गुमला में एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। घटना घाघरा थाना क्षेत्र के मनातू गांव में बुधवार को हुई। महिला पिछले करीब आठ माह से मानसिक बीमारी का इलाज कांके में चल रहा था। मृतकों में परदेशनी कुमारी (27), उनका पुत्र अंश उरांव (5) तथा पुत्री आशमानी कुमारी (4) शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतका के पति जगन्नाथ उरांव ने बताया कि बुधवार दोपहर उनकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर घर के पास कुएं के पास नहाने के लिए गई थी। मां और बहन ने तलाश की शुरू दोपहर होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था। काफी देर तक पत्नी और बच्चों के घर नहीं लौटने पर मां गुनिया देवी और बहन संतोषी कुमारी ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जगन्नाथ उरांव ने कुएं में झांककर देखा तो पानी में एक कपड़ा दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से रस्सी और झागर के सहारे कुएं की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सबसे पहले अंश उरांव का शव दिखाई दिया। इसके बाद बारी-बारी से महिला और बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना के एसआई आदित्य कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमनें बेंगलुरु को गार्डेन सिटी से ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावर हाउस के रूप में विकसित होते हुए देखा है। बेंगलुरु की ग्रोथ स्टोरी को हमने स्वयं महसूस किया है। आज हम यहां आपको ‘नये भारत के नये उत्तर प्रदेश’ में इस बात के लिए आमंत्रित करने आए हैं कि जो कहानी आप उत्तर प्रदेश के बारे सुन रहे हैं, उसे यहां आकर महसूस करें। इसके लिए आज बेंगलुरु में हमनें अलग-अलग सेक्टर से जुड़े इण्डस्ट्री लीडर्स के साथ संवाद किया है। मुख्यमंत्री ने आज बेंगलुरु में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ग्रोथ डायलॉग-2026 इण्डस्ट्री लीडर्स रोड-शो’ को संबोधित किया। इस अवसर पर कर्नाटक चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा तथा निवेश की सम्भावनाओं पर आधारित लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी इण्डस्ट्री लीडर्स का अभिनन्दन करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश, भारत में थ्री-एस अर्थात सेफ्टी, स्टेबिलिटी तथा स्पीड का मॉडल बना है। यह तीनों किसी भी इण्डस्ट्री की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण आयाम हैं। यह सभी वर्तमान के उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। हमने उत्तर प्रदेश में मजबूत रूल ऑफ लॉ की स्थापना की है। आज उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, ट्रॉन्सपैरेण्ट गर्वेनेन्स तथा इन्स्टीट्यूशन्स का बेहतरीन नेटवर्क मौजूद है। नये भारत के नये उत्तर प्रदेश में हमें स्किल, टैलेण्ट, टेक्नोलॉजी तथा निवेश अनुकूल नीतियां का सम्पूर्ण ईको-सिस्टम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षां में भारत ने विकास के नये प्रतिमान स्थापित किये हैं। दुनिया में भारत का परसेप्शन बदला है तथा देश इन्वेस्टमेण्ट के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हुआ है। भारत दुनिया में सबसे तेज गति से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। भारत की इस विकास यात्रा में उत्तर प्रदेश को विगत 09 वर्षां से सहभागी होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश की इस ग्रोथ स्टोरी को देखकर आप सभी को कौतुहल होगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश आकर इसे अपनी आंखों से देखने की उत्सुकता भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 09 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के प्रति लोगां का परसेप्शन अच्छा नहीं माना जाता था। यहां कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई थी। पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति थी, जहां गर्वेनेन्स जैसी कोई चीज मौजूद नहीं थी। यहां विकास की कोई चर्चा नहीं करता था। यह उत्तर भारत के बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। पलायन राज्य की नियति बन चुकी थी। कृषि तथा एम0एस0एम0ई0 जो प्रदेश का आधार थे, इनसे लोगों ने दूरी बना ली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में वह सब कुछ देखने को मिलेगा, जो भारत की अपेक्षा है। अगर उन्हें एक साथ देखें तो ‘जो उत्तर प्रदेश में होगा, वह देश में किसी अन्य जगह नहीं होगा और जो अन्य जगह है, वह उत्तर प्रदेश में जरूर मिल जाएगा।’ प्रदेश में बेहतरीन लॉ एण्ड ऑर्डर, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा बेहतरीन सड़क, रेलवे तथा एयर की कनेक्टिविटी मौजूद है। भारत का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग उत्तर प्रदेश के वाराणसी से हल्दिया के मध्य प्रारम्भ हो चुका है। दिल्ली-मेरठ के बीच भारत की पहली रैपिड रेल प्रारम्भ हो चुकी है। उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाले राज्य के रूप में जाना जाता है। देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। राज्य में 16 हजार किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तथा 04 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क मौजूद है। प्रदेश के 07 शहर मेट्रो ट्रेन के माध्यम से पब्लिक ट्रान्सपोर्ट की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से होकर जाते हैं, इनका जंक्शन प्रदेश के दादरी में है। विगत 09 वर्षां में डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में स्टेबिलिटी एण्ड सेफ्टी का जो माहौल दिया है, उसका परिणाम है कि यह राज्य आज बीमारू राज्य की श्रेणी से उबर चुका है। विगत 06 वर्षां से देश में रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत की बॉटम थ्री इकोनॉमी से उभरकर आज उत्तर प्रदेश टॉप थ्री इकोनॉमी के रूप में जाना जा रहा है। विगत 09 वर्षां में हम उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी तथा प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाने में सफल हुए हैं। उत्तर प्रदेश तेजी से सभी सेक्टर्स में इन्वेस्टमेण्ट के लिए अपने इन्वेस्टर पार्टनर्स को आमंत्रित करने के लिए मजबूती के साथ आगे बढ़ा है। प्रदेश में 36 सेक्टोरल पॉलिसीज़ के साथ-साथ 75,000 एकड़ का व्यापक लैण्ड बैंक उपलब्ध है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे से जुड़े 27 स्थानों पर इण्डस्ट्रियल एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स विकसित करने के लिए लैण्ड बैंक मौजूद है। बीडा के रूप में सबसे बड़ी इण्डस्ट्रियल सिटी की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपने डेमोग्राफिक डिविडेण्ड के लिए जाना जा रहा है। प्रदेश अपनी लगभग 26 करोड़ आबादी के लिए जाना जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से प्रदेश के सबसे लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे को गत माह राष्ट्र को समर्पित किया गया है। विगत 28 मार्च को देश के सबसे बड़े नोएडा एयरपोर्ट का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से हुआ है। यहां 15 जून से कॉमर्शियल उड़ान प्रारम्भ हो गयी है। वर्तमान में प्रदेश में 05 अन्तरराष्ट्रीय तथा 12 डोमेस्टिक एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील हैं। यह प्रदेश की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाते हैं। 05 नये एयरपोर्ट पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रति वर्ष 02 लाख साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एण्ड मैथमैटिक्स (स्टेम) ग्रेजुएट तैयार करता है। प्रदेश में 02 आई0आई0टी0, लखनऊ में आई0आई0एम0, राज्य सरकार द्वारा संचालित 03 टेक्निकल यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज तथा वोकेशनल एजूकेशन का बेहतरीन नेटवर्क मौजूद है। इन सभी में आज की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। यह इण्डस्ट्री की आवश्यकता के अनुरूप स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराने के पावर हाउस के रूप में उत्तर प्रदेश को स्थापित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर 08 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 18 प्रतिशत हुई है। कृषि के क्षेत्र में यहां व्यापक सम्भावनाएं हैं। प्रदेश में 05 कृषि विश्वविद्यालय हैं। 89 कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से हम प्रदेश के किसानों को ट्रेनिंग देने तथा बाजार से जोड़ने की व्यवस्था तैयार करते हैं। हर जनपद में किसानों के लिए बेहतरीन मण्डी की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश की 86 प्रतिशत कृषि भूमि सिंचित है। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश का किसान कृषि के क्षेत्र में नई सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश में विगत 09 वर्षां में एम0एस0एम0ई0 का बेहतर नेटवर्क विकसित किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट मौजूद हैं। अलग-अलग सेक्टर्स में एम0एस0एम0ई0 का मजबूत नेटवर्क इण्डस्ट्रियल ग्रोथ के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। हमनें उत्तर प्रदेश के एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य किया है। प्रदेश में एग्रीकल्चर के साथ-साथ एम0एस0एम0ई0 और मैन्युफेक्चरिंग के क्षेत्र में इन्वेस्टमेण्ट की सम्भावनाएं हैं। हमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे प्रदेश में बेहतरीन औद्योगीकरण की कार्यवाही आगे बढ़ी है। विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश में 18 हजार से अधिक औद्योगिक संस्थान स्थापित हुए हैं। 09 वर्ष पूर्व प्रदेश में बड़े कारखानों की संख्या 14 हजार थी, जो बढ़कर 33 हजार से अधिक हुए हैं। तेजी से इनमें वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने सभी इन्वेस्टर्स को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि वह इन्वेस्टर पार्टनर के रूप में उत्तर प्रदेश आकर हर क्षेत्र में यहां की सम्भावनाओं को देखें तथा उत्तर प्रदेश के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में अपना योगदान दें। उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार अपने हर इन्वेस्टर पार्टनर को सुरक्षा तथा सिंगल विण्डो सुविधा उपलब्ध करायेगी। वित्त मंत्री श सुरेश कुमार खन्ना ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश में आमूल-चूल परिवर्तन हुए हैं। प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था देश और दुनिया में है। उत्तर प्रदेश आज इन्वेस्टमेण्ट के लिए सबसे सेफ तथा सिक्योर राज्य है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में टीम उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने आयी है। एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के महत्वपूर्ण ग्रोथ स्टोरी वाले राज्यों में से है। यह स्केल, एम्बीशन, टैलेण्ट, एण्टरप्राइज तथा नये भारत की विकास आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। भारत की विकास यात्रा केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि नये कॉरिडोर्स, नये शहर तथा नये सेण्टर ऑफ एण्टरप्राइज की ओर यह यात्रा बढ़ रही है। इस दृष्टि से आज का यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में स्केल, टैलेण्ट, कल्चर, कन्जम्पशन तथा कनेक्टिविटी सब कुछ है, जो कॉरपोरेट्स के विस्तार के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। कॉग्निजेण्ट ग्रुप के वाइस प्रेसीडेण्ट गौरव हजारा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश तथा सिंगल विण्डो रिफॉर्म के लिए निवेश मित्र जैसे प्लेटफॉर्म लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेण्ट के लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया है। ए0आई0 सिटी लखनऊ तथा ए0आई0 प्रज्ञा जैसी पहलें ए0आई0 के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को मजबूत केन्द्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं। आईबी0एम इण्डिया एण्ड साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि आर्थिक संवृद्धि का भविष्य स्केल, टैलेण्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा गवर्नेन्स पर निर्भर करता है। इससे स्पीड तथा स्थिरता सुनिश्चित होती है। वर्तमान उत्तर प्रदेश में यह सभी चीजें मौजूद हैं। मुख्यमंत्री जी के विजनरी नेतृत्व में विगत कुछ वर्षां में हमने उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण बदलाव होते हुए देखे हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव आईटी एण्ड इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, सीईओ यमुना एक्सप्रेस-वे इण्डस्ट्रियल डेवलेपमेण्ट अथॉरिटी राकेश कुमार सिंह, सी0ई0ओ0 इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनन्द तथा विभिन्न इण्डस्ट्री लीडर्स, एवं सीईओ उपस्थित थे। यूपी पर जताया भरोसा बेंगलुरु/लखनऊ 24 जून: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 के इंडस्ट्री लीडर्स रोड शो में देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए उभरता हुआ राज्य बताया है। कार्यक्रम के दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम और कॉग्निजेंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने योगी सरकार की नीतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सुशासन के क्षेत्र में तेज प्रगति की है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश देश-विदेश के निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश भारत की विकास गाथा का केंद्र : अमित शेट्टी एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को भारत की सबसे महत्वपूर्ण विकास गाथाओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक बड़ा राज्य नहीं, बल्कि व्यापकता, महत्वाकांक्षा, प्रतिभा, उद्यमशीलता और नए भारत की उभरती आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत आर्थिक विस्तार के अगले चरण में आगे बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि निवेश कहां आएगा, रोजगार कहां सृजित होंगे और भविष्य के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट कहां विकसित होंगे। अमित शेट्टी ने कहा कि भारत की विकास गाथा अब केवल कुछ महानगरों तक सीमित नहीं है। यह नए कॉरिडोर, नए शहरों और नए उद्यम केंद्रों तक विस्तार कर रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश निवेश की अगली बड़ी मंजिल बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ तेजी से निवेश के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही एनसीआर के भीतर महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और बिजनेस हब बन चुके हैं। मजबूत एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी, दिल्ली की निकटता और जेवर एयरपोर्ट इस क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बना रहे हैं। अमित शेट्टी ने लखनऊ को लेकर कहा कि यह शहर अब केवल अपनी संस्कृति और प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, संगठित रिटेल, बढ़ती सर्विस इकोनॉमी और मजबूत टैलेंट बेस ने लखनऊ को नई पहचान दी है। योगी सरकार ने बनाया निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल : तेजस्विनी राजवाड़े आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद गंतव्य बन गया है। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि निवेश मित्र, सेक्टर-विशिष्ट नीतियां और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक स्तर का निवेश इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल पार्क और कनेक्टिविटी में किए गए निवेश भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी और प्रतिभाशाली मानव संसाधन है। राज्य में युवाओं, इंजीनियर्स और स्नातकों की विशाल संख्या इसे टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता देती है। तेजस्विनी ने कहा कि आईबीएम के लिए सबसे उत्साहजनक बात यह है कि उत्तर प्रदेश केवल तकनीक को अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीकों को आकार देने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुरक्षा, विकास और सुशासन पर दिया गया जोर निवेशकों के बीच भरोसे और विश्वास की मजबूत नींव बना रहा है। तेजस्विनी राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में लखनऊ में एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर लॉन्च किया। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईबीएम ने लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने की घोषणा भी की है। यह लैब जनरेटिव एआई और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा आईबीएम के वैश्विक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी और अगली पीढ़ी के एआई समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योगी सरकार की नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मकः गौरव हाजरा कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र आज प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस ऑपरेशंस के लिए तेजी से प्रतिस्पर्धी केंद्र बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कॉग्निजेंट ने 2015 में अपने संचालन की शुरुआत की थी। आज केवल नोएडा में कंपनी के 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी लगभग 10,000 कर्मचारी हैं। गौरव हाजरा ने कहा कि योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दे रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश मित्र जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेश प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है। गौरव हाजरा ने जीसीसी नीति की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट और बड़े निवेशकों के लिए लचीली संरचना जैसी नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए बेहद आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने लखनऊ में एआई सिटी और एआई प्रज्ञा जैसी पहलों को समयानुकूल बताते हुए कहा कि ये कदम उत्तर प्रदेश को एआई आधारित अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे
मुजफ्फरनगर में लखनऊ के दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 मासूम बच्चों की याद में गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के तत्वावधान में झांसी रानी पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि इन 15 बच्चों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिन मासूमों ने अपनी जान गंवाई, वे अपने-अपने परिवारों की उम्मीद और भविष्य थे। चंद लोगों की लापरवाही और लालच ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। सभा में सरकार से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम में पहुंचे समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने भी मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि लखनऊ अग्निकांड के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। सांसद हरेंद्र मलिक ने मुज़फ्फरनगर में प्रशासन द्वारा होटलों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा जांच की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी चेकिंग लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी भवन निर्धारित मानकों के अनुसार बनने चाहिए ताकि हादसों को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं, बल्कि प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में कठोर कानून लागू करने चाहिए ताकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में किसी मासूम की जान इस तरह न जाए। श्रद्धांजलि सभा में सपा सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष विक्की चावला, जिला महामंत्री मोहम्मद नदीम अंसारी, विपिन सिंघल, राजकुमार कालरा, पवन बंसल, प्रदीप उतरेजा, अजय सिंघल, कृष्ण गोपाल मित्तल, विजेंद्र अरोड़ा, सुरेंद्र सिंह गंभीर, संजय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महाकाल मंदिर के पास बनी होटलों में रोजाना ठहरने वाले हजारो श्रद्धालु की सुरक्षा के लिए नगर निगम फायर सेफ्टी और प्रशासनिक अधिकारी की टीम ने होटलों की जांच की। टीम ने फायर सेफ्टी को जांच कर होटलों में मोजूद कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए। शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बुधवार रात को नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रवीण मुकाती, तहसीलदार मालती राय एवं फायर विभाग की उपस्थिति में महाकाल चौराहा स्थित विभिन्न होटलों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र, अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जिसमें होटल केसर लक्ष्मी, प्लेजर लैंडमार्क, होटल उत्सव, होटल परी अन्य प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी, बिल्डिंग परमिशन और विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया गया। फायर ऑफिसर ने बताया कि 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी भवनों, एक तल पर 500 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले भवनों, बड़े होटल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन एवं अन्य मिश्रित अधिभोग वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं 50 से कम बिस्तरों वाले होटल एवं अस्पतालों को पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाण पत्र अनिवार्य है। फायर सेफ्टी जांच के दौरान संबंधित होटलों में अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता जांच, फायर अलार्म एवं स्मोक डिटेक्टर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट एवं स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, इमरजेंसी लाइटिंग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन योजना, तथा फायर एनओसी की जांच की भी की गई।
छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनन, अवैध परिवहन और खनिजों की गैरकानूनी बिक्री करने वालों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके बाद अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई होगी। नए नियमों के तहत जुर्माना बढ़ा दिया गया है और खनिज माफियाओं पर लगाम कसने की तैयारी की गई है। सरकार का साफ कहना है कि अब अवैध खनन पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई होगी। जुर्माना अब पहले से कई गुना सख्त नए नियमों के मुताबिक अगर कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से खनिज की खुदाई या ढुलाई करता पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अब किसी भी केस में कम से कम 25 हजार रुपए जुर्माना देना ही होगा। इसके अलावा प्रति टन 2 हजार रुपए की दर से अलग से जुर्माना लगेगा और जितना खनिज पकड़ा जाएगा, उसकी पूरी कीमत भी वसूली जाएगी। अगर कोई ट्रक 35 टन खनिज अवैध रूप से ले जाता है, तो उस पर करीब 70 हजार रुपए का जुर्माना और खनिज की कीमत अलग से देनी होगी। ट्रैक्टर से अवैध रेत ढुलाई पर भी कम से कम 25 हजार रुपए का जुर्माना तय किया गया है। वाहन छुड़ाना भी अब आसान नहीं अब अगर कोई वाहन अवैध खनन में पकड़ा जाता है, तो उसे छुड़ाना आसान नहीं होगा। कोर्ट में वाहन के हिसाब से 50 हजार से 3 लाख रुपए तक की सिक्योरिटी राशि जमा करनी पड़ेगी, तभी वाहन वापस मिलेगा। खनन नियमों में भी बदलाव सरकार ने विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम आसान भी किए हैं। अब सरकारी निर्माण कार्यों के लिए खनन क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है और अनुमति की अवधि 3 साल कर दी गई है। खनिज विकास के लिए नया फंड राज्य में अब एक नया फंड भी बनाया गया है, जिसका नाम है छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025। इसमें रॉयल्टी का 2 प्रतिशत जमा होगा, जिससे हर साल करीब 5.25 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पंचायतों को भी मिलेगा हिस्सा अब खनिज से मिलने वाले राजस्व में जिला पंचायतों को भी हिस्सा मिलेगा, ताकि गांव और जिलों का विकास और बेहतर हो सके। बंद खदानों पर भी सख्ती सरकार ने यह भी तय किया है कि अगर कोई खदान लंबे समय से बंद है या सही तरीके से काम नहीं कर रही है, तो उसे वापस लेकर दोबारा नीलामी में दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन सख्त नियमों से अवैध खनन पर रोक लगेगी, राजस्व बढ़ेगा और खनिज संसाधनों का सही तरीके से उपयोग हो सकेगा।
दिबियापुर नगर में बुधवार देर शाम भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। बिहार के भोजपुर निवासी तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में नगरवासियों ने यह मार्च निकाला। यह मार्च बाबा परमहंस बगिया से शुरू होकर फफूंद चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस कैंडल मार्च में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अंशू तिवारी, अरुण त्रिपाठी, सभासद राहुल दीक्षित, गिरीश तिवारी, ब्रज नारायण अवस्थी और गोविंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या की गई है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में भरत भूषण तिवारी की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें कठोर सजा देने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने भरत भूषण तिवारी के माता-पिता को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, उनके भाई को सरकारी नौकरी और उनके गांव में उनके नाम पर एक स्मारक बनवाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
नरसिंहपुर में बुधवार शाम को ग्राम पलोहाबड़ा में अवैध रूप से जमा कर रखी गई 48 ट्रॉली रेत और 6 ट्रॉली गिट्टी जब्त की गई है, जिसका कुल बाजार मूल्य करीब 3 लाख रुपए आंका गया है। जानकारी के अनुसार, खनिज निरीक्षक अनुपमा सिंह बघेल ने संयुक्त टीम के साथ ग्राम पलोहाबड़ा में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को श्मशान घाट के पास अवैध रूप से स्टॉक करके रखी गई 30 ट्रॉली रेत और 6 ट्रॉली गिट्टी का बड़ा ढेर मिला, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। इसके अलावा, टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पंचायत भवन के ठीक सामने अवैध रूप से रखी गई 18 ट्रॉली रेत भी अपने कब्जे में ले ली। 48 ट्रॉली रेत का बाजार मूल्य लगभग 2 लाख 73 हजार रुपए बताया जा रहा है, वहीं 6 ट्रॉली गिट्टी की कीमत करीब 36 हजार रुपए आंकी गई है। खनिज विभाग ने मौके पर ही पूरी सामग्री का पंचनामा तैयार किया और उसे सुरक्षित रखने के लिए संबंधित ग्राम कोटवारों की सुपुर्दगी में सौंप दिया। संयुक्त टीम की घेराबंदी, आगे भी जारी रहेगा अभियान इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई में सांईखेड़ा तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, पलोहाबड़ा थाना पुलिस बल और राजस्व विभाग के पटवारी मुख्य रूप से शामिल रहे। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जिले में माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन कर अवैध काम करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड के बाद उदयपुर शहर में अग्नि सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को दो प्रतिष्ठानों को सीज कर दिया। उदयपुर नगर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने बताया कि अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई करते हुए उदयपुर में आज मेवाड़ बैंक्वेट और बालाजी कोचिंग संस्थान को सीज किया। इन संस्थानों को पहले अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि निरीक्षण में दोनों प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी पाई गई थी। नोटिस जारी कर संचालकों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों की पालना नहीं की गई। आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, बैंक्वेट हॉल, कोचिंग संस्थानों, होटल, अस्पताल और अन्य भीड़भाड़ वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि शहरभर में अग्नि सुरक्षा को लेकर सर्वे और निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जिन संस्थानों में कमियां पाई जाएंगी, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे है और समय पर सुधार नहीं होने पर सीजिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, भवन मालिकों और संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना में जनहानि और संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके। कार्रवाई के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी चौधरी, अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीप सिंह बग्गा, निगम के पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ये खबर भी पढ़े… फायर सिस्टम में खामियां मिलीं तो भवन होंगे सीज:लखनऊ हादसे के बाद उदयपुर में होटल, अस्पताल, कोचिंग संस्थान से लेकर बहुमंजिला भवनों की जांच (पूरी खबर पढ़े..)
अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर क्षेत्र के धुर्रा टोडरपुर गांव में बुधवार सुबह एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान नेहा (22) के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज 7 महीने पहले हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नेहा ने गृहकलह से परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठाया। वहीं, बेटी की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया। परिजनों ने ससुराल वालों पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। अस्पताल ले गए ससुराल वाले, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घटना के तुरंत बाद ससुराल पक्ष के लोग नेहा को आनन-फानन में अतरौली के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां नेहा की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) रेफर कर दिया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता बोले- 7 महीने पहले ही तो विदा किया था मृतका के पिता पप्पू, बदायूं जिले के सहसवान थाना क्षेत्र के नदाइल गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी नेहा की शादी सात महीने पहले ही धुर्रा टोडरपुर निवासी कुलदीप (पुत्र मुकेश) के साथ बड़े चाव से की थी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि शादी के कुछ महीनों बाद ही उनकी बेटी के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई मायके पक्ष की सूचना पर पुलिस अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी रवि चंद्रवाल ने बताया- मृतका के मायके पक्ष की तरफ से मामले की तहरीर मिल गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को सांस्कृतिक अस्मिता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी डॉ. प्रेमासाई जी महाराज के धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण तथा समाज में सेवा, सद्भाव और नैतिक चेतना के प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महाराज जी के प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और लोगों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं। बस्तर प्रवास के अनुभव भी किए साझा बैठक के दौरान डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने अपने बस्तर प्रवास के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कभी नक्सलवाद की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर अब विकास, शांति और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। शासन की योजनाओं और सुरक्षा बलों के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में आयोजित दिव्य दरबारों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी समाज में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है। पदयात्रा भी निकाली जाएगी इस अवसर पर कुनकुरी में पांच दिवसीय दिव्य दरबार आयोजित करने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय पदयात्रा और हिंदू जगाओ पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही प्रत्येक गांव में देवगुड़ी स्थापना और कम से कम 10 लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया गया है। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य आदिवासी समाज को अपनी मूल संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना, सामाजिक समरसता बढ़ाना तथा सांस्कृतिक जागरूकता का प्रसार करना है।
सहारनपुर में नगर निगम के शाकुंभरी सभागार में बुधवार को आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने शहर की बदहाल सड़कों, जल निकासी और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। नगरायुक्त शिपू गिरि की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई लंबित विकास कार्यों पर चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पदाधिकारियों ने कामधेनु उद्योग नगर को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली तीन सड़कों का मुद्दा उठाया। उद्यमियों ने बताया कि सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिलने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। कामधेनु उद्योग नगर की सड़कें 15वें वित्त आयोग की बैठक में जाएंगी मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरायुक्त ने निर्माण विभाग को महापौर से स्वीकृति प्राप्त कर प्रस्ताव को 15वें वित्त आयोग की बैठक में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा। एएस कॉम्प्लेक्स में बिछेगी 1100 मीटर लंबी पेयजल लाइन देहरादून रोड स्थित एएस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा भी बैठक में उठा। इस पर महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है और करीब 1100 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। कब्रिस्तान सुरक्षा और जल निकासी की भी उठी मांग उद्यमियों ने अंबाला रोड स्थित दबनीवाला कब्रिस्तान के पास सुरक्षा के लिए तारबाड़ और सूचना बोर्ड लगाने की मांग की। इसके अलावा ग्रीन लैंड कॉम्प्लेक्स में जल निकासी और पथ प्रकाश व्यवस्था की समस्या भी उठाई गई। अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों में कार्रवाई प्रक्रिया जारी है। उद्यमियों से बोले नगरायुक्त- ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं नगरायुक्त शिपू गिरि ने उद्यमियों से शहर को हरित बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने पीपल, बरगद, पाकड़ और अमलतास जैसे पौधे लगाने का सुझाव देते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने टैक्स संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए कामधेनु उद्योग नगर सहित दो स्थानों पर विशेष कैंप लगाने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव, मृत्युंजय, जेपी यादव, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, मुख्य अभियंता सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीन शाह समेत नगर निगम के अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की फाइनल कल्चर रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ओटी में किसी भी तरह का संक्रमण (इन्फेक्शन) नहीं मिला है। इधर, अब मेडिकल टीम को प्रसूताओं को दी जाने वाली दवाइयों पर संदेह है, जिनकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी थी। हालांकि, इन दवाइयों में से भी सबसे ज्यादा संदेह 'सोडियम लैक्टेट' इंजेक्शन पर जताया जा रहा है, जिसका हाल ही में पहला बैच अस्पताल आया था। वहीं, एम्स (AIIMS) में भर्ती एक प्रसूता सोनू के पति ने बताया- मेरी पत्नी की तबीयत में अब सुधार है। हालांकि वह अभी भी आईसीयू (ICU) में एडमिट हैं, लेकिन बुधवार को उन्हें कुछ देर के लिए धूप में बाहर लाया गया था। पावटा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के पीएमओ (PMO) डॉ. कुलबीर चोपड़ा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओर से सभी क्लीयरेंस मिलने के बाद ओटी को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब पांच दिन का समय लग सकता है। प्रसूता के पति बोले- बच्चा दादा-दादी के पास है, पत्नी की तबीयत में अब सुधार जोधपुर एम्स (AIIMS) में दोनों प्रसूताओं- ललिता और सोनू का इलाज चल रहा है। यहां भर्ती दोनों प्रसूताओं को लेकर एम्स प्रशासन ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया-ICU में भर्ती दोनों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी सेहत में लगातार सुधार देखा जा रहा है। हालांकि, इनमें से एक मरीज अभी भी वेंटिलेटर पर है। सोनू के पति ने बताया- मेरी पत्नी की तबीयत में पहले से काफी सुधार है। एम्स में शिफ्ट करने के बाद से उन्हें डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ी है। बुधवार को भी उन्हें कुछ देर के लिए आईसीयू से बाहर धूप में लाया गया था। हमारे नवजात बच्चे की देखभाल अभी घर पर उसके दादा-दादी और बड़ी मम्मी कर रहे हैं। पत्नी को पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी 8 से 10 दिन का समय और लग सकता है, लेकिन राहत की बात यह है कि उनकी तबीयत अब पहले से काफी बेहतर है। कल्चर रिपोर्ट में ओटी में नहीं मिला इंफेक्शन, प्रसूताओं की हालत में सुधार दरअसल, मंगलवार को पावटा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की प्रारंभिक रिपोर्ट आई थी, जिसमें ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में किसी तरह का संक्रमण नहीं मिला था। इसके बाद बुधवार को आई फाइनल कल्चर रिपोर्ट में भी यह पूरी तरह साफ हो गया कि ओटी में किसी भी तरह का इंफेक्शन नहीं था। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रसूताओं में संक्रमण ऑपरेशन थिएटर के जरिए नहीं फैला था। ऐसे में अब पूरा संदेह प्रसूताओं को दी जाने वाली दवाइयों (मेडिसिन) पर गहरा गया है, जिनकी जांच रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है। पीएमओ डॉ. कुलबीर चोपड़ा ने बताया, शनिवार से पहले जिन प्रसूताओं के ऑपरेशन हुए थे, उन्हें पहले से उपलब्ध दवाइयां ही दी गई थीं। शनिवार को ही 'सोडियम लैक्टेट' फ्लूइड का इस्तेमाल किया गया था, जिसका नया बैच सप्ताह भर पहले ही अस्पताल आया था। उसे पहली बार शनिवार को ही मरीजों को दिया गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इसी फ्लूइड की वजह से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस मेडिसिन के कारण ऐसा हुआ। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल में भर्ती अन्य 6 प्रसूताओं की रिपोर्ट भी बुधवार को सामान्य आई है और उनकी हालत में काफी सुधार है। उनका डब्ल्यूबीसी (WBC) काउंट भी 10 से 11 हजार के बीच आ गया है, जो कि सामान्य है। डॉ. चोपड़ा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही ओटी को दोबारा शुरू किया जाएगा, जिसमें अभी 4 से 5 दिन का समय लग सकता है।। यह खबर भी पढ़ें… पावटा हॉस्पिटल की ओटी में नहीं मिला इंफेक्शन:एडमिट 6 महिलाओं में हल्का इंफेक्शन; इनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव; एम्स टीम ने लिए बयान जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; चिकित्सा मंत्री बोले- 50% महिलाएं सीजेरियन चाहती हैं, वे दर्द नहीं चाहती प्रसूताओं को लगाए गए ड्रिप सहित 25 दवा-इंजेक्शन पर रोक:7 दिन पहले हुई थी पहले बैच की सप्लाई, पहली बार 8 महिलाओं को लगा था गहलोत बोले-वसुंधरा सरकार में अच्छे मंत्री थे खींवसर:इस बार पता नहीं कौनसा ग्रहण लग गया, बयान उल्टे पड़ रहे है प्रसूता का पति बोला- डिलीवरी से पहले सही थी पत्नी:अब कुछ हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी; फेफड़ों में पानी भरा, लीवर-किडनी पर असर
वाराणसी जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ स्थित पावर हाउस के सामने बुधवार शाम एक खाली प्लॉट में सरपत और सूखी झाड़ियों में आग लग गई। घटना शाम करीब छह बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस प्लॉट में आग लगी थी, वहां लंबे समय से सरपत और सूखी झाड़ियां उगी हुई थीं। आग लगने के बाद तेज लपटें और धुएं का घना गुबार काफी ऊंचाई तक उठने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। वाराणसी-बाबतपुर हाईवे के समीप आग लगने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाए जाने के कारण यह घटना हुई हो सकती है। घटनास्थल के समीप एक ट्रांसफार्मर स्थापित है और वहां से विद्युत आपूर्ति भी संचालित होती है। आग के बढ़ते खतरे को देखते हुए पावर हाउस प्रशासन ने एहतियातन कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। पावर हाउस प्रशासन ने तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से आग बुझाने के अभियान में जुट गई। काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। समय रहते कार्रवाई होने से आग आसपास के क्षेत्रों तक नहीं फैल सकी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
संतकबीरनगर में युवक की डूबने से मौत:आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, गहरे पानी में डूबा
संतकबीर नगर के दुधारा थाना क्षेत्र में एक युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना सिसवा फतेउल्लाह गांव के पूरब सिवान स्थित तालाब में हुई। सूचना मिलने पर ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त प्रयास से शव को तालाब से बाहर निकाला। मृतक की पहचान भरवलिया बूधन निवासी दिनेश कुमार (35) पुत्र ज्ञानदाश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दिनेश नहाने के लिए सिसवा फतेउल्लाह गांव के पूरब सिवान स्थित तालाब में गए थे। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तत्काल बचाव का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक दिनेश पानी में लापता हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही दुधारा पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस के अथक प्रयास के बाद दिनेश का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।
राजस्थान सरकार ने बिजली निगमों में 2005 पदों पर भर्ती निकाली है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) ने भर्ती का विज्ञापन बुधवार को जारी किया है। भर्ती के तहत राज्य की पांचों बिजली कंपनियों में जूनियर इंजीनियर, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट के पद भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जुलाई से शुरू होगी। सबसे ज्यादा जूनियर असिस्टेंट/कॉमर्शियल असिस्टेंट-द्वितीय के 765 पदों पर भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम, जयपुर विद्युत वितरण निगम, अजमेर विद्युत वितरण निगम और जोधपुर विद्युत वितरण निगम में की जाएगी। बता दें कि जयपुर डिस्कॉम ने तकनीशियन-तृतीय पद पर चयनित 587 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बुधवार को ही जारी किए हैं। इस भर्ती परीक्षा का अंतिम रिजल्ट 22 जून को जारी हुआ था। बजट घोषणा के अनुरू होगी भर्ती ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया- बजट घोषणा के अनुरूप यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। सभी निगमों में होगी भर्ती, ऑनलाइन आवेदन करना होगा यह भर्ती राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम, जयपुर विद्युत वितरण निगम, अजमेर विद्युत वितरण निगम और जोधपुर विद्युत वितरण निगम में की जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदन से जुड़ी जानकारी जुलाई में जारी की जाएगी। अभ्यर्थी जुलाई 2026 से ऊर्जा विभाग और बिजली निगमों की वेबसाइटों पर उपलब्ध लिंक से आवेदन कर सकेंगे। भर्ती से जुड़ी नई जानकारी और आवेदन तिथियों के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित वेबसाइटों पर नियमित रूप से नजर रखने की सलाह दी गई है। 2163 पदों की भर्ती का रिजल्ट हाल ही हुआ जारी मंत्री हीरालाल नागर ने बताया- 22 जून को तकनीशियन-तृतीय के 2163 पदों की भर्ती का अंतिम रिजल्ट जारी किया गया था। वहीं 24 जून को नियुक्ति आदेश जारी करने के बाद अब 2005 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। किस अभ्यर्थी को किस जगह नियुक्ति मिलेगी, इसका निर्णय काउंसलिंग के दौरान किया जाएगा। काउंसलिंग की तारीख, स्थान और उपलब्ध पदों की जानकारी अभ्यर्थियों को अलग से भेजी जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थी संबंधित कार्यालय में जाकर अपनी नौकरी जॉइन कर सकेंगे। वहीं 14 अभ्यर्थियों का परिणाम अस्थायी रूप से जारी किया गया है। उनके दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद नियुक्ति को लेकर फैसला किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े, जबकि माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े याद होने चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की हिंदी और अंग्रेजी में फ्लूएंट रीडिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं और इसकी नियमित निगरानी हो। मंत्रालय में आयोजित संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्कूलों की साफ-सफाई, मरम्मत, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश और साइकिल वितरण जैसे कार्य समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं तय समय-सीमा में मिलनी चाहिए। बैठक में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर ड्रॉपआउट बच्चों का दोबारा प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जुलाई से VSK ऐप पर उपस्थिति के आधार पर वेतनविभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए VSK ऐप के उपयोग को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। हालांकि जून माह की उपस्थिति के आधार पर किसी का वेतन नहीं काटा जाएगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को ऐप पर पंजीयन के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। विभाग के अनुसार जुलाई से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का VSK ऐप पर पंजीयन अनिवार्य होगा। जुलाई माह का वेतन ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा।कार्यालयों में अटैच शिक्षकों की होगी वापसी बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अधिकारियों को नियमित स्कूल निरीक्षण कर पढ़ाई और व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया। जर्जर भवनों की बनेगी सूची राज्यभर के जर्जर स्कूल भवनों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं भवनविहीन स्कूलों की समीक्षा जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी करेंगे। 2027-28 से 1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्रबैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए तय किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रदेश के सभी स्कूलों में नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। इसी दिन विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों में भी निजी स्कूलों की तरह समय पर पढ़ाई शुरू होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और परीक्षा परिणामों में सुधार आएगा।
बांदा के शहर कोतवाली में एक कारोबारी की तहरीर पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी, कूटरचना और कंपनी में हिस्सेदारी हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित कारोबारी विनोद कुमार त्रिपाठी, निवासी इंदिरा नगर, बांदा ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मिलकर बनाई गई कंपनी में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी और करोड़ों रुपये के लाभांश पर कब्जा कर लिया गया। तहरीर के अनुसार, 2023 में विनोद कुमार त्रिपाठी ने अमित सक्सेना और मानवेंद्र सिंह के साथ मिलकर एसबीसीईएस पवार कंस्ट्रक्शन एलएलपी का गठन किया था। कंपनी रेलवे और निर्माण कार्यों से जुड़े कई टेंडर प्राप्त कर विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही थी। पीड़ित का आरोप है कि बाद में अमित सक्सेना, अनूप सक्सेना, प्रियंका सिंह और मानवेंद्र सिंह ने मिलकर कंपनी के खातों और भुगतान व्यवस्था पर कब्जा करने की साजिश रची। उन्होंने बताया कि एक परियोजना के भुगतान के रूप में कंपनी के खाते में लगभग 4.36 करोड़ रुपये आए थे। आरोप है कि उन्हें बैंक संचालन से अलग कर इस धनराशि का बड़ा हिस्सा अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। विवाद बढ़ने पर खाते को फ्रीज कराया गया। विनोद त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि 10 जुलाई 2025 को उनकी अनुपस्थिति में फर्जी बोर्ड मीटिंग दर्शाकर कूटरचित बोर्ड रेजोल्यूशन और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। उनका कहना है कि उस समय वह उर्सलापुर (छत्तीसगढ़) में मौजूद थे, जिसके साक्ष्य भी उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से उन्हें कंपनी से बाहर कर उनकी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी को अन्य साझेदारों में बांट दिया गया। तहरीर में दावा किया गया है कि आरोपियों ने लगभग 5 करोड़ 70 लाख 11 हजार 531 रुपये की पूंजी और लाभांश हड़प लिया है। साथ ही सरकारी परियोजनाओं में धन के दुरुपयोग और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में एक अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी का मामला सामने आया है। यहां अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को खाना देने गए एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल पलक झपकते ही चोर लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह घटना मंगलवार शाम की है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के अगौना गांव निवासी राकेश कुमार अपने बेटे विजय कुमार के परिवार के सदस्यों को खाना देने जायस कस्बे के चंदा हॉस्पिटल गए थे। विजय कुमार के एक महीने के बेटे का पिछले पांच दिनों से अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। राकेश कुमार जैसे ही खाना देकर बाहर निकले, उनकी बाइक गायब थी। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक चोर उनकी बाइक ले गया है। वीडियो में चोर पहले काफी देर तक मोबाइल पर बात करता नजर आ रहा है, जिसके बाद वह मोटरसाइकिल लेकर फरार हो जाता है। राकेश कुमार ने उसी रात थाने में शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बुधवार सुबह उनके बेटे विजय कुमार ने भी बाइक चोरी की लिखित शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई पुलिसकर्मी मौके पर जांच के लिए पहुंचा है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने क्षेत्र में अवैध निर्माण, बिना नक्शे पास के चल रहे कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों, होटलों और अन्य व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है। उपाध्यक्ष के निर्देश पर बुधवार को GDA की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी और निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई बिल्डिंग बिना नक्शा पास किए बनाए गए हैं, कुछ नक्शे के विपरीत मिले तो वहीं ज्यादातर संचालकों ने नक्शा दिखाया ही नहीं। जिसको लेकर विभाग ने अब तक कुल 53 बिल्डिंग संचालकों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आईं बड़ी खामियां GDA की टीम ने आज 31 भवनों की जांच की, जिसमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं। जिनमें 26 भवनों के मालिक या संचालक मौके पर पास हुआ नक्शा (स्वीकृत मानचित्र) दिखा ही नहीं पाए। 01 भवन ऐसा मिला, जहां पास हुए नक्शे के बिल्कुल विपरीत निर्माण कराया गया था। इसके अलावा 01 भवन के बेसमेंट/पार्किंग एरिया में नियमों के खिलाफ कोचिंग और लाइब्रेरी चलती हुई पाई गई। 09 भवनों में बिना तय मानकों और सुरक्षा इंतजामों के लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस और कोचिंग सेंटर का संचालन हो रहा था। सिर्फ 05 भवनों में ही पास नक्शा सही और मौके पर उपलब्ध पाया गया। नहीं सुधरे तो सील होंगी इमारतें GDA ने आज के सभी 31 मामलों सहित अब तक कुल 53 भवन स्वामियों और संचालकों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है। यह कार्रवाई 'उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973' के तहत की गई है। सभी आरोपियों को एक तय समय के भीतर अपने कागजात पेश करने और कमियों को ठीक करने का निर्देश दिया गया है। कमियां दूर करें या जवाब देंGDA प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिला या कमियां दूर नहीं की गईं, तो उन इमारतों को सील कर दिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी मकान मालिक या संचालक की होगी। आगे भी जारी रहेगी कार्यवाहीGDA अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जालौन के माधौगढ़ क्षेत्र में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आत्मघाती वीडियो के आधार पर मिले मेटा अलर्ट ने एक 20 वर्षीय युवक की जान बचा दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज सात मिनट में युवक के घर पहुंचकर उसे बेसुध अवस्था से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। मामला माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुरा का है। यहां रहने वाले दीपेन्द्र गौतम (20), जो आईटीआई के छात्र हैं, प्रेम-प्रसंग को लेकर मानसिक तनाव में चल रहे थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित एक वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो अपलोड होते ही मेटा कंपनी की ओर से पुलिस मुख्यालय को सुसाइडल अलर्ट भेजा गया। मुख्यालय से सूचना मिलते ही माधौगढ़ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिलाष कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई। कांस्टेबल मनीष शुक्ला और रिक्रूट कांस्टेबल गौरव कुमार सहित पुलिस टीम बिना समय गंवाए युवक के घर पहुंची। वहां दीपेन्द्र अचेत अवस्था में मिले। पुलिस ने परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। डॉक्टरों के अनुसार, यदि युवक को समय पर अस्पताल न पहुंचाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई है। इसके बाद पुलिस ने युवक और उसके परिजनों की काउंसलिंग भी कराई। दीपेन्द्र ने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया है। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी अलर्ट सिस्टम के कारण समय रहते सूचना मिली, जिससे युवक की जान बचाई जा सकी।
लखनऊ से मिले निर्देशों के बाद जिले में बड़े होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा द्वारा गठित दूसरी विशेष जांच टीम ने बुधवार शाम शहर के 'पंडित भोज' पर छापा मारा। उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए। एसडीएम राहुलदेव भट्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि होटल में बिजली और फायर सेफ्टी की व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसके अतिरिक्त, भवन में सुरक्षित निकास (एग्जिट) की समुचित व्यवस्था नहीं मिली, जबकि मुख्य प्रवेश मार्ग भी बेहद संकरा पाया गया। टीम ने इसे किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल संचालन बंद कराने के निर्देश दिए। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। टीम ने इसके बाद रुड़की रोड स्थित स्वरूप प्लाजा बिल्डिंग में संचालित ग्रीन एप्पल होटल और वी-बाजार समेत कई अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। वहां भी सुरक्षा मानकों, फायर सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। प्रशासन की इस 'सेकेंड टीम' का नेतृत्व एसडीएम राहुलदेव भट्ट कर रहे हैं। टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, मॉल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
सीएम के देवरिया दौरे की तैयारियां तेज:डीएम-एसपी ने की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 26 जून को जनपद देवरिया के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार शाम जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरांव स्थित प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं।जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बैरिकेडिंग, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम में आने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कार्यक्रम की अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। डीएम ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रत्येक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए और सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं।पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे और यातायात संचालन के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान वीआईपी मूवमेंट, भीड़ प्रबंधन, वाहन पार्किंग, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने देने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी वी.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
पिछले दो-तीन दिनों से तेज गर्मी और उमस से जूझ रहे चित्तौड़गढ़ में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर तेज धूप और चिपचिपी गर्मी झेलने के बाद शाम करीब 7.30 बजे आसमान का मिजाज बदलने लगा। देखते ही देखते बादल घिर आए और रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर में मौसम बदलने के इस अचानक घटनाक्रम ने लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद जरूर दी, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे नहीं बने कि उमस और गर्मी पूरी तरह खत्म हो गई हो। दिनभर की तपिश के बाद बारिश ने मौसम को जरूर बदला, लेकिन राहत फिलहाल अधूरी ही रही। अब लोगों की नजर अगले दो-तीन दिनों के मौसम पर है, क्योंकि मौसम विभाग ने 28 जून तक बारिश और तेज हवा का दौर बने रहने की संभावना जताई है। दिनभर 40.2 डिग्री तापमान और उमस ने किया बेहाल बुधवार सुबह से ही चित्तौड़गढ़ में तेज धूप का असर बना हुआ था। सुबह के साथ ही उमस भी बढ़ने लगी थी और दोपहर तक हालात काफी परेशान करने वाले हो गए। दोपहर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी। गर्मी के साथ नमी भरे मौसम ने ऐसा माहौल बना दिया कि घरों, दुकानों, दफ्तरों और बाजारों में लोग पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और शाम तक लोग बारिश का इंतजार करते रहे। पिछले कुछ दिनों से यही स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को भी दिनभर यही स्थिति रही, लेकिन शाम को हालात बदल गए। शाम को बदला मौसम, तेज हवा के बाद शुरू हुई बारिश शाम करीब 7.30 बजे आसमान में अचानक बदलाव दिखाई दिया। पहले बादल घिरने लगे, फिर हवा की रफ्तार बढ़ी और कुछ ही देर में मौसम पूरी तरह बदल गया। रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में लोगों ने लंबे इंतजार के बाद बारिश की बूंदें देखीं तो कुछ देर के लिए राहत जैसा माहौल जरूर बना, लेकिन बारिश शुरू होने के बावजूद उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग ने पहले ही जताई थी संभावना, 28 जून तक बना रह सकता है असर मौसम विभाग ने कुछ देर पहले ही चित्तौड़गढ़ में बारिश की संभावना जताई थी और बुधवार शाम मौसम ने उसी दिशा में संकेत भी दे दिए। विभाग के अनुसार जिले में 28 जून तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा या आंधी भी चल सकती है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि अगर अगले एक-दो दिन में अच्छी और लगातार बारिश होती है, तो गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
बीजापुर प्राथमिक शाला मंजारपारा पालनार के प्रधान अध्यापक राजू पुजारी की मृत्यु से जुड़े मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। बुधवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष उठाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। राजू पुजारी की मृत्यु के बाद दर्ज प्रकरण में नामजद आरोपी छविनाथ डोंगरे और शैलेष वासम अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। न्यायालय के निर्देश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा किया गया था। साथ ही निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने पर संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। तेलंगा समाज लगातार कर रहा मांग तेलंगा एवं तेलगा समाज समिति लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई की मांग कर रही है। हाल ही में समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा कि कई माह बीत जाने के बाद भी आरोपी कानून की पकड़ से बाहर हैं, जिससे समाज और आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। समिति का आरोप है कि दोनों आरोपी अपने परिचितों और विभागीय संपर्कों के बीच सक्रिय हैं, फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। इससे जांच और कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। सेवा समाप्ति की भी उठी मांग समाज समिति ने ज्ञापन में यह भी मांग की है कि लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे दोनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच कर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन, धरना और नाकेबंदी जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन ने कहा- तलाश जारी वहीं, बीजापुर कलेक्टर ने कहा है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। प्रशासन का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
अशोकनगर में बारिश, गर्मी से मिली राहत:एक घंटे तक बरसे पानी से बदला मौसम; आसमान में छाए घने बादल
अशोकनगर जिले में बुधवार शाम मौसम ने करवट ली। देर शाम हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगभग एक घंटे तक पानी बरसा। पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने के कारण जिले में गर्मी का असर बढ़ रहा था। बारिश से पहले कुछ देर तक आसमान में घने बादल छाए रहे। हालांकि, कुछ इलाकों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही हुई। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान जताया है। गौरतलब है कि जून महीने के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में जिले के कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, बारिश रुकने के बाद तापमान में फिर से वृद्धि होने लगी थी।
कानपुर देहात में हथियारों के प्रदर्शन का VIDEO:दबदबा बनाने के लिए रील बनाया, जांच में जुटी पुलिस
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का सिलसिला जारी है। हाल ही में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक हथियारों का प्रदर्शन करते दिख रहा है। ये लगातार सामने आ रहे वीडियो पुलिस के लिए चुनौती बन गए हैं। इससे पहले भी ऐसे वीडियो वायरल होने पर पुलिस 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है। वायरल वीडियो में एक युवक कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहा है। स्थानीय चर्चा के अनुसार, युवक सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने और रील बनाकर लोकप्रिय होने या दबदबा बनाने के लिए ऐसे वीडियो बना रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता और इसमें दिख रहे हथियारों की वैधता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। ये लगातार सामने आ रहे वीडियो दर्शाते हैं कि युवाओं में सोशल मीडिया पर पहचान बनाने की होड़ बढ़ रही है। अवैध हथियारों का प्रदर्शन कानूनी अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इन वायरल वीडियो ने पुलिस के सामने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्षेत्र में इतने हथियार कहां से आ रहे हैं। यदि ये हथियार अवैध पाए जाते हैं, तो क्या इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में भी हो सकता है, यह भी जांच का विषय है। पुलिस फिलहाल वायरल वीडियो की जांच में जुटी है। जांच में वीडियो सही पाए जाने और हथियारों के अवैध होने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रीवा शहर के पांडे टोला मोहल्ले में देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में तड़के करीब 3 बजे एक सिरफिरे युवक ने करीब 60 घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए, जिससे पूरे इलाके में अचानक अंधेरा छा गया। बुधवार शाम इस घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बुधवार शाम सामने आए सीसीटीवी फुटेज में युवक की पूरी करतूत कैद हो गई है। वीडियो में वह देर रात सुनसान गलियों में घूमते हुए घर-घर पहुंचकर बिजली लाइन से छेड़छाड़ करता और कनेक्शन काटता नजर आ रहा है। एक के बाद एक बुझती गईं घरों की लाइटें स्थानीय लोगों के मुताबिक, आधी रात के बाद अचानक एक-एक कर घरों की बिजली गुल होने लगी। कुछ ही देर में करीब 60 घर अंधेरे में डूब गए। अचानक बिजली जाने से लोग घबरा गए और कई परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि जब तक लोग स्थिति समझ पाते, आरोपी मौके से फरार हो चुका था। लोगों में डर और नाराजगी सुबह होते ही पूरे मोहल्ले में घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि रात के समय इस तरह बिजली काटना बेहद गंभीर मामला है। रहवासियों ने आशंका जताई कि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई बड़ी आपराधिक वारदात भी हो सकती थी। CCTV के आधार पर आरोपी की तलाश घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और युवक की तलाश तेज कर दी गई है। रात में गश्त बढ़ाने की मांग घटना के बाद इलाके के रहवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
एटा के मलावन थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। अकबरपुर गांव के पास हाईवे से अनियंत्रित होकर एक तेज रफ्तार कंटेनर खेत में पलट गया, जिसकी चपेट में आने से बकरी चरा रहे एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, अकबरपुर निवासी दोजीराम (पुत्र जौहरी सिंह) अपने खेत में बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान एटा की ओर जा रहा एक कंटेनर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरकर खेत में पलट गया। कंटेनर सीधे बुजुर्ग दोजीराम के ऊपर जा गिरा, जिससे वे उसके नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही मलावन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को कंटेनर के नीचे से बाहर निकाला गया। उन्हें गंभीर हालत में वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने के कारण कंटेनर अनियंत्रित हुआ और यह हादसा हो गया। हालांकि, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जबकि गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। मलावन थाना प्रभारी आर.के. सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ के प्रज्ञा सागर पब्लिक स्कूल में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से राजगढ़ जिले के स्कूलों में मरम्मत और खरीदी राशि में कथित घोटाले को लेकर सवाल किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार को इन गड़बड़ियों की जानकारी मिली है और पूरे प्रदेश में इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि अगर राजगढ़ में भी इस तरह की गड़बड़ी सामने आई तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने पूछे सवाल मंत्री बुधवार को नरसिंहगढ़ स्थित प्रज्ञा सागर पब्लिक स्कूल के नए बने भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे राजगढ़ जिले, खासकर नरसिंहगढ़ ब्लॉक में शिक्षा विभाग के तहत स्कूलों में मरम्मत और खरीदी के लिए जारी राशि में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल किया। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस (भ्रष्टाचार पर कोई छूट नहीं) की नीति पर काम कर रही है। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा, “हमारे पास इसकी जानकारी आई है। पूरे मध्यप्रदेश में इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। शुरुआती तौर पर जो तथ्य सामने आए हैं, उनकी जांच आईएएस स्तर के अधिकारी से कराई जा रही है। अगर राजगढ़ में भी इस तरह का मामला हुआ है तो किसी भी दोषी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा। कानून अपना काम करेगा और जिन लोगों ने कोई घोटाला या गड़बड़ी की है, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरती जाएगी। स्कूल के नए भवन का हुआ उद्घाटन बुधवार को प्रज्ञा सागर पब्लिक स्कूल में नए बने भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मंत्री राव उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में राजगढ़ सांसद रोडमल नागर, नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा, स्कूल अध्यक्ष नवरंग धाकड़, डायरेक्टर हरीश मुलानी और अन्य अतिथि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पौधे लगाए। स्वागत भाषण नवरंग धाकड़ ने दिया, जबकि हरीश मुलानी ने आभार व्यक्त किया। संचालन पूजा धाकड़ और हर्चिता मुलानी ने किया।
मिर्जापुर में अवैध खनन, उपखनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 74 वाहनों का ऑनलाइन चालान किया गया और 25.79 लाख रुपये की शास्ति राशि वसूल कर सरकारी खाते में जमा कराई गई। यह विशेष अभियान क्षेत्रीय अधिकारी भूतत्व एवं खनिकर्म सोनभद्र अनुज कुमार, खान अधिकारी मिर्जापुर जितेंद्र सिंह और मुख्यालय लखनऊ से शिवम शुक्ला की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया। अभियान 1 जून से 23 जून 2026 तक संचालित हुआ। अभियान के दौरान टीम ने उपखनिजों का परिवहन करने वाले कुल 1612 वाहनों की जांच की। औचक निरीक्षण में कई वाहनों द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से उपखनिजों का परिवहन करते पाया गया। चालान किए गए 74 वाहनों के अलावा, 63 अन्य वाहनों को संबंधित थानों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इन वाहनों से नियमानुसार देय उपखनिज रॉयल्टी, खनिमुख मूल्य और अन्य आरोपित शास्ति की वसूली की प्रक्रिया जारी है। खनन विभाग ने ओवरलोड परिवहन के मामलों को भी गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के अनुसार, जिन वाहनों के लिए परिवहन प्रपत्र जारी किए गए थे और वे ओवरलोड पाए गए, उन मामलों में संबंधित क्रेशर प्लांट संचालकों और मालिकों के विरुद्ध भी अलग से कार्रवाई की जा रही है। प्रत्येक मामले में पांच लाख रुपये तक की शास्ति वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उपखनिजों के अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस्लामिक माह मोहर्रम की 8वीं तारीख पर बुधवार शाम को सलूम्बर नगर में हज़रत अब्बास अलैमुस्सलाम की याद में अलम (छड़ी) का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे मार्ग पर 'या हज़रत अब्बास' की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। जुलूस बाहर का शहर मस्जिद चौक से शुरू हुआ। यह नगर के प्रमुख मार्गों गांधी चौक, होली चौक और नागदा बाजार से होते हुए अंदर का शहर पहुंचा। यहां दोनों क्षेत्रों के अलमों का पारंपरिक छड़ी मिलन समारोह आयोजित किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। छड़ी मिलन के साथ कार्यक्रम का समापन छड़ी मिलन के बाद, अंदर और बाहर शहर के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़े। अंत में, बाहर का शहर क्षेत्र में पहुंचकर अंतिम छड़ी मिलन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों में उत्साह देखा गया। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बाहर का शहर के सदर मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि मोहर्रम का यह आयोजन हज़रत मौला हुसैन और हज़रत अब्बास की कुर्बानी, वफादारी तथा इंसानियत के संदेश को याद करने का माध्यम है। अंदर का शहर के सदर अताउल्लाह ख़ान ने कहा कि मोहर्रम सत्य, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सोनीपत में पिता की हत्या कर भागा बेटा अरेस्ट:नशे की लत के कारण कहासुनी, डंडे से पीट-पीटकर किया मर्डर
सोनीपत जिले के खरखौदा थाना पुलिस ने पिता की हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान थाना कलां गांव निवासी ब्रहमदास पुत्र सरदार सिंह के रूप में हुई है। यह घटना 23 जून 2026 को हुई थी। मृतक सरदार सिंह के दूसरे बेटे रामपाल ने खरखौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रामपाल ने बताया कि 23 जून को सुबह करीब 6 बजे उनके ताऊ की बेटी ने फोन कर सूचना दी कि ब्रहमदास कमरे में उनके पिता सरदार सिंह के साथ डंडे से मारपीट कर रहा है। शरीर पर चोट के निशान मिले सूचना मिलने पर रामपाल गांव पहुंचे और घर आकर देखा तो उनके पिता कमरे के फर्श पर मृत अवस्था में पड़े थे। उनके शरीर पर कई चोटें थीं और खून निकला हुआ था। रामपाल ने कहा कि अधिक चोट आने के कारण ही उनके पिता की मृत्यु हुई है और हत्या उनके भाई ब्रहमदास ने की है। इस संबंध में खरखौदा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। थाना खरखौदा की पुलिस टीम में नियुक्त उप निरीक्षक हरि प्रकाश ने अपनी टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी ब्रहमदास को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर रॉबर्ट्सगंज स्थित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान फायर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर तीन संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। निरीक्षण टीम में उप जिलाधिकारी सदर अश्विनी कुमार और मुख्य अग्निशमन अधिकारी राम सहनी सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान डी.एल.जे.डी.सी. लाइब्रेरी, रॉबर्ट्सगंज में अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। संस्थान आवश्यक पंजीकरण भी प्रस्तुत नहीं कर सका। निकास मार्ग के रूप में केवल एक संकरी सीढ़ी थी, जिस पर शू-रैक रखा हुआ था, जिससे आपातकालीन स्थिति में विद्यार्थियों के सुरक्षित निकास में बाधा उत्पन्न हो सकती थी। इसके अतिरिक्त, परिसर में विद्युत वायरिंग अव्यवस्थित थी और खुले तार बिखरे हुए थे, जो अग्नि दुर्घटना का कारण बन सकते थे। इसी तरह, संस्कार लाइब्रेरी, रॉबर्ट्सगंज और रिसर्च एंड रिसोर्स कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, रॉबर्ट्सगंज में भी फायर सेफ्टी मानकों और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण टीम ने इन कमियों को विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए तत्काल सील करने की कार्रवाई की। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थान, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र और लाइब्रेरी निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों तथा पंजीकरण संबंधी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के जीवन और सुरक्षा से किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन द्वारा संबंधित संस्थानों को सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूर्ण करने और सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में पटेंगरा नाला स्थित एक निजी वाहन स्टैंड पर बुधवार को एक चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान गोरखपुर के खोराबार निवासी पीतांबर शुक्ला (45) पुत्र पन्ने लाल के रूप में हुई है। वह क्रूज़र वाहन संख्या UP 65 ET 8067 से वाराणसी से श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी धाम दर्शन के लिए लेकर आया था। जानकारी के अनुसार, चालक ने श्रद्धालुओं को पटेंगरा नाला स्थित वाहन स्टैंड पर उतारा और कहीं चला गया। इस दौरान श्रद्धालु मुंडन संस्कार और दर्शन-पूजन के लिए मंदिर चले गए। जब यात्री वापस लौटे, तो उन्होंने चालक को कथित तौर पर नशे की हालत में पाया। इसके बावजूद, सभी यात्री वाहन में बैठकर रवाना होने लगे। हालांकि, वाहन चलाते समय चालक ने एक-दो अन्य वाहनों में टक्कर मार दी। इस घटना और गर्मी से घबराकर यात्री वाहन से उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने वाहन को वापस स्टैंड में खड़ा कर दिया। कुछ देर बाद वह वाहन के अंदर ही अचेत अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर धाम चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान चालक की मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जो गोरखपुर से मिर्जापुर के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और मौत की परिस्थितियों को लेकर विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल जारी है।
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंडरग्राउंड हिस्से में बिजली सप्लाई के लिए 'थर्ड रेल' लगाने का काम शुरू हो गया है। यानी अब आपको मेट्रो ट्रैक के ऊपर तारों का कोई जाल दिखाई नहीं देगा, बल्कि पटरियों के ठीक बगल में बिछी एक तीसरी पटरी से मेट्रो को 750 वोल्ट की पावर मिलेगी। इधर, कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के बचे हुए हिस्से पर भी काम आखिरी दौर में है। यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार ने कानपुर में बुधवार शाम 5 बजे नए स्टेशनों और कॉरिडोर-2 डिपो की तैयारियों को परखा। क्या है यह 'थर्ड रेल' और इससे शहर को क्या फायदा? आम तौर पर ट्रेनों या पुरानी मेट्रो के ऊपर आपने बिजली के तारों का जाल (ओएचई) देखा होगा। लेकिन कानपुर मेट्रो में इसकी जगह 'थर्ड रेल ट्रैक्शन सिस्टम' का इस्तेमाल हो रहा. है। इसके तहत ट्रैक के समानांतर ही एक तीसरी रेल (पटरी) बिछाई जाती है, जिससे डायरेक्ट करंट (डीसी) सप्लाई होता है। इसके शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझा फंसने या किसी अन्य बाहरी वजह से बिजली गुल होने का खतरा बिल्कुल खत्म हो जाएगा। इसका मेंटेनेंस भी बेहद आसान है और बिना तारों के आसमान साफ दिखने से शहर की खूबसूरती भी बनी रहती है। फिलहाल काकादेव स्टेशन और रैंप के बीच 'डाउन-लाइन टनल' में इसके ब्रैकेट्स लगाने का काम तेज कर दिया गया है। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक जल्द शुरू होगी मेट्रो आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक (16 किमी) पहले से ही मेट्रो दौड़ रही है, लेकिन अब सेंट्रल से आगे नौबस्ता तक के बचे हुए हिस्से को भी जल्द खोलने की तैयारी है। इस नए रूट पर मेट्रो की टेस्टिंग का काम पहले ही शुरू हो चुका है। हाल ही में 11 से 14 जून के बीच मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने यहां का शुरुआती मुआयना भी किया है। जल्द ही इस रूट का फाइनल निरीक्षण होगा और हरी झंडी मिलते ही नौबस्ता तक यात्री सेवाएं शुरू हो जाएंगी। एमडी ने खुद संभाला मोर्चा, बोले- अंतिम चरण में कामयूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने सीनियर अधिकारियों के साथ बुधवार शाम 5 बजे को कानपुर सेंट्रल सहित कई नवनिर्मित स्टेशनों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कानपुर मेट्रो की टीम नौबस्ता तक यात्री सेवाओं का विस्तार करने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है। सभी विभागों के बीच तालमेल बिठाकर यात्री सुविधाओं से जुड़े आखिरी दौर के काम निपटाए जा रहे हैं। बता दें कि, कानपुर मेट्रो का पहला कॉरिडोर करीब 24 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 16 किलोमीटर पर काम पूरा है और बाकी हिस्से पर अंतिम मुहर लगना बाकी है। वहीं, 8.60 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर-2 भी अब रफ्तार पकड़ चुका है।
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में हुए अग्निकांड में कानपुर के दो युवक की मृत्यु के बाद बुधवार रात आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई और कैंट विधायक मो. हसन रूमी मृतकों के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अग्निकांड में गोविंद नगर निवासी 28 वर्षीय संयम विज और बर्रा निवासी 22 वर्षीय सूरजभान की जान चली गई थी। विधायकों ने संयम विज और सूरजभान के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर मामला है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। परिजनों से बातचीत के दौरान, दोनों जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने मांग की कि अग्निकांड की उच्चस्तरीय, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने होनहार बेटों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। मो. हसन रूमी ने टिप्पणी की कि शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं तो शायद दो परिवारों के चिराग आज बुझते नहीं। लखनऊ अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कानपुर में भी प्रशासन ने कई संस्थानों की जांच शुरू कर दी है। मृतक संयम विज और सूरजभान के घरों में अभी भी शोक का माहौल है और परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बांसवाड़ा के हरिदेव जोशी रंगमंच में 'शिक्षा बचाओ भविष्य बचाओ' संवाद कार्यक्रम बुधवार को हुआ। यहां सुबह 11:00 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कई छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विचारों और देश के एजुकेशन सिस्टम को सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने की सोच को युवाओं तक पहुंचाना था। कोटा प्रेजेंटेशन की वीडियो क्लिप दिखाई संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कोटा में दिए गए प्रेजेंटेशन की एक विशेष वीडियो क्लिप दिखाई गई। इस वीडियो के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता को लेकर उनके दृष्टिकोण को साझा किया गया, जिसे युवाओं ने काफी ध्यान से सुना। दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की रही मौजूदगी जिला कांग्रेस कमेटी बांसवाड़ा के प्रवक्ता रामलाल डिंडोर ने बताया- कार्यक्रम में लाल सिंह झाला (सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजस्थान एवं जिला प्रभारी, बांसवाड़ा), विधायक व जिलाध्यक्ष अर्जुनसिंह बामणिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, विधायक नानालाल निनामा, पीसीसी सदस्य राकेश सेठिया, निवर्तमान अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार, जिला उपाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह सिसोदिया व केशवचन्द निनामा सहित अन्य उपस्थित रहे। संगठन और जनप्रतिनिधियों ने दिखाया दम कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों सहित सभी ब्लॉकों के ब्लॉक अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्य, शहर कांग्रेस अध्यक्ष और अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही युवा नेता विकास बामनिया, रोहित खड़िया, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सरपंच, प्रशासक, प्रधान, उपप्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति और सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाया।
शहर के प्लेटिनम प्लाजा स्थित मां वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर एवं बाबा खाटू श्याम मंदिर में 25 जून को निर्जला एकादशी के अवसर पर भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बाबा खाटू श्याम का ‘आम बगीचा’ सजाया जाएगा, जिसके लिए करीब 11 क्विंटल विभिन्न किस्मों के आमों का उपयोग किया जाएगा। मंदिर के व्यवस्थापक पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस विशेष आयोजन में बाबा खाटू श्याम को आमों से सुसज्जित बगीचे के बीच विराजमान किया जाएगा। आमों से तैयार यह बगीचा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहां भक्तजन दर्शन कर सकेंगे और अपनी आस्था प्रकट करेंगे। निर्जला एकादशी के दिन सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। बाबा की ज्योत प्रज्वलित की जाएगी, इसके बाद भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें भजन गायक बाबा के गुणगान प्रस्तुत करेंगे। साथ ही बाबा को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा और पुष्पों से अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। इस आयोजन की खास बात यह रहेगी कि पूरे दिन बाबा को आम का ही भोग लगाया जाएगा। श्रद्धालु भी आम को प्रसाद स्वरूप अर्पित करेंगे और अंत में आम का ही प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह परंपरा भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का संचार करती है। मंदिर समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस अनूठे आयोजन में शामिल हों और बाबा खाटू श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करें।
ब्यावर नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता अंजुम अली अंसारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर नियमविरुद्ध और अनियमित रूप से ले-आउट प्लान स्वीकृत करने का आरोप है। यह कार्रवाई तात्कालिक आयुक्त श्रवण चौधरी के निलंबन के बाद की गई है। जारी आदेश के अनुसार अंसारी के विरुद्ध नियमों की अवहेलना करते हुए ले-आउट प्लान पास करने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। सक्षम प्राधिकारी ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निलंबन किया है। निलंबन अवधि के दौरान अंसारी का मुख्यालय स्थानीय निकाय विभाग निदेशालय, जयपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार देय जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान नगर परिषद ब्यावर द्वारा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ब्यावर नगर परिषद में ले-आउट प्लान स्वीकृति से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अनियमितताओं के आरोपों की जांच के बाद लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सोनीपत के बीज मार्केट में खाद, बीज और दवाइयों की दुकान से लाखों रुपए के सामान की चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान दीपक के रूप में हुई है, जो जुआं गांव का निवासी है और वर्तमान में सोनीपत के तारा नगर में रहता है। यह घटना हुल्लाहेड़ी गांव के संतकवार की दुकान जमीदार बीज भंडार से संबंधित है, जो सोनीपत की बीज मार्केट में स्थित है। संतकवार को पिछले लगभग एक महीने से अपने गोदाम के स्टॉक में कमी का संदेह था। विस्तृत जांच के बाद, उन्होंने पाया कि गोदाम से लगभग 80 पेटी माल गायब था। संतकवार ने दुकान और गोदाम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे चोरी का खुलासा हुआ। फुटेज में 19 जून की रात करीब 10:25 बजे दो व्यक्ति गोदाम से सामान निकालते हुए दिखाई दिए। पिछले कई महीनों से गोदाम में कर रहे थे चोरी इनमें से एक व्यक्ति धर्मवीर था, जो पिछले 10 साल से संतकवार के यहां नौकर था। दूसरा व्यक्ति दीपक था, जो जुआं गांव में अपनी खाद-बीज की दुकान चलाता है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों पिछले कई महीनों से मिलकर गोदाम से चोरी कर रहे थे। शिकायत के आधार पर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उप निरीक्षक आशु और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे चोरी का सामान बरामद करने और उसके साथी धर्मवीर को गिरफ्तार करने के लिए पूछताछ की जा रही है।
गोरखपुर में मुहर्रम की 8वीं तारीख पर बुधवार को शहर में अकीदत और इबादत का माहौल रहा। मस्जिदों, घरों और इमाम चौकों पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया गया। जगह-जगह महफिलें हुईं, जहां उलमा ने कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की कुर्बानी के बारे में बताया। इसे सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों के बीच फल बांटे गए। फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष समीर अली ने कहा कि इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को सच्चाई, इंसानियत और हक के रास्ते पर चलने का संदेश दिया है। उनकी कुर्बानी हमेशा लोगों को सही रास्ते पर चलने की सीख देती रहेगी। सच्चाई के लिए खड़े रहने की सीख देती है कर्बला शहर की अलग-अलग मस्जिदों में आयोजित कार्यक्रमों में उलमा ने कहा कि कर्बला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सच्चाई और इंसाफ के लिए दी गई सबसे बड़ी कुर्बानी की याद है। इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे झुकने के बजाय हक का साथ दिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल कायम की। सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में हुई महफिल में बताया गया कि कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों ने मुश्किल हालात में भी सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा। उनकी कुर्बानी आज भी लोगों को नेकी और इंसानियत का संदेश देती है। आज सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को नौवीं मुहर्रम पर शाम 6:57 बजे रहमतनगर स्थित सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद में सामूहिक रोजा इफ्तार कराया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में रोजेदार और अकीदतमंद शामिल होंगे। गुरुवार रात नौवीं मुहर्रम पर शहर में लाइन की ताजियों का जुलूस निकलेगा। अलग-अलग इमाम चौकों पर खूबसूरत ताजिया रखी जाएंगी। इस दौरान घरों और मस्जिदों में फातिहा होगी। लोगों में शरबत, खिचड़ा और मलीदा बांटकर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया जाएगा।
बिजनौर कोर्ट ने गोवध के 3 दोषियों को सुनाई सजा:5 साल कारावास और 3-3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
बिजनौर कोर्ट ने गोवध के एक मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने फरमान, वाहिद और नवाब को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अभियोजन के अनुसार, यह मामला 1 जनवरी 2024 का है। थाना नांगल पुलिस ने ग्राम सबलपुर बीतरा में कार्रवाई करते हुए फरमान पुत्र मुन्नू, वाहिद पुत्र हनीफ शाह, नवाब पुत्र वाहिद और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया था। उनके पास से गौवंशीय मांस, अवशेष और पशु कटान के उपकरण बरामद हुए थे। इस मामले में थाना नांगल में गोवध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस और मॉनिटरिंग सेल ने मामले में प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के बाद बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने फरमान, वाहिद और नवाब को दोषी करार दिया। तीनों आरोपी थाना नांगल क्षेत्र के ग्राम सबलपुर बीतरा के निवासी हैं। बताया गया है कि दोषियों में से वाहिद थाना नांगल का हिस्ट्रीशीटर भी है।
सोनभद्र में भाजपा जिला कार्यालय राबर्ट्सगंज में वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष नंद लाल और सदर विधायक भूपेश चौबे सहित कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष नंद लाल और विधायक भूपेश चौबे ने रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने रानी दुर्गावती के अदम्य साहस, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को याद किया। भाजपा जिलाध्यक्ष नंद लाल ने अपने संबोधन में कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। सदर विधायक भूपेश चौबे ने रानी दुर्गावती के बलिदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने 24 जून 1564 को मुगल सेना के विरुद्ध युद्ध करते हुए वीरगति प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने कभी आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं किया, जो उनके स्वाभिमान का प्रतीक है। विधायक चौबे ने आगे कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय इतिहास में साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उनका जीवन महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र रक्षा के लिए एक प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमरेश चेरो ने उपस्थित अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने रानी दुर्गावती के बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, शंभू नारायण सिंह, शंभू सिंह गोंड़, बिंदु अगरिया, रामलाल अगरिया, चंद्रावती गोंड़, विजय खरवार, जिलाध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा ओमप्रकाश यादव, रविप्रकाश चौबे, सत्यप्रताप सिंह, जिला मीडिया सह प्रभारी अमन वर्मा, रामनिवास तोमर, कैलाश तिवारी, विवेक तोमर सहित अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रीवा में इस्लाम धर्म के अंतिम पैगम्बर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर रीवा के मुस्लिम समाज में नाराजगी देखी जा रही है। मुस्लिम समाज की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर अधिवक्ता नाजिया इलाही खान के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नाजिया इलाही खान द्वारा सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इस्लाम धर्म, हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम और हजरत आयशा रदियल्लाहो अन्हा के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणियां की गईं, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द एवं धार्मिक सद्भाव के लिए नुकसानदायक हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि देश में पहले भी धार्मिक व्यक्तित्वों के विरुद्ध की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी धर्म अथवा समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस अवसर पर शहर काजी रीवा मुफ्ती मुहम्मद मुबारक अजहरी सहित मुस्लिम समाज के कई प्रतिनिधियों ने ज्ञापन का समर्थन करते हुए धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण की जांच में 25 जून को नया मोड़ आ सकता है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर एसआईटी के सामने पेश होंगे। संजय सिंह का दावा है कि उनके पास कथित भ्रष्टाचार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य हैं, जिन्हें वह जांच टीम को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों से पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। सुबह 11 बजे SIT के सामने पेश होंगे संजय सिंह संजय सिंह ने बताया कि वह गुरुवार को लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय में गठित विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष उपस्थित होकर अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज और साक्ष्य सौंपेंगे। उनका कहना है कि जांच को निष्पक्ष और तथ्यपरक बनाने के लिए यह जरूरी है कि सभी उपलब्ध जानकारियां जांच एजेंसी तक पहुंचें। ‘मेरे पास भ्रष्टाचार से जुड़े अहम सबूत हैं’ संजय सिंह ने दावा किया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं जो कथित भ्रष्टाचार की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों को जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा, “जो भी तथ्य और दस्तावेज मेरे पास हैं, उन्हें मैं एसआईटी को उपलब्ध कराऊंगा। जांच एजेंसी इनकी पड़ताल कर उचित निष्कर्ष पर पहुंचेगी। अतिरिक्त साक्ष्य देने के लिए मांगा था समय आप सांसद ने बताया कि उन्होंने पहले ही एसआईटी से अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा था। उनके अनुसार एसआईटी अध्यक्ष ने स्वयं फोन कर उन्हें जांच में सहयोग के लिए बुलाया है।संजय सिंह ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और अपने पास उपलब्ध सभी तथ्यों को टीम के समक्ष रखेंगे। ‘अब कार्रवाई सरकार और मुख्यमंत्री के हाथ में’ संजय सिंह ने कहा कि दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद आगे की कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के हाथ में होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से जुड़े सबूत हैं तो वह जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए। संजय सिंह ने कहा कि वह उसी अपील के अनुरूप जांच में सहयोग करने जा रहे हैं। 26 जून को अयोध्या जाएंगे अरविंद केजरीवाल इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 26 जून को अयोध्या दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वह रामलला के दर्शन करेंगे और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके अलावा केजरीवाल संत-महात्माओं से भी मुलाकात करेंगे। उनके इस दौरे को राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को जोन-4 के अंतर्गत नैनी क्षेत्र में व्यापक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जबकि लगभग 11 बीघे में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया गया। पीडीए की प्रवर्तन टीम ने जोनल अधिकारी के नेतृत्व में नैनी पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। धनुआ, बसवार रोड, नैनी निवासी सागर भारतीय द्वारा लगभग 28 वर्गमीटर क्षेत्रफल में आरसीसी कॉलम के सहारे कराए जा रहे निर्माण को गिराया गया। इसी तरह, सुभाष द्वारा लगभग 7025 वर्गफुट क्षेत्र में किए गए निर्माण और आनंद चौरसिया उर्फ शीलू चौरसिया द्वारा करीब 75 वर्गमीटर क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, मौजा दादूपुर, रीवा रोड, नैनी में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई हुई। जावेद, सोएब, अमन यादव, दिनेश यादव, दूधनाथ यादव, राजेश सिंह, राजू पाण्डेय सहित अन्य लोगों द्वारा लगभग छह बीघे क्षेत्र में विकसित की गई अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से जमींदोज किया गया। इसी क्षेत्र में सूफियान खान, अंकित निषाद, पंकज सिंह, प्रशांत सिंह, केशरवानी समेत अन्य लोगों द्वारा लगभग पांच बीघे में कराई जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई। पीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण ने निर्माणकर्ताओं और डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि वे केवल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही विकास कार्य कराएं। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी अथवा मेला क्षेत्र में भूखंड खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें। पीडीए अधिकारियों ने बताया कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में तहरीर भी दी जाएगी। इस ध्वस्तीकरण अभियान में जोनल अधिकारी, भवन निरीक्षक कुंवर आनंद सिंह, सुपरवाइजर, पीडीए प्रवर्तन टीम तथा नैनी थाना पुलिस मौजूद रही।
हांसी में स्वास्थ्य विभाग, ड्रग कंट्रोल विभाग और स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने बुधवार को नारनौंद क्षेत्र के गांव लोहारी राघो में एक अवैध क्लिनिक पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने एक मरीज को ड्रिप चढ़ाकर उल्टी-दस्त का इलाज करते हुए पाया। यह कार्रवाई करीब छह घंटे तक चली। क्लिनिक संचालक की पहचान लोहारी राघो निवासी गुलशन कुमार के रूप में हुई। जांच के दौरान वह अपनी कोई मेडिकल डिग्री या क्लिनिक संचालन का वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गुलशन कुमार पिछले लगभग 15 वर्षों से अवैध रूप से यह क्लिनिक चला रहा था। बरामद दवाईयों की जा रही जांच ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अजय लुहाच ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में क्लिनिक में एक मरीज भर्ती मिला, जिसकी नस में ड्रिप लगी हुई थी। टीम ने मौके से 23 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां भी बरामद कीं। इन दवाइयों की वैधता और उपयोग की जांच की जा रही है। डॉ. अजय लुहाच ने आगे बताया कि गुलशन कुमार के खिलाफ नेशनल मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। बरामद दवाइयों और अन्य दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जा रही है। टीम में यह अफसर रहे शामिल इस संयुक्त कार्रवाई में ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (हिसार-III) डॉ. अजय लुहाच, सीएचसी सिसाय के मेडिकल ऑफिसर डॉ. जगदीप सिंह और स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हिसार यूनिट के एसआई सत्यपाल सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल रहे। डॉ. अजय लुहाच ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाना जान जोखिम में डालने जैसा है। बिना योग्यता और प्रशिक्षण के इलाज करने वाले ऐसे लोग मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी अवैध मेडिकल प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा।
बिजली बिल और कटौती के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन:बिजली दफ्तरों में चस्पा किए काले पोस्टर
रायपुर में बढ़ती बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और अघोषित बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस ने आज प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीडी नगर और खमतराई जोन के बिजली विभाग कार्यालयों में काले पोस्टर चस्पा कर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रदेश की जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ते बिजली बिलों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ी हैं और बिजली बिलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बढ़ते बिजली बिल और अघोषित बिजली कटौती सरकार की जनविरोधी नीतियों का परिणाम हैं। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और बिजली दरों में बढ़ोतरी व कटौती के मुद्दे को लगातार उठाएगी।
कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग ने जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ बुधवार को विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान एक टीपर, दो ट्रैक्टर और तीन स्थानों पर अवैध रूप से भंडारित कुल 1620 घन मीटर रेत जब्त की गई। खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच कर यह कार्रवाई की। उप संचालक खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में गठित खनिज उड़नदस्ता दल ने सलिहाभाटा, भैसामुड़ा, कटबिटला, कुदमुरमाल, सोनपुरी सीतामढ़ी, बरमपुर, राताखार, पोड़ी, कछार, चुहिया, बाल्को, कसनिया और कटघोरा सहित कई संदिग्ध क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। कई संवेदनशील क्षेत्रों में की गई जांच जांच के दौरान बरमपुर, राताखार और कसनिया क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन करते हुए एक टीपर और दो ट्रैक्टरों को पकड़ा गया। 1620 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण मिला अभियान के दौरान कछार क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर 600 घन मीटर और 720 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण मिला। वहीं, सोनपुरी सीतामढ़ी क्षेत्र से भी 300 घन मीटर अवैध रूप से संग्रहित रेत जब्त की गई। इस प्रकार कुल 1620 घन मीटर अवैध रेत जब्त कर संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सभी अवैध भंडारण स्थलों को सील कर दिया गया है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जब्त वाहन पुलिस और जांच चौकी की रिमांड में खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए टीपर और ट्रैक्टरों को सर्वमंगला पुलिस चौकी, रामपुर थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर कटघोरा की रिमांड में रखा गया है। विभाग अब मामले से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रहा है। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और शासकीय राजस्व की रक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। दोषियों पर होगी एफआईआर उप संचालक खनिज प्रशासन ने बताया कि अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि अवैध खनन या परिवहन की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कर्मचारी निशांत जोशी (50) का शव खरगोन के मंडलेश्वर में मिला है। निशांत सोमवार दोपहर से कसरावद रोड स्थित नर्मदा पुल पर अपनी कार लावारिस हालत में छोड़कर लापता हो गए थे। तभी से पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर नर्मदा नदी में उनकी तलाश कर रहे थे। बुधवार दोपहर को गांधीनगर क्षेत्र में नदी के कचरे के बीच उनका शव तैरता मिला। निशांत इंदौर की हैवनॉल पेट्रोकेमिकल कंपनी में मैनेजर थे। उनकी पत्नी स्मिता जोशी मंदसौर के गरोठ में नारकोटिक्स विभाग में एसपी हैं। बेटी आशी भोपाल में कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। देखिए, पांच तस्वीरें… पुल पर लावारिस मिली थी निशांत की कार मूल रूप से हरदा के रहने वाले निशांत जोशी पिछले 30 साल से इंदौर के राजेंद्र नगर रेती मंडी में रह रहे थे। वे 22 जून को दोपहर करीब 1 बजे घर से दफ्तर जाने का कहकर निकले थे। रात करीब साढ़े 11 बजे मंडलेश्वर पुलिस को नर्मदा पुल पर कार नंबर MP09 WA 3717 लावारिस खड़ी मिली थी। गाड़ी में मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने इंदौर में उनके परिजन को सूचना दी। इसके बाद मंगलवार सुबह परिजन ने मंडलेश्वर थाने पहुंचकर उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिवार के मुताबिक, निशांत पिछले कुछ समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनका इलाज चल रहा था। शव मिलने के बाद उनकी पत्नी स्मिता जोशी, बेटी आशी, चचेरे भाई डॉ. विवेक जोशी और उनके मित्र आशीष गंगराड़े मंडलेश्वर पहुंचे। नोट में लिखा- भैया, बेटी अब आपकी जिम्मेदारी निशांत की कार की तलाशी लेने पर पुलिस को लाल रंग का बैग मिला, जिसमें कपड़े और दवाइयां रखी थीं। कार से नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें पारिवारिक जिम्मेदारियों का जिक्र किया गया है। इसमें लिखा है- डियर विवेक भैया, आशी मेंटली, फिजिकली, फायनेंसियली आपकी और भाभी की जिम्मेदारी। नोट में नीचे दो मोबाइल नंबर भी लिखे हैं। पहले भी घर छोड़कर जा चुके हैं निशांत परिजन के अनुसार, निशांत पहले भी घर छोड़कर जा चुके थे। वे काफी समय से मानसिक अवसाद से जूझ रहा थे। चचेरे भाई डॉ. विवेक जोशी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। डॉ. विवेक जोशी शेल्बी हॉस्पिटल से जुड़े हैं और विजय नगर स्थित स्कीम नंबर 54 में रहते हैं। पोस्टमार्टम के बाद हरदा रवाना हुआ शव थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि स्थानीय नाविकों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। मंडलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम कराने के बाद शाम करीब साढ़े 5 बजे शव परिजन को सौंप दिया गया। जिसे लेकर परिजन हरदा रवाना हो गए हैं, जहां गुरुवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर से लापता नीट छात्रा का शव खरगोन में मिला इंदौर से लापता नीट छात्रा का शव खरगोन में नर्मदा नदी में मिला। लसूड़िया इलाके में तलावली चांदा की रहने वाली 18 वर्षीय निक्की यादव रविवार को नीट यूजी का पेपर देने घर से निकली थी। परीक्षा केंद्र मऊ में था। परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की देर रात तक घर नहीं लौटी। पढे़ं पूरी खबर…
लखनऊ में अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद आज बुधवार को भी पुलिस और फायर विभाग ने अभियान चलाया। जहां दमकल विभाग ने कोचिंग सेंटरों, होटल, रेस्टारेंट और हाउसिंग सोसायटी में अभियान चलाया। जहां अवैध तरह से संचालित कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके मिले, वहीं बोर्ड भी गायब दिखे। शहर में आरडीसी, विजयनगर, सिहानीगेट क्षेत्रों में स्थित भवनों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन उपकरणों की जांच की। जहां आग बुझाने के उकपरण खराब पाए गए। इन सभी को नोटिस दिया गया। वहीं 22 कोचिंग सेंटर बंद पाए गए। इन पर कार्रवाई के डर से ताले लटक गए। 3 तस्वीरें देखिए… 50 की जांच के बाद 20 पर नोटिस लगाए सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि छात्रों, छात्राओं व आम जनता को आग से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव एवं आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया। CFO राहुल पाल ने बताया कि फायर के के सभी प्रभारी अधिकारियों द्वारा अपने -अपने क्षेत्रों में कुल 50 कोचिंग संस्थानो का अग्निशमन निरीक्षण किया। इनमें खामिया मिलीं। आने जाने का रास्ता एक ही पाया। जहां 20 कोचिंग सेंटरों पर नोटिस लगाए हैं, जबाव नहीं मिलने पर इन पर कार्रवाई की जाएगी, वहीं कुछ कोचिंग संस्थान दूसरे दिन भी बुधवार को बंद पाए गए। धूल फांक रहे फायर सेफ्टी उपकरण गाजियाबाद में राजनगर में सड़कों के किनारे अवैध तरह से सड़क पर ही वाहनों की लंबी कतार मिलीं। यहां पार्किंग नहीं है, इसलिए सड़कों के साइड में वाहन पार्क मिले। सभी कोचिंग सेंटर ग्राउंड फ्लोर को छोड़कर पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर हैं। आग बुझाने के उपकरण धूल फांकते मिले। बिजली के बोर्डों की बहुत खराब स्थिति मिली। इमरजेंसी गेट लॉक मिले। न अलार्म बजे न ही आग बुझाने के उपकरण GDA की टीमों की ओर से फायर एनओसी, फायर अलार्म, हाइड्रेंट सिस्टम, स्प्रिंकलर और आपातकालीन निकास मार्गों की जांच की जा रही है। जहां अंदर जाने और बाहर निकलने का एक ही गेट और सीढिया पाई गईं। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिला, उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कुरुक्षेत्र में देर रात सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मदद की। दोनों युवकों का लाडवा-बाबैन रोड पर एक्सीडेंट हो गया था। घायल होने पर दोनों रोड पर पड़े तड़प रहे थे, जिन्हें देख सीएम सैनी ने तुरंत अपना काफिला रुकवा लिया। इसके बाद सीएम कार से उतरकर दोनों युवकों के पास पहुंचे और उनसे बात की। साथ ही काफिले में शामिल एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। बता दें कि मुख्यमंत्री आज बुधवार को बाबैन में मंदिर का गुंबद गिरने से दिवंगत हुए मुख्य पुजारी महंत नटराजन गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। देर रात लौटते वक्त लाड़वा-बाबैन रोड पर उन्हें सड़क हादसा दिखाई दिया, जिसमें बाइक सवार दो युवक घायल हो गए थे। युवकों की पहचान अमित (27) निवासी गांव बीड़ कलवा और रजत कुमार (30) निवासी गांव सूरजगढ़ के रूप में हुई, जिनका इलाज सीएचसी शाहबाद में चल रहा है। युवकों ने बताया कि वे बाइक से शाहाबाद से बाबैन की ओर जा रहे थे। डीग चौक के पास उनकी मोटरसाइकिल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे के बार ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। सड़क हादसे के कुछ PHOTOS… कुछ देर मौके पर रुककर घायलों का हाल जाना मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को घायलों की सहायता करने के निर्देश दिए। जब आसपास कोई वाहन नहीं दिखा तो मुख्यमंत्री ने दोनों युवकों की हालत गंभीर होने पर अपने काफिले में शामिल एम्बुलेंस को तुरंत मौके पर बुलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। मुख्यमंत्री कुछ देर तक मौके पर रुके रहे और घायलों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद दोनों युवकों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। सीएम बोले- किसी को घायल अवस्था में देखना पीड़ादायक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सड़क पर किसी को भी घायल अवस्था में देखना पीड़ादायक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते ही नहीं, एक इंसान होने के नाते भी हमारा पहला कर्तव्य है कि हम जरूरतमंद की मदद करें। सरकार की ओर से सभी विधायकों, सांसदों और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने काफिले के साथ हमेशा एंबुलेंस रखें ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि सड़क हादसा होने पर 'गोल्डन ऑवर' में घायल को अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि 'हरियाणा सुरक्षित सड़क नीति' के तहत घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। महंत नटराजन गिरी को श्रद्धांजलि देने गए थे सीएम मुख्यमंत्री आज बाबैन में मंदिर का गुंबद गिरने से दिवंगत हुए मुख्य पुजारी महंत नटराजन गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने महंत के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंदिर केवल बाबैन ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर को हुए नुकसान से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के सहयोग से मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा और इसे पहले जैसा स्वरूप देने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए धीरपुर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय (एयूडी) के नए अत्याधुनिक कैंपस के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में लगभग 1,668 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। करीब 20 हेक्टेयर (50 एकड़) क्षेत्र में विकसित होने वाला यह कैंपस आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव होती है और सरकार युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। परियोजना के पहले चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। परिसर में आधुनिक अकादमिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्र सुविधा केंद्र, खेल अवसंरचना और पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नए कैंपस की एक प्रमुख विशेषता 2,500 सीटों की क्षमता वाला भव्य सभागार होगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। सरकार का दावा है कि यह परियोजना राजधानी में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ हजारों विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कैंपस की खास विशेषताएं,… ग्रीन कैंपस पर रहेगा फोकस - जीआरआईएचए 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप विकास- सौर और भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग- रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम- अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण की व्यवस्था- जल संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर- डीयूएसी और अग्निशमन विभाग से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त
डिंडौरी के गाड़ासरई पुलिस थाना परिसर में बुधवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां कोबरा सांप देखा गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और सर्प मित्र मौके पर पहुंचे। करीब 1 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ा जा सका, तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। पुलिस स्टाफ ने बताया कि यह घटना बुधवार शाम करीब 4:30 बजे की है। थाने की बिजली गुल थी, जिसे ठीक करने के लिए एक स्थानीय मैकेनिक को बुलाया गया था। मैकेनिक जैसे ही काम के लिए सीढ़ियों के पास पहुंचा, तो उसकी नजर वहां बैठे काले कोबरा पर पड़ी। सांप को देखते ही मैकेनिक के होश उड़ गए और वह तुरंत पीछे भागा। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी सांप को देखा और तुरंत गाड़ासरई वन कार्यालय को इसकी सूचना दी। फिनाइल डालकर छेद से बाहर निकाला खबर मिलते ही सर्प मित्र कोमल सिंह ठाकरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। सर्प मित्र ने बताया कि कोबरा सीढ़ी के अंदर बने एक गहरे छेद में जाकर छिप गया था। उसे बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब तमाम कोशिशें नाकाम रहीं, तो अंत में छेद के अंदर फिनाइल डाली गई। फिनाइल के असर से कोबरा तुरंत बाहर निकल आया, जिसे टीम ने फुर्ती से पकड़कर पिंजरे में बंद कर दिया। बाद में सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बरेली प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। दूसरे दिन बुधवार को भी शहर भर में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए), आवास विकास परिषद, फायर विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के 47 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी मिली। कहीं फायर एनओसी नहीं थी, कहीं आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं तो कहीं छात्रों की सुरक्षा के लिए बुनियादी इंतजाम तक नहीं थे। गंभीर खामियां मिलने पर सात कोचिंग संस्थानों को मौके पर ही सील कर दिया गया। बच्चों के भविष्य के नाम पर चल रहा था जोखिम का खेलजिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई उनमें ऐसे कोचिंग सेंटर भी शामिल हैं जहां डॉक्टर, इंजीनियर, बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, अग्निवीर और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। हजारों छात्र रोजाना इन संस्थानों में पहुंचते थे, लेकिन जांच में सामने आया कि कई जगहों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि छात्रों का भविष्य बनाने का दावा करने वाले संस्थानों को सबसे पहले उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। संयुक्त टीम ने बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 47 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भवनों के नक्शे, फायर सुरक्षा व्यवस्था, एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, छात्रों की क्षमता, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की। कई संस्थानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर सात कोचिंग सेंटरों को तत्काल सील कर दिया गया। इन कोचिंग संस्थानों पर हुई कार्रवाईजांच के बाद जिन संस्थानों को सील किया गया उनमें उमेगा क्लासेस, मैट्रिक्स पुलिस एकेडमी, मेडिट (JEE-NEET), परिवर्तन कॉमर्स क्लासेस, शरद कोचिंग और आशीष क्लासेस शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार एक अन्य संस्थान पर भी कार्रवाई की गई, जिससे कुल सात कोचिंग सेंटर सील किए गए। अधिकांश संस्थानों में भवन उपयोग और सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं। जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थान आवासीय भवनों में संचालित होते मिले। इन भवनों के लिए व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा कई जगहों पर बीडीए से स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि आवासीय भवनों में बड़ी संख्या में छात्रों को बैठाकर कक्षाएं चलाना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक है। फायर सुरक्षा व्यवस्था में मिलीं गंभीर कमियांफायर विभाग की जांच में कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरण या तो नहीं मिले या फिर अनुपयोगी स्थिति में पाए गए। कुछ संस्थानों में फायर एनओसी तक नहीं थी। कई भवनों में एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ एक ही रास्ता मिला, जिससे किसी आपात स्थिति में भगदड़ और बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता था। लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन की सख्तीलखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यही वजह है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में छात्र पढ़ाई करते हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी का बयानएडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने कहा कि जिले में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संचालकों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। एसपी सिटी मानुष पारिक का बयानएसपी सिटी मानुष पारिक ने कहा कि पुलिस प्रशासन का उद्देश्य किसी संस्थान को परेशान करना नहीं बल्कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां मिली हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा का बयानमुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) मनु शर्मा ने कहा कि फायर सेफ्टी केवल कागजों की औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। कई संस्थानों में आग लगने की स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। सभी संचालकों को फायर एनओसी लेने और अग्नि सुरक्षा मानकों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियानबुधवार को चले संयुक्त अभियान में एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, एसपी सिटी मानुष पारिक, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, सीएफओ मनु शर्मा, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय, बरेली विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, पुलिस विभाग, फायर विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच पूरी होने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
ऑनलाइन डिलीवरी सर्विस Blinkit पर निगम की बड़ी कार्रवाई:पार्किंग नहीं, फायर सेफ्टी में भी खामियां
रायपुर में नगर निगम ने ऑनलाइन ग्रोसरी डिलीवरी कंपनी Blinkit के समता कॉलोनी स्थित डार्क स्टोर (वेयरहाउस) को सील कर दिया। निगम की जांच में पाया गया कि परिसर में नियमानुसार पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी, अग्निशमन सुरक्षा मानक अधूरे थे और भवन बिना पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate) के संचालित किया जा रहा था। जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश और निगम आयुक्त संबित मिश्रा के आदेश पर जोन-7 की टीम ने प्रगति कॉलेज के पास स्थित Blinkit परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्किंग, फायर सेफ्टी और भवन संचालन से जुड़े नियमों के उल्लंघन सामने आए। फायर सेफ्टी और पार्किंग में मिली खामियां नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक परिसर में ग्राहकों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं थी। साथ ही अग्निशमन सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि भवन का संचालन आवश्यक पूर्णता प्रमाणपत्र के बिना किया जा रहा था। जोन-7 की टीम ने मौके पर की कार्रवाई जोन-7 प्रभारी जोन आयुक्त डॉ. तृप्ति पाणिग्रही के मार्गदर्शन में कार्यपालन अभियंता सुशील मोडेस्टस, उप अभियंता प्रेरणा अग्रवाल, चंद्रकांत बर्गे समेत नगर निवेश और राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई की। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए मौके पर ही परिसर को सील कर दिया गया। निगम की चेतावनी नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना अनुमति या सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना संचालित होने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाड़मेर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सर्व धर्म शांति सभा की गई। मीडिया बातचीत में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- उनका काम है नफरत फैलाना, विवादित बयान देना और एक-दूसरे को उलझाना है। यही उनकी आदत है। थार के लोग इस मंशा को पूरी होने नहीं देंगे। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा- बॉर्डर पर की जा रही कार्रवाई असंवैधानिक और गैरकानूनी है। वे थार की अपणायत को तोड़ना चाहते हैं। लेकिन हम लोग एकजुट हैं। बुधवार को सर्वसमाज के लोग महावीर पार्क के पीछे इकट्ठे हुए। वहां पर सरकार के खिलाफ बयानबाजी की गई। वहां से मौन जूलूस निकालते हुए विवेकानंद सर्किल से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उनके हाथों में अलग-अलग स्लोगन की तख्तियां थी। वहां पर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को दिया। बता दें कि पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाक बॉर्डर के पास सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई की गई थी। इसी के खिलाफ जुलूस निकाला गया। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे लोग मौन जूलूस के दौरान लोगों के हाथ में तख्तियां ली हुई थी। इसमें लिखा था- सबसे बड़ा धर्म इंसानियत, नफरत छोड़ो, मोहब्बत जोड़ो, हमारी पहचान भाईचारा और इंसानियत। इसमें बड़ी संख्या में अलग-अलग समाज के लोग शामिल हुए। तुगलकी फरमान के तहत हो रही है कार्रवाई सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल- सदियों से थार में एक-दूसरे में भाईचारा रहा है और सुख-दुख में शामिल हुए है। बिना धार्मिकता को देखे बगेर समानता के भाव एक दूसरे के साथ रहे हैं। देश के ऊपर जब भी संकट आए तब थार के लोगों ने देश की सेना का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है। कभी इस इलाके में अप्रिय घटनाएं नहीं हुई है। जैसे दंगे, देश के विरोध की कोई घटना नहीं हुई है। बिना कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए एक द्वेष भाव के तहत एक तरफा धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की जा रही है। एक तुगलती फरमान के तहत कार्रवाई की जा रही है। इससे थारवासियों के दिल की भावना को ठेस पहुंची। आज सभी धर्मो के लोग यहां पर आए और प्रशासन को संदेश देने के लिए आए कि हम सब एक हैं। पूर्व मंत्री के बयान पर पलटवार, सांसद बोले- उनका काम नफरत फैलाना पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के बयान पर सांसद ने कहा- सब आदमी को मूलभूत सुविधा देने का अधिकार है। अगर किसी जगह कम आबादी वाले इलाके में सड़क बना दी है तो गलत काम नहीं किया। धर्मस्थल वाली बात कैलाशजी से पूछें उनको अच्छी तरह से पता है। उम्मेदाराम ने आरोप लगाया कि उनका काम है नफरत फैलाना। विवादित बयान देना और एक दूसरे का उलझाना यह उनकी आदत है। थार के लोग यह पूरी होने नहीं देंगे। बॉर्डर पर अतिक्रमण की कार्रवाई गैर संवैधानिक और गैर कानूनी बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा- थार के हर धर्म और जाति के लोग एकजुट होकर पहले शांति मार्च निकाला। फिर राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन दिया। सदियों से हम एक है। आज भी एक है। दुनिया की कोई भी ताकत हमें अलग नहीं कर पाई और नही आज कर पा रही है। जो भी कार्रवाई हो वो संवैधानिक दायरे में हो। बीते दिनों इंटरनेशनल बॉर्डर पर जो कार्रवाई हो रही है। उस कार्रवाई से प्रतीत हो रहा है कि गैर संवैधानिक, गैर कानूनी है। तमाम नियमों और कानून को कुचला जा रहा है। इकलौते मकसद से थार का भाईचारा, अपनायत को कैसे कुचला जाए। आरोप- माहौल खराब करने का प्रयास विधायक ने कहा- केवल एक पक्ष के धर्मस्थल को टारगेट कर तोड़ा गया। यह कार्रवाई करने के पीछे मकसद यह था कि यह वर्ग शिकायत करेगा। उन्होंने सहन कर लिया। धर्मस्थल में आस्था रखने वाले समुदाय ने सहन कर लिया। उनकी मंशा थी कि आपस में विवाद करें, विरोध करें, शिकायत करें। नियम और कानून के अंतर्गत उसको भी ध्वस्त करवाएं जिससे माहौल खराब हो। लेकिन थार ने सहन किया। किसी को भी 15 दिन पहले नोटिस नहीं मिला है। जबरदस्ती और दबाव से ध्वस्त किया गया।
दोमंजिला मकान ने गिरे मजदूर की मौत:सिर फटने से गई जान; निर्माणधीन बिल्डिंग में कर रहा था काम
पाली शहर के कोतवाली थाना इलाके के जयनगर-B में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन मकान पर काम कर रहा मजदूर दूसरी मंजिल से गिर गया। सिर फटने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बॉडी मोर्चरी में रखवाकर जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार- पाली जिले के बाली क्षेत्र के लुणावा गांव का रहने वाला हिम्मताराम (34) पुत्र चुन्नीलाल निर्माणाधीन दो मंजिला मकान पर मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से नीचे गिर गया। हादसे में हिम्मताराम के सिर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तुरंत बांगड़ अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसा कार्य के दौरान संतुलन बिगड़ने से होना सामने आया है। मामले की जांच जारी है।
आजमगढ़ में दीदारगंज थाना प्रभारी ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया। वीडियो में थाना प्रभारी जयप्रकाश सड़क किनारे खड़े एक युवक से बातचीत के दौरान उसे थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो एक दिन पुराना है। इसमें एक युवक पुलिसकर्मियों के सामने बहस करता दिखाई देता है और अपने साथियों से वीडियो बनाने की बात भी कहता सुनाई देता है। इसी दौरान थाना प्रभारी उसे थप्पड़ मार देते हैं। जानकारी के मुताबिक घटना का वीडियो युवक के घर के किसी सदस्य ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। बाद में इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि कई लोग बिना कानूनी प्रक्रिया के इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। SHO बोले- पुलिस को गाली दे रहा था दीदारगंज थाना प्रभारी जयप्रकाश ने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि पुलिस टीम ताजिया जुलूस के मार्ग से एक टीन शेड हटवाने गई थी। संबंधित व्यक्ति ने टीन शेड हटा भी लिया था, लेकिन इसके बाद वह पुलिस अधिकारियों को अपशब्द कहने लगा। उन्होंने बताया कि समझाने के बावजूद युवक विवाद करने पर उतारू था। इसी दौरान उसे डांटा गया। थाना प्रभारी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो का एक हिस्सा ही वायरल किया गया है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले आजमगढ़ में पुलिस अधिकारियों के विवादित व्यवहार के वीडियो पहले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले जीयनपुर थाना क्षेत्र में तत्कालीन थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। उस मामले में पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी को फटकार लगाई थी। बाद में उनका तबादला भी कर दिया गया था।
गुरुग्राम पुलिस ने बुधवार को पटौदी में एक अपराधी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया। जिला प्रशासन के सहयोग से व्यापारी मोहल्ला स्थित 120 वर्ग गज में बने एक मंजिला मकान को ध्वस्त कर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया गया। यह कार्रवाई अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस के अनुसार, यह अवैध निर्माण शोएब उर्फ सिक्कू नामक अपराधी का था। खुफिया सूचना के आधार पर व्यापारी मोहल्ला, पटौदी में इस अवैध निर्माण की पहचान की गई थी। जांच में सामने आया कि शोएब ने वार्ड नंबर-11 में करीब 120 वर्ग गज भूमि पर अवैध रूप से एक मंजिला मकान बनाया हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी शोएब उर्फ सिक्कू के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कुल 13 मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट के चार, जुआ अधिनियम के तीन, आर्म्स एक्ट का एक, मारपीट, दंगा और तोड़फोड़ से जुड़े तीन, एससी/एसटी एक्ट के दो तथा रंगदारी और धमकी से संबंधित एक मामला शामिल है। जेसीबी मशीन से तोड़ा गया भवन प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने जिला प्रशासन के समन्वय से थाना पटौदी क्षेत्र में यह कार्रवाई की। पुलिस की निगरानी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात था। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और अपराधियों के अवैध आर्थिक तंत्र को समाप्त करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित संपत्तियों और अवैध कब्जों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।
मैहर जिले में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने और लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए बुधवार शाम 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान की शुरुआत की गई। मध्य प्रदेश पुलिस का यह विशेष जागरूकता अभियान एसपी अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में 24 जून से 8 जुलाई तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ के मौके पर सीएसपी महेंद्र सिंह और सूबेदार नृपेंद्र सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। एसपी बोले- वीडियो कॉल पर नहीं होती कोई गिरफ्तारी अभियान की शुरुआत करते हुए एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी व्यवस्था या नियम नहीं होता है और न ही किसी को वीडियो कॉल पर गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी झांसे या डराने वाले फोन कॉल के बहकावे में बिल्कुल न आएं। स्कूल, अस्पताल और बाजारों में चलेगा अभियान पुलिस की विशेष टीमें अगले 15 दिनों तक जिले के अलग-अलग सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंडों, बाजारों, गांवों और ग्राम पंचायतों में जाकर लोगों को अलर्ट करेंगी। इस दौरान नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन लोन या नौकरी का झांसा, साइबर स्टॉकिंग, फिशिंग, सोशल मीडिया ठगी, डेटा चोरी और बैंक खातों से जुड़ी धोखाधड़ी के नए तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने जनता से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराए। इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे अचूक तरीका है।
हरजिंदर नगर में तीन कोचिंग व एक रेस्टोरेंट सील:लखनऊ अग्निकांड के बाद केडीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे
लखनऊ के कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में अवैध रूप से संचालित शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की टीम ने बुधवार को कानपुर के हरजिंदर नगर स्थित इमारतों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान तीन कोचिंग सेंटर और एक रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, केडीए की जांच में सामने आया कि क्षेत्र में स्काईलाइन कोचिंग सेंटर, एसपीटी कोचिंग सेंटर, अमेजिंग कोचिंग सेंटर तथा फूडी एंजेल रेस्टोरेंट निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे थे। इन उल्लंघनों के बाद केडीए की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, इन कोचिंग सेंटरों में प्रतिदिन 100 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं। बावजूद इसके, भवनों में सुरक्षा मानकों, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन निकास जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे। बताया गया है कि कई संस्थान व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसके अलावा, संचालक मनमानी करते हुए फुटपाथ पर अवैध रूप से वाहनों की पार्किंग करवाते थे, जिससे यातायात बाधित होता था और अव्यवस्था फैलती थी।
फलोदी जिले की लोहावट पंचायत समिति क्षेत्र की दो उचित मूल्य दुकानों में लाखों रुपये के सरकारी गेहूं के गबन का मामला सामने आया है। जिला रसद विभाग की जांच के बाद राशन डीलर श्रवण कुमार व कंवरलाल के खिलाफ प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र बंशीधर ने लोहावट पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, राजला की उचित मूल्य दुकान से 54,328 किलोग्राम और फतेहसागर की दुकान से 41,725 किलोग्राम सरकारी गेहूं का गबन किया गया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं जिला रसद विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत राजला और फतेहसागर में स्थित उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जहां ई-पॉस मशीनों में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक दर्ज था, लेकिन मौके पर गोदामों में अनाज उपलब्ध नहीं मिला। जांच में यह भी पता चला कि दोनों दुकानों पर लंबे समय से पात्र उपभोक्ताओं को गेहूं का वितरण नहीं किया जा रहा था। एक उपभोक्ता ने अधिकारियों को शिकायत दी कि उसका अंगूठा मशीन में लगवाया जाता था, लेकिन उसे राशन नहीं दिया जाता था। इससे गरीब परिवारों को मिलने वाला सरकारी अनाज डीलरों द्वारा हड़प लिया जाता था। वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर निरीक्षण में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर के साथ-साथ अन्य कई अनियमितताएं भी पाई गईं। जांच के बाद विभाग ने फतेहसागर की उचित मूल्य दुकान के राशन डीलर श्रवण कुमार को निलंबित कर दिया है। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों डीलरों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के तीन खिलाड़ियों का चयन BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा आयोजित इमर्जिंग मेन्स टूर्नामेंट 2026 के लिए हुआ है। यह टूर्नामेंट 6 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा। ऑल इंडिया जूनियर एवं सीनियर चयन समिति ने देशभर के प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन किया है। छत्तीसगढ़ से चुने गए खिलाड़ियों में वरुण सिंह भुई, मयंक वर्मा और आशीष पांडे शामिल हैं। चयनित खिलाड़ी विभिन्न टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे। टूर्नामेंट के दौरान चयनित खिलाड़ी देशभर के अन्य उभरते क्रिकेटरों के साथ तीन मल्टीडे मुकाबले खेलेंगे। यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन का अवसर प्रदान करती है।CSCS ने तीनों खिलाड़ियों के चयन पर खुशी जताते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद व्यक्त की है।
बिलासपुर रेलवे जोन के रायपुर मंडल के निपनिया -भाटापारा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज निर्माण के तहत रिलिविंग गर्डर डी-लॉन्चिग का काम होगा। इसके लिए पॉवर ब्लॉक लिया जाएगा। इसके चलते 25, 28 और 29 जून को 10 गाड़ियों को कैंसिल किया गया है। ट्रेनें कैसिंल होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएंगी। पॉवर ब्लॉक लेकर गर्डर लांचिंग का किया जाएगा कामरेलवे प्रशासन के अनुसार निपनिया -भाटापारा सेक्शन के बीच किमी 755/07-09 पर स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 380 पर रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। रोड अंडरब्रिज निर्माण के तहत रिलिविंग गर्डरों के डी -लॉन्चिग के लिए ट्रैफिक-सह पावर ब्लॉक लिया जा रहा है। पहला पावर ब्लॉक 24 जून की रात 10:00 बजे से 25 जून दोपहर 2:00 तक लिया जाएगा। दूसरा ब्लॉक 28 जून को 23:00 से 2:30 बजे तक लिया जाएगा। इसके फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रद्द होने वाली गाड़ियां बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां
हरियाणा के नूंह शहर के गांधी पार्क और मेवात मॉडल स्कूल के सामने बुधवार को एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के कारण लंबा जाम लग गया। जिससे राहगीरों और वाहन ड्राइवरों को काफी परेशानी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह मामला रेवासन गांव की एक युवती और नौसेरा गांव के उसके ससुराल पक्ष से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार दोनों परिवारों के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था। बताया गया कि बुधवार को युवती पक्ष ने युवक को फोन कर गांधी पार्क के पास बुलाया था। वहां पहले से ही युवती के भाई समेत कई लोग मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का प्रयास हुआ, लेकिन जल्द ही कहासुनी मारपीट में बदल गई। वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित देखते ही देखते दोनों ओर से लात-घूंसे चलने लगे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पर हुई मारपीट के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और लंबा जाम लग गया। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी दावा किया कि मारपीट के बाद युवती पक्ष के लोग युवक को अपने साथ ले गए। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को नहीं दी शिकायत नूंह शहर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि घटना को लेकर पुलिस को अब तक कोई औपचारिक शिकायत या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की PNDT टीम ने भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नागल ब्लॉक स्थित सोमवाल नर्सिंग होम में छापा मारा। इस दौरान एक अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई और कथित दलालों से चिन्हित नकदी भी बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान टीम को भारी विरोध, धमकियों और भीड़ के दबाव का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि स्थानीय लोगों और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने कार्रवाई को बाधित करने का प्रयास किया। वहीं पूरी कार्रवाई के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पानीपत के दलाल यामिन खान पर मिली थी सूचना स्वास्थ्य विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि पानीपत निवासी यामिन खान गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच करवाने का काम कर रहा है। शिकायतों के आधार पर सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में PNDT नोडल अधिकारी डॉ. योगेश दहिया, डॉ. दीपक कौशिक और मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक शर्मा को शामिल किया गया। 30 हजार ऑनलाइन और 22 हजार नकद की मांग टीम ने यामिन खान से संपर्क कर भ्रूण लिंग जांच कराने की बात कही। आरोप है कि यामिन ने 30 हजार रुपये ऑनलाइन अपने खाते में जमा करवाने और 20 से 25 हजार रुपये नकद साथ लाने को कहा। 22 जून को टीम ने उसके खाते में 30 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उसने अगले दिन सुबह पानीपत बस स्टैंड पहुंचने के निर्देश दिए। नर्सिंग होम तक कैसे पहुंची टीम गर्भवती महिला को लेकर सहारनपुर पहुंचा दलाल: 23 जून की सुबह टीम एक गर्भवती महिला और महिला सहायक को लेकर पानीपत बस स्टैंड पहुंची। यहां यामिन खान ने महिला से 22 हजार रुपये नकद लिए और उसे सहारनपुर जिले के नागल क्षेत्र में लेकर गया। टीम लगातार गुप्त रूप से उसका पीछा करती रही और सहारनपुर सीमा में प्रवेश करते ही स्थानीय प्रशासन को सूचना दे दी गई। नागल पहुंचने के बाद सलेलता नामक महिला दलाल और अंकित नामक पुरुष दलाल ने गर्भवती महिला को रेलवे रोड स्थित सोमवाल नर्सिंग होम पहुंचाया। वहां महिला को डॉ. अर्चना सोमवाल के पास ले जाया गया। BAMS डॉक्टर पर अवैध अल्ट्रासाउंड करने का आरोप: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डॉ. अर्चना सोमवाल, जो BAMS चिकित्सक हैं, ने नर्सिंग होम में रखी एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से महिला की जांच की। इसके बाद उसे सामने स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर भेज दिया गया। इसी दौरान मिथ्या ग्राहक ने बाहर आकर टीम को अंदर मौजूद पोर्टेबल मशीन और हुई जांच की जानकारी दी। संयुक्त कार्रवाई में अवैध मशीन बरामद: सूचना मिलने पर सहारनपुर स्वास्थ्य विभाग, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। संयुक्त कार्रवाई में नर्सिंग होम के अंदर एक अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली। टीम का दावा है कि मशीन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा एक अन्य अल्ट्रासाउंड मशीन पहले से सील अवस्था में मिली। दलालों से बरामद हुई चिन्हित नकदी: कार्रवाई के दौरान महिला दलाल सलेलता से 10 हजार रुपये तथा यामिन खान से 11,500 रुपये बरामद किए गए। नोटों के नंबरों का मिलान करने पर वे पहले से तैयार सूची में दर्ज नोटों से मेल खाते पाए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही आसपास के कई अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद हो गए। टीम ने खुद को कमरों में किया बंद: स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान दर्जनों स्थानीय लोग नर्सिंग होम में घुस गए। इनमें कई लोगों ने खुद को भारतीय किसान यूनियन से जुड़ा बताया। भीड़ ने टीम पर दबाव बनाने, जांच रोकने और जब्त मशीन तथा आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर टीम के सदस्यों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद को कमरों में बंद कर लिया। दरवाजे तोड़ने का प्रयास, धरने पर बैठे लोग: टीम के अनुसार भीड़ ने उन कमरों के दरवाजों पर लातें मारकर तोड़ने की कोशिश की जिनमें अधिकारी, जब्त मशीन और पकड़े गए आरोपी मौजूद थे। नर्सिंग होम परिसर में धरना भी दिया गया। इसके बाद सोनीपत PNDT टीम ने स्थानीय प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की। किसान यूनियन नेता के रिश्तेदार होने का दावा स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि डॉ. अर्चना सोमवाल भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी चौधरी विनय कुमार की भाभी हैं। स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि इसी कारण कुछ लोगों ने उनके खिलाफ कार्रवाई रुकवाने के प्रयास किए और टीम पर दबाव बनाया। आरोपियों को छुड़वाने की कोशिश की 5 बातें… गाड़ियों की चाबियां छीनी, मारने की धमकी: टीम का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियों की चाबियां छीन ली गईं। अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और दोबारा क्षेत्र में आने पर जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। भारी पुलिस बल पहुंचने के बाद ही टीम को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश: जब पुलिस टीम आरोपियों और जब्त मशीन को लेकर थाने जा रही थी तब भी भीड़ ने सरकारी वाहन रोककर आरोपियों को उतारने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस सुरक्षा के बीच टीम और बरामद सामान को थाने पहुंचाया गया। एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उठे सवाल: संयुक्त टीम ने थाने पहुंचकर सभी आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की और बरामद मशीन व नकदी को सील किया। इसके बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के PNDT नोडल अधिकारी ने कथित तौर पर एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया। टीम का कहना है कि उन्हें बताया गया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन की ओर से मामला दर्ज नहीं कराया जाएगा। जिलाधिकारी से मिलने की कोशिश बेनतीजा: इसके बाद सोनीपत की टीम सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के आवास पर पहुंची और मुलाकात का समय मांगा। टीम करीब 20 मिनट तक आवास के बाहर इंतजार करती रही, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। देर रात सुरक्षा कारणों से टीम को वापस सोनीपत लौटना पड़ा। अब तक एफआईआर दर्ज होने की सूचना नहीं: स्वास्थ्य विभाग की टीम का कहना है कि पूरी कार्रवाई के बाद भी अब तक मामले में एफआईआर दर्ज होने संबंधी कोई सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद कई सवाल अनुत्तरित बने हुए हैं।
एसीबी-ईओडब्ल्यू ने 14 साल पुराने एक मामले में तत्कालीन वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक और परिसमापक राजकुमार नायडू के खिलाफ करीब 3500 पेज की चार्जशीट विशेष अदालत में पेश की है। जांच में उन पर दो हाउसिंग सोसायटियों को 4 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाने और 20 लाख रुपए से अधिक का गबन करने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक, राजकुमार नायडू भैरव गृह निर्माण समिति और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम गृह निर्माण समिति में परिसमापक के पद पर थे। आरोप है कि उन्होंने पहले से सदस्यों को आवंटित और पंजीकृत 13 प्लॉटों का पंजीयन रद्द करा दिया। इसके बाद नए सदस्य बनाकर उन प्लॉटों को कम कीमत पर बेच दिया गया। सड़क और रास्ते की जमीन भी बेचने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि कॉलोनी में सड़क और रास्ते के लिए सुरक्षित रखी गई जमीन को भी नियमों के खिलाफ बेच दिया गया। इससे दोनों समितियों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। एक ही परिवार के तीन लोगों को दिए प्लॉट भैरव गृह निर्माण समिति में कई अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि नियमों के खिलाफ एक ही परिवार के तीन लोगों को प्लॉट आवंटित किए गए। वहीं एक सदस्य से प्लॉट की पूरी रकम लेने के बाद उसी प्लॉट का पंजीयन दूसरे व्यक्ति के नाम पर करा दिया गया। 20 लाख रुपए गबन करने का आरोप ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी पता चला कि प्लॉट बेचने से मिली राशि और समिति के बैंक खाते से निकाले गए 20 लाख रुपए से ज्यादा का उपयोग निजी कामों में किया गया। जांच एजेंसी ने इसे गबन माना है। 4 करोड़ से ज्यादा के नुकसान के सबूत मिले विवेचना में पाया गया कि आरोपी के फैसलों और कथित अनियमितताओं से दोनों समितियों को 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक क्षति हुई। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद राजकुमार नायडू के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं में विशेष अदालत रायपुर में चार्जशीट पेश की गई है।
बुलंदशहर में मंगलवार को तांत्रिक ने भूत भगाने के लिए महिला को गंगा में डुबोकर मार डाला। तांत्रिक ने पति से कहा था कि महिला पर भूत-प्रेत का साया है। भूत उतारने के नाम पर तांत्रिक महिला को गंगा के किनारे ले गया। तंत्र-मंत्र करने के बाद महिला को गंगा में डुबकी लगाने के लिए भेज दिया। जब महिला डूबने लगी, तो पति और नाविकों ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन, तांत्रिक ने उन्हें रोक दिया। कहा- चुप कर, कुछ नहीं होगा। महिला के साथ तांत्रिक का चेला भी डूब रहा था, लेकिन वह जान बचाकर बाहर आ गया। बुधवार को भी जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो दोपहर में पति और घरवाले गंगा पुल पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। एसपी देहात ने बताया कि तांत्रिक पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के 4 टीमों को लगाया गया है। घटना अनूपशहर तहसील की है। पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… जहांगीराबाद इलाके के बिरौली गांव में ललित परिवार के साथ रहता है। ललित ने बताया- बालका गांव के तांत्रिक भगत देवेंद्र ने मेरी पत्नी पूजा पर भूतों का साया होने का दावा किया था। भूत भगाने के नाम पर भगत और उसके कुछ चेले मंगलवार को मुझे और पूजा को अनूपशहर के गंगा घाट पर ले गए। मुझे डांटकर बोला- चुप कर, कुछ नहीं होगा भगत ने पहले घाट पर कुछ तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ किया। इसके बाद पूजा को अपने चेले के साथ नदी में डुबकी लगाने के लिए भेज दिया। चेले के साथ पूजा गंगा के पानी में उतर गई। पानी का बहाव तेज था। चेला पूजा को गंगा में डुबकी लगवाता रहा। इस बीच वह डूबने लगी। चेले ने भी अपना संतुलन खो दिया। मैं किनारे पर खड़ा था। पूजा को डूबते देख मैंने तांत्रिक भगत देवेंद्र से उसको बचाने के लिए कहा। उससे कहा कि मेरी पत्नी डूब जाएगी। इस पर भगत ने मुझे डांटते हुए कहा कि चुप कर। कुछ नहीं होगा। इस बीच एक स्थानीय नाविक ने पूजा को बचाने कि कोशिश की, तो भगत ने उसे भी रोक दिया। तांत्रिक और उसका चेला मौके से भाग गए ललित ने बताया- पूजा को डूबता देख भगत का चेला पानी से बाहर आ गया और पूजा गंगा नदी में समा गई। पूजा के डूबने के बाद मैंने शोर मचाया। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। इस बीच तांत्रिक भगत मौके देखकर चेले के साथ भाग गया। सीमा विवाद में पुलिस ने शिकायत नहीं ली ललित ने मंगलवार की शाम ही पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल को संभल क्षेत्र का बताया। इसके बाद पति ने संभल क्षेत्र की रजपुरा पुलिस को सूचना दी। लेकिन, रजपुरा पुलिस ने घटनास्थल को बुलंदशहर जिले का बताया। धरने पर बैठने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ इस बीच, मंगलवार देर रात ललित के घरवाले और रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो बुधवार दोपहर 2 बजे सभी गंगा पुल पर धरने पर बैठ गए। इसके बाद रजपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर रास्ते को फिर से चालू कराया। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि तांत्रिक पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में हरियाणवी डांसर की कार पर हमला:रोते हुए बोलीं- लड़कों ने बेशर्मी की हदें पार की, डंडे बरसाए, शीशे तोड़े यूपी में ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बॉर्डर एरिया में हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी पर हमला हुआ। डिंपल ने दावा किया कि दो लड़कों ने डंडा मारकर गाड़ी का फ्रंट शीशा तोड़ दिया। डिंपल चौधरी का एक रोते हुए वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं- ‘बेशर्मी की भी एक हद होती है। मैं मेरी बहन के घर जा रही थी। मेरी गाड़ी का ये हाल कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
रतनगढ़ नगरपालिका के नवीन भवन का भूमि पूजन:5 करोड़ की लागत से बनेगा, मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
चूरू की रतनगढ़ नगरपालिका के नवीन भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन बुधवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि ने भूमि पूजन कर करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस आधुनिक भवन की आधारशिला रखी। भवन निर्माण की स्वीकृति पहले ही प्राप्त हो चुकी है। नए भवन के बनने से नगरपालिका की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को गति मिलेगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। विकास को नई दिशा देगा नया भवन भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि ने कहा कि नया नगरपालिका भवन रतनगढ़ के विकास को नई दिशा देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन नगर की बढ़ती प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ नागरिकों को सुगम और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पारदर्शिता और दक्षता को मिलेगा बढ़ावा महर्षि ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है तथा आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन नगरपालिका के कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जनसुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने नगर के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आमजन के सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया। कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में नगरपालिका अधिशासी अधिकारी डॉ. सहदेव चारण, जेईएन अंकित कुशवाहा, भूमि शाखा प्रभारी संजय बारी, भाजपा नेता अर्जुनसिंह फ्रांसा, दीनदयाल पारीक, सुशील इंदौरिया, श्योपाल मेघवाल, प्रवीण शर्मा, रामकिशन गौरीसरिया, सज्जन सिंह, सुनील कम्मा, आदिल खान, करणी सिंह राजियासर, याकूब गौरी, बालमुकुंद और बलवीर स्वामी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
आजमगढ़ में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने बुधवार को आजमगढ़ दौरे के दौरान सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैजनाथ रावत ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के दौरान संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को नियमानुसार लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ही वंचित, शोषित और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। छात्रावास, वृद्धाश्रम और कोचिंग सेंटर का किया निरीक्षण आयोग अध्यक्ष ने बताया कि जनपद भ्रमण के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही राजकीय छात्रावासों, वृद्धाश्रमों और अभ्युदय कोचिंग सेंटर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं शासन की मंशा के अनुरूप पाई गईं। अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। महारानी दुर्गावती के बलिदान को किया याद दौरे के दौरान बैजनाथ रावत ने आजमगढ़ शहर में आयोजित महारानी दुर्गावती बलिदान दिवस कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने महारानी दुर्गावती के संघर्षपूर्ण जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। इसके अलावा उन्होंने ग्राम सभा भैसौंवड़ा पहुंचकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज की संगोष्ठी में प्रतिभाग किया और लोगों से संवाद किया। अंत्योदय वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना लक्ष्य बैजनाथ रावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। अंत्योदय वर्ग को मुख्यधारा से जोड़कर उनके सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है, ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके। बैठक और कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ग्वालियर जिले के टेकनपुर से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बीएसएफ के एक इंस्पेक्टर के साथ ऑनलाइन ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन तक पहुंच बनाकर तीन अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड से 3 लाख 10 हजार 11 रुपये की रकम निकाल ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले 34 वर्षीय अवनीश कुमार वर्तमान में एसटीसी बीएसएफ टेकनपुर में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई बैंक और यस बैंक के क्रेडिट कार्ड थे। पीड़ित अधिकारी का आरोप है कि 17 जून की रात किसी साइबर ठग ने ऑनलाइन माध्यम से उनके मोबाइल को अपने नियंत्रण में ले लिया और उसके बाद कई वित्तीय ट्रांजैक्शन कर डाले। घटना का खुलासा अगले दिन सुबह हुआ, जब उन्होंने अपने मोबाइल पर बैंकिंग अलर्ट और ओटीपी संबंधी संदेश देखे। मैसेजों की जांच करने पर पता चला कि उनके क्रेडिट कार्डों से बड़ी मात्रा में रकम खर्च की जा चुकी है। शिकायत के मुताबिक, आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से कुछ ही मिनटों के भीतर तीन ट्रांजैक्शन कर 2 लाख 5 हजार 32 रुपये निकाले गए। वहीं एसबीआई कार्ड से 9 हजार 998 रुपये की राशि खर्च की गई। इसके अलावा यस बैंक के कार्ड से कई किश्तों में कुल 94 हजार 981 रुपये के ट्रांजैक्शन किए गए। ठगी की जानकारी मिलते ही अवनीश कुमार ने तत्काल संबंधित बैंकों से संपर्क कर अपने सभी क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर बिलौआ थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। बैंकिंग ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरेला विकासखंड की बैगा बहुल ग्राम पंचायत पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वेक्षित 163 पात्र हितग्राहियों की सूची का अनुमोदन किया गया। ग्राम सभा में कलेक्टर डॉ संतोष कुमार देवांगन ने स्वयं हितग्राहियों के नामों का वाचन कर ग्रामीणों से उनकी पात्रता और अपात्रता के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने महुआ पेड़ के नीचे चटाई बिछाकर ग्रामीणों के बीच बैठकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पंचायत क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं, ग्रामीणों की समस्याओं और विकास संबंधी मांगों पर विस्तार से बातचीत की। आवास अभियान 2.0 के तहत हुआ था सर्वे उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में आवास सर्वे अभियान 2.0 के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सर्वेक्षण किया गया था। इसी आधार पर पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार की गई है। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर सूची का अनुमोदन कराया जा रहा है। किसानों को दी फसल विविधीकरण की सलाह संभावित कम वर्षा को देखते हुए कलेक्टर ने किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने धान के स्थान पर अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, हिरवा और रामतिल जैसी दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही आम, अमरूद और नींबू जैसी उद्यानिकी फसलों को अपनाकर आय बढ़ाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया। जल संरक्षण और शिक्षा पर जोर ग्राम सभा में कलेक्टर ने जल संरक्षण को प्राथमिकता बताते हुए नरवा, डबरी, तालाब, स्टॉप डैम, चेक डैम और एनीकट जैसे जलस्रोतों को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए हैंडपंपों के पास सोख्ता-पिट निर्माण कराने की भी सलाह दी। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावते ने सरपंच पालकी बाई मसराम द्वारा मुक्तिधाम निर्माण की मांग पर कहा कि ऐसी सभी आवश्यक मांगों को ग्राम सभा से अनुमोदित कर प्रस्ताव के रूप में भेजा जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
भाजपा से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह भट्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल हो गए हैं। उन्हें बुधवार को लुधियाना के खन्ना क्षेत्र के भट्टियां स्थित उनके निवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी में शामिल कराया गया। इस दौरान सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह, सांसद सरबजीत सिंह खालसा और विधायक मनप्रीत सिंह अयाली मौजूद थे। भट्टी के पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव खन्ना या फतेहगढ़ साहिब जैसे पंथक क्षेत्र से लड़ सकते हैं। गुरप्रीत सिंह भट्टी की नई राजनीतिक पारी के साथ ही उनके पिछले चुनावी रिकॉर्ड पर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पिछले लगभग दो दशकों से राजनीति में सक्रिय भट्टी अब तक तीन अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें कभी जीत नहीं मिली। पीपीपी से लेकर भाजपा तक का सफर भट्टी ने वर्ष 2012 में पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) के उम्मीदवार के रूप में खन्ना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली। इसके बाद उन्होंने पीपीपी छोड़कर आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थामा। वर्ष 2017 में उन्होंने अपना निर्वाचन क्षेत्र बदलकर अमलोह से चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली।इसके बाद भट्टी भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में खन्ना से उम्मीदवार बनाया, लेकिन तीसरी बार भी वे जीत हासिल नहीं कर सके। मैं और मेरा परिवार पक्के अकाली हैं : भट्टीदूसरी ओर गुरप्रीत सिंह भट्टी ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार मूल रूप से अकाली विचारधारा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 के आसपास उन्हें शिरोमणि अकाली दल की दिशा बदलती नजर आई थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। भट्टी के अनुसार बाद के वर्षों में उन्हें कोई ऐसा राजनीतिक मंच नहीं मिला जो पंजाब और पंथ की बात करता हो। उन्होंने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब दे की विचारधारा से प्रभावित होकर ही उन्होंने पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया है। भट्टी ने दावा किया कि वह बिना किसी पद, लालच या राजनीतिक समझौते के पार्टी में आए हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
ब्यावर में विजयनगर रोड स्थित चौहान कॉलोनी में एक खाली भूखंड से युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान मसूदा निवासी धनराज जीनगर पुत्र रघुनाथ जीनगर के रूप में हुई है। कॉलोनीवासियों को पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तेज दुर्गंध महसूस हो रही थी। बुधवार को तलाश करने पर चारदीवारी से घिरे एक खाली भूखंड में शव पड़ा मिला। सूचना पर सिटी थाना पुलिस के एएसआई मेघाराम जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। भूखंड चारदीवारी से घिरा होने के कारण शव को बाहर निकालने में परेशानी हुई। जेसीबी की मदद से दीवार का एक हिस्सा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शव लगभग पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर गवर्नमेंट अमृत कौर चिकित्सालय की मॉर्च्युरी में रखवाया और परिजनों को सूचित किया। मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से पड़ताल कर रही है और मामले की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) मुख्य परीक्षा 2026 के पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के परिणाम बुधवार को जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना अनुक्रमांक दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं।मंडल के अनुसार, जिन विद्यार्थियों ने मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था, उनके संशोधित परिणाम जारी कर दिए गए हैं। छात्र-छात्राएं वेबसाइट पर जाकर अपने अंक और परिणाम की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। ऐसे देखें रिजल्ट मुख्य परीक्षा के बाद हुआ था आवेदनसीजी बोर्ड ने मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिकाओं की पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया था। इसी प्रक्रिया के तहत अब संशोधित परिणाम जारी किए गए हैं।
करौली में स्काउट-गाइड ग्रीष्मकालीन शिविर संपन्न:रंगारंग कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
करौली में आयोजित ग्रीष्मकालीन अभिरुचि एवं कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हो गया। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय द्वारा राजकीय बापू उच्च प्राथमिक स्कूल में 18 मई से संचालित इस शिविर में बच्चों को विभिन्न रचनात्मक और कौशल आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जबकि विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने नियमित अभ्यास पर दिया जोर समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि शिविर में सीखी गई विधाओं का नियमित अभ्यास प्रतिभागियों को दक्षता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल दैनिक जीवन में भी उपयोगी साबित होंगे। सीओ स्काउट अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और विभिन्न कौशलों का विकास करना था, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में यक्षिता ने नजर ना लगे, मुनमुन ने राधा तेरी चुनरी, सैयदा उम्म सुलेम ने ढोल बाजे तथा कुमकुम ने आंखों से मारेगी या बातों से मारेगी गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। भानवी, श्रेया, वाणी, आदित्य, गौरव और मानव ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। आदित्य गौरव ने मैं निकला गड्डी लेके गीत पर प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। प्रतियोगिताओं में विजेताओं को मिला सम्मान शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को समारोह में पुरस्कृत किया गया। जल संरक्षण दिवस निबंध प्रतियोगिता में अल्फिया प्रथम और सोफिया द्वितीय रहीं। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पोस्टर प्रतियोगिता में श्रेया व्यास प्रथम और शिप्रा शर्मा द्वितीय रहीं। निबंध प्रतियोगिता में आसन प्रथम तथा सैयदा उम्म सुलेम द्वितीय स्थान पर रहीं। नारा लेखन प्रतियोगिता में गौरव स्वर्णकार प्रथम और सैयदा उम्म सुलेम द्वितीय रहीं। विश्व पर्यावरण दिवस पोस्टर प्रतियोगिता में आदित्य गुप्ता प्रथम और शिप्रा शर्मा द्वितीय रहे। निबंध प्रतियोगिता में आदित्य गुप्ता प्रथम तथा आसन द्वितीय रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रिया जागा प्रथम और आदित्य गोयल द्वितीय स्थान पर रहे। भाषण प्रतियोगिता में सैयदा उम्म सुलेम प्रथम तथा रघु शर्मा द्वितीय रहे। मुखौटा प्रतियोगिता में अंशु शर्मा प्रथम, रघु शर्मा द्वितीय और शिप्रा शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस व महाराणा प्रताप जयंती अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में आदित्य गोयल प्रथम और शिप्रा शर्मा द्वितीय रहे। नारा लेखन प्रतियोगिता में गौरव सोनी प्रथम तथा आदित्य द्वितीय रहे। महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में आदित्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रशिक्षकों और रेंजर कीर्ति सोनी का हुआ सम्मान समारोह में सिलाई प्रशिक्षक कमलेश शर्मा, पेंटिंग प्रशिक्षक अंशु शर्मा, नृत्य प्रशिक्षक साक्षी शर्मा तथा मेहंदी एवं ब्यूटीशियन प्रशिक्षक प्रियंका शर्मा को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय सेवाओं के लिए राज्य पुरस्कार प्राप्त रेंजर कीर्ति सोनी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। समापन समारोह में स्काउट-गाइड पदाधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, उमंग और उपलब्धियों का माहौल देखने को मिला।
पानीपत जिले के समालखा में एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस ने एक नशा तस्कर को 1 किलो 121 ग्राम गांजा सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सेक्टर-24 झुग्गी-झोपड़ी निवासी इरफान के रूप में हुई है। उसे सेक्टर-24 स्थित उग्राखेड़ी मोड़ से पकड़ा गया, जहां वह गांजा बेचने की फिराक में घूम रहा था। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि मंगलवार शाम उनकी टीम थाना चांदनी बाग क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक युवक उग्राखेड़ी मोड़ पर मादक पदार्थ बेचने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और युवक को काबू कर लिया। बैग में छिपा रखा था गांजा पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान इरफान पुत्र अनवर, निवासी सेक्टर-24 झुग्गी-झोपड़ी के रूप में बताई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ सतपाल की मौजूदगी में पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पॉलीथिन में पैक गांजा बरामद हुआ, जिसका वजन 1 किलो 121 ग्राम पाया गया। मां-भांजी ने 3 दिन पहले लाकर दिया सब इंस्पेक्टर सुभाष के अनुसार, पूछताछ में आरोपी इरफान ने खुलासा किया कि शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने के लिए उसकी मां और भांजी ने उसे दो-तीन दिन पहले 2 किलो गांजा लाकर दिया था। उसने बताया कि वह कुछ गांजा पहले ही अज्ञात लोगों को बेच चुका था। कोर्ट में पेश कर हिरासत में भेजा मंगलवार को वह बचे हुए 1 किलो 121 ग्राम गांजे को बेचने के लिए ही उग्राखेड़ी मोड़ पर ग्राहक की तलाश में आया था। पुलिस ने आरोपी इरफान के खिलाफ थाना चांदनी बाग में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
आगर मालवा जिला मुख्यालय की अयोध्या बस्ती में बुधवार को एक बिजली के खंभे में करंट उतरने से एक गाय की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने बिजली कंपनी और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जानकारी के मुताबिक, इलाके में हुई बारिश के बाद एक बिजली पोल के पास पड़ी कटी हुई केबल की वजह से पूरे खंभे में करंट फैल गया था। इसी बीच वहां से गुजर रही एक गाय उस पोल की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गनीमत रही कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासी गोविंद सूर्यवंशी और अन्य लोगों ने मोर्चा संभाला और वहां खेल रहे छोटे बच्चों और अन्य मवेशियों को उस खंभे से दूर किया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। प्री-मानसून मेंटेनेंस के दावों की खुली पोल क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस खतरनाक पोल और कटी केबल के बारे में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की गई थी, लेकिन कभी कोई पक्का इंतजाम नहीं किया गया। इस घटना ने बारिश से पहले बिजली कंपनी के किए जाने वाले ‘प्री-मानसून मेंटेनेंस’ के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते केबल बदल दी जाती, तो इस बेजुबान की जान नहीं जाती। चेतावनी सिर्फ कागजों पर, हकीकत में नाराजगी देखा जाए तो बिजली कंपनी अक्सर सोशल मीडिया और विज्ञापनों के जरिए लोगों को बारिश में ट्रांसफार्मर और खंभों से दूर रहने की सलाह देती है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि खुद विभाग के खुले और टूटे तार हादसों को न्योता दे रहे हैं।
लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को एक कोचिंग संस्थान में लगी आग के बाद अब चित्तौड़गढ़ में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। नगर परिषद ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, मॉल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटल्स में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच शुरू कर दी है। इस जांच के दौरान शहर में दो ऐसे संस्थान मिले जहां आग से बचाव के जरूरी इंतजाम तक नहीं थे। इनमें द्रोणाचार्य स्टडी सेंटर और कुंभानगर स्थित AU बैंक के बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरी शामिल हैं। दोनों जगह न तो फायर एनओसी मिली और न ही आग बुझाने के जरूरी उपकरण। ऐसे में नगर परिषद ने इन दोनों संस्थानों को सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर हड़कंप मच गया और परिषद की टीम ने दोनों जगह ताला लगाकर नोटिस भी चस्पा कर दिया। जांच में खुली बड़ी लापरवाही नगर परिषद की ओर से गठित टीम ने बुधवार को शहर में अलग-अलग जगहों पर जांच की। इस दौरान द्रोणाचार्य स्टडी सेंटर और कुंभानगर के एक बैंक के बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी में सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं मिले। जांच में सामने आया कि अगर इन संस्थानों में आग जैसी कोई दुर्घटना हो जाती तो वहां मौजूद स्टूडेंट्स और लोगों की जान पर बड़ा खतरा बन सकता था। एक लाइब्रेरी बेसमेंट में चल रही थी, जहां हादसे की स्थिति में बाहर निकलना और राहत काम करना और मुश्किल हो सकता था। टीम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की और दोनों संस्थानों को सीज कर दिया। नगर परिषद का कहना है कि यह कदम सिर्फ नियमों की खानापूर्ति के लिए नहीं, बल्कि जनहित और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। न नोटिस का असर हुआ, न संस्थानों ने सुरक्षा इंतजाम किए नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार इन दोनों संस्थानों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें साफ कहा गया था कि फायर सेफ्टी से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम पूरे किए जाएं और अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र यानी फायर एनओसी ली जाए। इसके बावजूद संस्थानों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और न ही मौके पर कोई ठोस व्यवस्था मिली। नगर परिषद की टीम ने जब दोबारा जांच की तो पाया कि अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा व्यवस्था और एनओसी जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अब भी उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दोनों परिसरों को सीज कर दिया गया। नगर परिषद की ओर से चस्पा किए गए नोटिस में साफ लिखा गया है कि सीज अवधि के दौरान भवन का उपयोग, प्रवेश या किसी भी तरह की गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अगर सीज तोड़ने या परिसर का उपयोग करने की कोशिश की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमेटी ने की कार्रवाई, सुरक्षा इंतजाम पूरे होने पर हटेगी सीजिंग इस कार्रवाई के लिए नगर परिषद में एक विशेष कमेटी बनाई गई थी। इसमें राजस्व अधिकारी कमलेंद्र प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रमेश चावला, सहायक अग्निशमन अधिकारी महेंद्र सरगरा, कनिष्ठ सहायक मनीष बुरट, फायरमैन देवेंद्र मेनारिया और सहायक कर्मचारी बलवंत सिंह शामिल थे। टीम ने मौके पर निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की और फिर सीजिंग की कार्रवाई की। राजस्व अधिकारी कमलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अगर संबंधित संस्थान सभी जरूरी अग्नि सुरक्षा इंतजाम कर लेते हैं और फायर एनओसी प्राप्त कर लेते हैं, तो सीजिंग हटाने पर विचार किया जाएगा। नगर परिषद ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 194 की उपधारा 7 (एफ) के तहत कार्रवाई की है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि शहर में कई संस्थान अब भी बिना जरूरी सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं और प्रशासन अब ऐसे मामलों में ढिलाई के मूड में नहीं है।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार को एक सड़क हादसे में झारखंड के धनबाद निवासी एक परिवार की 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। यह परिवार उज्जैन से दर्शन कर लौट रहा था। हादसे में पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना रोजका मेव थाना क्षेत्र के खेड़ा-खलीलपुर के पास हुई। परिवार की इनोवा कार सामने चल रहे एक डीएलटी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में अंजना वर्मा (40) की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति सुनील, दोनों बच्चे पीयूष और आयुष, विकास तथा कार ड्राइवर दयाशंकर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रोजका मेव थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। मामले के जांच अधिकारी फतेह ने बताया कि मृतका के परिजन झारखंड से नूंह के लिए रवाना हो चुके हैं। उनके पहुंचने और बयान दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
बेटी से अश्लील हरकत, पिता को 5 साल कारावास:पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, 16 हजार जुर्माना
करौली पॉक्सो कोर्ट ने अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने के दोषी पिता को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित बालिका को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि दिलवाने के आदेश दिए गए हैं। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने यह फैसला सुनाया। आरोपी को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। मामले की जानकारी देते हुए गजेंद्र शर्मा ने बताया कि सूरौठ थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस उप अधीक्षक (हिण्डौन) के समक्ष रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने 30 जून 2017 को अपनी पत्नी की फावड़े से हत्या कर दी थी। इस अपराध में वह लगभग ढाई साल तक जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद आरोपी फिर से नशे का आदी हो गया। वह अपने बच्चों को लगातार परेशान करता था और उन्हें धमकी देता था कि जैसे तुम्हारी मां को मारा है, वैसे ही तुम्हारी भी हत्या कर दूंगा। एक घटना के दौरान, आरोपी अपनी नाबालिग बेटी को, जो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी, अपने घर ले आया। इसके बाद, उसने अपनी नाबालिग बेटी के साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। जब नाबालिग बेटी रोने और चिल्लाने लगी, तब आरोपी ने उसे छोड़ा। पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर अपनी बुआ के गांव भाग गई और वहां जाकर अपनी बुआ को पूरी आपबीती बताई। घटना सपोटरा थाना क्षेत्र की होने के कारण, पुलिस उप अधीक्षक (हिण्डौन) के आदेश पर 13 मई 2025 को सपोटरा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच और अनुसंधान करने के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट (करौली) में चालान पेश किया। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर आरोपी को अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ करने का दोषी पाया और उसे 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 16 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में मंगलवार को गैस पाइपलाइन ब्लास्ट की घटना को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने निर्देश दिया कि हादसे में झुलसे किसी भी घायल से इलाज का खर्च नहीं लिया जाएगा। साथ ही संबंधित पक्षों को मामले में जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और एडवोकेट ऋतेश इनानी ने कोर्ट को बताया कि विजय नगर क्षेत्र में अवैध बोरिंग के दौरान गैस पाइप लाइन में विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। याचिका में यह भी कहा है कि घायलों का समुचित उपचार नहीं हो रहा है तथा उन्हें इलाज का खर्च स्वयं वहन करना पड़ रहा है। मामले की सुनवाई जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने की। राज्य शासन की ओर से उपस्थित डिप्टी एडवोकेट जनरल ने मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए एक दिन का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 25 जून को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले को 25 जून को फिर से सुनवाई नियत की है । तब तक के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हादसे में घायल व्यक्तियों से उपचार संबंधी किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए।
नई दिल्ली। मानसून के आगमन से पहले दिल्ली सरकार ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर स्थिति और तैयारियों का आकलन किया तथा सभी संबंधित एजेंसियों को जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में बीमारियों की वर्तमान स्थिति, निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों, जांच सुविधाओं, मच्छर नियंत्रण अभियानों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली में डेंगू के 347 मामले सामने आए एमसीडी के 20 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में डेंगू के 347, मलेरिया के 87 और चिकनगुनिया के 19 मामले दर्ज किए गए हैं। राहत की बात यह है कि इस वर्ष अब तक डेंगू या मलेरिया से किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा दिल्ली सरकार इन बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। निगरानी तंत्र, अस्पतालों की क्षमता, जांच सुविधाओं और मच्छर नियंत्रण उपायों को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि डेंगू के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। लोगों को अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को खत्म करने के लिए सतर्क रहना होगा। दिल्ली में मच्छरजनित बीमारियों की स्थिति - डेंगू के मामले: 347- मलेरिया के मामले: 87- चिकनगुनिया के मामले: 19- डेंगू या मलेरिया से कोई आधिकारिक मौत नहीं डेंगू से बचाव के 5 उपाय - घर और आसपास पानी जमा न होने दें- कूलर, गमले और टंकियों की नियमित सफाई करें- पूरी बाजू के कपड़े पहनें- मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें- बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर से संपर्क करें
निर्जला एकादशी और मोहर्रम पर्व को लेकर राजधानी जयपुर में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मोहर्रम के ताजिया जुलूस और गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध और पार्किंग निषेध लागू किया गया है। निर्जला एकादशी के अवसर पर 25 जून को गोविंददेवजी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर सादुल सिंह की नाल, जलेब चौक, आतिश मार्केट गेट और सब्जी मंडी की ओर से मंदिर क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। पुराने शहर के प्रमुख बाजारों में पार्किंग रहेगी प्रतिबंधित सुबह 4 बजे से दोपहर 1 बजे तक चौड़ा रास्ता, बड़ी चौपड़, बापू बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल बाजार, त्रिपोलिया बाजार और गणगौरी बाजार में सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। मोहर्रम पर ताजिया जुलूस के दौरान रहेगा विशेष ट्रैफिक प्लान 25 जून की रात और 26 जून को मोहर्रम पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से ताजियों को बड़ी चौपड़ लाया जाएगा। इस दौरान परकोटा क्षेत्र में कई मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा और सामान्य ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल की नजर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। साइबर सेल को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अफवाह या भड़काऊ सामग्री पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पुलिस की आमजन से अपील पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पर्व के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
हजारेश्वर मेले में सोमवार रात को हुई मारपीट और लूटपाट के हाई-प्रोफाइल मामले में कोतवाली पुलिस ने मेला ठेकेदार सहित तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को पकड़े गए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जिनमें दोनों महिला आरोपियों को शिवपुरी जेल भेजा गया है। वहीं ठेकेदार को श्योपुर जेल भेजा गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद हजारेश्वर मेले में झूला रोकने और टिकट के पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस मारपीट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, यहां तक कि बीच-बचाव करने पहुंचे ड्यूटी पर तैनात मेला प्रभारी सब-इंस्पेक्टर को भी चोटें आईं। ठेकेदार और राजस्थान की दो महिलाएं गिरफ्तार कोतवाली पुलिस ने मेला ठेकेदार भागचंद शिवहरे, निजिमा पठान (निवासी अजमेर, राजस्थान) और बिल्ली उर्फ बिलो (निवासी कोटा, राजस्थान), निजिमा पठान, झूले वालों का मोहल्ला निवासी अजमेर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ लूट, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। निष्पक्ष कार्रवाई का दावा, जांच जारी कोतवाली पुलिस के सुरेश धाकड़ ने बताया कि इस मामले की जांच अभी चल रही है और घटना में शामिल बाकी लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। दरअसल, इस विवाद के बाद से ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। इस पर पुलिस ने साफ किया है कि वे सबूतों के आधार पर पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई कर रहे हैं और आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी हिसाब से कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
कुछ घटनाएं पूरे समाज की चेतना को झकझोर देती हैं और इतनी पीड़ादायी होती हैं कि उनका दंश पूरी जिंदगी भर सालता है। ऐसे में जब कोई मुख्यमंत्री शासक की अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए भी एक अभिभावक की तरह लोगों के दुःख-दर्द पर अपने मर्म भरे हाथ रखता है, तो उसमें यह भाव भी होता है कि वेदना की इस घड़ी में मैं आपके साथ हूं और यह भाव जख्मों पर शीतल मरहम की तरह लोगों का संबल बन जाता है। लखनऊ के अलीगंज में आग से जलकर 15 बच्चों की मौत ऐसी पीड़ादायक घटना है, जिसकी भरपाई तो संभव नहीं लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे समय अपनी संवेदनशीलता का जो मानवीय स्पर्श व्यथित परिजनों को दिया, वह शासन का एक जिम्मेदार चेहरा है। सत्ता के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति जब लोगों की व्यथा में उनके साथ दिखाई देता है तो न्याय की उम्मीद भी बढ़ जाती है। करुणा और कठोरता दोनों ही सुशासन के महत्वपूर्ण आयाम हैं। संवेदना यदि पीड़ित के घावों पर मरहम रखती है, तो कठोरता यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी दोषी बचे नहीं और पीड़ितों को न्याय मिले। लेकिन, यह तभी संभव है जब नेतृत्व संवेदनशील हो। लखनऊ में जिस समय यह घटना हुई, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण चल रहा था, मंच सजा था, कार्यक्रम में उत्साह था और तभी उन्हें वह खबर मिली जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने पीड़ा भरे स्वर में मंच से कहा, ‘मुझे आज अलीगढ़ में रुकना था लेकिन अभी-अभी लखनऊ में एक दुखद घटना की जानकारी मिली है जिसमें कुछ बच्चों की अग्निकांड में मृत्यु हो गई है। मैंने अधिकारियों को वहां भेजा है और स्वयं भी तुरंत लखनऊ लौट रहा हूं।’ यह एक मुख्यमंत्री के भीतर के इंसान की आवाज़ थी, जो घटना से व्यथित था और अपनी जिम्मेदारियों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रही था। उनका मंतव्य समझते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंच चुके थे और विह्वल थे। लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे घटनास्थल पर गए और वहां का निरीक्षण किया। जब एक मुख्यमंत्री किसी घटना का संज्ञान लेकर खुद मैदान में उतरता है तो प्रशासनिक मशीनरी भी उतनी ही सक्रिय हो जाती है। वह घायलों को देखने केजीएमयू अस्पताल भी गए और मृतकों के परिजनों को को धीरज बंधाया। आश्वस्त किया कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। आक्सीजन सपोर्ट पर अपना इलाज करा रही एक युवती से उन्होंने बात कर पूरी जानकारी ली। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की। शाम तक यह राशि शोक संतप्त परिवारों को सौंप भी दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएमएनआरएफ से दो-दो लाख रुपये देने का ऐलान किया। आर्थिक मदद से किसी का जीवन नहीं लौटता, लेकिन यह संदेश जरूर देता है कि व्यवस्था उदासीन नहीं है, आपके साथ है। रात में ही रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंच गए, जो इस बात का प्रतीक था कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, आपदा की स्थिति में लोगों को अकेला नहीं छोड़ती। राजनीति की परिभाषाएं बहुत हैं, लेकिन जब कोई राजनेता अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर, मंच से उठकर, दर्द की आग में जलते किसी परिवार के पास दौड़ता है और उनके आंसू पोछता है तो सारी परिभाषाएं धूमिल पड़ जाती हैं। रह जाती है सिर्फ मनुष्यता की परिभाषा। लेकिन इसके साथ ही प्रशासकीय दायित्वों का निर्वहन भी जरूरी है। आधी रात तक मुख्यमंत्री के आवास पर उच्चस्तरीय बैठकें चलती रहीं। लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला सहित चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अलीगंज थाने में छह नामजद अभियुक्तों समेत अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार की दो सदस्यीय एसआईटी गठित की गई, जिसे सात दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। इसका संदेश दूर तक गया। कानपुर में फिजिक्स वाला सहित 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। प्रदेश में हर कोचिंग संस्थान जाकर इस बात की पड़ताल शुरू हो गई कि वहां बच्चों के लिए क्या सुरक्षा उपाय हैं। भविष्य की त्रासदियों को रोकने के लिए भी यह जरूरी है। राज्य में जब भी आपदा की स्थिति आई है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता उभार पर देखने को मिली है। आंधी, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि या दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत पहुंचे, यह उन्होंने हर बार सुनिश्चित किया है। यहां तक कि सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को भी ऐसे परिवारों से मुलाकात कर उनका दुःख-दर्ट बांटने के निर्देश हैं। उत्तर प्रदेश में जब भी कोई बड़ी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा आई, मुख्यमंत्री ने अपना दफ्तर छोड़ा और स्वयं उस दर्द के पास जाकर खड़े हुए। पूर्ववर्ती शासकों से इसी भिन्नता ने उन्हें जननायक बनाया है। प्रयागराज में महाकुंभ-25 के दौरान हुई भगदड़ में भी उन्होंने सुनिश्चित किया कि हर प्रभावित तक राहत और मुआवजा पहुंचे और ऐसे इंतजाम कराए कि दोबारा इसकी पुनरावृत्ति न हो। कोविड-19 महामारी के दौरान जब लाखों प्रवासी मजदूर सड़कों पर थे, तब भी योगी सरकार संकटमोचक बनी। यह ऐसा शासन-दर्शन है, जिसमें सत्ता केवल कुर्सी नहीं, जिम्मेदारी का भाव देती है। अलीगंज अग्निकांड को लेकर सीएम योगी की गंभीरता का अहसास इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अगले दिन के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। उम्मीद है कि एसआईटी भी अपनी जांच को पूरी गंभीरता से अंजाम देकर इस अग्निकांड के लिए दोषी लोगों को कठोर दंड दिलाना सुनिश्चित कराएगी। ऐसा होने पर नियम-कानूनों की अवहेलना करने वालों और उनको प्रश्रय देने वालों तक शासन का कठोर संदेश पहुंचेगा। इससे होने वाले संभावित हादसों को भी रोका जा सकेगा, ताकि किसी और बच्चे या निर्दोष की जान न जाए। सत्ता के गलियारों में अनेक नेता आते हैं। वादे करते हैं, लेकिन जो नेता दर्द की आग के पास जाकर खड़ा होता है, लोग उसे ही याद रखते हैं। सरकार की संवेदनशीलता तब पूरी होती है, जब वह आंसू पोंछने के बाद उस वातावरण को भी समाप्त करे जो इन आंसुओं का कारण बना। सुरक्षा एक स्थायी प्रतिबद्धता है। जो चला जाता है, वह लौटता नहीं, यह कठोर सच है लेकिन जब एक मुख्यमंत्री रोती हुई मां के सिर पर हाथ रखता है, अस्पताल में बिस्तर पर पड़े बच्चे का हाथ थामता है, तो एक असहाय परिवार को भरोसा मिलता है। यही वह विश्वास का धागा है, जो सरकार और जनता के बीच बंधा होता है और जिसकी मजबूती लोकतंत्र के लिए बहुत जरूरी है।
होटल कारोबारी पर हमला करने वाला गिरफ्तार:चार साल बाद पुलिस ने पकड़ा; 5 हजार रुपए का इनामी था
जयपुर रोड स्थित एक होटल में घुसकर होटल कारोबारी और कर्मचारियों के साथ मारपीट तथा जानलेवा हमले के मामले में चार साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। होटल में घुसकर किया था हमलापुलिस के अनुसार- 5 मई 2022 को होटल व्यवसायी सुभाष लेघा ने जेएनवीसी थाने में मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि कुछ लोगों ने होटल में घुसकर होटल संचालक और कर्मचारियों पर हमला किया और होटल में तोड़फोड़ की। घटना में कई लोगों को चोटें आई थीं। मामले में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई थीं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन एक आरोपी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जेएनवीसी थाना और डीएसटी टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी सुरेंद्रपाल पुत्र गोकुलराम विश्नोई (30) निवासी सांवतसर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से अलग-अलग मामलों में पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी की कार्रवाई जेएनवीसी थानाधिकारी के नेतृत्व में डीएसटी और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस अधिकारियों ने इसे लंबे समय से लंबित मामले में महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सीआरपीएफ के जवान ने घर के बाहर आम के पेड़ पर फांसी लगा ली। घरवालों ने उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जवान जम्मू-कश्मीर में पोस्टेड था और छुट्टी पर घर आया था। करीब छह माह पहले भी जवान ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जहर पी लिया था। इस दौरान उसने पत्नी और ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने, पैसों की मांग और धमकी देने का आरोप लगाते हुए वीडियो भी जारी किया था। इस वीडियो में जवान यह कह रहा है कि मुझे बस पैसे को लेकर धमकी दी जा रही है। जितना भी पैसा हो मुझे दो। और पैसा नहीं दोगे तो मर जाओ। अपनी मां से बात मत करो, अपने भाई से बात मत करो। अपने घर मत जाओ। वीडियो में जवान ने कहा कि मुझे धमकी दी जा रही है कि कहां जाओगे राजपुर थाना जाओगे। थाना को तो मैं खरीदकर रखा हूं। यह मामला राजपुर थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुंदीकला के रहने वाले राजाराम प्रजापति की साल 2021 में सीआरपीएफ में नौकरी लगी थी। उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी और वह वहीं ड्यूटी कर रहे थे। कुछ दिन पहले वह छुट्टी लेकर अपने गांव कुंदीकला आए थे। घर आने के बाद उनकी पत्नी से लगातार विवाद होने लगा। घर से निकला और आम पेड़ पर फांसी लगाई जवान के भाई शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि बुधवार को भी राजाराम प्रजापति का पत्नी से विवाद हुआ। विवाद के बाद वह रस्सी लेकर दौड़कर घर से निकला और आम पेड़ पर चढ़कर फांसी पर झूल गया। उसके पीछे मां भी दौड़ी और शोर मचाई। शोर सुनकर शिवकुमार प्रजापति और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राजाराम को फांसी के फंदे से उतारा। उसकी सांसें चल रही थी। घरवाले उसे लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाया था प्रताड़ना का आरोप शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि दिसंबर 2025 में राजाराम ने जहर सेवन कर लिया था। उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर पैसे मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप लगा वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया था। पुलिस से भी शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। राजाराम प्रजापति का करीब डेढ़ माह दो अस्पतालों में इलाज चला था। ठीक होने के बाद वह ड्यूटी में लौट गया था। इसके बाद भी पत्नी और ससुराल से विवाद हो रहा था। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज किया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। …………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… DRG जवान ने सर्विस-राइफल से खुद को मारी गोली:थाने के गेट के सामने बाइक पर बैठकर की आत्महत्या, बीजापुर का रहने वाला था छत्तीसगढ़ के बीजापुर में डीआरजी (DRG) के जवान ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। यह घटना कोतवाली थाना के गेट के सामने हुई, जब जवान अपनी बाइक पर बैठा हुआ था। जवान मूल रूप से बीजापुर के आवापल्ली थानाक्षेत्र के मुर्दोंडा का रहने वाला है। जवान के आत्महत्या करने का कारण अभी अज्ञात है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह करने और बाद में उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े एक मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति को पत्नी और नाबालिग पुत्री के भरण-पोषण के लिए 20 हजार रुपए प्रति माह देने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि केवल विवाह की वैधता पर सवाल खड़े कर किसी महिला को भरण-पोषण के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता, विशेषकर तब जब उससे संतान भी उत्पन्न हुई हो। याचिकाकर्ता महिला के एडवोकेट राजेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि कोरोना काल में 23 फरवरी 2020 को एक मंदिर में विवाह हुआ था। युवक ने स्वयं को हिंदू बताकर उसकी मांग में सिंदूर भरकर विवाह किया। बाद में दस्तावेजों से उसकी वास्तविक पहचान सामने आई। गर्भावस्था के दौरान जून 2020 में महिला को युवक की धार्मिक पहचान की जानकारी मिली। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने जैसी घटनाएं हुईं। धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया मामले में महिला की शिकायत पर इंदौर के द्वारकापुरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादंवि और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। बाद में धमकी और दबाव बनाने के आरोपों में दो अन्य एफआईआर भी दर्ज हुईं। इस बीच फैमिली कोर्ट 26 अगस्त 2023 को दिए आदेश में महिला को कानूनी रूप से पत्नी नहीं मानते हुए उसके भरण-पोषण का दावा खारिज कर दिया था। हालांकि नाबालिग पुत्री के लिए केवल 2 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण राशि मंजूर की गई थी। भरण पोषण से वंचित करना दोबारा पीड़ित करने जैसा फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए महिला ने हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की। सुनवाई के बाद जस्टिस गजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि किसी महिला से धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह किया गया हो और उससे संतान भी हो, तो केवल विवाह की वैधता के आधार पर उसे भरण-पोषण से वंचित करना उसे दोबारा पीड़ित करने जैसा होगा। हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट का आदेश निरस्त करते हुए पति को पत्नी के लिए 10 हजार रुपए और नाबालिग पुत्री के लिए 10 हजार रुपए प्रतिमाह यानी कुल 20 हजार रुपए मासिक भरण-पोषण राशि देने का आदेश दिया। यह राशि याचिका दायर किए जाने की तिथि से देना होगी।

