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KGMU- तीन और अलमारियों से मिलीं तीन लाख की दवाएं:बंद अलमारियों से दवाएं मिलने का सिलसिला जारी, अब स्टॉक रजिस्टर से होगा मिलान

KGMU यूरोलॉजी विभाग में सामने आए करोड़ों रुपये के दवा घोटाले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। बीते दिनों एक बर्खास्त कर्मचारी की अलमारी से करीब दो लाख रुपये की दवाएं मिली थी। सोमवार को बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की तीन और अलमारियों का समिति की मौजूदगी में ताला तुड़वाया गया। इनमें करीब तीन लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुई हैं। बरामद दवाओं को जांच समिति ने अपने कब्जे में लेकर उनका मिलान स्टॉक और खरीद रिकॉर्ड से शुरू कर दिया है। शुरूआती जांच में सामने आया है कि बरामद दवाएं आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री राहत कोष, प्रधानमंत्री राहत कोष और अन्य सरकारी योजनाओं के बजट से खरीदी गई थीं। इन दवाओं का मरीजों तक पहुंचने के बजाय कर्मचारियों की अलमारियों में मिलना गंभीर अनियमितता माना जा रहा है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि दवाएं किस परिस्थितियों में वहां पहुंचीं? इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही? एजेंसी से की जाएगी वसूली KGMU यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत करीब डेढ़ करोड़ रुपये की दवाओं के घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की थी। अब तक तीन संविदा कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। जबकि एक नियमित फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है। इसके अलावा विभागाध्यक्ष को भी पद से हटा दिया गया है। बर्खास्त संविदा कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। मैन पावर आपूर्ति करने वाली एजेंसी से वसूली की प्रक्रिया चल रही है। स्टॉक रजिस्टर का होगा मिलान प्रवक्ता डॉ.केके सिंह का कहना है कि जांच समिति अब बरामद दवाओं, खरीद प्रक्रिया, वितरण रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर का मिलान कर रही है। यदि जांच में अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 1:19 am

जेल में बंदियों के विवाद की गोपनीय जांच शुरु:एसएसपी की तरफ से किया गया टीम का गठन, रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई

चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंदियों के दो गुटों में टकराव के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय ने गोपनीय जांच बैठा दी है। उन्होंने एक टीम का गठन कर दिया है जो पूरे मामले की तह तक जाकर हकीकत को उजागर करेगी ताकि आरोपियों पर कार्रवाई की जा सके। फिलहाल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। विगत शुक्रवार को जिला कारागार में बंदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। बंदियों के बीच जमकर कट्टन चलीं, जिसके चलते बंदी मौजा को गंभीर चोट आई और उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ गया। बताया जाता है कि अधिक खून बहने के कारण मौजा की हालत चिंताजनक बनी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जेल प्रशासन पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठा हुआ है। चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं यह स्पष्ट हो चुका है कि बंदियों के दो गुटों में विवाद हुआ और एक बंदी को गंभीर चोटें आई। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने किसी के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। चौकाने वाली बात तो यह है कि उच्चाधिकारियों को भी जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट देना गवारा नहीं समझा। यही वजह है कि चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। जेल में टकराव की संभावना बढ़ी बंदी मौजा के बाद जेल के भीतर टकराव के हालात और बढ़ गए हैं। अभी कुछ दिन पहले ही इसी तरह के एक विवाद के चलते चार बंदियों को प्रदेश की अलग अलग जेलों में शिफ्ट करदिया गया था लेकिन इस मामले में जेल प्रशासन कोई एक्शन लेने को तैयार नहीं है। आरोप तो यहां तक है कि मामले को मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। गोपनीय टीम ने जांच शुरु की इस विवाद को लेकर एसएसपी मेरठ अविनांश पांडेय गंभीर हैं। उन्होंने जेल प्रशासन की लापरवाही उजागर होने के बाद अपने स्तर से एक टीम का गठन कर दिया है। यह टीम पूरी तरह गोपनीय तरीके से जांच कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी को देगी। रिपोर्ट के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 1:10 am

रेलवे सुरक्षा बढ़ाने को हर संविदाकर्मी का बनेगा आईडी कार्ड:जीआरपी की नई तैयारी, रेलवे सुरक्षा के लिए बढ़ेंगे थाने और स्कॉर्ट

रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) कई बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। अब रेलवे में काम करने वाले हर संविदा कर्मचारी की पहचान करने के लिए उनका फोटो आईडी कार्ड बनाया जाएगा। इसके साथ ही हर ट्रेन में जीआरपी स्कॉर्ट की तैनाती, प्रमुख स्टेशनों पर बैगेज स्कैनर और एक्स-रे मशीनों की उपलब्धता तथा उनके नियमित संचालन पर भी जोर दिया जाएगा। हर संविदाकर्मी की होगी पहचान रेलवे परिसरों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी फोटो पहचान पत्र जारी करेगी। इससे रेलवे परिसर में आने-जाने वाले कर्मचारियों की पहचान आसान होगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। हर ट्रेन में स्कॉर्ट तैनात करने की तैयारी जीआरपी का लक्ष्य सभी ट्रेनों में सुरक्षा स्कॉर्ट उपलब्ध कराना है। हालांकि वर्तमान में कर्मियों की कमी इसकी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। अभी जीआरपी के पास 5,941 कर्मी हैं, जबकि सभी ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बल की जरूरत महसूस की जा रही है। दो नए अनुभाग और 80 थानों की योजना प्रदेश में जीआरपी का दायरा बढ़ाने की भी तैयारी चल रही है। गाजियाबाद और वाराणसी में दो नए अनुभाग शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके बाद प्रदेश में जीआरपी के अनुभागों की संख्या छह से बढ़कर आठ हो जाएगी। इसके अलावा मौजूदा 65 जीआरपी थानों की संख्या बढ़ाकर 80 किए जाने की योजना है। स्टेशनों पर बढ़ेगी सुरक्षा निगरानी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर बैगेज स्कैनर और एक्स-रे मशीनें स्थापित की जाएंगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ये उपकरण हर समय क्रियाशील रहें। ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। तस्करी और अपराध पर रहेगा फोकस जीआरपी ने पिछले कुछ वर्षों में ट्रेनों में लूट, डकैती, चोरी और जहरखुरानी जैसी घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया है। अब मादक पदार्थों, अवैध शराब, वन्यजीवों की तस्करी, मानव तस्करी, सोना-चांदी की तस्करी और हवाला के जरिए भेजी जाने वाली नकदी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अतिरिक्त संसाधन और बल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। विशेष आयोजनों में भी रहेगी अतिरिक्त सतर्कता त्योहारों, बड़े आयोजनों और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जीआरपी अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का माहौल मिल सके।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:59 am

हाईकोर्ट एलडीसी-भर्ती परीक्षा-2022 में डमी-अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने वाला गिरफ्तार:चार लाख रुपये देकर दिलवाई थी परीक्षा; चयन के बाद न्यायालय में मिली थी नियुक्ति, सरकारी सेवा से हो चुका है बर्खास्त

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना से चार लाख रुपये में सौदा कर अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी और धोखाधड़ी कर एलडीसी पद पर चयनित हो गया था। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 का आयोजन 19 मार्च 2023 को हुआ था। मामले में गिरफ्तार आरोपी बृजेश कुमार मीणा (27) निवासी टिकरी जाफरान, तहसील महुवा, जिला दौसा है। पेपर लीक गिरोह के सरगना से किया था सौदा जांच में सामने आया कि आरोपी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा से चार लाख रुपये में सौदा किया था। इसके बाद उसके स्थान पर डमी अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाई गई। परीक्षा का आयोजन दौसा के श्री रामकरण जोशी जीएसएसएस, लालसोट रोड स्थित परीक्षा केंद्र पर हुआ था। डमी अभ्यर्थी ने दी परीक्षा, आरोपी बन गया एलडीसी एसओजी के अनुसार आरोपी ने डमी अभ्यर्थी के माध्यम से फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर परीक्षा दिलवाई और अनुचित लाभ प्राप्त करते हुए हाईकोर्ट एलडीसी पद पर चयनित हो गया। चयन के बाद उसकी नियुक्ति धौलपुर में एसीजेएम कोर्ट, बाड़ी में हुई थी। बाद में मामला उजागर होने पर न्यायालय ने उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। पूछताछ में किया बड़ा खुलासा पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके स्थान पर महेंद्र कुमार नामक डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी। फर्जी दस्तावेज और कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए नौकरी हासिल की गई थी। 6 जुलाई को हुई गिरफ्तारी मामले में एसओजी थाना, जयपुर में दर्ज मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहन चौधरी कर रहे हैं। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी बृजेश कुमार मीणा को 6 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी खुल सकते हैं राज एसओजी के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों के इस्तेमाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इन सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:59 am

मनचलों के डर से छात्राओं ने स्कूल जाना छोड़ा:पांच मनचलों की टोली बनी मुसीबत, छात्राओं की मां ने थाने पहुंचकर की शिकायत

मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में इन दिनों मनचलों का खौफ देखने को मिल रहा है। आलम यह है कि कई छात्राओं ने स्कूल जाने से इंकार कर दिया है। कई दिन बाद परिजनों को जब अपनी बेटियों के स्कूल ना जाने का कारण पता चला तो वह थाने पहुंच गए और शिकायत की। पुलिस ने फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है। ब्रह्मपुरी थाने पहुंची इन महिलाओं ने बताया कि उनकी बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। अब तो वह बुरी तरह डरी हुई हैं। कुछ मनचले उनकी बेटियों की फोटो खींचकर उनके अश्लील पोस्ट तैयार कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। स्कूल आते जाते उन्हें डराया जाता है। धमकी दी जाती है कि वह इन पोस्ट को और ज्यादा अश्लील बनाकर अपलोड करेंगे। नतीजा यह हुआ कि इन छात्राओं ने खुद को कमरे में बंद कर रहना शुरु कर दिया। तीन आरोपियों की करी गई पहचान अपनी बेटियों को बचाने के लिए आगे आईं इन महिलाओं ने तीन युवकों की पहचान भी की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि पांच युवकों में से तीन आरोपी युवक लिसाड़ीगेट की खुशहाल कालोनी निवासी हैं, जिनके नाम विनय, माही व अदनान हैं। यह लगातार उनकी बेटियों के फोटो के साथ सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर टिप्पणी कर रहे हैं। फर्जी आईडी तैयार कर की मनमानीशिकायत मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरु कर दी है। शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि इन आरोपी युवकों ने फर्जी आईडी तैयार कर रखी हैं। काफी काफी सारी फर्जी आईडी तैयार हैं, जिनके द्वारा ना केवल पोस्ट अपलोड की जाती हैं बल्कि उन पर भद्दे और अश्लील कमेंट तक कराए जाते हैं। धमकी के बाद स्कूल जाना छोड़ा पुलिस ने इस मामले में परिजनों से बात की। परिजनों ने बताया कि आरोपी युवकों की मनमानी का आलम यह है कि उन्होंने उनकी बेटियों को शिकायत करने पर जान से मारने व उठाकर ले जाने की धमकी दी है। इससे डरकर बेटियों ने स्कूल जाने से मना कर दिया है। रिपोर्ट दर्ज, आरोपियों की तलाश तेजनामजद शिकायत आने के बाद ब्रह्मपुरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने आरोपियों की तलाश में दबिश भी डाली लेकिन उससे पहले ही वह फरार हो गए। परिजनों को हिदायत दी गई है कि या तो वह आरोपियों को पुलिस को सौंप दें वरना पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए मजबूर होगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:57 am

12 साल के हेम के 2 हत्यारों को उम्रकैद:गर्लफ्रेंड की शादी कहीं और होने से बौखलाकर की थी उसके भाई की हत्या

ग्वालियर सेशन कोर्ट ने सोमवार को 12 वर्षीय मासूम हेमसिंह राजपूत की निर्मम और रूह कंपा देने वाली हत्या के दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह परिहार की अदालत ने मुख्य आरोपी शिवम उर्फ तोता कुशवाह (23 वर्ष) और उसके साथी अमन गोस्वामी उर्फ योगी (21 वर्ष) को अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया। दोनों पर भारी अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने इस हत्याकांड को बेहद क्रूर माना। महज 19 महीने के भीतर डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी साबित किया गया। शादी से इनकार किया तो भाई को मार डालाअदालत के समक्ष पेश अभियोजन और पुलिस के साक्ष्यों के अनुसार, यह पूरी खौफनाक कहानी प्रतिशोध की आग से जुड़ी थी। मुख्य आरोपी शिवम कुशवाह का मृतक हेम की बड़ी बहन नंदनी के साथ प्रेम-प्रसंग था। दोनों के परिवार पहले शादी के लिए राजी थे, लेकिन नंदनी के सौतेले पिता विजय सेन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। बाद में परिजनों ने नंदनी की शादी शेरू नाम के युवक से कर दी। अपनी प्रेमिका की दूसरी जगह शादी होने से बौखलाए शिवम ने नंदनी के सौतेले पिता को सबक सिखाने और बदला लेने के लिए उसके छोटे भाई हेम की हत्या की साजिश रच डाली। मेला दिखाने के बहाने बुलाया, फिर पत्थरों से तोड़ा जबड़ासरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि 29 जुलाई 2024 को हेम की मां कमलेश ने बेटे को गुप्तेश्वर महादेव का मेला देखने के लिए घर से ऑटो में बैठाकर रवाना किया था। रास्ते में आरोपी शिवम ने हेम को फोन किया और मेला दिखाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने पास बुला लिया। इसके बाद वह अपने साथी अमन गोस्वामी के साथ उसका अपहरण कर देव खो रोड (तिघरा थाना क्षेत्र) स्थित सुनसान जंगल की झाड़ियों में ले गया। वहां आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर हेम पर भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में बच्चे का जबड़ा पूरी तरह टूट गया और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को भारी पत्थरों के नीचे दबा दिया। डिजिटल सबूतों ने खोला राज, ऐसे पकड़े गए कातिलवारदात के अगले दिन 30 जुलाई 2024 को तिलकुंडा नरिया के पास जंगल में एक चरवाहे ने पत्थरों के बीच मक्खियां भिनभिनाते देखीं। पास जाकर देखा तो बच्चे की उंगलियां बाहर निकली हुई थीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक की मदद से इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई। कोर्ट की टिप्पणी- मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला अपराध कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि 'मासूम और बेकसूर बच्चे की इस प्रकार पत्थरों से कुचलकर हत्या करना मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला कृत्य है। प्रेम-प्रसंग या पारिवारिक असहमति का बदला 12 वर्षीय बच्चे की जान लेकर पूरा करना समाज में किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे अपराधियों के प्रति कानून सख्त रुख अपनाता है।'

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:30 am

चुनाव की वैधता की चुनौती हाईकोर्ट से खारिज:फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में जाति प्रमाण पत्र की वैधता का अधिकार नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुशीनगर जिले की रामकोला विधानसभा सीट से जुड़ी एक चुनाव याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका पराजित प्रत्याशी राधा चरण ने दायर की थी, जिसमें विजयी प्रत्याशी विनय प्रकाश गोंड के निर्वाचन को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रामकोला सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि विनय प्रकाश गोंड वास्तव में अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं, लेकिन उन्होंने 2012 में जारी एक अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर फर्जी तरीके से नामांकन दाखिल किया। रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष शिकायत दी गई थी, पर उसे खारिज कर दिया गया था। चुनाव 3 मार्च 2022 को हुआ, जिसमें गोंड विजयी घोषित हुए। अदालत ने पहले यह तय किया कि क्या निर्वाचन न्यायाधिकरण को किसी जाति प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित करने का अधिकार है। याचिकाकर्ता ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए तर्क दिया कि ट्रिब्यूनल को यह अधिकार प्राप्त है, जबकि प्रतिवादी ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र की वैधता केवल जिला स्तरीय, मंडल स्तरीय और राज्य स्तरीय समिति ही तय कर सकती है। न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के कुमारी माधुरी पाटिल मामले और हाल के 'ए. राजा' मामले सहित कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जाति प्रमाण पत्र को केवल संबंधित सांविधिक तंत्र ( स्क्रूटनी कमेटी) के जरिए ही चुनौती दी जा सकती है, न कि चुनाव याचिका में। चूंकि प्रतिवादी का प्रमाण पत्र अब तक किसी भी सक्षम समिति द्वारा रद्द नहीं किया गया था, अदालत ने कहा कि निर्वाचन न्यायाधिकरण को इसकी प्रामाणिकता जांचने का अधिकार नहीं है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:25 am

शहजाद भट्टी को मुखौटा बनाकर नेटवर्क फैलाना चाहती है पाकिस्तानी-इंटेलिजेंस:एडीजी दिनेश एमएन बोले- सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाने, जासूसी और हथियार सप्लाई कराने की साजिश

राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क और विदेशी गैंगस्टर्स को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एटीएस के एडीजी (ऑपरेशंस) दिनेश एमएन ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी को पाकिस्तान के इंटेलिजेंस ऑफिसर (पीआईओ) एक मुखौटे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मकसद राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रभाव में लेकर उनसे जासूसी करवाना, संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाना और हथियारों की सप्लाई कराना है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए शहजाद भट्टी को आगे रखकर काम करती है। हालांकि राजस्थान एटीएस, आईबी और अन्य एजेंसियों की सतर्कता के चलते अब तक इस नेटवर्क का कोई भी प्रयास सफल नहीं हो पाया है। भट्टी का नेटवर्क सक्रिय होने के मिले थे इनपुट दिनेश एमएन ने बताया कि पिछले कुछ समय से शहजाद भट्टी के नेटवर्क के सक्रिय होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के पीछे पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑफिसर सक्रिय हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने, उन्हें पैसों और अन्य प्रलोभनों का लालच देने और संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो मंगवाने की कोशिश की जाती है। साथ ही सीमापार से हथियार भेजने के भी प्रयास किए जाते हैं। तकनीकी निगरानी से हर बार नाकाम हुई साजिश एडीजी ने दावा किया कि शहजाद भट्टी और उसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का अब तक एक भी प्रयास सफल नहीं हो पाया है। जैसे ही किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है, एटीएस की तकनीकी टीम तुरंत सक्रिय होकर इनपुट की पुष्टि करती है और समय रहते कार्रवाई करती है। इस पूरे नेटवर्क पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और पंजाब पुलिस भी लगातार नजर रखे हुए हैं। कुछ लोगों को समझाइश, सक्रिय लोगों पर मुकदमा उन्होंने बताया कि नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग केवल संपर्क में पाए जाते हैं, जिन्हें समझाइश देकर पाबंद किया जाता है। वहीं जो लोग सक्रिय रूप से देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाती है। हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि कई लोगों को समझाइश कर निगरानी में रखा गया है। आईबी और राजस्थान इंटेलिजेंस के साथ संयुक्त पूछताछ दिनेश एमएन ने बताया कि महत्वपूर्ण मामलों में एटीएस, आईबी और राजस्थान इंटेलिजेंस के अधिकारी संयुक्त रूप से पूछताछ करते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी लालच या बहकावे में आकर देशविरोधी गतिविधियों का हिस्सा न बनें। यदि कोई व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाएगा। एक साल में एटीएस की बड़ी कार्रवाई एडीजी ने बताया कि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच एटीएस ने आतंकवाद, अवैध हथियार, विस्फोटक, मादक पदार्थ तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के खिलाफ भी बड़ा अभियान रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण की गिरफ्तारी के सवाल पर एडीजी ने कहा कि दोनों राजस्थान सहित कई राज्यों में वांछित हैं। विदेश में मौजूद अपराधियों तक पहुंचने के लिए इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है। एजीटीएफ और पुलिस लगातार उनके स्थानीय नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में पांच से छह मॉड्यूल ध्वस्त किए गए हैं और अलग-अलग जिलों से करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का प्रयास है कि फायरिंग, हत्या और रंगदारी जैसी घटनाओं को पहले ही रोका जाए। जिन लोगों को धमकियां मिलती हैं, उन्हें सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाती है। लोकल नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार दिनेश एमएन ने कहा कि रंगदारी और सुपारी से जुड़े अधिकांश मामलों में स्थानीय बदमाश विदेश में बैठे गैंगस्टर्स की मदद करते हैं। यही लोग टारगेट की रेकी करते हैं और अपराधियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देते हैं। ऐसे सभी स्थानीय सहयोगियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कुचामन सिटी के कारोबारी हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मामले में स्थानीय नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं तेलंगाना में भी गैंगस्टर्स की मदद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और फरार अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यूएपीए के तहत कार्रवाई अवैध विस्फोटक पर कार्रवाई हथियार तस्करी पर कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करी पर कार्रवाई फर्जी आधार गिरोह पर कार्रवाई सोशल मीडिया निगरानी और डी-रेडिकलाइजेशन

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:21 am

अलीगंज अग्निकांड: आज LDA कोर्ट में पहली सुनवाई,:बिल्डिंग बचाने को कंपाउंडिंग की कवायद; ध्वस्तीकरण पर होगा फैसला

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद विवादों में आई अवैध इमारत को बचाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। एक ओर भवन स्वामी की ओर से कंपाउंडिंग और नया मानचित्र स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर मंगलवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के विहित प्राधिकारी की अदालत में मामले की पहली सुनवाई होगी। इसी सुनवाई के बाद यह तय होगा कि इमारत पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या भवन स्वामी की ओर से दाखिल आवेदन पर विचार किया जाएगा। बिल्डिंग बचाने की तैयारी, कंपाउंडिंग का सहारा सूत्रों के मुताबिक संबंधित भवन 12 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित है। नियमों के तहत इस श्रेणी की सड़क पर कुछ मामलों में उपयोग परिवर्तन (चेंज ऑफ यूज) और कंपाउंडिंग की अनुमति मिल सकती है। इसी आधार पर भवन स्वामी की ओर से वकीलों ने एलडीए में प्रार्थना पत्र देकर नया मानचित्र पास कराने और कंपाउंडिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। एलडीए के जानकारों का कहना है कि यदि निर्माण नियमों के अनुरूप कंपाउंडिंग संभव हुई तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से भवन को कानूनी राहत दिलाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। 23 जून को जारी हुआ था नोटिस एलडीए ने 23 जून को भवन को अवैध निर्माण मानते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 27(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। भवन स्वामी के जेल में होने के कारण नोटिस वहीं तामील कराया गया। नोटिस की अवधि सोमवार को पूरी हो चुकी है और अब मामला विहित प्राधिकारी की अदालत में पहुंच गया है। आज पहली सुनवाई, फिर तय होगी कार्रवाई एलडीए के नियमों के अनुसार अवैध निर्माण के मामलों में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसके बाद विहित प्राधिकारी की अदालत में सुनवाई होती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया जा सकता है। मंगलवार को होने वाली पहली सुनवाई में एलडीए अपना पक्ष रखेगा, जबकि भवन स्वामी की ओर से कंपाउंडिंग और मानचित्र स्वीकृति का मुद्दा उठाया जा सकता है। इसके बाद अदालत के आदेश के आधार पर ध्वस्तीकरण की तारीख तय होगी। 22 जून को हुआ था भीषण अग्निकांड गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज स्थित इस इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन और एलडीए ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। अब सबकी नजर मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, क्योंकि इसी से तय होगा कि इमारत पर बुलडोजर चलेगा या उसे कानूनी राहत मिलने की कोई संभावना बनेगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:16 am

अपराध की कमाई पर हाईकोर्ट की टिप्प्णी:कोर्ट ने कहा- अज्ञात आय के स्रोत से मिली संपत्ति को अवैध नहीं माना जाएगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल किसी व्यक्ति की संपत्ति का स्रोत अज्ञात होने भर से यह नहीं माना जा सकता कि वह किसी अनुसूचित अपराध से अर्जित 'अपराध की आय' है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष को यह स्पष्ट रूप से स्थापित करना होगा कि संबंधित संपत्ति किसी अनुसूचित अपराध से प्राप्त हुई। जस्टिस विक्रम डी. चौहान ने यह टिप्पणी यमुना बेसिन में अवैध खनन से जुड़े धन शोधन मामले में एक आरोपी को जमानत देते हुए की। जानिये कोर्ट ने क्या कहा अदालत ने कहा, किसी व्यक्ति के पास अज्ञात आय के स्रोत से अर्जित संपत्ति हो सकती है, लेकिन केवल इसी आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि वह संपत्ति किसी अनुसूचित अपराध से प्राप्त हुई। मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और ऊना जिलों में दर्ज कई एफआईआर से जुड़ा है। आरोप था कि सरकारी भूमि पर अवैध खनन किया जा रहा था और खनिजों का ओवरलोड वाहनों से अवैध परिवहन किया जा रहा था। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि सह-आरोपी की फर्म जय मां ज्वाला स्टोन क्रशर रात के समय भी अवैध खनन में शामिल थी। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित गढ़वाल स्टोन क्रशर को जय मां ज्वाला स्टोन क्रशर के संचालक ने खरीदा था। आरोप है कि यह क्रशर भी यमुना बेसिन में अवैध खनन में शामिल था। जमानत मांगने वाला आरोपी गढ़वाल स्टोन क्रशर में साझेदार है। अभियोजन का कहना था कि भले ही आरोपी जय मां ज्वाला स्टोन क्रशर का मालिक नहीं था, लेकिन वह दोनों संस्थानों के दैनिक कामकाज में शामिल था। वहीं, आरोपी की ओर से कहा गया कि हिमाचल प्रदेश में दर्ज एफआईआर में उसका नाम नहीं है। सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में किसी अनुसूचित अपराध से प्राप्त धन को जोड़ने वाला कोई साक्ष्य भी नहीं है। यह भी बताया गया कि वह करीब 18 महीने से जेल में है। सुनवाई में कोर्ट ने क्या कहा हाईकोर्ट ने कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत अपराध तभी बनता है, जब किसी अनुसूचित अपराध से प्राप्त 'अपराध की आय' से जुड़ी संपत्ति को छिपाने, उपयोग करने या वैध संपत्ति के रूप में प्रस्तुत करने जैसी गतिविधि साबित हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि 'अपराध की आय' का अर्थ ऐसी संपत्ति से है, जो किसी अनुसूचित अपराध के परिणामस्वरूप प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्राप्त हुई हो। रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि हिमाचल प्रदेश में दर्ज अनुसूचित अपराधों में आरोपी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने यह भी कहा कि छह में से चार मामलों में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है, जिसे संबंधित अदालतों ने स्वीकार भी कर लिया। अदालत ने कहा कि यदि यह स्थापित नहीं हुआ कि गढ़वाल स्टोन क्रशर अनुसूचित अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था, तो उससे होने वाली आय को भी स्वतः 'अपराध की आय' नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अवैध रूप से खनन किए गए खनिजों की खरीद-बिक्री अपने आप में अलग अपराध हो सकती है, लेकिन पीएमएलए के तहत कार्रवाई के लिए यह पहचानना आवश्यक है कि अनुसूचित अपराध से कौन-सी संपत्ति या परिसंपत्ति अर्जित हुई। अदालत ने पाया कि जांच एजेंसी यह भी नहीं बता सकी कि अवैध खनन से अर्जित धन से खरीदी गई कौन-सी संपत्तियां 'अपराध की आय' हैं। इस संबंध में किसी परिसंपत्ति की सूची भी रिकॉर्ड पर नहीं रखी गई। सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है और मुकदमे के शीघ्र समाप्त होने की संभावना भी नहीं है। साथ ही, अभियोजन यह नहीं दिखा सका कि आरोपी के फरार होने, गवाहों को प्रभावित करने या न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने की आशंका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार की।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:09 am

काला हिरण के प्रोड्यूसर को जान से मारने की धमकी:दतिया में केस दर्ज, पाकिस्तानी नंबर से मैसेज-कॉल, लिखा- फिल्म रिलीज रोको बरना बम से उड़ाएंगे

दतिया में फिल्म 'काला हिरण' के प्रोड्यूसर अमित जानी को जान से मारने की धमकी के मामले में केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि खुद को पाकिस्तानी आतंकी बताने वाले शहजाद भट्टी ने उन्हें व्हाट्सएप पर ऑडियो और वीडियो भेजकर फिल्म रिलीज नहीं करने की धमकी दी। घटना के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, नोएडा निवासी अमित जानी दतिया के एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। वह श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करने आए थे। इसी दौरान उन्हें व्हाट्सएप पर धमकी भरे कॉल और मैसेज मिलने शुरू हुए। व्हाट्सएप पर आए कॉल और मैसेज अमित जानी ने बताया कि 6 जुलाई की रात करीब 1 बजे उन्हें पाकिस्तानी नंबर +923287503050 से ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गई। इसके बाद अगली सुबह करीब 9:47 बजे दूसरे पाकिस्तानी नंबर +923236250185 से कॉल आया। शिकायत के अनुसार, कॉल करने वाले ने कहा कि यदि फिल्म की रिलीज नहीं रोकी गई तो उन्हें बम से उड़ा दिया जाएगा। उसने यह भी कहा कि चाहे जितनी सुरक्षा ले लो, हत्या कर दी जाएगी। क्या है 'काला हिरण' फिल्म 'काला हिरण' एक क्राइम और कोर्टरूम थ्रिलर फिल्म है। इसकी कहानी राजस्थान में 1998 के चर्चित काले हिरण शिकार मामले पर आधारित बताई गई है। फिल्म को बिश्नोई समुदाय के वन्यजीव संरक्षण के संघर्ष से प्रेरित बताया गया है। सुपरस्टार सलमान खान ने फिल्म की रिलीज, टीजर लॉन्च और प्रचार पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी कानूनी टीम का कहना है कि फिल्म मानहानिकारक है और उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है। वहीं, निर्माता अमित जानी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि यह फिल्म सलमान खान की जीवनी नहीं है। यह सार्वजनिक घटनाओं और वन्यजीव संरक्षण के विषय से प्रेरित एक काल्पनिक कहानी है। कौन हैं अमित जानी अमित जानी उत्तर प्रदेश के मेरठ के फिल्म निर्माता, लेखक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। वह 'जानी फायरफॉक्स मीडिया' प्रोडक्शन हाउस के मालिक हैं। वह वास्तविक और विवादित घटनाओं पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 'उदयपुर फाइल्स', 'कराची टू नोएडा' और 'काला हिरण' जैसी फिल्मों का निर्माण और लेखन किया है। 20 जून को आना था टीजर फिल्म 'काला हिरण' का पोस्टर पिछले शुक्रवार को जारी किया गया था। इसके साथ बताया गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाने का दावा किया गया है। हालांकि, फिल्म में मुख्य भूमिका कौन निभा रहा है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टर में दिखाई देने वाला अभिनेता भी पहचान में नहीं आया है।इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…'काला हिरण' फिल्म के प्रोड्यूसर बोले-सलमान खान धमकी दिलवा रहे राजस्थान के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म 'काला हिरण' को लेकर विवाद जारी है। फिल्म के प्रोड्यूसर अमित ज्याणी को पाकिस्तान नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है। अमित का आरोप है कि मुझे सलमान खान के इशारे पर धमकी दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:06 am

भोपाल-राजगढ़ को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बंद:बैरसिया-नरसिंहगढ़ के बीच पार्वती नदी पर बना है; जलस्तर बढ़ने से रोक

भोपाल और राजगढ़ जिले को जोड़ने वाले पार्वती नदी के अस्थायी वैकल्पिक मार्ग से गुजरने पर रोक लगा दी गई है। सोमवार देर रात बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा ने यह आदेश जारी किए। नदी में जल स्तर बढ़ने की वजह से यह फैसला लिया गया। एसडीएम शर्मा के आदेश में लिखा है कि बारिश के कारण पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर नदी के मध्य निर्मित अस्थायी वैकल्पिक मार्ग जलमग्न हो गया है। तेज बहाव के कारण आवागमन अत्यंत जोखिमपूर्ण है। इसलिए आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। एसडीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड एवं सुरक्षा संकेतक स्थापित किए जाएं। ताकि कोई भी व्यक्ति जोखिम उठाकर मार्ग का उपयोग न कर सके। तहसीलदार, पुलिस को जिम्माआदेश के पालन के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और आवश्यकता अनुसार सुरक्षा बल तैनात कर नागरिकों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन करने पर यह कार्रवाईआदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जो आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। देखिए वैकल्पिक मार्ग की पुरानी तस्वीरें… वैकल्पिक रास्ते में पानी, इसलिए वाहन फंस रहेसाल 1976 में रुनाहा से नरसिंहगढ़ तक सड़क MPRDC यानी मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने बनाई थी। वहीं, ब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाया था। 17 जनवरी 2025 को ब्रिज एक जगह से धंस गया था। एहतियातन बैरसिया एसडीएम शर्मा ने ब्रिज से आने-जाने पर रोक लगा दी थी। कुछ दिन बाद स्टॉपडैम से पानी खाली कर डायवर्सन रूट तैयार किया गया था। बारिश से पहले तक इसी रूट से बस, ट्रक समेत चार पहिया और टू-व्हीलर गुजर रहे थे, लेकिन पानी बढ़ गया है। बावजूद कई वाहन चालक खतरा लेते हुए इसके ऊपर से गुजर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में एक बस तिरछी हो गई थी। इसे जैसे-तैसे निकाला तो एक दिन पहले ही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से स्टॉपडैम के पानी में गिर गई। ट्रैक्टर में चार लोग सवार थे, जो बच गए। नेशनल हाईवे से जोड़ता है ब्रिजबैरसिया-नरसिंहगढ़ रोड पर बना यह ब्रिज मेघरा नवीन गांव में है। यह भोपाल जिले का गांव है जबकि दूसरी तरफ राजगढ़ जिले का बरायठा गांव है। भोपाल, राजगढ़ के अलावा गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन आने-जाने के लिए भी ब्रिज का उपयोग किया जाता है। जब ब्रिज ठीक था, तब एक दिन में डेढ़ से 2 लाख तक लोग गुजरते थे। वर्तमान में 8 से 10 हजार लोग गुजर रहे हैं। यह ब्रिज आगरा-बंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जोड़ता है। 49 साल में सिर्फ 2 बार हुई थी मरम्मतकरीब 49 साल पुराने ब्रिज की आखिरी बार मरम्मत साल 2019-20 में की गई थी। इसके पहले भी एक बार मरम्मत की गई थी। मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से ब्रिज जर्जर हालत में पहुंच गया था।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:05 am

300 की रिश्वत, हाईकोर्ट से 49 साल बाद सजा बरकरार:कानपुर में लेखपाल के रंगे हाथ पकड़ने का मामला, कोर्ट में दलीलें फेल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह 41 साल पुरानी एक आपराधिक अपील को खारिज कर दिया। इसमें लगभग आधी सदी पहले 300 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए एक चकबंदी लेखपाल की 1985 की सजा को बरकरार रखा गया था। न्यायमूर्ति संजीव कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन्हें दी गई एक वर्ष की कठोर कारावास की सजा को बरकरार रखा। उन्हें शेष सजा काटने के लिए चार सप्ताह के भीतर निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया। जानिये क्या है पूरा मामलामामले के अनुसार न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि सतर्कता अधिकारियों और स्वतंत्र सार्वजनिक गवाहों द्वारा जाल बिछाने की कार्यवाही की पूरी तरह से पुष्टि हो जाती है, तो प्राथमिक शिकायतकर्ता की जांच न होना भ्रष्टाचार के मामले के लिए घातक नहीं है। कानपुर की तहसील में चकबंदी विभाग में लेखपाल के पद पर तैनात अपीलकर्ता (महेश चंद) ने कानपुर के पांचवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित 1985 के दोषसिद्धि आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 161 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1947 की धारा 5(2) के तहत दोषी पाया था। एक ग्रामीण (वीरेंद्र सिंह) का उसी गांव की एक महिला के विरुद्ध एक मुकदमा लंबित था। चकबंदी कार्यवाही के दौरान चकबंदी अधिकारी द्वारा दोनों को अलग-अलग चक आवंटित किए गए थे। इसी मामले में एक अपील चकबंदी अधिकारी के समक्ष लंबित थी। 1 अप्रैल, 1977 का केस1 अप्रैल, 1977 की सुबह, लेखपाल महेश चंद (अपीलकर्ता) और कानूनगो चंद्र सेन, वीरेंद्र सिंह के साथ उसी बस में सवार हुए और विपक्षी पार्टी की अपील को खारिज करवाने का वादा करते हुए ₹400 की रिश्वत की मांग की। सिंह ने मौके पर ही कानूनगो को 100 रुपये दे दिए। हालांकि, बाद में उन्होंने कानपुर में अपने बेटे से संपर्क किया। दोनों ने मिलकर कानपुर के सतर्कता विभाग के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। एक सुनियोजित जाल बिछाया गया और 100 रुपये के तीन नोटों पर फिनोलफथेलिन पाउडर से निशान लगाए गए। उसी दोपहर बाद, वीरेंद्र सिंह ने होटल में महेश चंद को वे तीन करेंसी नोट सौंप दिए, जिन्होंने उन्हें अपनी पैंट की जेब में रख लिया और उनसे कहा कि उनके चक को कोई नुकसान नहीं होगा। सतर्कता दल तुरंत मौके पर पहुंचा, महेश चंद की व्यक्तिगत तलाशी ली और उसके पास से 3 करेंसी नोटों के साथ एक कलाई घड़ी बरामद की। जब उसके हाथों और जेबों को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धोया गया, तो वे लाल हो गए, जिससे चिह्नित नोटों के साथ उसके संपर्क की पुष्टि हुई। निचली अदालत में चली सुनवाई जबकि निचली अदालत ने सह-आरोपी कानूनगो को बरी कर दिया, वहीं उसने अक्टूबर 1985 में महेश चंद को दोषी ठहराया। चंद ने बाद में जमानत हासिल कर ली और हाईकोर्ट में अपील दायर की, जो चार दशकों से अधिक समय तक लंबित रही। अपीलकर्ता का तर्क था कि अभियोजन पक्ष का मामला निराधार था क्योंकि मुख्य गवाह, शिकायतकर्ता (वीरेंद्र सिंह) , जिससे सीधे रिश्वत की मांग की गई थी, की अदालत में कभी जांच नहीं की गई थी। यह भी तर्क दिया गया कि कथित तौर पर वसूली का स्थान (एक होटल) एक सार्वजनिक स्थान था, और यह अत्यंत असंभव था कि आरोपी अवैध रिश्वत स्वीकार करने के लिए ऐसे सार्वजनिक स्थान को चुनेगा। दूसरी ओर राज्य सरकार ने यह तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को संदेह से परे साबित कर दिया है और अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही सुसंगत, विश्वसनीय और भरोसेमंद है। यह भी तर्क दिया गया कि बरामदगी के संबंध में अभियोजन पक्ष द्वारा स्वतंत्र सार्वजनिक गवाहों की जांच की गई थी। हाईकोर्ट ने प्रारंभ में ही यह नोट किया कि यद्यपि शिकायत की जांच नहीं की गई थी, फिर भी उनके बेटे (पीडब्ल्यू 4) ने चिकित्सा साक्ष्य प्रस्तुत किया था जिससे यह साबित होता है कि उनके पिता अस्थिर मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित थे और गवाही देने के लिए अयोग्य थे। न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने कहा कि पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई जालसाजी वाली छापेमारी को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि शिकायतकर्ता गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं हो सका। कोर्ट ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर रिश्वतखोरी की संभावना कम होती है। जिरह और बहस में चला केस न्यायालय ने आगे बताया कि अपीलकर्ता ने स्वयं अपने धारा 313 सीआरपीसी के बयान में शिकायतकर्ता के साथ होटल में चाय पीने के लिए उपस्थित होने और वसूली ज्ञापन ( फर्द बारामदगी ) पर हस्ताक्षर करने की बात स्वीकार की थी। उनकी यह दलील कि सतर्कता विभाग द्वारा चलाए गए आक्रामक रिश्वत विरोधी अभियान के कारण उन्हें फंसाया गया था, उसे भी पूरी तरह से अविश्वसनीय और सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया गया। इस पृष्ठभूमि में, सतर्कता निरीक्षकों (पीडब्ल्यू 1), कांस्टेबल (पीडब्ल्यू 2) और स्वतंत्र सार्वजनिक गवाह (पीडब्ल्यू 3) की सुसंगत और विश्वसनीय गवाहियों को विश्वसनीय पाते हुए, उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश और निर्णय को बरकरार रखा। इस प्रकार, अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने महेश चंद के व्यक्तिगत और जमानत बांड रद्द कर दिए और उसे आत्मसमर्पण करने और अपनी शेष सजा काटने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि वह अनुपालन करने में विफल रहता है, तो निचली अदालत को उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दंडात्मक उपाय करने का निर्देश दिया गया है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:03 am

विधायक शुक्ला की बस पर पथराव के बाद लगाई आग:इंदौर से उज्जैन आ रही बस की टक्कर से 2 गायों की मौत; भड़के ग्रामीण

सोमवार रात उज्जैन के पंथ पिपलाई में बलराम जाट ढाबे के पास उज्जैन आ रही बस ने सड़क पर बैठी दो गायों को टक्कर मार दी। जिससे दोनों गायों की मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने पहले बस में बैठे यात्रियों को सुरक्षित उतारा, फिर पथराव कर बस के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद बस में आग लगा दी। जिससे पूरी बस जलकर खाक हो गई। बस इंदौर के विधायक गोलू शुक्ला की बताई जा रही है। आग लगने से मौके पर हड़कंप मच गया और उज्जैन-इंदौर रोड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि दो गायों की मौत के बाद कुछ लोगों ने बस को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, प्रारंभिक आशंका है कि बस में आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। मामले की जांच की जा रही है। चार तस्वीरें देखिए ये खबर भी पढ़ें… ‌विधायक शुक्ला की बस से हादसा...गुस्साए लोगों ने आग लगाई इंदौर में विधायक गोलू शुक्ला की बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इससे गुस्साई भीड़ ने बस में आग लगा दी। अफरा-तफरी मची तो फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। पढ़िए पूरी खबर।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:02 am

यूपीपीएससी ने संगीत विषय के 7 अभ्यर्थियों को दी राहत:एलटी ग्रेड मुख्य परीक्षा में 19 अभ्यर्थियों की अपील खारिज

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (पुरुष/महिला शाखा) के संगीत विषय की मुख्य परीक्षा में सात अभ्यर्थियों को राहत दी है। ये अभ्यर्थी अब 11 जुलाई को होने वाली मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। आयोग ने पूर्व में निरस्त किए गए 117 अभ्यर्थनों में से अपील करने वाले 26 अभ्यर्थियों के मामलों की विस्तृत सुनवाई की थी। आयोग के अनुसचिव शैलेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की विज्ञापन के प्रावधानों के तहत गहन समीक्षा की गई। इस प्रक्रिया के बाद आयोग ने अपना अंतिम निर्णय सुनाया। जांच के बाद सात अभ्यर्थियों की अपील स्वीकार कर ली गई है। इन अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में औपबंधिक (Provisional) रूप से प्रवेश दिया गया है। सफल अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक हैं: 0025246, 0234499, 0628298, 1050463, 1062126, 1129030, और 1154902। वहीं, शेष 19 अभ्यर्थियों के अपीलीय प्रत्यावेदनों को आयोग ने अस्वीकार कर दिया है। आयोग के अनुसार, इन अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदनों में कोई भी नवीन तथ्य नहीं था, जिसके कारण उन्हें निक्षेपित कर दिया गया। इन अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक इस प्रकार हैं: 0016455, 0226036, 0293271, 0317797, 0425909, 0484372, 0544646, 0545281, 0578469, 0609612, 0708004, 0823716, 0842267, 0899645, 0905947, 0948203, 0978202, 0997939, और 1008055।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:56 pm

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव बने कृष्ण मोहन:हरदोई के मूल निवासी है, IFS से रिटायर होने के बाद संघ और सामाजिक कार्यों में रहे सक्रिय

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है। उनके मनोनयन के बाद पैतृक जिले हरदोई समेत पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव के बाद स्थायी नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट के संपूर्ण प्रशासनिक संचालन की अहम जिम्मेदारी संभालेंगे। 73 वर्षीय कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के 1978 बैच के महाराष्ट्र कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई की। नागपुर में तैनाती के दौरान उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संपर्क हुआ। वर्ष 2012 में वन सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के लिए समर्पित कर दिया। संघ में कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए कृष्ण मोहन ने संघ में हरदोई के नगर संघचालक, जिला संघचालक और अवध प्रांत के प्रांत संघचालक जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं। वर्तमान में वे पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक हैं। इससे पहले उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य भी मनोनीत किया जा चुका है। हरदोई के चंदपुर गांव के निवासी, दलित समाज से रखते हैं संबंध कृष्ण मोहन मूल रूप से हरदोई जिले के टोडरपुर ब्लॉक के चंदपुर गांव के निवासी हैं। वे दलित समाज से आते हैं। उनके दिवंगत पिता धर्मवीर सिंह रेलवे में कार्यरत थे। परिवार में पत्नी कुसुमलता, पुत्र सौरभ, जो लखनऊ में डाक विभाग में कार्यरत हैं, और पुत्री डॉ. स्नेहा मोहन, जो नोएडा में सरकारी चिकित्सक हैं, शामिल हैं। उनके छोटे भाई डॉ. महेंद्र सिंह लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में चिकित्सक हैं। हरदोई स्थित आवास पर मनाया गया जश्न हरदोई शहर के सिनेमा रोड स्थित अशरफ टोला मोहल्ले में कृष्ण मोहन का आवास है। वर्ष 2012 से यहां उनके चालक किशन, उनकी पत्नी और किशन के साले धर्मेंद्र का परिवार मकान की देखभाल करता है। सोमवार को अंतरिम महासचिव बनाए जाने की सूचना मिलते ही आवास पर मौजूद परिजनों, शुभचिंतकों और पड़ोसियों ने केक काटकर और एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी का इजहार किया। व्यस्तता के बावजूद गृह जनपद से बनाए रखते हैं जुड़ाव धर्मेंद्र ने बताया कि कृष्ण मोहन संघ और ट्रस्ट की जिम्मेदारियों के चलते अधिकांश समय बाहर रहते हैं। इसके बावजूद वे समय-समय पर हरदोई आकर अपने परिचितों और शुभचिंतकों का हालचाल जरूर लेते हैं। ृ

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:48 pm

सहायक अध्यापक संगीत की मुख्य परीक्षा 11 जुलाई को:यूपीपीएससी ने जारी किए एलटी ग्रेड के प्रवेश-पत्र, प्रयागराज में बनाया गया सेंटर

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (एलटी ग्रेड) संगीत विषय की मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह परीक्षा 11 जुलाई 2026 को प्रयागराज जनपद में दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोग ने इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश-पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in पर उपलब्ध करा दिए हैं। अभ्यर्थियों को अपने ओटीआर (OTR) नंबर का उपयोग करके प्रवेश-पत्र और परीक्षा संबंधी अनुदेश डाउनलोड करने होंगे। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को दो पासपोर्ट साइज फोटो, आईडी प्रूफ की मूल प्रति और उसकी एक छायाप्रति लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को आईडी प्रूफ की एक छायाप्रति जमा करनी होगी। आयोग ने परीक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 01 घंटा 30 मिनट पहले केंद्र पर प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्र के द्वार बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया है। इस अधिनियम के तहत नकल करना, प्रश्नपत्र लीक करना या किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग करना गंभीर अपराध माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:46 pm

CM ने बच्चों को खिलाई खीर, महिलाओं की गोदभराई की:प्रयागराज में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, लाभार्थियों को दिए डेमो चेक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज दौरा सिर्फ लोकार्पण और भाषण तक सीमित नहीं रहा। प्रेरणा स्थल पर उन्होंने बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में हिस्सा लिया, दो गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की, दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सौंपी और स्कूली बच्चों को बैग, किताबें व स्टेशनरी किट देकर उनका उत्साह बढ़ाया। बच्चों को गोद में उठाकर कराया अन्नप्राशनमुख्यमंत्री ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल पर समृद्धि जायसवाल, वेद और श्रीवंश त्रिपाठी को गोद में उठाकर दुलार किया, माथे पर तिलक लगाया और अपने हाथों से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया। साथ ही प्रतीक्षा श्रीवास्तव और शिल्पी की गोदभराई की रस्म भी निभाई। दिव्यांगों और स्कूली बच्चों को बांटी सौगातदिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (आसरा) के सहयोग से छह दिव्यांग लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की गई। वहीं स्कूल चलो अभियान के तहत पांच बच्चों को स्कूल बैग, किताबें, स्टेशनरी किट और चॉकलेट दी गई। मुख्यमंत्री ने साइंस लैब के क्यूरियोसिटी कॉर्नर का भी अवलोकन किया और बच्चों से नई शिक्षा नीति के तहत तकनीकी नवाचारों पर बातचीत की।एकता नौका रेस को दिखाई हरी झंडीमुख्यमंत्री ने यमुना में आयोजित एकता नौका रेस प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद प्रेरणा स्थल पर स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।योजनाओं के लाभार्थियों को सौंपी सहायतामंच से मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, डेमो चेक, सफाई किट और पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को घर की चाबियां सौंपी। पीएम सूर्यघर योजना के तहत 'सोलर दीदी' नियुक्ति पत्र, युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत लाखों रुपये के डेमो चेक और पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की गई। लेटे हनुमान मंदिर में किया दर्शन-पूजनकार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेटे हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन और पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। साउंड सिस्टम दे गया दगाकार्यक्रम के दौरान नगर निगम की नौ वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाना था। इसमें शहर में हुए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाना था। हालांकि ऐन वक्त पर स्क्रीन तो ऑन हुई लेकिन साउंड सिस्टम दगा दे गया। कार्यक्रम संचालिका ने इसे लेकर टोका भी लेकिन इसके बाद अचानक फिल्म बंद हो गई और सीएम अपनी सीट से उठकर डायस पर चले गए।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:43 pm

दरोगा ने डॉक्टर को दी धमकी:एसपी ने किया लाइन हाजिर, जांच के आदेश दिए

हमीरपुर के सुमेरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सोमवार शाम लगभग 6 बजे एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक दरोगा मेडिकल रिपोर्ट समय पर पूरी न करने पर डॉक्टर को मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देते हुए दिख रहा है। डॉक्टर ने काम के अत्यधिक दबाव का हवाला देते हुए दरोगा को बाहर इंतजार करने को कहा था। वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि धमकी देने वाला दरोगा सुमेरपुर थाने में तैनात सुरेंद्र यादव है। वह सोमवार दोपहर दो बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर बिन्देश से मेडिकल रिपोर्ट बनवाने गया था। 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट तैयार न होने पर दरोगा ने नाराजगी जताई, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई और दरोगा ने मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। डॉक्टर और दरोगा के बीच बहस के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया। दरोगा ने वीडियो बनाने वाले को मोबाइल बंद करने की धमकी भी दी, लेकिन रिकॉर्डिंग जारी रही। डॉक्टर बिन्देश वर्मा ने बताया कि वह ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे, तभी दरोगा ने आकर अभद्रता शुरू कर दी। डॉक्टर के अनुसार, वह दरोगा को कागजात की प्रक्रिया समझा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वहां अन्य चिकित्सक और मरीज मौजूद न होते, तो दरोगा उन्हें पीट भी सकता था। डॉक्टर ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही है। थाना प्रभारी पवन पटेल ने जानकारी दी कि उपनिरीक्षक सुरेंद्र यादव मेडिकल रिपोर्ट लेने अस्पताल गए थे। उनके अनुसार, कागजात 24 घंटे से जमा थे, लेकिन रिपोर्ट तैयार नहीं हुई थी, जिस पर उपनिरीक्षक ने नाराजगी व्यक्त की थी। वीडियो वायरल होने के बाद हमीरपुर एसपी मृगांक शेखर पाठक ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने रात 9 बजे सोशल मीडिया सेल के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई कि उपनिरीक्षक सुरेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:40 pm

13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या को 5-5 साल की सजा:लखनऊ ATS कोर्ट ने मानव तस्करी का दोषी पाया, 10-10 हजार जुर्माना

उत्तर प्रदेश एटीएस की बड़ी कार्रवाई में मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े 15 दोषियों को अदालत ने पांच-पांच वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों में 13 बांग्लादेशी नागरिक और 2 रोहिंग्या शामिल हैं।मामले की शुरुआत 26 अक्टूबर 2021 को हुई थी, जब एटीएस ने मिशुन मंडल, पिंटू दास उर्फ शाओन अहमद, रौनी पाल उर्फ मोमिनूर इस्लाम, बापी राय उर्फ मेहंदी हसन, विक्रम सिंह, महफुजुर रहमान, समीर मंडल उर्फ टोनी और मोहम्मद जमील उर्फ हरीश उल्लाह समेत कई लोगों को अवैध घुसपैठ, फर्जी भारतीय दस्तावेज रखने और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट का जांच में हुआ था खुलासाजांच के दौरान एटीएस को पता चला कि यह एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट था, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते अवैध घुसपैठ कराकर बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में बसाता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट बनवाकर उन्हें विदेश भेजने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। एविडेंस में मिले, एटीएस ने नेटवर्क जोड़ाविवेचना के दौरान अन्य आरोपियों की भी पहचान हुई, जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।एटीएस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर एनआईए/एटीएस कोर्ट, लखनऊ ने सभी 15 आरोपियों को अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज रखने और मानव तस्करी का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:38 pm

बिजनौर में गैंगस्टर एक्ट के दो दोषी करार:लूट करने का गैंग चलाते थे, कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई

बिजनौर में गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का चौधरी ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सोमवार को देर शाम करीब 5 बजे फैसला सुनाते हुए जितेंद्र राठी और अरशद को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी सलीम अख्तर ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी चांदपुर डीपी सिंह ने जितेंद्र राठी, नसीम उर्फ कालू और अरशद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ये आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर लूट और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे। उनके खिलाफ लूट और अवैध हथियार रखने जैसे कई मुकदमे पहले से ही दर्ज थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों के आपराधिक कृत्यों के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल था। लोग उनके खिलाफ गवाही देने से डरते थे। सुनवाई के दौरान, आरोपी नसीम उर्फ कालू का मामला अन्य आरोपियों से अलग कर दिया गया था। इसके बाद न्यायालय में जितेंद्र राठी और अरशद के खिलाफ विचारण चला। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का चौधरी ने जितेंद्र राठी और अरशद को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराया। प्रत्येक को तीन वर्ष के कठोर कारावास और चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:38 pm

राम मंदिर ट्रस्ट पर फिर हमलावर हुए सांसद संजय सिंह:13 नए दस्तावेज जारी कर जमीन खरीद में गड़बड़ी का आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में कथित वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर चंदे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की। 13 दस्तावेजों के आधार पर लगाए गंभीर आरोप प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान संजय सिंह ने 13 नए दस्तावेज सार्वजनिक किए। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों से बाजार मूल्य से 10 से 12 गुना अधिक कीमत पर जमीन खरीदने का मामला सामने आता है। उनका कहना था कि ये दस्तावेज कथित गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत हैं और इन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपा जाएगा। एसआईटी को सौंपेंगे साक्ष्य, प्रधानमंत्री से भी पूछा सवाल संजय सिंह ने कहा कि वह एसआईटी से मुलाकात का समय मांगकर सभी दस्तावेज और साक्ष्य जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद वह इस मामले पर चुप क्यों हैं। जांच भटकाने का लगाया आरोप विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा जांच अधिकारी को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जांच को भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल, प्रियंका गांधी, रामगोपाल यादव और उनके नाम को इस मामले में जोड़ना वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास है। भाजपा पर साधा निशाना प्रेसवार्ता में संजय सिंह ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के अपमान का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के दौरान भगवान बजरंगबली के वेश में एक कलाकार से पार्टी का झंडा पकड़वाकर नचाना अनुचित और शर्मनाक है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के जलालाबाद का नाम बदलने संबंधी कैबिनेट फैसले को भी केवल दिखावा बताया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:19 pm

कानपुर में बिजली कटौती से गुस्साए लोगों का प्रदर्शन:SDO को फोन कर बोले- आप पब्लिक के बहनोई-फूफा नहीं, जो सम्मान में घंटों इंतजार करें

कानपुर के जाजमऊ स्थित छवीलेपुरवा उपखंड क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सोमवार रात लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। तिवारीपुर मोहल्ले के दर्जनों लोग सड़क पर उतर आए और करीब एक घंटे तक बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने एसडीओ को फोन कर नाराजगी जताते हुए कहा कि एसडीओ साहब पब्लिक के फूफा या बहनोई नहीं हैं कि उनके सम्मान में घंटों इंतजार करें। तीन महीने से अघोषित कटौती का आरोप प्रदर्शन में शामिल गोलू, इमरान, ईशु समेत अन्य लोगों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बिजली काटी जा रही है। दिन हो या रात, घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। उमस भरी गर्मी में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। व्यापार भी प्रभावित, इनवर्टर भी दे रहे जवाब स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। रात में लगातार कटौती के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि लगातार बिजली न मिलने से इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। पुलिस पहुंची, SDO ने दिया समाधान का आश्वासन हंगामे की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे बिजली उपखंड कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगे। एसडीओ सुरेश शाहू ने बताया कि उन्हें प्रदर्शन की सूचना मिली थी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:17 pm

जबलपुर के निदान वॉटरफॉल में फंसे दो युवक:पुलिस-वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू; वॉटरफॉल घूमने गए थे

जबलपुर के निदान वॉटरफॉल में पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना मानसून के दौरान पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बीच हुई। कटंगी थाना प्रभारी पूजा उपाध्याय के अनुसार, अधारताल निवासी 23 वर्षीय आर्यन बर्मन और कंचनपुर निवासी 24 वर्षीय हर्ष शुक्ला शाम करीब 5 बजे निदान वॉटरफॉल घूमने आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर अचानक अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि युवकों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे बीच धारा में फंस गए। अंधेरा होने के कारण बचाव अभियान में कुछ चुनौतियां आईं। रात 8 से 9 बजे के बीच पुलिस और वन विभाग की टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने जबलपुर के पाटन स्थित बगदरी वॉटरफॉल में हुए एक पुराने हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। उस घटना में अचानक जलस्तर बढ़ने से एक ही परिवार के 11 लोगों की मृत्यु हो गई थी। यह हादसा मानसून के दौरान जलप्रपातों पर सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। बारिश होते ही सुरक्षित स्थान पर जाएं वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पर्यटकों को हिदायत दी है कि बरसात के दिनों में जैसे ही आसमान में बादल छाएं या हल्की बूंदाबांदी शुरू हो, पर्यटकों को तुरंत वॉटरफॉल के डेंजर जोन से हटकर 'सेफ साइड' सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। जलप्रपातों के आसपास रात के समय जाने से बचना चाहिए।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:16 pm

प्रयागराज के पांच लेखपालों समेत नौ कर्मचारियों पर कार्रवाई:मेजा के संपूर्ण समाधान में आई शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त

प्रयागराज में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। तहसील मेजा में हुई जांच के बाद पांच लेखपालों सहित कुल नौ कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि, चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई फर्जी निस्तारण और स्थलीय निरीक्षण न करने के मामलों के सामने आने के बाद की गई। जिलाधिकारी ने तहसील मेजा में पिछले संपूर्ण समाधान दिवस के 51 निस्तारित प्रकरणों का 17 जिला स्तरीय अधिकारियों से रैंडम परीक्षण कराया। इस जांच में 10 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें शिकायतकर्ताओं से असंतोषजनक प्रतिक्रिया मिली। इन अनियमितताओं के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने बिना स्थलीय निरीक्षण के रिपोर्ट लगाने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सतही आख्या देने वालों को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा असंतोषजनक आख्या देने वालों को कठोर चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। प्रशासनिक आदेश के तहत, तहसील मेजा के लेखपाल अंकित कुमार, अमरनाथ, दिलीप यादव और शिव चंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राजस्व लेखपाल चंद्रशेखर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अतिरिक्त, थाना मेजा के उपनिरीक्षक अभिनव उपाध्याय और ग्राम सचिव भाग्यभूषण को भी कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। मेजा के अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार को चेतावनी दी गई है, जबकि भूसका के ग्राम पंचायत अधिकारी विकास कुमार जायसवाल को प्रतिकूल प्रविष्टि मिली है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:16 pm

SRN ट्रॉमा सेंटर नई मशीनें स्थापित:यूरिया, क्रिएटिन, शुगर, की जांच अब ट्रॉमा में ही होगी

स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को जल्दी और बेहतर जांच सुविधा देने के लिए पैथोलॉजी लैब में दो नई अत्याधुनिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर स्थापित कर दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इन मशीनों के चालू हो जाने से पैथोलॉजी सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी और रिपोर्ट पहले से तेज तथा अधिक सटीक मिलेंगी। नए एनालाइजर से सीरम यूरिया, सीरम क्रिएटिनिन, सीरम बिलीरुबिन, एसजीपीटी, एसजीओटी, ब्लड शुगर और सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स जैसी महत्वपूर्ण जांचें ट्रॉमा सेंटर में ही उच्च गुणवत्ता के साथ की जा सकेंगी। इससे गंभीर व आपातकालीन मरीजों के उपचार निर्णय शीघ्र लिए जा सकेंगे और इलाज की रफ्तार बढ़ेगी। प्राचार्य डॉ. ए.के. वर्मा ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर को लगातार मजबूत बनाया जा रहा है। पैथोलॉजी पहले भी उपलब्ध थी, लेकिन नई मशीनों के जुड़ने से जांच व्यवस्था और आधुनिक व मजबूत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हर मरीज को समय पर और गुणात्मक सेवाएं देना है। मरीजों व परिजनों की सुविधा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए संसाधनों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मशीनों की टेस्टिंग और प्रारंभिक प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है, जल्द ही नियमित सेवाएं पूरी क्षमता से चलेंगी। इससे ट्रॉमा केसों में इलाज का समय घटने के साथ-साथ रोगियों को बेहतर निगरानी और तुरंत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:06 pm

LNIPE के वाइस चांसलर की नियुक्ति पर याचिका:हाईकोर्ट ने नियमों की अनदेखी पर खेल मंत्रालय और कुलपति को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्थि​त लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआइपीई) में कुलपति (वाइस चांसलर) की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत सरकार द्वारा साल 2025 में की गई वाइस चांसलर की नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर द्वारा दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान वाइस चांसलर डॉ. कल्पना शर्मा की नियुक्ति में यूजीसी के नियमों का सुप्रीम कोर्ट के जारी दिशा–निर्देशों का पालन न करते हुए धज्जियां उड़ाई गई हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए भारत सरकार के खेल मंत्रालय व कुलपति को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। गैर-नियमित और प्रशासनिक पद पर थीं, नाम के आगे जबरन लगाया 'प्रोफेसर' याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए बताया कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी केंद्रीय या डीम्ड यूनिवर्सिटी में वीसी बनने के लिए उम्मीदवार के पास प्रोफेसर के रूप में न्यूनतम 10 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव होना चाहिए, जो पे-लेवल 14 के दायरे में आता है। खेल मंत्रालय की गोपनीयता पर गहराया शक याचिका में इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। जानकारी दबाने का आरोप लगाते हुए बताया गया है कि जब इस पूरी चयन प्रक्रिया, स्क्रूटनी रिपोर्ट और डॉ. शर्मा के पुराने सर्विस रिकॉर्ड को लेकर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (भारत सरकार) व भारतीय खेल प्राधिकरण से आरटीआई (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो दोनों ही जिम्मेदार विभागों ने 'तीसरे पक्ष की व्यक्तिगत जानकारी' होने का बहाना बनाकर सूचना देने से साफ इनकार कर दिया। खेल मंत्रालय द्वारा बरती गई इस अत्यधिक गोपनीयता ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर संदेह गहरा कर दिया है, जिसके चलते मामला अब कोर्ट की चौखट पर पहुंचा है। अगली सुनवाई पर स्थिति पूरी स्पष्ट होगी एलएनआईपीई कुलपति की नियुक्ति में यूजीसी नियमों के उल्लंघन को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर पूरी चयन प्रक्रिया का रिकॉर्ड और जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:04 pm

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को किया याद:125वीं जयंती पर डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रजपुरा ब्लॉक स्थित महाराणा प्रताप सभागार में भाजपा ने 'संस्मरण पखवाड़ा' के तहत कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि, विशिष्ट अतिथि मेरठ कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन विमल शर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह पाल ने की, जबकि संचालन जिला उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक अतुल त्यागी ने किया। मुख्य वक्ता अनूप वाल्मीकि ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने और उन्होंने शिक्षा, विज्ञान तथा कृषि जैसे कौशल आधारित विषयों को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और अनुच्छेद-370 तथा परमिट व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि उनका 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे' का संकल्प आज राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। विशिष्ट अतिथि विमल शर्मा ने कहा कि उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत की औद्योगिक नीति की मजबूत नींव रखी। उन्होंने निजी और सरकारी क्षेत्र के समन्वय से आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी और निष्कलंक रहा तथा वे संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह पाल ने कहा कि वर्ष 1951 में डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश को एक राष्ट्रवादी राजनीतिक विकल्प दिया। उन्होंने बताया कि जनसंघ की विचारधारा राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक एकता, स्वदेशी और अखंड भारत पर आधारित रही। उन्होंने कहा कि जनसंघ से शुरू हुआ यह वैचारिक सफर आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुआ और आज अनुच्छेद-370 हटने के साथ डॉ. मुखर्जी का सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि 'एक संविधान, एक निशान और एक प्रधान' आज देश की व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। सम्मेलन में पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी, रणवीर राणा, जिला महामंत्री भंवर सिंह तोमर, हरीश चौधरी, समीर चौहान, जिला उपाध्यक्ष फिरेराम धनतला, अतुल त्यागी, संजीव बंसल, जिला मंत्री विमला जाटव, ब्रजवीर सैनी, जिला मीडिया प्रभारी संजीव राणा, कुलदीप तोमर, जिला आईटी संयोजक विनय शर्मा, ब्लॉक प्रमुख कौशल, पंकज चौहान, मोहन गुर्जर, आयुष चपराना, बादल चौधरी, काजू शर्मा, उदय प्रताप, राहुल चौधरी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:03 pm

लखनऊ में प्रसव के दौरान फर्श पर गिरा नवजात, मौत:परिजन बोले- डॉक्टरों की लापरवाही से वार्ड में ही हुआ प्रसव, जांच के आदेश

लखनऊ के लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल में प्रसव के दौरान फर्श पर गिरने से नवजात शिशु की मौत हो गई। परिवारीजनों ने इलाज में कोताही का आरोप लगाया है। परिवारीजनों का कहना है कि गुजारिश के बाद भी डॉक्टरों ने ऑपरेशन या सामान्य प्रसव कराने का समुचित प्रयास नहीं किया। नतीजतन वार्ड में ही प्रसव हो गया। शिशु फर्श पर गिर गया। आशियाना स्थित सीता विहार कालोनी निवासी कीर्ति पाल को रविवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजन गर्भवती कीर्ति को लेकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचे। पति शुभम पाल ने बताया कि इमरजेंसी में डॉक्टरों ने पत्नी को भर्ती करने में आनाकानी की। लंबी जद्दोजहद के बाद डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती किया। उसके बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। इस दौरान कीर्ति को लगातार प्रसव पीड़ा हो रही थी। लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। परिवारीजन सामान्य या ऑपरेशन से प्रसव कराने की गुजारिश करते रहे लेकिन डॉक्टरों ने एक नहीं सुनी। घटना के बाद भी डॉक्टर नहीं आईं शुभम ने बताया कि गर्भवती कीर्ति की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आखिरकार सोमवार को वार्ड के भीतर प्रसव की घटना हो गई। फर्श पर गिरने से शिशु के सिर पर गहरी चोट आई। घटना के बावजूद संवेदनहीन डॉक्टर वार्ड में मरीज को देखने तक नहीं आई। नाराज परिवारीजनों ने वार्ड में हंगामा शुरू किया। इसके बाद कुछ स्टाफ नर्स व कर्मचारियों ने परिवारीजनों को शांत कराया। परिवारीजनों ने मांगा सीसीटीवी फुटेज परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर मृत शिशु को कागजी कार्रवाई के बाद घर भेजने पर अमादा था। लेकिन शुभम ने शव लेने से इनकार कर दिया। वह शव का पोस्टमार्टम कराने में अड़ गए। हंगामे की खबर मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। परिवारीजनों की मांग के बाद पुलिस ने शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान शुभम ने अस्पताल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज की भी मांग की है। सीनियर डॉक्टर की मौजूदगी पर उठे सवाल लोकबंधु अस्पताल के गायनी विभाग में हुई घटना के बाद ड्यूटी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। घटना के समय ड्यूटी पर कौन वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ मौजूद था या नहीं? ऐसे में गंभीर हालत में भर्ती मरीजों की निगरानी और इलाज की जिम्मेदारी किसके पास थी, इसका स्पष्ट जवाब अस्पताल प्रशासन के पास भी नहीं है। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद भी अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति तक की जांच कराने की जरूरत नहीं समझी। रविवार रात और सोमवार सुबह की शिफ्ट में किस वरिष्ठ डॉक्टर की ड्यूटी थी। वह अस्पताल में मौजूद थीं या नहीं? इसका भी अब तक पता नहीं लगाया जा सका। इससे जांच की गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे हैं। तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच लोकबंधु अस्पताल के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। समिति परिजनों की लिखित शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। मरीज के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर और प्रसव की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समिति को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सवालों के घेरे में अस्पताल

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:01 pm

राममंदिर चढ़ावा चोरी- 70 घटनाएं CCTV में कैद:गिनती करने वाले जेब-जूतों में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखे, अनिल मिश्रा लापरवाह बने रहे- SIT रिपोर्ट

अयोध्या के राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट्र की बैठक और चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद सोमवार रात करीब 9 बजे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्राइमरी रिपोर्ट भी सामने आ गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक 27 अप्रैल से 5 जून के बीच CCTV में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुईं। फुटेज में पुलिस की गिरफ्त में आए 8 आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखे। इनमें लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा भी शामिल थे। SIT ने डॉ. अनिल मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। SIT ने कहा कि पहले से बनाए गए तलाशी के सिस्टम में लूपहोल्स के लिए अनिल मिश्रा ही जिम्मेदार हैं। चंपत राय का ड्राइवर टिन्नू बिना किसी आदेश के गिनती वाले कमरे की चाबी अपने पास रखता था। इतना ही नहीं उसने सिफारिश कर अपने भतीजे मनीष यादव को चंदे की गिनती के काम में लगवाया था। राममंदिर के चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए यूपी सरकार ने SIT बनाई थी। टीम ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। SIT की प्राइमरी रिपोर्ट की बड़ी बातें… रिपोर्ट में खुलासा- 6 आरोपी सीधे तौर पर चोरी में शामिल रहे एसआईटी के अनुसार, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय और रमाशंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी और बैंक खातों की जांच में इनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। रिपोर्ट में इन सभी के खिलाफ चोरी, आपराधिक न्यासभंग, आपराधिक दुर्विनियोग, चोरी की संपत्ति रखने, षड्यंत्र समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई है। SIT की रिपोर्ट के आधार पर ही ट्रस्टी कृष्ण मोहन ने केस दर्ज कराया था। बाद में आरोपी गिरफ्तार हुए। अब सभी जेल में हैं। हुंडियों की चाबियां बिना लिखित आदेश के टिन्नू के पास मिलीं एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक लिखित आदेश के मंदिर की हुंडियों की चाबियों और पहुंच संबंधी व्यवस्थाओं का नियंत्रण था। रिपोर्ट के अनुसार, इसी व्यक्ति की सिफारिश पर मनीष कुमार यादव को गणना कार्य में लगाया गया, जो बाद में चोरी के मामलों में संलिप्त पाया गया। एसआईटी ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक माना है। सैलरी 20 हजार, बैंक खातों में लाखों जमा, आय से अधिक लेन-देन की भी जांच जांच में आरोपितों और उनके परिजनों के बैंक खातों का भी परीक्षण किया गया। एसआईटी के अनुसार, इन कर्मियों का मासिक वेतन करीब 20 हजार रुपए था, लेकिन उनके खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा, एफडी, दूसरे लेन-देन मिले, जो उनकी घोषित आय से मेल नहीं खाते। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि चोरी की रकम बैंक खातों और संपत्तियों में खपाई गई हो सकती है। इसकी भी विस्तृत जांच की सिफारिश की गई है। राममंदिर ट्रस्ट की बैठक से जुड़ी 2 तस्वीरें… SIT ने रिपोर्ट में लिखा- जांच अभी जारी, कई खुलासे करने बाकी SIT ने कहा है कि यह सिर्फ शुरुआती जांच रिपोर्ट है। निगरानी में हुई चूक, अधिकारियों की जिम्मेदारी, व्यवस्था की कमियां, अन्य लोगों की संभावित भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपायों की जांच अभी जारी है। इन सभी पॉइंट्स पर विस्तृत नतीजे और सिफारिशें अंतिम रिपोर्ट में सरकार को सौंपी जाएंगी। राममंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राम मंदिर चढ़ावा चोरी-चंपत राय का इस्तीफा मंजूर: कृष्ण मोहन नए महासचिव; ट्रस्ट ने 4 सोने-चांदी की वस्तुएं दिखाईं, इनकी चोरी का दावा था अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चंपत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है। कृष्ण मोहन दलित समाज से हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 11:00 pm

जहर नहीं, मारपीट से हुई थी युवती की मौत:प्रेम विवाह की बात से नाराज थे परिजन; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मां और भाई गिरफ्तार

इंदौर के हीरानगर में एक युवती की मौत के बाद पीएम रिपोर्ट में हत्या का मामले सामना आया है। इस पूरी घटना के बाद पुलिस ने युवती के भाई और उसकी मां के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। टीआई सुशील पटेल के मुताबिक, हीरानगर इलाके में रहने वाली ज्योति नाम की युवती को उसकी मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश अग्रवाल लेकर राजश्री अपोलो अस्पताल पहुंचे थे, यहां उन्होंने बेटी के जहर खाने की बात की थी। इस पर पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ज्योति की मौत मारपीट के दौरान हुई है। इसके बाद पुलिस ने उसके परिवार के लोगों से बातचीत की शंका के आधार पर पुलिस ने मां शीतल और भाई प्रकाश से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें जानकारी सामने आई। ज्योति किसी मयंक नाम के लड़के से प्यार करती थी। वह उससे शादी करने वाली थी और परिवार के लोग इस बात का विरोध कर रहे थे। 2 जुलाई को ज्योति मयंक से मिलने जाने वाली थी। इस बात से नाराज होकर शीतल और भाई प्रकाश ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद ज्योति बेसुध हो गयी। मामले में पुलिस ने आसपास के लोगों के बयान भी लिए। इसके बाद शीतल और भाई प्रकाश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:59 pm

बरेली कचहरी में चैंबर के कब्जे को लेकर बवाल:ब्लेड से हमले का आरोप, दूसरे पक्ष ने कहा- खुद को घायल किया

बरेली कचहरी परिसर में चैंबर नंबर-26 के स्वामित्व को लेकर विवाद गहरा गया है। एक अधिवक्ता ने ब्लेड से हमला, मारपीट और लूट का आरोप लगाया है। वहीं, दूसरे अधिवक्ता का दावा है कि शिकायतकर्ता ने खुद को घायल कर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया। दोनों पक्षों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विवाद की मुख्य वजह चैंबर नंबर-26 का कब्जा और स्वामित्व है। एक पक्ष का कहना है कि चैंबर वर्षों पहले वैध तरीके से लिया गया था और उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। दूसरे पक्ष का दावा है कि चैंबर का कब्जा उन्हें लिखित सहमति और भुगतान के आधार पर वर्षों पहले सौंपा गया था, और तब से वे वहीं वकालत कर रहे हैं। सोमवार को इसी विवाद के चलते दोनों अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जो हाथापाई में बदल गई। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें पेपर कटर ब्लेड से हमला कर घायल किया गया। जबकि, दूसरे पक्ष ने कहा कि शिकायतकर्ता ने स्वयं चोटें पहुंचाईं ताकि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जा सके। घटना के बाद घायल अधिवक्ता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। दोनों पक्षों ने थाना कोतवाली में अलग-अलग तहरीरें दी हैं और अपने-अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज होने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, उपलब्ध दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:52 pm

स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में गुल रही बिजली:टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने किया मरीजों का इलाज, ओपीडी-सीटी स्कैन घंटों रहे ठप

प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में सोमवार दोपहर अचानक बिजली गुल होने से अस्पताल की नियमित सेवाएं ठप पड़ गईं। पीएमएसएसवाई और नई बिल्डिंग सहित कई वार्डों में करीब 1:15 बजे अचानक बिजली चली गई, जिससे ओपीडी में लगभग 15 मिनट तक पूरी तरह अंधेरा छाया रहा। डॉक्टरों ने मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में ही मरीजों का प्राथमिक इलाज किया, जबकि अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और अन्य जांचें पूरी तरह बंद हो गईं। वार्डों के पंखे और कूलर न चलने के कारण गर्मी और उमस में मरीजों व परिजनों की तकलीफ बढ़ गई। परिजन साड़ियों के पल्लू और अंगोछों से हवा करके मरीजों को राहत देने की कोशिश करते दिखे। ट्रामा सेंटर में भी दोपहर 3:36 बजे लाइट चली गई थी, जो कुछ ही मिनट में वापस आ गई। वहीं रात करीब 8 बजे तेज बारिश के दौरान फिर से बिजली कट गई और घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई, जिससे अस्पताल में समस्या बनी रही। अस्पताल के जूनियर इंजीनियर ने बताया कि मुख्य बिजली लाइन पर मांग क्षमता से अधिक लोड लगने के कारण बार-बार फाल्ट हो रहे हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 21 मई को 33 केवी की नई लाइन बिछाने और दोनों मुख्य गेटों के बीच अलग क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव के मंजूर होते ही अस्पताल की बिजली आपूर्ति को मजबूत और निर्बाध करने की योजना है। मरीजो और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में फाल्ट की समस्या नियमित रूप से बनी रहती है। पांच दिन पहले भी पुरानी बिल्डिंग में बिजली कटने से जनरेटर में चेंजओवर तकनीकी खराबी के कारण आपरेशन थिएटर में आधे घंटे बत्ती गुल रही। कई सर्जरी टालनी पड़ीं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:49 pm

भोपाल में झमाझम बारिश का असर:रेलवे स्टेशन की छत से झरने की तरह बहा पानी, यात्री होते रहे परेशान

सोमवार शाम राजधानी भोपाल में हुई तेज बारिश का असर शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिला। बारिश के दौरान भोपाल रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म की छत से बड़ी मात्रा में पानी रिसने लगा। स्थिति ऐसी बनी कि छत से पानी झरने की तरह लगातार गिरता रहा और प्लेटफॉर्म पर पानी भरने लगा। इस दौरान यात्रियों को सामान के साथ आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें प्लेटफॉर्म की छत से तेज धार के रूप में पानी गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं प्लेटफॉर्म पर पानी जमा होने से कई यात्री बचते-बचाते निकलते नजर आए। उस समय प्लेटफॉर्म पर ट्रेन भी खड़ी थी, जिससे यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के बीच स्टेशन जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा में इस तरह की स्थिति सामने आने के बाद रेलवे की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि मानसून के दौरान स्टेशन परिसर में जल निकासी और छतों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है, ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। यह समस्या स्टेशन के ड्रेनेज सिस्टम में आई रुकावट के कारण हुई। अधिकारियों के अनुसार, तेज बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म शेड पर जमा पानी की निकासी के लिए बनाए गए ड्रेनेज होल अवरुद्ध हो गए थे, जिससे पानी ऊपर जमा होने लगा और बाद में एक साथ प्लेटफॉर्म पर गिरने लगा। यही स्थिति प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2 और 5 पर भी कई स्थानों पर देखने को मिली, जहां छत से पानी टपकता नजर आया। घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन प्रबंधन ने इंजीनियरिंग टीम को मौके पर भेजा। टीम ने तत्काल ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर अवरुद्ध निकासी मार्ग को दुरुस्त किया, जिसके बाद पानी का रिसाव बंद हो गया। स्टेशन अधिकारियों का कहना है कि बारिश असामान्य रूप से तेज होने के कारण यह स्थिति बनी थी, हालांकि शिकायत मिलते ही मरम्मत कर व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:49 pm

मिर्जापुर में तालाब से मिले 26 पासपोर्ट:मछली मारते समय जाल में फंसा, वाराणसी सहित कई जिलों के कागज

मिर्जापुर जिले के कछवा थाना क्षेत्र के तुलापुर गांव स्थित एक तालाब से 26 पासपोर्ट बरामद हुए हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। यह मामला सोमवार दोपहर का है, जब स्थानीय मछुआरे तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल डाल रहे थे। इसी दौरान उनके जाल में एक बोरी फंस गई। बोरी को बाहर निकालने पर पता चला कि उसमें गिट्टी भरकर कई पासपोर्ट डुबोए गए थे। मछुआरों ने बोरी खोली तो उसमें दो दर्जन से अधिक पासपोर्ट मिले। देखें, 3 तस्वीरें… बरामद पासपोर्ट मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों के लोगों के बताए जा रहे हैं। तालाब में इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट कैसे पहुंचे और उन्हें गिट्टी से भरी बोरी में डालकर पानी में क्यों फेंका गया, यह पुलिस जांच का मुख्य बिंदु है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी सदानंद सिंह ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:48 pm

यूसीसी पर विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव:कांग्रेस ने यूसीसी का जताया विरोध; पहले दिन भाजपा से नहीं पहुंचा बड़ा नेता, जनसुनवाई कल भी

राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान ने सोमवार को जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में संभाग स्तरीय जनसुनवाई की। डॉ. चौहान ने कहा कि यूसीसी की मूल भावना सभी लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद या तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर समान व्यवहार सुनिश्चित करते हुए समान विधि का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी और उपयोगी प्रारूप तैयार करने में आमजन के सुझावों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा- भारत के संविधान के अनुच्छेद-44 में यह प्रावधान है कि राज्य, भारत के सभी राज्य क्षेत्रों में नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा। उत्तराखंड, असम और गुजरात में इस दिशा में कार्रवाई हो चुकी है। वहीं राजस्थान सरकार ने भी इस दिशा में प्रक्रिया शुरू की है। कांग्रेस ने जताया विरोध वहीं जनसुनवाई में कांग्रेस ने विरोध में ज्ञापन दिया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमकार वर्मा ने कहा- प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार और मंगलवार को समान नागरिक संहिता (UCC) कानून बनाने के संबंध में जनसुनवाई आयोजित कर विभिन्न राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य सरकार ने अभी तक न तो इस कानून का कोई मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार किया है और न ही सुझाव एवं आक्षेप आमंत्रित करने के लिए उसे किसी पोर्टल अथवा अन्य माध्यम से सार्वजनिक किया है। किसी भी कानून को लागू करने अथवा उस पर जनसुझाव आमंत्रित करने से पूर्व उसका मसौदा सार्वजनिक किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा होता है, ताकि आमजन और संबंधित पक्ष उसके प्रावधानों का अध्ययन कर सुझाव और आक्षेप प्रस्तुत कर सकें। किंतु बिना किसी मसौदे अथवा ड्राफ्ट को सार्वजनिक किए सरकार समाज में जनसुनवाई के बहाने एक अनुचित बहस प्रारंभ करना चाहती है, जो प्रदेश के सामाजिक समरसता के ताने-बाने पर सीधा प्रहार है तथा सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कदम है। विभिन्न जातियों के रीति-रिवाजों को लेकर आशंका इस प्रकार की बहस से विभिन्न धर्मों, जातियों एवं जनजातियों के मध्य अपने अधिकारों, परंपराओं एवं रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। इस प्रकार की जनसुनवाई से समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का स्पष्ट रूप से विरोध करती है, जिससे प्रदेश की सामाजिक समरसता एवं सौहार्द प्रभावित होता हो। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. संजय गौड़ ने बताया कि ज्ञापन देने में पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, सूरसागर विधायक प्रत्याशी इंजीनियर शहजाद खान, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश जोशी, संगठन महासचिव कुश गहलोत आदि शामिल रहे। भाजपा से नहीं पहुंचा बड़ा नेता जनसुनवाई में भाजपा की तरफ से जोधपुर से सांसद, विधायक या अन्य कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। हालांकि सिरोही से राज्यमंत्री ओटाराम देवासी और जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रतिभागियों ने दिए सुझाव जनसुनवाई में उपस्थित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए। जोधपुर के साथ-साथ सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई। वहीं पाली, जालोर एवं सिरोही जिलों के लिए मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:46 pm

'साहबगिरी को अपने सिर न चढ़ने दें, आईएएस अफसर':डीजीपी ने प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों को दी नसीहत; तथ्यों, निष्पक्षता पर आधारित हों प्रशासनिक निर्णय

भारतीय प्रशासनिक सेवा में सिलेक्ट अफसर कभी भी 'साहबगिरी' को अपने सिर पर न चढ़ने दें। अधिकारियों को सकारात्मक सोच अपनाने, विनम्र बने रहने और अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की जरूरत है। मध्य प्रदेश ऐसा कैडर है, जहां वरिष्ठ अधिकारी सहज उपलब्ध रहते हैं और सीखने का अनुकूल वातावरण मिलता है। अधिकारियों को जिम्मेदारी है कि किसी भी सूचना पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसका सत्यापन करें और उसके बाद ही निर्णय लें। प्रशासनिक निर्णय हमेशा तथ्यों और निष्पक्षता पर आधारित होने चाहिए। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने यह बातें मध्‍यप्रदेश कैडर के 2025 बैच के 8 परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से कहीं। ये अधिकारी पुलिस मुख्‍यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से मुलाकात के लिए पहुंचे थे। डीजीपी ने कहा कि प्रशिक्षण पूरी तन्‍मयता से प्राप्‍त करें ताकि शासन की जनकल्‍याणकारी योजनाओं का उत्‍कृष्‍ट निराकरण कर सकें। उन्होंने कहा कि वे अपने अधीनस्थ अमले से भी सीखने में संकोच न करें। यह केवल पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का दायित्व है पुलिस महानिदेशक ने नवचयनित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नए आपराधिक कानून, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड, नारकोटिक्स एवं नशा मुक्ति जैसे विषय प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को निरंतर सीखते रहने और तकनीक का प्रभावी उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने मंदसौर की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संवाद और सही नेतृत्व से बड़ी से बड़ी भीड़ को भी शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी बड़े परिवर्तन के लिए धैर्य और सतत प्रयास आवश्यक हैं। सूचना पर तुरंत भरोसा करने के पहले उसका सत्यापन करें डीजीपी ने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी भी सूचना पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसका सत्यापन करें और उसके बाद ही निर्णय लें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा तथ्यों और निष्पक्षता पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है। अधिकारियों को भ्रष्टाचार, भौतिकवादी सोच और व्यक्तिगत स्वार्थ से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी भी पद का अहंकार अपने ऊपर हावी न होने दें और हर नागरिक की समस्या को स्वयं की समस्या समझकर उसका समाधान करने का प्रयास करें। साहबगिरी' नहीं, जनसेवा का भाव रखें डीजीपी ने कहा कि चयन के बाद कभी भी 'साहबगिरी' को अपने सिर पर न चढ़ने दें। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच अपनाने, विनम्र बने रहने और अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा कैडर है, जहां वरिष्ठ अधिकारी सहज उपलब्ध रहते हैं और सीखने का अनुकूल वातावरण मिलता है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सेवा में चयन पर बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस खोत पुष्पराज नानासाहेब, आयुषी बंसल, माधव अग्रवाल, श्लोक वाइकर, आशी शर्मा, शैलेंद्र चौधरी, शिल्पा चौहान, सौम्या मिश्रा उपस्थित रहीं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:45 pm

लखनऊ- भाषा विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह 7 जुलाई को:1246 स्टूडेंट्स को मिलेगी उपाधि, 102 मेधावियों को मिलेंगे 125 मेडल्स

लखनऊ के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को 110 स्टूडेंट्स को 125 मेडल और 1246 स्टूडेंट्स को डिग्री दी जाएगी। इसमें 54 गोल्ड,37 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। समारोह में 59.20% यानी 74 छात्राओं और 40.80% यानी 51 छात्रों को मेडल मिलेगा। ये जानकारी सोमवार को भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अजय तनेजा ने प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की। प्रो.अजय तनेजा ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। राज्यपाल मेधावियों को मेडल देंगी। मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ सुधांशु त्रिवेदी दीक्षांत भाषण देंगे। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय एवं राज्य मंत्री रजनी तिवारी मौजूद रहेंगी। 1246 स्टूडेंट्स को मिलेगी उपाधि कुलपति प्रो.अजय तनेजा ने बताया कि समारोह में 246 स्टूडेंट्स को डिग्री दी जाएगी। इनमें 799 UG, 437 PG और 10 रिसर्चर को पीएचडी की डिग्री दी जाएगी। इनमें 495 छात्राएं एवं 751 छात्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 939 स्टूडेंट्स ने फर्स्ट श्रेणी, 120 विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन सहित प्रथम श्रेणी और 177 स्टूडेंट्स ने द्वितीय श्रेणी हासिल की है। कुलपति ने बताया कि अगस्त 2013 में 16 विभाग के 400 विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय शुरू हुआ था। मौजूदा समय में 32 विभाग में 5020 स्टूडेंट्स हैं। विश्वविद्यालय ने NAAC बी प्लस प्लस ग्रेड और 2.86 सीजीपीए हासिल किया है। शिक्षकों कर्मचारियों के लिए पहली बार 1.50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है। यूनिवर्सिटी ने शुरू किय नये कोर्स कुलपति प्रो.अजय तनेजा ने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक रोजगार से जोड़ने के लिए इंजीनियरिंग, जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी और अवधी सहित कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। बीबीए, बीसीए, एमबीए, एमसीए सहित विभिन्न तकनीकी कार्यक्रमों को एआईसीटीई सहित संबंधित नियामक संस्थाओं से स्वीकृति मिल चुकी हैं। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए डिग्रियों को ‘नॉन-टियरेबल’ बनाया गया है और उन्हें डिजीलॉकर पर उपलब्ध कराया गया है। स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स का होगा लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समारोह में बाल वाटिका, अतिथि गृह के पांच नवीनीकृत कमरे, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिये दो लिफ्ट एवं तीन विशेष शौचालय, 10 अत्याधुनिक फार्मेसी प्रयोगशालाएं, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का लोकार्पण करेंगी। शिक्षकों की लिखी 11 शैक्षणिक पुस्तकों का विमोचन भी होगा। KGMU और भाषा विवि का 'एक्यूटी नियोकेयर' के साथ समझौता स्वदेशी स्वास्थ्य तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से KGMU, अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन, भाषा विश्वविद्यालय और एक्यूटी नियोकेयर ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य नवजात शिशुओं के लिए विकसित 'एक्यूटी नियोनेटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म' का सफल क्लीनिकल वैलिडेशन और तकनीकी मूल्यांकन होगा। KGMU अपने विशेषज्ञ चिकित्सकीय ढांचे से परीक्षण करेगा। जबकि एक्यूटी नियोकेयर तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अजय तनेजा ने इसे समाजोपयोगी अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। तीन साल का यह समझौता नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को नई तकनीक से लैस करेगा।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:42 pm

दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर बाइक चलाने वाले का चालान कटा:नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया

बागपत में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर एक बाइक चालक को यातायात नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ा। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन पर उसका ₹20,000 का चालान काटा है। यह घटना रविवार को सामने आई। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोपहिया, ट्रैक्टर और तिपहिया वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, बाइक चालक कॉरिडोर पर तेज गति से वाहन चला रहा था। पुलिस ने बाइक चालक के एक वीडियो के सामने आने के बाद यह कार्रवाई की। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए, पुलिस ने सुबह 9:47 बजे बाइक का चालान जारी किया। पुलिस ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहन न चलाने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:39 pm

30 करोड़ की निवेश ठगी में दो और गिरफ्तार:4 करोड़ व 50 लाख की अवैध संपत्ति का खुलासा, शेयर बाजार में निवेश कराए

संतकबीरनगर में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार देर शाम महुली क्षेत्र से की गई। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि एक आरोपी ने करीब चार करोड़ रुपये और दूसरे ने 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। धनघटा के सीओ अभय नाथ मिश्र ने बताया कि महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य की तहरीर पर 18 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला, उसकी सहयोगी रजनी प्रजापति समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शेयर बाजार में बैंक से अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में बड़ी रकम जमा कराई। शिकायतकर्ता संतलाल मौर्य ने भी अपने परिजनों के माध्यम से 51 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। बाद में आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। 'एआईपीएल ट्रेडिंग' के नाम पर चलता था फर्जी निवेश का खेल पुलिस ने 18 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी 'एआईपीएल ट्रेडिंग' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि निवेश की रकम वास्तव में शेयर बाजार में नहीं लगाई जाती थी। नए निवेशकों से मिली राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके से करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। दो और आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति खरीदी जांच के दौरान पुलिस ने महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंदहर निवासी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की भूमिका नए निवेशकों को जोड़ने, धनराशि एकत्र करने तथा बैंक खातों और नकद लेनदेन के जरिए अवैध लाभ कमाने में पाई गई। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत ने करीब चार करोड़ रुपये और सत्यप्रकाश ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर खजनी, सहजनवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों, उनकी भूमिका और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:38 pm

मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के अवशेष बेच रहे थे 3 तस्कर:मंदसौर वन विभाग ने नेहरू बस स्टैंड से किया गिरफ्तार, 19 हत्था जोड़ी बरामद

मंदसौर वन विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के अवशेष, जिन्हें 'हत्था जोड़ी' के नाम से जाना जाता है, की अवैध बिक्री करते तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 19 नग हत्था जोड़ी बरामद की गई। तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 15 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वन विभाग को वनमंडलाधिकारी के माध्यम से सूचना मिली थी कि नेहरू बस स्टैंड स्थित नेहरू पार्क गेट के पास वन्यजीवों के अवशेषों की अवैध बिक्री हो रही है। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर एक महिला और दो पुरुषों को पकड़ लिया। तीनों आरोपी रूपावली गांव के निवासी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश सिंह (54) पिता मलेसिंह पारदी, करोल सिंह (36) पिता मुछालसिंह पारदी और भारतबाई (52) पति सुरेश पारदी के रूप में हुई है। तीनों मंदसौर जिले के ग्राम रूपावली, पोस्ट साबाखेड़ा के निवासी हैं। संरक्षित वन्यजीव है मॉनिटर लिजार्ड वन विभाग के अनुसार, मॉनिटर लिजार्ड (गोह) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूची में शामिल संरक्षित वन्यजीव है। इसका शिकार करना, व्यापार करना या इसके अंगों की खरीद-फरोख्त करना कानूनन अपराध है। आरोपियों के खिलाफ परिक्षेत्र मंदसौर में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 3832/16 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विभाग ने बताया कि ऐसे मामलों में 3 से 7 वर्ष तक की सजा और न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। हत्था जोड़ी क्या है?'हत्था जोड़ी' असल में कोई चमत्कारी वनस्पति या पौधा नहीं है, बल्कि यह संकटग्रस्त वन्यजीव मॉनिटर लिजर्ड (गोह) के नर जननांग (हेमीपेनिस) होते हैं।तांत्रिक अनुष्ठान, वशीकरण, भाग्य चमकाने और धन समृद्धि के नाम पर फैले अंधविश्वास के कारण इस बेकसूर जानवर का बेरहमी से शिकार किया जाता है। इसके अंगों को सुखाकर बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धोखे से बेचा जाता है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:38 pm

बरेली पुलिस ने 93 लाख के 466 गुम मोबाइल लौटाए:डेढ़ साल में 11.43 करोड़ के 5725 फोन रिकवर, लोग बोले- Thanks

बरेली पुलिस ने सोमवार को गुम हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटाकर 466 परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में जून महीने में बरामद 466 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 93 लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक जनवरी 2025 से जून 2026 तक 11.43 करोड़ रुपये कीमत के 5725 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... रिजर्व पुलिस लाइंस स्थित रविन्द्रालय में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने बरामद किए गए मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने बरेली पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ फोन दोबारा मिल जाएगा। जून में चला विशेष अभियान, 466 मोबाइल बरामद एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में सर्विलांस सेल, साइबर टीम और विभिन्न थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने संयुक्त अभियान चलाया। सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम और चोरी हुए मोबाइल ट्रैक कर बरामद किए गए। डेढ़ साल में 5725 मोबाइल रिकवर बरेली पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच कुल 5725 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 11.43 करोड़ रुपये है। पुलिस का कहना है कि यह उपलब्धि तकनीक और टीमवर्क के बेहतर इस्तेमाल का परिणाम है। मोबाइल रिकवरी अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने पर प्रेमनगर, कैंट, सुभाषनगर, इज्जतनगर, मीरगंज, सिरौली, शाही, आंवला, विशारतगंज, भमोरा, अलीगंज, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, बहेड़ी, देवरनिया, शेरगढ़, हाफिजगंज और क्योलड़िया थानों की साइबर टीमों से जुड़े पुलिसकर्मियों को एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। क्या है CEIR पोर्टल? सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) दूरसंचार विभाग (DoT) का आधिकारिक पोर्टल है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर उसके IMEI नंबर को इस पोर्टल पर ब्लॉक किया जा सकता है। इसके बाद यदि कोई उस फोन में नया सिम लगाकर इस्तेमाल करता है तो सिस्टम अलर्ट जारी करता है। इसी आधार पर पुलिस मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर उसे बरामद करती है। एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करें। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि बरेली पुलिस आम लोगों की गुम हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:31 pm

आगरा के एसआरके मॉल में लड़कों ने सुतली बम फोड़ा:लड़की के साथ कार से आए, बोले- टशन दिखाना था

आगरा के एसआरके मॉल में सोमवार शाम 7:15 बजे तेज धमाके हुआ। इससे मॉल में मौजूद लोग दहशत में आ गए। तेज आवाज से मॉल में अफरा-तफरी मच गई। लोग रेस्टोरेंट व मल्टीप्लेक्स से बाहर निकल आए। जांच में पता चला कि तीन लड़के और एक लड़की कार से मॉल पहुंचे थे। इनमें से एक लड़के ने बेसमेंट पार्किंग की ओर जाने वाली सीढ़ियों के पास सुतली बम फोड़ दिया था। मॉल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौक पर पहुंची। तीनों लड़कों को हिरासत में ले लिया है। लड़कों ने बताया- टशन दिखाने के लिए बम फोड़े थे। कोई आपराधिक मंशा नहीं थी। मामला थाना न्यू आगरा थाना क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला आगरा-दिल्ली हाईवे पर स्थित एसआरके मॉल में बेसमेंट में पार्किंग है। ग्राउंड फ्लोर पर गेमिंग जोन और रेस्टोरेंट हैं, जबकि ऊपर के फ्लोर पर मल्टीप्लेक्स चलता है। सोमवार शाम करीब 7:15 बजे एक होंडा सिटी कार से तीन लड़के और एक लड़की मॉल पहुंचे। उन्होंने पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के बाद सीढ़ियों के पास सुतली बम फोड़ दिया। धमाके से पूरे मॉल में दहशत फैल गई। दो डिब्बे स्काई शॉट और करीब 20 सुतली बरामद मॉल मालिक रोमित कपूर ने बताया कि धमाके के बाद कर्मचारियों ने 3 लड़कों को भागते हुए देखा। शक होने पर एक्जिट गेट पर उनकी कार को रोका गया और तलाशी ली गई। कार से दो डिब्बे स्काई शॉट और करीब 20 सुतली बम मिले। सभी आरोपी होंडा सिटी कार से आए थे। उनकी उम्र 15 से 16 साल है। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें सीढ़ियों को खड़े होकर एक लड़का बम फोड़ते नजर आ रहा है। इसके बाद वह भागते हुए दिखाई दिया। रोमित कपूर ने कहा कि धमाके से मॉल में डर का माहौल बन गया। कुछ नुकसान भी हुआ है। अगर यह घटना किसी संवेदनशील जगह पर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है। थाना न्यू आगरा में इसकी शिकायत भी दी है। टशन दिखाने के लिए की आतिशबाजी सभी लड़कों ने पूछताछ में बताया कि वे बर्गर खाने के लिए मॉल आए थे। घर से आतिशबाजी साथ लाए थे। 15 जुलाई को एक लड़के का जन्मदिन था, जिसके लिए उन्होंने बम खरीदे थे। उन्होंने माना कि ‘टशन दिखाने’ के लिए आतिशबाजी की थी। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में किसी आपराधिक या आतंकी मंशा की बात सामने नहीं आई है। पुलिस ने तीनों लड़कों और उनके साथ मौजूद लड़की के घरवालों को थाने बुलाया है। सभी लड़के एक प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। मामले की आगे जांच की जा रही है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसओ न्यू आगरा निशामक त्यागी ने बताया- पूछताछ में सामने आया है कि सुतली बम फोड़ने वाला लड़का सिकंदरा क्षेत्र की ओम विहार कॉलोनी का रहने वाला है। कक्षा 10 का छात्र है।घटना में किसी व्यक्ति या मॉल की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। कार को सीज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी होगा:1.60 लाख होमगार्ड्स का कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट से 28 प्रस्ताव पास लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में सोमवार सुबह 10 बजे कैबिनेट बैठक हुई। इसमें 28 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें तीन प्रमुख प्रस्ताव हैं। पहला- यूपी के होमगार्ड्स और उनके परिवार के लिए अब 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:26 pm

भास्कर खुलासे के बाद कांग्रेस आक्रामक, फर्जीवाड़े पर उठाए सवाल:डोटासरा, पायलट, जूली बोले- स्कूल मरम्मत में 503 करोड़ के फर्जीवाड़े की जांच करवाएं सीएम

राजस्थान के सरकारी स्कूलों की मरम्मत में 503 करोड़ के फर्जीवाड़े और भारी लापरवाही पर दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत में हुए फर्जीवाड़े की जांच की मांग की। इन नेताओं ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत की बदहाल हालत पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- बच्चों की सुरक्षा पर सफेदी करने वाली भ्रष्ट भाजपा सरकार को शर्म आनी चाहिए। एक साल बीतने को है, लेकिन ये तस्वीर बता रही है कि भाजपा सरकार ने झालावाड़ दुखांतिका से कोई सबक नहीं लिया। झालावाड़ में जिस स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई, उस स्कूल की छत 1 साल बाद भी नहीं बन पाई, निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। डोटासरा ने लिखा- अगर सरकार 1 साल में 1 स्कूल नहीं बना पाए तो अंदाजा लगाइए मरम्मत के नाम पर जारी 503 करोड़ रुपए से बाकी स्कूलों का काम किस स्तर और उसकी क्या सच्चाई होगी? भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार में 503 करोड़ रुपए से हुए मरम्मत कार्यों का सच बेहद शर्मनाक है। बच्चों की सुरक्षा पर भ्रष्टाचार करने वालों को बचाना भी अपराध डोटासरा ने लिखा- जयपुर, दौसा, नागौर, अजमेर और डीडवाना-कुचामन के स्कूलों में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सरकारी स्कूलों में दरारों पर सिर्फ रंग-रोगन करके लाखों रुपए उठा लिए गए। कई जगह न छत बदली, न मरम्मत की, और न ही लेवलिंग की गई। वाटर प्रूफ करने और ड्रेनेज व्यवस्था के नाम पर कागजों में काम दिखाकर पैसा उठा लिया गया। जिन स्कूलों में 2 लाख रुपए तक खर्च होने थे। वहां 40 हजार रुपए का भी काम नहीं हुआ। ये सिर्फ घोटाला नहीं, मासूम बच्चों की जान से किया गया भाजपा का भ्रष्टाचार और खुला खिलवाड़ है। मुख्यमंत्री, बच्चों की सुरक्षा पर भ्रष्टाचार करने वालों को बचाना भी अपराध है। पायलट बोले- 503 करोड़ के फंड में भ्रष्टाचार की जांच करें कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने फर्जीवाड़े पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग उठाई। पायलट ने एक्स पर लिखा- पिपलोदी, झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में कई मासूम छात्रों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक हादसे की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों की मरम्मत और जर्जर स्कूल भवनों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश में फंड आवंटित किया था। एक साल बीत जाने के बावजूद भी जर्जर भवनों और स्कूलों के भवनों की मरम्मत और हालत में खासा सुधार नहीं हुआ। पायलट ने लिखा- मीडिया द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में यदि यह दावा किया जा रहा है कि कई सरकारी स्कूलों में मरम्मत कार्य पूरे हुए बिना ही भुगतान जारी कर दिया गया तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। यह वित्तीय अनियमितता तक सीमित मामला नहीं रहा, बल्कि हजारों बच्चों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा से जुड़ा हुआ प्रश्न है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पायलट ने लिखा- स्कूलों का बुनियादी ढांचा ही यदि कमजोर और असुरक्षित होगा, तो स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर अभिभावकों का विश्वास कैसे बढ़ेगा? बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि 503 करोड़ रुपए के फंड में कहीं भ्रष्टाचार, लापरवाही या फर्जीवाड़ा हुआ है, तो इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जूली बोले- काम पूरा किए बिना पैसा उठाया, बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाला भास्कर खुलासे के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। जूली ने एक्स पर लिखा- प्रत्येक काम में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा ही इस भाजपा सरकार की असली पहचान बन चुका है। झालावाड़ में मासूम बच्चों की मौत जैसी हृदयविदारक घटना के बाद भी इस संवेदनहीन सरकार की आंखें नहीं खुली हैं। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की मरम्मत के लिए जारी 503 करोड़ के बजट में भारी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। बिना काम किए या आधे-अधूरे काम दिखाकर ही भुगतान उठा लिया गया है और हमारे नौनिहालों की जिंदगी को एक बार फिर मौत के साये में, दांव पर लगा दिया गया है। क्या सरकार फिर हादसे के इंतजार में है? जूली ने लिखा- इस सरकार के राज में भ्रष्टाचारियों को हर आपदा और हर हादसे में अपनी चांदी कूटने का खुला अवसर मिल रहा है। विडंबना देखिए कि इतने गंभीर मामले पर भी शिक्षा मंत्री चैन की बांसुरी बजा रहे हैं और पूरा महकमा गहरी नींद में सोया है। क्या सरकार प्रदेश में किसी अगले बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? मुख्यमंत्री तुरंत इस पूरे 503 करोड़ के घोटाले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं। यह खबर भी पढ़ें... सरकारी स्कूलों में बच्चों की जान खतरे में!:छत को मरम्मत कर मजबूत बनाना था, सिर्फ पेंट कर दिया; 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा झालावाड़ के पिपलोदी में पिछले साल स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत हुई थी। इसके बाद जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए 503 करोड़ का बजट जारी किया गया था। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी फिर खतरे में डाल दी। आदेश थे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों की जर्जर छतों को हटाकर मजबूत करने के, लेकिन दरारों में रंगाई-पुताई भरकर छोड़ दिया। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:26 pm

सूने मकान से 2 लाख के जेवर, 30 हजार चोरी:सिवनी में परिवार घर लौटा तो अलमारी और संदूक के ताले टूटे

सिवनी जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र के ग्राम पुरवा माल में सोमवार को दिनदहाड़े एक सूने मकान में चोरी हो गई। चोर करीब ₹2 लाख के सोने-चांदी के जेवर और ₹30 हजार कैश लेकर भाग गए। ग्राम पुरवा माल के रहने वाले विनोद कुमार अहिरवार अपने परिवार के साथ सुबह किसी काम से बाहर गए थे। इसी बीच चोरों ने उनके सूने घर को निशाना बनाया। दोपहर में जब परिवार वाले घर वापस लौटे, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी और संदूक के ताले टूटे हुए थे। जब उन्होंने सामान की जांच की, तो पता चला कि चोर अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने और ₹30 हजार नकद चुरा ले गए हैं। पुलिस कर रही है चोरों की तलाश चोरी की खबर मिलते ही लखनादौन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने आस-पास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और मौके से जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आस-पास के थानों को भी अलर्ट कर दिया गया है। संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और मिले सुरागों के आधार पर जल्द ही चोरों को पकड़कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने की गश्त बढ़ाने की मांग गांव वालों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ समय से चोरी की वारदातें बढ़ गई हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गांव में दिन और रात के समय पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध घूमने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:25 pm

सुकमा के डब्बारास में भीषण आग, घर जलकर खाक:आगजनी से लाखों का नुकसान, ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग की

सुकमा जिले के ग्राम डब्बारास (ग्राम पंचायत जिरमपाल) में सोमवार शाम करीब 6 बजे एक घर में अचानक आग लग गई। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। घर में रखा कपड़ा, नकदी, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। घर के मालिक कवासी जोगी के परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज आग के कारण उसे काबू नहीं किया जा सका। इस घटना से परिवार को भारी नुकसान हुआ है और अब उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तुरंत मदद और राहत सामग्री देने की मांग की है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:21 pm

SECL कर्मी की नदी में डूबने से मौत:सतरेंगा में दोस्तों संग पिकनिक पर गया युवक नदी में डूबा, 24 घंटे बाद मिला शव

कोरबा जिले के पर्यटन स्थल सतरेंगा में पिकनिक मनाने गए 24 वर्षीय एसईसीएल कर्मी सुभांशु ध्रुव की नदी में डूबने से मौत हो गई। रविवार को हुई इस घटना के बाद सोमवार सुबह करीब 24 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद किया। कोरबा निवासी सुभांशु ध्रुव अपने पांच दोस्तों के साथ सतरेंगा गए थे। बताया गया कि सभी दोस्त नदी में बने एक टापू तक जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान सुभांशु वापस लौटते समय गहरे पानी में चले गए और डूब गए। सुभांशु के डूबने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद श्यांग पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा और नदी में तेज बहाव के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। 24 घंटे बाद मिला युवक का शव सोमवार सुबह नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सुबह करीब 11:30 बजे सुभांशु का शव नदी से बाहर निकाला गया। लेमरू थाना प्रभारी सुमन पोया ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। शव को फिलहाल एसईसीएल अस्पताल की मर्च्युरी में रखा गया है और मंगलवार को मृतक की मां के आने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिली थी नौकरी सुभांशु के परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी क्षति है। चार साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति के तहत एसईसीएल में नौकरी मिली थी। वह पिछले ढाई साल से एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की सेंट्रल वर्कशॉप में कार्यरत थे। इस घटना के बाद सतरेंगा पहुंचे अन्य पर्यटकों में भी चिंता देखी गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी और जलाशयों के गहरे इलाकों में जाने से बचें और अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:13 pm

बलरामपुर बस दुर्घटना के पीड़ितों को मिली सहायता राशि:मृतकों के परिजनों को 5 लाख, घायलों को 50 हजार रुपए की मदद

बलरामपुर के ओरछा घाटी में 18 जनवरी 2026 को हुई भीषण बस दुर्घटना के पीड़ितों को अंतरिम सहायता राशि दी गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और करीब 74 लोग घायल हुए थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की थी। सोमवार को ग्राम पिपरसोत में आयोजित कार्यक्रम में पीड़ित परिवारों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र सौंपे गए। यह राशि शासन की ओर से दी गई अंतरिम मदद के तहत प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, भाजयुमो नेता अंश सिंह, ग्राम पंचायत जमुआतांड की सरपंच अनीता देवी, पंचायत सचिव खेमचंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और पीड़ित परिवार मौजूद रहे। कार्यक्रम में लोगों ने राहत और बचाव कार्य में मदद करने वाले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर मिली मदद से घायलों को तुरंत इलाज मिल सका। कार्यक्रम के अंत में हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:10 pm

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष बोले- चंदा चोर सब जेल जाएंगे:मीडिया पर भड़के, ट्रस्ट राम मंदिर का; बीजेपी का उससे कोई मतलब नहीं

मऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गोरखपुर क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने राम मंदिर दान मामले में पत्रकार पर भड़क गए। उन्होनें बदनामी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, बदनामी आप कर रहे हैं, विरोध आप कर रहे हैं। जिसने भी राम मंदिर के चढ़ावे का पैसा चोरी किया है, वह जेल जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का राम मंदिर ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है। ट्रस्ट में न मुख्यमंत्री, न कमिश्नर और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि शामिल है। राय ने चेतावनी दी, “किसी की इतनी हिम्मत नहीं कि सरकार में रहकर चोरी करके खुलेआम घूम सके।” देखें, 2 तस्वीरें… विनोद राय सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती के अवसर पर मऊ में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों और आमजन में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों के बीच भी इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि राम मंदिर ट्रस्ट और सरकार की भूमिका को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष की टिप्पणी किस संदर्भ में थी। अपने संबोधन में विनोद राय ने आगामी चुनावों को लेकर भाजपा का विश्वास भी जताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पूर्वांचल की सभी सीटों पर विजय हासिल करेगी। राय ने यह भी कहा कि प्रदेश में अपराध और माफिया तंत्र का पूरी तरह सफाया होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य, मधुबन विधायक रामविलास चौहान, पूर्व विधायक विजय राजभर, सदर विधानसभा के पूर्व भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन निर्धारित समय दोपहर 3:30 बजे की बजाय करीब तीन घंटे की देरी से शाम 6:30 बजे शुरू हुआ था।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:06 pm

मंत्री खुशवंत साहेब का विष्णुभोग चावल से सम्मान:कलेक्टर ने जिले की पहचान बने चावल का पैकेट भेंट किया, महिलाओं की मेहनत की सराहना

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का जिला आगमन पर सम्मान किया गया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले की विशिष्ट पहचान और स्थानीय आजीविका का प्रतीक विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया। कलेक्टर डॉ. देवांगन ने मंत्री खुशवंत साहेब को बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा विष्णुभोग चावल का उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन किया जा रहा है। अपनी विशिष्ट सुगंध, उत्कृष्ट गुणवत्ता और पारंपरिक पहचान के कारण यह चावल जिले की एक विशेष पहचान बन चुका है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूती मिल रही है। विष्णुभोग चावल की मंत्री ने की सराहना विष्णुभोग चावल के संबंध में जानकारी प्राप्त कर मंत्री खुशवंत साहेब ने इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का विष्णुभोग चावल जिले की समृद्ध कृषि परंपरा और महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्री ने आगे कहा कि ऐसे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों को निरंतर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे किसानों और महिला समूहों की आय में वृद्धि होगी और जिले की विशिष्ट पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित हो सकेगी। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिले की इस विशिष्ट कृषि उपज और आजीविका गतिविधियों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज खलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:04 pm

लोगों को ठगने वाले कॉल सेंटर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार:25 हजार के इनामी समेत 3 दबोचे गए, कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए

लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 119 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे गिरोह के मास्टरमाइंड और ₹25 हजार के इनामी विनीत वशिष्ठ समेत तीन आरोपियों को क्राइम ब्रांच और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाकर पूछताछ की जा रही है। पहले गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर देखिए… 119 आरोपी गिरफ्तार हुए थे पुलिस के मुताबिक, 2 जुलाई को समिट बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि गिरोह इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर अमेरिका (USA) के नागरिकों को निशाना बनाता था। खुद को विभिन्न संस्थाओं का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लिया जाता था और उनसे बड़ी रकम की साइबर ठगी की जाती थी। मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए थे। कोलकाता से गिरफ्तार करके लाया गया विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ फरार है, जिस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच और साइबर थाना की टीम ने कोलकाता में दबिश देकर विनीत वशिष्ठ के साथ नायकर जयराज और रिंकी दास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क, फंडिंग, विदेशी नागरिकों से की गई ठगी और अन्य फरार सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:04 pm

दो डंपरों की आमने-सामने भिड़ंत,एक चालक केबिन में फंसा:क्रेन से निकाला गया, अस्पताल में उपचार जारी

कोटपूतली के चोटिया पनियाला बाईपास पर शाम को दो डंपरों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि एक डंपर का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक अंदर बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। चालक के केबिन में बुरी तरह फंसे होने के कारण उसे बाहर निकालने के लिए क्रेन की सहायता लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल एंबुलेंस के जरिए राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। हादसे के कारण कुछ समय तक बाईपास पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:04 pm

कोंडागांव के बुडरापारा स्कूल में बाल कैबिनेट का चुनाव:लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए पदाधिकारी, 11 जुलाई को लेंगे शपथ

कोंडागांव के उच्च प्राथमिक शाला बुडरापारा में बाल कैबिनेट के चुनाव का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को लोकतंत्र और मतदान प्रक्रिया की जानकारी देना था। यह चुनाव स्कूल में पूरी तरह वास्तविक चुनाव की तर्ज पर कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ मतदान किया। नामांकन प्रक्रिया 2 जुलाई को शुरू हुई थी और 3 जुलाई को नाम वापसी के बाद प्रचार किया गया। मतदान 6 जुलाई को हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने पसंदीदा प्रतिनिधियों को चुना। मतगणना के बाद महेश्वरी को प्रधानमंत्री चुना गया। इसके अलावा कृष्णा शिक्षा मंत्री, चहल वित्त मंत्री, सुयश खेल मंत्री, सुनीता कानून एवं सुरक्षा मंत्री, भविशा स्वास्थ्य मंत्री, दीपक पर्यावरण मंत्री, समीर कृषि मंत्री, मनीष पोषण मंत्री और राज संचार मंत्री बने। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह की प्रक्रिया से बच्चों में नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है और वे मतदान का महत्व समझते हैं। इस आयोजन में शिक्षकों ममता ठाकुर, बिलकिस खान और विनोद कुमार मरकाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नवनिर्वाचित बाल कैबिनेट का शपथ ग्रहण 11 जुलाई 2026 को बेगलेस डे के मौके पर होगा।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:57 pm

जोधपुर में जेडीए ने सील की 6 अवैध फैक्ट्रियां:बिना परमिशन के संचालित हो रही थी; धुलाई और छपाई की यूनिट पर कार्रवाई

जोधपुर में जेडीए की ओर से सोमवार को 6 अवैध रंगाई, धुलाई और छपाई की फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया। जानकारी के अनुसार- जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी के निर्देशानुसार लगातार अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई जारी है। इसके तहत सांगरिया और सालावास में रंगाई, धुलाई एवं छपाई की अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया। जानकारी के अनुसार- जोजरी नदी में रंगीन पानी छोड़ने और अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ जेडीए कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए सर्वे और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। उपायुक्त रामजी कलबी, तहसीलदार डॉ. हंसराज राठौड़ ने टीम के साथ सांगारिया और सालावास में निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि बिना लैंड कन्वर्जन और परमिशन के अवैध फैक्ट्रियों का संचालन किया जा रहा था। ऐसे में चल रही अवैध रंगाई, धुलाई और छपाई की 6 फैक्ट्रियों को सील किया गया। साथ ही हिदायत दी कि किसी तरह की छेड़खानी करने पर कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:53 pm

DGP अरुणदेव गौतम ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा की:निर्माणाधीन SP कार्यालय, नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण; कोटमी लूटकांड टीम की सराहना

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उनके स्वागत में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संवेदनशील इलाकों की स्थिति, लंबित मामलों का निपटारा, महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराध, नशे के खिलाफ कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। डीजीपी ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने और आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित गश्त बढ़ाने, मुखबिर तंत्र मजबूत करने और तकनीक के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया। इसके बाद उन्होंने नए पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन और पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति देखी। इस दौरान उन्होंने कोटमी लूटकांड का जल्दी खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना भी की और कहा कि टीमवर्क और सही जांच से ही ऐसे मामलों का समाधान संभव होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए और जनता के साथ अच्छा व्यवहार रखना चाहिए।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:48 pm

तीन अफसरों की 24.14 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच:ईडी का पूर्व आबकारी अधिकारी, NTPC के पूर्व AGM और NCL के पूर्व CMD पर शिकंजा

ईडी भोपाल ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की है और विशेष अदालतों में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। तीनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। इन तीनों ही अफसरों की 24.14 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति, नकदी और जेवरात अटैच किए गए हैं। केस -1 ईडी ने अलीराजपुर में पदस्थ रहे पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ 18.20 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में इंदौर स्थित विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दायर की है। अदालत ने आरोपी को नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में ईडी ने जांच की शुरुआत लोकायुक्त इंदौर की स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (SPE) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी भदौरिया पर सेवा अवधि के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि आरोपी अफसर ने गलत तरीके से अपराध से अर्जित धन को अपने तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया। ये संपत्तियां उनकी वैध आय की तुलना में काफी अधिक पाई गईं। इनके पास अपराध से अर्जित संपत्ति 18.20 करोड़ रुपए की मिली। जिसे ईडी अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। जब्त संपत्तियों में नकदी, सोना, चांदी, अचल संपत्ति, अन्य निवेश शामिल है। केस -2 ईडी ने NTPC के पूर्व AGM राकेश कुमार उपाध्याय की 3.15 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। उपाध्याय NTPC विंध्यनगर (सिंगरौली) के पूर्व अतिरिक्त महाप्रबंधक हैं। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। जांच में यह सामने आया कि 23 सितंबर 2007 से 30 नवंबर 2019 के आय की जांच में पाया कि आय से अधिक संपत्ति 1.39 करोड़ रुपए (52.95%) पाई गई। बाद में सीबीआई की चार्जशीट में इसे संशोधित कर 1.96 करोड़ रुपए (76.57%) बताया गया। ईडी जांच में खुलासा हुआ कि कई बैंक खातों के माध्यम से 40.37 लाख रुपए की नकद जमा की गई। बार-बार खातों में ट्रांसफर कर धन को छिपाने की कोशिश की गई। इन पैसों से लगभग 1.88 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट बनाई गई। वाराणसी के राजीव नगर, चितईपुर स्थित मकान के निर्माण में भी कथित अवैध धन का उपयोग पाया गया। कुर्क संपत्तियों में लगभग 1.26 करोड़ रुपए का आवासीय मकान, 1.88 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल है। केस -3 ईडी ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के तत्कालीन CMD भोला सिंह के खिलाफ जबलपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में 2.79 करोड़ की संपत्ति अटैच किए जाने के मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। अदालत ने आरोपी को नोटिस जारी कर दिया है। इसकी जांच सीबीआई, एंटी करप्शन ब्रांच-II, नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। 1 जनवरी 2022 से 31 जनवरी 2024 के बीच में हुई जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी के पास नकदी, सोने के आभूषण और तीसरे पक्ष के माध्यम से भेजे गए धन से संपत्ति खरीदने के साक्ष्य मिले। जांच में यह भी सामने आया कि 50 लाख रुपए तीसरे पक्ष से प्राप्त कर अन्य धनराशि के साथ रांची के SAIL सिटी में फ्लैट खरीदा गया। अपराध से अर्जित कुल संपत्ति 2.79 करोड़ रुपए आंकी गई। ईडी ने बैंक लॉकर से बरामद सोने के आभूषण, रांची स्थित आवासीय फ्लैट अटैच किया है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:48 pm

पड़ोसी के साथ मिलकर पति की हत्या की, दोनों गिरफ्तार:5 लाख में बुलाए थे तीन सुपारी किलर, बोरे में बांधकर कुएं में फेंक दिया था शव

प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के दलोट गांव में 12 दिन पहले कुएं में मिले शव के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मध्य प्रदेश के मंदसौर से 5 लाख रुपए में तीन सुपारी किलर बुलावाए थे। पुलिस अब फरार तीनों सुपारी किलर की तलाश कर रही है। कुएं में बोरे में बंद मिला था शव सालमगढ़ थाना अधिकारी दीपक कुमार ने बताया- 26 जून को दलोट स्थित खेड़ापति मंदिर के पास एक कुएं में बोरे में बंद शव मिला था। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान भचुंडला निवासी शंकरलाल मीणा के रूप में हुई। मृतक की बेटी ने शव की शिनाख्त की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पत्नी तुलसीबाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले में पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया। पुलिस ने परिजनों, पड़ोसियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। शराब पीकर करता था मारपीट पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शंकरलाल शराब पीकर अक्सर अपनी पत्नी तुलसीबाई से मारपीट करता था। उसके दूसरी महिलाओं से भी अवैध संबंध थे, जिससे तुलसीबाई परेशान थी। इसी दौरान उसका पड़ोसी वाहिद कुरैशी से संपर्क बढ़ा और दोनों ने मिलकर शंकरलाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। करीब दो महीने पहले तुलसीबाई और वाहिद ने मध्य प्रदेश के मंदसौर क्षेत्र के तीन सुपारी किलरों से 5 लाख रुपए में हत्या का सौदा तय किया था। इसके अलावा, तुलसीबाई ने वाहिद कुरैशी को आधा बीघा जमीन देने और अपने मकान में एक कमरा बनवाकर देने का भी वादा किया था। पत्नी-पड़ोसी की मौजूदगी में की हत्या 24 जून को तीनों सुपारी किलर शंकरलाल के घर पहुंचे, तीनों ने पत्नी और वाहिद की मौजूदगी में उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को बोरे में बंद कर दलोट के खेड़ापति मंदिर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया। हत्या को दुर्घटना या गुमशुदगी का रूप देने के लिए आरोपियों ने शंकरलाल की बाइक करीब तीन किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दी। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी वाहिद कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में शामिल तीनों सुपारी किलर अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:44 pm

सरकारी कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी और पे-फिक्सेशन की होगी जांच:ज्यादा सैलरी उठाने वाले कर्मियों से होगी वसूली; जांच के बाद गलती तो अफसरों पर कार्रवाई

प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों की अब तक बढ़ी हुई सैलरी और वेतन निर्धारणों (पे-फिक्सेशन) की बारीकी से जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की अगस्त तक जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। जिन कर्मचारियों का पे-फिक्सेशन गलत हो गया और ज्यादा वेतन उठाया तो उनसे वसूली की जाएगी। वित्त विभाग ने इसके लिए नए सिरे से सर्कुलर जारी किया है। वित्त विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी विभागों को अब तक किए वेतन निर्धारणों की बारीकी से जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी सहित दूसरे पे-फिक्सेशन के मामलों में जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने जांच के लिए फार्मेट भी तय किया है। हर विभाग और हर दफ्तर में विभागाध्यक्ष, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर, एक वरिष्ठ अफसर का जांच दल बनाकर पे-फिक्सेशन की जांच करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने इससे पहले 5 मई को सर्कुलर जारी किया था, लेकिन अब ताजा सर्कुलर में नए निर्देश जोड़े हैं। सितंबर के वेतन बिलों में जांच पूरी का सर्टिफिकेट देंगे वित्त विभाग ने अगस्त महीने तक जांच पूरी करने का टास्क दिया है। वहीं सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच पूरी होने का जॉइंट सर्टिफिकेट सितंबर के वेतन बिलों में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को चेतावनी, गलती रही तो होगी वसूली वित्त विभाग ने वेतन निर्धारण की बारीकी से एररलेस जांच करने के आदेशों के साथ जिम्मेदारों को चेतावनी दी है। वित्त विभाग ने चेताया कि जांच के बाद भी भविष्य में यदि नियमों के खिलाफ वेतन भुगतान का मामला सामने आता है तो जांच से जुड़े अफसर, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच में शामिल अफसर, कर्मचारियों से ज्यादा किए गए भुगतान की वसूली की जाएगी और विभागीय कार्यवाही भी होगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:43 pm

घर के बाहर खड़ी बोलेरो चुराने वाले दो आरोपी दोषी:कोर्ट ने सुनाई डेढ़-डेढ़ साल की सजा; 500-500 रुपए का जुर्माना भी

इंदौर में घर के बाहर खड़ी बोलेरो चोरी करने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को डेढ़-डेढ़ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 500-500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। फरियादी हेमसिंह यादव ने 15 जून 2024 की रात अपनी महिंद्रा बोलेरो (एमपी-09 सीजे-0416) को रोजाना की तरह घर के सामने लॉक कर खड़ा किया था। अगले दिन सुबह करीब पांच बजे वाहन वहां नहीं मिला। परिजन के साथ गांव, आसपास के क्षेत्रों और बायपास पर तलाश करने के बावजूद वाहन का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद कनाड़िया थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रात में घर के सामने से चोरी हुई थी बोलेरो प्रभारी उपसंचालक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट फैसला सुनाते हुए जितेंद्र कीर (32) और अशोक कीर (36), निवासी ग्राम जलेरिया, सोनकच्छ को भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत दोषी पाया। पुलिस जांच में खुला राज, आरोपियों से बरामद हुई गाड़ी मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान चोरी की गई बोलेरो आरोपियों के कब्जे से बरामद कर ली गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को चोरी का दोषी माना। कोर्ट ने उन्हें एक वर्ष छह माह के सश्रम कारावास तथा 500-500 रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। मामले में शासन की ओर से रवि मोगा (सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी) ने पैरवी की।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:42 pm

ऑपरेशन त्रिनेत्र: बांसवाड़ा में अवैध शराब की 8 भट्टियां तोड़ी:125 लीटर महुआ शराब जब्त, 33 ड्रमों में भरा 10 हजार लीटर महुआ वॉश नष्ट

​बांसवाड़ा जिले में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत लोहारिया थाना पुलिस और जिला विशेष शाखा (DST) की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के ओजरिया गांव में छापेमारी कर अवैध महुआ शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 125 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त की है और 33 ड्रमों में भरकर रखा करीब 10,000 लीटर महुआवास व शराब बनाने की 8 भट्टियों को नष्ट कर दिया है। ​मकान के पीछे चल रहा था अवैध धंधा, ड्रमों में भरा था महुआवास ​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को ओजरिया गांव में अवैध शराब निर्माण की पुख्ता सूचना मिली थी। ​लोहारिया थानाधिकारी जयपाल सिंह और डीएसबी शाखा प्रभारी भंवरलाल के नेतृत्व में टीम ने ओजरिया निवासी सुभाष पिता मोहन सोलंकी के मकान के पीछे दबिश दी। वहां बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने इसके साथ ही मौके से 8 बड़े डेगचे और 7 पीतल के घड़े भी जब्त किए गए हैं। ​केस दर्ज, जांच शुरू: पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के बाद लोहारिया थाने पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की अनुसंधान (जांच) की जा रही है। ​कर्रवाई करने वाली टीम में ये रहे शामिल: ​इस कामयाबी को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में थानाधिकारी जयपाल सिंह, डीएसबी प्रभारी भंवरलाल, एएसआई सुरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल पृथ्वीपाल सिंह, मोहनलाल, मानसिंह, हरीशचन्द्र, रमेशचन्द्र, बदामीलाल और कांस्टेबल रमेशचन्द, तरुण जोशी, महेश व श्रवण शामिल थे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:40 pm

पीपल के नीचे खड़े दो ग्रामीणों पर गिरी आकाशीय बिजली:शरीर का लगभग आधा हिस्सा झुलसा, पन्ना जिला अस्पताल में आईसीयू में भर्ती

पन्ना जिले की इटवाकला ग्राम पंचायत में सोमवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से दो ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। तेज बारिश से बचने के लिए वे एक पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हुए थे, तभी वे इस हादसे का शिकार हो गए। दोनों को बेहद नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इटवाकला के रहने वाले मथुरा प्रसाद मिश्रा उर्फ बड्डे महाराज (48 साल) और चिरौंजी लाल चौधरी (50 साल) किसी निजी काम से गुनौर जा रहे थे। रास्ते में कोहनी इलाके में बने खेर माता मंदिर के पास अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पानी से बचने के लिए दोनों पास ही मौजूद एक पीपल के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी बीच अचानक कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली सीधे उसी पीपल के पेड़ पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि दोनों ग्रामीण मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर बाद जब चिरौंजी लाल का बेटा उन्हें ढूंढते हुए वहां पहुंचा, तो उसने दोनों को अचेत हालत में पड़ा देखा। शरीर का आधा हिस्सा झुलसा, हालत गंभीर परिजन ने आनन-फानन में दोनों को बाइक पर लादकर इटवाकला पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बिजली गिरने की वजह से दोनों ग्रामीणों के शरीर का लगभग आधा हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है। जिला अस्पताल में उन्हें आईसीयू या स्पेशल वार्ड में रखकर लगातार इलाज दिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:39 pm

बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के छात्र भूख हड़ताल पर बैठे:VC के सामने एथलेटिक ट्रैक समेत 3 मांगें रखीं; बोले- विश्वविद्यालय की हालत खराब

भोपाल की बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी (BU) के छात्र सोमवार दोपहर 12 बजे से विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। छात्रों का कहना है कि हमने कुलपति के सामने युनिवर्सिटी में एथिलेटिक ट्रैक बनाने समेत तीन मांगें रखी, लेकिन अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि 400 मी एथिलेटिक ट्रैक बनाने वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। वीसी भी कहते हैं कि ट्रैक बनना चाहिए। लेकिन फिर भी नहीं बनाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अदंर हेलिपैड बने हैं वे नहीं हटाए जाएंगे। छात्रों का कहना है कि हमारे लिए हैलिपैड से ज्यादा ट्रैक जरूरी है। स्टूडेंट बोले- यहां 300 छात्रों के एक टीचर पढ़ा रहा वहीं दूसरी मांग युनिवर्सिटी में टीचर की कमी है। 300 छात्रों पर 1 टीचर है। जिसकी वजह से ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती है। पूरा विश्वविद्यालय गेस्ट फैक्लटी पर चल रहा है। छात्रों का कहना है कि इससे अच्छा तो इसे बंद कर दिया जाए। उनकी तीसरी मांग है कि सभी छात्रों का रिजल्ट समय पर निकाला जाए। ज्यादातर कोर्स में छात्रों का रिजल्ट लेट होता है। कई कोर्स जो 2 साल के हैं, उनकी डिग्री तीन साल में मिल रही है। शिक्षा मंत्री, राज्यपाल को भी दे चुके हैं ज्ञापन छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पहले रजिस्ट्रार, कुलपति, उच्च शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि यह इन मांगों को लेकर तीसरा आंदोलन है। छात्रों के मुताबिक, उनके दो प्रतिनिधि प्रशासन से चर्चा करने भी गए, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उनका कहना है कि प्रशासन बजट नहीं होने का हवाला दे रहा है। सभी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:38 pm

पीलीभीत में सड़क हादसा, दो चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत:दावत में शामिल होने जा रहे थे, अज्ञात बाइक ने मारी टक्कर

पीलीभीत शहर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात एक सड़क हादसे में दो चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों युवक एक रिश्तेदारी में दावत खाने जा रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम गुटैया पिपरा निवासी शिवकुमार (20 वर्ष) पुत्र लालाराम और शिवम कुमार (21 वर्ष) पुत्र होरीलाल के रूप में हुई है। वे सोमवार रात करीब 8:30 बजे अपनी मोटरसाइकिल से न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया अग्ररु में एक रिश्तेदार के यहां दावत में शामिल होने जा रहे थे। शहर कोतवाली क्षेत्र में ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल के सामने उनकी मोटरसाइकिल को सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी। पुलिस आरोपी वाहन चालक की तलाश कर रही टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार दो अन्य लोग भी इस हादसे में घायल हुए। हादसे के बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवकों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। शहर कोतवाल प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में दो चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस टक्कर मारकर भागने वाले वाहन की तलाश कर रही है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:37 pm

बरेली में बोले नेता प्रतिपक्ष- शिक्षक एमएलसी चुनाव सेमीफाइनल:जब बैलेट पेपर से चुनाव नहीं जीत सकते, तो ईवीएम को कैसे दोषी बना देंगे

नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि प्रदेश के 72 जिलों में होने वाला शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव सिर्फ एक सामान्य चुनाव नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। उन्होंने कहा कि छह शिक्षक और पांच स्नातक सीटों पर होने वाला यह चुनाव कार्यकर्ताओं की परीक्षा है। इसके तुरंत बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा का फाइनल मुकाबला होगा, इसलिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश हर शिक्षक तक पहुंचाया जाए। शिक्षक समाज की समस्याओं को लेकर पार्टी की ओर से तैयार सामग्री भी कार्यकर्ताओं के बीच वितरित करने के निर्देश दिए। बैलेट पेपर पर हो रहे चुनाव का दिया हवाला, EVM पर भी कही बड़ी बातलाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षक एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हो रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर समाजवादी पार्टी बैलेट पेपर से होने वाला यह चुनाव भी नहीं जीत पाती, तो भविष्य में ईवीएम पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार कमजोर पड़ जाएगा।उन्होंने कहा, जब बैलेट पेपर से चुनाव जीत नहीं पाएंगे तो फिर ईवीएम को दोष कैसे देंगे। इसलिए हर कार्यकर्ता और हर नेता को पूरी मेहनत से इस चुनाव को जिताना होगा। बरेली–मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा ने चुनावी तैयारियां तेज कींबरेली–मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी मोहम्मद दानिश अख्तर के चुनाव अभियान को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव बरेली पहुंचे। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बरेली और बदायूं जनपद के प्रमुख पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने की। बैठक में महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, एमएलसी चुनाव प्रभारी एवं पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, सहसवान के विधायक ब्रजेश यादव, शेखूपुर के विधायक हिमांशु यादव, बदायूं के जिलाध्यक्ष आशीष यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद दानिश अख्तर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षक समाज लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है। समाजवादी पार्टी हमेशा शिक्षकों के सम्मान, अधिकारों और उनके हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करते हुए शिक्षक मतदाताओं से व्यापक जनसंपर्क करने का आह्वान किया और कहा कि मोहम्मद दानिश अख्तर की जीत समाजवादी विचारधारा और शिक्षक हितों की जीत होगी। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि बरेली और बदायूं का संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और प्रत्येक शिक्षक मतदाता तक समाजवादी पार्टी की नीतियों एवं प्रत्याशी का संदेश पहुंचाया जाएगा। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, विधायक ब्रजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव और प्रत्याशी मोहम्मद दानिश अख्तर ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की एकजुटता पर बल दिया और शिक्षक वर्ग से समाजवादी पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। बैठक का संचालन समाजवादी पार्टी के महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा ने किया।अंत में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन की रणनीति के अनुसार पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ चुनाव प्रचार में जुटने का संकल्प लिया।बैठक के पश्चात् नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया।बैठक में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद,सुरेंद्र सोनकर,रविंद्र यादव, निवर्तमान जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव शहर विधानसभा प्रत्याशी रहे राजेश अग्रवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव सक्सेना एवं सुरेश चौहान, महानगर उपाध्यक्ष शेर सिंह गंगवार, दिनेश यादव, समयुन खान, प्रमोद बिष्ट, राजेश मौर्या, शिव प्रताप यादव, सैफ वली खान, सिंपल कन्नौजिया, प्रमोद यादव, सय्यद हैदर अली, राकेश प्रजापति, साजिद रजा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, आँवला विधानसभा अध्यक्ष इंद्रपाल यादव, दातागंज विधानसभा अध्यक्ष संजीव सिंह, प्रमोद आचार्य, शिक्षक सभा जिला अध्यक्ष हृदय यादव व महानगर अध्यक्ष के.पी राठौर, भद्रासेन गंगवार,सुनीता पाल, पल्ल्वी सक्सेना, अधिवक्ता सभा श्यामवीर सिंह,एजाज अहमद ,भुवनेश यादव, अविनाश मिश्रा, दीपक यादव, महानगर सचिव मो. वसीम, रमीज़ हाशमी, अमित गिहार, हैप्पी यादव, पार्षद मो. आरिफ़ कुरैशी, गंगा सिंह यादव, रेहान खान, जितेंद्र मुंडे, रामसेवक प्रजापति, ज्ञान यादव, नमित सिंह, प्रबल तिवारी, लक्ष्मण सिंह पाल, प्रशांत यादव,गंगा सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:35 pm

मिट्टी डालने को लेकर विवाद, दंपति समेत चार घायल:फतेहपुर में लाठी-डंडों से किया हमला, पुलिस कर रही कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में एक दंपति सहित चार लोग घायल हो गए। घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे हुसैनगंज थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घायलों की पहचान किशुनदासपुर गांव निवासी रामशंकर विश्वकर्मा (पुत्र स्व. घसीटा प्रसाद), नीरज कुमार (पुत्र रामशंकर), और निरंजन कुमार (पुत्र रामशंकर) व उनकी पत्नी प्रियंका (28) के रूप में हुई है। आरोप है कि गांव के रमेश विश्वकर्मा (पुत्र शीतल), अनूप (पुत्र रमेश) और शोभा देवी (पत्नी महेश) ने इन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया। निरंजन कुमार ने बताया कि उनके घर के सामने रमेश ने मिट्टी डाल दी थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो रमेश ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान रमेश का पुत्र अनूप और शोभा देवी भी वहां आ गए और मारपीट करने लगे। बीच-बचाव करने आए नीरज कुमार, प्रियंका और निरंजन को भी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल वृद्ध को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हुसैनगंज थाना प्रभारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि मारपीट के इस मामले में दोनों पक्षों के लोगों को थाने लाया गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:33 pm

कोरबा में भारी बारिश, पुलिया टूटी और सड़कें बनी तालाब:बेलगरी नाला बस्ती जलमग्न, घरों तक पहुंचा पानी, बालको मार्ग पर आवागमन ठप

कोरबा जिले में सोमवार सुबह से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला पर करोड़ों रुपए की लागत से बनी पुलिया पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गई। वहीं, कोरबा-बालको मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गया और बेलगरी नाला बस्ती जलमग्न हो गई। जोगीनाला पुलिया का एक हिस्सा तेज बहाव के कारण टूटकर बह गया, जिससे सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें की गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया था। इससे पुलिया बनाने वाले विभाग, एजेंसी या ठेकेदार के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। निर्माण लागत, स्वीकृति तिथि और कार्यदायी संस्था जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक न होने से भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर, कोरबा-बालको मुख्य मार्ग पर बालको चेकपोस्ट के पास घुटनों तक पानी भर गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्कूली बच्चे, कर्मचारी और अन्य राहगीर घंटों तक फंसे रहे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बालको की बेलगरी नाला बस्ती के आसपास भी जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। नालियों का पानी घरों के पास तक पहुंच गया है। बस्ती के निवासियों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति होती है, लेकिन जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। नगर के कई अन्य प्रमुख मार्गों, चौराहों और निचले इलाकों में भी सड़कों और नालियों का पानी भर गया है। लगातार बारिश से पूरे जिले का जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और निचले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:33 pm

रतलाम रेल मंडल से गुजरने वाली 3 ट्रेनें रद्द:मुंबई में हुई भारी बारिश के कारण 5 ट्रेनों को री-शेड्यूल किया, 2 का बदला रूट

मुंबई एवं पुणे क्षेत्र में भारी बारिश के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। मुंबई से चलने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को निरस्त किया गया है। कुछ ट्रेनों को री-शेड्यूल और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। मुंबई मंडल में लगातार हो रही भारी वर्षा, जलभराव तथा मुंबई–पुणे घाट सेक्शन में भूस्खलन एवं रेलवे ट्रैक पर बोल्डर गिरने के कारण पश्चिम एवं मध्य रेलवे के विभिन्न रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। रतलाम रेल मंडल होगा प्रभावित मुंबई एवं पुणे क्षेत्र में भारी बारिश की परिस्थितियों के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली अथवा मंडल में आने और जाने वाली कुछ अन्य ट्रेनें भी विलंब से चलने की संभावना है। इसके साथ ही उन्हें री-शेड्यूल व शॉर्ट टर्मिनेट भी किया जा सकता है। साथ ही उनका मार्ग भी परिवर्तित किया जा सकता है। इन ट्रेनों का बदला मार्ग 6 जुलाई को ट्रेन संख्या 22944 इंदौर-दौंड सुपरफास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया सूरत-जलगांव-मनमाड-पुणे होकर चलेगी। 6 जुलाई को ट्रेन संख्या 12264 हजरत निजामुद्दीन–पुणे दुरंतो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया सूरत-पालधी-जलगांव-मनमाड-पुणे होकर चलेगी। इन ट्रेनों को किया निरस्त ट्रेन संख्या 12953 मुंबई सेंट्रल–हजरत निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस। ट्रेन संख्या 12925 बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस। ट्रेन संख्या 12471 बांद्रा टर्मिनस–श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्वराज एक्सप्रेस। 6 जुलाई को इन ट्रेनों को किया री-शेड्यूल ट्रेन संख्या 12951 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस रात 21 बजे चलाई गई। ट्रेन संख्या 12955 मुंबई सेंट्रल–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस रात 23 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 12961 मुंबई सेंट्रल–इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस रात 23:30 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 12903 बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल रात 23:15 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 19037 बांद्रा टर्मिनस–बरौनी अवध एक्सप्रेस 7 जुलाई को रात 1:30 बजे प्रस्थान करेगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:33 pm

मोरीवाले बाबा दरगाह मामले में हाईकोर्ट सख्त:याचिका खारिज कर लगाया ₹15 हजार का जुर्माना; कलेक्टर को कार्रवाई का अधिकार, जांच जारी रहेगी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मोरीवाले बाबा दरगाह से जुड़े विवादित निर्माण मामले में दायर याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और यह कार्रवाई लंबित जांच को प्रभावित एवं विलंबित करने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है। कोर्ट ने यह आदेश 3 जुलाई को दिया है। दरगाह ख्वाजा सुल्तान मोहम्मद चिश्ती उर्फ मोरीवाले बाबा की ओर से दायर याचिका में 16 जून 2026 को पारित उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें एसडीओ द्वारा ऑर्डर-7 रूल-11 सीपीसी के तहत प्रस्तुत आवेदन खारिज कर दिया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई का अधिकार नहीं है, तथा मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थान (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम, 2001 के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दरगाह परिसर में 14 दुकानों के निर्माण पर सवाल सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 1986 में केवल 360.21 वर्गमीटर क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में परिसर में 14 दुकानों सहित अन्य निर्माण कर लिए गए। अदालत ने पूछा कि इन निर्माणों की अनुमति का कोई दस्तावेज उपलब्ध है या नहीं, लेकिन याचिकाकर्ता ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। कोर्ट ने यह भी पाया कि संबंधित भूमि मूल रूप से नगर निगम और बाद में आईडीए के अधिकार क्षेत्र में रही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता संपत्ति पर अपना वैध अधिकार, स्वामित्व या हित साबित करने के लिए कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थान (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम, 2001 के प्रावधान इस मामले पर लागू होते हैं और कलेक्टर को जांच और कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है। कोर्ट ने माना कि प्रशासन द्वारा की जा रही जांच विधिसम्मत है और उसे रोकने का कोई आधार नहीं बनता। याचिका दायर करने की वैधता पर भी उठे सवाल कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि याचिका दायर करने वाले व्यक्ति के पास समिति की ओर से अधिकृत होने का कोई वैध दस्तावेज रिकॉर्ड पर नहीं था। इस कारण याचिका की वैधता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ। कोर्ट ने पूर्व के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि किसी संस्था या समिति की ओर से याचिका दायर करने के लिए विधिवत अधिकृत प्रस्ताव आवश्यक होता है। न्यायिक समय की बर्बादी बताया कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस प्रकार की कार्यवाही से न केवल प्रशासनिक जांच प्रभावित होती है बल्कि कोर्ट का बहुमूल्य समय भी व्यर्थ होता है। हालांकि भारी जुर्माना लगाने के बजाय कोर्ट ने 15 हजार रुपए का दंड लगाया, जिसे सात दिन के भीतर इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने अंततः याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और प्रशासनिक जांच को जारी रखने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:32 pm

हिसार में वेंटिलेटर न मिलने से नवजात की मौत मामला:राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्ट, 2 हफ्ते का टाइम दिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हिसार और रोहतक के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर न मिलने के कारण एक नवजात की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब राकेश कुमार की पत्नी पूजा (26) को बीते बुधवार दोपहर करीब 3 बजे प्रसव के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है और रोजगार के सिलसिले में हिसार में रह रहा है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद जन्मे नवजात को लगभग एक घंटे बाद सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई। उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती किया गया, लेकिन अस्पताल का एकमात्र वेंटिलेटर पहले से ही उपयोग में था। वेंटिलेटर नहीं मिलने से हुई थी नवजात की मौत परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है । इसके बाद बुधवार शाम करीब 5 बजे नवजात को 106 किलोमीटर दूर रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। वहां बच्चे को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन वेंटिलेटर के लिए रातभर इंतजार करने को कहा गया। गुरुवार सुबह भी वेंटिलेटर उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों ने बच्चे को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन वापस हिसार लौटे और एक निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नवजात की मौत हो गई। राकेश कुमार ने बताया कि यह उनका चौथा बच्चा था, उनके पहले दो बेटे और एक बेटी हैं। परिवार का कहना है कि यदि समय पर वेंटिलेटर मिल जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। एनआईसीयू में केवल एक वेंटिलेटर है वहीं, हिसार नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. रीना जैन ने बताया था कि एनआईसीयू में केवल एक वेंटिलेटर है, जिस पर पहले से एक नवजात भर्ती था। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था, इसलिए बेहतर उपचार की उम्मीद में बच्चे को रोहतक रेफर किया गया था। अब इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और नवजात उपचार सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:32 pm

पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर:पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा-चुनाव आयोग और सरकार जानबूझकर टाल रहे चुनाव

प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी परिसीमन और चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका में कहा कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा था कि शहरी निकायों का वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची का संशोधन 20 जून 2026 तक पूरा किया जाए और सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद अभी तक चुनाव प्रक्रिया आरंभ नहीं की गई है। याचिका में राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह, सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज आयुक्त डॉ. जोगाराम, और स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक प्रतीक चंद्रशेखर जुईकर को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट से मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करके उन्हें दंडित किया जाए और उन्हें 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिए जाए। हाईकोर्ट आगामी दिनों में अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा। अधिकारी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहेयाचिका में कहा गया कि विभिन्न विभागों के बीच हुए पत्राचार में अधिकारी अभी भी राजस्थान पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करने पर अड़े हुए हैं, जबकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाए और चुनावों को किसी भी आधार पर आगे नहीं टाला जाए। हाईकोर्ट का आदेश सभी अधिकारियों पर बाध्यकारी था, लेकिन अधिकारियों ने अपनी उदासीनता और गैर-जिम्मेदार रवैये से अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की है। हमने 1 जुलाई को संबंधित अफसरों को अवमानना का कानूनी नोटिस भी दिया था, लेकिन उसका भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला हैं। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेशराजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:32 pm

10 वर्षीय अर्यमा ने तीन गिनीज रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास:लखनऊ विश्वविद्यालय में स्मरण शक्ति से बनाया नया कीर्तिमान

लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को 10 वर्षीय अर्यमा शुक्ला ने एक साथ तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास किया। अर्यमा ने अपनी स्मरण शक्ति का प्रदर्शन करते हुए मौजूदा रिकॉर्ड्स को चुनौती दी। अर्यमा का पहला प्रयास 'मोस्ट डेसिमल प्लेसेज ऑफ गोल्डन रेशियो मेमोराइज्ड' श्रेणी में था। इस श्रेणी का वर्तमान रिकॉर्ड आर.पी. बारूकुटी के नाम 5005 अंकों का दर्ज है। अर्यमा ने लगभग 45 मिनट में 5555 अंकों का सटीक उच्चारण कर नया रिकॉर्ड बनाने का दावा किया। उन्होंने बताया कि गोल्डन रेशियो प्रकृति के विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है, जैसे फूलों की संरचना और प्राकृतिक आकृतियों का संतुलन। एक मिनट में 380 अंक बोलकर रिकॉर्ड को चुनौती इसके बाद अर्यमा ने 'मोस्ट डेसिमल प्लेसेज ऑफ यूलर्स नंबर इन वन मिनट' श्रेणी में भी रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास किया। वर्तमान रिकॉर्ड 364 अंकों का है, जिसे शार्दुल माधवरम ने बनाया था। अर्यमा ने एक मिनट में 380 अंक बोलकर इस रिकॉर्ड को चुनौती दी। तीसरे प्रयास में अर्यमा ने 'मोस्ट डेसिमल प्लेसेज ऑफ पाई इन वन मिनट' श्रेणी में हिस्सा लिया। इस श्रेणी में वर्तमान रिकॉर्ड 260 अंकों का है, जबकि अर्यमा ने एक मिनट में 320 अंक बोलकर नया कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास किया। ये मौजूद रहे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे प्रयास की निगरानी स्वतंत्र गवाहों और टाइम कीपर्स की मौजूदगी में की गई। स्वतंत्र गवाह के रूप में गणितज्ञ एवं शोधकर्ता डॉ. आनंद बी. जोशी और डॉ. गौतम कुमार दिनकर मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। वहीं, प्रोफेसर मोहम्मद तारिक और डॉ. रियाज अहमद ने स्टॉपवॉच के माध्यम से समय की सटीक निगरानी की। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रोफेसर अजय कुमार आर्या सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:28 pm

राजेंद्र राठौड़ बोले-मेरे जैसे पुष्प पूर्व, पूनिया जैसे अभूतपूर्व हुए:ओम माथुर ने कई लोगों को पेट्रोल पंप दिए; राज्यपाल बोले-आपको भी तो दिया है

जोधपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- छात्रसंघ को लोकतंत्र की फुलवारी कहते हैं। इसे सींचने वाले ओम माथुर यहां बैठे हैं। यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं। कुछ मेरी तरह पूर्व हो गए और कुछ सतीश पूनिया जैसे अभूतपूर्व हो गए। कुछ बाबू सिंह जैसे पूरे खिल गए। कुछ अरविंद सिंह जैसे कल खिलेंगे। इस पर सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- राजेंद्र रठौड़ हमारे यहां पुष्प खिलते ही रहते हैं। मैं तो उस पहाड़ी से हूं, जहां पत्थर पर भी पुष्प खिल जाते हैं। इसलिए राजेंद्र राठौड़ जी आप तो उस दुविधा से दूर हो जाएं, ये तो खिलते रहेंगे। ओम माथुर ने कहा- लगातार राजनीति में रहने के बाद, उतार-चढ़ाव देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव आने से ही व्यक्ति सक्षम बन जाता है। दोनों नेताओं ने ये बातें सोमवार को महाराजा जसवंत सिंह की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम कही। राठौड़ ने कहा- ओमजी ने लोगों को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियां दी राजेंद्र राठौड़ ने कहा- मैं जयपुर से चलकर आ रहा था। एक पर ओम पेट्रोल पंप एंड फ्यूल सेंटर लिखा था। मैंने पूछा ये क्यों लिखा तो मुझे कहा- इसके जनक आपके ओमजी हैं। मेरे जैसे एक दो नहीं उस समय ओमजी ने 250 से ज्यादा लोगों को बुला- बुलाकर पेट्रोल और गैस एजेंसी दी। आप न केवल शिल्पकार हो, उन टैलेंट व्यक्ति का टैलेंट देखते हुए जीवन से जोड़ने का काम किया। ओम माथुर ने कहा- आपको भी तो पेट्रोल पंप दिया पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की बात पर ओम माथुर ने कहा-आपको भी तो दिया है। इस पर राठौड़ ने कहा- जयपुर के कानोता में पराक्रम पेट्रोल पंप भी आपकी कृपा से मिला है। पूनिया बोले-राजनीति में सीखने की पाठशाला राजेंद्र राठौड़ कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया भी मौजूद थे। सतीश पूनिया बोले- ओम माथुर हमारी राजनीति पाठशाला के पहले गुरु हैं। उन्होंने हमें चलना सिखाया है। वहीं, राजेंद्र राठौड़ से राजनीति में बहुत सीखने को मिला। भैरोसिंह के बाद कोई राजनीति की पाठशाला है तो वह राजेंद्र राठौड़ हैं। उन्होंने कहा - कागज का टुकड़ा किसी का भविष्य तय नहीं करता। बल्कि डिग्री से वह अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। ऐसे संस्कार लेकर जाए जो समाज की समरसता, भाईचारा और देश के विकसित होने का कल्पना करते हैं, वह पूरे कर सके।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:26 pm

लखनऊ में 64 यूपी बटालियन एनसीसी कैंप:कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया

लखनऊ में 64 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से आयोजित कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप के दौरान 'इंटरैक्शन एंड मोटिवेशनल एड्रेस' आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर लखनऊ ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर पुनीत श्रीवास्तव (वीएसएम) ने कुलपति का स्वागत किया। इस अवसर पर डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अमिता कनौजिया, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आशीष अवस्थी और चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी का भी सम्मान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर आधारित फिल्म की प्रस्तुति कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी गान और वृक्षारोपण के साथ हुई। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद कैडेट्स ने एनसीसी की गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर आधारित एक विशेष फिल्म प्रस्तुत की, जिसकी अतिथियों ने सराहना की। कैंप का एक प्रमुख आकर्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। देशभक्ति और वीरता से परिपूर्ण इस प्रस्तुति में कैडेट्स ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी कैडेट्स को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच अपने संबोधन में कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कैडेट्स से देशहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में लखनऊ ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर पुनीत श्रीवास्तव ने कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण गतिविधियों और कैडेट्स की तैयारियों की सराहना करते हुए सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:24 pm

बिलासपुर में खेलो इंडिया हॉल का टेंडर मंजूर:मल्टी-परपस हॉल के साथ होगी बाउंड्रीवॉल-बिजली व्यवस्था, डिप्टी सीएम ने समय पर काम पूरा करने के निर्देश

बिलासपुर में खेलो इंडिया योजना के तहत 13.77 करोड़ रुपए की लागत से मल्टी-परपस हॉल का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए जारी निविदा को मंजूरी मिल गई है। इस राशि से हॉल के निर्माण के साथ-साथ विद्युतीकरण और बाउंड्रीवॉल का कार्य भी कराया जाएगा। राज्य के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग क्रमांक-2 के कार्यपालन अभियंता को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा है। लोक निर्माण विभाग ने कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्य का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार करने का निर्देश दिया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ठेकेदार इस कार्य को किसी अन्य को सब-लेट नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, कार्य संपादन के लिए पावर-ऑफ-अटॉर्नी मान्य नहीं होगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:23 pm

डमी बैठाकर कॉन्स्टेबल बना, 15 साल बाद FIR:भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर पर आरोप; बोला-20 से साधना में, नौकरी बाद में लगा

टोंक में भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर पर आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। 15 साल बाद मिली शिकायत पर एसओजी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी श्रीराम मीणा टोंक के निवाई तहसील के कांटोली गांव का रहने वाला है। भर्ती में चयन के बाद भी उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ था। बाद में हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जॉइनिंग मिली थी। पिछले करीब एक साल से आरोपी कॉन्स्टेबल बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाकर उनका सत्यापन करेगी। साथ ही आरोपी से पूछताछ कर उसके वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय के हस्ताक्षरों से मिलान भी कराया जाएगा। पहले पढ़ें… आरोपी बाबा ने क्या कहा? आरोपों पर बाबा ने कहा- मैं वर्ष 2006 से मंदिर में साधना कर रहा हूं, जबकि नौकरी बाद में लगी थी। पहले भी आरोप लगाए गए थे कि मैं अनपढ़ हूं और फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की है। उस समय जांच के बाद ही मुझे जॉइनिंग मिली थी। लोगों ने मंदिर भी नहीं बनने दिया और जमीन पर कब्जा करने के आरोप भी लगाए थे, लेकिन जांच में सभी आरोप गलत पाए गए। अब एसओजी की जांच में भी सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले में मैं मानहानि का दावा भी करूंगा। अब पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा मामला एसपी रोशन मीणा ने बताया- मामला टोंक में 9वीं आरएसी बटालियन में तैनात कॉन्स्टेबल श्रीराम मीणा से जुड़ा है। एसओजी को शिकायत मिली थी, जिसमें 15 साल पहले भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का आरोप लगाया गया था। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसओजी ने आरएसी बटालियन कमांडेंट को मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कमांडेंट राजेश चौधरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी, जिस पर एफआईआर दर्ज की गई। 2011 की परीक्षा में डमी बैठाकर नौकरी पाने का आरोप कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल (बीएल) वैष्णव ने बताया - एसओजी परिवाद संख्या-3499 की प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आरोप है कि 23 जनवरी 2011 को आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान टैगोर बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर श्रीराम मीणा ने खुद परीक्षा देने के बजाय डमी अभ्यर्थी को बैठाया। चयन होने के बाद उसने 2 जुलाई 2011 को बटालियन मुख्यालय टोंक में दस्तावेज जमा किए और बाद में 18 जुलाई 2014 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद कॉन्स्टेबल के रूप में नियुक्ति मिली। तब से वह वेतन और अन्य भत्तों का लाभ लेता रहा। अब दस्तावेज और हस्ताक्षरों का होगा मिलान थानाधिकारी वैष्णव ने बताया - जांच के तहत आरएसी मुख्यालय जयपुर से भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाए जाएंगे। उनके सत्यापन के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उसके वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय किए गए हस्ताक्षरों से मिलान भी कराया जाएगा। पुलिस भर्ती रिकॉर्ड, परीक्षा दस्तावेज और विभागीय अभिलेखों की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था। 2024 से ड्यूटी से गैरहाजिर, गांव में पीठाधीश्वर के रूप में पहचान थानाधिकारी ने बताया कि श्रीराम मीणा 18 जुलाई 2014 से आरएसी में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत था, लेकिन 14 सितंबर 2024 से बिना अनुमति लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर है। उसके खिलाफ 16 सीसीए के तहत विभागीय कार्रवाई भी चल रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश जारी है। दूसरी ओर श्रीराम मीणा पिछले दो-तीन वर्षों से कांटोली गांव स्थित प्राचीन मां भद्रकाली मंदिर का पीठाधीश्वर भी है। वह नशामुक्ति और कथित घर वापसी अभियानों को लेकर भी चर्चा में रहा है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:23 pm

लखनऊ के हर वार्ड में बनेगा जनसुविधा केंद्र:नगर निगम कार्यकारिणी में प्रस्ताव, नागरिकों को मिलेगी राहत

लखनऊ नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में 'वार्ड कार्यालय/जनसुविधा केंद्र' स्थापित किए जाने का प्रस्ताव कार्यकारिणी में रखा गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि शहर की बढ़ती आबादी और नागरिक सुविधाओं की जरूरतों को देखते हुए अब वार्ड स्तर पर स्थायी कार्यालयों की व्यवस्था समय की मांग बन गई है। तिलक नगर वार्ड के पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य राजीव बाजपेयी ने यह प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश ग्राम पंचायतों में, जहां आबादी 8 हजार से 15 हजार के बीच होती है, वहां पंचायत भवन स्थापित हैं। ये भवन स्थानीय प्रशासन, जनसुनवाई, विकास कार्यों की समीक्षा और सरकारी योजनाओं के संचालन का प्रमुख केंद्र होते हैं। आबादी 35 हजार से 50 हजार या उससे अधिक है वहीं दूसरी ओर, लखनऊ नगर निगम के एक-एक वार्ड की आबादी 35 हजार से 50 हजार या उससे भी अधिक है। इसके बावजूद वार्ड स्तर पर न तो कोई स्थायी कार्यालय है और न ही नागरिकों के लिए कोई समर्पित जनसुविधा केंद्र उपलब्ध है। इसका सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है। प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था में नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम मुख्यालय या अन्य कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं पार्षदों को भी जनसुनवाई, अभिलेखों के रखरखाव, अधिकारियों से समन्वय और शिकायतों के समाधान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकारी योजनाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाए कार्यकारिणी के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में मांग की गई है कि लखनऊ नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में चरणबद्ध तरीके से 'वार्ड कार्यालय/जनसुविधा केंद्र' स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों पर जनसुनवाई, शिकायत पंजीकरण, विकास कार्यों की जानकारी और सरकारी योजनाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि प्रत्येक वार्ड कार्यालय में आवश्यक फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा, अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था और न्यूनतम आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को अपने ही वार्ड में बेहतर, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं मिल सकें।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:22 pm

10वीं की छात्रा ने शारदा नहर में लगाई छलांग:सीतापुर में गोताखोर तलाश में जुटे, घर से सब्जी लेने निकली थी

सीतापुर के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 6 बजे एक 15 वर्षीय छात्रा द्वारा शारदा सहायक नहर में छलांग लगाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से छात्रा की तलाश शुरू कर दी। देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। थाना क्षेत्र की रहने वाली नैंसी वर्मा (15), पुत्री राजेश, कक्षा 10 की छात्रा थी। परिजनों ने बताया कि सोमवार शाम को वह घर से सब्जी लेने की बात कहकर निकली थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिवार के लोग उसकी तलाश कर ही रहे थे कि नहर में छलांग लगाने की सूचना मिल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रा नहर के पास स्थित एक बादाम शेक के ठेले पर पहुंची और वहां मौजूद व्यक्ति को अपने परिजनों का मोबाइल नंबर देते हुए कहा, मेरे परिवार वालों को बता देना, मैं जा रही हूं। इसके तुरंत बाद उसने शारदा सहायक नहर में छलांग लगा दी। घटना को देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन नहर के तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल से छात्रा का दुपट्टा और चप्पलें बरामद हुई हैं। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर छात्रा की तलाश शुरू करा दी है। गोताखोरों की टीम भी नहर में सर्च अभियान चला रही है। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार का विवाद या तनाव नहीं था और उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि छात्रा ने ऐसा कदम क्यों उठाया। प्रभारी निरीक्षक राम राघव का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। छात्रा के नहर में छलांग लगाने के कारणों का पता लगाया जा रहा है और तलाश अभियान जारी है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:22 pm

कार ने बाइक को टक्कर मारी, महिला की मौत:शिवपुरी में हर्षी डेम के पास हादसा, पति गंभीर घायल

शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा हर्षी डेम के पास हुआ, जहां पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, नरवर नगर के वार्ड क्रमांक-1 निवासी 35 वर्षीय अजमेर कुशवाह अपनी 32 वर्षीय पत्नी अनीता कुशवाह के साथ सोमवार शाम करीब 6 बजे बाइक से सीहोर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। तेज रफ्तार कार ने पीछे से मारी टक्करइसी दौरान हर्षी डेम के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को तुरंत नरवर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अनीता कुशवाह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अजमेर कुशवाह का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस कार चालक की तलाश कर रही है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:20 pm

धमतरी में भारी बारिश के बाद महापौर-अधिकारी मैदान में:जलभराव की स्थिति का जायजा लिया; निकासी के निर्देश दिए

धमतरी नगर निगम क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। सोमवार को महापौर रामू रोहरा ने अधिकारियों के साथ बैठक की और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ खुद मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने निकले। निरीक्षण के दौरान महापौर रामू रोहरा के साथ उपायुक्त पीसी सार्वा, नगर निगम के इंजीनियर महेंद्र जगत समेत अन्य निगम अधिकारी मौजूद थे। महापौर ने दावा किया है कि कहीं भी अत्यधिक जलभराव की स्थिति नहीं है। हालांकि, शहर के बनियापारा, रामपुर वार्ड, गोकुलपुर, डबरीपारा, सोरीद और बठेनापारा जैसे इलाकों में सड़कों पर कई फीट पानी भर जाता है। महापौर रामू रोहरा ने बताया कि वे बारिश के बाद वार्डों की स्थिति का जायजा लेने निकले हैं। उन्होंने पानी निकासी की वर्तमान स्थिति का मुआयना किया, जो पीडी नाला और सोरीद नाला से होकर लोहरसी होते हुए निकलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पानी जमा हो रहा है, वहां के लिए योजना बनाकर काम किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जहां पानी घरों की ओर जा रहा है, उसे रोका जाए और मार्ग परिवर्तित किया जाए। महापौर ने बताया कि वर्तमान में भटगांव का पानी तेज बहाव के साथ आमा तालाब होते हुए सोरीद नाले में मिल रहा है, जिससे शहरों का पानी भी इस ओर आ रहा है। ऐसी स्थिति में गांव में पानी न रुके, इसकी भी समीक्षा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, तालाबों में पानी भरने और जलस्तर बढ़ाने की भी समीक्षा की जा रही है। महापौर ने संतोष व्यक्त किया कि अभी तक कहीं भी पानी ज्यादा रुका नहीं है। आने वाले दिनों में अधिक बारिश की संभावना को देखते हुए, बनाए गए कंट्रोल रूम को सक्रिय किया गया है और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जहां भी आवश्यकता है, अधिकारियों की टीमें भेजी जा रही हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:18 pm

राज्यपाल माथुर बोले-अरविंद, कमाल कर दिया...ओल्ड को गोल्ड बना दिया:JNVU में 132 साल बाद जसवंत सिंह की प्रतिमा का हुआ अनावरण

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस में महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा का अनावरण किया गया। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा, अरविंद, कमाल कर दिया…ओल्ड को गोल्ड कर दिया। वहीं जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने विश्वविद्यालय के पुराने परिसर का नाम बदलकर जसवंत कैंपस करने का सुझाव दिया। कैंपस में 132 साल बाद महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा लगाई गई है। समारोह में कई जनप्रितिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस प्रतिमा को पूर्व विश्विविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने चार भामाशाहों की मदद से तैयार करवाई है। इस कार्यक्रम में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह, सिक्किम राज्यपाल ओम माथुर, राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया, विधायक बाबू सिंह राठौड़ और राजेंद्र राठौड़ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ओल्ड कैंपस का नाम जसवंत कैंपस हो समारोह में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने कहा- उस समय जसवंत सिंह मारवाड़ को आधुनिक रास्ते पर लेकर आए, डेवलपमेंट के काम करवाए। उनके समय एक्साइज, रेलवे, पीडब्ल्यूडी, एग्रीकल्चर, खनिज आदि में विकास करवाया। बड़े-बड़े बांध बनवाए और पानी की व्यवस्था करवाई। जसवंत सागर बांध उन्हीं के नाम से है। वे धार्मिक रूप से आर्य समाज के मुख्यिा को भी यहां लेकर आए और समाज सुधार का काम किया। इस कैंपस का नाम जसवंत कैंपस के नाम से होना चाहिए। गजसिंह ने कहा- महाराजा उम्मेद सिंह के नाम से एयरपोर्ट का नाम होना चाहिए। 100 साल पहले उन्होंने हवाई पट्टी बनवाई थी। एम्स का नाम भी..। जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग, राजस्थान को राज्य भाषा बनानी चाहिए। मैं आशा करता हूं ये काम जल्दी से जल्दी होगा। अरविंद तुमने ओल्ड को गोल्ड कर दिया वहीं, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- अरविंद कमाल कर दिया- ओल्ड से गोल्ड कर दिया। जैसे ही आपने सोशल मीडिया पर डाला मेरे पास कई फोन आ गए कि भाईसाहब मैं भी उस कॉलेज से हूं। हमारी भी ये खोट रही हमें इतना समय लगा। भाई आपने गजब कर दिया। वास्तव में इसका स्वागत होना चाहिए। इस बच्चे ने इस इतिहास को याद किया। वहीं, राजेंद्र राठौड़ ने युग परिवर्तन की बात कहीं। उन्होंने कहा कि कल एक कॉलेज में गया तो वहां विजन 2026 रखा। देश बदल रहा है, अब हमें 2047 करके विजन रखना है। 2014 के बाद देश बदल रहा है। मोदी ने जो सपना देखा है वो इन युवा पीढ़ी के भरोसे देखा है। मेरे सामने बैठे सिपाही विजन 2047 देखेंगे। राठौड़ ने कहा- मेरी इच्छा है कि जसवंत सिंह द्वितीय की जयंती पर मेला भरना चाहिए और पुष्प अर्पित होने चाहिए। 1893 में हुई थी स्थापना, पहला हायर एजुकेशन कॉलेज था साल 1893 में जसवंत कॉलेज की स्थाना की गई थी। ये उस समय का जोधपुर का पहला कॉलेज था, जो इलाहबाद यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड था। 1962 में ये जोधपुर यूनिवर्सिटी में आया और 1992 में इसका नाम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के तौर पर हुआ। जयपुर में तैयार हुई पंच धातु की प्रतिमा अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि जयपुर से महाराज जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा को तैयार किया गया है। पंच धातु से बनी ये प्रतिमा 8:50 फीट की हाइट है। इसके साथ ही इसका वजन 350-400 तक है। उन्होंने बताया कि साल 2024 में यूनिवर्सिटी से परमिशन मिली थी। लेकिन आर्थिक सहयोग के लिए मना कर दिया था। इसके बाद 25 जनवरी 2025 में इसका भूमि पूजन हुआ।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:18 pm

डॉ. मुखर्जी की जयंती पर सिविक सेंटर में युवा सम्मेलन:गडकरी बोले-उनके विचार अमर हैं, सीएम ने कहा-सपनों का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार अमर हैं: नितिन गडकरी - 125वीं जयंती पर युवा सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री; - मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी सभागार में युवा सम्मेलन एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि भले ही आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा, सत्ता किसी व्यक्ति या व्यवस्था को समाप्त कर सकती है, लेकिन विचारों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारतीय संस्कृति की समावेशी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में व्यक्ति का मूल्य उसके गुणों से तय होता है। 'डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत निरंतर आगे बढ़ रहा' मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 125 वर्ष बाद भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की दिशा और स्वरूप को लेकर डॉ. मुखर्जी की स्पष्ट सोच थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर डॉ. मुखर्जी के योगदान का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. मुखर्जी को पुष्पांजलि अर्पित की। इनमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, संगठन महामंत्री पवन राणा, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया, बांसुरी स्वराज, महापौर प्रवेश वाही और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:17 pm

गोधरा कांड के फरियादी रहे रिटायर्ड लोको पायलट का निधन:रतलाम के रहने वाले थे राजेंद्र राव जाधव, 2002 में साबरमती एक्सप्रेस के मुख्य चालक थे

गुजरात के चर्चित गोधरा कांड के दौरान साबरमती एक्सप्रेस के मुख्य चालक रहे रतलाम रेल मंडल के सेवानिवृत्त सीनियर लोको पायलट राजेंद्र राव जाधव (67) का निधन हो गया। वे गोधरा कांड के मामले में शिकायतकर्ता भी थे। रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। रतलाम के त्रिवेणी मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। राजेंद्र राव जाधव वर्ष 2018 में रेलवे से रिटायर हुए थे। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। वे रतलाम के मराठों के वास क्षेत्र में रहते थे। परिवार में पत्नी सुमति जाधव, बेटे गौरव जाधव और तीन बेटियां हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। दिवंगत जाधव के दामाद पीयूष गायकवाड़ ने बताया कि बीमारी के कारण वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। गोधरा कांड के प्रत्यक्ष गवाह थे 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में उग्र भीड़ ने आग लगा दी थी। इस घटना में 59 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क गए थे। उस समय राजेंद्र राव जाधव साबरमती एक्सप्रेस के मुख्य चालक थे। वे इस मामले के प्रत्यक्ष गवाह और फरियादी भी थे। अपने लंबे रेलवे सेवाकाल में उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ काम किया। रेलवे परिवार ने दी श्रद्धांजलि राजेंद्र राव जाधव के निधन की खबर से रेलवे परिवार और समाज में शोक की लहर फैल गई। त्रिवेणी मुक्तिधाम में बड़ी संख्या में समाजजन, रतलाम रेल मंडल के अधिकारी, कर्मचारी और लोको पायलट मौजूद रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी सेवाओं को याद किया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:13 pm

बुलंदशहर में तमंचा लहराते हुए युवकों ने किया डांस:पुलिस ने कहा- वीडियो की जांच की जा रही, आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करेंगे

बुलंदशहर में के दुल्हैरा गांव में सोमवार शाम एक युवक का हाथ में तमंचा लहराते हुए डांस करने का वीडियो सामने आया है। युवक भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक डीजे की धुन तमंचा लहराते हुए नाच रहे हैं। इसमें बिना किसी डर के सरेआम अवैध हथियार हवा में लहराया जा रहा है। यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। इस पूरे प्रकरण पर बुलंदशहर के एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने बयान जारी किया है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लिया गया है। यह वीडियो दुल्हैरा गांव का बताया जा रहा है। वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है और इसमें दिख रहे युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:12 pm

हॉस्टल अधीक्षक 1 लाख रिश्वत लेते पकड़ाया:10 दिन बाद भी सस्पेंड नहीं, पैसों से जुड़े कागजातों को गायब करने की आशंका

नीमच के उत्कृष्ट सीनियर बॉयज हॉस्टल के अधीक्षक हरीश चौहान को लोकायुक्त पुलिस ने ₹1 लाख की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई को सोमवार को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आदिम जाति कल्याण विभाग ने आरोपी अधीक्षक को अब तक सस्पेंड नहीं किया है। विभाग के इस ढीले रवैये पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यही विभाग छोटी-मोटी गलतियों पर भी अधीक्षकों को तुरंत सस्पेंड कर देता है। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने हरीश चौहान को 25 जून को जिला संयोजक कार्यालय से रिश्वत लेते हुए दबोचा था। इसके बाद, 1 जुलाई को विभाग ने उन्हें हटाने और कॉलेज हॉस्टल के अधीक्षक चंद्रशेखर राठौर को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया। 10 दिन बाद छोड़ा पद, सबूत मिटाने का शक विभागीय आदेश होने के बावजूद हरीश चौहान कई दिनों तक अपनी कुर्सी पर जमे रहे और सोमवार सुबह ही उन्होंने अपना चार्ज नए अधीक्षक को सौंपा। चार्ज सौंपने में हुई इस देरी ने विभाग के काम करने के तरीके पर शक पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस 10 दिन की देरी का फायदा उठाकर हॉस्टल के रिकॉर्ड, पैसों से जुड़े कागजातों और स्टोर के सामान में हेरफेर की गई है, ताकि पुराने घपलों को छुपाया जा सके। 7 साल से चल रहा था वसूली का 'सिंडिकेट' विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व जिला संयोजक राकेश राठौर और आरोपी अधीक्षक हरीश चौहान का एक 'सिंडिकेट' पिछले 7 सालों से एक्टिव था। आरोप है कि यह गुट दूसरे अधीक्षकों के खिलाफ झूठी शिकायतें करवाकर उन्हें डराता था और फिर जिला दफ्तर बुलाकर उनसे मोटी वसूली करता था। इस सिंडिकेट ने विभाग के 7 अधीक्षकों से प्रमोशन की फाइलें आगे बढ़ाने के बदले ₹25-₹25 हजार वसूले थे। इसके अलावा, तबादलों के बाद कटे हुए वेतन को जारी कराने, छोटे कर्मचारियों की तनख्वाह क्लियर कराने और ट्रांसफर होने के बाद भी पुरानी जगह पर रोके रखने के लिए मोटी रकम ली गई थी। पुराना है विवादों से नाता आरोपी अधीक्षक हरीश चौहान साथी कर्मचारियों पर धौंस जमाता था कि वह राकेश राठौर को उज्जैन का डिप्टी कमिश्नर बनवाकर लाएगा और फिर विरोध करने वालों की नौकरी खा जाएगा। हरीश चौहान का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले एक गर्ल्स हॉस्टल की दो नाबालिग लड़कियों ने उन पर एट्रोसिटी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन राजनैतिक पहुंच के चलते वह बच निकला। मामले में किसने क्या कहा? आरोपी और तत्कालीन अधीक्षक हरीश चौहान का कहना है कि लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद मैंने नए अधीक्षक को हॉस्टल का चार्ज सौंप दिया है। चार्ज देने में जानबूझकर देरी करने जैसी कोई बात नहीं है, जो भी कागजी प्रक्रिया थी उसके तहत ही प्रभार दिया गया है। वहीं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक को इस संबंध में निर्देश दे रहा हूं। पूरे मामले में नियम के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक मनोज लिथोरिया का कहना है कि हमें लोकायुक्त के ऑफिशियल लेटर का इंतजार है। पत्र मिलते ही निलंबन की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि नियमों के मुताबिक निलंबित करने के बाद हरीश चौहान को जिले से बाहर भेजा जाना तय है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:11 pm

कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड रूट पर सिग्नलिंग का काम शुरू:रावतपुर से डबल पुलिया के बीच लगेंगे 14 सिग्नल, जानें क्या है वॉयलेट लाइट का राज

कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के तहत रावतपुर से डबल पुलिया के बीच बनने वाले अंडरग्राउंड सेक्शन का काम अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। करीब 4.10 किलोमीटर लंबे इस अंडरग्राउंड रूट पर सिविल कंस्ट्रक्शन (टर्मिनल और टनल बनाने) के बाद अब सिस्टम इंस्टॉलेशन यानी तकनीकी प्रणालियों को लगाने का काम शुरू हो गया है। सोमवार को 5 बजे यूपीएमआरसी (UPMRC) की सिग्नलिंग और टेलीकॉम टीम की मौजूदगी में रावतपुर अंडरग्राउंड स्टेशन के टेक्निकल रूम से सिग्नलिंग सिस्टम लगाने के काम की शुरुआत की गई। इस रूट पर कुल तीन स्टेशन रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया आने वाले हैं। इसी साल मार्च में पूरी हुई थी टनल की खुदाई आपको बता दें,कि इस अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए सुरंग (टनल) बनाने का काम इसी साल मार्च में ही पूरा कर लिया गया था। टनल तैयार होने के बाद अब इन तीनों स्टेशनों पर तकनीकी कमरों को फिनिशिंग देने के साथ-साथ ट्रैक बिछाने, थर्ड रेल (बिजली की पटरी) और इलेक्ट्रिकल सिस्टम लगाने का काम दिन-रात चल रहा है। इसी कड़ी में अब ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए सबसे जरूरी 'सिग्नलिंग सिस्टम' पर काम शुरू कर दिया गया है। रावतपुर में सबसे ज्यादा 10 सिग्नल, जानें बत्तियों का मतलब इस पूरे अंडरग्राउंड रूट पर कुल 14 सिग्नल लगाए जाएंगे। इनमें से अकेले रावतपुर स्टेशन पर 10 सिग्नल लगेंगे, जबकि काकादेव और डबल पुलिया स्टेशनों पर 2-2 सिग्नल इंस्टॉल किए जाएंगे। मेट्रो के इन सिग्नलों में आम ट्रैफिक लाइट से अलग तीन रंग होंगे लाल, बैंगनी और हरा। लाल रंग ट्रेन को तुरंत रोकने के लिए होता है। बैंगनी रंग सबसे खास है, इसका मतलब होता है कि आगे का ट्रैक पूरी तरह साफ तो नहीं है, लेकिन मेट्रो एक तय स्पीड लिमिट (गति सीमा) के अंदर सुरक्षित आगे बढ़ सकती है। वहीं हरा रंग मिलने का मतलब है कि आगे का पूरा ट्रैक एकदम क्लियर है और मेट्रो अपनी फुल स्पीड में दौड़ सकती है। पटरियां बदलने के लिए लगेंगी 4 पॉइंट मशीनेंमेट्रो को बिना किसी दुर्घटना के एक लाइन से दूसरी लाइन पर ऑटोमैटिक तरीके से मोड़ने के लिए इस सेक्शन में 4 पॉइंट मशीनें लगाई जाएंगी। ये चारों मशीनें रावतपुर स्टेशन पर ही लगेंगी। इसके अलावा, ट्रैक पर ट्रेन कहाँ मौजूद है, इसकी सटीक लोकेशन जानने के लिए पूरे रूट पर 44 एक्सल काउंटर लगाए जा रहे हैं। साथ ही इमरजेंसी के लिए 9 इमरजेंसी स्टॉप लेंजर (ESP) और 3 इमरजेंसी की ट्रांसमीटर (EKT) भी लगाए जाएंगे। तय समय पर काम पूरा करने का लक्ष्ययूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 के इस अंडरग्राउंड हिस्से में काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिग्नलिंग के साथ-साथ ट्रैक बनाने का काम भी प्रगति पर है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि मेट्रो की पूरी टीम और काम कर रही एजेंसियां पूरे तालमेल और समर्पण के साथ जुटी हैं, ताकि तय समय सीमा के भीतर इस रूट पर भी कानपुर वाले मेट्रो का सफर तय कर सकें।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:10 pm

जयपुर के अशोक शर्मा का भारतीय टीम में सिलेक्शन:जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में 15 खिलाड़ियों में चयनित; 150 की स्पीड में फेंक चुके गेंद

जयपुर के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन हो गया है। अशोक शर्मा तेज गेंदबाज हैं। अशोक शर्मा ने तेज रफ्तार गेंदबाजी से घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खास पहचान बनाई है। उन्हें अब पहली बार टी-20 इंटरनेशनल टीम में चुना गया है। अशोक शर्मा जयपुर के रामपुरा गांव के रहने वाले हैं। पिछले साल गुजरात टाइटंस ने अशोक को 90 लाख रुपए में खरीदा और इस साल उन्होंने अपना डेब्यू किया। अशोक शर्मा 23 से 26 जुलाई तक जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जाने वाली टी-20 सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। भारतीय टीम में जगह मिलने के साथ ही अशोक का सपना पूरा हो गया। टीम इंडिया में सिलेक्शन के बाद अशोक शर्मा ने कहा- यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा- जब से क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तभी से भारतीय टीम की जर्सी पहनने का सपना देखा था। अब वह सपना सच हो गया है। इस खुशी को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि इस मौके का पूरा फायदा उठाऊं और प्रदर्शन से टीम इंडिया को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाऊं। आईपीएल में कई टीमों में खेल चुके अशोक शर्मा ने IPL में राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस का हिस्सा रह चुके हैं। आईपीएल के दौरान अशोक शर्मा ने 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी गति और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण वे सिलेक्टर की नजर में आए। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन का बने थे हिस्सा आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन ने अशोक शर्मा को घरेलू क्रिकेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए अशोक शर्मा ने नए घरेलू सत्र से गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के बैनर तले खेलने का फैसला किया। अब भारतीय टीम में चयन के साथ अशोक शर्मा के करियर ने नई ऊंचाई हासिल कर ली है। राजस्थान के लिए यह उपलब्धि भी खास मानी जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि अशोक शर्मा अपनी तेज गेंदबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव छोड़ेंगे और भारतीय टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि इससे पहले अशोक शर्मा को भारतीय-ए टीम के लिए सिलेक्ट किया गया था। जून महीने में श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही सीरीज में भारतीय-ए टीम के सदस्य युद्धवीर सिंह फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे। इसके बाद तेज गेंदबाज के तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अशोक शर्मा को उनकी जगह टीम में शामिल किया था।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:07 pm

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर सफाई कर्मचारियों का आंदोलन खत्म:वार्ता के बाद बनी सहमति, हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारी रिहा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर कई दिनों से चल रहा सफाई कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार शाम समाप्त हो गया। रविवार देर रात पुलिस कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ गया था, लेकिन सोमवार को प्राधिकरण और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में सहमति बनने के बाद हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गेट नंबर-2 पर सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी किया जाना, ठेका प्रथा समाप्त करना और सफाई कार्य के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना शामिल था। कर्मचारियों का कहना था कि कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद रविवार देर रात पुलिस ने धरनास्थल से कई प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हिरासत में लेकर सूरजपुर पुलिस लाइन भेज दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह सफाई कर्मचारी पहले सिटी पार्क के पास जुटे। उनका प्राधिकरण कार्यालय तक मार्च निकालने का कार्यक्रम था, लेकिन पुलिस कार्रवाई के चलते वे सुबह करीब 9 बजे सीधे सूरजपुर पुलिस लाइन पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ जबरन कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कुछ अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया। कई घंटे चली वार्ता, बनी सहमति सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच कई घंटे तक वार्ता चली। बातचीत के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनने के बाद विवाद समाप्त हो गया और कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया। सभी कर्मचारियों को किया गया रिहा एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि प्राधिकरण और सफाई कर्मचारियों के बीच वार्ता सफल रही। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आवश्यक कदम उठाए।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:06 pm

नवागत एसपी प्रियंका शुक्ला शाजापुर पहुंचीं:पदभार ग्रहण से पहले मां राजराजेश्वरी के दर्शन किए

नवागत पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रियंका शुक्ला सोमवार शाम शाजापुर पहुंचीं। उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले रात करीब 8 बजे मां राजराजेश्वरी मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जिले में सुख-शांति, कानून व्यवस्था और नागरिकों की खुशहाली की कामना की। मंदिर में पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका पूजन कराया। एसपी प्रियंका शुक्ला ने माता रानी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी और जवान भी उनके साथ मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन ने 3 जुलाई को जारी तबादला आदेश में शाजापुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत का स्थानांतरण किया था। उनके स्थान पर प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की नई पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, नवागत एसपी प्रियंका शुक्ला मंगलवार को शाजापुर पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण करेंगी। इसके बाद वे जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकती हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:06 pm

फरीदाबाद में 6 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत:मायके में अधिक रुकने पर ससुराली नाराज, परिजन बोले-मुंह से झाग आ रहे थे

फरीदाबाद के खेड़ी थाना क्षेत्र के बादशाहपुर गांव में 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला 6 महीने की गर्भवती थी। परिजनों का आरोप है कि मायके में तय समय से 4 दिन ज्यादा रुकने के कारण ससुराल वाले उससे नाराज रहते थे और पिछले कई दिनों से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। घटना के बाद महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। मृतका के परिजनों के अनुसार अंजलि करीब 15 दिन पहले गर्मी की छुट्टियों में अपने मायके, पलवल के पास स्थित देवली गांव गई थी। बताया जा रहा है कि वह ससुराल वालों से 10 दिन में लौटने की बात कहकर गई थी, लेकिन 2-3 दिन अधिक रुक गई। इसी बात को लेकर उसके पति मनोज और परिवार के अन्य सदस्य उससे नाराज हो गए। परिजनों का आरोप है कि पिछले 4-5 दिनों से घर में इसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था और अंजलि को बार-बार ताने दिए जा रहे थे। चाची बोलीं- फोन पर रो रही थ बेटी अंजलि की चाची कविता ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब 9 बजे उनकी अंजलि से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान अंजलि काफी परेशान थी और रो रही थी। उसने बताया कि घर में कोई उससे ठीक से बात नहीं कर रहा है। वह कई बार अपनी गलती मानकर माफी भी मांग चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि परिवार के लोग उसके हाथ का खाना तक नहीं खा रहे हैं और उससे दूरी बनाकर रख रहे हैं। चाची कविता ने बताया कि सुबह बातचीत के करीब आधे घंटे बाद ससुराल पक्ष की ओर से फोन आया। उन्हें बताया गया कि अंजलि पोछा लगाते समय सीढ़ियों से नीचे गिर गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो अंजलि की मौत हो चुकी थी। परिजन बोले- चोट के निशान नहीं मिले मायके पक्ष का आरोप है कि अस्पताल में अंजलि के मुंह से झाग निकल रहा था और उसका शरीर फूला हुआ था। उनका कहना है कि यह देखकर उन्हें शक हुआ कि उसे कोई जहरीला पदार्थ खिलाया गया है। उनका यह भी कहना है कि यदि वह सीढ़ियों से गिरी होती तो उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई देते, लेकिन उन्हें ऐसे निशान नहीं दिखे। इसी आधार पर परिजनों ने ससुराल पक्ष पर अंजलि की हत्या करने का आरोप लगाया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 6 महीने की गर्भवती थी अंजलि परिजनों ने बताया कि अंजलि की शादी करीब 6 साल पहले बादशाहपुर निवासी मनोज के साथ हुई थी। उसके 2 छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। अब अंजलि 6 महीने की गर्भवती भी थी। उसकी मौत से परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस कर रही मामले की जांच वहीं, इस मामले में पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। अभी तक मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला की मौत किस कारण से हुई। यदि परिजनों की ओर से शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:05 pm

बिलासपुर मंडल के 140 टीटीई को बॉडी वॉर्न कैमरे मिले:वॉकी-टॉकी से लैस करने वाला देश का पहला मंडल, सुरक्षा को प्राथमिकता

बिलासपुर रेल मंडल ने सभी महिला टिकट चेकिंग कर्मियों सहित कुल 140 टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। यह पहल टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस करने वाला बिलासपुर को मुंबई के बाद संभवतः देश का चौथा रेल मंडल बनाती है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने पहले 50 कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे दिए थे। हाल ही में, 90 अतिरिक्त कर्मियों को कैमरे वितरित किए गए। सिंह ने यह भी दावा किया कि टिकट चेकिंग कर्मियों को वॉकी-टॉकी से लैस करने वाला बिलासपुर रेल मंडल देश का पहला मंडल है। इन बॉडी वॉर्न कैमरों के उपयोग से टिकट जांच के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे किसी भी विवाद की स्थिति में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन संभव हो सकेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के अनुसार, यह कदम विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:05 pm