रेवाड़ी में बावल के सेक्टर-5 की GLS केमिकल कंपनी में हुए भीष्ण अग्निकांड में पुलिस ने कंपनी के फायर सेफ्टी ऑफिसर को गिरफ्तार किया है। 19 मई को कंपनी में लगी आग से दो कर्मचारी जिंदा जले गए थे तथा दो की झुलसने से मौत हुई थी। इस हादसे में कई अन्य कर्मचारी भी कंपनी में लगी आग से झुलस गए थे। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान यूपी आजमगढ़ के गांव प्रतापपुर व हाल भक्ति नगर रेवाड़ी निवासी लाल चंद्र मौर्य के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया है। AGM की शिकायत पर कार्रवाई गांव चांदनवास निवासी विक्रम यादव ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह पिछले 10 माह से कंपनी में एजीएम के पद पर कार्यरत है। 19 मई की सुबह करीब 11 बजे कंपनी में लगे एक रिक्यटर में जोरदार धमाके के साथ आग लगी। उस समय प्रोडेक्शन फ्लोर पर 50 से 60 कर्मचारी काम कर रहे थे। इंक (Ink) और रेजिन केमिकल (Resin Chemical) बनने के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिससे 5-6 कर्मचारी झुलस गए थे। प्रोडेक्शन फ्लोर पर इससे पहले भी कई छोटी घटनाएं हो चुकी हैं। जिसे लेकर कंपनी मालिकों से एचआर मैनेजर और कर्मचारियों द्वारा कई बार फायर सेफ्टी ऑफिसर को अवगत करवाया गया, परंतु उन्होंने सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया। दो मलबे में मिला, दो की मौत इस हादसे में दो कर्मचारी धर्मेंद्र और शाकिंद्र लापता हो गए थे। कई दिन बाद उनके शव मलबे में मिले थे। जबकि आग से झुलसे हरिबाबू और प्रवेश की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। कई अन्य झुलसे हुए कर्मचारियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया था। आरोपी से पूछताछ करेगी पुलिस पुलिस रिमांड के दौरान फायर सेफ्टी ऑफिसर से इस हादसे के लिए जिम्मेदार फैक्टरों का पता लगाने का प्रयास करेगी। जिसमें कंपनी प्रबंधकों और मालिक भूमिका को भी देखा जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कई दिन रहा पुलिस का पहरा 19 मई की सुबह आग लगने के बाद कंपनी पर कई दिन तक पुलिस का पहरा रहा। अलग-अलग टीमें जांच और राहत के लिए पहुंची। कंपनी का मलबा पूरी तरह साफ होने तक कंपनी पुलिस की गिगरानी में रही। मलबा हटने के बाद ही प्रबंधन के हवाले की गई। अब फायर सेफ्टी ऑफिसर की गिरफ्तारी से एक बार फिर अग्निकांड की यादें ताजा हो गई हैं।
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के नवेगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत डोडासेमर के कोलटीढ़ाना में बुधवार को घरेलू विवाद खूनी वारदात में बदल गया। पिता-पुत्र के बीच हुए विवाद के दौरान बेटे ने आवेश में आकर पिता पर डंडे से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से पिता की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान झांम सिंह सरेआम (56) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी सोनम पाटिल और थाना प्रभारी तरुण मरकाम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा तैयार कराया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर पिता और पुत्र के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर बेटे ने डंडे से हमला कर दिया, जिससे झांम सिंह की मौत हो गई। थाना प्रभारी तरुण मरकाम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। विवाद की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने आरोपी पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की कैद:जौनपुर कोर्ट ने 27,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया
जौनपुर में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने आरोपी युवक को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 27,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला चार साल पुराना है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रामपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 28 मई 2022 को उसकी 15 वर्षीय बेटी स्कूल जा रही थी। रास्ते में रविंद्र पाल पुत्र पन्नालाल पाल उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया। आरोपी ने लगभग 8-9 महीने तक नाबालिग के साथ लगातार दुष्कर्म किया। 7 मार्च 2023 को पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया। जब पीड़िता के पिता यह सूचना देने आरोपी के घर गए, तो उसके परिजनों ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी और रमेश चंद्र पाल द्वारा परीक्षित गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद उसे उपरोक्त दंड से दंडित किया गया।
महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर चार्टर्ड विमान की गलत रनवे पर लैंडिंग के मामले की जांच तेज हो गई है। बुधवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की दो सदस्यीय टीम हिसार एयरपोर्ट पहुंची और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की। जांच टीम ने एयरपोर्ट के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली, संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और अन्य संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी की। इसके अलावा टीम ने मौके पर जाकर उस रनवे का निरीक्षण किया, जहां चार्टर्ड विमान की लैंडिंग हुई थी, तथा घटनास्थल की तकनीकी स्थिति का भी जायजा लिया। हिसार एयरपोर्ट के निदेशक ओपी सैनी ने बताया कि DGCA की दो सदस्यीय टीम ने पूरे मामले की जांच की है। टीम ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी एकत्रित की और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट DGCA द्वारा तैयार की जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों और आगे की कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल जांच जारी है।
आगरा डीएम मनीष बंसल ने बुधवार को एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया। यहां संचालित निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान परिसर में बिजली के खुले तार मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इन्हें सुरक्षित रूप से भूमिगत कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेज तलब किए। संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों, विद्युत उपकरणों, आर्किटेक्ट एवं ठेकेदार को किए गए भुगतान आदि के संबंध में जानकारी हासिल की। डीएम ने जिम सहित स्टेडियम की विभिन्न खेल सुविधाओं एवं भवनों का निरीक्षण किया। परिसर में खुले विद्युत तार पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी खुले तारों को सुरक्षित रूप से भूमिगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही खराब लाइट, प्लास्टर, पंखे एवं दरवाजों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। महिला एवं पुरुष शौचालयों में फिनिशिंग का कार्य अधूरा पाए जाने पर इसे शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। टेबल टेनिस हॉल की दीवारों में सीलन तथा पेंटिंग कार्य अधूरा मिलने पर नाराजगी जताई। फर्श में निर्धारित मानक एवं उच्च गुणवत्ता की टाइल्स तथा अन्य निर्माण सामग्री का ही प्रयोग करने के निर्देश दिए। डीएम ने ताइक्वांडो भवन के अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने का आदेश दिया। शूटिंग रेंज का भी निरीक्षण किया तथा आगामी दिनों में प्रस्तावित निर्माण एवं विकास कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों को सुव्यवस्थित कार्ययोजना, निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाने के निर्देश दिए।
सवाई माधोपुर जिले की मानटाउन थाना पुलिस ने साइबर अपराध के एक मामले में 3 महीने से अधिक समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी अभिषेक महावर उर्फ ईशु को जयपुर से डिटेन किया। जिसे पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया। मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि आरोपी अभिषेक महावर उर्फ ईशु (25) निवासी आदर्श नगर-बी, मानटाउन को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 319(2), 318(4), 61(2)(ए) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज है। अकाउंट से साइबर ठगी की रकम इधर-उधर करता था थानाधिकारी ने बताया कि इस मामले में पहले ही पवन महावर (22) को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि अभिषेक पवन के बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इकट्ठा और ट्रांसफर के लिए करता था। इसके बदले वह कमीशन भी देता था। यह खाता साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट (Mule Account) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाता था पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को मोबाइल कॉल, वॉट्सऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस, सीबीआई और ईडी अधिकारी बनकर डराते थे। इसके अलावा सर्विस चार्ज, जीएसटी, लोन कवर, मनी हेल्प सहित अन्य झूठे बहानों से लोगों को झांसे में लेकर उनसे ऑनलाइन रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे। इस बैंक खाते से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दो शिकायतें भी दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर सायबर ठगी के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के संबंध में जांच कर रही है।
मिर्जापुर में कटरा कोतवाली पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लगभग 31.52 ग्राम हेरोइन और तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत छह लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने नागरपुर, चुनार निवासी अभिषेक सोनकर उर्फ मोनू सोनकर (25) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से अवैध हेरोइन मिली और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई। कटरा कोतवाली में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ में अभिषेक सोनकर ने बताया कि वह एक अज्ञात व्यक्ति से हेरोइन लेता था। इसके बाद वह मिर्जापुर शहर और आसपास के इलाकों में मोटरसाइकिल से घूमकर छोटी-छोटी पुड़ियों में हेरोइन फुटकर विक्रेताओं तक पहुंचाता था और खुद भी बेचकर पैसे कमाता था। पुलिस अब उस अज्ञात सप्लायर की तलाश कर रही है। एसपी सिटी नितेश सिंह ने जानकारी दी कि आरोपी अभिषेक सोनकर के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें जिगना थाने में मारपीट और तोड़फोड़ का एक मामला तथा चुनार थाने में एनडीपीएस एक्ट के दो मुकदमे शामिल हैं। यह कार्रवाई उपनिरीक्षक राकेश सिंह के नेतृत्व में कटरा कोतवाली पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने बताया कि जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।
राजसमंद में मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थधाम सांवरिया सेठ के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने गौ सेवा के नाम पर ऑनलाइन डोनेशन लेने के बाद कार और बुलेट मोटरसाइकिल लकी ड्रा में निकलने का झांसा देकर हजारों रुपए एडवांस जमा कराने की कोशिश की। हालांकि पीड़िता की सतर्कता से ठगी की वारदात टल गई। पीड़िता आशा सहयोगिनी मीना दवे ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक लिंक आया, जिसमें गौ सेवा के लिए 199 रुपए दान करने की अपील की गई। उन्होंने श्रद्धा से 199 रुपए ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद फोन कर बताया गया कि लकी ड्रा में उनके नाम कार निकली है और जीएसटी के नाम पर 35 हजार रुपए जमा कराने होंगे। शक होने पर उनके पति ने भी 199 रुपए भेजे तो उन्हें बुलेट मोटरसाइकिल निकलने का दावा करते हुए 12,500 रुपए जमा कराने के लिए कहा गया। दोनों से आधे घंटे के भीतर रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। दंपती ने तुरंत राजसमंद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आस्था के नाम पर मिलने वाले किसी भी ऑनलाइन लिंक, लकी ड्रा या डोनेशन के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
बदायूं के इस्लामनगर में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने आत्महत्या कर ली। उसका शव बुधवार सुबह गांव के बाहर जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। स्कूल जा रहे छात्रों ने शव देखकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। यह घटना इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गजरामपुर और पिनौनी गांव के बीच जंगल में हुई। गजरामपुर निवासी 35 वर्षीय रवि कुमार पुत्र ननकू का शव पेड़ से फंदे पर लटका हुआ था। छात्रों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि रवि कुमार अपनी पत्नी के साथ गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में काम करता था। पति-पत्नी के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था और दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। इसी विवाद को लेकर दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को शिकायती पत्र भी दिए थे। पारिवारिक तनाव को आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर में तीन महीने से राशन नहीं मिलने का आरोप:ग्रामीणों ने DM कार्यालय पर किया प्रदर्शन
कुशीनगर के विशुनपुरा ब्लॉक स्थित नरचोचवा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने बुधवार को मध्यान्ह बाद जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया । ग्रामीणों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पात्र लाभार्थियों को पिछले तीन महीने से सरकारी राशन नहीं मिला है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि गरीबों के लिए आवंटित खाद्यान्न कोटेदार द्वारा खुले बाजार में बेचा जा रहा है। हक दिलाने की मांग की दैनिक भास्कर से बात करते हुए, ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले ग्रामीणों में अवध, राम प्रवेश, हीरालाल, उमेश, मुकेश और कमलावती शामिल थे। उन्होंने बताया कि राशन न मिलने के कारण गरीब परिवारों के सामने खाद्यान्न का संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित रूप से राशन वितरण शुरू नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। धांधली के आरोपों की जांच जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन स्वीकार करने के बाद ग्रामीणों को मामले की जांच और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राशन वितरण में धांधली के आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मिर्जापुर की कटरा कोतवाली पुलिस ने एक ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के आभूषण, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक, राजकुमार, पर विभिन्न जिलों में 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जनवरी में ही जेल से बाहर आया था। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 8 जुलाई 2026 का है। कटरा थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर निवासी आकाश वर्मा ने अपनी आभूषण की दुकान में चोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। कटरा पुलिस ने भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान वाराणसी के संजय नगर कॉलोनी, पांडेयपुर, लालपुर निवासी राजकुमार पटेल (32) और सोनभद्र के दुमहान दुद्धी निवासी शिवम मौर्य (20) के रूप में हुई है। उन्हें एक मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए। इनमें 195 जोड़ी पायल, 238 बिछिया, सफेद धातु की 37 अंगूठियां और पीली धातु की 144 अंगूठियां शामिल हैं। इसके अलावा, 10,100 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। मुख्य आरोपी राजकुमार पटेल पर वाराणसी, चंदौली, अंबेडकरनगर, औरैया और बाराबंकी समेत कई जिलों में चोरी, नकबजनी, शस्त्र अधिनियम और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि वह एक पेशेवर अपराधी है और लंबे समय से चोरी की वारदातों में शामिल रहा है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
चूरू जिले के राजलदेसर में सिमसिया रोड स्थित मुक्तिधाम के पास नगरपालिका द्वारा फिर से कचरा डाले जाने पर क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। इस समस्या को लेकर पार्षद धनपत शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में तत्काल कचरा डालना बंद करने और स्थल की पूरी तरह सफाई करवाने की मांग की गई है। निवासियों का कहना है कि इस कदम से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है।पूर्व में प्रशासन ने यहां कचरा डालना बंद कर दिया था। आधुनिक मशीनों का उपयोग करके वर्षों पुराने कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया था, जिससे खाद बनाई गई और यह क्षेत्र पूरी तरह प्रदूषण मुक्त हो गया था। नगर पालिका की गाड़ियां डाल रही है कचराहालांकि, अब नगरपालिका की गाड़ियां फिर से यहीं कचरा डाल रही हैं। कचरा स्थल के पास ही श्रीनाथ नगर गौशाला, श्री दण्डी स्वामी जोगेंद्र आश्रम, बाबा भूतनाथ मंदिर और ऐतिहासिक पन्ना सागर सरोवर स्थित हैं। इन धार्मिक स्थलों पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बारिश के मौसम में कचरे का दूषित पानी सरोवर में मिलने से पर्यावरण और मूक पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति क्षेत्र की स्वच्छता और पवित्रता को प्रभावित कर रही है। उग्र आंदोलन की दी चेतावनीपार्षद धनपत शर्मा और तुलसीराम पांडे ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता व स्वच्छता बनाए रखना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि दोबारा कचरा फेंकने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व पालिका अध्यक्ष गोपाल नाई, प्रदीप पांडे, ओम पांडे, भवानी पांडे, मनोज गीवारीया और रामेश्वर कछावा सहित अनेक वार्डवासी मौजूद थे। वार्ड के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कचरा डालना बंद नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में 12 जुलाई को एक युवक ने अपने पिता की हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी के भतीजे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को मोहम्मदाबाद पुलिस ने इस संबंध में दोपहर दो बजे प्रेस वार्ता की। मोहम्मदाबाद के रोहिल्ला कस्बा निवासी 72 वर्षीय रामदास की हत्या उसके छोटे बेटे श्याम सिंह उर्फ रामू ने 12 जुलाई की रात को की थी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस ने आरोपी श्याम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर खून से सनी बनियान भी बरामद की है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 7 जुलाई को अपनी बेटी की शादी की थी। शादी में हुए अधिक खर्च के कारण वह आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। वह अपने पिता पर जमीन बेचकर पैसे देने का दबाव बना रहा था। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी 12 जुलाई की रात पैसे मांगने को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर श्याम सिंह ने प्लास्टिक की कुर्सी से अपने पिता पर कई बार वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद उसने खून से सनी बनियान को घर के सामने कूड़े के ढेर पर फेंक दिया था। सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा ने बताया कि 13 जुलाई की सुबह रोहिल्ला निवासी रामदास की हत्या की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में पता चला कि रामदास की हत्या उसके बेटे ने की है। श्याम सिंह उर्फ रामू का अपने पिता से संपत्ति को लेकर भी विवाद चल रहा था। वह पिता से खेत बेचने की बात कह रहा था। विवाद के बाद बेटे ने कुर्सी से प्रहार कर पिता की हत्या कर दी थी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल (कुर्सी) और खून से सनी बनियान भी बरामद की गई है। आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बलिया में DM घाघरा नदी की कटान देखने पहुंचे:भोजपुरवा के प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने के निर्देश
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को तहसील बांसडीह के चांदपुर और महाराजपुर गांवों का दौरा किया। उन्होंने घाघरा नदी से हो रहे कटान का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने महाराजपुर गांव को कटान से बचाने को प्राथमिकता बताया और अधिकारियों को घाघरा की धारा मोड़ने के लिए जियोट्यूब की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।बाढ़ खंड अधिकारियों ने बताया कि कटान रोकने के लिए 17 कटर लगाए गए हैं और 5 करोड़ रुपये की धनराशि भी मिली है। आगाह किया कि आने वाले दिनों में घाघरा नदी का जलस्तर लगभग दो मीटर तक बढ़ सकता है।उन्होंने बचाव एवं सुरक्षा कार्यों को समय रहते पूरा करने पर जोर दिया।डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि बाढ़ और कटान से बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस दौरान विधायक केतकी सिंह,बाढ़ खंड के एक्सईएन और अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद,जिलाधिकारी ने मनियर ब्लॉक के भोजपुरवा गांव का भी दौरा किया और वहां घाघरा नदी के कटान का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि वर्ष 2002 में नदी के कटान के कारण गांव के पूर्व माध्यमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय नदी में समा गए थे।वर्तमान में कक्षाएं पंचायत भवन में अस्थायी रूप से संचालित हो रही हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नए विद्यालय के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों ने लगभग 25 वर्ष पुरानी पानी की टंकी के भी नदी में समाहित होने की आशंका जताई,जिस पर जिलाधिकारी ने नई टंकी के शीघ्र निर्माण का आश्वासन दिया।उन्होंने यह भी बताया कि करीब पांच साल पहले टिगुनिया गांव घाघरा में समा गया था और वहां के विस्थापित परिवारों को सुल्तानपुर गांव में बसाया गया है।ग्रामीणों ने सुल्तानपुर में दो सोलर लाइट लगाने की मांग की,जिस पर डीएम ने व्यवस्था का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।उन्होंने बताया कि घाघरा नदी से लगभग 500 मीटर की दूरी तक गांव बसे हुए हैं।डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं,ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
सोनभद्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में अब तक 57 स्कूली वाहनों का चालान किया गया है और 27 वाहनों को सीज किया गया है। विभिन्न परिवहन नियमों के उल्लंघन पर कुल 4.82 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। यह कार्रवाई सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कौशल कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान कई स्कूली वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध बीमा, परमिट और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना संचालित होते पाए गए। इसके अतिरिक्त, कई वाहनों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और आपातकालीन निकास जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नहीं मिलीं। एआरटीओ कौशल कुमार सिंह ने ऐसे सभी वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एआरटीओ सिंह ने सभी स्कूल प्रबंधकों और वाहन संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का संचालन परिवहन विभाग के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कटनी में युवक ने लगाई फांसी, मौत:तलाक देने पत्नी ने 8 लाख मांगे थे, 3 लाख दे चुका था; तनाव में था
कटनी जिले के बड़वारा इलाके में आने वाले सिजहनी गांव में घर के आपसी झगड़े और मानसिक तनाव के कारण 30 साल के एक युवक ने पेड़ से लटककर फांसी लगा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि युवक की पत्नी उसे पैसों के लिए लगातार तंग कर रही थी, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। बुधवार को सिजहनी गांव के एक खेत में ग्रामीणों ने पेड़ से लटकता हुआ एक शव देखा, जिसके बाद तुरंत बड़वारा पुलिस को खबर दी गई। मृतक की पहचान सिजहनी निवासी अजीत यादव (30 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए बड़वारा के सरकारी अस्पताल भिजवाया। तलाक के नाम पर मांगे 8 लाख रुपए अजीत की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसरा है। मृतक के भाई संतोष यादव ने अपनी भाभी अंजू यादव पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संतोष ने बताया कि अजीत और अंजू के बीच पिछले 5 साल से विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट में तलाक तक पहुंच गया था। घरवालों का कहना है कि अंजू ने कोर्ट के बाहर आपसी रजामंदी से तलाक देने के बदले 8 लाख रुपए की मांग की थी। अजीत ने जैसे-तैसे इंतजाम करके 3 लाख रुपए अपनी पत्नी को दे भी दिए थे, लेकिन पैसे लेने के बाद भी अंजू ने उसे तलाक नहीं दिया और बाकी के 5 लाख रुपयों के लिए लगातार दबाव बना रही थी। तनाव नहीं झेल पाया युवक भाई संतोष के मुताबिक, मोटी रकम देने के बाद भी तलाक न मिलने और पत्नी की रोज-रोज की प्रताड़ना से अजीत बुरी तरह टूट चुका था। वह पिछले कई दिनों से गहरे डिप्रेशन में था। समाज में बदनामी और पैसों की तंगी से तंग आकर आखिरकार उसने बुधवार को मौत को गले लगा लिया। पुलिस कर रही है बारीकी से जांच बड़वारा थाना प्रभारी के. के. पटेल ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मामला संवेदनशील है, इसलिए हर एंगल से इसकी पड़ताल की जा रही है। परिजन के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी सच सामने आएगा, उस आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत में पुलिस ने कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। सहायक पुलिस आयुक्त (शहर-2) निधि नैन ने बुधवार को यह गोष्ठी आयोजित की, जिसमें सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए गए। यह बैठक पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह के मार्गदर्शन में हुई। इसमें थाना शहर सोनीपत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पेट्रोल पंप संचालकों ने भाग लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहे। सहायक पुलिस आयुक्त निधि नैन ने सभी संचालकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में होने चाहिए और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना पुलिस या डायल 112 पर दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेट्रोल पंप संवेदनशील सार्वजनिक स्थान हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों का समय-समय पर सत्यापन कराने और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए। नकदी के सुरक्षित रख-रखाव और बैंक में जमा कराने के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा गया। बैठक के दौरान थाना प्रभारी अशोक कुमार ने भी पेट्रोल पंप संचालकों से पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सूचना देने की अपील की। सहायक पुलिस आयुक्त ने दोहराया कि पुलिस और आमजन के सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। सभी पेट्रोल पंप संचालकों ने पुलिस द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने और प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
फलोदी में बिजली चोरी पर विभाग की कार्रवाई:10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच में पकड़े गए थे
फलोदी जिले में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ डिस्कॉम ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बिजली चोरी करने के साथ-साथ जुर्माना राशि जमा नहीं कराने वालों को अब सीधे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसी कड़ी में सतर्कता जांच के दौरान बिजली चोरी करते पकड़े गए 10 लोगों के खिलाफ जोधपुर ग्रामीण के विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। बिजली चोरी से हो रहा लाखों का नुकसान डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही बिजली चोरी से विभाग को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है, जिसका असर ईमानदारी से बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। इसे रोकने के लिए विभाग ने सख्त नीति अपनाई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से बिजली चोरी की घटनाओं में कमी आएगी और लोग नियमित एवं वैध बिजली कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित होंगे। बिजली चोरी पर लगाया जुर्माना यह सतर्कता जांच अभियान उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सहायक अभियंता (एईएन) हनुमानराम चौधरी के नेतृत्व में चलाया गया था। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों को अवैध रूप से बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया और उनके खिलाफ नियमानुसार जुर्माना आरोपित किया गया। विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा में जुर्माना राशि जमा कराने के लिए नोटिस भी दिए गए थे, लेकिन राशि जमा न होने पर अब उनके विरुद्ध पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इन लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला विभाग की ओर से सांवरीज निवासी सुखराम (2,01,214 रुपए), रामनगर निवासी भाखरराम (33,434 रुपए), कोलूराठौड़ा निवासी हुकमीचंद (31,557 रुपए), रामनगर निवासी देवकिशन (22,719 रुपए), रामनगर निवासी रेशमाराम (17,993 रुपए), धनेश्वरनगर निवासी गोगी (21,172 रुपए), मंडला कला निवासी सुखदेव (30,950 रुपए), हकी मोहम्मद (20,731 रुपए), लक्ष्मणराम (22,124 रुपए) और सांवरीज निवासी जोराराम (30,742 रुपए) शामिल हैं। इन सभी पर निर्धारित जुर्माने लगाए गए थे। डिस्कॉम अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध रूप से बिजली का उपयोग नहीं करें और नियमित विद्युत कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपभोग करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सतर्कता अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
हरियाणा का जींद जिला 17 जुलाई को एक महत्वपूर्ण आयोजन का गवाह बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से देश की पहली 10 बोगियों वाली हाइड्रोजन ट्रेन को सोनीपत के लिए हरी झंडी दिखाएंगे। इस अवसर पर वे प्रदेश को अरबों रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। यह जानकारी कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने जिला मुख्यालय पर रैली स्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया को दी। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जींद सहित पूरे हरियाणा में उत्साह है। उन्होंने कहा कि यह रैली दो मुख्य कारणों से महत्वपूर्ण है: पहला, हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत; और दूसरा, देश की पहली 'इको रैली' (ग्रीन रैली) का आयोजन। रेलवे स्टेशन के पास बनाया गया हेलीपैड सुरक्षा और प्रोटोकॉल कारणों से प्रधानमंत्री के हेलीपैड में बदलाव किया गया है। पहले यह पुलिस लाइन में प्रस्तावित था, लेकिन अब पीएमओ की नई गाइडलाइंस के तहत इसे सीधे रेलवे स्टेशन के पास बनाया गया है। प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे मंच पर पहुंचेंगे। इससे पहले वे रेलवे स्टेशन जाकर हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करेंगे और फिर रैली स्थल से जनता को संबोधित करेंगे। विपक्ष द्वारा जींद को पिछड़ा क्षेत्र बताए जाने पर कृष्ण बेदी ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खुलते हैं। उन्होंने हिसार हवाई अड्डे और यमुनानगर थर्मल पावर प्लांट के उदाहरण दिए, जब हरियाणा को बड़ी परियोजनाएं मिली थीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। बेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस दौरे से जींद का गौरव बढ़ेगा और यह क्षेत्र पिछड़ेपन के टैग से मुक्त हो जाएगा। रैली को पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाया जा रहा : बेदी उन्होंने बताया कि, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस रैली को पूरी तरह 'इको-फ्रेंडली' बनाया जा रहा है, जो पर्यावरण के प्रति प्रधानमंत्री की चिंता को दर्शाता है। सरकार और प्रशासन का उद्देश्य है कि रैली में आने वाले वाहन डीजल और पेट्रोल मुक्त (इलेक्ट्रिक और सीएनजी) हों। इसका लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संदेश पूरे देश में प्रसारित करना है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कल (16 जुलाई) शाम को ही जींद पहुंच जाएंगे। मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी और पार्टी कार्यकर्ता जी-तोड़ मेहनत में जुटे हैं ताकि इस ऐतिहासिक क्षण को बेहद भव्य और त्रुटिहीन बनाया जा सके। जम्मू-कटरा मार्ग के उद्घाटन पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस एक्सप्रेस-वे के केवल उसी हिस्से को जनता को समर्पित करेंगे जो हरियाणा की सीमा के भीतर तैयार हुआ है।
समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को जनपद की आदिवासी और जनसमस्याओं को लेकर सोनभद्र जिलाधिकारी को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम संबोधित एक 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसका नेतृत्व सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री व्यास जी गौड़ ने किया। ज्ञापन के माध्यम से सपा नेताओं ने नगवां और कोन विकासखंड के तरिया क्षेत्र में आदिवासियों की भूमि एवं जंगलों पर कथित अतिक्रमण रोकने की मांग की। उन्होंने आदिवासियों को उनकी जमीन और आवास से बेदखल न करने पर भी जोर दिया। पार्टी ने बालू एवं पत्थर खदानों में होने वाली दुर्घटनाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही, खनन कार्य में लगे श्रमिकों के लिए एक करोड़ रुपये का जीवन बीमा कराने की भी मांग उठाई गई। व्यास जी गौड़ ने कहा कि जनपद में आदिवासी आबादी अधिक होने के बावजूद, पंचायतों और नौकरियों में जनजातियों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने पंचायतों एवं सरकारी सेवाओं में विधिसम्मत आरक्षण लागू करने की मांग की। ज्ञापन में वन भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे आदिवासी एवं मूल निवासियों को बेदखल किए जाने पर रोक लगाने की मांग भी शामिल थी। अमवार-कनहर परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, किसानों के लिए पर्याप्त यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध कराने और निजी दुकानों पर खाद की कालाबाजारी रोकने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, हर घर जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने, पूर्व में कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट बदलने पर रोक लगाने तथा अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने की मांग भी उठाई गई। सपा नेताओं ने सरकारी विद्यालयों को बंद किए जाने का विरोध करते हुए आदिवासी बहुल जिले में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विद्यालयों का संचालन जारी रखने की अपील की। सपा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी जनआंदोलन करने को बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा,राजेंद्र सिंह पटेल,रमेश चंद्र दुबे, रविंद्र बहादुर सिंह पटेल,आजाद राय, मोहम्मद शईद कुरैशी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जशपुरनगर ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते हो रही अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने 552.160 किलोग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल तीन कारें जब्त की हैं। जब्त गांजा और वाहनों की कुल कीमत 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपये आंकी गई है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो चालक फरार हैं। 'ऑपरेशन आघात' के तहत कार्रवाई सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा के नेतृत्व में चल रहे 'ऑपरेशन आघात' के तहत यह कार्रवाई की गई। एमसीबी पुलिस से मिली सूचना के आधार पर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर साइबर सेल, कुनकुरी, बगीचा और नारायणपुर थाना पुलिस ने संयुक्त नाकेबंदी की। पहली कार्रवाई में इनोवा से मिला 311 किलो गांजा थाना कुनकुरी क्षेत्र में पुलिस ने इनोवा कार (OD-17J-0205) का पीछा किया। चालक वाहन छोड़कर जंगल में भाग निकला। कार की तलाशी में 311.350 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गांजे की कीमत 46.70 लाख रुपये और वाहन की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई। दूसरी कार्रवाई में 240 किलो गांजा जब्त थाना बगीचा क्षेत्र में ब्रेजा और आर्टिगा कार की घेराबंदी की गई। ब्रेजा चालक फरार हो गया, जबकि आर्टिगा में सवार दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों वाहनों से 240.810 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। रेकी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओडिशा के सुंदरगढ़ निवासी सचिन्द्र राउत (29) और मोहम्मद समीर (26) के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने गांजा तस्करों के लिए आगे-पीछे चलकर रास्ते की रेकी करने की बात स्वीकार की। दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 1.20 करोड़ की कुल जब्ती दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 552.160 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत 82.82 लाख रुपये, और करीब 38 लाख रुपये कीमत की तीन कारें जब्त की हैं। कुल जब्ती 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपये की है। एसएसपी बोले-नेटवर्क का पता लगाने जांच जारी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि सरगुजा रेंज में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते होने वाली गांजा तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना तंत्र मजबूत होने से अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ लगातार बड़ी कार्रवाई संभव हो रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जनवरी से अब तक 1269 किलो गांजा जब्त जशपुर पुलिस के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक जिले में 1269.071 किलोग्राम गांजा, 1840 कफ सिरप, 8.04 ग्राम ब्राउन शुगर, 130 गांजा के पौधे और 875 नशीले इंजेक्शन जब्त किए जा चुके हैं। इस दौरान 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और तस्करी में इस्तेमाल 14 वाहन जब्त किए गए हैं।
मऊ जिले के विकास भवन सभागार में बुधवार दोपहर 2 बजे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों की समस्याओं को सुना गया और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक ने बताया कि बैठक की शुरुआत पिछले माह के किसान दिवस में उठाए गए मामलों की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके बाद किसानों ने अपनी वर्तमान समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। किसानों ने बिजली से जुड़ी प्रमुख समस्याएं उठाईं। जयप्रकाश सिंह, मदन मोहन राय और अनिल राय ने गांवों में जर्जर और लटकते बिजली के तारों की शिकायत की। वहीं, किसान धनई सिंह पटेल ने अमिला कोट समिति के गोदामों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। मदन मोहन राय ने सहरोज समिति के गोदामों में बारिश के दौरान पानी टपकने की शिकायत दर्ज कराई। उप कृषि निदेशक ने किसानों से मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए 31 जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से मिलेट्स के निःशुल्क मिनी किट की बुकिंग कर उसका लाभ उठाने का आग्रह किया। किसान दिवस में देवप्रकाश राय, राकेश सिंह, अर्जुन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
अग्निवीर भर्ती में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का आरोप:मैनपुरी में युवक ने SP से की जांच की मांग
मैनपुरी के करहल क्षेत्र के नगला खुशाल निवासी एक युवक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। इसमें अग्निवीर भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित युवक के खिलाफ कार्रवाई व नौकरी समाप्त करने की मांग की है। शिकायतकर्ता सुमित कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि गांव के अंशुल यादव ने वर्ष 2014 में चौधरी द्वारिका प्रसाद इंटर कॉलेज से हाईस्कूल पास की थी। आयु अधिक होने के कारण उसने वर्ष 2022 में मां सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज, कुसमरा से दोबारा हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। आरोप है कि इसी अंकपत्र का उपयोग अग्निवीर भर्ती में किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2025 में हुई अग्निवीर भर्ती में कथित तौर पर वर्ष 2022 की हाईस्कूल मार्कशीट का इस्तेमाल कर सेना में भर्ती हासिल की गई। आरोप है कि संबंधित युवक वर्तमान में ऑर्डिनेंस कोर में प्रशिक्षण के बाद नागालैंड में तैनात है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसके पास आरोपों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिनमें युवक के दो अलग-अलग पहचान संबंधी दस्तावेज भी शामिल हैं। प्रशासन से जांच कराने की अपील शिकायती पत्र में मांग की गई है कि संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए और संबंधित विभाग को भी सूचित किया जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि फर्जी तरीके से सेना में भर्ती का मामला गंभीर है। उन्होंने प्रशासन से जांच कराने की अपील की, क्योंकि फर्जी दस्तावेजों से भर्ती होने वाला व्यक्ति देश के लिए खतरा साबित हो सकता है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग दोहराई है।
चंदौली जनपद से होकर गुजरने वाली प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना का विरोध लगातार बढ़ रहा है। बुधवार दोपहर परेवा गांव में जमीन अधिग्रहण के लिए नापी करने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम को नाराज ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया। किसानों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। यह घटना तब हुई जब तहसील में तैनात नायब तहसीलदार चित्रसेन यादव, सैयदराजा थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा और राजस्व टीम परेवा गांव पहुंची थी। टीम का उद्देश्य विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत भूमि की नापी करना था, जिसकी शुरुआत धीरे-धीरे हो रही है। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की खबर मिलते ही दर्जनों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और टीम के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करने लगे। किसानों ने कहा कि यह परियोजना चंदौली के लिए हानिकारक है, क्योंकि वे एक्सप्रेस-वे के लिए अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे। किसान निखिल सिंह ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर परियोजना के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और नारेबाजी को देखते हुए पुलिस और राजस्व टीम ने मौके से लौटना ही उचित समझा। किसानों ने अधिकारियों के सामने परियोजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोहराया कि वे किसी भी सूरत में अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे अधिकारी कोई भी रवैया अपनाएं। नायब तहसीलदार चित्रसेन यादव ने बताया कि किसानों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस दौरान किसान निखिल सिंह, अशोक सिंह, शिवम सिंह, प्रियंका सिंह, आनंद लाल, नीरज सिंह, बंटी सिंह, आदर्श सिंह, सौरभ सिंह, रामू कनौजिया, अक्षय कुमार गुप्ता और सुनील गुप्ता सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अमेठी के विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पूजा साहू की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने कृषि और सिंचाई से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. लाल पंकज सिंह, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसान प्रतिनिधियों ने फार्मर रजिस्ट्री के बिना उर्वरकों की उपलब्धता में आने वाली कठिनाइयों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि खतौनी मिसमैच के कारण कई किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त, विद्युत विभाग द्वारा पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने की भी शिकायत की गई। किसान त्रिवेनी प्रसाद पाण्डेय ने टिकरिया माइनर में टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या बताई। वहीं, किसान राकेश कुमार मिश्रा ने शिकायत की कि बेलखौर माइनर की गहराई बढ़ाए जाने के कारण कुलाबों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान हो। उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान दिवस का मुख्य उद्देश्य किसानों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराना है।
चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के मारूफपुर चकबूलन गांव में बुधवार को एक विवाहिता की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हादसे में विवाहिता को बचाने पहुंचे दो अन्य लोग भी झुलसकर घायल हो गए। घटना बुधवार दोपहर की है। मारूफपुर चकबूलन निवासी पप्पू यादव की 28 वर्षीय पुत्रवधू कंचन यादव अपने पक्के मकान की छत पर झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने छत पर रखी करीब पांच फीट लंबी सरिया हटाई। सरिया छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गई। सरिया छूते ही उसमें करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में कंचन यादव आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तेज आवाज सुनकर उन्हें बचाने पहुंची उनकी देवरानी सपना और देवर संदीप यादव भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल तीनों को बिजली के संपर्क से अलग किया। घायलों सपना और संदीप को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। मृतका कंचन यादव अपने पीछे पांच वर्षीय पुत्र आंशिक और तीन वर्षीय पुत्र किशन को छोड़ गई हैं। इस दुखद घटना के बाद ससुर पप्पू यादव, सास सुशीला देवी, पति मनोज यादव और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
संभल में राज्य कर विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय एवं आवासीय परिसर का मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी मुख्य अतिथि रहीं। भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू समेत विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जनपद की तहसील संभल के गांव किसौली में एक हेक्टेयर (करीब 16 बीघा) भूमि पर बनने वाले इस कार्यालय और आवासीय परिसर के निर्माण पर 13.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन ने निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी, मुरादाबाद को पहली किस्त के रूप में 3.45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर लल्लन प्रसाद यादव ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री गुलाब देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष और मेंथा उद्योगपति फूल प्रकाश ने शिलान्यास किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अवधेश प्रताप सिंह, जिला कोषाध्यक्ष अंकित जैन, मंडल अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कार्यालय निर्माण के लिए भूमि की पैमाइश कराई थी। ग्राम समाज से भूमि हस्तांतरित होने के बाद कार्यालय और आवासीय भवन का नक्शा तैयार किया गया। वर्तमान में राज्य कर विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय संभल और चंदौसी से संचालित हो रहे हैं। संभल कार्यालय किराए के भवन में संचालित है। नया परिसर बनने के बाद चंदौसी कार्यालय को यहां स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि संभल कार्यालय यथावत रहेगा। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि यह जिला स्तरीय राज्य कर कार्यालय जनपद के केंद्र बिंदु पर बन रहा है, जिससे सभी विधानसभा क्षेत्रों के लोगों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला यह परिसर विभागीय कार्यों को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाएगा।
गुरुवार को कस्बा गोपीगंज में आयोजित होने वाली जगन्नाथ शोभा यात्रा के सुगम संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यातायात डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। यह डायवर्जन गुरुवार शाम 4 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा। गोपीगंज थाना क्षेत्र में कठौता कट से कार्यक्रम समाप्ति तक कोई भी भारी या छोटे वाहन गोपीगंज कस्बे की तरफ नहीं आ सकेंगे। इसी तरह, गिराई/दानूपुर मार्ग से भी गोपीगंज कस्बे में बड़े व छोटे वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ज्ञानपुर जाने वाले वाहन दानूपुर से नथईपुर मार्ग होकर जाएंगे। झिरिया कट से भी किसी भी प्रकार के वाहनों को गोपीगंज कस्बे में आने की अनुमति नहीं होगी। गोपपुर चौराहा पर छोटे वाहनों को रैपुरी गांव होते हुए नेशनल हाईवे की तरफ डायवर्ट किया जाएगा, जबकि बड़े व भारी वाहनों को कार्यक्रम समाप्ति तक रोका जाएगा। फूलबाग कट पर ज्ञानपुर से आने वाले वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा और उन्हें गोपीगंज कस्बे में प्रवेश नहीं मिलेगा। वाराणसी-मिर्जापुर मार्ग पर वाराणसी से मिर्जापुर जाने वाली गाड़ियाँ बड़े शिव मंदिर से डायवर्ट होंगी। मिर्जापुर से आने वाले वाहन भी बड़े शिव मंदिर कट से वाराणसी की तरफ डायवर्ट किए जाएंगे। मिर्जापुर तिराहा गोपीगंज की तरफ कोई वाहन नहीं आएगा। पड़ाव तिराहा गोपीगंज से कोई भी वाहन रेलवे स्टेशन की तरफ नहीं जा सकेगा। ज्ञानपुर थाना क्षेत्र में हॉस्टल चौराहा से ज्ञानपुर से कस्बा गोपीगंज की ओर जाने वाले सभी भारी वाहनों को बभनौटी की ओर डायवर्ट किया जाएगा। सिंहपुर नहर पुलिया पर कस्बा गोपीगंज की ओर जाने वाले भारी वाहनों को उगापुर तथा हरदेवपुर की ओर मोड़ा जाएगा। यह यातायात डायवर्जन सभी आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस, फायर सर्विस, पुलिस वाहन आदि) पर लागू नहीं होगा। इन वाहनों को पूरी तरह छूट रहेगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को ग्राम पंचायत बंथली के प्रशासक को हटाने के 8 जुलाई के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य के प्रमुख पंचायती राज सचिव, पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त आयुक्त, टोंक कलेक्टर तथा टोंक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं। न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश टोंक जिले की देवली पंचायत समिति के ग्राम पंचायत बंथली के निवर्तमान सरपंच तथा प्रशासक श्याम सिंह राजावत द्वारा एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा (मालपुरा) के जरिये दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है। मिलीभगत कर पट्टा जारी करने का आरोप याचिका मे बताया गया कि याचिकाकर्ता 22 जनवरी 2020 को ग्राम पंचायत का सरपंच निर्वाचित हुआ था, कार्यकाल पूरा होने पर टोंक कलेक्टर ने 20 जनवरी 2025 को उसे ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया था। पंचायत की एक ग्रामीण महिला की शिकायत पर टोंक जिला परिषद की कमेटी की ओर से जांच कर उसे मिलीभगत कर पट्टा जारी करने का आरोप लगाया था। जांच कमेटी ने 8 जून 2026 को इसकी रिपोर्ट जिला परिषद ने राज्य सरकार को भेज दी थी। राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता को बगैर सुनवाई का अवसर दिए 8 जुलाई 2026 को याचिकाकर्ता को प्रशासक के पद से पदमुक्त कर दिया। जिसे याचिका में यह कहते हुए चुनौती दी गई की याचिकाकर्ता को पद से हटाने से पूर्व पंचायती राज अधिनियम की धारा 38 और पंचायतीराज नियम के नियम 22 की पालना किए बगैर ही उसे पद से हटाना गैरकानूनी और अवैध हैं |
अजमेर में एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को कृष्णगंज थाना क्षेत्र स्थित एक होटल से पुलिस ने डिटेन (हिरासत में लेना) किया है। महिला के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज़ या वीज़ा नहीं मिले। शुरुआती पूछताछ में उसने करीब एक महीने पहले भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। इस विशेष अभियान के तहत जिले में अब तक 58 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। जिला पुलिस और सीआईडी (CID) की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। दो-तीन दिन की निगरानी के बाद होटल में दी दबिशपुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो-तीन दिनों से विभिन्न इलाकों में सघन सत्यापन और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 14 जुलाई को सूचना मिली कि क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र के एक होटल में संदिग्ध बांग्लादेशी महिला ठहरी हुई है। सूचना पर संयुक्त टीम ने होटल में दबिश देकर महिला को हिरासत में लिया। जयपुर, ब्यावर होते हुए पहुंची थी अजमेर पूछताछ में महिला की पहचान मीम अख्तर (28) निवासी जिला किशोरगंज, बांग्लादेश के रूप में हुई। उसने बताया कि वह जून महीने में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बने कच्चे रास्तों से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसके बाद काम की तलाश में पहले जयपुर, फिर ब्यावर गई और 14 जुलाई को अजमेर पहुंचकर होटल में ठहरी थी। स्थानीय मदद मिली या नहीं, जांच जारी पुलिस के अनुसार, महिला के पास भारत में रहने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज़ नहीं मिले। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। अब पुलिस और सीआईडी इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि सीमा पार करने या अजमेर तक पहुंचने में किसी स्थानीय व्यक्ति ने उसकी मदद की थी या नहीं। शुरुआती पूछताछ में महिला ने अकेले ही भारत आने की बात कही है।
कानपुर में एक लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में नगर निगम के संविदा सफाई कर्मचारी के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसे जबरन ले जाकर सादे कागज और स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए गए। पीड़ित की शिकायत पर रावतपुर पुलिस ने अपहरण, जबरन वसूली, मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सफाई कर्मचारी को मसवानपुर से अगवा कर पहले अपने घर ले गए और फिर कचहरी में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पहले बेकनगंज और बर्रा में तलाशा, फिर मसवानपुर से किया अगवा झंडा चौराहा, बर्रा निवासी 50 वर्षीय राकेश नगर निगम में संविदा पर सफाई कर्मचारी हैं और मसवानपुर क्षेत्र में सफाई का कार्य करते हैं। पुलिस के अनुसार, कोयला नगर निवासी विशाल राठी (29) और उसका बड़ा भाई अर्जुन उर्फ सूरज राठी (34) मंगलवार को राकेश की तलाश में सबसे पहले उसके पुराने घर बेकनगंज पहुंचे। वहां वह नहीं मिला तो दोनों बर्रा स्थित उसके वर्तमान घर पहुंचे, लेकिन वहां भी राकेश नहीं मिला। इसके बाद दोनों मसवानपुर पहुंचे, जहां सफाई कार्य के दौरान उन्होंने राकेश को रोक लिया और आरोप है कि जबरन अपाचे बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए। कोयला नगर में मारपीट, कचहरी में कराए हस्ताक्षर आरोप है कि दोनों भाई राकेश को पहले कोयला नगर स्थित अपने घर ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे कचहरी ले जाकर सादे कागज और स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। बाद में उसे बेकनगंज उसके पुराने मकान के बाहर छोड़ दिया। इसके बाद राकेश देर रात घर पहुंचा और पत्नी को जानकारी दी और पत्नी के साथ देर रात थाने पहुंचा और पूरी घटना की तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल अपहरण, जबरन वसूली और मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी भाइयों की तलाश शुरू कर दी।
इटौंजा थाना क्षेत्र के तुर्की, इटौंजा से शादी के 5 महीने बाद नवविवाहिता संदिग्ध हालात में लापता हो गई है। गायब होने से पहले 11 जुलाई की देर रात उसने मायकेवालों को व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर ससुराल से ले जाने को कहा था। उसके माता-पिता 12 जुलाई की सुबह जब उसके ससुराल पहुंचे तो घर में ताला लटक रहा था। सभी के मोबाइल स्वीच ऑफ थे। काफी तलाश के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजन थाने पहुंचे। ससुरालवालों पर दहेज के लिए हत्या करके शव ठिकाने लगाने की FIR दर्ज कराई। हालांकि, 3 दिन बीतने के बाद भी नवविवाहिता का शव नहीं मिला है। उसके पति समेत अन्य ससुरालीजन फरार हैं। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर टीम विवाहिता की ससुराल तुर्की, इटौंजा पहुंची। वहां पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर साक्ष्य जुटा रही थी। भास्कर टीम ने पुलिस और नवविवाहिता के परिजनों से बातचीत की। उसकी मां ने कहा- ससुरालवालों ने दहेज के लिए बेटी की हत्या कर दी। शव को कार से ले जाकर ठिकाने लगा दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए 3 तस्वीरें… पहले पढ़िए एफआईआर में क्या है… दहेज के लिए उत्पीड़न करते थे मछली मंडी, कोतवाली नगर, सीतापुर निवासी पवन कुमार कश्यप ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि बेटी हिमांशी (26) की शादी 13 फरवरी को माल रोड आरा मशीन के पीछे, तुर्की इटौंजा निवासी प्रदीप गौड़ पुत्र राम गौड़ के साथ की थी। मैंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी को दान-दहेज के रूप में सोने-चांदी के जेवर, कपड़े, बर्तन आदि सामान देते हुए करीब आठ लाख रुपये खर्च किए थे। बेटी विदाई के बाद घर पहुंची। कुछ दिन बाद बेटी का पति प्रदीप गौड़, सास सुनीता, ससुर श्रीराम गौड़, जेठ संदीप गौड़, ननद प्रीति, राखी और प्रीति का बेटा शिवा उर्फ लकी रोजाना बेटी के साथ मारपीट करते हुए कम दहेज लाने का ताना मारते और उत्पीड़न करने लगे। कई बार पहले भी पुलिस को दी थी सूचना पवन कुमार कश्यप ने बताया कि ससुराल बेटी को खाना-पीना भी कभी-कभी नहीं देते थे। जिससे मेरी बेटी बहुत परेशान होने लगी। इस संबंध में मेरी बेटी ने मुझे तथा मेरे परिवार वाले लोगों को बताया। हम लोगों ने इस संबंध में कई बार 112 पुलिस को सूचना दी। थाने को भी अवगत कराया, लेकिन बेटी ने अपना घर टूटने से बचाने के लिए सुलहनामा कर उन्हें सुधरने का मौका दिया। लेकिन दहेज के लालची ससुराल वाले नहीं माने। लगातार मारते-पीटते और उत्पीड़न करते थे। व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजा था 12 जुलाई की रात करीब 12 बजे बेटी हिमांशी ने मेरी छोटी बेटी प्रियांशी के मोबाइल पर व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजा कि मुझको सुबह 7 बजे तक मम्मी-पापा ले जाएं। इससे पहले 11 जुलाई को हिमांशी ने पत्नी को ससुरालजनों द्वारा मारपीट आदि उत्पीड़न की बात बताई। 12 जुलाई को जब मैं और मेरी पत्नी माया देवी, बेटा शिवराज कश्यप एवं बेटी प्रियंशी सीतापुर से चलकर अपनी बेटी हिमांशी को लेने उसके घर तुर्की इटौंजा पहुंचे तो घर पर ताला लगा मिला। सभी ससुरालजनों के मोबाइल नंबर मिलाने पर बंद आ रहे थे। बेटी का मोबाइल भी बंद था। अपनी बेटी हिमांशी की तलाश अब तक हम लोग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक मेरी बेटी का पता नहीं चला है। सभी ससुराल के लोग फरार हैं। मुझे पूरी आशंका है कि ससुरालजनों ने दहेज के लालच में बेटी हिमांशी की हत्या कर दी। उसकी लाश को कहीं गायब कर दिया है। अब पढ़िए सुसाइड नोट में जो लिखा है… ‘कभी-कभी भूखे सोना पड़ता है’ मम्मी, तुमको तो पता है, मुझे अपनी जिंदगी से कितना प्यार था। सोचा था शादी के बाद मस्त जिंदगी जीऊंगी, पर ऐसा नहीं हुआ। यहां तो कभी-कभी भूखा सोना पड़ता है, तो कभी नमक, तेल, चावल खाकर ही काम चलाना पड़ता है। पता नहीं मैंने ऐसा कौन सा कर्म किया था, जो ऐसा पति और ऐसा घर मुझे मिला। गलती मेरी है, मैंने बहुत सी बातें छुपा लीं। यहां तक सोचा, जो हुआ सो हुआ। पर ये लोग बढ़ते ही जा रहे हैं। अब तो प्रदीप में भी मेरे लिए प्यार और अपनापन नहीं रहा और मुझे ये चीजें बहुत तकलीफ दे रही हैं। ये पूरा घर-परिवार, सभी सदस्य मुझे मेंटली टॉर्चर करते हैं। 'इन लोगों ने मेरी जिंदगी नरक बना दी है' सभी लोग बहुत लालची हैं। जब मैं न रहूं, तब इनसे अपना सारा पैसा और हर एक अपनी चीज इनसे वापस ले लेना। इन लोगों ने मेरी जिंदगी नरक बना दी है। कल रात से भूखी हूं। किसी ने, यहां तक कि प्रदीप ने भी, खाने को नहीं पूछा। किचन में कैसे कुछ बनाने चली जाऊं? सभी लोग आंख दिखाते हैं। फ्रिज में सब्जी रखी है, लेकिन फ्रिज नहीं खोल सकती, क्योंकि पापा ने मुझे फ्रिज ही नहीं दिया। मम्मी-पापा, प्रदीप जी से कुछ नहीं कहना। उनको मुझसे प्यार नहीं, लेकिन मुझे उनसे बहुत प्यार है। मेरे लड्डू, मोमो और भूरा को कहीं जाने मत देना। कभी नहीं सोचा था कि इस तरह भी मरना होगा मुझे। शायद किस्मत में यही था। मेरी सास, दोनों ननदें, प्रदीप और प्रदीप के भइया की वजह से जान दे रही हूं। 'मम्मी-पापा रोना मत' मम्मी और पापा, तुम लोग रोना मत और दुखी मत होना। मैं इन सब चीजों से बहुत परेशान हूं। तुम लोगों ने कभी भी मुझसे ऊंची आवाज में बात नहीं की। जो मांगा, वो मिल गया। और यहां एक-एक चीज के लिए तरसना पड़ता है। मुझे अपने साथ-साथ तुम लोगों के लिए भी गालियां सुननी पड़ती हैं, जो मुझसे बर्दाश्त नहीं होती हैं। और पापा, शराब मत पीना। मम्मी को भी तकलीफ होती होगी। अब पढ़िए नवविवाहिता की मां-बाप ने जो बताया… ‘सुबह बेटी के घर पहुंचे तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला’ हिमांशी की मां ने बताया कि 11 जुलाई की रात बेटी का कॉल आया था। उसने कहा था कि मम्मी यहां से ले जाओ। इस पर हमने कहा कि दुकान लगाकर सुबह आएंगे। तब उसने कहा कि सुबह 7 बजे आकर ले जाना। ससुरालवालों को लगा कि हम दहेज प्रताड़ना की शिकायत करके बेटी को ले जाएंगे। इस वजह से उन लोगों ने रात में ही बेटी की हत्या कर दी। 12 जुलाई की सुबह हमने मंदिर जाकर बेटी के घर-परिवार के लिए प्रार्थना की। फिर बेटी के घर पहुंचे। हमने सोचा था कि उसे अपने साथ सीतापुर ले जाएंगे, लेकिन उसके घर में ताला बंद था। बोलते-बोलते पिता की आंखें नम हो गईं हिमांशी के पिता पवन जिला अस्पताल के पास चाय-समोसे का होटल चलाते हैं। उन्होंने बताया कि चार बच्चों में हिमांशी दूसरे नंबर पर थी। बेटी का रिश्ता मैट्रिमोनी वेबसाइट के जरिए तय किया था। शादी में हैसियत से ज्यादा खर्च किया था, लेकिन दहेज लोभियों का पेट नहीं भरा। शादी के 15 दिन बाद से ही प्रताड़ना शुरू कर दी गई थी। इससे पहले भी एक बार थाने में सुलह-समझौता हो चुका था। तब उन लोगों ने अपनी गलती मानते हुए हिमांशी को अच्छे से रखने की बात कही थी। लेकिन अब बेटी को मार ही दिया। घर में लगे सीसीटीवी में शोर-शराबा सुनाई दे रहा है। दामाद का बड़ा भाई संदीप गौड़ बेटी के कमरे की तरफ खुर्पी लेकर भागता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद कैमरा बंद हो जाता है। इतनी बात कहने के बाद पिता की आंखें नम हो गईं। वह और कुछ नहीं बोल पाए। अब पढ़िए पुलिस की कार्रवाई… पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने जांच की घटना के तीन दिन बाद 14 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे पुलिस व फॉरेंसिक टीम हिमांशी के ससुराल पहुंची। बंद मकान का ताला तोड़कर अंदर से साक्ष्य एकत्रित किए गए। अंदर के कमरे में एक लिक्विड पदार्थ मिला है। जिसको कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। खून के धब्बे व अन्य चीजें तो नहीं मिली है। हालांकि, कमरे को देखकर ऐसा माना जा रहा है कि घटना से पहले मारपीट या संघर्ष हुआ है। ससुर ने मौत की बात कबूल की मामले में पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी ससुर, एक ननद और भांजा हिरासत में हैं। ससुर ने पूछताछ में हिमांशी की मौत की बात कबूल की है। स्विफ्ट कार से शव को ले जाने की बात भी बताई है। हालांकि, घटना के बाद से हिमांशी, उसके पति का मोबाइल स्विच ऑफ होने की वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा है। मामले में एडीसीपी नॉर्थ ट्विंकल जैन का कहना है कि पीड़ित ने सूचना दी थी कि उनकी बेटी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। घर जाकर देखा तो ताला लगा हुआ था। पीड़ित को शंका थी कि ससुरालजनों ने बेटी के साथ कोई घटना कर दी है। इस पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से जल्द मामले का खुलासा हो जाएगा। इसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है। टीमें कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं। घर में लगे सीसीटीवी में दिख रहा है कि एक समय के बाद वे अचानक बंद हो गए थे।
सीतापुर में दो बाईकों की भिड़ंत, एक युवक की मौत:तीन घायल, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया
सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 3:50 बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिश्रिख पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। गुरसंडा निवासी शादाब कुरैशी अपने साथी जोशन (19) पुत्र सिराजू के साथ बकरी खरीदने के लिए कल्ली गांव गया था। बकरी नहीं मिलने पर दोनों मोटरसाइकिल से वजीरनगर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मिश्रिख-वजीरनगर मार्ग पर पिपरिया पुरवा नहर पुलिया के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक, जिस पर टिकरा अकबरपुर निवासी लवकुश (18) पुत्र जगजीवन और रंजीत (19) पुत्र विशम्भर सवार थे, से उनकी आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शादाब उछलकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में चारों युवक घायल हुए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने शादाब को मृत घोषित कर दिया, जबकि जोशन, लवकुश और रंजीत का उपचार जारी है। मृतक के भाई निशार पुत्र जलील ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि लवकुश और रंजीत तेज गति एवं लापरवाही से बाइक चलाते हुए सामने से आए और उनके भाई की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ज्ञान लैब में तमिलनाडु के कृष्णगिरी जिले के सन्थूर गांव से कार्तिकेश राजाराम तिवारी सहित चार व्यक्ति पहुंचे और स्वेच्छा से अपने डीएनए सैंपल प्रदान किए। यह कदम 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अजनाला शहीदों से जुड़े इतिहास से सीधे जुड़ा है, एक ऐसा इतिहास जिसमें ब्रिटिश अत्याचार ने परिवारों को उत्तर प्रदेश से तमिलनाडु तक पलायन करने तक मजबूर कर दिया था। 1 अगस्त 1857 को अजनाला (पंजाब) के कालियानवाला कुएं में ब्रिटिश सेना ने 26वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री के विद्रोही सिपाहियों को निर्ममता से मार डाला। उनके शव कुएं में फेंक दिए गए। 2012 में इतिहासकार सुरेन्द्र कोचर के नेतृत्व मे खुदाई के दौरान कंकाल, गोलियां, एपॉलेट और ईस्ट इंडिया कंपनी के सिक्के मिले। वैज्ञानिकों की यह टीम लगी हैभारतीय वैज्ञानिकों की टीम जिसमें प्रमुख रूप से प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, डॉ. नीरज राय, डॉ के थंगराज और डॉ. जे एस सेहरावत शामिल थे, ने दांतों और हड्डियों से डीएनए और स्टैबल आइसोटोप विश्लेषण किया। निष्कर्ष स्पष्ट था: ये शहीद पंजाब के स्थानीय नहीं, बल्कि गंगा मैदान (उत्तर प्रदेश, बिहार आदि) से आए सैनिक थे। शहीदों की पहचान के बाद उनके परिजनों की तलाश शुरू हुई। लेकिन ब्रिटिश औपनिवेशिक रिकॉर्ड्स ने कोई ठोस मदद नहीं की। अब जानिए परिवार ने क्या बतायाअजनाला में सैनिकों की हत्या के बाद ब्रिटिश ने उनके परिवारों को परेशान किया और वारंट जारी किए। इससे बचने के लिए कई परिवार उत्तर प्रदेश के रायबरेली (दुमताहर गांव) से भागकर दक्षिण भारत पहुंच गए। इन्हीं परिवारों में से एक पांडे परिवार सन्थूर गांव (कृष्णगिरी जिला, तमिलनाडु) में बस गया। परिवार की परंपरा के अनुसार, उनके पूर्वज 1857 के बाद यहां आकर बसे। प्रकाश पांडे उन शहीदों में से एक माने जाते हैं जिन्होंने अजनाला का नेतृत्व किया। वर्षों बाद समीर पांडे (इंजीनियर, जो 2003 में कनाडा के टोरंटो चले गए) ने प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज दुमताहर (रायबरेली) से सन्थूर चले गए थे। प्रो. चौबे और टीम ने ब्रिटिश सरकार से उनका रिकार्ड मांगा, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। ब्रिटिश पक्ष ने कहा कि 1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन होने के कारण उनके पास रिकॉर्ड नहीं हैं। वैज्ञानिक स्तर पर प्रयास जारी रहे। 169 साल बाद परिवारों को न्याय दिलाने में लगे वैज्ञानिकप्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा - अजनाला के 50 शहीदों के माइटोंकोन्ड्रियल डेटा तैयार किए गए। अब बेहतर मिलान के लिए न्यूक्लियर डीएनए की दिशा में काम हो रहा है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज सन्थूर गांव के चार परिवारजन ज्ञान लैब पहुंचे। उन्होंने अपने सलाइवा सैंपल दिए, ताकि उनकी तुलना अजनाला के प्राचीन डीएनए प्रोफाइल से की जा सके। इससे यह पुष्टि हो सकती है कि शहीदों में से कोई उनके निकट संबंधी हैं या नहीं। यह कदम लगभग 169 साल बाद भी उन शहीदों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रगति है।
हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र के गहरौली गांव में पत्नी के साथ न रहने से परेशान एक युवक ने झाड़-फूंक के लिए तांत्रिक को बुलाया, लेकिन रात में तंत्रमंत्र के दौरान ही तांत्रिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। गहरौली गांव निवासी राहुल पुत्र रामप्रकाश ने अपनी पत्नी को वापस लाने की उम्मीद में महोबा जिले के चरखारी थाना क्षेत्र के रिवर्ड गांव निवासी 45 वर्षीय तांत्रिक गयाप्रसाद को मंगलवार शाम अपने घर बुलाया था। रात में झाड़-फूंक और तंत्रमंत्र की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान करीब 11 बजे गया प्रसाद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। निष्पक्ष जांच की मांग की बुधवार सुबह राहुल ने फोन कर तांत्रिक के परिजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने यूपी-112 को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई देवीचरन का आरोप है कि राहुल ने रात में घटना की सूचना नहीं दी और न ही उनके भाई को अस्पताल ले जाया गया। जब वे मौके पर पहुंचे तो गया प्रसाद के मुंह और नाक से खून निकल रहा था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। थाना प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात तांत्रिक घर की सीढ़ियों से गिर गया था, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
डुमना चौकी क्षेत्र के महंगवा निवासी नितिन बैगा की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के जिला उपाध्यक्ष राहिल पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी रामकुमार खटीक को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। छात्र संगठन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, नितिन बैगा 8 जून की शाम को रहस्यमय तरीके से घर से लापता हो गया था। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। 30 जून को महंगवा के खाटू श्याम मंदिर के पास जंगल में नितिन का शव बरामद हुआ, जिससे पुलिस की तत्परता पर सवाल उठ रहे हैं। नितिन का शव मिलने के बाद से ही पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। एनएसयूआई का आरोप है कि इससे पहले भी परिजनों ने डुमना एयरपोर्ट पर धरना देने का प्रयास किया था, तब प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया था। हालांकि, संगठन का कहना है कि इस आश्वासन के बावजूद पुलिस अब तक निष्क्रिय है और मामले की जांच को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन सौंपते हुए छात्र संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को बेनकाब नहीं किया, तो वे मृतक के परिजनों के साथ मिलकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि इस गंभीर शिकायत के बाद जबलपुर पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।
नागौर मंडी भाव; जीरा, मूंग और इसबगोल मजबूत:ज्वार, चना और मेथी के भाव स्थिर; पढ़ें पूरी लिस्ट
नागौर कृषि उपज मंडी समिति (विशिष्ट श्रेणी) में बुधवार को कृषि जिंसों की आवक सामान्य रही। मंगलवार के मुकाबले मसाला फसलों में मजबूती का रुख देखने को मिला। सबसे अधिक तेजी जीरा, मूंग और इसबगोल में रही, जबकि ग्वार, चना, ज्वार, मेथी और असालिया के भाव लगभग स्थिर बने रहे। जीरा मजबूत, ग्वार-चना स्थिर दाना मेथी और सरसों का भाव भी पढ़िए
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा:औरैया जिलाधिकारी ने दिए मार्ग मरम्मत, सुरक्षा के निर्देश
औरैया में आगामी श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे कांवड़ यात्रा मार्ग का स्वयं और अपने अधीनस्थों के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर मरम्मत कार्य पूरा करने को कहा, ताकि शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे निर्बाध रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसी क्रम में, जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग को भी कांवड़ यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार खंभों और विद्युत तारों की मरम्मत का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। सभी संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि वे अपने कार्यक्षेत्र में पड़ने वाले कांवड़ यात्रा मार्ग का भौतिक निरीक्षण करें। उन्हें विद्युत व्यवस्था, मार्ग सुदृढ़ीकरण आदि बिंदुओं पर तीन दिन के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिवालयों में शिव भक्त जलाभिषेक करते हैं, वहां गर्भगृह के साथ-साथ मंदिर परिसर में भी आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा सके। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए शिवालयों में बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। प्रभारी यातायात निरीक्षक को प्रमुख तिथियों में रूट डायवर्जन की कार्ययोजना बनाने, आवश्यक प्रबंध करने और वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान चयनित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, यमुना नदी के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
हरदोई मुख्य विकास अधिकारी ने बुधवार शाम 4 बजे बावन विकासखंड का निरीक्षण किया। उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं के तहत गौ संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने अस्थायी गौ आश्रय स्थल, पशु चिकित्सालय, कूड़ा-कचरा अपशिष्ट प्रबंधन (आरआरसी) सेंटर और ब्लॉक कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौ आश्रय स्थल का रखरखाव संतोषजनक पाया गया। यहां संचालित आनंद बायोगैस प्लांट से सरकारी प्रतिष्ठानों को बिजली आपूर्ति और आटा चक्की के संचालन की मुख्य विकास अधिकारी ने सराहना की। आरआरसी सेंटर में वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय और कचरे के वैज्ञानिक तरीके से पृथक भंडारण की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। सीडीओ ने इसके संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सालय में बीमार और घायल पशुओं के गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद ब्लॉक कार्यालय के निरीक्षण में खंड विकास अधिकारी को परिसर से जर्जर भवन हटाने, साफ-सफाई बनाए रखने, उपस्थिति पंजिका का नियमित निरीक्षण करने और सभी अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान स्थापना पटल के अभिलेख अधूरे पाए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने पटल सहायक अतुल अवस्थी को कड़ी चेतावनी दी। उन्हें एक सप्ताह के भीतर सभी अभिलेख पूर्ण और अद्यतन करने के निर्देश दिए गए, साथ ही तय समय सीमा में रिकॉर्ड पूरा न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जोर देकर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों, स्वच्छता, पशु संरक्षण और कार्यालयी व्यवस्थाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के समय मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, खंड विकास अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
लुधियाना में मनरेगा वर्कर्स द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन से लौटते समय एक हादसा हो गया। खन्ना में मनरेगा वर्कर्स और अन्य संगठनों द्वारा निगम कार्यालय के बाहर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर लौट रहे लोगों से भरा एक छोटा हाथी (छोटा कमर्शियल वाहन) अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में वाहन सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 के करीब लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रंघोवाल से बबीजे गांव जा रहे थे ग्रामीण मिली जानकारी के अनुसार, इस वाहन में रंघोवाल और बबीजे गांव के करीब 20 -22 लोग सवार थे। ये सभी खन्ना में चल रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद अपने घर वापस लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन अचानक सामने कुछ आ जाने के कारण अनियंत्रित हो गया और असंतुलित होकर पलट गया। पहले पायल, फिर सिविल अस्पताल में भर्ती हादसा होते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को आनन-फानन में पहले पायल स्थित अस्पताल ले जाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लुधियाना के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी घायलों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक सुखदेव सिंह मनरेगा वर्कर थे हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान सुखदेव सिंह के रूप में हुई है, जो मनरेगा के तहत काम करते थे। उनके परिवार में एक बेटा है, जो वर्तमान में मस्कट में काम करता है और दो बेटियां हैं। अचानक हुई इस घटना से मृतक के परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ।
पीलीभीत के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रैक्टिकल परीक्षाओं के दौरान छात्रों से नंबर बढ़ाने के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। बुधवार शाम 4 बजे वसूली का एक वीडियो सामने आया, जिसके बाद संस्थान प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाचार्य ने जांच के आदेश दिए हैं। शहर स्थित इस आईटीआई संस्थान में विभिन्न ट्रेडों के लगभग 300 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं। बताया गया है कि तीन दिन पहले संस्थान में प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले, कुछ विभागीय कर्मचारियों ने छात्रों को बेहतर अंक दिलाने का झांसा दिया। छात्रों से प्रैक्टिकल में पास कराने और अच्छे नंबर देने के एवज में प्रति छात्र 2,000 से 2,500 रुपये तक की मांग की गई। परीक्षा में फेल होने या अंक कम आने के डर से कई विद्यार्थियों ने कथित तौर पर यह रकम कर्मचारियों को दे दी। वसूली के इस घटनाक्रम के दौरान एक छात्र ने मोबाइल से चुपके से वीडियो बना लिया, जो अब सार्वजनिक हो चुका है। वीडियो में कर्मचारियों और छात्रों के बीच रुपयों के लेनदेन की बात साफ देखी जा सकती है। वीडियो वायरल होते ही संस्थान में खलबली मच गई। मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आईटीआई के प्रधानाचार्य शरद चंद्र सागरवाल ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच पूरनपुर आईटीआई के प्रधानाचार्य को सौंप दी है। संस्थान के प्रधानाचार्य शरद चंद्र सागरवाल ने बताया, वायरल वीडियो का मामला हमारे संज्ञान में आया है और इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच का जिम्मा पूरनपुर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सौंपा गया है। सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी और यदि संस्थान का कोई भी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती में युवक का शव फंदे से लटका मिला:दूसरी शादी के बाद घर में हो रहे थे विवाद
बस्ती के करही गांव में बुधवार सुबह एक 20 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, करही निवासी जन्मेजय यादव के पुत्र आदित्य यादव (20) का शव सुबह करीब सात बजे उनके घर के कमरे में फंदे से लटकता हुआ मिला। परिजनों की नजर पड़ते ही घर में चीख-पुकार मच गई। शव को मोर्चरी हाउस में रखवाया शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि युवक का शरीर गर्म था, जिसके बाद उसे तत्काल फंदे से उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद आदित्य को मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुरानी बस्ती पुलिस ने शव को मोर्चरी हाउस में रखवाया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। थानाध्यक्ष शशांक शेखर राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक आदित्य अपने पिता जन्मेजय यादव की पहली पत्नी का पुत्र था। पहली पत्नी के निधन के बाद जन्मेजय ने दूसरा विवाह कर लिया था। गांव में पारिवारिक विवाद और कलह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।
गाजियाबाद स्वाट टीम और साहिबाबाद पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गैंग के 20 लोगों को अरेस्ट किया है। इनमें 17 युवतियों को भी अरेस्ट किया गया है। गैंग पिछले 2 साल से गाजियाबाद के राजेंद्र नगर में अवैध तरह से कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। अभी तक की जांच में आया कि गैंग ने 4 करोड़ से अधिक की ठगी की है। एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने स्वाट टीम और थाना पुलिस के साथ यह छापेमारी। बुधवार दोपहर साढ़े 3 बजे डीसीपी धवल जायसवाल ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर गैंग का खुलासा किया। क्राइम करने का तरीका जानिए डीसीपी धवल जायसवाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्य आरोपी पीयूष जैन बीटेक किए हुए है। अभिषेक ने बताया कि जैनसन इंटरनेशनल नाम से एक फर्जी रजिस्टर्ड है। जिसमें हम सभी लोग मखाने बेचने का कारोबार करते हैं। इस फर्म की आड में अपनी पत्नी हिना, मामा सुनील जैन, पीयूष जैन व सलीम के साथ मिलकर हम लोग कुछ महिलाओं व युवकों को नौकरी पर रखकर एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे हैं। इस कॉल सेंटर से हम बेराजकर युवाओं जिनमें युवक व युवतियां शामिल हैं। युवक व युवतियों को झांझा रेकर फार्म भरवाकर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रॉसेसिंग फीस, इंटरव्यू, कमिश्नर के नाम पर पैसा लिया करते थे। वेवसाइटों तक से भी डाटा चोरी किया कॉल सेंटर पर काम करने वाले युवक व युवतियों ने बताया कि हम अलग अलग वेव साइट जैसे Foundit.com Naukari.com व अन्य वेव साइटों से डाटा चोरी करते थे। सेटिंग करे डाटा खरीदा भी गया। इस डाटा को अलग अलग पैन ड्राइव में डालकर काम करने वाली युवतियों को दिया जाता था। जिसके बाद कॉल सेंटर पर काम करने वाली युवतियां कॉल करके नौकरी लगवाने का फर्जी तरह से आश्वासन देती थी। रजिसट्रेशन फीस के बाद पूरी प्रॉसिस करके इंटरव्यू लिया जाता था। जहां पर फर्जी तरह से ज्वाइनिंग लेटर भी थमाए जाते थे। इसके लिए फर्जी आईडी पर सिम का प्रयोग करते थे। फर्जी तरह से मोबाइल व सिम सलीम उपलब्ध कराता था। बीसीए, बीबीए पढ़ी हुई युवती भी शामिल 17 युवतियों का अरेस्ट किया गया है। इनमें बीएसीए ओर बीबीए की पढ़ाई की हुई है। बाकी 12 वीं पास भी है। इन युवतियों को 15 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक सेलरी दी जाती थी। सभी की सेलरी कैश में दी जाती थी। जिससे पुलिस की जांच में पकड़ में न आए। जो भी पीड़ित शिकायत करने आता था कि मेरी नौकरी नहीं लगी उसे ऑफिस में बंद करके पिटवाया जाता था। यह गैंग 400 से 500 युवाओं को ठग चुका है, जिनमें 24 शिकायत पुलिस को दर्ज मिली हैं। 4 से 5 करोड़ की ठगी का मामला अभी तक की जांच में आया है। इंजीनियर बताकर विदेश के नाम पर ठगी कॉल सेंटर पर काम करने वाली युवती खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताती थीं। अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर बतातीं थी। इनमें दिल्ली की युवतियों भी शामिल हैं। जहां सुबह ऑफिस आना और कॉल सेंटर से कॉलिंग करके युवाओं को ठगा। अभी तक की जांच में आया कि सऊदी अरब और दुबई भेजने के नाम पर दिल्ली के युवाओं से भी 50 हजार से एक लाख रुपये तक की ठगी इस गैंग द्वारा की गई है। जिसके बाद 17 युवतियों समेत 20 अरेस्ट एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि अभिषेक जैन निवासी राजेंद्रनगर, अभिषेक की पत्नी हिना पंवार, पीयूष जैन निवासी शालीमार गार्ड्रन, चिंट निवासी लोनी, आकांक्षा निवासी दिल्ली, ज्योति निवासी दिल्ली, वर्षा निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद, सीमा निवासी लाजपतनगर, मुस्कान निवासी टीला मोड़, आंचल निवासी शालीमार गार्डन, कविता निवासी मीना एंकलेव, विनिता निवासी टिहरी गढ़वाल, शालिनी निवासी साहिबाबाद, निशा निवासी शालीमार गार्डन, निशा निवासी शालीमार गार्डन, गीतांजली निवासी दिल्ली, पूजा निवासी टीला मोड़, पूजा निवासी टीला मोड़, कंचन निवासी नंदग्राम, रोहिनी निवासी विजयनगर, प्रिया सिंह निवासी साहिबाबाद, प्रिया निवासी जनकपुरी, तन्नू सिंह निवासी सीमापुरी दिल्ली हैं। यह हुई बरामदगी आरोपियों के पास से 12 लैपटॉप, 23 स्मार्टफोन, 12 की पैर्ड मोबाइल, 47 सिम, 16 डेबिट कार्ड, 10 मुहर, 8 चैकबुक, भारी संख्या मे फर्जी वोटर कार्ड, 2 प्रिंटर, 12 पावर अडाप्टर, 7 पैनड्राइव, 1 ऑडी कार। इस गैंग के खिलाफ अभी तक 24 लिखित शिकायतें दर्ज पुलिस को मिली हैं।
गोरखपुर के सांसद रवि किशन अपने जन्मदिन के अवसर पर एक भोज का आयोजन करने जा रहे हैं। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई को सुबह 11 बजे शाम 4 बजे तक खोराबार में स्थित तारा रिजॉर्ट में यह आयोजन होगा। सांसद की टीम की ओर से सभी नगर वासियों से भोज में शामिल होने का निवेदन किया गया है। बता दें कि CM योगी ने कई बार खाना खिलाने को लेकर रवि किशन की चुटकी ली है। शहर के फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के उद्घटान के समय मंच से ही ठहाके लगाते हुए CM योगी ने कहा था कि रवि किशन 200 से 300 लोगों को मुफ्त में भोजन करा सकते हैं, लेकिन तब जब कोई और इसका पूरा बिल चुकाए। इसके अलावा उन्होंने मोमोज खाने के बाद पैसे नहीं देने को लेकर भी उनकी चुटकी ली थी।
भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने बुधवार को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत एक पृथक 'भील प्रदेश' राज्य के गठन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे। इस प्रस्तावित राज्य में राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल सीमावर्ती क्षेत्रों और दादरा एवं नगर हवेली को शामिल करने की मांग की गई है। झाबुआ जिला मुख्यालय के साथ-साथ रानापुर, पेटलावद और जिले के अन्य सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से इस मांग पत्र पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। ज्ञापन में पृथक राज्य के गठन के पीछे कई ठोस कारण बताए गए हैं। इनमें भील समाज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक पहचान का संरक्षण प्रमुख है। इसके अलावा, अनुसूचित क्षेत्रों का समग्र विकास और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी एक मुख्य उद्देश्य है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार भी इस मांग के पीछे के कारणों में शामिल है। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 'भील प्रदेश' की मांग पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में है। कार्यक्रम के अंत में, सभी समर्थकों ने जनजागरण अभियान को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने सरकार से इस संवैधानिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने की अपील जारी रखने की बात कही।
अमेठी के गौरीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में विश्व युवा कौशल दिवस पर एक रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कुल 117 अभ्यर्थियों का विभिन्न कंपनियों में चयन हुआ। यह रोजगार मेला अमेठी के राजकीय आईटीआई, गौरीगंज परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पूजा साहू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सीडीओ पूजा साहू ने इस अवसर पर कहा कि आज का युग कौशल का युग है। युवाओं का हुनरमंद होना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानने और कौशल उन्नयन करते रहने का आह्वान किया। मेले में 15 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने तकनीकी, गैर-तकनीकी, प्रबंधन और सेवा क्षेत्रों में कुल 323 पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित किए। लगभग 323 अभ्यर्थियों ने इस मेले में प्रतिभाग किया, जिनमें से 117 का चयन किया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य महेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि, कंपनियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए ऐसे आयोजन करता रहेगा। इस अवसर पर जिला सेवायोजन अधिकारी अनुपमा रानी, उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी, जनपद के समस्त राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य, रोजगार मेला प्रभारी अनिल कुमार मिश्र, एमआईएस मैनेजर मृत्युंजय तिवारी सहित संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। इस रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के लिए प्रेरित करना भी था।
नशे से दूरी है जरूरी 2.0 की शुरुआत:रैली निकालकर दिया जागरूकता का संदेश, रोबोट बना आकर्षण का केंद्र
युवाओं और समाज को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक नशे से दूरी है जरूरी 2.0 विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में बुधवार को इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में जनजागरूकता रैली निकालकर अभियान शुरू किया। पुलिस कमिश्नर ने मौजूद अधिकारियों, एनसीसी कैडेट्स, स्टूडेंट्स आदि को नशे से दूरी है जरूरी अभियान के अवेयरनेस बैज लगाए। अभियान के लिए बनाए सेल्फी पाइंट का भी उन्होंने लोकार्पण किया और खुद सेल्फी भी ली। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से किशोरों और युवाओं को अवैध मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया, उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि उसके परिवार, भविष्य और पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसलिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह खुद नशे से दूर रहे और अपने आसपास के लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए मोटिवेट करे। 15 दिन चलगे जनजागरूकता अभियान ये अभियान 15 दिन चलेगा, इसमें विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से आगामी 30 जुलाई तक शहरभर में कई जनजागरूकता एक्टिविटी होगी। इसमें - नुक्कड़ नाटक और सांस्कृति प्रस्तुतियां, पोस्टर, बैनर और पंपलेट बांटना, निबंध, चित्रकला, रील/शॉर्ट मूवी और अन्य रचनात्मक कॉप्टिशन, सोशल मीडिया और डिजिटिल प्लेटफार्म पर जागरूकता अभियान, वीडियो स्क्रीनिंग और जनसंवाद, शॉर्ट फिल्म और प्रेरक संदेशों का प्रसारण आदि विभिन्न एक्टिविटी के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्परिणामों और उससे बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। सैकड़ों लोगों ने नशामुक्ति की शपथ इस मौके पर विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों के स्टूडेंट्स, एनसीसी कैडेट्स, नगर सुरक्षा समिति सदस्यों, ट्रैफिक मित्रों, ट्रेनी डॉक्टर्स, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और आमजन सहित करीब ढ़ाई हजार प्रतिभागियों ने अभियान में सहभागिकाती की और नशामुक्ति की शपथ ली और पुलिस कमिश्नर ने जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली कई रास्तों से गुजरी, जिसमें बैनर-पोस्टर की मदद से लोगों को जागरूक किया। आकर्षण का केंद्र रहा रोबोट रैली का सबसे विशेष आकर्षण एक रोबोट रहा, जिसने सबसे आगे चलते हुए लोगों को नशे से दूरी है ज़रूरी का संदेश दिया। रोबोट के माध्यम से दिया गया यह अभिनव जनजागरूकता संदेश लोगों के आकर्षण का केंद्र बना और लोगों ने इसके साथ संवाद एवं सेल्फी लेकर अभियान का समर्थन किया। इस दौरान पुलिस के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
अयोध्या की रुदौली पुलिस ने झाड़ियों में मिले अज्ञात शव की गुत्थी तीन दिन में सुलझा ली। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथौड़ी भी बरामद कर ली गई। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य और उनकी टीम ने 'अभियान त्रिनेत्र' के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वारदात का खुलासा किया। 12 जुलाई को झाड़ियों में मिला था शव 12 जुलाई 2026 को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के कूढ़ा सादात लिंक रोड किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शव पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। बाद में मृतक की पहचान बाराबंकी के असन्द्रा थाना क्षेत्र के पूरे ठोड़ी मजरे, कस्बा पैगम्बरपुर निवासी 48 वर्षीय देवेंद्र कुमार वर्मा के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि देवेंद्र कुमार वर्मा और उनकी पत्नी शुभांगिनी वर्मा के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी दौरान शुभांगिनी के बाराबंकी के कोठी थाना क्षेत्र के सराय पुरखू निवासी विपिन वर्मा से प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने मिलकर देवेंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अयोध्या घुमाने के बहाने ले गया, सुनसान जगह पर हथौड़ी से हमला पुलिस के मुताबिक 11 जुलाई को शुभांगिनी के कहने पर विपिन, देवेंद्र को अयोध्या घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर उसने हथौड़ी से ताबड़तोड़ वार कर देवेंद्र की हत्या कर दी। इसके बाद शव को सड़क किनारे झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। तकनीकी साक्ष्यों से खुली साजिश सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ में शुभांगिनी और विपिन ने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी भी बरामद कर ली गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव तय समय सीमा में नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने सरकार के चुनाव टालने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर राज्य चुनाव आयोग चुनाव कराने में सक्षम नहीं है तो हम हाईकोर्ट से किसी को चुनाव कराने के लिए अपॉइंट कर देते हैं। अदालत ने सरकार से कहा- हमें सख्त आदेश पास करने के लिए मजबूर मत कीजिए। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और ओबीसी कमिशन की कार्यशैली को लेकर मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर इसके सदस्य सक्षम नहीं है तो उन्हें हटाकर सक्षम व्यक्ति को काम दीजिए। कोर्ट ने अदालती आदेश की पालना नहीं करने पर गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी कमिशन के सदस्य सचिव को तलब किया है। सरकार ने कहा- लास्ट चांस दे दीजिए सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि चुनाव में ओबीसी का प्रतिनिधित्व जरूरी है। हम कोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं कर रहे हैं। लेकिन ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट नहीं आने से विभिन्न वर्गों के आरक्षण का वर्गीकरण नहीं हो पाया है। ओबीसी कमिशन की मांग पर उनका समय कई बार बढ़ाया जा चुका है। लेकिन इस बार कमिशन ने कहा है कि वह 14 अगस्त तक रिपोर्ट दे देगा। चुनाव टालते हुए सरकार को लास्ट चांस दिया जाए। अधिकारी कोर्ट की अवमानना के लिए जिम्मेदार हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता रहे पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने कहा- सरकार और राज्य चुनाव आयोग कोर्ट के आदेश के बाद भी ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जबकि कोर्ट अपने 22 मई के आदेश में साफ कर चुका था कि ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट नहीं आती है तो उसका इंतजार नहीं करना हैं। लेकिन उसके बाद भी ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट के बहाने चुनाव टालने के लिए अधिकारी कोर्ट की अवमानना के दोषी हैं। चुनाव कराने की जिम्मेदारी आयोग की दूसरे याचिकाकर्ता गिर्राज सिंह देवंदा की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता प्रेमचंद देवंदा ने कहा- सरकार का यह प्रार्थना पत्र मेंटिनेबल ही नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 243 (क) में चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य चुनाव आयोग की है। कोर्ट के आदेश की पालना कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की थी। लेकिन वह उसमें पूरी तरह से विफल रहा है। इस पर कोर्ट ने राज्य चुनाव आयुक्त को तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय-पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं, ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था। ये भी पढ़ें… राजस्थान में सितंबर-नवंबर के बीच हो सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव:हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक कराने को कहा था; सरकार ने मांगा समय राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच होंगे। इसके संकेत हाईकोर्ट में सरकार की ओर से लगाए गए चुनाव टालने के प्रार्थना पत्र में मिलते हैं। सरकार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। (पूरी खबर पढ़ें)
उदयपुर जिले के खेरवाड़ा उपखंड स्थित बावलवाड़ा पुलिस थाने के थानाधिकारी गणपत सिंह राठौर का राजसमंद जिले के कुंवारियां थाना में ट्रांसफर हो गया है। मंगलवार को पुलिस थाना परिसर में उनके लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने थानाधिकारी राठौर के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें विदाई दी। अपने कार्यकाल के दौरान थानाधिकारी राठौर ने ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और निष्पक्ष कार्यशैली से क्षेत्रवासियों का विश्वास जीता। बावलवाड़ा के अलावा उनके पूर्व पदस्थापन स्थल पहाड़ा थाना क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग समारोह में पहुंचे। भाजपा जिला संयोजक प्रकोष्ठ जयदीप जैन ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि नियमानुसार एक ही जिले में चार साल का कार्यकाल पूर्ण होने के कारण गणपत सिंह का ट्रांसफर किया गया है। उन्होंने राठौर के कार्यकाल में कानून व्यवस्था सुदृढ़ रहने और अपराधियों में कानून का भय बने रहने की बात कही। पूर्व प्रधान सुंदर लाल असारी और पूर्व सरपंच अनिल डोडा सहित अन्य वक्ताओं ने भी थानाधिकारी राठौर के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि थानाधिकारी सहित पांच अन्य पुलिसकर्मियों का भी ट्रांसफर हुआ है, लेकिन अभी तक उनके स्थान पर नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति नहीं हुई है। इसे लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की और शीघ्र पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की। समारोह में पहाड़ा थाना सर्कल से सतवीर सिंह पहाड़ा, राम प्रकाश शर्मा, कमलेश, जगदीश, देवी सिंह, सुरेश कुमार, शांतिलाल, गौतम पटेल, मनोहर सिंह, कचरू पटेल, वीडीओ गोविंद कुमार, हेड कांस्टेबल अजित सिंह, एएसआई संजय कुमार, राजेंद्र कुमार, राजेंद्र लबना, महिपाल, राजू और हीरालाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
बिलासपुर में मंगलवार (14 जुलाई) को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में आंगनबाड़ी केंद्र की दूरी, राशन वितरण में गड़बड़ी, अघोषित बिजली कटौती, अवैध कब्जे, स्कूल सुविधाओं और मजदूरी भुगतान जैसी कई शिकायतें सामने आईं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी मामलों में संबंधित विभागों को त्वरित जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम वृंदावन निवासी दुकेश कुमार पाटले ने शिकायत की कि आंगनबाड़ी केंद्र गांव से 3 किलोमीटर दूर होने के कारण छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को परेशानी होती है। उन्होंने केंद्र को गांव के भीतर स्थानांतरित करने की मांग की। बिजली कटौती और स्कूल सुविधाओं का मुद्दा उठा ग्राम पंचायत चपोरा की सरपंच दीपमाला ने अघोषित बिजली कटौती बंद कराने की मांग की। वहीं ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच दिलहरनलाल रजक ने स्कूल में नए शौचालय, प्रार्थना शेड निर्माण और सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी। राशन दुकान में कम तौल की शिकायत ग्राम पंचायत नवागांव सोनसाय के ग्रामीणों ने राशन दुकान संचालक पर कम राशन देने का आरोप लगाया। जांच में ई-पॉस मशीन से जुड़े कांटे में 20 किलो पर आधा किलो और 35 किलो पर 800 ग्राम तक कम तौल मिलने की बात सामने आई। ग्रामीणों ने चना वितरण नहीं होने की भी शिकायत की। ईंट भट्ठा मजदूर ने मांगी बकाया मजदूरी तखतपुर तहसील के नवापारा निवासी मजदूर भोजराम डहरिया ने आरोप लगाया कि 57,158 ईंटें बनाने के बावजूद मालिक रमेश बंजारे ने उन्हें केवल 59,850 रुपये के बजाय केवल 36,000 रुपये दिए गए। उन्होंने 23,850 रुपये की बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं।
मंडला में पुलिस विभाग ने नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, कलेक्टर राहुल नामदेव घोटे और एसपी राजेश रघुवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। नशामुक्ति की शपथ दिलाई कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों और छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही अतिथियों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर नशामुक्ति जागरूकता पोस्टरों का विमोचन करने के साथ-साथ एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। दिखाई गई जागरूक रैली को हरी झंडी अतिथियों ने नशे को 'रेड कार्ड' दिखाकर जनजागरूकता रैली को हरी झंडी रवाना किया। इस रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, पुलिसकर्मी और आम नागरिक हाथों में नशामुक्ति के संदेश वाली तख्तियां लेकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरे और लोगों को जागरूक किया। 30 जुलाई तक होंगे विविध कार्यक्रम एसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों में रैलियां, संगोष्ठियां, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला व निबंध प्रतियोगिताएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देखें तस्वीरें…
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित भरवारी कस्बे में मायके में रह रही एक विवाहिता ने सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था, केवल बीमार पिता थे और बड़ा भाई बाजार गया हुआ था। नगर पालिका परिषद भरवारी के वार्ड नंबर 20, नया बाजार की रहने वाली शिफाली (28) की शादी 7 मई को प्रयागराज के फाफामऊ निवासी गोपाल केसरवानी (32) पुत्र कमल केसरवानी से हुई थी। मृतका के भाई विकास केसरवानी के अनुसार, शादी में 20 लाख रुपये का दान-दहेज दिया गया था। शिफाली पिछले एक महीने से मायके में रह रही थीं। सोमवार सुबह उनकी आत्महत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने फांसी वाले कमरे की जांच की। पुलिस को वहां से 28 पेज का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ना का जिक्र था। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। नामजद आरोपियों की तलाश जारी मंगलवार को मृत विवाहिता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति गोपाल केसरवानी, ससुर कमल केसरवानी, सास आशा देवी और देवर अरुण केसरवानी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मुकदमे में मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि पति गोपाल केसरवानी शराब पीकर शिफाली को मारता था, गुटखा खाकर थूकता था और यातनाएं देने के इरादे से यौन हिंसा भी करता था। भाई के अनुसार, सास, ससुर, देवर और पति के क्रूर व्यवहार से मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान होकर शिफाली ने आत्महत्या की। इस मामले में कोखराज पुलिस ने बुधवार दोपहर को दहेज हत्या के आरोपी ससुर कमल केसरवानी को कोखराज के तिलैया टीकुर गांव के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थाना प्रभारी संतोष शर्मा ने बताया कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है।
आशियाना बचाने तहसील कार्यालय पहुंचीं महिलाएं:गरीबों को बेदखली, रसूखदारों को मेहरबानी के लगाए आरोप
कटनी के बड़वारा ग्राम में आवासीय पट्टा वितरण योजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ बुधवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। मकान हटाने का नोटिस मिलने से नाराज दर्जनों महिलाएं समाजसेवी जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में बड़वारा तहसील कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपने घरों को न उजाड़ने की अपील की और पट्टा आवंटन में हुए कथित घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ग्रामीणों और समाजसेवी जय सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि बड़वारा में आवासीय पट्टा वितरण योजना का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह योजना भूमिहीनों और गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से प्रभावशाली और धनी लोग सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पट्टा हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है। कुछ महिलाओं ने अपने पतियों के जीवित रहते हुए भी खुद को विधवा दिखाकर सरकारी योजना का लाभ लिया है। ग्रामीणों ने ऐसे मामलों में प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण पत्रों की तत्काल और गहन जांच की मांग की है। नियमों का नहीं किया पालन आरोप है कि पट्टा आवंटन के नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसे प्रभावशाली और धनी व्यक्तियों को जमीनें आवंटित की गई हैं, जिनके पास पहले से ही आलीशान पुश्तैनी मकान और पर्याप्त कृषि भूमि मौजूद है। शिकायत में यह भी बताया गया कि ग्राम के खसरा संख्या 39, 25, 197, 46, 429, 127, 485, 436/1, 425, 63, 486/1, 453, 466/1, 458/1, 132, 426/1, 446, 427/1, 432 जैसे विभिन्न खसरा नंबरों पर पट्टा किसी और के नाम पर है, लेकिन निर्माण कार्य कोई अन्य व्यक्ति करा रहा है। पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इन सरकारी जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री और हस्तांतरण भी किया गया है। पटवारी पर लगाए आरोप ग्रामीणों ने स्थानीय हल्का पटवारी पर दोहरा मापदंड अपनाने और भेदभाव करने का सीधा आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि पटवारी द्वारा केवल गरीब, असहाय और भूमिहीन परिवारों के कच्चे घरों को ढहाने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके विपरीत, जिन रसूखदारों ने फर्जी तरीके से पट्टे हासिल कर भव्य और अवैध इमारतें खड़ी कर ली हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन का यह रवैया न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से दी चेतावनीतहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके आशियाने उजाड़े गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से उप्त सभी खसरा नंबरों की तत्काल मौके पर जाकर भौतिक और विभागीय अभिलेखों से जाँच कराई जाए। फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को गुमराह करने वाले दोषियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
ललिता गौतम के पिता का वीडियो आया सामने:20 जुलाई तक सभी आरोपी नहीं पकड़े तो करेंगे आंदोलन
मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड में पिता का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो ललिता गौतम के पिता ने खुद जारी किया है। लगभग 2 मिनट के इस वीडियो में ललिता गौतम के पिता ने ललिता की हत्या से लेकर न्याय में हो रही देरी के बारे में कहा है। साथ ही जल्द न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है अगर 20 जुलाई तक सभी आरोपी नहीं पकड़े जाते तो बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने 8 जुलाई की घटना का भी जिक्र अपनी वीडियो में किया है। पिता ने वीडियो में ये कहा ललिता गौतम के पिता का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वो कह रहे हैं कि 15 मई को मेरी बेटी ललिता गौतम की हत्या कर दी गई थी। इसी संबंध में हमने 19 जून 2026 को डीएम के यहां ज्ञापन दिया था। इसमें हमें 26 जून तक का समय दिया गया था कि आरोपियों को अरेस्ट कर लेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। 8 जुलाई को दलित महापंचायत का आगाज किया इसी संबंध में डीएम ऑफिस के कमिश्नरी चौक पर हम धरना दे रहे थे। हम वहां डीएम के यहां पहुंचे तो गेट पर ताला लगा था। हम सभी लोग वहीं धरना दे रहे थे, हम वहीं सड़क पर बैठ गए, कई घंटे बीत गए हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। हमने कहा डीएम साहब हमारी दो बात सुन लो, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। एसएसपी साहब और एसपी देहात वहां आए। एसपी देहात साहब ने हमसे कहा कि यहां से धरना हटा लो, उन्होंने हमें 10 मिनट का टाइम दिया। फर्जी मुकदमे हुए हैं वो वापस लिए जाएं पिता ने आगे कहा कि 10 मिनट में से 2 मिनट में ही एसएसपी पांडे वहां पर आए उन्होंने हम सभी लोगों पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को भी नहीं बख्शा। उन पर लड़कियों पर भी लाठियां बजाईं और सभी को पीटना शुरू कर दिया। कुछ लोगों को गाड़ी में बैठा लिया गया। इसमें हमारे वकील साहब भी हैं उन पर भी उन्होंने चांटें बजाने शुरू कर दिए। यह धरना डॉ. सुशील गौतम के निर्देशन में बहुत शांतिपूर्वक चल रहा था। इन सभी लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। कुछ लोगों को जेल भी भेजा गया है। उनको तुरंत रिहा किया जाए और फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए, मेरी बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाया जाए अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो 20 जुलाई के बाद हम एक महाआंदोलन करेंगे।
खेत की मेड़ विवाद में महिला से मारपीट:प्रतापगढ़ में जान से मारने की धमकी, 3 पर FIR
प्रतापगढ़ के कुंडा कोतवाली क्षेत्र के खेमीपुर गांव में खेत की मेड़ के विवाद को लेकर एक महिला से मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर है। एफआईआर के अनुसार, पीड़िता सोनी शुक्ला ने आरोप लगाया है कि मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे गांव निवासी कमलेश शुक्ला अपने बेटों नागेंद्र उर्फ सोनू और मोनू उर्फ गगनदेव के साथ उसके घर पहुंचे। उन्होंने घर में घुसकर लाठी-डंडों और घूंसों से मारपीट की, जिससे महिला को कई चोटें आईं। महिला का आरोप है कि जब वह जान बचाने के लिए घर से बाहर भागी, तो आरोपियों में से एक युवक ने उसके बाल पकड़ लिए और उसके साथ अभद्रता करने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था, जो आज बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) कुंडा शिव नारायण वैश्य ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में बुधवार शाम 4 बजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। एडीजे पंचम की अदालत ने यह नोटिस रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी। यह मामला 14 सितंबर 2020 को बूलगढ़ी गांव में हुई एक बहुचर्चित घटना से जुड़ा है। इस प्रकरण में 2 मार्च 2023 को न्यायालय का फैसला आया था, जिसमें एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जबकि तीन अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था। राहुल गांधी 12 दिसंबर 2024 को बूलगढ़ी गांव पहुंचे थे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दोषमुक्त किए गए युवकों को गैंगरेप का आरोपी बताया था। राहुल गांधी के इस कथित बयान और सोशल मीडिया पोस्ट से क्षुब्ध होकर, कोर्ट से बरी हुए युवकों रामू, रवि और लवकुश ने उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। राहुल गांधी के अधिवक्ता ने 16 मार्च को आरोपों को निराधार बताते हुए केस खारिज करने की मांग की थी। एसीजेएम ने परिवाद किया था खारिज दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट ने 2 मई को आदेश सुरक्षित रख लिया था। 13 मई को एमपी/एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देते हुए इस मानहानि के परिवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया था। जिला न्यायालय में दायर की थी रिवीजन याचिका न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ रामू, रवि और लवकुश की ओर से उनके अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने जिला न्यायालय में रिवीजन याचिका दायर की थी। यह मामला अपर जिला जज पंचम के न्यायालय में स्थानांतरित किया गया था। इस मामले में परिवादी पक्ष की अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है।
अयोध्या के मवई थाना और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग वेबसाइट PLAYERS77.COM के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, टैबलेट समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े बैंक खातों में 63 लाख रुपए फ्रीज कराए हैं। गिरोह का एक अन्य सदस्य फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बुधवार दोपहर प्रेसवार्ता में बताया कि विशेष अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी रुदौली और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। बुधवार सुबह करीब 5:45 बजे मवई चौराहे के पास लखनऊ हाईवे स्थित बस स्टॉप से अकील अहमद उर्फ उर्फी निवासी बसौढ़ी, थाना पटरंगा (अयोध्या) और अमन खान निवासी ककरहाबाद, थाना कोतवाली नगर (उन्नाव) को गिरफ्तार किया गया। व्हाट्सएप कॉल कर गेम और निवेश का देते थे लालच पुलिस के अनुसार, आरोपी मवई क्षेत्र में कॉल सेंटर संचालित कर लोगों से व्हाट्सएप कॉल और फोन के जरिए संपर्क करते थे। उन्हें ऑनलाइन गेम खेलने और निवेश करने का लालच दिया जाता था। जब पीड़ित गेम में रकम निवेश कर देते थे, तो पैसा वापस कराने के नाम पर टैक्स, सर्विस चार्ज और अन्य शुल्क वसूलकर साइबर ठगी की जाती थी। मोबाइल से मिले 11 हजार गेमिंग आईडी और पासवर्ड पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक टैबलेट, तीन चार्जर और दो डेटा केबल बरामद किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच में करीब 11 हजार गेमिंग आईडी और पासवर्ड, लेनदेन का रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट मिली हैं। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क और अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। 63 लाख रुपए फ्रीज, एक आरोपी अब भी फरार जांच के दौरान पुलिस ने अकील अहमद के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में मौजूद 6 लाख रुपए और एक संदिग्ध एचडीएफसी बैंक खाते में 57 लाख रुपए फ्रीज करा दिए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ मवई थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का एक अन्य सदस्य सुफियान फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के मेजर अपग्रेडेशन कार्य के कारण 15 जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा। इस अवधि में प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके चलते कुल 10 ट्रेनें दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। इससे राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटफॉर्म अपग्रेडेशन के कारण बदली व्यवस्था उत्तर रेलवे के अनुसार दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के उन्नयन कार्य के लिए 15 जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 तक ब्लॉक रहेगा। इसी वजह से कई ट्रेनों का दिल्ली कैंट स्टेशन पर अस्थायी रूप से ठहराव समाप्त कर दिया गया है। इन ट्रेनों का नहीं होगा दिल्ली कैंट पर ठहराव 09609 उदयपुर सिटी–योगनगरी ऋषिकेश साप्ताहिक स्पेशल (15 जुलाई से) 09611 अजमेर–योगनगरी ऋषिकेश स्पेशल (16 जुलाई से) 20474 उदयपुर सिटी–दिल्ली सराय रेलसेवा (15 जुलाई से) 12915 साबरमती–दिल्ली रेलसेवा (15 जुलाई से) 09523 ओखा–शकूरबस्ती स्पेशल (15 जुलाई से) 09257 भावनगर–शकूरबस्ती स्पेशल (18 जुलाई से) 12216 बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रेलसेवा (15 जुलाई से) 09425 साबरमती–हरिद्वार स्पेशल (21 जुलाई से) 14312 बरेली–भुज रेलसेवा (15 जुलाई से) 14322 भुज–बरेली रेलसेवा (17 जुलाई से) इन सभी ट्रेनों का दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव 13 अक्टूबर 2026 तक नहीं होगा। यात्रियों को होगी असुविधा दिल्ली कैंट स्टेशन पर उतरने या यहां से यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों को इस अवधि में वैकल्पिक रेलवे स्टेशन का उपयोग करना होगा। विशेष रूप से पिंडवाड़ा, आबूरोड, उदयपुर सिटी, अजमेर, साबरमती, ओखा, भावनगर, बांद्रा टर्मिनस और भुज रूट के यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी।
किसान को बुलेट ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान मौत:घर के दरवाजे पर हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में बुधवार सुबह करीब 11 बजे एक किसान को तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल किसान की महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दोपहर करीब तीन बजे मौत हो गई। मृतक की पहचान 53 वर्षीय राज बहादुर निषाद पुत्र स्व. रामजी निषाद, निवासी भगवानपुर, थाना रुद्रपुर के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने घर के बाहर दरवाजे पर खड़े थे, तभी तेज रफ्तार बुलेट ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग राज बहादुर को तत्काल महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले गए। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और टक्कर मारने वाले बुलेट चालक की पहचान कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मैहर में करंट लगने से युवक की मौत:खेत में घुस आए थे पशु, भगाने के दौरान तार की चपेट में आए
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम छेरहा में बुधवार सुबह करंट लगने से एक 43 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक अपने खेत में घुसे आवारा पशुओं को भगाने गया था, तभी वह बिजली के खंभे के सपोर्ट वायर की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम छेरहा निवासी अजय पटेल (43 वर्ष) पुत्र भगवानदीन पटेल बुधवार सुबह करीब 10 बजे अपने खेत पर पहुंचे थे। खेत में आवारा पशु घुस आए थे, जिन्हें भगाने के दौरान उनका संपर्क बिजली के खंभे के सपोर्ट वायर से हो गया। बताया जा रहा है कि सपोर्ट तार में बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था। इसकी चपेट में आते ही अजय पटेल गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद अजय पटेल को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सतना रेलवे की कैरेज एंड वैगन वर्कशॉप में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन ने असिस्टेंट डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (एडीएमई) अशोक चौरसिया पर कर्मचारियों के मानसिक उत्पीड़न, पक्षपातपूर्ण रवैये और अनुचित प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के विरोध में बुधवार को वर्कशॉप परिसर में गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के नाम क्षेत्रीय प्रबंधक के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। गेट मीटिंग में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया और कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं को उठाया। यूनियन का आरोप है कि एडीएमई अशोक चौरसिया अपने पद का निष्पक्ष उपयोग नहीं कर रहे हैं और चुनिंदा कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। 'पुरानी यूनियन में शामिल होने का बनाया जा रहा दबाव' यूनियन ने आरोप लगाया कि वेस्ट सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन से जुड़े कर्मचारियों और पदाधिकारियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। कर्मचारियों पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की सदस्यता लेने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि उनसे कहा जाता है कि यदि वे पुरानी यूनियन की सदस्यता ले लेते हैं तो उनके खिलाफ जारी चार्जशीट समाप्त कर दी जाएगी। ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारियों को बिना उचित कारण चार्जशीट दी जा रही है, उनके सर्विस रिकॉर्ड खराब किए जा रहे हैं और मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। यूनियन का आरोप है कि यह कार्यशैली कर्मचारियों के मनोबल और कार्य वातावरण को प्रभावित कर रही है। स्वतंत्र जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी यूनियन ने मंडल रेल प्रबंधक से पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एवं वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के साथ संगठन के आधार पर भेदभाव न हो और कार्यस्थल पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।
कन्नौज में मैदा की बोरियों से भरा ट्रक गंगा के गिरने के बाद से उसमें सवार एक युवक लापता है। दो दिनों तक उसकी खोजबीन की गई, लेकिन सकस कुछ पता नहीं चल सका। ऐसे में परिजनों ने भी उसके मिलने की आस छोड़ दी और अपने घर लौट गए। हरदोई जिले के बिलग्राम से औरैया जिले के लिए मैदा लदा ट्रक 12 जुलाई की रात 2 बजे रवाना हुआ था। जैसे ही ट्रक मेहंदी घाट पुल पर पहुंचा, तभी ड्राइवर को झपकी आने से ट्रक अनियंत्रित हो गया और लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए गंगा में समा गया। घटना के समय ट्रक पर विनीत कुमार द्विवेदी (26) पुत्र शिवकांत द्विवेदी निवासी गुरौली जिला हरदोई, श्रवण कुमार (36) पुत्र कृपा शंकर निवासी गुरौली जिला हरदोई और संगीत कुमार (44) पुत्र सुरेश चंद्र निवासी सहार जिला औरैया सवार थे। स्थानीय गोताखोरों ने श्रवण और संगीत को कुछ ही देर में बाहर निकाल लिया था, लेकिन विनीत कुमार का कुछ पता नहीं लग सका। वाहनों को निकलने में हो रही परेशानी हादसे के बाद दो दिन तक परिजन उसकी तलाश के लिए मेहंदी घाट पर पहुंचते रहे, लेकिन रेस्क्यू न होता देख उन लोगों ने भी विनीत के मिलने की आस छोड़ दी और अपने घर लौट गए। उधर रेस्क्यू करने वाले टीम ने दावा किया कि उन्होंने कानपुर के गंगा बैराज तक खोजबीन की। इसके अलावा गंगा में डूबे ट्रक की केबिन भी खंगाल ली, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। हालांकि पुल पर मौजूद बाबूराम ने बताया कि जिस दिन ट्रक गंगा में गिरा था, उसी दिन सर्च अभियान चला, उसके बाद से न रेस्क्यू टीम दिखी और न ही कोई अधिकारी नजर आए। टूटी रेलिंग के पास कराई गई वेरीकेडिंग हरदोई-कन्नौज जिले को जोड़ने वाले मेहंदी घाट पुल पर हादसे की वजह से जहां रेलिंग टूट गई, उस स्थान के आसपास वेरीकेडिंग करवा दी गई। ताकि क्षतिग्रस्त रेलिंग के कारण फिर कोई हादसा न हो सके। यहां वाहनों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
करनाल में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ की टीम ने एक सूचना के आधार पर आरोपी को काबू किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल और एक ई-रिक्शा बरामद किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद जताई जा रही है। जिला पुलिस करनाल की एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ टीम ने इंचार्ज सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की। ASI कृष्ण कुमार की अगुवाई में टीम ने गुप्त सूचना पर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सन्नी निवासी शास्त्री नगर, थाना रामनगर करनाल के रूप में हुई है। बरामदगी के साथ पुराने रिकॉर्ड भी सामने आए पुलिस पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा बरामद किए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। पूछताछ में आरोपी ने थाना सिविल लाइन करनाल में दर्ज एक अन्य मामले में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया इस मामले में थाना शहर करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी है।
एटा में आदर्श दिव्यांग उत्थान समिति (रजि.) के पदाधिकारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। समिति ने दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। दिव्यांग दोपहर 12 बजे धरना स्थल पर एकत्रित हुए और दोपहर 1 बजे नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। समिति के प्रबंधक एवं सचिव जी. के. (आरएस) राजपूत ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक आयुष्मान भारत योजना से संबंधित है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में वर्ष 2011 से संचालित इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को बिना किसी बाधा के आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सके। ज्ञापन में दिव्यांग पेंशन को वर्तमान 1,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दिव्यांग परिवार को प्रति माह 200 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है। समिति ने पंचायत, क्षेत्र पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगमों में दिव्यांगजनों के लिए मनोनीत सदस्य का प्रावधान लागू करने की मांग उठाई। इसका उद्देश्य स्थानीय निकायों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। पदाधिकारियों ने जोर दिया कि दिव्यांगजन समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने सरकार से उनके अधिकारों और सुविधाओं के संबंध में संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। ज्ञापन पर समिति के कई पदाधिकारियों और सदस्यों के हस्ताक्षर भी अंकित हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रतिभा दीक्षित, राम श्री, ईशू देवी, प्रवीण देवी, हरिप्रसाद, विजय कुमार, सर्वेश कुमार, ओमपाल, वीरपाल, मनोज कुमार, छविनाथ सिंह, त्रिभुवन सिंह और अन्य दर्जनों दिव्यांगजन शामिल थे।
गाजियाबाद में एटीएम बदलकर ठगी करने वाला गिरफ्तार:50 एटीएम कार्ड, नकदी और आईफोन बरामद
गाजियाबाद के खोड़ा थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 50 एटीएम कार्ड, 9,500 रुपये नकद और एक आईफोन बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 13 जुलाई को खोड़ा थाने में एक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि काला सीमेंट के पास एक एटीएम पर एक अज्ञात युवक ने मदद के बहाने उसका एटीएम कार्ड बदल दिया था। इसके बाद उसके खाते से 26,150 रुपये निकाल लिए गए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। बुधवार को खोड़ा थाना पुलिस ने इंदिरापुरम अंडरपास के पास से आरोपी आकाश कुमार उर्फ अक्की पंडित (26 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। वह नोएडा के सेक्टर-63, छिजारसी का निवासी है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एटीएम के बाहर ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें पैसे निकालने में दिक्कत होती थी। वह मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड देखता और उसी बैंक व रंग का दूसरा कार्ड बदल देता था। बातचीत के दौरान वह पीड़ित का पिन नंबर भी जान लेता था और पूरी प्रक्रिया अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लेता था। बाद में वह दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न एटीएम से पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लेता था। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, आरोपी के पास से कुल 50 एटीएम कार्ड, 9,500 रुपये नकद और एक आईफोन बरामद हुआ है। खोड़ा थाने के अलावा, दिल्ली के विभिन्न थानों में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी के तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने कितने लोगों को ठगा है और उसके गिरोह में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।
हनुमानगढ़ में लोक परिवहन बस ड्राइवरों और कंडक्टरों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पालेवाली ढाणी के पास हुई मारपीट, लूट और जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में था। बस कर्मियों ने पहले टाउन स्थित जीएम रिजॉर्ट के पास बसें खड़ी कर कुछ देर के लिए सांकेतिक जाम लगाया। इसके बाद सभी ड्राइवर और कंडक्टर सदर थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। बसों का चक्काजाम करने की चेतावनीप्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में लोक परिवहन बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से समझाइश कर रास्ता खुलवाया। लोक परिवहन बस के एक कंडक्टर ने बताया कि यह घटना 11 जुलाई की शाम की है। वह ड्राइवर बलराज सिंह के साथ रामपुरिया की ओर जा रहे थे। रास्ते में पालेवाली ढाणी के एक यात्री को बस स्टैंड नहीं होने के कारण पक्का सहारणा में उतरने की सलाह दी गई थी। इससे नाराज होकर यात्री ने गांव के अन्य लोगों को बुला लिया। मारपीट कर कैश, सोने की चेन लूटने का आरोपआरोप है कि पालेवाली ढाणी के पास करीब 15 से 20 लोगों ने बस रुकवाकर ड्राइवर और कंडक्टर के साथ मारपीट की। इस दौरान जातिसूचक गालियां दी गईं, टिकट बिक्री के लगभग 14 हजार रुपए लूट लिए और टिकट काटने की मशीन भी तोड़ दी गई। इसी दौरान पीछे से पहुंची दूसरी लोक परिवहन बस के कंडक्टर मंगल सिंह के साथ भी मारपीट की गई। उनसे करीब 15 हजार रुपए और एक सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया गया है। बस कर्मियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी उनके साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। ज्ञापन में उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
आगरा में बेसहारा गाय की तेहरवीं:हवन के बाद कराया विशाल भंडारा, बीमारी से हुई थी मौत
आगरा के डौकी क्षेत्र के एक गांव में मानवता और गौसेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। गांव के एक परिवार ने 12 दिन पहले मृत हुई एक बेसहारा गाय की तेहरवीं इंसानों की तरह पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई गई। ग्रामीणों ने गाय की आत्मा की शांति के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शांति हवन कराया और विशाल भंडारे का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। देखिए घटना से संबंधित तस्वीरें… बीमार होने पर ग्रामीणों ने कराया था इलाज गाय का इलाज करने वाले जीतू दीक्षित ने बताया कि यह गाय कई सालों से गांव में घूमती थी। गांव के लोग उसे रोज चारा-पानी देते थे। कुछ दिन पहले गाय बीमार हो गई तो ग्रामीणों ने मिलकर उसका करीब 6 से 8 दिनों तक गाय का इलाज कराया। लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी गाय को बचाया न जा सका और उसकी मौत हो गयी। सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार इसके बाद जीतू ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर गाय लावारिस न छोड़कर उसके अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने हिन्दू रीति रिवाज से गाय का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि गाय की आत्मा की शांति के लिए इंसानों की तरह उसकी तेहरवीं भी की जाएगी। मौत के 12 दिन किया तेहरवीं संस्कार वही बुधवार को गाय के मौत के 12 दिन पूरे होने पर जीतू और गांव के लोगों ने गाय के तेहरवीं संस्कार का पूजन रखा। इस पूजन के दौरान जीतू समेत कई गांव वालों ने गाय की आत्म की शांति के लिए पहले शांति हवन किया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। गांव के लोगों के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा और सेवा का भाव देखने को मिला।
सहारनपुर में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा से पूर्व पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार शाम 4 बजे डीआईजी अभिषेक सिंह और एसएसपी अभिनंदन ने जिले के कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने उत्तराखंड सीमा से लेकर हरियाणा बॉर्डर तक पूरे मार्ग का दौरा किया। उन्होंने काली नदी, बड़कला, गागलहेड़ी, राकेश केमिकल, घंटाघर, नकुड़ तिराहा, सरसावा, सरसावा कट, राष्ट्रीय राजमार्ग और हरियाणा सीमा स्थित शाहजहांपुर चौकी जैसे संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की तैनाती, पुलिस पिकेट, पार्किंग स्थल, कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य एवं अग्निशमन सेवाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जहां भी सुधार की आवश्यकता पाई गई, संबंधित विभागों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि निरीक्षण उत्तराखंड सीमा से शुरू किया गया, जहां से कांवड़िये हरिद्वार से जिले में प्रवेश करते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत या अन्य सिविल कार्य जिन स्थानों पर चल रहे हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक डायवर्जन की योजना को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है, ताकि यात्रा के दौरान आमजन और कांवड़ियों को न्यूनतम असुविधा हो। डीआईजी ने यह भी बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। डीजे संचालकों और आयोजन समितियों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। पुलिस का प्रयास है कि पूरी कांवड़ यात्रा बिना किसी अप्रिय घटना या दुर्घटना के संपन्न हो। इस निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, सीओ सदर और यातायात प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
डीडवाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने स्थापना दिवस के अवसर पर जनजागरूकता एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन को जागरूक किया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का संदेश देते हुए लोगों से बिना किसी भय के रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। साथ ही एसीबी की कार्यप्रणाली, शिकायत प्रक्रिया और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ जनभागीदारी पर जोर कार्यक्रम एसीबी राजस्थान के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन तथा एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस नारायण टोगस के पर्यवेक्षण में आयोजित हुआ। इस दौरान जागरूकता पोस्टर जारी किया गया और आमजन, व्यापारियों, किसानों व विद्यार्थियों के बीच भ्रष्टाचार विरोधी पंपलेट वितरित किए गए, ताकि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित हों। बिना डर करें शिकायत, पहचान रहेगी गोपनीय एसीबी डीडवाना-कुचामन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि स्थापना दिवस का उद्देश्य केवल विभाग की स्थापना का स्मरण करना नहीं, बल्कि समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब आमजन बिना किसी भय के शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति रिश्वत मांगता है अथवा भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। एसीबी की कार्यप्रणाली और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी कार्यक्रम में मौजूद लोगों को एसीबी के अधिकार, कार्यप्रणाली और विभिन्न कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें आय से अधिक संपत्ति, पद के दुरुपयोग, ट्रैप कार्रवाई और आकस्मिक जांच (सरप्राइज चेकिंग) जैसी कार्रवाईयों से अवगत कराया गया। साथ ही शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई गई। हेल्पलाइन नंबर किए साझा भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए एसीबी के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064, व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 तथा एसीबी चौकी डीडवाना-कुचामन के दूरभाष नंबर 01580-220033 की जानकारी भी आमजन के साथ साझा की गई। बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार शर्मा के साथ एसीबी स्टाफ के कानाराम, राजेन्द्र झुरियां, रमेश कुमार, बीरबल और राजूराम सहित बड़ी संख्या में आमजन, किसान, दुकानदार, व्यापारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। समाज की साझा जिम्मेदारी का संदेश कार्यक्रम के समापन पर एसीबी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल एजेंसी की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। आमजन की एक सूचना भी भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई का आधार बन सकती है।
बदायूं में युवक की मौत के बाद बवाल, आगजनी:पुलिस ने 5 नामजद समेत 50 अज्ञात पर दर्ज किया केस
बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद हुए हंगामे और आगजनी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। नाधा चौकी के सामने हुए इस बवाल में पांच लोगों को नामजद करते हुए 40-50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना मंगलवार को हुई थी। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 4:45 बजे मृतक हरिओम के शव को सहसवान-नाधा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया गया। इस कारण मुख्य मार्ग लगभग छह घंटे तक बाधित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। एफआईआर में बताया गया है कि भीड़ में शामिल लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिसकर्मियों को धमकाया। उन्होंने सड़क से हटने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि मनु सिंह, आकाश उर्फ राकेश, विकास, सचिन और अमित ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पेट्रोल से भरी बोतलें मंगवाईं। इसके बाद पुलिस टीम पर पथराव किया गया और चौकी गेट की ओर पेट्रोल फेंका गया, जिससे गेट में आग लग गई। आकाश उर्फ राकेश ने खुद पर भी पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया। भीड़ में से कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से लोहे की रॉड और डंडे निकालकर लाए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान चौकी में रखी मेज, कुर्सियां और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। एक सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचा। देर रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने आखिरकार जाम समाप्त कराकर यातायात को बहाल कराया। यह रिपोर्ट थाने में तैनात उपनिरीक्षक सेहरपाल मलिक ने दर्ज कराई है। इसमें मनु सिंह पुत्र बिजेंद्र सिंह (ग्राम गुरेर, थाना मैनाठेर, मुरादाबाद), आकाश उर्फ राकेश पुत्र विपिन (ग्राम रसूलपुर, थाना हयातनगर, संभल), विकास पुत्र धर्मपाल सिंह (ग्राम सुनवरी, थाना मैनाठेर, मुरादाबाद), सचिन पुत्र रमेश (थाना इस्लामनगर, बदायूं) और अमित पुत्र बाली सिंह (ग्राम माधवपुर, थाना गुन्नौर, संभल) सहित 40-50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की तलाशी के दौरान दो प्लास्टिक की बोतलों में भरा पेट्रोल, एक लोहे की रॉड और एक डंडा बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क जाम कर आमजन की आवाजाही रोकने, पुलिस पर हमला करने, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में जेल भेज दिया है।
बिजली विभाग की नीतियों के खिलाफ विरोध:मुख्यमंत्री से की बिजली दरों और नियमों में बदलाव की मांग
शामली में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश ने बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक मांगपत्र जिलाधिकारी शामली के माध्यम से सौंपा है। संगठन का आरोप है कि बिजली विभाग के नए नियम और बढ़ी हुई दरें व्यापारी, उद्योगपति तथा आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डाल रही हैं, जिससे प्रदेश का व्यापार और उद्योग प्रभावित हो रहा है। मांगपत्र में संगठन ने दो किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन पर मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5,300 रुपये किए जाने के निर्णय को अनुचित बताया। उन्होंने इस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की है, ताकि आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के बढ़ा दिया गया है। उनका कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को अधिक लोड की आवश्यकता होती है, तो वह स्वयं आवेदन करता है। ऐसे में एकतरफा लोड बढ़ाना अनुचित है और उन्होंने सभी उपभोक्ताओं का लोड पूर्व स्थिति में बहाल करने की मांग की। करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा संगठन ने बढ़े हुए लोड के आधार पर अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली पर भी आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। व्यापारियों का तर्क है कि यह अधिभार हर वर्ग के उपभोक्ता के मासिक बजट को प्रभावित कर रहा है। संगठन ने प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इससे उद्योग-धंधे और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापार हित को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा थाना क्षेत्र के बामोरीताल गांव में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 20 लाख रुपए की चोरी की वारदात सामने आई है। चोरों ने माता मंदिर मोहल्ला निवासी महेंद्र सिंह रघुवंशी के घर को निशाना बनाया। बदमाशों ने पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश किया और एक कमरे का ताला तोड़ दिया। चोर करीब 11 से 12 तोला सोने के आभूषण, 2 लाख रुपए नकद और छह पंचम जहाज चांदी के सिक्के सहित अन्य कीमती सामान ले गए। वारदात के समय परिवार के सदस्य घर के अन्य कमरों में सो रहे थे और उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। देखिए दो तस्वीरें… चोरी का पता सुबह लगा सुबह जब परिवार जागा, तो उन्हें कमरे का ताला टूटा और सामान बिखरा मिला, जिसके बाद चोरी का पता चला। महेंद्र सिंह ने तुरंत शाढ़ौरा थाने में घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुनील सिकरवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में आसपास घेराबंदी की गई है। गांव में इतनी बड़ी चोरी की घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।
सवाई माधोपुर के दुब्बी बनास क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालातों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय सेना, SDRF, सिविल डिफेंस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त मॉक ड्रिल की। इसमें जयपुर स्थित भारतीय सेना की इकाइयां भी शामिल हुई। अभ्यास के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, आपातकालीन प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के समग्र प्रभारी मेजर अंकित रहे। पुलिस व्यवस्थाओं एवं समन्वय की जिम्मेदारी एएसपी एवं उप कमांडेंट SDRF जयपुर नरेश शर्मा ने संभाली। SDRF दल का नेतृत्व एसआई पुष्पेंद्र सिंह ने किया, जबकि पुलिस बल के कंपनी कमांडर के रूप में एसआई ओम प्रकाश ने अपनी भूमिका निभाई। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को और अधिक मजबूत बनाना, बचाव एवं राहत कार्यों की दक्षता बढ़ाना और बाढ़ जैसी किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। इस संयुक्त मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी दलों ने अपनी तैयारियों का व्यावहारिक परीक्षण किया।
जयपुर में आईनॉक्स-पीवीआर मल्टीप्लेक्स में देर रात फिल्म 'धमाल' की स्क्रीनिंग बीच में अचानक बंद हो गई। काफी देर तक तकनीकी समस्या दूर नहीं होने पर दर्शकों ने मल्टीप्लेक्स प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थिति बिगड़ती देख प्रबंधन को सभी दर्शकों की टिकट राशि वापस करनी पड़ी। मामला मालवीय नगर स्थित जीटी्रल मॉल का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फिल्म सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक स्क्रीनिंग रुक गई। पहले दर्शकों को कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा गया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी फिल्म दोबारा शुरू नहीं हो सकी। इससे दर्शकों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मल्टीप्लेक्स प्रबंधन से जवाब मांगा। दर्शकों का कहना था कि वे परिवार और दोस्तों के साथ फिल्म देखने पहुँचे थे, लेकिन तकनीकी खामी के कारण पूरा अनुभव खराब हो गया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि मल्टीप्लेक्स में तकनीकी व्यवस्थाएँ सुचारु नहीं हैं तो दर्शकों को बार-बार परेशानी क्यों उठानी पड़ रही है। अब देखिए, PHOTOS… दर्शक बोले- यहां छत से पानी टपकने जैसी समस्याएं आम हैं विरोध बढ़ने पर आईनॉक्स-पीवीआर प्रबंधन ने सभी दर्शकों को टिकट की पूरी राशि रिफंड कर दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ और लोग वापस लौटे। हालांकि, यहां फिल्म देखने आने वाले नियमित दर्शकों का कहना है कि जीटी सेंट्रल स्थित इस मल्टीप्लेक्स में ऐसी तकनीकी समस्याएँ नई नहीं हैं। पहले भी यहाँ कई बार तकनीकी खराबी के कारण फिल्में बीच में रोकनी पड़ी हैं। इतना ही नहीं, बारिश के मौसम में सिनेमाघर की छत से पानी टपकने की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन अक्सर तकनीकी कारणों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेता है। महंगे टिकट के बावजूद खराब सर्विस से नाराजगी दर्शकों का कहना है कि मल्टीप्लेक्स जैसी प्रीमियम सुविधा के लिए टिकट की बहुत ऊंची कीमत वसूली जाती है, ऐसे में बेहतर तकनीकी व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएँ मिलना उनका हक है। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएँ सिनेमाघर के दावों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इस पूरे मामले और दर्शकों की शिकायतों को लेकर जब आईनॉक्स-पीवीआर के क्लस्टर हेड अविनाश धर से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया (जवाब) प्राप्त नहीं हो सकी।
CCTV की मदद से पकड़े गए ई-रिक्शा चोर:मेरठ में चोरी की ई-रिक्शा बरामद, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
मेरठ में लगातार सामने आ रहे ई-रिक्शा चोरी के मामलों के बीच लालकुर्ती पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चेकिंग अभियान की मदद से चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से चोरी किया गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई को पीएल शर्मा रोड निवासी मुकेश सोनकर ने आरोग्य हॉस्पिटल के सामने नाला रोड से अपना ई-रिक्शा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर लालकुर्ती थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने इंडियाना बार से पहले तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आमिर (20) और अरबाज (19) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों लिसाड़ी गेट क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किया गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों आरोपी की पहले भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात सामने आई है। उनसे अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी कैंट और थाना प्रभारी लालकुर्ती के नेतृत्व में की गई।
रायपुर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां महाप्रभु के रथ के मार्ग की सफाई साधारण झाड़ू से नहीं, बल्कि करीब सवा किलो वजनी 2 सोने की झाड़ुओं से की जाती है। ये दोनों झाड़ू पूरे साल तिजोरी में सुरक्षित रखी जाती हैं और केवल रथयात्रा के दिन ही बाहर निकाली जाती हैं। एक झाड़ू राज्यपाल और दूसरी मुख्यमंत्री के हाथ में होती है। दोनों महाप्रभु के रथ के आगे झाड़ू लगाकर पुरी की सदियों पुरानी 'छेरापहरा' परंपरा निभाते हैं। रायपुर के अवंति विहार-गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में साल 2003 से पुरी धाम की तर्ज पर रथयात्रा निकाली जा रही है। यहां रथयात्रा से पहले होने वाली छेरापहरा की रस्म सबसे बड़ा आकर्षण मानी जाती है। देखिए पहले ये तस्वीरें- दो सोने की झाडू मंदिर समिति के अध्यक्ष और विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि पुरी में गजपति महाराज जिस तरह सोने की झाड़ू से महाप्रभु के रथ का मार्ग साफ करते हैं, उसी परंपरा का पालन रायपुर में भी किया जाता है। यहां राजा की भूमिका में राज्यपाल और मुख्यमंत्री यह अनुष्ठान करते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के पास दो सोने की झाड़ू हैं, जिनका वजन करीब सवा किलो है। रथयात्रा के दौरान इन्हीं झाड़ुओं से महाप्रभु के मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की जाती है। ओडिशा के कलाकारों ने संवारी रथ और मंदिर की भव्यता रथयात्रा की तैयारियों के तहत इस बार भी ओडिशा से आए कलाकार गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पारंपरिक शैली की पेंटिंग और आकर्षक सजावट कर रहे हैं। मंदिर की दीवारों, प्रवेश द्वार और रथों को पुरी की तर्ज पर रंग-बिरंगे धार्मिक चित्रों और पारंपरिक अलंकरण से सजाया जा रहा है। वहीं महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा-अर्चना और रथयात्रा के सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से पुजारियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि रायपुर में भी श्रद्धालुओं को पुरी जैसी आध्यात्मिक अनुभूति मिल सके। 500 साल पुराना टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में शामिल है। करीब 500 साल पुराने इस मंदिर को पहले 'साहूकार मंदिर' के नाम से जाना जाता था। भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा स्थापित होने के बाद धीरे-धीरे इसकी पहचान जगन्नाथ मंदिर के रूप में बनी। मंदिर का निर्माण अग्रवाल परिवार ने कराया था। अंग्रेजों के शासनकाल में एक अग्रवाल साहूकार ने मंदिर का विस्तार और सौंदर्यीकरण कराया। इसी वजह से लंबे समय तक इसे साहूकार मंदिर कहा जाता रहा। समय के साथ यहां भगवान जगन्नाथ की आराधना शुरू हुई और मंदिर की पहचान बदल गई। एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के अलावा श्रीराम दरबार, दो शिव मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गरुड़ मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर भी स्थापित हैं। इसी कारण यह मंदिर सालभर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।
बस्ती में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने बुधवार दोपहर 12 बजे बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में हुआ। बड़ी संख्या में व्यापारी राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला, जो गांधीनगर होते हुए झंडा तिराहा पहुंचा। इसके बाद व्यापारी पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नीतियां लाखों उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर जनहित में राहत प्रदान करने की मांग की। मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह, मंडल महामंत्री रत्नाकर श्रीवास्तव और संगठन महामंत्री किशन सिंह ने प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने 47 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़ाए गए विद्युत लोड के निर्णय को वापस लेने की मांग की। साथ ही, बिजली मीटर की कीमत 700 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये किए जाने के फैसले को भी रद्द करने की मांग की गई। अन्य मांगों में बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को समाप्त करना और उपभोक्ताओं से ली जा रही अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि की वसूली तत्काल रोकने की मांग शामिल थी। जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। इस प्रदर्शन में जिला महामंत्री आलोक दुबे, भारत राम 'बबलू' अग्रहरी, नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप, कमलेश चौधरी, कुलदीप श्रीवास्तव, वंदना वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, व्यापारी और नागरिक मौजूद रहे।
उमरिया लोक सेवा केंद्र में घुसा 5 फीट का अजगर:वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा
उमरिया जिला मुख्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब लगभग 5 फीट लंबा एक अजगर कार्यालय के अंदर घुस गया। अजगर को देखते ही कर्मचारियों में दहशत फैल गई और वे सुरक्षित दूरी पर चले गए। बारिश के मौसम में सुरक्षित ठिकाने की तलाश में यह वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। विभाग ने सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ वनरक्षक गुलाब बैगा को बुलाया। गुलाब बैगा ने अजगर की गतिविधियों पर नजर रखते हुए करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद अजगर को वन क्षेत्र में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया गया। वनरक्षक गुलाब बैगा ने बुधवार को बताया कि अजगर सामान्यतः शांत स्वभाव का होता है, लेकिन उसका रेस्क्यू केवल प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ही किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर, कार्यालय या आसपास सांप या अजगर दिखाई देने पर घबराएं नहीं। स्वयं पकड़ने का प्रयास करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
गिरिडीह के पचंबा-जमुआ मुख्य मार्ग पर पथलनावाडीह के पास बुधवार को हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान पचंबा थाना क्षेत्र के हरिचक निवासी 27 वर्षीय प्रभात स्वर्णकार के रूप में हुई है। प्रभात की स्कूटी सामने एक टेंपो को पलटते देख ब्रेक लगाने के कारण अनियंत्रित होकर गिर गई थी।जानकारी के अनुसार, प्रभात स्वर्णकार बुधवार को अपनी स्कूटी से हरिचक स्थित अपने घर से राजधनवार जा रहे थे। पथलनावाडीह के पास उनके आगे चल रहा एक टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। टेंपो को पलटते देख प्रभात ने खुद को बचाने के लिए स्कूटी में अचानक ब्रेक लगाया। तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने के कारण स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इस हादसे में प्रभात के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए। गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद प्रभात को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। बताया गया है कि प्रभात स्वर्णकार की शादी महज आठ माह पहले ही हुई थी। उनकी असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। इधर, परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शव को बिना पोस्टमॉर्टम कराए परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे वे अपने घर ले गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर हादसा, 1 युवक की मौत:2 की हालत गंभीर, 30 किमी तक नहीं मिली एम्बुलेंस
सिरोही सदर थाना क्षेत्र के राजपुरा गांव के सामने ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर बुधवार दोपहर एक तेज रफ्तार बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार पिंडवाड़ा की तरफ से सिरोही आ रही तेज रफ्तार बाइक कई वाहनों को ओवरटेक करती हुई आगे बढ़ रही थी। अचानक बाइक फिसलकर दूर जा गिरी, जिससे यह हादसा हुआ।हादसे में घायल हुए 2 युवकों में से एक की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना पर सिरोही सदर थाने के सहायक उप निरीक्षक नरपत सिंह दल सहित ट्रॉमा सेंटर और फिर घटनास्थल पर पहुंचे। गुजरात की एम्बुलेंस ने पहुंचाया अस्पतालदुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में एक समस्या सामने आई। घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कोई भी 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी, क्योंकि 3 एम्बुलेंस उदयपुर मरीज लेकर रवाना हो चुकी थीं। ऐसे में दिल्ली से वापस लौट रही गुजरात की एक एम्बुलेंस ने तीनों घायलों को सिरोही जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में 10 से ज्यादा डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनका इलाज शुरू किया।
शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र के हनुमानखेड़ा गांव की रहने वाली खिलन लोधी ने अपने देवर समेत करीब 25 लोगों पर पति की हत्या के प्रयास, खेत पर कब्जा करने, मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए महिला ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है। महिला के अनुसार, 12 जुलाई की शाम करीब 5 बजे उनके पति वालकिशन लोधी घर के बाहर बैठे थे। तभी देवर रामनिवास लोधी, प्रताप लोधी, जयकुमार और राजन सिंह सहित अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रेशम की रस्सी से वालकिशन के गले में फंदा डालकर उनकी हत्या करने का प्रयास किया। शोर सुनकर महिला और उनका भांजा अरविंद मौके पर पहुंचे और किसी तरह फंदा हटाकर उन्हें बचाया। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और पुलिस में शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। खेत पर कब्जे का भी आरोप पीड़िता ने बताया कि 13 जुलाई को आरोपी ट्रैक्टर लेकर उनके खेत पर पहुंचे और जबरन जुताई कर कब्जा करने का प्रयास किया। इसकी शिकायत भी खनियाधाना थाने में की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला का आरोप है कि उसी दिन शाम करीब 4 बजे आरोपी पक्ष के लगभग 25 लोग उनके घर पहुंच गए। उन्होंने घर को चारों ओर से घेरकर पथराव किया और जीप, मोटरसाइकिल, टीनशेड तथा मकान में तोड़फोड़ की। आरोप है कि इसके बाद आरोपी घर में घुस गए और मारपीट करते हुए सोने का मंगलसूत्र, चांदी की करधनी, बिछिया, दो हजार रुपए नकद सहित गृहस्थी का अन्य सामान लेकर चले गए। गले पर अब भी हैं फंदे के निशान महिला का कहना है कि उनके पति के गले पर फंदे के निशान अभी भी मौजूद हैं। आरोपियों के डर से परिवार अपने घर और खेत पर जाने से भी डर रहा है। उन्होंने एसपी से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, पति का मेडिकल परीक्षण कराने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। खनियाधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से एनसीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी।
भीलवाड़ा में जिला निजी स्कूल संघर्ष समिति के बैनर तले आज बुधवार को जिले के लगभग सभी प्राइवेट स्कूल बंद रहे। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने राज्य सरकार की कथित दमनकारी नीतियों और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) पुनर्भुगतान से जुड़ी समस्याओं के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन किया। इस दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को 13-सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि आगामी 10 दिनों में इन जायज़ मांगों का सकारात्मक निस्तारण नहीं किया गया, तो राजस्थान के सभी निजी स्कूल एक बड़े और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। संघर्ष समिति की मुख्य मांगों में शिक्षा संबलन निरीक्षण व्यवस्था को तुरंत निरस्त करना, आरटीई के तहत सत्र 2018 से 2021 (कोविड काल सहित) के बकाए भुगतानों को बिना किसी शर्त जारी करना और आरटीई यूनिट कॉस्ट में हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि करना शामिल है। इसके अलावा, स्कूलों ने बार-बार होने वाले औचक निरीक्षणों के नाम पर हो रही प्रताड़ना को बंद करने और प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान को तुरंत शुरू करने की मांग भी उठाई है। 24 और 48 बिंदुओं पर जांच करना गलतप्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज हम सभी प्राइवेट स्कूलों के संचालक यहां इकट्ठा हुए हैं, पूरे राजस्थान में हमारा अभियान चल रहा है। इसी के तहत आज पूरे भीलवाड़ा जिले में सभी प्राइवेट स्कूल बंद हैं। सरकार ने 'राज संबलन' ऐप निकाला है, जिसमें प्राइवेट स्कूलों की 24 और 48 बिंदुओं पर जांच होगी, जो सही नहीं है। प्राइवेट स्कूलों और सरकारी स्कूलों, दोनों की जांच के बिंदु अलग-अलग हैं। प्राइवेट स्कूलों पर अतिरिक्त जांच थोपी जा रही है, हम इस अतिरिक्त जांच का विरोध कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि जिस प्रकार सरकारी स्कूलों की नीति (पॉलिसी) है, उसी नीति के तहत प्राइवेट स्कूल भी चलें। जब शिक्षा और शिक्षा प्रणाली (एजुकेशन सिस्टम) पूरे भारत में एक है, तो भारत में प्राइवेट और सरकारी दोनों के लिए अलग-अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं? समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करेंगेउन्होंने आगे कहा कि दूसरा मामला आरटीई से जुड़ा है। जो कानून विधानसभा और लोकसभा में पारित हुआ, उसमें अधिकारी छेड़छाड़ करके अनैतिक रूप से हम प्राइवेट स्कूलों पर दबाव बना रहे हैं, जो कि गलत है। पहले आरटीई और पाठ्यपुस्तकों का भुगतान सरकार करती थी, अब सरकार कह रही है कि यह भुगतान आप (स्कूल संचालक) करेंगे, जो कि गलत है। पहले किस कानून के आधार पर भुगतान किया जा रहा था और अब किस कानून के आधार पर हमें भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है? यह नियमों में स्पष्ट विरोधाभास है। इसी तरह के कुल 13 बिंदुओं को लेकर आज हम प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए हैं। आज ज्ञापन देकर 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है, यदि समाधान नहीं हुआ तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। इनकी रही मौजूदगीइस दौरान राजस्थान प्राइवेट एजुकेशन महासंघ के अध्यक्ष पंकज प्रजापत, एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष राजीव जैन और भीलवाड़ा जिला निजी शिक्षण संस्थान के जिलाध्यक्ष अर्जुन देवलिया सहित कई शिक्षाविद् और स्कूल संचालक उपस्थित रहे।
जिले के गंगवा गांव स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। सीवरेज टैंक में ब्लॉक पाइपलाइन को ठीक करने उतरे दो मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए। दम घुटने से 22 वर्षीय मजदूर मोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। सोनू को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि प्लांट में पानी की सप्लाई अचानक बाधित हो गई थी। समस्या की जांच करने के लिए गंगवा निवासी मोनू और सोनू टैंक के अंदर उतरे थे। दोनों ने लोहे की रॉड की मदद से सीवरेज पाइपलाइन में फंसी गंदगी को साफ करने का प्रयास किया। जैसे ही ब्लॉक पाइपलाइन खुली, पानी का बहाव तो शुरू हो गया, लेकिन उसके साथ ही टैंक में सालों से जमा जहरीली गैस का भभका उठा। गैस की चपेट में आते ही दोनों मजदूर बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। परिजनों का फूटा गुस्सा, बोले- 'जिम्मेदारों को जेल भेजो' वहीं घटना के बाद मृतक मोनू के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुस्साए परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों की मांग है कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी हो। पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा शव सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मोनू के शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया, कि परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना सुरक्षा मानक एसटीपी में उतारा इस हादसे ने एक बार फिर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर किया है। नियमानुसार सीवरेज टैंक में उतरने से पहले मजदूरों के पास गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट होना अनिवार्य है। लेकिन दोनों मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नीचे उतार दिया गया। टैंक खोलने से पहले उसमें टॉक्सिक गैस डिटेक्टर से जांच नहीं की गई कि अंदर मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड का स्तर क्या है।
प्रतापगढ़: राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और आम नागरिकों को आसानी से श्रमिक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम विभाग के माध्यम से 'श्रम सेतु' और 'लेबर चौक' एप की शुरुआत की है। श्रम विभाग के निर्देशों के तहत, श्रम निरीक्षक गोपाल मीणा के कुशल निर्देशन में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य श्रमिकों को इन मोबाइल एप्लीकेशंस पर पंजीकरण कराने और उनके फायदों के बारे में जागरूक करना है। श्रम निरीक्षक गोपाल मीणा ने बताया कि इन दोनों मोबाइल एप्स का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, दैनिक वेतन भोगी मजदूरों और कारीगरों को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इससे श्रमिकों को कार्यालय या ई-मित्र के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इन एप्स के माध्यम से श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाएगा। उन्हें सीधा रोजगार, सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ, उचित मजदूरी की गारंटी और कौशल विकास के अवसर जैसे प्रमुख फायदे मिलेंगे।
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर सीमा पर सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के एक डंप का भंडाफोड़ किया है। सर्चिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, आईईडी और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। मौके पर विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई हेटारकसा, पल्लाहूर और जपमारका गांवों के बीच जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए सर्चिंग अभियान के दौरान की गई। बीएसएफ, डीआरजी और बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड) की संयुक्त टीम ने अभियान को अंजाम दिया। हथियार और विस्फोटक बरामद सुरक्षा बलों ने डंप से एक .303 रायफल (मैगजीन सहित), एक बीजीएल लॉन्चर, .303 रायफल के 4 राउंड, AK-47 के 30 राउंड, एसएलआर के 4 राउंड और बीजीएल के 10 सेल बरामद किए। इसके अलावा करीब 3 किलोग्राम का टिफिन आईईडी और दो पाइप बम भी मिले। बीडीएस टीम ने मौके पर किया निष्क्रिय सुरक्षा की दृष्टि से बीडीएस टीम ने मौके पर ही टिफिन आईईडी, पाइप बम और बीजीएल सेल को निष्क्रिय कर सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। नक्सल उन्मूलन अभियान जारी अधिकारियों के निर्देश पर संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने कहा कि क्षेत्र में सर्चिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
महेंद्रगढ़ पुलिस के साइबर थाना नारनौल ने शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर ₹8.25 लाख की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुनील मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित बेरछा का निवासी है। पुलिस ने उसे गहन तकनीकी अनुसंधान के बाद पकड़ा। आरोपी सुनील को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कनीना के गांव ककराला निवासी हेमंत कुमार की शिकायत पर हुई, जो पेशे से एक प्राइवेट अध्यापक हैं। हेमंत ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया था। आरोपी ने बताया खुद को एक कंपनी का अधिकारी कॉल करने वाले ने खुद को ग्रो मोर इनवेस्टमेंट रिसर्च एवं डवलपमेंट कंपनी और एनएसई पोर्टफोलियो ट्रेकर से संबंधित बताया। पीड़ित को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के जरिए रोजाना भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। शुरुआत में पीड़ित ने कुछ राशि निवेश की, जिसके बाद फर्जी पोर्टफोलियो पर फर्जी लाभ दिखाकर उसका विश्वास जीता गया। इसके बाद, पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 8 लाख 25 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। जब हेमंत कुमार ने अपनी मूल राशि और लाभांश वापस मांगा, तो आरोपियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना नारनौल में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद आरोपी सुनील को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की आम जनता से अपील- इन्वेस्टमेंट स्कीम में पैसा न लगाएं महेंद्रगढ़ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के फोन कॉल या व्हाट्सएप संदेश पर विश्वास न करें और अनजान ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या इन्वेस्टमेंट स्कीम में पैसा न लगाएं। पुलिस ने अत्यधिक और अवास्तविक मुनाफे के लालच में आकर अपनी निजी व वित्तीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी है। किसी भी साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
इंदौर की सराफा पुलिस ने लाखों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक फ्रूट व्यापारी के मोबाइल पर पेटीएम सस्पेंड होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने ऐप अपडेट किया तो उनका अकाउंट हैक हो गया और करीब 3.92 लाख रुपए निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोटिफिकेशन में बताया पेटीएम सस्पेंड सराफा पुलिस के अनुसार, विद्याचल कॉलोनी निवासी कल्पेश जैन की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कल्पेश ने बताया कि वे हुकुमचंद मार्ग पर फ्रूट का कारोबार करते हैं। 2 जून को उनके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन आया, जिसमें पेटीएम सस्पेंड होने की जानकारी दी गई थी। इसके कुछ देर बाद दूसरा नोटिफिकेशन आया, जिसमें पेटीएम अपडेट करने का विकल्प था। उन्होंने ऐप अपडेट किया, जिसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। दोबारा चालू करने पर पेटीएम ऐप नहीं खुला। पेमेंट किया तो पता चला लिमिट खत्म 5 जून को उन्होंने एक ग्राहक को पेमेंट करने की कोशिश की तो पता चला कि ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त हो चुकी है। बैंक जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि 2 जून से 5 जून के बीच उनके अकाउंट से आधा दर्जन से अधिक ट्रांजेक्शन के जरिए 3 लाख 92 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद सराफा पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिरोही में मासूम नगर कॉलोनी, आदर्श नगर लिंक रोड और मल्लेश्वर कॉलोनी क्षेत्र में सार्वजनिक मार्गों पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। इससे नाराज कॉलोनीवासियों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 25 जुलाई से नगर परिषद कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कॉलोनी निवासी एवं समाजसेवी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने बताया कि मासूम नगर कॉलोनी तक पहुंचने के 2 सार्वजनिक मार्ग हैं। पहला मार्ग मेघवाल समाज श्मशान (कब्रिस्तान रोड) के पास से गुजरता है, जबकि दूसरा मल्लेश्वर कॉलोनी (आदर्श नगर लिंक रोड) से होकर जाता है। राव के अनुसार श्मशान के पास सरकारी भूमि पर मंदिर के नाम पर अतिक्रमण कर रास्ता चार-पांच फीट का रह गया है। यह रास्ता बबूल की झाड़ियों और कीचड़ से भरा रहता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल है। पत्थर, झाड़िया डालकर रास्ता बंद कियामल्लेश्वर कॉलोनी से जाने वाले मार्ग पर भी पत्थर और कांटेदार झाड़ियां डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है। आरोप है कि वृक्षारोपण के नाम पर भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। इन अवरोधों के कारण कॉलोनीवासियों, निर्माण सामग्री वाहनों और अन्य आवश्यक सेवाओं का आवागमन बाधित हो रहा है। शिकायतों के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुईकॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि पिछले करीब 2 साल से जिला प्रशासन, नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों को लगातार ज्ञापन और शिकायतें दी जा रही हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस स्थिति से भविष्य में चिकित्सा आपातकाल, अग्निकांड या अन्य आकस्मिक स्थितियों में एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों के समय पर नहीं पहुंच पाने का गंभीर खतरा बना हुआ है। खुद अतिक्रमण हटाने की सलाह दी गईकॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि जब वे अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करने पहुंचे तो उन्हें खुद अतिक्रमण हटाने जैसी सलाह दी गई, जबकि पुलिस की ओर से भी किसी विवाद या मुकदमा दर्ज होने के बाद ही कार्रवाई करने की बात कही गई। इससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ गई है। कॉलोनीवासियों ने जिला कलेक्टर, नगर परिषद प्रशासक एवं आयुक्त से मांग की है कि सभी सार्वजनिक मार्गों से तत्काल अतिक्रमण हटाकर स्वीकृत रास्तों को बहाल किया जाए तथा भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए स्थायी कानूनी एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 25 से धरना-प्रदर्शन की चेतावनीस्थानीय लोगों ने राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, क्षेत्रीय सांसद लुम्बाराम चौधरी और जिला प्रशासन से नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण हटाने और अवरुद्ध सार्वजनिक मार्गों को खुलवाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। यदि निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो 25 जुलाई से नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व गोपाल सिंह राव पोसालिया करेंगे। उनके साथ आलोक बर्मन, खेताराम परमार, हिम्मताराम राठौड़, राजेन्द्र पटेल, लक्ष्मण मीणा, नरेन्द्र शर्मा, प्रेम शर्मा, गणपत लाल, ओबाराम, योगेश आड़ा, रमेश सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी धरने में शामिल होंगे।
भिवानी में एनएसयूआई द्वारा चलाए जा रहे छात्रों की गूंज अभियान के अंतर्गत जिला अध्यक्ष मंजीत लांग्यांन की अध्यक्षता में जिलेभर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में 17 जुलाई को हरियाणा के जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया कि अभियान के दौरान भिवानी जिले के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों से प्राप्त सुझावों, शिकायतों एवं मांगों को संकलित कर तैयार किया। ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने का प्रयास किया जाएगा। मंजीत लांग्यान ने कहा कि इसको लेकर डीसी, एडीसी तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर नियमानुसार आवश्यक अनुमति एवं प्रशासनिक सहयोग का अनुरोध किया है। पत्र में अनुरोध किया है कि यदि सुरक्षा अथवा प्रशासनिक कारणों से प्रत्यक्ष रूप से ज्ञापन सौंपना संभव न हो, तो उक्त ज्ञापन को विधिवत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह रखी जाएंगी मुख्य मांगे-2026 NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक एवं अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष, समयबद्ध एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।-राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः सुरक्षित, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित पेपर लीक फ्री एग्जामिनेशन सिस्टम लागू किया जाए।-परीक्षा प्रणाली में हुई गंभीर प्रशासनिक विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए।-हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET-2026) में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए।-जिले के अनुसूचित जाति (SC) एवं पिछड़ा वर्ग (BC) के पात्र UG एवं PG विद्यार्थियों की वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान किया जाए तथा छात्रवृत्ति वितरण के लिए समयबद्ध एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।-राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए छात्र शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित की जाए।-जिले के सरकारी शिक्षण संस्थानों में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएं तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार लागू किए जाएं। पीएम मोदी तक विद्यार्थियों की आवाज पहुंचाना उद्देश्यमंजीत लांग्यांन ने कहा कि छात्रों की गूंज अभियान किसी एक संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं को देश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचाने का माध्यम है। उनका उद्देश्य पूर्णतः लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विद्यार्थियों की आवाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना है। इसलिए हमने प्रशासन से आवश्यक अनुमति एवं सहयोग का अनुरोध किया है।

