राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल के सिस्टम की खामी मरीज की पीड़ा को अधिक पीड़ादायक बना रही है। तकनीकी खामी के कारण राजस्थान के मरीज को बाहरी राज्य का बताकर उससे इलाज, जांच के लिए रुपए मांगे गए। वहीं शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। जयपुर के SMS अस्पताल में डीग की एक मरीज को बाहरी बताकर उसके इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन पर्ची से लेकर जांच के रुपए लिए गए। इसके बाद शिकायत के लिए घूमते-घूमते समय निकलने से जांच नहीं हो सकी। दरअसल डीग जिले की रहने वाली महिला जड़ावो (58) गठिया समेत अन्य बीमारी का इलाज करवाने 10 मई की शाम को जयपुर पहुंची। हॉस्पिटल परिसर में रातभर बाहर सड़क पर बेटे केदार के साथ रही। हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सोमवार सुबह लाइन में लगे। पर्ची बनवाई तो काउंटर पर उन्हें राजस्थान के बाहर का नागरिक बताकर रजिस्ट्रेशन के 10 रुपए लिए गए। वहीं बाद में जांच के लिए 11 सौ रुपए मांगे गए। केदार ने कहा- मैंने अपना आधार और जनआधार कार्ड दोनों कम्प्यूटर ऑपरेटर को दिखाए और खुद को डीग जिले का बताया। इसके बाद भी ऑपरेटर ने तकनीकी सिस्टम का हवाला देकर बाहरी नागरिक की पर्ची बनाकर दे दी। घंटो लाइन में लगी, लेकिन जांच नहीं करवा सकी केदार ने कहा- पर्ची बनवाने के बाद मां और मैं दोनों रूमेटेलॉजी डिपार्टमेंट की ओपीडी में 2 से 3 घंटे लाइन में लगे। तब हमारा नंबर आया और डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने देखने के बाद दवाइयां लिखी और कुछ जांच के लिए भी कहा। इसके बाद दवाई लेने काउंटर पर गए तो नहीं मिली। वहां करीब आधा घंटा लाइन में लगे रहे। इसके बाद जब जांच के लिए बिल जनरेट करवाने काउंटर पर पहुंचे तो वहां 1100 रुपए जब मांगे तो मां-बेटे के होश उड़ गए। कलेक्शन सेंटर पर नहीं हुई सुनवाई केदार ने कहा- काफी देर तक बिल काउंटर पर बहस करने के बाद मां और मैं अपनी शिकायत लेकर 61 नंबर ब्लड कलेक्शन सेंटर (जांच के लिए जहां ब्लड सैंपल लेते हैं) वहां पहुंचे। वहां भी हमारी किसी ने नहीं सुनी। आखिरीकार जांच करने का भी समय निकल गया और दोपहर के 3 बज गए। केदार ने कहा- जब जांच नहीं हुई तो मैं अधीक्षक ऑफिस गया और वहां लिखित में शिकायत दी।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शिक्षा विभाग में 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' के तहत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए भावी शिक्षकों और छात्रों को भारत के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक चेतना से रूबरू कराया गया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता डॉ. रत्नर्त्तु मिश्रा ने सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक यात्रा पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल के नजरिए से देखना अधूरा होगा। यह मंदिर भारतीय संस्कृति के उस संघर्ष और पुनर्निर्माण का प्रतीक है, जो हमें बार-बार गिरकर संभलना सिखाता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इतिहास को केवल परीक्षा पास करने के लिए न पढ़ें, बल्कि उससे भावनात्मक रूप से जुड़ें और उसके पीछे के वैचारिक संदेश को समझें। शिक्षक केवल सिलेबस न पढ़ाएं, संस्कार भी दें शिक्षा विभाग की अध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि शिक्षक बनने जा रहे छात्रों की जिम्मेदारी आम छात्रों से कहीं ज्यादा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक शिक्षा का पाठ्यक्रम सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक बेहतर शिक्षक वही है जो अपने विद्यार्थियों का सांस्कृतिक और नैतिक विकास भी करे। ऐसे आयोजन भावी शिक्षकों को भारतीय परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का काम करते हैं, ताकि वे कल को समाज को नई दिशा दे सकें। अतीत की स्मृतियां ही वर्तमान की प्रेरणा व्याख्यान के दौरान सोमनाथ मंदिर से जुड़े पौराणिक प्रसंगों और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी दी गई। चर्चा में यह बात निकलकर आई कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर केवल गुजरे हुए कल की यादें नहीं हैं, बल्कि यह वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत हैं। युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना जगाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को जरूरी बताया गया। छात्रों ने लिया सांस्कृतिक विरासत को बचाने का संकल्पकार्यक्रम में न केवल शिक्षकों ने अपनी बात रखी, बल्कि छात्रों ने भी भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे न सिर्फ अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझेंगे, बल्कि समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का भी काम करेंगे। इस अवसर पर डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. प्रिया तिवारी सहित विभाग के अन्य शिक्षक और शोध छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा पारुल और संयोजन सूरज गुप्ता ने किया।
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के निर्वाचन के लिए सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट परिसर स्थित बार काउंसिल भवन में मतगणना शुरू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए इस बार मतगणना का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है। हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी के चेयरपर्सन एवं सेवानिवृत्त जस्टिस जे.आर. मिढा ने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न करवाने के बाद अब मतगणना भी पूरी पारदर्शिता के साथ करवाई जा रही है। यह सम्पूर्ण कार्य सेवानिवृत्त जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की निगरानी एवं चुनाव अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य के निर्देशन में किया जा रहा है। अजमेर सिविल कोर्ट से शुरुआत, रोज शाम 7 बजे तक चलेगी काउंटिंग चुनाव अधिकारी डॉ. सचिन आचार्य ने बताया कि सोमवार दोपहर दो बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू की गई है। सबसे पहले अजमेर सिविल कोर्ट के मतों की गिनती शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि मतगणना अल्फाबेटिकल (वर्णमाला) क्रम में जिलेवार की जाएगी और सबसे पहले प्रथम वरीयता (फर्स्ट प्रिफरेंस) के मत गिने जा रहे हैं। डॉ. आचार्य के अनुसार, मंगलवार से मतगणना प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम करीब 7 बजे तक चलेगी। यूट्यूब पर सीधा प्रसारण, घर बैठे देख सकते हैं प्रत्याशी चुनाव अधिकारी डॉ. आचार्य ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान देश की पहली ऐसी काउंसिल है, जिसने अपनी सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया है। हाल ही में हुई री-पोलिंग के दौरान भी ऑनलाइन वोटर स्लिप जारी की गई थीं। इसी नवाचार को आगे बढ़ाते हुए मतगणना प्रक्रिया को भी काउंसिल के यूट्यूब चैनल पर लाइव कर दिया गया है। इससे प्रत्याशी और अधिवक्ता चाहें तो घर बैठे पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकते हैं, या वे व्यक्तिगत रूप से मतगणना स्थल पर भी आ सकते हैं, जहां सभी के लिए माकूल व्यवस्थाएं की गई हैं। 75 प्रतिशत से अधिक मतदान, 22 अप्रैल को हुए थे चुनाव बार काउंसिल ऑफ राजस्थान में 18 पुरुष एवं 5 महिला अधिवक्ताओं सहित कुल 23 सदस्यों का निर्वाचन होना है। चुनाव अधिकारी के अनुसार प्रदेशभर में कुल 84 हजार 293 अधिवक्ता मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 63 हजार 858 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार कुल मतदान प्रतिशत लगभग 75.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि बार काउंसिल चुनाव के लिए 22 अप्रैल को प्रदेशभर में मतदान कराया गया था। इसके बाद 4 मई को जयपुर हाईकोर्ट, जयपुर सिविल कोर्ट, जोधपुर महानगर कोर्ट तथा श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में पुनर्मतदान (री-पोलिंग) करवाया गया था। अब मतगणना शुरू होने के साथ ही सभी प्रत्याशियों की नजरें चुनाव परिणामों पर टिक गई हैं।
बाराबंकी में एंबुलेंस की टक्कर से दो युवक घायल:दूध सप्लाई देने जा रहे थे, हालत गंभीर
बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक तेज रफ्तार एंबुलेंस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रामनगर थाना क्षेत्र के बिलखिया गांव के पास हुई। परिजनों के अनुसार, दोनों युवक बाइक से दूध लेकर सप्लाई देने जा रहे थे। तभी पीछे से आ रही एंबुलेंस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसे के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि यह दुर्घटना एंबुलेंस चालक की लापरवाही के कारण हुई है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार एंबुलेंस और उसके चालक का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
न्यूजीलैंड से आए तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बैतूल के पश्चिम वन मंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत नांदा का दौरा किया। इस दौरान दल ने नांदा हनी की गुणवत्ता, संग्रहण और प्रसंस्करण व्यवस्था का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने शहद उत्पादन से जुड़े स्थानीय समूहों और वन समिति सदस्यों के कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका का एक सफल मॉडल बताया। ग्राम नांदा स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में एक प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। एसडीओ फॉरेस्ट ध्रुव श्रीवास्तव ने प्रतिनिधिमंडल को नांदा हनी की प्राथमिक प्रसंस्करण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन समिति के सदस्यों को मधुमक्खी पालन और शहद संग्रहण का प्रशिक्षण देकर आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि हनी कलेक्शन सेंटर स्थापित होने से शहद के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां शहद 55 रुपए प्रति किलोग्राम बिकता था, अब उसके दाम बढ़कर 280 रुपए प्रति किलोग्राम हो गए हैं। प्रतिनिधिमंडल को शहद की शुद्धता जांच, नमी परीक्षण, लैब टेस्टिंग, संग्रहण, पैकेजिंग और सहकारी समितियों के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों तक विपणन की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस दौरान दल ने गुणवत्ता नियंत्रण, मिलावट रोकथाम, औषधीय उपयोग और परीक्षण संबंधी व्यवस्थाओं में विशेष रुचि दिखाई। सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा न्यूजीलैंड की उन्नत एपिकल्चर तकनीकों और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ने प्राथमिक प्रोसेसिंग सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने कच्चे माल के संग्रहण से लेकर लैब टेस्टिंग, अर्ध-स्वचालित मशीनों से शहद भरने और पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। एसडीओ फॉरेस्ट ध्रुव श्रीवास्तव ने बताया कि नांदा हनी की नियंत्रित नमी इसकी प्रमुख विशेषता है, जिसके कारण इसकी मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यहां शहद के साथ वैक्स (मोम) का भी उत्पादन किया जा रहा है, जिसका औषधीय उपयोग होता है। प्रतिनिधिमंडल में ईशान जयवर्धने, बायरन पीटर टेलर और प्रियम अरोड़ा शामिल थे। इस अवसर पर वन मंडल अधिकारी नवीन गर्ग भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके उपरांत, दल ने वन क्षेत्र में पहुंचकर पेड़ों पर बने छत्तों से सुरक्षा उपकरणों की सहायता से शहद संग्रहण का प्रदर्शन देखा और स्थानीय कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की। देखिए तस्वीरें…
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने नीट पेपर मामले और महेश जोशी की एसीबी गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाते हुए तल्ख अंदाज में पलटवार किया है। गहलोत ने कहा- राजस्थान से नीट का पेपर आउट होना इनके लिए शर्म की बात नहीं है क्या? ओएमआर शीट का मामला इन्होंने दबा दिया उसमें इनके खुद के लोगों के नाम आ रहे थे। अभी मैंने सुना है 30-40 लोगो को इन्होंने अवैध रूप से हिरासत मे ले रखा है, जिन्होंने नीट पेपर में बेईमानी की उन पर FIR दर्ज कर कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं। ये छिपाना क्यों चाह रहे हैं। गहलोत जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने कहा- कांग्रेस राज में पेपरलीक पर बिना देरी कार्रवाई की, पेपर रद्द किए लेकिन इन्होंने सरकार को बदनाम किया। नीट का पेपर राजस्थान से आउट होना शर्म की बात नहीं है क्या? ये खुद मान रहे हैं, एसओजी वाले मान रहे हैं। एसीबी ने गलत कार्रवाई की तो याद रखना सत्ता परमानेंट नहीं रहने वाली है जलजीवन मिशन घोटाले में महेश जोशी की गिरफ्तारी पर गहलोत ने कहा- सुबह पांच बजे आप उठाकर ले जा रहे हो, वो भाग रहे थे क्या। एसीबी पहले बात कर सकती थी। आप इस तरह डराओगे, धमकाओगे, यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता में परमानेंट नहीं रहने वाले हो। कोई भ्रष्ट है, गलत किया है तो तो किसी का नजदीकी हो कार्रवाई कीजिए, सजा दिलवाइए हमें ऐतराज नहीं है। गलत कार्रवाई की तो याद रखना हमेशा सत्ता नहीं रहने वाली है। एसीबी में आज अफसर उपर के दबाव में काम कर रहे हैं। एसीबी डीजी को कहना चाहूंगा कि यह आपका तरीका गलत है। एसीबी डीजी दबाव में हैं। नीचे के अधिकारी सीधे उपर के आदेशों पर गलत कार्रवाई कर रहे हैं। एसीबी डीजी भले आदमी हैं, डीजी चाहते हुए भी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं। डीजी को नीचे के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे। एसीबी में दो गुट बन गए, गलत गिरफ्तारियों पर अच्छे अफसर कह रहे हमें नींद नहीं आती गहलोत ने कहा- एसीबी में दो गुट बन गए हैं। आधे अच्छ लोग है। जो कहते है। गलत तरीके से कार्रवाई नहीं करेंगे। कई अच्छे अफसर कह रहे हैं कि हमें रात को नींद नहीं आती है, हमने कई लोगों को गलत अरेस्ट कर लिया है। एसीबी में ये हालात बन गए। पीएम ने पेट्रोल, डीजल की दरें बढ़ाने की भूमिका बांधी है पीएम मोदी के एक साल सोना नहीं खरीदने अरै पेट्रोल, डीजल कम उपयोग लेने की सलाह पर गहलोत ने कहा प्रधानमंत्री को ऐसी बातें कहनी है तो फिर देश के पूरे हालात क्या हैं और क्यों कहना पड़ा वो तमाम बातें देशवासियों के सामने स्पष्ट होनी चाहिए। खाली उन्होंने कह दिया कि सोना मत खरीदो या विदेश मत जाओ, उसकी आलोचना भी बहुत हो रही है। राहुल गांधी ने जो कहा उसे पीएम को गंभीरता से लेना चाहिए, वे नेता प्रतिपक्ष हैं और जो कहते हैं सोच समझकर कहते हैं। पीएम को या तो पेट्रोल, डीजल की दरें बढ़ानी होंगी तो उसकी हवा बना रहे होंगे, ज्यादा संभावना यही लगती है। राहुल गांधी ने बहुत पहले ही कह दिया था कि चुनाव खत्म होते ही दरें बढ़ सकती हैं,लगता है पीएम ने उसकी भूमिका बांधी है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार को गौ रक्षा यात्रा के तहत सोनभद्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले की दुद्धी, ओबरा, रॉबर्ट्सगंज और घोरावल विधानसभा क्षेत्रों में लोगों को गौवंश संरक्षण और गौ रक्षा के प्रति जागरूक किया। यात्रा के दौरान उन्होंने कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। शंकराचार्य ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंशों की प्राण रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे प्रत्याशियों को वोट दें, जो गौवंशों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि संत और राजा दोनों एक नहीं हो सकते। संत का पद ऊंचा है और राजा का पद नीचे। योगी आदित्यनाथ संत हैं, मुख्यमंत्री नहीं। योगी मंत्रिमंडल विस्तार और पीडीए से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह राजनीतिक विषय है और उनका विषय नहीं है। मीडिया द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े भ्रामक केरल और पश्चिम बंगाल में गौ रक्षा यात्रा न निकालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े भ्रामक हैं। उनके मुताबिक सरकारी आंकड़ों में केरल में 8 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 15 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 25 प्रतिशत गौवंश वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि सबसे अधिक गिरावट उत्तर प्रदेश में सामने आई है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश में यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा वार यात्रा निकालने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि गौवंशों और उनसे जुड़ी आस्थाओं की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। विमानों के उपयोग पर ध्यान देना चाहिए प्रधानमंत्री द्वारा सोना कम खरीदने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और जल्द ही 100 रुपए के पार पहुंच सकता है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण जनता को सोना खरीदने से बचने की सलाह दी जा रही है। साथ ही उन्होंने सरकारी खर्चों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा ईंधन विमानों में खर्च होता है और कम ईंधन वाले विमानों के उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। धर्म और राजनीति को साथ लेकर चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह धर्म का कार्य कर रहे हैं, लेकिन राजनीति पहले से हर क्षेत्र में प्रभाव बनाए हुए है, इसलिए धर्म भी उसकी चपेट में आ रहा है। भाजपा नेताओं की यात्रा में गैर मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा नेता गौ रक्षा के मुद्दे पर आगे आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे द्वारा आयोजित नेत्र चिकित्सा शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
बिलासपुर के मुढ़ीपार टोल प्लाजा के पास एक ढाबे के बाहर वाहन खड़ा करने के नाम पर अवैध वसूली और मारपीट के मामले में बिल्हा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई बिल्हा मोड़ निवासी मनोज कुमार यादव (32 वर्ष) की शिकायत पर की गई है। मनोज कुमार यादव ने 9 मई को बिल्हा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मुढ़ीपार टोल प्लाजा के पास मिथलेश गेंदले ढाबे के बाहर गाड़ी खड़ी करने के लिए अवैध रूप से पैसे मांगता है। पैसे न देने पर आरोपी ने उनके साथ मारपीट की और ट्रक का सामने का कांच तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा शिकायत के आधार पर बिल्हा पुलिस ने मुढ़ीपार निवासी आरोपी मिथिलेश गेंदले (28 वर्ष) को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल डंडा भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक तोपसिंह नवरंग और उपनिरीक्षक जीएल चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
NBRI में सोमवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का आयोजन केएन कौल ब्लॉक स्थित लोटस सभागार में किया गया। कार्यक्रम में कृषि-जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उभरती आधुनिक तकनीकों और उनके भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अश्विन काशिकर मौजूद रहे।कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के निदेशक डॉ. एके शासनी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि विज्ञान में तकनीक आधारित नवाचार भविष्य की जरूरत हैं। उन्होंने समाजहित में अनुसंधान और तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। AI से बदल रहा कृषि का क्षेत्रडॉ.आश्विन काशिकर ने बताया कि AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, प्रिसीजन ब्रीडिंग और जीन एडिटिंग जैसी तकनीकें कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों की मदद से जलवायु-अनुकूल और अधिक उत्पादक फसल किस्मों का विकास संभव हो रहा है।इन विधा से फसल सुधार के प्रयासों में आई तेजीउन्होंने जीनोमिक चयन, स्पीड ब्रीडिंग और AI आधारित हाई-थ्रूपुट फीनोटाइपिंग जैसी तकनीकों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे फसल सुधार कार्यक्रमों में तेजी आई है। साथ ही जीन संपादन, प्राइम एडिटिंग और सिंथेटिक बायोलॉजी के जरिए पोषण गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। व्याख्यान में कृषि क्षेत्र में ऑटोमेशन और रोबोटिक्स की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। डॉ.काशिकर ने कहा कि AI आधारित कृषि प्रणालियां संसाधनों के बेहतर उपयोग, श्रम की कमी और अपव्यय जैसी चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होंगी। उन्होंने NBRI द्वारा विकसित गुलाबी सुंडी (पिंक बॉलवर्म) प्रतिरोधी जीएम कपास के परीक्षणों की जानकारी भी दी। उनके अनुसार यह अनुसंधान टिकाऊ और प्रभावी कीट-प्रतिरोधी कपास किस्मों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
रायपुर AIIM में क्लिनिकल न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स विभाग की ओर से आईएपीईएन रायपुर चैप्टर और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) छत्तीसगढ़ के सहयोग से “तृतीय वार्षिक पीडियाट्रिक न्यूट्रिशन कोर मीट 2026” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने बच्चों में कुपोषण, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर, गंभीर बीमारियों के दौरान पोषण प्रबंधन और आधुनिक बाल पोषण चिकित्सा पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य विषय “क्लिनिकल न्यूट्रिशन प्रैक्टिस में उत्कृष्टता का संवर्धन” रहा। रिसर्च और प्रैक्टिकल ट्रीटमेंट के बीच तालमेल पर जोर सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए अकादमिक रिसर्च और व्यावहारिक चिकित्सा के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। तकनीकी सत्रों में बाल पोषण मूल्यांकन, गंभीर रोगियों में न्यूट्रिशन सपोर्ट और आधुनिक फीडिंग तकनीकों पर जानकारी दी गई। “विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026” के अवसर पर बच्चों और युवाओं में बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने दी संतुलित आहार और नियमित जांच की सलाह तकनीकी सत्रों में ने बाल पोषण मूल्यांकन पर जानकारी दी, जबकि ने गंभीर रोगियों के प्रबंधन में न्यूट्रिशन सपोर्ट की भूमिका पर प्रकाश डाला। ने संतुलित आहार और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में द्वारा “न्यूट्री-क्विज़” और द्वारा आधुनिक फीडिंग तकनीकों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। भविष्य में भी जारी रहेंगी शैक्षणिक गतिविधियां सम्मेलन का समापन भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने जन्मजात चयापचय विकारों और आधुनिक बाल पोषण चिकित्सा पर दिए गए व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना की।
हरियाणा के नूंह जिले दो अलग-अलग जगहों पर 8 वर्षीय और 12 वर्षीय बच्चियों के साथ रेप करने की वारदात सामने आई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पहले मामले में पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह घटना 7 मई की दोपहर को हुई। उनकी 8 वर्षीय बच्ची गांव के चौक से समोसा लेने गई थी। आरोप है कि घर लौटते समय गांव निवासी 48 वर्षीय नसीम ने उसे रास्ते में रोक लिया और जबरन अपने घर ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ रेप किया। धमकी देकर आरोपी हुआ फरार घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डरी हुई बच्ची किसी तरह अपने घर पहुंची। परिजनों ने जब उसकी हालत देखी और पूछताछ की, तो उसने रोते हुए पूरी घटना बताई। परिजनों ने तुरंत महिला थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया है। महिला थाना प्रभारी मंजू ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मदरसे से लौट रही बच्ची से खंडहर में रेप दूसरी घटना करीब डेढ़ माह पहले हुई थी। 12 वर्षीय बच्ची पास के एक मदरसे से धार्मिक शिक्षा लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी ने उसे पैसे का लालच देकर बहला-फुसलाया। आरोपी बच्ची को पड़ोस में ही एक खंडहर मकान में ले गया। वहां उसने बच्ची की चीख-पुकार को अनसुना कर वारदात को अंजाम दिया। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।यह मामला जब समाज के संज्ञान में आया, तो पहले आपसी सहमति से फैसला कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, जब बात नहीं बनी तो पीड़ित परिवार ने नूंह महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। महिला थाना नूंह प्रभारी मंजू ने बताया कि जिले में महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर शहर में सोमवार रात पेट्रोल पंप पर भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी चपेट में पेट्रोल से भरा फ्यूल टैंकर भी आ गया। घटना में 11 लोग झुलस गए। इनमें एक की हालत गंभीर है। चमड़ियां छिलकर बाहर आ गई हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के मुताबिक, आग सोमवार रात करीब 8:30 बजे पचोर शहर स्थित चुन्नीलाल मुन्नालाल भारत पेट्रोलियम पंप पर लगी। पेट्रोल पंप शहर के बीचोंबीच स्थित होने के कारण आग लगते ही इलाके में दहशत फैल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। वहां खड़े पेट्रोल टैंकर तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं, जबकि धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। 11 लोग झुलसे, अस्पताल में कराया भर्ती घटना में 11 लोग झुलस गए। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलसा है, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उनकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है। पुलिस-प्रशासन और दमकल की टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत शुरू की। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के लोगों को घटनास्थल से दूर हटाया गया। घटना के दौरान एसडीएम रोहित बमोरे, सीएमओ दीपक रानवे सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और राहत-बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं।
जोधपुर शहर में पेयजल वितरण और बिजली कटौती को लेकर जलदाय विभाग और जोधपुर डिस्कॉम ने 'वाटर सप्लाई एंड इलेक्ट्रिक पावर कट को-ऑर्डिनेशन शीट' जारी की है। इस शेड्यूल के तहत 12 मई और उसके बाद की आगामी तारीखों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति के समय बिजली कटौती की जाएगी। इन इलाकों में सुबह 7:15 से 8 बजे तक बिजली कटौती शेड्यूल के अनुसार, रिक्तिया भैरूजी सब डिविजन के अंतर्गत विजय नगर, सुभाष कॉलोनी, देवनारायण मंदिर क्षेत्र, रामदेव चौक और जोगमाया कॉलोनी में 12 मई से नियमित रूप से सुबह 7 से 9 बजे तक पानी आएगा और सुबह 7:15 से 8 बजे तक (45 मिनट) बिजली बंद रहेगी। इसी प्रकार गांधी कॉलोनी, कृष्णा मंदिर गली, घांची कॉलोनी, कुम्हारों का बास, पीली टंकी रोड, लाढा कॉलोनी, लोको रोड, एसीएफसी कॉलोनी, पोकरण हाउस और शक्ति कॉलोनी में 11 मई से आगे नियमित रूप से सुबह 7 से 9 बजे तक जलापूर्ति होगी, जहां सुबह 7:15 से 8 बजे तक बिजली कटौती लागू रहेगी। रातानाडा व आसपास के क्षेत्र का समय पीएचईडी के रातानाडा उपमंडल के अंतर्गत आने वाले अरविंद नगर, मालवीय नगर और वर्धमान कॉलोनी में 11 मई से आगे नियमित रूप से सुबह 4:30 से 7:30 बजे तक पानी की सप्लाई होगी। इन क्षेत्रों में सुबह 6 से 6:45 बजे (45 मिनट) तक बिजली बंद रहेगी। 12 मई को कुड़ी भगतासनी और आसपास के इलाके कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 1 में सुबह 5:30 से 7 बजे तक पानी आएगा और 5:30 से 6:30 बजे तक शटडाउन रहेगा। सेक्टर 2 में सुबह 3:30 से 6 बजे तक पानी व 3:30 से 4:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। सेक्टर 5 में सुबह 5:45 से 7:30 बजे तक जलापूर्ति और 5:45 से 6:30 बजे तक शटडाउन होगा। इसके अलावा मधुबन और डीडीपी क्षेत्र में सुबह 4 से 6 बजे पानी सप्लाई के बीच 4 से 5 बजे तक बिजली गुल रहेगी। सरस्वती नगर सेक्टर सी और डी में सुबह 7:30 से 9:30 बजे तक पानी आएगा व 7:30 से 9 बजे तक कटौती रहेगी। जनता कॉलोनी में दोपहर 2 से शाम 5:30 बजे तक जलापूर्ति के दौरान दोपहर 3 से 5 बजे तक बिजली बंद रखी जाएगी। लालसागर, डिगाड़ी और बालसमंद का शेड्यूल 12 मई को बालदेव नगर व बापू नगर में सुबह 8:30 से 10 बजे तक पानी और 9 से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। हीरला बेरा, रावाला बेरा और बांकिया बेरा में शाम 4:30 से 6:30 बजे तक जलापूर्ति होगी, जिसमें शाम 5 से 6 बजे शटडाउन रहेगा। राइका, पहाड़िया बेरा, टांको का बास, अन्ना सागर गली नंबर 3 और परिहारों का बास में सुबह 6 से 7:30 बजे तक पानी आएगा व 6:30 से 7 बजे तक कटौती रहेगी। बालसमंद में सुबह 5 से 7 बजे तक जलापूर्ति और 6 से 7 बजे तक बिजली गुल रहेगी। डिगाड़ी के बलराम नगर में दोपहर 3 से 5 बजे तक पानी और शाम 4 से 5 बजे तक कटौती लागू होगी। आगामी तारीखों का शेड्यूल भगवान महावीर हड्डी मिल क्षेत्र में 12 व 14 मई को सुबह 5 से 7 बजे तक पानी और सुबह 5 से 6 बजे तक बिजली कटौती रहेगी। बिचला बास भदवासिया और गुरु राजाराम नगर में 12 व 14 मई को शाम 4 से 5 बजे तक जलापूर्ति के दौरान क्रमशः 4:00-4:30 और 4:30-5:00 बजे तक शटडाउन रहेगा। मुनि महाराज महामंदिर में शाम 6:30 से रात 9:30 बजे पानी सप्लाई के बीच शाम 6:30 से 7 बजे तक बत्ती गुल रहेगी। जबकि शिवपुरी महामंदिर में इन्हीं तारीखों पर शाम 4 से 6:30 बजे तक पानी आएगा और 4 से 4:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। मानसागर महामंदिर में 13 मई को सुबह 11:30 से 12 बजे तक, तिलक नगर प्रथम में दोपहर 3 से 3:30 बजे तक और विष्णु नगर में शाम 4 से 4:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। उदय मंदिर हरिजन बस्ती कल्ला चौक क्षेत्र में 13 व 16 मई को सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली बंद रखी जाएगी।
मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सोमवार को हरदासपुर में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए हितग्राहियों को पहले राशन प्राप्त करने और उसके बाद ही पीओएस मशीन पर थम्ब इम्प्रेशन लगाने की सलाह दी। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राशन मिलने की संतुष्टि के बाद ही मशीन की प्रक्रिया पूरी की जाए। दो महीने से राशन न मिलने पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि अंगूठा लगाने के बावजूद उन्हें पिछले दो माह से राशन नहीं दिया गया है। इस पर कलेक्टर ने दुकान संचालक दीपाली गर्ग को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल बकाया खाद्यान्न वितरित करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में भी लंबित सामग्री को शीघ्र बांटने का आदेश दिया गया। हेल्पलाइन नंबर से होगा शिकायतों का समाधान कलेक्टर ने एसडीएम मैहर को राशन संबंधी समस्याओं के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस नंबर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसकी समीक्षा कलेक्टर प्रत्येक बुधवार को समय-सीमा की बैठक में करेंगी। आपूर्ति अधिकारियों को लगातार निरीक्षण के निर्देश कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रियंका अग्रवाल को निर्देशित किया गया है कि जिले की सभी राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी हितग्राही का राशन बकाया न रहे। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, एसडीएम दिव्या पटेल और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित युवराज पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील का समर्थन किया है। उन्होंने अपने गृह जिले गरियाबंद के देवभोग में आयोजित भागवत महापुराण कथा स्थल पहुंचने से पहले अपने काफिले में वाहनों की संख्या में कटौती की। कथावाचक के यात्रा में पहले वाहनों का लंबा काफिला होता था, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते थे। इस बार, युवराज पांडेय ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे दिखावे के लिए वाहनों का उपयोग न करें। उन्होंने भक्तों को पैदल या आवश्यकता पड़ने पर बाइक का उपयोग करने का निर्देश दिया था। आज कथा स्थल पर पहुंचने के दौरान इस अपील का असर साफ दिखाई दिया। काफिले में वाहनों की संख्या काफी कम थी। कथावाचक ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें भी अपने काफिले में कटौती कर प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करना चाहिए और देश भक्ति का परिचय देना चाहिए, ताकि आने वाले संकट से बचा जा सके।
बालाघाट में सांसद भारती पारधी ने सोमवार शाम बुढ़ी स्थित शराब दुकान का दौरा किया। यहां वे उन महिलाओं से मिलीं जो पिछले 28 दिनों से इस दुकान को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। सांसद ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में कलेक्टर और आबकारी अधिकारी से चर्चा करेंगी। बुढ़ी की शराब दुकान को हटाने के लिए महिलाएं करीब एक महीने से मोर्चा खोले हुए हैं। इस आंदोलन को विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष और कई समाजसेवियों का समर्थन भी मिला है। हालांकि, 28 दिन बीतने के बाद भी अब तक कोई बड़ा फैसला नहीं हो पाया है, जिससे महिलाएं नाराज थीं। सांसद ने दिया आश्वासन सांसद भारती पारधी ने मौके पर पहुंचकर दुकान के कर्मचारी से ठेकेदार का नाम भी पूछा। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे पहले भी वार्ड नंबर 25 की दुकान हटवा चुकी हैं और इस बार भी उचित कदम उठाएंगी। देर से आने के सवाल पर उन्होंने बताया कि वे संसद सत्र और अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त थीं, लेकिन स्थानीय पार्षदों के जरिए लगातार जानकारी ले रही थीं। आंदोलन जारी रखने का फैसला सांसद के आश्वासन के बाद महिलाओं में कुछ उम्मीद तो जगी है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक दुकान यहां से पूरी तरह हट नहीं जाती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। महिलाएं इस बात पर अड़ी हैं कि रहवासी इलाके में शराब दुकान होने से माहौल खराब हो रहा है।
दतिया शहर में सोमवार की शाम पुलिस की ऐसी सक्रियता देखने को मिली, जो आम दिनों में शायद ही नजर आती हो। शहर के प्रमुख चौराहों, गलियों और एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात दिखाई दिए। असनई, भांडेर रोड, सेंवढ़ा चुंगी, लाला का ताल और झांसी चुंगी जैसे इलाकों में पुलिस की मौजूदगी देखकर लोग भी हैरान नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना था कि इन जगहों पर सामान्य दिनों में पुलिस दिखाई ही नहीं देती, जबकि यही शहर के सबसे संवेदनशील प्रवेश और निकास मार्ग हैं। बढ़ते अपराध के बाद सख्ती बढ़ाई दरअसल, हाल के महीनों में शहर में बढ़ते अपराधों और लगातार हुई वारदातों के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। जनवरी से अब तक शहरी सीमा में 8 से 10 हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद पहले कभी इस स्तर की फील्ड निगरानी नहीं दिखी थी। इससे पहले रविवार शाम दतिया एसपी ने खुद मोर्चा संभाला था। जिससे माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। कई स्थानों पर पुलिस वाहन लगातार गश्त करते रहे, जबकि जवान संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच करते दिखाई दिए। चेकिंग पॉइंट पर देर रात तक यातायात और थानों की पुलिसकर्मी खड़े हुए नजर आए। इस के बाद अब सोमवार की शाम भी यही नजारा देखने को मिला। एसपी ने लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया और भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। थानों को दिए फील्ड में रहने के निर्देशसूत्रों के मुताबिक एसपी मयूर खंडेलवाल ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि केवल थानों में बैठकर काम न करें, बल्कि लगातार फील्ड में मौजूद रहें। अपराध नियंत्रण के लिए सड़क पर सक्रिय पुलिसिंग जरूरी है। इसी के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई। लोग बोले - अब बदमाश सड़कों पर नहीं दिखेंगेशहरवासियों ने पुलिस की इस सक्रियता को सकारात्मक कदम बताया। कई लोगों का कहना था कि यदि रोजाना इसी तरह पुलिस सड़कों पर दिखाई दे तो अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों में डर का माहौल बनता है और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम एक कार पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी। जौली रोड पर कूकड़ा गांव के पास हुई इस घटना में कार सवार चार दोस्तों में से एक युवक शशि मोहन घायल हो गया। घटना शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। बहादरपुर निवासी शशि मोहन को गोली लगी है। उसके साथियों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घायल के साथी एजाज़ (निवासी कूकड़ा) ने बताया कि वे चारों दोस्त एक बलेनो कार में जा रहे थे, तभी पीछे से कुछ युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। एजाज़ के अनुसार, हमलावरों से उनका लगभग दो साल पहले विवाद हुआ था, जिससे यह हमला पुरानी रंजिश का परिणाम माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही नई मंडी सीओ राजू कुमार साव जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। सीओ ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बागपत के श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम में नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में 'सनातन' और 'विरासत' पर जोर देते हुए विरोधियों और विदेशी आक्रांताओं पर तीखा प्रहार किया। सीएम ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जिन आक्रांताओं ने भारत की आस्था के केंद्रों और मठ-मंदिरों को खंडित करने का प्रयास किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए और आज उनके खानदान का भी अता-पता नहीं है, जबकि हमारे तीर्थस्थल आज फिर से अपनी पूरी भव्यता के साथ प्रतिष्ठित हो रहे हैं। सोमनाथ से पोखरण तक: आज का दिन शौर्य का प्रतीक मुख्यमंत्री ने आज की तारीख (11 मई) के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए तीन बड़ी घटनाओं का जिक्र किया: सोमनाथ का स्वाभिमान: 1026 में गजनवी ने हमला किया था, लेकिन 1951 में आज ही के दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा की थी। आज पीएम मोदी भी सोमनाथ में मौजूद हैं। परमाणु शक्ति: आज ही के दिन पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को भारत का सामर्थ्य दिखाया था। काशी विश्वनाथ: आज काशी में भी महादेव के चरणों में विशेष आयोजन हो रहे हैं। ‘योगी सिर्फ गुफाओं में नहीं बैठता, आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब देता है’ महायोगी गुरु गोरखनाथ का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि योगी केवल धूनी रमाने या गुफाओं तक सीमित नहीं रहे हैं। जब-जब धर्म और संस्कृति पर हमला हुआ, योगियों ने गांव-गांव जाकर जनजागरण किया और समाज को विदेशी आक्रांताओं से लड़ने के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा, जो संकट के समय निडरता से खड़ा हो, वही संत है। संकट में पलायन करने वाला संत नहीं हो सकता। बागपत का महाभारत कालीन गौरव सीएम ने बागपत की ऐतिहासिक महत्ता बताते हुए कहा कि यह वही भूमि है जिसे भगवान कृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से मांगा था। उन्होंने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह और पूर्व आईपीएस डॉ. सत्यपाल सिंह का भी जिक्र किया। सीएम ने कहा कि चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में आरएलडी और बीजेपी मिलकर बागपत और यूपी के विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। अयोध्या और काशी: पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता मुख्यमंत्री ने कहा कि हम काशी विश्वनाथ का अपमान और अयोध्या के संघर्ष को भूल नहीं सकते। डबल इंजन सरकार आने के बाद ही राम मंदिर का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि सोमनाथ, काशी, अयोध्या, महाकाल लोक और विंध्यवासिनी धाम का पुनरुद्धार इस बात का प्रमाण है कि अब हमारे घर ही नहीं, बल्कि हमारे देवी-देवताओं के स्थल भी सुरक्षित हैं।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार लगातार युवाओं के लिए काम कर रही हैं। पुरानी सरकार भी आपने देखी है, कैसा माहौल था राजस्थान का। आपने देखा हमारी सरकार को ढ़ाई साल हो गए हैं। एक भी पेपरलीक हुआ क्या? हमने कहा था कि हम चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देंगे। अभी तक हम सवा लाख नियुक्ति पत्र दे चुके हैं। रविवार को मैं अजमेर के कड़ेल गांव गया था। वहां ढ़ाई साल में 13 युवाओं को सरकारी नौकरी लगी हैं। आरएएस भर्ती का टॉपर इसी गांव से निकला हैं। हमने गांव में ही युवाओं के लिए सुविधा विकसित करने का काम कर रहे हैं। हमने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केन्द्र खोलने की घोषणा की हैं। जिसमें लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी होगी। हम चाहते है कि किसान और मजदूर का बेटा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए शहर में ना जाए। उसे गांव में ही सभी सुविधाएं मिले। सीएम ने यह बातें बिड़ला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए कही। तीन विभाग मुनाफे में आएसीएम ने कहा कि पहले जिन तीन विभागों को लेकर लोग कहते थे कि यह विभाग तो कभी मुनाफे में आ ही नहीं सकते हैं। प्राइवेट वाला एक की चार बस कर लेता था और रोडवेज की एक बस का भी पता नहीं होता था। लेकिन आज रोडवेज मुनाफे में हैं। इसी तरह से डेयरी और सहकारिता में लोग चुनाव भी नहीं होने देते थे। उनका सोचना था कि युवा आ गए तो उनकी कुर्सी पर संकट आ जाएगा। हमने राजस्थान के सहकारिता क्षेत्र में 10 लाख सदस्य बनाए हैं। जिससे युवा डयरी और सहकारिता से जुड़े। अब हम हर ग्राम पंचायत में सहकारिता की यूनिट खोलने जा रहे हैं। ब्रह्मगुप्त पुरस्कार एवं इनोवेशन सेंटर की घोषणाइस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री ब्रह्मगुप्त के नाम पर राजस्थान में ब्रह्मगुप्त पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की। यह पुरस्कार विज्ञान, गणित, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार हमारी समृद्ध वैज्ञानिक विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मगुप्त का जन्म 7वीं शताब्दी में जालोर के भीनमाल में हुआ था। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए जयपुर के कोचिंग हब में इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की घोषणा भी की।
बड़वानी जिले की पाटी पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से देसी शराब जब्त की है, जिसे वह बेचने की फिराक में था। पाटी थाना प्रभारी आर.डी. यादव ने सोमवार शाम को इस कार्रवाई का खुलासा किया। पुलिस को पक्की खबर मिली थी कि ग्राम बुदी पहाड़ी के एकलव्य स्कूल रोड के पास एक व्यक्ति अवैध शराब लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को धर दबोचा। 8 पेटी शराब मिली पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से देसी प्लेन शराब की 8 पेटियां मिलीं। हर पेटी में 50-50 क्वार्टर भरे हुए थे। कुल मिलाकर पुलिस ने 72 बल्क लीटर शराब जब्त की है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30,400 रुपए आंकी गई है। आरोपी गया जेल पकड़े गए आरोपी की पहचान 38 वर्षीय नुनेश रावत के रूप में हुई है, जो ग्राम बोरखेड़ी का निवासी है। पुलिस ने उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र के डोमापुर बाजार में सोमवार देर शाम गोलीबारी की घटना सामने आई है। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अंबेडकरनगर रेफर किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। डोमापुर निवासी श्रवण कुमार (23) को उसके बुआ के बेटे प्रवीण कुमार ने गोली मार दी। प्रवीण बेथरा, थाना दोस्तपुर का निवासी है। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद प्रवीण ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से श्रवण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय अंबेडकर नगर रेफर कर दिया गया। सीओ कादीपुर विनय कुमार ने बताया कि घायल श्रवण खतरे से बाहर है। घटना के बाद ग्रामीणों ने गोली चलाने वाले प्रवीण कुमार को पकड़ लिया और उसकी पिटाई की, जिससे वह भी घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्तौल भी बरामद कर ली है। सीओ कादीपुर विनय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, आज थाना अखंड नगर जनपद सुल्तानपुर में श्रवण निषाद पुत्र सभाजीत को उसकी बुआ के लड़के प्रवीण निषाद द्वारा गोली मारकर घायल कर दिया गया है। वह खतरे से बाहर है और हायर सेंटर के लिए रेफर हुआ है। जनता के सहयोग से पुलिस द्वारा अभियुक्त प्रवीण को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना में प्रयुक्त पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है।
राजधानी में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और सड़क सुरक्षा को लेकर कमिश्नरेट पुलिस व ट्रैफिक पुलिस ने तीन दिवसीय सघन अभियान चलाया। 8, 9 और 10 मई 2026 तक चले अभियान में नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर चालान और सीज की कार्रवाई की गई।ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक अभियान के दौरान सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना हेलमेट चलने वाले वाहन चालकों पर हुई। तीन दिनों में 7162 चालान किए गए। वहीं नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर भी सख्ती दिखाते हुए 3460 चालान काटे गए। मॉडिफाइड साइलेंसर और ड्रिंक एंड ड्राइव पर भी शिकंजा इसके अलावा मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर शोर फैलाने वाले 94 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। ड्रिंक एंड ड्राइव में 17 चालान किए गए, जबकि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नियमों के उल्लंघन में 703 चालान काटे गए। रॉन्ग साइड वाहन चलाने पर 521 चालकों पर कार्रवाई की गई।अभियान के दौरान कुल 74 वाहनों को सीज भी किया गया।लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने और शहर में सुरक्षित व सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
मेरठ, विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अनुपस्थित विभागीय नोडल अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आईजीआरएस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोपरि बताया और कहा कि अधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन फीडबैक के आधार पर होगा। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को देहात क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नगर निगम को साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। समस्त खंड विकास अधिकारियों को प्रतिदिन ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर विकास कार्यों का निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विभागीय नोडल अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। जिन विभागों की शिकायतों पर प्राप्त फीडबैक में 100 प्रतिशत असंतुष्टि पाई गई है, उनके लिए स्पष्टीकरण जारी करने के आदेश भी दिए गए। आईजीआरएस बैठक में अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश जिन अधिकारियों के लिए दिए गए, उनमें अधिशासी अभियंता (यांत्रिकी विभाग), अधिशासी अधिकारी (हस्तिनापुर), जिला कमांडेंट (होमगार्ड), खंड शिक्षा अधिकारी (माछरा), एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी), एआरएम (रोडवेज), वरिष्ठ निरीक्षक (बाट एवं माप विभाग), अधिशासी अभियंता (जलकल विभाग) और अधिशासी अधिकारी (मवाना) शामिल हैं। इसी प्रकार, असंतुष्ट फीडबैक पर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश जिन अधिकारियों को दिए गए हैं, उनकी सूची में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (मेरठ), खंड विकास अधिकारी (रजपुरा, हस्तिनापुर, दौराला, जानी, माछरा, मेरठ), प्रभारी चिकित्साधिकारी (सीएचसी सरूरपुर), अपर मुख्य अधिकारी (मेरठ जिला पंचायत), उप संचालक (चकबंदी मेरठ), परियोजना निदेशक (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण), पशु चिकित्सा अधिकारी (मवाना), खंड शिक्षा अधिकारी (मवाना), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (जिला चिकित्सालय) और सब रजिस्ट्रार (मवाना) सम्मिलित हैं।
हिसार में बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) की MSC की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवती के परिजनों ने हत्या और रेप करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में सिटी थाना पुलिस ने गांव के 2 युवकों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भिवानी निवासी मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी 24 वर्षीय बेटी हिसार स्थित GJU में MSC द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी और यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहती थी। पिता के अनुसार उनकी बेटी 3 मई को घर से हिसार गई थी और रोजाना अपनी मां से फोन पर बात करती थी। 2 युवकों पर रेप के बाद हत्या का आरोप शिकायत में कहा गया है कि 7 मई को युवती ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि गांव के ही 2 युवक यूनिवर्सिटी पहुंचकर उस पर मिलने का दबाव बना रहे हैं। युवकों ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर वह मिलने नहीं आई तो उसे जान से मार देंगे। इसके बाद युवती की मां ने दोनों युवकों से बात की, जिन्होंने माफी मांगते हुए दोबारा ऐसा न करने की बात कही थी। परिजनों का आरोप है कि 10 मई को दोनों युवक उनकी बेटी को दबाव बनाकर हिसार के बस स्टैंड के पास एक होटल में ले गए, जहां उसके साथ रेप किया गया और बाद में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपी युवक ने किया सरेंडर, बोला- प्यार करता था वहीं दूसरी ओर, जानकारी के अनुसार घटना के बाद एक आरोपी युवक खुद सिटी थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। युवक ने पुलिस को बताया कि युवती से प्यार करता था। युवती ने होटल के कमरे में फांसी लगा ली थी। उसने दावा किया कि वह युवती को तड़पता देखता रहा और बाद में खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन डर के कारण फंदा उतार दिया। इसके बाद वह होटल से निकल गया और शाम को वापस लौटकर बैग लेने के बाद थाने पहुंचा। सिटी थाना पुलिस ने युवती के पिता के बयान पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 70(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
ललितपुर में एक मरीज की मौत के मामले में परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और निजी एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला 7 मई का है। कोतवाली सदर क्षेत्र के तालाबपुरा बिधुआ कॉलोनी निवासी व्यापारी अशोक जैन की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। हार्ट अटैक के लक्षण होने के बावजूद नहीं मिला उचित इलाज परिजनों निकेतन चौधरी और ममता चौधरी का आरोप है कि अस्पताल में ईसीजी और बीपी जांच के दौरान बार-बार बिजली जाती रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वहां कोई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं था और हार्ट अटैक के लक्षण होने के बावजूद मरीज को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। बाद में अशोक जैन को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, निजी एम्बुलेंस संचालक ने ऑक्सीजन और डीजल की पूरी व्यवस्था होने का दावा किया था, लेकिन एम्बुलेंस में एसी काम नहीं कर रहा था। रास्ते में ड्राइवर बदला गया और ऑक्सीजन लीड लगाने के बावजूद ऑक्सीजन चालू नहीं की गई। एम्बुलेंस में कोई अटेंडर भी मौजूद नहीं था। आरोप है कि चालक ने पहले ही पूरा किराया ले लिया और रास्ते में पेट्रोल भरवाने में करीब 15 मिनट का समय बर्बाद किया। परिजनों का कहना है कि ऑक्सीजन सपोर्ट न मिलने के कारण ही अशोक जैन की मौत हुई। उन्होंने सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संयुक्त जांच टीम गठित करने के निर्देश मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उप जिलाधिकारी सदर की संयुक्त जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीम को सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल के आसपास संचालित अनधिकृत और मानकविहीन एम्बुलेंसों को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
झांसी में भीषण गर्मी और बढ़ते बिजली लोड का असर अब ट्रांसफार्मरों और उससे जुड़े तारों पर भी दिखने लगा है। सोमवार दोपहर बीकेडी चौराहा से जीवनशाह तिराहा जाने वाले मार्ग पर स्थित कुंजबिहारी कॉलोनी के बाहर रखे 400 केवीए ट्रांसफार्मर और उसकी केबिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर से जुड़ी आसपास की केबिल और ट्रांसफार्मर का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आ गया। पहले दो तस्वीरें देखें… स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले ट्रांसफार्मर की केबिल से चिंगारी उठी और कुछ ही सेकेंड में आग ने विकराल रूप ले लिया। इसके बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ट्रांसफार्मर की पूरी केबिल और उसका कुछ हिस्सा जल चुका था। यहां महत्वपूर्ण ये रहा कि फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और ततपरता से कुछ ही मिनट में केबिल में लगी आग पर काबू पा लिया, जिससे ट्रांसफार्मर को बहुत अधिक नुकसान नहीं पहुंचा। राहत की बात यह भी रही कि जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर रखा था, उसके आसपास कोई मकान या दुकान नहीं थी। इससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। विभागीय कर्मचारियों ने जली हुई ट्रांसफार्मर की केबिल को हटाकर नई केबिल जोड़ी। साथ ही ट्रांसफार्मर को पहुंचे नुकसान की भी मरम्मत कर दी। इस दौरान करीब एक घंटे तक इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित रही।प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि भीषण गर्मी और बढ़ते ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर की केबिल में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसकी वजह से आग लग गई। अधिशासी अभियंता 11 केवी (तकनीकी) मनोज कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर की केबिल में आग लगी थी। जिसके चलते ट्रांसफार्मर का कुछ हिस्सा प्रभावित हुआ। लेकिन फायर ब्रिगेड ने ततपरता दिखाते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया। सूचना मिलते ही हमारी टीम ने मरम्मत कार्य पूरा करते हुए कुछ समय में बिजली की आपूर्ति सुचारू कर दी थी।
रायपुर के मैग्नेटो मॉल की पार्किंग में गाड़ी निकालने को लेकर हुए विवाद के बाद शिक्षिका धनिशा धीवर की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मैग्नेटोमॉल पॉर्किंग में हंगामा करने वाले इंफ्लूएंसर के भाई रोहन नरवाल उर्फ रॉकी बाक्सर को जेल भेज दिया है। यह मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। सह-आरोपी को कोर्ट से मिली जमानत मामले में सह-आरोपी सोमा देवांगन और उसकी साथी गरिमा को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट के निर्देश पर जमानत दे दी गई। तेलीबांधा पुलिस ने नोटिस देकर सोमवार दोपहर दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब जानिए पूरा मामला घटना 9 मई की रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है। शिक्षिका धनिशा धीवर अपने परिवार और बच्चों के साथ मॉल घूमने पहुंची थी। घर लौटते समय उनका परिवार बोलेरो वाहन क्रमांक CG 04 JC 1581 को पार्किंग से निकाल रहा था। इसी दौरान कार क्रमांक CG 04 NH 9699 में सवार रोहन, सोमा और गरिमा वहां पहुंचे। पीड़ित परिवार का आरोप था, कि कार चालक रोहन गाड़ी से उतरते ही गोपेश साहू को “गांव का गंवार” कहकर गाली देने लगा। उसने यह भी कहा कि “ऐसे लोगों को मॉल में एंट्री कौन देता है?” शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने खुद को एक मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताते हुए रौब झाड़ा। विवाद बढ़ने पर आरोपी रोहन उर्फ रॉकी ने अपनी कार से हॉकी निकाल ली और मारपीट की धमकी देने लगा। आरोप है कि रोहन ने गोपेश साहू के साथ धक्का-मुक्की भी की। बीच-बचाव के दौरान गोपेश के पैर में चोट आई, जबकि शिक्षिका के बेटे अरमान धीवर के हाथ में चोट लगी थी। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किया था। इसी मामले में पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई की है। बजरंग दल ने देर रात घेरा था थाना शिक्षक परिवार पर हमला करने, गालियां देने और उन्हें गंवार बोलने पर शिक्षक परिवार के समर्थन में देर रात बजरंग दल तेलीबांधा थाने पहुंचा। बजरंग दल के सदस्यों आरोपी रोहन सहित इंफ्लूएंसर और उनके कर्मचारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। सटोरी बाबू खेमानी के साथ रोहन की फोटो वायरल मैग्नेटो मॉल की पॉर्किंग में विवाद होने के बाद आरोपी रोहन का फोटो सोशल मीडिया पर सटोरी बाबू खेमानी के साथ वायरल हो रहा है। वीडियो में रॉकी और बाबू किसी व्यक्ति का नाम लेकर उसे गेम सिखाने की सलाह दे रहे हैं। घटनाक्रम के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
टैंटीगांव डकैती कांड, तीन और बदमाश गिरफ्तार:लूटा गया सामान, हथियार और बाइक बरामद
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र में हुए टैंटीगांव डकैती कांड में फरार चल रहे तीन और बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सामान, अवैध तमंचे, कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह डकैती 23/24 अप्रैल की रात कस्बा टैंटीगांव में एक घर में हुई थी। बदमाशों ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद थाना सुरीर में मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश कर रही थी। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर थाना सुरीर पुलिस ने खायरा नहर पटरी से इन तीनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीटू (पुत्र छंगा, निवासी मलियाना किशोरपुरा, थाना टीपी नगर, मेरठ), शत्रु (पुत्र रामबाबू, निवासी उपाध्याय मोहल्ला, थाना खैर, अलीगढ़) और शहनवाज (पुत्र कल्लू, निवासी मलियाना इस्लामनगर, थाना टीपी नगर, मेरठ) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पीली धातु की अंगूठी, एक पेंडल, 8 हजार रुपये नकद, तीन तमंचे (315 बोर), छह जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि इस डकैती कांड में शामिल दो बदमाश 7 मई को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। इसके अतिरिक्त, दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। अब फरार चल रहे इन तीन बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस घटना के खुलासे को एक बड़ी सफलता बताया है। गिरफ्तार आरोपी शहनवाज पर मेरठ के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहारनपुर में नाला निर्माण और सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को हसनपुर, कोरी माजरा,लक्कड़ माजरा, जेजेपुरम, पंत विहार सहित कई क्षेत्रों के दर्जनों प्रभावित परिवार जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए और पर्याप्त समय दिए उनके मकान,दुकानें और जमीनें तोड़ दी हैं। इससे कई गरीब परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि मेघछप्पर राजवाहे के किनारे नाला निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की जाती है, तो प्रभावितों को वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा,जिन लोगों के मकान,दीवारें और दुकानें तोड़ी गई हैं,उनका सर्वे कराकर तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। पीड़ितों ने सिंचाई और राजस्व विभाग से राजवाहे की वास्तविक चौड़ाई और सीमांकन संबंधी एनओसी सार्वजनिक करने की भी मांग की। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सचिन खुराना ने आरोप लगाया कि सहारनपुर में दलितों,पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की जमीनों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों के मकान बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के तोड़े जा रहे हैं,जबकि उनके पास जमीन और मकानों के वैध दस्तावेज मौजूद हैं। खुराना ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आश्वासन के बावजूद राहत न मिलने पर पीड़ित परिवार दोबारा डीएम कार्यालय पहुंचे हैं। राजकुमार प्रधान ने बताया कि प्रभावितों को 28 तारीख को नोटिस देकर केवल पांच दिन का समय दिया गया और पहली तारीख को ही मकान व दुकानें तोड़ दी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाईकोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश मिलने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। प्रधान के अनुसार,महिलाओं के साथ अभद्रता भी की गई और कोर्ट आदेश की प्रतियां देने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं रोकी। पीड़ित परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया,तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारियों की कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने और समाधान का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारियों की कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने और समाधान का आश्वासन दिया गया है।
एटा में सर्राफ दुकानदार से टप्पेबाजी:लाखों के जेवरात लेकर फरार हुए बदमाश, पुलिस ने जांच शुरू की
एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में एक सर्राफ दुकानदार टप्पेबाजी का शिकार हो गया। घंटाघर स्थित अनिल वर्मा की दुकान से अज्ञात बदमाश लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्ति जेवर खरीदने के बहाने दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सोने-चांदी के आभूषण देखने शुरू किए और बातचीत के दौरान मौका पाकर लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने बुजुर्ग दुकानदार को निशाना बनाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित व्यापारी ने कोतवाली नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के पुत्र अंकित ने बताया कि उनके पिता बुजुर्ग हैं और बदमाशों ने इसी का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरी जानकारी दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। एटा के अपर पुलिस अधीक्षक प्रताप पांडे ने बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने जेवर देखने के बहाने सर्राफ दुकानदार को ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
भक्त दांतों से कार खींचकर वृंदावन जा रहा:प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए अनोखी यात्रा
अलीगढ़ के छजूपुर निवासी नरेंद्र जाट संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए अपने दांतों से कार खींचते हुए वृंदावन की ओर बढ़ रहे हैं। यह अनोखी यात्रा इन दिनों मथुरा के मांट-सुरीर क्षेत्र में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नरेंद्र जाट संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से प्रेरित हैं। उन्होंने महाराज जी से मिलने का संकल्प लिया है और अपनी भक्ति को अनूठे ढंग से व्यक्त करने के लिए यह यात्रा शुरू की। यह यात्रा 5 मई, को गांव छजूपुर से प्रारंभ हुई थी। लगभग एक सप्ताह में नरेंद्र करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। यात्रा जिस भी रास्ते से गुजर रही है, वहां उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग उनकी इस अद्भुत यात्रा को देखकर हैरान हैं और उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। गांव नगला पाती पहुंचने पर ठाकुर अशोक सिंह ने नरेंद्र और उनके साथियों का स्वागत किया। कई ग्रामीण भी इस यात्रा में उनके साथ शामिल होकर उनका सहयोग कर रहे हैं। नरेंद्र जाट का कहना है कि संत प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी श्रद्धा ही उन्हें यह शक्ति प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, “जब मन में सच्ची भक्ति हो तो हर मुश्किल आसान लगने लगती है।”
संजय मिश्रा सोमवार को रामपुर के बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने करीबी मित्र अभिनेता सैयद आदिल मियां की दिवंगत मां को श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेता संजय मिश्रा ने कब्रिस्तान पहुंचकर कब्र पर माथा टेका, फूल चढ़ाए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उनके इस संवेदनशील व्यवहार से वहां मौजूद लोग भावुक नजर आए। संजय मिश्रा के बिलासपुर पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशंसकों की भीड़ सैयद आदिल मियां के आवास पर जुट गई। लोगों ने अभिनेता के साथ सेल्फी ली और उनसे मुलाकात की। संजय मिश्रा ने बिलासपुर शहर में हुए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह बिलासपुर को पुराने समय से जानते हैं, जब यहां बुनियादी सुविधाएं सीमित थीं। अब शहर में बेहतर सड़कें, साफ-सफाई, पार्क और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं दिखाई देती हैं, जो शहर के बदलते स्वरूप को दर्शाती हैं। देश में बढ़ती महंगाई पर पूछे गए सवाल का जवाब उन्होंने अपने खास अंदाज में दिया। उन्होंने कहा, महंगाई की चर्चा तो वर्षों से होती आ रही है। इस पर तो पहले ही अभिनेता मनोज कुमार गाना लिख चुके हैं और अब लोगों को इसकी आदत सी पड़ गई है। अभिनेता के इस बयान पर वहां मौजूद लोग मुस्कुराते नजर आए। इस दौरान राजेश मुन्ना, बाकर खान, आशू खान, मोहम्मद हनीफ वारसी, मुराद खान, इश्तियाक, प्रिंस, दिलबाग सिंह, मेराज खान और मारूफ सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में पार्किंग को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की है। यह पूरा मामला बिसरख थाना क्षेत्र के चिपियाना स्थित राम श्याम कॉलोनी का है। अवधेश कुमार गुप्ता और आकाश कुमार शर्मा के घर आसपास हैं। बताया जा रहा है कि स्कूटी खड़ी करने को लेकर उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। कल हुए विवाद के बाद अवधेश कुमार गुप्ता ने आकाश कुमार शर्मा के साथ मारपीट की। इसकी जानकारी आकाश शर्मा के परिजनों को मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और उन्होंने अवधेश गुप्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट की यह पूरी घटना एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, साथ ही कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह लाठी-डंडों से पिटाई की गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दोनों पक्षों से शिकायतें प्राप्त कीं। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भविष्य में किसी भी तरह का विवाद न करने की हिदायत दी।
उज्जैन के चरक भवन अस्पताल में ब्लैकआउट:एक घंटे बिजली गुल, अंधेरे में इलाज से मरीज बेहाल
उज्जैन के संभागीय स्तर के सबसे बड़े शासकीय चरक भवन अस्पताल में सोमवार शाम करीब एक घंटे तक बिजली गुल रही। जनरेटर बैकअप समय पर शुरू न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई वार्डों में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में इलाज चलता रहा। यह घटना सोमवार शाम लगभग 6:45 बजे हुई, जब अचानक अस्पताल की बिजली चली गई और पूरा भवन अंधेरे में डूब गया। करीब एक घंटे तक, यानी 7:45 बजे तक, ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद, उसका बैकअप समय पर चालू नहीं हो सका, जिससे व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। बिजली गुल होने से अस्पताल के वार्ड, गलियारे और कई महत्वपूर्ण विभाग अंधेरे में रहे। इस दौरान मरीजों के परिजन मोबाइल की टॉर्च जलाकर उनकी देखभाल करते दिखे, वहीं कई मरीज गर्मी और उमस से परेशान रहे। सबसे गंभीर स्थिति इमरजेंसी वार्ड की थी, जहां देर तक बिजली बहाल नहीं हो पाई। मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि बिजली गुल होने के दौरान अस्पताल में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। नाराज परिजनों ने अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। यह उल्लेखनीय है कि चरक भवन अस्पताल में इससे पहले भी ऑक्सीजन प्लांट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुधार के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं देता। इस ताजा ब्लैकआउट ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की तैयारियों और प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस पूरे मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित बुद्धेश्वर इलाके में रविवार देर रात एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव किराए के कमरे में पंखे से साड़ी के सहारे लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार, मृतका की पहचान बाराबंकी जनपद के सुबेहा निवासी मयूरी उर्फ अंजनी तिवारी (24) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से पारा के बुद्धेश्वर स्थित मॉडल सिटी इलाके में किराये के मकान में अकेले रह रही थी। मयूरी आलमबाग स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसका अपने पति से अलगाव हो चुका था। भीतर झांका तो लटका दिखा शव रविवार रात मयूरी ने अपने कमरे के अंदर पंखे से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। देर रात तक कमरे से कोई हलचल न होने पर मकान मालिक को शक हुआ। भीतर झांकने पर युवती का शव लटका दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल करते हुए शव को नीचे उतरवाया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। घटना की सूचना मिलने पर परिजन भी लखनऊ पहुंच गए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
उज्जैन में 11 वर्षीय छात्रा की ऑपरेशन के दौरान मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। कलेक्टर के निर्देश पर गठित पांच अलग-अलग टीमों ने शहरभर के अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच की। कार्रवाई के दौरान 38 अस्पताल और क्लिनिक बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होते मिले। सभी को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामला उज्जैन की मंछामन कॉलोनी स्थित जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक का है। यहां महिदपुर तहसील के ग्राम तीलियां खेड़ी निवासी मेहरबान सिंह की 11 वर्षीय बेटी दिव्या सूर्यवंशी का इलाज चल रहा था। दिव्या कक्षा सातवीं की छात्रा थी। रविवार को अपेंडिक्स के ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया और कार्रवाई की मांग की थी। डॉक्टरों की डिग्री की जांच की मामले को गंभीरता से लेते हुए रौशन सिंह ने शहर के सभी अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच शुरू की। जांच के दौरान रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज और डॉक्टरों की डिग्री की जांच की गई। डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि दो दिन की कार्रवाई में रविवार को 10 और सोमवार को 28 अस्पताल एवं क्लिनिक नियम विरुद्ध संचालित पाए गए। सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और वैध पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में पंजीयन नहीं कराने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सीएमएचओ ने बताया कि कई डॉक्टर जांच टीम के पहुंचने से पहले ही अपने क्लिनिक बंद कर मौके से चले गए। ऐसे संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मंगलवार को भी दोबारा जांच अभियान चलाएंगी।
धमतरी जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद और बीज की समस्या को लेकर किसान यूनियन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन में बताया कि सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में किसानों को खुले बाजार से ऊंचे दाम पर खाद खरीदना पड़ रहा है। साथ ही नकली खाद और बीज बिकने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। “एक बोरी में कैसे होगी खेती:किसान नेता किसान नेता घनाराम साहू ने कहा कि वर्तमान में प्रति एकड़ सिर्फ एक बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी देने की सीमा तय कर दी गई है, जो खेती के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया और दो बोरी डीएपी मिलती थी। सीमा घटाने से धान उत्पादन प्रभावित होगा, क्योंकि एक एकड़ खेत में दो बोरी से ज्यादा खाद की जरूरत पड़ती है। “कंडेल से शुरू हुआ था नहर सत्याग्रह” घनाराम साहू ने कहा कि धमतरी जिले के कंडेल गांव से ही नहर सत्याग्रह की शुरुआत हुई थी और अब उसी क्षेत्र के किसान अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं। राइस मिलों में भी सरकारी दर पर खाद देने की मांग किसानों ने मांग की कि पहले की तरह किसान राइस मिलों में भी सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि व्यावसायिक बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को सोसायटी से खाद नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें महंगे दाम पर बाजार से खरीदना पड़ता है। नहर मरम्मत और जल निकासी की भी मांग ज्ञापन में बारिश से पहले नहरों और बांधों की मरम्मत कराने तथा वार्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही। कलेक्टर बोले- “खाद की कमी नहीं,ऑर्गेनिक खेती को कर रहे प्रमोट” अविनाश मिश्रा ने कहा कि इस बार खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर यह तय किया गया है कि किस सोसायटी में कितनी खाद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद का अत्यधिक उपयोग खेतों की उर्वरता कम कर रहा है और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल रहा है। कलेक्टर ने किसानों से जरूरत के अनुसार ही रासायनिक खाद इस्तेमाल करने और ज्यादा से ज्यादा जैविक एवं गोबर खाद अपनाने की अपील की।
मध्य रेलवे के पुणे मंडल के अकोलनेर-अहमदनगर-निंबलक स्टेशनों के मध्य रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य के कारण पुणे-गोरखपुर-पुणे समर स्पेशल ट्रेन को 14 से 19 मई के लिए निरस्त कर दिया है। चार ट्रेनें बदले मार्ग से चलाई जाएंगी। 14 मई से ये ट्रेनें निरस्त रहेंगी रेलवे के अनुसार पुणे से 14, 15, 16, 17 एवं 18 मई को चलने वाली ट्रेन नंबर 01415 पुणे-गोरखपुर समर स्पेशल निरस्त रहेगी। गोरखपुर से 15, 16, 17, 18 एवं 19 मई को चलने वाली 01416 गोरखपुर-पुणे समर स्पेशल निरस्त रहेगी। अंबाला कैंट से 15 मई को चलने वाली 17723 अंबाला कैंट-बनारस एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग शोलापुर-कुर्डुवाड़ी-लातुर रोड-परभणी-मनमाड़ के रास्ते चलाई जाएगी। पुणे से 16 मई को चलने वाली 15030 पुणे-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग पुणे-लोणावला-कर्जत-पनवेल-मनमाड के रास्ते चलाई जाएगी। अमृत भारत एक्सप्रेस भी बदले रास्ते से चलेगी हडपसर (पुणे) से 16, 17 एवं 18 मई को चलने वाली 22590 हडपसर (पुणे)-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग पुणे-लोणावला-कर्जत-पनवेल-कल्याण-नासिक रोड-मनमाड के रास्ते चलाई जाएगी। इसका ठहराव दौंड़ अहिल्यानगर और कोपरगांव स्टेशनों पर नहीं रहेगा। इनके स्थान पर अतिरिक्त ठहराव पनवेल, कल्याण, नासिक रोड स्टेशनों पर रहेगा। बनारस से 14, 15 एवं 16 मई, 2026 को चलने वाली 22589 बनारस-हडपसर (पुणे) अमृत भारत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मनमाड-नासिक रोड-ईगतपुरी-कल्याण-पनवेल-लोणावला-पुणे के रास्ते चलाई जाएगी।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 के अवसर पर सोमवार को लखनऊ स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सुगंधित पौधा संस्थान (सीमैप) में मनाया गया। इस अवसर पर नवाचार, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी साझेदारी का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम 'समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार' विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी और अन्य वैज्ञानिकों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। डॉ. संजय कुमार ने सीमैप की तकनीकी उपलब्धियों और आउटरीच गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान संस्थान के स्मारक बैज का भी विमोचन किया गया, जो 'भारत के नवाचार इंजन' के रूप में सीमैप की अवधारणा को दर्शाता है। हर्बल उत्पादों के बाजार विस्तार के लिए समझौता समारोह में कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। सीमैप और फ्रेज़ूल इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड के बीच पांच हर्बल उत्पादों के बाजार विस्तार के लिए एक वर्षीय समझौता किया गया। इसके साथही , आईसीएआर-केवीके, एर्नाकुलम के साथ कृषि क्षेत्र में हर्बल जैव-एजेंट्स के स्थानीय उत्पादन हेतु तकनीकी सहयोग पर सहमति बनी। लखनऊ विकास प्राधिकरण के साथ औषधीय पौधों पर आधारित अरोमा पार्क और ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए तीन साल की साझेदारी भी की गई। यह पहल शहरी हरियाली और औषधीय पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देगी। सीमैप असीम संभावनाओं की 'गोल्ड माइन' है श्रम दिवस की पूर्व संध्या पर पॉश अधिनियम 2013 पर एक जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। निदेशक डॉ. त्रिवेदी ने संस्थान से जुड़े श्रमिकों को सम्मानित किया।सीमैप ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को हर्बल अगरबत्ती, सुगंधित मोमबत्ती, गुलाब जल और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 300 से अधिक विद्यार्थियों ने संस्थान की प्रयोगशालाओं और शोध गतिविधियों का भ्रमण कर जानकारी प्राप्त की। डॉ. त्रिवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि सीमैप असीम संभावनाओं की 'गोल्ड माइन' है। उन्होंने बताया कि अरोमा मिशन ने भारत को लेमनग्रास और आवश्यक तेलों के बड़े उत्पादक देशों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बदायूं कोर्ट परिसर में दरोगा के बेटे की मौत:एक महीने पहले हुआ था ट्रांसफर, पुलिस को सुसाइड की आशंका
बदायूं न्यायालय परिसर में सोमवार शाम एक चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित जिला न्यायालय के गार्ड रूम में 32 वर्षीय सुधीर कुमार का शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। सुधीर कुमार बरेली जिले के थाना सुभाषनगर क्षेत्र की बीडीए कॉलोनी के निवासी थे। उनके पिता महेंद्र पाल यूपी पुलिस में दरोगा हैं। वर्तमान में शाहजहांपुर में तैनात हैं। सुधीर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी नौकरी वर्ष 2023 में लगी थी और शादी वर्ष 2024 में हुई थी। वह करीब एक माह पहले सहसवान न्यायालय से स्थानांतरित होकर बदायूं आए थे। एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि न्यायालय परिसर से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस अन्य सभी पहलुओं पर भी गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
बीकानेर के खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट, बिजली व्यवस्था, सिंचाई समस्याओं और बढ़ते नशे के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बीकानेर देहात के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने जुलूस निकालकर उपखंड कार्यालय पहुंचते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। हालांकि कार्यक्रम में खाजूवाला के पूर्व विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविन्दराम मेघवाल नजर नहीं आए। इससे पहले जाट धर्मशाला खाजूवाला में बैठक आयोजित की गई। इसमें क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। इसके बाद कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण जुलूस के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बीकानेर देहात के जिलाध्यक्ष सत्तू खान पड़िहार के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में पंचायतवार कार्ययोजना बनाकर पेयजल, बिजली, सिंचाई और ग्रामीण समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। पेयजल और बिजली संकट पर जताई नाराजगी ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है और पेयजल डिग्गियों की स्थिति बेहद खराब है। किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही और बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आमजन और किसान दोनों परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि किसानों के घरों और खेतों में विद्युत कनेक्शनों के अनुसार बिजली लोड का आकलन कर आवश्यक विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके। भूमि आवंटन और सिंचाई मुद्दे भी उठाए कांग्रेस ने किसानों की सिंचाई डिग्गियों का लंबित भुगतान जारी करने, स्मॉल पैच और मीडियम पैच आवंटन खोलने और विशेष और भूमिहीन श्रेणी के किसानों के आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई रोकने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि गरीब और भूमिहीन किसानों के आवंटन निरस्त कर सोलर कंपनियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने लंबे समय से बंद पड़ी नरेगा (वी-बीजी रामजी) योजना को फिर से शुरू करने की मांग की, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। इसके साथ ही गांवों में बढ़ते नशे के कारोबार और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी जिलाध्यक्ष सत्तू खान पड़िहार ने कहा कि खाजूवाला क्षेत्र पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती, सिंचाई समस्याओं और बेरोजगारी से जूझ रहा है। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो किसान और आमजन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि कांग्रेस हमेशा निष्ठावान और संघर्षशील कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। आने वाले समय में ऐसे जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं उठा रही है और आमजन के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में नजर नहीं आए गोविन्दराम इस कार्यक्रम को खाजूवाला में किया गया, लेकिन यहीं से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल कार्यक्रम में नजर नहीं आए। गोविन्दराम और वर्तमान देहात कांग्रेस के बीच विवाद पहले से चल रहा है, ऐसे में उनकी अनुपस्थिति चर्चा में रही। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी मदन गोपाल मेघवाल, जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल, प्रीति मेघवाल, नोपाराम जाखड़, श्रीकृष्ण गोदारा, हेमंत सिंह यादव, मदन गोदारा, पुनमचंद भाम्भू, रविंद्र कस्वां, सदाम हुसैन, रघुवीर सिंह ताखड़, मोहम्मद शाबीर, एडवोकेट सलीम खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इंदौर में सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में चर्चित भोजशाला प्रकरण की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट शोभा मेनन और सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखा, जबकि एडवोकेट तौसिफ वारसी कोर्ट में उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से राज्य सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रस्तुत तर्कों और सर्वे रिपोर्ट का विरोध किया गया। वर्ष 2022 में रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने तथा हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। इसी प्रकरण में वर्ष 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने भोजशाला परिसर में 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था। बाद में 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर पूरे दिन पूजा-अर्चना की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने दी थी। यह तय नहीं हुआ है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैन शाला भोजशाला मामले की नियमित सुनवाई 6 अप्रैल से हाई कोर्ट में जारी है। 6 से 9 अप्रैल तक हिंदू पक्ष की ओर से विष्णुशंकर जैन और विनय जोशी ने भोजशाला को मंदिर बताते हुए अपने तर्क रखे थे। एडवोकेट शोभा मेनन ने कोर्ट में कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैन शाला। उन्होंने कहा कि यदि यह मंदिर होता तो वहां मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होती, जबकि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है। धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को तर्क दिया कि विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है, जबकि हाई कोर्ट में अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से स्वयं को समाजसेवी बताना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। सलमान खुर्शीद ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई वीडियोग्राफी और तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं तथा रंगीन फोटो भी उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी, जबकि भोजशाला में ऐसी कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। रिपोर्ट में गौतम बुद्ध की प्रतिमा का नहीं है उल्लेख आरोप लगाया कि सर्वे की सूचना मुस्लिम पक्ष को औपचारिक रूप से नहीं दी गई और जानकारी केवल सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। खुर्शीद ने कहा कि सर्वे एक साथ कई स्थानों पर किया गया, जिससे सभी स्थानों पर पक्षकारों की मौजूदगी संभव नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि सर्वे के दौरान गौतम बुद्ध की प्रतिमा मिली थी, लेकिन उसका उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया। साथ ही सर्वे में कार्बन डेटिंग तकनीक का उपयोग नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। सर्वे प्रक्रिया पर भी उठे सवाल एडवोकेट तौसिफ वारसी ने कहा कि सर्वे के दौरान पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर की मौजूदगी के लिए कोई स्पष्ट न्यायालयीन आदेश नहीं था, फिर भी वे पूरे समय उपस्थित रहे उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे आधुनिक तकनीक से किया जाना था, लेकिन सर्वे टीम ने पुरानी तकनीक “टोटल स्टेशन” का इस्तेमाल किया। मामले में अब 12 मई को अंतिम बहस प्रस्तावित है, जिसके बाद कोर्ट अपना निर्णय सुरक्षित रख सकती है।
महेंद्रगढ़ में किन्नरों के 2 गुटों के बीच भेंट मांगने के अधिकार को लेकर चल रहे विवाद पर व्यापार मंडल ने फैसला सुनाया है। कमला भवन धर्मशाला में हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर रचना किन्नर ग्रुप को महेंद्रगढ़ शहर और इलाके में भेंट मांगने का एकमात्र अधिकार दिया गया है। फैसले के अनुसार, भेंट जजमान की इच्छा अनुसार दी जाएगी, जबरदस्ती नहीं। व्यापार मंडल प्रधान सुरेंद्र बंटी की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें इलाके के व्यापारी, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में किन्नरों द्वारा जबरदस्ती वसूली और गाली-गलौज की लगातार मिल रही शिकायतों पर गंभीर चर्चा की गई। जबरदस्ती, गाली-गलौज नहीं करेंगे किन्नर व्यापार मंडल ने अपने प्रस्ताव में इस निर्णय के पीछे की परंपरा को भी स्पष्ट किया। प्रस्ताव के अनुसार, महेंद्रगढ़ इलाके में सबसे पहले चंपा दादी माई भेंट मांगती थीं। उनके बाद यह अधिकार बुलबुल महंत को मिला और वर्तमान में बुलबुल महंत ने यह हक रचना किन्नर को सौंपा है। समाज ने इसी परंपरा को मान्यता दी है। यह अधिकार रचना किन्नर ग्रुप को सख्त शर्तों के साथ दिया गया है। इन शर्तों में जबरदस्ती, गाली-गलौज, खाली जाने पर रोना-धोना या किसी प्रकार का ड्रामा न करने की बात शामिल है। भेंट जजमान की इच्छानुसार ही ली जाएगी, जैसा कि रचना किन्नर ने 27 और 29 अप्रैल 2026 को हलफनामे में कहा था। अन्य किन्नर गुट महेंद्रगढ़ इलाके में नहीं मांगेगा भेंट इसके अतिरिक्त, भेंट की राशि केवल किन्नर समुदाय के पास रहेगी और इसमें किसी बाहरी या गृहस्थी व्यक्ति की हिस्सेदारी नहीं होगी। यदि इन शर्तों का उल्लंघन होता है या कोई शिकायत मिलती है, तो व्यापार मंडल यह अधिकार वापस ले सकता है। व्यापार मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस निर्णय के बाद रचना किन्नर ग्रुप के अलावा कोई अन्य किन्नर गुट या व्यक्ति महेंद्रगढ़ इलाके में भेंट नहीं मांग सकेगा। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है, तो पुलिस प्रशासन से कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा। बैठक में ये लोग हुए शामिल इस प्रस्ताव की प्रतियां थाना प्रभारी महेंद्रगढ़, एसडीएम और नगर पालिका को भी भेजी गई हैं। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को पारित किया। बैठक में सुरेश सैनी (प्रधान, सैनी सभा), दिनेश वैध (प्रधान, ब्राह्मण सभा), महेंद्र पंसारी (प्रधान, अग्रवाल सभा), अभय राम यादव (प्रधान, यादव सभा), सुरेश अरोड़ा (प्रधान, पंजाबी सभा), महावीर सैन (प्रधान, सैन समाज), सुंदर लाल जोरसिया (प्रधान, अंबेडकर सभा), लक्ष्मी नारायण सैनी (प्रधान, हलवाई यूनियन) और दीपक सैनी (प्रधान, पुस्तक विक्रेता संघ) और बृज लाल रोहिल्ला (प्रधान रोहिल्ला समाज) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उद्योग मंदिर में सोमवार को परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनुफैक्चरिंग एसोसिएशन (पीमा) और यूपीसीडा अधिकारियों के बीच उद्योग पुरम में चल रहे विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता निपुण जैन ने की। बड़ी संख्या में मौजूद उद्यमियों ने यूपीसीडा द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की धीमी गति पर गहरा असंतोष जताया। उद्यमियों ने कहा कि उद्योग पुरम में नाले, सड़कें, विद्युत पोल और विद्युत लाइन जैसे आधारभूत कार्य बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। कई स्थानों पर खुदाई कर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ट्रकों की आवाजाही बाधित हो रही है और औद्योगिक उत्पादन व व्यापार प्रभावित हो रहा है। बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठा कि नालों की पुलियाएं तोड़ने के बाद लंबे समय तक उनका पुनर्निर्माण नहीं किया जाता। उद्यमियों ने कहा कि इकाइयों के सामने केवल 100 एमएम स्लैब डाले जा रहे हैं, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए कम से कम 200 एमएम स्लैब डाले जाने चाहिए। आगामी मानसून को लेकर भी उद्यमियों ने चिंता जताई। उनका कहना था कि कई नाले अभी अधूरे हैं और कई स्थानों पर काम शुरू तक नहीं हुआ है। ऐसे में बारिश का पानी निकासी न होने से उद्योगों को भारी नुकसान हो सकता है। उद्यमियों ने अटल योजना के तहत कराए जा रहे कम्युनिटी सेंटर, पार्क और कैंटीन जैसे कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से उद्योगों को तत्काल कोई लाभ नहीं मिल रहा, जबकि सड़क, नाले और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। बैठक में मौजूद यूपीसीडा के सलील यादव, सोनी पांडेय और विद्युत विभाग के राजबीर सिंह ने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं और कार्यों में तेजी लाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी और कांट्रैक्टर्स को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के बाद करीब एक घंटे तक पीमा अध्यक्ष निपुण जैन और अन्य सदस्यों ने यूपीसीडा अधिकारियों व कांट्रैक्टर्स के साथ उद्योग पुरम का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तय किया गया कि जिन स्थानों पर नाले और स्लैब का कार्य शुरू हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा कराया जाएगा। साथ ही जब तक पुराने कार्य पूरे नहीं होंगे, तब तक नई खुदाई नहीं की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि इकाइयों के सामने ड्रेन्स को पहले पूरा किया जाएगा, उचित स्लैब डाले जाएंगे और पड़ी मिट्टी तुरंत हटाई जाएगी। सफाई व्यवस्था को लेकर यूपीसीडा अधिकारियों ने कूड़ा उठाने वाले कांट्रैक्टर को प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सलील यादव ने कहा कि यदि सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित कांट्रैक्टर का अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा। पीमा अध्यक्ष निपुण जैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बैठक के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उद्यमियों को यूपीसीडा के सीईओ, मेरठ कमिश्नर और जनप्रतिनिधियों से मिलकर आंदोलन करना पड़ेगा। बैठक का संचालन राजीव सिंघल ने किया। इस दौरान मनोज शर्मा, हरिओम गोयल, अनुराग अग्रवाल, राकेश भल्ला, सुनील मित्तल, अंकित जैन और राजकुमार कंसल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
बागपत पॉक्सो कोर्ट का फैसला, आरोपी को कठोर कारावास:नाबालिग के अपहरण मामले में 5 साल 7 माह की सजा
बागपत की एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने अपहरण के एक मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी सुखवीर को दोषी करार देते हुए 5 साल 7 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला बागपत थाना क्षेत्र से संबंधित है। इसमें वादिया की नाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप था। मामले की सुनवाई एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश संजीव कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष पैरवी नरेंद्र सिंह पंवार ने की। अभियोजन विभाग और पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के कारण आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जा सके। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस अधिकारियों ने भी इस निर्णय को कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है।
गोहावाडा-बेड़ा मुख्य मार्ग का आधा हिस्सा ढहा:एक साल से आवागमन बाधित, प्रशासन से मरम्मत कराने की मांग
उदयपुर जिले के नयागांव उपखंड स्थित गोहावाडा-बेड़ा मुख्य मार्ग पिछले एक साल से क्षतिग्रस्त है। ग्राम पंचायत हर्षावाडा ,गतराली पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाजवा टीबरा फला गतराली के पास यह डामरीकरण सड़क भारी बरसात के कारण एक तरफ से धंस गई है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से दिन में बड़े वाहनों, चार पहिया और दो पहिया वाहनों को निकलने में कठिनाई होती है। रात्रि के समय अगर कोई तेज गति से निकलने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आगामी बरसात से पहले इसकी मरम्मत नहीं की गई, तो सड़क दोनों तरफ से संपर्क को तोड़ सकती है। यह मार्ग गोहावाडा और बेड़ा होते हुए गुजरात के विजयनगर को जोड़ता है, जिससे इस पर यातायात का दबाव रहता है। कुछ दिन पहले इसी मार्ग पर एक डंपर भी फंस गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से निकाला जा सका। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस सड़क की ओर तुरंत ध्यान देने और इसकी मरम्मत कराने की मांग की है। सोढा फला निवासी सुरेश, रमण, लक्ष्मण, दिनेश, डूंगरलाल, भीखालाल, नारायण लाल, कमलेश, रमेश कुमार और शैलेश कुमार सहित कई स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द सड़क ठीक करने की अपील की है।
संभल के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चार नई पुलिस चौकियों का उद्घाटन किया गया है। इन चौकियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस के नव-नियुक्त रिक्रूट कांस्टेबलों को तैनात किया गया है, जिससे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी। सोमवार शाम 6 बजे जनपद संभल की तहसील चंदौसी के थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र में इन चौकियों का शुभारंभ किया गया। रीठ पुलिस चौकी पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह और चंदौसी सीओ दीपक तिवारी ने आहुति दी। रीठ पुलिस चौकी का फीता गांव गुरसरी निवासी जोगेंद्र चौधरी की पुत्री बालिका जाह्नवी चौधरी ने काटा। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने नारियल फोड़कर चौकी का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। चौकियों को गुब्बारों से सजाया गया था और अतिथियों के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पर 'वेलकम' लिखा गया था। पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई ने बताया कि थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में रीठ, छाबड़ा, रतनपुर और रहौली नामक चार नई पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन चौकियों की स्थापना से क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। एसपी ने यह भी बताया कि इन नई चौकियों पर नव-नियुक्त रिक्रूट कांस्टेबलों को तैनात किया गया है। इससे उन्हें 'बीट पुलिसिंग' का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे स्थानीय ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगे। थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में पहले कोई पुलिस चौकी नहीं थी, लेकिन अब इन चार चौकियों के बनने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।
पंजाब में ईडी द्वारा कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब उनके विभागों को तीन मंत्रियों को सौंपे गए है। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध को अब पावर विभाग की जिम्मेदारी दी गई। जबकि शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस को लोकल बॉडी विभाग सौंपा गया। इसी उद्योग विभाग की जिम्मेदारी मंत्री अमन अरोड़ा को दी गई है। इस संबंधी आदेश जारी कर दिए गए है। हालांकि लोकल बॉडी व इंडस्ट्री पहले सीएम भगवंत मान खुद संभाल चुके हैं। अब जानिए किस मंत्री को जिम्मेदारी दी गई है - स्थानीय निकाय मंत्री में 7वीं बार फेरबदल मंत्री तरूरणप्रीत को स्थानीय निकाय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। 16 मार्च 2022 को सरकार के गठन के समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं इस विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद 5 जुलाई 2022 को कैबिनेट के पहले विस्तार में अमृतसर दक्षिण से विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को स्थानीय निकाय मंत्री नियुक्त किया गया। लगभग 11 महीने बाद उनके इस्तीफे पर 31 मई 2023 को करतारपुर से विधायक बलकार सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई। सितंबर 2024 में हुए एक बड़े फेरबदल के दौरान 23 सितंबर 2024 को शाम चौरासी से विधायक डॉ. रवजोत सिंह को नया स्थानीय निकाय मंत्री बनाया गया। हाल ही में 8 जनवरी 2026 को हुए ताजा फेरबदल में यह विभाग संजीव अरोड़ा को सौंप दिया गया, जो वर्तमान में इसके साथ-साथ उद्योग और बिजली विभाग का कार्यभार भी देख रहे हैं। अब तरूणप्रीत को बिजली विभाग की जिम्मेदारीमार्च 2022 को सरकार के गठन के समय यह विभाग हरभजन सिंह ईटीओ बिजली विभाग सौंपा गया था, जिन्होंने अगस्त 2025 तक इस पद को संभाला। इसके बाद 18 अगस्त 2025 को हुए कैबिनेट फेरबदल में यह विभाग उनसे वापस लेकर संजीव अरोड़ा को दे दिया गया, जो वर्तमान में (मई 2026 तक) बिजली मंत्री के पद पर रहे। वहीं, अब मंत्री तरूणप्रीत सौंध को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उद्योग एवं वाणिज्य में चौथी बार बदलावमौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य (Industries Commerce) और निवेश प्रोत्साहन (Investment Promotion) विभाग में कई बड़े प्रशासनिक बदलाव हुए हैं। सरकार की शुरुआत (मार्च 2022) में यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास था। इसके बाद कैबिनेट विस्तार में अनमोल गगन मान को इस विभाग की जिम्मेदारी दी गई, जिन्होंने सितंबर 2024 तक इसे संभाला। सितंबर 2024 के बड़े फेरबदल में अनमोल गगन मान को कैबिनेट से हटा दिया गया और यह विभाग तरुणप्रीत सिंह सोंद को सौंपा गया। इसके बाद जुलाई 2025 में एक और महत्वपूर्ण बदलाव हुआ, जब नवनिर्वाचित विधायक संजीव अरोड़ा को कैबिनेट में शामिल कर उन्हें उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और एनआरआई मामलों का मंत्री बनाया गया। जबकि अब यह जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को सौंपी गई है। कैबिनेट में अब दो पद खाली11 मई 2026 तक पंजाब मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित कुल 16 मंत्री कार्यरत हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं, इसलिए अभी दो पद खाली हैं। सरकार में सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में हरपाल सिंह चीमा शामिल हैं, जो वित्त, आबकारी एवं कराधान और योजना जैसे अहम विभाग संभालते हैं और इन्हें कैबिनेट में प्रमुख भूमिका वाला माना जाता है। वहीं अमन अरोड़ा भी महत्वपूर्ण मंत्री हैं, जिन्हें उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग के साथ-साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और शासन सुधार जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी का शव घर के भीतर फांसी के फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के समय किशोरी घर पर अकेली थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना करारी थाना क्षेत्र के बड़ा अडहरा गांव की है। सोमवार शाम करीब 5:30 बजे निशा सरोज (15) घर में अकेली थी, जबकि उसकी मां मेघा रानी किसी काम से बैंक गई हुई थीं। जब मेघा रानी घर लौटीं तो उन्होंने कमरे के अंदर बेटी का शव छत की धन्नी से साड़ी के फंदे के सहारे लटका देखा। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर करारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन किशोरी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट के तरुण लिल्हारे हत्या मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जिस लड़की की शादी में तरुण गया था, उसने पुलिस के सामने कबूल किया है कि वह तरुण को पहले से जानती थी। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि उनके बीच असल में क्या रिश्ता था। जांच में यह बात सामने आई है कि जिस दिन लड़की की शादी थी, उस दिन तरुण और उसके बीच कई बार फोन और वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। आरोप है कि लड़की ने ही तरुण को शादी में बुलाया था, जिसके बाद वह वहां पहुंचा था। पुलिस ने लड़की और तरुण, दोनों के मोबाइल फोन साइबर जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि उनकी बातचीत का पूरा ब्यौरा मिल सके। हत्या को एक्सीडेंट बताने की थी साजिश 5 मई की रात जब तरुण शादी में पहुंचा, तो लड़की के भाइयों और उनके दोस्तों ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। जुर्म छुपाने के लिए आरोपियों ने तरुण की लाश को उसकी गाड़ी के साथ सड़क किनारे फेंक दिया ताकि सबको यह सड़क हादसा लगे। हालांकि, पुलिस की जांच में यह साजिश पकड़ी गई और लड़की के भाइयों समेत पांच लोग पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट आने पर बढ़ सकती है लड़की की मुश्किलें तरुण के भाई अंकित ने मांग की है कि इस मामले में लड़की और उसके साथ शामिल अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एसडीओपी अभिषेक चौधरी का कहना है कि मोबाइल की साइबर रिपोर्ट आने के बाद अगर लड़की की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है।
फतेहगढ़ साहिब के अमलोह थाने की हवालात में एक हवालाती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 35 वर्षीय दविंदर सिंह के रूप में हुई है, जिसे चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इंसाफ की मांग की है। मामले की जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा शुरू कर दी गई है। अमलोह पुलिस ने दविंदर सिंह को 7 मई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। बताया जा रहा है कि 9 मई की शाम करीब 5 बजे दविंदर सिंह ने हवालात के अंदर कंबल से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। पुलिस कर्मचारियों को जानकारी मिलने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाने पहुंचे परिजन घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार के सदस्य अमलोह थाने पहुंच गए और उन्होंने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही के कारण दविंदर सिंह की मौत हुई है। परिवार का कहना था कि हवालात में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। मृतक की माता रानी ने बताया कि पुलिस ने उन्हें फोन पर दविंदर की मौत की सूचना दी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने उन्हें एक वीडियो दिखाया, जिसमें दविंदर चादर को रस्सी बनाकर फांसी लगाते दिख रहा था। माता ने आरोप लगाया कि दविंदर करीब 10 से 15 मिनट तक तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में एसएसपी फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल ने कहा कि पुलिस हिरासत में हुई मौत को गंभीरता से लिया गया है। नियमों के अनुसार, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ रोड स्थित ऐकाई अस्पताल के समीप एक सड़क हादसे में एक साइकिल सवार व्यक्ति की जान चली गई। हादसा उस समय हुआ जब व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था। इसी समय किसी वाहन ने उसको टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान और पारिवारिक स्थिति थाना मोती नगर के जांच अधिकारी एएसआई साहब कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान 35 वर्षीय प्रहलाद के रूप में हुई है, जो लुधियाना के हीरा नगर का निवासी था। प्रहलाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला था और लुधियाना में एक फैक्ट्री में ओवरलॉक मशीन चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। प्रहलाद की पत्नी अंजनी ने बताया कि वह अपने पीछे चार बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। इस अचानक हुए हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस की कार्रवाई और जांच पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि टक्कर मारने वाले वाहन का सुराग लगाया जा सके। पुलिस दुर्घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी वाहन और चालक की पहचान हो सके। एएसआई साहब कुमार ने कहा कि परिवार के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जल्द ही अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में नरवाना रेलवे लाइन पर पिंडारसी रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में एक युवक का शव बरामद हुआ। युवक ने कथित तौर पर सुसाइड करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि युवक ट्रेन के आगे लेट गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी एक बाजू कट गई और सिर में भी गंभीर चोट लगी। जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद युवक कुछ देर तक जिंदा रहा। होश आने के बाद उसने उठकर चलने की कोशिश भी की, लेकिन कुछ कदम आगे चलने के बाद झाड़ियों में गिर पड़ा। इससे उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) कुरुक्षेत्र की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान की कोशिश की गई। सुसाइड करने पटरी के पास लेटा जांच अधिकारी SI विकास कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच युवक के सुसाइड की ओर इशारा कर रही है। युवक सुसाइड करने के लिए पटरी पर लेट गया था। ट्रेन की चपेट में उसकी राइट बाजू कट गई। साथ ही उसके सिर में काफी ज्यादा चोट आई। गंभीर रूप से घायल होने के कारण युवक बेहोश हो गया। खून ज्यादा बहने से मौत इस दौरान उसका काफी ज्यादा खून बह गया। होश आने पर युवक उठकर चलने लगा, लेकिन कमजोरी की वजह से कुछ दूर चलकर नीचे गिर गया और उसने दम तोड़ दिया। घटनास्थल और उससे आसपास काफी खून पड़ा हुआ था। फिलहाल, शव को शव को LNJP अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। शव की नहीं हुई पहचान पुलिस के अनुसार, अभी मृतक की पहचान नहीं हुई है। युवक का रंग सांवला और शरीर पतला, लेकिन मजबूत था। उसने ऊपर नीली और लाल रंग की टी-शर्ट, जबकि नीचे ग्रे रंग का लोअर पहना हुआ था। उसकी उम्र 20- 25 के करीब है। आसपास के थानों और इलाकों में उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सोमवार को ली। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम द्वारा संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। कार्यों में देरी और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि 30 जून तक कार्य पूरा नहीं करने वाली निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन कार्य समय सीमा में किया जाए। ताकि सड़कें यथास्थिति में वापस आ सकें। भीषण गर्मी को देखते हुए निर्देश दिए गए कि आवश्यकता अनुसार, वैकल्पिक स्रोतों को निर्धारित कर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए जो ठेकेदार कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं, उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्ट करें। खराब प्रदर्शन का रिकॉर्ड उनके कार्य अनुभव में जोड़ा जाए। ताकि वे भविष्य में अन्य निविदाओं में शामिल नहीं हो सकें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर ने बैठक में जल निगम की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। साथ ही पंचायतों के माध्यम से यूजर चार्जेस की वसूली और जल समितियों की सक्रियता करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ट्रीटेड वॉटर की योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। जिसका लाभ सभी को मिलना चाहिए। कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कार्य में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। 15 से 30 जून तक यदि कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो संबंधित एजेंसी पर एफआईआर और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी। कार्यों की निगरानी में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार से संबंधित लंबित वाजिब बिलों का भुगतान ईई, पीएचई स्वयं परीक्षण कर 7 दिनों के भीतर करें। ताकि कार्य की गति प्रभावित न हो।
रायपुर में 12 से 14 मई 2026 तक “अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना” की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय बैठक में देशभर के कृषि वैज्ञानिक फसलों को खरपतवार से होने वाले नुकसान को रोकने और नई तकनीकों के विकास पर विचार-विमर्श करेंगे। बैठक का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), नई दिल्ली के उप महानिदेशक (NRM) करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति करेंगे। यह परियोजना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा का जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए अनुसंधान, नई तकनीकों का विकास और किसानों तक उनका प्रसार करना है। बैठक में देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के 17 प्रमुख केंद्रों और 7 स्वयंसेवी केंद्रों के वैज्ञानिक शामिल होंगे। इसके अलावा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, ICAR संस्थानों और हर्बीसाइड उद्योगों से जुड़े करीब 100 वैज्ञानिकों के भाग लेने की संभावना है। समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 के अनुसंधान कार्यों और विस्तार गतिविधियों की उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी दो वर्षों के तकनीकी कार्यक्रम को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, खरपतवार नियंत्रण समय पर नहीं होने पर फसल उत्पादन में 40 से 60 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। वहीं धान की सीधी बोनी वाली फसलों में यह नुकसान कई बार 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।
सुशासन तिहार में 2 घंटे में पहुंचे 623 आवेदन:सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क और निर्माण कार्यों की
राजधानी में शुरू हुए सुशासन तिहार के पहला जनसमस्या रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के जोन-3 अंतर्गत 7 वार्डों के लिए शंकरनगर स्थित सिंधु भवन में आयोजित शिविर में सिर्फ दो घंटे के भीतर 623 आवेदन पहुंचे। इनमें 450 मांगें और 173 शिकायतें शामिल रहीं। सबसे ज्यादा आवेदन लोककर्म विभाग से जुड़े रहे। सड़क, नाली, निर्माण और अधोसंरचना संबंधी समस्याओं को लेकर विभाग को कुल 229 आवेदन मिले, जिनमें 206 मांगें और 23 शिकायतें शामिल थीं। इससे साफ है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों की नाराजगी अभी भी बनी हुई है। शिविर में प्राप्त कुल 623 आवेदनों में से 27 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। बाकी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर समाधान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का दावा है कि सभी मामलों का एक महीने के भीतर निराकरण कर आवेदकों को लिखित जानकारी दी जाएगी। पानी, बिजली और सफाई से जुड़े मुद्दे भी छाए रहे जनसमस्या शिविर में जलकार्य विभाग को 86 आवेदन मिले, जबकि स्वास्थ्य विभाग को 52 और बिजली शाखा को 40 आवेदन प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से जुड़े 49 आवेदन भी पहुंचे। इसके अलावा बाजार विभाग को 33, नगर निवेश विभाग को 28 और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े 20 आवेदन मिले। राशन कार्ड, पेंशन, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास और श्रम विभाग से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में सामने आईं। सरकार का दावा- एक महीने में होगा समाधान राज्य सरकार के निर्देश पर लगाए जा रहे इन शिविरों में लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर समाधान करने का दावा किया जा रहा है। निगम अधिकारियों के मुताबिक सभी विभागों को आवेदन भेज दिए गए हैं और तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पहले ही दिन बड़ी संख्या में पहुंचे आवेदनों ने यह भी संकेत दिया कि राजधानी के कई इलाकों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों की समस्याएं अभी भी बरकरार हैं।
चित्तौड़गढ़ के चर्चित रमेश ईनाणी हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी रमता राम को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी को भारी पुलिस जाब्ते के साथ कोर्ट लाया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए रिमांड की मांग की। सुनवाई के बाद अदालत ने रमता राम को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब पुलिस इस दौरान आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े कई जरूरी पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई सबूत और जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी जांच अभी बाकी है। ऐसे में रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जाएगी। हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका हुई खत्म इस मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। रमता राम की ओर से राजस्थान हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई थी। लेकिन सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि रमता राम ने संबंधित पुलिस थाने में सरेंडर कर दिया है। इसके बाद हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए निस्तारित कर दिया। कानूनी भाषा में इसका मतलब यह है कि जब आरोपी खुद पुलिस के सामने पेश हो जाता है, तब अग्रिम जमानत की जरूरत नहीं रह जाती और याचिका अपने आप समाप्त मानी जाती है। इसी कारण कोर्ट ने जमानत पर कोई अलग फैसला देने के बजाय याचिका को खत्म कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर लोगों में चर्चा तेज हो गई, क्योंकि एक तरफ पुलिस का कहना है कि आरोपी को खुद जाकर गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरी तरफ कोर्ट में आरोपी पक्ष ने सरेंडर की बात कही। पुलिस बोली- आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद कोतवाली थाना अधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि आरोपी रमता राम के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। हालांकि इन सभी सबूतों का सत्यापन करना अभी बाकी है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों को जांचेगी और सबूतों को वेरीफाई करेगी। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे पूरे मामले का खुलासा करने में मदद मिलेगी। वहीं शहर में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों की लगातार नजर बनी हुई है। चर्चित हत्याकांड में मुख्य आरोपी के कोर्ट पहुंचने और रिमांड पर जाने के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
लखनऊ में डूडा विभाग की समीक्षा बैठक:महापौर सख्त, बोलीं- आवास और सड़क निर्माण समय पर पूरे कराएं
लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में डूडा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इसमें शहरी विकास योजनाओं, आवास आवंटन और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मेयर ने प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य शहरी आवास योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेयर बोली क्वॉलिटी से न किया जाए समझौता बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा हुई। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता न किया जाए और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें और मूलभूत सुविधाएं नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाती हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने भी विभागीय समन्वय बढ़ाकर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि शहरवासियों को सीधा लाभ मिल सके। बैठक में अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, पंकज श्रीवास्तव, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम और परियोजना अधिकारी डूडा चंद्रकांत त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पंचकूला जिले के कालका-पिंजौर में चरमराई सफाई व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कालका हलका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। जिसमें हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय सिंगला, पार्षद बनिंदर कौर, पार्षद अश्विनी कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने गांधी चौक पर लगे कूड़े के ढेर पर गुलाब के फूल लगाकर सफाई व्यवस्था पर अपना रोष जताया। इसके बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए बाजार से एसडीएम कालका को सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई प्रदीप चौधरी ने कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से कालका-पिंजौर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने बताया कि जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि सड़कों और बाजारों में फैली गंदगी से शहर की वायु प्रदूषित हो रही है, वहीं बेसहारा पशु कूड़े में मुंह मारते दिखाई देते हैं। कचरा नालियों में भरने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी ने जोर देकर कहा कि ऐतिहासिक कालका शहर गंदगी का केंद्र बन चुका है और नागरिक दूषित वातावरण में रहने को मजबूर हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
बैतूल के चर्चित एंबुलेंस ड्राइवर अपहरण और हत्या मामले में सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी अनिल बामने, आरती बामने और नवनीत सराठे को अपहरण के मामले में 7-7 साल के सश्रम कारावास तथा हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक आरोपी पर 13-13 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला सारणी थाना क्षेत्र के घोड़ाडोंगरी का है। मृतक दीपक बामने निजी एंबुलेंस चालक था। अभियोजन के अनुसार 6 फरवरी की रात करीब 12.30 बजे सर्राफा बाजार क्षेत्र से उसका कार में अपहरण किया गया था। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज में आरोपी दीपक के साथ मारपीट करते हुए उसे होंडा सिटी कार में जबरन बैठाकर ले जाते दिखाई दिए थे। संपत्ति विवाद में रची हत्या की साजिश जांच में सामने आया कि संपत्ति विवाद के चलते मृतक के पिता अनिल बामने, सौतेली बहन आरती बामने और आरती के प्रेमी नवनीत सराठे ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने दीपक के हाथ-पैर और मुंह बांधकर उसकी हत्या कर दी और शव को नर्मदा नदी में फेंक दिया था। घोड़ाडोंगरी पुलिस ने 7 फरवरी को अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को पिता और बहन पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने हत्या कर शव नर्मदा नदी में फेंकने की बात कबूल कर ली। नर्मदा किनारे रेत में मिला शव इसके बाद पुलिस आरोपियों को लेकर नर्मदापुरम के गोंदरी घाट पहुंची, जहां नदी किनारे रेत के टीले पर शव बरामद हुआ। मृतक के हाथ बंधे हुए थे। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पुलिस ने पहले आरोपी पिता अनिल बामने को गिरफ्तार किया था। जबकि आरती और नवनीत फरार हो गए थे। बाद में दोनों के उज्जैन में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस ने नवनीत को उज्जैन से गिरफ्तार किया, जबकि आरती भोपाल भाग गई थी। बाद में उसे भोपाल से पकड़ा गया। गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी अवधेश तिवारी, एएसआई संत कुमार परतेती और आरक्षक सतीश वाड़ीवा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज अभियोजन का सबसे मजबूत साक्ष्य बना। फुटेज को जूम करने पर आरोपियों द्वारा दीपक को जबरन कार में बैठाकर ले जाना स्पष्ट दिखाई दिया। न्यायालय ने इसे “लास्ट सीन” की महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए अन्य साक्ष्यों के साथ आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार को भी राजसात करने के आदेश दिए हैं। मामले में शासन की ओर से पैरवी शासकीय लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने की। बताया गया कि आरोपी आरती बामने की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से निरस्त हो चुकी थी, जबकि नवनीत सराठे की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।
रामसीन के आपेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में महादेव की विशेष पूजा- अर्चना की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्तजनों ने दर्शन का लाभ लिया। प्रशासन के आदेश में आज मंदिर की विशेष साज सज्जा की गई थी। सुबह 9 बजे प्रशासनिक अफसरों के अलावा जनप्रतिनिधियों और आपेश्वर सेवा ट्रस्ट व ग्रामीणों की मौजूदगी में आचार्य पंडित भंवरलाल, कल्पेश माराज एवं भरत कुमार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ, पूजा अर्चना व आरती करवाई। इस दौरान नीलकंठ महादेव मंदिर में धनानी महंत गोपाल भारती महाराज ने बिल्व पत्र, दूध व जल से रुद्राभिषेक किया। अतिरिक्त जिला कलक्टर दौलतराम चौधरी ने सोमनाथ महादेव की 75वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देशभर में हो रहे स्वाभिमान कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस मौके सेवा ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी गंगासिंह परमार ने सभी अतिथियों का आभार जताया। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी प्रीति चक्र, तहसीलदार नीरजा कुमारी, विकास अधिकारी हितेंद्र कुमार, भाजपा जिला मंत्री गोपालसिंह, मंडल अध्यक्ष छगनलाल भाटी, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश रावल, प्रशासक चंद्रवीरसिंह, ट्रस्टी जनकसिंह, शंकरसिंह पुरोहित, ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश, भू अभिलेख निरीक्षक केवाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
जयपुर में दोस्ती के लिए युवती का पीछा:छेड़छाड़ के विरोध पर की मारपीट, पुलिस से बचकर भागने में टूटा पैर
जयपुर में दोस्ती के लिए एक युवती का पीछा कर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। विरोध करने पर आरोपी ने युवती के साथ मारपीट कर भाग गया। पकड़ने पहुंची पुलिस से बचने के लिए भागने की कोशिश में आरोपी का पैर टूट गया। मोतीडूंगरी थाना पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। DCP (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया- मामले में आरोपी विक्रम राज (19) बिहार हाल झालाना डूंगरी गांधी नगर को अरेस्ट किया है। शनिवार दोपहर एक युवती ने मोतीडूंगरी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में बताया कि करीब 2 साल पहले आरोपी विक्रम राज से दोस्ती हुई थी। करीब एक महीने पहले दोनों की आपस में लड़ाई हो गई। बात करने से मना करने पर भी आरोपी विक्रम राज कॉल-मैसेज कर परेशान करने लगा। मोबाइल नंबर बदलने पर पीछा करना शुरू कर दिया। बदनाम करने और मारने की धमकी देने लगा। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे ऑफिस के बाहर पहुंच आरोपी विक्रम राज ने हाथ पकड़ बतमीजी करने लगा। हाथ मोड़कर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर मारपीट की। शोर मचाने पर ऑफिस के लोगों ने बाहर आकर बचाया। चोट लगने पर रोड पर गिरा SHO (मोतीडूंगरी) मोहन सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैस की। पुलिस टीम एमपीएस स्कूल के पास आरोपी को पकड़ने पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी विक्रम राज ने भागने की कोशिश की। रोड पर गिरकर पैर टूटने पर पुलिस ने उसको पकड़ लिया। पैर में चोट लगने पर घायल आरोपी का हॉस्पिटल में इलाज करवाने के बाद अरेस्ट किया गया।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। किसान नेता श्यामलाल जोकचंद की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण अधीक्षक यंत्री कार्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी और विजिलेंस टीम किसानों तथा आम उपभोक्ताओं पर फर्जी बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज कर प्रताड़ित कर रही है। उनका कहना था कि बिना निष्पक्ष जांच के किसानों के खिलाफ केस बनाए जा रहे हैं और पुलिस के जरिए भय का माहौल तैयार किया जा रहा है। ‘किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार’ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई मामलों में किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। लोक अदालत जैसे मंचों पर भी किसानों और उपभोक्ताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे हैं, जिससे गरीब किसान और मजदूर मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि जलोदिया गांव के किसान रामप्रसाद मेघवाल और प्रदिराम मेघवाल के खिलाफ विधिवत बिजली कनेक्शन होने के बावजूद फर्जी बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों किसानों को थाने लाकर हथकड़ी लगाई गई, जिससे क्षेत्र में नाराजगी फैल गई। लाखों के गलत बिजली बिल देने का आरोप ज्ञापन में किसानों ने बिजली कंपनी पर गलत और अत्यधिक बिजली बिल देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि कई बार लाखों रुपए तक के बिल थमा दिए जाते हैं। तकनीकी खराबी या केबल फॉल्ट से बिल बढ़ने पर भी किसानों को भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है। किसानों का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। किसानों ने कहा कि जर्जर तारों और डीपी की समय पर मरम्मत नहीं होने से हादसे बढ़ रहे हैं। कई गांवों और आबादी क्षेत्रों के बीच से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। किसानों ने मांग की कि जर्जर बिजली लाइनों और डीपी को तुरंत बदला जाए तथा आबादी क्षेत्र से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और उन्हें इसी तरह प्रताड़ित किया जाता रहा तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। किसानों ने निर्दोष लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले में अधीक्षक यंत्री योगेश आठनेरे ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि किसानों की शिकायतों और आवेदनों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की अपील कंपनी के समक्ष रखी जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि न्यायालय के वारंट के आधार पर हुई गिरफ्तारी पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। धरना प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा। इस दौरान किसानों और ग्रामीणों ने बिजली कंपनी तथा विजिलेंस की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सपोटरा विधायक हंसराज मीना ने खानपुर गांव में प्रजापति समाज के छात्रावास निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला स्तर पर छात्रावास के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का आश्वासन भी दिया। यह घोषणा रामायण पाठ धार्मिक कार्यक्रम के समापन समारोह में की गई। यह कार्यक्रम खानपुर में राधेश्याम प्रजापत और रामगोपाल प्रजापत के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। दक्ष प्रजापति विकास संस्थान करौली के संरक्षक रामेश्वर ठेकेदार और गंगापुर सिटी प्रजापति विकास संस्थान के अध्यक्ष बृजमोहन प्रजापति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दक्ष प्रजापति विकास संस्थान करौली के सचिव गंगाराम प्रजापत ने बताया कि अतिथियों का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। विधायक हंसराज मीना ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में मेल-मिलाप और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने समाज के विकास और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। समारोह में हरिमोहन प्रजापति, रामसहाय प्रजापति, रामस्वरूप बूकना, बिराज प्रजापत, मुनीराम धूलाबास, हरि, बनिया, इंद्रेश सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
धार के तिरला सोसायटी स्थित आरटीओ ऑफिस के पास संचालित समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्र पर किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोदाम भर जाने के कारण गेहूं की खरीदी और तुलाई कार्य प्रभावित हो गया है। किसान पिछले 15 दिनों से अपनी उपज की तुलाई का इंतजार कर रहे हैं। खरमपुर निवासी किसान विष्णु मुकाती ने बताया कि उनका गेहूं तुलाई के लिए 1 मई से नंबर पर लगा हुआ है। केंद्र पर उनका पांचवां नंबर है और उनकी दो ट्रॉलियां कई दिनों से खड़ी हैं। इनमें से एक ट्रॉली की तुलाई हो चुकी है, जबकि दूसरी ट्रॉली अब तक नहीं तौली गई। रोज मिलता है आश्वासन, नहीं हो रही तुलाई किसानों का आरोप है कि उन्हें रोज तुलाई शुरू होने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ रहा। कई किसान दिनभर खुले में बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों ने खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां पीने के पानी तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में किसान और मजदूर परेशान हो रहे हैं। गोदाम भरने से रुका काम गेहूं तुलाई प्रभारी अजय पाटीदार ने बताया कि उन्हें इस सोसायटी से दूसरी सोसायटी में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र का गोदाम पूरी तरह भर चुका है, जिसके चलते फिलहाल खरीदी और तुलाई कार्य रोकना पड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन किसानों की तुलाई बाकी है, उनकी उपज की तुलाई जल्द शुरू करवाई जाएगी। साथ ही अधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जमीन के सीमांकन के दौरान विवाद हो गया। परिवार के लोगों ने गलत नापी का आरोप लगाते हुए राजस्व निरीक्षक (RI) और हल्का पटवारी की कार के आगे बाइक खड़ी कर रास्ता रोक लिया और 2 घंटे तक बंधक बना लिया। इस दौरान पटवारी और ग्रामीण हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं परिवार के सदस्य ने रस्सी लाकर सुसाइड कर लूंगा की धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस मामले में पटवारी ने परिवार के शिकायत की है। रिपोर्ट पर पुलिस ने चार ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इधर, ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक और पटवारी पर गलत सीमांकन और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। यह मामला करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव का है। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला दरअसल, यह घटना 8 मई को हुई। पटवारी भरत चौहान ने बताया कि वे राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह के साथ नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचे थे। यहां आवेदक संतराम की जमीन (खसरा नंबर 643/1, रकबा 0.085 हेक्टेयर) का सीमांकन किया जाना था। सूचना देने के बाद मौके पर खसरा नंबर 643 की सभी जमीन की नाप-जोख की गई और इसकी जानकारी आवेदक को दे दी गई। बाइक खड़ी कर कार का रास्ता रोका दोपहर करीब 1 बजे आवेदक संतराम, उनके बेटे लीलाधर पटेल, हुकूम चंद और हरिराम ने सीमांकन पर आपत्ति जताई और विवाद करने लगे। इस दौरान उन्होंने राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी की कार के पीछे मोटरसाइकिल खड़ी कर रास्ता रोक दिया। लीलाधर ने रस्सी लाकर सुसाइड कर लूंगा की धमकी दी। अधिकारियों पर पैसे लेकर गलत सीमांकन का लगाया आरोप पटवारी ने आरोप लगाया कि परिवार के लोगों ने अधिकारियों से गाली-गलौज की और कहा कि “गलत तरीके से नाप-जोख कर रहे हो, पैसे लेकर सीमांकन कर रहे हो। उन्होंने यह भी धमकी दी कि जब तक नायब तहसीलदार, कलेक्टर या थाना प्रभारी (TI) मौके पर नहीं आते, तब तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। करीब दो घंटे तक दोनों अधिकारियों को रोके रखा गया, जिससे सरकारी काम में बाधा आई। साथ ही उन्हें जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई। चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करतला थाना पुलिस ने पटवारी भरत चौहान की रिपोर्ट पर संतराम, लीलाधर पटेल, हरिराम और हुकूमचंद पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये सभी नोनबिर्रा के बनियापारा के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 221, 296, 3(5) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, परिवार का आरोप है कि वर्षों से सीमांकन की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि जिस जमीन की नाप होनी चाहिए, उसे छोड़कर दूसरी जमीन की नापी की जा रही है। कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग इधर, परिवार के लोगों ने प्रशासन पर गलत सीमांकन और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है। परिवार ने सोमवार की सुबह जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उनकी जमीन पर दूसरे पक्ष के लोग अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार पटवारी, आरआई और अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। परिवार के अनुसार, 8 मई 2026 को जमीन का सीमांकन किया गया, लेकिन यह सीमांकन गलत और पक्षपातपूर्ण था। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांकन विपक्षी पक्ष से मिलीभगत और रिश्वत लेकर किया गया। उनका कहना है कि सीमांकन के दौरान विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन गई। बाद में तहसीलदार मौके पर पहुंचे और सोमवार को दोबारा आवेदन देने पर अवैध निर्माण पर रोक लगाने का आश्वासन दिया गया। आरोप है कि इसके बाद संबंधित पटवारी ने खुद को बचाने और मामले को दबाने के लिए किसानों के खिलाफ ही झूठा मामला दर्ज करा दिया। किसानों ने इसे दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
देवास में प्रदूषण फैलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सोमवार को विशेष अभियान चलाया। औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC) और जरूरी दस्तावेजों के चल रहे वाहनों पर शिकंजा कसा गया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में यह औचक जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कुल 74 वाहनों की पड़ताल की गई। मालवाहक वाहनों की गहन जांच अभियान में मुख्य रूप से मालवाहक वाहनों के फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) की जांच की गई। अधिकारियों ने दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान 21 वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इन वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 1 लाख 5 हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला गया। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी कि बिना वैध दस्तावेज और PUC प्रमाण-पत्र के वाहन सड़क पर न चलाएं। साथ ही ओवरलोडिंग और ओवर स्पीडिंग से बचने की चेतावनी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। परिवहन विभाग के मुताबिक सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।
सहारनपुर के चर्चित रामनगर जातीय हिंसा मामले में कोर्ट ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत 8 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। रामनगर हिंसा से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ एवं विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए मीनल चावला की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने बताया कि मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान 6 आरोपी अदालत में पेश हुए, जबकि सांसद चंद्रशेखर आजाद, दीपक बौद्ध, कालू उर्फ अमित, कमल वालिया, कदम सिंह, अंकित, बंटी और राजन अदालत में अनुपस्थित रहे। आरोप तय होने की प्रक्रिया के दौरान गैरहाजिर रहने को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने सभी 8 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। 2017 में भड़की थी रामनगर हिंसा देहात कोतवाली क्षेत्र के रामनगर में 9 मई 2017 को जातीय तनाव के बाद हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। कई लोग घायल हुए थे, जबकि पुलिस और निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन हालात बेकाबू हो गए थे। स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। हिंसा के बाद कई दिनों तक इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। सरकारी वाहनों में भी की गई थी आगजनी मामले के वादी सुधीर कुमार गुप्ता ने देहात कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि वह अपने प्रभारी अधिकारी के साथ तनाव की सूचना पर रामनगर पहुंचे थे। इसी दौरान उपद्रवियों की भीड़ उग्र हो गई और वहां खड़े वाहनों में आग लगा दी गई। उनकी मोटरसाइकिल भी आगजनी की चपेट में आकर जल गई थी। कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुए थे मुकदमे रामनगर हिंसा के बाद पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कई मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा और तोड़फोड़ जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गई थीं। इन्हीं मुकदमों में से एक मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। साल 2017 में सहारनपुर जिले में जातीय तनाव लगातार बढ़ रहा था। शब्बीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई घटनाओं के बाद भीम आर्मी और दूसरे संगठनों के प्रदर्शन हुए थे। उसी दौरान रामनगर क्षेत्र में भी माहौल तनावपूर्ण हो गया था और बाद में हिंसा फैल गई थी। उस समय जिले में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन पर भी सवाल उठे थे।
पंचकूला में नाबालिग बच्चे के अपहरण की वारदात का खुलासा किया है। चोरी की कार में बच्चे का अपहरण करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। पंचकूला में धारा 137(2), 303(2), 336(3), 340(2), 341(2), 140(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पंचकूला में ऑटो ड्राइवर ने सुबह करीब साढे 3 बजे डायल-112 पर सूचना दी कि माजरी चौक के पास एक सफेद रंग की हुंडई कार में एक व्यक्ति एक नाबालिग बच्चे को जबरदस्ती बैठाकर ले गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने ऑटो के पास खड़ा था, तभी उसने देखा कि एक व्यक्ति 13/14 वर्षीय बच्चे को जबरन कार में बैठा रहा था। बच्चे के चिल्लाने और विरोध करने पर आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ, जिसके बाद आरोपी बच्चे को लेकर मौके से फरार हो गया। रामगढ़ में घेरकर काबू किया जांच के दौरान ईआरवी-534 पर तैनात मुख्य सिपाही रामचन्द्र, एसपीओ राजेन्द्र सिंह तथा होमगार्ड असगर अली ने मुस्तैदी और सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी रविन्द्र कुमार यादव पुत्र यादव राम निवासी जिला झुंझुनू, राजस्थान को चंद घंटों के भीतर रामगढ़ से काबू कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2010 में दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था, लेकिन वर्ष 2023 में विभाग द्वारा उसे बर्खास्त कर दिया गया था।चोर की कार, फर्जी नंबर प्लेट जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी द्वारा वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई ऑरा कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। पुलिस जांच में वाहन का असली नंबर राजस्थान का निकला तथा यह कार जयपुर से चोरी की गई पाई गई। संबंधित वाहन मालिक द्वारा जयपुर में वाहन चोरी का मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है। कार से मिर्च स्प्रे बरामद :ACP एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि कार से मिर्च स्प्रे सहित अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ है, जिससे मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अपहृत बालक पंजाब निवासी परिवार से संबंधित है, जो वर्तमान में पंचकूला में रह रहा है।
नूंह जिले में लगभग 9 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा ट्रांजिट फ्लैट अधूरा पड़ा है। लघु सचिवालय स्थित ऑफिसर आवासीय कॉलोनी में यह इमारत अब जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है।निर्माण एजेंसी काम अधूरा छोड़कर चली गई है। भवन से चौखट, जंगले, खिड़कियां और अन्य कीमती लोहे का सामान चोरी हो गया है। करोड़ों की सरकारी संपत्ति की चोरी के बावजूद विभाग ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है और न ही कोई चौकीदार नियुक्त किया गया है। इस परियोजना में शुरुआत से ही अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि बिना ठोस योजना, पर्याप्त बजट और उचित निगरानी के यह करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया था। बजट कम पड़ा, एजेंसी काम अधूरा छोड़कर चली गई पीडब्ल्यूडी के एसडीओ तपेश कुमार ने निर्माण कार्य के दौरान कई दिक्कतों ओर चोरी की बात स्वीकार की। उनके अनुसार, यह हॉस्टल पहले पुरानी तहसील की जगह पर बनाया जाना था, जिसके लिए लगभग 9 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य गौरिका कंस्ट्रक्शन एजेंसी को सौंपा गया था। बाद में उस स्थान पर संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद परियोजना को लघु सचिवालय परिसर के पास स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, पुराना अनुमानित बजट ही लागू रहा, जिससे बजट कम पड़ गया और एजेंसी काम अधूरा छोड़कर चली गई। दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा- एसडीओ एसडीओ ने यह भी बताया कि भवन से चौखट, जंगले और अन्य सामान चोरी हुआ है। उन्होंने कहा कि अब नया अनुमानित बजट बनाकर भेजा गया है और जल्द ही दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा। इस पूरे मामले में करोड़ों रुपए के नुकसान और सरकारी संपत्ति की चोरी के लिए जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के तिवनी गांव में सोमवार सुबह एक घर के मुख्य दरवाजे पर कमर्शियल बम मिलने से हड़कंप मच गया। बम बीयर की कांच की बोतल में तैयार किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और बीडीटीएस (बम डिस्पोजल एंड टेक्निकल सर्विस) की टीम मौके पर पहुंची और बम को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया। घटना तिवनी गांव के देवी टोला की है। यहां वेल्डिंग मैकेनिक गोलू कोरी के घर के बाहर सुबह करीब 9 बजे संदिग्ध बोतल रखी मिली। सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद रामपुर बघेलान थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का अनुमान है कि अज्ञात व्यक्ति देर रात घर के दरवाजे पर बम रखकर चला गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। जिलेटिन और डेटोनेटर से तैयार किया गया था बम बीडीटीएस टीम लीडर प्रमोद तिवारी ने बताया कि स्कैनिंग में सामने आया कि बम को कांच की बोतल में मैकेनिज्म, जिलेटिन, कोडेक्स और डेटोनेटर की मदद से तैयार किया गया था। उन्होंने बताया कि यदि इसके सेफ्टी फ्यूज में आग लग जाती, तो करीब 600 वर्ग फीट क्षेत्र में बड़ा नुकसान हो सकता था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बम में इस्तेमाल सामग्री सामान्यत: खदानों में विस्फोटक के रूप में उपयोग होती है। टीम ने सुरक्षित किया बम बीडीटीएस टीम ने बम को सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर उसके हिस्सों को जब्त कर लिया। कार्रवाई में कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण तिवारी और भूपेंद्र पटेल भी शामिल रहे। रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने बताया कि बम किसने और किस उद्देश्य से रखा, इसकी जांच हर पहलू से की जा रही है।
सीकर में चेक बाउंस के मामले में सोमवार को NIA कोर्ट ने फैसला सुनाया है। विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (NIA प्रकरण) ऊषा प्रजापत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 1 साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही, कोर्ट ने आरोपी पर 1,07,000 रुपए का भारी जुर्माना भी लगाया है। सीनियर एडवोकेट पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया -करडोली निवासी परिवादी हरिकिशन 'हरिकिशन एंड कंपनी' के प्रोपराइटर हैं और सीकर कृषि मंडी में सब्जी व फलों का व्यापार करते हैं। परिवादी हरिकिशन ने कोर्ट में परिवाद पेश किया था। आरोपी कुरड़ाराम ने 2 अगस्त 2019 को परिवादी की फर्म से 59,334 रुपए के फल और सब्जियां खरीदी थीं। फल-सब्जी की रकम चुकाने के लिए आरोपी कुरड़ाराम ने परिवादी को साइन करके एक चेक दिया था नोटिस के बाद भी नहीं लौटाई राशि एडवोकेट पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि जब परिवादी ने रकम लेने के लिए चेक को बैंक अकाउंट में जमा कराया तो वह बैंक अकाउंट बंद होने (Account Closed) की टिप्पणी के साथ बाउंस होकर रिटर्न हो गया। चेक बाउंस होने के बाद परिवादी ने एडवोकेट के जरिए आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा और राशि लौटाने की मांग की। लेकिन नोटिस मिलने के बावजूद आरोपी ने ना तो कोई जवाब दिया और ना ही बकाया राशि का भुगतान किया। हार मानकर परिवादी ने कोर्ट की शरण ली। दोषी को 1 साल की जेल और दोगुना जुर्माना मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से एडवोकेट पुरुषोत्तम शर्मा, सुखदेव सिंह महला, शीशराम ढाका, भागीरथ ढाका और संजय शर्मा ने पैरवी की। एडवोकेट्स ने कोर्ट में साक्ष्य और तर्क पेश करते हुए बताया कि आरोपी ने जानबूझकर धोखाधड़ी की नीयत से फ्रॉड चेक दिया। जज ऊषा प्रजापत ने आरोपी कुरड़ाराम को दोषी मानकर 1 साल की जेल और चेक राशि से लगभग दोगुनी राशि यानी 1,07,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।यानी 1,07,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम घुरकोट में तरबूज खाने के बाद चार बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इस घटना में 15 वर्षीय एक किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों का जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। यह घटना सोमवार को सामने आई। जानकारी के अनुसार, पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) अपने परिजनों के साथ घुरकोट आए हुए थे। सोमवार दोपहर इन बच्चों ने घर में रखा तरबूज खाया था। तरबूज खाने के बाद बिगड़ने लगी बच्चों की हालत तरबूज खाने के कुछ घंटों बाद, दोपहर करीब 2 बजे सबसे पहले अखिलेश की हालत खराब होने लगी। उसे लगातार उल्टी-दस्त और सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अन्य 3 बच्चों का इलाज जारी अखिलेश के बाद, अन्य तीन बच्चों श्री, पिंटू और हितेश में भी समान लक्षण दिखाई दिए। उन्हें भी तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। संक्रमण की वजह से बच्चों की तबियत बिगड़ी:डॉ. कुजूर सिविल सर्जन डॉ. कुजूर ने बताया की सुबह का कटा हुआ तरबूज काफी देर के बाद खाने की वजह से बच्चों को सक्रमण हुआ है और फ़ूड पोइसिनिंग की वजह से बच्चो की हालत बिगड़ी है। जिसमे से एक बच्चे ने हॉस्पिटल लाते हुए रस्ते में ही दम तोड़ दिया।प्रशासन मामले की गंभीरता से कर रहा जांच आशंका जताई जा रही है कि तरबूज में किसी प्रकार का संक्रमण था या वह खराब हो चुका था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, ताकि विषाक्तता के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
ठेले पर सिलेंडर फटा, दुकानदार झुलसा:खंडवा में चिकन फ्राई करते आग लगी; बुझाने पर और बढ़ी
खंडवा के छैगांवमाखन में सोमवार शाम चिकन और अंडे के ठेले में आग लग गई। आग की चपेट में गैस सिलेंडर आ गया और कुछ देर बाद तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। हादसे में पूरा लोडिंग वाहन जलकर खाक हो गया। दुकानदार महेंद्र परमार झुलस गए। उनके हाथ और चेहरे पर चोटें आई हैं। उन्हें छैगांवमाखन स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना शाम करीब 6 बजे इंदौर-खंडवा हाईवे पर छैगांवमाखन के मेन चौराहे की है। बताया जा रहा है कि महेंद्र परमार रोज की तरह अपने लोडिंग वाहन में बने ठेले पर चिकन फ्राई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आग लग गई। उन्होंने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेल की जमावट के कारण आग और भड़क गई। देखते ही देखते आग ने पूरे ठेले को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने दुकानदार को बाहर निकालाप्रत्यक्षदर्शी विवेकसिंह तंवर ने बताया कि आग लगने के बाद दुकानदार लगातार उसे बुझाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे बाहर खींच लिया। ग्रामीणों ने उसे दूर हटने के लिए कहा। कुछ ही देर बाद सिलेंडर फट गया। धमाके के साथ आग की लपटें उठीं और पूरा पिकअप वाहन जल गया। ग्रामीणों और पुलिस ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। हाईवे पर अफरातफरी, ट्रैफिक डायवर्टघटना मेन चौराहे पर होने से इलाके में अफरातफरी मच गई। यह चौराहा खंडवा, इंदौर और बुरहानपुर मार्ग को जोड़ता है। हादसे के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई वाहनों को दूर से ही डायवर्ट किया। गनीमत रही कि बायपास चालू होने के कारण यात्री बसों को छोड़कर अधिकांश ट्रैफिक पहले से ही दूसरी ओर से गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा टल गया। परिवार की आजीविका पर संकटग्रामीणों के मुताबिक महेंद्र परमार का परिवार लंबे समय से अंडे और चिकन का ठेला लगाकर गुजर-बसर करता है। उन्होंने लोडिंग वाहन में ही ठेला फिट कर रखा था। आग में वाहन पूरी तरह जल गया, जिससे परिवार की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। बताया जा रहा है कि ठेले पर नियम अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था।
पॉक्सो एक्ट में 6 महीने से फरार आरोपी गिरफ्तार:बूंदी पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी वांछित को दबोचा
बूंदी की डाबी थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के एक मामले में छह माह से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी रोहित को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। डाबी थाना क्षेत्र के एक पीड़ित ने 13 नवंबर 2025 को थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बूंदी एसपी ने महिला अत्याचार और पॉक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित अनुसंधान के साथ-साथ फरार अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। वृत्ताधिकारी तालेड़ा, राजेश टेलर के सुपरविजन में डाबी थानाधिकारी हेमराज शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। यह टीम फरार इनामी आरोपी रोहित की लगातार तलाश कर रही थी। आरोपी काफी शातिर था और अपनी पहचान छुपाकर मोबाइल बंद रखता था। वह पिछले छह माह से पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, सीकर और झुंझुनूं जैसे विभिन्न स्थानों पर अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रोहित अपने निवास स्थान पर आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रोहित को उसके निवास चंदेसल से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित (21) पुत्र राजुनाथ कालबेलिया निवासी चंदेसल, थाना बोरखेड़ा, जिला कोटा शहर के रूप में हुई है। पुलिस टीम में थानाधिकारी हेमराज शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल विजय और शेरसिंह शामिल थे।
उदयपुर में सोमवार को भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। शहर का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। लगातार बढ़ते पारे ने आमजन की परेशानियां बढ़ा दी हैं। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई। गर्मी का असर इतना अधिक रहा कि शाम ढलने के बाद भी सड़कें और बाजार तपते रहे, जिससे लोगों को देर रात तक गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। मौसम में लगातार बढ़ोतरी के चलते लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। वहीं, दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी। भीषण गर्मी का असर अब जनजीवन के साथ-साथ व्यापार पर भी साफ नजर आने लगा है; दोपहर के समय शहर के बाजारों में सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो जाती है। नाडाखाड़ा क्षेत्र के व्यापारी संपत बोहरा का कहा- इस बार गर्मी ने लोगों को बेहद परेशान कर रखा है। तेज तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोग बाजार आने से बच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती थी, वहीं अब दोपहर के समय गिनती के ग्राहक ही दुकान तक पहुंच रहे हैं। इसका असर छोटे व्यापारियों की रोजाना बिक्री पर भी पड़ रहा है। गर्मी के कारण बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई है। लोग सुबह और शाम के समय ही खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं।
हिसार में रोडवेज कर्मचारियों ने सोमवार को वर्कशॉप परिसर में मीटिंग आयोजित कर लंबित मांगों को लेकर सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैठक में कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी नेताओं राजबीर दुहन और अजय दुहन ने बताया कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बार-बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मई 2023 से अप्रैल 2026 तक के 25 रात्रि ठहराव भत्ते का भुगतान नहीं मिला है। इसके अलावा एलटीसी, एसपीएल ड्राइवरों के बकाया भुगतान, वर्ष 2016 के ड्राइवरों की वेतन वृद्धि और एरियर जारी करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। सुविधाओं को लेकर भी कई मुद्दे उठाए कर्मचारियों ने मांग रखी कि कौशल कर्मचारी, एचकेआरएन कर्मचारी, परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर और वर्कशॉप अप्रेंटिस का वेतन हर महीने के पहले सप्ताह में जारी किया जाए। वहीं ओवरटाइम भुगतान अगले महीने की 15 तारीख तक देने, मेडिकल बिल और शिक्षा भत्ते का भुगतान जल्द करने की मांग भी रखी गई। मीटिंग में वर्कशॉप और बस स्टैंड की सुविधाओं को लेकर भी कई मुद्दे उठाए गए। कर्मचारियों ने वर्कशॉप परिसर में बड़ा डग बनाने, इंजन शॉप के आगे शेड लगाने, टर्नर शॉप के लिए कमरा बनाने और बसों की वाशिंग के लिए नई मशीन लगाने की मांग की। इसके अलावा स्थापना शाखा और लेखा शाखा में गर्मी को देखते हुए नए एसी लगाने तथा हिसार और बरवाला बस स्टैंड पर पानी के कैंपर उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई। 15 मई से धरना प्रदर्शन और घेराव की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने बताया कि यदि 14 मई तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 15 मई से धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। 18 मई को महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव, 19 मई से भूख हड़ताल और 22 मई से रात्रि ठहराव बंद करने का फैसला लिया गया है। इसके बाद 25 मई को दो घंटे का चक्का जाम किया जाएगा और 26 मई 2026 से हिसार डिपो के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
भोपाल के खाद्य विभाग ने सोमवार को घरेलू-कमर्शियल गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक जब्त किया। यह ट्रक गोदाम की जगह न्यू मार्केट क्षेत्र में खड़ा था। यहां से कुल 211 सिलेंडर जब्त किए गए। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सोमवार को निरीक्षण के दौरान कस्तूरबा स्कूल के सामने दशहरा मैदान न्यू मार्केट में ऑटो हाउस इंडेन गैस एजेंसी के दो वाहन खड़े पाए गए। मौके पर एक वाहन खाली था और दूसरे वाहन में घरेलू गैस सिलेंडर भरे 208 नग, एक खाली, व्यवसायिक गैस सिलेंडर 1 नग भरा और 1 नग खाली वाहन में लोड पाया गया। मौके पर ऑटो हाउस गैस एजेंसी के भागीदार संचालक अनिल खट्टर उपस्थित हुए। इसलिए कार्रवाई की गई गैस एजेंसी गोदाम के अतिरिक्त अवैध स्थान पर गैस सिलेंडर पाए जाने के कारण मौके से संचालक से ट्रक के साथ उक्त गैस सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं, गैस एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्रकरण बनाया गया। यह मामला एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
करौली पुलिस ने ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के ठग को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम पर फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों को फंसाकर उनके मोबाइल में APK फाइल भेजकर बैंक खातों से रकम उड़ाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी फर्म और बैंक खाते खोलकर राजस्थान सहित 24 राज्यों में करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। गिरफ्तार आरोपी के खाते पर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर 520 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस का अनुमान है कि 24 राज्यों में अरबों रुपए का फर्जीवाड़ा हो सकता है। इस मामले में एक आरोपी की पहले भी गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने भरतपुर जिले के धाधरेन निवासी भवानी सिंह मीना को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। करौली निवासी रामकेश जाटव इस गिरोह का शिकार हुए थे, जब उन्होंने इलाज के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने हेतु गूगल से एक मोबाइल नंबर लिया था। साइबर अपराधियों ने गूगल पर फर्जी नंबर अपलोड कर रखा था। रामकेश जाटव के संपर्क करने पर आरोपियों ने पहले अपॉइंटमेंट के नाम पर पैसे जमा कराने और ओटीपी लेने का प्रयास किया। इसमें सफल नहीं होने पर उन्होंने TOKEN BOOK APK नाम की एक फाइल भेजकर रामकेश का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके खाते से 3 लाख 16 हजार 230 रुपए निकाल लिए। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी भवानी सिंह मीना और उसके सहयोगियों ने चूरू जिले में किराए पर कमरा लेकर एके फैशन एंड गारमेंट नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी। इसी फर्म के नाम पर बैंक में चालू खाता खुलवाकर साइबर ठगी की रकम जमा की जाती थी। पुलिस के अनुसार केवल राजस्थान से ही इस खाते में करीब 9 करोड़ 18 लाख रुपए की संदिग्ध राशि के लेनदेन का पता चला है, जबकि अन्य राज्यों की राशि मिलाकर यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपए से अधिक होने की आशंका है। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल 1930 पर जांच के दौरान उक्त बैंक खाते पर 24 राज्यों से 520 शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस का मानना है कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।इस मामले में इससे पहले सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर क्षेत्र निवासी विष्णु मीना उर्फ कल्ला को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी कैलाश चंद्र मीना के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पाली में श्मशान से चुराए पंखे, 2 चोर गिरफ्तार:CCTV फुटेज से पकड़े गए आरोपी, पुलिस जुटी जांच में
पाली पंचायत समिति भवन के सामने बने हिन्दू सेवा मंडल के श्मशान घाट से 10 पंखे चोरी करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने इसमें 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कोतवाल रविन्द्र सिंह खींची ने बताया कि इंद्रा कॉलोनी निवासी विजयनाथ पुत्र रूपनाथ हाल व्यवस्थापक हिन्दू सेवा मंडल पाली ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि हिन्दू सेवा मंडल पाली से चोर 10 दीवार पंखे चोरी कर ले गए। मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी कैमरों की मदद से लक्ष्मण कुमार (34) पुत्र तुलसीराम निवासी बजरंगवाड़ी और कालू (25) उर्फ किशन पुत्र मांगीलाल निवासी कुम्हारों का निचला बास, सूरजपोल को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए 6 पंखे बरामद किए।
भरतपुर के नदबई इलाके में 15 दिन पहले बानी ROB उखाड़ना शुरू हो गई। जिसको लेकर कल कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। वहीं जैसे ही यह मामला नदबई विधायक जगत सिंह के संज्ञान में आया तो, उन्होंने भी सीएम को लेटर लिखते हुए ROB बनाने वाली कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 37 करोड़ की लागत से बना था ROB नदबई विधायक जगत सिंह ने सीएम को लेटर लिखते हुए बताया है कि नदबई कस्बे में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग द्बारा रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण करवाया गया था। ROB का निर्माण कार्य 37 करोड़ की लागत से करवाया गया था। 15 दिन बाद ही उखड़ा ROB का निर्माण मैसर्स ज्योति बिल्डर्स द्बारा किया गया था। ROB बने हुए 15 दिन का समय हुआ है। 15 दिन बाद ही ROB सड़क कई जगह से उखड़ने लगी है। सड़क धसने लगी है, डामर उखड़ने लगा है, सड़क पर गड्ढे पड़ने लगे हैं। यह तकनीकी मानकों की अनदेखी दर्शाती है। आमजन की सुरक्षा का सवाल ऐसा लग रहा है ठेकेदार द्बारा निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है। गुणवक्ता और और निर्माण सामग्री के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। इसमें सरकारी रुपयों की हानि हुई है। साथ ही आमजन की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है। इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कल कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन दरअसल नदबई रेलवे ब्रिज का 15 दिन पहले ही निर्माण पूरा हुआ था। 15 दिन बाद ही सड़क टूटने लगी, गड्ढे पड़ने लगे। जिसको लेकर कल कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव प्रशांत उपाध्याय ने लोगों के साथ प्रदर्शन किया। विधायक संज्ञान में जैसे ही मामला आया तो, उन्होंने सीएम को कार्रवाई के लिए लेटर लिखा।
भीलवाड़ा में महिला थाने के बाहर चले लात-घूंसे:दो पक्षों में हुई मारपीट; काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे
भीलवाड़ा शहर के महिला थाना परिसर के बाहर सोमवार को काउंसलिंग के लिए पहुंचे एक ही समाज के दो पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक- दूसरे से लात-घूसों से मारपीट की। चीख- पुकार सुनकर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पाबंद किया। हालांकि मारपीट की घटना में एक पक्ष के युवक के सिर में चोटें आई है, जिसे इलाज के लिए लोग हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जानकारी के अनुसार- दोनों पक्षों में पारिवारिक विवाद चल रहा है। एक पक्ष का कहना है कि वे परिजनों के साथ महिला थाने में काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे। उनके भतीजे की शादी करीब छह महीने पहले हुई थी और शादी के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि लड़की पक्ष ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। बीच सड़क चले लात- घूसे, एक घायल आरोप है कि काउंसलिंग से पहले ही थाना परिसर के बाहर माहौल गरमा गया। इसके बाद लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के पक्ष के लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्ष सड़क पर एक- दूसरे से भिड़ गए और मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूसे चले, जिससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। मारपीट में लड़के के पक्ष की तरफ के युवक के सिर पर चोटें आई है। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। घटना के दौरान पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर हालात संभालने की कोशिश की और हंगामा कर रहे लोगों को वहां से हटाया। पीड़ित पक्ष को सुरक्षा के लिए कोतवाली थाने भेजा गया। पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पलवल में नगर पालिका कर्मचारी संघ की राज्यव्यापी हड़ताल सोमवार को 11वें दिन भी जारी रही। कमेटी चौक स्थित नगर परिषद कार्यालय में सीवर, डोर-टू-डोर और सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान कांग्रेस ने हड़ताली कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। कांग्रेस के पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ हड़ताल स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। 13 नए गांव शामिल, सफाई कर्मचारी नहीं बढ़ाए दलाल ने कहा कि पलवल नगर परिषद में 13 नए गांव शामिल किए गए हैं, लेकिन सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा है और शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। उन्होंने ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। दलाल ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया। जिला अध्यक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने सरकार पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया और कहा कि सरकार केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जितेंद्र तेवतिया ने बताया कि सरकार उच्च न्यायालय के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने संबंधी आदेशों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने मांगें न माने जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरेंद्र देशवाल ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा सफाई कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी की घोषणाएं अभी तक लागू नहीं हुई हैं। कर्मचारियों ने समान काम-समान वेतन, ठेका प्रथा समाप्त करने, पुरानी पेंशन बहाल करने और रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती की अपनी मुख्य मांगों को दोहराया।
जानलेवा हमला मामले में दो आरोपी गिरफ्तार:पिस्टल, स्कूटी जब्त; अरनोद पुलिस की कार्रवाई
प्रतापगढ़ पुलिस ने जानलेवा हमला मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला आरोपी भी शामिल है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल और स्कूटी भी जब्त की है। 19 अप्रैल को देवल्दी निवासी 18 वर्षीय सिदरा पुत्री इम्तियाज खान (हाल नौगावां) पर हमला हुआ था। सिदरा ने प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में पुलिस को दिए बयान में बताया कि 19 अप्रैल की रात करीब 2 बजे वह अपनी नानी के घर नौगावां में सो रही थी। तभी साजिया बेगम ने उसे फोन कर मदद के बहाने घर के बाहर बुलाया। सिदरा के बाहर आते ही साजिया ने उस पर जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायर कर दिया। गोली सिदरा के बाएं हाथ में फंस गई। इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सिदरा के हाथ में फंसी गोली को ऑपरेशन के जरिए निकाला गया और जब्त कर लिया गया। मौके से दो खाली कारतूस भी बरामद हुए। जांच से पता चला कि आरोपी साजिया बेगम (18) निवासी देवल्दी और चंद्रपालसिंह निवासी शेरपुर (थाना पिपलोदा) ने मिलकर इस हमले की साजिश रची थी। योजना के तहत, दोनों 19 अप्रैल की रात स्कूटी पर सवार होकर नौगावां पहुंचे। साजिया बेगम ने रात में फोन कर सिदरा को बाहर बुलाया और पिस्टल से दो फायर किए। एक गोली दीवार पर लगी, जबकि दूसरी सिदरा के हाथ में जा लगी।
बारां में दो महिलाएं सोमवार को शहर की पुरानी सिविल लाइन स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह विरोध प्रदर्शन जानलेवा हमला और मारपीट के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण किया गया। महिलाओं ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। करीब तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के आश्वासन पर महिलाएं नीचे उतरीं। उन्होंने जल्द कार्रवाई और गिरफ्तारी का भरोसा दिया। मुंडला निवासी दुर्गाशंकर ने बताया कि गांव के धन्नालाल, कन्हैयालाल, गिरिराज और प्रमोद गुर्जर से उनकी पुरानी रंजिश है। आरोप है कि ये आरोपी अक्सर उनके परिवार के साथ मारपीट और जानलेवा हमले का प्रयास करते हैं। दुर्गाशंकर के अनुसार 7 मई को उनकी पत्नी शीला बाई के साथ घर के बाहर गाली-गलौज कर मारपीट की गई, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई। यह घटना सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने यह भी बताया कि सीसवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर लौटते समय रास्ते में उन पर फिर हमला किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। दूसरी महिला ने भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट और जातिसूचक अपमान किया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना और अनशन करेंगे।
खन्ना में नेशनल हाईवे पर सोमवार को शनिदेव मंदिर के पास एक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। तेज रफ्तार कंटेनर ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को टक्कर मार दी। इस हादसे में फतेहगढ़ साहिब के गांव रसीदपुर निवासी 53 वर्षीय नरिंदर कौर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति भरपूर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, घायल भरपूर सिंह करीब एक घंटे तक सड़क पर पड़े रहे और एंबुलेंस देरी से पहुंची। दंपति खन्ना में किसी परिचित से मिलने आए थे। वापसी के दौरान नेशनल हाईवे पर शनिदेव मंदिर के पास पहुंचने पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नरिंदर कौर कंटेनर के टायरों के नीचे आ गईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। भरपूर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें खन्ना सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-32 अस्पताल रेफर कर दिया गया। चश्मदीद महिला बोली- कंटेनर ड्राइवर तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था हादसे की एक चश्मदीद महिला अमनदीप ने बताया कि कंटेनर ड्राइवर तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। टक्कर के बाद चालक मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन अमनदीप ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी अमनदीप सिंह ने बताया कि हादसे के बाद घायल भरपूर सिंह सड़क पर मदद के लिए तड़प रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने घायल की मदद करने के बजाय उनका मोबाइल फोन और अन्य सामान चोरी कर लिया। किसी ने भी उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी अवतार सिंह ने बताया कि संबंधित थाने को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है।
झाबुआ में आबकारी विभाग ने झाबुआ-राणापुर रोड पर घेराबंदी कर एक ट्रक से अवैध बियर की बड़ी खेप पकड़ी। शराब तस्करी के लिए माफिया ने ट्रक में ऊपर से घास का भूसा भर रखा था, ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में ट्रक को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। भूसे के नीचे मिली बियर की पेटियां मुखबिर की सूचना पर आबकारी टीम ने ट्रक (MP09HF4547) को रोककर तलाशी ली। ट्रक की बॉडी में ऊपर तक भूसा भरा हुआ था, लेकिन उसे हटाने पर नीचे ले माउंट बियर की पेटियां बरामद हुईं। आबकारी अधिकारी और निरीक्षक के नेतृत्व में कार्रवाई जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया और आबकारी निरीक्षक विकास वर्मा ने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया ने बताया- बियर की पेटियों की गिनती और उनके बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। विभाग ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोर्स और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने 11कारों का काफिला निकाला। रोड पर आगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं। पीछे बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे। घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। बच्ची का जन्म 2 मई को हुआ लेकिन घर वो 11 मई सोमवार को धूमधाम से पहुंची। पूरे सेलिब्रेशन का वीडियो भी सामने आया है। मामला मौदहा कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ला का है। पहले तस्वीरें देखिए... जानिए पूरा मामला... मौदहा कस्बे के मौदहा कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ले में राम जी रहते हैं। राम जी कस्बे में नवीन इलेक्ट्रॉनिक नाम से प्रतिष्ठान संचालित करते हैं। उनकी पत्नी का नाम नंदिनी है। राम जी दो भाइयों मे सबसे बड़े हैं उनकी के बहन है। उनके भाई की अभी शादी नहीं हुई है। राम जी लंबे समय से बेटी का इंतजार कर रहे थे। 11 दिन पहले बच्ची का जन्म हुआ राम जी की पत्नी नंदिनी को 11 दिन पहले 2 मई को घर से 2 किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात नंदिनी ने बेटी को जन्म दिया। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने परिवार को दी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं, जब नंदिनी को डिस्चार्ज किया गया, तो परिवार ने जश्न मनाने का प्लान किया। अस्पताल से घर तक 11 कारों का काफिला निकाला गया। सभी गाड़ियों को पिंक और सफेद गुब्बारों से सजाया गया। डीजे की तेज धुन, ढोल-नगाड़ों की थाप, गाड़ियों की लंबी कतार और रास्ते भर नाचते-गाते लोग घर तक पहुंचे। एक गाड़ी में रामजी और उनकी पत्नी नंदिनी बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए। दादा ने पोती के लिए कराई 30 हजार रुपए की एफडी वामिका की दादी ममता गुप्ता ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन बेटी के जन्म के बाद घर की परिस्थितियों में सुधार हुआ। अब नातिन वामिका के जन्म से परिवार में फिर खुशियों का माहौल है। उन्होंने कहा कि घर में दोबारा लक्ष्मी आई है, इसलिए उसका स्वागत धूमधाम से किया गया। वहीं, बाबा रामप्रकाश गुप्ता ने वामिका के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसके नाम 30 हजार रुपये की एफडी कराई है। उन्होंने कहा कि यह राशि आगे चलकर उसकी पढ़ाई और जरूरतों में काम आएगी। दादी बोलीं घर मे रौनक आ गई दादी ने खुशी-खुशी कहा- बेटी आते ही घर मे रौनक या गई उन्होंने दुलारते हुए बच्ची को आशीर्वाद दिया और कहा कि बेटी के आने से घर में नई रौनक आ गई है। परिवार में यह खुशी दोगुनी हो गई, क्योंकि लंबे समय से बेटी का इंतजार था। लोग बोलें पहली बार ऐसा ग्रैंड वेलकम देखा आस पास के लोगों ने कहा की हमीरपुर जिले में बेटी के जन्म पर इतना बड़ा, इतना खुला और जोश वाला जश्न बहुत दिनों बाद देखा। ऐसा जश्न समाज की सोच को बहुत तेजी से बदल सकता है। यह संदेश है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि खुशियों की सबसे बड़ी वजह हैं। वहीं बच्ची के पिता रामजी ने कहा कि बेटियों के जन्म पर समाज को खुशियां मनानी चाहिए, क्योंकि बेटियां मां-बाप की सेवा और सम्मान में हमेशा आगे रहती हैं।
वाराणसी में सोमवार की शाम MBBS डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। उसका शव कमरे में लटका मिला है। थाना लंका के सामने शिवम कॉम्प्लेक्स के अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के परिजन बाहर से दरवाजा पीटते रहे। कई कॉल किए, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। बेड पर स्टूल रखकर फंदे से लटक गई। जब तक परिजनों ने दरवाजा तोड़ा उसका शव फंदे पर झूलता मिला, इसके बाद परिजनों और पुलिस को जानकारी दी। जानकारी के बाद एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और इंस्पेक्टर लंका समेत पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा । इसके साथ ही फारेंसिक टीम को भी बुलाया गया। जिसने पूरी घटना के साक्ष्य लिए। अब पढ़िए पूरा मामलाथाना लंका के सामने शिवम कॉम्प्लेक्स में वकील अवनींद्र नाथ मौर्या अपनी बेटी रूचिका मौर्या के साथ रहते थे। एक बेटा बाहर रहकर पढ़ाई करता है। रूचिका मौर्या ने देहरादून से MBBS किया है। अब पीजी की तैयारी कर रही थी, एमडी के लिए अगले दिनों नीट परीक्षा होनी थी, उसको लेकर पढ़ाई में व्यस्त थी। पिता अवनींद्र नाथ मौर्या ने बताया- बेटी रूचिका मौर्या के साथ इस फ्लैट में रहते थे, एक बेटा जो बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है। पिता के अनुसार सुबह तक सब ठीक था और नार्मल तरीके से कचहरी गए थे, जब शाम को लौटे तो घर खुला और कमरा बंद मिला। दरवाजा नहीं खुलने पर उसे पीटा और फिर बेटी को फोन किए। जब फोन नहीं उठा तो कमरा का दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो बेटी दुपट्टे से लटकती मिली। पढ़ाई को लेकर डिप्रेशन था और मामूली सी बात पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं पुलिस तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है। मौत का कारण डिप्रेशन बताया जा रहा लड़की घर में अकेले रहती थी। तैयारी करते हुए काफी दिनों हो गया था। हालांकि पिता ने बताया कि आजकल बच्चे मन की बात बताते नहीं है, सुबह साथ में ही नास्ता किया था। ऐसा कुछ लगा नही क्यों उसने ऐसा कदम उठाया पता नहीं चल रहा। पूलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी गौरव कुमार ने बताया- परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर ही घर में प्रवेश किया। मौके पर जांच की गई है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

