कन्नौज में इन दिनों गंगा के जलस्तर में हर दिन बढोत्तरी हो रही है। एक सप्ताह में हर दिन करीब 10 सेंटीमीटर की बढोत्तरी हो रही है। जिससे कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों में टेंशन बढ़ने लगे गई। हालांकि जलस्तर दर्ज करने वाले विभाग में इन दिनों ताला पड़ा रहता। जिस पर अधिकारियों की नजर भी नहीं पड़ रही। गंगा का जलस्तर पिछले तीन-चार दिनों से बढ़ने लगे गया। बारिश कर कारण जलस्तर में ये बढोत्तरी नजर आने लगी। बुधवार को गंगा 123.590 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। जोकि हर दिन करीब 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। यहां चेतावनी बिन्दु 124.70 मीटर है, जबकि खतरे कस निशान 125.97 मीटर है। फिलहाल चेतावनी बिंदु से जलस्तर 1.11 मीटर दूर है। जलस्तर में ये बढ़ोतरी तभी हो रही, जब आसपास के जिलों में बारिश होती है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ ही कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों की धुकधुकी बढ़ने लग गई। कासिमपुर और बख्शीपुरवा कर ग्रामीणों को हर साल बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किए गए। उधर मेहंदी घाट पुल के पास ही केंद्रीय जल आयोग का कार्यालय है। जहां अनूप शुक्ला नाम के कर्मचारी की तैनाती है, लेकिन इस कार्यालय में अधिकांश समय ताला ही लटका रहता। ड्यूटी पर कर्मचारी मौजूद नहीं रहता। मामले को लेकर गंगा प्रहरी प्रिया प्रजापति ने बताया कि जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रशासन ने एक दिन मॉकड्रिल कराया था। जिसमें बाढ़ से बचाव के बारे में बताया गया था। केंद्रीय जल आयोग का कार्यकाल बन्द होने के सवाल पर उन्होंने बताया कि वहां अधिकांश समय ताला ही लगा रहता। उधर इस मामले को दैनिक भास्कर ने एसडीएम सदर नवनीता राय से बात की तो उन्होंने केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय न खुलने की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यालय क्यों नहीं खुलता, इसका पता लगाया जाएगा। उधर इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने सीडब्ल्यूसी के एई अनुज शर्मा से बात की तो उन्होंने कहाकि कार्यालय खुलता होगा, हो सकता है कि कर्मचारी कहीं चला गया हो।
फतेहाबाद में युवक पर चाकू से हमला:सिर, हाथ और पेट पर किए वार; पुलिस ने दो लोगों पर किया केस दर्ज
फतेहाबाद जिले के भट्टू क्षेत्र के गांव ढाबी खुर्द में खेत में सिंचाई कर रहे युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में युवक के सिर, बाएं हाथ और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को पहले भट्टू कलां सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। एसएचओ रणधीर सिंह के अनुसार, फिलहाल पुलिस ने घायल के बयान के आधार पर दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कस्सी से मिट्टी डाली तो किया हमला पुलिस को दिए बयान में गांव ढाबी खुर्द निवासी विनोद कुमार (41) ने बताया कि वह चौथे हिस्से पर खेती करता है। 13 जुलाई को उसकी खेत में पानी लगाने की बारी थी। वह कृष्ण के साथ खेत में सिंचाई कर रहा था। वह नहर के मोगे को संभालकर वापस खेत की ओर लौट रहा था। रास्ते में खाल में लगे प्लास्टिक के ढक्कन के पास पानी बहता देख वह कस्सी से वहां मिट्टी डालने लगा। आरोप है कि तभी गांव के मनीष और सुरेश उर्फ बेदी वहां पहुंचे। सुरेश ने उसे पकड़ लिया, जिससे उसके हाथ में पकड़ी कस्सी टूट गई और वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद मनीष ने चाकू से उसके सिर, बाएं हाथ और पेट पर कई वार कर दिए। घायल का आरोप है कि इस दौरान सुरेश ने मनीष से कहा कि इसे गोली मार दो, जिस पर मनीष ने जवाब दिया कि उसके पास पिस्तौल नहीं है। विनोद ने बताया कि उसके शोर मचाने पर पास में मौजूद कृष्ण मौके पर पहुंच गया। उसे आता देख दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। बाद में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। कुछ दिन पहले मनीष को घर आने पर टोका था घायल विनोद कुमार ने पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले मनीष बिना बताए उसके घर आ गया था। उसने उसे भविष्य में घर नहीं आने की बात कही थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उस पर हमला किया। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
भिलाई के जेपी सीमेंट प्लांट के सुपरवाइजर पुष्पेंद्र परमार की आत्महत्या के बाद कंपनी के बाकी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। पिछले 27 से 28 महीने से वेतन नहीं मिलने के बावजूद करीब 130 कर्मचारी आज भी रोजाना प्लांट पहुंच रहे हैं। वे सुबह-शाम अटेंडेंस लगाते हैं, फिर अपने दूसरे काम पर निकल जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि एक दिन कंपनी की प्रक्रिया पूरी होगी और उनका वर्षों का बकाया एक साथ मिल जाएगा। इसी उम्मीद में वे नौकरी छोड़ने की बजाय हर दिन प्लांट पहुंच रहे हैं। दरअसल, जेपी सीमेंट कंपनी 18 अक्टूबर 2025 से दिवालिया घोषित हो चुकी है। इसके बाद कंपनी में सीआईआरपी (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस) लागू है। कंपनी का पूरा संचालन और निगरानी अब आईआरपी (अंतरिम समाधान पेशेवर) आशुतोष खेमानी के पास है। कंपनी का पुराना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स भंग हो चुका है। पहले के अधिकारियों के पास किसी तरह का प्रशासनिक अधिकार नहीं बचा है। यूनिट हेड बोले- अब किसी भी तरह का अधिकार नहीं जेपी सीमेंट प्लांट के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट और वर्तमान में यूनिट हेड पीके सिंह ने बताया कि, 18 अक्टूबर 2025 के बाद से उनके पास किसी तरह का निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। पूरी अथॉरिटी आईआरपी के पास है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स भी भंग हो चुका है। ऐसे में कंपनी के पुराने अधिकारी कर्मचारियों के वेतन, काम या भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं ले सकते। न तो मना किया गया और न ही दे रहे काम पीके सिंह के मुताबिक, कंपनी दिवालिया घोषित होने के बाद कर्मचारियों को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें काम पर आना है या नहीं। न तो किसी को नौकरी से हटाने का आदेश दिया गया और न ही कोई नया काम दिया गया। ऐसे में कर्मचारी रोज प्लांट पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और फिर कोई दूसरा काम करने चले जाते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें आज तक काम से नहीं निकाला गया है। वे रोज की तरह काम पर जा रहे हैं। कोई लोन लिया तो कोई कर रहा मजदूरी कर्मचारियों ने बताया कि प्लांट में करीब 150 ऑन रोल कर्मचारी हैं। इनमें से कई लोग दूसरे छोटे-मोटे काम कर रहे हैं। किसी ने लोन लिया है तो किसी ने क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेकर परिवार चलाया है। हर कर्मचारी का करीब 10 से 15 लाख रुपए वेतन और अन्य भुगतान बकाया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि जब कंपनी की प्रक्रिया पूरी होगी तो उनका पूरा पैसा एकमुश्त मिल जाएगा। इसी वजह से वे अब तक प्लांट आना बंद नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों का मासिक वेतन 30 से 40 हजार रुपए के बीच था। लगभग ढाई साल से वेतन नहीं मिलने के कारण अधिकांश परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कई कर्मचारियों पर बैंक और क्रेडिट कार्ड का कर्ज बढ़ चुका है। कंपनी पर थी 100 करोड़ की देनदारी दरअसल ओडिशा के कटक स्थित राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने अक्टूबर 2025 में जेपी सीमेंट प्रबंधन के खिलाफ आदेश जारी कर कंपनी में सीआईआरपी प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद कंपनी सेक्रेटरी आशुतोष खेमानी को आईआरपी नियुक्त किया गया। तभी से भिलाई और सतना के प्लांट उनके नियंत्रण में हैं। बताया जाता है कि कंपनी पर करीब 100 करोड़ रुपए की देनदारी थी। इसमें कई लेनदारों के साथ स्थानीय निकायों का भी बकाया शामिल है। आईआरपी की निगरानी में कंपनी की संपत्तियों, देनदारियों और दावों की जांच की जा रही थी। कर्मचारियों को अब भी उम्मीद है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका वर्षों से अटका वेतन और बाकी भुगतान मिल जाएगा। वहीं, पुष्पेंद्र परमार की आत्महत्या के बाद बाकी कर्मचारियों की आर्थिक और मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विधि संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार मालवीय ने संकाय प्रमुख (डीन) को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि बैठक समाप्त होने के बाद एसोसिएट प्रोफेसर एवं बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, अपशब्द कहे, शारीरिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तथा जान से मारने की धमकी दी। प्रोफेसर ने जांच कर कारवाई की उठाई मांग शिकायत में कहा गया है कि यह घटना न केवल शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है, बल्कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं गरिमामय वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। डॉ. मालवीय ने शिकायत में उल्लेख किया है कि शिक्षकों के बीच इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न होता है। डॉ. मुकेश कुमार मालवीय ने संकाय प्रमुख से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने, संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने तथा आरोप सिद्ध होने की स्थिति में विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। पूर्व में तेलुगु विभाग में शिक्षक पर कराया था हमला बीएचयू में शिक्षकों के बीच विवाद की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। पूर्व में तेलुगु विभाग में विभाग के ही एक प्रोफेसर पर विभागाध्यक्ष के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था, जिसमें विभागाध्यक्ष का हाथ फ्रैक्चर होने की बात सामने आई थी। उस घटना ने भी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए थे। हालांकि इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई बयान नहीं जारी हुआ है।
पुरानी रंजिश में मारपीट-फायरिंग, 1 युवक की मौत:आगरा में इलाज के दौरान तोड़ा दम, 4 आरोपी हिरासत में
धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुई मारपीट और फायरिंग की घटना में घायल 1 युवक की आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश पुत्र ऐदल सिंह के रूप में हुई है। इस हमले में दूसरा युवक हिम्मत सिंह पुत्र रामभरोसी भी घायल हुआ है, जिसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार भदियाना निवासी मुकेश और हिम्मत सिंह अपनी बहन के घर चपरौली गांव से लौट रहे थे। कमलापुरा मोड़ रोड पर पहले से घात लगाए बैठे 12 से ज्यादा हमलावरों ने उनकी बाइक रोककर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने दोनों युवकों पर फायरिंग की, जिससे उनके पैरों में गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाघटना की सूचना मिलते ही मनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को धौलपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां आगरा में इलाज के दौरान मुकेश की मौत हो गई। थाना प्रभारी नीरज शर्मा ने युवक की मौत की पुष्टि की और बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। देर रात करीब 12 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मृतक का उसके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अन्य आरोपियों की तलाश जारीएसपी विकास सांगवान के निर्देश पर, एएसपी वैभव शर्मा और सीओ मनियां खलील अहमद के पर्यवेक्षण में, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने इस वारदात में शामिल 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमले में शामिल कुछ आरोपी नकाबपोश थे, जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को ही घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। इलाज के दौरान बुझ गया घर का चिरागफायरिंग में गंभीर रूप से घायल मुकेश ने आगरा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में पुलिस अलर्टयुवक की मौत के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के मुक्तकीपुर स्थित आईआईएम रोड पर बुधवार देर रात करीब 1 बजे सड़क किनारे बनी दुकानों में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब आठ फायर टेंडरों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन लाखों रुपए के नुकसान की आशंका है। फायर विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना अग्निशमन केंद्र बक्शी का तालाब को मिली। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर प्रभारी अग्निशमन अधिकारी बीकेटी के नेतृत्व में दो फायर टेंडर तत्काल मौके पर भेजे गए। वहां पहुंचने पर आग विकराल रूप ले चुकी थी और तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदिरानगर से एक, चौक से दो, हजरतगंज से वाटर बाउजर और मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल समेत अतिरिक्त दमकल वाहनों को मौके पर बुलाया गया। सभी टीमों ने चारों ओर से घेराबंदी कर लगातार पानी की बौछार की, जिसके बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। आग में न्यू भारत दूध डेयरी, लकड़ी फर्नीचर की दुकान, चाय की दुकान, नदीम जनरल स्टोर, वेल्डिंग की दुकान, किराना स्टोर, एसी रिपेयरिंग की दुकान सहित अन्य दुकानें जलकर खाक हो गईं।
शिवपुरी में विनायक नगर में ट्रांसफार्मर-केबल में आग:शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई, लोग परेशान
शिवपुरी शहर के पोहरी रोड स्थित विनायक नगर कॉलोनी में बिजली व्यवस्था बदहाल है। ट्रांसफार्मर और बिजली की केबलों में बार-बार आग लगने से रहवासी परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उन्होंने 18 जून 2026 को बिजली विभाग को ट्रांसफार्मर और विद्युत केबल बदलने के लिए लिखित आवेदन दिया था। करीब एक माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 15 जुलाई को कलेक्ट्रेट में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। गिर्राज कुशवाह ने बताया कि पिछले दो दिनों से ट्रांसफार्मर में लगातार आग लग रही है। वहीं बिजली की केबलों में भी बार-बार शॉर्ट सर्किट होने से आग सुलग जाती है। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है और पूरे इलाके के लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान हादसे का खतरारहवासियों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने पर कुछ लोग मजबूरी में ट्रांसफार्मर से सीधे तार जोड़कर बिजली लेने का प्रयास करते हैं। ये तार बार-बार टूट जाते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश का मौसम शुरू होने से करंट फैलने और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। इस समस्या की शिकायत कई बार बड़ौदी बिजली कार्यालय में की जा चुकी है। इसके अलावा कलेक्टर को भी आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर और क्षतिग्रस्त केबल नहीं बदली गईं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई कर कॉलोनी की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
जोधपुर शहर में आज कई इलाकों से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। मुख्य रथयात्रा सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर से निकाली जाएगी। मंदिर के पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ के शृंगार के लिए नाथद्वारा से मुकुट और पोशाक मंगवाई गई है। जगन्नाथपुरी से चावल-भात का प्रसाद और ध्वजा मंगवाई है। चावल-भात का ये प्रसाद रथयात्रा में भक्तों को बांटा जाएगा। ये मंदिर करीब 350 साल पुराना है। हमारे पूर्वज जगन्नाथ पुरी से इसे लेकर आए थे। प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। रथयात्रा के लिए रथ अजमेर से मंगाया है। ये रथ सोने जैसे रंग में रंगा है। साथ ही रथयात्रा में होने वाला शृंगार नाथद्वारा के श्रीनाथजी के स्वरूप जैसा होगा। इसके साथ ही पोशाक और मुकुट समेत अन्य शृंगार भी नाथद्वारा से मंगवाया गया है। इसके अलावा रथ को सजाने के लिए 200 किलो फूल कोलकाता से मंगवाए गए हैं।ये रहेगा रूट इसके बाद शहर सुनारों की घाटी से घंटाघर और फिर दोबारा मंदिर तक रथयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 121 किलो पंच मेवे का भोग भी लगेगा। फिर महाआरती के बाद इसका समापन होगा।
सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में खेत में मवेशी घुसने के विवाद में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। ग्राम जम्होड़ी कला निवासी 50 वर्षीय बुध्दुलाल उइके की टूटी कांच की शीशी से हमला किए जाने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को घटना के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम बुध्दुलाल उइके गांव के अशोक मरावी के साथ कोहका टोला गए थे। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच वे गंभीर रूप से घायल अवस्था में घर लौटे। उनकी कमर से लगातार खून बह रहा था। परिजनों के पूछने पर उन्होंने बताया कि कोहका टोला निवासी राजकुमार उर्फ पुच्ची मरावी से खेत में मवेशी लाने को लेकर विवाद हो गया था। शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा बताया गया कि कहासुनी के दौरान आरोपी ने गाली-गलौज की, धक्का देकर बुध्दुलाल को जमीन पर गिरा दिया और पास में पड़ी टूटी कांच की शीशी से उनकी कमर पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुध्दुलाल किसी तरह घर पहुंचे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक की पत्नी सेवबती बाई उइके की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 6 घंटे में आरोपी गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी राजकुमार उर्फ पुच्ची मरावी (35), निवासी कोहका टोला को घटना के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पहले भी हो चुका था विवाद प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खेत में मवेशियों के प्रवेश को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय वहां और कौन-कौन मौजूद था। घंसौर पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि खेत और मवेशियों से जुड़े विवादों में कानून हाथ में लेने के बजाय आपसी संवाद और कानूनी प्रक्रिया का सहारा लें। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष के सख्त निर्देशों के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। कलेक्टर ने मंगलवार को शहर का निरीक्षण कर गंदगी पर नाराजगी जताई थी और तत्काल सफाई के आदेश दिए थे, लेकिन 2 दिन बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कलेक्टर मयंक मनीष ने मुख्य मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और बाजार क्षेत्रों का सघन दौरा किया था। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को तत्काल सफाई अभियान चलाने और शहर को स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने कहा था- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्तउन्होंने नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह को विशेष रूप से कचरे के ढेर हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने चेतावनी दी थी कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि कलेक्टर के निर्देशों के 2 दिन बाद भी शहर के कई मुख्य मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर अब भी मौजूद हैं। गंदगी के कारण राहगीरों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था लंबे समय से खराब है। कचरा समय पर नहीं उठाए जाने से बदबू फैल रही है, जिससे बरसात के मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों ने नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कलेक्टर के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।
एसीबी कोर्ट ने दस साल पुराने रिश्वत के मामले में फैसला सुनाते हुए जहाजपुर थाने के तत्कालीन एएसआई कालू राम कहार पुत्र नाहरा कहार निवासी कलिंजरी गेट शाहपुरा को 4 साल के कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। यह था मामला विशिष्ट लोक अभियोजक कृष्ण कांत शर्मा ने बताया कि परिवादी रमेश चंद मीणा और उनके भाई फोरू लाल मीणा ने 10 बीघा जमीन पर पड़ोसी द्वारा जबरन कब्जा करने की रिपोर्ट जहाजपुर थाने में दर्ज कराई थी। मामले की जांच एएसआई कालू राम कर रहे थे। आरोपी एएसआई ने मामले में कार्रवाई करने और चालान जल्द पेश करने के बदले रिश्वत की मांग की। रिश्वत में मांगा कैश और मुर्गा आरोपी ने 3,000 रुपए की मांग की, 1000 रुपए वह पहले ही घर आकर ले चुका था।एसीबी ने सत्यापन के दौरान, आरोपी ने 500 रुपए कैश लिए और बाकी रकम के साथ एक मुर्गा देने की भी मांग रखी थी। 25 जुलाई 2014 को एसीबी ने एएसआई कालू राम को परिवादी से 1000 रुपए रिश्वत लेते जहाजपुर थाने में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई एसीबी कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने फैसला सुनाते हुए एएसआई को चार साल के कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। छावनी, उतई और दुर्ग कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 8 बैंक खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन और कुछ हजार रुपए के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को दे देते थे। इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में भेजी जाती थी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना छावनी, उतई, दुर्ग कोतवाली और एसीसीयू की टीम ने बैंक खातों का रिकॉर्ड खंगाला, डिजिटल साक्ष्यों की जांच की और तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान साइबर ठगी की रकम का पूरा मनी ट्रेल सामने आया, जिसके आधार पर 15 जुलाई को 8 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। 10 से 15 हजार रुपए में बेचते थे बैंक खाता पुलिस की जांच में पता चला कि, कुछ आरोपी अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को 10 हजार से 15 हजार रुपए लेकर बेच देते थे। इसके साथ ही वे पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और खाते से जुड़ा सिम कार्ड भी सौंप देते थे। इसके बाद उन खातों का पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के पास चला जाता था। इन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से मिली रकम को इधर-उधर भेजने और उसका पता छिपाने के लिए किया जाता था। इनके खिलाफ की गई कार्रवाई कार्रवाई में जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें अश्वंश कुमार प्रसाद, सागर राम, नितिन सिंघल, अजय कुमार धहरिया, सोनू कमलाकर पाटने, राहुल यादव, रेखा सिंह और जूही तबस्सुम शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और दूसरे बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। खाता बेचने वालों पर होती है कार्रवाई एएसपी दुर्ग ग्रामीण ने बताया कि कई लोग यह सोचकर अपना बैंक खाता दूसरे को दे देते हैं कि इससे उन्हें आसानी से पैसे मिल जाएंगे, लेकिन बाद में वही खाता साइबर ठगी जैसे अपराधों में इस्तेमाल होता है। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं। दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें और न ही इन्हें किराए पर दें या बेचें।
पंचकूला शहर की एक महिला ने पति से विवाद में घर छोड़ दिया। पति शराब के लिए पैसे मांग रहा था और पत्नी शराब के लिए पैसे नहीं दे रही थी। जिसके बाद पत्नी घर छोड़ कर चली गई। पति की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है। पंचकूला के सेक्टर-20 निवासी एक युवक ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी। दंपती के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। रात करीब 9 बजे उसने अपनी पत्नी से शराब पीने के लिए 1100 रुपये मांगे। पत्नी ने पैसे न होने की बात कही, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद वह सो गया। अगले दिन सुबह उठने पर पत्नी घर में नहीं मिली। उक्त व्यक्ति के अनुसार उसने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उसने पुलिस चौकी सेक्टर-19 पहुंचकर शिकायत दी। पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश शुरू पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच करते हुए थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज कर लिया है। महिला की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर संभावित स्थानों पर जांच की जा रही है। साथ ही परिजनों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।
विश्व धरोहर नगरी सांची का रेलवे स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं और बौद्ध सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम के रूप में यात्रियों का स्वागत करेगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15.32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका लोकार्पण करेंगे। स्टेशन को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां पहुंचने वाला हर यात्री सांची की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान का अनुभव कर सके। PM मोदी करेंगे वर्चुअल लोकार्पण, सांची में होगा मुख्य कार्यक्रम 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित कई रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें सांची रेलवे स्टेशन भी शामिल है। सांची में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यपाल और केंद्रीय कृषि मंत्री के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। ₹15.32 करोड़ की लागत से बदला स्टेशन का पूरा स्वरूप अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करीब 15.32 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। स्टेशन भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ इसकी वास्तुकला में स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी गई है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर का विस्तार और सौंदर्यीकरण भी किया गया है। सांची स्तूप से प्रेरित डिजाइन बना आकर्षण का केंद्र पुनर्विकसित स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसका वास्तुशिल्प है। स्टेशन का नया डिजाइन विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप और बौद्ध स्थापत्य कला से प्रेरित है। भवन के बाहरी स्वरूप में बौद्ध संस्कृति की झलक दिखाई देती है, जिससे स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों को सांची की ऐतिहासिक विरासत का अहसास होता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन को केवल परिवहन केंद्र नहीं बल्कि सांची की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है। यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक टिकटिंग व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आकर्षक प्रवेश द्वार, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, सुगम प्लेटफॉर्म पहुंच, सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। पर्यटन को मिलेगा नया आयाम सांची यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। हर वर्ष यहां देश-विदेश से हजारों बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। स्टेशन के आधुनिकीकरण से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि स्टेशन का नया स्वरूप सांची की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में वृद्धि होगी। स्थानीय व्यापार और रोजगार को होगा लाभ रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होटल व्यवसाय, रेस्टोरेंट, परिवहन सेवाएं, हस्तशिल्प विक्रेता, छोटे व्यापारी और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। लोकार्पण से पहले प्रशासन ने किया निरीक्षण लोकार्पण कार्यक्रम से पहले कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने रेलवे स्टेशन और कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, मंच व्यवस्था और अन्य तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है? अमृत भारत स्टेशन योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाना है। इस योजना के तहत स्टेशनों का पुनर्विकास स्थानीय संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक स्टेशन अपने क्षेत्र की पहचान को भी प्रदर्शित कर सके। सांची रेलवे स्टेशन इसी योजना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरा है।
ऑटो की टक्कर से 3 साल की बच्ची की मौत:सिंगरौली में शव रखकर ग्रामीणों ने 12 घंटे जाम लगाया; चालक फरार
सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र के भरसेड़ा गांव में तेज रफ्तार ऑटो की चपेट में आने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीण आरोपी चालक की गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। हादसे के बाद चालक ऑटो छोड़कर भागा पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम करीब 8 बजे भूईमाड निवासी युवक ऑटो (क्रमांक MP53ZD2343) को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। इसी दौरान भरसेड़ा निवासी रवि साकेत की तीन वर्षीय बेटी शोभा साकेत ऑटो की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ऑटो छोड़कर फरार हो गया। हत्या का केस और मुआवजे की मांग घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपी चालक पर हत्या का मामला दर्ज करने, उसकी तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी प्रहलाद मर्सकोले ने बताया कि ग्रामीण करीब 12 घंटे तक घटनास्थल पर प्रदर्शन करते रहे। पुलिस और तहसीलदार लगातार समझाइश देते रहे, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। आरोपी की तलाश जारी पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और जल्द स्थिति सामान्य कर परिजनों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अशोकनगर में ABVP ने NSUI का पुतला फूंका:भोपाल में रेप के आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग
अशोकनगर में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भोपाल में NSUI के एक पदाधिकारी पर जनजातीय छात्रा से दुष्कर्म के आरोप के विरोध में प्रदर्शन किया। ABVP कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में NSUI का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह घटना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने इसे महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाने वाला बताया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। मांग- त्वरित कार्रवाई होना चाहिएABVP ने जोर देकर कहा कि कानून के अनुसार निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी संगठन या व्यक्ति के प्रति दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं होगा। संगठन ने प्रशासन से दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम कानूनी दंड देने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दोषियों के विरुद्ध नारे लगाए और निष्पक्ष जांच तथा शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने शहर काजी और शहर मुफ्ती के स्वागत को लेकर उठे विवाद पर पहली बार सार्वजनिक मंच से चुप्पी तोड़ी। उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आलोचकों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, जिन्हें गली में भौं-भौं करने वाला भी नहीं पूछता, वही सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि काजी साहब और मुफ्ती साहब मेरे पास क्यों गए। पटेल ने कहा कि वह स्वयं शहर काजी और शहर मुफ्ती के पास गए थे और सम्मानपूर्वक उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। उन्होंने दावा किया कि दोनों धार्मिक नेताओं ने कार्यक्रम में आकर वक्फ बोर्ड के कामों की सराहना की, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने और वक्फ संपत्तियों की ईमानदारी से हिफाजत करने की नसीहत भी दी। अपने बड़ों का सम्मान करना सीखा है वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि समाज के बड़े लोगों का सम्मान करना उनके संस्कारों का हिस्सा है। उन्होंने कहा जब आप अपने बड़ों की इज्जत करते हैं तो बदले में मोहब्बत मिलती है। हमने उन्हें बुलाया, इसलिए वे आए। इसमें गलत क्या है? उन्होंने विरोध करने वालों से कहा कि यदि वे भी अपने सार्वजनिक कार्यों में शहर काजी और शहर मुफ्ती को बुलाएंगे तो उन्हें भी ईमानदारी से काम करने की सीख मिलेगी। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई से कुछ लोगों को तकलीफ सनव्वर पटेल ने दावा किया कि पिछले तीन-चार वर्षों में वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और अनियमितताओं पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पहले वक्फ संपत्तियों से लगभग कोई आय नहीं होती थी, लेकिन बोर्ड ने कार्रवाई कर करोड़ों रुपए की वसूली की। उनके अनुसार भोपाल में 29 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई और कई स्थानों पर कब्जे हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के हित प्रभावित हुए हैं, वही अब नए बोर्ड और कानून को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। मस्जिदों की कमेटियों में सिर्फ मुस्लिम ही रहेंगे दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए पटेल ने कहा कि राज्य स्तर के वक्फ बोर्ड और मस्जिदों की प्रबंधन समितियों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नया कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि मस्जिद, मदरसा, दरगाह और स्थानीय वक्फ संपत्तियों की प्रबंधन समितियों में मुस्लिम सदस्य ही रहेंगे। उनके मुताबिक गैर-मुस्लिम सदस्यों को केवल राज्य स्तर पर विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है, ताकि प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में उनकी विशेषज्ञता का लाभ मिल सके। कानून के मुताबिक ही हुआ बोर्ड का गठन पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड का गठन पूरी तरह वक्फ अधिनियम-2025 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे 1954, 1995 और 2013 के कानूनों के अनुसार बोर्ड गठित होते रहे, उसी तरह अब संशोधित कानून के अनुसार नया बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून का अक्षरश: पालन किया है और इसी आधार पर नए सदस्यों को शामिल किया गया है। वक्फ की आय गरीबों और विद्यार्थियों पर खर्च होगी सनव्वर पटेल ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय को गरीब और जरूरतमंद मुस्लिम परिवारों तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की फीस भरने जैसी योजनाएं शुरू की हैं और आगे भी वक्फ की आय को शिक्षा और जनकल्याण के कार्यों में खर्च किया जाएगा। उनके अनुसार वक्फ संपत्तियां किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि समाज के गरीब तबके की भलाई के लिए हैं और बोर्ड उसी उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। यह था शहर काज़ी स्वागत विवाद मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के बाद यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब हाल ही में भोपाल के शहर काज़ी मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी और शहर मुफ़्ती मुफ्ती अब्दुल कलाम कासमी ने वक्फ बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष सनव्वर पटेल से मुलाकात कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया गया और शुभकामनाएं दी गईं। इस स्वागत के बाद मुस्लिम समाज के एक वर्ग और कई उलेमा ने नाराजगी जताई। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने बिना नाम लिए कहा कि जिन लोगों से विरोध की उम्मीद थी, वे स्वागत कर रहे हैं। निकाह काज़ी मोहम्मद मआज़ खान ने भी इसी घटनाक्रम के बाद अपने दो पदों से इस्तीफा देते हुए कहा कि जिन लोगों को इस फैसले का विरोध करना चाहिए था, उन्होंने स्वागत किया। इसके अलावा कई अन्य मुस्लिम संगठनों और उलेमा ने भी इस मुलाकात पर सवाल उठाए, जबकि जुमे की नमाज के बाद भोपाल में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। वक्फ बोर्ड ने जबलपुर हाईकोर्ट में लगाई केविएट कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद द्वारा इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने एहतियाती कदम उठाते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बोर्ड चाहता है कि यदि इस मामले में कोई याचिका दायर होती है तो अदालत उसका पक्ष भी सुने, उसके बाद ही कोई आदेश पारित करे। ये खबर भी पढ़िए… वक्फ बोर्ड विवाद में भोपाल के निकाह काजी का इस्तीफा मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से उपजा विवाद थम नहीं रहा है। ताजा घटनाक्रम में इस फैसले का विरोध करते हुए भोपाल में निकाह काजी मोहम्मद मआज खान नोमानी नदवी ने इस्तीफा दे दिया है। नदवी ने बुधवार को निकाह काजी के पद के साथ ही दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश के महासचिव पद से भी त्यागपत्र सौंपा है। पढ़ें पूरी खबर…
बिलासपुर के व्यापार विहार रोड स्थित अमरॉन रॉयल ऑटोमोटिव में जीएसटी विभाग और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने संयुक्त कार्रवाई की है। टीम ने लाखों रुपए कीमती प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियों से भरे एक ट्रक को जब्त कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बैटरियों को आवश्यक अनुमति और वैधानिक दस्तावेजों के बिना नागपुर भेजने की तैयारी की जा रही थी। संयुक्त टीम ने मौके पर ट्रक, पुरानी बैटरियों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कई अनियमितताएं सामने आने पर ट्रक को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। बताया जा रहा है कि गणेश साहू नामक व्यक्ति बैटरियों को नागपुर भेजने की तैयारी में था। उससे पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। एसिडयुक्त पानी नाले में बहाने की शिकायत कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुरानी बैटरियों से निकलने वाला एसिडयुक्त पानी खुले नाले में बहाया जा रहा था। इससे पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पर्यावरण विभाग ने प्रदूषण संबंधी पहलुओं की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जीएसटी विभाग खंगाल रहा खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड जीएसटी विभाग बैटरी स्क्रैप की खरीदी-बिक्री, स्टॉक और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। कार्रवाई के दौरान स्क्रैप सामग्री भी जब्त की गई है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रयुक्त बैटरियां कहां से लाई गई थीं। इन्हें नागपुर भेजने का निर्देश किसने दिया और पूरे कारोबार में कर संबंधी नियमों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर शहर के आदित्य नगर स्थित गली नंबर-6 में एक नंदी 24 घंटे से अधिक समय तक गहरे नाले में फंसा रहा। सूचना मिलने पर गौरक्षा सेना के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। गौरक्षा सेना को 15 जुलाई की शाम करीब 7 बजे नंदी के नाले में फंसे होने की सूचना मिली। इसके बाद संगठन के संस्थापक धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष अशोक खींची सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। आक्रामक होने से रेस्क्यू में आई मुश्किल मौके पर पहुंचे गौसेवकों ने देखा कि नंदी गंदगी से भरे गहरे नाले में फंसा हुआ था। कार्यकर्ताओं ने नाले में उतरकर उसे रस्सी बांधने की कोशिश की, लेकिन नंदी के सतर्क और आक्रामक होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों के सहयोग से बची जान करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गौसेवकों ने नंदी के गले में रस्सी का फंदा डालकर उसे नियंत्रित किया। इसके बाद तीन रस्सियों की मदद से नंदी को नाले के शुरुआती हिस्से तक लाया गया। इस दौरान आसपास के लोग भी मदद के लिए आगे आए। सभी के सामूहिक प्रयास से नंदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गौरक्षा सेना ने इस सफल रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने वाले सभी स्थानीय नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि संगठन गौवंश की सेवा के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
अनूपपुर जिले के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) अमरकंटक के एक छात्र की पोड़की जलाशय में डूबने से मौत हो गई। छात्र अपने दोस्त को बचाने के लिए पानी में उतरा था, लेकिन खुद गहरे पानी में चला गया। एसडीआरएफ की टीम ने रात में शव बाहर निकाला। गुरुवार को बिहार से परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। थाना प्रभारी एलबी तिवारी ने बताया कि मृतक की पहचान गया (बिहार) निवासी आर्यन कुमार (21) के रूप में हुई है। वह IGNTU में बीबीए टूरिज्म द्वितीय वर्ष का छात्र था और हॉस्टल अलॉटमेंट की प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय आया था। पैर फिसलने से वह गहरे पानी में गिरा पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच आर्यन अपने दो दोस्तों के साथ पोड़की जलाशय घूमने गया था। इस दौरान उसका साथी उदित राज जलाशय के किनारे पैर डालकर पानी की गहराई माप रहा था। अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में गिर गया। तैरना नहीं आने के कारण वह डूबने लगा। साथी को बचाने के लिए आर्यन तुरंत पानी में कूद गया। उसने उदित को बचाने की कोशिश की, लेकिन खुद गहरे पानी में चला गया और डूब गया। वहीं उदित किसी तरह बाहर निकल आया। रात 11 बजे SDRF ने निकाला शव घटना के बाद साथियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर अमरकंटक पुलिस भी पहुंची, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद अनूपपुर से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। रात करीब 11 बजे गोताखोरों ने आर्यन का शव जलाशय से बाहर निकाला। परिजनों के पहुंचने के बाद होगा पीएम पुलिस ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक की मॉर्चुरी में रखवाया है। बिहार से परिजनों के पहुंचने के बाद गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय में शोक का माहौल है।
महोबा के समदनगर में युवक के दोनों हाथ काटने की सनसनीखेज वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर कोतवाली पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी रोहित बेड़िया उर्फ विकास को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है। पुलिस ने उसके साथी नादिर को भी गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना मंगलवार रात कानपुर-सागर हाईवे स्थित समदनगर में हुई थी। 28 वर्षीय जयवेंद्र सिंह उर्फ विक्की ठाकुर पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसके दोनों हाथ काट दिए गए थे। गंभीर रूप से घायल विक्की को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली के हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। एसपी के निर्देश पर 24 घंटे में हुई कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देश पर शहर कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी रोहित बेड़िया उर्फ विकास को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे की कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई। अन्य आरोपी अभी फरारपुलिस ने इस मामले में रोहित के साथी 27 वर्षीय नादिर पुत्र असलम को भी गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी समदनगर मोहल्ले के निवासी हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। इस मामले में स्थानीय भाजपा युवा मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी शिवप्रताप सिंह परमार, रोहित का भाई छुट्टू बेड़िया और एक अन्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वारदात सत्ता के रसूख के बल पर अंजाम दी गई। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
उदयपुर में आज भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के मद्देनजर उदयपुर पुलिस ने शहर में व्यापक यातायात एवं ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत उदयपुर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। दोपहर 11 बजे से रात तक का शेड्यूल है और इसमें नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन भी निर्धारित किए गए है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 3 बजे जगदीश मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथजी की रथ यात्रा रवाना होगी, जो घंटाघर, बड़ा बाजार, मोचीवाड़ा, भड़भूजा घाटी, संतोषी माता मंदिर, तीज का चौक, धानमंडी, मार्शल चौराहा, अस्थल मंदिर, आरएमवी रोड, कैलाश कॉलोनी, कालाजी-गोराजी, रंग निवास और भटियानी चौहट्टा होते हुए देर रात करीब 12 बजे पुनः जगदीश मंदिर पहुंचेगी। रथ यात्रा के दौरान दोपहर 11 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक शोभायात्रा में शामिल वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों का रथ यात्रा मार्ग पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने आमजन और व्यापारियों से अपील की है कि वे यात्रा मार्ग पर वाहन पार्क नहीं करें तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन
मैहर में मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन की दबिश:नारकोटिक दवाओं के सैंपल लिए; 2 संचालक दुकान बंद कर फरार
मैहर जिले में नारकोटिक और अन्य नियंत्रित दवाइयों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार शाम संयुक्त कार्रवाई की। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर टीम ने शहर के कई मेडिकल स्टोर्स पर दबिश देकर नारकोटिक दवाओं के स्टॉक, रिकॉर्ड और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई की भनक लगते ही दो मेडिकल स्टोर संचालक दुकान बंद कर मौके से चले गए। संयुक्त टीम ने कमला मेडिकल, त्रिपाठी मेडिकल, आहूजा मेडिकल और शारदा मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। इस दौरान नारकोटिक एवं अन्य नियंत्रित दवाओं के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख, बिल और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। टीम ने दवाओं के सैंपल भी लिए, जिन्हें परीक्षण के लिए भोपाल स्थित लैब भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 तथा नियम-1945 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दो मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस कार्रवाई के दौरान रेक्स्क्यूर फार्मा और राजा मेडिकल स्टोर के संचालक दुकान बंद कर मौके से चले गए। विभाग ने दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संयुक्त जांच दल में तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी और ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
शामली में श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को हरियाणा के पानीपत स्थित उपायुक्त कैंप कार्यालय में शामली (उत्तर प्रदेश) और पानीपत (हरियाणा) के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की। बैठक की अध्यक्षता पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने की। इस दौरान शामली के जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह, पानीपत के पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह सहित दोनों जनपदों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कांवड़ यात्रा मार्गों की सुरक्षा, कांवड़ शिविरों की व्यवस्थाएं, स्वच्छता, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा तैनातपानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रत्येक कांवड़िये को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने या हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी होगी मजबूतशामली के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर बल दिया। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त पुलिस निगरानी, प्रभावी यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। डीजे, हथियारनुमा वस्तुओं और ट्रैफिक व्यवस्था पर सख्तीबैठक में निर्धारित मानकों के अनुरूप डीजे संचालन सुनिश्चित करने, हथियारनुमा वस्तुओं के प्रयोग पर रोक लगाने, प्रमुख मार्गों पर सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने, स्वच्छता सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
बिलासपुर में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर ने बुधवार की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जिस समय यह घटना हुई, तब उसकी पत्नी घर में ही मौजूद थीं। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। सरकंडा के चटर्जी गली निवासी सीताराम गुप्ता (68) पिता केदार प्रसाद गुप्ता पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर पद से रिटायर हुए थे। घर में वो अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके चार बेटे और एक बेटी है। सभी बेटे और बेटी की शादी हो चुकी है। लेकिन, बेटे घर से अलग रहते थे। बुधवार की शाम वो घर पर ही थे। इस दौरान वो अपने कमरे की तरफ गए। घबराई पत्नी ने बेटों और पड़ोसियों को दी जानकारी देर शाम तक उनका कुछ पता नहीं चला तब उनकी पत्नी आवाज लगाते हुए कमरे तक पहुंची। इस दौरान कमरा अंदर से बंद था। उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा, तब हैरान रह गई। अंदर कमरे में उनके पति की लाश फंदे पर लटक रही थी। यह नजारा देखकर घबराई पत्नी ने अपने बेटों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। सुसाइड नोट नहीं मिला, आत्महत्या के कारणों का पता नही टीआई प्रदीप आर्या ने बताया कि, रिटायर्ड पुलिसकर्मी के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की जानकारी मिली, तब पुलिस की टीम को मौके पर भेजा गया। घर की तलाशी लेने पर कोई सुसाइड नोट या ऐसा कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का पता चल सके। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में शिफ्ट करा दिया है। परिजनों के बयान दर्ज, हर एंगल से जांच सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि मामले में परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल, आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटना स्थल से मिले तथ्यों और परिजनों से पूछताछ के आधार पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उनके साथ वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री करीब आधे घंटे तक मंदिर परिसर में रहे और सावन माह को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद उपमुख्यमंत्री सीधे दुर्गाकुंड स्थित बनकटी हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पवन पुत्र हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। PM द्वारा घोषित बजट पर जताया आभार डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काशी और पूर्वांचल के लिए घोषित करीब 25,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह काशी सहित आसपास के कई जिलों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी का सांसद बनने और देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद शहर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने वह काशी भी देखी है जो कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों के दौरान थी, और आज की काशी भी देख रहे हैं, जहां विकास, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक आस्था का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा आज जो व्यक्ति काशी आता है, उसे वास्तव में बाबा विश्वनाथ की नगरी होने का अनुभव होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काशी का व्यापक विकास हुआ है। अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले पर बोले डिप्टी सीएम अयोध्या में चढ़ावे की चोरी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह एक दुखद चोरी की घटना है। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही एसआईटी भी जांच में जुटी हुई है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को कानून पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि हनुमान जी महाराज की गदा पर भी भरोसा रखना चाहिए। अखिलेश यादव पर साधा निशाना समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक वायरल पोस्टर को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उस परिवार से आते हैं जिसके मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने हमेशा राम, शिव और कृष्ण के प्रति सम्मान का भाव नहीं दिखाया तथा हिंदू समाज की भावनाओं की उपेक्षा की। मौर्य ने कहा कि जब भी अखिलेश यादव इस प्रकार के बयान या पोस्ट जारी करते हैं, उससे रामभक्तों, राष्ट्रभक्तों और संत समाज की भावनाएं आहत होती हैं।
नरसिंहपुर में फोरलेन पर गहरे गड्ढे:बारिश के बीच सफर मुश्किल; पीडब्ल्यूडी से तत्काल सुधार की मांग
नरसिंहपुर जिले मानसून की शुरुआत के साथ ही नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा फोरलेन मार्ग की बदहाल स्थिति फिर सामने आ गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और किनारों पर कटाव होने से वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाएगा, जिससे बड़े हादसों की आशंका और बढ़ जाएगी। यह फोरलेन जिले के 50 से अधिक गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी, व्यापार, इलाज, कृषि कार्य और शिक्षा के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर उखड़ चुकी है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अचानक वाहन मोड़ने से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा स्थानीय नागरिकों के अनुसार, गड्ढों से बचने के लिए बाइक चालकों को अचानक वाहन मोड़ना पड़ता है। इससे आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं। रात के समय और तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक साबित हो रही है। गोटेगांव-जबलपुर मार्ग की हालत भी खराब इधर, नरसिंहपुर-गोटेगांव-जबलपुर मार्ग पर भी कई स्थानों पर गड्ढे और सड़क किनारों पर कटाव हो गया है। लगातार बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे फिसलन और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बीच में रुका मरम्मत कार्य स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले सड़क मरम्मत का काम शुरू किया गया था, लेकिन बीच में ही रोक दिया गया। इससे गड्ढों की मरम्मत अधूरी रह गई। नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसी से दोनों प्रमुख मार्गों की जल्द मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
छिंदवाड़ा में नागपुर रोड स्थित लोखंडे ऑटो पार्ट्स के बाहर से गुजरने वाला हर शख्स आज भी इस बात से हैरान है कि 15 साल से जिस व्यक्ति को पूरा मार्केट शांत और मददगार रवैये के लिए जानता था, जिसे लोग प्यार से ‘भाऊ’ कहकर बुलाते थे, वही चंद्र प्रकाश लोखंडे अब छिंदवाड़ा जेल में कैदी नंबर-787 बन चुका है। ग्राहकों की नाराजगी पर हाथ जोड़कर माफी मांग लेने वाला यह कारोबारी आखिर एक रात गैस कटर, हथौड़ी, पेट्रोल और सुतली बम लेकर बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में क्यों घुसा? 27 जून को परासिया रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया में हुई डकैती की कोशिश मामले में पुलिस ने लोखंडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस वारदात के पीछे की कहानी में आर्थिक दबाव, जमीन सौदे और कथित विवाद की कई परतें सामने आई हैं। 34 घंटे बैंक में रहा, सुतली बम से हमला किया मुहर्रम की छुट्टी और शनिवार-रविवार के चलते बैंक तीन दिन बंद रहने वाला था। आरोपी चंद्र प्रकाश लोखंडे ने इसी का फायदा उठाने की कोशिश की और 27 जून (शुक्रवार) की रात को ही बैंक की पहली मंजिल पर स्थित शाखा में घुस गया। करीब 34 घंटे तक वह अंदर रहा। शटर काटा, लॉकर तोड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं, फाइल सेक्शन में आग तक लगा दी। शनिवार सुबह शटर कटा होने की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची। यहां खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर सुतली बम फेंक कर धमाका कर दिया। यही नहीं, उसने सब इंस्पेक्टर नारायण बघेल पर नुकीले हथियार से हमला किया, जिससे वे जख्मी हो गए। इसके बावजूद एसआई बघेल ने बहादुरी दिखाते हुए लोखंडे को दबोच लिया। 3.56 करोड़ की जमीन खरीदने के बाद बढ़ा आर्थिक दबाव पुलिस पूछताछ और भास्कर पड़ताल में सामने आया कि लोखंडे पर करीब 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज था। उसने करीब 6 महीने पहले नागपुर रोड स्थित बोदरी नदी के पास 3 करोड़ 56 लाख रुपए में 20108 स्क्वेयर फीट का एक व्यावसायिक प्लॉट खरीदा था। लोखंडे ने इसी जमीन को गिरवी रखकर पिरामल फाइनेंस से 2 करोड़ रुपए का लोन लिया। वारदात वाली बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से ही 3.80 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया। रिश्तेदारों से 50 लाख रुपए उधार लिए। इस तरह लोखंडे ने 3 करोड़ 5 लाख रुपए का भुगतान जमीन मालिकों को कर दिया था। इसके बाद उसके नाम से रजिस्ट्री भी हो गई थी। पर्दे के पीछे का खेल: भू-माफिया का 'ब्लैकमेल एग्रीमेंट' जमीन के सौदे में तीन बड़े नाम शामिल थे- सुमेर सिंह नैयर, कपिल राठी और मोहित साहू। पड़ताल में सामने आया कि रजिस्ट्री होने और टैक्स चुकाने के बावजूद इन लोगों ने पर्दे के पीछे एक और खतरनाक खेल खेला। पंकज राठी के माध्यम से एक अलग से अतिरिक्त एग्रीमेंट तैयार कराया गया था। इसमें शर्त रखी गई कि चंद्र प्रकाश को 50 लाख रुपए की छिपी हुई रकम और देना होगी। सरकारी दस्तावेज में इन्होंने तीन करोड़ पांच लाख में प्लाॅट बेचा, जबकि हकीकत में प्लान 3 करोड़ 56 लाख में बेचा गया था, यानी 50 लाख रुपए की रकम दो नंबर में लेकर टैक्स चोरी की तैयारी थी। इस रकम के लिए समय सीमा 30 जून तय की गई थी। हद तो तब हो गई, जब इस 50 लाख रुपए की इस राशि पर कपिल राठी द्वारा लोखंडे से 8% की दर से मासिक ब्याज वसूला जाने लगा। लोखंडे ने इस रकम को हर महीने चुकाने की भी कोशिश की। 30 जून की डेडलाइन और भाऊ पर दबाव बढ़ा जून का महीना खत्म होने आया और 30 तारीख नजदीक आने लगी। इस कारण लोखंडे घबरा गया। उसे फोन पर धमकियां भी मिलने लगीं। कपिल राठी द्वारा स्पष्ट कहा गया कि अगर 30 जून तक 50 लाख नहीं मिले तो एग्रीमेंट के आधार पर रजिस्ट्री शून्य हो जाएगी। जमीन वापस हमारी हो जाएगी। लोखंडे को लगा कि तय समय में रकम नहीं देने पर उसका करोड़ों रुपए का निवेश खतरे में पड़ जाएगा। इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के आगे लोखंडे टूट गया। इसके बाद उसने बैंक डकैती की साजिश रची। उसने यह भी तय किया कि यदि पकड़ा गया तो बैंक में ही खुद को आग के हवाले कर देगा। लोखंडे को लेकर क्या सोचते हैं ग्राहक दुकान पर गाड़ी सुधरवाने आने वाले स्थानीय निवासी संजय रावत कहते हैं- भाऊ हमेशा विनम्र और काम के प्रति गंभीर रहते थे। मजबूरी में उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी, जो सोच से परे है। हमें तो अब तक यकीन नहीं हो रहा है कि वो ऐसा भी कर सकते हैं। बेटे ने ऐसा किया- यकीन नहीं हो रहा चंद्रप्रकाश लोखंडे के पारिवारिक मित्र अरविंद ने बताया कि परिवार को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि उनके बेटे ने इतना बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में कानूनी लड़ाई परिवार के द्वारा लड़ी जा रही है। चंद्र प्रकाश लोखंडे को मानसिक रूप से परेशान करने की बात भी सामने आई है। जमीन सौदे के तीन किरदार
रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से दौसा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पंजाब के जालंधर से आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही राजस्थान के सात अन्य रेलवे स्टेशनों का भी लोकार्पण किया जाएगा। राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशनों का होगा उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इनमें राजस्थान के दौसा, बाड़मेर, डीग, गंगापुर सिटी, गोटन, जैसलमेर, खैरथल और सोमेसर रेलवे स्टेशन शामिल हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इन स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन भवनों को आधुनिक स्वरूप देने के साथ यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। दौसा स्टेशन पर प्रतिदिन 15 हजार यात्री करते हैं सफर दिल्ली-अहमदाबाद रेल मार्ग पर स्थित दौसा रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है। स्टेशन पर वर्तमान में 74 ट्रेनों का ठहराव है और यहां से प्रतिदिन औसतन 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं। बढ़ते यात्री भार को देखते हुए स्टेशन का करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन भवन को दिया गया आधुनिक स्वरूप पुनर्विकास कार्य के तहत स्टेशन भवन को पूरी तरह नवीनीकृत किया गया है। सर्कुलेटिंग एरिया को सुविधा क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है तथा अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं। स्टेशन भवन में पोर्च का निर्माण भी किया गया है। स्टेशन के वेटिंग हॉल और भवन के अंदर भारतीय कला, विरासत और संस्कृति को दर्शाने वाले चित्र भी बनाए गए हैं। 4.10 करोड़ रुपए की लागत से बना फुट ओवरब्रिज यात्रियों की सुविधा के लिए 4.10 करोड़ रुपए की लागत से नया फुट ओवरब्रिज बनाया गया है। इसमें रैंप और कवरिंग शेड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं स्टेशन पर शौचालय ब्लॉकों का आधुनिकीकरण किया गया है। दिव्यांग यात्रियों के लिए हेल्प बूथ, शौचालय, वाटर बूथ, रैंप, अलग पार्किंग, साइन बोर्ड और बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही 1.08 करोड़ रुपए की लागत से दो लिफ्ट भी स्थापित की गई हैं। सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर स्टेशन पर ट्रेन इन्फॉर्मेशन बोर्ड और कोच इंडिकेशन बोर्ड लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित किए गए हैं। ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सोलर पावर से जुड़े कार्य भी किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आयोजित होने वाले 41वें चक्रधर समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल समारोह का आयोजन रामलीला मैदान में होगा, जहां दस दिनों तक शास्त्रीय और लोक कला की प्रस्तुतियां होंगी। आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलाकार चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कलाकारों के चयन, कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल शास्त्रीय कला का मंच नहीं, बल्कि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का राष्ट्रीय माध्यम है। उन्होंने स्थानीय कलाकारों, नवोदित प्रतिभाओं और प्रदेश की लोक कला को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय कलाकारों के साथ लोक संस्कृति की भी झलक समिति ने निर्णय लिया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। समारोह में शास्त्रीय गायन, वादन, नृत्य के साथ लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संतुलित कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा पर हुआ मंथन इस बैठक में प्रस्तुति की गुणवत्ता, कार्यक्रमों की समय-सारिणी और दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने कई सुझाव दिए। इन सुझावों को आयोजन की अंतिम रूपरेखा में शामिल किया जाएगा। मंच से लेकर पार्किंग तक की तैयारी के निर्देश इस बैठक में रामलीला मैदान में मंच निर्माण, आकर्षक सज्जा, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था, दर्शक दीर्घा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राजपरिवार की ओर से देवेन्द्र प्रताप सिंह और उर्वशी देवी सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं आयोजन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।
डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के गलंदर गांव में एक सड़क हादसे में 5 साल की बच्ची की मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक ने सड़क पार कर रहे भाई-बहन को टक्कर मार दी, जिसमें 6 साल का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मृतका के शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। रामसागड़ा थाने के एएसआई विद्याशंकर ने बताया कि गलंदर निवासी 6 वर्षीय हिमांशु अपनी 5 वर्षीय बहन संतोष के साथ घर से दुकान पर सामान लेने पैदल जा रहे थे। सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार बाइक ने दोनों बच्चों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में पांच वर्षीय संतोष कटारा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई हिमांशु गंभीर रूप से घायल हो गया। फरार बाइक सवार की तलाश जारीहादसे के बाद बाइक सवार सहित मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही रामसागड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल हिमांशु को तुरंत इलाज के लिए डूंगरपुर के जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने मृतका संतोष के शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी गई है।
जयपुर ने बुधवार को भारत–यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिए पहली आभूषण निर्यात खेप रवाना की। सांगानेर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे स्थित एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से रवाना की गई यह खेप देशव्यापी पहल का हिस्सा है, जिसके तहत दिल्ली, मुंबई, सूरत, चेन्नई और कोलकाता सहित प्रमुख निर्यात केंद्रों से भी पहली खेप यूके भेजी जा रही है। करीब 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की इस खेप में स्वर्ण, हीरा जड़ित, रजत और प्लेटिनम आभूषण शामिल हैं। जयपुर के प्रमुख निर्यातकों द्वारा जेम्स लिमिटेड, गैलेंट ज्वेलरी, विनायक ज्वेल्स इंडिया प्रा. लि. और वैभव ग्लोबल लिमिटेड इस ऐतिहासिक निर्यात का हिस्सा बने। इस अवसर पर आयोजित समारोह में अतिरिक्त आयुक्त (सीमा शुल्क) नीरज दुबे, अतिरिक्त आयुक्त सुनीता वर्मा, उप आयुक्त (सीमा शुल्क) जितेंद्र मीणा तथा जीजेईपीसी राजस्थान के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र गर्ग मौजूद रहे। यूके बाजार में मिलेगा शून्य शुल्क का लाभ भारत–यूके CETA लागू होने के साथ ही भारतीय रत्न एवं आभूषण निर्यातकों को यूके बाजार में जीरो ड्यूटी (Zero Duty) का लाभ मिलेगा। इससे पहले यूके में भारतीय आभूषणों पर 4 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता था, जो अब समाप्त हो जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को करीब 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के यूके आभूषण बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। सीमा शुल्क विभाग ने जताया भरोसा सीमा शुल्क आयुक्त आर.के. चंदन ने कहा कि भारत–यूके CETA के तहत पहली निर्यात खेप भारत की निर्यात यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। सीमा शुल्क विभाग तेज एवं सुगम क्लीयरेंस के माध्यम से व्यापार को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। GJEPC ने बताया ऐतिहासिक दिन जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने कहा कि यह केवल आभूषणों की पहली खेप नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक व्यापार के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि शून्य शुल्क सुविधा मिलने से भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात अगले तीन सालों में 754 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। जयपुर को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ जीजेईपीसी राजस्थान के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र गर्ग ने कहा कि रंगीन रत्नों और हस्तनिर्मित आभूषणों के वैश्विक केंद्र के रूप में जयपुर इस समझौते का सबसे बड़ा लाभार्थी बनेगा। इससे राजस्थान के रत्न एवं आभूषण उद्योग, एमएसएमई, कारीगरों और डिजाइनरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे तथा रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
बांदा शहर के बिजलीखेड़ा मोहल्ले में एक अधिवक्ता ने अपनी बहू सहित पांच लोगों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि घर की अलमारी से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 1.26 लाख रुपये नकद चुराए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर कोतवाली क्षेत्र के बिजलीखेड़ा निवासी नत्थू प्रसाद प्रजापति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके बेटे अरविंद कुमार का विवाह 12 फरवरी 2026 को नरैनी क्षेत्र की रीना देवी से हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, शादी के बाद रीना को परिवार का सदस्य मानकर घर के सभी कमरों में आने-जाने की पूरी छूट थी। वह अक्सर उनकी पत्नी से जेवर पहनने के लिए मांगती थी, लेकिन नवविवाहिता होने के कारण उसे जेवर नहीं दिए जाते थे। एफआईआर के मुताबिक, 5 जुलाई 2026 को रीना देवी अपनी बहन नीता उर्फ नीतू, बहनोई देवकुमार, भाई रवि कुमार और मां भउना देवी के साथ घर आईं। आरोप है कि सभी उस कमरे में गए जहाँ अलमारी रखी थी। इसी दौरान अलमारी खुलने की आवाज सुनकर पीड़ित की पत्नी कमरे में पहुँचीं, तो रीना ने बताया कि वह अपने जेवर रख रही है। कुछ देर बाद सभी रीना को साथ लेकर मायके चले गए। परिजनों ने बाद में जब अलमारी की जाँच की, तो उसमें से करीब 5 तोला सोने का हार, चार सोने की चूड़ियाँ, अंगूठियां, झुमके, माथे की बेंदी, चांदी के पायल, बिछुए सहित अन्य जेवरात और 1 लाख 26 हजार रुपये नकद गायब मिले। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगले दिन जब वे रीना के मायके पहुँचे, तो आरोपितों ने जेवर और रुपये ले जाने की बात स्वीकार करते हुए कथित तौर पर धमकी दी। उन्होंने कहा कि यदि ज्यादा दबाव बनाया गया, तो पूरे परिवार को दहेज के मुकदमे में फँसा दिया जाएगा। पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने बहू रीना देवी, उसकी बहन नीता उर्फ नीतू, बहनोई देवकुमार, भाई रवि कुमार और माँ भउना देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ के कुंडा में घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने के आरोप में 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर हथिगवां थाना पुलिस ने की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।हथिगवां थाना क्षेत्र के कालूराम का पुरवा, नौबस्ता गांव निवासी दीपचंद्र यादव के अनुसार, 20 अक्टूबर 2025 की रात करीब 10 बजे वह अपने परिवार के साथ ससुराल से घर लौटे थे। आरोप है कि इसी दौरान मोहल्ले के कुछ लोगों ने उनके घर की ओर पटाखा फेंका। आवाज सुनकर उनकी बहन मानसी बाहर आईं और पटाखा फेंकने से मना किया, जिस पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पर परिवार पर हमलादीपचंद्र यादव का आरोप है कि जब उन्होंने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी घर में घुस गए और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की। आरोप है कि घर में रखे सामान में तोड़फोड़ की गई, जिससे करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंचे पीड़ितपीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमान्यायालय के आदेश के अनुपालन में हथिगवां पुलिस ने चंदा देवी, राम आसरे, महेश यादव, वंदना देवी, अंतिमा यादव और ममता यादव सहित सात अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर जिले में 6 साल की मासूम से छेड़छाड़ को लेकर बुधवार रात तनाव फैल गया। गुस्साए लोगों ने आरोपी की बाइक में तोड़फोड़ कर उसे कुएं में फेंक दिया। वहीं ग्रामीणों के विरोध के बीच आरोपी (68) मौके से फरार हो गया। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले के अनुसार गांव के एक व्यक्ति पर छह साल की मासूम से छेड़छाड़ का आरोप है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने बाइक को कुएं में फेंका मौके पर खड़ी एक बाइक को ग्रामीणों ने आरोपी की बताकर उसमें तोड़फोड़ की और उसे कुएं में फेंक दिया। स्थिति को देखते हुए गांव में तनाव का माहौल हो गया। ग्रामीण रात करीब 11 बजे तक रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। कई थानों का पुलिस जाप्ता तैनात किया गया सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर भिनाय, सरवाड़, केकड़ी समेत आसपास के थाना क्षेत्रों का पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। सराना और अजमेर से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाए जाने की सूचना है। मौके पर एडिशनल एसपी (केकड़ी) राजेश कुमार मील, डीएसपी हर्षित शर्मा, भिनाय थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह, सरवाड़ थाना प्रभारी रामपाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल गांव में माहौल शांतिपूर्ण है।
भगवान जगन्नाथ का 15 दिनों का एकांतवास समाप्त होने के बाद बुधवार को नेत्रदान की परंपरा पूरी की गई। इसके साथ ही भगवान जगन्नाथ ने अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर परिसर में 108 दीपों से भव्य मंगल आरती की गई और भगवान को मालपुआ का भोग अर्पित किया गया। ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। इससे पहले भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए सुबह तीन बजे से मंदिर में पहुंचे। अहले सुबह तक भक्तों की कतार लगभग 2 किमी तक लगी रही। अब भी भक्त पंक्तिबद्ध होकर भगवान के दर्शन-पूजन कर रहे हैं। शाम 5 बजे शुरू होगी रथयात्रा रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में रथयात्रा महापर्व को लेकर जारी मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार सुबह 4 बजे पूजा आरती के साथ दिन की शुरुआत कर दी गई। सुबह 5 बजे से श्रद्धालुओं के लिए श्री विग्रहों का दर्शन शुरू हो गया। दोपहर 2 बजे दर्शन बंद कर दिए जाएंगे और सभी विग्रहों को रथ के लिए प्रस्थान कराया जाएगा। दोपहर 2:30 बजे विग्रहों को रथ पर विराजमान किया जाएगा, जबकि 2:30 से 3 बजे तक उनका श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद 3 बजे श्री विष्णु लक्षार्चना और 4:30 बजे अष्टकम गीता पाठ होगा। शाम 5 बजे भव्य रथयात्रा प्रारंभ होगी, जो 6 बजे मौसीबाड़ी पहुंचेगी। शाम 6:46 से 7 बजे के बीच विग्रहों का मौसीबाड़ी में प्रवेश कराया जाएगा। रात 8 बजे 108 दीपों से मंगल आरती के बाद भगवान का शयन कार्यक्रम संपन्न होगा। 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा निकाली जाएगी तय कार्यक्रम के अनुसार आज शाम पांच बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा शुरू होगी। हजारों श्रद्धालु धर्मरथ खींचकर भगवान को मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे। इसके बाद 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान पुनः मंदिर लौटेंगे। रथयात्रा के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाला रथ मेला भी शुरू हो गया। मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब 2000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, वहीं समिति की ओर से 100 निजी गार्ड भी लगाए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 215 सीसीटीवी कैमरे और चार ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रथ पर राज्यपाल-सीएम सहित 13 लोग सवार रहेंगे रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पर पूजा-अर्चना के समय कुल 13 लोग सवार रहेंगे। इनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और जस्टिस, दो विधायक, सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव तथा चार पुजारी शामिल हैं। वहीं, रथ के पहियों के पास केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही रहने की अनुमति होगी। 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू जगन्नाथपुर रथयात्रा और मेला को लेकर आज से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए पार्किंग और रूट डायवर्जन तय किए हैं। बिरसा चौक से मेले में जाने वाले लोग अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे, जबकि तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए प्रभात तारा मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है। रिंग रोड से मेला या शहर की ओर आने वाले भारी और हल्के वाहन तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। इसके अलावा तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वाहनों का दबाव कम किया जा सके। यातायात व्यवस्था के तहत कई मार्गों पर नो-एंट्री लागू की गई है। तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर और प्रभात तारा मैदान के मुहाने से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, सवारी वाहन और बाइक का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, बिरसा चौक से रिंग रोड जाने वाले वाहनों को सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक होते हुए भेजा जाएगा। एचईसी और विधानसभा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना-शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार रात अशोकनगर पहुंचे। वे यहां चार दिवसीय दौरे पर आए हैं। शहर में भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। सिंधिया रात्रि विश्राम के लिए सर्किट हाउस पहुंचे। गुरुवार से उनका लगातार तीन दिनों तक व्यस्त कार्यक्रम रहेगा। आज (गुरुवार) सुबह सिंधिया तार वाले बालाजी मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद जनसंपर्क कार्यालय में जनसुनवाई कर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। वे विधि महाविद्यालय में आजीविका मिशन की स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद भी करेंगे। बहादुरपुर में कृषि सम्मेलन में शामिल होने के साथ ही सेमरखेड़ी और अन्य स्थानों पर विद्युत सब-स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। कल दिशा की मीटिंग में शामिल होंगेकल (17 जुलाई) सिंधिया कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (डीवीएमसी) की बैठक लेंगे, जिसके बाद प्रेस वार्ता करेंगे। वे सेमरी शाहाबाद में ग्राम चौपाल और स्कूल भवन का लोकार्पण करेंगे। अशोकनगर रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में भी उनकी सहभागिता रहेगी। तुलसी सरोवर में पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों से संवाद के बाद शाम को पारकना-सेहराई में विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। 18 जुलाई को सिंधिया जागेश्वरी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद पाठखेड़ा और मढ़ी महिदपुर में विद्युत सब-स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वे दोपहर में ग्वालियर के लिए रवाना होंगे।
राजधानी के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया, जब दोनों बच्चों के परिजन आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के पिता पेशे से एडवोकेट बताए जा रहे हैं। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। बाइक पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, सुभाष कॉलोनी स्थित खंडेलवाल कॉलेज के पास बाइक खड़ी करने की बात को लेकर दो बच्चों के बीच कहासुनी हुई थी। बच्चों का विवाद बढ़ने पर दोनों के पिता मौके पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना की सूचना मिलते ही शास्त्री नगर समेत तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को कंट्रोल किया। इसके बाद दोनों पक्षों को शास्त्री नगर थाने लाया गया। विवाद की जानकारी मिलते ही दोनों पक्षों के समर्थक और परिचित भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। शास्त्री नगर थाना प्रभारी दिलीप सिंह ने बताया कि बच्चों के विवाद को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस समझाइश के जरिए मामले का समाधान कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया है तो ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शहडोल में रीवा लोकायुक्त की रिश्वतखोरी कार्रवाई के बाद शहडोल के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा पर पहचान चोरी कर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। राजस्थान के डीग जिले में पदस्थ असली डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने जयसिंहनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर वर्षों तक मध्यप्रदेश में नौकरी की गई। लोकायुक्त कार्रवाई के बाद सामने आया मामला शिकायतकर्ता डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि हाल ही में रीवा लोकायुक्त द्वारा शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े गए डॉक्टर की खबर सोशल मीडिया और समाचारों में देखने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। इसके बाद वे शहडोल पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रिश्तेदार पर लगाए दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोप शिकायत के मुताबिक, उनके रिश्ते के चाचा सतीश शर्मा ने उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और फोटो का इस्तेमाल कर मध्यप्रदेश में मेडिकल ऑफिसर के पद पर नौकरी हासिल कर ली। आरोप है कि पहचान के लिए अपना आधार कार्ड लगाया गया, जबकि शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज शिकायतकर्ता के थे। राजस्थान में पदस्थ हैं असली डॉक्टर शिकायतकर्ता डॉ. महेश चंद्र शर्मा वर्तमान में राजस्थान के डीग जिले के पूछरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि परिवार को भी यह बताया जाता रहा कि आरोपी कोटा में कोचिंग का कार्य करता है। तीन जिलों में पदस्थापना पर उठे सवाल लोकायुक्त जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित डॉक्टर अलग-अलग समय में शहडोल, श्योपुर और खरगोन जिलों से जुड़ा रहा। जानकारी के अनुसार फरवरी 2023 से वह खरगोन जिले के सेगांव ब्लॉक में भी पदस्थ था। ऐसे में एक ही व्यक्ति की अलग-अलग जिलों में पदस्थापना को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा ने बताया कि राजस्थान से आए डॉ. महेश चंद्र शर्मा की शिकायत दर्ज कर ली गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खरगोन जिले में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद मानसून की रफ्तार थमने से मक्का और सोयाबीन की फसलें मुरझाने लगी हैं, जबकि कई खेतों में दरारें पड़ गई हैं। लगातार बढ़ते तापमान और घटती नमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश थमने से फसलों की बढ़वार पर असर जिले में पिछले सात दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों पर दिखाई देने लगा है। खेतों में नमी कम होने से मक्का और सोयाबीन की फसलें दोपहर के समय मुरझाने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। देवली और कोठा बुजुर्ग में हालात ज्यादा गंभीर देवली और कोठा बुजुर्ग सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक चिंताजनक है। यहां सिंचाई के लिए नहरों की सुविधा नहीं है और कुओं का जलस्तर भी पर्याप्त नहीं बढ़ा है। ऐसे में किसान पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं। किसान दशरथ राठौड़, गिरधारी राठौड़, सौभाग गेहलोद और दीपक कुशवाह ने बताया कि शुरुआती बारिश से अच्छी फसल की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब लगातार बारिश नहीं होने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। खेतों में पड़ने लगी दरारें, बढ़ी नुकसान की आशंका बारिश नहीं होने से कई खेतों की मिट्टी सूखने लगी है और दरारें दिखाई देने लगी हैं। किसानों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खेती के साथ मजदूरों की रोजी-रोटी भी प्रभावित बारिश की कमी का असर खेतिहर मजदूरों पर भी पड़ने लगा है। मजदूर गोरेलाल ने बताया कि खेतों में काम कम होने से उनकी मजदूरी 200 रुपये प्रतिदिन से घटकर 150 रुपये रह गई है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय पर भी असर पड़ रहा है। चार डिग्री बढ़ा तापमान, तेजी से घट रही नमी पिछले एक सप्ताह में जिले के अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछली बारिश के दौरान तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस था, जो अब बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी और उमस के कारण मिट्टी की नमी तेजी से कम हो रही है। 25 जुलाई तक बारिश की उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम तंत्र मजबूत होने पर 25 जुलाई तक जिले में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि पूर्वानुमान सही साबित होता है तो किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है और खरीफ फसलों को भी संजीवनी मिलेगी। अब तक सामान्य से अधिक बारिश जिला भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार, जिले में अब तक 10.1 इंच औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 8.3 इंच बारिश से लगभग 2 इंच अधिक है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से बारिश थमने के कारण खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है। जिले की वार्षिक औसत वर्षा 32.6 इंच मानी जाती है।
लुधियाना में 3 वर्षीय बच्चे की प्राइवेट स्कूल बस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बस के अगले और पिछले टायर बच्चे के ऊपर से गुजर गए। बच्चा अपनी मां के साथ बड़ी बहन को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर आया था। हादसे के बाद चालक बस लेकर फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर नवदीप सिंह और BITS कॉन्वेंट स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही अब स्कूल की हर बस की फिटनेस जांच होगी। परिवार ने किया बेटे का अंतिम संस्कार आरोपी ड्राइवर नवदीप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद पुलिस ने मृतक बच्चे समरदीप के शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। समरदीप अपने माता-पिता के साथ रहता था यह दर्दनाक हादसा कोहाड़ा क्षेत्र के गांव शालू भैणी में हुआ था। पुलिस अब स्कूल की अन्य बसों की भी जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। समरदीप अपने माता-पिता के साथ रहता था और उसकी एक बहन है। इस तरह हुआ बच्चे का एक्सीडेंट
अम्बेडकरनगर भाजपा के नए जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल की ताजपोशी को लगभग एक महीना पूरा होने वाला है, लेकिन जिला संगठन के विस्तार का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। नई कार्यकारिणी के गठन में हो रही देरी ने पार्टी के भीतर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। कार्यकर्ताओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नई टीम कब बनेगी। दिलचस्प बात यह है कि जिलाध्यक्ष बदलने के बावजूद संगठन की पूरी जिम्मेदारी अब भी पुराने पदाधिकारियों के कंधों पर टिकी हुई है। पार्टी के अधिकांश कार्यक्रम, बैठकों की तैयारियां और संगठनात्मक गतिविधियां पुरानी टीम ही संभाल रही है। इससे यह संदेश भी जा रहा है कि नई कमान को अभी तक अपनी पूरी टीम नहीं मिल सकी है। पार्टी सूत्रों की मानें तो संगठन विस्तार में देरी की सबसे बड़ी वजह अंदरूनी खींचतान और पदों की दावेदारी है। जिला उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री और अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए कई दिग्गज नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों की पैरवी शुरू कर दी है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ वरिष्ठ नेताओं की पसंद को साधने की चुनौती भी जिलाध्यक्ष के सामने है। ऐसे में हर नाम पर लंबा मंथन चल रहा है। राजनीतिक जानकार इसे सामान्य प्रक्रिया मानने के बजाय संगठन के भीतर चल रही शक्ति-परीक्षा से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि नई कार्यकारिणी केवल पदाधिकारियों की सूची नहीं होगी, बल्कि इससे यह भी तय होगा कि जिले की भाजपा में किस नेता का प्रभाव कितना है और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति किसके इर्द-गिर्द तैयार होगी। हालांकि पार्टी के जिम्मेदार नेता इसे संगठन की नियमित प्रक्रिया बताते हुए जल्द नई कार्यकारिणी घोषित होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच इंतजार जितना लंबा हो रहा है, चर्चाएं भी उतनी ही तेज होती जा रही हैं। अब निगाहें सिर्फ एक फैसले पर टिकी हैं। नई टीम के ऐलान के साथ यह साफ हो जाएगा कि भाजपा में सिर्फ जिलाध्यक्ष बदला है या फिर जिले की संगठनात्मक राजनीति का पूरा समीकरण भी बदलने वाला है।
सीतापुर में पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बुधवार देर रात हुई झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी। आधी रात के बाद तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से पूरे जिले का मौसम बदल गया। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और गुरुवार सुबह से ही ठंडी हवाओं के बीच लोगों ने सुहाने मौसम का आनंद लिया। गुरुवार सुबह आसमान पर काले बादल छाए रहे, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास नहीं हुआ। ठंडी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा बना रहा। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने भी बदले मौसम का भरपूर आनंद लिया। पार्कों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक चहल-पहल देखने को मिली। लोगों का कहना था कि लगातार पड़ रही तेज धूप और उमस के बाद बारिश ने बड़ी राहत पहुंचाई है। तापमान में आई गिरावट मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। तापमान में गिरावट आने से दिन की शुरुआत अपेक्षाकृत ठंडी रही और लोगों को उमस से राहत मिली। किसानों के लिए भी फायदेमंद बारिश बारिश को धान समेत खरीफ फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई वर्षा से फसलों की बढ़वार को फायदा मिलेगा। हालांकि जिले के कुछ इलाकों में केवल हल्की बूंदाबांदी होने के कारण वहां लोगों को अपेक्षाकृत कम राहत मिली। अगले 24 घंटे तक बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक जिले में बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
सतना जिले के कोलगवां थाना पुलिस ने मेडिकल कॉलेज मार्ग पर एक श्रमिक पर चाकू से जानलेवा हमले के तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बुधवार को नईबस्ती से पकड़ा गया। उस पर शराब के लिए पैसे न देने पर हमला करने का आरोप है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुनील डाबर (21), निवासी खरगड़ी, जिला अलीराजपुर, पिछले तीन सप्ताह से मेडिकल कॉलेज में काम कर रहा था। 5 जुलाई की रात करीब 9 बजे वह अपने भाई मनीष के साथ नईबस्ती से सब्जी खरीदकर पैदल लौट रहा था, तभी जेल रोड पर एक बाइक से आए तीन बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। शराब के लिए पैसे न देने पर चाकू मारा थाबदमाशों ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे, लेकिन जब दोनों भाइयों ने मना किया तो आरोपियों ने सुनील पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक इलाज के बाद सुनील को सतना से जबलपुर रेफर किया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और चार दिन बाद दो आरोपियों निखिल दाहिया (19) और हिमांशु साकेत (22), निवासी उतैली, को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, तीसरा आरोपी विकास उर्फ दुल्लू चौधरी (22), निवासी हनुमान नगर-नईबस्ती, फरार चल रहा था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नईबस्ती से आरोपी विकास को भी पकड़ लिया।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर आज प्रदेशभर में रायपुर शहर के प्रमुख जगन्नाथ मंदिरों से भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। शहर के अलग-अलग हिस्सों में रथयात्रा के लिए अलग-अलग समय और रूट तय किए गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजकों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस यात्रा के पहले शहर के अलग-अलग मंदिरों में जगन्नाथ भगवान की यात्रा को लेकर तैयारियां की गई। मंदिरों को फूलों से सजाया गया है, इसके अलावा जिन मार्गो से रथ यात्रा निकलेगी। वहां साफ सफाई भी करवाई गई है। रथयात्रा के दौरान शहर के इन मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि यात्रा मार्गों को ध्यान में रखते हुए अपनी आवाजाही की योजना बनाएं और प्रशासन-यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। देखिए पहले ये तस्वीरें- ओडिशा के कलाकारों ने संवारी रथ और मंदिर की भव्यता रथयात्रा की तैयारियों के तहत इस बार भी ओडिशा से आए कलाकार गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पारंपरिक शैली की पेंटिंग और आकर्षक सजावट कर रहे हैं। मंदिर की दीवारों, प्रवेश द्वार और रथों को पुरी की तर्ज पर रंग-बिरंगे धार्मिक चित्रों और पारंपरिक अलंकरण से सजाया जा रहा है। वहीं महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा-अर्चना और रथयात्रा के सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से पुजारियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि रायपुर में भी श्रद्धालुओं को पुरी जैसी आध्यात्मिक अनुभूति मिल सके। 500 साल पुराना टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में शामिल है। करीब 500 साल पुराने इस मंदिर को पहले 'साहूकार मंदिर' के नाम से जाना जाता था। भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा स्थापित होने के बाद धीरे-धीरे इसकी पहचान जगन्नाथ मंदिर के रूप में बनी। मंदिर का निर्माण अग्रवाल परिवार ने कराया था। अंग्रेजों के शासनकाल में एक अग्रवाल साहूकार ने मंदिर का विस्तार और सौंदर्यीकरण कराया। इसी वजह से लंबे समय तक इसे साहूकार मंदिर कहा जाता रहा। समय के साथ यहां भगवान जगन्नाथ की आराधना शुरू हुई और मंदिर की पहचान बदल गई। एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के अलावा श्रीराम दरबार, दो शिव मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गरुड़ मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर भी स्थापित हैं। इसी कारण यह मंदिर सालभर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है। …………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सोने की झाड़ू से महाप्रभु के रास्ते की सफाई: रथयात्रा के दिन तिजोरी से निकाली जाती है बाहर, रायपुर में राज्यपाल-CM निभाते हैं 'छेरापहरा' परंपरा रायपुर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां महाप्रभु के रथ के मार्ग की सफाई साधारण झाड़ू से नहीं, बल्कि करीब सवा किलो वजनी 2 सोने की झाड़ुओं से की जाती है। ये दोनों झाड़ू पूरे साल तिजोरी में सुरक्षित रखी जाती हैं और केवल रथयात्रा के दिन ही बाहर निकाली जाती हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 जुलाई को अमरोहा जिले के रजबपुर स्थित वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे। यहां वे करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जारी होते ही प्रशासनिक अमले ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन परियोजनाओं में 268 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुलिस लाइन, 1.18 करोड़ रुपये का गेस्टहाउस, महिला थाना, अमरोहा और नौगावां सादात तहसील भवन तथा कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण शामिल है। जनपदवासी लंबे समय से इन परियोजनाओं के लोकार्पण का इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कार्यक्रम स्थल पर हेलीकॉप्टर उतारने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव सहित अन्य अधिकारियों ने रात में यूनिवर्सिटी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भाजपा जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी ने मुख्यमंत्री के जनपद आगमन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं, जिसमें बुकलेट और शिलापट बनवाने का कार्य भी शामिल है। मुख्यमंत्री के आगमन से भाजपा कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है।
मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर के मिमलाना रोड क्षेत्र में बुधवार शाम से देर रात तक बिजली आपूर्ति ठप रहने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रात करीब 11 बजे तक बिजली बहाल नहीं होने पर सैकड़ों उपभोक्ता बिजलीघर पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नाराजगी जताई। देर रात तक हंगामा चलता रहा, लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि कई घंटे तक बिजली गुल रहने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। बिजली नहीं होने से घरों में लगे मोटर और सबमर्सिबल भी बंद रहे, जिससे पेयजल संकट गहरा गया और लोगों को पानी के लिए भी जूझना पड़ा। बिजलीघर पर नहीं मिले कर्मचारी, जेई का फोन भी बंद उपभोक्ताओं का आरोप था कि शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। उनका कहना था कि कर्मचारी बिजलीघर पर ताला लगाकर चले गए थे। वहीं, संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनका सरकारी सीयूजी मोबाइल बंद मिला। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। 'बिल डिजिटल ले रहे हैं तो बिजली भी डिजिटल दीजिए' प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उपभोक्ताओं ने कहा, जब बिल डिजिटल ले रहे हैं तो बिजली भी डिजिटल दीजिए। उन्होंने विभाग से बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग की। देर रात तक प्रदर्शन जारी रहने के बावजूद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस पूरे मामले पर देर रात तक बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
14 साल की भतीजी को सगा फूफा भगा ले गया:तीन महीने बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, पीड़िता बरामद
बरेली में एक व्यक्ति अपनी 14 साल की नाबालिग भतीजी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी ने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के तीन महीने बाद बरेली कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और नाबालिग बच्ची को सही-सलामत बरामद कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। टिकट लेने के दौरान ले गया आरोपीकासगंज जिले का रहने वाला एक परिवार अप्रैल महीने में किसी काम से बरेली आया था। 14 अप्रैल का दिन परिवार के लिए मुसीबत लेकर आया। परिवार बरेली रेलवे जंक्शन से कासगंज वापस जाने की तैयारी में था। जब बच्ची के पिता काउंटर पर टिकट लेने के लिए गए, तो वहां मौजूद आरोपी फूफा ने मौके का फायदा उठाया। उसने नाबालिग बच्ची को कुछ खिलाने-पिलाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले लिया और वहां से लेकर फरार हो गया। परिजनों ने की तलाशजब काफी देर बीत जाने के बाद भी फूफा और बच्ची वापस नहीं लौटे, तो माता-पिता परेशान हो गए। उन्होंने आरोपी को कई बार फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई। इसके बाद वे अपनी रिश्तेदार के घर पहुंचे और पूछताछ की, लेकिन वहां भी कोई सुराग नहीं मिला। रिश्तेदारों और जानने वालों से संपर्क करने के बाद जब कहीं पता नहीं चला, तो अंत में हार मानकर परिजनों ने बरेली कोतवाली में पहुंचकर लिखित शिकायत दी। मुकदमा और पुलिस की जांचकोतवाली पुलिस ने बच्ची की मां की तहरीर पर तुरंत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अपहरण और दुष्कर्म जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा कायम किया। कोतवाली पुलिस की टीम तब से लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी तेज कर दी थी। पुलिस की टीम कई दिनों से आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछतीन महीने की लंबी मशक्कत के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी 35 वर्षीय राजेश, जो थाना भमोरा के गांव मकरन्दपुर धाराजीत का रहने वाला है, उसे धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह नाबालिग भतीजी को अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। आरोपी ने आगे बताया कि वह पीड़िता को बरेली के चौपुला चौराहे के रास्ते से कहीं बाहर ले जाने की फिराक में था, तभी पुलिस की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस टीम में ये रहे शामिलइस पूरे मामले के खुलासे और पीड़िता को बरामद करने में कोतवाली पुलिस की भूमिका अहम रही। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, उप निरीक्षक वैभव गुप्ता, हेड कांस्टेबल उग्रवीर, महिला हेड कांस्टेबल भावना और कांस्टेबल अर्जुन शामिल रहे। सीओ सिटी आशुतोष शिवम का वर्जनइस मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि मामले में पॉक्सो और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय थीं। उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पीड़िता को बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
आगरा में छाए बादल, 19 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम:3 दिन तक बारिश की संभावना, उमस से मिलेगी राहत
आगरा में गुरुवार सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के मुताबिक दिन में कुछ समय के लिए धूप निकल सकती है। हालांकि 19 जुलाई से मौसम फिर करवट लेगा और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। विभाग ने 21 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश का पूर्वानुमान जताया है। बुधवार को हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन उससे पहले लगातार चार दिन तक बारिश नहीं होने से लोग गर्मी और उमस से बेहाल रहे। इस सीजन में अब तक आगरा में सामान्य से 29 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। बुधवार को बारिश होने से उमस से मिली राहत बुधवार सुबह शहर में अच्छी बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले 11 से 14 जुलाई तक न बारिश हुई थी और न ही बूंदाबांदी, जिसके चलते दिन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। 19 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून आगरा में 7 से 10 जुलाई के बीच अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन इसके बाद 11 से 14 जुलाई तक बारिश थम गई। एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच जिले में 181.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में मौसम साफ हो सकता है।19 जुलाई से मौसम में फिर बदलाव होगा। तेज हवाओं के साथ दिन में एक या दो बार बारिश होने की संभावना है। 21 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
सवाई माधोपुर के सीएमएचओ कार्यालय में मेनपावर सप्लाई का कार्य करने वाली संस्था के लाइसेंस की वैधता समाप्त हुए सात माह बीत चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। वहीं संस्था भी बिना लाइसेंस नवीनीकरण के लगातार कार्य करती रही। मामला सामने आने के बाद अब सीएमएचओ ने श्रम विभाग को पत्र लिखकर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने का कारण पूछने की बात कही है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई थी लाइसेंस की वैधता विभागीय सूत्रों के अनुसार महात्मा गांधी श्रमिक ठेका सहकारी समिति लिमिटेड, कोटा सीएमएचओ कार्यालय के अधीन मेनपावर सप्लाई का कार्य कर रही है। ठेका प्रक्रिया के दौरान संस्था ने जो लाइसेंस संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, उनकी वैधता 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद संस्था पिछले सात माह से बिना वैध लाइसेंस के सीएमएचओ कार्यालय में मेनपावर सप्लाई का कार्य करती रही। विभागीय अधिकारियों को नहीं लगी जानकारी मामले में सबसे अहम बात यह रही कि विभागीय अधिकारियों को भी यह पता नहीं चल पाया कि संस्था के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है। शिकायत मिलने के बाद विभाग सक्रिय हुआ और मामले की जानकारी जुटाई गई। अब श्रम विभाग से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ कार्यालय ने श्रम विभाग से संपर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों नहीं हुआ और संस्था बिना वैध लाइसेंस के कैसे कार्य करती रही, इसकी जानकारी ली जाएगी। सीएमएचओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि महात्मा गांधी श्रमिक ठेका सहकारी समिति लिमिटेड, कोटा को सभी दस्तावेजों की जांच के बाद मेनपावर सप्लाई का ठेका दिया गया था। उन्होंने कहा कि संस्था के लाइसेंस की वैधता समाप्त होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में श्रम विभाग को पत्र लिखकर नवीनीकरण नहीं होने के कारणों की जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में गुरुवार सुबह तेज धूप और उमस के बीच तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में मानसून के दोबारा सक्रिय होने का अनुमान जताया है। इसके बाद जिले और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश की संभावना के बीच गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है और फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। BHU के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया- अगले 48 घंटों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है। गंगा का जलस्तर बढ़ा, खतरे से अभी दूर लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी आने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गुरुवार सुबह 6 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 60.40 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है। फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 11.90 मीटर नीचे है। बढ़ते जलस्तर के कारण दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं, जिससे घाट किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों और नाविकों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को धान रोपाई तेज करने की सलाह मौसम विभाग के बारिश के अनुमान के बाद कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की रोपाई तेज करने की सलाह दी है। जिन खेतों में पर्याप्त पानी भर चुका है, वहां रोपाई का काम शुरू या तेज किया जा सकता है। कृषि विशेषज्ञ संजय पांडे ने कहा- यदि अगले दो दिनों में अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होती है, तो धान की रोपाई में तेजी आएगी। इससे सिंचाई पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होगी। उमस से बढ़ी बिजली की मांग शहर में चिपचिपी गर्मी के कारण बिजली की मांग भी बढ़ गई है। इसके साथ ही कई इलाकों में ट्रिपिंग और बिजली कटौती की शिकायतें भी बढ़ी हैं। फिलहाल वाराणसी में 928 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। वहीं 15 जुलाई को पूरे वाराणसी मंडल में बिजली की मांग 2208 मेगावाट दर्ज की गई। इसमें चंदौली में 297 मेगावाट, जौनपुर में 518 मेगावाट और गाजीपुर में 464 मेगावाट बिजली की मांग रही।
जालौन में पिछले छह दिनों से बारिश न होने के कारण उमस और भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। गुरुवार सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिली। उल्टे वातावरण में नमी बढ़ने से उमस और अधिक हो गई।पिछले सप्ताह हुई अच्छी बारिश के बाद लोगों को उम्मीद थी कि मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन बीते छह दिनों से वर्षा का सिलसिला थम गया है। इसके चलते तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिक नमी के कारण उमस बढ़ने से जनजीवन प्रभावित है और दोपहर के समय सड़कों पर भी आवाजाही कम दिखाई दी। शाम तक बारिश के आसारमौसम विभाग ने गुरुवार शाम तक जालौन में बारिश होने की संभावना जताई है। यदि अच्छी वर्षा होती है तो लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। साथ ही किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। खरीफ फसलों के लिए जरूरी है नमीइन दिनों धान, तिल और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी की आवश्यकता है। लगातार कई दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों की ऊपरी सतह सूखने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि फसलों की बढ़वार प्रभावित न हो और उत्पादन पर प्रतिकूल असर न पड़े। मौसम विभाग की नजर अगले 48 घंटे परमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिनों में अच्छी बारिश होती है तो इसका सबसे अधिक लाभ खरीफ फसलों को मिलेगा। वहीं आमजन भी लगातार बनी उमस और भीषण गर्मी से राहत के लिए मानसून के दोबारा सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।
दमोह देहात थाना क्षेत्र के हटा नाका स्थित एक शराब दुकान में बुधवार रात 10 से अधिक बदमाशों ने हमला कर कर्मचारियों के साथ मारपीट की और दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार सवार युवकों से शुरू हुआ विवाद सीएसपी एचआर पांडे के अनुसार, हटा नाका स्थित संजीत राय की शराब दुकान पर बुधवार रात तीन युवक कार से पहुंचे। दुकान की ओर कार मोड़ने के दौरान कर्मचारियों ने उन्हें रोका, जिस पर विवाद हो गया। देखते ही देखते कार सवार युवकों ने कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद बाइक से पहुंचे अन्य युवकों ने भी कर्मचारियों पर हमला कर दिया। आरोपियों ने दुकान में तोड़फोड़ की, जिससे शराब की कई बोतलें टूट गईं और दुकान को नुकसान पहुंचा। मुफ्त शराब और पैसों की मांग का आरोप पुलिस के मुताबिक, आरोपी कर्मचारियों से मुफ्त शराब और पैसों की मांग कर रहे थे। कर्मचारियों द्वारा इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने मारपीट व तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दिया। 6 संदिग्धों से पूछताछ, आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। दुकान में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जिसके आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। पुलिस ने छह संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, हाईवे पर संचालित शराब दुकान में इस तरह कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की यह पहली बड़ी घटना है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर रेलवे 17 जुलाई से चलाएगा 3 नई ट्रेनें:वाराणसी-जालंधर एक्सप्रेस जौनपुर होते हुए चलेगी
उत्तर रेलवे शुक्रवार, 17 जुलाई से यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत करने जा रहा है। इनमें जालंधर कैंट-वाराणसी संत रविदास एक्सप्रेस जौनपुर के यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस नई सेवा से पंजाब और पूर्वांचल के बीच रेल संपर्क और बेहतर होगा। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि ट्रेन संख्या 14502/14501 कर्तोली पंजाब-अंबाला कैंट-कर्तोली पंजाब एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाएगा। वहीं, 14624/14623 छेहरता-वाराणसी-छेहरता संत रविदास एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चलेगी। इसके अलावा 74010/74009 जींद-सोनीपत-जींद ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। 17 जुलाई को चलेगी उद्घाटन स्पेशल जौनपुर के यात्रियों के लिए ट्रेन संख्या 04686 जालंधर कैंट-वाराणसी उद्घाटन स्पेशल 17 जुलाई को जालंधर कैंट से दोपहर 3:40 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ और सुल्तानपुर होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। जौनपुर सिटी पर दो मिनट का ठहराव उद्घाटन स्पेशल ट्रेन अगले दिन सुबह 11:01 बजे जौनपुर सिटी स्टेशन पहुंचेगी और दो मिनट के ठहराव के बाद 11:03 बजे वाराणसी के लिए रवाना होगी। ट्रेन का वाराणसी पहुंचने का निर्धारित समय दोपहर 12:15 बजे है। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से जौनपुर समेत पूर्वांचल के यात्रियों को पंजाब और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों तक बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ आवागमन भी अधिक सुगम होगा।
फिरोजाबाद में करीब साढ़े पांच वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में एडीजे प्रथम की अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में सगे भाई-बहन भी शामिल हैं। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, मामला मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव जेवड़ा का है। गांव निवासी जागेश ने 16 जनवरी 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया था कि उनके भाई की पत्नी खेत की ओर गई थीं, जहां गांव के श्रीभान, श्रीमोहन, नैना, राजेंद्र सिंह, अशोक और अनवेद ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी पीटा शोर सुनकर जागेश के भाई राममहेश मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे सुरेश और अवधेश के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम नीलू मोगा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेंद्र प्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष गवाहों और अन्य साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त जेल अदालत ने सभी दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश में कहा कि यदि कोई दोषी अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' जयपुर शहर की कॉलोनियों और क्षेत्रों में बुनियादी समस्याओं के समाधान का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इसके जरिए स्थानीय निवासी सीधे तौर पर जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, टूटी सड़कों और गंदगी जैसी गंभीर दिक्कतों को पोस्ट कर रहे हैं। इस जनहित पहल के कारण ही प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। जहां एक ओर चित्रकूट नगर, सोडाला, इंदिरा गांधी नगर और गिरधारीपुरा के निवासी सीवर, कचरे के ढेर व टूटी सड़कों से राहत पाने के लिए प्रशासनिक सुस्ती के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर झोटवाड़ा और पानीपेच इलाके से राहत की बड़ी खबरें आई हैं। झोटवाड़ा में कई दिनों से बंद पड़े रास्ते से गंदा पानी साफ कराया गया, तो पानीपेच में निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल ने तत्परता दिखाते हुए अवैध गैस रिफिलिंग के खतरनाक खेल में कार्रवाई करवा कर करवाकर जनता को बड़ी राहत दिलाई है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) चित्रकूट नगर से सामने आई सीवर की समस्याजयपुर शहर के चित्रकूट नगर के जेडीए स्किम निवासी प्रवीण सैनी ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि जय श्री पालीवाल स्कूल के पास सड़क पर कई दिनों से सीवर चैंबर ओवरफ्लो हो रहा है। जिसके कारण आस-पास से गुजरने वाले बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। कचरे की बदबू से जीना मुश्किलसोडाला के सुरेंद्र पाल सिंह पथ के रहने वाले हिमांशु भाटी ने समस्या पोस्ट की है कि न्यू सांगानेर रोड की कॉलोनी में कई सालों से कचरा जमा हो रहा है। खाली प्लॉट में लोगों ने कचरा डाल कर ढेर जमा कर लिया है। जिसके कारण भयंकर बदबू भी आती है। लोगों ने मांग की है कि इस कचरा का समाधान किया जाए। टूटी रोड से जलभराव की समस्या जयपुर शहर के इंदिरा गांधी नगर के सेक्टर 2 से सड़क संबंधित समस्या सामने आई है। क्षेत्रवासी धारा सिंह ने भास्कर समाधान पर लिखा कि इलाके की रोड टूटी हुई है। बारिश के दिनों से पानी भरा रहता है। वाहन चालकों और अन्य लोगों को काफी असुविधा हो रही है। पानी जमा होने के बाद कई बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इलाके में रोड की निर्माण किया जाना चाहिए। सड़क पर जलभराव के परेशान लोगगिरधारीपुरा के जानकी विहार निवासी नरेश जाखर ने नाली का गंदा पानी रोड पर बहने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि गली के कुछ लोग लगातार गंदा पानी सड़क पर छोड़ रहे है, जिससे बाकी लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों को घरों के बाहर गंदगी हो रही है। कई दिनों से बनी समस्या का हुआ समाधानझोटवाड़ा के मारूति नगर के रहने वाले अरविंद शर्मा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सीवर का पानी रोड पर बहने की समस्या लिखी थी। इस समस्या में बताया था कि पिछले कई दिनों से दादी का फाटक के शिव नगर में रास्ता बंद था। पूरी रोड पर गंदा पानी भरा हुआ था, हालांकि समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और समस्या का समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। अवैध तरीके से भरी जा रही गैस का समाधानशहर के पानीपेच इलाके के सीतारामपुरा में भेरूजी मंदिर के पास से अवैध गैस रिफिल की समस्या सामने आई थी। जिसमें क्षेत्रवासी रमेश सिंह ने लिखा था कि इस इलाके में ओटो रिक्शा और कारों में धड़ल्ले से गैस भरी जा रही थी। समस्या पोस्ट होने के बाद निवर्तमान पार्षद ने मामले में प्रशासन के साथ मिलकर इसपर कार्रवाई करवाई है। मामले में कार्रवाई के बाद इसका समाधान हो गया जिससे लोगों में खुशी है। X मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’जयपुर के पानीपेच इलाके से सामने आई अवैध गैस रिफिल की समस्या का समाधान करवा दिया गया है। कुछ समय पहल क्षेत्रवासी रमेश सिंह ने इस समस्या को 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। जिस पर निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर समाधान करवा दिया है। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। लोगों ने मनोज मुदगल और दैनिक भास्कर का आभार जताया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.शास्त्री नगर में मनोज मुदगल ने करवाई सफाई:जयपुर के कई इलाकों से हटा कचरा, तो कई जगहों पर सीवर और गंदगी से जूझ रहे लोग 2.एईएन हिमांशु शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर':जलभराव, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं सुलझीं; ESI डिस्पेंसरी की परेशानी बरकरार 3.जयपुर में अधूरी सड़कें और खतरनाक पेयजल का संकट:काना विहार से लेकर सिद्धार्थ कॉलोनी तक फैली अव्यवस्था, लोगों ने लगाई सुधार की गुहार 4.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 5.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 6.जयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 7.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 8.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल 9.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 10.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर आई शिकायतों के बाद एक ही दिन में सड़क, नाली की सफाई से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ। बोरखेड़ा में तो दो साल बाद सड़क बनी, जिससे लोगों का इंतजार खत्म हुआ। आज नालियों की सफाई करवाकर वार्ड नंबर 24 के जमादार जगदीश घेंघट 'पब्लिक के स्टार' बने हैं। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की समस्याएं हल हुईं… जमादार जगदीश घेंघट बने 'पब्लिक के स्टार' कोटा के शिव प्रकाश ने आरोग्य नगर से नालियों के जाम होने और नियमित सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि जाम नालियों से ठहरे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। बरसात में इनसे मौसमी बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। सफाई कर्मचारी इस बारे में शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। समस्या सामने आने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर जमादार जगदीश घेंघट ने नालियों की सफाई करवाकर लोगों को राहत देने का काम किया है। दो साल बाद खत्म हुआ सड़क का इंतजार कोटा के बोरखेड़ा के आकाश नगर से विष्णु गोचर ने समस्या पोस्ट की थी कि उनके एरिया में मेंटीनेंस के काम के लिए दो साल पहले सड़क खोदी गई थी। काम पूरा होने के बाद भी सड़क ज्यों की त्यों छोड़ दी गई। दो साल से कॉलोनी वाले इस सड़क के बनने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने सीसी रोड बनाकर लोगों को परेशानी से राहत दिलाई है। ग्रामीणों ने इसके लिए आभार जताया है। समस्या पोस्ट की तो हो गया समाधान कोटा के पुलिस थाना चौक, अंसारी रोड से नवीन कुमार चौथवानी ने 8–10 साल पुरानी नालियों की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में सभी घरों की लाइन मेन चैम्बर से जोड़ दी गई हैं लेकिन उनके घर का कनेक्शन अब तक नहीं किया गया है। समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंन्द्र कुमार के निर्देश पर नया वार्ड 28 के जमादार सिकंदर पंवार ने समस्या का समाधान करवा दिया है। हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंन्द्र ने इसकी जानकारी भी शेयर की है। समस्या पोस्ट की तो नालियां हुईं साफ रंगबाड़ी के कृष्ण नगर से प्रियंका जैन ने नालियों की सफाई न होने का मुद्दा पोस्ट किया था। उन्हाेंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि उनकी कॉलोनी में नालियां मलबे और कीचड़ से भरी हुई हैं। निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से पानी घरों में आ रहा है। पूरे घर में बदबू है। संक्रमण और मौसमी बीमारियों के डर के बीच जी रहे हैं। कई बार शिकायत कर चुके लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद निगम के सफाईकर्मियों ने समाधान करवा दिया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… ट्रांसफॉर्मर की डीपी खुली, करंट का डर कोटा के चौपाटी बाजार के सामने, रघु पान वाले की गली में लगे ट्रांसफॉर्मर की डीपी बारिश में भी खुली हुई है। यहां से स्कूली बच्चे, मंदिर जाने वाले श्रद्धालू और बेसहारा पशुओं का आना–जाना है। ऐसे में मॉनसून के दौरान करंट फैलने और बेसहारा पशुओं के करंट की चपेट में आने का डर बना हुआ है। कम्प्लेंट के बावजूद नहीं सुधरी रोड लाइट शाॅपिंग सेंटर, गुमानपुरा से गौरव अग्रवाल ने रोड लाइट खराब होने की समस्या भेजी है। उन्होंने लिखा कि ओसीएम शोरूम के सामने कई दिनों से रोड लाइट खराब पड़ी है। केडीए कर्मचारियाें को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। इसका हल करवाएं ताकि आने–जाने वालों को अंधेरे से हो रही परेशानी से राहत मिले। गली में कचरा, पत्थरों से रास्ता अवरुद्ध नगर निगम रोड, सकतपुरा से इमरान खान ने गली में कचरा और पत्थर डालकर रासता अवरुद्ध करने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि लोगों को मना करने के बावजूद गली में कचरा और पत्थर डाल रखे हैं। कई बार निगम को इसे हटाकर सफाई करवाने को कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मानसून में रास्ता अवरुद्ध होने से स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसका जल्द समाधान करवाएं। सड़क पर मलबा, वाहन चालक परेशान संजय लोढ़ा ने रामपुरा पोस्ट ऑफिस के पास वाली गली की समस्या पोस्ट की हे। उन्होंने बताया कि गली में काफी दिनों से मलबा पड़ा हुआ है लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी निगम कर्मचारी इसे हटा नहीं रहे हैं। मलबे से मुख्य रास्ता भी अवरुद्ध हो रहा है जिससे व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम की समस्या भी हो रही है। पूरे रोड पर यहां–वहां पत्थर और रोड़ी पड़े होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
बस्ती में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खजुहा गांव में बुधवार सुबह कोबरा सांप के डंसने से 55 वर्षीय महिला की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कप्तानगंज के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जानकारी के अनुसार, खजुहा गांव निवासी शेर अली की पत्नी रेशमा बुधवार सुबह करीब सात बजे घर के पास हैंडपंप से पानी भरने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे कोबरा सांप ने उनके दाहिने पैर की उंगली में डंस लिया। परिजनों ने सांप को मार डाला और एंबुलेंस से रेशमा को तत्काल सीएचसी कप्तानगंज पहुंचाया। परिजनों का आरोप- सांप के डंसने को नहीं माना गंभीरमृतका के पति शेर अली का आरोप है कि सीएचसी में चिकित्सकों ने सांप के काटने को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने इसे छछूंदर के काटने का मामला बताते हुए बंधी हुई रस्सी खुलवा दी। परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी, तब उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। पोस्टमार्टम से किया इनकारजिला अस्पताल में उपचार के दौरान रेशमा की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर घर लौट आए और पुलिस को लिखित सहमति देकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधारपरिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही को महिला की मौत का कारण बताते हुए संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप कुमार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि महिला का उपचार चिकित्सकीय मानकों के अनुसार किया गया था। उन्होंने बताया कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए समय पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ से महीनों से लंबित हैंडपंप की समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों की समस्या हल हो गई। ऐसे ही बिजली के तारों, ड्रेनेज और पानी की पाइपलाइन के लीकेज का भी समाधान हो गया। अजमेरवासियों की भेजी हुईं ऐसी ही अन्य समस्याओं के समाधान भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया में हैं। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की लंबित समस्या दूर हुई… अमित मुद्गल बने 'पब्लिक के स्टार' अजमेर की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पुलिस लाइंस से किशन गोपाल ने बिजली के तारों की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि गली में बिजली के तारों से हरे पेड़ों की शाखाएं दू रही हैं। इनसे स्पार्क की वजह से कई बार शॉर्ट सर्किट हो चुका है। बारिश में करंट आने का डर भी बना हुआ है। इस पर टाटा पावर के ऑपरेशन हेड अमित मुद्गल ने समस्या का समाधान करवा कॉलोनी के लोगों को राहत दी है। जर्जर हैंडपंप बदलने से बुझने लगी प्यास शहर के अंगिरा नगर, बिहारीगंज रोड से अरुण कुमार जांगिड़ ने जर्जर हैंडपंप की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके इलाके में लगे सरकारी हेंडपंप से पूरे मोहल्ले की प्यास बुझती है। लेकिन नल का ऊपरी हिस्सा टूट जाने के कारण सारा पानी बह जाता है। इस समस्या के सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने समस्या का समाधान करवा दिया है। ड्रेनेज सिस्टम सही हुआ, जलभराव खत्म अजमेर की गोटा कॉलोनी, फायसागर रोड से दुर्गेश ने अपनी कॉलोनी की समस्रूा पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि अजमेर में प्रवेश करते ही सबसे पड़ने वाली उनकी कॉलोनियों में ट्रांसफॉर्मर के पास बरसात का पानी भरा हुआ है। वहीं नालियों में मिट्टी–कचरा भरा होने से निकासी नहीं हो पा रही इससे सारा पानी गलियों और मुख्य रास्तों पर भर जाता है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने ड्रेनेज सिस्टम सही कर समाधान करवा दिया। पानी की सप्लाई में लीकेज सुधारा ‘भास्कर समाधान’ पर आदर्श नगर से वैभव नागर ने पानी की पाइपलाइन में लीकेज की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि क्षेत्र के गर्ल्स स्कूल के नीचे चौराहे पर पानी की पाइप लाइन टूटी हुई है। इसे कई बार सही कर चुके लेकिन यह बार–बार लीक हो जाती है। इसे रोज सप्लाई के समय हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। समस्या पर कार्रवाई करते हुए जलदाय विभाग के कर्मचारियों ने लीकेज बंदकर समस्या का समाधान कर दिया। आइए अब एक नजर उन समस्याओं पर भी डालें, जिनका समाधान होना अभी बाकी हैं… बंदरों के डर से घर में कैद अजमेर के बृजलाल गोधा ने बंदरों से हो रही परेशानी शेयर की है। उन्होंने लिखा कि उनके क्षेत्र इंदिरा कालोनी, पुराना बड़गांव ग्राम पंचायत सेदरिया में आए दिन बच्चों– महिलाओं पर बंदर हमला कर उन्हें काट रहे हैं। मजदूरी के लिए घर से जाना और वापस आना भी मुश्किल हो गया है। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी कई बार शिकायत कर चुके लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। करीब 20–25 की संख्या में आने वाले ये बंदर पटाखों की आवाज से भी नहीं डरते हैं। टूटी सड़क और जाम ड्रेनेज से परेशान अजमेर के सुमेर राव ने लोहा खान कॉलोनी की गली नंबर 4 से टूटी सड़क, जाम ड्रेनेज और सफाई से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि हमारी कॉलोनी में अधिकारी किसी भी समस्या की सुनवाई नहीं कर रहे हैं। टूटी ड्रेनेज लाइन के कारण बारिश का पानी कॉलोनी में भरता है जिससे गलियों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इस समस्या का जल्द समाधान करवाकर कॉलोनीवासियों को राहत दें। बेसहारा पशुओं से राहगीर परेशान न्यू अम्बावाड़ी, तोपदड़ा से गौरांग गोयल ने बेसहारा पशुओं की समस्या पोसट की है। उन्होंने लिखा की उनकी कॉलोनी में गोयल राशन की दुकान वाली गली में बेसहारा पशुओं की बड़ी परेशानी है। बेसहारा गाय, सांड राहगीरों और वाहन चालकों के सामने खड़े होकर रास्ता रोक लेते हैं जिससे गली में जाम लग जाता है। अवैध डेयरी संचालक दूध निकालने के बाद अपने पशु खुला छोड़ देते हैं। खराब रोड लाइट, अंधेरे में लोग ‘भास्कर समाधान’ पर उमराव कुमार ने वरुण सागर रोड से खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा की वरुण सागर रोड से चामुंडा माता मंदिर रोड की तरफ जाने वाली सड़क पर बीते कई दिनों से रो लाइट्स खराब हैं। शाम को अंधेरे के कारण मंदिर आने–जाने वाले लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। शिकायत के बाद भी इसका समाधन संबंधित विभाग ने अब तक नहीं किया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
सीकर शहर के लोग दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं, जिन पर प्रशासन भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। शहर में कचरा, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सड़क और नालियों से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। वहीं कुछ शिकायतों का समाधान होने से लोगों को राहत भी मिली है। भास्कर समाधान में पढ़िए आज की प्रमुख समस्याएं और उनके समाधान। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर : एईएन विकास पिपराली रोड स्थित प्राइड सिटी क्षेत्र में मदरसा स्कूल के सामने कचरा जमा होने की समस्या को लेकर मोहम्मद अज़ीज़ ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी। जिसके बाद एईएन विकास ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर परिषद की टीम से मौके पर कचरे का उठाव करवाया। समय पर कार्रवाई से क्षेत्र में फैली गंदगी और दुर्गंध से लोगों को राहत मिली तथा स्कूल के बाहर का मार्ग भी साफ हो गया। स्कूल के बाहर से हटाया गया कचरे का ढेर पिपराली रोड स्थित प्राइड सिटी क्षेत्र में मदरसा स्कूल के सामने जमा कचरे की समस्या का समाधान कर दिया गया है। शिकायतकर्ता मोहम्मद अज़ीज़ ने बताया कि नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर कचरे का उठाव कराया, जिससे क्षेत्र में फैली गंदगी और बदबू से लोगों को राहत मिली। कचरा हटने के बाद स्कूल के बाहर का मार्ग साफ हो गया है और बच्चों के आवागमन में भी सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए नगर परिषद का आभार जताया। भंवर कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटें हुईं चालू अननोड रोड स्थित मनसा (भंवर) कॉलोनी में कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान हो गया है। शिकायतकर्ता पीयूष जोधा ने बताया कि संबंधित विभाग ने खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू कर दिया है। इसके बाद रात के समय कॉलोनी में रोशनी की व्यवस्था बहाल हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने लगी है। साथ ही दुर्घटना और चोरी जैसी घटनाओं की आशंका भी कम हुई है। स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग का आभार जताया। नई पाइपलाइन के बाद भी नहीं पहुंच रहा पानी, कॉलोनीवासी परेशान मदर डेयरी के पास दासा की ढाणी स्थित विद्या विहार, अखंड नगर और आसपास की कॉलोनियों में पेयजल संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले क्षेत्र में नई पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए निजी टैंकरों और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है। लगते ही खराब हुई स्ट्रीट लाइट, बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं नवलगढ़ रोड स्थित रॉयल रेजीडेंसी, शिवसिंहपुरा क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब पड़ी है। स्थानीय निवासी सचिन ने बताया कि लाइट शुरू से ही लगातार ब्लिंक करती रहती है और कई बार समस्या पोस्ट करने के बावजूद इसे ठीक नहीं किया गया। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द खराब स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने की मांग की है। निर्माणाधीन पुलिया के पास टूटी सड़क से राहगीर परेशान, हादसे का खतरा पिपराली रोड स्थित निर्माणाधीन पुलिया के नीचे सर्विस रोड का निर्माण अधूरा होने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासी एडवोकेट प्रमोद कुमार स्वामी ने बताया कि पुलिया से सूर्य नगर की ओर जाने वाला मार्ग जगह-जगह टूटा हुआ है, जिससे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने की मांग की है। चार माह से नहीं हुई नालियों की सफाई, गंदगी और बदबू से लोग परेशान स्टेशन रोड स्थित शेखपुरा मोहल्ले में पिछले करीब चार महीनों से नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी जमा है। स्थानीय निवासी रिजवान हुसैन ने बताया कि सफाई ठेकेदार को कई बार अवगत कराने और 181 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। नालियों में जमा गंदगी से बदबू फैल रही है और क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने नगर परिषद से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.आनंद नगर में बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:नाली, सड़क, बिजली, पेयजल और पार्किंग से जुड़ी कई समस्याएं आई सामने, कई समाधानों पर काम जारी 2.भास्कर समाधान : जलभराव की समस्या से मिली राहत:सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की परेशानी बरकरार, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.भास्कर समाधान : बिजली लाइन हुई ठीक, खतरा टला:सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान, वाजिद अली बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.भास्कर समाधान: लगातार बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, बिजली, पानी और सफाई की समस्याओं से लोग परेशान 5.भास्कर ‘समाधान’: शिकायत के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट:गड्ढे, गंदगी और आवारा पशुओं से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.सीकर में जनता की समस्याओं पर जागा प्रशासन:जर्जर सड़कें, सीवर और नंगे तारों की शिकायतों पर अधिकारियों ने की कार्रवाई 7.सीकर में बहानेबाजी पर भारी पड़ा ऐक्शन:कहीं सिस्टम की सुस्ती से बढ़ा खतरा, तो कहीं 'स्टार अफसर' ने दूर की जनता की परेशानी 8.भास्कर समाधान: पोस्ट करने के 4 घंटे में हुआ समाधान:सीवर समस्या सुलझी; नाला, जलभराव और आवारा पशु बने परेशानी, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 9.सीकर शहर की समस्याएं भास्कर समाधान पर पहुंचीं:कहीं टूटी सड़क तो कहीं जलभराव और नाली की परेशानी, सुरेंद्र गोदारा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 10.भास्कर समाधान: लाइट की समस्या का हुआ समाधान:सीकर में पानी, बिजली, सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान
लखीमपुर खीरी में 27 बटुकों का महायज्ञ:2027 विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का लिया संकल्प
लखीमपुर खीरी में समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष यश मोहन पटेल के नेतृत्व में एक महायज्ञ का आयोजन किया गया। बुधवार को सदर विधानसभा क्षेत्र (142) के ग्राम बेल्हौरा में 27 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह महायज्ञ संपन्न कराया। इस महायज्ञ के दौरान वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए '27 संकल्प' दिलाए गए। उपस्थित लोगों ने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प लिया। इसमें किसानों, नौजवानों, महिलाओं, गरीबों, पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में वर्ष 2027 में सत्ता परिवर्तन के लिए कार्य करने का संकल्प भी दोहराया गया। इस अवसर पर यश मोहन पटेल ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के अधिकारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई को लगातार उठाती रही है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा 142 सदर की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और 2027 में सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी ताकत से काम करेगी। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की जनता, समाजवादी कार्यकर्ता, संतजन और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। समापन पर यश मोहन पटेल ने महायज्ञ में शामिल सभी संतजनों, वरिष्ठ साथियों, माताओं-बहनों, युवाओं और क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया।
जोधपुर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कें लोगों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बनी हुई हैं। वहीं, भास्कर समाधान पर उठाई गई शिकायतों के बाद प्रशासन ने माजीसा नगर में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान किया और महाराणा प्रताप कॉलोनी में रोड लाइट व डस्टबिन की व्यवस्था दुरुस्त कर लोगों को राहत पहुंचाई। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… एयरपोर्ट वीआईपी रोड पर सीवर ओवरफ्लो, सड़क पर फैल रहा गंदा पानी सिविल एयरपोर्ट वीआईपी रोड स्थित शारदा पार्क-एफएफ कॉलोनी से प्रदीप शर्मा ने बताया कि पास सीवर चैंबर से गंदा पानी ओवरफ्लो होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवर का पानी सड़क और फुटपाथ तक फैलने से दुर्गंध के साथ संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। झुका बिजली ट्रांसफॉर्मर बना हादसे का खतरा, लोगों में डर चोपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से अशोक ने पोस्ट किया कि सड़क किनारे लगा बिजली ट्रांसफॉर्मर दोनों ओर से झुका हुआ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर काफी समय से इसी स्थिति में है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ट्रांसफॉर्मर के नीचे से रोजाना स्कूली बच्चे, राहगीर और वाहन गुजरते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। नहर में गंदगी से बढ़ी परेशानी, बदबू और मच्छरों का प्रकोप नागौरी गेट से हेमंत सिंह ने बताया कि विजय चौक स्थित फतेहसागर की नहर में लंबे समय से गंदगी जमा होने से क्षेत्रवासियों की परेशानी बढ़ गई है। नहर में कचरा और गंदा पानी जमा होने से तेज दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास से निकलना मुश्किल हो गया है और संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द नहर की सफाई करवाकर नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है। जर्जर सड़क बनी वाहन चालकों के लिए खतरा कुड़ी भगतासनी सेक्टर-8 सिटी बस स्टैंड से विवेक विहार जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क पर बड़े गड्ढे और उखड़ी सतह के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई छोटे-बड़े वाहनों का सस्पेंशन खराब हो चुका है और हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। माजीसा नगर में लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान झालामंड के माजीसा नगर में लंबे समय से लो वोल्टेज के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कम वोल्टेज की वजह से घरेलू विद्युत उपकरण प्रभावित हो रहे थे और भीषण गर्मी में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। शिकायत के बाद डिस्कॉम ने समस्या पर कार्रवाई करते हुए विद्युत आपूर्ति को सामान्य कर दिया है। विभाग के अनुसार अब क्षेत्र में पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। सड़क लाइट और डस्टबिन की समस्या का समाधान सूरसागर क्षेत्र की महाराणा प्रताप कॉलोनी में कई दिनों से बंद पड़ी रोड लाइट और टूटे हुए डस्टबिन के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने रोड लाइट को दुरुस्त कराया तथा क्षतिग्रस्त डस्टबिन को बदलकर सफाई व्यवस्था भी सुधार दी। समस्या के समाधान के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और नियमित रखरखाव बनाए रखने की मांग की। राजेंद्र प्रजापत बने आज 'पब्लिक के स्टार' आज के हमारे स्टार ऑफिसर डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जीक्यूटिव राजेंद्र प्रजापत बने हैं। झालामंड स्थित माजीसा नगर निवासी प्रियंका ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई थी। समस्या मिलने के बाद राजेंद्र प्रजापत ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया और आवश्यक तकनीकी कार्रवाई सुनिश्चित करवाई। विभाग द्वारा सुधार कार्य के बाद क्षेत्र में बिजली का वोल्टेज सामान्य हो गया और नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। समय पर कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 2.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 3.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 4.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 6.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी 7.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 8.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 9.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 10.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर'
बाराबंकी के रामनगर कस्बे में सोमवार को एक शिक्षक ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुभास्कर तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और आर्थिक दबाव की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, सुभास्कर के पिता चाहते थे कि उनकी विवाहित बेटी लखनऊ स्थित मकान में रहे। बताया गया कि करीब एक वर्ष पहले बेटी के इंजीनियर पति सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद वह कमर के नीचे से अशक्त हो गए। इसी वजह से पिता ने बेटी को लखनऊ वाले मकान में रखने का निर्णय लिया था। लखनऊ के मकान को लेकर था मतभेद परिजनों के मुताबिक, पिता ने सुभास्कर और उनकी पत्नी के लिए रामनगर में अलग मकान बनवाया था। साथ ही सआदतगंज रोड स्थित अपनी भूमि पर निर्माण कर वह संपत्ति भी बेटे को देने की योजना थी। सुभास्कर लखनऊ वाले मकान में ही रहना चाहते थे। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ था। परिजनों के समझाने के बावजूद वह नाराज होकर तीन दिन पहले रामनगर लौट आए थे। पहले भी कर चुके थे आत्महत्या का प्रयास पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुभास्कर ने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। सिद्धार्थनगर में तैनाती के दौरान और बाद में लखनऊ में भी उन्होंने ऐसा कदम उठाने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों बार उन्हें बचा लिया गया था। इसके अलावा उन पर काफी कर्ज होने की जानकारी भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम में फांसी से मौत की पुष्टि सोमवार को घटना की सूचना मिलने पर मोहल्ले के लोग उन्हें बचाने के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी बताया गया है। इसके बाद परिजनों ने उसी दिन लखनऊ में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस बोली- हर पहलू की हो रही जांच पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मऊगंज जिले में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से तीन दिवसीय निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से 13 से 15 जुलाई तक जिले के तीनों विकासखंडों में आयोजित इस शिविर में 104 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। पात्र हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया शिविर का समापन बुधवार शाम पीएमश्री शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय परिसर में हुआ। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कार्यक्रम में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को सभी प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 104 हितग्राही हुए चिन्हित तीन दिवसीय शिविर में कुल 104 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। इनमें राष्ट्रीय वायुश्री योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के 18 वरिष्ठ नागरिक, 18 कृत्रिम अंग के लाभार्थी और 68 दिव्यांगजन शामिल हैं, जिन्हें उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया। ट्राइसाइकिल से लेकर कृत्रिम अंग तक मिलेंगे उपकरण शिविर में पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन और कृत्रिम अंग सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इन उपकरणों से दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियां आसान होंगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे प्रयास कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों को आवश्यक सहायता मिलती है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। जिला प्रशासन ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले एलिम्को, संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने कहा कि दिव्यांगजनों के कल्याण, पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए आगे भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।
भदोही में कोइरौना थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सीतामढ़ी धाम पर आयोजित लवकुश मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में बुधवार शाम पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के साथ कोइरौना थाना और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मेला प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, सीतामढ़ी धाम के घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गोताखोरों को भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य किया जा सके। मेला समिति और स्थानीय लोगों से किया संवादपुलिस अधीक्षक ने मेला प्रबंधक समिति, स्थानीय नागरिकों, गोताखोरों तथा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर आपसी समन्वय के साथ ड्यूटी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से ही मेले का सफल और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया जा सकता है। रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था होगी प्रभावीमेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू करने और वाहनों की पार्किंग के लिए पहले से स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने संपूर्ण मेला परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकतापुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की। साथ ही मेले में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। भदोही पुलिस ने कहा कि लवकुश मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और सुविधाजनक दर्शन सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सागर के रहली विकासखंड के ग्राम चांदपुर में बुधवार को स्कूली बच्चे के बैग से नागिन निकलने पर हड़कंप मच गया। सांप देख क्लास रूम में मौजूद बच्चे बाहर आ गए। शिक्षकों को मामले की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचे। स्कूल के एक शिक्षक ने सांप देख उसका रेस्क्यू किया और सांप को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक स्कूल चांदपुर में बुधवार को कक्षा नर्सरी का छात्र स्कूल पहुंचा। छात्र भास्कर अहिरवार ने किताब निकालने के लिए बैग की चेन खोली। तभी सांप बैग से निकलकर बाहर आ गया। सांप देख बच्चा घबराया और बैग छोड़कर क्लास रूम से बाहर भागा। शिक्षकों को मामले की सूचना दी। जानकारी मिलते ही शिक्षक क्लास रूम में पहुंचे। जहां स्कूल के शिक्षक अभय यादव ने सूझबूझ के साथ बैग को उठाया। बैग में सांप बैठा था। डेढ़ फीट लंबी थी नागिन बैग को स्कूल परिसर से बाहर लाया गया। सड़क पर बैग रखा तो उसमें से करीब डेढ़ फीट लंबी नागिन निकली, जिसका रेस्क्यू किया गया। नागिन को पकड़कर प्लास्टिक के डिब्बे में रखा गया। शिक्षक अभय यादव ने बताया कि स्कूल के छात्र के बैग में सांप था। उसने क्लास रूम में बैग खोला और सांप देखा तो घबरा गया। सूचना पर मौके पर पहुंचा और बैग को स्कूल से बाहर लाया। जहां बैग से नागिन निकली। जिसे सुरक्षित पकड़ा गया। सांप को जंगल में छोड़ा गया है।
राजस्थान में जेल सुधार और कैदियों के पुनर्वास की दिशा में हाईकोर्ट ने एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। प्रदेश के न्यायिक इतिहास में यह पहला मौका होगा जब किसी ओपन जेल (खुला बंदी शिविर) परिसर के भीतर दो दोषियों की शादी होगी। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मंडोर ओपन जेल में रह रहे उम्रकैद के बंदी को जमानत (पैरोल) पर बाहर चल रही एक अन्य दोषसिद्ध महिला से विवाह करने की कानूनी हरी झंडी दे दी है। यह ऐतिहासिक आदेश न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी एवं न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने जारी किया। इस फैसले को भविष्य में कैदियों के संवैधानिक अधिकारों और मानवीय गरिमा से जुड़े मामलों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण न्यायिक मिसाल माना जा रहा है। 22 जुलाई को मंडोर ओपन जेल में होंगे फेरे ओपन जेल में रहकर सजा काट रहे मूलाराम भाटी (33) और सीमा (31) आगामी 22 जुलाई को शादी करेंगे। सहेली के पिता कन्यादान करेंगे। शादी के निमंत्रण पत्र (कार्ड) में पिता के स्थान पर उनका ही नाम लिखा गया है।हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, यह शादी मंडोर ओपन एयर कैंप परिसर में ही जेल प्रशासन की सख्त निगरानी में होगी। खेती करते-करते बढ़ीं नजदीकियां, जेल में ही हुआ प्यार जानकारी के अनुसार, नागौर जिले के अडसिंगा का रहने वाला मूलाराम करीब दो साल पहले अजमेर जेल से जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में शिफ्ट हुआ था। मुंबई की रहने वाली सीमा को करीब डेढ़ साल पहले महिला जेल से इसी ओपन जेल में भेजा गया था। ओपन जेल के नियमों के तहत दोनों वहां खेती का काम करते थे। रोज काम के दौरान दोनों का संपर्क हुआ, बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे यह नजदीकियां प्यार में बदल गईं। हाल ही में सीमा को 40 दिन की पैरोल (जमानत) मिली है, जिसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। होकोर्ट बोला- सजा का मकसद केवल दंड देना नहीं, सुधार भी है सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मूलाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कालूराम भाटी और अधिवक्ता स्वप्न चौहान ने पैरवी की। राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील (लोक अभियोजक) सी.एस. ओझा और श्रवण सिंह राठौड़ कोर्ट में उपस्थित रहे। राज्य सरकार ने भी इस विवाह पर कोई आपत्ति नहीं जताई। हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में वर्ष 2022 के प्रसिद्ध 'नंदलाल बनाम राज्य' मामले के निर्णय का उल्लेख किया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- जेल सुधार व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अपराधियों को केवल दंडित करना या समाज से अलग करना नहीं है, बल्कि उनका पुनर्वास करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अवसर प्रदान करना भी है। वर्ष 2017 से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे मूलाराम की इस याचिका को स्वीकार करना राजस्थान की जेल प्रणालियों में मानवीय दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। ---- यह खबर भी पढ़िए… बॉयफ्रेंड की हत्या करने वाली प्रिया सेठ कर रही शादी:जेल में हत्यारे से हुआ प्यार; पैसों के लिए अमीर लड़कों को जाल में फंसाती थी हनीट्रैप में फंसाकर युवक की हत्या करने वाली प्रिया सेठ शादी करने जा रही है। जयपुर के चर्चित दुष्यंत शर्मा मर्डर केस में सजा काट रही प्रिया को शादी के लिए 15 दिन की पैरोल दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...
कानपुर देहात के रामपुर सिसाही गांव में स्कूली बच्चों को अपने रास्ते पर बबूल के कांटों और झाड़ियों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों ने जिलाधिकारी से इस समस्या के समाधान की अपील की है, जिसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह वीडियो कानपुर देहात के ग्राम रामपुर सिसाही से सामने आया है, जिसमें छोटे बच्चे कैमरे के सामने अपनी समस्या बताते दिख रहे हैं। बच्चों का कहना है कि उनके स्कूल जाने वाले रास्ते पर बबूल के पेड़ और कांटेदार झाड़ियां उग आई हैं। बच्चों के अनुसार, इन कांटों के कारण उनके कपड़े अक्सर फंस जाते हैं और उन्हें चोट लगने का भी डर बना रहता है। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी मुश्किल हो जाता है, जिससे स्कूल पहुंचना उनके लिए एक चुनौती बन जाता है। वीडियो में बच्चे जिलाधिकारी से अपील करते हुए कह रहे हैं कि रास्ते में लगे बबूल के पेड़ों को कटवाया जाए। उनकी मांग है कि रास्ता साफ होने से वे सुरक्षित और बिना किसी डर के स्कूल आ-जा सकेंगे। बच्चों की यह अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग भी प्रशासन से इस अहम समस्या का जल्द समाधान करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का भी कहना है कि रास्ते की सफाई और पेड़ों की छंटाई से बच्चों के साथ-साथ गांव के अन्य लोगों को भी राहत मिलेगी। अब देखना होगा कि बच्चों की इस गुहार पर प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और उनके सुरक्षित आवागमन के लिए रास्ता कब तक साफ कराया जाता है।
सिवनी जिले में पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद धान की रोपाई का काम तेज गति से शुरू हुआ था, लेकिन अब खेतों में पानी कम होने से कई स्थानों पर रोपाई रुक गई है। लगातार सूखे मौसम के कारण उमस और गर्मी भी बढ़ गई है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 25% रोपाई पूरी, अब पानी की कमी बनी बाधा पिछले पखवाड़े हुई अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आई थी और जिले के करीब 25 प्रतिशत किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी थी। लेकिन बीते छह दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों का पानी सूखने लगा है, जिससे रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान लकी राय, हर्षवर्धन बघेल और प्रहलाद यादव का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि रोपाई के दौरान खेतों में लगातार पानी बने रहना जरूरी होता है। पानी की कमी से पौधों की बढ़वार प्रभावित होगी और दोबारा खेत तैयार करने में अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ेगा। जुलाई में बारिश सबसे अहम बुधवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई। गुरुवार सुबह भी आसमान साफ रहा और तेज धूप के साथ उमस बनी रही। दिन बढ़ने के साथ वातावरण में नमी बढ़ने से लोगों को गर्मी का अधिक एहसास हुआ। मौसम के इस बदलाव के बीच किसान बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, जुलाई का महीना धान की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान समय पर पर्याप्त बारिश होने से रोपाई पूरी हो जाती है और फसल का विकास बेहतर होता है। यदि बारिश में लंबा अंतराल आता है तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद किसानों को उम्मीद है कि मानसून जल्द फिर सक्रिय होगा और जिले में अच्छी बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे रुकी हुई धान रोपाई दोबारा गति पकड़ सकेगी और फसल को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
गुरुग्राम में नेशनल हाईवे नंबर-48 पर एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार डिलीवरी बॉय को कुचल दिया। जेप्टो कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी बॉय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी डंपर ड्राइवर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। खबर मिलते ही बड़ी संख्या में डिलीवरी बॉय मौके पर इकट्ठा हो गए। एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने और पुलिस के कोई एक्शन न लेने को लेकर आक्रोशित डिलीवरी बॉयज ने हाईवे पर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के चलते हाईवे पर 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वहीं, इसके चलते होम डिलीवरी ठप हो गई है। डिलीवरी बॉय घरों में डिलीवरी करने नहीं जा रहे। डिलीवरी राइडर्स ने पुलिस को 3 घंटे तक शव तक उठाने नहीं दिया। हालांकि, पुलिस ने डिलीवरी राइडर्स को समझाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। सुबह डिलीवरी करने जा रहा था प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मृतक युवक ग्रॉसरी प्रोवाइडर जेप्टो कंपनी में काम करता था और सुबह की डिलीवरी करने के लिए जा रहा था। उसने जेप्टो का बैग लिया हुआ था। इसी दौरान खेड़की दौला टोल प्लाजा के बाद उसे एक डंपर ने टक्कर मार दी। जिससे वह गिर गया और डंपर के टायर के नीचे आ गया। मृतक अयोध्या का रहने वाला मौके पर मौजूद एक डिलीवरी बॉय ने बताया कि मृतक का नाम अनिल है और उसकी उम्र 26 साल है, जो कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या का रहने वाला है। वह दो साल से जेप्टो कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम कर रहा था। डंपर ड्राइवर मौके से फरार हादसे के बाद डंपर ड्राइवर नीचे उतरा और टायर के नीचे फंसे डिलीवरी बॉय को निकालने की बजाय मौके से फरार हो गया। कुछ ही मिनट में डिलीवरी बॉय ने तड़प-तड़प का दम तोड़ दिया। मौके से गुजर रहे दूसरे डिलीवरी बॉय ने जब हादसा देखा, तो उसने अपने साथियों को बुला लिया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस आने में देरी, भड़के राइडर पुलिस को सूचना मिलने के बाद सबसे पहले फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। उसके काफी देर बाद एंबुलेंस और पुलिस टीम पहुंची। जिससे डिलीवरी राइडरों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने शव उठा रहे पुलिसकमियों को रोक दिया और हंगामा शुरू कर दिया। एंबुलेंस में आए एक व्यक्ति ने जब शव को डंपर के नीचे से निकालने का प्रयास किया, तो डिलीवरी राइडरों ने उसे खदेड़ दिया और उसके साथ हाथापाई की। जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपने आला अधिकारियों को मामले की गंभीरता की जानकारी दी। फिलहाल मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और डिलीवरी राइडर शव नहीं उठाने दे रहे हैं। हाईवे पर जाम लगा डिलीवरी राइडरों के हंगाम के कारण एनएच-48 पर मानेसर की तरफ जाने वाली लाइन में वाहनों की लाइन लग गई है। सुबह ऑफिस टाइम में जाम बढ़ सकता है। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और वाहनों को सावधानीपूर्वक निकाला जा रहा है। इस खबर को तेजी से अपडेट कर रहे हैं…
सीतापुर में एटीसी कमांडेंट सौगुन गौतम के सरकारी आवास पर कार्यरत फ़ॉलोअर शैलेन्द्र पाल की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही सांसद राकेश राठौर पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। तेज बारिश के बावजूद परिजन, ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी रात धरना स्थल पर डटे रहे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। देर रात एएसपी उत्तरी आलोक सिंह, सीओ सिटी कपूर कुमार और एसडीएम सदर जनार्दन कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने सांसद और परिजनों से बातचीत कर धरना समाप्त करने और अंतिम संस्कार कराने का अनुरोध किया, लेकिन सांसद राकेश राठौर ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक न धरना समाप्त होगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। एहतियातन पूरी रात पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। संसदीय सत्र छोड़ सीतापुर पहुंचे सांसद घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद राकेश राठौर दिल्ली में चल रहे संसदीय सत्र से सीधे सीतापुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और धरने का नेतृत्व संभाल लिया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। दो दिन तक प्रताड़ना का आरोप परिजनों का आरोप है कि शैलेन्द्र पाल को सरकारी आवास पर चोरी के संदेह में दो दिनों तक एक कमरे में बंद रखकर प्रताड़ित किया गया। उनका कहना है कि उससे दो लाख रुपये की मांग की गई और लगातार मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के चलते उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे लखनऊ ले जाया जा रहा था, लेकिन मंगलवार रात रास्ते में उसकी मौत हो गई। उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तारी की मांग सांसद राकेश राठौर ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, हत्या, प्रताड़ना समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बड़वानी शहर में बुधवार देर रात फीफा वर्ल्ड कप का रोमांच देखने को मिला। अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण शहर के मिडिल स्कूल फुटबॉल मैदान में विशाल प्रोजेक्टर पर किया गया। यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक फुटबॉल प्रेमी देर रात तक मैच का आनंद लेने पहुंचे। अर्जेंटीना की जीत के साथ मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा। अर्जेंटीना की जीत पर गूंजा मैदान रात 12:30 बजे शुरू हुए मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। जैसे ही अर्जेंटीना ने गोल किए, मैदान में मौजूद समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। कई युवा अर्जेंटीना की जर्सी और झंडे के साथ मैच देखने पहुंचे थे। यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब के पूर्व खिलाड़ी विष्णु बनडे ने बताया कि क्लब का उद्देश्य सिर्फ मैच दिखाना नहीं, बल्कि शहर के बच्चों और युवाओं में फुटबॉल के प्रति रुचि बढ़ाना भी है। इसी उद्देश्य से फीफा वर्ल्ड कप के प्रमुख मुकाबलों की सामूहिक स्क्रीनिंग की जा रही है। 'ऐसा लगा जैसे स्टेडियम में बैठे हों' क्लब की ओर से मैदान में कुर्सियां, मैट और साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई थी। मैच के दौरान स्थानीय कोच और रेफरी भी मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों और युवाओं को फुटबॉल के नियमों और खेल की रणनीतियों की जानकारी भी दी। आयोजन में शामिल खिलाड़ियों लोकेंद्र राठौर, सादिक पटेल, संकेत और सोनू ने बताया कि सामूहिक रूप से मैच देखने का अनुभव टीवी पर अकेले देखने से कहीं अधिक रोमांचक रहा। एक दर्शक ने कहा, जब अर्जेंटीना ने गोल किया तो ऐसा लगा जैसे हम स्टेडियम में ही मौजूद हैं। फाइनल मुकाबले की भी होगी भव्य स्क्रीनिंग क्लब के सदस्यों ने बताया कि फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण इससे भी बड़े स्तर पर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक फुटबॉल प्रेमी एक साथ इस रोमांच का हिस्सा बन सकें।
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में अवैध फंडिंग, बेनामी संपत्तियों और ब्लैक मनी की परतें उधड़ने लगी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद आयकर विभाग की 'इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन' (ICI) विंग ने श्रीगंगानगर और जैसलमेर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने करीब 150 करोड़ रुपए से ज्यादा के संदिग्ध भूमि सौदों का रिकॉर्ड जब्त किया है। कार्रवाई से पूरे सीमावर्ती इलाके के बिल्डरों, निवेशकों और प्रॉपर्टी डीलरों में हड़कंप मच गया है। दरअसल, 26 मई को बीकानेर दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बॉर्डर एरिया में अवैध निर्माण, संदिग्ध फंडिंग और ब्लैक मनी पर सख्त एक्शन के निर्देश दिए थे। इसके बाद श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर को रडार पर लेकर यह मेगा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। पढ़िए यह रिपोर्ट श्रीगंगानगर में 2 साल का रिकॉर्ड जब्त, करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका जयपुर से आई 9 सदस्यीय विशेष टीम ने श्रीगंगानगर के सब रजिस्ट्रार ऑफिस में रेड डाली। आईटीओ सुमित तिवाड़ी के नेतृत्व में टीम ने रजिस्ट्रार ऑफिस से पिछले दो साल (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक) की सभी महत्वपूर्ण रजिस्ट्रियों के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। हाल ही में अनूपगढ़ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की जांच में 75 करोड़ रुपए की संदिग्ध रजिस्ट्रियां और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद इस कार्रवाई का दायरा श्रीगंगानगर तक बढ़ाया गया। आईटीओ सुमित तिवाड़ी के नेतृत्व में प्रभारी राजेश कुमार चौधरी, निरीक्षक सत्येन्द्र शर्मा, प्रदीप, विनोद गोदारा, गायत्री, संदीप ढालिया, योगेश ढाका, पंकज रहेजा और अब्दुल रहमान शामिल रहे। जैसलमेर में महंगी रजिस्ट्रियों से PAN कार्ड गायब जैसलमेर में आयकर विभाग की जांच में भी बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गई। मंगलवार और बुधवार को की गई स्क्रूटनी में टीम ने कुल 170 संदिग्ध फाइलों की एक्सेल शीट तैयार की है। जांच में सामने आया कि कई महंगी जमीनों की रजिस्ट्री में खरीदार का पैन (PAN) नंबर ही गायब था। 2 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक की इन रजिस्ट्रियों में बैंक के बजाय पूरा भुगतान नकद (कैश) में किया गया था। यहां करीब 80 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिलने की आशंका है। फाइलों की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को भेजी जाएगी। यहां सहायक निदेशक लक्ष्मी नारायण मीणा, आईटीओ महेश कुल्हारी व अनिल भंभानी, निरीक्षक पारस प्रकाश और अभिनश कुमार की टीम ने कार्रवाई की। अब 3 पॉइंट्स में समझिए एक्शन प्लान डीआईजी स्टाम्प से मांगेंगे जानकारी: शुरुआती कार्रवाई के तहत एक्सेल शीट तैयार की गई है, जिसमें हर रजिस्ट्री का ब्यौरा तैयार किया गया है। फाइलों की मूल कॉपियां हासिल करने के लिए आयकर विभाग डीआईजी स्टाम्प को पत्र लिखेगा। इसकी रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी जा रही है। 2 लाख रुपए से अधिक के नकद लेन-देन पर कार्रवाई: आयकर विभाग ने हर 2 लाख रुपए से अधिक के सौदे को जांच के दायरे में लिया है। जबकि कई रजिस्ट्री 50 से अधिक कीमत की भी हुई हैं। लेकिन उनमें पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का अभाव है। ऐसे में संदिग्ध मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। 70% टैक्स, 10% पेनल्टी और ब्याज: संदिग्ध सौदों की जांच में आयकर कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कर, जुर्माना और ब्याज की वसूली की जाएगी। इसके तहत 70% तक टैक्स, 10% तक पेनल्टी और रजिस्ट्री की तारीख से देय ब्याज वसूला जा सकता है। अंतिम देनदारी प्रत्येक मामले के तथ्यों और लागू आयकर प्रावधानों के आधार पर तय होगी। बॉर्डर के 4 जिलों में विदेशी निवेश की आशंका पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में पिछले कुछ समय में जमीनों की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा माना गया है। सुरक्षा और वित्तीय एजेंसियों को आशंका है कि इन क्षेत्रों में बाहरी और संदिग्ध स्रोतों से ब्लैक मनी का निवेश किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर चारों जिलों के आयकर अधिकारियों को हर संदिग्ध लेनदेन पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आयकर विभाग की टीमों ने बाड़मेर और बीकानेर में भी कार्रवाई की थी, जिसकी भनक नहीं लगने दी। ऐसे में अब श्रीगंगानगर और जैसलमेर को दायरे में शामिल किया गया है।
बरेली में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बुधवार रात हुई हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद थी, लेकिन गुरुवार सुबह धूप निकलते ही उमस ने परेशानियां फिर बढ़ा दीं। सूरज की तपिश और हवा में अधिक नमी के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे। शहर में भीषण उमस के चलते लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि तापमान में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले मामूली गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इससे पहले सोमवार को तापमान 37 डिग्री, मंगलवार को 36 डिग्री और बुधवार को 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान कम होने के बावजूद 77 प्रतिशत नमी के कारण गर्मी का असर पहले जैसा ही बना हुआ है और लोगों को राहत नहीं मिल रही। मौसम के साथ-साथ शहर की हवा की गुणवत्ता भी चिंता बढ़ा रही है। गुरुवार को बरेली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 204 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। खराब हवा और उमस का असर खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर अधिक पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप और उमस सबसे अधिक रहती है, इसलिए इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, साथ में पानी की बोतल रखें और सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बरेली में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और गर्मी से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।
ट्रेन से आकर चोरी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार:600 किलोमीटर दूर से आते थे चोर, 12 वारदातें करना कबूला
बाड़मेर पुलिस ने घरों में चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे करीब 600 किलोमीटर दूर से ट्रेन के जरिए बाड़मेर आते थे और चोरी की वारदात को अंजाम देकर उसी ट्रेन से वापस लौट जाते थे। आरोपियों ने एक साथ 12 चोरी की वारदातें करना कबूल किया है। 19 जून को दर्ज हुआ था मामला पुलिस के अनुसार शास्त्री नगर निवासी किशोर कुमार जटिया ने 19 जून को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 जून की रात उनके शास्त्री नगर स्थित मकान के ताले तोड़कर चोर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए थे। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। 250 किलोमीटर तक खंगाला ट्रेवल रूट एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि चोरी की वारदातों के खुलासे के लिए एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा के सुपरविजन में कोतवाली थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में एएसआई पदमपुरी की टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से बाड़मेर रेलवे स्टेशन और वहां से बायतु, बालोतरा, समदड़ी, लूणी, भगत की कोठी और जोधपुर रेलवे स्टेशन तक करीब 250 किलोमीटर के दायरे में संदिग्धों के आने-जाने की जानकारी जुटाई। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से पकड़े गए आरोपी तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और टीमों को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ भेजा। हनुमानगढ़ डीएसटी की मदद से पुलिस ने गिरोह के सरगना सुभाष उर्फ शास्त्री उर्फ भगतजी पुत्र ओमप्रकाश निवासी नई आबादी, घड़साना जिला श्रीगंगानगर को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों सज्जन कुमार पुत्र हसराज निवासी अमरपुरा जिला फाजिल्का (पंजाब) और रवि कुमार पुत्र दौलतराम निवासी सुरेशिया जिला हनुमानगढ़ को भी गिरफ्तार किया गया। कई जिलों में चोरी की वारदातें करना कबूला पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बाड़मेर, बालोतरा, सिणधरी, जालोर, जोधपुर, नोखा, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, मुकलावा, लूणकरणसर, बज्जू और खाजूवाला समेत कई स्थानों पर चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। शाम को ट्रेन से आते, रात में चोरी कर लौट जाते जांच में सामने आया कि आरोपी शाम के समय ट्रेन से संबंधित शहरों में पहुंचते थे। इसके बाद रात में चोरी की वारदात को अंजाम देकर उसी ट्रेन से वापस अपने क्षेत्र लौट जाते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से चोरी के माल की बरामदगी और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
भिंड में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह ने प्रेसवार्ता में भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर जिले की सहकारी समितियों में फर्जी पंजीयन के जरिए समर्थन मूल्य पर खरीदी कराई गई। उन्होंने इसे करोड़ों रुपये का कथित घोटाला बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। 'UP से गेहूं लाकर स्थानीय किसानों के नाम पर हुई खरीदी' बायपास रोड स्थित टिकसरा में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर उसे भिंड जिले के किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर बेचा गया। उनका कहना था कि फर्जी पंजीयन के जरिए खरीदी कर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया, जबकि वास्तविक किसानों के अधिकार प्रभावित हुए। 'राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं' डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि इतना बड़ा कथित घोटाला प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में काम किया, जिसके कारण अब तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। ऐसे मामलों से सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और किसानों का भरोसा दोनों प्रभावित होते हैं। कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य संबंधित व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर हों, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। 'किसानों के हितों की रक्षा जरूरी' डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि समर्थन मूल्य व्यवस्था किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है। यदि इसमें अनियमितताएं होती हैं, तो सबसे अधिक नुकसान वास्तविक किसानों को उठाना पड़ता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है। 'समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेंगी अनियमितताएं' उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी इस तरह की कथित अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द जांच पूरी कर सच्चाई सार्वजनिक करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पानीपत में करंट लगने से युवक की मौत:बिना शटडाउन लिए टावर पर चढ़ाया, 10 दिन बाद जाना था विदेश
पानीपत रिफाइनरी के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां एक मोबाइल या बिजली के टावर पर काम करते समय करंट की चपेट में आने से 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहित (19) निवासी गांव बाल राजपुतान, जिला करनाल के रूप में हुई है। परिजनों ने ठेकेदार और बिजली निगम के कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बिजली की आपूर्ति बंद किए बिना ही युवक को टावर पर चढ़ा दिया गया था। शटडाउन लिए बिना टावर पर चढ़ाया प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मोहित पिछले करीब 6 महीने से ठेकेदार बल्लेराम के अधीन टावर पर काम सीख और कर रहा था। बुधवार 15 जुलाई 2026 को रिफाइनरी के पास स्थित एक साइट पर टावर का काम चल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि लाइन में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ रहा था, लेकिन ठेकेदार और वहां मौजूद अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों ने बिजली विभाग से संपर्क कर लाइन का शटडाउन (बिजली आपूर्ति बंद) नहीं करवाया। इसी लापरवाही के चलते जैसे ही मोहित टावर पर ऊपर पहुंचा, वह करंट की चपेट में आ गया और झुलसने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। विदेश जाने के दस्तावेजों की वेरिफिकेशन हादसे के बाद मोहित के घर में कोहराम मच गया है। वह दो भाइयों में सबसे छोटा था और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश जाने के सपने देख रहा था। परिजनों ने रोते हुए बताया कि मोहित की विदेश जाने की पूरी फाइल तैयार हो चुकी थी और आगामी 10 दिनों के भीतर ही उसके सभी जरूरी दस्तावेजों की फाइनल वेरिफिकेशन (सत्यापन) होनी थी, लेकिन उसकी फाइल पूरी होने से पहले ही लापरवाही ने उसकी जान ले ली। लापरवाही के खिलाफ केस दर्ज की मांग हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पानीपत के नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बिना शटडाउन काम कराने वाले ठेकेदार बल्लेराम और संबंधित बिजली निगम के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की बात कही है।
बागपत के बिहारीपुर फीडर से जुड़े सात गांवों में एक सप्ताह से ठप पड़ी बिजली आपूर्ति आखिरकार बहाल हो गई। बरसात और तेज हवा के कारण विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से करीब 25 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर थी। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रोहित कुमार के नेतृत्व में विद्युत विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर करीब चार घंटे तक मेहनत की, जिसके बाद देर रात करीब एक बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी। लगातार सात दिनों तक बिजली गुल रहने से गांवों का जनजीवन प्रभावित रहा। भीषण गर्मी के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई लोग बीमार भी पड़ गए। वहीं, किसानों के लिए पशुओं को पानी पिलाने और चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया था। ग्रामीणों और कर्मचारियों ने मिलकर कराया काम बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रोहित कुमार के नेतृत्व में विद्युत कर्मचारियों को मौके पर बुलाया। इसके बाद ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने करीब चार घंटे तक लगातार काम किया। देर रात करीब एक बजे क्षतिग्रस्त लाइन दुरुस्त होने के बाद गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। अवैध खनन से कमजोर हुए बिजली के पोल ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि खेतों में अवैध खनन के कारण पोलों के आसपास की मिट्टी हट गई है, जिससे वे खोखले हो चुके हैं। ऐसे में हल्की बरसात और तेज हवा चलने पर भी बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के अधिकारियों ने सात दिनों तक समस्या के समाधान में लापरवाही बरती। जंगल क्षेत्र की बिजली भी जल्द बहाल करने की मांग ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि आबादी क्षेत्र के साथ-साथ जंगल क्षेत्र में जाने वाली बिजली आपूर्ति भी जल्द बहाल की जाए। उनका कहना है कि खेतों में सिंचाई प्रभावित होने से फसलों पर सूखे का संकट गहराने लगा है।
मंडल के सबसे बड़े अस्पताल स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) की जमीन पर बने सरकारी बंगले खाली होंगे। इस जमीन पर बने सरकारी दफ्तर भी हटेंगे। एसआरएन अस्तपाल के लिए लीज पर दी गई इस जमीन पर 22 से अधिक सरकारी आवास हैं। इन सबमें प्रशासनिक, पुलिस, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के अफसरों के सरकारी बंगले हैं। असल में हाईकोर्ट के आदेश पर एसआरएन अस्पताल एम्स की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। यहां हर तरह की सुविधाएं उपल्बध हों इसके लेकर हाईकोर्ट की निगरानी है। हाईकोर्ट ने ही सरकारी अफसरों के बंगलों को खाली किए जाने का आदेश दिया है। सरकारी बंगालें से पांच अफसर शिफ्ट हुएअब तक महज 5 अफसरों को आवास आवंटन हुआ और वे दूसरी जगह शिफ्ट हो गए। शेष बचे अफसर अभी भी उन्हीं बंगले में रह रहे हैं, इससे डेवलपमेंट कार्यों में दिक्कत आ रही है। इसे लेकर हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस मसले पर डीएम प्रयागराज द्वारा विस्तृत हलफनामा दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी भी जताई है। दो चरणों में नापजोख एसआरएन अस्पताल की जमीन पर बने बंगलों की नापजोख हुई तो पहले चरण में 18700 वर्ग मीटर जमीन चिन्हित हुई। दूसरे चरण की जांच नापजोख में 31314 वर्ग मीटर जमीन चिन्हित हुई। इसमें 22 बंगले शामिल हैं। जानिये हाईकोर्ट क्या कहा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के डीएम को एसआरएन अस्पताल के लिए लीज पर दी गई जमीन पर बने बंगलों में रह रहे सरकारी अधिकारियों को जल्द से जल्द दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड को अस्पताल के चिल्ड्रेन विंग में लिफ्ट लगाने का काम न रोकने की सख्त हिदायत दी है। मंगलवार को यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने डॉ अरविंद गुप्ता व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। छह सफ्ताह का समय दिया था कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर जिला प्रशासन को सरकारी अधिकारियों को वैकल्पिक आवास देने के लिए छह सप्ताह का समय दिया था। डीएम प्रयागराज द्वारा इस पर विस्तृत हलफनामा दाखिल न करने पर कोर्ट ने असंतोष जताया। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि अब तक पांच अधिकारियों को नए आवास आवंटित किए जा चुके हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि इन पांच अधिकारियों को अगले 48 घंटों के भीतर नए आवासों का कब्जा दिया जाए ताकि अस्पताल का काम तुरंत शुरू हो सके। कोर्ट ने डीएम प्रयागराज को 20 जुलाई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि अब तक कितने आवंटन हुए हैं और कितने बंगले खाली कराए गए हैं। कोर्ट ने कहा चिल्ड्रेन विंग में लिफ्ट का काम रुके नहीं यूपीएसआईडीसी के वकील ने शिकायत की थी कि लिफ्ट लगाने के लिए फंड जारी नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि चिल्ड्रेन विंग में लिफ्ट लगाने का काम किसी भी कीमत पर रुकना नहीं चाहिए। पैसों का भुगतान राज्य सरकार करेगी। कोर्ट ने निर्माण कार्य की प्रगति से असंतुष्ट होकर यूपी राज्य निर्माण एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को 20 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और काम की प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने कोर्ट को बताया कि सरकार द्वारा गठित सात सदस्यीय समिति ने मेडिकल कॉलेज और एसआरएन अस्पताल का मौके पर जाकर निरीक्षण किया है। समिति की रिपोर्ट मिलते ही डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। कोर्ट ने सरकार को भी अगली तारीख तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
रामपुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की बदहाल व्यवस्था और फैली गंदगी को लेकर प्रकाशित खबर का असर कुछ ही घंटों में दिखाई दिया। अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और पिछले तीन दिनों से इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक अनजान महिला और युवक को फर्स्ट फ्लोर स्थित अननोन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड की विशेष साफ-सफाई कराई गई, जिससे मरीजों और तीमारदारों को दुर्गंध और गंदगी से राहत मिली। दोनों अनजान मरीज पिछले तीन दिनों से इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थे। उनके वार्ड में रहने के कारण पूरे इमरजेंसी परिसर में तेज दुर्गंध फैल गई थी। हालात ऐसे हो गए थे कि कई मरीज दूसरे वार्डों में चले गए, जबकि कुछ इलाज कराए बिना ही अस्पताल से लौट गए। अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने भी माना कि उसने पहले कभी इमरजेंसी वार्ड की ऐसी स्थिति नहीं देखी थी। उसका कहना था कि लगातार सफाई के बावजूद दुर्गंध खत्म नहीं हो रही थी। गुरुवार सुबह मरीजों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने और दोबारा सफाई के बाद इमरजेंसी वार्ड की स्थिति सामान्य हो गई। अननोन वार्ड में शिफ्ट किए गए दोनों मरीज जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बी.सी. सक्सेना के निर्देश पर दोनों अनजान मरीजों का इलाज अब फर्स्ट फ्लोर स्थित अननोन वार्ड में किया जा रहा है। हालांकि, इस वार्ड को बाहर से बंद रखा गया है। ऐसे में मरीजों की नियमित निगरानी और उपचार व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि वार्ड में कोई अन्य मरीज नहीं है और निगरानी की व्यवस्था भी स्पष्ट नहीं है। सात साल पहले हो चुकी है दर्दनाक घटना अस्पताल में इससे पहले भी एक ऐसी घटना सामने आ चुकी है। करीब सात वर्ष पहले एक अनजान मरीज को अननोन वार्ड में भर्ती कर वार्ड का गेट बाहर से बंद कर दिया गया था। बाद में उस मरीज ने खिड़की से कूदकर जान दे दी थी। इस घटना के चलते मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। प्रशासन बोला- सुरक्षा के लिए बंद हैं खिड़कियां अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से वार्ड की खिड़कियां बंद रखी गई हैं। साथ ही दोनों मरीजों के समुचित उपचार और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भास्कर की खबर के बाद इमरजेंसी वार्ड में साफ-सफाई और व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई शुरू होने से मरीजों और उनके परिजनों ने राहत महसूस की है।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज यानी गुरूवार को प्रयागराज दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। साथ ही एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम, आंगनबाड़ी किट वितरण तथा खुसरोबाग स्थित राजकीय बालिका गृह (पॉक्सो) का निरीक्षण भी करेंगी। वंदे भारत एक्सप्रेस से पहुंचेंगी प्रयागराज राज्यपाल सुबह लखनऊ स्थित जन भवन से चारबाग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होंगी। सुबह 10:30 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22549) से प्रयागराज के लिए प्रस्थान करेंगी और दोपहर 1:35 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेंगी। यहां से सड़क मार्ग से प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय जाएंगी। रज्जू भैया विश्वविद्यालय में कई कार्यक्रमों में होंगी शामिल विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद राज्यपाल एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम, दीक्षांत समारोह तथा आंगनबाड़ी किट वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राजकीय बालिका गृह का करेंगी निरीक्षण शाम करीब 5:45 बजे राज्यपाल खुसरोबाग स्थित राजकीय बालिका गृह के लिए रवाना होंगी। वहां बालिकाओं से मुलाकात, व्यवस्थाओं का निरीक्षण और संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेंगी। निरीक्षण के बाद शाम को सर्किट हाउस पहुंचेंगी, जहां उनका रात्रि विश्राम होगा। सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट राज्यपाल के दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। रेलवे स्टेशन, विश्वविद्यालय परिसर, राजकीय बालिका गृह, सर्किट हाउस और राज्यपाल के प्रस्तावित मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लुधियाना में बुधवार देर रात हुई एक्टिवा लूट की घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। स्टार रोड पर वर्मा बर्तन स्टोर के सामने तीन बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति को घेर लिया और उसके साथ मारपीट करने के बाद नई एक्टिवा स्कूटर लूटकर फरार हो गए। डाबा पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात साफ दिखाई दे रही है। वीडियो की शुरुआत में रात के समय एक व्यक्ति (लाल शर्ट में) अपनी स्कूटर रोककर सड़क किनारे खड़ा नजर आता है। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचते हैं और उसके बिल्कुल पास आकर बाइक रोक देते हैं। लाल शर्ट पहने व्यक्ति पर हमला कर देते हैं बाइक रुकते ही पीछे बैठे दोनों बदमाश तुरंत नीचे उतरते हैं और लाल शर्ट पहने व्यक्ति पर हमला कर देते हैं। इसके बाद तीनों आरोपी उसके साथ हाथापाई शुरू कर देते हैं। धक्का-मुक्की के दौरान व्यक्ति पीछे की ओर गिर जाता है, जिससे उसकी एक्टिवा भी जमीन पर गिर जाती है। वीडियो में बदमाशों की आवाज साफ सुनाई दे रही है, जहां वे गाली-गलौज करते हुए चिल्ला रहे हैं भाग ले ले जा यार! सड़क के अंधेरे हिस्से की ओर भगा देता है इसके बाद एक बदमाश व्यक्ति को डराकर सड़क के अंधेरे हिस्से की ओर भगा देता है। पीछे से व्यक्ति के चिल्लाने की आवाजें सुनाई देती हैं। आखिर में एक आरोपी जमीन पर गिरी एक्टिवा को उठाता है, उसे स्टार्ट करता है और तेजी से मौके से फरार हो जाता है। पुलिस ने मामला दर्ज किया इस मामले में पीड़ित 44 वर्षीय परवीन कुमार ने डाबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। परवीन ने पुलिस को बताया कि वह अपनी एक्टिवा से घर लौट रहे थे, तभी बिना नंबर प्लेट वाली काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने उनके साथ जबरदस्ती की और एक्टिवा छीनकर फरार हो गए। पीड़ित के अनुसार, स्कूटर में उनके कई जरूरी दस्तावेज भी रखे हुए थे। पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर राज गोपाल की शिकायत पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR नंबर 153 दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से तीनों आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन आज (गुरुवार) सदन में 63 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी ग्रामसभाओं के आधार पर उद्योगों की स्थापना का मामला उठाएंगे। वहीं, रायपुर के मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, स्वामी आत्मानंद स्कूलों में वेतन भुगतान, जर्जर सड़कें और औद्योगिक सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। भूपेश पूछेंगे फर्जी ग्रामसभा का मामला प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल फर्जी ग्राम सभाओं के आधार पर उद्योगों की स्थापना और इस मामले में दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी से सवाल करेंगे। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर नवा रायपुर स्थित सेवाग्राम की वित्तीय और भौतिक प्रगति की जानकारी मांगेंगे। विधायक आशाराम नेताम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मुद्दा उठाएंगे। विधायक राघवेंद्र सिंह 'ज्ञान भारतम् अभियान' के तहत छत्तीसगढ़ की प्राचीन पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों के सत्यापन और संरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी मांगेंगे। कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद मत्स्य पालन के लिए पट्टों के आबंटन का मुद्दा उठाएंगे। भाजपा विधायक ललित चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में उपकरण खरीदी में हुई कथित अनियमितता पर सवाल करेंगे। कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू उर्वरक वितरण का मुद्दा सदन में रखेंगे। 63 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर होगी चर्चा विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार चौथे दिन 63 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में अनियमितता, प्रदेश की जर्जर सड़कें, औद्योगिक कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था, रायपुर शहर के मास्टर प्लान में अनियमितता, कोरिया जिले में कार में आग लगाकर की गई हत्या और जंगलों की अवैध कटाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न जिलों से जुड़े स्थानीय मामलों और जनहित के विषयों पर भी संबंधित मंत्री सदन में जवाब देंगे। दो अशासकीय संकल्प भी आएंगे अशासकीय संकल्प के तहत भाजपा विधायक अजय चंद्राकर प्रदेश में प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव सदन में पेश करेंगे। वहीं, भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला छत्तीसगढ़ में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का अशासकीय संकल्प पेश करेंगे। ………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… महंत बोले- इंद्रावती में बाघों को मारकर 4 करोड़ कमाए: गिरफ्तार जवानों का नाम छिपाया गया; सरकार ने कहा- नियम से हुई नकटी में कार्रवाई छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल में नकटी मामले को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के मकानों पर की गई कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है। वहीं, सरकार ने नकटी बुलडोजर कार्रवाई को संवैधानिक बताया है। पढ़ें पूरी खबर…
PGT बोले- जतिन को कभी हाथ तक नहीं लगाया:रेवाड़ी छात्र सुसाइड केस; अब क्लास में जाने से भी लगता है डर
रेवाड़ी जिले के दवाना गांव में 11वीं के छात्र सुसाइड केस में हिस्ट्री लेक्चरर पहली बार सामने आए। उन्होंने कहा कि 2022 में लेक्चरर के पद पर सेलेक्शन होने से पहले 2019 में ग्रुप-डी में सलेक्शन हुआ। इससे पहले 10 साल नामी प्राइवेट स्कूलों में टीचर की नौकरी की। बच्चों को अपने सब्जेक्ट में कभी ट्यूशन की कमी महसूस नहीं होने दी। लेक्चरर के रूप में पहली पोस्टिंग दवाना गांव में हुई। तब से बच्चों को अपने बच्चे समझकर काम किया। जतिन के केस ने अंदर से पूरी तरह हिला दिया। पिछले दो दिन में जो झेला है, उससे तो अब क्लास में जाने से भी डर लगने लगा है। मैने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अपने बच्चों की अच्छाई करने वाले के साथ भी कभी ऐसा हो सकता है। केवल जिम्मेदारी बताई थी जतिन का पढ़ाई में कम ध्यान था। न तो स्कूल में पढ़ाई पर ध्यान देता था और न ही घर से काम करके आता था। मैंने तो उसे उसकी जिम्मेदारी का अहसास करवाना चाहता था, ताकि वह पढ़ लिखकर अपनी मां और परिवार का सहारा बन सके। मैंने तो कभी उसे उंगली तक नहीं लगाई। पिता की मौत हो चुकी थी, मां मजदूरी करती है। 2 दिन से शोक में पूरा स्टाफ परिवार में कोई ध्यान देने वाला नहीं था। इसलिए मटर गस्ती छोड़ पढ़ाई में ध्यान देने को कहा था। पढ़ाई नहीं करने पर यदि एक शिक्षक बच्चे को टोक भी नहीं सके तो फिर स्कूल जाकर मास्टर क्या करें। जतिन की मौत से पूरा स्टाफ 2 दिन से शोक में हैं। परिवार ने मुझ पर जिस प्रकार के आरोप लगाए हैं, उसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। जानिए क्या है पूरा मामला गांव दवाना निवासी 11वीं के 15 वर्षीय छात्र जतिन ने 14 जुलाई को अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने पीजीटी श्याममाल पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। हीरो कंपनी कर्मी पापा की बीमारी से करीब एक साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में मां के अलावा बड़ी बहन और दो छोटे जुड़वां भाई हैं। 15 जुलाई की सुबह परिवार ने खोला थाना पुलिस पर एफआईआर नहीं करने के आरोप लगाए। शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर गांव में स्कूल के सामने धरना शुरू कर दिया। कई दौर की बातचीत के बाद एफआईआर होने पर परिवार शाम को पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुआ। देर शाम गांव में शव का अंतिम संस्कार किया। सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था मृतक छात्र जतिन के ताऊ राकेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसके छोटे भाई मनोज की गत वर्ष 23 जुलाई को मौत हो गई थी। उनका बेटा जतिन गांव के सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। पिछले कुछ दिनों से स्कूल टीचर श्यामलाल गांव धनौंदा महेंद्रगढ़ उसके साथ बुरा व्यवहार कर रहे थे। बच्चों के सामने उसे अपमानित करते थे। तुम्हारा पिता शराब पीकर मर गया, तुम भी ऐसे ही मर जाओगे। तुम धानक हो, तुम्हारी जाति में यही होता है, पढ़ना लिखना तुम्हारे बस की बात नहीं। मजदूरी करनी है, पढ़ाई छोड़ो और अभी से मजदूरी शुरू कर दो। मास्टर ने उसे दिमागी रूप से परेशान कर रखा था। 14 जुलाई की सुबह उसे स्कूल से भगा दिया। वह रोता हुआ घर आया और मुझे पूरी बात बताई। घर में चिनाई का काम चल रहा था, हमने बच्चे को समझा दिया। वह उपर छत पर बने कमरे में चला गय। हम सभी अपने काम में लग गए। किसी का ध्यान उस तरफ नहीं गया। टीचर पर कार्रवाई की मांग दोपहर को उसकी बहन निशा छत पर गई, तो उसका शव कमरे में फंदे पर लटकता मिला। निशा के चिल्लाने पर मेरा बेटा गौरव और भाई दीपक छत पर गए। जतिन को फंदे से उतारा और डाक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। टीचर श्यामलाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उनियारा पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलीगढ़ ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में पहल शुरू की है। बुधवार को पंचायत प्रशासक सबिया बी की अध्यक्षता में आयोजित स्वच्छता समिति की बैठक में जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान प्रिंटेड कैरी बैग और जागरूकता स्टिकर का विमोचन किया गया। हर परिवार को दिए जाएंगे कपड़े के कैरी बैग बैठक में पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी शंकरलाल मेघवाल ने जनआधार कार्ड धारक प्रत्येक परिवार को कपड़े के कैरी बैग वितरण अभियान का शुभारंभ किया। पंचायत प्रशासन की ओर से तैयार करवाए गए थैलों पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश अंकित किए गए हैं। इनमें पॉलीथिन का उपयोग बंद करें, पर्यावरण को बचाएं और घर से बाजार जाते समय थैला अवश्य लेकर जाएं जैसे संदेश शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध से जुड़ी शपथ भी छापी गई है। दुकानदारों को भी वितरित किए गए थैले पंचायत प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को भी कपड़े के थैले वितरित किए और प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का आह्वान किया। स्वच्छता समिति ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगरानी तंत्र को सक्रिय करने का निर्णय लिया। साथ ही गंदगी फैलाने वालों की सूचना प्रशासन को देने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पहले समझाइश और बाद में नियमानुसार कार्रवाई करने का फैसला किया गया। ग्रामीणों ने लिया पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने का संकल्प बैठक में मौजूद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया और भविष्य में पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने तथा दैनिक जरूरत का सामान कपड़े के थैले में ही लाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार नायक, कनिष्ठ सहायक राजूलाल बैरवा, सीएचसी अलीगढ़ के चिकित्साधिकारी डॉ. गिरीश कटारिया, हल्का पटवारी देवकरण चौधरी, कृषि पर्यवेक्षक राकेश कुमार साहू, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेंद्र बजाज, पूर्व पंचायत समिति सदस्य राधेश्याम वर्मा, उप प्रशासक कृष्णा देवी सैनी, वार्ड पंच महेंद्र सोयल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम पंचायत अलीगढ़ की इस पहल को ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सतना में बुधवार रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगहा-संतनगर मार्ग पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार और सड़क पार कर रहे एक राहगीर को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। कार पलटने पर उसमें भारी मात्रा में शराब मिली, जिससे यह मामला सड़क हादसे के साथ-साथ शराब तस्करी का भी बन गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे हुई। संतनगर निवासी संदीप गर्ग (35) चित्रकूट की ओर से बाइक से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे हाईवे से घर की ओर मुड़े, सिविल लाइन की तरफ से आ रही एक बिना नंबर की तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इसी दौरान, कार ने सड़क पार कर रहे अहिरगांव निवासी धीरज कुमार नामदेव को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार में रखी शराब की बोलतें टूट गईंहादसे में संदीप गर्ग और धीरज कुमार नामदेव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। कार पलटने के बाद उसमें रखी कई शराब की बोतलें टूट गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली तो कार से 100 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद हुई। हादसे के बाद मौके से भागने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, उनके दो अन्य साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने बरामद शराब को जब्त कर लिया है और पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। फरार हुए अन्य दो आरोपियों की तलाश के लिए भी अभियान शुरू कर दिया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस इस मामले में सड़क हादसे और शराब तस्करी दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।
झज्जर जिला बार एसोसिएशन और बिजली निगम के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। चैंबर कॉम्प्लेक्स के बिजली कनेक्शन बिना पूर्व सूचना काटे जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी चैंबर्स में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती और कनेक्शन दोबारा नहीं जोड़ दिए जाते, तब तक वकीलों का न्यायिक कार्य स्थगित रहेगा। बिजली की तारें भी ले गए साथ बार एसोसिएशन का आरोप है कि बिजली निगम की टीम ने बिना किसी पूर्व नोटिस के चैंबर कॉम्प्लेक्स पहुंचकर बिजली कनेक्शन काट दिए। इतना ही नहीं, बिजली की तारें भी हटाकर अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यह कदम पूरी तरह मनमाना है और इससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। चैंबर्स में कामकाज पूरी तरह ठप बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक गोयल ने कहा कि बिजली निगम की कार्रवाई से वकीलों के चैंबर्स में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है कि बिजली व्यवस्था सामान्य होने तक कोई भी अधिवक्ता नियमित न्यायिक कार्य नहीं करेगा। प्रॉक्सी काउंसिल की व्यवस्था जारी हालांकि, आम लोगों और मुकदमों से जुड़े पक्षकारों को अधिक परेशानी न हो, इसके लिए कोर्ट में आवश्यक मामलों की सुनवाई के दौरान प्रॉक्सी काउंसिल की व्यवस्था जारी रखी गई है। बार एसोसिएशन का कहना है कि उनका उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं, बल्कि बिजली निगम की कार्रवाई का विरोध दर्ज कराना है। उधर, बिजली कनेक्शन बहाली को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में बार और बिजली निगम के बीच गतिरोध बना हुआ है और अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है।
छिंदवाड़ा में भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के जिलाध्यक्ष और पार्षद लोकेश डेहरिया (48) का बुधवार रात करीब 10 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे डिनर के बाद रोज की तरह कॉलोनी में टहलने निकले थे। तभी अचानक सीने में दर्द होने पर सड़क पर गिर पड़े। पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। जानकारी के अनुसार, लोकेश डेहरिया रात में भोजन के बाद कॉलोनी में टहल रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों को उनकी स्थिति का अंदाजा नहीं लग सका। घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में लोकेश डेहरिया अचानक सड़क पर गिरते दिखाई देते हैं। कुछ समय तक वे वहीं पड़े रहे। इस दौरान कई राहगीर वहां से गुजरे, लेकिन ज्यादातर लोगों ने उन्हें नशे की हालत में समझकर अनदेखा कर दिया। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… पड़ोसी ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया कुछ देर बाद कॉलोनी निवासी गौरव चौधरी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने पास जाकर देखा तो स्थिति गंभीर लगी। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत से कुछ घंटे पहले किया था आखिरी पोस्ट लोकेश डेहरिया सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। निधन से कुछ घंटे पहले उन्होंने छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए पोस्ट साझा की थी। पोस्ट में उन्होंने एसपी को टैग किया था और अपनी तस्वीर भी साझा की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट साबित होगी। 12 जून को सांसद के बर्थडे पर केक काटा था 12 जून को जन्मदिन पर छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू ने उनके साथ केक काटकर शुभकामनाएं दी थीं। इसके बाद 15 जून को वे भोपाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपत्तिया उइके से मुलाकात की थी। मेहरा डेहरिया समाज के अध्यक्ष भी थे लोकेश लोकेश डेहरिया भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष, नगर निगम पार्षद और मेहरा डेहरिया समाज के अध्यक्ष थे। अपने मिलनसार स्वभाव और सक्रिय जनसंपर्क के कारण वे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अच्छी पहचान रखते थे। लोकेश डेहरिया के आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, डेहरिया समाज और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। दिल की सेहत के लिए एक्टिव रहना कितना जरूरी? दिल सिर्फ ब्लड पंप करने का काम नहीं करता। यह पूरे शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है। अगर ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज या कमजोरी आ जाए तो पूरा सिस्टम प्रभावित होता है। कार्डिया स्टडी के मुताबिक, युवावस्था से मध्यम आयु तक शारीरिक गतिविधि धीरे-धीरे कम होती जाती है और फिर लगभग थम जाती है। हालांकि, जिन्हें कोई हार्ट डिजीज होती है, उनमें यह गिरावट ज्यादा पहले और तेज होती है। एक्टिव रहने से दिल मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और वजन नहीं बढ़ता। हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट मध्यम से तेज एक्टिविटीज, जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या तैरना जरूरी है। अगर हार्ट संबंधी कोई समस्या हो चुकी है तो डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे शुरू करें। यह बचाव और इलाज दोनों के लिए सबसे अच्छा तरीका है। हार्ट अटैक से सालों पहले दिखने वाले संकेत क्या हैं? हार्ट अटैक अचानक नहीं आता। सालों पहले शरीर में छोटे-छोटे बदलाव दिखने लगते हैं। ये संकेत अगर समय पर समझ लिए जाएं तो डॉक्टर की मदद से बड़ा खतरा टाला जा सकता है। स्टडीज बताती हैं कि ये क्लू 10-12 साल पहले से शुरू हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें थकान या उम्र समझ लेते हैं। यहां 12 ऐसे संकेत हैं जो दिल की समस्या का इशारा दे सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में राह चलते प्रॉपर्टी कारोबारी को हार्ट अटैक...VIDEO इंदौर में सड़क पर जा रहे प्रॉपर्टी कारोबारी को हार्ट अटैक आ गया। पल भर में उसकी मौत हो गई। वह स्कूटी का टायर पंक्चर होने पर उसे धक्का देकर ले जा रहा था। इसी दौरान वह अचानक गिरा और फिर नहीं उठा। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
रतलाम में कूरियर ऑफिस की फ्रैंचाइसी खोलने के नाम पर एक लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने ऑनलाइन कंपनी का विज्ञापन देख संपर्क किया। पीड़ित ने ऑफिस के लिए सामान भी खरीद लिया। कंपनी द्वारा चार बार में बैंक खाते में कुल 1 लाख रुपए जमा करा लिए। एग्रीमेंट भी करवा लिया। लेकिन रुपए लेने के बाद ना तो कंपनी ने संपर्क किया और नहीं कोई ऑफिस खुल पाया। मामला थाना औद्योगिक क्षेत्र का है। सखवाल नगर निवासी भारत (27) पिता कालूराम राठौड़ की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार देर शाम सायबर फ्रॉड के तहत अज्ञात के खिलाफ धारा 318(2) 319 (4) केस दर्ज किया है। ऑनलाइन विज्ञापन देख किया संपर्कपीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि मैंने ऑनलाइन 21 अगस्त 2025 को AIRE PINCODEDAK LOGITICS PRIVETE LIMITED द्वारा संचालित कंपनी का विज्ञापन देखा। कंपनी के बताए गए मोबाइल नंबर पर कॉन्टेक्ट कर कंपनी की जिला स्तर पर फ्रैंचाइसी (कूरियर ऑफिस) खोलने की बात कही। कंपनी द्वारा बताए डिपोजिट राशि जमा कराने को कहा। संबंधित ने यश बैंक अकाउंट नम्बर देकर पूरी डिटेल उपलब्ध कराई। विश्वास करके उक्त अकाउंट पर आवेदक भारत ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया रेल्वे कॉलोनी रतलाम के खाते से 50 हजार, 40 हजार, 7500 व 2500 रुपए चार बार में कुल एक लाख रुपए जमा कंपनी के खाते में जमा कराए। रुपए जमा करने पर आवेदक को एक एग्रीमेंट शेयर किया गया। आवेदक भारत द्वारा एग्रीमेंट साईन कर वापस मेल कर कंपनी ने PINCODEDAK का आईडी पासवर्ड भेजा। कंपनी द्वारा बताए अनुसार जिला स्तर पर वेयर हाउस (कूरियर ऑफिस) के संचालन से संबंधित सारी सामग्री खरीदने को कहा। आवेदक द्वारा सारी सामग्री खरीद ली। 4 माह तक किया इंतजाररुपए जमा कराने व सारी प्रकिया करने के 4 माह के बाद भी AIRE PINCODEDAK LOGITICS PRIVETE LIMITED कंपनी से कोई पार्सल नहीं आया। ना ही कोई वेयर हाउस का संचालन के लिए 25 हजार रुपए आए। तब कंपनी में संपर्क किया तो कंपनी द्वारा मेल कर कंपनी बंद करना बताया। जमा कराए एक लाख रुपए व सामान रख रखाव का चार्ज वापस लौटाने को कहा तो कंपनी ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। पूरा घटनाक्रम 21 अगस्त 2025 से लेकर 28 जून 2026 के बीच का है। 1930 पर की शिकायतपीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास होने पर 26 जून को नेशनल सिक्युरिटी नंबर सायबर 1930 पर शिकायत की। भोपाल सायबर सेल में शिकायत दर्ज हुई। वहां से रतलाम औद्योगिक थाने पर शिकायत फॉरवर्ड की गई। इसके बाद पुलिस ने 15 जुलाई को पीड़ित द्वारा बताए गए मोबाइल धारक के खिलाफ केस दर्ज किया। थाना औद्योगिक प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। संबंधित मोबाइल नंबर के आधार पर जांच की जा रही है।
इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में सी-21 मॉल स्थित एक शोरूम के स्टोर मैनेजर पर करीब 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने बिना बिल के जूते, कपड़े और अन्य सामान बेचकर ग्राहकों से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कराए। नौकरी छोड़ने के बाद सामने आई गड़बड़ी विजयनगर पुलिस के मुताबिक, सुयश विहार कॉलोनी निवासी कंपनी मैनेजर सितलेश यादव की शिकायत पर रोशन कुमार यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। रोशन मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और सी-21 मॉल स्थित एसिक्स (ASICS) शोरूम में स्टोर मैनेजर था। वह जून 2024 में नौकरी पर रखा गया था और 13 सितंबर 2025 को नौकरी छोड़कर चला गया। इसके बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया। स्टॉक जांच में मिली कमी रोशन के जाने के बाद कंपनी ने स्टॉक की जांच कराई। जांच में 65 जोड़ी जूते, 40 कपड़े और 38 एक्सेसरीज गायब मिलीं। इनकी कुल कीमत करीब 9.93 लाख रुपए बताई गई है। ग्राहकों से अपने खाते में मंगवाए पैसे शोरूम के कर्मचारियों स्वेता, राहुल, दुर्गेश, पंकज और हेमंत से पूछताछ में सामने आया कि रोशन कई ग्राहकों से कंपनी के खाते की बजाय अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश में एक टीम बिहार भेजी गई है।

