झारखंड आंदोलन: राज्य सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand Government और राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच Sunday को हुई वार्ता बेनतीजा रही, हालांकि Government ने प्रदर्शनकारियों की अधिकांश मांगें स्वीकार करने का दावा किया. प्रदर्शनकारियों की मांगों के प्रति अपने उदार दृष्टिकोण का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन ... Read more
ज्यादातर मांगें मानीं, छात्र आंदोलन वापस लें, सीजीएल परीक्षा रद्द करना संभव नहीं: सुदिव्य कुमार
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलित छात्रों और राज्य Government के बीच Sunday को तीसरे दौर की वार्ता भी विफल हो गई. Government ने दावा किया कि छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं. उन्हें आंदोलन वापस ले लेना चाहिए. दूसरी और छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को ... Read more
झारखंड में जेन-जी समर्थन की सरकार, उनकी सारी मांगे मान ली जाएंगी: इमरान मसूद
सहारनपुर, 9 अगस्त . कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने Saturday को जेपीएससी और जेएसएससी छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से लेकर परिसीमन, बेरोजगारी और पेपर लीक तक कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य Governmentों को घेरा. उन्होंने कहा कि Jharkhand में युवा समर्थक Government है और वहां छात्रों की मांगें जरूर मानी जाएंगी. इमरान मसूद ने से ... Read more
JPSC-JSCC Protests: छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
झारखंड में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। झारखंड लोक भवन के मुताबिक, राज्य सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जेपीएससी के सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। Governor Santosh Kumar Gangwar has accepted the resignations submitted by Ajita Bhattacharya, Anima Hansda, and Jamal Ahmed from their posts as members of the Jharkhand Public Service Commission, in light of the recommendation made by the State Government: Lok Bhavan, Jharkhand pic.twitter.com/vXK0yzXh3J— ANI (@ANI) August 9, 2026 राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर JPSC और JSSC के कई उम्मीदवार लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा सामने आया है।बैठक के बाद भी छात्रों का आंदोलन जारीरांची के स्टेट गेस्ट हाउस ऑडिटोरियम में सरकारी प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के बीच बैठक हुई। हालांकि, बैठक के बाद भी छात्रों का आंदोलन 16वें दिन जारी रहा। आंदोलन में शामिल छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार का कहना है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। साथ ही, सरकार ने मामले की जांच के लिए सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की बात कही है। इसके अलावा न्यायिक निगरानी में जांच कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है।हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। इसी मांग को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है।छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़ेबैठक के बाद छात्र नेता कुणाल ने कहा कि छात्रों का प्रस्तावित विधानसभा घेराव तय कार्यक्रम के अनुसार होगा, लेकिन इसे शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। कुणाल ने कहा, मैं साफ कर देना चाहता हूं कि हमारा विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। हमारी मांग सीबीआई जांच की है और हम इस मांग पर कोई समझौता नहीं करेंगे।वहीं, एक अन्य छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों के साथ यह बातचीत का दूसरा दौर था। बैठक में 14वीं जेपीएससी परीक्षा के साथ-साथ 2023 और 2025 की जेपीएससी बैकलॉग परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand लोक सेवा आयोग और Jharkhand कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक को लेकर बीते 16 दिनों से जारी आंदोलन के बीच Sunday को तीसरे दौर की वार्ता के दौरान Government ने छात्रों की कई बड़ी मांगें मान ली हैं. बैठक में बनी सहमति के ... Read more
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत खत्म हो गई। करीब 5 घंटे तक चली इस लंबी बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। छात्रों की सबसे बड़ी मांग परीक्षाओं की जांच CBI को सौंपने की थी, लेकिन सरकार के साथ इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। CID और ED करेगी मामलों की जांच बैठक के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने दोतरफा जांच का फैसला लिया है। 14वीं JPSC और बैकलॉग भर्तियों में हुई गड़बड़ी के आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी, जबकि पैसों के अवैध लेन-देन के मामलों की जांच के लिए ED से अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा, मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा और 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। भविष्य के सुधारों के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के एक्सपर्ट्स की एक कमेटी भी बनाई जाएगी। इसे भी पढ़ें: लाठी-बंदूक से नहीं, बातचीत से निकलेगा हल, रांची में चल रहे छात्र आंदोलन पर बोले CM Hemant Soren CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार का रुख मंत्री ने स्पष्ट किया कि CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पूरी नहीं की जा सकती, क्योंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुई थी और सफल उम्मीदवार पहले ही नौकरी में आ चुके हैं। इसे एकतरफा रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है। सरकार ने जांच की देखरेख के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे छात्रों ने खारिज कर दिया। सरकार का मानना है कि उसने छात्रों की 98% मांगें मान ली हैं। इसे भी पढ़ें: Ranchi में प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले संजय सेठ और आदित्य साहू, उठाई CBI जांच की मांग CBI जांच से कम कुछ मंजूर नहीं दूसरी तरफ, सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद छात्र नेता कुणाल ने साफ कहा कि आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा, हमारी मुख्य मांग CBI जांच की है और हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। #WATCH | Ranchi, Jharkhand: JPSC-JSCC aspirants' protest | After meeting with representatives of the government, Kunal a student leader says, Let me clarify that our Vidhan Sabha gherao will continue peacefully. Our demand is for a CBI inquiry; we will not compromise on that. pic.twitter.com/u0HenTgpOg — ANI (@ANI) August 9, 2026
लाठी-बंदूक से नहीं, बातचीत से निकलेगा हल, रांची में चल रहे छात्र आंदोलन पर बोले CM Hemant Soren
रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली का विरोध कर रहे युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय दिलाने का वादा किया है। 'झारखंड आदिवासी दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि घर की समस्याओं का समाधान बातचीत से ही निकल सकता है, लाठी या बंदूक से नहीं। हथियार तो सीमा पर दुश्मनों का सामना करने के लिए होते हैं। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विपक्ष पर राजनीति करने का लगाया आरोप मुख्यमंत्री ने बीजेपी और अन्य विरोधी दलों पर झूठ फैलाकर राज्य के युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए राज्य के माहौल को खराब करने और आंदोलन का राजनीतिकरण करने में लगे हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए नीट पेपर लीक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां युवाओं पर लाठियां चलाई गईं और उन्हें देशद्रोही तक कहा गया, लेकिन झारखंड सरकार छात्रों पर बल प्रयोग करने के पक्ष में नहीं है। #WATCH | Ranchi, Jharkhand | Chief Minister Hemant Soren says, Today, as this administration gains strength, there are many who simply cannot come to terms with it. They resort to hiding their faces, changing their guises, or operating from behind the scenes to spread… pic.twitter.com/WxaoWjDmFc — ANI (@ANI) August 9, 2026 इसे भी पढ़ें: Ranchi में प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले संजय सेठ और आदित्य साहू, उठाई CBI जांच की मांग सोरेन ने कहा, छात्रों को दिलाएंगे न्याय हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं की चिंता उनकी अपनी चिंता है। उन्होंने कहा, हमने चोरी पकड़ी है और हम ही न्याय दिलाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन के लिए किसी राजनीतिक दल का सहारा न लें, क्योंकि न्याय पाना उनका अधिकार है और सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसे भी पढ़ें: JPSC और JSSC परीक्षा गड़बड़ी के विरोध में विधानसभा के बाहर एक दिवसीय अनशन पर बैठे Jairam Mahto 16वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन और छठे दौर की वार्ता भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें 6 छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच, रांची के राजकीय अतिथि गृह में सरकार और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच छठे दौर की बातचीत हुई। छात्र JPSC और JSSC में सुधार के साथ-साथ पूरे मामले की जांच CBI या राज्य से बाहर के उच्च न्यायालय के रिटायर जज की कमेटी से कराने की मांग कर रहे हैं।
रांची में छात्रों से मिले पीयूष मिश्रा, बोले-‘सरकार को राज्य चलाना है, उम्मीद है जल्द सुलझेगा मामला’
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. आंदोलन के 16वें दिन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में Sunday को प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से Actor और थिएटर कलाकार पीयूष मिश्रा ने फिर मुलाकात की. छात्रों से मिलने ... Read more
झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को बड़ा समर्थन मिला है। मशहूर एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा रविवार को आंदोलन स्थल पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बैठकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अपना बेहद लोकप्रिय गाना 'इक बगल' गाकर युवाओं में नया जोश भर दिया। बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के आंदोलन का समर्थन इससे पहले शनिवार को भी पीयूष मिश्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे, जहां छात्र पिछले दो हफ्तों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन का दिल से समर्थन करते हैं, क्योंकि छात्र बिना किसी राजनीतिक फायदे या भागीदारी के अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनकी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और उनकी तरफ से जितना भी संभव होगा, वे इस आंदोलन को पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की वाजिब मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की। #WATCH | Actor and Singer Piyush Mishra sings his famous song 'Ik Bagal' at the JPSC-JSCC aspirants' protest at the Jaipal Singh Munda Stadium in Ranchi, Jharkhand. pic.twitter.com/07KocPIrz2 — ANI (@ANI) August 9, 2026 इसे भी पढ़ें: Ananya Panday की कजिन Alanna Panday दूसरी बार बनने वाली हैं मां, खूबसूरत वीडियो शेयर कर दी खुशखबरी 'आरंभ है प्रचंड' से गूंजा स्टेडियम शनिवार को भी पीयूष मिश्रा ने छात्रों के बीच अपना मशहूर गीत 'आरंभ है प्रचंड' गाया था। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर के आंदोलन और रांची के इस प्रदर्शन को अलग-अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। झारखंड भी देश का हिस्सा है और हर किसी को छात्रों की इस समस्या पर खुलकर बात करनी चाहिए। आंदोलनकारियों के नेता ने बताया कि बॉलीवुड से पीयूष मिश्रा के आने और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीफ करने से सभी छात्रों को एक नई ऊर्जा मिली है। इसे भी पढ़ें: Awarapan 2 में अरिजीत सिंह के साथ काम करने पर Amaal Mallik ने कही बड़ी बात 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी राज्य सरकार और पांच छात्र संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आंदोलन को चलते हुए 15 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो वे 10 अगस्त को राज्य भर से एकजुट होकर 'विधानसभा घेराव' करेंगे।
रांची में आदिवासी महोत्सव का आगाज, 10 हजार कलाकारों ने निकाली शोभायात्रा
रांची, 9 अगस्त . भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और Jharkhand की समृद्ध आदिवासी संस्कृति Sunday को रांची की सड़कों पर जीवंत हो उठी. भगवान बिरसा मुंडा स्मृति पार्क से निकली भव्य जतरा (शोभायात्रा) के साथ दो दिवसीय राजकीय आदिवासी महोत्सव का आगाज हुआ. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ... Read more
‘यह सरकार अड़ियल और तानाशाह है’, झारखंड छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे जेएलकेएम विधायक जयराम महतो
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन ने अब बड़ा रूप ले लिया है. आंदोलन को समर्थन देने के लिए जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने Sunday को पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन का निर्जला अनशन रखा. यह उपवास उन छात्रों के समर्थन ... Read more
Ranchi में प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले संजय सेठ और आदित्य साहू, उठाई CBI जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्र पिछले 16 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने सरकार को साफ अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 10 तारीख को विधानसभा का घेराव करेंगे। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने साधा निशाना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि अगर राज्य सरकार में थोड़ी सी भी नैतिकता बची होती, तो मुख्यमंत्री को पहले ही दिन खुद यहां आकर छात्रों से मिलना चाहिए था और उनकी सीबीआई जांच की मांग मान लेनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार को सीबीआई जांच कराने से क्या परेशानी है? इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें जरा भी नैतिकता है तो वे रांची आकर छात्रों के पक्ष में खड़े हों, लेकिन वे अपने दोहरे रवैये की वजह से ऐसा नहीं करेंगे। #WATCH | Jharkhand | JPSC-JSSC aspirants' protest in Ranchi | Union Minister Sanjay Seth says, ... If there were any ethics in the state government, the Chief Minister should have come here on the very first day and accepted the students' demand for a CBI investigation... What… https://t.co/TT7Hu1SnJE pic.twitter.com/zqhIt7GfJl — ANI (@ANI) August 9, 2026 इसे भी पढ़ें: JPSC और JSSC परीक्षा गड़बड़ी के विरोध में विधानसभा के बाहर एक दिवसीय अनशन पर बैठे Jairam Mahto आदित्य साहू ने कहा, हेमंत सरकार को चुकानी होगी कीमत झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्रों के दर्द को साझा करते हुए कहा कि स्टेडियम में बच्चों की आंखों से आंसू बह रहे थे। ये सिर्फ आंदोलन कर रहे छात्रों के आंसू नहीं हैं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं का दर्द है, जिसकी कीमत हेमंत सोरेन सरकार और झामुमो को चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और हिम्मत दिखाकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठना चाहिए। राहुल गांधी को साफ कहना चाहिए कि या तो झारखंड सरकार सीबीआई जांच कराए वरना वे सरकार से अपना समर्थन वापस लें।
JPSC और JSSC परीक्षा गड़बड़ी के विरोध में विधानसभा के बाहर एक दिवसीय अनशन पर बैठे Jairam Mahto
JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्र पिछले 16 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक सरकार की तरफ से उनकी मांगें नहीं मानी गई हैं। इसी के विरोध में डुमरी से विधायक जयराम महतो विधानसभा परिसर के बाहर एक दिन के अनशन पर बैठ गए हैं। इस दौरान वह पानी भी नहीं पिएंगे। उन्होंने समाज के हर वर्ग से छात्रों के समर्थन में अनशन करने की अपील की है। परीक्षाओं में धांधली के गंभीर आरोप जयराम महतो ने कहा कि झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार धांधली के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें सीटें बेचना, घर पर आंसर शीट लिखना और ओएमआर शीट खाली छोड़कर बाद में भरना जैसी बड़ी गड़बड़ियां शामिल हैं। उन्होंने मजदूर, वकील, व्यापारी और किसान संगठनों से भी कुछ समय निकालकर छात्रों के समर्थन में आगे आने और अनशन करने की अपील की है। #WATCH | Ranchi, Jharkhand: JLKM (Jharkhand Loktantrik Krantikari Morcha) MLA Jairam Mahto sits on a one-day fast in support of students protesting over alleged JPSC-JSSC irregularities. He says, “We feel the government knows exactly who the guilty parties are. This is no… pic.twitter.com/TuS5tc4s6T — ANI (@ANI) August 9, 2026 इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC विवाद पर छात्रों का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो 10 अगस्त को करेंगे विधानसभा घेराव सीबीआई जांच की मांग की जयराम महतो ने कहा कि सरकार को अच्छी तरह पता है कि इस धांधली के पीछे कौन लोग हैं। लाखों में सीटें बेची जा रही हैं और कोई छोटा अधिकारी अकेले इतना बड़ा काम नहीं कर सकता। इसमें बड़े और ताकतवर लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अनशन के जरिए वह सरकार पर थोड़ा दबाव बनाना चाहते हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और मुख्यमंत्री से सीधे छात्रों से बात करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के 'विधानसभा घेराव' के फैसले को अपना पूरा समर्थन दिया है।
झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन Sunday को 16वें दिन भी जारी रहा. प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य Government के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा. 2 जुलाई को Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ... Read more
Jharkhand Students Protest: झारखंड सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 16वें दिन भी जारी छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार (9 अगस्त) को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के साथ फिर बातचीत करेगी। सरकार और छात्र संगठनों के बीच शुक्रवार रात और शनिवार को दिनभर हुई बैठकों के बावजूद गतिरोध दूर नहीं हो सका। इसके बाद रविवार को एक और दौर की बातचीत करने का फैसला लिया गया। इस बीच, रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में करीब एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की हालत शनिवार देर रात करीब तीन बजे अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसका ब्लड शुगर लेवल 53 दर्ज किया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के साथ शुक्रवार रात बातचीत की थी। इसके बाद शनिवार को सरकार ने विभिन्न छात्र संगठनों के साथ चार दौर की बातचीत की जिनमें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ शामिल हैं। ये बैठकें बेनतीजा रहने के बाद सरकार ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे छात्र प्रतिनिधियों के साथ छठे दौर की बातचीत करने का फैसला किया।राजनीतिक चालबाजी का आरोपइस फैसले के तुरंत बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने सरकार पर राजनीतिक चालबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच फूट डालना और उनकी मुख्य मांगों से लोगों का ध्यान भटकाना है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे संगठनों के साथ बातचीत कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिनकी मौजूदा आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही।पासवान ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पत्रकारों से कहा, यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों में विभाजन पैदा करने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन उसे पता होना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं। पासवान ने दावा किया कि जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने शुक्रवार रात पांच सदस्यीय सरकारी समिति के सामने अपनी सभी मांगें रख दी थीं।हालांकि, शनिवार को मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चामरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव वाली समिति ने एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ सहित विभिन्न छात्र संगठनों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरानलउनसे उनकी मांगों का डिटेल्स मांगा।सरकार बातचीत जारी रखेगीसरकार ने हालांकि कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। वह प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की चिंताओं पर विचार कर रही है। रविवार को फिर बातचीत करने का फैसला शनिवार शाम सरकारी समिति और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच चार घंटे की बैठक के बाद लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री को छात्र प्रतिनिधिमंडलों की ओर से उठाई गई मांगों और चिंताओं से अवगत कराया। मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में व्यापक सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार बातचीत जारी रखेगी।छात्र मोर्चा ने रखी 5 मांगेंझारखंड छात्र मोर्चा ने पांच मांगें रखी हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करना शामिल है। वहीं एनएसयूआई ने छह मांगें रखीं, जिनमें संदेह के घेरे में आने वाली सभी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर सीआईडी जांच और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तर्ज पर झारखंड परीक्षा एजेंसी की स्थापना शामिल है। आदिवासी छात्र संघ के नेता कार्तिक उरांव ने भर्ती परीक्षाओं में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को अनिवार्य योग्यता वाले विषयों के रूप में शामिल करने तथा जिन परीक्षाओं में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें रद्द करने की मांग की।उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार के संबंध में अभ्यर्थियों से सुझाव लेने के लिए सरकार ने एक ईमेल आईडी जारी की है। बातचीत जारी रहने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के रविवार तक मांगें पूरी नहीं करने पर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की भी घोषणा की है।आइसा ने अलग मंच बनायाइस बीच, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने शनिवार को स्टेडियम में अपना अलग मंच बनाया। हालांकि, उसके नेताओं ने कहा कि इसे अलग आंदोलन नहीं माना जाना चाहिए। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जिन पर शुक्रवार को बिरसा चौक के पास विधानसभा मार्च के दौरान स्याही फेंकी गई थी। इसके बाद थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर नारे लगाए।संगठन की रांची इकाई के प्रमुख विजय कुमार ने कहा कि उसके सदस्य 10 अगस्त के मार्च में शामिल होंगे। लेकिन अखिल भारतीय छात्र संघ के बैनर के बिना। आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने भी प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास के पास अवरोधक तोड़ने की कोशिश के दौरान उनकी पुलिस से झड़प हुई थी।विधानसभा मार्च निकालने की घोषणाउप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अजय आर्यन ने बताया कि मार्च के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीब आठ से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11 अगस्त को अलग विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की है। जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व परीक्षा पैनल अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद से चार बार पूछताछ की जा चुकी है।ये भी पढ़ें- Khamenei Video: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर! अचानक सामने आया वीडियो, बीमारी की खबरों के बीच मचा हड़कंपकविता, कटाक्ष और पोस्टर बने हथियारसरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्र अपने गुस्से को हिंसा या अपशब्दों के बजाय रचनात्मक अंदाज में आवाज दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर कहीं सरकारी नौकरियों का फर्जी 'रेट कार्ड' लगा है। कहीं व्यंग्यात्मक पोस्टर हैं तो कहीं 'रश्मिरथी' की पंक्तियां गूंज रही हैं। रांची के बीचोंबीच स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 500 रुपये के नोट जैसी दिखने वाली गड्डियों से लदा एक तराजू सरकारी नौकरियों के नकली रेट कार्ड के पास रखा है। वहीं कुछ दूरी पर छात्र रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति रश्मिरथी की पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं।प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच इस कविता का 'कृष्ण की चेतावनी' खंड सबसे अधिक लोकप्रिय है। इसके जरिए महाभारत के प्रसंग को मौजूदा भर्ती आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र खासकर ये पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं, वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी, पत्थर, पांडव आए कुछ और निखर। छात्र इन पंक्तियों के जरिए पांडवों के वर्षों के संघर्ष की तुलना सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर अनिश्चितता के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की अपनी तैयारी से कर रहे हैं।'नौकरी बिक्री केंद्र'कुछ छात्रों ने व्यंग्यात्मक 'नौकरी बिक्री केंद्र' बनाया है, जिसमें सहायक शिक्षक के पद की कीमत 15 लाख रुपये, पुलिस उपाधीक्षक की 1.2 करोड़ रुपये, प्रखंड विकास अधिकारी की 90 लाख रुपये और अंचल अधिकारी की एक करोड़ रुपये बताई गई है। कुछ पोस्टर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर के साथ काल्पनिक 'मुख्यमंत्री सीट बेचो योजना' का जिक्र किया गया है। यहां व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा है, पेमेंट करो आराम से, नौकरी पाओ सम्मान से।प्रदर्शनकारी छात्र विवेक ने सफेद टी-शर्ट पर स्याही से लिखा है, व्यवस्था ने हमें निराश किया है। एक अन्य स्थान पर एक छात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के दिवंगत संस्थापक शिबू सोरेन के बड़े पोस्टर के सामने सिर झुकाकर उनके बेटे एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ 'अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई' की अपील करती नजर आई।
NEET विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले Dharmendra Pradhan बोले, मेरे लिए मंत्री पद युवाओं से बड़ा नहीं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लगभग दो हफ्ते बाद बीजेपी के बड़े नेता धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मुद्दे पर पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक विवाद के समय हुए आंदोलन के दौरान युवाओं को भड़काने और गुमराह करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके लिए मंत्री की कुर्सी कभी भी देश के युवाओं से ज्यादा बड़ी नहीं रही। जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जेन जी देश का फ्यूचर है और उनकी अपनी सोच और सपने हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने नीट विवाद का फायदा उठाकर युवाओं को गलत रास्ते पर भेजने की कोशिश की। प्रधान ने कहा कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस्तीफे की बात कही थी और आखिरकार 25 जुलाई को उन्होंने अपना पद छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में छात्रों का उबाल, पूछा – Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा, तो Hemant Soren क्यों नहीं? पद मेरे लिए कभी खास नहीं रहा धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह जेन जी को अपने बच्चों की तरह मानते हैं। उनके लिए शिक्षा मंत्री का पद कोई पर्सनल मुद्दा नहीं था, बल्कि देश के युवाओं की उम्मीदें ज्यादा जरूरी हैं। आपको बता दें कि नीट पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने लंबा प्रोटेस्ट किया था। छात्रों की मांग थी कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बने और एग्जाम सिस्टम को सुधारा जाए। इसी दबाव के चलते उन्होंने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था। इसे भी पढ़ें: आखिर क्यों पूरा नहीं कर पाते शिक्षा मंत्री अपना कार्यकाल नवीन पटनायक पर बोला हमला ओडिशा के एक इवेंट में धर्मेंद्र प्रधान ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में युवाओं का इस्तेमाल किया गया। रायराखोल में बीजेडी कार्यकर्ताओं के 'धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ' के नारों पर उन्होंने कहा कि वह ऐसे प्रोटेस्ट से डरने वाले नहीं हैं। वह एक किसान के बेटे हैं और अपने काम से कभी ओडिशा का नाम खराब नहीं होने देंगे।
Jharkhand में JPSC और JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों का रचनात्मक प्रदर्शन जारी
नमिता तिवारीरांची, नौ अगस्त सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्र अपने गुस्से को हिंसा या अपशब्दों के बजाय रचनात्मक अंदाज में आवाज दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर कहीं सरकारी नौकरियों का फर्जी ‘रेट कार्ड’ लगा है, कहीं व्यंग्यात्मक पोस्टर हैं तो कहीं ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियां गूंज रही हैं। रांची के बीचोंबीच स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 500 रुपये के नोट जैसी दिखने वाली गड्डियों से लदा एक तराजू सरकारी नौकरियों के नकली ‘रेट कार्ड’ के पास रखा है। वहीं कुछ दूरी पर छात्र रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध कृति ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच इस कविता का ‘कृष्ण की चेतावनी’ खंड सबसे अधिक लोकप्रिय है और इसके जरिए महाभारत के प्रसंग को मौजूदा भर्ती आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र खासकर ये पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं, ‘‘वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी, पत्थर, पांडव आए कुछ और निखर।’’ छात्र इन पंक्तियों के जरिए पांडवों के वर्षों के संघर्ष की तुलना सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर अनिश्चितता के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की अपनी तैयारी से कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने व्यंग्यात्मक ‘नौकरी बिक्री केंद्र’ बनाया है, जिसमें सहायक शिक्षक के पद की कीमत 15 लाख रुपये, पुलिस उपाधीक्षक की 1.2 करोड़ रुपये, प्रखंड विकास अधिकारी की 90 लाख रुपये और अंचल अधिकारी की एक करोड़ रुपये बताई गई है। कुछ पोस्टर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर के साथ काल्पनिक ‘मुख्यमंत्री सीट बेचो योजना’ का जिक्र किया गया है और व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा है, ‘‘पेमेंट करो आराम से, नौकरी पाओ सम्मान से।’’प्रदर्शनकारी छात्र विवेक ने सफेद टी-शर्ट पर स्याही से लिखा है, ‘‘व्यवस्था ने हमें निराश किया है।’’एक अन्य स्थान पर एक छात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दिवंगत संस्थापक शिबू सोरेन के बड़े पोस्टर के सामने सिर झुकाकर उनके पुत्र एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ ‘‘अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई’’ की अपील करती नजर आई। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने ऐसा पोस्टर थाम रखा है, जिसमें एक न्यायाधीश को सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से कागज की जांच करते दिखाया गया है और उसके साथ एक व्यंग्यात्मक संदेश लिखा है, ‘‘ ‘माइक्रोस्कोप’ इतना पावरफुल (शक्तिशाली) निकला कि सबूत दिखे नहीं, गायब कर दिए गए।’’कुछ पोस्टर पर झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य और उनकी पत्नी की तस्वीर प्रमुखता से लगाई गई है। उनकी पत्नी को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का सदस्य नियुक्त किया गया है। पोस्टर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी तस्वीर के पास लिखा है, ‘‘जब मित्र और पार्टी नेता की पत्नी को जेपीएससी का सदस्य बनाया गया है तो निष्पक्ष जेपीएससी परीक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है?’’एक प्रदर्शनकारी छात्र की तख्ती पर लिखा है, ‘‘न कोयला खदान मांगते हैं, न विधायक का पद; हम जेएसएससी-जेपीएससी का प्रश्नपपत्र रद्द कराना चाहते हैं।’’एक अन्य छात्र झारखंड सरकार को संबोधित पोस्टर थामे नजर आया जिस पर लिखा है, ‘‘प्रिय झारखंड सरकार, अपना भविष्य बचाइए।’’ यहां ‘भविष्य’ से आशय प्रदर्शनकारी छात्रों से है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी राजनीतिक कटाक्ष में शामिल हुई और उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए एक पोस्टर लगाया, जिस पर लिखा है,‘‘कब आओगे मेरे राहुल, तुम्हें झारखंड बुलाता है।’’एक छात्र नेता ने आंदोलन की अलग शैली को बयान करते हुए कहा, ‘‘झारखंड के छात्रों के आंदोलन की अपनी अलग है-पत्थर नहीं, नारे; तोड़फोड़ नहीं, दृश्य संदेश; चुप्पी नहीं, व्यंग्य।’’प्रदर्शनकारी संजीव कुमार ने कहा, ‘‘हम छात्र हैं और हमें न्याय एवं व्यवस्था में सुधार चाहिए। हमारा आंदोलन केवल भर्ती प्रक्रिया में सुधार पर केंद्रित है।’’आंदोलन की अगुवाई कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ ने यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया है कि प्रदर्शन में अपमानजनक या अभद्र का इस्तेमाल न हो। प्रदर्शन स्थल पर प्रमुखता से प्रदर्शित एक ‘आचार संहिता’ में प्रतिभागियों से मंच से राजनीतिक, धार्मिक या जातिगत बयान देने से बचने की अपील की गई है। इसमें कहा गया है, ‘‘मूल उद्देश्यों से न भटकें। हमारी लड़ाई व्यवस्था में सुधार के लिए है। अपमानजनक का इस्तेमाल न करें।’’आयोजकों ने कहा कि इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य आंदोलन को उसकी मूल मांगों पर केंद्रित रखना है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के अलावा प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीशों की समिति से। छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा।
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी मामले में सीआईडी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. गिरफ्तार किए गए पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी ने पूछताछ में कबूल किया है कि ब्लैकलिस्टेड वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को परीक्षा ... Read more
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand में Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और Jharkhand कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन Sunday को 16वें दिन में प्रवेश कर गया. Government और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीसरे दौर की औपचारिक वार्ता Sunday दोपहर 12 बजे होगी. इससे पहले हुई ... Read more
World Tribal Day 2026: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में दो दिवसीय आदिवासी महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। यह महोत्सव झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, बलिदान गाथा और 32 जनजातियों की गौरवशाली परंपरा को प्रदर्शित करेगा।
रांची, आठ अगस्त झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने वाले प्रमुख छात्र समूह ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ ने शनिवार को राज्य सरकार पर ‘‘राजनीतिक चाल’’ चलने का आरोप लगाया। यह आरोप प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का एक और दौर आयोजित करने की सरकार की घोषणा के बाद लगाया गया। संगठन का आरोप है कि शुक्रवार रात हुई बैठक में सरकार के सामने सभी बातें रखने के बावजूद, समिति ने कांग्रेस और झामुमो से जुड़े छात्र संगठनों को बुलाया, जिनकी इस आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी। मंच के एक नेता रवींद्र पासवान ने कहा, ‘‘यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों के बीच फूट डालने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के इस रवैये से हम बहुत दुखी और निराश हैं।’’पासवान ने कहा कि अगर सरकार रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो राज्य भर से 50,000 से ज़्यादा छात्र 10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च में शामिल होने के लिए रांची पहुंचेंगे। झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच शनिवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपनी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। सरकार की पांच सदस्यीय समिति ने सबसे पहले जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट से मुलाकात की। महतो का इस मुद्दे को लेकर अनशन का शनिवार को सातवां दिन है। इस समिति में राज्य के मंत्री भी शामिल हैं। इसके बाद समिति ने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई, एसीएस और जेसीएम के प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की। इससे पहले शुक्रवार रात को सरकार ने जेपीएससी/जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी इसी तरह की वार्ता की थी। प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद के लिए गठित समिति में शामिल एक सदस्य ने बताया कि झारखंड सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ रविवार को छठे दौर की बातचीत करेगी, जिसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ चार घंटे तक बैठक करने के बाद सदस्य ने बताया कि बातचीत दोपहर करीब 12 बजे होगी। समिति ने मुख्यमंत्री को प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पिछली पांच दौर की बातचीत में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
Jharkhand Protests: जंतर मंतर से कितना अलग है झारखंड का प्रदर्शन; पूर्व DGP ने लाठीचार्ज को क्यों बताया सही?- How does protest in Jharkhand differ from one at Jantar Mantar Why ex DGP Vikram Singh justify lathi charge
रांची : परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की चेतावनी
रांची, 8 अगस्त . Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और Jharkhand कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने रांची में प्रदर्शन कर Government ... Read more
आंदोलित छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय के बजाय उनके भविष्य से खेल रही हेमंत सरकार: आदित्य साहू
रांची, 8 अगस्त . भाजपा के Jharkhand प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन Government पर छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का समाधान करने के बजाय केवल वार्ता और आश्वासन के जरिए मुद्दे को टालने का आरोप लगाया है. आदित्य साहू ने Saturday शाम को रांची सदर अस्पताल ... Read more
इस सरकार में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है: पप्पू यादव
पूर्णिया, 8 अगस्त . पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने ई20 मुद्दे, भरत तिवारी प्रकरण और Jharkhand विरोध प्रदर्शन में महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार पर अपनी बात रखी. उन्होंने Saturday को पत्रकारों से बातचीत में महिलाओं के साथ बदसलूकी की आलोचना की. उनके मुताबिक, इस Government में महिलाओं से अत्याचार के ... Read more
झारखंड : छात्र संगठनों की सरकार के साथ बैठक, बैकलॉग पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग
रांची, 8 अगस्त . Jharkhand में छात्र संगठनों की विभिन्न मांगों को लेकर Government और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी है. मंत्री चमरा लिंडा के नेतृत्व में Governmentी प्रतिनिधियों ने आदिवासी छात्र संघ, आदिवासी हॉस्टल और अन्य छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं. बैठक में ... Read more
आम आदमी को राहत: सरकार बोली, UPI हमेशा रहेगा Free, व्यापारियों के लिए नई पॉलिसी संभव
भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के ज़रिए पेमेंट करने पर यूज़र्स को कोई ट्रांज़ैक्शन चार्ज नहीं देना होगा, जबकि भविष्य में कुछ खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन के लिए मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) UPI ट्रांज़ैक्शन पूरी तरह से मुफ़्त बने रहेंगे। मंत्रालय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ज़्यादातर मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन भी मुफ़्त रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार वित्त मंत्रालय ने कहा कि UPI यूज़र्स के लिए कोई चार्ज नहीं। ज़्यादातर ट्रांज़ैक्शन मर्चेंट्स के लिए भी मुफ़्त रहेंगे। पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट (PSS एक्ट) में बदलाव एक ऐसा कदम है जिससे फ़ाइनेंशियल इन्क्लूज़न (वित्तीय समावेशन) को बढ़ावा मिलेगा, UPI लंबे समय तक चल पाएगा, टेक्नोलॉजी में तरक्की होगी और नए तरह के रिस्क से निपटने की क्षमता बढ़ेगी। भारत सरकार का कहना है कि यूज़र्स के लिए कोई चार्ज नहीं: पेमेंट करने वाले ग्राहकों को कोई ट्रांज़ैक्शन चार्ज नहीं देना होगा। P2P ट्रांज़ैक्शन मुफ़्त: सभी पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच) ट्रांज़ैक्शन मुफ़्त बने रहेंगे। मर्चेंट्स के लिए मामूली MDR: जब भी MDR चार्ज लागू किए जाएंगे, तो वे सिर्फ़ कुछ खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर ही लगेंगे, जो एक तय सीमा से ज़्यादा होंगे। इनकी दर मामूली होगी, जो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के MDR से काफ़ी कम होगी। वित्त मंत्रालय ने कहा कि UPI पर ज़्यादातर ट्रांज़ैक्शन मर्चेंट्स के लिए मुफ़्त रहेंगे। अगर MDR लागू किया जाता है, तो वह सिर्फ़ एक तय सीमा के आधार पर होगा, न कि सभी पर एक साथ। जब संसद 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026' पास कर देगी (जिसमें पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A में बदलाव का प्रस्ताव है), तब NPCI की अगुवाई वाली UPI एंड सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी MDR के बारे में फ़ैसला करेगी, अगर कोई MDR लागू किया जाता है तो। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली सरकार ने कहा कि यह संशोधन एक ऐसा प्रावधान है जिसका मकसद UPI की लंबे समय तक चलने की क्षमता, तकनीकी तरक्की और नए खतरों से निपटने की मज़बूती को पक्का करना है। सरकार ने कहा कि UPI के ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी के लिए साइबर सिक्योरिटी, धोखाधड़ी रोकने और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने में बड़े और लगातार निवेश की ज़रूरत है। सरकार ने यह भी कहा कि यह संशोधन इसलिए ज़रूरी है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा कंपनियों को डिजिटल पेमेंट सेक्टर में अपना कामकाज बढ़ाने के लिए बढ़ावा दिया जा सके; इसके लिए एक ऐसा रेवेन्यू मॉडल बनाना होगा जो खुद चल सके और साथ ही कॉम्पिटिशन भी बढ़ाना होगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
FCRA Bill: Supriya Sule ने जताई आपत्ति, कहा- JPC को भेजा जाए बिल, वरना वापस लें
शरद पवार की अगुवाई वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' के मौजूदा स्वरूप का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग को अपने आप शक की नज़र से नहीं देखा जाना चाहिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि या तो इस बिल को वापस ले लिया जाए या फिर इसकी विस्तार से जांच-पड़ताल के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए। इसे भी पढ़ें: Kharge का सीधा वार: BJP-RSS ने आजादी में कुछ नहीं किया, मंदिर लूटने वाले देशभक्त नहीं सुले ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को प्रस्तावित कानून पर चर्चा करने का मौका मिलना चाहिए, क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि अगले हफ़्ते संसद में इस बिल पर चर्चा हो सकती है और इसे पारित भी किया जा सकता है। शनिवार को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए सुले ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल के मौजूदा स्वरूप से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे वापस नहीं लेना चाहती है, तो इस कानून को JPC (संयुक्त संसदीय समिति) के पास भेजा जाना चाहिए ताकि इसके प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हो सके। न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुले ने कहा कि एक मज़बूत लोकतंत्र में, किसी चीज़ का सिर्फ़ विरोध करना काफ़ी नहीं है; हमें साथ बैठकर उस पर चर्चा भी करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र को चेतावनी दी कि वह व्यापक विचार-विमर्श किए बिना संसद में इस कानून को जल्दबाज़ी में पारित न करे। सुले ने कहा कि विदेशी चंदे का इस्तेमाल सही कामों, जैसे मेडिकल और शिक्षा से जुड़े कामों के लिए किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार उन्होंने कहा कि जब विदेशी फंड का संबंध ड्रग तस्करी या आतंकवाद जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों से हो, तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि विदेशी फंडिंग वाली सभी संस्थाओं को अपने आप गलत नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गेट्स फाउंडेशन और USAID जैसी संस्थाएं हैं जो कई सालों से अच्छा काम कर रही हैं। हमें विदेशी फंडिंग वाली हर संस्था को शक की नज़र से क्यों देखना चाहिए? सुले ने विदेशी चंदे की तुलना विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा भारत भेजे जाने वाले पैसे से भी की और कहा कि विदेशी पैसे को हमेशा शक की नज़र से नहीं देखा जा सकता। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
छात्रों के मुद्दे पर अखिलेश प्रताप सिंह ने भाजपा को घेरा, कहा- देश के भविष्य की आवाज सुननी चाहिए
प्रयागराज, 8 अगस्त . कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा Government पर निशाना साधा. उन्होंने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, Jharkhand में छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा की ओर से लगाए गए पोस्टर्स और उत्तर प्रदेश में Chief Minister योगी आदित्यनाथ द्वारा ... Read more
रांची, 8 अगस्त . Jharkhand में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को Saturday को मशहूर Actor, गायक और लेखक पीयूष मिश्रा का समर्थन मिला. वह रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पहुंचे और अनशन-सत्याग्रह कर रहे छात्रों से मुलाकात की. पीयूष मिश्रा ने ... Read more
New Delhi, 8 अगस्त . Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कंबाइंड सिविल सर्विसेज (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की जांच की मांग को लेकर Supreme Court में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है. यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन द्वारा दायर की गई है. याचिका में Supreme Court से अनुरोध किया ... Read more
जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, आंदोलन जारी रहेगा: छात्र प्रतिनिधिमंडल
रांची, 8 अगस्त . Jharkhand Government और जेपीएससी-जेएसएससी एस्पिरेंट न्याय मंच के छात्रों के बीच बातचीत के दूसरे दौर के बाद मंच के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि Government ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुना है और उन पर गंभीरता से विचार किया है. मंच से जुड़े छात्र, जो Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ... Read more
बॉम्बे हाई कोर्ट ने डॉक्टर पर हमले के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को ज़मानत दे दी है
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को ज़मानत दे दी। यह कदम कोर्ट के उस पुराने आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगा दी गई थी जिसके तहत म्हात्रे को ज़मानत मिली थी। म्हात्रे को 6 जुलाई को डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उसके साथियों के साथ गिरफ़्तार किया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा म्हात्रे की ज़मानत मंज़ूर करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के एक दिन बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार म्हात्रे और उसके तीन साथियों को 8 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था। यह गिरफ़्तारी डोंबिवली के शास्त्री नगर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में दो डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ सदस्यों पर कथित तौर पर हमला करने के एक दिन बाद हुई थी। यह हमला एक शिकायत के बाद हुआ था, जिसमें कहा गया था कि गर्भावस्था से जुड़ी दिक्कतों वाली नौ महीने की गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया था, क्योंकि सरकारी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में कोई बेड उपलब्ध नहीं था। सोशल मीडिया पर हमले का CCTV वीडियो वायरल होने के बाद, इस घटना को लेकर मेडिकल जगत में भारी आक्रोश फैल गया।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने वाले सांसदों के साथ बैठक करने के लिए मोदी की आलोचना की। ठाकरे की यह टिप्पणी पार्टी के बंटवारे को लेकर चल रहे राजनीतिक और कानूनी विवाद के बीच आई है, जिस पर अभी भारत के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी की ओर इशारा करते हुए, ठाकरे ने बताया कि उनकी अयोग्यता और नेतृत्व से जुड़ा मामला चार साल से लंबित है, हालांकि अब इसकी सुनवाई एक अहम अंतिम चरण में पहुँचती दिख रही है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने प्रधानमंत्री के राजनीतिक कार्यक्रमों पर निराशा जताई और राष्ट्रीय राजधानी में नागरिक विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की तुलना उनसे की। ठाकरे ने कहा कि हमारा मामला चार साल से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अब ऐसा लग रहा है कि सुनवाई अपने अंतिम चरण में है और लगातार चल रही है... पीएम मोदी के पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे Gen Z प्रदर्शनकारियों से मिलने का समय नहीं है, लेकिन वे गद्दारों से मिले। शिवसेना (UBT) नेता ने बैठक के दौरान पाला बदलने वाले विधायकों को दिए गए कथित आश्वासनों पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री कार्यालय से मिलने वाले ऐसे समर्थन के व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक नतीजों को लेकर चिंता जताई। ठाकरे ने आगे कहा कि इसके अलावा, इन गद्दारों को भरोसा दिलाया जा रहा है: ‘डरो मत; मैं तुम्हारे साथ हूँ...’” उन्होंने सत्ताधारी नेतृत्व को चुनौती देते हुए पूछा, “क्या यह संदेश अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस, प्रशासन या पार्टी के उन सभी लोगों को भेजा गया था जो गद्दारी करना चाहते हैं? इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बैठक का असर लंबित मामले पर पड़ सकता है, तो ठाकरे ने न्यायपालिका में अपने गुट का भरोसा जताया, लेकिन बैठक के मकसद पर शक ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा कि इस पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए; हमें न्यायपालिका और CJI पर इतना भरोसा है, लेकिन हमें एक शक है: क्या यह सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश है, यह दिखाकर कि मैं (PM मोदी) गद्दारों के साथ हूँ? देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
डिजिटल सुरक्षा पर जोर: MeitY ने Meta को दिया निर्देश, कंटेंट मॉडरेशन मजबूत करे
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा से कहा है कि वह अपने एल्गोरिदम में बदलाव करे और डीपफेक, प्रोपेगैंडा और दूसरे हेरफेर किए गए या गैर-कानूनी कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर फैलने से रोकने के लिए नियमों के पालन का एक डिटेल्ड रोडमैप जमा करे। अधिकारियों ने कंपनी से कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने, अधिकृत एजेंसियों के अनुरोध पर कंटेंट हटाने की प्रक्रिया को तेज करने और भारत की डेटा-लोकलाइजेशन की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार सूत्रों के हवाले से ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार चाहती है कि मेटा डीपफेक, मॉर्फ्ड इमेज और गुमराह करने वाली पोस्ट का पता लगाने और उन्हें हटाने के काम को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर और बेहतर तरीके से काम करे। सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर AI से बने नुकसानदेह और हेर-फेर किए गए कंटेंट को लेकर बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच, MeitY और Meta के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद यह निर्देश जारी किया गया है। शुक्रवार को हुई एक मीटिंग में, Meta की टेक्निकल टीम ने ऑनलाइन नुकसानदेह कंटेंट का पता लगाने और उससे निपटने के लिए अपने मौजूदा सिस्टम के बारे में बताया। अधिकारियों ने Meta से प्रोपेगैंडा, डीपफेक और हेर-फेर किए गए मीडिया के प्रसार और फैलाव को कम करने के लिए खास एल्गोरिदम में बदलाव करने पर ज़ोर दिया। Meta ने भी अपने मौजूदा सिस्टम में कमियों को माना और सिंथेटिक कंटेंट से निपटने के लिए जिन टेक्निकल उपायों पर वह विचार कर रही है, उनके बारे में जानकारी दी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह निर्देश हाल ही में हुई बातचीत के बाद आया है, जिसमें मेटा ने अपने मौजूदा सिस्टम में कमियां मानीं और डीपफेक व सिंथेटिक कंटेंट से निपटने के लिए तकनीकी कदम बताए। शुक्रवार को MeitY अधिकारियों के साथ हुई बैठक में, मेटा की टेक्निकल टीम ने बताया कि वे अभी ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट को कैसे संभालते हैं। अधिकारियों ने प्रोपेगैंडा, डीपफेक और हेरफेर किए गए मीडिया के प्रसार को सीमित करने के लिए खास एल्गोरिदम बदलावों पर जोर दिया। दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए और अगले हफ्ते एक और बैठक होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है और अगले हफ्ते एक और बैठक हो सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत AI-जनरेटेड और सिंथेटिक कंटेंट से जुड़े नियमों को और सख्त कर रहा है। MeitY के फ्रेमवर्क के तहत, बड़े सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को सिंथेटिक रूप से तैयार जानकारी के संबंध में तकनीकी उपाय करने होंगे, जिसमें यूजर डिक्लेरेशन और ऐसे कंटेंट की स्पष्ट लेबलिंग शामिल है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
JPSC-JSSC प्रोटेस्ट: रांची में CM आवास के पास झड़प, अनशन से एक की तबीयत बिगड़ी
Jharkhand Paper Leaks: झारखंड के पेपर लीक मामले में सरकार और अभ्यर्थियों के बीच शनिवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही। ABVP की पुलिस से झड़प हुई और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल से तबीयत बिगड़ रही है।
Sukhbir Badal ने महिला आरक्षण बिल तुरंत लागू करने की मांग की, Delimitation Bill पर भी समर्थन का ऐलान
शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को यहां अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की। बैठक के बाद SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने X पर एक पोस्ट में कहा कि शिरोमणि अकाली दल को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार बादल ने कहा कि संसद के सामने अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद, SAD ने एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की भी मांग की, जिससे सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने लिखा कि शिरोमणि अकाली दल ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसे भारत सरकार ने सदन में सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए पेश किया था। बादल ने पोस्ट में कहा कि पार्टी ने ज़ोर दिया कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली सरकार मौजूदा मॉनसून सत्र में विपक्षी नेताओं और NDA सहयोगियों से संपर्क करके, 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए संविधान संशोधन बिल पास कराने की नई कोशिश कर रही है। पिछली बार के सत्र में यह संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया था। शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि आज हुई बैठक के बारे में मैं अभी ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता। मैंने आपको लिए गए फैसलों के बारे में बताया है, खासकर महिला आरक्षण बिल को लागू करने और सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए परिसीमन के फॉर्मूले के बारे में... शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष किसी भी मामले पर, या पंजाब के व्यापक हित में उनसे (PM से) मिल सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को JMM के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और कहा कि उसे प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के बहाने परीक्षाओं में गड़बड़ी के मुद्दे से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। आज, रांची में JPSC और JSSC की परीक्षाओं के लिए प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की। पिछली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों का ज़िक्र करते हुए, बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार नहीं चाहती कि उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी मिले। बीजेपी नेताओं ने पत्रकारों से कहा सरकार को बातचीत शुरू करनी चाहिए; इससे मसले को सुलझाने में मदद मिलेगी। हालांकि, सरकार को बातचीत के बहाने मुद्दे से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। यह मामला बहुत गंभीर है। परीक्षा में जिस तरह की गड़बड़ियां हुईं, उनमें शामिल लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में JPSC धांधली पर छात्र आंदोलन 15वें दिन जारी, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी उन्होंने आगे कहा जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने CTET के बजाय JTET के पक्ष में फ़ैसला सुनाया और सरकार से तीन महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को कहा। लेकिन सरकार ने लंबे समय तक प्रक्रिया शुरू नहीं की; इसके बजाय, उसने कोर्ट में हलफ़नामा दायर करके भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। सरकार नहीं चाहती थी कि झारखंड के छात्रों को नौकरी मिले। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में हाल ही में हुई गड़बड़ियों के कारण उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और पारदर्शिता व संरचनात्मक बदलावों की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी आज विरोध प्रदर्शन किया। राज्य विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी सुरक्षा बल और बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इसे भी पढ़ें: Jharkhand JPSC-JSSC विवाद पर Government से वार्ता विफल, छात्रों का Protest तेज JPSC JSSC रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद, झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने नीतिगत सुधारों के लिए छात्रों और संबंधित लोगों से सुझाव लेने के लिए एक खास ईमेल आईडी जारी की है। पत्रकारों से बात करते हुए, मंत्री सोनू ने कहा कि सरकार सामूहिक निर्णय लेने के लिए सभी छात्र समूहों के साथ बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Jharkhand JPSC JSSC Paper Leakःझारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है, वे 14वीं जेपीएससी परिणाम रद्द करने की मांग को लेकर रांची में आंदोलन कर रहे हैं।
JPSC-JSSC Protest का असर: Jharkhand सरकार ने सुधारों के लिए मांगी राय, जारी की Email ID
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को घोषणा की कि झारखंड सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए उम्मीदवारों और संबंधित लोगों से सुझाव लेने के लिए एक खास ईमेल आईडी शुरू की है। रांची में JPSC और JSSC की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद, मंत्री सोनू ने कहा, हम अलग-अलग छात्र समूहों और संबंधित लोगों से मिलना जारी रखेंगे। हम उन सभी से मिलेंगे। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में JPSC अभ्यर्थी नेता महतो संग सरकार की हुई बैठक, 14वीं परीक्षा रद्द करने की मांग सोनू ने कहा कि इसके अलावा, हम एक ईमेल आईडी – JPSSC.feedback@gmail.com – जारी कर रहे हैं। कोई भी छात्र, व्यक्ति या संबंधित पक्ष इस पते पर अपने सुझाव भेज सकता है। हमारा मकसद सभी के सुझावों के आधार पर सुधार की नीति बनाना और सामूहिक निर्णय लेना है। सरकार मिले हुए ईमेल के आधार पर उनकी चिंताओं पर विचार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया) का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी माँगें और सुझाव रखने के लिए हमसे मिला... यह प्रतिनिधिमंडल और उनकी माँगें पूरी तरह से उचित लगती हैं। हमारा मानना है कि जब ये माँगें मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएँगी, तो प्रतिक्रिया सकारात्मक होगी। कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और NSUI के प्रतिनिधि, कुमार राजा ने कहा कि हमने छात्रों से बातचीत करके और उनकी भावनाओं व ज़रूरतों को समझकर एक ज्ञापन सौंपा है... 14वीं JPSC परीक्षा तुरंत रद्द की जानी चाहिए। इसके अलावा, जिन परीक्षाओं पर शक है, उनकी CID या SIT से 90 दिनों के अंदर सख़्ती से जाँच होनी चाहिए। इन कार्रवाइयों की प्रगति—जैसे कि किसे पकड़ा गया और क्या गड़बड़ियाँ सामने आईं—को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। JPSC और JSSC की पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की कोशिश की जानी चाहिए... हमारी एक और ज़ोरदार माँग यह है कि जैसे सालाना एकेडमिक कैलेंडर होता है, वैसे ही भर्ती परीक्षाओं के लिए भी एक सालाना कैलेंडर होना चाहिए। इन सभी समस्याओं की जड़ आउटसोर्सिंग है। अगर सरकार अपनी प्रणाली बनाए और एक मिसाल पेश करे, तो मेरा मानना है कि झारखंड पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएँ सफलतापूर्वक आयोजित करने वाला पहला राज्य बन जाएगा। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में JPSC Exam रद्द करने की मांग तेज, छात्र 10 अगस्त को करेंगे विधानसभा मार्च यह पहल उन उम्मीदवारों के चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच की गई है जो भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और संरचनात्मक बदलाव की मांग कर रहे हैं। राज्य प्रशासन ने उम्मीदवारों और संबंधित पक्षों से आग्रह किया है कि वे चयन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए रचनात्मक सुझाव देने हेतु नए ईमेल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। शनिवार सुबह, 'JPSC-JSSC एस्पिरेंट्स जस्टिस फोरम' के आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों पर चर्चा करने के लिए रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकारी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस फोरम के छात्र 2 जुलाई को JPSC द्वारा आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद से ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
झारखंड पेपर लीक मामले में सरकार संवेदनशील, भाजपा को राजनीति का मौका नहीं मिल रहा: सुखदेव भगत
New Delhi, 8 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि Government इसको लेकर संवेदनशील है. मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच चल रही है. Friday शाम छात्रों से हुई वार्ता भी सकारात्मक रही. हालांकि भाजपा निराश है, ... Read more
भारतीय वायु सेना (IAF) में जासूसी और सुरक्षा में सेंधमारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय वायु सेना के एक विंग कमांडर को रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बेहद संवेदनशील और रणनीतिक जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' (Official Secrets Act) यानी सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क (Espionage Network) की ओर इशारा करता है, जिसका मुख्य मकसद भारतीय सशस्त्र बलों की रणनीतिक सैन्य खुफिया जानकारी हासिल करना था। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, यह मामला एक बड़े जासूसी नेटवर्क की ओर इशारा करता है जिसका मकसद रणनीतिक सैन्य खुफिया जानकारी जुटाना था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी विंग कमांडर एक फील्ड यूनिट में तैनात था। एक महिला ने सोशल मीडिया के ज़रिए आरोपी को 'हनी-ट्रैप' में फंसाया और उससे वीडियो कॉल पर बातचीत शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, महिला ने विंग कमांडर से सैन्य गतिविधियों और सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ तस्वीरें, वीडियो और अन्य संवेदनशील डेटा उपलब्ध कराने को कहा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विंग कमांडर ने डिजिटल माध्यमों से महिला को संवेदनशील दस्तावेज़ और डेटा भेजे थे। IAF की इंटेलिजेंस विंग द्वारा दिल्ली पुलिस को इस मामले से जुड़ी खास जानकारी दिए जाने के बाद 31 मई की रात को अधिकारी को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी को कैसे निशाना बनाया गया 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच से अब तक यह पता चला है कि अधिकारी अपनी निजी ज़िंदगी में मुश्किल दौर से गुज़र रहा था, तभी सोशल मीडिया पर एक महिला ने उससे संपर्क किया। आरोप है कि उसने महिला से चैट और वीडियो कॉल के ज़रिए बातचीत शुरू की। सूत्रों ने बताया कि बाद में महिला ने उसका भरोसा जीत लिया और उससे सैन्य यूनिट्स की गतिविधियों और तैनाती के बारे में तस्वीरें, वीडियो और जानकारी देने को कहा। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि अधिकारी ने कथित तौर पर डिजिटल कम्युनिकेशन चैनलों के ज़रिए महिला को अहम दस्तावेज़ और डेटा भेजे थे। बाद में महिला ने कथित तौर पर उसे अपने सहयोगी के फ़ोन पर एक खास ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा। सूत्रों ने कहा, उससे जानकारी हासिल करने के बाद, उसे अपने सहयोगी के फ़ोन पर एक खास ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा गया। यह ऐप आमतौर पर एक तरह का टारगेटेड स्पाइवेयर या रिमोट-एक्सेस मैलवेयर होता है, जिसे डिवाइस का डेटा चुराने, लोकेशन ट्रैक करने या बातचीत को इंटरसेप्ट करने (चोरी-छिपे सुनने) के लिए बनाया जाता है। इसे भी पढ़ें: मुस्लिमों से हार चुके ब्रिटेन का भारत पर होश उड़ाने वाला ऐलान! खुलासे से चौंकी दुनिया पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की जांच पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि आरोपी विंग कमांडर ने एक साथी अधिकारी के मोबाइल फ़ोन पर एक संदिग्ध ऐप इंस्टॉल किया था। पुलिस के अनुसार, यह ऐप स्पाइवेयर या रिमोट-एक्सेस मैलवेयर की तरह काम करता है। इस ऐप का इस्तेमाल मोबाइल फ़ोन से डेटा चुराने, लोकेशन ट्रैक करने या बातचीत को इंटरसेप्ट करने के लिए किया जा सकता था। सूत्रों से पता चला है कि सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क करने वाली महिला पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स के कहने पर काम कर रही थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी विंग कमांडर ने कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की थी। पुलिस अभी आरोपी और महिला के बीच हुई बातचीत के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में JPSC अभ्यर्थी नेता महतो संग सरकार की हुई बैठक, 14वीं परीक्षा रद्द करने की मांग IAF ने क्या कहा? भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने CNN-News18 को बताया कि यह अधिकारी पहले से ही वायु सेना की नज़र में था और उस पर निगरानी रखी जा रही थी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और जांच शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी चल रही है।
Jharkhand में JPSC अभ्यर्थी नेता महतो संग सरकार की हुई बैठक, 14वीं परीक्षा रद्द करने की मांग
रांची, आठ अगस्त झारखंड सरकार ने कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे नौकरी अभ्यर्थियों के देवेंद्र नाथ महतो नीत गुट के साथ शनिवार को बातचीत की। रांची स्थित राज्य अतिथि गृह में यह बैठक शुरू हुई। महतो के अनशन का शनिवार को सातवां दिन है। इस गुट का आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पिछले दो सप्ताह से राजधानी में हो रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता महतो ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा और उस एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को तत्काल रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं।’’प्रदर्शनकारी कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसकी जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से कराई जाए।
रांची छात्र आंदोलन को रैपर सूरज टायलन का समर्थन, सीएम से बोले-हम आपको वोट देंगे, आप सही भविष्य दें
रांची, 8 अगस्त . Jharkhand की राजधानी रांची में पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. रैपर सूरज टायलन भी छात्रों के समर्थन के लिए रांची पहुंचे. उन्होंने के साथ बातचीत में छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षाओं के मामले में पारदर्शिता ... Read more
रांची में छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता असफल रही। जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
झारखंड सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील, पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच जरूरी : एन. रामचंद्र राव
हैदराबाद, 8 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार 15वें दिन भी जारी है. इस बीच तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने हेमंत सोरेन Government पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह Government छात्रों की चिंताओं के प्रति पूरी ... Read more
कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के बीच दस लाख रुपये के इनामी माओवादी सालुका कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
Jharkhand में JPSC Exam रद्द करने की मांग तेज, छात्र 10 अगस्त को करेंगे विधानसभा मार्च
रांची, सात अगस्त झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के साथ बातचीत के बावजूद वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने समेत उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे आंदोलन नहीं रोकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 10 अगस्त को राज्य विधानसभा तक मार्च करेंगे। ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और झारखंड सरकार के बीच शुक्रवार शाम बैठक हुई। बैठक के बाद ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के एक नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘‘झारखंड सरकार के साथ बैठक सकारात्मक माहौल में हुई। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया कि हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, हमने तब तक अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है, जब तक कि हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।’’राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है। कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। सरकार उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील है और उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को तैयार है। इसका नतीजा जल्द ही सामने आएगा।’’इस बीच, देवेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों के एक और गुट ने दावा किया कि उन्हें सरकार से बातचीत का न्योता मिला है। महतो के नेतृत्व वाले इस गुट ने कहा कि उन्होंने बातचीत के लिए सरकार को आठ सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल के नाम सौंप दिए हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें छह प्रदर्शनकारी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
Jharkhand सरकार से वार्ता के बाद JPSC अभ्यर्थी आंदोलन पर अड़े, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी
रांची, सात अगस्त झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के साथ बातचीत के बावजूद वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने समेत उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे आंदोलन नहीं रोकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 10 अगस्त को राज्य विधानसभा तक मार्च करेंगे। ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और झारखंड सरकार के बीच शुक्रवार शाम बैठक हुई। बैठक के बाद ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के एक नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘‘झारखंड सरकार के साथ बैठक सकारात्मक माहौल में हुई। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया कि हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, हमने तब तक अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है, जब तक कि हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।’’राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है। कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। सरकार उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील है और उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को तैयार है। इसका नतीजा जल्द ही सामने आएगा।’’मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों की मांगों से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री छात्रों को लेकर चिंतित हैं और जल्द ही कोई नतीजा निकलेगा।’’इस बीच, देवेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों के एक और गुट ने दावा किया कि उन्हें सरकार से बातचीत का न्योता मिला है। महतो के नेतृत्व वाले इस गुट ने कहा कि उन्होंने बातचीत के लिए सरकार को आठ सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल के नाम सौंप दिए हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें छह प्रदर्शनकारी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
Jharkhand में भर्ती परीक्षा विवाद पर छात्रों ने सरकार को सौंपी 10 सदस्यों की नई सूची
रांची, सात अगस्त भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने शुक्रवार को झारखंड सरकार को 10 सदस्यों वाले नए प्रतिनिधिमंडल की सूची सौंपी। यह प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे के समाधान के लिए सरकार के साथ बातचीत करेगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोक सेवा आयोग-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग सुधार मंच ने बताया कि सरकार की ओर से पहले भेजे गए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पर आपत्ति जताए जाने के बाद नयी सूची सौंपी गई है। पुराने प्रतिनिधिमंडल में एक अधिवक्ता और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। नए प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रविंद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं, जबकि दो छात्र संगठनों ने शुक्रवार को विधानसभा तक मार्च निकाला। छात्रों से बातचीत के लिए गठित पांच सदस्यीय सरकारी समिति के सदस्य और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में एक अधिवक्ता को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताने के बाद नयी सूची सौंपी गई। बातचीत का फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान के एक दिन बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ चर्चा के लिए सरकार तैयार है। सुदिव्य कुमार ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, यह आंदोलन छात्रों का है और सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या झारखंड का कोचिंग माफिया इस आंदोलन को अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है तो सरकार ऐसा नहीं होने देगी।
Jharkhand में 10 लाख के इनामी CPI Maoist उग्रवादी सालुका कायम ने किया आत्मसमर्पण
रांची, सात अगस्त झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के जोनल कमेटी सदस्य और सक्रिय दो महिला उग्रवादियों ने शुक्रवार को सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जोनल कमेटी सदस्य पर 10 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारी ने बताया कि जोनल कमेटी सदस्य की पहचान सालुका कायम के रूप में हुई है जबकि दो महिला उग्रवादियों में से एक कोडोमुनी कोड़ा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने बताया, ‘‘सारंडा और कोल्हान के जंगलों में पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप सालुका कायम ने आत्मसमर्पण किया।’’अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ का रहने वाला कायम भाकपा (माओवादी) के गिरफ्तार पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के समूह में सक्रिय थे। उन्होंने बताया कि बेसरा पर दो करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था और वह 175 मामलों में वांछित था। उसे पिछले महीने के अंत में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि कायम कई वर्षों से माओवादी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और उसके खिलाफ सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट करने, हत्या, रंगदारी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप हैं।
झारखंड : सरकार और छात्रों के बीच सकारात्मक वार्ता, अंतिम समझौते तक सत्याग्रह रहेगा जारी
रांची, 7 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच Friday शाम को राज्य Government और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडडल के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई. मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में हुई बैठक करीब डेढ़ घंटे चली, जो रात 9.25 बजे खत्म हुई. छात्र ... Read more
रांची, 7 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच Friday को एक अनशनकारी छात्र की तबीयत गंभीर हो गई. पलामू के छात्र नेता राहुल क्रांति को हालत बिगड़ने के बाद एंबुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू ... Read more
गुजरात पुलिस ने झारखंड में साइबर धोखाधड़ी के धन के स्रोत का पता लगाया, दो गिरफ्तार
Ahmedabad, 7 अगस्त . सूरत शहर साइबर क्राइम सेल ने 10.65 लाख रुपए के एपीके आधारित साइबर धोखाधड़ी मामले का पता लगाने के बाद Jharkhand से दो कथित मनी म्यूल ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया है. जांचकर्ताओं ने साइबर अपराध की रकम को ट्रांसफर करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए बैंक खातों में ... Read more
छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा का कांग्रेस और सीजेपी पर हमला, कहा-‘राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं जा रहे’
रांची/Ahmedabad, 7 अगस्त . Jharkhand में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस और सीपीआई पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि Jharkhand के आंदोलन पर जिस तरह का रवैया राहुल गांधी और कांग्रेस ने अपनाया है, उससे वे खुद ही बेनकाब हो गए हैं. से भाजपा प्रवक्ता रोहन ... Read more
झारखंड के चाईबासा में 10 लाख के इनामी माओवादी जोनल कमांडर सहित तीन ने किया आत्मसमर्पण
चाईबासा, 7 अगस्त . Jharkhand के पश्चिमी सिंहभूम प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम उर्फ डांगिल ने Friday को Police के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. उसके साथ दो महिला माओवादी कैडरों ने भी Naxalite संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. Police मुख्यालय ने तीनों के ... Read more
छात्रों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : सीएम हेमंत सोरेन
रांची, 7 अगस्त . जेपीएससी और जेएससीसी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर Chief Minister हेमंत सोरेन ने Friday को कहा कि हमने उन्हें बातचीत का माध्यम बता दिया है. मैं और हमारी Government Jharkhand सहित पूरे देश में छात्रों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान की दिशा ... Read more
Jharkhand JPSC-JSSC विवाद पर CM Soren बोले- सिस्टम की खामियां दूर करेंगे, बड़े Reforms होंगे
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे JPSC और JSSC उम्मीदवारों से मिले। उन्होंने बातचीत के लिए सरकार की तत्परता और छात्रों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ज़रूरी सुधार लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। सीएम सोरेन ने कहा कि हमने बातचीत का एक तरीका पहले ही तय कर लिया है। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। सरकार हर छात्र की समस्याओं को समझने के लिए उत्सुक है। अब हम छात्रों की बातों को जयपाल सिंह स्टेडियम की सीमाओं से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: BJP को RSS Chief Mohan Bhagwat की सलाह माननी चाहिए, NEET पर बोले दीपके सोरेन ने सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को हल करने के सरकार के मकसद पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसे बड़े और मज़बूत सुधारों के साथ आगे बढ़ना है जो छात्रों की उम्मीदों को उनकी ज़रूरतों के हिसाब से पूरा करें। विरोध प्रदर्शन के दौरान, JLKM विधायक जयराम महतो ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े एक मामले और JSSC CGL नतीजों से उसके संबंध का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। महतो ने आरोप लगाया कि यह मांग JPSC प्रारंभिक परीक्षा के संबंध में है। इस मामले में आरोपी व्यक्ति ने दूसरी रैंक के साथ JSSC CGL परीक्षा पास की थी और उसके परिवार के कई सदस्यों ने भी यह परीक्षा पास की थी। उन्होंने उम्मीदवार के परीक्षा इतिहास की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि इसलिए, जिन परीक्षाओं में वह शामिल हुआ था, साथ ही संबंधित कंपनी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की भी जांच होनी चाहिए। इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा शुक्रवार को रांची में प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुईं। वे राज्य में JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध कर रही थीं। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat के Gen-Z बयान पर विपक्षी दलों ने BJP के दोहरे रवैये पर उठाए सवाल झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों ने बड़े पैमाने पर राजनीतिक ध्यान खींचा है। इससे राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि हालात बिगड़ने से पहले वह उम्मीदवारों की चिंताओं का समाधान करे। इससे पहले, गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फ़ोन पर JPSC-JSSC के उम्मीदवारों से बात की थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
रांची में छात्र आंदोलन के दौरान बवाल, आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही
रांची, 7 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और सुधारों की मांग को लेकर वाम छात्र संगठनों की ओर से Friday को निकाले गए मार्च के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने अचानक काली ... Read more
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर भाजपा नेता बोले, यह सरकार छात्र हितैषी नहीं
रांची, 7 अगस्त . Jharkhand में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्य Government पर निशाना साधा. भाजपा नेताओं ने कहा कि Jharkhand में एक ऐसी Government है, जिसे छात्रों के हितों से कोई लेना देना नहीं है. यह Government छात्रों के हितों को कुलचने वाली Government है. भाजपा विधायक उज्ज्वल दास ... Read more
शुक्रवार को रांची में झारखंड विधानसभा की ओर हो रहे विरोध मार्च के दौरान, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। यह मार्च, 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शनों का हिस्सा था। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने Ranchi में JPSC अभ्यर्थियों को मदद का आश्वासन दिया, छात्र नेता का दावा इस घटना के बाद स्याही से सनी अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए बोरा ने आरोप लगाया कि रांची में विरोध प्रदर्शन के दौरान RSS-BJP के गुंडों ने उन पर और लगभग 20 अन्य महिलाओं पर यह लिक्विड फेंका था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके लिए स्याही दूसरों को शर्मिंदा करने का एक ज़रिया है, लेकिन हम स्याही से ही भविष्य लिखेंगे! उन्होंने आगे कहा, मैं गर्व के साथ इस स्याही को पहने हुए हूँ। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, हमारे खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया; जब हम तब नहीं डरे, तो यह मामूली स्याही हमारा क्या बिगाड़ सकती है? उन्होंने कहा कि झारखंड और पूरे देश में होने वाली हर परीक्षा सरकारी संस्थाओं द्वारा पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। जब भी पेपर लीक होता है, तो इसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। हमारी मांग है कि सिस्टम में शामिल और गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाए... हम 10 तारीख को छात्रों द्वारा की गई अपील का समर्थन करेंगे और छात्रों के भविष्य के लिए खड़े रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में छात्रों का उबाल, पूछा – Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा, तो Hemant Soren क्यों नहीं? स्याही फेंकने के आरोपी व्यक्ति को बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जब उसे ले जाया जा रहा था, तो उसने पत्रकारों से कहा कि मुझे नेहा बोरा पसंद नहीं है क्योंकि वह उमर खालिद का समर्थन करती हैं। मुझे किसी चीज़ की परवाह नहीं है। मैंने उन पर स्याही फेंकी। वे सभी देश-विरोधी हैं। बोरा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश भर में हो रहे छात्र विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। पिछले महीने छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठी थीं, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
झारखंड: प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया
झारखंड: प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया jharkhand,jpsc,jssc,hemantsoren,,ranchi,studentprotest,nishikantdubeyझारखंड: प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया झारखंड में नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरूद्ध रांची में विरोध प्रदर्शन का आज 14वां दिन है। राजधानी रांची में छह प्रदर्शकारियों की भूख […]
झारखंड प्रोटेस्ट पर कांग्रेस नेताओं ने कहा- संवाद से निकलेगा हल, राहुल गांधी छात्रों के साथ हैं
New Delhi, 7 अगस्त . जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने Friday को छात्रों का समर्थन किया. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “राहुल गांधी ने जो आश्वासन दिया है, वह पूरा होगा. राहुल गांधी छात्रों के साथ हैं. छात्रों की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी.” Jharkhand कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ... Read more
झारखंड : विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन जेपीएससी-जेएसएससी मुद्दे पर हंगामा, कार्यवाही बाधित
रांची, 7 अगस्त . Jharkhand विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की पहली पाली हंगामे, तीखी नोकझोंक और सियासी खींचतान की भेंट चढ़ गई. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों व धांधली को ... Read more
झारखंड आंदोलन पर राहुल गांधी के समर्थन पर भाजपा-जदयू बोली, सुविधा की राजनीति कर रही कांग्रेस
रांची/Patna, 7 अगस्त . जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन देने के बाद राजनीति तेज हो गई है. भाजपा और जदयू ने कांग्रेस पर सुविधा की राजनीति करने का आरोप लगाया है. बिहार Government के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, “Jharkhand में छात्र बिना किसी Political दल ... Read more
झारखंड में जिम्मेदार लोगों की क्यों नहीं हो रही गिरफ्तारी, सीएम दें जवाब: दिलीप घोष
कोलकाता, 7 अगस्त . पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने Jharkhand में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन, परीक्षा में पेपर लीक के मामलों, परिसीमन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणियों सहित कई Political मुद्दों पर अपनी राय रखी. Jharkhand में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम ... Read more
Jharkhand Protest: CJP comes out in support of protesting students in Jharkhand; delegation arriving in Ranchi- Jharkhand Protest: झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में उतरी सीजेपी, प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहा रांची
Jharkhand: आसमानी बिजली का कहर, खेत में काम कर रहे दंपती की गई जान; हजारीबाग-चतरा में चार की मौत
झारखंड के हजारीबाग और चतरा में आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। हजारीबाग में धान के खेत में काम कर रहे दंपती और एक महिला की जान गई, जबकि चतरा में बाजार से घर लौट रहे युवक की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।
Rahul Gandhi On Jharkhand Students Protest: छात्रों संग आए राहुल, क्या बोले | Ranchi JPSC। Congress
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से हजारों अभ्यर्थी धरना और अनशन पर बैठे हैं
Jharkhand Student Movement: दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC CGL जैसी सरकारी भर्ती परीक्षाओं हुई धांधली को लेकर एक बड़ा आंदोलन चल रहा है. जिसे 13 दिन हो चुके हैं.
Jharkhand JILCCE 2026: आवेदन प्रक्रिया शुरू, 326 पदों के लिए करें आवेदन
झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने JILCCE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती में 326 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जानें आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियाँ, योग्यता, आयु सीमा, और चयन प्रक्रिया के बारे में। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
रांची, 7 अगस्त . 14वीं Jharkhand लोक सेवा आयोग सिविल सर्विस परीक्षा में गड़बड़ी और परीक्षार्थियों से अवैध धन उगाही मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष टीम ने कार्रवाई और तेज कर दी है. सीआईडी और स्थानीय Police की संयुक्त टीम ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित हथबोर गांव में छापेमारी ... Read more
Jharkhand Student Protest में पहुंचे Mohammed Junaid, कर रहे लोगों की मदद | JPSC Paper Leak
Jharkhand Student Protest में पहुंचे Mohammed Junaid, कर रहे लोगों की मदद | JPSC Paper Leak
Giridih SIR: वोटर लिस्ट से कट गया नाम तो क्या करें? चुनाव आयोग ने दिया मौका, ऐसे जुड़वा सकेंगे नाम
Jharkhand SIR Draft Roll: गिरिडीह में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। मतदाता फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर अपना नाम दोबारा सूची में शामिल करवा सकते हैं।
अब शिवाजी, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह जैसे लोग क्यों नहीं मिलते?
आज के एक-दूसरे पर निर्भर समाज में युवाओं, खासकर जेनरेशन जेड (जेन ज़ी) का व्यवहार समाज के लिए बहुत चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्हें अक्सर बेसब्री, बिना सोचे-समझे सोचने की आदत और कुछ मामलों में, बुरे बर्ताव वाला माना जाता है। यह सोच, हालांकि आम हो सकती है, और हर व्यक्ति में अलग-अलग भी हो सकती है। लेकिन यह इसके अंदरूनी कारणों और समाज की संभावित प्रतिक्रियाओं की एक ज़रूरी जांच को बढ़ावा देती है। इन उभरते हुए पैटर्न को समझने के लिए एक बहुआयामी नज़रिए की ज़रूरत है, जिसमें टेक्नोलॉजी में तरक्की, पढ़ाई के बदलते तरीकों, पेरेंटिंग स्टाइल में बदलाव और बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक माहौल के गहरे असर को माना जाए। यह आवश्यक है कि जेन ज़ी में इन आदतों के पीछे के संभावित कारणों पर गहराई से चर्चा हो, जिसमें डिजिटल इमर्शन, तुरंत मिलने वाले फ़ायदे का असर, जानकारी लेने का बदलता तरीका और उनके विकास को आकार देने वाले बदलते सामाजिक ढाँचों पर विचार किया जाए। तदनुसार, समाज ऐसे सुधार करें जिनसे इस पीढ़ी में ज़्यादा सब्र रखने, ज़्यादा तार्किक सोच विकसित करने और सम्मानजनक बातचीत को बढ़ावा मिलें। डिजिटल बाढ़ और बेसब्री की खेती जेन ज़ी को बनाने वाले सबसे बड़े और असरदार कारणों में से एक है, हाइपर-कनेक्टेड डिजिटल दुनिया में उनकी परवरिश। कम उम्र से ही, यह पीढ़ी ऐसे माहौल में रही है जहाँ जानकारी, मनोरंजन और बातचीत उनकी उंगलियों पर आसानी से मिल जाती है। स्मार्टफ़ोन, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और हाई-स्पीड इंटरनेट ने तुरंत मिलने वाले फ़ायदे का एक इकोसिस्टम बनाया है। अपडेट के साथ नोटिफ़िकेशन आते हैं, न्यूज़ साइकिल मिनटों में रिफ़्रेश हो जाती हैं, और मनोरंजन ऑन डिमांड उपलब्ध होता है। तुरंत फ़ीडबैक और आसानी से मिलने वाले कंटेंट की यह लगातार स्ट्रीम अनजाने में ही डेवलप हो रहे दिमाग को जल्दी नतीजे और तुरंत इनाम की उम्मीद करने के लिए ट्रेन कर सकती है। इसलिए, जिन हालात में सब्र की ज़रूरत होती है, जैसे जवाब का इंतज़ार करना, कोई लंबा काम पूरा करना, या धीरे-धीरे, सोच-समझकर सीखना, वे फ्रस्ट्रेटिंग और अनचाही लग सकती हैं। ऑनलाइन बातचीत का तेज़ नेचर, जहाँ छोटे मैसेज और थोड़ी देर का कंटेंट ज़्यादा होता है, लगातार ध्यान और गहरी बातचीत के लिए कम टॉलरेंस में भी योगदान दे सकता है, जिससे बेसब्री का कल्चर बढ़ता है। उदाहरण के लिए, मैसेजिंग ऐप पर तुरंत जवाब की उम्मीद या सोशल मीडिया फ़ीड पर तेज़ी से स्क्रॉल करने से लोग तुरंत संतुष्टि की उम्मीद करने लगते हैं, जिससे असल दुनिया की बातचीत की धीमी रफ़्तार मुश्किल लगने लगती है। नई चीज़ों और तेज़ी से जानकारी के इस लगातार संपर्क से बोरियत की क्षमता भी कम हो सकती है, एक ऐसी स्थिति जो अक्सर सोचने और क्रिएटिव प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स के विकास को बढ़ावा देती है। जब डिजिटल ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बोरियत तुरंत दूर हो जाती है, तो सब्र और सेल्फ-रेगुलेशन विकसित करने के मौके कम हो जाते हैं। इसे भी पढ़ें: Jharkhand JPSC Protest: सरकार से बातचीत को तैयार छात्र, Video Recording की रखी शर्त इन्फॉर्मेशन ओवरलोड और लॉजिकल रीजनिंग का खत्म होना डिजिटल युग ने जानकारी को डेमोक्रेटाइज़ कर दिया है, जिससे यह पहले से कहीं ज़्यादा आसानी से मिलने वाली हो गई है। लेकिन, इस एक्सेसिबिलिटी के साथ एक बड़ी चुनौती आती है: उपलब्ध जानकारी की बहुत ज़्यादा मात्रा और अक्सर अनवेरिफाइड नेचर। जेन ज़ी, जो इस बहुतायत के साथ बड़ा हुआ है, अक्सर शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट, सोशल मीडिया फीड्स और वायरल ट्रेंड्स के ज़रिए जानकारी लेता है। इस्तेमाल का यह तरीका क्रिटिकल इवैल्यूएशन और लॉजिकल एनालिसिस के बजाय इमोशनल रेजोनेंस और तुरंत एंगेजमेंट को प्रायोरिटी दे सकता है। कई डिजिटल प्लेटफॉर्म को कंट्रोल करने वाले एल्गोरिदम यूज़र्स को एंगेज रखने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, अक्सर ऐसा कंटेंट दिखाकर जो उनके मौजूदा बायस से मेल खाता है या मज़बूत इमोशनल रिस्पॉन्स को उकसाता है। इससे इको चैंबर बन सकते हैं, जहाँ लोग मुख्य रूप से उन नज़रियों के संपर्क में आते हैं जो उनके अपने नज़रियों को कन्फर्म करती हैं, जिससे अलग-अलग नज़रियों से जुड़ने और बारीक समझ डेवलप करने की उनकी क्षमता में रुकावट आती है। नतीजतन, भरोसेमंद सोर्स और गलत जानकारी के बीच अंतर करना एक मुश्किल काम बन जाता है। फेक न्यूज़ और सेंसेशनलाइज़्ड कंटेंट के फैलने से युवाओं के लिए मज़बूत क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स डेवलप करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, कम जानकारी के आधार पर जल्दी से राय बनाने का दबाव, जो अक्सर ऑनलाइन बहस और तेज़ी से की जाने वाली कमेंट्री से और बढ़ जाता है, बेतुके तर्कों को अपनाने या बिना सबूत वाले दावों को मानने की ओर ले जा सकता है। उदाहरण के लिए, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कॉन्सपिरेसी थ्योरी की लोकप्रियता, जिनमें अक्सर अनुभव के सबूत नहीं होते लेकिन वे भावनात्मक रूप से मज़बूत होती हैं, यह दिखाती है कि बिना वेरिफ़ाई की गई जानकारी कैसे लोगों का ध्यान खींच सकती है और तर्क पर असर डाल सकती है। उन्हें कैसे जांचा जाए, इस बारे में पूरी गाइडेंस के बिना विभिन्न नज़रिया के लगातार संपर्क में रहने से कन्फ्यूजन हो सकता है और सिस्टमैटिक, लॉजिकल तरीकों के बजाय ह्यूरिस्टिक्स या भावनात्मक अपील पर भरोसा हो सकता है। बदलते सोशल नॉर्म्स और बुरे मैनर्स की सोच मैनर्स की परिभाषा खुद एक जैसी नहीं है; यह सोशल नॉर्म्स और टेक्नोलॉजी में बदलाव के साथ बदलती रहती है। जेन ज़ी की बातचीत काफी हद तक डिजिटल कम्युनिकेशन पर निर्भर करती है। टेक्स्टिंग, डायरेक्ट मैसेजिंग और ऑनलाइन कमेंट्स में अक्सर बिना बोले इशारे, आवाज़ का टोन और सोशल कॉन्टेक्स्ट की कमी होती है जो आमने-सामने की बातचीत के लिए ज़रूरी हैं। उदाहरण के लिए, एक साफ-साफ टेक्स्ट मैसेज भेजने वाले के लिए एक अच्छी बातचीत हो सकती है, लेकिन पाने वाला इसे खारिज करने वाला या बदतमीज़ी समझ सकता है, खासकर अगर उसमें ग्रीटिंग या आखिर में बात करने जैसी आम तमीज़ न हो। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिलने वाली गुमनामी या दूरी से हिचकिचाहट कम हो सकती है, जिससे ज़्यादा गुस्सैल या बेपरवाह व्यवहार हो सकता है जो शायद सीधे, आमने-सामने की मुलाकातों में न हो। इसके अलावा, पेरेंटिंग स्टाइल में बदलाव, कुछ स्टडीज़ में ज़्यादा छूट देने वाली पेरेंटिंग का ट्रेंड बताया गया है, अनजाने में बच्चों के लिए ज़रूरी सोशल दक्षता, जैसे हमदर्दी, झगड़े सुलझाना, और अथॉरिटी वाले लोगों या अलग राय का सम्मान करने के मौके कम कर सकता है। जब बच्चों को नतीजों से बचाया जाता है या सही सोशल बिहेवियर के लिए लगातार गाइड नहीं किया जाता है, तो उन्हें तमीज़ से बातचीत के लिए ज़रूरी सेल्फ-डिसिप्लिन और दूसरों के लिए सोच-विचार डेवलप करने में मुश्किल हो सकती है। समाज के लिए सुधार के कदम आज शिवाजी, चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह जैसे लोग क्यों नहीं मिलते? क्योंकि जीजाबाई (शिवाजी की माँ) जैसी माँ नहीं हैं। एक बच्चे की अच्छी परवरिश उसे देशभक्त और भविष्य का नागरिक बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है। जेन ज़ी में कही जा रही अनुशासनहीनता को ठीक करने के लिए पूरे समाज को एक साथ और कई तरह के तरीके अपनाने की ज़रूरत है। सिर्फ़ बुराई करने से आगे बढ़कर ऐसे रचनात्मक दखल पर ध्यान देना ज़रूरी है जो सकारात्मक विकास को बढ़ावा दें। डिजिटल लिटरेसी और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देना इन चुनौतियों से निपटने का एक तरीका डिजिटल साक्षरता और क्रिटिकल सोचने-समझने के कौशल को बढ़ाना है। एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स को स्टूडेंट्स को डिजिटल दुनिया में ज़िम्मेदारी से संचालन करना सिखाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसमें गलत जानकारी की पहचान करने, एल्गोरिदमिक बायस को समझने और ऑनलाइन सोर्स की क्रेडिबिलिटी को एवैल्यूएट करने के बारे में साफ इंस्ट्रक्शन शामिल हैं। क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स को डेवलप करना सिर्फ़ एक एकेडमिक कोशिश नहीं है; इसके लिए अलग-अलग कॉन्टेक्स्ट में लगातार प्रैक्टिस की ज़रूरत होती है। डिबेट्स, रिसर्च प्रोजेक्ट्स जिनमें कई सोर्स से जानकारी को सिंथेसाइज़ करने की ज़रूरत होती है, और ऐसी डिस्कशन्स जिनमें कॉम्प्लेक्स एथिकल डिलेमाज़ को एक्सप्लोर किया जाता है, ये सभी ज़्यादा लॉजिकल रीज़निंग डेवलप करने में मदद कर सकते हैं। माता-पिता और शिक्षक खुलकर इस पर चर्चा करके क्रिटिकल थिंकिंग का मॉडल बना सकते हैं कि वे जानकारी को कैसे एवैल्यूएट करते हैं और राय कैसे बनाते हैं। पेशेंस और डिलेड ग्रैटिफिकेशन को कल्टिवेट करना पेशेंस को बढ़ावा देने के लिए ऐसा एनवायरनमेंट बनाने के लिए सोच-समझकर कोशिश करने की ज़रूरत होती है जो इसे बढ़ावा दे। यह घर और स्कूल दोनों जगह से शुरू हो सकता है। स्क्रीन टाइम कम करना और ऐसी एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देना जिनमें लगातार फोकस की ज़रूरत होती है, जैसे किताबें पढ़ना, हॉबीज़ में शामिल होना, बोर्ड गेम खेलना, या स्ट्रक्चर्ड स्पोर्ट्स में हिस्सा लेना, देर से मिलने वाली खुशी को सहने की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है। स्कूल ऐसे असाइनमेंट डिज़ाइन कर सकते हैं जिनमें लंबे समय तक कमिटमेंट और लगन की ज़रूरत हो, जिससे स्टूडेंट्स को मेहनत की कीमत और लगातार काम करके लक्ष्य हासिल करने की संतुष्टि सिखाई जा सके। सिर्फ़ नतीजों को ही नहीं, बल्कि कोशिश और प्रोसेस को भी सेलिब्रेट करने से फोकस तुरंत नतीजों से हटकर सीखने और डेवलपमेंट की यात्रा पर जा सकता है। उदाहरण के लिए, किसी मुश्किल काम के लिए स्टूडेंट्स के डेडिकेशन को पहचानना और इनाम देना, चाहे तुरंत सफलता मिले या न मिले, लगन की अहमियत को और मज़बूत कर सकता है। एम्पैथी और सोशल-इमोशनल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देना मैनर्स और आपसी व्यवहार को बेहतर बनाने के लिए सोशल-इमोशनल लर्निंग पर फोकस करना ज़रूरी है। स्कूलों और परिवारों को एक्टिवली एम्पैथी, सम्मान और असरदार कम्युनिकेशन सिखाना और उसका उदाहरण देना चाहिए। सोशल-इमोशनल लर्निंग प्रोग्राम को एजुकेशनल फ्रेमवर्क में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे स्टूडेंट्स को अपनी भावनाओं को समझने और मैनेज करने, अच्छे रिश्ते बनाने और ज़िम्मेदार फ़ैसले लेने के लिए टूल्स मिलें। कम्युनिटी सर्विस या वॉलंटियर एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने के लिए बढ़ावा देने से युवाओं को अलग-अलग तरह के अनुभव मिल सकते हैं और उनमें ज़्यादा समझदारी बढ़ सकती है। सहानुभूति और सामाजिक ज़िम्मेदारी की भावना रोल-प्लेइंग (भूमिका निभाने वाले) सीन और ग्रुप डिस्कशन, जो सामाजिक स्थितियों और उनके नतीजों को समझते हैं, सही व्यवहार सिखाने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में बहुत असरदार हो सकते हैं। माता-पिता अपने बच्चों और दूसरों के साथ बातचीत में सम्मानजनक व्यवहार का उदाहरण पेश करके अहम भूमिका निभा सकते हैं। अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सिर्फ़ सज़ा देने के बजाय, यह समझाना कि वह व्यवहार क्यों गलत है और उसे सुधारना, लंबे समय में व्यवहार बदलने में ज़्यादा असरदार हो सकता है। संतुलित डिजिटल जुड़ाव को बढ़ावा देना इसका मकसद टेक्नोलॉजी को बुरा बताना नहीं है, बल्कि इसके इस्तेमाल के लिए एक संतुलित और सोच-समझकर अपनाया जाने वाला नज़रिया विकसित करना है। इसमें स्क्रीन टाइम के लिए सही सीमाएँ तय करना, डिजिटल डिटॉक्स (कुछ समय के लिए डिजिटल डिवाइस से दूर रहना) को बढ़ावा देना और इस बात के प्रति जागरूकता पैदा करना शामिल है कि टेक्नोलॉजी किसी व्यक्ति की सोच और भावनाओं पर कैसे असर डालती है। माता-पिता अपने बच्चों के साथ मिलकर स्क्रीन टाइम की उचित सीमाएँ तय कर सकते हैं और घर में टेक्नोलॉजी-फ़्री ज़ोन या समय बना सकते हैं। ऑनलाइन अनुभवों के बारे में खुलकर बातचीत को बढ़ावा देना - जिसमें सोशल मीडिया से जुड़े दबाव और चुनौतियाँ भी शामिल हैं - युवाओं को अपनी डिजिटल ज़िंदगी के साथ ज़्यादा समझदारी भरा और जागरूक रिश्ता बनाने में मदद कर सकता है। निष्कर्ष जेन जी में देखी जाने वाली बेसब्री, तर्कहीन सोच और कभी-कभी अनुशासनहीनता भरा व्यवहार जटिल घटनाएँ हैं, जिनकी जड़ें डिजिटल युग के गहरे सामाजिक और तकनीकी बदलावों में हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यकता है -सही और लक्षित उपाय करके, समाज जेन जी को धैर्य रखने, तार्किक सोच को बेहतर बनाने और सम्मानजनक व सहानुभूति पूर्ण बातचीत को बढ़ावा देने में असरदार ढंग से मदद कर सकता है। शिक्षकों, माता-पिता, समुदायों और खुद युवाओं के सामूहिक प्रयासों से इन चुनौतियों का सामना करना और एक ऐसी पीढ़ी को तैयार करना संभव है जो न केवल टेक्नोलॉजी में माहिर हो, बल्कि उसमें सोच-समझकर काम करने, धैर्य रखने और दूसरों का ख्याल रखने जैसे ज़रूरी गुण भी हों, ताकि वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। - प्रोफ़ेसर (डॉ.) डी.के. पांडे विज़िटिंग सीनियर फ़ेलो, सेंटर फ़ॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज़, एडजंक्ट प्रोफ़ेसर, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, सलाहकार, एकेडमिक काउंसिल, फ़ॉरेन पॉलिसी स्कूल और GNOIT, पूर्व एसोसिएट डीन, SoB, गलगोटिया विश्वविद्यालय।
धान के लिए राहत, बच्चों के लिए आफत! धनबाद में बारिश का दौर कब तक?
Jharkhand Weather Alert: धनबाद और आसपास के जिलों में अगस्त की शुरुआत से मानसूनी बारिश जारी है, जिसमें अगले चार दिनों तक गरज और वज्रपात की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। कोल्हान क्षेत्र में 7 अगस्त से मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
Students Protest: क्या वार्ता करेंगे CM हेमंत? रांची छात्र आंदोलन के बीच जांच तेज, CID ने पांच और आरोपी पकड़े---Jharkhand Student Protest Intensifies as CID Arrests Five More in JPSC Case, CM Hemant Soren Offers Talks
छात्र संगठन 7 अगस्त को विधानसभा मार्च करेंगे, जिसमें जेपीएससी और जेएसएससी को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग की जाएगी।
झारखंड में आज भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा, अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलेगी।
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बुधवार को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके साथ ही दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, जिसमें 43 लाख से अधिक नाम काटे गए हैं।
UP, Bihar & Jharkhand में Student Protest, बढ़ता आक्रोश, Modi सरकार के लिए खतरा?
झारखंड की एक नाबालिग लड़की को छह साल बाद दिल्ली से रेस्क्यू किया गया। आरोप है कि उसे दिल्ली लाकर घरेलू काम कराया गया, फिर मुंबई में एक लाख रुपये में बेचकर जबरन शादी करा दी गई। उम्र छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड भी बनाया गया।
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
अब झारखंड में भी 'गाड़ी पलटने लगी' सुजीत सिन्हा एनकाउंटर, पूरी कहानी
Jharkhand News: जामताड़ा में पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को एनकाउंटर में मार गिराया
Jharkhand Students Protest: JPSC,JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र आंदोलन|Abhijeet Dipke
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई छात्रों की आवाज अब झारखंड तक पहुंच गई है। JPSC, JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है
Jharkhand school reopen : झारखंड में आज से खुलेंगे स्कूल, जानें किस कक्षा की क्या होगी टाइमिंग
Jharkhand school reopen date 2024 : झारखंड के मौसम में आए बदलाव को लेकर सभी कोटि के स्कूलों में कक्षा केजी से कक्षा आठवीं तक का संचालन पूर्व की तरह आज सोमवार 13 मई से शुरू हो जाएगा।
JAC 12th Board Result 2024: क्या एक साथ जारी होंगे आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस के रिजल्ट, पढ़ें अपडेट्स
JACjharkhand board: झारखंड एकेडमिक काउंसिल(JAC) की ओर से आयोजित कक्षा 12वीं का रिजल्ट 30 अप्रैल तक जारी हो सकता है। रिजल्ट चेक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। जानें कैसे करना है चेक
Jharkhand : बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के जीजा की सड़क हादसे में मौत
धनबाद। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के जीजा राकेश तिवारी की शनिवार को एक सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि त्रिपाठी की बहन सबिता तिवारी इस हादसे में घायल हुई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 पर निरसा बाजार में तब हुआ जब तिवारी दंपती की कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि दंपती बिहार के गोपालगंज जिले से पश्चिम बंगाल जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद राकेश तिवारी को धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसएनएमएमसीएच में आपात चिकित्सा के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार गिनदौरिया ने बताया कि त्रिपाठी की बहन के पैर में फ्रैक्चर आया है और वह खतरे से बाहर हैं।
JAC 10th Board Result 2024: इन 4 स्टेप्स में देख सकते हैं रिजल्ट
JACjharkhand board: झारखंड एकेडमिक काउंसिल(JAC) की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं का रिजल्ट देखने के लिए आपको इन चार स्टेप्स के माध्यम से चेक कर सकते हैं। रिजल्ट का डायरेक्ट लिंक छात्र नीचे दिए गए लिंक

