राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशा तस्करों के खिलाफ लगातार चौथे दिन कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले से 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी राकेश को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ऑपरेशन मदमनीरा के तहत की गई। आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि जोधपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा घोषित 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी राकेश को उज्जैन से दबोच लिया गया। जांच में सामने आया है कि राकेश पिछले करीब 10 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था। मध्यप्रदेश में डोडा-पोस्त की दुकान पर काम करने के दौरान उसका संपर्क मारवाड़ क्षेत्र के तस्करों से हुआ और बाद में वह बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा बन गया। आरोपी पिछले तीन साल से फरार चल रहा था। एएनटीएफ अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में मध्यप्रदेश से राजस्थान तक फैले मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य तस्करों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। गौरतलब है कि एएनटीएफ लगातार विभिन्न राज्यों में अभियान चलाकर वांछित अपराधियों की धरपकड़ कर रही है। इससे एक दिन पहले टीम ने झारखंड निवासी वांछित अपराधी अंकित को गिरफ्तार किया था। लगातार चौथे दिन हुई इस कार्रवाई ने नशा तस्करों के खिलाफ एएनटीएफ के अभियान को और मजबूती दी है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने गुरुवार को नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर संजीव गुप्ता को निलंबित कर दिया। उन पर मरीजों को अस्पताल के बजाय बाहर से दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहने का आरोप है। विभागाध्यक्ष से भी निगरानी में लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुलपति के पूर्व OSD अब्बास के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री जनता दर्शन में गोरखपुर के एक मरीज द्वारा की गई शिकायत के बाद गठित अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। मरीज ने आरोप लगाया था कि उसे बाहर से करीब 18 हजार रुपये की दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहा गया। वही सामान KGMU के HRF स्टोर पर 5 से 6 हजार रुपये में उपलब्ध थे। 17 मरीजों ने दिए सबूत KGMU के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि जांच समिति ने 30 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच की। इनमें से 17 मरीजों ने बयान और खरीदारी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनसे बाहर से दवाएं खरीदने की बात सामने आई। इनके बयान दर्ज कराने के लिए जांच टीम लखनऊ से गोरखपुर गई। OPD से मरीजों को निजी दुकानों तक पहुंचाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि एक बाहरी व्यक्ति OPD से मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों तक भेज रहा था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले में निगरानी और प्रवेश नियंत्रण में खामियां मिलने पर ओटी सिस्टर इंचार्ज और विभागाध्यक्ष को भी नोटिस जारी किया गया है। KGMU प्रशासन ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे में डंपर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हिरनी मोड़ के पास आगे चल रहे डंपर के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहा डंपर अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड्ड में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया। सजेती थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी 40 वर्षीय सोनू पुत्र गिरजा शंकर डंपर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गुरुवार सुबह वह डंपर लेकर कानपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी मोड़ के पास आगे चल रहे डंपर ने अचानक ब्रेक लगा दी। बताया जा रहा है कि पीछे चल रहा डंपर समय रहते नहीं रुक सका और आगे वाले वाहन से टकरा गया। टक्कर के बाद डंपर अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड्ड में पलट गया। राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना हादसे में चालक सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देखकर राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल चालक को बाहर निकलवाकर पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर सीएचसी पतारा में चिकित्सकों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि डंपर पलटने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायल चालक को अस्पताल भिजवाया गया है। मामले में तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
छिंदवाड़ा शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा होटल और रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय के निर्देश पर फायर अधिकारी अभिषेक दुबे ने टीम के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट का निरीक्षण किया गया। साथ ही फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और वार्षिक फायर ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं अधूरी पाई गईं। इस पर नगर निगम ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर तय मानकों के अनुसार सुधार करने के निर्देश दिए हैं। फायर अधिकारी अभिषेक दुबे ने बताया कि किसी भी नए व्यावसायिक भवन के निर्माण से पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया में फायर प्लान की स्वीकृति भी ली जाती है। भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जिसकी वैधता तीन वर्ष रहती है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष फायर ऑडिट कराना जरूरी है, जबकि तीन वर्ष बाद सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कराना होता है। नगर निगम ने सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और समय रहते आवश्यक सुधार करने की अपील की है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जल जीवन मिशन में 979.27 करोड़ के फर्जी टेंडर मामले में रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ विशेष अदालत में चालान पेश कर दिया है। एसीबी की ओर से 17 हजार 500 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया है। एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच अभी लंबित रखी है। डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में चालान पेश किया गया। जल जीवन मिशन में करीब 979.27 करोड़ की फर्जी डॉक्यूमेंट से टेंडर मामले मे एसीबी ने रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को 9 अप्रैल को दिल्ली से अरेस्ट किया था। आरोपी सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के बाद और डॉक्यूमेंट चार्ज के आधार पर विशेष अदालत में गुरुवार को साढे़ 17 हजार पेज का पूरा आरोप पत्र दाखिल किया गया। एसीबी की ओर से 30 अक्टूबर 2024 को जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। कई अफसरों और कंपनियों की भूमिका की की जांच श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल फर्म के संचालकों ने कथित रूप से इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर PHED विभाग में करीब 979.27 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए गए। एसीबी प्राथमिक जांच बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। कई अधिकारियों व कंपनियों की भूमिका की पड़ताल की गई। पहले इनके खिलाफ हो चुकी चार्जशीट पेश इस मामले में दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार सहित कई अधिकारियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट पेश की जा चुकी है। वहीं, जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के फरार होने के चलते अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। पूर्व मंत्री और अन्य पर जांच अभी लंबित एसीबी ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया और अन्य की भूमिका की जांच अभी लंबित रखी है। एजेंसी का कहना है कि इस हिस्से की जांच जारी है और आगे अतिरिक्त कार्रवाई संभव है। यह खबर भी पढ़ें... जलदाय विभाग के अफसरों को होटल में बांटी थी रिश्वत:फरार SE ने 15 लाख रुपए में बनवाया था फर्मों का फर्जी सर्टिफिकेट; संपत्ति होगी कुर्क राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। घोटाले में शामिल पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 9 अफसर 17 फरवरी को पकड़े गए थे। (पूरी खबर पढ़ें) पूर्व IAS पूछताछ में रोने लगे,जोशी के नाम पर चुप:सुबोध अग्रवाल ने नहीं दिए 125 सवालों के जवाब, बोले- घोटाले में मेरी भूमिका नहीं जल जीवन मिशन घोटाले में दिल्ली से पकड़े गए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल से 12 अप्रैल 2026 को 10 घंटे लगातार पूछताछ की गई थी। उनसे फर्म को दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट व पूर्व मंत्री महेश जोशी को लेकर भी सवाल किए गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)
प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को नैमिषारण्य वीवीआईपी गेस्ट हाउस में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने और शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लखनऊ के प्रतिनिधि और अधिकारियों के बीच हुई प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में बैठक में बिजली विभाग का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। राजधानी की व्यवस्था पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल, लापरवाही नहीं होगी स्वीकार बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल, बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला, मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार, लखनऊ पूर्व विधायक ओपी श्रीवास्तव, जिलाधिकारी विशाख जी, मुख्य विकास अधिकारी तथा चारों जोन के मुख्य अभियंता समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सुरेश खन्ना ने कहा कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी है और यहां की व्यवस्थाओं को दूसरे जिलों के लिए रोल मॉडल माना जाता है। ऐसे में बिजली व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। बिजली चोरी रोकने और राजस्व हानि पर नियंत्रण के निर्देश प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि विभाग को होने वाली राजस्व हानि को रोका जा सके। साथ ही जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा। जेई के फोन न उठाने की शिकायतों पर जताई नाराजगी बैठक में जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि कई क्षेत्रों में जूनियर इंजीनियर फोन नहीं उठाते हैं, जिससे लोगों की समस्याओं के समाधान में देरी होती है। इस पर नाराजगी जताते हुए सुरेश खन्ना ने निर्देश दिए कि सभी जेई अपने मोबाइल में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के नंबर अनिवार्य रूप से सेव करें और हर स्थिति में फोन रिसीव करें। यदि किसी कारणवश कॉल नहीं उठा पाते हैं तो बैक कॉल कर समस्या की जानकारी लें और उसका समाधान सुनिश्चित करें। जानकीपुरम के जेई को निलंबित करने के निर्देश समीक्षा के दौरान गलत एस्टीमेट तैयार करने और पोल स्थापना में अनियमितता की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्रभारी मंत्री ने जानकीपुरम क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा नगर निगम के ट्रांसफर स्टेशन और चार्जिंग स्टेशन को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर सुरेश खन्ना ने कहा कि विद्युत विभाग एक आपातकालीन सेवा है और इसकी कार्यकुशलता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता और जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसकी गांव के दो युवकों से करीब एक वर्ष से जान-पहचान थी। उसने आरोप लगाया कि सत्यम सिंह ने उससे शादी का वादा किया और उसे पत्नी की तरह अपने साथ रखा। इस दौरान उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती का यह भी आरोप है कि सत्यम सिंह के भाई नमो सिंह ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार, जब उसने दोनों आरोपितों से शादी करने की बात कही तो उन्होंने और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके साथ गाली-गलौज की तथा मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले में पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर दो सगे भाइयों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचक शिव कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है तथा प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शहडोल जिले में अवैध रेत खुदाई, ढुलाई और रेत जमा करने के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। अमलाई पुलिस और माइनिंग विभाग ने मिलकर अभियान चलाया और अवैध रेत से लदे ट्रैक्टर-हाईवा जब्त किए। इसके साथ ही, लगभग 130 घन मीटर अवैध रेत को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। अमलाई पुलिस ने गुरुवार को लखवारिया टोला-खमरौंध रास्ते पर गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। इस गाड़ी में अवैध रूप से रेत ले जाई जा रही थी, जिसके कोई भी पक्के कागज़ ड्राइवर के पास नहीं थे। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर ड्राइवर और मालिक हरदेव सिंह के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। माइनिंग विभाग ने 10 से ज्यादा जगहों पर मारा छापा इसी अभियान के तहत माइनिंग विभाग की टीम ने भी अवैध रेत निकालने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। विभाग ने रेत से लदे एक हाईवा को पकड़ने के साथ ही जिले के 10 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इस पूरी कार्रवाई के दौरान करीब 130 घन मीटर अवैध रेत ज़ब्त की गई और उसे नियम के मुताबिक नष्ट करा दिया गया। खदानों का ठेका न होने पर भी हो रही थी खुदाई अफसरों ने बताया कि जिले में इस समय रेत खदानों का कोई ठेका नहीं है, इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे अवैध खुदाई, ढुलाई और रेत जमा करने के खेल में लगे हुए हैं। इसी को देखते हुए पुलिस और माइनिंग विभाग मिलकर लगातार निगरानी रख रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजियाबाद के लोनी के गनौली गांव निवासी दूध व्यापारी ओंकार को 10 गोली मारकर अगवा किए जाने के चर्चित मामले में आज बखेड़ा हो गया। धरने पर सपा नेता और पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर भी पहुंचे थे। इस दौरान डीसपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी धरने पर समर्थकों को समझाने लगे। डीसीपी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई कर रही है, अभी तक 17 लोग अरेस्ट हो चुके हैं, मैं यहां आपकी बात सुनने आया हूं। मुखिया गुर्जर पूर्र में बीजीपी में रहे हैं। उनके बेटे कुलंविदर मेरठ से जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। 2015 मे मेरठ से मुखिया गुर्जर को पुलिस ने शांतिभंग में जेल भेजा था। मुखिया गुर्जर ने कहा डीएम एसएसपी भी सस्पेंड हुए मुखिया गुर्जर ने धरने पर कहा कि यहां तो गाजियाबाद में डीएम और एसएसपी भी सस्पेंड हुए हैं। यह सब को पता है। डीसीपी ने सुरेंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि आप धमकी दे रहे हैं। इस पर मुखिया गुर्जर ने कहा कि आप टेक्निकल भाषा मत बोलिए। इसके बाद बखेड़ा हो गया। डीसीपी फोर्स के साथ खड़े हो गए। जहां मुखिया गुर्जर के समर्थकों और पुलिस की नोंकझोंक हुई। जिसके बाद मुखिया गुर्जर अधिकारियों पर चिल्लाते रहे। इसके बाद मुखिया गुर्जर तेज आवाज में बोलते रहे। समर्थकों ने पुलिस से हाथापाई करते हुए वर्दी खींच ली। इसकी वीडियो भी सामने आई है। डीसीपी को बचाने के लिए एसीपी लोनी ने धक्के देकर लोगों को हटाया। मुख्य पांच आरोपी अभी भी फरार मुख्य आरोपियों गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल, गौरव निवासी बादलपुर और मोहित की तलाश जारी है। इन सभी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ लोग फरार आरोपियों को संरक्षण और मदद पहुंचा रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने संदीप भाटी, संदीप कुमार मावी, राहुल भाटी, सुमित और अमित को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका पीड़ित पक्ष से पुराना विवाद और रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए साजिश रचकर इस घटना को अंजाम दिया गया। 1 हजार जवान सर्च कर रहे पुलिस के अनुसार मामले की जांच लगातार जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए 10 टीमें लगी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ओमकार की बरामदगी को लेकर भी पुलिस का सर्च अभियान लगातार जारी है। गाजियाबाद पुलिस के एक हजार जवान गाजियाबाद, हापुड़, नोएडा, और बागपत में के अलावा दिल्ली क्षेत्र में भी लाश तलाश रहे हैं। 10 गोली मारकर ले गए थे लाश 30 मई को कार सवार हमलावरों ने दूध व्यापारी ओंकार को10 गोलियां मारी थीं। ओंकार गनौली गांव के रहने वाले थे। यह गांव भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का गांव है। ओंकार के भाई सुरेंद्र ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने ओंकार को गोली मारने के बाद जबरन गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। थाना प्रभारी लोनी मुकेश सोलेंकी को पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने सस्पेंड कर दिया था।
संभल में कीटनाशक का छिड़काव करते समय बिजली का करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह मामला दो अलग-अलग जातियों से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। गांव में थाना पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात की गई है। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए चार घंटे तक हंगामा किया था। घटना बुधवार सुबह करीब 10 बजे नखासा थाना क्षेत्र के दरियापुर राजदेव गांव में हुई। गांव निवासी वीर सिंह के गन्ने के खेत में कीटनाशक स्प्रे करने के लिए 29 वर्षीय अमरजीत पुत्र रामफल को मजदूरी पर बुलाया गया था। अमरजीत खेत के किनारे लगे खंभों पर ट्रांसफार्मर से मोटर चलाने के लिए तार लगा रहा था, तभी वह सीधे करंट की चपेट में आ गया और झुलसकर खेत में गिर गया। खेत मालिक वीर सिंह अपने बेटे निगम के साथ अमरजीत को इलाज के लिए अमरोहा जनपद की नगर पंचायत सैदनगली के एक डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद, खेत स्वामी ने घटना की सूचना मृतक के बड़े भाई शूरवीर को दी। शूरवीर अमरजीत को पहले संभल और फिर मुरादाबाद के निजी अस्पतालों में ले गया, लेकिन तीनों ही जगह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दोपहर करीब 2 बजे शूरवीर अपने छोटे भाई का शव लेकर गांव पहुंचा। मजदूर की मौत से परिजनों में भारी कोहराम मच गया और उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए चार घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। कड़ी सुरक्षा के बीच मजदूर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गंगा घाट ले जाया गया। परिजनों की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है। मृतक अमरजीत अपने पीछे पत्नी पूजा और डेढ़ साल के बेटे श्रीशिकांत को छोड़ गया है। गुरुवार की सुबह से ही थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा, एसआईआई नरेंद्र कुमार, महिला दरोगा राखी के अलावा थाना पुलिस एवं पीएसी बल को तैनात किया गया। शाम 04 बजे शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचा और शाम 06 बजे परिजन उसे अंतिम संस्कार के लिए पड़ोसी जनपद अमरोहा के तिगरी गंगा घाट ले गए। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मजदूर की करंट लगने से मौत हुई थी। परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम कराया गया था। रिपोर्ट आने के बाद परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं गांव में एतिहात के तौर पर पुलिस को तैनात किया गया है।
सिरसा जिले में हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित बणी गांव के दो युवक वीरवार को इंदिरा गांधी नहर में डूब गए। ये युवक गर्मी से राहत पाने के लिए अपने दस दोस्तों के साथ नहर में नहाने गए थे। समूह के आठ युवक शाम को घर लौट आए, लेकिन मनीष और मोहित गहरे व तेज बहाव में बह गए। दोस्तों ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण नहर की ओर भागे और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। यह घटना हरियाणा के बणी को राजस्थान के सुरेवाला से जोड़ने वाले इंदिरा नहर के पुल के पास हुई। डूबे हुए युवकों की पहचान राजकुमार के पुत्र मनीष (14 वर्ष) और रोहताश के पुत्र मोहित (17 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों युवक अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। गांव में इस घटना के बाद गमगीन माहौल है। जिला प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही नहरों में बच्चों के डूबने की घटनाओं के मद्देनजर नहाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद बणी गांव के ये युवक राजकैनाल (इंदिरा गांधी नहर का हिस्सा) में नहाने चले गए। शाम ढलने तक गोताखोरों ने अपना तलाशी अभियान रोक दिया था, और डूबे हुए युवक अभी तक नहीं मिल पाए थे। डूबे हुए युवकों की तलाश सुरेवाला चौकी पुलिस (राजस्थान) और करीवाला चौकी पुलिस (हरियाणा) गोताखोरों के साथ मिलकर कर रही है। नहर किनारे युवकों की मोटरसाइकिल और कपड़े भी मिले हैं, जो उनकी उपस्थिति की पुष्टि करते हैं।
आगरा में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ पॉलिटेक्निक की प्रवेश परीक्षा देने जा रहे 15 वर्षीय छात्र लखविंदर सिंह की ईएमयू ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसलने से मौत हो गई। यह घटना थाना एत्मादपुर क्षेत्र के छलेसर स्टेशन पर हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथरस जिले के ग्राम लाडपुर निवासी नागेंद्र सिंह का पुत्र लखविंदर सिंह (15 वर्ष) आगामी 5 जून को होने वाली पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा देने के लिए घर से निकला था। वह जलेसर रोड स्टेशन से ईएमयू ट्रेन (संख्या- 64956) में सवार होकर अपने परीक्षा केंद्र 'श्रीराम आदर्श डिग्री कॉलेज, सिकंदरा पनवारी' जा रहा था। शाम करीब 04:50 बजे, छलेसर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान अचानक लखविंदर का पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक छात्र के पास से मिले दस्तावेजों और पहचान पत्र के आधार पर उसके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और रो-रोकर बुरा हाल है। मामले की जानकारी राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को दे दी गई है। जीआरपी टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की विधिक कार्रवाई पूरी की है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रयागराज स्थित पोस्टल सिविल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल) आशीष अग्रवाल को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार के करीब 40 लाख रुपए के लंबित बिलों के भुगतान के बदले तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।सीबीआई ने आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सक्षम न्यायालय, लखनऊ में पेश किया जाएगा। एजेंसी की ओर से आरोपी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। रजिस्टर ठेकेदार की शिकायत पर दर्ज हुआ केस सीबीआई ने 3 जून को एक पंजीकृत ठेकेदार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता अपनी प्रोपराइटर फर्म के जरिए डाक विभाग के लिए विभिन्न निर्माण कार्य करता है। उसने आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं के लगभग 40 लाख रुपए के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल ने तीन लाख रुपए की अवैध मांग की थी। बिल पास नहीं करने की दी थी धमकी शिकायत के मुताबिक आरोपी अधिकारी ने पहले 90 हजार रुपए की रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो लंबित बिलों का भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। ये कार्य कानपुर देहात, वाराणसी, अकबरपुर, बलरामपुर और प्रयागराज समेत विभिन्न जिलों में कराए गए थे। सीबीआई के ट्रैप में फंसा आरोपी मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 4 जून को जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। लखनऊ की अदालत में पेश करेगी सीबीआई सीबीआई ने आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सक्षम न्यायालय, लखनऊ में पेश किया जाएगा। एजेंसी की ओर से आरोपी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
राजस्थान में गहराया जलवायु संकट:हीटवेव-जल संकट से बच्चों और महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधनों और आजीविका पर भी सीधा प्रभाव डाल रहा है। राजस्थान में बढ़ती हीटवेव, जल संकट, अनियमित वर्षा और सूखे जैसी परिस्थितियों को लेकर विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर यूनिसेफ और फ्यूचर सोसायटी की ओर से जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में मीडिया राउंडटेबल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण विशेषज्ञों, मौसम वैज्ञानिकों और पत्रकारों ने प्रदेश में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए यूनिसेफ राजस्थान के प्रमुख रूषभ हेमानी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी विकासात्मक चुनौतियों में शामिल हो चुका है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी और जल संकट की दोहरी मार विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के जीवन को प्रभावित कर रही है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों को केवल पर्यावरणीय नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती के रूप में देखने की जरूरत है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूनिसेफ के चीफ के.एल. राव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया लोगों तक वैज्ञानिक और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने, जागरूकता बढ़ाने तथा सरकार की योजनाओं और प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग किया है। इसके तहत राजस्थान के सभी जिलों में जिला जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम स्थापित किए गए हैं, ताकि जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों की निगरानी और उनसे निपटने की तैयारी मजबूत की जा सके। के.एल. राव ने बताया कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सरकारी विद्यालयों के लिए विशेष हीटवेव शिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अत्यधिक गर्मी के प्रभाव, उससे बचाव के उपाय, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। उनका कहना था कि बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और समाधान के बारे में शिक्षित करना समय की मांग है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और लगातार हो रहे भूजल दोहन के कारण जल संसाधनों पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन और जल बजटिंग जैसी पहलों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उनके अनुसार सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण की आदत विकसित किए बिना इस चुनौती से निपटना संभव नहीं होगा। कार्यशाला के दौरान आयोजित ऑनलाइन सत्रों में यूनिसेफ के क्लाइमेट चेंज एंड एनवायरनमेंट सस्टेनेबिलिटी स्पेशलिस्ट युसूफ कबीर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (IIPH) के प्रोफेसर महावीर गोलछा ने बढ़ते तापमान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हीटवेव के दौरान पर्याप्त पानी पीना, धूप में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलना और संवेदनशील वर्गों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अंकुश सिंह ने बताया कि युवाओं को जलवायु परिवर्तन के मुद्दों से जोड़ने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए यूथ फॉर क्लाइमेट एक्शन पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल के माध्यम से युवाओं को जलवायु विज्ञान, जलवायु नीति, हरित रोजगार, सतत विकास और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। फ्यूचर सोसायटी की सचिव डॉ. मीना शर्मा ने कहा कि भविष्य में जलवायु अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं, जल सुरक्षा, जलवायु-स्मार्ट स्कूलों और युवाओं की भागीदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में बच्चों के जीवन और भविष्य को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम में जयपुर के वरिष्ठ और युवा पत्रकारों के साथ पर्यावरण एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी और व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। मीडिया, युवाओं और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भूमिका ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर सकती है।
प्रभारी मंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा की:शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए
बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने गुरुवार को राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने आमजन से जुड़े कार्यों का समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबंधित सेवाएं लोगों को सरलता और सुगमता से मिलनी चाहिए। उन्होंने किसी भी कार्य को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने और जनसामान्य की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंत्री दिलेर ने यह भी कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी और निरंतर संवाद बनाए रखना होगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं और शिकायतों का भी त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। समीक्षा बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान, विधायक लक्ष्मी राज सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अभिषेक सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नीतीश कुमार सहित राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नई दिल्ली। ईस्ट जिले के न्यू अशोक नगर थाना इलाके में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की घर में घुसकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान देवोस्मिता पॉल (45) के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया महिला के सिर पर किसी भारी चीज से हमला कर हत्या की गई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला शव डीसीपी राजीव कुमार रावल ने बताया गुरुवार दोपहर करीब 02.35 बजे न्यू अशोक नगर थाना पुलिस को एक महिला से पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने बताया उसकी बहन की हत्या कर दी गई है और उसका शव दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट के अंदर पड़ा है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां कॉल करने वाली महिला देवरती पॉल (49) मिली। उसने पुलिस को बताया उसकी बहन देवोस्मिता (शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर) फ्लैट में अकेली रह रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार फ्लैट सुबह से ही बाहर से बंद था और मृतका बार-बार किए जा रहे फोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं दे रही थी। फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत किसी अनहोनी की आशंका होने पर शिकायतकर्ता ने ताला तोड़कर फ्लैट खोला और अपनी बहन को अपार्टमेंट के अंदर मृत पाया। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम व फोरेंसिक टीम की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए।
संभल में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित होगी। इस परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार बहजोई में एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने की। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अपर पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जनपद में इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 4656 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन परीक्षा केंद्रों में आचार्य मुक्तेश हकीम रईस सरस्वती इंटर कॉलेज संभल, बृजरत्न सुंदर आर्य कन्या इंटर कॉलेज संभल, हिंद इंटर कॉलेज संभल, जवाहर लाल मेमो. न. पं. इंटर कॉलेज सिरसी, महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सिरसी, राजकीय महाविद्यालय हयातनगर संभल, शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज संभल, जेड.यू. इंटर कॉलेज सरायतरीन संभल, इंटरमीडिएट कॉलेज स्टेशन रोड बहजोई, चंद्रपाल आर्य आदर्श इंटर कॉलेज बहजोई और हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज बहजोई शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम अलग-अलग स्थापित किए जाएंगे। बैठक में मोबाइल फोन के प्रयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी कर्मचारी को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र के बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लिफाफे की कलर कोडिंग, बॉक्स, एडमिट कार्ड और ओएमआर शीट जैसी परीक्षा सामग्री के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह भी बताया गया कि कक्ष निरीक्षक रैंडमाइजेशन के बाद ही अपने परीक्षा कक्ष में प्रवेश करेंगे। हस्ताक्षर मिलान और मेडिकल ट्रीटमेंट जैसी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के मंदसौर दौरे के दौरान जिले के बादाखेड़ी गांव स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। गुरुवार को किए गए निरीक्षण में आयोग अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोइनिया एडुकेशन वेलफेयर सोसायटी को केवल कक्षा 6 से 8 तक स्कूल संचालन की मान्यता प्राप्त है, लेकिन परिसर में नियमों के विपरीत एक आवासीय मदरसा संचालित किया जा रहा है, जिसकी मदरसा बोर्ड से भी कोई मान्यता नहीं है। 12वीं तक की कक्षाएं संचालित करने के संकेतनिरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने बताया कि संस्थान में 8वीं तक की मान्यता होने के बावजूद 12वीं तक की कक्षाएं संचालित किए जाने के संकेत मिले हैं। साथ ही वहां धर्म विशेष की शिक्षा दिए जाने की भी बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि मौके पर उपलब्ध रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर पाया गया है। अध्यक्ष के अनुसार सरकारी पोर्टल पर संस्थान में केवल 36 छात्राएं दर्ज हैं, जबकि स्कूल के स्कॉलर रजिस्टर में 71 से 76 छात्राओं का जिक्र मिला। वहीं परिसर में रखे लगेज, स्कूल बैग, बक्से और अन्य सामान से लगभग 100 छात्राओं के रहने के संकेत मिले हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में मौजूद 10 से 15 कमरों में छात्राओं का सामान मिला, लेकिन एक भी छात्रा मौके पर नहीं मिली। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि भवन के भीतर वजूखाना भी मिला है, जिससे यहां मदरसा संचालन की संभावना और मजबूत होती है। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गएनिरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्राओं से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। आयोग को न तो छात्राओं की व्यक्तिगत फाइलें, अभिभावकों की जानकारी और पहचान पत्र उपलब्ध कराए गए और न ही आवासीय व्यवस्था से संबंधित रिकॉर्ड दिखाए गए। इसके अलावा संस्थान के स्टाफ, वार्डन, उनके पुलिस सत्यापन, वेतन भुगतान, फीस संरचना, ऑडिट रिपोर्ट तथा संचालन एवं प्रबंधन समिति से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग के अनुसार, बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्कूल कार्यालय और ऊपरी मंजिल के लगभग 10 कमरों को नहीं खोला गया। मान्यता से अधिक कक्षाओं के संचालन के मिले संकेतनिरीक्षण के दौरान बच्चों के सामान में कक्षा 3 से लेकर 12वीं तक की किताबें भी मिलीं। इससे यह संकेत मिलता है कि परिसर में 6वीं से कम तथा 8वीं से ऊपर की छात्राएं भी रह रही थीं, जबकि संस्थान को केवल 6 से 8वीं तक की मान्यता प्राप्त है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत भी करा दिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन रिकॉर्ड, छात्राओं की वास्तविक संख्या तथा संस्थान के संचालन संबंधी तथ्यों की पड़ताल कर रहा है। वहीं छात्राओं की अनुपस्थिति और रिकॉर्ड में पाई गई विसंगतियों के कारण मानव तस्करी जैसी गतिविधियों की आशंका पर भी बालक संरक्षण आयोग की नजर है।
कन्नौज में किसान की नदी में डूबकर मौत:खेत सींचते समय पैर फिसला, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
कन्नौज के छिबरामऊ में खेत की सिंचाई करने गए एक किसान की नदी में डूबने से मौत हो गई। यह घटना गुरुवार शाम को हुई, जब किसान अपने खेत में मक्का की फसल को पानी दे रहा था। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। मृतक की पहचान छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के विजय नगला गांव निवासी 38 वर्षीय उमेश पुत्र बेचेलाल के रूप में हुई है। बताया गया कि उमेश खेत में पानी लगाने के लिए नदी किनारे गए थे। नदी का पानी खेत में ले जाने का प्रयास करते समय फावड़ा चलाते वक्त उनका पैर फिसल गया और वह नदी में जा गिरे। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने शोर सुनकर उमेश को बचाने का प्रयास किया। परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई। हालांकि, जब तक स्थानीय लोग उन्हें नदी से बाहर निकालते, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक उमेश के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह इस बात को स्वीकार करें कि अब वह समय आ गया है, जब वरिष्ठ अफ़सरों और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को उनके विभागों या उनके अधीन काम करने वालों की चूकों के लिए जवाबदेह, और यहां तक कि आपराधिक रूप से भी ज़िम्मेदार ठहराया जाए।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने कहा कि राज्य को उच्च ज़िम्मेदारी का सिद्धांत अपनाना चाहिए, जिसके तहत प्रशासनिक पदानुक्रम में वरिष्ठ अफ़सरों को जवाबदेह ठहराया जाता है। वरिष्ठ अफसरों की जवाबदेही तय हो हाईकोर्ट ने आगे कहा कि उचित मामलों में उन्हें अपने अधीन काम करने वालों द्वारा किए गए गलत कामों या चूकों को रोकने या दंडित करने में उनकी विफलता के लिए आपराधिक रूप से भी ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। बेंच ने अपने 16-पृष्ठ के आदेश में कहा, वरिष्ठ अफ़सरों को अपने अधीन काम करने वालों के आचरण और प्रदर्शन के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करना उनकी पेशेवर और प्रशासनिक, दोनों तरह की ज़िम्मेदारी है। कोर्ट ने कई तीखी टिप्पणी की कोर्ट ने संस्थागत पतन के दो अलग-अलग रूपों के प्रति आगाह किया: मन का भ्रष्टाचार जिसके तहत आधिकारिक सत्ता की आड़ में निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया को जानबूझकर विकृत किया जाता है। पैसे का भ्रष्टाचार, जिसके तहत सार्वजनिक पद को व्यक्तिगत आर्थिक लाभ का ज़रिया बना लिया जाता है। बेंच ने कहा, ऐसी जवाबदेही को वैध रूप से आपराधिक दायित्व तक बढ़ाया जा सकता है, जहां रोकने या दंडित करने में विफलता के कारण भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, रिकॉर्ड को जानबूझकर छिपाना, सरकारी आदेशों और राजपत्र अधिसूचनाओं की अवमानना और 'राज्य की नीतियों' तथा 'कार्यक्रमों' (जैसे कि संगठित और संस्थागत भ्रष्टाचार के प्रति 'शून्य सहनशीलता' की नीति) को लागू करने में विफलता जैसे आपराधिक कृत्य होते हैं...। जानिये क्या है पूरा मामला यह टिप्पणी एकल जज द्वारा व्यवसायी (याचिकाकर्ता-अवनीश कुमार अग्रवाल) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की गईं। इस याचिका में बरेली स्पेशल कोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें याचिकाकर्ता के पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' जारी करने की उसकी अर्जी खारिज की गई। इसके अतिरिक्त, कुछ अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा सरकारी कार्यालय में आग लगाकर आधिकारिक रिकॉर्ड को नष्ट करने के आरोप भी लगाए गए। हाईकोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता ने दलील दी कि एक एफआईआर में जांच लगभग 2 दशकों से लंबित है। दूसरी एफआईआर में 18 वर्षों की देरी के बाद वर्ष 2024 में ही आरोप-पत्र दाखिल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप उन्हें परेशान करने के लिए ही लगाए गए और हाईकोर्ट की एक कोऑर्डिनेट बेंच ने उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर पहले ही रोक लगा दी थी। इस पृष्ठभूमि में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह एन ओ सी पाने का हकदार है। हालांकि, राज्य के वकील ने आरोपों की गंभीरता का हवाला दिया और याचिका में मांगी गई राहत का विरोध किया। हाईकोर्ट ने 'मनीष कुमार सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' मामले में हाईकोर्ट के 2023 के आदेश का ज़िक्र किया, जिसमें राज्य सरकार को एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया गया। इस समिति का काम भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में सरकारी विभागों द्वारा दर्ज एफआईआर की जांच की निगरानी के लिए दिशानिर्देश तैयार करना था। उस मामले में अन्य निर्देशों के अलावा, डिवीज़न बेंच ने निर्देश दिया था कि जाँच को चरणबद्ध तरीके से और तेज़ी से पूरा किया जाए। मौजूदा मामले में बेंच को बताया गया कि 2023 के फैसले के बाद उच्च-स्तरीय समिति का गठन दिसंबर 2025 में ही किया गया—लगभग दो साल की अत्यधिक देरी के बाद—और वह भी तब, जब इस कोर्ट ने मौजूदा मामले का संज्ञान लिया। हालांकि, बेंच ने इस मामले को और आगे बढ़ाना उचित नहीं समझा और उसने इस मुद्दे को इस उम्मीद और अपेक्षा के साथ छोड़ दिया कि हाईकोर्ट के 2023 के फैसले में दिए गए निर्देशों का भी समय-सीमा के भीतर पालन किया जाएगा। बेंच ने हालांकि यह बात नोट की कि कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने में एक बड़ी रुकावट नौकरशाही के कुछ वर्गों की मानसिकता में है, जिनका रवैया समावेशी नहीं है और जो अपनी मनमानी शक्तियों को बनाए रखने को अपने आप में एक लक्ष्य मानते हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि अपनी मनमानी शक्तियों को खोने का यही डर ही लोक प्रशासन में लालफीताशाही के पीछे मुख्य वजह है। कोर्ट ने राज्य को याद दिलाया जस्टिस दिवाकर ने राज्य को याद दिलाया कि नियम और कानून ठीक इसी अनियंत्रित शक्ति को सीमित करने और एक नियम-बद्ध संस्कृति को लागू करने के लिए ही बनाए गए हैं। बेंच ने आगे कहा कि फैसला सुरक्षित रखने के बाद उसने हाई-पावर्ड कमेटी द्वारा लिए गए फैसलों की प्रगति के बारे में अपडेट के लिए तीन महीने से ज़्यादा इंतज़ार किया, लेकिन फैसला सुनाए जाने की तारीख तक उसे कोई जानकारी नहीं मिली। इस स्थिति को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए बेंच ने सरकार को याद दिलाया कि मुख्य सचिव राज्य प्रशासन की संरचना की मुख्य कड़ी होते हैं, और जो लोग उनका प्रतिनिधित्व करते हैं, उनसे असाधारण सतर्कता की उम्मीद की जाती है। कर्तव्यों का निर्वहन कैसे करें कोर्ट ने टिप्पणी की, एडिशनल एडवोकेट जनरल को यह समझना चाहिए कि मुख्य सचिव, जो कैबिनेट और मंत्रिपरिषद के सचिव के रूप में काम करते हैं, और उस हैसियत से नागरिक प्रशासन, नीति कार्यान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े सभी मामलों पर मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के मुख्य सलाहकार के रूप में सेवा करते हैं, एक विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त पद पर आसीन हैं। साथ ही हर मायने में राज्य प्रशासन की संरचना की मुख्य कड़ी हैं। इसलिए यह अनिवार्य है कि सम्मानित विधि अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय असाधारण सतर्कता, सावधानी और संस्थागत जिम्मेदारी की गहरी भावना के साथ आचरण करें। इसके साथ ही बेंच ने अपने रजिस्ट्रार (अनुपालन) को निर्देश दिया कि वे तुरंत इस फैसले की एक प्रमाणित प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजें। साथ में यह निर्देश भी दें कि हाई-पावर्ड कमेटी की कार्यवाही समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरी की जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह इस फैसले को सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि वह इसका व्यक्तिगत रूप से अवलोकन कर सकें और कोर्ट की चिंताओं पर उचित विचार कर सकें। मामले के गुण-दोषों के आधार पर कोर्ट ने याचिका स्वीकार की और क्षेत्रीय पासपोर्ट प्राधिकरण, बरेली को निर्देश दिया कि वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार याचिकाकर्ता के पक्ष में पासपोर्ट जारी /नवीनीकृत करें।
संतकबीरनगर के प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ के शिक्षक अब्दुर्रहमान को निलंबित कर दिया गया है। उन पर शिवलिंग पर पैर रखकर फोटो खिंचवाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोप है। यह कार्रवाई जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के आदेश पर की गई है। जानकारी के अनुसार, शिक्षक अब्दुर्रहमान ने कुछ दिन पहले शिवलिंग पर पैर रखकर एक तस्वीर खिंचवाई थी। आरोप है कि उन्होंने यह तस्वीर अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस घटना से लोगों में नाराजगी फैल गई और मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। इस प्रकरण में गोरखपुर के बेलघाट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 290 के तहत पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश में शासन के धर्मनिरपेक्षता संबंधी निर्देशों और कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लेख किया गया है। आदेश में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों से ऐसे आचरण की अपेक्षा की जाती है, जिससे किसी धर्म, जाति या समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह या असम्मान का भाव प्रकट न हो। शिक्षक का यह कृत्य शासनादेश और आचरण नियमावली के विपरीत पाए जाने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक अब्दुर्रहमान को ब्लॉक संसाधन केंद्र, हैंसर बाजार से संबद्ध किया गया है। इस पूरे मामले की विभागीय जांच खंड शिक्षा अधिकारी खलीलाबाद को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हिन्दू जागरण मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश पाठक ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। विभागीय कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है।
मुजफ्फरनगर में एक प्रेमी युगल की शादी पुलिस चौकी में संपन्न हुई। नगर कोतवाली क्षेत्र की रोहाना पुलिस चौकी एक दिन के लिए शादी के मंडप में बदल गई। इस अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, छपार थाना क्षेत्र के रामपुर तिराहा निवासी रोहन पुत्र मुकेश का शहर कोतवाली क्षेत्र के मलीरा गांव निवासी प्रियंका पुत्री रामदास से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बीती रात रोहन अपनी प्रेमिका प्रियंका से मिलने उसके घर पहुंचा। इसी दौरान परिजनों और ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने रोहन को मौके पर ही पकड़ लिया। मामला बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस युवक रोहन को पकड़कर रोहाना पुलिस चौकी ले आई। इसके बाद दोनों पक्षों के परिवारों को भी चौकी पर बुलाया गया। रोहाना चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने दोनों परिवारों और प्रेमी युगल से अलग-अलग बातचीत की। काफी देर तक चली चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि रोहन और प्रियंका दोनों बालिग हैं और एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते हैं। इसके बाद चौकी प्रभारी ने परिवारों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया। आखिरकार, दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए। इसके बाद रोहाना पुलिस चौकी परिसर में ही शादी की तैयारियां की गईं। ग्रामीणों की मौजूदगी में रोहन और प्रियंका ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और विवाह संपन्न हुआ। नवविवाहित जोड़े को दोनों परिवारों ने आशीर्वाद दिया। चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने बताया कि दोनों बालिग थे और परिवारों की पूर्ण सहमति से यह विवाह संपन्न हुआ है। पुलिस ने केवल विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद की।
टोंक जिले के दूनी कस्बे में एक युवक की मौत के बाद लोगों में आक्रोश रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने पहले गुरुवार सुबह मृतक का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद संख्या में लोग बाजार बंद करवाकर अस्पताल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हॉस्पिटल गेट पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया और टायर जलाकर नारेबाजी की। अस्पताल के बाहर से सरोली रोड तक पहुंचा प्रदर्शन करीब आधे घंटे बाद प्रदर्शनकारी अस्पताल से बाहर निकले और सरोली रोड स्थित तिराहे पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान घाड़, आवां और सरोली मार्ग का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोग लगातार नारेबाजी करते रहे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते रहे। डॉक्टर की अनुपस्थिति और रेफर के बाद रास्ते में मौत का आरोप मृतक अनुराग पारीक (35), पुत्र कैलाश पारीक, निवासी चुंगी नाका दूनी, बुधवार रात करीब 9:45 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। प्राथमिक उपचार के बजाय मरीज को टोंक रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज मिलता तो जान बच सकती थी। ग्रामीणों का आरोप-अस्पताल में लगातार लापरवाही, व्यवस्था चरमराई ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक और स्टाफ समय पर मौजूद नहीं रहते, जिससे मरीजों को निजी या अन्य अस्पतालों में जाना पड़ता है। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है और व्यवस्था लगातार खराब बनी हुई है। मौके पर पहुंचे अधिकारी, जांच और कार्रवाई का आश्वासन प्रदर्शन की सूचना पर देवली एसडीएम रूबी अंसार, सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी, डीएसपी हेमराज चौधरी, बीसीएमओ मनीष लोधी और तहसीलदार विनोद शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने जांच कर दोषी पाए जाने पर सस्पेंशन सहित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जबकि सीएमएचओ ने सीसीटीवी जांच और 16 सीसी के तहत कार्रवाई की बात कही। 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध कराने और डेपुटेशन निरस्त करने का आश्वासन सीएमएचओ ने बताया कि रात के समय 24 घंटे डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही देवली में लगाए गए नर्सिंग अधिकारी का डेपुटेशन भी निरस्त किया जाएगा। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही गई। ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, 150 गांवों की सुविधा सुधार की मांग ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, पुराने भवन की जगह नया अस्पताल निर्माण, दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई और मृतक की गर्भवती पत्नी को सरकारी सहायता देने की मांग की। साथ ही अस्पताल से जुड़े करीब 150 गांवों के मरीजों के लिए चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने की मांग भी रखी गई।
सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अवध क्षेत्र में मां के लिए प्रयुक्त होने वाला 'महतारी' शब्द वात्सल्य और स्नेह का अद्भुत प्रतीक है, जिसकी तुलना मम्मी या मदर जैसे शब्दों से नहीं की जा सकती। भगवान की हर लीला लोकमंगल के लिए होती है उत्सव संस्था के तत्वावधान में आयोजित कथा में रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं में उनके स्वभाव और चरित्र दोनों के दर्शन होते हैं। भगवान की प्रत्येक लीला लोकमंगल के लिए होती है और बाल्यकाल में भी उनके दिव्य स्वरूप और मर्यादा की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि अवध की लोक संस्कृति में मां को महतारी कहा जाता है। इस शब्द में स्नेह, करुणा और वात्सल्य का जो भाव समाहित है, वह अन्य संबोधनों में नहीं मिलता। महतारी अपनी संतान पर अपना पूरा प्रेम और ममत्व न्योछावर कर देती है। उन्होंने कहा कि यह शब्द अवध की सांस्कृतिक विरासत और मातृत्व की गरिमा का प्रतीक है। भये प्रकट कृपाला पद की की विस्तृत व्याख्या श्रीराम जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए रामभद्राचार्य ने 'भये प्रकट कृपाला' पद की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि प्रचलित पाठ में कई बार 'निज आयुध भुज चारी' बोला जाता है, जबकि सही पाठ 'निज आयुध भुज धारी' है। उन्होंने बताया कि भगवान राम अपने विभिन्न अंशों के साथ अवतरित हुए थे। क्षीरसागर के विष्णु लक्ष्मण, बैकुंठ के विष्णु भरत और श्वेतद्वीप के विष्णु शत्रुघ्न के रूप में प्रकट हुए। कौशल्या के आग्रह पर शिशु रूप में आए भगवान राम उन्होंने कहा कि भगवान राम जब प्रकट हुए थे, तब वे पंद्रह वर्ष के किशोर स्वरूप में थे। माता कौशल्या के 'तजहु तात यह रूपा' कहने के बाद उन्होंने शिशु रूप धारण किया। भगवान की बाल लीलाओं में भी उनकी ब्रह्मरूपता कभी ओझल नहीं होती और वे भक्तों को वात्सल्य रस का अनुभव कराने के लिए मानवीय लीलाएं करते हैं। बाल्यकाल का संस्मरण सुनाकर बताया रामकथा का महत्व कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने अपने बचपन का एक प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब तीन वर्ष की आयु में गांव में मदारी का खेल देखते समय वह एक सूखे कुएं में गिर गए थे। उसी दिन उन्होंने अपने पितामह से 'भये प्रकट कृपाला' पद कंठस्थ किया था। कुएं में गिरने के बाद वे लगातार 'यह चरित जे गावहिं, हरि पद पावहिं, ते न परहिं भवकूपा' का स्मरण करते रहे और प्रभु की कृपा से सुरक्षित बाहर निकल आए। शुक्रवार को कथा में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कथा के दौरान इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, रविंद्र गोयल, गोपाल खंडेलवाल, पीसीयू के उपसभापति ब्रजकिशोर गुप्ता, सुधीर हलवासिया समेत अनेक गणमान्य लोगों ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि शुक्रवार को श्रीराम कथा के पांचवें दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण और अन्य जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अभनपुर के जमीन कारोबारी जय प्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है। ईडी ने आरोपी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत 3 जून को गिरफ्तार किया। मामले में करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी है। ईडी की जांच छत्तीसगढ़ एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह मामला भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है। अफसरों के साथ मिलकर रची साजिश जांच एजेंसी के अनुसार जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ अफसरों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची। आरोप है कि हाईवे एलाइनमेंट में आने वाली भूमि को खरीदने के बाद उसे 500 वर्गमीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित किया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि एनएचएआई से अधिक दर पर मुआवजा प्राप्त किया जा सके। ईडी के मुताबिक इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने करीब 9 करोड़ 83 लाख रुपए का मुआवजा हासिल किया, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें केवल 56 लाख 76 हजार रुपए ही मिलने थे। जांच में सामने आया है कि इस तरह लगभग 9 करोड़ 27 लाख रुपए की अवैध आय अर्जित की गई। शेयर बाजार-म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किए पैसे जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से प्राप्त रकम को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ईडी ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत जब्त किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी को विशेष पीएमएलए न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से ईडी को तीन दिन की रिमांड मिली है। एजेंसी अब इस मामले में अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बदायूं के दो सीओ का तबादला:सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय और सीओ बिल्सी केके तिवारी का ट्रांसफर
उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए 206 क्षेत्राधिकारियों (सीओ) का तबादला किया है। इस सूची में बदायूं जिले के दोनों क्षेत्राधिकारी भी शामिल हैं। शासन ने सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय और सीओ बिल्सी केके तिवारी का स्थानांतरण कर दिया है, जबकि उनकी जगह दो नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। जारी तबादला सूची के अनुसार, सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय को बदायूं से कासगंज भेजा गया है। वह मार्च 2025 में बदायूं आए थे और तब से नगर क्षेत्र की कमान संभाल रहे थे। उनके कार्यकाल में कई चर्चित मामलों की जांच और कानून-व्यवस्था से जुड़े अभियानों का संचालन हुआ। अब उनकी जगह संभल में तैनात आलोक सिद्धू को बदायूं भेजा गया है। वहीं, सीओ बिल्सी केके तिवारी को सहायक सेनानायक, 30वीं वाहिनी पीएसी गोंडा के पद पर स्थानांतरित किया गया है। केके तिवारी 20 अक्टूबर 2024 को फिरोजाबाद से दातागंज क्षेत्राधिकारी बनकर बदायूं आए थे। बाद में 12 मार्च 2026 को हुए चर्चित एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड के बाद प्रशासनिक फेरबदल के तहत उनका सर्किल बदल दिया गया था और उन्हें बिल्सी क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा, देवरिया में तैनात अंशुमान श्रीवास्तव का भी तबादला बदायूं किया गया है। माना जा रहा है कि जिले में जल्द ही नए सर्किलों का कार्यभार उन्हें सौंपा जाएगा। शासन के इस बड़े तबादला आदेश के बाद बदायूं पुलिस महकमे में नए अधिकारियों की तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नए अधिकारी जल्द ही कार्यभार ग्रहण करेंगे।
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के हर्ष विहार थाना इलाके में स्थित मंडोली जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मलकीत सिंह (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक मलकीत, आजादपुर के लाल बाग इलाके में परिवार के साथ रहता था। हत्या और आर्म्स एक्ट के केस वह हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में विचाराधीन बंदी के तौर पर मंडोली जेल में बंद था। उसके खिलाफ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब थाने में हत्या का मामला दर्ज है, जबकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जीटीबी अस्पताल प्रशासन ने हर्ष विहार पुलिस को सूचना दी कि मंडोली जेल से एक कैदी को गंभीर और बेहोशी की हालत में उपचार के लिए लाया गया था। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जोधपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित राजकीय दंत महाविद्यालय को राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग (NDC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीडीएस (BDS) पाठ्यक्रम की 50 सीटों के नवीनीकरण को नामंजूर कर दिया है। साथ ही आयोग ने हिदायत दी कि इस सत्र में किसी भी छात्र को इन सीटों पर प्रवेश नहीं दिया जाए। दरअसल, कॉलेज में इस बार 50 सीटों पर एडमिशन होना था। इसके रिन्यूवल के लिए नेशनल डेंटल कमीशन की टीम ने यहां निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान टीम को यहां टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ कई कमियां मिली। मैनेजेमेंट एक साल में न तो फायर सेफ्टी की कमी को पूरा कर पाया और न ही सीसीटीवी लगा पाया। आयोग की ओर से इसे लेकर इन कमियों को लेकर एक रिपोर्ट भी जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार निरीक्षण के दौरान टीम को लेबोरट्री में ब्लड सेल काउंटर तक नहीं मिला। प्रयोगशालाओं में ब्लड सेल काउंटर तक नहीं मिला टीम को निरीक्षण के दौरान लेबोरेट्री में भी काफी कमियां मिली। यहां ब्लड सेल काउंटर तक नहीं था। इसके अलावा मिनी रोटरी शेकर, ट्राइपॉड स्टैंड, सैलिवा पीएच मीटर 1 कम, ग्लूकोमीटर, मिलिंग मशीन और कमपेजिट क्योरिंग यूनिट भी नहीं थी। वहीं ओरल पैथोलॉजी डिपार्टमेंट में भी कई सारी कमियां मिली। यहां यहां न तो टीवी या डिस्प्ले सिस्टम था और न ही वैक्स और वाटर बाथ। कॉमन क्लिनिक में बायोप्सी किट, सियालोग्राफी उपकरण, ओपीजी विद सेफेलोग्राम मशीन, लेड कॉलर, डिजिटल पल्प टेस्टर, मैग्नीफिकेशन लूप और प्रेशर मोल्डिंग मशीन नहीं थी। इसके अलावा नाइफ शार्पनर, स्पेंसर नाइफ, डिस्पोजेबल ब्लेड, ऑर्गेनिक टिश्यू कैप्सूल, पेट्री डिश, स्लाइड स्टोरेज कैबिनेट, कलर प्रिंटर और कम्प्यूटर तक नहीं थे। इतना ही नहीं बिल्डिंग में फायर एंड सेफ्टी सर्टिफिकेट और सीसीटीवी तक नहीं लगे थे। सामान्य कमियां भी पूरी न कर पाया मैनेजमेंट आयोग की ओर से पूरी रिपोर्ट तैयार की गई है कि किस आधार पर मान्यता नहीं दी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज मैनेजमेंट सामान्य कमियां तक पूरी नहीं कर पाया। निरीक्षण के दौरान आर्टिस्ट, प्रोग्रामर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फिजिकल डायरेक्टर, इंजीनियर, लाइब्रेरियन, प्लंबर, कारपेंटर, मिस्त्री, एसी टेक्नीशियन और इलेक्ट्रिकल हेल्पर तक टीम को नहीं मिले। इन स्टाफ की कमी मिली नॉन-टीचिंग स्टाफ में ये कमियां मिली कॉमन क्लिनिक में ये कमी आई सामने
जयपुर में भारतीय जनता पार्टी शहर कार्यालय में अनुसूचित जनजाति समाज के प्रतिनिधियों ने शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल का सम्मान किया। समाज के लोगों ने 21 किलो की गोयल को माला पहनाकर और भगवान श्रीराम के प्रतीक स्वरूप धनुष-बाण भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर अमित गोयल ने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विकास मीणा को दुपट्टा, माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। समाजजनों ने पुष्पमालाओं, जयघोष, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भाजपा संगठन और जिलाध्यक्ष अमित गोयल के प्रति विश्वास और समर्थन जताया। शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा- अनुसूचित जनजाति समाज जंगल, जीव, राजनीतिक परंपरा का सम्मान, भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता की गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। मीणा ने कहा- समर्पण के साथ करेंगे काम नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विकास मीणा ने कहा- संगठन की विचारधारा और जनसेवा के संकल्प को लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का कार्य करेंगे। साथ ही संगठन को अधिक सशक्त बनाने के लिए पूरे समर्पण के साथ कार्य करेंगे। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी (अग्रवाल) ने बताया- इस अवसर पर जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, राजेश ताम्बी, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पुरुवंशी, अजय सिंह चौहान, जिला मंत्री प्रिया ज्ञानानी, जी. राम मीणा, कार्यालय मंत्री क्षमा अग्रवाल, सह कार्यालय मंत्री कमलेश जायसवाल, राज सिंह राठौड़ आदि उपस्थित रहे।
नईदिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा अनधिकृत निर्माणों और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। सरकार ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि मालवीय नगर अग्निकांड के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी भवन मालिक, अधिकारी अथवा अन्य दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम का कहना है कि राजधानी में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा मानकों के अनुपालन, प्रभावी निगरानी व्यवस्था और जवाबदेह तंत्र सहित सभी पहलुओं पर समग्र रूप से काम करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके और दिल्ली को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। घटना के पीछे रही कमियों की गंभीरता से जांच होगी दिल्ली सचिवालय में आयोजित होने वाली बैठक में दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, डीडीए, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सीएम ने कहा है कि मालवीय नगर के एक गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग की घटना के पीछे रही कमियों की गंभीरता से जांच की जाएगी और जिसकी भी जवाबदेही बनती है, उसे निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि राजधानी में अवैध संपत्तियों, बिना अनुमति संचालित हो रहे होटलों एवं गेस्ट हाउसों तथा उन सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो अग्नि सुरक्षा नियमों और भवन उपविधियों (बिल्डिंग बायलॉज) का उल्लंघन कर रहे हैं। सीएम ने बताया कि इस मामले में विभिन्न विभागों से विस्तृत जानकारी ले रही हैं और ऐसे हादसों के कारणों के साथ-साथ संबंधित विभागों तथा अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर रही हैं।
आसान नहीं है योगी होना:कानून व्यवस्था से राम मंदिर तक, योगी के 8 साल की सबसे बड़ी चुनौतियां और फैसले
गीता में कहा गया है-‘योगः कर्मसु कौशलम’। अर्थात योग केवल ध्यान तप और संन्यास का नाम नहीं है। कर्म को उत्कृष्टता, समर्पण, संतुलन और निष्काम भाव से करना ही सच्चा योग है। यही जीवन को सफल तथा सार्थक बनाने का मार्ग भी है। वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं- योगी होना केवल पद संभालना नहीं, बल्कि निरंतर परीक्षा, अपेक्षाओं और वैचारिक प्रतिबद्धता के बीच स्वयं को सिद्ध करते रहना है। भारतीय संस्कृति और सभ्यता में वैसे भी योगी की कल्पना निष्क्रिय वैराग्य की नहीं रही। यहां योगी वह है, जो अपने संकल्प को सिद्ध करे। इस दृष्टि से योगी आदित्यनाथ को परखें तो मुख्यमंत्री पद पर आसीन एक ऐसा संन्यासी दिखाई देता है जो अग्नि में तपकर भी शीतल है, तूफान में भी स्थिर है और किसी भी उथल-पुथल में अडिग है। कोई भी साधक यदि राजनीति में आता है तो उससे जनमानस की अपेक्षाएं दोहरी होती हैं- साधु और शासक की भी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसी अग्निपरीक्षा से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के विकास का अध्याय लिख रहे हैं। इस अध्याय को पढ़ना और समझना आसान नहीं, क्योंकि एक तो यह अनवरत लिखा जा रहा है, दूसरे यह सनातन के प्रति पूर्ण समर्पण का है। यह आसान नहीं है, क्योंकि योगी होना भी आसान नहीं है। गोरक्षपीठ का दर्शन रक्त में उतारा उत्तराखंड के एक साधारण परिवार में जन्म लेना और फिर गोरक्षपीठ की परंपरा से जुड़ना शायद संयोग नहीं, अजय सिंह बिष्ट नामक युवक का आंतरिक आह्वान था, जिसे गुरु ने जब योगी आदित्यनाथ का नाम दिया तो उसने पीठ के जीवनदर्शन को अपने रक्त में उतार लिया। गृहस्थ जीवन की समस्त सुविधाओं को त्यागकर वैराग्य का मार्ग चुनना, फिर तपस्वी जीवन के भीतर से राजनीति की तरफ मुड़ना, यह संभवतः प्रारब्ध ने पहले ही तय कर रखा था। मात्र 26 वर्ष की आयु में संसद में पहुंचना, वह भी गोरखपुर जैसे क्षेत्र से, जहां की माटी पूर्वांचल के पूरे दर्द को समेटे हुए थी। यह कोई राजनीतिक कुल की विरासत नहीं थी, बल्कि लोगों के साथ स्पंदनशील रिश्ते का प्रमाण था, जिसने योगी को पांच बार चुनकर संसद में भेजा। इस दौरान लोगों ने सदन में एक युवा को पूर्वांचल के असाध्य रोग इंसेफ्लाइटिस की रोकथाम समेत वहां की गरीबी को लेकर दहाड़ते देखा। संकल्प पथ पर बढ़ते गए योगी लेकिन नियति ने योगी के लिए एक और परीक्षा सोच रखी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 2017 में भाजपा उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ जीती और जब योगी आदित्यनाथ के नाम की घोषणा मुख्यमंत्री के रूप में हुई, तो एक क्षण के लिए पूरा देश चकित भी था और स्तब्ध भी। इस स्तब्धता में एक गहरा सवाल था कि क्या एक भगवाधारी संत उस राज्य को संभाल पाएगा, जो दशकों से अपराध, जातिवाद और अराजकता के दलदल में धंसा हुआ था। योगी अब अपनी सबसे कठिन परीक्षा के लिए अपने संकल्प पथ की ओर बढ़ने के लिए तैयार थे। पहला मोर्चा था कानून व्यवस्था का। जहां माफिया के आगे थाने थरथराते थे, जहां अपराधी कानून से नहीं, कानून अपराधियों से डरता था, उस उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, एक नैतिक युद्ध था। योगी ने वह युद्ध लड़ा और बिना किसी भय के, बिना किसी पक्षपात के। माफिया नेटवर्क पर शिकंजा, अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर, और वह नाम जो कभी राजनीतिक संरक्षण की छाया में अजेय थे, कानून के कठघरे में खड़े हुए तो लोगों ने योगी में एक सख्त प्रशासक की छवि के साथ अपने आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना भी देखी। ‘बुलडोजर नीति’ पर प्रश्न उठे, लेकिन यह भी एक अकाट्य सत्य है कि उत्तर प्रदेश में एक ऐसी इच्छाशक्ति का संचार हुआ, जो पहले कभी नहीं थी। प्रकृति की निर्मम परीक्षा में खरे प्रकृति यदि स्वयं विद्रोह पर उतर आए तो ऐसा समय शासन की सबसे निर्मम परीक्षा का होता है। कोरोना महामारी केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं था, वह एक सभ्यतागत भूकंप था। प्रवासी मजदूर करुण जनसैलाब के बीच महानगरों की चमक छोड़कर अपने गांवों की ओर लौट रहे थे। उत्तर प्रदेश जैसे घनी आबादी वाले राज्य में इस संकट का आघात और भी गहरा था। ऐसे समय में सबसे बड़ी कसौटी जनविश्वास के निर्माण की होती है। टीकाकरण की गति, व्यवस्था की बहाली और उस अथाह मानवीय पीड़ा के बीच प्रशासन का टिके रहना, यह नेतृत्व की वह परीक्षा थी जिसने उत्तर प्रदेश को पूरे देश में सबसे अलग खड़ा किया। दूसरी लहर की त्रासदी और गंभीर थी, लेकिन योगी सरकार इसके लिए स्वास्थ्य संरचना के साथ पहले से तैयार थी। विश्वसनीय नेता की छवि भारतीय राजनीति में ऐसे नेताओं की कमी नहीं, जो हर विषय पर सुविधाजनक अस्पष्टता ओढ़ लेते हैं। योगी उस परंपरा से नहीं आते। सनातन पर, हिंदुत्व पर, भारत की सांस्कृतिक पहचान पर उनका रुख कभी धुंधला नहीं रहा। यह स्पष्टता उन्हें समर्थकों की दृष्टि में एक विश्वसनीय नेता बनाती है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में एक्सप्रेस-वे और हवाई अड्डों के साथ-साथ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी में विश्वनाथ धाम का कायाकल्प, मथुरा में सांस्कृतिक उत्थान का विमर्श, यह सब उस भारत की आत्मा को पुनः जागृत करने का प्रयास है, जो अपनी पहचान को पुनः परिभाषित करना चाहती है। विकास और संस्कृति को एक साथ साधना, यह वह समन्वय है जो यूपी मॉडल को विशिष्टता देता है। सच्चे अर्थों में योगी 2022 का चुनाव-परिणाम इतिहास के पन्नों पर उस स्याही से लिखा गया, जो सहज नहीं मिटती। स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश में पहली बार कोई सरकार लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। यह करोड़ों मतदाताओं का मौन किंतु दृढ़ संदेश था कि परिवर्तन केवल वादों में नहीं, अनुभव में भी महसूस हुआ है। इस जनादेश ने योगी सरकार की कार्यशैली व नीतियों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री योगी उस विचारधारा का प्रमाणित चेहरा बने, जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आधुनिक विकास को एक-दूसरे का पूरक मानती है। एक योगी यदि मुख्यमंत्री भी हो तो उसके सामने अदृश्य चुनौतियां भी कम नहीं होतीं। बड़ी चुनौती तो अपने भीतर के योगी को जीवित रखने की है। साधु का धर्म है अपेक्षाओं से मुक्त रहना और मुख्यमंत्री का धर्म है करोड़ों अपेक्षाओं का बोझ वहन करना। साधु एकाकी साधना में जीता है साधु की दुनिया में वैचारिक शुद्धता सर्वोपरि होती है, राजनीति की दुनिया में समझौते व संतुलन की अनंत परतें होती हैं। साधु एकाकी साधना में जीता है, शासक को हर क्षण जनसमुद्र के बीच खड़े रहना होता है। इन दोनों ध्रुवों के बीच, वैराग्य और सत्ता के बीच, आस्था और प्रशासन के बीच, संन्यास और संसार के बीच समन्वय बनाना ऐसी तपस्या है, जो कोई विरला ही बना सकता है और इसीलिए ‘योगी’ होना आसान नहीं है। योगी को समझने के लिए केवल नीतियों और उपलब्धियों की सूची पर्याप्त नहीं। उस मनुष्य को भी देखें जो प्रत्येक दिन साधु और शासक की दोहरी भूमिका में स्वयं को सिद्ध करने का प्रयास करता है। और, जो इस कठिनाई को जानते हुए भी इस पथ पर चलता रहे, वही सच्चे अर्थों में योगी है।
लखनऊ में भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच 17 जून को:15 जून को पहुंचेंगी दोनों टीमें, 599 से 25 हजार तक टिकट
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 17 जून को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को लेकर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 15 जून को लखनऊ पहुंचेंगी टीमें यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि भारतीय टीम धर्मशाला में पहला वनडे खेलने के बाद 15 जून की शाम तक लखनऊ पहुंच जाएगी। अफगानिस्तान की टीम के भी उसी दिन शहर पहुंचने की संभावना है। दोनों टीमें 16 जून को इकाना स्टेडियम में अभ्यास करेंगी। गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम यूपीसीए के कोषाध्यक्ष सचिन आनंद शुक्ला ने बताया कि जून की गर्मी को देखते हुए दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्टेडियम आने वाले दर्शकों को मुफ्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। 599 रुपये से शुरू होंगे टिकट यूपीसीए ने मुकाबले के टिकटों की शुरुआती कीमत 599 रुपये तय की है। वहीं प्रीमियम श्रेणी के टिकट 25 हजार रुपये तक उपलब्ध होंगे। टिकटों की कीमत मांग और उपलब्धता के अनुसार बदल सकती है। यूपीसीए के मीडिया मैनेजर मोहम्मद फहीम ने कहा कि एसोसिएशन एक बार फिर सफल अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लखनऊ के क्रिकेट प्रेमियों को शानदार अनुभव मिलेगा और बड़ी संख्या में दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद
महिला को इंजेक्शन दिया, मौत:अस्पताल अवैध रूप से चल रहा था; संचालक फरार
सोनभद्र जनपद में अवैध रूप से संचालित एक अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। यह घटना रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बट स्थित पेट्रोल पंप के समीप संचालित शिव शांति चिकित्सालय में हुई। महिला की मौत के बाद अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी गांव निवासी 45 वर्षीय सीता देवी पत्नी सफेद को चक्कर आने की शिकायत हुई थी। परिजन उन्हें उपचार के लिए शिव शांति चिकित्सालय लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कथित चिकित्सक ने महिला की समुचित जांच किए बिना उसे ड्रिप चढ़ाई और इंजेक्शन लगाया। परिजनों का कहना है कि दवा और इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई और कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल संचालक अस्पताल बंद कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद चौकी प्रभारी सुकृत भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं परिजनों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। महिला की मौत के बाद क्षेत्र में अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मृतका के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिले में संचालित अवैध अस्पतालों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, जयपुर के बैनर तले तीनों ब्लॉक स्तरीय संगठनों ने मंगलवार को एसडीएम पूजा चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर राजकीय अवकाश के दिनों में कर्मचारियों को कार्यमुक्त रखने की मांग की गई है। मानसिक और शारिरिक प्रभाव पड़ रहा समन्वय समिति ने बताया कि वर्ष 2008 में राज्य सरकार ने कर्मचारियों को उचित मानसिक और शारीरिक विश्राम देने, पारिवारिक व सामाजिक दायित्व पूरे करने तथा कार्यक्षमता में सुधार के उद्देश्य से प्रति दिन कार्य घंटे बढ़ाकर सप्ताह में 6 की बजाय 5 कार्य दिवस किए थे। समिति के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से राज्य सरकार द्वारा लगातार राजकीय अवकाश के दिनों में भी कार्य करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक रूप से विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनकी कार्यशैली भी प्रभावित हो रही है। दूर-दराज के कर्मचारी छह माह तक अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। इन राजकीय अवकाश के दिनों में किए गए कार्य के लिए न तो क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जा रहा है और न ही कोई अतिरिक्त राशि। इसका सर्वाधिक असर कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी संगठनों के कार्मिकों पर पड़ रहा है। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय वीडीओ संघ के ब्लॉक अध्यक्ष थिरपाल पालीवाल, पटवार संघ के तहसील अध्यक्ष नरपत सिंह, कृषि पर्यवेक्षक संघ के अध्यक्ष हरपाल सिंह, भूराराम भील, भगवत पालीवाल, जोगराज सिंह, ललित कन्नौजिया, राजेंद्र पालीवाल, रामलाल ढोली, अशोक, अंकुर मीणा, अभिषेक सिंह और अजय पटवारी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गौरामाफी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। ठेकेदार के अधीन एचटी लाइन पर केबल डालने का काम कर रहे 28 वर्षीय बिजली मिस्त्री सचिन चौधरी की करंट लगने से मौत हो गई। साथी मजदूरों का आरोप है कि विभाग से बाकायदा शटडाउन लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अचानक बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। करंट लगने से झुलसा युवक पोल से सीधे नीचे आ गिरा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एलटी पोल के बॉक्स में फंसी थी केबल, ठीक करने चढ़ा था सचिन गौरामाफी पानी टंकी के पास ठेकेदार विजयकांत गुप्ता की देखरेख में पिछले एक सप्ताह से एचटी लाइन के पुराने तार बदलकर नई केबल लगाने का काम चल रहा था। गुरुवार शाम करीब 4 बजे समोगरा निवासी सचिन चौधरी (28) पुत्र रामसुंदर चौधरी अपने साथी मजदूरों के साथ लाइन पर काम कर रहे थे। केबल खींचने के दौरान एलटी लाइन के पोल पर लगे एक बॉक्स में केबल अचानक फंस गई। सचिन उसी खराबी को ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े थे। काम शुरू करने से पहले कनिष्ठ अभियंता (जेई) या संबंधित सब-स्टेशन से शटडाउन की बात कही गई थी। कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इसी भरोसे पर कर्मचारी खंभे पर काम कर रहे थे कि अचानक लाइन में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया। करंट लगते ही सचिन बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर गए। साथी मजदूर आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अमरगढ़ ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सचिन को मृत घोषित कर दिया। 8 दिन पहले गूंजी थी किलकारी, अब छाया मातम इस हादसे ने सचिन के हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। सचिन की एक 3 साल की बेटी सारवी है, जबकि उसकी पत्नी ने महज 8 दिन पहले ही एक बेटे को जन्म दिया था। जिस घर में हफ्तेभर पहले नवजात बच्चे के आने की खुशियां और सोहर गाए जा रहे थे, वहां अब चीख-पुकार मची हुई है। मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष राकेश चौरसिया ने बताया - करंट लगने से बिजली मिस्त्री की मौत की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल अस्पताल पहुंची थी। शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पीड़ित परिवार की तरफ से जैसे ही लिखित तहरीर मिलती है, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली। हेड कांस्टेबल दिनेश यादव ने बताया मालवीय नगर हादसे में पीसीआर कॉल होने के बाद वे अपने सहयोगी रामपाल के साथ मौके पर पहुंचे। रास्ते में जाम लगने के बाद वह करीब 250 मीटर तक दौड़कर मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद वे सीढ़ियों की मदद से छत तक पहुंचे और मुक्का मार मार कर उन्होंनें खिड़कियों के शीशे तोड़े। इस दौरान उनके कांच घुस गया। खून से लथपथ होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और इमारत में फंसे पांच लोगों को अकेले सुरक्षित बाहर निकाला। उनके पैर में भी कांच लगा था। इस दौरान कुछ लोग छत से भी नीचे कूदे थे। उन्हें बचाने के दौरान तारों में लगी आग की वजह से रामपाल भी घायल हुए। उन्होंने आगे बताया एक इमारत में एक नाइजीरियन महिला अपनी बेटी के साथ थी। उन्होंने बाथरूम की खिड़की से बाहर निकाला। खिड़की बाथरूम में काफी ऊपर थी। महिला ने एक बार उन्हें कहा था कि बेटा मेरी बेटी को बचा लो और तुम चले जाओ यहां से, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और महिला को अपने कंधे पर बैठाकर और बाल्टी पर खड़े होकर उन्हें बाहर निकाला। गर्म सीढ़ियां और जले हुए सामानों के बीच से लोगों को निकला वहीं दमकल विभाग के साथ बिल्डिंग के अंदर हेड कांस्टेबल करतार भी घुस गए। गर्म सीढ़ियां और जले हुए सामान के बीच वह लोगों को गोद में उठाकर बाहर लगा रहे थे। गर्म चीजें लगने से वह भी घायल हो गए। इसके बाद भी स्टाफ ने हार नहीं मानी और लोगों की सुरक्षा में जुटे रहे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया आग लगने के बाद नेब सराय थाने का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने बताया वे हार नहीं माने। इमारत में आग लगने के बाद बराबर में एक खड़े बिजली के खंबे में आग लगी गई। जिसके बाद तार टूटकर नीचे जमीन पर गिरने लगे। इसके बाद भी ऊपर से कूद रहे लोगों की वे मदद में जुट रहे। आग विकराल हुई तो उन्हें पीछे हटना पड़ा
दिल्ली सचिवालय में साल 2026 की कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर सीएम रेखा ने गुप्ता कावंड समिति और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तैयारियों की समीक्षा के बाद सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। इसके लिए 1 जुलाई से पंजीकरण शुरू करने की दिशा में सभी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी समितियों को आवश्यक दस्तावेजों और वार्षिक ऑडिट संबंधी औपचारिकताओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न आए। सिंगल विंडो व्यवस्था की सराहना राजस्व विभाग ने बैठक में सीएम के समक्ष जानकारी दी कि पिछले वर्ष दिल्ली में 308 कांवड़ शिविरों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया था। पिछले वर्ष पहली बार कांवड़ समितियों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया था। समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी, अधिकांश समस्याओं का समाधान हुआ और कांवड़ समितियों ने इस पहल की सराहना की। सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर जोर बैठक में पिछले वर्ष सामने आई चुनौतियों और सुझावों की भी समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने मोबाइल शौचालयों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने, 247 चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था, गैस सिलेंडरों की निर्बाध उपलब्धता, समयबद्ध होर्डिंग और प्रचार सामग्री लगाने तथा वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने का सुझाव दिया। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पिछले वर्ष जलभराव की समस्या सामने आई थी, वहां ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुधार कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। 247 स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा पर बल सीएम ने कांवड़ शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दिन और रात दोनों समय इलाज की सुविधा मिल सके। बैठक में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पीसीआर तैनाती और दुर्घटना रोकथाम से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने प्रमुख प्रवेश स्थलों पर स्वागत द्वार, पुष्पवर्षा और श्रद्धालुओं के स्वागत की अन्य व्यवस्थाओं की भी पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए। ये अधिकारी मीटिंग में हुए शामिल बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करतार सिंह तंवर, संजय गोयल और उमंग बजाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब और अन्य संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारियां पेश कीं।
बुलंदशहर के अनूपशहर में मलकपुर रोड पर गुरुवार शाम को बाइक सवार एक युवक पर बदमाशों ने घेरकर ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग कर दी। हमलावरों की दो गोलियां मिस हो गईं, जबकि एक गोली युवक के पैर में जा लगी। वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। खास बात यह है कि जिस युवक को गोली मारी गई, आज ही उसकी शादी की सालगिरह भी है। लहूलुहान हालत में युवक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। घायल की पहचान लोकेश शर्मा के रूप में हुई है। देखिए तीन तस्वीरें.… घर में थी एनिवर्सरी की खुशी, रास्ते में घेरकर मारी गोली घायल लोकेश की बहन रेखा शर्मा ने बताया कि आज भाई की शादी की सालगिरह थी। घर में उत्सव और खुशी का माहौल था। दोपहर के समय लोकेश किसी काम से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। जैसे ही वह मलकपुर रोड स्थित नवीन अनाज मंडी के पास पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया और पिस्तौल तानकर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग की जिसमे की तीसरी गोली उसके पैर मे लगी। चबूतरे और मंदिर को लेकर चल रहा है पुराना विवाद लोकेश की दूसरी बहन डिंपल के मुताबिक, पड़ोस के ही कुछ लोगों के साथ उनका मंदिर और घर के आगे बने चबूतरे (पटिया) को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। आरोप है कि उन्हीं लोगों ने कुछ दिन पहले जान से मारने की धमकी दी थी और आज मौका पाकर भाई पर जानलेवा हमला करवा दिया। परिजनों का गंभीर आरोप पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बीते 1 जून को दूसरे पक्ष के लोगों ने लोकेश के माता-पिता, बहन और भांजे के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कराया था। अब पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाके के दरोगा ने दूसरे पक्ष से मोटी रकम (रिश्वत) लेकर उनके खिलाफ यह झूठा मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, दरोगा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, दरोगा पर भी होगी जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अनूपशहर के क्षेत्राधिकारी (CO) विकास प्रताप चौहान ने बताया कि युवक लोकेश के पैर में गोली लगी है और उसका इलाज जारी है। हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तहरीर मिलते ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, दरोगा पर लगे रिश्वत के आरोपों की भी विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 15 दिन पहले ही बना पिता, 5 भाई-बहनों में सबसे छोटा है लोकेश घायल 28 वर्षीय युवक अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के राजपुर गांव का निवासी है। वह अपने पिता के साथ खेती-किसानी करता था और ट्रैक्टर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। गांव से लौटते समय वह मोटरसाइकिल चला रहा था। उसके साथ गांव का ही रहने वाला उसका दोस्त छोटू भी सवार था। हादसे के बाद छोटू मौके से चला गया। परिजनों के अनुसार युवक की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में 15 दिन का एक पुत्र है। वह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था और उसकी चार बड़ी बहनें हैं। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया - कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।घायल के परिजनों ने बताया कि दूसरे पक्ष से रास्ते को लेकर चल रहा विवाद इस घटना का कारण बना, जिसमें दूसरे पक्ष द्वारा गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महू में गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे गैरिसन ग्राउंड के पास नर्मदा फेस-3 की मुख्य पाइपलाइन फट गई। पाइपलाइन फटने से हजारों गैलन पानी तेज दबाव के साथ सड़क पर बहने लगा, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर करीब आधा किलोमीटर तक पानी फैल गया था। महू में पाइप लाइन फटने का असर इंदौर की पानी की टंकियों पर होगा, जिसके कारण कई टंकियों से पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। इंदौर में जल संकट के बीच शुक्रवार को पानी की टंकियों से पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि नर्मदा तृतीय चरण के पंप बंद होने के कारण शुक्रवार को सुबह कई पानी की टंकियों से पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। इन टंकियों से प्रभावित होगी पानी की सप्लाई बिजलपुर, मां विहार, स्कीन नंबर 59, बिलावली, भंवरकुआं, खातीवाला, स्नेह नगर, गाडी अड्डा, पागनिसपागा, सी.पी.शेखर नगर, उर्दू स्कूल, एमवाय, पीडब्ल्यूडी, यशवंत क्लब, तुकोगंज, कॉटन अड्डा, भागीरथपुरा, कुलकर्णी का भट्टा, अम्बेडकर नगर, एमआईजी, त्रिवेणी पार्क, बजरंग नगर, नंदा नगर रोड नंबर 13, नंदा नगर न्यू, नंदा नगर रेक्टटेंगुलर, बर्फानी धाम, जनता क्वार्टर, सुखलिया, वीणा नगर, लवकुश विहार, महालक्ष्मी, स्कीन नंबर 54, स्कीम नंबर 74, स्कीम नंबर 114 पार्ट 2, नानक नगर, स्कीम नंबर 94, मूसाखेड़ी, टूटी प्रेस, शिव नगर, महावीर नगर, खजराना, प्रगति नगर, रेती मंडी, सूर्यदेव नगर, हवा बंगला, विदुर नगर, ग्रेटर वैशाली, स्कीम नंबर 71, चंदन नगर, ईटा भट्टा, नगीन नगर, अम्बिकापुरी, सिलीकॉन सिटी, स्कीम नंबर 140, कृषि नगर, रेडियो कॉलोनी, पालीवाल नगर, श्री नगर एक्सटेंशन, भूरी टेकरी, मित्र बंधू, सर्व सुविधा नगर, हारुन कॉलोनी, स्कीम नंबर 134, साईंकृपा, तपेश्वरी, समर पार्क, लसूडिया, स्कीम नंबर 114 पार्ट 1, स्कीम नंबर 78, राजीव आवास विहार, लोहामंडी, स्कीम नंबर 113, स्काम नंबर 136 शाम को इन टंकियों से पानी की सप्लाई हुई प्रभावित पंप बंद होने के कारण गुरुवार शाम को पानी की सप्लाई में प्रभावित होने वाली टंकियों में चंदन नगर, अम्बिकापुरी, नगीन नगर, हवा बंगला, विदुर नगर, स्कीम नंबर 59, स्कीम नंबर 94, शिव नगर, एमआईजी, स्कीम नंबर 74, बजरंग नगर, वीणा नगर, प्रेस कॉम्प्लेक्स (बर्फानी धाम), बिलावली, भंवरकुआं शामिल है। 6 से 7 घंटे का समय लगता है लाइन भरने में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने कहा कि महू में पाइप लाइन की वेलडिंग खुल गई थी। उसके कारण अगले 24 इंदौर में पानी की सप्लाई बाधित होगी। पंप जरूर बंद कर दिए थे। इंदौर में 70 किमी दूर से नर्मदा का पानी आता है और बड़ी लाइन है। लाइन को पूरी भरने में 6 से 7 घंटे का समय लगता है। लाइन ठीक होने के बाद उसमें पानी भरना, टंकियों को भरने के लिए प्रेशर डेवलप करना उसमें समय तो लगेगा।
पीलीभीत में आंधी से टीन उड़ी:बाइक सवार दंपति का पेट चीरा, आंतें बाहर निकलीं; हालत गंभीर
पीलीभीत में तेज आंधी के कारण हुए एक हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर डगा पुल के पास निर्माण स्थल से उड़ी एक लोहे की टीन उनके पेट में जा लगी, जिससे उनकी आंतें बाहर आ गईं। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना गुरुवार शाम को हुई, जब उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी मनदीप सिंह (35) अपनी पत्नी रमनदीप कौर (30) के साथ पूरनपुर से अपने घर लौट रहे थे। डगा पुल के पास अचानक तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान पुलिया निर्माण कार्य के लिए सुरक्षा के तौर पर लगाई गई लोहे की टीन हवा के तेज झोंके से उखड़ गई। यह टीन सीधे बाइक पर सवार दंपति से टकराई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और दंपति लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) माधौटांडा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने उनकी अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। दोनों पति-पत्नी वहां जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस हादसे के बाद डगा पुल पर चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। माधौटांडा थाना अध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया है और घटना की गहनता से जांच की जा रही है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वंदे मातरम् के अपमान से जुड़े चर्चित मामले में इंदौर नगर निगम की पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। मामले में शासन की ओर से जमानत आवेदन का विरोध करते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। दरअसल यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। आरोप है कि उस दौरान वंदे मातरम् के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार किया गया, जिसके बाद संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया था और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। मामले में गिरफ्तारी की आशंका के चलते फौजिया शेख अलीम की ओर से अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने कोर्ट को बताया कि मामला राष्ट्रीय भावना और जनभावनाओं से जुड़ा है तथा इसकी गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए आवेदन खारिज कर दिया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंदौर निगम में 'वंदे मातरम्' नहीं गाने पर हंगामा इंदौर नगर निगम में बुधवार को 8,455 करोड़ रुपए का बजट शोर-शराबे के बीच बहुमत से पारित कर दिया गया। इस पर चर्चा के दौरान पार्षद फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार किया। इससे भाजपा पार्षद भड़क गए और सभापति के आसन के पास नारेबाजी करने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के करावल नगर स्थित प्रकाश विहार इलाके में बुधवार शाम दिल्ली-लोनी सीमा पर बना एक चार मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मकान खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि पड़ोस के दो मकानों को मामूली नुकसान पहुंचा है। पुलिस अधिकारी ने बताया मकान मालिक पशुपाल ने करीब पांच वर्ष पहले 25 गज के प्लॉट पर यह चार मंजिला इमारत बनाई थी। भूतल पर उनकी मैकेनिक की दुकान थी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर किराएदार रहते थे। पिछले करीब दो माह से उत्तर प्रदेश प्रशासन क्षेत्र में नाले के निर्माण के लिए खुदाई करा रहा है। चार दिन पहले क्षतिग्रस्त हुआ था पिलर बताया गया कि चार दिन पहले जेसीबी से खुदाई के दौरान मकान का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद इमारत में दरारें पड़ने लगीं और वह एक ओर झुक गई। खतरे को देखते हुए पशुपाल ने पहले ही किराएदारों से मकान खाली करा लिया था। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मकान में दरारें तेजी से बढ़ने लगीं। एहतियातन आसपास के लोगों को वहां से हटा दिया गया। शाम करीब पौने सात बजे मकान अचानक जमींदोज हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, डीडीएमए और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बाद में सड़क पर फैले मलबे को हटाया गया। मकान गिरने का वीडियो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मेट्रो के ब्लू और ऑरेंज लाइन का प्रजेंटेशन भी देखा और यात्री सुविधाओं पर फोकस करने की बात कही। बैठक में ही उन्होंने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के बारे में भी जानकारी ली। बता दें कि भोपाल में इस समय ऑरेंज लाइन के सुभाष नगर से करोंद और ब्लू लाइन के भदभदा से रत्नागिरी के बीच काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन के ही सुभाषनगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो पिछले साल दिसंबर से दौड़ने लगी थी। इसके बाद बाकी कामों पर फोकस शुरू हो गया है। 30 मार्च को टीबीएम को जमीन के अंदर 24 मीटर गहराई में उतारा गया था। इसके बाद कुल 3.39 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई की जा रही है। इसमें दो स्टेशन भी बनेंगे। मेट्रो अफसरों की माने तो अगले 2 साल में अंडरग्राउंड रूट का काम पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को समीक्षा के दौरान अंडरग्राउंड रूट पर भी बात की। सुभाषनगर से करोंद के बीच काम जारीभोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का काम चल रहा है। सुभाषनगर से एम्स के बीच 6 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। जहां पर मेट्रो चल रही है। इसी लाइन के सेकंड फेज यानी, सुभाषनगर से करोंद के बीच काम चल रहा है। यहां पर मेट्रो अंडरग्राउंड भी गुजरेगी। दो स्टेशन, 180 मीटर रहेगी लंबाईइस कॉरिडोर में भोपाल और नादरा, दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।
लखनऊ में क्रेडिट कार्ड के बढ़ते कर्ज से परेशान सैलून संचालक ने इंदिरा डैम में छलांग लगाकर जान दे दी। गुरुवार दोपहर उसका शव डैम में पानी में उतराता मिला। वहीं नाका इलाके में तेज रफ्तार बाइक ने रिक्शा चालक को टक्कर मार दी। जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रायबरेली के लालगंज निवासी पवन कुमार शर्मा (32) नाका क्षेत्र के आर्यनगर में पत्नी निधि और पांच महीने की बेटी के साथ किराए के मकान में रहते थे। उनकी ऐशबाग में सैलून की दुकान थी। साले अमित ने बताया बुधवार दोपहर पवन मन राम लली को काम बताकर घर से निकल गए थे। देर शाम तक वापस न लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। गुरुवार दोपहर इंदिरा डैम में एक युवक का शव पानी में उतराता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। तलाशी के दौरान युवक के पास से आधार कार्ड मिला। जिसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। जहां बड़े भाई पंकज शर्मा ने शव की पहचान पवन कुमार शर्मा के रूप में की। कई क्रेडिट कार्ड का था कर्ज मृतक के साले अमित ने बताया कि पवन पर विभिन्न कंपनियों के क्रेडिट कार्ड का काफी कर्ज था। कर्ज की रकम न चुका पाने के कारण दबाव में था। इसी वजह से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाइक सवार ने मारी टक्कर रिक्शा चालक की मौतआलमबाग स्थित मवैया निवासी रवि महतो (60) रिक्शा चलाते थे। परिवार में पत्नी गुलाब देवी और दो बच्चे है। बेटे नवल ने बताया कि पिता बुधवार सुबह रिक्शा लेकर घर से निकले थे। मोती नगर चौराहे के पास तेज रफ्तार बाइक ने सामने से रिक्शे में टक्कर मार दी। हादसे में पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। भीड़ ने बाइक सवार को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रवि को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बाइक सवार को हिरासत में लेकर बाइक थाने में खड़ी कर ली। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
राजनांदगांव शहर के ममता नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक अनाज गोदाम में पिछले तीन महीनों से हो रही चोरी की गुत्थी को सिटी कोतवाली पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों में एक आदतन अपराधी भी शामिल है। उनके कब्जे से चोरी के अनाज की बिक्री से प्राप्त नकदी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, ममता नगर स्थित 'दुलीचंद शिवचंद पारख फर्म' के अनाज गोदाम से मार्च माह से लगातार चना खंडा, सोयाबीन और मसूर की चोरी हो रही थी। गोदाम के मालिक भाजपा नेता खूबचंद पारख हैं। फर्म के मैनेजर ने 3 जून की रात कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। स्टॉक मिलान पर मिली अनियमितताएं शिकायत में बताया गया कि कई बार गोदाम के ताले और चेन संदिग्ध हालत में मिले थे। स्टॉक का मिलान करने पर बड़ी मात्रा में अनाज गायब पाया गया, जिसकी कीमत करीब 4.50 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV फुटेज से मिला सुराग पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुर्रे (27) निवासी पुराना ढाबा और दिनेश साहू (25) निवासी चिखली चौकी क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार राहुल कुर्रे के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध थाना लालबाग और कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हैं। नकदी बरामद, भेजे गए जेल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के अनाज को बेचकर प्राप्त 7,900 रुपये नकद जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को 4 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
भिलाई में पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई। जामुल थाना क्षेत्र में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला, जबकि नेवई थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुए जानलेवा हमले में घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जामुल थाना क्षेत्र के राजधानी बार के पास बुधवार देर रात सोनू कुर्रे (38) नामक युवक का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। वह गौतम नगर, सुपेला का निवासी था और मूल रूप से कोहका क्षेत्र का रहने वाला था। सूचना मिलने पर जामुल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में मृतक सोनू कुर्रे की पीठ पर खरोंच के निशान पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि नशे की हालत में गिरने से उसे चोट लगी हो सकती है, जिससे उसकी मौत हुई। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, सोनू नशे का आदी था, जिसके कारण उसकी पत्नी और बच्चे उससे अलग रहते थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा लिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। दूसरी घटना नेवई थाना क्षेत्र की है, जहां एक सप्ताह पहले हुए जानलेवा हमले का मामला अब हत्या में बदल गया है। गंभीर रूप से घायल मुकेश टोडर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 मई की सुबह करीब 6 बजे हुई थी। मुकेश टोडर अपने घर के सामने मोटरसाइकिल पर बैठा था, तभी उसका पड़ोसी मनीष कुमार कोसरे लोहे का सब्बल लेकर आया और कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देते हुए उस पर हमला कर दिया। इस मामले में आरोपी मनीष कुमार कोसरे पहले से ही जेल में है। मुकेश टोडर की मौत के बाद पुलिस अब आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है। आरोप है कि मनीष ने मुकेश के सिर पर लगातार 10 से 12 बार वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चीख-पुकार सुनकर मुकेश की मां कुमारी टोडर, पत्नी साधना टोडर और आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल मुकेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए भिलाई के स्पर्श हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। लगभग एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 3 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा घटना के बाद नेवई थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने लगातार दबिश दी और आखिरकार आरोपी मनीष कुमार कोसरे (29 वर्ष), निवासी विजय चौक, स्टेशन मरोदा को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का सब्बल भी बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। अब जबकि घायल युवक की मौत हो चुकी है, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने की तैयारी कर रही है।
रेवाड़ी में नीट परीक्षा रद्द होने और सीबीएसई परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में युवाओं ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (एआईडीवाईओ) सहित कई सामाजिक संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से खाली पदों को तुरंत भरने सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी पर अंकुश लगाने और रोजगार को संविधान में मौलिक अधिकार बनाने की भी मांग की। जान गंवाने वाले छात्रों को दी श्रद्धांजलि शहर की ब्रास मार्केट में विरोध प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा रद्द होने से प्रभावित परीक्षार्थियों और कथित तौर पर जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व अजय सिंह, सुरेंद्र कुमार रोहिल्ला और सोमेंद्र ने किया। कॉमरेड राजेंद्र सिंह, खेमचंद, हेमंत पिलानी, हरिओम, संजय शर्मा, कैलाश चंद, धर्मबीर बुलडोदिया, राजकुमार जलवा, गोविंद, संदीप, प्रदीप, सूबे सिंह, करतार सिंह, संतोष, सुमन देवी और रणबीर सिंह सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। वक्ता बोले- आज देश का युवा और छात्र परेशान वक्ताओं ने कहा कि आज देश और प्रदेश के छात्र तथा युवा परेशान हैं। उनकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा है और उनके करियर को कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी इतनी अधिक है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को भी चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। कहा कि भारत में बड़ी संख्या में युवा डिप्रेशन का शिकार होकर आत्महत्या कर रहे हैं। वक्ताओं ने बेरोजगारी का मूल कारण पूंजीवादी व्यवस्था को बताया और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगार युवाओं को 'कॉकरोच' और 'परजीवी' कहे जाने पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया और एआईडीवाईओ ने जनता से युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
बारां में नारेड़ा रोड पर नगर परिषद की टीम को अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुरुवार शाम हुई इस कार्रवाई में भाजपा नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल और परिषद के एक्सईएन के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में परिषद ने निर्माणाधीन नींव और अन्य अतिक्रमण को हटाया। हालांकि, कब्जाधारियों ने इस भूमि पर दशकों पुराने अधिकार का दावा किया। नगर परिषद ने सुबह भी नारेड़ा रोड स्थित अपनी भूमि पर अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था, लेकिन विरोध के कारण टीम को लौटना पड़ा। इसके बाद शाम को परिषद की टीम पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर पहुंची। परिषद अधिकारियों के अनुसार जमीन पर नींव का निर्माण और पत्थरों का कोट तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान भाजपा नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल और उनके परिजनों ने कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि उनका परिवार लगभग 70 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है और संबंधित कर तथा जुर्माना भी जमा करवाता रहा है। कार्रवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष शाक्यवाल और नगर परिषद के एक्सईएन के बीच काफी देर तक तीखी बहस चलती रही, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काफी देर तक हंगामा चलता रहा और मौके पर मौजूद पुलिस तथा परिषद के अधिकारी समझाइश में जुटे रहे। परिषद का दावा: रिकॉर्ड में नहीं है कोई कब्जानगर परिषद के एक्सईएन ने बताया कि नारेड़ा रोड स्थित करीब 5 बीघा भूमि परिषद की स्वामित्व वाली है। कुछ लोगों ने यहां करीब तीन बीघा पर अतिक्रमण कर रखा है और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था। जमीन पर कब्जे का दावा करने वालों के पक्ष में परिषद के रिकॉर्ड में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। अधिकांश अतिक्रमण हटा दिया गया है तथा शेष हिस्से पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने कहा कि उनके पूर्वज वर्षों से उक्त भूमि पर खेती करते आए हैं और उससे जुड़े कर भी जमा करवाए जाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद ने बिना तथ्यों की जांच किए हठधर्मिता से कार्रवाई की है।
राजधानी जयपुर में सस्ती कैब सर्विस शुरू हुई है। कैब में 11 किलोमीटर दूर जाने पर ग्राह को करीब 25 रुपए तक का फायदा होगा। भारत टैक्सी ने अपना कस्टमर मोबाइल एप गुरुवार को लॉन्च कर दिया। कंपनी का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो ड्राइवरों को सर्विस प्रोवाइडर के साथ प्लेटफॉर्म का भागीदार बनाएगा। लॉन्च के दौरान भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु ने कहा- ड्राइवरों से कंपनी कमीशन नहीं लेगी। उन्होंने दावा किया- यात्रियों को ओला-उबर की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक सस्ती राइड मिलेगी। वहीं पीक ऑवर में भी सर्ज प्राइसिंग नहीं लगाई जाएगी। इस पर दैनिक भास्कर ने पड़ताल करते हुए सिंधी कैंप बस स्टैंड से मानसरोवर के लिए तीनों एप पर एक ही समय में किराया चेक किया। इसमें सिंधी कैंप से मानवरोवर करीब 11 किलोमीटर तक जाने पर आम उपभोक्ताओं को करीब 25 रुपए तक का फायदा होगा। कर्नल हिमांशु ने बताया- जयपुर में भारत टैक्सी को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक करीब 13 हजार ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। वहीं कस्टमर एप लॉन्च होने के बाद पहले ही दिन 6 से 7 हजार सर्च और 300 से अधिक राइड दर्ज की गई। सिंधी कैंप से मानसरोवर: 11 किलोमीटर में 25 रुपए तक फायदा भारत टैक्सी, उबर और ओला एप पर एक ही समय में किराया में यह अंतर देखने को मिला- (शाम करीब 7:30 बजे इस रूट पर भारत टैक्सी का किराया ओला और उबर से कम दिखा। सबसे बड़ा अंतर कैब श्रेणी में देखने को मिला, जहां किराया 10 से 15 प्रतिशत तक कम रहा। किराए में यह अंतर मिला ड्राइवर होंगे मालिकाना हक के भागीदार कर्नल हिमांशु ने कहा- अन्य सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना होता है। वहीं भारत टैक्सी का मॉडल सहकारिता पर आधारित है। कंपनी से होने वाला लाभ प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों के बीच बांटा जाएगा। इसके अलावा ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। छोटे शहरों और तहसीलों तक पहुंचेगी सेवा कर्नल हिमांशु ने कहा- कई कंपनियां बड़े शहरों तक सीमित हैं। वहीं भारत टैक्सी जयपुर, उदयपुर जैसे शहरों के साथ टियर-3 और टियर-4 शहरों, तहसील स्तर तक सेवाएं पहुंचाएगी। इससे छोटे शहरों में भी लोगों को भरोसेमंद कैब सेवा मिल सकेगी। यात्रियों को यह मिलेगा फायदा भारत टैक्सी के जरिए यात्रियों को बाइक टैक्सी, ऑटो रिक्शा और कैब की सुविधा मिलेगी। कंपनी के अनुसार- यात्रियों को तय किराया, बिना सर्ज प्राइसिंग, SOS इमरजेंसी बटन, स्थानीय ड्राइवर और बेहतर ग्राहक सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राजस्थान पुलिस से होगा इंटीग्रेशन, मिलेगा इमरजेंसी बटन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस के साथ कंपनी तकनीकी इंटीग्रेशन करने की तैयारी में है। कर्नल हिमांशु ने बताया- एप में SOS बटन दिया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति में बटन दबाते ही सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचेगी और तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। सवाल: भारत टैक्सी ओला-उबर से कितनी सस्ती होगी? कर्नल हिमांशु: हम यह नहीं कह सकते कि हर रूट पर कितना अंतर होगा, लेकिन औसतन हमारी राइड ओला-उबर की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक सस्ती होगी। हमारा किराया सामान्य समय और पीक ऑवर में लगभग समान रहेगा। सवाल: क्या पीक ऑवर में सर्ज प्राइसिंग लागू होगी? कर्नल हिमांशु: नहीं। भारत टैक्सी सर्ज प्राइसिंग में विश्वास नहीं करती। हालांकि ट्रैफिक कंजेशन चार्ज जैसी कुछ व्यवस्थाएं हो सकती हैं, लेकिन सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी। सवाल: कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या होगा? कर्नल हिमांशु: हम कमीशन मॉडल पर नहीं चलते। हमारा मॉडल सब्सक्रिप्शन आधारित है। हम ड्राइवर से प्रतिदिन अधिकतम 50 रुपए तक का शुल्क लेते हैं। अन्य कंपनियां कई बार 200 रुपए या उससे अधिक वसूलती हैं। सवाल: सुरक्षा को लेकर क्या व्यवस्था होगी? कर्नल हिमांशु: एप में SOS बटन होगा। आपात स्थिति में बटन दबाते ही सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचेगी। इसके लिए राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है। सवाल: राइड कैंसिलेशन की समस्या कैसे सुलझाएंगे? कर्नल हिमांशु: हमारा मॉडल सहकारी है। हम ओला-उबर की तरह सीधे ब्लॉक करने की नीति नहीं अपनाएंगे। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी, जो लगातार राइड कैंसिल करने वाले ड्राइवरों की निगरानी करेगी। पहले उनसे कारण पूछा जाएगा और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सवाल: जयपुर में अब तक कैसा रिस्पांस मिला है? कर्नल हिमांशु: जयपुर से हमें अच्छा रिस्पांस मिला। करीब 13 हजार ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। कस्टमर एप लॉन्च होने के बाद पहले ही दिन 6 से 7 हजार सर्च किए गए। वहीं 300 से अधिक राइड पूरी हो चुकी हैं। देश में 35 लाख यूजर जुडे़ कंपनी के अनुसार- भारत टैक्सी नेटवर्क से देशभर में 6 लाख से अधिक वाहन और 35 लाख से ज्यादा यूजर जुड़े हुए हैं। दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, चंडीगढ़, लखनऊ सहित कई शहरों में इसका विस्तार हो चुका है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी मोबिलिटी पहल के रूप में उभर रही है। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में ओला-उबर से सस्ती मिलेगी टैक्सी सर्विस:पीक आवर्स में भी ज्यादा किराया नहीं वसूला जाएगा, जानें- और क्या फायदे होंगे देश की पहली सहकारी कैब सर्विस 'भारत टैक्सी' की जयपुर में भी शुरुआत होगी। भारत टैक्सी के आने से प्रदेश में प्राइवेट कंपनियों की मनमानी खत्म होगी। यात्रियों को किराए में बड़ी राहत मिलेगी। (पूरी खबर पढ़ें) जयपुर में जून के पहले हफ्ते से चलेगी 'भारत टैक्सी':ड्राइवर्स ही होंगे कंपनी के मालिक, ओला-उबर को देगी टक्कर; मनमाने कमीशन और हिडन चार्जेस से मिलेगी मुक्ति राजस्थान में प्राइवेट ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों की मनमानी, भारी-भरकम कमीशन और छिपे हुए चार्जेज (Hidden Charges) के दिन अब लदने वाले हैं। जयपुर में जल्द ही सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू होने जा रही है। यह देश की पहली ऐसी टैक्सी सेवा होगी, जिसमें गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर ही कंपनी का असली मालिक होगा। इसकी शुरुआत अगले महीने (जून) के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। (पूरी खबर पढ़ें)
कोरबा बस स्टैंड से 22 लाख की यात्री बस चोरी:आरोपी कुछ ही घंटों में गिरफ्तार, बस बरामद
कोरबा के टीपी नगर स्थित नए बस स्टैंड से 22 लाख रुपए की एक यात्री बस चोरी हो गई। पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और चोरी हुई बस भी बरामद कर ली गई है। यह घटना 3 जून 2026 को हुई थी। बस मालिक ने चौकी सीएसईबी रामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी यात्री बस क्रमांक CG-10-G-1601, जिसकी कीमत लगभग 22 लाख रुपए है, नए बस स्टैंड कोरबा से चोरी हो गई है। यह बस 'विरक बस' के नाम से जानी जाती है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बताया गया कि बस का ड्राइवर और कंडक्टर बस स्टैंड पहुंचने के बाद चाबी बस के दरवाजे के पास रखकर फ्रेश होने चले गए थे। थोड़ी देर बाद जब वे वापस लौटे, तो बस अपनी जगह पर नहीं थी। इसके बाद चोरी होने की आशंका जताते हुए हड़कंप मच गया। जांच के दौरान बस के कंडक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए चोरी हुई बस और आरोपी की पहचान कर ली। उसने आरोपी को कोहड़िया के पास दबोच लिया। इसके बाद आरोपी को पकड़कर चौकी सीएसईबी रामपुर लाया गया। पूछताछ में आरोपी मनजीत सिंह टोप्पो (31 वर्ष), निवासी बंधियापारा सिल्ली, थाना पाली, जिला कोरबा ने बस चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बस को बरामद कर जब्त कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी पहले भी ड्राइवरी का काम करता था और उसकी नजर बस स्टैंड पर खड़ी इस बस पर थी। मौका मिलते ही उसने गाड़ी चालू की और निकल पड़ा। पहले उसे समझ नहीं आ रहा था कि जाना कहां है। वह पहले सुनालिया चौक की तरफ गया, फिर सीएसईबी चौकी होते हुए कोहड़िया मुख्य मार्ग से जा रहा था, तभी उसे पुलिस ने पकड़ लिया। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
टीकमगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़के को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट करने और कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गुरुवार को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। नाबालिग पीड़ित ने पुलिस को बताया कि दिलीप रजक (पिता बाबू रजक) और उसके तीन अन्य साथियों ने मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित के मुताबिक, बीती 2 जून को दिलीप फर्जी पुलिसवाला बनकर उसके घर आया और उसे बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बिठाकर अपने घर ले गया। कट्टा दिखाकर पीटा और बनाया वीडियो पीड़ित का आरोप है कि दिलीप ने अपने घर ले जाकर उसे कट्टा दिखाया और लोहे के सरिए से उसकी जमकर पिटाई की। आरोपियों ने उसे गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवाकर उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी और मामला दबाने के बदले 50 हजार रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी दिलीप ने पीड़ित को यह धमकी भी दी कि उसके रिश्तेदार पुलिस में हैं, इसलिए पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। थाने में सुनवाई न होने पर एसपी से कार्रवाई की मांग पीड़ित लड़के के पिता ने बताया कि उन्होंने बुधवार की रात को ही कोतवाली थाने में शिकायत करने की कोशिश की थी, लेकिन तब पुलिस ने कहा कि वे पहले जांच करेंगे और फिर कार्रवाई करेंगे। थाने से सही जवाब न मिलने पर पीड़ित परिवार ने आज सीधे एसपी दफ्तर पहुंचकर मामले की शिकायत की और घटना से जुड़े वीडियो सबूत के तौर पर एसपी को सौंप दिए। जांच के बाद होगी एफआईआर कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि शिकायत पत्र और मिले वीडियो के आधार पर नामजद आरोपियों की जांच की जा रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होते ही जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी।
CCPL के सीजन-3 में गुरुवार को दो मुकाबले खेले जाने थे। पहले मुकाबले में रायगढ़ लायंस ने सरगुजा टाइगर्स को 6 विकेट से हरा दिया। 189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रायगढ़ ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 192 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। रायगढ़ की जीत के हीरो रहे संगीत सोनी, जिन्होंने 80 रन की शानदार पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। फर्स्ट इनिंग में सरगुजा ने बनाए 188 रन टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सरगुजा टाइगर्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 188 रन बनाए। टीम की ओर से सलामी बल्लेबाज सनिध्य हुरकट ने 91 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 4 छक्के लगाए। हर्ष यादव ने 26 और आशुतोष सिंह ने 15 रन का योगदान दिया। रायगढ़ लायंस की ओर से दीपक यादव और राजा कुर्रे ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में रायगढ़ लायंस की शुरुआत शानदार रही। संगीत सोनी और ऋषभ तिवारी ने पहले विकेट के लिए 113 रन जोड़े। संगीत सोनी ने 80 रन की विस्फोटक पारी खेली। इसके बाद आलोक साहू 29 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि नयन चौहान ने 16 रन बनाए। सरगुजा की ओर से गगनदीप सिंह और धनंजय नायक को 2-2 विकेट मिले, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके। CCPL का हुआ शानदार आवाज इससे पहले छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) 2026 सीजन का शानदार आगाज हुआ। मैच शुरू होने से पहले ओपनिंग सेरेमनी में बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय ने अपनी परफॉर्मेंस से स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया। पहले देखिए तस्वीरे रायपुर की टीम ने दर्ज की बड़ी जीत उद्घाटन मुकाबले में 3 जून को रायपुर राइनोज ने राजनांदगांव पैंथर्स को 90 रन से हराकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया था। कप्तान अमनदीप खरे के शतक की बदौलत रायपुर ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 228 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। अमनदीप खरे ने 102 रन की कप्तानी पारी खेली, जबकि अमित कुमार यादव ने 85 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 147 रन की साझेदारी की। राजनांदगांव की ओर से सत्यम दुबे ने 2 विकेट लिए। राजनांदगांव की शुरुआत रही बेहद खराब 229 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजनांदगांव पैंथर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम 56 रन पर ही 4 विकेट गंवा बैठी। कप्तान ने 74 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। पूरी टीम 16 ओवर में 138 रन पर सिमट गई। रायपुर राइनोज की ओर से गौरव चतुर्वेदी ने 4 विकेट झटके। आशीष चौहान और प्रशांत साई पैंकरा ने 2-2 विकेट लिए। अमनदीप खरे को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस बार भी 6 टीमों के बीच हो रहा मुकाबला पिछली बार की तरह इस बार भी 6 टीमें होंगी। फाइनल मिलाकर कुल 18 मुकाबले खेले जाएंगे। विनिंग टीम को कप के साथ 15 लाख कैश अवॉर्ड भी दिया जाएगा। वहीं उपविजेता टीम को 11 लाख रुपए मिलेंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के डायरेक्टर विजय शाह ने बताया कि दर्शकों के लिए एंट्री फ्री होगी, लेकिन उन्हें पहले टिकट बुक कराना जरूरी होगा। दरअसल, इस सीजन के हर मैच में दर्शकों को कैश प्राइज मिलेगा। सबसे खास, हर मैच की लाइव कमेंट्री क्रिकेट लवर्स को छत्तीसगढ़ी में सुनने को मिलेगी। इस सीजन की थीम है, खेले बढ़ियां-छत्तीसगढ़ियां। आयोजकों ने बताया स्टेडियम तक पहुंचने के चार स्टॉप से बस भी पिक कर सकेंगे। दर्शकों के पास टू-व्हीलर समेत 11 लाख कैश प्राइज जीतने का मौका CCPL के प्रेसिडेंट एवी भास्कर राव और CSCS के वी मोहनदास ने भास्कर को बताया कि CCPL सीजन-3 में इस बार सिर्फ चौके-छक्कों का रोमांच नहीं होगा, बल्कि दर्शकों के लिए भी बड़े इनाम रखे गए हैं। स्टेडियम पहुंचने वाले दर्शकों को हर मैच के दिन लकी ड्रॉ के जरिए कैश प्राइज जीतने का मौका मिलेगा। सबसे बड़ा आकर्षण ओपनिंग डे और फाइनल में मिलने वाले दो टू-व्हीलर हैं। कुल 11 लाख रुपए बतौर रिवॉर्ड दर्शकों को दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ी रंग भी दिखेगा अधिकारियों ने बताया कि इस बार दर्शकों को छत्तीसगढ़ी कमेंट्री सुनने को मिलेगी, जो यूट्यूब पर लाइव प्रसारित होगी। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में भी छत्तीसगढ़ी माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी, ताकि दर्शकों को अपनी संस्कृति से जुड़ाव महसूस हो। टिकट फ्री, लेकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी आयोजकों के मुताबिक दर्शकों के लिए सभी टिकट मुफ्त रहेंगे। ऑनलाइन टिकट बुकिंग www.ticketgenie.in के जरिए की जाएगी। मैच वाले दिन ऑनलाइन टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाकर स्टेडियम से फिजिकल टिकट लिया जा सकेगा। टिकट के पीछे दिए गए लकी ड्रॉ कूपन से दर्शकों को कई इनाम जीतने का मौका मिलेगा। टिकट के काउंटर पार्ट को संभालकर रखना होगा। हर दिन मैच के इनिंग ब्रेक में कूपन निकाले जाएंगे और विजेताओं के नाम बड़ी स्क्रीन पर दिखाए जाएंगे। 12 दिनों तक बना रहेगा रोमांच, 114 खिलाड़ी होंगे शामिल यह टूर्नामेंट 12 दिनों तक चलेगा। इसमें 6 टीमों के 114 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पहला मैच रायपुर और राजनांदगांव के बीच खेला जाएगा। दोनों सेमीफाइनल एक ही दिन यानी 12 जून को होंगे। फाइनल मुकाबला भी 12 जून (रविवार) की शाम को खेला जाएगा। टीमों में रायपुर-बिलासपुर के खिलाड़ियों का दबदबा CCPL में खिलाड़ी चयन के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट में फिलहाल रायपुर और बिलासपुर का दबदबा सबसे ज्यादा है। कुल 114 खिलाड़ियों में से 58 खिलाड़ी केवल रायपुर और बिलासपुर जिलों से आते हैं। इनमें रायपुर के 36 और बिलासपुर के 22 खिलाड़ी हैं। इसका मतलब है कि लगभग हर तीसरा खिलाड़ी रायपुर का है। 5 जिलों से केवल एक-एक खिलाड़ी का ही सलेक्शन भिलाई से 11 खिलाड़ी और राजनांदगांव से 8 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। दुर्ग और सरगुजा से 5-5 खिलाड़ी टीमों में जगह बनाने में सफल रहे हैं। बस्तर और कोरबा से 4-4 खिलाड़ियों को मौका मिला है। वहीं रायगढ़, महासमुंद, कबीरधाम, जशपुर और जांजगीर-चांपा जैसे जिलों का प्रतिनिधित्व सीमित रहा। धमतरी, नारायणपुर, कांकेर, कोरिया और दंतेवाड़ा जैसे जिलों से केवल एक-एक खिलाड़ी का चयन हुआ है। टीम-दर-टीम कहानी समझिए… रायपुर राइनोज: सबसे ज्यादा स्थानीय खिलाड़ी रायपुर राइनोज में रायपुर के 8 खिलाड़ी शामिल हैं। टीम की रीढ़ स्थानीय खिलाड़ियों पर टिकी हुई दिखाई देती है। हालांकि टीम के कप्तान अमनदीप खरे बिलासपुर जिले से हैं। बिलासपुर बुल्स: स्थानीय और बाहरी खिलाड़ियों का संतुलन बिलासपुर बुल्स में बिलासपुर के 7 और रायपुर के 6 खिलाड़ी शामिल हैं। यानी टीम का बड़ा हिस्सा इन दोनों क्रिकेट केंद्रों से आता है। कप्तान आयुष पांडेय रायपुर जिले से हैं। राजनांदगांव पैंथर्स: स्थानीय पहचान बरकरार राजनांदगांव पैंथर्स में राजनांदगांव के 5 खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर और भिलाई के खिलाड़ियों की भी अच्छी मौजूदगी है। कप्तान अजय मंडल भी राजनांदगांव से हैं। बस्तर बाइसेन्स: नाम बस्तर का, आधार रायपुर-बिलासपुर का बस्तर बाइसेन्स में बस्तर जिले के केवल 3 खिलाड़ी हैं। इसके मुकाबले रायपुर और बिलासपुर के 4-4 खिलाड़ी टीम में शामिल हैं। कप्तान अनुज तिवारी रायपुर से आते हैं। सरगुजा टाइगर्स: स्थानीय खिलाड़ियों से ज्यादा बिलासपुर का प्रभाव सरगुजा टाइगर्स में सरगुजा के 3 खिलाड़ी हैं, जबकि बिलासपुर के 6 और रायपुर के 5 खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। कप्तान आशुतोष सिंह सरगुजा जिले से हैं, जिससे टीम को स्थानीय पहचान मिलती है। रायगढ़ लायंस: सबसे बड़ा विरोधाभास रायगढ़ लायंस में रायगढ़ जिले का केवल एक खिलाड़ी शामिल है। इसके उलट रायपुर के 9 और बिलासपुर के 5 खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। टीम के कप्तान ऋषभ तिवारी भी रायपुर से हैं। पिछले सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान हैं खरे पिछले सीजन 6 टीमों के कप्तानों के आंकड़ों पर नजर डालें तो रायपुर राइनोज के कप्तान अमनदीप खरे सबसे सफल बल्लेबाज कप्तान साबित हुए। उन्होंने 318 रन बनाकर कप्तानों की सूची में पहला स्थान हासिल किया। दूसरे नंबर पर राजनांदगांव पैंथर्स के कप्तान अजय मंडल रहे। उन्होंने 295 रन बनाए और अपनी टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। दोनों कप्तानों ने मिलकर 613 रन बनाए, जो सभी कप्तानों के कुल रनों का लगभग 45 फीसदी है। अनुज, आयुष और आशुतोष ने भी की बढ़िया बल्लेबाजी बिलासपुर बुल्स के कप्तान आयुष पांडे 246 रन के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने पूरे सीजन में लगातार रन बनाए और अपनी टीम को कई मौकों पर मजबूती दिलाई। बस्तर बायसंस के कप्तान अनुज तिवारी 223 रन बनाकर चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने भी 200 से अधिक रन बनाकर अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। सरगुजा टाइगर्स के कप्तान आशुतोष सिंह ने 202 रन बनाए। हालांकि वे टॉप-4 में जगह नहीं बना सके, लेकिन 200 से ज्यादा रन बनाकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। IPL में एंट्री का रास्ता है CCPL लीग के आयोजकों का कहना है कि CCPL का सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि छत्तीसगढ़ के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने लगी है। पहले स्थिति यह थी कि IPL ऑक्शन की सूची में प्रदेश के एक-दो खिलाड़ियों का नाम ही दिखाई देता था। कई बार तो किसी खिलाड़ी का नाम भी ऑक्शन सूची में शामिल नहीं हो पाता था, लेकिन पिछले कुछ सोलों में तस्वीर तेजी से बदली है। साल 2025 के IPL ऑक्शन के लिए छत्तीसगढ़ के सात खिलाड़ियों को लिस्टेड किया गया था। इनमें आयुष पांडेय, अजय मंडल, शशांक सिंह, शुभम अग्रवाल, आशीष दहरिया, प्रतीक यादव और प्रशांत साई पैंकरा जैसे खिलाड़ी शामिल रहे। यह संख्या बताती है कि प्रदेश के क्रिकेटरों की प्रतिभा अब राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचानी जा रही है। CCPL प्रबंधन का मानना है कि इस लीग ने खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का ऐसा मंच दिया है, जहां से वे सीधे IPL फ्रेंचाइजियों और स्काउट्स की नजर में आ सकते हैं। यही वजह है कि इस बार भी पूरे टूर्नामेंट पर IPL टीमों के चयनकर्ताओं और टैलेंट स्काउट्स की नजर रहेगी।
एमसीबी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। मनेंद्रगढ़ विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के आवेदकों ने भर्ती में अनियमितता, पक्षपात और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में चैनपुर की आरती, सिरौली की कुसुम कली और सुमित्रा, बुंदेली की मीना सिंह, परसगढ़ी की रामवती तथा शंकरगढ़ की संजुबाई सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं। उनका आरोप है कि अंतिम दावा-आपत्ति सूची जारी होने के बावजूद अधिक अंक प्राप्त करने वाले पात्र उम्मीदवारों को चयन से वंचित कर दिया गया, जबकि कम अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल आवेदकों का कहना है कि कुछ मामलों में पात्र अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र और गरीबी रेखा सूची के आधार पर मिलने वाले निर्धारित अंक भी नहीं दिए गए। इससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की गहन जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं करता, तो वे न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। पूर्व विधायक से भी लगाई गुहार आवेदकों ने मामले को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो से भी मुलाकात की और अपनी शिकायतें रखीं। कमरो ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और भर्तियों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कमरो ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, संविदा भर्ती और आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामला उच्च स्तर तक उठाया जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर आवेदकों और स्थानीय लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में 350 स्थानों पर 850 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को विद्युत भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। ऊर्जा मंत्री ने बताया- इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में 350 स्थानों पर 850 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। सरकारी पार्किंग, सरकारी भवनों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर चार्जिंग नेटवर्क विकसित होगा। इन चार्जिंग स्टेशनों को मोबाइल ऐप से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहन चालक रियल टाइम में अपने आसपास उपलब्ध चार्जिंग स्टेशन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही 33 केवी और 11 केवी सब-स्टेशनों पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम विकसित करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि सौर ऊर्जा को संग्रहित कर जरूरत के समय उपयोग किया जा सके। 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्यऊर्जा मंत्री ने बताया कि राजस्थान सरकार ने साल 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल 26 जिलों में दिन में कृषि बिजली आपूर्ति शुरू हो चुकी है और बाकी जिलों के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। सरकार का दावा है कि उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत कर राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस एनर्जी स्टेट बनाया जा रहा है।रिकॉर्ड मांग के बावजूद नहीं करनी पड़ी कटौतीनागर ने बताया कि 27 मई को रात 11:30 बजे प्रदेश में इस वर्ष की सर्वाधिक 17,333 मेगावाट बिजली मांग दर्ज हुई, जबकि उपलब्धता 17,353 मेगावाट रही। इसके चलते किसी प्रकार की लोड शेडिंग या बिजली कटौती नहीं करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन, समय पर मेंटेनेंस और पर्याप्त कोयला उपलब्धता के कारण उत्पादन निगम ने 2 जून को 7,171 मेगावाट उपलब्धता और 94.7 प्रतिशत पीएलएफ का रिकॉर्ड बनाया। वहीं सूरतगढ़ तापीय विद्युत परियोजना ने 2,790 मेगावाट उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। बिजली खरीद घटी, दूसरे राज्यों को बेची अतिरिक्त बिजलीऊर्जा मंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की कुल जरूरत का करीब 8 प्रतिशत हिस्सा बिजली एक्सचेंज से खरीदकर पूरा किया जाता था, जिसे घटाकर 2 प्रतिशत से भी कम कर दिया गया है। अप्रैल में राज्य ने 1,140 लाख यूनिट और मई में 417 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली लगभग 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से अन्य राज्यों को बेची। वहीं पिछले साल की तुलना में अप्रैल और मई के दौरान बिजली खरीद में 8,138 लाख यूनिट की कमी दर्ज की गई है, जिससे महंगी बिजली पर होने वाला खर्च घटा है।6,000 मेगावाट अतिरिक्त सोलर क्षमता और 22,629 करोड़ का ग्रीन कॉरिडोरनागर ने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत राजस्थान को 6,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता मिलने की संभावना है। इसके लिए राज्य पहले से तैयारी कर रहा है। अक्षय ऊर्जा की निकासी के लिए 13,255 मेगावाट क्षमता वाला 22,629 करोड़ रुपये का नया ग्रीन ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा उत्पादन, प्रसारण और वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न चरणों में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य राजस्थान को ऐसा ऊर्जा राज्य बनाना है जो भविष्य में अपनी जरूरतों के साथ अन्य राज्यों की जरूरतें भी पूरी कर सके।
बलरामपुर जिले के बनकटवा रेंज क्षेत्र के परसा गांव में गुरुवार को तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सुबह नाले के पास दिखा तेंदुआ भागकर एक पुलिया में छिप गया, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया। तेंदुए को पिंजरे में बंद कर वन विभाग अपने साथ ले गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वनकटवा रेंज के रेंजर शत्रुघ्न लाल, बराहवा रेंजर बीके सिंह और ललिया थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा की संयुक्त टीम ने तेंदुए को पिंजरे में फंसाकर वनकटवा रेंज कार्यालय ले गई। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है। देखिए कुछ तस्वीरें… जानिए पूरा मामला गुरुवार सुबह करमैती के मजरा परसा गांव के पास स्थित गौरिया पहाड़ी नाले के किनारे एक तेंदुआ दिखाई दिया। बकरी चराने गए ग्रामीण की नजर जैसे ही तेंदुए पर पड़ी, उसने शोर मचाया। देखते ही देखते पूरे गांव में तेंदुए के आने की खबर फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। सूचना मिलने पर बनकटवा रेंज की वन विभाग टीम और ललिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए घटनास्थल के आसपास घेराबंदी की गई और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी गई। इसी दौरान तेंदुआ भागकर आदर्श जलाशय के पास स्थित एक पुलिया में घुस गया। पुलिया में छिपा था तेंदुआ पुलिया में छिपे तेंदुए को बाहर निकालने के लिए वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बनकटवा रेंज के रेंजर शत्रुघ्न लाल, बराहवा रेंजर बीके सिंह और ललिया थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने मोर्चा संभाला। एहतियात के तौर पर पशु चिकित्साधिकारी को भी मौके पर बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक चली मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद करने में सफल रही। इसके बाद उसे बनकटवा रेंज कार्यालय ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद तेंदुए को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने जताई राहत ग्रामीण अकबर अली, हुसैन, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, राजू और निबरे समेत अन्य लोगों ने बताया कि तेंदुए के दिखाई देने से गांव में भय का माहौल बन गया था। बच्चों और महिलाओं को घरों में रहने की सलाह दी गई थी। तेंदुए के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की। ग्रामीण राजू और राकेश ने बताया कि तेंदुआ सबसे पहले गौरिया नाले के पास दिखाई दिया था। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बनकटवा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी शत्रुघ्न लाल ने बताया… ग्रामीणों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर तैनात थी। तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी। मौके पर पशु चिकित्साधिकारी को भी बुलाया गया था। तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा।
बरेली जनपद के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के बाकरगंज गांव में 4 जून को एक 40 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब 12:30 बजे हुई। सूचना मिलने पर पीआरबी 112 और थाना प्रभारी राजकुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की पड़ताल की और फॉरेंसिक टीम को सूचित किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को फंदे से नीचे उतारा। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान भगवानदास पुत्र जीसुभ राम शर्मा (उम्र करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है। उसका शव उसके मकान के एक कमरे में अलमारी के बोल्ट से गमछे का फंदा बनाकर लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। मृतक के बड़े भाई ओमकार ने जानकारी दी कि भगवानदास शराब का आदी था और चिड़चिड़े स्वभाव का था। उसकी शादी नहीं हुई थी। ओमकार के अनुसार, भगवानदास ने गुरुवार दोपहर अपने ही कमरे की अलमारी के बोल्ट से गमछे के फंदे पर झूलकर आत्महत्या की। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से परिजनों के बीच जगह-जमीन और संपत्ति के बंटवारे को लेकर कहासुनी चल रही थी। मृतक की बड़ी भाभी सीता देवी ने बताया कि उनके देवर ने मकान उन्हें दान कर दिया था, जिसकी रजिस्ट्री उनके पास है। सीता देवी ने आरोप लगाया कि उनके छोटे देवर प्रेमपाल को इस बात से जलन थी और वह भगवानदास को उकसाते थे कि वह उनसे पैसे मांगे या उसी घर में फांसी लगा ले। वहीं, प्रेमपाल की पत्नी रंजना ने दावा किया कि उनके देवर का मकान जबरदस्ती हड़प लिया गया था। रंजना के अनुसार, इसी बात से परेशान होकर उनके देवर ने आत्महत्या कर ली।
बुरहानपुर में कल 4 घंटे बिजली कटौती:इंदिरा कॉलोनी सहित 7 से अधिक क्षेत्र प्रभावित होंगे
बुरहानपुर में बिजली कंपनी कल (शुक्रवार) 11 केवी इंदिरा कॉलोनी फीडर आंशिक का मेंटेनेंस करेगी। इस कारण सुबह 7 बजे से 11 बजे तक, यानी चार घंटे के लिए, बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस बिजली कटौती से नई इंदिरा कॉलोनी, पुरानी इंदिरा कॉलोनी, सर्वोदय नगर, बचपन स्कूल, पब्लिक स्कूल, गुरूसिख नगर, महाराणा प्रताप नगर और टीचर्स कॉलोनी सहित कई क्षेत्र प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।
दिल्ली अग्निकांड के बाद मैनपुरी में अभियान:होटलों और रेस्टोरेंटों में अग्निशमन उपकरणों की जांच
दिल्ली अग्निकांड के बाद मैनपुरी में अग्निशमन विभाग ने होटलों और रेस्टोरेंटों पर विशेष अभियान चलाया है। गुरुवार को सर्विस स्टेशन प्रभारी अनुज कुमार सिंह के निर्देशन में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। इस अभियान के तहत विशेष रूप से होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की सक्रियता या निष्क्रियता की पड़ताल की गई। बेसमेंट में किसी भी ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण की भी गहन जांच की गई। विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को अपने उपकरणों को सक्रिय रखने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व से पानी की सप्लाई और अन्य सभी अग्नि सुरक्षा बिंदुओं की भी जांच की गई। दिल्ली अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में होटल और रेस्टोरेंटों पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। मैनपुरी में यह अभियान अगले सात दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान फायरमैन सौरभ और यादवेंद्र भी जांच दल में शामिल रहे। होटल राइस होटल आरबी होटल एस आर पी कई रेस्टोरेंट और होटलों की भी जांच की गई।
कोटा शहर के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह शराब के नशे में कार चला रहे एक हेड कांस्टेबल द्वारा बाइक सवार युवक को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ने सस्पेंड किया । बोरखेड़ा थाना अधिकारी अनिल टेलर ने बताया कि श्रीपुरा निवासी कन्हैया भगत ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार उनका बेटा रितिश भगत गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बाइक से बोरखेड़ा से चित्रेश नगर, बारां रोड की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही कार ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रितिश सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में रितिश के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उसके पैर और कमर में भी गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना में बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि कार चालक शराब के नशे में था और लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था। जांच में सामने आया कि दुर्घटना करने वाली कार नंबर आरजे-18-सीबी-0519 का चालक मोहर सिंह है, जो कोटा ग्रामीण पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। जानकारी के अनुसार मोहर सिंह छुट्टी पर अपने गांव गया हुआ था और 3 जून को उसे थाने में हाजिरी देनी थी, लेकिन वह नहीं पहुंचा।गुरुवार सुबह गांव से लौटकर देवली मांझी थाने जा रहा था, तभी बोरखेड़ा थाने से करीब 100 मीटर आगे यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि उसने पहले एक अन्य बाइक को भी चपेट में लिया था, हालांकि उसमें कोई घायल नहीं हुआ। सीआई अनिल कुमार टेलर ने बताया कि आरोपी हेड कांस्टेबल को हिरासत में ले लिया गया है। उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच उपनिरीक्षक लतीफ मोहम्मद को सौंपी गई। एसपी ने किया सस्पेंड कोटा ग्रामीण पुलिस के हेड कांस्टेबल मोहर सिंह पर विभागीय कार्रवाई हुई है। हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने मोहर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जांच में सामने आया कि वह 3 जून को ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुआ था।
हरदा में जिला प्रशासन और पुलिस ने गुरुवार रात शहर के बायपास रोड पर सिविल डिफेंस के तहत ब्लैक आउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और नागरिकों को पूरी तरह तैयार रखना था। मॉकड्रिल की शुरुआत शाम 7:30 बजे हवाई हमले के सायरन से हुई। सायरन बजते ही पूरे इलाके की बिजली बंद कर ब्लैक आउट किया गया। इसके तुरंत बाद आपातकालीन टीमों ने मोर्चा संभाला और बचाव अभियान शुरू किया। अभ्यास के दौरान बम फोड़े गए और आगजनी की घटना में घायल हुए लोगों को बचाने का प्रदर्शन किया गया। आग पर काबू पाने और घायलों को स्ट्रेचर से एम्बुलेंस तक ले जाकर उपचार के लिए भेजने की पूरी प्रक्रिया भी दिखाई गई। इस मॉकड्रिल में पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और SDERF का दल मौजूद रहा। SDERF की टीम ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने और प्राथमिक उपचार देने का डेमो दिया। वहीं, फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया। उद्देश्य- नागरिकों और प्रशासन को तैयार करनाअधिकारियों ने बताया कि ब्लैक आउट मॉकड्रिल का उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले जैसी स्थिति में नागरिकों और प्रशासन को तैयार करना है। इसमें सायरन सिस्टम, लाइट बंद करना, सुरक्षित जगह पहुंचना और रेस्क्यू ऑपरेशन शामिल हैं। इस दौरान सभी विभागों के समन्वय को परखा गया। शहर में समय-समय पर ऐसी ड्रिल कराई जाएंगी। नागरिकों से अपील की गई है कि सायरन बजने पर घबराएं नहीं, बल्कि लाइट बंद कर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता ही सुरक्षा है। एएसपी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि साल में दो बार इस तरह की मॉकड्रिल की जाएगी। उन्होंने कहा, यह केवल अभ्यास मात्र है, जिसमें हम आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित करना सीखते और दिखाते हैं। इसमें पुलिस, प्रशासन और आम जनता सभी के लिए सीखने का काम मौजूद है। उन्होंने आगे बताया कि आज बम विस्फोट और आग लगने की स्थिति को नियंत्रित करके दिखाया गया, जिसमें एसडीआरएफ, अस्पताल, पुलिस और ट्रैफिक की टीमें शामिल थीं।
विवाहिता ने पति और जेठानी पर लगाए मारपीट के आरोप:मैनपुरी में एसपी से लगाई न्याय की गुहार
मैनपुरी में एक विवाहिता ने वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न और घरेलू विवाद से परेशान होकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत की है। पीड़िता का आरोप है कि उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, विवाहिता की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। उसका कहना है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे और उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने अपने पति और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों पर मारपीट तथा मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। विवाहिता ने अपने शिकायती पत्र में पारिवारिक संबंधों को लेकर भी कुछ आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने इन बातों पर आपत्ति जताई तो विवाद और बढ़ गया तथा उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उसे संबंधित थाने को जांच के लिए भेज दिया गया है। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़िता को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का वार्षिक दीक्षांत समारोह 11 अगस्त को होगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने परिसर स्थित शैक्षिक भवन-1 के सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न समितियों के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं अधिकारियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे। बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी समितियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यदि किसी स्तर पर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो सीधे कुलपति कार्यालय से संपर्क करें। कुलपति कार्यालय से संपर्क करें पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ-साथ खेल प्रतियोगिताएं, काव्य लेखन, भाषण प्रतियोगिताएं, स्थानीय लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट दायित्व निर्वहन करने वाले प्राध्यापकों को इस वर्ष विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत संबद्ध महाविद्यालयों से तीन तथा विश्वविद्यालय परिसर से एक शिक्षक का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया की जिम्मेदारी प्रो. जय सिंह को सौंपी गई है। शुरू हुई तैयारीकुलपति ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों की शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कुलाधिपति महोदया के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का निर्देश भी दिया। देशभक्ति गीत, स्थानीय लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी तथा चयन का दायित्व प्रो. जगदंबा दुबे को सौंपा गया है। उनके निर्देशन में अधिकतम 15 छात्र-छात्राओं का दल के समक्ष प्रस्तुति देगा। इस वर्ष राजभवन के निर्देश पर मेरी मां विषयक भाषण, निबंध एवं काव्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के सफल संचालन की जिम्मेदारी प्रो. सुचिता श्रीवास्तव एवं उनकी टीम को दी गई है। प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाले शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का दायित्व पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रो. अजित राय को सौंपा गया है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। एसआईआर सर्वे के बाद जिन बूथों में बदलाव हुआ है, वहां नई बूथ कमेटियों का गठन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को मेरठ की कैंट विधानसभा क्षेत्र के शोभापुर गांव में दो बूथों पर नई कमेटियों का गठन किया गया। कार्यक्रम में बसपा के पूर्व सांसद एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी बाबू मुनकाद अली मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने नवगठित बूथ कमेटियों के पदाधिकारियों का स्वागत किया और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। हर मतदाता तक पहुंच बनाने पर जोर बाबू मुनकाद अली ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियां सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि प्रदेश के विकास और सामाजिक संतुलन के लिए बसपा की सरकार जरूरी है बूथ गठन अभियान जारी पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ कमेटियों के गठन का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य संगठन की पहुंच प्रत्येक मतदाता तक सुनिश्चित करना और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम में मंडल प्रभारी शाहजहां सैफी, जिलाध्यक्ष मोहित जाटव, डॉ. सुभाष, डॉ. कमल सिंह राज, दिनेश काजीपुर, पुष्पेंद्र जाटव, बॉबी गुर्जर, बाबूराम जाटव, प्रबुद्ध जाटव, विधानसभा अध्यक्ष आदित्य सिंह, प्रदीप कुमार, सतीश सहित विधानसभा और सेक्टर स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
पीथमपुर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। गुरुवार देर शाम सेक्टर एक थाना, सागौर थाना और पीथमपुर थाना पुलिस ने नगर के व्यस्त बाजारों, कॉलोनियों, तंग गलियों और प्रमुख रिहायशी इलाकों में पैदल मार्च निकाला। इस गश्त का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का अहसास कराना और बदमाशों में पुलिस का खौफ पैदा करना है। स्ट्रीट क्राइम पर लगेगा अंकुश नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर ने बताया कि पीथमपुर एक औद्योगिक क्षेत्र है, जिसके कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है। इस तरह के पैदल भ्रमण से स्ट्रीट क्राइम जैसे लूटपाट, छेड़छाड़ और हुड़दंगबाजी पर अंकुश लगेगा, साथ ही पुलिस और जनता के बीच आपसी बातचीत भी मजबूत होगी। पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। एसपी सचिन शर्मा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति यह विशेष अभियान जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने पदभार संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं होगी।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) मोदीपुरम में गुरुवार को गन्ना-मूंगफली अंतःफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए किसान, वैज्ञानिक और नीति निर्माताओं का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गन्ने के साथ मूंगफली और दलहनी फसलों की खेती किसानों की आमदनी बढ़ा सकती है। इससे देश में तिलहन उत्पादन भी बढ़ेगा और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि भारत हर साल खाद्य तेलों के आयात पर दो लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करता है। गन्ने के साथ मूंगफली जैसी फसलें उगाने से इस खर्च को कम करने में मदद मिलेगी। कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान खेत बचाओ अभियान से जुड़ें और खेती की नई तकनीकों को अपनाएं। मूंगफली की फसल से बढ़ सकती है अतिरिक्त आय कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि किसानों को केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय समेकित कृषि प्रणाली अपनानी चाहिए। इससे आय के स्रोत बढ़ेंगे और तिलहन व दलहन उत्पादन में भी वृद्धि होगी। आईसीएआर के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. अमरीश कुमार नायक ने बताया कि गन्ने के साथ दलहनी फसलों की खेती करने पर किसानों को 40 से 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है। वहीं, मूंगफली की अंतःफसल से 70 हजार से एक लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तक अतिरिक्त आमदनी संभव है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल मृदा स्वास्थ्य सुधारने और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। शोध और तकनीक के प्रसार पर चर्चा संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने गन्ना फसल प्रणाली के विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे शोध कार्यों की जानकारी दी। वहीं भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के निदेशक डॉ. एस.एन. सुशील ने इस तकनीक के व्यापक प्रसार की रणनीति साझा की। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कुसावली स्थित नीर आदर्श ऑर्गेनिक फार्म का दौरा किया। यहां उन्होंने गन्ने के साथ वैज्ञानिक पद्धति से उगाई गई मूंगफली की फसल का अवलोकन किया और किसानों से सीधे संवाद कर इस मॉडल के व्यावहारिक लाभों पर चर्चा की। कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 15 से अधिक जिलों से आए 600 से ज्यादा किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, चीनी मिल प्रबंधक, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, एफपीओ प्रतिनिधि और नाबार्ड अधिकारी शामिल हुए।
दौसा में आंधी के बाद तेज बारिश, अलर्ट जारी:तेज हवा के कारण कई इलाकों में बिजली गुल
दौसा में गुरुवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। जिले के कई क्षेत्रों में पहले आंधी चली, जिसके बाद रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई। अंधड़ और तेज हवा के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। गौरतलब है कि गुरुवार दिनभर जिले में तेज धूप और गर्मी का असर बना हुआ था, जिससे लोग बेहाल थे। वहीं शाम को घने बादल छाने के बाद हुई बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। मौसम विभाग की ओर से आगामी तीन दिनों के लिए बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। विभाग ने तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई थी।
कैथल में डीसी अपराजिता ने सरकारी आदेशों पर राजौंद की नायब तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया। उनके खिलाफ यह कार्रवाई ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और नोटिस के बाद भी कोई जवाब नहीं देने पर की गई। इस कार्रवाई के बाद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। राजौंद में डीसी अपराजिता के औचक निरीक्षण के महज 24 घंटे बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान कार्यालय से अनुपस्थित मिलने वाली नायब तहसीलदार स्नेह लता को सरकार ने सस्पेंड कर दिया। अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्यूटी के प्रति गंभीर रहने तथा जनता के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने का संदेश गया है। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में नहीं मिलीं बता दें कि डीसी ने बुधवार को दोपहर करीब 12:00 बजे राजौंद के तहसील, बीडीपीओ कार्यालय और नगर पालिका का औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हाजिरी रजिस्टर, विभिन्न शाखाओं के रिकॉर्ड और जनसेवाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की थी थी। तहसील में निरीक्षण दौरान नायब तहसीलदार स्नेह लता अपने कार्यालय से अनुपस्थित मिलीं। इस पर डीसी ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लोगों में दिखा था रोष निरीक्षण दौरान डीसी ने तहसील परिसर में मौजूद शिकायतकर्ताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं थी। शिकायतकर्ताओं ने नायब तहसीलदार के खिलाफ रोष देखने को मिला था। मौके पर पहुंचे लोगों का कहना था कि नायब तहसीलदार अधिकतर अपनी ड्यूटी से नदारद रहती हैं जिस कारण उन्हें अपने कार्य के लिए बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अब नायब तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया गया है। कैथल की डीसी अपराजिता ने नायब तहसीलदार स्नेह लता को सस्पेंड करने की पुष्टि की है।
खरगोन में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रही। नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के लगभग 980 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने गुरुवार शाम को सरकार के अप्रेजल संबंधी आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सेवा समाप्ति की चेतावनी दिए जाने के बावजूद आंदोलनरत कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और इसे 'आर-पार की लड़ाई' बता रहे हैं। इस हड़ताल में कई महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपने छोटे बच्चों के साथ धरना स्थल पर पहुंचीं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ममता हिरवे ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं कर रही है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत का मामला गुरुवार को सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शासकीय विद्यालय के शिक्षक कृष्ण कुमार नायक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना बीती 29 मई को तब हुई जब कक्षा नौवीं की छात्रा द्वितीय अवसर की पूरक परीक्षा का प्रवेश पत्र लेने विद्यालय पहुंची थी। बताया जा रहा है कि उस समय विद्यालय परिसर में अधिक भीड़भाड़ नहीं थी। इसी दौरान आरोपी शिक्षक कृष्ण कुमार नायक ने छात्रा के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। इसके बाद करीब सात दिनों तक इस मामले की जांच चलती रही। घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बंडोल थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोपी को किया गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी सामने आए, जिन्हें पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में लिया है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी शिक्षक को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उसके विरुद्ध बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फुटेज के आधार पर पड़ताल शुरू बंडोल थाना प्रभारी मनोज जंघेला ने गुरुवार शाम 7:30 बजे बताया कि मामले की जांच संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। पीड़िता के बयान और सीसीटीवी फुटेज जांच के महत्वपूर्ण आधार हैं। सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके। अभिभावक नाराज, प्रबंधन चुप इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विद्यालय प्रबंधन ने फिलहाल मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
मंदसौर के वायडी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुल्तानपुरा में पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने न केवल धारदार हथियारों से हमला किया, बल्कि नकदी और दो मोटरसाइकिलें भी लूटकर ले गए। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के अनुसार गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे भूरा पिता एहमद मथारिया, जुल्फीकार उर्फ वड्डा पिता एहमद मथारिया तथा असरफ गोंडिया ने हैदर पिता मुस्ताक से रुपए की मांग की। जब हैदर ने रुपए देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके साथ धारदार हथियारों से मारपीट की। हमले में हैदर के सिर में चोट आई। इस घटना की रिपोर्ट वाय.डी. नगर थाने में दर्ज कराई गई। वेयरहाउस के पास आरोपियों ने घेर लियाइसके बाद गुरुवार को जब हैदर अपने भाई इदरीस और अन्य साथियों के साथ मुल्तानपुरा की ओर जा रहा था, तभी गुराडियादेदा फंटे पर बालाजी मंदिर स्थित ईंट भट्टे के पीछे वेयरहाउस के पास आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। पीड़ितों का आरोप है कि भुरा मथारिया, जुल्फिकार उर्फ वड्डा मथारिया, अजय मथारिया, सईद पिता सलीम चिल्लू, फारूक उर्फ नड्डा मथारिया, अशफाक पिता रशीद घोचा, साहिल पिता जुल्फिकार मथारिया, गोलू पिता फारूक उर्फ नड्डा मथारिया सहित लगभग 20 से 25 लोग धारदार हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे थे। इनमें से कुछ लोग महिंद्रा बोलेरो एवं अन्य दोपहिया वाहनों में सवार थे। आरोप है कि सभी आरोपियों ने बिना किसी कारण बताए तलवार, सरिया, लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान इदरीस और मोईन की टीवीएस अपाचे बाइक क्रमांक एमपी-14-झेडएच-7514 एवं एमपी-14-झेडए-1005 तथा इदरीस की जेब में रखे लगभग 70 हजार रुपए भी छीनकर ले जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर भुरू मथारिया, जुल्फिकार मथारिया, अजय मथारिया, सईद चिल्लू, साहिल मथारिया और गोलू मथारिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(डी), 115(2), 118(1), 127(1), 351(3) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश और मामले की जांच जारी है।
श्री रावल मल्लीनाथ–श्री राणी रूपादे संस्थान, तिलवाड़ा की न्यासी मंडल और प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठकें श्री राणी रूपादे मंदिर, पालिया परिसर में हुईं। संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल की अध्यक्षता में हुई इन बैठकों में आगामी श्री रावल मल्लीनाथ मंदिर और श्री चक्रेश्वरी माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। महोत्सव को भव्य, दिव्य और जनभागीदारीपूर्ण स्वरूप देने पर विचार-विमर्श किया गया। 13 सितंबर को होगी सभी मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठाबैठक में बताया गया कि मालाजाल परिसर में निर्माणाधीन श्री रावल मल्लीनाथ मंदिर और दक्षिणमुखी श्री हनुमानजी मंदिर का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी तरह, पालिया परिसर में श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, श्री चक्रेश्वरी माता मंदिर और श्री जोगमाया मंदिर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इन सभी मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा 13 सितंबर 2026 को संपन्न होगी। यह आयोजन संपूर्ण मालाणी क्षेत्र, राठौड़ वंश, सनातन धर्मावलंबी समाज और श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा। संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने इस अवसर पर कहा कि श्री रावल मल्लीनाथ मालाणी क्षेत्र के संस्थापक, धर्मरक्षक और लोकनायक थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में सनातन धर्म, संस्कृति और जनमानस की रक्षा के लिए विधर्मियों के खिलाफ पांच धर्मयुद्धों का नेतृत्व किया। रावल मल्लीनाथ ने मालाणी क्षेत्र में धर्म, न्याय, सुरक्षा और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा स्थापित की। उनके व्यक्तित्व में भक्ति, शक्ति, तप, त्याग, लोकसेवा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत समन्वय था, जिसके कारण संपूर्ण मालाणी क्षेत्र उन्हें श्रद्धापूर्वक मालाणी के महादेव के रूप में स्मरण करता है। अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने कहा कि मालाणी की पावन धरती भक्ति, शक्ति, संत परंपरा, शौर्य, लोकसंस्कृति, पर्यावरण चेतना एवं सनातन धर्म की साधना स्थली रही है। राजस्थान की मरू गंगा के रूप में पूजित लूणी नदी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय चेतना की आधारशिला रही है। इसी मरू गंगा के तट पर श्री रावल मल्लीनाथ ने जनकल्याण, गौसंरक्षण, जल संरक्षण, प्रकृति संवर्धन एवं सामाजिक समरसता की परंपराओं को सुदृढ़ किया। मरू गंगा के इसी पावन तट पर सनातन धर्म की रक्षा के लिए विधर्मियों के विरुद्ध पांच विजयी धर्मयुद्ध लड़े गए तथा धर्म, संस्कृति एवं जनमानस की रक्षा का गौरवशाली इतिहास रचा गया। इसी भूमि पर अनेक वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर सनातन धर्म एवं स्वाभिमान की रक्षा की। यह क्षेत्र शौर्य, त्याग, तपस्या एवं लोकमंगल की अमर गाथाओं का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि मरू गंगा के तट पर संत परंपरा का भी अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। लोकपरंपराओं के अनुसार श्री राणी रूपादे, उनके गुरु श्री उगमसी भाटी, गुरु भाई मेघधारुजी, लोकदेवता बाबा रामदेवजी महाराज, संत जैसलजी एवं उनकी राणी तोरल, मेवाड़ के महाराणा कुम्भा सहित अनेक संत, महापुरुष एवं धर्माचार्य इस क्षेत्र में पधारे थे। इन संत समागमों ने मालाणी क्षेत्र को आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सनातन संस्कृति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित किया। आज भी यह भूमि भक्ति, शक्ति, संत परंपरा, पर्यावरण संरक्षण एवं सनातन धर्म की गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। मंदिर सनातन सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनेगारावल किशन सिंह जसोल ने कहा कि निर्माणाधीन श्री रावल मल्लीनाथ मंदिर मालाणी के गौरवशाली इतिहास, संत परंपरा, वीरता, लोकआस्था, पर्यावरण संरक्षण एवं सनातन सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, धर्मरक्षा, लोककल्याण, समाजसेवा एवं प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राठौड़ वंश का गौरवशाली इतिहास प्राचीन राष्ट्रकूट साम्राज्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रकूट शासकों ने भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन एवं कला के संरक्षण में अमूल्य योगदान दिया। विश्वविख्यात एलोरा स्थित कैलाश मंदिर राष्ट्रकूटों की स्थापत्य प्रतिभा, सांस्कृतिक वैभव एवं धार्मिक आस्था का अद्भुत उदाहरण है, जिसे विश्व की महान धरोहरों में स्थान प्राप्त है। राष्ट्रकूट परंपरा दक्षिण भारत के कर्नाटक क्षेत्र से कन्नौज तक पहुंची और बाद में राव सीहाजी के नेतृत्व में राठौड़ों का मारवाड़ में आगमन हुआ। राव आस्थानजी के समय राठौड़ शक्ति का विस्तार हुआ तथा खेड़ पर उनका आधिपत्य स्थापित हुआ, जिससे मालाणी एवं मारवाड़ क्षेत्र में उनकी गौरवशाली परंपरा और अधिक सुदृढ़ हुई। 'मंदिरों, तीर्थों और धार्मिक संस्थानों को संरक्षण प्रदान किया'उन्होंने कहा कि राष्ट्रकूट एवं राठौड़ शासकों का जैन धर्म से भी ऐतिहासिक संबंध रहा है। अनेक जैन मंदिरों, तीर्थों एवं धार्मिक संस्थानों को संरक्षण प्रदान किया गया, जिसके अभिलेख आज भी विभिन्न जैन मंदिरों में सुरक्षित हैं। अनेक धार्मिक स्थलों का संरक्षण भारतीय संस्कृति की समन्वयवादी परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री रावल मल्लीनाथ की राजधानी क्षेत्र में स्थित श्री नाकोड़ा जैन तीर्थ राठौड़ वंश एवं जैन समाज के मध्य धार्मिक सहअस्तित्व, संरक्षण एवं सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों, ख्यातों एवं लोकपरंपराओं के अनुसार राठौड़ों का मारवाड़ में आगमन कन्नौज से हुआ था। विभिन्न लोकश्रुतियों में वर्णित है कि सारस्वत ब्राह्मण लहोड़ा लुंब ऋषि द्वारा श्री चक्रेश्वरी माता की प्रतिमा एवं शक्ति परंपरा को कर्नाटक क्षेत्र से कन्नौज लाया गया था। बाद में राव धूहड़जी इस शक्ति परंपरा को मारवाड़ लेकर आए और नागणेच्या माता के रूप में स्थापित किया। कालांतर में यही शक्ति स्वरूप राठौड़ वंश तथा उससे उद्भूत विभिन्न शाखाओं एवं उपशाखाओं की आराध्य कुलदेवी श्री नागणेच्या माता के रूप में विख्यात हुआ। श्री नागणेच्या माता का मूल स्वरूप श्री चक्रेश्वरी माता है। इसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परंपरा के सम्मान में श्री चक्रेश्वरी माता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने संपूर्ण राठौड़ वंश, उसकी समस्त शाखाओं, समाजों एवं सर्व समाज से आह्वान किया कि वे अपनी गौरवशाली परंपरा, कुलसंस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस ऐतिहासिक पंच-मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागी बनकर इसे भव्य एवं अविस्मरणीय स्वरूप प्रदान करें। बैठक के दौरान श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के महंत गणेश पुरी महाराज एवं संस्थान के प्रबंधन उपाध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल का विशेष स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि कर्नाटक राज्य के हासन जिले के मर्कुली ग्राम स्थित प्राचीन एवं पवित्र श्री चक्रेश्वरी माता मंदिर से पूज्य दिव्य ज्योत को मालाणी क्षेत्र तक लाने का संपूर्ण संकल्प, समन्वय एवं आयोजन हरिशचंद्र सिंह जसोल के निर्देशन में संपन्न हुआ। संत परंपरा के अनुरूप महंत गणेश पुरी महाराज ने दिव्य ज्योत के आध्यात्मिक संरक्षण एवं धार्मिक मर्यादाओं के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानकारी दी गई कि दिव्य ज्योत के जसोलधाम पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया तथा तत्पश्चात इसे श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया परिसर लाया गया, जहां वर्तमान में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ स्थापित है। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर इस पूज्य दिव्य ज्योत को विधिवत रूप से श्री चक्रेश्वरी माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा। यह दिव्य ज्योत मंदिर की आध्यात्मिक परंपरा, शक्ति उपासना एवं सांस्कृतिक निरंतरता का विशेष प्रतीक बनेगी। कर्नाटक स्थित श्री चक्रेश्वरी माता मंदिर से मालाणी क्षेत्र तक दिव्य ज्योत लाने की इस ऐतिहासिक यात्रा में पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के अध्यक्ष एवं श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरी महाराज का विशेष मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। प्रबंधन उपाध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के पूर्व संपूर्ण मालाणी क्षेत्र, जैसलमेर एवं सोढ़ाण क्षेत्र के गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर उन्हें इस ऐतिहासिक आयोजन में पुण्य लाभ लेने का आव्हान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर युगों में एक बार आते हैं और यह हम सभी का सौभाग्य है कि हमें इस पुण्य कार्य में योगदान देने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपूर्ण राठौड़ वंश, मालाणी क्षेत्र एवं सनातन समाज की आस्था, एकता एवं सांस्कृतिक चेतना का महोत्सव होगा। यह आयोजन समाज को अपनी जड़ों, परंपराओं, इतिहास एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा। जनसंपर्क अभियान के माध्यम से प्रत्येक गांव, ढाणी एवं प्रवासी समाजबंधुओं तक पहुंचकर उन्हें इस महोत्सव से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर महंत गणेश पुरी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि धर्म एवं संस्कृति के ऐसे आयोजन समाज को एकसूत्र में बांधते हैं। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सनातन परंपरा, संत संस्कृति, भक्ति, शक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रेरणास्रोत बनेगा। मंदिर श्रद्धा, संस्कार, संस्कृति, सेवा, समरसता एवं सामाजिक जागरण के प्रमुख केंद्र होते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं से तन, मन एवं धन से सहयोग प्रदान कर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। बाड़मेर के रावत त्रिभुवन सिंह ने कहा कि संपूर्ण मालाणी क्षेत्र में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण है। समाज के प्रत्येक वर्ग में इस आयोजन के प्रति विशेष उत्सुकता दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अभियान के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को इस ऐतिहासिक आयोजन से जोड़ा जाएगा तथा बाड़मेर क्षेत्र में वे स्वयं भी सक्रिय रूप से सहभागिता निभाएंगे। कोटड़ा राणा नरेंद्र सिंह ने कहा कि निर्माणाधीन मंदिर धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण एवं सनातन मूल्यों के सशक्त केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ-साथ समाज को अपनी गौरवशाली विरासत, संत परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने संपूर्ण राठौड़ वंश एवं सर्व समाज से इस ऐतिहासिक आयोजन में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। इस अवसर पर बैठक में जानकारी दी गई कि पंच-मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के इस पुण्य एवं ऐतिहासिक कार्य में समुंद्र सिंह नौसर, पृथ्वी सिंह कोलू, दिलीप सिंह बुड़ीवाड़ा तथा दिलीप सिंह खेलाना ने उल्लेखनीय योगदान एवं सहयोग प्रदान किया है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंदिर निर्माण, धर्मकार्य, प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन एवं संस्थान की विभिन्न गतिविधियों में सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों, दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं को संस्थान द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रेषित कर सम्मानित किया जाएगा, ताकि उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जा सके तथा समाज में सेवा, समर्पण एवं सहयोग की भावना को और अधिक प्रोत्साहन मिले। बैठक में उपस्थित सभी न्यासियों एवं प्रबंधन समिति सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव मालाणी क्षेत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम एवं अविस्मरणीय अध्याय के रूप में स्थापित होगा तथा समाज की आस्था, संस्कृति, एकता, गौरव, पर्यावरण संरक्षण, संत परंपरा एवं सनातन मूल्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। ये महोत्सव आने वाली पीढ़ियों को धर्म, संस्कृति, इतिहास, पर्यावरण संरक्षण, लोकपरंपराओं एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने वाला एक युगांतकारी आयोजन सिद्ध होगा।
मुंगेली जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने जिला मुख्यालय स्थित लाइफ लाइन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। सीएमएचओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उपचार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। हॉस्पिटल में मिली कई अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान आयुष्मान योजना से संबंधित सूचना पट्टों की व्यवस्था, निर्धारित बिस्तरों के चिन्हांकन, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों और अस्पताल संचालन से जुड़े विभिन्न मानकों में कमियां पाई गईं। मरीजों से मिले फीडबैक में भी योजना के प्रावधानों के पालन में सुधार की आवश्यकता सामने आई। मरीजों के अधिकारों सेकोई समझौता नहीं:CMHO डॉ. शीला साहा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता या योजना के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए सभी कमियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान डॉ. कमलेश कुमार और डॉ. प्रशांत ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
छत्तीसगढ़ में मसीह समाज के कथित उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार के मामलों को लेकर संयुक्त मसीह समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सोनी ने गुरुवार को रायपुर में पैदल मार्च किया। उन्होंने सुबह रविशंकर यूनिवर्सिटी क्षेत्र से गृहमंत्री विजय शर्मा के निवास की ओर पैदल मार्च कर समाज की समस्याओं और मांगों को उठाया। प्रभाकर सोनी ने कहा कि प्रदेश में मसीह समाज के लोगों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज से जुड़े मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। घटनाओं पर उचित कार्रवाई की मांग पैदल मार्च के दौरान बड़ी संख्या में मसीह समाज के लोग भी उनके समर्थन में शामिल हो गए। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गृहमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं, शिकायतें और विभिन्न घटनाओं से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर उचित कार्रवाई की मांग करना चाहते हैं। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की भी कोशिश की। संयुक्त मसीह समाज ने मांग की कि समाज के लोगों को संवैधानिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
पंचकूला में युवती को नशीला पदार्थ पिलाकर उसका अश्लील वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और देह व्यापार में धकेलने के आरोप में पुलिस ने एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चंडीगढ़ निवासी पीड़िता ने पहले चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी। घटना पंचकूला क्षेत्र में होने के कारण चंडीगढ़ पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला आगे की कार्रवाई के लिए पंचकूला पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह चंडीगढ़ की एक दुकान पर काम करती थी। इसी दौरान दुकान मालिक की पत्नी से उसकी जान-पहचान हुई। आरोप है कि महिला उसे बहाने से पंचकूला स्थित एक फ्लैट में ले गई, जहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया गया। इसी दौरान महिला के साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिया।वीडियो वायरल करने की धमकी दी पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करते रहे। इसी दबाव में उसे देह व्यापार के लिए मजबूर करने का भी प्रयास किया गया। मेडिकल और कोर्ट में बयान के बाद कार्रवाई मामले की जांच के दौरान पंचकूला पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और अदालत में उसके बयान दर्ज करवाए। जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी और उसकी महिला सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच महिला एएसआई कविता द्वारा की गई। डीसीपी बोलीं- दोषियों को दिलाएंगे कड़ी सजा डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि जीरो एफआईआर मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अदालत में मजबूत पैरवी करेगी ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में डरने की बजाय पुलिस से संपर्क करें। पुलिस पीड़ित की पहचान गोपनीय रखते हुए हर स्तर पर सहायता और सुरक्षा प्रदान करती है।
भोपाल के हलालपुर के होटल और रेस्टोरेंट में गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान 12 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं, फायर सेफ्टी को लेकर नोटिस भी जारी किए। इधर, कजलीखेड़ा में जिला प्रशासन ने झुग्गियों को तोड़ने की कार्रवाई की। बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय के नेतृत्व में गुरुवार को राजस्व, नगर निगम, खाद्य सुरक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त दल ने हलालपुर क्षेत्र स्थित होटल नीना पैलेस, होटल सिटी वॉक एवं होटल आरके रीजेंसी का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर मौके का पंचनामा तैयार किया गया। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर कार्रवाईकार्रवाई के दौरान होटल सिटी वॉक प्रबंधन ने गैस सिलेंडरों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इस पर 12 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न कमियां पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। निरीक्षण में फायर सेफ्टी सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों में भी कमियां पाई गईं। जिसके संबंध में नियमानुसार प्रकरण तैयार किए गए। अधिकारियों ने संबंधित होटल संचालकों को निर्धारित मानकों का पालन तय करने और आवश्यक दस्तावेज रखने को कहा। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बैरागढ़ डॉ. हर्ष विक्रम सिंह, फायर ऑफिसर सौरभ पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, जगदीश प्रसाद लववंशी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी तृणाल जांभोलकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सिक्सलेन के लिए हटाई झुग्गियांगुरुवार को जिला प्रशासन ने कोलार तहसील क्षेत्र में कार्रवाई की। सुबह 10.30 बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली। जानकारी के अनुसार, ग्राम कजलीखेड़ा में कोलार 6 लेन पीडब्ल्यूडी रोड का निर्माण होना है। निर्माण करने वाले निर्माणों को हटाने के लिए निगम टीम, आरआई, पटवारी, तहसीलदार सभी उपस्थित रहे।
सागर के बिलहरा नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-1 में गुरुवार को एक युवक का शव उसके घर के बाहर लहूलुहान हालत में मिला। उसकी पहचान सोनू पिता जमना अहिरवार के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर बिलहरा चौकी और सुरखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रात को घर आया था सुबह शव मिलापरिजनों के अनुसार, सोनू ई-रिक्शा चलाता था। वह बुधवार रात करीब 10 बजे घर पहुंचा था। गुरुवार सुबह उसका शव घर के बाहर मिला। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। चार महीने से पत्नी-बच्चों से अलग रह रहा थाबताया जा रहा है कि वह शराब पीने का आदी था। पत्नी से विवाद के चलते वह पिछले चार महीने से बच्चों के साथ अलग रह रही थी। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर नगर परिषद बिलहरा ने अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। चेहरे और गले पर मिले चोट के निशान बिलहरा चौकी प्रभारी सत्यव्रत धाकड़ ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसके चेहरे और गले पर चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौत का कारण रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा।
खन्ना पुलिस ने आधुनिक तकनीक का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने महज 24 घंटे में लापता चार लड़कियों को अंबाला से सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में एक ओटीपी ने लड़कियों तक पहुंचाया।डीएसपी पायल हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि मलौद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सुनियोजित रणनीति के कारण ही इस संवेदनशील मामले को इतनी जल्दी सुलझाया जा सका। पुलिस की इस तत्परता और सूझबूझ की बदौलत एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया, जिसके लिए पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों ने खन्ना पुलिस का आभार जताया है। एक साथ निकली थीं चारों, परिजनों ने परिचित पर जताया था शक डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि बीती 2 जून 2026 को गांव सियाड़ की रहने वाली चार लड़कियां (जिनमें तीन सगी नाबालिग बहनें शामिल थीं) दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक परिजनों को बिना कुछ बताए घर से कहीं चली गईं। काफी खोजबीन के बाद जब वे नहीं मिलीं, तो परिजनों ने उसी रात करीब 8:30 बजे पुलिस को उनके लापता होने की सूचना दी। परिवार वालों ने शक जताया था कि लड़कियां सतनाम नाम के एक परिचित व्यक्ति के साथ गई हो सकती हैं, जिसका उनके घर पर आना-जाना था। इसके बाद पुलिस ने उसका फोन ट्रेस करना शुरू कर दिया। सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खन्ना पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। एसएसपी के दिशा-निर्देशों पर गठित विशेष टीमें गठित की गईं। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया। इसमें पुलिस को संदिग्ध सतनाम तो ट्रेस हो गया लेकिन लड़कियों का नंबर ट्रेस नहीं हुआ। ऐसे लड़कियों तक पहुंची पुलिस- एक ओटीपी ने पहुंचाया सीसीटीवी से मिला पहला लिंक :एसएसपी द्वारा गठित टीमों ने घर और उनके रास्ते में पड़ने वाले सीसीटीवी खंगालना शुरु किया। 3 जून को पुलिस ने गांव सियाड़ के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें साफ हुआ कि चारों लड़कियां एक थ्री-व्हीलर (ऑटो) में सवार होकर गांव से बाहर निकली थीं। संदिग्ध आरोपी से तक पहुंची पुलिस: पुलिस ने तकनीकी जांच की मदद से संदेही सतनाम की लोकेशन फिरोजपुर में ट्रेस की और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने एक मोबाइल नंबर दिया, जो उन लापता लड़कियों में से एक के पास था। हालांकि, वह नंबर उस वक्त बंद आ रहा था। ओटीपी (OTP) ने खोला रास्ता: पुलिस अपनी जांच में जुटी ही थी कि इसी बीच लड़कियों में से एक ने किसी अजनबी के फोन से सतनाम के नंबर पर संपर्क किया। दरअसल, लड़कियां एक नया सिम कार्ड एक्टिवेट कराने के लिए ओटीपी हासिल करने की कोशिश कर रही थीं। अंबाला में दी दबिश, 24 घंटे में हुआ सुखद अंत खन्ना पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम ने बिना वक्त गंवाए उस नए मोबाइल नंबर की लोकेशन को ट्रैक किया, जो हरियाणा के अंबाला की आ रही थी। सटीक लोकेशन मिलते ही एसएचओ मलौद तुरंत अपनी पुलिस टीम के साथ अंबाला के लिए रवाना हुए। पुलिस ने वहां छापेमारी कर चारों लड़कियों को सकुशल और पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया।
लखनऊ के गोमती नगर थाना क्षेत्र स्थित सहारा शहर में चोरी करने घुसा युवक नीचे गिर पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई। युवक अपने दो दोस्तों के साथ बाउंड्रीवाल की तार काट रहा था। बैलेंस बिगड़ने से वह नीचे गिर गया। दोस्तों ने इलाज के लिए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। विशाल खंड गोमती नगर निवासी शनि राना (22) पुत्र विनोद कुमार चाय की दुकान चलाता था। भाई ने बताया वह अपने दोस्त ध्रुव, सोहेल और ब्रजेश के साथ घूमने निकला था। सुबह के समय सहारा शहर के अंदर गंभीर हालत में मिला। उसके दोस्तों ने सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां करीब 1 घंटे चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। भाई ने दोस्तों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि इसी कारण उसकी मौत हुई है। इस मामले में इंस्पेक्टर गोमती नगर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया 3 युवक सहारा शहर के अंदर चोरी करने घुस रहे थे। बाउंड्रीवाल का तार काटते समय शनि अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। जिसे उसके साथी इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक नाबालिग सहित दो को हिरासत में लिया है।
गुरुग्राम में पत्नी को चुन्नी से गला घोंट कर मारा:पति चरित्र पर करता था शक; फोन पर बात करते देखा
गुरुग्राम के बांस अलियार गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की चुन्नी से गला घोंट कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के वक्त मकान की छत पर चार बच्चे सो रहे थे। जानकारी के अनुसार, आईएमटी मानेसर स्थित बांस अलियर गांव में मूलरूप से उत्तरप्रदेश के मथुरा निवासी नरेंद्र सिंह अपनी पत्नी काजल देवी और चार बच्चों के साथ रह रहा था।पत्नी और पति दोनों निजी कंपनी में मजदूर के तौर पर काम करते थे। 36 वर्षीय काजल देवी रोजाना कंपनी से रात आठ बजे घर पहुंच जाती थी और पति देर रात 12 बजे पहुंचता था। बुधवार को उसने अपनी पत्नी को किसी से फोन पर बात करते देख लिया था। गुस्साएं पति ने जब पत्नी से पूछा की वह किससे बात कर रही थी और उसको फोन मांगा लेकिन पत्नी ने फोन नहीं दिया। उसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस जांच कर रही आईएमटी थाना प्रभारी सुनील बेनीवाल ने बताया कि काजल देवी के भाई राजस्थान के भरतपुर निवासी राजबीर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
कांकेर उपचुनाव में कांग्रेस का कब्जा:चारामा के वार्ड 13 और पखांजूर के वार्ड 9 में लहराया परचम
कांकेर जिले के नगर पंचायत चारामा और नगर पंचायत पखांजूर में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों वार्डों में जीत दर्ज की है। 1 जून को हुए मतदान के बाद गुरुवार को घोषित परिणामों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने भाजपा उम्मीदवारों को स्पष्ट अंतर से पराजित किया। नगर पंचायत चारामा के वार्ड क्रमांक 13 में कुल 533 मतदाता थे, जिनमें से 490 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस प्रत्याशी मोहित नायक को 286 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी अनूप सोनकर को 201 वोट प्राप्त हुए। तीन मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। मोहित नायक ने 85 मतों के अंतर से जीत हासिल की। पखांजूर में भी कांग्रेस का परचम नगर पंचायत पखांजूर के वार्ड क्रमांक 09 में कुल 289 मत पड़े। कांग्रेस प्रत्याशी रूखमणि एटटी को 158 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा प्रत्याशी संजीता विश्वास को 93 मत मिले। इस वार्ड में नोटा को कोई वोट नहीं मिला। रूखमणि एटटी ने 65 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। जनता और संगठन को दिया जीत का श्रेय जीत के बाद मोहित नायक ने कहा कि यह सफलता वार्डवासियों के विश्वास और कांग्रेस संगठन की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक सावित्री मंडावी, नगर पंचायत अध्यक्ष भुवनेश्वर नागराज, पार्षदों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कड़ी सुरक्षा में हुई मतगणना मतगणना के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और निष्पक्षता के व्यापक इंतजाम किए थे। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगर पंचायत सीएमओ और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इन परिणामों को जिले में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता माना जा रहा है, जबकि भाजपा को दोनों वार्डों में हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल से अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा डकैत रामबाबू गडरिया के समर्थन में दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। गुर्जर महासभा ने इस संबंध में हेमंत खंडेलवाल को एक ज्ञापन भी सौंपा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुर्जर महासभा के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि भाजपा सदैव गुर्जर समाज के सम्मान के साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा गत दिवस दिए गए बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है, वह उनका निजी बयान है। पार्टी संगठन करेगा चर्चा, संज्ञान में लिया मामला हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी ने विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बयान को संज्ञान में लिया है और संगठन जल्द ही इस संबंध में उनसे चर्चा करेगा। उन्होंने आगे कहा- गुर्जर समाज का देश की सुरक्षा और विकास में अहम योगदान है। भाजपा सदैव उनके हितों और सम्मान के साथ खड़ी है। प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय पर त्वरित संज्ञान लेने और समाज की भावनाओं को गंभीरता से सुनने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से ये पदाधिकारी उपस्थित थे 31 मई को पिछोर विधायक ने डकैत को बताया था दोस्त पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने 31 मई 2026 को शिवपुरी जिले के पिछोर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जयंती समारोह के दौरान यह विवादित बयान दिया था। पाल-बघेल समाज के इस कार्यक्रम में विधायक ने मंच पर अहिल्याबाई होलकर की तस्वीर के साथ ही कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर भी लगवाई, उस पर माल्यार्पण किया और उसे अपना भाई बताया। मंच से जनता को संबोधित करते हुए विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि उन्होंने हमेशा डकैत रामबाबू गड़रिया का साथ दिया है क्योंकि वह उनके सुख-दुख का साथी और भाई था। आज उन्हें रामबाबू की फोटो पर माल्यार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जो उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने डकैत बनने के पीछे के हालातों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सामंतशाहियों ने उसे परेशान कर-करके डकैत बनाया था, वरना रामबाबू डकैत बनने लायक नहीं था। विधायक ने सवाल उठाया कि क्या डकैत और गुंडे इंसान नहीं होते? उन्होंने जेल से लेकर जंगल तक की दोस्ती का दावा करते हुए कहा कि उन्हें उसकी एक-एक चीज याद है। उनकी जेल में भी मुलाकात हुई थी और जंगल में भी मुलाकात हुई थी, इसलिए वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। विधायक ने फिल्मी अंदाज में अपनी ताकत का अहसास कराते हुए कहा कि जब उन्होंने पहले रामबाबू का साथ दिया था, तब उनका हाथ ढाई किलो का था, लेकिन अब जनता ने उसे बढ़ाकर 250 किलो का कर दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की रक्षा और सुरक्षा के लिए प्रीतम लोधी का यह 250 किलो का हाथ हमेशा तैयार रहेगा। इसके साथ ही विधायक ने मंच से कसम खाते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने रामबाबू के परिवार का साथ दिया था, उसी तरह वह आगे भी पाल-बघेल समाज के नौजवानों का साथ देंगे और कभी पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि डकैत रामबाबू गड़रिया और उसके भाई दयाराम गड़रिया का चंबल में लंबा आतंक रहा था और इस गैंग ने साल 2004 में ग्वालियर के भंवरपुरा गांव में गुर्जर समाज के 13 लोगों को एक लाइन में खड़ा करके गोलियों से भून दिया था। यही कारण है कि भाजपा विधायक द्वारा डकैत की तारीफ करने और उसे भाई बताने पर गुर्जर समाज में भारी आक्रोश फैल गया है।
रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र में करीब 200 एकड़ बेशकीमती जमीन हड़पने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम कराने की साजिश रची गई। गिरफ्तार आरोपियों का नाम रायपुर संजय नगर निवासी वसीम हुसैन, मोहम्मद खलील, अब्दुल नईम और मिर्जा परवेज बताया जा रहा है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला अभनपुर पुलिस के अनुसार ग्राम थनौद, तहसील गोबरा नवापारा स्थित खसरा नंबर 1243/1, 1242/1, 1244/1, 1159/1, 1163/1, 1162/1 और 1162/2 की लगभग 200 एकड़ भूमि राजस्व रिकॉर्ड में केशव अवस्थी के नाम दर्ज है। जांच में सामने आया कि साल 2023 में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस जमीन को हथियाने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मिर्जा परवेज ने अपने साथियों अब्दुल नईम और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर केशव अवस्थी की जगह किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत किया। इसके बाद फर्जी फोटो, कूटरचित हस्ताक्षर और नकली अंगूठा निशानी का इस्तेमाल कर मुख्तियारनामा तैयार कराया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन का पंजीयन कर करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। जांच में यह भी पता चला कि 19 अक्टूबर 2023 को जमीन के एक हिस्से का पंजीयन अब्दुल नईम के नाम और 20 अक्टूबर को मिर्जा परवेज के नाम कराया गया था। दोनों ही मामलों में कथित रूप से फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बयान दर्ज किए और मुख्तियारनामा तैयार करने में उपयोग किए गए आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की। आरोपियों को न्यायिक रिमांड में भेजा जेला गिरफ्तार आरोपियों में वसीम हुसैन, मोहम्मद खलील, अब्दुल नईम और मिर्जा परवेज शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने गुरुवार को शिवपुरी जिला परिवहन कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व वसूली, प्रवर्तन कार्रवाई और जनसेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन शाखा के कार्यों का अवलोकन किया। साथ ही कार्यालय में संधारित अभिलेखों और रिकॉर्ड की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान परिवहन आयुक्त ने बसों की सघन जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन खिड़की और द्वार, बीमा, परमिट तथा फिटनेस प्रमाण-पत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। अवैध रेत परिवहन रोकने पर हुई चर्चानिरीक्षण के बाद परिवहन आयुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में श्योपुर क्षेत्र में चंबल अभ्यारण्य से हो रहे अवैध रेत परिवहन की रोकथाम को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने परिवहन, पुलिस, राजस्व, खनिज और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया। आयुक्त ने श्योपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। राजस्व लक्ष्य हासिल करने के निर्देशपरिवहन आयुक्त ने राजस्व लक्ष्य और कर वसूली की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। साथ ही शिवपुरी और श्योपुर में प्रवर्तन गतिविधियां मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अमले की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। आमजन से विनम्र व्यवहार रखने की हिदायतआयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन और आवेदकों के साथ विनम्र व्यवहार रखें, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करें और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान परिवहन आयुक्त ने एटीएस (वाहन परीक्षण केंद्र) का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
भोपाल संभाग के कमिश्नर ने गुरुवार को राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डेम से सीधे किसानों के खेतों तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में 10 हजार से अधिक SCADA सिस्टम लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पानी की सप्लाई और पंप संचालन ऑटोमेटिक तरीके से नियंत्रित किया जा रहा है। कमिश्नर ने एआई और सैटेलाइट डेटा के उपयोग से तकनीक को और उन्नत बनाने की बात कही। परियोजना का प्रेजेंटेशन भी दियाकमिश्नर खरना गांव पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने की व्यवस्था देखी। परियोजना अधिकारियों ने बताया कि डेम से पाइपलाइन के माध्यम से पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। यहां उन्होंने पानी की सप्लाई को चालू और बंद करने की ऑटोमेटिक प्रणाली का भी निरीक्षण किया। इसके बाद वे लगदरिया पंप हाउस पहुंचे, जहां परियोजना का प्रेजेंटेशन दिया गया। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। 2.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो रही सिंचाई परियोजना प्रशासक विकास राजोरिया ने बताया कि मोहनपुरा-कुंडलिया परियोजना से राजगढ़ जिले में 2 लाख 30 हजार हेक्टेयर और आगर मालवा जिले में 63 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। आंकड़े देखने के बाद कमिश्नर ने संतोष जताया। उन्होंने बताया कि परियोजना में 72 मीटर ऊंचाई तक पानी लिफ्ट कर बीपीटी तक पहुंचाया जाता है, जहां से ग्रेविटी सिस्टम के जरिए किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाता है। राजस्थान सीमा तक पानी पहुंचाने के लिए बूस्टर पंप लगाए गए हैं। एक ही स्थान से 33 क्यूमेक पानी लिफ्ट कर 25 हजार 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। डिमांड के अनुसार अपने आप चलते हैं पंप विकास राजोरिया ने बताया कि परियोजना में डिमांड और सप्लाई आधारित स्मार्ट नेटवर्क सिस्टम कार्य कर रहा है। यदि किसानों को कम पानी की आवश्यकता होती है तो पंप अपने आप बंद हो जाते हैं और मांग बढ़ने पर उनकी क्षमता स्वतः बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कुंडलिया परियोजना में मोहनपुरा की तुलना में अधिक उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है। उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर निरीक्षण के दौरान उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। परियोजना प्रशासक ने सुझाव दिया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए गेहूं के साथ उद्यानिकी फसलों को भी प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए मोहनपुरा-कुंडलिया क्षेत्र को उद्यानिकी क्लस्टर के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
हिसार और हांसी में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को दो बड़ी कार्रवाई की। दोनों मामलों में रिश्वत लेते दो पटवारी रेड हेंडिड पकड़ लिए। एक पटवारी का सहायक भी पकड़ा गया है। भिवानी-हिसार की टीम ने पटवारी व उसके सहायक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। वहीं सिरसा एसीबी टीम ने आदमपुर में पटवारी को 1700 रुपए की रिश्वत के साथ पकड़ा। दोनों ही मामलों में इंतकाल दर्ज करने के नाम पर पैसे मांगे गए थे। एसीबी इंचार्ज जगजीत ने बताया कि बवानीखेड़ा निवासी श्रवण ने शिकायत दर्ज कराई थी। श्रवण के अनुसार, उनकी माता के प्रेम नगर स्थित प्लॉट के इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पटवारी ने 20 हजार की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह राशि 10 हजार तय हुई। गुरुवार को 10 हजार की तय रिश्वत राशि देने का समय निर्धारित किया गया। टीम ने महादेव ढाबा संचालक पवन कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जांच में खुलासा हुआ कि पवन कुमार ने यह राशि पटवारी विशाल के कहने पर ली थी। आदमपुर में पटवारी ने 1700 रुपए मांगे आदमपुर तहसील कार्यालय में एसीबी की सिरसा टीम ने सीसवाल सर्कल के पटवारी महेंद्र सिंह को 1700 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोप है कि इंतकाल दर्ज करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। सीसवाल के किसान सतपाल ने एसीबी को शिकायत दी थी। किसान का आरोप था कि पटवारी उसे बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवा रहा था। पटवारी ने इंतकाल दर्ज करने के बदले रिश्वत की मांगी। किसान ने रिश्वत देने की बजाय मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को कर दी।
देवास में ब्लैडर से निकलीं 51 पथरियां:दो साल से दर्द से परेशान था युवक
देवास के अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक दुर्लभ सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। यहां डॉक्टरों ने 34 वर्षीय एक मरीज की पेशाब की थैली (ब्लैडर) से खजूर के आकार की 51 बड़ी पथरियां निकालीं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला हो सकता है जिसमें इतनी बड़ी संख्या और आकार की पथरियां ब्लैडर से एक साथ निकाली गई हों। मरीज चंदर सिंह (34) पिछले करीब दो वर्षों से पेट दर्द और गंभीर तकलीफों से जूझ रहे थे। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद उनकी परेशानी बढ़ती जा रही थी, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा था।जब उन्हें अमलतास अस्पताल लाया गया, तो अत्याधुनिक जांचों में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कई घंटों तक चला ऑपरेशनजांच में पता चला कि मरीज की पेशाब की थैली में बड़ी संख्या में विशाल पथरियां मौजूद थीं। आमतौर पर एक छोटी पथरी भी असहनीय दर्द देती है, लेकिन इस मामले में ब्लैडर में 51 बड़े पत्थर जमा हो चुके थे। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए पथरी रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश बंसल और उनकी टीम ने चुनौतीपूर्ण सर्जरी का निर्णय लिया। कई घंटों तक चले इस ऑपरेशन में एक-एक कर सभी 51 पथरियां सुरक्षित बाहर निकाली गईं। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज की हालत अब स्थिर है। अस्पताल के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया ने इस उपलब्धि पर मेडिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता डॉक्टरों की विशेषज्ञता, समर्पण और अस्पताल की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है। अमलतास अस्पताल भविष्य में भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। खास बातें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में नगर पालिका परिषद के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दोनों वार्डों में जीत दर्ज कर राजनीतिक बढ़त हासिल की है। वार्ड क्रमांक 8 और 14 में भाजपा प्रत्याशियों ने कांग्रेस उम्मीदवारों को बड़े अंतर से पराजित किया। परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा, जबकि कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। 1 जून को हुए मतदान की मतगणना गुरुवार सुबह शहर के हिंदी माध्यम आत्मानंद विद्यालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। ईवीएम की गिनती के शुरुआती दौर से ही भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए थे। वार्ड 14 में प्रिया सिंह की जीत वार्ड क्रमांक 14 में भाजपा प्रत्याशी प्रिया सिंह को 186 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्यारी कुजूर को 96 मत प्राप्त हुए। प्रिया सिंह ने स्पष्ट बढ़त के साथ जीत दर्ज की। वार्ड 8 में प्रेमलता साहू का दबदबा वार्ड क्रमांक 8 में भाजपा की प्रेमलता साहू ने 381 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला भगत को 164 मत मिले। इस तरह भाजपा ने यहां भी एकतरफा जीत दर्ज की कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर थी उपचुनाव को कांग्रेस ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया था। पार्टी ने प्रचार के लिए वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को मैदान में उतारा था। इसके बावजूद दोनों वार्डों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम जशपुर में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और जनाधार को दर्शाता है। जीत के बाद जश्न परिणाम घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और जय जूदेव के नारों के साथ जीत का जश्न मनाया। विजयी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं ने दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद कार्यकर्ता आराम निवास पैलेस और विधायक निवास पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लेने पहुंचे। भाजपा नेताओं ने जताया आभार पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने कहा कि यह जीत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों पर जनता की मुहर है। वहीं जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि सड़क, पेयजल, नाली, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं में हुए सुधार का लाभ जनता तक पहुंचा है, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि नगर विकास की गति आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य किए जाएंगे।
सोनीपत में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वह उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला था। जब वह काम से वापस लौट रहा था, तभी उसकी बाइक की ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सबसे छोटे बेटे की मौत से परिजन सदमे में हैं। परिवार ने रमेश की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। परिजनों ने ट्रैक्टर ड्राइवर की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। रोजगार की तलाश में सोनीपत आया था बसंत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रमेश कुमार करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में सोनीपत आया था। वह गन्नौर में अपनी बहन के साथ रह रहा था और एक ईंट भट्ठे पर ईंट ढुलाई का कार्य करता था। बीती रात वह काम खत्म कर बाइक से वापस लौट रहा था। पांची जाटान और अगवानपुर के बीच हुआ हादसा शिकायत के अनुसार पांची जाटान और गांव अगवानपुर के बीच उसकी बाइक की एक ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ट्रैक्टर पर पर्याप्त लाइट न होने का आरोप परिजनों का आरोप है कि ट्रैक्टर पर पर्याप्त लाइट नहीं लगी हुई थी। अंधेरे के कारण रमेश को ट्रैक्टर दिखाई नहीं दिया, जिससे यह दुर्घटना हुई। मृतक के भाई ने बताया कि वह खुद भी एक भट्ठे पर ट्रैक्टर ड्राइवर के रूप में कार्य करता है। यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही की वजह से हुआ है। मार्च में रिश्ता हुआ था तय, शादी फिक्स होनी थी परिजनों के अनुसार, रमेश परिवार का सबसे छोटा सदस्य था। मार्च महीने में रमेश का यूपी में ही एक लड़की के साथ रिश्ता पक्का किया हुआ था। आगामी दिनों में शादी की तारिख फिक्स होनी थी। परिवार उसकी शादी की तैयारियों में लगा हुआ था। लेकिन इस हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। परिवार में पसरा मातम, कार्रवाई की मांग युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और रिश्तेदार गहरे सदमे में पहुंच गए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, परिजनों ने दोषी ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बारिश से पहले तालाबों में पर्याप्त जलभराव सुनिश्चित करने के लिए इंदौर नगर निगम द्वारा जल निकासी चैनलों की सफाई और अवरोध हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को वार्ड-79 के अंतर्गत सुखनिवास क्षेत्र में सिरपुर तालाब की मुख्य जल निकासी चैनल पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया। नगर निगम ने अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की कोशिशों पर कार्रवाई करते हुए चैनल पर बनाई गई सड़क, बाउंड्री वॉल और अन्य अवरोधों को ध्वस्त किया। कॉलोनी सेल की टीना सिसोदिया ने बताया कि आरआर कैट के ओवरफ्लो मार्ग, जो सिरपुर तालाब की मुख्य चैनल है, पर ग्राम सुखनिवास, तहसील राऊ के खसरा क्रमांक 80/1, 80/2, 81/1, 81/2/1/2 एवं 82 की कृषि भूमि में पाइप डालकर मुरम भरी गई थी। इसके साथ ही बाउंड्री वॉल, सड़क और अन्य विकास कार्य कर अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी की जा रही थी। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अवैध निर्माण और अवरोध हटाए। इस कार्रवाई से सिरपुर तालाब की मुख्य जल निकासी चैनल को पुनः व्यवस्थित किया जा सकेगा और बारिश के दौरान जल प्रवाह बाधित नहीं होगा। कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी प्रभात तिवारी सहित निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सिगरेट के पैकेट पर वैधानिक चेतावनी नहीं थी। चेतावनी के तंबाकू उत्पाद बेचना एक गंभीर कानूनन अपराध है। ऐसे में जैसलमेर में गुरुवार को हेल्थ विभाग की टीम ने दो दुकानों पर कार्रवाई कर सिगरेट के 51 पैकेट जब्त कर लिए। कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया। शहर के हनुमान सर्किल पर दो दुकानों रव जनरल स्टोर और बंशी जनरल स्टोर पर टीम ने अचानक छापा मारकर बिना वैधानिक (कानूनी) चेतावनी वाले सिगरेट के पैकेट जब्त कर लिए। जांच के दौरान इन दुकानों पर बिक रहे सिगरेट के पैकेटों पर सेहत से जुड़ी कोई चेतावनी या तस्वीर नहीं छपी थी, यह नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों के आदेश पर हुई कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल और कमिश्नर (आयुक्त) टी. शुभ मंगला के सख्त आदेश पर की गई। विभाग को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि शहर के कुछ बाजारों में बिना नियमों के तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से हनुमान सर्किल के व्यस्त बाजार में छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे बाजार के दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने की फिराक में दिखे। कोटपा कानून का उल्लंघन, मिली सख्त चेतावनी जांच टीम का नेतृत्व कर रहे दवा नियंत्रण अधिकारी (औषधि नियंत्रण अधिकारी) राजेश मीणा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने बताया कि दोनों दुकानों पर कोटपा कानून (तंबाकू नियंत्रण कानून) का खुला उल्लंघन पाया गया। नियम के मुताबिक, देश में बिकने वाले हर सिगरेट और तंबाकू के पैकेट पर तय आकार में कैंसर की चेतावनी और डरावनी तस्वीर होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने जब्त किए गए सामान को अपने कब्जे में लेकर दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की है। इसके साथ ही दोनों दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि भविष्य में दोबारा बिना नियम वाले या विदेशी ब्रांड के अवैध उत्पाद बेचते पाए गए, तो दुकानें सील करने के साथ-साथ उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा- युवाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में दुकानों की जांच का यह अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा ताकि नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसी जा सके।

