्तमान समाज में महिलाओं के सम्मान, अस्मिता और सुरक्षा को सर्वोपरि माना। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी नाकू को दोषी माना और उसे 10 साल की कैद और 50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।
1 जुलाई से छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी होने जा रही है। नई दरें लागू होने के बाद यूजर्स को 100 यूनिट बिजली खर्च करने पर करीब 33 रुपए और 200 यूनिट पर 67 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कमर्शियल, कृषि पंपों और गैर-सब्सिडी वाले कनेक्शनों पर भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, ये बढ़ोतरी सिर्फ यूनिट चार्ज में हैं, लेकिन ड्यूटी और सेस का असर जुड़ने से बिल में अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। आइए समझते हैं कि अलग-अलग खपत पर बिजली बिल कितना बढ़ेगा। किस कैटेगरी के यूजर्स पर कितना असर? घरेलू उपभोक्ता: 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ीं दरें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग स्लैब में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। 0 से 100 यूनिट और 101 से 200 यूनिट तक की खपत पर 30 पैसे प्रति यूनिट, 201 से 600 यूनिट तक की खपत पर 40 पैसे प्रति यूनिट और 600 यूनिट से अधिक खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। राहत की बात यह है कि 10 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शनों के स्थिर शुल्क (फिक्स्ड चार्ज) में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं के लिए स्थिर शुल्क 40 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए प्रति किलोवाट प्रतिमाह कर दिया गया है। कमर्शियल यूजर्स: 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ी दर दुकान, प्रतिष्ठान, ऑफिस और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ाई गई है। एक कैटेगरी में बिजली दर 6.10 रुपए से बढ़ाकर 6.30 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है, जबकि दूसरी कैटेगरी में यह 6.35 रुपए से बढ़कर 6.55 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। इसका असर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा क्षेत्र के प्रतिष्ठानों पर दिखाई देगा। कृषि उपभोक्ता: दर बढ़ी, लेकिन छूट भी बढ़ाई गई कृषि पंपों के लिए बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि आयोग ने किसानों को राहत देने के लिए गैर-सब्सिडी वाले कृषि कनेक्शनों पर मिलने वाली ऊर्जा प्रभार छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है। यानी किसानों के लिए बिजली दर बढ़ी जरूर है, लेकिन अतिरिक्त छूट मिलने से बढ़ोतरी का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा। यही वजह है कि अन्य कैटेगरी वालों के मुकाबले किसानों पर इसका असर कम माना जा रहा है। उद्योग और हाईटेंशन उपभोक्ता: 25 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ी दर पड़ोसी राज्यों से सस्ती बिजली, राहत योजनाओं से कम होगा असर छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत मिलने का दावा किया गया है। नियामक आयोग के अनुसार संशोधित टैरिफ के बाद भी राज्य में बिजली दरें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में कम हैं। वहीं मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधा बिल देने की सुविधा मिल रही है। इससे लाखों घरेलू उपभोक्ताओं पर टैरिफ वृद्धि का प्रभाव सीमित रहेगा। आयोग का कहना है कि राहत योजना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के कारण अधिकांश परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास ही रहेगा। 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल का मिलेगा फायदा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है, लेकिन इसका पूरा असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिल रही है। यही वजह है कि लाखों निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर टैरिफ वृद्धि का वास्तविक प्रभाव काफी सीमित रहेगा। आयोग का अनुमान है कि ऐसे उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई दरों का असर औसतन केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर होगा। वहीं, पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले कई उपभोक्ता अपनी ग्रिड आधारित खपत कम कर रहे हैं, जिससे उनके बिजली बिल पर बढ़ोतरी का असर और भी कम रहेगा। किसानों को सब्सिडी का सहारा, उद्योगों पर बढ़ेगा बोझ गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी तय की गई है। हालांकि किसानों को राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ मिलने के कारण इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, औद्योगिक और उच्च दाब (एचटी) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है। 220 केवी और 132 केवी श्रेणी में ऊर्जा प्रभार 30 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमांड चार्ज 25 रुपए प्रति केवीए बढ़ाया गया है। 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे और 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि लागू होगी। हालांकि आयोग का दावा है कि संशोधित दरों के बाद भी छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में कम है, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति बनी रहेगी। …………………. इससे जुड़ी खबरें भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में पेट्रोल ₹109 के पार, रायपुर में ₹107.96 लीटर: इस महीने चौथी बार बढ़े दाम, जाने अपने शहर में फ्यूल का प्राइस छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री सस्ती, टोल महंगा:प्लास्टिक बोतल में बिकेगी शराब, 3 महीने का चावल एक साथ, टोल प्लाजा में कैश ट्रांजैक्शन बंद छत्तीसगढ़ में जमीन 5-9 गुना महंगी…99% आबादी पर आर्थिक बोझ, कांग्रेस ने गाइडलाइंस को साजिश बताया
सरगुजा में दुकान की आड़ में नशे के कारोबार चल रहा था। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने दुकान से बड़ी मात्रा में नशीला इंजेक्शन जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई गई है। दुकानदार के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की कार्रवाई की गई है। 2 दिनों में आबकारी विभाग की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि, 15 जून को आबकारी विभाग के संभागीय उड़नदस्ता टीम ने एक युवक वाहिद अंसारी को दो लाख रुपए कीमत के नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़ा था। उसके पास से 200 नग नशीला इंजेक्शन जब्त किया गया था। युवक डिलीवरी ब्वॉय के ड्रेस में घूमकर नशीली इंजेक्शन बेचता था। आरोपी वाहिद अंसारी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अंबिकापुर के इमलीपारा में स्थित शमशुद्दोहा हॉस्पिटल के सामने दुकान चला रहे मोशीम अंसारी से नशीले इंजेक्शन खरीद कर लाया था। दुकान पर छापा, नशीले इंजेक्शन जब्त संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने सूचना पर शमशुदोहा हॉस्पिटल के सामने मोशीम अंसारी के दुकान में छापा मारा। मोशीम अंसारी दुकान में मौजूद मिला। उसके दुकान की तलाशी लेने पर काउंटर के नीचे सफेद रंग के झोले से 200 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन और 200 नग एविल इंजेक्शन जब्त किया गया। जब्त नशीले इंजेक्शन का बाजार मूल्य लगभग चार लाख रुपए है। आरोपी मौशीम अंसारी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 बी एवं 29 के तहत गिरफ्तार कर मंगलवार को विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स एक्ट के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है। रंजीत गुप्ता ने बताया कि नशीले इंजेक्शन के सप्लायरों की भी पड़ताल की जा रही है। अंबिकापुर में झारखंड से नशीले इंजेक्शन पहुंचते हैं और युवाओं को मंहगे दामों में बेचे जाते हैं।
सिंगरौली में तेज हवा से साथ गिरा पानी:अगले तीन से चार दिनों तक जिले में हल्की बारिश का अलर्ट
सिंगरौली जिले में मंगलवार शाम को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दिनभर की उमस और भारी तपन के बाद शाम ढलते ही तेज हवा चलने लगी। करीब 15 मिनट तक चली इन धूल भरी हवा के बाद जिले के अलग-अलग इलाकों में लगभग 20 मिनट तक अच्छी बारिश हुई। बैढ़न, विंध्यनगर, जयंत, देवसर और चितरंगी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पिछले एक हफ्ते से सिंगरौली में अधिकतम तापमान लगातार 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जिससे लोग बेहाल थे। सोमवार को ही अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जून के शुरुआती पखवाड़े में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहने के कारण लोग तीखी धूप और लू जैसे थपेड़ों से परेशान थे। प्री-मानसून की दस्तक, आगे भी पानी गिरने के आसार मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है। मध्य भारत में एक्टिव मौसमी सिस्टम और स्थानीय वातावरण में नमी बढ़ने की वजह से तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश के हालात बने हैं। देश के मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में भी गरज-चमक के साथ पानी गिरने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले तीन से चार दिनों तक सिंगरौली जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इस बदलाव से किसानों और आम जनता को आने वाले दिनों में गर्मी से और ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर के शोधकर्ता ने व्यक्तिगत (Personalized) कैंसर के इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आईआईटी की टीम रिसर्च कर रही है कि कैसे इलाज से पहले ही पता चल जाए कि रोगी पर कीमोथेरेपी काम करेगी या नहीं। इसके लिए टीम उन आणविक (Molecular) प्रक्रियाओं का अध्ययन कर रहे हैं, जिनके कारण कई कैंसर रोगियों में कीमोथेरेपी और अन्य कैंसर रोधी उपचारों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। इस शोध का उद्देश्य ऐसे प्रिडिक्टिव बायो मेकर्स ( Predictive Biomarkers) विकसित करना है, जो इलाज शुरू होने से पहले ही यह पहचान सकें कि कौन से मरीज किसी विशेष उपचार का लाभ नहीं उठा पाएंगे। साथ ही, ऐसे मरीजों के लिए नई उपचार स्ट्रेटजी विकसित करने पर भी कार्य किया जा रहा है। भारत में हर साल 5 लाख से ज्यादा कैंसर से मौत भारत में हर साल लगभग 5.9 लाख से अधिक कैंसर रोगियों की मृत्यु हो जाती है। हालांकि कैंसर उपचार के क्षेत्र में पिछले सालों में अच्छी प्रगति हुई है, फिर भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं, जिससे उपचार की प्रभावशीलता कम हो जाती है और रोगियों के जिंदा रहने की संभावना प्रभावित होती है। आईआईटी जोधपुर के वैज्ञानिक कैंसर जीवविज्ञान (Cancer Biology), प्रिसिजन मेडिसिन और ट्रांसलेशनल थेराप्यूटिक्स के क्षेत्र में समाधान खोजने में जुटे हैं। इस शोध का नेतृत्व आईआईटी जोधपुर के बायोसाइंस एवं बायोइंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और ट्यूमर माइक्रोएनवायरमेंट लैबोरेट्री ( Tumor Microenvironment Laboratory) के प्रमुख डॉ. दिनेश कुमार अहिरवार कर रहे हैं। अधिक प्रभावी उपचार में सहायता डॉ. अहिरवार ने कहा- हमारा शोध कैंसर के इलाज से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर खोजने का प्रयास कर रहा है कि कुछ मरीज इलाज का लाभ क्यों प्राप्त करते हैं, जबकि अन्य मरीजों में उपचार प्रभावी नहीं होता। इलाज प्रतिरोध (Treatment Resistance) के पीछे कार्यरत आणविक और कोशिकीय तंत्रों को समझकर हम चिकित्सकों को बेहतर निर्णय लेने और मरीजों के लिए अधिक प्रभावी उपचार विकल्प विकसित करने में सहायता करना चाहते हैं। यह रिसर्च टीम सिंगल-सेल सीक्वेंसिंग, मल्टीकलर हाई-पैरामीटर फ्लो साइटोमेट्री, आधुनिक आणविक जीवविज्ञान तकनीकों तथा कम्प्यूटेशनल विश्लेषण की मदद से कैंसर कोशिकाओं का अध्ययन कर रही है। इन तकनीकों से ट्यूमर के भीतर मौजूद प्रत्येक कैंसर कोशिका का अलग-अलग विश्लेषण संभव हो रहा है। सिंगल सेल तकनीकी से हर कोशिका की पहचान संभव पारंपरिक तरीकों में पूरे ट्यूमर का सामूहिक रूप से अध्ययन किया जाता है, जबकि सिंगल सेल एनालिसिस ( Single-Cell Analysis) तकनीक प्रत्येक कोशिका में होने वाले आणविक परिवर्तनों की अलग-अलग पहचान करने में सक्षम है। इससे उन विशेष कैंसर कोशिकाओं की पहचान संभव हो रही है, जो कीमोथेरेपी के बाद भी जीवित रहती है। आगे चलकर रोग की पुनः प्रगति का कारण बनती हैं। शोधकर्ता उन चयापचय (Metabolic) परिवर्तनों का भी अध्ययन कर रहे हैं, जिनकी मदद से कैंसर कोशिकाएं उपचार से बच निकलती हैं। इन प्रक्रियाओं को समझकर नई उपचार रणनीतियों के लिए संभावित आणविक लक्ष्यों (Molecular Targets) की पहचान की जा रही है। ड्रग रिप्रपोजिंग (Drug Repurposing) के माध्यम से नई उपचार स्ट्रेटजी का विकास इस शोध का एक महत्वपूर्ण पहलू ऐसे मरीजों के लिए कांबिनेशन थेरेपी (Combination Therapies) विकसित करना है, जिन पर पारंपरिक कीमोथेरेपी प्रभावी नहीं होती। शोधकर्ताओं ने पाया है कि उपचार-प्रतिरोधी ट्यूमर में कुछ विशेष आणविक मार्ग (Molecular Pathways) अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में पहले से स्वीकृत दवाओं को कीमोथेरेपी के साथ मिलाकर उपयोग करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। इस रणनीति से उपचार की सफलता बढ़ाने के साथ-साथ नई दवाएँ विकसित करने में लगने वाले समय और लागत को भी कम किया जा सकता है। डॉ. अहिरवार ने कहा-हमारे निष्कर्ष ऐसे स्वीकृत औषधियों की पहचान में मदद कर सकते हैं जिन्हें उपचार में पुनः उपयोग (Drug Repurposing) किया जा सकता है। इससे उन मरीजों के लिए। उपचार शीघ्र उपलब्ध कराना संभव होगा, जिनके पास वर्तमान में सीमित उपचार विकल्प हैं। इन उपचार रणनीतियों की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के लिए शोध दल उन्नत प्री क्लीनिकल कैंसर मॉडल (Preclinical Cancer Models ) का उपयोग कर रहा है, जिनमें ह्यूमैनाइज़ माउस मॉडल (Humanized Mouse Models) शामिल हैं। ये मॉडल मानव प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune Response) की वास्तविक परिस्थितियों की बेहतर नकल करते हैं। कैंसर उपचार में व्यापक बदलाव की संभावना इस शोध का अंतिम लक्ष्य ऐसे बायोमेकर्स ( Biomarkers) विकसित करना है जो उपचार शुरू होने से पहले ही यह अनुमान लगा सकें कि मरीज कीमोथेरेपी के प्रति प्रतिरोध विकसित करेगा या नहीं। इससे चिकित्सकों को अनुपयुक्त उपचारों से बचने, प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करने तथा उपचार के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही कैंसर उपचार से जुड़े शारीरिक, मानसिक और आर्थिक बोझ को भी कम किया जा सकेगा। डॉ. अहिरवार ने कहा- हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक कैंसर रोगी को वही उपचार मिले, जिससे उसे सर्वाधिक लाभ होने की संभावना हो। उपचार शुरू होने से पहले उसकी प्रभावशीलता का अनुमान लगाना बहुमूल्य समय बचा सकता है और हजारों मरीजों के जीवन की गुणवत्ता तथा जीवित रहने की संभावना को बेहतर बना सकता है।

