भेरूघाट पर ट्रक खराब, जाम लगा, 3 घंटे रेंगते रहे वाहन
खंडवा रोड स्थित भेरूघाट पर रविवार को ट्रक खराब होने से फिर जाम लग गया। इससे 2-3 घंटे तक लोग परेशान होते रहे। स्थानीय रहवासियों के अनुसार छुट्टी का दिन होने से ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा थी। इससे ट्रैफिक का फ्लो बढ़ गया था। कुछ देर में स्थिति संभाल ली थी- मामले में सिमरोल टीआई कुलदीप खत्री ने बताया एक ट्रक के खराब होने से कुछ समय के लिए स्थिति बिगड़ गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को हटवाकर यातायात को सुचारु किया गया।
लोनिवि ने आधी सड़क ही बनाई:राऊ सर्कल से बाजार तक आधी सड़क ऊबड़-खाबड़ छोड़ी, कई जगह निकल रहे सरिए
राऊ सर्कल से मुख्य बाजार तक के हिस्से में लोक निर्माण विभाग ने आधी-अधूरी सड़क बनाकर छोड़ दी है। आधे हिस्से में ऊबड़-खाबड़ सड़क होने से वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत मुख्य चौराहे पर आती है। यहां कई जगह सड़क के सरिए भी बाहर निकले हुए हैं। दरअसल, राऊ सर्कल से राऊ बाजार के आगे मुक्तिधाम तक यह सिक्स लेन सड़क बनना थी। दिसंबर 2025 से 7 करोड़ की लागत से इस सड़क का काम हो रहा है, लेकिन बीच बाजार में सड़क का हिस्सा बनना बाकी है। टुकड़ों में कई जगह सड़क नहीं बनी है। इसके कारण रात में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। मुख्य बाजार में तो और भी ज्यादा हालत खराब है, क्योंकि यहां सड़क की एक पट्टी अचानक से ऊपर है, जिससे वाहनों का एक टायर भी नीचे होता है तो गाड़ी फंस जाती है। कुल डेढ़ किमी का यह हिस्सा चार महीने में भी पूरा नहीं बन पाया है, जबकि दावा था कि यह काम आधुनिक पॉली फाइबर तकनीक से किया जा रहा है। सड़क बनने पर भारी वाहनों को सुगमता होगीयह सड़क पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे भारी वाहनों को आने वाले समय में सुगमता होगी। मामले में पीडब्ल्यूडी डिविजन-1 के कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम का कहना है कि कहीं भी सरिये खुले नहीं हैं। बीच में कुछ काम जरूर बाकी है, जल्द पूरा करेंगे। पीक ऑवर्स में हर घंटे 4 हजार वाहन गुजरते हैं आंकड़ों के मुताबिक पीक ऑवर्स में इस रोड से 4 हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। चूंकि यह मार्ग पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और महू को भी जोड़ता है, यहां भारी वाहनों का दबाव बहुत अधिक रहता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के साथ निमाड़ के पांच से छह जिलों का भी ट्रैफिक शहर में आता है। रेती मंडी के यहां भी परेशानी कम नहीं हुई राजेंद्र नगर से रेती मंडी के यहां बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज और मुख्य एबी रोड पर आ रही भुजाओं से परेशानी कम नहीं हुई है। कुछ माह पहले मेयर की नाराजगी के बीच एक ओर की सर्विस रोड तो सुधार दी गई, लेकिन दूसरी ओर अभी भी हालत खराब है। बसों के साथ हेवी ट्रैफिक भी यहीं से गुजरता है।
शहर की पथरीली और बंजर दतूनी पहाड़ी पर वन विभाग ने फायरिंग रेंज में गुलमोहर, नीम, सागौन सहित अन्य प्रजातियों के करीब 24 हजार पौधे लगाए हैं। पानी की कमी को देखते हुए यहां वाटर रिटेंशन तकनीक अपनाई गई है, ताकि पौधों की जीवित रहने की दर बेहतर बनी रहे। ये पौधे फरवरी से मार्च के बीच लगाए गए हैं। रेंजर संगीता ठाकुर के मुताबिक पथरीली जमीन के कारण यहां पौधारोपण आसान नहीं था। अधिकारियों के अनुसार, मिट्टी सुधार और विशेष तकनीकों के जरिए गड्ढे तैयार कर पौधे लगाए गए। वन विभाग का कहना है कि आने वाले महीनों में पौधों की नियमित निगरानी की जाएगी। बारिश के मौसम में प्राकृतिक नमी मिलने से इनके तेजी से विकसित होने की उम्मीद है। भविष्य में दतूनी पहाड़ी शहर के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रीन जोन बन सकती है। ये पहाड़ी न केवल पर्यावरण संतुलन में मदद करेगी, बल्कि शहर के तापमान को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे शुद्ध हवा भी मिलेगी। 10 से ज्यादा पहाड़ी पर कर रहे पौधारोपणकेवल दतूनी पहाड़ी ही नहीं, बल्कि इंदौर जिले की 10 पहाड़ी को पौधरोपण के लिए हाथ में लिया है, ताकि इंदौर के चारों तरफ हरियाली हो। यह इंदौर के लिए बेहद फायदेमंद रहने वाला है। तापमान नियंत्रण के साथ इससे शुद्व हवा भी मिलेगी। जैव विविधता और सौंदर्य को बढ़ाएंगे पौधेखास बात यह है कि यह क्षेत्र ऑर्म्ड फोर्स की फायरिंग रेंज में आता है, जहां आम लोगों की आवाजाही सीमित रहती है। इससे पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। अब तक दतूनी पहाड़ी पर मुख्य रूप से बबूल और करंज जैसे ही पेड़ मौजूद थे। वन विभाग ने यहां गुलमोहर, कनेर, नीम, सागौन और गुड़हल जैसे पौधे लगाए हैं, जो भविष्य में इस क्षेत्र की जैव विविधता और सौंदर्य दोनों को बढ़ाएंगे।
नर्मदा के चौथे चरण के रूप में इंदौर को रविवार को बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 1356 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। नर्मदा के चौथे चरण से 2029 तक 900 एमएलडी पानी लाने का लक्ष्य है। इससे अगले 25 साल में अनुमानित 65 लाख आबादी को पानी की आपूर्ति हो सकेगी। अभी इंदौर को तीन चरणों से 450 एमएलडी पानी मिल रहा है। इसके साथ ही इंदौर 24 घंटे पानी सप्लाई वाला शहर भी बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही सिरपुर तालाब (रामसर साइट) में 62.72 करोड़ रुपए की लागत से बने एसटीपी प्लांट का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत हितलाभ वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत इंदौर जिले में 1 लाख 44 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। महापौर बोले- कुल 900 एमएलडी पानी उपलब्ध होगा महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों इंदौर में नर्मदा के पहले चरण का लोकार्पण हुआ था। इससे इंदौर को नई रफ्तार मिली। उन्होंने कहा कि चौथा चरण पूरा होने पर वर्ष 2029 तक 900 एमएलडी पानी उपलब्ध होगा। शहर में वर्ष 2045 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री जननायक हैं। पिछले दो साल से वे जल संरचनाओं को लेकर जो काम कर रहे हैं उससे अब वे जलनायक के रूप में भी पहचाने जाएंगे। 70% आबादी को अभी 450 एमएलडी पानी मिल रहा है नर्मदा का शहर में 2028 के सिंहस्थ में शिप्रा के जल से ही होगा स्नानमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 1967 के बाद पहली बार 2028 के सिंहस्थ में श्रद्धालु शिप्रा के जल से स्नान कर सकेंगे। 1980, 1992 और 2004 में शिप्रा में शुद्ध और पर्याप्त जल नहीं था इसलिए श्रद्धालुओं को गंभीर नदी के पानी से स्नान कराना पड़ा। शिप्रा का प्रवाह बना रहे इसके लिए सरकार ने 1000 करोड़ की योजना बनाई है। निगम ने 50 साल में पहली बार किया इतना बड़ा कामनगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मेरे 50 साल के राजनीतिक जीवन में पहली बार पानी को लेकर इतना बड़ा काम नगर निगम ने किया है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट बोले कि वर्ष 2040 तक की जरूरतों के अनुसार जल प्रबंधन की योजना बनाई है। मेट्रोपॉलिटन की आबादी 1.5 करोड़ हो सकती हैसीएम ने कहा कि अगले 25 वर्षों में इंदौर मेट्रोपॉलिटन की आबादी डेढ़ करोड़ हो सकती है। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, जल कार्य समिति प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल मौजूद थे।
राजस्थान के 25 जिलों में आज बारिश का अलर्ट:आंधी चलने की भी आशंका; कोटा में पारा 39 डिग्री के पार
राजस्थान में एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से सोमवार को 4 जिलों मे बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, 21 जिलों में येलो अलर्ट है। इस दौरान आंधी चलने की भी आशंका है। इस सिस्टम का असर 31 मार्च को भी जारी रहेगा। 1 अप्रैल को सिस्टम का असर खत्म होगा और प्रदेश में मौसम ड्राय रहेगा। वहीं, रविवार को इस सिस्टम का असर कमजोर रहा। बीकानेर संभाग में दिनभर मौसम ड्राय रहा। दिन में धूप रही। जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल छाए। जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में आसमान बिल्कुल साफ रहा और धूप रही। मौसम विशेषज्ञ इसका कारण वातावरण में नमी (आर्द्रता) की कमी मान रहे हैं। कोटा में रहा सबसे ज्यादा तापमान रविवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान कोटा में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। चूरू में 37.6, पिलानी (झुंझुनूं) व अलवर में 37.2, बाड़मेर में 37, सीकर में 36, जैसलमेर में 35.8, जोधपुर में 35.3, श्रीगंगानगर में 34.5 और बीकानेर में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
बाढ़ राहत घोटाला:तहसीलदार ने एक खाते में 22 बार भेज दी राहत राशि
बाढ़ राहत घोटाले में न्यायिक हिरासत में बंद तत्कालीन तहसीलदार बड़ौदा अमिता सिंह तोमर को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। उनकी ओर से जिला न्यायालय श्योपुर में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई है, जिस पर अब 31 मार्च को सुनवाई प्रस्तावित है। न्यायालय ने सुनवाई से पूर्व केस डायरी तलब की है। खास बात यह है कि पुलिस ने तहसीलदार को केवल सहआरोपी पटवारियों द्वारा कथित तौर पर रकम देने के कथनों के आधार पर ही नहीं, बल्कि राहत राशि वितरण में अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर भी आरोपी बनाया है। पता चला है कि पुलिस को विवेचना में 87 लोगों के 127 खातों में राहत राशि ट्रांसफर किया जाना मिला है। जिनमें से कई खाते पात्र हितग्राहियों की सूची में शामिल नहीं थे। कुछ खाते संबंधित तहसील क्षेत्र से बाहर के भी थे। कुछ मामलों में एक ही खाते में बार-बार राशि डाली गई है। पुलिस ने बताया कि, एक खाते में 22 बार ट्रांजेक्शन दर्ज होना पाया गया है। एक परिवार के चार सदस्यों के खाते में राशि भेजी गई। बता दें कि मामले में तहसीलदार को डीडीओ के रूप में भुगतान की अंतिम स्वीकृति का अधिकार था। 80 लाख नकद लेनदेन की जानकारी वर्ष 2021 की बाढ़ के दौरान राहत वितरण में अनियमितताओं को लेकर करीब 2.57 करोड़ रुपए के गबन के आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। प्रकरण में तहसीलदार बड़ौदा अमिता सिंह तोमर के साथ 22 पटवारियों सहित 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें चार पटवारी ऐसे थे, जिन्होंने पत्नी, बहू और बच्चों के साथ ही माता-पिता के खातों में रुपए डलवा लिए। तहसीलदार ने कई गैर खातों में रुपए भेजे हैं, इसके बदले कुछ आर्थिक लाभ प्राप्त किया है, जो 80 लाख करीब है, ज्यादा नहीं बता सकते हैं, मामला विवेचना में है।' - अवनीत शर्मा, एसडीओपी कराहल
परंपरागत फसलों के बीच जब कोई किसान नई राह चुनता है तो खेती का गणित बदल जाता है। मंदसौर जिले के कुचड़ौद क्षेत्र के प्रगतिशील किसान बनवारी वैष्णव ने औषधीय फसलों की खेती अपनाकर यही कर दिखाया। करीब 5 बीघा जमीन में केमोमाइल (ग्रीन टी में उपयोगी फूल) और ईरानी अकरकरा जैसी फसलें लेकर वे कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। खास बात यह है कि ये फसलें न सिर्फ बाजार में मांग वाली हैं, बल्कि इन पर रोग भी कम लगते हैं, जिससे दवा का खर्च लगभग शून्य हो जाता है। ठंडे प्रदेशों का बीज मंगवाकर खेत को ही नया वातावरण दिया। लगातार दी जा रही हल्की सिंचाई से केमोमाइल और ईरानी अकरकरा का बेहतरीन उत्पादन होने लगा। डेढ़ क्विंटल सूखे फूल का उत्पादन किसान ने बताया कि उन्होंने केमोमाइल की खेती शिमला क्षेत्र से मंगाए बीज से शुरू की। डेढ़ बीघा में करीब 30 हजार रुपए लागत आई और लगभग डेढ़ क्विंटल सूखे फूल का उत्पादन मिला। बाजार में इसका भाव 600 से 800 रुपए प्रति किलो तक रहता है। वहीं इसके अवशेष से 10 से 12 क्विंटल तक पाला (तेल हेतु कच्चा माल) भी निकलता है, जिससे अतिरिक्त आय होती है। यह फसल 4 से 5 महीने में तैयार हो जाती है और ठंडे मौसम में बेहतर उत्पादन देती है। एक बीघा में 20 हजार पौधे, लागत सीमित इसके साथ ही किसान ईरानी अकरकरा की खेती भी कर रहे हैं। एक बीघा में करीब 20 हजार पौधे लगते हैं, जिनकी लागत सीमित है। उत्पादन लगभग 3 क्विंटल तक मिलता है और भाव 700 से 1300 रुपए प्रति किलो तक रहता है। इस फसल में यूरिया का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है। सिंचाई भी जरूरत अनुसार ही करनी होती है। किसान खुद नर्सरी तैयार कर अन्य किसानों को एक रुपए प्रति पौधे के हिसाब से पौधे उपलब्ध करा रहे हैं। उनका मानना है कि गेहूं कटाई के बाद यह फसल किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है। कम लागत, कम जोखिम और अधिक मुनाफा ही औषधीय खेती की सबसे बड़ी खासियत है। बनवारी एक प्रगतिशील किसान होने के साथ ही एक शिक्षक भी हैं। स्कूलों में पढ़ाने के अलावा जो किसान उनके खेत पर सीखने आते हैं वह उन्हें औषधिय फसलों की जानकारी भी देते हैं।
ग्वालियर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां हाईकोर्ट की एकल पीठ ने एक बड़े फैसले में न्याय की मिसाल पेश की है। कोर्ट ने सीनियर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर रहे डॉ. राधाकृष्ण शर्मा को वर्ष 2002 से पदोन्नति देने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि डॉ. शर्मा अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि 'अधिकार व्यक्ति के साथ खत्म नहीं होते। दरअसल, डॉ. राधाकृष्ण शर्मा अपने जूनियर अधिकारियों से वरिष्ठ थे, लेकिन साल 2002 में जब पदोन्नतियां हुईं, तो उनके जूनियर को प्रमोशन मिल गया, जबकि उनकी पदोन्नति रोक दी गई। विभाग ने इसके पीछे कारण बताया कि एक लंबित आपराधिक मामला और उनकी गोपनीय रिपोर्ट यानी एसीआर।हालांकि, बाद में डॉ. शर्मा उस आपराधिक मामले में बरी हो गए, फिर भी उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई। 18 साल कानूनी लड़ाई के बाद निधन न्याय के लिए डॉ. शर्मा ने साल 2008 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन अफसोस, 18 साल लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पुत्र रमन शर्मा ने इस केस को आगे बढ़ाया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा अगर किसी कर्मचारी की पदोन्नति विभागीय गलती से रोकी जाती है, तो उसे पूरा लाभ मिलना चाहिए। “नो वर्क-नो पे” का सिद्धांत ऐसे मामलों में लागू नहीं होगा। बिना बताए गए एसीआर को पदोन्नति का आधार बनाना कानून के खिलाफ है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। कोर्ट का अंतिम आदेश कोर्ट ने निर्देश दिया कि डॉ. राधाकृष्ण शर्मा को 28 अक्टूबर 2002 से पदोन्नत माना जाए, उसी तारीख से सभी एरियर, वेतन, वरिष्ठता और अन्य लाभ दिए जाएं और यह पूरी राशि उनके परिवार को दी जाए। कोर्ट ने माना कि पदोन्नति न मिलना डॉ. शर्मा की गलती नहीं, बल्कि विभाग की लापरवाही थी। यह फैसला न केवल एक परिवार को न्याय देता है, बल्कि यह भी बताता है कि अधिकार कभी खत्म नहीं होते, चाहे इंसान इस दुनिया में रहे या नहीं।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में लूट की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां तीन बाइक पर सवार पांच लुटेरों ने एक बाइक सवार से हजारों रुपए नकद, लैपटॉप और जरूरी दस्तावेज लूट लिए। 27 मार्च को हुई वारदात को अंजाम देने के बाद जब आरोपी मौके से फरार हो रहे थे, तभी एक लुटेरे की बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। जिससे पीछा कर रहे ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया। हाथ-पैर बांधकर उसकी पिटाई कर दी। मार के डर से उसने अपने सभी साथियों के नाम और पते उगल दिए। मौके पर पहुंची पुलिस को आरोपी ने बताया कि पेट्रोल खत्म होने के कारण उसके साथी उसे छोड़कर भाग गए। जिससे वह ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। लुटेरे की निशानदेही पर 29 मार्च को शाम कटंगी थाना पुलिस ने अन्य चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी पाटन और दमोह क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने पहले और किन-किन जगहों पर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। कलेक्शन एजेंट से की थी 27,500 की लूट दमोह जिले के ग्राम समना निवासी 34 वर्षीय हेमेंद्र पटेल टीवीएस कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में कार्यरत हैं। वह हर माह दमोह और जबलपुर के आसपास के गांवों में जाकर किस्त की राशि वसूलकर कार्यालय में जमा करते हैं। 27 मार्च की शाम को हेमेंद्र पटेल बेलखाड़ू पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम झगरा में एक व्यक्ति राजेंद्र के घर किश्त की राशि लेने पहुंचे थे। वहां उनकी मां ने बताया कि वह घर पर नहीं है और एक-दो दिन में खुद कार्यालय आकर भुगतान कर देगा। इसके बाद हेमेंद्र पटेल अपनी बाइक से कटंगी रोड की ओर लौटने लगे। तभी रास्ते में दो युवक उनके पास आए और बोले कि उनकी मां की तबीयत खराब है, उसे अस्पताल ले जाना है, इसलिए थोड़ा पेट्रोल दे दें। हेमेंद्र ने जवाब दिया कि मेरी बाइक बीएस-6 मॉडल की है, जिससे पेट्रोल निकालना संभव नहीं है। इसके बावजूद दोनों युवकों ने उन्हें जबरन रोक लिया। वे पेट्रोल निकालने की कोशिश करने लगे। तभी एक अन्य बाइक से दो और युवक मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पांचों आरोपियों ने मिलकर हेमेंद्र के साथ मारपीट की। उनके पास से 27,500 रुपए नकद, लैपटॉप और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज लूटकर फरार हो गए। एक साथी दौड़कर दूसरी बाइक से भाग निकला लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद जब पांचों आरोपी मौके से भाग रहे थे, तभी आसपास के ग्रामीणों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही दूरी पर लुटेरों की एक बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। ऐसे में उस बाइक पर बैठा एक आरोपी दौड़कर अपने साथियों की दूसरी बाइक पर बैठ गया। चार आरोपी तो मौके से फरार हो गए, लेकिन उनका पांचवां साथी ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। ग्रामीणों ने पहले उसकी जमकर पिटाई की, इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कटंगी थाना पुलिस ने आरोपी और उसकी बाइक को जब्त कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने पहले शराब पी, फिर बनाया प्लान 26 मार्च की दोपहर को पांच लुटेरे हर्ष बर्मन, भगवान सिंह ठाकुर, चंदन बर्मन निवासी पाटन, हेतराम रैकवार निवासी दमोह, संजीव बर्मन शहपुरा ने साथ में बैठकर शराब पी, और फिर लूट का प्लान बनाया। झगरा गांव के बाहर यह लोग लूट करने के लिए छिपे हुए थे, तभी हेमेंद्र बाइक से निकला, जिसके साथ पांचों ने मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था बेलखाड़ू चौकी प्रभारी राजेश धर्वे ने बताया कि वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां एक युवक को ग्रामीणों ने रस्सी से बांध रखा था। पुलिस ने उससे पूछताछ की, लेकिन वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं था और लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। कभी वह भूख लगने की बात कहता, तो कभी प्यास का बहाना बनाता रहा। पुलिस को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं। इसके बाद उसे चौकी लाकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी हर्ष बर्मन ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। आरोपियों से लूटा गया लैपटॉप, दस्तावेज और नकदी भी बरामद कर ली गई है। यह खबर भी पढ़ें… जबलपुर में व्यापारी की कार से 17 लाख की चोरी भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में एक व्यापारी की कार से 17 लाख रुपए से भरा बैग चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना भोपाल–जबलपुर NH-45 पर हुई। व्यापारी बैंक से कैश निकालकर घर जा रहा था, तभी रास्ते में वारदात हो गई। पूरी खबर यहां पढ़ें...
सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड कंट्रोल के लिए रेलवे ने पंवासा में नया रेलवे स्टेशन बनाने का निर्णय लिया है। 600 मीटर लंबा हाई लेवल स्थाई प्लेटफॉर्म बनाने के साथ ही यहां टीनशेड लगाकर नया स्टेशन तैयार किया जा रहा है। सिंहस्थ में उज्जैन मुख्य स्टेशन पर ज्यादा लोड आने की स्थिति में भोपाल ट्रैक से आने वाली ट्रेनों को पंवासा स्टेशन पर ही रोक दिया देंगे। नया स्टेशन पंवासा क्षेत्र से निकले गरोठ रोड के पास बनेगा। भोपाल की कंपनी को निर्माण का जिम्मा भी दे दिया और कंपनी ने पक्का निर्माण शुरू कर दिया। कंपनी ने गर्मी के सीजन के 3 माह में प्लेटफॉर्म का ज्यादातर काम पूरा कराने की प्लानिंग से काम शुरू किया है। ताकि बाद में ऊपर का टीनशेड व अन्य काम बारिश में चलता रहे। इधर, प्लेटफार्म के साथ स्टेशन का स्ट्रक्चर भी तैयार होना शुरू हो जाएगा। अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग एजेंसियां काम करेगी, ताकि तय समय से पहले स्टेशन तैयार हो जाए।
सरकार ने खोला खजाना:गांव वालों की जिद से जिंदा हुई नदी, सरकार ने दे दिए 300 करोड़ रुपए
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के खड़गदा गांव के ग्रामीणों ने लगभग सूख चुकी मोरन नदी को पुनर्जीवित कर दिया। गांव वालों के इस काम को देखने खुद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे। कलकल बहती नदी व उसमें बोटिंग होते देखकर उन्होंने गांव को 300 करोड़ रुपए का बजट दे दिया। अब गांव वाले खुद ही नदी का विकास करेंगे। यह तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के कामों के लिए 100 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे पहले गांव वालों ने एकजुट होकर नदी की सफाई की थी। नदी में कूड़ा-कचरा और जानवरों के अवशेष डालने पर प्रतिबंध लगा दिया था। नदी की सफाई के लिए राम कथा कर करीब ढाई करोड़ रुपए का फंड जुटाया था। नदी को स्वच्छ करने का संकल्प सबसे पहले गांव के कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री ने लिया था। साल 2022 में इन्होंने अपने खर्च पर 6 महीने तक मशीनों से नदी की सफाई करवाई। फिर गांव वालों ने भी इसकी सफाई को अपना मिशन बना लिया। ग्रामीणों ने सुबह-शाम की पारियां बनाकर नदी की सफाई शुरू की। मोरन नदी के तट पर धार्मिक स्थलों का विकास कर पर्यटन विकसित करेंगे हम केंद्र और राज्य सरकार के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने खड़गदा की पहल को आर्थिक मदद दी। मोरन गंगा के लोडेश्वर बांध से लेकर गलियाकोट तक 20 किमी नदी तट पर स्थित सभी धार्मिक स्थलों का विकास कर धार्मिक पर्यटन विकसित करने की कोशिश करेंगे। -कमलेश शास्त्री, कथावाचक योजना... गांव वाले मोरन नदी पर 2 किमी लंबा रिवर फ्रंट तैयार कर रहे ग्रामीण मोरन नदी पर 2 किमी का रिवर फ्रंट बना रहे हैं। इसके लिए डिजाइन तैयार किया गया है। संबंधित सरकारी एजेंसियां डीपीआर बना रही हैं। सरकार इसे जल संरक्षण मॉडल मान रही है। पहल... खनन बंद कराकर 40 लाख लीटर क्षमता वाला कुआं बनवाया ग्रामीणों ने रिवर फ्रंट में 40 लाख लीटर पानी की क्षमता वाला एक कुआं भी तैयार कराया है। कुएं की चौड़ाई और गहराई 65 गुणा 45 फीट है। इसमें रोजाना 40 लाख लीटर पानी की आवक है। इससे गर्मियों में जब नदी सूख भी जाएगी तो पीने के पानी का संकट नहीं होगा। नए कुएं में करीब 15 लाख लीटर पानी का स्टोरेज होगा, जबकि एक किलोमीटर नदी के दायरे में 47 करोड़ 46 लाख लीटर पानी रहेगा।
बंजर दतुनी पहाड़ी 24 हजार पौधों से महकेगी
शहर की पथरीली और बंजर मानी जाने वाली दतुनी पहाड़ी जल्द ही ग्रीन जोन में तब्दील होगी। वन विभाग ने यहां आर्म्स फोर्स की फायरिंग रेंज में फरवरी-मार्च के बीच 24 हजार पौधे रोपे हैं। रेंजर संगीता ठाकुर के मुताबिक, मिट्टी सुधार और वाटर रिटेंशन तकनीक के जरिए गुलमोहर, नीम और सागौन जैसे पौधे लगाए गए हैं। फायरिंग रेंज होने के कारण यहां पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी। दतुनी सहित जिले की 11 पहाड़ियों पर जारी यह पौधारोपण अभियान तापमान को नियंत्रित करने और शुद्ध हवा देने में सहायक सिद्ध होगा।
एमपी में 10 से अधिक विभागों की भर्तियों के लिए अब एक ही परीक्षा होगी। मुख्य सचिव अनुराग की अध्यक्षता वाली कमेटी ने संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत मप्र कर्मचारी चयन मंडल ( ईएसबी) साल में तीन क्वालिफाइंग एग्जाम और मप्र लोकसेवा आयोग(एमपीपीएससी) पांच परीक्षाएं आयोजित करेगा। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है और इसे अप्रैल से लागू करने की योजना है। यदि कैबिनेट प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो 2026 में ग्रुप ‘ए’ से ‘डी’ तक 14,000 पदों और 30,000 शिक्षक व अन्य डिप्लोमा पदों पर भर्ती इसी प्रणाली से होगी। यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी और उम्मीदवारों को क्या लाभ मिलेगा.. पढ़िए रिपोर्ट मौजूदा व्यवस्था की प्रमुख खामियां इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने ‘एक कैटेगरी, एक एग्जाम’ का फॉर्मूला अपनाया है। कर्मचारी चयन मंडल( ईएसबी): तीन परीक्षाएं, दो साल की वैलिडिटीनए नियमों के तहत ईएसबी केवल चयन अर्हता परीक्षाएं यानी क्वालिफाइंग एग्जाम आयोजित करेगा। इसका मकसद उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर स्कोर कार्ड जारी करना है, जो दो साल तक वैध रहेगा। इसी स्कोर के आधार पर विभाग अपनी जरूरत के अनुसार भर्तियां करेंगे। ईएसबी की परीक्षाएं तीन कैटेगरी में होंगी ईएसबी परीक्षाओं के नए नियम एमपीपीएससी संयुक्त परीक्षाएं आयोजित करेगामप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) अब अलग-अलग विज्ञापनों की बजाय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करेगा। सभी विभागों को हर साल 30 सितंबर तक रिक्तियों की जानकारी आयोग को देना अनिवार्य होगा।बड़ा बदलाव: सीधे इंटरव्यू का प्रावधाननए प्रावधान के तहत, यदि किसी पद के लिए 500 से कम या पदों की संख्या के तीन गुना से कम आवेदन आते हैं, तो MPPSC बिना लिखित परीक्षा भर्ती कर सकेगा। ऐसे मामलों में दो विकल्प होंगे-आयोग सीधे सभी पात्र उम्मीदवारों का साक्षात्कार ले सकता है या शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट बनाकर उम्मीदवारों को बुला सकता है। अंतिम चयन साक्षात्कार के अंकों पर होगा, जिससे कम आवेदनों वाले पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी। चयन और प्रतीक्षा सूची के नियम (एमपीपीएसी व ईएसबी के लिए) भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और आरक्षण नियम स्पष्ट करने के लिए चयन सूची की प्रक्रिया को और साफ किया है।
भारत में जन्मी पहली मादा चीता मुखी ने 29 मार्च 2026 को अपने जीवन के तीन सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। कूनो नेशनल पार्क के लिए यह पल गौरवशाली है क्योंकि बिन मां के पली इस चीता ने न केवल मातृत्व को जिया, बल्कि अपने पांचों शावकों को चार महीने तक सुरक्षित रखकर मां बनने का पहला कठिन पड़ाव भी पार कर लिया है। वर्तमान में ये शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और कूनो के बड़े बाड़े में मां के साथ चहलकदमी करते हुए जंगली परिस्थितियों से रूबरू हो रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि असली परीक्षा तब शुरू होगी जब ये शावक एक साल के होंगे और खुले जंगल में शिकार करने की चुनौती का सामना करेंगे। बता दें कि इन पांचों शावकों के साथ कूनो में अब चीतों का कुनबा बढ़कर 50 तक पहुंच गया है। मुखी की कहानी संघर्षपूर्ण रही है; मार्च 2023 में जन्मी मुखी को उसकी मां ज्वाला ने ठुकरा दिया था, जिसके बाद पार्क प्रबंधन ने उसे बॉटल फीडिंग से पाला था। उसने शिकार की कला भी प्राकृतिक रूप से नहीं बल्कि दूसरे चीतों को देखकर सीखी थी। संघर्ष से सफलता तक का सफर मार्च 2023 में जन्मी मुखी को उसकी मां ज्वाला ने ठुकरा दिया था, जिसके बाद उसे इंसानी देखरेख में पाला गया। प्राकृतिक क्षमताओं पर संशय के बावजूद उसने खुद शिकार सीखा और नवंबर 2025 में 5 शावकों को जन्म दिया। यह पहली बार है जब खुले जंगल में सफल मेटिंग से पूर्णतः भारतीय परिस्थितियों में नई पीढ़ी तैयार हुई। इन शावकों का चार महीने तक स्वस्थ रहना प्रोजेक्ट चीता के लिए एक बड़ी सफलता और मील का पत्थर साबित हो रहा है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला का प्रकरण इंदौर हाई कोर्ट में चल रहा है। हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की याचिका पर 2 अप्रैल को सुनवाई निर्धारित है। वहीं कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष आवेदन दायर किया है। सोसाइटी का आरोप है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में उनकी आपत्तियों पर गौर नहीं किया गया। मुस्लिम पक्ष (कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी) ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि इंदौर हाई कोर्ट में 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई से पहले 1 अप्रैल को उनकी बात सुनी जाए। याचिका में बड़े तर्क सोसाइटी अध्यक्ष अब्दुल समद के अनुसार, 11 मार्च को एएसआई सर्वे की वीडियोग्राफी और फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। 16 मार्च की सुनवाई में इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। मुस्लिम पक्ष का मुख्य तर्क है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। हमारे बिंदुओं पर विचार नहीं हुआ हमने हाई कोर्ट में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन वहां हमारे बिंदुओं पर विचार नहीं हुआ। इसीलिए हमें न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।' -अब्दुल समद, अध्यक्ष, कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी
यूपी के चर्चित IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा रविवार रात शादी के बंधन में बंध गए। अंशिका, केके बिश्नोई को वरमाला पहनाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ीं, वो पहले पीछे हटे फिर घुटनों पर बैठकर माला पहन ली। इसके बाद जब बिश्नोई वरमाला पहनाने लगे, तो अंशिका ने सिर झुका लिया। इस दौरान बैकग्राउंड में कैलाश खेर का गाना- ओ री सखी मंगल गाओ री… बजता रहा। इसके बाद दोनों एक दूसरे का हाथ थामकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। फिर बिश्नोई, अंशिका का हाथ थामे ही मंच से उतरे। पहले रेंज रोवर, फिर घोड़ी से बारात लेकर पहुंचे IPS बिश्नोईIPS केके बिश्नोई बारात में शामिल होने रेंज रोवर कार से कुछ दूर गए। फिर घोड़ी पर सवार हुए। पूरे रास्ते बारातियों ने जमकर डांस किया। बिश्नोई के पिता सुजाना राम बिश्नोई ने भी बारातियों का साथ दिया। इसके बाद बारात जोधपुर के अजीत भवन पहुंची। यहां द्वारचार हुआ। इससे पहले बाड़मेर में केके बिश्नोई दोपहर 12 बजे सज-धज कर अपने घर से बाहर निकले। उन्होंने शेरवानी पहन रखी थी। बहन ने मिठाई खिलाई। हाथ में तलवार, काला चश्मा लगाकर बिश्नोई स्वैग के साथ घोड़ी पर बैठे। मंदिर गए और पूजा की। रास्ते में ढोल-नगाड़ों की धुन पर घर की महिलाएं डांस करती रहीं। फिर बारात बाड़मेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई। शाम करीब 6 बजे बिश्नोई बारात लेकर राजस्थान के बाड़मेर से 200 किलोमीटर दूर जोधपुर पहुंचे। शादी की थीम कृष्णांशिका (The krishnAnshika) रखी गई। तस्वीरें देखिए- हल्दी सेरेमनी में केके बिश्नोई ने पिता के साथ डांस किया था 27 मार्च की रात दोनों IPS अफसरों की हल्दी सेरेमनी हुई थी। केके बिश्नोई का कार्यक्रम बाड़मेर में हुआ था। वहीं, अंशिका को प्रयागराज में हल्दी लगाई गई थी। बिश्नोई अपनी शादी के फंक्शन को जमकर एंजॉय करते दिखे थे। उनकी अपने पिता के साथ खास बॉन्डिंग देखने को मिली। बिश्नोई अपने पिता के साथ पूरी मस्ती में डांस करते दिखे था। पिता ने भी बेटे के साथ जमकर डांस किया था। इस दौरान फिल्म कयामत से कमायत का फेमस सॉन्ग- 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा...' बजा था। वहीं, 27 मार्च को IPS अंशिका वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम पर प्री वेडिंग शूट का फोटो शेयर किया था। इसमें अंशिका अपने होने वाले पति केके बिश्नोई की बाहों में दिख रहीं। उन्होंने लिखा था- मेरा ख्वाहिशों का शामियाना। 26 मार्च को हुई थी दोनों अफसरों की सगाई26 मार्च (गुरुवार) को संभल में IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा की सगाई हुई थी। रात साढ़े 9 बजे दोनों ने एक-दूसरे को रिंग पहनाई थी। फिर एक-दूसरे का हाथ थामकर हवा में लहराया और खुशी का इजहार किया था। दोनों ने एक-दूसरे को गले भी लगाया था। इसके बाद दोनों अफसरों ने स्टेज पर ‘चल प्यार करेगी हां जी हां जी… मेरे साथ चलेगी ना जी ना जी…’ गाने पर जमकर डांस किया था। इस दौरान बिश्नोई ने अंशिका को गोद में उठा लिया था। अंशिका ने गोल्डन कलर का लहंगा, जबकि बिश्नोई ने ब्लैक कलर का सूट पहन रखा था। रात 11 बजे तक चले इस कार्यक्रम में संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया समेत कई अफसर मौजूद रहे थे। तस्वीरें देखिए- 3 साल पहले मिले, फिर शुरू हुई लव स्टोरी IPS अंशिका वर्मा (30) और IPS केके बिश्नोई (32) की पहली मुलाकात साल-2023 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अफसर हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि, अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अफसर हैं। बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं। अंशिका प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली हैं। इससे पहले, यूपी में पुलिसकर्मियों की होली में दोनों अफसर रंगों से सराबोर नजर आए थे। बरेली में IPS अंशिका वर्मा ने 5 मार्च, 2026 को काला चश्मा पहनकर ‘लंदन ठुमकदा’ गाने पर डांस किया था। अगले दिन संभल में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने फिल्म ‘धुरंधर’ के रहमान डकैत स्टाइल में डांस किया था। शिकारियों वाली हैट पहनी थी। खुली जिप्सी से ‘धुरंधर’ मूवी के ‘फसला’ गाने पर पुलिस लाइन में एंट्री की थी। अब दोनों IPS के बारे में जानिए --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें 'मैडम...मेरे लाखों फॉलोअर्स, जवाब नहीं दे पाओगी':उन्नाव में महिला ARTO को ट्रक ड्राइवर ने धमकाया ‘मैडम, मेरे सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं… जवाब नहीं दे पाओगी, इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।’ उन्नाव में महिला ARTO प्रतिभा गौतम को ट्रक ड्राइवर ने यह धमकी उस समय दी, जब वे उसे गाड़ी में खींचकर जबरन बैठाने लगीं। दरअसल, शनिवार देर रात एआरटीओ टीम ओवरलोडिंग की जांच कर रही थी। यहां पढ़ें पूरी खबर
14 दिन बाद पहुंचा एलपीजी स्टॉक:भरवाने डेढ़ किमी तक ऑटो की कतार
शहर में पिछले दो हफ्तों से जारी एलपीजी की किल्लत ने 3500 ऑटो चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया है। रविवार को 14 दिन के लंबे इंतजार के बाद जब तिली तिराहा स्थित आगम पेट्रोल पंप पर गैस का स्टॉक पहुंचा, तो वहां सुबह से ही डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार लग गई। राहतगढ़ बस स्टैंड स्थित पंप के सील होने के बाद पूरा दबाव इसी एकमात्र केंद्र पर आ गया है। पंप संचालक विशाल चौधरी के अनुसार, 3300 लीटर का स्टॉक प्राप्त हुआ है। भारी भीड़ और मांग को देखते हुए फिलहाल प्रति ऑटो केवल 10 लीटर गैस ही 66.13 रुपए प्रति लीटर के दाम पर दी जा रही है। ताकि अधिक से अधिक चालकों को राहत मिल सके, हालांकि किल्लत अब भी बरकरार है।
मेजबान छत्तीसगढ़ अब तक ट्राइबल इंडिया खेलो गेम्स में एक गोल्ड समेत 10 मेडल जीत चुका है। इनमें से सबसे ज्यादा 7 मेडल (चार सिल्वर, तीन ब्रॉन्ज) स्विमिंग के इवेंट में जीते हैं। वहीं तीन मेडल (1 गोल्ड, 1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज) वेट लिफ्टिंग में आए हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ का सबसे बढ़िया प्रदर्शन तैराकी के इवेंट में रहा है। इसमें भी खास बात यह है कि तैराकी में मिले चारों सिल्वर मेडल अनुष्का भगत ने छत्तीसगढ़ को दिलाए हैं। वहीं दो ब्रॉन्ज निखिल और एक ब्रॉन्ज मेडल न्यासा पैकारा ने दिलाया है। छत्तीसगढ़ को 10 में 6 मेडल दिलाने वाले दोनों एथलीट्स अनुष्का और निखिल से दैनिक भास्कर ने खास बातचीत की। अनुष्का पिछले तीन साल से स्विमिंग छोड़ चुकी थीं। लेकिन ट्राइबल गेम्स के चलते तैराकी में उनकी वापसी हुई। पिछले साल दिसंबर से अभ्यास शुरू किया और अब तक सबसे ज्यादा मेडल अपने नाम किए। वहीं निखिल कहते हैं कि खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से छत्तीसगढ़ 10 साल पीछे चल रहा है। दूसरे राज्य में जाकर ट्रेनिंग नहीं करते तो शायद ही मेडल जीत पाते। निखिल ने साउथ के खिलाड़ियों का बेहतर खेल देख कर्नाटक जाकर ट्रेनिंग ली। अपने खेल को बेहतर किया, फिर मेडल अपने नाम किए। रिपोर्ट में पढ़िए अनुष्का और निखिल से खास बातचीत… पहले देखिए ये तस्वीरें… सर्वाइवल के लिए सीखी स्विमिंग, फिर इसे ही करियर बनाया अनुष्का बताती हैं कि, उनकी स्विमिंग यात्रा किसी बड़े लक्ष्य से नहीं, बल्कि एक सामान्य शुरुआत से हुई थी। मेरी बहन पहले स्विमिंग करती थी। पापा ने उन्हें सिर्फ इस सोच के साथ डाला था कि लाइफ में कभी जरूरत पड़े तो काम आए। उन्हें देखकर मैंने भी शुरुआत की और धीरे-धीरे यह मेरी लाइफ बन गई। उन्होंने बहुत छोटी उम्र, KG-1 से ही पानी में उतरना शुरू किया और अंडर-10 से प्रतियोगिताएं खेलनी शुरू कर दीं। आधी नींद उठाकर बच्चों को ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे पिता अनुष्का के पिता बसंत राम छत्तीसगढ़ पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं। वो बताते हैं कि प्रैक्टिस के बाद दोनों बच्चों को घर लेकर आते। कुछ देर आराम करते और सुबह 10 बजे फिर ड्यूटी पर पहुंच जाते। चार-पांच घंटे तक ड्यूटी करते। वापस घर जाते और बच्चों को शाम की प्रैक्टिस के लिए तैयार करते। करीब 10 साल तक यही रूटीन चला। वे बताते हैं कि 2018-19 में अनुष्का ने स्कूल नेशनल में मेडल जीता था, लेकिन इसके बाद कोरोना के कारण सब रुक गया। दो साल ग्राउंड ट्रेनिंग, इवेंट नहीं मिले तो स्विमिंग छोड़ा कोविड के दौरान पुल बंद हो गए। लेकिन अनुष्का ने ग्राउंड ट्रेनिंग जारी रखी, दो साल लगातार स्विमिंग पुल से दूर मैदान में पसीना बहाया। लेकिन दो साल बाद भी जब कोई इवेंट नहीं आया तो उन्होंने निराश होकर स्विमिंग छोड़ दी। पिछले तीन साल तक स्विमिंग से अनुष्का दूर रहीं। इसके बाद ट्राइबल गेम्स एनाउंस हुए, पिता ने हौसला अफजाई करते हुए गेम्स में पार्टिशिपेट करने को कहा। ट्राइबल गेम्स अनुष्का के लिए नई उम्मीद का माध्यम बनी। उन्होंने पिछले साल दिसंबर से तैयारी शुरू की। तीन महीने तक ताबड़तोड़ प्रैक्टिस की और फाइनली अपने राज्य छत्तीसगढ़ के लिए चार सिल्वर मेडल लेकर आईं। कर्नाटक में जाकर ट्रेनिंग ली, तब अंतर समझ आया छत्तीसगढ़ को स्वीमिंग में दो ब्राॅन्ज दिलाने वाले निखिल कहते हैं कि कर्नाटक जाकर ट्रेनिंग लेने के बाद उन्हें असली अंतर समझ आया। वहां मुझे एडवांस टेक्नीक की जानकारी हुई। खेल बहुत ज्यादा सुधरा, तभी मेडल ला पाए। उन्होंने कहा कि हमारे यहां सरकारी-इंटरनेशनल पूल ज्यादातर पब्लिक के लिए खुले रहते हैं। खिलाड़ियों को सीमित समय मिलता है। अगर रोज 2-3 घंटे सिर्फ एथलीट्स के लिए तय हो जाएं, तो बेस मजबूत हो सकता है। हम भी बेहतर कर पाएंगे। कोच बोले- डाइट, ट्रेनिंग और किट पर काफी खर्च अनुष्का को गाइड करने वाले कोच राजेश साहू कहते हैं कि, छत्तीसगढ़ में अब तक कोई समर्पित स्विमिंग एकेडमी नहीं है, जिससे खिलाड़ियों को दिक्कत होती है। कोच के अनुसार स्विमिंग महंगा खेल है। डाइट, ट्रेनिंग और किट पर काफी खर्च आता है। एक कॉस्ट्यूम ही 25-26 हजार रुपए का होता है, ऐसे में गरीब परिवार के बच्चे पीछे रह जाते हैं। ट्राइबल गेम्स अच्छा मंच है, लेकिन इसके साथ एक नेशनल लेवल स्विमिंग एकेडमी होनी चाहिए, जहां बच्चों को ट्रेनिंग, रहने और खाने की सुविधा मिले। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बीजापुर की सपना KITG में सबसे कम उम्र की तैराक:10 साल बड़े एथलीट्स से मुकाबला, ढाई मिनट पिछड़ने के बाद भी नहीं मानी हार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले दिन छत्तीसगढ़ ने 2 मेडल अपने नाम किए थे। इनमें से एक सिल्वर और दूसरा ब्रॉन्ज था। सिल्वर 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में अनुष्का भगत ने जीता। वहीं ब्रॉन्ज सेम इवेंट, मेल कैटेगरी में निखिल ने दिलाया। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के विकास कार्यों, पानी की बेहतर होती व्यवस्था, मेट्रो प्रोजेक्ट और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने दैनिक भास्कर से विस्तार से बातचीत की। विधायक ने कहा कि पहले जहां गंगाजल की सुविधा सीमित इलाकों तक थी, वहीं अब बड़ी आबादी तक शुद्ध पेयजल पहुंच चुका है और आने वाले महीनों में लगभग पूरे क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट एरिया डेवलपमेंट, सड़कों के निर्माण, स्कूलों को स्मार्ट स्कूल में बदलने और मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। टिकट के सवाल पर उन्होंने खुद को ‘दावेदार नहीं, तावेदार’ बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पद या टिकट के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए काम करता है। पढ़िए दैनिक भास्कर से खास बातचीत के प्रमुख अंश- सवाल: पिछले 4 साल के काम के लिए आप खुद को 10 में से कितने नंबर देंगे?जवाब: पिछले 4 साल में मैं योगी सरकार को 100 में से 100 नंबर दूंगा। अपने आप को नंबर देना मेरा काम नहीं है, यह जनता तय करेगी। जब मैंने पहला चुनाव लड़ा था तो जनता ने 60 हजार वोट से जिताया। दूसरा चुनाव 1.12 लाख वोट से जिताया। योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने जिस तरह काम किया है, वह जनता के सामने है। सवाल: अपने क्षेत्र में सबसे बड़ा कौन सा काम कराया है?जवाब: आगरा उत्तर विधानसभा में पहले केवल 20 प्रतिशत लोगों को गंगाजल की सुविधा मिलती थी, जो आज बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है। आने वाले 6 महीने में 95 प्रतिशत लोगों तक यह सुविधा पहुंच जाएगी। इसके अलावा कई कॉलोनियों में 24 घंटे पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन डाली जा रही है। स्मार्ट एरिया विकसित किया जा रहा है। सड़कों का निर्माण कराया गया है और बेसिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाया गया है। सवाल: ऐसा कोई काम जो इस साल पूरा करने का लक्ष्य हो?जवाब: हमारी कोशिश है कि मेट्रो का जो काम चल रहा है, उसे एक साल के भीतर पूरा कराया जाए। मेट्रो बनने से क्षेत्रवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और जाम से राहत मिलेगी। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं?जवाब: मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। हम जनता के बीच रहने वाले लोग हैं। मैं दावेदार नहीं, बल्कि तावेदार हूं। मैं एक कार्यकर्ता विधायक हूं और हमेशा जनता के बीच रहकर काम करता रहूंगा। भाजपा का कार्यकर्ता टिकट के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए काम करता है। सवाल: क्या आपको इस बार फिर टिकट मिलेगा?जवाब: टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व करता है। मैं एक सामान्य कार्यकर्ता हूं। मैं 1.12 लाख वोट से जीता हुआ कार्यकर्ता हूं। यह जीत मेरी नहीं, बल्कि संगठन की जीत थी। आगे भी जनता के सहयोग से भाजपा को करीब 1.50 लाख वोट से जीत दिलाने का लक्ष्य है। सवाल: आपकी विधानसभा वैश्य बाहुल्य है। ऐसे में आपकी पार्टी से और भी लोग टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। दूसरी पार्टियों से किस तरह की टक्कर रहेगी?जवाब: वैश्य समाज ने हमेशा देश और समाज के लिए काम किया है। भाजपा की किसी से कोई टक्कर नहीं है। भाजपा सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। सपा, बसपा और कांग्रेस जाति की राजनीति करती हैं, जबकि भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले की रही। अब पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिलेगा। दूसरी बड़ी खबर इजराइल के केमिकल प्लांट पर हमला होने की रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिलेगा, केंद्र का फैसला; हर जिले में 2 पम्प पर सुविधा होगी अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पम्पों पर भी केरोसिन मिलेगा। केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि हर जिले में 2 पम्प चुने जाएंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा। सरकार ने ये फैसला क्यों लिया: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत में ईंधन कमी की खबरें आ रही हैं। इसी वजह से सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। पूरी खबर पढ़ें… 2. ईरान का इजराइल के केमिकल प्लांट पर हमला, जहरीले रिसाव की चेतावनी ईरान ने इजराइल में एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल हमला किया है, जिससे प्लांट में भीषण आग लग गई है। इलाके में जहरीले रिसाव का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने लोगों को घरों में रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी है। जंग पर पाकिस्तान में बैठक हुई: ईरान जंग को लेकर इस्लामाबाद में मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई। भारत आ रहे दो LPG टैंकर: भारत आ रहे दो LPG टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है। इनमें 94 हजार मीट्रिक टन LPG लदी हुई है। इन जहाजों को भारतीय नौसेना सुरक्षा दे रही है। इससे पहले 4 भारतीय टैंकर यह रास्ता पार कर चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. मोदी बोले- जंग के चलते दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट, भारत चुनौती से निपट रहा PM मोदी ने मन की बात प्रोग्राम में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। सरकार लोगों से अपील करती है कि किसी तरह की अफवाहों में न आएं। सरकार की तरफ से जानकारी पर भरोसा करें। PM ने आगे कहा;- कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। इससे वे देश का नुकसान कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 4. अखिलेश बोले- नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन बेचने के लिए किया, हमारा घर गंगाजल से धुलवाया, भूल नहीं सकता अखिलेश यादव ने रविवार को नोएडा के दादरी में समाजवादी समता भाईचारा रैली को संबोधित किया। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर उन्होंने तंज कसा कि यूपी के 7 में से 6 एयरपोर्ट बंद हो गए हैं। कम से कम यह वादा करते जाते कि उद्घाटन के बाद इसे बेचा नहीं जाएगा। लगता तो ऐसा है कि यह उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा- जिसने अत्याचार, अन्याय और उत्पीड़न की पीड़ा नहीं झेली, वो हमारे दर्द को नहीं समझ सकते। वो हमदर्दी तो दिखा सकते हैं, लेकिन हमारा दर्द महसूस नहीं कर सकते। जो हमारे घर को गंगाजल से धुलवाने पर हमें हुआ था। सपा प्रमुख ने कहा- मंदिर जाने पर मंदिर धुलवाने पर हमने यह दर्द महसूस किया था। हम उन नकारात्मक लोगों को मिटाना नहीं चाहते, बस समझाना चाहते हैं। अब दौर बदल गया है। अभी समय है- चालबाजी छोड़ दें, भेदभाव छोड़ दें। भविष्य उनका नहीं है। नहीं तो आज उनके झंडे उतर गए हैं, कल सत्ता के सिंहासन से भी उतार दिए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 5. अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, 3,300 जगह प्रदर्शन अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोग सड़क पर उतर आए। 'नो किंग्स रैली’ में 3,300 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन हुए। इनमें ईरान तनाव, सख्त इमिग्रेशन कानून और महंगाई के मुद्दों पर विरोध हुआ। प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस्तीफे की मांग की। व्हाइट हाउस बोला- प्रदर्शन से फर्क नहीं पड़ता: व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को 'थेरेपी सेशन' बताते हुए कहा कि आम लोगों को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। वहीं ट्रम्प का कहना है कि उनके फैसले देश को मजबूत बनाने के लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे 'राजा' नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। पूरी खबर पढ़ें... 6. सरकार ने माना इकोनॉमी की रफ्तार धीमी, महंगे तेल-लॉजिस्टिक्स का असर वित्त मंत्रालय ने मार्च 2026 की अपनी मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट जारी की है। इसमें माना गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मंत्रालय ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों का पूरा असर अभी तक घरेलू बाजार में नहीं दिखा है। अगर ग्लोबल मार्केट में एनर्जी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। इकोनॉमी पर इन 3 वजहों से बढ़ रहा है दबाव महंगा कच्चा तेल: ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। लॉजिस्टिक्स-इंश्योरेंस: समुद्री रास्तों में तनाव की वजह से माल ढुलाई का किराया और इंश्योरेंस प्रीमियम महंगा हो गया है। सप्लाई चेन: जरूरी इनपुट्स की सप्लाई में देरी होने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर असर पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... पाकिस्तानियों ने ‘धुरंधर 2’ की कमाई में हिस्सा मांगा फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने 1,226 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। इसी बीच पाकिस्तान के ल्यारी में फिल्म को लेकर अनोखी मांग उठी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिल्म की कमाई को ल्यारी के विकास और सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मेष राशि वालों की इनकम के सोर्स बनेंगे। कन्या राशि वालों को मन मुताबिक पैसा मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउस कारपोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड केस में पुलिस अभी तक आरोपी बर्खास्त मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का मोबाइल रिकवर नहीं कर पाई। यही नहीं पुलिस लालजीत भुल्लर के पट्टी तरनतारन दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी रिकवर नहीं कर सकी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि भुल्लर से अभी मोबाइल व डीवीआर रिकवर करवाना बाकी है। पुलिस की इसी दलील पर अमृतसर की कोर्ट ने लालजीत सिंह भुल्लर को फिर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। जानकारी के अनुसार गगनदीप सिंह रंधावा का मोबाइल फोन परिवार ने पुलिस को दे दिया है। मोबाइल फोन रिकवरी के लिए मिली रिमांड लालजीत भुल्लर के सहयोगी व एडवोकेट हीरा सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस ने कोर्ट में कहा कि लालजीत सिंह भुल्लर का मोबाइल फोन व दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर रिकवर करना है। इसके लिए पुलिस ने पांच दिन का रिमांड मांगा था लेकिन कोर्ट उन्हें तीन दिन का रिमांड दिया है। एडवोकेट हीरा सिंह ने इस बात की पुष्टि भी की है कि अभी तक लालजीत भुल्लर का मोबाइल पुलिस ने रिकवर नहीं किया है। एडवोकट हीरा ने ही बताया कि डीएम रंधवा का मोबाइल फोन परिवार ने पुलिस को सौंप दिया। पहले पांच दिन और अब तीन दिन की मिली रिमांड डीएम रंधावा ने 21 मार्च तड़के सल्फाश निगला और वीडियो बनाकर अपनी मौत का जिम्मेदार लालजीत भुल्लर को बताया। 21-22 मार्च की मध्यरात्रि में लालजीत सिंह भुल्लर, उसके पिता सुखदेव सिंह, पीए दिलबाग सिंह व दो अन्य पर पर्चा दर्ज हुआ। पुलिस ने 23 मार्च को लालजीत भुल्लर मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया। 24 मार्च को उसे कोर्ट में पेश किया और पांच दिन की पुलिस रिमांड ली। रविवार को पुलिस ने फिर से कोर्ट में पेश किया और अब उन्हें तीन दिन की रिमांड मिली है। सुखदेव सिंह व दिलबाग सिंह नहीं हुए गिरफ्तार पुलिस पॉलिटिकल और पब्लिक प्रेशर में बर्खास्त मंत्री लालजीत भुल्लर को गिरफ्तार कर दिया लेकिन उसके पिता आरोपी सुखदेव सिंह व पीए दिलबाग सिंह को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई। जबकि लालजीत सिंह भुल्लर पांच दिन से पुलिस रिमांड पर है। दो अन्य कौन थे अभी तक नहीं हुआ खुलासा डीएम रंधावा के सुसाइड केस में तीन लोगों पर बाइनेम और दो अज्ञात पर FIR हुई है। पुलिस पांच दिन की रिमांड में लालजीत सिंह भुल्लर से यह भी नहीं पता कर पाई कि आखिर उस समय दफ्तर में वो दो लोग कौन थे। डीएम के परिवार का दावा, 13 मार्च को 13 बार भुल्लर ने की कॉल डीएम रंधावा का परिवार घटना के दिन से ही लालजीत सिंह भुल्लर का मोबाइल फोन व उसके दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने की मांग कर रहा है। डीएम रंधावा की बेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस दावा किया था कि 13 मार्च को लालजीत भुल्लर के मोबाइल से उसके पापा को 13 कॉल आई हैं। भुल्लर पर आरोप हैं कि 13 मार्च को उसने अपने दफ्तर में डीएम रंधावा को बुलाकर जलील किया और उसके साथ मारपीट की।
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पिछले तीन साल से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए सालों से जेल में बंद बेकसूर लोगों को फ्री में मदद दिलाई जा रही है। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के वकीलों ने 2023 से अब तक 2600 से ज्यादा मामलों में आरोपियों की ओर से पैरवी की है। इनमें से 480 से ज्यादा ऐसे बेकसूर लोग थे, जिनके पास वकील करने तक के पैसे नहीं थे। वे सालों से जेल में बंद थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिली मदद से उन्हें सभी आरोपों से मुक्त किया गया। इसके अलावा अब तक 970 आरोपियों की ओर से कोर्ट में विधिक सेवा की ओर से जमानत लगाई गई। इनमें से करीब 800 लोगों को जमानत दिलाई गई। दरअसल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए गरीब लोग आसानी से कानूनी सहायता ले सकते हैं। भोपाल के कई चर्चित मामलों में भी कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से वकील कराकर दिए हैं। ये लोग ले सकते हैं मदद... अजा-अजजा के लोग। ह्यूमन ट्रैफिकिंग के पीड़ित। कोई भी महिला-बच्चा। विकलांग। आपदा पीड़ित। जेल के कैदी। सालाना हजार से कम आय वाले। (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की एक चीफ, 4 डिप्टी एलएडीसी, 8 जूनियर एलएडीसी हैं।) हफ्ते में दो दिन जेल में बंद कैदियों से होती है पूछताछ: चीफ एलएडीसी हर सोमवार और शुक्रवार को जेल का दौरा करती हैं। इस दौरान कैदियों से विधिक सेवा लेने के संबंध में पूछताछ की जाती है। यदि कोई भी कैदी वकील की मांग करता है, तो उसे वकील मुहैया कराया जाता है। कई मामलों में आरोपियों के पास वकील नहीं होते। उनके कोर्ट पहुंचने पर कोर्ट के आदेश से विधिक सेवा के जरिए वकील कराया जाता है। हत्या के आरोप से बरी कराया झुग्गी में आग लगाकर हत्या करने के आरोप में 436 दिन जेल में रहने के बाद कोर्ट ने आरोपी आकाश को बरी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस को 13 बिंदुओं पर गलत बताया था। आकाश की ओर से लीगल एड डिफेंस से एडवोकेट रीना वर्मा, श्रेयश सक्सेना ने पैरवी की थी। कोर्ट में बताया गया कि विवेचना अधिकारी मर्ग सूचना मिलने से पहले ही मौके पर कैसे पहुंचे थे। इसका कोई जवाब पुलिस पेश नहीं कर पाई। पुलिस ने आकाश के पास से पेट्रोल या मिट्टी का तेल जब्त नहीं किया था। बल्कि एक डंडा जब्त किया था। मृतक की मौत में डंडे का कोई इस्तेमाल नहीं किया गया था। झूठे दुष्कर्म के आरोप से कराया बरी घटना 10 नवंबर 2022 की कोलार थाना क्षेत्र की थी। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के झूठे आरोप में हरिनारायण को 3 साल तक जेल में रहना पड़ा। इस दौरान लीगल एड डिफेंस से मुकेश गौर ने हरिनारायण के केस में पैरवी की। कोर्ट में सामने आया कि पीड़िता की मां, आरोपी के बीच विवाद हुआ था। इसमें पीड़िता की मां ने हरिनारायण पर हमला किया था। इससे उसके सिर में चोट आई थी। इसी से बचने के लिए पीड़िता की मां ने पहले थाने पहुंचकर हरिनारायण के खिलाफ अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा दिया था। पुलिस ने इस मामले में हरिनारायण की मेडिकल रिपोर्ट, उसके द्वारा पीड़िता की मां के खिलाफ दर्ज कराए गए केस को कोर्ट में पेश नहीं किया था। केस, मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट के सामने आने के बाद हरिनारायण को बरी किया गया।
नोएडा की दादरी विधानसभा में अखिलेश यादव ने 55 मिनट का भाषण दिया। चुनावी शंखनाद के दौरान अखिलेश का फोकस- महिला, किसान, बेरोजगारी पर रहा। भूमि अधिग्रहण होने पर बाजार रेट पर मुआवजा देने के ऐलान के जरिए उन्होंने वेस्ट यूपी के 3 करोड़ किसानों को साधने का प्रयास किया। सपा ने वेस्ट यूपी में हिंदू-मुस्लिम वोटर्स के बीच की खाई पाटने के लिए जनसभा को 'समाजवादी समानता भाईचारा रैली' का नाम दिया। वेस्ट यूपी में जाट-गुर्जर वोटबैंक में अगर सपा सेंध लगाने में कामयाब होती है, तो वेस्ट यूपी की 136 सीटों पर सियासी तस्वीर बदल सकती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और रालोद ने 43 सीटें जीतीं थीं, जबकि BJP के कैंडिडेट 93 सीटों पर कामयाब हुए थे। सपा इस आंकड़े को बदलने के लिए जोर लगा रही है। अखिलेश यादव ने वेस्ट यूपी के किन समीकरणों को साधा? इस रिपोर्ट में जानिए… पॉइंट 1. गुर्जर बेल्ट में रैली, जाट के साथ दूसरी बिरादरी भी पहुंची अखिलेश ने रैली से संकेत दिया कि सपा ने पश्चिमी यूपी से चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। सपा को मालूम है कि वेस्ट यूपी में 2013 के दंगों के बाद हिंदू और मुस्लिम वोटर कभी एक प्लेटफार्म पर नहीं आए। 2019 में चौधरी अजीत सिंह ने इस खाई को पाटने की कोशिश की थी। 2022 में चौधरी अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी ने सपा के साथ गठबंधन करके इस दूरी को लगभग मिटा दिया था। जाट-गुर्जर वोटर गठबंधन के साथ आया। लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जयंत सपा से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ आ गए। चौंकाने वाली बात यह थी कि रालोद के साथ छोड़ने के बावजूद वेस्ट यूपी की कई सीटों पर सपा का परफॉर्मेंस बहुत अच्छा था। मुजफ्फरनगर और कैराना जैसी जाट-गुर्जर बाहुल्य सीटों पर सपा ने कामयाबी हासिल की। अब 29 मार्च को दादरी में भी ऐसा ही कुछ दिखा, जब गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र में रैली हुई। इसमें बड़ी संख्या में जाट और दूसरी बिरादरी के लोग शामिल हुए। पॉइंट 2. मिहिर भोज की प्रतिमा से कनेक्ट करने की कोशिश सपा ने एक और बड़ा गेम खेला। दादरी से अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि लखनऊ के रिवर फ्रंट पर हम मिहिर भोज की प्रतिमा लगवाएंगे। मिहिर भोज को गुर्जर अपना नायक मानते हैं। इस तरह अखिलेश वेस्ट यूपी और आसपास के इलाकों में गुर्जर समाज को जोड़ने की कोशिश कर रहे। सपा की नॉन-यादव OBC रणनीति में गुर्जर अहम भूमिका में हैं। इसलिए मिहिर भोज की प्रतिमा का ऐलान एक सीधा राजनीतिक सिग्नल है। क्योंकि, दादरी में मिहिर भोज को गुर्जर अपनी जाति (गुर्जर–प्रतिहार) का मानते हैं। राजपूत उन्हें अपना वंशज कहते हैं। अखिलेश लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा ने इतिहास और जातीय पहचान से छेड़छाड़ की। लखनऊ में प्रतिमा का ऐलान करके सपा यह दिखाना चाहती है कि हम सही पहचान और सम्मान देने वाली पार्टी हैं। पॉइंट 3. एयरपोर्ट और डेवलपमेंट मॉडल को हवा-हवाई बताया अखिलेश ने भाजपा की यूपी में एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और डेवलपमेंट के मॉडल पर सवाल उठाकर पूरे नरेटिव को हवा-हवाई बताया। उन्होंने यह भी पूछा कि यूपी में जो 7 एयरपोर्ट के उद्धाटन हुए थे, उनमें 6 तो बंद हो गए। इस एयरपोर्ट का उद्धाटन भी क्या बेचने के लिए किया है? उन्होंने गलगोटिया यूनिवर्सिटी वाले मामले को भी याद किया। कहा- दुनियाभर में रोबोटिक डॉग से देश का नाम बदनाम करने वाली यूनिविर्सटी को रैली में बच्चों की भीड़ बढ़ाने की जिम्मेदारी मिली थी। अखिलेश ने कहा कि मेट्रो और कनेक्टिविटी सपा सरकार की देन है, न कि भाजपा की। अखिलेश पूरी कोशिश करते दिखे कि भाजपा हर जिले में जो विकास के मॉडल रख रही है, उसके फेल्योर गिनाकर वोटर को सपा की तरफ खींच सकें। पॉइंट 4. वेस्ट यूपी के 3 करोड़ किसानों को साधा अखिलेश दादरी के मंच से वेस्ट यूपी के 3 करोड़ किसानों को साध गए। उन्हें पता है कि मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, मेरठ, बिजनौर, बुलंदशहर समेत 60 से 70 सीटें ऐसी हैं, जहां किसानों के मुद्दे हार-जीत तय करते हैं। इसलिए अखिलेश ने अधिग्रहण और मुआवजे का पॉइंट उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सपा की सरकार बनी, तो जमीन अधिग्रहण होने पर बाजार दर से मुआवजा देंगे। अभी सरकार आपकी जमीनें औने-पौने दाम पर खरीद रही है। किसानों को सही कीमत नहीं मिल रही। दरअसल, वेस्ट यूपी किसान बेल्ट है, यहां 50% लोग खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। पॉइंट 5. आरोप लगाया, बड़े MOU हुए लेकिन रोजगार नहीं मिला अखिलेश ने वादा किया कि सपा सरकार में युवाओं को नौकरी पर फोकस रहेगा। उन्होंने ये भी कहा कि महिलाओं को 40 हजार रुपए सालाना दिया जाएगा। यह महिला सम्मान निधि की तरह दिया जाएगा। युवा वोटर्स को साधने के लिए उन्होंने बड़े MOU होने और फिर उस हिसाब से जॉब न मिलने का मुद्दा भी उठाया। अखिलेश के ऐसे मुद्दे उठाने पर पब्लिक भी नारे लगाते हुए उनके मंच के करीब पहुंच गई थी। अखिलेश का भाषण 5 पॉइंट में समझने के बाद एक्सपर्ट से समझा कि दादरी की रैली से अखिलेश क्या संदेश देने में कामयाब हुए? ये भी पढ़िए… पीडीए फॉर्मूला असर करता दिख रहावरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं- अखिलेश यादव की दादरी की रैली को कई मायनों में कामयाब माना जा सकता है। क्योंकि हम ऐसे जमाने में हैं, जहां लोग 30 सेकेंड से ज्यादा एक वीडियो या रील नहीं देखते। ऐसे दौर में हजारों की भीड़ जुटाना भी एक चुनौती होती है। वो भी तब, जब आप सत्ता में नहीं हैं। इससे संकेत मिलता है कि अखिलेश का पीडीए फॉमूर्ला लोगों पर असर कर रहा। भाजपा के गढ़ में जाकर इस तरह की जनसभा करना और भीड़ जुटाना थोड़ा मुश्किल दिखता है। आज की सभा में अखिलेश यादव ने लोकल मुद्दे उठाकर यह जताया कि सरकार बनी, तो ये आम लोगों की सरकार होगी। अखिलेश काम नहीं दिखा सके, इसलिए वेस्ट यूपी सपा को नकारती हैभाजपा के प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं- आप समझिए कि सपा ने इस रैली के लिए वेस्ट यूपी के कई जिलों में प्रचार किया था। लेकिन फिर भी वो उतनी भीड़ नहीं जुटा सकी, जिसकी सपा नेताओं को उम्मीद थी। अखिलेश ने हमेशा जातिगत राजनीति की है। भाजपा सिर्फ विकास पर बात नहीं करती, उसके मॉडल को समय-समय पर दिखाती भी है। कुछ दिन पहले दिल्ली को मेरठ से जोड़ने वाली रैपिड ट्रेन का उद्घाटन किया। शनिवार को एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। जल्द ही, मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेस-वे का भी उद्घाटन होगा। सपा के पास इस तरह का एक भी ऐसा काम नहीं है, जो पश्चिमी यूपी के लोगों को दिखाया जा सके। यही वजह है कि पश्चिमी यूपी की जनता उन्हें लगातार नकारती रहती है। सपा प्रवक्ता बोले- हमारे अध्यक्ष के पास पूरा रोडमैपसपा प्रवक्ता अमीक जामेई कहते हैं- 2027 के चुनाव की घोषणा होने में अब 300 से भी कम दिन बचे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि उनके एजेंडे में युवा, महिलाएं और किसान हैं। उनके पास यूपी के डेवलपमेंट का पूरा रोडमैप है। आने वाले दिनों में जो रैलियां होंगी, उनमें सपा सुप्रीमो ये रोडमैप ही बताएंगे। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें - अखिलेश बोले- नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन बेचने के लिए किया, जिसने हमारा घर गंगाजल से धुलवाया, वो दर्द नहीं समझ सकते अखिलेश यादव ने रविवार को नोएडा के दादरी में समाजवादी समता भाईचारा रैली को संबोधित किया। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर उन्होंने तंज कसा कि यूपी के 7 में से 6 एयरपोर्ट बंद हो गए हैं। कम से कम यह वादा करते जाते कि उद्घाटन के बाद इसे बेचा नहीं जाएगा। लगता तो ऐसा है कि यह उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया है। पढ़िए पूरी खबर…
हमारा डर परीक्षा को लेकर नहीं, अधिकारियों की नीयत को लेकर है। यह कहना है शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के प्रांताध्यक्ष राकेश दुबे का। टीईटी अनिवार्यता को लेकर प्रदेश में विवाद तेज हो गया है और शिक्षक संगठन अब खुलकर विरोध में आ गए हैं। दुबे ने साफ कहा कि 27 साल बाद अचानक नियम बदलना न केवल अनुचित है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है। इस मुद्दे पर सभी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बना लिया है और जल्द ही बड़े आंदोलन की रूपरेखा सामने आएगी। उधर, विभाग के आदेश से करीब डेढ़ लाख शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा का माहौल है। नियम खेल शुरू होने से पहले तय होने चाहिएराकेश दुबे ने कहा कि सभी शिक्षक शासन के तय नियमों के अनुसार ही भर्ती हुए थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि खेल के नियम खेल शुरू होने से पहले तय होने चाहिए, बीच में नहीं बदले जाने चाहिए। उनके मुताबिक, 1995 से 2011 के बीच नियुक्त शिक्षक उस समय की पात्रता परीक्षा और मेरिट प्रक्रिया से आए हैं। अब 27 साल बाद टीईटी अनिवार्य करना “रेट्रोस्पेक्टिव बदलाव” जैसा है, जो न सिर्फ अनुचित है बल्कि कानूनी रूप से भी सवालों के घेरे में है। क्वालिटी एजुकेशन का तर्क सवालों मेंटीईटी लागू करने के पीछे विभाग का तर्क शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है। इस पर दुबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गुणवत्ता खराब है, तो फिर राज्य केंद्र से मिलने वाले पुरस्कार क्यों लेता है? उन्होंने कहा कि हर साल रिजल्ट में सुधार, लगातार ट्रेनिंग और नवाचार शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है। ऐसे में अचानक नया नियम लागू करना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं विभाग की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। आदेश में स्पष्टता नहीं, शिक्षकों में असमंजसदुबे ने आरोप लगाया कि डीपीआई द्वारा जारी आदेश में कई विसंगतियां हैं। इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी और कौन इसके दायरे से बाहर होंगे। उन्होंने कहा कि होली की छुट्टियों के बीच आदेश जारी करना भी संदेह पैदा करता है। “जब वेतन जैसे मुद्दों पर छुट्टी का हवाला दिया जाता है, तो ऐसे अहम आदेश जल्दबाजी में क्यों?”—यह सवाल उन्होंने उठाया। संयुक्त मोर्चा बनाएगा आगे की रणनीतिशिक्षक संगठनों ने अब “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” बना लिया है। 29 मार्च को हुई बैठक में आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। आजाद अध्यापक संघ की प्रदेश अध्यक्ष शिल्पी शिवान ने कहा कि टीईटी के अलावा वरिष्ठता जैसे मुद्दे भी लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग खुद स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों से परीक्षा दिलानी है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आदेश बना विवाद की जड़दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने हाल ही में आदेश जारी कर कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल से अधिक समय शेष है, उन्हें टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। इसके लिए दो साल की समय सीमा तय की गई है। यदि कोई शिक्षक तय समय में परीक्षा पास नहीं करता, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसी आदेश से करीब 1.5 लाख शिक्षकों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन की मांगविभाग ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर लिया है। हालांकि, अन्य राज्यों ने इस मामले में रिव्यू पिटीशन दायर कर राहत की कोशिश की है। मध्यप्रदेश में भी शिक्षक संगठन इसी मांग को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत रिव्यू पिटीशन दायर कर शिक्षकों के हित में फैसला लेना चाहिए। टीईटी विवाद अब सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह “नीति बनाम न्याय” की लड़ाई बन चुका है। एक तरफ विभाग शिक्षा की गुणवत्ता का हवाला दे रहा है, तो दूसरी ओर शिक्षक अपने अधिकारों और सेवा सुरक्षा की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि संयुक्त मोर्चा अब प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी में जुट गया है। टेस्ट के लिए 2 साल की समय सीमा तयस्कूल शिक्षा विभाग ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर उठाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शिक्षकों को आदेश जारी होने की तारीख से दो साल के भीतर टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। अगर कोई शिक्षक तय समय सीमा में टीईटी पास नहीं करता है तो उसे सेवा से हटाया जा सकता है। शिक्षक बोले- आगे की लड़ाई एक साथ लड़ेंगेशासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 29 मार्च को सभी शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाई थी। इस बैठक में संयुक्त मोर्चा बनाया गया। अबआगे की रणनीति तय की गई। टीईटी के अलावा “शिक्षक एप से अटेंडेंस” और “सेवा वृद्धि” जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे। कौशल ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 साल 2010 से लागू हुआ और टीईटी 2011 से अनिवार्य हुआ, जबकि हजारों शिक्षक इससे पहले नियुक्त हो चुके थे।
भाजपा स्थापना दिवस:हफ्तेभर चलेगी गांव-बस्ती चलो' मुहिम
भाजपा अपने 46वें स्थापना दिवस पर 7 से 12 अप्रैल तक प्रदेशभर में 'गांव-बस्ती चलो' अभियान चलाएगी। संगठन की बैठक में तय रणनीति के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा के 50 बड़े गांवों में जनसभाएं होंगी। अभियान का मुख्य आकर्षण पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उनका सम्मान करना होगा। इसमें सांसद, विधायक और मंत्री मुख्य भूमिका निभाएंगे। जनप्रतिनिधि गांवों में स्वच्छता के लिए श्रमदान करेंगे और चौपालों में सरकारी योजनाओं पर चर्चा करेंगे। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों से मिलकर उनके अनुभव साझा करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावी संचालन के लिए प्रदेश स्तर पर विशेष टोली और जिला स्तर पर चार सदस्यीय समितियां बनाई गई हैं, जिनमें महिला भागीदारी अनिवार्य है।
बांके बिहारी मंदिर में व्यवस्थाएं बनाने के नाम पर निजी सुरक्षा कर्मियों की गुंडई का मामला सामने आया है। यहां निजी सुरक्षा कर्मियों ने एक श्रद्धालु के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना का वीडियो बना रहे दुकानदार को भी नहीं बख्शा। निजी सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि दुकानदार उनके बैरक में घुस आए थे। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के 8 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है। गेट नंबर 1 पर हुई मारपीट रविवार की देर शाम करीब 9 बजकर 40 मिनट पर मंदिर बंद होने के बाद कुछ श्रद्धालु गेट नंबर 1 पर प्रणाम करने पहुंचे। यहां तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों ने उनसे वहां से हटने के लिए कहा। इस बात को लेकर विवाद हुआ। जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में 10 से ज्यादा सुरक्षा कर्मी वहां पहुंच गए और श्रद्धालु के साथ जमकर मारपीट करने लगे। वीडियो हुआ वायरल गेट नंबर 1 पर हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से राजस्थान सिक्यूरिटी के यह सुरक्षा कर्मी श्रद्धालु पर थप्पड़ और घूंसे बरसा रहे हैं। इस दौरान वहां भीड़ जैसी स्थिति भी नहीं दिख रही। सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई मारपीट के दौरान एक महिला श्रद्धालु रोकती हुई भी नजर आ रही है। दुकानदार ने बनाया वीडियो तो उसे भी नहीं छोड़ा बांके बिहारी मंदिर के मुख्य गेट पर हुई इस मारपीट का वहां मौजूद दुकानदार योगेश वीडियो बनाने लगा तो आरोप है कि गार्डों ने उसे भी नहीं बख्शा। निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई दुकानदार से मारपीट की जानकारी जब आसपास के अन्य दुकानदारों को हुई तो वह एकत्रित हो गए। जिसके बाद कहासुनी हो गई। पुलिस पर लगा दुकानदारों से मारपीट का आरोप दुकानदार के साथ की गई मारपीट की घटना के बाद आसपास के अन्य दुकानदार दीपक,जितेंद्र,रामू,रमण,जयंत उस धर्मशाला में पहुंचे जहां गार्ड रह रहे हैं। धर्मशाला में आरोप है कि बांके बिहारी पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा भी पहुंच गए जहां दरोगा ने गार्डों के साथ दुकानदारों को धर्मशाला में बंद कर दिया और उनके साथ वहां भी मारपीट की गई। बैरक में घुस आए थे दुकानदार राजस्थान सिक्यूरिटी कंपनी के बांके बिहारी मंदिर पर इंचार्ज अटल यादव ने बताया 20 से ज्यादा दुकानदार जहां वह रहते हैं उस बैरक पर आ गए। इससे पहले मंदिर की शयन आरती के बाद गार्ड बाहर आ गए थे माइक पर एलाउंस किया जा रहा था कि किसी को ढोक (प्रणाम) मत करने देना जब तक मंदिर के अंदर मौजूद पब्लिक बाहर न आ जाए। उसमें से कुछ श्रद्धालु ढोक लेने जा रहे थे। जबकि एग्जिट गेट से किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता है। अटल यादव ने बताया मारपीट की बजह पब्लिक का उग्र होना है। स्थानीय लोग बैरक में गए जहां गाली गलौज की गई। श्रद्धालुओं के साथ हो रही थी मारपीट बांके बिहारी मंदिर के सेवायत परिवार की महिला नीलम गोस्वामी ने बताया कि गेट नंबर 1 पर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की जा रही थी। ब्लैक ड्रेस सिक्यूरिटी वाले मारपीट कर रहे थे। नीलम गोस्वामी ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद श्रद्धालु महिला कह रही थीं कि हजार हजार रुपए दो। नहीं दिए तो धक्के मार दिए गए। मारपीट की धक्के दिए,वह लोग चौकी गए वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। श्रद्धालु बोले धक्का मारा बांके बिहारी मंदिर पहुंची एक महिला श्रद्धालु का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वह कह रही हैं कि वह लोग धक्के मार रहे थे,एक माताजी को धक्का मारा,उनके सर पर चोट लगी है। महिला श्रद्धालु ने कहा कभी नहीं आएंगी सभी को मना करेंगी,किसी को आना ही नहीं चाहिए वृंदावन में। जांच में जुटी पुलिस बांके बिहारी मंदिर पर हुई इस घटना के बाद पुलिस दुकानदार और मारपीट करने वाले सुरक्षा कर्मियों को थाना ले आई। वहीं श्रद्धालु व्यवस्था को कोसते हुए चले गए। थाना पहुंचे दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी संजय पांडे ने बताया दोनों पक्षों से मामले की जानकारी की जा रही है,मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जाएगी,जो दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी।
गुरुग्राम के पटौदी में दो बच्चों और उनके नाना को कुचलने वाले ब्लैक थार के ड्राइवर को जमानत मिल गई। तीन मौतों के जिम्मेदार थार ड्राइवर भी गुरुग्राम का रहने वाला है। उसे शनिवार को ही पुलिस ने अरेस्ट किया था, लेकिन 24 घंटे में वो बेल पर बाहर आ गया। उधर, आरोपी दीपांशु को जमानत मिलने पर पीड़ित के परिजनों ने नाराजगी जाहिर की। मृतकों के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि मासूम बच्चों और बुजुर्ग की मौत के मामले में इतनी जल्दी जमानत कैसे दी जा सकती है। उन्हें तीन मौत का इंसाफ चाहिए। बता दें कि हादसा शुक्रवार रात लोकरा-खोड़ रोड पर गांव खोड़ के पास हुआ। उस वक्त तीनों पैदल ही घर लौट रहे थे। पहले जानिए क्या है पूरा मामला… मृतकों के PHOTOS… छुटि्टयों में नाना के घर आए थे बच्चे सुभाष के भाई सलीम ने बताया कि सुभाष के पास तीन लड़की व एक लड़का है। सबसे बडी लड़की समा की शादी मनीष निवासी गांव मिलकपुर गुर्जर थाना भिवाड़ी जिला खैरतल तिजारा (अलवर) में हुई है। समा के तीन लड़के हैं। सबसे बड़ा ईशान्त उम्र 10 साल, उससे छोटा जैद खान उम्र 8 साल व सबसे छोटा रिहान्स है। जो स्कूल की छुट्टी होने के कराण समा के दो लड़के ईशान्त व जैद खान अपने नाना के घर गांव खोड आए हुए थे। इन 2 धाराओं में केस दर्ज, इस कारण मिली जमानत SHO बोले- कोर्ट से जमानत मिली है इस बारे में पटौदी थाना एसएचओ ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि 27 मार्च की रात को इस एक्सीडेंट की सूचना मिली थी। मृतक सुभाष के भाई सलीम की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। शनिवार को आरोपी दीपांशु को अरेस्ट किया गया। रविवार को कोर्ट से जमानत मिली है।
झारखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। 31 मार्च से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी और पलामू प्रमंडल को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में इसका असर दिखेगा। रांची, बोकारो और धनबाद समेत मध्य झारखंड में भी मौसम का रुख बदला रहेगा। तेज हवाओं के साथ वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग ने बारिश के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की भी चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर बढ़ेगा। इसके बाद 24 घंटे के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग ने 29 मार्च से ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात की आशंका जताई है। वहीं 31 मार्च को हवा की गति बढ़कर 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 2 अप्रैल को भी दक्षिणी और आसपास के मध्य हिस्सों में तेज हवा और ठनका गिरने का खतरा बना रहेगा। लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है। 31 मार्च को मिलेगी राहत; फिर बारिश राजधानी रांची में 30 मार्च को आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इन दिनों अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि 31 मार्च को मौसम में बदलाव आएगा। गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। इसके बाद 1 और 2 अप्रैल को फिर से आंशिक बादल छाए रहेंगे। 4 अप्रैल को एक बार फिर मेघ गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटे में 32.2 डिग्री रहा रांची का पारा पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 12.4 मिमी वर्षा सिमडेगा के पाकरटांड में रिकॉर्ड की गई। वहीं अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री डालटनगंज में और न्यूनतम 17.1 डिग्री गोड्डा में दर्ज किया गया। रांची में अधिकतम तापमान 32.2 और न्यूनतम 18.2 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार बिहार से गंगीय पश्चिम बंगाल तक बने ट्रफ और ओडिशा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह बदलाव हो रहा है। आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बनी रहेगी।
मप्र सरकार ने राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) और उसके सहयोगी संगठनों पर लगे प्रतिबंध को एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है। प्रदेश के नक्सल समस्या से प्रभावित रहे क्षेत्रों में इन संगठनों द्वारा अशांति फैलाने की कोशिश करने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है। मप्र विशेष क्षेत्र सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई राज्य के गृह विभाग गजट नोटिफिकेशन जारी कर तीन संगठनों की गैर कानूनी संगठन घोषित किया है। इनमें सीपीआई (माओवादी) के साथ-साथ उसके दो प्रमुख फ्रंट संगठन क्रांतिकारी किसान कमेटी (केकेसी) और क्रांतिकारी जन कमेटी (केजेसी) शामिल हैं। राज्य सरकार ने मप्र विशेष क्षेत्र सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह प्रतिबंध लगाया है। इससे पहले राज्य सरकार ने इन तीनों संगठनों पर जनवरी 2024 में प्रतिबंध लगाया गया था। प्रदेश को नक्सल-मुक्त घोषित करने के दौरान ही इस प्रतिबंध की मियाद खत्म हो गई थी। अब सरकार ने इस प्रतिबंध को एक साल के लिए और बढ़ाया है। सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार प्रतिबंध 18 नवंबर 2025 से प्रभावी होकर नवंबर 2026 तक जारी रहेगा।
भोपाल में आज से दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत विधानसभा में हो रही है। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 63 युवा विधायक शामिल होंगे। सुबह 10 बजे इसका शुभारंभ होगा। पहले 70 से ज्यादा विधायकों के आने की सूचना थी, लेकिन 63 विधायकों की सहमति मिल पाई है। सीएम करेंगे उद्घाटन युवा विधायक सम्मेलन का उद्घाटन आज सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद रहेंगे। तीन राज्यों के 63 विधायक हो रहे शामिलविधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के 37, राजस्थान के 13 और छत्तीसगढ़ के 13 विधायकों के आने की सहमति आई है। यह संख्या सुबह कम या ज्यादा भी हो सकती है। इस सम्मेलन में पांच सत्र होंगे दो दिनों तक चलने वाले युवा विधायक सम्मेलन में कुल पांच सत्र होंगे। पहले दिन यानी आज तीन सत्र होंगे, कल समापन के दिन दो सत्र होंगे। लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने में युवा विधायकों की भूमिका और विकसित भारत 2047 का विजन तक पहुंचनें में युवा विधायकों की भूमिका जैसे विषयों पर पहले दिन के सत्रों में चर्चा होगी। राज्यसभा के उपसभापति होंगे समापन सत्र में शामिलराज्यसभा के उपसभापति हरिवंश युवा विधायक सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल होंगे। राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन के दूसरे दिन 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047− युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। इस दिन अन्य सत्रों के अलावा एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड संबोधन देंगे।
संत रविदास लोक:40 कारीगर कर रहे बंशी पहाड़पुर के पत्थरों पर नक्काशी
सागर में बन रहा 'संत रविदास लोक' का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कुल 101 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य अप्रैल के अंत तक खत्म होने की उम्मीद है। सरकार इस लोक के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने अगस्त 2023 में इसका भूमिपूजन किया था। 12 हेक्टेयर में फैले इस परिसर में 9 हजार वर्गफीट का भव्य मंदिर और 15 हजार वर्गफीट में आधुनिक म्यूजियम बनाया जा रहा है। 10 हजार वर्गफीट में लाइब्रेरी और संगीत हॉल होगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के भरतपुर के बंशी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों का उपयोग हो रहा है, जिन पर अहमदाबाद के सोमपुरा समूह के कारीगर नक्काशी कर रहे हैं। म्यूजियम का काम 15 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। हालांकि प्रोजेक्ट अगस्त 2025 में पूरा होना था, लेकिन फंड में देरी से समय सीमा थोड़ी आगे बढ़ गई है। 9 हजार वर्गफीट में मंदिर, 15 हजार वर्गफीट में विकसित होगा म्यूजियम संत रविदास लोक के 15 हजार वर्गफीट में फैले म्यूजियम में उनके जीवन के 13 कालखंडों को होलोग्राम और वर्चुअल तकनीक से दर्शाया जाएगा। यहां 100 से अधिक पद और वीडियो शो उपलब्ध होंगे। परिसर में 100 बिस्तरों की डॉरमेट्री, 12 कमरे, लाइब्रेरी, संगीत हॉल, हवनकुंड और कैफे जैसी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, गार्डन में एक 'गेजबो' भी बनाया गया है, जहाँ से पूरे परिसर को निहारा जा सकेगा। वर्चुअल मूर्ति के साथ ले सकेंगे फोटो परिसर में आगंतुक संत रविदास की वर्चुअल मूर्ति संग फोटो और रोबोटिक सिग्नेचर से उनके पत्र ले सकेंगे। यहाँ पोस्टकार्ड संदेश और क्विज की सुविधा भी होगी। साथ ही, कई जगह होलोफान, होलोबॉक्स, प्रोजेक्शन और रोबोटिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। पीएम ने भूमिपूजन पर इस लोक के लोकार्पण की इच्छा जताई थी। काम पूरा होते ही मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्रीजी को उद्घाटन का प्रस्ताव भेजेंगे। -प्रदीप लारिया, विधायक, नरयावली
भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर शहर के 131 जैन मंदिरों में प्रातःकाल श्रीजी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। पर्व के उल्लास में अधिकतर घरों पर धर्मध्वज फहराई गई है। दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, आनंद गोधा और प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि 30 मार्च को दोपहर 2 बजे प्रसिद्ध कांच मंदिर, इंदौर (हुकुमचंद मार्ग) से भव्य स्वर्ण रथ यात्रा निकाली जाएगी। स्वर्ण रथ के सारथी बनने का सौभाग्य रोहित गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ है। शोभायात्रा के प्रमुख संयोजक नकुल पाटोदी और हर्ष जैन होंगे। 11 घोड़े, हाईटेक बग्घियां और भव्य लवाजमास्वर्ण रथ यात्रा में 11 घोड़े, चार हाईटेक बग्घियां, बैंड-बाजे और पांच गोटों का लवाजमा शामिल रहेगा। रथ में रजत सिंहासन पर भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा विराजित होकर नगर भ्रमण करेगी। यह रहेगा शोभायात्रा मार्गशोभायात्रा मल्हारगंज, गोरा कुंड, खजूरी बाजार, राजबाड़ा और जवाहर मार्ग से होते हुए पुनः कांच मंदिर पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न मंदिरों, समाजों और सोशल ग्रुपों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी तथा कई स्थानों पर स्वागत मंच लगाकर भव्य स्वागत किया जाएगा। गोरा कुंड, राजबाड़ा और जवाहर मार्ग पर निर्णायक मंडल के मंच लगाए जाएंगे, जहां श्रेष्ठ तीन झांकियों का चयन किया जाएगा। कांच मंदिर पहुंचने पर संतों के प्रवचन होंगे और सूर्यास्त पूर्व श्रीजी के कलश संपन्न होंगे। समाज भोज और पुरस्कार वितरणइतरिया बाजार में समाज भोज की व्यवस्था की गई है, जिसके पुण्यार्जक सुभाष सामरिया परिवार हैं। रथ यात्रा के पुरस्कार आकाश जैन कोल परिवार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। युवा खींचेंगे स्वर्ण रथ100 वर्षों के इतिहास में पहली बार स्वर्ण रथ को मयंक जैन के नेतृत्व में युवा हाथों से खींचा जाएगा। शोभायात्रा के सुचारू संचालन हेतु विभिन्न क्षेत्रों में समाजजनों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। संतों की सहभागिताइंदौर में विराजित मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ, मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ, मुनि श्री सुविशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ एवं मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने शोभायात्रा में सम्मिलित होने की स्वीकृति प्रदान की है। महावीर जन्म कल्याणक पर द्वारकापुरी में बहुआयामी स्वास्थ्य शिविरमहावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में श्वेताम्बर जैन महासंघ के तत्वावधान में शीतलनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर, द्वारकापुरी, इंदौर पर बहुआयामी स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि शिक्षाविद् एवं अर्थशास्त्री डॉ. जयंतीलाल भंडारी ने कहा कि भगवान महावीर के उपदेशों में अच्छे स्वास्थ्य और संतुलित जीवन के सूत्र समाहित हैं। उन्होंने कहा कि अहिंसा, अपरिग्रह, संयम, शाकाहार, क्षमा और “जियो व जीने दो” जैसे सिद्धांत न केवल आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग हैं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत उपयोगी हैं। नवकार मंत्र सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन को संतुलित बनाता है और रोगों से बचाव में सहायक सिद्ध होता है। शिविर में 500 से अधिक लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांचें एवं उपचार निःशुल्क किए गए। इनमें नेत्र जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन, हृदय रोग जांच, स्त्री रोग परामर्श, डायबिटीज एवं बीपी जांच, घुटनों के एक्स-रे, दंत चिकित्सा सहित अन्य सेवाएं रहीं। शिविर के माध्यम से समाज सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देते हुए महावीर जन्म कल्याणक को सार्थक रूप से मनाया गया।
मध्य प्रदेश में मार्च का दूसरा स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। रविवार को ग्वालियर समेत कई जिलों में बादल, बूंदाबांदी वाला मौसम रहा। सोमवार से ज्यादा असर होगा, जो अगले 5 दिन तक बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर-चंबल के 2 जिले भिंड-दतिया में ओले गिरेंगे तो भोपाल, जबलपुर समेत आधे हिस्से में बादल, बारिश और आंधी चलेगी। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ का भी असर है। इस वजह से सोमवार से सिस्टम स्ट्रॉन्ग होगा। कहीं तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि भी होगी। यह सिस्टम पांच-छह दिन तक सक्रिय रहेगा। भोपाल में भी बादल-बारिश होगी। बदले मौसम की वजह से पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। अगले 4 दिन तक पूरे प्रदेश में असरमौसम विभाग के अनुसार, सिस्टम का असर 30 मार्च से शुरू हो जाएगा, जो अगले 4 दिन तक बना रहेगा। यह सिस्टम पूरा प्रदेश कवर कर लेगा। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों में मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने 2 अप्रैल तक का अलर्ट जारी किया है। दिन में गर्मी से राहत मिलेगीआंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसममार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरेइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। अप्रैल-मई में तेज गर्मी पड़ेगीमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
मप्र में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस ने जांच को मजबूत करने के लिए 1086 साइबर योद्धा चुने हैं। पहली बार पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स से निकलने वाले नव आरक्षक सीधे साइबर विवेचना में तैनात किए जाएंगे। इसके तहत 1086 नव आरक्षकों को साइबर योद्धा के रूप में तैयार किया गया है। एडीजी साइबर ए साईं मनोहर के प्रस्ताव पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इसकी मंजूरी दे दी है। इन सभी जवानों का चयन साइबर की विशेष परीक्षा के जरिए किया गया है। प्रदेश के 8 पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में करीब 4000 नव आरक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें से 1086 को साइबर योद्धा के तौर पर चुना गया है। प्रशिक्षण सत्र पूरा करने के बाद इन साइबर योद्धाओं को राज्य साइबर पुलिस, जिलों की साइबर डेस्क या थानों में डिजिटल जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन जवानों को आगे फील्ड पोस्टिंग भी दी जाएगी। आईटी एक्ट से लेकर ई-मेल फ्रॉड तक के दांव-पेंचों का चक्रव्यूह तोड़ना सीख रहे ट्रेनिंग सेंटर में तैयार हो रहे ये योद्धा साइबर अपराधियों का चक्रव्यूह तोड़ने के सभी गुर सीख रहे हैं। इसके मुख्य बिंदु भी तय हैं। अलग कैडर नहीं, इसलिए बनी नई व्यवस्थाअभी राज्य साइबर पुलिस का अलग कैडर नहीं है। यहां पदस्थ स्टाफ कुछ समय बाद थानों में फील्ड पोस्टिंग की कोशिश करने में जुट जाता है। इससे साइबर अपराधों की जांच भी प्रभावित होती है। इसी अड़चन को दूर करने के लिए अब बैच दर बैच साइबर योद्धा तैयार किए जाने की योजना बनाई गई है। केवल कानून नहीं, जांच भी सीख रहे : अब तक पुलिस ट्रेनिंग में कानून व्यवस्था और बीएनएस-बीएनएसएस की बेसिक जानकारी दी जाती थी। इस 9 महीने की ट्रेनिंग के साथ साइबर अपराधों की विवेचना भी सिखाई जा रही है। मई में बेसिक ट्रेनिंग पूरी होते ही ये सभी साइबर योद्धा फील्ड में उतरेंगे।
शहर में मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर का काम अब जमीन के नीचे शुरू होने जा रहा है। सोमवार से पहली बार टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए 24 मीटर गहराई में सुरंग की खुदाई शुरू होगी। रेड सी प्लाजा के पास से मशीन पुल पातरा की दिशा में आगे बढ़ेगी। दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों की मौजूदगी में ब्रेक-इन होगा। इस कॉरिडोर में भोपाल और नादरा, दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी। 265 मीटर का स्लोप बनाते हुए आगे बढ़ेगी मशीन समझें पीपीवी क्यों है जरूरी 50 मीटर के बाद दूसरी टीबीएम : पहली मशीन जब करीब 50 मीटर तक सुरंग बना लेगी, उसके बाद दूसरी टीबीएम को भी लॉन्च किया जाएगा। इससे काम की गति तेज होगी और दोनों मशीनें समानांतर तरीके से सुरंग तैयार करेंगी।
एमपी की आधे से ज्यादा आबादी मुफ्त का अनाज ले रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में वर्तमान में 5,38,07,137 लोग मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं। यह आंकड़ा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि राज्य की कुल अनुमानित आबादी (लगभग 9 करोड़) के लिहाज से देखें तो करीब 60% आबादी अपनी खाद्य सुरक्षा के लिए पूरी तरह सरकारी मदद पर निर्भर है । यानी राज्य का हर दूसरा और तीसरा व्यक्ति आज 'गरीब कल्याण' योजना का हितग्राही है। नीति आयोग की रिपोर्ट में 2.30 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आएनीति आयोग की जनवरी 2024 में जारी 'भारत में बहुआयामी गरीबी' (मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी इन इंडिया) रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 9 सालों (2013-14 से 2022-23) के दौरान मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। एक तरफ जहां सरकार का दावा है कि 2.30 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, वहीं दूसरी तरफ 25 मार्च 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि एमपी के 5.38 करोड़ लोग आज भी 'मुफ्त राशन' (PMGKAY) पर निर्भर हैं। देश के 80 करोड़ गरीबों में एमपी की बड़ी हिस्सेदारी राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों को देखें तो पूरे देश में कुल 79,40,02,614 लोग इस योजना के दायरे में हैं। इस बड़ी संख्या में अकेले मध्य प्रदेश के लाभार्थियों की हिस्सेदारी 6.78% है । उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बाद मध्य प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा राज्य है जहां मुफ्त राशन लेने वालों की तादाद सबसे ज्यादा है। अपात्रों की छंटनी के लिए ई-केवाईसी का 'फिल्टर' सरकार ने अब इस व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 'टीपीडीएस संशोधन आदेश 2025' के तहत अब हर 5 साल में ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा । यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है ताकि, अपात्रों को सूची से बाहर किया जा सके और केवल वास्तविक पात्र परिवारों को ही खाद्यान्न मिल सके । लाभार्थियों को जोड़ना और हटाना एक सतत प्रक्रिया है जो राज्यों की जिम्मेदारी है। ये खबर भी पढ़ें… 12 लाख ‘मुर्दे’ और 18 हजार कंपनी मालिक सरकारी गरीब मध्यप्रदेश में मुफ्त राशन योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे लोगों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है, जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपए से ज्यादा है। ऐसे लोग भी हैं, जो किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं और टैक्स जमा करते हैं। इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद अब राज्य सरकार ने 5.46 करोड़ हितग्राहियों के डेटा की जांच शुरू कर दी है।पूरी खबर पढ़ें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज इंदिरागांइंदिरा गांधीप्रतिष्ठान आयोजित कार्यक्रम में छात्रवृत्ति एवं पारिवारिक लाभ योजनाओं के तहत बड़ी धनराशि का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) करेंगे। इस दौरान प्रदेश के कक्षा 9-10 और दशमोत्तर के 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में करीब 3,350 करोड़ र पए की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे भेजी जाएगी। SC, OBC, सामान्य व अल्पसंख्यक छात्रों को अलग-अलग हिस्सों में राशि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Narendra Kashyap ने बताया कि इस योजना के तहत विभिन्न वर्गों के छात्रों को लाभ मिलेगा। इसमें अनुसूचित जाति के 6.68 लाख छात्रों को करीब ₹467.94 करोड़, सामान्य वर्ग के 4.95 लाख छात्रों को ₹779.10 करोड़, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13.52 लाख छात्रों को ₹1838.59 करोड़, अल्पसंख्यक वर्ग के 2.75 लाख छात्रों को ₹252.76 करोड़ और अनुसूचित जनजाति के 7,236 छात्रों को करीब ₹11.61 करोड़ की राशि दी जाएगी। “वंचितों को वरीयता” के तहत शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम सरकार का कहना है कि यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी और शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करेगी। छात्रवृत्ति प्रक्रिया का ऑटोमेशन, पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश मंत्री ने बताया कि योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया का ऑटोमेशन किया जा रहा है। साथ ही आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।
हरियाणा के हिसार स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न और SC/ST एक्ट जैसी धाराओं के तहत FIR हुई थी। गोस्वामी करीब 3 महीने जेल में रहा। गोस्वामी पर उस वक्त 8 लड़कियों ने आरोप लगाए थे। इस मामले में अब कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद छात्राओं के लगाए आरोप सामने आए हैं। जिसमें छात्राओं ने कहा- जबरन बाथरूम में फंसाकर उनकी ब्रा स्ट्रैप खींचने की कोशिश की। हॉस्टल में आकर पैर दबाने को कहा। सोते वक्त गुपचुप ढंग से चादर हटा दी। ऐसे ही कई गंभीर आरोप छात्राओं ने लगाए। हालांकि इस मामले में गोस्वामी के वकील ने कहा था कि कई छात्राओं ने एफिडेविट दिया कि सब गलतफहमी में हुआ है। जो अब सुलझ गया है। वहीं कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर पहले कोई केस नहीं है। ट्रायल में ही आरोपों की सच्चाई पता चलेगी। जिसमें समय लगेगा। इसलिए उसे जमानत दी जाती है। 27 मार्च को जमानत के बाद अब इसकी केस की कॉपी से छात्राओं के बयान सामने आए हैं। कॉलेज की 8 छात्राओं की चेयरमैन को लेकर शिकायत पढ़ें.. 1. बाथरूम में फंसाया, टी-शर्ट उतारी, बासी रोटी खाने को कहाएक लड़की ने अपने साथ हुई 3 घटनाओं के बारे में बताया। उसने कहा- एक बार जब वह हॉस्टल में अपने कमरे जा रही थी, तो जगदीश गोस्वामी ने उसे टेबलेट दिखाने के लिए बुलाया और बाथरूम में फंसाकर उसका शारीरिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया। उसने उसके कंधे, कमर और ब्रेस्ट को छूने की कोशिश की। उसने उसकी टी-शर्ट उतारने के बाद ब्रा की स्ट्रैप भी खींचने की कोशिश की। इसके बाद उसने लगातार उसे परेशान किया, जिसमें थप्पड़ मारना, बाल खींचना, कान मरोड़ना और अनचाहा स्पर्श शामिल था। दूसरी घटना में लड़की ने बताया कि जगदीश गोस्वामी हॉस्टल आया और उसे दूसरी लड़की के कमरे में बुलाया और उससे अपने पैर दबाने को कहा। जब उसने मना कर दिया, तो उसने कहा, क्या तुम इतनी बड़ी हो गई हो कि मुझे मना करोगी? और जबरदस्ती उससे पैर दबवाने की कोशिश की। तीसरी घटना में छात्रा ने कहा कि जब वह खाना लेने हॉस्टल मेस गई, तो उसने उससे पूछा कि उसे क्या चाहिए। उसने जवाब दिया रोटी। उसने हॉस्टल मेस से एक बासी रोटी उठाई और कहा- यह लो और जाओ, यही खाने लायक है। 2. गोस्वामी कमरे में आया, चादर हटाई, मैं शॉर्ट्स में थीदूसरी छात्रा का आरोप था कि 20 अप्रैल 2025 को वह अपने रूम में सो रही थी। इसी दौरान जगदीश गोस्वामी उसके कमरे में आया। उसने उसकी कमर से चादर हटाई और कहा, ओह, मैंने तुम्हारे शरीर को छुआ है, इसे फिर से ढक लो। उस समय छात्रा ने सनड्रेस और शॉर्ट्स पहने हुए थे। 3. खत्म करने की धमकी दी, सिर पर सेब रखवाया, पीछे से तीर मारातीसरी छात्रा ने कहा- जब से मैंने स्ट्राइक में हिस्सा लिया, तब से उसे पर्सनली टारगेट किया जा रहा था और उसे धमकी दे रहा था कि “मैं तुम्हें खत्म कर दूंगा।” कॉलेज मैनेजमेंट और चेयरमैन के फीस बढ़ाने के बाद, स्टूडेंट्स का एक ग्रुप अपनी शिकायतों पर बात करने के लिए इकट्ठा हुआ। उसने बातचीत के दौरान एक सवाल उठाया। अगले दिन, जब वह और उसकी क्लासमेट लगभग 11-11:15 बजे ब्रेक के समय टहल रहे थे, तो चेयरमैन ने उसे बुलाया और अपने घर पर पर्सनली मिलने के लिए कहा। चेयरमैन ने उसे टारगेट प्रैक्टिस के लिए अपने सिर पर एक सेब रखने को कहा। जब उसने अपनी क्लासमेट के सामने मना किया, तो पीछे से उस पर एक तीर चला दिया गया। छात्रा ने कहा- कई बार, उसे बहुत ज्यादा तकलीफ हुई, जिसके बारे में पूरे स्टाफ को पता था। इसके बावजूद, जब उसे आराम की जरूरत थी, तो उसे ऊपर नहीं जाने दिया गया, न ही कोई दवा दी गई। उससे कहा गया कि वह हॉस्पिटल तभी जाएगी, जब उसकी हालत और खराब हो जाएगी और खराब सेहत के बावजूद उसे भर्ती रहना पड़ा। हालांकि, उसने जींद सिविल चार्ज 500 रुपये होने की वजह से हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। छात्रा ने आगे कहा- इंस्पेक्शन के दौरान उससे काम करवाया गया। उस समय, फिसलकर गिरने की वजह से उसके पैर में फ्रैक्चर था और उसके पास PGI खानपुर से इस बारे में एक मेडिकल रिपोर्ट थी। उसे न तो किसी हॉस्पिटल ले जाया गया और न ही कोई मेडिकल सुविधा दी गई। बार-बार घर जाने की शिकायत करने के बावजूद, उसे जाने नहीं दिया गया। जब उसका भाई उसे लेने आया, तो उन्होंने झूठा दावा किया कि उन्हें उसकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 4. मेरे भाई को बॉयफ्रेंड कहा, गुंडा भी बतायाचौथी छात्रा ने कहा- दिवाली से कुछ दिन पहले मुझे मेरा भाई लेने आया था। हमें खाटू श्याम जाना था। शुरू में स्टाफ ने मुझे जाने से मना कर दिया। जब मैंने विरोध किया, तो स्टाफ मेंबर्स ने मेरे भाई के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने आगे पूछा कि क्या वह उसका बॉयफ्रेंड है, जबकि वह हर बार उसे लेने आता था और उसकी फोटो भी उसके आउटपास पर है। जब उसने यह बात प्रिंसिपल से कही, तो उन्होंने कहा, “तुम्हारा भाई गुंडा है।” 5. मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाला, घर आने को कहापांचवीं छात्रा ने कहा- चेयरमैन जगदीश गोस्वामी ने मुझे और मेरी फ्रेंड को नई कार खरीदने के मौके पर मिठाई बांटने के लिए बुलाया। उन्होंने मुझे आगे बुलाया और पूछा, “तुम्हारे हाथ में क्या है?” फिर उन्होंने मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाल दिया, जिससे उसके कपड़े गीले हो गए और पूछा, “क्या तुम गुस्से में हो?” मैंने जवाब दिया, “सर, प्लीज अपनी मिठाई रख लो।” वहां जमा हुए सभी लोगों ने कहा कि यह एक मजाक था और उससे अपने कपड़े साफ करने को कहा, यह कहते हुए कि इससे कोई नुकसान नहीं है। चेयरमैन ने दूसरी लड़कियों के साथ भी तीन-चार बार बेइज्जती वाली हरकतें कीं। छात्रा ने आगे बताया- एक दिन, जब वह अपनी क्लासमेट के साथ क्लास जा रही थी, तो चेयरमैन ने उन्हें बुलाया और कहा कि वे अपने सिर पर सेब रखकर खड़ी हों। फिर उन्होंने शीशे पर तीर मारे और उन्हें हटाने को कहा। जाते समय, उन्होंने एक तीर मारा जो लगभग उन दोनों को लग गया। एक और मौके पर, चेयरमैन ने उसे और उसकी दोस्त को बुलाया और कहा कि अगर वे बात करना चाहते हैं, तो उनके घर आएं और गलत कमेंट्स करते रहे। 6. चेयरमैन ने चश्मा उतार कहा, मुझे आंख मिलाओछठी छात्रा ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने उसे मेंटल हैरेसमेंट दिया, क्योंकि वह बिना किसी हॉस्टल वार्डन के देर रात उनके कमरों में आता था। वह बिना किसी पहले से बताए उनके कमरों में घुस जाता था, जिससे हमें परेशानी होती थी। वह अक्सर रात करीब 10 बजे या उसके बाद आता था। जब उसने अपने माता-पिता को उसके बर्ताव के बारे में बताया, तो चेयरमैन ने रात में अपने मैनेजमेंट को उसे डांटने के लिए भेजा। अगले दिन, उसका कमरा बदल दिया गया। उसने उसे यह कहकर भी धमकाया कि यह उसका कॉलेज है और उसकी जानकारी के बिना कुछ नहीं होता। उसने उसकी डिग्री रोकने की भी धमकी दी और कहा कि वह उसका करियर बर्बाद कर सकता है। यह सब अगस्त 2024 में हुआ और उसने इस बारे में कंप्लेंट फाइल की। इसके बावजूद, चेयरमैन उस दिन तक उसे धमकाता रहा। एक बार, चेयरमैन ने जबरदस्ती उसका चश्मा उतार दिया और पूछा कि वह उससे आंख क्यों नहीं मिला रही है या बात क्यों नहीं कर रही है। उसने पूरे कॉलेज के सामने उसे बार-बार धमकाया और कहा, “जो करना है करो, इससे मुझ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चेयरमैन ने उसका करियर बर्बाद करने के लिए उसके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और डिग्री रोकने की भी धमकी दी। उसने सबके सामने उसकी बदनामी भी की। 7. अपने कमरे में शिफ्ट होने को कहा, सिर-पीछ पर थप्पड़ मारेसातवीं छात्रा ने आरोप लगाया- कई बार चेयरमैन ने उसे पर्सनली बुलाया और कहा कि अगर उसे सारी फैसिलिटी चाहिए, तो उसे उसके कमरे में शिफ्ट हो जाना चाहिए। मैंने कहा कि उसे किसी खास चीज की जरूरत नहीं है और वह बाकी सभी स्टूडेंट्स की तरह रहना चाहती है। कई बार, उसने गलत बर्ताव किया, जैसे उसके बाल खींचना, बिना किसी वजह के उसके सिर और पीठ पर थप्पड़ मारना और अपनी पालतू बिल्ली से उसे डराना। इस बर्ताव से वह परेशान हो गई। 8. गलत-झूठ बोलने को मजबूर कियाआठवीं छात्रा ने कहा- जब स्टूडेंट्स ने कॉलेज में प्रोटेस्ट किया, तो एक पीड़िता ने दूसरों के साथ मिलकर उसे गलत और झूठे बयान देने के लिए मजबूर किया। 4 पॉइंट में जानिए पूरा मामला…
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के बाद अब मनकीरत औलख ने भी उनके गाने लीक करने का दावा किया है। मनकीरत ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर कहा कि उनकी मेहनत से बनाए गाने लीक किए जा रहे हैं। मनकीरत ने कहा कि वह एक जगह से गाना डिलीट कराते हैं तो दूसरा बंदा कहीं और अपलोड कर देता है। परेशान हुए मनकीरत ने कहा कि वह इन 5-7 गानों की जल्द EP रिलीज कर देंगे। मनकीरत मूल रूप से हरियाणा के फतेहाबाद के रहने वाले हैं। हाल ही में उन्हें बंबीहा गैंग की धमकी मिली थी। मनकीरत पर सिद्धू मूसेवाला मर्डर को लेकर भी आरोप लगे, लेकिन पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। मनकीरत को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस का कॉलेज फ्रेंड माना जाता है। ढाई मिनट के VIDEO में मनकीरत ने क्या कहा… मनकीरत ने कहा- मेरी रिक्वेस्ट है भाइयों, जो भी ये गाने लीक कर रहे हैं, उन्हें लीक मत करो। दोस्तों, हम बहुत मेहनत से गाने बनाते हैं, इतने दिन लगते हैं। जिसने भी किया चलो, कुछ नहीं करते पर मत करो दोस्तो और अगर कोई नहीं रोकेगा तो हम भाई पांच-छह गाने रिलीज ही कर देंगे ठीक है। मुझे नहीं पता ये कौन हैं?। अब हर इंसान के 4 स्पेशल लोग होते हैं, मुझे नहीं पता कौन किसको गाना भेजता है। यह मान लो कि टीम में भी कोई प्रॉब्लम हो सकती है, अगर किसी न किसी इंसान में कोई प्रॉब्लम है तो गाना आउट मत करो। मैं हमेशा कहता हूं कि गाना सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए है उसे एंटरटेनमेंट ही रखो। मैं इसे कहां-कहां से डिलीट कराऊं, क्योंकि हम एक डिलीट करते हैं, फिर कोई और दूसरा डाल देता है। भाइयों, हमारे पास 5-7 गाने हैं। मुझे पता है तुम छोटे-मोटे पार्ट लीक करते हो हम सब रिलीज करेंगे। मास्टर हो जाने के बाद हम इसे अच्छा साउंड देकर खुद अपलोड कर देंगे। हम एक EP करेंगे या कैसेट के रूप में। मगर, गानों को ऐसे खराब मत करो। इसलिए मेरे भाई बनकर बिना पैसे के वकील मत बनो, रिक्वेस्ट है। मनकीरत औलख के बारे में जानिए मूसेवाला मर्डर में नाम उछलामनकीरत औलख 29 मई 2022 को पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर सुर्खियों में रहे। मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस ने ली थी। मनकीरत लॉरेंस के कॉलेज फ्रेंड रहे हैं। इसी वजह से मूसेवाला के फैंस ने मनकीरत को टारगेट किया कि उन्होंने मूसेवाला के बारे में लॉरेंस को मुखबिरी की है। हालांकि पुलिस की जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई। इस दौरान मनकीरत की लॉरेंस के साथ कॉलेज टाइम और रोपड़ जेल में किए शो की फोटो भी वायरल हुईं थी। बंबीहा गैंग अब भी पीछे पड़ा, 4 बार धमकी मिलीमनकीरत औलख को 4 बार बंबीहा गैंग से धमकी मिल चुकी है। पहली धमकी सिद्धू मूसेवाला मर्डर के बाद 2022 में मिली थी। जिसमें गैंग ने कहा कि मनकीरत उनकी हिटलिस्ट में है। वह लॉरेंस से जुड़ा है। इसके बाद मार्च 2023 में पुलिस ने बंबीहा गैंग के 4 गुर्गों को हथियार समेत पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि वह मनकीरत को मारने की साजिश कर रहे थे। अगस्त 2025 में मनकीरत को वॉट्सऐप पर विदेशी नंबर से धमकी मिली। जिसमें कहा गया कि तैयार हो जा, तेरा टाइम आ गया। मनकीरत ने मोहाली पुलिस को शिकायत दी थी। इसी मार्च महीने में बंबीहा गैंग चला रहे गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ऑडियो के जरिए मनकीरत को धमकी दी। उसने कहा कि मनकीरत चाहे जितनी सिक्योरिटी रख लो, तुम्हारी बारी आएगी।
लुधियाना के माछीवाड़ा कस्बे के गांव तखरां में कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या कर दी गई। वे शाम साढ़े 6 बजे बस स्टैंड पर अपने क्वार्टरों पर कुर्सी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बदमाश आए। उन्होंने पीछे से सिर पर कुल्हाड़ी से तीन वार किए। जिससे उनका सिर फट गया और वह जमीन पर गिर पड़े। उनके दिमाग की नसें बाहर निकल आईं। मौके पर मांस और खून फैल गया। इसके बाद आरोपी वहीं पर कुल्हाड़ी छोड़कर भाग गए। इसी दौरान उनका बेटा वहां पहुंचा, वह जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले। इसके बाद आसपास उन्हें तुरंत माछीवाड़ा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना कूमकलां की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार हमले में दो अज्ञात लोग शामिल थे। बेटे और चश्मदीद ने ये बातें बताईं… पूर्व विधायक बोले- वह कांग्रेस के अच्छे नेता थे पूर्व विधायक लखवीर सिंह लक्खा ने कहा की वहां शाम को अपने रेंट पर दिए हुए क्वार्टरों के बाहर बैठे थे, वहां दो बदमाश पहुंचे और उन्होंने कुल्हाड़ी से उनके ऊपर हमला कर दिया। वह कांग्रेस के अच्छे नेता थे और मेरे छोटे भाई थे। वाडिंग बोले- हमारे पैरों तले ज़मीन खिसक गई पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वाडिंग ने कहा कि मुझे राजा गरेवाल लक्खा पायल जी ने बताया कि परमिंदर जो हमारा मछीवाड़ा से ब्लॉक प्रधान है, उसका कोई कत्ल कर गया। परमिंदर एक बहुत प्यारा साथी था। हमारे पैरों तले ज़मीन खिसक गई की दिन दिहाड़े 6:45 बजे जब उनका फोन आया और कहा कि उन्हें फोर्टिस अस्पताल की तरफ ले जाया गया है। जब दोबारा बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्हें परमिंदर हमारे बीच में नहीं रहे। मैं समझता हूं कि यह कांग्रेस के लिए बहुत दुखदाई खबर है। उन्होंने कहा कि कल परिवार से मुलाकात करेंगे। फिर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
एलपीजी संकट...:हर दिन 5 हजार ज्यादा बुकिंग, नतीजा-50 हजार डिलीवरी पेंडिंग
प्रदेश में रसोई गैस की कमी नहीं होने के सरकारी दावों के बीच राजधानी में ‘डर’ ने ही संकट जैसी स्थिति बना दी है। भोपाल में इन दिनों रोजाना 13 से 14 हजार गैस बुकिंग हो रही हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 8 से 9 हजार रहता था। यानी, हर दिन करीब 5 हजार अतिरिक्त बुकिंग हो रही है। इसके मुकाबले डिलीवरी 11 से 12 हजार ही हो पा रही है, जिससे करीब 50 हजार सिलेंडर की सप्लाई पेंडिंग हो गई है। हालात यह हैं कि जिले की 46 गैस एजेंसियों पर दबाव बना हुआ है। प्रशासन और तेल कंपनियां लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं, लेकिन डिमांड और सप्लाई के बीच अंतर कम नहीं हो पा रहा है। वेटिंग बढ़ी: नए शहर में 5 से 7 दिन, पुराने में 10 दिन तक इंतजार-पैनिक बुकिंग का सीधा असर डिलीवरी टाइम पर पड़ा है। नए भोपाल में सिलेंडर के लिए 5 से 7 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि पुराने शहर में यह अवधि 8 से 10 दिन तक पहुंच गई है। कंपनियों का दावा है कि अगले 10 दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। चूल्हे की चिंता... गैस के लिए एजेंसियों पर लाइन तीन दिन से दोगुनी बुकिंग शहर में 6 दिन का स्टॉक खाद्य नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, पिछले 2 से 3 दिनों में बुकिंग लगभग दोगुनी हुई है। सप्लाई 11 से 12 हजार सिलेंडर रोज की है, जबकि बुकिंग ज्यादा होने से रोज करीब 3 हजार बुकिंग पेंडिंग रह रही हैं। भोपाल में एजेंसियों के पास 5 से 6 दिन का स्टॉक मौजूद है। भौंरी डिपो से सप्लाई लगातार जारी है। अफवाह का असर पेट्रोल पर भी: खपत 25% बढ़ीमध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं। सामान्य 9 लाख लीटर रोज की खपत बढ़कर 15 से 20 लाख लीटर तक पहुंच गई है। हालांकि शहर के 192 पेट्रोल पंपों पर फिलहाल पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। नए कनेक्शन भी बंद किए अचानक बढ़ी मांग के चलते कंपनियों ने नए गैस कनेक्शन देना बंद कर दिया है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को मना किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के पास दो सिलेंडर हैं, उनकी बुकिंग 25 से 35 दिन के बीच में ली जा रही है। हालांकि, सिंगल सिलेंडर के लिए यह 25 दिन ही है। उज्ज्वला योजना में 45 दिन बाद सिलेंडर मिल रहा है। आरजीपीवी : गैस खत्म होने का हवाला देकर छुट्टी का फर्जी नोटिस आरजीपीवी के यूआईटी हॉस्टल में एलपीजी को लेकर अव्यवस्था के बीच छुट्टी का फर्जी नोटिस वायरल हो गया। इसमें लिखा गया कि गैस खत्म होने के कारण 6 अप्रैल से संस्थान बंद किया जा रहा है। अफवाह फैलते ही छात्र घर जाने की तैयारी में जुट गए, लेकिन प्रशासन ने तुरंत खंडन जारी कर स्थिति स्पष्ट की। बता दें कि गैस किल्लत के बीच हॉस्टल के मेस में रोटियां गैस पर बन रही हैं, जबकि दाल-सब्जी लकड़ी की भट्टी पर पक रही है। इसी स्थिति के बीच किसी छात्र ने संस्थान बंद होने का मनगढ़ंत नोटिस तैयार किया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मैसे वायरल होते ही प्रबंधन तक जानकारी पहुंची। इसके बाद डीन अकादमिक ने साफ किया कि न गैस की कमी है और न छुट्टी का कोई निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने नोटिस बनाने और फैलाने वालों पर अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। छात्रों को आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने को कहा गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र के डायरेक्टर प्रो. बी वी रमाना रेड्डी से प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार वापस ले लिए हैं। मंत्रालय ने इसको लेकर एक नोटिस जारी किया है और फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। नोटिस के मुताबिक, अगली सूचना आने तक डायरेक्टर अपने सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। आदेश में NIT एक्ट 2007 के तहत मिलने वाली शक्तियों का जिक्र करते हुए उन्हें अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि, नोटिस में पावर छीनने का कारण नहीं बताया गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो कर्मचारियों की नाराजगी इसकी बड़ी वजह है। नोटिस में चेयरपर्सन-रजिस्ट्रार को मिला ये निर्देश शिक्षा मंत्रालय के नोटिस में NIT कुरुक्षेत्र के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन और रजिस्ट्रार को निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश का सख्ती से पालन करवाया जाए। हालांकि, प्रो. रेड्डी डायरेक्टर पद पर बने रहेंगे, लेकिन कोई प्रशासनिक फैसला नहीं ले सकेंगे। किसी वित्तीय फाइल पर साइन नहीं कर पाएंगे। इस कारण शिक्षा मंत्रालय ने लिया फैसला सूत्रों के मुताबिक, संस्थान के गैर-शिक्षण कर्मचारियों में लंबे समय से नाराजगी थी। कर्मचारियों ने अपनी कई मांगों को लेकर डायरेक्टर और पूर्व रजिस्ट्रार को पत्र लिखे थे। इन शिकायत की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक भी पहुंचाई गई। इनमें DPC (पदोन्नति), पोस्टिंग और तैनाती और फैकल्टी को लेकर कर्मचारियों में रोष पनप रहा था। रेड्डी बोले- अभी आदेश समझने में टाइम लगेगा इस मामले को लेकर NIT कुरुक्षेत्र के डायरेक्टर प्रो. रेड्डी ने कहा कि मैं इसमें कुछ कह नहीं सकता हूं, जब तक बात समझ नहीं आती। इसको समझने में टाइम लगेगा। एक-दो दिन के बाद देखते हैं। उसके बाद ही कुछ पता चल पाएगा। हालांकि उनके पास कोई लेटर भी नहीं आया है।
अथर्ववेद कर्ज को मानसिक और आध्यात्मिक बोझ मानता है। इसके उलट राजस्थानी अपनी जरूरतों को टालने के बजाय कर्ज लेना बेहतर समझ रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के 83 साल के बैंकिंग इतिहास में पहली बार बैंकों की कुल जमा के मुकाबले बांटा गया कर्ज ज्यादा हो गया। यानी ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) 100.7% तक पहुंच गया। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में बैंकों की जमा राशि 10.80% बढ़कर 8.05 लाख करोड़ और बांटा गया कर्ज 13.16% बढ़कर 8.10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। एक साल में बैंकों की जमा 78,502.22 करोड़ और कर्ज 94,274.62 करोड़ रुपए बढ़ा है। जबकि 31 दिसंबर 2024 तक बैंकों की कुल जमा 7 लाख 26 हजार 691.26 करोड़ और कर्ज 7 लाख 16 हजार 518.17 करोड़ रुपए था, यानी सीडी रेशियो 98.60% था। सरकारी बैंक शहरों में, जबकि निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ज्यादा कर्ज दे रहे हैं। सितंबर 2025 तक राजस्थान देश में प्रति व्यक्ति जमा, कर्ज और आय के लिहाज से 13वें स्थान पर था। राजस्थान में प्रति व्यक्ति जमा 86,383 और कर्ज 78,023 रुपए था, जबकि प्रचलित कीमतों पर आय 1 लाख 85,053 रुपए थी। सरकारी बैंक शहर, निजी ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा कर्ज दे रहे सरकारी बैंकों ने ग्रामीण क्षेत्र में जमा के मुकाबले कम लोन दिए, लेकिन निजी बैंकों ने जमा की तुलना में 1.8 गुना लोन दिया है। सहकारी बैंकों ने जमा के मुकाबले 1.25 गुना लोन दिया। अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सरकारी बैंकों ने जमा के अनुपात में सबसे कम 69.98% ऋण दिया। निजी बैंकों ने जमा का दोगुना लोन दिया। शहरी क्षेत्रों में सरकारी बैंकों ने ज्यादा लोन बांटे हैं। निजी बैंकों ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के मुकाबले शहरों में कम कर्ज दिया। सहकारी बैंकों ने पहली बार जमा से अधिक कर्ज दिया। बैंक आरबीआई से उधार लेकर लोन देते हैं - आंकड़े: राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति 100% सीडी रेशियो विकास के हिसाब से अच्छा, लेकिन लोन महंगा हो सकता है प्रदेश में कृषि इकाइयों, छोटे व्यापार और पर्यटन सेक्टर में लोन बढ़ा है। इससे सीडी रेशियो 100% से ऊपर निकल गया। यह विकास के लिहाज से सकारात्मक है, लेकिन जोखिम प्रबंधन प्रभावी करने की जरूरत है, अन्यथा बैंकों का एनपीए बढ़ सकता है। सीडी रेशियो दोधारी तलवार है। मसलन, सीडी रेशियो बढ़ना व्यापार, खेती और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए धन की भारी मांग के रूप में देखा जा सकता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। वहीं, खराब पहलू यह है कि बैंक जमा से ज्यादा कर्ज देंगे, तो अचानक पैसा निकालने वालों के लिए बैंकों के पास नकदी की कमी हो सकती है। फंड की कमी होने पर बैंक नई जमा राशि जुटाने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इससे लोन महंगा हो सकता है। 70 से 75 सीडी रेशियो आदर्श होता है आरबीआई के अनुसार। भास्कर एक्सपर्ट - लोकेश झालानी, बैंकिंग मामलों के जानकार और किशनपोल बाजार व्यापार मंडल के सचिव
भोपाल भगवान महावीर का जन्म कल्याणक 30 मार्च को मनाया जाएगा। शहर में यूं तो बहुत से जिनालयों में भगवान महावीर की प्रतिमाएं है, परंतु सबसे बड़ा मंदिर 400 मीटर ऊंची मनुआभान की टेकरी पर स्थित है। ये मंदिर दो सौ साल से अधिक पुराना है। राजा भोज के दरबार में हास-परिहास के लिए प्रसिद्ध मनुआभान ने इस टेकरी पर तपस्या की और बाद में वे मानतुंगाचार्य के नाम से विख्यात हुए। उन्हीं के नाम पर इसे मनुआभान की टेकरी कहा जाने लगा। 2001 में मंदिर का जीर्णोद्वार हुआ और यहां महावीर प्रतिमा की स्थापना की गई, तब इसका नाम महावीर गिरी हो गया। टेकरी : पद्मासन मुद्रा में महावीर स्वामीप्रतिमा की ऊंचाई : 4 फीटनिर्माण : 2001 खासियत साकेत नगर : मुनिश्री ने कराई थी प्रतिष्ठा प्रतिमा की ऊंचाई : 6.6 फीटनिर्माण : 2008 खासियत टीटी नगर : वियतनाम से मंगाया पत्थर प्रतिमा की ऊंचाई : 11 फीटनिर्माण : 65 साल पूर्व खासियत
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को बर्फबारी हुई। लाहौल-स्पीति, कुल्लू के मनाली में बर्फबारी के बाद मौसम बदला नजर आया। वहीं, कश्मीर में भी घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक ऐसा वेस्टर्न डिस्टर्वेंस के कारण हुआ। जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग, पहलगाम, यूसमर्ग, गुरेज, रजदान टॉप और सोनमर्ग-जोजिला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और बांदीपोरा-गुरेज सड़क को बंद करना पड़ा। इधर हरियाणा-पंजाब के कुछ हिस्सों में रविवार को बारिश हुई। चंडीगढ़ में बारिश हुई। रविवार को दिल्ली में दिन का तापमान 36.2C रहा। जो सामान्य से 3.6C ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने आज दिल्ली में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश में आज बारिश की संभावना है। साथ ही हीटवेव की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के मौसम में अगले 48 घंटे में गिरावट आने की उम्मीद है। रविवार को राज्य की 78 जगहों पर तापमान 40C से ज्यादा रहा। बर्फबारी की 2 तस्वीरें… अगले दिन के मौसम का हाल 31 मार्च- मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश की संभावना है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में बिजली गिरने की आशंका है। 31 मार्च को बंगाल, सिक्किम और बिहार में आंधी आने की संभावना है।
बजट सत्र के दूसरा चरण का सोमवार को 12वां दिन है। आज लोकसभा में देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लक्ष्य की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों पर चर्चा होगी। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे चर्चा की शुरुआत करेंगे। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले कई बार कह चुके हैं कि सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है। सूत्रों के मुताबिक मौजूदा बजट सत्र को 2 अप्रैल से पहले ही स्थगित किया जा सकता है। सत्र को छोटा कर बाद में चुनावों के बाद फिर से शुरू करने की भी योजना हो सकती है। साथ ही सरकार महिला आरक्षण कानून में बदलाव के लिए अभी संविधान संशोधन बिल लाने के विचार में नहीं है। लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगा। सदन के दूसरे फेज के पिछले 11 दिन की कार्यवाही… 25 मार्च: जयशंकर बोले- हम पाकिस्तान की तरह दलाल देश नहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 25 मार्च को संसद में हुई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है और हम किसी के लिए भी मध्यस्थता नहीं करते। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, उन्होंने यह जवाब कांग्रेस नेता तारिक अनवर के बयान पर दिया। बैठक में तारिक अनवर ने कहा था कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… 24 मार्च : मोदी बोले- होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… 23 मार्च : पश्चिम-एशिया संकट पर मोदी बोले- 41 देशों से तेल-गैस इंपोर्ट कर रहे पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 18 मार्च : देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 मार्च : लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च : राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च : LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मार्च: राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था; स्पीकर ने बोलने से रोका, एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को LPG संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। पेट्रोलियम मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। स्पीकर बिरला ने राहुल को रोका। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसद एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगाने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 11 मार्च : शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; LPG कीमत बढ़ोतरी पर लोकसभा में हंगामा बुधवार को सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं शाह ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल सदन में PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। पूरी खबर पढ़ें… 10 मार्च : गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी-13 फरवरी: बजट सत्र का पहला फेज 13 फरवरी : लोकसभा में 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगे, BJP बोली- राहुल सत्ता पाने को देश का बंटवारा चाहते थे बजट सत्र के 13वें दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन नहीं चल पाईं। सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं BJP सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर आरोप लगाए कि वे सत्ता पाने के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे थे। पूर खबर पढ़ें… 12 फरवरी : भाजपा सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस दिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी में है। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 11 फरवरी : राहुल बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। पूरी खबर पढ़ें… 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया था। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में 97 मिनट बोले बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया था। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा कि इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल ने कहा था कि एक दिन पहले मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी: देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट प्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जहां यात्रियों के आने और जाने की व्यवस्था अलग-अलग फ्लोर पर कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब घरेलू उड़ानों से आने वाले यात्री लोअर ग्राउंड फ्लोर पर बने नए अराइवल हॉल से बाहर निकलेंगे, जबकि प्रस्थान पहले की तरह ऊपर वाले लेवल से ही होगा। इस बदलाव से एयरपोर्ट पर भीड़ और कन्फ्यूजन कम होगा। पहले अराइवल और डिपार्चर एक ही फ्लोर पर होने से पीक टाइम में आवाजाही प्रभावित होती थी। अब अराइवल एरिया से यात्री सीधे बाहर निकलकर अपनी गाड़ियों तक पहुंच सकेंगे, वहीं पिकअप के लिए आने वाली गाड़ियां भी सीधे इसी एरिया तक पहुंचेंगी। रविवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किनजारापू राममोहन नायडू ने इन सुविधाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया। मुंबई से आई फ्लाइट के 174 यात्री सबसे पहले नए सिस्टम से बाहर निकले। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि यह व्यवस्था भविष्य में बढ़ती उड़ानों और इंटरनेशनल सेवाओं के लिए भी आधार तैयार करेगी। अब यात्री क्या करें?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते खाड़ी देशों से लखनऊ लौटना अब आम यात्रियों के लिए चुनौती बन गया है। एयरफेयर में बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच रविवार को रियाद से लखनऊ की सीधी उड़ान का टिकट 1,17,145 रुपये में बिका, जो सामान्य किराए से कई गुना अधिक है। करीब एक महीने से खाड़ी देशों के लिए उड़ानों का संचालन प्रभावित है। दुबई, रियाद, मस्कट और ओमान में काम कर रहे लखनऊ के लोगों के लिए घर वापसी लगातार महंगी और जटिल होती जा रही है। सीधी उड़ानों के टिकट जहां आसमान छू रहे हैं, वहीं कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी राहत नहीं दे पा रहीं। इंदिरानगर निवासी शादाब ने आपात स्थिति में रियाद से फ्लाईनास की फ्लाइट का टिकट 1.17 लाख रुपये में खरीदा। वहीं, इसी रूट की कनेक्टिंग उड़ानों का किराया 2.23 लाख रुपये तक पहुंच गया है। मस्कट से लखनऊ के लिए सलाम एयर का टिकट 17,528 रुपये और ओमान एयर का 21,089 रुपये दर्ज किया गया, जबकि कनेक्टिंग फ्लाइट्स 45 हजार रुपये से ऊपर बिक रही हैं। दुबई-शारजाह रूट पर भी महंगाई, सीधे विकल्प लगभग खत्म दुबई से लखनऊ के लिए सीधी उड़ानें लगभग नदारद हैं। एमिरेट्स की कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 1,02,886 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ओमान एयर की कनेक्टिंग उड़ान 1,75,087 रुपये में मिल रही है। शारजाह से लखनऊ के लिए टिकट 1,46,064 रुपये तक पहुंच चुका है, जिससे यात्रियों की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है। कनेक्टिंग फ्लाइट्स में 20 घंटे तक लेओवर, यात्रियों की परेशानी दोगुनी महंगे किराए के साथ-साथ लंबा लेओवर भी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। खाड़ी देशों से आने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स में 15 से 20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। लेओवर का मतलब दो उड़ानों के बीच का अंतराल होता है, जैसे दुबई से मुंबई और फिर मुंबई से लखनऊ के बीच लंबा इंतजार। इस दौरान यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही घंटों बिताने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रा और अधिक थकाऊ और मुश्किल हो गई है।
मप्र के आदिवासी ग्रेजुएट युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में चयन दिलाने के लिए राज्य सरकार अपनी कोचिंग योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब दिल्ली भेजने से पहले विभागीय स्तर पर एंट्रेंस टेस्ट लिया जाएगा। तय कटऑफ के आधार पर केवल चयनित अभ्यर्थियों पर ही सरकार खर्च करेगी। इसके साथ ही आय सीमा और एक बार ही कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता देने के नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित है। अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर पिछले सप्ताह शासन को भेज दिया है। एंट्रेंस टेस्ट एमपी ऑनलाइन, राज्य ओपन स्कूल या किसी अन्य शासकीय एजेंसी के माध्यम से कराया जा सकता है। ऐसी व्यवस्था तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में पहले से लागू है। दरअसल, 2012-13 में आदिवासी युवाओं के लिए यूपीएससी कोचिंग योजना शुरू की गई थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 2017 में तत्कालीन प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने इसकी समीक्षा कराई, जिसमें पाया गया कि चयनित अभ्यर्थियों का शैक्षणिक स्तर और तैयारी पर्याप्त नहीं थी और वे बिना चयन प्रक्रिया के किसी भी कोचिंग में प्रवेश ले रहे थे। इसके बाद चार अधिकारियों की कमेटी बनी और रिपोर्ट भी आई, लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका। बाद में 2024-25 में तत्कालीन आयुक्त श्रीमन शुक्ला ने फिर समीक्षा कर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में काम शुरू किया। अब वर्तमान आयुक्त तरुण राठी ने योजना को संशोधित कर शासन को भेजा है। अब तक स्कीम की हकीकत : 2012-13 से शुरु हुई योजना में हर साल औसतन 50 बच्चे कोचिंग के लिए दिल्ली जाते थे। सिर्फ 12 बच्चे ही यूपीएससी प्री और मेन्स तक पहुंच पाए। योजना में फीस के अलावा 12 हजार रुपए प्रतिमाह खाने का खर्च भी अलग से। किताबों के लिए साल में 15 हजार रुपए। विदेश की पढ़ाई का भी रिव्यू : राज्य सरकार में आदिवासी बच्चों को विदेश पढ़ाई के लिए भेजने की स्कीम है। यह 2004-05 से चल रही है। पीएचडी या रिसर्च के लिए अंतरराष्ट्रीय विवि में दाखिला लेने पर प्रत्येक छात्र-छात्रा को 40 हजार डॉलर (आज की स्थिति में करीब 38 लाख रुपए) एक साल में मिलते हैं। इसके अलावा रहने और खाने के लिए 10 हजार डॉलर सालाना, एक बार आने-जाने का हवाई जहाज का टिकट मिलता है। पिछले तीन साल में सिर्फ 12 बच्चे ही विदेश जा पाए। इसलिए इस स्कीम का भी रिव्यू करने के साथ इसका प्रचार किया जाएगा। 3 बड़े बदलाव की तैयारी1. आय सीमा 6 लाख रु. से बढ़ाकर 10 लाख रु. होगी। ताकि कोचिंग छात्रों की संख्या बढ़े।2. अभी कोचिंग जाने वाले हर बच्चे को दो लाख रुपए तक या जो कोचिंग की फीस है, पैसा मिलता है। अब इसे एक की बजाय दो साल दिया जाना प्रस्तावित है। दूसरे साल कोचिंग का खर्च उन्हीं को मिलेगा, जो पहले प्रयास में प्री या प्री-मेन्स निकाल लेते हैं।3. अभ्यर्थियों को केवल दिल्ली की शीर्ष 5-6 कोचिंग संस्थानों में ही भेजा जाएगा।
आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सहारनपुर में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच सपा विधायक आशु मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने जहां पुल निर्माण, बिजली व्यवस्था और जनहित के मुद्दों को अपनी उपलब्धि बताया, वहीं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और अधूरे विकास कार्यों को बड़ी चुनौती माना। साथ ही SIR सर्वे और सरकारी नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने विपक्ष में रहते हुए संघर्ष की बात कही। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश… सवाल: चार साल में आपने अपने क्षेत्र में क्या काम कराए?जवाब: पिछले चार सालों में शिक्षा, चिकित्सा और जनहित से जुड़े सभी मुद्दों को हमने विधानसभा में मजबूती से उठाया। नगर निगम में शामिल 32 गांवों में बिजली की बड़ी समस्या थी। इसके लिए हमने लगातार लड़ाई लड़ी, जिसके बाद करीब 8500 करोड़ का फीडर बना और अब वहां 24 घंटे बिजली मिल रही है। सवाल: सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानते हैं?जवाब: दतोली-मुगल गांव के बीच पुल का निर्माण मेरी बड़ी उपलब्धि है। 30–40 साल से यह समस्या थी। बरसात में नागादेव नदी के कारण संपर्क टूट जाता था। अब लोगों को बड़ी राहत मिली है। सवाल: स्वास्थ्य क्षेत्र में क्या काम किए?जवाब: ढमोला, काली और हिंडन नदी के आसपास जलजनित बीमारियों की समस्या गंभीर है। किडनी, कैंसर और लिवर से जुड़ी बीमारियों को लेकर हमने लगातार मुद्दा उठाया। इसके बाद मेडिकल कैंप लगाए गए और सरकार का ध्यान इस ओर गया। सवाल: कौन से काम अभी अधूरे हैं?जवाब: सहारनपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में ऑन्कोलॉजी विभाग और कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत है, जिसे हम लगातार उठा रहे हैं। सवाल: जल जीवन मिशन की स्थिति कैसी है?जवाब: कई जगह पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कें खोद दी गई हैं, लेकिन काम अधूरा है। हमारी सरकार आने पर इन्हें पूरा कराया जाएगा। सवाल: विपक्ष में रहने से क्या दिक्कत आई?जवाब: विपक्ष में रहकर संघर्ष ज्यादा करना पड़ता है। योजनाओं का फायदा अधिकतर सत्ताधारी विधायकों को मिलता है, लेकिन हमने लगातार मेहनत कर अपने क्षेत्र के लिए काम कराया। सवाल: SIR सर्वे पर आपकी क्या राय है?जवाब: इसकी जरूरत नहीं थी। फॉर्म-7 के इस्तेमाल से वोट कटवाने की कोशिश नजर आती है। हमारी पार्टी इस पर पूरी नजर बनाए हुए है। सवाल: अपने काम को कितने नंबर देंगे?जवाब: इसका फैसला जनता करेगी। वही तय करेगी कि मुझे कितने अंक मिलने चाहिए। सवाल: क्या 2027 में फिर चुनाव लड़ेंगे?जवाब: जनता के आशीर्वाद से 2027 में पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे और क्षेत्र की सेवा करते रहेंगे।
जिम्मेदार बेखबर:400 केवी पोल के अंदर से बना दी फार्म हाउस की बाउंड्री; हादसे का खतरा
बाड़मेर-रामसर हाइवे से शहर से महज 5 किलोमीटर दूर एक फार्म हाउस ऐसा भी है जिसके आधे हिस्से में हाइटेंशन 400 केवी लाइट का पोल आया हुआ है। हाइवे के किनारे बाड़मेर से भीनमाल जाने वाली हाइटेंशन तार का पोल लगा हुआ है, लेकिन यहां नजदीक के भूखंड मालिक ने निर्माण के दौरान हाइटेंशन पोल का आधा हिस्सा बाउंड्री के अंदर है, आधा बाहर है। जबकि पोल लगाने के बाद अब बाउंड्री का निर्माण किया गया है। पोल वॉल्टेज करंट के बावजूद जान जोखिम में डाल कर पोल के अंदर से बाउंड्री का निर्माण करवाया गया है। बारिश के दिनों में यहां खतरा ओर बढ़ जाता है। यहां लोगों का आवागमन हर समय रहता है। विभाग की अनदेखी के कारण कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। कानून: विभाग बिना मुआवजे निर्माण गिरा सकता है भारत सरकार के केंद्रीय इलेक्ट्रिसिटी ऑथिरिटी (CEA) के नियमों के अनुसार, हाईटेंशन टावर के एक निश्चित दायरे में किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण, घर या बाउंड्री वॉल बनाना वर्जित है। टावर के दोनों तरफ लगभग 24 से 26 मीटर की जगह खाली छोड़ना अनिवार्य है। धारा 138 के तहत 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है। बिजली विभाग बिना किसी मुआवजे के ऐसे अवैध निर्माण को गिराने का अधिकार रखता है। हाईटेंशन लाइन टॉवर के अंदर से निर्माण नहीं किया जा सकता। यह कानूनी रूप से अपराध है। इस तरह का निर्माण हमारे ध्यान में नहीं आया। -राजेश सोनी, एक्सईएन, प्रसारण निगम, बाड़मेर।
बच्चों के लिए पड़ोसी ने दिया घर:अकेली मांओं के बच्चों को पढ़ा रहे हैं नि:संतान दंपती
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पटले दंपती को शादी के 7 साल बाद भी बच्चे नहीं हुए। तब उन्होंने दूसरों के बच्चों की जिंदगी को रोशन करना मकसद बना लिया। अब वे दूसरों के घरों में काम करने या दिहाड़ी करने वाली अकेली मांओं के 70 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। मजदूरी करने वाले माता-पिता भी अपने बच्चों को राजीव और नैना पटले के घर छोड़ जाते हैं। जो दे सकते हैं, वे फीस देते हैं, जो नहीं दे सकते वे नहीं देते। यूं तो दंपती ने कोचिंग शुरू की थी, लेकिन यह डे-बोर्डिंग स्कूल जैसी हो गई है। इसके लिए उनकी पड़ोसी रेखा केशरवानी ने उन्हें अपना खाली पड़ा घर दे दिया। वे कहती हैं- हमने देखा कि राजीव और नैना कितनी मेहनत कर रहे हैं, पर उनके पास जगह छोटी थी। हमने बिना किसी किराए के यह घर उन्हें सौंप दिया, ताकि बच्चों को लगे कि वे एक असली स्कूल में हैं। संपन्न परिवारों से मिली फीस से मदद करते हैं राजीव एमबीए और नैना ने एमए किया है। वे बताते हैं- 2017 से 2019 के बीच हमारा इलेक्ट्रिक पंप का बिजनेस डूब गया। इसी बीच कोविड आया। फिर हमने मोहल्ले के उन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, जिनकी पढ़ाई ऑनलाइन क्लास के चक्कर में छूट रही थी। संपन्न परिवार से जो फीस मिलती, उससे अपना खर्च चलता और बाकी जरूरतमंद बच्चों के लिए कॉपी-किताब, बैग-ड्रेस खरीदते। नैना मैडम ने ली जिम्मेदारी डेढ़ साल पहले सड़क हादसे में पति की जान चली गई। मैं सिलाई करके बच्चों को रायपुर में पढ़ाना चाहती थी। तब नैना मैम ने हाथ थामा और कहा-‘दीदी, तुम काम करो, बच्चों की पढ़ाई की फिक्र हम पर छोड़ दो।’ आज मेरी बेटी गीत और बेटा योग पढ़ रहे। दोनों पढ़ाई मैं अच्छा कर रहे। -पद्मिनी यादव, मां पिता ने मॉल में बच्चों को छोड़ा मेरे पति नशे में दोनों बच्चों (रियांस और कबीर) को एक मॉल के पास लावारिस छोड़ आए थे। बच्चे आज भी अपने पिता को सड़क पर देखते ही डर के मारे छुप जाते हैं। मैं घरों में झाड़ू-पोछा करती हूं, सुबह बच्चों को सर के पास छोड़ जाती हूं। यहां वे रहते हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं। शाम को काम से लौटकर उन्हें घर ले जाती हूं। -नंदिनी राव, मां
कोरिया में ‘जनभागीदारी से जल संरक्षण’ का अभियान राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में इसकी सराहना करते हुए इसे प्रेरक मॉडल बताया। जिले में ‘कैच द रेन’ और ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के जरिए जिला में ‘आवा पानी झोंकी’ अब जन आंदोलन बन चुका है। इससे भूजल स्तर में बड़ा सुधार हुआ। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार जिले में जलस्तर 5.41 मीटर तक बढ़ा है। इस वर्ष भी यह अभियान जारी है। अब तक 20612 से ज्यादा जल संरक्षण कार्य पूरे हो चुके हैं या काम जारी पर हैं। इनमें 17229 सामुदायिक और 3383 मनरेगा आधारित काम शामिल हैं। इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत जनभागीदारी रही। महिलाओं को ‘नीर नायिका’ और युवाओं को ‘जल दूत’ बनाकर जिम्मेदारी दी गई। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने भी कहा कि कोरिया मॉडल अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य है। क्या है जल संरक्षण का कोरिया मॉडल : कोरिया में हर साल औसतन 1370 मिमी बारिश के बावजूद पानी का तेजी से बहाव हो जाने के कारण भूजल का स्तर काफी नीचे रहता था। इसमें सुधार के लिए जिला प्रशासन ने कैच द रेन और मोर गांव मोर पानी अभियान के जरिए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ लागू किया। इसमें किसानों ने अपनी जमीन के 5 प्रतिशत जमीन हिस्से पर छोटे तालाब, डबरी और सोख्ता गड्ढे बनवाए। इसमें जमा बारिश के पानी से उत्साहवर्द्धक नतीजे सामने आए। प्रदेश को गर्व हैप्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। जनभागीदारी से जल संरक्षण का यह अभिनव प्रयास मिसाल बन चुका है। मैं प्रदेश के लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर बिजली योजना अपनाने का आग्रह करता हूं।’ -विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
रेलवे की स्पेशल ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी अब यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती जा रही है। शनिवार और रविवार को लखनऊ पहुंचने वाली कई प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से आईं, जिससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा और उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं। रक्सौल-उधना स्पेशल 19 घंटे देरी से पहुंची सबसे अधिक देरी गाड़ी संख्या 05559 रक्सौल-उधना स्पेशल में देखने को मिली। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय शनिवार दोपहर 2:50 बजे की बजाय करीब 19 घंटे की देरी से रविवार सुबह 9:02 बजे लखनऊ पहुंची। जानकारी के अनुसार ट्रेन रक्सौल से ही लगभग 14 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना हुई थी, जिसका असर पूरे रूट पर पड़ा। दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल छह घंटे लेट गाड़ी संख्या 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल भी समय पर नहीं पहुंच सकी। यह ट्रेन शनिवार शाम 7:55 बजे के बजाय रात 1:58 बजे लखनऊ पहुंची। इस देरी के चलते यात्रियों को देर रात तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा, जिससे खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। गोरखपुर-पुणे और बरौनी-नई दिल्ली ट्रेनें भी पीछे रहीं गाड़ी संख्या 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल भी निर्धारित समय से काफी पीछे रही। इसे शनिवार रात 10:30 बजे पहुंचना था, लेकिन ट्रेन रविवार सुबह 4:48 बजे लखनऊ पहुंची। इसी तरह 02563 बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल भी करीब छह घंटे देरी से रात दो बजे स्टेशन पहुंची, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। गोमती एक्सप्रेस भी आउटर पर फंसी रही नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली गोमती एक्सप्रेस भी समय की पाबंदी पर खरी नहीं उतरी। ट्रेन को आलमबाग आउटर पर करीब डेढ़ घंटे तक खड़ा रखा गया, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। स्टेशन पर अव्यवस्था, यात्रियों में बढ़ा आक्रोश लगातार हो रही देरी के कारण चारबाग रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती रही और लोग ट्रेनों की सही जानकारी के लिए भटकते नजर आए।
राज्यभर में आसानी से ड्रग्स मिल रहा है। आपको कोई भी ड्रग्स चाहिए ऑनलाइन ऑर्डर करें, खाते में पैसा जमा करें और लोकेशन पर जाकर ड्रग्स उठा लें। ठीक वैसे ही, जैसे 10 मिनट में घर पर आसानी से सामान पहुंच जाता है। इसी तरह अब ड्रग्स की भी होम डिलीवरी हो रही है। दैनिक भास्कर ने पहली बार इस बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस भी हैरान है कि पहचान छिपाकर किस तरह ड्रग्स का कारोबार हो रहा है। सिर्फ एक मैसेज में ड्रग्स की होम डिलिवरी हो रही है। ऑर्डर देने के बाद पैडलर खाता नंबर भेजता है। जैसे ही खाते में पैसा जमा होता है, आधे घंटे के भीतर ड्रग्स की डिलीवरी कर दी जाती है। पैडलर खुद ड्रग्स देने से बचता है। वह मोबाइल पर लोकेशन और वीडियो-फोटो भेजता है, जहां उसने ड्रग्स रखा होता है। लोकेशन ट्रेस कर वहां पहुंचकर ड्रग्स उठा लिया जाता है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद भी यह धंधा बंद नहीं हो रहा है। नए-नए पैडलर्स का नेटवर्क खड़ा हो रहा है। जो तस्कर इस मामले में पूर्व में जेल गए थे, वे बाहर आकर फिर तस्करी कर रहे हैँ। पुलिस का दावा है कि ड्रग्स का नेटवर्क टूट चुका है। इन दावों के बीच भास्कर ने ड्रग्स पैडलर्स से संपर्क किया। इसमें ड्रग्स लेने वालों की मदद ली गई और ऑर्डर देकर तीन ग्राम ड्रग्स खरीदा गया। कुरियर और पार्सल के जरिए भी ड्रग्स मंगाया गया। जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट की तरह ड्रग्स की डिलिवरीजोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट की तरह राज्य में ड्रग्स की डिलीवरी हो रही है। पैडलर सीधे मिलकर ड्रग्स देने से बच रहे हैं। कॉल पर बातचीत नहीं करते, सिर्फ मैसेज के जरिए ऑर्डर लेते हैं। टेलीग्राम, वाट्सएप सहित कई एप और मैसेंजर का उपयोग किया जा रहा है। डिलिवरी के लिए पैडलर खुद नहीं आते। मोबाइल टैक्सी का उपयोग करते हैं और पार्सल ऐसी जगह छोड़ते हैं जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं होते। भुगतान म्यूल अकाउंट के जरिए लिया जाता है। इसमें नाबालिग लड़के-लड़कियां भी शामिल हैं। राज्य में ऐसे कई नेटवर्क सक्रिय हैं, जो सीधे नाइजीरियन और बड़े पैडलर्स से जुड़े हुए हैं। पैडलर अलग-अलग तरीके से करते हैं सप्लाई, न पहचान देते हैं न ही मिलते हैं... स्टिंग-1: पंडरी से ऑर्डर, ऑक्सीजोन में सप्लाई भास्कर ने पैडलर को वाट्सएप पर एमडी का ऑर्डर दिया। पैडलर ने बताया कि एक ग्राम की कीमत 7 हजार रुपए है। पैडलर ने 5 मिनट में खाता नंबर भेज दिया। पैसा ट्रांसफर की पर्ची पैडलर को भेजी गई। पंडरी में डिलीवरी मांगी गई। आधे घंटे बाद लोकेशन और वीडियो-फोटो मिला। लोकेशन ट्रेस करते हुए ऑक्सीजोन के पीछे पहुंचे, जहां अंधेरा था। एक किनारे सिगरेट का पैकेट पड़ा हुआ था। उसके अंदर 1 ग्राम एमडी मिला। स्टिंग-2: 8 हजार में कोकीन दी भास्कर ने शनिवार को फिर कोकीन का ऑर्डर दिया। पैडलर ने खाता नंबर भेजा। चूंकि इसी नंबर से पहले भी ड्रग्स खरीदा गया था, इसलिए तुरंत डिलीवरी के लिए तैयार हो गया। खाते में 8 हजार रुपए जमा किए गए। आधे घंटे बाद फिर डिलीवरी का समय दिया गया। इस बार देवेंद्र नगर में डिलीवरी मांगी गई। वहां एक गार्डन के पास कुर्सी के नीचे सिगरेट के पैकेट में ड्रग्स रखकर छोड़ दिया गया। साथ ही लोकेशन और वीडियो भेजा गया। जब ड्रग्स लेने पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। सुनसान सड़क और गार्डन के बीच पैकेट उठाकर वहां से निकल गए। स्टिंग-3: टी-शर्ट के साथ ड्रग्स भेजा भास्कर ने एक ड्रग्स लेने वाले युवक के माध्यम से ऑर्डर दिया। पैडलर ने नागपुर से माल मंगाने की बात कही। पैडलर के दिए खाते में पैसा जमा कर दिया गया। दो दिन बाद वाट्सएप पर एक बिल्टी का मैसेज आया। बस के जरिए नागपुर से रायपुर पार्सल भेजा गया। बस ड्राइवर को बिल्टी दिखाकर पार्सल लिया गया। पार्सल खोलने पर उसमें टी-शर्ट मिली, जिसके भीतर ड्रग्स का पैकेट रखा हुआ था। गूगल मैप का कर रहे उपयोग: पैडलर्स गूगल मैप के माध्यम से डिलवरी कर रहे है। उनसे किया गया चैट तुरंत डिलीट हो जाता है। 7 माह में 70 पैडलर गिरफ्तार, आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी ड्रग्स के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों के साथ 7 महीने में 70 से अधिक पैडलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आगे भी सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। -डॉ. संजीव शुक्ला, कमिश्नर ऑफ पुलिस ड्रग्स की तस्करी करने वाले 4 तस्कर गिरफ्तार, 5.58 ग्राम ड्रग्स बरामद, फोन पर ऑर्डर लेकर करते थे सप्लाई ड्रग्स की तस्करी करने वाले चार पैडलर्स को रविवार की रात काशीराम नगर इलाके में छापा मारकर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की तलाशी के दौरान 5.58 ग्राम ड्रग्स बरामद हुआ है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी फोन पर ऑर्डर मिलने के बाद डिलीवरी करते थे। पुलिस ने बताया कि काशीराम नगर निवासी कुणाल मंगतानी, सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव मोबाइल टैक्सी और बाइक चलाने का काम करते हैं। इसी की आड़ में वे ड्रग्स की तस्करी करते थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से ड्रग्स बरामद किया गया। ऐसे चल रहा नेटवर्क:
बाड़मेर रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग के बाद अब प्लेटफार्म विस्तार का काम शुरू हो गया है। आजादी के समय बने रेलवे के करीब 70 से ज्यादा क्वार्टर तोड़कर उन्हें नई जगह बनाया जाएगा। इन क्वार्टरों की जगह 6 नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं। वर्तमान में सिर्फ 4 लाइन हैं। ऐसे में अब बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर 10 रेल लाइन होंगी। इससे 2 से बढ़कर 6 प्लेटफॉर्म हो जाएंगे। इसके लिए 84.78 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। रेलवे की ओर से टेंडर कर काम शुरू कर दिया गया है। गांधीनगर और शास्त्रीनगर की करीब 60 हजार आबादी को कनेक्ट करने वाली रोड अब रेलवे कॉलोनी के अंदर से हटकर किनारे पर शिफ्ट होगी। इसके अलावा गेहूं खाली होने वाले रेलवे ट्रैक को हटाकर अब वहां रेलवे की कॉलोनी बसाई जाएगी। इसके अलावा एक कम्युनिटी हॉल और गार्डन भी विकसित किया जाएगा। वर्तमान में प्लेटफार्म नहीं होने से रेल गाड़ियों को जसाई व उत्तरलाई के प्लेटफार्म पर खड़ा कर रहे हैं। 70 से ज्यादा क्वार्टर तोड़े नेहरूनगर जीआरपी थाने से लेकर शास्त्रीनगर रोड 70 से ज्यादा आवासीय क्वार्टर और ऑफिस थे। इन क्वार्टरों को तोड़ दिया गया है। गांधीनगर की तरफ गेहूं खाली होने वाले प्लेटफार्म की जगह अब कार्मिकों के लिए क्वार्टर बनेंगे। यहां एक कम्युनिटी हॉल और पार्क भी बनेगा। टेंडर जारी हो गए हैं और शुरू हो गया है। कॉलोनियों के लिए 7 मीटर चौड़ी सीसी रोड शिफ्ट हो रही शास्त्रीनगर रेलवे अंडर ग्राउंड से सीधे गांधीनगर का सड़क मार्ग रेलवे कॉलोनी के अंदर से जाता है। अब इसे 7 मीटर चौड़ी सीमेंट सड़क के साथ कॉलोनी कॉलोनी के किनारे बनाकर दे रहे है। गांधीनगर, शास्त्री नगर, विष्णु कॉलोनी सहित करीब 60-70 हजार की आबादी जुड़ी है। भविष्य में 17 लाइनों तक अपग्रेड करने की योजना बाड़मेर रेलवे स्टेशन को भविष्य में 17 रेलवे ट्रैक लाइनों तक अपग्रेड करने की योजना है। हालांकि गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत इस फेज में 6 लाइनों को ही बनाने की योजना है। प्लेटफॉर्म 580 मीटर का होगा। इनमें एक व्हील लेथ लाइन-1, पिक लाइन-2, वॉशिंग लाइन-1, नॉर्मल लाइन-2 बनेगी।
हादसे में माता-पिता को खोया, चोट से जूझा…:नहीं टूटा हौसला, इसाक ने दर्द को ताकत बनाकर जीता गोल्ड
कुछ कहानियां मेडल से बड़ी होती हैं, वे हौसले की परिभाषा बदल देती हैं। मिजोरम के 18 वर्षीय वेटलिफ्टर इशाक मलसोमल्गा की कहानी भी ऐसी ही है, जहां जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बना दिया। राजधानी में चल रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में इसाक ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 235 किलोग्राम कुल वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। स्नैच में पीछे रहने के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में दमदार वापसी की और गोल्ड हासिल किया। लेकिन यह जीत सिर्फ पोडियम पर नहीं मिली। यह उन हालातों पर जीत है, जिनमें ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं। जब जिंदगी ने एक के बाद एक झटके दिए इसाक ने 2018 में अपने पिता को सड़क हादसे में खो दिया। उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग शुरू की थी। घर की जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंता के बीच उन्होंने खेल छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन कोच और परिवार ने उन्हें संभाला और उन्होंने खेल जारी रखा और आगे बढ़ते रहे। 2024 में यूथ नेशनल में सिल्वर जीतकर उन्होंने खुद को साबित किया, लेकिन तभी उनकी मां कैंसर से जूझने लगीं। आर्थिक और मानसिक दबाव के बीच उनके चाचा-चाची ने उन्हें सहारा दिया। मां के निधन के बाद इसाक पूरी तरह टूट गए। कहा “मैंने लगभग खेल छोड़ने का फैसला कर लिया था। लेकिन परिवार और कोच ने एक बार फिर उन्हें खड़ा किया। लगातार ट्रेनिंग के साथ पढ़ाई भी कर रहे हैखेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले उन्हें पीठ में चोट लग गई थी। कोच ने आराम की सलाह दी, लेकिन इसाक ने खुद पर भरोसा रखा। रायपुर के मंच पर उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और गोल्ड जीत लिया। वहीं, चाचा, जो पिता के जाने के बाद हर प्रतियोगिता में उनके साथ खड़े रहे। इसाक फिलहाल साई के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इम्फाल में ट्रेनिंग कर रहे हैं और पढ़ाई भी जारी है। उनकी नजर अब बड़े मंचों पर है।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय:40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी, आज बारिश की संभावना
बाड़मेर में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी बारिश होती है। कभी भीषण गर्मी पड़ती है। अब धूलभरी आंधी चल रही है। रविवार को सुबह से ही 30-40 किमी. की रफ्तार से आंधी चली। इससे जनजीवन प्रभावित रहा। ग्रामीण इलाकों में आंधी का सर्वाधिक असर देखने को मिला। धूल के उठते गुबार की वजह से दुकानदार और वाहन चालक परेशान रहे। शाम के बाद आंधी कमजोर पड़ी। आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग ने सोमवार को बारिश की संभावना जताई है। रविवार रात से मौसम बदला। आसमान में बादल छा गए। दिनभर आंधी चली। इसके बाद अचानक मौसम बदल गया। इससे बारिश की संभावना बनी रही। नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण सोमवार को बाड़मेर, जैसलमेर सहित जोधपुर संभाग के जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। रविवार का दिन बाड़मेर वासियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। सुबह से ही 30 से 40 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चली धूलभरी हवाओं ने न केवल दृश्यता कम की, बल्कि दैनिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया। इसका सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखा गया। वहां कच्चे घरों और पशुओं के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं। शहरों में दुकानदारों को धूल से बचाव के लिए संघर्ष करना पड़ा। नमी बढ़ने से सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ शाम होते-होते आंधी का वेग कम हुआ। फिजा बदल गई। अचानक आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य कारण एक नया पश्चिमी विक्षोभ है। यह उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से वायुमंडल के निचले स्तरों में नमी बढ़ी है। इससे आंधी के बाद अब मेघगर्जन और बारिश की स्थिति बन रही है।
कभी दहशत का गलियारा रहे सुकमा जिले के दोरनापाल से होकर पहुंचते है गड़गड़मेटा कैंप, जो ठीक उसी जगह पर मौजूद है जहां 76 जवानों की शहादत हुई थी। वहां से दोपहिया के सहारे लगभग पांच किलोमीटर के ऊबड़-खाबड़ रास्ते और पगडंडी से गुजरते हुए जैसे-जैसे ताड़मेटला करीब आता है, जंगल की खामोशी भारी होने लगती है। हवा भी यहां कुछ कहती हुई लगती है-धीमे, डरे हुए स्वर में। 6 अप्रैल 2010… एक तारीख, जिसने इस छोटे से गांव को देश के नक्शे पर हमेशा के लिए दर्ज कर दिया। 237 घरों और हजार से ज्यादा आबादी वाले इस गांव में उस दिन की गूंज आज भी बाकी है। भास्कर जब यहां पहुंचा, तो गांव में सन्नाटा पसरा मिला। लोग हैं, लेकिन नजर नहीं आते। जैसे हर कोई कुछ छिपाए बैठा हो-यादें, डर और एक अधूरी कहानी। तालाब किनारे दो लोग बैठे दिखे। पास जाने पर पता चला कि एक पंचायत सचिव है, जो लोगों के नाम दर्ज कर रहा था। उसके साथ बैठा युवक-माड़वी उमेश गांव की बदलती तस्वीर और अतीत के जख्म दोनों का गवाह है। ‘अब यहां स्कूल बन रहा है, पंचायत भवन का काम भी शुरू हुआ है, उमेश कहता है। लेकिन उसकी आवाज में ठहराव है। वह जोड़ता है- ‘आधे लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, आधों के पास वन पट्टा नहीं।’ जब बात 76 जवानों की शहादत की होती है, तो उसकी आंखें कुछ पल के लिए ठहर जाती हैं। तब मैं चौथी में पढ़ता था- वह धीरे से कहता है। पास ही बैठे बुजुर्ग भीमा कवासी हिंदी नहीं जानते, लेकिन उनकी आंखें सब कह देती हैं। उमेश उनकी बातों को शब्द देता है- ‘उस दिन गांव के लोग महुआ बीनने गए थे, कुछ अपने काम में लगे थे… लेकिन गांव के ही 8-10 लोग उस हमले में शामिल थे। वे हिड़मा के साथ बटालियन में थे। अब सब सरेंडर कर लौट आए हैं, लेकिन कुछ नहीं करते।’ जब हमने उनके बारे में पूछा अभी कहां है तो वो बोला महुआ की तरफ गया है। ताड़मेटला में वक्त पूरी तरह नहीं बीता… वह 2010 में कहीं ठहर गया है। जब 72 घंटे की सर्चिंग मौत के घेरे में बदल गई चिंतलनार कैंप से 82 जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। तीन दिन जंगल में रहने के बाद, 6 अप्रैल की सुबह करीब 5:30 बजे गोलियों की गूंज शुरू हुई। नक्सलियों ने घेराबंदी कर दी थी। तीन घंटे तक जंगल गोलियों से कांपता रहा। सुबह 8 बजे जब फायरिंग थमी, तब जो सामने था, वह सिर्फ मंजर नहीं-एक त्रासदी थी। डिप्टी कमांडेंट सत्यभान सिंह, असिस्टेंट कमांडेंट बजरंग लाल मीणा, निरीक्षक जित्तू आनंद, प्रकाश कुमार समेत 76 जवान शहीद हो चुके थे। 6 जवान बचे-लेकिन जिंदा रहने की कीमत इतनी भारी थी कि वे जिन्दा लाश की तरह लौटे। बताते हैं कि बाद में सभी ने नौकरी छोड़ दी। शहादत की याद में बन रहा स्मारक, 6 को शाह के हाथों लोकार्पण होगाघटना स्थल से करीब 100 मीटर दूर गड़गड़ मेटा कैंप के बाहर अब एक स्मारक आकार ले रहा है। यहां उन 76 जवानों के नाम पत्थरों पर उकेरे जाएंगे, जिन्होंने देश के लिए जान दी। बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों 6 अप्रैल को इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है।
सुकमा के पोलमपल्ली में मुठभेड़ दोरनापाल:पांच लाख का इनामी मूचाकी नक्सली ढेर, शव और हथियार बरामद
बस्तर को नक्सलमुक्त घोषित करने की समय सीमा अब महज दो दिन दूर है, और इससे पहले सुरक्षाबलों ने बड़ा ऑपरेशन कर नक्सलियों को करारा झटका दिया है। जिला सुकमा के थाना पोलमपल्ली क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाकों में रविवार सुबह हुई मुठभेड़ में 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली को मार गिराया गया। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। अभियान के दौरान रविवार की सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो एक पुरुष नक्सली का शव हथियार सहित बरामद किया गया। मृत नक्सली की पहचान मूचाकी कैलाश के रूप में हुई है, जो प्लाटून नंबर 31 का सेक्शन कमांडर था। वह सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र के पूलनपाड़ गांव का निवासी था और उस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
आओ कुछ अच्छा करें:दो दोस्तों ने लोगों तक पहुंचाईं 36 हजार जरूरत की चीजें
छह साल पहले दो दोस्त, ऑयल मिल मालिक दीनदयाल गोयल और एलआईसी के विकास अधिकारी भूपेंद्र मीणा ने कुछ अच्छा करने का संकल्प लिया।इसमें स्वास्थ्य मंदिर संस्थान सहयोगी बना, और इस दौरान अब तक करीब 8 हजार लोगों तक 36 हजार 557 वस्तुएं पहुंचाने में कामयाब हुए हैं। इसकी प्रेरणा 2020 में कोरोना काल में हुई, जब आवागमन ठप था और रोजगार का संकट था। ऐसे में इन दोनों मित्रों, दीनदयाल गोयल और भूपेंद्र मीणा ने महसूस किया कि इस संकट के दौर में भी ऐसी चीजें जो हमारे उपयोग की नहीं हैं, वे दूसरों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। दीनदयाल गोयल बताते हैं कि कोरोना काल में जब लोग अपने घरों को लौट रहे थे, तब मैंने देखा कि मजदूरों का एक ग्रुप जो कि गुजरात से पैदल चलकर मध्यप्रदेश के दतिया जा रहा था। उनकी चलते-चलते चप्पल-जूते घिस गए, इसलिए हमने तत्काल घरों के शूज और चप्पलें उन्हें मुहैया कराईं। तभी हमने स्वास्थ्य मंदिर के साथ मिलकर कोरोना काल में घर लौट रहे राहगीरों को स्लीपर, कपड़े और खाद्य सामग्री मुहैया कराने का अभियान चलाया। टीवी, प्रेस, पंखे और साइकिल तक पहुंचाईं आओ कुछ अच्छा करें प्रकल्प के तहत अब तक करीब 8 हजार से अधिक लोगों को जरूरत की सामग्री मुहैया कराई जा चुकी है। इसमें जूते-चप्पलें, स्टेशनरी किट, पुराने कूलर, पंखे, टीवी, स्लीपर, स्कूटी, बर्तन, साइकिल आदि शामिल हैं। सह संयोजक विकास अधिकारी भूपेंद्र मीणा ने बताया कि प्रकल्प वर्ष 2020 से चलाया जा रहा है। इन सात सालों में करीब 27 हजार कपड़े, 600 फर्नीचर, 2866 इलेक्ट्रॉनिक आइटम (टीवी, प्रेस, पंखे, कूलर), 2074 स्लीपर, 12 स्कूटी/बाइक, 3970 स्टील क्राकरी, 12 साइकिल प्राप्त हुईं, जिन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया है। इस प्रकल्प में जरूरत की ऐसी सामग्री को लिया जाता है जो ठीक है पर आपके काम नहीं आती हैं, अथवा अतिरिक्त हैं। जरूरतमंद व्यक्ति स्वास्थ्य मंदिर, रणजीत नगर अथवा महाराजसर आश्रम पर आकर मौके पर मौजूद सामान से अपनी जरूरत का सामान ले जा सकता है। इसकी बाकायदा देने वाले और लेने वाले की एंट्री रखी जाती है।
राज्य सरकार सख्त:छत्तीसगढ़ में रसोई गैस पाइपलाइन बिछाने की बाधा दूर, अब ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम
छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। घरों तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पहुंचाने के प्रोजेक्ट में लंबे समय से आ रही प्रशासनिक अड़चनों को राज्य सरकार ने पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस दिशा में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के सभी कलेक्टरों और संबंधित निकायों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे केंद्र सरकार के 24 मार्च 2026 को जारी ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश’ का कड़ाई से पालन करें। आदेश के मुताबिक, अब सरकारी महकमे पाइपलाइन बिछाने की अनुमति को अनिश्चितकाल तक नहीं रोक सकेंगे। इसमें सड़क खुदाई और अन्य तकनीकी अनुमतियों के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है। इसके अलावा निजी या गैर-सरकारी भूमि पर पाइपलाइन ले जाने के लिए मुआवजे की दरें भी स्पष्ट कर दी गई हैं। व्यावसायिक उपयोग वाली भूमि के लिए प्रचलित ‘सर्कल रेट’ का 30% भुगतान करना होगा। यदि 24 घंटे के भीतर अनुमति दी जाती है, तो प्रोत्साहन के रूप में अतिरिक्त राशि का भी प्रावधान है। पीएनजी की सप्लाई शुरू होने पर आम लोगों का बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले पीएनजी लगभग 20 से 30 प्रतिशत सस्ती पड़ती है। इसके अलावा सिलेंडर खत्म होने या रिफिलिंग की बुकिंग का झंझट खत्म होगा। 24 घंटे मीटर आधारित गैस सप्लाई मिलेगी। स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों (जैसे लोक निर्माण विभाग, नगर निगम) से आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण पाइपलाइन बिछाने का काम शहर की सीमाओं पर ही अटका हुआ था। इस वजह से हजारों लोग रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद कनेक्शन का इंतजार कर रहे थे। राज्य सरकार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में भूमिगत पाइपलाइन (भूमि के उपयोग के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम 2004 है। इस अधिनियम के तहत ही प्रदेश में पाइपलाइन बिछाने के लिए सभी तरह की अनुमतियां पीएनजी कंपनियों को तत्काल दी जाएंगी। इससे उनके काम किसी तकनीकी वजह से ना रुके और वे जल्द से जल्द पाइपलाइन बिछाकर लोगों को कनेक्शन दे सकेंगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिए 5 अहम निर्णय पीएनजी के लिए सीएस की अध्यक्षता में बैठक हुई है। राज्य शासन ने सभी विभाग प्रमुखों, जिला कलेक्टरों को राज्य में सिटी गैस वितरण योजना के जल्द से जल्द क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार के प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026 को लागू करने निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सभी संबंधित विभाग और निकाय योजना को पूरा करने के लिए अनुमतियां और सुविधाएं देंगे। - रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव खाद्य विभाग
नवा रायपुर में खपरी चौक के पास सेक्टर-30 में महाराष्ट्र के वर्धा की तर्ज पर सेवाग्राम बनाया जा रहा है। चार साल से निर्माणाधीन इस परियोजना पर अब तक 105 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इसे आज तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। गार्डन के दोनों प्रवेश द्वार हमेशा बंद रहते हैं। अफसरों का कहना है कि सेवाग्राम में अभी कुछ और निर्माण कार्य बाकी हैं, जिन पर 20 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च किए जाने की तैयारी है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अक्टूबर 2021 में स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। फरवरी 2022 में काम शुरू हुआ। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने लेयर-1 और लेयर-2 में करीब 75 एकड़ जमीन पर सेवाग्राम निर्माण का टेंडर जारी किया था। लगभग 13,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बाउंड्रीवॉल, भवन, सड़क, बायोडायवर्सिटी पार्क, लैंडस्केपिंग और ऑर्गेनिक फार्मिंग के कार्य पूरे हो चुके हैं। हालांकि कॉटेज, आर्ट होम, हस्तशिल्प केंद्र, आर्टिस्ट स्टे होम सहित कई कार्य अब भी अधूरे हैं। इसी कारण निर्माण करने वाली कंपनी डीवी प्रोजेक्ट लिमिटेड ने अब तक सेवाग्राम का हैंडओवर नहीं किया है। सुरक्षा के नाम पर कुछ गार्ड तैनात किए हैं। सौ करोड़ से अधिक खर्च होने के बावजूद सेवाग्राम की स्थिति बदहाल है। गार्डन में लगाए गए फूल मुरझा रहे हैं और पेड़ सूखने लगे हैं। रास्तों में कचरा जमा है। लकड़ी की कुटिया और स्टे होम भी जर्जर हो रहे हैं। मेंटेनेंस के अभाव में पूरा परिसर उपेक्षित नजर आ रहा है। यहां सुरक्षा के लिए दो गार्ड मौजूद नजर आए। वहीं सेवा ग्राम गार्डन में मौजूद कंपनी के सुपरवाइजर राकेश से भास्कर टीम ने बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया, कहा कि किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। एनआरडीए के अफसरों को अंदर जाने की अनुमति है। आंकड़ों में जानें सेवा ग्राम गेट पर खड़े होने भी नहीं दियाभास्कर की टीम सेवा ग्राम पहुंची तो पहला प्रवेश द्वार बंद था। दूसरे प्रवेश द्वार पर खपरी और आसपास के कुछ गांव के लोग पहुंचे थे। वहां उन्होंने सुरक्षा गार्ड से कहा कि उन्हें अंदर जाना है। इस पर गार्ड ने कहा कि किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वे वहीं खड़े होने लगे तो गार्ड ने उन्हें वहां से भगा दिया। कहा- सब गार्डन खुल जाएगा तब आना। लोगों ने कहा कि गार्डन कब खुलेगा तो उसने कहा कि उसे नहीं पता। साहब लोगों से जाकर पूछो। इसके बाद सभी लोग वापस जाने लगे। गांव वालों ने भी बताया कि किसी को भी गार्डन के अंदर जाने नहीं दिया जाता है। सेवा ग्राम बनाने का काम प्रगति पर है। इसका पूरा काम तीन स्टेज में होना है। नए वित्तीय साल में तीसरे फेज का काम शुरू करेंगे। यह काम भी जल्द पूरा करेंगे। जो भी काम बाकी है उसे पूरा करने के साथ ही इसके संचालन की भी नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। ताकि भविष्य में सेवा ग्राम का सफल संचालन सुनिश्चत हो सके। -चंदन कुमार, सीईओ, नवा रायपुर विकास
कस्बे में संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई में पिछले 10 दिनों से गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण अव्यवस्था देखने को मिल रही है। आलम यह है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने वाली इस रसोई में अब पारंपरिक चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा है। अन्नपूर्णा रसोई के संचालक का कहना है कि गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती लागत के कारण समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पिछले 10 दिनों से गैस खत्म होने के कारण मजबूरन लकड़ी और चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। पतीलों में बन रहा खाना राजीविका समूह की अध्यक्ष हेमा ने बताया कि सिलेंडर के अभाव में बड़े पतीलों में खाना बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
सिस्टम फेल:इंसुलिन है पर किट नहीं - खतरे में पड़ी टाइप-1 मरीजों की जिंदगी
टाइप-1 डायबिटीज मरीजों के लिए किट उपलब्ध कराने में सरकारी सिस्टम नाकाम है। जिला अस्पतालों में मरीजों को इंसुलिन तो मिल रही है, लेकिन उसे लगाने और डोज तय करने के लिए जरूरी पेन, नीडिल, ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप नहीं मिल रहे। पिछले करीब डेढ़ साल से किट की सप्लाई ठप है। इससे हजारों मरीज आधे-अधूरे इलाज के सहारे जिंदगी जीने को मजबूर हैं। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन स्तर पर किट की खरीदी नहीं होने से यह स्थिति बनी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सीजीएमएससी के माध्यम से जब सप्लाई होती है तब मरीजों को उपलब्ध कराई जाती है। सप्लाई नहीं होने के कारण वे मरीजों को किट नहीं दे रहे हैं। प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा टाइप-1 मरीज किट न मिलने से परेशान हो रहे हैं। ऐसे मरीजों को रोज 3-4 बार इंसुलिन लेना पड़ता है। गरीब मरीज हर महीने 4 से 5 हजार रुपए की किट नहीं खरीद पा रहे। मजबूरी में कई मरीज जांच छोड़ रहे हैं या इंसुलिन की डोज कम कर रहे हैं। नतीजा शुगर अनियंत्रित होने से अस्पताल में भर्ती होने के मामले बढ़ रहे हैं। रायपुर में 150 से ज्यादा बच्चे जिला अस्पताल से इलाज करा रहे हैं। ड्राइवर पिता नहीं खरीद पा रहे छह माह के बेटे के लिए किट6 माह की उम्र से सुई और दवाओं के बीच जिंदगी जी रहा एक मासूम…। उसके पिता ड्राइवर हैं। महीने की कमाई 15 हजार रुपए है। बच्चे की किट के लिए हर महीने 4-5 हजार रुपए लगते हैं। पैसे की कमी से कई बार बिना शुगर जांच के ही अंदाज से इंसुलिन देना पड़ा। निर्धारित डोज नहीं मिलने पर बच्चे की हालत बिगड़ जाती है। पिछले एक साल में तीन बार उसे भर्ती कराना पड़ा। दवा के अनियंत्रित डोज से बार-बार भर्ती हो रही युवतीमहासमुंद की युवती के पति राजमिस्त्री है, आमदनी सीमित है। उसे दिन में चार बार इंसुलिन लेना होता है, लेकिन शुगर मापने की किट और पेन नहीं होने से वह कई बार डोज नहीं ले पाती। जब डोज बिगड़ती है, तो शरीर जवाब देने लगता है। कई बार उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वह कहती है, बीमारी से ज्यादा डर इस बात का है कि किट के बिना कब हालत बिगड़ जाए। इंसुलिन किट क्यों नहीं पहुंच रही, इसकी जांच कराई जाएगीदवा व उपकरणों की सप्लाई के सिस्टम में बदलाव किया गया है। इससे दवा व अन्य चीजें अस्पताल में तेजी से पहुंच रही हैं। इंसुलिन किट क्यों नहीं पहुंच रही, इसकी जांच करवायी जाएगी। मरीजों को जल्द उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। -दीपक महस्के, अध्यक्ष, सीजीएमएससी
डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम बगदई के किसान तोरनदास साहू रासायनिक की जगह जैविक खेती अपनाकर एक एकड़ में 26 क्विंटल तक धान का उत्पादन कर रहे हैं। गोमूत्र के गुण और शक्ति को पहचान कर 2015 से जैविक खेती को अपनाया और धान, सब्जी उत्पादन में उपलब्धि हासिल की। उन्हें दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में फार्मर ऑफ द ईयर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम बगदई के रहने वाले 10वीं पास किसान तोरनदास वर्ष 2015 से अपनी 3 एकड़ 70 डिसमिल भूमि पर लगातार जैविक खेती कर रहे हैं। तोरनदास जैविक विविधता को अपनाने, पर्यावरण की सुरक्षा, खेत की मेड़ों पर पेड़ पौधे लगाने, जहर मुक्त अनाज एवं सब्जी उत्पादन करने के लिए जाने जाते हैं। तोरनदास साल 2006 से खरीफ और रबी सीजन में धान के साथ चना, मसूर, आलू, पत्तेदार सब्जियों की खेती कर रहे हैं। घर में बंधी गायों के गोबर की खाद और गोमूत्र से बाड़ी में लगी सब्जियों का बेहतर उत्पादन देख आइडिया मिला। उन्होंने खेतों में लगे धान और सब्जियों में इसे आजमाया। पहले एक दो साल सामान्य उत्पादन रहा, लेकिन बाद में उत्पादन बढ़ता चला गया। किसान अपनी खेती के वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड करते हैं। उनकी सब्जियां, टमाटर, कद्दू, आलू, गंवार फ्ल्ली प्रदेश और दूसरे राज्यों तक जाती है। किसान तोरनदास बताते हैं कि जैविक कीटनाशी ब्रह्मास्त्र बनाने नीम की 3 किलो पत्ती, 2 किलो करंज, सीताफल, धतूरे की पत्तियों और 10 लीटर गोमूत्र मिश्रण को 30 मिनट उबाल कर ब्रम्हास्त्र बनाते हैं। नीमास्त्र बनाने 5 किलो कुटी हुई नीम की पत्ती और फल, 5 लीटर गोमूत्र, 1 किलो गोबर के मिश्रण को ढंक कर रखते हैं और 48 घंटे बाद इस कीटनाशक का शाम को खेतों में छिड़काव करते हैं। जीवामृत बनाने ड्रम में 200 लीटर पानी में 10 किलो गोबर और 10 लीटर गोमूत्र, घोल में 2 किलो बेसन मिश्रित कर छांव में 86 घंटों के लिए रखा जाता है। अग्नि अस्त्र बनाने गोमूत्र, नीम की पत्ती, हरी मिर्च, लहसुन, तंबाकू के मिश्रण को उबाल कर, छांव में ठंडा कर इसका उपयोग किया जाता है। किसान अपनी फसल के लिए स्वयं का तैयार किया बीज, जैविक खाद, कीट और बीमारी को नियंत्रित करने पेस्टिसाइड और दवा बनाते हैं। रसायनिक खेती में मिट्टी प्रबंधन, जोताई, बोनी, बीमारी, कीट नियंत्रण प्रति एकड़ 20 हजार वहीं जैविक में 15 हजार खर्च आता है। डीएपी, यूरिया खरीदनी नहीं पड़ती। बचत से लागत में कम लाभ ज्यादा होता है। खरपतवार में रासायनिक कीटनाशी का उपयोग नहीं करते। बिजामृत से बीज उपचार, जीवामृत से मृदा सुधार, नीम अस्त्र एवं ब्रह्मास्त्र से कीट नियंत्रण, गोबर एवं गोमूत्र से जैविक खेती की विधि से फसल उत्पादन करते हैं। तोरन साहू को देख उन्हीं के गांव के कमल साहू और श्यामलाल साहू अपनी 3 एकड़ भूमि में जैविक खेती अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन से ज्यादा लाभ कमा रहे हैं। तोरन ने स्वयं के जुगाड़ से मिट्टी सुधार करने लोहे और लकड़ी से दतारी नामक कृषि यंत्र बनाया इससे ट्रैक्टर से बेहतर जोताई कर 5 हजार तक बचत करते हैं। पक्षी और चूहों को दूर रखने एक यंत्र बनाया जिसमें हवा से उड़ती है इससे कनेक्ट घंटी बजने से पक्षी और चूहे फसलों से दूर रहते हैं। साल 2023-24 में उन्होंने 200 कृषि सखियों को अपने गांव में जैविक खेती करने का प्रशिक्षण भी दिया है।
दो दिन से भूखे थे नक्सली:पुलिस जवानों ने सुना तो पहले खाना बनाकर खिलाया
शनिवार को परतापुर थाना इलाके के एरिनझोर जंगल में पुलिसवालों ने भूखे नक्सलियों को खाना बनाकर खिलाया। दोनों पक्षों ने साथ बैठकर भोजन किया। दरअसल ये नक्सली सरेंडर करने आ रहे थे और पुलिस उनका इंतजार कर रही थी। 27 मार्च को परतापुर के तीन नक्सलियों के सरेंडर करने आने की सूचना मिली। मध्यस्थ ने पुलिस से कहा कि वे बारकोट व एरिनझोर के जंगल पहुंचेगे, जो परतापुर थाना से 35 किमी दूर था। नक्सली दारसू की टीम के साथ घूम रहे संगीता, लखमू व रैनू पद्दा उसे चकमा देकर सरेंडर करने जंगल से भाग निकले। एक दिन यहां-वहां छिपते रहे। 27 मार्च सुबह से लेकर रात तक पैदल चले। 28 मार्च रात 3 बजे एरिनझोर जंगल पहुंचे। यहां परतापपुर थाना प्रभारी एसआई रामेश्वर चतुर्वेदी जवानों के साथ तैनात थे। एसआई ने कहा - हम पुलिस बाद में हैं, पहले इंसान हैं एसआई रामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया हम पुलिस बाद में हैं पहले इंसान हैं। सामने वाला भी इंसान है इंसानियत पहले है। वे भूखे थे उन्हें खाना देना हमारी जिम्मेदारी थी। इसलिए हमने तत्काल मौके पर ही भोजन तैयार कर उन्हें परोसा। उनका डर खत्म किया। उन्हें भरोसा दिलाया की सरेंडर करने वाले के साथ पुलिस है। हमारा वादा है जो भी नक्सली सरेंडर करेगा हम पूरी सुरक्षा के साथ उसे लेकर आएंगे। वे मुझे या अन्य पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
हनुमान जन्मोत्सव पर संगीतमय सुंदरकांड पाठ
भीलवाड़ा | कुवाड़ा खान के पास इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर समिति के मुखिया प्रहलाद राय अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे संगीतमय सुंदरकांड पाठ से होगी। पाठ ऋषि शृंग संस्थान वेद विद्यालय के वेदपाठी करेंगे। शाम 7 बजे संतों का आशीर्वाद समारोह होगा। हरिशेवा धाम के महामंडलेश्वर हंसराम एवं निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण शास्त्री के प्रवचन होंगे।
अस्मिता खेलो इंडिया: वॉलीबॉल स्पर्धा का समापन, यंग स्पोर्ट्स क्लब शाहपुरा विजेता
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा पुलिस लाइन में चल रही राजस्थान पुलिस की अजमेर रेंज स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में भीलवाड़ा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। शानदार प्रदर्शन के दम पर जिले की चैंपियनशिप लगभग तय मानी जा रही है। पुरुष वर्ग में भीलवाड़ा टीम ने वॉलीबॉल, हैंडबॉल, फुटबॉल और बास्केटबॉल में प्रथम स्थान हासिल कर शानदार खेल दिखाया। महिला वर्ग में भी भीलवाड़ा की खिलाड़ियों ने कमाल दिखाते हुए वॉलीबॉल, हैंडबॉल और बास्केटबॉल तीनों में जीत दर्ज की। पुरुष के वॉलीबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता पीटीएस सिलोरा, हैंडबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता नागौर, फुटबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता अजमेर, हॉकी में विजेता अजमेर व उपविजेता टोंक, बॉस्केटबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता नागौर की टीम रही। महिला वर्ग के हैंडबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता अजमेर, वॉलीबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता अजमेर, बॉस्केटबॉल में विजेता भीलवाड़ा व उपविजेता नागौर की टीम रही। भीलवाड़ा | अस्मिता खेलो इंडिया के तहत आयोजित जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन रविवार को हुआ। फाइनल यंग स्पोर्ट्स क्लब शाहपुरा और ठाकुर बाबा क्लब शाहपुरा के बीच हुआ। टीम ने 3-0 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। जिला वॉलीबॉल संघ सचिव, शिवराम खटीक जीपी ने बताया कि जिले की 16 टीमों के 192 खिलाड़ियों ने भाग लिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि संजय पेड़ीवाल, अध्यक्षता गीता चौधरी, विशिष्ट अतिथि वैभव जोशी, जिला वॉलीबॉल संघ अध्यक्ष लक्ष्मी लाल सोनी, अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं जिला संरक्षक ज्ञान मल खटीक, कोषाध्यक्ष रमेश खोईवाल रहे। { 1500 मीटर दौड़ : रामअवतार नागौर प्रथम, सम्पत भीलवाड़ा द्वितीय व सौपाल ब्यावर तृतीय रहे। { 800 मीटर : सीताराम पीटीएस सिलोरा प्रथम, बसन्त टोंक द्वितीय, व शिव किशोर पीटीएस सिलोरा तृतीय रहे। { तश्तरी फेंक : लक्ष्मीनारायण भीलवाड़ प्रथम, जयकिशन ब्यावर द्वितीय, तोगेश ब्यावर तृतीय रहे। { गोला फेंक : सुरेश ईनाणियां नागौर प्रथम, लक्ष्मीनारायण भीलवाड़ा द्वितीय, अजीत सिंह टोंक तृतीय रहे। { लम्बी कूद : विष्णु मेनारिया पीटीएस सिलोरा प्रथम, नरेन्द्र नागौर व हारुण भीलवाड़ा द्वितीय, मनीष पीटीएस सिलोरा तृतीय रहे त्रिकूद में नरेन्द्र नागौर प्रथम, भरत भीलवाड़ा द्वितीय व हरेन्द्र नागौर तृतीय रहे। { 100 मीटर: मंजू मेघवाल नागौर प्रथम, इन्द्रा राणावत भीलवाड़ा द्वितीय व प्रियंका जाट टोंक तृतीय रही। { 200 मीटर दौड़ : इन्द्रा भीलवाड़ा प्रथम, प्रियंका टोंक द्वितीय, सुगना टोंक तृतीय रही। { 800 मीटर : मीरा भीलवाड़ा प्रथम, अन्नु टोंक द्वितीय व सुमन मेघवाल अजमेर तृतीय रही। { 1500 मीटर : नीतू नागौर प्रथम, लीला नागौर द्वितीय व शिवानी अजमेर तृतीय रही। {गोला फेंक : मनीषा भीलवाड़ा प्रथम, कविता भीलवाड़ा द्वितीय, सुमन नागौर तृतीय रही। {लम्बी कूद : मंजू नागौर प्रथम, अन्नु टोंक द्वितीय, प्रियंका टोंक तृतीय रही। {तश्तरी फेंक : सुमन नागौर प्रथम, कविता भीलवाड़ा द्वितीय व सुशीला तृतीय रही। वॉलीबॉल मैच खेलते खिलाड़ी। पुरुष वर्ग: एथलेटिक्स में विजेता
8 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय, 76 राष्ट्रीय व 58 राज्य स्तर पर खेल चुके
भास्कर न्यूज| जैसलमेर जिले में कभी खेल में चयन होना दूर खेल की तरफ रूझान होना भी बड़ी बात मानी जाती थी। लेकिन पिछले कुछ सालों से जैसलमेर में बास्केटबॉल अकादमी खुलने से खिलाड़ियों का रुझान बढ़ने के साथ-साथ ऐसी कई प्रतिभाएं भी बाहर आई है। जिन्होंने ना सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए देश को स्वर्ण पदक दिलाकर नाम रोशन किया। हाल ही में बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा एशिया कप के लिए घोषित टीम में जैसलमेर अकादमी के भूपेन्द्रसिंह, मोहम्मद रजा खान व संस्कार सैनी का चयन हुआ है। गौरतलब है कि सरकार द्वारा प्रदेश में जैसलमेर में एकमात्र बास्केटबॉल जूनियर एकेडमी संचालित है। जिसका नतीजा यह है कि इस बास्केटबॉल एकेडमी से खिलाड़ियों का हुनर बाहर आया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 2009 से लेकर अब तक 8 स्वर्ण पदक भी जीते। इस एकेडमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 56 स्वर्ण पदक, 42 रजत व 36 कांस्य पदक जीते व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 31 स्वर्ण व 18 रजत के साथ 08 कांस्य पदक भी अपने नाम किए हैं। राकेश विश्नोई , कोच व अधिकारी खेल में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के साथ ही खिलाड़ियों का सरकारी सेवाओं में भी चयन हुआ है। बास्केटबॉल जूनियर एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 29 खिलाड़ियों का रेलवे, बीएसएफ, थल सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस व राजस्थान पुलिस में चयन हुआ है।जैसलमेर की बास्केटबॉल एकेडमी में प्रशिक्षण करने वाले 8 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया है। इनमें मनोज कस्वा, योगेश कुमार, महिपालसिंह भाटी, अखिलेश कुमार, मोहम्मद अली, राजवीरसिंह भाटी, विकास चौधरी व मोहम्मद रजा खान शामिल है। महिपालसिंह भाटी इंडिया की सीनियर टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं। 76 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर व 58 खिलाड़ी राज्य स्तर पर खेल चुके हैं। राजस्थान में दो बास्केटबॉल एकेडमी है। जिसमें सीनियर की जयपुर में और जूनियर की जैसलमेर में है। यहां परिस्थितियां विपरीत होने के बावजूद खिलाड़ियों द्वारा मेहनत कर उसका परिणाम दिया जा रहा है। जैसलमेर में हर साल 40 खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। इन खिलाड़ियों द्वारा ना सिर्फ एकेडमी व राज्य स्तरीय बल्कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर में भी बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है। मैंने जब से यहां ज्वॉइन किया है उसके बाद से लगातार खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। सरकार की तरफ से भी इन खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय जिला प्रशासन भी काफी सहयोग कर रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि खिलाड़ी स्वयं बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं।
ग्रीष्मावकाश में कटौती के प्रस्ताव का विरोध, सरल करें स्थानांतरण प्रक्रिया
भास्कर संवाददाता | पाली बांगड़ स्कूल में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (स्कूली शिक्षा) की जिला स्तरीय कार्यकारिणी बैठक हुई। आठ खंडों से पदाधिकारियों, महिला प्रतिनिधियों, कोषाध्यक्षों सहित जिला एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। बैठक संभाग उपाध्यक्ष एवं जिला प्रवासी कार्यकर्ता शैतानसिंह की मौजूदगी और जिला अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह की अध्यक्षता में चार सत्रों में हुई। प्रथम सत्र में शैतानसिंह ने संगठन के स्वरूप, इतिहास एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के नाम से कार्यरत संगठन अब देशभर में एकरूपता के साथ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के नाम से कार्य करेगा। द्वितीय सत्र में जिला अध्यक्ष डॉ. विक्रमसिंह ने शिक्षकों से संबंधित विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को उठाते हुए ग्रीष्मावकाश में कटौती के प्रस्ताव का विरोध, संविदा शिक्षकों के स्थायीकरण, मॉडल एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति, पदोन्नतियों में तेजी, स्थानांतरण प्रक्रिया को समयबद्ध करने सहित अन्य लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग रखी। तृतीय सत्र में जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने प्रवासी कार्यकर्ता एवं प्रवास की आवश्यकता पर विचार रखे। जिला मंत्री ने चतुर्थ सत्र में वित्तीय शुचिता पर बल देते हुए आय-व्यय का पारदर्शी लेखा-जोखा रखने, सभी लेन-देन बैंक के माध्यम से करने, वाउचर एवं कैश बुक का संधारण सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर ऑडिट करवाने की आवश्यकता बताई। संचालन जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने किया।
शहर में निकाली निशान यात्रा, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
शाजापुर | कप्तान जनसेवा मंच के तत्वावधान में 5 अप्रैल को तृतीय निशुल्क खाटू श्याम यात्रा करवाई जा रही है। इसके पूर्व रविवार को शहर में निशान यात्रा निकाली गई, जिसमें 300 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर बाबा श्याम के जयकारे गूंजते रहे। निशान यात्रा के दौरान महिलाएं हाथों में निशान लेकर बाबा श्याम के भजनों पर झूमती नजर आईं। निशान यात्रा की शुरुआत शाम 5 बजे टेंशन चौराहा स्थित विजय श्री हनुमान मंदिर से की गई। इसके बाद यात्रा नई सड़क, आजाद चौक, छोटा चौक, सोमवारिया बाजार, कंस चौराहा, बालवीर हनुमान मंदिर, कुम्हारवाड़ा, महूपुरा रपट, स्टेशन रोड और धोबी चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
2 दिन में 1.4 डिग्री गिरा दिन का पारा, अब बुधवार तक बारिश का अलर्ट
शाजापुर|गर्मी के बढ़ते तेवर के बीच शाजापुर में अचानक मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला है, जिससे अब बारिश की संभावना बन गई है। मार्च की तेज गर्मी के बीच दो दिन से दिन के पारे में गिरावट दर्ज की गई है। दो दिन पहले जहां पारा 38.2 डिग्री था, रविवार को यह 36.8 डिग्री पर पहुंच गया। यानी दो दिन में 1.4 डिग्री की गिरावट हुई। वहीं रात के तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि हुई और यह 20.5 डिग्री तक पहुंच गया। दो दिन से आंधी का असर भी देखा जा रहा है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि रविवार से बुधवार तक हल्की या मध्यम बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा बारिश ज्यादा देर तक नहीं होगी लेकिन तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की वजह से सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिल रही है, जिससे उज्जैन संभाग के शाजापुर सहित अन्य जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहने की संभावना है। 31 मार्च को भी ऐसा ही अलर्ट है।
पाइप लाइन शिफ्टिंग के बाद शुरू होगा उच्च स्तरीय पुल का निर्माण
भास्कर संवाददाता | शाजापुर शहरी फोरलेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत मां राजराजेश्वरी मंदिर के पास चीलर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण शुरू होने जा रहा है। यहां नगर पालिका की पाइप लाइन शिफ्टिंग शुरू हो चुकी है। संभावना है कि दो हफ्तों में यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद भीमघाट की तरफ से पुल निर्माण शुरू हो जाएगा। यह पुल बनने के बाद पुराने पुल को तोड़कर यहां भी नया पुल बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा 88 करोड़ की लागत से 10 किमी लंबा शहरी फोरलेन बनाया जा रहा है। इसमें कुल 11 पुल और पुलियाओं का निर्माण भी हो रहा है। बड़े पुल के स्थान पर दो उच्च स्तरीय पुल बनाए जा रहे हैं। नया पुल वर्तमान बड़े पुल के पास भीमघाट की तरफ से बनेगा। इसकी लंबाई 100 मीटर होगी। इसका एक छोर वाटर वर्कर्स के पास और दूसरा छोर प्राइवेट बस स्टैंड पर होगा। नया पुल बनने के बाद पुराने पुल का तोड़कर यहां समानांतर पुल बनाया जाएगा। भीमघाट की तरफ नगर पालिका की पेयजल पाइप लाइन है। इसकी शिफ्टिंग शुरू हो चुकी है। निर्माण कंपनी द्वारा मंगलनाथ मंदिर की तरफ नदी मुरम डालकर रास्ता बना लिया है, साथ ही इससे नदी का पानी भी रोका जा सकेगा, ताकि पुल निर्माण के दौरान समस्या ना हो। लोनिवि कार्यपालन यंत्री हर्षवर्धन सिंह मुवैल ने बताया दो सप्ताह बाद पुल निर्माण शुरू हो जाएगा। दोनों की डेडलाइन जुलाई-2027 तय की है। मंडी के पास स्लैब डालना बाकी, फूलखेड़ी के पास बेस वर्क चल रहा लोनिवि द्वारा बरवाल के पास, मंडी के पास, फूलखेड़ी मंदिर के पास और सनकोटा के पास पुलियाओं का निर्माण किया जा रहा है। मंडी के पास वाले पुल का निर्माण 70 फीसदी हो चुका है। संभवत: दो तीन महीने में यह पुल शुरू भी हो जाएगा। बरवाल के पास पाइप लाइन डालकर पुलिया बनाई जा रही है। फूलखेड़ी में पुराने पुल को तोड़कर खुदाई शुरू की गई है। विभाग का दावा है ये सभी पुल बारिश से पहले बन जाएंगे।
तीसरी बार फिर तीन साल के लिए अध्यक्ष बने राजेश 65 और महामंत्री नरेंद्र 11 मतों से जीते
भास्कर संवाददाता| विदिशा शहर के व्यापारियों के प्रतिष्ठित व्यापार महासंघ का चुनाव रविवार को हो गया। खास बात यह रही कि अध्यक्ष और महामंत्री दोनों ही तीसरी बार चुनकर आए हैं। अध्यक्ष पद के लिए राजेश जैन ने अपने निकटतम उम्मीदवार राजीव जैन गट्टू को 65 मतों से हरा दिया। वहीं त्रिकोणीय संघर्ष में नरेंद्र सोनी फिर तीसरी बार महामंत्री चुने गए हैं। हालांकि वे इस मुकाबले में महज 11 मतों से ही जीत पाए। निकटतम उम्मीदवार राजेश सोनी ने उन्हें जोरदार टक्कर दी। तीसरे उम्मीदवार उमेश सिंघल को महज 10 वोट ही मिल पाए। इससे पहले राजेश जैन 2005 से 2007 और 2007 से 2009 तक व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसी तरह नरेंद्र सोनी 2001 से 2003 और 2003 से 2005 तक महामंत्री रह चुके हैं। इस तरह दोनों को ही महत्वपूर्ण पदों का अनुभव है। दोनों का ही यह तीसरा कार्यकाल है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए हरीश बाधवानी ने 56, उपाध्यक्ष पद के लिए आशीष माहेश्वरी ने 31, संयुक्त मंत्री पद के लिए विवेक शर्मा ने 10 और कोषाध्यक्ष के लिए राजकुमार अग्रवाल ने 23 मतों से जीत दर्ज की है। वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ मंत्री पद के लिए जितेंद्र जैन पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। जीत के बाद विजेता पदाधिकारियों का फूल-मालाओं और ढोल बजाकर स्वागत किया गया। समाज, विश्वास और अनुभव चुनाव के तीन महत्वपूर्ण फैक्टर व्यापार महासंघ चुनाव को लेकर बड़े चुनाव की तर्ज पर जाति, अनुभव, भरोसा सहित तमाम मुद्दों पर मतदान हुआ है। इसमें समाज की बैठकों में भी एक-दूसरे के प्रत्याशियों को लेकर मतदान की आपसी सहमति बनाई गई। इससे एक-दूसरे के समाज की मदद से अपने उम्मीदवारों की जीत पक्की कर ली। हालांकि अध्यक्ष पद के दोनों उम्मीदवार जैन समाज के थे, इसलिए अनुभवी और जुझारू होने के कारण राजेश पर मतदाताओं ने अधिक भरोसा जताया। इसके अलावा उम्मीदवारों की कार्यक्षमता, अनुभव और भरोसे के आधार पर भी मतदान हुआ है। अध्यक्ष- राजेश जैन : 120 राजीव जैन : 55 जीत : 65 मतों से महामंत्री: नरेंद्र सोनी: 85 राजेश सोनी : 74 उमेश सिंघल : 10 जीत : 11 मतों से वरिष्ठ उपाध्यक्ष : हरीश बाधवानी : 114 आशीष मोदी : 58 जीत: 56 मतों से उपाध्यक्ष- आशीष माहेश्वरी : 98 नीरज चौरसिया: 67 जीत : 31 मतों से वरिष्ठ मंत्री : जितेंद्र जैन निर्विरोध निर्वाचित संयुक्त मंत्री : विवेक शर्मा : 72 राजकुमार नेमा : 62 अनुराग गोयल : 40 जीत: 10 मतों से कोषाध्यक्ष: राजकुमार : 95 मनीष जैन : 72 जीत : 23 मतों से
फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) की ओर से प्रताप गौरव केंद्र में फोर्टी एक्सीलेंस अवार्ड-2026 समारोह में उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि मेवाड़ पूर्व राज परिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने कहा कि समय के साथ सोच और निर्णय ही भविष्य तय करते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब उनके परिवार ने होटल इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब आलोचनाएं हुईं, लेकिन दृढ़ निर्णय के कारण आज उदयपुर विश्व स्तर पर पहचान बना चुका है। यहां टूरिज्म अब इंडस्ट्री की तरह स्थापित है। उन्होंने कहा कि 19वीं शताब्दी ब्रिटेन की थी, 20वीं अमेरिका की रही और 21वीं सदी हिंदुस्तान की होगी। यह बदलाव शिक्षा और व्यापार के माध्यम से संभव होगा। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। समारोह में मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड, सर्विस, प्रोफेशनल डॉक्टर और आर्किटेक्ट श्रेणियों में कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसमें फोर्टी के यूथ विंग के चीफ सेकेट्री प्रशांत शर्मा को सम्मानित किया गया। उदयपुर से मैन्युफैक्चर सेक्टर में राजेंद्र सिकलीगर, निर्मल शर्मा आैर सौरभ पालीवाल को, प्रोफेशनल आर्किटेक्ट श्रेणी में डॉ. दीप्ति जैन, डॉ. अभिनव मंत्री को सम्मानित किया गया। इसके अलावा अलवर, जयपुर, उदयपुर, नोखा, सिरोही और बालोतरा के उद्यमियों को सम्मान मिला। ट्रेड सेक्टर में कोटा और जयपुर के व्यापारियों को अवार्ड दिए गए। गांवों को भी उद्योग से जोड़ने की जरूरत : कुलरिया देश के प्रमुख उद्योगपति पूनम कुलरिया ने कहा कि सफलता का वास्तविक सूत्र यही है कि अपने पैतृक गांवों को भी रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि उनका परिवार नोखा में इंडस्ट्री स्थापित कर रहा है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का आर्थिक स्तर सुधरेगा। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि यह मंच प्रतिभाओं को पहचान देने का माध्यम बन रहा है। देशभर से आए उद्योगपतियों की भागीदारी से आयोजन सफल रहा। ब्रांचेज चेयरमैन प्रवीण सुथार ने भविष्य में इस आयोजन को और बड़े स्तर पर करने की बात कही। फील्ड क्लब में इंडिया बिल्ड एक्सपो का समापन फील्ड क्लब में तीन दिवसीय इंडिया बिल्ड एक्सपो-2026 का रविवार को समापन हुआ। मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा कि छोटे उद्योग ही रोजगार की रीढ़ हैं। एक छोटा उद्योग भी 25 से 50 परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देता है। मंत्री ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत नवाचारों की सराहना की। बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए एमओयू में से कई परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं और सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता ने भी उद्यमियों को प्रेरित किया। अतिथियों ने एग्जीबिटर्स को सम्मानित किया। फोर्टी की अवार्ड सेरेमनी में शहर की कई हस्तियां शामिल हुईं।
सुबह से शाम तक 2010 ठिकानों पर दबिश, 502 अपराधी गिरफ्तार
अपराध और अपराधियों पर रोक लगाने के लिए जिला पुलिस लगातार धरपकड़ अभियान चला रही है। रविवार को जिलेभर से 502 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की टीमों ने अलसुबह से कार्रवाई शुरू की, जो शाम तक चली। नई एसपी डॉ. अमृता दुहन के आने के बाद जिले में एरिया डोमिनेशन की यह पहली कार्रवाई है। एसपी डॉ. दुहन ने बताया कि रविवार को एएसपी उमेश ओझा, गोपाल स्वरूप मेवाड़ा और अंजना सुखवाल के नेतृत्व में पुलिस की 220 टीमों का गठन किया गया। इनमें 1044 पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीमों ने वांछित अपराधियों के 2010 ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान 502 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 98 स्थायी वारंटी, 12 गिरफ्तारी वारंटी, 207 चालनशुदा, 22 फरार आरोपी, 6 आबकारी एक्ट, 3 आर्म्स एक्ट, 1 एनडीपीएस एक्ट, 143 अन्य एक्ट और 10 जघन्य अपराध करने वाले शामिल है। कार्रवाई के दौरान टीमों ने घरों के अवैध बिजली कनेक्शन की भी जांच की। सूरजपोल क्षेत्र में 4 अवैध कनेक्शन मिले। इनके खिलाफ कार्रवाई की गई। एसपी ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपराधियों की सूचना देने की अपील की है। आश्वस्त भी किया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में 43 लोग हुए लाभान्वित
लोहरदगा|सेवा भारती लोहरदगा द्वारा चुन्नीलाल उच्च विद्यालय के प्रांगण में रविवार को 198वां साप्ताहिक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। सुबह 7:30 बजे आयोजित इस शिविर का शुभारंभ जिला अध्यक्ष दीपक सर्राफ, डॉ. कुमुद अग्रवाल, उपाध्यक्ष अवधेश मित्तल एवं सचिव संजय चौधरी ने संयुक्त रूप से भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करते हुए किया। शिविर में कुल 43 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराकर लाभ उठाया। यहां मरीजों के हीमोग्लोबिन, यूरिक एसिड, ब्लड ग्रुप, शुगर, ब्लड प्रेशर, वजन, हार्ट बीट एवं ऑक्सीजन लेवल जैसी महत्वपूर्ण जांचें नि:शुल्क की गईं। जिला अध्यक्ष दीपक सर्राफ ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और जीव सेवा करना हम सभी का सबसे बड़ा धर्म है। डॉ. कुमुद अग्रवाल ने बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में लापरवाही न करें, खासकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
रामनवमी में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब डीसी ने जिलेवासियों का जताया आभार
भास्कर न्यूज|लोहरदगा रामनवमी-2026 के अवसर पर लोहरदगा जिले में सौहार्द, एकजुटता और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने जिले के सभी नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों एवं मीडियाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपायुक्त ने कहा कि लोहरदगा के लोगों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आपसी सहयोग और सौहार्द से किसी भी पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराया जा सकता है। रामनवमी जुलूस के दौरान सभी धर्म एवं समुदाय के लोगों ने गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखते हुए भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण पर्व के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस पदाधिकारियों एवं सुरक्षा बलों ने आपसी तालमेल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, जिससे पूरे जिले में शांति और व्यवस्था कायम रही। जुलूस एवं अन्य कार्यक्रमों को सुचारु रूप से सम्पन्न कराने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। उपायुक्त ने समाज के बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए हर कदम पर प्रशासन का सहयोग किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर मिली महत्वपूर्ण जानकारियों से प्रशासन को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिली। मीडियाकर्मियों का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए उपायुक्त ने कहा कि उन्होंने प्रशासन के कार्यों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। अंत में उपायुक्त ने उन सभी लोगों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया और जिले में आपसी समरसता एवं भाईचारे को बनाए रखा। उन्होंने पुनः सभी जिलावासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसी तरह का सहयोग भविष्य में भी मिलता रहेगा, जिससे लोहरदगा विकास और शांति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
लोहरदगा में मन की बात का 132वां एपिसोड सुना गया
लोहरदगा|लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 219 में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 132वें एपिसोड को सामूहिक रूप से सुना गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता पवन तिग्गा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पवन तिग्गा ने कहा कि मन की बात देश को प्रेरित करने वाला मंच है, जहां प्रधानमंत्री विभिन्न सामाजिक, खेल व स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देते हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इस अवसर पर बामदेव दुबे, लखन यादव, सूर्य देव दुबे, श्याम सुंदर यादव, अशोक कुमार चौहान, प्रदीप महतो, जय मंगल उरांव, संजय लोहार, दीनदयाल दास, बंधन देवी, सुशीला देवी, चंद्रपति देवी, बीना देवी, सुनीता महली, सुलोचना देवी, नेहा कुमारी, पूजा कुमारी, सरस्वती देवी, किरण कुमारी, दीपक महतो, आकाश उरांव, मोतिनी देवी, भागामानिया देवी, करण उरांव, संजावती देवी, सनम देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
नगरपालिका चुनाव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों का सम्मान
भास्कर न्यूज|लोहरदगा उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने कहा कि लोहरदगा जिला में सभी बड़े पर्व-त्यौहार बिना किसी छोटी गलती के शांतिपूर्ण संपन्न हो गए। प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों ने बड़े ही सूझबूझ के साथ अपने कर्त्तव्य निभाएं जो प्रशंसनीय है। कई अवसर पर चुनौतियां आई जिसमें सभी वरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों ने बेहद सूझबूझ के साथ कार्य संपन्न किया, सभी बधाई के हकदार हैं। बिना टीम वर्क के यह संभव नहीं था। उपायुक्त लोहरदगा ने उक्त बातें पदाधिकारियों व कर्मियों के सम्मान समारोह में कही। यह कार्यक्रम नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों के सम्मान में आयोजित की गई थी। डीसी ने कहा कि निर्वाचन कार्य किसी भी पदाधिकारी व कर्मी के लिए पूरे सेवा काल मे महत्वपूर्ण समय होता है। एक पुलिस पदाधिकारी से लेकर सिपाही तक का योगदान इस निर्वाचन कार्य में बहुत महत्वपूर्ण था। कुछ बूथों में वोटिंग में समय लगा लेकिन उसे सभी बेहतर तरीके से संपन्न कराया। इसी प्रकार मत पेटिका जमा करने समय भी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा जिसे हम सभी ने आसानी से संपन्न कराया। बिना किसी गलती के यह निर्वाचन संपन्न हुआ जो बहुत ही महत्वपूर्ण था। सभी चीजों की व्यवस्था बेहतर तरीके से की गई। निर्वाचन कार्य में अपना उत्कृष्ट देने के लिए सभी कोषांगों के पदाधिकारियों व कर्मियों, पुलिस पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र दिया गया है उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
वॉलीबॉल लीग में डे बोर्डिंग लातेहार ने सभी 5 मैच जीते
हेरहंज | हेरहंज-पांकी स्टेट हाइवे दस पर रविवार की दोपहर गोटिलोंग जंगल के समीप रांची से पांकी की तरफ जा रही पिकअप वाहन असंतुलित होकर पलट गया। जिसमें चालक हल्की चोट भी आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन तीखे मोड़ के कारण असंतुलित होकर पलटा है। उधर सूचना मिलते हीं हेरहंज पुलिस की टीम घटना स्थल पर पहुंच गई और गाड़ी को उठवाकर साइड कराया, उक्त वाहन में अंडा लोड था। लातेहार | जिला मुख्यालय के खेल स्टेडियम मैदान में रविवार को अस्मिता महिला वॉलीबॉल लीग का भव्य शुभारंभ हुआ। स्पोर्ट्स ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) एवं वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (वीएफआई) के आह्वान पर झारखंड वॉलीबॉल एसोसिएशन के तत्वावधान में लातेहार जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन द्वारा इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाश राम ने किया। जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज तिवारी ने विधायक को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया, वहीं अध्यक्ष रंजीत पांडेय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस लीग में 12 महिला टीमें भाग ले रही हैं। उद्घाटन दिवस पर 15 मैच खेले गए, जिसमें डे बोर्डिंग बालिका वॉलीबॉल प्रशिक्षण केंद्र, लातेहार ने अपने सभी पांच मैच जीतकर 10 अंकों के साथ फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली टीम बन गई है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार, अनिल सिंह, विशाल चंद्र साहू, अशोक दास, सोनू सिंह, मुखिया सुभाष सिंह, उपाध्यक्ष विवेकचंद्र श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष नीरज कुमार सहित कई गणमान्य लोग एवं खेल प्रेमी मौजूद थे।
सामुदायिक भवन से शव बरामद, पहचान नहीं हुई
लातेहार | शहर के अमवाटीकर अंबेडकर चौक स्थित सामुदायिक भवन में रविवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना सदर थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
खराब जलमीनार, मरम्मत कराने की मांग
पाटन | सखुई में लंबे समय से खराब पड़ी जलमीनार को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए इसे जल्द ठीक कराने की मांग की। इस समस्या से ग्रामीणों ने मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, पाटन मध्य मंडल अध्यक्ष तुलसी पासवान को अवगत कराया। जानकारी के अनुसार लगभग एक वर्ष से जलमीनार खराब पड़ी है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। लेकिन विभागीय कर्मियों द्वारा इसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। पाटन मध्य मंडल अध्यक्ष ने जल्द मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बरवाडीह | बरवाडीह के सामुदायिक भवन में भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान रविवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज प्रसाद ने की, जबकि प्रभारी लव कुमार दुबे रहे। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी गई। प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, अनुशासन, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति की जानकारी दी गई। लातेहार | सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में विद्यालय स्तरीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला का शुभारंभ दीप जलाकर और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। उद्घाटन समारोह में विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी समिति की अध्यक्ष ज्योति चौधरी, सचिव राजीव रंजन पांडेय, कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय, पलामू विभाग प्रमुख अखिलेश कुमार, प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी सहित सभी आचार्य, दीदी जी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अध्यक्ष ज्योति चौधरी ने कहा कि सामूहिकता से ही संगठन की शक्ति बढ़ती है।
सिलेबस में भोजपुरी-मगही विषय हटाने का विरोध
लातेहार | सहायक अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने जे-टेट के नए सिलेबस में पलामू प्रमंडल से भोजपुरी और मगही को हटाए जाने के निर्णय का विरोध किया है। कहा है कि यह कदम मूल निवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। स्थानीयता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि फॉर्म भरने के लिए केवल भारत का नागरिक होने की शर्त रखना युवाओं के हक को मारना है, जबकि अन्य राज्य अपने निवासियों को प्राथमिकता देते हैं। वहीं पारा शिक्षक जो 20 वर्षों से ज्यादा समय से प्राथमिक शिक्षा का ज्योत जगाते आ रहे हैं, उसके लिए कोई छूट नहीं दिया गया है। जबकि, अन्य राज्य छूट देते हैं। युवाओं के सीटेट प्रमाणपत्र को झारखंड में मान्यता देने में सरकार आनाकानी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस नियमावली को तुरंत रद्द कर सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी मूल निवासियों के हित में आवाज उठाने की अपील की है।
टोल प्लाजा नहीं हटा तो देवघर से गोड्डा तक जनता कर्फ्यू : प्रदीप
भास्कर न्यूज | दुमका नेशनल हाईवे 133 पर 60 किलोमीटर के अंदर दो दो टोल प्लाजा के विरोध में रविवार को यूथ कांग्रेस झारखंड के महासचिव आर्कादित्य के नेतृत्व में युवाओं मोटरसाइकिल रैली निकाल विरोध जताया। रैली को विधायक प्रदीप यादव ने झंडी दिखाकर हंसडीहा से गोड्डा के लिए रवाना किया। रैली के पूर्व हंसडीहा में सभा को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि जनता वाहन खरीदती तब टैक्स देती ही है, फिर सड़क पर अलग से टैक्स क्यों। संताल परगना का यह क्षेत्र काफी गरीब है, ऐसे में एनएचएआई टोल टैक्स के रूप में जनता का शोषण कर रही है। कहा कि वे इस मुद्दे को सदन में रख चुके हैं। आगे भी इसके लिए सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन जारी रहेगा। महासचिव आर्कादित्य ने कहा कि केंद्र सरकार और एनएचएआई का पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र में दो दो टोल प्लाजा पूरी तरह जन विरोधी है। संथाल परगना का यह इलाका आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा है, जहां के अधिकांश लोग रोजमर्रा के काम, खेती-बाड़ी और छोटे व्यवसाय के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में हर दिन टोल टैक्स देना आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। कहा कि यह टोल प्लाजा स्थानीय जरूरतों और आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज करते हुए लगाया गया है। पूरे संताल परगना में एक भी टोल प्लाजा नहीं होना चाहिए। अगर एनएचएआई पोड़ैयाहाट के सुगाबथान में बनाए गए टोल प्लाजा को नहीं हटाता है तो देवघर से लेकर गोड्डा तक जनता कर्फ्यू लगा दिया जाएगा।
भाजपा प्रशिक्षण महाअभियान: कार्यकर्ताओं को मिला एआई और नमो ऐप का मंत्र, सुनील सोरेन का अभिनंदन
भास्कर न्यूज | दुमका पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत रविवार को सदर मंडल भाजपा की अहम बैठक लोमाई भवन में संपन्न हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं को न केवल पार्टी की विचारधारा, बल्कि आधुनिक दौर की तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा मैनेजमेंट (नमो/सरल ऐप) के प्रभावी उपयोग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने की। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद सुनील सोरेन का माला एवं पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।अभयकांत प्रसाद प्रथम प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का आधार राष्ट्र निर्माण है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही हमारा असली लक्ष्य है।सुनील सोरेन प्रदेश उपाध्यक्ष नें कहा कि अंत्योदय से संतृप्ति ही भाजपा की मूल विचारधारा है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुँचे, इसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।मनोज साह ने संगठन को बूथ स्तर पर विस्तार देने की रणनीति बताई।संतोष साह ने ''मन की बात'' कार्यक्रम और बूथ मैनेजमेंट के जरिए चुनावी मजबूती पर जोर दिया। नवल किस्कू ने सोशल मीडिया के साथ-साथ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), नमो ऐप और सरल ऐप के जरिए संगठन के कार्यों को डिजिटल रूप से दर्ज करने का प्रशिक्षण दिया। अनुज आर्या ने पार्टी के वैचारिक अधिष्ठान और काम करने के अनुशासित तरीकों से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष मनीष कुमार ने की। मौके पर मुख्य रूप से बच्चन पाण्डे, सोमनाथ चौधरी, उत्तम शर्मा, रवि राऊत, राजेश साहनी, उदय पाठक, रंजित यादव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
पति ने महिलाओं के साथ डांस करना बंद नहीं किया, तो पत्नी ने खाया जहर, मौत
भास्कर न्यूज | दुमका दुमका जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र के शहरों गांव में शनिवार की रात एक अजीबोगरीब मामला सामने आया िजसने सभी को हैरान कर िदया। दरअसल यहां एक महिला ने पति से मामूली िववाद के बाद जहर खा कर आत्महत्या कर ली । घटना के बारे बताया जा रहा है िक बहन की शादी की खुशी में मनोज अपनी घर की महिलाओं के साथ डांस कर रहे थे लेकिन पति का यह डांस मनोज की पत्नी को नागवार गुजर रहा था वह बार बार पति मनोज को डांस करने से मना कर रहा था, लेकिन मनोज नहीं माना । िजससे नाराज पत्नी 19 साल की सूर्या देवी ने कीटनाशक खा लिया। उसे रात में ही मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। नगर थाना की पुलिस ने पति मनोज राय का बयान लेकर शव का पोस्टमार्टम कराया।मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर सूर्या देवी ने कीटनाशक खा लिया। साल 2025 में किया था प्रेम विवाह, 3 दिन पहले ही मुंबई से जरमंुडी आया था दरअसल जरमुंडी के ठाड़ीपाथर गांव की सूर्या देवी और मनोज राय ने एक साल पहले ही प्रेम विवाह किया था। इसी बीच मनोज की चचेरी बहन की शादी तय हो गई। रविवार की शाम उसकी बारात आने वाली थी। शादी में शामिल होने के लिए मनोज शादी से 3 दिन पहले ही मुंबई से घर आ आया था । वह मुंबई में काम करता है। शनिवार को शादी की रस्म चल रही थी। इसमें परिवार के सभी लोग नृत्य कर रहे थे। डीजे की धुन पर मनोज अपने को रोक नहीं सका और घर की महिलाओं के साथ नाचने लगा। यह बात उसकी पत्नी को रास नहीं आई। उसने पति को डांस करने से मना किया, लेकिन पति ने उसकी बात नहीं मानी । इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कमरे में पत्नी के मुंह से निकल रहा था झाग अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने िकया मृत घोषित मस्ती में झूम रहे घरवालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब मनोज को पत्नी नहीं दिखी तो वह कमरे में देखने के लिए गया। कमरे में पत्नी के मुंह से झाग निकलता देख शोर मचाया। इसके बाद घर के लोग सूर्या को इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन से सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची और शव कब्जे में लिया। पुलिस ने पति के बयान पर यूडी केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
भागवत कथा सुनने से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है : गिरि
भास्कर न्यूज| धालभूमगढ़ चाकुलिया प्रखंड के केंदाडांगरी (जामडोल) जय निताइ आश्रम शिव मंदिर परिसर में रविवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। कथा का संचालन किया स्वामी हंसानंद गिरि जी महाराज ने, जिन्होंने बताया कि भागवत कथा मोक्ष कथा है और इसे सुनने से भक्ति और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। हंसानंद गिरि जी ने बताया कि भगवान सच्चिदानंद हैं – सत्य, चैतन्य और आनंद के रूप में। सत्य वह है जो आज है, कल था और आगे भी रहेगा। भगवान के तीन कार्य हैं। सृष्टि करना, पालन करना व विनाश करना। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने से सृष्टि, जीवन और धर्म का विस्तृत ज्ञान प्राप्त होता है। कथा सुनने के लिए आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे और धार्मिक भाव से कथा का लाभ उठाया। बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी ने भगवान और मोक्ष की समझ के लिए ध्यानपूर्वक कथा सुनी। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. महेंद्र गिरि, भवेश रंजन गिरि, प्रसेनजीत मल्लिक, परमेश्वर महतो, शिव शंकर और अन्य सहयोगियों ने विशेष भूमिका निभाई। उनकी मदद से कथा का आयोजन व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जय निताइ आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए भक्ति, मोक्ष और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का अवसर है। इससे लोगों को भगवान, सृष्टि और जीवन के रहस्यों की गहरी समझ मिली और धार्मिक वातावरण में श्रद्धा और उत्साह की लहर दौड़ गई।

