अयोध्या जनपद के थाना पूरा कलंदर क्षेत्र के भदरसा गैंगरेप मामले में पाक्सो प्रथम न्यायालय से बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने सपा नेता मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया है, जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि मोईद खान अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा है,यह मामला 29 जुलाई 2024 को दर्ज हुआ था। आरोप था कि मोईद खान ने अपने नौकर राजू खान के साथ मिलकर अपनी बेकरी में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले के बाद प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर कार्रवाई भी की थी।कोर्ट में सुनवाई के दौरान DNA रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। मोईद खान की DNA रिपोर्ट नेगेटिव आई, जबकि राजू खान की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। सईद खान, अधिवक्ता मोईद खान ने बताया कि इस केस के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की कहानी भी अदालत में टिक नहीं सकी।घटनास्थल को लेकर FIR और विवेचना में बड़ा विरोधाभास सामने आया। वीडियो बनाने के आरोप भी फॉरेंसिक जांच में झूठे साबित हुए। 13 गवाहों की गवाही भी अदालत में भरोसेमंद नहीं पाई गई।अदालत ने सबूतों के आधार पर मोईद खान को राहत दी, जबकि राजू खान को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई। सीएम ने सदन में उठाया था मुद्दाइस मामले में सपा नेता मोईद खान का नाम सामने आने पर यह मामला हाई प्रोफाइल हो गया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे सदन में उठाया और सपा को कटघरे में खड़ा किया था। सांसद अवधेश प्रसाद के साथ मोईद खान की फोटो दिखाकर राजनीतिक स्टंट चलाया गया। भाजपा समेत कई दलों के नेता पीड़िता के घर भी गए थे मोईद खान की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया। उनका बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्पलेक्स अवैध होने के कारण ध्वस्त कर दिया गया। मोईद की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम निरुपमा विक्रम की अदालत से 28 अगस्त, 2024 को निरस्त हो गई। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिल पाई।
भरतपुर के हलैना थाना इलाके में एक ट्रेलर आगे चल रहे ट्रेलर घुस गया। घटना में पीछे वाले ट्रेलर के ड्राइवर की मौत हो गई। ड्राइवर का शव बुरी तरह केबिन में फंस गया। शव को काफी कोशिश के बाद करीब 45 मिनट बाद निकाला जा सका। घटना के बाद आगे वाले ट्रेलर का ड्राइवर ट्रेलर को लॉक कर चाबी लेकर फरार हो गया। आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे वाले ने मारी टक्कर हलैना थाना अधिकारी ब्रजेन्द्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि आमोली टोल के पास करीब 4 बजे दो ट्रेलरों में एक्सीडेंट हो गया है। तुरंत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दोनों ट्रेलर जयपुर की तरफ आ रहे थे। पीछे ट्रेलर वाले ड्राइवर ने आगे चल रहे ट्रेलर को टक्कर मार दी। जिससे पिछले ट्रेलर का ड्राइवर घायल हो गया। जिसे अस्पताल भिजवाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दोनों ट्रेलरों को हाईवे से हटवा दिया गया है। अलवर का रहने वाला था ड्राइवर टोल के RPO सुखवीर ने बताया कि एक ट्रेलर ने आगे चल रहे ट्रेलर को टक्कर मार दी। जिसके बाद पीछे ट्रेलर में ड्राइवर फंस गया। काफी कोशिश के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला। जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक ड्राइवर की पहचान राकेश गुर्जर निवासी कठूमर जिला अलवर के रूप में हुई है। शव केबिन में फंसा मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आगे चल रहा ट्रेलर काफी स्पीड में था। टोल के पास आते ही ट्रेलर के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाई। जिससे पीछे चल रहा ट्रेलर आगे चल रहे ट्रेलर में घुस गया। ट्रेलर इतनी स्पीड में था कि वह पीछे वाले ट्रेलर का केबिन पूरी तरह से टूट गया। जिसमें ड्राइवर फंस गया। बंद किये रोड़ पर स्पीड में आई बस घटना से करीब 2 घंटे बाद हाइड्रा से दोनों ट्रेलर को हटवाया जा रहा था। इसलिए एक साइड का रोड़ बंद किया हुआ था। इसी दौरान एक स्लीपर बस काफी स्पीड बंद किए रोड़ की तरफ आई और, उसने हाईवे की पेट्रोलिंग गाड़ी में जबरदस्त टक्कर मारी। जिससे हाईवे पेट्रोलिंग की गाड़ी और बस पूरी तरह से टूट गए। घटना को कोई जनहानि नहीं हुई। ड्राइवर के मामूली चोट आई है।
रोटरी क्लब ऑफ कानपुर ने सिविल लाइंस स्थित जीएनके कॉलेज परिसर में एक सेवा शिविर का आयोजन किया। 'प्रोजेक्ट रोशनी' के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। क्लब ने शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की। शिविर का मुख्य आकर्षण 'प्रोजेक्ट रोशनी' था, जिसके अंतर्गत स्थानीय रोटरी कार्यालय में निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाया गया। इसमें 100 व्यक्तियों की आंखों की जांच की गई। विशेषज्ञों की सलाह पर 75 लाभार्थियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। डॉ. सोनिया दमेले के मार्गदर्शन में श्री हरिशंकर सर्जिकल सेंटर ने इस शिविर में तकनीकी सहयोग प्रदान किया। परिसर में स्थित 'गोविंद हरि सिंघानिया कौशल विकास केंद्र' की प्रशिक्षित महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए कपड़ों की एक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसकी मुख्य अतिथि ने सराहना की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्लब का एक प्रयास है। क्लब ने बच्चों की शिक्षा के प्रति भी अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की। जी.एन.के. स्कूल में पढ़ रहे वंचित वर्ग के चार मेधावी विद्यार्थियों की वार्षिक स्कूल फीस क्लब द्वारा प्रायोजित की गई। इस सहायता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक बाधाएँ किसी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न बनें। क्लब के अध्यक्ष गौरव जैन ने अपने संबोधन में कहा, हमने जरूरतमंदों को दृष्टि प्रदान कर, बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित कर और महिलाओं को कुशल बनाकर सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है। रोटरी क्लब का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। क्लब सचिव संजय मेहरोत्रा ने आगामी योजनाओं की जानकारी दी। अंकित अग्रवाल ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुकुल टंडन, तौफीक अहमद और रूफी वाकी सहित क्लब के कई सदस्य उपस्थित थे।
खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल आज अपने खंडार उपखंड क्षेत्र के दौरे पर रहे। यहां उन्होंने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित गांवो का दौरा किया और फसल खराबे का जायजा लिया। गिरदावरी जल्द करवाने के दिए निर्देश खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने गुरुवार को खंडार क्षेत्र के छाण, बहरावंडा खुर्द, अल्लापुर, पाली, क्यारदा, नरवला , बाढपुर, बैरना, मेंई, गंडावर आदि गांवों का दौरा किया ओर खेतों में पहुंच कर विगत दिनों हुई ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों की स्थिति का जायजा लिया । इस दौरान गोठवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारी को तुरंत प्रभाव से ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की गिरदावरी कर पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलवाने के निर्देश दिए। खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने बताया कि विगत दो दिन हुई ओलावृष्टि से क्षेत्र के कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है व किसानों की गेहूं, सरसों, मिर्ची व टमाटर की फसल में काफी नुकसान पहुंचा है I विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा किसानों के साथ थी व किसानों के साथ खड़ी है I किसानों को मायूस होने की जरूरत नहीं है I संबंधित अधिकारियों को गिरदावरी के आदेश दे दिए गए हैं और बहुत जल्दी किसानों को फसल खराबा का मुआवजा दिलाया जायेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। यह रोक मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान द्वारा दायर याचिकाओं पर लगाई गई है। मृत्युंजय तिवारी मूल रूप से बलिया के निवासी हैं और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के शोध छात्र हैं। सुप्रीम कोर्ट में उनके अधिवक्ता, बलिया के शीतल दवनी बांसडीहरोड निवासी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि UGC विनियमन 2026 को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की गई थी। यह याचिका, जिसका शीर्षक 'मृत्युंजय तिवारी बनाम भारत संघ' है और जो वर्ष 2026 की डायरी संख्या 4985/2026 के रूप में पंजीकृत है, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता का संवर्धन) विनियम, 2026 के विशेष रूप से विनियम 3(ग) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देती है। यह विनियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था। याचिका में तर्क दिया गया था कि विनियम 3(ग) जाति-आधारित भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तक सीमित करता है। यह सामान्य/गैर-अनुसूचित वर्ग के छात्रों और नागरिकों को, भले ही वे जाति-आधारित उत्पीड़न का सामना कर रहे हों, किसी भी कानूनी संरक्षण से बाहर कर देता है। छात्र नेता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि यह प्रावधान पीड़ितों का कृत्रिम और असंवैधानिक वर्गीकरण करता है, यह मानकर कि जाति-आधारित भेदभाव केवल एक ही दिशा में होता है, और इस प्रकार संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता), 15 (भेदभाव निषेध) और 21 (गरिमा और जीवन का अधिकार) का उल्लंघन करता है। याचिका में इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ (1992) सहित सुप्रीम कोर्ट के स्थापित निर्णयों का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि जाति और वर्ग समान नहीं हैं, और केवल कुछ वर्गों तक ही जाति-आधारित भेदभाव को सीमित करना मनमाना और असंवैधानिक है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय और अशोका विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में सामान्य वर्ग के छात्रों के विरुद्ध भी जाति-आधारित शत्रुता के उदाहरण सामने आए हैं। हालांकि, UGC के नए विनियम ऐसे मामलों में कोई शिकायत-निवारण तंत्र उपलब्ध नहीं कराते। इससे अकादमिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(क)) और मानसिक स्वास्थ्य व गरिमा के अधिकार (अनुच्छेद 21) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। छात्र नेता मृत्युंजय तिवारी,अपने अधिवक्ता नीरज सिंह के माध्यम से,सर्वोच्च न्यायालय से मांग करते हैं कि—UGCविनियम3(ग)को,जहाँ तक वह“जाति-आधारित भेदभाव”की परिभाषा को सीमित करता है,असंवैधानिक घोषित कर निरस्त किया जाए,या उक्त प्रावधान में संशोधन का निर्देश दिया जाए,ताकि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध,उसकी जाति की परवाह किए बिना,जाति-आधारित भेदभाव को शामिल किया जा सके और वास्तविक समानता एवं समावेशन सुनिश्चित हो। मृत्युंजय तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने के बाद सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त किया।वहीं अधिवक्ता नीरज कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारे पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कड़ी आपत्ति जताई और सरकार को निर्देशित किया कि कमेटी गठित कर कानून का रिव्यू करे और रिव्यू रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सबमिट किया जाय।
UGC कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक:बरेली में धरना खत्म, समर्थकों ने फैसले को अपनी जीत बताया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर रोक लगाए जाने के बाद बरेली में पिछले चार दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया है। धरना दे रहे समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे 'जनता की जीत' बताया। यह धरना सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ था। 26 जनवरी को उनके इस्तीफे के बाद से जिले में तनाव का माहौल था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने देर रात अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से लखनऊ भेज दिया था। अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में दामोदर पार्क में दिन-रात धरना प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून का विरोध कर रहे थे और कड़ाके की ठंड के बावजूद पूरी रात धरना स्थल पर डटे रहे। आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद धरना स्थल पर खुशी का माहौल देखा गया। सवर्ण समाज के लोगों ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट ने बहुत अच्छा काम किया है। यह हमारी जीत है। समर्थकों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अलंकार अग्निहोत्री के साथ हैं और उनका संघर्ष जारी रहेगा। चार दिन बाद आज धरने को स्थगित करने की घोषणा की गई। हालांकि, समर्थकों ने कहा कि यह केवल एक पड़ाव है, आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार के बंटोगे तो कटोगे जैसे नारों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने खुद समाज को बांटने का काम किया है। समर्थकों का दावा है कि इसका असर 2027 के चुनाव में सरकार को भारी नुकसान के रूप में देखने को मिलेगा। फिलहाल बरेली में माहौल शांत है, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज बनी हुई है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सरकार का अगला कदम क्या होता है।
जिले में कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडोजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। यह अभियान जिले के दो ब्लॉक मया बाजार और तारुन को छोड़कर शेष 9 ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में लागू होगा। अभियान की तैयारियों के तहत, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस विभाग और शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों और अध्यापकों को 29 जनवरी 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अध्यापकों को अभियान के सफल संचालन के लिए तैयार करना था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोर-किशोरियों को आंतों में कृमि संक्रमण से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाना और उन्हें स्वस्थ बनाना है। अल्बेंडोजोल दवा के सेवन से स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और एनीमिया पर नियंत्रण में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, कृमि संक्रमण में कमी, सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार जैसे लाभ भी होते हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार की उम्मीद है। अभियान के तहत, 1 से 2 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडोजोल की आधी टैबलेट दी जाएगी, जबकि इससे ऊपर के बच्चों को पूरी टैबलेट खिलाई जाएगी। अभियान 10 और 13 फरवरी को चलेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने सभी जनपदवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित दिवस पर अपने बच्चों को अल्बेंडोजोल की गोली अवश्य खिलाएं ताकि उन्हें कृमि संक्रमण से बचाया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.के. गुप्ता, डीएचईआईओ डी.पी. सिंह, आरकेएसके कोऑर्डिनेटर सतीश वर्मा और एनआई संस्था से आलोक द्विवेदी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, सभी ब्लॉकों से आए आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, बीसीपीएम, बाल विकास एवं पुष्टाहार सीडीपीओ और शिक्षा विभाग से संबंधित अध्यापक भी मौजूद थे।
प्रयागराज की पावन धरा पर जहाँ आस्था का सैलाब उमड़ा है, वहीं एक ऐसी परंपरा निभाई गई जो देखने में जितनी मनोरम है, अध्यात्म में उतनी ही गहरी। संगम तट पर चल रहे माघ मेले में माघी पूर्णिमा के स्नान से पहले ही रंगों का उत्सव छा गया। यह कोई आम होली नहीं थी, यह थी 'दंडी संन्यासियों की फूलों वाली होली'। मठ मछली बंदर के शिविर में जब वैदिक मंत्रोच्चार गूंजे, तो पूरा माहौल भक्ति और सौहार्द के रंगों में सराबोर हो गया। यह परंपरा वर्षों पुरानी है। माघी पूर्णिमा स्नान के साथ ही कल्पवास और माघ मेले का समापन होने लगता है। ऐसे में अपने-अपने मठों और मंदिरों की ओर प्रस्थान करने से पहले, देशभर से आए दंडी संन्यासी संगम की रेती पर एक-दूसरे से विदा लेते हैं। लेकिन यह विदाई आंसुओं से नहीं, बल्कि फूलों की खुशबू और गुलाल के रंगों से होती है। संतों का मानना है कि यह होली केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अगले वर्ष पुनः मिलने का एक पवित्र वादा है। मठ मछली बंदर के शिविर में जुटे इन महात्माओं ने यह संदेश दिया कि धर्म केवल तपस्या नहीं, बल्कि उत्सव भी है। गुलाल के टीके और पुष्प वर्षा के बीच संन्यासियों ने एक-दूसरे को बधाई दी। अखिल भारतीय दंडी सन्यासी के सचिव स्वामी ब्रह्माश्रम के अनुसार, यह आयोजन आपसी प्रेम और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। यह परंपरा आपसी सौहार्द के लिए शुरू की गई है। हम चाहते हैं कि इस धर्म नगरी से साधु-संत एक सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम का संदेश लेकर अपने-अपने गंतव्य को जाएं। हर साल माघी पूर्णिमा से पहले हम इसी तरह फूलों और गुलाल से उत्सव मनाते हैं। जब संगम की रेती पर केसरिया बाने में सजे संत फूलों की वर्षा करते हैं, तो वह दृश्य अलौकिक हो जाता है। माघ मेले का यह पड़ाव अब विदाई की ओर है, लेकिन संतों की इस होली ने संगम के तट पर खुशियों की जो महक छोड़ी है, वह श्रद्धालुओं के मन में साल भर बनी रहेगी।
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में जुए का वीडियो वायरल करना एक ई-रिक्शा चालक को महंगा पड़ गया। बुधवार रात ई-रिक्शा चालक ने इंस्टाग्राम पर जुआरियों का जुआ खेलते हुए वीडियो डाला था। आरोप है कि इसके बाद रंजिश के तहत उसकी 6 साल पुरानी असलहे वाली फोटो वायरल कर दी गई। पुलिस ने आरोपी ई-रिक्शा चालक के खिलाफ गुरुवार को शांतिभंग की कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह जाजमऊ क्षेत्र के रहने वाले युवक की असलहे के साथ सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई। इस फोटो में युवक हाथ में असलहा लिए पुलिस की पीआरवी जीप में बैठा नजर आ रहा है। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम तिवारीपुर निवासी मोनू यादव उर्फ बल्ले बताया। बल्ले ने बताया कि इलाके में कई महीनों से बड़े स्तर पर जुआ खेला जा रहा है। इसका विरोध करने पर आरोपी उसके साथ मारपीट और डरा-धमका चुके हैं। बल्ले के अनुसार, बुधवार को उसने इंस्टाग्राम पर जुए का एक वीडियो डाला था। जिसके बाद गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से उसकी 6 साल पुरानी असलहे वाली फोटो वायरल करवा दी गई। जाजमऊ थाना प्रभारी ने बताया कि मोनू यादव उर्फ बल्ले के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की गई है। वायरल फोटो में दिख रही जीप उन्नाव जनपद की है। कैंट एसीपी आकांक्षा पांडेय ने बताया कि जुए की वायरल वीडियो की जांच करवाई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तिवारीपुर के क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि उनके इलाके में कई महीनों से बड़े स्तर पर जुआ खेला जा रहा है। विरोध करने पर फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियां मिलती हैं। बल्ले के परिजनों का आरोप है कि इससे पहले भी विरोध करने पर जुआरी उनके बेटे के साथ मारपीट कर चुके हैं और पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जुआरियों की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हलियापुर-सुल्तानपुर मार्ग पर गौरा बारामऊ मोड़, अरवल चौराहा के पास तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। मृतका की पहचान पतुलकी निवासी केवला देवी (लगभग 60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मनीराम यादव की पत्नी थीं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस के समझाने के बाद समाप्त किया गया। केवला देवी विधवा थीं और उनके दो पुत्र हैं, धर्मराज यादव (लगभग 22 वर्ष) और जगराम यादव (लगभग 20 वर्ष)। जानकारी के अनुसार, केवला देवी पतुलकी से पैदल पारा बाजार की ओर जा रही थीं, तभी सामने से आ रही बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बल्दीराय थाना प्रभारी नारद मुनि सिंह अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। हलियापुर थाना प्रभारी वंदना अग्रहरी भी घटनास्थल पर मौजूद रहीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस बस चालक की तलाश कर रही है और हादसे के सटीक कारणों की जांच में जुटी हुई है। पुलिस के समझाने पर परिजनों ने अपने निजी वाहन से शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का फैसला किया।
राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 2025 में रतलाम के शासकीय उत्कृष्ट स्कूल की दो छात्राओं का चयन हुआ है। व्यावसायिक शिक्षा के तहत आईटी ट्रेड की कक्षा 12वीं की छात्राएं मोक्षिका भालेराव और तनीषा पाटीदार अब भोपाल में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय परीक्षा में शामिल होंगी। स्कूल प्रिंसिपल सुभा कुमावत ने बताया कि प्रतियोगिता में चयनित होने पर विद्यार्थियों को 70 हजार रुपए की प्रशिक्षण प्रोत्साहन राशि अथवा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्न स्तरों पर क्रेडिट्स भी मिलेंगे। इनमें जिला स्तर पर 2 क्रेडिट, राज्य स्तर पर 5 क्रेडिट और नेशनल लेवल पर 17 क्रेडिट शामिल हैं। शंघाई में होने वाले वर्ल्ड कप का टिकट यदि विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर होता है, तो उन्हें प्रशिक्षण के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि या विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला, रीजनल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जीत दर्ज करने वाले प्रतिभागियों को विश्व कौशल प्रतियोगिता 2026 में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह प्रतियोगिता इस वर्ष शंघाई (चीन) में आयोजित की जाएगी। 30 दिसंबर को हुई थी परीक्षा यह प्रतियोगिता 30 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसमें 63 विभिन्न स्किल ट्रेड के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थी आगे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे और वहां से चयन होने पर विश्व स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। स्कूल में हुआ सम्मान इस उपलब्धि पर स्कूल प्रिंसिपल और स्टाफ ने दोनों छात्राओं को सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान शिक्षक आरसी पांचाल, शरद कुमार शर्मा, माया मौर्या, प्रेमलता व्यास, ललित मेहता, रीना कोठारी, अर्चना टाक और आईटी ट्रेड शिक्षक सुरेश राठौड़ मौजूद रहे।
अलीगढ़ में धोखेबाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है। किसी तहत गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची महिला ने आरोप लगाया है कि उसे पहले प्यार के जाल में फंसाया गया, फिर पहचान छुपाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में ब्लैकमेल पर धर्म परिवर्तन कराकर उसे नरक जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर कर दिया गया। नौकरी के बहाने बिछाया गया जाल रोरावर थाना के तालपुर खुर्द निवासी पीड़िता रश्मि का कहना है कि पहले पति से संबंध विच्छेद होने के बाद सात साल के बेटे के पालन–पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। किसी ने कोई सहयोग नहीं किया। इसलिए वह आर्थिक तंगी से जूझ रही थी। जून-जुलाई 2023 में उसकी सहेली हिना ने मीट फैक्ट्री में काम दिलाने की बात कही। मीट फैक्ट्री के नाम पर पहले तो काम करने से मना कर दिया। इसके बाद वह दूसरी जगह काम तलाशने लगी। बाद में कहीं काम न मिलने पर थक–हारकर उसने हिना से हां कर दी। इसके बाद वह उसे काम दिलाने के बहाने 'अलका पार्क' स्थित एक मीट फैक्ट्री में ले गई। वहां उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से कराई, जिसने अपनी पहचान रमेश के रूप में बताई। उसने युवती को भरोसा दिलाया कि वह ठेकेदार है और उसे अच्छी नौकरी दिलवा देगा। महिला दोस्त ने भी डाला दबाव पीड़िता का कहना है कि आरोपी उस पर गलत नजर रखता था। इस मामले में उसकी महिला दोस्त हिना भी आरोपी का सहयोग कर रही थी। उसने कई बार उससे पैसों का प्रलोभन देकर आरोपी की बात मानने के लिए कहा। दोस्त मजबूर कर रही थी कि अगर वह उसकी बात मान लेगी तो उसको पैसों की कमी नहीं रहेगी। पीड़िता के मना करने पर आरोपी ने मदद करने के बहाने उसे दोस्ती बढ़ा ली। नशीला पदार्थ पिलाकर बनाया वीडियो युवती का आरोप है कि रमेश उसे कैंटीन ले जाने के बहाने अपने दोस्त के कमरे पर ले गया। वहां उसे कोल्डड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ पिलाया। इससे वह बेहोश हो गई, जिसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी ने वीडियो भी बना लिया और अपने दोस्तों को भी वीडियो शेयर कर दिया। इस वीडियो को दिखाने के बाद आरोपी ने अपनी असली पहचान फिरोज के रूप में बताई। आरोपी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर युवती को तीन साल तक ब्लैकमेल करता रहा और शारीरिक शोषण करता रहा। जबरन कराया निकाह ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवती जब पूरी तरह टूट गई, तो आरोपी ने उस पर निकाह का दबाव बनाया। पीड़िता ने बताया कि फिरोज ने अपने दोस्तों और एक मौलवी के साथ मिलकर उसका धर्म परिवर्तन कराया। उसका नाम बदलकर 'आलिया' रख दिया गया। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद उससे नमाज पढ़वाई गई, कलमा याद कराया गया और रोजे रखवाए गए। वह सब कुछ अपनी इज्जत बचाने के लिए सहती रही। शादीशुदा निकला फिरोज, जबरन कराया गर्भपात धोखे की परतें तब खुलीं जब एक दिन युवती ने फिरोज के फोन पर कॉल किया। फोन फिरोज के बच्चे ने उठाया और कहा कि 'अब्बू नमाज पढ़ने गए हैं'। तब पीड़िता को पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। इस बीच युवती गर्भवती हो गई, लेकिन आरोपी ने उसे धोखे से टैबलेट खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया। अब जान का खतरा, कमरे में किया बंद पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे थाना अरोरावर क्षेत्र के तालसपुर में अपने दोस्त 'छोटू' के घर पर बंदी बनाकर रखा है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी और उसके साथियों ने उसे धमकी दी है कि हम तो लड़कियों के साथ ऐसा ही करते हैं, तुझे काट देंगे। आरोपी ने पीड़िता के फोन से सभी सबूत और निकाह के कागजात भी नष्ट कर दिए हैं। लेकिन किसी तरह एक निकाहनामे की फोटोकॉपी मिल गई है। चोरी छिपे पहुंची पीड़िता पीड़िता ने बताया कि आज फिरोज अपने दोस्त के साथ किसी काम से हरियाणा गया हुआ है। इसी का फायदा उठाकर किसी तरह से शिकायत करने आई है। आरोपी बेटे को मारने की धमकी देता है। अगर समय से नहीं पहुंची तो बेटे को मार देगा। उसने कहा कि ‘मैं नहीं चाहती कि जो मेरे साथ हुआ, वो किसी और लड़की के साथ हो। उसने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा, मेरे पास उसकी पैसों की मांग करने वाली रिकॉर्डिंग भी है। मुझे इंसाफ चाहिए।’
गोरखपुर में अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026 की पूर्व तैयारियों को लेकर दो दिवसीय पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर (10+2), पक्कीबाग परिसर में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के दौरान आगामी विज्ञान मेले के लिए मानक पाठ्यक्रम, नियमावली तथा नए और उपयोगी प्रयोगों के चयन पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। उद्देश्य यह है कि विज्ञान मेला छात्रों के लिए अधिक व्यावहारिक, नवाचारपरक और सीखने योग्य बन सके। वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का माध्यम कार्यशाला के पहले दिन विद्या भारती के अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक नगेंद्र पाण्डेय ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान मेला केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच है। उन्होंने जोर दिया कि वर्ष 2026 के विज्ञान मेले का पाठ्यक्रम वर्तमान वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार होना चाहिए। शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने से मजबूत होगी विज्ञान शिक्षा शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रांत के प्रांतीय मंत्री डॉ. शैलेश सिंह ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और गोरक्ष प्रांत में विज्ञान शिक्षा को मजबूती देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। देश के 11 क्षेत्रों के विज्ञान संयोजक ले रहे भाग कार्यशाला में देश के 11 क्षेत्रों से आए विज्ञान संयोजक और सहसंयोजक, गोरक्ष प्रांत के विज्ञान विशेषज्ञ और अनुभवी आचार्य भाग ले रहे हैं। सत्रों में पाठ्यक्रम की संरचना, प्रयोगों की गुणवत्ता, नवाचार और मूल्यांकन प्रक्रिया जैसे विषयों पर गहराई से विचार किया जा रहा है। दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआतकार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ किया गया। अतिथि परिचय और सम्मान प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक बांके बिहारी, प्रदेश शिक्षक राम सिंह, जियालाल, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विषय विशेषज्ञ मौजूद रहे।कार्यशाला का समापन शुक्रवार, 30 जनवरी को होगा। समापन सत्र में अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026 को लेकर आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी, जिससे विज्ञान मेले के आयोजन को प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत छावन गांव के पास एक युवक का शव पेड़ से लटकता मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान क्षेत्र के विशेश्वरपुर गांव निवासी सोनू (27) पुत्र धनीराम के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सोनू मंगलवार को खैराबाद थाना क्षेत्र के मंसूरपुर गांव में रिश्तेदारी में गया हुआ था। बीती शाम को उसकी परिवारजनों से फोन पर बातचीत हुई थी, जिसके बाद वह घर लौटने के लिए निकला था। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। आज अटरिया थाना क्षेत्र के छावन गांव के पास स्थित एक आम की बाग में ग्रामीणों ने एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां शव की पहचान सोनू के रूप में होते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही अटरिया थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल युवक की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस आत्महत्या सहित अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
शहर के छावनी क्षेत्र स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार देर रात चोरी की घटना सामने आई। अज्ञात चोर ने मंदिर के दानपात्र से नकदी चुरा ली। यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। चोर मौके से फरार होने में सफल रहा। गुरुवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के युवाओं ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर चोर की पहचान की गई और उसे शाम को पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जालौर का निवासी है और शहद निकालने का काम करता है। उसने अपनी नशे की लत को चोरी का कारण बताया और स्वीकार किया कि खाली समय में वह सूने मकानों व स्थानों की रेकी कर चोरी करता है। स्थानीय युवाओं ने आरोपी से चोरी की गई राशि का कुछ हिस्सा बरामद किया। उसे भविष्य में छावनी क्षेत्र में प्रवेश न करने की सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि नियमित गश्त और निगरानी होती, तो मंदिर के दानपात्र तक चोर नहीं पहुंच पाता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
यूथ इको फेस्टिवल में स्टूडेंट्स ने लिया भाग:पर्यावरण संरक्षण, ई-वेस्ट और AI तकनीक पर जानकारी मिली
मौजमाबाद उपखंड क्षेत्र के ग्राम महला में स्टूडेंट्स ने आज यूथ इको फेस्टिवल में भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन बजाज फाउंडेशन और भारत सरकार के सूचना एवं तकनीकी मंत्रालय द्वारा किया गया था। स्टूडेंट्स को ई-वेस्ट और पर्यावरण संरक्षण पर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। कार्यक्रम में बजाज फाउंडेशन के अध्यक्ष पंकज बजाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रसिद्ध अभिनेता और पर्यावरणविद् मिलिंद सोमन भी इस मौके पर मौजूद थे। सोमन ने स्टूडेंट्स को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि प्रकृति को बचाना सबकी जिम्मेदारी है और छोटी आदतों में बदलाव से बड़ा असर लाया जा सकता है। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) के बढ़ते खतरे, इसके सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सही ढंग से निस्तारण न होने पर हानिकारक पदार्थ मिट्टी व जल को प्रदूषित कर सकते हैं, जिससे मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। इसके अलावा, स्टूडेंट्स को प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से होने वाले नुकसान, री-साइक्लिंग, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के बारे में भी शिक्षित किया गया। उन्हें एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा थी। विशेषज्ञों ने बताया कि AI का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में किया जा सकता है। स्टूडेंट्स ने तकनीकी सत्रों में नई जानकारियां हासिल कीं। स्कूल के निदेशक रवीन्द्र शर्मा ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों के ज्ञान और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मिली जानकारी बच्चों के भविष्य में काम आएगी, जिससे वे तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में बेहतर बनेंगे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होंगे।
डिलीवरी बाद बिगड़ी महिला की हालत, मौत:परिजनों-समाजजनों ने कलेक्ट्री पर किया प्रदर्शन
उदयपुर के सरकारी पन्नाधाय महिला हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत मामले में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विप्र महासेना की ओर से गुरुवार को प्रदर्शन किया गया। लोगों ने बताया कि महिला मीना जोशी ने 13 जनवरी 2026 को सिजेरियन से बच्ची को जन्म दिया था। उसके बाद से महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। विप्र महासेना के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ हेमंत जोशी ने बताया कि परिजन बार-बार उसकी हालत के बारे में डॉक्टरों को बताते रहे। फिर दूसरे दिन प्रसूता का वापस एक आॅपरेशन किया। जिसके कुछ समय बाद डॉक्टरों ने बताया कि प्रसूता की दोनों किडनी खराब हो गई। जबकि वह प्रसव से पहले वह स्वस्थ थी। ऐसे में परिजन प्रसूता को अहमदाबाद लेकर गए। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आॅपरेशन और दवाइयों में लापरवाही को लेकर आरोप लगाया है। इसे लेकर परिजनों और क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर नमित मेहता को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने इस मामले में जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई।
बागपत में जनस्वास्थ्य सुरक्षा के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अवैध रूप से चिकित्सा सेवा देने वाले अपंजीकृत झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग मिशन मोड में कार्रवाई करते हुए बिना डिग्री और पंजीकरण के चल रहे क्लिनिकों की जांच कर रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत के अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत के नेतृत्व में अग्रवाल मंडी टटीरी क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई क्लिनिक बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ संचालक दुकानें बंद कर फरार हो गए। मौके पर मिले जोगेंद्र और राममोहन को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर डिग्री और पंजीकरण से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ऐसा न करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, पिलाना क्षेत्र में डॉ. सुधीर शर्मा की अगुवाई में राकेश और मौसिन खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि बिनौली क्षेत्र में जावेद पर भी अवैध चिकित्सा सेवा देने के आरोप में कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण इलाज करना दंडनीय अपराध है और भविष्य में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तीरथ लाल ने नागरिकों से अपील की है कि इलाज कराने से पहले चिकित्सक की योग्यता और पंजीकरण अवश्य जांचें तथा किसी भी झोलाछाप की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि लोगों को सुरक्षित, वैध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
चूरू के रतननगर थाना में साल 2019 में दर्ज डोडा पोस्त तस्करी मामले में एडीजे कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक राजेश माटोलिया ने बताया कि यह मामला 19 सितंबर 2019 को रतननगर थाना में दर्ज हुआ था। तत्कालीन थानाधिकारी रायसिंह ने रतनगढ़ रोड स्थित सातड़ा बस स्टैंड पर नाकाबंदी की थी। नाकाबंदी के दौरान रतनगढ़ की ओर से आ रही एक बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार को रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, ड्राइवर ने पुलिस को देखकर यू-टर्न लिया और वाहन को तेजी से भगाना शुरू कर दिया। पुलिस ने तुरंत पीछा किया। सातड़ा से मोलीसर जाने वाली लिंक रोड पर करीब दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद कार असंतुलित होकर पलट गई। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर ड्राइवर और उसके साथी को बाहर निकाला। पूछताछ में उनकी पहचान ढाणी डीएसपुरा निवासी सुरेंद्र सिंह और जगमाल सिंह के रूप में हुई। वाहन की तलाशी लेने पर चार कट्टों में भरा कुल 38 किलो 800 ग्राम डोडा पोस्त छिलका बरामद हुआ। पुलिस ने सुरेंद्र और जगमाल सिंह को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ रतननगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में नौ गवाहों और 36 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर एडीजे कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उन्हें पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
श्योपुर शहर में गुरुवार को एक नवजात बालिका का शव मिला। यह शव श्योपुर-शिवपुरी रोड बायपास पर एक पुलिया के पास नाली में कंबल में लिपटा हुआ पाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। पुलिस लाइन रोड चैनपुरा निवासी अजय वैरवा(25), जो बीएसएनएल में निजी कर्मचारी हैं, ने गुरुवार को यह शव देखा। अजय श्योपुर से शिवपुरी रोड की ओर जा रहे थे, तभी बायपास से पहले पुलिया के पास नाली में उन्हें कंबल में लिपटा नवजात शिशु दिखा। पास जाकर देखने पर शिशु में कोई हलचल नहीं थी और न ही रोने की आवाज सुनाई दी। अजय वैरवा ने तुरंत अपने वरिष्ठ अखिलेश मीणा को मौके पर बुलाया। स्थिति देखने के बाद डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात बालिका को श्योपुर जिला अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाली श्योपुर पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को किसने और किन परिस्थितियों में यहां छोड़ा। शव को फिलहाल जिला अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 25 सदस्य पदों के लिए 30 और 31 जनवरी को मतदान होगा। इस चुनाव में कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें सोनभद्र जिले से एक महिला समेत तीन उम्मीदवार शामिल हैं। सोनभद्र जिले में कुल 1620 सीओपी धारक वकील मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें से 1348 वकील जनपद न्यायालय सोनभद्र परिसर स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग भवन में मतदान करेंगे, जबकि 272 वकील मतदाता दुद्धी में वोट डालेंगे। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र और पीठासीन अधिकारी निर्वाचन बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश आबिद शमीम ने बताया कि 25 पदों के लिए कुल 333 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सोनभद्र से राकेश शरण मिश्र एडवोकेट, वर्तमान सदस्य विनोद कुमार पांडेय एडवोकेट और सुषमा यादव एडवोकेट उम्मीदवार हैं। इस बार विद्वान अधिवक्ताओं में स्थानीय प्रत्याशियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय वरीयता के मत देने का रुझान दिख रहा है। हालांकि, वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और हरिशंकर सिंह, लखनऊ के जयनारायण पांडेय और राकेश पाठक, तथा प्रयागराज के देवेंद्र मिश्र नगहरा, अरुण कुमार त्रिपाठी, पांचूराम मौर्य और परेश मिश्र जैसे वर्तमान सदस्यों को सोनभद्र से हमेशा वरीयता मिलती रही है। अब देखना यह होगा कि वकील मतदाता पुराने और अनुभवी सदस्यों पर भरोसा जताते हैं या स्थानीय तथा नए प्रत्याशियों को मौका देते हैं।
चंदौली पुलिस यार्ड में भीषण आग:चार कारें और कई बाइकें जलकर खाक
चंदौली जिले के सैयदराजा थानाक्षेत्र के नौबतपुर स्थित पुलिस यार्ड में गुरुवार को भीषण आग लग गई। इस घटना में यार्ड में खड़ी चार पुरानी कारें और कई बाइकें जलकर खाक हो गईं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पुलिस की सहायता से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पुलिस के अनुसार, इस यार्ड में विभिन्न थानों से संबंधित मुकदमों के वाहन खड़े किए जाते हैं। आगजनी में नष्ट हुए वाहनों में चार पुरानी कारें और कई मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जो पूरी तरह जलकर राख हो गईं। बताया जा रहा है कि आग पास की झाड़ी से उठी लपटों के कारण तेजी से यार्ड तक पहुंच गई। आग लगने के बाद वहां तैनात लोगों में भगदड़ मच गई। प्रारंभिक प्रयासों के बावजूद, तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का कार्य प्रारंभ किया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि आग संभवतः झाड़ियों में किसी चिंगारी या अन्य कारणों से लगी होगी। सैयदाराजा थानाध्यक्ष बीके पांडेय ने बताया कि आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने इस मामले में एक जांच समिति का गठन किया है, जो आग लगने के कारणों का पता लगाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
बागपत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशासन को ज्ञापन:मांगें न मानी गईं तो लखनऊ कूच करने की चेतावनी
बागपत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 मार्च 2026 तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 8 मार्च को वे लखनऊ कूच करेंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन पर बीएलओ सहित अन्य विभागों के कार्यों का अतिरिक्त बोझ डाला जाता है, जिससे उनके मूल कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने ऐसे अतिरिक्त दायित्वों से मुक्त करने की मांग की है। उन्होंने विभागीय निरीक्षण और सुपरविजन व्यवस्था को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, मानदेय कटौती, सेवा समाप्ति और उत्पीड़न जैसी कार्रवाइयों पर रोक लगाने की अपील की गई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कार्यक्रमों या सभाओं में भीड़ के रूप में उपयोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने सरकारी और विभागीय बैठकों में शामिल होने के लिए नियमानुसार टीए और डीए उपलब्ध कराने की भी मांग की। आंगनबाड़ी संघ ने सरकार से नियमित बैठकें आयोजित कर उनकी समस्याओं के समाधान और योजनाओं के प्रभावी संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि कार्यकर्ता बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं दे सकें। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही बर्दाश्त नहीं:सोनभद्र डीएम ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी बी एन सिंह ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश जिले में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत, कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर अभियान मोड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करने का निर्देश दिया। इसका लक्ष्य प्रत्येक पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में, जिलाधिकारी ने लोधी ग्राम के पंचायत भवन में बनाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया, अभिलेखों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी बगीश कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, उपनिदेशक कृषि वीरेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी नामित शरण, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता सहित कृषि विभाग, राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
ब्यावर के अतीतमण्ड क्षेत्र में वरिष्ठ माइनिंग फोरमैन और उनके सहयोगियों के साथ मारपीट के मामले में पूर्व सरपंच दुष्यंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। साकेतनगर थाना पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत हिरासत में लिया है। मामले की जांच अब ब्यावर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) राजेश कसाना करेंगे। थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार ने बताया कि माइनिंग विभाग की महिला कर्मचारी अनिता मीरचंदानी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई। दुष्यंत सिंह को पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। बाद में, साकेतनगर पुलिस ने प्रोटेस्ट वारंट के जरिए केंद्रीय कारागृह से उसे बीएनएस 2023 की धारा 121(1), 132, 221, 74, 79, 324(4), 324(5), 351(2), 115(2), 303(2), 125 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(va) के तहत दोबारा गिरफ्तार किया। घटना में घायल हुए माइनिंग विभाग के कर्मचारी अनिता मीरचंदानी और प्रितेश का मेडिकल परीक्षण करवाया जा चुका है। उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के कारण इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए जांच का जिम्मा डीएसपी राजेश कसाना को सौंपा गया है। इस बीच, ब्यावर राजपुताना मैंस एंड मिनरल के अध्यक्ष राधावल्लभ माहेश्वरी ने बताया कि जिन माइन धारकों को खनन पट्टे जारी हो चुके हैं, वे लंबे समय से अपना काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा लगातार खनन कार्यों में बाधा डाली जा रही है, जबकि क्षेत्र में अवैध रूप से मैसनरी स्टोन निकाला जा रहा है। माहेश्वरी ने आरोप लगाया कि माइन धारकों ने एक वर्ष से अधिक समय में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि राजकोष में जमा कराई है, फिर भी खनन कार्य बाधित है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई सरकारी कर्मचारी मौके पर जाता है, उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की स्थिति बन जाती है। अवैध खनन को लेकर पहले भी मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन ग्रामीण एकजुट होकर सरकारी कर्मचारियों को भगा देते हैं। हाल ही में जोधपुर से आई ड्रोन सर्वे टीम के साथ भी कुछ ग्रामीणों ने दुर्व्यवहार किया था।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े एक कानून को रद्द किए जाने के बाद मिर्जापुर जनपद में खुशी का माहौल देखा गया। निर्णय की जानकारी मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अधिवक्ताओं और सवर्ण समाज के लोगों ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। कलेक्ट्रेट गेट पर अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे संविधान सम्मत और सामाजिक संतुलन की जीत बताया। इस दौरान लोगों ने कहा कि यह निर्णय देशभर में कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलनों की नैतिक जीत है। सवर्ण समाज द्वारा UGC के इस कानून को लंबे समय से 'काला कानून' कहा जा रहा था। इसे लेकर पूरे देश में सवर्ण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था। मिर्जापुर जनपद में भी पिछले कई दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि यह कानून उच्च शिक्षा व्यवस्था में असमानता को बढ़ावा देता है और इससे सामाजिक वैमनस्य फैलने की आशंका थी। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कानून के निरस्त होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। जश्न के दौरान अधिवक्ताओं और समाज के लोगों ने न्यायपालिका के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संविधान सर्वोपरि है और किसी भी असंवैधानिक व्यवस्था को लंबे समय तक लागू नहीं किया जा सकता। करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क रहा और कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। UGC कानून के निरस्त होने को लेकर जनपद में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा और इसे एक बड़े सामाजिक आंदोलन की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
शिवपुरी जिले की करैरा जनपद अंतर्गत मुंगावली पंचायत में आदिवासी परिवारों की बदहाल स्थिति सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रही है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जनमन और आवास जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आदिवासियों को आवास और मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के दावों के बावजूद, पंचायत स्तर पर लापरवाही और कथित रिश्वतखोरी इन परिवारों के विकास में बाधा बन रही है। मुंगावली गांव में लगभग 50 आदिवासी परिवार आज भी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। इन परिवारों के पास न तो पक्के मकान हैं और न ही शौचालय। महिलाएं नहाने के लिए साड़ियों से बने अस्थायी इंतजामों का सहारा लेती हैं, जबकि शौच के लिए उन्हें गांव से बाहर जाना पड़ता है। गांव की आदिवासी बस्ती में केवल दो हैंडपंप हैं, जिनके आसपास गंदा पानी जमा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में प्रदूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। दो साल चक्कर काटे, पीएम आवास नहीं मिलाआदिवासी महिला पूनम ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए पंचायत और अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है। वर्षों से झोपड़ी में रह रहीं पूनम को आज भी पक्के मकान का इंतजार है। इसी तरह, बुजुर्ग साबो आदिवासी को न तो आवास योजना का लाभ मिला है और न ही वृद्धा पेंशन। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव से संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। बुजुर्ग नारायण जू आदिवासी ने आरोप लगाया कि एक वर्ष पहले उनकी वृद्धा पेंशन चालू कराने के नाम पर पंचायत सचिव ने 500 रुपये लिए थे, लेकिन आज तक पेंशन शुरू नहीं हुई। आवास योजना के लिए भी उनसे पैसों की मांग की गई थी, जिसे वे नहीं दे सके, जिसके कारण उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया। सचिव बोले- कुछ परिवार ही शेषमामले में पंचायत सचिव गोवर्धन रजक का कहना है कि गांव में कई आदिवासी परिवारों को कुटीर उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि कुछ परिवार अभी शेष हैं, जिन्हें जल्द ही आवास और वृद्धा पेंशन का लाभ मिलेगा। रिश्वत के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने बताया कि नारायण जू आदिवासी का नाम पेंशन योजना में तकनीकी अंतराल के कारण नहीं जुड़ पाया था। वहीं, आवास योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उस समय लाभार्थी के परिवार में शादी होने के कारण नाम नहीं जोड़ा जा सका, लेकिन आगामी सूची में नाम शामिल कर दिया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआइ ने दौसा जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। जिलाध्यक्ष विजेंद्र गुर्जर ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ व प्रदेश प्रभारी अखिलेश यादव के निर्देश पर 145 सदस्यों की जिला कार्यकारिणी में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 25-25 छात्रों को पदाधिकारी बनाया गया है। जिसमें रोहिताश बंशीवाल और उदभव शर्मा को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है। जिला उपाध्यक्ष राहुल महावर, शाहरुख खान, केशव जायसवाल, समय सिंह टोरडा, राजेश कुमार ठीकरिया, गौरव सत्तावन, सुरेश डोई, मनजीत मलारना, सचिन गुर्जर, देवेन्द्र बैराड़ा, सचिन चपराना, मुस्कान बैरवा, किरोड़ी खानपुर, राहुल पाटन, मनोज सैनी, अमन वर्मा, हरकेश गुर्जर, सादिक सैफी, रत्तीराम गुर्जर, सोनू खान, अजीत बैरवा, रंगलाल सैनी, सचिन खेडली, नरेन्द्र मीना, साहिल ठाकर, दिलकुश डोलिका, रोशन नांगल, रिंकू जोध्या, विनोद नांगल, कमल पंवार और अभिषेक शर्मा जिला महासचिव टिंकू टोरडा, पिंटू गुर्जर खेडला बुजुर्ग, अजय गुर्जर मुडकंस्या, हर्ष महावर, रत्तीराम दडगस, अंकित बैरवा, सुनील भेड़ी, रोहित बोरोदा, महेश गुर्जर, ओमप्रकाश चेची, मुकेश दायमा, उम्मेद रैसवाल, लेखराज कसाना, शाहबाज खान, नेहरु चांदूसा, सोहिल मंत्री, विक्रम सिंह डोई, प्रिंस गुढ़ा, मनीष शर्मा, दीपेन्द्र मीना, धर्मेन्द्र गुर्जर, नितेश बैंसला, महेंद्र मीना, नीरज बैरवा, विजेंद्र बैरवा, संजय झीझंण, सतीश बुर्जा, विनोद अजपुरा, सुभाष गुर्जर, विकाश अनूपपूरा, अखलेश कानपुरा, रविशंकर महावर, माखन जाटव, चतर कोलरा, अजय सुल्तानपुरा, काशिफ़ राजा, योगेश कुमार, बंटी सैनी, दिगम्बर गुर्जर, तरुण बैरवा, महेंद्र मीना, बृजकिशोर मीना, मोहित बंशीवाल, विक्की बंसल, मनोज सैंथल, दीपक मीना, अभिषेक मीना, संजय गुर्जर, राहुल गुर्जर खुरी, देवराज गुर्जर, विजय मीना गोल, धर्मवीर गुर्जर, मनीष महवा, दिलकुश जीरोता, अभिषेक खेड़ा, मनीष ठेकडा, उश्मान खान और शिवलाल गुर्जर जिला सचिव रामलखन मीना, सुनील गुर्जर, सुरेश चेची, मोन्टी खान, सुरेन्द्र सैनी, सचिन गुर्जर, राजेश बगडेडा, दिशांत प्रजापत, अंकित मीना, किशन सैन, उमेश गुर्जर, रिंकू सैनी, अमरसिंह मीना, कुंजीलाल खुर्रा, हरिमोहन मीना, तेजसिंह गुर्जर, दिलराज मीना, सौरभ जाटव, सुरेश सैनी, चंद्रभान कोली, सचिन गहनोली, राहुल गुर्जर, अजय शर्मा, राहुल मेवाल, हरिमोहन मीना, दीपक सैनी, उस्मान खान, फ़ारुख खान, विजेंद्र बैरवा, विकास सैनी, विकास सिकंदरा, धर्मसिंह हरियाणा, जितेन्द्र गोठवाल, गौरव जोशी, नैतिक जोशी, अजय नांदरी, पुष्पेंद्र शर्मा, कपिल महर, सचिन शर्मा और दिलकुश मीणा जिला संयुक्त सचिव कामिल खान, अजय मानपुर, गौरव गुर्जर, जीतू महावर, मनीष सामरिया, आकाश देवतवाल, रवि मीना, विकास महावर, लखन मीना, प्रिंस दौसा, अमन महावर, सचिन फागना मनराज कोलीवाड़ा और नेतराम बैरवा
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में गुरुवार को दो दिवसीय 'रचनात्मक लेखन कार्यशाला' का भव्य शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कला के विद्यार्थियों को शब्दों के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को व्यक्त करने में निपुण बनाना है। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट जनों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यशाला की मुख्य अतिथि, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्कृत विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध कवयित्री प्रो. कमला पांडेय ने अपने संबोधन में कला और साहित्य के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, जिस प्रकार एक चित्रकार रंगों से सौंदर्य गढ़ता है, उसी प्रकार शब्दों के सृजनात्मक संयोजन से उत्पन्न गीत और कविताएं मनुष्य को सौंदर्य की गहन अनुभूति कराती हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि लेखन केवल सूचना देना नहीं, बल्कि भावों का सृजन है। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि संगीत, साहित्य और कला मानव जीवन के वे आधार स्तंभ हैं जो हर्ष, उल्लास और उत्सव को जीवंत बनाते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि जब एक लेखक सशक्त शब्दों का चयन करता है, तो उसके भाव सीधे पाठक या श्रोता के हृदय में उतर जाते हैं। ललित कला संस्थान के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने कहा कि, कलाकार अक्सर कैनवास पर तो अपनी कल्पनाएं उतार देते हैं, लेकिन उन्हें शब्दों में पिरोना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होता है। यह कार्यशाला कलाकारों को अपनी कला की समीक्षा और व्याख्या करने के लिए नई दृष्टि प्रदान करेगी। कार्यशाला के संयोजक डॉ. मंतोष ने लेखन की तकनीकी और भावनात्मक बारीकियों को समझाते हुए कहा कि अनुभव और कल्पना का सही समन्वय ही श्रेष्ठ लेखन की जननी है। इस अवसर पर संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार त्रिपाठी, डॉ. बप्पा माजी, डॉ. राज कुमार त्रिपाठी, विनय सिंह, जे. बी. यादव, तनीषा बधावन, डॉ. रणधीर सिंह, प्रिया मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शोधार्थी उपस्थित रहे।
चंदौली बार एसोसिएशन चुनाव संपन्न:राजेश मिश्रा अध्यक्ष, सुल्तान अहमद महामंत्री चुने गए
चंदौली के डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव गुरुवार को संपन्न हो गया। सदर तहसील परिसर के बार सभागार में चुनाव अधिकारी पंचानंद पांडेय की अध्यक्षता में यह चुनाव हुआ। इसमें बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। चुनाव में राजेश मिश्रा को अध्यक्ष और सुल्तान अहमद को महामंत्री चुना गया। इसके अतिरिक्त, रमाशंकर सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राहुल सिंह उपाध्यक्ष, अनिल कुमार शर्मा कनिष्ठ उपाध्यक्ष, राहुल कुमार सिंह कोषाध्यक्ष, रवि प्रकाश सिंह संयुक्त सचिव और मिथिलेश कुमार एडवोकेट पुस्तकालय मंत्री बनाए गए। चुनाव अधिकारी पंचानंद पांडेय ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर बार की गरिमा बनाए रखें। नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने तथा अधिवक्ता हित में लगातार काम करते रहने का आश्वासन दिया। तत्कालीन अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। महामंत्री सुल्तान अहमद ने कहा कि वे पद की गरिमा बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने अधिवक्ताओं के सामने मौजूदा चुनौतियों का जिक्र किया, जिसमें शासन से मिलने वाली कई सुविधाओं को बहाल कराने के मुद्दे शामिल हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता लाल प्यारे श्रीवास्तव, रमाकांत सिंह, राजेंद्र प्रसाद पाठक, शहाबुद्दीन, विद्या चरण सिंह, प्रमोद शंकर सिंह, आनंद कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह और शमसुद्दीन को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। कार्यक्रम में संतोष सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अनिल सिंह, जयप्रकाश सिंह, आनंद कुमार सिंह, हाजी इम्तियाज अहमद, समरनाथ यादव, प्रमोद शंकर सिंह, राजेश सिंह सहित कई अन्य अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
नंगला बहलोलपुर में दो दुकानों में चोरी:ताले तोड़कर नकदी और हजारों का सामान चुराया गया
बागपत के नंगला बहलोलपुर गांव में अज्ञात चोरों ने बुधवार देर रात दो दुकानों को निशाना बनाया। चोरों ने ताले तोड़कर एक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान और एक परचून की दुकान से नकदी सहित हजारों रुपये का सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नंगला बहलोलपुर निवासी अजय शर्मा ने गुरुवार सुबह कोतवाली बागपत में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से चोरों ने लगभग 20 हजार रुपये नकद, बर्तन और कपड़े चुरा लिए। अजय शर्मा को गुरुवार सुबह करीब पांच बजे दुकान खोलने पर चोरी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी। इसी रात, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे स्थित ब्रह्मपाल की परचून की दुकान में भी चोरी हुई। चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर हजारों रुपये का सामान चुरा लिया। लगातार हुई इन चोरी की घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों में दहशत का माहौल है। उन्होंने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। दोनों पीड़ितों ने कोतवाली बागपत में तहरीर देकर जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हिसार जिले में केंद्रीय मजदूर संगठनों एवं कर्मचारी संघों के आह्वान पर 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से गुरूवार को किसान विश्राम गृह, उकलाना में विभिन्न मजदूर व कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से इंटक यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष केसर गहलोत एवं सीटू के ब्लॉक अध्यक्ष राधेश्याम ने की।बता दे कि बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर, किसान व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ यह देशव्यापी हड़ताल बेहद जरूरी है। मांगों पर की गई चर्चा वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।बैठक में हड़ताल की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख मांगे जिन पर हुई बात इनमें मजदूर विरोधी लेबर कोड्स को रद्द करना, निर्माण मजदूरों के लिए पोर्टल शीघ्र शुरू कर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये मासिक लागू करना, ठेका प्रथा और निजीकरण पर रोक लगाना, हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को लागू करना, मनरेगा को बहाल कर 200 दिन का रोजगार एवं 800 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करना शामिल है। मांगों को प्रमुखता से उठाया इसके अलावा बिजली बिल 2025 को रद्द करने, किसान-मजदूरों के कर्ज माफ करने, रिक्त पदों को भरकर स्थायी भर्ती करने, न्यूनतम पेंशन 10 हजार रुपये मासिक करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने जैसी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संपर्क अभियान चलाने का आह्वान बैठक को भवन निर्माण मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान मनोज सोनी, सीटू प्रधान कामरेड सुरेश, इंटक यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार नैन, जिला अध्यक्ष जोरा सिंह पाबड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव-गांव व कार्यस्थलों पर संपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया। कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे इस अवसर पर सीटू जिला अध्यक्ष सुरेश कामरेड, सुमन कीनाला, रोशनी, एसकेएस ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद इसाक, कोषाध्यक्ष अनिल कुंडू, ऑडिटर रामेश्वर शर्मा, उप प्रधान अनिल (नगरपालिका), प्रवीन कुमार बोस्ती, राजबीर पाबड़ा, रामकुमार बिठमड़ा, राजेश बिठमड़ा सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बागपत में सर्वसमाज के अधिवक्ताओं ने उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए लागू किए गए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) समानता संवर्धन विनियम 2026 का विरोध किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस विनियम के कुछ प्रावधान समाज में असंतोष और विभाजन की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि वे सदैव समाज में समरसता, सौहार्द और राष्ट्रहित के लिए कार्यरत रहे हैं। उनका मत है कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नियम लागू होने चाहिए जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलें और आपसी भाईचारा बनाए रखें। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि ये प्रावधान लागू रहे तो विभिन्न वर्गों के छात्रों के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है और शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि छात्र देश का भविष्य होते हैं। उनकी शिक्षा, ज्ञान और शोध कार्य राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का विवाद या संघर्ष उनकी प्रतिभा और योगदान पर प्रश्नचिह्न लगा सकता है। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए, अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार से विनियम 2026 को समाप्त करने या उसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस मामले में उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और सभी वर्गों के बीच विश्वास, एकता तथा सौहार्द बना रहे। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
संतकबीरनगर जिले में अधिवक्ताओं ने यूजीसी-2026 के नए नियमों का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। सिविल बार संगठन के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र पाठक के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी से कलक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।इस दौरान बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश कुमार मिश्र सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। कलक्ट्रेट पहुंचकर अधिवक्ताओं ने एडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नए नियम छात्रों के बीच मतभेद पैदा कर सकते हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इससे छात्रों के मध्य गलतफहमी फैलाई जा सकती है, जिससे आपसी संशय बढ़ेगा। महामंत्री निरंजन सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन नियमों को वापस नहीं लेती है, तो अधिवक्ता एक बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियमन-2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी को ऊपर उठाना या किसी को दबाना नहीं होना चाहिए। सिविल बार एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने इस विनियमन का कड़ा विरोध करते हुए तत्काल वापसी की मांग की। उनका कहना है कि इससे प्रतिभाओं को संदिग्ध नहीं ठहराया जाना चाहिए और संवैधानिक मूल्यों का हनन नहीं होना चाहिए। इस मौके पर महीप बहादुर पाल, देवेंद्र लाल श्रीवास्तव सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
बीकानेर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वितरण ट्रांसफार्मरों से एचआरसी फ्यूज चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं जिससे उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में बाधा आ रही है। अब फ्यूज चोरी की शिकायत पुलिस से करते हुए कई मोहल्लों का नाम भी दिया गया है। अधिकांश घटनाएं एक साल में दर्ज की गई हैं। बीकेईएसएल के सीओओ हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि इन चोरी की घटनाओं के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है जिससे उपभोक्ताओं , व्यापारिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों एवं धार्मिक स्थलों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि एचआरसी फ्यूज चोरी एक गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। इससे न केवल विद्युत तंत्र को क्षति पहुंचती है, बल्कि आपूर्ति बहाली में भी काफी समय लगता है। बीकेईएसएल ने इस संबंध में संबंधित पुलिस थानों में अज्ञात असामाजिक तत्वों के विरुद्ध शिकायत भी दर्ज कराई है। मामले की जांच जारी है तथा दोषियों के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि वितरण ट्रांसफार्मर, पोल अथवा विद्युत उपकरणों के आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। ऐसी घटनाओं की जानकारी बीकेईएसएल कंट्रोल रूम के मोबाइल नम्बर 9116155021 पर दें। चोरी की घटनाओं से प्रभावित क्षेत्र रानीसर, प्रताप बस्ती कब्रिस्तान, एस्कॉर्ट क्षेत्र, 4 नं. डिस्पेंसरी, यूको बैंक क्षेत्र, संखला प्लेस, जीत सिंह क्षेत्र, धोलामारू, डुप्लीन कॉलोनी, नशा मुक्ति केंद्र, सुदर्शन नगर, वल्लभ गार्डन, केलागोडाम, , डॉ. महेश हाउस, आचार्यों की बगीची, रामपुरिया, चोटीना, नवल सागर, गौशाला, जवाहर नगर, रंजीत सिंह क्षेत्र, नाथूसर, चेतनानंद, तिलक नगर, सोफिया स्कूल क्षेत्र, सेंट्रल स्कूल, गुलमोहर पार्क, पवनपुरी, सादुलगंज, रतन बिहारी, जीरो प्वाइंट, मौसम विभाग क्षेत्र, भिनासर, गंगाशहर, व्यापार नगर, चौपड़ा स्कूल, घड़सीसर, बिनानी चौक, जस्सूसर, सोनगिरी, एम.पी. नगर, रामपुरा बायपास, कबीर आश्रम, चूना भट्टा, जेलवेल, बख्तावर सागर, सिटी न्यू, वाटर वर्क्स, गंगाशहर, चौधरी कॉलोनी, नत्थूसर टंकी, सूरदासाणी, कालाकोटी, रेलवे क्षेत्र, शमशान के पास, अस्पताल क्षेत्र, स्कूल परिसरों, मंदिर क्षेत्रों एवं अन्य आसपास की कॉलोनियां
मैनपुरी में कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए 30 जनवरी से 13 फरवरी तक 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान' चलाया जाएगा। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनमानस को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करना और समय पर पहचान व उपचार सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि विकसित भारत अभियान के तहत जिला प्रशासन जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान आसान है और यह पूरी तरह से साध्य है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कुष्ठ रोगियों की जल्द पहचान कर उनका उपचार शुरू कराया जाए। प्रभावित व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प अंजनी कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों या उनके परिवारजनों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाज से कुष्ठ रोग से जुड़े कलंक को समाप्त कर प्रभावित व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी आर.सी. गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और समिति सदस्यों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रचार-प्रसार के माध्यम से कुष्ठ रोगियों की पहचान कर उन्हें एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) दवाओं के जरिए समय पर उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि शारीरिक विकलांगता से बचाव हो सके। ये रहे मौजूद मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि यह अभियान महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी अनिल वर्मा, पपेन्द्र, जे.पी. वर्मा, आनंद किशोर, पंकज, पवदेश कुमार, जगत बंधु, अंतरिक्ष मौर्या, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविन्द्र गौर, डीसीपीएम राजीव कुमार सहित आरबीएसके टीम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
श्रावस्ती में केंद्र सरकार द्वारा पारित यूजीसी बिल के समर्थन में तहसील जमुनहा के अधिवक्ताओं ने आवाज बुलंद की है। अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जमुनहा के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें इस बिल को संविधानसम्मत और शिक्षा व्यवस्था के हित में बताया गया। तहसील जमुनहा अधिवक्ता संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यूजीसी बिल पूरी तरह संविधान के अनुरूप है। इसके प्रावधान देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और प्रभावी बनाएंगे। अधिवक्ताओं ने इसे न्याय और संविधान के हित में एक आवश्यक कदम करार दिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह बिल शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने में सहायक होगा। यह शैक्षणिक संस्थानों की जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि राष्ट्रपति तक यह समर्थन पहुंचाना न्यायहित में आवश्यक है। बिल की संवैधानिक वैधता पर सवाल किए जाने पर अधिवक्ताओं ने कहा कि यह बिल केंद्र सरकार के विधायी अधिकारों के अंतर्गत आता है। यह संविधान के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करता है। छात्रों पर इसके प्रभाव के सवाल पर अधिवक्ताओं का मानना था कि यह बिल केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में सुधार की दिशा में एक ठोस कदम है। स्थानीय स्तर से समर्थन पर अधिवक्ताओं ने कहा कि कानून और संविधान से जुड़े मुद्दों पर क्षेत्रीय सीमाएं बाधा नहीं बनतीं। इस ज्ञापन पर बीरबल वर्मा, जगतपाल यादव, ओम प्रकाश सोनी, यशवंत कुमार, सुखपाल मौर्य, अनवर अली, गुड्डू विश्वकर्मा, दिलीप कुमार यादव सहित 17 से अधिक अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर कर सामूहिक समर्थन दर्ज कराया। अधिवक्ता वर्ग का मानना है कि यूजीसी बिल भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता को बढ़ावा देगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचा यह ज्ञापन देशभर में चल रही कानूनी और शैक्षणिक चर्चाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में धान खरीदी केंद्र के बाहर विधायक, किसानों और पार्षदों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने रकबा समर्पण से नाराज होकर धान खरीदी का बहिष्कार कर दिया था। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही धान खरीदी शुरू हो सकी। यह घटना धमतरी जिले के नगर पंचायत आमदी में हुई, जो विधायक ओंकार साहू का गृह ग्राम है। किसानों ने धान से भरे अपने ट्रैक्टरों को सोसायटी के बाहर खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पार्षद और विधायक भी मौके पर पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। किसानों का आरोप- अधिकारी जबरदस्ती रकबा समर्पण करा रहे थे किसानों का आरोप था कि प्रशासनिक अधिकारी जबरदस्ती रकबा समर्पण करा रहे हैं, जिससे कई किसानों के टोकन नहीं कट पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीदी के लिए केवल दो दिन शेष हैं और ऐसे में भौतिक सत्यापन कर रकबा समर्पण किया जा रहा है। विधायक के हस्तक्षेप पर धान खरीदी शुरू विधायक के हस्तक्षेप और अधिकारियों द्वारा धान खरीदने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और ट्रैक्टरों को समिति के अंदर ले जाकर खरीदी शुरू की गई। धमतरी विधायक ओंकार साहू ने बताया कि आमदी नगर पंचायत के किसानों ने अपनी उपज का अधिकार मांगने के लिए उप मंडी में एकजुट होकर आंदोलन किया। इसमें आमदी नगर पंचायत के कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष ने भी उनका साथ दिया। विधायक ने कहा कि उन्हें आंदोलन की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 27 जनवरी को भी कांग्रेसियों द्वारा किसानों के टोकन नहीं कटने और समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जिस पर तब भी आश्वासन मिला था। विधायक ने किसानों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने अपने हक के लिए आवाज उठाई है और आगे भी ऐसे ही आवाज गूंगी-बहरी सरकार के खिलाफ उठाते रहें।
4,546 पशुओं को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच:ग्राम उत्थान शिविर में पशुधन संरक्षण की बड़ी पहल
डीग जिले में जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों में पशुपालन विभाग ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन शिविरों के माध्यम से जिले के पशुपालकों और उनके मवेशियों को व्यापक स्तर पर लाभान्वित किया गया। शिविरों का मुख्य उद्देश्य पशुधन के स्वास्थ्य में सुधार करना और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना था, जिसमें विभाग को उल्लेखनीय सफलता मिली है। शिविरों के दौरान पशु स्वास्थ्य रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मौके पर ही 4,546 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई, कृमिनाशक दवाएं पिलाई गईं और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत क्लासिकल स्वाइन फीवर के 10 टीके लगाए गए। पशुओं में नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने विशेष प्रयास किए। शिविरों में कृत्रिम गर्भाधान और बांझपन निवारण के माध्यम से 446 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। यह पहल भविष्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के विकास में सहायक सिद्ध होगी। जागरूकता प्रसार की दिशा में भी विभाग ने महत्वपूर्ण कार्य किया। शिविरों में कुल 3,995 पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, गौवंश के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 3,318 लोगों को गौशाला विकास योजना के प्रावधानों से अवगत कराया गया, जिससे जिले में गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण हो सके।
कौशांबी में पेड़ से गिरकर युवक की मौत:परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
कौशांबी में गुरुवार दोपहर पेड़ से गिरकर घायल हुए एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने कड़ा धाम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान कड़ा धाम कोतवाली क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव निवासी 40 वर्षीय मिथलेश उर्फ मतेश के रूप में हुई है। वह गुरुवार दोपहर गांव में ही एक पेड़ पर चढ़कर लकड़ी तोड़ रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मिथलेश को परिजन तुरंत कड़ा धाम स्थित CHC ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मिथलेश की मां कुशुम देवी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान गई है। परिजनों के हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है।
भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में मोतीमहल पर रियासत कालीन झंडा लगाने को लेकर थम नहीं रहा है। पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए बड़ा एलान करते हुए कहा है कि 13 फरवरी को महाराजा सूरजमल की जयंती के दिन वह खुद झंडा फहराएंगे। किसी में हिम्मत है तो रोक कर दिखा देना मुझे… विश्वेंद्र सिंह ने पोस्ट में ये लिखा- भरतपुर राजपरिवार में पिछले 5 सालों से चला आ रहा पारिवारिक विवाद सुलझने के कगार पर ही था कि मेरी पत्नी व बेटे ने भरतपुर का रियासतकालीन झंडा अभी तक नहीं लगाने के कारण यह विवाद फिर से उलझ गया है। या तो मेरी पत्नी व बेटा भरतपुर रियासत के झंडे को फिर से लगा दें, नहीं तो मैं स्वयं 13 फरवरी को महाराजा सूरजमल जी के जन्मदिवस के अवसर पर खुद मोती महल जाकर रियासतकालीन झंडा लगाऊंगा। हालांकि रियासतकालीन झंडे की रस्सी व तार काट दिए गए हैं, मैं तब भी झंडे को फहराकर आऊंगा। किसी में हिम्मत है तो रोक कर दिखा देना मुझे। युद्ध भूमि के झंडे को लेकर उठा था विरोध बता दें, इससे पहले मोती महल पर रियासतकालीन झंडे की जगह युद्ध भूमि का झंडा लगाया गया था, जिस पर सर्व समाज ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसको लेकर 2025 सितंबर माह में जिले के अलग-अलग इलाकों में पंचायतें हुई थीं। पंचायतों में यह निर्णय लिया गया था कि 21 सितंबर 2025 को मोती महल से युद्ध भूमि का झंडा हटाकर रियासतकालीन झंडा लगाया जाएगा। 21 सितंबर से पहले बिगड़े हालात 21 सितंबर से पहले 18 सितंबर की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने युद्ध भूमि के झंडे को नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद मोती महल पर तिरंगा झंडा लगा दिया गया। संभावित तनाव को देखते हुए 21 सितंबर को शहर में जगह-जगह पुलिस तैनात की गई और मोती महल के सभी गेटों पर भारी पुलिस जाब्ता लगाया गया। गेट तोड़कर घुसा युवक, फिर हटाया गया झंडा 21 सितंबर की रात सिनसिनी निवासी मनुदेव ने गाड़ी से मोती महल का पिछला गेट तोड़ दिया और परिसर में घुस गया। इसके बाद 22 सितंबर को मोती महल से झंडा हटा दिया गया। तब से लेकर अब तक मोती महल पर कोई भी झंडा नहीं लगा है। विवादों में रहा भरतपुर का पूर्व राजपरिवार भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह का पत्नी दिव्या सिंह और बेटे अनिरुद्ध सिंह से लंबे समय से विवाद चल रहा है। विवाद की जड़ में राजघराने की करोड़ों की प्रॉपर्टी, बेशकीमती स्वर्ण-आभूषण और एंटीक आइटम का शाही भंडार है। विवाद की शुरुआत करीब एक साल पहले विश्वेंद्र सिंह की ओर से उपखंड अधिकारी ट्रिब्यूनल भरतपुर में प्रार्थना पत्र देकर वरिष्ठ नागरिक के रूप में पत्नी और बेटे से भरण-पोषण मांगने से हुई थी। --- पूर्व राजपरिवार के विवाद की ये खबर भी पढ़ें … भरतपुर पूर्व राजपरिवार का झंडा विवाद:40 साल पहले राजा का पुलिस एनकाउंटर, 77 साल पहले जाना पड़ा तिहाड़ जेल भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में मोतीमहल पर रियासत कालीन झंडा लगाने को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पूरी खबर पढ़िए भरतपुर मोतीमहल में थम गया झंडा विवाद:बेटे ने फहराया तिरंगा, विश्वेन्द्र भी बोले- ये सर्वोपरि, रियासती झंडे को लेकर अड़े समर्थक भी अब माने भरतपुर पूर्व राजपरिवार में चल रहा झंडा विवाद शनिवार दोपहर में पूरी तरह शांत हो गया है। नया विवाद मोती महल पर फहरा रहे झंडे को लेकर हुआ था। पूरी खबर पढ़िए
चौमूं शहर के थाना मोड़ चौराहे के पास नगर परिषद प्रशासन द्वारा नाली सफाई के दौरान दुकानों के सामने तोड़फोड़ की गई, जिससे स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। नगर परिषद के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर दुकानों के सामने नाले पर बनी सीढ़ियों को तोड़ दिया। इससे दुकानों तक पहुंचने का रास्ता अवरुद्ध हो गया और व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है, साथ ही ग्राहकों को भी असुविधा हो रही है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण नाले को खुला छोड़ दिया गया है, जिससे क्षेत्र में तीव्र दुर्गंध फैल रही है। उन्होंने गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका भी जताई। इस समस्या के समाधान के लिए व्यापारियों ने नगर परिषद आयुक्त के नाम एक ज्ञापन स्वास्थ्य सफाई निरीक्षक जय किशन सैनी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि तोड़े गए नाले में पाइप डालकर उसे दोबारा बंद किया जाए और आवागमन को सुचारू किया जाए। इस दौरान दिनेश चतुर्वेदी, राधेश्याम शर्मा, पुरुषोत्तम चतुर्वेदी, महेश कुमार, त्रिलोक शर्मा, मधुसूदन शर्मा सहित कई दुकानदार उपस्थित थे। सभी ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील की। नगर परिषद स्वास्थ्य निरीक्षक जय किशन सैनी ने बताया कि नाले में अत्यधिक गंदगी जमा होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही थी। इसी कारण जेसीबी मशीन से मलबा हटाया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नाले को जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को राहत मिल सके।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मैराथन को लेकर इंदौर के फिटनेस प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस क्रेज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाफ मैराथन (21 किमी) और 3 किमी रन के लिए पंजीयन पूरी तरह बंद हो चुके हैं। अब केवल 5 किमी और 10 किमी रन के लिए सीमित संख्या में पंजीयन खुले हैं, जो कभी भी बंद हो सकते हैं। एकेडमी ऑफ इंदौर मैराथनर्स के अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने इच्छुक प्रतिभागियों से बिना देरी किए रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है। स्वास्थ्य और अनुशासन का उत्सवमुंबई से विशेष रूप से मैराथन में भाग लेने आ रहे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक कुमार राहुल ने कहा कि इंदौर मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का उत्सव है। उन्होंने कहा कि बढ़ती बीमारियों के इस दौर में दौड़ना स्वयं के प्रति सबसे बड़ा निवेश है। अब सिर्फ 5 और 10 किमी के लिए पंजीयनमैराथन के सचिव सुमित रावत ने बताया कि यह आयोजन स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का एक जनआंदोलन बन चुका है। हर साल बड़ी संख्या में नए रनर्स जुड़ रहे हैं, जो आगे चलकर लंबी दूरी की दौड़ों के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इच्छुक प्रतिभागी indoremarathon.in पर पंजीयन कर सकते हैं। दौड़ से बदली जीवनशैलीअतिरिक्त कोषालय अधिकारी धर्मराज कोडले ने बताया कि नियमित दौड़ के कारण उनका वजन 69 किलो से घटकर 61 किलो हो गया है। नींद में सुधार हुआ है और मानसिक मजबूती भी बढ़ी है। अब दिनभर थकान और आलस महसूस नहीं होता, स्फूर्ति बनी रहती है। मानसिक और शारीरिक लाभमुंबई से आ रहे बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एसीवीओ पंकज कुमार ने कहा कि मैराथन में नियमित भागीदारी से स्वास्थ्य में सुधार, मानसिक लचीलापन, वजन नियंत्रण और कार्य के प्रति अधिक एकाग्रता आती है। मैराथन समाज में अनुशासन विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
महोबा के चरखारी स्थित सालट गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन दिन पहले पिता की मौत के बाद, बेटे की भी करंट लगने से मौत हो गई है। यह घटना घर की बिजली सुधारते समय हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्राम सालट निवासी जियालाल की तीन दिन पूर्व स्वाभाविक मृत्यु हो गई थी। परिवार अभी इस दुख से उबर नहीं पाया था कि आज एक और हादसा हो गया। जियालाल के 28 वर्षीय पुत्र राम सिंह के घर में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की डीपी में खराबी के कारण बिजली नहीं आ रही थी। गुरुवार को राम सिंह स्वयं बिजली आपूर्ति को ठीक करने का प्रयास कर रहा था। वह खंभे पर लगी डीपी के तारों को देख रहा था, तभी अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने के बाद राम सिंह झुलसकर जमीन पर गिर पड़ा और अचेत हो गया। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। परिजनों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही और बाधित आपूर्ति को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
हरदोई। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुन राजभर ने महाराजा सुहेलदेव राजभर की 1017वीं जयंती समारोह में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम गोपामऊ विधानसभा अंतर्गत ग्राम पूर्वअफीजुद्दीनपुर में आयोजित किया गया था। पार्टी की रणनीति और चुनावी लक्ष्यअरुन राजभर ने जनसभा को संबोधित करते हुए आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस बार हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष सुभासपा का होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पुनरीक्षण और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए। शौर्य इतिहास और समाज सुधार पर जोरउन्होंने बताया कि सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के प्रयासों से महाराजा सुहेलदेव और महाराजा सल्हिय सिंह अर्कवंशी का शौर्यपूर्ण इतिहास जन-जन तक पहुंच रहा है। उन्होंने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के साथ-साथ ‘वन नेशन वन एजुकेशन’ (समान शिक्षा) लागू करने की मांग की, ताकि शोषित और वंचित समाज के बच्चों को भी समान अवसर मिल सकें। विपक्ष पर कटाक्षअरुन राजभर ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनके पास केवल हंगामा करने के अलावा कुछ नहीं बचा है, जबकि जनता एनडीए के साथ खड़ी है। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ नेताइस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी, मनोज अर्कवंशी, कदीर अहमद और ब्लॉक प्रमुख संजय अर्कवंशी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय प्रधान और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर चोपड़ा के पास गुरुवार को एक तेज रफ्तार 407 वाहन ने यात्री बस को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी खाई में उतर गई और एक पेड़ से टकराकर रुक गई। हादसे में बस चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जबकि कई यात्रियों को भी चोटें आई हैं। राहगीरों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। जानकारी के अनुसार, गुप्ता कंपनी की यात्री बस भोपाल से दीवानगंज-सलामतपुर होते हुए विदिशा जा रही थी। तभी सामने से आ रहे ईंटों से लदे तेज रफ्तार 407 वाहन ने बस को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पेड़ के सहारे रुकी बस, राहगीरों ने की मदद टक्कर लगने के बाद बस सड़क से नीचे खाई में उतर गई और गनीमत रही कि एक पेड़ से टकराकर रुक गई। घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत मदद करते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई न होने से नाराजगी स्थानीय लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि स्टेट हाईवे-18 पर ईंटों से लदे 407 वाहन बेखौफ होकर तेज रफ्तार में दौड़ते हैं, लेकिन आरटीओ और खनिज विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता। लोगों ने अवैध ईंट परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने और हाईवे को जल्द फोरलेन में बदलने की मांग की है।
जनगणना 2027 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की समयसीमा, कार्ययोजना और डिजिटल प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना का पहला चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न होगा। जनपद में जनगणना कार्य के लिए कुल 13,089 कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रियाइस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। पहली बार नागरिकों को स्वगणना की सुविधा दी जाएगी। जनगणना से पहले 15 दिनों तक नागरिक सेंसस सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल और मोबाइल एप के जरिए स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। दो चरणों में होगी जनगणनापहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। इस दौरान भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व, जल-बिजली, शौचालय, खाना पकाने के ईंधन और टीवी, मोबाइल, वाहन जैसी परिसंपत्तियों से जुड़ी 33 प्रकार की जानकारियां जुटाई जाएंगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना होगी। प्रशिक्षण की तय समय-सीमाजिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 28 फरवरी तक, फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण 31 मार्च तक और प्रगणक व पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 15 मई तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। बैठक में लखनऊ से आए सहायक निदेशक सेंसस दिनेश यादव ने जनगणना प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी, अपर नगर आयुक्त आवेश खान, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह, डीआईओ शांतनु श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी ईशा शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मैनपुरी के घिरोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ऑनकॉल सिजेरियन डिलीवरी व्यवस्था के तहत एक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की जान बचा ली गई। प्रसूता की हालत गंभीर होने के बावजूद सीएचसी पर ही सफल ऑपरेशन किया गया। फैजपुर गांव निवासी कविता (पत्नी भानुप्रताप) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन घिरोर सीएचसी लाए थे। प्रारंभिक जांच में उनकी हालत बिगड़ने लगी। तेज बारिश के कारण उन्हें जिला अस्पताल के सौ शैया अस्पताल रेफर करना मुश्किल हो गया था। डॉक्टरों को आशंका थी कि देरी से जच्चा-बच्चा दोनों की जान को खतरा हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार यादव ने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी गुप्ता को सूचना दी। सीएमओ ने बिना देर किए सौ शैया अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशिता यादव और निश्चेतक डॉ. विकास यादव को अपनी टीम के साथ घिरोर सीएचसी पहुंचने का निर्देश दिया। डॉ. निशिता यादव और डॉ. विकास यादव स्टाफ नर्स अलका पाठक, अंजली, हेमकांत और सुधांशु के साथ घिरोर सीएचसी पहुंचे। लगभग एक घंटे तक चले जटिल सिजेरियन ऑपरेशन के बाद कविता ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन सफल रहा और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जटिल प्रसव के मामलों में ऑनकॉल व्यवस्था के तहत सौ शैया अस्पताल की विशेषज्ञ टीम को भेजा जाता है। इस पहल का उद्देश्य समय पर उपचार प्रदान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
बाड़ी कस्बे में साल 2016 में हुई लूट के एक पुराने मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। विशिष्ट जज राकेश गोयल की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें सजा सुनाई। यह घटना साल 2016 की है, जब बाड़ी क्षेत्र में तीन बदमाशों ने एक व्यापारी से लूटपाट की थी। बदमाश व्यापारी से 12 हजार रुपए नकद और एक बाइक लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद रामवीर उर्फ भारत पुत्र ज्वारी (निवासी भूतपुर) और दीपू पुत्र रामवीर (निवासी महाराजपुरा, बाड़ी) को दोषी पाया। दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि न्यायालय का यह निर्णय क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है।
चित्रकूट में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जनपदीय शाखा का द्विवार्षिक अधिवेशन गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में प्रदीप कुमार पांडेय को परिषद का नया जिलाध्यक्ष चुना गया। जिला मुख्यालय स्थित कृषि भवन सभागार में आयोजित इस अधिवेशन की अध्यक्षता परिषद के संरक्षक वीरेन्द्र कुमार द्विवेदी ने की। चुनाव अधिकारी के रूप में परिषद के मण्डल अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। सर्वसम्मति से हुए इस चुनाव में प्रदीप कुमार पांडेय को जिलाध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त, अशोक कुमार यादव वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजेन्द्र सिंह जिला महामंत्री, बृजेश कुमार यादव कोषाध्यक्ष और महेन्द्र सिंह यादव संप्रेक्षक चुने गए। छात्र जीवन के दौरान गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तेज तर्रार छात्र नेता रहे अनुराग द्विवेदी को मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को संघ के संविधान की शपथ दिलाई गई। सदन द्वारा निर्वाचित पदाधिकारियों को कार्यकारिणी विस्तार का अधिकार देते हुए 15 दिन के भीतर संपूर्ण कार्यकारिणी का गठन कर शपथ ग्रहण कराने का निर्देश दिया गया है। मीडिया प्रभारी अनुराग द्विवेदी को इस संबंध में सभी को सूचित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस अवसर पर जगबली सिंह, कृष्णपाल सिंह, जयगोपाल कुशवाहा, अमरजीत, चित्रांश श्रीवास्तव, अरुण कुमार, रामबाबू, देवकुमार यादव, गुलाब सिंह, फूलचन्द्र यादव और नितिन धर्मेन्द्र सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
गाजियाबाद में पेंशन अपडेट के नाम पर ठगी:बुजुर्ग के खाते से 9.89 लाख रुपए उड़ाए, जांच में जुटी पुलिस
गाजियाबाद में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के बैंक खाते से 9 लाख 89 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मोदीनगर, गाजियाबाद निवासी बिजेंद्र कुमार ने बताया कि 21 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पेंशन विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनकी पेंशन प्रक्रिया अधूरी है और एटीएम पर जाकर कुछ निर्देशों का पालन करने को कहा। बिजेंद्र कुमार के अनुसार, कॉल करने वाला लगातार उन्हें भरोसा दिलाता रहा और निर्देश देता रहा। पहली दो बार उन्हें कोई संदेह नहीं हुआ, लेकिन तीसरी कॉल आने पर उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने बैंक जाकर अपने खाते की जांच कराई। जांच में पता चला कि उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 9,89,000 रुपये निकाले जा चुके थे। जांच में सामने आया कि यह रकम IMPS ट्रांजैक्शन के माध्यम से मोदीनगर, गाजियाबाद से जुड़े एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बैंक स्टेटमेंट, आधार कार्ड और पासबुक की कॉपी भी सौंपी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ट्रांजैक्शन डिटेल्स और संबंधित मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
कासगंज में जिलाधिकारी प्रणय सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान गंगा संरक्षण, पर्यावरण प्रबंधन और वृक्षारोपण से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने गंगा आरती के आयोजन, गंगा संरक्षण, जल गुणवत्ता सुधार और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने नदियों-नालों की स्थिति और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सैंपलिंग रिपोर्टों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा चिन्हित नालों से निकलने वाले सीवरेज के समुचित निस्तारण के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। प्रभागीय वनाधिकारी ने जानकारी दी कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से गंगा ग्रामों के प्रधानों तथा नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसके बाद, जिला पर्यावरण समिति की बैठक में नगर निकायों से उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की समीक्षा की गई। इसमें कम्पोस्ट निर्माण, आर.डी.एफ. वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं और अपशिष्ट संग्रहण एवं परिवहन की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैठक में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन, अस्पतालों से निकलने वाले जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, ई-वेस्ट निस्तारण और औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने और उसके पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण के निर्देश दिए। जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर 'ग्रीन चौपाल' का नियमित आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य का आवंटन भी हो चुका है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे आगामी वृक्षारोपण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जा सके।
सहारनपुर में कड़ाके की ठंड के बीच दिव्यांगवाणी – दिव्यांग वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने गुरुवार को कंबल वितरण अभियान चलाया। संस्था ने क्षेत्र के दिव्यांगजनों, बुजुर्गों, गरीब विधवाओं और असहाय जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। रामपुर मनिहारान में इस पहल से सैकड़ों लोगों को ठंड से राहत मिली। कंबल वितरण अभियान की शुरुआत गांव कुराली से हुई। इसके बाद टिपरा और सेहपुर गांवों में भी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई गई। अगले दिन रामपुर मनिहारान सब्जी मंडी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रामपुर मनिहारान के अलावा जगरौली, हरडेकी, रेडा और सोनाअर्जुनपुर गांवों के दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों को कंबल दिए गए। संस्था के संस्थापक अरुण कुमार सैनी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्म से होती है, न कि जाति या धर्म से। सैनी ने बताया कि संस्था पिछले सात वर्षों से दिव्यांग, गरीब और असहाय लोगों की सेवा कर रही है। कंबल वितरण के अतिरिक्त, संस्था बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा और दिव्यांग सहायता जैसे कार्य भी करती है। सैनी ने जानकारी दी कि वर्ष 2019 में रामपुर मनिहारान में दिव्यांगवाणी श्रवण बाधितार्थ विद्यालय की स्थापना की गई थी। इस विद्यालय में मूक-बधिर बच्चों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से निशुल्क शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। संस्था पूरी तरह से सेल्फ फंडिंग पर संचालित होती है और सरकारी सहयोग के बिना भी सेवा कार्य जारी रखे हुए है। अरुण कुमार सैनी ने सरकार और समाज से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक समर्थन से ही इन सेवाओं को बेहतर स्तर पर निरंतर जारी रखा जा सकता है। इस अवसर पर सीताराम सैनी, धर्मवीर प्रजापति, राजू सैनी, पप्पू सैनी, मनोज सैनी, मोनिका गोयल (दिल्ली), एडवोकेट लोकेंद्र सैनी, सचिन राणा और सोमपाल सैनी सहित कई सहयोगी उपस्थित रहे।
हाथरस भगदड़ मामले में गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान हसायन के तत्कालीन कोतवाली प्रभारी धीरज गौतम ने अपनी गवाही दर्ज कराई। अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच फरवरी की तारीख तय की है। यह घटना 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ क्षेत्र के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में एक सत्संग के समापन के बाद हुई थी। सत्संग खत्म होने पर मची भगदड़ में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 121 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। इस चार्जशीट में 676 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है। आरोपियों में देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह के नाम शामिल हैं। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि अपनी गवाही में तत्कालीन थानाध्यक्ष हसायन ने अदालत को बताया कि घटना वाले दिन उनकी ड्यूटी ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने में लगी हुई थी। पुलिस की लापरवाही से हुई घटना... अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर के अनुसार, यह पूरी घटना कोई साजिश नहीं थी बल्कि एक हादसा था। उन्होंने कहा कि यह हादसा पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ, जिसकी वजह से इस मामले में कुछ पुलिसकर्मी निलंबित भी किए गए थे।
गाजियाबाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला कर्मी कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इनमें पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण और मातृ-शिशु देखभाल जैसे कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद, उन्हें अभी तक न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कोई सुविधा। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कर्मियों ने उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने वेतनमान, पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि, मेडिकल सुविधा और महंगाई भत्ता जैसी सुविधाएं प्रदान करने की अपील की। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने और कोरोना काल से कार्यरत कर्मियों को पेंशन लाभ देने की भी मांग की गई। कर्मियों ने ऑनलाइन कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने पोषण ट्रैकर जैसे कार्यों के लिए मोबाइल फोन, इंटरनेट डेटा और रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में आंगनबाड़ी केंद्रों के किराए, भवन सुविधाओं, बिजली-पानी और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। आंगनबाड़ी संघ की पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें कार्य बहिष्कार और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
यूजीसी कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक:मऊ में मंत्री एके शर्मा बोले, टिप्पणी करना उचित नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नए यूजीसी कानून पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। नए यूजीसी कानून को लेकर देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। स्वर्ण समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस कानून को वापस लेने की मांग की थी। मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय देगा, सरकार उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। मंत्री एके शर्मा ने यह बात मऊ जिले के नगर पालिका कम्यूनिटी हॉल परिसर में पंडित अलगू राय शास्त्री की जन्म जयंती समारोह में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। पंडित अलगू राय शास्त्री भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राजनेता, शिक्षाविद् और कानूनविद् थे। वे पहली लोकसभा में आजमगढ़ पूर्व (अब घोसी) से सदस्य थे और संविधान सभा के भी सदस्य रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ के विकास को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम सबने संकल्प लिया है कि मऊ की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करेंगे और मऊ को प्रदेश ही नहीं, देश और दुनिया में अग्रणी विकास के लिए तैयार करेंगे। मंत्री ने मऊ को माफिया मुक्त बनाने का भी संकल्प दोहराया।
देवास में सर्व हिन्दू समाज ने आगरा-मुंबई मुख्य मार्ग पर नितिन लॉज के पास शासकीय भूमि और सार्वजनिक सड़क पर कथित अवैध धार्मिक निर्माण को हटाने की मांग की। इस संबंध में समाज ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है। पंकज दुबे ने बताया कि बुधवार रात करीब 8 बजे कुछ लोगों ने उक्त स्थान पर एक धार्मिक ढांचा बनाना शुरू किया था। स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह निर्माण बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया गया है। उनके अनुसार, इससे आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है और यह सार्वजनिक सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है। नियमानुसार कार्रवाई करने की मांगज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक सड़क या शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए प्रशासन से नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। आवेदन में जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि निर्माण की वैधानिक स्थिति की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएं और अतिक्रमण हटाकर सार्वजनिक मार्ग को बाधामुक्त किया जाए। समाज ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे वैधानिक विकल्पों का सहारा लेंगे।
KGMU ने रोगी सुरक्षा और अस्पताल स्वच्छता के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करते हुए आज प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों का पहला ‘मॉडर्न बैरियर लॉन्ड्री प्लांट’ शुरू किया। इस अत्याधुनिक प्लांट का भव्य उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद द्वारा किया गया। यह पहल KGMU में हॉस्पिटल अक्वायर्ड इंफेक्शन (HAI) की रोकथाम की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि यह प्लांट न केवल KGMU बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक मील का पत्थर है। राजकीय क्षेत्र में स्थापित यह पहला और एकमात्र अत्याधुनिक बैरियर लॉन्ड्री प्लांट है, जो अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के मानकों को नई ऊंचाई देगा। विश्वस्तरीय तकनीक से लैस लॉन्ड्री प्लांट में स्थापित मशीनें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाली धुलाई के साथ-साथ संक्रमण नियंत्रण की पूरी गारंटी देती हैं। इससे मरीजों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों सभी की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। क्या हैं बैरियर लॉन्ड्री तकनीक? सामान्य लॉन्ड्री सिस्टम से अलग, बैरियर लॉन्ड्री तकनीक में संक्रमित कपड़ों और स्वच्छ कपड़ों के बीच एक फिजिकल अवरोध होता है। इससे दोनों क्षेत्रों का आपसी संपर्क पूरी तरह समाप्त हो जाता है और क्रॉस-कंटैमिनेशन की संभावना लगभग शून्य हो जाती है। यही कारण है कि यह तकनीक विश्व के प्रमुख अस्पतालों में अपनाई जाती है।
शामली में फेयरवेल पार्टी को यादगार बनाने की होड़ में स्कूली छात्र-छात्राओं ने कानून और यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा दीं। कैराना रोड और पानीपत–खटीमा नेशनल हाईवे पर छात्रों ने लग्जरी गाड़ियां किराए पर लेकर जमकर स्टंटबाजी की। जिससे यातायात बाधित हुआ और आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्र चलती गाड़ियों से बाहर निकलकर स्टंट कर रहे हैं। जबकि कुछ छात्र-छात्राएं बीच हाईवे पर गाड़ियों को रोककर डांस करते नजर आ रहे हैं। इस हुड़दंग में स्कूली छात्राओं की भी सक्रिय भागीदारी दिखी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ समय के लिए फ्लाईओवर पर भी इन छात्रों का कब्जा रहा। जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। बताया जा रहा है कि यह मामला शामली के निजी स्कूलों के 12वीं कक्षा तक के उन छात्र-छात्राओं से जुड़ा है, जिनकी इन दिनों फेयरवेल पार्टी चल रही हैं। छात्रों ने कथित तौर पर अवैध रूप से लग्जरी वाहन किराए पर लिए थे। पूरे घटनाक्रम के फोटो और वीडियो खुद छात्रों ने ही बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिए। वीडियो सामने आने के बाद शामली कोतवाली पुलिस और यातायात पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए गाड़ियों के नंबर खंगाले जा रहे हैं। साथ ही इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से छात्रों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद संबंधित छात्रों और वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इतनी बड़ी संख्या में लग्जरी गाड़ियां छात्रों को आखिर कहां से मिलीं और हाईवे पर इतना बड़ा हुड़दंग पुलिस की नजर से कैसे बच गया। यह घटना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। खासकर तब जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी महीने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, वीडियो के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
उन्नाव के नवाबगंज में स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश (सीयू यूपी) में “यंग रिसर्चर्स सिम्पोज़ियम ऑन डेटा साइंस फॉर साइंस” का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम भारत सरकार के इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आधिकारिक प्री-समिट इवेंट रहा। कार्यक्रम में देश-विदेश के वैज्ञानिक, डेटा साइंटिस्ट, अकादमिक विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में युवा शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सिम्पोज़ियम का उद्देश्य युवाओं को डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च से जोड़ना था। कार्यक्रम के माध्यम से जीनोमिक्स, क्लाइमेट मॉडलिंग, फॉरेंसिक इंटेलिजेंस, मटीरियल साइंस और हेल्थ साइंसेज़ जैसे क्षेत्रों में डेटा-ड्रिवन रिसर्च को नई गति दी गई। छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक शोध पद्धतियों से परिचित कराया गया। प्री-सिम्पोज़ियम वर्कशॉप में मिली दिशाकार्यक्रम की शुरुआत प्री-सिम्पोज़ियम वर्कशॉप से हुई। अशोका यूनिवर्सिटी के फैकल्टी फेलो डॉ. प्रत्युष प्रणव ने डेटा साइंस तकनीकों से वैज्ञानिक शोध को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर प्रकाश डाला। वहीं, टीसीएस एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सीनियर एआई कंसल्टेंट अभिषेक सक्सेना ने एआई को “साइंटिफिक डिस्कवरी के लिए नया माइक्रोस्कोप” बताते हुए छात्रों को मार्गदर्शन दिया। एक्सपर्ट पैनल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ“फ्यूचर डायरेक्शंस: डेटा साइंस एज द इंजन ऑफ साइंटिफिक डिस्कवरी” विषय पर पैनल डिस्कशन का संचालन सीयू यूपी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी. सिंह ने किया। पैनल में जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी (अमेरिका) के प्रो. डॉ. नरसिरेड्डी अनुगु, आईआईटी लखनऊ के प्रो. डॉ. दीपक कुमार सिंह, यूके रिसर्च एंड इनोवेशन के डॉ. अजय रावत और मैवेनिर सिस्टम्स, बेंगलुरु के डॉ. आदित्य राज शामिल रहे। डेटा साइंस से नई दिशाविशेषज्ञों ने कहा कि आज डेटा साइंस वैज्ञानिक शोध की रीढ़ बन चुकी है और यह लगभग हर विज्ञान शाखा को नई दिशा दे रही है। सिम्पोज़ियम में देशभर के स्नातक, परास्नातक और शोधार्थियों ने एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और सिमुलेशन मॉडलिंग पर आधारित अपने शोध प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. थिपेंद्र पी. सिंह ने कहा कि एआई और डेटा साइंस से यंग रिसर्चर्स को जोड़ना भविष्य की वैज्ञानिक चुनौतियों से निपटने के लिए बेहद जरूरी है।
ब्रिटेन के लंदन स्थित ब्रिटिश संसद में उत्तर प्रदेश कम्युनिटी एसोसिएशन (यूपीसीए) यूके ने उत्तर प्रदेश दिवस का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में संस्था के संस्थापक और अध्यक्ष मधुरेश मिश्रा ने कहा कि संस्था एक बड़े परिवार की तरह संस्कृति,संस्कार और सेवा को प्राथमिकता देते हुए कर्मभूमि व जन्मभूमि की सेवा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजन को संबोधित कर शुभकामनाएं दी। सा ही रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी, मोबाइल उद्योग, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर व विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दोहराया। डिप्टी सीएम ने यूपी में अवसरों के बारे में बताया उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था और नए अवसरों के विकास पर प्रकाश डाला। एनजीओ अभियान से अमरजीत मिश्रा ने वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजन को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्थापना का 76 वां अमृत काल है। इस अवसर पर प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों से मातृभूमि की सेवा का आह्वान किया। कार्यक्रम में सांसद, पूर्व सांसद, लॉर्ड, यूपी मूल के प्रवासी, काउंसलर तथा समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। ब्रिटिश सांसद ने सांस्कृतिक योगदान की प्रशंसा की ब्रिटिश सांसद नवेंदु मिश्रा ने यूपी निवासियों के राजनीतिक व सांस्कृतिक योगदान की प्रशंसा की। दीपक चौधरी ने उत्तर प्रदेश की संस्कृति, दर्शन, कला और भाषा के योगदान की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। लॉर्ड पोपट ने उत्तर प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं देते हुए यूपी यात्रा के आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। पूर्व सांसद वीरेंद्र शर्मा ने ब्रिटेन में प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक योगदान को अतुलनीय बताते हुए प्रदेश में हुए तीव्र विकास की सराहना की। लार्ड पोपट ने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए हाई कमीशन ऑफ इंडिया के सांस्कृतिक समन्वय मंत्री दीपक चौधरी दीपक चौधरी ने उत्तर प्रदेश की संस्कृति, दर्शन, कला और भाषा के योगदान की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। लॉर्ड पोपट ने उत्तर प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं देते हुए यूपी यात्रा के आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। प्रसिद्ध उद्यमी और लंदन के पूर्व मेयर राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रवासी उत्तर प्रदेश वासियों के इतिहास व भविष्य के प्रति तत्परता की प्रशंसा की। राज मिश्रा ने भारत और उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि यूपी में मिली शिक्षा और संस्कारों ने उन्हें विदेश में सफल बनाया। मौके पर गैरेथ टॉमस, सोजन जोसेफ,वेलिंगबरो के मेयर राज मिश्रा भी मौजूद रहे। यूपी के पर्यटन कारीडोर के बारे में बताया यूपीसीए के महासचि अश्वनी श्रीवास्तव ने मंच संचालन किया। वैशाली नागपाल जी ने उत्तर प्रदेश में हो रहे तीव्र विकास और पर्यटन कॉरिडोर पर प्रकाश डाला। रायन ने अपनी उत्तर प्रदेश यात्रा के अनुभव को साझा किया। निष्ठा द्विवेदी और बानी ने गायन व शिव वंदन प्रस्तुत किया। अयांश, स्पर्श, लवी, टिया, रिया, शिवांश, शनाया, आर्या, अनय व मिशिका ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कविता पाठ से सभी को मंत्रमुग्ध किया। सभी बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रशंसा पत्र दिए गए। कार्यक्रम के अंत में संतोष पांडेय ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस सफल आयोजन को यूपीसीए के वीरेंद्र मिश्रा, अरुण चौबे, राजेश विश्वकर्मा, वैशाली नागपाल, पियूषिता, राजीव गुप्ता, निष्ठा द्विवेदी, मनोज मिश्रा, आशीष मिश्रा, सुभाष बरनवाल, रोहिन ग्रोवर, पंकज मिश्रा और इंद्रेश मिश्रा भी मौजूद रहे।
ब्राह्मण समाज ने UGC के नए नियमों पर जताई आपत्ति:पीएम से बिल वापस लेने की मांग
आगर मालवा। ब्राह्मण समाज नलखेड़ा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए भेदभाव विरोधी नियमों पर आपत्ति दर्ज कराई है। समाज की ओर से प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन वर्तमान नियम 'समानता के अधिकार' की मूल भावना के विपरीत प्रतीत होते हैं। समाज ने आरोप लगाया कि नए नियमों में अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के संरक्षण की बात तो है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले संभावित भेदभाव या उत्पीड़न को नजरअंदाज किया गया है। ब्राह्मण समाज ने आशंका व्यक्त की कि संस्थान प्रमुखों पर सीधी जिम्मेदारी डालने से वे कानूनी कार्रवाई के डर में योग्यता के बजाय दबाव में निर्णय ले सकते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ज्ञापन में यह भी आशंका जताई गई कि कड़े प्रावधानों का दुरुपयोग कर सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों और निष्पक्ष अधिकारियों को डराने या झूठे मामलों में फंसाने की स्थिति बन सकती है। समाज ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के समक्ष सभी समान हैं। इसलिए, ऐसे नियमों की आवश्यकता है जो जातिगत आधार के बिना सभी वर्गों को समान सुरक्षा प्रदान करें। ब्राह्मण समाज नलखेड़ा ने मांग की है कि UGC के इन नियमों पर पुनर्विचार किया जाए और सामान्य वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रावधान जोड़े जाएं। साथ ही कहा गया कि यदि नियम एकतरफा और भेदभावपूर्ण बने रहते हैं, तो इन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। समाज ने इस ज्ञापन को प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचाने की मांग की है।
डूंगरपुर शहर के कलेक्ट्रेट मार्ग पर गुरुवार को एक मानसिक विमंदित युवक ने उत्पात मचाया। युवक ने पत्थरबाजी कर पांच कारों के शीशे तोड़ दिए। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। युवक सड़क पर पत्थर लेकर चल रहा था और अचानक उसने गुजर रही तथा सड़क किनारे खड़ी कारों पर पथराव शुरू कर दिया। इस तोड़फोड़ में कुल पांच कारों के कांच क्षतिग्रस्त हुए। क्षतिग्रस्त वाहनों में से तीन कारें वकीलों की बताई जा रही हैं। अचानक हुई इस पत्थरबाजी से सड़क पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने शोर मचाते हुए युवक का पीछा किया और उसे जिला जेल के सामने घेराबंदी कर पकड़ लिया। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस युवक को थाने ले गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
भीलवाड़ा में आज गौरक्षा अभियान के लिए वाहन व्यवस्था हेतु हरिशेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन द्वारा 10,43,800 रुपए का चेक जयपुर से आए श्री दादू दयाल संस्था के सचिव भानु प्रताप को सौंपा गया। यह चेक हरिशेवा धर्मशाला की ओर से प्रदान किया गया। 30 दिसंबर 2025 को महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के जन्मोत्सव के अवसर पर आश्रम में आयोजित महंत स्वामी प्रकाश दास महाराज की अध्यक्षता में हुए गौसम्मान आह्वान अभियान सम्मेलन में इसकी घोषणा की गई। ड्राइवर और फ्यूल के लिए 5 लाख का चेक इस अवसर पर स्वामी हंसराम महाराज ने भारतवर्ष में गौरक्षा अभियान को सशक्त करने हेतु एक वाहन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि यह वाहन गौसेवा,गौरक्षा एवं इसी के प्रचार-प्रसार कार्यों में उपयोग किया जाएगा,जिससे देशभर में अभियान को नई गति मिलेगी।इसके साथ ही ड्राइवर एवं वाहन संचालन (तेल आदि) के लिए अलग से 5 लाख का चेक भी शीघ्र प्रदान किया जाएगा, जिससे अभियान निरंतर और सुचारु रूप से चलता रहे। इनकी रही मौजूदगी इस अवसर पर आश्रम के संत मयाराम, संत गोविन्दराम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ, मिहिर, सचिव हेमंत वच्छानी, हीरालाल गुरनानी, पुरुषोत्तम परियानी, हेमनदास भोजवानी, सनातन सेवा समिति के सुरेश गोयल,रमेश मूंदड़ा,सुनील जागटिया,बाबूलाल टाक, गजेंद्र सिंह राठौड़, दिनेश सुथार सहित अनेक भक्त उपस्थित थे।
राष्ट्रीय कथावाचक सरस्वती देवी दमोह पहुंचीं:विराट हिंदू सम्मेलन में हिंदुओं को जगाने पर जोर
दमोह के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान परिसर में गुरुवार दोपहर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय कथावाचक साध्वी सरस्वती देवी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं। मध्य प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, दमोह विधायक जयंत मलैया और कई अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस आयोजन में उपस्थित थीं। कथावाचक सरस्वती देवी ने विराट हिंदू सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है और इसी के तहत ये हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों का मुख्य लक्ष्य हिंदुओं को जागृत करना और उन्हें राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों से अवगत कराना है। यूजीसी के मुद्दे पर साध्वी सरस्वती देवी ने कहा कि हिंदुओं को आपस में बंटना नहीं चाहिए, हालांकि कुछ लोग उन्हें बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि निर्णय, सरकार या जनता गलत हो सकती है, लेकिन सही समय पर सभी चीजों में सुधार आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के हित में यह कानून बना है, उन्हें भी आगे आना चाहिए। उन्होंने स्वर्ण या अन्य जातियों में बंटने के बजाय सभी को सनातनी के रूप में एकजुट रहने का आह्वान किया। दमोह पहुंचकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने यहां के लोगों और बुंदेली भाषा की सराहना की। हिन्दू बहनों को बांटेंगी कटार साध्वी सरस्वती देवी ने बताया कि आने वाले समय में उनके द्वारा 1100 हिंदू बहनों को कटार वितरित करने का एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कटार वितरण हिंदू बहनों को उनके कर्तव्यों की रक्षा के लिए किया जाएगा।
राजगढ़ में आगामी बोर्ड परीक्षाओं को नकल-मुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन, हेडफोन और इलेक्ट्रॉनिक पेन जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर उड़नदस्ता दल तैनात किए गए हैं। प्रत्येक कक्ष और परिसर में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले परीक्षार्थियों के खिलाफ मौके पर ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित परीक्षार्थी की होगी। सोशल मीडिया पर साइबर सेल का पहरा प्रशासन की कड़ी नजर नकल के डिजिटल माध्यमों पर भी रहेगी। प्रश्नपत्र, उत्तर या भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों को चिन्हित करने के लिए साइबर सेल को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अफवाहों पर ध्यान न दें छात्र जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और ईमानदारी से परीक्षा देकर अपना भविष्य सुरक्षित करें।
निवाड़ी जिले में सड़क सुरक्षा माह के तहत एएसपी ज्योति ठाकुर रेडियो स्टेशन के माध्यम से आम जनता और स्कूलों में जाकर बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। रेडियो से घर-घर पहुंचा सुरक्षा का संदेश एएसपी ज्योति ठाकुर और यातायात प्रभारी सूबेदार नीरज शर्मा बुंदेलखंड रेडियो स्टेशन पहुंचे। यहां रेडियो प्रसारण के जरिए उन्होंने ग्रामीण और शहरी श्रोताओं को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। एएसपी ने लोगों से 'राहवीर योजना' का लाभ उठाने और सुरक्षित सड़क व्यवहार अपनाने की अपील की। वहीं, सूबेदार नीरज शर्मा ने हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता पर जोर देते हुए लोगों से पुलिस का सहयोग करने को कहा। स्कूली बच्चों को बनाया सुरक्षा दूत अभियान के तहत पुलिस टीम ने जिले के विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से संवाद किया। टेहरका थाना प्रभारी गौरव राजौरिया और सिमरा थाना प्रभारी ने सरकारी स्कूलों में करीब 200 बच्चों को यातायात संकेतों की जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि सड़क पार करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी क्या भूमिका है। वहीं, नाराइनाका चौकी प्रभारी टिंकल यादव ने ग्राम सीतापुर में बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाया। कानूनी मजबूरी नहीं, जीवन का संकल्प है नियम निवाड़ी पुलिस का यह अभियान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निरंतर जारी है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि यातायात नियमों का पालन करना केवल चालान से बचने का जरिया नहीं है, बल्कि यह खुद की और दूसरों की जान बचाने का एक संकल्प है।
सीतापुर में बस की टक्कर से युवक की मौत:शव के अगं सड़कों पर बिखरे, वाहन चालक मौके से फरार
सीतापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर अटरिया नीलगांव कट के पास गुरुवार शाम एक बस ने पैदल जा रहे युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बस्ती जनपद के जगदीशपुर निवासी रोहित के रूप में हुई है। रोहित अटरिया रेलवे फाटक संख्या 29 पर गैंगमैन के पद पर कार्यरत अपने बाबा के यहां आया हुआ था। गुरुवार शाम लगभग 4:30 बजे वह राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर लखनऊ से सीतापुर जाने वाली लेन के किनारे पैदल चल रहा था। तभी पीछे से आ रही बसने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में तहरीर प्राप्त हुई है और मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस फरार बस चालक की तलाश कर रही है।
भोपाल के 15 से अधिक इलाकों में शुक्रवार को 4 से 7 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें अमरावत, सेमरी, बीडीए कॉलोनी, इनायतपुर, इमलिया समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
बैतूल जिले से हृदय रोग से ग्रसित 11 बच्चों को उन्नत उपचार के लिए अहमदाबाद भेजा गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत इन बच्चों का इलाज सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल में निःशुल्क किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने जिला चिकित्सालय से एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. हुरमाडे ने बताया कि यह पहल कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में की गई है। 14 जनवरी को भोपाल के जेपी अस्पताल में आरबीएसके के तहत एक विशेष हृदय रोग जांच शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में बैतूल जिले के विभिन्न विकासखंडों से कुल 75 बच्चों की जांच की गई। जांच के दौरान 34 बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि हुई। इनमें से प्राथमिकता के आधार पर 11 बच्चों को अहमदाबाद में उपचार के लिए चयनित किया गया है। गुरुवार को इन बच्चों को बैतूल जिला चिकित्सालय के डीआईसी से एंबुलेंस द्वारा रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल के लिए रवाना किया गया। भोपाल से सभी बच्चे अपने परिजनों के साथ ट्रेन से अहमदाबाद पहुंचेंगे। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. हुरमाडे ने बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने इलाज की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और परिजनों को आश्वस्त किया कि बच्चों का उपचार अनुभवी डॉक्टरों द्वारा किया जाएगा। उन्होंने सभी बच्चों के जल्द स्वस्थ होकर बैतूल लौटने की कामना भी की।
झांसी में पत्नी से विवाद होने के बाद एक युवक ने सुसाइड करने की कोशिश की। वह रेलवे पटरी पर लेटा था, तभी ट्रेकमैन की नजर पड़ गई। उसने उठाने की कोशिश की, मगर युवक नहीं माना। बोला- पत्नी ने मेरे पैसे छुड़ा लिए। इसलिए अब मुझे मरना है। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले गई। वह शराब के नशे में घुत था। समझाकर पुलिस ने युवक को परिजनों के हवाले कर दिया। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के फिल्टर चौराहा के पास कानपुर रेलवे लाइन का है। घटना का एक वीडिया वायरल हो रहा है। पति-पत्नी करते हैं मजदूरी पुलिस के अनुसार, बरुआसागर निवासी प्रमोद कुमार मजदूरी करता है। वह कुछ दिनों से अपनी पत्नी के साथ ग्वालियर रोड पर मजदूरी कर रहा था। गुरुवार को प्रमोद शराब पीकर घर पहुंचा। जहां पर उसका अपनी पत्नी से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि प्रमोद फिल्टर चौराहा पर कानपुर रेलवे लाइन पर सुसाइड करने पहुंच गया। वह पटरी पर लेटा था। तभी ट्रेकमैन की नजर पड़ गई। उसने युवक को घर जाने के लिए कहा, लेकिन वो नहीं माना। तब ट्रेकमैन ने पुलिस को सूचना दी। इस पर पीआरवी और सीपरी बाजार पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस समझा बुझाकर प्रमोद को थाने ले गई। 45 सेकेंड का वीडियो वायरल घटना का 45 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह कह रहा है कि पत्नी ने पैसे छुड़ा लिए। वो पैसे मायके ले जाती है। उसकी जमीन भी बिकवा दी। इसलिए अब मुझे मरना है। लोग कह रहे हैं कि घर पर जाओ तो युवक बोला मुझे यहीं पर मरना है। ग्वालियर रोड चौकी इंचार्ज दिलीप पांडेय ने बताया कि प्रमोद रोजाना शराब पीता है। पत्नी मना करती है। इस बात को लेकर झगड़ा होता है। वह सुसाइड करने पहुंचा था। समझाकर प्रमोद को घरवालों के हवाले कर दिया। उसके एक बेटा और एक बेटी है।
गोंडा के बाहुबलि नेता और WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई में साफ किया कि मामला ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगा। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल निचली अदालत की सुनवाई पर कोई रोक नहीं है। बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि ट्रायल कोर्ट में उनके खिलाफ दर्ज FIR और आरोपों पर सुनवाई रोकी जाए। लेकिन जज स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने इस याचिका की सुनवाई टाल दी और अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय की है। सुनवाई टालने की मांग वकील ने मुख्य वकील की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए की। कोर्ट ने वकील से नाराजगी जताई पीठ ने कहा- “आप अब तक बहस क्यों नहीं कर रहे हैं? आपने यह याचिका दाखिल की है, लेकिन इसे अब तक एक बार भी बहस के लिए पेश नहीं किया गया।” बृजभूषण के वकील ने आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई पर वे अपने सीनियर वकील को कोर्ट में खड़ा करके बहस करेंगे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगली सुनवाई पर बहस नहीं हुई तो याचिका खारिज की जा सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा- “यह स्पष्ट किया जाता है कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है।” बृजभूषण का दावा- झूठे आरोप लगाए गए बृजभूषण शरण सिंह ने 2024 में हाईकोर्ट में कहा था कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच पक्षपातपूर्ण थी और केवल पीड़िताओं के बयान को महत्व दिया गया, जबकि आरोपों की सच्चाई की जांच नहीं की गई। SC के आदेश पर दर्ज हुई थी FIR मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 21 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और महिलाओं की मर्यादा भंग करने के आरोप तय किए थे। सह-आरोपी और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आपराधिक धमकी का आरोप तय हुआ था। 6 पहलवानों ने आरोप लगाया था पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 18 जनवरी 2023 को इंटरनेशनल स्तर की 6 बालिग पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। महिला पहलवानों की ओर से केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इस मामले में सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई न होने पर महिला-पुरुष पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छह महीने से भी अधिक समय तक धरना दिया था। नाबालिग पहलवान से यौन शोषण मामले में बरी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 26 मई 2025 को बृजभूषण शरण सिंह को नाबालिग पहलवान से यौन शोषण मामले में बरी कर, केस क्लोज कर दिया है। इस केस में नाबालिग अपने बयान से पलट गई थी। जिसके बाद कोर्ट ने ये निर्णय लिया। यौन शोषण का मामला क्लोज होने के बाद बृजभूषण के करीबियों ने गोंडा में जश्न बनाया था। नाबालिग ने 1 अगस्त, 2023 को बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान कहा था कि उसने किसी राजनीतिक या भावनात्मक दबाव में आकर ये आरोप लगाए थे। ऐसी कोई घटना नहीं घटी थी। जिसमें वह खुद को पीड़िता मानती हो। इस बयान के बाद कोर्ट ने इसे 'गंभीर परिवर्तनीय साक्ष्य' माना था। बृजभूषण ने कहा था- मामले में सच्चाई नहीं कोर्ट के निर्णय पर दैनिक भास्कर ने पूर्व सांसद बृजभूषण से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने कहा था- यह बजरंगबली और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद है कि मुझे इस मामले में पहली बड़ी जीत मिली है। कथित पहलवानों के भड़कने से नाबालिग पहलवान ने मेरे ऊपर आरोप लगाया था। लेकिन जब उसको सच्चाई पता चली, तो उसने सही बयान दिया था। जिसके आधार पर कोर्ट ने उस मुकदमे को खत्म कर दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में मामलायह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा और पहलवानों के लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन का कारण बना। फिलहाल ट्रायल कोर्ट में सुनवाई जारी है और हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई राहत नहीं मिलने पर भी कार्यवाही नियमित रूप से चलती रहेगी। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- UGC के नए नियमों पर रोक, काशी में उड़े रंग-गुलाल:भीम आर्मी ने बरेली में मुर्दाबाद के नारे लगाए; कहा- यही नियम लागू हों UGC के नए नियम लागू किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। बीएचयू के छात्र डॉ. मृत्युंजय तिवारी की याचिका पर CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। कोर्ट का आदेश आते ही 3 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन जश्न में बदल गया। पढ़ें पूरी खबर…
सिरोही के नागेश्वर बस्ती में सकल हिंदू समाज द्वारा 1 फरवरी को एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। राधिका कॉलोनी में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। हाल ही एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया गया। सम्मेलन के लिए घर-घर जाकर पीले चावल के पत्रक के साथ आमंत्रण दिए जा रहे हैं। यह आयोजन संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समग्र हिंदू समाज में जन जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य सनातन संस्कृति, उसकी गौरवशाली परंपराओं और नैतिक मूल्यों से लोगों को जोड़ना है। देवनगरी सिरोही के नागेश्वर बस्ती, जिसमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी, राधिका प्रथम व द्वितीय, शंकरपुरी कॉलोनी, रूपाली नगर, बजरंग नगर, आदर्श नगर, राज कॉलोनी, तुलसी नगर, नेहरू नगर, क्षेत्रपाल नगर सहित आसपास के क्षेत्र के परिवारों द्वारा यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और सद्भावना को बढ़ावा देना है। तैयारियों के तहत सम्मेलन स्थल की साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। सम्मेलन में जोधपुर प्रांत महाविद्यालय विद्यार्थी कार्य प्रमुख हरिकिशन काकड़ और पाडीव आश्रम के संत मंगलपुरी महाराज सहित कई विद्वानों और संतों का सानिध्य प्राप्त होगा। सम्मेलन के प्रचार-प्रसार के लिए 30 जनवरी को दोपहर तीन बजे नागेश्वर बस्ती के मुख्य मार्गों से एक दुपहिया वाहन रैली निकाली जाएगी। यह रैली हनुमानजी मंदिर से शुरू होगी। वहीं, 1 फरवरी को दोपहर 3 बजे नागेश्वर मंदिर से हनुमानजी मंदिर तक महिलाओं की एक विशाल कलश यात्रा भी निकाली जाएगी। कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारियांसम्मेलन की सफलता और अधिकाधिक हिंदू समाज की जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के साथ टोलिया बनाकर कर काम शुरू किया गया है। इसी प्रकार प्रचार प्रसार, अतिथि व संत स्वागत, भोजन प्रसादी, मंच साज सज्जा, रंगोली, टेंट डेकोरेशन, साउंड, सांस्कृतिक प्रोग्राम झांकी, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल व्यवस्था सहित आवश्यक कार्यों के लिए बैठक में सर्वसम्मति से अलग-अलग टोली का गठन किया गया।
जोधपुर की MBM यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट के साथ बाहर के छात्रों ने मारपीट कर डाली। इसी बात को लेकर स्टूडेंट नाराज हो गए और उन्होंने यूनिवर्सिटी के अंदर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मैन गेट पर ताला लगा दिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी में आए कई स्टूडेंट्स भी अन्दर फंसे रह गए। करीब घंटे भर तक चले प्रदर्शन के बाद रातानाडा थाना अधिकारी दिनेश लखावत भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेट का ताला खुलवाकर स्टूडेंट से बात की। उन्हें समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इस दौरान छात्र कुलपति को बुलाने की मांग पर अड़ गए। छात्रों का कहना था कि यूनिवर्सिटी में बाहर के छात्र आकर आए दिन गुंडागर्दी करते हैं। यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट के पास आईडी कार्ड भी नहीं है। जिससे यह पहचान करना मुश्किल होता है कि कौन सा छात्र बाहर का है और कौन सा छात्र यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। इसी बात को लेकर यूनिवर्सिटी के प्रशासन को बताया गया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में 2 साल बाद फेस्टिवल का आयोजन किया जाना है, लेकिन इसके बावजूद बाहर के छात्रों का प्रवेश नहीं रोका गया है। हमें सुरक्षा की गारंटी भी नहीं मिल रही है। इस बात को लेकर कुलपति से मिलने के लिए 3 घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वह नहीं मिले। ऐसे में आक्रोशित होकर उन्होंने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया हालांकि बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंचे और उनसे समझाइश के प्रयास शुरू किए। बता दें कि बीते दिनों यूनिवर्सिटी केंपस परिसर में ही खेल मैदान में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट और बाहर के छात्रों के बीच विवाद हो गया था। इसके चलते मारपीट हो गई थी। इस मामले को लेकर थाने में रिपोर्ट भी दी गई थी। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के ठोस कदम नहीं उठाए गए।
नीमच स्टेशन पर मौत को मात:हल्दीघाटी एक्सप्रेस के सामने कूदे बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया
नीमच रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर एक बुजुर्ग को ट्रेन के सामने कूदने से बचा लिया गया। जीआरपी और आरपीएफ जवानों की मुस्तैदी तथा लोको पायलट की सूझबूझ से 55 वर्षीय राजेश पाटिल की जान बची। यह घटना प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हल्दीघाटी एक्सप्रेस के स्टेशन में प्रवेश करते समय हुई। जमुनिया कला निवासी राजेश पाटिल (55) मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या करने के इरादे से स्टेशन पहुंचे थे। सुबह करीब 11:45 बजे जैसे ही हल्दीघाटी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आ रही थी, उन्होंने अचानक ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजेश का हाथ पकड़कर उन्हें पटरी से खींच लिया। इसी दौरान लोको पायलट ने भी आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई। जीआरपी पुलिस ने राजेश को तुरंत थाने पहुंचाया, जहां उनके पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में राजेश ने अपनी मानसिक प्रताड़ना और परेशानियों का जिक्र किया है। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ पहुंचे और बुजुर्ग के परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर प्रताड़ना के कारणों की जांच कर रही है। राजेश की काउंसलिंग भी की जा रही है।
600 छात्र-छात्राओं ने निकाली स्वच्छता रैली:सीवरेज रखरखाव और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
डीडवाना में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की ओर से स्वच्छता और सीवरेज रखरखाव पर एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और आमजन को पर्यावरण संरक्षण तथा आधुनिक सीवरेज प्रणाली के महत्व के प्रति जागरूक किया। यह रैली आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता नेमीचंद पंवार के निर्देशन और अधिशासी अभियंता राजकुमार मीना के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम में सहायक अभियंता रामेश्वर जाट का विशेष सहयोग रहा। स्कूल के चेयरमैन एम.आर. पलसानिया ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर हर नारायण व्यास मार्ग, गाड़ावास, किसान छात्रावास, लाडनूं रोड और परमानंद कॉलोनी सहित प्रमुख मार्गों से गुजरी। छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सीवरेज प्रणाली को अपनाना है, गंदगी को दूर भगाना है और स्वच्छ रहे डीडवाना शहर हमारा जैसे नारों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। स्कूल की प्रिंसिपल उमा राय बोदक ने छात्राओं और नागरिकों को सीवरेज प्रणाली के तकनीकी लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू अपशिष्ट जल को सीवर लाइन के माध्यम से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाएगा, जहां जल को शुद्ध कर कृषि कार्यों में पुनः उपयोग किया जाएगा। इससे गंदगी कम होगी और जल पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान कैप सविता शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाने और शौचालयों के उपयोग की शपथ दिलाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली का आधार है। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में नोपा राम, इमरान, विकास, मेगा राम, वार्ड पार्षद गोपाल राम और एल एंड टी के एसओटी किशन सिंह का विशेष सहयोग रहा।
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) की कैश ब्रांच में 13.30 लाख रुपये की लूट करने वाला चंडीगढ़ पुलिस का मुलाजिम नहीं, बल्कि CTU का सब इंस्पेक्टर निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान वेद के रूप में हुई है। आरोपी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में CTU में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी CTU की कैश ब्रांच के हर कोने को जानता था और उसे पता था कि वहां किस समय कौन-कौन मौजूद रहता है। इसी के चलते आरोपी ने मौका देखकर पुलिस की वर्दी पहनी और वारदात को अंजाम दे दिया। लूट की वारदात के बाद पुलिस ने CTU की CCTV और उसके आसपास की फुटेज चेक की, जिससे पुलिस को आरोपी के चलने के तरीके, उसकी लंबाई और कई अहम सबूत हाथ लगे। इसके बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची। जब पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो पहले आरोपी पुलिस को मना करता रहा कि उसने इस लूट को अंजाम नहीं दिया है, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सबसे पहले जानिए वीडियो में क्या दिख रहा सेक्टर-17 स्थित चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की कैश ब्रांच में लूट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में शख्स लूट को अंजाम देकर जाता हुआ नजर आ रहा है। लुटेरे ने हाथ में लाल रंग की डायरी ली हुई है और वर्दी पहनकर पूरा वेश पुलिसकर्मी का बनाया हुआ है। अब जानिए कैसे लूट को अंजाम दिया... लुटेरा बोला- मैं पुलिस से हूं, यहां गलत गतिविधियां हो रहीःं वारदात मंगलवार तड़के 4 बजे के करीब हुई। लुटेरे ने गार्ड को डराते हुए कहा कि उसे रात में यहां गलत गतिविधियों की शिकायत मिली है और सीनियर अफसर भी आ रहे हैं। उसने कहा कि मैं चंडीगढ़ पुलिस में हूं और सरप्राइज चेकिंग को आया हूं। गार्ड से चाबी लेकर उसे बंद कियाः आरोपी ने सीटीयू के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी लिए। इसके बाद उसने लॉकर की चाबी और गार्ड का मोबाइल ले लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। जिसके बाद लॉकर से करीब 13.30 लाख रुपए नकद लेकर 15 मिनट में ही फरार हो गया। कंडक्टर सुशीला ने कमरा खोलाः करीब सवा 4 बजे ड्यूटी पर आई कंडक्टर सुशीला ने गार्ड के चिल्लाने की आवाज सुनी। उसने कमरे की कुंडी खोली, जिसके बाद गार्ड ने पूरी घटना बताई। कैश चेक करने पर रकम गायब मिली। 3-4 दिन का कैश कलेक्शन थाः इसके बाद घटना की जानकारी सीनियर अधिकारियों को दी गई। बताया जा रहा है कि यह रकम तीन-चार दिन की कैश कलेक्शन थी, जो छुट्टियों के कारण बैंक में जमा नहीं हो सकी थी। पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लियाः सीटीयू की ओर से देर शाम सेक्टर-17 थाना पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने मामले में शक के चलते ब्रांच में सिक्योरिटी गार्ड गौरव को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गार्ड की कहानी संदेह के घेरे में है। लुटेरे को थी अंदर की जानकारी जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को सीटीयू की कैश ब्रांच की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी थी। उसे पहले से पता था कि छुट्टियों की वजह से कई दिनों का कैश ब्रांच में जमा रहता है। इतना ही नहीं, आरोपी को यह भी मालूम था कि रात के समय कैश ब्रांच में केवल एक ही सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है। वारदात के दौरान उसने सीटीयू के अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी लिए, जिससे पुलिस को शक है कि उसे अंदरूनी सूचनाएं पहले से मिली हुई थीं। इसी वजह से पूरा मामला और ज्यादा संदिग्ध नजर आ रहा है।
खरगोन पुलिस ने सेंधवा के दो तस्कर पकड़े:आगरा-मुंबई हाईवे पर टेम्पो से 3 गोवंश बरामद, वाहन जब्त
खरगोन पुलिस ने सेंधवा के दो गोवंश तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर आगरा-मुंबई हाईवे पर खलटांका पुलिस चौकी के सामने वाहनों की चेकिंग के दौरान की गई। पुलिस ने एक टेम्पो से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे तीन गोवंश को मुक्त कराया और टेम्पो जब्त कर आरोपियों को जेल भेज दिया। गोवंश परिवहन की सूचना मिलने पर बलकवाड़ा थाना प्रभारी सागर चौहान के निर्देश पर चौकी प्रभारी मिथुन चौहान की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर चेकिंग पॉइंट लगाया। कुछ देर बाद धार जिले के खलघाट की ओर से आ रहे सफेद सुपर कैरी टेम्पो (क्रमांक MP13 ZT 7972) को घेराबंदी कर रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे तीन गोवंश पाए गए, जिन्हें छुड़ाया गया। आरोपियों की पहचान सेंधवा की ईरानी कॉलोनी निवासी नानेश्वर पिता दानसिंह और निखिल पिता मगन के रूप में हुई है। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने लगभग 3 लाख रुपए मूल्य का टेम्पो जब्त कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
रीवा के मनगवां थाना क्षेत्र में 15 जनवरी से लापता युवती का शव शुक्रवार को गांव के पास बहने वाली सेंगरी नदी में तैरता हुआ मिला। मृतका की पहचान प्रीती तिवारी (20), निवासी तिवनी चौथियान टोला के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि प्रीती 15 जनवरी को घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद पिता चन्द्र प्रकाश तिवारी ने मनगवां थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस के सामने अनहोनी की आशंका भी जताई थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने युवती की तलाश में गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका नतीजा यह हुआ कि अब उसका शव नदी में मिला है। पीएम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह आत्महत्या है, हादसा है या कोई आपराधिक घटना। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है कि युवती नदी तक कैसे पहुंची। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भोपाल के हुजूर तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी के विरुद्ध उन्हीं की तहसील के पटवारी लामबंद हो गए हैं। गुरुवार को वे एसडीएम विनोद सोनकिया के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। कहा कि साहब वो अपमानित करते हैं। उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, तहसीलदार त्रिपाठी ने सारे आरोपों को गलत बताया। कहा कि प्रताड़ित या अपमानित जैसा कुछ नहीं है। सिर्फ कार्यालयीन कार्य के लिए कहा जाता है। प्रांतीय पटवारी संघ के बैनरतले यह ज्ञापन सौंपा गया। इसमें 9 बिंदुओं पर शिकायत की गई। जिसमें बताया कि तहसीलदार के कृत्य बहुत ही गंभीर और पटवारियों को प्रताड़ित करने वाले हैं। इसलिए उन्हें तहसीलदार से हटाया जाए। यदि कार्रवाई नहीं होती है तो जिले के साथ पूरे प्रदेश के पटवारी सड़क पर आंदोलन करने उतरेंगे। तहसीलदार पर ये आरोप लगाए वरिष्ठ अधिकारी भी मानीटरिंग करते हैंतहसीलदार त्रिपाठी ने बताया, पटवारियों से कोई गलत काम नहीं करवाया जा रहा। वरिष्ठ अधिकारी हमारे काम की भी मानीटरिंग करते हैं। वैसे ही मानीटरिंग हम भी करते हैं।
जबलपुर में गुरुवार सुबह को एक तेज रफ्तार कार खंभे से टकरा गई। यह वही स्थान है जहां पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कार जबलपुर से बारेला की तरफ जा रही थी। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि बिजली का खंभा टूटकर गिर गया। बताया जा रहा है कि कार का एयरबैग खुल जाने से कार चालक की जान बच गई है। घटना सुबह 5 बजे की है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी मिलने के बाद गोरा बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। बिजली का खंभा टूटने से इलाके में अंधेरा भी हो गया। कार का नंबर एमपी 20 जेडए 9922 है। दरअसल जबलपुर का बिलहरी-तिलहरी इलाका एक्सीडेंट पांइट बन चुका है, जहां पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। देखिए कार का खंभे से टकराने की तस्वीरें… इससे पहले भी हो चुका है हादसाबिलहरी क्षेत्र में 8 जनवरी को भी इसी तरह से हादसा हुआ था। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे स्थित दुकान में जा घुसी। घटना देर रात को हुई थी। एक्सीडेंट में जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद मौके पर डायल-112 पहुंची। कार चालक और दुकान मालिक के बीच आपसी समझौता होने के कारण कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर बायपास पर वर्मा ट्रेवल्स की बस डिवाइडर से टकराई भोपाल से महाराष्ट्र की ओर जा रही वर्मा ट्रेवल्स की एक बस बुधवार रात इंदौर बायपास पर हादसे का शिकार हो गई। घटना रात करीब 9 से 9.30 बजे के बीच लसूड़िया थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि एक अन्य वाहन को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई है। हादसे के दौरान एक लोडिंग वाहन भी बस की चपेट में आ गया, जिससे उसका चालक घायल हो गया।पूरी खबर पढ़ें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100 वर्ष की राष्ट्रसेवा यात्रा के उपलक्ष्य में विदिशा के रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन में एक जनगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य संघ के शताब्दी कालखंड में समाज, राष्ट्र और संस्कृति के क्षेत्र में दिए गए योगदान पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख दीपक बिस्पुते मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विभाग संघचालक सुरेश देव और जिला संघचालक खुमान सिंह रघुवंशी भी मंच पर मौजूद थे। अपने उद्बोधन में दीपक बिस्पुते ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी स्थापना के समय से ही राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरण और सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि संघ की 100 वर्ष की यात्रा समर्पण, अनुशासन और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से प्रेरित रही है। भोजन, भजन और भ्रमण पर जोरबिस्पुते ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ का कार्य केवल संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास है। उन्होंने स्व-आधारित जीवन मूल्यों जैसे भाषा, भूषा, भोजन, भजन, भवन और भ्रमण पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण केवल संस्थाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के संस्कार, कर्तव्यबोध और सामाजिक समरसता से संभव है। बिस्पुते ने एकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। मोहल्ला विकास में भूमिका निभाने का आह्वानदीपक बिस्पुते ने हिंदू समाज के उत्थान, जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकता की भावना विकसित करने और समाज में व्याप्त अव्यवस्थाओं के सुधार पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने नागरिकों से अपने गांव, शहर और मोहल्ले के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जीवन में अपनाने की अपील की। बिस्पुते ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया, साथ ही प्रबुद्धजनों से सेवा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारत की संस्कृति में सेवा, समर्पण, त्याग और तपस्या को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। बिस्पुते ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य में परमात्मा का अंश है, इसलिए समाज को हर व्यक्ति की चिंता करनी चाहिए। गोष्ठी में समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
डीडवाना में गजानंद बस्ती के तत्वावधान में आगामी 1 फरवरी को स्थानीय गणपति नगर स्थित सारस्वत वाटिका में एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन की तैयारियों के तहत दोजराज गणेश मंदिर में एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। समिति के प्रचार प्रमुख लोकेश अग्रवाल ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन सम्मेलन की सफलता और मंगल कामना के लिए किया गया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी रामावतार दाधीच ने भगवान गणेश की विधिवत महाआरती संपन्न कराई, जिसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। समिति के संयोजक रामावतार दाधीच ने सभी से सपरिवार सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। सह-संयोजक राजेंद्र दाधीच ने जानकारी दी कि शुक्रवार शाम को संतोषी माता मंदिर में देवी पूजन का आयोजन किया जाएगा। रमाकांत दीक्षित और अजय वर्मा ने बताया कि सम्मेलन के प्रचार-प्रसार के लिए रविवार को दोजराज गणेश मंदिर से एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम के दौरान गजानंद बस्ती के अनेक प्रबुद्धजन और श्रद्धालु मौजूद रहे।
बालाघाट में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट की जांच की। इस दौरान बालाघाट में दो होटलों में अत्यधिक गंदगी और अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें सील कर दिया गया। दो होटलों में मिली गंदगी-अनियमितताएं बैहर रोड स्थित होटल तौकीर बिरयानी और सिवनी बिरयानी एंड होटल की जांच में किचन में भारी गंदगी, खराब फर्श, गंदी दीवारें और चिपचिपे बर्तन मिले। इसके अलावा, बासी सब्जियां, गंदे फ्रिज और बिना स्वच्छता नियमों का पालन किए काम करने वाले कर्मचारी भी पाए गए। इन होटलों में खाद्य विभाग के आवश्यक दस्तावेज भी मौजूद नहीं थे। जांच टीम ने दोनों होटलों को किया सील इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने दोनों होटलों को सील कर दिया। होटल संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत प्रकरण तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। जांच के लिए भेजे गए सैंपल वहीं, जिले के तिरोड़ी स्थित सत्कार होटल और बीकानेर मिष्ठान में भी अस्वच्छता के साथ खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे। इन स्थानों से दही, पेड़ा, खोवा और बर्फी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। दोनों दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा टीम ने बालाघाट के गुजरी बाजार में संचालित अनाज दुकानों का भी निरीक्षण किया। यहां से विभिन्न प्रकार की दालों, चना, मटर और अन्य अनाजों के कुल 15 नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं।
आलीराजपुर जिले में किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती के प्रति जागरूक करने के लिए बाइक रैली निकाली गई। गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर से कलेक्टर नीतू माथुर ने हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव जाकर किसानों को नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। केमिकल छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर रैली को रवाना करते समय कलेक्टर माथुर ने कहा कि अब समय आ गया है जब किसानों को रसायनों का मोह छोड़कर प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि गोबर और नीम की खाद का उपयोग न केवल पर्यावरण और सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहती है। शासन की मंशा है कि ‘मिलेट्स मिशन’ और प्राकृतिक खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाई जाए। खाद की किल्लत से बचने और सही उपयोग की सलाह यह रैली किसानों को उर्वरक (खाद) वितरण की नई 'ई-टोकन' व्यवस्था के बारे में भी बताएगी, ताकि उन्हें लाइनों में न लगना पड़े। साथ ही, 'सॉइल हेल्थ कार्ड' (मिट्टी की जांच) के आधार पर जरूरत के अनुसार ही खाद डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। रैली के माध्यम से किसानों को दलहन (दालें) और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री धन-धन योजना का लाभ लेने की अपील की जा रही है। प्रशासनिक अमला रहा मौजूद जागरूकता के इस अभियान में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। रैली के दौरान एसडीएम तपीस पांडे, कृषि विभाग के उप संचालक सज्जन सिंह चौहान सहित राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। यह बाइक रैली जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों को खेती को लाभ का धंधा बनाने के गुर सिखाएगी।
राजस्थान में अब वन विभाग पुलिस के ट्रोल फ्री 100 नंबर की तर्ज पर एक ट्रोल फ्री नंबर शुरू करने जा रहा है। यह ट्रोल फ्री नंबर वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों में आने पर मददगार साबित होगा। दरअसल, रणथंभौर टाइगर रिजर्व से निकलकर जंगली जानवर पेरीफेरी वाले इलाकों में आ जाते हैं। जिसकी सूचना देने के लिए लोग परेशान होते रहते थे। अब ट्रोल फ्री नंबर स्थापित होने पर सवाई माधोपुर वासियों को इसका मिल सकेगा। वन मंत्री संजय शर्मा ने विधानसभा में दी जानकारी राजस्थान विधानसभा में आज वन्यजीवों के प्रश्न छाए रहे। राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल काल के दौरान वन मंत्री संजय शर्मा से मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ ने सवाल पूछा कि जयपुर शहर में लेपर्ड लगातार आ रहे हैं। जिसकी सूचना लोग पुलिस कंट्रोल रूम को देते है। क्या वन विभाग की ओर से ऐसी स्थिति के लिए कोई ट्रोल फ्री नंबर स्थापित किया जाएगा ?इसका जबाव देते हुए संजय शर्मा ने बताया कि राजस्थान में वन विभाग 100 नंबर की तरह 1926 ट्रोल फ्री नंबर स्थापित करने जा रहा है। यह ट्रोल फ्री नंबर आगामी एक माह में शुरू हो जाएगा। जिस पर ऐसी स्थिति में सूचना दी जा सकेगी। आपको बता दें कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व से निकलकर जंगली जानवर पेरीफेरी वाले इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे सवाई माधोपुर के लोगों के लिए यह ट्रोल फ्री नंबर काफी हद तक मददगार साबित होगा।
नागौर और मेड़ता सिटी की कृषि उपज मंडियों में पिछले कुछ दिनों से जिंसों के भावों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। नागौर मंडी में जहां जीरा और तिलहन फसलों में जोरदार लिवाली के चलते तेजी का माहौल बना हुआ है, वहीं मेड़ता मंडी में प्रमुख जिंसों के भाव ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद अब स्थिरता की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। विशेष रूप से जीरा और सफेद तिल जैसी नकदी फसलों में आए उछाल ने बाजार में नई जान फूंक दी है, हालांकि कुछ दालों और मसालों के भावों में मामूली मंदी ने चिंता भी बढ़ाई है। मंडियों में आवक और मांग के इस बदलते समीकरण के बीच सरसों के भाव फिलहाल एक ही दायरे में सिमटे हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक नई आवक और बाहरी मांग पर निर्भर करेगी। नागौर कृषि उपज मंडी में पिछले दो दिनों के दौरान फसलों के दाम में मिला-जुला असर देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जीरा के भाव में तेजी आई है और यह कल के ₹22850 के मुकाबले आज ₹23000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं तिलहन श्रेणी में अच्छी मजबूती दर्ज की गई है, जहां सफेद तिल और काले तिल दोनों के अधिकतम भाव में ₹500 का बड़ा उछाल आया है। दूसरी ओर, दालों के बाजार में कुछ गिरावट देखी गई है; विराट चमकी मूंग के दाम ₹200 कम होकर ₹8700 पर आ गए हैं, जबकि सौंफ और इसबगोल की कीमतों में भी मंदी का रुख रहा है। ज्वार और मोठ की कीमतों में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन सरसों के भाव ₹6400 पर स्थिर बने हुए हैं। मंगलवार (27 जनवरी) के मुकाबले आज गुरुवार (29 जनवरी) को मेड़ता सिटी कृषि उपज मंडी में जिंसों के भावों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। मंडी से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, जीरा और मूंग जैसी प्रमुख फसलों के भावों में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है और वे अपने पुराने स्तर पर ही स्थिर बने हुए हैं। जीरा आज भी अधिकतम ₹22500 प्रति क्विंटल के स्तर पर टिका रहा। हालांकि, कुछ जिंसों में हल्की घट-बढ़ दर्ज की गई है; सुवा के भाव में मामूली तेजी आई है जो मंगलवार के ₹9400 से बढ़कर आज ₹9600 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, ग्वार के भाव में मामूली गिरावट देखी गई है और यह ₹5350 से घटकर ₹5300 प्रति क्विंटल रह गया है। असालिया के बाजार में भी मंदी का रुख रहा और इसके दाम ₹6100 से गिरकर ₹5900 पर आ गए हैं। तेलहन फसलों की बात करें तो रायड़ा के भाव में सुधार हुआ है और 40 प्रतिशत फैट की सरसों मंगलवार के ₹6500 के मुकाबले आज ₹6550 प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी। सौंफ, ईसबगोल, चना और तारामीरा के अधिकतम भावों में स्थिरता बनी रही और इनमें कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास… 1. महाकाल मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उज्जैन में महाकाल मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। पुजारियों और हिंदू जागरण मंच ने कहा कि सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में एक समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए। उनका तर्क है कि मंदिर की परंपरा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए स्पष्ट नियम जरूरी हैं। मांग को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई गई है। पढ़ें पूरी खबर 2. मंत्री विजय शाह का तंज: मीडिया वाले मुझसे जलते हैंखंडवा में कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि मीडिया वाले उनसे जलते हैं। मेडिकल कॉलेज के डीन द्वारा पुरानी घोषणा याद दिलाने पर मंत्री ने चुटकी ली कि डाकिये को छह साल बाद बुलाया गया है। बयान को लेकर राजनीतिक और मीडिया हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पढ़ें पूरी खबर 3. भोपाल में बाल्टी में डूबने से 10 माह की बच्ची की मौत भोपाल के ईदगाह हिल्स इलाके में दर्दनाक हादसे में 10 महीने की बच्ची की बाल्टी में डूबने से मौत हो गई। खेलते-खेलते बच्ची बाथरूम तक पहुंच गई थी। करीब 10 मिनट बाद मां ने देखा तो बच्ची पानी से भरी बाल्टी में गिरी मिली। घटना ने घरों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। पढ़ें पूरी खबर 4. रील न बनाने पर पति की हत्या: नाबालिग पत्नी ने शादी की पगड़ी से घोंटा गला, यूट्यूब से सीखी थी साजिशझाबुआ के थांदला थाना क्षेत्र में रील बनाने को लेकर हुए विवाद में नाबालिग पत्नी ने सोते हुए पति कैलाश की शादी की पगड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने यूट्यूब से प्लानिंग की बात सामने आने के बाद 24 घंटे में आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें पूरी खबर 5. एमपी में ठंड का कहर, मंदसौर सबसे ठंडा मध्यप्रदेश में ठंड का असर बढ़ गया है। मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी और नीमच में भी कड़ाके की ठंड रही, तापमान 6 डिग्री के आसपास रहा। मौसम विभाग ने ठंड और कोहरे का असर बने रहने की संभावना जताई है। पढ़ें पूरी खबर 6. बैंककर्मी की हत्या, लूट के बाद गोली मारने का आरोपदमोह में बैंककर्मी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। जंगल में चरवाहे ने शव देखा, जिसके बाद मामला सामने आया। परिजनों का आरोप है कि कलेक्शन के एक लाख रुपए लूटने के बाद पत्थर पटककर और गोली मारकर हत्या की गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर 7. घर में घुसकर दिनदहाड़े चोरी, CCTV में वारदात कैदबड़वानी में दिनदहाड़े चोर ने रॉड से ताला तोड़कर घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। CCTV फुटेज में चोर की हरकत कैद हुई है। चोर करीब दो लाख रुपए नकद और गहने लेकर फरार हो गया। घटना के वक्त परिवार सेंधवा गया हुआ था। पुलिस फुटेज के आधार पर तलाश कर रही है। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8. रात में गर्ल्स हॉस्टल पहुंचीं कलेक्टर, सहेली की तरह छात्राओं से की बात बड़वानी में कलेक्टर ने रात में गर्ल्स हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से सहेली की तरह बातचीत की और पढ़ाई, सुरक्षा व सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पूछीं। छात्राओं ने खुलकर अपनी बातें रखीं। कलेक्टर की इस पहल को छात्राओं ने सकारात्मक और भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. जरा हटके: राजगढ़ पैलेस की मिट्टी में मिले सोने के सिक्केछतरपुर के राजगढ़ पैलेस क्षेत्र में बारिश के बाद मिट्टी में सोने के सिक्के मिलने से हड़कंप मच गया। करीब 70 ग्रामीणों ने खुदाई शुरू कर दी। सरपंच के मुताबिक सड़क की मिट्टी में सिक्के दबे थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। सिक्कों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की पड़ताल की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट10. सीएम कल राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का करेंगे शुभारंभमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को दोपहर 3 बजे भोपाल के शासकीय गुलाब उद्यान में राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत आयोजित इस प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी कर रही है। इसका उद्देश्य पुष्प उत्पादन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना है।
जिला प्रमुख ने 28 छात्राओं को बांटे कौशल किट:पीएम श्री स्कूल में कौशल विकास को मिला प्रोत्साहन
सिरोही के पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में छात्राओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित ने 28 बालिकाओं को ब्यूटी एवं वेलनेस के कौशल किट वितरित किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल हीरा खत्री ने की, जबकि जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी हेमलता पुरोहित, विधायक प्रतिनिधि प्रीति चौहान और मणिदेवी शामिल थीं। अपने संबोधन में जिला प्रमुख पुरोहित ने केंद्र और राज्य सरकार की बालिकाओं के लिए संचालित कल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं उद्योग, व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रही हैं। पीएम श्री योजना प्रभारी गोपाल सिंह राव ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से पीएम श्री स्कूलों में लगातार बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। भौतिक संसाधनों की उपलब्धता से विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है, जिससे छात्राओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। इस अवसर पर वितरित किए गए 28 ब्यूटी वेलनेस किट का कुल मूल्य लगभग 16 हजार रुपए था। इस कार्यक्रम में कौशल मित्र वाइस प्रिंसिपल अनिता चौहान सहित स्कूल स्टाफ के सदस्य, अभिभावक और लाभान्वित छात्राएं मौजूद रहीं। मौजूद लोगों में सुमन कुमारी, वर्षा त्रिवेदी, देवी लाल, महेंद्र कुमार प्रजापत, लता किरण बंसल, भगवत सिंह देवड़ा, तृप्ति डाबी, शर्मिला डाबी, श्रद्धा सिंदल, कुसुम परमार, ममता कोठारी, रमेश कुमार मेघवाल, सुजाना राम, श्रुपाली पुरोहित, अंजलि जीनगर, दक्षा, कंचन, प्रेम सिंह देवड़ा, राजेश सिंह, कन्या देवी, मंजू, केशव सिंह राठौड़, दीपिका, तमन्ना बानो और अलीशा बानो शामिल थे। यह कार्यक्रम बालिकाओं में कौशल विकास के प्रति उत्साह बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भरता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
यूपी की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को राजधानी में ‘PDA छात्र संवाद परिवर्तन का आगाज’ कार्यक्रम हुआ। इसमें समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और योगी सरकार को लेकर तीखा हमला बोला। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा- वर्ष 2027 में योगी आदित्यनाथ का सिंहासन गिरेगा। यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार से युवा, छात्र और आम जनता परेशान है और बदलाव का मन बना चुकी है। PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज एकजुट होकर आगामी चुनाव में बड़ा फैसला करेगा। 2 तस्वीरें देखिए… छात्र नेताओं को चुनावी रणनीति पर दिया संदेशकार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र सभा और युवाओं को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए प्रेरित करना रहा। श्याम लाल पाल ने छात्र नेताओं से कहा कि वे गांव-गांव और मोहल्लों तक जाकर सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता को बताएं। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा ही परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत हैं और 2027 की लड़ाई में उनकी भूमिका निर्णायक होगी। सपा के कई प्रमुख नेता रहे मौजूदइस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उत्तरी विधानसभा से विधायक प्रत्याशी पूजा शुक्ला, पार्टी प्रवक्ता सुनील साजन, युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष फहद और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राम ब्रज यादव सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और छात्र नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। नेताओं ने एक स्वर में 2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा किया।

