पंजाब की एक नाबालिग लड़की को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुरक्षा प्रदान की है। लड़की अपने माता-पिता व रिश्तेदारों के खिलाफ अदालत पहुंची थी। उसने दलील दी कि उसके माता-पिता और रिश्तेदार उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका विवाह अपनी पसंद के लड़के से कराना चाहते हैं। जब उसने इस विवाह से इनकार किया, तो परिवार ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया, मारपीट तक की, जिसके चलते वह घर छोड़ने पर मजबूर हो गई। लड़की ने अपने दोस्त के साथ लिवइन में रहने का निर्णय लिया। उसने अदालत से अपनी जान और स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की। याचिका में उसने दलील दी है कि जब वह बालिग हो जाएगी तो हिंदू धर्म अनुसार शादी करेगी। अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद फैसला दिया कि यह एक किशोरी है, जिसे देखभाल और सुरक्षा की सख्त आवश्यकता है। अदालत ने अधिकारियों को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। 4 पॉइंट्स में जानें पूरा मामला… अदालत ने इस फैसलों को माना आधार मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नंदकुमार बनाम केरल राज्य व अन्य (20 अप्रैल 2018) के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि भले ही पक्षकार विवाह के योग्य न हों, फिर भी उन्हें साथ रहने का अधिकार है और उनकी जीवन एवं स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के राजवीर कौर बनाम पंजाब राज्य व राजप्रीत कौर बनाम पंजाब राज्य मामलों के निर्णयों पर भी भरोसा किया गया। इसके बाद अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता को उसके माता-पिता और रिश्तेदारों द्वारा लगातार धमकियों, जबरदस्ती और शारीरिक हमले का शिकार बनाया गया है। उसे उसकी मर्जी के खिलाफ शादी करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। लड़की की सुरक्षा और सलामती का यह गंभीर मुद्दा है। याचिकाकर्ता ने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर छिपने को मजबूर है और उसे झूठे मुकदमों में फंसाए जाने का डर है। लड़के की सुरक्षा भी जरूरी एडवोकेट सुभाष कुमार का कहना है कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लड़की को प्रोटेक्शन देने के आदेश दिए हैं। यहां लड़की के दोस्त की सुरक्षा भी अहम है। उसकी सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। उसकी जान भी अहम है। दोनों के परिवार इस चीज से सहमत नहीं हैं।
श्री फतेहगढ़ साहिब के भटेड़ी में हुए सड़क हादसे में 8 लोगों की जान चली गई। सिख संगत ने उस हादसे में सिखी का प्रचार करने वाले एक ग्रंथी सिंह को भी खो दिया। गांव के गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी का दायित्व निभाने वाले इकबाल सिंह नई पीढ़ी को सिखी से जोड़ने में डटे रहे। दुनिया से अलविदा होते समय भी वह संगत को श्री आनंदपुर साहिब से धार्मिक यात्रा करवाकर ला रहे थे। इकबाल सिंह ने पालकी साहिब तैयार की थी, जिसे वह खुद ड्राइव करते थे और उसमें संगत को बैठाकर अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाते थे। मैणी माजरा के गांव में वह श्री गुरुग्रंथ साहिब के बुजुर्ग स्वरूपों की सेवा करते रहे। गांव के गुरुद्वारा साहिब में 25 सालों से सेवा कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्रंथी इकबाल सिंह गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी की सेवा निभाने के बदले वेतन भी नहीं लेते थे। हर महीने वह गांव की संगत को पालकी साहब वाली बस में बैठाकर यात्रा पर ले जाते थे, ताकि लोग सिखी से जुड़े रहें। ग्रामीण भी उनके साथ यात्रा करने को लेकर उत्साहित रहते थे। बस हादसे में मौत के बाद वीरवार को उनका अंतिम संस्कार संगरूर में उनके पैतृक गांव छन्ना में कर दिया गया। ग्रंथी इकबाल सिंह के बारे में अहम बातें… हादसे के वक्त इकबाल सिंह ही चला रहे थे बस मंगलवार रात भटेड़ी के पास जब एक्सीडेंट हुआ, उस समय बस ग्रंथी इकबाल सिंह ही चला रहे थे। रमनदीप सिंह का कहना है कि जब वह संगत को लेकर जाते थे तो पूरे रास्ते नाम सिमरन करवाते थे। जब बस हादसा हुआ, उस समय भी नाम सिमरन कर रहे थे। सड़क के बीच में बने गड्ढे के कारण उनकी बस एकदम से पलट गई और एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में इकबाल सिंह भी इस दुनिया को अलविदा कह गए। सिखी का लॉस है इकबाल सिंह का जाना ग्रंथी इकबाल सिंह की बात करते हुए ग्रामीण आज भी भावुक हो रहे हैं। गांव के गज्जन सिंह का कहना है कि ग्रंथी इकबाल सिंह के जाने का सबसे ज्यादा नुकसान उनके गांव का हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रंथी इकबाल सिंह सिखी की सेवा में थे, इसलिए उनके जाने से सिखी को भी लॉस हुआ है। उन्होंने कहा कि वह 25 साल से सेवा कर रहे थे। वह सबसे बड़ी सेवा बुजुर्ग पावन स्वरूपों की कर रहे थे। इसके लिए वह सभी मर्यादाओं का पालन करते रहे। उन्होंने बताया कि तकरीबन महीने में वह ग्रामीणों को किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर जरूर ले जाते थे। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब- पालकी में बची लड़की, हादसे की पूरी कहानी बताई:बिना सीटों वाली बस, कीर्तन करते वक्त अचानक पलटी; खंभे से टकराकर करंट फैला श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेक कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस फतेहगढ़ साहिब में सड़क पर एक गड्ढे में पहिया जाने से पलट गई। इसमें 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि, 20 से ज्यादा श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
केंद्र सरकार ने संसद में महिला आरक्षण और लोकसभा परिसीमन बिल पेश किए। इसमें लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी और महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। देश में लोकसभा सीटों की संख्या 545 से बढ़कर 850 किया जा रहा है। जिसमें से 33 फीसदी यानि 273 से 283 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इन बिलों से पंजाब में लोकसभा की करीब 6-7 सीटें बढ़ेंगी और इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। हालांकि महिलाओं के लिए रिजर्व सीटों की हर साल रोटेशन भी होगी। पंजाब में इन बिलों का क्या असर पड़ेगा, महिला आरक्षण का रोटेशन सिस्टम क्या है, क्या यह पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में भी लागू होगा, इन सब सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सवाल: महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा पूरा मामला क्या है?जवाब: केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान था। लेकिन ये लागू नहीं हो सका। ऐसा इसलिए क्योंकि उस कानून में शर्त थी कि महिला आरक्षण नई जनगणना और फिर परिसीमन के बाद ही लागू होगा। नई जनगणना अभी शुरू ही हुई है। डेटा आने में करीब 2 साल लग सकते हैं। उसके बाद परिसीमन होगा। ऐसे में महिला आरक्षण 2034 चुनाव तक टल सकता था। मोदी सरकार इसे 2029 में ही लागू करना चाहती है। इसीलिए विशेष सत्र में 3 नए विधेयक लाई है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026। केंद्र सरकार इन विधेयकों के जरिए 3 बड़े काम करना चाहती है… पहला- लोकसभा की अधिकतम सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करना (815 राज्यों के लिए और 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए)।दूसरा- अभी तक सीटें 1971 की जनगणना के आधार पर तय होती थीं, इस संवैधानिक रोक को हटाकर एक लचीला फॉर्मूला लाना, जिससे संसद में साधारण बहुमत से तय किया जा सके कि किस जनगणना का इस्तेमाल होगा।तीसरा- एक परिसीमन आयोग बनाना जो 2011 की जनगणना के आधार पर चुनाव क्षेत्रों की नई सीमाएं खींचे और सीटें फिर से बांटे। सवाल: पंजाब में लोकसभा सीटों की स्थिति पहले क्या थी और अब क्या है?जवाब: साल 1952 से 1966 तक पंजाब बड़ा राज्य था, इसलिए 22 लोकसभा सीटें होती थीं। इसके बाद 1966 में पंजाब रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत पंजाब का विभाजन कर हरियाणा अलग राज्य बनाया गया और चंडीगढ़ भी अलग हो गया। इसके बाद पंजाब में लोकसभा की सीटें 22 से घटकर 13 रह गईं। इसके बाद 1976 में भारतीय संविधान का 42वां संशोधन अधिनियम के तहत आबादी के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण रोक दिया गया और राज्यों की लोकसभा सीटें फ्रीज कर दी गईं। 2002 के परिसीमन में पंजाब की सीटों की संख्या न बढ़ीं या न घटीं। सिर्फ आरक्षण व सीटों के नाम बदले। सीमाएं बदलीं, पुरानी सीटें रोपड़, तरनतारन, फिल्लौर खत्म हुई और इनकी जगह नई सीटें बनीं। नई बनी तीनों सीटों का नाम आनंदपुर साहिब, खडूर साहिब, और फतेहगढ़ साहिब रखा गया जो कि सिख इतिहास से जुड़े हैं। फतेहगढ़ साहिब को अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित रखा गया जैसे पहले फिल्लौर थी। आनंदपुर साहिब और खडूर साहिब सामान्य सीटें बनीं। 1976 में सीटें फ्रीज किए जाने के बाद से पंजाब में 13 ही लोकसभा सीटें हैं। सवाल: केंद्र के परिसीमन बिल से पंजाब में लोकसभा सीटों पर क्या असर पड़ेगा?जवाब: केंद्र के बिल के मुताबिक नए बिल के लागू होने के बाद सीटों की संख्या अभी वालों कों के मुकाबले डेढ़ गुना हो जाएगी। इस लिहाज से पंजाब में अभी 13 सीटें हैं तो आधी और बढ़ जाएंगी। जिससे 6 या 7 सीटों की बढ़ोतरी हो सकती है। इस लिहाज से पंजाब में 2029 के लोकसभा चुनाव में 19 से 20 सीटें हो सकती हैं। सवाल: महिला आरक्षण लागू होगा तो उनके खाते कितनी सीटें आएंगी?जवाब: केंद्र ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का बिल पेश किया है। इस हिसाब से देखें तो 13 से बढ़कर सीटें 19-20 होंगी तो उसमें से 33% यानी 6 से 7 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। सवाल: क्या 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में परिसीमन और महिला आरक्षण लागू होगा?जवाब: केंद्र सरकार के बिल के मुताबिक लोकसभा सीटों का परिसीमन होगा। अगर लोकसभा सीटें बढ़ेंगी तो उसी अनुपात में विधानसभा की सीटें भी बढ़ेंगी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं और एक साल में परिसीमन होना संभव नहीं है। वहीं परिसीमन जनगणना के बाद 2029 लोकसभा चुनाव के समय होना है, ऐसे में पंजाब चुनाव के वक्त सीटें नहीं बढ़ेंगी। 117 सीटों पर ही चुनाव होगा। महिला आरक्षण भी इस चुनाव में लागू नहीं होगा। हां, 2032 के विधानसभा चुनाव में जरूर पंजाब में सीटें बढ़ने के साथ महिला आरक्षण भी लागू होगा। सवाल: पंजाब में अब तक कितनी महिला सांसद बनीं?जवाब: पंजाब में 1951 से लेकर अब तक हुए लोकसभा चुनावों की बात करें तो आम चुनावों में 13 महिलाएं सांसद बनी हैं। महिला आरक्षण न होने के बावजूद 2009 में पंजाब से सबसे ज्यादा 4 महिलाएं सांसद बनीं। वहीं शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल अब तक की सबसे ज्यादा 4 बार सांसद बनी हैं। पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी महारानी परनीत कौर भी 3 बार सांसद बनीं। सवाल: 2024 में कितनी महिलाओं को टिकट दी गई, उनमें से कितनी जीतीं?जवाब: 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में राजनीतिक दलों ने 65 उम्मीदवार मैदान में उतारे, जिसमें से सिर्फ 6 महिलाओं को टिकट दिया। यह कुल उम्मीदवारों का महज 9.2% था। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने लोकसभा चुनाव के लिए किसी भी महिला उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया। भाजपा ने सबसे ज्यादा 3 महिलाओं को टिकट दिया है। कांग्रेस ने 2 और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने सिर्फ एक महिला को टिकट दिया है। इनमें से अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ही इकलौती महिला उम्मीदवार रहीं, जिन्होंने चुनाव जीता। सवाल: क्या हर 5 साल में सीटें बदलेंगी, महिला आरक्षण का रोटेशन सिस्टम का राजनीतिक पेंच क्या है?जवाब : महिला आरक्षण में सबसे बड़ा राजनीतिक पेंच 'रोटेशन सिस्टम' का है। रिजर्व सीटें परमानेंट नहीं रहेंगी, बल्कि हर 5 साल बाद बदलती रहेंगी। इसे इस उदाहरण से समझ सकते हैं कि परिसीमन के बाद पंजाब में लोकसभा सीटों की संख्या 19-20 हो सकती है। ऐसे में लोकसभा चुनाव-2029 में 33% रिजर्वेशन के अनुसार 6-7 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। जो सीटें रिजर्व होंगी, वो केवल एक कार्यकाल के लिए रहेंगी। अगले लोकसभा चुनाव यानी 2034 में फिर से लॉटरी या महिला वोटर्स की संख्या के आधार पर नई 6-7 सीटें रिजर्व होंगी। सवाल: 2029 में कौन-कौन सी महिला नेताओं के चुनाव लड़ने के चांसेज हैं?सवाल: मौजूदा राजनीतिक हालात देखें तो सांसद चुनीं गईं महिलाओं में से हरसिमरत कौर बादल वर्तमान में बठिंडा से सांसद हैं। हरसिमरत कौर बादल की उम्र 62 साल के करीब है और 2029 तक वो 65 साल की हो जाएंगी। ऐसे में उनका चुनाव लड़ना तय है। वहीं, 3 बार की सांसद परनीत कौर 82 साल की हो चुकी हैं। 2029 तक उनकी उम्र 85 साल हो जाएगी। ऐसे में परनीत कौर का खुद चुनाव लड़ना मुश्किल माना जा रहा है। उनकी बेटी जयइंदर कौर भाजपा की प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। माना जा रहा है कि परनीत कौर की जगह उनकी बेटी जयइंद्र कौर अगले लोकसभा चुनाव में पटियाला से दावेदारी पेश करेंगी।
सोमवार को मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व को लेकर मंदिरों में खास तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भगवान को अर्पित किए जाने वाले चंदन की घिसाई की जा रही है। मंदिर के सेवायत कहते हैं कि अक्षय तृतीया पर्व पर वर्ष में एक बार होने वाले बांके बिहारी जी के चरण दर्शन से बद्रीनाथ धाम के दर्शन के बराबर की फल प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया पर्व को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी मीटिंग कर की जाने वाली व्यवस्थाओं का खाका खींचा। हरित्रयी आचार्यों की प्रगाढ़ प्रीति का प्रतीक पर्व है अक्षय तृतीया अंतरराष्ट्रीय सेवायत परिषद् के संस्थापक और बांके बिहारी मंदिर के सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि अक्षय तृतिया का पर्व हरित्रयी आचार्यों की प्रगाढ़ प्रीति का प्रतीक पर्व है। अब से तकरीबन 475 वर्ष पूर्व आखातीज उत्सव पर ठाकुर श्री युगल किशोर जी के सेवायत रसिकाचार्य हरिराम व्यासजी के आग्रह पर रसिक शेखर स्वामी हरिदास ने अपने आराध्य भगवान बाँके बिहारी जी महाराज के दर्शन रसिकाचार्य हित हरिवंश के आराध्य ठाकुर श्रीराधाबल्लभ लाल के स्वरूप में कराकर एक नवीन रससिक्त सेवा परिपाटी का शुभारंभ किया था। इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार प्रामाणिक प्रसंग में वर्णित है कि सन 1550 ई. के आसपास बैशाख माह में वृंदावनीय यमुना पुलिन पर हरित्रयी संतों के नाम से सुविख्यात स्वामी हरिदास, हित हरिवंश और हरिराम व्यास हरि चर्चाओं में लीन थे। उसी समय व्यासजी ने स्वामीजी से विशेष आग्रह किया कि रसिकों में एकरूपता प्रदर्शित करने के लिए आप बिहारी जी को राधावल्लभ के रूप में व हितजी राधावल्लभ लाल के दर्शन बाँके बिहारी जी के रूप में कराकर नवीन एकात्मक उपासना से लोक को परिचित कराने की कृपा करें। रसिकाग्रह के प्रति सम्मान दर्शाते हुये स्वामी हरिदास ने आखातीज पर्व पर बाँके बिहारीजी का श्रृंगार ठाकुर राधावल्लभ के स्वरूप में करते हुए अपने आराध्य के चरण दर्शनों सहित सर्वांग दर्शन संत भक्त संप्रदाय को सुलभ कराये। बिहारीजी के दर्शन राधावल्लभ के स्वरूप में करके अभिभूत हो उठे हरिवंशजी भी हर वर्ष पौषमाह में मकर संक्रांति महोत्सव के दौरान राधावल्लभजी के दर्शन बिहारीजी के चरण छुपे स्वरूप में कराने लगे। यह भी है परंपरा इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार द्वापर युग में आखातीजोत्सव के दिन ब्रजधाम में नंद यशोदा द्वारा बद्रीनाथ के दर्शन की इच्छा व्यक्त करने पर श्रीकृष्ण ने बद्रीनाथ भगवान के रूप में दर्शन देकर अपने माता-पिता की इच्छा पूर्ण की थी। इसीलिए इस पर्व पर श्रीकृष्ण के मूल स्वरूप भगवान बाँके बिहारी जी के चरण दर्शन करने से बद्रीनाथजी के दर्शन का पुण्य फल प्राप्त होता है। श्रीकृष्ण द्वारा नंद यशोदा को जिस स्थल पर बद्रीनाथ रूपी दर्शन कराए गए थे, वह स्थान आज भी ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में आदि बद्रीनाथ धाम के नाम से दर्शनीय है। यह है भाव इस दिन भगवान के श्री चरणों में सृष्टि का प्रतीक चन्दन का लड़डू रखा जाता है। चरणों में चन्दन लडुआ रखने के विषय में माना जाता है कि सृष्टि शांत शीतल स्वरूपा है तथा इसका आदि एवं अन्त प्रभु के चरण कमलों से ही होता है। इसी भावना स्वरूप इस दिन चन्दन दर्शन यात्रा का भावमय आयोजन किया जाता है। भारत के अलावा अन्य देशों से भी आते हैं श्रद्धालु अक्षय तीज पर दर्शन करने के लिए भारत के कोने-कोने से ही नहीं, अपितु विश्व के अनेक देशों से असंख्य श्रद्धातु भक्तिभाव सहित वृन्दावन पहुंचकर आराध्य बाँके बिहारी जी के चरण - सर्वाग दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। साल में केवल अक्षय तीज के दिन ही मिलने वाले चरण - सर्वाग दर्शन की अभिलाषा लेकर आने वाले श्रद्धातुओं के लिए मंदिर प्रबंधन एवं जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, सफाई एवं पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। पर्व पर जगह जगह सेवाभावी संस्थाओं द्वारा आम भक्तों की सेवार्थ शीतलजल व शरबत की प्याऊ लगाने के साथ ही सत्तू के लड़डू का विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा। DM, SSP ने की मीटिंग जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पर्यटन थाना वृंदावन के सभागार में अक्षय तृतीया पर्व के संबंध में विभिन्न विभागों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वृन्दावन को 3 जोन तथा 11 सेक्टर में विभाजित किया गया है तथा उसी अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न स्थानों पर 10 मेडिकल टीम तथा 5 एंबुलेंस लगाए। उन्होंने कहा कि वृन्दावन परिक्रमा मार्ग को सीसीटीवी कैमरों एवं पी ए सिस्टम से लैस किया जाए। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैरियर, बैरिकेडिंग, साफ सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था आदि सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने नगर निगम को दिशा सूचक चिन्ह, साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के दृष्टिगत जगह जगह पर पंखे एवं कूलर लगाए जाए। अग्नि शमन विभाग के अधिकारियों को तैयारी रखने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाए तथा घाटों के आस-पास सफाई सुनिश्चित करें। यह रहे मौजूद बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, एस पी सिटी राजीव कुमार सिंह, एस पी यातायात मनोज कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नमस्कार, संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संशोधन बिलों पर बहस देखने को मिली। उधर, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दावा कि चुनाव के दौरान भाजपा बम धमाके कराएगी। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में दिल्ली एयरपोर्ट पर दो विमान के आपस में टकराने की खबर भी बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. शाह बोले- परिसीमन से दक्षिणी राज्यों को कोई नुकसान नहीं, 129 सीटें बढ़कर 195 हो जाएंगी संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संशोधन बिलों पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस हुई। केंद्र ने कहा कि परिसीमन से किसी भी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि इन बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। शाह ने कहा; - लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं। परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी। तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी। आंध्र प्रदेश की 25 से 38 और तेलंगाना की 17 से बढ़कर 26 सीटें हो जाएंगी। PM मोदी ने भी गारंटी दी: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। राज्यों के अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। ये मेरी गारंटी है।' साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि जो आज इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। महिलाओं के अधिकारों का जिसने भी विरोध किया उसे माफी नहीं मिली है। बिल पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं पढ़ें पूरी खबर... 2. अखिलेश बोले- आपकी वो सास-बहू वाली हार गई, अमित शाह का तंज- आप 2027 में भी नहीं जीतेंगे लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए गए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- पूरा देश आधी आबादी के लिए आरक्षण चाहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या है? ये सशक्तिकरण नहीं, तुष्टिकरण के लिए है। शाह बोले- सपा मुस्लिम महिलाओं को सारी टिकट दे दे: अमित शाह ने अखिलेश पर पलटवार करते हुए कहा, सपा पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें आपत्ति नहीं। महिला आरक्षण बिल 2029 में लागू होगा। अखिलेश को डरने की जरूरत नहीं। क्योंकि, 2027 में भी वो जीतकर नहीं आने वाले हैं। मोदी बोले- अखिलेश हमारे मित्र: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने पीएम मोदी से कहा- आप भी पिछड़ी जाति से हैं। पिछड़ों का ध्यान नहीं रखते। ये पूरा देश देख रहा है। मोदी ने कहा- धर्मेंद्र जी, मैं आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं और अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी-कभी मदद कर देते हैं। ये सुनकर अखिलेश यादव हंस पड़े। उन्होंने हाथ जोड़कर मोदी का अभिवादन भी किया। पढ़ें पूरी खबर… 3. ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी। दरअसल, वॉशिंगटन में इजराइल-लेबनान के बीच 34 साल बाद पहली बार सीधी बातचीत हुई थी, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल थे। अमेरिका ने ईरान को फिर चेतावनी दी: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर अमेरिका ने पीस डील नहीं मानी, तो जंग फिर से शुरू हो सकती है। हमारी सेना तैयार है। राष्ट्रपति ट्रम्प के आदेश का इंतजार है। वहीं, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों से निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया है। दरअसल, अमेरिकी सेना ने ईरान के समुद्री इलाके में नाकाबंदी कर रखी है। पढ़ें पूरी खबर... 4. 2 रसगुल्ले खाने पर बच्चे को डीजल से जलाया, बस्ती में नानी के साथ शादी में पहुंचा था बस्ती में 2 रसगुल्ले खा लेने से नाराज कैटरिंग ठेकेदार ने 11 साल के बच्चे को डीजल से जला दिया। बच्चे की चीख सुनकर लोग दौड़े और आग बुझाई। लेकिन तब तक वह चेहरे से लेकर कमर तक बुरी तरह झुलस चुका था। घटना बुधवार शाम छावनी क्षेत्र के मलौली गोसाई गांव की है। नानी के साथ शादी में पहुंचा था बच्चा: पीड़ित चमन अपनी नानी के साथ रिश्तेदार की शादी में शामिल होने पहुंचा था। बच्चे को गंभीर हालत में अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। मामा की शिकायत पर पुलिस आरोपी कैटरिंग ठेकेदार की तलाश कर रही है। अमर उर्फ चमन मूलरूप से गोंडा में नवाबगंज के दुर्जनपुर गांव का रहने वाला है। वह कक्षा- 2 का छात्र है। रात 8 बजे जब शादी में खाने की व्यवस्था चल रही थी, तभी चमन कई बच्चों के साथ खेलते हुए हलवाइयों की तरफ चला गया। उसने वहां दो रसगुल्ले निकालकर खा लिए थे। पढ़ें पूरी खबर… 5. ममता का दावा- भाजपा चुनाव में बम धमाके कराएगी, फिर TMC के लोगों को गिरफ्तार करवाएगी पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी चुनाव में बम लगाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले धमाका करवाएगी, फिर NIA से जांच के नाम पर TMC के लोगों को गिरफ्तार करवाएगी। इसके लिए बाहरी लोगों को लाया जाएगा। CM ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है। एक्टर विजय की पार्टी का मेनिफेस्टो जारी: तमिलनाडु चुनाव के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के चीफ एक्टर विजय ने पार्टी का मेनिफेस्टो जारी किया। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की मदद के लिए शादी के समय 8 ग्राम सोना देने का वादा किया। साथ ही साल में 6 फ्री गैस सिलेंडर देने का ऐलान भी किया। पढ़ें पूरी खबर... 6. दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट और अकासा के विमान टकराए, पार्किंग एरिया में हादसा दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान आपस में टकरा गए। अकासा का विमान हैदराबाद जाने के लिए तैयार खड़ा था। उसी समय लेह से आया स्पाइसजेट का विमान उससे टकरा गया। हादसे में स्पाइसजेट के राइट विंग का हिस्सा अकासा के पिछले हिस्से में घुस गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया, किसी को चोट नहीं आई। दोनों प्लेन अभी इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे: घटना के बाद स्पाइसजेट और अकासा के प्लेन दिल्ली में ही खड़े कर दिए गए हैं, यानी इन्हें अगली उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। घटना की जांच की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... डायनासोर के फॉसिल से बना ₹5 करोड़ का हैंडबैग टायरानोसॉरस रेक्स नाम के डायनासोर के फॉसिल से 5 करोड़ का हैंडबैग बना है। T-rex के फॉसिल से तैयार यह बैग वैज्ञानिकों और डिजाइनर्स ने मिलकर बनाया है, जिसकी अब नीलामी होने वाली है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों की प्रभावशाली लोगों से मुलाकात हो सकती है। वृश्चिक राशि वालों को रुका पैसा मिलने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
हम लोग शादी की तैयारी कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद मेरे भतीजे की बारात निकलने वाली थी। मेहमान पहुंच चुके थे। दूल्हे को सजाने की तैयारी चल रही थी। उसे उबटन लगाया जा रहा था। घर की महिलाएं गीत गा रही थीं, पूरे घर में खुशी का माहौल था। अचानक चीख-पुकार मचने लगी। किसी ने चिल्लाकर बताया कि बस्ती में आग लग गई है। यह कहते हुए रानी का गला भर आया और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वह अपने भतीजे मनीष की शादी में शामिल होने आई थीं। विकास नगर में जिस वक्त 250 झोपड़ियों में आग लगी। वहीं से एक घंटे बाद बारात निकलने वाली थी। लेकिन आग ने सब कुछ जलाकर राख कर दिया। इस सबके बावजूद बारात निकली, शादी हुई। हालांकि बारात में सिर्फ परिवार के ही लोग गए। दूल्हा-दुल्हन के घर तैयार हुआ। घर नहीं होने की वजह से दुल्हन की विदाई भी नहीं हो सकी है। विकास नगर में आग के बाद के मंजर को समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची, यहां पीड़ित परिवारों के दर्द को जाना…पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट… पहले बेबसी की 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए चार पीड़ितों का दर्द, जिन्होंने अपना सब कुछ गवां दिया… 1. दूल्हे की शेरवानी, दुल्हन के गहने जल गए रानी ने बताया कि घर में हंसी-खुशी का माहौल था। 1 घंटे बाद भतीजे की बारात निकलने वाली थी। तब तक आग लग गई। सिलेंडर फटना शुरू हुए तो हम लोग जान बचाकर भागे। दूल्हे की शेरवानी सारा कपड़ा जल गया। दुल्हन के लिए हम शादी का जोड़ा जेवर लेकर आए थे, वह सब राख में मिल गया। हमारी शादी वाले घर में मातम छा गया। छोटे बड़े सब बिलख-बिलख कर रो रहे हैं। दूर-दराज से 100 से अधिक मेहमान आए थे, वह भी सब जान बचाकर भागे। नई साड़ी हमने भतीजे की शादी के लिए बहुत अरमान से खरीदी थी, बस वही बची है। मौसी बोलीं- बहन ने शादी के लिए उधार लिया था हमारी बहन घरों में झाड़ू-पोछा करती है, उसने बेटे की शादी के लिए डेढ़ लाख रुपए उधार लिए थे। अब वह बेसुध घूम रही है। हम हाथ जोड़कर सरकार से विनती करते हैं कि हम लोगों की मदद करे। आग लगने के 4 घंटे बाद मनीष की मधु से हुई शादी एक ओर आग से घर जल रहा था, वहीं वहीं दूसरी ओर मनीष की बारात निकली। इंदिरानगर के पानी गांव में 4 घंटे बाद मधु से शादी हुई। लोग गम में भी खुशी तलाशते नजर आए। पूरा मामला जानिए- 2. आंखों के सामने उजड़ गया आशियाना, सिसकती रही नंदिनी जहां आग लगी थी, वहां से 50 मीटर की दूरी पर नंदिनी बैठी थीं। आंखों में आंसू भर सिसकियां ले रही थीं। हमने उससे बातचीत करने की कोशिश की। गुमसुम बैठी नंदिनी ने बताया कि यह मंजर उसके लिए बेहद खौफनाक है। हमारा बचपन यहीं पर गुजरा है, पहली बार ऐसी आग देखी। इस आग में हमारा सब कुछ जल गया सिर्फ अपनी जान बचा पाए हैं। जब हादसा हुआ तो घर पर सिर्फ माता-पिता थे। हम अपनी बहन के साथ काम करने चले गए थे। वहीं पर जानकारी मिली कि घर पर आग लग गई है, भागते हुए आए और यहां का मंजर देखकर होश उड़ गए। 3. मजदूरी करके 2.5 लाख रुपए जुटाए थे, सबकुछ जल गया इस आग में हमारा परिवार बर्बाद हो गया। टीवी, फ्रिज सारा सामान जल गया। हमने अपनी शादी के लिए मजदूरी कर के ढाई लाख रुपए जमा किया था और कुछ गहने बनवाए थे। नकद पैसों के साथ गहने भी जल गए। इतना कहते हुए नंदिनी की आंखों से आंसू बहने लगे। झाड़ू पोछा करके अपनी शादी के लिए यह रकम जमा की थी। हमारे सारे जरूरी कागजात जल गए। पिछली धनतेरस पे हमने गाड़ी ली थी, उसके कागज भी जल गए। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी मदद करे, कुछ भी नहीं बचा जो कपड़ा पहने हैं तन पर बस यही है। 4. 'सब कुछ जल गया, बेटे-बहू का नहीं पता' सीना पीट पीट कर रोती हुई बेसुध शमसुन्निशा को एक लड़की सहारा दे रही थी। हाथ जोड़कर रोते हुए बोलीं कि हमारा सब कुछ जल गया। 9 महीना पहले हमने बेटी की शादी किया था। आग लगने के 2 घंटे के बाद भी हमारी बहू और बेटे का कुछ पता नहीं चल रहा है। 17 सालों से हम रह रहे हैं आज ही अचानक आग कैसे लग गई। इसके बारे में कुछ नहीं पता। घर में झाड़ू-पोछा करके जिंदगी गुजार रहे थे, हमारे पति पहले ही खत्म हो चुके हैं। अब बेटे और बहू का सहारा था, वह भी नहीं मिल रहे। हम बर्बाद हो गए, कुछ भी नहीं बचा। 15 अप्रैल को लगी भीषण आग, 250 आशियाने उजड़ गए लखनऊ के विकास नगर में बुधवार को भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद चारों तरफ गैस सिलेंडर और फ्रिज एसी के कंप्रेसर के फटने की आवाज गूंज रही थी। आग से 40 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें दिखाई दे रही थी। आग लगने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 7 घंटे के संघर्ष के बाद आप पर काबू पाया। लोगों का सारा सामान जलकर राख हो गया। जिनकी झोपड़ियां जलीं, वो लोग रोते-बिलखते रहे। देर रात लोगों को अस्थाई रैन बसेरे में भेजा गया। घटना की लोकेशन जानिए-
सेंट्रल मार्किट के व्यापारियों के पक्ष में धरने का ऐलान करने वाले संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता को गुरुवार देर रात पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही कई पदाधिकारी उनके घर पहुंच गए। टीपीनगर पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया है, जिसके बाद नवीन गुप्ता ने अपना धरना स्थगित कर दिया है। पहले एक नजर पूरे मामले पर सेंट्रल मार्किट में पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 44 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन सभी प्रतिष्ठानों के स्वामियों को 15 दिन का समय दिया गया है कि वह इस अवधि में सेटबैक तोड़ दें अन्यथा आवास विकास परिषद इस काम को अंजाम देगा। इसके बाद से सेंट्रल मार्किट के लोग धरने पर बैठे हैं। नवीन गुट ने किया घेराव का ऐलान व्यापारियों के विरूद्ध हो रही कार्रवाई के बाद संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने भी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने आवास एवं विकास परिषद के अफसरों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और उनके विरूद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में 17 अप्रैल की सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक आवास एवं विकास परिषद के घेराव का ऐलान भी किया। भूख हड़ताल के लिए भी चेताया नवीन गुप्ता ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सही तथ्य नहीं रखे गए, जिसके कारण यह गाज गिरी है। उन्होंने अफसरों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और व्यापारियों का उत्पीड़न ना रुकने पर धरने प्रदर्शन के साथ ही भूख हड़ताल का ऐलान भी कर दिया। देर रात नवीन हुए हाउस अरेस्ट नवीन गुप्ता के ऐलान के बाद से खलबली मची थी। पूरे दिन पुलिस प्रशासन के अधिकारी आंदोलन को विफल बनाने की रणनीति तैयार करते रहे लेकिन जब संभव नहीं हुआ तो उन्होंने देर रात करीब 12 बजे नवीन गुप्ता के टीपीनगर थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित घर पर पहुंचकर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। नौचंदी थाने में कांग्रेसियों के विरूद्ध तस्करासेंट्रल मार्किट में पुलिस ने पहरा बढ़ा दिया है। यहां राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के आने जाने पर रोक लगा दी है। इसी को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला व महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा की इंस्पेक्टर नौचंदी अनूप सिंह से झड़प हुई। इस मामले में कांग्रेसियों के विरूद्ध नौचंदी थाने में तस्करा डाला गया है। अप्रिय घटना का अंदेशा, धरना स्थगित नवीन गुप्ता को हाउस अरेस्ट करने की सूचना मिलते ही संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता, मंत्री बिल्लू त्यागी समेत कई पदाधिकारी उनके घर पहुंच गए। नवीन गुप्ता ने उनसे बात की और शुक्रवार के धरने को स्थगित कर दिया। उन्होंने वीडियो जारी कर कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह धैर्य बनाकर रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्व उनके आंदोलन को खराब कर सकते हैं, इसलिए फिलहाल इसे स्थगित किया जा रहा है। नौचंदी थाने में 20 के विरूद्ध डाला तस्करा उधर, दिन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प के बाद मामला गंभीर होता जा रहा है। पुलिस ने धरने पर राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की मौजूदगी पर रोक लगा दी है। इसी के चलते दिन में कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा से विवाद भी हुआ था। देर शाम नौचंदी थाने में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के अलावा सपा विधायक अतुल प्रधान, हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही, सपा नेता जीतू नागपाल समेत करीब 20 लोगों के विरूद्ध जीडी में तस्करा डाल दिया गया।
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केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन बिल पेश किए। PM मोदी ने अपनी स्पीच के दौरान अखिलेश यादव को अपना दोस्त कहा। इस पर सपा प्रमुख ने हंसते हुए हाथ जोड़ लिए। अखिलेश और अमित शाह के बीच बहस भी हुई। संसद के किसी भी सदन की सदस्य न होते हुए स्मृति ईरानी भी चर्चा का विषय बनीं। संसद में जोरदार बहस का VIDEO देखिए…
सपा के 12 नेता अपने बेटे-बेटियों के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें सपा के कद्दावर नेता रहे बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा भी शामिल हैं। सपा का गढ़ मानी जाने वाली कटेहरी सीट पर भी सांसद लालजी वर्मा अपनी बेटी के लिए दावेदारी कर रहे हैं। वहीं, बीमार चल रहे रामगोविंद अब अपने बेटे को बांसडीह सीट से विधायक बनाना चाहते हैं। इस कतार में तूफानी सरोज भी शामिल हैं, वो बेटी प्रिया सरोज को राजनीति में फिट करने के बाद अब बेटे के टिकट की पैरवी कर रहे हैं। ये नेता पिछले कुछ महीनों में अखिलेश यादव से मुलाकात कर चुके हैं। कई तो अपने-अपने क्षेत्रों में बेटे-बेटियों के साथ प्रचार करके माहौल भी बनाने लगे हैं। जिससे जब पार्टी के सर्वे हो, तब उनकी दावेदारी मजबूत दिखाई दे। ये नेता कौन-कौन हैं? क्या उनके परिवार के दो या उससे ज्यादा सदस्य पहले से किसी न किसी सदन का हिस्सा हैं? इस रिपोर्ट में जानते हैं… 12 नेताओं की सियासी वारिस की चिंता जानिए बेटे के लिए सीट सुरक्षित करना चाहते हैं फरीदबाराबंकी की रामनगर सीट से विधायक फरीद महफूज किदवई अखिलेश यादव सरकार (2012-2017) में मंत्री रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तकनीकी शिक्षा, वन और खेल समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अब वे अपनी सियासी विरासत आगे बढ़ाने के लिए बेटे फैजान किदवई को चुनाव लड़वाना चाहते हैं। इसके लिए क्षेत्र में फैजान के नाम पर प्रचार भी शुरू कर चुके हैं। फैजान बॉलीवुड एक्टर भी हैं। बेटे के लिए दोबारा टिकट मांग रहे अवधेशअयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद अपने बेटे अजीत प्रसाद के लिए मिल्कीपुर सीट से टिकट की डिमांड कर रहे हैं। फरवरी, 2025 में हुए मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा कैंडिडेट अजीत प्रसाद को भाजपा के चंद्रभानु पासवान ने 61,710 मतों से हराया था। यह हार इसलिए भी बड़ी मानी गई, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में अवधेश प्रसाद ने इसी क्षेत्र से बढ़त लेकर अयोध्या (फैजाबाद) सीट पर जीत दर्ज की थी। उपचुनाव में हार के बावजूद अवधेश प्रसाद अपनी राजनीतिक विरासत अजीत प्रसाद को ही सौंपने पर अड़े हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए वे अभी से ही क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। अवधेश प्रसाद मिल्कीपुर से 9 बार विधायक रह चुके हैं। बेटी के टिकट के लिए राकेश की पैरवीबाराबंकी में सपा के कद्दावर नेता रहे बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा कुर्सी सीट से विधायक रह चुके हैं। वे अखिलेश सरकार में राज्यमंत्री भी रहे हैं। पिता की विरासत संभालने के बाद अब वो अपनी बेटी श्रेया वर्मा को राजनीति में उतारना चाहते हैं। ऐसी कोशिश वो 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कर चुके हैं। श्रेया गोंडा से चुनाव लड़ चुकी हैं, उन्हें 4.28 लाख वोट मिले थे। लेकिन, 46 हजार वोटों से हार गई थीं। अब राकेश वर्मा 2027 के चुनाव में भी उन्हें कुर्सी सीट से विधायक का चुनाव लड़वाना चाहते हैं। लालजी वर्मा डॉक्टर बेटी को विधायक बनाना चाहते हैंलालजी वर्मा अंबेडकरनगर से सपा सांसद हैं। 2022 के चुनाव में वे कटेहरी विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। अखिलेश यादव ने उन्हें 2024 में लोकसभा का टिकट दिया था। वो चुनाव जीतकर सांसद बन गए। उपचुनाव में उनकी पत्नी शोभावती वर्मा सपा के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और उन्हें जीत मिली थी। इस बार लालजी वर्मा अपनी बेटी छाया वर्मा को विधानसभा में देखना चाहते हैं। छाया वर्मा पेशे से डॉक्टर (नेत्र रोग विशेषज्ञ) हैं। 8 बार के विधायक राम गोविंद बेटे को सौंपना चाहते हैं विरासतबलिया की बांसडीह से 8 बार विधायक रह चुके राम गोविंद चौधरी अब अपने बेटे रंजीत को राजनीतिक विरासत सौंपना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव 2022 में बांसडीह सीट से हार गए थे। केतकी सिंह ने उन्हें हराया था। राम गोविंद चौधरी 2017 से 2022 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। लंबे समय से वे बीमार भी चल रहे हैं, इसलिए वे अब अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। इसकी पैरवी वे अखिलेश यादव से भी कर चुके हैं। प्रिया सरोज के बाद बेटे को राजनीति में उतारने की तैयारीतूफानी सरोज मछलीशहर से सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में केराकत से विधायक हैं। उनकी बेटी प्रिया सरोज मछलीशहर से सांसद हैं। वह उनकी सियासी विरासत संभाल रही हैं। उनकी शादी क्रिकेटर रिंकू सिंह से तय है। अब तूफानी सरोज अपने बेटे धनंजय को भी राजनीति में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। धनंजय पेशे से एडवोकेट हैं और कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। बेटे के लिए टिकट की दावेदारी राजेंद्र यादव लखनऊ की बख्शी का तालाब (BKT) सीट से दो बार विधायक रहे हैं। अब वे अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से शिवेंद्र के पीछे खड़े हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में शिवेंद्र यादव को सपा की ओर से लगभग तय उम्मीदवार माना जा रहा था। उनका नाम चर्चा में भी था। अंतिम समय में रणनीतिक कारणों से पार्टी ने उनका टिकट काटकर गोमती यादव को मैदान में उतारा था। गोमती यादव को सपा ने 2012 में यहां से चुनाव जितवाया था। लेकिन, 2022 में वह भाजपा के योगेश शुक्ला से हार गए थे। शिवेंद्र क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे हैं। बख्शी का तालाब में पिछले दो चुनावों (2017 और 2022) में सपा को हार का सामना करना पड़ा है। अंबिका चाहते हैं बेटे को टिकट मिले अंबिका चौधरी की गिनती सपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है। अंबिका चौधरी मुलायम सिंह यादव के भरोसेमंद नेताओं में थे। वे सपा सरकार में राजस्व और पिछड़ा वर्ग कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक कलह के दौरान अंबिका चौधरी ने 2017 में बसपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने बसपा के टिकट पर फेफना विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार गए थे। अगस्त, 2021 में वे फिर से सपा में शामिल हो गए। इसकी नींव उनके बेटे आनंद चौधरी के जरिए ही पड़ी थी। आनंद चौधरी ने सपा के समर्थन से बलिया जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता था। अंबिका चौधरी अब अपनी विरासत आनंद चौधरी को सौंपने की तैयारी में हैं। चर्चा है कि वे 2027 के विधानसभा चुनाव में आनंद के लिए बलिया की किसी प्रमुख सीट (संभवतः फेफना या बलिया सदर) से टिकट चाहते हैं। बेटे के लिए सीट छोड़ने की तैयारीआलम बदी 90 साल की उम्र में भी स्कूटर से विधानसभा पहुंचकर सबको चौंका देते हैं। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से लगातार जीतना उनकी जमीनी पकड़ का सबूत है। अब वो उनके बेटे मुज्तेबा आलम उर्फ बाबू को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, आलम बदी ने निजामाबाद सीट को सपा का अभेद्य किला बना दिया है। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए वे अपने बेटे मुज्तेबा आलम को विरासत सौंपना चाहते हैं। मुज्तेबा आलम पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय हैं। संगठन के स्तर पर उनके लिए माहौल बनाया जा रहा है। हालांकि, आलम बदी ने अभी हाईकमान से बात नहीं की है। बेटे को सदन तक पहुंचाने की कोशिशदुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़ सदर सीट से लगातार 9 बार के विधायक रह चुके हैं। उनकी अखिलेश यादव से निकटता जगजाहिर है। उन्होंने अपने बेटे विजय यादव को आजमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाया। अब विजय पूरी तरह से पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं। चर्चा है कि दुर्गा प्रसाद यादव अपनी पारंपरिक 'आजमगढ़ सदर' सीट अपने बेटे विजय यादव के लिए छोड़ सकते हैं। बढ़ती उम्र और बदले राजनीतिक परिवेश में वे चाहते हैं कि उनके रहते ही विजय अपनी सीट सुरक्षित कर लें। संभल के सपा विधायक बेटे को चुनाव लड़ाएंगेसंभल के कद्दावर नेता और सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद अपने बेटे सुहैल इकबाल महमूद को 2027 के चुनाव के लिए आगे बढ़ाना चाहते हैं। नवाब इकबाल 7 बार विधायक रह चुके हैं। नवाब इकबाल महमूद ने अक्टूबर, 2025 में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर हुए कार्यक्रम में यह संकेत दिया कि वे अब राजनीति से आराम लेकर अपनी विरासत बेटे सुहैल को सौंपना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से सुझाव मांगे और सुहैल को 2027 के चुनावी मैदान में उतारने की बात कही। जिस पर समर्थकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इधर, सुहैल इकबाल लंबे समय से अपने पिता के चुनाव प्रबंधन और क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने में सक्रिय रहे हैं। सुहैल हाल के दिनों में तब चर्चा में आए, जब उनका नाम नवंबर, 2024 में हुई संभल हिंसा से जुड़ी जांच में सामने आया। उन्हें इस मामले में SIT के सामने पेश होकर अपना बयान भी दर्ज कराना पड़ा। हालांकि, नवाब इकबाल महमूद इसे एक 'राजनीतिक साजिश' करार देते रहे हैं। बेटे के लिए छोटे देंगे अपनी सुरक्षित सीटअमरोहा के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री महबूब अली अब अपने बेटे परवेज अली को विधानसभा चुनाव के लिए तैयार कर रहे हैं। परवेज अली 2016 से 2022 तक मुरादाबाद-बिजनौर निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी रह चुके हैं। महबूब अली 2002 से लगातार अमरोहा सीट से विधायक हैं। वे सपा सरकार में माध्यमिक शिक्षा और रेशम उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। राजनीति में लंबी पारी खेलने के बाद महबूब अली अब चाहते हैं कि परवेज अली सीधे जनता के बीच से चुनकर विधानसभा पहुंचें। माना जा रहा है कि वे 2027 के लिए या तो अपनी सुरक्षित सीट छोड़ सकते हैं या परवेज के लिए आसपास की किसी अनुकूल सीट की पैरवी कर रहे हैं। वो मामले, जहां बेटे खुद अपनी पैरवी कर रहे राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारीसंतकबीरनगर की राजनीति में स्व. भालचंद्र यादव का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। भालचंद्र यादव दो बार खलीलाबाद (अब संत कबीरनगर) से सांसद रहे थे। उनकी क्षेत्र के पिछड़ा वर्ग और किसान राजनीति पर गहरी पकड़ थी। भालचंद्र का 2019 में निधन हो गया था। उनके बेटे सुबोध यादव 2027 पुराने समर्थकों को इकट्ठा करके सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं। 2022 के चुनावों में सुबोध यादव आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर खलीलाबाद सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, अब वे अपने 'मूल घर' यानी सपा के जरिए मुख्यधारा की राजनीति में वापसी की कोशिश में हैं। परिवार की सियासत को आगे बढ़ाने की कोशिशबागपत के ऐतिहासिक 'नवाब खानदान' के वारिस अहमद हमीद अब अपने पिता स्व. कौकब हमीद की सियासी विरासत संभालने की कोशिश कर रहे हैं। अहमद के पिता कौकब हमीद खान 5 बार विधायक रहे और प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। उनका प्रभाव केवल मुस्लिम समाज ही नहीं, जाट और अन्य बिरादरियों में भी रहा है। अहमद हमीद ने अब तक दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। 2017 में वे बसपा के टिकट पर लड़े और दूसरे स्थान पर रहे। 2022 में उन्होंने रालोद (RLD) के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन बहुत कम अंतर से चुनाव हार गए थे। हाल ही में अहमद हमीद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। माना जा रहा है कि वे 2027 के लिए सपा के टिकट पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। इसके अलावा कई ऐसे विधायक या सांसद हैं, जिनके पिता सांसद या विधायक रह चुके हैं… ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - अखिलेश संसद में बोले- मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिले, अमित शाह का जवाब- सारी टिकटें उन्हें दे दीजिए, हमें कोई आपत्ति नहीं लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए गए। इसे लेकर सपा सांसदों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस हुई। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा- सरकार संविधान के विरोध में काम कर रही है। जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। तब इसका मतलब नहीं है। पढ़िए पूरी खबर...
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा विधायक को मिला ‘तगड़ा आशीर्वाद’दतिया के सेवड़ा से भाजपा विधायक प्रदीप अग्रवाल को भरे मंच पर अनोखे अंदाज में ‘तगड़ा आशीर्वाद’ मिला। कथावाचक महाराज ने उनकी जमकर कुटाई कर दी। मुक्के मारे, धक्का दिया और पहनाई गई माला उतारकर फेंक दी। इस दौरान विधायक हाथ जोड़कर बैठे रहे। यह वाकया विधायक के विधानसभा क्षेत्र सेवड़ा के बेरछा में चल रही भागवत कथा के दौरान का है, जहां प्रदीप अग्रवाल कथा कर रहे महंत सीताराम महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। लेकिन उनके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। बाबा का यह व्यवहार देखकर हर कोई हैरान रह गया। हालांकि उनके अनुयायी इसे ‘विशेष आशीर्वाद’ की शैली बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीताराम महाराज अक्सर इसी तरह के तेज और आक्रामक अंदाज में आशीर्वाद देते हैं। उनके भक्तों के बीच यह धारणा है कि बाबा जब तक गुस्से या कठोर व्यवहार के साथ आशीर्वाद नहीं देते, तब तक उसे प्रभावी नहीं माना जाता। इस घटना के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे आस्था और परंपरा से जोड़कर देख रहा है, तो कुछ लोग इसे सार्वजनिक मंच पर अनुचित व्यवहार बता रहे हैं। फिलहाल, विधायक की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 10वीं की टॉपर को लैपटॉप दिलाने की ‘रेस’हमारे देश में हर मुद्दे पर राजनीति हो जाती है। भोपाल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां 10वीं की टॉपर को लेकर सियासत शुरू हो गई। इस मामले में कांग्रेस ने भाजपा के ‘नहले पर दहला’ मारते हुए बाजी मार ली। दरअसल, भोपाल की हिमांशी धाकड़ ने कड़ी मेहनत से 10वीं में 99.4 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान पाया। हिमांशी की इस उपलब्धि के बाद नेताओं का उसके घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले मंत्री विश्वास सारंग पहुंचे। उन्होंने हिमांशी को बधाई दी, मिठाई खिलाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। हिमांशी के पास लैपटॉप नहीं होने पर मंत्री ने उसे लैपटॉप दिलाने का वादा किया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला भी हिमांशी के घर पहुंचे। उन्होंने भी उसे बधाई दी और मिठाई खिलाई। बातचीत के दौरान जब हिमांशी ने लैपटॉप नहीं होने की बात कही, तो उन्होंने तुरंत उसे कहा कि चलो लैपटॉप लेकर आते हैं। वे हिमांशी को उसी समय अपने साथ बाजार ले गए और वहां से एक लैपटॉप और मोबाइल दिला दिया। अब कांग्रेस, मंत्री सारंग और मनोज शुक्ला के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर तंज कस रही है। पार्टी का कहना है कि भाजपा के पास सिर्फ वादे हैं, जबकि कांग्रेस के पास उन्हें पूरा करने का इरादा। अपनी ही सरकार के तंत्र से खफा विधायकएमपी में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार में राजगढ़ से सत्ताधारी दल के विधायक अमर सिंह यादव अपनी ही सरकार के सिस्टम से नाराज हो गए हैं। उन्होंने तय किया है कि वे अब किसी भी सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। दरअसल, हाल ही में राजगढ़ के जिला अस्पताल में मंत्री गौतम टेटवाल ने एक कार्य का लोकार्पण किया था, जिसमें स्थानीय भाजपा विधायक अमर सिंह यादव को आमंत्रित ही नहीं किया गया। इस पर उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई और इसकी शिकायत सीएम हाउस से लेकर पार्टी संगठन तक कर दी। विधायक ने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले में उनकी अनदेखी करने वाले संबंधित अधिकारियों को हटाया नहीं जाता, वे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। इससे पहले भी विधायक इस मुद्दे पर मंत्री गौतम टेटवाल को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। उनका कहना है कि जिला अस्पताल के कार्यक्रम से ठीक पहले वे मंत्री के साथ एक अन्य कार्यक्रम के मंच पर मौजूद थे, लेकिन मंत्री ने उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी और सीधे जिला अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम में चले गए। अब कुछ लोग इसे पार्टी की गुटबाजी से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि प्रशासन जनप्रतिनिधियों पर हावी होता जा रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब भाजपा की सरकार में ही उसके जनप्रतिनिधियों को तवज्जो नहीं मिल रही, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी। भाजपा विधायक ने अपने बेटे से पल्ला झाड़ाशिवपुरी के पिछोर में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार कार से पांच लोगों को टक्कर मार दी, जिससे वे घायल हो गए। इस मामले में विधायक पुत्र घायलों की ही गलती बताते नजर आए। उन्होंने कैमरे पर कहा- जब मैं सायरन और हॉर्न दे रहा था, तो गाड़ी क्यों लहरा रहे थे? बाइक पर तीन-तीन लोग बैठकर गाड़ी लहरा रहे थे। इसके बाद सवाल पूछे जाने पर विधायक पुत्र ने धमकाने के अंदाज में कैमरा बंद करा दिया। इस पूरे मामले में रोचक बात यह रही कि विधायक प्रीतम लोधी ने खुद ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- विधायक के लिए पुत्र-परिवार बड़ा नहीं होता, जनता सर्वोपरि है। पुलिस प्रशासन से उम्मीद है कि करेरा के पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। इधर, पुलिस ने विधायक के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। इनपुट सहयोग - राधावल्लभ मिश्रा (दतिया), मनीष सोनी (राजगढ़), कपिल मिश्रा (शिवपुरी) ये भी पढ़ें - पूर्व मंत्री ने तरबूज काटकर मनाया जन्मदिन: भाजपा विधायक की बेइज्जती, डिप्टी सीएम ने नहीं पहनी माला जन्मदिन पर अक्सर लोगों को आपने केक काटते देखा होगा, लेकिन मंदसौर में पूर्व मंत्री कैलाश चावला ने कुछ अलग किया। उन्होंने केक की जगह तरबूज काटा और उसी से खुद का व अन्य लोगों का मुंह मीठा कराया। तरबूज खाने के बाद नेता जी ‘वाह-वाह’ करते नजर आए। पूरी खबर पढ़ें
सिटी बस के पास के दाम बढ़ने से स्टूडेंट्स से लेकर बुजुर्गों तक में नाराजगी हैं। जो पास उन्हें पहले कम कीमत में मिलता था अब उसकी कीमत तीन गुना हो गई है। ऐसे में स्टूडेंट्स का सवाल है कि हम रोज कॉलेज आना-जाना कैसे करेंगे। खासकर वे स्टूडेंट्स जो शहर के बाहर के हैं और इंदौर में रहकर पढ़ाई करते हुए इन बसों से सफर करते हैं। देखा जाए तो महापौर पास योजना बंद होने से ये बदलाव देखने को मिल रहा है। पास की कीमत में बढ़ोतरी होने से इन बसों में सफर करने वाले स्टूडेंट्स में नाराजगी है। इसे लेकर गुरुवार को उन्होंने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और पास की कीमत के दाम कम करने की मांग की। पास की कीमतों को लेकर दैनिक भास्कर ने स्टूडेंट्स से चर्चा की। सिवनी की रहने वाली सलोनी ने बताया कि वह तेजाजी नगर इलाके में रहती है और होलकर साइंस कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। वह रोजाना सिटी बस से आना जाना करती हैं। उन्होंने बताया कि पास की कीमतें बढ़ गई है। इंदौर के लोकल लोग तो इन बसों का इस्तेमाल कम करते हैं, लेकिन बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स इनमें ज्यादा आना-जाना करते हैं। पहले पास की कीमत 200 रुपए थी जो ठीक थी, लेकिन अब उसे सीधा तीन गुना यानी 600 रुपए कर दिया गया है। अब हमें सोचना पड़ रहा है कि बस पास को रिचार्ज करने के लिए। पहले 600 रुपए में तीन महीने का काम हो जाता था, लेकिन अब 600 रुपए में एक महीने का काम होगा। कीमत बढ़ने के कारण बजट पर असर तो होगा ही होस्टल में रहती हूं, दिक्कत तो आएगी। स्टूडेंट वीणा ने बताया कि वह सिवनी जिले की रहने वाली है और इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही है। वह बड़ा गणपति के आगे से भंवरकुआं इलाके तक इन्हीं बस से आना-जाना करती है। एक समय के लिए तो पास को बंद कर दिया गया था, उस वक्त ना तो पास रिचार्ज हो रहा था ना ही रिन्यू हो रहे थे, फिर शुरू किया तो तीन गुना दाम बढ़ा दिए। पास की बढ़ी हुई कीमत को कम करना चाहिए। बस का भी काफी इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उनकी कुछ क्लासमेंट्स ने पास रिचार्ज ही नहीं करवाए हैं। तीन गुना बढ़े दाम, कम होना चाहिए कीमत पालदा इलाके में रहने वाले लक्ष्य ने बताया कि वह इंग्लिश की कोचिंग के लिए भंवरकुआं सिटी बस से आना-जाना करते हैं। तीन गुना दाम हो गए हैं, बस यहीं उम्मीद है कि पास के दाम कम हो जाए। कीमत बढ़ने से आने-जाने में भी मुश्किल हो रही है। वह पालदा से तीन इमली, नवलखा होते हुए भंवरकुआं आते हैं। कीमत कम नहीं हुई तो दूसरा ऑपशन देखना पड़ेगा। हार्ड वेयर का छोटा व्यापार करने वाले चंदू शिंदे ने बताया कि उन्हें व्यापार से सिलसिले में पूरे शहर में घूमना पड़ता है। इसलिए वे सिटी बस से सफर करते हैं, लेकिन कीमत बढ़ने के कारण उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि उनका आना-जाना कम है, लेकिन उनका कहना है कि कीमत कम होना चाहिए। योजना हुई बंद, यात्रियों पर पड़ा असर AICTSL के सीईओ अर्थ जैन ने बताया कि जो महापौर पास योजना थी वह बंद हो गई है, क्योंकि कंपनी नगर निगम से परिवहन विभाग में चली गई है। योजना बंद हो गई है, तो जो स्टेंडर्ड प्राइजिंग थी 800-800 रुपए पर ले आए और उसको सबसराइज करने के लिए जनरल पास 1200 रुपए कर दिया और स्पेशल पास 600 रुपए कर दिया है। अब 50% सब्सिडी AICTSL अपनी तरफ से देगा। पहले महापौर पास योजना थी, इस वजह से 800 रुपए वाला पास स्टूडेंट्स को 200 रुपए में मिलता था। योजना बंद होने से पास की कीमत 800 रुपए हो गई, लेकिन इस पास को 600 रुपए का कर दिया, ताकि स्टूडेंट्स पर 800 रुपए का लोड ना आए। परिवहन विभाग में चली गई कंपनी, 50% सब्सिडी AICTSL दे रही AICTSL वह नगर निगम के अंडर कंपनी थी, अभी पूरे प्रदेश की जो बस कंपनियां है वह नगरीय विकास विभाग से परिवहन विभाग में जा रही है। ऐसे में वे निगम से अलग हो गई है, संभवत: इसी वजह से निगम ने निर्णय लिया होगा कि वे महापौर पास योजना का अंशदान नहीं देंगे। स्ट्रक्चरल ट्रांसफॉरमेशन हो रहा है कंपनी का परिवहन में जा रही थी, इसलिए ये चीजें होना ही थी। हमारी कोशिश यह रहेगी बसों की संख्या और रूट बढ़ाए ताकि असुविधा ना हो। देखा जाए तो सिटी बस के लिए जो दो कैटेगरी के पास है इसमें स्पेशल पास 600 रुपए और जनरल पास 1200 रुपए का होगा गया है। स्पेशल पास में स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीजन, दिव्यांग आदि शामिल हैं। प्रदर्शन किया, दाम करने की मांग की गुरुवार को स्टूडेंट्स ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और पास की बढ़ी हुए कीमत को कम करने की मांग की। इसे लेकर उन्होंने ज्ञापन भी दिया। स्टूडेंट्स का कहना था कि कीमत बढ़ने से इसका असर उनके बजट पर पड़ेगा क्योंकि जो पास पहले 200 रुपए का आता था वह सीधा 600 रुपए का हो गया है, यानी तीन महीने के पैसे एक महीने में लग रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि जो छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए यहां आए हैं, वे एक टाइम भूखा रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशासन ने एक बार भी नहीं सोचा कि सिटी बस के पास का दाम बढ़ाने से इन छात्रों का क्या होगा। जयस छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष पवन अहिरवार ने पास की कीमत कम करने की मांग की है, मांग पूरी नहीं होने पर घेराव करने की बात कही है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से लू चल रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि 20 अप्रैल तक इन राज्यों में गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद नहीं है। तापमान 40 से 44C के बीच रह सकता है। मध्य प्रदेश के 6 और राजस्थान के 4 शहरों में गुरुवार को तापमान 42C के पार दर्ज किया गया। MP में नर्मदापुरम 43C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान का बाड़मेर 42.9C के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान में आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गुरुवार को तापमान 43C तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 11 दिन पहले, 1 मई की जगह 20 अप्रैल से ही घोषित कर दीं। राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे। महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में गर्मी का असर और तेज होने वाला है। IMD के अनुसार, राज्य के विदर्भ, मध्य और कोंकण क्षेत्र में 19 अप्रैल तक लू चलेगी। इस दौरान लोगों से जरूरी सावधानियां बरतने और गर्मी से बचने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पंजाब में भी बिजली के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम 18 अप्रैल: 19 अप्रैल:
मध्य प्रदेश में इन दिनों गर्मी तीखे तेवर दिखा रही है। दोपहर में इतनी गर्मी है कि तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है। गुरुवार को नर्मदापुरम में पारा इतना रहा। वहीं, रतलाम, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में लू जैसे हालात रहे। शुक्रवार को 20 जिलों में हीट वेव यानी, लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, शुक्रवार को रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में लू चलने की संभावना है। इन जिलों में अधिकतम तापमान भी बढ़ा हुआ रहेगा। भोपाल-इंदौर समेत 28 शहरों में 40 डिग्री पारइससे पहले नर्मदापुरम में गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया, जो सीजन का सबसे अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम के बाद रतलाम दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री, दमोह-मंडला में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.8 डिग्री, गुना में 41.7 डिग्री, मलाजखंड, टीकमगढ़-छिंदवाड़ा में 41.5 डिग्री, उमरिया-श्योपुर में 41.4 डिग्री, धार, खजुराहो में 41 डिग्री, सतना में 40.9 डिग्री, खरगोन में 40.8 डिग्री, सागर में 40.7 डिग्री, दतिया-सीधी में 40.6 डिग्री, खंडवा-बैतूल में 40.5 डिग्री, सिवनी-रीवा में 40.4 डिग्री और नौगांव में पारा 40.2 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 41.4 डिग्री, भोपाल में 40.5 डिग्री, इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 40.5 डिग्री और उज्जैन में 40.7 डिग्री दर्ज किया गया। अगले 4 दिन इन जिलों में बदला रहेगा मौसम… दूसरे पखवाड़े में गर्मी का ट्रेंड, अबकी बार भी ऐसा हीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारीगर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिशबता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। गर्मी में ऐसे रखें ध्यान… फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसमइस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड... एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मीअप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानीइंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंडजबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मीग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंडउज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पारा पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांगठनिक ढांचे को नई धार देने के लिए एक बड़ी व्यवस्था लागू की है । पार्टी ने इतिहास में पहली बार बैठकों और प्रवास (दौरे) के लिए एक सख्त 'टाइमलाइन' निर्धारित कर दी है । अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता को पता होगा कि उन्हें महीने के किस दिन, कहां और किसके साथ बैठक करनी है संगठन की इस नई कार्ययोजना के तहत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य वरिष्ठ नेता महीने के शुरुआती 10 दिनों में मैदानी दौरों और जिला स्तरीय बैठकों पर केंद्रित रहेंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। मंडल स्तर की बैठकें: महीने के पहले सप्ताह में (01 से 07 तारीख) महीने के पहले सप्ताह में संगठन का पूरा ध्यान मंडल स्तर पर केंद्रित रहेगा। हर महीने में 1 से 7 तारीख के बीच मंडल की बैठकें आयोजित की जाएंगी । इस बैठक में जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जो मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारियों, मंडल मोर्चा अध्यक्षों और वार्ड संयोजकों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। जिला स्तर की बैठकें: दूसरा सप्ताह (07 से 10 तारीख) दूसरे चरण में संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र जिला मुख्यालय होंगे। प्रत्येक माह की 7 से 10 तारीख के बीच जिला स्तरीय बैठकें संपन्न की जाएंगी । इन बैठकों में संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी । इस दौरान जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और मोर्चों के जिला अध्यक्षों के साथ मिलकर भविष्य की कार्ययोजना और स्थानीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। प्रदेश स्तरीय बैठकें और प्रवास: तीसरा सप्ताह (11 से 20 तारीख) महीने के मध्य का समय प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रवास के लिए सुरक्षित रखा गया है। प्रत्येक माह की 15 से 20 तारीख के बीच प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी और जिला प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी । इसी अवधि में 11 से 20 तारीख के बीच विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का प्रवास करेंगे । यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी मोर्चा अध्यक्ष एक ही संभाग में न रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर संगठन के कामों की समीक्षा करें। मंडल और शक्ति केंद्र बैठकें: चौथा सप्ताह (21 से 25 तारीख) महीने के चौथे सप्ताह में विशिष्ट इकाइयों और शक्ति केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा। 21 से 25 तारीख के बीच मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें आयोजित की जाएंगी । इस चरण में विशेष रूप से आगामी रविवार को होने वाले 'मन की बात' कार्यक्रम और बूथ समिति की बैठक का एजेंडा निर्धारित किया जाएगा। ये बैठक दो महीने के रोटेशन के आधार पर हर महीने 50% मंडलों में आयोजित की जाएंगी। अंतिम सप्ताह (23 से 30 तारीख) में टिफिन बैठक महीने के अंत में कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सामंजस्य बढ़ाने के लिए 'टिफिन बैठक' जैसी अनूठी पहल को शामिल किया गया है। 23 से 30 तारीख के बीच शक्ति केंद्र टोली की बैठकों के बाद अनिवार्य रूप से टिफिन बैठक का आयोजन किया जाएगा । इसके साथ ही महीने के अंतिम रविवार को बूथ स्तर पर 'मन की बात' कार्यक्रम सुना जाएगा, जिसमें बूथ की 11 सदस्यीय टोली के साथ स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और प्रमुख मतदाता भी शामिल होंगे।
हरियाणा के पंचकूला में मेयर चुनाव घोषित होते ही अब पार्टी सिंबल की जोर आजमाइश शुरू हो गई है। पंचकूला में कांग्रेस-BJP के नेताओं ने अब दिल्ली-चंडीगढ़ की भागदौड़ शुरू कर दी है। कांग्रेस सिंबल के लिए 13 तथा BJP के लिए 20 वर्करों ने आवेदन किया है। पंचकूला में जातीय समीकरणों की बात की जाए तो पंजाबी और वैश्य बिरादरी के वोटरों की संख्या सबसे अधिक है। इसलिए दोनों पार्टियां अपनी प्रत्याशी का चयन भी इन्हीं दोनों समुदायों से आमतौर पर करती रहीं हैं। विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो छह चुनाव से भाजपा वैश्य बिरादरी पर दांव खेलती रही है। पंचकूला में वैश्य-पंजाबी के समीकरण के इर्द-गिर्द ही चुनाव घूमता रहा है। हालांकि BJP नए प्रयोग के लिए किसी ब्राह्मण चेहरे को भी अपना प्रत्याशी बना सकती है। लेकिन कांग्रेस में स्थितियां स्पष्ट हैं। कांग्रेस पंजाबी या फिर ब्राह्मण चेहरे पर ही दांव खेलेगी। कांग्रेस-भाजपा टिकट के लिए ये कर रहे हैं प्रयास पंचकूला मेयर चुनाव टिकट के लिए सबसे अधिक मारामारी BJP में चल रही है। पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल, प्रवक्ता रंजीता मेहता, पूर्व जिला प्रधान श्यामलाल बंसल, दीपक शर्मा और अनिल थापर भी टिकट की रेस में हैं। वहीं कांग्रेस में वैसे तो 13 लोगों ने टिकट मांगा है लेकिन मुख्य तौर पर पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल व महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रधान सुधा भारद्वाज का नाम ही सामने आ रहा है। 2020 में हुआ था करीबी मुकाबला पंचकूला मेयर चुनाव 2020 में कांग्रेस-BJP के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। जिसमें 2057 वोट से भाजपा के कुलभूषण गोयल मेयर पद का चुनाव जीत गए । उन्होंने कांग्रेस की उपिंदर आहलूवालिया को मात दी। पंचकूला में पार्षद पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा को 9 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस ने सात सीटों पर जीत हासिल की है। 2 सीटें जजपा के खाते में आई और दो सीटों पर आजाद प्रत्याशी जीते। निर्विवाद रहा कुलभूषण का कार्यकालपंचकूला के पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल के कार्यकाल के दौरान शहर में काफी विकास कार्य हुए हैं। गोयल ने 5 साल के दौरान विभाग से मिलने वाली सैलरी-भत्ते भी नहीं स्वीकार किए। वहीं गाड़ी का भी प्रयोग नहीं किया। उनके कार्यकाल के दौरान ऐसा कोई विवाद भी नहीं जुड़ा है।
महेंद्रगढ़ में प्रेम प्रंसग के चलते हुई गोल्ड लोन कर्मी की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि फाइनेंस कंपनी में काम करने के दौरान ही दिनेश को महिला का नंबर मिला था। इसके बाद दोनों की बातचीत शुरू हो गई। हत्या के दिन (15 अप्रैल) महिला ने दिनेश को कॉल कर महेंद्रगढ़ में मिलने के लिए बुलाया था। जहां महिला के बेटे और पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनेश को किडनैप कर लिया। इसके बाद किसी सुनसान जगह जाकर उसे जमकर पीटा। आरोपियों को जब आभास हुआ कि दिनेश मर चुका है, तो उसे महेंद्रगढ़ से करीब 10 किलोमीटर दूर रेलवे लाइन पर फेंक दिया। 15 अप्रैल की सुबह उसकी बॉडी मिली। पुलिस ने महिला के बेटे और पति सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पहले जानिए…दोनों की कहानी कैसे शुरू हुई अब पढ़िए हत्या के दिन का घटनाक्रम…. लाठी- डंडों से हमला किया बुधवार दोपहर के समय महेंद्रगढ़ में महिला के पति और बेटे कपिल ने दिनेश को पकड़ लिया। इसके बाद वे दिनेश को किसी दूसरी जगह ले गए, जहां उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अधिक पिटाई होने के कारण दिनेश ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। रेलवे लाइन पर फेंक आए सूत्रों की मानें तो, आरोपी दिनेश को वहां से झगड़ोली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर फेंक आए। झगड़ोली, महेंद्रगढ़ से करीब 10 किलोमीटर दूर है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दिनेश की मौत रेलवे लाइन पर हुई या मारपीट के दौरान ही हो गई थी। महेंद्रगढ़ सिटी थाने पहुंचा परिवार मृतक की बहन नीतू शर्मा का कहना है कि हमनें भाई की किडनैपिंग की पुलिस में शिकायत की, पहले महेंद्रगढ़ सिटी थाने में शिकायत दी। पुलिसवालों ने कहा कि ये हमारा एरिया नहीं है, आप कनेना थाने जाओ। इसके बाद हम कनेना गए, जहां कनेना पुलिस ने लोकेशन के आधार पर जांच की। थाने के बाहर परिवार का धरना कनेना पुलिस को दिनेश का शव बुधवार तड़के रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। इसके बाद परिवार ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर महेंद्रगढ़ सिटी थाने के बाहर करीब 2 घंटे तक धरना दिया। डीएसपी ने मामले में महिला के बेटे कपिल और पति विक्रम को गिरफ्तार किया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया। पांच साल पहले हुई दिनेश की शादी महेंद्रगढ़ के गुढ़ा गांव के रहने वाले दिनेश की शादी करीब 4 साल पहले हुई थी। दिनेश की बहन का तलाक का केस चल रहा है, जिसके बाद से वो गुढ़ा में रहने लगी। इसी बात से नाराज होकर दिनेश की पत्नी भी शादी के करीब 5 महीने बाद अपने मायके चली गई। दोनों के रिश्ते इतने खराब रहने लगे कि इसके बाद पत्नी मायके से कभी वापस ही नहीं लौटी। दिनेश का भी पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा है। बहन के ससुरालियों की रिश्तेदारी में ही उसकी शादी हुई थी। थाना प्रभारी बोले- महिला के पति- बेटे को गिरफ्तार किया महेंद्रगढ़ सदर थाना प्रभारी रमेश कुमार का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने महिला के पित और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। 2 अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है, सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… महिला से बात करने पर गोल्ड लोन कर्मी का मर्डर: महेंद्रगढ़ में बहन बोली- प्रेमिका के पति ने गुंडों से पिटवाया, फोन पर भाई रो रहा था हरियाणा के महेंद्रगढ़ में प्रेम प्रसंग के चलते में आईआईएफएल के गोल्ड लोन कर्मी की हत्या कर दी गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला के पति ने बेटे के गुंडों से पिटवाया। आरोपी उसे तब तक पीटते रहे, जब तक दम नहीं निकला। इसके बाद शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के गुरुग्राम में सस्ते सोने के सिक्कों का लालच देकर करोड़ों की ठगी के मास्टरमाइंड प्रभु भाई सोलंकी को न केवल सोना पहनने का शौक है, बल्कि उसकी फिल्मों और राजनीति में नाम कमाने की भी इच्छा है। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो वह 50 तोले सोने की ज्वैलरी अपने गले और हाथों में पहने हुए था। यह देख पुलिस कर्मी भी चौंक गए। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वह गरीब बुलडोजर ऑपरेटर का भेष बनाकर पढ़े-लिखे अमीरों को फंसाता था। 25 साल से इस धंधे में था। उस पर महाराष्ट्र में 2 और गुजरात में 7 ठगी के मामले दर्ज हैं। वह केवल चौथी तक ही पढ़ा है। खास बात यह है कि उसने गुरुग्राम से लेकर बॉलीवुड स्टारों तक को अपना शिकार बनाया। करीब 15 साल पहले बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से 25 लाख रुपये और सलमान खान के पिता सलीम खान के पर्सनल असिस्टेंट से 20 लाख रुपये ठगे। ठगी के इन पैसों से उसने दिल्ली-मुंबई हाईवे पर करजन लकोदरा में ‘पीएम’ नाम का होटल खरीदा। गुजराती फिल्म ‘लव यू यार’ भी बनाई, जिसमें राजपाल यादव मुख्य भूमिका में थे। तीन बीवियों के रहते उसने इस मूवी की हीरोइन से चौथी शादी की। पत्नी को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़वाया। दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने जब उसकी कुंडली खंगाली तो कई चौंकाने वाली बातें पता चलीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… करोड़ों की ठगी करने वाले प्रभु भाई सोलंकी की कुछ फोटो… पहले 4 प्वाइंट में समझे ठगी करने का यूनिक तरीका… अब जानिए कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा गुजरात का यह ठग गैंग… पत्नी के चुनाव में सोशल मीडिया पर खूब प्रचार किया… कौन है ठगी का मास्टरमाइंड, 4 पॉइंट्स में जानिए…. चौथी पास, 25 साल से कर रहा ठगी : डीसीपी क्राइम हितेश यादव ने बताया कि आरोपी प्रभु भाई सोलंकी गुजरात के वड़ोदरा का रहने वाला है। वह 25 साल से ठगी कर रहा है। वह और गिरोह के ज्यादातर सदस्य अनपढ़ है। प्रभु भाई केवल चौथी पास है, लेकिन वह सोना पहनने का शौकीन है और ठगी के पैसे से लग्जरी जीवन जीता है। जब उसे पकड़ा गया तो उसके गले और हाथों में 50 तौले की ज्वैलरी थी। राजनीतिक महत्वाकांक्षा, पत्नी को चुनाव लड़वाया : पुलिस के मुताबिक, प्रभुभाई की राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी है। वह अपनी पत्नी पार्वती सोलंकी को गुजरात नगर पालिका पार्षद चुनाव में कांग्रेस से टिकट दिलाकर चुनाव लड़वाया था। साल 2022 में भी अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाया था। इसके लिए उसने अपने और अपनी पत्नी के पोस्टर भी छपवाए थे। गुजराती फिल्म बनाई, इसकी हीरोइन से चौथी शादी की : ठगी के पैसे की बदौलत आरोपी प्रभु ने चार शादियां कर रखी है और एक “लव यू यार” नाम की गुजराती फिल्म भी बना चुका है। फिल्म में राजपाल यादव मुख्य किरदार में थे। इस मूवी की हिरोइन से उसने चौथी शादी की है। गुरुग्राम पुलिस अब उन दिल्ली से लाते थे नकली सोने के सिक्के : गिरोह से पूछताछ में पता चला कि जो नकली सिक्के देकर ये लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे, वह सिक्के दिल्ली के सुलतानपुरी में बन रहे हैं। नवीन नाम का व्यक्ति इसे सप्लाई कर रहा था। इसके साथ ही गिरोह में दो महिलाएं शांति और तेजू भी शामिल हैं। दोनों महिलाएं 90 लाख की धोखाधड़ी में फिलहाल कोटा जेल में बंद हैं। एक महिला को प्रभु अपनी बहन बताता है। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में ₹2.30 करोड़ कैश, 68 तोला सोना बरामद:फेक गोल्ड बेचने वाला रैकेट पकड़ा, एक्टर आदित्य पंचोली को भी ठगा; मास्टरमाइंड 4 शादी कर चुका गुरुग्राम में सस्ते दाम पर सोने के सिक्के-बिस्कुट देने का लालच देकर ठगी करने वाला एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टर माइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 2.30 करोड़ रुपए से ज्यादा की नगदी और लगभग 678 ग्राम (68 तोला) सोना बरामद किया है। (पूरी खबर पढ़ें)
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता प्लांट हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ से हैं, बाकी यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। SP प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि प्रबंधन समेत 8-10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है। इनमें कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल के नाम शामिल हैं। घटना के 24 घंटे बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच की थी। जिसमें प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शुरुआती जांच के मुताबिक, प्रोडक्शन दोगुना करने की जल्दबाजी में बॉयलर फटा। चेतावनी के बाद भी काम नहीं रोका गया। इसके अलावा मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर केस दर्ज किया गया है। गुरुवार को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन रायगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने मरीजों से मुलाकात की और उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी घायलों से मुलाकात की। घटना से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… ज्यादा फ्यूल जमा होने के कारण प्रेशर बना औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को लगभग 6 घंटे तक घटना स्थल की जांच की। शाम 8 बजे रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि बायलर फर्नेस के अंदर ज्यादा मात्रा में फ्यूल जमा हो जाने के कारण तेज प्रेशर बना। दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया। जिस वजह से ब्लास्ट हुआ। FSL की रिपोर्ट में भी यही कारण बताया गया है। जांच में यह भी पाया गया कि मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई। एसपी के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है। दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा विभाग के अनुसार, हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुआ। उस समय 2028 टीपीएच क्षमता वाले विशाल वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर (भट्ठी का दबाव) तेजी से बढ़ा। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा, जिससे सिस्टम को बंद करना या किसी तकनीकी खराबी को रोकना संभव नहीं था। दबाव इतना तेज था कि अंदरूनी विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई। जांच में सामने आया है कि, 1 घंटे में दोगुना उत्पादन करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। यह वृद्धि बहुत कम समय में की गई। इसके साथ ही पीए फैन में बार-बार खराबी, अनबर्न फ्यूल से प्रेशर बनना, पाइपिंग सिस्टम का फेल होना और बेकअप का समय पर काम नहीं करने का भी जिक्र है। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है। इन बिंदुओं पर होगी मजिस्ट्रियल जांच ग्राफिक से समझें बॉयलर कैसे करता है काम मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा के मुताबिक, हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। घायल मजदूरों का इलाज जारी रायगढ़ के अलग अलग अस्पताल में 11 घायलों का इलाज चल रहा है। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूरों उमेंद्र और किस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक दिन पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 7 और जिला अस्पताल में 5 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। पीएम कराने के लिए मृतकों के परिजन भटकते रहे। वहीं 5 मृतकों के परिजन नहीं आ पाने की वजह से आज (गुरुवार) को शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया मृतकों के परिजन को 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 17 मजदूरों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी- श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ग्राफिक से समझिए बॉयलर ब्लास्ट क्या होता है- हादसे से जुड़ी और तस्वीरें देखिए… ………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा...मासूम बच्ची समेत 4 मौतें: पति-ससुर ने तोड़ा दम, 3 महीने पहले ही एक बेटी खोई थी, युवक की भी गई जान अस्पताल के वार्ड में गूंजती एक महिला की चीखें और पास खड़ी नर्स उसे संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उसका दर्द किसी के बस में नहीं था। उसने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। वहीं बुधवार दोपहर घालय ससुर ने भी दम तोड़ दिया है। पढ़ें पूरी खबर
सहारनपुर के थाना सदर बाजार क्षेत्र में स्थित न्यू मक्खन कॉलोनी के पास एक पुराने रेलवे यार्ड में देर रात एक अज्ञात शव मिला है। घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर बाजार पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फील्ड यूनिट को भी मौके पर बुलाया। टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शव काफी पुराना है और उसकी स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। शव के सड़-गल जाने के कारण मृतक की पहचान कर पाना फिलहाल संभव नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि शव की स्थिति को देखते हुए यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह कई दिन पुराना हो सकता है। मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की पड़ताल कर रही है, ताकि शव की पहचान की जा सके। इसके अलावा, आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे किसी प्रकार का सुराग मिल सके। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
चंडीगढ़ में पुलिस अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर 46 लाख की ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमेश अजय भाई अबचुंग, योगेश देवजी महेश्वरी और हितेश नरन बोरिचा के रूप में हुई है। तीनों आरोपी गुजरात के कच्छ जिले के गांधीधाम के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन्हें गुजरात से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ लाया। आरोपियों को साइबर सेल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दविंदर की अगुवाई में पकड़ा गया है। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराया आरोपियों ने बुजुर्ग व्यक्ति को फोन कर खुद को पुलिस/जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। उन्होंने कहा कि उसका नाम किसी बड़े केस में आया है और उसे “डिजिटल अरेस्ट” किया जा रहा है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे लगातार निगरानी में रखा गया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। आरोपियों ने उसे डराया कि अगर उसने सहयोग नहीं किया तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए जाएंगे। इसी दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपियों के बताए खातों में अलग-अलग किश्तों में 46 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। इस तरह आरोपियों ने डर और झूठे कानूनी डर का इस्तेमाल कर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी को अंजाम दिया। 46 लाख रुपए की ठगी का मामला मामला दिसंबर 2025 का है, जब एक बुजुर्ग शिकायतकर्ता को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 46 लाख रुपए जमा करवाए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और फील्ड जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि आरोपी रमेश के बैंक खाते में ठगी के करीब 15 लाख रुपए जमा करवाए गए थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग स्थानों से निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।पुलिस के अनुसार, रमेश ने अपना बैंक खाता कमीशन के आधार पर अन्य आरोपियों के जरिए अहमदाबाद के एक व्यक्ति को उपलब्ध कराया था, जिसके माध्यम से ठगी की रकम को घुमाया जा रहा था। आरोपी बैंक खाते मुहैया कराते थे पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे साइबर ठगी गिरोह के लिए अपने बैंक खाते मुहैया कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को जमा करने और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर छुपाने के लिए किया जाता था। आरोपियों ने बताया कि वे कमीशन के आधार पर अपने खाते गिरोह के अन्य सदस्यों को देते थे। इसके बदले उन्हें तय रकम मिलती थी। गिरोह के अन्य सदस्य लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे ट्रांसफर करवाते थे, जबकि ये आरोपी उस पैसे को निकालने और आगे पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के तार एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और पूछताछ के आधार पर अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि कोई अधिवक्ता अपने मुवक्किल का केस आगे बढ़ाने के लिए खुद ही याची बन जनहित याचिका दायर नहीं कर सकता। यह पेशेवर कदाचार है। कोर्ट के अनुसार जनहित याचिका का उद्देश्य गरीब, वंचित या जनहित के लिए है न कि निजी हित या मुवक्किल का केस मजबूत करने के लिए। बार काउंसिल में शिकायत हो सकती है मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने फिरोजाबाद निवासी अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा की जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा, अधिवक्ता को कोर्ट का अधिकारी माना जाता है। यदि वह मुवक्किल के फायदे के लिए खुद याची बनता है तो एडवोकेट्स एक्ट के तहत पेशेवर कदाचार है। उसके खिलाफ बार कौंसिल में शिकायत भी हो सकती है। वकील का खुद पार्टी बनना सही नहीं खंडपीठ ने कहा, अगर वकील को जनहित का मुद्दा लगता है तो वो किसी असली प्रभावित व्यक्ति से ऐसी जनहित याचिका दाखिल करवा सकता है, खुद पार्टी नहीं बन सकता। इस क्रम में अशोक कुमार पांडेय बनाम पश्चिम बंगाल तथा उत्तराखंड राज्य बनाम बलवंत सिंह चौफाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया जिसमें पीआइएल के दुरुपयोग पर रोक लगाई गई है। मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि खुद को कुछ इंडस्ट्रीज का लीगल एडवाइजर बताते हुए याची ने पेट्रोलियम मंत्रालय की गाइडलाइंस के आधार पर नेचुरल गैस कनेक्शन दिए जाने की मांग की थी।
अलीगढ़ में स्मार्ट मीटर का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। सासनी गेट बिजलीघर पर गुरुवार को वार्ड नंबर 20 पक्की सराय की महिलाओं ने धरना–प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बिजलीघर पर नारेबाजी करते हुए विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। महिलाओं ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए तुरंत बंद करने की मांग की। पक्की सराय महिला मंडल की पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लोगों को विभागीय मनमानी के कारण कई गुना अधिक बिलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बिलों को सही करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर 72 घंटे में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बिजलीघर पर ताला डालकर प्रदर्शन किया जाएगा। ‘70 हजार तक आ रहा बिल’ महिला मंडल के मीडिया प्रवक्ता गौरव वार्ष्णेय ने बताया कि किसी का बिल 50 हजार तो किसी का 70 हजार रुपए तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले सामान्य खपत पर बिल 2 से 3 हजार रुपए ही आता था। महिलाओं का आरोप है कि अग्रिम वसूली की जा रही है और भुगतान के बाद भी बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही। भीषण गर्मी में न हो बिजली का संकट प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अधिक बिल आता है। उसे जमा करने के बाद भी कई बार विद्युत सप्लाई शुरू नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि अब गर्मी भी अपने तेवर दिखाती जा रही है। ऐसे में बिजली की सप्लाई बाधित होने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विभाग को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम गौरव वार्ष्णेय और प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो सासनी गेट बिजली घर और पुराना हाथरस अड्डा बिजली घर पर अलीगढ़ का ताला लगाया जाएगा। वहीं, पुराना हाथरस अड्डे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी भी दी। इस दौरान अंजू यादव, पूनम, सुंदरी वर्मा, सावित्री, रुपाली, नो चांदी, कान्ती, मीरा, संतन, मोनी का, कन्ता आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया है। अब रोडवेज कर्मियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अंतिम संस्कार के लिए पहले की तुलना में चार गुना अधिक सहायता राशि दी जाएगी। पहले जहां यह राशि 5 हजार रुपये थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह सुविधा निगम में कार्यरत नियमित, संविदा और आउटसोर्स सभी कर्मियों पर लागू होगी। किसी भी कारण से कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को तत्काल 20 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे अंतिम संस्कार में आर्थिक दिक्कत न हो। निगम आय से होगा भुगतान, नहीं होगी सैलरी से रिकवरी मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सहायता राशि निगम की आय से दी जाएगी और इसका समायोजन यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के तहत किया जाएगा। पहले दी जाने वाली 5 हजार रुपये की राशि बाद में कर्मचारी के वेतन से काट ली जाती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था में ऐसी कोई कटौती नहीं होगी। कर्मचारियों के हित में लगातार फैसले दयाशंकर सिंह ने कहा कि निगम कर्मचारियों और यात्रियों दोनों के लिए बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उनके परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सामाजिक समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में भाजपा लखनऊ महानगर द्वारा उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित “अंबेडकर सम्मान अभियान संगोष्ठी” को महज एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि दलित और वंचित वर्गों तक पहुंच बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। जानकीपुरम स्थित लोटस पोर्टिको कॉलोनी गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में नोएडा विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी और विधायक डॉ नीरज बोरा समेत कई नेताओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। अंबेडकर के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कार्यक्रम की शुरुआत डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने अंबेडकर के विचारों को केंद्र में रखकर सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2027 चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को और मजबूत करने के लिए “अंबेडकर नैरेटिव” को लगातार आगे बढ़ा रही है। सम्मान कार्यक्रम या चुनावी मैसेज? कार्यक्रम में हनुमान गौतम, रमेश चंद्रा, तेजपाल रावत, नरेश रावत, सतीश बहेलिया और मुन्ना रावत को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस तरह के आयोजनों के जरिए भाजपा न सिर्फ संगठन को मजबूत कर रही है, बल्कि बूथ स्तर तक सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश भी दे रही है। भाजपा नेताओं के बयान में दिखा चुनावी टोन पंकज सिंह ने कहा कि अंबेडकर का संविधान देश को मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा देता है और शिक्षा ही समाज को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। वहीं आनन्द द्विवेदी ने भाजपा सरकार द्वारा अंबेडकर से जुड़े “पंचतीर्थ” के विकास और भारत रत्न दिए जाने का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा की प्रतिबद्धता बताया। डॉ नीरज बोरा ने अपने बयान में कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पहले कुछ ताकतें लोकतंत्र को सीमित करना चाहती थीं, जबकि अंबेडकर ने सभी को वोट का अधिकार दिलाया। 2027 की तैयारी: बूथ से समाज तक फोकस इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता, पदाधिकारी और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी अनुराग साहू के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाना है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो भाजपा “अंबेडकर सम्मान अभियान” के जरिए उत्तर प्रदेश में दलित, पिछड़ा और महिला वोटर्स को साधने की कोशिश में जुटी है।
लखनऊ में भाजपा संगठन को धार देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी ने अपनी नवनियुक्त टीम के साथ नोएडा विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह से 5-ए कालिदास आवास पर मुलाकात की। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों का परिचय कराया गया और संगठन की दिशा पर चर्चा हुई। ‘संगठन परिवार की तरह होता है’-पंकज सिंह बैठक के दौरान पंकज सिंह ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि एक परिवार होता है। इसमें हर कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और सभी लोग आपसी विश्वास व सहयोग के साथ जुड़े रहते हैं। एकता और समर्पण से ही मिलेगा लक्ष्य उन्होंने कहा कि जब संगठन में परिवार जैसी भावना होती है, तो कठिन परिस्थितियों में भी एकता बनी रहती है। इसी भावना से काम करने पर अनुशासन और मजबूती बढ़ती है, जिससे पार्टी अपने लक्ष्यों को अधिक प्रभावी ढंग से हासिल कर पाती है। कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद मीडिया प्रभारी के अनुसार इस मौके पर महामंत्री धनश्याम दास अग्रवाल, सतेन्द्र सिंह, टिंकू सोनकर, उपाध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि, योगेंद्र पटेल, विनायक पाण्डेय, जीडी शुक्ला, दीपक कुमार शुक्ला, कमकुम राजपूत, मंत्री चन्द्र प्रकाश अवस्थी, सतीश मिश्रा, अपूर्व भार्गव, आनन्द पाण्डेय, अर्चना साहू, पंकज सक्सेना, कोषाध्यक्ष मनोज के गुप्ता, कार्यालय प्रभारी डेनिश सोनकर सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सिटी पैलेस, जयपुर में ब्रिगेडियर महाराजा सवाई भवानी सिंह की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी स्मृति में एक गरिमामय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेशभर से आए अतिथियों, सैन्य अधिकारियों और विशिष्ट व्यक्तियों ने भाग लेकर उनके जीवन, सैन्य सेवाओं और सांस्कृतिक योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत लेफ्टिनेंट जनरल ठाकुर दौलत सिंह शेखावत और प्रोफेसर आर.एस. खंगारोत के परिचयात्मक उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने भवानी सिंह के व्यक्तित्व और उनके बहुआयामी योगदान पर प्रकाश डाला। इसके बाद आयोजित पैनल चर्चा में उनके सैन्य करियर, व्यक्तिगत संस्मरणों और जयपुर की विरासत संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान पैनलिस्ट ने कहा कि एक तरफ जहां वो एक विशाल रियासत के महाराजा थे, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने राजमहल की सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर मातृभूमि की रक्षा और सैन्य जीवन को अपना परम धर्म माना। दिसंबर 1971 के युद्ध में उन्होंने जिस असाधारण शौर्य का परिचय दिया, वह सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में उनके नेतृत्व में 10 पैरा कमांडो ने पाकिस्तान के सिंध प्रांत में दुश्मन की सीमा के अंदर लगभग 80 किलोमीटर गहराई तक घुसकर 'छाछरो' पर शानदार कब्जा कर लिया था। रेगिस्तान में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक ने दुश्मनों की कमर तोड़ कर रख दी थी। युद्ध के मैदान में उनके इस अदम्य साहस, निडरता और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए भारत सरकार की ओर से उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'महावीर चक्र' (MVC) से अलंकृत किया गया। पैनल में मेजर जनरल दलवीर सिंह, कर्नल वी.एस. चंद्रावत, कर्नल हेम सिंह शेखावत और ठाकुर दुर्गा सिंह (मंडावा) जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके साहसिक नेतृत्व, 10वीं पैराशूट रेजिमेंट में उनकी भूमिका और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। साथ ही जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और विकसित करने में उनके योगदान को भी रेखांकित किया गया। सत्र का संचालन सिटी पैलेस संग्रहालय के मानद सलाहकार डॉ. जाइल्स टिलोटसन ने किया, जिन्होंने विभिन्न दृष्टिकोणों से चर्चा को आगे बढ़ाया। इस दौरान विरासत प्रबंधन और जनसहभागिता के क्षेत्र में भवानी सिंह के विजन की आज भी प्रासंगिकता पर जोर दिया गया। इस अवसर पर सवाई पद्मनाभ सिंह ने कहा कि उनके नाना भवानी सिंह ने हमेशा देश और जयपुर को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चा के माध्यम से उनकी विरासत को समझना और आगे बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि विरासत स्थलों को संवाद और सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करना उनके नाना की सोच का हिस्सा था।
सोनीपत में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने स्थित नाइट क्लबों को लेकर आई नशे की शिकायत के बाद हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बड़ा एक्शन लिया। वीरवार शाम को खुद साधारण कपड़ों में टीम के साथ मौके पर पहुंचकर उन्होंने करीब 6 घंटे तक सर्च अभियान चलाया।हालांकि छापेमारी से पहले ही सूचना लीक होने के चलते कई नाइट क्लब बंद मिले और संचालक फरार हो गए। इस कार्रवाई ने न केवल इलाके में हड़कंप मचा दिया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सूचना लीक होने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गुप्त शिकायत के बाद की गई छापेमारीमहिला आयोग को गुप्त रूप से शिकायत मिली थी कि यूनिवर्सिटी के आसपास चल रहे नाइट क्लबों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां हो रही है। इसी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।6 घंटे चला सर्च अभियान, कई क्लब मिले बंदवीरवार शाम करीब 6 बजे से शुरू हुई यह छापेमारी रात 12 बजे तक चली। इस दौरान टीम ने कई नाइट क्लबों की जांच की, लेकिन अधिकांश क्लब पहले से ही बंद मिले। बताया जा रहा है कि छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो गई थी, जिसके चलते संचालकों ने क्लब बंद कर दिए और खुद मौके से फरार हो गए। लाइट बंद कर बैठे मिले कर्मचारीकुछ क्लबों में कर्मचारी अंदर लाइट बंद कर बैठे मिले। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि मालिकों ने पहले ही निर्देश दे दिए थे कि आज क्लब नहीं चलाना है, क्योंकि पुलिस और महिला आयोग की रेड होने वाली है।आसपास के क्षेत्र में खुलेआम शराबखोरीछापेमारी के दौरान यह भी सामने आया कि नाइट क्लबों के आसपास के क्षेत्रों में युवक-युवतियां खुलेआम शराब पी रहे थे। इस स्थिति ने कानून व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना लीक होने पर जताई नाराजगीरेनू भाटिया ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पहुंचने से पहले ही छापेमारी की जानकारी लीक हो गई। उन्होंने कहा कि जिसने भी यह जानकारी साझा की है, उसने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।महिला आयोग की चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को लेकर फिर से बिना सूचना के छापेमारी करेंगी। उन्होंने कहा कि अगली बार किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्रवाईरेनू भाटिया ने कहा कि यह कार्रवाई युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौके पर कोई आपत्तिजनक स्थिति मिलती, तो तुरंत सख्त कदम उठाए जाते।
प्रयागराज के एयरपोर्ट क्षेत्र स्थित इंगुआ उर्फ काठगांव मेगुरुवार दोपहर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत में बने छप्परनुमा घर में अचानक आग लग गई, जिसमें सो रही 5 वर्षीय बालिका जिंदा जल गई। हादसे में परिवार की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई, जबकि दो बकरियों की भी मौत हो गई। फसल का बोझ बांधने गए थे पति-पत्नी राम सिंह रैदास अपने परिवार के साथ गांव की आबादी से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में घास-फूस और प्लास्टिक से बने छप्पर में रहते हैं। गुरुवार को वह पत्नी सीमा के साथ खेत में गेहूं की फसल का बोझ बांधने गए थे। घर पर उनके पांच बच्चे मौजूद थे। सो रही थी 5 साल की मासूमदोपहर करीब तीन बजे अचानक छप्पर में आग लग गई और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। आग लगते ही तीन बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए। इनमें बड़ी बेटी शिवानी ने एक साल के मासूम अरुण को गोद में उठाकर बाहर निकाला। लेकिन 5 साल की सोना उस वक्त अंदर सो रही थी और बाहर नहीं निकल सकी। छप्पर के अंदर पड़ी मिली लाशबच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आसपास पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक आग बुझी, तब तक मासूम सोना की झुलसी हुई लाश छप्पर के अंदर मिली।हादसे में घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। छप्पर में बंधी दो बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक भैंस झुलस गई। घटना की सूचना पर पहुंचे माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका सचनासूचना पर पहुंची एयरपोर्ट थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।पुलिस के अनुसार आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं, हालांकि शुरुआती जांच में चूल्हे से निकली चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच जारी है।
केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर के विद्यार्थियों ने CBSE दसवीं बोर्ड परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया है। इस सफलता से विद्यालय में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि छात्रों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर बेहतरीन अंक हासिल किए। राकेश, आयुष, आनंद, आर्य, रुद्रांश, उत्कर्ष और छात्रा मानसी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का गौरव बढ़ाया। इन छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया परिणामों में राजेश ने 95% अंक हासिल कर विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया। आयुष आनंद ने 94%, अर्जुन रुद्रांश ने 93.8%, हर्षित राज सिंह ने 93.4%, उत्कर्ष सिंह ने 92% और मानसी भारत ने 90% अंक प्राप्त किए। सभी छात्रों की उपलब्धि सराहनीय रही। प्राचार्य ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये छात्र अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों के समर्पण की भी प्रशंसा की।विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले सत्र में भी इसी तरह के उत्कृष्ट परिणाम देखने को मिलेंगे।
वाराणसी कोर्ट ने गैंगरेप में सहयोग करने वाली महिला आरोपी को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने रामगढ़, चंदवक (जौनपुर) निवासी आरोपिता किरन को एक लाख रुपए की एक जमानत एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि लगातार एक वर्ष से वह बलुआ, चंदौली निवासी प्रभाकर निषाद से बातचीत करती आ रही है। इस दौरान प्रभाकर निषाद ने उसके साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया। जिसमें उसकी सहयोगी आरोपी महिला किरन सिंह ने भी भरपूर सहयोग दिया, लेकिन जब पीड़िता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी तो उसने इंकार कर दिया। इस पर 24 फरवरी 2026 को पीड़िता को महिला आरोपित किरन अपने साथ चंद्रावती बाजार ले गई, जहां से महिला आरोपित ने पांच लड़कों को फोन से बुलाया, जो पीड़िता को अपने साथ ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किए। उक्त बातें पीड़िता ने अदालत में अपने कलमबंद बयान में दर्ज कराया था। जिसके बाद चौबेपुर पुलिस ने पीड़िता के तहरीर पर किरन समेत अन्य लोगों के खिलाफ पीड़िता से गैंगरेप करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपिता किरन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि प्रथम सूचना रिपोर्ट के पीड़िता ने केवल प्रभाकर निषाद पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है, जबकि बाद विवेचना के दौरान गलत एवं असत्य तथ्यों के आधार पर उसका नाम प्रकाश में लाकर आरोपी बना दिया गया है। पीड़िता के परिवार वालों से उसके मायके वालों का मुकदमा का रंजिश है। इसी रंजिश के तहत पीड़िता ने अपने बयान में उसका नाम लेकर यह कहा है वह उसे चंद्रावती बाजार में छोड़कर चली गई, जबकि इसका कोई चश्मदीद साक्षी नहीं है। अदालत ने पत्रावली व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपिता की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
फर्रुखाबाद में खुदागंज के पास कानपुर से फर्रुखाबाद जा रही लीडररोड डिपो की एक रोडवेज बस गुरुवार रात को बोलेरो से टकरा गई। टक्कर के बाद बोलेरो सवार लोगों ने बस का पीछा किया और उस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना से बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख बस चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और बस को सीधे कमालगंज थाने के बाहर ले जाकर खड़ा कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन से चार उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया। घटना की सूचना मिलने पर सीओ अमृतपुर अमरपाल सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सभी यात्रियों को कमालगंज थाने में सुरक्षित रुकवाया, जहां उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की स्मृति में चार दिवसीय गायन कार्यशाला आयोजित की जा रही है। 15 से 18 अप्रैल तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित साजन मिश्रा विद्यार्थियों को सीधा मार्गदर्शन दे रहे हैं। कार्यशाला का दूसरा दिन सुजान सभागार में संपन्न हुआ। गायन विभागाध्यक्ष प्रो. सृष्टि माथुर ने पंडित साजन मिश्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।कार्यशाला के पहले और दूसरे दिन पंडित साजन मिश्रा ने विद्यार्थियों को विभिन्न रागों की गहन जानकारी दी। संगीत की बारीकियां सिखाईं उन्होंने राग तोड़ी की बंदिशों जैसे 'राज दरबार', 'लंगर कंकरिया' और 'बलमा मोरा रंग रंग रलिया' के माध्यम से आलाप, बोल-तान और भाव पक्ष की बारीकियां सिखाईं। इसके अतिरिक्त, राग वृंदावनी सारंग में 'तू ही रब तू ही साहिब' जैसी बंदिशों से स्वर और लय की सुंदरता को समझाया गया। दूसरे दिन का विशेष ध्यान राग जौनपुरी पर रहा। विद्यार्थियों को बड़े और छोटे ख्याल के अभ्यास के साथ तराना और 'काशी के बसइया' जैसे गीतों के माध्यम से विभिन्न गायन शैलियों से परिचित कराया गया। पंडित मिश्रा ने मंच प्रस्तुति, राग विस्तार और नियमित रियाज के महत्व पर भी जोर दिया। निरंतर अभ्यास को संगीत की आत्मा संवाद सत्र के दौरान पंडित मिश्रा ने गुरु-शिष्य परंपरा और निरंतर अभ्यास को संगीत की आत्मा बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल तरीके से उत्तर दिया और उन्हें संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि छात्रों की मांग पर ऐसे बड़े कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि उन्हें सीधे सीखने का अवसर मिल सके।
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यह समझाया कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा की सीटें 543 से 850 कैसे होंगी। दरअसल, चर्चा के दौरान विपक्ष आरोप लगा रहा था कि परिसीमन से उत्तरी राज्यों को फायदा होगा, जबकि दशकों से जनसंख्या वृद्धि में अंतर की वजह से दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे। कांग्रेस ने कहा कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं बल्कि यह चोर दरवाजे से परिसीमन के लिए हैं। शाह ने बताया- 850 का आंकड़ा कहां से आया शाह ने कहा, 'मैं समझाता हूं। मान लीजिए 100 सीटें हैं और 33% महिलाओं के लिए आरक्षण देना है। यदि कुल सीटों में 50% वृद्धि कर दी जाए, तो यह 150 हो जाती हैं। और जब 150 का 33% आरक्षण लागू होता है, तो यह लगभग 100 सीटों के बराबर हो जाता है।' ‘अभी 543 सदस्य हैं। इसमें 50% वृद्धि की जाएगी और जब 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, तो सभी 543 सीटें ऐसी हो जाएंगी जहां महिलाएं भी चुनाव लड़ सकें। इसी तरह 50% वृद्धि का विचार आया। 850 एक राउंड फिगर है, वास्तविक संख्या 816 होगी।’ तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 हो जाएंगी दक्षिण के पांच राज्यों की कुल लोकसभा सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। उनका प्रतिशत 23.76 से बढ़कर 23.87 हो जाएगा। इस तरह प्रस्तावित 50% सीट वृद्धि से दक्षिण भारत के हर राज्य को अधिक सीटें मिलेंगी। तमिलनाडु को 20, केरल को 10, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में दूसरे सबसे अधिक सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र है, जिसे 24 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। शाह बोले- परिसीमन कानून में कोई बदलाव नहीं शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह मौजूदा कानून पर है। इसमें कोई बदलाव नहीं है। इसका चल रहे चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परिसीमन विधेयक के अनुसार: इन विधेयकों के जरिए संविधान के 7 अनुच्छेदों- 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334 (ए) में संशोधन किया जाएगा। संसद में 4 विपक्षी नेताओं के बयान --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार:प्रियंका का जवाब- महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती हैं, सावधान हो जाएं पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है। मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में सत्र 2025-26 का वार्षिक समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या मंजुला उपाध्याय ने की, जबकि प्रबंधक विजय दयाल के संरक्षण में यह आयोजन संपन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। बीए सेमेस्टर-4 की छात्रा मुस्कान मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।प्राचार्या मंजुला उपाध्याय ने सत्र 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और कॉलेज की उपलब्धियों के बारे में बताया। छात्राओं के प्रयासों की सराहना की मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने शिक्षकों और छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी को अनुशासन, नैतिक मूल्यों और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. अश्विनी कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। 61 छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया इस अवसर पर कुल 61 छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें 40 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य पदक शामिल थे। बीए की छात्रा नेहा कुमारी को उनके समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘नवयुग रत्न पुरस्कार’ से नवाजा गया।अस्मिता अवस्थी ने सर्वाधिक तीन मेडल जीते, जबकि आयुषी शुक्ला को सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर एक स्वर्ण और एक रजत पदक मिला। रिया यादव, श्रद्धा और ऋतिका शर्मा सहित अन्य कई छात्राओं को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। कॉलेज के तीन शिक्षकों को ‘रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड’ प्रदान किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत छात्राओं ने नृत्य, काव्य पाठ और गरबा जैसी विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनीता सिंह ने किया, जबकि अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता कोटवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
वाराणसी जिला सत्र न्यायालय की एक कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म के आरोपी को रिहा कर दिया। गिरफ्तारी और चार्जशीट के बावजूद पुलिस और पीड़िता आरोपी के खिलाफ कोई मजबूत और ठोस सबूत जज के सामने पेश नहीं कर पाए। कई तारीखों में गवाह, बयान, साक्ष्य और पुलिस रिपोर्ट देखने के बावजूद आरोपी को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) सुनील कुमार की अदालत ने बंजरवां, फूलपुर निवासी आरोपित अजय यादव को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। उस पर युवती से दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने का आरोप था, जिसका ट्रायल चल रहा था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव गुड्डू, नरेश यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन ने कोर्ट को बताया पूरा मामला अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि गाजीपुर जनपद की निवासी पीड़िता ने बनारस के फूलपुर थाने में उससे दुष्कर्म करने और धमकाने समेत कई आरोपों को लगाते हुए गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उसके मायके का रहने वाला अजय यादव काफी मनबढ़ किस्म का व्यक्ति है। वह पीड़िता के विवाह के एक वर्ष पूर्व उसके दस वर्षीय छोटे भाई को जान से मारने की धमकी देकर जबरदस्ती उसके साथ बलात्कार किया और उसका अश्लील वीडियो फिल्म बना लिया। इसके बाद अजय यादव वीडियो फिल्म वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ लगातार बलात्कार करता रहा। पीड़िता का विवाह होने के बाद से ही अजय यादव अक्सर उसे धमकी देता रहा कि वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएं, नहीं तो वह उसकी वीडियो को सारे रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजकर उसे बदनाम कर देगा। इस प्रकार वह बार-बार ब्लैकमेल कर पीड़िता के साथ बलात्कार करता रहा। पीड़िता पहले लोकलाज से यह बात लोगों से छिपाती रही, लेकिन जब उसका अत्याचार काफी बढ़ने लगा तो पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट लिखवायी। जज ने जजमेंट में दिया संदेह का लाभ प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, वहीं विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य के विश्लेषण करने के पश्चात यह स्पष्ट है कि पीड़िता आरोपित से पूर्व परिचित थी। एक मात्र साक्षी के साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्धि उसी स्थिति में हो सकती है, जबकि परिस्थितियां ऐसी हो कि अन्य साक्षी उपलब्ध नही हो सकते हो तथा एक मात्र साक्षी का साक्ष्य विश्वास प्रेरित करता हो एवं विशुद्ध गुणवत्ता वाला बेदाग हो, जिस पर पूर्ण रूप से भरोसा किया जा सके। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि अभियोजन द्वारा अभियुक्त अजय यादव के विरुद्ध लगाये आरोप को युक्ति-युक्त संदेह से परे साबित करने में पूर्णरूप से असफल रहा है। ऐसे में आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में गाजियाबाद में फर्जी दूतावास चलाने और खुद को 'रॉयल एडवाइजर' (शाही सलाहकार) बताते हुए ' कॉन्सुलर' कार्यालय संचालित करने के आरोपी 49 वर्षीय व्यक्ति को जमानत दी है। एसटीएफ ने जुलाई में पकड़ा था जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल बेंच ने आरोपी हर्षवर्धन जैन को यह राहत दी है। जैन को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पिछले वर्ष जुलाई में गिरफ्तार किया था। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने खुद को वेस्ट आर्कटिका नामक गैर-मौजूद देश का राजनयिक बताकर कथित कांसुलेट संचालित किया और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क किया। उसके पास से कथित तौर पर फर्जी कूटनीतिक पासपोर्ट, नकली दस्तावेज, और डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी गाड़ियां बरामद हुई थीं। बचाव पक्ष ने पेश की दलीलें वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि उसके पास मौजूद अतिरिक्त पासपोर्ट और नंबर प्लेट केवल स्मृति चिन्ह (नॉवेल्टी आइटम) थे और उनका उपयोग किसी सरकारी पहचान के रूप में नहीं किया गया। यह भी कहा गया कि आरोपी के खिलाफ किसी व्यक्ति द्वारा ठगी या धोखाधड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं है। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जो उसकी संलिप्तता को दर्शाते हैं। हालांकि, कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि चूंकि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, इसलिए आरोपी को आगे जेल में रखने का औचित्य नहीं बनता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दी।
भोपाल में शादी सीजन शुरू होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब जिन घरों में शादी है, उन्हें पास की गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड जमा कराना होगा। इसके बाद ही अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे। प्रत्येक सिलेंडर के लिए 2200 रुपए डिपॉजिट देना होगा। दो सिलेंडर के लिए कुल 4400 रुपए जमा कराए जाएंगे, जो इस्तेमाल के बाद सिलेंडर लौटाने पर वापस कर दिए जाएंगे। हालांकि, गैस भरवाने का शुल्क अलग से 1850 रुपए प्रति सिलेंडर देना होगा। सिलेंडर 2 से 3 दिन के भीतर एजेंसी पर लौटाना अनिवार्य रहेगा। कंपनियों से चर्चा के बाद व्यवस्थाभोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सभी एलपीजी कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए शादी का कार्ड, पहचान पत्र और एक आवेदन देना होगा, जिसमें शादी की तारीख, समय और स्थान की जानकारी देनी होगी। फिर भी राहत नहींकैटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रिंकू भटेजा ने कहा कि समय पर सिलेंडर नहीं मिले तो मेन्यू कम करना पड़ रहा है। मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। नई व्यवस्था लागू जरूरी दी गई है। लेकिन इससे पूर्ति नहीं हो पाएगी।
बिजली कनेक्शन पाना मौलिक अधिकार:ससुराल वालों ने कटवाई बिजली, लखनऊ HC ने कनेक्शन देने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि बिजली कनेक्शन प्राप्त करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए याची को नया बिजली कनेक्शन देने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश प्रीति शर्मा की याचिका पर दिया। प्रीति शर्मा ने न्यायालय को बताया कि वह लगभग 20 वर्षों से अपने घर में रह रही हैं और उनके छोटे बच्चे भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पारिवारिक विवाद के कारण उनके ससुराल पक्ष ने उन्हें और उनके बच्चों को घर से निकालने के प्रयास में बिजली कनेक्शन कटवा दिया था। याची नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रही थीं। प्रीति शर्मा ने नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन बिजली विभाग ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया। याची ने न्यायालय को यह भी बताया कि बिजली न होने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी परिसर में निवास कर रहा है, तो वह बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का हकदार है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। न्यायालय ने बिजली विभाग द्वारा आवेदन खारिज करने के आदेश को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि विभाग याची के आवेदन पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चार सप्ताह के भीतर नया बिजली कनेक्शन प्रदान करे। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो, तो विभाग याची से कोई उचित बॉन्ड ले सकता है।
PMO के फर्जी सिफारिशी पत्र से नौकरी का मामला:सबूतों के अभाव में आरोपी बरी; पुलिस जांच पर उठे सवाल
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के कथित फर्जी सिफारिशी पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में आरोपी को साक्ष्य प्रमाणित नहीं होने पर कोर्ट से राहत मिल गई। अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार चंदेल की कोर्ट ने आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी दीपक अवस्थी को दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद केस में पुलिस की जांच पर सवाल उठे हैं। घटना 13 अक्टूबर 2023 की है। फरियादी राहुल पिस्तौर ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी कि विजय नगर स्थित अवंतिका गैस एजेंसी के कार्यालय में असिस्टेंट मैनेजर (प्रोजेक्ट) पद पर नियुक्ति के लिए आरोपी दीपक अवस्थी (निवासी झांसी, उत्तर प्रदेश) ने प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली के कथित डायरेक्टर के नाम से जारी एक सिफारिशी पत्र प्रस्तुत किया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए गैस कंपनी के कार्यालय में उक्त पत्र लेकर पहुंचा था। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पीएमओ से जारी एक प्रशंसा पत्र को कथित रूप से एडिट कर उसे नौकरी की सिफारिश के रूप में प्रस्तुत किया। धोखाधड़ी का केस, हुई थी गिरफ्तारी मामला फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। जांच में मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब्ती प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों को लेकर विरोधाभासी बिंदु सामने आए। अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध नहीं कर पाया। कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी दीपक अवस्थी को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद केस में पुलिस विवेचना पर सवाल खड़े हुए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में नियमित नेत्र विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी न करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी, जिसके लिए राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने सुदीप शुक्ला और 45 अन्य की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय को बताया कि वे वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत संविदा पर नेत्र विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने लंबे समय से संतोषजनक सेवाएं दी हैं, इसलिए नियमित भर्ती में उनके अनुभव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि, उनकी इस मांग को अनदेखा करते हुए नए सिरे से नियमित चयन की प्रक्रिया चल रही है। सुनवाई के दौरान, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने न्यायालय को सूचित किया कि नियमित नेत्र विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयन सूची राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों में संविदा कर्मियों को वरीयता देने का कोई प्रावधान नहीं है। राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक चयन प्रक्रिया के तहत किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी न किया जाए।
ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में एक 25 वर्षीय युवती के साथ नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म और बाद में मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित युवती एमए पास है और लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान हजीरा के लूटपुरा निवासी करण धाकड़ से हुई। आरोपी ने खुद की पहचान कई मंत्रियों और अधिकारियों से होने का दावा करते हुए युवती को सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान उसने प्रेम का प्रस्ताव भी रखा। आरोप है कि करीब 15 दिन पहले करण धाकड़ युवती के घर पहुंचा और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह नौकरी के नाम पर लगातार उसका शोषण करता रहा। जब युवती ने नौकरी को लेकर दबाव बनाया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। भाई ने घर में घुसकर की मारपीट पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी का भाई सन्नी धाकड़ एक सप्ताह पहले युवती के घर पहुंचा। उसने युवती पर अपने भाई को फंसाने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत हजीरा थाने में की। जांच के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी और उसके भाई की तलाश जारी है।
मुरादाबाद में चल रही प्रदेश स्तरीय अंडर-20 फुटबॉल चैंपयनशिप 2026 के चौथे दिन गुरुवार को 2 मैच खेले गए। पहला मैच झांसी v/s गोरखपुर मंडल के बीच खेला गया। जिसमें गोरखपुर मंडल ने झांसी मंडल को आसानी से 4-0 से हरा कर अगले चक्र मे प्रवेश किया। चैंपियनशिप में सेमीफाइनल मुकाबले के लिए शुक्रवार को टीमें आपस में भिड़ेंगी। गुरुवार को दूसरा मैच कानपुर मंडल और बस्ती मंडल के बीच खेला गया। दोनों ही टीमों ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। बस्ती मण्डल मे स्पोर्ट्स हॉस्टल बस्ती के अच्छे खिलाडियों से सजी थी। परन्तु वो सभी खिलाड़ी गोल करने में असफल रहे। इस कारण टीम के प्रदर्शन पर प्रीतिकूल प्रभाव पड़ा। गोरखपुर ने ये मैच 5-0 से जीत कर अगले चक्र मे प्रवेश किया। कल दोनों सेमी फ़ाइनल सुबह की पारी में खेले जाएंगे। इस अवसर पर ज़िला फुटबॉल एसोसिएशन अमरोहा के सचिव मुहम्मद नसीम इक़बाल, MPS के कनवीनर सुशील सिंह, प्रिंसिपल शकील अहमद ज़िला फुटबॉल एसोसिएशन मुरादाबाद के सीनियर वॉइस प्रेजीडेंट उस्मान खान, सहायक सचिव आमिर मिर्ज़ा, सहायक सचिव सुरेंदर पाल सिंह, कोषाध्यक्ष शुजा उद्दीन खान,पेटर्न मंसूर अली, वरिष्ठ खिलाडी मुहम्मद फहीम, शुएब अहमद, उत्तर प्रदेश फुटबॉल संघ से नामित प्रयावेक्षक आरिफ नजमी,चयन करताओं में मेराज खान,इरफ़ान ज़मा खान,शमसी रज़ा, पवन तोमर उपस्थित रहे। निर्णायकों में हाजी मुनव्वर,निताई सरदार, सौरभ कुमार सिंह, रमेश जैसल, मुहम्मद अकिब, मुहम्मद फरमान, कुमारी सानिया सलीम, कुमारी निशिता सिंह रहीं !प्रीतियोगिता में आए सभी मेहमानों का स्वागत महिला विंग की सचिव माधुरी देवी ने किया, संचालन एसोसिएशन के महासचिव मुहम्मद नासिर कमाल ने किया।
कानपुर के पनकी में आवारा कुत्तों को पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने के मामले में पनकी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ नामजद और अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कर्मचारियों का आरोप है कि इलाके के लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने के दौरान पहले विरोध फिर जाति सूचक गाली-गलौज और मारपीट करते हुए भाग निकले। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नगर निगम के कर्मचारियों को बचाया। कर्मचारियों की तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों की तलाश कर रही है।शिकायत पर कटखने कुत्तों को पकड़ने गई थी नगर निगम की टीम नगर निगम के कुत्ता पकड़ने वाला दस्ता बुधवार रात को ईडब्ल्यूएस-43 पार्ट-2 गंगागंज पनकी निवासी दिनेश सिंह की शिकायत पर आवारा कुत्तों को क्षेत्र में पकड़ने गई थी। टीम में विकास सोनवानी, विकास झा, सत्येन्द्र यादव और गौरव आवारा कुत्तों की घेराबंदी कर रहे थे। इसके साथ ही कुछ कुत्तों को टीम ने पकड़ लिया और पिजरे में बंद कर दिया। इस दौरान मोहल्ले के लोग बाहर निकल आए और इसका विरोध करने लगे, किसी ने कहा कि मेरे शेरू को क्यों पकड़कर ले जा रहे तो किसी ने कहा कि यह पांच साल से यहां पला है आज तक किसी को नहीं काटा। इस पर टीम के सदस्यों ने बताया कि इलाके में रहने वाले दिनेश सिंह की आईजीआरएस शिकायत पर ही कुत्तों को पकड़ने पहुंचे हैं। लोगों ने किसी की एक बात नहीं सुनी और आक्रोशित हो गए। आरोप है कि मोहल्ले में रहने वाले जानू, राहुल, वन्दना व वन्दना के पति राहल, उपाध्याय, रवि नारायण भी आ गए और टीम से भिड़ गए। पहले गाली-गलौज फिर दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। डॉग कैचिंग वाले दस्ते की गाड़ी को भी तोड़ दिया। मारपीट में सभी कर्मचारी चुटहिल हो गए और पुलिस को फोन किया। किसी तरह वहां से भागकर खुद को सुरक्षित किया। सूचना पर पनकी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सरोजनी नगर निवासी नगर निगम कर्मचारी समीर बाल्मीकि की तहरीर पर जानू, राहुल, वंदना, वंदना के पति राहुल, उपाध्याय, रवि नारायण और मोहल्ले के अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करना, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, जान से मारने की धमकी देना समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। जल्द ही आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा। वीडियो बना अहम साक्ष्य, आरोपी घर छोड़कर फरार पनकी थाना प्रभारी ने बताया कि नगर निगम की टीम ने मारपीट का लाइव वीडियो बना लिया है। इसमें टीम पर हमला करने वाले आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी घर छोड़कर भाग निकले हैं। वीडियो के आधार पर मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसी आधार पर जल्द ही आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद रिजर्व पुलिस लाइंस में गुरुवार रात रिक्रूट आरक्षियों के लिए पुलिस कप्तान सतपाल अंतिल की ओर से ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया। इसमें सभी अधिकारियों और रिक्रूट आरक्षियों व अन्य पुलिस कर्मियों ने एक साथ बैठकर खाना खाया। डीआईजी मुनिराज-जी और एसएसपी सतपाल अंतिल ने अपने हाथों से भावी सिपाहियों को खाना परोसा। रिजर्व पुलिस लाइन्स मुरादाबाद में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षी अपने लिए आयोजित इस भव्य आयोजन से गदगद नजर आए। डीआईजी-एसएसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने रिक्रूट आरक्षियों को अपने हाथों से भोजन परोसकर आत्मीयता, सौहार्द एवं पारिवारिक वातावरण का परिचय दिया। यह दृश्य रिक्रूट आरक्षियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक रहा। अधिकारियों द्वारा रिक्रूट आरक्षियों से संवाद स्थापित करते हुए उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी ली गई तथा उन्हें अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, टीम भावना एवं जनसेवा के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षणाधीन आरक्षियों के मनोबल को सुदृढ़ करना, उनमें आत्मविश्वास का संचार करना एवं पुलिस परिवार के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करना रहा। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों द्वारा रिक्रूट आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें कर्तव्य पथ पर दृढ़ता एवं ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें
अलीगढ़ में एक युवक ने गाजियाबाद की विधवा महिला को पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसा लिया। महिला को शादी का झांसा देकर 15 दिन पहले गांधीपार्क थाना क्षेत्र के एक होटल में लेकर पहुंचा। वहां उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। आरोपी के साथ होटल संचालक ने भी महिला से साथ दुष्कर्म किया। गुरुवार को किसी तरह महिला बचकर भागी। उसको आरोपी ने सड़क पर ही बेरहमी से पीटा। महिला को पिटता देख राहगीरों ने आरोपी को दबोच लिया और जमकर पिटाई कर डाली। लोगों ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना की जानकारी पर हिंदूवादी नेता भी जिला अस्पताल पहुंच गए। पहचान उजागर होने पर शुरू हुआ जुल्म का दौर पीड़िता ने बताया कि एक साल पहले पति की मौत हो गई है। इसके बाद वह अपने डेढ़ साल के बच्चे के साथ जीवन काट रही थी। इसी दौरान काम के सिलसिले में गाजियाबाद आने-जाने वाले अलीगढ़ के सासनीगेट के जयगंज निवासी आदिल से उसकी मुलाकात हुई। आदिल ने हिंदू नाम बताकर उसे सहारा देने का वादा किया। करीब 15 दिन पहले उसे अलीगढ़ ले आया। यहां गांधीपार्क थाना क्षेत्र के बोनेर स्थित एक होटल में उसे ठहराया गया। महिला का आरोप है कि जब उसे पता चला कि युवक दूसरे समुदाय का है तो उसने विरोध किया। इसके बाद आरोपी ने महिला को बंधक बना लिया और होटल में दुष्कर्म किया। होटल संचालक पर भी लगा दरिंदगी का आरोप पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि इस घटना में होटल संचालक भी शामिल था। आरोप है कि आदिल के साथ-साथ होटल संचालक ने भी महिला के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने महिला का मंगलसूत्र और करीब तीन लाख रुपए भी हड़प लिए। महिला कई दिनों तक होटल के कमरे में कैद रही। बीच सड़क पर पिटाई देख राहगीरों ने आरोपी को दबोचा गुरुवार शाम को महिला किसी तरह होटल की कैद से निकलकर बाहर भागी। पीछा करते हुए आरोपी आदिल उसे सड़क पर ही बेरहमी से पीटने लगा। महिला को लहूलुहान और अचेत अवस्था में सड़क पर पिटता देख राहगीर भड़क गए। भीड़ ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपी युवक को मौके पर ही दबोच लिया और जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस की कड़ी कार्रवाई की तैयारी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी आदिल को हिरासत में ले लिया है, जबकि पीड़िता को गंभीर हालत में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। एसपी सिटी ने बताया कि महिला के शरीर पर चोट के निशान हैं। वह बेहद डरी हुई है। उन्होंने साफ किया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यदि होटल नियमों के विरुद्ध चलता पाया गया, तो उस पर भी बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब धर्म छिपाकर धोखाधड़ी करने और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया में है।
ग्रामीण तमंचे के साथ आरोपी को पकड़कर थाने लाए:हरदोई में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में ग्रामीणों ने एक आरोपी को तमंचे और कारतूस के साथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी पर आर्म्स एक्ट के तहत गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला 15 अप्रैल की रात का है। नेवादा गांव निवासी मोहित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे वह घर पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान गांव का आशाराम पुरानी रंजिश के चलते उनके दरवाजे पर आया और परिवार वालों से गाली-गलौज करने लगा। जब परिवार वालों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आशाराम ने अपनी जेब से तमंचा निकाल लिया और उसे लहराते हुए गाली-गलौज जारी रखी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों को इकट्ठा देखकर आशाराम ने भागने का प्रयास किया, लेकिन गांव के धीरेंद्र, शरीफ और गंगाराम ने उसे पकड़ लिया। मोहित भी इस दौरान मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। इस दौरान आशाराम को कुछ चोटें भी आईं। मोहित और अन्य ग्रामीण आरोपी आशाराम को तमंचे और कारतूस समेत बेहटा गोकुल थाने लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आशाराम के खिलाफ 16 अप्रैल को आर्म्स एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उज्जैन में नानाखेड़ा पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 लाख रुपए मूल्य की अवैध सामग्री जब्त की है। पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में 44 पेटी अवैध शराब, दो लग्जरी कारें और फर्जी नंबर प्लेट के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से इंदौर से उज्जैन और गुजरात तक फैले एक शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस को यह सफलता अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चेकिंग के दौरान मिली। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नानाखेड़ा पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर यह कार्रवाई की। पहली कार्रवाई इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में की गई। यहां पुलिस ने एक XUV700 कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें से 23 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (बैगपाइपर ब्रांड) और दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुईं। दूसरी कार्रवाई इंदौर रोड पर शनि मंदिर ब्रिज के नीचे की गई। इस स्थान पर एक स्कॉर्पियो N वाहन से 21 पेटी अवैध शराब (बैगपाइपर ब्रांड) जब्त की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इंदौर से शराब लाकर उज्जैन और गुजरात में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस से बचने के लिए वे फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन (पिता गोपाल राव, 25 वर्ष), यस चित्तौड़ा (पिता विनोद चित्तौड़ा, 21 वर्ष), साहिल और मनीष माली (पिता संतोष माली, 23 वर्ष) तथा चंद्रशेखर उर्फ मेडिकल (पिता नंद किशोर, 24 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी उज्जैन के निवासी हैं। कुल मिलाकर, पुलिस ने 44 पेटी अवैध शराब (लगभग 379.72 बल्क लीटर), दो लग्जरी वाहन और फर्जी नंबर प्लेट सहित लगभग 50.26 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है।
पीलीभीत में अज्ञात वाहन की टक्कर से पिता की मौत:बेटी की हालत गंभीर, बाइक से घर लौटते समय हुआ हादसा
पीलीभीत में बाइक सवार पिता की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। अज्ञात वाहन चालक टक्कर मारकर फरार हो गया। मामला करेली थाना क्षेत्र का है। शाहजहांपुर के थाना बंडा क्षेत्र के ग्राम अजमतपुर निवासी देवेंद्र सिंह अपनी बेटी अन्नू के साथ बाइक से लौट रहे थे। तभी मीरपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय राहगीर अर्जुन ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों घायलों को बिलसंडा सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने देवेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल अन्नू को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों के अनुसार, देवेंद्र सिंह अपनी बहन के घर गांव पंडरी मरौरी गए थे और देर रात वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घर पहुंचने से पहले ही यह दुर्घटना उनके परिवार पर कहर बनकर टूटी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना अध्यक्ष विपिन शुक्ला ने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है और जल्द ही आरोपी चालक को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अलीगढ़ के एक शिक्षक और उसके दो साथियों पर हाथरस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इन पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 18.89 लाख रुपये ठगने का आरोप है। पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ठगी का पता चला। विष्णुपुरी निवासी पंकज कुमार वर्मा ने कोतवाली हाथरस गेट में आज देर शाम रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अलीगढ़ के राजकीय जूनियर स्कूल छलेसर में तैनात अध्यापक अतुल दिवाकर ने अपने साथियों रामेंद्र सिंह और हरेंद्र भूषण सिंह के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। रामेंद्र सिंह ने खुद को लखनऊ में एफसीआई का अधिकारी बताया। जबकि हरेंद्र भूषण सिंह ने प्रयागराज के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में अकाउंटेंट होने का दावा किया। अतुल दिवाकर ने पंकज के भाई धर्मेंद्र को एफसीआई में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोपियों ने दस किस्तों में कुल 18,89,500 रुपये ठगे। इसके अलावा, उन्होंने 29 और 30 सितंबर को प्रयागराज स्थित एक अस्पताल में धर्मेंद्र का मेडिकल चेकअप भी कराया। पीड़ित को दिल्ली स्थित 'चीफ इंजीनियर मिलिट्री इंजीनियर सर्विस' के पते पर ज्वाइनिंग के लिए एक फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल किया गया। इस पत्र में 5 दिसंबर से एक सप्ताह पहले ज्वाइनिंग करने का निर्देश था। जब पीड़ित वहां पहुंचा, तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। पंकज कुमार वर्मा का आरोप है कि जब उन्होंने अतुल और अन्य दोनों से शिकायत की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
डेली कॉलेज में आंतरिक विवाद एक बार फिर गहरा गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में पूर्व छात्र (ओल्ड डेलियन्स) कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और बायलॉज (संविधान) में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्तमान प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संस्था की वर्तमान प्रबंधन समिति का कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद अब तक नए चुनाव नहीं कराए गए हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग अपनी कुर्सी बचाने के लिए नियमों में मनमाने संशोधन कर रहे हैं, जो कॉलेज की परंपराओं और स्थापित प्रक्रियाओं के खिलाफ है। प्राचार्य से मुलाकात को लेकर तनाव प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब पूर्व छात्रों को प्राचार्य डॉ. बिंद्रा से मिलने से रोक दिया गया। इस पर काफी देर तक बहस और विरोध हुआ। बाद में प्रबंधन ने उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति दी। मुलाकात के दौरान प्राचार्य ने उनकी बात सुनी और मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल पूर्व छात्रों ने केवल संविधान संशोधन ही नहीं, बल्कि संस्थान की गवर्नेंस और वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बिना वार्षिक साधारण सभा (AGM) बुलाए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं और पूर्व छात्रों की भागीदारी लगातार कम की जा रही है। साथ ही, अनावश्यक शिकायतों और एफआईआर से कॉलेज की राष्ट्रीय स्तर पर छवि प्रभावित हो रही है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन में मधुकांत गर्ग, डॉ. सुमित शुक्ला, देवाशीष मजूमदार, कमलेश कासलीवाल, विक्रम खंडेलवाल और नीरज देसाई सहित कई पूर्व छात्र शामिल हुए। ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई और प्रस्तावित बदलावों पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) के पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल को संस्था से आउट करने के बाद मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री दो फाड़ होती नजर आ रही है। इस फैसले के विरोध में लामबंद हुए 100 से अधिक निर्यातकों ने 'Exporter's Voice' के नाम नई संस्था बनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसके लिए निर्यातकों के आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज संकलित किए जा रहे हैं। बता दें कि मुरादाबाद अपने हस्तशिल्प उत्पादों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। दुनियाभर के 130 से भी अधिक देशों को मुरादाबाद से करीब 15000 करोड़ रुपए सालाना के हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। मुरादाबाद में हस्तशिल्प की 2000 से अधिक यूनिट हैं। इन फैक्ट्रियों में पीतल, कांच, लकड़ी, आयरन आदि के हस्तशिल्प उत्पाद बनाकर निर्यात किए जाते हैं। मुरादाबाद में बड़ी हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री होने की वजह से यहां निर्यातकों की अपनी संस्थाएं और एसोसिएशन हैं। इंटरनेशनल लेवल पर EPCH (एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट) का जिम्मा है कि वो हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट को प्रमोट करे। यही संस्था साल में दो बार दिल्ली फेयर के नाम से ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में हस्तशिल्प एवं उपहार मेले का आयोजन भी करती है। वर्तमान में मुरादाबाद के निर्यातक नीरज खन्ना इसके चेयरमैन हैं। लेकिन पिछले कुछ वक्त से ईपीसीएच और निर्यातकों के दूसरे संगठनों में रह रहकर टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले ईपीसीएच में फंड और ट्रैवलिंग एक्सपेंस को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। बाद में पता चला कि ईपीसीएच चेयरमैन नीरज खन्ना का इस्तीफा हो गया है, उनके इस्तीफे की कॉपी भी सामने आई। लेकिन बाद में नीरज खन्ना ने साफ किया वो ही ईपीसीएच चेयरमैन हैं और इस तरह उनके इस्तीफे का चैप्टर बंद हो गया था। नेशनल चेयरमैन रहे विशाल अग्रवाल को ‘यस’ से आउट कर दियागुरुवार को फिर से हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री से टकराव की खबरें सामने आईं। पता चला कि यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी ‘यस’ के चेयरमैन रहे निर्यातक विशाल अग्रवाल को ही ‘यस’ से आउट कर दिया गया है। विशाल पर आरोप लगा है कि वह ‘यस’ विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इसलिए उन्हें ‘यस’ फैमिली से बाहर किया जा रहा है। विशाल अग्रवाल का कहना है कि उन्हें निर्यातकों के हित में आवाज उठाने की सजा दी गई है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट जंग के दौरान इंडस्ट्री पर मंडराए मंदी के बादलों को देखते हुए उन्होंने ईपीसीएच से फेयर फीस कम करने की मांग की थी। इसी तरह की मांग लघु उद्योग भारती ने भी सैकड़ों निर्यातकों की ओर से ईपीसीएच ईडी के सामने रखी है। सभी निर्यातकों की यही मांग है कि फेयर फीस को 2500 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक घटा दिया जाए। 2018 से नहीं हुए मुरादाबाद एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चुनावमुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन मुरादाबाद के निर्यातकों की बहुत पुरानी एसोसिएशन है। कुछ निर्यातकों का कहना है कि 2018 के बाद से इस एसोसिएशन का चुनाव नहीं हुआ है। नवेद उर रहमान इस संस्था के अध्यक्ष और अवधेश अग्रवाल सेक्रेटरी हैं। 2018 में चुनी गई बॉडी ही अभी तक काम कर रही है। कुछ पुराने और दिग्गज निर्यातकों ने नई टीम के व्यवहार से आहत होकर ‘द हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन’ के नाम से अलग संस्था बना ली थी। अब यस में छिड़े विवाद के बाद 'Exporter's Voice' के नाम से नई संस्था बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। 2009 में हुआ था यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) का गठन ‘YES’ का गठन शहर के कुछ युवा निर्यातकों ने मिलकर 2009 में किया था। अनूप शंखधार इसके फाउंडर चेयरमैन थे। अनूप शंखधार 2012 तक चेयरमैन रहे। इसके बाद 2012 में नीरज खन्ना यस के चेयरमैन बने। उनके बाद रोहित ढल और फिर उदित सरन को चेयरमैन बनाया गया। उदित सरन के बाद एक बार फिर से मिड टर्म में रोहित ढल को यस का चेयरमैन बनाया गया। रोहित ढल के बाद 2020 में विशाल अग्रवाल यस के चेयरमैन बने थे। जिन्हें गुरुवार को यस से आउट कर दिया गया है।
चौक में शादी समारोह में बवाल:बिन बुलाए मेहमानों से मारपीट, छेड़खानी-लूट का आरोप
लखनऊ के चौक इलाके में बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान बवाल हो गया। बिन बुलाए मेहमानों के घुसने पर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और कुर्सियां तक चलीं। घटना से समारोह में अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्षों ने मुकदमा दर्ज कराया है। विकासनगर निवासी महिला के देवर की शादी चौक स्थित एक मैरिज लॉन में आयोजित थी। पीड़िता ने बताया शादी समारोह में कुछ लोग बिना निमंत्रण के घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने महिला के साथ छेड़खानी की और उनकी सोने की चेन व अंगूठी लूट ली। विरोध करने पर आरोपितों ने महिला के पति और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ भी की। दोस्तों के साथ शादी में शामिल होने गए वहीं, दूसरे पक्ष के अजय राज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपने दोस्तों समृद्ध, असद, फैसल, अफसान व अन्य के साथ शादी में शामिल होने पहुंचे थे। खाना लेने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। अजय के मुताबिक, दूसरे पक्ष के करीब 15 लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह और उसके दोस्त घायल हो गए। पीड़ित महिला की तहरीर पर पुलिस ने फैसल, समरीन, बव्वा, अजय, नदीम समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी मामला दर्ज कराया गया है। बिना बुलाए शादी में आने का आरोप इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि एक निमंत्रण पर कई लोग समारोह में पहुंच गए थे। खाना लेने को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
अनूपपुर जिले के कोतमा निवासी राम भुवन तिवारी की इलाज के दौरान हुई मौत और अस्पताल प्रबंधन पर लगे गंभीर लापरवाही के आरोपों की अब मजिस्ट्रियल जांच होगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हर्षल पंचोली ने गुरुवार शाम को जांच के आदेश दिए। इसके तहत, आगामी 18 अप्रैल को साक्ष्य और बयान दर्ज करने की तिथि निर्धारित की गई है। इस घटना से संबंधित कोई भी व्यक्ति, जिसके पास लिखित साक्ष्य, दस्तावेजी प्रमाण या जानकारी है, वह शनिवार को एसडीएम न्यायालय कोतमा में उपस्थित होकर अपने कथन दर्ज करा सकता है। यह जांच राम भुवन तिवारी के परिजनों और मीडिया द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद शुरू की गई है। दरअसल, 14 मार्च को राजकुमार तिवारी अपने पिता राम भुवन तिवारी को सीने में दर्द की शिकायत होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर ने मरीज की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए उसे सामान्य गैस की समस्या बताकर दवा दी और घर भेज दिया। रात करीब 3:30 बजे जब राम भुवन तिवारी की हालत बिगड़ी और परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर रेस्ट रूम में सो रहे थे। परिजनों को लगभग आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस देरी के बीच तड़पते हुए राम भुवन तिवारी ने दम तोड़ दिया। 26 किमी देर रहते हैं डॉक्टर जांच में यह भी सामने आया है कि ड्यूटी डॉक्टर केएल दीवान मुख्यालय के बजाय 26 किलोमीटर दूर बिजुरी में निवास करते हैं, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ता है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) कोतमा को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
टीकमगढ़ में भगवान परशुराम जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ब्राह्मण समाज द्वारा हर दिन प्रभातफेरी निकाली जा रही है और शाम को महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। जन्मोत्सव 19 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजन समिति के सौरभ शर्मा ने बताया कि प्रभातफेरी के दौरान ब्राह्मण समाज के युवा घर-घर जाकर आमंत्रण पत्र बांट रहे हैं। समाज के लोग नजरबाग मंदिर में एकत्रित होकर नगर भ्रमण करते हैं और विभिन्न मोहल्लों में लोगों को जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं। महाआरती का आयोजन गुरुवार रात इंद्रपुरी कॉलोनी में महाआरती का आयोजन किया गया। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी जन्मोत्सव के लिए सक्रिय रूप से संपर्क कर रही हैं। वे प्रतिदिन अलग-अलग मोहल्लों में जाकर समाज के लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील कर रही हैं। शर्मा ने बताया कि 18 अप्रैल को शाम 5 बजे नजरबाग मंदिर से एक बाइक रैली निकाली जाएगी। मुख्य जन्मोत्सव 19 अप्रैल को मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत महेंद्र सागर तालाब स्थित भगवान परशुराम मंदिर पर सुबह 6 बजे सामूहिक अग्निहोत्र यज्ञ से होगी। इसके बाद महामृत्युंजय पाठ का जाप किया जाएगा और भगवान परशुराम की प्रतिमा का अभिषेक होगा। शाम को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-रायपुर मेमू ट्रेनों को बहाल कर दिया है। निपनिया-भाटापारा सेक्शन के बीच गर्डर लॉन्चिंग के कारण रद्द की गई कुछ अन्य ट्रेनें भी अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन के अंतर्गत लेवल क्रॉसिंग संख्या 380 पर रोड अंडरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान रिलीविंग गर्डरों की लॉन्चिंग के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लॉक लिया गया था, जिसके चलते कई यात्री ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से रद्द किया गया था। रायपुर–बिलासपुर मेमू ट्रेनें बहाल बहाल की गई ट्रेनों में गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू और गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू शामिल हैं। ये दोनों ट्रेनें 17 और 19 अप्रैल को अपने निर्धारित समय पर चलेंगी। गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू का संचालन आंशिक रूप से बहाल इसके अलावा गंतव्य से पहले समाप्त या प्रारंभ होने वाली ट्रेनों को भी बहाल किया गया है। गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू 17 और 19 अप्रैल को गोंदिया से बिलासपुर तक अपने निर्धारित समय पर चलेगी। इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू भी 17 और 19 अप्रैल को बिलासपुर से गोंदिया तक चलेगी।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कुत्ते के हमले में 4 साल का मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। कुत्ते ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ाकर काटा, जिससे उसके शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया। घटना डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटीखुर्द की है। ललित पाथरे का 4 साल का नाती नादित्य पाथरे घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक पागल कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर बच्चे की चीख-पुकार सुनकर उसके दादा ललित पाथरे मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद उन्होंने तुरंत बच्चे को डौंडीलोहारा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर बच्चे को रायपुर रेफर किया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की हालत स्थिर होने के 24 घंटे बाद ऑपरेशन किया जाएगा। मासूम के शरीर पर 17 जगहों पर गहरे जख्म ग्रामीणों के अनुसार मासूम बच्चे के सिर, नाक, कान, मुंह, होठ, हाथ और पैरों समेत शरीर के 17 स्थानों पर गहरे जख्म हैं। बच्चे को बचाने के दौरान उसके दादा ललित पाथरे पर भी कुत्ते ने हमला किया, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के 30 वर्षीय हुमन चंदेल और एक अन्य राहगीर पर भी कुत्ते ने हमला किया। इसके अलावा चार मवेशियों को भी काट लिया गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुत्ते को दिया। जानकारी के अनुसार, मासूम नादित्य के पिता दीपक पाथरे का पिछले वर्ष निधन हो चुका है। दादा ही उसकी देखभाल कर रहे थे। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
आखातीज के मौके पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए जोधपुर जिले में जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें बाल विवाह संबंधित शिकायत की जा सकेगी। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) और पीपल पूर्णिमा (1 मई) के मद्देनजर ये आदेश जारी किए हैं। यह कंट्रोल रूम 16 अप्रैल से 15 मई तक 24 घंटे काम करेगा। इसे लेकर कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं। आमलोग 0291-2650349 और 0291-2650350 पर फोन कर बाल विवाह संबंधित सूचना दे सकता है। जोधपुर में बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम एवं तहसील स्तरीय समितियों, सतर्कता दलों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी एवं बीट कॉन्स्टेबल को शामिल किया गया है, जबकि तहसील एवं पंचायत समिति स्तर पर तहसीलदार, प्रधान, विकास अधिकारी एवं संबंधित थानाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। आदेश के तहत समितियां सुनिश्चित करेंगी कि विवाह के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधू की आयु का प्रमाण पत्र प्रिन्टिंग प्रेस के पास रहेगा। वहीं निमंत्रण पत्र पर वर-वधू की जन्मतिथी प्रिंट की जाएगी। ऐसे लोग जो विवाह कराने में सहयोगी हैं, जैसे हलवाई, बैंड-बाजा, पण्डित, बाराती, पंडाल और टेंट लगाने वाले, ट्रांसपोर्टर पर बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लेना और उन्हें कानून की जानकारी देना किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा- नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया- बाल विवाह करवाना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 का उल्लंघन है। इसके अनुसार विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग जोधपुर की उपनिदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने कहा- जिले में प्रिंटिंग काम करने वाले सभी लोगों को निर्देश दिए जाते हैं कि उनके द्वारा विवाह के प्रिंट निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की आयु संबंधित प्रमाण प्राप्त करें। निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की जन्मतिथि लिखें। साथ ही पुलिस के निरीक्षण करने पर उन्हें उपलब्ध कराएं।
महासमुंद पुलिस ने एक बड़े आईपीएल सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने बसना, पिथौरा, सांकरा, सरायपाली और भंवरपुर में ताबड़तोड़ दबिश देकर 9 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भंवरपुर चौक से पकड़े गए आरोपी योगेश्वर देवांगन से पूछताछ के बाद शुरू हुई। योगेश्वर से मिली जानकारी के आधार पर जिले के अन्य बड़े सटोरियों के नाम सामने आए। इसके बाद 5 टीमें गठित की गईं, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी की। ऑनलाइन सट्टा लेनदेन के सबूत मिले पुलिस जांच में आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन फोनों में फोन पे और यूपीआई के माध्यम से 3 लाख रुपए से अधिक के ऑनलाइन सट्टा लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की गई है। तीन आरोपी फरार मामले में संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले में 3 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और उनके पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
शिवपुरी कोतवाली क्षेत्र के बड़ी नौहरी में शराब ठेकेदार के गुर्गों ने कथित तौर पर कई हवाई फायर किए। इस दौरान उन्होंने एक पिता-पुत्र के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले में आबकारी विभाग की टीम पर भी मारपीट के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को बड़ी नौहरी में बंजारा परिवार द्वारा कच्ची शराब बनाए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर शराब ठेकेदार के गुर्गे और आबकारी विभाग की टीम दबिश देने पहुंची थी। पीड़ित सेठा बंजारा ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे वह अपने बेटे राहुल बंजारा के साथ घर के बाहर खड़े थे। तभी तीन से चार वाहनों में सवार होकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार से उतरते ही तीन से चार हवाई फायर किए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई। लोग अपने घरों में छिप गए। कच्ची शराब रखने के शक में लाठियों से पीटाइसी दौरान हमलावरों ने सेठा बंजारा और उनके बेटे राहुल को पकड़ लिया। उन्हें जमीन पर पटककर लाठियों से पीटा गया। मारपीट में सेठा के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा, जबकि उनका बेटा भी घायल हो गया। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। सेठा बंजारा का आरोप है कि शराब ठेकेदार के गुर्गों के साथ आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे और उन्होंने भी मारपीट की। पीड़ित के अनुसार, मौके पर कच्ची शराब नहीं मिली, फिर भी उनके साथ बेवजह मारपीट की गई। पीड़ित ने बताया कि वह आरोपियों में से पवन धाकड़ को पहचानता है, जबकि अन्य अज्ञात हैं। उनके अनुसार, कुछ लोग खाकी वर्दी में थे, जिन्हें आबकारी विभाग के कर्मचारी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल पिता-पुत्र को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। कोतवाली पुलिस ने सेठा बंजारा की शिकायत पर आरोपी पवन धाकड़ और अन्य अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 125, 296(ए), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस मामले में आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब इस संबंध में वृत्त प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में गुरुवार रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 4 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। इनमें से 4 लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया है।हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे। मामला विजयपुर थाना क्षेत्र के खितरपाल गांव का है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान सरोज गुर्जर, सुनैना गुर्जर, सीमा गुर्जर और गीता राव के रूप में हुई है। ट्रैक्टर से बीरपुर थाना क्षेत्र के घूंघस गांव से विजयपुर थाना क्षेत्र के झारबडौदा गांव भात मांगने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… ट्रैक्टर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला ट्रॉली के अंदर ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। विजयपुर से 3 किलोमीटर पहले खितरपाल गांव के पास ट्रैक्टर अनबैलेंस हो गया। इससे ट्रॉली पलट गई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। पलटी हुई ट्रॉली को हाथों से सीधा किया घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने क्रेन का इंतजार नहीं किया। हाथों से ही पलटी हुई ट्रॉली को सीधा किया। इससे मृतकों और घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को घटनास्थल पर मौजूद गाड़ियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री रामनिवास रावत घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। पूर्व वनमंत्री रामनिवास रावत, एसडीएम अभिषेक मिश्रा और टीआई राजन गुर्जर सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। राहत और बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। SDM अभिषेक मिश्रा ने बताया कि हादसे के बाद पांच लोगों की हालत गंभीर है। चार लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि एक व्यक्ति का इलाज विजयपुर के सिविल अस्पताल में चल रहा है। ………………………………………. यह खबरें भी पढ़ें 1. भिंड में बस ने ऑटो को मारी टक्कर, डेढ़ साल की बच्ची की मौत भिंड के अटेर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़े ऑटो में टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल की मासूम मानसी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. विदिशा के सिरोंज में बस पलटी, 25 से ज्यादा घायल विदिशा जिले के सिरोंज में गुरुवार शाम एक यात्री बस पलट गई। इस दुर्घटना में 25 से अधिक लोग घायल हो गए। तिरुपति बस (MH31 DS 8368) सिरोंज से बामोरीशाला जा रही थी। घटना सिरोंज से करीब 8 किलोमीटर दूर कुरवाई रोड पर ग्राम भटोली के पास शाम 7 बजे के बाद हुई। पढ़ें पूरी खबर…
टीकमगढ़ जिले के कांटी खास गांव में गुरुवार शाम खनिज विभाग ने अवैध मुरम खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम ने मौके पर अवैध उत्खनन कर रही एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया है। कार्रवाई के दौरान खनिज माफिया अपने डंपर और ट्रैक्टर लेकर भागने में सफल रहे, जिनका टीम ने काफी दूर तक पीछा भी किया। टीम को देख सड़क पर मुरम फैलाकर भागे चालक दोपहर करीब 3:30 बजे जब टीम मौके पर पहुंची, तब जेसीबी से ट्रैक्टरों और डंपरों में मुरम भरी जा रही थी। अधिकारियों को देखते ही चालक वाहनों को तेज रफ्तार में भगा ले गए और रास्ते में मुरम फैला दी ताकि पीछा न किया जा सके। जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत के अनुसार, स्टाफ की कमी की वजह से भागते हुए वाहनों को रोकना संभव नहीं हो सका। 40 लोगों की भीड़ ने जेसीबी छुड़ाने का किया प्रयास कार्रवाई के दौरान करीब 30-40 ग्रामीण और खनन से जुड़े लोग जेसीबी मशीन को छुड़ाने के लिए मौके पर एकत्र हो गए। स्थिति बिगड़ती देख देहात थाने से पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में शाम करीब 6 बजे मशीन को जब्त कर थाने लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त जेसीबी उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति की है। अज्ञात आरोपियों पर केस खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन और सरकारी कार्य में बाधा डालने की संभावनाओं को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस और खनिज विभाग अब फरार डंपर और ट्रैक्टरों की पहचान कर आरोपियों की तलाश में जुट गए हैं। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने सरपंच को 1 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने के बदले रिश्वत की डिमांड की थी। मामला ग्राम पंचायत बेमचा का है। जानकारी के अनुसार शहर से लगे ग्राम पंचायत बेमचा के खसरा नंबर 3110/3 की करीब 1 एकड़ 92 डिसमिल जमीन पर लंबे समय से अजय कुर्रे का कब्जा था। आरोप है कि अजय कुर्रे ने इस सरकारी जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया था। इसमें से कुछ जमीन महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय के लाइब्रेरियन सूरज रात्रे को भी बेची गई थी। लगभग 6 महीने पहले इस जमीन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कब्जाधारी अजय कुर्रे के बीच विवाद हुआ था। मामला थाने तक पहुंचा, बाद में हुआ समझौता यह मामला थाने तक पहुंचा और दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सरपंच देवेंद्र चंद्राकर और वर्तमान कब्जाधारी सूरज रात्रे के बीच 4 लाख रुपए के लेन-देन के आधार पर समझौता हुआ, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई। एसीबी में शिकायत और ट्रैप कार्रवाई इसी मामले में सूरज रात्रे ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप किया। रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिसमें सरपंच और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत के सबूत जुटाए गए। रंगे हाथ पकड़ा गया सरपंच गुरुवार शाम करीब 4 बजे एसीबी टीम ने जनपद पंचायत कार्यालय से कुछ ही दूरी पर कार्रवाई करते हुए सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को सूरज रात्रे से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी सरपंच को पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया। फिलहाल इस मामले टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
राज्य में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया “रक्षक” पाठ्यक्रम अब जमीन पर उतरने के करीब है। इस कोर्स की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए विश्वविद्यालयों की बैठक पूरी हो चुकी है। बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि अपकमिंग शैक्षणिक सत्र से इस कोर्स में एडमिशन शुरू किए जाएंगे। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ पढ़ाई का कोर्स नहीं है, बल्कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सोशल मिशन है। इसका मकसद युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें इस क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार करना है, ताकि समाज में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ सके। राज्य के 6 विश्वविद्यालय शामिल हुए बैठक में राज्य के 6 विश्वविद्यालय शामिल हुए, जिनमें अब कोर्स की ब्रीफ जानकारी इस कोर्स में बच्चों से जुड़े जरूरी विषय पढ़ाए जाएंगे, जैसे: कोर्स की जरुरत समझिए अभी विश्वविद्यालयों में बच्चों के अधिकारों पर स्पेशल कोर्स की कमी है। यह कोर्स युवाओं को इस क्षेत्र में जानकारी और प्रैक्टिकल अनुभव दोनों देगा। नौकरी के मौके मिल सकते हैं कोर्स पूरा करने के बाद युवाओं को सरकारी बाल संरक्षण विभाग, NGO (गैर सरकारी संगठन), बाल कल्याण समितियां, इंटरनेशनल संस्थाएं में काम और साथ ही ट्रेनिंग और गेस्ट लेक्चर के मौके भी मिल सकते हैं। आगे क्या होगा? आयोग का कहना है कि जल्द ही इस कोर्स को कॉलेजों में शुरू किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालयों और आयोग के बीच लगातार सहयोग रहेगा, ताकि छात्रों को सही ट्रेनिंग मिल सके।
खेत पर जिंदा जला किसान, मौत:सूखी झाड़ियां और कचरे को जलाते समय गिरा, धुआं देखकर पहुंचे गांव वाले
खेत में सूखी झाड़ी और कचरा जलाने गया किसान आग की चपेट में आ गया। जान बचाने के लिए किसान काफी चिल्लाया, मगर आसपास किसी के नहीं होने की वजह से वह जिंदा जल गया। घटना चित्तौड़गढ़ के पारसोली थाना क्षेत्र के सहाड़ा गांव की है। पारसोली थानाधिकारी ठाकराम ने बताया-थाना क्षेत्र के सहाड़ा गांव में डेकली खेडा निवासी डालचंद (65) दोपहर 2 बजे अपने खेत पर सूखा कचरा और झाड़ियां जलाने के लिए गया था। इस दौरान बैलेंस बिगड़ने से वह आग में गिर गया। धुआं देखकर पहुंचे ग्रामीणइस दौरान किसान अपनी जान बचाने के लिए खूब चिल्लाया। मगर आसपास कोई भी मौजूद नहीं था। जब आग का धुआं फैला तो ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना दी। मगर तब तक किसान की मौत हो चुकी थी। राजगढ़ ग्राम पंचायत के सरपंच कैलाश प्रजापत ने बताया-किसान डालचंद का एक बेटा दिनेश है। वह मजदूरी करता है। पूरा परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर है। परिजनों को सौंपा शव पारसोली थानाधिकारी ठाकराम ने बताया-किसान के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)लाया गया। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। …. यह खबर भी पढ़ें उधार के रुपए मांगने गए युवक को जिंदा जलाया:आरोप- महिला समेत 4 लोगों ने पेट्रोल डालकर आग लगाई, 8 लाख रुपए लिए थे सवाई माधोपुर में उधार दिए रुपए मांगने पर युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे युवक को जिला हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जहां से जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)
पन्ना में बाइक्स की भिड़ंत, दो लोग घायल:उड़की-अहिरगवां के बीच हादसा, स्कूल चपरासी भी चपेट में आया
पन्ना क्षेत्र में सड़क हादसों के बीच एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला सामने आया है। उड़की और अहिरगवां के बीच देर शाम दो बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में शासकीय स्कूल के चपरासी सहित तीन लोग घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, शासकीय हाई स्कूल इंटवाखास में भृत्य (पियून) के पद पर कार्यरत हरि आदिवासी (पिता श्रीकेश, उम्र 58 वर्ष) अपनी ड्यूटी पूरी कर बाइक से अपने घर हरदुआ लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे कल्लू गोंड (पिता मिहि लाल, उम्र 32 वर्ष) की बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। कल्लू गोंड अपनी ससुराल सिंघोरा से कटाई का काम निपटाकर अपने गांव लुरहाई जा रहा था। हादसे के वक्त कल्लू की बाइक पर उसका 5 वर्षीय बेटा किशन भी सवार था, जो सुरक्षित है। शराब के नशे में था चालक घायल पियून के अनुसार, दुर्घटना की मुख्य वजह तेज रफ्तार और घोर लापरवाही थी। बताया जा रहा है कि कल्लू गोंड शराब के नशे में धुत था और बाइक चलाते समय मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। नशे और फोन के इस्तेमाल के कारण वह बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे हरि आदिवासी को टक्कर मार दी। इस भिड़ंत में दोनों बाइक सवारों को गंभीर चोटें आई हैं। मासूम बच्चा भी घायल हुआ है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को डायल 112 की सहायता से उपचार के लिए जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया।
टोंक कलेक्टर टीना डाबी ने जिला मुख्यालय पर पहली जिला स्तरीय मासिक जनसुनवाई की। कलेक्टर ने 7 घंटे तक लगातार लोगों की समस्याओं को सुना। बिजली-पानी और सीवरेज की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं के साथ मौके पर भेजा और फीडबैक लिया। कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। टोकन सिस्टम से एक-एक करके फरियादी को अंदर भेजा गया। इसके लिए पहली बार टोंक SDM, टोंक DSP भी व्यवस्था बनाते नजर आए। वे भी लोगों को बाहर आकर लोगों से टोकन के नंबर के हिसाब से अंदर जाने के लिए समझाते रहे। सुबह 10 बजे जनसुनवाई में आई कलेक्टर टीना डाबी की जनसुनवाई में SDM हुकमीचंद रोलानिया, टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा शुरुआत में परिवादियों को अंदर लेकर आए। इस दौरान देवली उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर भी मौजूद रहे। इसमें जिले के दूरदराज के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने 196 परिवाद दर्ज कराकर व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को बताया। कलेक्टर बोलीं- शिकायतों का रजिस्टर बनाएं, ट्रैक करना आसान होगा इस दौरान कलेक्टर ने कहा- सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी जनसुनवाई में आए प्रकरणों का रजिस्टर तैयार करें। इससे प्रकरणों को ट्रैक करना आसान रहेगा। उन्होंने कहा ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर निस्तारित होने वाले प्रकरण जिला स्तर पर नहीं आए। इसे गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही अधिकारी प्रकरणों को अनावश्यक लंबित नहीं रखें। परिवादी को स्पष्ट एवं स्थाई समाधान देकर राहत प्रदान करें। पढ़िए लोगों ने बताई समस्या… साफ-सफाई; इलाज में लापरवाही की शिकायत नगर परिषद टोंक के वार्ड नं. 40 निवासी इफतेखार फातमा ने सीवरेज की सफाई, वार्ड नं. 35 की भावना महावर ने जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की शिकायत दी। कलेक्टर ने पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सीवरेज सफाई को लेकर नगर परिषद आयुक्त को सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। अतिक्रमण हटाने की गुहार जनसुनवाई में राजस्व विभाग के प्रकरणों को लेकर उनियारा के सैदरी ग्राम के रामनिवास गुर्जर ने नामान्तरण शुद्ध करवाने, टोंक के महमूदगंज से आए कन्हैया लाल सैनी ने रास्ते का अतिक्रमण हटवाने, मालपुरा के चांदसेन निवासी रामनारायण गुर्जर ने सीमाज्ञान कराने, टोंक निवासी केसरलाल सैनी ने पत्थर गढ़ी करवाने, ग्राम सिरोही से हेमराज गुर्जर ने खेल मैदान से अतिक्रमण हटवाने के प्रार्थना पत्र दिए।बगड़ी ग्राम से आए कमल वैष्णव ने पेयजल टंकी के निर्माण, टोंक निवासी रामनिवास महावर ने 11 हजार केवी लाइन शिफ्ट करने की बात कही। किसानों को राहत देने के आदेश विभिन्न कारणों से खेतों में पानी भर जाने के एवं निकासी की समुचित व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने परिवाद दर्ज कराएं। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को मौका देखकर किसानों को राहत देने के लिए निर्देश किया। जन सुनवाई में एडीएम रामरतन सोकरिया, सीईओ परशुराम धानका, एडीएम मालपुरा विनोद कुमार मीना, एडीएम बीसलपुर भूपेन्द्र यादव समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाया टोंक में नगर परिषद की अतिक्रमण शाखा ने आज नेहरू पार्क पास आयुक्त धर्मपाल जाट के निर्देशन एवं राजस्व अधिकारी अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन लोहे की एंगल से किया गया निर्माण को हटाया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया। नगर परिषद ने आगे भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में भोजशाला विवाद से जुड़े बहुचर्चित प्रकरणों की सुनवाई गुरुवार को स्थगित कर दी गई। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता पक्ष के सीनियर एडवोकेट के अनुरोध पर मामले को 17 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है। अब अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट एके चितले ने अपने तर्क पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। उन्होंने कोर्ट से सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए बेंच ने मामले को अगली तारीख तक टाल दिया। कई याचिकाएं और अपीलें एक साथ विचाराधीन इस मामले में पांच याचिकाएं और अपीलें एक साथ सुनी जा रही हैं। इन सभी में भोजशाला विवाद के विभिन्न पहलुओं को लेकर दलीलें प्रस्तुत की जा रही हैं। मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विभिन्न याचिकाकर्ताओं और इंटरवीनर्स की ओर से संबंधित एडवोकेट उपस्थित रहे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता अपने तर्क पूरे कर लेते हैं, तो इसके बाद याचिकाओं (WP-10497/2022 और (WP-10484/2022) में शामिल इंटरविनर्स को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इससे सभी पक्षों को बराबरी का अवसर सुनिश्चित होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी हुई पैरवी सुनवाई के दौरान कई सीनियर एडवोकेट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े। मामले में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन और एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह सहित कई एडवोकेट उपस्थित रहे। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस आदेश की फोटोकॉपी सभी संबंधित प्रकरणों के रिकॉर्ड में संलग्न की जाए, ताकि सुनवाई की प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे।
जगराओं अनाज मंडी में कारोबारियों का प्रदर्शन:कूड़े के ढेर से परेशान, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
लुधियाना जिले में जगराओं की पुरानी अनाज मंडी के व्यापारियों ने वीरवार को कूड़े के ढेर के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई महीनों से जमा हो रहा कूड़ा अब एक पक्के डंप और पहाड़ का रूप ले चुका है, जिससे परेशान होकर कारोबारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह कूड़ा गौशाला के पास बनाया जा रहा है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब राहगीरों का गुजरना मुश्किल है, तो यहां रहने वाले लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंडी में 100 से अधिक दुकानें हैं और अधिकांश दुकानों के ऊपर परिवार भी रहते हैं। जिन दुकानों के पास कूड़े का यह विशाल ढेर लगा है, वहां दुकानदारों और परिवारों का सांस लेना और खाना तक दूभर हो गया है। बदबू, मच्छरों और गंदगी के कारण हालात बेहद खराब हो चुके हैं। कारोबारियों ने कहा कि यह मंडी हर महीने करोड़ों रुपए का कारोबार कर सरकार को मोटा टैक्स देती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कूड़े की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हलके की विधायक सर्वजीत कौर माणुके ने हाल ही में इसी कूड़े के ढेर के पास एक मोहल्ला क्लीनिक का उद्घाटन किया है, जहां पहले सर्विस सेंटर हुआ करता था। मंडी से कूड़े के ढेर को हटाने की मांग व्यापारियों के अनुसार, जरूरत कूड़े के पहाड़ को हटाने की थी, लेकिन प्रशासन ने उसके पास ही क्लीनिक खोल दिया, ताकि कूड़े और गंदगी से बीमार होने वाले लोगों को दवा लेने के लिए दूर न जाना पड़े। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि बढ़ती गर्मी और आने वाली बरसात में इस गंदगी से कोई खतरनाक बीमारी भी फैल सकती है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो हर महीने होने वाले करोड़ों रुपए के कारोबार पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि इतनी गंदगी के बीच कौन खरीद-फरोख्त करने आएगा। व्यापारियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि शहर के कारोबार और टैक्स को बचाने के लिए तुरंत मंडी के अंदर से कूड़े के ढेर को हटाया जाए। साथ ही कूड़े की सफाई के नाम पर खर्च किए जा रहे लाखों रुपये की जांच भी करवाई जाए, क्योंकि जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा। कूड़े के नाम पर 20 लाख का खेल व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नगर कौंसिल द्वारा शहर को कूड़ा मुक्त करने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए का प्रस्ताव पास किया गया था। लेकिन धरातल पर हालात जस के तस हैं। उनका कहना है कि कौंसिल प्रधान ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए यह प्रस्ताव डाला, लेकिन कूड़ा उठवाने की जगह कई जगहों पर उसे आग के हवाले कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पुरानी दाना मंडी में भी कूड़े के पहाड़ खड़े हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि सफाई के नाम पर खर्च हो रहा पैसा आखिर कहां जा रहा है।व्यापारियों ने कहा कि नगर परिषद के पास करोड़ों रुपए का फंड मौजूद है। ऐसे में शहर से बाहर उचित जमीन खरीदकर वहां कूड़ा डंप किया जाना चाहिए, ताकि शहर के बीच बने इन कूड़े के पहाड़ों से लोगों को राहत मिल सके। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कानपुर में युवक को चप्पलों से पीटा:बाइक टकराने पर विवाद, जांच में जुटी पुलिस
कानपुर के कल्याणपुर में आवास विकास के केसा चौराहा पर दो बाइकों की भिड़ंत के बाद एक युवक को चप्पलों से पीटने का मामला सामने आया है। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस वायरल वीडियो की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब आठ बजे केसा चौराहे के पास दो बाइकों की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक ने दूसरे युवक को चप्पल उतारकर पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस पहुंची, मौके पर नहीं मिला कोईवीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दोनों पक्ष कल्याणपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। किसी को चोट नहीं आई और दोनों युवक शराब के नशे में थे। मारपीट के बाद दोनों पक्ष मौके से चले गए। थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस मौके पर गई थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला और न ही किसी ने तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि यदि तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कोतवाली गंज पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड मोहसिन उर्फ मोहसिनउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध के एक संगठित गिरोह की परतें खोलती है। यह मामला 4 अक्टूबर 2025 को थाना गंज में दर्ज किया गया था। राज्य कर विभाग के एक अधिकारी की शिकायत पर जीएसटी प्रपत्रों में हेराफेरी, फर्जी दस्तावेज बनाने और उनका इस्तेमाल कर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मोहसिन का नाम सामने आया। एक फोन, 52 सिम कार्ड बरामद अपराध शाखा और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोहसिन को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दो लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, 52 सिम कार्ड और बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर और फर्जी बिलिंग के जरिए जीएसटी चोरी के इस नेटवर्क को चला रहा था। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसके चलते जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। थाना गंज पुलिस ने आरोपी को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रहा यह अभियान दर्शाता है कि रामपुर पुलिस आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
कानपुर में यमुना नदी में डूबे युवक का शव बरामद:मछली पकड़ने गया था, पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम को भेजा
कानपुर के सजेती क्षेत्र में यमुना नदी में मछली पकड़ने गए युवक की डूबने से मौत हो गई। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। सूचना पर पुलिस और एनडीआरएफ टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और दूसरे दिन देर शाम शव बरामद कर लिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सजेती थाना क्षेत्र के अनेशी डेरा निवासी पिंटू निषाद (38) बुधवार को अपने मौसेरे भाई गोविंद और साथी मिथुन के साथ यमुना नदी में मछली पकड़ने गया था। शाम तक गोविंद और मिथुन घर लौट आए, लेकिन पिंटू वापस नहीं आया। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने आसपास खोजबीन शुरू की। नदी किनारे नाव में उसके कपड़े मिलने से आशंका और गहरा गई। एनडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशनगुरुवार सुबह पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एनडीआरएफ टीम को बुलाकर यमुना नदी में खोजबीन शुरू कराई। गुरुवार देर शाम टीम ने युवक का शव बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि वह जिस स्थान पर मछली पकड़ रहा था, वहीं पानी में पत्थरों के बीच फंसा मिला। मृतक पिंटू निषाद खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में DIOS कार्यालय का एक चपरासी करोड़ों के गबन का मास्टरमाइंड निकला। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सरकारी धन को तीन पत्नियों और रिश्तेदारों के खातों में खपाने के साथ-साथ बरेली के बिल्डरों के साथ रियल एस्टेट में भी निवेश किया।चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी पर सरकारी धन के बड़े गबन मामले की रकम करीब 1.02 करोड़ रुपए आंकी गई थी। वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 5 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपनी तीन पत्नियों और एक महिला रिश्तेदार के नाम पर बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई। पुलिस ने दो पत्नियों और एक रिश्तेदार के खातों में जमा 59 लाख रुपये की एफडी को फ्रीज कर दिया है। इनमें से अकेले पीलीभीत में रहने वाली पत्नी अर्शी खातून के खाते में 33.30 लाख रुपए की एफडी मिली है। रियल एस्टेट में लगाया पैसाइल्हाम शम्सी ने गबन की रकम को खपाने के लिए रियल एस्टेट का सहारा लिया। जांच में सामने आया कि उसने अपनी पत्नी के खाते से बरेली की जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड में 90 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा ओरिका होम्स कंपनी में भी 17.18 लाख रुपए भेजे गए हैं। इन कंपनियों के संचालक अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं। 2014 से 2026 तक का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिसपुलिस अब 2014 से 2026 तक के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जिले के 35 राजकीय और 22 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के कर्मचारियों का डेटा खंगाला जा रहा है। आशंका है कि आरोपी ने वेतन मद में फर्जी लाभार्थी बनाकर लंबे समय तक सरकारी धन का गबन किया। मामले में आरोपी की पत्नी अर्शी खातून को पहले ही जेल भेजा जा चुका था। जिसे बाद में जमानत मिल गई। वहीं मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी ने अग्रिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस अब 53 संदिग्ध खातों की जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है। एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया- पूरे मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। अब तक 5 करोड़ से अधिक की धनराशि को फ्रीज किया जा चुका है। आगे की जांच जारी है।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के पंडीपुर इलाके में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान निक्की के रूप में हुई है। परिजनों ने उसके पति पर हत्या का आरोप लगाया है। निक्की ने लगभग चार वर्ष पहले अपने ही स्कूल के एक शिक्षक से प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। परिजनों का आरोप है कि निक्की का पति उसे घर खर्च के लिए पैसे नहीं देता था और दहेज की मांग को लेकर अक्सर मारपीट करता था। निक्की अपने मासूम बच्चे के पालन-पोषण के लिए बच्चों को पढ़ाकर गुजर-बसर कर रही थी। कुछ दिन पहले भी निक्की के साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, परिजनों के अनुसार, पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि इसी उत्पीड़न के चलते आरोपी पति ने निक्की की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। सूचना मिलने पर थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया गया है कि निक्की के माता-पिता के बीच आपसी विवाद के कारण वे अलग-अलग रहते थे, जबकि निक्की अपने पति के साथ पंडीपुर में रह रही थी। थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में लघु उद्योग भारती परिसर में पचपदरा कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने के संकल्प के साथ जिला जोधपुर ग्रामीण की बैठक जिला अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने एवं अधिकाधिक जनसमूह को जोड़ने के लिए रणनीति तय की गई। बैठक में मुख्य वक्ता संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने संबोधित किया। बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भोपालसिंह बडला, प्रदेश संयोजक पशु पालन प्रकोष्ठ जगदीश देवासी, प्रदेश उपाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा श्र सहीराम विश्नोई, प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा श्र सिकंदर बख्श, जिला महामंत्री शिवराम ग्वाला, सुमित्रा विश्नोई, यशपाल गोधा सहित जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कल्याणपुर में डीसीपी वेस्ट का औचक निरीक्षण:देर रात खुले शराब ठेकों पर चौकी प्रभारियों को लगाई फटकार
कानपुर के कल्याणपुर में गुरुवार को डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने मय फोर्स बिठूर तिराहा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिना क्यूआर कोड के चल रहे ई-रिक्शा चालकों के चालान किए गए। साथ ही ब्लैक फिल्म चढ़ी कई कारों पर भी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने शराब ठेकों को भी चेक किया और अव्यवस्था मिलने पर संबंधित चौकी प्रभारी को फटकार लगाई। अवैध टेंपो स्टैंड संचालकों पर कार्रवाईडीसीपी वेस्ट ने अवैध स्टैंड संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान शेरा यादव, सोनू और मनोज तिवारी को गिरफ्तार किया गया। पिछले कई दिनों से अवैध स्टैंड संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने बिठूर तिराहे से वसूली करते हुए शेरा यादव को रंगेहाथ पकड़ लिया। शराब ठेकों पर अराजकता, चौकी प्रभारियों को फटकारवाहन चेकिंग के दौरान डीसीपी वेस्ट देशी शराब ठेके पर पहुंचे। वहां लोगों को खुले में शराब पीते देख पहले ठेका संचालक को हिरासत में लिया गया। इसके बाद इंद्रानगर चौकी प्रभारी को मौके पर बुलाकर कड़ी फटकार लगाई गई। चेतावनी दी गई कि रात 10 बजे के बाद ठेका खुला मिलने पर कार्रवाई होगी। इसके बाद डीसीपी पनकी रोड स्थित चुंगी तिराहे के पास बने ठेके पर पहुंचे। यहां भी शराब पीने वालों की भीड़ मिलने पर संचालक को फटकार लगाई गई। साथ ही संबंधित चौकी प्रभारी को चेतावनी दी गई कि देर रात तक बिक्री मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि शराब ठेकों और वाहनों की चेकिंग की गई। बिना क्यूआर कोड चलने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि देर रात तक शराब बेचने वाले ठेकों के साथ संबंधित चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कानपुर दक्षिण की ओर से छावनी विधानसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में एक बड़ी गोष्ठी का आयोजन किया गया। श्याम नगर स्थित आर.के. गैलेक्सी में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता जुटे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके राजनैतिक अधिकारों और केंद्र सरकार की इस ऐतिहासिक पहल के प्रति जागरूक करना रहा। गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि आने वाले समय में देश की राजनीति में आधी आबादी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होने वाली है। महिलाओं की राजनैतिक भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्रकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह ने कहा कि,नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए महिलाओं को राजनीति में आगे आने के ज्यादा मौके मिलेंगे। जब महिलाएं नीति निर्धारण में शामिल होंगी, तो इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस पहल की जानकारी शहर के हर घर तक पहुंचाएं ताकि समाज में महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ सके। मोदी सरकार के निर्णयों से बढ़ा महिलाओं का मानगोष्ठी में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जिसका सीधा फायदा करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है। सभी ने एक सुर में संकल्प लिया कि इस अधिनियम के समर्थन में जन-जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा। वक्ताओं का मानना था कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने का एक प्रभावी जरिया है। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूदआर.के. गैलेक्सी में आयोजित इस गोष्ठी में संगठन के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जसविंदर सिंह, अर्जुन बेरिया, भूपेंद्र त्रिपाठी, आभा द्विवेदी, अनीता त्रिपाठी, सुषमा चौहान, ममता राजपूत, मधु तिवारी और आशा पांडे सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने की रणनीति पर चर्चा की।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र में आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को एक सड़क हादसा हुआ। मंडी से सब्जी लेकर जा रहे एक मोटरसाइकिल रिक्शा को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के कारण रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें लदी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं। हादसे में रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। थाना हाईवे पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल चालक को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अगनपुरा, थाना रिफाइनरी निवासी जगदीश पुत्र रतन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस फिलहाल ट्रक चालक की तलाश कर रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
BAP नेता के भाई अनिल की हत्या के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिद्धार्थ और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। SP सुधीर जोशी ने बताया कि पत्नी की भूमिका हत्या में संदिग्ध पाई गई। अनिल से मारपीट के दौरान उसने न तो विरोध किया और न ही किसी को सूचना दी। वहीं, मामले में फरार चल रहे सागबारी जिला प्रतापगढ़ निवासी सरपंच प्रकाशचंद्र निनामा और मोतीलाल को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया है। जिनसे पूछताछ जारी है। सरपंच प्रकाशचंद्र आरोपी सिद्धार्थ का जीजा है। अपराध को न रोकना भी मिलीभगत की श्रेणी में एसपी सुधीर जोशी के अनुसार, सिद्धार्थ ने जब अनिल के साथ मारपीट की, तब उसकी पत्नी वहीं मौजूद थी। कानूनन किसी अपराध को होते देखना और उसे न रोकना या पुलिस को सूचित न करना भी मिलीभगत की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। सरपंच की भूमिका पर संशय, पूछताछ जारी फरार चल रहे सागबारी सरपंच प्रकाश चंद्र निनामा और मोतीलाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही थीं। पुलिस ने दोनों को डिटेन कर लिया है। बीएपी समर्थक सरपंच पर हत्या की साजिश का आरोप लगाकर उसकी गिरफ्तारी के लिए धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं पुलिस अब हिरासत में लिए सरपंच से सभी एंगल से पूछताछ करेगी। इस हत्याकांड में उसकी क्या भूमिका रही है। क्योंकि मारपीट के सरपंच प्रकाश ने ही मृतक के भाई बीएपी नेता अशोक निनामा को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। जिसके बाद वह फरार हो गया था।
चेकिंग टीम पर हमला करने वाला डंपर चालक गिरफ्तार:5 अप्रैल को कुचलने की कोशिश की थी, अब जेल भेजा गया
रामपुर में अवैध खनन के खिलाफ अभियान के दौरान चेकिंग टीम पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने एक डंपर चालक को गिरफ्तार किया है। यह घटना 5 अप्रैल को हुई थी, जिसके बाद आरोपी को 15 अप्रैल को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को खौद चौराहे पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध खनन से भरे डंपरों की जांच कर रही थी। इसी दौरान कुछ डंपर चालकों ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए चेकिंग टीम को कुचलने का प्रयास किया। आरोपियों ने मौके पर लगे बैरियर को भी तोड़ दिया और फरार हो गए। इस घटना में टीम के सदस्य बाल-बाल बचे, जबकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद मुख्य आरक्षी रजनीश कुमार की तहरीर पर थाना अजीमनगर में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अरशद पुत्र हबीब अहमद निवासी ग्राम पजावा, थाना भोट का नाम सामने आया। पुलिस अधीक्षक रामपुर के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी टांडा के नेतृत्व में कार्रवाई तेज की गई। 15 अप्रैल 2026 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मंगल की बाजार से आरोपी अरशद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अरशद को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सीतामऊ में कुएं में डूबने से युवक की मौत:बकरियां चराने गया था, नहाने के दौरान हादसे की आशंका
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक की कुएं में डूबने से मौत हो गई। यह घटना ग्राम खानखेड़ा के समीप हुई, जहां गुरुवार देर शाम ग्रामीणों ने युवक को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। मृतक की पहचान बरडिया बरखेड़ा निवासी अनिल पिता मुकुंद बलाई (20) के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, अनिल गुरुवार को घर से बकरियां चराने निकला था। देर शाम तक उसके वापस न लौटने पर ग्रामीणों को चिंता हुई। तलाश के दौरान ग्रामीणों को कुएं के पास अनिल के कपड़े पड़े मिले और बकरियां आसपास घूम रही थीं। इससे किसी अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों ने कुएं में झांककर देखा तो युवक का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तत्काल युवक को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक आशंका है कि अनिल बकरियां चराने के दौरान नहाने के लिए कुएं में उतरा होगा और इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर सीतामऊ पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। शव को अस्पताल में रखवाया गया है, जिसे शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। सीतामऊ पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह घटना पूरी तरह एक हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (सत्र 2026–27) की ओर से अंडर-19 खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल मैच आयोजित किया गया। इस मुकाबले में युवा क्रिकेटरों ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। मैच टीम ‘डी’ और टीम ‘एफ’ के बीच खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अपनी प्रतिभा दिखाई। कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव कौशल कुमार सिंह ने बताया कि ट्रायल का उद्देश्य खिलाड़ियों की क्षमता का आकलन करना और आगामी अंडर-19 टीम के लिए योग्य प्रतिभाओं का चयन करना है। बल्लेबाजों ने दिखाया दममैच में अभिषेक, युवराज सिंह (अंडर-19 खिलाड़ी), अमन राजपूत, हेमंत अवस्थी, मदन मोहन, अस्मित दुबे, अमरजीत सिंह और हर्षराज सिंह ने शानदार बल्लेबाजी की। इन खिलाड़ियों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। गेंदबाजों का भी रहा जलवागेंदबाजी में विराज निषाद, प्रणव श्रीवास्तव, उत्कर्ष सिंह और शौर्य गुप्ता ने सटीक लाइन-लेंथ और बेहतर नियंत्रण के साथ गेंदबाजी की। इन गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह ट्रायल मैच अंडर-19 टीम के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ता अंतिम टीम का गठन करेंगे, जिससे प्रदेश को भविष्य के प्रतिभाशाली क्रिकेटर मिल सकेंगे।
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अग्रोहा में पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक हिसार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य युवाओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा में किया गया। जिसमें संस्थान के प्रशासनिक निदेशक डॉ. आशुतोष, डॉ. करणदीप सिंह सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों और करीब 400 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। साइबर अपराधों के बारे में दी जानकारी इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों- जैसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और फिशिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इनसे बचने के उपायों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने के महत्वपूर्ण टिप्स भी साझा किए गए। लेक्चर थाना प्रभारी प्रवेश कुमार, साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उप निरीक्षक मोना और साइबर थाना हिसार से साइबर एक्सपर्ट पवित्र द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अपनी निजी जानकारी साझा न करने और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने की सलाह दी। साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यावहारिक तरीके से उनके सभी प्रश्नों के जवाब दिए। इस जागरूकता पहल को विद्यार्थियों और संस्थान के स्टाफ ने सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम आज के डिजिटल युग में अत्यंत आवश्यक हैं।
जानलेवा हमले में दो आरोपी दोषी करार:विशेष न्यायाधीश ने 5-5 साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई
ललितपुर में जानलेवा हमले और शस्त्र अधिनियम के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी ऐक्ट) विकास कुमार - द्वितीय ने दोनों आरोपियों को पाँच-पाँच साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, उन पर अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसका भुगतान न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने बताया कि यह घटना 15 जुलाई 2016 की है। गल्ला मंडी के पास हवाई पट्टी के निवासी फूलबाई पत्नी केशव अहिरवार ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि राघवेंद्र कुशवाहा, नररु पंथ और धुन्धा निवासी रामनगर उनसे और उनके परिवार से रंजिश रखते थे। 15 जुलाई की सुबह करीब साढ़े तीन बजे ये तीनों आरोपी एक राय होकर उनके घर में चोरी के इरादे से घुसने लगे। जब फूलबाई के पति केशव को आवाज सुनाई दी और वे घर से बाहर निकले, तो हमलावरों में से किसी ने अवैध तमंचे से गोली चला दी। गोली केशव की कमर के नीचे लगी, जिससे वे घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर फूलबाई और परिवार के अन्य सदस्य बाहर आए, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल केशव को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। धुन्धा से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने राघवेंद्र कुशवाहा और राहुल उर्फ धुन्धा निवासीगण रामनगर को दोषी पाया। उन्हें आईपीसी की धारा 307/34 के तहत पाँच-पाँच वर्ष के कारावास और पाँच-पाँच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें पाँच-पाँच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राहुल उर्फ धुन्धा को आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के आरोप में दो साल के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ता ने यह भी बताया कि कारागार में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
नीमच शहर में एक मानसिक रूप से बीमार महिला को उसके परिजनों ने भीषण गर्मी में खुली छत पर छोड़ दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग और नीमच सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम कार्रवाई करते हुए महिला को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटना इंदिरा नगर भगवानपुरा चौराहे पर हुई। लगभग 40 वर्षीय महिला 38 डिग्री सेल्सियस की तेज धूप में सिर्फ एक चादर के सहारे छत पर लावारिस हालत में मिली। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित नीचे उतारा। जानकारी के अनुसार, महिला की पहचान सीमा पति अजीत सोनी के रूप में हुई है। वह लंबे समय से मानसिक अवसाद से पीड़ित है। विभाग को इस मामले की सूचना एक गुमनाम फोन कॉल और वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से मिली थी। सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव, नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा सिंह और एडवोकेट मीनू लालवानी की टीम शाम करीब 4 बजे घटनास्थल पर पहुंची। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सीमा पिछले 10 वर्षों से मानसिक रूप से बीमार है। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला को लगभग चार-पांच महीनों से इसी तरह छत पर खुले में छोड़ा जा रहा था। रेस्क्यू के समय घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुनर्वास को लेकर कानूनी सलाह लेंगे परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव ने बताया कि महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विभाग अब उन परिस्थितियों की जांच कर रहा है जिनके तहत महिला के साथ यह व्यवहार किया गया। उपचार पूरा होने के बाद महिला के पुनर्वास और उसकी आगे की देखभाल के संबंध में उचित कानूनी निर्णय लिया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
अयोध्या के मवई थाना क्षेत्र स्थित कुशहरी जंगल में गुरुवार को एक अज्ञात युवक का शव मिला। पुराने हाईवे के किनारे मिले शव को देखकर हत्या कर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मवई थाना प्रभारी मनोज कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में युवक के गले में गमछा बंधा मिला और शरीर पर घसीटे जाने के निशान थे, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। क्षेत्राधिकारी आशीष निगम ने बताया कि शव की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। शव को मर्चरी हाउस भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों और थानों से संपर्क कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी साझा कर पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक को वहां कैसे लाया गया और इस घटना में कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि 72 घंटे के भीतर शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 2 लाख रुपए का लोन लेने पहुंचे आर्मी जवान के नाम पर 17 लाख रुपए का लोन पास कर दिया गया। उसमें से 15.50 लाख रुपए बैंक कर्मचारी ने निकाल लिए। अब जवान बिना कर्ज लिए ही भारी किस्तें भरने को मजबूर है। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। आर्मी का एक जवान प्राइवेट बैंक में 2 लाख रुपए का लोन लेने पहुंचा था। इसी दौरान बैंक के कर्मचारी ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए लोन प्रक्रिया में हेरफेर कर दी। आरोप है कि कर्मचारी ने जवान की जानकारी और सहमति के बिना उसके नाम पर 17 लाख रुपए का लोन स्वीकृत करवा दिया। लोन की राशि खाते में आने के बाद आरोपी ने उसमें से 15 लाख 50 हजार रुपए किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए। EMI का दबाव आने पर खुलासा इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी जवान को तब लगी, जब उस पर लोन की भारी EMI का दबाव आने लगा। जांच में सामने आया कि जवान ने केवल 2 लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसके नाम पर कहीं ज्यादा रकम का कर्ज चढ़ा दिया गया। इस धोखाधड़ी के चलते अब जवान को 17 लाख रुपए के लोन की किस्तें चुकानी पड़ रही हैं, जिससे उसे आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है। जम्मू-कश्मीर में है पदस्थ गुंडरदेही टीआई नवीन बोरकर ने बताया कि पीड़ित आर्मी जवान अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के ग्राम ओडॉरसकरी का रहने वाला है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पदस्थ है। उनकी शिकायत पर आरोपी बैंक कर्मचारी रेखराम साहू के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
प्रदेश में अब पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के ठोस कारण लिखित रूप में बताने होंगे। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को यह जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं गिरफ्तार होने वाले व्यक्ति को गिरफ्तारी की केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गिरफ्तारी के आधार स्थानीय भाषा या ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे गिरफ्तार व्यक्ति भली-भांति समझ सके। अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में सभी पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सख्ती से सुनिश्चित कराएं, ताकि विधिसम्मत कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों के मौलिक अधिकारों की भी पूर्ण रूप से रक्षा की जा सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी किए निर्देश यह परिपत्र आपराधिक अपील के विरुद्ध महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य में 6 नवंबर 2025 को पारित आदेश के पालन में जारी किया गया है, जिसमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। दरअसल उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों को जानने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। इस अधिकार के संरक्षण के लिए न्यायालय ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। कम से कम दो घंटे पहले देनी होगी लिखित सूचना पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यह लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय या आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी है। साथ ही, आरोपी को लिखित तौर पर जानकारी देने के दौरान गिरफ्तारी पंचनामा या संबंधित अभिलेख में विधिवत दर्ज किया जाना भी अनिवार्य होगा। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। जानकारी नहीं दी तो गिरफ्तारी अवैध घोषित होगी पीएचक्यू के सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना या विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार प्राप्त हो सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गठित वार्ड कमेटियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, ये कमेटियां अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता कार्यों की निगरानी करेंगी और आमजन व नगर निकायों के बीच सेतु का काम करेंगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्ड कमेटी सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान नगर निगम मानेसर की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव, आयुक्त प्रदीप सिंह, सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण यादव, डिप्टी मेयर रीमा चौहान, संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव, उप-निगम आयुक्त अपूर्व चौधरी सहित पार्षद और कमेटी सदस्य मौजूद रहे। शिकायत मिलने पर पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे आपत्ति मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने कमेटी सदस्यों को जिम्मेदारी के साथ अधिकार भी दिए हैं। वे अपने वार्ड में विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था पर नजर रखेंगे। यदि कहीं कोई अनियमितता मिलती है, तो वे हेल्पलाइन और शिकायत निवारण पोर्टल के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कमेटी सदस्यों से लोगों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां रोजाना तय समय पर हर घर तक पहुंचें। इसके लिए प्रभावी रूट मैप तैयार करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की अपील मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के 1692 वार्डों में से 1520 में कमेटियों का गठन किया जा चुका है। शेष स्थानों पर आचार संहिता समाप्त होने के बाद गठन पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही 'मेरा वार्ड-स्वच्छ वार्ड' योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत स्वच्छता को लेकर प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने भी सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल अंतर्गत कुशीनगर के कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडिंग और अनधिकृत पानी की बोतलों की बिक्री के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देश पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग की टीम लगातार जांच कर रही है। इस अभियान के तहत, कप्तानगंज और आसपास के स्टेशनों पर लोकल ब्रांड की पानी की बोतलों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों के स्वास्थ्य और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में गुरुवार को कप्तानगंज स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12557 मुजफ्फरपुर-नई दिल्ली सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस की पैंट्री कार (कोच संख्या 111420/C) का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक महेंद्र शुक्ला ने जांच के दौरान पैंट्री कार से लोकल ब्रांड सिग्नेचर की 3 पेटियों में कुल 36 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बरामद किया। निरीक्षण के दौरान कोई अनाधिकृत यात्री नहीं मिला। बरामद पानी की बोतलों को आगे की कार्रवाई के लिए वाणिज्य अधीक्षक, कप्तानगंज को सौंप दिया गया है। पैंट्री कार मैनेजर नीरज सिंह को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से अवैध बिक्री पर अंकुश लगेगा। भविष्य में यात्रियों को रेलवे की गाइडलाइन के अनुरूप शुद्ध और मानक गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

